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इस पाठ का सारांश बनाएं: इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में गुरुवार को भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधि कोर्ट के मुख्य जज रॉनी अब्राहम से मुलाकात करेंगे. यह मुलाकात कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई की अगली तारीख और पाकिस्तान की तरफ से अस्थायी (ad hoc) जज की नियुक्ति के लिए है. इस मामले में सुनवाई पूरी होने तक कुलभूषण जाधव को फांसी देने पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी. कुलभूषण भारतीय नागरिक हैं और पाकिस्तान ने उन पर जासूसी का आरोप लगा कर बंदी बना रखा है. वहां की एक सैन्य अदालत ने उन्हें फांसी की सज़ा भी सुना दी है.
भारत की गुजारिश के बावजूद पाकिस्तान ने जाधव तक काउंसलर एक्सेस नहीं दिया. इसी के खिलाफ भारत ICJ गया था और अब इस मामले में मुख्य बिंदुओं पर सुनवाई होगी, हालांकि जिस तरह से कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई और कहा कि वह मामले को सुनेंगे उसे लेकर पाकिस्तान में बहुत हंगामा हुआ. इस मामले में कहा गया उनके वकील ने सही तरीके से बहस नहीं की. यह भी बात उठी कि भारत के तो जस्टिस दलबीर भंडारी बेंच पर हैं लेकिन पाकिस्तान ने ICJ के उस नियम का फायदा नहीं उठाया जिसके तहत अपनी बात सही तरीके से समझाने के लिए अपनी तरफ से एक ऐड हॉक जज बेंच पर नामित किया जा सकता है. अगर पहले से अपने देश का कोई जज ना हो. आज पाकिस्तान अपनी तरफ से दो पूर्व मुख्य न्यायाधीश नसीर उल मुल्क और तसद्दुक हुसैन जिलानी और एक पूर्व एटॉर्नी जनरल मखदूम अली का नाम आगे रखेगा, ऐसा सूत्र बता रहे हैं.
भारत की गुजारिश के बावजूद पाकिस्तान ने जाधव तक काउंसलर एक्सेस नहीं दिया. इसी के खिलाफ भारत ICJ गया था और अब इस मामले में मुख्य बिंदुओं पर सुनवाई होगी, हालांकि जिस तरह से कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई और कहा कि वह मामले को सुनेंगे उसे लेकर पाकिस्तान में बहुत हंगामा हुआ. इस मामले में कहा गया उनके वकील ने सही तरीके से बहस नहीं की. यह भी बात उठी कि भारत के तो जस्टिस दलबीर भंडारी बेंच पर हैं लेकिन पाकिस्तान ने ICJ के उस नियम का फायदा नहीं उठाया जिसके तहत अपनी बात सही तरीके से समझाने के लिए अपनी तरफ से एक ऐड हॉक जज बेंच पर नामित किया जा सकता है. अगर पहले से अपने देश का कोई जज ना हो. आज पाकिस्तान अपनी तरफ से दो पूर्व मुख्य न्यायाधीश नसीर उल मुल्क और तसद्दुक हुसैन जिलानी और एक पूर्व एटॉर्नी जनरल मखदूम अली का नाम आगे रखेगा, ऐसा सूत्र बता रहे हैं. | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान ने जाधव तक काउंसलर एक्सेस नहीं दिया
इसी के खिलाफ भारत ICJ गया
अब इस मामले में मुख्य बिंदुओं पर सुनवाई होगी | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जेल में बंद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सांसद कनिमोई और कलैगनार टीवी के प्रमुख शरद कुमार ने शनिवार को विशेष अदालत से कहा कि उन्हें 2जी घोटाले में आपराधिक विश्वासघात एवं साजिश का आरोपी नहीं बनाया जा सकता क्योंकि वे किसी भी तरह स्पेक्ट्रम के कथित गलत आवंटन से जुड़े नहीं हैं। कनिमोई और शरद कुमार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दाखिल एक नई याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ज्ञात हो कि जांच एजेंसी पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा, कनिमोई और शरद कुमार सहित 17 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात का एक नया आरोपपत्र अदालत में दाखिल करना चाहती है। जांच एजेंसी इनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत की अनुमति चाहती है। कनिमोई और कुमार ने अदालत से कहा कि वह सीबीआई की इस अर्जी को खारिज कर दे और उन्हें 'न्याय दे।' कनिमोझी और कुमार के वकीलों वीजी प्रगासम एवं एसजे एरिसटाटिल ने उनके जवाब विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के समक्ष पेश किए। वकीलों ने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन से कनिमोझी एवं शरद कुमार का कुछ भी लेना-देना नहीं है और न ही वे आवंटित स्पेक्ट्रम लाइसेंस से किसी तरह से लाभान्वित हुए। वकीलों ने कहा कि यहां तक कि सीबीआई ने कहा है कि कनिमोझी और कुमार स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़ी साजिश के हिस्सा नहीं हैं। | यहाँ एक सारांश है:कनिमोई और शरद कुमार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दाखिल एक नई याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया दी। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: क्या कोई खाकीधारी दरोगा इतना बेरहम हो सकता हैं कि एक साल के मासूम का सौदा ही कर दे वो भी महज तीस हजार रुपये के लिए...।टिप्पणियां
बुलंदशहर में एक साल के अनाथ बच्चे का सौदा तीस हजार रुपये में दरोगा ने कर दिया। दरअसल, 15 दिन पहले इसकी मां की हत्या कर दी गई थी और पिता भी पहले ही चल बसा था।
हत्या के बाद बच्चे को सिकन्दराबाद पुलिस ने पड़ोस की एक महिला को सुपुर्दगी में दे दिया था। पड़ोसी महिला ने बुलंदशहर निवासी एक अन्य बेऔलाद दंपत्ती को वह बच्चा तीस हजार रुपये में दिलवाने की बात कही और दरोगा को पैसे भी दे दिए लेकिन इसके बाद भी दरोगा अधिक पैसे की मांग को लेकर अड़ा रहा। परेशान दंपत्ती किसी तरह मीडिया के सामने आ गया जब एसएसपी से इस बाबत पूछा गया तो सारी जानकारी के बाद दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया।
बुलंदशहर में एक साल के अनाथ बच्चे का सौदा तीस हजार रुपये में दरोगा ने कर दिया। दरअसल, 15 दिन पहले इसकी मां की हत्या कर दी गई थी और पिता भी पहले ही चल बसा था।
हत्या के बाद बच्चे को सिकन्दराबाद पुलिस ने पड़ोस की एक महिला को सुपुर्दगी में दे दिया था। पड़ोसी महिला ने बुलंदशहर निवासी एक अन्य बेऔलाद दंपत्ती को वह बच्चा तीस हजार रुपये में दिलवाने की बात कही और दरोगा को पैसे भी दे दिए लेकिन इसके बाद भी दरोगा अधिक पैसे की मांग को लेकर अड़ा रहा। परेशान दंपत्ती किसी तरह मीडिया के सामने आ गया जब एसएसपी से इस बाबत पूछा गया तो सारी जानकारी के बाद दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया।
हत्या के बाद बच्चे को सिकन्दराबाद पुलिस ने पड़ोस की एक महिला को सुपुर्दगी में दे दिया था। पड़ोसी महिला ने बुलंदशहर निवासी एक अन्य बेऔलाद दंपत्ती को वह बच्चा तीस हजार रुपये में दिलवाने की बात कही और दरोगा को पैसे भी दे दिए लेकिन इसके बाद भी दरोगा अधिक पैसे की मांग को लेकर अड़ा रहा। परेशान दंपत्ती किसी तरह मीडिया के सामने आ गया जब एसएसपी से इस बाबत पूछा गया तो सारी जानकारी के बाद दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया। | यहाँ एक सारांश है:क्या कोई खाकीधारी दरोगा इतना बेरहम हो सकता हैं कि एक साल के मासूम का सौदा ही कर दे वो भी महज तीस हजार रुपये के लिए...। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिजनेस की दुनिया के बड़े घटनाक्रम में टाटा संस के बोर्ड ने साइरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटा दिया है. उनकी जगह रतन टाटा को चार महीने के लिये अंतरिम चेयरमैन नामित किया गया है.
टाटा संस ने नए चेयरमैन की खोज के लिए पांच सदस्यों वाली एक समिति का गठन किया है. इसके लिए उसे चार महीने का समय दिया गया है. मिस्त्री को हटाने का निर्णय यहां टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक के बाद किया गया. 48 वर्षीय मिस्त्री की जगह 78 वर्षीय रतन टाटा को कंपनी के अंतरिम चेयरमैन पद की जिम्मेदारी दी गई है.
मिस्त्री ने चार साल पहले इस विशाल कंपनी समूह के मुखिया का पद रतन टाटा से ही संभाला था. टाटा समूह नमक से लेकर सॉफ्टवेयर और इस्पात से लेकर वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में काम करता है. देश-विदेश में फैले इस समूह का एकीकृत कारोबार 100 अरब डॉलर सालाना से ज्यादा है.
कंपनी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘टाटा संस ने आज बताया कि उसके निदेशक मंडल ने कंपनी के चेयरमैन साइरस पी. मिस्त्री को हटा दिया है. यह निर्णय निदेशक मंडल की आज मुंबई में हुई बैठक में लिया गया.’ निदेशक मंडल ने रतन टाटा को कंपनी का अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है.
बयान में कहा गया है कि निदेशक मंडल ने एक चयन समिति का गठन किया है जो चार महीने में कंपनी के कायदे-कानून के अनुसार नए चेयरमैन के चयन का काम संपन्न करेगी. खोज समिति में रतन टाटा के अलावा, टीवीएस समूह के प्रमुख वेणु श्रीनिवासन, बेन कैपिटल प्राइवेट इक्विटी के प्रबंध निदेशक अमित चंद्रा, राजनयिक एवं अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रोनेन सेन तथा वार्बिक मैन्यूफैक्चरिंग ग्रुप के संस्थापक एवं चेयमैन तथा भारतीय प्रबंध संस्थान खड़गपुर से स्नातक लार्ड कुमार भट्टाचार्य को रखा गया है. भट्टाचार्य को छोड़कर चयन समिति के बाकी सभी सदस्य कंपनी के निदेशक मंडल के भी सदस्य हैं.
मिस्त्री को वर्ष 2011 में कंपनी में चेयरमैन रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुना गया था और उन्हें पहले डिप्टी चेयरमैन बनाया गया. टाटा संस के चेयरमैन पर दर मिस्त्री का चुनाव पांच सदस्यीय एक समिति ने किया था. मिस्त्री ने रतन टाटा के 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर उनकी सेवानिवृत्त के बाद 29 दिसंबर 2012 को चेयरमैन का पद भार संभाला था. मिस्त्री वर्ष 2006 से कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं. कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार शापूरजी पालोनजी ने कंपनी के चेयरमैन पद के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी.
टाटा संस ने मिस्त्री को हटाने का कारण नहीं बताया है. उन्होंने बहुत धूमधड़ाके के साथ कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी पर माना जा रहा है कि घाटे में चल रही कंपनियों को छांटने और केवल लाभ देने वाले उपक्रमों पर ही ध्यान देने के उनके दृष्टिकोण से कंपनी में अप्रसन्नता थी. इनमें यूरोप में घटे में चल रहे इस्पात करोबार की बिक्री का मामला भी शामिल है.
इसके अलावा कंपनी के दूरंसचार क्षेत्र के संयुक्त उद्यम टाटा डोकोमो में जापानी कंपनी से अलग होने के मामले में भी डोकोमो के साथ कंपनी का एक कानूनी विवाद चल रहा है. टाटा संस टाटा उद्योग घराने की मुख्य धारक कंपनी है. सूत्रों के अनुसार समूह की कारोबारी कंपनियों में मुख्य कार्यकारी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. समूह की ही एक संगठन पत्रिका को हाल ही में दिए साक्षात्कार में मिस्त्री ने कहा था कि समूह को ‘सही कारणों के चलते लिए गए कड़े निर्णयों से डरना नहीं चाहिए. समूह के कुछ कारोबारों के सामने प्रस्तुत ‘चुनौतीपूर्ण स्थितियों’ के बीच कड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है.’ यह रतन टाटा के समय उठाए गए कदमों के विपरीत है. उनके समय में वर्ष 2000 में टाटा टी ने 45 करोड़ डॉलर में टेटली, 2007 में टाटा स्टील ने 8.1 अरब डॉलर में स्टील निर्माता कोरस और 2008 में टाटा मोटर्स ने 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था.
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाटा संस ने नए चेयरमैन की खोज के लिए पांच सदस्यों वाली एक समिति का गठन किया है. इसके लिए उसे चार महीने का समय दिया गया है. मिस्त्री को हटाने का निर्णय यहां टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक के बाद किया गया. 48 वर्षीय मिस्त्री की जगह 78 वर्षीय रतन टाटा को कंपनी के अंतरिम चेयरमैन पद की जिम्मेदारी दी गई है.
मिस्त्री ने चार साल पहले इस विशाल कंपनी समूह के मुखिया का पद रतन टाटा से ही संभाला था. टाटा समूह नमक से लेकर सॉफ्टवेयर और इस्पात से लेकर वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में काम करता है. देश-विदेश में फैले इस समूह का एकीकृत कारोबार 100 अरब डॉलर सालाना से ज्यादा है.
कंपनी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘टाटा संस ने आज बताया कि उसके निदेशक मंडल ने कंपनी के चेयरमैन साइरस पी. मिस्त्री को हटा दिया है. यह निर्णय निदेशक मंडल की आज मुंबई में हुई बैठक में लिया गया.’ निदेशक मंडल ने रतन टाटा को कंपनी का अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है.
बयान में कहा गया है कि निदेशक मंडल ने एक चयन समिति का गठन किया है जो चार महीने में कंपनी के कायदे-कानून के अनुसार नए चेयरमैन के चयन का काम संपन्न करेगी. खोज समिति में रतन टाटा के अलावा, टीवीएस समूह के प्रमुख वेणु श्रीनिवासन, बेन कैपिटल प्राइवेट इक्विटी के प्रबंध निदेशक अमित चंद्रा, राजनयिक एवं अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रोनेन सेन तथा वार्बिक मैन्यूफैक्चरिंग ग्रुप के संस्थापक एवं चेयमैन तथा भारतीय प्रबंध संस्थान खड़गपुर से स्नातक लार्ड कुमार भट्टाचार्य को रखा गया है. भट्टाचार्य को छोड़कर चयन समिति के बाकी सभी सदस्य कंपनी के निदेशक मंडल के भी सदस्य हैं.
मिस्त्री को वर्ष 2011 में कंपनी में चेयरमैन रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुना गया था और उन्हें पहले डिप्टी चेयरमैन बनाया गया. टाटा संस के चेयरमैन पर दर मिस्त्री का चुनाव पांच सदस्यीय एक समिति ने किया था. मिस्त्री ने रतन टाटा के 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर उनकी सेवानिवृत्त के बाद 29 दिसंबर 2012 को चेयरमैन का पद भार संभाला था. मिस्त्री वर्ष 2006 से कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं. कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार शापूरजी पालोनजी ने कंपनी के चेयरमैन पद के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी.
टाटा संस ने मिस्त्री को हटाने का कारण नहीं बताया है. उन्होंने बहुत धूमधड़ाके के साथ कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी पर माना जा रहा है कि घाटे में चल रही कंपनियों को छांटने और केवल लाभ देने वाले उपक्रमों पर ही ध्यान देने के उनके दृष्टिकोण से कंपनी में अप्रसन्नता थी. इनमें यूरोप में घटे में चल रहे इस्पात करोबार की बिक्री का मामला भी शामिल है.
इसके अलावा कंपनी के दूरंसचार क्षेत्र के संयुक्त उद्यम टाटा डोकोमो में जापानी कंपनी से अलग होने के मामले में भी डोकोमो के साथ कंपनी का एक कानूनी विवाद चल रहा है. टाटा संस टाटा उद्योग घराने की मुख्य धारक कंपनी है. सूत्रों के अनुसार समूह की कारोबारी कंपनियों में मुख्य कार्यकारी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. समूह की ही एक संगठन पत्रिका को हाल ही में दिए साक्षात्कार में मिस्त्री ने कहा था कि समूह को ‘सही कारणों के चलते लिए गए कड़े निर्णयों से डरना नहीं चाहिए. समूह के कुछ कारोबारों के सामने प्रस्तुत ‘चुनौतीपूर्ण स्थितियों’ के बीच कड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है.’ यह रतन टाटा के समय उठाए गए कदमों के विपरीत है. उनके समय में वर्ष 2000 में टाटा टी ने 45 करोड़ डॉलर में टेटली, 2007 में टाटा स्टील ने 8.1 अरब डॉलर में स्टील निर्माता कोरस और 2008 में टाटा मोटर्स ने 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था.
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मिस्त्री ने चार साल पहले इस विशाल कंपनी समूह के मुखिया का पद रतन टाटा से ही संभाला था. टाटा समूह नमक से लेकर सॉफ्टवेयर और इस्पात से लेकर वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में काम करता है. देश-विदेश में फैले इस समूह का एकीकृत कारोबार 100 अरब डॉलर सालाना से ज्यादा है.
कंपनी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘टाटा संस ने आज बताया कि उसके निदेशक मंडल ने कंपनी के चेयरमैन साइरस पी. मिस्त्री को हटा दिया है. यह निर्णय निदेशक मंडल की आज मुंबई में हुई बैठक में लिया गया.’ निदेशक मंडल ने रतन टाटा को कंपनी का अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है.
बयान में कहा गया है कि निदेशक मंडल ने एक चयन समिति का गठन किया है जो चार महीने में कंपनी के कायदे-कानून के अनुसार नए चेयरमैन के चयन का काम संपन्न करेगी. खोज समिति में रतन टाटा के अलावा, टीवीएस समूह के प्रमुख वेणु श्रीनिवासन, बेन कैपिटल प्राइवेट इक्विटी के प्रबंध निदेशक अमित चंद्रा, राजनयिक एवं अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रोनेन सेन तथा वार्बिक मैन्यूफैक्चरिंग ग्रुप के संस्थापक एवं चेयमैन तथा भारतीय प्रबंध संस्थान खड़गपुर से स्नातक लार्ड कुमार भट्टाचार्य को रखा गया है. भट्टाचार्य को छोड़कर चयन समिति के बाकी सभी सदस्य कंपनी के निदेशक मंडल के भी सदस्य हैं.
मिस्त्री को वर्ष 2011 में कंपनी में चेयरमैन रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुना गया था और उन्हें पहले डिप्टी चेयरमैन बनाया गया. टाटा संस के चेयरमैन पर दर मिस्त्री का चुनाव पांच सदस्यीय एक समिति ने किया था. मिस्त्री ने रतन टाटा के 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर उनकी सेवानिवृत्त के बाद 29 दिसंबर 2012 को चेयरमैन का पद भार संभाला था. मिस्त्री वर्ष 2006 से कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं. कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार शापूरजी पालोनजी ने कंपनी के चेयरमैन पद के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी.
टाटा संस ने मिस्त्री को हटाने का कारण नहीं बताया है. उन्होंने बहुत धूमधड़ाके के साथ कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी पर माना जा रहा है कि घाटे में चल रही कंपनियों को छांटने और केवल लाभ देने वाले उपक्रमों पर ही ध्यान देने के उनके दृष्टिकोण से कंपनी में अप्रसन्नता थी. इनमें यूरोप में घटे में चल रहे इस्पात करोबार की बिक्री का मामला भी शामिल है.
इसके अलावा कंपनी के दूरंसचार क्षेत्र के संयुक्त उद्यम टाटा डोकोमो में जापानी कंपनी से अलग होने के मामले में भी डोकोमो के साथ कंपनी का एक कानूनी विवाद चल रहा है. टाटा संस टाटा उद्योग घराने की मुख्य धारक कंपनी है. सूत्रों के अनुसार समूह की कारोबारी कंपनियों में मुख्य कार्यकारी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. समूह की ही एक संगठन पत्रिका को हाल ही में दिए साक्षात्कार में मिस्त्री ने कहा था कि समूह को ‘सही कारणों के चलते लिए गए कड़े निर्णयों से डरना नहीं चाहिए. समूह के कुछ कारोबारों के सामने प्रस्तुत ‘चुनौतीपूर्ण स्थितियों’ के बीच कड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है.’ यह रतन टाटा के समय उठाए गए कदमों के विपरीत है. उनके समय में वर्ष 2000 में टाटा टी ने 45 करोड़ डॉलर में टेटली, 2007 में टाटा स्टील ने 8.1 अरब डॉलर में स्टील निर्माता कोरस और 2008 में टाटा मोटर्स ने 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था.
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘टाटा संस ने आज बताया कि उसके निदेशक मंडल ने कंपनी के चेयरमैन साइरस पी. मिस्त्री को हटा दिया है. यह निर्णय निदेशक मंडल की आज मुंबई में हुई बैठक में लिया गया.’ निदेशक मंडल ने रतन टाटा को कंपनी का अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है.
बयान में कहा गया है कि निदेशक मंडल ने एक चयन समिति का गठन किया है जो चार महीने में कंपनी के कायदे-कानून के अनुसार नए चेयरमैन के चयन का काम संपन्न करेगी. खोज समिति में रतन टाटा के अलावा, टीवीएस समूह के प्रमुख वेणु श्रीनिवासन, बेन कैपिटल प्राइवेट इक्विटी के प्रबंध निदेशक अमित चंद्रा, राजनयिक एवं अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रोनेन सेन तथा वार्बिक मैन्यूफैक्चरिंग ग्रुप के संस्थापक एवं चेयमैन तथा भारतीय प्रबंध संस्थान खड़गपुर से स्नातक लार्ड कुमार भट्टाचार्य को रखा गया है. भट्टाचार्य को छोड़कर चयन समिति के बाकी सभी सदस्य कंपनी के निदेशक मंडल के भी सदस्य हैं.
मिस्त्री को वर्ष 2011 में कंपनी में चेयरमैन रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुना गया था और उन्हें पहले डिप्टी चेयरमैन बनाया गया. टाटा संस के चेयरमैन पर दर मिस्त्री का चुनाव पांच सदस्यीय एक समिति ने किया था. मिस्त्री ने रतन टाटा के 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर उनकी सेवानिवृत्त के बाद 29 दिसंबर 2012 को चेयरमैन का पद भार संभाला था. मिस्त्री वर्ष 2006 से कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं. कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार शापूरजी पालोनजी ने कंपनी के चेयरमैन पद के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी.
टाटा संस ने मिस्त्री को हटाने का कारण नहीं बताया है. उन्होंने बहुत धूमधड़ाके के साथ कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी पर माना जा रहा है कि घाटे में चल रही कंपनियों को छांटने और केवल लाभ देने वाले उपक्रमों पर ही ध्यान देने के उनके दृष्टिकोण से कंपनी में अप्रसन्नता थी. इनमें यूरोप में घटे में चल रहे इस्पात करोबार की बिक्री का मामला भी शामिल है.
इसके अलावा कंपनी के दूरंसचार क्षेत्र के संयुक्त उद्यम टाटा डोकोमो में जापानी कंपनी से अलग होने के मामले में भी डोकोमो के साथ कंपनी का एक कानूनी विवाद चल रहा है. टाटा संस टाटा उद्योग घराने की मुख्य धारक कंपनी है. सूत्रों के अनुसार समूह की कारोबारी कंपनियों में मुख्य कार्यकारी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. समूह की ही एक संगठन पत्रिका को हाल ही में दिए साक्षात्कार में मिस्त्री ने कहा था कि समूह को ‘सही कारणों के चलते लिए गए कड़े निर्णयों से डरना नहीं चाहिए. समूह के कुछ कारोबारों के सामने प्रस्तुत ‘चुनौतीपूर्ण स्थितियों’ के बीच कड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है.’ यह रतन टाटा के समय उठाए गए कदमों के विपरीत है. उनके समय में वर्ष 2000 में टाटा टी ने 45 करोड़ डॉलर में टेटली, 2007 में टाटा स्टील ने 8.1 अरब डॉलर में स्टील निर्माता कोरस और 2008 में टाटा मोटर्स ने 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था.
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बयान में कहा गया है कि निदेशक मंडल ने एक चयन समिति का गठन किया है जो चार महीने में कंपनी के कायदे-कानून के अनुसार नए चेयरमैन के चयन का काम संपन्न करेगी. खोज समिति में रतन टाटा के अलावा, टीवीएस समूह के प्रमुख वेणु श्रीनिवासन, बेन कैपिटल प्राइवेट इक्विटी के प्रबंध निदेशक अमित चंद्रा, राजनयिक एवं अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रोनेन सेन तथा वार्बिक मैन्यूफैक्चरिंग ग्रुप के संस्थापक एवं चेयमैन तथा भारतीय प्रबंध संस्थान खड़गपुर से स्नातक लार्ड कुमार भट्टाचार्य को रखा गया है. भट्टाचार्य को छोड़कर चयन समिति के बाकी सभी सदस्य कंपनी के निदेशक मंडल के भी सदस्य हैं.
मिस्त्री को वर्ष 2011 में कंपनी में चेयरमैन रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुना गया था और उन्हें पहले डिप्टी चेयरमैन बनाया गया. टाटा संस के चेयरमैन पर दर मिस्त्री का चुनाव पांच सदस्यीय एक समिति ने किया था. मिस्त्री ने रतन टाटा के 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर उनकी सेवानिवृत्त के बाद 29 दिसंबर 2012 को चेयरमैन का पद भार संभाला था. मिस्त्री वर्ष 2006 से कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं. कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार शापूरजी पालोनजी ने कंपनी के चेयरमैन पद के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी.
टाटा संस ने मिस्त्री को हटाने का कारण नहीं बताया है. उन्होंने बहुत धूमधड़ाके के साथ कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी पर माना जा रहा है कि घाटे में चल रही कंपनियों को छांटने और केवल लाभ देने वाले उपक्रमों पर ही ध्यान देने के उनके दृष्टिकोण से कंपनी में अप्रसन्नता थी. इनमें यूरोप में घटे में चल रहे इस्पात करोबार की बिक्री का मामला भी शामिल है.
इसके अलावा कंपनी के दूरंसचार क्षेत्र के संयुक्त उद्यम टाटा डोकोमो में जापानी कंपनी से अलग होने के मामले में भी डोकोमो के साथ कंपनी का एक कानूनी विवाद चल रहा है. टाटा संस टाटा उद्योग घराने की मुख्य धारक कंपनी है. सूत्रों के अनुसार समूह की कारोबारी कंपनियों में मुख्य कार्यकारी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. समूह की ही एक संगठन पत्रिका को हाल ही में दिए साक्षात्कार में मिस्त्री ने कहा था कि समूह को ‘सही कारणों के चलते लिए गए कड़े निर्णयों से डरना नहीं चाहिए. समूह के कुछ कारोबारों के सामने प्रस्तुत ‘चुनौतीपूर्ण स्थितियों’ के बीच कड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है.’ यह रतन टाटा के समय उठाए गए कदमों के विपरीत है. उनके समय में वर्ष 2000 में टाटा टी ने 45 करोड़ डॉलर में टेटली, 2007 में टाटा स्टील ने 8.1 अरब डॉलर में स्टील निर्माता कोरस और 2008 में टाटा मोटर्स ने 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था.
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मिस्त्री को वर्ष 2011 में कंपनी में चेयरमैन रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुना गया था और उन्हें पहले डिप्टी चेयरमैन बनाया गया. टाटा संस के चेयरमैन पर दर मिस्त्री का चुनाव पांच सदस्यीय एक समिति ने किया था. मिस्त्री ने रतन टाटा के 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर उनकी सेवानिवृत्त के बाद 29 दिसंबर 2012 को चेयरमैन का पद भार संभाला था. मिस्त्री वर्ष 2006 से कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं. कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार शापूरजी पालोनजी ने कंपनी के चेयरमैन पद के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी.
टाटा संस ने मिस्त्री को हटाने का कारण नहीं बताया है. उन्होंने बहुत धूमधड़ाके के साथ कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी पर माना जा रहा है कि घाटे में चल रही कंपनियों को छांटने और केवल लाभ देने वाले उपक्रमों पर ही ध्यान देने के उनके दृष्टिकोण से कंपनी में अप्रसन्नता थी. इनमें यूरोप में घटे में चल रहे इस्पात करोबार की बिक्री का मामला भी शामिल है.
इसके अलावा कंपनी के दूरंसचार क्षेत्र के संयुक्त उद्यम टाटा डोकोमो में जापानी कंपनी से अलग होने के मामले में भी डोकोमो के साथ कंपनी का एक कानूनी विवाद चल रहा है. टाटा संस टाटा उद्योग घराने की मुख्य धारक कंपनी है. सूत्रों के अनुसार समूह की कारोबारी कंपनियों में मुख्य कार्यकारी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. समूह की ही एक संगठन पत्रिका को हाल ही में दिए साक्षात्कार में मिस्त्री ने कहा था कि समूह को ‘सही कारणों के चलते लिए गए कड़े निर्णयों से डरना नहीं चाहिए. समूह के कुछ कारोबारों के सामने प्रस्तुत ‘चुनौतीपूर्ण स्थितियों’ के बीच कड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है.’ यह रतन टाटा के समय उठाए गए कदमों के विपरीत है. उनके समय में वर्ष 2000 में टाटा टी ने 45 करोड़ डॉलर में टेटली, 2007 में टाटा स्टील ने 8.1 अरब डॉलर में स्टील निर्माता कोरस और 2008 में टाटा मोटर्स ने 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था.
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाटा संस ने मिस्त्री को हटाने का कारण नहीं बताया है. उन्होंने बहुत धूमधड़ाके के साथ कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी पर माना जा रहा है कि घाटे में चल रही कंपनियों को छांटने और केवल लाभ देने वाले उपक्रमों पर ही ध्यान देने के उनके दृष्टिकोण से कंपनी में अप्रसन्नता थी. इनमें यूरोप में घटे में चल रहे इस्पात करोबार की बिक्री का मामला भी शामिल है.
इसके अलावा कंपनी के दूरंसचार क्षेत्र के संयुक्त उद्यम टाटा डोकोमो में जापानी कंपनी से अलग होने के मामले में भी डोकोमो के साथ कंपनी का एक कानूनी विवाद चल रहा है. टाटा संस टाटा उद्योग घराने की मुख्य धारक कंपनी है. सूत्रों के अनुसार समूह की कारोबारी कंपनियों में मुख्य कार्यकारी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. समूह की ही एक संगठन पत्रिका को हाल ही में दिए साक्षात्कार में मिस्त्री ने कहा था कि समूह को ‘सही कारणों के चलते लिए गए कड़े निर्णयों से डरना नहीं चाहिए. समूह के कुछ कारोबारों के सामने प्रस्तुत ‘चुनौतीपूर्ण स्थितियों’ के बीच कड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है.’ यह रतन टाटा के समय उठाए गए कदमों के विपरीत है. उनके समय में वर्ष 2000 में टाटा टी ने 45 करोड़ डॉलर में टेटली, 2007 में टाटा स्टील ने 8.1 अरब डॉलर में स्टील निर्माता कोरस और 2008 में टाटा मोटर्स ने 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था.
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके अलावा कंपनी के दूरंसचार क्षेत्र के संयुक्त उद्यम टाटा डोकोमो में जापानी कंपनी से अलग होने के मामले में भी डोकोमो के साथ कंपनी का एक कानूनी विवाद चल रहा है. टाटा संस टाटा उद्योग घराने की मुख्य धारक कंपनी है. सूत्रों के अनुसार समूह की कारोबारी कंपनियों में मुख्य कार्यकारी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. समूह की ही एक संगठन पत्रिका को हाल ही में दिए साक्षात्कार में मिस्त्री ने कहा था कि समूह को ‘सही कारणों के चलते लिए गए कड़े निर्णयों से डरना नहीं चाहिए. समूह के कुछ कारोबारों के सामने प्रस्तुत ‘चुनौतीपूर्ण स्थितियों’ के बीच कड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है.’ यह रतन टाटा के समय उठाए गए कदमों के विपरीत है. उनके समय में वर्ष 2000 में टाटा टी ने 45 करोड़ डॉलर में टेटली, 2007 में टाटा स्टील ने 8.1 अरब डॉलर में स्टील निर्माता कोरस और 2008 में टाटा मोटर्स ने 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था.
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्ष 1991 में कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये था जबकि टाटा के कार्यकाल के दौरान 2011-12 में समूह की आय बढ़कर 100.09 अरब डॉलर (करीब 4,75,721 करोड़ रुपये) हो गयी.
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मिस्त्री का जन्म चार जुलाई 1968 को हुआ था और उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसन से सिविल इंजीयिरिंग में स्नातक किया. बाद में उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन में परास्नातक किया.
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी. आज यह एक वैश्विक कारोबारी समूह बन गया है और इसका मुख्यालय मुंबई में है. इसके तहत 100 से अधिक कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही है. वर्ष 2015-16 में इनका कुल कारोबार 103 अरब डॉलर था और दुनिया भर में इनमें 6.60 लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.टिप्पणियां
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
समूह की 29 कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हैं. 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार इनका शेयरों के बाजार मूल्य के हिसाब से कुल बाजार मूल्य 116 अरब डालर था. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बिवरजेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडियन होटल्स इस समूह की कुछ प्रमुख कंपनियां हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: मिस्त्री ने 29 दिसंबर 2012 को टाटा समूह के चेयरैमन का पद संभाला था
पांच सदस्यीय एक खोज समिति नये चेयरमैन की नियुक्ति करेगी
समूह की कारोबारी कंपनियों में सीईओ के स्तर कोई फेरबदल नहीं किया गया है | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रेड्डी बंधुओं को लेकर सुषमा स्वराज के बयान से उत्पन्न विवाद के मद्देनजर भाजपा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने सुषमा स्वराज और पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद के बारे में पूछे जाने पर कहा, पार्टी में कोई मनमुटाव नहीं है। पार्टी के अंदर कोई मतभेद नहीं है। भाजपा प्रवक्ता नितिन गडकरी ने शनिवार को बयान जारी करके कहा था कि कर्नाटक में मंत्रियों के चयन को लेकर मीडिया में बहस पूर्ण रूप से अनावश्यक है। गडकरी का यह बयान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा द्वारा रेड्डी बंधुओं को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने के बाद आया जिससे सुषमा ने अपना पल्ला झाड़ लिया था। रेड्डी बंधुओं की नजदीकी माने जाने वाली सुषमा ने गत सप्ताह कहा था कि रेड्डी बंधुओं, जनार्दन और करुणाकर रेड्डी को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय जेटली, येदियुरप्पा, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार का था। इस टिप्पणी से भाजपा की दूसरी पीढ़ी के नेतृत्व में मतभेद सामने आए जिससे राजनाथ सिंह और येदियुरप्पा को रेड्डी बंधुओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने की जिम्मेदारी अपने उपर लेने को मजबूर होना पड़ा। | यह एक सारांश है: रेड्डी बंधुओं को लेकर सुषमा स्वराज के बयान से उत्पन्न विवाद के मद्देनजर भाजपा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओडिशा सरकार ने वीएसएस मेडिकल कॉलेज अस्तपाल में नौ नवजात शिशुओं की मौत को ‘संयोग’ करार दिया है जबकि विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने इस मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राउत के इस्तीफे की मांग करते हुए अपना विरोध तेज कर दिया।
राउत ने 24 घंटों में नौ शिशुओं की मौत के कारणों की जांच करने वाले विशेषज्ञों के दल की रिपोर्ट के हवाले से कहा, ‘बुर्ला में वीएसएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नवजात देखभाल की विशेष इकाई (एसएनसीयू) में काम कर रहे चिकित्सकों और अर्द्ध-चिकित्सकीय स्टाफ ने कोई लापरवाही नहीं की।’ अस्पताल के एसएनसीयू में शुक्रवार और शनिवार की सुबह के बीच नौ शिशुओं की मौत हो गई थी।टिप्पणियां
हालांकि कांग्रेस ने शिशुओं की मौत लापरवाही के कारण होने का आरोप लगाते हुए बुर्ला में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया जिससे शहर में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उन्होंने नैतिक आधार पर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इस्तीफे की मांग की।
इस बीच, भाजपा कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर में स्वास्थ्य मंत्री के आधिकारिक आवास के सामने और अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए तथा शिशुओं की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राउत ने 24 घंटों में नौ शिशुओं की मौत के कारणों की जांच करने वाले विशेषज्ञों के दल की रिपोर्ट के हवाले से कहा, ‘बुर्ला में वीएसएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नवजात देखभाल की विशेष इकाई (एसएनसीयू) में काम कर रहे चिकित्सकों और अर्द्ध-चिकित्सकीय स्टाफ ने कोई लापरवाही नहीं की।’ अस्पताल के एसएनसीयू में शुक्रवार और शनिवार की सुबह के बीच नौ शिशुओं की मौत हो गई थी।टिप्पणियां
हालांकि कांग्रेस ने शिशुओं की मौत लापरवाही के कारण होने का आरोप लगाते हुए बुर्ला में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया जिससे शहर में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उन्होंने नैतिक आधार पर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इस्तीफे की मांग की।
इस बीच, भाजपा कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर में स्वास्थ्य मंत्री के आधिकारिक आवास के सामने और अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए तथा शिशुओं की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हालांकि कांग्रेस ने शिशुओं की मौत लापरवाही के कारण होने का आरोप लगाते हुए बुर्ला में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया जिससे शहर में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उन्होंने नैतिक आधार पर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इस्तीफे की मांग की।
इस बीच, भाजपा कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर में स्वास्थ्य मंत्री के आधिकारिक आवास के सामने और अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए तथा शिशुओं की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस बीच, भाजपा कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर में स्वास्थ्य मंत्री के आधिकारिक आवास के सामने और अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए तथा शिशुओं की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। | सारांश: ओडिशा सरकार ने वीएसएस मेडिकल कॉलेज अस्तपाल में नौ नवजात शिशुओं की मौत को ‘संयोग’ करार दिया है जबकि विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने इस मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राउत के इस्तीफे की मांग करते हुए अपना विरोध तेज कर दिया। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लिएंडर पेस और महेश भूपति की अनुभवी जोड़ी ने चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट में माओ झिन गोंग और झी ली की जोड़ी को हराकर पुरुष युगल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। भारत की चौथी वरीय जोड़ी ने एक घंटा नौ मिनट चले मुकाबले में स्थानीय जोड़ी को 6-2, 3-6, 10-3 से हराया। भारत की अनुभवी जोड़ी ने तेज शुरुआत की और पहले सेट में मिले दोनों ब्रेक प्वाइंट का फायदा उठाते हुए विरोधी जोड़ी पर 1-0 की बढ़त बना ली। गोंग और ली की स्थानीय जोड़ी ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की। पेस और भूपति ने एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस जोड़ी लेकिन गोंग और ली ने दो बार भारतीय जोड़ी की सर्विस तोड़ते हुए 6-3 से दूसरा सेट जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। सुपर टाईब्रेकर में पेस और भूपति ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाते हुए विरोधी जोड़ी को कोई मौका नहीं दिया और आसानी से जीत दर्ज करते हुए अंतिम आठ में जगह बनाई। | लिएंडर पेस और महेश भूपति की जोड़ी ने चाइना ओपन टूर्नामेंट में माओ झिन गोंग और झी ली की जोड़ी को हराकर पुरुष युगल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के युवा प्रतिभाशाली टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना और उनके फ्रांसिसी जोड़ीदार एडुआर्ड रोजर वैसेलिन की जोड़ी ने रविवार को जापान ओपन टेनिस चैम्पियनशिप का पुरुष युगल खिताब जीत लिया।
खिताबी मुकाबले में भारतीय-फ्रांसिसी जोड़ी ने इंग्लैंड के जेमी मरे और आस्ट्रेलिया के जॉन पीयर्स की जोड़ी को 7-6(5), 6-4 से मात देकर अपने करियर का पहला एटीपी वर्ल्ड टूर टीम खिताब जीता। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय-फ्रांसिसी जोड़ी को अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराने में 78 मिनट लगे।टिप्पणियां
इस जीत के साथ ही उनके लंदन में होने वाले बर्कले एटीपी वर्ल्ड टूर के फाइनल मुकाबले में पहुंचने के आसार बढ़ गए हैं। इस मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए अभी पांच स्थान रिक्त हैं।
जीत के बाद बोपन्ना ने कहा, "आज (रविवार) हमारी रणनीति ने पूरी तरह काम किया। आज हमने एक टीम के रूप में खेला। एडुआर्ड रिटर्न और सर्व करने में माहिर हैं, जिससे मुझे अपना प्राकृतिक खेल खेलने की आजादी मिली।"
खिताबी मुकाबले में भारतीय-फ्रांसिसी जोड़ी ने इंग्लैंड के जेमी मरे और आस्ट्रेलिया के जॉन पीयर्स की जोड़ी को 7-6(5), 6-4 से मात देकर अपने करियर का पहला एटीपी वर्ल्ड टूर टीम खिताब जीता। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय-फ्रांसिसी जोड़ी को अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराने में 78 मिनट लगे।टिप्पणियां
इस जीत के साथ ही उनके लंदन में होने वाले बर्कले एटीपी वर्ल्ड टूर के फाइनल मुकाबले में पहुंचने के आसार बढ़ गए हैं। इस मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए अभी पांच स्थान रिक्त हैं।
जीत के बाद बोपन्ना ने कहा, "आज (रविवार) हमारी रणनीति ने पूरी तरह काम किया। आज हमने एक टीम के रूप में खेला। एडुआर्ड रिटर्न और सर्व करने में माहिर हैं, जिससे मुझे अपना प्राकृतिक खेल खेलने की आजादी मिली।"
इस जीत के साथ ही उनके लंदन में होने वाले बर्कले एटीपी वर्ल्ड टूर के फाइनल मुकाबले में पहुंचने के आसार बढ़ गए हैं। इस मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए अभी पांच स्थान रिक्त हैं।
जीत के बाद बोपन्ना ने कहा, "आज (रविवार) हमारी रणनीति ने पूरी तरह काम किया। आज हमने एक टीम के रूप में खेला। एडुआर्ड रिटर्न और सर्व करने में माहिर हैं, जिससे मुझे अपना प्राकृतिक खेल खेलने की आजादी मिली।"
जीत के बाद बोपन्ना ने कहा, "आज (रविवार) हमारी रणनीति ने पूरी तरह काम किया। आज हमने एक टीम के रूप में खेला। एडुआर्ड रिटर्न और सर्व करने में माहिर हैं, जिससे मुझे अपना प्राकृतिक खेल खेलने की आजादी मिली।" | संक्षिप्त सारांश: भारत के युवा प्रतिभाशाली टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना और उनके फ्रांसिसी जोड़ीदार एडुआर्ड रोजर वैसेलिन की जोड़ी ने रविवार को जापान ओपन टेनिस चैम्पियनशिप का पुरुष युगल खिताब जीत लिया। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के खिलाफ पहली बार राजनीतिक सभा आयोजित करते हुए सोमवार को कहा कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल की गठबंधन सरकार से बाहर जाने के लिए अपना तरीका चुनने के लिए स्वतंत्र है।
उधर राज्य कांग्रेस इकाई ने कहा कि उनकी पार्टी ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में ‘किसी की दया’ पर नहीं हैं और जब उनका नेतृत्व गठबंधन छोड़ने को कहेगा, उसका पालन किया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कांग्रेसी सांसद दीपा दासमुंशी द्वारा दिये गये बयान के संबंध में जनसभा में कहा, ‘उनमें से कुछ (कांग्रेसी नेता) कह रहे हैं कि पार्टी पीछे वाले नहीं बल्कि मुख्य दरवाजे से बाहर जाएगी। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनके लिए सभी दरवाजे खुले हैं।’ चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस राजनीतिक रूप से जीवित रहने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि का फायदा उठा रही है।
उन्होंने कहा, ‘अगर उनमें दम है तो वे ममता के फोटो के बिना चुनाव का सामना करके दिखाएं और साबित करें कि वे अकेले जीत सकते हैं।’ शनिवार को कांग्रेस को राज्य में गठबंधन सरकार से बाहर जाने की चुनौती देने वालीं मुख्यमंत्री ममता इस जनसभा में शामिल नहीं हुईं। हालांकि तृणमूल के कई सांसदों सहित अन्य शीर्ष नेता यहां मौजूद थे। टिप्पणियां
चटर्जी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में कृषि और उद्योग क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए कांग्रेस और माकपा मिल गये हैं। मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस को साफतौर पर घोषित करना चाहिए कि वह माकपा के साथ जाना चाहती है या तृणमूल के साथ बने रहना चाहती है। हम छल कपट बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन के बीच जारी वाक्युद्ध के बीच ममता बनर्जी सरकार में कांग्रेस के एक मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह संयम बरतें और ‘राजधर्म’ निभाएं।
लघु उद्योग राज्यमंत्री मनोज चक्रवर्ती ने कहा, ‘हम गठबंधन सहयोगी की तरह चुनाव लड़े और सत्ता में आए। हम किसी की दया से यहां नहीं हैं। कांग्रेस टॉम, डिक, हैरी की पार्टी नहीं है। यह अखिल भारतीय पार्टी है। इसने हमें भेजा है (सरकार में)। जब हमारी पार्टी मंत्रिमंडल छोड़ने को कहेगी तो हम टूटे हुए चप्पल की तरह इसे छोड़ देंगे।’
उधर राज्य कांग्रेस इकाई ने कहा कि उनकी पार्टी ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में ‘किसी की दया’ पर नहीं हैं और जब उनका नेतृत्व गठबंधन छोड़ने को कहेगा, उसका पालन किया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कांग्रेसी सांसद दीपा दासमुंशी द्वारा दिये गये बयान के संबंध में जनसभा में कहा, ‘उनमें से कुछ (कांग्रेसी नेता) कह रहे हैं कि पार्टी पीछे वाले नहीं बल्कि मुख्य दरवाजे से बाहर जाएगी। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनके लिए सभी दरवाजे खुले हैं।’ चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस राजनीतिक रूप से जीवित रहने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि का फायदा उठा रही है।
उन्होंने कहा, ‘अगर उनमें दम है तो वे ममता के फोटो के बिना चुनाव का सामना करके दिखाएं और साबित करें कि वे अकेले जीत सकते हैं।’ शनिवार को कांग्रेस को राज्य में गठबंधन सरकार से बाहर जाने की चुनौती देने वालीं मुख्यमंत्री ममता इस जनसभा में शामिल नहीं हुईं। हालांकि तृणमूल के कई सांसदों सहित अन्य शीर्ष नेता यहां मौजूद थे। टिप्पणियां
चटर्जी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में कृषि और उद्योग क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए कांग्रेस और माकपा मिल गये हैं। मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस को साफतौर पर घोषित करना चाहिए कि वह माकपा के साथ जाना चाहती है या तृणमूल के साथ बने रहना चाहती है। हम छल कपट बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन के बीच जारी वाक्युद्ध के बीच ममता बनर्जी सरकार में कांग्रेस के एक मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह संयम बरतें और ‘राजधर्म’ निभाएं।
लघु उद्योग राज्यमंत्री मनोज चक्रवर्ती ने कहा, ‘हम गठबंधन सहयोगी की तरह चुनाव लड़े और सत्ता में आए। हम किसी की दया से यहां नहीं हैं। कांग्रेस टॉम, डिक, हैरी की पार्टी नहीं है। यह अखिल भारतीय पार्टी है। इसने हमें भेजा है (सरकार में)। जब हमारी पार्टी मंत्रिमंडल छोड़ने को कहेगी तो हम टूटे हुए चप्पल की तरह इसे छोड़ देंगे।’
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कांग्रेसी सांसद दीपा दासमुंशी द्वारा दिये गये बयान के संबंध में जनसभा में कहा, ‘उनमें से कुछ (कांग्रेसी नेता) कह रहे हैं कि पार्टी पीछे वाले नहीं बल्कि मुख्य दरवाजे से बाहर जाएगी। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनके लिए सभी दरवाजे खुले हैं।’ चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस राजनीतिक रूप से जीवित रहने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि का फायदा उठा रही है।
उन्होंने कहा, ‘अगर उनमें दम है तो वे ममता के फोटो के बिना चुनाव का सामना करके दिखाएं और साबित करें कि वे अकेले जीत सकते हैं।’ शनिवार को कांग्रेस को राज्य में गठबंधन सरकार से बाहर जाने की चुनौती देने वालीं मुख्यमंत्री ममता इस जनसभा में शामिल नहीं हुईं। हालांकि तृणमूल के कई सांसदों सहित अन्य शीर्ष नेता यहां मौजूद थे। टिप्पणियां
चटर्जी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में कृषि और उद्योग क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए कांग्रेस और माकपा मिल गये हैं। मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस को साफतौर पर घोषित करना चाहिए कि वह माकपा के साथ जाना चाहती है या तृणमूल के साथ बने रहना चाहती है। हम छल कपट बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन के बीच जारी वाक्युद्ध के बीच ममता बनर्जी सरकार में कांग्रेस के एक मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह संयम बरतें और ‘राजधर्म’ निभाएं।
लघु उद्योग राज्यमंत्री मनोज चक्रवर्ती ने कहा, ‘हम गठबंधन सहयोगी की तरह चुनाव लड़े और सत्ता में आए। हम किसी की दया से यहां नहीं हैं। कांग्रेस टॉम, डिक, हैरी की पार्टी नहीं है। यह अखिल भारतीय पार्टी है। इसने हमें भेजा है (सरकार में)। जब हमारी पार्टी मंत्रिमंडल छोड़ने को कहेगी तो हम टूटे हुए चप्पल की तरह इसे छोड़ देंगे।’
उन्होंने कहा, ‘अगर उनमें दम है तो वे ममता के फोटो के बिना चुनाव का सामना करके दिखाएं और साबित करें कि वे अकेले जीत सकते हैं।’ शनिवार को कांग्रेस को राज्य में गठबंधन सरकार से बाहर जाने की चुनौती देने वालीं मुख्यमंत्री ममता इस जनसभा में शामिल नहीं हुईं। हालांकि तृणमूल के कई सांसदों सहित अन्य शीर्ष नेता यहां मौजूद थे। टिप्पणियां
चटर्जी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में कृषि और उद्योग क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए कांग्रेस और माकपा मिल गये हैं। मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस को साफतौर पर घोषित करना चाहिए कि वह माकपा के साथ जाना चाहती है या तृणमूल के साथ बने रहना चाहती है। हम छल कपट बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन के बीच जारी वाक्युद्ध के बीच ममता बनर्जी सरकार में कांग्रेस के एक मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह संयम बरतें और ‘राजधर्म’ निभाएं।
लघु उद्योग राज्यमंत्री मनोज चक्रवर्ती ने कहा, ‘हम गठबंधन सहयोगी की तरह चुनाव लड़े और सत्ता में आए। हम किसी की दया से यहां नहीं हैं। कांग्रेस टॉम, डिक, हैरी की पार्टी नहीं है। यह अखिल भारतीय पार्टी है। इसने हमें भेजा है (सरकार में)। जब हमारी पार्टी मंत्रिमंडल छोड़ने को कहेगी तो हम टूटे हुए चप्पल की तरह इसे छोड़ देंगे।’
चटर्जी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में कृषि और उद्योग क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए कांग्रेस और माकपा मिल गये हैं। मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस को साफतौर पर घोषित करना चाहिए कि वह माकपा के साथ जाना चाहती है या तृणमूल के साथ बने रहना चाहती है। हम छल कपट बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन के बीच जारी वाक्युद्ध के बीच ममता बनर्जी सरकार में कांग्रेस के एक मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह संयम बरतें और ‘राजधर्म’ निभाएं।
लघु उद्योग राज्यमंत्री मनोज चक्रवर्ती ने कहा, ‘हम गठबंधन सहयोगी की तरह चुनाव लड़े और सत्ता में आए। हम किसी की दया से यहां नहीं हैं। कांग्रेस टॉम, डिक, हैरी की पार्टी नहीं है। यह अखिल भारतीय पार्टी है। इसने हमें भेजा है (सरकार में)। जब हमारी पार्टी मंत्रिमंडल छोड़ने को कहेगी तो हम टूटे हुए चप्पल की तरह इसे छोड़ देंगे।’
लघु उद्योग राज्यमंत्री मनोज चक्रवर्ती ने कहा, ‘हम गठबंधन सहयोगी की तरह चुनाव लड़े और सत्ता में आए। हम किसी की दया से यहां नहीं हैं। कांग्रेस टॉम, डिक, हैरी की पार्टी नहीं है। यह अखिल भारतीय पार्टी है। इसने हमें भेजा है (सरकार में)। जब हमारी पार्टी मंत्रिमंडल छोड़ने को कहेगी तो हम टूटे हुए चप्पल की तरह इसे छोड़ देंगे।’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज्य कांग्रेस इकाई ने कहा कि उनकी पार्टी ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में ‘किसी की दया’ पर नहीं हैं और जब उनका नेतृत्व गठबंधन छोड़ने को कहेगा, उसका पालन किया जाएगा। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने सात दिवसीय दौरे को पूरा करने के एक दिन बाद कमर्शियल फ्लाइट से पाकिस्तान के लिए रवाना हुए. दरअसल सऊदी अरब द्वारा दिए गए विशेष विमान में न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (JFK) से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही तकनीकी खराब आ गई थी. इसके चलते इमरान खान और उनके प्रतिनिधिमंडल को वापस न्यूयॉर्क लौटना पड़ा था. इसके बाद शनिवार दोपहर को पीएम इमरान खान सऊदी एयरलाइंस से जेद्दा पहुंचे, जहां कुछ समय ठहरने के बाद वह पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए.
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में भाग लेने के बाद अमेरिका की अपनी सात दिवसीय यात्रा पूरी करके पीएम इमरान खान को शनिवार को पाकिस्तान लौटना था, लेकिन JFK हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही उनके विशेष विमान में तकनीकी खराबी आ गई थी. विमान में आई इस तकनीकी खराबी को ठीक करने का प्रयास किया गया, लेकिन तकनीशियनों ने पीएम खान को बताया कि वह खराबी अगले दिन सुबह तक ठीक नहीं हो सकेगी. इसके बाद पीएम खान सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से जेद्दा के लिए रवाना हो गए.
