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इस पाठ का सारांश बनाएं: हरियाणा के फरीदाबाद में चलती ट्रेन में जुनैद की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई, हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है. टिप्पणियां जुनैद के पिता जलालुदीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में कहा गया है कि हरियाणा पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को छोड़कर बाकी तीन आरोपियों पर हल्की धाराएं लगाई हैं. सिर्फ एक आरोपी पर हत्या का मामला बनाया है. जबकि इस मामले को हेट क्राइम और साजिश के तहत लेना चाहिए क्योंकि ये सुनियोजित हत्या थी.   इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए. जुनैद के पिता जलालुद्दीन ने हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें यह कहते हुए सीबीआई जांच की याचिका खारिज कर दी गई थी कि यह दिखाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है कि हरियाणा पुलिस की जांच दोषपूर्ण है. बताते चलें कि 2017 जून में सीट को लेकर हुए झगड़े में बल्लभगढ़ में जुनैद की हत्या कर दी गई थी. उस वक्त कहा गया था कि बीफ की वजह से उन्मादी भीड़ ने इस वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन बाद में जांच के बाद इसका खुलासा हुआ कि झगड़े की वजह बीफ नहीं सीट थी.   जुनैद के पिता जलालुदीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में कहा गया है कि हरियाणा पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को छोड़कर बाकी तीन आरोपियों पर हल्की धाराएं लगाई हैं. सिर्फ एक आरोपी पर हत्या का मामला बनाया है. जबकि इस मामले को हेट क्राइम और साजिश के तहत लेना चाहिए क्योंकि ये सुनियोजित हत्या थी.   इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए. जुनैद के पिता जलालुद्दीन ने हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें यह कहते हुए सीबीआई जांच की याचिका खारिज कर दी गई थी कि यह दिखाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है कि हरियाणा पुलिस की जांच दोषपूर्ण है. बताते चलें कि 2017 जून में सीट को लेकर हुए झगड़े में बल्लभगढ़ में जुनैद की हत्या कर दी गई थी. उस वक्त कहा गया था कि बीफ की वजह से उन्मादी भीड़ ने इस वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन बाद में जांच के बाद इसका खुलासा हुआ कि झगड़े की वजह बीफ नहीं सीट थी.   बताते चलें कि 2017 जून में सीट को लेकर हुए झगड़े में बल्लभगढ़ में जुनैद की हत्या कर दी गई थी. उस वक्त कहा गया था कि बीफ की वजह से उन्मादी भीड़ ने इस वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन बाद में जांच के बाद इसका खुलासा हुआ कि झगड़े की वजह बीफ नहीं सीट थी.
संक्षिप्त सारांश: कोर्ट ने सीबीआई, हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है जुनैद के पिता जलालुदीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी इस मामले में एक आरोपी को छोड़कर बाकी तीन आरोपियों पर हल्की धाराएं लगाई है
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उन्हें तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने ‘गुमराह’ किया था। साथ ही जेपीसी ने कहा कि राजा ने जो आश्वासन दिए थे, वे ‘झूठे’ साबित हुए। जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। यह रिपोर्ट आज सदस्यों के बीच वितरित की गई। 25 अप्रैल को रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सालिसिटर जनरल जीई वाहनवति द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति यह बताना चाहती है कि पहले आओ पहले पाओ (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।’’ 2 जी स्पैक्ट्रम के आवंटन संबंधी घटनाओं का ब्यौरा देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि यूएएस लाइसेंसों को जारी करने में दूरसंचार विभाग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के संबंध में प्रधानमंत्री को गुमराह किया गया।’’ ‘‘इसके अलावा, संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) ने प्रधानमंत्री के साथ हुए सभी पत्राचार में विभाग के सभी स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बरते जाने का जो वादा किया गया था, उसे भी पूरा नहीं किया गया।’’ जेपीसी की अगली बैठक में इस मसौदा रिपोर्ट पर काफी हंगामा होने की आशंका है। इसमें कहा गया है कि दूरसंचार मंत्रालय द्वारा 2-जी आवंटन के संबंध में लिए गए निर्णयों में वित्तमंत्री पी चिदम्बरम के खिलाफ कुछ नहीं है। लाइसेंस आवंटन से ठीक पहले जारी की गई विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति के बारे में जेपीसी रिपोर्ट ने सीबीआई के हवाले से लिखा है कि सात जनवरी 2008 के प्रेस नोट में संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) द्वारा छेड़छाड़ की गई थी जिसमें बाद में शब्द जोड़ा गया कि ‘‘प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित रूप में मंजूरी दी जाती है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सीबीआई ने दावा किया है कि उसके पास इस बारे में अपने निष्कर्षों को साबित करने के लिए फोरेंसिक सबूत हैं। सरकार के ऑडिटर द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान संबंधी आंकड़े पर रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति का यह विचारित मत है कि लाइसेंस और स्पैक्ट्रम आवंटन के मद में किसी भी नुकसान की गणना सही तरीके से नहीं की गई है।’’ मार्च 2011 में गठित की गई 30 सदस्यीय समिति ने इस बात पर भी गौर किया है कि स्पैक्ट्रम प्राइसिंग पर ट्राई या सरकार द्वारा गठित की गई समितियों ने कई सिफारिशें की थीं और वित्त मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विचार जाहिर किए थे, लेकिन ‘‘2-जी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में सरकार ने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। यह रिपोर्ट आज सदस्यों के बीच वितरित की गई। 25 अप्रैल को रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सालिसिटर जनरल जीई वाहनवति द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति यह बताना चाहती है कि पहले आओ पहले पाओ (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।’’ 2 जी स्पैक्ट्रम के आवंटन संबंधी घटनाओं का ब्यौरा देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि यूएएस लाइसेंसों को जारी करने में दूरसंचार विभाग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के संबंध में प्रधानमंत्री को गुमराह किया गया।’’ ‘‘इसके अलावा, संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) ने प्रधानमंत्री के साथ हुए सभी पत्राचार में विभाग के सभी स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बरते जाने का जो वादा किया गया था, उसे भी पूरा नहीं किया गया।’’ जेपीसी की अगली बैठक में इस मसौदा रिपोर्ट पर काफी हंगामा होने की आशंका है। इसमें कहा गया है कि दूरसंचार मंत्रालय द्वारा 2-जी आवंटन के संबंध में लिए गए निर्णयों में वित्तमंत्री पी चिदम्बरम के खिलाफ कुछ नहीं है। लाइसेंस आवंटन से ठीक पहले जारी की गई विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति के बारे में जेपीसी रिपोर्ट ने सीबीआई के हवाले से लिखा है कि सात जनवरी 2008 के प्रेस नोट में संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) द्वारा छेड़छाड़ की गई थी जिसमें बाद में शब्द जोड़ा गया कि ‘‘प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित रूप में मंजूरी दी जाती है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सीबीआई ने दावा किया है कि उसके पास इस बारे में अपने निष्कर्षों को साबित करने के लिए फोरेंसिक सबूत हैं। सरकार के ऑडिटर द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान संबंधी आंकड़े पर रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति का यह विचारित मत है कि लाइसेंस और स्पैक्ट्रम आवंटन के मद में किसी भी नुकसान की गणना सही तरीके से नहीं की गई है।’’ मार्च 2011 में गठित की गई 30 सदस्यीय समिति ने इस बात पर भी गौर किया है कि स्पैक्ट्रम प्राइसिंग पर ट्राई या सरकार द्वारा गठित की गई समितियों ने कई सिफारिशें की थीं और वित्त मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विचार जाहिर किए थे, लेकिन ‘‘2-जी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में सरकार ने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। यह रिपोर्ट आज सदस्यों के बीच वितरित की गई। 25 अप्रैल को रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सालिसिटर जनरल जीई वाहनवति द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति यह बताना चाहती है कि पहले आओ पहले पाओ (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।’’ 2 जी स्पैक्ट्रम के आवंटन संबंधी घटनाओं का ब्यौरा देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि यूएएस लाइसेंसों को जारी करने में दूरसंचार विभाग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के संबंध में प्रधानमंत्री को गुमराह किया गया।’’ ‘‘इसके अलावा, संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) ने प्रधानमंत्री के साथ हुए सभी पत्राचार में विभाग के सभी स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बरते जाने का जो वादा किया गया था, उसे भी पूरा नहीं किया गया।’’ जेपीसी की अगली बैठक में इस मसौदा रिपोर्ट पर काफी हंगामा होने की आशंका है। इसमें कहा गया है कि दूरसंचार मंत्रालय द्वारा 2-जी आवंटन के संबंध में लिए गए निर्णयों में वित्तमंत्री पी चिदम्बरम के खिलाफ कुछ नहीं है। लाइसेंस आवंटन से ठीक पहले जारी की गई विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति के बारे में जेपीसी रिपोर्ट ने सीबीआई के हवाले से लिखा है कि सात जनवरी 2008 के प्रेस नोट में संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) द्वारा छेड़छाड़ की गई थी जिसमें बाद में शब्द जोड़ा गया कि ‘‘प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित रूप में मंजूरी दी जाती है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सीबीआई ने दावा किया है कि उसके पास इस बारे में अपने निष्कर्षों को साबित करने के लिए फोरेंसिक सबूत हैं। सरकार के ऑडिटर द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान संबंधी आंकड़े पर रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति का यह विचारित मत है कि लाइसेंस और स्पैक्ट्रम आवंटन के मद में किसी भी नुकसान की गणना सही तरीके से नहीं की गई है।’’ मार्च 2011 में गठित की गई 30 सदस्यीय समिति ने इस बात पर भी गौर किया है कि स्पैक्ट्रम प्राइसिंग पर ट्राई या सरकार द्वारा गठित की गई समितियों ने कई सिफारिशें की थीं और वित्त मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विचार जाहिर किए थे, लेकिन ‘‘2-जी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में सरकार ने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। 2 जी स्पैक्ट्रम के आवंटन संबंधी घटनाओं का ब्यौरा देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि यूएएस लाइसेंसों को जारी करने में दूरसंचार विभाग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के संबंध में प्रधानमंत्री को गुमराह किया गया।’’ ‘‘इसके अलावा, संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) ने प्रधानमंत्री के साथ हुए सभी पत्राचार में विभाग के सभी स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बरते जाने का जो वादा किया गया था, उसे भी पूरा नहीं किया गया।’’ जेपीसी की अगली बैठक में इस मसौदा रिपोर्ट पर काफी हंगामा होने की आशंका है। इसमें कहा गया है कि दूरसंचार मंत्रालय द्वारा 2-जी आवंटन के संबंध में लिए गए निर्णयों में वित्तमंत्री पी चिदम्बरम के खिलाफ कुछ नहीं है। लाइसेंस आवंटन से ठीक पहले जारी की गई विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति के बारे में जेपीसी रिपोर्ट ने सीबीआई के हवाले से लिखा है कि सात जनवरी 2008 के प्रेस नोट में संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) द्वारा छेड़छाड़ की गई थी जिसमें बाद में शब्द जोड़ा गया कि ‘‘प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित रूप में मंजूरी दी जाती है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सीबीआई ने दावा किया है कि उसके पास इस बारे में अपने निष्कर्षों को साबित करने के लिए फोरेंसिक सबूत हैं। सरकार के ऑडिटर द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान संबंधी आंकड़े पर रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति का यह विचारित मत है कि लाइसेंस और स्पैक्ट्रम आवंटन के मद में किसी भी नुकसान की गणना सही तरीके से नहीं की गई है।’’ मार्च 2011 में गठित की गई 30 सदस्यीय समिति ने इस बात पर भी गौर किया है कि स्पैक्ट्रम प्राइसिंग पर ट्राई या सरकार द्वारा गठित की गई समितियों ने कई सिफारिशें की थीं और वित्त मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विचार जाहिर किए थे, लेकिन ‘‘2-जी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में सरकार ने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। जेपीसी की अगली बैठक में इस मसौदा रिपोर्ट पर काफी हंगामा होने की आशंका है। इसमें कहा गया है कि दूरसंचार मंत्रालय द्वारा 2-जी आवंटन के संबंध में लिए गए निर्णयों में वित्तमंत्री पी चिदम्बरम के खिलाफ कुछ नहीं है। लाइसेंस आवंटन से ठीक पहले जारी की गई विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति के बारे में जेपीसी रिपोर्ट ने सीबीआई के हवाले से लिखा है कि सात जनवरी 2008 के प्रेस नोट में संचार और सूचना तकनीक मंत्री (राजा) द्वारा छेड़छाड़ की गई थी जिसमें बाद में शब्द जोड़ा गया कि ‘‘प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित रूप में मंजूरी दी जाती है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सीबीआई ने दावा किया है कि उसके पास इस बारे में अपने निष्कर्षों को साबित करने के लिए फोरेंसिक सबूत हैं। सरकार के ऑडिटर द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान संबंधी आंकड़े पर रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति का यह विचारित मत है कि लाइसेंस और स्पैक्ट्रम आवंटन के मद में किसी भी नुकसान की गणना सही तरीके से नहीं की गई है।’’ मार्च 2011 में गठित की गई 30 सदस्यीय समिति ने इस बात पर भी गौर किया है कि स्पैक्ट्रम प्राइसिंग पर ट्राई या सरकार द्वारा गठित की गई समितियों ने कई सिफारिशें की थीं और वित्त मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विचार जाहिर किए थे, लेकिन ‘‘2-जी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में सरकार ने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। रिपोर्ट में कहा गया है कि सीबीआई ने दावा किया है कि उसके पास इस बारे में अपने निष्कर्षों को साबित करने के लिए फोरेंसिक सबूत हैं। सरकार के ऑडिटर द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान संबंधी आंकड़े पर रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति का यह विचारित मत है कि लाइसेंस और स्पैक्ट्रम आवंटन के मद में किसी भी नुकसान की गणना सही तरीके से नहीं की गई है।’’ मार्च 2011 में गठित की गई 30 सदस्यीय समिति ने इस बात पर भी गौर किया है कि स्पैक्ट्रम प्राइसिंग पर ट्राई या सरकार द्वारा गठित की गई समितियों ने कई सिफारिशें की थीं और वित्त मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विचार जाहिर किए थे, लेकिन ‘‘2-जी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में सरकार ने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। सरकार के ऑडिटर द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान संबंधी आंकड़े पर रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति का यह विचारित मत है कि लाइसेंस और स्पैक्ट्रम आवंटन के मद में किसी भी नुकसान की गणना सही तरीके से नहीं की गई है।’’ मार्च 2011 में गठित की गई 30 सदस्यीय समिति ने इस बात पर भी गौर किया है कि स्पैक्ट्रम प्राइसिंग पर ट्राई या सरकार द्वारा गठित की गई समितियों ने कई सिफारिशें की थीं और वित्त मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विचार जाहिर किए थे, लेकिन ‘‘2-जी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में सरकार ने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। मार्च 2011 में गठित की गई 30 सदस्यीय समिति ने इस बात पर भी गौर किया है कि स्पैक्ट्रम प्राइसिंग पर ट्राई या सरकार द्वारा गठित की गई समितियों ने कई सिफारिशें की थीं और वित्त मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विचार जाहिर किए थे, लेकिन ‘‘2-जी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में सरकार ने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। इसमें कहा गया है, ‘‘अधिकतर समय, ट्राई, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और योजना आयोग ने तार्किक स्पैक्ट्रम मूल्य बनाए रखने का पक्ष लिया था ताकि उपलब्ध टेलीकॉम सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों और विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सेवा प्रदाताओं के बीच समान स्तर सुनिश्चित किया जा सके।’’टिप्पणियां जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। जेपीसी रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है कि इच्छा पत्र (लेटर्स ऑफ इनटेंट) की संख्या का फैसला करते समय इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए था कि केवल गंभीर कंपनियां ही प्रवेश शुल्क जमा कराएं जो अनुपलब्धता या स्पैक्ट्रम आवंटन में देरी को वहन कर सकें। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती। मसौदा रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपरोक्त प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए संचार और सूचना तकनीक मंत्रालय ने फैसला किया कि एलओआई 25 सितंबर 2007 तक मिले आवेदनों के आवेदकों को जारी की जा सकती है। समिति के विचार में अंतिम तिथि को घटा कर उसे पहले करने का फैसला निष्पक्ष प्रतीत नहीं होता है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक अक्तूबर 2007 की समय सीमा के फैसले को बदलने का निर्णय लेते समय दूरसंचार विभाग को अच्छी तरह से स्पैक्ट्रम की उपलब्धता का अंदाजा लगाना चाहिए था और इसी को प्रकाशित करना चाहिए था ताकि नीति लेने की प्रक्रिया ‘‘तार्किक और पारदर्शी’’ रहती।
संक्षिप्त सारांश: जेपीसी ने 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उन्हें तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने ‘गुमराह’ किया था। साथ ही जेपीसी ने कहा कि राजा ने जो आश्वासन दिए थे, वे ‘झूठे’ साबित हुए।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के तहत तीन दिवसीय रेल रोको अभियान के दौरान शनिवार को पुलिस ने समूचे क्षेत्र में सांसदों, विधायकों सहित दर्जनों नेताओं एवं सैकड़ों कार्यकार्ताओं को गिरफ्तार किया। तेलंगाना क्षेत्र में रेल सेवाएं लगभग ठप हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के कारण कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण है। रेलवे की सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय बल के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं। इस बीच, रेलवे और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हैदराबाद सहित तेलंगाना क्षेत्र के 10 राज्यों का हवाई सर्वेक्षण किया। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अतिरिक्त महानिदेशक वीएसके कौमुदी तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने एक हेलीकॉप्टर के जरिए हैदराबाद से काजीपेत तक रेल पटरियों का मुआयना किया। पुलिसकर्मियों ने रेल पटरियों पर बैठे प्रदर्शनकारियों को पहचानने के लिए शक्तिशाली कैमरों की मदद से तस्वीरें खीचीं। नेताओं और कार्यकर्ताओं में से कुछ को एहतियातन गिरफ्तार किया गया तो कुछ को रेल पटरियों की ओर जाने से रोकने के लिए या तो नजरबंद किया गया या गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए सांसदों में कांग्रेस की पूनम प्रभाकर, राजैया, जी. विवेक, मंडा जगन्नाथम, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की विजयाशांति तथा टीआरएस विधायक तारक रामाराव एवं हरीश राव शामिल हैं।  तीन दिनों के रेल रोको अभियान को देखते हुए रेलवे की ओर से पहले ही 136 रेलगाड़ियां स्थगित कर दी गई हैं। लेकिन स्थिति का आकलन करने के प्रयास के तहत तेलंगाना क्षेत्र में 20 एक्सप्रेस तथा कुछ पैसेंजर रेलगाड़ियां समय पर चलाई जा रही हैं। रेलवे ने कुछ रद्द रेलगाड़ियों की सेवा बहाल करने का निर्णय भी किया है। राज्य पुलिस और रेलवे ने प्रदर्शनकारियों को आगाह करते हुए कहा है कि रेलगाड़ियों को रोकने पर उन्हें रेलवे अधिनयम के तहत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। राज्य के पुलिस महानिदेशक दिनेश रेड्डी ने कहा है कि रेलवे अधिनियम के तहत की गई गिरफ्तारी में उम्रकैद की सजा भी हो सकती है। उधर, पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए तेलंगाना क्षेत्र के सरकारी कर्मचारियों और सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत विफल हो गई है। तेलंगाना को लेकर चल ही हड़ताल शनिवार को 33वें दिन भी जारी रही। तेलंगाना कर्मचारी संयुक्त कार्रवाई समिति (टीईजेएसी) और राज्य कैबिनेट की उप समिति के बीच शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत भी विफल हो गई। इस बीच सरकार ने दावा किया है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, जबकि टीईजेएसी नेताओं ने हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर जब तक एक कार्ययोजना की घोषणा नहीं करती, हड़ताल जारी रहेगी। टीईजेएसी के नेताओं ने सरकार पर गलत बयानबाजी कर कर्मचारियों को बांटने का आरोप लगाया। टीईजेएसी के नेता स्वामी गौड़ ने संवाददाताओं से कहा, "हमारी मांग केवल पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर है। यदि सरकार हमारे खिलाफ गलत मामले दर्ज करती है या हमें सेवामुक्त करती है, तो हम अपनी हड़ताल वापस नहीं लेंगे।" एक अन्य नेता श्रीनिवास गौड़ ने आरोप लगाया कि सरकार झूठे दावे कर रही है कि कर्मचारी हड़ताल वापस लेने को राजी हो गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने बातचीत के लिए कुछ शर्ते रखी हैं लेकिन सरकार उन्हें मांगें बता रही है जबकि हमारी मांग केवल पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की है।" टीईजेएसी नेता श्रीनिवास ने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर विचार करने के लिए तैयार है। टीआरएस की सांस्कृतिक इकाई तेलंगाना जागृति की नेता के. कविता को पुलिस ने रेलवे अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर हैदराबाद के माउला अली के निकट रेलमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। टीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता को पुलिस गिरफ्तार कर केसारा पुलिस थाने ले गई। राव के बेटे और विधायक के. ताराक रामाराव को भी तेलंगाना राष्ट्र समिति (जेएसी) के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सिकंदराबाद में सीताफल मंडी से गिरफ्तार कर लिया गया। ये लोग रेल रोको अभियान में हिस्सा लेने जा रहे थे। टीआरएस नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि आंदोलन में भाग लेने वाले लोगों के खिलाफ यदि पुलिस कार्रवाई की गई तो इसके गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे। हैदराबाद के पुलिस आयुक्त ए.के. खान ने कहा कि 49 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और इन सभी के खिलाफ रेल कानून एवं भारतीय दंड संहिता के तहत 62 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों को अदालत में पेश किया जाएगा। इसी तरह साइबराबाद में भी 53 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यहां की पुलिस आयुक्त तिरुमाला राव ने कहा कि इन सभी के खिलाफ रेल कानून के तहत मामले दर्ज किए गए।
यह एक सारांश है: पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के कारण कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण है। राज्य और केंद्रीय बल के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश में बीजेपी का अंदरुनी कलह सामने आ गया है। शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में गुरुवार को फेरबदल होना था और कई मंत्रियों से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था लेकिन बीजेपी के दिग्गज नेता और राज्य सरकार में मंत्री बाबूलाल गौर ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था और उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को उन्हें बर्खास्त करने तक की चुनौती दे डाली थी। बाद, पार्टी के नेताओं द्वारा समझाए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। एक अन्‍य उम्रदराज मंत्री सरताज सिंह ने भी इस्‍तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर नौ नए चेहरों को शामिल किया है। बता दें कि बीजेपी ने साफ कर दिया है कि पार्टी की जहां भी सरकारें हैं वहां पर 75 वर्ष से ज्यादा के किसी भी व्यक्ति को मंत्री पद पर नहीं रखा जाएगा। जानकारी के अनुसार सरताज सिंह, बाबूलाल गौर और कुसुम महदेले की उम्र 75 वर्ष से अधिक है। बीजेपी ने अपने सभी मंत्री जिनकी उम्र 75 से ज्यादा है, को इस्तीफा देने के लिए कहा था। पार्टी हाईकमान का इस्तीफा देने का फरमान लेकर पहुंचे पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ विनय सहस्रबुद्धे और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को खरी-खरी सुनना पड़ी। सरताज सिंह ने नेताओं से कह दिया कि पार्टी हाईकामन को भी उनका यह संदेश पहुंचा दें कि चुनाव में जीत उम्र नहीं, काम दिलाता है।टिप्पणियां सरताज ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि उनसे हाईकमान के संदेश के आधार पर इस्तीफा देने को कहा गया। इस पर उन्होंने दोनों नेताओं से साफ कह दिया कि पार्टी हाईकमान का आदेश सर्वोपरि है, मगर उनकी बात को भी हाई कमान तक पहुंचा दें। उन्होंने दोनों नेताओं से कहा कि चुनाव उम्र नहीं जिताती, बल्कि नेता की सक्रियता और कार्यप्रणाली दिलाती है।बताया जा रहा है कि मंत्री बाबूलाल गौर को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। उन्होंने पार्टी को उन्हें बर्खास्त करने की चुनौती तक दे डाली थी। वहीं पार्टी नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। सरताज सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है लेकिन पार्टी ने कुसुम महदेले के इस्तीफे पर ज्यादा जोर नहीं दिया। कहा जा रहा है कि इसके पीछे जातिगत समीकरण हैं। गौरतलब है कि यही फॉर्मूला केंद्र में भी लागू किया जा सकता है और ऐसे में नजमा हैपतुल्ला का मंत्री पद जा सकता है।  वहीं, बीजेपी उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण नेता कलराज मिश्र को फिलहाल मंत्री पद से हटाने के मूड में नहीं है क्योंकि राज्य में अगले साल चुनाव हैं और मिश्र वहां की राजनीति में काफी दमखम रखते हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर नौ नए चेहरों को शामिल किया है। बता दें कि बीजेपी ने साफ कर दिया है कि पार्टी की जहां भी सरकारें हैं वहां पर 75 वर्ष से ज्यादा के किसी भी व्यक्ति को मंत्री पद पर नहीं रखा जाएगा। जानकारी के अनुसार सरताज सिंह, बाबूलाल गौर और कुसुम महदेले की उम्र 75 वर्ष से अधिक है। बीजेपी ने अपने सभी मंत्री जिनकी उम्र 75 से ज्यादा है, को इस्तीफा देने के लिए कहा था। पार्टी हाईकमान का इस्तीफा देने का फरमान लेकर पहुंचे पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ विनय सहस्रबुद्धे और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को खरी-खरी सुनना पड़ी। सरताज सिंह ने नेताओं से कह दिया कि पार्टी हाईकामन को भी उनका यह संदेश पहुंचा दें कि चुनाव में जीत उम्र नहीं, काम दिलाता है।टिप्पणियां सरताज ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि उनसे हाईकमान के संदेश के आधार पर इस्तीफा देने को कहा गया। इस पर उन्होंने दोनों नेताओं से साफ कह दिया कि पार्टी हाईकमान का आदेश सर्वोपरि है, मगर उनकी बात को भी हाई कमान तक पहुंचा दें। उन्होंने दोनों नेताओं से कहा कि चुनाव उम्र नहीं जिताती, बल्कि नेता की सक्रियता और कार्यप्रणाली दिलाती है।बताया जा रहा है कि मंत्री बाबूलाल गौर को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। उन्होंने पार्टी को उन्हें बर्खास्त करने की चुनौती तक दे डाली थी। वहीं पार्टी नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। सरताज सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है लेकिन पार्टी ने कुसुम महदेले के इस्तीफे पर ज्यादा जोर नहीं दिया। कहा जा रहा है कि इसके पीछे जातिगत समीकरण हैं। गौरतलब है कि यही फॉर्मूला केंद्र में भी लागू किया जा सकता है और ऐसे में नजमा हैपतुल्ला का मंत्री पद जा सकता है।  वहीं, बीजेपी उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण नेता कलराज मिश्र को फिलहाल मंत्री पद से हटाने के मूड में नहीं है क्योंकि राज्य में अगले साल चुनाव हैं और मिश्र वहां की राजनीति में काफी दमखम रखते हैं। सरताज ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि उनसे हाईकमान के संदेश के आधार पर इस्तीफा देने को कहा गया। इस पर उन्होंने दोनों नेताओं से साफ कह दिया कि पार्टी हाईकमान का आदेश सर्वोपरि है, मगर उनकी बात को भी हाई कमान तक पहुंचा दें। उन्होंने दोनों नेताओं से कहा कि चुनाव उम्र नहीं जिताती, बल्कि नेता की सक्रियता और कार्यप्रणाली दिलाती है।बताया जा रहा है कि मंत्री बाबूलाल गौर को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। उन्होंने पार्टी को उन्हें बर्खास्त करने की चुनौती तक दे डाली थी। वहीं पार्टी नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। सरताज सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है लेकिन पार्टी ने कुसुम महदेले के इस्तीफे पर ज्यादा जोर नहीं दिया। कहा जा रहा है कि इसके पीछे जातिगत समीकरण हैं। गौरतलब है कि यही फॉर्मूला केंद्र में भी लागू किया जा सकता है और ऐसे में नजमा हैपतुल्ला का मंत्री पद जा सकता है।  वहीं, बीजेपी उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण नेता कलराज मिश्र को फिलहाल मंत्री पद से हटाने के मूड में नहीं है क्योंकि राज्य में अगले साल चुनाव हैं और मिश्र वहां की राजनीति में काफी दमखम रखते हैं। गौरतलब है कि यही फॉर्मूला केंद्र में भी लागू किया जा सकता है और ऐसे में नजमा हैपतुल्ला का मंत्री पद जा सकता है।  वहीं, बीजेपी उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण नेता कलराज मिश्र को फिलहाल मंत्री पद से हटाने के मूड में नहीं है क्योंकि राज्य में अगले साल चुनाव हैं और मिश्र वहां की राजनीति में काफी दमखम रखते हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरताज सिंह, बाबूलाल गौर, कुसुम महदेले की उम्र 75 वर्ष से अधिक है मंत्री जिनकी उम्र 75 से ज्यादा है, उनको इस्तीफा देने के लिए कहा गया यही फॉर्मूला केंद्र में भी लागू किया जा सकता है
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तेलंगाना राज्य के गठन ऐलान के पहले कांग्रेस पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने आंध्रप्रदेश से आए कांग्रेसी नेताओं के साथ एक मुलाकात की और उन्हें साफ कर दिया कि इस मसले पर पार्टी कदम वापस नहीं खींचेगी। राज्य इकाई से तमाम नेता इस निर्णय के खिलाफ बताए जा रहे थे।टिप्पणियां इस मुलाकात में सोनिया गांधी ने इन नेताओं को हिदायत दी की अब वह अपने-अपने इलाके में जाएं और लोगों के समझाएं कि इससे विकास तेजी से होगा और अब यह भ्रम भी साफ हो गया कि तेलंगाना बनेगा या नहीं। कांग्रेस पार्टी ने आज राज्य के सभी 19 सांसदों को दिल्ली बुलाया था ताकि इस मसले पर उठ रहे विरोध का शांत किया जा सके। कांग्रेस पार्टी ने पहले वादा किया था कि वह तेलंगाना राज्य के गठन का समर्थन करती है। अब इस मांग पर कदम उठाया गया है। इस मुलाकात में सोनिया गांधी ने इन नेताओं को हिदायत दी की अब वह अपने-अपने इलाके में जाएं और लोगों के समझाएं कि इससे विकास तेजी से होगा और अब यह भ्रम भी साफ हो गया कि तेलंगाना बनेगा या नहीं। कांग्रेस पार्टी ने आज राज्य के सभी 19 सांसदों को दिल्ली बुलाया था ताकि इस मसले पर उठ रहे विरोध का शांत किया जा सके। कांग्रेस पार्टी ने पहले वादा किया था कि वह तेलंगाना राज्य के गठन का समर्थन करती है। अब इस मांग पर कदम उठाया गया है। कांग्रेस पार्टी ने आज राज्य के सभी 19 सांसदों को दिल्ली बुलाया था ताकि इस मसले पर उठ रहे विरोध का शांत किया जा सके। कांग्रेस पार्टी ने पहले वादा किया था कि वह तेलंगाना राज्य के गठन का समर्थन करती है। अब इस मांग पर कदम उठाया गया है।
यह एक सारांश है: तेलंगाना राज्य के गठन ऐलान के पहले कांग्रेस पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने आंध्रप्रदेश से आए कांग्रेसी नेताओं के साथ एक मुलाकात की और उन्हें साफ कर दिया कि इस मसले पर पार्टी कदम वापस नहीं खींचेगी। राज्य इकाई से तमाम नेता इस निर्णय के खिलाफ बताए जा रहे थे।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 150 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारियों द्वारा मोदी सरकार के सेना के राजनीतिकरण को लेकर राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र पर विवाद गहरा गया है. सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति कार्यालय को अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है. हालांकि कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दिन (बृहस्पतिवार) ही पत्र राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा गया था. राष्ट्रपति भवन के एक सूत्र ने कहा, ''हमें अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है''. दूसरी तरफ, पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ एनसी सूरी ने कहा कि उन्होंने कोई चिट्ठी नहीं लिखी है और न ही उनसे कोई सहमति ली गई है. उनके मुताबिक सेना किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़़ी है और न ही सरकार के निर्देश पर काम करती है.  दूसरी तरफ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सूरी की बात को उठाया और कहा कि इस तरह की हरकत निंदनीय है. हालांकि जब उनसे पूछा गया कि कुछ पूर्व अधिकारियों ने पत्र लिखने की बात स्वीकारी है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. वहीं, पूर्व सैन्य अधिकारियों द्वारा राष्ट्रपति को पत्र लिखे जाने का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस भी केंद्र सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब पूर्व सैनिकों को सामने आना पड़ा है. 156 पूर्व आर्म्ड फोर्सेज, जिसमें 8 पूर्व सेना, वायु सेना और नेवी के अध्यक्ष रहे हैं, उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर सेना के राजनीतिकरण किये जाने की बात लिखी है. मोदी और अमित शाह लगातार ऐसा कर रहे हैं. योगी आदित्यनाथ ने तो सेना को 'मोदी की सेना' तक कह दिया. राष्ट्रपति को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए.   तीनों सेनाओं के 8 पूर्व प्रमुखों सहित 150 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सेना के राजनीतिकरण के ख़िलाफ़ चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में ये शिकायत की गई है कि सत्ताधारी दल सर्जिकल स्ट्राइक जैसे सेना के ऑपरेशन का श्रेय ले रही है. साथ ही सेना को मोदी जी की सेना के तौर पर बताया जा रहा है. 11 अप्रैल को सार्वजनिक हुई इस चिट्ठी में राष्ट्रपति से राजनीतिक दलों के सेना के राजनीतिक इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की गई है.
संक्षिप्त सारांश: पूर्व सैन्य अधिकारियों ने लिखी है चिट्ठी मोदी सरकार पर लगाया है आरोप पूर्व IAF चीफ एनसी सूरी ने किया इनकार
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वर्ष 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण की 15वें वर्षगांठ पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने ब्लॉग पर पूछा कि भारत रक्षा आयात पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करना क्यों जारी रखे हुए है। उन्होंने लिखा, ‘‘पोखरण परीक्षण की 15वें वषर्गांठ पर आज महत्वपूर्ण सवाल है कि हमें जवाब देना होगा कि हम रक्षा उत्पादन में किस तरह से आत्मनिर्भर बनेंगे? यह केवल सैन्य ताकत के बारे में नहीं है बल्कि हमारे अपने रक्षा उपकरण पर निर्भरता के बारे में है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘करीब 65 वर्षों की स्वतंत्रता के बाद हम विदेशों से रक्षा उपकरण की खरीदारी पर हजारों करोड़ रुपये क्यों खर्च करें?’’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि पोखरण परीक्षण ‘हमारे वैज्ञानिकों के शानदार काम और उस वक्त के मजबूत नेतृत्व के कारण संभव हो सका।’टिप्पणियां मोदी ने कहा, ‘‘यह हमारे युवकों, प्रतिभावान लोगों, वैज्ञानिकों के लिए चुनौती है कि किस तरीके से हम अपनी शक्ति को एकजुट करें और रक्षा संबंधी उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात में हमने इस सिलसिले में छोटा प्रयास किया है। हमारे इंजीनियरिंग कॉलेजों में रक्षा उत्पादन से संबंधित विषय शुरू करने पर हम काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘पोखरण परीक्षण की 15वें वषर्गांठ पर आज महत्वपूर्ण सवाल है कि हमें जवाब देना होगा कि हम रक्षा उत्पादन में किस तरह से आत्मनिर्भर बनेंगे? यह केवल सैन्य ताकत के बारे में नहीं है बल्कि हमारे अपने रक्षा उपकरण पर निर्भरता के बारे में है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘करीब 65 वर्षों की स्वतंत्रता के बाद हम विदेशों से रक्षा उपकरण की खरीदारी पर हजारों करोड़ रुपये क्यों खर्च करें?’’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि पोखरण परीक्षण ‘हमारे वैज्ञानिकों के शानदार काम और उस वक्त के मजबूत नेतृत्व के कारण संभव हो सका।’टिप्पणियां मोदी ने कहा, ‘‘यह हमारे युवकों, प्रतिभावान लोगों, वैज्ञानिकों के लिए चुनौती है कि किस तरीके से हम अपनी शक्ति को एकजुट करें और रक्षा संबंधी उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात में हमने इस सिलसिले में छोटा प्रयास किया है। हमारे इंजीनियरिंग कॉलेजों में रक्षा उत्पादन से संबंधित विषय शुरू करने पर हम काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘करीब 65 वर्षों की स्वतंत्रता के बाद हम विदेशों से रक्षा उपकरण की खरीदारी पर हजारों करोड़ रुपये क्यों खर्च करें?’’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि पोखरण परीक्षण ‘हमारे वैज्ञानिकों के शानदार काम और उस वक्त के मजबूत नेतृत्व के कारण संभव हो सका।’टिप्पणियां मोदी ने कहा, ‘‘यह हमारे युवकों, प्रतिभावान लोगों, वैज्ञानिकों के लिए चुनौती है कि किस तरीके से हम अपनी शक्ति को एकजुट करें और रक्षा संबंधी उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात में हमने इस सिलसिले में छोटा प्रयास किया है। हमारे इंजीनियरिंग कॉलेजों में रक्षा उत्पादन से संबंधित विषय शुरू करने पर हम काम कर रहे हैं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘यह हमारे युवकों, प्रतिभावान लोगों, वैज्ञानिकों के लिए चुनौती है कि किस तरीके से हम अपनी शक्ति को एकजुट करें और रक्षा संबंधी उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात में हमने इस सिलसिले में छोटा प्रयास किया है। हमारे इंजीनियरिंग कॉलेजों में रक्षा उत्पादन से संबंधित विषय शुरू करने पर हम काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात में हमने इस सिलसिले में छोटा प्रयास किया है। हमारे इंजीनियरिंग कॉलेजों में रक्षा उत्पादन से संबंधित विषय शुरू करने पर हम काम कर रहे हैं।’’
संक्षिप्त सारांश: वर्ष 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण की 15वें वर्षगांठ पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने ब्लॉग पर पूछा कि भारत रक्षा आयात पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करना क्यों जारी रखे हुए है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इस केस की सुनवाई के दौरान नौ गवाहों पर हमले हुए है और तीन की मौत हो गई है. गवाह अमृत प्रजापत की 2014 में गोली मार कर हत्या की गई, रसोइये कृपाल सिंह की 2015 में हत्या हुई,  गवाह महेंद्र चावला पर हमला हुआ और राहुल सचान पर अदालत में चाक़ू से हमला किया गया.  केस की सुनवाई कर रहे जज और तफ्तीश कर रहे पुलिस अधिकारीयों को भी धमकियां भी मिली. लेकिन इसके बावजूद इस मामले में पीड़िता खुद जो एक अहम गवाह है अपने बयान पर कायम रही. अब फैसले की तरीक़ 25 अप्रैल है. ऐसे में जोधपुर शहर में क़ानून व्यवस्था बनाये रखना एक बड़ी चुनौती है. पुलिस ने आसाराम का आश्रम खाली करवा दिया है और उसके समर्थकों को यहां इक्‍ट्ठा होने से रोक रहे है.   केस की सुनवाई कर रहे जज और तफ्तीश कर रहे पुलिस अधिकारीयों को भी धमकियां भी मिली. लेकिन इसके बावजूद इस मामले में पीड़िता खुद जो एक अहम गवाह है अपने बयान पर कायम रही. अब फैसले की तरीक़ 25 अप्रैल है. ऐसे में जोधपुर शहर में क़ानून व्यवस्था बनाये रखना एक बड़ी चुनौती है. पुलिस ने आसाराम का आश्रम खाली करवा दिया है और उसके समर्थकों को यहां इक्‍ट्ठा होने से रोक रहे है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आसाराम के खिलाफ जिन धाराओं में केस दर्ज है उसमें उम्रकैद तक कि सजा संभव आसाराम ने अपने भक्तों को फैसले से पहले एक चिट्ठी लिखी है इस केस 58 गवाह हैं
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हाल ही में पाकिस्तान के कबायली इलाके वजीरिस्तान पर अमेरिकी ड्रोन हमलों के बाद रक्षा मंत्री अहमद मुख्तार ने कहा है कि अब सरकार का धैर्य समाप्त हो रहा है और वाशिंगटन को इसकी सीमा की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। पाकिस्तान लगातार इन एकतरफा ड्रोन हमलों का विरोध कर रहा है और मुख्तार ने कहा है कि उनकी सरकार जल्दी ही ड्रोन हमलों पर संशोधित नीतियों का खुलासा करेगी। यह चेतावनी हाल ही में अमेरिकी ड्रोन विमानों द्वारा अफगानिस्तान की सीमा से सटे वजीरिस्तान में चार हमले करने के बाद आई है। इन हमलों में अल-कायदा से जुड़े तीन मिस्र निवासियों समेत करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान में ड्रोन हमलों पर हाल ही में आयी रिपोर्ट के अनुसार जून 2004 से चल रहे ड्रोन हमलों में अभी तक 173 बच्चों समेत 775 नागरिक मारे गए हैं। अमेरिका ने इन वषरें में प्रतिवर्ष औसतन 33 हमलों के हिसाब से 300 ड्रोन हमले किए हैं। यह रिपोर्ट लंदन स्थित ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिज्म ने शनिवार को जारी की थी। उनका कहना है कि इस दौरान 1,141 से 1,225 के करीब लोग घायलों हुए हैं जिनमें ज्यादातर पाकिस्तान के कबायली इलाके वजीरिस्तान क्षेत्र के निवासी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 जून 2004 से शुरू हुए इन ड्रोन हमलों में 300 में से 248 अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासनकाल के पहले तीन साल में किए गए हैं। रक्षा मंत्री मुख्तार का कहना है कि पाकिस्तान ड्रोन हमलों की खिलाफत करता है और वह अमेरिका से बार-बार इन्हें बंद करने के लिए कह रहा है। उन्होंने कल लाहौर में संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका द्वारा हमले जारी रखने के कारण इस मसले पर अब पाकिस्तान का धैर्य समाप्त हो रहा है। मुख्तार ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिकी ड्रोन हमलों के मामले में जल्दी ही एक कठोर नीति बनाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और वह इस तरह अपने लोगों को मरते हुए नहीं देख सकता है।
रक्षा मंत्री अहमद मुख्तार ने कहा है कि अब सरकार का धैर्य समाप्त हो रहा है और वाशिंगटन को इसकी सीमा की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के रोहन बोपन्ना और महेश भूपति की जोड़ी एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारतीय जोड़ी ने अपने से उच्च वरीयता प्राप्त मैक्स मिर्नी और डेनियल नेस्टर की जोड़ी को पराजित कर यह मुकाम हासिल किया।टिप्पणियां विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने मिर्नी और नेस्टर की जोड़ी को कांटे के एक मुकाबले में 7-6 (5), 6-7(5), 10-5 से पराजित किया। मैच को जीतने के लिए भारतीय जोड़ी को दो घंटे पसीने बहाने पड़े। भारतीय जोड़ी के लिए यह मुकाबला हर हाल में जीतना था क्योंकि उन्हें विम्बलडन चैम्पियंस जोनाथन मरे और फ्रेडरिक निल्सन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि अपने दूसरे मुकाबले में बोपन्ना और भूपति की जोड़ी ने रॉबर्ट लिंडस्टेड और होरिया टेकाउ की जोड़ी को पराजित किया था। विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने मिर्नी और नेस्टर की जोड़ी को कांटे के एक मुकाबले में 7-6 (5), 6-7(5), 10-5 से पराजित किया। मैच को जीतने के लिए भारतीय जोड़ी को दो घंटे पसीने बहाने पड़े। भारतीय जोड़ी के लिए यह मुकाबला हर हाल में जीतना था क्योंकि उन्हें विम्बलडन चैम्पियंस जोनाथन मरे और फ्रेडरिक निल्सन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि अपने दूसरे मुकाबले में बोपन्ना और भूपति की जोड़ी ने रॉबर्ट लिंडस्टेड और होरिया टेकाउ की जोड़ी को पराजित किया था। भारतीय जोड़ी के लिए यह मुकाबला हर हाल में जीतना था क्योंकि उन्हें विम्बलडन चैम्पियंस जोनाथन मरे और फ्रेडरिक निल्सन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि अपने दूसरे मुकाबले में बोपन्ना और भूपति की जोड़ी ने रॉबर्ट लिंडस्टेड और होरिया टेकाउ की जोड़ी को पराजित किया था।
सारांश: भारत के रोहन बोपन्ना और महेश भूपति की जोड़ी एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारतीय जोड़ी ने अपने से उच्च वरीयता प्राप्त मैक्स मिर्नी और डेनियल नेस्टर की जोड़ी को पराजित कर यह मुकाम हासिल किया।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश में शराब की वजह से बढ़े सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देकर हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब बिक्री पर रोक लगा दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को ठेंगा दिखाने की पहल महाराष्ट्र में हो रही है. महाराष्ट्र के कई शहरों में हाइवे पर शराब बिक्री पर रोक के फैसले को कानूनन धता बताने की तैयारी शुरू हो गई है. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में कई राष्ट्रीय राजमार्ग को डिनोटिफाइ करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. मतलब साफ है जहां पहले मार्ग को राजमार्ग बनाए जाने की बात होती थी वहीं अब नए की बात तो दूर अपने वर्तमान राजमार्ग की कैटेगरी से हटाने की बात हो रही है. जानकारी के अनुसार लातूर और जालना महानगर पालिकाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा प्राप्त सड़कों को महानगर पालिका के अधीन लाने का प्रस्ताव किया है. कहा जा रहा है कि औरंगाबाद और नांदेड़ महानगरपालिका भी ऐसी ही प्रक्रिया का अनुसरण करेंगे. खुद महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रक्रिया के बारे में विधानसभा को जानकारी दी है. राज्य के आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में दिए बयान में कहा है कि, अपने क्षेत्र से गुजरनेवाले हाई-वे को खुद के कब्जे में देने की बात महानगरपालिकाओं ने राज्य सरकार के पास कई महीने पहले ही रखी थी जिसपर अमल किया जा सकता है.टिप्पणियां इस बीच मंत्री महोदय यह बताने से नहीं चूके कि राज्य को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने से 7000 करोड़ रुपये का सालाना घाटा उठाना पड़ेगा. फिर भी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी और आमदनी बढ़ाने का कोई और जरिया ढूंढ लिया जाएगा.   महाराष्ट्र के कई शहरों में हाइवे पर शराब बिक्री पर रोक के फैसले को कानूनन धता बताने की तैयारी शुरू हो गई है. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में कई राष्ट्रीय राजमार्ग को डिनोटिफाइ करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. मतलब साफ है जहां पहले मार्ग को राजमार्ग बनाए जाने की बात होती थी वहीं अब नए की बात तो दूर अपने वर्तमान राजमार्ग की कैटेगरी से हटाने की बात हो रही है. जानकारी के अनुसार लातूर और जालना महानगर पालिकाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा प्राप्त सड़कों को महानगर पालिका के अधीन लाने का प्रस्ताव किया है. कहा जा रहा है कि औरंगाबाद और नांदेड़ महानगरपालिका भी ऐसी ही प्रक्रिया का अनुसरण करेंगे. खुद महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रक्रिया के बारे में विधानसभा को जानकारी दी है. राज्य के आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में दिए बयान में कहा है कि, अपने क्षेत्र से गुजरनेवाले हाई-वे को खुद के कब्जे में देने की बात महानगरपालिकाओं ने राज्य सरकार के पास कई महीने पहले ही रखी थी जिसपर अमल किया जा सकता है.टिप्पणियां इस बीच मंत्री महोदय यह बताने से नहीं चूके कि राज्य को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने से 7000 करोड़ रुपये का सालाना घाटा उठाना पड़ेगा. फिर भी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी और आमदनी बढ़ाने का कोई और जरिया ढूंढ लिया जाएगा.   जानकारी के अनुसार लातूर और जालना महानगर पालिकाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा प्राप्त सड़कों को महानगर पालिका के अधीन लाने का प्रस्ताव किया है. कहा जा रहा है कि औरंगाबाद और नांदेड़ महानगरपालिका भी ऐसी ही प्रक्रिया का अनुसरण करेंगे. खुद महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रक्रिया के बारे में विधानसभा को जानकारी दी है. राज्य के आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में दिए बयान में कहा है कि, अपने क्षेत्र से गुजरनेवाले हाई-वे को खुद के कब्जे में देने की बात महानगरपालिकाओं ने राज्य सरकार के पास कई महीने पहले ही रखी थी जिसपर अमल किया जा सकता है.टिप्पणियां इस बीच मंत्री महोदय यह बताने से नहीं चूके कि राज्य को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने से 7000 करोड़ रुपये का सालाना घाटा उठाना पड़ेगा. फिर भी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी और आमदनी बढ़ाने का कोई और जरिया ढूंढ लिया जाएगा.   राज्य के आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में दिए बयान में कहा है कि, अपने क्षेत्र से गुजरनेवाले हाई-वे को खुद के कब्जे में देने की बात महानगरपालिकाओं ने राज्य सरकार के पास कई महीने पहले ही रखी थी जिसपर अमल किया जा सकता है.टिप्पणियां इस बीच मंत्री महोदय यह बताने से नहीं चूके कि राज्य को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने से 7000 करोड़ रुपये का सालाना घाटा उठाना पड़ेगा. फिर भी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी और आमदनी बढ़ाने का कोई और जरिया ढूंढ लिया जाएगा.   इस बीच मंत्री महोदय यह बताने से नहीं चूके कि राज्य को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने से 7000 करोड़ रुपये का सालाना घाटा उठाना पड़ेगा. फिर भी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी और आमदनी बढ़ाने का कोई और जरिया ढूंढ लिया जाएगा.
