inputs stringlengths 800 163k | targets stringlengths 20 291 | template_id int64 0 34 | template_lang stringclasses 1 value |
|---|---|---|---|
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के एक गांव में दस दिन पूर्व हुई किशोरी की संदिग्ध मौत की रहस्य की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. किशोरी की मौत फंदे से लटकने से नहीं हुई थी, बल्कि पिता ने प्रेमी के साथ मोबाइल से बात करते देख लेने पर उसकी हत्या करने के बाद उसे फंदे से लटका दिया था. पिता द्वारा जुर्म कबूल कर लेने पर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया.
बीते 27 जून की सुबह जनपद के रामकोला थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक लड़की ने अपने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना पर पहुंची पुलिस को मृतका के परिवारजनों ने बताया कि शांतिभंग की आशंका में जेल से छूटकर आनेवाले अपने कथित प्रेमी के डर से उसने खुदकुशी कर ली.
किशोरी ने बुआनौरंगिया थाना क्षेत्र में एक निजी चिकित्सक के वहां काम करती थी. मौके पर पुलिस के पहुंचने के पूर्व ही किशोरी के घरवाले उसके शव को फंदे से उतार कर जमीन पर रख दिया था. मौके पर ही थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह को किसी ने बताया कि किशोरी का शव लटका नहीं था, बल्कि जमीन से उसका पैर सटा हुआ था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के अलावा शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए थे. उसी के आधार पर शक की सुई परिवारजनों की तरफ ले गई. पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने किशोरी के पिता को शुक्रवार की सुबह उठा लिया. पूछताछ में पिता ने बेटी की हत्या किये जाने की बात कबूल ली.टिप्पणियां
पिता ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन उसकी पत्नी, दो बेटी और दोनों बेटों को लेकर खेत में धान की रोपाई करने चली गई थी. किशोरी के चरित्र पर शंका के चलते वह घर में ही छिप गया था. कुछ देर बाद उसकी बेटी अपने प्रेमी से मोबाइल से बात करने लगी. इसी बीच वह सामने आ गया और फोन पर प्रेमी से बात करते देख उसको पीटने लगा. उसके सिर को दीवार से टकराने लगा तो वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी. उसके बाद वह होश में नहीं आई. फिर उसने बेटी की लाश को कंधे पर लादा और उसके दुपट्टे का फंदा बनाकर लटका दिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीते 27 जून की सुबह जनपद के रामकोला थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक लड़की ने अपने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना पर पहुंची पुलिस को मृतका के परिवारजनों ने बताया कि शांतिभंग की आशंका में जेल से छूटकर आनेवाले अपने कथित प्रेमी के डर से उसने खुदकुशी कर ली.
किशोरी ने बुआनौरंगिया थाना क्षेत्र में एक निजी चिकित्सक के वहां काम करती थी. मौके पर पुलिस के पहुंचने के पूर्व ही किशोरी के घरवाले उसके शव को फंदे से उतार कर जमीन पर रख दिया था. मौके पर ही थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह को किसी ने बताया कि किशोरी का शव लटका नहीं था, बल्कि जमीन से उसका पैर सटा हुआ था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के अलावा शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए थे. उसी के आधार पर शक की सुई परिवारजनों की तरफ ले गई. पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने किशोरी के पिता को शुक्रवार की सुबह उठा लिया. पूछताछ में पिता ने बेटी की हत्या किये जाने की बात कबूल ली.टिप्पणियां
पिता ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन उसकी पत्नी, दो बेटी और दोनों बेटों को लेकर खेत में धान की रोपाई करने चली गई थी. किशोरी के चरित्र पर शंका के चलते वह घर में ही छिप गया था. कुछ देर बाद उसकी बेटी अपने प्रेमी से मोबाइल से बात करने लगी. इसी बीच वह सामने आ गया और फोन पर प्रेमी से बात करते देख उसको पीटने लगा. उसके सिर को दीवार से टकराने लगा तो वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी. उसके बाद वह होश में नहीं आई. फिर उसने बेटी की लाश को कंधे पर लादा और उसके दुपट्टे का फंदा बनाकर लटका दिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
किशोरी ने बुआनौरंगिया थाना क्षेत्र में एक निजी चिकित्सक के वहां काम करती थी. मौके पर पुलिस के पहुंचने के पूर्व ही किशोरी के घरवाले उसके शव को फंदे से उतार कर जमीन पर रख दिया था. मौके पर ही थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह को किसी ने बताया कि किशोरी का शव लटका नहीं था, बल्कि जमीन से उसका पैर सटा हुआ था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के अलावा शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए थे. उसी के आधार पर शक की सुई परिवारजनों की तरफ ले गई. पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने किशोरी के पिता को शुक्रवार की सुबह उठा लिया. पूछताछ में पिता ने बेटी की हत्या किये जाने की बात कबूल ली.टिप्पणियां
पिता ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन उसकी पत्नी, दो बेटी और दोनों बेटों को लेकर खेत में धान की रोपाई करने चली गई थी. किशोरी के चरित्र पर शंका के चलते वह घर में ही छिप गया था. कुछ देर बाद उसकी बेटी अपने प्रेमी से मोबाइल से बात करने लगी. इसी बीच वह सामने आ गया और फोन पर प्रेमी से बात करते देख उसको पीटने लगा. उसके सिर को दीवार से टकराने लगा तो वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी. उसके बाद वह होश में नहीं आई. फिर उसने बेटी की लाश को कंधे पर लादा और उसके दुपट्टे का फंदा बनाकर लटका दिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के अलावा शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए थे. उसी के आधार पर शक की सुई परिवारजनों की तरफ ले गई. पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने किशोरी के पिता को शुक्रवार की सुबह उठा लिया. पूछताछ में पिता ने बेटी की हत्या किये जाने की बात कबूल ली.टिप्पणियां
पिता ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन उसकी पत्नी, दो बेटी और दोनों बेटों को लेकर खेत में धान की रोपाई करने चली गई थी. किशोरी के चरित्र पर शंका के चलते वह घर में ही छिप गया था. कुछ देर बाद उसकी बेटी अपने प्रेमी से मोबाइल से बात करने लगी. इसी बीच वह सामने आ गया और फोन पर प्रेमी से बात करते देख उसको पीटने लगा. उसके सिर को दीवार से टकराने लगा तो वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी. उसके बाद वह होश में नहीं आई. फिर उसने बेटी की लाश को कंधे पर लादा और उसके दुपट्टे का फंदा बनाकर लटका दिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिता ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन उसकी पत्नी, दो बेटी और दोनों बेटों को लेकर खेत में धान की रोपाई करने चली गई थी. किशोरी के चरित्र पर शंका के चलते वह घर में ही छिप गया था. कुछ देर बाद उसकी बेटी अपने प्रेमी से मोबाइल से बात करने लगी. इसी बीच वह सामने आ गया और फोन पर प्रेमी से बात करते देख उसको पीटने लगा. उसके सिर को दीवार से टकराने लगा तो वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी. उसके बाद वह होश में नहीं आई. फिर उसने बेटी की लाश को कंधे पर लादा और उसके दुपट्टे का फंदा बनाकर लटका दिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: लड़की का कसूर इतना था कि वह फोन पर एक लड़के से बात कर रही थी
हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए परिजनों ने डाला लड़की के गले में फंदा
पुलिस की सख्ताई पर बाप ने स्वीकार किया अपराध | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर एनटीपीसी की भर्ती परीक्षा (RRB NTPC Exam) स्थगित करने की जानकारी दी. आरआरबी ने नोटिस में लिखा, ''रोजगार सूचना में ये दिया गया था कि पहले स्टेज की कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा जून से सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी. हालांकि, इसे स्थगित कर दिया गया है. परीक्षा का रिवाइज्ड शेड्यूल RRB की सभी वेबसाइट्स पर प्रकाशित किया जाएगा. उम्मीदवारों को नियमित रूप से आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट्स चेक करने की सलाह दी जाती है.'' हालांकि 35 हजार से ज्यादा पदों पर होने वाली ये भर्ती परीक्षा क्यों स्थगित की गई इसको लेकर नोटिस में कोई जानकारी नहीं दी गई है.
ऐसे में हमने रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) को संपर्क किया. रेलवे भर्ती बोर्ड एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV Khabar से बातचीत में कहा, ''आरआरबी एनटीपीसी की पहले स्टेज की परीक्षा स्थगित की गई है क्योंकि अभी परीक्षा आयोजित करने के लिए एजेंसी की नियुक्ति पर काम चल रहा है. एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है और एजेंसी नियुक्त होने के बाद भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी.''
हमने अधिकारी से पूछा कि क्या इस साल की जगह अब एनटीपीसी (RRB NTPC 2019) की परीक्षा अगले साल होगी? इस पर अधिकारी ने कहा, ''साल खत्म होने में अभी समय है, नवंबर और दिसंबर बचा है. ऐसे में परीक्षा इस साल होगी या अलगे साल ये तो एजेंसी की नियुक्ति के बाद ही साफ हो पाएगा.''
आपको बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड ने इस साल 28 फरवरी को एनटीपीसी के 35 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था. एनटीपीसी यानी नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी. 35 हजार से ज्यादा पदों पर 1 करोड़ 26 लाख 30 हजार 885 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. | संक्षिप्त पाठ: आरआरबी ने एनटीपीसी परीक्षा स्थगित कर दी है.
परीक्षा का रिवाइज्ड शेड्यूल जल्द जारी होगा.
हर जानकारी आरआरबी वेबसाइट्स पर जारी होगी. | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण का पहला शतक राजस्थान रॉयल्स टीम के हरफनमौला खिलाड़ी शेन वॉटसन के नाम रहा। वॉटसन ने सोमवार को एमए चिदम्बरम स्टेडियम में जारी लीग के 30वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ यह कारनामा किया।
वॉटसन 101 रन बनाकर ड्वेन ब्रावो की गेंद पर आउट हुए। वॉटसन ने 60 गेंदों पर छह चौकों और छह छक्कों की मदद से शतक पूरा किया। आईपीएल में वॉटसन का यह पहला शतक है।
लीग के इस संस्करण में इससे पहले भी कई खिलाड़ी शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन इसका श्रेय अब तक सिर्फ वॉटसन को मिल सका है।
वॉटसन से पहले दिल्ली डेयरडेविल्स के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग रविवार को मुम्बई इंडियंस के खिलाफ शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन वह 95 रनों पर नाबाद लौटे।
इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के कप्तान विराट कोहली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 93 रन बनाए थे। इसी टीम के क्रिस गेल भी एक बार मुम्बई इंडियंस के खिलाफ नाबाद 92 रन बना चुके हैं।
आईपीएल-1 में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम ने 158 रनों की पारी खेलकर ताबड़तोड़ शतक लगाने का जो सिलसिला शुरू किया था, उसमें 2012 में कुल छह शतक दर्ज हुए थे। इनमें से तीन भारतीयों ने शतक लगाया था।
इसी तरह 2011 के चौथे संस्करण में भी कुल छह शतक लगे थे। इनमें भी तीन भारतीय शामिल हैं। क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स के लिए दो शतक लगाए थे।
लीग के तीसरे संस्करण में चार शतक ही लग सके थे। इनमें से दो भारतीयों के नाम हैं। इस संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के यूसुफ पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान की पारी में नौ चौके और आठ छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
वॉटसन 101 रन बनाकर ड्वेन ब्रावो की गेंद पर आउट हुए। वॉटसन ने 60 गेंदों पर छह चौकों और छह छक्कों की मदद से शतक पूरा किया। आईपीएल में वॉटसन का यह पहला शतक है।
लीग के इस संस्करण में इससे पहले भी कई खिलाड़ी शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन इसका श्रेय अब तक सिर्फ वॉटसन को मिल सका है।
वॉटसन से पहले दिल्ली डेयरडेविल्स के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग रविवार को मुम्बई इंडियंस के खिलाफ शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन वह 95 रनों पर नाबाद लौटे।
इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के कप्तान विराट कोहली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 93 रन बनाए थे। इसी टीम के क्रिस गेल भी एक बार मुम्बई इंडियंस के खिलाफ नाबाद 92 रन बना चुके हैं।
आईपीएल-1 में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम ने 158 रनों की पारी खेलकर ताबड़तोड़ शतक लगाने का जो सिलसिला शुरू किया था, उसमें 2012 में कुल छह शतक दर्ज हुए थे। इनमें से तीन भारतीयों ने शतक लगाया था।
इसी तरह 2011 के चौथे संस्करण में भी कुल छह शतक लगे थे। इनमें भी तीन भारतीय शामिल हैं। क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स के लिए दो शतक लगाए थे।
लीग के तीसरे संस्करण में चार शतक ही लग सके थे। इनमें से दो भारतीयों के नाम हैं। इस संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के यूसुफ पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान की पारी में नौ चौके और आठ छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
लीग के इस संस्करण में इससे पहले भी कई खिलाड़ी शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन इसका श्रेय अब तक सिर्फ वॉटसन को मिल सका है।
वॉटसन से पहले दिल्ली डेयरडेविल्स के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग रविवार को मुम्बई इंडियंस के खिलाफ शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन वह 95 रनों पर नाबाद लौटे।
इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के कप्तान विराट कोहली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 93 रन बनाए थे। इसी टीम के क्रिस गेल भी एक बार मुम्बई इंडियंस के खिलाफ नाबाद 92 रन बना चुके हैं।
आईपीएल-1 में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम ने 158 रनों की पारी खेलकर ताबड़तोड़ शतक लगाने का जो सिलसिला शुरू किया था, उसमें 2012 में कुल छह शतक दर्ज हुए थे। इनमें से तीन भारतीयों ने शतक लगाया था।
इसी तरह 2011 के चौथे संस्करण में भी कुल छह शतक लगे थे। इनमें भी तीन भारतीय शामिल हैं। क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स के लिए दो शतक लगाए थे।
लीग के तीसरे संस्करण में चार शतक ही लग सके थे। इनमें से दो भारतीयों के नाम हैं। इस संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के यूसुफ पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान की पारी में नौ चौके और आठ छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
वॉटसन से पहले दिल्ली डेयरडेविल्स के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग रविवार को मुम्बई इंडियंस के खिलाफ शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन वह 95 रनों पर नाबाद लौटे।
इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के कप्तान विराट कोहली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 93 रन बनाए थे। इसी टीम के क्रिस गेल भी एक बार मुम्बई इंडियंस के खिलाफ नाबाद 92 रन बना चुके हैं।
आईपीएल-1 में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम ने 158 रनों की पारी खेलकर ताबड़तोड़ शतक लगाने का जो सिलसिला शुरू किया था, उसमें 2012 में कुल छह शतक दर्ज हुए थे। इनमें से तीन भारतीयों ने शतक लगाया था।
इसी तरह 2011 के चौथे संस्करण में भी कुल छह शतक लगे थे। इनमें भी तीन भारतीय शामिल हैं। क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स के लिए दो शतक लगाए थे।
लीग के तीसरे संस्करण में चार शतक ही लग सके थे। इनमें से दो भारतीयों के नाम हैं। इस संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के यूसुफ पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान की पारी में नौ चौके और आठ छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के कप्तान विराट कोहली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 93 रन बनाए थे। इसी टीम के क्रिस गेल भी एक बार मुम्बई इंडियंस के खिलाफ नाबाद 92 रन बना चुके हैं।
आईपीएल-1 में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम ने 158 रनों की पारी खेलकर ताबड़तोड़ शतक लगाने का जो सिलसिला शुरू किया था, उसमें 2012 में कुल छह शतक दर्ज हुए थे। इनमें से तीन भारतीयों ने शतक लगाया था।
इसी तरह 2011 के चौथे संस्करण में भी कुल छह शतक लगे थे। इनमें भी तीन भारतीय शामिल हैं। क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स के लिए दो शतक लगाए थे।
लीग के तीसरे संस्करण में चार शतक ही लग सके थे। इनमें से दो भारतीयों के नाम हैं। इस संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के यूसुफ पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान की पारी में नौ चौके और आठ छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
आईपीएल-1 में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम ने 158 रनों की पारी खेलकर ताबड़तोड़ शतक लगाने का जो सिलसिला शुरू किया था, उसमें 2012 में कुल छह शतक दर्ज हुए थे। इनमें से तीन भारतीयों ने शतक लगाया था।
इसी तरह 2011 के चौथे संस्करण में भी कुल छह शतक लगे थे। इनमें भी तीन भारतीय शामिल हैं। क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स के लिए दो शतक लगाए थे।
लीग के तीसरे संस्करण में चार शतक ही लग सके थे। इनमें से दो भारतीयों के नाम हैं। इस संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के यूसुफ पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान की पारी में नौ चौके और आठ छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
इसी तरह 2011 के चौथे संस्करण में भी कुल छह शतक लगे थे। इनमें भी तीन भारतीय शामिल हैं। क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स के लिए दो शतक लगाए थे।
लीग के तीसरे संस्करण में चार शतक ही लग सके थे। इनमें से दो भारतीयों के नाम हैं। इस संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के यूसुफ पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान की पारी में नौ चौके और आठ छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
लीग के तीसरे संस्करण में चार शतक ही लग सके थे। इनमें से दो भारतीयों के नाम हैं। इस संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के यूसुफ पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान की पारी में नौ चौके और आठ छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
वर्ष 2009 में खेले गए दूसरे संस्करण में सिर्फ दो शतक लगे थे। अब्राहम डिविलियर्स (डेयरडेविल्स) और मनीष पांडेय (रॉयल चैलेंजर्स ) ने क्रमश: 105 नाबाद और 114 नाबाद रनों की पारी खेली थी। पांडेय लीग में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने थे।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था।
लीग के पहले संस्करण में बल्लेबाजों ने कुल छह शतक लगाए थे। मैक्लम का नाबाद 158 आज भी इस लीग का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग बना हुआ है। यह लीग का पहला शतक था। पहले संस्करण में किसी भारतीय ने शतक नहीं लगाया था। | यह एक सारांश है: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण का पहला शतक राजस्थान रॉयल्स टीम के हरफनमौला खिलाड़ी शेन वॉटसन के नाम रहा। वॉटसन ने सोमवार को एमए चिदम्बरम स्टेडियम में जारी लीग के 30वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ यह कारनामा किया। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस प्रवक्ता सिंह ने कहा, ‘सपा-बसपा ने कांग्रेस को अलग रखकर वही किया जो भाजपा चाहती थी. ऐसा लगता है कि ये दोनों पार्टियां भाजपा के जाल में फंस गई.' उन्होंने कहा कि हर जगह यही प्रयास हो रहा है कि भाजपा विरोधी दल एकजुट हों और यह सुनिश्चित किया जाए कि वोटों का बंटवारा नहीं हो तथा उत्तर प्रदेश में भी यही होना चाहिए था.
गौरतलब है कि सपा और बसपा ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने गठबंधन से कांग्रेस को अलग रखा है, हालांकि दोनों ने रायबरेली और अमेठी की सीटें उसके लिए छोड़ दी हैं. सपा और बसपा ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों में 38-38 पर चुनाव लड़ेने का फैसला किया है. इसके अलावा उन्होंने दो सीटें छोटे दलों के लिए छोड़ दी हैं.
सपा-बसपा के गठबंधन के बाद कांग्रेस ने यूपी में सभी 80 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया. हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि वह उन सभी दलों का सम्मान और स्वागत करती है जो भाजपा को हराने के लिए उनके साथ आना चाहते हैं.
बता दें, बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को अपने जन्मदिन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि सपा-बसपा के गठबंधन से भाजपा और अन्य पार्टियों की नींद उड़ गई है. यूपी ही तय करता है कि देश में किसकी सरकार बनेगी. इस गठबंधन को जनहित में कामयाब बनाने के लिए बसपा और सपा के लोगों से अपील करती हूं कि आप अपने पुराने गिले-शिकवे किनारे करके अपने इस गठबंधन के सभी उम्मीदवारों को ऐतिहासिक जीत दिलाएं. यह मेरे जन्मदिन के लिए बड़ा तोहफा भी होगा.
साथ ही मायावती ने कहा, 'देश की आजादी के बाद बीजेपी और कांग्रेस की सरकार के राज में जमकर भ्रष्टाचार हुआ. किसान, गरीब, दलित व अन्य पिछड़े वर्ग का सही से विकास नहीं हुआ, जिससे दुखी होकर ही हमें इनके हितों के लिए पार्टी बनानी पड़ी थी. आज देश में किसान, दलित और पिछड़ा वर्ग के लोग सबसे ज्यादा दुखी है. इसकी एक वजह केंद्र सरकार है. यही वजह है कि अब आम जनता बीजेपी को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है. इसकी एक बानगी एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में देखने को मिली. बीजेपी को समझ लेना चाहिए कि झूठे वादे और जुमलेबाजी से किसान व दलित विरोधी सरकार की दाल ज्यादा दिन तक गलने वाली नहीं है. | संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने दिया बयान
भाजपा जो चाहती थी वही सपा-बसपा ने किया
कांग्रेस को सपा-बसपा ने रखा गठबंधन से दूर | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: करीना कपूर खान अपनी प्रेगनेंसी का एक-एक पल एंजॉय कर रही हैं. अपने आने वाले बच्चे के लिए उत्साहित करीना महिलाओं के लिए नए प्रेगनेंसी गोल सेट कर रही हैं. फिर चाहे बेबी बंप के साथ फैशन इवेंट रैंप वॉक करना हो या अपनी बहन और दोस्तों के साथ आउटिंग करनी हो.
मां बनने के करीना के इस सफर में उनके पति सैफ अली खान उनका पूरा साथ दे रहे हैं. हाल ही में दोनों ने हार्पर बाजार पत्रिका के लिए सब्यसाची के कॉस्ट्यूम में फोटोशूट कराया है. तस्वीरों में बेगम करीना जितनी खूबसूरत लग रही हैं, नवाब सैफ उतने ही रॉयल लग रहे हैं. इन तस्वीरों को देख आप इस शाही जोड़े से प्यार किए बिना नहीं रह पाएंगे.
करीना कपूर दिसंबर में अपना पहला बच्चा एक्सपेक्ट कर रही हैं. सैफ ने इस साल जुलाई में करीना के प्रेगनेंट होने की जानकारी दी थी.
इसके बाद कई मौकों पर करीना ने कहा है कि गर्भावस्था एक सुखद अहसास है और वह मां बनने के लिए उत्सुक हैं. लेकिन इसके लिए वह अपना काम नहीं छोड़ेंगी. वह कहती हैं कि वह अपनी आखिरी सांस तक काम करते रहना चाहती हैं.
फिल्मों की बात करें तो करीना को आखिरी बार 'उड़ता पंजाब' में एक डॉक्टर की भूमिका में देखा गया था. उन्होंने शशांक घोष की फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' साइन की है लेकिन अभी तक उसकी शूटिंग शुरू नहीं हो सकी है.
'वीरे दी वेडिंग' चार लड़कियों की कहानी है जो दिल्ली से यूरोप का ट्रिप प्लान करती हैं. फिल्म में करीना के अलावा सोनम कपूर, स्वरा भास्कर और शिखा तल्सानिया भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगी.
सैफ अली खान को आखिरी बार कैटरीना कैफ के अपोजिट फिल्म 'फैंटम' में देखा गया था, हाली ही में उन्होंने विशाल भारद्वाज की फिल्म 'रंगून' की शूटिंग खत्म की है. फिल्म में उनके अलावा शाहिद कपूर और कंगना रनौत प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे.टिप्पणियां
यहां देखें, शूटिंग के दौरान का वीडियो-
मां बनने के करीना के इस सफर में उनके पति सैफ अली खान उनका पूरा साथ दे रहे हैं. हाल ही में दोनों ने हार्पर बाजार पत्रिका के लिए सब्यसाची के कॉस्ट्यूम में फोटोशूट कराया है. तस्वीरों में बेगम करीना जितनी खूबसूरत लग रही हैं, नवाब सैफ उतने ही रॉयल लग रहे हैं. इन तस्वीरों को देख आप इस शाही जोड़े से प्यार किए बिना नहीं रह पाएंगे.
करीना कपूर दिसंबर में अपना पहला बच्चा एक्सपेक्ट कर रही हैं. सैफ ने इस साल जुलाई में करीना के प्रेगनेंट होने की जानकारी दी थी.
इसके बाद कई मौकों पर करीना ने कहा है कि गर्भावस्था एक सुखद अहसास है और वह मां बनने के लिए उत्सुक हैं. लेकिन इसके लिए वह अपना काम नहीं छोड़ेंगी. वह कहती हैं कि वह अपनी आखिरी सांस तक काम करते रहना चाहती हैं.
फिल्मों की बात करें तो करीना को आखिरी बार 'उड़ता पंजाब' में एक डॉक्टर की भूमिका में देखा गया था. उन्होंने शशांक घोष की फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' साइन की है लेकिन अभी तक उसकी शूटिंग शुरू नहीं हो सकी है.
'वीरे दी वेडिंग' चार लड़कियों की कहानी है जो दिल्ली से यूरोप का ट्रिप प्लान करती हैं. फिल्म में करीना के अलावा सोनम कपूर, स्वरा भास्कर और शिखा तल्सानिया भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगी.
सैफ अली खान को आखिरी बार कैटरीना कैफ के अपोजिट फिल्म 'फैंटम' में देखा गया था, हाली ही में उन्होंने विशाल भारद्वाज की फिल्म 'रंगून' की शूटिंग खत्म की है. फिल्म में उनके अलावा शाहिद कपूर और कंगना रनौत प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे.टिप्पणियां
यहां देखें, शूटिंग के दौरान का वीडियो-
यहां देखें, शूटिंग के दौरान का वीडियो- | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हार्पर बाजार ब्राइड के लिए सैफ अली खान और करीना कपूर ने कराया फोटोशूट.
तस्वीरों में बेहद खूबसूरत नजर आ रहा है बॉलीवुड का यह शाही जोड़ा.
सैफ और करीना दिसंबर में अपना बच्चा एक्सपेक्ट कर रहे हैं. | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल की बदहाली का आलम यह है कि वार्डब्वाय मरीज को इंजेक्शन दे रहे हैं और सफाई कर्मचारी उनके घावों में टांका लगा रहे हैं।
बुलंदशहर के जिला अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को एक घायल बच्चे के घावों में टांका लगाते और एक अन्य को मरीज को इंजेक्शन देने का दृश्य टेलीविजन चैनलों ने दिखाए गए हैं लेकिन अस्पताल के अधिकारियों की दलील है कि ये सभी स्टाफ मरीजों को इंजेक्शन देने या टांके लगाने के लिए प्रशिक्षित हैं।
प्रदेश सरकार ने मामले की जांच करने का आदेश देते हुए कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।टिप्पणियां
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शिशिर कुमार का दावा है कि टीवी चैनलों पर प्रसारित क्लिप में जो वार्डब्वाय दिखाया गया है वह दस साल तक ऑपरेशन थिएटर में भी काम कर चुका है। इसके अलावा उसकी ड्यूटी ड्रेसिंग रूम में भी होती है। वह ड्रेसिंग करने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित है। उन्होंने कहा कि जो कुछ दिखाया गया है, वह सर्जरी नहीं है बल्कि घाव की ड्रेसिंग करने से संबंधित है। जिसे सफाई कर्मचारी कहा जा रहा है, वह केवल टांकों का धागा काट रहा है जबकि टांके लगा रहा वार्डब्वाय प्रशिक्षित है।
‘मैं भी वहां खड़ा हूं, यदि आप क्लिप देखें तो पाएंगे कि सब कुछ मेरी निगरानी में हो रहा है।’ जब वार्डब्वाय मरीजों को देख रहे थे, तब दृश्यों में अस्पताल का कोई डॉक्टर नहीं है।
बुलंदशहर के जिला अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को एक घायल बच्चे के घावों में टांका लगाते और एक अन्य को मरीज को इंजेक्शन देने का दृश्य टेलीविजन चैनलों ने दिखाए गए हैं लेकिन अस्पताल के अधिकारियों की दलील है कि ये सभी स्टाफ मरीजों को इंजेक्शन देने या टांके लगाने के लिए प्रशिक्षित हैं।
प्रदेश सरकार ने मामले की जांच करने का आदेश देते हुए कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।टिप्पणियां
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शिशिर कुमार का दावा है कि टीवी चैनलों पर प्रसारित क्लिप में जो वार्डब्वाय दिखाया गया है वह दस साल तक ऑपरेशन थिएटर में भी काम कर चुका है। इसके अलावा उसकी ड्यूटी ड्रेसिंग रूम में भी होती है। वह ड्रेसिंग करने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित है। उन्होंने कहा कि जो कुछ दिखाया गया है, वह सर्जरी नहीं है बल्कि घाव की ड्रेसिंग करने से संबंधित है। जिसे सफाई कर्मचारी कहा जा रहा है, वह केवल टांकों का धागा काट रहा है जबकि टांके लगा रहा वार्डब्वाय प्रशिक्षित है।
‘मैं भी वहां खड़ा हूं, यदि आप क्लिप देखें तो पाएंगे कि सब कुछ मेरी निगरानी में हो रहा है।’ जब वार्डब्वाय मरीजों को देख रहे थे, तब दृश्यों में अस्पताल का कोई डॉक्टर नहीं है।
प्रदेश सरकार ने मामले की जांच करने का आदेश देते हुए कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।टिप्पणियां
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शिशिर कुमार का दावा है कि टीवी चैनलों पर प्रसारित क्लिप में जो वार्डब्वाय दिखाया गया है वह दस साल तक ऑपरेशन थिएटर में भी काम कर चुका है। इसके अलावा उसकी ड्यूटी ड्रेसिंग रूम में भी होती है। वह ड्रेसिंग करने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित है। उन्होंने कहा कि जो कुछ दिखाया गया है, वह सर्जरी नहीं है बल्कि घाव की ड्रेसिंग करने से संबंधित है। जिसे सफाई कर्मचारी कहा जा रहा है, वह केवल टांकों का धागा काट रहा है जबकि टांके लगा रहा वार्डब्वाय प्रशिक्षित है।
‘मैं भी वहां खड़ा हूं, यदि आप क्लिप देखें तो पाएंगे कि सब कुछ मेरी निगरानी में हो रहा है।’ जब वार्डब्वाय मरीजों को देख रहे थे, तब दृश्यों में अस्पताल का कोई डॉक्टर नहीं है।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शिशिर कुमार का दावा है कि टीवी चैनलों पर प्रसारित क्लिप में जो वार्डब्वाय दिखाया गया है वह दस साल तक ऑपरेशन थिएटर में भी काम कर चुका है। इसके अलावा उसकी ड्यूटी ड्रेसिंग रूम में भी होती है। वह ड्रेसिंग करने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित है। उन्होंने कहा कि जो कुछ दिखाया गया है, वह सर्जरी नहीं है बल्कि घाव की ड्रेसिंग करने से संबंधित है। जिसे सफाई कर्मचारी कहा जा रहा है, वह केवल टांकों का धागा काट रहा है जबकि टांके लगा रहा वार्डब्वाय प्रशिक्षित है।
‘मैं भी वहां खड़ा हूं, यदि आप क्लिप देखें तो पाएंगे कि सब कुछ मेरी निगरानी में हो रहा है।’ जब वार्डब्वाय मरीजों को देख रहे थे, तब दृश्यों में अस्पताल का कोई डॉक्टर नहीं है।
‘मैं भी वहां खड़ा हूं, यदि आप क्लिप देखें तो पाएंगे कि सब कुछ मेरी निगरानी में हो रहा है।’ जब वार्डब्वाय मरीजों को देख रहे थे, तब दृश्यों में अस्पताल का कोई डॉक्टर नहीं है। | यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल की बदहाली का आलम यह है कि वार्डब्वाय मरीज को इंजेक्शन दे रहे हैं और सफाई कर्मचारी उनके घावों में टांका लगा रहे हैं। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता को लेकर पूरी गति से बातचीत चल रही है. उन्होंने जल्दी ही समझौता हो जाने की उम्मीद जाहिर की. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के मुख्यालय में सीतारमण की अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीवन म्यूचिन के साथ हुई मुलाकात में व्यापार सौदे को लेकर संक्षिप्त चर्चा हुई. म्यूचिन अगले महीने की शुरुआत में भारत की यात्रा करने वाले हैं.
सीतारमण ने शनिवार को कहा, ‘वास्तव में मैंने वित्त मंत्री म्यूचिन के समक्ष इसका जिक्र किया, लेकिन इस मुद्दे पर भारत के वाणिज्य मंत्री और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर चर्चा कर रहे हैं. मुझे जो जानकारी मिली है, वह यह कि वार्ता पूरी गति से चल रही है और उम्मीद है कि जल्दी ही समझौता हो जाएगा.' उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि अमेरिका के साथ सर्वाधिकार अनुबंध हमेशा वरीयता में रहा है.
वहीं पीटीआई की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक सीतारमण ने कहा है कि वह ऐसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए खाका तैयार करेंगी जो चीन से आगे भारत को निवेश गंतव्य के रूप में देख रही हैं. उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के ऐसे दिग्गज जो अपने कारोबार को चीन से बाहर ले जाना चाहते हैं, वे निश्चित रूप से भारत की ओर देख रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा, भारत के लिए जरूरी हो जाता है कि वह इन कंपनियों से मिले और उन्हें अपने यहां आमंत्रित करे.
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में अपनी परिचर्चा के समापन पर भारतीय संवाददाताओं के समूह के साथ बातचीत में सीतारमण ने कहा, ‘निश्चित रूप में मैं ऐसा करूंगी. मैं ऐसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की पहचान करूंगी, सभी अमेरिकी कंपनियों या किसी अन्य यूरोपीय देश की कंपनी या ब्रिटिश कंपनी जो चीन से निकलना चाहती है, मैं उनसे संपर्क करूंगी और भारत को निवेश के तरजीही गंतव्य के रूप में पेश करूंगी.'
उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय सिर्फ अमेरिका और चीन के बीच जो चल रहा है सिर्फ उसी पर आधारित नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'इससे या तो स्थिति और खराब या किसी स्तर पर यह प्रभावित करेगा. लेकिन तथ्य यह है कि कंपनियों इसके अलावा भी कई और वजहों से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित होना चाहती हैं.' वित्त मंत्री ने कहा कि भारत कंपनियों को देश के बाजार का लाभ लेने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र बनाना चाहता है.
उन्होंने कहा, यह बात साफ है कि कंपनियों के लिए भारत ऐसा विकल्प है जिसपर वे विचार करेंगी. सीतारमण ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि वियतनाम उतना आकर्षक नहीं है. ‘मेरी आज कुछ बैंकों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ भी बात हुई. उनका मानना है कि अब वियतनाम का संकुचन हो रहा है. उसके पास विस्तार के निवेश कार्यक्रमों के लिए श्रमबल की कमी है.' | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीवन म्यूचिन से हुई मुलाकात
मुलाकात में हुई व्यापार सौदे को लेकर चर्चा
डील जल्द होने की उम्मीद | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका की विदेशी नीति संबंधी पत्रिका ने कहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को दुनिया के अति वांछित आतंकवादियों में से कुछ -अयमान अल जवाहिरी, सिराज हक्कानी, मेजर इकबाल, साजिद मीर और दाउद इब्राहिम जैसे लोगों को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। पत्रिका ने बुधवार को अपनी वेबसाइट पर कहा, मार गिराए जाने (ओसामा बिन लादेन के) के बाद पाकिस्तान की प्रभावशाली इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) निदेशालय काफी जल्द कथित सीआईए मुखबिरों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में समर्थ रही, ऐसे में सवाल उठता है कि दुनिया के अन्य कुछ अतिवांछित लोगों के उनके यहां छिपे होने की सूचना पर उन्हें ढूढने में उतनी ऊर्जा लगाई जाती तो क्या परिणाम निकल सकता था। पत्रिका ने ऐसे आतंकवादियों की साजिद मीर, अयमान अल जवाहिरी, सिराज हक्कानी, मेजर इकबाल, दाऊद इब्राहिम के रूप में पहचान की है और कहा है कि ये लोग आईएसआई के निशाने पर होने चाहिए। | संक्षिप्त सारांश: पत्रिका ने कहा, ओसामा के मारे जाने के बाद आईएसआई जल्द कथित सीआईए मुखबिरों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में समर्थ रही। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार किसी कार्यक्रम में शामिल हुए एस जयशंकर ने कहा है कि दुनिया भर में मुश्किलों में फंसे भारतीयों की मदद ज़िम्मेदारी है और इसने विदेश मंत्रालय की छवि बदल दी है. CII और थिंक टैंक अनंत एस्पेन सेंटर (Ananta Aspen Centre) के कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि पहले भारतीयों के मन में दूतावासों की ये छवि थी कि जिनकी बड़ी जगहों पर पहचान होती है उन्हीं का काम होता है और वहां काम कराना मुश्किल है. लेकिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जो (सोशल मीडिया) के ज़रिए शुरूआत की उससे अब लोगों की उम्मीदें हैं, उन्हें जवाब मिलता है और विदेश मंत्रालय ज़मीन से जुड़ा है. विदेश मंत्री के तौर पर नियुक्ति के कुछ ही घंटों के बाद ये साफ हो गया था कि ट्विटर पर आम लोगों की मदद की सुषमा स्वराज की शुरू की हुई परंपरा जयशंकर भी जारी रखेंगे.
बिम्सटेक और सार्क के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकतर दक्षिण एशियाई देशों को पता है कि कनेक्टिविटी से दूर रहना उन्हें आगे नहीं बढ़ने दे रहा. सार्क की समस्या सबको पता है. अगर आतंकवाद को परे रखकर भी सोचें तो कनेक्टिविटी वहां पर नहीं हो पा रहा. इससे अलग बिम्सटेक में एक ऊर्जा है और वो आगे बढ़ने को तैयार है. नई सरकार के शपथग्रहण में भी बिम्सटेक देशों के प्रमुखों को आमंत्रण इसी से जुड़ा है.
पड़ोसी देशों के बारे में बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा कि इस क्षेत्र में विकास की मुख्य ज़िम्मेदारी भारत की है. इससे यहां बाकियों का भी विकास होगा. पड़ोसियों के लिये दिल बड़ा रखना होगा, तब भी जब वैसा ही व्यवहार उनकी तरफ से न आए. उन्होंने इस पर बांग्लादेश से बेहतर संबंधों का भी उदाहरण दिया.
विदेश मंत्री के तौर पर कामकाज के बारे में जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होने कहा कि एक हफ़्ते पहले तक उन्होंने सपने में नहीं सोचा था कि वो विदेश मंत्री बन जाएंगे. मंत्रालयों में समन्वय पर ज़ोर देते हुए जयशंकर ने कहा कि पिछला एक हफ़्ता जितना वक्त उन्होंने अपने मंत्रालय में नहीं बिताया उससे कहीं ज्यादा वक्त वित्त और वाणिज्य मंत्रालयों में बिताया है. लेकिन ये समन्वय ज़रूरी है और अपनी ज़मीन पकड़ कर रखने वाली पुरानी सोच बदलनी होगी. उन्होंने ये भी कहा कि जैसे प्रधानमंत्री मोदी अलग-अलग प्रोजेक्ट का रिव्यू करते हैं वैसे ही वो भी विदेश मंत्रालय के प्रोजेक्ट्स का महीने में कम से कम दो बार रिव्यू करना चाहते हैं. | विदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार किसी कार्यक्रम में शामिल हुए एस जयशंकर
पहुंचे थे CII और थिंक टैंक अनंत एस्पेन सेंटर के कार्यक्रम में
बिम्सटेक और सार्क के बारे में भी की बात | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मणिपुर में आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट यानी AFSPA के खिलाफ पिछले 16 सालों से अनशन कर रहीं इरोम शर्मिला ने आखिरकार अपना अनशन खत्म कर दिया है. हालांकि उनकी सेहत को लेकर चिंताओं के मद्देनजर अधिकारियों ने मंगलवार शाम उन्हें फिर से वापस अस्पताल ले गए.
इससे पहले मंगलवार दिन में इरोम शर्मिला ने अदालत से निकलकर अपना अनशन खत्म करने का ऐलान किया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें शहद की एक शीशी दी। इरोम ने शीशी से थोड़ा सा शहद अपनी हथेली पर रखा और उसे देखकर वह भावुक हो गईं. इसके साथ ही उन्होंने कहा, मैं क्रांति की प्रतीक हूं. मैं मणिपुर की मुख्यमंत्री बनना चाहती हूं, ताकि अपने मुद्दों को राजनीति के जरिये उठा सकूं.