इस बीच पीएम इमरान खान के विमान में आई तकनीकी खराब की खबर को सुनकर संयुक्त राष्ट्र में पाक राजदूत मलीहा लोधी भी एयरपोर्ट पहुंच गई थीं, लेकिन कुछ समय ही बाद ही उन्हें वापस होटल भेज दिया गया, जहां वह UNGA में भाग लेने के लिए अपनी सप्ताह भर की अमेरिका यात्रा के दौरान ठहरी थीं. शुक्रवार को पीएम खान ने UNGA में अपना पहला भाषण दिया था, जो निर्धारित समय से लगभग 15 से 20 मिनट से अधिक लंबा था. | सारांश: एक दिन बाद कॉमर्शियल फ्लाइट से पाकिस्तान के लिए रवाना हुए
शनिवार दोपहर को पीएम इमरान खान सऊदी एयरलाइंस से जेद्दा पहुंचे
शुक्रवार को पीएम खान ने UNGA में अपना पहला भाषण दिया था | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लीबिया के नए अंतरिम शासकों की फौजों ने अपदस्थ शासक मुअम्मर गद्दाफी के गृहनगर सिरते पर फिर से अचानक हमला किया, जिसके बारे में नाटो ने कहा कि इस हमले के कारण गद्दाफी समर्थक बलों की क्रूर कार्रवाई को रोकने में सहायता मिली। नेशनल ट्रांजिशनल काउंसिल (एनटीसी) प्रमुख मुस्तफा अब्दुल जलील ने कहा कि अगले हफ्ते एक अंतरिम सरकार की घोषणा की जाएगी और गद्दाफी से संबंधित जिन हथियारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित कर दिया गया है, उसका नियंत्रण नए अधिकारियों के हाथ में होगा। मिसराता सैन्य परिषद के प्रवक्ता अब्दुल इब्राहिम ने कहा कि दक्षिण और पूर्व की ओर से किया गया यह आक्रमण दोतरफा था। इसमें एनटीसी के सात लड़ाकों की मौत हो गई और 145 घायल हो गए। दूसरी तरफ, कमांडर मोहम्मद अल-असवावी ने कहा कि एनटीसी के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने अचानक इस हमले का आदेश दिया था और इस हमले के बाद हम गद्दाफी समर्थक बलों को पीछे धकेलने में कामयाब हुए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमने स्थानीय निवासियों को बाहर निकाला और इसके बाद हमें हमला करने और सिरते को मुक्त करने का आदेश दिया गया। | सारांश: लीबिया के नए अंतरिम शासकों की फौजों ने अपदस्थ शासक मुअम्मर गद्दाफी के गृहनगर सिरते पर फिर से अचानक हमला किया। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डोकलाम पर भूटान और चीन के अपने-अपने दावे हैं और वे मसले को हल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं. चीन पिछले कुछ हफ्तों से भारत के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी कर रहा है. उसकी मांग है कि भारत डोकलाम से अपनी सेना हटाए. खासकर चीन की मीडिया ने डोकलाम मुद्दे पर कई आलेख लिखकर भारत की तीखी आलोचना की है.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में बयान दिया था कि दोनों पक्षों को पहले अपनी-अपनी सेना हटानी चाहिए, तभी कोई बातचीत हो सकेगी. उन्होंने सीमा पर गतिरोध को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करने की वकालत की थी. भारत ने चीन सरकार को भी बता दिया है कि सड़क निर्माण से यथास्थिति में बड़ा बदलाव आ जाएगा और भारत की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित होगी.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में बयान दिया था कि दोनों पक्षों को पहले अपनी-अपनी सेना हटानी चाहिए, तभी कोई बातचीत हो सकेगी. उन्होंने सीमा पर गतिरोध को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करने की वकालत की थी. भारत ने चीन सरकार को भी बता दिया है कि सड़क निर्माण से यथास्थिति में बड़ा बदलाव आ जाएगा और भारत की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित होगी. | सारांश: डोकलाम में 16 जून से जारी है गतिरोध
यहां पर दोनों देश की सेना की टुकड़ी है आमने सामने
दोनों ओर का मीडिया युद्ध की संभावना की बात कर रहा है | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इससे पहले प्रधानमंत्री ने टुमकूर में एक चुनावी सभा में कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस और जेदएस (एस) के बीच ‘गुप्त’ समझौता हुआ है. उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई कांग्रेस का बचाव कर रहा है तो वह जदएस है. कांग्रेस और जदएस के बीच गोपनीय समझौता हुआ है. पर्दे के पीछे तालमेल है...’’
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों से देश पर शासन किया है. अधिकतर समय सिर्फ ‘एक परिवार’ सत्ता में रहा , जिसने गरीबों और किसानों की अनदेखी की है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘वे गरीबी, गरीबी, गरीबी की माला जपते रहे लेकिन जब एक गरीब मां का बेटा प्रधानमंत्री बना तो उनकी बोलती बंद हो गयी ... अब वे गरीबी की बात नहीं करते हैं.’’ मोदी ने कहा, ‘‘कर्नाटक के बेहतर भविष्य के लिये कांग्रेस को सबक सिखाना जरूरी है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों से देश पर शासन किया है. अधिकतर समय सिर्फ ‘एक परिवार’ सत्ता में रहा , जिसने गरीबों और किसानों की अनदेखी की है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘वे गरीबी, गरीबी, गरीबी की माला जपते रहे लेकिन जब एक गरीब मां का बेटा प्रधानमंत्री बना तो उनकी बोलती बंद हो गयी ... अब वे गरीबी की बात नहीं करते हैं.’’ मोदी ने कहा, ‘‘कर्नाटक के बेहतर भविष्य के लिये कांग्रेस को सबक सिखाना जरूरी है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘वे गरीबी, गरीबी, गरीबी की माला जपते रहे लेकिन जब एक गरीब मां का बेटा प्रधानमंत्री बना तो उनकी बोलती बंद हो गयी ... अब वे गरीबी की बात नहीं करते हैं.’’ मोदी ने कहा, ‘‘कर्नाटक के बेहतर भविष्य के लिये कांग्रेस को सबक सिखाना जरूरी है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'कांग्रेस ने जबरनवसूली माफिया नेटवर्क बनाया है'
'कांग्रेस और जेदएस(एस) के बीच ‘गुप्त’ समझौता हुआ है'
'कर्नाटक के बेहतर भविष्य के लिये कांग्रेस को सबक सिखाना जरूरी' | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफ़िज़ुर रहमान जल्दी ही इंग्लिश काउंटी ससेक्स के लिए खेलेंगे। 20 साल के युवा गेंदबाज़ को इंग्लैंड का वीज़ा मिल गया है और वह जल्दी ही इंग्लैंड के लिए रवाना होंगे।
वैसे मुस्तफ़िज़ुर को 13 जुलाई को इंग्लैंड जाना था, लेकिन वीज़ा मिलने में देरी की वजह से वह टीम के साथ देर से जुड़ेंगे। अगर वह समय पर अपने क्लब ससेक्स से जुड़ गए, तो 21 जुलाई को एसेक्स के ख़िलाफ़ होने वाले मैच में मैदान पर उतर सकेंगे।
नेटवेस्ट T20 ब्लास्ट के कम से कम 7 मैचों में मुस्तफ़िज़ुर को खेलने का मौक़ा मिल सकता है। इसके अलावा वह वनडे में भी खेल सकते हैं।टिप्पणियां
मुस्तफ़िज़ुर को इसी महीने की शुरुआत में इंग्लैंड के लिए जाना था, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एनओसी देने में देरी कर दी। बोर्ड को डर था कि मुस्तफ़िज़ुर को ज़्यादा क्रिकेट खेलने से कहीं फिर से चोट न लगे और वह नेशनल टीम के लिए उपलब्ध नहीं हो सकें। बीसीबी ने बांग्लादेश के लिए 2 टेस्ट और 9 वनडे खेल चुके मुस्तफ़िज़ुर को मेडिकल टीम द्वारा हरी झंडी देने के बाद खेलने की इजाज़त दी है।
इससे पहले आईपीएल में भी तेज़ गेंदबाज़ के खेलने को लेकर बोर्ड ने काफ़ी हो-हल्ला मचाया था। आईपीएल में सनराइज़र्स के लिए खेल रहे मुस्तफ़िज़ुर ने 16 मैचों में 17 विकेट लिए।
वैसे मुस्तफ़िज़ुर को 13 जुलाई को इंग्लैंड जाना था, लेकिन वीज़ा मिलने में देरी की वजह से वह टीम के साथ देर से जुड़ेंगे। अगर वह समय पर अपने क्लब ससेक्स से जुड़ गए, तो 21 जुलाई को एसेक्स के ख़िलाफ़ होने वाले मैच में मैदान पर उतर सकेंगे।
नेटवेस्ट T20 ब्लास्ट के कम से कम 7 मैचों में मुस्तफ़िज़ुर को खेलने का मौक़ा मिल सकता है। इसके अलावा वह वनडे में भी खेल सकते हैं।टिप्पणियां
मुस्तफ़िज़ुर को इसी महीने की शुरुआत में इंग्लैंड के लिए जाना था, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एनओसी देने में देरी कर दी। बोर्ड को डर था कि मुस्तफ़िज़ुर को ज़्यादा क्रिकेट खेलने से कहीं फिर से चोट न लगे और वह नेशनल टीम के लिए उपलब्ध नहीं हो सकें। बीसीबी ने बांग्लादेश के लिए 2 टेस्ट और 9 वनडे खेल चुके मुस्तफ़िज़ुर को मेडिकल टीम द्वारा हरी झंडी देने के बाद खेलने की इजाज़त दी है।
इससे पहले आईपीएल में भी तेज़ गेंदबाज़ के खेलने को लेकर बोर्ड ने काफ़ी हो-हल्ला मचाया था। आईपीएल में सनराइज़र्स के लिए खेल रहे मुस्तफ़िज़ुर ने 16 मैचों में 17 विकेट लिए।
नेटवेस्ट T20 ब्लास्ट के कम से कम 7 मैचों में मुस्तफ़िज़ुर को खेलने का मौक़ा मिल सकता है। इसके अलावा वह वनडे में भी खेल सकते हैं।टिप्पणियां
मुस्तफ़िज़ुर को इसी महीने की शुरुआत में इंग्लैंड के लिए जाना था, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एनओसी देने में देरी कर दी। बोर्ड को डर था कि मुस्तफ़िज़ुर को ज़्यादा क्रिकेट खेलने से कहीं फिर से चोट न लगे और वह नेशनल टीम के लिए उपलब्ध नहीं हो सकें। बीसीबी ने बांग्लादेश के लिए 2 टेस्ट और 9 वनडे खेल चुके मुस्तफ़िज़ुर को मेडिकल टीम द्वारा हरी झंडी देने के बाद खेलने की इजाज़त दी है।
इससे पहले आईपीएल में भी तेज़ गेंदबाज़ के खेलने को लेकर बोर्ड ने काफ़ी हो-हल्ला मचाया था। आईपीएल में सनराइज़र्स के लिए खेल रहे मुस्तफ़िज़ुर ने 16 मैचों में 17 विकेट लिए।
मुस्तफ़िज़ुर को इसी महीने की शुरुआत में इंग्लैंड के लिए जाना था, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एनओसी देने में देरी कर दी। बोर्ड को डर था कि मुस्तफ़िज़ुर को ज़्यादा क्रिकेट खेलने से कहीं फिर से चोट न लगे और वह नेशनल टीम के लिए उपलब्ध नहीं हो सकें। बीसीबी ने बांग्लादेश के लिए 2 टेस्ट और 9 वनडे खेल चुके मुस्तफ़िज़ुर को मेडिकल टीम द्वारा हरी झंडी देने के बाद खेलने की इजाज़त दी है।
इससे पहले आईपीएल में भी तेज़ गेंदबाज़ के खेलने को लेकर बोर्ड ने काफ़ी हो-हल्ला मचाया था। आईपीएल में सनराइज़र्स के लिए खेल रहे मुस्तफ़िज़ुर ने 16 मैचों में 17 विकेट लिए।
इससे पहले आईपीएल में भी तेज़ गेंदबाज़ के खेलने को लेकर बोर्ड ने काफ़ी हो-हल्ला मचाया था। आईपीएल में सनराइज़र्स के लिए खेल रहे मुस्तफ़िज़ुर ने 16 मैचों में 17 विकेट लिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बांग्लादेश के लिए 2 टेस्ट और 9 वनडे खेल चुके हैं मुस्तफ़िज़ुर
चोट के डर से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एनओसी देने में देरी कर दी
मुस्तफ़िज़ुर आईपीएल में सनराइज़र्स हैदराबाद के लिए खेलते हैं | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन माफिया के खिलाफ अभियान के लिए चर्चा में रही युवा आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल का निलंबन समाप्त कर दिया।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया, ‘दुर्गाशक्ति नागपाल का निलंबन समाप्त करते हुए उन्हें सेवा में बहाल कर दिया गया है।’ गौरतलब है कि दुर्गा शक्ति ने शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करके उन्हें निलंबन के मुद्दे पर अपनी सफाई पेश की थी।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागपाल अपने पति और आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह के साथ मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और उनके निलंबन के कारणों के बारे में अपनी सफाई दी तथा अपनी चूक के लिए खेद जताया।
उल्लेखनीय है कि गौतमबुद्ध नगर (सदर) तहसील की उपजिलाधिकारी के रूप में खनन माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए चर्चा में रही दुर्गाशक्ति नागपाल को जुलाई महीने में कादलापुर गांव में बन रही एक मस्जिद की दीवार को नियम कानून की अनदेखी करते हुए गिरवा देने के आरोप में इस तर्क के साथ निलंबित कर दिया गया था कि उनके इस कदम से साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। टिप्पणियां
इस मामले में मेरठ मंडल के आयुक्त से कराई गई जांच के आधार पर दुर्गाशक्ति को सौंपे गए 10 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया था कि युवा आईएएस अधिकारी ने कादलपुर गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार गिरवा देने में नियम और प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
दुर्गा के निलंबन के बाद सार्वजनिक जीवन में खासी हलचल पैदा हो गई थी। आईएएस संघ ने निलंबन का विरोध किया था और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलते हुए उसके इस कदम को खनन माफिया के दबाव मे की गई कार्रवाई करार दिया था।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया, ‘दुर्गाशक्ति नागपाल का निलंबन समाप्त करते हुए उन्हें सेवा में बहाल कर दिया गया है।’ गौरतलब है कि दुर्गा शक्ति ने शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करके उन्हें निलंबन के मुद्दे पर अपनी सफाई पेश की थी।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागपाल अपने पति और आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह के साथ मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और उनके निलंबन के कारणों के बारे में अपनी सफाई दी तथा अपनी चूक के लिए खेद जताया।
उल्लेखनीय है कि गौतमबुद्ध नगर (सदर) तहसील की उपजिलाधिकारी के रूप में खनन माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए चर्चा में रही दुर्गाशक्ति नागपाल को जुलाई महीने में कादलापुर गांव में बन रही एक मस्जिद की दीवार को नियम कानून की अनदेखी करते हुए गिरवा देने के आरोप में इस तर्क के साथ निलंबित कर दिया गया था कि उनके इस कदम से साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। टिप्पणियां
इस मामले में मेरठ मंडल के आयुक्त से कराई गई जांच के आधार पर दुर्गाशक्ति को सौंपे गए 10 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया था कि युवा आईएएस अधिकारी ने कादलपुर गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार गिरवा देने में नियम और प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
दुर्गा के निलंबन के बाद सार्वजनिक जीवन में खासी हलचल पैदा हो गई थी। आईएएस संघ ने निलंबन का विरोध किया था और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलते हुए उसके इस कदम को खनन माफिया के दबाव मे की गई कार्रवाई करार दिया था।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागपाल अपने पति और आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह के साथ मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और उनके निलंबन के कारणों के बारे में अपनी सफाई दी तथा अपनी चूक के लिए खेद जताया।
उल्लेखनीय है कि गौतमबुद्ध नगर (सदर) तहसील की उपजिलाधिकारी के रूप में खनन माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए चर्चा में रही दुर्गाशक्ति नागपाल को जुलाई महीने में कादलापुर गांव में बन रही एक मस्जिद की दीवार को नियम कानून की अनदेखी करते हुए गिरवा देने के आरोप में इस तर्क के साथ निलंबित कर दिया गया था कि उनके इस कदम से साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। टिप्पणियां
इस मामले में मेरठ मंडल के आयुक्त से कराई गई जांच के आधार पर दुर्गाशक्ति को सौंपे गए 10 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया था कि युवा आईएएस अधिकारी ने कादलपुर गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार गिरवा देने में नियम और प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
दुर्गा के निलंबन के बाद सार्वजनिक जीवन में खासी हलचल पैदा हो गई थी। आईएएस संघ ने निलंबन का विरोध किया था और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलते हुए उसके इस कदम को खनन माफिया के दबाव मे की गई कार्रवाई करार दिया था।
उल्लेखनीय है कि गौतमबुद्ध नगर (सदर) तहसील की उपजिलाधिकारी के रूप में खनन माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए चर्चा में रही दुर्गाशक्ति नागपाल को जुलाई महीने में कादलापुर गांव में बन रही एक मस्जिद की दीवार को नियम कानून की अनदेखी करते हुए गिरवा देने के आरोप में इस तर्क के साथ निलंबित कर दिया गया था कि उनके इस कदम से साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। टिप्पणियां
इस मामले में मेरठ मंडल के आयुक्त से कराई गई जांच के आधार पर दुर्गाशक्ति को सौंपे गए 10 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया था कि युवा आईएएस अधिकारी ने कादलपुर गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार गिरवा देने में नियम और प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
दुर्गा के निलंबन के बाद सार्वजनिक जीवन में खासी हलचल पैदा हो गई थी। आईएएस संघ ने निलंबन का विरोध किया था और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलते हुए उसके इस कदम को खनन माफिया के दबाव मे की गई कार्रवाई करार दिया था।
इस मामले में मेरठ मंडल के आयुक्त से कराई गई जांच के आधार पर दुर्गाशक्ति को सौंपे गए 10 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया था कि युवा आईएएस अधिकारी ने कादलपुर गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार गिरवा देने में नियम और प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
दुर्गा के निलंबन के बाद सार्वजनिक जीवन में खासी हलचल पैदा हो गई थी। आईएएस संघ ने निलंबन का विरोध किया था और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलते हुए उसके इस कदम को खनन माफिया के दबाव मे की गई कार्रवाई करार दिया था।
दुर्गा के निलंबन के बाद सार्वजनिक जीवन में खासी हलचल पैदा हो गई थी। आईएएस संघ ने निलंबन का विरोध किया था और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलते हुए उसके इस कदम को खनन माफिया के दबाव मे की गई कार्रवाई करार दिया था। | सारांश: उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन माफिया के खिलाफ अभियान के लिए चर्चा में रही युवा आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल का निलंबन समाप्त कर दिया। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुजरात (Gujrat) में दिए अपने एक भाषण में कहा कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) के लोग हमेशा से चाहते हैं कि भाजपा राज्य की सत्ता में आए, क्योंकि वे उस तरह का विकास चाहते हैं, जैसा गुजरात में हुआ है. मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भारी जीत के बाद गुजरात में अपने पहले भाषण के दौरान कहा, 'मैंने सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग महिला का बंगाली में एक साक्षात्कार देखा, जहां वह मोदी मोदी बोल रही थी. लेकिन जब उससे पूछा गया कि वह किसे वोट देगी तो उसने कहा कि कम्युनिस्टों को.' इसके बाद उन्होंने कहा, 'जब उससे पूछा गया कि क्यों? क्योंकि वह गुजरात जैसा विकास चाहती थी, तो उसने कहा कि यह बंगाल है, हम ये सब सार्वजनिक रूप से नहीं बोल सकते. आपको पता नहीं होता कि आपके साथ क्या हो जाएगा.' प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के चुनाव से ही गुजारत के विकास पहलों की कहानी देश के हर कोने-कोने में उनके पहुंचने से पहले ही पहुंच चुकी थी.
मोदी अहमदाबाद के खानपुर इलाके में स्थित भाजपा के पुराने मुख्यालय के पास आयोजित एक धन्यवाद प्रकाश कार्यक्रम में बोल रहे थे. मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इसके पहले यहां दो दिन के दौरे पर अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे. गुजरात के लोगों ने एक बार फिर सभी 26 लोकसभा सीटों पर भाजपा को जीत दिलाई है. दोनों नेता शाम को लगभग छह बजे सरदार पटेल हवाईअड्डे पहुंचे और उन्होंने हवाईअड्डे पर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उसके बाद वे खानपुर इलाके के जेपी चौक स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय पहुंचे. | यह एक सारांश है: लोकसभा चुनाव में जीत के बाद पहली बार गुजरात पहुंचे पीएम मोदी
जनसभा में बताई पश्चिम बंगाल के लोगों की इच्छा
गुजरात जैसा विकास चाहते हैं पश्चिम बंगाल के लोग | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हरियाणा कांग्रेस प्रमुख कुमारी शैलजा ने 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ मुकाबले में उतरने वाले 16 नेताओं को शनिवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया. पार्टी के खिलाफ बगावत करने वाले इन नेताओं के निष्कासन के बाद शैलजा ने एक बयान में कहा, ‘हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करने और बागी के तौर पर 2019 विधानसभा चुनाव में उतरने के लिए 16 लोगों को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया है.'
इसके साथ ही शैलजा ने कहा कि इन नेताओं की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छह साल के लिए समाप्त कर दी गई है. बयान में कहा गया कि पूर्व सांसद रंजीत सिंह, पूर्व मंत्री निर्मल सिंह, हरियाणा विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आजाद मोहम्मद और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (सीपीसी) जिले राम शर्मा समेत अन्य को कांग्रेस से निष्कासित किया गया है. | संक्षिप्त सारांश: आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ मुकाबले में उतरे थे बागी नेता
21 अक्टूबर को हरियाणा में होनी विधानसभा चुनावों की वोटिंग
इन नेताओं की छह साल के लिए प्राथमिकता भी हुई समाप्त | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत ने इस्राइल से अधिकृत फिलस्तीनी क्षेत्र में सभी अवैध यहूदी बस्तियां बसाए जाने का कार्य रोकने को कहा और कहा है कि वह एकीकृत फिलस्तीन देश के लिए सुलह समाधान का समर्थन करता है।
विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि फिलस्तीन का मुद्दा भारत के लिए सर्वाधिक महत्व का है। वास्तव में भारत ऐसा पहला गैर-अरब देश है, जिसने फिलस्तीन देश को 16 नवंबर 1988 को मान्यता दी।टिप्पणियां
तेहरान में फिलस्तीन पर गुट निरपेक्ष सम्मेलन समिति के साथ बैठक के दौरान कृष्णा ने यह टिप्पणी की।
यह बैठक पहले रामल्ला में होने वाली थी, लेकिन इस्राइल ने इस आधार पर विरोध किया था कि कई सदस्यों का यरूशलम के साथ राजनयिक संबंध नहीं है। कृष्णा ने इस्राइल के इस कदम को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। कृष्णा ने कहा कि भारत ने अधिकृत फिलस्तीनी क्षेत्र में अवैध यहूदी बस्तियां बसाने पर रोक लगाने को कहा है।
विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि फिलस्तीन का मुद्दा भारत के लिए सर्वाधिक महत्व का है। वास्तव में भारत ऐसा पहला गैर-अरब देश है, जिसने फिलस्तीन देश को 16 नवंबर 1988 को मान्यता दी।टिप्पणियां
तेहरान में फिलस्तीन पर गुट निरपेक्ष सम्मेलन समिति के साथ बैठक के दौरान कृष्णा ने यह टिप्पणी की।
यह बैठक पहले रामल्ला में होने वाली थी, लेकिन इस्राइल ने इस आधार पर विरोध किया था कि कई सदस्यों का यरूशलम के साथ राजनयिक संबंध नहीं है। कृष्णा ने इस्राइल के इस कदम को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। कृष्णा ने कहा कि भारत ने अधिकृत फिलस्तीनी क्षेत्र में अवैध यहूदी बस्तियां बसाने पर रोक लगाने को कहा है।
तेहरान में फिलस्तीन पर गुट निरपेक्ष सम्मेलन समिति के साथ बैठक के दौरान कृष्णा ने यह टिप्पणी की।
यह बैठक पहले रामल्ला में होने वाली थी, लेकिन इस्राइल ने इस आधार पर विरोध किया था कि कई सदस्यों का यरूशलम के साथ राजनयिक संबंध नहीं है। कृष्णा ने इस्राइल के इस कदम को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। कृष्णा ने कहा कि भारत ने अधिकृत फिलस्तीनी क्षेत्र में अवैध यहूदी बस्तियां बसाने पर रोक लगाने को कहा है।
यह बैठक पहले रामल्ला में होने वाली थी, लेकिन इस्राइल ने इस आधार पर विरोध किया था कि कई सदस्यों का यरूशलम के साथ राजनयिक संबंध नहीं है। कृष्णा ने इस्राइल के इस कदम को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। कृष्णा ने कहा कि भारत ने अधिकृत फिलस्तीनी क्षेत्र में अवैध यहूदी बस्तियां बसाने पर रोक लगाने को कहा है। | संक्षिप्त सारांश: भारत ने इस्राइल से अधिकृत फिलस्तीनी क्षेत्र में सभी अवैध यहूदी बस्तियां बसाए जाने का कार्य रोकने को कहा और कहा है कि वह एकीकृत फिलस्तीन देश के लिए सुलह समाधान का समर्थन करता है। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी ने अपने भविष्य को लेकर अटकलों पर विराम लगाते हुए घोषणा की कि वह और विस्तार नहीं लेने जा रहे हैं और पूर्व निर्धारित समय 29 नवम्बर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
कयानी ने एक बयान में कहा, ‘मेरा कार्यकाल 29 नवम्बर को समाप्त हो रहा है। उस दिन मैं सेवानिवृत्त हो जाऊंगा। अल्लाह हम सभी की मदद करे और रास्ता दिखाए।’ वर्ष 2007 के अंत में पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने कयानी को सेना प्रमुख नियुक्त किया था। उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने वर्ष 2010 में अभूतपूर्व से तीन वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान कर दिया था।
कयानी ने एक बयान में कहा, ‘मेरा कार्यकाल 29 नवम्बर को समाप्त हो रहा है। उस दिन मैं सेवानिवृत्त हो जाऊंगा। अल्लाह हम सभी की मदद करे और रास्ता दिखाए।’ वर्ष 2007 के अंत में पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने कयानी को सेना प्रमुख नियुक्त किया था। उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने वर्ष 2010 में अभूतपूर्व से तीन वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान कर दिया था। | सारांश: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी ने अपने भविष्य को लेकर अटकलों पर विराम लगाते हुए घोषणा की कि वह और विस्तार नहीं लेने जा रहे हैं और पूर्व निर्धारित समय 29 नवम्बर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूनिटेक की गुड़गांव सेक्टर 70 की विस्टा सोसाइटी मामले में 39 खरीददारों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने सभी खरीदारों को रजिस्ट्री में जमा 15 करोड़ रुपये में से अपनी मूल राशि दस्तावेज दिखाकर लेने को कहा है. कोर्ट ने यूनिटेक को चार हफ्ते के भीतर दो करोड़ रुपये रजिस्ट्री में जमा कराने का आदेश भी दिया है.
जनवरी के दो सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट ये तय करेगा कि ब्याज कितना देना होगा. यह ब्याज फ्लैट खरीदारों को कंपनी में जमा कराई गई धनराशि के अनुपात में दिया जाएगा.
आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिल्डर पर सुप्रीम कोर्ट काफी सख्त रहा और दो मुहावरों का प्रयोग भी किया. कोर्ट ने 'विश्वास उठ गया तो सब कुछ चला गया' (Faith is lost, everything is lost) और 'रोम एक दिन में नहीं बना' (Rome was not built in a day) का प्रयोग किया.
कोर्ट ने कहा कि प्रॉपर्टी डेवलपर को समझौते के नियमों के साथ रहना चाहिए ताकि वह लोगों में भरोसा दिला सके जो लोग घर का सपना देखते हैं. कोर्ट ने आगे कहा कि लेकिन, यहां यूनिटेक को अलग अलग बहानों से देरी नहीं करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. टिप्पणियां
गुड़गांव की विस्टा सोसाइटी में ग्राहकों को तय वक्त पर फ्लैट ना देने का मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इससे पहले यूनिटेक कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को मूलधन से 15 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री में जमा कराने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि ग्राहकों को उनका पैसा मिलना चाहिए जो लेना चाहते हैं. ये आदेश 38 ग्राहकों की याचिका पर दिए गए.
कोर्ट ने कहा था कि इसके बाद वो ये तय करेगा कि फ्लैट ना देने पर ग्राहकों को कितना ब्याज दिया जाए.
जनवरी के दो सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट ये तय करेगा कि ब्याज कितना देना होगा. यह ब्याज फ्लैट खरीदारों को कंपनी में जमा कराई गई धनराशि के अनुपात में दिया जाएगा.
आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिल्डर पर सुप्रीम कोर्ट काफी सख्त रहा और दो मुहावरों का प्रयोग भी किया. कोर्ट ने 'विश्वास उठ गया तो सब कुछ चला गया' (Faith is lost, everything is lost) और 'रोम एक दिन में नहीं बना' (Rome was not built in a day) का प्रयोग किया.
कोर्ट ने कहा कि प्रॉपर्टी डेवलपर को समझौते के नियमों के साथ रहना चाहिए ताकि वह लोगों में भरोसा दिला सके जो लोग घर का सपना देखते हैं. कोर्ट ने आगे कहा कि लेकिन, यहां यूनिटेक को अलग अलग बहानों से देरी नहीं करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. टिप्पणियां
गुड़गांव की विस्टा सोसाइटी में ग्राहकों को तय वक्त पर फ्लैट ना देने का मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इससे पहले यूनिटेक कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को मूलधन से 15 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री में जमा कराने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि ग्राहकों को उनका पैसा मिलना चाहिए जो लेना चाहते हैं. ये आदेश 38 ग्राहकों की याचिका पर दिए गए.
कोर्ट ने कहा था कि इसके बाद वो ये तय करेगा कि फ्लैट ना देने पर ग्राहकों को कितना ब्याज दिया जाए.
आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिल्डर पर सुप्रीम कोर्ट काफी सख्त रहा और दो मुहावरों का प्रयोग भी किया. कोर्ट ने 'विश्वास उठ गया तो सब कुछ चला गया' (Faith is lost, everything is lost) और 'रोम एक दिन में नहीं बना' (Rome was not built in a day) का प्रयोग किया.
कोर्ट ने कहा कि प्रॉपर्टी डेवलपर को समझौते के नियमों के साथ रहना चाहिए ताकि वह लोगों में भरोसा दिला सके जो लोग घर का सपना देखते हैं. कोर्ट ने आगे कहा कि लेकिन, यहां यूनिटेक को अलग अलग बहानों से देरी नहीं करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. टिप्पणियां
गुड़गांव की विस्टा सोसाइटी में ग्राहकों को तय वक्त पर फ्लैट ना देने का मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इससे पहले यूनिटेक कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को मूलधन से 15 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री में जमा कराने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि ग्राहकों को उनका पैसा मिलना चाहिए जो लेना चाहते हैं. ये आदेश 38 ग्राहकों की याचिका पर दिए गए.
कोर्ट ने कहा था कि इसके बाद वो ये तय करेगा कि फ्लैट ना देने पर ग्राहकों को कितना ब्याज दिया जाए.
कोर्ट ने कहा कि प्रॉपर्टी डेवलपर को समझौते के नियमों के साथ रहना चाहिए ताकि वह लोगों में भरोसा दिला सके जो लोग घर का सपना देखते हैं. कोर्ट ने आगे कहा कि लेकिन, यहां यूनिटेक को अलग अलग बहानों से देरी नहीं करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. टिप्पणियां
गुड़गांव की विस्टा सोसाइटी में ग्राहकों को तय वक्त पर फ्लैट ना देने का मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इससे पहले यूनिटेक कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को मूलधन से 15 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री में जमा कराने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि ग्राहकों को उनका पैसा मिलना चाहिए जो लेना चाहते हैं. ये आदेश 38 ग्राहकों की याचिका पर दिए गए.
कोर्ट ने कहा था कि इसके बाद वो ये तय करेगा कि फ्लैट ना देने पर ग्राहकों को कितना ब्याज दिया जाए.
गुड़गांव की विस्टा सोसाइटी में ग्राहकों को तय वक्त पर फ्लैट ना देने का मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इससे पहले यूनिटेक कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को मूलधन से 15 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री में जमा कराने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि ग्राहकों को उनका पैसा मिलना चाहिए जो लेना चाहते हैं. ये आदेश 38 ग्राहकों की याचिका पर दिए गए.
कोर्ट ने कहा था कि इसके बाद वो ये तय करेगा कि फ्लैट ना देने पर ग्राहकों को कितना ब्याज दिया जाए.
कोर्ट ने कहा था कि इसके बाद वो ये तय करेगा कि फ्लैट ना देने पर ग्राहकों को कितना ब्याज दिया जाए. | संक्षिप्त पाठ: 39 खरीददारों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.
सभी खरीदारों को रजिस्ट्री में जमा 15 करोड़ रुपये में से राशि लेना है
यूनिटेक को चार हफ्ते में 2 करोड़ रुपये रजिस्ट्री में जमा कराने हैं | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गरीबी रेखा के बारे में योजना आयोग की परिभाषा को लेकर उठे विवाद के बीच ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया को पत्र लिखकर उनकी गणना की पद्वति पर सवाल उठाया है और कहा है कि आयोग के अनुमान पर निर्भरता से समस्या का निदान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत परिवारों की पहचान के लिये अलग अलग मानदंडों को अपनाने की जरूरत होती है। उन्होंने इसके लिये तीन विकल्पों का प्रस्ताव किया जिनमें एक प्लान.ए में सुझाव दिया गया है कि कोई भी एकमात्र बीपीएल सूची अथवा कार्ड नहीं होगा। रमेश का यह पत्र योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह को ऐसे समय लिखा गया है जब योजना आयोग द्वारा उच्चतम न्यायालय को लिखे गये शपथपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है जिसमें शहरी क्षेत्र में 32 रुपये और ग्रामीण खेत्र में 26 रुपये प्रतिदिन से अधिक खर्च करने वाले को गरीब नहीं माना गया है। सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर मोंटेक ने भी रमेश के पत्र का जवाब दिया है जिसमें किसी भी अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले विभिन्न पहुलओं पर विचार किये जाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री को लिखा है कि इस मुद्दे पर विस्तृत विचार विमर्श किये जाने की आवश्यकता है। इस बीच, योजना आयोग के एक सदस्य ने कहा है कि केंद्र के पास सीमित संसाधनों के मद्देनजर आयोग के गरीबी रेखा की यह सीमा तय करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। योजना आयोग के सदस्य अभिजीत सेन ने संवाददाताओं से कहा, यदि कोई चीज सीमित है, तो उसे आपको राज्यों को उतने की संसाधनों में आवंटन करना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि खाद्यान्न सीमित हैं, तो उसका आवंटन विभिन्न राज्यों को किसी तुलनात्मक संकेतक के आधार पर किया जाएगा और यह संकेतक गरीबी रेखा है। सेन ने कहा कि राज्य सभी बीपीएल कार्ड धारकों के लिए सब्सिडी चाहते हैं। केंद्र राज्यों को आयोग द्वारा परिभाषित गरीबी रेखा के आधार पर कोष उपलब्ध कराता है। आयोग के अनुसार, एक मार्च, 2005 तक देश में गरीब लोगों की संख्या 40.74 करोड़ की थी। अनुमान के अनुसार, 8 करोड़ से ज्यादा परिवार बीपीएल की श्रेणी में आते हैं, जबकि राज्यों द्वारा 11 करोड़ परिवारों को कार्ड जारी किए गए हैं। | यहाँ एक सारांश है:गरीबी रेखा के बारे में योजना आयोग की परिभाषा को लेकर उठे विवाद के बीच ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने आयोग के उपाध्यक्ष को पत्र लिखा है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: खबर है कि Vivo भारतीय मार्केट में अपनी वाई सीरीज़ के दो स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में है। Vivo Y12 और Vivo Y15 (2019) के बारे में जानकारी ऑनलाइन लीक हुई है। इन वीवो स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशन सार्वजनिक हो गए हैं। स्पेसिफिकेशन से साफ है कि वीवो के दोनों ही फोन 6.35-इंच की एचडी+ स्क्रीन, 5,000 एमएएच बैटरी और तीन रियर कैमरे के साथ आएंगे। Vivo ने मार्केट में Vivo Y12 और Vivo Y15 (2019) को उतारने के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
मुंबई के नामी रिटेलर महेश टेलीकॉम के मुताबिक, Vivo मार्केट में अपनी वाई सीरीज़ के दो स्मार्टफोन लॉन्च करने वाली है। ये होंगे- Vivo Y12 और Vivo Y15 (2019)। इन दोनों ही फोन के सारे स्पेसिफिकेशन भी सार्वजनिक किए गए हैं।
Vivo के ये दोनों स्मार्टफोन ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आ सकते हैं। पिछले हिस्से पर 13 मेगापिक्सल (एफ/ 2.4 अपर्चर) का प्राइमरी कैमरा, वाइड एंगल लेंस के साथ 8 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर और तीसरा 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर होगा। Vivo Y12 एफ/ 2.0 अपर्चर वाले 8 मेगापिक्सल के फ्रंट कैमरे के साथ आएगा, जबकि Vivo Y15 (2019) में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 16 मेगापिक्सल का सेल्फी सेंसर होगा।
दावा है कि Vivo Y12 और Vivo Y15 (2019) में फिंगरप्रिंट सेंसर, डुअल 4जी सपोर्ट और ब्लूटूथ 5.0 होंगे। फोन बरगंडी रेड और एक्वा ब्लू रंग में आएंगे।
अभी दोनों ही फोन की कीमत को लेकर कोई दावा नहीं किया गया है। हमने वीवो वाई12 और वीवो वाई15 (2019) के लॉन्च को लेकर वीवो को संपर्क किया है। | Vivo के ये दोनों स्मार्टफोन ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आ सकते हैं
Vivo Y12 और Vivo Y15 (2019) एंड्रॉयड 9.0 पाई पर चलेंगे
Vivo ने वीवो वाई12 और वीवो वाई15 (2019) के बारे में कोई ऐलान नहीं किया है | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विवादास्पद इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के जल्द ही विदेशी चंदा लेने पर रोक लगेगी और गृह मंत्रालय एनजीओ को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी कर उसके एफसीआरए पंजीकरण को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है.
गृह मंत्रालय ने नाइक के एक और एनजीओ आईआरएफ एजुकेशनल ट्रस्ट को भी पूर्व अनुमति श्रेणी में रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे यह सरकार की अनुमति के बिना कोई विदेशी चंदा नहीं हासिल कर पाएगा.
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस कदम से पहले विभिन्न जांचों में सामने आया कि नाइक संगठनों के लिए आने वाले धन का इस्तेमाल कथित रूप से युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने में और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने में शामिल है.
गौरतलब है कि विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत आईआरएफ के पंजीकरण का सितंबर में नवीनीकरण किया गया था, जबकि नाइक के खिलाफ कई जांच चल रहीं थीं. इसके बाद गृह मंत्रालय में एक संयुक्त सचिव और चार अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था.
सरकार आईआरएफ को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित करने की प्रक्रिया में है और इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है.
महाराष्ट्र पुलिस से मिली जानकारी पर आधारित एक मसौदा नोट के अनुसार आईआरएफ के प्रमुख नाइक ने कथित रूप से कई भड़काऊ भाषण दिए हैं और आतंकी दुष्प्रचार में संलिप्त है.टिप्पणियां
एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस ने युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने और उन्हें आतंकी गतिविधियों की ओर लुभाने में कथित रूप से शामिल रहने के मामले में नाइक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गृह मंत्रालय ने नाइक के एक और एनजीओ आईआरएफ एजुकेशनल ट्रस्ट को भी पूर्व अनुमति श्रेणी में रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे यह सरकार की अनुमति के बिना कोई विदेशी चंदा नहीं हासिल कर पाएगा.
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस कदम से पहले विभिन्न जांचों में सामने आया कि नाइक संगठनों के लिए आने वाले धन का इस्तेमाल कथित रूप से युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने में और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने में शामिल है.
गौरतलब है कि विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत आईआरएफ के पंजीकरण का सितंबर में नवीनीकरण किया गया था, जबकि नाइक के खिलाफ कई जांच चल रहीं थीं. इसके बाद गृह मंत्रालय में एक संयुक्त सचिव और चार अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था.
सरकार आईआरएफ को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित करने की प्रक्रिया में है और इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है.
महाराष्ट्र पुलिस से मिली जानकारी पर आधारित एक मसौदा नोट के अनुसार आईआरएफ के प्रमुख नाइक ने कथित रूप से कई भड़काऊ भाषण दिए हैं और आतंकी दुष्प्रचार में संलिप्त है.टिप्पणियां
एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस ने युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने और उन्हें आतंकी गतिविधियों की ओर लुभाने में कथित रूप से शामिल रहने के मामले में नाइक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस कदम से पहले विभिन्न जांचों में सामने आया कि नाइक संगठनों के लिए आने वाले धन का इस्तेमाल कथित रूप से युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने में और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने में शामिल है.
गौरतलब है कि विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत आईआरएफ के पंजीकरण का सितंबर में नवीनीकरण किया गया था, जबकि नाइक के खिलाफ कई जांच चल रहीं थीं. इसके बाद गृह मंत्रालय में एक संयुक्त सचिव और चार अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था.
सरकार आईआरएफ को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित करने की प्रक्रिया में है और इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है.
महाराष्ट्र पुलिस से मिली जानकारी पर आधारित एक मसौदा नोट के अनुसार आईआरएफ के प्रमुख नाइक ने कथित रूप से कई भड़काऊ भाषण दिए हैं और आतंकी दुष्प्रचार में संलिप्त है.टिप्पणियां
एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस ने युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने और उन्हें आतंकी गतिविधियों की ओर लुभाने में कथित रूप से शामिल रहने के मामले में नाइक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत आईआरएफ के पंजीकरण का सितंबर में नवीनीकरण किया गया था, जबकि नाइक के खिलाफ कई जांच चल रहीं थीं. इसके बाद गृह मंत्रालय में एक संयुक्त सचिव और चार अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था.
सरकार आईआरएफ को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित करने की प्रक्रिया में है और इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है.
महाराष्ट्र पुलिस से मिली जानकारी पर आधारित एक मसौदा नोट के अनुसार आईआरएफ के प्रमुख नाइक ने कथित रूप से कई भड़काऊ भाषण दिए हैं और आतंकी दुष्प्रचार में संलिप्त है.टिप्पणियां
एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस ने युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने और उन्हें आतंकी गतिविधियों की ओर लुभाने में कथित रूप से शामिल रहने के मामले में नाइक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार आईआरएफ को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित करने की प्रक्रिया में है और इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है.
महाराष्ट्र पुलिस से मिली जानकारी पर आधारित एक मसौदा नोट के अनुसार आईआरएफ के प्रमुख नाइक ने कथित रूप से कई भड़काऊ भाषण दिए हैं और आतंकी दुष्प्रचार में संलिप्त है.टिप्पणियां
एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस ने युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने और उन्हें आतंकी गतिविधियों की ओर लुभाने में कथित रूप से शामिल रहने के मामले में नाइक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
महाराष्ट्र पुलिस से मिली जानकारी पर आधारित एक मसौदा नोट के अनुसार आईआरएफ के प्रमुख नाइक ने कथित रूप से कई भड़काऊ भाषण दिए हैं और आतंकी दुष्प्रचार में संलिप्त है.टिप्पणियां
एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस ने युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने और उन्हें आतंकी गतिविधियों की ओर लुभाने में कथित रूप से शामिल रहने के मामले में नाइक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस ने युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने और उन्हें आतंकी गतिविधियों की ओर लुभाने में कथित रूप से शामिल रहने के मामले में नाइक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: गृह मंत्रालय NGO के FCRA पंजीकरण को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा
इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है.
नाइक पर कथित रूप से युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने का आरोप. | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: धूम्रपान करने वालों के लिए सावधान होने की जरूरत है। एक अध्ययन की माने तो इससे दिमाग के सोचने-समझने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो सकती है।
किंग्स कॉलेज- लंदन के शोधकर्ताओं ने 50 साल से अधिक उम्र के सैकड़ों लोगों की जीवनशैली का अध्ययन करने के साथ ही उनके दिमाग की जांच की। इसमें पाया गया कि धूम्रपान से रक्तचाप और मोटापा बढ़ने के साथ ही इससे दिमाग पर काफी नकारात्मक असर होता है।टिप्पणियां
बीबीसी के अनुसार, शोध में शामिल लोगों ने नए शब्द सीखने और कुछ अन्य बातों का प्रशिक्षण लिया। इसके चार और 10 साल बाद इनके दिमाग की जांच की गई, जिसमें पता चला कि सीखने-समझने की क्षमता और धूम्रपान का सीधा ताल्लुक है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को इसको लेकर जागरूक रहने की जरूरत है कि खराब जीवनशैली से दिमाग और शरीर दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।
किंग्स कॉलेज- लंदन के शोधकर्ताओं ने 50 साल से अधिक उम्र के सैकड़ों लोगों की जीवनशैली का अध्ययन करने के साथ ही उनके दिमाग की जांच की। इसमें पाया गया कि धूम्रपान से रक्तचाप और मोटापा बढ़ने के साथ ही इससे दिमाग पर काफी नकारात्मक असर होता है।टिप्पणियां
बीबीसी के अनुसार, शोध में शामिल लोगों ने नए शब्द सीखने और कुछ अन्य बातों का प्रशिक्षण लिया। इसके चार और 10 साल बाद इनके दिमाग की जांच की गई, जिसमें पता चला कि सीखने-समझने की क्षमता और धूम्रपान का सीधा ताल्लुक है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को इसको लेकर जागरूक रहने की जरूरत है कि खराब जीवनशैली से दिमाग और शरीर दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।
बीबीसी के अनुसार, शोध में शामिल लोगों ने नए शब्द सीखने और कुछ अन्य बातों का प्रशिक्षण लिया। इसके चार और 10 साल बाद इनके दिमाग की जांच की गई, जिसमें पता चला कि सीखने-समझने की क्षमता और धूम्रपान का सीधा ताल्लुक है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को इसको लेकर जागरूक रहने की जरूरत है कि खराब जीवनशैली से दिमाग और शरीर दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को इसको लेकर जागरूक रहने की जरूरत है कि खराब जीवनशैली से दिमाग और शरीर दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। | यह एक सारांश है: धूम्रपान करने वालों के लिए सावधान होने की जरूरत है। एक अध्ययन की माने तो इससे दिमाग के सोचने-समझने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो सकती है। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में अमेरिका में वांछित और पासपोर्ट जब्त किए जाने के कारण पिछले सात दिनों से मॉस्को में फंसे एडवर्ड स्नोडेन ने ओबामा प्रशासन पर आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि बिना किसी गलती के उन्हें ऐसा व्यक्ति बना दिया गया जिनका कोई देश नहीं है।
स्नोडेन ने विकिलीक्स वेबसाइट पर पोस्ट किए गए अपने पत्र में कहा, 'ओबामा प्रशासन ने अब नागरिकता को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई है। हालांकि मैंने कोई अपराध नहीं किया है, इसके बावजूद उसने एकतरफा निर्णय लेते हुए मेरा पासपोर्ट रद्द कर दिया और मुझे ऐसा व्यक्ति बना दिया जिसका कोई देश नहीं है।'
उन्होंने अपने पत्र में लिखा, 'किसी भी न्यायिक आदेश के बिना प्रशासन अब मुझे मेरे मौलिक अधिकार से वंचित करना चाहता है। ऐसा अधिकार जो हर व्यक्ति का है। शरण लेने का अधिकार।'
स्नोडेन ने लिखा कि एक सप्ताह पहले उन्होंने हांगकांग इसलिए देश छोड़ दिया क्योंकि उन्हें यह पता लग गया था कि सच्चाई का खुलासा करने के कारण उनकी स्वतंत्रता और सुरक्षा को खतरा है।
उन्होंने कहा, 'मेरे नए और पुराने मित्रों, परिवार और अन्य लोगों के कारण मैं आज़ाद हूं। मैं उनका भरोसा करता हूं और बदले में उन्होंने मुझपर भरोसा रखा जिसके लिए मैं हमेशा उनका शुक्रगुजार रहूंगा।'
स्नोडेन ने कहा, 'राष्ट्रपति ओबामा ने गत गुरवार को विश्व के सामने घोषणा की थी कि वह मेरे मामले में किसी प्रकार के राजनयिक करार को मंज़ूरी नहीं देंगे। अब ऐसी खबर आ रही है कि ऐसा नहीं करने का वादा करने के बाद राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति को आदेश दिया है कि वह उन देशों के नेताओं पर मेरी शरण याचिका रद्द करने का दबाव बनाए जिनसे मैंने सुरक्षा का अनुरोध किया है।'टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'विश्व नेता का इस प्रकार से धोखा देना न्याय नहीं है। उनका मकसद मुझे डराना नहीं अपितु उन लोगों को भयभीत करना है जो मेरा अनुसरण करेंगे।'
स्नोडेन ने लिखा, 'ओबामा प्रशासन मेरे, ब्रैडले मैनिंग या थॉमस ड्रैक जैसे लोगों से डरता नहीं है। हम देशविहीन, कैदी और शक्तिविहीन है। ओबामा प्रशासन आपसे भयभीत है। वह ऐसी जनता से भयभीत है जिसे जानकारी है और जो गुस्साई हुई है तथा संवैधानिक सरकार की मांग कर रही है, जिसका उसे वादा किया गया था तथा ऐसा होना भी चाहिए।'
स्नोडेन ने विकिलीक्स वेबसाइट पर पोस्ट किए गए अपने पत्र में कहा, 'ओबामा प्रशासन ने अब नागरिकता को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई है। हालांकि मैंने कोई अपराध नहीं किया है, इसके बावजूद उसने एकतरफा निर्णय लेते हुए मेरा पासपोर्ट रद्द कर दिया और मुझे ऐसा व्यक्ति बना दिया जिसका कोई देश नहीं है।'
उन्होंने अपने पत्र में लिखा, 'किसी भी न्यायिक आदेश के बिना प्रशासन अब मुझे मेरे मौलिक अधिकार से वंचित करना चाहता है। ऐसा अधिकार जो हर व्यक्ति का है। शरण लेने का अधिकार।'
स्नोडेन ने लिखा कि एक सप्ताह पहले उन्होंने हांगकांग इसलिए देश छोड़ दिया क्योंकि उन्हें यह पता लग गया था कि सच्चाई का खुलासा करने के कारण उनकी स्वतंत्रता और सुरक्षा को खतरा है।
उन्होंने कहा, 'मेरे नए और पुराने मित्रों, परिवार और अन्य लोगों के कारण मैं आज़ाद हूं। मैं उनका भरोसा करता हूं और बदले में उन्होंने मुझपर भरोसा रखा जिसके लिए मैं हमेशा उनका शुक्रगुजार रहूंगा।'
स्नोडेन ने कहा, 'राष्ट्रपति ओबामा ने गत गुरवार को विश्व के सामने घोषणा की थी कि वह मेरे मामले में किसी प्रकार के राजनयिक करार को मंज़ूरी नहीं देंगे। अब ऐसी खबर आ रही है कि ऐसा नहीं करने का वादा करने के बाद राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति को आदेश दिया है कि वह उन देशों के नेताओं पर मेरी शरण याचिका रद्द करने का दबाव बनाए जिनसे मैंने सुरक्षा का अनुरोध किया है।'टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'विश्व नेता का इस प्रकार से धोखा देना न्याय नहीं है। उनका मकसद मुझे डराना नहीं अपितु उन लोगों को भयभीत करना है जो मेरा अनुसरण करेंगे।'
स्नोडेन ने लिखा, 'ओबामा प्रशासन मेरे, ब्रैडले मैनिंग या थॉमस ड्रैक जैसे लोगों से डरता नहीं है। हम देशविहीन, कैदी और शक्तिविहीन है। ओबामा प्रशासन आपसे भयभीत है। वह ऐसी जनता से भयभीत है जिसे जानकारी है और जो गुस्साई हुई है तथा संवैधानिक सरकार की मांग कर रही है, जिसका उसे वादा किया गया था तथा ऐसा होना भी चाहिए।'
उन्होंने अपने पत्र में लिखा, 'किसी भी न्यायिक आदेश के बिना प्रशासन अब मुझे मेरे मौलिक अधिकार से वंचित करना चाहता है। ऐसा अधिकार जो हर व्यक्ति का है। शरण लेने का अधिकार।'
स्नोडेन ने लिखा कि एक सप्ताह पहले उन्होंने हांगकांग इसलिए देश छोड़ दिया क्योंकि उन्हें यह पता लग गया था कि सच्चाई का खुलासा करने के कारण उनकी स्वतंत्रता और सुरक्षा को खतरा है।
उन्होंने कहा, 'मेरे नए और पुराने मित्रों, परिवार और अन्य लोगों के कारण मैं आज़ाद हूं। मैं उनका भरोसा करता हूं और बदले में उन्होंने मुझपर भरोसा रखा जिसके लिए मैं हमेशा उनका शुक्रगुजार रहूंगा।'
स्नोडेन ने कहा, 'राष्ट्रपति ओबामा ने गत गुरवार को विश्व के सामने घोषणा की थी कि वह मेरे मामले में किसी प्रकार के राजनयिक करार को मंज़ूरी नहीं देंगे। अब ऐसी खबर आ रही है कि ऐसा नहीं करने का वादा करने के बाद राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति को आदेश दिया है कि वह उन देशों के नेताओं पर मेरी शरण याचिका रद्द करने का दबाव बनाए जिनसे मैंने सुरक्षा का अनुरोध किया है।'टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'विश्व नेता का इस प्रकार से धोखा देना न्याय नहीं है। उनका मकसद मुझे डराना नहीं अपितु उन लोगों को भयभीत करना है जो मेरा अनुसरण करेंगे।'
स्नोडेन ने लिखा, 'ओबामा प्रशासन मेरे, ब्रैडले मैनिंग या थॉमस ड्रैक जैसे लोगों से डरता नहीं है। हम देशविहीन, कैदी और शक्तिविहीन है। ओबामा प्रशासन आपसे भयभीत है। वह ऐसी जनता से भयभीत है जिसे जानकारी है और जो गुस्साई हुई है तथा संवैधानिक सरकार की मांग कर रही है, जिसका उसे वादा किया गया था तथा ऐसा होना भी चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'मेरे नए और पुराने मित्रों, परिवार और अन्य लोगों के कारण मैं आज़ाद हूं। मैं उनका भरोसा करता हूं और बदले में उन्होंने मुझपर भरोसा रखा जिसके लिए मैं हमेशा उनका शुक्रगुजार रहूंगा।'
स्नोडेन ने कहा, 'राष्ट्रपति ओबामा ने गत गुरवार को विश्व के सामने घोषणा की थी कि वह मेरे मामले में किसी प्रकार के राजनयिक करार को मंज़ूरी नहीं देंगे। अब ऐसी खबर आ रही है कि ऐसा नहीं करने का वादा करने के बाद राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति को आदेश दिया है कि वह उन देशों के नेताओं पर मेरी शरण याचिका रद्द करने का दबाव बनाए जिनसे मैंने सुरक्षा का अनुरोध किया है।'टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'विश्व नेता का इस प्रकार से धोखा देना न्याय नहीं है। उनका मकसद मुझे डराना नहीं अपितु उन लोगों को भयभीत करना है जो मेरा अनुसरण करेंगे।'
स्नोडेन ने लिखा, 'ओबामा प्रशासन मेरे, ब्रैडले मैनिंग या थॉमस ड्रैक जैसे लोगों से डरता नहीं है। हम देशविहीन, कैदी और शक्तिविहीन है। ओबामा प्रशासन आपसे भयभीत है। वह ऐसी जनता से भयभीत है जिसे जानकारी है और जो गुस्साई हुई है तथा संवैधानिक सरकार की मांग कर रही है, जिसका उसे वादा किया गया था तथा ऐसा होना भी चाहिए।'
स्नोडेन ने कहा, 'राष्ट्रपति ओबामा ने गत गुरवार को विश्व के सामने घोषणा की थी कि वह मेरे मामले में किसी प्रकार के राजनयिक करार को मंज़ूरी नहीं देंगे। अब ऐसी खबर आ रही है कि ऐसा नहीं करने का वादा करने के बाद राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति को आदेश दिया है कि वह उन देशों के नेताओं पर मेरी शरण याचिका रद्द करने का दबाव बनाए जिनसे मैंने सुरक्षा का अनुरोध किया है।'टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'विश्व नेता का इस प्रकार से धोखा देना न्याय नहीं है। उनका मकसद मुझे डराना नहीं अपितु उन लोगों को भयभीत करना है जो मेरा अनुसरण करेंगे।'
स्नोडेन ने लिखा, 'ओबामा प्रशासन मेरे, ब्रैडले मैनिंग या थॉमस ड्रैक जैसे लोगों से डरता नहीं है। हम देशविहीन, कैदी और शक्तिविहीन है। ओबामा प्रशासन आपसे भयभीत है। वह ऐसी जनता से भयभीत है जिसे जानकारी है और जो गुस्साई हुई है तथा संवैधानिक सरकार की मांग कर रही है, जिसका उसे वादा किया गया था तथा ऐसा होना भी चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'विश्व नेता का इस प्रकार से धोखा देना न्याय नहीं है। उनका मकसद मुझे डराना नहीं अपितु उन लोगों को भयभीत करना है जो मेरा अनुसरण करेंगे।'
स्नोडेन ने लिखा, 'ओबामा प्रशासन मेरे, ब्रैडले मैनिंग या थॉमस ड्रैक जैसे लोगों से डरता नहीं है। हम देशविहीन, कैदी और शक्तिविहीन है। ओबामा प्रशासन आपसे भयभीत है। वह ऐसी जनता से भयभीत है जिसे जानकारी है और जो गुस्साई हुई है तथा संवैधानिक सरकार की मांग कर रही है, जिसका उसे वादा किया गया था तथा ऐसा होना भी चाहिए।'
स्नोडेन ने लिखा, 'ओबामा प्रशासन मेरे, ब्रैडले मैनिंग या थॉमस ड्रैक जैसे लोगों से डरता नहीं है। हम देशविहीन, कैदी और शक्तिविहीन है। ओबामा प्रशासन आपसे भयभीत है। वह ऐसी जनता से भयभीत है जिसे जानकारी है और जो गुस्साई हुई है तथा संवैधानिक सरकार की मांग कर रही है, जिसका उसे वादा किया गया था तथा ऐसा होना भी चाहिए।' | यह एक सारांश है: स्नोडेन ने विकिलीक्स वेबसाइट पर पोस्ट किए गए अपने पत्र में कहा, 'ओबामा प्रशासन ने अब नागरिकता को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई है। हालांकि मैंने कोई अपराध नहीं किया है, इसके बावजूद उसने एकतरफा निर्णय लेते हुए मेरा पासपोर्ट रद्द कर दिया औ | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के उरी में पिछले हफ्ते हुए आतंकवादी हमले में 18 सैनिकों के शहीद होने के बाद से ही देशभर में माहौल गर्म है. पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आवाजें लगातार तेज हो रही हैं. इस बीच एक सुझाव यह भी आया कि हमें भारत से होकर पाकिस्तान जाकर उसके ज्यादातर भूभाग में सिंचित करने वाली सिंधु नदी के पानी को रोक देना चाहिए. यह सुझाव देते हुए कहा गया कि इससे पाकिस्तान पर भारत के विरुद्ध ताकतों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनेगा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पिछले हफ्ते कहा, 'किसी भी संधि में दोनों पक्षों की तरफ से सद्भावना और आपसी विश्वास जरूरी होता है.'