यहाँ एक सारांश है:सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाने की पहल महाराष्ट्र में हो रही है महाराष्ट्र में कई राष्ट्रीय राजमार्ग को डिनोटिफाइ करने की प्रक्रिया शुरू लातूर, जालना, औरंगाबाद और नांदेड़ महानगरपालिका में प्रस्ताव
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में श्रीलंका के साथ जारी पहले टेस्ट मैच का चौथा दिन बांग्लादेश के कप्तान मुशफिकुर रहीम के नाम रहा। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक हालांकि श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट खोकर 116 रन बना लिए हैं। इस आधार पर श्रीलंकाई टीम के पास 48 रनों की बढ़त हासिल है और उसके नौ विकेट अभी बाकी हैं। तिलकरत्ने दिलशान 63 और कुमार संगकारा 49 रन बनाकर क्रीज पर जमे हुए हैं। मुशफिकुर बांग्लादेश के लिए टेस्ट क्रिकेट में पहला दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। यही नहीं, उनके नाम बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ी निजी पारी खेलना का भी रिकार्ड दर्ज हो गया। उन्होंने 200 रनों की पारी के दौरान 321 गेंदों खेली और 22 चौके और एक छक्का लगाया। इस टेस्ट से पहले बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकार्ड मोहम्मद अशरफुल के नाम था, जिन्होंने भारत के खिलाफ 158 रनों का पारी खेली थी लेकिन इसी टेस्ट के दौरान अशरफुल ने अपना रिकार्ड तोड़ दिया। अशरफुल ने 190 रन बनाए और वह महज दस रन से अपना पहला दौरा शतक लगाने से चूक गए। अशरफुल और मुशफिकुर ने पांचवें विकेट के लिए 267 रनों की साझेदारी निभाई और एक रिकार्ड कायम किया। यह बांग्लादेश के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। सोमवार को बांग्लादेश ने अपनी पहली के स्कोर 4 विकेट पर 438 रन से आगे खेलना शुरू किया। अशरफुल अपने पिछले कल के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर चलते बने। वह 10 रनों से अपना पहला दौहरा शतक बनाने से चूक गए। इसके बाद नासिर हुसैन ने मुशफिकुर के साथ मिलकर 106 रनों की साझेदारी की और टीम के स्कोर को 500 के पार पुहंचाया। इसी बीच मुशफिकुर ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। वह 550 रनों के कुल योग पर आउट हो गए।टिप्पणियां इसके बाद हुसैन ने भी अपना शतक पूरा किया। वह 100 रनाकर आउट हुए। जिसके बाद बांग्लादेश की पारी 638 रनों पर सिमट गई। उसको श्रीलंका की पहली पारी के मुकाबले 68 रनों की बढ़त हासिल हुई। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए। तिलकरत्ने दिलशान 63 और कुमार संगकारा 49 रन बनाकर क्रीज पर जमे हुए हैं। मुशफिकुर बांग्लादेश के लिए टेस्ट क्रिकेट में पहला दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। यही नहीं, उनके नाम बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ी निजी पारी खेलना का भी रिकार्ड दर्ज हो गया। उन्होंने 200 रनों की पारी के दौरान 321 गेंदों खेली और 22 चौके और एक छक्का लगाया। इस टेस्ट से पहले बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकार्ड मोहम्मद अशरफुल के नाम था, जिन्होंने भारत के खिलाफ 158 रनों का पारी खेली थी लेकिन इसी टेस्ट के दौरान अशरफुल ने अपना रिकार्ड तोड़ दिया। अशरफुल ने 190 रन बनाए और वह महज दस रन से अपना पहला दौरा शतक लगाने से चूक गए। अशरफुल और मुशफिकुर ने पांचवें विकेट के लिए 267 रनों की साझेदारी निभाई और एक रिकार्ड कायम किया। यह बांग्लादेश के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। सोमवार को बांग्लादेश ने अपनी पहली के स्कोर 4 विकेट पर 438 रन से आगे खेलना शुरू किया। अशरफुल अपने पिछले कल के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर चलते बने। वह 10 रनों से अपना पहला दौहरा शतक बनाने से चूक गए। इसके बाद नासिर हुसैन ने मुशफिकुर के साथ मिलकर 106 रनों की साझेदारी की और टीम के स्कोर को 500 के पार पुहंचाया। इसी बीच मुशफिकुर ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। वह 550 रनों के कुल योग पर आउट हो गए।टिप्पणियां इसके बाद हुसैन ने भी अपना शतक पूरा किया। वह 100 रनाकर आउट हुए। जिसके बाद बांग्लादेश की पारी 638 रनों पर सिमट गई। उसको श्रीलंका की पहली पारी के मुकाबले 68 रनों की बढ़त हासिल हुई। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए। मुशफिकुर बांग्लादेश के लिए टेस्ट क्रिकेट में पहला दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। यही नहीं, उनके नाम बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ी निजी पारी खेलना का भी रिकार्ड दर्ज हो गया। उन्होंने 200 रनों की पारी के दौरान 321 गेंदों खेली और 22 चौके और एक छक्का लगाया। इस टेस्ट से पहले बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकार्ड मोहम्मद अशरफुल के नाम था, जिन्होंने भारत के खिलाफ 158 रनों का पारी खेली थी लेकिन इसी टेस्ट के दौरान अशरफुल ने अपना रिकार्ड तोड़ दिया। अशरफुल ने 190 रन बनाए और वह महज दस रन से अपना पहला दौरा शतक लगाने से चूक गए। अशरफुल और मुशफिकुर ने पांचवें विकेट के लिए 267 रनों की साझेदारी निभाई और एक रिकार्ड कायम किया। यह बांग्लादेश के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। सोमवार को बांग्लादेश ने अपनी पहली के स्कोर 4 विकेट पर 438 रन से आगे खेलना शुरू किया। अशरफुल अपने पिछले कल के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर चलते बने। वह 10 रनों से अपना पहला दौहरा शतक बनाने से चूक गए। इसके बाद नासिर हुसैन ने मुशफिकुर के साथ मिलकर 106 रनों की साझेदारी की और टीम के स्कोर को 500 के पार पुहंचाया। इसी बीच मुशफिकुर ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। वह 550 रनों के कुल योग पर आउट हो गए।टिप्पणियां इसके बाद हुसैन ने भी अपना शतक पूरा किया। वह 100 रनाकर आउट हुए। जिसके बाद बांग्लादेश की पारी 638 रनों पर सिमट गई। उसको श्रीलंका की पहली पारी के मुकाबले 68 रनों की बढ़त हासिल हुई। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए। इस टेस्ट से पहले बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकार्ड मोहम्मद अशरफुल के नाम था, जिन्होंने भारत के खिलाफ 158 रनों का पारी खेली थी लेकिन इसी टेस्ट के दौरान अशरफुल ने अपना रिकार्ड तोड़ दिया। अशरफुल ने 190 रन बनाए और वह महज दस रन से अपना पहला दौरा शतक लगाने से चूक गए। अशरफुल और मुशफिकुर ने पांचवें विकेट के लिए 267 रनों की साझेदारी निभाई और एक रिकार्ड कायम किया। यह बांग्लादेश के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। सोमवार को बांग्लादेश ने अपनी पहली के स्कोर 4 विकेट पर 438 रन से आगे खेलना शुरू किया। अशरफुल अपने पिछले कल के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर चलते बने। वह 10 रनों से अपना पहला दौहरा शतक बनाने से चूक गए। इसके बाद नासिर हुसैन ने मुशफिकुर के साथ मिलकर 106 रनों की साझेदारी की और टीम के स्कोर को 500 के पार पुहंचाया। इसी बीच मुशफिकुर ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। वह 550 रनों के कुल योग पर आउट हो गए।टिप्पणियां इसके बाद हुसैन ने भी अपना शतक पूरा किया। वह 100 रनाकर आउट हुए। जिसके बाद बांग्लादेश की पारी 638 रनों पर सिमट गई। उसको श्रीलंका की पहली पारी के मुकाबले 68 रनों की बढ़त हासिल हुई। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए। अशरफुल और मुशफिकुर ने पांचवें विकेट के लिए 267 रनों की साझेदारी निभाई और एक रिकार्ड कायम किया। यह बांग्लादेश के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। सोमवार को बांग्लादेश ने अपनी पहली के स्कोर 4 विकेट पर 438 रन से आगे खेलना शुरू किया। अशरफुल अपने पिछले कल के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर चलते बने। वह 10 रनों से अपना पहला दौहरा शतक बनाने से चूक गए। इसके बाद नासिर हुसैन ने मुशफिकुर के साथ मिलकर 106 रनों की साझेदारी की और टीम के स्कोर को 500 के पार पुहंचाया। इसी बीच मुशफिकुर ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। वह 550 रनों के कुल योग पर आउट हो गए।टिप्पणियां इसके बाद हुसैन ने भी अपना शतक पूरा किया। वह 100 रनाकर आउट हुए। जिसके बाद बांग्लादेश की पारी 638 रनों पर सिमट गई। उसको श्रीलंका की पहली पारी के मुकाबले 68 रनों की बढ़त हासिल हुई। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए। सोमवार को बांग्लादेश ने अपनी पहली के स्कोर 4 विकेट पर 438 रन से आगे खेलना शुरू किया। अशरफुल अपने पिछले कल के स्कोर में केवल एक रन जोड़कर चलते बने। वह 10 रनों से अपना पहला दौहरा शतक बनाने से चूक गए। इसके बाद नासिर हुसैन ने मुशफिकुर के साथ मिलकर 106 रनों की साझेदारी की और टीम के स्कोर को 500 के पार पुहंचाया। इसी बीच मुशफिकुर ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। वह 550 रनों के कुल योग पर आउट हो गए।टिप्पणियां इसके बाद हुसैन ने भी अपना शतक पूरा किया। वह 100 रनाकर आउट हुए। जिसके बाद बांग्लादेश की पारी 638 रनों पर सिमट गई। उसको श्रीलंका की पहली पारी के मुकाबले 68 रनों की बढ़त हासिल हुई। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए। इसके बाद नासिर हुसैन ने मुशफिकुर के साथ मिलकर 106 रनों की साझेदारी की और टीम के स्कोर को 500 के पार पुहंचाया। इसी बीच मुशफिकुर ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। वह 550 रनों के कुल योग पर आउट हो गए।टिप्पणियां इसके बाद हुसैन ने भी अपना शतक पूरा किया। वह 100 रनाकर आउट हुए। जिसके बाद बांग्लादेश की पारी 638 रनों पर सिमट गई। उसको श्रीलंका की पहली पारी के मुकाबले 68 रनों की बढ़त हासिल हुई। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए। इसके बाद हुसैन ने भी अपना शतक पूरा किया। वह 100 रनाकर आउट हुए। जिसके बाद बांग्लादेश की पारी 638 रनों पर सिमट गई। उसको श्रीलंका की पहली पारी के मुकाबले 68 रनों की बढ़त हासिल हुई। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरान, दिलशान, रंगना हेराथ और शामिंदा इरंगा सभी ने दो-दो विकेट हासिल किए।
संक्षिप्त सारांश: गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में श्रीलंका के साथ जारी पहले टेस्ट मैच का चौथा दिन बांग्लादेश के कप्तान मुशफिकुर रहीम के नाम रहा। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक हालांकि श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट खोकर 116 रन बना लिए हैं।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा धर्मशाला टेस्ट में अपने टेस्ट करियर का 15वां अर्द्धशतक बनाकर आउट हुए लेकिन इससे पहले वो अपने नाम एक ख़ास रिकॉर्ड कर गए. एक सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी के रूप में पुजारा ने गौतम गंभीर को पीछे छोड़ा. गंभीर ने 8 साल पहले यानी 2008-09 सीज़न में गंभीर ने 1269 रन बनाए थे लेकिन मौजूदा सीज़न में पुजारा ने 65.8 की औसत से 1316 रन बनाकर गंभीर को पीछे छोड़ दिया. एक सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पॉन्टिंग के नाम है. पॉन्टिंग ने 2005-06 सीज़न में 78.05 की औसत से 1483 रन बनाए थे. पुजारा इस मामले में पॉन्टिंग से 168 रन पीछे हैं. उधर, भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच धर्मशाला में खेला जा रहा चार टेस्ट मैचों की सीरीज का अंतिम मैच अब रोमांचक हो गया है. ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ शुरू होने से पहले माना जा रहा था कि विराट कोहली इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं लेकिन सीरीज़ में अब तक विराट का बल्ला नहीं चला है. पुजारा ने विराट से आगे निकलते हुए गंभीर का रिकॉर्ड तोड़ा और इस दौरान धर्मशाला टेस्ट में 57 रन बनाकर आउट हुए. नेथन लायन ने पुजारा का विकेट लिया. 2016-17 का सीज़न पुजारा के लिए बेहतरीन रहा है. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पुजारा ने 74 से ज़्यादा की औसत से 373 रन बटोरे थे. इसमें 3 अर्द्धशतक और 1 शतक शामिल रहा. वहीं इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भी पुजारा को खूब सफलता मिली. 50 से ज़्यादा की औसत से सौराष्ट के इस खिलाड़ी ने 401 रन बनाए. इंग्लिश टीम पर भारत की जीत में पुजारा की बल्लेबाज़ी का विशेष रोल रहा. बांग्लादेश के ख़िलाफ़ वो शतक से चूक गए लेकिन उन्होंने 83 रन की पारी खेली.टिप्पणियां पुजारा की शानदार फ़ॉर्म का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पिछली दो पारियों में उन्होंने एक दोहरा शतक और एक अर्द्धशतक बनाए हैं. इतना ही नहीं गेंदों का सामना करने के मामले में भी वो आगे ही रहे हैं. हालांकि की पुजारा की सफलता रातों रात नहीं आई है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहली तीन पारियों में पुजारा ने 6, 31 और 17 रन बनाए-लेकिन अगली 3 पारियां उनकी शानदार रहीं. पुजारा ने 92, 202 और 57 रन बनाए हैं.   ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ शुरू होने से पहले माना जा रहा था कि विराट कोहली इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं लेकिन सीरीज़ में अब तक विराट का बल्ला नहीं चला है. पुजारा ने विराट से आगे निकलते हुए गंभीर का रिकॉर्ड तोड़ा और इस दौरान धर्मशाला टेस्ट में 57 रन बनाकर आउट हुए. नेथन लायन ने पुजारा का विकेट लिया. 2016-17 का सीज़न पुजारा के लिए बेहतरीन रहा है. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पुजारा ने 74 से ज़्यादा की औसत से 373 रन बटोरे थे. इसमें 3 अर्द्धशतक और 1 शतक शामिल रहा. वहीं इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भी पुजारा को खूब सफलता मिली. 50 से ज़्यादा की औसत से सौराष्ट के इस खिलाड़ी ने 401 रन बनाए. इंग्लिश टीम पर भारत की जीत में पुजारा की बल्लेबाज़ी का विशेष रोल रहा. बांग्लादेश के ख़िलाफ़ वो शतक से चूक गए लेकिन उन्होंने 83 रन की पारी खेली.टिप्पणियां पुजारा की शानदार फ़ॉर्म का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पिछली दो पारियों में उन्होंने एक दोहरा शतक और एक अर्द्धशतक बनाए हैं. इतना ही नहीं गेंदों का सामना करने के मामले में भी वो आगे ही रहे हैं. हालांकि की पुजारा की सफलता रातों रात नहीं आई है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहली तीन पारियों में पुजारा ने 6, 31 और 17 रन बनाए-लेकिन अगली 3 पारियां उनकी शानदार रहीं. पुजारा ने 92, 202 और 57 रन बनाए हैं.   2016-17 का सीज़न पुजारा के लिए बेहतरीन रहा है. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पुजारा ने 74 से ज़्यादा की औसत से 373 रन बटोरे थे. इसमें 3 अर्द्धशतक और 1 शतक शामिल रहा. वहीं इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भी पुजारा को खूब सफलता मिली. 50 से ज़्यादा की औसत से सौराष्ट के इस खिलाड़ी ने 401 रन बनाए. इंग्लिश टीम पर भारत की जीत में पुजारा की बल्लेबाज़ी का विशेष रोल रहा. बांग्लादेश के ख़िलाफ़ वो शतक से चूक गए लेकिन उन्होंने 83 रन की पारी खेली.टिप्पणियां पुजारा की शानदार फ़ॉर्म का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पिछली दो पारियों में उन्होंने एक दोहरा शतक और एक अर्द्धशतक बनाए हैं. इतना ही नहीं गेंदों का सामना करने के मामले में भी वो आगे ही रहे हैं. हालांकि की पुजारा की सफलता रातों रात नहीं आई है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहली तीन पारियों में पुजारा ने 6, 31 और 17 रन बनाए-लेकिन अगली 3 पारियां उनकी शानदार रहीं. पुजारा ने 92, 202 और 57 रन बनाए हैं.   पुजारा की शानदार फ़ॉर्म का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पिछली दो पारियों में उन्होंने एक दोहरा शतक और एक अर्द्धशतक बनाए हैं. इतना ही नहीं गेंदों का सामना करने के मामले में भी वो आगे ही रहे हैं. हालांकि की पुजारा की सफलता रातों रात नहीं आई है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहली तीन पारियों में पुजारा ने 6, 31 और 17 रन बनाए-लेकिन अगली 3 पारियां उनकी शानदार रहीं. पुजारा ने 92, 202 और 57 रन बनाए हैं.
संक्षिप्त पाठ: धर्मशाला टेस्ट में पुजारा टेस्ट करियर का 15वां अर्द्धशतक बनाकर आउट हुए एक सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बने पुजारा एक सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड रिकी पॉन्टिंग के नाम
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: Redmi K20 और Redmi K20 Pro को मंगलवार को लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च की तारीख ऐलान के बाद से ही कंपनी इन फोन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए एक के बाद दूसरा टीज़र ज़ारी करती रही है। Redmi ब्रांड के जनरल मैनेजर लू विबिंग ने खुलासा किया है कि Redmi K20 सीरीज़ के फोन डुअल बैंड जीपीएस सपोर्ट के साथ आएंगे। इसके अतिरिक्त Redmi K20 का कथित मार्केटिंग इमेज सार्वजनिक हुआ है। इसमें फोन पॉप-अप सेल्फी कैमरे और ग्रेडिएंट ब्लू डिज़ाइन के साथ नज़र आ रहा है। इसके अलावा Redmi K20 Pro की कथित तस्वीर भी सामने आई है। इस फोन के चुनिंदा स्पेसिफिकेशन भी सार्वजनिक हुए हैं। डुअल-बैंड जीपीएस फीचर की बात करें तो लू विबिंग ने अपने Weibo पोस्ट में लिखा कि जल्द ही लॉन्च होने वाले Redmi फ्लैगशिप स्मार्टफोन डुअल-बैंड जीपीएस टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करेंगे। संभवतः उनका इशारा Redmi K20 और Redmi K20 Pro की ओर था। इस तकनीक की मदद से पोज़ीशन ज़्यादा तेज़ी से और सटीक पता चलेगा। इसके अतिरिक्त Redmi K20 का मार्केटिंग पोस्टर चीन में सामने आया है। इसमें फोन ग्रेडिएंट ब्लू डिज़ाइन के साथ नज़र आ रहा है। यह पहला मौका है जब रेडमी के20 का नया कलर वेरिएंट सामने आया है। कंपनी ने अभी तक इस फोन के रेड ग्रेडिएंट डिज़ाइन का ही टीज़र ज़ारी किया है। फिलहाल, साफ नहीं है कि Redmi K20 Pro का ब्लू वेरिएंट होगा या नहीं। पोस्टर में Redmi K20 का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और पॉप-अप सेल्फी कैमरा नज़र आ रहा है। इन फीचर की पुष्टि Xiaomi ने पहले ही कर दी है। Redmi K20 के मार्केटिंग पोस्टर में हैंडसेट के कुछ अहम स्पेसिफिकेशन का भी ज़िक्र है। यह फोन 48 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरे, 4,000 एमएएच बैटरी और स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर के साथ आता है। रेडमी के20 के अलावा Xiaomi मंगलवार को चीनी मार्केट में Redmi K20 Pro को भी लॉन्च करेगी। यह स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर के साथ आएगा। अब Redmi K20 Pro की कथित तस्वीर इंटरनेट पर सार्वजनिक हुई है। इसके साथ रिटेल बॉक्स का फोटो भी साझा किया गया है। फोन की स्क्रीन पर इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक फिल्म से पता चलता है कि Redmi K20 Pro में 6.39 इंच का एमोलेड डिस्प्ले होगा। यहां 4,000 एमएएच बैटरी, 27 वॉट फास्ट चार्जिंग, 48 मेगापिक्सल के प्राइमरी रियर कैमरा और स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का भी ज़िक्र है। वैसे, इंतज़ार की घड़ी लंबी नहीं है। मंगलवार को Xiaomi एक इवेंट आयोजित करने वाली है। इस इवेंट में Redmi K20 परिवार के दोनों फोन से पर्दा उठ जाएगा।
यह एक सारांश है: Redmi K20 तीन रियर कैमरों और पॉप-अप सेल्फी कैमरे से होगा लैस Redmi K20 Pro में स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर हो सकता है Redmi K20 का भारत में लॉन्च होना तय
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मृतक के पिता राम विलास यादव ने बताया, "मेरी बेटी और पास ही के खुरहट बाजार निवासी डॉक्टर की बेटी साथ में कोचिंग करती हैं. उनके साथ मेरा बेटा भी पढ़ाई करता था. डॉक्टर की बेटी मंगलवार शाम पढ़ाई करने के लिए हमारे घर पर आई हुई थी. तभी डॉक्टर के साथ दर्जनों बाइक पर सवार होकर लोग हमारे घर आए."टिप्पणियां यादव ने कहा, "डॉक्टर ने कहा कि हमारी बेटी और तुम्हारे बेटे में दोस्ती है और हमारे बेटे को जबरदस्ती अपने साथ सरायलखंशी थाने ले जाने की बात कही. उनके जाने के बाद हम लोगों ने थाने के साथ ही अन्य स्थानों पर काफी छानबीन की, लेकिन उसका कहीं अता-पता नहीं चला." मृतक के पिता ने आरोप लगाया, "रात में डॉक्टर ने हमारे बेटे की हत्या कर उसका शव पेड़ से लटका दिया." मऊ के शहर के क्षेत्राधिकारी राजकुमार ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा. (इनपुट आईएएनएस से) यादव ने कहा, "डॉक्टर ने कहा कि हमारी बेटी और तुम्हारे बेटे में दोस्ती है और हमारे बेटे को जबरदस्ती अपने साथ सरायलखंशी थाने ले जाने की बात कही. उनके जाने के बाद हम लोगों ने थाने के साथ ही अन्य स्थानों पर काफी छानबीन की, लेकिन उसका कहीं अता-पता नहीं चला." मृतक के पिता ने आरोप लगाया, "रात में डॉक्टर ने हमारे बेटे की हत्या कर उसका शव पेड़ से लटका दिया." मऊ के शहर के क्षेत्राधिकारी राजकुमार ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा. (इनपुट आईएएनएस से) मऊ के शहर के क्षेत्राधिकारी राजकुमार ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा. (इनपुट आईएएनएस से)
यहाँ एक सारांश है:युवक के परिजनों ने चक्काजाम कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की दर्जनों बाइक पर सवार घर से उठाकर ले गए थे युवक को लड़की के साथ कोचिंग में पढ़ता था युवक
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रवक्ता राम माधव ने बुधवार को कहा कि एक तथाकथित मुस्लिम नेता के दबाव में आकर उत्तर प्रदेश सरकार ने 84 कोसी परिक्रमा पर रोक लगाकर ठीक काम नहीं किया है। आरएसएस प्रवक्ता राम माधव ने कहा, 'केंद्र व प्रदेश सरकार को तय करना होगा कि इस देश में कैसा मुस्लिम नेतृत्व चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जैसा या भारत माता को 'डायन' कहने वाला आजम खान जैसा।' उत्तर प्रदेश की प्रयाग नगरी इलाहाबाद में रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित एक समारोह में राम माधव ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, "अच्छा होगा कि संतों की भावनाओं को कुचलने के बजाय सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे। संतों के निर्णय के आधार पर हम चौरासी कोसी परिक्रमा जारी रखेंगे। सरकार का सिर्फ इतना दायित्व बनता है कि वह इस यात्रा को सही प्रकार से संपन्न कराए।" माधव ने कहा, "समाज को तय करना होगा कि हमें संतों व महात्माओं के पीछे खड़ा होना है या जो अल्पकाल के लिए सत्ता की कुर्सी पर बैठने के लालच में देश व समाज को तोड़ते हैं, उनके पीछे।" केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश की आर्थिक स्थिति इतनी नाजुक हुई है। देश की अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से चौपट हो गई है। सीमाओं पर स्थिति अत्यंत गंभीर है। देश की सीमाओं को लेकर सरकार में एकमत नहीं है। प्रधानमंत्री यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि सीमा की देखभाल रक्षामंत्री करेंगे या गृहमंत्री या पूरी सरकार करेगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "आज देश को एक नई सोच व नई दिशा देने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। हमारा देश कमजोर नहीं है, बल्कि नेतृत्व कमजोर है। अब इसे बदलने का समय आ गया है।" मोदी का नाम लिए बगैर उनके नेतृत्व में अगली सरकार बनाने की ओर इशारा करते हुए माधव ने कहा कि देश के सामने कमजोर नेतृत्व को बदलने का विकल्प भी तैयार है। अब आवश्यकता है कि सभी लोग उस दिशा में प्रयास करें। आरएसएस प्रवक्ता राम माधव ने कहा, 'केंद्र व प्रदेश सरकार को तय करना होगा कि इस देश में कैसा मुस्लिम नेतृत्व चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जैसा या भारत माता को 'डायन' कहने वाला आजम खान जैसा।' उत्तर प्रदेश की प्रयाग नगरी इलाहाबाद में रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित एक समारोह में राम माधव ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, "अच्छा होगा कि संतों की भावनाओं को कुचलने के बजाय सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे। संतों के निर्णय के आधार पर हम चौरासी कोसी परिक्रमा जारी रखेंगे। सरकार का सिर्फ इतना दायित्व बनता है कि वह इस यात्रा को सही प्रकार से संपन्न कराए।" माधव ने कहा, "समाज को तय करना होगा कि हमें संतों व महात्माओं के पीछे खड़ा होना है या जो अल्पकाल के लिए सत्ता की कुर्सी पर बैठने के लालच में देश व समाज को तोड़ते हैं, उनके पीछे।" केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश की आर्थिक स्थिति इतनी नाजुक हुई है। देश की अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से चौपट हो गई है। सीमाओं पर स्थिति अत्यंत गंभीर है। देश की सीमाओं को लेकर सरकार में एकमत नहीं है। प्रधानमंत्री यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि सीमा की देखभाल रक्षामंत्री करेंगे या गृहमंत्री या पूरी सरकार करेगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "आज देश को एक नई सोच व नई दिशा देने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। हमारा देश कमजोर नहीं है, बल्कि नेतृत्व कमजोर है। अब इसे बदलने का समय आ गया है।" मोदी का नाम लिए बगैर उनके नेतृत्व में अगली सरकार बनाने की ओर इशारा करते हुए माधव ने कहा कि देश के सामने कमजोर नेतृत्व को बदलने का विकल्प भी तैयार है। अब आवश्यकता है कि सभी लोग उस दिशा में प्रयास करें। उत्तर प्रदेश की प्रयाग नगरी इलाहाबाद में रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित एक समारोह में राम माधव ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, "अच्छा होगा कि संतों की भावनाओं को कुचलने के बजाय सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे। संतों के निर्णय के आधार पर हम चौरासी कोसी परिक्रमा जारी रखेंगे। सरकार का सिर्फ इतना दायित्व बनता है कि वह इस यात्रा को सही प्रकार से संपन्न कराए।" माधव ने कहा, "समाज को तय करना होगा कि हमें संतों व महात्माओं के पीछे खड़ा होना है या जो अल्पकाल के लिए सत्ता की कुर्सी पर बैठने के लालच में देश व समाज को तोड़ते हैं, उनके पीछे।" केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश की आर्थिक स्थिति इतनी नाजुक हुई है। देश की अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से चौपट हो गई है। सीमाओं पर स्थिति अत्यंत गंभीर है। देश की सीमाओं को लेकर सरकार में एकमत नहीं है। प्रधानमंत्री यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि सीमा की देखभाल रक्षामंत्री करेंगे या गृहमंत्री या पूरी सरकार करेगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "आज देश को एक नई सोच व नई दिशा देने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। हमारा देश कमजोर नहीं है, बल्कि नेतृत्व कमजोर है। अब इसे बदलने का समय आ गया है।" मोदी का नाम लिए बगैर उनके नेतृत्व में अगली सरकार बनाने की ओर इशारा करते हुए माधव ने कहा कि देश के सामने कमजोर नेतृत्व को बदलने का विकल्प भी तैयार है। अब आवश्यकता है कि सभी लोग उस दिशा में प्रयास करें। उन्होंने कहा, "अच्छा होगा कि संतों की भावनाओं को कुचलने के बजाय सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे। संतों के निर्णय के आधार पर हम चौरासी कोसी परिक्रमा जारी रखेंगे। सरकार का सिर्फ इतना दायित्व बनता है कि वह इस यात्रा को सही प्रकार से संपन्न कराए।" माधव ने कहा, "समाज को तय करना होगा कि हमें संतों व महात्माओं के पीछे खड़ा होना है या जो अल्पकाल के लिए सत्ता की कुर्सी पर बैठने के लालच में देश व समाज को तोड़ते हैं, उनके पीछे।" केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश की आर्थिक स्थिति इतनी नाजुक हुई है। देश की अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से चौपट हो गई है। सीमाओं पर स्थिति अत्यंत गंभीर है। देश की सीमाओं को लेकर सरकार में एकमत नहीं है। प्रधानमंत्री यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि सीमा की देखभाल रक्षामंत्री करेंगे या गृहमंत्री या पूरी सरकार करेगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "आज देश को एक नई सोच व नई दिशा देने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। हमारा देश कमजोर नहीं है, बल्कि नेतृत्व कमजोर है। अब इसे बदलने का समय आ गया है।" मोदी का नाम लिए बगैर उनके नेतृत्व में अगली सरकार बनाने की ओर इशारा करते हुए माधव ने कहा कि देश के सामने कमजोर नेतृत्व को बदलने का विकल्प भी तैयार है। अब आवश्यकता है कि सभी लोग उस दिशा में प्रयास करें। माधव ने कहा, "समाज को तय करना होगा कि हमें संतों व महात्माओं के पीछे खड़ा होना है या जो अल्पकाल के लिए सत्ता की कुर्सी पर बैठने के लालच में देश व समाज को तोड़ते हैं, उनके पीछे।" केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश की आर्थिक स्थिति इतनी नाजुक हुई है। देश की अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से चौपट हो गई है। सीमाओं पर स्थिति अत्यंत गंभीर है। देश की सीमाओं को लेकर सरकार में एकमत नहीं है। प्रधानमंत्री यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि सीमा की देखभाल रक्षामंत्री करेंगे या गृहमंत्री या पूरी सरकार करेगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "आज देश को एक नई सोच व नई दिशा देने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। हमारा देश कमजोर नहीं है, बल्कि नेतृत्व कमजोर है। अब इसे बदलने का समय आ गया है।" मोदी का नाम लिए बगैर उनके नेतृत्व में अगली सरकार बनाने की ओर इशारा करते हुए माधव ने कहा कि देश के सामने कमजोर नेतृत्व को बदलने का विकल्प भी तैयार है। अब आवश्यकता है कि सभी लोग उस दिशा में प्रयास करें। केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश की आर्थिक स्थिति इतनी नाजुक हुई है। देश की अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से चौपट हो गई है। सीमाओं पर स्थिति अत्यंत गंभीर है। देश की सीमाओं को लेकर सरकार में एकमत नहीं है। प्रधानमंत्री यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि सीमा की देखभाल रक्षामंत्री करेंगे या गृहमंत्री या पूरी सरकार करेगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "आज देश को एक नई सोच व नई दिशा देने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। हमारा देश कमजोर नहीं है, बल्कि नेतृत्व कमजोर है। अब इसे बदलने का समय आ गया है।" मोदी का नाम लिए बगैर उनके नेतृत्व में अगली सरकार बनाने की ओर इशारा करते हुए माधव ने कहा कि देश के सामने कमजोर नेतृत्व को बदलने का विकल्प भी तैयार है। अब आवश्यकता है कि सभी लोग उस दिशा में प्रयास करें। उन्होंने कहा, "आज देश को एक नई सोच व नई दिशा देने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। हमारा देश कमजोर नहीं है, बल्कि नेतृत्व कमजोर है। अब इसे बदलने का समय आ गया है।" मोदी का नाम लिए बगैर उनके नेतृत्व में अगली सरकार बनाने की ओर इशारा करते हुए माधव ने कहा कि देश के सामने कमजोर नेतृत्व को बदलने का विकल्प भी तैयार है। अब आवश्यकता है कि सभी लोग उस दिशा में प्रयास करें। मोदी का नाम लिए बगैर उनके नेतृत्व में अगली सरकार बनाने की ओर इशारा करते हुए माधव ने कहा कि देश के सामने कमजोर नेतृत्व को बदलने का विकल्प भी तैयार है। अब आवश्यकता है कि सभी लोग उस दिशा में प्रयास करें।
सारांश: आरएसएस प्रवक्ता राम माधव ने कहा, 'केंद्र व प्रदेश सरकार को तय करना होगा कि इस देश में कैसा मुस्लिम नेतृत्व चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जैसा या भारत माता को 'डायन' कहने वाला आजम खान जैसा।'
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हिमाचल प्रदेश में रविवार को बारिश संबंधी घटनाओं में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य लोग घायल हो गए हैं. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. अधिकारियों ने बताया कि 9 लोगों की मौत शिमला में जबकि सोलन में 5 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा कुल्लू, सिरमौर, और चंबा में 2-2 व्यक्तियों की और उना तथा लाहौल-स्पीति जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है. पुलिस ने बताया कि यहां आरटीओ ऑफिस के पास हुए भूस्खलन की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया. शिमला जिले के नारकंड क्षेत्र में एक मकान पर पेड़ गिरने से नेपाल के रहने वाले दो व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए.  पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में रविवार तड़के भारी वर्षा के बाद एक मकान की दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान शाह आलम के तौर पर हुई है, जो बिहार के किशनगंज जिले का रहने वाला था. एक अन्य घटना में शिमला के रोहड़ू उपमंडल के हटकोटी केंची के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक के भूस्खलन की चपेट में जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. चंबा जिले में भारी बारिश के कारण एक मकान ढहने से दो लोगों की मलबे में दबने से मौत हो गई.  चंबा पुलिस अधीक्षक एम भुतुंगुरू ने बताया कि हादसा मेहला उपमंडल के लोना में तड़के साढ़े तीन बजे हुआ जिसमें 70 वर्षीय एक व्यक्ति और सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई. वहीं, कुल्लू में एक व्यक्ति उस समय सुजवाड़ नाले में बह गया जब स्थानीय लोग उसे बचाने का प्रयास कर रहे थे. व्यक्ति की पहचान चुन्नी लाल के तौर पर हुई है. कुल्लू की उपायुक्त रिचा वर्मा ने बताया कि इसके अलावा मणिकरण और बरशेनी के बीच बलरगा में भूस्खलन होने से एक पर्यटक की मौत हो गई. सोलन जिले में बड्डी तहसील में एक इमारत गिरने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई.   हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू जिले में सभी शैक्षिक संस्थान सोमवार को भी बंद रहेंगे. हिमाचल प्रदेश की राजधानी में भारी बारिश की वजह से यह कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने यह जानकारी दी. शिमला और चंबा जिला प्रशासन की ओर से रविवार को जारी एक पन्ने के आदेश में सभी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, पॉलीटेक्निक और आंगनवाड़ी केंद्रों को फिलहाल बंद रखने के लिए कहा गया है. शिमला के उपायुक्त सह जिला मजिस्ट्रेट अमित कश्यप ने कहा, 'भारी बारिश, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने व उनके बाधित होने को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर शिमला जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 19 अगस्त तक बंद रखने का आदेश देना जरूरी हो गया था.'
सारांश: हिमाचल प्रदेश में बारिश ने मचाई तबाही अलग-अलग जिलों में 18 लोगों की हुई मौत सोमवार को भी बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) ने रिलीज के पहले हफ्ते करीब 258 करोड़, दूसरे हफ्ते फिल्म ने 76 करोड़ और तीसरे हफ्ते फिल्म ने 18 करोड़ की कमाई कर ली है. यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस के अलावा विदेशों में भी जमकर कमाई कर रही है. 'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) ने भारतीय  बॉक्स ऑफिस (Avengers Endgame Box Office Collection) पर पहले दिन 53.10 करोड़ रुपये की बंपर ओपनिंग लेते हुए आमिर खान का रिकॉर्ड तोड़ दिया था.  'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) की अब तक की कमाई ने कई बॉलीवुड फ़िल्मों की लाइफ़ टाइम कमाई को पीछे छोड़ दिया है. 16वें दिन  एवेंजर्स एंडगेम (Avengers Endgame) ने आमिर ख़ान की 'पीके' (339.50 करोड़ रुपये) और सलमान खान की 'टाइगर ज़िंदा है' (339.16 करोड़) को पीछे छोड़ चुकी है.  ऐसा कहा जा रहा है कि एवेंजर्स एंडगेम (Avengers Endgame) जल्द ही रणबीर कपूर की 'संजू' के ₹342.53 करोड़ के लाइफ़ टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ देगी.  इसके बाद फिल्म के सामने सिर्फ़ दंगल की चुनौती रह जाएगी, जिसका लाइफ टाइम कलेक्शन 387 करोड़ रुपये है.  बता दें कि एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) को डायरेक्टर जोड़ी एंथनी रूसो और जो रूसो ने डायरेक्ट किया है. 'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) में रॉबर्ट डाउनी जूनियर (Iron Man), क्रिस इवान्स (Captain Ameria), मार्क रूफैलो (Hulk), क्रिस हेम्सवर्थ (Thor), स्कारलेट योहानसन (Black Widow), जेरेमी रेनर (Hawk Eye), पॉल रूड (Ant Man), ब्री लार्सन (Captain America), और जोश ब्रोलिन (Thanos) लीड रोल में हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'एवेंजर्स एंडगेम' की धूम फिल्म कर रही है शानदार कमाई लोगों को खूब पसंद आ रही है फिल्म
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद राज्यसभा में पार्टी के उपनेता बनने जा रहे हैं। पार्टी के संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने इस आशय की सिफारिश उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को भेजी है। आडवाणी ने उपराष्ट्रपति को, जो कि उच्च सदन के पदेन सभापति भी हैं, भेजे पत्र में प्रसाद को राज्यसभा में बीजेपी का उपनेता मनोनीत किए जाने के अपने फैसले के बारे में बताया है। इससे पहले एसएस अहलुवालिया सदन में बीजेपी के उप नेता थे, लेकिन उनका कार्यकाल समाप्त हो जाने तथा हाल में उच्च सदन के लिए हुए द्वि-वार्षिक चुनाव में झारखंड से उनके पुन: निर्वाचित नहीं हो सकने के चलते यह पद रिक्त पड़ा है।टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रविशंकर प्रसाद के राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बन जाने पर वह उच्च सदन के विपक्ष के नेता अरूण जेटली का हाथ बंटाएंगे। रविशंकर प्रसाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में कोयला, खनन, कानून एवं न्याय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री रह चुके हैं। बिहार से पार्टी के इस वरिष्ठ नेता को राज्य से हाल ही में तीसरी बार राज्यसभा के लिए चुना गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले रविशंकर प्रसाद जयप्रकाश नारायण आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए और बाद में आपातकाल की मुखालफत में भी वह सक्रिय रहे। रविशंकर प्रसाद अयोध्या राम मंदिर मालिकाना हक मामले के वकील हैं। उन्होंने इस मामले में राम लला का प्रतिनिधित्व किया। आडवाणी ने उपराष्ट्रपति को, जो कि उच्च सदन के पदेन सभापति भी हैं, भेजे पत्र में प्रसाद को राज्यसभा में बीजेपी का उपनेता मनोनीत किए जाने के अपने फैसले के बारे में बताया है। इससे पहले एसएस अहलुवालिया सदन में बीजेपी के उप नेता थे, लेकिन उनका कार्यकाल समाप्त हो जाने तथा हाल में उच्च सदन के लिए हुए द्वि-वार्षिक चुनाव में झारखंड से उनके पुन: निर्वाचित नहीं हो सकने के चलते यह पद रिक्त पड़ा है।टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रविशंकर प्रसाद के राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बन जाने पर वह उच्च सदन के विपक्ष के नेता अरूण जेटली का हाथ बंटाएंगे। रविशंकर प्रसाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में कोयला, खनन, कानून एवं न्याय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री रह चुके हैं। बिहार से पार्टी के इस वरिष्ठ नेता को राज्य से हाल ही में तीसरी बार राज्यसभा के लिए चुना गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले रविशंकर प्रसाद जयप्रकाश नारायण आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए और बाद में आपातकाल की मुखालफत में भी वह सक्रिय रहे। रविशंकर प्रसाद अयोध्या राम मंदिर मालिकाना हक मामले के वकील हैं। उन्होंने इस मामले में राम लला का प्रतिनिधित्व किया। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रविशंकर प्रसाद के राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बन जाने पर वह उच्च सदन के विपक्ष के नेता अरूण जेटली का हाथ बंटाएंगे। रविशंकर प्रसाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में कोयला, खनन, कानून एवं न्याय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री रह चुके हैं। बिहार से पार्टी के इस वरिष्ठ नेता को राज्य से हाल ही में तीसरी बार राज्यसभा के लिए चुना गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले रविशंकर प्रसाद जयप्रकाश नारायण आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए और बाद में आपातकाल की मुखालफत में भी वह सक्रिय रहे। रविशंकर प्रसाद अयोध्या राम मंदिर मालिकाना हक मामले के वकील हैं। उन्होंने इस मामले में राम लला का प्रतिनिधित्व किया। बिहार से पार्टी के इस वरिष्ठ नेता को राज्य से हाल ही में तीसरी बार राज्यसभा के लिए चुना गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले रविशंकर प्रसाद जयप्रकाश नारायण आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए और बाद में आपातकाल की मुखालफत में भी वह सक्रिय रहे। रविशंकर प्रसाद अयोध्या राम मंदिर मालिकाना हक मामले के वकील हैं। उन्होंने इस मामले में राम लला का प्रतिनिधित्व किया।
संक्षिप्त पाठ: बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद राज्यसभा में पार्टी के उपनेता बनने जा रहे हैं। पार्टी के संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने इस आशय की सिफारिश उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को भेजी है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: घी और शुद्ध मक्खन दो ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो सर्दियों में आपकी डाइट के लिए बेहद ज़रूरी हैं. ये देसी रसोई में होने वाले ऐसे सुपरफूड हैं जो सर्दियों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. इनके इस्तेमाल की सबसे बड़ी वज़ह इनके लाभ हैं. घी के बारे में कहा जाता है कि सर्दियों में हमारे शरीर को ये अंदर से गर्म रखता है, जिससे की सर्दियों का विपरीत प्रभाव आपके शरीर पर नहीं पड़ता है. आर्युवेद में घी की प्रकृति को ऊष्मोत्पादक (गर्मी पैदा करने वाला खाद्य पदार्थ) कहा जाता है. ठंड के मौसम में सब्जियों और सूप में देसी घी के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है. ये शरीर को ज़रूरी ऊर्जा भी प्रदान करता है, साथ ही आलस को भी दूर करता है. घी आपके शरीर को सौंदर्य लाभ भी देता है- यह त्वचा को नमी प्रदान कर इसे कोमल बनाए रखता है, खास तौर पर सर्दियों के दिनों में. घी में मौजूद अनसैचुरेटिड फैट या हेल्दी फैट खून में मौजूद अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सही करने में मदद करता है. हेल्दी फैट की घी में अधिकता होने की वज़ह से यह वज़न को भी कम करता है. घी का एक ऐसा फायदा भी है जिसकी ओर अक्सर हमारा ध्यान नहीं जाता है. घी का ये खास गुण इसे सर्दियों में सुपरफूड बनाता है. ये शुगर के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होता है.   शुगर के मरीज़ों के लिए घी का सेवन सुरक्षित और स्वस्थ्य माना गया है आर्युवेद में प्राचीन काल से ही घी को स्वास्थ्यवर्धक वसा का स्रोत माना जाता है. प्राचीन चिकित्सकीय उपचारों और कुछ अध्ययनों में ये सुझाव दिया गया है कि घी को सही मात्रा में खाने से ह्र्दय रोगों का कम ख़तरा होता है. घी में मौजूद कॉन्जुगेटिड लिनोलिक एसिड ह्र्दय रोगों को कम करने में मदद करता है. टाइप टू शुगर से पीड़ित लोगों में ये ख़तरा ज़्यादा होता है. इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट से लैस खाद्य पदार्थों में घी को शामिल करने से ये उसमें मौजूद शुगर को अधिक प्रभावी ढंग से पचाने में मदद करता है. यही वज़ह है कि शुगर के मरीज़ों के लिए घी का सेवन सुरक्षित और स्वस्थ्य माना गया है. हालांकि यहां इस बात का भी ज़िक्र करना ज़रूरी है कि अत्यधिक मात्रा में घी का सेवन वज़न बढा़ने की भी वज़ह बन सकता है और शुगर के रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है. ऐसे में सलाह दी जाती है कि अच्छी गुणवत्ता का ऑर्गेनिक घी ही इस्तेमाल करें, जिससे की आप सर्दियों के इस सुपरफूड के गुणों का लाभ ले सकें. इसके अलावा नियम से Hb1ac के लेवल की भी सही समय पर जांच कराते रहें और सर्दियों के इस सुपरफूड घी के सेवन के लिए खाद्य विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: घी सर्दियों में आपकी डाइट के लिए बेहद ज़रूरी है. ये शरीर को ज़रूरी ऊर्जा भी प्रदान करता है, साथ ही आलस को भी दूर करता है घी को सही मात्रा में खाने से ह्र्दय रोगों का कम ख़तरा होता है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केरल के कोट्टायम के एक मेडिकल कालेज में पढ़ने वाली एक छात्रा पर उसके एक साथी ने पेट्रोल डाल कर आग लगा दी. लड़के ने खुद को भी आग के हवाले कर दिया. दोनों की अस्पताल में मौत हो गई. इन दोनों को बचाने के चक्कर में दो और छात्र से घायल हो गए. मामला एक तरफा प्यार का बताया जा रहा है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के स्कूल आफ मेडिकल एजुकेशन (एसएमई) में फीजियोथेरेपी पाठ्यक्रम की चौथे साल की छात्रा कालेज अपने साथियों के साथ कालेज में थी. तभी वहां इसी कालेज का एक पूर्व छात्र आदर्श आया और उसने उक्त छात्रा तथा खुद के ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली. आग लगाने के बाद उसने छात्रा को अपनी बाजुओं में जकड़ लिया. गंभीर रूप से जल चुके दोनों छात्र-छात्राओं को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इनको बचाने के प्रयास में दो अन्य छात्र भी जल गए. उनका उपचार चल रहा है. जानकारी के मुताबिक, आदर्श उक्त छात्रा को पसंद करता था. घटना वाले दिन वह उससे मिलने लड़की की कक्षा में गया, लेकिन लड़की ने बात करने से इंकार कर दिया. कक्षा समाप्त होने बाद जब लड़की कक्षा से बाहर आई तो आदर्श ने लड़की पर पेट्रोल डाल दिया. लड़की ने भागने की कोशिश की, लेकिन लड़के ने उसे जकड़ कर आग लगा ली. टिप्पणियां   पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के स्कूल आफ मेडिकल एजुकेशन (एसएमई) में फीजियोथेरेपी पाठ्यक्रम की चौथे साल की छात्रा कालेज अपने साथियों के साथ कालेज में थी. तभी वहां इसी कालेज का एक पूर्व छात्र आदर्श आया और उसने उक्त छात्रा तथा खुद के ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली. आग लगाने के बाद उसने छात्रा को अपनी बाजुओं में जकड़ लिया. गंभीर रूप से जल चुके दोनों छात्र-छात्राओं को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इनको बचाने के प्रयास में दो अन्य छात्र भी जल गए. उनका उपचार चल रहा है. जानकारी के मुताबिक, आदर्श उक्त छात्रा को पसंद करता था. घटना वाले दिन वह उससे मिलने लड़की की कक्षा में गया, लेकिन लड़की ने बात करने से इंकार कर दिया. कक्षा समाप्त होने बाद जब लड़की कक्षा से बाहर आई तो आदर्श ने लड़की पर पेट्रोल डाल दिया. लड़की ने भागने की कोशिश की, लेकिन लड़के ने उसे जकड़ कर आग लगा ली. टिप्पणियां   जानकारी के मुताबिक, आदर्श उक्त छात्रा को पसंद करता था. घटना वाले दिन वह उससे मिलने लड़की की कक्षा में गया, लेकिन लड़की ने बात करने से इंकार कर दिया. कक्षा समाप्त होने बाद जब लड़की कक्षा से बाहर आई तो आदर्श ने लड़की पर पेट्रोल डाल दिया. लड़की ने भागने की कोशिश की, लेकिन लड़के ने उसे जकड़ कर आग लगा ली. टिप्पणियां
सारांश: लड़का कालेज का पूर्व छात्र था और लड़की से प्यार करता था लड़की के क्लास से बाहर आने पर लड़के ने खुद पर लड़की पर पेट्रोल उलट लिया दोनों को बचाने के प्रयास में दो अन्य छात्र भी आग में झुलस गए
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी मोबाइल ऐप एसबीआई बैंक बडी (SBI Bank Buddy) के यूजर्स  समेत कुछ और कैश ट्रांजैक्शन्स संबंधी एटीएम निकासी के सर्विस चार्ज में बदलाव किए हैं जोकि 1 जून से लागू हो चुके हैं. आइए एक नजर में जाने 1 जून यानी गुरुवार से एसबीआई के बदले हुए कौन से नियम लागू हुए और उनके आपके लिए क्या है मायने... - बैंक ने यह साफ कर दिया है कि एसबीआई बैंक बडी के इस्तेमाल से एटीएम से पैसे निकालने पर प्रति निकासी 25 रुपये का चार्ज लगेगा.  एसबीआई का यह बैंक बडी ऐप असल में नई फैसिलिटी है जोकि बैंक के मौबाइल वॉलेट के इस्तेमाल के जरिए एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा प्रदान करता है. दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि एसबीआई सभी एटीएम ट्रांजैक्शन पर 25 रुपये चार्ज ले सकता है. टिप्पणियां - सभी सेविंग अकाउंट्स से एक महीने में 8 फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन का नियम यथावत रहेगा. इसके तहत एसबीआई एटीएम से 5 ट्रांजैक्शन, 3 एटीएम ट्रांजैक्शन अन्य किसी भी एटीएम से दिए जाते रहेंगे. ध्यान दें कि ये 8 ट्रांजैक्शन मेट्रो शहरों में मिलते हैं. नॉन मेट्रो शहरों में 10 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं जोकि मिलते रहेंगे. इन 10 फ्री ट्रांजैक्शन में 5 एसबीआई एटीएम से और 3 अन्य बैंकों के एटीएम से ट्रांजैक्शन शामिल हैं.  -  एसबीआई की ओर से कहा गया है कि चार एटीएम विदड्रॉल प्रति माह की सीमा बेसिक सेविंग्स बैंक्स डिपॉजिट अकाउंट पर ही लागू है. यहां बता दें कि एसबीआई का बेसिक सेविंग अकाउंट एक लिमिटेड सर्विस प्राप्त बैंक अकाउंट है जोकि गरीब तबकों के लिए शुरू किया गया था जिसका मकसद कम आय वाले वर्ग को बिना किसी खास चार्ज के भी खाते में बचत जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना था. इस प्रकार के खाताधारक को एटीएम-कम-डेबिट मुफ्त मिलता है और उन्हें मैंटेनेंस के सालाना चार्जेस भी नहीं देने होते. एक और चीज, इस खाताधारक को बैंक में कोई और सेविंग अकाउंट खुलवाने की इजाजत नहीं होती.  - बैंक ने यह साफ कर दिया है कि एसबीआई बैंक बडी के इस्तेमाल से एटीएम से पैसे निकालने पर प्रति निकासी 25 रुपये का चार्ज लगेगा.  एसबीआई का यह बैंक बडी ऐप असल में नई फैसिलिटी है जोकि बैंक के मौबाइल वॉलेट के इस्तेमाल के जरिए एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा प्रदान करता है. दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि एसबीआई सभी एटीएम ट्रांजैक्शन पर 25 रुपये चार्ज ले सकता है. टिप्पणियां - सभी सेविंग अकाउंट्स से एक महीने में 8 फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन का नियम यथावत रहेगा. इसके तहत एसबीआई एटीएम से 5 ट्रांजैक्शन, 3 एटीएम ट्रांजैक्शन अन्य किसी भी एटीएम से दिए जाते रहेंगे. ध्यान दें कि ये 8 ट्रांजैक्शन मेट्रो शहरों में मिलते हैं. नॉन मेट्रो शहरों में 10 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं जोकि मिलते रहेंगे. इन 10 फ्री ट्रांजैक्शन में 5 एसबीआई एटीएम से और 3 अन्य बैंकों के एटीएम से ट्रांजैक्शन शामिल हैं.  -  एसबीआई की ओर से कहा गया है कि चार एटीएम विदड्रॉल प्रति माह की सीमा बेसिक सेविंग्स बैंक्स डिपॉजिट अकाउंट पर ही लागू है. यहां बता दें कि एसबीआई का बेसिक सेविंग अकाउंट एक लिमिटेड सर्विस प्राप्त बैंक अकाउंट है जोकि गरीब तबकों के लिए शुरू किया गया था जिसका मकसद कम आय वाले वर्ग को बिना किसी खास चार्ज के भी खाते में बचत जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना था. इस प्रकार के खाताधारक को एटीएम-कम-डेबिट मुफ्त मिलता है और उन्हें मैंटेनेंस के सालाना चार्जेस भी नहीं देने होते. एक और चीज, इस खाताधारक को बैंक में कोई और सेविंग अकाउंट खुलवाने की इजाजत नहीं होती.  - सभी सेविंग अकाउंट्स से एक महीने में 8 फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन का नियम यथावत रहेगा. इसके तहत एसबीआई एटीएम से 5 ट्रांजैक्शन, 3 एटीएम ट्रांजैक्शन अन्य किसी भी एटीएम से दिए जाते रहेंगे. ध्यान दें कि ये 8 ट्रांजैक्शन मेट्रो शहरों में मिलते हैं. नॉन मेट्रो शहरों में 10 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं जोकि मिलते रहेंगे. इन 10 फ्री ट्रांजैक्शन में 5 एसबीआई एटीएम से और 3 अन्य बैंकों के एटीएम से ट्रांजैक्शन शामिल हैं.  -  एसबीआई की ओर से कहा गया है कि चार एटीएम विदड्रॉल प्रति माह की सीमा बेसिक सेविंग्स बैंक्स डिपॉजिट अकाउंट पर ही लागू है. यहां बता दें कि एसबीआई का बेसिक सेविंग अकाउंट एक लिमिटेड सर्विस प्राप्त बैंक अकाउंट है जोकि गरीब तबकों के लिए शुरू किया गया था जिसका मकसद कम आय वाले वर्ग को बिना किसी खास चार्ज के भी खाते में बचत जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना था. इस प्रकार के खाताधारक को एटीएम-कम-डेबिट मुफ्त मिलता है और उन्हें मैंटेनेंस के सालाना चार्जेस भी नहीं देने होते. एक और चीज, इस खाताधारक को बैंक में कोई और सेविंग अकाउंट खुलवाने की इजाजत नहीं होती.  -  एसबीआई की ओर से कहा गया है कि चार एटीएम विदड्रॉल प्रति माह की सीमा बेसिक सेविंग्स बैंक्स डिपॉजिट अकाउंट पर ही लागू है. यहां बता दें कि एसबीआई का बेसिक सेविंग अकाउंट एक लिमिटेड सर्विस प्राप्त बैंक अकाउंट है जोकि गरीब तबकों के लिए शुरू किया गया था जिसका मकसद कम आय वाले वर्ग को बिना किसी खास चार्ज के भी खाते में बचत जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना था. इस प्रकार के खाताधारक को एटीएम-कम-डेबिट मुफ्त मिलता है और उन्हें मैंटेनेंस के सालाना चार्जेस भी नहीं देने होते. एक और चीज, इस खाताधारक को बैंक में कोई और सेविंग अकाउंट खुलवाने की इजाजत नहीं होती.