इरोम ने कहा कि मुझे आज़ाद किया जाए. मुझे अजीब सी महिला की तरह देखा जा रहा है. लोग कहते हैं, राजनीति गंदी होती है, मगर समाज भी तो गंदा है. उन्होंने कहा, मैं सरकार के ख़िलाफ़ चुनाव में खड़ी होऊंगी. मैं सबसे कटी हुई थी. मैंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर अमल किया है. मेरा ज़मीर क़ैद था, अब मुझे आज़ाद होना होगा. लोग मुझे इंसान के तौर पर क्यों नहीं देख सकते? मैं अपील करती हूं कि मुझे आज़ाद किया जाए. टिप्पणियां
इससे पूर्व ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर इरोम शर्मिला के अनशन तोड़ने के वादे के बाद अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी. शर्मिला के वकील एल रेबादा देवी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘अदालत ने दो गवाहों की गवाही के बाद उन्हें 10,000 रूपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.’’
साल 2000 में उन्होंने अपने अनशन की शुरुआत की थी और तब से उन्हें जिंदा रखने के लिए पाइप के जरिए जबरन लिक्विड डाइट दी जाती रही है. कुछ दिन पहले इरोम ने अनशन खत्म कर राजनीति में उतरने का फैसला किया था. उनका मानना है कि वह अपने मुद्दों को अब राजनीति के जरिए उठाएंगीं. 44 साल की इरोम ने शादी की भी इच्छा जताई है.
इससे पहले मंगलवार दिन में इरोम शर्मिला ने अदालत से निकलकर अपना अनशन खत्म करने का ऐलान किया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें शहद की एक शीशी दी। इरोम ने शीशी से थोड़ा सा शहद अपनी हथेली पर रखा और उसे देखकर वह भावुक हो गईं. इसके साथ ही उन्होंने कहा, मैं क्रांति की प्रतीक हूं. मैं मणिपुर की मुख्यमंत्री बनना चाहती हूं, ताकि अपने मुद्दों को राजनीति के जरिये उठा सकूं.
इरोम ने कहा कि मुझे आज़ाद किया जाए. मुझे अजीब सी महिला की तरह देखा जा रहा है. लोग कहते हैं, राजनीति गंदी होती है, मगर समाज भी तो गंदा है. उन्होंने कहा, मैं सरकार के ख़िलाफ़ चुनाव में खड़ी होऊंगी. मैं सबसे कटी हुई थी. मैंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर अमल किया है. मेरा ज़मीर क़ैद था, अब मुझे आज़ाद होना होगा. लोग मुझे इंसान के तौर पर क्यों नहीं देख सकते? मैं अपील करती हूं कि मुझे आज़ाद किया जाए. टिप्पणियां
इससे पूर्व ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर इरोम शर्मिला के अनशन तोड़ने के वादे के बाद अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी. शर्मिला के वकील एल रेबादा देवी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘अदालत ने दो गवाहों की गवाही के बाद उन्हें 10,000 रूपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.’’
साल 2000 में उन्होंने अपने अनशन की शुरुआत की थी और तब से उन्हें जिंदा रखने के लिए पाइप के जरिए जबरन लिक्विड डाइट दी जाती रही है. कुछ दिन पहले इरोम ने अनशन खत्म कर राजनीति में उतरने का फैसला किया था. उनका मानना है कि वह अपने मुद्दों को अब राजनीति के जरिए उठाएंगीं. 44 साल की इरोम ने शादी की भी इच्छा जताई है.
इरोम ने कहा कि मुझे आज़ाद किया जाए. मुझे अजीब सी महिला की तरह देखा जा रहा है. लोग कहते हैं, राजनीति गंदी होती है, मगर समाज भी तो गंदा है. उन्होंने कहा, मैं सरकार के ख़िलाफ़ चुनाव में खड़ी होऊंगी. मैं सबसे कटी हुई थी. मैंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर अमल किया है. मेरा ज़मीर क़ैद था, अब मुझे आज़ाद होना होगा. लोग मुझे इंसान के तौर पर क्यों नहीं देख सकते? मैं अपील करती हूं कि मुझे आज़ाद किया जाए. टिप्पणियां
इससे पूर्व ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर इरोम शर्मिला के अनशन तोड़ने के वादे के बाद अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी. शर्मिला के वकील एल रेबादा देवी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘अदालत ने दो गवाहों की गवाही के बाद उन्हें 10,000 रूपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.’’
साल 2000 में उन्होंने अपने अनशन की शुरुआत की थी और तब से उन्हें जिंदा रखने के लिए पाइप के जरिए जबरन लिक्विड डाइट दी जाती रही है. कुछ दिन पहले इरोम ने अनशन खत्म कर राजनीति में उतरने का फैसला किया था. उनका मानना है कि वह अपने मुद्दों को अब राजनीति के जरिए उठाएंगीं. 44 साल की इरोम ने शादी की भी इच्छा जताई है.
इससे पूर्व ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर इरोम शर्मिला के अनशन तोड़ने के वादे के बाद अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी. शर्मिला के वकील एल रेबादा देवी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘अदालत ने दो गवाहों की गवाही के बाद उन्हें 10,000 रूपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.’’
साल 2000 में उन्होंने अपने अनशन की शुरुआत की थी और तब से उन्हें जिंदा रखने के लिए पाइप के जरिए जबरन लिक्विड डाइट दी जाती रही है. कुछ दिन पहले इरोम ने अनशन खत्म कर राजनीति में उतरने का फैसला किया था. उनका मानना है कि वह अपने मुद्दों को अब राजनीति के जरिए उठाएंगीं. 44 साल की इरोम ने शादी की भी इच्छा जताई है.
साल 2000 में उन्होंने अपने अनशन की शुरुआत की थी और तब से उन्हें जिंदा रखने के लिए पाइप के जरिए जबरन लिक्विड डाइट दी जाती रही है. कुछ दिन पहले इरोम ने अनशन खत्म कर राजनीति में उतरने का फैसला किया था. उनका मानना है कि वह अपने मुद्दों को अब राजनीति के जरिए उठाएंगीं. 44 साल की इरोम ने शादी की भी इच्छा जताई है. | अनशन तोड़ते वक्त रो पड़ीं इरोम शर्मिला
इरोम ने कहा- मैं मणिपुर की सीएम बनना चाहती हूं
16 साल बाद खत्म किया है अनशन | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्रिमंडल में अगले हफ्ते संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन के इस्तीफे और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री मुरली देवड़ा द्वारा इस्तीफे की पेशकश के बाद इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की लंबे समय से चर्चा चल रही है। जनवरी महीने में अपने मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल करने के बाद प्रधानमंत्री ने कुछ समय बाद बड़े फेरबदल की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने हाल में प्रिंट मीडिया के संपादकों के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि मंत्रिमंडल में फेरबदल का काम प्रगति पर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं। मसलन ममता बनर्जी के इस्तीफे के बाद रेल मंत्रालय और दयानिधि मारन के इस्तीफे के बाद कपड़ा मंत्रालय खाली है। इसके अलावा कई मंत्री दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कपिल सिब्बल के पास मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ दूरसंचार मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। इसी तरह पवन कुमार बंसल संसदीय कार्यमंत्रालय के साथ साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी मंत्रालय का काम देख रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी ने चेन्नई में डीएमके प्रमुख करुणानिधि से मुलाकात की और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। यह स्पष्ट नहीं है कि मारन और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की जगह डीएमके से किसे मंत्री बनाया जाएगा। कुछ मंत्रियों, खासकर उत्तर प्रदेश से आने वाले मंत्रियों को प्रोन्नति मिलने की चर्चा है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिन राज्य मंत्रियों का कद बढ़ सकता है उनमें शामिल हैं… ज्योतिरादित्य सिंधिया ,जिन्हें कैबिनेट का दर्जा मिल सकता है। इसके अलावा रेल मंत्रालय जो ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से पीएम के पास है उसका कार्यभार टीएमसी नेता दिनेश त्रिवेदी को दिया जा सकता है। बेनी प्रसाद वर्मा के भी कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इसके अलावा राज बब्बर मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं। एमएस गिल को कैबिनेट से हटाया जा सकता है। कांति लाल भूरिया की जगह खाली हो रही है, उन्हें एमपीसीसी का अध्यक्ष बनाया गया है।(इनपुट भाषा से भी) | केंद्रीय मंत्रिमंडल में अगले हफ्ते संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने एन श्रीनिवासन को चेन्नई में भारतीय क्रिकेट बोर्ड की वार्षिक आम सभा की बैठक में बोर्ड का अध्यक्ष निर्वाचित होने की स्थिति में उन्हें यह पदभार ग्रहण करने से आज रोक दिया। वार्षिक आम सभा की बैठक 29 सितंबर को हो रही है।
न्यायमूर्ति एके पटनायक और न्यायमूर्जि जेएस खेहड़ की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, इस बीच, क्रिकेट बोर्ड की 29 सितंबर को प्रस्तावित वार्षिक आम सभा की बैठक होगी और इसमें चुनाव भी हो सकते हैं। यदि श्रीनिवासन अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित होते हैं तो वह अगले आदेश तक पदभार ग्रहण नहीं करेंगे। न्यायाधीशों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के सिलसिले में दामाद गुरुनाथ मयप्पन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होने के बावजूद श्रीनिवासन बीसीसीआई के पद पर डटे हुए हैं।
न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि इस मामले का निबटारा होने तक वह बोर्ड के अध्यक्ष पद का कार्यभार नहीं ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही न्यायाधीशों ने सवाल किया, यदि दामाद पर आरोप पत्र दाखिल किया गया है तो फिर वह प्रभारी (बीसीसीआई के अध्यक्ष) क्यों बने हुए हैं? आप (श्रीनिवासन) निर्वाचित होने के लिए इतने उत्सुक क्यों हैं? सुनवाई के दौरान न्यायालय ने ऐसे समय में चुनाव कराने पर भी सवाल उठाया जब मामला शीर्ष अदालत में लंबित है।
न्यायाधीशों ने इस मामले की सुनवाई सोमवार के लिए निर्धारित करते हुए कहा, हम किसी को नहीं जानते हैं। हम सिर्फ क्रिकेट को जानते हैं। हम सिर्फ बीसीसीआई को जानते हैं।टिप्पणियां
न्यायालय ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार की अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह अंतरिम आदेश दिया। यह संगठन चाहता था कि वार्षिक आम सभा की बैठक में श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोका जाए।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार चाहती है कि बीसीसीआई को निर्देश दिया जाये कि शीर्ष अदालत में विवाद का निबटारा होने तक श्रीनिवासन को किसी भी समिति में शामिल नहीं किया जाए।
न्यायमूर्ति एके पटनायक और न्यायमूर्जि जेएस खेहड़ की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, इस बीच, क्रिकेट बोर्ड की 29 सितंबर को प्रस्तावित वार्षिक आम सभा की बैठक होगी और इसमें चुनाव भी हो सकते हैं। यदि श्रीनिवासन अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित होते हैं तो वह अगले आदेश तक पदभार ग्रहण नहीं करेंगे। न्यायाधीशों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के सिलसिले में दामाद गुरुनाथ मयप्पन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होने के बावजूद श्रीनिवासन बीसीसीआई के पद पर डटे हुए हैं।
न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि इस मामले का निबटारा होने तक वह बोर्ड के अध्यक्ष पद का कार्यभार नहीं ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही न्यायाधीशों ने सवाल किया, यदि दामाद पर आरोप पत्र दाखिल किया गया है तो फिर वह प्रभारी (बीसीसीआई के अध्यक्ष) क्यों बने हुए हैं? आप (श्रीनिवासन) निर्वाचित होने के लिए इतने उत्सुक क्यों हैं? सुनवाई के दौरान न्यायालय ने ऐसे समय में चुनाव कराने पर भी सवाल उठाया जब मामला शीर्ष अदालत में लंबित है।
न्यायाधीशों ने इस मामले की सुनवाई सोमवार के लिए निर्धारित करते हुए कहा, हम किसी को नहीं जानते हैं। हम सिर्फ क्रिकेट को जानते हैं। हम सिर्फ बीसीसीआई को जानते हैं।टिप्पणियां
न्यायालय ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार की अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह अंतरिम आदेश दिया। यह संगठन चाहता था कि वार्षिक आम सभा की बैठक में श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोका जाए।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार चाहती है कि बीसीसीआई को निर्देश दिया जाये कि शीर्ष अदालत में विवाद का निबटारा होने तक श्रीनिवासन को किसी भी समिति में शामिल नहीं किया जाए।
न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि इस मामले का निबटारा होने तक वह बोर्ड के अध्यक्ष पद का कार्यभार नहीं ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही न्यायाधीशों ने सवाल किया, यदि दामाद पर आरोप पत्र दाखिल किया गया है तो फिर वह प्रभारी (बीसीसीआई के अध्यक्ष) क्यों बने हुए हैं? आप (श्रीनिवासन) निर्वाचित होने के लिए इतने उत्सुक क्यों हैं? सुनवाई के दौरान न्यायालय ने ऐसे समय में चुनाव कराने पर भी सवाल उठाया जब मामला शीर्ष अदालत में लंबित है।
न्यायाधीशों ने इस मामले की सुनवाई सोमवार के लिए निर्धारित करते हुए कहा, हम किसी को नहीं जानते हैं। हम सिर्फ क्रिकेट को जानते हैं। हम सिर्फ बीसीसीआई को जानते हैं।टिप्पणियां
न्यायालय ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार की अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह अंतरिम आदेश दिया। यह संगठन चाहता था कि वार्षिक आम सभा की बैठक में श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोका जाए।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार चाहती है कि बीसीसीआई को निर्देश दिया जाये कि शीर्ष अदालत में विवाद का निबटारा होने तक श्रीनिवासन को किसी भी समिति में शामिल नहीं किया जाए।
न्यायाधीशों ने इस मामले की सुनवाई सोमवार के लिए निर्धारित करते हुए कहा, हम किसी को नहीं जानते हैं। हम सिर्फ क्रिकेट को जानते हैं। हम सिर्फ बीसीसीआई को जानते हैं।टिप्पणियां
न्यायालय ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार की अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह अंतरिम आदेश दिया। यह संगठन चाहता था कि वार्षिक आम सभा की बैठक में श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोका जाए।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार चाहती है कि बीसीसीआई को निर्देश दिया जाये कि शीर्ष अदालत में विवाद का निबटारा होने तक श्रीनिवासन को किसी भी समिति में शामिल नहीं किया जाए।
न्यायालय ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार की अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह अंतरिम आदेश दिया। यह संगठन चाहता था कि वार्षिक आम सभा की बैठक में श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोका जाए।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार चाहती है कि बीसीसीआई को निर्देश दिया जाये कि शीर्ष अदालत में विवाद का निबटारा होने तक श्रीनिवासन को किसी भी समिति में शामिल नहीं किया जाए।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार चाहती है कि बीसीसीआई को निर्देश दिया जाये कि शीर्ष अदालत में विवाद का निबटारा होने तक श्रीनिवासन को किसी भी समिति में शामिल नहीं किया जाए। | सुप्रीम कोर्ट ने एन श्रीनिवासन को चेन्नई में भारतीय क्रिकेट बोर्ड की वार्षिक आम सभा की बैठक में बोर्ड का अध्यक्ष निर्वाचित होने की स्थिति में उन्हें यह पदभार ग्रहण करने से आज रोक दिया। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीरी छात्रों के साथ जो सलूक कई राज्यों में हो रहा है उससे चिंतित होकर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी राज्यों के मुख्य मंत्रियों से कहा है कि उनके राज्यों में रह रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को वो तवज्जो दें. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक एडवाइज़री जारी कर सभी राज्यों से कहा है कि जो लोग इन छात्रों से बदसलूकी करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कर्रवाई की जानी चाहिए.
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "मुझे पता चला है कि कुछ राज्यों में कश्मीरी बच्चों के साथ बुरा बर्ताव हुआ है. मैं सभी मुख्यमंत्रियों से अपील करता हूं कि उनकी सुरक्षा पर वे ध्यान दें." उन्होंने कहा "मैं यह भी कहूंगा कि उन बच्चों को आप अपना समझें और उनसे ठीक तरह से पेश आएं."
शाम को मंत्रालय ने एक एडवाइज़री भी जारी की. इसमें लिखा है "ऐसे कई किस्से सामने आ रहे हैं जिनमें कश्मीरी छात्र जो कई एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में पढ़ रहे हैं, के साथ हुई बदसलूकी की रिपोर्ट्स आ रही है. इन सभी वारदातों में कड़ी कर्रवाई की जानी चाहिए और ऐसे इंतज़ाम किए जाने चाहिए कि आगे से ऐसे क़िस्से सामने न आएं." सभी राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे वहां नियुक्त नोडल अफ़सरों को "सेंसेटाइज" करें.
कश्मीर में स्थानीय युवकों की ओर से भारतीय सेना पर लगातार की जा रही पत्थरबाजी पर अब देश के दूसरे हिस्सों में भी प्रतिक्रिया हो रही है. खबरों के मुताबिक मेरठ में कुछ पोस्टर लगाए गए थे जिन पर लिखा है, ‘कश्मीरियो उत्तर प्रदेश छोड़ो वरना...’ जबकि दूसरी घटना में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट की खबर मंत्रालय तक पहुंची थी.
उत्तर प्रदेश की घटना में पुलिस ने आमिर जानी नाम के शख़्स के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज कर दी है. आमिर जानी कट्टर हिंदू ग्रुप जो कि वहां उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के नाम से जाना जाता है, का लीडर है. इस संगठन ने ही यूपी में पोस्टर लगाए थे. इसके अध्यक्ष अमित जानी ने ट्वीट भी किया था "कश्मीरी 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश छोड़ दें, वर्ना हड्डी तोड़कर वापस भेजेंगे.’ संगठन की ओर से कहा गया है, ‘पढ़ाई करने आए युवाओं में वे भी होंगे, जिनके परिवार के लोग कश्मीर में सेना का विरोध कर रहे हैं. ऐसे परिवारों के लड़कों को जब यहां दिक्कत होगी, तभी कश्मीर में पत्थरबाजों को सबक मिलेगा.’
संगठन ने मेरठ के लोगों से अपील की है कि कश्मीरियों को किराये पर मकान न दें. दुकान वाले उन्हें सामान भी न दें. जानी ने मीडिया से बातचीत में कहा है, ‘हम भारतीय सेना के प्रति लोगों में हमदर्दी लाना चाहते हैं और पत्थरबाजों के खिलाफ आवाज बुलंद करना चाहते हैं.’टिप्पणियां
जबकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कुछ कश्मीरी छात्रों से मारपीट तब हुई जब वे बाजार सामान लेने गए. एफ़आईआर के मुताबिक़ इन छात्रों को लोगों ने घेर लिया गया और घाटी में सीआरपीएफ जवानों से बदसलूकी के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे. एफआईआर में लिखा है "हमें पत्थरबाज़ और आतंकी कहा गया. फिर उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया. इस घटना से हमारा पूरा दिन उस वक्त बर्बाद हो गया, जब हम परीक्षा की तैयारी में जुटे थे.’हालांकि राजस्थान पुलिस ने इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस के इर्द-गिर्द बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है इन आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त कर्रवाई की जानी चाहिए. मंत्रालय ने संजय राय जो कि मंत्रालय में निदेशक के पद पर हैं, को नोडल अफ़सर नियुक्त किया है और सभी राज्यों से कहा है कि जो कर्रवाई आरोपियों के ख़िलाफ़ हो उसकी रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए. एडवाइज़री में हेल्प लाइन के फोन नंबर का उल्लेख है- 011-23092923 और 011-23092885. इन नंबरों पर कश्मीरी छात्र मुश्किल में हो तो कभी भी शिकायत कर सकता है.
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "मुझे पता चला है कि कुछ राज्यों में कश्मीरी बच्चों के साथ बुरा बर्ताव हुआ है. मैं सभी मुख्यमंत्रियों से अपील करता हूं कि उनकी सुरक्षा पर वे ध्यान दें." उन्होंने कहा "मैं यह भी कहूंगा कि उन बच्चों को आप अपना समझें और उनसे ठीक तरह से पेश आएं."
शाम को मंत्रालय ने एक एडवाइज़री भी जारी की. इसमें लिखा है "ऐसे कई किस्से सामने आ रहे हैं जिनमें कश्मीरी छात्र जो कई एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में पढ़ रहे हैं, के साथ हुई बदसलूकी की रिपोर्ट्स आ रही है. इन सभी वारदातों में कड़ी कर्रवाई की जानी चाहिए और ऐसे इंतज़ाम किए जाने चाहिए कि आगे से ऐसे क़िस्से सामने न आएं." सभी राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे वहां नियुक्त नोडल अफ़सरों को "सेंसेटाइज" करें.
कश्मीर में स्थानीय युवकों की ओर से भारतीय सेना पर लगातार की जा रही पत्थरबाजी पर अब देश के दूसरे हिस्सों में भी प्रतिक्रिया हो रही है. खबरों के मुताबिक मेरठ में कुछ पोस्टर लगाए गए थे जिन पर लिखा है, ‘कश्मीरियो उत्तर प्रदेश छोड़ो वरना...’ जबकि दूसरी घटना में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट की खबर मंत्रालय तक पहुंची थी.
उत्तर प्रदेश की घटना में पुलिस ने आमिर जानी नाम के शख़्स के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज कर दी है. आमिर जानी कट्टर हिंदू ग्रुप जो कि वहां उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के नाम से जाना जाता है, का लीडर है. इस संगठन ने ही यूपी में पोस्टर लगाए थे. इसके अध्यक्ष अमित जानी ने ट्वीट भी किया था "कश्मीरी 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश छोड़ दें, वर्ना हड्डी तोड़कर वापस भेजेंगे.’ संगठन की ओर से कहा गया है, ‘पढ़ाई करने आए युवाओं में वे भी होंगे, जिनके परिवार के लोग कश्मीर में सेना का विरोध कर रहे हैं. ऐसे परिवारों के लड़कों को जब यहां दिक्कत होगी, तभी कश्मीर में पत्थरबाजों को सबक मिलेगा.’
संगठन ने मेरठ के लोगों से अपील की है कि कश्मीरियों को किराये पर मकान न दें. दुकान वाले उन्हें सामान भी न दें. जानी ने मीडिया से बातचीत में कहा है, ‘हम भारतीय सेना के प्रति लोगों में हमदर्दी लाना चाहते हैं और पत्थरबाजों के खिलाफ आवाज बुलंद करना चाहते हैं.’टिप्पणियां
जबकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कुछ कश्मीरी छात्रों से मारपीट तब हुई जब वे बाजार सामान लेने गए. एफ़आईआर के मुताबिक़ इन छात्रों को लोगों ने घेर लिया गया और घाटी में सीआरपीएफ जवानों से बदसलूकी के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे. एफआईआर में लिखा है "हमें पत्थरबाज़ और आतंकी कहा गया. फिर उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया. इस घटना से हमारा पूरा दिन उस वक्त बर्बाद हो गया, जब हम परीक्षा की तैयारी में जुटे थे.’हालांकि राजस्थान पुलिस ने इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस के इर्द-गिर्द बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है इन आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त कर्रवाई की जानी चाहिए. मंत्रालय ने संजय राय जो कि मंत्रालय में निदेशक के पद पर हैं, को नोडल अफ़सर नियुक्त किया है और सभी राज्यों से कहा है कि जो कर्रवाई आरोपियों के ख़िलाफ़ हो उसकी रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए. एडवाइज़री में हेल्प लाइन के फोन नंबर का उल्लेख है- 011-23092923 और 011-23092885. इन नंबरों पर कश्मीरी छात्र मुश्किल में हो तो कभी भी शिकायत कर सकता है.
शाम को मंत्रालय ने एक एडवाइज़री भी जारी की. इसमें लिखा है "ऐसे कई किस्से सामने आ रहे हैं जिनमें कश्मीरी छात्र जो कई एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में पढ़ रहे हैं, के साथ हुई बदसलूकी की रिपोर्ट्स आ रही है. इन सभी वारदातों में कड़ी कर्रवाई की जानी चाहिए और ऐसे इंतज़ाम किए जाने चाहिए कि आगे से ऐसे क़िस्से सामने न आएं." सभी राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे वहां नियुक्त नोडल अफ़सरों को "सेंसेटाइज" करें.
कश्मीर में स्थानीय युवकों की ओर से भारतीय सेना पर लगातार की जा रही पत्थरबाजी पर अब देश के दूसरे हिस्सों में भी प्रतिक्रिया हो रही है. खबरों के मुताबिक मेरठ में कुछ पोस्टर लगाए गए थे जिन पर लिखा है, ‘कश्मीरियो उत्तर प्रदेश छोड़ो वरना...’ जबकि दूसरी घटना में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट की खबर मंत्रालय तक पहुंची थी.
उत्तर प्रदेश की घटना में पुलिस ने आमिर जानी नाम के शख़्स के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज कर दी है. आमिर जानी कट्टर हिंदू ग्रुप जो कि वहां उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के नाम से जाना जाता है, का लीडर है. इस संगठन ने ही यूपी में पोस्टर लगाए थे. इसके अध्यक्ष अमित जानी ने ट्वीट भी किया था "कश्मीरी 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश छोड़ दें, वर्ना हड्डी तोड़कर वापस भेजेंगे.’ संगठन की ओर से कहा गया है, ‘पढ़ाई करने आए युवाओं में वे भी होंगे, जिनके परिवार के लोग कश्मीर में सेना का विरोध कर रहे हैं. ऐसे परिवारों के लड़कों को जब यहां दिक्कत होगी, तभी कश्मीर में पत्थरबाजों को सबक मिलेगा.’
संगठन ने मेरठ के लोगों से अपील की है कि कश्मीरियों को किराये पर मकान न दें. दुकान वाले उन्हें सामान भी न दें. जानी ने मीडिया से बातचीत में कहा है, ‘हम भारतीय सेना के प्रति लोगों में हमदर्दी लाना चाहते हैं और पत्थरबाजों के खिलाफ आवाज बुलंद करना चाहते हैं.’टिप्पणियां
जबकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कुछ कश्मीरी छात्रों से मारपीट तब हुई जब वे बाजार सामान लेने गए. एफ़आईआर के मुताबिक़ इन छात्रों को लोगों ने घेर लिया गया और घाटी में सीआरपीएफ जवानों से बदसलूकी के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे. एफआईआर में लिखा है "हमें पत्थरबाज़ और आतंकी कहा गया. फिर उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया. इस घटना से हमारा पूरा दिन उस वक्त बर्बाद हो गया, जब हम परीक्षा की तैयारी में जुटे थे.’हालांकि राजस्थान पुलिस ने इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस के इर्द-गिर्द बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है इन आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त कर्रवाई की जानी चाहिए. मंत्रालय ने संजय राय जो कि मंत्रालय में निदेशक के पद पर हैं, को नोडल अफ़सर नियुक्त किया है और सभी राज्यों से कहा है कि जो कर्रवाई आरोपियों के ख़िलाफ़ हो उसकी रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए. एडवाइज़री में हेल्प लाइन के फोन नंबर का उल्लेख है- 011-23092923 और 011-23092885. इन नंबरों पर कश्मीरी छात्र मुश्किल में हो तो कभी भी शिकायत कर सकता है.
कश्मीर में स्थानीय युवकों की ओर से भारतीय सेना पर लगातार की जा रही पत्थरबाजी पर अब देश के दूसरे हिस्सों में भी प्रतिक्रिया हो रही है. खबरों के मुताबिक मेरठ में कुछ पोस्टर लगाए गए थे जिन पर लिखा है, ‘कश्मीरियो उत्तर प्रदेश छोड़ो वरना...’ जबकि दूसरी घटना में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट की खबर मंत्रालय तक पहुंची थी.
उत्तर प्रदेश की घटना में पुलिस ने आमिर जानी नाम के शख़्स के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज कर दी है. आमिर जानी कट्टर हिंदू ग्रुप जो कि वहां उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के नाम से जाना जाता है, का लीडर है. इस संगठन ने ही यूपी में पोस्टर लगाए थे. इसके अध्यक्ष अमित जानी ने ट्वीट भी किया था "कश्मीरी 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश छोड़ दें, वर्ना हड्डी तोड़कर वापस भेजेंगे.’ संगठन की ओर से कहा गया है, ‘पढ़ाई करने आए युवाओं में वे भी होंगे, जिनके परिवार के लोग कश्मीर में सेना का विरोध कर रहे हैं. ऐसे परिवारों के लड़कों को जब यहां दिक्कत होगी, तभी कश्मीर में पत्थरबाजों को सबक मिलेगा.’
संगठन ने मेरठ के लोगों से अपील की है कि कश्मीरियों को किराये पर मकान न दें. दुकान वाले उन्हें सामान भी न दें. जानी ने मीडिया से बातचीत में कहा है, ‘हम भारतीय सेना के प्रति लोगों में हमदर्दी लाना चाहते हैं और पत्थरबाजों के खिलाफ आवाज बुलंद करना चाहते हैं.’टिप्पणियां
जबकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कुछ कश्मीरी छात्रों से मारपीट तब हुई जब वे बाजार सामान लेने गए. एफ़आईआर के मुताबिक़ इन छात्रों को लोगों ने घेर लिया गया और घाटी में सीआरपीएफ जवानों से बदसलूकी के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे. एफआईआर में लिखा है "हमें पत्थरबाज़ और आतंकी कहा गया. फिर उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया. इस घटना से हमारा पूरा दिन उस वक्त बर्बाद हो गया, जब हम परीक्षा की तैयारी में जुटे थे.’हालांकि राजस्थान पुलिस ने इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस के इर्द-गिर्द बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है इन आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त कर्रवाई की जानी चाहिए. मंत्रालय ने संजय राय जो कि मंत्रालय में निदेशक के पद पर हैं, को नोडल अफ़सर नियुक्त किया है और सभी राज्यों से कहा है कि जो कर्रवाई आरोपियों के ख़िलाफ़ हो उसकी रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए. एडवाइज़री में हेल्प लाइन के फोन नंबर का उल्लेख है- 011-23092923 और 011-23092885. इन नंबरों पर कश्मीरी छात्र मुश्किल में हो तो कभी भी शिकायत कर सकता है.
उत्तर प्रदेश की घटना में पुलिस ने आमिर जानी नाम के शख़्स के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज कर दी है. आमिर जानी कट्टर हिंदू ग्रुप जो कि वहां उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के नाम से जाना जाता है, का लीडर है. इस संगठन ने ही यूपी में पोस्टर लगाए थे. इसके अध्यक्ष अमित जानी ने ट्वीट भी किया था "कश्मीरी 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश छोड़ दें, वर्ना हड्डी तोड़कर वापस भेजेंगे.’ संगठन की ओर से कहा गया है, ‘पढ़ाई करने आए युवाओं में वे भी होंगे, जिनके परिवार के लोग कश्मीर में सेना का विरोध कर रहे हैं. ऐसे परिवारों के लड़कों को जब यहां दिक्कत होगी, तभी कश्मीर में पत्थरबाजों को सबक मिलेगा.’
संगठन ने मेरठ के लोगों से अपील की है कि कश्मीरियों को किराये पर मकान न दें. दुकान वाले उन्हें सामान भी न दें. जानी ने मीडिया से बातचीत में कहा है, ‘हम भारतीय सेना के प्रति लोगों में हमदर्दी लाना चाहते हैं और पत्थरबाजों के खिलाफ आवाज बुलंद करना चाहते हैं.’टिप्पणियां
जबकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कुछ कश्मीरी छात्रों से मारपीट तब हुई जब वे बाजार सामान लेने गए. एफ़आईआर के मुताबिक़ इन छात्रों को लोगों ने घेर लिया गया और घाटी में सीआरपीएफ जवानों से बदसलूकी के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे. एफआईआर में लिखा है "हमें पत्थरबाज़ और आतंकी कहा गया. फिर उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया. इस घटना से हमारा पूरा दिन उस वक्त बर्बाद हो गया, जब हम परीक्षा की तैयारी में जुटे थे.’हालांकि राजस्थान पुलिस ने इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस के इर्द-गिर्द बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है इन आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त कर्रवाई की जानी चाहिए. मंत्रालय ने संजय राय जो कि मंत्रालय में निदेशक के पद पर हैं, को नोडल अफ़सर नियुक्त किया है और सभी राज्यों से कहा है कि जो कर्रवाई आरोपियों के ख़िलाफ़ हो उसकी रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए. एडवाइज़री में हेल्प लाइन के फोन नंबर का उल्लेख है- 011-23092923 और 011-23092885. इन नंबरों पर कश्मीरी छात्र मुश्किल में हो तो कभी भी शिकायत कर सकता है.
संगठन ने मेरठ के लोगों से अपील की है कि कश्मीरियों को किराये पर मकान न दें. दुकान वाले उन्हें सामान भी न दें. जानी ने मीडिया से बातचीत में कहा है, ‘हम भारतीय सेना के प्रति लोगों में हमदर्दी लाना चाहते हैं और पत्थरबाजों के खिलाफ आवाज बुलंद करना चाहते हैं.’टिप्पणियां
जबकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कुछ कश्मीरी छात्रों से मारपीट तब हुई जब वे बाजार सामान लेने गए. एफ़आईआर के मुताबिक़ इन छात्रों को लोगों ने घेर लिया गया और घाटी में सीआरपीएफ जवानों से बदसलूकी के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे. एफआईआर में लिखा है "हमें पत्थरबाज़ और आतंकी कहा गया. फिर उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया. इस घटना से हमारा पूरा दिन उस वक्त बर्बाद हो गया, जब हम परीक्षा की तैयारी में जुटे थे.’हालांकि राजस्थान पुलिस ने इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस के इर्द-गिर्द बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है इन आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त कर्रवाई की जानी चाहिए. मंत्रालय ने संजय राय जो कि मंत्रालय में निदेशक के पद पर हैं, को नोडल अफ़सर नियुक्त किया है और सभी राज्यों से कहा है कि जो कर्रवाई आरोपियों के ख़िलाफ़ हो उसकी रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए. एडवाइज़री में हेल्प लाइन के फोन नंबर का उल्लेख है- 011-23092923 और 011-23092885. इन नंबरों पर कश्मीरी छात्र मुश्किल में हो तो कभी भी शिकायत कर सकता है.
जबकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कुछ कश्मीरी छात्रों से मारपीट तब हुई जब वे बाजार सामान लेने गए. एफ़आईआर के मुताबिक़ इन छात्रों को लोगों ने घेर लिया गया और घाटी में सीआरपीएफ जवानों से बदसलूकी के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे. एफआईआर में लिखा है "हमें पत्थरबाज़ और आतंकी कहा गया. फिर उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया. इस घटना से हमारा पूरा दिन उस वक्त बर्बाद हो गया, जब हम परीक्षा की तैयारी में जुटे थे.’हालांकि राजस्थान पुलिस ने इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस के इर्द-गिर्द बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है इन आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त कर्रवाई की जानी चाहिए. मंत्रालय ने संजय राय जो कि मंत्रालय में निदेशक के पद पर हैं, को नोडल अफ़सर नियुक्त किया है और सभी राज्यों से कहा है कि जो कर्रवाई आरोपियों के ख़िलाफ़ हो उसकी रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए. एडवाइज़री में हेल्प लाइन के फोन नंबर का उल्लेख है- 011-23092923 और 011-23092885. इन नंबरों पर कश्मीरी छात्र मुश्किल में हो तो कभी भी शिकायत कर सकता है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है इन आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त कर्रवाई की जानी चाहिए. मंत्रालय ने संजय राय जो कि मंत्रालय में निदेशक के पद पर हैं, को नोडल अफ़सर नियुक्त किया है और सभी राज्यों से कहा है कि जो कर्रवाई आरोपियों के ख़िलाफ़ हो उसकी रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए. एडवाइज़री में हेल्प लाइन के फोन नंबर का उल्लेख है- 011-23092923 और 011-23092885. इन नंबरों पर कश्मीरी छात्र मुश्किल में हो तो कभी भी शिकायत कर सकता है. | सारांश: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइज़री जारी की
मुख्यमंत्रियों से सुरक्षा पर वे ध्यान देने की अपील
मेरठ में पोस्टर लगे, चित्तौड़गढ़ में हुई मारपीट | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने क्रिस्टीना बारोइस को सीधे सेटों में 6-3, 6-3 से हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग में दूसरे दौर में प्रवेश किया। दुनिया की 72वें नंबर की खिलाड़ी सानिया ने जर्मनी की खिलाड़ी के खिलाफ दमदार खेल दिखाया। भारतीय खिलाड़ी यहां कभी दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाई है। बायें घुटने के नीचे पट्टी बांधकर खेल रही भारतीय खिलाड़ी ने बैकहैंड विनर के साथ एक घंटे और 15 मिनट में मैच अपने नाम किया। सानिया को अगले दौर में 12वीं वरीय पोलैंड की एग्निएस्का रदवांस्का और आस्ट्रिया की पैट्रीसिया मायर एक्लेटनर के बीच होने वाले मैच की विजेता से भिड़ना है। क्ले कोर्ट सानिया की पसंदीदा सतह नहीं है लेकिन इस भारतीय खिलाड़ी ने आज आक्रामक खेल दिखाया और शुरू से ही मैच में दबदबा बनाये रखा। सानिया ने हालांकि काफी गलतियां भी की और उन्हें अपनी सर्विस के साथ भी जूझना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद क्रिस्टीना के पास उनका कोई जवाब नहीं था। | सानिया मिर्जा ने क्रिस्टीना बारोइस को सीधे सेटों में 6-3, 6-3 से हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग में दूसरे दौर में प्रवेश किया। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने का स्वागत करते हुए कहा है कि इस मतदान से कोलंबो को साफ संकेत मिल गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय देश में शांति और स्थिरता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता केटलिन हेडन ने बयान में कहा, मतदान ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय श्रीलंका के लोगों के लिए शांति, स्थिरता और खुशहाली को बढ़ावा देने हेतु श्रीलंकाई सरकार के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, अमेरिका ‘श्रीलंका में सामंजस्य और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए’ यूएनएचआरसी में प्रस्ताव पारित होने का स्वागत करता है। इस प्रस्ताव में श्रीलंका में अर्थपूर्ण सामंजस्य बढ़ाने के प्रति श्रीलंकाई सरकार से अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने को कहा गया है।
हेडन ने कहा कि श्रीलंका पिछले दो से अधिक दशकों के संघर्ष से उबर रहा है। प्रस्ताव में श्रीलंकाई सरकार से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और मानवीय कानून के उल्लंघन के आरोपों की विश्वसनीय जांच कराने की बात कही गई है। एक अन्य बयान में कनाडा के विदेशमंत्री जॉन बेयर्ड ने भी श्रीलंका के खिलाफ अमेरिका समर्थित प्रस्ताव पारित होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, प्रस्ताव पारित होने से मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों और उनके परिजनों को भरोसा होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें भूला नहीं है। बेयर्ड ने कहा, कनाडा इस मुद्दे के अलावा श्रीलंका में न्यायिक स्वतंत्रता एवं कानून व्यवस्था को कमज़ोर करने जैसे हाल के घटनाक्रम का विरोध आगे भी करेगा। मानवाधिकार परिषद् में भारत समेत 25 देशों ने श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में जबकि 13 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। आठ सदस्य अनुपस्थित रहे।
व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता केटलिन हेडन ने बयान में कहा, मतदान ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय श्रीलंका के लोगों के लिए शांति, स्थिरता और खुशहाली को बढ़ावा देने हेतु श्रीलंकाई सरकार के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, अमेरिका ‘श्रीलंका में सामंजस्य और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए’ यूएनएचआरसी में प्रस्ताव पारित होने का स्वागत करता है। इस प्रस्ताव में श्रीलंका में अर्थपूर्ण सामंजस्य बढ़ाने के प्रति श्रीलंकाई सरकार से अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने को कहा गया है।
हेडन ने कहा कि श्रीलंका पिछले दो से अधिक दशकों के संघर्ष से उबर रहा है। प्रस्ताव में श्रीलंकाई सरकार से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और मानवीय कानून के उल्लंघन के आरोपों की विश्वसनीय जांच कराने की बात कही गई है। एक अन्य बयान में कनाडा के विदेशमंत्री जॉन बेयर्ड ने भी श्रीलंका के खिलाफ अमेरिका समर्थित प्रस्ताव पारित होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, प्रस्ताव पारित होने से मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों और उनके परिजनों को भरोसा होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें भूला नहीं है। बेयर्ड ने कहा, कनाडा इस मुद्दे के अलावा श्रीलंका में न्यायिक स्वतंत्रता एवं कानून व्यवस्था को कमज़ोर करने जैसे हाल के घटनाक्रम का विरोध आगे भी करेगा। मानवाधिकार परिषद् में भारत समेत 25 देशों ने श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में जबकि 13 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। आठ सदस्य अनुपस्थित रहे।
उन्होंने कहा, अमेरिका ‘श्रीलंका में सामंजस्य और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए’ यूएनएचआरसी में प्रस्ताव पारित होने का स्वागत करता है। इस प्रस्ताव में श्रीलंका में अर्थपूर्ण सामंजस्य बढ़ाने के प्रति श्रीलंकाई सरकार से अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने को कहा गया है।
हेडन ने कहा कि श्रीलंका पिछले दो से अधिक दशकों के संघर्ष से उबर रहा है। प्रस्ताव में श्रीलंकाई सरकार से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और मानवीय कानून के उल्लंघन के आरोपों की विश्वसनीय जांच कराने की बात कही गई है। एक अन्य बयान में कनाडा के विदेशमंत्री जॉन बेयर्ड ने भी श्रीलंका के खिलाफ अमेरिका समर्थित प्रस्ताव पारित होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, प्रस्ताव पारित होने से मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों और उनके परिजनों को भरोसा होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें भूला नहीं है। बेयर्ड ने कहा, कनाडा इस मुद्दे के अलावा श्रीलंका में न्यायिक स्वतंत्रता एवं कानून व्यवस्था को कमज़ोर करने जैसे हाल के घटनाक्रम का विरोध आगे भी करेगा। मानवाधिकार परिषद् में भारत समेत 25 देशों ने श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में जबकि 13 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। आठ सदस्य अनुपस्थित रहे।
हेडन ने कहा कि श्रीलंका पिछले दो से अधिक दशकों के संघर्ष से उबर रहा है। प्रस्ताव में श्रीलंकाई सरकार से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और मानवीय कानून के उल्लंघन के आरोपों की विश्वसनीय जांच कराने की बात कही गई है। एक अन्य बयान में कनाडा के विदेशमंत्री जॉन बेयर्ड ने भी श्रीलंका के खिलाफ अमेरिका समर्थित प्रस्ताव पारित होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, प्रस्ताव पारित होने से मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों और उनके परिजनों को भरोसा होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें भूला नहीं है। बेयर्ड ने कहा, कनाडा इस मुद्दे के अलावा श्रीलंका में न्यायिक स्वतंत्रता एवं कानून व्यवस्था को कमज़ोर करने जैसे हाल के घटनाक्रम का विरोध आगे भी करेगा। मानवाधिकार परिषद् में भारत समेत 25 देशों ने श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में जबकि 13 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। आठ सदस्य अनुपस्थित रहे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका ने यूएनएचआरसी में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने का स्वागत करते हुए कहा है कि इस मतदान से कोलंबो को साफ संकेत मिल गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय देश में शांति और स्थिरता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आठ महीने बाद नॉर्वे में अपने बच्चों से अलग हुई सगारिका भट्टाचार्य को उसके बच्चे मिल गए।
30 साल की सगारिका को कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसके बेटे अभिज्ञान और बेटी ऐश्वर्या की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है।टिप्पणियां
पिछले वर्ष नवंबर में बर्दवान की बाल कल्याण समिति ने आदेश दिया था कि बच्चों को उनकी मां के सुपुर्द कर दिया जाना चाहिए न कि उसके पति के भाई के पास रहने दिया जाना चाहिए।
सगारिका के पति का अरुणाभाष एक डेंटिस्ट हैं। इस मामले में पुलिस ने भी सगारिका को कोर्ट से आदेश लेने के बाद ही किसी प्रकार की सहायता मुहैया कराने की बात कही थी।
30 साल की सगारिका को कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसके बेटे अभिज्ञान और बेटी ऐश्वर्या की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है।टिप्पणियां
पिछले वर्ष नवंबर में बर्दवान की बाल कल्याण समिति ने आदेश दिया था कि बच्चों को उनकी मां के सुपुर्द कर दिया जाना चाहिए न कि उसके पति के भाई के पास रहने दिया जाना चाहिए।
सगारिका के पति का अरुणाभाष एक डेंटिस्ट हैं। इस मामले में पुलिस ने भी सगारिका को कोर्ट से आदेश लेने के बाद ही किसी प्रकार की सहायता मुहैया कराने की बात कही थी।
पिछले वर्ष नवंबर में बर्दवान की बाल कल्याण समिति ने आदेश दिया था कि बच्चों को उनकी मां के सुपुर्द कर दिया जाना चाहिए न कि उसके पति के भाई के पास रहने दिया जाना चाहिए।
सगारिका के पति का अरुणाभाष एक डेंटिस्ट हैं। इस मामले में पुलिस ने भी सगारिका को कोर्ट से आदेश लेने के बाद ही किसी प्रकार की सहायता मुहैया कराने की बात कही थी।
सगारिका के पति का अरुणाभाष एक डेंटिस्ट हैं। इस मामले में पुलिस ने भी सगारिका को कोर्ट से आदेश लेने के बाद ही किसी प्रकार की सहायता मुहैया कराने की बात कही थी। | संक्षिप्त सारांश: आठ महीने बाद नॉर्वे में अपने बच्चों से अलग हुई सगारिका भट्टाचार्य को उसके बच्चे मिल गए। 30 साल की सगारिका को कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसके बेटे अभिज्ञान और बेटी ऐश्वर्या की देख-रेख का जिम्मा सौंपा गया है। | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मऊ विधानसभा क्षेत्र में बाहुबली मुख्तार अंसारी बसपा के टिकट से चुनाव मैदान में हैं. सपा से बेआबरू होने के बाद अपनी सीट बचाने का दबाव तो उन पर है ही पर साथ में उन पर मायावती की उम्मीदों का भी बोझ है. जेल में रहते हुए वे अपनी सीट और मायावती की उम्मीदों पर कैसे खरे उतरते हैं, यह बड़ा सवाल है, क्योंकि वे इस बार बीजेपी के निशाने पर हैं. खुद प्रधानमंत्री ने मऊ की जनसभा में उन्हें बाहुबली कहते हुए कहा कि इस 'बाहुबली' के खात्मे के लिए उन्होंने अपना 'कटप्पा' मैदान में उतारा है. कटप्पा इसलिए कहा क्योंकि इस सीट पर भाजपा ने राजभरों की पार्टी भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार को गठबंधन के तहत उतारा है. भासपा के जो प्रत्याशी चुनाव मैदान में है उनका नाम है महेंद्र राजभर. महेंद्र 2012 के चुनाव में मुख्तार के साथ थे और उन्होंने अपनी बिरादरी के वोट दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. पर इस बार वे खुद उनके सामने हैं. मोदी ने कहा कि ये हमारे कटप्पा हैं.
मुख्तार अंसारी जेल में हैं. वे पूरे चुनाव में नहीं आ सकते लिहाजा प्रचार की कमान उनके छोटे बेटे उमर अंसारी ने खुद संभाली है. पहले उमर और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि मुख्तार को पेरोल मिल जाएगी, पर अब खुद ही सारा जोर लगा दिया. मुख्तार के प्रचार की कमान संभालने वाले कहते हैं कि सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले और उन्हें क्षेत्र में न आने दे पर जनता उन्हें भारी वोटों से जीत दिलाएगी.
मुख्तार मऊ से पिछले दो चुनाव में अपनी पार्टी कौमी एकता दल के बैनर से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं. इस बार जीत पक्की करने के लिहाज से समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय तक कर लिया, लेकिन यादव परिवार में मची महाभारत के बाद अलग हो गए और हाथी के साथी बन गए. मायावाती ने मुख्तार के पक्ष में न सिर्फ विशाल रैली की बल्कि पीएम मोदी के बयानों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया.
मायावती ने मऊ की रैली में अब तक का सबसे लंबा भाषण, तकरीबन दो घंटे तक दिया. प्रधानमंत्री ने मुख्तार को बाहुबली कहा और कहा कि चुनाव जीतने के बाद जनता की मोहर लग जाएगी कि वे बाहुबली नहीं हैं.टिप्पणियां
दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस का गठबंधन भी मुख्तार की जीत की राह का रोड़ा बन सकता है. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने कटप्पा को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा.
साफ है कि इस चुनाव में मुख्तार के लिए राह आसान नहीं है. पहले सहारे के लिए तलाश, फिर पेरोल के लिए लड़ाई और अब जीत के लिए संघर्ष, साथ ही मायावती की उम्मीदें. और मायावती की यह उम्मीद 'एम' के भरोसे है. यानी मऊ, मुख्तार, मायावती और मुस्लिम... अब यह तो चुनाव का नतीजा ही बताएगा कि यह फैक्टर कितना चला.
मुख्तार अंसारी जेल में हैं. वे पूरे चुनाव में नहीं आ सकते लिहाजा प्रचार की कमान उनके छोटे बेटे उमर अंसारी ने खुद संभाली है. पहले उमर और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि मुख्तार को पेरोल मिल जाएगी, पर अब खुद ही सारा जोर लगा दिया. मुख्तार के प्रचार की कमान संभालने वाले कहते हैं कि सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले और उन्हें क्षेत्र में न आने दे पर जनता उन्हें भारी वोटों से जीत दिलाएगी.
मुख्तार मऊ से पिछले दो चुनाव में अपनी पार्टी कौमी एकता दल के बैनर से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं. इस बार जीत पक्की करने के लिहाज से समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय तक कर लिया, लेकिन यादव परिवार में मची महाभारत के बाद अलग हो गए और हाथी के साथी बन गए. मायावाती ने मुख्तार के पक्ष में न सिर्फ विशाल रैली की बल्कि पीएम मोदी के बयानों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया.
मायावती ने मऊ की रैली में अब तक का सबसे लंबा भाषण, तकरीबन दो घंटे तक दिया. प्रधानमंत्री ने मुख्तार को बाहुबली कहा और कहा कि चुनाव जीतने के बाद जनता की मोहर लग जाएगी कि वे बाहुबली नहीं हैं.टिप्पणियां
दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस का गठबंधन भी मुख्तार की जीत की राह का रोड़ा बन सकता है. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने कटप्पा को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा.
साफ है कि इस चुनाव में मुख्तार के लिए राह आसान नहीं है. पहले सहारे के लिए तलाश, फिर पेरोल के लिए लड़ाई और अब जीत के लिए संघर्ष, साथ ही मायावती की उम्मीदें. और मायावती की यह उम्मीद 'एम' के भरोसे है. यानी मऊ, मुख्तार, मायावती और मुस्लिम... अब यह तो चुनाव का नतीजा ही बताएगा कि यह फैक्टर कितना चला.
मुख्तार मऊ से पिछले दो चुनाव में अपनी पार्टी कौमी एकता दल के बैनर से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं. इस बार जीत पक्की करने के लिहाज से समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय तक कर लिया, लेकिन यादव परिवार में मची महाभारत के बाद अलग हो गए और हाथी के साथी बन गए. मायावाती ने मुख्तार के पक्ष में न सिर्फ विशाल रैली की बल्कि पीएम मोदी के बयानों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया.
मायावती ने मऊ की रैली में अब तक का सबसे लंबा भाषण, तकरीबन दो घंटे तक दिया. प्रधानमंत्री ने मुख्तार को बाहुबली कहा और कहा कि चुनाव जीतने के बाद जनता की मोहर लग जाएगी कि वे बाहुबली नहीं हैं.टिप्पणियां
दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस का गठबंधन भी मुख्तार की जीत की राह का रोड़ा बन सकता है. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने कटप्पा को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा.
साफ है कि इस चुनाव में मुख्तार के लिए राह आसान नहीं है. पहले सहारे के लिए तलाश, फिर पेरोल के लिए लड़ाई और अब जीत के लिए संघर्ष, साथ ही मायावती की उम्मीदें. और मायावती की यह उम्मीद 'एम' के भरोसे है. यानी मऊ, मुख्तार, मायावती और मुस्लिम... अब यह तो चुनाव का नतीजा ही बताएगा कि यह फैक्टर कितना चला.
मायावती ने मऊ की रैली में अब तक का सबसे लंबा भाषण, तकरीबन दो घंटे तक दिया. प्रधानमंत्री ने मुख्तार को बाहुबली कहा और कहा कि चुनाव जीतने के बाद जनता की मोहर लग जाएगी कि वे बाहुबली नहीं हैं.टिप्पणियां
दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस का गठबंधन भी मुख्तार की जीत की राह का रोड़ा बन सकता है. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने कटप्पा को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा.
साफ है कि इस चुनाव में मुख्तार के लिए राह आसान नहीं है. पहले सहारे के लिए तलाश, फिर पेरोल के लिए लड़ाई और अब जीत के लिए संघर्ष, साथ ही मायावती की उम्मीदें. और मायावती की यह उम्मीद 'एम' के भरोसे है. यानी मऊ, मुख्तार, मायावती और मुस्लिम... अब यह तो चुनाव का नतीजा ही बताएगा कि यह फैक्टर कितना चला.
दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस का गठबंधन भी मुख्तार की जीत की राह का रोड़ा बन सकता है. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने कटप्पा को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा.
साफ है कि इस चुनाव में मुख्तार के लिए राह आसान नहीं है. पहले सहारे के लिए तलाश, फिर पेरोल के लिए लड़ाई और अब जीत के लिए संघर्ष, साथ ही मायावती की उम्मीदें. और मायावती की यह उम्मीद 'एम' के भरोसे है. यानी मऊ, मुख्तार, मायावती और मुस्लिम... अब यह तो चुनाव का नतीजा ही बताएगा कि यह फैक्टर कितना चला.
साफ है कि इस चुनाव में मुख्तार के लिए राह आसान नहीं है. पहले सहारे के लिए तलाश, फिर पेरोल के लिए लड़ाई और अब जीत के लिए संघर्ष, साथ ही मायावती की उम्मीदें. और मायावती की यह उम्मीद 'एम' के भरोसे है. यानी मऊ, मुख्तार, मायावती और मुस्लिम... अब यह तो चुनाव का नतीजा ही बताएगा कि यह फैक्टर कितना चला. | यहाँ एक सारांश है:बीजेपी की सहयोगी भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार हैं महेंद्र राजभर
जेल में बंद बसपा उम्मीदवार मुख्तार अंसारी को नहीं मिली पेरोल
मऊ क्षेत्र में राजभर जाति का खासा असर | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक जर्मन महिला के साथ बलात्कार के दोषी बिट्टी मोहंती को केरल पुलिस ने आज हिरासत में ले लिया। ओडिशा के पूर्व पुलिस महानिदेशक बीबी मोहंती का पुत्र बिट्टी करीब सात साल से फरार चल रहा था।
उधर, राजस्थान पुलिस ने बिट्टी की पहचान करते हुए कहा है कि गिरफ्तार किया गया शख्स बिट्टी मोहंती है।
मोहंती खुद को आंध्र प्रदेश का बता कर सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक में परिवीक्षाधीन अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था। यहां के नजदीकी पझयांगादी से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पर धोखा देने, छद्म वेश धारण करने एवं जालसाजी करने का मामला दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी की प्रकिया पूरी किए जाने के बाद उसे एक स्थानीय अदालत में पेश किया जा सकता है। इसके बाद उसे राजस्थान पुलिस को सौंपा जा सकेगा।
बैंक शाखा अधिकारियों को एक गुमनाम पत्र मिलने के बाद पुलिस को यहां पर बिट्टी की मौजूदगी को लेकर गुप्त सूचना मिली। पत्र में संदेह व्यक्त किया कि जो व्यक्ति आंध्र प्रदेश के निवासी होने का दावा कर रहा है वह बिट्टी हो सकता है। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली बलात्कार घटना के बाद बिट्टी सहित विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीर कई टेलीविजन चैनलों और इंटरनेट पर प्रसारित की गई थी।
माना जा रहा है 2006 में जमानत से फरार होने के बाद बिट्टी ने एमबीए डिग्री हासिल की और बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी की नौकारी पाने में वह कामयाब रहा।
उधर, राजस्थान पुलिस ने बिट्टी की पहचान करते हुए कहा है कि गिरफ्तार किया गया शख्स बिट्टी मोहंती है।
मोहंती खुद को आंध्र प्रदेश का बता कर सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक में परिवीक्षाधीन अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था। यहां के नजदीकी पझयांगादी से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पर धोखा देने, छद्म वेश धारण करने एवं जालसाजी करने का मामला दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी की प्रकिया पूरी किए जाने के बाद उसे एक स्थानीय अदालत में पेश किया जा सकता है। इसके बाद उसे राजस्थान पुलिस को सौंपा जा सकेगा।
बैंक शाखा अधिकारियों को एक गुमनाम पत्र मिलने के बाद पुलिस को यहां पर बिट्टी की मौजूदगी को लेकर गुप्त सूचना मिली। पत्र में संदेह व्यक्त किया कि जो व्यक्ति आंध्र प्रदेश के निवासी होने का दावा कर रहा है वह बिट्टी हो सकता है। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली बलात्कार घटना के बाद बिट्टी सहित विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीर कई टेलीविजन चैनलों और इंटरनेट पर प्रसारित की गई थी।
माना जा रहा है 2006 में जमानत से फरार होने के बाद बिट्टी ने एमबीए डिग्री हासिल की और बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी की नौकारी पाने में वह कामयाब रहा।
मोहंती खुद को आंध्र प्रदेश का बता कर सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक में परिवीक्षाधीन अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था। यहां के नजदीकी पझयांगादी से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पर धोखा देने, छद्म वेश धारण करने एवं जालसाजी करने का मामला दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी की प्रकिया पूरी किए जाने के बाद उसे एक स्थानीय अदालत में पेश किया जा सकता है। इसके बाद उसे राजस्थान पुलिस को सौंपा जा सकेगा।
बैंक शाखा अधिकारियों को एक गुमनाम पत्र मिलने के बाद पुलिस को यहां पर बिट्टी की मौजूदगी को लेकर गुप्त सूचना मिली। पत्र में संदेह व्यक्त किया कि जो व्यक्ति आंध्र प्रदेश के निवासी होने का दावा कर रहा है वह बिट्टी हो सकता है। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली बलात्कार घटना के बाद बिट्टी सहित विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीर कई टेलीविजन चैनलों और इंटरनेट पर प्रसारित की गई थी।
माना जा रहा है 2006 में जमानत से फरार होने के बाद बिट्टी ने एमबीए डिग्री हासिल की और बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी की नौकारी पाने में वह कामयाब रहा।
कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पर धोखा देने, छद्म वेश धारण करने एवं जालसाजी करने का मामला दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी की प्रकिया पूरी किए जाने के बाद उसे एक स्थानीय अदालत में पेश किया जा सकता है। इसके बाद उसे राजस्थान पुलिस को सौंपा जा सकेगा।
बैंक शाखा अधिकारियों को एक गुमनाम पत्र मिलने के बाद पुलिस को यहां पर बिट्टी की मौजूदगी को लेकर गुप्त सूचना मिली। पत्र में संदेह व्यक्त किया कि जो व्यक्ति आंध्र प्रदेश के निवासी होने का दावा कर रहा है वह बिट्टी हो सकता है। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली बलात्कार घटना के बाद बिट्टी सहित विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीर कई टेलीविजन चैनलों और इंटरनेट पर प्रसारित की गई थी।
माना जा रहा है 2006 में जमानत से फरार होने के बाद बिट्टी ने एमबीए डिग्री हासिल की और बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी की नौकारी पाने में वह कामयाब रहा।
बैंक शाखा अधिकारियों को एक गुमनाम पत्र मिलने के बाद पुलिस को यहां पर बिट्टी की मौजूदगी को लेकर गुप्त सूचना मिली। पत्र में संदेह व्यक्त किया कि जो व्यक्ति आंध्र प्रदेश के निवासी होने का दावा कर रहा है वह बिट्टी हो सकता है। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली बलात्कार घटना के बाद बिट्टी सहित विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीर कई टेलीविजन चैनलों और इंटरनेट पर प्रसारित की गई थी।
माना जा रहा है 2006 में जमानत से फरार होने के बाद बिट्टी ने एमबीए डिग्री हासिल की और बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी की नौकारी पाने में वह कामयाब रहा।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली बलात्कार घटना के बाद बिट्टी सहित विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीर कई टेलीविजन चैनलों और इंटरनेट पर प्रसारित की गई थी।
माना जा रहा है 2006 में जमानत से फरार होने के बाद बिट्टी ने एमबीए डिग्री हासिल की और बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी की नौकारी पाने में वह कामयाब रहा।
माना जा रहा है 2006 में जमानत से फरार होने के बाद बिट्टी ने एमबीए डिग्री हासिल की और बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी की नौकारी पाने में वह कामयाब रहा। | 2006 में हुए जर्मन महिला से बलात्कार के फरार आरोपी बिट्टी मोहंती को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह मामले राजस्थान के अलवर के एक होटल का है। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी के कुनबे में चल रहे सियासी घमासान का असर साफ़ तौर पर दिख रहा है. यूपी के फ़िरोज़ाबाद ज़िले में दशहरा-दिपावली की शुभकामनाओं के लिए शहर में लगाए गए पोस्टर से प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव की तस्वीर गायब है.टिप्पणियां
वहीं सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर होर्डिंग में नजर आ रही है. सपा के जिला कार्यालय के बाहर लगी होर्डिंग तक पर भी न तो शिवपाल यादव का नाम है और न ही उनकी तस्वीर है. वैसे बता दें कि रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव यहां से सांसद हैं.
हाल के दिनों में रामगोपाल और शिवपाल के बीच बढ़ती दूरियां किसी से छिपी नहीं हैं. पोस्टरों से शिवपाल के ग़ायब होने को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.
वहीं सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर होर्डिंग में नजर आ रही है. सपा के जिला कार्यालय के बाहर लगी होर्डिंग तक पर भी न तो शिवपाल यादव का नाम है और न ही उनकी तस्वीर है. वैसे बता दें कि रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव यहां से सांसद हैं.
हाल के दिनों में रामगोपाल और शिवपाल के बीच बढ़ती दूरियां किसी से छिपी नहीं हैं. पोस्टरों से शिवपाल के ग़ायब होने को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.
हाल के दिनों में रामगोपाल और शिवपाल के बीच बढ़ती दूरियां किसी से छिपी नहीं हैं. पोस्टरों से शिवपाल के ग़ायब होने को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. | यहाँ एक सारांश है:फ़िरोज़ाबाद ज़िले में दशहरा-दिपावली की शुभकामनाओं के पोस्टर में शिवपाल नहीं
रामगोपाल और शिवपाल के बीच बढ़ती दूरियां छिपी नहीं है
मुलायम सिंह यादव और सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर होर्डिंग में है | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 31 साल के ऋद्धिमान साहा ने टीम इंडिया के लिए अब तक 16 टेस्ट खेले हैं. महेंद्र सिंह धोनी जैसे बड़े कद के खिलाड़ी के संन्यास (टेस्ट क्रिकेट से) के बाद उन्हें टीम इंडिया में जगह मिली थी. ऐसे में स्वाभाविक रूप से उनसे क्रिकेटप्रेमियों की अपेक्षाएं भी बड़ी-बड़ी थीं. शुरुआती मुकाबलों में सितारा खिलाड़ियों की चमक के आगे दबे-दबे से रहे साहा ने लगता है कि अब अपनी लय पकड़ ली है. कोलकाता टेस्ट में साहा ने दोनो पारियों में अर्धशतक जमाया. खास बात यह रही कि दोनों ही मौकों पर वे नाबाद रहे और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया.
भारत के टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली इससे पहले एक-दो मौकों पर साहा को 'टीम मैन' करार दे चुके हैं. बंगाल के इस खिलाड़ी के विकेटकीपिंग कौशल पर कभी किसी को संदेह नहीं रहा, लेकिन उनकी बल्लेबाजी क्षमता को लेकर दबी जुबान में सवाल उठाए जाते रहे हैं. बहरहाल, अपने घरू मैदान ईडन गार्डंस पर साहा ने जैसा प्रदर्शन किया है, उससे लगता है कि यह सवाल अब बंद हो जाएंगे.
मैन ऑफ द मैच पुरस्कार जीतने के बाद साहा ने कहा, 'सीरीज जीतकर और अपना पहला मैन ऑफ द मैच हासिल करके मैं बेहद खुश हूं. टीम के सहयोगी खिलाड़ियों और दर्शकों ने मेरा हौसला बढ़ाया. मुझ पर कोई दबाव नहीं था. मैंने अच्छी गेंद को सम्मान दिया और कमजोर गेंदों को बाउंड्री के बाहर पहुंचाया. इस दौरान स्ट्राइक रोटेट करने पर भी खास ध्यान दिया.' उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट शतक जड़ने के बाद मेरा हौसला बढ़ा है. चूंकि मैं कानपुर टेस्ट में बल्लेबाजी में योगदान नहीं दे पाया था, इसलिए इस बार गेंद को आखिरी समय तक देखते हुए शॉट खेले.
जीत के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इसे बेहतरीन टेस्ट करार दिया. उन्होंने कहा कि अनियमित उछाल को छोड़ दें तो विकेट समय के साथ बेहतर होता गया. विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा की उन्होंने जमकर प्रशंसा की. कोहली ने कहा कि साहा इस समय देश के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर हैं और वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के बाद बल्लेबाजी में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है.टिप्पणियां
साहा के अलावा अपने तेज गेंदबाजों मो.शमी और भुवनेश्वर कुमार की भी विराट ने प्रशंसा की. रोहित शर्मा के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं रोहित के लिए बेहद खुश हूं. तनाव और मुश्किल भरे क्षणों में उन्होंने चतुराई से काम किया. वैसे भी ईडन गार्डंस उनका पसंदीदा मैदान रहा है.' भारतीय कप्तान ने कहा कि हमारा मकसद लगातार अच्छी क्रिकेट खेलना है. रैंकिंग में ऊपर आना और नीचे आना पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में नहीं है.
न्यूजीलैंड के कार्यकारी कप्तान रॉस टेलर ने कहा कि गर्म और उमस भरी परिस्थिति में अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से मैं संतुष्ट हूं. हमने भारत को दबाव में रखा. इस दबाव से निकलने का श्रेय मेजबान टीम को दिया जाना चाहिए. भारत के लिए साहा ने दोनों पारियों में शानदार प्रदर्शन किया. भारत की दूसरी पारी के दौरान हमने शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी निकाले, लेकिन रोहित शर्मा और साहा ने मैच हमारी पहुंच से दूर कर दिया.
भारत के टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली इससे पहले एक-दो मौकों पर साहा को 'टीम मैन' करार दे चुके हैं. बंगाल के इस खिलाड़ी के विकेटकीपिंग कौशल पर कभी किसी को संदेह नहीं रहा, लेकिन उनकी बल्लेबाजी क्षमता को लेकर दबी जुबान में सवाल उठाए जाते रहे हैं. बहरहाल, अपने घरू मैदान ईडन गार्डंस पर साहा ने जैसा प्रदर्शन किया है, उससे लगता है कि यह सवाल अब बंद हो जाएंगे.
मैन ऑफ द मैच पुरस्कार जीतने के बाद साहा ने कहा, 'सीरीज जीतकर और अपना पहला मैन ऑफ द मैच हासिल करके मैं बेहद खुश हूं. टीम के सहयोगी खिलाड़ियों और दर्शकों ने मेरा हौसला बढ़ाया. मुझ पर कोई दबाव नहीं था. मैंने अच्छी गेंद को सम्मान दिया और कमजोर गेंदों को बाउंड्री के बाहर पहुंचाया. इस दौरान स्ट्राइक रोटेट करने पर भी खास ध्यान दिया.' उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट शतक जड़ने के बाद मेरा हौसला बढ़ा है. चूंकि मैं कानपुर टेस्ट में बल्लेबाजी में योगदान नहीं दे पाया था, इसलिए इस बार गेंद को आखिरी समय तक देखते हुए शॉट खेले.
जीत के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इसे बेहतरीन टेस्ट करार दिया. उन्होंने कहा कि अनियमित उछाल को छोड़ दें तो विकेट समय के साथ बेहतर होता गया. विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा की उन्होंने जमकर प्रशंसा की. कोहली ने कहा कि साहा इस समय देश के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर हैं और वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के बाद बल्लेबाजी में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है.टिप्पणियां
साहा के अलावा अपने तेज गेंदबाजों मो.शमी और भुवनेश्वर कुमार की भी विराट ने प्रशंसा की. रोहित शर्मा के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं रोहित के लिए बेहद खुश हूं. तनाव और मुश्किल भरे क्षणों में उन्होंने चतुराई से काम किया. वैसे भी ईडन गार्डंस उनका पसंदीदा मैदान रहा है.' भारतीय कप्तान ने कहा कि हमारा मकसद लगातार अच्छी क्रिकेट खेलना है. रैंकिंग में ऊपर आना और नीचे आना पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में नहीं है.
न्यूजीलैंड के कार्यकारी कप्तान रॉस टेलर ने कहा कि गर्म और उमस भरी परिस्थिति में अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से मैं संतुष्ट हूं. हमने भारत को दबाव में रखा. इस दबाव से निकलने का श्रेय मेजबान टीम को दिया जाना चाहिए. भारत के लिए साहा ने दोनों पारियों में शानदार प्रदर्शन किया. भारत की दूसरी पारी के दौरान हमने शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी निकाले, लेकिन रोहित शर्मा और साहा ने मैच हमारी पहुंच से दूर कर दिया.
मैन ऑफ द मैच पुरस्कार जीतने के बाद साहा ने कहा, 'सीरीज जीतकर और अपना पहला मैन ऑफ द मैच हासिल करके मैं बेहद खुश हूं. टीम के सहयोगी खिलाड़ियों और दर्शकों ने मेरा हौसला बढ़ाया. मुझ पर कोई दबाव नहीं था. मैंने अच्छी गेंद को सम्मान दिया और कमजोर गेंदों को बाउंड्री के बाहर पहुंचाया. इस दौरान स्ट्राइक रोटेट करने पर भी खास ध्यान दिया.' उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट शतक जड़ने के बाद मेरा हौसला बढ़ा है. चूंकि मैं कानपुर टेस्ट में बल्लेबाजी में योगदान नहीं दे पाया था, इसलिए इस बार गेंद को आखिरी समय तक देखते हुए शॉट खेले.
जीत के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इसे बेहतरीन टेस्ट करार दिया. उन्होंने कहा कि अनियमित उछाल को छोड़ दें तो विकेट समय के साथ बेहतर होता गया. विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा की उन्होंने जमकर प्रशंसा की. कोहली ने कहा कि साहा इस समय देश के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर हैं और वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के बाद बल्लेबाजी में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है.टिप्पणियां
साहा के अलावा अपने तेज गेंदबाजों मो.शमी और भुवनेश्वर कुमार की भी विराट ने प्रशंसा की. रोहित शर्मा के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं रोहित के लिए बेहद खुश हूं. तनाव और मुश्किल भरे क्षणों में उन्होंने चतुराई से काम किया. वैसे भी ईडन गार्डंस उनका पसंदीदा मैदान रहा है.' भारतीय कप्तान ने कहा कि हमारा मकसद लगातार अच्छी क्रिकेट खेलना है. रैंकिंग में ऊपर आना और नीचे आना पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में नहीं है.
न्यूजीलैंड के कार्यकारी कप्तान रॉस टेलर ने कहा कि गर्म और उमस भरी परिस्थिति में अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से मैं संतुष्ट हूं. हमने भारत को दबाव में रखा. इस दबाव से निकलने का श्रेय मेजबान टीम को दिया जाना चाहिए. भारत के लिए साहा ने दोनों पारियों में शानदार प्रदर्शन किया. भारत की दूसरी पारी के दौरान हमने शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी निकाले, लेकिन रोहित शर्मा और साहा ने मैच हमारी पहुंच से दूर कर दिया.
जीत के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इसे बेहतरीन टेस्ट करार दिया. उन्होंने कहा कि अनियमित उछाल को छोड़ दें तो विकेट समय के साथ बेहतर होता गया. विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा की उन्होंने जमकर प्रशंसा की. कोहली ने कहा कि साहा इस समय देश के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर हैं और वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के बाद बल्लेबाजी में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है.टिप्पणियां
साहा के अलावा अपने तेज गेंदबाजों मो.शमी और भुवनेश्वर कुमार की भी विराट ने प्रशंसा की. रोहित शर्मा के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं रोहित के लिए बेहद खुश हूं. तनाव और मुश्किल भरे क्षणों में उन्होंने चतुराई से काम किया. वैसे भी ईडन गार्डंस उनका पसंदीदा मैदान रहा है.' भारतीय कप्तान ने कहा कि हमारा मकसद लगातार अच्छी क्रिकेट खेलना है. रैंकिंग में ऊपर आना और नीचे आना पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में नहीं है.
न्यूजीलैंड के कार्यकारी कप्तान रॉस टेलर ने कहा कि गर्म और उमस भरी परिस्थिति में अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से मैं संतुष्ट हूं. हमने भारत को दबाव में रखा. इस दबाव से निकलने का श्रेय मेजबान टीम को दिया जाना चाहिए. भारत के लिए साहा ने दोनों पारियों में शानदार प्रदर्शन किया. भारत की दूसरी पारी के दौरान हमने शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी निकाले, लेकिन रोहित शर्मा और साहा ने मैच हमारी पहुंच से दूर कर दिया.
साहा के अलावा अपने तेज गेंदबाजों मो.शमी और भुवनेश्वर कुमार की भी विराट ने प्रशंसा की. रोहित शर्मा के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं रोहित के लिए बेहद खुश हूं. तनाव और मुश्किल भरे क्षणों में उन्होंने चतुराई से काम किया. वैसे भी ईडन गार्डंस उनका पसंदीदा मैदान रहा है.' भारतीय कप्तान ने कहा कि हमारा मकसद लगातार अच्छी क्रिकेट खेलना है. रैंकिंग में ऊपर आना और नीचे आना पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में नहीं है.
न्यूजीलैंड के कार्यकारी कप्तान रॉस टेलर ने कहा कि गर्म और उमस भरी परिस्थिति में अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से मैं संतुष्ट हूं. हमने भारत को दबाव में रखा. इस दबाव से निकलने का श्रेय मेजबान टीम को दिया जाना चाहिए. भारत के लिए साहा ने दोनों पारियों में शानदार प्रदर्शन किया. भारत की दूसरी पारी के दौरान हमने शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी निकाले, लेकिन रोहित शर्मा और साहा ने मैच हमारी पहुंच से दूर कर दिया.
न्यूजीलैंड के कार्यकारी कप्तान रॉस टेलर ने कहा कि गर्म और उमस भरी परिस्थिति में अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से मैं संतुष्ट हूं. हमने भारत को दबाव में रखा. इस दबाव से निकलने का श्रेय मेजबान टीम को दिया जाना चाहिए. भारत के लिए साहा ने दोनों पारियों में शानदार प्रदर्शन किया. भारत की दूसरी पारी के दौरान हमने शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी निकाले, लेकिन रोहित शर्मा और साहा ने मैच हमारी पहुंच से दूर कर दिया. | संक्षिप्त पाठ: दोनों पारियों में हाफसेंचुरी जमाई, मैन ऑफ द मैच रहे
विराट कोहली कुछ मौकों पर साहा को बता चुके हैं 'टीम मैन'
कप्तान ने साहा, रोहित, शमी और भुवी को जमकर सराहा | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय सेना के दूसरे सबसे सीनियर अधिकारी ने करीब दो हफ्ते पहले एलओसी पार (पीओके) किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में संसदीय समिति को जानकारी दी. लेकिन इस दौरान किसी को भी सवाल पूछने की इजाजत नहीं दी गई.
रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने शुक्रवार को उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत से मुलाकात की, जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में छोटा सा बयान दिया. स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष बीजेपी नेता और रिटायर मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी ने कहा कि उस ऑपरेशन से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की गई है.
मेजर जनरल खंडूरी ने कहा कि इस मुलाकात का एजेंडा सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सिर्फ जानकारी देना था और इसमें सवाल-जवाब की कोई गुंजाइश नहीं थी, क्योंकि स्ट्राइक का ब्यौरा टॉप सीक्रेट है और इसका खुलासा नहीं किया जा सकता. आज की ब्रीफिंग पार्लियामेंट्री कमेटी के रिकॉर्ड का हिस्सा रहेगी और इसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा.
पहले रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि एलओसी के पार किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बताने वाले थे. लेकिन बाद में इस ब्रीफिंग का एजेंडा बदला गया और एलओसी के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों के इकट्ठा होने वाले क्षेत्र में किए गए हमले से संबंधित जानकारी को इससे हटा लिया गया.
इसकी वजह से कमेटी के सदस्य वरिष्ठ काग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी व मधुसूदन मिस्त्री नाराज दिखे और उन्होंने इसका विरोध भी किया. उन्होंने अपने बयान में कहा कि गोपनीयता की आड़ में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पार्लियामेंट्री कमेटी को न बताना केवल सांसदों के प्रति विश्वसनीयता की कमी को दर्शाता है.
कुछ कांग्रेस नेताओं को छोड़कर पार्टी पहले दिन से ही पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का समर्थन कर रही है. उसका कहना है कि सरकार को आर्मी द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत जारी करने चाहिए, ताकि पाकिस्तान के उस झूठ से पर्दा उठ सके जिसमें वह कह रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ और यह भारत की मनगढंत कहानी है.
मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब भी इसी तरह की तीन कार्रवाई भारतीय सेना ने की थी. लेकिन उस समय की सरकार ने इसका प्रचार नहीं किया, ताकि पाकिस्तान भड़ककर कोई जवाबी कार्रवाई न करे. और सरकार मानती थी कि सेना की कार्रवाई के बारे में बताने से उसकी रणनीति और गुप्त ऑपरेशनों पर असर पड़ेगा.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पिछली सरकार में सीमा पार किसी तरह की कार्रवाई के बारे में उनके पास सूचना नहीं है. उन्होंने कहा शायद एलओसी के पास कोई कार्रवाई की गई होगी, लेकिन सैनिकों ने बॉर्डर पार नहीं किया होगा.टिप्पणियां
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने शुक्रवार को उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत से मुलाकात की, जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में छोटा सा बयान दिया. स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष बीजेपी नेता और रिटायर मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी ने कहा कि उस ऑपरेशन से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की गई है.
मेजर जनरल खंडूरी ने कहा कि इस मुलाकात का एजेंडा सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सिर्फ जानकारी देना था और इसमें सवाल-जवाब की कोई गुंजाइश नहीं थी, क्योंकि स्ट्राइक का ब्यौरा टॉप सीक्रेट है और इसका खुलासा नहीं किया जा सकता. आज की ब्रीफिंग पार्लियामेंट्री कमेटी के रिकॉर्ड का हिस्सा रहेगी और इसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा.
पहले रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि एलओसी के पार किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बताने वाले थे. लेकिन बाद में इस ब्रीफिंग का एजेंडा बदला गया और एलओसी के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों के इकट्ठा होने वाले क्षेत्र में किए गए हमले से संबंधित जानकारी को इससे हटा लिया गया.
इसकी वजह से कमेटी के सदस्य वरिष्ठ काग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी व मधुसूदन मिस्त्री नाराज दिखे और उन्होंने इसका विरोध भी किया. उन्होंने अपने बयान में कहा कि गोपनीयता की आड़ में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पार्लियामेंट्री कमेटी को न बताना केवल सांसदों के प्रति विश्वसनीयता की कमी को दर्शाता है.
कुछ कांग्रेस नेताओं को छोड़कर पार्टी पहले दिन से ही पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का समर्थन कर रही है. उसका कहना है कि सरकार को आर्मी द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत जारी करने चाहिए, ताकि पाकिस्तान के उस झूठ से पर्दा उठ सके जिसमें वह कह रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ और यह भारत की मनगढंत कहानी है.
मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब भी इसी तरह की तीन कार्रवाई भारतीय सेना ने की थी. लेकिन उस समय की सरकार ने इसका प्रचार नहीं किया, ताकि पाकिस्तान भड़ककर कोई जवाबी कार्रवाई न करे. और सरकार मानती थी कि सेना की कार्रवाई के बारे में बताने से उसकी रणनीति और गुप्त ऑपरेशनों पर असर पड़ेगा.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पिछली सरकार में सीमा पार किसी तरह की कार्रवाई के बारे में उनके पास सूचना नहीं है. उन्होंने कहा शायद एलओसी के पास कोई कार्रवाई की गई होगी, लेकिन सैनिकों ने बॉर्डर पार नहीं किया होगा.टिप्पणियां
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
मेजर जनरल खंडूरी ने कहा कि इस मुलाकात का एजेंडा सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सिर्फ जानकारी देना था और इसमें सवाल-जवाब की कोई गुंजाइश नहीं थी, क्योंकि स्ट्राइक का ब्यौरा टॉप सीक्रेट है और इसका खुलासा नहीं किया जा सकता. आज की ब्रीफिंग पार्लियामेंट्री कमेटी के रिकॉर्ड का हिस्सा रहेगी और इसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा.
पहले रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि एलओसी के पार किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बताने वाले थे. लेकिन बाद में इस ब्रीफिंग का एजेंडा बदला गया और एलओसी के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों के इकट्ठा होने वाले क्षेत्र में किए गए हमले से संबंधित जानकारी को इससे हटा लिया गया.
इसकी वजह से कमेटी के सदस्य वरिष्ठ काग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी व मधुसूदन मिस्त्री नाराज दिखे और उन्होंने इसका विरोध भी किया. उन्होंने अपने बयान में कहा कि गोपनीयता की आड़ में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पार्लियामेंट्री कमेटी को न बताना केवल सांसदों के प्रति विश्वसनीयता की कमी को दर्शाता है.
कुछ कांग्रेस नेताओं को छोड़कर पार्टी पहले दिन से ही पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का समर्थन कर रही है. उसका कहना है कि सरकार को आर्मी द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत जारी करने चाहिए, ताकि पाकिस्तान के उस झूठ से पर्दा उठ सके जिसमें वह कह रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ और यह भारत की मनगढंत कहानी है.
मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब भी इसी तरह की तीन कार्रवाई भारतीय सेना ने की थी. लेकिन उस समय की सरकार ने इसका प्रचार नहीं किया, ताकि पाकिस्तान भड़ककर कोई जवाबी कार्रवाई न करे. और सरकार मानती थी कि सेना की कार्रवाई के बारे में बताने से उसकी रणनीति और गुप्त ऑपरेशनों पर असर पड़ेगा.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पिछली सरकार में सीमा पार किसी तरह की कार्रवाई के बारे में उनके पास सूचना नहीं है. उन्होंने कहा शायद एलओसी के पास कोई कार्रवाई की गई होगी, लेकिन सैनिकों ने बॉर्डर पार नहीं किया होगा.टिप्पणियां
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
पहले रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि एलओसी के पार किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बताने वाले थे. लेकिन बाद में इस ब्रीफिंग का एजेंडा बदला गया और एलओसी के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों के इकट्ठा होने वाले क्षेत्र में किए गए हमले से संबंधित जानकारी को इससे हटा लिया गया.
इसकी वजह से कमेटी के सदस्य वरिष्ठ काग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी व मधुसूदन मिस्त्री नाराज दिखे और उन्होंने इसका विरोध भी किया. उन्होंने अपने बयान में कहा कि गोपनीयता की आड़ में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पार्लियामेंट्री कमेटी को न बताना केवल सांसदों के प्रति विश्वसनीयता की कमी को दर्शाता है.
कुछ कांग्रेस नेताओं को छोड़कर पार्टी पहले दिन से ही पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का समर्थन कर रही है. उसका कहना है कि सरकार को आर्मी द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत जारी करने चाहिए, ताकि पाकिस्तान के उस झूठ से पर्दा उठ सके जिसमें वह कह रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ और यह भारत की मनगढंत कहानी है.
मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब भी इसी तरह की तीन कार्रवाई भारतीय सेना ने की थी. लेकिन उस समय की सरकार ने इसका प्रचार नहीं किया, ताकि पाकिस्तान भड़ककर कोई जवाबी कार्रवाई न करे. और सरकार मानती थी कि सेना की कार्रवाई के बारे में बताने से उसकी रणनीति और गुप्त ऑपरेशनों पर असर पड़ेगा.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पिछली सरकार में सीमा पार किसी तरह की कार्रवाई के बारे में उनके पास सूचना नहीं है. उन्होंने कहा शायद एलओसी के पास कोई कार्रवाई की गई होगी, लेकिन सैनिकों ने बॉर्डर पार नहीं किया होगा.टिप्पणियां
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
इसकी वजह से कमेटी के सदस्य वरिष्ठ काग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी व मधुसूदन मिस्त्री नाराज दिखे और उन्होंने इसका विरोध भी किया. उन्होंने अपने बयान में कहा कि गोपनीयता की आड़ में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पार्लियामेंट्री कमेटी को न बताना केवल सांसदों के प्रति विश्वसनीयता की कमी को दर्शाता है.
कुछ कांग्रेस नेताओं को छोड़कर पार्टी पहले दिन से ही पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का समर्थन कर रही है. उसका कहना है कि सरकार को आर्मी द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत जारी करने चाहिए, ताकि पाकिस्तान के उस झूठ से पर्दा उठ सके जिसमें वह कह रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ और यह भारत की मनगढंत कहानी है.
मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब भी इसी तरह की तीन कार्रवाई भारतीय सेना ने की थी. लेकिन उस समय की सरकार ने इसका प्रचार नहीं किया, ताकि पाकिस्तान भड़ककर कोई जवाबी कार्रवाई न करे. और सरकार मानती थी कि सेना की कार्रवाई के बारे में बताने से उसकी रणनीति और गुप्त ऑपरेशनों पर असर पड़ेगा.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पिछली सरकार में सीमा पार किसी तरह की कार्रवाई के बारे में उनके पास सूचना नहीं है. उन्होंने कहा शायद एलओसी के पास कोई कार्रवाई की गई होगी, लेकिन सैनिकों ने बॉर्डर पार नहीं किया होगा.टिप्पणियां
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
कुछ कांग्रेस नेताओं को छोड़कर पार्टी पहले दिन से ही पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का समर्थन कर रही है. उसका कहना है कि सरकार को आर्मी द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत जारी करने चाहिए, ताकि पाकिस्तान के उस झूठ से पर्दा उठ सके जिसमें वह कह रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ और यह भारत की मनगढंत कहानी है.
मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब भी इसी तरह की तीन कार्रवाई भारतीय सेना ने की थी. लेकिन उस समय की सरकार ने इसका प्रचार नहीं किया, ताकि पाकिस्तान भड़ककर कोई जवाबी कार्रवाई न करे. और सरकार मानती थी कि सेना की कार्रवाई के बारे में बताने से उसकी रणनीति और गुप्त ऑपरेशनों पर असर पड़ेगा.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पिछली सरकार में सीमा पार किसी तरह की कार्रवाई के बारे में उनके पास सूचना नहीं है. उन्होंने कहा शायद एलओसी के पास कोई कार्रवाई की गई होगी, लेकिन सैनिकों ने बॉर्डर पार नहीं किया होगा.टिप्पणियां
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब भी इसी तरह की तीन कार्रवाई भारतीय सेना ने की थी. लेकिन उस समय की सरकार ने इसका प्रचार नहीं किया, ताकि पाकिस्तान भड़ककर कोई जवाबी कार्रवाई न करे. और सरकार मानती थी कि सेना की कार्रवाई के बारे में बताने से उसकी रणनीति और गुप्त ऑपरेशनों पर असर पड़ेगा.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पिछली सरकार में सीमा पार किसी तरह की कार्रवाई के बारे में उनके पास सूचना नहीं है. उन्होंने कहा शायद एलओसी के पास कोई कार्रवाई की गई होगी, लेकिन सैनिकों ने बॉर्डर पार नहीं किया होगा.टिप्पणियां
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पिछली सरकार में सीमा पार किसी तरह की कार्रवाई के बारे में उनके पास सूचना नहीं है. उन्होंने कहा शायद एलओसी के पास कोई कार्रवाई की गई होगी, लेकिन सैनिकों ने बॉर्डर पार नहीं किया होगा.टिप्पणियां
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
खंडूरी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, सेना के पास अलग-अलग तरह के ऑपरेशन करने की क्षमता हमेशा से है. लेकिन किसी तरह का ऑपरेशन किया जाना चाहिए या नहीं, यह फैसला सरकार की तरफ से आता है. इसलिए ऑपरेशन फेल होने पर सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है. इसी तरह इसकी सफलता का श्रेय भी सरकार को ही जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम लिया.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है.
सैन्य दिग्गजों और विशेषज्ञों ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों की सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के लिए आलोचना की है. | संक्षिप्त पाठ: उप-सेना प्रमुख ने संसद की रक्षा मामलों की समिति को हमले की जानकारी दी
सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में संक्षिप्त जानकारी, सवाल पूछने की इजाजत नहीं
कांग्रेस ने अंतिम क्षणों में ब्रीफिंग का एजेंडा बदलने पर नाराजगी जतायी | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा किसी नेता को एक विचारधारा पर टिके रहना चाहिये और डूबते जहाज से कूदते चूहों की तरह पार्टी बदलने से बचना चाहिये. गडकरी ने कहा, मुझे लगता है कि नेताओं को स्पष्ट रूप से राजनीति का अर्थ समझना चाहिये. राजनीति महज सत्ता की राजनीति नहीं है. महात्मा गांधी, लोकमान्य तिलक, पंडित जवाहर लाल नेहरू और वीर सावरकर जैसे नेता सत्ता की राजनीति में शामिल नहीं थे.'
दिलचस्प है कि महाराष्ट्र में इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल होने के लिए विपक्ष के नेता उमड़ पड़े हैं. गडकरी (Nitin Gadkari) ने एक कार्यक्रम में 'पॉलिटिकल आइकन ऑफ विदर्भ' पुस्तक के विमोचन के दौरान यह कहा. उन्होंने कहा, "गांधीजी ने समाजकरण, राष्ट्रकरण और विकासकरण का अनुसरण किया.' उन्होंने कहा, 'सिद्धांतों से समझौता मत कीजिये और धैर्य रखिये.'
गडकरी ने कहा कि मैंने मुश्किल हालात में भी पार्टी छोड़ने के बार में नहीं सोचा, लेकिन मौजूदा हालात ऐसे हैं कि लोग इस बात को ध्यान में रखकर पार्टियां बदल रहे हैं कि कौन सत्ता में है. उन्होंने कहा, "लोग उनके पीछे भागते हैं, जो सत्ता में होते हैं. आज हम सत्ता में हैं, वे (पार्टी बदलने वाले) हमारे साथ आएंगे. कल अगर किसी और को सत्ता मिलती है तो वे उनके पीछे भागेंगे. लोग बिल्कुल ऐसे पाला बदलते हैं, जैसे डूबते हुए जहाज से चूहे कूदते हैं.'
नागपुर से लोकसभा सदस्य गडकरी ने कहा, "लेकिन ये लोग इतिहास नहीं लिखेंगे. इतिहास वही लोग लिखेंगे, जो परेशानियों का सामना करने के बावजूद अपनी विचारधारा पर कायम रहे.' गडकरी ने नागपुर विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष रहे दिग्गज वामपंथी नेता एवं दिवंगत ए बी वर्धन के बारे में कहा, "एबी वर्धन के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है, भले ही हम दोनों अलग-अलग विचारधाराओं से हों. वह वाकई एक समर्पित नेता थे. नागपुर में किसी भी नेता की तुलना में उनका कद बहुत ऊंचा है.' | यह एक सारांश है: नितिन गडकरी ने दी विशेष सलाह
'सिद्धांतों से समझौता मत कीजिये और धैर्य रखिये'
'लोग उनके पीछे भागते हैं, जो सत्ता में होते हैं' | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जयललिता के अत्यंत विश्वस्त रहे मंत्री ओ पन्नीरसेल्वम को अन्नाद्रमुक ने पार्टी का नया नेता चुन लिया और देर रात राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने मुख्यमंत्री के रूप में उनको पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. उनके अलावा 15 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली. पन्नीरसेल्वम इससे पहले भी दो बार उस वक्त मुख्यमंत्री बने थे जब भ्रष्टाचार के मामलों के चलते जयललिता को पद से हटना पड़ा था.
इससे पहले चेन्नई में पार्टी मुख्यालय में अन्नाद्रमुक के विधायकों की बैठक हुई और वहां पन्नीरसेल्वम को नया नेता चुना गया. इसी बीच तमिलनाडु के स्पीकर पी धनपाल ने राज्य के गवर्नर सी विद्यासागर राव से मुलाकात की.टिप्पणियां
हालांकि इससे पहले सोमवार शाम को सूत्रों ने बताया था कि जयललिता पर इलाज का असर हो रहा है. लेकिन उसके कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने कहा कि उनकी स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं दिखाई दे रहा.
इससे पहले सोमवार शाम को एक स्थानीय टीवी चैनल ने जब उनकी मृत्यु की गलत सूचना चला दी तो अपोलो अस्पताल के बाहर उनके समर्थक उग्र हो गए और हिंसा पर उतारू हो गए. इसके चलते पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भी भाजनी पड़ीं. अन्नाद्रमुक पार्टी मुख्यालय पर कुछ देर के लिए पार्टी झंडे को आधा झुका भी दिया गया था लेकिन बाद में उसे फिर सीधा किया गया.
इससे पहले चेन्नई में पार्टी मुख्यालय में अन्नाद्रमुक के विधायकों की बैठक हुई और वहां पन्नीरसेल्वम को नया नेता चुना गया. इसी बीच तमिलनाडु के स्पीकर पी धनपाल ने राज्य के गवर्नर सी विद्यासागर राव से मुलाकात की.टिप्पणियां
हालांकि इससे पहले सोमवार शाम को सूत्रों ने बताया था कि जयललिता पर इलाज का असर हो रहा है. लेकिन उसके कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने कहा कि उनकी स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं दिखाई दे रहा.
इससे पहले सोमवार शाम को एक स्थानीय टीवी चैनल ने जब उनकी मृत्यु की गलत सूचना चला दी तो अपोलो अस्पताल के बाहर उनके समर्थक उग्र हो गए और हिंसा पर उतारू हो गए. इसके चलते पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भी भाजनी पड़ीं. अन्नाद्रमुक पार्टी मुख्यालय पर कुछ देर के लिए पार्टी झंडे को आधा झुका भी दिया गया था लेकिन बाद में उसे फिर सीधा किया गया.
हालांकि इससे पहले सोमवार शाम को सूत्रों ने बताया था कि जयललिता पर इलाज का असर हो रहा है. लेकिन उसके कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने कहा कि उनकी स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं दिखाई दे रहा.
इससे पहले सोमवार शाम को एक स्थानीय टीवी चैनल ने जब उनकी मृत्यु की गलत सूचना चला दी तो अपोलो अस्पताल के बाहर उनके समर्थक उग्र हो गए और हिंसा पर उतारू हो गए. इसके चलते पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भी भाजनी पड़ीं. अन्नाद्रमुक पार्टी मुख्यालय पर कुछ देर के लिए पार्टी झंडे को आधा झुका भी दिया गया था लेकिन बाद में उसे फिर सीधा किया गया.
इससे पहले सोमवार शाम को एक स्थानीय टीवी चैनल ने जब उनकी मृत्यु की गलत सूचना चला दी तो अपोलो अस्पताल के बाहर उनके समर्थक उग्र हो गए और हिंसा पर उतारू हो गए. इसके चलते पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भी भाजनी पड़ीं. अन्नाद्रमुक पार्टी मुख्यालय पर कुछ देर के लिए पार्टी झंडे को आधा झुका भी दिया गया था लेकिन बाद में उसे फिर सीधा किया गया. | यहाँ एक सारांश है:पन्नीरसेल्वम इससे पहले भी दो बार मुख्यमंत्री पद संभाल चुके हैं
पन्नीरसेल्वम के अलावा 15 अन्य मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई
अन्नाद्रमुक के विधायकों की बैठक में पन्नीरसेल्वम को नया नेता चुना गया | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के 'हिन्दू आतंकवाद' वाले बयान को लेकर बीजेपी ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से चुप्पी तोड़ने और शिंदे पर कार्रवाई की मांग की है।
आज बीजेपी देशभर में इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरी हुई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया कि यदि शिंदे को बर्खास्त नहीं किया गया, तो संसद का आगामी सत्र नहीं चलने दिया जाएगा।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि शिंदे का बयान बीजेपी का अपमान करने वाला है और उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए। सुषमा स्वराज ने कहा, भगवा और आतंक आपस में विपरीतार्थक शब्द हैं। गृहमंत्री को अपना बयान वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। ...कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी माफी मांगनी चाहिए और शिंदे को बर्खास्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस द्वारा बाद में शिंदे के बयान से अपने को अलग करने पर सुषमा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा अपनी सरकार के विवादास्पद बयानों से खुद का अलग करने का नाटक करती है।
विपक्ष की नेता ने कहा कि भारत के विरूद्ध आतंकी शिविर चला रहे पाकिस्तान की खबर लेने की बजाय गृहमंत्री देश के मुख्य विपक्षी दल पर ऐसे आरोप लगा कर प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना द्वारा भारतीय सैनिक की हत्या के बाद उसका सिर धड़ से अलग करने पर उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को फोन करके उनसे कहा था कि वह प्रधानमंत्री को सूचित कर दें कि इस बर्बर घटना के आलोक में सरकार उक्त पड़ोसी देश के खिलाफ अगर कड़ी कार्रवाई करती है, तो विपक्ष उसका पूरा समर्थन करेगा।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर शिंदे को बर्खास्त नहीं किया जाता है, तो उनकी पार्टी संसद के आगामी सत्र के दौरान दोनों सदनों में यह मांग करती रहेगी। राजनाथ सिंह ने कहा, कांग्रेस के नेता जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद को 'साहब' और अल कायदा के नेता को 'ओसामाजी' कहकर मुखातिब करते हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस न तो आतंकवाद से लड़ने के लिए गंभीर है और न ही देश को इस बुराई से बचाने में।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि शिंदे के बयान से विश्वभर में भारत की छवि प्रभावित हुई है। ...इस मुद्दे पर सोनिया गांधी की खामोशी दर्शाती है कि उन्हें लगता है कि इससे उनका वोट बैंक और मज़बूत होगा। उन्होंने कहा, शिंदे को जाना होगा, कोई ताकत उन्हें बचा नहीं सकती है। शिंदे ने हाल में जयपुर में आयोजित कांग्रेस के सम्मेलन में कहा था कि बीजेपी और संघ हिन्दू आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं। बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने हिन्दू नहीं भगवा कहा था। कुछ दिन बाद कांग्रेस ने शिंदे के बयान से अपने को अलग करते हुए कहा कि वह आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखती।टिप्पणियां
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि शिंदे के बयान से हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है और इससे समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिंदे का बयान सिर्फ और सिर्फ 2014 के चुनावों के लिए मायनॉरिटी वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 28 जनवरी को होगी।
आज बीजेपी देशभर में इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरी हुई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया कि यदि शिंदे को बर्खास्त नहीं किया गया, तो संसद का आगामी सत्र नहीं चलने दिया जाएगा।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि शिंदे का बयान बीजेपी का अपमान करने वाला है और उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए। सुषमा स्वराज ने कहा, भगवा और आतंक आपस में विपरीतार्थक शब्द हैं। गृहमंत्री को अपना बयान वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। ...कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी माफी मांगनी चाहिए और शिंदे को बर्खास्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस द्वारा बाद में शिंदे के बयान से अपने को अलग करने पर सुषमा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा अपनी सरकार के विवादास्पद बयानों से खुद का अलग करने का नाटक करती है।
विपक्ष की नेता ने कहा कि भारत के विरूद्ध आतंकी शिविर चला रहे पाकिस्तान की खबर लेने की बजाय गृहमंत्री देश के मुख्य विपक्षी दल पर ऐसे आरोप लगा कर प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना द्वारा भारतीय सैनिक की हत्या के बाद उसका सिर धड़ से अलग करने पर उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को फोन करके उनसे कहा था कि वह प्रधानमंत्री को सूचित कर दें कि इस बर्बर घटना के आलोक में सरकार उक्त पड़ोसी देश के खिलाफ अगर कड़ी कार्रवाई करती है, तो विपक्ष उसका पूरा समर्थन करेगा।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर शिंदे को बर्खास्त नहीं किया जाता है, तो उनकी पार्टी संसद के आगामी सत्र के दौरान दोनों सदनों में यह मांग करती रहेगी। राजनाथ सिंह ने कहा, कांग्रेस के नेता जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद को 'साहब' और अल कायदा के नेता को 'ओसामाजी' कहकर मुखातिब करते हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस न तो आतंकवाद से लड़ने के लिए गंभीर है और न ही देश को इस बुराई से बचाने में।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि शिंदे के बयान से विश्वभर में भारत की छवि प्रभावित हुई है। ...इस मुद्दे पर सोनिया गांधी की खामोशी दर्शाती है कि उन्हें लगता है कि इससे उनका वोट बैंक और मज़बूत होगा। उन्होंने कहा, शिंदे को जाना होगा, कोई ताकत उन्हें बचा नहीं सकती है। शिंदे ने हाल में जयपुर में आयोजित कांग्रेस के सम्मेलन में कहा था कि बीजेपी और संघ हिन्दू आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं। बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने हिन्दू नहीं भगवा कहा था। कुछ दिन बाद कांग्रेस ने शिंदे के बयान से अपने को अलग करते हुए कहा कि वह आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखती।टिप्पणियां
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि शिंदे के बयान से हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है और इससे समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिंदे का बयान सिर्फ और सिर्फ 2014 के चुनावों के लिए मायनॉरिटी वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 28 जनवरी को होगी।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि शिंदे का बयान बीजेपी का अपमान करने वाला है और उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए। सुषमा स्वराज ने कहा, भगवा और आतंक आपस में विपरीतार्थक शब्द हैं। गृहमंत्री को अपना बयान वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। ...कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी माफी मांगनी चाहिए और शिंदे को बर्खास्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस द्वारा बाद में शिंदे के बयान से अपने को अलग करने पर सुषमा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा अपनी सरकार के विवादास्पद बयानों से खुद का अलग करने का नाटक करती है।
विपक्ष की नेता ने कहा कि भारत के विरूद्ध आतंकी शिविर चला रहे पाकिस्तान की खबर लेने की बजाय गृहमंत्री देश के मुख्य विपक्षी दल पर ऐसे आरोप लगा कर प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना द्वारा भारतीय सैनिक की हत्या के बाद उसका सिर धड़ से अलग करने पर उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को फोन करके उनसे कहा था कि वह प्रधानमंत्री को सूचित कर दें कि इस बर्बर घटना के आलोक में सरकार उक्त पड़ोसी देश के खिलाफ अगर कड़ी कार्रवाई करती है, तो विपक्ष उसका पूरा समर्थन करेगा।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर शिंदे को बर्खास्त नहीं किया जाता है, तो उनकी पार्टी संसद के आगामी सत्र के दौरान दोनों सदनों में यह मांग करती रहेगी। राजनाथ सिंह ने कहा, कांग्रेस के नेता जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद को 'साहब' और अल कायदा के नेता को 'ओसामाजी' कहकर मुखातिब करते हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस न तो आतंकवाद से लड़ने के लिए गंभीर है और न ही देश को इस बुराई से बचाने में।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि शिंदे के बयान से विश्वभर में भारत की छवि प्रभावित हुई है। ...इस मुद्दे पर सोनिया गांधी की खामोशी दर्शाती है कि उन्हें लगता है कि इससे उनका वोट बैंक और मज़बूत होगा। उन्होंने कहा, शिंदे को जाना होगा, कोई ताकत उन्हें बचा नहीं सकती है। शिंदे ने हाल में जयपुर में आयोजित कांग्रेस के सम्मेलन में कहा था कि बीजेपी और संघ हिन्दू आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं। बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने हिन्दू नहीं भगवा कहा था। कुछ दिन बाद कांग्रेस ने शिंदे के बयान से अपने को अलग करते हुए कहा कि वह आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखती।टिप्पणियां
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि शिंदे के बयान से हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है और इससे समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिंदे का बयान सिर्फ और सिर्फ 2014 के चुनावों के लिए मायनॉरिटी वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 28 जनवरी को होगी।
विपक्ष की नेता ने कहा कि भारत के विरूद्ध आतंकी शिविर चला रहे पाकिस्तान की खबर लेने की बजाय गृहमंत्री देश के मुख्य विपक्षी दल पर ऐसे आरोप लगा कर प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना द्वारा भारतीय सैनिक की हत्या के बाद उसका सिर धड़ से अलग करने पर उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को फोन करके उनसे कहा था कि वह प्रधानमंत्री को सूचित कर दें कि इस बर्बर घटना के आलोक में सरकार उक्त पड़ोसी देश के खिलाफ अगर कड़ी कार्रवाई करती है, तो विपक्ष उसका पूरा समर्थन करेगा।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर शिंदे को बर्खास्त नहीं किया जाता है, तो उनकी पार्टी संसद के आगामी सत्र के दौरान दोनों सदनों में यह मांग करती रहेगी। राजनाथ सिंह ने कहा, कांग्रेस के नेता जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद को 'साहब' और अल कायदा के नेता को 'ओसामाजी' कहकर मुखातिब करते हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस न तो आतंकवाद से लड़ने के लिए गंभीर है और न ही देश को इस बुराई से बचाने में।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि शिंदे के बयान से विश्वभर में भारत की छवि प्रभावित हुई है। ...इस मुद्दे पर सोनिया गांधी की खामोशी दर्शाती है कि उन्हें लगता है कि इससे उनका वोट बैंक और मज़बूत होगा। उन्होंने कहा, शिंदे को जाना होगा, कोई ताकत उन्हें बचा नहीं सकती है। शिंदे ने हाल में जयपुर में आयोजित कांग्रेस के सम्मेलन में कहा था कि बीजेपी और संघ हिन्दू आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं। बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने हिन्दू नहीं भगवा कहा था। कुछ दिन बाद कांग्रेस ने शिंदे के बयान से अपने को अलग करते हुए कहा कि वह आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखती।टिप्पणियां
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि शिंदे के बयान से हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है और इससे समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिंदे का बयान सिर्फ और सिर्फ 2014 के चुनावों के लिए मायनॉरिटी वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 28 जनवरी को होगी।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर शिंदे को बर्खास्त नहीं किया जाता है, तो उनकी पार्टी संसद के आगामी सत्र के दौरान दोनों सदनों में यह मांग करती रहेगी। राजनाथ सिंह ने कहा, कांग्रेस के नेता जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद को 'साहब' और अल कायदा के नेता को 'ओसामाजी' कहकर मुखातिब करते हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस न तो आतंकवाद से लड़ने के लिए गंभीर है और न ही देश को इस बुराई से बचाने में।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि शिंदे के बयान से विश्वभर में भारत की छवि प्रभावित हुई है। ...इस मुद्दे पर सोनिया गांधी की खामोशी दर्शाती है कि उन्हें लगता है कि इससे उनका वोट बैंक और मज़बूत होगा। उन्होंने कहा, शिंदे को जाना होगा, कोई ताकत उन्हें बचा नहीं सकती है। शिंदे ने हाल में जयपुर में आयोजित कांग्रेस के सम्मेलन में कहा था कि बीजेपी और संघ हिन्दू आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं। बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने हिन्दू नहीं भगवा कहा था। कुछ दिन बाद कांग्रेस ने शिंदे के बयान से अपने को अलग करते हुए कहा कि वह आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखती।टिप्पणियां
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि शिंदे के बयान से हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है और इससे समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिंदे का बयान सिर्फ और सिर्फ 2014 के चुनावों के लिए मायनॉरिटी वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 28 जनवरी को होगी।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि शिंदे के बयान से विश्वभर में भारत की छवि प्रभावित हुई है। ...इस मुद्दे पर सोनिया गांधी की खामोशी दर्शाती है कि उन्हें लगता है कि इससे उनका वोट बैंक और मज़बूत होगा। उन्होंने कहा, शिंदे को जाना होगा, कोई ताकत उन्हें बचा नहीं सकती है। शिंदे ने हाल में जयपुर में आयोजित कांग्रेस के सम्मेलन में कहा था कि बीजेपी और संघ हिन्दू आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं। बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने हिन्दू नहीं भगवा कहा था। कुछ दिन बाद कांग्रेस ने शिंदे के बयान से अपने को अलग करते हुए कहा कि वह आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखती।टिप्पणियां
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि शिंदे के बयान से हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है और इससे समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिंदे का बयान सिर्फ और सिर्फ 2014 के चुनावों के लिए मायनॉरिटी वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 28 जनवरी को होगी।
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि शिंदे के बयान से हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है और इससे समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिंदे का बयान सिर्फ और सिर्फ 2014 के चुनावों के लिए मायनॉरिटी वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 28 जनवरी को होगी।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिंदे का बयान सिर्फ और सिर्फ 2014 के चुनावों के लिए मायनॉरिटी वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 28 जनवरी को होगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के 'हिन्दू आतंकवाद' वाले बयान को लेकर बीजेपी ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से चुप्पी तोड़ने और शिंदे पर कार्रवाई की मांग की है। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में पक्षकार दो मुस्लिम नेताओं ने शनिवार को जिला प्रशासन पर उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देश की अवहेलना करते हुए त्रिशूल लिए एक साधु को विवादित धार्मिक स्थल पर प्रवेश की इजाजत देने का आरोप लगाया. हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि साधु के पास त्रिशूल की प्रतिकृति थी और इस तरह के धार्मिक चिन्ह की अनुमति मिली हुई है.टिप्पणियां
मुस्लिम नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सांसद और वरिष्ठ विहिप नेता रामविलास वेदांती और त्रिशूल लिए हुए एक साधु अभय चैतन्य को शनिवार दोपहर को विवादित धार्मिक स्थान पर जाने दिया गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुस्लिम नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सांसद और वरिष्ठ विहिप नेता रामविलास वेदांती और त्रिशूल लिए हुए एक साधु अभय चैतन्य को शनिवार दोपहर को विवादित धार्मिक स्थान पर जाने दिया गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: दो मुस्लिम नेताओं ने शनिवार को लगाया आरोप.
साधु के पास त्रिशूल की प्रतिकृति थी- जिला प्रशासन
इस तरह के धार्मिक चिन्ह की अनुमति मिली हुई है- जिला प्रशासन | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के खराब फॉर्म और बदकिस्मती का सिलसिला तीसरे वनडे में भी जारी रहा और इंग्लैंड ने उसे डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर तीन विकेट से हराकर शृंखला में 2-0 की बढ़त बना ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने पर सात विकेट पर 234 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 20 ओवर में तीन विकेट पर 95 रन बनाए थे, जब बारिश के कारण मैच रोकना पड़ा। इंग्लैंड को बाद में 43 ओवर में 218 रन का संशोधित लक्ष्य मिला, जो उसने पांच गेंद और तीन विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। इंग्लैंड के लिए सलामी बल्लेबाज क्रेग कीसवेटर ने 51, जबकि रवि बोपारा ने 40 रन बनाए। बोपारा और टिम ब्रेसनन (28) ने छठे विकेट के लिए 60 रन जोड़े। भारत की ओर से रविंदर जडेजा ने दो और आर अश्विन ने तीन विकेट लिए, वे लेकिन हार को नहीं टाल सके। इससे पहले भारतीय पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। उसके चार विकेट 25 रन और पांच विकेट 19वें ओवर में 58 रन पर उखड़ चुके थे। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (69) और रविंदर जडेजा (78) ने छठे विकेट के लिए 112 रन जोड़े। जडेजा और अश्विन (नाबाद 36) ने सातवें विकेट के लिए सिर्फ 31 गेंद में 59 रन की साझेदारी की। | सारांश: तीसरे वनडे मैच में इंग्लैंड ने भारत को डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर तीन विकेट से हराकर शृंखला में 2-0 की बढ़त बना ली। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) के पद पर रहे अरुण कुमार को उनके पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अरुण कुमार की जगह पर मुकुल गोयल को एडीजी कानून एवं व्यवस्था के पद पर तैनात किया गया है।
प्रशासनिक हलकों से मिली खबरो के अनुसार, दंगो को नियंत्रित करने के लिए निरंतर मुजफ्फरनगर में डेरा डाले रहे अरुण कुमार ने पिछले हफ्ते प्रदेश सरकार से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति मांगी थी और इस संबंध में लिखित आवेदन भी किया था।टिप्पणियां
उन्होंने पिछले दिनों एक निजी यात्रा पर जाने के लिए छुट्टी भी ली थी, मगर इस हफ्ते के शुरू में ही वापस ड्यूटी पर लौट आए थे।
मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में कम से कम 49 लोगों की मौत का कारण बने दंगों को नियंत्रित करने के लिए अरुण कुमार ने वहां लम्बे समय तक डेरा डाले रखा था। इन दंगों से प्रभावित हजारों लोग अपना घर बार छोड़कर अब भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अरुण कुमार की जगह पर मुकुल गोयल को एडीजी कानून एवं व्यवस्था के पद पर तैनात किया गया है।
प्रशासनिक हलकों से मिली खबरो के अनुसार, दंगो को नियंत्रित करने के लिए निरंतर मुजफ्फरनगर में डेरा डाले रहे अरुण कुमार ने पिछले हफ्ते प्रदेश सरकार से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति मांगी थी और इस संबंध में लिखित आवेदन भी किया था।टिप्पणियां
उन्होंने पिछले दिनों एक निजी यात्रा पर जाने के लिए छुट्टी भी ली थी, मगर इस हफ्ते के शुरू में ही वापस ड्यूटी पर लौट आए थे।
मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में कम से कम 49 लोगों की मौत का कारण बने दंगों को नियंत्रित करने के लिए अरुण कुमार ने वहां लम्बे समय तक डेरा डाले रखा था। इन दंगों से प्रभावित हजारों लोग अपना घर बार छोड़कर अब भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
प्रशासनिक हलकों से मिली खबरो के अनुसार, दंगो को नियंत्रित करने के लिए निरंतर मुजफ्फरनगर में डेरा डाले रहे अरुण कुमार ने पिछले हफ्ते प्रदेश सरकार से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति मांगी थी और इस संबंध में लिखित आवेदन भी किया था।टिप्पणियां
उन्होंने पिछले दिनों एक निजी यात्रा पर जाने के लिए छुट्टी भी ली थी, मगर इस हफ्ते के शुरू में ही वापस ड्यूटी पर लौट आए थे।
मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में कम से कम 49 लोगों की मौत का कारण बने दंगों को नियंत्रित करने के लिए अरुण कुमार ने वहां लम्बे समय तक डेरा डाले रखा था। इन दंगों से प्रभावित हजारों लोग अपना घर बार छोड़कर अब भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
उन्होंने पिछले दिनों एक निजी यात्रा पर जाने के लिए छुट्टी भी ली थी, मगर इस हफ्ते के शुरू में ही वापस ड्यूटी पर लौट आए थे।
मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में कम से कम 49 लोगों की मौत का कारण बने दंगों को नियंत्रित करने के लिए अरुण कुमार ने वहां लम्बे समय तक डेरा डाले रखा था। इन दंगों से प्रभावित हजारों लोग अपना घर बार छोड़कर अब भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में कम से कम 49 लोगों की मौत का कारण बने दंगों को नियंत्रित करने के लिए अरुण कुमार ने वहां लम्बे समय तक डेरा डाले रखा था। इन दंगों से प्रभावित हजारों लोग अपना घर बार छोड़कर अब भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। | संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर रहे अरुण कुमार को उनके पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर के लोगों को हिदायत दी कि वे अनाधिकृत गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (एनबीएफसी) और संस्थानों में अधिक लाभ की उम्मीद में पैसे जमा नहीं करें।
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बैंकिंग ओम्बुड्समैन बीबी संगमा ने कहा, "लोगों को अपने मेहनत की कमाई अनधिकृत और अवैध एनबीएफसी तथा संस्थानों में यह सोच कर जमा नहीं करनी चाहिए कि वहां उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। लोगों को इन एनबीएफसी के बारे में आरबीआई तथा अन्य योग्य प्रारधिकरणों को सूचित भी करना चाहिए और बैंकिंग सेवाओं की शिकायत दर्ज करनी चाहिए।"
आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी पीएन मूर्ति ने कहा कि त्रिपुरा में 118 एनबीएफसी काम कर रहे हैं और उनमें से एक भी आरबीआई या किसी प्राधिकृत निकायों में सूचीबद्ध नहीं है।टिप्पणियां
आरबीआई के अधिकारी दक्षिणी त्रिपुरा में राजधानी अगरतला से 55 किलोमीटर की दूरी पर उदयपुर में एक बैंक जागरूकता कार्यक्रम के इतर मौके पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने साथ ही लोगों को हिदायत दी कि यदि किसी भी बैंक की सेवाओं के प्रति उन्हें कोई शिकायत हो तो उसे दर्ज कराएं।
संगमा ने कहा, "आरबीआई ने एटीएम और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एसएमएस और ई-मेल से सम्बंधित धोखाधड़ी और एनबीएफसी के गलत कार्यों के बारे में भारी संख्या में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।"
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बैंकिंग ओम्बुड्समैन बीबी संगमा ने कहा, "लोगों को अपने मेहनत की कमाई अनधिकृत और अवैध एनबीएफसी तथा संस्थानों में यह सोच कर जमा नहीं करनी चाहिए कि वहां उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। लोगों को इन एनबीएफसी के बारे में आरबीआई तथा अन्य योग्य प्रारधिकरणों को सूचित भी करना चाहिए और बैंकिंग सेवाओं की शिकायत दर्ज करनी चाहिए।"
आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी पीएन मूर्ति ने कहा कि त्रिपुरा में 118 एनबीएफसी काम कर रहे हैं और उनमें से एक भी आरबीआई या किसी प्राधिकृत निकायों में सूचीबद्ध नहीं है।टिप्पणियां
आरबीआई के अधिकारी दक्षिणी त्रिपुरा में राजधानी अगरतला से 55 किलोमीटर की दूरी पर उदयपुर में एक बैंक जागरूकता कार्यक्रम के इतर मौके पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने साथ ही लोगों को हिदायत दी कि यदि किसी भी बैंक की सेवाओं के प्रति उन्हें कोई शिकायत हो तो उसे दर्ज कराएं।
संगमा ने कहा, "आरबीआई ने एटीएम और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एसएमएस और ई-मेल से सम्बंधित धोखाधड़ी और एनबीएफसी के गलत कार्यों के बारे में भारी संख्या में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।"
आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी पीएन मूर्ति ने कहा कि त्रिपुरा में 118 एनबीएफसी काम कर रहे हैं और उनमें से एक भी आरबीआई या किसी प्राधिकृत निकायों में सूचीबद्ध नहीं है।टिप्पणियां
आरबीआई के अधिकारी दक्षिणी त्रिपुरा में राजधानी अगरतला से 55 किलोमीटर की दूरी पर उदयपुर में एक बैंक जागरूकता कार्यक्रम के इतर मौके पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने साथ ही लोगों को हिदायत दी कि यदि किसी भी बैंक की सेवाओं के प्रति उन्हें कोई शिकायत हो तो उसे दर्ज कराएं।
संगमा ने कहा, "आरबीआई ने एटीएम और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एसएमएस और ई-मेल से सम्बंधित धोखाधड़ी और एनबीएफसी के गलत कार्यों के बारे में भारी संख्या में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।"
आरबीआई के अधिकारी दक्षिणी त्रिपुरा में राजधानी अगरतला से 55 किलोमीटर की दूरी पर उदयपुर में एक बैंक जागरूकता कार्यक्रम के इतर मौके पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने साथ ही लोगों को हिदायत दी कि यदि किसी भी बैंक की सेवाओं के प्रति उन्हें कोई शिकायत हो तो उसे दर्ज कराएं।
संगमा ने कहा, "आरबीआई ने एटीएम और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एसएमएस और ई-मेल से सम्बंधित धोखाधड़ी और एनबीएफसी के गलत कार्यों के बारे में भारी संख्या में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।"
संगमा ने कहा, "आरबीआई ने एटीएम और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एसएमएस और ई-मेल से सम्बंधित धोखाधड़ी और एनबीएफसी के गलत कार्यों के बारे में भारी संख्या में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।" | यहाँ एक सारांश है:भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर के लोगों को हिदायत दी कि वे अनाधिकृत गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (एनबीएफसी) और संस्थानों में अधिक लाभ की उम्मीद में पैसे जमा नहीं करें। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में 100 मैच खेलने वाले नौवें भारतीय खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वर्तमान शृंखला के दूसरे मैच में यह उपलब्धि हासिल की। दिल्ली के इस 34वर्षीय बल्लेबाज ने मैच शुरू होने से पहले तक 50.89 की औसत से 8448 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 82.45 है।
उन्होंने पिछले 12 साल के अपने करियर में 23 शतक लगाए हैं। इनमें दो तिहरे और चार दोहरे शतक शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मार्च 2008 में चेन्नई में उन्होंने अपना सर्वाधिक स्कोर 319 रन बनाया था। सहवाग से पहले जिन अन्य भारतीयों ने 100 या इससे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, उनमें सचिन तेंदुलकर (191 मैच), राहुल द्रविड़ (164), वीवीएस लक्ष्मण (134), अनिल कुंबले (132), कपिल देव (131), सुनील गावस्कर (125), दिलीप वेंगसरकर (116) और सौरव गांगुली (113) शामिल हैं।
उन्होंने पिछले 12 साल के अपने करियर में 23 शतक लगाए हैं। इनमें दो तिहरे और चार दोहरे शतक शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मार्च 2008 में चेन्नई में उन्होंने अपना सर्वाधिक स्कोर 319 रन बनाया था। सहवाग से पहले जिन अन्य भारतीयों ने 100 या इससे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, उनमें सचिन तेंदुलकर (191 मैच), राहुल द्रविड़ (164), वीवीएस लक्ष्मण (134), अनिल कुंबले (132), कपिल देव (131), सुनील गावस्कर (125), दिलीप वेंगसरकर (116) और सौरव गांगुली (113) शामिल हैं। | संक्षिप्त सारांश: सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में 100 मैच खेलने वाले नौवें भारतीय खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वर्तमान शृंखला के दूसरे मैच में यह उपलब्धि हासिल की। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 'बिग बॉस 10' की शुरुआत सेलिब्रिटी और इंडियावालों के कॉन्सेप्ट से हुई थी, इस सीजन में पहली बार आम आदमियों को सेलिब्रिटीज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का मौका मिला. रविवार को शो का ग्रांड फिनाले है जिसमें मनु पंजाबी, मनवीर गुर्जर, बानी जे और लोपामुद्रा राउत में से किसी एक को विजेता घोषित किया जाएगा. ग्रांड फिनाले से पहले खिताब की दावेदारी के लिए टीम सेलेब और इंडियावालों के बीच एक आखिरी बहस हुई. फराह खान की अदालत में हुई इस सुनवाई में 'बिग बॉस 8' के प्रतिभागी पुनीत इस्सर और आरजे मलिश्का ने टीम सेलेब की पैरवी की, वहीं अभिनेता रवि दुबे और पत्रकार श्वेता सिंह ने इंडियावालों की पैरवी की.