एनडीटीवी पर विशेषज्ञ इस बात पर एकमत नहीं दिखे कि सिंधु नदी समझौते को तोड़ देना चाहिए या नहीं. जबकि यह अंतरराष्ट्रीय जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच दो बड़े युद्धों के बीच भी बनी रही. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हमें इस संधि पर फिर से विचार करना चाहिए.
यशवंत सिन्हा ने कहा, 'भारत ने इस संधि की हर एक बात को माना है. लेकिन आप संधि के प्रावधानों को मित्र देश के साथ संधि के रूप में देख रहे हैं, दुश्मन राष्ट्र के रूप में नहीं. भारत को दो काम करने चाहिए. एक तो सिंधु जल समझौते को खत्म कर देना चाहिए और दूसरा पाकिस्तान से सर्वाधिक तरजीह वाले राष्ट्र का दर्जा वापस ले लेना चाहिए.'
लेकिन अगर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भारत एकतरफा इस संधि को तोड़ता है तो इसमें जोखिम भी है.
सामरिक मामलों के विशेषज्ञ जी. पार्थसारथी कहते हैं, 'यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसका मतलब है कि भारत अकेले इसे खत्म नहीं कर सकता. अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब यह होगा कि हम कानूनी रूप से लागू संधि का उल्लंघन कर रहे हैं.' उन्होंने चेताया कि इससे न केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा, बल्कि इससे एक विशेष देश चीन भी गुस्सा हो जाएगा.
बता दें कि सिंधु नदी का उद्गम स्थल चीन में है और भारत-पाकिस्तान की तरह उसने जल बंटवारे की कोई अंतरराष्ट्रीय संधि नहीं की है. अगर चीन ने सिंधु नदी के बहाव को मोड़ने का निर्णय ले लिया तो भारत को नदी के पानी का 36 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ेगा.
उत्तर-पूर्वी भारत में बहने वाली नदी ब्रह्मपुत्र का उद्गम भी चीन में ही है और यह वहां यारलुंग जांग्बो के नाम से जानी जाती है, जो भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. इस नदी के पानी के सहारे ही भारत और बांग्लादेश में करोड़ों लोग हैं.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पिछले हफ्ते कहा, 'किसी भी संधि में दोनों पक्षों की तरफ से सद्भावना और आपसी विश्वास जरूरी होता है.'
एनडीटीवी पर विशेषज्ञ इस बात पर एकमत नहीं दिखे कि सिंधु नदी समझौते को तोड़ देना चाहिए या नहीं. जबकि यह अंतरराष्ट्रीय जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच दो बड़े युद्धों के बीच भी बनी रही. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हमें इस संधि पर फिर से विचार करना चाहिए.
यशवंत सिन्हा ने कहा, 'भारत ने इस संधि की हर एक बात को माना है. लेकिन आप संधि के प्रावधानों को मित्र देश के साथ संधि के रूप में देख रहे हैं, दुश्मन राष्ट्र के रूप में नहीं. भारत को दो काम करने चाहिए. एक तो सिंधु जल समझौते को खत्म कर देना चाहिए और दूसरा पाकिस्तान से सर्वाधिक तरजीह वाले राष्ट्र का दर्जा वापस ले लेना चाहिए.'
लेकिन अगर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भारत एकतरफा इस संधि को तोड़ता है तो इसमें जोखिम भी है.
सामरिक मामलों के विशेषज्ञ जी. पार्थसारथी कहते हैं, 'यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसका मतलब है कि भारत अकेले इसे खत्म नहीं कर सकता. अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब यह होगा कि हम कानूनी रूप से लागू संधि का उल्लंघन कर रहे हैं.' उन्होंने चेताया कि इससे न केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा, बल्कि इससे एक विशेष देश चीन भी गुस्सा हो जाएगा.
बता दें कि सिंधु नदी का उद्गम स्थल चीन में है और भारत-पाकिस्तान की तरह उसने जल बंटवारे की कोई अंतरराष्ट्रीय संधि नहीं की है. अगर चीन ने सिंधु नदी के बहाव को मोड़ने का निर्णय ले लिया तो भारत को नदी के पानी का 36 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ेगा.
उत्तर-पूर्वी भारत में बहने वाली नदी ब्रह्मपुत्र का उद्गम भी चीन में ही है और यह वहां यारलुंग जांग्बो के नाम से जानी जाती है, जो भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. इस नदी के पानी के सहारे ही भारत और बांग्लादेश में करोड़ों लोग हैं.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
एनडीटीवी पर विशेषज्ञ इस बात पर एकमत नहीं दिखे कि सिंधु नदी समझौते को तोड़ देना चाहिए या नहीं. जबकि यह अंतरराष्ट्रीय जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच दो बड़े युद्धों के बीच भी बनी रही. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हमें इस संधि पर फिर से विचार करना चाहिए.
यशवंत सिन्हा ने कहा, 'भारत ने इस संधि की हर एक बात को माना है. लेकिन आप संधि के प्रावधानों को मित्र देश के साथ संधि के रूप में देख रहे हैं, दुश्मन राष्ट्र के रूप में नहीं. भारत को दो काम करने चाहिए. एक तो सिंधु जल समझौते को खत्म कर देना चाहिए और दूसरा पाकिस्तान से सर्वाधिक तरजीह वाले राष्ट्र का दर्जा वापस ले लेना चाहिए.'
लेकिन अगर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भारत एकतरफा इस संधि को तोड़ता है तो इसमें जोखिम भी है.
सामरिक मामलों के विशेषज्ञ जी. पार्थसारथी कहते हैं, 'यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसका मतलब है कि भारत अकेले इसे खत्म नहीं कर सकता. अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब यह होगा कि हम कानूनी रूप से लागू संधि का उल्लंघन कर रहे हैं.' उन्होंने चेताया कि इससे न केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा, बल्कि इससे एक विशेष देश चीन भी गुस्सा हो जाएगा.
बता दें कि सिंधु नदी का उद्गम स्थल चीन में है और भारत-पाकिस्तान की तरह उसने जल बंटवारे की कोई अंतरराष्ट्रीय संधि नहीं की है. अगर चीन ने सिंधु नदी के बहाव को मोड़ने का निर्णय ले लिया तो भारत को नदी के पानी का 36 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ेगा.
उत्तर-पूर्वी भारत में बहने वाली नदी ब्रह्मपुत्र का उद्गम भी चीन में ही है और यह वहां यारलुंग जांग्बो के नाम से जानी जाती है, जो भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. इस नदी के पानी के सहारे ही भारत और बांग्लादेश में करोड़ों लोग हैं.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
यशवंत सिन्हा ने कहा, 'भारत ने इस संधि की हर एक बात को माना है. लेकिन आप संधि के प्रावधानों को मित्र देश के साथ संधि के रूप में देख रहे हैं, दुश्मन राष्ट्र के रूप में नहीं. भारत को दो काम करने चाहिए. एक तो सिंधु जल समझौते को खत्म कर देना चाहिए और दूसरा पाकिस्तान से सर्वाधिक तरजीह वाले राष्ट्र का दर्जा वापस ले लेना चाहिए.'
लेकिन अगर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भारत एकतरफा इस संधि को तोड़ता है तो इसमें जोखिम भी है.
सामरिक मामलों के विशेषज्ञ जी. पार्थसारथी कहते हैं, 'यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसका मतलब है कि भारत अकेले इसे खत्म नहीं कर सकता. अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब यह होगा कि हम कानूनी रूप से लागू संधि का उल्लंघन कर रहे हैं.' उन्होंने चेताया कि इससे न केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा, बल्कि इससे एक विशेष देश चीन भी गुस्सा हो जाएगा.
बता दें कि सिंधु नदी का उद्गम स्थल चीन में है और भारत-पाकिस्तान की तरह उसने जल बंटवारे की कोई अंतरराष्ट्रीय संधि नहीं की है. अगर चीन ने सिंधु नदी के बहाव को मोड़ने का निर्णय ले लिया तो भारत को नदी के पानी का 36 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ेगा.
उत्तर-पूर्वी भारत में बहने वाली नदी ब्रह्मपुत्र का उद्गम भी चीन में ही है और यह वहां यारलुंग जांग्बो के नाम से जानी जाती है, जो भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. इस नदी के पानी के सहारे ही भारत और बांग्लादेश में करोड़ों लोग हैं.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
लेकिन अगर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भारत एकतरफा इस संधि को तोड़ता है तो इसमें जोखिम भी है.
सामरिक मामलों के विशेषज्ञ जी. पार्थसारथी कहते हैं, 'यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसका मतलब है कि भारत अकेले इसे खत्म नहीं कर सकता. अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब यह होगा कि हम कानूनी रूप से लागू संधि का उल्लंघन कर रहे हैं.' उन्होंने चेताया कि इससे न केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा, बल्कि इससे एक विशेष देश चीन भी गुस्सा हो जाएगा.
बता दें कि सिंधु नदी का उद्गम स्थल चीन में है और भारत-पाकिस्तान की तरह उसने जल बंटवारे की कोई अंतरराष्ट्रीय संधि नहीं की है. अगर चीन ने सिंधु नदी के बहाव को मोड़ने का निर्णय ले लिया तो भारत को नदी के पानी का 36 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ेगा.
उत्तर-पूर्वी भारत में बहने वाली नदी ब्रह्मपुत्र का उद्गम भी चीन में ही है और यह वहां यारलुंग जांग्बो के नाम से जानी जाती है, जो भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. इस नदी के पानी के सहारे ही भारत और बांग्लादेश में करोड़ों लोग हैं.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
सामरिक मामलों के विशेषज्ञ जी. पार्थसारथी कहते हैं, 'यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसका मतलब है कि भारत अकेले इसे खत्म नहीं कर सकता. अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब यह होगा कि हम कानूनी रूप से लागू संधि का उल्लंघन कर रहे हैं.' उन्होंने चेताया कि इससे न केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा, बल्कि इससे एक विशेष देश चीन भी गुस्सा हो जाएगा.
बता दें कि सिंधु नदी का उद्गम स्थल चीन में है और भारत-पाकिस्तान की तरह उसने जल बंटवारे की कोई अंतरराष्ट्रीय संधि नहीं की है. अगर चीन ने सिंधु नदी के बहाव को मोड़ने का निर्णय ले लिया तो भारत को नदी के पानी का 36 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ेगा.
उत्तर-पूर्वी भारत में बहने वाली नदी ब्रह्मपुत्र का उद्गम भी चीन में ही है और यह वहां यारलुंग जांग्बो के नाम से जानी जाती है, जो भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. इस नदी के पानी के सहारे ही भारत और बांग्लादेश में करोड़ों लोग हैं.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
बता दें कि सिंधु नदी का उद्गम स्थल चीन में है और भारत-पाकिस्तान की तरह उसने जल बंटवारे की कोई अंतरराष्ट्रीय संधि नहीं की है. अगर चीन ने सिंधु नदी के बहाव को मोड़ने का निर्णय ले लिया तो भारत को नदी के पानी का 36 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ेगा.
उत्तर-पूर्वी भारत में बहने वाली नदी ब्रह्मपुत्र का उद्गम भी चीन में ही है और यह वहां यारलुंग जांग्बो के नाम से जानी जाती है, जो भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. इस नदी के पानी के सहारे ही भारत और बांग्लादेश में करोड़ों लोग हैं.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
उत्तर-पूर्वी भारत में बहने वाली नदी ब्रह्मपुत्र का उद्गम भी चीन में ही है और यह वहां यारलुंग जांग्बो के नाम से जानी जाती है, जो भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. इस नदी के पानी के सहारे ही भारत और बांग्लादेश में करोड़ों लोग हैं.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
भारत में तिब्बत पॉलिसी इंस्टीट्यूट के टेम्पा जामल्हा का कहना है कि भारत को अपना अगला कदम बड़ी ही सावधानी से उठाना चाहिए. चीन पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर 11 बड़े बांध बना रहा है और वह भारत के हितों को चोट पहुंचाने की स्थिति में है.टिप्पणियां
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
सिंधु जल समझौता करीब एक दशक तक विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच हुआ था.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है.
इस समझौते के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम की ओर बहने वाली 6 नदियों में से तीन (सतलुज, व्यास और रावि) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाव और सिंधु नदियों का पानी लगभग बेरोक-टोक के मिलता है. | यह एक सारांश है: 'संधि में दोनों पक्षों में सद्भावना और आपसी विश्वास जरूरी होता है'
सिंधु जल समझौता तुरंत खत्म कर देना चाहिए : यशवंत सिन्हा
अंतरराष्ट्रीय संधि है, भारत अकेले इसे खत्म नहीं कर सकता : जी. पार्थसारथी | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारों द्वारा कर्जमाफी और विपक्ष के दबाव के बीच केंद्र सरकार नए साल पर किसानों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही है. 2019 के चुनावों से ठीक पहले मोदी सरकार का यह फैसला 'टर्निंग प्वाइंट' भी साबित हो सकता है. सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार उन किसानों से कृषि कर्ज पर ब्याज लेना बंद कर सकती है जो समय पर अपनी कर्ज किस्त का भुगतान करते हैं. इससे सरकारी खजाने पर 15 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इसके अलावा मोदी सरकार खाद्यान्न फसलों के बीमा पर प्रीमियम को भी पूरी तरह से माफ करने का प्रस्ताव है. बागवानी फसलों की बीमा का प्रीमियम भी कम किया जा सकता है. इस मुद्दे पर सरकार के बीच मंथन जारी है और कई उच्चस्तरीय बैठकें भी हो चुकी हैं. बैठकों में बंपर फसल उत्पादन के बाद किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पाने की समस्या को दूर करने की योजना पर चर्चा की गयी.
आपको बता दें कि अभी किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण 7 प्रतिशत की ब्याज दर से मिलता है. समय पर ब्याज भरने वाले किसानों को सरकार की तरफ से पहले ही तीन प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जा रही है. सरकार ने चालू वित्त वर्ष में किसानों को 11 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देने का बजट लक्ष्य तय किया है. पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य पार कर किसानों को 11.69 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया था. केंद्र सरकार इस समय सामान्य रूप से किसानों को ब्याज की दो प्रतिशत सहायता तथा समय पर भुगतान करने पर ब्याज की पांच प्रतिशत की सहायता योजना पर सालाना करीब 15 हजार करोड़ रुपये का खर्च वहन करती है. सूत्रों ने कहा कि यदि समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को पूरी की पूरी ब्याज के बराबर सब्सिडी दी जाए तो यह बोझ बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा. | संक्षिप्त सारांश: किसानों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही सरकार
समय पर अपनी कर्ज का किस्त भरने वाले किसानों को मिल सकती है राहत
ऐसे किसानों से कृषि कर्ज पर ब्याज लेना बंद कर सकती है सरकार | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर के एक बार में सिख गुरुओं की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए जाने को लेकर सिख समुदाय द्वारा विरोध जताए जाने के बाद इस पब के प्रबंधन ने माफी मांग ली।टिप्पणियां
सिख समुदाय के लोगों द्वारा कड़ा विरोध किए जाने के बाद ‘पिकी बार’ गुरुओं की तस्वीर को हटाने पर सहमत हो गया।
‘उत्तरी अमेरिका पंजाबी संघ’ के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने बताया, ‘हमने विरोध दर्ज कराया था। यह आक्रोशित करने वाला है।’ उन्होंने कहा, ‘बार के प्रबंधक ने हमें भरोसा दिया है कि सिख गुरुओं की तस्वीर तत्काल हटा ली जाएंगी। उन्होंने इस करतूत के लिए माफी मांगी है।’
सिख समुदाय के लोगों द्वारा कड़ा विरोध किए जाने के बाद ‘पिकी बार’ गुरुओं की तस्वीर को हटाने पर सहमत हो गया।
‘उत्तरी अमेरिका पंजाबी संघ’ के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने बताया, ‘हमने विरोध दर्ज कराया था। यह आक्रोशित करने वाला है।’ उन्होंने कहा, ‘बार के प्रबंधक ने हमें भरोसा दिया है कि सिख गुरुओं की तस्वीर तत्काल हटा ली जाएंगी। उन्होंने इस करतूत के लिए माफी मांगी है।’
‘उत्तरी अमेरिका पंजाबी संघ’ के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने बताया, ‘हमने विरोध दर्ज कराया था। यह आक्रोशित करने वाला है।’ उन्होंने कहा, ‘बार के प्रबंधक ने हमें भरोसा दिया है कि सिख गुरुओं की तस्वीर तत्काल हटा ली जाएंगी। उन्होंने इस करतूत के लिए माफी मांगी है।’ | अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर के एक बार में सिख गुरुओं की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए जाने को लेकर सिख समुदाय द्वारा विरोध जताए जाने के बाद इस पब के प्रबंधन ने माफी मांग ली। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपनी तीन दिन की यात्रा के दूसरे चरण में शनिवार शाम रांची पहुंचे, जहां राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों ने उनका स्वागत किया.
राष्ट्रपति आज यहां रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह रांची के जयपाल स्टेडियम परिसर में बनने वाले रवीन्द्र भवन एवं कडरू क्षेत्र में बनने वाले हज हाउस का शिलान्यास करेंगे.
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को ही बाद में राष्ट्रपति देवघर के लिए रवाना हो जाएंगे, जहां वह 44 किलोमीटर की देवघर-बासुकीनाथ सौर ऊर्जा सड़क मार्ग परियोजना का उद्घाटन करेंगे.
देवघर में राष्ट्रपति साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स ऑफ इंडिया के केंद्र, इम्प्लाइज स्टेट इंश्योरेंस कार्पोरेशन के अस्पताल एवं केंद्र सरकार की ओर से स्थापित होने वाले ड्राइवर्स ट्रेनिंग सेंटर की आधारशिला रखेंगे.टिप्पणियां
राष्ट्रपति 35 प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्रों की आधारशिला भी रखने के साथ लोगों को संबोधित करेंगे.
उनके साथ देवघर के कार्यक्रम में राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पीपी चौधरी भी उपस्थित रहेंगे.
राष्ट्रपति आज यहां रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह रांची के जयपाल स्टेडियम परिसर में बनने वाले रवीन्द्र भवन एवं कडरू क्षेत्र में बनने वाले हज हाउस का शिलान्यास करेंगे.
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को ही बाद में राष्ट्रपति देवघर के लिए रवाना हो जाएंगे, जहां वह 44 किलोमीटर की देवघर-बासुकीनाथ सौर ऊर्जा सड़क मार्ग परियोजना का उद्घाटन करेंगे.
देवघर में राष्ट्रपति साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स ऑफ इंडिया के केंद्र, इम्प्लाइज स्टेट इंश्योरेंस कार्पोरेशन के अस्पताल एवं केंद्र सरकार की ओर से स्थापित होने वाले ड्राइवर्स ट्रेनिंग सेंटर की आधारशिला रखेंगे.टिप्पणियां
राष्ट्रपति 35 प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्रों की आधारशिला भी रखने के साथ लोगों को संबोधित करेंगे.
उनके साथ देवघर के कार्यक्रम में राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पीपी चौधरी भी उपस्थित रहेंगे.
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को ही बाद में राष्ट्रपति देवघर के लिए रवाना हो जाएंगे, जहां वह 44 किलोमीटर की देवघर-बासुकीनाथ सौर ऊर्जा सड़क मार्ग परियोजना का उद्घाटन करेंगे.
देवघर में राष्ट्रपति साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स ऑफ इंडिया के केंद्र, इम्प्लाइज स्टेट इंश्योरेंस कार्पोरेशन के अस्पताल एवं केंद्र सरकार की ओर से स्थापित होने वाले ड्राइवर्स ट्रेनिंग सेंटर की आधारशिला रखेंगे.टिप्पणियां
राष्ट्रपति 35 प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्रों की आधारशिला भी रखने के साथ लोगों को संबोधित करेंगे.
उनके साथ देवघर के कार्यक्रम में राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पीपी चौधरी भी उपस्थित रहेंगे.
देवघर में राष्ट्रपति साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स ऑफ इंडिया के केंद्र, इम्प्लाइज स्टेट इंश्योरेंस कार्पोरेशन के अस्पताल एवं केंद्र सरकार की ओर से स्थापित होने वाले ड्राइवर्स ट्रेनिंग सेंटर की आधारशिला रखेंगे.टिप्पणियां
राष्ट्रपति 35 प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्रों की आधारशिला भी रखने के साथ लोगों को संबोधित करेंगे.
उनके साथ देवघर के कार्यक्रम में राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पीपी चौधरी भी उपस्थित रहेंगे.
राष्ट्रपति 35 प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्रों की आधारशिला भी रखने के साथ लोगों को संबोधित करेंगे.
उनके साथ देवघर के कार्यक्रम में राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पीपी चौधरी भी उपस्थित रहेंगे.
उनके साथ देवघर के कार्यक्रम में राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पीपी चौधरी भी उपस्थित रहेंगे. | यह एक सारांश है: सीएम रघुवर दास एवं मंत्रिमंडल सहयोगियों ने राष्ट्रपति का स्वागत किया.
प्रणब मुखर्जी कडरू क्षेत्र में बनने वाले हज हाउस का शिलान्यास करेंगे.
रविवार को ही राष्ट्रपति देवघर के लिए रवाना हो जाएंगे. | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: समाजसेवी अन्ना हजारे ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान ‘लोगों की एक पार्टी’ उभरने की संभावना से इनकार नहीं किया और कहा है कि अगर लोगों के चुने उम्मीदवार ही चुनाव लड़ें तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
हजारे ने एक चैनल से बातचीत में कहा, ‘‘मैं पूरे देश की यात्रा करूंगा और लोगों से कहूंगा कि सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का चयन करें। उसके बाद मैं उम्मीदवारों के लिए प्रचार करूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीदवारों के नाम इंटरनेट पर डालकर लोगों को बताएंगे कि उनके लिए कौन सबसे अच्छा उम्मीदवार है। हम उनसे कहेंगे कि वे चाहें तो निर्दलीय चुनाव लड़ें या पार्टी के तौर पर। यह फैसला उन पर होगा। एक नई पार्टी बनने में कुछ गलत नहीं है।’’
जंतर मंतर पर टीम अन्ना के अनशन के दौरान कम संख्या में लोगों के आने के सवाल पर हजारे ने इस बात को खारिज कर दिया कि उनका आंदोलन कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी और लोग शामिल होंगे।
हजारे ने कहा, ‘‘इस देश को न तो कांग्रेस और न ही भाजपा उज्ज्वल भविष्य दे सकती हैं।’’ उन्होंने लोकपाल पर सरकार से बातचीत करने के लिए संपर्क करने की बात से इनकार किया और कहा कि अगर सरकार लोकपाल को लेकर अब भी गंभीर है तो टीम अन्ना से संपर्क करने के लिए उनका स्वागत है।टिप्पणियां
हजारे ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि कि सभी दलों ने लोकपाल विधेयक का विरोध किया। वह वर्ष 2014 के चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को सबक सिखाएगी। जनता उन सब को खारिज कर देगी। अभी लोग कुछ नहीं कर सकते, लेकिन अगले चुनाव का इंतजार करें।’’
इससे पहले टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी एक साक्षात्कार में कहा था कि ‘लोगों का मोर्चा’ सामने आ सकता है। वहीं आज राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने भी आंदोलन के मंच से टीम अन्ना को सलाह दी कि एक वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था बनाकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
हजारे ने एक चैनल से बातचीत में कहा, ‘‘मैं पूरे देश की यात्रा करूंगा और लोगों से कहूंगा कि सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का चयन करें। उसके बाद मैं उम्मीदवारों के लिए प्रचार करूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीदवारों के नाम इंटरनेट पर डालकर लोगों को बताएंगे कि उनके लिए कौन सबसे अच्छा उम्मीदवार है। हम उनसे कहेंगे कि वे चाहें तो निर्दलीय चुनाव लड़ें या पार्टी के तौर पर। यह फैसला उन पर होगा। एक नई पार्टी बनने में कुछ गलत नहीं है।’’
जंतर मंतर पर टीम अन्ना के अनशन के दौरान कम संख्या में लोगों के आने के सवाल पर हजारे ने इस बात को खारिज कर दिया कि उनका आंदोलन कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी और लोग शामिल होंगे।
हजारे ने कहा, ‘‘इस देश को न तो कांग्रेस और न ही भाजपा उज्ज्वल भविष्य दे सकती हैं।’’ उन्होंने लोकपाल पर सरकार से बातचीत करने के लिए संपर्क करने की बात से इनकार किया और कहा कि अगर सरकार लोकपाल को लेकर अब भी गंभीर है तो टीम अन्ना से संपर्क करने के लिए उनका स्वागत है।टिप्पणियां
हजारे ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि कि सभी दलों ने लोकपाल विधेयक का विरोध किया। वह वर्ष 2014 के चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को सबक सिखाएगी। जनता उन सब को खारिज कर देगी। अभी लोग कुछ नहीं कर सकते, लेकिन अगले चुनाव का इंतजार करें।’’
इससे पहले टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी एक साक्षात्कार में कहा था कि ‘लोगों का मोर्चा’ सामने आ सकता है। वहीं आज राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने भी आंदोलन के मंच से टीम अन्ना को सलाह दी कि एक वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था बनाकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
जंतर मंतर पर टीम अन्ना के अनशन के दौरान कम संख्या में लोगों के आने के सवाल पर हजारे ने इस बात को खारिज कर दिया कि उनका आंदोलन कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी और लोग शामिल होंगे।
हजारे ने कहा, ‘‘इस देश को न तो कांग्रेस और न ही भाजपा उज्ज्वल भविष्य दे सकती हैं।’’ उन्होंने लोकपाल पर सरकार से बातचीत करने के लिए संपर्क करने की बात से इनकार किया और कहा कि अगर सरकार लोकपाल को लेकर अब भी गंभीर है तो टीम अन्ना से संपर्क करने के लिए उनका स्वागत है।टिप्पणियां
हजारे ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि कि सभी दलों ने लोकपाल विधेयक का विरोध किया। वह वर्ष 2014 के चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को सबक सिखाएगी। जनता उन सब को खारिज कर देगी। अभी लोग कुछ नहीं कर सकते, लेकिन अगले चुनाव का इंतजार करें।’’
इससे पहले टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी एक साक्षात्कार में कहा था कि ‘लोगों का मोर्चा’ सामने आ सकता है। वहीं आज राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने भी आंदोलन के मंच से टीम अन्ना को सलाह दी कि एक वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था बनाकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
हजारे ने कहा, ‘‘इस देश को न तो कांग्रेस और न ही भाजपा उज्ज्वल भविष्य दे सकती हैं।’’ उन्होंने लोकपाल पर सरकार से बातचीत करने के लिए संपर्क करने की बात से इनकार किया और कहा कि अगर सरकार लोकपाल को लेकर अब भी गंभीर है तो टीम अन्ना से संपर्क करने के लिए उनका स्वागत है।टिप्पणियां
हजारे ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि कि सभी दलों ने लोकपाल विधेयक का विरोध किया। वह वर्ष 2014 के चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को सबक सिखाएगी। जनता उन सब को खारिज कर देगी। अभी लोग कुछ नहीं कर सकते, लेकिन अगले चुनाव का इंतजार करें।’’
इससे पहले टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी एक साक्षात्कार में कहा था कि ‘लोगों का मोर्चा’ सामने आ सकता है। वहीं आज राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने भी आंदोलन के मंच से टीम अन्ना को सलाह दी कि एक वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था बनाकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
हजारे ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि कि सभी दलों ने लोकपाल विधेयक का विरोध किया। वह वर्ष 2014 के चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को सबक सिखाएगी। जनता उन सब को खारिज कर देगी। अभी लोग कुछ नहीं कर सकते, लेकिन अगले चुनाव का इंतजार करें।’’
इससे पहले टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी एक साक्षात्कार में कहा था कि ‘लोगों का मोर्चा’ सामने आ सकता है। वहीं आज राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने भी आंदोलन के मंच से टीम अन्ना को सलाह दी कि एक वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था बनाकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
इससे पहले टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी एक साक्षात्कार में कहा था कि ‘लोगों का मोर्चा’ सामने आ सकता है। वहीं आज राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने भी आंदोलन के मंच से टीम अन्ना को सलाह दी कि एक वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था बनाकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं। | यह एक सारांश है: समाजसेवी अन्ना हजारे ने वर्ष 2014 के आम चुनाव में 'लोगों की पार्टी' के उभरने की संभावना से इनकार नहीं किया और कहा, अगर जनता के चुने उम्मीदवार ही लड़ें, तो इसमें कुछ गलत नहीं। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी सांसदों ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर 'गहरी चिंता' जाहिर की है और भारत तथा पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूतों से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा है. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को पांच अगस्त को समाप्त कर दिया गया और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांट दिया गया. पाकिस्तान इसका विरोध कर रहा है. इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है.
नयी दिल्ली और इस्लामाबाद में अमेरिकी राजदूतों केनेथ जस्टर और पॉल डब्ल्यू जोन्स को शुक्रवार को अमेरिकी सांसद ने पत्र लिखकर कहा कि ऐसी आशंका है कि इस संकट के परिणामस्वरूप भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में नरमी ही रहेगी.
पत्र में कहा गया है, 'यह स्थिति वैश्विक शांति और स्पष्ट तौर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. पाकिस्तान और भारत दोनों ही महत्वपूर्ण सहयोगी हैं और अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया सहित क्षेत्र में हमारे हितों के लिए बेहद जरूरी है.'
पत्र में दोनों देशों के अमेरिकी राजदूतों से अपील की गई है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार 'दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए' हर संभव प्रयास करें. इस पत्र पर इलहान उमर, राउल एम ग्रीजाल्वा, एंडी लेविन, जेम्स पी मैकगवर्न, टेड ल्यू, डोनाल्ड बेयर और एलन लोवेनथल के हस्ताक्षर हैं. | यह एक सारांश है: जम्मू-कश्मीर मामले पर अमेरिकी सांसदों ने जाहिर की चिंता
कहा- भारत-पाक के बीच तनाव कम करने की कोशिश करें अमेरिकी राजदूत
पत्र में कहा गया- यह स्थिति वैश्विक शांति के लिए खतरा | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अन्ना हजारे टीम की ओर से बढ़े दबाव के बीच सरकार ने लोकपाल विधेयक पर चर्चा के लिए बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक का मकसद इस मुद्दे के समाधान का कोई रास्ता निकालना है। सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को बुधवार को दिन में 3.30 बजे बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक हजारे और उनके सहयोगियों की कुछ मांगों पर फैसला करने से पहले व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने की जरूरत है। इससे जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकपाल विधेयक पर संसद की स्थायी समिति के प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी के साथ एक विस्तृत बैठक की है। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री और सिंघवी के बीच हुई बैठक में लोकपाल को लेकर चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि हजारे के अनशन को आज आठ दिन हो गए। इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रवीण सिंह हजारे के जन लोकपाल की एक प्रति विचार के लिए स्थायी समिति को सौंप चुके हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अन्ना हजारे टीम की ओर से बढ़े दबाव के बीच सरकार ने लोकपाल विधेयक पर चर्चा के लिए बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यह वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों के बीच टैरिफ बढ़ाने को लेकर विवाद जारी है. बता दें कि वाशिंगटन द्वारा एक जून को भारत को लंबे समय से दी जा रही अपनी व्यापार रियायतें वापस लेने के जवाब में नई दिल्ली ने इस महीने की शुरुआत में 28 उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया था.
हालांकि, कल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पर एक पोस्ट से यह संकेत मिला था कि अब उनके बचाव की मुद्रा में आने की उम्मीद है. ट्रंप ने ट्वीट किया था कि "मैं इस तथ्य के बारे में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बात करने के लिए उत्सुक हूं कि भारत, अमेरिका पर बहुत अधिक टैरिफ लाद रहा है. अभी हाल ही में टैरिफ में और भी वृद्धि हुई है. यह अस्वीकार्य है और टैरिफ को वापस लेना चाहिए."
इससे पहले गुरुवार की सुबह शिखर सम्मेलन के लिए ओसाका पहुंचने पर, पीएम मोदी का उनके जापानी समकक्ष शिंजो अबे ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था. बुलेट ट्रेन परियोजना और भगोड़े आर्थिक अपराधियों सहित कई विषयों पर चर्चा के लिए दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय शिखर बैठक की थी.
जापान के कोबे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा था कि भारत का लक्ष्य अगले पांच साल में 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है और इस क्रम में भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे. जापान में भारतीय समुदाय ने पीएम नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया था और "भारत माता की जय" और "जय श्री राम" के नारे लगाए थे.
पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा था, ‘आज भारत में ऐसा कोई भी हिस्सा नहीं है जहां जापान की परियोजनाओं या निवेश की छाप नहीं हो. इसी तरह भारत की प्रतिभा और श्रमबल ने जापान को मजबूत बनाने में योगदान दिया है.' उन्होंने कहा, "अगले पांच साल में हमारा लक्ष्य भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है. सामाजिक क्षेत्र हमारी शीर्ष प्राथमिकता है. हम बुनियादी ढांचा विकास विशेषकर डिजिटल आधारभूत संरचना पर भी ज्यादा ध्यान देंगे."
पीएम मोदी ने जोर दिया था कि दशकों से जापान भारत के विकास में भागीदार रहा है. जापान "नए भारत" के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा." उन्होंने कहा कि दोनों ने कार बनाने के लिए आपस में सहयोग की शुरुआत की थी और अब दोनों मिलकर बुलेट ट्रेन बनाने जा रहे हैं. मोदी ने कहा, "हम जल्द ही चंद्रयान-दो लांच करने वाले हैं. साल 2022 तक हमारी योजना मानवसहित अंतरिक्ष यात्रा अभियान के तहत गगनयान छोड़ने की है." (इनपुट: एजेंसी) | पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात
दोनों नेताओं के बीच ईरान और रक्षा संबंधों पर हुई बात
ट्रंप बोले- मैं और पीएम मोदी वाकई अच्छे दोस्त बन गए | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन शुरू होने के बाद आनन-फानन में सरकार ने कुछ फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने का फैसला किया, जिसमें प्याज भी शामिल है. लेकिन अब यह प्याज सरकार के लिए मुसीबत बनती जा रहा है. अमूमन सरकारी भंडारों में प्याज के भंडारण की व्यवस्था नहीं होती क्योंकि फल-सब्जी सरकार खरीदती नहीं है. ऐसे में इस बार भी कई टन प्याज खरीद के बाद बर्बाद हो गई.
हितौरी के प्यारेलाल के खेतों में इस बार प्याज की बंपर पैदावार हुई. कुछ प्याज अप्रैल में बेच लिया कुछ सरकार के आठ रुपये प्रति किलो प्याज खरीदने के ऐलान के बाद भी बिक गई. फिर भी 7-8 टन प्याज बर्बाद हुई. प्यारेलाल को लगभग 20000 का नुकसान उठाना पड़ा. करौंद मंडी में आए प्यारेलाल ने कहा मेरी प्याज सड़ गई, खराब हो गई, बिकेगी भी नहीं. लेट लाए, नंबर में लगे रहे... कांटे में नंबर पर, लेकिन टोकन नहीं मिल पाया.
अकेले भोपाल की करौंद मंडी में ही 8000 टन प्याज सड़ गई. कुछ में अंकुर निकल आए, कई बोरियों में कीड़े लग गए. मंडी में नई पैदावार नहीं आ रही. पुराने में से ठीक-ठाक उपज को छांट-बीनकर अलग रखा जा रहा है.टिप्पणियां
सरकार की योजना आठ लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदने की थी. खरीद लगभग पूरी भी हो गई. प्याज की खरीद में जुटे मार्कफेड के महाप्रबंधक योगेश जोशी ने कहा लगभग 7, 82,000 एमटी प्याज खरीद लिया है लेकिन सरकार का निर्देश है कि 30 जून तक जिनको टोकन दिया है उनसे प्याज खरीदेंगे.
हालांकि सरकार खुद मानती है कि उसके पास प्याज के भंडारण की व्यवस्था न के बराबर है. कोशिश यही है कि खरीद को जल्द से जल्द बेचा जाए. सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ हितेष वाजपेयी ने माना कि भंडारण की सुविधा नहीं है. इसका कारण, प्याज रेगुलर कमोडिटी नहीं है. शासकीय खरीद नहीं होती थी. हम समझ सकते हैं हमारा नुकसान है. साढ़े तीन लाख डिस्पोज़ किया है, ढाई लाख बिक गया है. अब रेट भी 3-4 रुपये तक मिल रहा है.
पिछले साल सरकार ने एक लाख मीट्रिक टन प्याज लगभग सवा सौ करोड़ में खरीदी थी. यह प्याज सड़ गई. इससे सरकारी खजाने को 100 करोड़ का नुकसान हुआ. इस बार आठ लाख मीट्रिक टन प्याज 500 करोड़ खर्च करके खरीदी जा चुकी है. इसमें से लगभग आधी प्याज इस बार भी उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले बर्बाद होगी, यह तय है.
सरकार की योजना आठ लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदने की थी. खरीद लगभग पूरी भी हो गई. प्याज की खरीद में जुटे मार्कफेड के महाप्रबंधक योगेश जोशी ने कहा लगभग 7, 82,000 एमटी प्याज खरीद लिया है लेकिन सरकार का निर्देश है कि 30 जून तक जिनको टोकन दिया है उनसे प्याज खरीदेंगे.
हालांकि सरकार खुद मानती है कि उसके पास प्याज के भंडारण की व्यवस्था न के बराबर है. कोशिश यही है कि खरीद को जल्द से जल्द बेचा जाए. सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ हितेष वाजपेयी ने माना कि भंडारण की सुविधा नहीं है. इसका कारण, प्याज रेगुलर कमोडिटी नहीं है. शासकीय खरीद नहीं होती थी. हम समझ सकते हैं हमारा नुकसान है. साढ़े तीन लाख डिस्पोज़ किया है, ढाई लाख बिक गया है. अब रेट भी 3-4 रुपये तक मिल रहा है.
पिछले साल सरकार ने एक लाख मीट्रिक टन प्याज लगभग सवा सौ करोड़ में खरीदी थी. यह प्याज सड़ गई. इससे सरकारी खजाने को 100 करोड़ का नुकसान हुआ. इस बार आठ लाख मीट्रिक टन प्याज 500 करोड़ खर्च करके खरीदी जा चुकी है. इसमें से लगभग आधी प्याज इस बार भी उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले बर्बाद होगी, यह तय है.
हालांकि सरकार खुद मानती है कि उसके पास प्याज के भंडारण की व्यवस्था न के बराबर है. कोशिश यही है कि खरीद को जल्द से जल्द बेचा जाए. सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ हितेष वाजपेयी ने माना कि भंडारण की सुविधा नहीं है. इसका कारण, प्याज रेगुलर कमोडिटी नहीं है. शासकीय खरीद नहीं होती थी. हम समझ सकते हैं हमारा नुकसान है. साढ़े तीन लाख डिस्पोज़ किया है, ढाई लाख बिक गया है. अब रेट भी 3-4 रुपये तक मिल रहा है.
पिछले साल सरकार ने एक लाख मीट्रिक टन प्याज लगभग सवा सौ करोड़ में खरीदी थी. यह प्याज सड़ गई. इससे सरकारी खजाने को 100 करोड़ का नुकसान हुआ. इस बार आठ लाख मीट्रिक टन प्याज 500 करोड़ खर्च करके खरीदी जा चुकी है. इसमें से लगभग आधी प्याज इस बार भी उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले बर्बाद होगी, यह तय है. | संक्षिप्त सारांश: सरकार ने 500 करोड़ खर्च करके खरीदी आठ लाख मीट्रिक टन प्याज
पिछले साल सरकारी खजाने को 100 करोड़ का नुकसान हुआ था
सरकार के लिए मुसीबत बनती जा रही प्याज, बंपर उत्पादन हुआ | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: समलैंगिक संबंधों पर IPC की धारा 377 को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने चीफ जस्टिस को भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पांच जजों की संविधान पीठ क्युरेटिव याचिका पर सुनवाई कर रही है। चीफ जस्टिस तय करेंगे कि ये मामला क्यूरेटिव के साथ सुने या अलग से सुनवाई हो।
इस याचिका में कहा गया है कि ये कानून लोगों के मूल अधिकारों का हनन करता है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस पर सुनवाई करेगा। हालांकि इस मामले में क्यूरेटिव याचिका पर पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और चीफ जस्टिस की बेंच ने इसे पांच जजों की बेंच को भेज दिया था।
डांसर एन एस जौहर, शेफ रितू डालमिया, होटल मालिक अमन नाथ समेत कई लोगों ने याचिका दायर की है। याचिका में ये भी कहा गया है कि ये वो गे, लेस्बियन हैं। ये कानून संविधान द्वारा दिए के जीने के अधिकार का उल्लंघन करता है जिसके तहत सभी को अपना पार्टनर चुनने और अपने तरीके से जीवन जीने का अधिकार दिया गया है।
दरअसल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 में बदलाव करने से मना कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कानून में बदलाव करना संसद का काम है। इसके खिलाफ दायर संशोधन याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। समलैंगिक अधिकारों के लिए काम करने वाले एनजीओ नाज़ फाउंडेशन ने क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल की थी। टिप्पणियां
कोर्ट में कपिल सिब्बल ने वयस्कों के बीच बंद कमरे में सहमति से बने संबंधों को संवैधानिक अधिकार बताया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही नहीं था। हालांकि अदालत में मौजूद चर्च के वकील और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील ने याचिका का विरोध किया।
2 फरवरी को चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने मामला 5 जजों की बेंच के पास भेज दिया। सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है। इसलिए अभी ये नहीं कह सकते कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका मंज़ूर कर ली है। ये बेंच सबसे पहले ये तय करेगी कि याचिका पर आगे सुनवाई हो या नहीं।
इस याचिका में कहा गया है कि ये कानून लोगों के मूल अधिकारों का हनन करता है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस पर सुनवाई करेगा। हालांकि इस मामले में क्यूरेटिव याचिका पर पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और चीफ जस्टिस की बेंच ने इसे पांच जजों की बेंच को भेज दिया था।
डांसर एन एस जौहर, शेफ रितू डालमिया, होटल मालिक अमन नाथ समेत कई लोगों ने याचिका दायर की है। याचिका में ये भी कहा गया है कि ये वो गे, लेस्बियन हैं। ये कानून संविधान द्वारा दिए के जीने के अधिकार का उल्लंघन करता है जिसके तहत सभी को अपना पार्टनर चुनने और अपने तरीके से जीवन जीने का अधिकार दिया गया है।
दरअसल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 में बदलाव करने से मना कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कानून में बदलाव करना संसद का काम है। इसके खिलाफ दायर संशोधन याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। समलैंगिक अधिकारों के लिए काम करने वाले एनजीओ नाज़ फाउंडेशन ने क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल की थी। टिप्पणियां
कोर्ट में कपिल सिब्बल ने वयस्कों के बीच बंद कमरे में सहमति से बने संबंधों को संवैधानिक अधिकार बताया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही नहीं था। हालांकि अदालत में मौजूद चर्च के वकील और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील ने याचिका का विरोध किया।
2 फरवरी को चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने मामला 5 जजों की बेंच के पास भेज दिया। सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है। इसलिए अभी ये नहीं कह सकते कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका मंज़ूर कर ली है। ये बेंच सबसे पहले ये तय करेगी कि याचिका पर आगे सुनवाई हो या नहीं।
दरअसल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 में बदलाव करने से मना कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कानून में बदलाव करना संसद का काम है। इसके खिलाफ दायर संशोधन याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। समलैंगिक अधिकारों के लिए काम करने वाले एनजीओ नाज़ फाउंडेशन ने क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल की थी। टिप्पणियां
कोर्ट में कपिल सिब्बल ने वयस्कों के बीच बंद कमरे में सहमति से बने संबंधों को संवैधानिक अधिकार बताया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही नहीं था। हालांकि अदालत में मौजूद चर्च के वकील और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील ने याचिका का विरोध किया।
2 फरवरी को चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने मामला 5 जजों की बेंच के पास भेज दिया। सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है। इसलिए अभी ये नहीं कह सकते कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका मंज़ूर कर ली है। ये बेंच सबसे पहले ये तय करेगी कि याचिका पर आगे सुनवाई हो या नहीं।
कोर्ट में कपिल सिब्बल ने वयस्कों के बीच बंद कमरे में सहमति से बने संबंधों को संवैधानिक अधिकार बताया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही नहीं था। हालांकि अदालत में मौजूद चर्च के वकील और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील ने याचिका का विरोध किया।
2 फरवरी को चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने मामला 5 जजों की बेंच के पास भेज दिया। सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है। इसलिए अभी ये नहीं कह सकते कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका मंज़ूर कर ली है। ये बेंच सबसे पहले ये तय करेगी कि याचिका पर आगे सुनवाई हो या नहीं।
2 फरवरी को चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने मामला 5 जजों की बेंच के पास भेज दिया। सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है। इसलिए अभी ये नहीं कह सकते कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका मंज़ूर कर ली है। ये बेंच सबसे पहले ये तय करेगी कि याचिका पर आगे सुनवाई हो या नहीं। | संक्षिप्त पाठ: सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर धारा 377 को दी गई चुनौती।
कोर्ट में इस मामले में पहले ही क्युरेटिव याचिका पर सुनवाई चल रही है।
CJI करेंगे तय कि याचिका की अलग सुनवाई होगी या क्यूरेटिव याचिका के साथ। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव का मानना है कि सचिन तेंदुलकर खुद ही तय कर सकते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कब अलविदा कहेंगे।टिप्पणियां
कपिल ने कहा, ‘सचिन जैसे महान खिलाड़ी को पता होता है कि उसे कब रिटायर होना चाहिए। मैं इस पर क्या टिप्पणी कर सकता हूं। महान खिलाड़ियों की यादें लंबे समय तक रहती है। सुनील गावस्कर को आज भी उनकी उपलब्धियों के लिये याद किया जाता है।’’
भारतीय क्रिकेट से जुड़े अन्य मसलों के बारे में उन्होंने कहा कि राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों की कमी लंबे समय तक खलेगी। उन्होंने कहा कि इन दोनों का कोई विकल्प अभी तक नहीं मिल सका है। आईपीएल के बारे में राय पूछे जाने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
कपिल ने कहा, ‘सचिन जैसे महान खिलाड़ी को पता होता है कि उसे कब रिटायर होना चाहिए। मैं इस पर क्या टिप्पणी कर सकता हूं। महान खिलाड़ियों की यादें लंबे समय तक रहती है। सुनील गावस्कर को आज भी उनकी उपलब्धियों के लिये याद किया जाता है।’’
भारतीय क्रिकेट से जुड़े अन्य मसलों के बारे में उन्होंने कहा कि राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों की कमी लंबे समय तक खलेगी। उन्होंने कहा कि इन दोनों का कोई विकल्प अभी तक नहीं मिल सका है। आईपीएल के बारे में राय पूछे जाने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
भारतीय क्रिकेट से जुड़े अन्य मसलों के बारे में उन्होंने कहा कि राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों की कमी लंबे समय तक खलेगी। उन्होंने कहा कि इन दोनों का कोई विकल्प अभी तक नहीं मिल सका है। आईपीएल के बारे में राय पूछे जाने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव का मानना है कि सचिन तेंदुलकर खुद ही तय कर सकते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कब अलविदा कहेंगे। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव के मौसम में राजनीतिक सुधारों पर नजर रखने वाली संस्था एडीआर ने ऑल इंडिया सर्वे रिपोर्ट जारी की है. जिससे पता चलता है कि जनता के मुद्दों पर केंद्र से लेकर राज्य सरकारों का प्रदर्शन औसत से भी खराब रहा है. एडीआर की ओर से यह सर्वे देश की 534 संसदीय सीटों पर किया गया. देश भर की जनता ने इस दौरान अपनी प्राथमिकताएं बताईं. जनता ने रोजगार को 46.80 प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान पर रखा. वहीं दूसरे नंबर पर 34.60 प्रतिशत के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता बताया. इसके बाद पेयजल(30.50 %), अच्छी सड़कें(28.34%), बेहतर परिवहन(27.35%), खेती के लिए पानी(26.40%), कृषि लोन(25.62%), कृषि उत्पादों का अधिकतम मूल्य(25.41%), बीज और उर्वरकों पर सब्सिडी(25.06%), सुदृढ़ कानून व्यवस्था(23.95%) को जनता ने अपनी प्राथमिकता बताई. एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में इन मुद्दों के आधार पर सरकार के प्रदर्शन को औसत से खराब करार दिया है. सरकार ने कुछ प्रमुख राज्यों की भी अलग से रिपोर्ट से जारी की है.