सारांश: SBI बैंक बडी से एटीएम से पैसे निकालने पर प्रति निकासी 25 रुपये चार्ज मीडिया रिपोर्ट्स में था कि SBI सभी ATM ट्रांजैक्शन पर 25 रु फीस लेगा एसबीआई बैंक ने दी इस बाबत सफाई दे दी है
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका को लेकर अपने और डोनाल्ड ट्रंप के विचारों में तीखे विराधाभास को रेखांकित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति पद की डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि इस चुनाव में देश के ‘‘महत्वपूर्ण मूल्य’’ दांव पर लगे हैं. उन्होंने जनता से ‘‘संयुक्त और उदार अमेरिका’’ के लिए मतदान करने की अपील की. इराक में आतंकी हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिक के पाकिस्तानी अमेरिकी मूल के पिता खिज्र खान की कहानी बताते हुए हिलेरी ने कहा, ‘‘हमें अमेरिका के लिए नाकारात्मक और विभाजनात्मक विचारों को स्वीकार नहीं करना चाहिए. कल आप आशावादी, समग्र और उदार अमेरिका के लिए वोट कर सकते हैं. इस चुनाव में हमारे आधारभूत मूल्यों की परख होगी.’’ हिलेरी ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि मेरा प्रतिद्वंद्वी कौन है और सवाल क्या है? यह कि हम किस तरह का देश चाहते हैं और अपने बच्चों के लिए कैसा भविष्य बनाना चाहते हैं.’’ जुलाई में हुए डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में प्रभावशाली भाषण देकर खान अमेरिकी जनता खासकर अल्पसंख्यक समुदाय का समर्थन बटोरने का जरिया बन गए थे. भाषण में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और मूल्यों को चुनौती दी थी. हिलेरी ने कहा, ‘‘कन्वेंशन में मैंने खान को सुना था. कल रात मैंने उनका भाषण फिर सुना और इसने मेरे दिल को छुआ क्योंकि उन्होंने जो कहा उसमें हमारे देश के प्रति प्रेम झलक रहा था.’’ हिलेरी के मुताबिक खान ने अपने आप से पूछा, ‘‘डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में मेरे बेटे के लिए क्या कोई जगह होगी? महान राष्ट्र के विचार को हम सिकोड़ना नहीं चाहते बल्कि इसका विस्तार करना चाहते हैं.’’ हिलेरी ने कहा कि वह सभी अमेरिकियों की राष्ट्रपति होंगी चाहे वह डेमोक्रेट हो, रिपब्लिकन हो या निर्दलीय हो.टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने आधी से ज्यादा आबादी का अपमान किया है. हिलेरी ने कहा, ‘‘चुनाव के परिणाम को स्वीकार करेंगे या नहीं इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार करके उन्होंने हमारे लोकतंत्र पर हमला किया है. हम उन्हें बता देंगे कि चुनाव के परिणाम को लेकर कोई संदेह नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इराक में आतंकी हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिक के पाकिस्तानी अमेरिकी मूल के पिता खिज्र खान की कहानी बताते हुए हिलेरी ने कहा, ‘‘हमें अमेरिका के लिए नाकारात्मक और विभाजनात्मक विचारों को स्वीकार नहीं करना चाहिए. कल आप आशावादी, समग्र और उदार अमेरिका के लिए वोट कर सकते हैं. इस चुनाव में हमारे आधारभूत मूल्यों की परख होगी.’’ हिलेरी ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि मेरा प्रतिद्वंद्वी कौन है और सवाल क्या है? यह कि हम किस तरह का देश चाहते हैं और अपने बच्चों के लिए कैसा भविष्य बनाना चाहते हैं.’’ जुलाई में हुए डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में प्रभावशाली भाषण देकर खान अमेरिकी जनता खासकर अल्पसंख्यक समुदाय का समर्थन बटोरने का जरिया बन गए थे. भाषण में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और मूल्यों को चुनौती दी थी. हिलेरी ने कहा, ‘‘कन्वेंशन में मैंने खान को सुना था. कल रात मैंने उनका भाषण फिर सुना और इसने मेरे दिल को छुआ क्योंकि उन्होंने जो कहा उसमें हमारे देश के प्रति प्रेम झलक रहा था.’’ हिलेरी के मुताबिक खान ने अपने आप से पूछा, ‘‘डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में मेरे बेटे के लिए क्या कोई जगह होगी? महान राष्ट्र के विचार को हम सिकोड़ना नहीं चाहते बल्कि इसका विस्तार करना चाहते हैं.’’ हिलेरी ने कहा कि वह सभी अमेरिकियों की राष्ट्रपति होंगी चाहे वह डेमोक्रेट हो, रिपब्लिकन हो या निर्दलीय हो.टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने आधी से ज्यादा आबादी का अपमान किया है. हिलेरी ने कहा, ‘‘चुनाव के परिणाम को स्वीकार करेंगे या नहीं इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार करके उन्होंने हमारे लोकतंत्र पर हमला किया है. हम उन्हें बता देंगे कि चुनाव के परिणाम को लेकर कोई संदेह नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिलेरी ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि मेरा प्रतिद्वंद्वी कौन है और सवाल क्या है? यह कि हम किस तरह का देश चाहते हैं और अपने बच्चों के लिए कैसा भविष्य बनाना चाहते हैं.’’ जुलाई में हुए डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में प्रभावशाली भाषण देकर खान अमेरिकी जनता खासकर अल्पसंख्यक समुदाय का समर्थन बटोरने का जरिया बन गए थे. भाषण में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और मूल्यों को चुनौती दी थी. हिलेरी ने कहा, ‘‘कन्वेंशन में मैंने खान को सुना था. कल रात मैंने उनका भाषण फिर सुना और इसने मेरे दिल को छुआ क्योंकि उन्होंने जो कहा उसमें हमारे देश के प्रति प्रेम झलक रहा था.’’ हिलेरी के मुताबिक खान ने अपने आप से पूछा, ‘‘डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में मेरे बेटे के लिए क्या कोई जगह होगी? महान राष्ट्र के विचार को हम सिकोड़ना नहीं चाहते बल्कि इसका विस्तार करना चाहते हैं.’’ हिलेरी ने कहा कि वह सभी अमेरिकियों की राष्ट्रपति होंगी चाहे वह डेमोक्रेट हो, रिपब्लिकन हो या निर्दलीय हो.टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने आधी से ज्यादा आबादी का अपमान किया है. हिलेरी ने कहा, ‘‘चुनाव के परिणाम को स्वीकार करेंगे या नहीं इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार करके उन्होंने हमारे लोकतंत्र पर हमला किया है. हम उन्हें बता देंगे कि चुनाव के परिणाम को लेकर कोई संदेह नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिलेरी ने कहा, ‘‘कन्वेंशन में मैंने खान को सुना था. कल रात मैंने उनका भाषण फिर सुना और इसने मेरे दिल को छुआ क्योंकि उन्होंने जो कहा उसमें हमारे देश के प्रति प्रेम झलक रहा था.’’ हिलेरी के मुताबिक खान ने अपने आप से पूछा, ‘‘डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में मेरे बेटे के लिए क्या कोई जगह होगी? महान राष्ट्र के विचार को हम सिकोड़ना नहीं चाहते बल्कि इसका विस्तार करना चाहते हैं.’’ हिलेरी ने कहा कि वह सभी अमेरिकियों की राष्ट्रपति होंगी चाहे वह डेमोक्रेट हो, रिपब्लिकन हो या निर्दलीय हो.टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने आधी से ज्यादा आबादी का अपमान किया है. हिलेरी ने कहा, ‘‘चुनाव के परिणाम को स्वीकार करेंगे या नहीं इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार करके उन्होंने हमारे लोकतंत्र पर हमला किया है. हम उन्हें बता देंगे कि चुनाव के परिणाम को लेकर कोई संदेह नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने आधी से ज्यादा आबादी का अपमान किया है. हिलेरी ने कहा, ‘‘चुनाव के परिणाम को स्वीकार करेंगे या नहीं इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार करके उन्होंने हमारे लोकतंत्र पर हमला किया है. हम उन्हें बता देंगे कि चुनाव के परिणाम को लेकर कोई संदेह नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कहा, इस चुनाव में देश के महत्वपूर्ण मूल्य दांव पर लगे नाकारात्मक और विभाजनात्मक विचारों को स्वीकार न करें ट्रंप पर आधी से ज्यादा आबादी का अपमान करने का आरोप
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री नारायणसामी के किरण बेदी पर बेटी के दाखिले को लेकर की गई गड़बड़ी के आरोप के बाद किरण बेदी ने कहा कि वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गईं थीं जहां उनके पक्ष में फैसला हुआ था। बेदी ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले पर अपनी किताब में विस्तार से चर्चा की है। उनका कहना है कि यदि सरकार को कोई संदेह हो तो वह जांच कराएं।टिप्पणियां बता दें कि पीएमओ में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने किरण बेदी पर जवाबी हमला किया था। एक बयान में उन्होंने कहा कि किरण बेदी को निजी हमले नहीं करने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि किरण बेदी के खिलाफ भी कई आरोप लगते रहे हैं। नारायणसामी ने आगे कहा कि मिजोरम की आईजी रहते हुए किरण बेदी ने अपनी बेटी का मेडिकल कॉलेज में जिस तरह दाखिला कराया था उस पर कई सवाल उठे थे। सामी ने कहा कि किरण बेदी को दूसरों पर आरोप लगाते हुए सावधान रहना चाहिए। किरण बेदी ने प्रधानमंत्री की तुलना धृतराष्ट्र से की थी। बेदी ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले पर अपनी किताब में विस्तार से चर्चा की है। उनका कहना है कि यदि सरकार को कोई संदेह हो तो वह जांच कराएं।टिप्पणियां बता दें कि पीएमओ में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने किरण बेदी पर जवाबी हमला किया था। एक बयान में उन्होंने कहा कि किरण बेदी को निजी हमले नहीं करने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि किरण बेदी के खिलाफ भी कई आरोप लगते रहे हैं। नारायणसामी ने आगे कहा कि मिजोरम की आईजी रहते हुए किरण बेदी ने अपनी बेटी का मेडिकल कॉलेज में जिस तरह दाखिला कराया था उस पर कई सवाल उठे थे। सामी ने कहा कि किरण बेदी को दूसरों पर आरोप लगाते हुए सावधान रहना चाहिए। किरण बेदी ने प्रधानमंत्री की तुलना धृतराष्ट्र से की थी। बता दें कि पीएमओ में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने किरण बेदी पर जवाबी हमला किया था। एक बयान में उन्होंने कहा कि किरण बेदी को निजी हमले नहीं करने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि किरण बेदी के खिलाफ भी कई आरोप लगते रहे हैं। नारायणसामी ने आगे कहा कि मिजोरम की आईजी रहते हुए किरण बेदी ने अपनी बेटी का मेडिकल कॉलेज में जिस तरह दाखिला कराया था उस पर कई सवाल उठे थे। सामी ने कहा कि किरण बेदी को दूसरों पर आरोप लगाते हुए सावधान रहना चाहिए। किरण बेदी ने प्रधानमंत्री की तुलना धृतराष्ट्र से की थी। नारायणसामी ने आगे कहा कि मिजोरम की आईजी रहते हुए किरण बेदी ने अपनी बेटी का मेडिकल कॉलेज में जिस तरह दाखिला कराया था उस पर कई सवाल उठे थे। सामी ने कहा कि किरण बेदी को दूसरों पर आरोप लगाते हुए सावधान रहना चाहिए। किरण बेदी ने प्रधानमंत्री की तुलना धृतराष्ट्र से की थी।
केंद्रीय मंत्री नारायणसामी के किरण बेदी पर बेटी के दाखिले को लेकर की गई गड़बड़ी के आरोप के बाद किरण बेदी ने कहा कि वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गईं थीं जहां उनके पक्ष में फैसला हुआ था।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को पंजाब की रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया, जिसमें मध्य क्रम के आक्रामक बल्लेबाज युवराज सिंह को भी शामिल किया गया है। राज्य की सीनियर चयन समिति ने मोहाली के पीसीए स्टेडियम में बैठक की और आगामी घरेलू सत्र के लिए 15 सदस्यीय टीम का चयन किया। किंग्स इलेवन पंजाब के सलामी बल्लेबाज मनदीप सिंह को उप-कप्तान बनाया गया है। उन्होंने आईपीएल पांच में अपनी बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया था। टीम के अन्य सदस्य करण गोयल, जीवनजोत सिंह, उदय कौल, मयंत सिदाना, अमितोज सिंह, राहुल शर्मा, सिद्धार्थ कौल, मनप्रीत गोनी, संदीप शर्मा, गुरकीरत मान, बिपुल शर्मा और राजविंदर गोलू हैं। टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों को 8 अक्तूबर को शिविर के लिए पहुंचने को कहा गया है। शिविर का आयोजन टीम के गेंदबाजी कोच हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में होगा। टिप्पणियां पीसीए के मानद सचिव एमपी पांडोव ने बताया कि शिविर के अलावा खिलाड़ी दो दिवसीय दो मैचों में भी हिस्सा लेंगे जिससे कि उनकी फिटनेस का आकलन किया जा सके। चयन समिति ने साथ ही तरुवर कोहली की अगुआई में अंडर-25 टीम की घोषणा भी की। टीम के अन्य सदस्य रवि इंदर सिंह, सिमरत बावा, गुरकीरत वालिया, हिमांशु चावला, गितांश खेड़ा, गुरिंदर सिंह, योगेश कुमार, राहुल सिंगला, बेअंत सिंह, दीपक बंसल, कमल पस्सी, अमित पराशर, प्रीत कमल और शरद लुंबा हैं। राज्य की सीनियर चयन समिति ने मोहाली के पीसीए स्टेडियम में बैठक की और आगामी घरेलू सत्र के लिए 15 सदस्यीय टीम का चयन किया। किंग्स इलेवन पंजाब के सलामी बल्लेबाज मनदीप सिंह को उप-कप्तान बनाया गया है। उन्होंने आईपीएल पांच में अपनी बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया था। टीम के अन्य सदस्य करण गोयल, जीवनजोत सिंह, उदय कौल, मयंत सिदाना, अमितोज सिंह, राहुल शर्मा, सिद्धार्थ कौल, मनप्रीत गोनी, संदीप शर्मा, गुरकीरत मान, बिपुल शर्मा और राजविंदर गोलू हैं। टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों को 8 अक्तूबर को शिविर के लिए पहुंचने को कहा गया है। शिविर का आयोजन टीम के गेंदबाजी कोच हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में होगा। टिप्पणियां पीसीए के मानद सचिव एमपी पांडोव ने बताया कि शिविर के अलावा खिलाड़ी दो दिवसीय दो मैचों में भी हिस्सा लेंगे जिससे कि उनकी फिटनेस का आकलन किया जा सके। चयन समिति ने साथ ही तरुवर कोहली की अगुआई में अंडर-25 टीम की घोषणा भी की। टीम के अन्य सदस्य रवि इंदर सिंह, सिमरत बावा, गुरकीरत वालिया, हिमांशु चावला, गितांश खेड़ा, गुरिंदर सिंह, योगेश कुमार, राहुल सिंगला, बेअंत सिंह, दीपक बंसल, कमल पस्सी, अमित पराशर, प्रीत कमल और शरद लुंबा हैं। किंग्स इलेवन पंजाब के सलामी बल्लेबाज मनदीप सिंह को उप-कप्तान बनाया गया है। उन्होंने आईपीएल पांच में अपनी बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया था। टीम के अन्य सदस्य करण गोयल, जीवनजोत सिंह, उदय कौल, मयंत सिदाना, अमितोज सिंह, राहुल शर्मा, सिद्धार्थ कौल, मनप्रीत गोनी, संदीप शर्मा, गुरकीरत मान, बिपुल शर्मा और राजविंदर गोलू हैं। टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों को 8 अक्तूबर को शिविर के लिए पहुंचने को कहा गया है। शिविर का आयोजन टीम के गेंदबाजी कोच हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में होगा। टिप्पणियां पीसीए के मानद सचिव एमपी पांडोव ने बताया कि शिविर के अलावा खिलाड़ी दो दिवसीय दो मैचों में भी हिस्सा लेंगे जिससे कि उनकी फिटनेस का आकलन किया जा सके। चयन समिति ने साथ ही तरुवर कोहली की अगुआई में अंडर-25 टीम की घोषणा भी की। टीम के अन्य सदस्य रवि इंदर सिंह, सिमरत बावा, गुरकीरत वालिया, हिमांशु चावला, गितांश खेड़ा, गुरिंदर सिंह, योगेश कुमार, राहुल सिंगला, बेअंत सिंह, दीपक बंसल, कमल पस्सी, अमित पराशर, प्रीत कमल और शरद लुंबा हैं। टीम के अन्य सदस्य करण गोयल, जीवनजोत सिंह, उदय कौल, मयंत सिदाना, अमितोज सिंह, राहुल शर्मा, सिद्धार्थ कौल, मनप्रीत गोनी, संदीप शर्मा, गुरकीरत मान, बिपुल शर्मा और राजविंदर गोलू हैं। टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों को 8 अक्तूबर को शिविर के लिए पहुंचने को कहा गया है। शिविर का आयोजन टीम के गेंदबाजी कोच हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में होगा। टिप्पणियां पीसीए के मानद सचिव एमपी पांडोव ने बताया कि शिविर के अलावा खिलाड़ी दो दिवसीय दो मैचों में भी हिस्सा लेंगे जिससे कि उनकी फिटनेस का आकलन किया जा सके। चयन समिति ने साथ ही तरुवर कोहली की अगुआई में अंडर-25 टीम की घोषणा भी की। टीम के अन्य सदस्य रवि इंदर सिंह, सिमरत बावा, गुरकीरत वालिया, हिमांशु चावला, गितांश खेड़ा, गुरिंदर सिंह, योगेश कुमार, राहुल सिंगला, बेअंत सिंह, दीपक बंसल, कमल पस्सी, अमित पराशर, प्रीत कमल और शरद लुंबा हैं। टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों को 8 अक्तूबर को शिविर के लिए पहुंचने को कहा गया है। शिविर का आयोजन टीम के गेंदबाजी कोच हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में होगा। टिप्पणियां पीसीए के मानद सचिव एमपी पांडोव ने बताया कि शिविर के अलावा खिलाड़ी दो दिवसीय दो मैचों में भी हिस्सा लेंगे जिससे कि उनकी फिटनेस का आकलन किया जा सके। चयन समिति ने साथ ही तरुवर कोहली की अगुआई में अंडर-25 टीम की घोषणा भी की। टीम के अन्य सदस्य रवि इंदर सिंह, सिमरत बावा, गुरकीरत वालिया, हिमांशु चावला, गितांश खेड़ा, गुरिंदर सिंह, योगेश कुमार, राहुल सिंगला, बेअंत सिंह, दीपक बंसल, कमल पस्सी, अमित पराशर, प्रीत कमल और शरद लुंबा हैं। पीसीए के मानद सचिव एमपी पांडोव ने बताया कि शिविर के अलावा खिलाड़ी दो दिवसीय दो मैचों में भी हिस्सा लेंगे जिससे कि उनकी फिटनेस का आकलन किया जा सके। चयन समिति ने साथ ही तरुवर कोहली की अगुआई में अंडर-25 टीम की घोषणा भी की। टीम के अन्य सदस्य रवि इंदर सिंह, सिमरत बावा, गुरकीरत वालिया, हिमांशु चावला, गितांश खेड़ा, गुरिंदर सिंह, योगेश कुमार, राहुल सिंगला, बेअंत सिंह, दीपक बंसल, कमल पस्सी, अमित पराशर, प्रीत कमल और शरद लुंबा हैं। चयन समिति ने साथ ही तरुवर कोहली की अगुआई में अंडर-25 टीम की घोषणा भी की। टीम के अन्य सदस्य रवि इंदर सिंह, सिमरत बावा, गुरकीरत वालिया, हिमांशु चावला, गितांश खेड़ा, गुरिंदर सिंह, योगेश कुमार, राहुल सिंगला, बेअंत सिंह, दीपक बंसल, कमल पस्सी, अमित पराशर, प्रीत कमल और शरद लुंबा हैं।
यहाँ एक सारांश है:ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को पंजाब की रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया, जिसमें मध्य क्रम के आक्रामक बल्लेबाज युवराज सिंह को भी शामिल किया गया है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में लगभग 100 मुसाफिरों को ले जा रही एक बस के अचानक आई बाढ़ में बह जाने की ख़बर है।टिप्पणियां अब तक 12 मुसाफिरों को बचा लिए जाने की सूचना हासिल हुई है, जबकि कई यात्री लापता हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि वे बाढ़ में ही बह गए हो सकते हैं। हादसे के वक्त बस झारग्राम से दुर्गापुर जा रही थी, और भैरव बाकी नदी पर बनी पुलिया को पार कर रही थी, और तभी आई लहर में बह गई। अब तक 12 मुसाफिरों को बचा लिए जाने की सूचना हासिल हुई है, जबकि कई यात्री लापता हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि वे बाढ़ में ही बह गए हो सकते हैं। हादसे के वक्त बस झारग्राम से दुर्गापुर जा रही थी, और भैरव बाकी नदी पर बनी पुलिया को पार कर रही थी, और तभी आई लहर में बह गई। हादसे के वक्त बस झारग्राम से दुर्गापुर जा रही थी, और भैरव बाकी नदी पर बनी पुलिया को पार कर रही थी, और तभी आई लहर में बह गई।
संक्षिप्त पाठ: पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में लगभग 100 मुसाफिरों को ले जा रही एक बस के अचानक आई बाढ़ में बह जाने की ख़बर है।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Samsung Galaxy M40 की भारत में कीमत 20,000 रुपये के आसपास होगी। इसका खुलासा कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने किया। Galaxy M सीरीज़ का यह लेटेस्ट फोन कई लुभावने स्पेसिफिकेशन और फीचर्स के साथ आता है। खासियतों की बात करें तो दक्षिण कोरियाई कंपनी ने गैलेक्सी एम40 में स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर देने का फैसला किया है। बता दें कि Redmi Note 7 Pro में इसी क्वालकॉम चिपसेट का इस्तेमाल हुआ है। हाल ही में कंपनी ने टीज़र जारी करके बताया था कि Galaxy M40 को भारतीय मार्केट में 11 जून को उतारा जाएगा। सैमसंग इंडिया के मोबाइल बिज़नेस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट असीम वारसी ने गैजेट्स 360 को बताया कि गैलेक्सी एम40 में वो सारे फीचर होंगे जिनके कारण ग्राहकों को गैलेक्सी एम सीरीज़ को खासा पसंद किया है। उन्होंने कहा, "अगर आप M10, M20 और M30 पर गौर करें तो ये 8,000 रुपये से 18,000 रुपये के प्राइस रेंज में आते हैं। लेकिन Samsung Galaxy M40 की कीमत 20,000 रुपये से आसपास होगी।" देखा जाए तो कीमत को लेकर असीम वारसी का दावा न्यूज़ एजेंसी IANS की रिपोर्ट से बिल्कुल मेल नहीं खाता है जिसमें दाम 25,000 रुपये होने की बात की गई थी। 20,000 रुपये के प्राइस रेंज में आपको Realme 3 Pro, Redmi Note 7 Pro, Nokia 7.1 और Poco F1 जैसे हैंडसेट मिल जाएंगे। Samsung Galaxy M40 को भारतीय मार्केट में 11 जून को लॉन्च किया जाएगा। दक्षिण कोरियाई कंपनी Samsung ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और अमेज़न इंडिया पर टीज़र ज़ारी करके बताया है कि यह फोन इनफिनिटी ओ डिस्प्ले (आम तौर पर इसे होल-पंच डिस्प्ले के नाम से बुलाया जाता है), स्नैपड्रैगन 600 सीरीज़ के प्रोसेसर और ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा। असीम वारसी से गैजेट्स 360 से बातचीत में बताया कि इनफिनिटी ओ डिस्प्ले के अलावा सैमसंग गैलेक्सी एम40 के ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप का प्राइमरी सेंसर 32 मेगापिक्सल का होगा। यह स्मार्टफोन कंपनी का पहला मॉडल होगा जो स्क्रीन साउंड टेक्नोलॉजी के साथ आएगा। याद रहे कि Samsung ने नई गैलेक्सी एम सीरीज़ के Galaxy M10 और Galaxy M20 स्मार्टफोन को जनवरी महीने में भारतीय मार्केट में उतारा था। इसके बाद फरवरी महीने में तीन रियर कैमरे और 5,000 एमएएच बैटरी वाले Samsung Galaxy M30 को लॉन्च किया गया।
संक्षिप्त पाठ: Samsung Galaxy M40 को भारतीय मार्केट में 11 जून को लॉन्च किया जाएगा तीन रियर कैमरों से लैस होगा सैमसंग गैलेक्सी एम40 Galaxy M40 में होगा स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लीबिया के नेता मुअम्मार गद्दाफी के बेटे ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सुधार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया तो देश को एक रक्तरंजित गृह युद्ध का सामना करना होगा। समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार गद्दाफी के शासन के खिलाफ बढ़ रहे विरोध के बीच सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी ने टेलीविजन पर एक सम्बोधन में कहा कि उनके पिता सेना के समर्थन से सत्ता में बने हुए हैं और "अंतिम पुरुष, अंतिम महिला और अंतिम गोली के रहने तक लड़ेंगे।" खबर है कि सोमवार को विरोध प्रदर्शन की लपट क्षेत्रीय कस्बों एवं शहरों से होते हुए राजधानी त्रिपोली तक पहुंच गई और जिस समय सैफ गद्दाफी का लम्बा भाषण प्रसारित हो रहा था, उस समय गोलियों की आवाज गूंज रही थी। अमेरिका स्थित संगठन, ह्यूमन राईट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) के अनुसार, गद्दाफी की तानाशाही के खिलाफ 15 फरवरी से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 233 लोग मारे जा चुके हैं। ज्ञात हो कि ट्यूनीशिया व मिस्र में हुई सफल क्रांतियों से उत्साहित हजारों लीबियाई नागरिक गद्दाफी से गद्दी छोड़ने की मांग कर रहे हैं। गद्दाफी पिछले 41 वर्ष से सत्ता पर काबिज हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शन बहरीन, यमन, अल्जीरिया एवं जोर्डन में भी हो रहे हैं। एचआरडब्ल्यू ने अन्य देशों की सरकारों से आग्रह किया है कि उन्हें लीबिया से कहना चाहिए कि वह प्रदर्शनकारियों की अवैध हत्याएं बंद करे। सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी ने कहा कि मरने वालों की संख्या 233 से कम है और इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता के 41 वर्षों के शासन के खिलाफ विद्रोह की निंदा की और इसे एक विदेशी साजिश बताया। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई भूल थी और उन्होंने एक नए लीबिया के निर्माण का नागरिकों से आग्रह किया। अरबी टीवी चैनल अल-अरबिया ने बेटे गद्दाफी के हवाले से कहा, "लीबिया एक चौराहे पर खड़ा है। यदि हम आज सुधारों पर राजी नहीं होते, तो हमें केवल 84 लोगों पर ही शोक नहीं पकट करना होगा, बल्कि हजारों लोगों की मौतों पर आंसू बहाना होगा, और लीबिया में खून की नदियां बहेंगी।" दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, सैकड़ों की संख्या में लीबियाई नागरिकों ने रविवार देर रात त्रिपोली में एक दक्षिण कोरियाई निर्माण स्थल पर हमला बोल दिया। हमला बोलने वालों में कुछ के पास चाकू और बंदूके थीं। इसके परिणामस्वरूप वहां टकराव शुरू हो गया और कम से कम चार विदेशी नागरिक घायल हो गए। अधिकारी ने कहा कि तीन दक्षिण कोरियाई श्रमिक घायल हुए हैं, उनमें से एक को चाकू घोंपा गया है। इसके अलावा एक या दो बांग्लादेशी श्रमिक घायल हुए हैं। खबर है कि लीबिया में सोमवार को भी सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं और सरकारी ईमारतों को आग के हवाले कर दिया गया है। इसके पहले की खबरों में कहा गया था कि गद्दाफी लीबिया छोड़ कर भाग गए हैं, जिसके कारण भीड़ त्रिपोली की सड़कों पर उतर कर जश्न मना रही है। लेकिन बेटे गद्दाफी ने टीवी पर कहा कि उनके पिता लीबिया में ही हैं और जंग का नेतृत्व कर रहे हैं। सैफ अल-इस्लाम ने कहा, "ट्यूनिशिया व मिस्र जैसा नहीं है लीबिया।" उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध प्रदर्शन देश को बांट सकता है और संकट की स्थिति पैदा कर सकता है। इसके पहले कई दिनों से त्रिपोली में गद्दाफी समर्थक रैलियों का वर्चस्व था। अभी तक सरकार विरोधी प्रदर्शन का केंद्र देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर बेनगाजी ही बना हुआ था। सरकारी समाचार एजेंसी जेएएनए के अनुसार पिछले कुछ दिनों के दौरान लीबिया में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों पर एक विदेशी नेटवर्क से सम्बंधित होने और देश को अस्थिर करने और लोगों की राष्ट्रीय एकता को तोड़ने का आरोप है। गिरफ्तार लोगों में ट्यूनीशिया, मिस्र, सूडान, तुर्की, फिलीस्तीन और सीरिया के नागरिक शामिल हैं। दूसरी ओर एक अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार तड़के कहा कि अमेरिका लीबिया में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के जवाब में सभी उचित कार्रवाइयों पर विचार कर रहा है। खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को नियमित रूप से लीबिया में तेजी के साथ बदलते घटनाक्रम की जानकारी दी जा रही है। अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन वरिष्ठ लीबियाई अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगेगा, क्योंकि अमेरिका चाहता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई बंद हो।
यह एक सारांश है: गद्दाफी के बेटे ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों ने सुधार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया तो देश को एक रक्तरंजित गृह युद्ध का सामना करना होगा।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार अपने बड़े चुनावी वादे को पूरा करने की ओर कदम बढ़ा रही है. दिल्ली सरकार ने पहले फेज में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है. सरकार ने इसके तहत सभी विधायकों से उनके क्षेत्र में दो-दो हजार सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए स्थानों की पहचान करने के लिए कहा गया है. इस बारे में 15 अगस्त तक पीडब्लूडी मंत्री सत्येंद्र जैन को सूचित करने के लिए कहा गया है. अक्टूबर महीने में इसके लिए ग्लोबल टेंडर होगा. जनवरी 2018 तक कैमरे लग जाने की उम्मीद जताई जा रही हैटिप्पणियां दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी. सरकार जिस कंपनी से सीसीटीवी कैमरे खरीदेगी और लगवाएगी वही इसकी देखरेख भी करेगी. साथ ही यह भी बताया गया है कि रेसीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) और मार्केट एसोसिएशन का जिम्मा होगा कि वह इसकी मॉनिटरिंग करें. दिल्ली सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में कुल 250 करोड़ रुपये में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगेंगे यानी एक सीसीटीवी करीब 16 हजार 667 रुपये का पड़ेगा. जबकि फरवरी 2015 में चुनाव के वक्त अरविंद केजरीवाल ने एक सीसीटीवी की लागत दो हजार रुपये होने का दावा किया था. यही नहीं हाल ही में दिल्ली सरकार डीटीसी और क्लस्टर बसों में 140 करोड़ रुपये की लागत से 6350 बसों में कुल 19050 सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रही है. इस हिसाब से एक सीसीटीवी कैमरे की कीमत करीब 73,491 रुपये बैठ रही है. सरकार ने इसके तहत सभी विधायकों से उनके क्षेत्र में दो-दो हजार सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए स्थानों की पहचान करने के लिए कहा गया है. इस बारे में 15 अगस्त तक पीडब्लूडी मंत्री सत्येंद्र जैन को सूचित करने के लिए कहा गया है. अक्टूबर महीने में इसके लिए ग्लोबल टेंडर होगा. जनवरी 2018 तक कैमरे लग जाने की उम्मीद जताई जा रही हैटिप्पणियां दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी. सरकार जिस कंपनी से सीसीटीवी कैमरे खरीदेगी और लगवाएगी वही इसकी देखरेख भी करेगी. साथ ही यह भी बताया गया है कि रेसीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) और मार्केट एसोसिएशन का जिम्मा होगा कि वह इसकी मॉनिटरिंग करें. दिल्ली सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में कुल 250 करोड़ रुपये में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगेंगे यानी एक सीसीटीवी करीब 16 हजार 667 रुपये का पड़ेगा. जबकि फरवरी 2015 में चुनाव के वक्त अरविंद केजरीवाल ने एक सीसीटीवी की लागत दो हजार रुपये होने का दावा किया था. यही नहीं हाल ही में दिल्ली सरकार डीटीसी और क्लस्टर बसों में 140 करोड़ रुपये की लागत से 6350 बसों में कुल 19050 सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रही है. इस हिसाब से एक सीसीटीवी कैमरे की कीमत करीब 73,491 रुपये बैठ रही है. दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी. सरकार जिस कंपनी से सीसीटीवी कैमरे खरीदेगी और लगवाएगी वही इसकी देखरेख भी करेगी. साथ ही यह भी बताया गया है कि रेसीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) और मार्केट एसोसिएशन का जिम्मा होगा कि वह इसकी मॉनिटरिंग करें. दिल्ली सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में कुल 250 करोड़ रुपये में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगेंगे यानी एक सीसीटीवी करीब 16 हजार 667 रुपये का पड़ेगा. जबकि फरवरी 2015 में चुनाव के वक्त अरविंद केजरीवाल ने एक सीसीटीवी की लागत दो हजार रुपये होने का दावा किया था. यही नहीं हाल ही में दिल्ली सरकार डीटीसी और क्लस्टर बसों में 140 करोड़ रुपये की लागत से 6350 बसों में कुल 19050 सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रही है. इस हिसाब से एक सीसीटीवी कैमरे की कीमत करीब 73,491 रुपये बैठ रही है. दिल्ली सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में कुल 250 करोड़ रुपये में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगेंगे यानी एक सीसीटीवी करीब 16 हजार 667 रुपये का पड़ेगा. जबकि फरवरी 2015 में चुनाव के वक्त अरविंद केजरीवाल ने एक सीसीटीवी की लागत दो हजार रुपये होने का दावा किया था. यही नहीं हाल ही में दिल्ली सरकार डीटीसी और क्लस्टर बसों में 140 करोड़ रुपये की लागत से 6350 बसों में कुल 19050 सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रही है. इस हिसाब से एक सीसीटीवी कैमरे की कीमत करीब 73,491 रुपये बैठ रही है.
संक्षिप्त पाठ: प्रत्येक सीसीटीवी कैमरा करीब 16 हजार 667 रुपये का पड़ेगा कैमरे लगाने वाली कंपनी पर ही होगी रखरखाव की जिम्मेदारी आवासीय कल्याण एसोसिएशन और मार्केट एसोसिएशन करेंगे मॉनिटरिंग
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अज्ञात चोरों ने बीती रात शहर के भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया के सूने मकान से 20-25 लाख रुपये नकद और 50 ग्राम सोने के जेवर चुरा लिए। घटना के वक्त विधायक परिवार सहित घर से बाहर इन्दौर गए हुए थे।   पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि चोरों ने सिंह के नई आबादी इलाके में स्थित घर की आलमारी से 20-25 लाख रुपये नकद और 50 ग्राम सोना चुरा लिया। पुलिस द्वारा मामले में जांच कर चोरों को जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।   विधायक सिसोदिया ने बताया कि वह और उनकी पत्नी निजी काम से इन्दौर गए थे। पीछे घर पर कोई नहीं था। बीती रात अज्ञात चोर उनकी आलमारी में रखे 20-25 लाख रुपये नकद तथा 50 ग्राम सोना चुरा ले गए।   उन्होंने अशंका जताई है कि चोर कोई जानकार ही होंगे, क्योंकि उन्होंने बड़ी सुविधापूर्वक चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोर पीछे के दरवाजे से नहीं घुसे जबकि पीछे की तरफ तीन दरवाजे हैं। उन्होंने बताया कि चोर ने सामने के दरवाजे को डुप्लीकेट चाबी से ही खोला होगा क्योंकि दरवाजों में कहीं कोई तोड़ फोड़ नहीं की गई है।   उन्होंने बताया कि कमरे में रखी 5 आलमारियों में से 4 आलमारियां चोरों ने नहीं खोलीं और एक आलमारी को चोरों ने डुप्लीकेट चाबी से खोल कर यह चोरी की है, जबकि दूसरी अलमारी में रखे 2-3 लाख रुपये के जेवर बच गए। विधायक ने आशंका जताई कि चोर कोई जानकार था इसलिए उसने बड़ी सावधानीपूर्वक चोरी की वारदात को अंजाम दिया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया के घर पर हुई चोरी सपरिवार इंदौर गए थे सिसोदिया किसी जानकार के वारदात करने का शक
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के मतगणना से पहले हुए एग्जिट पोल के नतीजों के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की है. उत्तर प्रदेश में बसपा और सपा एकसाथ बीजेपी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. एग्जिट पोल के कुछ सर्वे ऐसे भी आए हैं, जिसमें सपा-बसपा के गठजोड़ को बीजेपी की बराबरी या एक-दो सीटें ज्यादा होने का दावा कर रहे हैं. वहीं, एबीपी न्यूज-निलसन के आंकड़े तो चौंकाने वाले हैं. इस सर्वे ने एग्जिट पोल में सपा-बसपा को 56 सीटें और बीजेपी को 22 सीटें मिलने का दावा किया है. ऐसे में मायावती का मतगणना से दो दिन पहले अखिलेश यादव से मिलना कुछ नया संकेत देते हुए मिल रहा है. फिलहाल केन्द्र की अगली सरकार के गठन के मकसद से गठबंधन बनाने की कवायद में तेलुगुदेशम पार्टी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू भी शनिवार शाम सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती से मिले. राजधानी के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नायडू सीधे विक्रमादित्य मार्ग स्थित सपा कार्यालय के लिए रवाना हुए. सपा कार्यालय पहुंचने पर अखिलेश ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान बडी संख्या में सपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे. अखिलेश ने इस मुलाकात के बारे में ट्वीट किया था, ''सम्माननीय मुख्यमंत्री श्री एन चंद्रबाबू नायडू जी का लखनऊ में स्वागत कर प्रसन्नता हुई.'' सपा सूत्रों ने बताया कि भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों का मजबूत गठबंधन तैयार करने को लेकर दोनों नेताओं के बीच संभवत: चर्चा हुई है. अखिलेश से मुलाकात के बाद नायडू सीधे मायावती के माल एवेन्यू आवास के लिए रवाना हुए, जहां बसपा सुप्रीमो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों नेताओं ने एक दूसरे का अभिवादन किया. नायडू ने मायावती को आंध्रप्रदेश के आम भेंट किए. मुलाकात के दौरान बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे. नायडू ने नयी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, भाकपा नेता जी सुधाकर रेडडी और डी राजा, राकांपा प्रमुख शरद पवार और एलजेडी नेता शरद यादव से मुलाकात के बाद लखनऊ का रूख किया. नायडू तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी से कई दौर की बैठकें पहले ही कर चुके हैं. नायडू की तेदेपा पहले राजग में शामिल थी लेकिन कुछ ही महीने पहले वह गठबंधन से अलग हो गयी.
यह एक सारांश है: मायावती ने की अखिलेश से मुलाकात एग्जिट पोल के नतीजे के बाद मिले जानें क्या हैं इसके मायने
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने उत्तर कोरिया के साथ बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को ऑस्‍ट्रेलिया में कहा कि अमेरिकी विमानवाहक पोत कार्ल विन्सन आने वाले कुछ दिनों में जापान के समुद्र में पहुंच जाएगा. पेंस ने सिडनी में संवाददाताओं से कहा, ''हम उम्मीद करते हैं कि इस महीने के अंत से पहले कुछ दिनों में वे जापान के समुद्र में तैनात हो जाएंगे.'' उन्होंने कहा, ''उत्तर कोरिया को कोई गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए क्योंकि दुनिया के इस क्षेत्र में हमारे हितों एवं हमारे सहयोगियों की सुरक्षा के लिए अमेरिका के पास पर्याप्त संसाधन और जवान हैं.'' उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के बाद और उसके छठे परमाणु परीक्षण के लिए तैयार होने की आशंका के बाद से हाल के सप्ताहों में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव बढ़ गया है. अमेरिकी नौसेना ने आठ अप्रैल को कहा था कि उसने यूएसएस कार्ल विन्सन विमानवाहक पोत के नेतृत्व में नौसेना के एक लड़ाकू समूह को सिंगापुर के समुद्री क्षेत्र से होकर ''उत्तर की ओर रवाना'' किया है जो उत्तर कोरिया को रोकने के तौर पर एक ''दूरदर्शी कदम'' है. जहाजों के उत्तर कोरिया की ओर रवाना होने की अधिकारियों की टिप्पणी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ''हम जहाजों का एक बेड़ा भेज रहे हैं. यह बहुत शक्तिशाली है.'' पेंटागन प्रमुख जिम मैटिस ने कहा कि कार्ल विन्सन रास्ते में है. टिप्पणियां अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर सहयोगी देशों की चिंता को लेकर उन्हें आश्वस्त करने के लिए ऑस्ट्रेलिया से पहले दक्षिण कोरिया और जापान की भी यात्रा की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के बाद और उसके छठे परमाणु परीक्षण के लिए तैयार होने की आशंका के बाद से हाल के सप्ताहों में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव बढ़ गया है. अमेरिकी नौसेना ने आठ अप्रैल को कहा था कि उसने यूएसएस कार्ल विन्सन विमानवाहक पोत के नेतृत्व में नौसेना के एक लड़ाकू समूह को सिंगापुर के समुद्री क्षेत्र से होकर ''उत्तर की ओर रवाना'' किया है जो उत्तर कोरिया को रोकने के तौर पर एक ''दूरदर्शी कदम'' है. जहाजों के उत्तर कोरिया की ओर रवाना होने की अधिकारियों की टिप्पणी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ''हम जहाजों का एक बेड़ा भेज रहे हैं. यह बहुत शक्तिशाली है.'' पेंटागन प्रमुख जिम मैटिस ने कहा कि कार्ल विन्सन रास्ते में है. टिप्पणियां अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर सहयोगी देशों की चिंता को लेकर उन्हें आश्वस्त करने के लिए ऑस्ट्रेलिया से पहले दक्षिण कोरिया और जापान की भी यात्रा की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जहाजों के उत्तर कोरिया की ओर रवाना होने की अधिकारियों की टिप्पणी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ''हम जहाजों का एक बेड़ा भेज रहे हैं. यह बहुत शक्तिशाली है.'' पेंटागन प्रमुख जिम मैटिस ने कहा कि कार्ल विन्सन रास्ते में है. टिप्पणियां अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर सहयोगी देशों की चिंता को लेकर उन्हें आश्वस्त करने के लिए ऑस्ट्रेलिया से पहले दक्षिण कोरिया और जापान की भी यात्रा की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर सहयोगी देशों की चिंता को लेकर उन्हें आश्वस्त करने के लिए ऑस्ट्रेलिया से पहले दक्षिण कोरिया और जापान की भी यात्रा की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: यूएसएस कार्ल विन्‍सन जापान के समुद्र में पहुंचेगा पेंस ने उत्‍तर कोरिया को दी चेतावनी ट्रंप ने कहा-हम जहाजों का एक बेड़ा भेज रहे हैं
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की उत्तर प्रदेश के दलित समुदाय में ज्यादा से ज्यादा पहुंच सुनिश्चित करने एवं उन्हें कांग्रेस के पक्ष में लामबंद करने के लिए पार्टी ने 35 सदस्यीय ''टीम यूपी'' बनाई है. पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग की ओर बनाई गई इस टीम ने कुछ दिनों पहले ही प्रियंका और सिंधिया के समक्ष अपना ''ब्लूप्रिंट'' रखा और जल्द ही वह उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर उतरने जा रही है. वहीं, जम्मू़-कश्मीर से बड़ी खबर सामने आ रही है. भारतीय सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुबह से जारी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकवादियों को मार गिराया है. साथ ही भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुठभेड़ खत्म हो गई है और आतंकियों का शव बरामद कर लिया गया है. हालांकि अभी उनकी पहचान नहीं हो पाई है. दूसरी तरफ, सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी की भी खबरें हैं.  सीआरपीएफ के चार जवानों को चोट आई है. उधर, रक्षा मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी ने राफ़ेल पर सरकार के रुख़ को चुनौती दी है. दरअसल, द हिंदू अख़बार में छपे एक लेख में राफेल के सौदे (Rafale Deal) के लिए हो रही बातचीत में प्रधानमंत्री कार्यालय की दख़लअंदाज़ी पर रक्षा मंत्रालय के एेतराज़ों को उजागर किया गया था. इसके जवाब में सौदे के लिए प्रमुख वार्ताकार ने कहा था कि PMO दाम तय करने में शामिल नहीं था. वहीं, लोकसभा चुनाव सिर पर है. सियासी दल तैयारियों में जोरशोर से जुट गए हैं. उत्तर प्रदेश में 'बुआ-भतीजे' की जोड़ी ताल ठोंक रही है. पिछले दिनों हुए उत्तर प्रदेश के उप-चुनावों में केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी को पटखनी देने वाली सपा-बसपा (SP-BSP) में गठबंधन के बाद सीटों का बंटवारा भी हो चुका है, लेकिन अब चुनाव की दहलीज पर खड़ी बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा उठाया गया एक मुद्दा ही 'गले की हड्डी' बनता दिखाई दे रहा है. उधर, हैमिल्टन में तीसरे (3rd T20) एवं निर्णायक टी20 मुकाबले (#INDvNZ #INDvsNZ INDvsNZ 3rd T20) में स्लॉग ओवरों में दिनेश कार्तिक (नाबाद 33 रन, 16 गेंद, 4 छक्के) और क्रुणाल पंड्या (नाबाद 26 रन, 13 गेंद, 2 चौके, 2 छक्के) की बेहतरीन बल्लेबाजी और इन दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 28 गेंदों पर नाबाद 63 रन की साझेदारी भारत को जीत के मुहाने पर पहुंचाने के बावजूद उसे जीत से नहीं नवाज सके. टीम इंडिया इस मुकाबले में जीते से सिर्फ 5 रन दूर रह गई.     प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की उत्तर प्रदेश के दलित समुदाय में ज्यादा से ज्यादा पहुंच सुनिश्चित करने एवं उन्हें कांग्रेस के पक्ष में लामबंद करने के लिए पार्टी ने 35 सदस्यीय ''टीम यूपी'' बनाई है. पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग की ओर बनाई गई इस टीम ने कुछ दिनों पहले ही प्रियंका और सिंधिया के समक्ष अपना ''ब्लूप्रिंट'' रखा और जल्द ही वह उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर उतरने जा रही है. कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नितिन राउत ने कहा कि टीम यूपी मुख्य रूप से उन सीटों पर ध्यान देगी जहां दलित मतदाताओं की संख्या 20 फीसदी या इससे अधिक है.उन्होंने कहा, ''पिछले दिनों हमने प्रियंका गांधी और सिंधिया दोनों को ब्लूप्रिंट सौंप दिया. हम जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू कर देंगे.'' प्लान से ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस अपने कोर वोट बैंक को फिर से वापस पाने की कोशिश करेगी जो कभी इंदिरा गांधी के समय कांग्रेस के साथ था लेकिन अब इस पर मायावती का कब्जा है. अगर कांग्रेस का इस प्लान में कामयाबी पाती है तो निश्चित तौर पर बीएसपी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.   जम्मू़-कश्मीर से बड़ी खबर सामने आ रही है. भारतीय सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुबह से जारी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकवादियों को मार गिराया है. साथ ही भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुठभेड़ खत्म हो गई है और आतंकियों का शव बरामद कर लिया गया है. हालांकि अभी उनकी पहचान नहीं हो पाई है. दूसरी तरफ, सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी की भी खबरें हैं.  सीआरपीएफ के चार जवानों को चोट आई है. उनका इलाज जारी है. सुरक्षाबल इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं. आपको बता दें कि 1 फरवरी को भी जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में ही सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो अज्ञात आतंकवादी मारे गये थे.एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने पुलवामा में घेराबंदी की और तलाश अभियान चलाया. उन्होंने बताया कि इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई थी. इसके अलावा, पुलवामा जिले में ही 6 फरवरी को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुए मुठभेड़ में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक स्वयंभू जिला कमांडर मारा गया था. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि पुलवामा जिले के चकोरा इलाके में सेना और पुलिस के एक संयुक्त गश्ती दल पर आतंकवादियों की गोलीबारी के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. प्रवक्ता ने बताया, 'इसके बाद, मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया. मारे गए आतंकवादी की पहचान एक स्थानीय निवासी इरफान अहमद शेख के रूप में की गई है.'   रक्षा मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी ने राफ़ेल पर सरकार के रुख़ को चुनौती दी है. दरअसल, द हिंदू अख़बार में छपे एक लेख में राफेल के सौदे (Rafale Deal) के लिए हो रही बातचीत में प्रधानमंत्री कार्यालय की दख़लअंदाज़ी पर रक्षा मंत्रालय के एेतराज़ों को उजागर किया गया था. इसके जवाब में सौदे के लिए प्रमुख वार्ताकार ने कहा था कि PMO दाम तय करने में शामिल नहीं था, बस संप्रभुता गारंटी के मामले में शामिल था, लेकिन NDTV के श्रीनिवासन जैन से ख़ास बातचीत में राफ़ेल सौदे के समय रक्षा मंत्रालय के वित्तीय सलाहकार सुधांशु मोहंती का कहना है कि रक्षा सौदों की बातचीत में किसी तरह की दख़लअंदाज़ी नियमों के ख़िलाफ़ है. आपको बता दें कि राफेल डील पर द हिंदू की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला फिर गरमा गया है और कांग्रेस को इस मामले में सत्तारूढ़ बीजेपी को घेरने का एक और मौका मिल गया है.कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने द हिंदू की रिपोर्ट से साफ है कि हमारी बात सच साबित हुई. पीएम मोदी खुद इस मामले में बात कर रहे थे और वे घोटाले में शामिल हैं. राहुल गांधी ने कहा कि इस खबर ने प्रधानमंत्री की पोल खोल दी. उन्होंने कहा कि भले ही आप रॉबर्ट वाड्रा और चिदंबरम की जांच कीजिए, मगर राफेल पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ, राफेल के मुद्दे पर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में जवाब दिया और कांग्रेस पर पलटवार किया. द हिंदू की खबर को सिरे से खारिज करते हुए लोकसभा में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विपक्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निहित स्वार्थ से जुड़़े तत्वों के हाथों में खेल रहा है और उसका प्रयास गड़े मुर्दे उखाड़ने जैसा है. उन्होंने पीएमओ के हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए सीतारमण ने कहा कि पीएमओ की ओर से विषयों के बारे में समय-समय पर जानकारी लेना हस्तक्षेप नहीं कहा जा सकता है.   लोकसभा चुनाव सिर पर है. सियासी दल तैयारियों में जोरशोर से जुट गए हैं. उत्तर प्रदेश में 'बुआ-भतीजे' की जोड़ी ताल ठोंक रही है. पिछले दिनों हुए उत्तर प्रदेश के उप-चुनावों में केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी को पटखनी देने वाली सपा-बसपा (SP-BSP) में गठबंधन के बाद सीटों का बंटवारा भी हो चुका है, लेकिन अब चुनाव की दहलीज पर खड़ी बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा उठाया गया एक मुद्दा ही 'गले की हड्डी' बनता दिखाई दे रहा है. यह मामला मायावती (Mayawati) के मुख्यमंत्री रहते बने पार्को और स्मारकों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है और एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में सुुप्रीम कोर्ट ने इन पार्कों व स्मारकों में लगी मायावती और बसपा के चुनाव चिन्ह हाथी की प्रतिमाओं को लेकर गंभीर टिप्पणी की और कहा कि इन मूर्तियों पर खर्च हुई धनराशि को मायावती (BSP Chief Mayawati) को सरकारी खजाने में जमा करना चाहिए. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में एक ही कश्ती पर सवार सपा मुखिया अखिलेश यादव खुद बसपा के कार्यकाल में बनी इन प्रतिमाओं को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. उत्तर प्रदेश की गद्दी संभालने के बाद अखिलेश यादव ने ही मायावती (Mayawati) के कार्यकाल में बने पार्कों और स्मारकों की लोकायुक्त से जांच का आदेश दिया था. लोकायुक्त की जांच में लखनऊ और नोएडा में बने पार्कों और स्मारकों में 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले का अनुमान लगाया गया था. यही नहीं, लोकायुक्त की सिफारिश पर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की सरकार ने पूर्ववर्ती मायावती सरकार के दो मंत्रियों नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबूसिंह कुशवाहा समेत 19 लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा भी दर्ज करवाया था. अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद एक बार फिर यह मामला गरमा गया है.  हैमिल्टन में तीसरे (3rd T20) एवं निर्णायक टी20 मुकाबले (#INDvNZ #INDvsNZ INDvsNZ 3rd T20) में स्लॉग ओवरों में दिनेश कार्तिक (नाबाद 33 रन, 16 गेंद, 4 छक्के) और क्रुणाल पंड्या (नाबाद 26 रन, 13 गेंद, 2 चौके, 2 छक्के) की बेहतरीन बल्लेबाजी और इन दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 28 गेंदों पर नाबाद 63 रन की साझेदारी भारत को जीत के मुहाने पर पहुंचाने के बावजूद उसे जीत से नहीं नवाज सके. टीम इंडिया इस मुकाबले में जीते से सिर्फ 5 रन दूर रह गई. और चार रन से हार के साथ ही न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की इस सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया. भारत से बैटिंग का न्योता मिलने के बाद न्यूजीलैंड ने कोटे के 20 ओवरों में 4 विकेट पर 212 रन बनाए. उसके लिए कोलिम मुनरो (72 रन, 40 गेंद, 5 चौके, 5 छक्के) ने आतिशी बल्लेबाजी की. उनके अलावा दूसरे ओपनर टिम सेईफर्ट (43 रन, 25 गेंद, 3 छक्के, 3 चौके)  और ग्रैंडहोम (30 रन, 16 गेंद 3 चौके, 1 छक्का) ने उपयोगी पाारियां खेलीं. भारत के लिए कुलदीप यादव ने तीन विकेट लिए. जवाब में 213 रन के बहुत ही मजबूत टारेगट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने खराब शुरुआत के बावजूद खुद को होड़ में बनाए रखा, लेकिन एक अच्छी कोशिश के बावजूद मेहमान टीम 20 ओवरों में 6 विकेट पर 208 रन ही बना सकी. सैंटनर और डारेल मिशेल ने दो-दो विकेट लिए. कोलिन मुनरो को मैन ऑफ द मैच और टिम सेईफर्ट को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया.