पुनीत इस्सर ने टीम इंडियावाले पर आरोप लगाया कि हर टास्क में वे बेहद एग्रेसिव नजर आए और उन्होंने मनु-मनवीर से इसके लिए सफाई मांगी. जवाब में उन्होंने कहा कि उनके लिए 'बिग बॉस' एक बड़ा प्लैटफॉर्म है और उनके अंदर जुनून था कि उन्हें यह साबित करना है कि वे किसी सेलेब से कम नहीं हैं. इसलिए शुरू में वे काफी आक्रामक रहे. उन्होंने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रियंका जग्गा और स्वामी ओम का काफी समर्थन किया. इस पर मनवीर ने कहा कि उन्हें जब गलत लगा उन्होंने उनका विरोध भी किया है.
मनु-मनवीर ने इंडियावालों की तरफ से अपना पक्ष रखा.
वहीं रवि दुबे और श्वेता सिंह ने टीम सेलेब पर आरोप लगाया कि वे काफी लेड बैक और आराम से रहे. इस पर बानी ने कहा कि उन्हें लेड बैक कहा जा सकता है लेकिन लोपा हमेशा एक्टिव रही हैं. फराह खान ने कहा कि शुरुआती हफ्तों में सेलिब्रिटीज कहीं दिखाई ही नहीं दे रहे थे. श्वेता ने आरोप लगाया कि सेलिब्रिटीज में एक सुपीरियोरिटी कॉम्प्लेक्स है, फराह ने कहा कि शुरुआत में सेलेब्स को यह बोलते सुना गया है कि इंडियावालों के लिए सेलेब्स के साथ बैठना भी बड़ी बात है. वहीं लोपा ने कहा कि उनकी टीम की सबसे महत्वपूर्ण सदस्य मोनालीसा टीम सेलेब से थीं. इस पर मनवीर ने कहा कि टीम सेलेब ने मोना को अपने साथ कभी नहीं रखा इस वजह से उनकी बॉन्डिंग उनसे अच्छी बनी. लोपा ने यह भी कहा मनु-मनवीर ने हमेशा एक सेलेब मोनालीसा से अपने जूठे बर्तन धुलवाए, इस पर मनु ने कहा कि उन तीनों की ट्यूनिंग थी कि मनवीर सब्जी काटते थे, मनु खाना बनाते थे और मोना बर्तन साफ करती थीं, इसमें कुछ भी गलत नहीं है.
इसके बाद चारों फाइनलिस्ट पर एक-एक करके मुकदमा चलाया गया. इसके लिए सबसे पहले मनवीर को बुलाया गया. पुनीत ने मनवीर से पूछा कि शुरुआत में काफी समय तक वह दोस्ती की आड़ में खेलते रहे, कई बार ऐसा भी लगा कि वह दोस्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके जवाब में मनवीर ने कहा कि खेलने की बात हो तो वह शायद अकेले खेल सकते थे लेकिन बानी की तरह वह अकेले रह नहीं सकते. मनु का साथ मिला तो उन्हें अच्छा लगा और इसलिए वह हमेशा उनके साथ रहे. जब उनसे पूछा गया कि मनु और मनवीर, किसके जीतने पर उन्हें ज्यादा खुशी होगी. इस पर मनवीर ने कहा कि उन्हें मनु के जीतने पर अधिक खुशी होगी. मनवीर ने कहा, 'शो के दौरान मनु ने एक ऐसी चीज खोई है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, इसलिए मैं चाहता हूं कि मनु को हर खुशी मिले.'
फराह खान ने की फाइनलिस्टों के बहस की सुनवाई.
मनवीर के बाद बानी पर बहस हुई, बानी से श्वेता ने पूछा कि क्या बानी किसी की दोस्त नहीं है? इस पर बानी ने कहा कि वह अकेली हैं, बानी ने कहा कि घर में उनके दोस्त बने हैं. वहीं मनु ने बानी पर आरोप लगाया कि बानी ने अपने मतलब के हिसाब से दोस्ती की. वहीं रवि ने बानी पर स्वार्थी होने का आरोप भी लगाया, उन्होंने कहा कि वह किसी से खाना शेयर नहीं करती थीं. उन्होंने प्रियंका जग्गा और लोपामुद्रा की लड़ाई का मुद्दा भी उठाया कि उन्होंने स्टैंड नहीं लिया, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रियंका से कोई प्रॉब्लम नहीं है और उन्होंने उनके बारे में कुछ भी गलत नहीं किया. रवि ने बानी से यह भी कहा कि ओम स्वामी की हरकत के बाद बानी ने सलमान खान से बेहद गलत तरीके से बात की.
बानी के बाद मनु को बुलाया गया, उन्होंने मनु पर डबल ढोलकी होने का आरोप लगाया इस पर मनु ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया है तो गेम को ध्यान में रखकर किया होगा. फराह ने मनु पर आरोप लगाया कि लोगों के बारे में उनकी राय मिनटों में बदलती है. इस पर मनु ने कहा कि उन्हें 24 घंटे घर में रहना है और वह दिनभर मनवीर के साथ हाथ में हाथ डालकर गाना गाते नहीं घूम सकते हैं. इसलिए वह बाकि लोगों के बारे में बात करते हैं, कभी किसी की तारीफ निकलती है कभी बुराई. उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर वह किसी सदस्य को पकड़कर उनकी एक बुराई ढूंढते हैं और उसका मजाक उड़ाते हैं. इसके बाद फराह ने मनु से बानी को गले लगाने के लिए कहा.
पुनीत इस्सर और आरजे मलिश्का ने टीम सेलेब की पैरवी की.टिप्पणियां
इसके बाद लोपा आईं तो रवि ने उनसे कहा कि उन्हें उनपर क्रश है और उनकी पत्नी को यह पता है. रवि ने लोपा से कहा कि मंदना की बात का बुरा मानकर रोने लगीं और कहने लगीं कि वह आगे नहीं जाना चाहती हैं. इससे वह बेहद कमजोर नजर आईं, उन्हें खुद को ऐसे नहीं दिखाना चाहिए. फराह ने लोपा से कहा कि उनकी वजह से शो की मनी 40 लाख हो गई है. श्वेता ने उनपर आरोप लगाया कि वह बहुत खराब लूजर हैं, इस पर लोपा ने स्वीकार किया कि उनके लिए हार मानना बेहद मुश्किल होता है, वहीं फराह ने कहा कि लोपा हर चीज के लिए बानी को ब्लेम करती हैं. लोपा ने कहा कि वह और बानी एकदम अलग पर्सनैलिटी हैं, जब भी दोनों ने बात करने की कोशिश की दोनों में से किसी न किसी का पेशेंस लूज हो गया.
अंत में फराह ने फैसला सुनाया कि फाइनल में पहुंचने के लिए इन चारों से ज्यादा डिजर्विंग कोई और नहीं था. इसके बाद चारों सदस्यों ने घर के अंदर अपना आखिरी दिन बेहद एक दूसरे के साथ एंजॉय करके बिताया. चारों ने स्विमिंग पूल में एक साथ छलांग भी लगाई और फिर चारों ग्रांड फिनाले की तैयारियों में जुट गए.
पुनीत इस्सर ने टीम इंडियावाले पर आरोप लगाया कि हर टास्क में वे बेहद एग्रेसिव नजर आए और उन्होंने मनु-मनवीर से इसके लिए सफाई मांगी. जवाब में उन्होंने कहा कि उनके लिए 'बिग बॉस' एक बड़ा प्लैटफॉर्म है और उनके अंदर जुनून था कि उन्हें यह साबित करना है कि वे किसी सेलेब से कम नहीं हैं. इसलिए शुरू में वे काफी आक्रामक रहे. उन्होंने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रियंका जग्गा और स्वामी ओम का काफी समर्थन किया. इस पर मनवीर ने कहा कि उन्हें जब गलत लगा उन्होंने उनका विरोध भी किया है.
मनु-मनवीर ने इंडियावालों की तरफ से अपना पक्ष रखा.
वहीं रवि दुबे और श्वेता सिंह ने टीम सेलेब पर आरोप लगाया कि वे काफी लेड बैक और आराम से रहे. इस पर बानी ने कहा कि उन्हें लेड बैक कहा जा सकता है लेकिन लोपा हमेशा एक्टिव रही हैं. फराह खान ने कहा कि शुरुआती हफ्तों में सेलिब्रिटीज कहीं दिखाई ही नहीं दे रहे थे. श्वेता ने आरोप लगाया कि सेलिब्रिटीज में एक सुपीरियोरिटी कॉम्प्लेक्स है, फराह ने कहा कि शुरुआत में सेलेब्स को यह बोलते सुना गया है कि इंडियावालों के लिए सेलेब्स के साथ बैठना भी बड़ी बात है. वहीं लोपा ने कहा कि उनकी टीम की सबसे महत्वपूर्ण सदस्य मोनालीसा टीम सेलेब से थीं. इस पर मनवीर ने कहा कि टीम सेलेब ने मोना को अपने साथ कभी नहीं रखा इस वजह से उनकी बॉन्डिंग उनसे अच्छी बनी. लोपा ने यह भी कहा मनु-मनवीर ने हमेशा एक सेलेब मोनालीसा से अपने जूठे बर्तन धुलवाए, इस पर मनु ने कहा कि उन तीनों की ट्यूनिंग थी कि मनवीर सब्जी काटते थे, मनु खाना बनाते थे और मोना बर्तन साफ करती थीं, इसमें कुछ भी गलत नहीं है.
इसके बाद चारों फाइनलिस्ट पर एक-एक करके मुकदमा चलाया गया. इसके लिए सबसे पहले मनवीर को बुलाया गया. पुनीत ने मनवीर से पूछा कि शुरुआत में काफी समय तक वह दोस्ती की आड़ में खेलते रहे, कई बार ऐसा भी लगा कि वह दोस्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके जवाब में मनवीर ने कहा कि खेलने की बात हो तो वह शायद अकेले खेल सकते थे लेकिन बानी की तरह वह अकेले रह नहीं सकते. मनु का साथ मिला तो उन्हें अच्छा लगा और इसलिए वह हमेशा उनके साथ रहे. जब उनसे पूछा गया कि मनु और मनवीर, किसके जीतने पर उन्हें ज्यादा खुशी होगी. इस पर मनवीर ने कहा कि उन्हें मनु के जीतने पर अधिक खुशी होगी. मनवीर ने कहा, 'शो के दौरान मनु ने एक ऐसी चीज खोई है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, इसलिए मैं चाहता हूं कि मनु को हर खुशी मिले.'
फराह खान ने की फाइनलिस्टों के बहस की सुनवाई.
मनवीर के बाद बानी पर बहस हुई, बानी से श्वेता ने पूछा कि क्या बानी किसी की दोस्त नहीं है? इस पर बानी ने कहा कि वह अकेली हैं, बानी ने कहा कि घर में उनके दोस्त बने हैं. वहीं मनु ने बानी पर आरोप लगाया कि बानी ने अपने मतलब के हिसाब से दोस्ती की. वहीं रवि ने बानी पर स्वार्थी होने का आरोप भी लगाया, उन्होंने कहा कि वह किसी से खाना शेयर नहीं करती थीं. उन्होंने प्रियंका जग्गा और लोपामुद्रा की लड़ाई का मुद्दा भी उठाया कि उन्होंने स्टैंड नहीं लिया, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रियंका से कोई प्रॉब्लम नहीं है और उन्होंने उनके बारे में कुछ भी गलत नहीं किया. रवि ने बानी से यह भी कहा कि ओम स्वामी की हरकत के बाद बानी ने सलमान खान से बेहद गलत तरीके से बात की.
बानी के बाद मनु को बुलाया गया, उन्होंने मनु पर डबल ढोलकी होने का आरोप लगाया इस पर मनु ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया है तो गेम को ध्यान में रखकर किया होगा. फराह ने मनु पर आरोप लगाया कि लोगों के बारे में उनकी राय मिनटों में बदलती है. इस पर मनु ने कहा कि उन्हें 24 घंटे घर में रहना है और वह दिनभर मनवीर के साथ हाथ में हाथ डालकर गाना गाते नहीं घूम सकते हैं. इसलिए वह बाकि लोगों के बारे में बात करते हैं, कभी किसी की तारीफ निकलती है कभी बुराई. उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर वह किसी सदस्य को पकड़कर उनकी एक बुराई ढूंढते हैं और उसका मजाक उड़ाते हैं. इसके बाद फराह ने मनु से बानी को गले लगाने के लिए कहा.
पुनीत इस्सर और आरजे मलिश्का ने टीम सेलेब की पैरवी की.टिप्पणियां
इसके बाद लोपा आईं तो रवि ने उनसे कहा कि उन्हें उनपर क्रश है और उनकी पत्नी को यह पता है. रवि ने लोपा से कहा कि मंदना की बात का बुरा मानकर रोने लगीं और कहने लगीं कि वह आगे नहीं जाना चाहती हैं. इससे वह बेहद कमजोर नजर आईं, उन्हें खुद को ऐसे नहीं दिखाना चाहिए. फराह ने लोपा से कहा कि उनकी वजह से शो की मनी 40 लाख हो गई है. श्वेता ने उनपर आरोप लगाया कि वह बहुत खराब लूजर हैं, इस पर लोपा ने स्वीकार किया कि उनके लिए हार मानना बेहद मुश्किल होता है, वहीं फराह ने कहा कि लोपा हर चीज के लिए बानी को ब्लेम करती हैं. लोपा ने कहा कि वह और बानी एकदम अलग पर्सनैलिटी हैं, जब भी दोनों ने बात करने की कोशिश की दोनों में से किसी न किसी का पेशेंस लूज हो गया.
अंत में फराह ने फैसला सुनाया कि फाइनल में पहुंचने के लिए इन चारों से ज्यादा डिजर्विंग कोई और नहीं था. इसके बाद चारों सदस्यों ने घर के अंदर अपना आखिरी दिन बेहद एक दूसरे के साथ एंजॉय करके बिताया. चारों ने स्विमिंग पूल में एक साथ छलांग भी लगाई और फिर चारों ग्रांड फिनाले की तैयारियों में जुट गए.
वहीं रवि दुबे और श्वेता सिंह ने टीम सेलेब पर आरोप लगाया कि वे काफी लेड बैक और आराम से रहे. इस पर बानी ने कहा कि उन्हें लेड बैक कहा जा सकता है लेकिन लोपा हमेशा एक्टिव रही हैं. फराह खान ने कहा कि शुरुआती हफ्तों में सेलिब्रिटीज कहीं दिखाई ही नहीं दे रहे थे. श्वेता ने आरोप लगाया कि सेलिब्रिटीज में एक सुपीरियोरिटी कॉम्प्लेक्स है, फराह ने कहा कि शुरुआत में सेलेब्स को यह बोलते सुना गया है कि इंडियावालों के लिए सेलेब्स के साथ बैठना भी बड़ी बात है. वहीं लोपा ने कहा कि उनकी टीम की सबसे महत्वपूर्ण सदस्य मोनालीसा टीम सेलेब से थीं. इस पर मनवीर ने कहा कि टीम सेलेब ने मोना को अपने साथ कभी नहीं रखा इस वजह से उनकी बॉन्डिंग उनसे अच्छी बनी. लोपा ने यह भी कहा मनु-मनवीर ने हमेशा एक सेलेब मोनालीसा से अपने जूठे बर्तन धुलवाए, इस पर मनु ने कहा कि उन तीनों की ट्यूनिंग थी कि मनवीर सब्जी काटते थे, मनु खाना बनाते थे और मोना बर्तन साफ करती थीं, इसमें कुछ भी गलत नहीं है.
इसके बाद चारों फाइनलिस्ट पर एक-एक करके मुकदमा चलाया गया. इसके लिए सबसे पहले मनवीर को बुलाया गया. पुनीत ने मनवीर से पूछा कि शुरुआत में काफी समय तक वह दोस्ती की आड़ में खेलते रहे, कई बार ऐसा भी लगा कि वह दोस्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके जवाब में मनवीर ने कहा कि खेलने की बात हो तो वह शायद अकेले खेल सकते थे लेकिन बानी की तरह वह अकेले रह नहीं सकते. मनु का साथ मिला तो उन्हें अच्छा लगा और इसलिए वह हमेशा उनके साथ रहे. जब उनसे पूछा गया कि मनु और मनवीर, किसके जीतने पर उन्हें ज्यादा खुशी होगी. इस पर मनवीर ने कहा कि उन्हें मनु के जीतने पर अधिक खुशी होगी. मनवीर ने कहा, 'शो के दौरान मनु ने एक ऐसी चीज खोई है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, इसलिए मैं चाहता हूं कि मनु को हर खुशी मिले.'
फराह खान ने की फाइनलिस्टों के बहस की सुनवाई.
मनवीर के बाद बानी पर बहस हुई, बानी से श्वेता ने पूछा कि क्या बानी किसी की दोस्त नहीं है? इस पर बानी ने कहा कि वह अकेली हैं, बानी ने कहा कि घर में उनके दोस्त बने हैं. वहीं मनु ने बानी पर आरोप लगाया कि बानी ने अपने मतलब के हिसाब से दोस्ती की. वहीं रवि ने बानी पर स्वार्थी होने का आरोप भी लगाया, उन्होंने कहा कि वह किसी से खाना शेयर नहीं करती थीं. उन्होंने प्रियंका जग्गा और लोपामुद्रा की लड़ाई का मुद्दा भी उठाया कि उन्होंने स्टैंड नहीं लिया, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रियंका से कोई प्रॉब्लम नहीं है और उन्होंने उनके बारे में कुछ भी गलत नहीं किया. रवि ने बानी से यह भी कहा कि ओम स्वामी की हरकत के बाद बानी ने सलमान खान से बेहद गलत तरीके से बात की.
बानी के बाद मनु को बुलाया गया, उन्होंने मनु पर डबल ढोलकी होने का आरोप लगाया इस पर मनु ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया है तो गेम को ध्यान में रखकर किया होगा. फराह ने मनु पर आरोप लगाया कि लोगों के बारे में उनकी राय मिनटों में बदलती है. इस पर मनु ने कहा कि उन्हें 24 घंटे घर में रहना है और वह दिनभर मनवीर के साथ हाथ में हाथ डालकर गाना गाते नहीं घूम सकते हैं. इसलिए वह बाकि लोगों के बारे में बात करते हैं, कभी किसी की तारीफ निकलती है कभी बुराई. उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर वह किसी सदस्य को पकड़कर उनकी एक बुराई ढूंढते हैं और उसका मजाक उड़ाते हैं. इसके बाद फराह ने मनु से बानी को गले लगाने के लिए कहा.
पुनीत इस्सर और आरजे मलिश्का ने टीम सेलेब की पैरवी की.टिप्पणियां
इसके बाद लोपा आईं तो रवि ने उनसे कहा कि उन्हें उनपर क्रश है और उनकी पत्नी को यह पता है. रवि ने लोपा से कहा कि मंदना की बात का बुरा मानकर रोने लगीं और कहने लगीं कि वह आगे नहीं जाना चाहती हैं. इससे वह बेहद कमजोर नजर आईं, उन्हें खुद को ऐसे नहीं दिखाना चाहिए. फराह ने लोपा से कहा कि उनकी वजह से शो की मनी 40 लाख हो गई है. श्वेता ने उनपर आरोप लगाया कि वह बहुत खराब लूजर हैं, इस पर लोपा ने स्वीकार किया कि उनके लिए हार मानना बेहद मुश्किल होता है, वहीं फराह ने कहा कि लोपा हर चीज के लिए बानी को ब्लेम करती हैं. लोपा ने कहा कि वह और बानी एकदम अलग पर्सनैलिटी हैं, जब भी दोनों ने बात करने की कोशिश की दोनों में से किसी न किसी का पेशेंस लूज हो गया.
अंत में फराह ने फैसला सुनाया कि फाइनल में पहुंचने के लिए इन चारों से ज्यादा डिजर्विंग कोई और नहीं था. इसके बाद चारों सदस्यों ने घर के अंदर अपना आखिरी दिन बेहद एक दूसरे के साथ एंजॉय करके बिताया. चारों ने स्विमिंग पूल में एक साथ छलांग भी लगाई और फिर चारों ग्रांड फिनाले की तैयारियों में जुट गए.
इसके बाद चारों फाइनलिस्ट पर एक-एक करके मुकदमा चलाया गया. इसके लिए सबसे पहले मनवीर को बुलाया गया. पुनीत ने मनवीर से पूछा कि शुरुआत में काफी समय तक वह दोस्ती की आड़ में खेलते रहे, कई बार ऐसा भी लगा कि वह दोस्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके जवाब में मनवीर ने कहा कि खेलने की बात हो तो वह शायद अकेले खेल सकते थे लेकिन बानी की तरह वह अकेले रह नहीं सकते. मनु का साथ मिला तो उन्हें अच्छा लगा और इसलिए वह हमेशा उनके साथ रहे. जब उनसे पूछा गया कि मनु और मनवीर, किसके जीतने पर उन्हें ज्यादा खुशी होगी. इस पर मनवीर ने कहा कि उन्हें मनु के जीतने पर अधिक खुशी होगी. मनवीर ने कहा, 'शो के दौरान मनु ने एक ऐसी चीज खोई है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, इसलिए मैं चाहता हूं कि मनु को हर खुशी मिले.'
फराह खान ने की फाइनलिस्टों के बहस की सुनवाई.
मनवीर के बाद बानी पर बहस हुई, बानी से श्वेता ने पूछा कि क्या बानी किसी की दोस्त नहीं है? इस पर बानी ने कहा कि वह अकेली हैं, बानी ने कहा कि घर में उनके दोस्त बने हैं. वहीं मनु ने बानी पर आरोप लगाया कि बानी ने अपने मतलब के हिसाब से दोस्ती की. वहीं रवि ने बानी पर स्वार्थी होने का आरोप भी लगाया, उन्होंने कहा कि वह किसी से खाना शेयर नहीं करती थीं. उन्होंने प्रियंका जग्गा और लोपामुद्रा की लड़ाई का मुद्दा भी उठाया कि उन्होंने स्टैंड नहीं लिया, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रियंका से कोई प्रॉब्लम नहीं है और उन्होंने उनके बारे में कुछ भी गलत नहीं किया. रवि ने बानी से यह भी कहा कि ओम स्वामी की हरकत के बाद बानी ने सलमान खान से बेहद गलत तरीके से बात की.
बानी के बाद मनु को बुलाया गया, उन्होंने मनु पर डबल ढोलकी होने का आरोप लगाया इस पर मनु ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया है तो गेम को ध्यान में रखकर किया होगा. फराह ने मनु पर आरोप लगाया कि लोगों के बारे में उनकी राय मिनटों में बदलती है. इस पर मनु ने कहा कि उन्हें 24 घंटे घर में रहना है और वह दिनभर मनवीर के साथ हाथ में हाथ डालकर गाना गाते नहीं घूम सकते हैं. इसलिए वह बाकि लोगों के बारे में बात करते हैं, कभी किसी की तारीफ निकलती है कभी बुराई. उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर वह किसी सदस्य को पकड़कर उनकी एक बुराई ढूंढते हैं और उसका मजाक उड़ाते हैं. इसके बाद फराह ने मनु से बानी को गले लगाने के लिए कहा.
पुनीत इस्सर और आरजे मलिश्का ने टीम सेलेब की पैरवी की.टिप्पणियां
इसके बाद लोपा आईं तो रवि ने उनसे कहा कि उन्हें उनपर क्रश है और उनकी पत्नी को यह पता है. रवि ने लोपा से कहा कि मंदना की बात का बुरा मानकर रोने लगीं और कहने लगीं कि वह आगे नहीं जाना चाहती हैं. इससे वह बेहद कमजोर नजर आईं, उन्हें खुद को ऐसे नहीं दिखाना चाहिए. फराह ने लोपा से कहा कि उनकी वजह से शो की मनी 40 लाख हो गई है. श्वेता ने उनपर आरोप लगाया कि वह बहुत खराब लूजर हैं, इस पर लोपा ने स्वीकार किया कि उनके लिए हार मानना बेहद मुश्किल होता है, वहीं फराह ने कहा कि लोपा हर चीज के लिए बानी को ब्लेम करती हैं. लोपा ने कहा कि वह और बानी एकदम अलग पर्सनैलिटी हैं, जब भी दोनों ने बात करने की कोशिश की दोनों में से किसी न किसी का पेशेंस लूज हो गया.
अंत में फराह ने फैसला सुनाया कि फाइनल में पहुंचने के लिए इन चारों से ज्यादा डिजर्विंग कोई और नहीं था. इसके बाद चारों सदस्यों ने घर के अंदर अपना आखिरी दिन बेहद एक दूसरे के साथ एंजॉय करके बिताया. चारों ने स्विमिंग पूल में एक साथ छलांग भी लगाई और फिर चारों ग्रांड फिनाले की तैयारियों में जुट गए.
मनवीर के बाद बानी पर बहस हुई, बानी से श्वेता ने पूछा कि क्या बानी किसी की दोस्त नहीं है? इस पर बानी ने कहा कि वह अकेली हैं, बानी ने कहा कि घर में उनके दोस्त बने हैं. वहीं मनु ने बानी पर आरोप लगाया कि बानी ने अपने मतलब के हिसाब से दोस्ती की. वहीं रवि ने बानी पर स्वार्थी होने का आरोप भी लगाया, उन्होंने कहा कि वह किसी से खाना शेयर नहीं करती थीं. उन्होंने प्रियंका जग्गा और लोपामुद्रा की लड़ाई का मुद्दा भी उठाया कि उन्होंने स्टैंड नहीं लिया, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रियंका से कोई प्रॉब्लम नहीं है और उन्होंने उनके बारे में कुछ भी गलत नहीं किया. रवि ने बानी से यह भी कहा कि ओम स्वामी की हरकत के बाद बानी ने सलमान खान से बेहद गलत तरीके से बात की.
बानी के बाद मनु को बुलाया गया, उन्होंने मनु पर डबल ढोलकी होने का आरोप लगाया इस पर मनु ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया है तो गेम को ध्यान में रखकर किया होगा. फराह ने मनु पर आरोप लगाया कि लोगों के बारे में उनकी राय मिनटों में बदलती है. इस पर मनु ने कहा कि उन्हें 24 घंटे घर में रहना है और वह दिनभर मनवीर के साथ हाथ में हाथ डालकर गाना गाते नहीं घूम सकते हैं. इसलिए वह बाकि लोगों के बारे में बात करते हैं, कभी किसी की तारीफ निकलती है कभी बुराई. उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर वह किसी सदस्य को पकड़कर उनकी एक बुराई ढूंढते हैं और उसका मजाक उड़ाते हैं. इसके बाद फराह ने मनु से बानी को गले लगाने के लिए कहा.
पुनीत इस्सर और आरजे मलिश्का ने टीम सेलेब की पैरवी की.टिप्पणियां
इसके बाद लोपा आईं तो रवि ने उनसे कहा कि उन्हें उनपर क्रश है और उनकी पत्नी को यह पता है. रवि ने लोपा से कहा कि मंदना की बात का बुरा मानकर रोने लगीं और कहने लगीं कि वह आगे नहीं जाना चाहती हैं. इससे वह बेहद कमजोर नजर आईं, उन्हें खुद को ऐसे नहीं दिखाना चाहिए. फराह ने लोपा से कहा कि उनकी वजह से शो की मनी 40 लाख हो गई है. श्वेता ने उनपर आरोप लगाया कि वह बहुत खराब लूजर हैं, इस पर लोपा ने स्वीकार किया कि उनके लिए हार मानना बेहद मुश्किल होता है, वहीं फराह ने कहा कि लोपा हर चीज के लिए बानी को ब्लेम करती हैं. लोपा ने कहा कि वह और बानी एकदम अलग पर्सनैलिटी हैं, जब भी दोनों ने बात करने की कोशिश की दोनों में से किसी न किसी का पेशेंस लूज हो गया.
अंत में फराह ने फैसला सुनाया कि फाइनल में पहुंचने के लिए इन चारों से ज्यादा डिजर्विंग कोई और नहीं था. इसके बाद चारों सदस्यों ने घर के अंदर अपना आखिरी दिन बेहद एक दूसरे के साथ एंजॉय करके बिताया. चारों ने स्विमिंग पूल में एक साथ छलांग भी लगाई और फिर चारों ग्रांड फिनाले की तैयारियों में जुट गए.
बानी के बाद मनु को बुलाया गया, उन्होंने मनु पर डबल ढोलकी होने का आरोप लगाया इस पर मनु ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया है तो गेम को ध्यान में रखकर किया होगा. फराह ने मनु पर आरोप लगाया कि लोगों के बारे में उनकी राय मिनटों में बदलती है. इस पर मनु ने कहा कि उन्हें 24 घंटे घर में रहना है और वह दिनभर मनवीर के साथ हाथ में हाथ डालकर गाना गाते नहीं घूम सकते हैं. इसलिए वह बाकि लोगों के बारे में बात करते हैं, कभी किसी की तारीफ निकलती है कभी बुराई. उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर वह किसी सदस्य को पकड़कर उनकी एक बुराई ढूंढते हैं और उसका मजाक उड़ाते हैं. इसके बाद फराह ने मनु से बानी को गले लगाने के लिए कहा.
पुनीत इस्सर और आरजे मलिश्का ने टीम सेलेब की पैरवी की.टिप्पणियां
इसके बाद लोपा आईं तो रवि ने उनसे कहा कि उन्हें उनपर क्रश है और उनकी पत्नी को यह पता है. रवि ने लोपा से कहा कि मंदना की बात का बुरा मानकर रोने लगीं और कहने लगीं कि वह आगे नहीं जाना चाहती हैं. इससे वह बेहद कमजोर नजर आईं, उन्हें खुद को ऐसे नहीं दिखाना चाहिए. फराह ने लोपा से कहा कि उनकी वजह से शो की मनी 40 लाख हो गई है. श्वेता ने उनपर आरोप लगाया कि वह बहुत खराब लूजर हैं, इस पर लोपा ने स्वीकार किया कि उनके लिए हार मानना बेहद मुश्किल होता है, वहीं फराह ने कहा कि लोपा हर चीज के लिए बानी को ब्लेम करती हैं. लोपा ने कहा कि वह और बानी एकदम अलग पर्सनैलिटी हैं, जब भी दोनों ने बात करने की कोशिश की दोनों में से किसी न किसी का पेशेंस लूज हो गया.
अंत में फराह ने फैसला सुनाया कि फाइनल में पहुंचने के लिए इन चारों से ज्यादा डिजर्विंग कोई और नहीं था. इसके बाद चारों सदस्यों ने घर के अंदर अपना आखिरी दिन बेहद एक दूसरे के साथ एंजॉय करके बिताया. चारों ने स्विमिंग पूल में एक साथ छलांग भी लगाई और फिर चारों ग्रांड फिनाले की तैयारियों में जुट गए.
इसके बाद लोपा आईं तो रवि ने उनसे कहा कि उन्हें उनपर क्रश है और उनकी पत्नी को यह पता है. रवि ने लोपा से कहा कि मंदना की बात का बुरा मानकर रोने लगीं और कहने लगीं कि वह आगे नहीं जाना चाहती हैं. इससे वह बेहद कमजोर नजर आईं, उन्हें खुद को ऐसे नहीं दिखाना चाहिए. फराह ने लोपा से कहा कि उनकी वजह से शो की मनी 40 लाख हो गई है. श्वेता ने उनपर आरोप लगाया कि वह बहुत खराब लूजर हैं, इस पर लोपा ने स्वीकार किया कि उनके लिए हार मानना बेहद मुश्किल होता है, वहीं फराह ने कहा कि लोपा हर चीज के लिए बानी को ब्लेम करती हैं. लोपा ने कहा कि वह और बानी एकदम अलग पर्सनैलिटी हैं, जब भी दोनों ने बात करने की कोशिश की दोनों में से किसी न किसी का पेशेंस लूज हो गया.
अंत में फराह ने फैसला सुनाया कि फाइनल में पहुंचने के लिए इन चारों से ज्यादा डिजर्विंग कोई और नहीं था. इसके बाद चारों सदस्यों ने घर के अंदर अपना आखिरी दिन बेहद एक दूसरे के साथ एंजॉय करके बिताया. चारों ने स्विमिंग पूल में एक साथ छलांग भी लगाई और फिर चारों ग्रांड फिनाले की तैयारियों में जुट गए.
अंत में फराह ने फैसला सुनाया कि फाइनल में पहुंचने के लिए इन चारों से ज्यादा डिजर्विंग कोई और नहीं था. इसके बाद चारों सदस्यों ने घर के अंदर अपना आखिरी दिन बेहद एक दूसरे के साथ एंजॉय करके बिताया. चारों ने स्विमिंग पूल में एक साथ छलांग भी लगाई और फिर चारों ग्रांड फिनाले की तैयारियों में जुट गए. | ग्रांड फिनाले से पहले चारों फाइनलिस्टों को मिला अपनी बात रखने का मौका.
फराह खान ने सुनी टीम सेलेब और इंडियावालों की बात.
ग्रांड फिनाले में परफॉर्म करेंगे सलमान खान और ऋतिक रोशन. | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जयपुर में 1990 में आगाज करने के बाद 27 साल में पहली बार पेस को डेविस कप टीम से बाहर किया गया है. पेस ने केएसएलटीए स्टेडियम में पत्रकारों से कहा, ‘जब मैं कल सुबह यहां अभ्यास के लिए आया तो मैं अच्छी तरह बॉल हिट कर रहा था. चयन का मानदंड फॉर्म होना था, जो निश्चित रूप से नहीं हुआ.’ पेस इस बात से सहमत थे कि टीम चुनना भूपति का अधिकार है लेकिन उन्होंने यह सलाह दी कि वे किसी के भी खिलाफ पक्षपात नहीं करें. उन्होंने कहा, ‘एक समय यह रैंकिंग के आधार पर होता था और कभी-कभार यह पसंद और निजी तरजीह के आधार पर होता है. कभी कभार यह व्यक्तिगत पसंद पर नहीं बल्कि इस आधार पर होता है कि कौन ड्यूस कोर्ट पर और कौन एड कोर्ट पर खेलता है.’ उन्होंने कहा, ‘और अब यह फॉर्म पर आधारित है. फार्म के आधार पर, आप लोग बेहतर जानते हो कि कौन बेहतर खेला.’