एडीआर ने 534 लोकसभा सीटों पर जनता से उनके मुद्दे जानकर सरकार के प्रदर्शन को जांचा. | संक्षिप्त पाठ: देश की 534 लोकसभा सीटों पर एडीआर ने किया सर्वे
जनता ने रोजगार को सबसे बड़ा मुद्दा बताया
सर्वे से पता चला कि केंद्र और राज्य सरकारें जनता के मुद्दों पर हैं नाकाम | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में जन्मे और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी माने जाने वाले ममनून हुसैन ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। इस प्रकार देश का पहला लोकतांत्रिक सत्ता हस्तांतरण पूरा हुआ।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इफ्तिखार चौधरी ने प्रेसीडेंसी में हुसैन को शपथ दिलाई। इस समारोह में शरीफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और सभी दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए।
यह अपनी तरह का अनोखा समारोह था क्योंकि राष्ट्रपति के तौर पर पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले और रविवार को पद छोड़ने वाले पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी इस समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण किया गया।
जरदारी संवैधानिक कार्यकाल पूरा करने वाले पहले निर्वाचित राष्ट्रपति हैं और उनकी जगह निर्वाचित सदस्य ही यह पद संभालेंगे। हुसैन देश के 12वें राष्ट्रपति होंगे। टिप्पणियां
जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने राष्ट्रपति चुनावों का बहिष्कार किया था। जरदारी ने हुसैन को जिम्मेदारियां संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं।
30 जुलाई को हुए एकतरफा चुनाव में 73 वर्षीय हुसैन ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश वजीहुददीन अहमद को हराया था।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इफ्तिखार चौधरी ने प्रेसीडेंसी में हुसैन को शपथ दिलाई। इस समारोह में शरीफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और सभी दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए।
यह अपनी तरह का अनोखा समारोह था क्योंकि राष्ट्रपति के तौर पर पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले और रविवार को पद छोड़ने वाले पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी इस समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण किया गया।
जरदारी संवैधानिक कार्यकाल पूरा करने वाले पहले निर्वाचित राष्ट्रपति हैं और उनकी जगह निर्वाचित सदस्य ही यह पद संभालेंगे। हुसैन देश के 12वें राष्ट्रपति होंगे। टिप्पणियां
जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने राष्ट्रपति चुनावों का बहिष्कार किया था। जरदारी ने हुसैन को जिम्मेदारियां संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं।
30 जुलाई को हुए एकतरफा चुनाव में 73 वर्षीय हुसैन ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश वजीहुददीन अहमद को हराया था।
यह अपनी तरह का अनोखा समारोह था क्योंकि राष्ट्रपति के तौर पर पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले और रविवार को पद छोड़ने वाले पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी इस समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण किया गया।
जरदारी संवैधानिक कार्यकाल पूरा करने वाले पहले निर्वाचित राष्ट्रपति हैं और उनकी जगह निर्वाचित सदस्य ही यह पद संभालेंगे। हुसैन देश के 12वें राष्ट्रपति होंगे। टिप्पणियां
जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने राष्ट्रपति चुनावों का बहिष्कार किया था। जरदारी ने हुसैन को जिम्मेदारियां संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं।
30 जुलाई को हुए एकतरफा चुनाव में 73 वर्षीय हुसैन ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश वजीहुददीन अहमद को हराया था।
जरदारी संवैधानिक कार्यकाल पूरा करने वाले पहले निर्वाचित राष्ट्रपति हैं और उनकी जगह निर्वाचित सदस्य ही यह पद संभालेंगे। हुसैन देश के 12वें राष्ट्रपति होंगे। टिप्पणियां
जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने राष्ट्रपति चुनावों का बहिष्कार किया था। जरदारी ने हुसैन को जिम्मेदारियां संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं।
30 जुलाई को हुए एकतरफा चुनाव में 73 वर्षीय हुसैन ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश वजीहुददीन अहमद को हराया था।
जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने राष्ट्रपति चुनावों का बहिष्कार किया था। जरदारी ने हुसैन को जिम्मेदारियां संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं।
30 जुलाई को हुए एकतरफा चुनाव में 73 वर्षीय हुसैन ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश वजीहुददीन अहमद को हराया था।
30 जुलाई को हुए एकतरफा चुनाव में 73 वर्षीय हुसैन ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश वजीहुददीन अहमद को हराया था। | संक्षिप्त पाठ: भारत में जन्मे और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी माने जाने वाले ममनून हुसैन ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। इस प्रकार देश का पहला लोकतांत्रिक सत्ता हस्तांतरण पूरा हुआ। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ‘अच्छे’ साझेदार हैं। हालांकि उन्होंने पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के बारे में ऐसी टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि दोनों के आतंकी संगठनों के साथ दशकों से संबंध रहे हैं।टिप्पणियां
कांग्रेस की एक समिति के समक्ष दिए बयान में हिलेरी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि राष्ट्रपति जरदारी ने पाकिस्तानी सरकार के असैन्य नेतृत्व की ओर से जो कहा, वह सच है।’’ सीनेटर माइकल मक्काउल के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ वह हमारे अच्छे साझेदार रहे हैं, जो उनके देश, अफगानिस्तान और हमारी सेना के लिए खतरा है।’’
ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी को लेकर पाकिस्तान के किसी उच्च स्तरीय अधिकारी को जानकारी होने के बारे में अमेरिका के पास किसी तरह का सबूत होने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ओसामा बिन लादेन के बारे में किसी उच्च स्तरीय अधिकारी को जानकारी होने का हमारे पास सबूत नहीं है।’’
कांग्रेस की एक समिति के समक्ष दिए बयान में हिलेरी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि राष्ट्रपति जरदारी ने पाकिस्तानी सरकार के असैन्य नेतृत्व की ओर से जो कहा, वह सच है।’’ सीनेटर माइकल मक्काउल के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ वह हमारे अच्छे साझेदार रहे हैं, जो उनके देश, अफगानिस्तान और हमारी सेना के लिए खतरा है।’’
ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी को लेकर पाकिस्तान के किसी उच्च स्तरीय अधिकारी को जानकारी होने के बारे में अमेरिका के पास किसी तरह का सबूत होने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ओसामा बिन लादेन के बारे में किसी उच्च स्तरीय अधिकारी को जानकारी होने का हमारे पास सबूत नहीं है।’’
ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी को लेकर पाकिस्तान के किसी उच्च स्तरीय अधिकारी को जानकारी होने के बारे में अमेरिका के पास किसी तरह का सबूत होने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ओसामा बिन लादेन के बारे में किसी उच्च स्तरीय अधिकारी को जानकारी होने का हमारे पास सबूत नहीं है।’’ | यह एक सारांश है: अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ‘अच्छे’ साझेदार हैं। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष 1993 में मुंबई में हुए शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों से जुड़े अवैध हथियार रखने के एक मामले में फिल्म स्टार संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पांच साल कैद की सजा सुनाए जाने के फैसले को बॉलीवुड ने 'भारी आघात' बताते हुए दुख व्यक्त किया है।
53-वर्षीय संजय दत्त अपनी सजा के 18 महीने पहले ही जेल में काट चुके हैं और अब उन्हें साढ़े तीन साल की कैद और काटनी होगी। अदालत ने अभिनेता को आत्मसमर्पण के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
लेकिन इस समय तीन बड़े बजट की फिल्मों का भविष्य संजय दत्त पर निर्भर करता है, जिनमें निर्माणाधीन 'पुलिसगिरी', 'जंजीर' का रीमेक और राजकुमार हिरानी की 'पीके' शामिल हैं। अपनी आगामी फिल्म 'उंगली' में दत्त को लेने वाले निर्देशक-निर्माता करण जौहर ने कहा, संजू पर आया फैसला सुनकर मैं वाकई हिल गया हूं। वह बेहतर व्यक्ति इस सजा के लायक नहीं है। मेरा दिल उसके साथ है।
हिट फिल्म शृंखला 'मुन्नाभाई' के तीसरे संस्करण से हाल ही में जुड़े निर्देशक सुभाष कपूर ने कहा कि वह इस फैसले से वाकई हैरान हैं। कपूर ने बताया, मैं सदमे में हूं और हैरान हूं। मुझे लगता था कि सुप्रीम कोर्ट उसके प्रति नरमी बरतेगा। मेरे सदमे को बयान करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला तीसरी मुन्नाभाई फिल्म पर असर डालेगा तो उन्होंने कहा, इस मसले पर टिप्पणी करना बहुत जल्दबाजी होगी। मेरे निर्माता विधु विनोद चोपड़ा अमेरिका में हैं और राजू (हिरानी) 'पीके' की शूटिंग में व्यस्त हैं। एक बार विधु वापस आ जाएं फिर मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा। यह फिल्म अभी बहुत शुरुआती स्तर पर थी।
निर्देशक कुणाल कोहली ने भी संजय का पक्ष लेते हुए कहा, वर्ष 1993 के विस्फोट का मामला संजय दत्त के बारे में नहीं बनना चाहिए। असली षडयंत्रकारी तो पाकिस्तान में सुरक्षित बैठे हैं, ठीक वैसे ही जैसे ओसामा बिन लादेन बैठा था। संगीत निर्देशक विशाल ददलानी ने कहा, मैं कानून को मानने से इनकार नहीं कर रहा, लेकिन इस फैसले ने मेरा दिल तोड़ दिया कि संजय को इसका (सजा का) सामना करना है। उसने बहुत लोगों के लिए निस्वार्थ रूप से बहुत कुछ किया है।टिप्पणियां
सह-अभिनेता आफताब शिवदासानी ने कहा, संजय दत्त पर आए फैसले को जानकर दुखी हूं। मेरा दिल संजय और उनके परिवार के साथ है। वह एक योद्धा थे, हैं, और हमेशा रहेंगे। निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा, संजू को ढेर सारा प्यार। वह ऐसा सबसे ज्यादा क्षमाशील व्यक्ति है, जिसे मैं जानता हूं। मुझे दुख है कि वह खुद को माफी नहीं दे सका। प्रीतीश नंदी ने ट्वीट किया, संजय दत्त को वापस जेल जाते देख मुझे बहुत दुख होगा... जहां मैं कुछ साल पहले उनसे मिला करता था। दोबारा सजा उन्हें तोड़ देगी।
संजय दत्त को टाडा अदालत ने 9 मिमी पिस्तौल और एक एके-56 राईफल अवैध रूप से रखने का दोषी ठहराया था। उनके ये हथियार उन्हीं हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप का हिस्सा थे, जिन्हें मुंबई में शृंखलाबद्ध विस्फोट करने के लिए भारत लाया गया था। इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे।
53-वर्षीय संजय दत्त अपनी सजा के 18 महीने पहले ही जेल में काट चुके हैं और अब उन्हें साढ़े तीन साल की कैद और काटनी होगी। अदालत ने अभिनेता को आत्मसमर्पण के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
लेकिन इस समय तीन बड़े बजट की फिल्मों का भविष्य संजय दत्त पर निर्भर करता है, जिनमें निर्माणाधीन 'पुलिसगिरी', 'जंजीर' का रीमेक और राजकुमार हिरानी की 'पीके' शामिल हैं। अपनी आगामी फिल्म 'उंगली' में दत्त को लेने वाले निर्देशक-निर्माता करण जौहर ने कहा, संजू पर आया फैसला सुनकर मैं वाकई हिल गया हूं। वह बेहतर व्यक्ति इस सजा के लायक नहीं है। मेरा दिल उसके साथ है।
हिट फिल्म शृंखला 'मुन्नाभाई' के तीसरे संस्करण से हाल ही में जुड़े निर्देशक सुभाष कपूर ने कहा कि वह इस फैसले से वाकई हैरान हैं। कपूर ने बताया, मैं सदमे में हूं और हैरान हूं। मुझे लगता था कि सुप्रीम कोर्ट उसके प्रति नरमी बरतेगा। मेरे सदमे को बयान करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला तीसरी मुन्नाभाई फिल्म पर असर डालेगा तो उन्होंने कहा, इस मसले पर टिप्पणी करना बहुत जल्दबाजी होगी। मेरे निर्माता विधु विनोद चोपड़ा अमेरिका में हैं और राजू (हिरानी) 'पीके' की शूटिंग में व्यस्त हैं। एक बार विधु वापस आ जाएं फिर मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा। यह फिल्म अभी बहुत शुरुआती स्तर पर थी।
निर्देशक कुणाल कोहली ने भी संजय का पक्ष लेते हुए कहा, वर्ष 1993 के विस्फोट का मामला संजय दत्त के बारे में नहीं बनना चाहिए। असली षडयंत्रकारी तो पाकिस्तान में सुरक्षित बैठे हैं, ठीक वैसे ही जैसे ओसामा बिन लादेन बैठा था। संगीत निर्देशक विशाल ददलानी ने कहा, मैं कानून को मानने से इनकार नहीं कर रहा, लेकिन इस फैसले ने मेरा दिल तोड़ दिया कि संजय को इसका (सजा का) सामना करना है। उसने बहुत लोगों के लिए निस्वार्थ रूप से बहुत कुछ किया है।टिप्पणियां
सह-अभिनेता आफताब शिवदासानी ने कहा, संजय दत्त पर आए फैसले को जानकर दुखी हूं। मेरा दिल संजय और उनके परिवार के साथ है। वह एक योद्धा थे, हैं, और हमेशा रहेंगे। निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा, संजू को ढेर सारा प्यार। वह ऐसा सबसे ज्यादा क्षमाशील व्यक्ति है, जिसे मैं जानता हूं। मुझे दुख है कि वह खुद को माफी नहीं दे सका। प्रीतीश नंदी ने ट्वीट किया, संजय दत्त को वापस जेल जाते देख मुझे बहुत दुख होगा... जहां मैं कुछ साल पहले उनसे मिला करता था। दोबारा सजा उन्हें तोड़ देगी।
संजय दत्त को टाडा अदालत ने 9 मिमी पिस्तौल और एक एके-56 राईफल अवैध रूप से रखने का दोषी ठहराया था। उनके ये हथियार उन्हीं हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप का हिस्सा थे, जिन्हें मुंबई में शृंखलाबद्ध विस्फोट करने के लिए भारत लाया गया था। इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे।
लेकिन इस समय तीन बड़े बजट की फिल्मों का भविष्य संजय दत्त पर निर्भर करता है, जिनमें निर्माणाधीन 'पुलिसगिरी', 'जंजीर' का रीमेक और राजकुमार हिरानी की 'पीके' शामिल हैं। अपनी आगामी फिल्म 'उंगली' में दत्त को लेने वाले निर्देशक-निर्माता करण जौहर ने कहा, संजू पर आया फैसला सुनकर मैं वाकई हिल गया हूं। वह बेहतर व्यक्ति इस सजा के लायक नहीं है। मेरा दिल उसके साथ है।
हिट फिल्म शृंखला 'मुन्नाभाई' के तीसरे संस्करण से हाल ही में जुड़े निर्देशक सुभाष कपूर ने कहा कि वह इस फैसले से वाकई हैरान हैं। कपूर ने बताया, मैं सदमे में हूं और हैरान हूं। मुझे लगता था कि सुप्रीम कोर्ट उसके प्रति नरमी बरतेगा। मेरे सदमे को बयान करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला तीसरी मुन्नाभाई फिल्म पर असर डालेगा तो उन्होंने कहा, इस मसले पर टिप्पणी करना बहुत जल्दबाजी होगी। मेरे निर्माता विधु विनोद चोपड़ा अमेरिका में हैं और राजू (हिरानी) 'पीके' की शूटिंग में व्यस्त हैं। एक बार विधु वापस आ जाएं फिर मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा। यह फिल्म अभी बहुत शुरुआती स्तर पर थी।
निर्देशक कुणाल कोहली ने भी संजय का पक्ष लेते हुए कहा, वर्ष 1993 के विस्फोट का मामला संजय दत्त के बारे में नहीं बनना चाहिए। असली षडयंत्रकारी तो पाकिस्तान में सुरक्षित बैठे हैं, ठीक वैसे ही जैसे ओसामा बिन लादेन बैठा था। संगीत निर्देशक विशाल ददलानी ने कहा, मैं कानून को मानने से इनकार नहीं कर रहा, लेकिन इस फैसले ने मेरा दिल तोड़ दिया कि संजय को इसका (सजा का) सामना करना है। उसने बहुत लोगों के लिए निस्वार्थ रूप से बहुत कुछ किया है।टिप्पणियां
सह-अभिनेता आफताब शिवदासानी ने कहा, संजय दत्त पर आए फैसले को जानकर दुखी हूं। मेरा दिल संजय और उनके परिवार के साथ है। वह एक योद्धा थे, हैं, और हमेशा रहेंगे। निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा, संजू को ढेर सारा प्यार। वह ऐसा सबसे ज्यादा क्षमाशील व्यक्ति है, जिसे मैं जानता हूं। मुझे दुख है कि वह खुद को माफी नहीं दे सका। प्रीतीश नंदी ने ट्वीट किया, संजय दत्त को वापस जेल जाते देख मुझे बहुत दुख होगा... जहां मैं कुछ साल पहले उनसे मिला करता था। दोबारा सजा उन्हें तोड़ देगी।
संजय दत्त को टाडा अदालत ने 9 मिमी पिस्तौल और एक एके-56 राईफल अवैध रूप से रखने का दोषी ठहराया था। उनके ये हथियार उन्हीं हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप का हिस्सा थे, जिन्हें मुंबई में शृंखलाबद्ध विस्फोट करने के लिए भारत लाया गया था। इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे।
हिट फिल्म शृंखला 'मुन्नाभाई' के तीसरे संस्करण से हाल ही में जुड़े निर्देशक सुभाष कपूर ने कहा कि वह इस फैसले से वाकई हैरान हैं। कपूर ने बताया, मैं सदमे में हूं और हैरान हूं। मुझे लगता था कि सुप्रीम कोर्ट उसके प्रति नरमी बरतेगा। मेरे सदमे को बयान करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला तीसरी मुन्नाभाई फिल्म पर असर डालेगा तो उन्होंने कहा, इस मसले पर टिप्पणी करना बहुत जल्दबाजी होगी। मेरे निर्माता विधु विनोद चोपड़ा अमेरिका में हैं और राजू (हिरानी) 'पीके' की शूटिंग में व्यस्त हैं। एक बार विधु वापस आ जाएं फिर मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा। यह फिल्म अभी बहुत शुरुआती स्तर पर थी।
निर्देशक कुणाल कोहली ने भी संजय का पक्ष लेते हुए कहा, वर्ष 1993 के विस्फोट का मामला संजय दत्त के बारे में नहीं बनना चाहिए। असली षडयंत्रकारी तो पाकिस्तान में सुरक्षित बैठे हैं, ठीक वैसे ही जैसे ओसामा बिन लादेन बैठा था। संगीत निर्देशक विशाल ददलानी ने कहा, मैं कानून को मानने से इनकार नहीं कर रहा, लेकिन इस फैसले ने मेरा दिल तोड़ दिया कि संजय को इसका (सजा का) सामना करना है। उसने बहुत लोगों के लिए निस्वार्थ रूप से बहुत कुछ किया है।टिप्पणियां
सह-अभिनेता आफताब शिवदासानी ने कहा, संजय दत्त पर आए फैसले को जानकर दुखी हूं। मेरा दिल संजय और उनके परिवार के साथ है। वह एक योद्धा थे, हैं, और हमेशा रहेंगे। निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा, संजू को ढेर सारा प्यार। वह ऐसा सबसे ज्यादा क्षमाशील व्यक्ति है, जिसे मैं जानता हूं। मुझे दुख है कि वह खुद को माफी नहीं दे सका। प्रीतीश नंदी ने ट्वीट किया, संजय दत्त को वापस जेल जाते देख मुझे बहुत दुख होगा... जहां मैं कुछ साल पहले उनसे मिला करता था। दोबारा सजा उन्हें तोड़ देगी।
संजय दत्त को टाडा अदालत ने 9 मिमी पिस्तौल और एक एके-56 राईफल अवैध रूप से रखने का दोषी ठहराया था। उनके ये हथियार उन्हीं हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप का हिस्सा थे, जिन्हें मुंबई में शृंखलाबद्ध विस्फोट करने के लिए भारत लाया गया था। इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे।
निर्देशक कुणाल कोहली ने भी संजय का पक्ष लेते हुए कहा, वर्ष 1993 के विस्फोट का मामला संजय दत्त के बारे में नहीं बनना चाहिए। असली षडयंत्रकारी तो पाकिस्तान में सुरक्षित बैठे हैं, ठीक वैसे ही जैसे ओसामा बिन लादेन बैठा था। संगीत निर्देशक विशाल ददलानी ने कहा, मैं कानून को मानने से इनकार नहीं कर रहा, लेकिन इस फैसले ने मेरा दिल तोड़ दिया कि संजय को इसका (सजा का) सामना करना है। उसने बहुत लोगों के लिए निस्वार्थ रूप से बहुत कुछ किया है।टिप्पणियां
सह-अभिनेता आफताब शिवदासानी ने कहा, संजय दत्त पर आए फैसले को जानकर दुखी हूं। मेरा दिल संजय और उनके परिवार के साथ है। वह एक योद्धा थे, हैं, और हमेशा रहेंगे। निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा, संजू को ढेर सारा प्यार। वह ऐसा सबसे ज्यादा क्षमाशील व्यक्ति है, जिसे मैं जानता हूं। मुझे दुख है कि वह खुद को माफी नहीं दे सका। प्रीतीश नंदी ने ट्वीट किया, संजय दत्त को वापस जेल जाते देख मुझे बहुत दुख होगा... जहां मैं कुछ साल पहले उनसे मिला करता था। दोबारा सजा उन्हें तोड़ देगी।
संजय दत्त को टाडा अदालत ने 9 मिमी पिस्तौल और एक एके-56 राईफल अवैध रूप से रखने का दोषी ठहराया था। उनके ये हथियार उन्हीं हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप का हिस्सा थे, जिन्हें मुंबई में शृंखलाबद्ध विस्फोट करने के लिए भारत लाया गया था। इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे।
सह-अभिनेता आफताब शिवदासानी ने कहा, संजय दत्त पर आए फैसले को जानकर दुखी हूं। मेरा दिल संजय और उनके परिवार के साथ है। वह एक योद्धा थे, हैं, और हमेशा रहेंगे। निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा, संजू को ढेर सारा प्यार। वह ऐसा सबसे ज्यादा क्षमाशील व्यक्ति है, जिसे मैं जानता हूं। मुझे दुख है कि वह खुद को माफी नहीं दे सका। प्रीतीश नंदी ने ट्वीट किया, संजय दत्त को वापस जेल जाते देख मुझे बहुत दुख होगा... जहां मैं कुछ साल पहले उनसे मिला करता था। दोबारा सजा उन्हें तोड़ देगी।
संजय दत्त को टाडा अदालत ने 9 मिमी पिस्तौल और एक एके-56 राईफल अवैध रूप से रखने का दोषी ठहराया था। उनके ये हथियार उन्हीं हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप का हिस्सा थे, जिन्हें मुंबई में शृंखलाबद्ध विस्फोट करने के लिए भारत लाया गया था। इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे।
संजय दत्त को टाडा अदालत ने 9 मिमी पिस्तौल और एक एके-56 राईफल अवैध रूप से रखने का दोषी ठहराया था। उनके ये हथियार उन्हीं हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप का हिस्सा थे, जिन्हें मुंबई में शृंखलाबद्ध विस्फोट करने के लिए भारत लाया गया था। इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे। | यहाँ एक सारांश है:मुंबई सीरियल धमाकों से जुड़े अवैध हथियार रखने के एक मामले में संजय दत्त को पांच साल कैद की सजा सुनाए जाने के फैसले को बॉलीवुड ने 'भारी आघात' बताते हुए दुख व्यक्त किया है। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कुलदीप सिंह सेंगर ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी और सेंगर ने वर्ष 2002 का चुनाव कांग्रेस की टिकट पर उन्नाव से जीता था. इसके बाद कांग्रेस का साथ छोड़कर 2007 में सेंगर ने BSP की टिकट पर बांगरमऊ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की, लेकिन मायावती से भी ज्यादा वक्त तक नहीं बनी और सेंगर ने पार्टी छोड़ दी.कुलदीप सिंह सेंगर : 2007 में थी 36 लाख की संपत्ति, अब हैं करोड़ों के मालिक, 21 बड़ी बातेंटिप्पणियां
'हाथी' का साथ छोड़ने के बाद कुलदीप सेंगर ने 'साइकिल' की सवारी शुरू की, और 2012 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी की टिकट पर लड़ा. मुलायम ने सेंगर को भगवंत नगर सीट से टिकट दी, और यहां कुलदीप की जीत हुई. इसके बाद राज्य में बदलते माहौल को भांपकर कुलदीप सिंह सेंगर ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर BJP का दामन थाम लिया.
उत्तर प्रदेश में 2017 में हुआ विधानसभा चुनाव कुलदीप सेंगर ने BJP की टिकट पर बांगरमऊ सीट से लड़ा, और चौथी बार जीत हासिल की. कुलदीप सिंह सेंगर ने 2007 में चुनावी घोषणापत्र में अपनी कुल संपत्ति 36 लाख बताई थी और 2012 में यही संपत्ति एक करोड़ 27 लाख की हो गई. वहीं 2017 के चुनावी घोषणापत्र के मुताबिक, सेंगर की संपत्ति 2 करोड़ 14 लाख तक पहुंच गई.
कुलदीप सिंह सेंगर : 2007 में थी 36 लाख की संपत्ति, अब हैं करोड़ों के मालिक, 21 बड़ी बातेंटिप्पणियां
'हाथी' का साथ छोड़ने के बाद कुलदीप सेंगर ने 'साइकिल' की सवारी शुरू की, और 2012 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी की टिकट पर लड़ा. मुलायम ने सेंगर को भगवंत नगर सीट से टिकट दी, और यहां कुलदीप की जीत हुई. इसके बाद राज्य में बदलते माहौल को भांपकर कुलदीप सिंह सेंगर ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर BJP का दामन थाम लिया.
उत्तर प्रदेश में 2017 में हुआ विधानसभा चुनाव कुलदीप सेंगर ने BJP की टिकट पर बांगरमऊ सीट से लड़ा, और चौथी बार जीत हासिल की. कुलदीप सिंह सेंगर ने 2007 में चुनावी घोषणापत्र में अपनी कुल संपत्ति 36 लाख बताई थी और 2012 में यही संपत्ति एक करोड़ 27 लाख की हो गई. वहीं 2017 के चुनावी घोषणापत्र के मुताबिक, सेंगर की संपत्ति 2 करोड़ 14 लाख तक पहुंच गई.
'हाथी' का साथ छोड़ने के बाद कुलदीप सेंगर ने 'साइकिल' की सवारी शुरू की, और 2012 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी की टिकट पर लड़ा. मुलायम ने सेंगर को भगवंत नगर सीट से टिकट दी, और यहां कुलदीप की जीत हुई. इसके बाद राज्य में बदलते माहौल को भांपकर कुलदीप सिंह सेंगर ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर BJP का दामन थाम लिया.
उत्तर प्रदेश में 2017 में हुआ विधानसभा चुनाव कुलदीप सेंगर ने BJP की टिकट पर बांगरमऊ सीट से लड़ा, और चौथी बार जीत हासिल की. कुलदीप सिंह सेंगर ने 2007 में चुनावी घोषणापत्र में अपनी कुल संपत्ति 36 लाख बताई थी और 2012 में यही संपत्ति एक करोड़ 27 लाख की हो गई. वहीं 2017 के चुनावी घोषणापत्र के मुताबिक, सेंगर की संपत्ति 2 करोड़ 14 लाख तक पहुंच गई.
उत्तर प्रदेश में 2017 में हुआ विधानसभा चुनाव कुलदीप सेंगर ने BJP की टिकट पर बांगरमऊ सीट से लड़ा, और चौथी बार जीत हासिल की. कुलदीप सिंह सेंगर ने 2007 में चुनावी घोषणापत्र में अपनी कुल संपत्ति 36 लाख बताई थी और 2012 में यही संपत्ति एक करोड़ 27 लाख की हो गई. वहीं 2017 के चुनावी घोषणापत्र के मुताबिक, सेंगर की संपत्ति 2 करोड़ 14 लाख तक पहुंच गई. | यह एक सारांश है: मई में CBI ने सेंगर के खिलाफ एक और केस दर्ज किया था
सेंगर को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था
रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद हुए बंद पर फेसबुक पर टिप्पणी करने वाली दो लड़कियों की गिरफ्तारी को केंद्र सरकार ने गलत ठहराया है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने एनडीटीवी संवाददाता हृदयेश जोशी से बातचीत में कहा कि लड़कियों की गिरफ्तारी कानून का सरासर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को आईटी कानून की समझ ही नहीं है। सिब्बल ने कहा कि किसी पर टिप्पणी करने का यह मतलब नहीं है उसे गिरफ्तार कर लिया जाए। वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया है। उनके मुताबिक, लड़कियों ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
उधर, इस बीच दोनों लड़कियां जमानत पर तो बाहर आ गई हैं, लेकिन उनके मन में जो डर बैठ गया है वह बाहर नहीं निकल रहा। लड़कियां इतनी डर गई हैं कि अब फेसबुक पर कुछ न लिखने की बात कह रही हैं लेकिन गिरफ्तारी की बात को वह भी जायज नहीं मानतीं।
उधर, इस बीच दोनों लड़कियां जमानत पर तो बाहर आ गई हैं, लेकिन उनके मन में जो डर बैठ गया है वह बाहर नहीं निकल रहा। लड़कियां इतनी डर गई हैं कि अब फेसबुक पर कुछ न लिखने की बात कह रही हैं लेकिन गिरफ्तारी की बात को वह भी जायज नहीं मानतीं। | यहाँ एक सारांश है:शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया है। उनके मुताबिक, लड़कियों ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने ऐलान किया कि दागी पीजी थामस को संदेहास्पद परिस्थितियों में सीवीसी नियुक्त करने के बारे में सरकार की ओर से देश की शीर्ष अदालत में बोले गए सफेद झूठ का पर्दाफाश करने के लिए वह हलफनामा दाखिल करेंगी। सुषमा ने कहा कि सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती द्वारा उच्चतम न्यायालय में गुरुवार को पेश हलफनामे में कही गई यह बात असत्य है कि उनका चयन करने वाली समिति को इस बात की जानकारी नहीं थी कि थामस के खिलाफ पामोलिन आयात मामले में केरल में मामला लंबित है। उन्होंने कहा कि यह सरासर झूठ है कि थामस के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप को उच्च अधिकार प्राप्त समिति के समक्ष नहीं लाया गया जिसमें उनके अलावा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी चिदंबरम सदस्य थे। विपक्ष की नेता ने कहा, यह सही नहीं है। वास्तव में यह गलतबयानी है। मैंने व्यक्तिगत तौर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के समक्ष इस विषय को एक बैठक में उठाया था लेकिन इसके बावजूद उन दोनों ने इस नियुक्ति पर जोर दिया। सरकार पर एक के बाद एक झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, मैं न्यायिक प्रक्रिया से दूर रहती हूं, लेकिन सच को सामने लाने के लिए अब मैंने विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि थामस की नियुक्ति का न सिर्फ उन्होंने विरोध किया बल्कि बाद में अपना विरोध जताने के लिए वह सीवीसी के शपथ समारोह में भी शामिल नहीं हुई। भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि थामस की संदेहास्पद परिस्थितियों में की गई नियुक्ति के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिम्मेदार और जवादेह हैं। 2 जी स्पेट्रम घोटाले के लिए ए राजा और राष्ट्रमंडल खेलों के घपले के लिए सुरेश कलमाडी काफी हद तक जवाबदेह हैं लेकिन थामस के मामले में सिंह अकेले जवाबदेह हैं। उन्होंने आरोप लगाया, मनमोहन सिंह सरकार कुछ छिपाना चाहती है। कमज़ोर पायदान पर खड़े व्यक्ति को सीवीसी इसीलिए बनाया गया कि घोटालों के बहुत सारे मामले उसके सामने आएंगे। प्रसाद ने सरकार के इस दावे को गलत बताया कि उसे नहीं मालूम था कि थामस के खिलाफ पामोलिन आयल का मामला लंबित है। उन्होंने कहा कि छोटे से छोटे पद की नियुक्ति से पहले व्यक्ति की छानबीन की जाती है तो इतने बड़े पद पर कोई छानबीन नहीं की गई यह संभव हो ही नहीं सकता। | संक्षिप्त पाठ: सुषमा ने कहा कि सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती द्वारा उच्चतम न्यायालय में पेश हलफनामे में कही गई यह बात असत्य है। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) को देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) ने प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) को भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया. हालांकि इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) नहीं दिखाई दिए. न्यूज एजेंसी एएनआई को मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को राष्ट्रपति भवन द्वारा समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था. हालांकि, इस समारोह को छोड़ देने का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है.
राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस समारोह में नहीं दिखाई दिए. जबकि कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, अहमद पटेल, भूपेंदर सिंह हूडा, जनार्दन द्विवेदी, आरपीएन सिंह, सुष्मिता देव और शशि थरूर ने राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में शामिल हुए. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा राष्ट्रपति कोविंद ने भूपेन हजारिका का पुरस्कार उनके बेटे तेज हजारिका को दिया. वहीं, नानाजी देशमुख का अवार्ड दीनदयान रिसर्च इंस्टीट्यूट के चेयरमैन वीरेंद्रजीत सिंह ने प्राप्त किया. भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मरणोपरांत यह पुरस्कार मिला है.
मालूम हो कि भारत रत्न सम्मान (Bharat Ratna 2019) का ऐलान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को किया गया था. भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है. इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है. इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी. पहला भारत रत्न डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दिया गया था. | संक्षिप्त पाठ: प्रणब मुखर्जी को मिला 'भारत रत्न'
गांधी परिवार से कोई भी सदस्य नहीं रहा मौजूद
पीएम मोदी और अमित शाह भी थे शामिल | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि नीतिगत मोर्चे पर अनिश्चितता, राजकोषीय घाटे तथा महंगाई जैसी समस्याओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्तवर्ष (2012-13) में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करेगी। हालांकि इसके साथ ही विश्व बैंक ने आगाह किया है कि विकासशील देशों को आने में वाले दिनों में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट 'वैश्विक आर्थिक संभावनाएं' में कहा गया है, भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012-13 में 6.9 प्रतिशत रहेगी। 2013-14 में वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत तथा 2014-15 में 7.4 प्रतिशत रहेगी।
विश्व बैंक ने 2011 में घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा है कि भारत की वृद्धि दर में कमी की वजह मौद्रिक नीति, सुधारों के ठहरने तथा बिजली की कमी की वजह से रही। इन कारणों के साथ राजकोषीय तथा महंगाई की चिंता से निवेश गतिविधियों में कमी आई।टिप्पणियां
भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में घटकर 6.5 फीसदी रह गई। इससे पिछले दो वित्त वर्षों में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत रही थी। चालू वित्तवर्ष में सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 में दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही, जो 2010 में 8.6 प्रतिशत रही थी। यूरो क्षेत्र के ऋण संकट की वजह से निर्यात में कमी तथा पोर्टफोलियो अंत:प्रवाह में कमी की वजह से ऐसी स्थिति बनी।
विश्व बैंक की रिपोर्ट 'वैश्विक आर्थिक संभावनाएं' में कहा गया है, भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012-13 में 6.9 प्रतिशत रहेगी। 2013-14 में वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत तथा 2014-15 में 7.4 प्रतिशत रहेगी।
विश्व बैंक ने 2011 में घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा है कि भारत की वृद्धि दर में कमी की वजह मौद्रिक नीति, सुधारों के ठहरने तथा बिजली की कमी की वजह से रही। इन कारणों के साथ राजकोषीय तथा महंगाई की चिंता से निवेश गतिविधियों में कमी आई।टिप्पणियां
भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में घटकर 6.5 फीसदी रह गई। इससे पिछले दो वित्त वर्षों में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत रही थी। चालू वित्तवर्ष में सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 में दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही, जो 2010 में 8.6 प्रतिशत रही थी। यूरो क्षेत्र के ऋण संकट की वजह से निर्यात में कमी तथा पोर्टफोलियो अंत:प्रवाह में कमी की वजह से ऐसी स्थिति बनी।
विश्व बैंक ने 2011 में घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा है कि भारत की वृद्धि दर में कमी की वजह मौद्रिक नीति, सुधारों के ठहरने तथा बिजली की कमी की वजह से रही। इन कारणों के साथ राजकोषीय तथा महंगाई की चिंता से निवेश गतिविधियों में कमी आई।टिप्पणियां
भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में घटकर 6.5 फीसदी रह गई। इससे पिछले दो वित्त वर्षों में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत रही थी। चालू वित्तवर्ष में सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 में दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही, जो 2010 में 8.6 प्रतिशत रही थी। यूरो क्षेत्र के ऋण संकट की वजह से निर्यात में कमी तथा पोर्टफोलियो अंत:प्रवाह में कमी की वजह से ऐसी स्थिति बनी।
भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में घटकर 6.5 फीसदी रह गई। इससे पिछले दो वित्त वर्षों में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत रही थी। चालू वित्तवर्ष में सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 में दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही, जो 2010 में 8.6 प्रतिशत रही थी। यूरो क्षेत्र के ऋण संकट की वजह से निर्यात में कमी तथा पोर्टफोलियो अंत:प्रवाह में कमी की वजह से ऐसी स्थिति बनी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 में दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही, जो 2010 में 8.6 प्रतिशत रही थी। यूरो क्षेत्र के ऋण संकट की वजह से निर्यात में कमी तथा पोर्टफोलियो अंत:प्रवाह में कमी की वजह से ऐसी स्थिति बनी। | संक्षिप्त पाठ: विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि नीतिगत मोर्चे पर अनिश्चितता, राजकोषीय घाटे तथा महंगाई जैसी समस्याओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्तवर्ष में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करेगी। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के दक्षिण पश्चिमी गिझोउ प्रांत में एक कार करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।टिप्पणियां
जुनयी कस्बे के प्रचार विभाग ने एक बयान में बताया कि कस्बे के पुलिस थाने के पांच कर्मी गुरुवार को एक स्थानीय पहाड़ी सड़क से जा रहे थे। अचानक उनकी कार एक खाई में जा गिरी।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर में कहा गया है कि चार पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई और एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
जुनयी कस्बे के प्रचार विभाग ने एक बयान में बताया कि कस्बे के पुलिस थाने के पांच कर्मी गुरुवार को एक स्थानीय पहाड़ी सड़क से जा रहे थे। अचानक उनकी कार एक खाई में जा गिरी।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर में कहा गया है कि चार पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई और एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर में कहा गया है कि चार पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई और एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। | यहाँ एक सारांश है:देश के दक्षिण पश्चिमी गिझोउ प्रांत में एक कार करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 15,000 रुपये से कम के प्राइस सेगमेंट में नया 5,000 एमएएच बैटरी वाला स्मार्टफोन खरीदने का विचार कर रहे हैं लेकिन मार्केट में ढेरों मोबाइल होने की वजह से कंफ्यूजन होना आम बात है। आज हम अपने लेख द्वारा आपको ऐसे स्मार्टफोन के बारे में बताएंगे जो 15,000 रुपये से कम के बजट में 5,000 एमएएच बैटरी से लैस है। इस प्राइस सेगमेंट में आपको सैमसंग (Samsung), असूस (Asus) और मोटोरोला (Motorola) ब्रांड के फोन आसानी से मिलेंगे। हम साफ कर दें कि यह 5,000 एमएएच बैटरी वाले स्मार्टफोन की एक लिस्ट मात्र है, इसमें कहीं भी हम यह नहीं कह रहे हैं कि इसमें से कौन सा स्मार्टफोन बेहतर है।
सैमसंग गैलेक्सी एम30 की अहम खासियतों की बात करें तो यह हैंडसेट तीन रियर कैमरे, सुपर एमोलेड डिस्प्ले और 5000 एमएएच बैटरी से लैस है। बैटरी में फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है। Samsung ने फरवरी माह में Galaxy M30 (रिव्यू) को भारत में लॉन्च किया था। सैमसंग गैलेक्सी एम30 की भारत में कीमत 14,990 रुपये से शुरू होती है। इस दाम में 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को बेचा जा रहा है। फोन के 6 जीबी रैम और 128 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज मॉडल को 17,990 रुपये में बेचा जाएगा। Samsung Galaxy M30 ब्लैक और ब्लू रंग में उपलब्ध है। आपके बजट में केवल इसका 4 जीबी रैम वेरिएंट आएगा।
Samsung Galaxy M30 के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल सिम वाले इस हैंडसेट में 6.38 इंच का फुल-एचडी+ सुपर एमोलेड डिस्प्ले है। यह इनफिनिटी यू डिज़ाइन वाली स्क्रीन है और यह वाटरड्रॉरप नॉच से लैस है। Samsung Galaxy M30 में Widevine L1 सर्टिफिकेशन है, यानी आप नेटफ्लिक्स और अमेज़न प्राइम वीडियो के एचडी कंटेंट को भी स्ट्रीम कर सकते हैं।
फोन में ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस 7904 प्रोसेसर के साथ 6 जीबी रैम दिए गए हैं। यह ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। पिछले हिस्से पर एफ/ 1.9 अपर्चर वाला 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी आरजीबी सेंसर है। इसके साथ 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और 5 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस दिया गया है। इस फोन में फ्रंट पैनल पर सेल्फी फोकस सपोर्ट वाला 16 मेगापिक्सल का सेंसर है। Galaxy M30 की इनबिल्ट स्टोरेज के दो विकल्प हैं- 64 जीबी/ 128 जीबी। ज़रूरत पड़ने पर 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव होगा।
Galaxy M सीरीज़ का लेटेस्ट स्मार्टफोन 5,000 एमएएच की बैटरी के साथ आता है। यह 15 वॉट की फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। Samsung का दावा है कि गैलेक्सी एम30 की बैटरी आसानी से एक दिन तक साथ देगी। फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर तो है ही, साथ में फेस अनलॉक फीचर के लिए सपोर्ट भी है।
मोटो जी7 पावर को लेकर कंपनी का दावा है कि यह स्मार्टफोन 60 घंटे की बैटरी लाइफ देगा। फोन मोटोरोला की टर्बोपावर फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करता है। मोटो जी7 पावर की अहम खासियतों की बात करें तो इसमें 6.2 इंच 19:9 डिस्प्ले पैनल, क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर और 5,000 एमएएच बैटरी शामिल हैं। भारत में मोटो जी7 पावर (Moto G7 Power) के 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वाले एक मात्र वेरिएंट का दाम 13,999 रखा गया है।
Moto G7 Power के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल सिम वाला यह हैंडसेट एंड्रॉयड 9 पाई पर चलता है। इसमें 6.2 इंच का एचडी+ (720x1570 पिक्सल) एलटीपीएस एलसीडी पैनल है। यह 19:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ आता है। स्मार्टफोन में मोटो डिस्प्ले फीचर है। फोन के डिस्प्ले पैनल पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 3 की प्रोटेक्शन है।
फोन में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर दिया गया है। इसके साथ 4 जीबी रैम और एड्रेनो 506 जीपीयू दिए गए हैं। स्मार्टफोन की इनबिल्ट स्टोरेज 64 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव होगा।
Moto G7 Power में पिछले हिस्से पर एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 12 मेगापिक्सल का सेंसर है। फ्रंट पैनल पर एफ/ 2.2 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। मोटो जी7 पावर के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी एलटीई, वाई-फाई 802.11 ए/बी/जी/एन, ब्लूटूथ 4.2, जीपीएस/ ए-जीपीएस, यूएसबी टाइप-सी और 3.5 एमएम हेडफोन जैक शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट, मैगनेटोमीटर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट सेंसर पिछले हिस्से पर है। इसके साथ 5,000 एमएएच की बैटरी दी गई है जो 15 वॉट टर्बो पावर फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करेगी।
असूस ज़ेनफोन मैक्स प्रो एम2 (रिव्यू) में बड़ा डिस्प्ले, डुअल रियर कैमरा सेटअप और बड़ी बैटरी है। ZenFone Max Pro M2 (ZB630KL) में स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा फोन में जान फूंकने के लिए 5,000 एमएएच की बैटरी दी गई है।
भारत में असूस ज़ेनफोन मैक्स प्रो एम2 (ZenFone Max Pro M2) की कीमत 9,999 रुपये से शुरू होती है। इस दाम में 3 जीबी रैम/ 32 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज वाला वेरिएंट मिलेगा। फोन का 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 11,999 रुपये में बेचा जाता है। 13,999 रुपये में 6 जीबी रैम/ 64 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज वेरिएंट बेचा जाएगा।
Asus ZenFone Max Pro M2 के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल सिम (नैनो) वाले इस स्मार्टफोन में 6.26 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2280 पिक्सल) डिस्प्ले है। यह 19:9 आस्पेक्ट रेशियो और 2.5डी कर्व्ड कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास से लैस है। स्मार्टफोन में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर है। रैम के तीन विकल्प हैं- 3 जीबी, 4 जीबी और 6 जीबी रैम।
Asus ZenFone Max Pro M2 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 12 मेगापिक्सल का है। इसके साथ 5 मेगापिक्सल का सेंसर जुगलबंदी में काम करेगा। रियर कैमरा सेटअप ईआईएस, 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट और एलईडी फ्लैश मॉड्यूल से लैस है। ZenFone Max Pro M2 में फ्रंट पैनल पर एफ/2.0 अपर्चर, 1.12 माइक्रॉन पिक्सल्स और एलईडी फ्लैश वाला 13 मेगापिक्सल का सेंसर है।
इनबिल्ट स्टोरेज के दो विकल्प हैं- 32 जीबी या 64 जीबी। स्मार्टफोन के तीनों ही वेरिएंट 2 टीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करेंगे। स्मार्टफोन के कनेक्टिविटी फीचर में डुअल 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11 बी/जी/एन, ब्लूटूथ 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, एफएम रेडियो, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और माइक्रो-यूएसबी पोर्ट शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, डिजिटल कंपास, जायरोस्कोप और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर पिछले हिस्से पर है। Asus ZenFone Max Pro M2 की बैटरी 5,000 एमएएच की है। इसका डाइमेंशन 157.9x75.5x8.5 मिलीमीटर है और वज़न 175 ग्राम।
सैमसंग गैलेक्सी एम20 की अहम खासियतों की बात करें तो यह फोन इनफिनिटी वी डिस्प्ले पैनल और डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ आते हैं। स्मार्टफोन में फेस अनलॉक फीचर मौज़ूद है और ये 5,000 एमएएच तक की बैटरी से लैस है। भारत में Samsung Galaxy M20 (रिव्यू) के 3 जीबी रैम/ 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 10,990 रुपये तो वहीं इसके 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 12,990 रुपये है।
Samsung Galaxy M20 के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इसमें 6.3 इंच का फुल-एचडी+ (1080X2340 पिक्सल) टीएफटी डिस्प्ले है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। यह फोन ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस 7904 प्रोसेसर और माली जी71 जीपीयू से लैस है। रैम और स्टोरेज पर आधारित इस फोन के भी दो वेरिएंट हैं- 3 जीबी रैम के साथ 32 जीबी स्टोरेज और 4 जीबी रैम के साथ 64 जीबी स्टोरेज। दोनों ही वेरिएंट 512 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करेंगे।
एंड्रॉयड 8.1 ओरियो के साथ आने वाले इस फोन में भी डुअल रियर कैमरा सेटअप है। पिछले हिस्से पर एफ/ 1.9 अपर्चर वाला 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है। इसके साथ जुगलबंदी में एफ/ 2.2 अपर्चर वाला 5 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड-एंगल कैमरा काम करेगा। सेल्फी के दीवानों के लिए सैमसंग गैलेक्सी एम20 में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है।
फिंगरप्रिंट सेंसर से लैस Samsung Galaxy M20 में 3.5 एमएम ऑडियो जैक, एफएम रेडियो, डुअल 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11 बी/जी/एन, ब्लूटूथ 5, जीपीएस दिए गए हैं। इस फोन की बैटरी 5,000 एमएएच की है। यह फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।
असूस ज़ेनफोन मैक्स प्रो एम1 की अहम खासियतों की बात करें तो Asus के इस फोन में 18:9 डिस्प्ले, डुअल रियर कैमरा सेटअप और 5,000 एमएएच की बैटरी दी गई है। भारत में ZenFone Max Pro M1 की कीमत 7,999 रुपये से शुरू होती है। इस दाम में 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट मिलेगा। 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट के लिए 9,999 रुपये खर्चने होंगे। वहीं इसके 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 11,999 रुपये है।
Asus ZenFone Max Pro M1 के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इसमें 5.99 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2160 पिक्सल) फुल-व्यू आईपीएस डिस्प्ले है। मौज़ूदा चलन की तरह यह हैंडसेट 18:9 आस्पेक्ट रेशियो वाली स्क्रीन से लैस है। मेटल बॉडी वाला यह डुअल सिम स्मार्टफोन 2.5डी कर्व्ड ग्लास पैनल के साथ आता है। हैंडसेट में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 636 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है और ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 509 जीपीयू इंटिग्रेटेड है। ZenFone Max Pro M1 के दो वेरिएंट हैं। एक वेरिएंट 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज के साथ आता है। वहीं, पावरफुल वेरिएंट में 4 जीबी रैम के साथ 64 जीबी स्टोरेज है। ज़रूरत पड़ने पर दोनों ही वेरिएंट में 2 टीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। यह लेटेस्ट एंड्रॉयड 8.1 ओरियो के साथ आता है।
मोटोरोला वन पावर की अहम खासियतों की बात करें तो यह फोन स्नैपड्रैगन 636 प्रोसेसर, 5000 एमएएच बैटरी, डिस्प्ले नॉच और दो रियर कैमरे के साथ आता है। एंड्रॉयड वन परिवार का हिस्सा होने के कारण Motorola One Power (रिव्यू) को भविष्य में नियमित तौर पर एंड्रॉयड अपडेट मिलने की गारंटी है। भारत में Motorola One Power की कीमत 12,999 रुपये है। इसका सिर्फ एक वेरिएंट है जो 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज से लैस है।
Motorola One Power के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इसमें 6.2 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2246 पिक्सल) एलसीडी मैक्स विज़न पैनल है। इसका भी आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। हैंडसेट में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 636 प्रोसेसर के साथ एड्रेनो 509 जीपीयू दिया गया है। जुगलबंदी में 4 जीबी रैम दिए गए हैं। इनबिल्ट स्टोरेज 64 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 256 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल किया जा सकेगा।
Motorola One Power में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है और सेकेंडरी सेंसर 5 मेगापिक्सल का। फ्रंट पैनल पर 12 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। बैटरी 5000 एमएएच की है। कनेक्टिविटी फीचर 4जी एलटीई, ब्लूटूथ 5.0, वाई-फाई 802.11एसी, यूएसबी टाइप-सी और 3.5 एमएम हेडफोन जैक शामिल हैं। फिंगरप्रिंट सेंसर फोन के पिछले हिस्से पर है। | सारांश: Samsung Galaxy M30 में हैं तीन रियर कैमरे
6.2 इंच का फुल-एचडी+ एलसीडी मैक्स विज़न पैनल है मोटोरोला वन पावर
Samsung Galaxy M20 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दो सीटों के लिए जारी चुनाव आयोग की अधिसूचना को चुनौती दी है. अमित शाह और स्मृति ईरानी द्वारा खाली की गई सीटों पर एक साथ चुनाव कराने की मांग की गई है.
गुजरात कांग्रेस ने राज्य की दो राज्यसभा सीटों पर अलग-अलग उपचुनाव कराने के चुनाव आयोग के फैसले को "असंवैधानिक" करार देते हुए आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ बीजेपी चुनाव आयोग पर दबाव बना रही है ताकि वह दोनों सीटें जीत सके.
याचिका में कहा गया है कि एक ही दिन दोनों सीटों पर अलग-अलग चुनाव कराना असंवैधानिक और संविधान की भावना के खिलाफ है.
गुजरात से राज्यसभा में खाली हुई दो सीटों पर पांच जुलाई को चुनाव होंगे. दरसअल चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक अमित शाह को लोकसभा चुनाव जीतने का प्रमाण-पत्र 23 मई को ही मिल गया था, जबकि स्मृति ईरानी को 24 मई को मिला. इससे दोनों के चुनाव में एक दिन का अंतर हो गया. इसी आधार पर आयोग ने राज्य की दोनों सीटों को अलग-अलग माना है, लेकिन चुनाव एक ही दिन होंगे. ऐसा होने से अब दोनों सीटों पर बीजेपी को जीत मिल जाएगी, क्योंकि वहां प्रथम वरीयता वोट नए सिरे से तय होंगे. एक साथ चुनाव होते तो कांग्रेस को एक सीट मिल जाती.
संख्या बल के हिसाब से गुजरात में राज्यसभा का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 61 वोट चाहिए. एक ही बैलट पर चुनाव से उम्मीदवार एक ही वोट डाल पाएगा. इस स्थिति में कांग्रेस एक सीट आसानी से निकाल लेती क्योंकि उसके पास 71 विधायक हैं. लेकिन चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, विधायक अलग-अलग वोट करेंगे. ऐसे में उन्हें दो बार वोट करने का मौका मिलेगा. इस तरह बीजेपी के विधायक, जिनकी संख्या 100 से ज्यादा है, दो बार वोट करके दोनों उम्मीदवारों को जितवा सकते हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गुजरात से राज्यसभा में खाली हुई दो सीटों पर पांच जुलाई को चुनाव
विधायकों के अलग-अलग वोट डाले जाने से बीजेपी को मिलेगा लाभ
एक साथ चुनाव होते तो कांग्रेस को एक सीट मिल जाती | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में हुई भीषण अग्निकांड के बाद से बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया गांव में कोहराम मचा हुआ है. यही हाल हरिपुर गांव का भी है. यहां एक ही मोहल्ले के आठ युवकों की मौत की खबर है. घर की महिलाओं और पुरुषों का रो-रो कर बुरा हाल है. एक साथ दो बेटे की मौत की खबर मिलते ही खतीजा खातून बेहोश पड़ी हुई हैं. जानकारी के अनुसार मोहम्मद उल्फत के दोनों बेटे मोहम्मद बजीर और मोहम्मद मजीद एक साथ रहकर फैक्ट्री में काम करते था और दोनों के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी थी. फफक-फफक कर रो रहे पिता मोहम्मद गुलफाम के पास अब सांत्वनाओं के अलावा कुछ भी नहीं है. देर शाम तक घर के सामने लोगों की भीड़ जुटी थी. दूसरी ओर गांव के ही मोहम्मद मोती एवं मोहम्मद रज्जाक के घर के सामने भी लोगों की भीड़ लगी है. मोती की पत्नी मुन्नी खातून झुलस कर मरे अपने पुत्र मोहम्मद छेदी को देखने के लिए व्याकुल हैं. अभी तक उनको पूरी बात नहीं बताई गई है.
उधर मोहम्मद रज्जाक और उनकी बेगम रोशन खातून भी चीख चीख कर रो रही हैं. उनके 19 साल के बेटे मोहम्मद अकबर को आग ने लील लिया है. इन गांवों की माएं अपने बेटों की सलामती की भी दुआएं कर रही हैं. गांव से मिल रही खबरों के मुताबिक सदरे आलम, मोहम्मद मन्नान, मोहम्मद साजिद, मोहम्मद नौशाद की भी मौत हुई है.
मौके पर पहुंचे मुखिया रामप्रवेश शाह लोगों को धैर्य रखने की सलाह दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि गांव के दर्जनों युवा दिल्ली के फिल्मीस्तान क्षेत्र के विभिन्न कंपनियों और सब्जी मंडी में काम करते हैं. अब तक पूरी सूचना प्राप्त नहीं हो सकी है. लगातार मोबाइल से संपर्क जारी है वहीं दूसरी ओर से फुलहारा पंचायत के ब्रह्मपुरा गांव में भी मोहम्मद इदरीश के घर में भी चित्कार सुनाई दे रही है. महज 18 साल के बेटे मोहम्मद महबूब की भी जान चली गई है. इस घर के सामने भी लोगों का जामवड़ा है. इसी गांव के मोहम्मद अईनुल के बेटे मोहम्मद शहमत के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. मोबाइल की घंटी बजते ही लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं. सभी एक दूसरे का हाल जानने को आतुर थे. इधर बेलाही गांव के भी कई युवा को इन कंपनियों में मजदूरी करते हैं. यहां भी दुआओं का दौर जारी है. | यह एक सारांश है: गांवों में मचा है कोहराम
एक ही परिवार के दो बेटों की मौत
दिल्ली की आग में तबाह हुए परिवार | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय कुश्ती (Indian wrestling) के लिए 2018 (Year 2018) दो नए सितारों के परिदृश्य में उभरने का साल रहा. बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) और विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) जहां ऐतिहासिक पदकों के साथ इस खेल के नए सितारे बनकर उभरे, वहीं सुशील कुमार (Sushil Kumar) और साक्षी मलिक (Sakshi Malik)जैसे ओलिंपिक पदक विजेता रेसलर लय पाने के लिए जूझते दिखे. पहलवानों के लिए अच्छी खबर यह भी रही कि साल खत्म होने से पहले राष्ट्रीय महासंघ लगभग 150 खिलाड़ियों को अनुबंध प्रणाली के तहत ले आया. यह पहली बार है जब भारतीय पहलवानों को महासंघ से केंद्रीय अनुबंध मिला है. बजरंग और विनेश ने पदक जीतने के साथ जिस तरह से पूरे साल प्रदर्शन किया वह और भी शानदार था. उनके प्रदर्शन से दो साल से कम समय में टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों में कुश्ती में भारत के लिए पहले स्वर्ण पदक की आस जगा दी है.
Asian Games 2018: पहलवान बजरंग पूनिया ने भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक झटका
ओलिंपिक की बात करें तो भारत के लिए दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले एकमात्र पहलवान सुशील कुमार (Sushil Kumar) और ओलिंपिक पदक जीतने वाली देश की पहली और एकमात्र महिला पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) के लिए यह साल निराशाजनक रहा. सुशील ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जरूर जीता लेकिन वहां उन्हें टक्कर देने वाला को कोई दमदार पहलवान नहीं था. साक्षी राष्ट्रमंडल खेलों के साथ एशियाई खेलों में भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहीं. गोल्डकोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीतने वाली साक्षी ने भी माना कि उन्हें मानसिक तौर पर और मजबूत होने की जरूरत है. सुशील एशियाई खेलों के पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गए लेकिन वह इस बात को मानने को तैयार नहीं है कि उनका दमखम में कमी आई है. वह टोक्यो ओलिंपिक में एक बार फिर से अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं. गोंडा में अभी हाल ही में हुई राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में हालांकि इन खिलाड़ी को कोई खास टक्कर नहीं मिली और दोनों ने अपने-अपने भार वर्ग में परचम लहराया.
स्वर्ण जीतने वालीं रेसलर विनेश फोगाट बोलीं, अभ्यास के दौरान 'बापू' बेहद हानिकारक थे..
बजरंग (Bajrang Punia) और विनेश (Vinesh Phogat) ने जिस तरह से राष्ट्रमंडल खेलों के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किये वह अपने आप में खास था. कुश्ती में एशिया का दबदबा माना जाता है और ऐसे में एशियाई पहलवानों को मात देकर खिताब जीतना बड़ी उपलब्धि है. विनेश चोट के कारण पदकों की फेहरिस्त में विश्व चैम्पियनशिप को शामिल नहीं कर सकी तो वहीं बजरंग ने इस टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल कर साल के सभी बड़े टूर्नामेंटों में पदक जीतने का कारनामा किया. फाइनल में उनकी हार ने कमजोर डिफेंस को उजागर किया. जापान के ताकुतो ओतोगुरो ने लगातार उनके दाएं पैर पर हमला किया जिसका बजरंग के पास कोई जवाब नहीं था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बजरंग और विनेश ने एशियन गेम्स में जीता स्वर्ण
वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत जीतने में सफल रहे बजरंग
सुशील और साक्षी के प्रदर्शन में आई गिरावट | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में उसके द्वारा की गई जांच के बारे में यह बताते हुए विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए कि क्या इस जांच के दायरे में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा शामिल किया गया है। जनता पार्टी प्रमुख सुब्रमण्यम स्वामी ने इसका उल्लेख अपनी उस निजी शिकायत में किया है, जो उन्होंने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग करते हुए दायर की है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रदीप चड्ढा ने कहा, सीबीआई को नोटिस जारी किया जाए कि वह अपनी जांच के बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश करे और यह बताये कि क्या उसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू को जोड़ा है, जिसे स्वामी ने उठाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा कि सीबीआई द्वारा राजा की गिरफ्तारी के मद्देनजर क्या वे इस मामले को उसके समक्ष अभी भी आगे बढ़ा सकते हैं। इस मामले में सीबीआई से प्रतिक्रिया देने के निर्देश देते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को निर्धारित की। न्यायाधीश ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा, मेरा मानना है कि इस अदालत को फिलहाल इस मामले में आगे नहीं बढ़ना चाहिए। इस बीच, स्वामी ने अदालत के समक्ष कहा कि वह एक आवेदन दायर करके इस मामले में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करना चाहते हैं। | अदालत ने सीबीआई को यह बताते हुए विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए कि क्या जांच के दायरे में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा शामिल किया गया है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से कहा कि पाकिस्तान चाहे तो वह उसके सामने निरंतर बनी हुई समस्याओं का समाधान निकालने के लिए कोई भी भूमिका निभाने को तैयार हैं.