सारांश: यूपी में प्रियंका गांधी के जाने से बदल सकता है समीकरण न्यूजीलैंड ने जीती टी20 सीरीज राफेल डील को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विस्कॉन्सिन के ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में गोलीबारी की घटना में छह श्रद्धालुओं की मौत के 10 माह बाद फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (एफबीआई) सिखों, हिन्दुओं तथा अरब समुदाय के लोगों के खिलाफ नस्लीय हिंसा की औपचारिक जांच करेगी। यह निर्णय बुधवार को वर्जीनिया के पोर्ट्समाउथ में एफबीआई के परामर्श बोर्ड की बैठक में लिया गया। सिख, हिन्दू और अरब समुदाय के लोगों ने एफबीआई के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज करने में कमी आएगी और प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न समुदाय के लोगों के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विश्वासों को लेकर जागरूक होंगे।टिप्पणियां लॉ एंड पॉलिसी फॉर सिख कोलिशन के निदेशक राजदीप सिंह ने कहा, इस निर्णय से नस्लीय हिंसा जैसी घटनाओं के निदान एवं इन्हें रोकने में मदद मिलेगी, प्रशासनिक कर्मचारियों में सिखों को लेकर जागरूकता आएगी और सिख अपने साथ होने वाली ऐसी घटनाओं की शिकायत स्थानीय, राज्य एवं संघीय प्रशासन से करने की हिम्मत जुटा पाएंगे। अप्रैल 2012 में एफबीआई को सिख-अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अपराध सहित नस्लीय हिंसा की घटनाओं की शिकायत से संबंधित प्रपत्र में बदलाव के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने वाले हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के डेमोक्रेट सदस्य जो क्राउले ने कहा, हालांकि यह एक बड़ा कदम है, लेकिन हमारा काम यहीं खत्म नहीं होगा। यह निर्णय बुधवार को वर्जीनिया के पोर्ट्समाउथ में एफबीआई के परामर्श बोर्ड की बैठक में लिया गया। सिख, हिन्दू और अरब समुदाय के लोगों ने एफबीआई के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज करने में कमी आएगी और प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न समुदाय के लोगों के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विश्वासों को लेकर जागरूक होंगे।टिप्पणियां लॉ एंड पॉलिसी फॉर सिख कोलिशन के निदेशक राजदीप सिंह ने कहा, इस निर्णय से नस्लीय हिंसा जैसी घटनाओं के निदान एवं इन्हें रोकने में मदद मिलेगी, प्रशासनिक कर्मचारियों में सिखों को लेकर जागरूकता आएगी और सिख अपने साथ होने वाली ऐसी घटनाओं की शिकायत स्थानीय, राज्य एवं संघीय प्रशासन से करने की हिम्मत जुटा पाएंगे। अप्रैल 2012 में एफबीआई को सिख-अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अपराध सहित नस्लीय हिंसा की घटनाओं की शिकायत से संबंधित प्रपत्र में बदलाव के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने वाले हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के डेमोक्रेट सदस्य जो क्राउले ने कहा, हालांकि यह एक बड़ा कदम है, लेकिन हमारा काम यहीं खत्म नहीं होगा। लॉ एंड पॉलिसी फॉर सिख कोलिशन के निदेशक राजदीप सिंह ने कहा, इस निर्णय से नस्लीय हिंसा जैसी घटनाओं के निदान एवं इन्हें रोकने में मदद मिलेगी, प्रशासनिक कर्मचारियों में सिखों को लेकर जागरूकता आएगी और सिख अपने साथ होने वाली ऐसी घटनाओं की शिकायत स्थानीय, राज्य एवं संघीय प्रशासन से करने की हिम्मत जुटा पाएंगे। अप्रैल 2012 में एफबीआई को सिख-अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अपराध सहित नस्लीय हिंसा की घटनाओं की शिकायत से संबंधित प्रपत्र में बदलाव के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने वाले हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के डेमोक्रेट सदस्य जो क्राउले ने कहा, हालांकि यह एक बड़ा कदम है, लेकिन हमारा काम यहीं खत्म नहीं होगा। अप्रैल 2012 में एफबीआई को सिख-अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अपराध सहित नस्लीय हिंसा की घटनाओं की शिकायत से संबंधित प्रपत्र में बदलाव के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने वाले हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के डेमोक्रेट सदस्य जो क्राउले ने कहा, हालांकि यह एक बड़ा कदम है, लेकिन हमारा काम यहीं खत्म नहीं होगा।
सारांश: विस्कॉन्सिन के ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में गोलीबारी की घटना में छह श्रद्धालुओं की मौत के 10 माह बाद एफबीआई सिखों, हिन्दुओं तथा अरब समुदाय के लोगों के खिलाफ नस्लीय हिंसा की औपचारिक जांच करेगी।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय लोकदल :रालोद: के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि केन्द्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग को लेकर चला जाट आंदोलन मायावती सरकार की तरफ से प्रायोजित था। सिंह ने शनिवार को कहा, जाट आंदोलन को मायावती सरकार ने प्रायोजित किया, उन्हें उकसाया और भड़काया। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय की आरक्षण की मांग तो जायज है। मगर अपनी मांग पर बल देने के लिए अपनाया गया आंदोलन का तरीका गलत था। रालोद अध्यक्ष ने कहा, लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है। चक्का जाम आंदोलन एक दिन के लिए किया जाता है ताकि संदेश आमजन और सरकार तक पहुंच जाये। मगर किसी को भी यह अधिकार नही है कि वह आम जनता के लिए समस्यायें खड़ी कर दे और सामान्य जनजीवन बाधित करे। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय को छह राज्यों में आरक्षण की सुविधा प्राप्त है और उसी तरह केन्द्रीय सेवाओं में भी आरक्षण की उनकी मांग जायज है। सिंह ने कहा, मगर जिस तरीके से जाट समुदाय ने एक रेलवे जंक्शन से होकर यातायात ही ठप्प कर दिया, वह तरीका गलत था। उन्होंने कहा कि जब जाट आंदोलन शुरु हुआ, उसी दिन बसपा सरकार के विरोध में समाजवादी पार्टी का आंदोलन शुरु हुआ था। सिंह ने कहा, हमने देखा कि समाजवादी पार्टी के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का कहर किस तरह टूटा। मगर जाटो को सरकार का संरक्षण प्राप्त था और उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई। जारी. सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय ने जैसे ही हस्तक्षेप किया और रेल मार्ग खाली कराने का आदेश जारी किया। कुछ घंटो में ही आंदोलन समाप्त हो गया और वह भी बिना किसी लाठीचार्ज के। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से आंदोलन चला और समाप्त हुआ, उससे साफ है कि यह मायावती सरकार का प्रायोजित आंदोलन था। सिंह ने केन्द्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया और उस पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया, केन्द्र सरकार ने पांच लाख टन चीनी के निर्यात की घोषणा की है। मगर यह घोषणा तब की गयी, जबकि पेराई सत्र समाप्त होने वाला है और गन्ने की मात्र पांच प्रतिशत फसल ही खेतों में बची है। ऐसी हालत में इस निर्यात से किसानों को कोई लाभ होने वाला नहीं है। यही घोषणा यदि पहले हो जाती तो किसानों को चीनी मिलों से कुछ बढ़ी हुई कीमत मिल सकती थी। रालोद मुखिया ने कहा, इसी तरह गेहूं के समर्थन मूल्य में केवल 20 रुपये की बढोत्तरी की गयी है। इस वर्ष गेहूं का जोरदार उत्पादन होने वाला है और यदि निर्यात नही किया गया तो यह सड़ जायेगा और इसका भी नुकसान अंतत: किसानों उठाना होगा। उन्होंने किसानो के लिए आमदनी गारण्टी योजना शुरु किये जाने की मांग की और कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में कृषि उत्पादन घटेगा।
सारांश: सिंह ने कहा, जाट आंदोलन को मायावती सरकार ने प्रायोजित किया, उन्हें उकसाया और भड़काया।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेता शाहिद कपूर ने गुजरे जमाने के अभिनेता राजकुमार की बेटी पर उनका पीछा करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, शाहिद की शिकायत पर राजकुमार की बेटी वास्तविकता पंडित (33) के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। शाहिद ने उन पर आरोप लगाया है कि वह बीते छह महीने से उन्हें परेशान कर रही है। शिकायत में शाहिद ने कहा कि अक्सर जब वह अपने घर से निकलते हैं तो वास्तविकता उनके रास्ते में आ जाती हैं और कहती हैं कि वह उनकी सबसे बड़ी प्रशंसक हैं। उनका आरोप यह भी है कि वास्तविकता उनके घर का दरवाजा भी खटखटाती हैं। पुलिस का कहना है कि वह वास्तविकता की तलाश कर रहे हैं और मिलने पर उन्हें चेतावनी दी जाएगी। शिकायत में शाहिद ने कहा कि अक्सर जब वह अपने घर से निकलते हैं तो वास्तविकता उनके रास्ते में आ जाती हैं और कहती हैं कि वह उनकी सबसे बड़ी प्रशंसक हैं। उनका आरोप यह भी है कि वास्तविकता उनके घर का दरवाजा भी खटखटाती हैं। पुलिस का कहना है कि वह वास्तविकता की तलाश कर रहे हैं और मिलने पर उन्हें चेतावनी दी जाएगी।
यह एक सारांश है: शाहिद कपूर ने गुजरे जमाने के अभिनेता राजकुमार की बेटी वास्तविकता पंडित पर उनका पीछा करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान ने हाल ही में बालाकोट को फिर सक्रिय कर दिया है और करीब 500 घुसपैठिए भारत में घुसने की फिराक में हैं. अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में उन्होंने मीडिया से कहा, ‘पाकिस्तान ने हाल ही में बालाकोट को फिर सक्रिय कर दिया है. इससे पता चलता है कि बालाकोट प्रभावित हुआ था. वह क्षतिग्रस्त और नष्ट हुआ था. इसलिए लोग वहां से चले गए थे और अब वह फिर से सक्रिय हो गया है.' उन्होंने कहा कि करीब 500 घुसपैठिए भारत में घुसने की फिराक में है. साथ ही जनरल रावत ने कहा, "आतंकवादियों की हमारे इलाके में घुसपैठ करवाने के लिए पाकिस्तान संघर्षविराम उल्लंघन करता है... हम जानते हैं कि संघर्षविराम उल्लंघन से कैसे निपटना है... हमारी फौज जानती है कि खुद को कैसे पोज़िशन करें, और कैसे कार्रवाई करें... हम सतर्क हैं, और सुनिश्चित करेंगे कि घुसपैठ की ज़्यादा से ज़्यादा कोशिशें नाकाम हों..." इसके अलावा उन्होंने कहा कि "कश्मीर घाटी में आतंकवादियों और पाकिस्तान में बैठे उनके हैंडलरों के बीच कम्युनिकेशन ब्रेकडाउन हुआ है, लेकिन लोगों से लोगों के बीच कोई कम्युनिकेशन ब्रेकडाउन नहीं हुआ है..." बता दें, फरवरी में पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों को निशाना बनाकर किए गए आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना ने बालाकोट स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
यह एक सारांश है: सेना प्रमुख का बड़ा बयान कहा- घुसपैठ की फिराक में आतंकी 'हम निपटना जानते हैं'
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पुणे के यरवदा में डॉन बॉस्को स्कूल की एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोपी स्कूल के उप प्राचार्य को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नाराज लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया।टिप्पणियां पुलिस के अनुसार उप प्राचार्य इजू फ्रांसिस फल्काउ (54) ने 14 वर्षीय बच्ची को दो जनवरी को दोपहर 1 बजे के आसपास अपने दफ्तर में बुलाया और कथित रूप से उसके साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने कहा कि शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 354 और 511 के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस के अनुसार उप प्राचार्य इजू फ्रांसिस फल्काउ (54) ने 14 वर्षीय बच्ची को दो जनवरी को दोपहर 1 बजे के आसपास अपने दफ्तर में बुलाया और कथित रूप से उसके साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने कहा कि शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 354 और 511 के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 354 और 511 के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
यहाँ एक सारांश है:पुणे के यरवदा में डॉन बॉस्को स्कूल की एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोपी स्कूल के उप प्राचार्य को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: वर्ल्ड कप 2019 (Cricket World Cup 2019) में एमएस धोनी (MS Dhoni) ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ विकेटकीपरिंग के दौरान दस्तानों पर सेना के चिन्ह (Army Insignia) को लगाया था. जिसके बाद काफी कंन्ट्रोवर्सी हुई, जिसके बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बीसीसीआई (BCCI) से अपील करते हुए कहा है कि विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) से उनके दस्तानों पर बने सेना के चिन्ह को हटाने को कहें. आईसीसी विश्व कप-2019 (ICC Cricket World Cup 2019) में भारत के पहले मैच में धोनी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विकेटकीपिंग दस्तानों पर भारतीय पैरा स्पेशल फोर्स का चिन्ह (Indian Para Forces Insignia) का इस्तेमाल करते देखा गया था. आईसीसी ने बीसीसीआई से कहा है कि वह धोनी के दस्तानों पर से यह चिन्ह हटवाए. पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी सरकार के संघीय मंत्री फवाद हुसैन ने धोनी के ग्लव्स पर किया कमेंट. इस कंट्रोवर्सी पर पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी सरकार के संघीय मंत्री फवाद हुसैन (Chaudhry Fawad Hussain) ने बयान दिया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा-  'धोनी इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने गए हैं महाभारत करने के लिए नहीं. भारतीय मीडिया में क्या बेहूदा डिबेट चल रहा है. भारतीय मीडिया का एक धड़ा युद्ध के प्रति इतना ज्यादा आसक्त हैं कि उन्हें सीरिया, अफगानिस्तान या रवांडा मर्सनेरी (किराए के सैनिक) बनाकर भेज देना चाहिए.' धोनी के दस्तानों पर 'बलिदान ब्रिगेड' का चिन्ह है. सिर्फ पैरामिल्रिटी कमांडो को ही यह चिन्ह धारण करने का अधिकार है. धोनी को 2011 में पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद उपाधी मिली थी. धोनी ने 2015 में पैरा ब्रिगेड की ट्रेनिंग भी ली है.  इस पर हालांकि सोशल मीडिया पर धोनी की काफी तारीफ हो रही है, लेकिन आईसीसी की सोच और नियम अलग हैं. आईसीसी के नियम के मुताबिक, 'आईसीसी के कपड़ों या अन्य चीजों पर अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीति, धर्म या नस्लभेदी जैसी चीजों का संदेश नहीं होना चाहिए.'
एमएस धोनी के ग्लव्स पर भड़के पाकिस्तान के मंत्री फवाद हुसैन. धोनी ने भारतीय पैरा स्पेशल फोर्स का चिन्ह का इस्तेमाल किया था. लिखा- 'धोनी इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने गए हैं महाभारत करने के लिए नहीं.'
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त बेलारूस की महिला टेनिस खिलाड़ी विक्टोरिया अजारेंका और स्विटजरलैंड के अनुभवी रोजर फेडरर वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन की एकल स्पर्धा के दूसरे दौर में प्रवेश कर गए हैं। रूस के निकोले डेवीडेंको को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। टूर्नामेंट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को खेले गए महिलाओं की एकल स्पर्धा के पहले दौर के मुकाबले में अजारेंका ने इटली की अल्बर्टा ब्रियांटी को 6-7(6-8), 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व की 16वीं वरीयता प्राप्त स्लोवाकिया की डोमिनिका सिबुल्कोवा ने फ्रांस की क्रिस्टीना म्लाडेनोविक को 6-2, 6-1 से पराजित किया जबकि टूर्नामेंट की 27वीं वरीयता प्राप्त रूस की नादिया पेत्रोवा ने चेके गणराज्य की इवेता बेनेसोवा को 6-3, 6-3 से शिकस्त दी। जर्मनी की मोना बाथ्रेल ने अमेरिका की लॉरा डेविस को 6-1, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। सात बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन और विश्व की पूर्व सर्वोच्च वरीयता प्राप्त अमेरिका की वीनस विलियम्स ने रविवार देर रात खेले गए पहले दौर के मुकाबले में अर्जेटीना की पाउला ओर माएचिया को 4-6, 6-1, 6-3 से पराजित किया। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि लम्बी बीमारी के बाद वीनस ने इस वर्ष मार्च में कोर्ट पर वापसी की थी। इस मैच के शुरुआत में वीनस संघर्ष करती हुई दिखीं लेकिन बाद में उन्होंने इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया। पुरुषों के एकल वर्ग में, 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रोजर फेडरर ने जर्मनी के टोबियास कामके को 6-2, 7-5, 6-2 से शिकस्त दी। इटली के आंद्रियास सेप्पी ने डेवीडेंको को 6-3, 7-6(7-5), 7-5 से हराया। टूर्नामेंट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को खेले गए महिलाओं की एकल स्पर्धा के पहले दौर के मुकाबले में अजारेंका ने इटली की अल्बर्टा ब्रियांटी को 6-7(6-8), 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व की 16वीं वरीयता प्राप्त स्लोवाकिया की डोमिनिका सिबुल्कोवा ने फ्रांस की क्रिस्टीना म्लाडेनोविक को 6-2, 6-1 से पराजित किया जबकि टूर्नामेंट की 27वीं वरीयता प्राप्त रूस की नादिया पेत्रोवा ने चेके गणराज्य की इवेता बेनेसोवा को 6-3, 6-3 से शिकस्त दी। जर्मनी की मोना बाथ्रेल ने अमेरिका की लॉरा डेविस को 6-1, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। सात बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन और विश्व की पूर्व सर्वोच्च वरीयता प्राप्त अमेरिका की वीनस विलियम्स ने रविवार देर रात खेले गए पहले दौर के मुकाबले में अर्जेटीना की पाउला ओर माएचिया को 4-6, 6-1, 6-3 से पराजित किया। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि लम्बी बीमारी के बाद वीनस ने इस वर्ष मार्च में कोर्ट पर वापसी की थी। इस मैच के शुरुआत में वीनस संघर्ष करती हुई दिखीं लेकिन बाद में उन्होंने इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया। पुरुषों के एकल वर्ग में, 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रोजर फेडरर ने जर्मनी के टोबियास कामके को 6-2, 7-5, 6-2 से शिकस्त दी। इटली के आंद्रियास सेप्पी ने डेवीडेंको को 6-3, 7-6(7-5), 7-5 से हराया। विश्व की 16वीं वरीयता प्राप्त स्लोवाकिया की डोमिनिका सिबुल्कोवा ने फ्रांस की क्रिस्टीना म्लाडेनोविक को 6-2, 6-1 से पराजित किया जबकि टूर्नामेंट की 27वीं वरीयता प्राप्त रूस की नादिया पेत्रोवा ने चेके गणराज्य की इवेता बेनेसोवा को 6-3, 6-3 से शिकस्त दी। जर्मनी की मोना बाथ्रेल ने अमेरिका की लॉरा डेविस को 6-1, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। सात बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन और विश्व की पूर्व सर्वोच्च वरीयता प्राप्त अमेरिका की वीनस विलियम्स ने रविवार देर रात खेले गए पहले दौर के मुकाबले में अर्जेटीना की पाउला ओर माएचिया को 4-6, 6-1, 6-3 से पराजित किया। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि लम्बी बीमारी के बाद वीनस ने इस वर्ष मार्च में कोर्ट पर वापसी की थी। इस मैच के शुरुआत में वीनस संघर्ष करती हुई दिखीं लेकिन बाद में उन्होंने इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया। पुरुषों के एकल वर्ग में, 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रोजर फेडरर ने जर्मनी के टोबियास कामके को 6-2, 7-5, 6-2 से शिकस्त दी। इटली के आंद्रियास सेप्पी ने डेवीडेंको को 6-3, 7-6(7-5), 7-5 से हराया। सात बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन और विश्व की पूर्व सर्वोच्च वरीयता प्राप्त अमेरिका की वीनस विलियम्स ने रविवार देर रात खेले गए पहले दौर के मुकाबले में अर्जेटीना की पाउला ओर माएचिया को 4-6, 6-1, 6-3 से पराजित किया। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि लम्बी बीमारी के बाद वीनस ने इस वर्ष मार्च में कोर्ट पर वापसी की थी। इस मैच के शुरुआत में वीनस संघर्ष करती हुई दिखीं लेकिन बाद में उन्होंने इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया। पुरुषों के एकल वर्ग में, 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रोजर फेडरर ने जर्मनी के टोबियास कामके को 6-2, 7-5, 6-2 से शिकस्त दी। इटली के आंद्रियास सेप्पी ने डेवीडेंको को 6-3, 7-6(7-5), 7-5 से हराया। उल्लेखनीय है कि लम्बी बीमारी के बाद वीनस ने इस वर्ष मार्च में कोर्ट पर वापसी की थी। इस मैच के शुरुआत में वीनस संघर्ष करती हुई दिखीं लेकिन बाद में उन्होंने इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया। पुरुषों के एकल वर्ग में, 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रोजर फेडरर ने जर्मनी के टोबियास कामके को 6-2, 7-5, 6-2 से शिकस्त दी। इटली के आंद्रियास सेप्पी ने डेवीडेंको को 6-3, 7-6(7-5), 7-5 से हराया। पुरुषों के एकल वर्ग में, 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रोजर फेडरर ने जर्मनी के टोबियास कामके को 6-2, 7-5, 6-2 से शिकस्त दी। इटली के आंद्रियास सेप्पी ने डेवीडेंको को 6-3, 7-6(7-5), 7-5 से हराया।
सारांश: विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त बेलारूस की महिला टेनिस खिलाड़ी विक्टोरिया अजारेंका और स्विटजरलैंड के अनुभवी रोजर फेडरर वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन की एकल स्पर्धा के दूसरे दौर में प्रवेश कर गए हैं। रूस के निकोले डेवीडेंको को पहले ही दौर में हार का
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ईरान ने मंगलवार को कहा कि सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का भारत द्वारा समर्थन करने पर वह दुखी नहीं है। उसने कहा कि नई दिल्ली को मौजूदा समय की वास्तविकताओं पर और गौर करने के साथ ही विश्व के अन्य लोकतांत्रिक देशों का भी समर्थन करना चाहिए। भारत में ईरान के राजदूत सैयद मेहदी नबीजादेह ने पत्रकारों से कहा, "हम दुखी नहीं हैं लेकिन भारत को वर्तमान समय की वास्तविकताओं पर और ध्यान देना चाहिए। भारत को अपने अनुभवों के साथ जाना चाहिए।" सीरिया पर अरब लीग के समर्थन वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के पक्ष में भारत द्वारा मतदान करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि भारत को दुनिया के अन्य लोकतांत्रिक देशों की मदद करनी चाहिए। " राजदूत ने हालांकि कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा लाए गए किसी भी प्रस्ताव को तेहरान में नकारात्मक रूप में देखा जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी विदेशी हस्तक्षेप सीरिया के हित में नहीं है। सीरिया की नेतृत्व वाली एक राजनीतिक सुलह प्रक्रिया पर जोर देते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रस्ताव में लोकतंत्र की तरफ लौटने, बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली कायम करने, शहरों से सेना एवं सशस्त्र बलों की वापसी और मनमाने तरीके से गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की गई है।टिप्पणियां ईरानी राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सुधारों पर उनका देश भारत के रुख का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि ईरान भी चाहता है कि परिषद लोगों की नुमाइंदगी करे, सरकारों की नहीं। राजदूत ने ईरान पर लगाए गए अमेरिकी एवं यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा तय की गई रूपरेखा के तहत काम करता आया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आईएईए के निरीक्षकों को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जांच करने की अनुमति दी। भारत में ईरान के राजदूत सैयद मेहदी नबीजादेह ने पत्रकारों से कहा, "हम दुखी नहीं हैं लेकिन भारत को वर्तमान समय की वास्तविकताओं पर और ध्यान देना चाहिए। भारत को अपने अनुभवों के साथ जाना चाहिए।" सीरिया पर अरब लीग के समर्थन वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के पक्ष में भारत द्वारा मतदान करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि भारत को दुनिया के अन्य लोकतांत्रिक देशों की मदद करनी चाहिए। " राजदूत ने हालांकि कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा लाए गए किसी भी प्रस्ताव को तेहरान में नकारात्मक रूप में देखा जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी विदेशी हस्तक्षेप सीरिया के हित में नहीं है। सीरिया की नेतृत्व वाली एक राजनीतिक सुलह प्रक्रिया पर जोर देते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रस्ताव में लोकतंत्र की तरफ लौटने, बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली कायम करने, शहरों से सेना एवं सशस्त्र बलों की वापसी और मनमाने तरीके से गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की गई है।टिप्पणियां ईरानी राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सुधारों पर उनका देश भारत के रुख का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि ईरान भी चाहता है कि परिषद लोगों की नुमाइंदगी करे, सरकारों की नहीं। राजदूत ने ईरान पर लगाए गए अमेरिकी एवं यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा तय की गई रूपरेखा के तहत काम करता आया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आईएईए के निरीक्षकों को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जांच करने की अनुमति दी। सीरिया पर अरब लीग के समर्थन वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के पक्ष में भारत द्वारा मतदान करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि भारत को दुनिया के अन्य लोकतांत्रिक देशों की मदद करनी चाहिए। " राजदूत ने हालांकि कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा लाए गए किसी भी प्रस्ताव को तेहरान में नकारात्मक रूप में देखा जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी विदेशी हस्तक्षेप सीरिया के हित में नहीं है। सीरिया की नेतृत्व वाली एक राजनीतिक सुलह प्रक्रिया पर जोर देते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रस्ताव में लोकतंत्र की तरफ लौटने, बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली कायम करने, शहरों से सेना एवं सशस्त्र बलों की वापसी और मनमाने तरीके से गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की गई है।टिप्पणियां ईरानी राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सुधारों पर उनका देश भारत के रुख का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि ईरान भी चाहता है कि परिषद लोगों की नुमाइंदगी करे, सरकारों की नहीं। राजदूत ने ईरान पर लगाए गए अमेरिकी एवं यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा तय की गई रूपरेखा के तहत काम करता आया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आईएईए के निरीक्षकों को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जांच करने की अनुमति दी। राजदूत ने हालांकि कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा लाए गए किसी भी प्रस्ताव को तेहरान में नकारात्मक रूप में देखा जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी विदेशी हस्तक्षेप सीरिया के हित में नहीं है। सीरिया की नेतृत्व वाली एक राजनीतिक सुलह प्रक्रिया पर जोर देते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रस्ताव में लोकतंत्र की तरफ लौटने, बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली कायम करने, शहरों से सेना एवं सशस्त्र बलों की वापसी और मनमाने तरीके से गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की गई है।टिप्पणियां ईरानी राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सुधारों पर उनका देश भारत के रुख का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि ईरान भी चाहता है कि परिषद लोगों की नुमाइंदगी करे, सरकारों की नहीं। राजदूत ने ईरान पर लगाए गए अमेरिकी एवं यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा तय की गई रूपरेखा के तहत काम करता आया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आईएईए के निरीक्षकों को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जांच करने की अनुमति दी। सीरिया की नेतृत्व वाली एक राजनीतिक सुलह प्रक्रिया पर जोर देते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रस्ताव में लोकतंत्र की तरफ लौटने, बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली कायम करने, शहरों से सेना एवं सशस्त्र बलों की वापसी और मनमाने तरीके से गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की गई है।टिप्पणियां ईरानी राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सुधारों पर उनका देश भारत के रुख का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि ईरान भी चाहता है कि परिषद लोगों की नुमाइंदगी करे, सरकारों की नहीं। राजदूत ने ईरान पर लगाए गए अमेरिकी एवं यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा तय की गई रूपरेखा के तहत काम करता आया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आईएईए के निरीक्षकों को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जांच करने की अनुमति दी। ईरानी राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सुधारों पर उनका देश भारत के रुख का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि ईरान भी चाहता है कि परिषद लोगों की नुमाइंदगी करे, सरकारों की नहीं। राजदूत ने ईरान पर लगाए गए अमेरिकी एवं यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा तय की गई रूपरेखा के तहत काम करता आया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आईएईए के निरीक्षकों को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जांच करने की अनुमति दी। राजदूत ने ईरान पर लगाए गए अमेरिकी एवं यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा तय की गई रूपरेखा के तहत काम करता आया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आईएईए के निरीक्षकों को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जांच करने की अनुमति दी।
संक्षिप्त सारांश: ईरान ने मंगलवार को कहा कि सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का भारत द्वारा समर्थन करने पर वह दुखी नहीं है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मांसपेशियों में खिंचाव से जूझ रहे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क का कहना है कि शायद वह भारत के खिलाफ ब्रिस्बेन में रविवार को होने वाले त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज के मैच तक फिट नहीं हो पाएंगे। इस चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ मैच में नहीं खेलने वाले क्लार्क ने कहा, ‘‘मेरी मांसपेशियों में हल्का खिंचाव है। इसमें सुधार हो रहा है लेकिन संभावना है कि मैं ब्रिस्बेन में भी नहीं खेल पाऊंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले दो दिनों में मैंने चोट से उबरने के लिए काफी मेहनत की तथा फिजियो एलेक्स कोंटोरिस मुझे आराम करने के लिए कह सकते हैं लेकिन मैं वापसी करने से ज्यादा दूर नहीं हूं।’’ क्लार्क ने नाइन नेटवर्क से कहा, ‘‘ बाहर से मैच देखना काफी मुश्किल होता है लेकिन हमारे खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं इसलिए इसमें संदेह नहीं कि पंटर (रिकी पोंटिंग) बेहतरीन भूमिका निभा सकते है जैसा कि वह लंबे समय से करते रहे हैं।’’ क्लार्क का जहां भारत के खिलाफ वनडे में खेलना संदिग्ध है वहीं उनके जूनियर साथी मिशेल जार्श को पीठ दर्द के कारण छह महीने तक बाहर रहना पड़ सकता है। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के इस युवा ऑलराउंडर ने गुरुवार को एससीजी पर अभ्यास सत्र के दौरान पीठ दर्द की शिकायत की और स्कैन से स्ट्रेस फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। इस बीस वर्षीय खिलाड़ी का मेलबर्न में कल फिर से स्कैन होगा। यदि जरूरत पड़ी तो उनके स्थान पर रविवार से पहले टीम में दूसरा खिलाड़ी शामिल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले दो दिनों में मैंने चोट से उबरने के लिए काफी मेहनत की तथा फिजियो एलेक्स कोंटोरिस मुझे आराम करने के लिए कह सकते हैं लेकिन मैं वापसी करने से ज्यादा दूर नहीं हूं।’’ क्लार्क ने नाइन नेटवर्क से कहा, ‘‘ बाहर से मैच देखना काफी मुश्किल होता है लेकिन हमारे खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं इसलिए इसमें संदेह नहीं कि पंटर (रिकी पोंटिंग) बेहतरीन भूमिका निभा सकते है जैसा कि वह लंबे समय से करते रहे हैं।’’ क्लार्क का जहां भारत के खिलाफ वनडे में खेलना संदिग्ध है वहीं उनके जूनियर साथी मिशेल जार्श को पीठ दर्द के कारण छह महीने तक बाहर रहना पड़ सकता है। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के इस युवा ऑलराउंडर ने गुरुवार को एससीजी पर अभ्यास सत्र के दौरान पीठ दर्द की शिकायत की और स्कैन से स्ट्रेस फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। इस बीस वर्षीय खिलाड़ी का मेलबर्न में कल फिर से स्कैन होगा। यदि जरूरत पड़ी तो उनके स्थान पर रविवार से पहले टीम में दूसरा खिलाड़ी शामिल कर दिया जाएगा।
मांसपेशियों में खिंचाव से जूझ रहे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क का कहना है कि शायद वह भारत के खिलाफ ब्रिस्बेन में रविवार को होने वाले त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज के मैच तक फिट नहीं हो पाएंगे।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Polls 2019) के चार दौर का मतदान संपन्‍न हो चुका है और 6 मई को होने वाले पांचवें चरण के मदतान के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है. बिहार की पटना साहिब सीट (Patna Sahib Lok Sabha Seat) बीजेपी और कांग्रेस के लिए नाक का सवाल बन चुकी है. यहां के मौजूदा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं और उन्हें चुनौती दे रहे हैं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद जो कि पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. शत्रुघ्‍न सिन्‍हा से NDTV के मनोरंजन भारती ने बात की जिसमें उन्‍होंने राहुल गांधी के नेतृत्‍व से लेकर अक्षय कुमार को दिए गए पीएम मोदी के गैर राजनीतिक इंटरव्‍यू (PM Modi Interview) तक, कई मुद्दों पर अपनी राय रखी. जब उनसे पूछा गया कि इतने लंबे समय तक बीजेपी में रहने बावजूद क्‍या वजह रही कि उन्‍हें कांग्रेस का हाथ थामना पड़ा, तो उन्‍होंने कहा, 'ये तो जग जाहिर है कि जिस तरह से बीजेपी में मुझे दबाया गया, खास कर वन मैन शो और टू मैन आर्मी में जिस तरह से हमें दबाना शुरू किया वो सब जानते हैं. अटल जी के जमाने में बीजेपी में लोकशाही थी लेकिन बाद में तानाशाही हो गई, घमंड और अहंकार आ गया. मैं राष्‍ट्रहित में कहता था उन्‍हें अच्‍छा नहीं लगता था.' अमित शाह ने शत्रुघ्न सिन्हा पर साधा निशाना, कहा-जैसी पार्टी होती है वैसी ही सोच होती है जब उनसे पूछा गया कि पटना साहि‍ब को बीजेपी के लिए मजबूत सीट माना जाता है तो क्‍या वो मजबूत चुनौती में फंस गए हैं? इसके जवाब में शत्रुघ्‍न ने कहा, 'कहा जा रहा है कि पटना साहिब 2009 से अगर बीजेपी की सीट है तो 2009 से तो मैं ही हूं. रामकृपाल भी जीत चुके हैं यहां से, कम्‍यूनिस्‍ट पार्टी भी जीत चुकी है. अभी इस देश में परिवर्तन की लहर चल रही है. मोदी लहर तो मोदी कहर के रूप में बदल चुकी है. पिछले चुनाव में अरुण जेटली के लिए क्‍या नहीं हुआ. धन शक्ति से लेकर जनशक्ति तक, फिर भी वो बुरी तरह हारे.' राहुल गांधी के नेतृत्‍व और सोशल मीडिया में उनको लेकर मजाक बनाए जाने पर शत्रुघ्‍न ने कहा, 'राहुल गांधी का मजाक बनाने वाले ये न भूलें कि ये वही राहुल गांधी हैं जिन्‍होंने अध्‍यक्ष बनने के एक साल के भीतर ही तीन राज्‍यों को जीत लिया. सोशल मीडिया को भी साबित कर दिया कि वो पप्‍पू नहीं हैं. फेंकू कौन है, पप्‍पू कौन है यह पता चल जाएगा.' बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार द्वारा पीएम मोदी के गैर राजनीतिक इंटरव्‍यू पर चुटकी लेते हुए उन्‍होंने कहा, 'जिस अभिनेता ने पीएम का इंटरव्‍यू किया वो बहुत अच्‍छा लड़का है. वो इंटरव्‍यू गैर राजनीतिक नहीं था, बहुत सोची समझी राजनीति के तहत पूर्णत: राजनीतिक इंटरव्‍यू था. इसको लेकर उन्‍होंन NDTV के रवीश कुमार के कार्यक्रम गैर राजनीतिक प्राइम टाइम का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्‍होंने तो उसकी बखिया उधेड़ कर रख दी. उन्‍होंने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर पीएम प्रेस कॉन्‍फ्रेंस क्‍यों नहीं करते. मनमोहन जी ने इतनी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की. सरकारी मानसिकता वाले चैनलों को इंटरव्‍यू दिया है, रागदरबारियों को इंटरव्‍यू दिया है, आप जैसे चैनल पर करें इंटरव्‍यू.' इसको लेकर उन्‍होंने एक शेर भी पढ़ा कि ...
'पीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते' 'अटल जी के ज़माने में लोकशाही थी' 'फेंकू कौन पप्पू कौन पता चल जाएगा'
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी नजम सेठी ने कहा कि जब भी भारत से खेलने की उम्मीद बंधती है कोई घटना घट जाती है. उन्होंने साथ ही बीसीसीआई के उनके साथ द्विपक्षीय श्रृंखला खेलने पर राजी होने तक आईसीसी से विशेष कोष के गठन की अपील की. पूर्व बोर्ड अध्यक्ष और अब कार्यकारी समिति के प्रमुख सेठी ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान और भारत के बीच मौजूदा रिश्ते ऐसे नहीं हैं कि उनके बीच क्रिकेट खेला जाए.टिप्पणियां सेठी ने लाहौर में कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि स्थिति में सुधार होने पर क्रिकेट खेला जा सकता है लेकिन त्रासदी यह है कि जब भी रिश्ते सुधरने लगते हैं और हमारी उनके खिलाफ खेलने की आशा बंधती है तब कुछ हो जाता है.’’   पूर्व बोर्ड अध्यक्ष और अब कार्यकारी समिति के प्रमुख सेठी ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान और भारत के बीच मौजूदा रिश्ते ऐसे नहीं हैं कि उनके बीच क्रिकेट खेला जाए.टिप्पणियां सेठी ने लाहौर में कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि स्थिति में सुधार होने पर क्रिकेट खेला जा सकता है लेकिन त्रासदी यह है कि जब भी रिश्ते सुधरने लगते हैं और हमारी उनके खिलाफ खेलने की आशा बंधती है तब कुछ हो जाता है.’’   सेठी ने लाहौर में कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि स्थिति में सुधार होने पर क्रिकेट खेला जा सकता है लेकिन त्रासदी यह है कि जब भी रिश्ते सुधरने लगते हैं और हमारी उनके खिलाफ खेलने की आशा बंधती है तब कुछ हो जाता है.’’
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यकारी समिति के प्रमुख हैं नजम सेठी बोले- त्रासदी है कि जब भी रिश्ते सुधरने लगते हैं, कुछ न कुछ हो जाता है नजम सेठी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भी हैं
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वहीं, इसे लेकर कांग्रेस (Congress) ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को चुनिंदा ढंग से निशाना बनाया जा रहा है.  आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को 14 दिनों के लिए तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Singhvi) ने यह भी स्वीकार किया कि चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज होना एक झटका है. उन्होंने कहा कि अब पूर्व वित्त मंत्री को जमानत मिलने की पूरी संभावना है. उन्होंने संवादाताओं से कहा, 'हम उच्चतम न्यायालय से राहत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन नहीं मिली जो हमारे लिए झटका है.' निचली अदालत के आदेश के संदर्भ में सिंघवी ने कहा, '15 दिन की मियाद पूरी हो गई तो आप इससे ज्यादा पुलिस हिरासत में रख नहीं सकते थे. इसके बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है. यह सामान्य है.' उन्होंने कहा कि अब जमानत की पूरी संभावना है. सिंघवी ने आरोप लगाया, 'हमारा रुख यही है कि चुनिंदा ढंग से कार्रवाई हो रही है, विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. सत्तारूढ पार्टी वाशिंग मशीन की तरह है, जिसमें दूसरे लोग जाते हैं और साफ-सुथरे हो जाते हैं.' बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम पर आरोप है कि वित्त मंत्री रहते विदेशी निवेश को मंज़ूरी दी गई. CBI ने इस मामले में उनके बेटे कार्ति को गिरफ़्तार किया था और फ़िलहाल ज़मानत पर हैं. कार्ति पर 2007 में आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने के लिए पैसे लेने का आरोप है. उस वक्त उनके पिता यूपीए सरकार में वित्तमंत्री थे. सीबीआई ने पिछले साल 15 मई को मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई का आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को मंजूरी दिलाने में अनियमितताएं बरती गईं और 305 करोड़ रुपये विदेशी निवेश हासिल किया गया. सीबीआई ने शुरू में आरोप लगाया था कि एफआईपीबी मंजूरी को सुविधाजनक बनाने के लिए कार्ति को रिश्वत के रूप में 10 लाख रुपये मिले थे. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय मामले की जांच कर रही है.
सारांश: चिदंबरम की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का आया रिएक्शन 'विपक्षी नेताओं को चुनिंदा ढंग से निशाना बनाया जा रहा' 19 सितंबर तक तिहाड़ जेल में रहेंगे पी चिदंबरम
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज डरेन गफ का मानना है कि ग्रुप मैच में आयरलैंड के हाथों शर्मनाक हार के बावजूद उनके देश की टीम आईसीसी विश्व कप में जोरदार वापसी करते हुए खिताब का दावेदार बनी रहेगी।  अपने पहले मैच में नीदरलैंड्स को हराने के बाद इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ शानदार टाई मैच खेला था लेकिन इसके बाद तीसरे मुकाबले में उसे बेंगलुरू में आयरलैंड के हाथों चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा था।वेबसाइट 'यूरो स्पोर्ट डॉट को डॉट यूके' ने गफ के हवाले से लिखा है, "विश्व कप में ग्रुप स्तर को पार करना हमारे लिए कभी समस्या नहीं रही है। क्वार्टर फाइनल में हमारा प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए।" "हमारी बल्लेबाजी अच्छी है। यह काफी सकारात्मक बात है कि भारतीय उपमहाद्वीप की पिचों पर हम 300 से अधिक का स्कोर खड़ा करने में सफल हो रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हमारी टीम आयरलैंड के हाथों मिली निराशा को भूलकर आगे का सफर सफलतापूर्वक जारी रखेगी।" गफ ने हालांकि यह भी कहा कि क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में उनकी टीम को हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करना होगा, खासतौर पर गेंदबाजों को मैच जिताने के लिए आगे आने होगा। बकौल गफ, " हमारे गेंदबाजों को बल्लेबाजों की तरह प्रेरणादायी प्रदर्शन करना होगा। जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड से भारत में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। स्पिनरों के लिए भारतीय पिचों पर कुछ नहीं दिखाई दे रहा है, लिहाजा तेज गेंदबाजों को ही आगे आकर मैच जिताऊ प्रदर्शन करना होगा।"
इंग्लैंड के पूर्व गेंदबाज डरेन गफ का मानना है कि उनके देश की टीम आईसीसी विश्व कप में जोरदार वापसी करते हुए खिताब का दावेदार बनी रहेगी।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: कीरान गोवर्स के गोल्डन गोल के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने हॉलैंड को 2-1 से हराकर लगातार पांचवीं बार चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी जीत ली। गोवर्स ने अतिरिक्त समय के पांचवें मिनट में निर्णायक गोल किया। निर्धारित समय तक स्कोर 1-1 से बराबर था।टिप्पणियां ओलिंपिक रजत पदक विजेता हॉलैंड के लिए 18वें मिनट में सैंडर वान विन ने गोल किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के लिए बराबरी का गोल 31वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर रसेल फोर्ड ने दागा। पिछले छह साल में टूर्नामेंट में पहला फाइनल खेल रही डच टीम पूरे मैच में दबाव में दिखी। हॉलैंड के गोलकीपर जाप स्टाकमैन ने कई गोल बचाए। गोवर्स का गोल्डन गोल हालांकि वह नहीं बचा सके, जिन्होंने सर्कल के भीतर डिफेंडरों की गैर मौजूदगी का फायदा उठाकर एडी ओकेंडेन से मिले पास पर गोल कर दिया। ओलिंपिक रजत पदक विजेता हॉलैंड के लिए 18वें मिनट में सैंडर वान विन ने गोल किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के लिए बराबरी का गोल 31वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर रसेल फोर्ड ने दागा। पिछले छह साल में टूर्नामेंट में पहला फाइनल खेल रही डच टीम पूरे मैच में दबाव में दिखी। हॉलैंड के गोलकीपर जाप स्टाकमैन ने कई गोल बचाए। गोवर्स का गोल्डन गोल हालांकि वह नहीं बचा सके, जिन्होंने सर्कल के भीतर डिफेंडरों की गैर मौजूदगी का फायदा उठाकर एडी ओकेंडेन से मिले पास पर गोल कर दिया। हॉलैंड के गोलकीपर जाप स्टाकमैन ने कई गोल बचाए। गोवर्स का गोल्डन गोल हालांकि वह नहीं बचा सके, जिन्होंने सर्कल के भीतर डिफेंडरों की गैर मौजूदगी का फायदा उठाकर एडी ओकेंडेन से मिले पास पर गोल कर दिया।
यहाँ एक सारांश है:कीरान गोवर्स के गोल्डन गोल के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने हॉलैंड को 2-1 से हराकर लगातार पांचवीं बार चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी जीत ली। गोवर्स ने अतिरिक्त समय के पांचवें मिनट में निर्णायक गोल किया।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रूमाल को आमतौर पर साधारण वस्तु माना जाता है, लेकिन नागपुर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी इसी चीज के खोने की शिकायत पुलिस को दी है. उनका मानना है कि रूमाल का कोई व्यक्ति दुरुपयोग कर सकता है. नागपुर के मनीष नगर क्षेत्र के निवासी हर्षवर्धन जिथे ने सोमवार को सदर पुलिस थाने में अपना रुमाल चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्होंने पुलिस को बताया कि वह रेलवे के पूर्व कर्मचारी हैं और सोमवार को मध्य रेलवे के मंडल प्रबंधक के कार्यालय में अपने पूर्व सहकर्मियों से मिलने गए थे.  उन्होंने बताया कि कार्यालय छोड़ते समय जिथे ने ध्यान दिया कि उनका रुमाल उनके पास नहीं था. उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें शक है कि रुमाल चोरी हो गया और कोई उसका दुरुपयोग कर सकता है. अधिकारी ने कहा, 'जब तक हमने उनकी अर्जी स्वीकार नहीं की वह (जिथे) पुलिस थाना छोड़ने को राजी नहीं हुए.' पुलिस ने अर्जी स्वीकार कर ली है, लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं किया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक व्यक्ति ने अपने रुमाल के खोने की शिकायत पुलिस को दी उनका मानना है कि रूमाल का कोई व्यक्ति दुरुपयोग कर सकता है पुलिस थाने में अपना रुमाल चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: माइकल हसी के शतक और शेन वाटसन के आक्रामक अर्धशतक की बदौलत मजबूत स्कोर खड़ा करने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे और आखिरी एक दिवसीय क्रिकेट मैच में बुधवार को बांग्लादेश को 66 रन से हराकर श्रृंखला 3-0 से अपने नाम कर ली। हसी ने 91 गेंद में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 108 रन बनाये जो फरवरी 2007 के बाद उनका पहला शतक है। वहीं सलामी बल्लेबाज वाटसन ने 40 गेंद में 72 रन बनाये जिसमें तीन छक्के और 11 चौके शामिल है जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 361 रन बनाए। इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम इमरूल कायेस :93:, महमूदुल्लाह :नाबाद 68: और शहरयार नफीस :60: के अर्धशतकों के बावजूद छह विकेट पर 295 रन ही बना सकी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिशेल जानसन ने 67 रन देकर तीन जबकि वाटसन ने 49 रन देकर दो विकेट चटकाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरे बांग्लादेश को तमीम इकबाल :93: और कायेस ने पहले विकेट के लिए 4.3 ओवर में 43 रन जोड़कर बेहतरीन शुरूआत दिलाई लेकिन जानसन ने तमीम को बोल्ड करके इस साझेदारी को तोड़ दिया। कायेस को इसके बाद नफीस के रूप में भरोसेमंद साथी मिला जिसके साथ उन्होंने सिर्फ 26.2 ओवर में 136 रन की साझेदारी की। जेम्स पैटिनसन ने कायेस को विकेटकीपर टिम पेन के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। उन्होंने 95 गेंद की अपनी पारी में 10 चौके और दो छक्के मारे। जानसन ने इसके बाद नफीस को भी पवेलियन भेज दिया जिन्होंने 86 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। महमूदुल्लाह ने इसके बाद नाबाद 68 रन की पारी खेली लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए नाकाफी था। इससे पहले आस्ट्रेलिया के लिए मध्यक्रम के बल्लेबाज हसी ने चौथे विकेट के लिये माइकल क्लार्क (47) के साथ 89 और मिशेल जानसन (24 गेंद में 41 रन) के साथ छठे विकेट के लिए 70 रन जोड़े। हसी आखिरी ओवर में तेज गेंदबाज शफीउल इस्लाम का शिकार हुए। पिछले मैच में कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 185 रन की पारी खेलने वाले वाटसन ने रिकार्ड 15 छक्के लगाए थे। इस बार भी उनके आक्रामक खेल का बांग्लादेश के पास कोई जवाब नहीं था। ऑस्ट्रेलिया ने टास जीतकर आक्रामक शुरूआत की। वाटसन और कामचलाउ सलामी बल्लेबाज रिकी पोंटिंग :47: ने पहले विकेट के लिये सिर्फ 11.5 ओवर में 110 रन की साझेदारी की। वाटसन ने अपनी पारी की शुरूआत में ही शफीउल को एक ओवर में चार चौके लगाए। इसके बाद मिडविकेट पर स्पिनर साकिब अल हसन को छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया। सिर्फ 25 गेंद में दो छक्कों और नौ चौकों की मदद से अर्धशतक पूरा करने वाले ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज 12वें ओवर में स्पिनर अब्दुर रज्जाक को स्वीप शाट लगाने के प्रयास में बोल्ड हो गए। पोंटिंग ने भी 50 गेंद की पारी में अच्छे शाट लगाए। वह रज्जाक की ही गेंद पर पगबाधा आउट हुए। रज्जाक ने 58 रन देकर तीन जबकि मुर्तजा ने 80 रन देकर तीन विकेट लिए।
सारांश: हसी ने 91 गेंद में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 108 रन बनाए जो फरवरी 2007 के बाद उनका पहला शतक है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कानून-व्यवस्था पर सीएम योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए फुले ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री में शासन चलाने की क्षमता नहीं है, यह कई खबरों से साबित हो गया है.' बता दें, 6 दिसंबर को भाजपा पर समाज का बांटने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में सावित्री बाई फुले ने बहराइच सीट से चुनाव लड़ा था. गौरतलब है कि भाजपा से इस्तीफा देने के बाद से फुले लगातार पीएम मोदी और भाजपा सरकार पर निशाना साध रही हैं. हालही उन्होंने कहा था कि देश को आरएसएस चला रहा है. फूले ने कहा था कि जब वह भाजपा में थी तो उन्हें लोक सभा के अन्दर अपने मन की बात बोलने नहीं दी जाती थी. कई मंत्रियों, सांसदों और आरएसएस प्रमुख द्वारा सुनने को मिलता कि राष्ट्र निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब द्वारा लिखे गए संविधान को बदला जाएगा.  उन्होंने कहा था कि आरक्षण समाप्त करने की बात हो रही है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर संविधान की प्रतियों को जलाया गया. हम अपना हक मांगेंगे नहीं बल्कि छीन लेंगे. साथ ही फूले ने कहा कि पिछले कई सालों से वह भारतीय संविधान और आरक्षण बचाने के लिए सामाजिक आन्दोलन चला रही हैं, जिससे समाज के पिछड़े वर्ग, दलित वर्ग एवं अल्पसंख्यक समाज को सामाजिक न्याय मिल सके.