पेस ने लियोन चैलेंजर जीता है जहां की ऊंचाई बेंगलुरू से कहीं ज्यादा है इसलिये उन्हें लगता है कि उनके प्रदर्शन को नहीं देखा गया है. उन्होंने कहा, ‘बेंगलुरू की उंचाई 920 मीटर है. लियोन की ऊंचाई 1800 मीटर है जो बेंगलुरू की ऊंचाई से दोगुनी है.’ पेस अपमानित महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मेक्सिको से सिर्फ टीम से बाहर करने के लिये बुलाया गया था. उन्होंने कहा कि इसके लिये सिर्फ एक फोन करने की जरूरत थी. उन्होंने कहा, ‘देश के लिए खेलने के संबंध में इस तरह की बेहूदगी नहीं होनी चाहिए. मेरा मानना है कि आपको एक फोन करने की जरूरत थी कि आपकी जरूरत है या आपकी जरूरत नहीं है. यह इतना सरल है. यह इस तरह का नहीं होना चाहिए. ’ पेस ने कहा, ‘भारतीय ध्वज, देश और लोगों के लिये मेरा प्यार निस्वार्थ है. इसलिये मैं मेक्सिको से यहां तक आया जबकि मैं आसानी से अपनी रैंकिंग और करियर पर काम कर सकता था. ’
पेस ने लियोन चैलेंजर जीता है जहां की ऊंचाई बेंगलुरू से कहीं ज्यादा है इसलिये उन्हें लगता है कि उनके प्रदर्शन को नहीं देखा गया है. उन्होंने कहा, ‘बेंगलुरू की उंचाई 920 मीटर है. लियोन की ऊंचाई 1800 मीटर है जो बेंगलुरू की ऊंचाई से दोगुनी है.’ पेस अपमानित महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मेक्सिको से सिर्फ टीम से बाहर करने के लिये बुलाया गया था. उन्होंने कहा कि इसके लिये सिर्फ एक फोन करने की जरूरत थी. उन्होंने कहा, ‘देश के लिए खेलने के संबंध में इस तरह की बेहूदगी नहीं होनी चाहिए. मेरा मानना है कि आपको एक फोन करने की जरूरत थी कि आपकी जरूरत है या आपकी जरूरत नहीं है. यह इतना सरल है. यह इस तरह का नहीं होना चाहिए. ’ पेस ने कहा, ‘भारतीय ध्वज, देश और लोगों के लिये मेरा प्यार निस्वार्थ है. इसलिये मैं मेक्सिको से यहां तक आया जबकि मैं आसानी से अपनी रैंकिंग और करियर पर काम कर सकता था. ’ | संक्षिप्त पाठ: पेस ने कहा-चयन का मानदंड फॉर्म होना चाहिए था
भारतीय ध्वज और देश के लिए मेरा प्यार निस्वार्थ है
पेस को बाहर करके बोपन्ना को दी गई है टीम में जगह | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुलिस हेडकांस्टेबल की हत्या के आरोपी दलित युवक से मुलाकात कर विवाद खड़ा कर दिया। गिरफ्तार किए जा चुके दलित युवक पर आरोप है कि उसने अमरेली में प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल की हत्या कर दी थी। यह प्रदर्शन दलित समुदाय के युवकों पर गोरक्षा दल के अत्याचार की घटना के विरोध में किया गया था।
केजरीवाल शुक्रवार सुबह हवाईअड्डे पहुंचे और वहां से सीधे राजकोट सरकारी अस्पताल गए। वहां उन्होंने उना कांड के दो दलित पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने उन लोगों से भी मुलाकात की, जिन्होंने घटना के विरोध में आत्महत्या की कोशिश की थी।
आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल पुलिस हेडकांस्टेबल की हत्या के आरोपी कांति मुलजी वाला से भी मिले। मुलजी वाला का भी राजकोट सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुलजी वाला अमरेली के हेडकांस्टेबल पंकज अमरेलिया की हत्या के आरोपियों में से एक है। कुछ दिन पहले उना मामले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे दलितों ने पथराव किया था, जिसमें अमरेलिया की मौत हो गई थी।
केजरीवाल ने हत्या के आरोपी को 'न्याय की लड़ाई में हर संभव सहायता' का आश्वासन दिया। बहरहाल, वाला का कहना है कि पुलिसकर्मी की हत्या उसने नहीं की है और वह निर्दोष है। अरविंद केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि वह हत्या के आरोपी से क्यों मिले, उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि वह अमरेली में कांस्टेबल के परिजन से भी मिलेंगे।
केजरीवाल की आरोपी से मुलाकात पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सत्तारूढ़ पार्टी के सौराष्ट्र-कच्छ के प्रवक्ता राजू ध्रुव ने केजरीवाल की वाला से मुलाकात की आलोचना करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री को ऐसा व्यक्ति बताया, जो राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है।
ध्रुव ने कहा, 'वह (केजरीवाल) ऐसा व्यक्ति है जो राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है। उन्होंने अण्णा हजारे को धोखा दिया और अब वह गुजरात को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हत्या के आरोपी से मुलाकात कर केजरीवाल ने साबित कर दिया है कि उन्हें दलितों की कोई चिंता नहीं है, न ही कांस्टेबल अमरेलिया की परवाह है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान दे दी। केजरवाल घटिया राजनीति में विश्वास रखते हैं।'टिप्पणियां
गौरतलब है कि आप प्रमुख केजरीवाल राज्य के एक दिवसीय दौरे पीड़ित दलितों से मिलने पहुंचे हैं। गिर सोमनाथ के उना कस्बे के मोटा समाधियाला गांव में एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलितों और उनके परिजन की 11 जुलाई को बुरी तरह पिटाई की गई थी। इस घटना के विरोध में दलित समुदाय ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। ये प्रदर्शन तीन दिन तक जारी रहे और इस दौरान आगजनी के कारण सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल शुक्रवार सुबह हवाईअड्डे पहुंचे और वहां से सीधे राजकोट सरकारी अस्पताल गए। वहां उन्होंने उना कांड के दो दलित पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने उन लोगों से भी मुलाकात की, जिन्होंने घटना के विरोध में आत्महत्या की कोशिश की थी।
आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल पुलिस हेडकांस्टेबल की हत्या के आरोपी कांति मुलजी वाला से भी मिले। मुलजी वाला का भी राजकोट सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुलजी वाला अमरेली के हेडकांस्टेबल पंकज अमरेलिया की हत्या के आरोपियों में से एक है। कुछ दिन पहले उना मामले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे दलितों ने पथराव किया था, जिसमें अमरेलिया की मौत हो गई थी।
केजरीवाल ने हत्या के आरोपी को 'न्याय की लड़ाई में हर संभव सहायता' का आश्वासन दिया। बहरहाल, वाला का कहना है कि पुलिसकर्मी की हत्या उसने नहीं की है और वह निर्दोष है। अरविंद केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि वह हत्या के आरोपी से क्यों मिले, उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि वह अमरेली में कांस्टेबल के परिजन से भी मिलेंगे।
केजरीवाल की आरोपी से मुलाकात पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सत्तारूढ़ पार्टी के सौराष्ट्र-कच्छ के प्रवक्ता राजू ध्रुव ने केजरीवाल की वाला से मुलाकात की आलोचना करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री को ऐसा व्यक्ति बताया, जो राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है।
ध्रुव ने कहा, 'वह (केजरीवाल) ऐसा व्यक्ति है जो राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है। उन्होंने अण्णा हजारे को धोखा दिया और अब वह गुजरात को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हत्या के आरोपी से मुलाकात कर केजरीवाल ने साबित कर दिया है कि उन्हें दलितों की कोई चिंता नहीं है, न ही कांस्टेबल अमरेलिया की परवाह है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान दे दी। केजरवाल घटिया राजनीति में विश्वास रखते हैं।'टिप्पणियां
गौरतलब है कि आप प्रमुख केजरीवाल राज्य के एक दिवसीय दौरे पीड़ित दलितों से मिलने पहुंचे हैं। गिर सोमनाथ के उना कस्बे के मोटा समाधियाला गांव में एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलितों और उनके परिजन की 11 जुलाई को बुरी तरह पिटाई की गई थी। इस घटना के विरोध में दलित समुदाय ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। ये प्रदर्शन तीन दिन तक जारी रहे और इस दौरान आगजनी के कारण सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल पुलिस हेडकांस्टेबल की हत्या के आरोपी कांति मुलजी वाला से भी मिले। मुलजी वाला का भी राजकोट सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुलजी वाला अमरेली के हेडकांस्टेबल पंकज अमरेलिया की हत्या के आरोपियों में से एक है। कुछ दिन पहले उना मामले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे दलितों ने पथराव किया था, जिसमें अमरेलिया की मौत हो गई थी।
केजरीवाल ने हत्या के आरोपी को 'न्याय की लड़ाई में हर संभव सहायता' का आश्वासन दिया। बहरहाल, वाला का कहना है कि पुलिसकर्मी की हत्या उसने नहीं की है और वह निर्दोष है। अरविंद केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि वह हत्या के आरोपी से क्यों मिले, उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि वह अमरेली में कांस्टेबल के परिजन से भी मिलेंगे।
केजरीवाल की आरोपी से मुलाकात पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सत्तारूढ़ पार्टी के सौराष्ट्र-कच्छ के प्रवक्ता राजू ध्रुव ने केजरीवाल की वाला से मुलाकात की आलोचना करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री को ऐसा व्यक्ति बताया, जो राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है।
ध्रुव ने कहा, 'वह (केजरीवाल) ऐसा व्यक्ति है जो राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है। उन्होंने अण्णा हजारे को धोखा दिया और अब वह गुजरात को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हत्या के आरोपी से मुलाकात कर केजरीवाल ने साबित कर दिया है कि उन्हें दलितों की कोई चिंता नहीं है, न ही कांस्टेबल अमरेलिया की परवाह है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान दे दी। केजरवाल घटिया राजनीति में विश्वास रखते हैं।'टिप्पणियां
गौरतलब है कि आप प्रमुख केजरीवाल राज्य के एक दिवसीय दौरे पीड़ित दलितों से मिलने पहुंचे हैं। गिर सोमनाथ के उना कस्बे के मोटा समाधियाला गांव में एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलितों और उनके परिजन की 11 जुलाई को बुरी तरह पिटाई की गई थी। इस घटना के विरोध में दलित समुदाय ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। ये प्रदर्शन तीन दिन तक जारी रहे और इस दौरान आगजनी के कारण सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल ने हत्या के आरोपी को 'न्याय की लड़ाई में हर संभव सहायता' का आश्वासन दिया। बहरहाल, वाला का कहना है कि पुलिसकर्मी की हत्या उसने नहीं की है और वह निर्दोष है। अरविंद केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि वह हत्या के आरोपी से क्यों मिले, उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि वह अमरेली में कांस्टेबल के परिजन से भी मिलेंगे।
केजरीवाल की आरोपी से मुलाकात पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सत्तारूढ़ पार्टी के सौराष्ट्र-कच्छ के प्रवक्ता राजू ध्रुव ने केजरीवाल की वाला से मुलाकात की आलोचना करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री को ऐसा व्यक्ति बताया, जो राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है।
ध्रुव ने कहा, 'वह (केजरीवाल) ऐसा व्यक्ति है जो राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है। उन्होंने अण्णा हजारे को धोखा दिया और अब वह गुजरात को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हत्या के आरोपी से मुलाकात कर केजरीवाल ने साबित कर दिया है कि उन्हें दलितों की कोई चिंता नहीं है, न ही कांस्टेबल अमरेलिया की परवाह है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान दे दी। केजरवाल घटिया राजनीति में विश्वास रखते हैं।'टिप्पणियां
गौरतलब है कि आप प्रमुख केजरीवाल राज्य के एक दिवसीय दौरे पीड़ित दलितों से मिलने पहुंचे हैं। गिर सोमनाथ के उना कस्बे के मोटा समाधियाला गांव में एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलितों और उनके परिजन की 11 जुलाई को बुरी तरह पिटाई की गई थी। इस घटना के विरोध में दलित समुदाय ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। ये प्रदर्शन तीन दिन तक जारी रहे और इस दौरान आगजनी के कारण सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल की आरोपी से मुलाकात पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सत्तारूढ़ पार्टी के सौराष्ट्र-कच्छ के प्रवक्ता राजू ध्रुव ने केजरीवाल की वाला से मुलाकात की आलोचना करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री को ऐसा व्यक्ति बताया, जो राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है।
ध्रुव ने कहा, 'वह (केजरीवाल) ऐसा व्यक्ति है जो राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है। उन्होंने अण्णा हजारे को धोखा दिया और अब वह गुजरात को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हत्या के आरोपी से मुलाकात कर केजरीवाल ने साबित कर दिया है कि उन्हें दलितों की कोई चिंता नहीं है, न ही कांस्टेबल अमरेलिया की परवाह है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान दे दी। केजरवाल घटिया राजनीति में विश्वास रखते हैं।'टिप्पणियां
गौरतलब है कि आप प्रमुख केजरीवाल राज्य के एक दिवसीय दौरे पीड़ित दलितों से मिलने पहुंचे हैं। गिर सोमनाथ के उना कस्बे के मोटा समाधियाला गांव में एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलितों और उनके परिजन की 11 जुलाई को बुरी तरह पिटाई की गई थी। इस घटना के विरोध में दलित समुदाय ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। ये प्रदर्शन तीन दिन तक जारी रहे और इस दौरान आगजनी के कारण सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ध्रुव ने कहा, 'वह (केजरीवाल) ऐसा व्यक्ति है जो राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कुछ भी कर सकता है। उन्होंने अण्णा हजारे को धोखा दिया और अब वह गुजरात को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हत्या के आरोपी से मुलाकात कर केजरीवाल ने साबित कर दिया है कि उन्हें दलितों की कोई चिंता नहीं है, न ही कांस्टेबल अमरेलिया की परवाह है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान दे दी। केजरवाल घटिया राजनीति में विश्वास रखते हैं।'टिप्पणियां
गौरतलब है कि आप प्रमुख केजरीवाल राज्य के एक दिवसीय दौरे पीड़ित दलितों से मिलने पहुंचे हैं। गिर सोमनाथ के उना कस्बे के मोटा समाधियाला गांव में एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलितों और उनके परिजन की 11 जुलाई को बुरी तरह पिटाई की गई थी। इस घटना के विरोध में दलित समुदाय ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। ये प्रदर्शन तीन दिन तक जारी रहे और इस दौरान आगजनी के कारण सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि आप प्रमुख केजरीवाल राज्य के एक दिवसीय दौरे पीड़ित दलितों से मिलने पहुंचे हैं। गिर सोमनाथ के उना कस्बे के मोटा समाधियाला गांव में एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलितों और उनके परिजन की 11 जुलाई को बुरी तरह पिटाई की गई थी। इस घटना के विरोध में दलित समुदाय ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। ये प्रदर्शन तीन दिन तक जारी रहे और इस दौरान आगजनी के कारण सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: उना में केजरीवाल कांस्टेबल की हत्या के आरोपी कांति मुल्जी वाला से भी मिले
उना को लेकर विरोध-प्रदर्शन के दौरान पथराव में कांस्टेबल की मौत हो गई थी
वाला का कहना है कि पुलिसकर्मी की हत्या उसने नहीं की है और वह निर्दोष है | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आ रहे चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ रविवार को होने वाली बैठक में भारत लद्दाख क्षेत्र में हुए हालिया चीनी घुसपैठ से जुड़ी अपनी चिंताओं को शीर्ष स्तर पर उठाएगा।
अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत आ रहे ली यहां पहुंचने के तुंरत बाद प्रधानमंत्री सिंह के साथ एक सीमित वार्ता करेंगे।
प्रधानमंत्री अपने आधिकारिक निवास पर ली को रात्रिभोज भी दे रहे हैं, जिसमें भाजपा और सपा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण दलों के नेता भी शामिल होंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि ली द्वारा पद्भार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए इस देश को चुनने को भारत ‘बेहद गंभीरता’ से लेता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की उच्च स्तरीय वार्ता से आपसी भरोसे और समझ में वृद्धि के साथ-साथ एक दूसरे की चिंताओं के प्रति ‘संवेदनशीलता’ भी बढ़ती है।
ली की यात्रा का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि कल अपराह्न यहां पहुंच रहे चीनी प्रधानमंत्री के साथ प्रधानमंत्री सिंह की एक सीमित वार्ता होगी, जिसके बाद रात्रिभोज का आयोजन किया गया है।
इसके बाद सोमवार को दोनों नेताओं और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत वार्ता होगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा, जल और आर्थिक साझेदारी के तहत बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनको लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत आ रहे ली यहां पहुंचने के तुंरत बाद प्रधानमंत्री सिंह के साथ एक सीमित वार्ता करेंगे।
प्रधानमंत्री अपने आधिकारिक निवास पर ली को रात्रिभोज भी दे रहे हैं, जिसमें भाजपा और सपा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण दलों के नेता भी शामिल होंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि ली द्वारा पद्भार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए इस देश को चुनने को भारत ‘बेहद गंभीरता’ से लेता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की उच्च स्तरीय वार्ता से आपसी भरोसे और समझ में वृद्धि के साथ-साथ एक दूसरे की चिंताओं के प्रति ‘संवेदनशीलता’ भी बढ़ती है।
ली की यात्रा का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि कल अपराह्न यहां पहुंच रहे चीनी प्रधानमंत्री के साथ प्रधानमंत्री सिंह की एक सीमित वार्ता होगी, जिसके बाद रात्रिभोज का आयोजन किया गया है।
इसके बाद सोमवार को दोनों नेताओं और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत वार्ता होगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा, जल और आर्थिक साझेदारी के तहत बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनको लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
प्रधानमंत्री अपने आधिकारिक निवास पर ली को रात्रिभोज भी दे रहे हैं, जिसमें भाजपा और सपा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण दलों के नेता भी शामिल होंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि ली द्वारा पद्भार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए इस देश को चुनने को भारत ‘बेहद गंभीरता’ से लेता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की उच्च स्तरीय वार्ता से आपसी भरोसे और समझ में वृद्धि के साथ-साथ एक दूसरे की चिंताओं के प्रति ‘संवेदनशीलता’ भी बढ़ती है।
ली की यात्रा का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि कल अपराह्न यहां पहुंच रहे चीनी प्रधानमंत्री के साथ प्रधानमंत्री सिंह की एक सीमित वार्ता होगी, जिसके बाद रात्रिभोज का आयोजन किया गया है।
इसके बाद सोमवार को दोनों नेताओं और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत वार्ता होगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा, जल और आर्थिक साझेदारी के तहत बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनको लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि ली द्वारा पद्भार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए इस देश को चुनने को भारत ‘बेहद गंभीरता’ से लेता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की उच्च स्तरीय वार्ता से आपसी भरोसे और समझ में वृद्धि के साथ-साथ एक दूसरे की चिंताओं के प्रति ‘संवेदनशीलता’ भी बढ़ती है।
ली की यात्रा का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि कल अपराह्न यहां पहुंच रहे चीनी प्रधानमंत्री के साथ प्रधानमंत्री सिंह की एक सीमित वार्ता होगी, जिसके बाद रात्रिभोज का आयोजन किया गया है।
इसके बाद सोमवार को दोनों नेताओं और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत वार्ता होगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा, जल और आर्थिक साझेदारी के तहत बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनको लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की उच्च स्तरीय वार्ता से आपसी भरोसे और समझ में वृद्धि के साथ-साथ एक दूसरे की चिंताओं के प्रति ‘संवेदनशीलता’ भी बढ़ती है।
ली की यात्रा का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि कल अपराह्न यहां पहुंच रहे चीनी प्रधानमंत्री के साथ प्रधानमंत्री सिंह की एक सीमित वार्ता होगी, जिसके बाद रात्रिभोज का आयोजन किया गया है।
इसके बाद सोमवार को दोनों नेताओं और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत वार्ता होगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा, जल और आर्थिक साझेदारी के तहत बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनको लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
ली की यात्रा का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि कल अपराह्न यहां पहुंच रहे चीनी प्रधानमंत्री के साथ प्रधानमंत्री सिंह की एक सीमित वार्ता होगी, जिसके बाद रात्रिभोज का आयोजन किया गया है।
इसके बाद सोमवार को दोनों नेताओं और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत वार्ता होगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा, जल और आर्थिक साझेदारी के तहत बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनको लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
इसके बाद सोमवार को दोनों नेताओं और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत वार्ता होगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा, जल और आर्थिक साझेदारी के तहत बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनको लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा, जल और आर्थिक साझेदारी के तहत बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनको लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौतम बंबावले ने कहा, ‘‘दोनों प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चूंकि यह (घुसपैठ) हाल में ही घटित हुई है (इस पर भी चर्चा होगी)।’’टिप्पणियां
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
हालांकि बाद में सूत्रों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति के उल्लंघन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के मुद्दे को विस्तार से उठाने के लिए भारत अपने और चीन इस बात पर जोर देंगे कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले कदमों पर विस्तार में बातचीत करें। आने वाले कुछ महीनों के दौरान इन प्रतिनिधियों की भी मुलाकात होनी है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है।
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र के वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए भारत हमेशा से दबाव डालता रहा है। | सारांश: भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आ रहे चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ रविवार को होने वाली बैठक में भारत लद्दाख क्षेत्र में हुए हालिया चीनी घुसपैठ से जुड़ी अपनी चिंताओं को शीर्ष स्तर पर उठाएगा। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सोने की कीमतों में लगातार गिरावट हो रही है। सोने की कीमत मंगलवार को 25 हज़ार 500 रुपये के आसपास झूल रही है।टिप्पणियां
जानकारों का कहना है कि सोने की कीमत आने वाले दिनों में 25 हज़ार रुपये प्रति दस ग्राम तक आ सकती है। इस महीने 12 तारीख को सोने की कीमत 29 हजार 500 थी, इसके बाद से इसकी कीमत लगातार गिर रही है।
सोना तब से अब
साल कीमत
1950 99 रुपये
1955 79 रुपये
1960 111 रुपये
1964 63 रुपये
1965 71 रुपये
1970 184 रुपये
1975 520 रुपये
1980 1300 रुपये
1985 2000 रुपये
1990 3200 रुपये
1995 4650 रुपये
2000 4400 रुपये
2005 7000 रुपये
2010 18000 रुपये
2011 25000 रुपये
2012 32000 रुपये
2013 25500 रुपये
(प्रति10 ग्राम)
जानकारों का कहना है कि सोने की कीमत आने वाले दिनों में 25 हज़ार रुपये प्रति दस ग्राम तक आ सकती है। इस महीने 12 तारीख को सोने की कीमत 29 हजार 500 थी, इसके बाद से इसकी कीमत लगातार गिर रही है।
सोना तब से अब
साल कीमत
1950 99 रुपये
1955 79 रुपये
1960 111 रुपये
1964 63 रुपये
1965 71 रुपये
1970 184 रुपये
1975 520 रुपये
1980 1300 रुपये
1985 2000 रुपये
1990 3200 रुपये
1995 4650 रुपये
2000 4400 रुपये
2005 7000 रुपये
2010 18000 रुपये
2011 25000 रुपये
2012 32000 रुपये
2013 25500 रुपये
(प्रति10 ग्राम)
सोना तब से अब
साल कीमत
1950 99 रुपये
1955 79 रुपये
1960 111 रुपये
1964 63 रुपये
1965 71 रुपये
1970 184 रुपये
1975 520 रुपये
1980 1300 रुपये
1985 2000 रुपये
1990 3200 रुपये
1995 4650 रुपये
2000 4400 रुपये
2005 7000 रुपये
2010 18000 रुपये
2011 25000 रुपये
2012 32000 रुपये
2013 25500 रुपये
(प्रति10 ग्राम) | संक्षिप्त पाठ: सोने की कीमतों में लगातार गिरावट हो रही है। सोने की कीमत मंगलवार को 25 हज़ार 500 रुपये के आसपास झूल रही है। जानकारों का कहना है कि सोने की कीमत आने वाले दिनों में 25 हज़ार रुपये प्रति दस ग्राम तक आ सकती है। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आइसलैंड में ज्वालामुखी फटने से फैली राख की वजह से यूरोप में 250 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। इसकी वजह से हजारों लोगों को यात्रा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यूरोप की वायु यातायात एजेंसी यूरोकंट्रोल ने बताया कि यूरोप में 252 उड़ानों को रद्द किया गया है। समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक सोमवार रात से स्कॉटलैंड एवं आयरलैंड के ऊपर राख, धुएं एवं वाष्प की चादर फैलने से उड़ानें बाधित हुई हैं। ब्रिटिश एयरवेज और अन्य हवाई कम्पनियों को सोमवार रात से लंदन एवं स्कॉटलैंड के बीच सभी उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। वायु यातायात नियंत्रण कम्पनी नैट्स ने कहा कि राख हीथ्रो, लंदनडेरी, ग्लासगो, एडिनबर्ग, प्रेस्टविक, न्यूकैसल, कर्लाए, डरहम सहित ब्रिटेन के हवाई अड्डों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, मौसम विज्ञान विभाग के प्रवक्ता ने कहा, "अगले कुछ दिनों तक मौसम में अनिश्चितित बनी रह सकती है। मौसम के मिजाज में बहुत थोड़ा परिवर्तन राख हटाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।" उल्लेखनीय है कि स्कॉटलैंड में सोमवार एवं मंगलवार को कम से कम 36 उड़ानें रद्द हुईं जबकि इस आपदा के बाद ब्रिटेन के सभी हवाई अड्डों को प्रतीक्षा करने और तैयार रहने के लिए कहा गया। लंदन स्थित ज्वालामुखीय राख सलाहकार केंद्र के मुताबिक आयरलैंड की वायुसीमा बंद नहीं की जाएगी। समाचार पत्र के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी यात्रा में किसी तरह का व्यवधान न पड़े इसे सुनिश्चित करने के लिए वह एक दिन पहले सोमवार रात आयरलैंड से लंदन के लिए रवाना हो गए। उल्लेखनीय है कि आयरलैंड स्थित ग्रिमसवोत्न ज्वालामुखी शनिवार को फट गया। इससे 9000 उड़ानों के करीब 500,000 यात्री प्रभावित हुए हैं। | सारांश: आइसलैंड में ज्वालामुखी फटने से फैली राख की वजह से यूरोप में 250 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जस्टिस दिनेश माहेश्वरी (Dinesh Maheshwari) और जस्टिस संजीव खन्ना (Sanjiv Khanna) को सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) का नया जज बनाया गया है. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम की सिफारिश पर अपनी मुहर लगा दी है. इससे पहले जस्टिस खन्ना के जूनियर होने का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एस के कौल समेत कई लोगों ने विरोध किया था.सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश इस बार फिर सवालों के घेरे में आ गई. दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने की सिफारिश पर खुद सुप्रीम कोर्ट के ही जज जस्टिस संजय किशन कौल ने भी आपत्ति जता दी.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाले पांच जजों के कॉलेजियम की एक सिफारिश पर चौतरफा सवाल उठ रहे हैं. दरअसल दस जनवरी को कॉलेजियम ने कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने के लिए केंद्र को सिफारिश भेजी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल ने भी आपत्ति जताई जताई है. उन्होंने चीफ जस्टिस से कहा है कि वरिष्ठता के क्रम में आगे राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग पर जस्टिस खन्ना को वरियता देना ठीक नहीं
कॉलेजियम के इस फैसले से गलत संदेश जाएगा. हालांकि जस्टिस कौल ने जस्टिस खन्ना पर किसी तरह के सवाल नहीं उठाए हैं.
इससे पहले दिसंबर में कॉलेजियम ने दिल्ली के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग को चुना था लेकिन ये फैसला बदल दिया गया. इस पर पूर्व CJI आरएम लोढा ने NDTV इंडिया से कहा कि कॉलेजियम संस्थान की तरह काम करता है. उसके काम में पारदर्शिता होनी चाहिए.अगर कोई फैसला बदला जाता है तो उसके कारणों का खुलासा किया जाना चाहिए. वहीं सूत्रों ने NDTV से कहा है कि जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस प्रदीप नंदराजोग पर विचार किया गया, लेकिन सिफारिश नहीं भेजी गई. कुछ मेटेरियल मिलने के बाद दस जनवरी को जस्टिस दिनेश महेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना के नाम की सिफारिश की गई. पहले भी वरिष्ठता में पीछे होने के बावजूद जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर समेत कई हाईकोर्ट जजों को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है.पहले भी कॉलेजियम केंद्र को सिफारिश भेजने ये पहले नामों को बदलता रहा है. | संक्षिप्त पाठ: सुप्रीम कोर्ट में दो नए जजों की नियुक्ति को राष्ट्रपति की मंजूरी
जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना बने सुप्रीम कोर्ट के जज
जस्टिस संजीव खन्ना के नाम पर उठ चुके हैं सवाल | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का जाना नर्मदा के अनगिनत सेवकों में से एक प्रमुख सेवक का विदा होना है. उनकी वसीयत के अनुसार-उनका अंतिम संस्कार नर्मदा किनारे ही किया जाएगा. दवे का पूरा जीवन नर्मदा की सेवा करने और पर्यावरण को बचाने में समर्पित रहा. वह हर साल होशंगाबाद के नजदीक नर्मदा के तट पर नदी महोत्सव का आयोजन करते थे. तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देश-विदेश से पर्यावरण प्रेमी हिस्सा लेते हैं. मुझे भी एक बार इस उत्सव में हिस्सा लेने का अवसर मिला था. इसमें छात्रों की भागीदारी और उनका उत्साह मुझे हमेशा याद रहेगा.
दवेजी से पहली मुलाकात 2003 में मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान हुई थी. तब बीजेपी ने राज्य में दस साल से सत्ता में काबिज दिग्विजय सिंह को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी ताकत लगाई थी. जनता के सामने उमा भारती का चेहरा पेश किया गया, लेकिन पर्दे के पीछे रणनीति बनाने वालों में अनिल दवे प्रमुख भूमिका में थे. उनके चुनावी प्रबंधन, कुशल रणनीति और कार्यकर्ताओं से जीवंत संपर्क और संगठन पर मजबूत पकड़ की तब बहुत चर्चा हुई. इस चुनाव में बीजेपी ने दिग्विजय सिंह को 'श्रीमान बंटाधार' कहा था. ये जुमला जबर्दस्त हिट हुआ था और कांग्रेस इस चुनाव में हार गई थी.
बीजेपी ने उस चुनाव में तीन चौथाई बहुमत हासिल किया था और तब से सत्ता में कायम है. बाद के चुनावों में भी उन्हें प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. शिवाजी की रणनीति का उन्होंने बेहद नजदीकी से अध्ययन किया था और उन्हीं से प्रेरणा लेते हुए तब भोपाल में उनकी अगुवाई में बनाए गए बीजेपी के वॉर रूम को जावली नाम दिया गया. गौरतलब है कि शिवाजी अपने सहयोगियों के साथ प्रमुख सामरिक रणनीति जावली नाम के कक्ष में बनाया करते थे.
संसद भवन में सैंट्रल हॉल में दवेजी से लगातार मुलाकात होती रही. वे और प्रभात झा हमेशा साथ रहते। दवेजी ने अपने जीवन के कई ऐसे तथ्य बताए जो हैरान कर देने वाले थे. उन्होंने बताया कि नर्मदा की उन्होंने कई बार परिक्रमा की है। उद्गम स्थल अमरकंटक से उसके समु में मिलने तक के स्थान तक. उन्होंने बताया कि वो पायलट भी हैं और एक बार उन्होंने नर्मदा की ये परिक्रमा हवाई जहाज से की थी. यही नहीं, एक बार वो बोट से भी ये यात्रा कर चुके हैं. नदियों से उनका प्रेम इस हद तक था कि उन्होंने भोपाल में अपने निजी आवास का नाम ही नदी का घर रखा. उनका गैर सरकारी संगठन नर्मदा समग्र भी नदियों को बचाने के लिए काम करता था.
लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने शिवाजी के एक अनूठे पहलू पर किताब लिखी. शिवाजी का यह पहलू उनकी प्रशासनिक क्षमता के बारे में था. उन्होंने इसे स्वराज की कल्पना से जोड़ कर बताया कि किस तरह से आने वाली सरकार को शिवाजी के प्रशासनिक मॉडल को लागू करना चाहिए. दिलचस्प बात यह है कि इस पुस्तक की प्रस्तावना गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखी थी, जो बाद में प्रधानमंत्री बने. इस पुस्तक को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जारी किया था.
आज जब नेताओं में जीते जी अपना नाम अमर करने की उत्कंठा होती है, दवे जी ने इस मामले में मिसाल कायम की है. उनके निधन के बाद उनके भाई ने उनकी वसीयत को जारी किया. अनिल दवे ने अपनी वसीयत 23 जुलाई 2012 को ही लिख दी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि उनकी स्मृति में कोई भी स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा इत्यादि जैसे किसी विषय को न चलाया जाए. टिप्पणियां
उन्होंने ये इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें याद करने का एक ही तरीका होगा कि वृक्षों को बोया जाए और उन्हें बड़ा किया जाए. उन्होंने अपनी याद में नदी और जलाशयों को बचाने का काम भी करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन ये आग्रह भी किया कि इसमें भी उनके नाम का इस्तेमाल न किया जाए.
उनके निधन के बाद कई प्रमुख व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें पर्यावरण मंत्री बना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी योग्यता का सम्मान किया था. वो बतौर पर्यावरण मंत्री एक साल भी काम नहीं कर पाए, लेकिन इस अल्पअवधि में ही उन्होंने अपने जीवन भर के अनुभवों को मंत्रालय के काम में उतारने का भरसक प्रयास किया. नर्मदा के इस सेवक को श्रद्धांजलि.
दवेजी से पहली मुलाकात 2003 में मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान हुई थी. तब बीजेपी ने राज्य में दस साल से सत्ता में काबिज दिग्विजय सिंह को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी ताकत लगाई थी. जनता के सामने उमा भारती का चेहरा पेश किया गया, लेकिन पर्दे के पीछे रणनीति बनाने वालों में अनिल दवे प्रमुख भूमिका में थे. उनके चुनावी प्रबंधन, कुशल रणनीति और कार्यकर्ताओं से जीवंत संपर्क और संगठन पर मजबूत पकड़ की तब बहुत चर्चा हुई. इस चुनाव में बीजेपी ने दिग्विजय सिंह को 'श्रीमान बंटाधार' कहा था. ये जुमला जबर्दस्त हिट हुआ था और कांग्रेस इस चुनाव में हार गई थी.
बीजेपी ने उस चुनाव में तीन चौथाई बहुमत हासिल किया था और तब से सत्ता में कायम है. बाद के चुनावों में भी उन्हें प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. शिवाजी की रणनीति का उन्होंने बेहद नजदीकी से अध्ययन किया था और उन्हीं से प्रेरणा लेते हुए तब भोपाल में उनकी अगुवाई में बनाए गए बीजेपी के वॉर रूम को जावली नाम दिया गया. गौरतलब है कि शिवाजी अपने सहयोगियों के साथ प्रमुख सामरिक रणनीति जावली नाम के कक्ष में बनाया करते थे.
संसद भवन में सैंट्रल हॉल में दवेजी से लगातार मुलाकात होती रही. वे और प्रभात झा हमेशा साथ रहते। दवेजी ने अपने जीवन के कई ऐसे तथ्य बताए जो हैरान कर देने वाले थे. उन्होंने बताया कि नर्मदा की उन्होंने कई बार परिक्रमा की है। उद्गम स्थल अमरकंटक से उसके समु में मिलने तक के स्थान तक. उन्होंने बताया कि वो पायलट भी हैं और एक बार उन्होंने नर्मदा की ये परिक्रमा हवाई जहाज से की थी. यही नहीं, एक बार वो बोट से भी ये यात्रा कर चुके हैं. नदियों से उनका प्रेम इस हद तक था कि उन्होंने भोपाल में अपने निजी आवास का नाम ही नदी का घर रखा. उनका गैर सरकारी संगठन नर्मदा समग्र भी नदियों को बचाने के लिए काम करता था.
लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने शिवाजी के एक अनूठे पहलू पर किताब लिखी. शिवाजी का यह पहलू उनकी प्रशासनिक क्षमता के बारे में था. उन्होंने इसे स्वराज की कल्पना से जोड़ कर बताया कि किस तरह से आने वाली सरकार को शिवाजी के प्रशासनिक मॉडल को लागू करना चाहिए. दिलचस्प बात यह है कि इस पुस्तक की प्रस्तावना गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखी थी, जो बाद में प्रधानमंत्री बने. इस पुस्तक को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जारी किया था.
आज जब नेताओं में जीते जी अपना नाम अमर करने की उत्कंठा होती है, दवे जी ने इस मामले में मिसाल कायम की है. उनके निधन के बाद उनके भाई ने उनकी वसीयत को जारी किया. अनिल दवे ने अपनी वसीयत 23 जुलाई 2012 को ही लिख दी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि उनकी स्मृति में कोई भी स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा इत्यादि जैसे किसी विषय को न चलाया जाए. टिप्पणियां
उन्होंने ये इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें याद करने का एक ही तरीका होगा कि वृक्षों को बोया जाए और उन्हें बड़ा किया जाए. उन्होंने अपनी याद में नदी और जलाशयों को बचाने का काम भी करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन ये आग्रह भी किया कि इसमें भी उनके नाम का इस्तेमाल न किया जाए.
उनके निधन के बाद कई प्रमुख व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें पर्यावरण मंत्री बना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी योग्यता का सम्मान किया था. वो बतौर पर्यावरण मंत्री एक साल भी काम नहीं कर पाए, लेकिन इस अल्पअवधि में ही उन्होंने अपने जीवन भर के अनुभवों को मंत्रालय के काम में उतारने का भरसक प्रयास किया. नर्मदा के इस सेवक को श्रद्धांजलि.
संसद भवन में सैंट्रल हॉल में दवेजी से लगातार मुलाकात होती रही. वे और प्रभात झा हमेशा साथ रहते। दवेजी ने अपने जीवन के कई ऐसे तथ्य बताए जो हैरान कर देने वाले थे. उन्होंने बताया कि नर्मदा की उन्होंने कई बार परिक्रमा की है। उद्गम स्थल अमरकंटक से उसके समु में मिलने तक के स्थान तक. उन्होंने बताया कि वो पायलट भी हैं और एक बार उन्होंने नर्मदा की ये परिक्रमा हवाई जहाज से की थी. यही नहीं, एक बार वो बोट से भी ये यात्रा कर चुके हैं. नदियों से उनका प्रेम इस हद तक था कि उन्होंने भोपाल में अपने निजी आवास का नाम ही नदी का घर रखा. उनका गैर सरकारी संगठन नर्मदा समग्र भी नदियों को बचाने के लिए काम करता था.
लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने शिवाजी के एक अनूठे पहलू पर किताब लिखी. शिवाजी का यह पहलू उनकी प्रशासनिक क्षमता के बारे में था. उन्होंने इसे स्वराज की कल्पना से जोड़ कर बताया कि किस तरह से आने वाली सरकार को शिवाजी के प्रशासनिक मॉडल को लागू करना चाहिए. दिलचस्प बात यह है कि इस पुस्तक की प्रस्तावना गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखी थी, जो बाद में प्रधानमंत्री बने. इस पुस्तक को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जारी किया था.
आज जब नेताओं में जीते जी अपना नाम अमर करने की उत्कंठा होती है, दवे जी ने इस मामले में मिसाल कायम की है. उनके निधन के बाद उनके भाई ने उनकी वसीयत को जारी किया. अनिल दवे ने अपनी वसीयत 23 जुलाई 2012 को ही लिख दी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि उनकी स्मृति में कोई भी स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा इत्यादि जैसे किसी विषय को न चलाया जाए. टिप्पणियां
उन्होंने ये इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें याद करने का एक ही तरीका होगा कि वृक्षों को बोया जाए और उन्हें बड़ा किया जाए. उन्होंने अपनी याद में नदी और जलाशयों को बचाने का काम भी करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन ये आग्रह भी किया कि इसमें भी उनके नाम का इस्तेमाल न किया जाए.
उनके निधन के बाद कई प्रमुख व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें पर्यावरण मंत्री बना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी योग्यता का सम्मान किया था. वो बतौर पर्यावरण मंत्री एक साल भी काम नहीं कर पाए, लेकिन इस अल्पअवधि में ही उन्होंने अपने जीवन भर के अनुभवों को मंत्रालय के काम में उतारने का भरसक प्रयास किया. नर्मदा के इस सेवक को श्रद्धांजलि.
लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने शिवाजी के एक अनूठे पहलू पर किताब लिखी. शिवाजी का यह पहलू उनकी प्रशासनिक क्षमता के बारे में था. उन्होंने इसे स्वराज की कल्पना से जोड़ कर बताया कि किस तरह से आने वाली सरकार को शिवाजी के प्रशासनिक मॉडल को लागू करना चाहिए. दिलचस्प बात यह है कि इस पुस्तक की प्रस्तावना गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखी थी, जो बाद में प्रधानमंत्री बने. इस पुस्तक को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जारी किया था.
आज जब नेताओं में जीते जी अपना नाम अमर करने की उत्कंठा होती है, दवे जी ने इस मामले में मिसाल कायम की है. उनके निधन के बाद उनके भाई ने उनकी वसीयत को जारी किया. अनिल दवे ने अपनी वसीयत 23 जुलाई 2012 को ही लिख दी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि उनकी स्मृति में कोई भी स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा इत्यादि जैसे किसी विषय को न चलाया जाए. टिप्पणियां
उन्होंने ये इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें याद करने का एक ही तरीका होगा कि वृक्षों को बोया जाए और उन्हें बड़ा किया जाए. उन्होंने अपनी याद में नदी और जलाशयों को बचाने का काम भी करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन ये आग्रह भी किया कि इसमें भी उनके नाम का इस्तेमाल न किया जाए.
उनके निधन के बाद कई प्रमुख व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें पर्यावरण मंत्री बना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी योग्यता का सम्मान किया था. वो बतौर पर्यावरण मंत्री एक साल भी काम नहीं कर पाए, लेकिन इस अल्पअवधि में ही उन्होंने अपने जीवन भर के अनुभवों को मंत्रालय के काम में उतारने का भरसक प्रयास किया. नर्मदा के इस सेवक को श्रद्धांजलि.
आज जब नेताओं में जीते जी अपना नाम अमर करने की उत्कंठा होती है, दवे जी ने इस मामले में मिसाल कायम की है. उनके निधन के बाद उनके भाई ने उनकी वसीयत को जारी किया. अनिल दवे ने अपनी वसीयत 23 जुलाई 2012 को ही लिख दी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि उनकी स्मृति में कोई भी स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा इत्यादि जैसे किसी विषय को न चलाया जाए. टिप्पणियां
उन्होंने ये इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें याद करने का एक ही तरीका होगा कि वृक्षों को बोया जाए और उन्हें बड़ा किया जाए. उन्होंने अपनी याद में नदी और जलाशयों को बचाने का काम भी करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन ये आग्रह भी किया कि इसमें भी उनके नाम का इस्तेमाल न किया जाए.
उनके निधन के बाद कई प्रमुख व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें पर्यावरण मंत्री बना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी योग्यता का सम्मान किया था. वो बतौर पर्यावरण मंत्री एक साल भी काम नहीं कर पाए, लेकिन इस अल्पअवधि में ही उन्होंने अपने जीवन भर के अनुभवों को मंत्रालय के काम में उतारने का भरसक प्रयास किया. नर्मदा के इस सेवक को श्रद्धांजलि.