दरअसल पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ ने ट्रंप की हालिया जीत पर उन्हें बधाई देने के लिए फोन किया था, उसी दौरान ट्रंप ने यह आश्वासन दिया.
शरीफ के दफ्तर की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ट्रंप ने शरीफ से कहा, 'पाकिस्तान के सामने मौजूद सारी सारी समस्याओं का हल तलाशने के लिए आप मुझसे जिस भी भूमिका की उम्मीद करते हैं, मैं उसके लिए इच्छुक और तैयार हूं. यह एक सम्मान की बात होगी और मैं निजी तौर पर यह करना चाहूंगा. आप बेझिझक मुझे किसी भी वक्त, यहां तक कि 20 जनवरी को राष्ट्रपति का पदभार संभालने से पहले भी मुझे फोन कर सकते हैं...'टिप्पणियां
पाकिस्तान रेडियो की रिपोर्ट में बताया गया कि फोन पर इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने शरीफ की तारीफ की और जल्द ही उनसे मिलने की इच्छा भी जताई. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी वक्तव्य के मुताबिक ट्रंप ने शरीफ से कहा , 'आप (शरीफ) एक शानदार इनसान हैं. आप अद्भुत काम कर रहे हैं, जो साफ दिख रहा है. मैं जल्द ही आपसे मिलने की आशा कर रहा हूं. आपसे बात करके मुझे ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे मैं उस व्यक्ति से बात कर रहा हूं जिसे मैं लंबे समय से जानता हूं.'
वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भी उन्हें पाकिस्तान आने का न्योता दिया. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह एक शानदार देश, शानदार लोगों की शानदार जगह पर आना पसंद करेंगे. ट्रंप ने कहा, 'कृपया पाकिस्तानी लोगों तक यह बात पहुंचाए कि वे अद्भुत हैं और मैं जितने भी पाकिस्तानियों को जानता हूं वे सभी असाधारण हैं.'
दरअसल पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ ने ट्रंप की हालिया जीत पर उन्हें बधाई देने के लिए फोन किया था, उसी दौरान ट्रंप ने यह आश्वासन दिया.
शरीफ के दफ्तर की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ट्रंप ने शरीफ से कहा, 'पाकिस्तान के सामने मौजूद सारी सारी समस्याओं का हल तलाशने के लिए आप मुझसे जिस भी भूमिका की उम्मीद करते हैं, मैं उसके लिए इच्छुक और तैयार हूं. यह एक सम्मान की बात होगी और मैं निजी तौर पर यह करना चाहूंगा. आप बेझिझक मुझे किसी भी वक्त, यहां तक कि 20 जनवरी को राष्ट्रपति का पदभार संभालने से पहले भी मुझे फोन कर सकते हैं...'टिप्पणियां
पाकिस्तान रेडियो की रिपोर्ट में बताया गया कि फोन पर इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने शरीफ की तारीफ की और जल्द ही उनसे मिलने की इच्छा भी जताई. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी वक्तव्य के मुताबिक ट्रंप ने शरीफ से कहा , 'आप (शरीफ) एक शानदार इनसान हैं. आप अद्भुत काम कर रहे हैं, जो साफ दिख रहा है. मैं जल्द ही आपसे मिलने की आशा कर रहा हूं. आपसे बात करके मुझे ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे मैं उस व्यक्ति से बात कर रहा हूं जिसे मैं लंबे समय से जानता हूं.'
वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भी उन्हें पाकिस्तान आने का न्योता दिया. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह एक शानदार देश, शानदार लोगों की शानदार जगह पर आना पसंद करेंगे. ट्रंप ने कहा, 'कृपया पाकिस्तानी लोगों तक यह बात पहुंचाए कि वे अद्भुत हैं और मैं जितने भी पाकिस्तानियों को जानता हूं वे सभी असाधारण हैं.'
शरीफ के दफ्तर की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ट्रंप ने शरीफ से कहा, 'पाकिस्तान के सामने मौजूद सारी सारी समस्याओं का हल तलाशने के लिए आप मुझसे जिस भी भूमिका की उम्मीद करते हैं, मैं उसके लिए इच्छुक और तैयार हूं. यह एक सम्मान की बात होगी और मैं निजी तौर पर यह करना चाहूंगा. आप बेझिझक मुझे किसी भी वक्त, यहां तक कि 20 जनवरी को राष्ट्रपति का पदभार संभालने से पहले भी मुझे फोन कर सकते हैं...'टिप्पणियां
पाकिस्तान रेडियो की रिपोर्ट में बताया गया कि फोन पर इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने शरीफ की तारीफ की और जल्द ही उनसे मिलने की इच्छा भी जताई. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी वक्तव्य के मुताबिक ट्रंप ने शरीफ से कहा , 'आप (शरीफ) एक शानदार इनसान हैं. आप अद्भुत काम कर रहे हैं, जो साफ दिख रहा है. मैं जल्द ही आपसे मिलने की आशा कर रहा हूं. आपसे बात करके मुझे ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे मैं उस व्यक्ति से बात कर रहा हूं जिसे मैं लंबे समय से जानता हूं.'
वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भी उन्हें पाकिस्तान आने का न्योता दिया. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह एक शानदार देश, शानदार लोगों की शानदार जगह पर आना पसंद करेंगे. ट्रंप ने कहा, 'कृपया पाकिस्तानी लोगों तक यह बात पहुंचाए कि वे अद्भुत हैं और मैं जितने भी पाकिस्तानियों को जानता हूं वे सभी असाधारण हैं.'
पाकिस्तान रेडियो की रिपोर्ट में बताया गया कि फोन पर इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने शरीफ की तारीफ की और जल्द ही उनसे मिलने की इच्छा भी जताई. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी वक्तव्य के मुताबिक ट्रंप ने शरीफ से कहा , 'आप (शरीफ) एक शानदार इनसान हैं. आप अद्भुत काम कर रहे हैं, जो साफ दिख रहा है. मैं जल्द ही आपसे मिलने की आशा कर रहा हूं. आपसे बात करके मुझे ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे मैं उस व्यक्ति से बात कर रहा हूं जिसे मैं लंबे समय से जानता हूं.'
वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भी उन्हें पाकिस्तान आने का न्योता दिया. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह एक शानदार देश, शानदार लोगों की शानदार जगह पर आना पसंद करेंगे. ट्रंप ने कहा, 'कृपया पाकिस्तानी लोगों तक यह बात पहुंचाए कि वे अद्भुत हैं और मैं जितने भी पाकिस्तानियों को जानता हूं वे सभी असाधारण हैं.'
वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भी उन्हें पाकिस्तान आने का न्योता दिया. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह एक शानदार देश, शानदार लोगों की शानदार जगह पर आना पसंद करेंगे. ट्रंप ने कहा, 'कृपया पाकिस्तानी लोगों तक यह बात पहुंचाए कि वे अद्भुत हैं और मैं जितने भी पाकिस्तानियों को जानता हूं वे सभी असाधारण हैं.' | यह एक सारांश है: शरीफ ने ट्रंप की हालिया जीत पर बधाई देने के लिए फोन किया था
पाकिस्तानी पीएम के दफ्तर ने बयान जारी कर ट्रंप से बातचीत का ब्यौरा दिया
ट्रंप ने शरीफ से जल्द ही मिलने की इच्छा भी जताई : पाकिस्तान रेडियो | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के विकेटकीपर मैट प्रायर ने कहा कि मेहमान टीम भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट शृंखला में मिलने वाली कड़ी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मोटेरा में 15 नवंबर से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले उन्होंने कहा, ‘‘हमने खुद को अच्छा मौका दिया है, हम जितनी अच्छी तैयारी कर सकते थे, हमने की है। अब पिच पर प्रदर्शन करने का समय आ गया है। यह हमारे सभी के लिये कड़ी चुनौती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यहां आने से पहले हमने लंबी तैयारी की थी। हम इस तरह की विकेटों पर भी काफी क्रिकेट खेल चुके हैं। हम इस गर्मी, उछाल भरी पिचों, ट्रैफिक सभी के लिए तैयार हैं। हम पूरी तरह की तैयारी के साथ टेस्ट मैच खेलेंगे।’’
इंग्लैंड की टीम भारतीय सरजमीं पर पिछले 28 साल से टेस्ट शृंखला अपने नाम नहीं कर सकी है और वे इससे अच्छी तरह वाफिक हैं प्रायर ने कहा, ‘‘यहां आकर खेलना हमेशा ही काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। भारतीय अपनी सरजमीं के हालात को बेहतर तरीके से जानते हैं, जैसा हम इंग्लैंड की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।’’ टिप्पणियां
प्रायर ने कहा, ‘‘हम इंग्लैंड में स्विंग करती हुई गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और हम इसे अच्छा खेलते हैं। इसी तरह भारतीय खिलाड़ी स्पिन गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और वे इसे अच्छी तरह खेलते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट यहां धर्म की तरह है और इतने जुनूनी लोगों के सामने खेलना शानदार मौका होता है। ऐसे माहौल में जीत दर्ज करना इससे भी ज्यादा बेहतर होगा। रिकॉर्ड खुद ही इसका बयां करते हैं क्योंकि इंग्लैंड ने पिछली बार यहां काफी समय पहले जीत दर्ज की थी।’’
मोटेरा में 15 नवंबर से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले उन्होंने कहा, ‘‘हमने खुद को अच्छा मौका दिया है, हम जितनी अच्छी तैयारी कर सकते थे, हमने की है। अब पिच पर प्रदर्शन करने का समय आ गया है। यह हमारे सभी के लिये कड़ी चुनौती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यहां आने से पहले हमने लंबी तैयारी की थी। हम इस तरह की विकेटों पर भी काफी क्रिकेट खेल चुके हैं। हम इस गर्मी, उछाल भरी पिचों, ट्रैफिक सभी के लिए तैयार हैं। हम पूरी तरह की तैयारी के साथ टेस्ट मैच खेलेंगे।’’
इंग्लैंड की टीम भारतीय सरजमीं पर पिछले 28 साल से टेस्ट शृंखला अपने नाम नहीं कर सकी है और वे इससे अच्छी तरह वाफिक हैं प्रायर ने कहा, ‘‘यहां आकर खेलना हमेशा ही काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। भारतीय अपनी सरजमीं के हालात को बेहतर तरीके से जानते हैं, जैसा हम इंग्लैंड की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।’’ टिप्पणियां
प्रायर ने कहा, ‘‘हम इंग्लैंड में स्विंग करती हुई गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और हम इसे अच्छा खेलते हैं। इसी तरह भारतीय खिलाड़ी स्पिन गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और वे इसे अच्छी तरह खेलते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट यहां धर्म की तरह है और इतने जुनूनी लोगों के सामने खेलना शानदार मौका होता है। ऐसे माहौल में जीत दर्ज करना इससे भी ज्यादा बेहतर होगा। रिकॉर्ड खुद ही इसका बयां करते हैं क्योंकि इंग्लैंड ने पिछली बार यहां काफी समय पहले जीत दर्ज की थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यहां आने से पहले हमने लंबी तैयारी की थी। हम इस तरह की विकेटों पर भी काफी क्रिकेट खेल चुके हैं। हम इस गर्मी, उछाल भरी पिचों, ट्रैफिक सभी के लिए तैयार हैं। हम पूरी तरह की तैयारी के साथ टेस्ट मैच खेलेंगे।’’
इंग्लैंड की टीम भारतीय सरजमीं पर पिछले 28 साल से टेस्ट शृंखला अपने नाम नहीं कर सकी है और वे इससे अच्छी तरह वाफिक हैं प्रायर ने कहा, ‘‘यहां आकर खेलना हमेशा ही काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। भारतीय अपनी सरजमीं के हालात को बेहतर तरीके से जानते हैं, जैसा हम इंग्लैंड की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।’’ टिप्पणियां
प्रायर ने कहा, ‘‘हम इंग्लैंड में स्विंग करती हुई गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और हम इसे अच्छा खेलते हैं। इसी तरह भारतीय खिलाड़ी स्पिन गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और वे इसे अच्छी तरह खेलते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट यहां धर्म की तरह है और इतने जुनूनी लोगों के सामने खेलना शानदार मौका होता है। ऐसे माहौल में जीत दर्ज करना इससे भी ज्यादा बेहतर होगा। रिकॉर्ड खुद ही इसका बयां करते हैं क्योंकि इंग्लैंड ने पिछली बार यहां काफी समय पहले जीत दर्ज की थी।’’
इंग्लैंड की टीम भारतीय सरजमीं पर पिछले 28 साल से टेस्ट शृंखला अपने नाम नहीं कर सकी है और वे इससे अच्छी तरह वाफिक हैं प्रायर ने कहा, ‘‘यहां आकर खेलना हमेशा ही काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। भारतीय अपनी सरजमीं के हालात को बेहतर तरीके से जानते हैं, जैसा हम इंग्लैंड की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।’’ टिप्पणियां
प्रायर ने कहा, ‘‘हम इंग्लैंड में स्विंग करती हुई गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और हम इसे अच्छा खेलते हैं। इसी तरह भारतीय खिलाड़ी स्पिन गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और वे इसे अच्छी तरह खेलते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट यहां धर्म की तरह है और इतने जुनूनी लोगों के सामने खेलना शानदार मौका होता है। ऐसे माहौल में जीत दर्ज करना इससे भी ज्यादा बेहतर होगा। रिकॉर्ड खुद ही इसका बयां करते हैं क्योंकि इंग्लैंड ने पिछली बार यहां काफी समय पहले जीत दर्ज की थी।’’
प्रायर ने कहा, ‘‘हम इंग्लैंड में स्विंग करती हुई गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और हम इसे अच्छा खेलते हैं। इसी तरह भारतीय खिलाड़ी स्पिन गेंद को खेलते हुए बड़े हुए हैं और वे इसे अच्छी तरह खेलते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट यहां धर्म की तरह है और इतने जुनूनी लोगों के सामने खेलना शानदार मौका होता है। ऐसे माहौल में जीत दर्ज करना इससे भी ज्यादा बेहतर होगा। रिकॉर्ड खुद ही इसका बयां करते हैं क्योंकि इंग्लैंड ने पिछली बार यहां काफी समय पहले जीत दर्ज की थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट यहां धर्म की तरह है और इतने जुनूनी लोगों के सामने खेलना शानदार मौका होता है। ऐसे माहौल में जीत दर्ज करना इससे भी ज्यादा बेहतर होगा। रिकॉर्ड खुद ही इसका बयां करते हैं क्योंकि इंग्लैंड ने पिछली बार यहां काफी समय पहले जीत दर्ज की थी।’’ | संक्षिप्त सारांश: इंग्लैंड के विकेटकीपर मैट प्रायर ने कहा कि मेहमान टीम भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट शृंखला में मिलने वाली कड़ी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड ने अक्सर अपनी फिल्मों में मांओं को 'त्याग की देवी' और 'ममता की मूरत' जैसे अवतारों में ही दिखाया है. 'मां' शब्द के साथ दरअसल यह भावनाएं सटीक भी बैठती हैं. अक्सर शहर से बाहर लौटकर आने वाले बेटे को देखकर मां का कहना, 'तू कितना दुबला हो गया है', या अपने बेटे का पेट भरने के लिए अपनी थाली की रोटियां भी उसे खिलाने वाली मांओं के दौर में महेश भट्ट की फिल्म में एक ऐसी मां आई जिसने अपने बेटे को ही गोली मार दी. इस मां का किरदार निभाया था रीमा लागू ने. महेश भट्ट की फिल्म 'वास्तव' में अपने ही बेटे को गोली मारने वाली मां के किरदार को रीमा लागू ने कुछ ऐसे निभाया कि पुरस्कारों से लेकर लोगों की तारीफों तक, वह हर चीज की हकदार बन गई थीं.
महेश भट्ट द्वारा निर्देशित 'वास्तव' में संजय दत्त ने रीमा लागू के बेटे का किरदार निभाया था. यह फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी थी जो धीरे-धीरे जुर्म के दलदल में फंसता चला जाता है और आखिर में उसकी मां ही उसे गोली मार देती है. इस फिल्म में रीमा लागू ने संजय दत्त का मां का किरदार कुछ ऐसे निभाया कि उन्हें इसके लिए फिल्मफेयर का 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस' का अवॉर्ड भी मिला. जबकि रीमा लागू संजय दत्त से सिर्फ एक ही साल बड़ी थीं. टिप्पणियांएक्ट्रेस रीमा लागू का बीती रात दिल का दौरा पड़ने के चलते निधन हो गया है. जानकारी के अनुसार उन्होंने रात 3 बजकर 15 मिनट पर अंतिम सांस ली. रीमा लागू को तबियत खराब होने के चलते पिछले कुछ दिनों से मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वह 59 वर्ष की थीं.
एक प्रसिद्ध मराठी थिएटर एक्ट्रेस की बेटी रीमा लागू ने यूं तो थिएटर से अपनी एक्टिंग का सफर शुरू किया लेकिन देखते ही देखते वह बॉलीवुड की चहेती मां बन गईं. लेकिन बॉलीवुड की अक्सर 'दया का पात्र' जैसी दिखने वाली मांओं से अलग रीमा लागू ने अपने किरदारों में हमेशा एक अलग अंदाज रखा. सिर्फ 'वास्तव' ही नहीं, उन्होंने अपने 'मां' के हर किरदार को हमेशा पारंपरिक 'मां' की छवि से अलग और ज्यादा प्रैक्टिकल रखा. रीमा लागू को अपने किरदारों के लिए 4 बार फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिल चुका था.
चाहे सलमान खान हों या फिर शाहरुख खान, रीमा लागू ने फिल्मों में लगभग हर बड़े स्टार की मां का किरदार किया है. 'हम आपके हैं कौन', 'मैंने प्यार किया' और 'हम साथ-साथ हैं' जैसी फिल्मों में वह सलमान खान के साथ नजर आईं और एक समय ऐसा आया जब लोग उन्हें सलमान खान की मां ही समझने लगे थे.
महेश भट्ट द्वारा निर्देशित 'वास्तव' में संजय दत्त ने रीमा लागू के बेटे का किरदार निभाया था. यह फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी थी जो धीरे-धीरे जुर्म के दलदल में फंसता चला जाता है और आखिर में उसकी मां ही उसे गोली मार देती है. इस फिल्म में रीमा लागू ने संजय दत्त का मां का किरदार कुछ ऐसे निभाया कि उन्हें इसके लिए फिल्मफेयर का 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस' का अवॉर्ड भी मिला. जबकि रीमा लागू संजय दत्त से सिर्फ एक ही साल बड़ी थीं. टिप्पणियांएक्ट्रेस रीमा लागू का बीती रात दिल का दौरा पड़ने के चलते निधन हो गया है. जानकारी के अनुसार उन्होंने रात 3 बजकर 15 मिनट पर अंतिम सांस ली. रीमा लागू को तबियत खराब होने के चलते पिछले कुछ दिनों से मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वह 59 वर्ष की थीं.
एक प्रसिद्ध मराठी थिएटर एक्ट्रेस की बेटी रीमा लागू ने यूं तो थिएटर से अपनी एक्टिंग का सफर शुरू किया लेकिन देखते ही देखते वह बॉलीवुड की चहेती मां बन गईं. लेकिन बॉलीवुड की अक्सर 'दया का पात्र' जैसी दिखने वाली मांओं से अलग रीमा लागू ने अपने किरदारों में हमेशा एक अलग अंदाज रखा. सिर्फ 'वास्तव' ही नहीं, उन्होंने अपने 'मां' के हर किरदार को हमेशा पारंपरिक 'मां' की छवि से अलग और ज्यादा प्रैक्टिकल रखा. रीमा लागू को अपने किरदारों के लिए 4 बार फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिल चुका था.
चाहे सलमान खान हों या फिर शाहरुख खान, रीमा लागू ने फिल्मों में लगभग हर बड़े स्टार की मां का किरदार किया है. 'हम आपके हैं कौन', 'मैंने प्यार किया' और 'हम साथ-साथ हैं' जैसी फिल्मों में वह सलमान खान के साथ नजर आईं और एक समय ऐसा आया जब लोग उन्हें सलमान खान की मां ही समझने लगे थे.
एक्ट्रेस रीमा लागू का बीती रात दिल का दौरा पड़ने के चलते निधन हो गया है. जानकारी के अनुसार उन्होंने रात 3 बजकर 15 मिनट पर अंतिम सांस ली. रीमा लागू को तबियत खराब होने के चलते पिछले कुछ दिनों से मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वह 59 वर्ष की थीं.
एक प्रसिद्ध मराठी थिएटर एक्ट्रेस की बेटी रीमा लागू ने यूं तो थिएटर से अपनी एक्टिंग का सफर शुरू किया लेकिन देखते ही देखते वह बॉलीवुड की चहेती मां बन गईं. लेकिन बॉलीवुड की अक्सर 'दया का पात्र' जैसी दिखने वाली मांओं से अलग रीमा लागू ने अपने किरदारों में हमेशा एक अलग अंदाज रखा. सिर्फ 'वास्तव' ही नहीं, उन्होंने अपने 'मां' के हर किरदार को हमेशा पारंपरिक 'मां' की छवि से अलग और ज्यादा प्रैक्टिकल रखा. रीमा लागू को अपने किरदारों के लिए 4 बार फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिल चुका था.
चाहे सलमान खान हों या फिर शाहरुख खान, रीमा लागू ने फिल्मों में लगभग हर बड़े स्टार की मां का किरदार किया है. 'हम आपके हैं कौन', 'मैंने प्यार किया' और 'हम साथ-साथ हैं' जैसी फिल्मों में वह सलमान खान के साथ नजर आईं और एक समय ऐसा आया जब लोग उन्हें सलमान खान की मां ही समझने लगे थे.
चाहे सलमान खान हों या फिर शाहरुख खान, रीमा लागू ने फिल्मों में लगभग हर बड़े स्टार की मां का किरदार किया है. 'हम आपके हैं कौन', 'मैंने प्यार किया' और 'हम साथ-साथ हैं' जैसी फिल्मों में वह सलमान खान के साथ नजर आईं और एक समय ऐसा आया जब लोग उन्हें सलमान खान की मां ही समझने लगे थे. | यहाँ एक सारांश है:अपने किरदारों के लिए जीता था 4 बार फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड
'वास्तव' में अपने से सिर्फ एक साल छोटे संजय दत्त की बनी थीं मां
रीमा लागू का गुरुवार तड़के सुबह कोकिलाबेन अस्पताल में निधन | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए केंद्र सरकार एक मंत्रिसमूह बनाने की खबरों का सरकार के सूचनाधिकारी ने खंडन किया है. बता दें कि इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि इस मंत्रिसमूह की रिपोर्ट राज्य के लिए किसी भी आर्थिक पैकेज का आधार बनेगी. जम्मू-कश्मीर से इसी महीने विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया गया और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि इस कमेटी के अध्यक्ष कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद होंगे. वहीं, सदस्यों में जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और नरेंद्र तोमर को शामिल किया गया है.
बता दें कि बीते 5 अगस्त को संसद में जम्मू-कश्मीर को लेकर घोषणा करते हुए, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि यह कदम जम्मू-कश्मीर के लिए सरकार की विकास योजनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा. सरकार ने यह भी कहा था कि जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा देना विकास को सुगम बनाने के लिए था, क्योंकि अब यह केंद्र सरकार के अधीन आएगा.
वहीं, कश्मीर घाटी के उन क्षेत्रों में बुधवार को हाई स्कूल खोल दिए गए जहां पर प्रतिबंधों में ढील दी गई है. बहरहाल, छात्रों नदारद रहे. जम्मू्-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के फैसले के बाद से लागू प्रतिबंधों की वजह से घाटी के हाई स्कूल तीन हफ्ते से ज्यादा समय से बंद थे. अधिकारियों ने बताया कि आज सबुह हाई स्कूल खोल दिए गए. बहरहाल इन स्कूलों में कर्मचारियों की सीमित उपस्थिति देखी गई.
इससे पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की निदेशक सेहरिश असगर ने कहा था, ‘शिक्षा विभाग ने कल से घाटी के उन इलाकों में सभी हाई स्कूलों को खोलने का फैसला किया है जहां प्रतिबंधों में ढील दी गई है.' घाटी के 81 थाना क्षेत्रों से लोगों के आवाजाही पर लगी रोक भी अब हटा ली गई है. स्कूलों की स्थिति पर जानकारी देते हुए शिक्षा के निदेशक यूनिस मलिक ने मंगलवार को बताया कि पूरी घाटी में 3,037 प्राथमिक और 774 मिडल स्कूल खोल दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि गत एक हफ्ते में स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
अधिकारियों ने बताया कि घाटी में संचार पर रोक में कुछ हद तक ढील गई है. सुधरते हालात के मद्देनजर अधिकतर इलाकों में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल कर दी गई है. अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने के केंद्र के 5 अगस्त के फैसले के बाद से बीएसएनएल ब्रॉडबैंड एवं निजी लीज लाइन इंटरनेट सहित मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कानून मंत्री होंगे कमेटी के अध्यक्ष
30 अक्टूबर तक देनी होगी रिपोर्ट
इसी महीने छीना गया विशेष राज्य का दर्जा | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंफोसिस के उम्मीद से कमजोर नतीजे आने से बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 130 अंक घटकर 18,675.18 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 32.00 अंकों की गिरावट के साथ 5,676.05 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 77.65 अंकों की गिरावट के साथ 18,727.10 पर खुला और 129.57 अंकों या 0.69 फीसदी की गिरावट के साथ 18,675.18 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,844.35 के ऊपरी और 18,638.34 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 14 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। गेल (1.16 फीसदी), सिप्ला (1.01 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (0.94 फीसदी), टीसीएस (0.66 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.60 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (5.36 फीसदी), भारती एयरटेल (2.58 फीसदी), भेल (2.46 फीसदी), विप्रो (2.01 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.61 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.35 की अंकों की गिरावट के साथ 5,681.70 पर खुला और 32.00 अंकों या 0.56 फीसदी की गिरावट के साथ 5,676.05 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,725.00 के ऊपरी और 5,659.35 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 5.58 अंकों की तेजी के साथ 6,676.85 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 2.07 अंकों की तेजी के साथ 7,109.73 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.21 फीसदी) में तेजी देखी गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (2.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.26 फीसदी), रियल्टी (0.88 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.43 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 77.65 अंकों की गिरावट के साथ 18,727.10 पर खुला और 129.57 अंकों या 0.69 फीसदी की गिरावट के साथ 18,675.18 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,844.35 के ऊपरी और 18,638.34 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 14 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। गेल (1.16 फीसदी), सिप्ला (1.01 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (0.94 फीसदी), टीसीएस (0.66 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.60 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (5.36 फीसदी), भारती एयरटेल (2.58 फीसदी), भेल (2.46 फीसदी), विप्रो (2.01 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.61 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.35 की अंकों की गिरावट के साथ 5,681.70 पर खुला और 32.00 अंकों या 0.56 फीसदी की गिरावट के साथ 5,676.05 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,725.00 के ऊपरी और 5,659.35 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 5.58 अंकों की तेजी के साथ 6,676.85 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 2.07 अंकों की तेजी के साथ 7,109.73 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.21 फीसदी) में तेजी देखी गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (2.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.26 फीसदी), रियल्टी (0.88 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.43 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 14 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। गेल (1.16 फीसदी), सिप्ला (1.01 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (0.94 फीसदी), टीसीएस (0.66 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.60 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (5.36 फीसदी), भारती एयरटेल (2.58 फीसदी), भेल (2.46 फीसदी), विप्रो (2.01 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.61 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.35 की अंकों की गिरावट के साथ 5,681.70 पर खुला और 32.00 अंकों या 0.56 फीसदी की गिरावट के साथ 5,676.05 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,725.00 के ऊपरी और 5,659.35 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 5.58 अंकों की तेजी के साथ 6,676.85 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 2.07 अंकों की तेजी के साथ 7,109.73 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.21 फीसदी) में तेजी देखी गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (2.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.26 फीसदी), रियल्टी (0.88 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.43 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (5.36 फीसदी), भारती एयरटेल (2.58 फीसदी), भेल (2.46 फीसदी), विप्रो (2.01 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.61 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.35 की अंकों की गिरावट के साथ 5,681.70 पर खुला और 32.00 अंकों या 0.56 फीसदी की गिरावट के साथ 5,676.05 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,725.00 के ऊपरी और 5,659.35 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 5.58 अंकों की तेजी के साथ 6,676.85 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 2.07 अंकों की तेजी के साथ 7,109.73 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.21 फीसदी) में तेजी देखी गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (2.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.26 फीसदी), रियल्टी (0.88 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.43 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.35 की अंकों की गिरावट के साथ 5,681.70 पर खुला और 32.00 अंकों या 0.56 फीसदी की गिरावट के साथ 5,676.05 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,725.00 के ऊपरी और 5,659.35 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 5.58 अंकों की तेजी के साथ 6,676.85 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 2.07 अंकों की तेजी के साथ 7,109.73 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.21 फीसदी) में तेजी देखी गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (2.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.26 फीसदी), रियल्टी (0.88 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.43 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 5.58 अंकों की तेजी के साथ 6,676.85 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 2.07 अंकों की तेजी के साथ 7,109.73 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.21 फीसदी) में तेजी देखी गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (2.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.26 फीसदी), रियल्टी (0.88 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.43 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.21 फीसदी) में तेजी देखी गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (2.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.26 फीसदी), रियल्टी (0.88 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.43 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (2.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.26 फीसदी), रियल्टी (0.88 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.43 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1369 शेयरों में तेजी और 1517 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 134 शेयरों के भाव में परिवर्तन नहीं हुआ। | यह एक सारांश है: सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंफोसिस के उम्मीद से कमजोर नतीजे आने से बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 130 अंक घटकर 18,675.18 अंक पर बंद हुआ। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दोनों सांसदों ने मंगलवार को शपथ ली. इन दोनों ने अन्य सांसदों के शपथ लेने के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद शपथ ली. नुसरत ने 15 जून को तुर्की में शादी रचाई. मिमी भी शादी समारोह में शामिल होने के लिए तुर्की में थीं. इस वजह से दोनों सांसदों के शपथ ग्रहण में देरी हुई.
मिमी चक्रवर्ती और नुसरत दोनों मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान साथ बैठी रहीं और बाहर निकलने पर उन्हें मीडिया ने घेर लिया. शून्यकाल के दौरान बुधवार को मिमी चक्रवर्ती ने जादवपुर में एक क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर के निर्माण की तत्काल जरूरत के मुद्दे को उठाया व नुसरत ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की मांग की.बता दें कि एक दिन पहले ही नुसरत जहां (Nusrat Jahan) और मिमी चक्रवर्ती (Mimi Chakraborty) संसद के बाहर अपना आपा खो बैठीं थीं. दरअसल, बयान और तस्वीरों के लिए मीडियाकर्मियों की धक्कामुक्की से दोनों बेहद नाराज हो गईं थीं.
एएनआई के मुताबिक एक्टर से नेता बनीं दोनों सांसदों ने पहले तो आराम से फोटो खिंचवाई, लेकिन जब वे मीडियाकर्मियों की भीड़ और धक्कामुक्की की वजह से आगे नहीं पड़ पाईं तो दोनों काफी असहज महसूस करने लगीं. एक समय ऐसा आया जब नुसरत ने अपनी दोस्त मिमी चक्रवर्ती का बचाव करने के लिए उन्हें बाहें डालकर घेर लिया. नुसरत ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा, "आप धक्का नहीं मार सकते सर, समझिए बात को." फिर सुरक्षाकर्मियों को उनकी मदद के लिए आगे आना पड़ा ताकि वे अपनी गाड़ियों तक पहुंच सकें. बाद में उन्होंने मीडिया कर्मियों से कहा कि वे ठीक-ठाक दूरी बनाकर फोटो खींचें. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पहली बार संसद पहुंचीं हैं नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती
नुसरत और मिमी ने संसद में उठाया पहला मुद्दा
नुसरत ने बशीरहाट में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग की | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक तेल बाजार में नरमी और डॉलर-रुपया विनिमय दर में नए संतुलनों के बीच पेट्रोल के दाम में 1.42 रुपये लीटर तथा डीजल के मूल्य में 2.01 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है. इस महीने यह तीसरा मौका है पेट्रोलियम ईंधन के दाम कम किए गए हैं.
देश की सबसे बड़ी खुदरा ईंधन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा कि पेट्रोल का दाम रविवार मध्यरात्रि से 61.09 रुपये लीटर होगा. अभी यह 62.51 रुपये प्रति लीटर है. इस तरह डीजल 52.27 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध होगा जो फिलहाल 54.28 रुपये लीटर है.
इससे पहले 16 जुलाई को पेट्रोल की कीमत में 2.25 रुपये लीटर की कटौती की गई थी. उस दिन डीजल के दाम में 0.42 रुपये लीटर की कमी की गई थी. उससे पहले, एक जुलाई को पेट्रोल 89 पैसे तथा डीजल 49 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था.
जुलाई में इन कटौतियों से पहले एक मई से चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे. कुल मिलाकर चार बार में पेट्रोल के दाम 4.52 रुपये लीटर तथा डीजल 7.72 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. टिप्पणियां
आईओसी ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमत के मौजूदा स्तर तथा रुपया-डॉलर विनिमय दर को देखते हुए दोनों ईंधन के दाम में कटौती की गई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
देश की सबसे बड़ी खुदरा ईंधन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा कि पेट्रोल का दाम रविवार मध्यरात्रि से 61.09 रुपये लीटर होगा. अभी यह 62.51 रुपये प्रति लीटर है. इस तरह डीजल 52.27 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध होगा जो फिलहाल 54.28 रुपये लीटर है.
इससे पहले 16 जुलाई को पेट्रोल की कीमत में 2.25 रुपये लीटर की कटौती की गई थी. उस दिन डीजल के दाम में 0.42 रुपये लीटर की कमी की गई थी. उससे पहले, एक जुलाई को पेट्रोल 89 पैसे तथा डीजल 49 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था.
जुलाई में इन कटौतियों से पहले एक मई से चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे. कुल मिलाकर चार बार में पेट्रोल के दाम 4.52 रुपये लीटर तथा डीजल 7.72 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. टिप्पणियां
आईओसी ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमत के मौजूदा स्तर तथा रुपया-डॉलर विनिमय दर को देखते हुए दोनों ईंधन के दाम में कटौती की गई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले 16 जुलाई को पेट्रोल की कीमत में 2.25 रुपये लीटर की कटौती की गई थी. उस दिन डीजल के दाम में 0.42 रुपये लीटर की कमी की गई थी. उससे पहले, एक जुलाई को पेट्रोल 89 पैसे तथा डीजल 49 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था.
जुलाई में इन कटौतियों से पहले एक मई से चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे. कुल मिलाकर चार बार में पेट्रोल के दाम 4.52 रुपये लीटर तथा डीजल 7.72 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. टिप्पणियां
आईओसी ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमत के मौजूदा स्तर तथा रुपया-डॉलर विनिमय दर को देखते हुए दोनों ईंधन के दाम में कटौती की गई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जुलाई में इन कटौतियों से पहले एक मई से चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे. कुल मिलाकर चार बार में पेट्रोल के दाम 4.52 रुपये लीटर तथा डीजल 7.72 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. टिप्पणियां
आईओसी ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमत के मौजूदा स्तर तथा रुपया-डॉलर विनिमय दर को देखते हुए दोनों ईंधन के दाम में कटौती की गई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आईओसी ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमत के मौजूदा स्तर तथा रुपया-डॉलर विनिमय दर को देखते हुए दोनों ईंधन के दाम में कटौती की गई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस महीने यह तीसरा मौका है पेट्रोलियम ईंधन के दाम कम किए गए हैं
16 जुलाई को पेट्रोल की कीमत में 2.25 रुपये लीटर की कटौती की गई थी
जुलाई में कटौतियों से पहले एक मई से चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) के चुनाव में एक बार फिर वाम दलों ने बाजी मारी है. मंगलवार को जारी परिणाम में सभी चार पदों पर वामपंथी दलों के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. बता दें कि दिल्ली उच्च न्यायालय से अनुमति मिलने के विश्वविद्यालय ने देर शाम परिणाम घोषित किए. देर शाम तक चली मतगणना के बाद स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की आइशी घोष अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुईं. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के मनीष जांगिड़ को 1,175 वोटों के अंतर से पराजित किया. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था.
चुनाव समिति की तरफ से जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि छात्र संगठनों -आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ, डीएसएफ- की लेफ्ट यूनिटी ने सभी चार पदों -अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पर जीत दर्ज की है. आइसा के सतीश चंद्र यादव महासचिव पद पर 2,518 मतों से विजयी हुए हैं. डीएसएफ के साकेत मून उपाध्यक्ष पद पर विजयी हुए हैं, और उन्हें 3,365 वोट मिले, जबकि एआईएसएफ के मोहम्मद दानिश 3295 वोट पाकर संयुक्त सचिव के पद पर विजयी हुए.
गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेएनयू चुनाव समिति को अनुमति दी कि छह सितंबर को हुए छात्रसंघ चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएं, और उसके बाद ही परिणाम घोषित किए गए. अदालत ने जेएनयू को लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप चुनाव परिणाम को अधिसूचित करने की भी अनुमति दी. इससे पहले जेएनयूएसयू के परिणाम घोषित करने पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी, क्योंकि जेएनयू के विद्यार्थियों अंशुमान दुबे और अमित कुमार द्विवेदी ने याचिकाएं दायर की थीं.
एक याचिकाकर्ता की शिकायत थी कि विश्वविद्यालय की चुनाव समिति ने काउंसिलर सीटों की संख्या 55 से घटाकर 46 कर दी. याचिकाकर्ता ने कहा था कि यह लिंगदोह समिति की सिफारिशों के खिलाफ है, जो प्रत्येक स्कूल या विभाग को छात्रसंघ में अपना प्रतिनिधि भेजने की स्वीकृति देती है. | संक्षिप्त पाठ: मंगलवार शाम को आया चुनाव परिणाम
सभी चार सीटों पर वाम दलों ने किया कब्जा
हाईकोर्ट ने लगाई थी चुनाव परिणाम जारी करने पर रोक | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात लायंस टीम के खिलाफ शुक्रवार को कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए धमाकेदार पारी खेलने वाले क्रिस लिन ने कहा है कि गेंद को मैदान से अधिक से अधिक दूर पहुंचाना मेरा काम है. टीम मैनेजमेंट ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है उसका मैं पूरा आनंद उठा रहा हूं. लिन ने कल अपनी नाबाद 93 रन की पारी में चौकों से ज्यादा छक्के लगाए. उनकी 41 गेंदों पर खेली गई पारी में छह चौके और आठ छक्के शामिल थे. दूसरी ओर गंभीर ने 76 रन की पारी के दौरान 48 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके जमाए.टिप्पणियां
इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी टीम के पहले मैच में कप्तान गौतम गंभीर (नाबाद 76) के साथ रिकॉर्ड साझेदारी करने वाले लिन ने कहा कि कप्तान ने उन्हें गेंद को मैदान के बाहर भेजने की जिम्मेदारी सौंपी है. सौभाग्य से पहले मैच में वह अपनी भूमिका के साथ न्याय करने में सफल रहे. 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए लिन ने कहा, "गेंद को अधिक से अधिक दूर तक पहुंचाना मेरा काम है. सौभाग्य से मैं इसमें सफल रहा और मैंने इसका भरपूर लुत्फ लिया. मैंने और गौतम (गंभीर) ने सटीक रणनीति के साथ बल्लेबाजी की. मैं जानता था कि वह स्पिन को अच्छी तरह खेलते हैं और इसी कारण मैं स्पिन के समय स्ट्राइक रोटेट करता रहा और खुद तेज गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर शॉट खेलता रहा." इस पारी के दौरान लिन ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. उन्होंने 19 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया. यह नाइट राइर्ड्स की ओर से इंडियन प्रीमियर लीग में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है.
नाइट राइडर्स की ओर से सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड यूसुफ पठान के नाम है, जिन्होंने 2014 में 15 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था. इसके बाद आंद्रे रसेल का स्थान आता है, जिन्होंने 2015 में 19 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था.लिन ने आईपीएल में नाइट राइर्ड्स के लिए तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली. उनसे पहले ब्रेंडम मैक्कलम ने लीग के पहले सीजन में नाबाद 158 और मनीष पांडे ने 94 रनों की पारी खेली थी. लिन और गंभीर की शानदार पारियों की मदद से नाइट राइर्ड्स ने आईपीएल में पहली बार 10 विकेट से जीत हासिल की. आईपीएल में इससे पहले आठ टीमों ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल किया था.
इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी टीम के पहले मैच में कप्तान गौतम गंभीर (नाबाद 76) के साथ रिकॉर्ड साझेदारी करने वाले लिन ने कहा कि कप्तान ने उन्हें गेंद को मैदान के बाहर भेजने की जिम्मेदारी सौंपी है. सौभाग्य से पहले मैच में वह अपनी भूमिका के साथ न्याय करने में सफल रहे. 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए लिन ने कहा, "गेंद को अधिक से अधिक दूर तक पहुंचाना मेरा काम है. सौभाग्य से मैं इसमें सफल रहा और मैंने इसका भरपूर लुत्फ लिया. मैंने और गौतम (गंभीर) ने सटीक रणनीति के साथ बल्लेबाजी की. मैं जानता था कि वह स्पिन को अच्छी तरह खेलते हैं और इसी कारण मैं स्पिन के समय स्ट्राइक रोटेट करता रहा और खुद तेज गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर शॉट खेलता रहा." इस पारी के दौरान लिन ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. उन्होंने 19 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया. यह नाइट राइर्ड्स की ओर से इंडियन प्रीमियर लीग में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है.
नाइट राइडर्स की ओर से सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड यूसुफ पठान के नाम है, जिन्होंने 2014 में 15 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था. इसके बाद आंद्रे रसेल का स्थान आता है, जिन्होंने 2015 में 19 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था.लिन ने आईपीएल में नाइट राइर्ड्स के लिए तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली. उनसे पहले ब्रेंडम मैक्कलम ने लीग के पहले सीजन में नाबाद 158 और मनीष पांडे ने 94 रनों की पारी खेली थी. लिन और गंभीर की शानदार पारियों की मदद से नाइट राइर्ड्स ने आईपीएल में पहली बार 10 विकेट से जीत हासिल की. आईपीएल में इससे पहले आठ टीमों ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल किया था.
नाइट राइडर्स की ओर से सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड यूसुफ पठान के नाम है, जिन्होंने 2014 में 15 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था. इसके बाद आंद्रे रसेल का स्थान आता है, जिन्होंने 2015 में 19 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था.लिन ने आईपीएल में नाइट राइर्ड्स के लिए तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली. उनसे पहले ब्रेंडम मैक्कलम ने लीग के पहले सीजन में नाबाद 158 और मनीष पांडे ने 94 रनों की पारी खेली थी. लिन और गंभीर की शानदार पारियों की मदद से नाइट राइर्ड्स ने आईपीएल में पहली बार 10 विकेट से जीत हासिल की. आईपीएल में इससे पहले आठ टीमों ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल किया था. | सारांश: लिन बोले, मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई, उसका आनंद ले रहा हूं
मैंने इस दौरान तेज गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर शॉट खेले
गुजरात लायंस के खिलाफ खेली है 93 रन की तूफानी पारी | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीलंका क्रिकेट टीम ने किंग्समीड मैदान पर सोमवार को दक्षिण अफ्रीका के साथ शुरू हुए दूसरे टेस्ट मैच में टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए खराब शुरुआत की है। मेहमान टीम ने 47 रन के कुल योग पर अपने दो विकेट गंवा दिए हैं। 13 ओवर की बल्लेबाजी के दौरान उसके खाते में 48 रन जुड़े हैं। कप्तान तिलकरत्ने दिलशान 32 रन पर खेल रहे हैं जबकि पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने ने खाता नहीं खोला है। दिलशान ने 38 गेंदों पर चार चौके लगाए हैं। श्रीलंका ने सलामी बल्लेबाज थरंगा पारानाविताना और कुमार संगकारा के विकेट गंवाए हैं। पारानाविताना ने 12 रन बनाए जबकि संगकारा खाता नहीं खोल सके। दोनों विकेट अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे मार्चाट डी लांगे ने लिए हैं। लांगे को चोटिल तेज गेंदबाज वेरनान फिलेंडर के स्थान पर अंतिम एकादश में जगह मिली है। श्रीलंकाई खिलाड़ी दिनेश चांडीमल ने इस मैच के साथ अपने टेस्ट करियर का आगाज किया। उन्हें कौशल सिल्वा के स्थान पर अंतिम-एकादश में जगह दी गई है। तीन मैचों की इस श्रृंखला में मेजबान टीम ने 1-0 की बढ़त बना रखी है। उसने केपटाउन में खेला गया पहला टेस्ट मैच एक पारी और 81 रनों से जीता था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मेहमान टीम ने 47 रन के कुल योग पर अपने दो विकेट गंवा दिए हैं। 13 ओवर की बल्लेबाजी के दौरान उसके खाते में 48 रन जुड़े हैं। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शेन वार्न और राहुल द्रविड़ दोनों की कप्तानी में खेल चुके अजिंक्य रहाणे का मानना है कि इन महान क्रिकेटरों की कप्तानी की शैली एक-दूसरे से एकदम अलग है।
रहाणे ने दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ होने वाले मैच से पहले टीम होटल में पत्रकारों से बातचीत में कहा, वार्न और द्रविड़ दोनों महान खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी शैली काफी अलग है। राहुल भाई चीजें सरल रखना पसंद करते हैं, जबकि वार्न का भरोसा हमेशा नए प्रयोग करने में था। ऐसा नहीं है कि उनके सारे प्रयोग सफल होते थे, लेकिन वह प्रयोगधर्मी थे।टिप्पणियां
यह पूछने पर कि दोनों से मैदान से इतर उन्होंने क्या सीखा, रहाणे ने कहा, मैं मैदान पर की बातें ही करना चाहूंगा। मैंने शेन से बहुत कुछ सीखा। राहुल भाई और शेन दोनों से संपर्क करना मुश्किल नहीं था। वार्न ने उन्हें 'जिंक्स' उपनाम दिया था और भारतीय ड्रेसिंग रूम में उन्हें इसी नाम से जाना जाता है।
उन्होंने कहा, वार्न को मेरा नाम अजिंक्य काफी कठिन लगता होगा, लिहाजा उन्होंने इसे जिंक्स कर दिया। राहुल भाई मुझे अज्जू बुलाते हैं। राजस्थान रॉयल्स ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर कोई मैच नहीं जीता और इस मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रहाणे कोई कमाल नहीं कर सके थे। उन्होंने कहा, मैं अतीत की तरफ नहीं देखता और आज में जीने की कोशिश करता हूं। मैं वैसी गलतियां नहीं करना चाहता, जो पहले की थी। दिल्ली के खिलाफ पिछला मैच निराशाजनक रहा था, क्योंकि हम सिर्फ एक रन से हारे थे।
रहाणे ने दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ होने वाले मैच से पहले टीम होटल में पत्रकारों से बातचीत में कहा, वार्न और द्रविड़ दोनों महान खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी शैली काफी अलग है। राहुल भाई चीजें सरल रखना पसंद करते हैं, जबकि वार्न का भरोसा हमेशा नए प्रयोग करने में था। ऐसा नहीं है कि उनके सारे प्रयोग सफल होते थे, लेकिन वह प्रयोगधर्मी थे।टिप्पणियां
यह पूछने पर कि दोनों से मैदान से इतर उन्होंने क्या सीखा, रहाणे ने कहा, मैं मैदान पर की बातें ही करना चाहूंगा। मैंने शेन से बहुत कुछ सीखा। राहुल भाई और शेन दोनों से संपर्क करना मुश्किल नहीं था। वार्न ने उन्हें 'जिंक्स' उपनाम दिया था और भारतीय ड्रेसिंग रूम में उन्हें इसी नाम से जाना जाता है।
उन्होंने कहा, वार्न को मेरा नाम अजिंक्य काफी कठिन लगता होगा, लिहाजा उन्होंने इसे जिंक्स कर दिया। राहुल भाई मुझे अज्जू बुलाते हैं। राजस्थान रॉयल्स ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर कोई मैच नहीं जीता और इस मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रहाणे कोई कमाल नहीं कर सके थे। उन्होंने कहा, मैं अतीत की तरफ नहीं देखता और आज में जीने की कोशिश करता हूं। मैं वैसी गलतियां नहीं करना चाहता, जो पहले की थी। दिल्ली के खिलाफ पिछला मैच निराशाजनक रहा था, क्योंकि हम सिर्फ एक रन से हारे थे।
यह पूछने पर कि दोनों से मैदान से इतर उन्होंने क्या सीखा, रहाणे ने कहा, मैं मैदान पर की बातें ही करना चाहूंगा। मैंने शेन से बहुत कुछ सीखा। राहुल भाई और शेन दोनों से संपर्क करना मुश्किल नहीं था। वार्न ने उन्हें 'जिंक्स' उपनाम दिया था और भारतीय ड्रेसिंग रूम में उन्हें इसी नाम से जाना जाता है।
उन्होंने कहा, वार्न को मेरा नाम अजिंक्य काफी कठिन लगता होगा, लिहाजा उन्होंने इसे जिंक्स कर दिया। राहुल भाई मुझे अज्जू बुलाते हैं। राजस्थान रॉयल्स ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर कोई मैच नहीं जीता और इस मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रहाणे कोई कमाल नहीं कर सके थे। उन्होंने कहा, मैं अतीत की तरफ नहीं देखता और आज में जीने की कोशिश करता हूं। मैं वैसी गलतियां नहीं करना चाहता, जो पहले की थी। दिल्ली के खिलाफ पिछला मैच निराशाजनक रहा था, क्योंकि हम सिर्फ एक रन से हारे थे।
उन्होंने कहा, वार्न को मेरा नाम अजिंक्य काफी कठिन लगता होगा, लिहाजा उन्होंने इसे जिंक्स कर दिया। राहुल भाई मुझे अज्जू बुलाते हैं। राजस्थान रॉयल्स ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर कोई मैच नहीं जीता और इस मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रहाणे कोई कमाल नहीं कर सके थे। उन्होंने कहा, मैं अतीत की तरफ नहीं देखता और आज में जीने की कोशिश करता हूं। मैं वैसी गलतियां नहीं करना चाहता, जो पहले की थी। दिल्ली के खिलाफ पिछला मैच निराशाजनक रहा था, क्योंकि हम सिर्फ एक रन से हारे थे। | संक्षिप्त सारांश: रहाणे ने कहा, वार्न और द्रविड़ दोनों महान खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी शैली काफी अलग है। राहुल भाई चीजें सरल रखना पसंद करते हैं, जबकि वार्न का भरोसा हमेशा नए प्रयोग करने में था। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के साथ नियमित क्रिकेट मैच कराने के लिए बेताब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) बीसीसीआई को इस साल के अंत में त्रिकोणीय शृंखला की मेजबानी करने के लिए मनाने की उम्मीद कर रहा है। दोनों बोर्ड शनिवार को चेन्नई में होने वाली एशियाई क्रिकेट परिषद की बैठक में आमने सामने होंगे।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में विश्वस्त सूत्रों ने कहा कि मुख्य परिचालन अधिकारी सुभान अहमद सिर्फ एसीसी की बैठक में शिरकत ही नहीं करेंगे, बल्कि बीसीसीआई अधिकारियों से बातचीत भी करेंगे।
एक सूत्र ने कहा, ऐसी उम्मीद है कि बीसीसीआई शायद भारत में दिसंबर में पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय शृंखला का प्रस्ताव रख सकता है और पीसीबी इस आमंत्रण को स्वीकार करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर त्रिकोणीय शृंखला के कारण पाकिस्तान की श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर-जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली घरेलू शृंखला के कार्यक्रम में कुछ बदलाव करना पड़ता है तो पीसीबी और श्रीलंका क्रिकेट इस पर संयुक्त हल निकाल लेंगे।टिप्पणियां
सूत्र ने कहा, पीसीबी को भारत से ऐसे संकेत मिले हैं कि वह इस साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका के दौरे को संक्षिप्त करने का फैसला करने के बाद त्रिकोणीय शृंखला कराने पर विचार कर रहा है। बीसीसीआई फिलहाल अभी क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के साथ शृंखला में खेले जाने वाले मैचों की संख्या पर एकमत नहीं है और बुधवार को आईसीसी भी दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में था।
सूत्र ने कहा, लेकिन भारतीय हारून लोर्गट की क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका में दोबारा वापसी से खुश नहीं है तथा पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय शृंखला के बारे में सोच विचार कर रहा है। पाकिस्तान ने पिछले साल दिसंबर में संक्षिप्त वनडे शृंखला के लिए भारत का दौरा किया था, जिससे 2007 के बाद दोनों देशों में द्विपक्षीय शृंखला की दोबारा शुरुआत हुई थी।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में विश्वस्त सूत्रों ने कहा कि मुख्य परिचालन अधिकारी सुभान अहमद सिर्फ एसीसी की बैठक में शिरकत ही नहीं करेंगे, बल्कि बीसीसीआई अधिकारियों से बातचीत भी करेंगे।
एक सूत्र ने कहा, ऐसी उम्मीद है कि बीसीसीआई शायद भारत में दिसंबर में पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय शृंखला का प्रस्ताव रख सकता है और पीसीबी इस आमंत्रण को स्वीकार करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर त्रिकोणीय शृंखला के कारण पाकिस्तान की श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर-जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली घरेलू शृंखला के कार्यक्रम में कुछ बदलाव करना पड़ता है तो पीसीबी और श्रीलंका क्रिकेट इस पर संयुक्त हल निकाल लेंगे।टिप्पणियां
सूत्र ने कहा, पीसीबी को भारत से ऐसे संकेत मिले हैं कि वह इस साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका के दौरे को संक्षिप्त करने का फैसला करने के बाद त्रिकोणीय शृंखला कराने पर विचार कर रहा है। बीसीसीआई फिलहाल अभी क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के साथ शृंखला में खेले जाने वाले मैचों की संख्या पर एकमत नहीं है और बुधवार को आईसीसी भी दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में था।
सूत्र ने कहा, लेकिन भारतीय हारून लोर्गट की क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका में दोबारा वापसी से खुश नहीं है तथा पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय शृंखला के बारे में सोच विचार कर रहा है। पाकिस्तान ने पिछले साल दिसंबर में संक्षिप्त वनडे शृंखला के लिए भारत का दौरा किया था, जिससे 2007 के बाद दोनों देशों में द्विपक्षीय शृंखला की दोबारा शुरुआत हुई थी।
एक सूत्र ने कहा, ऐसी उम्मीद है कि बीसीसीआई शायद भारत में दिसंबर में पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय शृंखला का प्रस्ताव रख सकता है और पीसीबी इस आमंत्रण को स्वीकार करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर त्रिकोणीय शृंखला के कारण पाकिस्तान की श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर-जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली घरेलू शृंखला के कार्यक्रम में कुछ बदलाव करना पड़ता है तो पीसीबी और श्रीलंका क्रिकेट इस पर संयुक्त हल निकाल लेंगे।टिप्पणियां
सूत्र ने कहा, पीसीबी को भारत से ऐसे संकेत मिले हैं कि वह इस साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका के दौरे को संक्षिप्त करने का फैसला करने के बाद त्रिकोणीय शृंखला कराने पर विचार कर रहा है। बीसीसीआई फिलहाल अभी क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के साथ शृंखला में खेले जाने वाले मैचों की संख्या पर एकमत नहीं है और बुधवार को आईसीसी भी दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में था।
सूत्र ने कहा, लेकिन भारतीय हारून लोर्गट की क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका में दोबारा वापसी से खुश नहीं है तथा पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय शृंखला के बारे में सोच विचार कर रहा है। पाकिस्तान ने पिछले साल दिसंबर में संक्षिप्त वनडे शृंखला के लिए भारत का दौरा किया था, जिससे 2007 के बाद दोनों देशों में द्विपक्षीय शृंखला की दोबारा शुरुआत हुई थी।
सूत्र ने कहा, पीसीबी को भारत से ऐसे संकेत मिले हैं कि वह इस साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका के दौरे को संक्षिप्त करने का फैसला करने के बाद त्रिकोणीय शृंखला कराने पर विचार कर रहा है। बीसीसीआई फिलहाल अभी क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के साथ शृंखला में खेले जाने वाले मैचों की संख्या पर एकमत नहीं है और बुधवार को आईसीसी भी दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में था।
सूत्र ने कहा, लेकिन भारतीय हारून लोर्गट की क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका में दोबारा वापसी से खुश नहीं है तथा पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय शृंखला के बारे में सोच विचार कर रहा है। पाकिस्तान ने पिछले साल दिसंबर में संक्षिप्त वनडे शृंखला के लिए भारत का दौरा किया था, जिससे 2007 के बाद दोनों देशों में द्विपक्षीय शृंखला की दोबारा शुरुआत हुई थी।
सूत्र ने कहा, लेकिन भारतीय हारून लोर्गट की क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका में दोबारा वापसी से खुश नहीं है तथा पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय शृंखला के बारे में सोच विचार कर रहा है। पाकिस्तान ने पिछले साल दिसंबर में संक्षिप्त वनडे शृंखला के लिए भारत का दौरा किया था, जिससे 2007 के बाद दोनों देशों में द्विपक्षीय शृंखला की दोबारा शुरुआत हुई थी। | यहाँ एक सारांश है:भारत के साथ नियमित क्रिकेट मैच कराने के लिए बेताब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई को इस साल के अंत में त्रिकोणीय शृंखला की मेजबानी करने के लिए मनाने की उम्मीद कर रहा है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मिग-21 के क्रैश होने के बाद पीओके में पकड़े गए भारतीय पायलट अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) के साथ पाकिस्तान में मारपीट हुई थी. इस बात का खुलासा विंग कमांडर अभिनंदन के मेडिकल रिपोर्ट से हुआ है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के सेना अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में अभिनंदन की पसलियों में चोट होने की पुष्टि हुई है. इसके साथ-साथ उनकी रीढ़ की हड्डी में भी चोट की बात सामने आई है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार सेना के अधिकारी मान रहे हैं कि अभिनंदन को यह चोट उस समय लगी होगी जब वह पाराशूट से उतरने के बाद स्थानीय लोगों के बीच फंस गए थे. बता दें कि इस दौरान स्थानीय लोगों ने अभिनंदन के साथ मारपीट भी की थी. सूत्रों के अनुसार अभिनंदन की मेडिकल जांच अगले कुछ और दिनों तक चल सकती है. विंग कमांडर की इतनी मेडिकल जांच इसलिए कराई जा रही है ताकि यह भी पता लगाया जा सके कि पाकिस्तान ने कहीं जासूसी के उद्देश्य से उनके शरीर में कोई यंत्र या इस तरह की कोई चीज तो नहीं लगाई है.