यह एक सारांश है: पूर्व भाजपा नेता का सीएम योगी पर निशाना कहा- मंदिरों से नहीं होती तरक्की कानून एवं व्यवस्था को लेकर भी साधा निशाना
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा प्रदेश के जन-जन की मांग है और इसके लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान रथ को जदयू के प्रदेश कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद नीतीश ने कहा, विशेष राज्य का दर्जा बिहार के जन-जन की मांग है। यह हस्ताक्षर रथ गांव-गांव जाकर लोगों में जनजागरण का काम करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग संबंधी एक प्रस्ताव बिहार विधानमंडल के दोनों सदन पहले ही सर्वसम्मति से पारित कर चुके हैं, लेकिन अंतिम फैसला केंद्र को करना है। आगामी 30 और 31 मई को योजना आयोग द्वारा बुलाए गए पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में विशेष राज्य के दर्जे की मांग उठाए जाने का जिक्र करते हुए नीतीश ने कहा, बिहार की प्रगति के लिए राज्य में निवेश होना बहुत जरूरी है। विशेष राज्य का दर्जा मिलने से निवेश का बेहतर वातावरण बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए दृष्टिकोण पत्र तैयार करने के लिए होने वाली बैठक में वह बिहार को प्रतिवर्ष 4000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद देने की मांग रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य को 1000 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रति वर्ष मिल रहे हैं। नीतीश ने कहा कि केंद्र दूसरी हरित क्रांति के लिए पूर्वी राज्यों से अपेक्षा कर रहा है, ऐसे में 400 करोड़ रुपये का मंजूर किया गया बजटीय प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्रियों की होने वाली बैठक में बिहार में स्थापित एनटीपीसी संयंत्रों में से 50 फीसदी बिजली राज्य को देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को विस्तार कर आगे जारी रखने तथा जलविद्युत में हिस्सेदारी की मांग उठाई जाएगी।
यहाँ एक सारांश है:बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा प्रदेश के जन-जन की मांग है और इसके लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सिस्तेमा-श्याम टेलीसर्विसेज (एसएसटीएल) 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। एसएसटीएल रूस की सिस्तेमाल तथा घरेलू कंपनी श्याम समूह की संयुक्त उद्यम है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी घोटाला मामले में आठ अलग-अलग कंपनियों के कुल 122 दूरसंचार लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद दूरसंचार विभाग 1800 मेगाहर्ट्ज तथा 800 मेगाहर्ट्ज में स्पेक्ट्रम की नीलामी कर रहा है। 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में अखिल भारतीय स्तर पर काम करने के लिए 5 मेगाहर्ट्ज स्पेटक्ट्रम और लाइसेंस की नीलामी के लिए आधार मूल्य 14,000 करोड़ रुपये रखा गया है। इसी तरह, सीडीएमए ऑपरेटरों के लिए 800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का आधार मूल्य 1.3 गुना यानी 18,200 करोड़ रुपये है। एसएसटीएल के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। 2जी मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले में कंपनी का 21 लाइसेंस रद्द हुआ है। प्रवक्ता ने कहा, ‘एसएसटीएल बार-बार यह कहती रही है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से वह गलत तरीके दंडित हुई है और कंपनी ने लाइसेंस बहाल करने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की हुई है।’ टिप्पणियां कंपनी के अनुसार, ‘एसएसटीएल एक मात्र ऐसी कंपनी है जिसने 2008 में देशभर में सेवा देने के लिए सीडीएमए स्पेक्ट्रम हेतु आवेदन दिया था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहीं भी ऐसा नहीं है जिससे यह लगे कि सीडीएमए स्पेक्ट्रम की भी उतनी ही मांग थी जितनी कि जीएसएम की।’ प्रवक्ता ने कहा कि एसएसटीएल मानती है कि उसका पक्ष मजबूत है और वह मामले की सुनवाई का इंतजार करेगी। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी घोटाला मामले में आठ अलग-अलग कंपनियों के कुल 122 दूरसंचार लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद दूरसंचार विभाग 1800 मेगाहर्ट्ज तथा 800 मेगाहर्ट्ज में स्पेक्ट्रम की नीलामी कर रहा है। 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में अखिल भारतीय स्तर पर काम करने के लिए 5 मेगाहर्ट्ज स्पेटक्ट्रम और लाइसेंस की नीलामी के लिए आधार मूल्य 14,000 करोड़ रुपये रखा गया है। इसी तरह, सीडीएमए ऑपरेटरों के लिए 800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का आधार मूल्य 1.3 गुना यानी 18,200 करोड़ रुपये है। एसएसटीएल के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। 2जी मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले में कंपनी का 21 लाइसेंस रद्द हुआ है। प्रवक्ता ने कहा, ‘एसएसटीएल बार-बार यह कहती रही है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से वह गलत तरीके दंडित हुई है और कंपनी ने लाइसेंस बहाल करने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की हुई है।’ टिप्पणियां कंपनी के अनुसार, ‘एसएसटीएल एक मात्र ऐसी कंपनी है जिसने 2008 में देशभर में सेवा देने के लिए सीडीएमए स्पेक्ट्रम हेतु आवेदन दिया था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहीं भी ऐसा नहीं है जिससे यह लगे कि सीडीएमए स्पेक्ट्रम की भी उतनी ही मांग थी जितनी कि जीएसएम की।’ प्रवक्ता ने कहा कि एसएसटीएल मानती है कि उसका पक्ष मजबूत है और वह मामले की सुनवाई का इंतजार करेगी। 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में अखिल भारतीय स्तर पर काम करने के लिए 5 मेगाहर्ट्ज स्पेटक्ट्रम और लाइसेंस की नीलामी के लिए आधार मूल्य 14,000 करोड़ रुपये रखा गया है। इसी तरह, सीडीएमए ऑपरेटरों के लिए 800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का आधार मूल्य 1.3 गुना यानी 18,200 करोड़ रुपये है। एसएसटीएल के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। 2जी मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले में कंपनी का 21 लाइसेंस रद्द हुआ है। प्रवक्ता ने कहा, ‘एसएसटीएल बार-बार यह कहती रही है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से वह गलत तरीके दंडित हुई है और कंपनी ने लाइसेंस बहाल करने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की हुई है।’ टिप्पणियां कंपनी के अनुसार, ‘एसएसटीएल एक मात्र ऐसी कंपनी है जिसने 2008 में देशभर में सेवा देने के लिए सीडीएमए स्पेक्ट्रम हेतु आवेदन दिया था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहीं भी ऐसा नहीं है जिससे यह लगे कि सीडीएमए स्पेक्ट्रम की भी उतनी ही मांग थी जितनी कि जीएसएम की।’ प्रवक्ता ने कहा कि एसएसटीएल मानती है कि उसका पक्ष मजबूत है और वह मामले की सुनवाई का इंतजार करेगी। एसएसटीएल के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। 2जी मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले में कंपनी का 21 लाइसेंस रद्द हुआ है। प्रवक्ता ने कहा, ‘एसएसटीएल बार-बार यह कहती रही है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से वह गलत तरीके दंडित हुई है और कंपनी ने लाइसेंस बहाल करने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की हुई है।’ टिप्पणियां कंपनी के अनुसार, ‘एसएसटीएल एक मात्र ऐसी कंपनी है जिसने 2008 में देशभर में सेवा देने के लिए सीडीएमए स्पेक्ट्रम हेतु आवेदन दिया था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहीं भी ऐसा नहीं है जिससे यह लगे कि सीडीएमए स्पेक्ट्रम की भी उतनी ही मांग थी जितनी कि जीएसएम की।’ प्रवक्ता ने कहा कि एसएसटीएल मानती है कि उसका पक्ष मजबूत है और वह मामले की सुनवाई का इंतजार करेगी। कंपनी के अनुसार, ‘एसएसटीएल एक मात्र ऐसी कंपनी है जिसने 2008 में देशभर में सेवा देने के लिए सीडीएमए स्पेक्ट्रम हेतु आवेदन दिया था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहीं भी ऐसा नहीं है जिससे यह लगे कि सीडीएमए स्पेक्ट्रम की भी उतनी ही मांग थी जितनी कि जीएसएम की।’ प्रवक्ता ने कहा कि एसएसटीएल मानती है कि उसका पक्ष मजबूत है और वह मामले की सुनवाई का इंतजार करेगी। प्रवक्ता ने कहा कि एसएसटीएल मानती है कि उसका पक्ष मजबूत है और वह मामले की सुनवाई का इंतजार करेगी।
संक्षिप्त सारांश: सिस्तेमा-श्याम टेलीसर्विसेज (एसएसटीएल) 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग नहीं लेगी। एसएसटीएल रूस की सिस्तेमाल तथा घरेलू कंपनी श्याम समूह की संयुक्त उद्यम है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह तथा चार अन्य के खिलाफ मानहानि का आपराधिक मामला चलाने की अपनी शिकायत के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय में गवाही दी। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुदेश कुमार के समक्ष अपने बयान दर्ज कराते हुए पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि सेना मुख्यालय द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। अदालत ने पूर्व में तेजिंदर सिंह को अपनी शिकायत के समर्थन में सबूतों के रिकार्ड पहले उपलब्ध कराने को कहा था। तेजिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि इस वर्ष तीन से पांच मार्च के बीच कई मीडिया रिपोर्टों में यहां, खासतौर पर साउथ ब्लाक में मोबाइल फोन की ‘गैर कानूनी निगरानी’ के कथित रूप से आदेश दिए जाने के मामले में सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह पर अंगुली उठायी गयी थी। उन्होंने कहा कि इन मीडिया रिपोर्टों से जनता का ध्यान हटाने के लिए सेना मुख्यालय के मीडिया सेल ने पांच मार्च को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। मीडिया रिपोर्टों में जनरल वीके सिंह समेत सेना मुख्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर अंगुली उठायी गई थी। तेजिंदर सिंह ने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में उनका नाम लेते हुए उनके खिलाफ चार आरोप लगाए गए जो सभी ‘झूठे’ हैं। उन्होंने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की। यह कंपनी बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। तेजिंदर सिंह ने अदालत में कहा, ‘आरोप यह था कि मैंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की थी जो बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। यह आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढंत हैं और मैं इनसे इनकार करता हूं।’ तेजिंदर सिंह की शिकायत का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान उनसे सेना प्रमुख तथा चार अन्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत रिकार्ड कराने को कहा था। सेना प्रमुख वीके सिंह के अलावा तेजिंदर सिंह ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एसके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर (डीजी एमआई), मेजर जनरल एसएल नरसिंहन (अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशक) तथा लेफ्टिनेंट कर्नल हितेन साहनी का भी शिकायत में नाम दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि इन्होंने तेजिंदर सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए अपने सरकारी पद, शक्ति तथा प्राधिकार का दुरूपयोग किया।टिप्पणियां तेजिंदर सिंह के वकील ने कहा था कि सेना अधिकारियों द्वारा पांच मार्च को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति गैर कानूनी है क्योंकि वे अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं थे और अधिकारी सीधे मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते। सेना प्रमुख ने मीडिया साक्षात्कारों में दावा किया था कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक लाबिस्ट ने उन्हें एक कंपनी विशेष द्वारा निर्मित ‘दोयम दर्जे’ के वाहनों की खरीद संबंधी फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रूपये की रिश्वत की पेशकश की थी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रक्षा मंत्री को दी थी। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुदेश कुमार के समक्ष अपने बयान दर्ज कराते हुए पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि सेना मुख्यालय द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। अदालत ने पूर्व में तेजिंदर सिंह को अपनी शिकायत के समर्थन में सबूतों के रिकार्ड पहले उपलब्ध कराने को कहा था। तेजिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि इस वर्ष तीन से पांच मार्च के बीच कई मीडिया रिपोर्टों में यहां, खासतौर पर साउथ ब्लाक में मोबाइल फोन की ‘गैर कानूनी निगरानी’ के कथित रूप से आदेश दिए जाने के मामले में सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह पर अंगुली उठायी गयी थी। उन्होंने कहा कि इन मीडिया रिपोर्टों से जनता का ध्यान हटाने के लिए सेना मुख्यालय के मीडिया सेल ने पांच मार्च को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। मीडिया रिपोर्टों में जनरल वीके सिंह समेत सेना मुख्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर अंगुली उठायी गई थी। तेजिंदर सिंह ने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में उनका नाम लेते हुए उनके खिलाफ चार आरोप लगाए गए जो सभी ‘झूठे’ हैं। उन्होंने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की। यह कंपनी बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। तेजिंदर सिंह ने अदालत में कहा, ‘आरोप यह था कि मैंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की थी जो बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। यह आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढंत हैं और मैं इनसे इनकार करता हूं।’ तेजिंदर सिंह की शिकायत का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान उनसे सेना प्रमुख तथा चार अन्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत रिकार्ड कराने को कहा था। सेना प्रमुख वीके सिंह के अलावा तेजिंदर सिंह ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एसके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर (डीजी एमआई), मेजर जनरल एसएल नरसिंहन (अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशक) तथा लेफ्टिनेंट कर्नल हितेन साहनी का भी शिकायत में नाम दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि इन्होंने तेजिंदर सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए अपने सरकारी पद, शक्ति तथा प्राधिकार का दुरूपयोग किया।टिप्पणियां तेजिंदर सिंह के वकील ने कहा था कि सेना अधिकारियों द्वारा पांच मार्च को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति गैर कानूनी है क्योंकि वे अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं थे और अधिकारी सीधे मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते। सेना प्रमुख ने मीडिया साक्षात्कारों में दावा किया था कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक लाबिस्ट ने उन्हें एक कंपनी विशेष द्वारा निर्मित ‘दोयम दर्जे’ के वाहनों की खरीद संबंधी फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रूपये की रिश्वत की पेशकश की थी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रक्षा मंत्री को दी थी। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। तेजिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि इस वर्ष तीन से पांच मार्च के बीच कई मीडिया रिपोर्टों में यहां, खासतौर पर साउथ ब्लाक में मोबाइल फोन की ‘गैर कानूनी निगरानी’ के कथित रूप से आदेश दिए जाने के मामले में सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह पर अंगुली उठायी गयी थी। उन्होंने कहा कि इन मीडिया रिपोर्टों से जनता का ध्यान हटाने के लिए सेना मुख्यालय के मीडिया सेल ने पांच मार्च को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। मीडिया रिपोर्टों में जनरल वीके सिंह समेत सेना मुख्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर अंगुली उठायी गई थी। तेजिंदर सिंह ने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में उनका नाम लेते हुए उनके खिलाफ चार आरोप लगाए गए जो सभी ‘झूठे’ हैं। उन्होंने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की। यह कंपनी बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। तेजिंदर सिंह ने अदालत में कहा, ‘आरोप यह था कि मैंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की थी जो बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। यह आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढंत हैं और मैं इनसे इनकार करता हूं।’ तेजिंदर सिंह की शिकायत का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान उनसे सेना प्रमुख तथा चार अन्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत रिकार्ड कराने को कहा था। सेना प्रमुख वीके सिंह के अलावा तेजिंदर सिंह ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एसके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर (डीजी एमआई), मेजर जनरल एसएल नरसिंहन (अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशक) तथा लेफ्टिनेंट कर्नल हितेन साहनी का भी शिकायत में नाम दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि इन्होंने तेजिंदर सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए अपने सरकारी पद, शक्ति तथा प्राधिकार का दुरूपयोग किया।टिप्पणियां तेजिंदर सिंह के वकील ने कहा था कि सेना अधिकारियों द्वारा पांच मार्च को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति गैर कानूनी है क्योंकि वे अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं थे और अधिकारी सीधे मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते। सेना प्रमुख ने मीडिया साक्षात्कारों में दावा किया था कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक लाबिस्ट ने उन्हें एक कंपनी विशेष द्वारा निर्मित ‘दोयम दर्जे’ के वाहनों की खरीद संबंधी फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रूपये की रिश्वत की पेशकश की थी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रक्षा मंत्री को दी थी। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इन मीडिया रिपोर्टों से जनता का ध्यान हटाने के लिए सेना मुख्यालय के मीडिया सेल ने पांच मार्च को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। मीडिया रिपोर्टों में जनरल वीके सिंह समेत सेना मुख्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर अंगुली उठायी गई थी। तेजिंदर सिंह ने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में उनका नाम लेते हुए उनके खिलाफ चार आरोप लगाए गए जो सभी ‘झूठे’ हैं। उन्होंने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की। यह कंपनी बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। तेजिंदर सिंह ने अदालत में कहा, ‘आरोप यह था कि मैंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की थी जो बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। यह आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढंत हैं और मैं इनसे इनकार करता हूं।’ तेजिंदर सिंह की शिकायत का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान उनसे सेना प्रमुख तथा चार अन्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत रिकार्ड कराने को कहा था। सेना प्रमुख वीके सिंह के अलावा तेजिंदर सिंह ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एसके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर (डीजी एमआई), मेजर जनरल एसएल नरसिंहन (अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशक) तथा लेफ्टिनेंट कर्नल हितेन साहनी का भी शिकायत में नाम दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि इन्होंने तेजिंदर सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए अपने सरकारी पद, शक्ति तथा प्राधिकार का दुरूपयोग किया।टिप्पणियां तेजिंदर सिंह के वकील ने कहा था कि सेना अधिकारियों द्वारा पांच मार्च को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति गैर कानूनी है क्योंकि वे अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं थे और अधिकारी सीधे मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते। सेना प्रमुख ने मीडिया साक्षात्कारों में दावा किया था कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक लाबिस्ट ने उन्हें एक कंपनी विशेष द्वारा निर्मित ‘दोयम दर्जे’ के वाहनों की खरीद संबंधी फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रूपये की रिश्वत की पेशकश की थी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रक्षा मंत्री को दी थी। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। तेजिंदर सिंह ने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में उनका नाम लेते हुए उनके खिलाफ चार आरोप लगाए गए जो सभी ‘झूठे’ हैं। उन्होंने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति में यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की। यह कंपनी बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। तेजिंदर सिंह ने अदालत में कहा, ‘आरोप यह था कि मैंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की थी जो बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। यह आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढंत हैं और मैं इनसे इनकार करता हूं।’ तेजिंदर सिंह की शिकायत का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान उनसे सेना प्रमुख तथा चार अन्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत रिकार्ड कराने को कहा था। सेना प्रमुख वीके सिंह के अलावा तेजिंदर सिंह ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एसके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर (डीजी एमआई), मेजर जनरल एसएल नरसिंहन (अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशक) तथा लेफ्टिनेंट कर्नल हितेन साहनी का भी शिकायत में नाम दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि इन्होंने तेजिंदर सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए अपने सरकारी पद, शक्ति तथा प्राधिकार का दुरूपयोग किया।टिप्पणियां तेजिंदर सिंह के वकील ने कहा था कि सेना अधिकारियों द्वारा पांच मार्च को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति गैर कानूनी है क्योंकि वे अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं थे और अधिकारी सीधे मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते। सेना प्रमुख ने मीडिया साक्षात्कारों में दावा किया था कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक लाबिस्ट ने उन्हें एक कंपनी विशेष द्वारा निर्मित ‘दोयम दर्जे’ के वाहनों की खरीद संबंधी फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रूपये की रिश्वत की पेशकश की थी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रक्षा मंत्री को दी थी। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। तेजिंदर सिंह ने अदालत में कहा, ‘आरोप यह था कि मैंने टाट्रा एंड वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की थी जो बीईएमएल को वाहनों की आपूर्ति करती है। यह आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढंत हैं और मैं इनसे इनकार करता हूं।’ तेजिंदर सिंह की शिकायत का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान उनसे सेना प्रमुख तथा चार अन्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत रिकार्ड कराने को कहा था। सेना प्रमुख वीके सिंह के अलावा तेजिंदर सिंह ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एसके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर (डीजी एमआई), मेजर जनरल एसएल नरसिंहन (अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशक) तथा लेफ्टिनेंट कर्नल हितेन साहनी का भी शिकायत में नाम दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि इन्होंने तेजिंदर सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए अपने सरकारी पद, शक्ति तथा प्राधिकार का दुरूपयोग किया।टिप्पणियां तेजिंदर सिंह के वकील ने कहा था कि सेना अधिकारियों द्वारा पांच मार्च को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति गैर कानूनी है क्योंकि वे अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं थे और अधिकारी सीधे मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते। सेना प्रमुख ने मीडिया साक्षात्कारों में दावा किया था कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक लाबिस्ट ने उन्हें एक कंपनी विशेष द्वारा निर्मित ‘दोयम दर्जे’ के वाहनों की खरीद संबंधी फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रूपये की रिश्वत की पेशकश की थी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रक्षा मंत्री को दी थी। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। सेना प्रमुख वीके सिंह के अलावा तेजिंदर सिंह ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एसके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर (डीजी एमआई), मेजर जनरल एसएल नरसिंहन (अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशक) तथा लेफ्टिनेंट कर्नल हितेन साहनी का भी शिकायत में नाम दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि इन्होंने तेजिंदर सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए अपने सरकारी पद, शक्ति तथा प्राधिकार का दुरूपयोग किया।टिप्पणियां तेजिंदर सिंह के वकील ने कहा था कि सेना अधिकारियों द्वारा पांच मार्च को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति गैर कानूनी है क्योंकि वे अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं थे और अधिकारी सीधे मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते। सेना प्रमुख ने मीडिया साक्षात्कारों में दावा किया था कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक लाबिस्ट ने उन्हें एक कंपनी विशेष द्वारा निर्मित ‘दोयम दर्जे’ के वाहनों की खरीद संबंधी फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रूपये की रिश्वत की पेशकश की थी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रक्षा मंत्री को दी थी। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। तेजिंदर सिंह के वकील ने कहा था कि सेना अधिकारियों द्वारा पांच मार्च को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति गैर कानूनी है क्योंकि वे अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं थे और अधिकारी सीधे मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते। सेना प्रमुख ने मीडिया साक्षात्कारों में दावा किया था कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक लाबिस्ट ने उन्हें एक कंपनी विशेष द्वारा निर्मित ‘दोयम दर्जे’ के वाहनों की खरीद संबंधी फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रूपये की रिश्वत की पेशकश की थी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रक्षा मंत्री को दी थी। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। राज्यसभा में एंटनी द्वारा खुद से दिए गए बयान में बताया गया था कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को तेजिंदर सिंह के रिश्वत की पेशकश संबंधी जानकारी दी थी जिसे सुनकर वह सकते में आ गए थे। वीके सिंह ने रक्षा मंत्री से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। मंत्री ने कहा था कि सेना प्रमुख हालांकि अज्ञात कारणों से मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे।
सारांश: पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह तथा चार अन्य के खिलाफ मानहानि का आपराधिक मामला चलाने की अपनी शिकायत के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय में गवाही दी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जिले के सलाई गांव के साओनेर-पांढुर्ना मार्ग पर एक एसयूवी सड़क के डिवाइडर से टकरा गई, जिससे गाड़ी में सवार दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए. शनिवार को पुलिस ने बताया कि घायल और मृतक मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले थे. मृतकों की पहचान एम मन्नू सरयम और विनोद भीमराव के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि वाहन तेजी गति से केलवाड शहर की ओर जा रहा था. चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सड़क के डिवाइडर से टकराकर पलट गई. घायलों की पहचान वीरेंद्र काचरु मलकम (23), रामनाथ शंकर खांडते (19), दिनेश अनंत खांडते (35), अंबालाल पारसराम उइके (40), दुर्गादास रामेश्वर उइके (25) और सोमखलाल नामदेव खांडटे के रुप में हुई है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर शनिवार को एक निजी बस और तेल टैंकर की टक्कर में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य लोग घायल हो गए. फरक्का पुलिस थाना क्षेत्र के खोइराकांडी में बस और टैंकर के बीच आमने-सामने की टक्कर उस समय हुई, जब दोनों एक ही लेन पर चल रहे थे, क्योंकि दूसरी लेन की मरम्मत हो रही थी. पुलिस ने बताया कि सुबह कोहरा होने के कारण दोनों वाहनों के चालक संभवत: एक दूसरे को देख नहीं पाए. इस हादसे में दोनों चालकों की मौत हो गई. हादसे में मारे गए अन्य लोग बस के यात्री थे. बस सिलीगुड़ी से ब्रह्मपुर जा रही थी जबकि टैंकर कोलकाता से असम जा रहा था. पुलिस ने बताया कि घायलों को बेनियाग्राम, तारापुर और फरक्का में सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इस हादसे के कारण काफी देर तक यातायात बाधित रहा. बाद में एक क्रेन और रिकवरी वैन की मदद से वाहनों को फरक्का पुलिस थाने लाया गया. मृतकों की पहचान टैंकर चालक सोनू कुमार (30), बस चालक सुकुमार दास (40), सुष्मिता मोदक (46), अरुप घोष (28), अनिसुर रहमान (26), अजय सिंह (43) और रफीक उल अंसारी के रूप में की गई है.
संक्षिप्त सारांश: गाड़ी में सवार दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए पुलिस ने बताया कि घायल और मृतक मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के थे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर सात लोगों की मौत
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब में एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है. कैप्टन अमरेंद्र सिंह सरकार के पावर मिनिस्टर पर माइनिंग के ठेके को लेकर कई प्रकार के आरोप लग रहे हैं. इनके चलते विपक्ष ने कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को अपना हमला तेज कर दिया. सिंह पर आरोप है कि उन्होंने अपने पूर्व स्टाफ के नाम पर बेनामी सौदों के जरिए रेत तथा अन्य खान ठेके हासिल किए. हालांकि मंत्री ने इन आरोपों से इंकार किया है. विपक्ष हाल ही में संपन्न नीलामी में खानों के आवंटन पर सवाल कर रहा है. मुख्य विपक्षी आप ने भी आवंटन की सतर्कता जांच कराने की मांग की है. आप विधायक सुखपाल खरा ने कहा कि अगर मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो पार्टी के नेतागण 30 मई को मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरना पर बैठेंगे. खरा ने आरोप लगाया कि ठेका आवंटन में बड़ा घोटाला हुआ है और राणा गुरजीत सिंह ने अपने पैसों से अपने चार पूर्व कर्मचारियों के जरिए खनन ठेका हासिल किया.टिप्पणियां खरा ने सिंह के पूर्व रसोइया अमित बहादुर का आयकर रिटर्न भी मीडिया के सामने प्रदर्शित किया. उन्होंने कहा कि रिटर्न के अनुसार उनकी मासिक आमदनी करीब 11,700 रुपए थी. उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में वह 26 करोड़ रुपए में खनन ठेका कैसे हासिल कर सकते हैं. आप नेता ने कहा कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ जांच की मांग करते हुए पंजाब सतर्कता ब्यूरो प्रमुख को पत्र लिखा है. आप विधायक सुखपाल खरा ने कहा कि अगर मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो पार्टी के नेतागण 30 मई को मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरना पर बैठेंगे. खरा ने आरोप लगाया कि ठेका आवंटन में बड़ा घोटाला हुआ है और राणा गुरजीत सिंह ने अपने पैसों से अपने चार पूर्व कर्मचारियों के जरिए खनन ठेका हासिल किया.टिप्पणियां खरा ने सिंह के पूर्व रसोइया अमित बहादुर का आयकर रिटर्न भी मीडिया के सामने प्रदर्शित किया. उन्होंने कहा कि रिटर्न के अनुसार उनकी मासिक आमदनी करीब 11,700 रुपए थी. उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में वह 26 करोड़ रुपए में खनन ठेका कैसे हासिल कर सकते हैं. आप नेता ने कहा कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ जांच की मांग करते हुए पंजाब सतर्कता ब्यूरो प्रमुख को पत्र लिखा है. खरा ने सिंह के पूर्व रसोइया अमित बहादुर का आयकर रिटर्न भी मीडिया के सामने प्रदर्शित किया. उन्होंने कहा कि रिटर्न के अनुसार उनकी मासिक आमदनी करीब 11,700 रुपए थी. उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में वह 26 करोड़ रुपए में खनन ठेका कैसे हासिल कर सकते हैं. आप नेता ने कहा कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ जांच की मांग करते हुए पंजाब सतर्कता ब्यूरो प्रमुख को पत्र लिखा है. आप नेता ने कहा कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ जांच की मांग करते हुए पंजाब सतर्कता ब्यूरो प्रमुख को पत्र लिखा है.
यहाँ एक सारांश है:खनन ठेकों में गड़बड़ी के आरोप बेनामी ठेके लेने के आरोप पता लगने के बाद विपक्ष हुआ हमलावर
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा देश के सबसे खुशहाल राज्यों में शामिल हैं जबकि दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित हैं। टाटा स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप ने विभिन्न सरकारी सूत्रों और सर्वेक्षणों के विश्लेषण के आधार पर बुधवार को जारी खुशहाली सूचकांक (डब्ल्यूबीआई) और महिला सुरक्षा सूचकांक (एफएसआई) में बताया कि पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश खुशहाली सूचकांक में शीर्ष पर रहे जबकि छत्तीसगढ़, असम, झारखंड और बिहार इस मामले में सबसे निचले पायदान पर रहे। टाटा स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजू भिंगे ने बताया कि महिला सुरक्षा सूचकांक में मेट्रो शहरों में सबसे नीचे हैदराबाद और दिल्ली रहे जबकि चेन्नई और बेंगलुरु शीर्ष पर रहे। देश के दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित हैं जबकि हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान इस सूचकांक में सबसे नीचे रहे। देश में छह वर्ष तक के बच्चों का लिंगानुपात, दहेज के कारण होने वाली मौतों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे सामाजिक पैमानों का अध्ययन करने के बाद एफएसआई सूचकांक तैयार किया गया है। टिप्पणियां भिंगे ने कहा, ‘इस अध्ययन में कई दिलचस्प तथ्य सामने आए। एफसीआई में दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य शीर्ष पर हैं जबकि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और दिल्ली निचले पायदान पर हैं। डब्ल्यूबीआई की सूची में शीर्ष 10 स्थानों पर रहने वाले राज्यों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा शामिल हैं। डब्ल्यूबीआई और एफएसआई दोनों की सूची में शीर्ष 10 में शामिल होने वाला तमिलनाडु एकमात्र बड़ा राज्य है।’ महिला सुरक्षा सूचकांक के अध्ययन से पता चलता है कि इस मामले में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच खाई स्पष्ट है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दुष्कर्म के मामलों और दहेज से होने वाली मौतों में सबसे आगे है। दक्षिणी भारत के राज्य खुशहाली और महिला सुरक्षा सूचकांक दोनों में आगे रहे जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे आर्थिक रूप से सबसे खुशहाल कुछ राज्य महिला सुरक्षा के मामले में सबसे पीछे हैं। टाटा स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप ने विभिन्न सरकारी सूत्रों और सर्वेक्षणों के विश्लेषण के आधार पर बुधवार को जारी खुशहाली सूचकांक (डब्ल्यूबीआई) और महिला सुरक्षा सूचकांक (एफएसआई) में बताया कि पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश खुशहाली सूचकांक में शीर्ष पर रहे जबकि छत्तीसगढ़, असम, झारखंड और बिहार इस मामले में सबसे निचले पायदान पर रहे। टाटा स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजू भिंगे ने बताया कि महिला सुरक्षा सूचकांक में मेट्रो शहरों में सबसे नीचे हैदराबाद और दिल्ली रहे जबकि चेन्नई और बेंगलुरु शीर्ष पर रहे। देश के दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित हैं जबकि हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान इस सूचकांक में सबसे नीचे रहे। देश में छह वर्ष तक के बच्चों का लिंगानुपात, दहेज के कारण होने वाली मौतों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे सामाजिक पैमानों का अध्ययन करने के बाद एफएसआई सूचकांक तैयार किया गया है। टिप्पणियां भिंगे ने कहा, ‘इस अध्ययन में कई दिलचस्प तथ्य सामने आए। एफसीआई में दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य शीर्ष पर हैं जबकि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और दिल्ली निचले पायदान पर हैं। डब्ल्यूबीआई की सूची में शीर्ष 10 स्थानों पर रहने वाले राज्यों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा शामिल हैं। डब्ल्यूबीआई और एफएसआई दोनों की सूची में शीर्ष 10 में शामिल होने वाला तमिलनाडु एकमात्र बड़ा राज्य है।’ महिला सुरक्षा सूचकांक के अध्ययन से पता चलता है कि इस मामले में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच खाई स्पष्ट है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दुष्कर्म के मामलों और दहेज से होने वाली मौतों में सबसे आगे है। दक्षिणी भारत के राज्य खुशहाली और महिला सुरक्षा सूचकांक दोनों में आगे रहे जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे आर्थिक रूप से सबसे खुशहाल कुछ राज्य महिला सुरक्षा के मामले में सबसे पीछे हैं। टाटा स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजू भिंगे ने बताया कि महिला सुरक्षा सूचकांक में मेट्रो शहरों में सबसे नीचे हैदराबाद और दिल्ली रहे जबकि चेन्नई और बेंगलुरु शीर्ष पर रहे। देश के दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित हैं जबकि हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान इस सूचकांक में सबसे नीचे रहे। देश में छह वर्ष तक के बच्चों का लिंगानुपात, दहेज के कारण होने वाली मौतों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे सामाजिक पैमानों का अध्ययन करने के बाद एफएसआई सूचकांक तैयार किया गया है। टिप्पणियां भिंगे ने कहा, ‘इस अध्ययन में कई दिलचस्प तथ्य सामने आए। एफसीआई में दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य शीर्ष पर हैं जबकि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और दिल्ली निचले पायदान पर हैं। डब्ल्यूबीआई की सूची में शीर्ष 10 स्थानों पर रहने वाले राज्यों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा शामिल हैं। डब्ल्यूबीआई और एफएसआई दोनों की सूची में शीर्ष 10 में शामिल होने वाला तमिलनाडु एकमात्र बड़ा राज्य है।’ महिला सुरक्षा सूचकांक के अध्ययन से पता चलता है कि इस मामले में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच खाई स्पष्ट है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दुष्कर्म के मामलों और दहेज से होने वाली मौतों में सबसे आगे है। दक्षिणी भारत के राज्य खुशहाली और महिला सुरक्षा सूचकांक दोनों में आगे रहे जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे आर्थिक रूप से सबसे खुशहाल कुछ राज्य महिला सुरक्षा के मामले में सबसे पीछे हैं। देश में छह वर्ष तक के बच्चों का लिंगानुपात, दहेज के कारण होने वाली मौतों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे सामाजिक पैमानों का अध्ययन करने के बाद एफएसआई सूचकांक तैयार किया गया है। टिप्पणियां भिंगे ने कहा, ‘इस अध्ययन में कई दिलचस्प तथ्य सामने आए। एफसीआई में दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य शीर्ष पर हैं जबकि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और दिल्ली निचले पायदान पर हैं। डब्ल्यूबीआई की सूची में शीर्ष 10 स्थानों पर रहने वाले राज्यों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा शामिल हैं। डब्ल्यूबीआई और एफएसआई दोनों की सूची में शीर्ष 10 में शामिल होने वाला तमिलनाडु एकमात्र बड़ा राज्य है।’ महिला सुरक्षा सूचकांक के अध्ययन से पता चलता है कि इस मामले में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच खाई स्पष्ट है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दुष्कर्म के मामलों और दहेज से होने वाली मौतों में सबसे आगे है। दक्षिणी भारत के राज्य खुशहाली और महिला सुरक्षा सूचकांक दोनों में आगे रहे जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे आर्थिक रूप से सबसे खुशहाल कुछ राज्य महिला सुरक्षा के मामले में सबसे पीछे हैं। भिंगे ने कहा, ‘इस अध्ययन में कई दिलचस्प तथ्य सामने आए। एफसीआई में दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य शीर्ष पर हैं जबकि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और दिल्ली निचले पायदान पर हैं। डब्ल्यूबीआई की सूची में शीर्ष 10 स्थानों पर रहने वाले राज्यों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा शामिल हैं। डब्ल्यूबीआई और एफएसआई दोनों की सूची में शीर्ष 10 में शामिल होने वाला तमिलनाडु एकमात्र बड़ा राज्य है।’ महिला सुरक्षा सूचकांक के अध्ययन से पता चलता है कि इस मामले में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच खाई स्पष्ट है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दुष्कर्म के मामलों और दहेज से होने वाली मौतों में सबसे आगे है। दक्षिणी भारत के राज्य खुशहाली और महिला सुरक्षा सूचकांक दोनों में आगे रहे जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे आर्थिक रूप से सबसे खुशहाल कुछ राज्य महिला सुरक्षा के मामले में सबसे पीछे हैं। महिला सुरक्षा सूचकांक के अध्ययन से पता चलता है कि इस मामले में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच खाई स्पष्ट है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दुष्कर्म के मामलों और दहेज से होने वाली मौतों में सबसे आगे है। दक्षिणी भारत के राज्य खुशहाली और महिला सुरक्षा सूचकांक दोनों में आगे रहे जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे आर्थिक रूप से सबसे खुशहाल कुछ राज्य महिला सुरक्षा के मामले में सबसे पीछे हैं।
पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा देश के सबसे खुशहाल राज्यों में शामिल हैं जबकि दक्षिणी राज्य, गुजरात और अधिकतर पूर्वोत्तर राज्य महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित हैं।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजारों ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लि. (एनएसईएल) में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान संकट खड़ा करने वाले सभी डिफाल्टर को शेयर बाजार में कारोबार से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा इस बारे में दिए गए निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है। शेयर बाजारों के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक नौ डिफाल्टर पर कार्रवाई की गई है। यदि एनएसईएल के निवेशकों पर बकाया भुगतान करने में अन्य इकाइयां विफल रहती हैं, तो उन्हें भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना होगा। इस बारे में फैसला विभिन्न शेयर बाजारों ने सेबी के साथ विचार-विमर्श के साथ किया है।टिप्पणियां बाजार नियामक पहले ही एनएसईएल संकट के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है। इसमें कुछ ब्रोकरों की भूमिका की जांच की जा रही है। कथित तौर पर इन ब्रोकर पर पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं तथा धोखाधड़ी तथा अनुचित व्यापार व्यवहार रोधक नियमों के उल्लंघन के लिए यह जांच हो रही है। यह भी संदेह है कि कुछ ब्रोकर ने अपने सौदे निपटाने के लिए अपने ग्राहकों के कोष का इस्तेमाल किया। इन लोगों की इस दृष्टिकोण से भी जांच हो रही है कि इन्होंने समूह की दो सूचीबद्ध इकाइयों फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज तथा मल्टी कमोडिटी एक्सचेज के शेयरों में भेदिया सूचना के जरिये कारोबार की भी जांच की जा रही है। शेयर बाजारों के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक नौ डिफाल्टर पर कार्रवाई की गई है। यदि एनएसईएल के निवेशकों पर बकाया भुगतान करने में अन्य इकाइयां विफल रहती हैं, तो उन्हें भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना होगा। इस बारे में फैसला विभिन्न शेयर बाजारों ने सेबी के साथ विचार-विमर्श के साथ किया है।टिप्पणियां बाजार नियामक पहले ही एनएसईएल संकट के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है। इसमें कुछ ब्रोकरों की भूमिका की जांच की जा रही है। कथित तौर पर इन ब्रोकर पर पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं तथा धोखाधड़ी तथा अनुचित व्यापार व्यवहार रोधक नियमों के उल्लंघन के लिए यह जांच हो रही है। यह भी संदेह है कि कुछ ब्रोकर ने अपने सौदे निपटाने के लिए अपने ग्राहकों के कोष का इस्तेमाल किया। इन लोगों की इस दृष्टिकोण से भी जांच हो रही है कि इन्होंने समूह की दो सूचीबद्ध इकाइयों फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज तथा मल्टी कमोडिटी एक्सचेज के शेयरों में भेदिया सूचना के जरिये कारोबार की भी जांच की जा रही है। बाजार नियामक पहले ही एनएसईएल संकट के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है। इसमें कुछ ब्रोकरों की भूमिका की जांच की जा रही है। कथित तौर पर इन ब्रोकर पर पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं तथा धोखाधड़ी तथा अनुचित व्यापार व्यवहार रोधक नियमों के उल्लंघन के लिए यह जांच हो रही है। यह भी संदेह है कि कुछ ब्रोकर ने अपने सौदे निपटाने के लिए अपने ग्राहकों के कोष का इस्तेमाल किया। इन लोगों की इस दृष्टिकोण से भी जांच हो रही है कि इन्होंने समूह की दो सूचीबद्ध इकाइयों फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज तथा मल्टी कमोडिटी एक्सचेज के शेयरों में भेदिया सूचना के जरिये कारोबार की भी जांच की जा रही है। यह भी संदेह है कि कुछ ब्रोकर ने अपने सौदे निपटाने के लिए अपने ग्राहकों के कोष का इस्तेमाल किया। इन लोगों की इस दृष्टिकोण से भी जांच हो रही है कि इन्होंने समूह की दो सूचीबद्ध इकाइयों फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज तथा मल्टी कमोडिटी एक्सचेज के शेयरों में भेदिया सूचना के जरिये कारोबार की भी जांच की जा रही है।
सारांश: शेयर बाजारों ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लि. (एनएसईएल) में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान संकट खड़ा करने वाले सभी डिफाल्टर को शेयर बाजार में कारोबार से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: झारखंड के पाकुड़ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए BJP अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दुनियाभर में हिंदुओं की इच्छा के अनुरूप अयोध्या में चार महीने के अंदर एक भव्य राम मंदिर (Ram Temple) बनाने का काम शुरू हो जाएगा. अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से पूछा कि उन्होंने अयोध्या में राम जन्मभूमि मामले को क्यों खींचने की कोशिश की. शाह ने सिब्बल से पूछा, 'कांग्रेस नेता और एडवोकेट कपिल सिब्बल साहब ने कहा, 'अभी मत चलाएं केस, बाद में चलाएं. क्यों भाई आपके पेट में क्यों दर्द है?'  बता दें कि इससे पहले बीते गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद प्रकरण में नौ नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर सभी याचिकायें खारिज कर दीं. इस फैसले के बाद अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया था. प्रधान न्यायाधीश एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने चैंबर में इन पुनर्विचार याचिकाओं पर संक्षिप्त विचार के बाद उन्हें खारिज कर दिया.
यह एक सारांश है: अयोध्या में अगले 4 महीने में बनेगा भव्य मंदिर गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड में किया ऐलान गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल पर बोला हमला
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्य चयनकर्ता सनत जययूर्सा के अनुसार श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) और इसके अनुबंधित खिलाड़ियों के बीच विवाद बातचीत के बाद खत्म हो गया। जयसूर्या ने कहा, ‘मामला सुलझ गया है। कप्तान एंजेलो मैथ्यूज और उप कप्तान दिनेश चांदीमल ने मुझे सूचित किया कि सभी खिलाड़ी अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए हैं।’ खिलाड़ियों को तब जयसूर्या के मिलने के लिए बुलाया गया जब उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट की आज की समयसीमा तक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। हालांकि श्रीलंका क्रिकेट के सचिव निशांत रणतुंगा ने कहा कि खिलाड़ियों को नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए सोमवार सुबह दस बजे तक समय दिया गया है। सीनियर खिलाड़ी कुमार संगकारा ने बातचीत के बाद श्रीलंका क्रिकेट कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘हमें कहा गया कि मीडिया से कुछ नहीं कहें।’ एसएलसी को आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को देने से इनकार से खिलाड़ी गुस्से में थे।टिप्पणियां बोर्ड आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के भुगतान को पूरी तरह से बंद करना चाहता है। इस नई शर्त के अनुसार यदि श्रीलंका का कोई क्रिकेटर 2013 के टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़ता है और 26 मई को होने वाले फाइनल तक उसके साथ रहता है तो उसे एसएलसी से 16.4 प्रतिशत कम वेतन मिलेगा। खिलाड़ियों ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि श्रीलंका क्रिकेट साल में एक बार टूर के दौरान उनकी पत्नियों का खर्चा उठाने की सुविधा को भी हटाना चाहता है। खिलाड़ियों का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त हो गया है। जयसूर्या ने कहा, ‘मामला सुलझ गया है। कप्तान एंजेलो मैथ्यूज और उप कप्तान दिनेश चांदीमल ने मुझे सूचित किया कि सभी खिलाड़ी अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए हैं।’ खिलाड़ियों को तब जयसूर्या के मिलने के लिए बुलाया गया जब उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट की आज की समयसीमा तक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। हालांकि श्रीलंका क्रिकेट के सचिव निशांत रणतुंगा ने कहा कि खिलाड़ियों को नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए सोमवार सुबह दस बजे तक समय दिया गया है। सीनियर खिलाड़ी कुमार संगकारा ने बातचीत के बाद श्रीलंका क्रिकेट कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘हमें कहा गया कि मीडिया से कुछ नहीं कहें।’ एसएलसी को आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को देने से इनकार से खिलाड़ी गुस्से में थे।टिप्पणियां बोर्ड आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के भुगतान को पूरी तरह से बंद करना चाहता है। इस नई शर्त के अनुसार यदि श्रीलंका का कोई क्रिकेटर 2013 के टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़ता है और 26 मई को होने वाले फाइनल तक उसके साथ रहता है तो उसे एसएलसी से 16.4 प्रतिशत कम वेतन मिलेगा। खिलाड़ियों ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि श्रीलंका क्रिकेट साल में एक बार टूर के दौरान उनकी पत्नियों का खर्चा उठाने की सुविधा को भी हटाना चाहता है। खिलाड़ियों का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त हो गया है। खिलाड़ियों को तब जयसूर्या के मिलने के लिए बुलाया गया जब उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट की आज की समयसीमा तक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। हालांकि श्रीलंका क्रिकेट के सचिव निशांत रणतुंगा ने कहा कि खिलाड़ियों को नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए सोमवार सुबह दस बजे तक समय दिया गया है। सीनियर खिलाड़ी कुमार संगकारा ने बातचीत के बाद श्रीलंका क्रिकेट कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘हमें कहा गया कि मीडिया से कुछ नहीं कहें।’ एसएलसी को आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को देने से इनकार से खिलाड़ी गुस्से में थे।टिप्पणियां बोर्ड आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के भुगतान को पूरी तरह से बंद करना चाहता है। इस नई शर्त के अनुसार यदि श्रीलंका का कोई क्रिकेटर 2013 के टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़ता है और 26 मई को होने वाले फाइनल तक उसके साथ रहता है तो उसे एसएलसी से 16.4 प्रतिशत कम वेतन मिलेगा। खिलाड़ियों ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि श्रीलंका क्रिकेट साल में एक बार टूर के दौरान उनकी पत्नियों का खर्चा उठाने की सुविधा को भी हटाना चाहता है। खिलाड़ियों का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त हो गया है। हालांकि श्रीलंका क्रिकेट के सचिव निशांत रणतुंगा ने कहा कि खिलाड़ियों को नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए सोमवार सुबह दस बजे तक समय दिया गया है। सीनियर खिलाड़ी कुमार संगकारा ने बातचीत के बाद श्रीलंका क्रिकेट कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘हमें कहा गया कि मीडिया से कुछ नहीं कहें।’ एसएलसी को आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को देने से इनकार से खिलाड़ी गुस्से में थे।टिप्पणियां बोर्ड आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के भुगतान को पूरी तरह से बंद करना चाहता है। इस नई शर्त के अनुसार यदि श्रीलंका का कोई क्रिकेटर 2013 के टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़ता है और 26 मई को होने वाले फाइनल तक उसके साथ रहता है तो उसे एसएलसी से 16.4 प्रतिशत कम वेतन मिलेगा। खिलाड़ियों ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि श्रीलंका क्रिकेट साल में एक बार टूर के दौरान उनकी पत्नियों का खर्चा उठाने की सुविधा को भी हटाना चाहता है। खिलाड़ियों का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त हो गया है। सीनियर खिलाड़ी कुमार संगकारा ने बातचीत के बाद श्रीलंका क्रिकेट कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘हमें कहा गया कि मीडिया से कुछ नहीं कहें।’ एसएलसी को आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को देने से इनकार से खिलाड़ी गुस्से में थे।टिप्पणियां बोर्ड आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के भुगतान को पूरी तरह से बंद करना चाहता है। इस नई शर्त के अनुसार यदि श्रीलंका का कोई क्रिकेटर 2013 के टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़ता है और 26 मई को होने वाले फाइनल तक उसके साथ रहता है तो उसे एसएलसी से 16.4 प्रतिशत कम वेतन मिलेगा। खिलाड़ियों ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि श्रीलंका क्रिकेट साल में एक बार टूर के दौरान उनकी पत्नियों का खर्चा उठाने की सुविधा को भी हटाना चाहता है। खिलाड़ियों का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त हो गया है। एसएलसी को आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को देने से इनकार से खिलाड़ी गुस्से में थे।टिप्पणियां बोर्ड आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के भुगतान को पूरी तरह से बंद करना चाहता है। इस नई शर्त के अनुसार यदि श्रीलंका का कोई क्रिकेटर 2013 के टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़ता है और 26 मई को होने वाले फाइनल तक उसके साथ रहता है तो उसे एसएलसी से 16.4 प्रतिशत कम वेतन मिलेगा। खिलाड़ियों ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि श्रीलंका क्रिकेट साल में एक बार टूर के दौरान उनकी पत्नियों का खर्चा उठाने की सुविधा को भी हटाना चाहता है। खिलाड़ियों का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त हो गया है। बोर्ड आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के भुगतान को पूरी तरह से बंद करना चाहता है। इस नई शर्त के अनुसार यदि श्रीलंका का कोई क्रिकेटर 2013 के टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़ता है और 26 मई को होने वाले फाइनल तक उसके साथ रहता है तो उसे एसएलसी से 16.4 प्रतिशत कम वेतन मिलेगा। खिलाड़ियों ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि श्रीलंका क्रिकेट साल में एक बार टूर के दौरान उनकी पत्नियों का खर्चा उठाने की सुविधा को भी हटाना चाहता है। खिलाड़ियों का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त हो गया है। खिलाड़ियों ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि श्रीलंका क्रिकेट साल में एक बार टूर के दौरान उनकी पत्नियों का खर्चा उठाने की सुविधा को भी हटाना चाहता है। खिलाड़ियों का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त हो गया है।
मुख्य चयनकर्ता सनत जययूर्सा के अनुसार श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) और इसके अनुबंधित खिलाड़ियों के बीच विवाद बातचीत के बाद खत्म हो गया।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Saaho Box Office Collection Day 12: साउथ के सुपरस्टार प्रभास (Prabhas) और श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की फिल्म 'साहो' (Saaho) बॉक्स ऑफिस (Saaho Box Office Collection) 12 दिन बाद भी धांसू कमाई कर रही है. प्रभास की फिल्म कमाई के नए-नए कीर्तिमान भी स्थापित कर रही है. प्रभास (Prabhas) और श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की इस फिल्म को वर्ड टू माउथ से भी काफी प्रमोशन मिल रहा है. और इसी का नतीजा है कि फिल्म 'साहो' (Saaho) के हिंदी वर्जन ने 12वें दिन यानी मंगलवार को भी 3-4 करोड़ के बीच में कमाई कर डाली है.  प्रभास (Prabhas) और श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की फिल्म 'साहो' (Saaho) का क्रेज फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है. फिल्म में प्रभास के जबरदस्त एक्शन की लोग खूब सराहना कर रहे हैं. फिल्म के हिंदी वर्जन ने 12 दिन में कुल 138 करोड़ की कमाई कर ली है. ऑल ओवर इंडिया में फिल्म के सभी वर्जन की बात करें तो  'साहो' 300 करोड़ कमाने के करीब पहुंच गई है. प्रभास और श्रद्धा कपूर की फिल्म की विदेशों में जमकर धूम मची हुई है. प्रभास (Prabhas) और श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की फिल्म 'साहो' (Saaho) के क्रेज को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि फिल्म जल्द ही 300 करोड़ के आंकड़े के पास पहुंचेगी. प्रभास पिछली बार जहां वे पारंपरिक अंदाज में एक्शन करते नजर आए थे तो इस बार एकदम मॉडर्न अंदाज में दुश्मनों के दांत खट्टे कर रहे हैं. हॉलीवुड स्टाइल हर मसाला समेटे 'साहो (Saaho)' के एक्शन सांसें रोक देते हैं. फिर प्रभास एक्शन करते हुए लगते भी कमाल हैं. कुल मिलाकर लोगों में फिल्म को लेकर दीवानगी बरकरार है.
यह एक सारांश है: 'साहो' ने 12वें दिन भी की धांसू कमाई अब तक कमाए इतने करोड़ प्रभास का फिल्म में दमदार एक्शन
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने ईद के मौके पर 125 कश्मीरी छात्रों के लिए दोपहर के भोज (लंच) का आयोजन किया. ये छात्र राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं. वे घाटी में अपने परिवारों के पास नहीं जा सके, ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा भोज पर आमंत्रण उनके लिए अचरज भरा रहा. मुख्यमंत्री ने भरोसा जाहिर करते हुए कहा कि कश्मीर में हालात जल्द सुधरेंगे. अमरिंदर सिंह ने युवाओं को त्योहार की बधाई दी. उन्होंने पंजाब में छात्रों की सुरक्षा का भरोसा देते हुए कहा, "हम आपके परिवार की जगह नहीं ले सकते, लेकिन हम उम्मीद करते है कि आप हमें अपने परिवार की तरह समझेंगे." मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनकी हार्दिक इच्छा थी कि ईद का त्योहार वह उनके साथ मनाएं. सिंह ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनके परिवार सुरक्षित होंगे और वे जल्द उनसे मिलने में सक्षम होंगे.   सिंह ने कहा कि वह कुछ समय से व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रम की वजह से कश्मीर नहीं गए हैं, लेकिन वह खूबसूरत घाटी को अपना दूसरा घर मानते हैं. मुख्यमंत्री की संवेदनाओं के जवाब में छात्रों ने कहा कि वे भी पंजाब को अपना दूसरा घर मानते हैं और हमेशा सुरक्षित महसूस करते हैं, यहां तक कि पुलवामा हमले के बाद भी उन्होंने ऐसा महसूस किया. फाइक सलेम ने कहा, "हमने पंजाबियों का बड़ा दिल देखा है." एक छात्रा फरजाना हफीज ने कहा, "आज यहां आना हमें अपने परिवार की याद दिला गया." उन्होंने कहा कि ईद के मौके पर घर नहीं होने की बात सोचकर, आमंत्रण नहीं मिलने तक उन्हें अकेलापन महसूस हो रहा था.
यह एक सारांश है: अमरिंदर सिंह ने छात्रों को दिया विशेष भोज 125 कश्मीरी छात्रों को दोपहर भोज पर बुलाया घर नहीं जा पाए थे ये कश्मीरी छात्र
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ तनाव को कम करने के लिए विदेशमंत्रियों की बातचीत के पक्ष में नहीं है जैसा कि पाकिस्तानी विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार ने प्रस्ताव किया है। बातचीत के लिए खार की पेशकश पर बहुत उत्साह नहीं दिखाते हुए विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि मंत्रियों के बीच सीधी बातचीत जल्दबाजी में नहीं हो सकती। खार ने बुधवार को रात इस्लामाबाद में जारी एक बयान में कहा था, ‘‘... दोनों देशों के लिए यही सुझाव है कि संघर्षविराम के सम्मान को बहाल करने के लिए वे नियंत्रण रेखा से संबंधित सभी मुद्दों पर बातचीत करें। संभव हो तो यह बातचीत विदेशमंत्री के स्तर पर हो जिससे समाधान निकाला जा सके।’’ भारत के आगे के कदम के बारे में खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमें मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और हमें कदम दर कदम आगे बढ़ना चाहिए।’’ इस बीच खुर्शीद और रक्षामंत्री एके एंटनी ने गुरुवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा पर हुई घटना के फलस्वरूप उत्पन्न हालात के बारे में जानकारी दी। टिप्पणियां इस घटना में दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी गई थी और पाकिस्तानियों ने एक भारतीय सैनिक का सिर धड़ से अलग कर दिया था। समझा जाता है कि खुर्शीद ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बताया कि पाकिस्तान ने घटना की संयुक्त राष्ट्र से जांच कराने की पूर्व की मांग पर लचीला रुख अपनाया है और अब वह द्विपक्षीय वार्ता चाहता है। बातचीत के लिए खार की पेशकश पर बहुत उत्साह नहीं दिखाते हुए विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि मंत्रियों के बीच सीधी बातचीत जल्दबाजी में नहीं हो सकती। खार ने बुधवार को रात इस्लामाबाद में जारी एक बयान में कहा था, ‘‘... दोनों देशों के लिए यही सुझाव है कि संघर्षविराम के सम्मान को बहाल करने के लिए वे नियंत्रण रेखा से संबंधित सभी मुद्दों पर बातचीत करें। संभव हो तो यह बातचीत विदेशमंत्री के स्तर पर हो जिससे समाधान निकाला जा सके।’’ भारत के आगे के कदम के बारे में खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमें मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और हमें कदम दर कदम आगे बढ़ना चाहिए।’’ इस बीच खुर्शीद और रक्षामंत्री एके एंटनी ने गुरुवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा पर हुई घटना के फलस्वरूप उत्पन्न हालात के बारे में जानकारी दी। टिप्पणियां इस घटना में दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी गई थी और पाकिस्तानियों ने एक भारतीय सैनिक का सिर धड़ से अलग कर दिया था। समझा जाता है कि खुर्शीद ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बताया कि पाकिस्तान ने घटना की संयुक्त राष्ट्र से जांच कराने की पूर्व की मांग पर लचीला रुख अपनाया है और अब वह द्विपक्षीय वार्ता चाहता है। खार ने बुधवार को रात इस्लामाबाद में जारी एक बयान में कहा था, ‘‘... दोनों देशों के लिए यही सुझाव है कि संघर्षविराम के सम्मान को बहाल करने के लिए वे नियंत्रण रेखा से संबंधित सभी मुद्दों पर बातचीत करें। संभव हो तो यह बातचीत विदेशमंत्री के स्तर पर हो जिससे समाधान निकाला जा सके।’’ भारत के आगे के कदम के बारे में खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमें मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और हमें कदम दर कदम आगे बढ़ना चाहिए।’’ इस बीच खुर्शीद और रक्षामंत्री एके एंटनी ने गुरुवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा पर हुई घटना के फलस्वरूप उत्पन्न हालात के बारे में जानकारी दी। टिप्पणियां इस घटना में दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी गई थी और पाकिस्तानियों ने एक भारतीय सैनिक का सिर धड़ से अलग कर दिया था। समझा जाता है कि खुर्शीद ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बताया कि पाकिस्तान ने घटना की संयुक्त राष्ट्र से जांच कराने की पूर्व की मांग पर लचीला रुख अपनाया है और अब वह द्विपक्षीय वार्ता चाहता है। भारत के आगे के कदम के बारे में खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमें मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और हमें कदम दर कदम आगे बढ़ना चाहिए।’’ इस बीच खुर्शीद और रक्षामंत्री एके एंटनी ने गुरुवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा पर हुई घटना के फलस्वरूप उत्पन्न हालात के बारे में जानकारी दी। टिप्पणियां इस घटना में दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी गई थी और पाकिस्तानियों ने एक भारतीय सैनिक का सिर धड़ से अलग कर दिया था। समझा जाता है कि खुर्शीद ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बताया कि पाकिस्तान ने घटना की संयुक्त राष्ट्र से जांच कराने की पूर्व की मांग पर लचीला रुख अपनाया है और अब वह द्विपक्षीय वार्ता चाहता है। इस घटना में दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी गई थी और पाकिस्तानियों ने एक भारतीय सैनिक का सिर धड़ से अलग कर दिया था। समझा जाता है कि खुर्शीद ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बताया कि पाकिस्तान ने घटना की संयुक्त राष्ट्र से जांच कराने की पूर्व की मांग पर लचीला रुख अपनाया है और अब वह द्विपक्षीय वार्ता चाहता है। समझा जाता है कि खुर्शीद ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बताया कि पाकिस्तान ने घटना की संयुक्त राष्ट्र से जांच कराने की पूर्व की मांग पर लचीला रुख अपनाया है और अब वह द्विपक्षीय वार्ता चाहता है।
संक्षिप्त सारांश: भारत नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ तनाव को कम करने के लिए विदेशमंत्रियों की बातचीत के पक्ष में नहीं है जैसा कि पाकिस्तानी विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार ने प्रस्ताव किया है।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के तीन सदस्यीय मुक्केबाजी दल को कल से रियो में शुरू हो रही ओलिंपिक की स्पर्धा में कड़ी चुनौती मिलेगी लेकिन उनका इरादा भारत में लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक अस्थिरता से त्रस्त हो चुके खेल का पुनरोत्थान करना है. शिवा थापा (56 किलो), मनोज कुमार (64 किलो) और विकास कृष्णन (75 किलो) ओलिंपिक की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारतीय चुनौती पेश करेंगे. लंदन ओलिंपिक में भारत के आठ मुक्केबाज उतरे थे. इन तीनों में सिर्फ विकास को सातवीं वरीयता मिली है जबकि किसी को भी पहले दौर में बाय नहीं मिला है. एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास का सामना 10 अगस्त को 18 बरस के अमेरिकी चार्ल्स कोनवेल से होगा. शिवा नौ अगस्त को क्यूबा के छठी वरीयता प्राप्त रोबेइसी रामिरेज से खेलेंगे. दोनों का सामना 2010 युवा ओलिंपिक फाइनल में हो चुका है जिसमें शिवा को पराजय झेलनी पड़ी थी. राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता रहे मनोज 10 अगस्त को लिथुआनिया के पूर्व युवा ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवाल्डास पेत्राउस्कास से खेलेंगे .टिप्पणियां मुक्केबाजी में भारत ने अभी तक दो ओलिंपिक पदक जीते हैं. बीजिंग ओलिंपिक 2008 में विजेंदर सिंह ने 75 किलो में कांस्य पदक जीता था जबकि 2012 में एम सी मेरीकाम ने महिलाओं के 51 किलो में कांस्य पदक हासिल किया . इस बार कोई भारतीय महिला मुक्केबाज क्वालीफाई नहीं कर सकी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवा थापा (56 किलो), मनोज कुमार (64 किलो) और विकास कृष्णन (75 किलो) ओलिंपिक की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारतीय चुनौती पेश करेंगे. लंदन ओलिंपिक में भारत के आठ मुक्केबाज उतरे थे. इन तीनों में सिर्फ विकास को सातवीं वरीयता मिली है जबकि किसी को भी पहले दौर में बाय नहीं मिला है. एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास का सामना 10 अगस्त को 18 बरस के अमेरिकी चार्ल्स कोनवेल से होगा. शिवा नौ अगस्त को क्यूबा के छठी वरीयता प्राप्त रोबेइसी रामिरेज से खेलेंगे. दोनों का सामना 2010 युवा ओलिंपिक फाइनल में हो चुका है जिसमें शिवा को पराजय झेलनी पड़ी थी. राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता रहे मनोज 10 अगस्त को लिथुआनिया के पूर्व युवा ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवाल्डास पेत्राउस्कास से खेलेंगे .टिप्पणियां मुक्केबाजी में भारत ने अभी तक दो ओलिंपिक पदक जीते हैं. बीजिंग ओलिंपिक 2008 में विजेंदर सिंह ने 75 किलो में कांस्य पदक जीता था जबकि 2012 में एम सी मेरीकाम ने महिलाओं के 51 किलो में कांस्य पदक हासिल किया . इस बार कोई भारतीय महिला मुक्केबाज क्वालीफाई नहीं कर सकी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इन तीनों में सिर्फ विकास को सातवीं वरीयता मिली है जबकि किसी को भी पहले दौर में बाय नहीं मिला है. एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास का सामना 10 अगस्त को 18 बरस के अमेरिकी चार्ल्स कोनवेल से होगा. शिवा नौ अगस्त को क्यूबा के छठी वरीयता प्राप्त रोबेइसी रामिरेज से खेलेंगे. दोनों का सामना 2010 युवा ओलिंपिक फाइनल में हो चुका है जिसमें शिवा को पराजय झेलनी पड़ी थी. राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता रहे मनोज 10 अगस्त को लिथुआनिया के पूर्व युवा ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवाल्डास पेत्राउस्कास से खेलेंगे .टिप्पणियां मुक्केबाजी में भारत ने अभी तक दो ओलिंपिक पदक जीते हैं. बीजिंग ओलिंपिक 2008 में विजेंदर सिंह ने 75 किलो में कांस्य पदक जीता था जबकि 2012 में एम सी मेरीकाम ने महिलाओं के 51 किलो में कांस्य पदक हासिल किया . इस बार कोई भारतीय महिला मुक्केबाज क्वालीफाई नहीं कर सकी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवा नौ अगस्त को क्यूबा के छठी वरीयता प्राप्त रोबेइसी रामिरेज से खेलेंगे. दोनों का सामना 2010 युवा ओलिंपिक फाइनल में हो चुका है जिसमें शिवा को पराजय झेलनी पड़ी थी. राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता रहे मनोज 10 अगस्त को लिथुआनिया के पूर्व युवा ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवाल्डास पेत्राउस्कास से खेलेंगे .टिप्पणियां मुक्केबाजी में भारत ने अभी तक दो ओलिंपिक पदक जीते हैं. बीजिंग ओलिंपिक 2008 में विजेंदर सिंह ने 75 किलो में कांस्य पदक जीता था जबकि 2012 में एम सी मेरीकाम ने महिलाओं के 51 किलो में कांस्य पदक हासिल किया . इस बार कोई भारतीय महिला मुक्केबाज क्वालीफाई नहीं कर सकी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता रहे मनोज 10 अगस्त को लिथुआनिया के पूर्व युवा ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवाल्डास पेत्राउस्कास से खेलेंगे .टिप्पणियां मुक्केबाजी में भारत ने अभी तक दो ओलिंपिक पदक जीते हैं. बीजिंग ओलिंपिक 2008 में विजेंदर सिंह ने 75 किलो में कांस्य पदक जीता था जबकि 2012 में एम सी मेरीकाम ने महिलाओं के 51 किलो में कांस्य पदक हासिल किया . इस बार कोई भारतीय महिला मुक्केबाज क्वालीफाई नहीं कर सकी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुक्केबाजी में भारत ने अभी तक दो ओलिंपिक पदक जीते हैं. बीजिंग ओलिंपिक 2008 में विजेंदर सिंह ने 75 किलो में कांस्य पदक जीता था जबकि 2012 में एम सी मेरीकाम ने महिलाओं के 51 किलो में कांस्य पदक हासिल किया . इस बार कोई भारतीय महिला मुक्केबाज क्वालीफाई नहीं कर सकी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: भारत की तीन सदस्यीय मुक्केबाजी टीम लेगी ओलिंपिक में हिस्सा. पिछले ओलिंपिक में आठ भारतीय मुक्केबाजों ने लिया था हिस्सा. मुक्केबाजी में भारत ने अब तक जीते हैं 2 ओलिंपिक पदक.