उन्होंने ये इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें याद करने का एक ही तरीका होगा कि वृक्षों को बोया जाए और उन्हें बड़ा किया जाए. उन्होंने अपनी याद में नदी और जलाशयों को बचाने का काम भी करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन ये आग्रह भी किया कि इसमें भी उनके नाम का इस्तेमाल न किया जाए.
उनके निधन के बाद कई प्रमुख व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें पर्यावरण मंत्री बना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी योग्यता का सम्मान किया था. वो बतौर पर्यावरण मंत्री एक साल भी काम नहीं कर पाए, लेकिन इस अल्पअवधि में ही उन्होंने अपने जीवन भर के अनुभवों को मंत्रालय के काम में उतारने का भरसक प्रयास किया. नर्मदा के इस सेवक को श्रद्धांजलि.
उनके निधन के बाद कई प्रमुख व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें पर्यावरण मंत्री बना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी योग्यता का सम्मान किया था. वो बतौर पर्यावरण मंत्री एक साल भी काम नहीं कर पाए, लेकिन इस अल्पअवधि में ही उन्होंने अपने जीवन भर के अनुभवों को मंत्रालय के काम में उतारने का भरसक प्रयास किया. नर्मदा के इस सेवक को श्रद्धांजलि. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अंतिम संस्कार नर्मदा किनारे ही किया जाएगा
उनके घर का नाम नदी का घर है
शिवाजी पर उन्होंने किताब लिखी है | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: साल 2014 में झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) से बीजेपी में शामिल हुए छह विधायकों पर दल-बदल मामले को लेकर पिछले कई सालों से स्पीकर कोर्ट में चल रही सुनवाई में आज फैसला आ गया. विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने फैसला सुनाते हुए सभी छह विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग को अमान्य ठहराया है. साथ ही जेवीएम के बीजेपी में विलय की बात को सही ठहराया गया है. जेवीएम प्रमुख बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव की याचिका खारिज कर दी गई.
गौरतलब है कि 2014 में विधानसभा चुनाव के बाद जेवीएम के छह विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे. इसमें हटिया से नवीन जयसवाल, चंदनक्यारी से अमर कुमार बाउरी, सिमरिया से गणेश गंजू, डाल्टनगंज से आलोक कुमार चौरसिया, सारठ से आर सिंह और बरकट्ठा से जानकी यादव शामिल हैं.
स्पीकर कोर्ट में दल-बदल मामले को लेकर मार्च 2015 में पहली सुनवाई हुई थी. 12 दिसंबर 2018 को अंतिम सुनवाई हुई. भाजपा की ओर से 57 नेताओं-कार्यकर्ताओं ने गवाही दी थी. जबकि, झारखंड विकास मोर्चा की ओर से आठ नेता-कार्यकर्ताओं ने गवाही दी थी. छह विधायकों के दल-बदल को लेकर झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष से 10 और 11 फरवरी 2015 को 10वीं अनुसूचि के तहत दल-बदल के मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी.
स्पीकर के कोर्ट में तीन साल दस महीने तक चली इस मामले की सुनवाई पिछले साल 12 दिसंबर को पूरी हुई थी. इसके बाद स्पीकर ने फैसला सुरक्षित रखा था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जेवीएम प्रमुख बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव की याचिका खारिज कर दी
2014 में विधानसभा चुनाव के बाद जेवीएम के 6 विधायक बीजेपी में चले गए थे
स्पीकर कोर्ट में दल-बदल मामले को लेकर मार्च 2015 से चल रही थी सुनवाई | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा कि देखिए, कैसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अफ़वाह मियाँ और झूठों के सरताज सुशील मोदी के कहने से सरेआम सदन को कर्फ़्यू पर गुमराह कर रहे हैं?टिप्पणियां
सदन में गृह विभाग की माँग पर सरकार का उत्तर चल रहा था. मुझे सूचना मिली कि औरंगाबाद में लगातार दूसरे दिन उपद्रवी आगज़नी कर 50 दुकानें जला चुके हैं. गोलीबारी हुई है. कर्फ़्यू लगा दिया गया है. इसी बीच सीएम नीतीश कुमार खड़े होकर झुँझलाहट में मेरी पुख़्ता सूचना को ही अफ़वाह बताने लगे.
मैंने सदन को सूचित किया, कर्फ़्यू लगा है और गोलीबारी हुई है, लेकिन सुशील मोदी ने सीएम को गुमराह किया और सीएम ने तुरंत कहा, कर्फ़्यू नहीं लगा और कोई गोलीबारी नहीं हुई. क्या प्रदेश के सीएम इतनी गंभीर घटना को भी मॉनिटर नहीं करते और ऊपर से सदन में झूठ बोल माननीय सदस्यों को गुमराह करते हैं.
सदन में गृह विभाग की माँग पर सरकार का उत्तर चल रहा था. मुझे सूचना मिली कि औरंगाबाद में लगातार दूसरे दिन उपद्रवी आगज़नी कर 50 दुकानें जला चुके हैं. गोलीबारी हुई है. कर्फ़्यू लगा दिया गया है. इसी बीच सीएम नीतीश कुमार खड़े होकर झुँझलाहट में मेरी पुख़्ता सूचना को ही अफ़वाह बताने लगे.
मैंने सदन को सूचित किया, कर्फ़्यू लगा है और गोलीबारी हुई है, लेकिन सुशील मोदी ने सीएम को गुमराह किया और सीएम ने तुरंत कहा, कर्फ़्यू नहीं लगा और कोई गोलीबारी नहीं हुई. क्या प्रदेश के सीएम इतनी गंभीर घटना को भी मॉनिटर नहीं करते और ऊपर से सदन में झूठ बोल माननीय सदस्यों को गुमराह करते हैं.
मैंने सदन को सूचित किया, कर्फ़्यू लगा है और गोलीबारी हुई है, लेकिन सुशील मोदी ने सीएम को गुमराह किया और सीएम ने तुरंत कहा, कर्फ़्यू नहीं लगा और कोई गोलीबारी नहीं हुई. क्या प्रदेश के सीएम इतनी गंभीर घटना को भी मॉनिटर नहीं करते और ऊपर से सदन में झूठ बोल माननीय सदस्यों को गुमराह करते हैं. | यह एक सारांश है: औरंगाबाद में लगातार दूसरे दिन आगज़नी
गोलीबारी हुई है. कर्फ़्यू लगा दिया गया
तेजस्वी ने किया दावा. | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यमन में कबायली लड़ाकों की ओर से की गई गोलाबारी में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह और कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी घायल हो गए हैं। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि एक मस्जिद में दो गोले दागे गए, जिससे सरकारी सुरक्षा बल रिपब्लिकन गार्ड के चार अधिकारी मारे गए हैं। अधिकारी ने कहा, महल पर हमले की वजह से राष्ट्रपति सालेह घायल हो गए हैं। प्रधानमंत्री अली मोहम्मद मुजावर के घायल होने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। सरकारी चैनल ने कहा है कि राष्ट्रपति सालेह ठीक हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के एक सूत्र ने कहा कि यमन के रक्षा एवं सुरक्षा मामले के उप प्रधानमंत्री जनरल रशद अल-अलीमी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इससे पहले सत्ताधारी जनरल पीपुल्स कांग्रेस के प्रवक्ता तारिक अल-शामी ने बताया, मस्जिद के निकट हुई गोलाबारी में प्रधानमंत्री, संसद के प्रमुख और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी घायल हुए हैं। ये लोग राष्ट्रपति महल के निकट की मस्जिद में जुमे की नमाज के लिये पहुंचे थे और उसी जगह गोलाबारी की गई। कबायली नेता शेख सादिक अल-अहमर के समर्थकों की ओर से गोलाबारी की गई। इस समय अल-अहमर और सालेह के समर्थक आमने-सामने हैं। यहां कुछ महीने पहले युवा नेतृत्व में प्रदर्शकारियों ने सालेह को हटाने के लिये शांतिपूर्ण अभियान की शुरुआत की थी, लेकिन यह यमन के दो शक्तिशाली परिवारों, राष्ट्रपति सालेह और अल अहमर के बीच मुठभेड़ मे तब्दील हो गया। अल अहमर परिवार देश के सबसे शक्तिशाली कबीले का अगुवा है। कबायलियों के शामिल होने से साना में करीब दो सप्ताह से चल रहा संघर्ष और खतरनाक हो गया है। | संक्षिप्त पाठ: यमन में कबायली लड़ाकों की ओर से की गई गोलाबारी में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह और कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी घायल हो गए हैं। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति (आईओसी) ने बुधवार को साफ कर दिया कि भारतीय ओलिम्पिक समिति (आईओए) जब तक निष्पक्ष और दोबारा चुनाव नहीं कराता है, तब तक उस पर जारी निलम्बन पर पुनर्विचार नहीं किया जाएगा।
आईओसी ने बुधवार को केंद्रीय खेलमंत्री जीतेंद्र सिंह के नेतृत्व में लुसाने पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ निलम्बन के मसले पर चर्चा की। इस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय खेल संघों के सदस्य भी शामिल थे। साथ ही इस बैठक में एशियाई ओलिम्पिक समिति (ओसीए) के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया।
आईओसी की कार्यकारिणी ने 4 दिसम्बर को आईओए को निलम्बित कर दिया था क्योंकि उसने ओलिम्पिक चार्टर्र का उल्लंघन करते हुए आईओए के चुनावों में सरकारी हस्तक्षेप को बढ़ावा दिया था। आईओसी ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया था।
आईओसी ने अपने बयान में कहा, "आज की बैठक का मुख्य मकसद यह है कि हम निलम्बित आईओए में निष्पक्ष एवं ताजा चुनाव कराने की सम्भावना खंगालना चाहते थे। हम चाहते हैं कि आईओए फिर से चुनाव कराए जो पूरी तरह लोकतांत्रिक और पारदर्शी हो। इसमें किसी तरह का बाहरी हस्तक्षेप न हो। इसके बाद ही आईओसी भारतीय ओलिम्पिक संघ के खिलाफ निलम्बन सम्बंधी अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा।"
आईओसी ने कहा कि वह चाहता है कि निलम्बन वापस लेने की दशा में आईओए अपनी ओर से जरूरी कदम उठाए। आईओसी ने कहा, "आईओए को अपने सदस्यों की एक बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें उसके संचालन और नैतिक मूल्यों पर चर्चा हो। इसके बाद एक आम बैठक हो, जिसमें ओलिम्पिक चार्टर के तहत नए और पुनर्भाषित संविधान की शर्तों के मुताबिक चुनाव कराए जाएं।"
आईओसी ने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगा और आईओए और उसके सदस्यों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी करेगा।टिप्पणियां
बैठक में शामिल खेलमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आईओसी की बातों को गम्भीरता से लेते हुए ओलिम्पिक अभियान का सम्मान करते हुए तमाम शर्तों का पालन करने की कोशिश करेगी।
सिंह ने आईओसी से कहा, "हम खेल विधेयक को संसद के पटल पर रखने से पहले इस पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इस बारे में सबसे चर्चा की जाएगी। खेल महासंघों के अलावा इस मसले पर आम जानता की भी राय ली जाएगी। हम हर किसी के विचारों का सम्मान करते हुए ही कोई लाभप्रद कदम उठाएंगे।"
आईओसी ने बुधवार को केंद्रीय खेलमंत्री जीतेंद्र सिंह के नेतृत्व में लुसाने पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ निलम्बन के मसले पर चर्चा की। इस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय खेल संघों के सदस्य भी शामिल थे। साथ ही इस बैठक में एशियाई ओलिम्पिक समिति (ओसीए) के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया।
आईओसी की कार्यकारिणी ने 4 दिसम्बर को आईओए को निलम्बित कर दिया था क्योंकि उसने ओलिम्पिक चार्टर्र का उल्लंघन करते हुए आईओए के चुनावों में सरकारी हस्तक्षेप को बढ़ावा दिया था। आईओसी ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया था।
आईओसी ने अपने बयान में कहा, "आज की बैठक का मुख्य मकसद यह है कि हम निलम्बित आईओए में निष्पक्ष एवं ताजा चुनाव कराने की सम्भावना खंगालना चाहते थे। हम चाहते हैं कि आईओए फिर से चुनाव कराए जो पूरी तरह लोकतांत्रिक और पारदर्शी हो। इसमें किसी तरह का बाहरी हस्तक्षेप न हो। इसके बाद ही आईओसी भारतीय ओलिम्पिक संघ के खिलाफ निलम्बन सम्बंधी अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा।"
आईओसी ने कहा कि वह चाहता है कि निलम्बन वापस लेने की दशा में आईओए अपनी ओर से जरूरी कदम उठाए। आईओसी ने कहा, "आईओए को अपने सदस्यों की एक बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें उसके संचालन और नैतिक मूल्यों पर चर्चा हो। इसके बाद एक आम बैठक हो, जिसमें ओलिम्पिक चार्टर के तहत नए और पुनर्भाषित संविधान की शर्तों के मुताबिक चुनाव कराए जाएं।"
आईओसी ने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगा और आईओए और उसके सदस्यों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी करेगा।टिप्पणियां
बैठक में शामिल खेलमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आईओसी की बातों को गम्भीरता से लेते हुए ओलिम्पिक अभियान का सम्मान करते हुए तमाम शर्तों का पालन करने की कोशिश करेगी।
सिंह ने आईओसी से कहा, "हम खेल विधेयक को संसद के पटल पर रखने से पहले इस पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इस बारे में सबसे चर्चा की जाएगी। खेल महासंघों के अलावा इस मसले पर आम जानता की भी राय ली जाएगी। हम हर किसी के विचारों का सम्मान करते हुए ही कोई लाभप्रद कदम उठाएंगे।"
आईओसी की कार्यकारिणी ने 4 दिसम्बर को आईओए को निलम्बित कर दिया था क्योंकि उसने ओलिम्पिक चार्टर्र का उल्लंघन करते हुए आईओए के चुनावों में सरकारी हस्तक्षेप को बढ़ावा दिया था। आईओसी ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया था।
आईओसी ने अपने बयान में कहा, "आज की बैठक का मुख्य मकसद यह है कि हम निलम्बित आईओए में निष्पक्ष एवं ताजा चुनाव कराने की सम्भावना खंगालना चाहते थे। हम चाहते हैं कि आईओए फिर से चुनाव कराए जो पूरी तरह लोकतांत्रिक और पारदर्शी हो। इसमें किसी तरह का बाहरी हस्तक्षेप न हो। इसके बाद ही आईओसी भारतीय ओलिम्पिक संघ के खिलाफ निलम्बन सम्बंधी अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा।"
आईओसी ने कहा कि वह चाहता है कि निलम्बन वापस लेने की दशा में आईओए अपनी ओर से जरूरी कदम उठाए। आईओसी ने कहा, "आईओए को अपने सदस्यों की एक बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें उसके संचालन और नैतिक मूल्यों पर चर्चा हो। इसके बाद एक आम बैठक हो, जिसमें ओलिम्पिक चार्टर के तहत नए और पुनर्भाषित संविधान की शर्तों के मुताबिक चुनाव कराए जाएं।"
आईओसी ने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगा और आईओए और उसके सदस्यों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी करेगा।टिप्पणियां
बैठक में शामिल खेलमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आईओसी की बातों को गम्भीरता से लेते हुए ओलिम्पिक अभियान का सम्मान करते हुए तमाम शर्तों का पालन करने की कोशिश करेगी।
सिंह ने आईओसी से कहा, "हम खेल विधेयक को संसद के पटल पर रखने से पहले इस पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इस बारे में सबसे चर्चा की जाएगी। खेल महासंघों के अलावा इस मसले पर आम जानता की भी राय ली जाएगी। हम हर किसी के विचारों का सम्मान करते हुए ही कोई लाभप्रद कदम उठाएंगे।"
आईओसी ने अपने बयान में कहा, "आज की बैठक का मुख्य मकसद यह है कि हम निलम्बित आईओए में निष्पक्ष एवं ताजा चुनाव कराने की सम्भावना खंगालना चाहते थे। हम चाहते हैं कि आईओए फिर से चुनाव कराए जो पूरी तरह लोकतांत्रिक और पारदर्शी हो। इसमें किसी तरह का बाहरी हस्तक्षेप न हो। इसके बाद ही आईओसी भारतीय ओलिम्पिक संघ के खिलाफ निलम्बन सम्बंधी अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा।"
आईओसी ने कहा कि वह चाहता है कि निलम्बन वापस लेने की दशा में आईओए अपनी ओर से जरूरी कदम उठाए। आईओसी ने कहा, "आईओए को अपने सदस्यों की एक बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें उसके संचालन और नैतिक मूल्यों पर चर्चा हो। इसके बाद एक आम बैठक हो, जिसमें ओलिम्पिक चार्टर के तहत नए और पुनर्भाषित संविधान की शर्तों के मुताबिक चुनाव कराए जाएं।"
आईओसी ने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगा और आईओए और उसके सदस्यों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी करेगा।टिप्पणियां
बैठक में शामिल खेलमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आईओसी की बातों को गम्भीरता से लेते हुए ओलिम्पिक अभियान का सम्मान करते हुए तमाम शर्तों का पालन करने की कोशिश करेगी।
सिंह ने आईओसी से कहा, "हम खेल विधेयक को संसद के पटल पर रखने से पहले इस पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इस बारे में सबसे चर्चा की जाएगी। खेल महासंघों के अलावा इस मसले पर आम जानता की भी राय ली जाएगी। हम हर किसी के विचारों का सम्मान करते हुए ही कोई लाभप्रद कदम उठाएंगे।"
आईओसी ने कहा कि वह चाहता है कि निलम्बन वापस लेने की दशा में आईओए अपनी ओर से जरूरी कदम उठाए। आईओसी ने कहा, "आईओए को अपने सदस्यों की एक बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें उसके संचालन और नैतिक मूल्यों पर चर्चा हो। इसके बाद एक आम बैठक हो, जिसमें ओलिम्पिक चार्टर के तहत नए और पुनर्भाषित संविधान की शर्तों के मुताबिक चुनाव कराए जाएं।"
आईओसी ने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगा और आईओए और उसके सदस्यों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी करेगा।टिप्पणियां
बैठक में शामिल खेलमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आईओसी की बातों को गम्भीरता से लेते हुए ओलिम्पिक अभियान का सम्मान करते हुए तमाम शर्तों का पालन करने की कोशिश करेगी।
सिंह ने आईओसी से कहा, "हम खेल विधेयक को संसद के पटल पर रखने से पहले इस पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इस बारे में सबसे चर्चा की जाएगी। खेल महासंघों के अलावा इस मसले पर आम जानता की भी राय ली जाएगी। हम हर किसी के विचारों का सम्मान करते हुए ही कोई लाभप्रद कदम उठाएंगे।"
आईओसी ने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगा और आईओए और उसके सदस्यों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी करेगा।टिप्पणियां
बैठक में शामिल खेलमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आईओसी की बातों को गम्भीरता से लेते हुए ओलिम्पिक अभियान का सम्मान करते हुए तमाम शर्तों का पालन करने की कोशिश करेगी।
सिंह ने आईओसी से कहा, "हम खेल विधेयक को संसद के पटल पर रखने से पहले इस पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इस बारे में सबसे चर्चा की जाएगी। खेल महासंघों के अलावा इस मसले पर आम जानता की भी राय ली जाएगी। हम हर किसी के विचारों का सम्मान करते हुए ही कोई लाभप्रद कदम उठाएंगे।"
बैठक में शामिल खेलमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आईओसी की बातों को गम्भीरता से लेते हुए ओलिम्पिक अभियान का सम्मान करते हुए तमाम शर्तों का पालन करने की कोशिश करेगी।
सिंह ने आईओसी से कहा, "हम खेल विधेयक को संसद के पटल पर रखने से पहले इस पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इस बारे में सबसे चर्चा की जाएगी। खेल महासंघों के अलावा इस मसले पर आम जानता की भी राय ली जाएगी। हम हर किसी के विचारों का सम्मान करते हुए ही कोई लाभप्रद कदम उठाएंगे।"
सिंह ने आईओसी से कहा, "हम खेल विधेयक को संसद के पटल पर रखने से पहले इस पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इस बारे में सबसे चर्चा की जाएगी। खेल महासंघों के अलावा इस मसले पर आम जानता की भी राय ली जाएगी। हम हर किसी के विचारों का सम्मान करते हुए ही कोई लाभप्रद कदम उठाएंगे।" | यह एक सारांश है: अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति (आईओसी) ने बुधवार को साफ कर दिया कि भारतीय ओलिम्पिक समिति (आईओए) जब तक निष्पक्ष और दोबारा चुनाव नहीं कराता है, तब तक उस पर जारी निलम्बन पर पुनर्विचार नहीं किया जाएगा। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक्टर ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने 19 साल पहले 'कहो न प्यार है (Kaho Naa Pyar Hai)' फिल्म से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की और तब से लेकर अब तक उन्हें कई फिल्मों में देखा गया है. 'फिजा', 'कभी खुशी कभी गम', 'कोई मिल गया', 'धूम 2 (Dhoom 2)' और 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा' उनकी हिट फिल्में रही हैं. इनमें उन्होंने अपने अभिनय के लोगों के दिलों में जगह बनाई. लेकिन इसके अलावा कुछ फिल्में ऐसी भी हैं, जिसमें दमदार अभिनय के बाद भी वह हिट नहीं हो सकी. 'यादें', 'ना तुम जानो ना हम', 'लक्ष्य (Lakshya)', 'काइट्स' और 'मोहनजोदारो' ऋतिक की वे फिल्में हैं, जिनमें उन्होंने काम तो शानदार किया लेकिन वह उम्मीद के मुताबिक नहीं चल पाईं.
समय के साथ ऋतिक (Hrithik Roshan) ने कई प्रकार की फिल्में की और सभी में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिशें की. अभिनेता के अनुसार, यह असफलताएं ही थीं, जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने में और नई ऊंचाइयों को छूने में मदद की. ऋतिक ने आईएएनएस से कहा, "आज जब मैं पीछे मुड़ के देखता हूं, तो पाता हूं मैं लंबा सफर तय कर चुका हूं. कुछ सफलताएं हैं और कुछ असफलताएं हैं लेकिन महत्वपूर्ण पाठ मुझे मेरी असफताओं से सिखने को मिले हैं. मैं आज जहां हूं यह सब मेरी असफलताओं का ही परिणाम है."
फिल्मों की पसंद के बारे में बात करते हुए 45 वर्षीय स्टार ने कहा कि वह 'एंटरटेनमेंट स्क्रिप्ट' की तलाश में रहते हैं. हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'सुपर 30' में ऋतिक (Hrithik Roshan) के अभिनय की सभी ने तारीफ की है. उन्होंने कहा, "सच कहूं तो मैंने 'सुपर 30' में इसलिए काम नहीं किया कि इससे सोशल मैसेज जाएगा. मैंने यह किया क्योंकि इसकी कहानी बहुत अच्छी थी."
उन्होंने कहा, "मेरे पिता हमेशा कहते हैं कि अगर आप समाज को कोई संदेश देना चाहते हैं, तो डॉक्यूमेंट्री बनाएं, फिल्म नहीं. अगर आप फिल्म बनाना चाहते हैं, तो उसमें मनोरंजन होना ही चाहिए. मैं सिर्फ इसलिए कोई फिल्म नहीं करना चाहूंगा क्योंकि वह किसी महान व्यक्ति की बायोपिक है. मैं तभी उसे करूंगा यदि उसकी स्क्रिप्ट एंटरटेनिंग है." बता दें ऋतिक रोशन की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 146 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था. | संक्षिप्त सारांश: एक्टर ऋतिक रोशन ने अपनी फिल्मों को लेकर खोला राज
हाल ही में ऋतिक की सुपर 30 हुई थी रिलीज
फिल्म को मिला था अच्छा रिस्पांस | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एडम गिलक्रिस्ट का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाली टेस्ट श्रृंखला के दौरान भारतीय टीम को अपने सबसे सफल ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की कमी खलेगी। हरभजन खराब फार्म के कारण टीम से बाहर हैं। शीर्ष स्तर पर हरभजन की नाकामी के कारण युवा स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और प्रज्ञान ओझा को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया है। दोनों टीमों के बीच चार मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेली जानी है। भज्जी को टीम से हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर गिलक्रिस्ट ने कहा, "भज्जी महान प्रतिस्पर्धी हैं। हालात के साथ लड़ने की उनकी काबिलियत वंदनीय है। वह इस लिहाज से काफी हद तक ऑस्ट्रेलियाई लगते हैं। एक खिलाड़ी का चयन प्रदर्शन के आधार पर होता है लेकिन भारतीय टीम को निश्चित तौर पर हरभजन की कमी खलेगी।" गिलक्रिस्ट मानते हैं कि आगामी श्रृंखला में दोनों टीमों के नए गेंदबाज अहम भूमिका अदा करेंगे। गिलक्रिस्ट ने कहा, "आगामी श्रृंखला को लेकर किसी प्रकार की अटकलें नहीं लगाई जा सकतीं। दोनों टीमें काबिलियत के आधार पर बराबर हैं। दोनों के मजबूत पक्ष हैं और दोनों अपने खिलाड़ियों के चोटिल होने से परेशान हैं।" "जिस टीम के गेंदबाज सबसे पहले सफलता हासिल करेंगे, उसका पलड़ा भारी हो सकता है।" भारत के पास वरुण एरॉन, उमेश यादव और अभिमन्यु मिथुन जैसे गैर अनुभवी गेंदबाज हैं जबकि आस्ट्रेलियाई टीम भी कई सीनियर गेंदबाजों के टीम में न होने के कारण बदलाव के दौर से गुजर रही है। | गिलक्रिस्ट का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाली टेस्ट श्रृंखला के दौरान भारतीय टीम को अपने सबसे सफल ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की कमी खलेगी। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एलेक्स हेल्स एक बार फिर ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक जड़ने वाला इंग्लैंड का पहला बल्लेबाज बनने से चूक गए लेकिन उनकी 94 रन की पारी की मदद से टीम ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे और अंतिम टी20 मैच में 27 रन से हराकर दो मैचों की शृंखला 1-1 से बराबर कर दी।
सलामी बल्लेबाज हेल्स ने 61 गेंद की अपनी पारी में 11 चौके और दो छक्के जड़े जिससे इंग्लैंड ने पांच विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।टिप्पणियां
इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (42 गेंद में 53 रन) के अर्द्धशतक के बावजूद नौ विकेट 168 रन ही बना सकी। मेहमान टीम की ओर से ग्लेन मैक्सवेल ने 16 गेंद में 27 जबकि कप्तान जार्ज बैली ने 13 गेंद में 23 रन की पारी खेली लेकिन टीम को लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंचा पाए। इंग्लैंड की ओर से जेड डर्नबैक ने 23 रन देकर तीन जबकि डैनी ब्रिग्स ने 25 रन देकर दो विकेट चटकाए। इंग्लैंड साउथम्पटन में पहले टी20 मैच में 39 रन से हार गया था।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की ओर से पाकिस्तान में जन्मे लेग स्पिनर फवद आलम ने 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उन्हें साउथम्पटन में अपने पदार्पण मैच में कोई विकेट नहीं मिला था।
सलामी बल्लेबाज हेल्स ने 61 गेंद की अपनी पारी में 11 चौके और दो छक्के जड़े जिससे इंग्लैंड ने पांच विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।टिप्पणियां
इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (42 गेंद में 53 रन) के अर्द्धशतक के बावजूद नौ विकेट 168 रन ही बना सकी। मेहमान टीम की ओर से ग्लेन मैक्सवेल ने 16 गेंद में 27 जबकि कप्तान जार्ज बैली ने 13 गेंद में 23 रन की पारी खेली लेकिन टीम को लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंचा पाए। इंग्लैंड की ओर से जेड डर्नबैक ने 23 रन देकर तीन जबकि डैनी ब्रिग्स ने 25 रन देकर दो विकेट चटकाए। इंग्लैंड साउथम्पटन में पहले टी20 मैच में 39 रन से हार गया था।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की ओर से पाकिस्तान में जन्मे लेग स्पिनर फवद आलम ने 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उन्हें साउथम्पटन में अपने पदार्पण मैच में कोई विकेट नहीं मिला था।
इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (42 गेंद में 53 रन) के अर्द्धशतक के बावजूद नौ विकेट 168 रन ही बना सकी। मेहमान टीम की ओर से ग्लेन मैक्सवेल ने 16 गेंद में 27 जबकि कप्तान जार्ज बैली ने 13 गेंद में 23 रन की पारी खेली लेकिन टीम को लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंचा पाए। इंग्लैंड की ओर से जेड डर्नबैक ने 23 रन देकर तीन जबकि डैनी ब्रिग्स ने 25 रन देकर दो विकेट चटकाए। इंग्लैंड साउथम्पटन में पहले टी20 मैच में 39 रन से हार गया था।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की ओर से पाकिस्तान में जन्मे लेग स्पिनर फवद आलम ने 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उन्हें साउथम्पटन में अपने पदार्पण मैच में कोई विकेट नहीं मिला था।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की ओर से पाकिस्तान में जन्मे लेग स्पिनर फवद आलम ने 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उन्हें साउथम्पटन में अपने पदार्पण मैच में कोई विकेट नहीं मिला था। | एलेक्स हेल्स एक बार फिर ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक जड़ने वाला इंग्लैंड का पहला बल्लेबाज बनने से चूक गए लेकिन उनकी 94 रन की पारी की मदद से टीम ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे और अंतिम टी20 मैच में 27 रन से हराकर दो मैचों की शृंखला 1-1 से बराबर कर दी। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय मूल की मशहूर निर्देशक मीरा नायर का कहना है कि ऑस्कर में खिताब पाने के लिए अथवा पश्चिम की तारीफें बटोरने के लिए भारतीय फिल्मकारों के बीच इतनी आपाधापी उन्हें समझ नहीं आती।
भारत के 43वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से इतर फिल्मकार ने कहा, ‘मेरी समझ में यह बात नहीं आती कि भारत ऑस्कर की ओर क्यों देखता है। एकेडमी अवार्ड अमेरिकियों के लिए गठित हुआ लेकिन यहां पर उसे लेकर काफी झुकाव है।’ उन्होंने कहा कि प्रशंसक ही हमारे ऑस्कर होने चाहिए। जब तक बेहतरीन सिनेमा का दायरा नहीं बढाया जाता चीजें नहीं बदलेंगी।
भारत के 43वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से इतर फिल्मकार ने कहा, ‘मेरी समझ में यह बात नहीं आती कि भारत ऑस्कर की ओर क्यों देखता है। एकेडमी अवार्ड अमेरिकियों के लिए गठित हुआ लेकिन यहां पर उसे लेकर काफी झुकाव है।’ उन्होंने कहा कि प्रशंसक ही हमारे ऑस्कर होने चाहिए। जब तक बेहतरीन सिनेमा का दायरा नहीं बढाया जाता चीजें नहीं बदलेंगी। | सारांश: भारतीय मूल की मशहूर निर्देशक मीरा नायर का कहना है कि ऑस्कर में खिताब पाने के लिए अथवा पश्चिम की तारीफें बटोरने के लिए भारतीय फिल्मकारों के बीच इतनी आपाधापी उन्हें समझ नहीं आती। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इटली में दुघर्टनाग्रस्त जहाज से पांच और शव मिलने से इस हादसे में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक जिन पांच लोगों के शव मिले हैं उनमें चार पुरुष और एक महिला है। बचाव दल जहाज के एक हिस्से में विस्फोट करके उसके भीतर गया था। कोस्टा कॉन्कोडिया नाम का ये जहाज शुक्रवार को पानी के भीतर मौजूद चट्टानों से टकराने के बाद डूबने लगा था। इस जहाज में चालक दल समेत 4000 से ज्यादा लोग सवार थे लेकिन ज्यादातर लोगों को बचा लिया गया। अभी भी 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश जारी है।टिप्पणियां
इटली में डूबे जहाज के कैप्टन फ्रांसिस्को शेटिनो को मानव वध के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अदालत कैप्टन से पूछताछ कर रही है। कोर्ट को ये तय करना है कि कैप्टन को हिरासत में रखा जाए या जमानत दे दी जाए हालांकि कैप्टन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। सरकारी पक्ष का कहना है कि अब तक की पूछताछ के बाद भी शेटिनो पर लगाए गए आरोप बदले नहीं गए हैं।
इटली में जहाज के दुघर्टनाग्रस्त होने के बाद कैप्टन फ्रांसिस्को शेटिनो और एक पोर्ट अधिकारी के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सामने आई है जिससे पता चलता है कि कैप्टन शेटिनो ने सारे यात्रियों को निकालने से पहले ही जहाज छोड़ दिया था। इस बातचीत में कोस्टगार्ड जहाज के कैप्टन से कह रहा है कि शेटिनो हो सकता है कि तुम समंदर से बच जाओ लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि तुम परेशानी से नहीं बच सकोगे इसलिए जहाज पर वापस जाओ। इसके जवाब में कैप्टन पहले तो इनकार करते हैं और फिर कहते हैं कि बहुत अंधेरा है और कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। इस पर पोर्ट का अधिकारी तल्खी भरे लहजे में कहता है कि तुम घर जाना चाहते हो शेटिनो बहुत अंधेरा है। तुम घर जाना चाहते हो हालांकि सुनवाई के दौरान कैप्टन ने कहा कि वह जहाज पर इसलिए नहीं लौट सके क्योंकि जहाज डूबकर 90 डिग्री पर गिर गया था।
इटली में जहाज हादसे में बच गए लोगों में से 70 से ज्यादा लोगों ने कहा है कि वे जहाज को चलाने वाली कंपनी के खिलाफ मुआवजे का मुकदमा करने जा रहे हैं। इटली के एक कंज्यूमर राइट्स संगठन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी कोस्टा क्रोसिएर के खिलाफ मुकदमा दायर किया जा रहा है। कुछ फ्रांसीसी लोगों ने कहा है कि वे अलग से मुआवजे का मुकदमा करेंगे।
इटली में डूबे जहाज के कैप्टन फ्रांसिस्को शेटिनो को मानव वध के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अदालत कैप्टन से पूछताछ कर रही है। कोर्ट को ये तय करना है कि कैप्टन को हिरासत में रखा जाए या जमानत दे दी जाए हालांकि कैप्टन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। सरकारी पक्ष का कहना है कि अब तक की पूछताछ के बाद भी शेटिनो पर लगाए गए आरोप बदले नहीं गए हैं।
इटली में जहाज के दुघर्टनाग्रस्त होने के बाद कैप्टन फ्रांसिस्को शेटिनो और एक पोर्ट अधिकारी के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सामने आई है जिससे पता चलता है कि कैप्टन शेटिनो ने सारे यात्रियों को निकालने से पहले ही जहाज छोड़ दिया था। इस बातचीत में कोस्टगार्ड जहाज के कैप्टन से कह रहा है कि शेटिनो हो सकता है कि तुम समंदर से बच जाओ लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि तुम परेशानी से नहीं बच सकोगे इसलिए जहाज पर वापस जाओ। इसके जवाब में कैप्टन पहले तो इनकार करते हैं और फिर कहते हैं कि बहुत अंधेरा है और कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। इस पर पोर्ट का अधिकारी तल्खी भरे लहजे में कहता है कि तुम घर जाना चाहते हो शेटिनो बहुत अंधेरा है। तुम घर जाना चाहते हो हालांकि सुनवाई के दौरान कैप्टन ने कहा कि वह जहाज पर इसलिए नहीं लौट सके क्योंकि जहाज डूबकर 90 डिग्री पर गिर गया था।
इटली में जहाज हादसे में बच गए लोगों में से 70 से ज्यादा लोगों ने कहा है कि वे जहाज को चलाने वाली कंपनी के खिलाफ मुआवजे का मुकदमा करने जा रहे हैं। इटली के एक कंज्यूमर राइट्स संगठन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी कोस्टा क्रोसिएर के खिलाफ मुकदमा दायर किया जा रहा है। कुछ फ्रांसीसी लोगों ने कहा है कि वे अलग से मुआवजे का मुकदमा करेंगे।
इटली में जहाज हादसे में बच गए लोगों में से 70 से ज्यादा लोगों ने कहा है कि वे जहाज को चलाने वाली कंपनी के खिलाफ मुआवजे का मुकदमा करने जा रहे हैं। इटली के एक कंज्यूमर राइट्स संगठन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी कोस्टा क्रोसिएर के खिलाफ मुकदमा दायर किया जा रहा है। कुछ फ्रांसीसी लोगों ने कहा है कि वे अलग से मुआवजे का मुकदमा करेंगे। | अधिकारियों के मुताबिक जिन पांच लोगों के शव मिले हैं उनमें चार पुरुष और एक महिला है। बचाव दल जहाज के एक हिस्से में विस्फोट करके उसके भीतर गया था। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शायद ही कभी अपने हाथ में आए बल्ले को निराश करते होंगे, इसीलिए तो उन्हें रन मशीन कहा जाता है. और बात जब किसी टीम द्वारा तय लक्ष्य का पीछा करने की, तो कोहली से बेहतर कोई नहीं है.
भारतीय कप्तान ने इस साल जनवरी में ही वनडे क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक लगाने के मामले में सचिन की बराबरी कर ली थी और गुरुवार को किंग्स्टन में सबीना पार्क में वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए एकदिवसीय मैचों में अपना 28वां शतक जड़कर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया. कोहली से पहले सचिन ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 17 शतक लगाए थे.
हालांकि, क्रिकेट के इन दो दिग्गजों के बीच जब पीछा करते हुए शतक जमाने के अंतर की बात आती है तो यह अंतर वाकई चौंकाने वाला है कि कोहली ने 102 पारियों में 18 शतक लगाए हैं जबिक तेंदुलकर को 17 शतक लगाने के लिए 232 पारियां खेलनी पड़ी थीं. इस तरह के रिकॉर्ड में श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान तीसरे स्थान पर हैं. दिलशान ने 116 पारियों में 11 शतक बनाए.
इसके अलावा कोहली ऐसे पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं जिन्होंने कैरेबियन में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो शतक बनाए हैं. पहले, राहुल द्रविड़ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कप्तान के रूप में एक शतक जड़ा था. कुल मिलाकर, यह वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली का चौथा शतक है.टिप्पणियां
गुरुवार को सबीनापार्क में खेले गए पांचवें और इस श्रृंखला के अंतिम वनडे में विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 205 रन बनाए, जिसके जवाब में टीम भारत ने 36.5 ओवर में 2 विकेट पर 206 रन बनाते हुए जीत दर्ज कर ली. कप्तान कोहली ने नाबाद रहते हुए 115 गेंदों पर 12 चौके और दो छक्कों की मदद से शानदार 111 रन बनाए.
इस तरह भारत ने यह श्रृंखला 3-1 से अपने नाम कर ली.
भारतीय कप्तान ने इस साल जनवरी में ही वनडे क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक लगाने के मामले में सचिन की बराबरी कर ली थी और गुरुवार को किंग्स्टन में सबीना पार्क में वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए एकदिवसीय मैचों में अपना 28वां शतक जड़कर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया. कोहली से पहले सचिन ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 17 शतक लगाए थे.
हालांकि, क्रिकेट के इन दो दिग्गजों के बीच जब पीछा करते हुए शतक जमाने के अंतर की बात आती है तो यह अंतर वाकई चौंकाने वाला है कि कोहली ने 102 पारियों में 18 शतक लगाए हैं जबिक तेंदुलकर को 17 शतक लगाने के लिए 232 पारियां खेलनी पड़ी थीं. इस तरह के रिकॉर्ड में श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान तीसरे स्थान पर हैं. दिलशान ने 116 पारियों में 11 शतक बनाए.
इसके अलावा कोहली ऐसे पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं जिन्होंने कैरेबियन में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो शतक बनाए हैं. पहले, राहुल द्रविड़ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कप्तान के रूप में एक शतक जड़ा था. कुल मिलाकर, यह वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली का चौथा शतक है.टिप्पणियां
गुरुवार को सबीनापार्क में खेले गए पांचवें और इस श्रृंखला के अंतिम वनडे में विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 205 रन बनाए, जिसके जवाब में टीम भारत ने 36.5 ओवर में 2 विकेट पर 206 रन बनाते हुए जीत दर्ज कर ली. कप्तान कोहली ने नाबाद रहते हुए 115 गेंदों पर 12 चौके और दो छक्कों की मदद से शानदार 111 रन बनाए.