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विंग कमांडर अभिनंदन से बीते शनिवार दोपहर मुलाकात की थी. इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा था कि समूचे राष्ट्र को उनके साहस एवं दृढ़ता पर गर्व है. रक्षा मंत्री के साथस दौरान वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद थे. सूत्रों के अनुसार भारतीय वायुसेना के एक मेडिकल संस्थान में हुई मुलाकात के दौरान अभिनंदन ने पाकिस्तान की गिरफ्त में करीब 60 घंटे रहने के बारे में रक्षा मंत्री को विस्तार से जानकारी दी. ध्यान हो कि अभिनंदन शुक्रवार देर शाम अटारी - वाघा सीमा होते हुए भारत पहुंचे और इसके करीब ढाई घंटे बाद रात करीब पौने 12 बजे वह वायुसेना के एक विमान से नयी दिल्ली पहुंचे. उनके भारतीय सीमा में प्रवेश करने पर यह पाया गया कि उनकी दायीं आंख के पास सूजन है.
एयर फोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टैबलिशमेंट (एएफसीएमई) में अभी उनकी मेडिकल जांच चल रही है. बता दें कि उन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों ने 27 फरवरी को पकड़ लिया था. दरअसल, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के साथ हुई एक झड़प के दौरान उनका मिग 21 गिर गया था. लेकिन उन्होंने अपने विमान के गिरने से पहले पाकिस्तानी वायुसेना के एफ - 16 को मार गिराया था. वतन वापसी के बाद अभिनंदन की मेडिकल जांच के बाद उन्हें अब वायु सेना के हॉस्टल में शिफ्ट करा दिया गया है. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं पाया है कि अभिनंदन की मेडिकल रिपोर्ट में क्या निकल कर आया है.
दरअसल, शुक्रवार को पाकिस्तान विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंपने वाला था. इसके लिए भारत की ओर से पूरी तैयारियां की जा चुकी थीं. वायुसेना के अधिकारी, भारतीय दूतावास के अधिकारी और सरकार के प्रतिनिधि सभी समय पर तैयार थे, मगर पाकिस्तान की चालबाजियों ने दोपहर से रात कर दिया. पहले पाकिस्तान की ओर से ही बताया गया था कि अभिनंदन को वह करीब दोपहर में 3 से चार बजे के बीच में रिहा कर देगा, मगर उसने बार-बार देरी की. इसके पीछे कई वजहें बताईं जा रही हैं. मसलन, वह इस घटना को लाइम लाइट में लाना चाहता था. वह चाहता था कि पूरी दुनिया की नजर इस खबर पर हो.
शुक्रवार शाम के तीन बजे के आस-पास अभिनंदन को पाकिस्तान ने रावलपिंडी से लाहौर पहुंचा दिया गया था. मगर लाहौर से वाघा बॉर्डर लाने में उसने इतनी देर लगा दी, जिससे उसके नापाक इरादे भी सबसे सामने जाहिर हो गए. सूत्रों की मानें तो अभिनंदन को लाहौर में स्थित किसी सेना के छावनी में रोक कर रखा गया था और पाकिस्तान ने अभिनंदन का जबरन एक वीडियो बनवाया.
यह बात भी सही है कि पाकिस्तान और भारत के बीच दस्तावेज की प्रक्रिया में भी कुछ समय की देरी हुई थी, मगर यह देरी इतनी भी नहीं थी कि अभिनंदन की वापसी में दोपहर से रात हो जाए. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय पायलट अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने में देरी इसलिए हुई क्योंकि, उनसे पाकिस्तानी अधिकारियों ने कैमरे पर बयान दर्ज करने को कहा. इसके बाद ही उन्हें सीमा पार करके स्वदेश जाने दिया गया. इसके अलावा दस्तावेजों से संबंधित मुद्दे भी देरी की वजह बनी. सूत्रों ने बताया था कि पाकिस्तान ने उनकी रिहाई का समय दो बार टाल दिया. | यहाँ एक सारांश है:कुछ दिन और होगी मेडिकल जांच
शुक्रवार को वतन लौटे थे विंक कमांडर अभिनंदन
पाकिस्तान पर मारपीट करने का आरोप | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर देश की राजधानी स्थित राजपथ पर परेड (Republic Day Parade) का आयोजन किया जाता है. इस परेड समारोह में भारतीय वायु सेना, थल सेना और जल सेना करतब दिखाती हैं. इस बार 26 जनवरी को 70वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली परेड के मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (cyril ramaphosa) होंगे. इस दिन राजधानी में राजपथ पर होने वाले मुख्य आयोजन में भारत की सांस्कृतिक झलक के साथ ही सैन्य शक्ति और परंपरागत विरासत की झांकी पेश की जाती है.
70वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Presiddent Ramnath Kovind) ने राष्ट्र को संबोधित किया और कहा कि देश इस समय एक महत्वपूर्ण मुकाम पर है और हमारा आज के निर्णय और कार्यकलाप 21वीं सदी के भारत का स्वरूप निर्धारित करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी भारतवासियों को इस वर्ष एक महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी निभाने का अवसर मिलने जा रहा है. सत्रहवीं लोकसभा के निर्वाचन के लिए होने वाले आम-चुनाव में, हम सबको अपने मताधिकार का उपयोग करना है देशवासियों से आगामी चुनाव में मतदान करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव के दौरान सभी मताधिकार का उपयोग, अपनी लोकतान्त्रिक मान्यताओं और मूल्यों के प्रति पूरी निष्ठा के साथ करें. | यहाँ एक सारांश है:धूमधाम से मनाया जा रहा है 70वां गणतंत्र दिवस
गूगल ने भी खास अंदाज में दी बधाई
गूगल ने डूडल बनाकर देशवासियों को दी सौगात | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा के बंदरगाह मंत्री माइकल लोबो ने शनिवार को मांग की कि दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को किसी सार्वजनिक स्टेडियम में फांसी दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों को एक मजबूत संदेश मिल सके. लोबो ने यहां पत्रकारों से बातचीत में तेलंगाना में दुष्कर्म व हत्या के चार अभियुक्तों के विवादास्पद एनकाउंटर पर टिप्पणी की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से कानून में आवश्यक संशोधन लाने का आग्रह किया, ताकि इस तरह के अपराध करने वालों को सार्वजनिक तौर पर फांसी दी जा सके.
लोबो ने कहा, "इस तरह के अपराधियों के लिए न हमारे समाज में जगह है, बल्कि जेल में भी जगह नहीं होनी चाहिए. संसद द्वारा भारतीय दंड संहिता में संशोधन किए जाने की आवश्यकता है."
उन्होंने कहा, "(मुकदमे के लिए) अधिकतम समय पांच महीने होना चाहिए. भारत में या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुछ स्थानों पर ब्रिटिश शासन से पहले सार्वजनिक फांसी अस्तित्व में थी. हत्या के साथ दुष्कर्म जैसे अपराधों में यही सजा होनी चाहिए. एक बार दोषी पाए जाने पर अभियुक्त को स्टेडियम में फांसी दी जानी चाहिए."
लोबो ने कहा कि सार्वजनिक फांसी उस तरह के पुरुषों के लिए एक मजबूत संदेश होगा, जो सोचते हैं कि कानून उन्हें छू नहीं सकता है. मंत्री लोबो ने केंद्र सरकार से एक संशोधन लाने का भी आग्रह किया, जिससे दुष्कर्म और हत्याओं के लिए सार्वजनिक फांसी दी जा सके. | कानून में संशोधन की सरकार से की मांग
बोले- ऐसे लोगों को जेल में भी नहीं मिलनी चाहिए जगह
कहा- स्टेडियम में दी जाए फांसी | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने चयन के मामले में सीनियर खिलाड़ियों की मनमानी चलने के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड की निंदा करते हुए कहा है कि चयन समिति की नहीं चलती जिससे इंग्लैंड में टीम की यह दुर्गति हुई है। चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, बीसीसीआई पैसा कमाने पर तुली हुई है। उसने सीनियर खिलाड़ियों को जरूरत से ज्यादा छूट दे रखी है। चयनकर्ताओं की नहीं चल रही है। उन्होंने क्रिस श्रीकांत की अगुवाई वाली चयन समिति को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा, मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं ने कहा होगा कि हमारे लिए यह शानदार समय है। इसका पूरा उपयोग करें। उन्होंने भविष्य के बारे में कुछ नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि जब तक देश का क्रिकेट प्रशासन अच्छे अगुवा पैदा करेगा, टीम अच्छे परिणाम देती रहेगी। चैपल ने कहा, आपके पास ऐसा प्रशासन होना चाहिए जो अच्छे, युवा, दक्ष और प्रतिस्पर्धी क्रिकेटर पैदा करे। यदि ऐसा होगा तो टीम जीतती रहेगी भले ही बात टेस्ट की हो, टी20 या वनडे क्रिकेट की। चैपल ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर भी निशाना साधते हुए कहा, भारत को अच्छा गेंदबाजी आक्रमण चाहिए। जब भारत नंबर वन टेस्ट टीम बना तो मैने कहा था कि अलग हालातों में खेलते हुए भारत इसे बरकरार नहीं रख सकता। उन्होंने कहा, हरभजन सिंह पिछले दो साल से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। अच्छे तेज गेंदबाज भी कहां हैं। उन्होंने कहा, चयनकर्ताओं ने उम्रदराज बल्लेबाजी क्रम के बारे में भी कोई विचार नहीं किया। पांच दिनी क्रिकेट में यह काफी चिंताजनक स्थिति है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ने कहा कि विजयी टीम कभी थकी हुई नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने कभी किसी विजयी टीम को थका हुआ नहीं देखा। हारने वाली टीमें ही थकी हुई दिखती है। भारत इस समय हार रहा है। भारत को अधिक समय तक नंबर वन पर टिके रहना चाहिये था। चैपल ने कहा, उनके पास इतना पैसा है लेकिन यदि प्रशासन सही नहीं है तो पैसे के कोई मायने नहीं। चैपल ने कहा कि बीसीसीआई को सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के जाने के बाद की स्थिति पर विचार करना चाहिए ताकि प्रतिभाशाली युवा टेस्ट क्रिकेट में आसानी से इनकी जगह ले सकें। | यहाँ एक सारांश है:चैपल ने कहा, बीसीसीआई पैसा कमाने पर तुली हुई है। उसने सीनियर खिलाड़ियों को जरूरत से ज्यादा छूट दे रखी है।' | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बताया गया है कि उनकी संपत्तियां कम से कम अलग-अलग जगहों पर हैं, जिनमें मंगलागिरी, विजयवाड़ा, गन्नावरम,विशाखापट्टनम, हैदराबाद और चित्तूर भी शामिल हैं. इनके अलावा महाराष्ट्र के शिरडी में एक होटल भी है. सभी संपत्तियां इन अधिकारियों तथा उनके परिजनों के नाम दर्ज हैं, जिनमें शिवप्रसाद की पत्नी गायत्री भी शामिल हैं. इन संपत्तियों में कुछ फर्जी मालिक भी हैं. इसके अलावा ऐसे दस्तावेज़ भी बरामद हुए हैं, जिनसे कई प्लॉट, रिहायशी फ्लैट, कन्वेंशन सेंटर और एक लॉजिंग हाउस की मिल्कियत का पता चलता है. इन सबके अलावा 11 किलोग्राम सोना, चार करोड़ रुपये के जवाहरात, 43 लाख रुपये की नकदी भी शिवप्रसाद के कब्ज़े से बराद हुई बताई गई है. जीवी रघुरामी रेड्डी वर्ष 2009 में हैदराबाद में चीफ सिटी प्लानर के रूप में कार्यरत थे, और कथित रूप से इमारतों को मंज़ूरियां देने के दौरान उन्होंने ये संपत्तियां बनाईं. इसके अलावा वह अनंतपुर, नेल्लोर तथा राजामुंदरी में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने ग्रेटर विशाखापट्टनम म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के लिए भी काम किया है, जिसे कमर्शियल लिहाज़ से समृद्ध बंदरगाह वाला शहर माना जाता है. माना जाता है कि उन्होंने अपने सहयोगियों या फर्ज़ी नामों से पांच कंपनियां स्थापित कर रखी हैं. | आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कुल मिलाकर 15 अलग-अलग ठिकानों का पता चला.
दोनों अधिकारियों को भ्रष्टाचार-रोधी कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है.
1 किलोग्राम सोना, चार करोड़ रुपये के जवाहरात, 43 लाख रुपये की नकदी भी. | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में महागठबंधन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. हालांकि, लालू यादव और नीतीश कुमार वर्तमान हालात में दोनों के बीच आई दूरियां कम करने का भरसक प्रयास कर रहे हैं. इसी बीच, विपक्षी पार्टी भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह नीतीश कुमार को समर्थन देने के लिए तैयार है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय ने मीडिया में बयान दिया है कि अगर नीतीश कुमार राजद से अपना नाता तोड़ लेते हैं तो बीजेपी उन्हें बाहर से समर्थन देगी. हालांकि उन्हें बाद में जोड़ दिया कि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व का होगा. हालांकि, इसकी संभावना बहुत ही कम है कि बिहार में सत्ता में बदलाव के समीकरण देखने को मिले लेकिन संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.
तमाम अटकलों के बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने सोमवार को अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में विधायकों ने फैसला लिया कि लालू प्रसाद यादव के बेटे और राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अपने पद पर बरकरार रहेंगे और इस्तीफा नहीं देंगे.
उधर, इस पूरे प्रकरण पर नीतीश कुमार चुप्पी साधे हुए हैं. लालू परिवार पर हुई छापेमारी के दौरान वह पटना में नहीं थे. बताया जा रहा है कि मंगलवार को नीतीश कुमार भी अपने विधायकों और सांसदों के साथ बैठक करने वाले हैं. माना जा रहा है कि वह बैठक के बाद अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं. आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता जगदानंद ने बताया, "नीतीश कुमार ने कल लालू से बात की थी. वह बीमार थे." टिप्पणियां
सूत्रों का कहना है कि इतना तो तय है कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार पर जरूर बोलेंगे. हो सकता है कि वह लालू या तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना इशारों-इशारों कुछ कहें. 11 जुलाई मंगलवार को अपने विधायकों की बैठक बुलाकार नीतीश कुमार 11 जुलाई को ही दिल्ली में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रत्याशी के चयन के लिए होने वाली 17 विपक्षी दलों की मीटिंग में शामिल नहीं होने की भूमिका तैयार कर ली है.
वो अलग बात है कि अप्रैल में नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए साझा उम्मीदवार खड़ा करने के लिए सबसे पहले पहल की थी और इसके लिए उन्होंने बकायादा दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी. बाद में उन्होंने अपने बयान से किनारा कर लिया. कल होने वाली बैठक में उसी असहज स्थिति से पुनरात्ति से बचने की कोशिश की गई है. विपक्ष उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार का नाम तय करने का प्रयास करेगा. नीतीश कुमार ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव को विपक्षी पार्टियों की होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए कहा है.
हालांकि, नीतीश कुमार कई बार गठबंधन धर्म से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर चुके हैं. उन्होंने नोटबंदी की भी तारीफ की थी. नोटबंदी की तारीफ करने वाले वह विपक्षी नेताओं की जमात में पहले शख्स थे.
उधर, इस पूरे प्रकरण पर नीतीश कुमार चुप्पी साधे हुए हैं. लालू परिवार पर हुई छापेमारी के दौरान वह पटना में नहीं थे. बताया जा रहा है कि मंगलवार को नीतीश कुमार भी अपने विधायकों और सांसदों के साथ बैठक करने वाले हैं. माना जा रहा है कि वह बैठक के बाद अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं. आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता जगदानंद ने बताया, "नीतीश कुमार ने कल लालू से बात की थी. वह बीमार थे." टिप्पणियां
सूत्रों का कहना है कि इतना तो तय है कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार पर जरूर बोलेंगे. हो सकता है कि वह लालू या तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना इशारों-इशारों कुछ कहें. 11 जुलाई मंगलवार को अपने विधायकों की बैठक बुलाकार नीतीश कुमार 11 जुलाई को ही दिल्ली में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रत्याशी के चयन के लिए होने वाली 17 विपक्षी दलों की मीटिंग में शामिल नहीं होने की भूमिका तैयार कर ली है.
वो अलग बात है कि अप्रैल में नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए साझा उम्मीदवार खड़ा करने के लिए सबसे पहले पहल की थी और इसके लिए उन्होंने बकायादा दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी. बाद में उन्होंने अपने बयान से किनारा कर लिया. कल होने वाली बैठक में उसी असहज स्थिति से पुनरात्ति से बचने की कोशिश की गई है. विपक्ष उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार का नाम तय करने का प्रयास करेगा. नीतीश कुमार ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव को विपक्षी पार्टियों की होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए कहा है.
हालांकि, नीतीश कुमार कई बार गठबंधन धर्म से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर चुके हैं. उन्होंने नोटबंदी की भी तारीफ की थी. नोटबंदी की तारीफ करने वाले वह विपक्षी नेताओं की जमात में पहले शख्स थे.
सूत्रों का कहना है कि इतना तो तय है कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार पर जरूर बोलेंगे. हो सकता है कि वह लालू या तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना इशारों-इशारों कुछ कहें. 11 जुलाई मंगलवार को अपने विधायकों की बैठक बुलाकार नीतीश कुमार 11 जुलाई को ही दिल्ली में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रत्याशी के चयन के लिए होने वाली 17 विपक्षी दलों की मीटिंग में शामिल नहीं होने की भूमिका तैयार कर ली है.
वो अलग बात है कि अप्रैल में नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए साझा उम्मीदवार खड़ा करने के लिए सबसे पहले पहल की थी और इसके लिए उन्होंने बकायादा दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी. बाद में उन्होंने अपने बयान से किनारा कर लिया. कल होने वाली बैठक में उसी असहज स्थिति से पुनरात्ति से बचने की कोशिश की गई है. विपक्ष उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार का नाम तय करने का प्रयास करेगा. नीतीश कुमार ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव को विपक्षी पार्टियों की होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए कहा है.
हालांकि, नीतीश कुमार कई बार गठबंधन धर्म से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर चुके हैं. उन्होंने नोटबंदी की भी तारीफ की थी. नोटबंदी की तारीफ करने वाले वह विपक्षी नेताओं की जमात में पहले शख्स थे.
हालांकि, नीतीश कुमार कई बार गठबंधन धर्म से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर चुके हैं. उन्होंने नोटबंदी की भी तारीफ की थी. नोटबंदी की तारीफ करने वाले वह विपक्षी नेताओं की जमात में पहले शख्स थे. | फिलहाल बिहार में महागठबंधन टूटने की संभावना बहुत कम
राजद ने कहा - उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे
नीतीश कुमार पार्टी विधायकों की बैठक में तोड़ सकते हैं चुप्पी | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की तीसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी विप्रो लिमिटेड ने मंगलवार को मौजूदा कारोबारी साल की दूसरी तिमाही में अपनी वैश्विक आईटी सेवा कारोबार से 1.54 अरब डॉलर की मामूली आय का अनुमान जाहिर किया।
कम्पनी ने यहां एक बयान में कहा, "इंटरनेशनल फायनेंशियल रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (आईएफआरएस) के तहत दूसरी तिमाही में हमारी आईटी सेवा कारोबार से 1.54 अरब डॉलर की कुल आय होने का अनुमान है। यह पहली तिमाही के 1.5 अरब डॉलर से मामूली अधिक (1.3 फीसदी) ही है।"
विप्रो लिमिटेड को पहली तिमाही में 1,580 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो भारतीय लेखा पद्धति के मुताबिक पिछले कारोबारी साल की तुलना में 18 फीसदी अधिक है और इससे पिछली तिमाही की तुलना में 6.7 फीसदी अधिक है।टिप्पणियां
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी ने मंगलवार को शेयर बाजारों की दी गई नियमित सूचना में कहा कि आलोच्य अवधि में उसकी समेकित आय साल-दर-साल आधार पर 24 फीसदी अधिक और पिछली तिमाही की तुलना में 7.9 फीसदी अधिक 10,653 करोड़ रुपये रही। इसमें इसकी वैश्विक आईटी सेवा का योगदान 8,314 करोड़ रुपये का है।
आईएफआरएस के तहत पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 28.4 करोड़ डॉलर रहा और कुल आय 1.92 अरब डॉलर रही। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी सेवा का योगदान 1.5 अरब डॉलर रहा।
कम्पनी ने यहां एक बयान में कहा, "इंटरनेशनल फायनेंशियल रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (आईएफआरएस) के तहत दूसरी तिमाही में हमारी आईटी सेवा कारोबार से 1.54 अरब डॉलर की कुल आय होने का अनुमान है। यह पहली तिमाही के 1.5 अरब डॉलर से मामूली अधिक (1.3 फीसदी) ही है।"
विप्रो लिमिटेड को पहली तिमाही में 1,580 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो भारतीय लेखा पद्धति के मुताबिक पिछले कारोबारी साल की तुलना में 18 फीसदी अधिक है और इससे पिछली तिमाही की तुलना में 6.7 फीसदी अधिक है।टिप्पणियां
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी ने मंगलवार को शेयर बाजारों की दी गई नियमित सूचना में कहा कि आलोच्य अवधि में उसकी समेकित आय साल-दर-साल आधार पर 24 फीसदी अधिक और पिछली तिमाही की तुलना में 7.9 फीसदी अधिक 10,653 करोड़ रुपये रही। इसमें इसकी वैश्विक आईटी सेवा का योगदान 8,314 करोड़ रुपये का है।
आईएफआरएस के तहत पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 28.4 करोड़ डॉलर रहा और कुल आय 1.92 अरब डॉलर रही। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी सेवा का योगदान 1.5 अरब डॉलर रहा।
विप्रो लिमिटेड को पहली तिमाही में 1,580 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो भारतीय लेखा पद्धति के मुताबिक पिछले कारोबारी साल की तुलना में 18 फीसदी अधिक है और इससे पिछली तिमाही की तुलना में 6.7 फीसदी अधिक है।टिप्पणियां
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी ने मंगलवार को शेयर बाजारों की दी गई नियमित सूचना में कहा कि आलोच्य अवधि में उसकी समेकित आय साल-दर-साल आधार पर 24 फीसदी अधिक और पिछली तिमाही की तुलना में 7.9 फीसदी अधिक 10,653 करोड़ रुपये रही। इसमें इसकी वैश्विक आईटी सेवा का योगदान 8,314 करोड़ रुपये का है।
आईएफआरएस के तहत पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 28.4 करोड़ डॉलर रहा और कुल आय 1.92 अरब डॉलर रही। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी सेवा का योगदान 1.5 अरब डॉलर रहा।
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी ने मंगलवार को शेयर बाजारों की दी गई नियमित सूचना में कहा कि आलोच्य अवधि में उसकी समेकित आय साल-दर-साल आधार पर 24 फीसदी अधिक और पिछली तिमाही की तुलना में 7.9 फीसदी अधिक 10,653 करोड़ रुपये रही। इसमें इसकी वैश्विक आईटी सेवा का योगदान 8,314 करोड़ रुपये का है।
आईएफआरएस के तहत पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 28.4 करोड़ डॉलर रहा और कुल आय 1.92 अरब डॉलर रही। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी सेवा का योगदान 1.5 अरब डॉलर रहा।
आईएफआरएस के तहत पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 28.4 करोड़ डॉलर रहा और कुल आय 1.92 अरब डॉलर रही। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी सेवा का योगदान 1.5 अरब डॉलर रहा। | विप्रो लिमिटेड को पहली तिमाही में 1,580 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो भारतीय लेखा पद्धति के मुताबिक पिछले कारोबारी साल की तुलना में 18 फीसदी अधिक है और इससे पिछली तिमाही की तुलना में 6.7 फीसदी अधिक है। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विभिन्न आधिकारिक एजेंसियों द्वारा आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाए जाने पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि यहां तक कि आईएमएफ जैसी बहुपक्षीय एजेंसियां भी ऐसा करती हैं।टिप्पणियां
एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, हम ऐसा करने वाले अकेले नहीं हैं। अगर आप पिछले तीन-चार सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर डालें तो पाएंगे कि आईएमएफ को वृद्धि दर का अनुमान घटाना पड़ा। मुझे लगता है कि यह छह मौकों पर अनुमान घटा चुका है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने चालू वित्तवर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.3 प्रतिशत कर दिया। पूर्व में उसका 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान था। रिजर्व बैंक ने भी चालू वित्तवर्ष के लिए वृद्धि दर का अनुमान 5.7 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया था।
एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, हम ऐसा करने वाले अकेले नहीं हैं। अगर आप पिछले तीन-चार सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर डालें तो पाएंगे कि आईएमएफ को वृद्धि दर का अनुमान घटाना पड़ा। मुझे लगता है कि यह छह मौकों पर अनुमान घटा चुका है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने चालू वित्तवर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.3 प्रतिशत कर दिया। पूर्व में उसका 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान था। रिजर्व बैंक ने भी चालू वित्तवर्ष के लिए वृद्धि दर का अनुमान 5.7 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने चालू वित्तवर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.3 प्रतिशत कर दिया। पूर्व में उसका 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान था। रिजर्व बैंक ने भी चालू वित्तवर्ष के लिए वृद्धि दर का अनुमान 5.7 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विभिन्न आधिकारिक एजेंसियों द्वारा आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाए जाने पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि यहां तक कि आईएमएफ जैसी बहुपक्षीय एजेंसियां भी ऐसा करती हैं। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन का किराया विमान किराये से भी सस्ता होगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने यह लोकसभा में यह जानकारी देते हुए साथ ही बताया कि यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर अगले 6 साल में बनकर तैयार हो जाएगा।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि यह महात्वाकांक्षी परियोजना मुमकिन है और हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना लागत-प्रभावी होगी। उम्मीद है कि हाई स्पीड बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी लगभग 2 घंटे में पूरा करेगी। इसकी अधिकतम स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा और संस्चालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इस वक्त दुरंतो एक्सप्रेस इस दूरी को सात घंटे में पूरा करती है। प्रभु ने कहा, 'इस निर्णय में किसी तरह का क्षेत्रीय पूर्वाग्रह नहीं है। हर एक राज्य को पहले की तुलना में दोगुना धन उपलब्ध कराया गया है।'
गौरतलब है कि सरकार हाई स्पीड रेल प्रॉजेक्ट के लिए जापान से तकनीकी और वित्तीय मदद दे रही है। इसके लिए जापानी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इसका फिजीबिलिटी अध्ययन पहले ही पूरा कर लिया है। इस प्रॉजेक्ट की अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये है और इसका 81 फीसदी हिस्सा लोन के रूप में जापान देगा। प्रॉजेक्ट कॉस्ट में कॉस्ट बढ़ोतरी, निर्माण के दौरान ब्याज और इंपोर्ट ड्यूटी भी शामिल है। इस प्रॉजेक्ट के लिए जापान 50 साल के लिए 0.1 फीसदी सालाना ब्याज दर पर सॉफ्ट लोन देगा। लोन अग्रीमेंट के तहत सिग्नल और पावर सिस्टम के लिए उपकरणों का निर्यात जापान से करना होगा। टिप्पणियां
प्रभु ने बताया कि रेलवे ने हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेन के लिए एक नीति बनाई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न रेलवे कंपनियों को अन्य हाई स्पीड कॉरिडोर के फिजीबिलिटी स्टडी के लिए कहा है। दिल्ली-मुंबई हाई स्पीड कॉरिडोर के लिए थर्ड रेलवे सर्वे ऐंड डिजाइन इंस्टिट्यूट ग्रुप कॉरपोरेशन (चीनी कंसल्टैंट) और भारत की लेहमेयर इंटरनैशन के कंसोर्टियम को ठेका दिया गया है। मुंबई-चेन्नई, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-नागपुर और मुंबई-नागपुर के बीच हाई स्पीड कॉरीडोर की फिजीबिलिटी स्टडी के लिए ग्लोबल कंसल्टैंट को ठेका दिया गया है। प्रभु ने बताया कि रेलवे ने सेमी-हाई स्पीड रेल के लिए 9 कॉरिडोर की पहचान की है। रेलवे द्वारा चिन्हित किए गए कॉरिडोर में दिल्ली-चंडीगढ़, चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर, दिल्ली-कानपुर, नागपुर-बिलासपुर,मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, चेन्नै-हैदराबाद और नागपुर-सिकंदराबाद शामिल हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि यह महात्वाकांक्षी परियोजना मुमकिन है और हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना लागत-प्रभावी होगी। उम्मीद है कि हाई स्पीड बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी लगभग 2 घंटे में पूरा करेगी। इसकी अधिकतम स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा और संस्चालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इस वक्त दुरंतो एक्सप्रेस इस दूरी को सात घंटे में पूरा करती है। प्रभु ने कहा, 'इस निर्णय में किसी तरह का क्षेत्रीय पूर्वाग्रह नहीं है। हर एक राज्य को पहले की तुलना में दोगुना धन उपलब्ध कराया गया है।'
गौरतलब है कि सरकार हाई स्पीड रेल प्रॉजेक्ट के लिए जापान से तकनीकी और वित्तीय मदद दे रही है। इसके लिए जापानी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इसका फिजीबिलिटी अध्ययन पहले ही पूरा कर लिया है। इस प्रॉजेक्ट की अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये है और इसका 81 फीसदी हिस्सा लोन के रूप में जापान देगा। प्रॉजेक्ट कॉस्ट में कॉस्ट बढ़ोतरी, निर्माण के दौरान ब्याज और इंपोर्ट ड्यूटी भी शामिल है। इस प्रॉजेक्ट के लिए जापान 50 साल के लिए 0.1 फीसदी सालाना ब्याज दर पर सॉफ्ट लोन देगा। लोन अग्रीमेंट के तहत सिग्नल और पावर सिस्टम के लिए उपकरणों का निर्यात जापान से करना होगा। टिप्पणियां
प्रभु ने बताया कि रेलवे ने हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेन के लिए एक नीति बनाई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न रेलवे कंपनियों को अन्य हाई स्पीड कॉरिडोर के फिजीबिलिटी स्टडी के लिए कहा है। दिल्ली-मुंबई हाई स्पीड कॉरिडोर के लिए थर्ड रेलवे सर्वे ऐंड डिजाइन इंस्टिट्यूट ग्रुप कॉरपोरेशन (चीनी कंसल्टैंट) और भारत की लेहमेयर इंटरनैशन के कंसोर्टियम को ठेका दिया गया है। मुंबई-चेन्नई, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-नागपुर और मुंबई-नागपुर के बीच हाई स्पीड कॉरीडोर की फिजीबिलिटी स्टडी के लिए ग्लोबल कंसल्टैंट को ठेका दिया गया है। प्रभु ने बताया कि रेलवे ने सेमी-हाई स्पीड रेल के लिए 9 कॉरिडोर की पहचान की है। रेलवे द्वारा चिन्हित किए गए कॉरिडोर में दिल्ली-चंडीगढ़, चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर, दिल्ली-कानपुर, नागपुर-बिलासपुर,मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, चेन्नै-हैदराबाद और नागपुर-सिकंदराबाद शामिल हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि सरकार हाई स्पीड रेल प्रॉजेक्ट के लिए जापान से तकनीकी और वित्तीय मदद दे रही है। इसके लिए जापानी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इसका फिजीबिलिटी अध्ययन पहले ही पूरा कर लिया है। इस प्रॉजेक्ट की अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये है और इसका 81 फीसदी हिस्सा लोन के रूप में जापान देगा। प्रॉजेक्ट कॉस्ट में कॉस्ट बढ़ोतरी, निर्माण के दौरान ब्याज और इंपोर्ट ड्यूटी भी शामिल है। इस प्रॉजेक्ट के लिए जापान 50 साल के लिए 0.1 फीसदी सालाना ब्याज दर पर सॉफ्ट लोन देगा। लोन अग्रीमेंट के तहत सिग्नल और पावर सिस्टम के लिए उपकरणों का निर्यात जापान से करना होगा। टिप्पणियां
प्रभु ने बताया कि रेलवे ने हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेन के लिए एक नीति बनाई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न रेलवे कंपनियों को अन्य हाई स्पीड कॉरिडोर के फिजीबिलिटी स्टडी के लिए कहा है। दिल्ली-मुंबई हाई स्पीड कॉरिडोर के लिए थर्ड रेलवे सर्वे ऐंड डिजाइन इंस्टिट्यूट ग्रुप कॉरपोरेशन (चीनी कंसल्टैंट) और भारत की लेहमेयर इंटरनैशन के कंसोर्टियम को ठेका दिया गया है। मुंबई-चेन्नई, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-नागपुर और मुंबई-नागपुर के बीच हाई स्पीड कॉरीडोर की फिजीबिलिटी स्टडी के लिए ग्लोबल कंसल्टैंट को ठेका दिया गया है। प्रभु ने बताया कि रेलवे ने सेमी-हाई स्पीड रेल के लिए 9 कॉरिडोर की पहचान की है। रेलवे द्वारा चिन्हित किए गए कॉरिडोर में दिल्ली-चंडीगढ़, चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर, दिल्ली-कानपुर, नागपुर-बिलासपुर,मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, चेन्नै-हैदराबाद और नागपुर-सिकंदराबाद शामिल हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रभु ने बताया कि रेलवे ने हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेन के लिए एक नीति बनाई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न रेलवे कंपनियों को अन्य हाई स्पीड कॉरिडोर के फिजीबिलिटी स्टडी के लिए कहा है। दिल्ली-मुंबई हाई स्पीड कॉरिडोर के लिए थर्ड रेलवे सर्वे ऐंड डिजाइन इंस्टिट्यूट ग्रुप कॉरपोरेशन (चीनी कंसल्टैंट) और भारत की लेहमेयर इंटरनैशन के कंसोर्टियम को ठेका दिया गया है। मुंबई-चेन्नई, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-नागपुर और मुंबई-नागपुर के बीच हाई स्पीड कॉरीडोर की फिजीबिलिटी स्टडी के लिए ग्लोबल कंसल्टैंट को ठेका दिया गया है। प्रभु ने बताया कि रेलवे ने सेमी-हाई स्पीड रेल के लिए 9 कॉरिडोर की पहचान की है। रेलवे द्वारा चिन्हित किए गए कॉरिडोर में दिल्ली-चंडीगढ़, चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर, दिल्ली-कानपुर, नागपुर-बिलासपुर,मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, चेन्नै-हैदराबाद और नागपुर-सिकंदराबाद शामिल हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान दी यह जानकारी
प्रभु ने बताया कि यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर अगले 6 साल में तैयार हो जाएगा
मुंबई-अहमदाबाद के बीच की 508 KM की दूरी करीब 2 घंटे में पूरी होगी | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने बॉलीवुड फिल्म ‘एजेंट विनोद’ पर प्रतिबंध लगा दिया है क्योंकि फिल्म में आईएसआई (पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी) का नाम लिया गया है जो यहां के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। फिल्म इसी शुक्रवार को रिलीज होने वाली थी।
फिल्म के पाकिस्तानी वितरक आईएमजीसी ग्लोबल की ओर से जारी एक बयान में पुष्टि की गई है कि ‘पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया है।’ कराची के ‘एट्रियम सिनेमाज’ के प्रवक्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि फिल्म 23 मार्च को रिलीज होनी थी लेकिन सेंसर बोर्ड ने उसे रोक दिया है।टिप्पणियां
सेंसर बोर्ड की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि यह फिल्म एक भारतीय जासूस पर आधारित है जिसका किरदार सैफ अली खान निभा रहे हैं। इस फिल्म में आईएसआई के नाम का उपयोग किया गया है ‘जो पाकिस्तान के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है’ इसलिए इसे प्रतिबंधित किया गया है।
देश के प्रमुख अखबारों में 23 मार्च को ‘एजेंट विनोद’ के रिलीज होने को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार विज्ञापन छप रहे थे। हालांकि, सेंसर से फिल्म को मंजूरी नहीं मिलने की खबर आने के बाद कराची, लाहौर और रावलपिंडी में सिनेमा घरों ने टिकट बेचना बंद कर दिया।
फिल्म के पाकिस्तानी वितरक आईएमजीसी ग्लोबल की ओर से जारी एक बयान में पुष्टि की गई है कि ‘पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया है।’ कराची के ‘एट्रियम सिनेमाज’ के प्रवक्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि फिल्म 23 मार्च को रिलीज होनी थी लेकिन सेंसर बोर्ड ने उसे रोक दिया है।टिप्पणियां
सेंसर बोर्ड की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि यह फिल्म एक भारतीय जासूस पर आधारित है जिसका किरदार सैफ अली खान निभा रहे हैं। इस फिल्म में आईएसआई के नाम का उपयोग किया गया है ‘जो पाकिस्तान के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है’ इसलिए इसे प्रतिबंधित किया गया है।
देश के प्रमुख अखबारों में 23 मार्च को ‘एजेंट विनोद’ के रिलीज होने को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार विज्ञापन छप रहे थे। हालांकि, सेंसर से फिल्म को मंजूरी नहीं मिलने की खबर आने के बाद कराची, लाहौर और रावलपिंडी में सिनेमा घरों ने टिकट बेचना बंद कर दिया।
सेंसर बोर्ड की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि यह फिल्म एक भारतीय जासूस पर आधारित है जिसका किरदार सैफ अली खान निभा रहे हैं। इस फिल्म में आईएसआई के नाम का उपयोग किया गया है ‘जो पाकिस्तान के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है’ इसलिए इसे प्रतिबंधित किया गया है।
देश के प्रमुख अखबारों में 23 मार्च को ‘एजेंट विनोद’ के रिलीज होने को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार विज्ञापन छप रहे थे। हालांकि, सेंसर से फिल्म को मंजूरी नहीं मिलने की खबर आने के बाद कराची, लाहौर और रावलपिंडी में सिनेमा घरों ने टिकट बेचना बंद कर दिया।
देश के प्रमुख अखबारों में 23 मार्च को ‘एजेंट विनोद’ के रिलीज होने को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार विज्ञापन छप रहे थे। हालांकि, सेंसर से फिल्म को मंजूरी नहीं मिलने की खबर आने के बाद कराची, लाहौर और रावलपिंडी में सिनेमा घरों ने टिकट बेचना बंद कर दिया। | यह एक सारांश है: पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने बॉलीवुड फिल्म ‘एजेंट विनोद’ पर प्रतिबंध लगा दिया है क्योंकि फिल्म में आईएसआई (पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी) का नाम लिया गया है जो यहां के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक को सरकार की नीति के अनुसार देश का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिलना तय है.
यह फैसला किया गया था कि ओलिंपिक वर्ष में जो भी पदक जीतेगा उसे स्वत: ही राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. साक्षी को अभी तक अर्जुन पुरस्कार तक नहीं मिला है लेकिन सरकार की नीति के अनुसार यह सुनिश्चित है कि उसके नाम पर सीधे खेल रत्न के लिये विचार किया जाएगा.टिप्पणियां
रियो में मामूली अंतर से पदक से चूकने वाली जिम्नास्ट दीपा करमाकर और फाइनल में जगह बनाने वाले निशानेबाज जीतू राय अन्य दो खिलाड़ी जिनके नामों की इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिये सिफारिश की गयी है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह फैसला किया गया था कि ओलिंपिक वर्ष में जो भी पदक जीतेगा उसे स्वत: ही राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. साक्षी को अभी तक अर्जुन पुरस्कार तक नहीं मिला है लेकिन सरकार की नीति के अनुसार यह सुनिश्चित है कि उसके नाम पर सीधे खेल रत्न के लिये विचार किया जाएगा.टिप्पणियां
रियो में मामूली अंतर से पदक से चूकने वाली जिम्नास्ट दीपा करमाकर और फाइनल में जगह बनाने वाले निशानेबाज जीतू राय अन्य दो खिलाड़ी जिनके नामों की इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिये सिफारिश की गयी है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रियो में मामूली अंतर से पदक से चूकने वाली जिम्नास्ट दीपा करमाकर और फाइनल में जगह बनाने वाले निशानेबाज जीतू राय अन्य दो खिलाड़ी जिनके नामों की इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिये सिफारिश की गयी है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: साक्षी को अभी तक नहीं मिला है अर्जुन अवार्ड
सीधे खेल रत्न के लिए उनके नाम पर किया जाएगा विचार
दीपा कर्मकार, जीतू राय के नाम की भी हुई है सिफारिश | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पांच टेस्ट मैचों की सीरीज जहां टीम इंडिया ने 4-0 से जीती थी वहीं वनडे सीरीज में यह स्कोर 2-1 के अंतर से इसके पक्ष में रहा था. विराट कोहली की नजरें अब इस सफलता को सबसे छोटे प्रारूप में भी दोहराने पर टिकी हैं. दूसरी ओर, पिछले मैच में जीत की दहलीज पर पहुंचने के बाद हारने वाले इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन काफी नाखुश है. वह पूरी कोशिश करेंगे कि उनकी टीम जीत के साथ भारतीय सरजमीं से विदा हो. जसप्रीत बुमराह ने 18वें और 20वें ओवर में सिर्फ पांच रन दिए वहीं रूट को निर्णायक क्षणों में पगबाधा आउट देने के अंपायर शमसुद्दीन के गलत फैसले ने इंग्लैंड के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया. रिप्ले से साफ देखने में आया कि रूट का बल्ला गेंद से लगा था. इंग्लैंड खेमा पिछले मैच की गलतियों को नहीं दोहराना चाहेगा जबकि पहला मैच हारने के बाद दूसरे मैच में वापसी करने वाली भारतीय टीम के हौसले बुलंद है.
भारत में सभी प्रारूपों में अभी तक कोई सीरीज नहीं गंवाने वाले कप्तान कोहली अपनी उपलब्धियों में एक और तमगा जोड़ना चाहेंगे. भारत ने पिछले साल इस मैदान पर टी20 वर्ल्डकपमें बांग्लादेश को एक रन से हराया था. बांग्लादेश के खिलाफ मार्च में खेले गए मैच और रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मैच में बुमराह ने अंतिम ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी की. नागपुर में पिछले मैच में इंग्लैंड के लिये क्रिस जॉर्डन, बेन स्टोक्स और टाइमल मिल्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और उनका चुस्त क्षेत्ररक्षकों ने पूरा साथ दिया. कोहली और कोच अनिल कुंबले ने इन इन तीनों तेज गेंदबाजों को रोकने की निश्चित ही रणनीति बनाई होगी. भारत की ओर से दिग्गज बल्लेबाज कोहली, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना अच्छी पारी खेलने की कोशिश करेंगे, वहीं लोकेश राहुल का आत्मविश्वास नागपुर के कठिन विकेट पर 71 रन बनाने के बाद बढ़ा होगा.
कोहली के पास टीम में कुछ बदलाव करने के विकल्प है हालांकि युवा ऋषभ पंत को अंतिम एकादश में उतारना 'जुआ' जैसा होगा. पंत इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में 50 ओवरों के प्रैक्टिस मैच में आक्रामक बल्लेबाजी की थी, इस लिहाज से टीम प्रबंधन उन्हें इस मैच में मौका दे सकता है. भुवनेश्वर कुमार भी पिछले दो मैचों में बाहर रहे हैं और पिच के स्वभाव को देखते हुए उन्हें उतारा जा सकता है. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने हाल ही में इस मैदान पर 4 . 5 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ड्रेनेज व्यवस्था शुरू की है जिससे मैदान पर से पानी ड्रेनेज की तुलना में 36 गुना तेजी से सूखता है. ब्रिटेन के वेम्बले, न्यूयार्क मेट्स, सीटल मेरिनर्स, कनाडा के बीएमओ फील्ड, मैनचेस्टर सिटी के एतिहाद स्टेडियम में इसका इस्तेमाल हो रहा है ।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं ...
भारत : विराट कोहली (कप्तान) , केएल राहुल, सुरेश रैना, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्या, परवेज रसूल, आशीष नेहरा, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह , मनदीप सिंह, ऋषभ पंत, भुवनेश्वर पंत और अमित मिश्रा.टिप्पणियां
इंग्लैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान) , जेसन रॉय, सैम बिलिंग्स, जो रूट, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, मोईन अली, क्रिस जॉर्डन, लियाम प्लंकेट, आदिल रशीद, टाइमल मिल्स, जोनाथन बेयरस्टा, जैक बाल, लियाम डासन औरडेविड विले.
मैच का समय : शाम सात बजे से.
भारत में सभी प्रारूपों में अभी तक कोई सीरीज नहीं गंवाने वाले कप्तान कोहली अपनी उपलब्धियों में एक और तमगा जोड़ना चाहेंगे. भारत ने पिछले साल इस मैदान पर टी20 वर्ल्डकपमें बांग्लादेश को एक रन से हराया था. बांग्लादेश के खिलाफ मार्च में खेले गए मैच और रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मैच में बुमराह ने अंतिम ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी की. नागपुर में पिछले मैच में इंग्लैंड के लिये क्रिस जॉर्डन, बेन स्टोक्स और टाइमल मिल्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और उनका चुस्त क्षेत्ररक्षकों ने पूरा साथ दिया. कोहली और कोच अनिल कुंबले ने इन इन तीनों तेज गेंदबाजों को रोकने की निश्चित ही रणनीति बनाई होगी. भारत की ओर से दिग्गज बल्लेबाज कोहली, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना अच्छी पारी खेलने की कोशिश करेंगे, वहीं लोकेश राहुल का आत्मविश्वास नागपुर के कठिन विकेट पर 71 रन बनाने के बाद बढ़ा होगा.
कोहली के पास टीम में कुछ बदलाव करने के विकल्प है हालांकि युवा ऋषभ पंत को अंतिम एकादश में उतारना 'जुआ' जैसा होगा. पंत इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में 50 ओवरों के प्रैक्टिस मैच में आक्रामक बल्लेबाजी की थी, इस लिहाज से टीम प्रबंधन उन्हें इस मैच में मौका दे सकता है. भुवनेश्वर कुमार भी पिछले दो मैचों में बाहर रहे हैं और पिच के स्वभाव को देखते हुए उन्हें उतारा जा सकता है. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने हाल ही में इस मैदान पर 4 . 5 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ड्रेनेज व्यवस्था शुरू की है जिससे मैदान पर से पानी ड्रेनेज की तुलना में 36 गुना तेजी से सूखता है. ब्रिटेन के वेम्बले, न्यूयार्क मेट्स, सीटल मेरिनर्स, कनाडा के बीएमओ फील्ड, मैनचेस्टर सिटी के एतिहाद स्टेडियम में इसका इस्तेमाल हो रहा है ।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं ...
भारत : विराट कोहली (कप्तान) , केएल राहुल, सुरेश रैना, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्या, परवेज रसूल, आशीष नेहरा, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह , मनदीप सिंह, ऋषभ पंत, भुवनेश्वर पंत और अमित मिश्रा.टिप्पणियां
इंग्लैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान) , जेसन रॉय, सैम बिलिंग्स, जो रूट, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, मोईन अली, क्रिस जॉर्डन, लियाम प्लंकेट, आदिल रशीद, टाइमल मिल्स, जोनाथन बेयरस्टा, जैक बाल, लियाम डासन औरडेविड विले.
मैच का समय : शाम सात बजे से.
कोहली के पास टीम में कुछ बदलाव करने के विकल्प है हालांकि युवा ऋषभ पंत को अंतिम एकादश में उतारना 'जुआ' जैसा होगा. पंत इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में 50 ओवरों के प्रैक्टिस मैच में आक्रामक बल्लेबाजी की थी, इस लिहाज से टीम प्रबंधन उन्हें इस मैच में मौका दे सकता है. भुवनेश्वर कुमार भी पिछले दो मैचों में बाहर रहे हैं और पिच के स्वभाव को देखते हुए उन्हें उतारा जा सकता है. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने हाल ही में इस मैदान पर 4 . 5 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ड्रेनेज व्यवस्था शुरू की है जिससे मैदान पर से पानी ड्रेनेज की तुलना में 36 गुना तेजी से सूखता है. ब्रिटेन के वेम्बले, न्यूयार्क मेट्स, सीटल मेरिनर्स, कनाडा के बीएमओ फील्ड, मैनचेस्टर सिटी के एतिहाद स्टेडियम में इसका इस्तेमाल हो रहा है ।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं ...
भारत : विराट कोहली (कप्तान) , केएल राहुल, सुरेश रैना, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्या, परवेज रसूल, आशीष नेहरा, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह , मनदीप सिंह, ऋषभ पंत, भुवनेश्वर पंत और अमित मिश्रा.टिप्पणियां
इंग्लैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान) , जेसन रॉय, सैम बिलिंग्स, जो रूट, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, मोईन अली, क्रिस जॉर्डन, लियाम प्लंकेट, आदिल रशीद, टाइमल मिल्स, जोनाथन बेयरस्टा, जैक बाल, लियाम डासन औरडेविड विले.
मैच का समय : शाम सात बजे से.
दोनों टीमें इस प्रकार हैं ...
भारत : विराट कोहली (कप्तान) , केएल राहुल, सुरेश रैना, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्या, परवेज रसूल, आशीष नेहरा, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह , मनदीप सिंह, ऋषभ पंत, भुवनेश्वर पंत और अमित मिश्रा.टिप्पणियां
इंग्लैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान) , जेसन रॉय, सैम बिलिंग्स, जो रूट, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, मोईन अली, क्रिस जॉर्डन, लियाम प्लंकेट, आदिल रशीद, टाइमल मिल्स, जोनाथन बेयरस्टा, जैक बाल, लियाम डासन औरडेविड विले.
मैच का समय : शाम सात बजे से.
भारत : विराट कोहली (कप्तान) , केएल राहुल, सुरेश रैना, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्या, परवेज रसूल, आशीष नेहरा, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह , मनदीप सिंह, ऋषभ पंत, भुवनेश्वर पंत और अमित मिश्रा.टिप्पणियां
इंग्लैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान) , जेसन रॉय, सैम बिलिंग्स, जो रूट, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, मोईन अली, क्रिस जॉर्डन, लियाम प्लंकेट, आदिल रशीद, टाइमल मिल्स, जोनाथन बेयरस्टा, जैक बाल, लियाम डासन औरडेविड विले.
मैच का समय : शाम सात बजे से.
इंग्लैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान) , जेसन रॉय, सैम बिलिंग्स, जो रूट, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, मोईन अली, क्रिस जॉर्डन, लियाम प्लंकेट, आदिल रशीद, टाइमल मिल्स, जोनाथन बेयरस्टा, जैक बाल, लियाम डासन औरडेविड विले.
मैच का समय : शाम सात बजे से.
मैच का समय : शाम सात बजे से. | संक्षिप्त पाठ: नागपुर का मैच जीतने के बाद टीम इंडिया का मनोबल ऊंचा
इंग्लैंड की कोशिश जीत के साथ भारत से विदा लेने की होगी
पंत को प्लेइंग 11 में जगह देने का जोखिम ले सकती है टीम इंडिया | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने 10 दिनों के विपश्यना से लौटते ही आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस ली है. केजरीवाल ने पार्टी नेताओं को राज्यों की ज़िम्मेदारी सौंप दी है. खुद केजरीवाल पंजाब का ज़िम्मा अपने पास रखेंगे, जबकि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गोवा की जिम्मेदारी दी गई है. गुजरात में अगले साल के अंत में चुनाव होंगे. जिसके लिए अभी से जल मंत्री कपिल मिश्रा और आशुतोष को गुजरात का ज़िम्मा दे दिया गया है.टिप्पणियां
पार्टी नेताओं को सितंबर के पहले हफ्ते से काम पर लग जाने का निर्देश दिया गया है साथ ही इन नेताओं को हर महीने 10-15 दिन अपने राज्यों में बिताने के निर्देश भी दिए गए हैं.