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री वी नारायणसामी ने गुरुवार को राज्यसभा में लोकपाल बिल पेश किया, लेकिन सदन में पीएम की गैरमौजूदगी पर विपक्ष ने काफी हंगामा खड़ा किया, हालांकि थोड़ी देर बाद पीएम सदन में पहुंच गए। बसपा नेता सतीश मिश्रा ने पार्टी की ओर से लोकपाल बिल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मजबूत नहीं मजबूर लोकपाल होगा। बिल पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में बीजेपी के नेता अरुण जेटली ने कहा कि सरकार एक कमजोर लोकपाल बिल लाई है, और सरकार लोकपाल की 'गर्भ' में ही हत्या कर देना चाहती है। जेटली ने कहा कि इस बिल को संशोधनों के साथ पास किया जाए, और इसे पारित किए बिना सदन को उठना ही नहीं चाहिए। सूत्रों के अनुसार तृणमूल ने साफ कह दिया है कि लोकपाल बिल में लोकायुक्त के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। वहीं, सरकार का कहना है कि वह तृणमूल पर पूरा भरोसा कर रही है और राज्यसभा में उसे तृणमूल से अपने पक्ष में मतदान की उम्मीद है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने भी कहा है कि वह लोकपाल बिल में सात संशोधनों के साथ राज्यसभा में आएगी। सपा ने कुछ और छोटे दलों को अपने साथ मिलाने की रणनीति भी बना ली है। राज्यसभा के नंबर गेम को जीतना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है, क्योंकि उसके पास बहुमत नहीं है। सरकार यहां बिल पास कराने के लिए बीएसपी, एसपी और आरजेडी के भरोसे है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार का कहना है कि वह तृणमूल पर पूरा भरोसा कर रही है और राज्यसभा में उसे तृणमूल से अपने पक्ष में मतदान की उम्मीद है।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: कैशलेश लेनदेन को पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि हमने शत प्रतिशत कैशलेश की बात नहीं कही है लेकिन अगर 15-20 प्रतिशत लोग भी कैशलेस लेनदेन की ओर चले जाते हैं तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि यह पारदर्शी और कारगर है. देश में कैशलेस लेनदेन की सरकार की मुहिम को लेकर कुछ वर्गों की चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि दुनिया में कई देशों में कैशलेस लेनदेन की सुविधा है. वहां ऐसा लेनदेन हो रहा है. ‘हमने कभी नहीं कहा कि हम 100 प्रतिशत कैशलेस होंगे. लेकिन अगर 15-20 प्रतिशत लोग भी कैशलेस लेनदेन की ओर चले जाते हैं तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि यह पारदर्शी और कारगर है.’ उनसे पूछा गया था कि भारत जैसे बड़े देश में शत प्रतिशत कैशलेश लेनदेन कैसे संभव है. नोटबंदी की घोषणा के एक महीने से अधिक समय गुजरने के बाद भी बैंकों और एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइनों के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि यह बात सही है कि 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मुद्रा थी, जिसको वापस लिया जा रहा है. स्वाभाविक है कि कुछ असुविधा होगी. अस्पतालों, पेंशनधारक बुजुर्गों, महिलाओं को बैंकों में अभी भी पेश आ रही परेशानियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही 50 दिन के कष्ट की बात कही है. अभी बैंकों की कुछ शिकायतें आ रही है उस पर हमने ध्यान दिया है और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने अस्पतालों एवं अन्य लोगों से सम्पर्क किया और लोगों की परेशानियां धीरे धीरे कम हो रही हैं. पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया में अब सामान्य लोग नहीं आ रहे हैं. संतोष गंगवार ने कहा कि मैं ऐसा महसूस करता हूं कि धीरे-धीरे लाइनें कम हो रही हैं. अभी महीने के दो ही हफ्ते गुजरे हैं. पहले हफ्ते में सभी को तनख्वाह मिलनी थी इसी कारण भीड़ बढ़ी. कुछ लोग पैसे बैंक में ही रखना चाहते हैं. लोगों को लगातार तनख्वाह मिल रही है भले ही कम लोगों को मिल पा रही हो लेकिन सभी बैंकों में पैसा जा रहा है. लोगों को असुविधा है, हम मान सकते हैं लेकिन जल्द इसका समाधान निकल जायेगा. बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि वे इस बारे में नहीं बता सकते लेकिन जो शिकायतें मिल रही हैं उन पर कारवाई की जा रही है. आरएसएस के चिंतक गुरुमूर्ति के 2000 का नोट बंद करने और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा नोटबंदी के बाद विकास दर कम होने के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये उनके अपने विचार हो सकते हैं. किसी आर्थिक विशेषज्ञ के बयान के बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हम केवल सरकार का पक्ष रख सकते हैं और सरकार का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करना और वृहद आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है. नोटबंदी के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चले यह सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है, सरकार की थोड़ी ज्यादा है. और इसलिए हम पहले दिन से नोटबंदी पर चर्चा करने को तैयार थे. लेकिन कुछ विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने बेतुकी शर्ते रख दीं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) देश में कैशलेस लेनदेन की सरकार की मुहिम को लेकर कुछ वर्गों की चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि दुनिया में कई देशों में कैशलेस लेनदेन की सुविधा है. वहां ऐसा लेनदेन हो रहा है. ‘हमने कभी नहीं कहा कि हम 100 प्रतिशत कैशलेस होंगे. लेकिन अगर 15-20 प्रतिशत लोग भी कैशलेस लेनदेन की ओर चले जाते हैं तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि यह पारदर्शी और कारगर है.’ उनसे पूछा गया था कि भारत जैसे बड़े देश में शत प्रतिशत कैशलेश लेनदेन कैसे संभव है. नोटबंदी की घोषणा के एक महीने से अधिक समय गुजरने के बाद भी बैंकों और एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइनों के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि यह बात सही है कि 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मुद्रा थी, जिसको वापस लिया जा रहा है. स्वाभाविक है कि कुछ असुविधा होगी. अस्पतालों, पेंशनधारक बुजुर्गों, महिलाओं को बैंकों में अभी भी पेश आ रही परेशानियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही 50 दिन के कष्ट की बात कही है. अभी बैंकों की कुछ शिकायतें आ रही है उस पर हमने ध्यान दिया है और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने अस्पतालों एवं अन्य लोगों से सम्पर्क किया और लोगों की परेशानियां धीरे धीरे कम हो रही हैं. पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया में अब सामान्य लोग नहीं आ रहे हैं. संतोष गंगवार ने कहा कि मैं ऐसा महसूस करता हूं कि धीरे-धीरे लाइनें कम हो रही हैं. अभी महीने के दो ही हफ्ते गुजरे हैं. पहले हफ्ते में सभी को तनख्वाह मिलनी थी इसी कारण भीड़ बढ़ी. कुछ लोग पैसे बैंक में ही रखना चाहते हैं. लोगों को लगातार तनख्वाह मिल रही है भले ही कम लोगों को मिल पा रही हो लेकिन सभी बैंकों में पैसा जा रहा है. लोगों को असुविधा है, हम मान सकते हैं लेकिन जल्द इसका समाधान निकल जायेगा. बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि वे इस बारे में नहीं बता सकते लेकिन जो शिकायतें मिल रही हैं उन पर कारवाई की जा रही है. आरएसएस के चिंतक गुरुमूर्ति के 2000 का नोट बंद करने और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा नोटबंदी के बाद विकास दर कम होने के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये उनके अपने विचार हो सकते हैं. किसी आर्थिक विशेषज्ञ के बयान के बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हम केवल सरकार का पक्ष रख सकते हैं और सरकार का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करना और वृहद आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है. नोटबंदी के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चले यह सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है, सरकार की थोड़ी ज्यादा है. और इसलिए हम पहले दिन से नोटबंदी पर चर्चा करने को तैयार थे. लेकिन कुछ विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने बेतुकी शर्ते रख दीं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नोटबंदी की घोषणा के एक महीने से अधिक समय गुजरने के बाद भी बैंकों और एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइनों के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि यह बात सही है कि 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मुद्रा थी, जिसको वापस लिया जा रहा है. स्वाभाविक है कि कुछ असुविधा होगी. अस्पतालों, पेंशनधारक बुजुर्गों, महिलाओं को बैंकों में अभी भी पेश आ रही परेशानियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही 50 दिन के कष्ट की बात कही है. अभी बैंकों की कुछ शिकायतें आ रही है उस पर हमने ध्यान दिया है और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने अस्पतालों एवं अन्य लोगों से सम्पर्क किया और लोगों की परेशानियां धीरे धीरे कम हो रही हैं. पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया में अब सामान्य लोग नहीं आ रहे हैं. संतोष गंगवार ने कहा कि मैं ऐसा महसूस करता हूं कि धीरे-धीरे लाइनें कम हो रही हैं. अभी महीने के दो ही हफ्ते गुजरे हैं. पहले हफ्ते में सभी को तनख्वाह मिलनी थी इसी कारण भीड़ बढ़ी. कुछ लोग पैसे बैंक में ही रखना चाहते हैं. लोगों को लगातार तनख्वाह मिल रही है भले ही कम लोगों को मिल पा रही हो लेकिन सभी बैंकों में पैसा जा रहा है. लोगों को असुविधा है, हम मान सकते हैं लेकिन जल्द इसका समाधान निकल जायेगा. बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि वे इस बारे में नहीं बता सकते लेकिन जो शिकायतें मिल रही हैं उन पर कारवाई की जा रही है. आरएसएस के चिंतक गुरुमूर्ति के 2000 का नोट बंद करने और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा नोटबंदी के बाद विकास दर कम होने के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये उनके अपने विचार हो सकते हैं. किसी आर्थिक विशेषज्ञ के बयान के बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हम केवल सरकार का पक्ष रख सकते हैं और सरकार का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करना और वृहद आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है. नोटबंदी के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चले यह सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है, सरकार की थोड़ी ज्यादा है. और इसलिए हम पहले दिन से नोटबंदी पर चर्चा करने को तैयार थे. लेकिन कुछ विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने बेतुकी शर्ते रख दीं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अस्पतालों, पेंशनधारक बुजुर्गों, महिलाओं को बैंकों में अभी भी पेश आ रही परेशानियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही 50 दिन के कष्ट की बात कही है. अभी बैंकों की कुछ शिकायतें आ रही है उस पर हमने ध्यान दिया है और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने अस्पतालों एवं अन्य लोगों से सम्पर्क किया और लोगों की परेशानियां धीरे धीरे कम हो रही हैं. पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया में अब सामान्य लोग नहीं आ रहे हैं. संतोष गंगवार ने कहा कि मैं ऐसा महसूस करता हूं कि धीरे-धीरे लाइनें कम हो रही हैं. अभी महीने के दो ही हफ्ते गुजरे हैं. पहले हफ्ते में सभी को तनख्वाह मिलनी थी इसी कारण भीड़ बढ़ी. कुछ लोग पैसे बैंक में ही रखना चाहते हैं. लोगों को लगातार तनख्वाह मिल रही है भले ही कम लोगों को मिल पा रही हो लेकिन सभी बैंकों में पैसा जा रहा है. लोगों को असुविधा है, हम मान सकते हैं लेकिन जल्द इसका समाधान निकल जायेगा. बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि वे इस बारे में नहीं बता सकते लेकिन जो शिकायतें मिल रही हैं उन पर कारवाई की जा रही है. आरएसएस के चिंतक गुरुमूर्ति के 2000 का नोट बंद करने और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा नोटबंदी के बाद विकास दर कम होने के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये उनके अपने विचार हो सकते हैं. किसी आर्थिक विशेषज्ञ के बयान के बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हम केवल सरकार का पक्ष रख सकते हैं और सरकार का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करना और वृहद आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है. नोटबंदी के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चले यह सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है, सरकार की थोड़ी ज्यादा है. और इसलिए हम पहले दिन से नोटबंदी पर चर्चा करने को तैयार थे. लेकिन कुछ विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने बेतुकी शर्ते रख दीं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि हमने अस्पतालों एवं अन्य लोगों से सम्पर्क किया और लोगों की परेशानियां धीरे धीरे कम हो रही हैं. पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया में अब सामान्य लोग नहीं आ रहे हैं. संतोष गंगवार ने कहा कि मैं ऐसा महसूस करता हूं कि धीरे-धीरे लाइनें कम हो रही हैं. अभी महीने के दो ही हफ्ते गुजरे हैं. पहले हफ्ते में सभी को तनख्वाह मिलनी थी इसी कारण भीड़ बढ़ी. कुछ लोग पैसे बैंक में ही रखना चाहते हैं. लोगों को लगातार तनख्वाह मिल रही है भले ही कम लोगों को मिल पा रही हो लेकिन सभी बैंकों में पैसा जा रहा है. लोगों को असुविधा है, हम मान सकते हैं लेकिन जल्द इसका समाधान निकल जायेगा. बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि वे इस बारे में नहीं बता सकते लेकिन जो शिकायतें मिल रही हैं उन पर कारवाई की जा रही है. आरएसएस के चिंतक गुरुमूर्ति के 2000 का नोट बंद करने और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा नोटबंदी के बाद विकास दर कम होने के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये उनके अपने विचार हो सकते हैं. किसी आर्थिक विशेषज्ञ के बयान के बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हम केवल सरकार का पक्ष रख सकते हैं और सरकार का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करना और वृहद आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है. नोटबंदी के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चले यह सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है, सरकार की थोड़ी ज्यादा है. और इसलिए हम पहले दिन से नोटबंदी पर चर्चा करने को तैयार थे. लेकिन कुछ विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने बेतुकी शर्ते रख दीं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संतोष गंगवार ने कहा कि मैं ऐसा महसूस करता हूं कि धीरे-धीरे लाइनें कम हो रही हैं. अभी महीने के दो ही हफ्ते गुजरे हैं. पहले हफ्ते में सभी को तनख्वाह मिलनी थी इसी कारण भीड़ बढ़ी. कुछ लोग पैसे बैंक में ही रखना चाहते हैं. लोगों को लगातार तनख्वाह मिल रही है भले ही कम लोगों को मिल पा रही हो लेकिन सभी बैंकों में पैसा जा रहा है. लोगों को असुविधा है, हम मान सकते हैं लेकिन जल्द इसका समाधान निकल जायेगा. बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि वे इस बारे में नहीं बता सकते लेकिन जो शिकायतें मिल रही हैं उन पर कारवाई की जा रही है. आरएसएस के चिंतक गुरुमूर्ति के 2000 का नोट बंद करने और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा नोटबंदी के बाद विकास दर कम होने के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये उनके अपने विचार हो सकते हैं. किसी आर्थिक विशेषज्ञ के बयान के बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हम केवल सरकार का पक्ष रख सकते हैं और सरकार का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करना और वृहद आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है. नोटबंदी के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चले यह सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है, सरकार की थोड़ी ज्यादा है. और इसलिए हम पहले दिन से नोटबंदी पर चर्चा करने को तैयार थे. लेकिन कुछ विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने बेतुकी शर्ते रख दीं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि वे इस बारे में नहीं बता सकते लेकिन जो शिकायतें मिल रही हैं उन पर कारवाई की जा रही है. आरएसएस के चिंतक गुरुमूर्ति के 2000 का नोट बंद करने और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा नोटबंदी के बाद विकास दर कम होने के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये उनके अपने विचार हो सकते हैं. किसी आर्थिक विशेषज्ञ के बयान के बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हम केवल सरकार का पक्ष रख सकते हैं और सरकार का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करना और वृहद आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है. नोटबंदी के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चले यह सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है, सरकार की थोड़ी ज्यादा है. और इसलिए हम पहले दिन से नोटबंदी पर चर्चा करने को तैयार थे. लेकिन कुछ विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने बेतुकी शर्ते रख दीं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नोटबंदी के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चले यह सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है, सरकार की थोड़ी ज्यादा है. और इसलिए हम पहले दिन से नोटबंदी पर चर्चा करने को तैयार थे. लेकिन कुछ विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने बेतुकी शर्ते रख दीं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष सदन में चर्चा करने की बजाए शोर शराबा करता रहा. अतीत में भी ऐसे कई अवसर आए हैं कि सदन नहीं चला. लेकिन आज विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसने सदन को बाधित किया. प्रश्नकाल और शून्यकाल विपक्ष का सबसे कारगर हथियार होता है लेकिन विपक्षी दलों ने इस समय भी हंगामा किया.टिप्पणियां सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सदन में कामकाज नहीं होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर गंगवार ने कहा कि उनकी तकलीफ स्वाभाविक है क्योंकि सभी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से कामकाज हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया में अब सामान्य लोग नहीं आ रहे हैं 'मैं ऐसा महसूस करता हूं कि बैंकों में धीरे-धीरे लाइनें कम हो रही हैं' 'लोगों को असुविधा है, लेकिन जल्द इसका समाधान निकल जायेगा'
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Samsung Galaxy M40 को आधिकारिक तौर पर भारत में लॉन्च कर दिया गया है। गैलेक्सी एम सीरीज़ के लेटेस्ट स्मार्टफोन सैमसंग गैलेक्सी एम40 की बिक्री 18 जून से शुरू होगी और इसका दाम 19,990 रुपये है। अहम खासियतों की बात करें तो Galaxy M40 फुल-एचडी+ इनफिनिटी ओ डिस्प्ले, ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर के साथ आता है। यह अपने सेगमेंट का पहला स्मार्टफोन है जो "स्क्रीन साउंड" टेक्नोलॉजी से लैस है। इस तकनीक की मदद से डिस्प्ले ऑडियो वाइब्रेशन प्रोड्यूस करता है। मार्केट में Galaxy M40 की भिड़ंत HMD Global, Realme और Xiaomi जैसे ब्रांड के हैंडसेट से होगी। सैमसंग गैलेक्सी एम40 को भारत में 19,990 रुपये में बेचा जाएगा। यह 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज के साथ आएगा। हैंडसेट की बिक्री 18 जून को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। फोन को अमेज़न इंडिया और सैमसंग ऑनलाइन शॉप पर बेचा जाएगा। यह मिडनाइट ब्लू और सीवाटर ब्लू ग्रेडिएंट में उपलब्ध होगा। Galaxy M40 के लॉन्च ऑफर्स की बात करें तो रिलायंस जियो सब्सक्राइबर्स को डबल डेटा मिलेगा। यह फायदा 198 रुपये और 299 रुपये वाले प्रीपेड प्लान के साथ मिलेगा। 198 रुपये वाले जियो रीचार्ज में सब्सक्राइबर्स को कुल 3,110 रुपये का फायदा मिलेगा। Galaxy M40 खरीदने वाले Vodafone और Idea सब्सक्राइबर्स को 255 रुपये वाले रीचार्ज के साथ 3,750 रुपये का कैशबैक मिलेगा। कैशबैक की राशि 75 रुपये के रीचार्ज वाउचर्स के ज़रिए उपलब्ध होगी। इसके अलावा ग्राहकों को हर दिन अतिरिक्त 0.5 जीबी डेटा को 18 महीने तक मिलता रहेगा। 19,990 रुपये वाले Samsung Galaxy M40 की भिड़ंत Realme 3 Pro और Redmi Note 7 Pro के टॉप वेरिएंट से होगी। चुनौती तो Nokia 7.1 और Poco F1 से भी मिलेगी। सैमसंग गैलेक्सी एम40 एंड्रॉयड 9.0 पाई पर आधारित वनयूआई पर चलेगा। इसमें 6.3 इंच का फुल-एचडी+ इनफिनिटी ओ डिस्प्ले है। इस पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 3 की प्रोटेक्शन है। डिस्प्ले पैनल कंपनी की स्क्रीन साउंड टेक्नोलॉजी के साथ आता है। यह हैंडसेट में ऑडियो वाइब्रेशन प्रोड्यूस करता है। फोन में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर के साथ एड्रेनो 612 जीपीयू और 6 जीबी रैम दिया गया है। Galaxy M40 में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 32 मेगापिक्सल का है। यह एआई सीन ऑप्टिमाइज़र और एफ/ 1.7 लेंस के साथ आता है। पिछले हिस्से पर 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा है। यह डेप्थ सेंसर भी है। तीसरा कैमरा 8 मेगापिक्सल का है, यह अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस के साथ आता है। फोन में 4के वीडियो रिकॉर्डिंग, स्लो-मो और हाइपरलैप्स के लिए सपोर्ट है। सेल्फी के लिए फोन में 16 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। सैमसंग गैलेक्सी एम40 की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। फोन के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ, जीपीएस/ ए-जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। हैंडसेट में पिछले हिस्से पर फिंगरप्रिंट सेंसर है। Samsung के इस फोन में 3,500 एमएएच की बैटरी है और यह 15 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन की मोटाई 7.9 मिलीमीटर है और इसका वज़न 168 ग्राम है।
Galaxy M40 में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है Samsung के इस फोन में 3,500 एमएएच की बैटरी है 32 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है सैमसंग गैलेक्सी एम40
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राहुल गांधी नॉर्थ-इस्ट में होने वाले चुनावों के मद्देनजर कमर कस चुके हैं. शिलॉन्ग में राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि हम लोग पूरे देश में आरएसएस के विचारधारा के खिलाफ लड़ रहे हैं. यह एक ऐसा विचार है जो देश पर थोपा जा रहा हा. बीजेपी और आरएसएस क्या कर रही है. दोनों मिलकर विशेष रूप से पूरे नॉर्थ इस्ट में आपकी संस्कृति, भाषा और आपके जीवनशैली को कमजोर और खत्म करने का प्रयास कर रहा है. टिप्पणियां राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि कि संघ का उद्देश्य महिलाओं को असशक्त करना है. आरएसएस में महिलाओं की कोई जगह नहीं है. क्या कोई जानता है कि कोई महिला RSS से संबंधित हो और नेतृत्व कर रही हो. शून्य. अगर आप महात्मा गांधी की तस्वीर देखेंगे तो उनके दाईं और बाईं ओर महिलाओं को पाएंगे, मगर आप मोहन भागवत की तस्वीर देखेंगे तो या तो वो अकेले होंगे या फिर पुरुषों से घिरे होंगे.  राहुल गांधी ने कहा कि अगर हम केंद्र की सत्ता में आते हैं, तो हम जीएसटी की संरचना में बदलाव लाएंगे और इसे काफी सरल बनाएंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सबसे अहम रूप से इस बात का संतुलन रखा गया है कि महिला और पुरुषों की संख्या में ज्यादा अंतर नहीं आए. मैं मेघालय में पार्टी की महिलाओं को आमंत्रित करना चाहूंगा कि वो पार्टी में शामिल हों, ताकि हमारे पार्टी में अधिक से अधिक महिलाएं चुनी जा सकें और उन्हें मौका मिल सके.  राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि कि संघ का उद्देश्य महिलाओं को असशक्त करना है. आरएसएस में महिलाओं की कोई जगह नहीं है. क्या कोई जानता है कि कोई महिला RSS से संबंधित हो और नेतृत्व कर रही हो. शून्य. अगर आप महात्मा गांधी की तस्वीर देखेंगे तो उनके दाईं और बाईं ओर महिलाओं को पाएंगे, मगर आप मोहन भागवत की तस्वीर देखेंगे तो या तो वो अकेले होंगे या फिर पुरुषों से घिरे होंगे.  राहुल गांधी ने कहा कि अगर हम केंद्र की सत्ता में आते हैं, तो हम जीएसटी की संरचना में बदलाव लाएंगे और इसे काफी सरल बनाएंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सबसे अहम रूप से इस बात का संतुलन रखा गया है कि महिला और पुरुषों की संख्या में ज्यादा अंतर नहीं आए. मैं मेघालय में पार्टी की महिलाओं को आमंत्रित करना चाहूंगा कि वो पार्टी में शामिल हों, ताकि हमारे पार्टी में अधिक से अधिक महिलाएं चुनी जा सकें और उन्हें मौका मिल सके.  राहुल गांधी ने कहा कि अगर हम केंद्र की सत्ता में आते हैं, तो हम जीएसटी की संरचना में बदलाव लाएंगे और इसे काफी सरल बनाएंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सबसे अहम रूप से इस बात का संतुलन रखा गया है कि महिला और पुरुषों की संख्या में ज्यादा अंतर नहीं आए. मैं मेघालय में पार्टी की महिलाओं को आमंत्रित करना चाहूंगा कि वो पार्टी में शामिल हों, ताकि हमारे पार्टी में अधिक से अधिक महिलाएं चुनी जा सकें और उन्हें मौका मिल सके.
राहुल गांधी का बीजेपी और आरएसएस पर हमला. कांग्रेस में महिलाओं की भागीदारी की बात की. राहुल गांधी ने कहा कि मोहन भागवत अकेले होते हैं या पुरुषों के बीच में.
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['hin']
एक सारांश बनाओ: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी की कथित आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में यहां की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जबकि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। सांसद जगन ने इस मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस याचिका पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें जांच एजेंसी ने जगन की 10 दिनों की हिरासत की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला शनिवार तक के लिए टाल दी। सीबीआई के वकील ने यह कहते हुए जगन की हिरासत की मांग की कि वह मुख्य आरोपी हैं और वित्तीय लेन-देन तथा उनकी कम्पनियों में निवेश के बारे में सभी जानकारियां उन्हीं को है। जांच एजेंसी ने जगन के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनकी गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश थी।   सीबीआई ने अदालत से कहा कि जगन की गिरफ्तारी उनके खिलाफ सबूत पाए जाने पर की गई। एजेंसी पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत दे दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।     इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सांसद जगन ने इस मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस याचिका पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें जांच एजेंसी ने जगन की 10 दिनों की हिरासत की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला शनिवार तक के लिए टाल दी। सीबीआई के वकील ने यह कहते हुए जगन की हिरासत की मांग की कि वह मुख्य आरोपी हैं और वित्तीय लेन-देन तथा उनकी कम्पनियों में निवेश के बारे में सभी जानकारियां उन्हीं को है। जांच एजेंसी ने जगन के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनकी गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश थी।   सीबीआई ने अदालत से कहा कि जगन की गिरफ्तारी उनके खिलाफ सबूत पाए जाने पर की गई। एजेंसी पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत दे दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।     इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस याचिका पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें जांच एजेंसी ने जगन की 10 दिनों की हिरासत की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला शनिवार तक के लिए टाल दी। सीबीआई के वकील ने यह कहते हुए जगन की हिरासत की मांग की कि वह मुख्य आरोपी हैं और वित्तीय लेन-देन तथा उनकी कम्पनियों में निवेश के बारे में सभी जानकारियां उन्हीं को है। जांच एजेंसी ने जगन के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनकी गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश थी।   सीबीआई ने अदालत से कहा कि जगन की गिरफ्तारी उनके खिलाफ सबूत पाए जाने पर की गई। एजेंसी पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत दे दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।     इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उच्च न्यायालय ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला शनिवार तक के लिए टाल दी। सीबीआई के वकील ने यह कहते हुए जगन की हिरासत की मांग की कि वह मुख्य आरोपी हैं और वित्तीय लेन-देन तथा उनकी कम्पनियों में निवेश के बारे में सभी जानकारियां उन्हीं को है। जांच एजेंसी ने जगन के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनकी गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश थी।   सीबीआई ने अदालत से कहा कि जगन की गिरफ्तारी उनके खिलाफ सबूत पाए जाने पर की गई। एजेंसी पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत दे दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।     इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सीबीआई के वकील ने यह कहते हुए जगन की हिरासत की मांग की कि वह मुख्य आरोपी हैं और वित्तीय लेन-देन तथा उनकी कम्पनियों में निवेश के बारे में सभी जानकारियां उन्हीं को है। जांच एजेंसी ने जगन के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनकी गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश थी।   सीबीआई ने अदालत से कहा कि जगन की गिरफ्तारी उनके खिलाफ सबूत पाए जाने पर की गई। एजेंसी पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत दे दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।     इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसी ने जगन के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनकी गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश थी।   सीबीआई ने अदालत से कहा कि जगन की गिरफ्तारी उनके खिलाफ सबूत पाए जाने पर की गई। एजेंसी पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत दे दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।     इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सीबीआई ने अदालत से कहा कि जगन की गिरफ्तारी उनके खिलाफ सबूत पाए जाने पर की गई। एजेंसी पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत दे दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।     इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत दे दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।     इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस बीच सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि वह एक सांसद हैं। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जगन के वकील ने कम से कम 10 जून तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वह एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों पर 12 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकें।टिप्पणियां न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। न्यायाधीश ए. पुल्लैया ने सीबीआई की दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत दे दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।   उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सीबीआई ने 27 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें 11 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
यहाँ एक सारांश है:वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी की कथित आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में यहां की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जबकि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मंत्रिमंडल ने आज भारती एयरटेल और वोडाफोन जैसी दूरसंचार सेवाएं प्रदान कर रही कंपनियों के स्पेक्ट्रम पर 31,000 करोड़ रुपये का एक-मुश्त शुल्क लगाने को मंजूरी दे दी ताकि नए और पुराने परिचालकों को समान अवसर मुहैया कराए जा सकें। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मंत्रिमंडल ने अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह के उस सुझाव को मंजूरी दे दी जिसमें जीएसएम कंपनियों से 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम पर नीलामी में तय कीमत के अनुसार, भुगतान का प्रावधान किया गया है जबकि सीडीएमए कंपनियों द्वारा 2.5 मेगाहर्ट्ज से अधिक के स्पेक्ट्रम के संबंध में अपने लाइसेंस की शेष अवधि के लिए भुगतान को कहा गया है। जिन जीएसएम कंपनियों के पास जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम हैं, उन्हें पिछली तारीख से शुल्क अदा करना होगा। चिदंबरम ने कहा कि 12 नवंबर से शुरू होने वाली नीलामी में स्पेक्ट्रम की जो कीमत सामने आएगी वह परिचालन कर रही जीएसएम कंपनियों के एक-मुश्त शुल्क पर लागू होगी। इधर, सीडीएमए कंपनियों के लिए दूरसंचार विभाग स्पेक्ट्रम की कीमत का पैमाना तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है कि अब तक सीडीएमए स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए कोई बोलीकर्ता सामने नहीं आया है इसलिए इसमें दाम नीलामी द्वारा तय नहीं होगा। उन्होंने कहा, सीडीएमएम के लिए भी इसी तरह (नीलामी के जरिये तय) सुझाव थे, लेकिन अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह की बैठक के बाद जिन बोलीकर्ताओं ने सीडीएमए नीलामी में रुचि दिखाई थी उन्होंने नीलामी से हाथ खींच लिया। चिंदबरम ने कहा, दूरसंचार विभाग से सीडीएमए से जुड़े फैसले लागू करने के लिए मंत्रिमंडल को नोट भेजने के लिए कहा गया है। सरकार ने पहले जीसीएम और सीडीएमए मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अलग-अलग नीलामी की योजना बनाई थी और इससे करीब 40,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद थी। सरकार ने पांच मेगाहर्ट्ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया था, जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था।टिप्पणियां हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मंत्रिमंडल ने अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह के उस सुझाव को मंजूरी दे दी जिसमें जीएसएम कंपनियों से 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम पर नीलामी में तय कीमत के अनुसार, भुगतान का प्रावधान किया गया है जबकि सीडीएमए कंपनियों द्वारा 2.5 मेगाहर्ट्ज से अधिक के स्पेक्ट्रम के संबंध में अपने लाइसेंस की शेष अवधि के लिए भुगतान को कहा गया है। जिन जीएसएम कंपनियों के पास जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम हैं, उन्हें पिछली तारीख से शुल्क अदा करना होगा। चिदंबरम ने कहा कि 12 नवंबर से शुरू होने वाली नीलामी में स्पेक्ट्रम की जो कीमत सामने आएगी वह परिचालन कर रही जीएसएम कंपनियों के एक-मुश्त शुल्क पर लागू होगी। इधर, सीडीएमए कंपनियों के लिए दूरसंचार विभाग स्पेक्ट्रम की कीमत का पैमाना तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है कि अब तक सीडीएमए स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए कोई बोलीकर्ता सामने नहीं आया है इसलिए इसमें दाम नीलामी द्वारा तय नहीं होगा। उन्होंने कहा, सीडीएमएम के लिए भी इसी तरह (नीलामी के जरिये तय) सुझाव थे, लेकिन अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह की बैठक के बाद जिन बोलीकर्ताओं ने सीडीएमए नीलामी में रुचि दिखाई थी उन्होंने नीलामी से हाथ खींच लिया। चिंदबरम ने कहा, दूरसंचार विभाग से सीडीएमए से जुड़े फैसले लागू करने के लिए मंत्रिमंडल को नोट भेजने के लिए कहा गया है। सरकार ने पहले जीसीएम और सीडीएमए मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अलग-अलग नीलामी की योजना बनाई थी और इससे करीब 40,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद थी। सरकार ने पांच मेगाहर्ट्ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया था, जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था।टिप्पणियां हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। जिन जीएसएम कंपनियों के पास जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम हैं, उन्हें पिछली तारीख से शुल्क अदा करना होगा। चिदंबरम ने कहा कि 12 नवंबर से शुरू होने वाली नीलामी में स्पेक्ट्रम की जो कीमत सामने आएगी वह परिचालन कर रही जीएसएम कंपनियों के एक-मुश्त शुल्क पर लागू होगी। इधर, सीडीएमए कंपनियों के लिए दूरसंचार विभाग स्पेक्ट्रम की कीमत का पैमाना तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है कि अब तक सीडीएमए स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए कोई बोलीकर्ता सामने नहीं आया है इसलिए इसमें दाम नीलामी द्वारा तय नहीं होगा। उन्होंने कहा, सीडीएमएम के लिए भी इसी तरह (नीलामी के जरिये तय) सुझाव थे, लेकिन अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह की बैठक के बाद जिन बोलीकर्ताओं ने सीडीएमए नीलामी में रुचि दिखाई थी उन्होंने नीलामी से हाथ खींच लिया। चिंदबरम ने कहा, दूरसंचार विभाग से सीडीएमए से जुड़े फैसले लागू करने के लिए मंत्रिमंडल को नोट भेजने के लिए कहा गया है। सरकार ने पहले जीसीएम और सीडीएमए मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अलग-अलग नीलामी की योजना बनाई थी और इससे करीब 40,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद थी। सरकार ने पांच मेगाहर्ट्ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया था, जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था।टिप्पणियां हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। चिदंबरम ने कहा कि 12 नवंबर से शुरू होने वाली नीलामी में स्पेक्ट्रम की जो कीमत सामने आएगी वह परिचालन कर रही जीएसएम कंपनियों के एक-मुश्त शुल्क पर लागू होगी। इधर, सीडीएमए कंपनियों के लिए दूरसंचार विभाग स्पेक्ट्रम की कीमत का पैमाना तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है कि अब तक सीडीएमए स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए कोई बोलीकर्ता सामने नहीं आया है इसलिए इसमें दाम नीलामी द्वारा तय नहीं होगा। उन्होंने कहा, सीडीएमएम के लिए भी इसी तरह (नीलामी के जरिये तय) सुझाव थे, लेकिन अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह की बैठक के बाद जिन बोलीकर्ताओं ने सीडीएमए नीलामी में रुचि दिखाई थी उन्होंने नीलामी से हाथ खींच लिया। चिंदबरम ने कहा, दूरसंचार विभाग से सीडीएमए से जुड़े फैसले लागू करने के लिए मंत्रिमंडल को नोट भेजने के लिए कहा गया है। सरकार ने पहले जीसीएम और सीडीएमए मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अलग-अलग नीलामी की योजना बनाई थी और इससे करीब 40,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद थी। सरकार ने पांच मेगाहर्ट्ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया था, जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था।टिप्पणियां हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है कि अब तक सीडीएमए स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए कोई बोलीकर्ता सामने नहीं आया है इसलिए इसमें दाम नीलामी द्वारा तय नहीं होगा। उन्होंने कहा, सीडीएमएम के लिए भी इसी तरह (नीलामी के जरिये तय) सुझाव थे, लेकिन अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह की बैठक के बाद जिन बोलीकर्ताओं ने सीडीएमए नीलामी में रुचि दिखाई थी उन्होंने नीलामी से हाथ खींच लिया। चिंदबरम ने कहा, दूरसंचार विभाग से सीडीएमए से जुड़े फैसले लागू करने के लिए मंत्रिमंडल को नोट भेजने के लिए कहा गया है। सरकार ने पहले जीसीएम और सीडीएमए मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अलग-अलग नीलामी की योजना बनाई थी और इससे करीब 40,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद थी। सरकार ने पांच मेगाहर्ट्ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया था, जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था।टिप्पणियां हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। उन्होंने कहा, सीडीएमएम के लिए भी इसी तरह (नीलामी के जरिये तय) सुझाव थे, लेकिन अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह की बैठक के बाद जिन बोलीकर्ताओं ने सीडीएमए नीलामी में रुचि दिखाई थी उन्होंने नीलामी से हाथ खींच लिया। चिंदबरम ने कहा, दूरसंचार विभाग से सीडीएमए से जुड़े फैसले लागू करने के लिए मंत्रिमंडल को नोट भेजने के लिए कहा गया है। सरकार ने पहले जीसीएम और सीडीएमए मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अलग-अलग नीलामी की योजना बनाई थी और इससे करीब 40,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद थी। सरकार ने पांच मेगाहर्ट्ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया था, जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था।टिप्पणियां हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। सरकार ने पहले जीसीएम और सीडीएमए मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अलग-अलग नीलामी की योजना बनाई थी और इससे करीब 40,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद थी। सरकार ने पांच मेगाहर्ट्ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया था, जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था।टिप्पणियां हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। सरकार ने पांच मेगाहर्ट्ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया था, जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था।टिप्पणियां हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसदी ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मंत्रिमंडल ने आज भारती एयरटेल और वोडाफोन जैसी दूरसंचार सेवाएं प्रदान कर रही कंपनियों के स्पेक्ट्रम पर 31,000 करोड़ रुपये का एक-मुश्त शुल्क लगाने को मंजूरी दे दी।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार और सेना के बीच खराब हुए रिश्ते के बीच सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने शनिवार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की। समाचार पत्र 'डान न्यूज' के मुताबिक सेना प्रमुख के अनुरोध पर यह बैठक हुई। सेना प्रमुख ने राष्ट्रपति जरदारी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और 'गोपनीय संदेश' के बारे में चर्चा की। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा गया, "बैठक के दौरान मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में चर्चा की गई।" समाचार एजेंसी 'ऑनलाइन' के मुताबिक जरदारी और कयानी के बीच एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की अध्यक्षता में होने वाली रक्षा समिति की बैठक से पहले हुई। रक्षा समिति की बैठक में सेना के तीनों प्रमुख हिस्सा लेने वाले हैं। कयानी ने कथित रूप से राष्ट्रपति से कहा कि उन्हें गिलानी द्वारा चीनी समाचार पत्र को दिए गए बयानों पर आपत्ति है। सेना प्रमुख ने कथित रूप से राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि वह प्रधानमंत्री को अपना बयान वापस लेने के लिए कहें जो उन्होंने समाचार पत्र को दिया था। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री गिलानी ने पिछले दिनों एक चीनी समाचार-पत्र को दिए साक्षात्कार में कयानी और देश की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शुजा पाशा पर कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया था। गिलानी ने कहा कि अमेरिका को भेजे गए 'गोपनीय संदेश' मामले की जांच कर रहे सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष कयानी और पाशा ने सरकार की मंजूरी के बगैर अपना पक्ष रखा। गिलानी द्वारा आलोचना किए जाने पर सेना ने सरकार को 'गम्भीर परिणाम' की चेतावनी दी। इसके बाद सरकार और सेना के बीच टकराव बढ़ गया और देश में सैन्य तख्ता पटल की अटकलें तेज हो गईं।
संक्षिप्त सारांश: सरकार और सेना के बीच खराब हुए रिश्ते के बीच सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने शनिवार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिवसेना के पूर्व विधायक हर्षवर्द्धन जाधव के महाराष्ट्र के औरंगाबद जिले स्थित आवास पर बुधवार देर रात अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ की. गौरतलब है कि जाधव ने एक चुनावी रैली में उद्धव ठाकरे के खिलाफ कथित तौर पर अशोभनीय टिप्पणियां की थीं. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हमला देर रात करीब डेढ़ बजे हुआ. इसमें उनके घर की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं और एक कार को भी नुकसान पहुंचा है. हमले के वक्त घर में जाधव की पत्नी और दो बेटे मौजूद थे. राज्य में 21 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में जाधव औरंगाबाद के कन्नड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं. पुलिस ने बताया कि बुधवार को एक रैली में उन्होंने कांग्रेस के पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार को शिवसेना में शामिल करने को लेकर ठाकरे के बारे में कथित तौर पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. सत्तार जिले की सिलोड विधानसभा सीट से शिवसेना के उम्मीदवार हैं. जाधव की कथित टिप्पणियों वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिवसेना के कुछ नाराज कार्यकर्ता बुधवार शाम सिडको थाने पहुंचे और उन्होंने जाधव के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की. इसके बाद, देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने उनके आवास पर पत्थर फेंके और कार तथा खिड़कियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. इस बाबत जाधव की पत्नी ने शिकायत दर्ज करवाई है. संजना जाधव ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमारे घर पर हमला करने वाले लोग ‘जय भवानी', ‘जय शिवाजी' के नारे लगा रहे थे.'' पुलिस अधिकारी ने बताया कि जाधव के घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जिले में उनके एक अन्य घर पर भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.  पिछले वर्ष जाधव ने मराठा, धनगर और मुस्लिम समुदाय को आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व से मतभेदों के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. फिर उन्होंने शिव स्वराज्य बहुजन पक्ष नाम का अपना अलग दल बनाया था. इस बीच शिवसेना के जिला अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य अंबादास दानवे ने पीटीआई-भाषा को बताया कि ठाकरे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के कारण पार्टी के कार्यकर्ता जाधव से नाराज हैं. उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव के बाद हम उन्हें सबक सिखाएंगे.'' दानवे ने यह भी कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि जाधव के आवास पर हमला करने वाले लोग कौन थे.