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के तीन अहम मंत्रियों को चुनाव की ज़िम्मेदारी दी गई है. पार्टी का मानना है कि वह हाल में दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी इसलिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक एलजी के साथ किसी तरह के टकराव की कोई ज़रूरत नहीं है. ऐसे में अपनी ताकत और समय राज्यों के विधान सभा चुनाव में लगाना बेहतर होगा.
पार्टी नेताओं को सितंबर के पहले हफ्ते से काम पर लग जाने का निर्देश दिया गया है साथ ही इन नेताओं को हर महीने 10-15 दिन अपने राज्यों में बिताने के निर्देश भी दिए गए हैं.
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के तीन अहम मंत्रियों को चुनाव की ज़िम्मेदारी दी गई है. पार्टी का मानना है कि वह हाल में दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी इसलिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक एलजी के साथ किसी तरह के टकराव की कोई ज़रूरत नहीं है. ऐसे में अपनी ताकत और समय राज्यों के विधान सभा चुनाव में लगाना बेहतर होगा.
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के तीन अहम मंत्रियों को चुनाव की ज़िम्मेदारी दी गई है. पार्टी का मानना है कि वह हाल में दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी इसलिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक एलजी के साथ किसी तरह के टकराव की कोई ज़रूरत नहीं है. ऐसे में अपनी ताकत और समय राज्यों के विधान सभा चुनाव में लगाना बेहतर होगा. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीएम केजरीवाल ने पार्टी नेताओं को राज्यों की ज़िम्मेदारी सौंप दी है
मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को गोवा का जिम्मा
सितंबर के पहले हफ्ते से काम पर लग जाने का निर्देश | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के आरामबाग क्षेत्र में रविवार को एक स्थानीय भाजपा नेता की नृशंस हत्या कर दी गई. भाजपा ने हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है, जिसे तृणमूल ने नकार दिया है. पुलिस ने रविवार को बताया कि हत्या के मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. भाजपा के स्थानीय नेता शेख आमिर खान पर कथित रूप से तृणमूल के लोगों ने तलवार और बांस से हमला किया, जिसके बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में उनकी मौत हो गई.
पुलिस सूत्रों ने कहा कि भाजपा और तृणमूल में रस्साकशी चल रही थी और पिछले कुछ दिनों में झड़प की घटनाएं हुई थी. स्थानीय भाजपा नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा, 'यहां कानून का कोई राज नहीं है. हत्या के पीछे तृणमूल का हाथ है. जहां उन्हें मारा गया वह स्थान एसडीपीओ से कार्यालय से बहुत दूर नहीं था.'
हालांकि हुगली जिले के एक तृणमूल नेता ने आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के समय से ही भाजपा कार्यकर्ता तृणमूल के लोगों पर हमला कर रहे हैं. भाजपा ने राजमार्ग जाम कर हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है. | यह एक सारांश है: रविवार को एक स्थानीय भाजपा नेता की नृशंस हत्या कर दी गई
भाजपा ने हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है
जहां उन्हें मारा गया वह स्थान एसडीपीओ से कार्यालय से बहुत दूर नहीं था | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: SSC CHSL 2019 परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 12वीं पास लोग सीएचएसएल परीक्षा (SSC CHSL 2029 Exam) के लिए आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन एप्लीकेशन (SSC CHSL Application) सबमिट करनी की आखिरी तारीख 10 जनवरी 2020 है. ऑनलाइन एप्लीकेशन फीस सबमिट करने की आखिरी तारीख 12 जनवरी 2020 है और चालान जमा करने की आखिरी तारीख 14 जनवरी 2020 है. CHSL के जरिये केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी), जूनियर सेक्रेटेरियल असिस्टेंट (जेएसए), पोस्टल/शॉर्टिंग असिस्टेंट (पीए/एसए), डेटा इंट्री ऑपरेटर (डीईओ) के रिक्त पदों पर भर्ती की जाती है. भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी नीचे दी गई है.
ऑफिशियल नोटिफिकेशन के लिए यहां क्लिक करें.
- आवेदन करने के लिए योग्य उम्मीदवारों को वेबसाइट पर दिए गए New User ? Register Now के लिंक पर क्लिक करना होगा.
- अब आपको रजिस्ट्रेशन कर लॉग इन क्रिएट करना होगा.
- रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड जनरेट हो जाने के बाद आपको मेन पेज से लॉग इन करना होगा.
- अब यहां मांगी गई हर जानकारी सबमिट करनी होगी. (जैसे नाम, माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, फोटो, साइन आदि)
- अब एप्लीकेशन फीस जमा करनी होगी.
- एप्लीकेशन फीस और अन्य सभी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद अपने एप्लीकेशन का प्रिंट लेना होगा. | सारांश: सीएचएसएल परीक्षा के लिए आवेदन शरू हो गए हैं.
12वीं पास आवेदन कर सकते हैं.
टायर 1 परीक्षा 16 मार्च से 27 मार्च 2020 तक आयोजित की जाएगी. | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं के विरोध में इस्तीफा देने वाले आईएएस शाह फैसल राजनीति में आने की तैयारी कर रहे हैं. उनके इस कदम पर सेना प्रमुख विपिन रावत ने कहा है कि यदि उन्होंने इसलिए यह फैसला लिया है कि वे युवाओं के पास जाकर कहें कि आप बंदूक छोड़ दो, तो अच्छी बात है.
जनरल रावत ने कहा कि यदि वे (फैसल) लोगों के बीच, समाज के बीच जाते हैं और कहते हैं कि आप क्या कर रहे हो, आप मर रहे हो या इसलिए मर रहे हो कि हथियार उठा रहे हो, तो ठीक है.
जम्मू एवं कश्मीर में 'लगातार नागरिक हत्याओं' के विरोध में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का पद त्याग चुके शाह फैसल ने गुरुवार को राजनीति में अपना भविष्य तय करने के लिए लोगों से, विशेषकर युवाओं से सुझाव मांगे. कश्मीर से संबंध रखने वाले फैसल ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, "मेरे पास आइडिया है कि मुझे क्या करना चाहिए, लेकिन मैं अंतिम निर्णय लेने से पहले लोगों के विचार जानना चाहता हूं."
फैसल ने कहा, "सैकड़ों और हजारों लोगों ने मेरे इस्तीफे पर सैकड़ों और हजारों तरीकों से प्रतिक्रिया दी है. मुझे इसकी पूरी उम्मीद थी. अपशब्दों और प्रशंसा, दोनों की ही बाढ़ आ गई है."
उन्होंने कहा, "अब मैंने सेवा छोड़ दी है. इसके बाद मैं जो करने जा रहा हूं वह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कश्मीर के लोग, खासकर युवा मुझसे क्या चाहते हैं. मेरे पास एक विचार है कि मैं क्या कर सकता हूं. मुझे यकीन है कि आपके पास भी विचार होंगे और आप चाहते होंगे कि अंतिम निर्णय लेने से पहले मैं उन विचारों को जानूं." फैसल ने लोगों से सुझाव मांगते हुए कहा, "अगर आप चाहें तो कल (शुक्रवार को) मुझसे श्रीनगर में आकर भी मिल सकते हैं. हम मिलकर रास्ता सोचेंगे."
फैसल ने कहा, " मेरा राजनीतिक चयन वास्तविक लोगों द्वारा तय किया जाएगा न कि (फेसबुक) के लाइक और कमेंट से तय होगा. मुझसे मिलने कौन आ रहा है, यह जानने के बाद मैं स्थल की जानकारी साझा करूंगा. देखते हैं कि उन सैकड़ों और हजारों लोगों में कितने लोग बात करने के लिए तैयार हैं. बाद में मुझे मत कहना कि मुझे पहले युवाओं से पूछना चाहिए था. धन्यवाद."
पहले कश्मीरी आईएएएस टॉपर फैसल ने बुधवार को आईएएस से इस्तीफा देते हुए कहा था कि उनकी योजना राजनीति में जाने की है. उन्होंने अपने फैसले की वजह 'कश्मीर में नागरिकों की सिलसिलेवार हत्याओं और भारतीय मुसलमानों को हाशिये पर धकेले जाने' को बताया है.
(इनपुट आईएएनएस से भी) | सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने शाह फैसल के कदम पर प्रतिक्रिया दी
कहा- युवाओं से कहें कि आप इसलिए मर रहे हो क्योंकि हथियार उठा रहे हो
अंतिम निर्णय लेने से पहले लोगों के विचार जानना चाहते हैं फैसल | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया फिनलैंड से रविवार को तय समय पर लौटेंगे जबकि दिल्ली के उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू और चिकुनगुनिया के मामले में अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए उन्हें दौरा छोटा करने का आदेश दिया था.
उपराज्यपाल नजीब जंग ने सिसोदिया से कहा था कि फिनलैंड का अपना दौरा छोटा करें और चिकनगुनिया तथा डेंगू फैलने को देखते हुए जल्द दिल्ली लौटें, जिससे केजरीवाल की सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच तकरार और बढ़ गई. जंग के निर्देश पर मुख्य सचिव के.के. शर्मा ने उपमुख्यमंत्री को तुरंत फैक्स करते हुए कहा, ‘मौजूदा प्रशासनिक मामलों से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आपकी मौजूदगी जरूरी है.’
बहरहाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘तय समय के मुताबिक’ उपमुख्यमंत्री रविवार को दिल्ली लौटेंगे. सिसोदिया 12 सितंबर को अपने अधिकारियों के साथ फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए वहां रवाना हुए थे. फिनलैंड में ‘छुट्टियां मनाने’ के विपक्ष के आरोपों से इंकार करते हुए सिसोदिया ने कहा कि दूसरे देशों की स्कूली व्यवस्था का अध्ययन करना ‘पाप’ नहीं है ताकि दिल्ली की शिक्षा समस्याओं का समाधान किया जा सके. टिप्पणियां
हेलसिंकी से उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया, ‘फिनलैंड में मैं छुट्टियां नहीं मना रहा हूं, मैं यहां की शिक्षा व्यवस्था को समझने आया हूं. क्या फिनलैंड आना अपराध है? आइसक्रीम खाना अपराध है? कौन सी किताब ऐसा कहती है? मैं यहां 26 लाख बच्चों के लिए काम कर रहा हूं जिनके लिए दिल्ली सरकार जवाबदेह है. मैं उनके अभिभावकों के प्रति जवाबदेह हूं.’
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उपराज्यपाल नजीब जंग ने सिसोदिया से कहा था कि फिनलैंड का अपना दौरा छोटा करें और चिकनगुनिया तथा डेंगू फैलने को देखते हुए जल्द दिल्ली लौटें, जिससे केजरीवाल की सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच तकरार और बढ़ गई. जंग के निर्देश पर मुख्य सचिव के.के. शर्मा ने उपमुख्यमंत्री को तुरंत फैक्स करते हुए कहा, ‘मौजूदा प्रशासनिक मामलों से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आपकी मौजूदगी जरूरी है.’
बहरहाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘तय समय के मुताबिक’ उपमुख्यमंत्री रविवार को दिल्ली लौटेंगे. सिसोदिया 12 सितंबर को अपने अधिकारियों के साथ फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए वहां रवाना हुए थे. फिनलैंड में ‘छुट्टियां मनाने’ के विपक्ष के आरोपों से इंकार करते हुए सिसोदिया ने कहा कि दूसरे देशों की स्कूली व्यवस्था का अध्ययन करना ‘पाप’ नहीं है ताकि दिल्ली की शिक्षा समस्याओं का समाधान किया जा सके. टिप्पणियां
हेलसिंकी से उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया, ‘फिनलैंड में मैं छुट्टियां नहीं मना रहा हूं, मैं यहां की शिक्षा व्यवस्था को समझने आया हूं. क्या फिनलैंड आना अपराध है? आइसक्रीम खाना अपराध है? कौन सी किताब ऐसा कहती है? मैं यहां 26 लाख बच्चों के लिए काम कर रहा हूं जिनके लिए दिल्ली सरकार जवाबदेह है. मैं उनके अभिभावकों के प्रति जवाबदेह हूं.’
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बहरहाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘तय समय के मुताबिक’ उपमुख्यमंत्री रविवार को दिल्ली लौटेंगे. सिसोदिया 12 सितंबर को अपने अधिकारियों के साथ फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए वहां रवाना हुए थे. फिनलैंड में ‘छुट्टियां मनाने’ के विपक्ष के आरोपों से इंकार करते हुए सिसोदिया ने कहा कि दूसरे देशों की स्कूली व्यवस्था का अध्ययन करना ‘पाप’ नहीं है ताकि दिल्ली की शिक्षा समस्याओं का समाधान किया जा सके. टिप्पणियां
हेलसिंकी से उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया, ‘फिनलैंड में मैं छुट्टियां नहीं मना रहा हूं, मैं यहां की शिक्षा व्यवस्था को समझने आया हूं. क्या फिनलैंड आना अपराध है? आइसक्रीम खाना अपराध है? कौन सी किताब ऐसा कहती है? मैं यहां 26 लाख बच्चों के लिए काम कर रहा हूं जिनके लिए दिल्ली सरकार जवाबदेह है. मैं उनके अभिभावकों के प्रति जवाबदेह हूं.’
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हेलसिंकी से उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया, ‘फिनलैंड में मैं छुट्टियां नहीं मना रहा हूं, मैं यहां की शिक्षा व्यवस्था को समझने आया हूं. क्या फिनलैंड आना अपराध है? आइसक्रीम खाना अपराध है? कौन सी किताब ऐसा कहती है? मैं यहां 26 लाख बच्चों के लिए काम कर रहा हूं जिनके लिए दिल्ली सरकार जवाबदेह है. मैं उनके अभिभावकों के प्रति जवाबदेह हूं.’
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: उप राज्यपाल ने सिसोदिया को दिया था दौरा छोटा करने का आदेश
केजरीवाल सरकार और उप राज्यपाल कार्यालय के बीच बढ़ी तकरार
फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन करने गए हैं सिसोदिया | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस मामले में आजम खान की पेशी के लिए दिसंबर माह की दो तारीख मुकर्रर की गई है. इसके अलावा आजम खान पर चल रहे दो अन्य मामलों में आजम खान को वारंट जारी किए गए हैं. इसमें एक मामला आचार संहिता उल्लंघन का है वहीं दूसरा मामला आजम खान की पड़ोसी से मारपीट का है. इसमें आजम खान को कोर्ट द्वारा वारंट जारी किए गए हैं.
इस संबंध में सरकारी वकील राम अवतार सैनी ने बताया कि एडीजे कोर्ट से एक आर्डर जारी किया गया है जिसमें सपा सांसद आजम खान के खिलाफ एक गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. इसमें वादी आकाश कुमार सक्सेना हैं. उन्होंने फर्जी पासपोर्ट के मामले में एक एफआईआर दर्ज कराई थी. उस मामले में लगातार गैरहाजिर होने के कारण मोहम्मद आजम खान उनकी पत्नी ताज़ीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार द्वारा आर्डर जारी किया गया है.
यह मामला अब्दुल्लाह आजम खान द्वारा पासपोर्ट बनवाने के लिए दो जन्म प्रमाण पत्र लगाने का है. इसमें आकाश सक्सेना द्वारा एक प्रमाण पत्र फर्जी बताया गया है जिसमें उनके द्वारा मुकदमा भी दर्ज कराया गया था. इस मामले में कोर्ट द्वारा दो दिसंबर की अगली तारीख निर्धारित की गई है.
इसके अलावा दो अन्य मुकदमे हैं जिसमें अकेले मोहम्मद आजम खान के खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं. इसमें एक मामला आचार संहिता उल्लंघन का है. अन्य मामले में उनके पड़ोसी द्वारा मारपीट के मामले में एफआईआर लिखाई गई थी.
आकाश सक्सेना ने बताया कि अब्दुल्लाह आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र हैं. आजम खान और उनकी पत्नी ताजीन फातिमा ने अपने बेटे के लिए दो जन्म प्रमाण पत्र, एक लखनऊ से और एक रामपुर से अलग-अलग स्थान दिखाकर बनवा रखे थे. इसी मामले में आज कोर्ट में तारीख थी जिसमें उनके खिलाफ वारंट जारी थे. आज उनको हाजिर होना था लेकिन वे नहीं आए. इसको लेकर कोर्ट ने आज गैर जमानती वारंट जारी किए हैं.
आकाश सक्सेना ने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है कि मामले में बहुत जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी. बहुत जल्द इसमें गिरफ्तारी भी की जाएगी. | कोर्ट में पेश न होने पर तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट हुए जारी
भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया था केस, 2 दिसम्बर को पेशी
आजम खान के खिलाफ दो अन्य मामलों में भी वारंट जारी किए गए | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समारोह में सैकड़ों पार्टी विधायकों, सांसदों तथा कार्यकर्ताओं ने शिरकत की, और इसमें मिठाइयां और केक बांटे गए। जन्मदिन समारोह में गिरिराज सिंह ने एक बड़ा-सा केक भी काटा, और पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वह उस शख्स का जन्मदिन मना रहे हैं, जो 'राष्ट्रनिर्माता' है। गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि देश की जनता नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहती है। टिप्पणियां
इस मौके पर राज्य-भर में, विशेष रूप से पटना में, बीजेपी नेताओं ने मोदी की तस्वीर वाले सैकड़ों बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनके जरिये गुजरात के मुख्यमंत्री को देश का 'भावी प्रधानमंत्री' बताया गया है।
गिरिराज सिंह ने इस मुद्दे पर नीतीश की नापसंदगी को लेकर कहा कि दोनों नेताओं (नीतीश और मोदी) में कोई फर्क नहीं है, और दोनों ही मुख्यमंत्री 'विकासपुरुष' हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ ही माह पहले नीतीश कुमार ने नाम लिए बिना नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए मांग की थी कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को वर्ष 2014 के आम चुनाव से काफी पहले प्रधानमंत्री पद के लिए एक 'धर्मनिरपेक्ष' उम्मीदवार की घोषणा कर देनी चाहिए।
इस मौके पर राज्य-भर में, विशेष रूप से पटना में, बीजेपी नेताओं ने मोदी की तस्वीर वाले सैकड़ों बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनके जरिये गुजरात के मुख्यमंत्री को देश का 'भावी प्रधानमंत्री' बताया गया है।
गिरिराज सिंह ने इस मुद्दे पर नीतीश की नापसंदगी को लेकर कहा कि दोनों नेताओं (नीतीश और मोदी) में कोई फर्क नहीं है, और दोनों ही मुख्यमंत्री 'विकासपुरुष' हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ ही माह पहले नीतीश कुमार ने नाम लिए बिना नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए मांग की थी कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को वर्ष 2014 के आम चुनाव से काफी पहले प्रधानमंत्री पद के लिए एक 'धर्मनिरपेक्ष' उम्मीदवार की घोषणा कर देनी चाहिए।
गिरिराज सिंह ने इस मुद्दे पर नीतीश की नापसंदगी को लेकर कहा कि दोनों नेताओं (नीतीश और मोदी) में कोई फर्क नहीं है, और दोनों ही मुख्यमंत्री 'विकासपुरुष' हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ ही माह पहले नीतीश कुमार ने नाम लिए बिना नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए मांग की थी कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को वर्ष 2014 के आम चुनाव से काफी पहले प्रधानमंत्री पद के लिए एक 'धर्मनिरपेक्ष' उम्मीदवार की घोषणा कर देनी चाहिए। | संक्षिप्त सारांश: सोमवार को राज्य बीजेपी ने न सिर्फ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का 63वां जन्मदिन बहुत धूमधाम से मनाया, बल्कि उन्हें देश का 'भावी प्रधानमंत्री' भी बताया। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: क्या सांसद और विधायक कोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस कर सकते हैं? इस पर सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच मंगलवार को अपना फैसला सुनाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने 9 जुलाई को इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था.
इधर केंद्र ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सांसद फुल टाइम कर्मचारी नहीं हैं. वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उनका कोई नियोक्ता नहीं है इसलिए वो प्रैक्टिस कर सकते हैं. बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सासंदों, विधायकों को बतौर वक़ील कोर्ट में प्रैक्टिस करने से रोक की मांग की है.
अश्विनी उपाध्याय की याचिका के मुताबिक बार काउंसिल के विधान और नियमावली के मुताबिक कहीं से वेतन पाने वाला कोई भी व्यक्ति वकालत नहीं कर सकता. क्योंकि वकालत पूर्णकालिक पेशा है. ऐसे में सांसद और विधायक जब सरकारी खजाने से वेतन और भत्ते लेते हैं तो कोर्ट में प्रैक्टिस कैसे कर रहे हैं?टिप्पणियां
याचिका में कहा गया है कि जब तक कोई भी सांसद या विधायक जैसे पद पर है तब तक उसकी वकील के रूप में प्रैक्टिस पर पाबंदी लगा देनी चाहिए. शपथ लेते ही उसका लाइसेंस तब तक सस्पेंड कर देना चाहिए जब तक वो सांसद या विधायक है.
उपाध्याय ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का 1994 में आया जजमेंट भी अटैच किया है. इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने कहा कि, वो तब तक वकालत के योग्य नहीं माने जाएंगे जब तक कि वो डॉक्टर के पद से इस्तीफा न दे दें. ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब डॉक्टर एक साथ दो जगह से वेतन और भत्ते लेकर वकालत नहीं कर सकता तो सांसद और विधायक कैसे कर सकते हैं.
इधर केंद्र ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सांसद फुल टाइम कर्मचारी नहीं हैं. वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उनका कोई नियोक्ता नहीं है इसलिए वो प्रैक्टिस कर सकते हैं. बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सासंदों, विधायकों को बतौर वक़ील कोर्ट में प्रैक्टिस करने से रोक की मांग की है.
अश्विनी उपाध्याय की याचिका के मुताबिक बार काउंसिल के विधान और नियमावली के मुताबिक कहीं से वेतन पाने वाला कोई भी व्यक्ति वकालत नहीं कर सकता. क्योंकि वकालत पूर्णकालिक पेशा है. ऐसे में सांसद और विधायक जब सरकारी खजाने से वेतन और भत्ते लेते हैं तो कोर्ट में प्रैक्टिस कैसे कर रहे हैं?टिप्पणियां
याचिका में कहा गया है कि जब तक कोई भी सांसद या विधायक जैसे पद पर है तब तक उसकी वकील के रूप में प्रैक्टिस पर पाबंदी लगा देनी चाहिए. शपथ लेते ही उसका लाइसेंस तब तक सस्पेंड कर देना चाहिए जब तक वो सांसद या विधायक है.
उपाध्याय ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का 1994 में आया जजमेंट भी अटैच किया है. इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने कहा कि, वो तब तक वकालत के योग्य नहीं माने जाएंगे जब तक कि वो डॉक्टर के पद से इस्तीफा न दे दें. ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब डॉक्टर एक साथ दो जगह से वेतन और भत्ते लेकर वकालत नहीं कर सकता तो सांसद और विधायक कैसे कर सकते हैं.
अश्विनी उपाध्याय की याचिका के मुताबिक बार काउंसिल के विधान और नियमावली के मुताबिक कहीं से वेतन पाने वाला कोई भी व्यक्ति वकालत नहीं कर सकता. क्योंकि वकालत पूर्णकालिक पेशा है. ऐसे में सांसद और विधायक जब सरकारी खजाने से वेतन और भत्ते लेते हैं तो कोर्ट में प्रैक्टिस कैसे कर रहे हैं?टिप्पणियां
याचिका में कहा गया है कि जब तक कोई भी सांसद या विधायक जैसे पद पर है तब तक उसकी वकील के रूप में प्रैक्टिस पर पाबंदी लगा देनी चाहिए. शपथ लेते ही उसका लाइसेंस तब तक सस्पेंड कर देना चाहिए जब तक वो सांसद या विधायक है.
उपाध्याय ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का 1994 में आया जजमेंट भी अटैच किया है. इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने कहा कि, वो तब तक वकालत के योग्य नहीं माने जाएंगे जब तक कि वो डॉक्टर के पद से इस्तीफा न दे दें. ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब डॉक्टर एक साथ दो जगह से वेतन और भत्ते लेकर वकालत नहीं कर सकता तो सांसद और विधायक कैसे कर सकते हैं.
याचिका में कहा गया है कि जब तक कोई भी सांसद या विधायक जैसे पद पर है तब तक उसकी वकील के रूप में प्रैक्टिस पर पाबंदी लगा देनी चाहिए. शपथ लेते ही उसका लाइसेंस तब तक सस्पेंड कर देना चाहिए जब तक वो सांसद या विधायक है.
उपाध्याय ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का 1994 में आया जजमेंट भी अटैच किया है. इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने कहा कि, वो तब तक वकालत के योग्य नहीं माने जाएंगे जब तक कि वो डॉक्टर के पद से इस्तीफा न दे दें. ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब डॉक्टर एक साथ दो जगह से वेतन और भत्ते लेकर वकालत नहीं कर सकता तो सांसद और विधायक कैसे कर सकते हैं.
उपाध्याय ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का 1994 में आया जजमेंट भी अटैच किया है. इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने कहा कि, वो तब तक वकालत के योग्य नहीं माने जाएंगे जब तक कि वो डॉक्टर के पद से इस्तीफा न दे दें. ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब डॉक्टर एक साथ दो जगह से वेतन और भत्ते लेकर वकालत नहीं कर सकता तो सांसद और विधायक कैसे कर सकते हैं. | संक्षिप्त पाठ: केंद्र सरकार ने किया याचिका का विरोध
केंद्र ने कहा कि सांसद फुल टाइम कर्मचारी नहीं
याचिका में तर्क- वेतन, भत्ते लेते हैं तो कोर्ट में प्रैक्टिस कैसे कर रहे | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद उनका देश परमाणु ऊर्जा विकसित करने के अपने अधिकार से लेश मात्र भी पीछे नहीं हटेगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अहमदीनेजाद ने कहा, "उन्हें (पश्चिमी देश) समझ लेना चाहिए कि यह देश (ईरान) अपने अपरिहार्य अधिकारों से लेश मात्र भी पीछे नहीं हटेगा।"
अहमदीनेजाद अपने देश के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर देश पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र कर रहे थे।
इस महीने के प्रारम्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने वित्त विभाग से कहा था कि वह उन संस्थाओं और व्यक्तियों को निशाना बनाए, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हों।
अमेरिका ने भारत से भी आग्रह किया है कि वह ईरान से तेल आयात में कटौती करे। टिप्पणियां
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम द्वारा लगाया जाने वाला कोई भी नया प्रतिबंध, अगले महीने होने वाली परमाणु वार्ता की भावना को प्रभावित करेगा।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अहमदीनेजाद ने कहा, "उन्हें (पश्चिमी देश) समझ लेना चाहिए कि यह देश (ईरान) अपने अपरिहार्य अधिकारों से लेश मात्र भी पीछे नहीं हटेगा।"
अहमदीनेजाद अपने देश के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर देश पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र कर रहे थे।
इस महीने के प्रारम्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने वित्त विभाग से कहा था कि वह उन संस्थाओं और व्यक्तियों को निशाना बनाए, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हों।
अमेरिका ने भारत से भी आग्रह किया है कि वह ईरान से तेल आयात में कटौती करे। टिप्पणियां
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम द्वारा लगाया जाने वाला कोई भी नया प्रतिबंध, अगले महीने होने वाली परमाणु वार्ता की भावना को प्रभावित करेगा।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं।
अहमदीनेजाद अपने देश के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर देश पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र कर रहे थे।
इस महीने के प्रारम्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने वित्त विभाग से कहा था कि वह उन संस्थाओं और व्यक्तियों को निशाना बनाए, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हों।
अमेरिका ने भारत से भी आग्रह किया है कि वह ईरान से तेल आयात में कटौती करे। टिप्पणियां
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम द्वारा लगाया जाने वाला कोई भी नया प्रतिबंध, अगले महीने होने वाली परमाणु वार्ता की भावना को प्रभावित करेगा।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं।
इस महीने के प्रारम्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने वित्त विभाग से कहा था कि वह उन संस्थाओं और व्यक्तियों को निशाना बनाए, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हों।
अमेरिका ने भारत से भी आग्रह किया है कि वह ईरान से तेल आयात में कटौती करे। टिप्पणियां
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम द्वारा लगाया जाने वाला कोई भी नया प्रतिबंध, अगले महीने होने वाली परमाणु वार्ता की भावना को प्रभावित करेगा।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं।
अमेरिका ने भारत से भी आग्रह किया है कि वह ईरान से तेल आयात में कटौती करे। टिप्पणियां
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम द्वारा लगाया जाने वाला कोई भी नया प्रतिबंध, अगले महीने होने वाली परमाणु वार्ता की भावना को प्रभावित करेगा।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम द्वारा लगाया जाने वाला कोई भी नया प्रतिबंध, अगले महीने होने वाली परमाणु वार्ता की भावना को प्रभावित करेगा।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं। | ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद उनका देश परमाणु ऊर्जा विकसित करने के अपने अधिकार से लेश मात्र भी पीछे नहीं हटेगा। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जबरन धर्म परिवर्तन को सोमवार को 'गैर इस्लामिक' बताते हुए कहा कि इस्लामी इतिहास में दूसरों का जबरन धर्म परिवर्तन की कोई मिसाल नहीं है. मीडिया खबरों से यह जानकारी मिली है. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक दिवस पर इस्लामाबाद में ऐवान-ए-सदर (राष्ट्रपति भवन) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि वह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उनके उपासना स्थलों को विकसित करने की शपथ लेते हैं. डॉन की खबर के मुताबिक खान ने कहा कि पैगंबर ने खुद भी अल्पसंख्यकों को धार्मिक स्वतंत्रता दी थी और उनके उपासना स्थलों को सुरक्षा प्रदान की थी.
उन्होंने कहा 'तो हम किसी को जबरन धर्म परिवर्तन कराने को कैसे अपने हाथ में ले सकते हैं...चाहे (गैर मुस्लिम) लड़कियों से शादी करके या फिर बंदूक के दम या किसी को उसके धर्म की वजह से मारने की (धमकी देकर).' खान ने कहा कि ये सारी चीजें गैर-इस्लामिक हैं, अगर अल्लाह ने पैंगबरों को अपना विश्वास किसी पर थोपने की शक्ति नहीं दी तो फिर हम (ऐसा करने वाले) कौन होते हैं?' उन्होंने कहा कि पैगंबरों (संदेशवाहक) का कर्तव्य सिर्फ अल्लाह के संदेश को फैलाना था.
खान ने कहा कि उनकी सरकार बाबा गुरू नानक की 550वीं जयंती पर सिख समुदाय के लिए करतारपुर गलियारा खोलने को लेकर प्रतिबद्ध है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अप्रैल में ही पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में हिंदू और ईसाई लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और शादी पर चिंता जताई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि दक्षिणी सिंध प्रांत में पिछले साल 1,000 ऐसे मामले सामने आए थे. | यहाँ एक सारांश है:जबरन धर्म परिवर्तन पर बोले पाक पीएम इमरान खान
गैर इस्लामिक है इच्छा के बगैर धर्म को बदलवाना
पाक के मानवाधिकार आयोग ने जताई थी चिंता | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यदि आपके पास अब भी 500 रुपए के पुराने नोट रखे हुए हैं तो बता दें कि पेट्रोल पंपों और हवाई टिकट में शुक्रवार रात 12 बजे तक ही चलेंगे. लेकिन रेलवे, बस, अस्पताल, दवा और बिजली पानी के बिल जैसी ज़रूरी सुविधाओं में ये नोट चलते रहेंगे. इन जगहों पर इनकी समय सीमा 15 दिसंबर तय की गई है.टिप्पणियां
अब पेट्रोल, डीज़ल, गैस और प्लेन की टिकट खरीदने में इनका इस्तेमाल आज तक ही किया जा सकेगा. पहले इन जगहों पर 15 दिसंबर तक पुराने नोट चलने थे लेकिन सरकार को शिकायत मिल रही थी कि 500 के पुराने नोटों का इन जगहों पर ब्लैक मनी को वॉइट करने में इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके बाद ये फ़ैसला लिया गया.
दूसरी तरफ टोल नाके आज रात 12 बजे के बाद से टोल फ्री नहीं रहेंगे यानी तमाम नेशनल हाइवे पर अब पहले की ही तरह टोल वसूला जाएगा. टोल प्लाज़ा पर पेमेंट के लिए स्वाइप मशीनें मुहैया करवा दी गई हैं ताकि टोल वसूली में कोई परेशानी न आए.
अब पेट्रोल, डीज़ल, गैस और प्लेन की टिकट खरीदने में इनका इस्तेमाल आज तक ही किया जा सकेगा. पहले इन जगहों पर 15 दिसंबर तक पुराने नोट चलने थे लेकिन सरकार को शिकायत मिल रही थी कि 500 के पुराने नोटों का इन जगहों पर ब्लैक मनी को वॉइट करने में इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके बाद ये फ़ैसला लिया गया.
दूसरी तरफ टोल नाके आज रात 12 बजे के बाद से टोल फ्री नहीं रहेंगे यानी तमाम नेशनल हाइवे पर अब पहले की ही तरह टोल वसूला जाएगा. टोल प्लाज़ा पर पेमेंट के लिए स्वाइप मशीनें मुहैया करवा दी गई हैं ताकि टोल वसूली में कोई परेशानी न आए.
दूसरी तरफ टोल नाके आज रात 12 बजे के बाद से टोल फ्री नहीं रहेंगे यानी तमाम नेशनल हाइवे पर अब पहले की ही तरह टोल वसूला जाएगा. टोल प्लाज़ा पर पेमेंट के लिए स्वाइप मशीनें मुहैया करवा दी गई हैं ताकि टोल वसूली में कोई परेशानी न आए. | संक्षिप्त पाठ: 500 के नोट पेट्रोल पंपों और हवाई टिकट के लिए रात 12 बजे तक ही चलेंगे
रेलवे, बस, अस्पताल दवा, बिजली पानी के बिल के लिए चलते रहेंगे
रेलवे आदि के लिए 15 दिसंबर की समय सीमा तय की गई | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी सरकार ने पेट्रोल चोरी पकड़ने के लिए प्रदेश के सभी 6,600 पेट्रोल पंपों पर रेड करने का फैसला किया है. हाल ही में एसटीएफ ने पेट्रोल पंपों पर कम पेट्रोल डालने के लिए रिमोट कंट्रोल वाली इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाने वाले एक शख्स को पकड़ा तो उसने 1,000 चिप लगाना कबूल किया और यह भी बताया कि यूपी के 99 फीसदी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल चोरी करने की चिप लगी हुई है.
लिहाज़ा, बुधवार को एक साथ यूपी के सारे पेट्रोल पंपों पर हर जिले में रेड शुरू हुई. जिला प्रशासन के लोग हर जगह पर जा रहे हैं. पेट्रोल पंपों पर रस्सी लगाकर उनको बंद किया जा रहा है. उनकी जांच हो रही है, क्योंकि सरकार का कहना है कि जितने भी 6,600 पेट्रोल पंप हैं, सभी की जांच होगी.
यह कार्रवाई इसलिए शुरू की गई है, क्योंकि जो शख्स चिप लगाने वाला था, उसने यह कहा है कि यूपी के 90 फीसदी पेट्रोल पपों पर पेट्रोल की चोरी होती है. यही नहीं, उसका कहना है कि दिल्ली और देश के दूसरे इलाकों में भी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की चोरी हो रही है.
लखनऊ में रेड शुरू हुई तो पहले पेट्रोल पंपों पर ही दो मशीनों में चिप लगी मिली. यहां अब तक 15 पेट्रोल पंपों पर रेड हुई है, जिसमें सभी 15 पंपों में पेट्रोल चोरी पाई गई. लखनऊ के एसीएम (द्वितीय) डीपी मिश्रा ने बताया कि इनके पास चार मशीनें हैं, जिनमें से दो में डिवाइस लगी पाई गई. जिससे घटतौली रिमोट के माध्यम से की जाती थी और मशीनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई है. जिन दो मशीनों में चिप लगी पाई गई, उन्हें सील कर दिया गया है.टिप्पणियां
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
लिहाज़ा, बुधवार को एक साथ यूपी के सारे पेट्रोल पंपों पर हर जिले में रेड शुरू हुई. जिला प्रशासन के लोग हर जगह पर जा रहे हैं. पेट्रोल पंपों पर रस्सी लगाकर उनको बंद किया जा रहा है. उनकी जांच हो रही है, क्योंकि सरकार का कहना है कि जितने भी 6,600 पेट्रोल पंप हैं, सभी की जांच होगी.
यह कार्रवाई इसलिए शुरू की गई है, क्योंकि जो शख्स चिप लगाने वाला था, उसने यह कहा है कि यूपी के 90 फीसदी पेट्रोल पपों पर पेट्रोल की चोरी होती है. यही नहीं, उसका कहना है कि दिल्ली और देश के दूसरे इलाकों में भी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की चोरी हो रही है.
लखनऊ में रेड शुरू हुई तो पहले पेट्रोल पंपों पर ही दो मशीनों में चिप लगी मिली. यहां अब तक 15 पेट्रोल पंपों पर रेड हुई है, जिसमें सभी 15 पंपों में पेट्रोल चोरी पाई गई. लखनऊ के एसीएम (द्वितीय) डीपी मिश्रा ने बताया कि इनके पास चार मशीनें हैं, जिनमें से दो में डिवाइस लगी पाई गई. जिससे घटतौली रिमोट के माध्यम से की जाती थी और मशीनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई है. जिन दो मशीनों में चिप लगी पाई गई, उन्हें सील कर दिया गया है.टिप्पणियां
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
यह कार्रवाई इसलिए शुरू की गई है, क्योंकि जो शख्स चिप लगाने वाला था, उसने यह कहा है कि यूपी के 90 फीसदी पेट्रोल पपों पर पेट्रोल की चोरी होती है. यही नहीं, उसका कहना है कि दिल्ली और देश के दूसरे इलाकों में भी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की चोरी हो रही है.
लखनऊ में रेड शुरू हुई तो पहले पेट्रोल पंपों पर ही दो मशीनों में चिप लगी मिली. यहां अब तक 15 पेट्रोल पंपों पर रेड हुई है, जिसमें सभी 15 पंपों में पेट्रोल चोरी पाई गई. लखनऊ के एसीएम (द्वितीय) डीपी मिश्रा ने बताया कि इनके पास चार मशीनें हैं, जिनमें से दो में डिवाइस लगी पाई गई. जिससे घटतौली रिमोट के माध्यम से की जाती थी और मशीनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई है. जिन दो मशीनों में चिप लगी पाई गई, उन्हें सील कर दिया गया है.टिप्पणियां
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
लखनऊ में रेड शुरू हुई तो पहले पेट्रोल पंपों पर ही दो मशीनों में चिप लगी मिली. यहां अब तक 15 पेट्रोल पंपों पर रेड हुई है, जिसमें सभी 15 पंपों में पेट्रोल चोरी पाई गई. लखनऊ के एसीएम (द्वितीय) डीपी मिश्रा ने बताया कि इनके पास चार मशीनें हैं, जिनमें से दो में डिवाइस लगी पाई गई. जिससे घटतौली रिमोट के माध्यम से की जाती थी और मशीनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई है. जिन दो मशीनों में चिप लगी पाई गई, उन्हें सील कर दिया गया है.टिप्पणियां
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है. | गिरफ्तार शख्स ने 1,000 चिप लगाना कबूल किया.
बुधवार को एक साथ यूपी के सारे पेट्रोल पंपों पर हर जिले में रेड शुरू हुई.
अभी सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप लगी मिलती है. | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा की पत्नी आशा हुड्डा ने बुधवार को कहा कि जब राज्य में लिंगानुपात और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाओं समेत अनेक नकारात्मक चीजों की ओर इशारा किया जाता है तो उनका सिर शर्म से झुक जाता है।
बाल कल्याण परिषद, हरियाणा की उपाध्यक्ष आशा ने कहा कि जब लोग राज्य में अनेक क्षेत्रों में तेजी से हो रही प्रगति की बात करते हैं तभी प्रतिकूल लिंगानुपात और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बातों से उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है।
कन्या भ्रूणहत्या और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार विषय पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री की पत्नी ने कहा, ‘‘मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। जब प्रदेश की ओर इशारा किया जाता है तो मैं वाकई शर्मिंदगी महसूस करती हूं।’’ उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी राज्य विशेष तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक राष्ट्रव्यापी समस्या है और सामूहिक प्रयासों से ही इसका समाधान निकाला जा सकता है।
आशा ने कहा, ‘‘हम समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को तब तक नहीं रोक सकते जब तक हम लोगों की सोच को नहीं बदल लेते और इसके लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा।’’ हरियाणा में पिछले दो हफ्तों में बलात्कार की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री की पत्नी ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगाम कसने के लिए जनता और खासकर गैर सरकारी संगठनों की ओर से सहयोग की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल कानून बनाने से सामाजिक समस्याएं खत्म नहीं हो जाएंगी।’’ एक सवाल के जवाब में आशा ने कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा दिए जाने के विचार से सहमत हैं।
बाल कल्याण परिषद, हरियाणा की उपाध्यक्ष आशा ने कहा कि जब लोग राज्य में अनेक क्षेत्रों में तेजी से हो रही प्रगति की बात करते हैं तभी प्रतिकूल लिंगानुपात और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बातों से उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है।
कन्या भ्रूणहत्या और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार विषय पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री की पत्नी ने कहा, ‘‘मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। जब प्रदेश की ओर इशारा किया जाता है तो मैं वाकई शर्मिंदगी महसूस करती हूं।’’ उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी राज्य विशेष तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक राष्ट्रव्यापी समस्या है और सामूहिक प्रयासों से ही इसका समाधान निकाला जा सकता है।
आशा ने कहा, ‘‘हम समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को तब तक नहीं रोक सकते जब तक हम लोगों की सोच को नहीं बदल लेते और इसके लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा।’’ हरियाणा में पिछले दो हफ्तों में बलात्कार की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री की पत्नी ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगाम कसने के लिए जनता और खासकर गैर सरकारी संगठनों की ओर से सहयोग की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल कानून बनाने से सामाजिक समस्याएं खत्म नहीं हो जाएंगी।’’ एक सवाल के जवाब में आशा ने कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा दिए जाने के विचार से सहमत हैं।
कन्या भ्रूणहत्या और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार विषय पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री की पत्नी ने कहा, ‘‘मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। जब प्रदेश की ओर इशारा किया जाता है तो मैं वाकई शर्मिंदगी महसूस करती हूं।’’ उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी राज्य विशेष तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक राष्ट्रव्यापी समस्या है और सामूहिक प्रयासों से ही इसका समाधान निकाला जा सकता है।
आशा ने कहा, ‘‘हम समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को तब तक नहीं रोक सकते जब तक हम लोगों की सोच को नहीं बदल लेते और इसके लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा।’’ हरियाणा में पिछले दो हफ्तों में बलात्कार की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री की पत्नी ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगाम कसने के लिए जनता और खासकर गैर सरकारी संगठनों की ओर से सहयोग की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल कानून बनाने से सामाजिक समस्याएं खत्म नहीं हो जाएंगी।’’ एक सवाल के जवाब में आशा ने कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा दिए जाने के विचार से सहमत हैं।
आशा ने कहा, ‘‘हम समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को तब तक नहीं रोक सकते जब तक हम लोगों की सोच को नहीं बदल लेते और इसके लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा।’’ हरियाणा में पिछले दो हफ्तों में बलात्कार की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री की पत्नी ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगाम कसने के लिए जनता और खासकर गैर सरकारी संगठनों की ओर से सहयोग की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल कानून बनाने से सामाजिक समस्याएं खत्म नहीं हो जाएंगी।’’ एक सवाल के जवाब में आशा ने कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा दिए जाने के विचार से सहमत हैं।
मुख्यमंत्री की पत्नी ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगाम कसने के लिए जनता और खासकर गैर सरकारी संगठनों की ओर से सहयोग की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल कानून बनाने से सामाजिक समस्याएं खत्म नहीं हो जाएंगी।’’ एक सवाल के जवाब में आशा ने कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा दिए जाने के विचार से सहमत हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल कानून बनाने से सामाजिक समस्याएं खत्म नहीं हो जाएंगी।’’ एक सवाल के जवाब में आशा ने कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा दिए जाने के विचार से सहमत हैं। | संक्षिप्त सारांश: हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा की पत्नी आशा हुड्डा ने बुधवार को कहा कि जब राज्य में लिंगानुपात और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाओं समेत अनेक नकारात्मक चीजों की ओर इशारा किया जाता है तो उनका सिर शर्म से झुक जाता है। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर बांटे जा रहे टिकटों की खरीद-बिक्री का आरोप लगाया है. तंवर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे त्यागपत्र में आरोप लगाया कि पार्टी को खत्म करने की साजिश रची जा रही है. इस्तीफा देने के बाद अशोक तंवर ने प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस के ही नेताओं पर जमकर हमला बोला, हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उनका हमला किस तरफ था, सियासी गलियारों में इसकी खुलकर चर्चा हो रही है. अशोक तंवर ने संवाददातताओं से कहा कि पिछले 5 सालों से हम लोग खून पसीने से हरियाणा में कांग्रेस को मजबूत करने की कोशिश में लगे हुए थे. लेकिन अब हमारी अनदेखी हुई. अशोक तंवर के मुताबिक पार्टी के कुछ नेताओं की राजनीतिक हत्या कर दी गई जबकि कुछ की बाकि है, उन्होंने कहा कि जिनकी हत्या हो गई, उनमें मैं (अशोक तंवर) हूं, संजय निरुपम हैं और अजय कुमार हैं. गौर है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले संजय निरुपम ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए खुद को कांग्रेस के चुनाव प्रचार से दूर रखने का ऐलान किया है.
प्रेस कांफ्रेंस में तंवर ने कहा कि कांग्रेस के अंदर कुछ लोग कांग्रेस मुक्त कर रहे हैं. बकौल तंवर, कुछ लोग पांच साल एसी कमरों में बैठते हैं, विदेशों में रहते हैं और चुनाव में प्रकट हो जाते हैं लेकिन ऐसे नेताओं के कर्म देवताओं वाले नहीं बल्कि राक्षसी वाले होते हैं. तंवर ने कहा कि हमारे ऊपर हमला तक किया गया, बावजूद इसके कोई मदद नहीं मिली. उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि 24 अक्टूबर को नतीजे आएंगे, 20 दिन में पता चल जाएगा कि कुछ लोग कितने बड़े नेता हैं.
इस्तीफा देने के बाद दुखी नजर आए तंवर ने आरोप लगाए कि साधारण परिवार वालों को मौका नहीं मिलता है, जब मिलता है तब रोज बाधाएं खड़ी हो जाती हैं. तंवर ने बताया कि मुझे हटा दिया लेकिन फिर भी उम्मीद थी कि जिन लोगों ने पांच साल मेहनत की उनके साथ न्याय होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस्तीफा देने का फैसला दो दिन पहले ही कर लिया था लेकिन खुद को रोक लिया था. दूसरी पार्टियों में जाने की सुगबुगाहट पर तंवर ने साफ किया कि मैं कहीं नहीं जा रहा, बीजेपी से लेकर कई पार्टियों से बुलावा आया लेकिन मैं कहीं नहीं गया. आगे के कदम के लिए अपने साथियों के साथ विचार कर जल्द ही फैसला लिया जाएगा. तंवर ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी का भी जिक्र किया और कहा कि राहुल जी ने जिन नेताओं को आगे बढ़ाया उन्हें साजिश के तहत मारने की कोशिश की जा रही है. | अशोक तंवर ने प्रेस कांफ्रेंस कर बोला हमला
कहा- कांग्रेस को अंदर के कुछ लोग 'कांग्रेस मुक्त' कर रहे हैं
'कुछ की राजनीतिक हत्या कर दी गई कुछ की बाकी' | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नाटो के पैदल गश्ती दल पर एक आत्मघाती हमले में तीन विदेशी सैनिकों और उनके एक दुभाषिये समेत कम से कम 20 लोग मारे गए। उधर, तालिबान लड़ाकों ने खोस्त के बाजार के निकट हुए इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है।
प्रांतीय गवर्नर कार्यालय के प्रवक्ता बारियालइ रवान ने बताया कि इस हमले में छह अफगान पुलिसकर्मी और 10 असैनिकों की भी मौत हो गई जबकि 62 लोग घायल हो गए।
राज्यपाल के कार्यालय से जारी बयान में बताया गया, ‘सुबह करीब 8:30 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े नौ बजे) मोटरसाइकिल पर सवार एक आत्मघाती हमलावर ने खोस्त शहर के भीड-भाड़ वाले इलाके में संयुक्त पैदल गश्ती दल को निशाना बनाया।टिप्पणियां
पहले के बयान के मुताबिक इस हमले में तीन पुलिसकर्मी और 37 नागरिक घायल हो गए जबकि छह नागरिक और त्वरित कार्रवाई बल के एक कमांडर समेत चार पुलिसकर्मी मारे गए।
अस्पताल सूत्रों ने इस हमले में 10 अफगान नागरिकों के मारे जाने और 60 व्यक्तियों के घायल होने की बात कही है।
प्रांतीय गवर्नर कार्यालय के प्रवक्ता बारियालइ रवान ने बताया कि इस हमले में छह अफगान पुलिसकर्मी और 10 असैनिकों की भी मौत हो गई जबकि 62 लोग घायल हो गए।
राज्यपाल के कार्यालय से जारी बयान में बताया गया, ‘सुबह करीब 8:30 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े नौ बजे) मोटरसाइकिल पर सवार एक आत्मघाती हमलावर ने खोस्त शहर के भीड-भाड़ वाले इलाके में संयुक्त पैदल गश्ती दल को निशाना बनाया।टिप्पणियां
पहले के बयान के मुताबिक इस हमले में तीन पुलिसकर्मी और 37 नागरिक घायल हो गए जबकि छह नागरिक और त्वरित कार्रवाई बल के एक कमांडर समेत चार पुलिसकर्मी मारे गए।
अस्पताल सूत्रों ने इस हमले में 10 अफगान नागरिकों के मारे जाने और 60 व्यक्तियों के घायल होने की बात कही है।
राज्यपाल के कार्यालय से जारी बयान में बताया गया, ‘सुबह करीब 8:30 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े नौ बजे) मोटरसाइकिल पर सवार एक आत्मघाती हमलावर ने खोस्त शहर के भीड-भाड़ वाले इलाके में संयुक्त पैदल गश्ती दल को निशाना बनाया।टिप्पणियां
पहले के बयान के मुताबिक इस हमले में तीन पुलिसकर्मी और 37 नागरिक घायल हो गए जबकि छह नागरिक और त्वरित कार्रवाई बल के एक कमांडर समेत चार पुलिसकर्मी मारे गए।
अस्पताल सूत्रों ने इस हमले में 10 अफगान नागरिकों के मारे जाने और 60 व्यक्तियों के घायल होने की बात कही है।
पहले के बयान के मुताबिक इस हमले में तीन पुलिसकर्मी और 37 नागरिक घायल हो गए जबकि छह नागरिक और त्वरित कार्रवाई बल के एक कमांडर समेत चार पुलिसकर्मी मारे गए।
अस्पताल सूत्रों ने इस हमले में 10 अफगान नागरिकों के मारे जाने और 60 व्यक्तियों के घायल होने की बात कही है।
अस्पताल सूत्रों ने इस हमले में 10 अफगान नागरिकों के मारे जाने और 60 व्यक्तियों के घायल होने की बात कही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नाटो के पैदल गश्ती दल पर एक आत्मघाती हमले में तीन विदेशी सैनिकों और उनके एक दुभाषिये समेत कम से कम 20 लोग मारे गए। उधर, तालिबान लड़ाकों ने खोस्त के बाजार के निकट हुए इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अक्षय कुमार और साइना नेहवाल जैसे सेलिब्रिटी को भी 'चेतावनी' जारी कर रहे हैं.नक्सलियों ने सुकमा में मार्च में हुए हमले में शहीद सीआरपीएफ के 12 जवानों के परिवार की मदद करने वाले बॉलीवुड स्टार साइना नेहवाल और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल के प्रति नाराजगी जताई है. मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी गई है.टिप्पणियां
जहां अक्षय कुमार ने हर जवान के परिवार को 9-9 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी वहीं साइना ने हर परिवार को 50-50 हजार रुपये की मदद देने की बात कही है. माओवादियों (नक्सलियों) की ओर से बांटे गए पर्चों में कहा गया है, 'हम हमलों में मारे गए सीआरपीएफ जवानों के परिवार को दी जाने वाली वित्तीय मदद की कड़ी आलोचना करते हैं. हम बड़ी शख्सियतों, फिल्मी कलाकारों, खिलाड़ियों और सेलिब्रिटी से गरीब लोगों और क्रांति के समर्थन की अपील करते हैं. पुलिस के अत्याचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ इन्हें खड़ा होना चाहिए.'
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के पर्चे बस्तर और उसके आसपास के क्षेत्र में मिले हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादियों की यह अपील उनके दोहरे रुख और उनके क्रूर चेहरे को बताती है. जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधित भाकपा (माले) की ओर से यह पर्चे वितरित किए गए हैं. नक्सलियों के अनुसार, जवानों को गरीबों और आदिवासियों पर किए गए अत्याचारों की सजा दी गई है.
जहां अक्षय कुमार ने हर जवान के परिवार को 9-9 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी वहीं साइना ने हर परिवार को 50-50 हजार रुपये की मदद देने की बात कही है. माओवादियों (नक्सलियों) की ओर से बांटे गए पर्चों में कहा गया है, 'हम हमलों में मारे गए सीआरपीएफ जवानों के परिवार को दी जाने वाली वित्तीय मदद की कड़ी आलोचना करते हैं. हम बड़ी शख्सियतों, फिल्मी कलाकारों, खिलाड़ियों और सेलिब्रिटी से गरीब लोगों और क्रांति के समर्थन की अपील करते हैं. पुलिस के अत्याचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ इन्हें खड़ा होना चाहिए.'
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के पर्चे बस्तर और उसके आसपास के क्षेत्र में मिले हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादियों की यह अपील उनके दोहरे रुख और उनके क्रूर चेहरे को बताती है. जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधित भाकपा (माले) की ओर से यह पर्चे वितरित किए गए हैं. नक्सलियों के अनुसार, जवानों को गरीबों और आदिवासियों पर किए गए अत्याचारों की सजा दी गई है.
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के पर्चे बस्तर और उसके आसपास के क्षेत्र में मिले हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादियों की यह अपील उनके दोहरे रुख और उनके क्रूर चेहरे को बताती है. जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधित भाकपा (माले) की ओर से यह पर्चे वितरित किए गए हैं. नक्सलियों के अनुसार, जवानों को गरीबों और आदिवासियों पर किए गए अत्याचारों की सजा दी गई है. | यह एक सारांश है: माओवादियों ने इस मदद के खिलाफ पर्चे वितरित किए
कहा-गरीब लोगों और क्रांति का समर्थन करें सेलिब्रिटी
परिजनों की मदद के लिए आगे आए हैं अक्षय और साइना | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं, जो भारतीय हितों के लिए खड़े रहने और क्षेत्र में चीन को रोकने के इच्छुक देशों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. उक्त विचार एक शीर्ष अमेरिकी चीनी विशेषज्ञ के हैं. सेन्टर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) की बोनी एस ग्लेसर ने साक्षात्कार में कहा, मेरा मानना है कि शी चिनफिंग प्रधानमंत्री मोदी को एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं, जो भारतीय हितों के लिए खड़े रहना और क्षेत्र में चीन को रोकने के इच्छुक अन्य देशों, खासतौर से अमेरिका और जापान के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, और मुझे लगता है इसी बात से चीन चिंतित है. एशिया के लिए वरिष्ठ सलाहकार और वाशिंगटन डीसी स्थित शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक सीएसआईएस में चाइना पावर प्रोजेक्ट की निदेशक ग्लेसर का मानना है कि चीन को भारत के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों से कुछ लाभ होता नजर नहीं आ रहा है.