संक्षिप्त पाठ: शिवसेना के पूर्व विधायक के घर पर हमला अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ की उद्धव ठाकरे पर की थी टिप्पणी
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय मुद्दा कोष की चीफ़ क्रिस्टीन लेगार्ड ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ़ की है. हांलाकि अभी पिछले दिनों ही IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर के अपने अनुमान को घटा दिया था.Exclusive : भारत में जारी आर्थिक सुधारों पर किसी भी चुनाव का असर नहीं होगा : वॉशिंगटन में अरुण जेटली टिप्पणियां  IMF चीफ लेगार्ड ने इससे उलट शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद मज़बूत राह पर है. लेगार्ड ने कहा कि हमनें भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास दर का अनुमान घटाया है लेकिन हमारा भरोसा है कि भारत मीडियन और लॉन्ग टर्म में विकास के रास्ते पर है. उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में अर्थव्यवस्था में किए गए बदलाव की वजह से भारत को बेहतर परिणाम मिला है..लोगार्ड ने कहा कि भारत में हाल में उठाए गए नोटबंधी और जीएसटी एक शानदार प्रयास है और भविष्य में ये भारतीय अर्थव्यस्था को और मज़बूत बनाएंगे Exclusive : भारत में जारी आर्थिक सुधारों पर किसी भी चुनाव का असर नहीं होगा : वॉशिंगटन में अरुण जेटली टिप्पणियां  IMF चीफ लेगार्ड ने इससे उलट शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद मज़बूत राह पर है. लेगार्ड ने कहा कि हमनें भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास दर का अनुमान घटाया है लेकिन हमारा भरोसा है कि भारत मीडियन और लॉन्ग टर्म में विकास के रास्ते पर है. उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में अर्थव्यवस्था में किए गए बदलाव की वजह से भारत को बेहतर परिणाम मिला है..लोगार्ड ने कहा कि भारत में हाल में उठाए गए नोटबंधी और जीएसटी एक शानदार प्रयास है और भविष्य में ये भारतीय अर्थव्यस्था को और मज़बूत बनाएंगे  IMF चीफ लेगार्ड ने इससे उलट शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद मज़बूत राह पर है. लेगार्ड ने कहा कि हमनें भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास दर का अनुमान घटाया है लेकिन हमारा भरोसा है कि भारत मीडियन और लॉन्ग टर्म में विकास के रास्ते पर है. उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में अर्थव्यवस्था में किए गए बदलाव की वजह से भारत को बेहतर परिणाम मिला है..लोगार्ड ने कहा कि भारत में हाल में उठाए गए नोटबंधी और जीएसटी एक शानदार प्रयास है और भविष्य में ये भारतीय अर्थव्यस्था को और मज़बूत बनाएंगे उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में अर्थव्यवस्था में किए गए बदलाव की वजह से भारत को बेहतर परिणाम मिला है..लोगार्ड ने कहा कि भारत में हाल में उठाए गए नोटबंधी और जीएसटी एक शानदार प्रयास है और भविष्य में ये भारतीय अर्थव्यस्था को और मज़बूत बनाएंगे
संक्षिप्त पाठ: अंतरराष्ट्रीय मुद्दा कोष की चीफ़ क्रिस्टीन लेगार्ड ने की तारीफ भारतीय इकॉनमी की तारीफ की पिछले दिनों घटा दिया था विकास दर का अनुमान
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: एथलेटिक्स में डोप प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने भारत के विदेशी कोच यूरी ओग्रोदनिक को पद से बर्खास्त कर दिया। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए पैनल का गठन किया गया है। खेलमंत्री अजय माकन ने देश को शर्मसार करने के लिए अधिकारियों, कोचों और खिलाड़ियों को कसूरवार ठहराया। माकन ने पत्रकारों से कहा, आठ एथलीटों के डोप टेस्ट पॉजीटिव रहने से भारत का नाम खराब हुआ है। यही वजह है कि हमने कोचों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला किया, ताकि भविष्य में ऐसा नहीं होने पाए। उन्होंने कहा, हमने विदेशी कोच (उक्रेन के ओग्रोदनिक) को तुरंत हटाने का फैसला किया है। मैं खुद यह देखूंगा कि इस प्रकरण में दोषी अधिकारियों को दंड मिले। माकन ने कहा, मैंने खेल सचिव को जांच पैनल के गठन का निर्देश दिया है, जिसके अध्यक्ष हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज या नाडा की अनुशासनात्मक सुनवाई पैनल के प्रमुख होंगे। यह समिति पता लगाएगी कि हालात इस कदर बदतर कैसे हुए। उन्होंने कहा, समिति दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भी सुझाव देगी, ताकि आइंदा ऐसे वाकये न होने पाए। पिछले कुछ दिन में भारतीय एथलेटिक्स डोपिंग के मामलों से शर्मसार हो गया। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता रिले टीम की सदस्य मनदीप कौर और सिनि जोस के अलावा जौना मुमरु को प्रतिबंधित मेथानडिएनोन के सेवन का दोषी पाया गया। इन तीनों के अलावा रिले धाविका टियाना मेरी थामस, लांग जंपर हरि कृष्णन मुरलीधरन और शॉट पुटर सोनिया को भी प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन का दोषी पाया गया। एथलेटिक्स की नई गोल्डन गर्ल अश्विनी अकुंजी और रिले धाविका प्रियंका पवार को भी मेथानडिएनोन के सेवन का दोषी पाया गया। खेलमंत्री ने कहा कि सरकार ने सहयोगी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई का फैसला इसलिए लिया, क्योंकि उसका मानना है कि जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं, तो कोच और अधिकारी बच जाते हैं और खिलाड़ी ही सजा भुगतते हैं। विदेशी कोच को हटाने के अलावा मंत्रालय ने भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ से भी रिपोर्ट मांगी है। माकन ने कहा, मैंने साइ के महानिदेशक को तीन दिन के भीतर सतर्कता में हुई चूकों और एनआईएस पटियाला परिसर में इन पदार्थों की उपलब्धता के बारे में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। हम साइ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा, मैंने खेल सचिव से एएफआई से भी रिपोर्ट मंगवाने के लिए कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सरकार ने राष्ट्रीय शिविरों में डोपिंग अधिकारियों के रोटेशन और एनआईएस पटियाला में डॉक्टरों की तादाद बढ़ाने का भी फैसला किया है।
यह एक सारांश है: खेलमंत्री अजय माकन ने कहा कि आठ एथलीटों के डोप टेस्ट पॉजीटिव रहने से भारत का नाम खराब हुआ है, इसलिए हमने कड़ी कार्रवाई का फैसला किया है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय रेलवे की एसएमएस के जरिये रेलवे टिकट बुक कराने की नई सुविधा आज से शुरु हो रही है। इस सेवा के तहत कोई भी अपने मोबाइल फोन से एसएमएस करके रेल टिकट बुक करा सकता है। इस सुविधा के लिए आपको आईआरसीटीसी पर रजिस्टर करना होगा। रेलमंत्री ने इस सेवा के लिए अभी दो फोन नंबर 139 और 5676714 जारी किए हैं। साथ ही आज से रेलवे ने रिफंड के नियमों में 15 साल बाद बदलाव किया है। अब आपको टिकट ट्रेन रवानगी से कम से कम 48 घंटे पहले कैंसिल कराना होगा। अब तक 24 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर कैंसिलेशन चार्ज छोड़कर पूरे रुपये वापस मिल जाते थे। नए नियम के अनुसार, 25 फीसदी कटौती के बाद रिफंड के लिए ट्रेन खुलने से 48 घंटे पहले से 6 घंटे पहले तक कन्फर्म टिकट कैंसिल कराना पड़ेगा। रेलमंत्री ने इस सेवा के लिए अभी दो फोन नंबर 139 और 5676714 जारी किए हैं। साथ ही आज से रेलवे ने रिफंड के नियमों में 15 साल बाद बदलाव किया है। अब आपको टिकट ट्रेन रवानगी से कम से कम 48 घंटे पहले कैंसिल कराना होगा। अब तक 24 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर कैंसिलेशन चार्ज छोड़कर पूरे रुपये वापस मिल जाते थे। नए नियम के अनुसार, 25 फीसदी कटौती के बाद रिफंड के लिए ट्रेन खुलने से 48 घंटे पहले से 6 घंटे पहले तक कन्फर्म टिकट कैंसिल कराना पड़ेगा।
यहाँ एक सारांश है:इस सुविधा के लिए आपको आईआरसीटीसी पर रजिस्टर करना होगा। रेलमंत्री ने इस सेवा के लिए अभी दो फोन नंबर 139 और 5676714 जारी किए हैं।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के सोमदेव देववर्मन यहां अमेरिकी ओपन के मुख्य ड्रा से केवल एक जीत दूर हैं, उन्होंने यहां क्वालीफायर के दूसरे राउंड में अमेरिका के रॉबी जिनेप्री पर चुनौतीपूर्ण जीत दर्ज की। छठे वरीय सोमदेव ने दो घंटे तक चले मुकाबले में जिनेप्री को 7-6, 2-6, 6-2 से शिकस्त दी।   टाई ब्रेक में पहला सेट जीतने के बाद सोमदेव को दूसरे में तीन बार ब्रेक के मौके मिले लेकिन वह एक को भी अंक में तब्दील नहीं कर सके। वह दो बार अपनी सर्विस गंवा बैठे जिससे जिनेप्री ने वापसी की।   सोमदेव ने तीसरे सेट में यह गलती नहीं दोहराई जिससे उन्हांने चार में से तीन मौकों का फायदा उठाकर तीसरे राउंड में जगह बनाई। यह सोमदेव और जिनेप्री के बीच दूसरी भिड़ंत है और अब इन दोनों का स्कोर 1-1 से बराबर है।   अब उनका सामना ब्रिटेन के जेम्स वार्ड से होगा। एक जीत अब उन्हें सत्र के अंतिम ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रा में जगह दिला देगी।   विश्व रैंकिंग में 113वें स्थान पर काबिज सोमदेव और विश्व रैंकिंग पर 173 नंबर पर काबिज जेम्स एक दूसरे के खिलाफ कभी नहीं खेले हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के सोमदेव देववर्मन यहां अमेरिकी ओपन के मुख्य ड्रा से केवल एक जीत दूर हैं, उन्होंने यहां क्वालीफायर के दूसरे राउंड में अमेरिका के रॉबी जिनेप्री पर चुनौतीपूर्ण जीत दर्ज की। छठे वरीय सोमदेव ने दो घंटे तक चले मुकाबले में जिनेप्री को 7-6, 2-6, 6-2 से शिकस
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ  पीठ ने सहारा इंडिया परिवार समूह एवं इसके प्रमुख सुब्रत राय द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के खिलाफ प्रकाशित विज्ञापन को कानून विरुद्ध बताने वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को सहारा समूह और सुब्रत राय को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति उमा नाथ सिंह और न्यायमूर्ति डॉ. सतीश चंद्रा की पीठ ने यह नोटिस लखनऊ निवासी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अमिताभ ठाकुर एवं उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी नूतन ठाकुर की तरफ से दायर जनहित याचिका पर जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी। विगत 20 मार्च को दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि निवेशकों के हितों और शेयर बाजार पर नियंत्रण रखने के लिए विधि द्वारा स्थापित संस्था सेबी के खिलाफ सहारा इंडिया परिवार समूह एवं सुब्रत राय द्वारा 17 मार्च, 2013 को प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से स्पष्टतया आपत्तिजनक बातें कही गईं। विज्ञापन में न्यायमूर्ति बीएन अग्रवाल के कार्यों की भी निंदा की गई है, जबकि सेबी और न्यायमूर्ति अग्रवाल मात्र अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। साथ ही प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन भी है। याचिका में कहा गया है कि विज्ञापन के माध्यम से इस प्रकार खुलेआम आपत्तिजनक बातें करना प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आपराधिक कृत्य और कंपनी कानून का उल्लंघन प्रतीत होता है। याचिका में ठाकुर दंपति ने प्रार्थना की है कि ऐसे सभी विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए, जो किसी संवैधानिक अथवा विधिक संस्था की इस प्रकार विज्ञापन के माध्यम से निंदा करें। साथ ही इस तथ्य की जांच कराकर सहारा इंडिया व इसके प्रमुख सुब्रत राय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि सेबी ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की गिरफ्तारी और उन्हें देश छोड़कर बाहर जाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की। सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपया लौटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर सेबी ने यह अर्जी दायर की थी। सेबी ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि उसे सहारा समूह के प्रवर्तक सुब्रत राय और दो पुरुष निदेशकों अशोक राय चौधरी तथा रवि शंकर दुबे को गिरफ्तार करने और हिरासत में सिविल जेल में रखने का कदम उठाने की अनुमति दी जाए।टिप्पणियां वैसे, प्रधान न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने की अवधि नवंबर से बढ़ाकर फरवरी के प्रथम सप्ताह कर दी थी। बाद में न्यायालय ने उसे और समय देने से इनकार कर दिया था। इन दोनों कंपनियों के साथ ही सुब्रत राय पर शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस पीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के कारण 6 फरवरी को सेबी को सहारा की दोनों कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने और उसकी संपत्ति कुर्क करने की छूट दे दी थी। (इनपुट्स भाषा से भी) न्यायमूर्ति उमा नाथ सिंह और न्यायमूर्ति डॉ. सतीश चंद्रा की पीठ ने यह नोटिस लखनऊ निवासी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अमिताभ ठाकुर एवं उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी नूतन ठाकुर की तरफ से दायर जनहित याचिका पर जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी। विगत 20 मार्च को दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि निवेशकों के हितों और शेयर बाजार पर नियंत्रण रखने के लिए विधि द्वारा स्थापित संस्था सेबी के खिलाफ सहारा इंडिया परिवार समूह एवं सुब्रत राय द्वारा 17 मार्च, 2013 को प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से स्पष्टतया आपत्तिजनक बातें कही गईं। विज्ञापन में न्यायमूर्ति बीएन अग्रवाल के कार्यों की भी निंदा की गई है, जबकि सेबी और न्यायमूर्ति अग्रवाल मात्र अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। साथ ही प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन भी है। याचिका में कहा गया है कि विज्ञापन के माध्यम से इस प्रकार खुलेआम आपत्तिजनक बातें करना प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आपराधिक कृत्य और कंपनी कानून का उल्लंघन प्रतीत होता है। याचिका में ठाकुर दंपति ने प्रार्थना की है कि ऐसे सभी विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए, जो किसी संवैधानिक अथवा विधिक संस्था की इस प्रकार विज्ञापन के माध्यम से निंदा करें। साथ ही इस तथ्य की जांच कराकर सहारा इंडिया व इसके प्रमुख सुब्रत राय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि सेबी ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की गिरफ्तारी और उन्हें देश छोड़कर बाहर जाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की। सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपया लौटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर सेबी ने यह अर्जी दायर की थी। सेबी ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि उसे सहारा समूह के प्रवर्तक सुब्रत राय और दो पुरुष निदेशकों अशोक राय चौधरी तथा रवि शंकर दुबे को गिरफ्तार करने और हिरासत में सिविल जेल में रखने का कदम उठाने की अनुमति दी जाए।टिप्पणियां वैसे, प्रधान न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने की अवधि नवंबर से बढ़ाकर फरवरी के प्रथम सप्ताह कर दी थी। बाद में न्यायालय ने उसे और समय देने से इनकार कर दिया था। इन दोनों कंपनियों के साथ ही सुब्रत राय पर शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस पीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के कारण 6 फरवरी को सेबी को सहारा की दोनों कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने और उसकी संपत्ति कुर्क करने की छूट दे दी थी। (इनपुट्स भाषा से भी) विगत 20 मार्च को दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि निवेशकों के हितों और शेयर बाजार पर नियंत्रण रखने के लिए विधि द्वारा स्थापित संस्था सेबी के खिलाफ सहारा इंडिया परिवार समूह एवं सुब्रत राय द्वारा 17 मार्च, 2013 को प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से स्पष्टतया आपत्तिजनक बातें कही गईं। विज्ञापन में न्यायमूर्ति बीएन अग्रवाल के कार्यों की भी निंदा की गई है, जबकि सेबी और न्यायमूर्ति अग्रवाल मात्र अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। साथ ही प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन भी है। याचिका में कहा गया है कि विज्ञापन के माध्यम से इस प्रकार खुलेआम आपत्तिजनक बातें करना प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आपराधिक कृत्य और कंपनी कानून का उल्लंघन प्रतीत होता है। याचिका में ठाकुर दंपति ने प्रार्थना की है कि ऐसे सभी विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए, जो किसी संवैधानिक अथवा विधिक संस्था की इस प्रकार विज्ञापन के माध्यम से निंदा करें। साथ ही इस तथ्य की जांच कराकर सहारा इंडिया व इसके प्रमुख सुब्रत राय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि सेबी ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की गिरफ्तारी और उन्हें देश छोड़कर बाहर जाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की। सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपया लौटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर सेबी ने यह अर्जी दायर की थी। सेबी ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि उसे सहारा समूह के प्रवर्तक सुब्रत राय और दो पुरुष निदेशकों अशोक राय चौधरी तथा रवि शंकर दुबे को गिरफ्तार करने और हिरासत में सिविल जेल में रखने का कदम उठाने की अनुमति दी जाए।टिप्पणियां वैसे, प्रधान न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने की अवधि नवंबर से बढ़ाकर फरवरी के प्रथम सप्ताह कर दी थी। बाद में न्यायालय ने उसे और समय देने से इनकार कर दिया था। इन दोनों कंपनियों के साथ ही सुब्रत राय पर शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस पीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के कारण 6 फरवरी को सेबी को सहारा की दोनों कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने और उसकी संपत्ति कुर्क करने की छूट दे दी थी। (इनपुट्स भाषा से भी) याचिका में कहा गया है कि विज्ञापन के माध्यम से इस प्रकार खुलेआम आपत्तिजनक बातें करना प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आपराधिक कृत्य और कंपनी कानून का उल्लंघन प्रतीत होता है। याचिका में ठाकुर दंपति ने प्रार्थना की है कि ऐसे सभी विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए, जो किसी संवैधानिक अथवा विधिक संस्था की इस प्रकार विज्ञापन के माध्यम से निंदा करें। साथ ही इस तथ्य की जांच कराकर सहारा इंडिया व इसके प्रमुख सुब्रत राय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि सेबी ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की गिरफ्तारी और उन्हें देश छोड़कर बाहर जाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की। सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपया लौटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर सेबी ने यह अर्जी दायर की थी। सेबी ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि उसे सहारा समूह के प्रवर्तक सुब्रत राय और दो पुरुष निदेशकों अशोक राय चौधरी तथा रवि शंकर दुबे को गिरफ्तार करने और हिरासत में सिविल जेल में रखने का कदम उठाने की अनुमति दी जाए।टिप्पणियां वैसे, प्रधान न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने की अवधि नवंबर से बढ़ाकर फरवरी के प्रथम सप्ताह कर दी थी। बाद में न्यायालय ने उसे और समय देने से इनकार कर दिया था। इन दोनों कंपनियों के साथ ही सुब्रत राय पर शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस पीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के कारण 6 फरवरी को सेबी को सहारा की दोनों कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने और उसकी संपत्ति कुर्क करने की छूट दे दी थी। (इनपुट्स भाषा से भी) याचिका में ठाकुर दंपति ने प्रार्थना की है कि ऐसे सभी विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए, जो किसी संवैधानिक अथवा विधिक संस्था की इस प्रकार विज्ञापन के माध्यम से निंदा करें। साथ ही इस तथ्य की जांच कराकर सहारा इंडिया व इसके प्रमुख सुब्रत राय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि सेबी ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की गिरफ्तारी और उन्हें देश छोड़कर बाहर जाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की। सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपया लौटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर सेबी ने यह अर्जी दायर की थी। सेबी ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि उसे सहारा समूह के प्रवर्तक सुब्रत राय और दो पुरुष निदेशकों अशोक राय चौधरी तथा रवि शंकर दुबे को गिरफ्तार करने और हिरासत में सिविल जेल में रखने का कदम उठाने की अनुमति दी जाए।टिप्पणियां वैसे, प्रधान न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने की अवधि नवंबर से बढ़ाकर फरवरी के प्रथम सप्ताह कर दी थी। बाद में न्यायालय ने उसे और समय देने से इनकार कर दिया था। इन दोनों कंपनियों के साथ ही सुब्रत राय पर शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस पीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के कारण 6 फरवरी को सेबी को सहारा की दोनों कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने और उसकी संपत्ति कुर्क करने की छूट दे दी थी। (इनपुट्स भाषा से भी) गौरतलब है कि सेबी ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की गिरफ्तारी और उन्हें देश छोड़कर बाहर जाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की। सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपया लौटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर सेबी ने यह अर्जी दायर की थी। सेबी ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि उसे सहारा समूह के प्रवर्तक सुब्रत राय और दो पुरुष निदेशकों अशोक राय चौधरी तथा रवि शंकर दुबे को गिरफ्तार करने और हिरासत में सिविल जेल में रखने का कदम उठाने की अनुमति दी जाए।टिप्पणियां वैसे, प्रधान न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने की अवधि नवंबर से बढ़ाकर फरवरी के प्रथम सप्ताह कर दी थी। बाद में न्यायालय ने उसे और समय देने से इनकार कर दिया था। इन दोनों कंपनियों के साथ ही सुब्रत राय पर शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस पीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के कारण 6 फरवरी को सेबी को सहारा की दोनों कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने और उसकी संपत्ति कुर्क करने की छूट दे दी थी। (इनपुट्स भाषा से भी) वैसे, प्रधान न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने की अवधि नवंबर से बढ़ाकर फरवरी के प्रथम सप्ताह कर दी थी। बाद में न्यायालय ने उसे और समय देने से इनकार कर दिया था। इन दोनों कंपनियों के साथ ही सुब्रत राय पर शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस पीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के कारण 6 फरवरी को सेबी को सहारा की दोनों कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने और उसकी संपत्ति कुर्क करने की छूट दे दी थी। (इनपुट्स भाषा से भी) (इनपुट्स भाषा से भी)
संक्षिप्त पाठ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सहारा इंडिया परिवार समूह एवं इसके प्रमुख सुब्रत राय द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के खिलाफ प्रकाशित विज्ञापन को कानून विरुद्ध बताने वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को सहारा समूह और
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाई दूज के मौके पर दिल्ली सरकार ने राजधानी दिल्ली में डीटीसी बसों से सफर करने वाली महिलाओं को एक तोहफा दिया है. आज से दिल्ली में महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त में सफर कर पाएंगी. सोमवार देर रात दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने इसको लेकर नोटिफ़िकेशन भी जारी कर दिया है. इस नोटिफिकेशन के बाद मंगलवार सुबह से डीटीसी की बसों में सफर करने वाली महिलाओं को एक विशेष तरह का पास दिया जा रहा है, जिसमें लिखा है कि 'महिला सिंगल यात्रा पास'. दिल्ली सरकार के इस ऐलान के बाद दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जहां सरकारी बसों में महिलाएं मुफ्त में यात्रा कर रही हैं. मंगलवार सुबह से ही जो महिलाएं डीटीसी और क्लस्टर की बसों में सफर कर रही हैं उनको गुलाबी रंग का एक टिकट दिया जा रहा है जो की पूरी तरह निशुल्क है. इस गुलाबी रंग के टिकट के पीछे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फोटो लगी है और साथ में संदेश दिया हुआ है कि ' मैं चाहता हूं कि आप और आपका परिवार खूब तरक्की करे. आप महिलाएं आगे बढ़ेंगी देश आगे बढ़ेगा- अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री'. बसों में मुफ्त सफर करने वाली महिलाएं इस योजना को लेकर सकारात्मक है और केजरीवाल सरकार की सराहना कर रही हैं. लेकिन महिलाओं का कहना है कि सरकार को सफर मुक्त करने के साथ बसों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए. आपको बता दें कि दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर की कुल 5500 बसे हैं जो रोज़ाना करीब 43 लाख यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाती हैं. इस योजना के पीछे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इससे महिलाएं सुरक्षित होंगी और उनका पैसा बचेगा तो पूरे परिवार को फ़ायदा होगा. दिल्ली में नॉन एसी डीटीसी बसों में किराया 5,10 और 15 रुपये है जबकि एसी बसों में किराया 10,15,20 और 25 रुपये है.  बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ी संख्या में मार्शल की तैनाती की है. दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में 13000 मार्शल तैनात किए जाएंगे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को 6000 बस मार्शल की नियुक्ति के एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही थी. सीएम केजरीवाल ने कहा  था कि अभी तक दिल्ली की बसों में 3400 मार्शल तैनात थे लेकिन अब इनकी संख्या सीधा 13,000 होने जा रही है. केजरीवाल ने कहा  थाकि दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में शाम के समय महिला सुरक्षा के लिए मार्शल की तैनाती की गई थी लेकिन आम लोगों और मीडिया ने मांग की कि केवल शाम के समय ही क्यों महिला सुरक्षा के लिए दिन में भी मार्शल तैनात होने चाहिए इसलिए अब हमने मार्शल की संख्या बढ़ाकर 13,000 करने का फैसला किया है.  इस दौरान सीएम केजरीवाल ने नवनियुक्त मार्शल से कहा था कि अगर कोई व्यक्ति बस में किसी महिला के साथ कोई गड़बड़ करें तो उसको रोकने के लिए आपसे जो हो सके वह करना. बस के अंदर बैठी महिला को यह एहसास होना चाहिए कि बस में बैठकर वह पूरी तरह से सुरक्षित है और उसकी रक्षा करने के लिए बस में उसका भाई या बहन मौजूद है'
संक्षिप्त सारांश: आज से महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त में कर पाएंगी सफर दिल्ली सरकार ने महिलाओं को दिया तोहफा अब से नहीं लेना होगा कोई टिकट
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['hin']
एक सारांश बनाओ: घरेलू इस्पात क्षेत्र के विकास को देखते हुए भारत अगले कुछ सालों में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश बन सकता है। एसोसिएशन फॉर आयरन एंड स्टील टेक्नोलाजी के कार्यकारी निदेशक रोनाल्ड ई एशबर्न ने यह संभावना व्यक्त की। उन्होंने कहा, भारत अगले दो-तीन साल में इस्पात उत्पादन में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा और चीन व जापान के बाद तीसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश बन जाएगा। इस समय, भारत सालाना 7 करोड़ टन इस्पात का उत्पादन करता है, जबकि इसकी स्थापित क्षमता 8 करोड़ टन की है। एशबर्न ने कहा कि देश में लौह अयस्क और कोयले की भरमार है और भारत अगर 2015.16 तक भारत 14.5 से 15 करोड़ टन की क्षमता हासिल कर लेता है तो वह दूसरे पायदान पर पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि करीब तीन साल पहले तक दुनिया का छठा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक रहने वाला भारत दक्षिण कोरिया और रूस को पीछे छोड़ चुका है और अब वह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश है।
यह एक सारांश है: भारत अगले कुछ सालों में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश बन सकता है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह थोड़ी उमस भरी रही. मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और शाम होते-होते कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है. अगले दो दिनों तक दिल्ली और आसपास का मौसम कुछ ऐसा ही बना रहेगा. जबकि, 24 और 25 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना जताई जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली - एनसीआर में 26 और 27 जुलाई को गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कर्नाटक, केरल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों को लेकर भी अलर्ट जारी किया है.  मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार मंगलवार को केरल में मुसलाधार बारिश हो सकती है. इसके अलावा कर्नाटक, पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. जबकि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, गोवा, असम, मेघालय और तमिलनाडु में समान्य बारिश हो सकती है.
सारांश: गुरुवार से दिल्ली हो सकती है तेज बारिश देश के अन्य इलाकों में भी बारिश का अलर्ट बिहार-असम में भी हो सकती है तेज बारिश
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने चालू वित्तवर्ष से डाकघर के बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर लगाने का फैसला किया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा हाल में जारी अधिसूचना के अनुसार, व्यक्तिगत खातों पर 3,500 रुपये से अधिक के ब्याज पर कर देना होगा। वहीं संयुक्त खातों के मामले में 7,000 रुपये से अधिक के ब्याज आय पर कर लगेगा। आयकर विभाग की प्रशासनिक इकाई सीबीडीटी ने इस बारे में देश भर में कर संग्रह क्षेत्रों को अधिसूचना जारी की है। करदाताओं को अपने आयकर रिटर्न में इस निवेश को दिखाना होगा। एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने कहा, डाकघर बचत खाते में निवेश करने वाले करदाताओं को अब अपनी ब्याज आमदनी को आयकर रिटर्न में दिखाना होगा। एकल खाते में 3,500 रुपये तक की ब्याज आमदनी पर कर नहीं लगेगा, जबकि संयुक्त खाते में यह सीमा 7,000 रुपये होगी। फिलहाल डाकघर बचत खाते पर ब्याज की दर सालाना 3.5 प्रतिशत की है। इस योजना में न्यूनतम निवेश सीमा 50 रुपये है, जबकि एकल खाते में अधिकतम निवेश सीमा 1 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 2 लाख रुपये है।
यह एक सारांश है: व्यक्तिगत खातों पर 3,500 रुपये से अधिक के ब्याज पर कर देना होगा। संयुक्त खातों के मामले में 7,000 रुपये से अधिक के ब्याज आय पर कर लगेगा।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि मुंबई आतंकवादी हमले के मुख्य षड़यंत्रकर्ता हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जमात-उद-दावा के सदस्यों ने हाल ही में सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में घायल लोगों के इलाज के लिए यदि जम्मू- कश्मीर की यात्रा करने की इच्छा जताई तो उन्हें वीजा जारी नहीं किया जाएगा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''इसका सवाल ही नहीं उठता। जमात-उद-दावा के सदस्यों को वीजा प्रदान करने का सवाल ही नहीं उठता।'' अधिकारी ने यह बात उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कही कि जमात-उद-दावा के 30 सदस्यों ने कश्मीर की यात्रा करने के लिए भारतीय वीजा के लिए आवेदन किया है ताकि वे वहां घायलों का इलाज कर सकें। इन सदस्यों में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल हैं।टिप्पणियां लाहौर से मिली खबर के अनुसार आवेदनकर्ताओं ने अपने वीजा आवेदन में एक अर्जी भी दी है कि वे कश्मीर जाना चाहते हैं ताकि सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में घायल हुए व्यक्तियों का 'मानवीय आधार पर' इलाज कर सकें। खबर के अनुसार 30 सदस्यीय इस दल में 15 चिकित्सक और नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''इसका सवाल ही नहीं उठता। जमात-उद-दावा के सदस्यों को वीजा प्रदान करने का सवाल ही नहीं उठता।'' अधिकारी ने यह बात उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कही कि जमात-उद-दावा के 30 सदस्यों ने कश्मीर की यात्रा करने के लिए भारतीय वीजा के लिए आवेदन किया है ताकि वे वहां घायलों का इलाज कर सकें। इन सदस्यों में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल हैं।टिप्पणियां लाहौर से मिली खबर के अनुसार आवेदनकर्ताओं ने अपने वीजा आवेदन में एक अर्जी भी दी है कि वे कश्मीर जाना चाहते हैं ताकि सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में घायल हुए व्यक्तियों का 'मानवीय आधार पर' इलाज कर सकें। खबर के अनुसार 30 सदस्यीय इस दल में 15 चिकित्सक और नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लाहौर से मिली खबर के अनुसार आवेदनकर्ताओं ने अपने वीजा आवेदन में एक अर्जी भी दी है कि वे कश्मीर जाना चाहते हैं ताकि सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में घायल हुए व्यक्तियों का 'मानवीय आधार पर' इलाज कर सकें। खबर के अनुसार 30 सदस्यीय इस दल में 15 चिकित्सक और नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:इसकी 30 सदस्‍यीय मेडिकल टीम भारत आने की इच्‍छुक जम्‍मू-कश्‍मीर में घायलों का इलाज करने की इच्‍छा जताई इन सदस्यों में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल हैं
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेता सलमान खान और शाहरुख खान ने हाल में इफ्तार पार्टी के दौरान एक-दूसरे को गले लगाकर भले ही दोस्ती में आई खटास मिटाने की कोशिश का संकेत दिया हो, लेकिन जब बॉक्स ऑफिस की बात आती है तो सलमान का कहना है कि वह अपनी आगामी फिल्म में शाहरुख को पछाड़ देंगे।टिप्पणियां सलमान ने कहा, मैंने रमजान के दौरान शाहरुख को गले लगाया, क्योंकि वह पवित्र महीना था और केवल मुझे ही नहीं, बल्कि सभी को अपने मित्रों के प्रति ऐसा शिष्टाचार दिखाना चाहिए। सलमान ने ‘बिग बॉस’ के सातवें सत्र के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, मेरी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है और मैं जानता हूं कि उनकी फिल्म ने मेरे सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है। यदि मुझे कोई समस्या है तो मैं उन्हें काम के जरिये हराना चाहता हूं। मेरी आगामी फिल्म उन सभी नए रिकॉर्ड का जवाब होगी, जो कि आमिर की ‘धूम 3’ या नए अभिनेता रणबीर की आगामी फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर बनने वाले हैं। यह पूछने पर कि क्या वह शाहरुख को ‘बिग-बॉस’ पर आमंत्रित करेंगे, उन्होंने कहा, मैं शाहरुख को अपने शो पर आमंत्रित करूंगा। यदि वह आना चाहते हैं और अपनी फिल्म का प्रचार करना चाहते हैं तो उनका हार्दिक स्वागत है। यह पूछने पर कि क्या वह आमिर खान के कार्यक्रम ‘सत्यमेव जयते’ की मेजबानी करना पसंद करेंगे, सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा, मैं सभी तरह के कार्यक्रम करने के लिए तैयार हूं। यदि आमिर इस कार्यक्रम की मेजबानी नहीं करना चाहेंगे तो मैं उससे स्वयं को जोड़ लूंगा। केवल ‘सत्यमेव जयते’ ही नहीं, यदि बच्चन साहब को भी लगे वह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की मेज़बानी करने के लिए काफी वृद्ध हैं तो मैं वह भी करूंगा। सलमान ने कहा, मैंने रमजान के दौरान शाहरुख को गले लगाया, क्योंकि वह पवित्र महीना था और केवल मुझे ही नहीं, बल्कि सभी को अपने मित्रों के प्रति ऐसा शिष्टाचार दिखाना चाहिए। सलमान ने ‘बिग बॉस’ के सातवें सत्र के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, मेरी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है और मैं जानता हूं कि उनकी फिल्म ने मेरे सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है। यदि मुझे कोई समस्या है तो मैं उन्हें काम के जरिये हराना चाहता हूं। मेरी आगामी फिल्म उन सभी नए रिकॉर्ड का जवाब होगी, जो कि आमिर की ‘धूम 3’ या नए अभिनेता रणबीर की आगामी फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर बनने वाले हैं। यह पूछने पर कि क्या वह शाहरुख को ‘बिग-बॉस’ पर आमंत्रित करेंगे, उन्होंने कहा, मैं शाहरुख को अपने शो पर आमंत्रित करूंगा। यदि वह आना चाहते हैं और अपनी फिल्म का प्रचार करना चाहते हैं तो उनका हार्दिक स्वागत है। यह पूछने पर कि क्या वह आमिर खान के कार्यक्रम ‘सत्यमेव जयते’ की मेजबानी करना पसंद करेंगे, सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा, मैं सभी तरह के कार्यक्रम करने के लिए तैयार हूं। यदि आमिर इस कार्यक्रम की मेजबानी नहीं करना चाहेंगे तो मैं उससे स्वयं को जोड़ लूंगा। केवल ‘सत्यमेव जयते’ ही नहीं, यदि बच्चन साहब को भी लगे वह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की मेज़बानी करने के लिए काफी वृद्ध हैं तो मैं वह भी करूंगा। यह पूछने पर कि क्या वह शाहरुख को ‘बिग-बॉस’ पर आमंत्रित करेंगे, उन्होंने कहा, मैं शाहरुख को अपने शो पर आमंत्रित करूंगा। यदि वह आना चाहते हैं और अपनी फिल्म का प्रचार करना चाहते हैं तो उनका हार्दिक स्वागत है। यह पूछने पर कि क्या वह आमिर खान के कार्यक्रम ‘सत्यमेव जयते’ की मेजबानी करना पसंद करेंगे, सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा, मैं सभी तरह के कार्यक्रम करने के लिए तैयार हूं। यदि आमिर इस कार्यक्रम की मेजबानी नहीं करना चाहेंगे तो मैं उससे स्वयं को जोड़ लूंगा। केवल ‘सत्यमेव जयते’ ही नहीं, यदि बच्चन साहब को भी लगे वह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की मेज़बानी करने के लिए काफी वृद्ध हैं तो मैं वह भी करूंगा।
यह एक सारांश है: सलमान ने कहा, मेरी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है और मैं जानता हूं कि उनकी फिल्म ने मेरे सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है। यदि मुझे कोई समस्या है तो मैं उन्हें काम के जरिये हराना चाहता हूं।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा है कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि भारत और अमेरिका सरकार ने मालदीव की नई सरकार को मान्यता देने में कितनी तत्परता दिखाई। फरवरी में पद से अपदस्थ किए जाने के बाद अपने पहले विदेश दौरे पर श्रीलंका पहुंचे नशीद ने शनिवार को मालदीव की मौजूदा सरकार से जल्द चुनाव कराने का आह्वान किया, ताकि देश में लोकतंत्र बहाल हो सके और राजनीतिक संकट समाप्त हो। श्रीलंकाई समाचार पत्र, 'संडे आब्जर्वर' द्वारा जारी रपट के अनुसार, नशीद ने हालांकि कहा कि समय पूर्व चुनाव कराने के लिए देश के संविधान में परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल, यूरोपीय संघ तथा भारत व अमेरिका सरकार सहित कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां 2012 में चुनाव कराने की मांग कर रही है।     नशीद ने कहा, "वे सभी इस बिंदु पर पहुंचे हैं कि चुनाव बहुत जरूरी है। यह देखकर आश्चर्य हुआ था कि भारत और अमेरिका सरकार ने नई सरकार को मान्यता देने में कितनी तत्परता दिखाई।" टिप्पणियां नशीद ने कहा, "मैं समझता हूं कि उन्हें इस बारे में कुछ क्षण सोचना चाहिए था कि आखिर क्या हो रहा है और उसके बाद वे पाए होते कि मौजूदा व्यवस्था बनाए रखना सम्भव नहीं था। इन दोनों सरकारों ने अपनी नीतियों में कई बदलाव किए हैं। प्रारम्भ में यह निराशाजनक था।" नशीद ने यह भी कहा कि उन्हें सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है, क्योंकि कोई भी सरकार जनता की मर्जी के बगैर नहीं टिकी रह सकती। फरवरी में पद से अपदस्थ किए जाने के बाद अपने पहले विदेश दौरे पर श्रीलंका पहुंचे नशीद ने शनिवार को मालदीव की मौजूदा सरकार से जल्द चुनाव कराने का आह्वान किया, ताकि देश में लोकतंत्र बहाल हो सके और राजनीतिक संकट समाप्त हो। श्रीलंकाई समाचार पत्र, 'संडे आब्जर्वर' द्वारा जारी रपट के अनुसार, नशीद ने हालांकि कहा कि समय पूर्व चुनाव कराने के लिए देश के संविधान में परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल, यूरोपीय संघ तथा भारत व अमेरिका सरकार सहित कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां 2012 में चुनाव कराने की मांग कर रही है।     नशीद ने कहा, "वे सभी इस बिंदु पर पहुंचे हैं कि चुनाव बहुत जरूरी है। यह देखकर आश्चर्य हुआ था कि भारत और अमेरिका सरकार ने नई सरकार को मान्यता देने में कितनी तत्परता दिखाई।" टिप्पणियां नशीद ने कहा, "मैं समझता हूं कि उन्हें इस बारे में कुछ क्षण सोचना चाहिए था कि आखिर क्या हो रहा है और उसके बाद वे पाए होते कि मौजूदा व्यवस्था बनाए रखना सम्भव नहीं था। इन दोनों सरकारों ने अपनी नीतियों में कई बदलाव किए हैं। प्रारम्भ में यह निराशाजनक था।" नशीद ने यह भी कहा कि उन्हें सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है, क्योंकि कोई भी सरकार जनता की मर्जी के बगैर नहीं टिकी रह सकती। श्रीलंकाई समाचार पत्र, 'संडे आब्जर्वर' द्वारा जारी रपट के अनुसार, नशीद ने हालांकि कहा कि समय पूर्व चुनाव कराने के लिए देश के संविधान में परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल, यूरोपीय संघ तथा भारत व अमेरिका सरकार सहित कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां 2012 में चुनाव कराने की मांग कर रही है।     नशीद ने कहा, "वे सभी इस बिंदु पर पहुंचे हैं कि चुनाव बहुत जरूरी है। यह देखकर आश्चर्य हुआ था कि भारत और अमेरिका सरकार ने नई सरकार को मान्यता देने में कितनी तत्परता दिखाई।" टिप्पणियां नशीद ने कहा, "मैं समझता हूं कि उन्हें इस बारे में कुछ क्षण सोचना चाहिए था कि आखिर क्या हो रहा है और उसके बाद वे पाए होते कि मौजूदा व्यवस्था बनाए रखना सम्भव नहीं था। इन दोनों सरकारों ने अपनी नीतियों में कई बदलाव किए हैं। प्रारम्भ में यह निराशाजनक था।" नशीद ने यह भी कहा कि उन्हें सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है, क्योंकि कोई भी सरकार जनता की मर्जी के बगैर नहीं टिकी रह सकती। नशीद ने कहा, "वे सभी इस बिंदु पर पहुंचे हैं कि चुनाव बहुत जरूरी है। यह देखकर आश्चर्य हुआ था कि भारत और अमेरिका सरकार ने नई सरकार को मान्यता देने में कितनी तत्परता दिखाई।" टिप्पणियां नशीद ने कहा, "मैं समझता हूं कि उन्हें इस बारे में कुछ क्षण सोचना चाहिए था कि आखिर क्या हो रहा है और उसके बाद वे पाए होते कि मौजूदा व्यवस्था बनाए रखना सम्भव नहीं था। इन दोनों सरकारों ने अपनी नीतियों में कई बदलाव किए हैं। प्रारम्भ में यह निराशाजनक था।" नशीद ने यह भी कहा कि उन्हें सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है, क्योंकि कोई भी सरकार जनता की मर्जी के बगैर नहीं टिकी रह सकती। नशीद ने कहा, "मैं समझता हूं कि उन्हें इस बारे में कुछ क्षण सोचना चाहिए था कि आखिर क्या हो रहा है और उसके बाद वे पाए होते कि मौजूदा व्यवस्था बनाए रखना सम्भव नहीं था। इन दोनों सरकारों ने अपनी नीतियों में कई बदलाव किए हैं। प्रारम्भ में यह निराशाजनक था।" नशीद ने यह भी कहा कि उन्हें सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है, क्योंकि कोई भी सरकार जनता की मर्जी के बगैर नहीं टिकी रह सकती। नशीद ने यह भी कहा कि उन्हें सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है, क्योंकि कोई भी सरकार जनता की मर्जी के बगैर नहीं टिकी रह सकती।
संक्षिप्त सारांश: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा है कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि भारत और अमेरिका सरकार ने मालदीव की नई सरकार को मान्यता देने में कितनी तत्परता दिखाई।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडियन मुजाहिदीन ने एक ई-मेल भेजकर दिल्ली हाईकोर्ट में कल हुए धमाके की जिम्मेदारी ली है। इंडियन मुजाहिदीन का कहना है कि हूजी का दावा बिल्कुल गलत है, क्योंकि पूरी प्लानिंग उसकी थी और उसने ही धमाके को अंजाम दिया है। इंडियन मुजाहिदीन ने और हमले करने की भी धमकी दी है। इधर, हाईकोर्ट में कल हुए धमाके में अभी तक सुरक्षा एजेंसियों के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। अंधेरे में तीर चला रही एजेंसियां अब दूसरे तरीकों से आतंकियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। अब से कुछ देर पहले गृहसचिव आरके सिंह ने ऐलान किया कि धमाके का सुराग देने वाले को 5 लाख का ईनाम दिया जाएगा। सिंह ने यह भी कहा कि जब्त हुई सैंट्रो कार का धमाके से कोई लेनादेना नहीं है। दिल्ली हाईकोर्ट में हुए धमाके में एनआईए उस ई−मेल की भी जांच में जुटी है जिसे आतंकी संगठन हूजी ने मीडिया संगठनों को भेजा है। ये मेल जम्मू के किश्तवाड़ से भेजा गया है और एनआईए इसकी जांच के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के संपर्क में है। इस साइबर कैफे का नाम ग्लोबल इंटरनेट साइबर कैफे है और इसके मालिक का नाम महमूद अहमद है। कैफे के मालिक सहति तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
संक्षिप्त सारांश: इंडियन मुजाहिदीन का कहना है कि हूजी का दावा बिल्कुल गलत है, क्योंकि पूरी प्लानिंग उसकी थी और उसने ही धमाके को अंजाम दिया है।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले साल विश्व कप के बाद से भारतीय क्रिकेट कोच का पद संभालने वाले डंकन फ्लेचर ने बुधवार को कहा कि भारत को बहुत कम समय में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दो महत्वपूर्ण दौरों पर जाना पड़ा जहां टीम को करारी हार मिली थी। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ और इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू एक दिवसीय श्रृंखला में सफलता का स्वाद चखा लेकिन इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में दो निराशाजनक दौरों से उसकी प्रतिष्ठा को धक्का लगा। फ्लेचर ने यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुक्रवार को एकमात्र ट्वेंटी20 मैच खेलने के लिये खिलाड़ियों के साथ पहुंचने के बाद कहा, ‘सच कहूं तो, अभी तक बीच का कोई रास्ता नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘हमने वेस्टइंडीज और घरेलू श्रृंखला में काफी अच्छी क्रिकेट खेली और फिर हम, मेरे विचार से सबसे कठिन दौरों पर गये। इन दोनों कठिन दौरों के बीच समय भी काफी कम रहा।’ फ्लेचर ने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि अगर किसी अन्य टीम ने ऐसा किया होगा। कोई टीम चार महीनों में इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया नहीं जायेगी।’ भारतीय एक दिवसीय टीम आस्ट्रेलिया के दौरे के दौरान त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल्स में पहुंचने में भी असफल रही जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका की थी। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के खिलाड़ी एशिया कप में भी असफल हो गये क्योंकि वे लीग चरण के मैच में बांग्लादेश से हारने से चार देशों के टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं पहुंच सके। भारतीय टेस्ट टीम को इंग्लैंड के बाद आस्ट्रेलिया में 0-4 से हार मिली थी। टिप्पणियां सात हफ्ते तक चलने वाले आईपीएल से पहले एकमात्र मैच के लिये दक्षिण अफ्रीका की यात्रा करने का विचार भले ही अच्छा नहीं हो लेकिन फ्लेचर इससे सहज लगे। उन्होंने कहा, ‘हम यहां काफी युवा खिलाड़ियों के साथ हैं। हम एकदिवसीय और ट्वेंटी20 में युवा टीम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये युवा उप महाद्वीपिय परिस्थितियों में अच्छा खेले हैं और यदि उन्हें बाहर खेलने का मौका मिलता है तो यह अनुभव के हिसाब से यह काफी महत्वपूर्ण होगा।’ फ्लेचर ने कहा, ‘हम काफी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि इससे भविष्य में फायदा मिलगा। हमारे पास काफी प्रतिभा मौजूद है, इसलिये हमें उन्हें जरूरी मौके प्रदान करने होंगे।’ वहीं दक्षिण अफ्रीका के कोच गैरी कर्स्टन ने कहा कि वह इस मैच को लेकर काफी उत्साहित हैं, हालांकि उनके खिलाड़ियों के लिये यह काफी कठिन होगा क्योंकि उन्हें न्यूजीलैंड के दौरे से लौटने के बाद जरा भी आराम नहीं मिलेगा। कर्स्टन ने कहा, ‘यह कठिन होगा लेकिन मैं इसे लेकर उत्साहित हूं। हमारी टीम में कुछ नये खिलाड़ी हैं जिन्हें हम खेलते देखना चाहते हैं।’ फ्लेचर ने यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुक्रवार को एकमात्र ट्वेंटी20 मैच खेलने के लिये खिलाड़ियों के साथ पहुंचने के बाद कहा, ‘सच कहूं तो, अभी तक बीच का कोई रास्ता नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘हमने वेस्टइंडीज और घरेलू श्रृंखला में काफी अच्छी क्रिकेट खेली और फिर हम, मेरे विचार से सबसे कठिन दौरों पर गये। इन दोनों कठिन दौरों के बीच समय भी काफी कम रहा।’ फ्लेचर ने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि अगर किसी अन्य टीम ने ऐसा किया होगा। कोई टीम चार महीनों में इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया नहीं जायेगी।’ भारतीय एक दिवसीय टीम आस्ट्रेलिया के दौरे के दौरान त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल्स में पहुंचने में भी असफल रही जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका की थी। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के खिलाड़ी एशिया कप में भी असफल हो गये क्योंकि वे लीग चरण के मैच में बांग्लादेश से हारने से चार देशों के टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं पहुंच सके। भारतीय टेस्ट टीम को इंग्लैंड के बाद आस्ट्रेलिया में 0-4 से हार मिली थी। टिप्पणियां सात हफ्ते तक चलने वाले आईपीएल से पहले एकमात्र मैच के लिये दक्षिण अफ्रीका की यात्रा करने का विचार भले ही अच्छा नहीं हो लेकिन फ्लेचर इससे सहज लगे। उन्होंने कहा, ‘हम यहां काफी युवा खिलाड़ियों के साथ हैं। हम एकदिवसीय और ट्वेंटी20 में युवा टीम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये युवा उप महाद्वीपिय परिस्थितियों में अच्छा खेले हैं और यदि उन्हें बाहर खेलने का मौका मिलता है तो यह अनुभव के हिसाब से यह काफी महत्वपूर्ण होगा।’ फ्लेचर ने कहा, ‘हम काफी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि इससे भविष्य में फायदा मिलगा। हमारे पास काफी प्रतिभा मौजूद है, इसलिये हमें उन्हें जरूरी मौके प्रदान करने होंगे।’ वहीं दक्षिण अफ्रीका के कोच गैरी कर्स्टन ने कहा कि वह इस मैच को लेकर काफी उत्साहित हैं, हालांकि उनके खिलाड़ियों के लिये यह काफी कठिन होगा क्योंकि उन्हें न्यूजीलैंड के दौरे से लौटने के बाद जरा भी आराम नहीं मिलेगा। कर्स्टन ने कहा, ‘यह कठिन होगा लेकिन मैं इसे लेकर उत्साहित हूं। हमारी टीम में कुछ नये खिलाड़ी हैं जिन्हें हम खेलते देखना चाहते हैं।’ कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के खिलाड़ी एशिया कप में भी असफल हो गये क्योंकि वे लीग चरण के मैच में बांग्लादेश से हारने से चार देशों के टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं पहुंच सके। भारतीय टेस्ट टीम को इंग्लैंड के बाद आस्ट्रेलिया में 0-4 से हार मिली थी। टिप्पणियां सात हफ्ते तक चलने वाले आईपीएल से पहले एकमात्र मैच के लिये दक्षिण अफ्रीका की यात्रा करने का विचार भले ही अच्छा नहीं हो लेकिन फ्लेचर इससे सहज लगे। उन्होंने कहा, ‘हम यहां काफी युवा खिलाड़ियों के साथ हैं। हम एकदिवसीय और ट्वेंटी20 में युवा टीम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये युवा उप महाद्वीपिय परिस्थितियों में अच्छा खेले हैं और यदि उन्हें बाहर खेलने का मौका मिलता है तो यह अनुभव के हिसाब से यह काफी महत्वपूर्ण होगा।’ फ्लेचर ने कहा, ‘हम काफी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि इससे भविष्य में फायदा मिलगा। हमारे पास काफी प्रतिभा मौजूद है, इसलिये हमें उन्हें जरूरी मौके प्रदान करने होंगे।’ वहीं दक्षिण अफ्रीका के कोच गैरी कर्स्टन ने कहा कि वह इस मैच को लेकर काफी उत्साहित हैं, हालांकि उनके खिलाड़ियों के लिये यह काफी कठिन होगा क्योंकि उन्हें न्यूजीलैंड के दौरे से लौटने के बाद जरा भी आराम नहीं मिलेगा। कर्स्टन ने कहा, ‘यह कठिन होगा लेकिन मैं इसे लेकर उत्साहित हूं। हमारी टीम में कुछ नये खिलाड़ी हैं जिन्हें हम खेलते देखना चाहते हैं।’ सात हफ्ते तक चलने वाले आईपीएल से पहले एकमात्र मैच के लिये दक्षिण अफ्रीका की यात्रा करने का विचार भले ही अच्छा नहीं हो लेकिन फ्लेचर इससे सहज लगे। उन्होंने कहा, ‘हम यहां काफी युवा खिलाड़ियों के साथ हैं। हम एकदिवसीय और ट्वेंटी20 में युवा टीम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये युवा उप महाद्वीपिय परिस्थितियों में अच्छा खेले हैं और यदि उन्हें बाहर खेलने का मौका मिलता है तो यह अनुभव के हिसाब से यह काफी महत्वपूर्ण होगा।’ फ्लेचर ने कहा, ‘हम काफी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि इससे भविष्य में फायदा मिलगा। हमारे पास काफी प्रतिभा मौजूद है, इसलिये हमें उन्हें जरूरी मौके प्रदान करने होंगे।’ वहीं दक्षिण अफ्रीका के कोच गैरी कर्स्टन ने कहा कि वह इस मैच को लेकर काफी उत्साहित हैं, हालांकि उनके खिलाड़ियों के लिये यह काफी कठिन होगा क्योंकि उन्हें न्यूजीलैंड के दौरे से लौटने के बाद जरा भी आराम नहीं मिलेगा। कर्स्टन ने कहा, ‘यह कठिन होगा लेकिन मैं इसे लेकर उत्साहित हूं। हमारी टीम में कुछ नये खिलाड़ी हैं जिन्हें हम खेलते देखना चाहते हैं।’ वहीं दक्षिण अफ्रीका के कोच गैरी कर्स्टन ने कहा कि वह इस मैच को लेकर काफी उत्साहित हैं, हालांकि उनके खिलाड़ियों के लिये यह काफी कठिन होगा क्योंकि उन्हें न्यूजीलैंड के दौरे से लौटने के बाद जरा भी आराम नहीं मिलेगा। कर्स्टन ने कहा, ‘यह कठिन होगा लेकिन मैं इसे लेकर उत्साहित हूं। हमारी टीम में कुछ नये खिलाड़ी हैं जिन्हें हम खेलते देखना चाहते हैं।’
पिछले साल विश्व कप के बाद से भारतीय क्रिकेट कोच का पद संभालने वाले डंकन फ्लेचर ने बुधवार को कहा कि भारत को बहुत कम समय में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दो महत्वपूर्ण दौरों पर जाना पड़ा जहां टीम को करारी हार मिली थी।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: डीजल मूल्य वृद्धि, रसोई गैस और बहुब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर लिए गए फैसलों पर विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी दलों के आक्रोश का सामना कर रही कांग्रेस ने सोमवार को एक ओर साफ कर दिया कि वह इन फैसलों पर पीछे नहीं हटने वाली है वहीं उसने संकेत भी दिया कि वह सहयोगियों के बीच सहमति बनाने में भी लगी हुई है। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि सरकार डीजल मूल्य वृद्धि और बहुब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के फैसले को वापस नहीं लेगी वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से वार्ता कर रही है और उम्मीद है कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियां समझेंगे। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी दल अपने-अपने सहयोगियों के साथ 20 सितम्बर को आहूत बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं रक्षा मंत्री एके एंटनी, केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम, केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के साथ पार्टी की रणनीति पर चर्चा की। चिदम्बरम ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले सप्ताह के फैसले से सरकार के सामने अस्तित्व का कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोगियों को यह समझाने में सफल होंगे कि जो हमने किया है, वह अर्थव्यवस्था के लिए सबसे अच्छा है।" मनमोहन सिंह की सरकार ने पिछले सप्ताह बहुब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी एफडीआई और घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों की अधिकतम 49 फीसदी एफडीआई को इजाजत दे दी। सरकार ने डीजल मूल्य भी प्रतिलीटर पांच रुपये बढ़ा दिया। इसके अलावा साल में रियायती दर पर रसोई गैस की संख्या घटाकर छह कर दी। यूपीए सरकार की प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने सरकार से फैसला वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है जिसकी मियाद मंगलवार को खत्म हो रही है। मंगलवार को होने वाली पार्टी संसदीय दल की बैठक में तृणमूल कांग्रेस अपना फैसला लेगी। चिदम्बरम ने कहा, "हमने वही किया है जो डीजल और रसोई गैस के मामले में करने योग्य था।" पेट्रोल मूल्य की कम वसूली पर भी फैसला लेने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आमदनी के उपाय को बढ़ाएगी और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई तरीके हैं, जिससे खर्च कम किया जा सकता है। चिदम्बरम ने यह भी कहा कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही और उपायों की घोषणा करेगी। उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि सरकार डीजल मूल्य वृद्धि और बहुब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के फैसले को वापस नहीं लेगी वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से वार्ता कर रही है और उम्मीद है कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियां समझेंगे। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी दल अपने-अपने सहयोगियों के साथ 20 सितम्बर को आहूत बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं रक्षा मंत्री एके एंटनी, केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम, केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के साथ पार्टी की रणनीति पर चर्चा की। चिदम्बरम ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले सप्ताह के फैसले से सरकार के सामने अस्तित्व का कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोगियों को यह समझाने में सफल होंगे कि जो हमने किया है, वह अर्थव्यवस्था के लिए सबसे अच्छा है।" मनमोहन सिंह की सरकार ने पिछले सप्ताह बहुब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी एफडीआई और घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों की अधिकतम 49 फीसदी एफडीआई को इजाजत दे दी। सरकार ने डीजल मूल्य भी प्रतिलीटर पांच रुपये बढ़ा दिया। इसके अलावा साल में रियायती दर पर रसोई गैस की संख्या घटाकर छह कर दी। यूपीए सरकार की प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने सरकार से फैसला वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है जिसकी मियाद मंगलवार को खत्म हो रही है। मंगलवार को होने वाली पार्टी संसदीय दल की बैठक में तृणमूल कांग्रेस अपना फैसला लेगी। चिदम्बरम ने कहा, "हमने वही किया है जो डीजल और रसोई गैस के मामले में करने योग्य था।" पेट्रोल मूल्य की कम वसूली पर भी फैसला लेने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आमदनी के उपाय को बढ़ाएगी और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई तरीके हैं, जिससे खर्च कम किया जा सकता है। चिदम्बरम ने यह भी कहा कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही और उपायों की घोषणा करेगी। उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी दल अपने-अपने सहयोगियों के साथ 20 सितम्बर को आहूत बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं रक्षा मंत्री एके एंटनी, केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम, केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के साथ पार्टी की रणनीति पर चर्चा की। चिदम्बरम ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले सप्ताह के फैसले से सरकार के सामने अस्तित्व का कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोगियों को यह समझाने में सफल होंगे कि जो हमने किया है, वह अर्थव्यवस्था के लिए सबसे अच्छा है।" मनमोहन सिंह की सरकार ने पिछले सप्ताह बहुब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी एफडीआई और घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों की अधिकतम 49 फीसदी एफडीआई को इजाजत दे दी। सरकार ने डीजल मूल्य भी प्रतिलीटर पांच रुपये बढ़ा दिया। इसके अलावा साल में रियायती दर पर रसोई गैस की संख्या घटाकर छह कर दी। यूपीए सरकार की प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने सरकार से फैसला वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है जिसकी मियाद मंगलवार को खत्म हो रही है। मंगलवार को होने वाली पार्टी संसदीय दल की बैठक में तृणमूल कांग्रेस अपना फैसला लेगी। चिदम्बरम ने कहा, "हमने वही किया है जो डीजल और रसोई गैस के मामले में करने योग्य था।" पेट्रोल मूल्य की कम वसूली पर भी फैसला लेने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आमदनी के उपाय को बढ़ाएगी और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई तरीके हैं, जिससे खर्च कम किया जा सकता है। चिदम्बरम ने यह भी कहा कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही और उपायों की घोषणा करेगी। उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं रक्षा मंत्री एके एंटनी, केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम, केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के साथ पार्टी की रणनीति पर चर्चा की। चिदम्बरम ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले सप्ताह के फैसले से सरकार के सामने अस्तित्व का कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोगियों को यह समझाने में सफल होंगे कि जो हमने किया है, वह अर्थव्यवस्था के लिए सबसे अच्छा है।" मनमोहन सिंह की सरकार ने पिछले सप्ताह बहुब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी एफडीआई और घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों की अधिकतम 49 फीसदी एफडीआई को इजाजत दे दी। सरकार ने डीजल मूल्य भी प्रतिलीटर पांच रुपये बढ़ा दिया। इसके अलावा साल में रियायती दर पर रसोई गैस की संख्या घटाकर छह कर दी। यूपीए सरकार की प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने सरकार से फैसला वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है जिसकी मियाद मंगलवार को खत्म हो रही है। मंगलवार को होने वाली पार्टी संसदीय दल की बैठक में तृणमूल कांग्रेस अपना फैसला लेगी। चिदम्बरम ने कहा, "हमने वही किया है जो डीजल और रसोई गैस के मामले में करने योग्य था।" पेट्रोल मूल्य की कम वसूली पर भी फैसला लेने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आमदनी के उपाय को बढ़ाएगी और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई तरीके हैं, जिससे खर्च कम किया जा सकता है। चिदम्बरम ने यह भी कहा कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही और उपायों की घोषणा करेगी। उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" चिदम्बरम ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले सप्ताह के फैसले से सरकार के सामने अस्तित्व का कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोगियों को यह समझाने में सफल होंगे कि जो हमने किया है, वह अर्थव्यवस्था के लिए सबसे अच्छा है।" मनमोहन सिंह की सरकार ने पिछले सप्ताह बहुब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी एफडीआई और घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों की अधिकतम 49 फीसदी एफडीआई को इजाजत दे दी। सरकार ने डीजल मूल्य भी प्रतिलीटर पांच रुपये बढ़ा दिया। इसके अलावा साल में रियायती दर पर रसोई गैस की संख्या घटाकर छह कर दी। यूपीए सरकार की प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने सरकार से फैसला वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है जिसकी मियाद मंगलवार को खत्म हो रही है। मंगलवार को होने वाली पार्टी संसदीय दल की बैठक में तृणमूल कांग्रेस अपना फैसला लेगी। चिदम्बरम ने कहा, "हमने वही किया है जो डीजल और रसोई गैस के मामले में करने योग्य था।" पेट्रोल मूल्य की कम वसूली पर भी फैसला लेने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आमदनी के उपाय को बढ़ाएगी और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई तरीके हैं, जिससे खर्च कम किया जा सकता है। चिदम्बरम ने यह भी कहा कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही और उपायों की घोषणा करेगी। उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" मनमोहन सिंह की सरकार ने पिछले सप्ताह बहुब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी एफडीआई और घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों की अधिकतम 49 फीसदी एफडीआई को इजाजत दे दी। सरकार ने डीजल मूल्य भी प्रतिलीटर पांच रुपये बढ़ा दिया। इसके अलावा साल में रियायती दर पर रसोई गैस की संख्या घटाकर छह कर दी। यूपीए सरकार की प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने सरकार से फैसला वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है जिसकी मियाद मंगलवार को खत्म हो रही है। मंगलवार को होने वाली पार्टी संसदीय दल की बैठक में तृणमूल कांग्रेस अपना फैसला लेगी। चिदम्बरम ने कहा, "हमने वही किया है जो डीजल और रसोई गैस के मामले में करने योग्य था।" पेट्रोल मूल्य की कम वसूली पर भी फैसला लेने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आमदनी के उपाय को बढ़ाएगी और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई तरीके हैं, जिससे खर्च कम किया जा सकता है। चिदम्बरम ने यह भी कहा कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही और उपायों की घोषणा करेगी। उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का 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मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" चिदम्बरम ने कहा, "हमने वही किया है जो डीजल और रसोई गैस के मामले में करने योग्य था।" पेट्रोल मूल्य की कम वसूली पर भी फैसला लेने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आमदनी के उपाय को बढ़ाएगी और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई तरीके हैं, जिससे खर्च कम किया जा सकता है। चिदम्बरम ने यह भी कहा कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही और उपायों की घोषणा करेगी। उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" चिदम्बरम ने यह भी कहा कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही और उपायों की घोषणा करेगी। उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" उधर, चौधरी ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों से बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मजबूरियों को समझेंगे। उन्होंने कहा, "बातचीत जारी है। हम अपने सहयोगियों की मजबूरियां समझते हैं। साथ ही यह उम्मीद भी करते हैं वे भी हमारी मजबूरियों को समझेंगे।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी हुई है। चौधरी ने कहा, "हम उनकी मजबूरियों की सराहना करते हैं।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी से लगातार संपर्क साधे हुए है।" उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन पर ममता से की है या नहीं। अहमद ने कहा, "हमने साफ कह दिया है कि हम इन नीतियों से सहमत नहीं हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यदि इन फैसलों को वापस नहीं लेती है तो तृणमूल के पास क्या विकल्प होंगे, "हम मंगलवार को सभी विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इसमें मंत्री पद छोड़ने लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने से लेकर समर्थन वापस लेने तक का फैसला हो सकता है। हम जनविरोधी नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते।" उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने एफडीआई के मसले पर यूपीए सरकार तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने घुटने नहीं टेकेगी। मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का 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हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" मोइली ने शिलांग में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह किसी के घुटने टेकने या नहीं टेकने का सवाल नहीं रह गया है। हम लोकतंत्र के साथ जी रहे हैं और अब हमें कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा, "एफडीआई का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति को बदल देगा।"टिप्पणियां सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" सरकार और उसके सहयोगियों के बीच चल रहे खेल से इतर भाजपा और वामपंथी दल 20 सितम्बर को देशव्यापी बंद की तैयारियों में लगे हुए हैं। भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।" भाजपा ने कहा कि देशव्यापी बंद को लोगों का भारी समर्थन मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के हाल के फैसले ने देश के अंत:करण को हिलाकर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रोजगार के नए अवसर सृजित करने का रिकार्ड निराशाजनक रहा है और एफडीआई के फैसले का औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने प्रतिवर्ष 80 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए थे लेकिन संप्रग सरकार में यह आंकड़ा 20 लाख का भी नहीं है।"
यहाँ एक सारांश है:डीजल मूल्य वृद्धि, रसोई गैस और बहुब्रांड रिटेल में एफडीआई पर लिए गए फैसलों पर विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी दलों के आक्रोश का सामना कर रही कांग्रेस ने एक ओर साफ कर दिया कि वह इन फैसलों पर पीछे नहीं हटने वाली है वहीं उसने संकेत भी दिया कि वह सहयोगियों के बीच सह
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक के लोकायुक्‍त पर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि लोकायुक्‍त पर यह हमला उनके ऑफिस के भीतर एक शिकायतकर्ता ने किया है. प्रदेश के गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि जस्टिस विश्‍वनाथ शेट्टी अब खतरे से बाहर हैं.   प्राप्‍त जानकारी के अनुसार लोकायुक्‍त विश्‍वनाथ शेट्टी पर उनके ऑफिस में थे जब यह हमला किया गया. यह हमला तेजस शर्मा ने किया. बताया जा रहा है कि आरोपी तेजस लोकायुक्‍त ऑफिस बाहर शिकायतकर्ताओं के साथ खड़ा था. वह लोकायुक्‍त से मिलने के लिए आया था. इस वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. टिप्पणियां लोकायुक्‍त विश्‍वनाथ शेट्टी को पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है. जस्टिस विश्‍वनाथ से मिलने के लिए मुख्‍यमंत्री भी पहुंचे हैं.  सत्‍ताधारी कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने बताया कि लोकायुक्‍त लोगों के लिए सुलभ होना पसंद करते हैं और इसलिए उनके कार्यालय में कोई सुरक्षा नहीं होती.  प्राप्‍त जानकारी के अनुसार लोकायुक्‍त विश्‍वनाथ शेट्टी पर उनके ऑफिस में थे जब यह हमला किया गया. यह हमला तेजस शर्मा ने किया. बताया जा रहा है कि आरोपी तेजस लोकायुक्‍त ऑफिस बाहर शिकायतकर्ताओं के साथ खड़ा था. वह लोकायुक्‍त से मिलने के लिए आया था. इस वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. टिप्पणियां लोकायुक्‍त विश्‍वनाथ शेट्टी को पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है. जस्टिस विश्‍वनाथ से मिलने के लिए मुख्‍यमंत्री भी पहुंचे हैं.  सत्‍ताधारी कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने बताया कि लोकायुक्‍त लोगों के लिए सुलभ होना पसंद करते हैं और इसलिए उनके कार्यालय में कोई सुरक्षा नहीं होती.  लोकायुक्‍त विश्‍वनाथ शेट्टी को पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है. जस्टिस विश्‍वनाथ से मिलने के लिए मुख्‍यमंत्री भी पहुंचे हैं.  सत्‍ताधारी कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने बताया कि लोकायुक्‍त लोगों के लिए सुलभ होना पसंद करते हैं और इसलिए उनके कार्यालय में कोई सुरक्षा नहीं होती.  सत्‍ताधारी कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने बताया कि लोकायुक्‍त लोगों के लिए सुलभ होना पसंद करते हैं और इसलिए उनके कार्यालय में कोई सुरक्षा नहीं होती.