पढ़ें: भारत को युद्ध की ओर धकेल रहा है पीएम मोदी का सख्त रवैया: चीनी अखबार
उन्होंने कहा, शुरुआत में शी चिनफिंग दिल्ली गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रिश्ते कायम करने की कोशिश की. मुझे लगता है कि उन्हें उम्मीद थी कि भारत ऐसी नीति अपनाएगा, जो चीनी हितों को चुनौती नहीं देगी, लेकिन दक्षिण चीन सागर में उनकी गतिविधियां जारी रहने के कारण ऐसा नहीं हो पाया.
पढ़ें: भारत के खिलाफ 'दो हफ्तों के भीतर सैन्य अभियान' की योजना बना रहा चीन : विशेषज्ञ
डोकलाम में घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रही ग्लेसर ने कहा, हिंद महासागर और अन्य समुद्री क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच जाहिर तौर पर मतभेद हैं. चीन को भारत के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों से लाभ होता नहीं दिख रहा है. गौरतलब है कि चीन ने भारत-भूटान-चीन सीमा के समीप सड़क निर्माण शुरू किया था जिसका निर्माण कार्य भारतीय सेना ने रुकवा दिया था. इसके बाद 16 जून से ही डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है. ग्लेसर ने कहा कि चीन लंबे समय में अपने लिए भारत को एक मुख्य चुनौती मानता है.
उन्होंने कहा, चीन भारत को सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में देखता है जो, दीर्घावधि में उसके लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है. आने वाले समय में चीन क्षेत्र में उसकी बढ़ती शक्ति को चुनौती देने के लिए जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे अन्य देशों के साथ भारत के सहयोग को लेकर चिंतित है, यह नकारात्मक है. उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही इकलौता देश है जो चीन के वन वेल्ट एंड वन रोड पहल का स्पष्ट रूप से विरोध करता है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, चीन यह नहीं मानता कि भारत से उसे कोई खास सैन्य खतरा है. उदाहरण के लिए चीन अपनी सुरक्षा के लिए भारत के परमाणु शस्त्रों को बड़ा खतरा नहीं मानता है, लेकिन भारत को राजनीतिक खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसका चीन को रोकने के लिए अन्य शक्तियों के साथ सहयोग है. विशेषज्ञ ने कहा कि अगर डोकलाम गतिरोध जारी रहता है तो भारत का रुख और उसके नतीजों का क्षेत्र में अन्य देशों पर बड़ा असर पड़ सकता है खासतौर से उन देशों पर जिनका चीन के साथ सीमा विवाद है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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उन्होंने कहा, शुरुआत में शी चिनफिंग दिल्ली गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रिश्ते कायम करने की कोशिश की. मुझे लगता है कि उन्हें उम्मीद थी कि भारत ऐसी नीति अपनाएगा, जो चीनी हितों को चुनौती नहीं देगी, लेकिन दक्षिण चीन सागर में उनकी गतिविधियां जारी रहने के कारण ऐसा नहीं हो पाया.
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डोकलाम में घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रही ग्लेसर ने कहा, हिंद महासागर और अन्य समुद्री क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच जाहिर तौर पर मतभेद हैं. चीन को भारत के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों से लाभ होता नहीं दिख रहा है. गौरतलब है कि चीन ने भारत-भूटान-चीन सीमा के समीप सड़क निर्माण शुरू किया था जिसका निर्माण कार्य भारतीय सेना ने रुकवा दिया था. इसके बाद 16 जून से ही डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है. ग्लेसर ने कहा कि चीन लंबे समय में अपने लिए भारत को एक मुख्य चुनौती मानता है.
उन्होंने कहा, चीन भारत को सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में देखता है जो, दीर्घावधि में उसके लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है. आने वाले समय में चीन क्षेत्र में उसकी बढ़ती शक्ति को चुनौती देने के लिए जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे अन्य देशों के साथ भारत के सहयोग को लेकर चिंतित है, यह नकारात्मक है. उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही इकलौता देश है जो चीन के वन वेल्ट एंड वन रोड पहल का स्पष्ट रूप से विरोध करता है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, चीन यह नहीं मानता कि भारत से उसे कोई खास सैन्य खतरा है. उदाहरण के लिए चीन अपनी सुरक्षा के लिए भारत के परमाणु शस्त्रों को बड़ा खतरा नहीं मानता है, लेकिन भारत को राजनीतिक खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसका चीन को रोकने के लिए अन्य शक्तियों के साथ सहयोग है. विशेषज्ञ ने कहा कि अगर डोकलाम गतिरोध जारी रहता है तो भारत का रुख और उसके नतीजों का क्षेत्र में अन्य देशों पर बड़ा असर पड़ सकता है खासतौर से उन देशों पर जिनका चीन के साथ सीमा विवाद है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, शुरुआत में शी चिनफिंग दिल्ली गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रिश्ते कायम करने की कोशिश की. मुझे लगता है कि उन्हें उम्मीद थी कि भारत ऐसी नीति अपनाएगा, जो चीनी हितों को चुनौती नहीं देगी, लेकिन दक्षिण चीन सागर में उनकी गतिविधियां जारी रहने के कारण ऐसा नहीं हो पाया.
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डोकलाम में घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रही ग्लेसर ने कहा, हिंद महासागर और अन्य समुद्री क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच जाहिर तौर पर मतभेद हैं. चीन को भारत के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों से लाभ होता नहीं दिख रहा है. गौरतलब है कि चीन ने भारत-भूटान-चीन सीमा के समीप सड़क निर्माण शुरू किया था जिसका निर्माण कार्य भारतीय सेना ने रुकवा दिया था. इसके बाद 16 जून से ही डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है. ग्लेसर ने कहा कि चीन लंबे समय में अपने लिए भारत को एक मुख्य चुनौती मानता है.
उन्होंने कहा, चीन भारत को सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में देखता है जो, दीर्घावधि में उसके लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है. आने वाले समय में चीन क्षेत्र में उसकी बढ़ती शक्ति को चुनौती देने के लिए जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे अन्य देशों के साथ भारत के सहयोग को लेकर चिंतित है, यह नकारात्मक है. उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही इकलौता देश है जो चीन के वन वेल्ट एंड वन रोड पहल का स्पष्ट रूप से विरोध करता है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, चीन यह नहीं मानता कि भारत से उसे कोई खास सैन्य खतरा है. उदाहरण के लिए चीन अपनी सुरक्षा के लिए भारत के परमाणु शस्त्रों को बड़ा खतरा नहीं मानता है, लेकिन भारत को राजनीतिक खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसका चीन को रोकने के लिए अन्य शक्तियों के साथ सहयोग है. विशेषज्ञ ने कहा कि अगर डोकलाम गतिरोध जारी रहता है तो भारत का रुख और उसके नतीजों का क्षेत्र में अन्य देशों पर बड़ा असर पड़ सकता है खासतौर से उन देशों पर जिनका चीन के साथ सीमा विवाद है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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डोकलाम में घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रही ग्लेसर ने कहा, हिंद महासागर और अन्य समुद्री क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच जाहिर तौर पर मतभेद हैं. चीन को भारत के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों से लाभ होता नहीं दिख रहा है. गौरतलब है कि चीन ने भारत-भूटान-चीन सीमा के समीप सड़क निर्माण शुरू किया था जिसका निर्माण कार्य भारतीय सेना ने रुकवा दिया था. इसके बाद 16 जून से ही डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है. ग्लेसर ने कहा कि चीन लंबे समय में अपने लिए भारत को एक मुख्य चुनौती मानता है.
उन्होंने कहा, चीन भारत को सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में देखता है जो, दीर्घावधि में उसके लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है. आने वाले समय में चीन क्षेत्र में उसकी बढ़ती शक्ति को चुनौती देने के लिए जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे अन्य देशों के साथ भारत के सहयोग को लेकर चिंतित है, यह नकारात्मक है. उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही इकलौता देश है जो चीन के वन वेल्ट एंड वन रोड पहल का स्पष्ट रूप से विरोध करता है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, चीन यह नहीं मानता कि भारत से उसे कोई खास सैन्य खतरा है. उदाहरण के लिए चीन अपनी सुरक्षा के लिए भारत के परमाणु शस्त्रों को बड़ा खतरा नहीं मानता है, लेकिन भारत को राजनीतिक खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसका चीन को रोकने के लिए अन्य शक्तियों के साथ सहयोग है. विशेषज्ञ ने कहा कि अगर डोकलाम गतिरोध जारी रहता है तो भारत का रुख और उसके नतीजों का क्षेत्र में अन्य देशों पर बड़ा असर पड़ सकता है खासतौर से उन देशों पर जिनका चीन के साथ सीमा विवाद है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डोकलाम में घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रही ग्लेसर ने कहा, हिंद महासागर और अन्य समुद्री क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच जाहिर तौर पर मतभेद हैं. चीन को भारत के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों से लाभ होता नहीं दिख रहा है. गौरतलब है कि चीन ने भारत-भूटान-चीन सीमा के समीप सड़क निर्माण शुरू किया था जिसका निर्माण कार्य भारतीय सेना ने रुकवा दिया था. इसके बाद 16 जून से ही डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है. ग्लेसर ने कहा कि चीन लंबे समय में अपने लिए भारत को एक मुख्य चुनौती मानता है.
उन्होंने कहा, चीन भारत को सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में देखता है जो, दीर्घावधि में उसके लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है. आने वाले समय में चीन क्षेत्र में उसकी बढ़ती शक्ति को चुनौती देने के लिए जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे अन्य देशों के साथ भारत के सहयोग को लेकर चिंतित है, यह नकारात्मक है. उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही इकलौता देश है जो चीन के वन वेल्ट एंड वन रोड पहल का स्पष्ट रूप से विरोध करता है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, चीन यह नहीं मानता कि भारत से उसे कोई खास सैन्य खतरा है. उदाहरण के लिए चीन अपनी सुरक्षा के लिए भारत के परमाणु शस्त्रों को बड़ा खतरा नहीं मानता है, लेकिन भारत को राजनीतिक खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसका चीन को रोकने के लिए अन्य शक्तियों के साथ सहयोग है. विशेषज्ञ ने कहा कि अगर डोकलाम गतिरोध जारी रहता है तो भारत का रुख और उसके नतीजों का क्षेत्र में अन्य देशों पर बड़ा असर पड़ सकता है खासतौर से उन देशों पर जिनका चीन के साथ सीमा विवाद है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, चीन भारत को सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में देखता है जो, दीर्घावधि में उसके लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है. आने वाले समय में चीन क्षेत्र में उसकी बढ़ती शक्ति को चुनौती देने के लिए जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे अन्य देशों के साथ भारत के सहयोग को लेकर चिंतित है, यह नकारात्मक है. उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही इकलौता देश है जो चीन के वन वेल्ट एंड वन रोड पहल का स्पष्ट रूप से विरोध करता है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, चीन यह नहीं मानता कि भारत से उसे कोई खास सैन्य खतरा है. उदाहरण के लिए चीन अपनी सुरक्षा के लिए भारत के परमाणु शस्त्रों को बड़ा खतरा नहीं मानता है, लेकिन भारत को राजनीतिक खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसका चीन को रोकने के लिए अन्य शक्तियों के साथ सहयोग है. विशेषज्ञ ने कहा कि अगर डोकलाम गतिरोध जारी रहता है तो भारत का रुख और उसके नतीजों का क्षेत्र में अन्य देशों पर बड़ा असर पड़ सकता है खासतौर से उन देशों पर जिनका चीन के साथ सीमा विवाद है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, चीन यह नहीं मानता कि भारत से उसे कोई खास सैन्य खतरा है. उदाहरण के लिए चीन अपनी सुरक्षा के लिए भारत के परमाणु शस्त्रों को बड़ा खतरा नहीं मानता है, लेकिन भारत को राजनीतिक खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसका चीन को रोकने के लिए अन्य शक्तियों के साथ सहयोग है. विशेषज्ञ ने कहा कि अगर डोकलाम गतिरोध जारी रहता है तो भारत का रुख और उसके नतीजों का क्षेत्र में अन्य देशों पर बड़ा असर पड़ सकता है खासतौर से उन देशों पर जिनका चीन के साथ सीमा विवाद है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका-जापान के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं पीएम मोदी
शी चिनफिंग ने पीएम मोदी के साथ रिश्ते कायम करने की कोशिश की
दक्षिणी चीन सागर में जारी हैं चीन की गतिविधियां | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन की पृष्ठभूमि में पेंटागन के एक शीर्ष जनरल ने कहा है कि अमेरिकी सेना की पहली प्राथमिकता पाकिस्तान के साथ परस्पर विश्वास का निर्माण और संबंध विकसित करना है।टिप्पणियां
अमेरिका सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रे ओडिर्नो ने वाशिंगटन स्थित विचार मंच अटलांटिक काउंसिल में कहा, हमारी पहली प्राथमिकता विश्वास निर्माण, क्षमता निर्माण और देशों के बीच संबंध विकसित करना है और हम इसमें सहायता कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता संघर्ष से दूर रहने की है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि मैंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां सेना उसकी शुरुआत कर सकती थी। सेनाओं के बीच संबंधों से विश्वास बनता है या कम से कम देशों के बीच थोड़ा-सा भरोसा हमें इसकी इजाजत देता है। इसलिए यह हमेशा ही हमारी पहली प्राथमिकता रही है।
अमेरिका सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रे ओडिर्नो ने वाशिंगटन स्थित विचार मंच अटलांटिक काउंसिल में कहा, हमारी पहली प्राथमिकता विश्वास निर्माण, क्षमता निर्माण और देशों के बीच संबंध विकसित करना है और हम इसमें सहायता कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता संघर्ष से दूर रहने की है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि मैंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां सेना उसकी शुरुआत कर सकती थी। सेनाओं के बीच संबंधों से विश्वास बनता है या कम से कम देशों के बीच थोड़ा-सा भरोसा हमें इसकी इजाजत देता है। इसलिए यह हमेशा ही हमारी पहली प्राथमिकता रही है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता संघर्ष से दूर रहने की है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि मैंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां सेना उसकी शुरुआत कर सकती थी। सेनाओं के बीच संबंधों से विश्वास बनता है या कम से कम देशों के बीच थोड़ा-सा भरोसा हमें इसकी इजाजत देता है। इसलिए यह हमेशा ही हमारी पहली प्राथमिकता रही है। | सारांश: पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन की पृष्ठभूमि में पेंटागन के एक शीर्ष जनरल ने कहा है कि अमेरिकी सेना की पहली प्राथमिकता पाकिस्तान के साथ परस्पर विश्वास का निर्माण और संबंध विकसित करना है। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय सेना के मेजर जनरल अशोक नरूला ने आज एक प्रेस वार्ता करके कहा है कि हाल ही में भारतीय सेना द्वारा नौशेरा में की गई कार्रवाई से पाकिस्तान की चौकियों को नुकसान पहुंचा है. अब बर्फ पिघलने से घुसपैठ बढ़ने की आशंका है, लेकिन भारतीय सेना की तैयारी पूरी है. घाटी में शांति के लिए LOC पर हालात ठीक होना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि हमारी कोशिश जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करना है. पाकिस्तान भारत में घुसपैठ कराता रहा है. घुसपैठ में मदद करने वाली नौशेरा स्थित पाकिस्तानी चौकियों को तबाह किया है. सेना ने पाक पर कार्रवाई का वीडियो भी जारी किया है. यह वीडियो 9 मई का है. एयर डिफेंस गन से फायरिंग की गई.
भारतीय सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अशोक नरूला ने कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत की स्थिति पाकिस्तान की तुलना में मजबूत है. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान द्वारा फायरिंग की आड़ में भारतीय जवानों की पेट्रोलिंग टीम के दो जवानों की हत्या कर उनके शवों के साथ बर्बरता की थी. उसके बाद से देशवासियों में ही नहीं, सेना में भी पाकिस्तान को लेकर काफी रोष था.भारतीय सेना ने उस समय कहा था कि इसका माकूल जवाब दिया जाएगा. गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने जवानों के शव क्षत-विक्षत किए जाने की निंदा की थी और कहा था कि युद्ध के दौरान भी कहीं ऐसी हरकतें नहीं होती हैं. उन्होंने कहा था कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी और पाक की करतूत का सेना माकूल जवाब देगी.
आतंकवाद के खिलाफ़ रणनीति- सेना की कार्रवाई
कई पाकिस्तानी चौकियां तबाह
आतंकियों की मददगार चौकियों पर निशाना
पाकिस्तानी सेना की आतंकियों को शह
घुसपैठ में मदद करती हैं पाक सेना
भारतीय सेना को फ़ायरिंग में उलझाती है
कई बार सरहदी गांवों को निशाना बनाया
बर्फ़ पिघलने और दर्रे खुलने पर घुसपैठ बढ़ती है
घाटी में शांति के लिए LoC पर हालात ठीक होना ज़रूरी
भारतीय सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अशोक नरूला ने कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत की स्थिति पाकिस्तान की तुलना में मजबूत है. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान द्वारा फायरिंग की आड़ में भारतीय जवानों की पेट्रोलिंग टीम के दो जवानों की हत्या कर उनके शवों के साथ बर्बरता की थी. उसके बाद से देशवासियों में ही नहीं, सेना में भी पाकिस्तान को लेकर काफी रोष था.भारतीय सेना ने उस समय कहा था कि इसका माकूल जवाब दिया जाएगा. गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने जवानों के शव क्षत-विक्षत किए जाने की निंदा की थी और कहा था कि युद्ध के दौरान भी कहीं ऐसी हरकतें नहीं होती हैं. उन्होंने कहा था कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी और पाक की करतूत का सेना माकूल जवाब देगी.
आतंकवाद के खिलाफ़ रणनीति- सेना की कार्रवाई
कई पाकिस्तानी चौकियां तबाह
आतंकियों की मददगार चौकियों पर निशाना
पाकिस्तानी सेना की आतंकियों को शह
घुसपैठ में मदद करती हैं पाक सेना
भारतीय सेना को फ़ायरिंग में उलझाती है
कई बार सरहदी गांवों को निशाना बनाया
बर्फ़ पिघलने और दर्रे खुलने पर घुसपैठ बढ़ती है
घाटी में शांति के लिए LoC पर हालात ठीक होना ज़रूरी
उल्लेखनीय है कि कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान द्वारा फायरिंग की आड़ में भारतीय जवानों की पेट्रोलिंग टीम के दो जवानों की हत्या कर उनके शवों के साथ बर्बरता की थी. उसके बाद से देशवासियों में ही नहीं, सेना में भी पाकिस्तान को लेकर काफी रोष था.भारतीय सेना ने उस समय कहा था कि इसका माकूल जवाब दिया जाएगा. गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने जवानों के शव क्षत-विक्षत किए जाने की निंदा की थी और कहा था कि युद्ध के दौरान भी कहीं ऐसी हरकतें नहीं होती हैं. उन्होंने कहा था कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी और पाक की करतूत का सेना माकूल जवाब देगी.
आतंकवाद के खिलाफ़ रणनीति- सेना की कार्रवाई
कई पाकिस्तानी चौकियां तबाह
आतंकियों की मददगार चौकियों पर निशाना
पाकिस्तानी सेना की आतंकियों को शह
घुसपैठ में मदद करती हैं पाक सेना
भारतीय सेना को फ़ायरिंग में उलझाती है
कई बार सरहदी गांवों को निशाना बनाया
बर्फ़ पिघलने और दर्रे खुलने पर घुसपैठ बढ़ती है
घाटी में शांति के लिए LoC पर हालात ठीक होना ज़रूरी
आतंकवाद के खिलाफ़ रणनीति- सेना की कार्रवाई
कई पाकिस्तानी चौकियां तबाह
आतंकियों की मददगार चौकियों पर निशाना
पाकिस्तानी सेना की आतंकियों को शह
घुसपैठ में मदद करती हैं पाक सेना
भारतीय सेना को फ़ायरिंग में उलझाती है
कई बार सरहदी गांवों को निशाना बनाया
बर्फ़ पिघलने और दर्रे खुलने पर घुसपैठ बढ़ती है
घाटी में शांति के लिए LoC पर हालात ठीक होना ज़रूरी | यह एक सारांश है: आतंकियों की मददगार चौकियों पर निशाना
बर्फ पिघलने पर बढ़ती है घुसपैठ
भारतीय सेना ने नौशेरा में की कार्रवाई | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कथावाचक आसाराम बापू पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, और पुलिस ने बुधवार देर रात और गुरुवार सुबह उनके जोधपुर आश्रम पर छापे मारे हैं।
दरअसल, एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर यौन हमले का आरोप लगाते हुए दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई है, जहां से ट्रांसफर होकर यह मामला जोधपुर पहुंचा है, क्योंकि मामला आसाराम के जोधपुर आश्रम से ही जुड़ा हुआ है। छापे के दौरान पीड़ित लड़की भी पुलिस के साथ थी। उधर, आसाराम बापू की प्रवक्ता ने इस आरोप को गलत बताया है।
विवादों से पहले भी घिरे रहे कथावाचक आसाराम बापू के खिलाफ यह मामला तब सामने आया, जब 18 से 20 अगस्त तक दिल्ली के रामलीला मैदान में जारी आसाराम के समागम के दौरान यह बच्ची अपने पिता के साथ कमला मार्केट थाने पहुंची, और फिर वहीं उसकी शिकायत पर बलात्कार का मामला दर्ज किया गया।
बच्ची ने पुलिस को बताया कि छिंदवाड़ा के एक स्कूल में पढ़ती है, और 15 जुलाई को तबीयत खराब होने पर उसे जोधपुर लाया गया था। इसके बाद झाड़−फूंक से इलाज के बहाने आसाराम ने उसे कमरे में बंद किया, और उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने लड़की का मेडिकल चेकअप कराया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई है। इसके बाद लड़की का बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज करवाया गया।
पुलिस के मुताबिक मामला जोधपुर का है, इसलिए दिल्ली में ज़ीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, और उसे जोधपुर पुलिस के पास भेजा गया है। आगे की जांच वहीं की जाएगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है, जब आसाराम पर आपराधिक आरोप लगे हों। आसाराम, उनके बयान, और उनके आश्रम इससे पहले भी सवालों के घेरे में आते रहे हैं। आसाराम बापू ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली में हुए गैंगरेप को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी बवाल हुआ था। आसाराम ने उस समय कहा था कि गैंगरेप में लड़की भी कसूरवार थी, क्योंकि उसने बदमाशों को उन्हें भाई कहकर नहीं पुकारा।
हाल ही में होली के पर्व के समय भी उनके आश्रम में पानी की बरबादी को लेकर काफी सवाल उठे थे, और नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि प्रशासन ने उनके आश्रम में पानी की सप्लाई ही बंद कर दी थी। वैसे, आसाराम पर सबसे गंभीर आरोप वर्ष 2008 में लगे था, जब उनके आश्रम के बाहर दो बच्चों की लाशें मिली थीं। वे दोनों बच्चे तीन दिन से आश्रम से ही गायब थे। इस विवाद के बाद आसाराम के भक्तों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की थी।
दरअसल, एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर यौन हमले का आरोप लगाते हुए दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई है, जहां से ट्रांसफर होकर यह मामला जोधपुर पहुंचा है, क्योंकि मामला आसाराम के जोधपुर आश्रम से ही जुड़ा हुआ है। छापे के दौरान पीड़ित लड़की भी पुलिस के साथ थी। उधर, आसाराम बापू की प्रवक्ता ने इस आरोप को गलत बताया है।
विवादों से पहले भी घिरे रहे कथावाचक आसाराम बापू के खिलाफ यह मामला तब सामने आया, जब 18 से 20 अगस्त तक दिल्ली के रामलीला मैदान में जारी आसाराम के समागम के दौरान यह बच्ची अपने पिता के साथ कमला मार्केट थाने पहुंची, और फिर वहीं उसकी शिकायत पर बलात्कार का मामला दर्ज किया गया।
बच्ची ने पुलिस को बताया कि छिंदवाड़ा के एक स्कूल में पढ़ती है, और 15 जुलाई को तबीयत खराब होने पर उसे जोधपुर लाया गया था। इसके बाद झाड़−फूंक से इलाज के बहाने आसाराम ने उसे कमरे में बंद किया, और उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने लड़की का मेडिकल चेकअप कराया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई है। इसके बाद लड़की का बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज करवाया गया।
पुलिस के मुताबिक मामला जोधपुर का है, इसलिए दिल्ली में ज़ीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, और उसे जोधपुर पुलिस के पास भेजा गया है। आगे की जांच वहीं की जाएगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है, जब आसाराम पर आपराधिक आरोप लगे हों। आसाराम, उनके बयान, और उनके आश्रम इससे पहले भी सवालों के घेरे में आते रहे हैं। आसाराम बापू ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली में हुए गैंगरेप को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी बवाल हुआ था। आसाराम ने उस समय कहा था कि गैंगरेप में लड़की भी कसूरवार थी, क्योंकि उसने बदमाशों को उन्हें भाई कहकर नहीं पुकारा।
हाल ही में होली के पर्व के समय भी उनके आश्रम में पानी की बरबादी को लेकर काफी सवाल उठे थे, और नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि प्रशासन ने उनके आश्रम में पानी की सप्लाई ही बंद कर दी थी। वैसे, आसाराम पर सबसे गंभीर आरोप वर्ष 2008 में लगे था, जब उनके आश्रम के बाहर दो बच्चों की लाशें मिली थीं। वे दोनों बच्चे तीन दिन से आश्रम से ही गायब थे। इस विवाद के बाद आसाराम के भक्तों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की थी।
विवादों से पहले भी घिरे रहे कथावाचक आसाराम बापू के खिलाफ यह मामला तब सामने आया, जब 18 से 20 अगस्त तक दिल्ली के रामलीला मैदान में जारी आसाराम के समागम के दौरान यह बच्ची अपने पिता के साथ कमला मार्केट थाने पहुंची, और फिर वहीं उसकी शिकायत पर बलात्कार का मामला दर्ज किया गया।
बच्ची ने पुलिस को बताया कि छिंदवाड़ा के एक स्कूल में पढ़ती है, और 15 जुलाई को तबीयत खराब होने पर उसे जोधपुर लाया गया था। इसके बाद झाड़−फूंक से इलाज के बहाने आसाराम ने उसे कमरे में बंद किया, और उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने लड़की का मेडिकल चेकअप कराया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई है। इसके बाद लड़की का बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज करवाया गया।
पुलिस के मुताबिक मामला जोधपुर का है, इसलिए दिल्ली में ज़ीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, और उसे जोधपुर पुलिस के पास भेजा गया है। आगे की जांच वहीं की जाएगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है, जब आसाराम पर आपराधिक आरोप लगे हों। आसाराम, उनके बयान, और उनके आश्रम इससे पहले भी सवालों के घेरे में आते रहे हैं। आसाराम बापू ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली में हुए गैंगरेप को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी बवाल हुआ था। आसाराम ने उस समय कहा था कि गैंगरेप में लड़की भी कसूरवार थी, क्योंकि उसने बदमाशों को उन्हें भाई कहकर नहीं पुकारा।
हाल ही में होली के पर्व के समय भी उनके आश्रम में पानी की बरबादी को लेकर काफी सवाल उठे थे, और नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि प्रशासन ने उनके आश्रम में पानी की सप्लाई ही बंद कर दी थी। वैसे, आसाराम पर सबसे गंभीर आरोप वर्ष 2008 में लगे था, जब उनके आश्रम के बाहर दो बच्चों की लाशें मिली थीं। वे दोनों बच्चे तीन दिन से आश्रम से ही गायब थे। इस विवाद के बाद आसाराम के भक्तों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की थी।
बच्ची ने पुलिस को बताया कि छिंदवाड़ा के एक स्कूल में पढ़ती है, और 15 जुलाई को तबीयत खराब होने पर उसे जोधपुर लाया गया था। इसके बाद झाड़−फूंक से इलाज के बहाने आसाराम ने उसे कमरे में बंद किया, और उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने लड़की का मेडिकल चेकअप कराया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई है। इसके बाद लड़की का बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज करवाया गया।
पुलिस के मुताबिक मामला जोधपुर का है, इसलिए दिल्ली में ज़ीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, और उसे जोधपुर पुलिस के पास भेजा गया है। आगे की जांच वहीं की जाएगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है, जब आसाराम पर आपराधिक आरोप लगे हों। आसाराम, उनके बयान, और उनके आश्रम इससे पहले भी सवालों के घेरे में आते रहे हैं। आसाराम बापू ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली में हुए गैंगरेप को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी बवाल हुआ था। आसाराम ने उस समय कहा था कि गैंगरेप में लड़की भी कसूरवार थी, क्योंकि उसने बदमाशों को उन्हें भाई कहकर नहीं पुकारा।
हाल ही में होली के पर्व के समय भी उनके आश्रम में पानी की बरबादी को लेकर काफी सवाल उठे थे, और नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि प्रशासन ने उनके आश्रम में पानी की सप्लाई ही बंद कर दी थी। वैसे, आसाराम पर सबसे गंभीर आरोप वर्ष 2008 में लगे था, जब उनके आश्रम के बाहर दो बच्चों की लाशें मिली थीं। वे दोनों बच्चे तीन दिन से आश्रम से ही गायब थे। इस विवाद के बाद आसाराम के भक्तों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की थी।
पुलिस के मुताबिक मामला जोधपुर का है, इसलिए दिल्ली में ज़ीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, और उसे जोधपुर पुलिस के पास भेजा गया है। आगे की जांच वहीं की जाएगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है, जब आसाराम पर आपराधिक आरोप लगे हों। आसाराम, उनके बयान, और उनके आश्रम इससे पहले भी सवालों के घेरे में आते रहे हैं। आसाराम बापू ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली में हुए गैंगरेप को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी बवाल हुआ था। आसाराम ने उस समय कहा था कि गैंगरेप में लड़की भी कसूरवार थी, क्योंकि उसने बदमाशों को उन्हें भाई कहकर नहीं पुकारा।
हाल ही में होली के पर्व के समय भी उनके आश्रम में पानी की बरबादी को लेकर काफी सवाल उठे थे, और नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि प्रशासन ने उनके आश्रम में पानी की सप्लाई ही बंद कर दी थी। वैसे, आसाराम पर सबसे गंभीर आरोप वर्ष 2008 में लगे था, जब उनके आश्रम के बाहर दो बच्चों की लाशें मिली थीं। वे दोनों बच्चे तीन दिन से आश्रम से ही गायब थे। इस विवाद के बाद आसाराम के भक्तों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की थी।
उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है, जब आसाराम पर आपराधिक आरोप लगे हों। आसाराम, उनके बयान, और उनके आश्रम इससे पहले भी सवालों के घेरे में आते रहे हैं। आसाराम बापू ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली में हुए गैंगरेप को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी बवाल हुआ था। आसाराम ने उस समय कहा था कि गैंगरेप में लड़की भी कसूरवार थी, क्योंकि उसने बदमाशों को उन्हें भाई कहकर नहीं पुकारा।
हाल ही में होली के पर्व के समय भी उनके आश्रम में पानी की बरबादी को लेकर काफी सवाल उठे थे, और नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि प्रशासन ने उनके आश्रम में पानी की सप्लाई ही बंद कर दी थी। वैसे, आसाराम पर सबसे गंभीर आरोप वर्ष 2008 में लगे था, जब उनके आश्रम के बाहर दो बच्चों की लाशें मिली थीं। वे दोनों बच्चे तीन दिन से आश्रम से ही गायब थे। इस विवाद के बाद आसाराम के भक्तों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की थी।
हाल ही में होली के पर्व के समय भी उनके आश्रम में पानी की बरबादी को लेकर काफी सवाल उठे थे, और नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि प्रशासन ने उनके आश्रम में पानी की सप्लाई ही बंद कर दी थी। वैसे, आसाराम पर सबसे गंभीर आरोप वर्ष 2008 में लगे था, जब उनके आश्रम के बाहर दो बच्चों की लाशें मिली थीं। वे दोनों बच्चे तीन दिन से आश्रम से ही गायब थे। इस विवाद के बाद आसाराम के भक्तों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की थी। | एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर यौन हमले का आरोप लगाते हुए दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई है, जहां से ट्रांसफर होकर यह मामला जोधपुर पहुंचा है, क्योंकि मामला आसाराम के जोधपुर आश्रम से ही जुड़ा हुआ है। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सीमेंट निर्माता कंपनी एसीसी को जून में समाप्त तिमाही के दौरान 328.12 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो पिछले साल की इसी तिमाही से छह फीसदी कम है। कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण सीमेंट निर्माता कंपनियों के मुनाफे में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को 349.47 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। कंपनी ने कहा है कि पिछले साल की अपेक्षा बिक्री बढ़ने के बावजूद भी कच्चे माल की लागत बढ़ने से उसके मुनाफे में कमी आई है। आलोच्य तिमाही में कंपनी ने कच्चे माल पर 466 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि इससे पिछले साल की इसी तिमाही में उसने कच्चे माल पर 375 करोड़ रुपये खर्च किए थे। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की कुल कारोबार बढ़कर 2,539 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 2,167 करोड़ रुपये था। इस तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 59.3 लाख टन सीमेंट की बिक्री की, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने कुल 52.7 लाख टन सीमेंट बेची थी। कंपनी के निदेशक मंडल ने 11 रुपये के प्रति शेयर पर 110 फीसदी का लाभांश देने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। | सारांश: एसीसी को जून में समाप्त तिमाही के दौरान 328.12 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो पिछले साल की इसी तिमाही से छह फीसदी कम है। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: न्यूयॉर्क की एक अदालत ने एक भारतीय राजनयिक व उनके पति को अपनी भारतीय घरेलू नौकरानी के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने के मामले में उसे 15 लाख डॉलर देने को कहा है।
'न्यूयार्क पोस्ट' के मुताबिक भारतीय वाणिज्य दूतावास की पूर्व प्रेस काउंसलर नीना मल्होत्रा व उनके पति जोगेश मल्होत्रा ने अपनी भारतीय नौकरानी शांति गुरुंग के साथ दुर्व्यवहार किया था। न्यायाधीश ने राजनयिक से जो राशि चुकाने के लिए कहा है उसमें से पांच लाख डॉलर की राशि शांति गुरुं ग को पहुंचाए गए भावनात्मक कष्ट के लिए है।टिप्पणियां
मेनहट्टन के फेडरल मजिस्ट्रेट जज फ्रेंक मास के मुताबिक मल्होत्रा दम्पत्ति ने अपनी पूर्व नौकरानी का पासपोर्ट व वीजा जब्त कर उसे बिना पैसे के काम करने के लिए मजबूर किया था और उसे अपने अपार्टमेंट से बाहर निकलने से रोका था। मल्होत्रा दम्पत्ति ने नौकरानी को धमकाया था कि यदि उसने उनकी इजाजत के बिना खुद यात्रा की तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा, उसके साथ मारपीट होगी, उसका बलात्कार किया जाएगा और उसे किसी सामान की तरह वापस भारत भेज दिया जाएगा। मामले की जांच कर रहे जज विक्टर मारीरो ने मास की इन अनुशंसाओं को ध्यान में रखा। दिसम्बर 2010 में मारीरो ने मल्होत्रा दम्पत्ति के खिलाफ गुरुं ग को फैसला सुनाया। मल्होत्रा दम्पत्ति मामले की सुनवाई से पहले ही भारत लौट गए थे। गुरुंग ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया था कि उसे 2006 में ए-3 वीजा पर अमेरिका लाया गया था और उससे दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में यह बताने के लिए कहा गया कि उसे काम के लिए प्रति घंटा सात डॉलर मिलते हैं। गुरुं ग से उसकी जन्मतिथि के बारे में भी झूठ बोलने के लिए कहा गया था। उसने अमेरिकी अधिकारियों के सामने खुद को 18 साल की बताया जबकि उसकी वास्तविक उम्र 17 वर्ष थी।
जून 2006 के बाद से गुरुं ग बहुत बुरी परिस्थितियों में रह रही थी। उसकी नियुक्ति के समय उसे जो काम करने के लिए कहा गया था, अब उसे उससे कहीं ज्यादा काम करने पड़ रहे थे। गुरुं ग के कामों में भोजन पकाना, साफ-सफाई करना, मल्होत्रा की हर रोज मसाज करना, खरीददारी करना, कपड़े धोना और मल्होत्रा दम्पत्ति द्वारा अक्सर रात के तीन बजे तक चलने वाली पार्टियों में कई इंतजाम करना शामिल था।
'न्यूयार्क पोस्ट' के मुताबिक भारतीय वाणिज्य दूतावास की पूर्व प्रेस काउंसलर नीना मल्होत्रा व उनके पति जोगेश मल्होत्रा ने अपनी भारतीय नौकरानी शांति गुरुंग के साथ दुर्व्यवहार किया था। न्यायाधीश ने राजनयिक से जो राशि चुकाने के लिए कहा है उसमें से पांच लाख डॉलर की राशि शांति गुरुं ग को पहुंचाए गए भावनात्मक कष्ट के लिए है।टिप्पणियां
मेनहट्टन के फेडरल मजिस्ट्रेट जज फ्रेंक मास के मुताबिक मल्होत्रा दम्पत्ति ने अपनी पूर्व नौकरानी का पासपोर्ट व वीजा जब्त कर उसे बिना पैसे के काम करने के लिए मजबूर किया था और उसे अपने अपार्टमेंट से बाहर निकलने से रोका था। मल्होत्रा दम्पत्ति ने नौकरानी को धमकाया था कि यदि उसने उनकी इजाजत के बिना खुद यात्रा की तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा, उसके साथ मारपीट होगी, उसका बलात्कार किया जाएगा और उसे किसी सामान की तरह वापस भारत भेज दिया जाएगा। मामले की जांच कर रहे जज विक्टर मारीरो ने मास की इन अनुशंसाओं को ध्यान में रखा। दिसम्बर 2010 में मारीरो ने मल्होत्रा दम्पत्ति के खिलाफ गुरुं ग को फैसला सुनाया। मल्होत्रा दम्पत्ति मामले की सुनवाई से पहले ही भारत लौट गए थे। गुरुंग ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया था कि उसे 2006 में ए-3 वीजा पर अमेरिका लाया गया था और उससे दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में यह बताने के लिए कहा गया कि उसे काम के लिए प्रति घंटा सात डॉलर मिलते हैं। गुरुं ग से उसकी जन्मतिथि के बारे में भी झूठ बोलने के लिए कहा गया था। उसने अमेरिकी अधिकारियों के सामने खुद को 18 साल की बताया जबकि उसकी वास्तविक उम्र 17 वर्ष थी।
जून 2006 के बाद से गुरुं ग बहुत बुरी परिस्थितियों में रह रही थी। उसकी नियुक्ति के समय उसे जो काम करने के लिए कहा गया था, अब उसे उससे कहीं ज्यादा काम करने पड़ रहे थे। गुरुं ग के कामों में भोजन पकाना, साफ-सफाई करना, मल्होत्रा की हर रोज मसाज करना, खरीददारी करना, कपड़े धोना और मल्होत्रा दम्पत्ति द्वारा अक्सर रात के तीन बजे तक चलने वाली पार्टियों में कई इंतजाम करना शामिल था।
मेनहट्टन के फेडरल मजिस्ट्रेट जज फ्रेंक मास के मुताबिक मल्होत्रा दम्पत्ति ने अपनी पूर्व नौकरानी का पासपोर्ट व वीजा जब्त कर उसे बिना पैसे के काम करने के लिए मजबूर किया था और उसे अपने अपार्टमेंट से बाहर निकलने से रोका था। मल्होत्रा दम्पत्ति ने नौकरानी को धमकाया था कि यदि उसने उनकी इजाजत के बिना खुद यात्रा की तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा, उसके साथ मारपीट होगी, उसका बलात्कार किया जाएगा और उसे किसी सामान की तरह वापस भारत भेज दिया जाएगा। मामले की जांच कर रहे जज विक्टर मारीरो ने मास की इन अनुशंसाओं को ध्यान में रखा। दिसम्बर 2010 में मारीरो ने मल्होत्रा दम्पत्ति के खिलाफ गुरुं ग को फैसला सुनाया। मल्होत्रा दम्पत्ति मामले की सुनवाई से पहले ही भारत लौट गए थे। गुरुंग ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया था कि उसे 2006 में ए-3 वीजा पर अमेरिका लाया गया था और उससे दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में यह बताने के लिए कहा गया कि उसे काम के लिए प्रति घंटा सात डॉलर मिलते हैं। गुरुं ग से उसकी जन्मतिथि के बारे में भी झूठ बोलने के लिए कहा गया था। उसने अमेरिकी अधिकारियों के सामने खुद को 18 साल की बताया जबकि उसकी वास्तविक उम्र 17 वर्ष थी।
जून 2006 के बाद से गुरुं ग बहुत बुरी परिस्थितियों में रह रही थी। उसकी नियुक्ति के समय उसे जो काम करने के लिए कहा गया था, अब उसे उससे कहीं ज्यादा काम करने पड़ रहे थे। गुरुं ग के कामों में भोजन पकाना, साफ-सफाई करना, मल्होत्रा की हर रोज मसाज करना, खरीददारी करना, कपड़े धोना और मल्होत्रा दम्पत्ति द्वारा अक्सर रात के तीन बजे तक चलने वाली पार्टियों में कई इंतजाम करना शामिल था।
जून 2006 के बाद से गुरुं ग बहुत बुरी परिस्थितियों में रह रही थी। उसकी नियुक्ति के समय उसे जो काम करने के लिए कहा गया था, अब उसे उससे कहीं ज्यादा काम करने पड़ रहे थे। गुरुं ग के कामों में भोजन पकाना, साफ-सफाई करना, मल्होत्रा की हर रोज मसाज करना, खरीददारी करना, कपड़े धोना और मल्होत्रा दम्पत्ति द्वारा अक्सर रात के तीन बजे तक चलने वाली पार्टियों में कई इंतजाम करना शामिल था। | न्यूयॉर्क की एक अदालत ने एक भारतीय राजनयिक व उनके पति को अपनी भारतीय घरेलू नौकरानी के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने के मामले में उसे 15 लाख डॉलर देने को कहा है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बढ़ती महंगाई तथा जीवन स्तर की लागत में इजाफे की वजह से आज कर्मचारी अपनी प्राथमिकताओं का नए सिरे से आकलन कर रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर कर्मचारियों के लिए वेतन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'टेक होम' होता है यानी कि उनके हाथ में कितना वेतन आता है। वेतन के अन्य तत्वों को वे अधिक महत्व नहीं देते।
टाइम्सजॉब्स.कॉम के वेतन एवं लाभ पर अध्ययन में 1,000 से अधिक नियोक्ताओं की राय ली गई। सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया कि विभिन्न श्रेणियों में अधिकांश कर्मचारियों की प्राथमिकता यह होती है कि उनके हाथ में कितना वेतन आता है।
टाइम्स बिजनेस साल्यूशंस के प्रमुख (रणनीति) नीलांजल रॉय ने कहा कि जहां टेक होम वेतन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, अन्य तत्व मसलन वृद्धि की संभावना, भविष्य में आमदनी, प्रदर्शन आधारित भत्ता, इसॉप्स, आवास, स्कूलिंग, चिकित्सा तथा अन्य लाभ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।टिप्पणियां
अध्ययन के अनुसार करीब-करीब 60 प्रतिशत कनिष्ठ कर्मचारी हाथ में अधिक वेतन चाहते हैं। अन्य लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि पेशेवर किस पीढ़ी से है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाइम्सजॉब्स.कॉम के वेतन एवं लाभ पर अध्ययन में 1,000 से अधिक नियोक्ताओं की राय ली गई। सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया कि विभिन्न श्रेणियों में अधिकांश कर्मचारियों की प्राथमिकता यह होती है कि उनके हाथ में कितना वेतन आता है।
टाइम्स बिजनेस साल्यूशंस के प्रमुख (रणनीति) नीलांजल रॉय ने कहा कि जहां टेक होम वेतन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, अन्य तत्व मसलन वृद्धि की संभावना, भविष्य में आमदनी, प्रदर्शन आधारित भत्ता, इसॉप्स, आवास, स्कूलिंग, चिकित्सा तथा अन्य लाभ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।टिप्पणियां
अध्ययन के अनुसार करीब-करीब 60 प्रतिशत कनिष्ठ कर्मचारी हाथ में अधिक वेतन चाहते हैं। अन्य लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि पेशेवर किस पीढ़ी से है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाइम्स बिजनेस साल्यूशंस के प्रमुख (रणनीति) नीलांजल रॉय ने कहा कि जहां टेक होम वेतन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, अन्य तत्व मसलन वृद्धि की संभावना, भविष्य में आमदनी, प्रदर्शन आधारित भत्ता, इसॉप्स, आवास, स्कूलिंग, चिकित्सा तथा अन्य लाभ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।टिप्पणियां
अध्ययन के अनुसार करीब-करीब 60 प्रतिशत कनिष्ठ कर्मचारी हाथ में अधिक वेतन चाहते हैं। अन्य लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि पेशेवर किस पीढ़ी से है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अध्ययन के अनुसार करीब-करीब 60 प्रतिशत कनिष्ठ कर्मचारी हाथ में अधिक वेतन चाहते हैं। अन्य लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि पेशेवर किस पीढ़ी से है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: कर्मचारी अपनी प्राथमिकताओं का नए सिरे से कर रहे आकलन
वेतन के अन्य तत्वों को अधिक महत्व नहीं दिया जाता
एक हजार से अधिक नियोक्ताओं की राय पर किया गया सर्वे | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के पावरस्टार पवन सिंह (Pawan Singh) ने यूट्यूब पर अपने सॉन्स से धमाल मचा दिया है. इस भोजपुरी गाने में पवन सिंह और मधु शर्मा (Madhu Sharma) की जोड़ी खूब जंच रही है. पवन सिंह के इस गाने का नाम 'आरा के आवारा' ( Aara Ke Awaara) है. इस भोजपुरी सॉन्ग को पवन सिंह और अल्का झा ने मिलकर गाया है. पवन सिंह का यह वीडियो सॉन्ग लोगों को खूब पसंद आ रहा है. पवन सिंह का यह गाना फिल्म 'चैलेंज' का है. पवन सिंह की इस फिल्म ने सिनेमाघरों में खूब धमाल मचाया था.
पवन सिंह (Pawan Singh) और मधु शर्मा (Madhu Sharma) के इस भोजपुरी गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अभी तक 1 करोड़ 65 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. इस सॉन्ग को टीम फिल्म भोजपुरी यूट्यूब चैनल पर पब्लिश किया गया है. पवन सिंह के गाने 'आरा के आवारा' ( Aara Ke Awaara) के बोल श्याम देहाती ने लिखे हैं, जबकि इसका म्यूजिक छोटे बाबा ने दिया है. पवन सिंह का यह गना यूट्यूब पर जमकर धमाल मचा रहा है.
पवन सिंह (Pawan Singh) को भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) का पावरस्टार क्यों कहा जाता है उन्होंने इस गाने से एक बार फिर से यह साबित भी कर दिया है. पवन सिंह के इस गाने ने खूब धूम मचा रखी है. इस गाने को उनकी आवाज ने और ज्यादा खूबसूरत बना दिया है. इस गाने में पवन सिंह और मधु शर्मा (Madhu Sharma) की जोड़ी लोगों को खूब पसंद आ रही है. | संक्षिप्त पाठ: भोजपुरी पावरस्टार पवन सिंह ने मचाया धमाल
एक्ट्रेस मधु शर्मा संग खूब जमी जोड़ी
यूट्यूब पर एक करोड़ से ज्यादा बार देखा गया वीडियो | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की इस मांग पर सवाल उठाया है कि उसे कोयला आवंटन के मामले में सरकार से अपनी जांच के ब्योरे साझा करने दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने बधवार को सीबीआई के हलफनामे पर विचार करते हुए कि सीबीआई की निगरानी का काम केंद्रीय सतर्कता आयोग का है, इसमें केंद्र की कोई भूमिका नहीं है।
साथ ही कोर्ट ने कहा कि इस पूरे घोटाले से जुड़े तमाम अहम दस्तावेज अभी तक सीबीआई को नहीं सौंपे गए हैं। सरकार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि आखिर ऐसा क्यों है कि कोयला आवंटन से जुड़ी समिति की बैठकों से जुड़े दस्तावेज अभी तक सीबीआई को सौंपे नहीं गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई कैसे कह सकती है कि उसे मुकदमा चलाने के लिए सरकार की इजाज़त चाहिए।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सीबीआई की स्वायत्तता और राजनैतिक दखलनदाजी के लिए कानून में संशोधन की जरूरत है और संसद को अंतत: इस मामले में बहस कर केंद्र के सुझाओं को लागू करना है।
कोर्ट ने आज सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर उस हलफनामे पर सुनवाई की जिसमें सीबीआई की स्वायत्तता के लिए सरकार को कदम उठाने के लिए कहा गया था।
कोर्ट ने 44 पन्नों के हलफनामे पर सुनवाई करते हुए सवाल किया सीबीआई को अपने मुकदमों के लिए वकील चुनने की इजाजत क्यों नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि आज के इस केस में भी एक सरकारी अधिकारी सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहा है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की तरह है जो अपने मालिक के अनुसार बोलता है। उस समय कोर्ट इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच संबंधी रिपोर्ट सरकार से साझा की थी।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने बधवार को सीबीआई के हलफनामे पर विचार करते हुए कि सीबीआई की निगरानी का काम केंद्रीय सतर्कता आयोग का है, इसमें केंद्र की कोई भूमिका नहीं है।
साथ ही कोर्ट ने कहा कि इस पूरे घोटाले से जुड़े तमाम अहम दस्तावेज अभी तक सीबीआई को नहीं सौंपे गए हैं। सरकार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि आखिर ऐसा क्यों है कि कोयला आवंटन से जुड़ी समिति की बैठकों से जुड़े दस्तावेज अभी तक सीबीआई को सौंपे नहीं गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई कैसे कह सकती है कि उसे मुकदमा चलाने के लिए सरकार की इजाज़त चाहिए।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सीबीआई की स्वायत्तता और राजनैतिक दखलनदाजी के लिए कानून में संशोधन की जरूरत है और संसद को अंतत: इस मामले में बहस कर केंद्र के सुझाओं को लागू करना है।
कोर्ट ने आज सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर उस हलफनामे पर सुनवाई की जिसमें सीबीआई की स्वायत्तता के लिए सरकार को कदम उठाने के लिए कहा गया था।
कोर्ट ने 44 पन्नों के हलफनामे पर सुनवाई करते हुए सवाल किया सीबीआई को अपने मुकदमों के लिए वकील चुनने की इजाजत क्यों नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि आज के इस केस में भी एक सरकारी अधिकारी सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहा है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की तरह है जो अपने मालिक के अनुसार बोलता है। उस समय कोर्ट इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच संबंधी रिपोर्ट सरकार से साझा की थी।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है।
साथ ही कोर्ट ने कहा कि इस पूरे घोटाले से जुड़े तमाम अहम दस्तावेज अभी तक सीबीआई को नहीं सौंपे गए हैं। सरकार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि आखिर ऐसा क्यों है कि कोयला आवंटन से जुड़ी समिति की बैठकों से जुड़े दस्तावेज अभी तक सीबीआई को सौंपे नहीं गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई कैसे कह सकती है कि उसे मुकदमा चलाने के लिए सरकार की इजाज़त चाहिए।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सीबीआई की स्वायत्तता और राजनैतिक दखलनदाजी के लिए कानून में संशोधन की जरूरत है और संसद को अंतत: इस मामले में बहस कर केंद्र के सुझाओं को लागू करना है।
कोर्ट ने आज सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर उस हलफनामे पर सुनवाई की जिसमें सीबीआई की स्वायत्तता के लिए सरकार को कदम उठाने के लिए कहा गया था।
कोर्ट ने 44 पन्नों के हलफनामे पर सुनवाई करते हुए सवाल किया सीबीआई को अपने मुकदमों के लिए वकील चुनने की इजाजत क्यों नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि आज के इस केस में भी एक सरकारी अधिकारी सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहा है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की तरह है जो अपने मालिक के अनुसार बोलता है। उस समय कोर्ट इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच संबंधी रिपोर्ट सरकार से साझा की थी।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई कैसे कह सकती है कि उसे मुकदमा चलाने के लिए सरकार की इजाज़त चाहिए।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सीबीआई की स्वायत्तता और राजनैतिक दखलनदाजी के लिए कानून में संशोधन की जरूरत है और संसद को अंतत: इस मामले में बहस कर केंद्र के सुझाओं को लागू करना है।
कोर्ट ने आज सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर उस हलफनामे पर सुनवाई की जिसमें सीबीआई की स्वायत्तता के लिए सरकार को कदम उठाने के लिए कहा गया था।
कोर्ट ने 44 पन्नों के हलफनामे पर सुनवाई करते हुए सवाल किया सीबीआई को अपने मुकदमों के लिए वकील चुनने की इजाजत क्यों नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि आज के इस केस में भी एक सरकारी अधिकारी सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहा है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की तरह है जो अपने मालिक के अनुसार बोलता है। उस समय कोर्ट इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच संबंधी रिपोर्ट सरकार से साझा की थी।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सीबीआई की स्वायत्तता और राजनैतिक दखलनदाजी के लिए कानून में संशोधन की जरूरत है और संसद को अंतत: इस मामले में बहस कर केंद्र के सुझाओं को लागू करना है।
कोर्ट ने आज सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर उस हलफनामे पर सुनवाई की जिसमें सीबीआई की स्वायत्तता के लिए सरकार को कदम उठाने के लिए कहा गया था।
कोर्ट ने 44 पन्नों के हलफनामे पर सुनवाई करते हुए सवाल किया सीबीआई को अपने मुकदमों के लिए वकील चुनने की इजाजत क्यों नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि आज के इस केस में भी एक सरकारी अधिकारी सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहा है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की तरह है जो अपने मालिक के अनुसार बोलता है। उस समय कोर्ट इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच संबंधी रिपोर्ट सरकार से साझा की थी।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है।
कोर्ट ने आज सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर उस हलफनामे पर सुनवाई की जिसमें सीबीआई की स्वायत्तता के लिए सरकार को कदम उठाने के लिए कहा गया था।
कोर्ट ने 44 पन्नों के हलफनामे पर सुनवाई करते हुए सवाल किया सीबीआई को अपने मुकदमों के लिए वकील चुनने की इजाजत क्यों नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि आज के इस केस में भी एक सरकारी अधिकारी सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहा है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की तरह है जो अपने मालिक के अनुसार बोलता है। उस समय कोर्ट इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच संबंधी रिपोर्ट सरकार से साझा की थी।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है।
कोर्ट ने 44 पन्नों के हलफनामे पर सुनवाई करते हुए सवाल किया सीबीआई को अपने मुकदमों के लिए वकील चुनने की इजाजत क्यों नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि आज के इस केस में भी एक सरकारी अधिकारी सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहा है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की तरह है जो अपने मालिक के अनुसार बोलता है। उस समय कोर्ट इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच संबंधी रिपोर्ट सरकार से साझा की थी।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है।
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की तरह है जो अपने मालिक के अनुसार बोलता है। उस समय कोर्ट इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच संबंधी रिपोर्ट सरकार से साझा की थी।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है।
कोयला घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट कर रही है। इस घोटाले में अंगुली सीधा पीएम मनमोहन सिंह की तरफ भी उठ रही है। | यहाँ एक सारांश है:कोर्ट ने 44 पन्नों के हलफनामे पर सुनवाई करते हुए सवाल किया सीबीआई को अपने मुकदमों के लिए वकील चुनने की इजाजत क्यों नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि आज के इस केस में भी एक सरकारी अधिकारी सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहा है। | 17 | ['hin'] |
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