यहाँ एक सारांश है:लोकायुक्‍त पर यह हमला उनके ऑफिस के बाहर एक शिकायतकर्ता ने किया है लोकायुक्‍त विश्‍वनाथ शेट्टी पर किया गया हमला यह हमला शिकायतकर्ता तेजस शर्मा ने किया
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्राजील की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कोच मानो मेनेजेस ने चीन के खिलाफ सोमवार को खेले जाने वाले दोस्ताना अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए टीम में बड़े फेरबदल के संकेत से इनकार किया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक ब्राजील ने शुक्रवार को साओ पाउलो में खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से पराजित किया था।टिप्पणियां चीन के खिलाफ खेले जाने वाले मुकाबले के बारे में मेनेजेस ने कहा, "हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हम दोनों मैचों में खिलाड़ियों को मौका दें ताकि उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन हो सके। यही कारण है कि हम अगले मैच में समान टीम उतारेंगे।" मेनेजेस ने अपनी टीम को चेतावनी दी कि चीनी टीम चौंकाने वाले परिणाम देने में सक्षम है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक ब्राजील ने शुक्रवार को साओ पाउलो में खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से पराजित किया था।टिप्पणियां चीन के खिलाफ खेले जाने वाले मुकाबले के बारे में मेनेजेस ने कहा, "हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हम दोनों मैचों में खिलाड़ियों को मौका दें ताकि उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन हो सके। यही कारण है कि हम अगले मैच में समान टीम उतारेंगे।" मेनेजेस ने अपनी टीम को चेतावनी दी कि चीनी टीम चौंकाने वाले परिणाम देने में सक्षम है। चीन के खिलाफ खेले जाने वाले मुकाबले के बारे में मेनेजेस ने कहा, "हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हम दोनों मैचों में खिलाड़ियों को मौका दें ताकि उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन हो सके। यही कारण है कि हम अगले मैच में समान टीम उतारेंगे।" मेनेजेस ने अपनी टीम को चेतावनी दी कि चीनी टीम चौंकाने वाले परिणाम देने में सक्षम है। मेनेजेस ने अपनी टीम को चेतावनी दी कि चीनी टीम चौंकाने वाले परिणाम देने में सक्षम है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ब्राजील की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कोच मानो मेनेजेस ने चीन के खिलाफ सोमवार को खेले जाने वाले दोस्ताना अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए टीम में बड़े फेरबदल के संकेत से इनकार किया है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्या आपने कभी किसी मैच मे दो बार टॉस होने की बात सुनी है। भारत और श्रीलंका के बीच वानखेड़े स्टेडियम में हो रहे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप फाइनल से पहले ऐसा ही हुआ। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जब सिक्का उछाला, तो इसे लेकर भ्रम था कि श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा ने हेड बोला या टेल। संगकारा और धोनी के बीच बातचीत के बाद मैच रेफरी ज्यौफ क्रो ने दोबारा टॉस करने का फैसला किया। श्रीलंका के कप्तान ने हालांकि दूसरे मौके पर टॉस जीता और टूर्नामेंट के इतिहास के पहले 'ऑल एशियाई' फाइनल में पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। श्रीलंका ने अपनी टीम में चार बदलाव करते हुए एंजेलो मैथ्यूज, अजंता मेंडिस, रंगना हेराथ और चामरा सिल्वा की जगह तिषारा परेरा, सूरज रणदीव, नुवान कुलशेखरा और चामरा कपुगेदारा को मौका दिया। भारत ने चोटिल तेज गेंदबाज आशीष नेहरा की जगह तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को टीम में शामिल किया।
यह एक सारांश है: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जब सिक्का उछाला, तो इसे लेकर भ्रम था कि श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा ने हेड बोला या टेल।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: डोपिंग प्रतिबंध कम किए जाने के बाद अप्रैल में डब्ल्यूटीए टूर में वापसी पर नजरें लगाए बैठी मारिया शारापोवा लास वेगास में मैत्री चैरिटी मैच में हिस्सा लेंगी. रूस की यह स्टार टेनिस खिलाड़ी विश्व टीम टेनिस स्मैश हिट्स में खेलेगी जिसकी मेजबानी सीजर पैलेस में बिली यान किंग और एल्टन जान कर रहे हैं. एल्टन जान एड्स फाउंडेशन के लिए यह चैरिटी प्रतियोगिता हो रही है. शारापोवा के अलावा मार्टिना नवरातिलोवा और एंडी रोडिक जैसे स्टार भी इस चैरिटी टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे. गौरतलब है कि खेल पंचाट ने इसी माह मारिया शारापोवा का डोपिंग प्रतिबंध दो साल से घटाकर 15 महीने कर दिया है, जिससे रूस की इस स्टार टेनिस खिलाड़ी के अप्रैल में वापसी करने का रास्‍ता साफ हो गया है. शारापोवा पर लगे निलंबन में नौ महीने की कटौती की गई है. उन्‍हें इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलिया ओपन के दौरान मेलडोनियम के लिए पॉजिटिव पाया गया था.टिप्पणियां पांच बार की ग्रैंडस्लैम विजेता और दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी शारापोवा ने जून में खेल पंचाट में अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ द्वारा उन पर लगाए दो साल के निलंबन को खत्म करने की मांग की थी. खेल पंचाट के पैनल ने पाया कि पॉजीटिव टेस्ट के लिए शारापोवा की भी कुछ गलती है, लेकिन कहा कि 15 महीने का प्रतिबंध 'पर्याप्त' होगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रूस की यह स्टार टेनिस खिलाड़ी विश्व टीम टेनिस स्मैश हिट्स में खेलेगी जिसकी मेजबानी सीजर पैलेस में बिली यान किंग और एल्टन जान कर रहे हैं. एल्टन जान एड्स फाउंडेशन के लिए यह चैरिटी प्रतियोगिता हो रही है. शारापोवा के अलावा मार्टिना नवरातिलोवा और एंडी रोडिक जैसे स्टार भी इस चैरिटी टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे. गौरतलब है कि खेल पंचाट ने इसी माह मारिया शारापोवा का डोपिंग प्रतिबंध दो साल से घटाकर 15 महीने कर दिया है, जिससे रूस की इस स्टार टेनिस खिलाड़ी के अप्रैल में वापसी करने का रास्‍ता साफ हो गया है. शारापोवा पर लगे निलंबन में नौ महीने की कटौती की गई है. उन्‍हें इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलिया ओपन के दौरान मेलडोनियम के लिए पॉजिटिव पाया गया था.टिप्पणियां पांच बार की ग्रैंडस्लैम विजेता और दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी शारापोवा ने जून में खेल पंचाट में अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ द्वारा उन पर लगाए दो साल के निलंबन को खत्म करने की मांग की थी. खेल पंचाट के पैनल ने पाया कि पॉजीटिव टेस्ट के लिए शारापोवा की भी कुछ गलती है, लेकिन कहा कि 15 महीने का प्रतिबंध 'पर्याप्त' होगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि खेल पंचाट ने इसी माह मारिया शारापोवा का डोपिंग प्रतिबंध दो साल से घटाकर 15 महीने कर दिया है, जिससे रूस की इस स्टार टेनिस खिलाड़ी के अप्रैल में वापसी करने का रास्‍ता साफ हो गया है. शारापोवा पर लगे निलंबन में नौ महीने की कटौती की गई है. उन्‍हें इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलिया ओपन के दौरान मेलडोनियम के लिए पॉजिटिव पाया गया था.टिप्पणियां पांच बार की ग्रैंडस्लैम विजेता और दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी शारापोवा ने जून में खेल पंचाट में अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ द्वारा उन पर लगाए दो साल के निलंबन को खत्म करने की मांग की थी. खेल पंचाट के पैनल ने पाया कि पॉजीटिव टेस्ट के लिए शारापोवा की भी कुछ गलती है, लेकिन कहा कि 15 महीने का प्रतिबंध 'पर्याप्त' होगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पांच बार की ग्रैंडस्लैम विजेता और दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी शारापोवा ने जून में खेल पंचाट में अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ द्वारा उन पर लगाए दो साल के निलंबन को खत्म करने की मांग की थी. खेल पंचाट के पैनल ने पाया कि पॉजीटिव टेस्ट के लिए शारापोवा की भी कुछ गलती है, लेकिन कहा कि 15 महीने का प्रतिबंध 'पर्याप्त' होगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डोपिंग बैन की अवधि कम किए जाने के बाद अप्रैल में करेंगी वापसी विश्व टीम टेनिस स्मैश हिट्स में भाग लेंगे मारिया शारापोवा मार्टिना नवरातिलोवा, रोडिक जैसे स्टार भी इस चैरिटी टूर्नामेंट में खेलेंगे
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: The Sky Is Pink Box Office Collection Day 2: बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) की मोस्ट अवेटिड फिल्म 'द स्काइ इज पिंक' बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है. लंबे इंतजार के बाद फिल्म 'द स्काइ इज पिंक (The Sky Is Pink)' से लगभग 3 साल बाद बॉलीवुड में वापसी करने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने इस फिल्म में बेहद ही शानदार प्रदर्शन किया है. फिल्म में प्रियंका और फरहान के अलावा एक्टिंग को अलविदा कह चुकी जायरा वसीम (Zaira Wasim) और रोहित सराफ भी मुख्य किरदार में नजर आ रहे हैं. सच्ची कहानी पर आधारित 'द स्काइ इज पिंक' यूं तो लोगों को दिलों को छू जाने वाली है, हालांकि फिल्म को पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास रिस्पांस नहीं मिला था. फिल्मी सूत्रों के मुताबिक प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) की फिल्म 'द स्काइ इज पिंक (The Sky Is Pink)' नो बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है. फिल्म की कमाई को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि दूसरे दिन 'द स्काइ इज पिंक' ने 4 करोड़ रुपये की कमाई की होगी. इस हिसाब से फिल्म ने दो दिनों में 6.50 करोड़ रुपये की कमाई होगी, हालांकि इसके अभी कोई आधिकारिक आंकड़ें नहीं आए हैं. वहीं, ऋतिक रोशन की फिल्म 'वॉर (War)' ने 'द स्काइ इज पिंक' को कड़ी टक्कर दी. फिल्म की कहानी की बात करें तो  नीरेन और अदिति की है. दोनों के जीन में कुछ फॉल्ट है, जिसका खामियाजा उनके बच्चों को भुगतना पड़ता है. उनकी बेटी आयशा (Zaira Wasim) जन्म के साथ ही एक खतरनाक बीमारी का शिकार होती है. नीरेन और अदिति पहले ही अपनी एक बेटी खो चुके होते हैं. वे किसी भी कीमत पर आयशा को खोना नहीं चाहते. वो उसके इलाज के लिए लंदन जाते हैं, और फिर शुरू होता है आयशा को लेकर उनका संघर्ष. फिल्म की कहानी दिल्ली और लंदन के बीच घूमती है. शोनाली बोस (Shonali Bose) ने फिल्म को बहुत ही क्रिएटिव अंदाज में बुना है, और आयशा का कैरेक्टर इस तरह गढ़ा है कि दिल में उतर जाता है. हालांकि फिल्म की लेंथ थोड़ी ज्यादा है.
यह एक सारांश है: प्रियंका चोपड़ा की 'द स्काइ इज पिंक' हुई रिलीज फिल्म ने वीकेंड पर मचाया धमाल दो दिनों में किया इतना कलेक्शन
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बाद अब राधे मां की भी मुश्किलें बढ़ने लगी हैं. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को राधे मां के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को ये निर्देश सुरिंदर मित्तल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. राधे मां को इस मामले में दो साल पहले पंजाब पुलिस ने पूछताछ के लिए समन भेजा था. सुरिंदर ने अगस्त, 2015 में पंजाब पुलिस से राधे मां के खिलाफ शिकायत की थी. उसने राधे मां पर धमकाने का आरोप लगाया और पुलिस को फोन रिकॉर्डिंग भी दी.  यह भी पढ़ें: गुरमीत राम रहीम ही नहीं राधे मां की लाइफस्‍टाइल भी है बेहद रंगीन जानकारी के मुताबिक, 15 साल पहले फगवाड़ा में खुद को देवी का अवतर कहने वाली राधे मां के जागरण का आयोजन किया गया था. इस दौरान कुछ लोगों ने राधे मां का जमकर विरोध किया. इस विरोध की अगुवाई सुरिंदर मित्तल कर रहे थे. मित्तल ने आरोप लगाया कि इसके बाद राधे मां उन्हें धमकाने लगीं. टिप्पणियां यह भी पढ़ें: राधे मां के लिए नई मुसीबत, अभिनेत्री डॉली बिंद्रा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप सारे सबूत देने के बाद भी जब पुलिस ने राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो सुरिंदर ने कोर्ट की शरण ली. कोर्ट ने पुलिस को राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए.    यह भी पढ़ें: गुरमीत राम रहीम ही नहीं राधे मां की लाइफस्‍टाइल भी है बेहद रंगीन जानकारी के मुताबिक, 15 साल पहले फगवाड़ा में खुद को देवी का अवतर कहने वाली राधे मां के जागरण का आयोजन किया गया था. इस दौरान कुछ लोगों ने राधे मां का जमकर विरोध किया. इस विरोध की अगुवाई सुरिंदर मित्तल कर रहे थे. मित्तल ने आरोप लगाया कि इसके बाद राधे मां उन्हें धमकाने लगीं. टिप्पणियां यह भी पढ़ें: राधे मां के लिए नई मुसीबत, अभिनेत्री डॉली बिंद्रा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप सारे सबूत देने के बाद भी जब पुलिस ने राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो सुरिंदर ने कोर्ट की शरण ली. कोर्ट ने पुलिस को राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए.    जानकारी के मुताबिक, 15 साल पहले फगवाड़ा में खुद को देवी का अवतर कहने वाली राधे मां के जागरण का आयोजन किया गया था. इस दौरान कुछ लोगों ने राधे मां का जमकर विरोध किया. इस विरोध की अगुवाई सुरिंदर मित्तल कर रहे थे. मित्तल ने आरोप लगाया कि इसके बाद राधे मां उन्हें धमकाने लगीं. टिप्पणियां यह भी पढ़ें: राधे मां के लिए नई मुसीबत, अभिनेत्री डॉली बिंद्रा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप सारे सबूत देने के बाद भी जब पुलिस ने राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो सुरिंदर ने कोर्ट की शरण ली. कोर्ट ने पुलिस को राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए.    यह भी पढ़ें: राधे मां के लिए नई मुसीबत, अभिनेत्री डॉली बिंद्रा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप सारे सबूत देने के बाद भी जब पुलिस ने राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो सुरिंदर ने कोर्ट की शरण ली. कोर्ट ने पुलिस को राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए.    सारे सबूत देने के बाद भी जब पुलिस ने राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो सुरिंदर ने कोर्ट की शरण ली. कोर्ट ने पुलिस को राधे मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए.
यहाँ एक सारांश है:बॉलीवुड अभिनेत्री डॉली बिंद्रा ने लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप विमान में त्रिशूल लेकर यात्रा करने पर हुई थी राधे मां के खिलाफ FIR अब लगा है राधे मां पर धमकी देने का आरोप, कोर्ट ने लिया संज्ञान
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता नील नीतिन मुकेश का कहना है कि फिल्म '3जी' में उनकी साथी कलाकार सोनल चौहान के साथ उनकी नजदीकी पर उनके दिए बयान का गलत मतलब निकाला गया। लेकिन उन्होंने यह स्वीकारा कि वह उसे बहुत पसंद करते हैं। आहार विशेषज्ञ पूजा मखीजा की किताब 'ईट, डिलीट' के अनावरण के मौके पर 30 वर्षीय नील ने कहा, कभी-कभी, आप जो कहने की कोशिश कर रहे हैं उसका हमेशा गलत अर्थ लगाया जाता है और उनको (जिसमें सोनल ने नील के बयान की खिंचाई की थी) साक्षात्कार बस इसे ठीक करने के लिए था।टिप्पणियां नील ने कथित तौर पर सोनल के साथ अपने प्यार की बात को स्वीकार किया था और उन्होंने उनसे शादी करने की इच्छा जताई थी। यह बात सोनल को अच्छी नहीं लगी और उन्होंने नील के इस दावे की खिंचाई की। लेकिन नील ने दोनों के बीच सबकुछ ठीक होने की बात कही। नील ने कहा, दोनों के बीच कोई द्वेष नहीं है। हम दोनों ही एक दूसरे को बहुत पसंद करते हैं और मैं इस तथ्य को अभी भी स्वीकारता हूं कि मैं उसे सच में बहुत पसंद करता हूं। आहार विशेषज्ञ पूजा मखीजा की किताब 'ईट, डिलीट' के अनावरण के मौके पर 30 वर्षीय नील ने कहा, कभी-कभी, आप जो कहने की कोशिश कर रहे हैं उसका हमेशा गलत अर्थ लगाया जाता है और उनको (जिसमें सोनल ने नील के बयान की खिंचाई की थी) साक्षात्कार बस इसे ठीक करने के लिए था।टिप्पणियां नील ने कथित तौर पर सोनल के साथ अपने प्यार की बात को स्वीकार किया था और उन्होंने उनसे शादी करने की इच्छा जताई थी। यह बात सोनल को अच्छी नहीं लगी और उन्होंने नील के इस दावे की खिंचाई की। लेकिन नील ने दोनों के बीच सबकुछ ठीक होने की बात कही। नील ने कहा, दोनों के बीच कोई द्वेष नहीं है। हम दोनों ही एक दूसरे को बहुत पसंद करते हैं और मैं इस तथ्य को अभी भी स्वीकारता हूं कि मैं उसे सच में बहुत पसंद करता हूं। नील ने कथित तौर पर सोनल के साथ अपने प्यार की बात को स्वीकार किया था और उन्होंने उनसे शादी करने की इच्छा जताई थी। यह बात सोनल को अच्छी नहीं लगी और उन्होंने नील के इस दावे की खिंचाई की। लेकिन नील ने दोनों के बीच सबकुछ ठीक होने की बात कही। नील ने कहा, दोनों के बीच कोई द्वेष नहीं है। हम दोनों ही एक दूसरे को बहुत पसंद करते हैं और मैं इस तथ्य को अभी भी स्वीकारता हूं कि मैं उसे सच में बहुत पसंद करता हूं। नील ने कहा, दोनों के बीच कोई द्वेष नहीं है। हम दोनों ही एक दूसरे को बहुत पसंद करते हैं और मैं इस तथ्य को अभी भी स्वीकारता हूं कि मैं उसे सच में बहुत पसंद करता हूं।
संक्षिप्त पाठ: बॉलीवुड अभिनेता नील नीतिन मुकेश का कहना है कि सोनल चौहान के साथ उनकी नजदीकी पर उनके दिए बयान का गलत मतलब निकाला गया।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के रोहिणी में बुधवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक महिला और पुरुष डॉक्टर के शव एक कार में मिले. दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 इलाके में सुबह वेंटो कार में एक 55 साल की महिला डॉक्टर और एक 65 साल के पुरुष डॉक्टर का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ. दोनों को गोलियां लगी हुई हैं. मृतक की पहचान डॉक्टर ओमप्रकाश कुकरेजा और सुदीप्ता मुखर्जी के तौर पर हुई. शुरुआती जांच के मुताबिक पहले डॉक्टर ओमप्रकाश कुकरेजा ने डॉक्टर सुदीप्ता को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार ली. दोनों सेक्टर 13 रोहिणी के रहने वाले थे. डॉक्टर ओमप्रकाश कुकरेजा शादीशुदा थे. उनकी पत्नी दिव्यांग हैं. उनके दो बच्चे हैं. पुलिस के मुताबिक डॉक्टर ओमप्रकाश कुकरेजा का डॉक्टर सुदीप्ता मुखर्जी से अफेयर चल रहा था. डॉक्टर ओमप्रकाश कुकरेजा का रोहिणी में ही निर्वाणा नाम से हॉस्पिटल है. उसमें सुदीप्ता मुखर्जी एमडी थीं. ओमप्रकाश कुकरेजा उसी अस्पताल में डॉक्टर थे. डॉ सुदीप्ता मुखर्जी डॉ ओमप्रकाश पर शादी का दबाव बना रही थीं जिसकी वजह से वे परेशान थे. जिस पिस्तौल से गोली चलाई गई वह ओमप्रकाश कुकरेजा की लाइसेंसी पिस्तौल है. पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. मामले की जांच जारी है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डॉक्टर ओमप्रकाश कुकरेजा का रोहिणी में निर्वाणा हॉस्पिटल है 65 साल के डॉ कुकरेजा से शादी करना चाहती थीं 55 वर्षीय डॉ सुदीप्ता डॉ कुकरेजा शादीशुदा थे, उनकी पत्नी दिव्यांग हैं और दो बच्चे हैं
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत सोमवार को अपने अंतिम लीग मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन मुम्बई इंडियंस ऑस्ट्रेलिया की सिडनी सिक्सर्स टीम के खिलाफ किंग्समीड मैदान में पहली जीत के इरादे से उतरेगी। मौजूदा टूर्नामेंट में मुम्बई को अब तक एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। ऐसे में वह इस मुकाबले को जीत अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश करेगी। सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी मुम्बई ने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं और उसे दो में हार झेलनी पड़ी है, जबकि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। इस प्रकार दो अंक लेकर मुम्बई ग्रुप-बी में चौथे स्थान पर है। सिक्सर्स के बल्लेबाज और गेंदबाज इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। सिक्सर्स अब तक खेले अपने तीनों मुकाबले जीतकर 12 अंकों के साथ ग्रुप-बी से सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली टीम है। ऐसे में उसकी कोशिश अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश करने की होगी। मुम्बई को शनिवार को चेन्नई सुपरकिंग्स ने छह रनों से हराया था। इस मुकाबले में विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने मुम्बई के लिए 45 गेंदों पर 74 रन जरूर बनाए थे, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। टिप्पणियां रोहित शर्मा ने 32 जबकि केरॉन पोलार्ड ने 31 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर का खराब फॉर्म कप्तान हरभजन सिंह के लिए चिंता का विषय है। तेंदुलकर अब तक तीनों मुकाबलों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने बेहतरीन गेंदबाजी कर सुपरकिंग्स के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी। उधर, सिक्सर्स ने पिछले मुकाबले में हाइवेल्ड लायंस को पांच विकेट से हराया था। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हरफनमौला शेन वॉटसन के स्वदेश लौटने के बाद सिक्सर्स किस प्रकार प्रदर्शन करती है यह देखना दिलचस्प होगा। कप्तान ब्रैड हेडिन, माइकल लम्ब और स्टीवन स्मिथ के ऊपर बल्लेबाजी का अधिक दारोमदार होगा। सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी मुम्बई ने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं और उसे दो में हार झेलनी पड़ी है, जबकि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। इस प्रकार दो अंक लेकर मुम्बई ग्रुप-बी में चौथे स्थान पर है। सिक्सर्स के बल्लेबाज और गेंदबाज इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। सिक्सर्स अब तक खेले अपने तीनों मुकाबले जीतकर 12 अंकों के साथ ग्रुप-बी से सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली टीम है। ऐसे में उसकी कोशिश अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश करने की होगी। मुम्बई को शनिवार को चेन्नई सुपरकिंग्स ने छह रनों से हराया था। इस मुकाबले में विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने मुम्बई के लिए 45 गेंदों पर 74 रन जरूर बनाए थे, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। टिप्पणियां रोहित शर्मा ने 32 जबकि केरॉन पोलार्ड ने 31 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर का खराब फॉर्म कप्तान हरभजन सिंह के लिए चिंता का विषय है। तेंदुलकर अब तक तीनों मुकाबलों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने बेहतरीन गेंदबाजी कर सुपरकिंग्स के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी। उधर, सिक्सर्स ने पिछले मुकाबले में हाइवेल्ड लायंस को पांच विकेट से हराया था। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हरफनमौला शेन वॉटसन के स्वदेश लौटने के बाद सिक्सर्स किस प्रकार प्रदर्शन करती है यह देखना दिलचस्प होगा। कप्तान ब्रैड हेडिन, माइकल लम्ब और स्टीवन स्मिथ के ऊपर बल्लेबाजी का अधिक दारोमदार होगा। सिक्सर्स के बल्लेबाज और गेंदबाज इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। सिक्सर्स अब तक खेले अपने तीनों मुकाबले जीतकर 12 अंकों के साथ ग्रुप-बी से सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली टीम है। ऐसे में उसकी कोशिश अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश करने की होगी। मुम्बई को शनिवार को चेन्नई सुपरकिंग्स ने छह रनों से हराया था। इस मुकाबले में विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने मुम्बई के लिए 45 गेंदों पर 74 रन जरूर बनाए थे, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। टिप्पणियां रोहित शर्मा ने 32 जबकि केरॉन पोलार्ड ने 31 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर का खराब फॉर्म कप्तान हरभजन सिंह के लिए चिंता का विषय है। तेंदुलकर अब तक तीनों मुकाबलों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने बेहतरीन गेंदबाजी कर सुपरकिंग्स के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी। उधर, सिक्सर्स ने पिछले मुकाबले में हाइवेल्ड लायंस को पांच विकेट से हराया था। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हरफनमौला शेन वॉटसन के स्वदेश लौटने के बाद सिक्सर्स किस प्रकार प्रदर्शन करती है यह देखना दिलचस्प होगा। कप्तान ब्रैड हेडिन, माइकल लम्ब और स्टीवन स्मिथ के ऊपर बल्लेबाजी का अधिक दारोमदार होगा। मुम्बई को शनिवार को चेन्नई सुपरकिंग्स ने छह रनों से हराया था। इस मुकाबले में विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने मुम्बई के लिए 45 गेंदों पर 74 रन जरूर बनाए थे, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। टिप्पणियां रोहित शर्मा ने 32 जबकि केरॉन पोलार्ड ने 31 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर का खराब फॉर्म कप्तान हरभजन सिंह के लिए चिंता का विषय है। तेंदुलकर अब तक तीनों मुकाबलों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने बेहतरीन गेंदबाजी कर सुपरकिंग्स के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी। उधर, सिक्सर्स ने पिछले मुकाबले में हाइवेल्ड लायंस को पांच विकेट से हराया था। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हरफनमौला शेन वॉटसन के स्वदेश लौटने के बाद सिक्सर्स किस प्रकार प्रदर्शन करती है यह देखना दिलचस्प होगा। कप्तान ब्रैड हेडिन, माइकल लम्ब और स्टीवन स्मिथ के ऊपर बल्लेबाजी का अधिक दारोमदार होगा। रोहित शर्मा ने 32 जबकि केरॉन पोलार्ड ने 31 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर का खराब फॉर्म कप्तान हरभजन सिंह के लिए चिंता का विषय है। तेंदुलकर अब तक तीनों मुकाबलों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने बेहतरीन गेंदबाजी कर सुपरकिंग्स के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी। उधर, सिक्सर्स ने पिछले मुकाबले में हाइवेल्ड लायंस को पांच विकेट से हराया था। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हरफनमौला शेन वॉटसन के स्वदेश लौटने के बाद सिक्सर्स किस प्रकार प्रदर्शन करती है यह देखना दिलचस्प होगा। कप्तान ब्रैड हेडिन, माइकल लम्ब और स्टीवन स्मिथ के ऊपर बल्लेबाजी का अधिक दारोमदार होगा। उधर, सिक्सर्स ने पिछले मुकाबले में हाइवेल्ड लायंस को पांच विकेट से हराया था। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हरफनमौला शेन वॉटसन के स्वदेश लौटने के बाद सिक्सर्स किस प्रकार प्रदर्शन करती है यह देखना दिलचस्प होगा। कप्तान ब्रैड हेडिन, माइकल लम्ब और स्टीवन स्मिथ के ऊपर बल्लेबाजी का अधिक दारोमदार होगा।
सारांश: चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत सोमवार को अपने अंतिम लीग मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन मुम्बई इंडियंस ऑस्ट्रेलिया की सिडनी सिक्सर्स टीम के खिलाफ किंग्समीड मैदान में पहली जीत के इरादे से उतरेगी।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुरुग्राम में मंगलवार को एक स्कूटी के 23 हजार रुपये के पांच चालान हुए थे. चालक के मुताबिक उनकी स्कूटी की मौजूदा कीमत 15000 रुपये से अधिक नहीं है और अब 23 हजार के जुर्माने के बोझ से दबे स्कूटी चालक चाहते हैं कि उन पर किए गए जुर्माने को कम किया जाए. 23,000 रुपए चालान वाले दिनेश मदान ने एनडीटीवी इंडिया से कहा, ''मैंने हेलमेट हाथ में लिया हुआ था इसलिए बिना हेलमेट का चालान था और डाक्यूमेंट्स नहीं थे. मैं स्कूटी में कागजात रखना भूल गया था. पुलिस वाले उस समय ज्यादा व्यस्त थे इसलिए शायद मेरी बात ठीक से सुन नहीं पा रहे थे.'' दिनेश ने आगे बताया कि ''जब तक मैंने व्हाट्सएप पर अपनी आरसी की कॉपी मंगवाई तब तक मेरा चालान कट चुका था. मुझे कोई आइडिया नहीं था कि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हो चुका है. अब मैं बस इतना चाहता हूं कि अदालत मुझे कम से कम फाइन लगाएं. अदालत जो भी आदेश देगी मैं उसका पालन करूंगा. मैं बिल्कुल अपनी गलती मान रहा हूं, आज के बाद मैं अपने सारे डॉक्यूमेंट गाड़ी में रखूंगा और हेलमेट सिर पर लगाकर चलूंगा.'' चालान कटने के बाद सुर्खियों में बनने के बाद दिनेश ने कहा, ''मैं इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ हूं लेकिन मैं चाहूंगा कि ऐसी चर्चा किसी की ना हो. मैंने 2015 में स्कूटी खरीदी थी, अब उसकी कीमत 15000-18000 होगी. जो भी है मैं अपना चालान चुकाऊंगा. आज अगर मैं यह सोच लूंगा कि 15-18 हजार की स्कूटी है और 23000 का चालान है तो छोड़ दो क्या जमा कराना, तो कल दूसरे लोग भी यही करेंगे इससे गलत मैसेज जाएगा.'' बता दें, कि मंगलवार को गुरुग्राम में जब ट्रैफिक पुलिस ने दिनेश का चालान काटा था तो उस वक्त स्कूटी चालक ने न तो हेलमेट पहन रखा था, न वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट था, न गाड़ी के इंश्योरेंस के पेपर थे, न पॉल्युशन के कागजात थे और न ही ड्राइविंग लाइसेंस था. पुलिस ने स्कूटी को जब्त कर लिया है.
संक्षिप्त सारांश: दिनेश मदान पर लगा है 23 हजार का चालान गुरुग्राम ने ट्रैफिक पुलिस ने की थी कार्रवाई चालान कटने के बाद शख्स ने NDTV से कही ये बात
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में एक 38 वर्षीय महिला की 10वें बच्चे को जन्म देते वक्त ज्यादा खून बहने से मौत हो गई. मामला राज्य के बीड जिले का है. मीरा एखांडे नाम की महिला ने शनिवार को जिले के माजलगांव शहर के सिविल अस्पताल में लड़के को जन्म दिया. बच्चे को जन्म देने के बाद महिला की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि महिला माजलगांव में एक पान की दुकान चलाती थीं, महिला की पहले से ही सात बेटियां थीं. लेकिन उनके ससुरालवालों को बेटे की चाहत थी. महिला ने पहले दो बार गर्भपात भी करवाया है. साथ ही बताया कि हालांकि, परिवार के दबाव में आकर वह दोबारा गर्भवती होने के लिए राजी हो गई थीं. अधिकारी ने बताया, 'एखांडे को शनिवार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उन्होंने जिंदा बच्चे को दिया. बच्चा अभी जिंदा है. लेकिन खून के ज्यादा दबाव की वजह से उनकी मौत हो गई. हमने आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और महिला का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया है.' साथ ही बताया कि मीरा की सात बेटियों में से भी एक की पहले मौत हो चुकी है.
संक्षिप्त पाठ: दो बार करवा चुकी थीं गर्भपात सात बेटियों के बाद थी बेटे की चाहत ससुरालवालों का था दबाव
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को जुलाई 2010 में आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की हत्या के मामले में गुजरात के सौराष्ट्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद दीनू बोघा और छह अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई. अदालत ने छह जुलाई को इन सभी को दोषी करार दिया था और सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था. दूसरे दोषियो में सांसद का भतीजा शिवा सोलंकी, संजय चौहान, शैलेश पांड्या, पचन देसाई, उडाजी ठाकोर और पुलिस कांस्टेबल बहादुरसिंह वाडेर शामिल हैं.   उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत हत्या, 201 के तहत अपराध के सबूत गायब करने, आपराधिक षड्यंत्र के लिए 120 बी और हथियार या गोला-बारूद के अवैध कब्जे के लिए शस्त्र अधिनियम की धारा 25 (1) के तहत आरोप लगाए गए थे. एक सख्त फैसले में अदालत ने 195 गवाहों में से 105 के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया, जो बाद में मुकर गए थे. विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश के.एम. दवे ने सभी दोषियों पर संयुक्त रूप से 59,25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.   न्यायाधीश दवे ने निर्देश दिया कि इस राशि में से 11 लाख रुपये जेठवा के परिवार को दिए जाएंगे, जिसमें उनकी पत्नी के लिए पांच लाख रुपये का राष्ट्रीय बैंक में फिक्सड डिपॉजिट और मारे गए आरटीआई कार्यकर्ता के दो युवा बेटों के लिए तीन लाख रुपये शामिल हैं. गिर के जंगलों में अवैध खनन गतिविधियों को उजागर करने के लिए गुजरात उच्च न्यायालय के बाहर दो हमलावरों ने जेठवा की 20 जुलाई 2010 को गोली मारकर हत्या कर दी थी.
संक्षिप्त सारांश: आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा हत्याकांड मामला बीजेपी के पूर्व सांसद को सुनाई गई उम्रकैद की सजा 5 अन्य लोगों को भी मिली उम्रकैद की सजा
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने के बाद मिलन लुथरिया की फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ और जोया अख्तर की ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ ने इस साल 18वें कलर्स स्क्रीन अवार्ड्स में कई पुरस्कार अपने नाम कर लिए। रणवीर कपूर को ‘रॉकस्टार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता जबकि विद्या बालन को ‘द डर्टी पिक्चर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया। एकता कपूर के घरेलू प्रोडक्शन के तहत बनी 'द डर्टी पिक्चर' को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (मिलन लुथरिया) का और विद्या बालन को सर्वश्रेष्ठ अदाकारा का पुरस्कार मिला। सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का पुरस्कार श्रेया घोषाल को इसी फिल्म के गाने ‘उ ला ला ’ के लिए मिला जबकि सर्वश्रेष्ठ संवाद के लिए रजत अरोड़ा को पुरस्कार मिला, जिन्होंने इस फिल्म के संवाद लिखे थे। विद्या बालन को कामुक रूप में पेश करने के लिए निहारिका खान और मोइन को सर्वश्रेष्ठ परिधान सज्जा का पुरस्कार मिला। वहीं, सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार 'द डर्टी पिक्चर' को 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' के साथ संयुक्त रूप से मिला। सैफ अली खान को ‘आरक्षण’ फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। प्रियंका चोपड़ा को 'सात खून माफ' में नकारात्मक भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अदाकारा का पुरस्कार मिला जबकि नकारात्मक भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ कलाकार का पुरस्कार 'मर्डर 2' फिल्म के लिए प्रशांत नारायण को मिला।
बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने के बाद मिलन लुथरिया की फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ और जोया अख्तर की ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ ने इस साल 18वें कलर्स स्क्रीन अवार्ड्स में कई पुरस्कार अपने नाम कर लिए।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने बीते चार सालों में सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों की जासूसी कराने की कोशिश की. इसका खुलासा एनडीटीवी की पड़ताल में हुआ है. पड़ताल में पता चला है कि सरकार ने 2014 से 2018 के बीच कुल 7 बार ऐसा करने की कोशिश. इसके लिए बकायदा निजी फर्म से संपर्क भी किया गया. इसी साल मई मे आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने 25 अप्रैल 2018 को एक ऐसा ही टेंडर निकाला था जिसे सुप्रीम कोर्ट के हस्तेक्षेप के बाद रद्द कर दिया गया.     यूनिक आइडेंटिफिकेशन ऑथिरिटी ऑफ इंडिया द्वारा सोशल मीडिया को मॉनिटर करने के लिए इसी तरह के एक प्रयास 18 जुलाई 2018 को सभी के सामने आया. हालांकि इस कोशिश को भी सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया. इस मामले की पहली सुनवाई इसी शुक्रवार को पूरी गई गई है.गौरतलब है कि एनडीटीवी ने अपनी जांच में पाया कि इस तरह के फर्म से केंद्र सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद ही संपर्क करना शुरू कर दिया था. इसे लेकर पहला टेंडर 1 दिसंबर 2014 को निकाला गया. यह टेंडर विदेश मंत्रालय ने जारी किया था. और इसके साथ ही स्पेशल मीडिया मॉनिटरिंग फोल्डर बनाने की भी बात कही गई थी.    जबकि दूसरा टेंडर 3 दिसंबर 2015 को निकाला गया. इस बार टेंडर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जारी किया था. इसमें व्यक्तिगत सोशल मीडिया एकाउंट और यूजर की मॉनिटरिंग करने को कहा गया था.   इसी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आगे चलकर दो और टेंडर जारी किए. पहला टेंडर 5 फरवरी 2016 और दूसरा 10 जुलाई 2017 को जारी किया गया. 5 फरवरी को जारी किए गए टेंडर में लिसनिंग टूल जबकि 10 जुलाई के टेंडर में सोशल मीडिया पर चल रहे ओवर ऑल ट्रेंड्स को ट्रैक करने की बात कही गई.     टिप्पणियां जबकि 16 मई 2016 को जारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के टेंडर निगेटिव सेंटिमेंट्स को न्यूट्रलाइज करने को कहा गया था.   खास बात यह है कि जब एनडीटीवी ने इन टेंडर को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संपर्क किया तो मंत्रालय के मीडिया एंड कम्यूनिकेशन डिविजन के डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार ने कहा कि हम आपके सवालों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा देंगे और अगर उन्होंने इन सवालों पर कोई जवाब दिया तो इसकी सूचना आपको दे दी जाएगी. जानकारों का कहना है कि हालांकि अब सरकार खुदको पीछे कर लिया है लेकिन इसके बावजूद भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सरकान ने बड़े स्तर पर लोगों की जासूसी कराने की कोशिश की. इंटरनेट पॉलिसी की जानकार अंबा काक ने कहा कि इस तरह का एक उपकरण निश्चित रूप से सभी के सोशल मीडिया खातों का सर्वेक्षण करता है, लेकिन दो बड़े प्रश्न हैं. पहला तो यह कि वह इसे कैसे करते. खासकर तब जब अगर वो आम लोगों के निजी पोस्ट को देखते. अगर वह ऐसा करते तो निश्चित तौर पर वह सोशल मीडिया सर्विस के नियमों का उल्लंघन करते. यूनिक आइडेंटिफिकेशन ऑथिरिटी ऑफ इंडिया द्वारा सोशल मीडिया को मॉनिटर करने के लिए इसी तरह के एक प्रयास 18 जुलाई 2018 को सभी के सामने आया. हालांकि इस कोशिश को भी सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया. इस मामले की पहली सुनवाई इसी शुक्रवार को पूरी गई गई है.गौरतलब है कि एनडीटीवी ने अपनी जांच में पाया कि इस तरह के फर्म से केंद्र सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद ही संपर्क करना शुरू कर दिया था. इसे लेकर पहला टेंडर 1 दिसंबर 2014 को निकाला गया. यह टेंडर विदेश मंत्रालय ने जारी किया था. और इसके साथ ही स्पेशल मीडिया मॉनिटरिंग फोल्डर बनाने की भी बात कही गई थी.    जबकि दूसरा टेंडर 3 दिसंबर 2015 को निकाला गया. इस बार टेंडर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जारी किया था. इसमें व्यक्तिगत सोशल मीडिया एकाउंट और यूजर की मॉनिटरिंग करने को कहा गया था.   इसी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आगे चलकर दो और टेंडर जारी किए. पहला टेंडर 5 फरवरी 2016 और दूसरा 10 जुलाई 2017 को जारी किया गया. 5 फरवरी को जारी किए गए टेंडर में लिसनिंग टूल जबकि 10 जुलाई के टेंडर में सोशल मीडिया पर चल रहे ओवर ऑल ट्रेंड्स को ट्रैक करने की बात कही गई.     टिप्पणियां जबकि 16 मई 2016 को जारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के टेंडर निगेटिव सेंटिमेंट्स को न्यूट्रलाइज करने को कहा गया था.   खास बात यह है कि जब एनडीटीवी ने इन टेंडर को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संपर्क किया तो मंत्रालय के मीडिया एंड कम्यूनिकेशन डिविजन के डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार ने कहा कि हम आपके सवालों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा देंगे और अगर उन्होंने इन सवालों पर कोई जवाब दिया तो इसकी सूचना आपको दे दी जाएगी. जानकारों का कहना है कि हालांकि अब सरकार खुदको पीछे कर लिया है लेकिन इसके बावजूद भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सरकान ने बड़े स्तर पर लोगों की जासूसी कराने की कोशिश की. इंटरनेट पॉलिसी की जानकार अंबा काक ने कहा कि इस तरह का एक उपकरण निश्चित रूप से सभी के सोशल मीडिया खातों का सर्वेक्षण करता है, लेकिन दो बड़े प्रश्न हैं. पहला तो यह कि वह इसे कैसे करते. खासकर तब जब अगर वो आम लोगों के निजी पोस्ट को देखते. अगर वह ऐसा करते तो निश्चित तौर पर वह सोशल मीडिया सर्विस के नियमों का उल्लंघन करते.   इसी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आगे चलकर दो और टेंडर जारी किए. पहला टेंडर 5 फरवरी 2016 और दूसरा 10 जुलाई 2017 को जारी किया गया. 5 फरवरी को जारी किए गए टेंडर में लिसनिंग टूल जबकि 10 जुलाई के टेंडर में सोशल मीडिया पर चल रहे ओवर ऑल ट्रेंड्स को ट्रैक करने की बात कही गई.     टिप्पणियां जबकि 16 मई 2016 को जारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के टेंडर निगेटिव सेंटिमेंट्स को न्यूट्रलाइज करने को कहा गया था.   खास बात यह है कि जब एनडीटीवी ने इन टेंडर को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संपर्क किया तो मंत्रालय के मीडिया एंड कम्यूनिकेशन डिविजन के डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार ने कहा कि हम आपके सवालों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा देंगे और अगर उन्होंने इन सवालों पर कोई जवाब दिया तो इसकी सूचना आपको दे दी जाएगी. जानकारों का कहना है कि हालांकि अब सरकार खुदको पीछे कर लिया है लेकिन इसके बावजूद भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सरकान ने बड़े स्तर पर लोगों की जासूसी कराने की कोशिश की. इंटरनेट पॉलिसी की जानकार अंबा काक ने कहा कि इस तरह का एक उपकरण निश्चित रूप से सभी के सोशल मीडिया खातों का सर्वेक्षण करता है, लेकिन दो बड़े प्रश्न हैं. पहला तो यह कि वह इसे कैसे करते. खासकर तब जब अगर वो आम लोगों के निजी पोस्ट को देखते. अगर वह ऐसा करते तो निश्चित तौर पर वह सोशल मीडिया सर्विस के नियमों का उल्लंघन करते. इसी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आगे चलकर दो और टेंडर जारी किए. पहला टेंडर 5 फरवरी 2016 और दूसरा 10 जुलाई 2017 को जारी किया गया. 5 फरवरी को जारी किए गए टेंडर में लिसनिंग टूल जबकि 10 जुलाई के टेंडर में सोशल मीडिया पर चल रहे ओवर ऑल ट्रेंड्स को ट्रैक करने की बात कही गई.     टिप्पणियां जबकि 16 मई 2016 को जारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के टेंडर निगेटिव सेंटिमेंट्स को न्यूट्रलाइज करने को कहा गया था.   खास बात यह है कि जब एनडीटीवी ने इन टेंडर को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संपर्क किया तो मंत्रालय के मीडिया एंड कम्यूनिकेशन डिविजन के डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार ने कहा कि हम आपके सवालों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा देंगे और अगर उन्होंने इन सवालों पर कोई जवाब दिया तो इसकी सूचना आपको दे दी जाएगी. जानकारों का कहना है कि हालांकि अब सरकार खुदको पीछे कर लिया है लेकिन इसके बावजूद भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सरकान ने बड़े स्तर पर लोगों की जासूसी कराने की कोशिश की. इंटरनेट पॉलिसी की जानकार अंबा काक ने कहा कि इस तरह का एक उपकरण निश्चित रूप से सभी के सोशल मीडिया खातों का सर्वेक्षण करता है, लेकिन दो बड़े प्रश्न हैं. पहला तो यह कि वह इसे कैसे करते. खासकर तब जब अगर वो आम लोगों के निजी पोस्ट को देखते. अगर वह ऐसा करते तो निश्चित तौर पर वह सोशल मीडिया सर्विस के नियमों का उल्लंघन करते. जबकि 16 मई 2016 को जारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के टेंडर निगेटिव सेंटिमेंट्स को न्यूट्रलाइज करने को कहा गया था.   खास बात यह है कि जब एनडीटीवी ने इन टेंडर को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संपर्क किया तो मंत्रालय के मीडिया एंड कम्यूनिकेशन डिविजन के डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार ने कहा कि हम आपके सवालों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा देंगे और अगर उन्होंने इन सवालों पर कोई जवाब दिया तो इसकी सूचना आपको दे दी जाएगी. जानकारों का कहना है कि हालांकि अब सरकार खुदको पीछे कर लिया है लेकिन इसके बावजूद भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सरकान ने बड़े स्तर पर लोगों की जासूसी कराने की कोशिश की. इंटरनेट पॉलिसी की जानकार अंबा काक ने कहा कि इस तरह का एक उपकरण निश्चित रूप से सभी के सोशल मीडिया खातों का सर्वेक्षण करता है, लेकिन दो बड़े प्रश्न हैं. पहला तो यह कि वह इसे कैसे करते. खासकर तब जब अगर वो आम लोगों के निजी पोस्ट को देखते. अगर वह ऐसा करते तो निश्चित तौर पर वह सोशल मीडिया सर्विस के नियमों का उल्लंघन करते. इंटरनेट पॉलिसी की जानकार अंबा काक ने कहा कि इस तरह का एक उपकरण निश्चित रूप से सभी के सोशल मीडिया खातों का सर्वेक्षण करता है, लेकिन दो बड़े प्रश्न हैं. पहला तो यह कि वह इसे कैसे करते. खासकर तब जब अगर वो आम लोगों के निजी पोस्ट को देखते. अगर वह ऐसा करते तो निश्चित तौर पर वह सोशल मीडिया सर्विस के नियमों का उल्लंघन करते.
सरकार पर निजी फर्म द्वारा जासूसी कराने का आरोप बीते चार साल में कई बार फर्म से किया संपर्क अलग-अलग मंत्रालय ने जारी किया था टेंडर
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