इस तरह भारत ने यह श्रृंखला 3-1 से अपने नाम कर ली.
हालांकि, क्रिकेट के इन दो दिग्गजों के बीच जब पीछा करते हुए शतक जमाने के अंतर की बात आती है तो यह अंतर वाकई चौंकाने वाला है कि कोहली ने 102 पारियों में 18 शतक लगाए हैं जबिक तेंदुलकर को 17 शतक लगाने के लिए 232 पारियां खेलनी पड़ी थीं. इस तरह के रिकॉर्ड में श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान तीसरे स्थान पर हैं. दिलशान ने 116 पारियों में 11 शतक बनाए.
इसके अलावा कोहली ऐसे पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं जिन्होंने कैरेबियन में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो शतक बनाए हैं. पहले, राहुल द्रविड़ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कप्तान के रूप में एक शतक जड़ा था. कुल मिलाकर, यह वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली का चौथा शतक है.टिप्पणियां
गुरुवार को सबीनापार्क में खेले गए पांचवें और इस श्रृंखला के अंतिम वनडे में विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 205 रन बनाए, जिसके जवाब में टीम भारत ने 36.5 ओवर में 2 विकेट पर 206 रन बनाते हुए जीत दर्ज कर ली. कप्तान कोहली ने नाबाद रहते हुए 115 गेंदों पर 12 चौके और दो छक्कों की मदद से शानदार 111 रन बनाए.
इस तरह भारत ने यह श्रृंखला 3-1 से अपने नाम कर ली.
इसके अलावा कोहली ऐसे पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं जिन्होंने कैरेबियन में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो शतक बनाए हैं. पहले, राहुल द्रविड़ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कप्तान के रूप में एक शतक जड़ा था. कुल मिलाकर, यह वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली का चौथा शतक है.टिप्पणियां
गुरुवार को सबीनापार्क में खेले गए पांचवें और इस श्रृंखला के अंतिम वनडे में विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 205 रन बनाए, जिसके जवाब में टीम भारत ने 36.5 ओवर में 2 विकेट पर 206 रन बनाते हुए जीत दर्ज कर ली. कप्तान कोहली ने नाबाद रहते हुए 115 गेंदों पर 12 चौके और दो छक्कों की मदद से शानदार 111 रन बनाए.
इस तरह भारत ने यह श्रृंखला 3-1 से अपने नाम कर ली.
गुरुवार को सबीनापार्क में खेले गए पांचवें और इस श्रृंखला के अंतिम वनडे में विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 205 रन बनाए, जिसके जवाब में टीम भारत ने 36.5 ओवर में 2 विकेट पर 206 रन बनाते हुए जीत दर्ज कर ली. कप्तान कोहली ने नाबाद रहते हुए 115 गेंदों पर 12 चौके और दो छक्कों की मदद से शानदार 111 रन बनाए.
इस तरह भारत ने यह श्रृंखला 3-1 से अपने नाम कर ली. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लक्ष्य का पीछा करते हुए सचिन ने 232 पारियों में 17 शतक जड़े
कोहली ने महज 102 मैचों में ही 18 शतक जमाकर रिकॉर्ड बनाया
वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली ने 115 गेंदों पर 111 रन बनाए | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मर्चेन्ट डि लैंगे की अगुआई में गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन से टाइटंस ने चैम्पियन्स लीग के कम स्कोर वाले ग्रुप बी मैच में मंगलवार को मोहाली में ब्रिसबेन हीट को चार रन से हराकर सेमी-फाइनल में जगह बनाने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा।
ब्रिसबेन की टीम ने मैथ्यू गेल (10 रन पर चार विकेट) और डेनियल क्रिस्टियन (16 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी से टाइटन्स को 18.5 ओवर में 123 रन पर ढेर कर दिया। टाइटंस ने हालांकि डि लैंगे (13 रन पर तीन विकेट) और रोवान रिचर्डस (20 रन पर दो विकेट) की तूफानी गेंदबाजी से ब्रिसबेन हीट को 119 रन ही बनाने दिए।
इन दोनों ही टीमों को अपने पहले मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा था और अंतिम चार में जगह बनाने की उम्मीद जीवंत रखने के लिए आज का मैच काफी अहम था।
ब्रिसबेन की तरफ से कप्तान जेम्स होप्स ने 44 गेंद में चार चौकों की मदद से सर्वाधिक 37 रन बनाए। क्रिस साबुर्ग ने सात गेंद में दो चौकों और एक छक्के की मदद से 19 रन की पारी खेलकर ब्रिसबेन की टीम को अंत तक मैच में बनाये रखा लेकिन अंतिम ओवर में उनके रन आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई टीम की हार निश्चित हो गई।
लक्ष्य का पीछा करने उतरे ब्रिसबेन हीट की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और टीम ने पांचवें ओवर में 24 रन तक ही जो बर्न्स (00), पीटर फोरेस्ट (08) और बेन कटिंग (00) के विकेट गंवा दिए।
कप्तान और सलामी बल्लेबाज होप्स ने इसके बाद क्रिस्टियन (21) के साथ मिलकर पारी को संभाला। रीलोफ वान डेर मर्व की पारी की पहली गेंद पर चौका जड़ने के बाद होप्स ने रिचर्ड्स पर भी लगातार दो चौके मारे। होप्स और क्रिस्टियन ने विकेट बचाने और स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी। क्रिस्टियन ने डेविड वाइस पर लांग ऑफ पर छक्का जड़ा और 10 ओवर में टीम का स्कोर तीन विकेट पर 52 रन तक पहुंचाया।
रिचर्ड्स ने क्रिस्टियन को बोल्ड करके 44 रन की इस साझेदारी का अंत किया। उन्होंने 24 गेंद की अपनी पारी में एक छक्का जड़ा।
वान डेर मर्व ने इसके बाद होप्स को भी एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलियाई टीम की उम्मीदों को झटका दिया। साबुर्ग ने अंत में टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन जीत दिलाने में नाकाम रहे।
इससे पहले मैच बारिश के कारण 45 मिनट देर से शुरू हुआ। मैदानकर्मियों के भरसक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया कि मैच में ओवरों की संख्या कम नहीं हुई।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इन दोनों ही टीमों को अपने पहले मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा था और अंतिम चार में जगह बनाने की उम्मीद जीवंत रखने के लिए आज का मैच काफी अहम था।
ब्रिसबेन की तरफ से कप्तान जेम्स होप्स ने 44 गेंद में चार चौकों की मदद से सर्वाधिक 37 रन बनाए। क्रिस साबुर्ग ने सात गेंद में दो चौकों और एक छक्के की मदद से 19 रन की पारी खेलकर ब्रिसबेन की टीम को अंत तक मैच में बनाये रखा लेकिन अंतिम ओवर में उनके रन आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई टीम की हार निश्चित हो गई।
लक्ष्य का पीछा करने उतरे ब्रिसबेन हीट की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और टीम ने पांचवें ओवर में 24 रन तक ही जो बर्न्स (00), पीटर फोरेस्ट (08) और बेन कटिंग (00) के विकेट गंवा दिए।
कप्तान और सलामी बल्लेबाज होप्स ने इसके बाद क्रिस्टियन (21) के साथ मिलकर पारी को संभाला। रीलोफ वान डेर मर्व की पारी की पहली गेंद पर चौका जड़ने के बाद होप्स ने रिचर्ड्स पर भी लगातार दो चौके मारे। होप्स और क्रिस्टियन ने विकेट बचाने और स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी। क्रिस्टियन ने डेविड वाइस पर लांग ऑफ पर छक्का जड़ा और 10 ओवर में टीम का स्कोर तीन विकेट पर 52 रन तक पहुंचाया।
रिचर्ड्स ने क्रिस्टियन को बोल्ड करके 44 रन की इस साझेदारी का अंत किया। उन्होंने 24 गेंद की अपनी पारी में एक छक्का जड़ा।
वान डेर मर्व ने इसके बाद होप्स को भी एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलियाई टीम की उम्मीदों को झटका दिया। साबुर्ग ने अंत में टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन जीत दिलाने में नाकाम रहे।
इससे पहले मैच बारिश के कारण 45 मिनट देर से शुरू हुआ। मैदानकर्मियों के भरसक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया कि मैच में ओवरों की संख्या कम नहीं हुई।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
ब्रिसबेन की तरफ से कप्तान जेम्स होप्स ने 44 गेंद में चार चौकों की मदद से सर्वाधिक 37 रन बनाए। क्रिस साबुर्ग ने सात गेंद में दो चौकों और एक छक्के की मदद से 19 रन की पारी खेलकर ब्रिसबेन की टीम को अंत तक मैच में बनाये रखा लेकिन अंतिम ओवर में उनके रन आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई टीम की हार निश्चित हो गई।
लक्ष्य का पीछा करने उतरे ब्रिसबेन हीट की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और टीम ने पांचवें ओवर में 24 रन तक ही जो बर्न्स (00), पीटर फोरेस्ट (08) और बेन कटिंग (00) के विकेट गंवा दिए।
कप्तान और सलामी बल्लेबाज होप्स ने इसके बाद क्रिस्टियन (21) के साथ मिलकर पारी को संभाला। रीलोफ वान डेर मर्व की पारी की पहली गेंद पर चौका जड़ने के बाद होप्स ने रिचर्ड्स पर भी लगातार दो चौके मारे। होप्स और क्रिस्टियन ने विकेट बचाने और स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी। क्रिस्टियन ने डेविड वाइस पर लांग ऑफ पर छक्का जड़ा और 10 ओवर में टीम का स्कोर तीन विकेट पर 52 रन तक पहुंचाया।
रिचर्ड्स ने क्रिस्टियन को बोल्ड करके 44 रन की इस साझेदारी का अंत किया। उन्होंने 24 गेंद की अपनी पारी में एक छक्का जड़ा।
वान डेर मर्व ने इसके बाद होप्स को भी एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलियाई टीम की उम्मीदों को झटका दिया। साबुर्ग ने अंत में टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन जीत दिलाने में नाकाम रहे।
इससे पहले मैच बारिश के कारण 45 मिनट देर से शुरू हुआ। मैदानकर्मियों के भरसक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया कि मैच में ओवरों की संख्या कम नहीं हुई।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरे ब्रिसबेन हीट की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और टीम ने पांचवें ओवर में 24 रन तक ही जो बर्न्स (00), पीटर फोरेस्ट (08) और बेन कटिंग (00) के विकेट गंवा दिए।
कप्तान और सलामी बल्लेबाज होप्स ने इसके बाद क्रिस्टियन (21) के साथ मिलकर पारी को संभाला। रीलोफ वान डेर मर्व की पारी की पहली गेंद पर चौका जड़ने के बाद होप्स ने रिचर्ड्स पर भी लगातार दो चौके मारे। होप्स और क्रिस्टियन ने विकेट बचाने और स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी। क्रिस्टियन ने डेविड वाइस पर लांग ऑफ पर छक्का जड़ा और 10 ओवर में टीम का स्कोर तीन विकेट पर 52 रन तक पहुंचाया।
रिचर्ड्स ने क्रिस्टियन को बोल्ड करके 44 रन की इस साझेदारी का अंत किया। उन्होंने 24 गेंद की अपनी पारी में एक छक्का जड़ा।
वान डेर मर्व ने इसके बाद होप्स को भी एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलियाई टीम की उम्मीदों को झटका दिया। साबुर्ग ने अंत में टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन जीत दिलाने में नाकाम रहे।
इससे पहले मैच बारिश के कारण 45 मिनट देर से शुरू हुआ। मैदानकर्मियों के भरसक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया कि मैच में ओवरों की संख्या कम नहीं हुई।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
कप्तान और सलामी बल्लेबाज होप्स ने इसके बाद क्रिस्टियन (21) के साथ मिलकर पारी को संभाला। रीलोफ वान डेर मर्व की पारी की पहली गेंद पर चौका जड़ने के बाद होप्स ने रिचर्ड्स पर भी लगातार दो चौके मारे। होप्स और क्रिस्टियन ने विकेट बचाने और स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी। क्रिस्टियन ने डेविड वाइस पर लांग ऑफ पर छक्का जड़ा और 10 ओवर में टीम का स्कोर तीन विकेट पर 52 रन तक पहुंचाया।
रिचर्ड्स ने क्रिस्टियन को बोल्ड करके 44 रन की इस साझेदारी का अंत किया। उन्होंने 24 गेंद की अपनी पारी में एक छक्का जड़ा।
वान डेर मर्व ने इसके बाद होप्स को भी एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलियाई टीम की उम्मीदों को झटका दिया। साबुर्ग ने अंत में टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन जीत दिलाने में नाकाम रहे।
इससे पहले मैच बारिश के कारण 45 मिनट देर से शुरू हुआ। मैदानकर्मियों के भरसक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया कि मैच में ओवरों की संख्या कम नहीं हुई।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
रिचर्ड्स ने क्रिस्टियन को बोल्ड करके 44 रन की इस साझेदारी का अंत किया। उन्होंने 24 गेंद की अपनी पारी में एक छक्का जड़ा।
वान डेर मर्व ने इसके बाद होप्स को भी एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलियाई टीम की उम्मीदों को झटका दिया। साबुर्ग ने अंत में टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन जीत दिलाने में नाकाम रहे।
इससे पहले मैच बारिश के कारण 45 मिनट देर से शुरू हुआ। मैदानकर्मियों के भरसक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया कि मैच में ओवरों की संख्या कम नहीं हुई।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
वान डेर मर्व ने इसके बाद होप्स को भी एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलियाई टीम की उम्मीदों को झटका दिया। साबुर्ग ने अंत में टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन जीत दिलाने में नाकाम रहे।
इससे पहले मैच बारिश के कारण 45 मिनट देर से शुरू हुआ। मैदानकर्मियों के भरसक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया कि मैच में ओवरों की संख्या कम नहीं हुई।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले मैच बारिश के कारण 45 मिनट देर से शुरू हुआ। मैदानकर्मियों के भरसक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया कि मैच में ओवरों की संख्या कम नहीं हुई।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
ब्रिसबेन के कप्तान होप्स ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टाइटंस की शुरूआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही जाक रूडोल्फ (01) का विकेट गंवा दिया जिन्हें गेल ने पवेलियन भेजा। कप्तान हेनरी डेविड्स ने हेइनो कुहन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़कर पारी को संभाला। डेविड्स ने 31 गेंद में टीम की ओर से सर्वाधिक 39 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
दक्षिण अफ्रीका की टीम को इसके बाद दोहरे झटके लगे। टीम ने डेविड्स और कुहन के विकेट जल्दी जल्दी गंवाए जिससे टीम एक बार फिर मुश्किल में घिर गई।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
कुहन ने 27 गेंद की अपनी पार में छह चौके जड़े जबकि कप्तान डेविड्स ने पांच चौके मारे।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
अनुभवी डिविलियर्स ने सिर्फ 19 गेंद में 28 रन की आक्रामक पारी खेली लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े।टिप्पणियां
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
टाइटंस का स्कोर एक समय 14.2 ओवर में चार विकेट पर 107 रन था लेकिन उसने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ 16 रन जोड़कर गंवा दिए। गेल ने 19वें ओवर में फरहान बेहरदीन (09), मोर्ने मोर्कल (00) और रोवन रिचर्ड्स (00) को पवेलियन भेजकर टाइटन्स की पारी का अंत किया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया।
नाथन हारिट्ज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। | यह एक सारांश है: मर्चेन्ट डि लैंगे की अगुआई में गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन से टाइटंस ने चैम्पियन्स लीग के कम स्कोर वाले ग्रुप बी मैच में मंगलवार को मोहाली में ब्रिसबेन हीट को चार रन से हराकर सेमी-फाइनल में जगह बनाने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: झारखंड में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुख्ति मोर्चा में समझौता हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी ने भी समझौते को हरी झंडी दिखा दी है, जो फैसला हुआ है, उसके मुताबिक, नई सरकार में हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री होंगे। अहम बात यह है कि दोनों दलों में सिर्फ विधानसभा नहीं, लोकसभा चुनावों को लेकर भी समझौता हुआ है।
सूत्र बता रहे हैं कि झारखंड की लोकसभा सीटों में 10 पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी और चार पर जेएमएम के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस ने इसी मामले को लेकर आज बैठक भी की थी जिसमें सोनिया गांधी के अलावा अहमद पटेल, एके एंटनी, शकील अहमद, जयराम रमेश और बीके हरिप्रसाद जैसे नेता भी मौजूद थे।टिप्पणियां
गौरतलब है कि कांग्रेस राज्य में एक वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन बनाने की दिशा में इसलिए आगे बढ़ रही है, क्योंकि उसका मुख्य उद्देश्य अगले साल 14 लोकसभा सीटों में से ज्यादातर को जीतने के लिए प्रयास करना है। इस प्रक्रिया के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन ने मंगलवार रात वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एके एंटनी तथा अहमद पटेल से मुलाकात की और इस दौरान दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने गठबंधन के तौर-तरीकों पर चर्चा की।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने सोरेन को स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुख्य ध्यान अगले लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव पूर्व सीटों के बंटवारे पर है और उसे झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा सुझाए गए स्वच्छ छवि वाले नेता के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर कोई दिक्कत नहीं है। इस बैठक में यह भी विचार किया गया कि झारखंड में सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या किस तरह से जुटाई जाए, जहां राष्ट्रपति शासन 18 जुलाई को समाप्त हो रहा है।
सूत्र बता रहे हैं कि झारखंड की लोकसभा सीटों में 10 पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी और चार पर जेएमएम के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस ने इसी मामले को लेकर आज बैठक भी की थी जिसमें सोनिया गांधी के अलावा अहमद पटेल, एके एंटनी, शकील अहमद, जयराम रमेश और बीके हरिप्रसाद जैसे नेता भी मौजूद थे।टिप्पणियां
गौरतलब है कि कांग्रेस राज्य में एक वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन बनाने की दिशा में इसलिए आगे बढ़ रही है, क्योंकि उसका मुख्य उद्देश्य अगले साल 14 लोकसभा सीटों में से ज्यादातर को जीतने के लिए प्रयास करना है। इस प्रक्रिया के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन ने मंगलवार रात वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एके एंटनी तथा अहमद पटेल से मुलाकात की और इस दौरान दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने गठबंधन के तौर-तरीकों पर चर्चा की।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने सोरेन को स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुख्य ध्यान अगले लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव पूर्व सीटों के बंटवारे पर है और उसे झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा सुझाए गए स्वच्छ छवि वाले नेता के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर कोई दिक्कत नहीं है। इस बैठक में यह भी विचार किया गया कि झारखंड में सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या किस तरह से जुटाई जाए, जहां राष्ट्रपति शासन 18 जुलाई को समाप्त हो रहा है।
गौरतलब है कि कांग्रेस राज्य में एक वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन बनाने की दिशा में इसलिए आगे बढ़ रही है, क्योंकि उसका मुख्य उद्देश्य अगले साल 14 लोकसभा सीटों में से ज्यादातर को जीतने के लिए प्रयास करना है। इस प्रक्रिया के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन ने मंगलवार रात वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एके एंटनी तथा अहमद पटेल से मुलाकात की और इस दौरान दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने गठबंधन के तौर-तरीकों पर चर्चा की।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने सोरेन को स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुख्य ध्यान अगले लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव पूर्व सीटों के बंटवारे पर है और उसे झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा सुझाए गए स्वच्छ छवि वाले नेता के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर कोई दिक्कत नहीं है। इस बैठक में यह भी विचार किया गया कि झारखंड में सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या किस तरह से जुटाई जाए, जहां राष्ट्रपति शासन 18 जुलाई को समाप्त हो रहा है।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने सोरेन को स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुख्य ध्यान अगले लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव पूर्व सीटों के बंटवारे पर है और उसे झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा सुझाए गए स्वच्छ छवि वाले नेता के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर कोई दिक्कत नहीं है। इस बैठक में यह भी विचार किया गया कि झारखंड में सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या किस तरह से जुटाई जाए, जहां राष्ट्रपति शासन 18 जुलाई को समाप्त हो रहा है। | संक्षिप्त पाठ: सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी ने भी समझौते को हरी झंडी दिखा दी है, जो फैसला हुआ है, उसके हिसाब से नई सरकार में हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री होंगे। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए वाराणसी के लोग कमर कसे हुए हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की उपेक्षा से ये लोग दुखी तो हैं लेकिन हताश नहीं और इसीलिए काशी के शंकराचार्य घाट पर एक हज़ार ब्राह्मणों ने गंगा लहरी का सस्वर पाठ किया।
मान्यता के मुताबिक गंगा पर तीन सौ साल पहले भी संकट आया था जिसके बाद ऐसा ही पाठ हुआ।टिप्पणियां
ब्राह्मणों ने सवा लाख पाठ गंगा लहरी का किया।
शंकराचार्य ने गंगा पर बने बांध और प्रदूषण के ख़िलाफ अभियान चलाया है इसी के तहत सारे कायर्क्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की उपेक्षा से ये लोग दुखी तो हैं लेकिन हताश नहीं और इसीलिए काशी के शंकराचार्य घाट पर एक हज़ार ब्राह्मणों ने गंगा लहरी का सस्वर पाठ किया।
मान्यता के मुताबिक गंगा पर तीन सौ साल पहले भी संकट आया था जिसके बाद ऐसा ही पाठ हुआ।टिप्पणियां
ब्राह्मणों ने सवा लाख पाठ गंगा लहरी का किया।
शंकराचार्य ने गंगा पर बने बांध और प्रदूषण के ख़िलाफ अभियान चलाया है इसी के तहत सारे कायर्क्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मान्यता के मुताबिक गंगा पर तीन सौ साल पहले भी संकट आया था जिसके बाद ऐसा ही पाठ हुआ।टिप्पणियां
ब्राह्मणों ने सवा लाख पाठ गंगा लहरी का किया।
शंकराचार्य ने गंगा पर बने बांध और प्रदूषण के ख़िलाफ अभियान चलाया है इसी के तहत सारे कायर्क्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
ब्राह्मणों ने सवा लाख पाठ गंगा लहरी का किया।
शंकराचार्य ने गंगा पर बने बांध और प्रदूषण के ख़िलाफ अभियान चलाया है इसी के तहत सारे कायर्क्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
शंकराचार्य ने गंगा पर बने बांध और प्रदूषण के ख़िलाफ अभियान चलाया है इसी के तहत सारे कायर्क्रम आयोजित किए जा रहे हैं। | यहाँ एक सारांश है:केंद्र और राज्य सरकार की उपेक्षा से ये लोग दुखी तो हैं लेकिन हताश नहीं और इसीलिए काशी के शंकराचार्य घाट पर एक हज़ार ब्राह्मणों ने गंगा लहरी का सस्वर पाठ किया। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाली सीट मैनपुरी से एक बार फिर मुलायम सिंह यादव मैदान में होंगे. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव जीता था. लेकिन बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट से छोड़ दी. बात करें नतीजों की तो 'मोदी लहर' में भी मुलायम सिंह यादव को 595918 वोट मिले थे. यहां पर बीजेपी दूसरे नंबर थी जिसे 231252 वोट मिले थे. बीएसपी को 142833, आईएनडी को 5645 और आम आदमी पार्टी को 5588 वोट मिले थे. 1996 से लेकर अब तक इस सीट से समाजवादी पार्टी 8 बार लोकसभा का चुनाव जीत चुकी है. जिसमें एक उपचुनाव भी शामिल है. कांग्रेस इस सीट से 3 बार लोकसभा चुनाव जीती है. जबकि बीजेपी का इस सीट से एक बार भी खाता नहीं खुला है. मुलायम के मैनपुरी सीट छोड़ने के बाद अब इस सीट पर उनके पोते तेज प्रताप सिंह ने चुनाव लड़ा. तेज प्रताप की शादी लालू यादव की बेटी राजलक्ष्मी के साथ हुई है.
तेज प्रताप ने भी विरासत को संभालते हुए तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रेम सिंह शाक्य को चुनाव हराया था. लेकिन पार्टी ने सबसे सुरक्षित सीट पर मुलायम सिंह यादव को टिकट देकर एक तरह से लालू के दामाद का पत्ता काट दिया है और अभी यह भी तय नहीं है कि तेज प्रताप को टिकट दिया जाएगा नहीं.
समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक 9 सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान किया जा चुका है जिसमें चार सीटें मुलायम सिंह यादव परिवार के हिस्से में आई हैं. कन्नौज से डिंपल यादव, बदायूं से धर्मेन्द्र, मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव और फिरोजाबाद से अक्षय यादव को टिकट दिया गया है. | यहाँ एक सारांश है:मैनपुरी से लड़ेंगे मुलायम सिंह यादव
तेज प्रताप हैं यहां से सांसद
लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं तेज प्रताप सिंह | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुम्बई आतंकवादी हमले के सहआरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के खिलाफ अमेरिका में सोमवार को शुरू सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई के राणा और डेविड हेडली के साथ संबंध थे। शिकागो के डर्कसेन संघीय बिल्डिंग में सुनवायी के दौरान अमेरिकी सहायक अटार्नी जनरल साराह स्ट्राइकर ने कहा कि पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक हेडली से मुम्बई आतंकवादी हमले के बाद कहा कि भारतीय इसी लायक थे। वर्ष 2008 में हुए इस हमले में 166 लोग मारे गए थे। स्ट्राइकर ने कहा कि राणा ने अपने पुराने मित्र हेडली की मदद की जिसने मुम्बई हमले से पहले वहां निशाना बनाये जाने वाले स्थानों की टोह लेते समय फोटो खींची। इसके साथ ही राणा ने हेडली को अपने शिकागो स्थित आव्रजन उद्योग के प्रतिनिधि के रूप में पेश किया। राणा की सुनवायी पर पूरे विश्व की नजर है क्योंकि इससे मुम्बई हमले के लिए जिम्मेदार ठहराये जाने वाले पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा और पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी के बीच संदिग्ध संबंधों का खुलासा हो सकता है। गत दो मई को अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद में मारे जाने के बाद से आईएसआई जांच के घेरे में है। 50 वर्षीय राणा ने अपना अपराध स्वीकार नहीं किया है लेकिन पाकिस्तान के सैनिक स्कूल के समय के उसके मित्र हेडली (50) ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले की सुनवायी 12 सदस्यीय पीठ कर रही है। राणा की पैरवी कर रहे एक अमेरिकी वकील चार्ली स्विफ्ट का कहना है कि उनके मुवक्किल को उसके पाकिस्तानी मूल के दोस्त और संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने धोखा दिया। राणा को नहीं पता था कि उसके व्यापार का इस्तेमाल अपने बचने के लिए किया जा रहा है। स्विफ्ट ने कहा, राणा का सिर्फ यही कसूर है कि वह हेडली का दोस्त था और उसके साथ कारोबार में साझेदार था। हेडली ने मेरे मुवकिल को धोखा दिया। उन्होंने कहा कि राणा ने अपने इस दोस्त के साथ मिलकर कारोबार शुरू करने से ज्यादा कुछ नहीं किया। स्ट्राइकर ने कहा, प्रतिवादी ने न तो बंदूक उठायी और न ही ग्रेनेड फेंका। एक जटिल साजिश में काम करने वाले सभी सदस्य हथियार का इस्तेमाल नहीं करते। ऐसी साजिशों को समर्थन देने वाले प्रतिवादी जैसे लोगों उसकी सफलता के लिए बहुत अहम होते हैं। राणा के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को उसके पुराने मित्र ने धोखा दिया और उसे नहीं पता था कि स्टोर में क्या है। स्विफ्ट ने पीठ को बताया कि हेडली एक जोड़तोड वाला व्यक्ति था जो कई कई कामों में संतुलन स्थापित कर चलता था। इसमें एक ही समय में लश्कर ए तैयबा, पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई और अमेरिकी मादक पदार्थ प्रवर्तन प्रशासन के लिए काम करना शामिल था।बहरहाल, स्ट्राइकर ने कहा कि राणा को अच्छी तरह से पता था कि वह क्या कर रहा है। उन्होंने कहा कि राणा ने हेडली को अपनी पहचान छुपाने का जरिया दिया क्योंकि उसने (हेडली ने) उसे (राणा को) अपने शिकागो स्थित आव्रजन उद्योग के प्रतिनिधि के रूप में पेश किया था। उन्होंने कहा, प्रतिवादी को अच्छी तरह से पता था कि जब हेडली विदेश के किसी देश की यात्रा करता है तो लोग मारे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पीठ को वे साक्ष्य दिखाएगी जिसमें हेडली और राणा के बीच हुए ईमेल के संदेश शामिल हैं जो गुप्त संकेतों में लिखे गए हैं। उन्होंेने कहा कि हेडली राणा को विश्व में अपना सबसे सर्वश्रेष्ठ मित्र मानता था। राणा आरोपपत्र में सातवां आरोपी है और ऐसा एकमात्र प्रतिवादी है जो हिरासत में है। छह अन्य अनुपस्थित हैं जिसमें मेजर इकबाल और साजिद मीर शामिल हैं जो कथित रूप से लश्कर ए तैयबा के पर्यवेक्षक हैं। | यहाँ एक सारांश है:सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई के राणा और डेविड हेडली के साथ संबंध थे। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के नक्सल प्रभावित जमुई और औरंगाबाद जिले में बुधवार रात नक्सली हमले में आठ सरकारी भवन क्षतिग्रस्त हो गए। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के अनुसार, 100 से ज्यादा सशस्त्र नक्सलियों ने औरंगाबाद जिले के देव थाना क्षेत्र के मिशिरबिगहा गांव स्थित सिंचाई विभाग के सात भवनों को विस्फोटकों से उड़ा दिया। यह हमला इन भवनों में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को ठहराए जाने की सूचना मिलने पर किया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से एक केन बम भी बरामद किया गया है, जिसे निष्क्रिय कर दिया गया है।
एक अन्य घटना में नक्सलियों ने जमुई जिले के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात जेसीबी मशीन से एक पंचायत भवन को ध्वस्त कर दिया।टिप्पणियां
जमुई के पुलिस अधीक्षक दीपक वर्णवाल ने गुरुवार को बताया कि थाड़ी भींसोदह गांव में रात को हथियरबंद नक्सलियों ने धावा बोलकर वहां के पंचायत भवन को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस घटना में भवन के तीन कमरे और एक बरामदा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्णवाल के मुताबिक, घटना के बाद नक्सलियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, 100 से ज्यादा सशस्त्र नक्सलियों ने औरंगाबाद जिले के देव थाना क्षेत्र के मिशिरबिगहा गांव स्थित सिंचाई विभाग के सात भवनों को विस्फोटकों से उड़ा दिया। यह हमला इन भवनों में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को ठहराए जाने की सूचना मिलने पर किया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से एक केन बम भी बरामद किया गया है, जिसे निष्क्रिय कर दिया गया है।
एक अन्य घटना में नक्सलियों ने जमुई जिले के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात जेसीबी मशीन से एक पंचायत भवन को ध्वस्त कर दिया।टिप्पणियां
जमुई के पुलिस अधीक्षक दीपक वर्णवाल ने गुरुवार को बताया कि थाड़ी भींसोदह गांव में रात को हथियरबंद नक्सलियों ने धावा बोलकर वहां के पंचायत भवन को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस घटना में भवन के तीन कमरे और एक बरामदा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्णवाल के मुताबिक, घटना के बाद नक्सलियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से एक केन बम भी बरामद किया गया है, जिसे निष्क्रिय कर दिया गया है।
एक अन्य घटना में नक्सलियों ने जमुई जिले के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात जेसीबी मशीन से एक पंचायत भवन को ध्वस्त कर दिया।टिप्पणियां
जमुई के पुलिस अधीक्षक दीपक वर्णवाल ने गुरुवार को बताया कि थाड़ी भींसोदह गांव में रात को हथियरबंद नक्सलियों ने धावा बोलकर वहां के पंचायत भवन को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस घटना में भवन के तीन कमरे और एक बरामदा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्णवाल के मुताबिक, घटना के बाद नक्सलियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
एक अन्य घटना में नक्सलियों ने जमुई जिले के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात जेसीबी मशीन से एक पंचायत भवन को ध्वस्त कर दिया।टिप्पणियां
जमुई के पुलिस अधीक्षक दीपक वर्णवाल ने गुरुवार को बताया कि थाड़ी भींसोदह गांव में रात को हथियरबंद नक्सलियों ने धावा बोलकर वहां के पंचायत भवन को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस घटना में भवन के तीन कमरे और एक बरामदा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्णवाल के मुताबिक, घटना के बाद नक्सलियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
जमुई के पुलिस अधीक्षक दीपक वर्णवाल ने गुरुवार को बताया कि थाड़ी भींसोदह गांव में रात को हथियरबंद नक्सलियों ने धावा बोलकर वहां के पंचायत भवन को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस घटना में भवन के तीन कमरे और एक बरामदा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्णवाल के मुताबिक, घटना के बाद नक्सलियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
इस घटना में भवन के तीन कमरे और एक बरामदा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्णवाल के मुताबिक, घटना के बाद नक्सलियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। | यह एक सारांश है: बिहार के नक्सल प्रभावित जमुई और औरंगाबाद जिले में बुधवार रात नक्सली हमले में आठ सरकारी भवन क्षतिग्रस्त हो गए। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के जयदीप जॉयदीप करमाकर लंदन ओलिंपिक में पुरुषों की 50 मीटर प्रोन रायफल स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए हैं, लेकिन लंदन में भारत को एकमात्र कांस्य पदक दिलाने वाले गगन नारंग चूक गए हैं।टिप्पणियां
करमाकर ने 50 निशानेबाजों के क्वालीफाइंग दौर में 595 अंक हासिल किए और संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे। दूसरी ओर गगन 593 अंक ही हासिल कर सके। वह 50 निशानेबाजों के बीच 18वें स्थान पर रहे।
करमाकर ने शूटऑफ में भी अच्छा प्रदर्शन किया और फाइनल के लिए जगह बनाने वाले आठ निशानेबाजों में से सातवें स्थान पर रहे। करमाकर ने शूटऑफ में चौथा स्थान हासिल किया। बेलारुस के सर्गेइ मार्तिनोव ने क्वालीफाइंग में 600 अंक हासिल करके विश्व रिकार्ड की बराबरी की।
करमाकर ने 50 निशानेबाजों के क्वालीफाइंग दौर में 595 अंक हासिल किए और संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे। दूसरी ओर गगन 593 अंक ही हासिल कर सके। वह 50 निशानेबाजों के बीच 18वें स्थान पर रहे।
करमाकर ने शूटऑफ में भी अच्छा प्रदर्शन किया और फाइनल के लिए जगह बनाने वाले आठ निशानेबाजों में से सातवें स्थान पर रहे। करमाकर ने शूटऑफ में चौथा स्थान हासिल किया। बेलारुस के सर्गेइ मार्तिनोव ने क्वालीफाइंग में 600 अंक हासिल करके विश्व रिकार्ड की बराबरी की।
करमाकर ने शूटऑफ में भी अच्छा प्रदर्शन किया और फाइनल के लिए जगह बनाने वाले आठ निशानेबाजों में से सातवें स्थान पर रहे। करमाकर ने शूटऑफ में चौथा स्थान हासिल किया। बेलारुस के सर्गेइ मार्तिनोव ने क्वालीफाइंग में 600 अंक हासिल करके विश्व रिकार्ड की बराबरी की। | संक्षिप्त सारांश: भारत के जयदीप जॉयदीप करमाकर ओलिंपिक में पुरुषों की 50 मीटर प्रोन रायफल स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए हैं, लेकिन लंदन में भारत को एकमात्र कांस्य पदक दिलाने वाले गगन नारंग चूक गए हैं। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई हमले के मामले में लश्कर ए-तैयबा के जकीउर रहमान लखवी और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई कर रहे आतंकवाद-निरोधी अदालत ने मंगलवार को अधिसूचित किया कि इस मामले की जांच करने के लिए पाकिस्तानी न्यायिक दल 14 मार्च को भारत जाएगा।
न्यायाधीश शाहिद रफीक ने रावलपिंडी के एक कारावास में बंद कमरे में हुई सुनवायी के दौरान आयोग के दौरे की तिथि की घोषणा की।
न्यायाधीश ने गृह मंत्री के उपनिदेशक फजल माजिद को आयोग के दौरे के लिए समन्वयक नियुक्त करने की भी घोषणा की।
सूत्रों ने बताया कि बचाव पक्ष के वकील की ओर से दायर एक याचिका के आधार पर यह नियुक्ति की गई।
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने पीटीआई को बताया, ‘‘अदालत ने अधिसूचित किया है कि आयोग 14 मार्च को भारत का दौरा करेगा और एक समन्वयक भी नियुक्त किया गया है।’’ आयोग पहले हवाई मार्ग से लाहौर से दिल्ली जाएगा और फिर मुंबई रवाना होगा।
अहमद ने कहा, ‘‘वह (भारतीय अधिकारी) दिल्ली में हमसे कुछ औपचारिक्ताएं पूरी करना चाहते हैं।’’ सूत्रों ने बताया कि अदालत के निर्देश के बावजूद अभियोजन पक्ष ने भारत में मुख्य जांचकर्ता की जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं की।
मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने न्यायाधीश को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों से रिपोर्ट मांगी है लेकिन अभी तक वह उन्हें मिली नहीं है। अदालत ने सुनवाई को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आयोग के भारत दौरे के बारे में अन्य पहलूओं पर गृह मंत्रालय विचार करेगी।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
न्यायाधीश शाहिद रफीक ने रावलपिंडी के एक कारावास में बंद कमरे में हुई सुनवायी के दौरान आयोग के दौरे की तिथि की घोषणा की।
न्यायाधीश ने गृह मंत्री के उपनिदेशक फजल माजिद को आयोग के दौरे के लिए समन्वयक नियुक्त करने की भी घोषणा की।
सूत्रों ने बताया कि बचाव पक्ष के वकील की ओर से दायर एक याचिका के आधार पर यह नियुक्ति की गई।
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने पीटीआई को बताया, ‘‘अदालत ने अधिसूचित किया है कि आयोग 14 मार्च को भारत का दौरा करेगा और एक समन्वयक भी नियुक्त किया गया है।’’ आयोग पहले हवाई मार्ग से लाहौर से दिल्ली जाएगा और फिर मुंबई रवाना होगा।
अहमद ने कहा, ‘‘वह (भारतीय अधिकारी) दिल्ली में हमसे कुछ औपचारिक्ताएं पूरी करना चाहते हैं।’’ सूत्रों ने बताया कि अदालत के निर्देश के बावजूद अभियोजन पक्ष ने भारत में मुख्य जांचकर्ता की जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं की।
मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने न्यायाधीश को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों से रिपोर्ट मांगी है लेकिन अभी तक वह उन्हें मिली नहीं है। अदालत ने सुनवाई को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आयोग के भारत दौरे के बारे में अन्य पहलूओं पर गृह मंत्रालय विचार करेगी।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
न्यायाधीश ने गृह मंत्री के उपनिदेशक फजल माजिद को आयोग के दौरे के लिए समन्वयक नियुक्त करने की भी घोषणा की।
सूत्रों ने बताया कि बचाव पक्ष के वकील की ओर से दायर एक याचिका के आधार पर यह नियुक्ति की गई।
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने पीटीआई को बताया, ‘‘अदालत ने अधिसूचित किया है कि आयोग 14 मार्च को भारत का दौरा करेगा और एक समन्वयक भी नियुक्त किया गया है।’’ आयोग पहले हवाई मार्ग से लाहौर से दिल्ली जाएगा और फिर मुंबई रवाना होगा।
अहमद ने कहा, ‘‘वह (भारतीय अधिकारी) दिल्ली में हमसे कुछ औपचारिक्ताएं पूरी करना चाहते हैं।’’ सूत्रों ने बताया कि अदालत के निर्देश के बावजूद अभियोजन पक्ष ने भारत में मुख्य जांचकर्ता की जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं की।
मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने न्यायाधीश को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों से रिपोर्ट मांगी है लेकिन अभी तक वह उन्हें मिली नहीं है। अदालत ने सुनवाई को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आयोग के भारत दौरे के बारे में अन्य पहलूओं पर गृह मंत्रालय विचार करेगी।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि बचाव पक्ष के वकील की ओर से दायर एक याचिका के आधार पर यह नियुक्ति की गई।
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने पीटीआई को बताया, ‘‘अदालत ने अधिसूचित किया है कि आयोग 14 मार्च को भारत का दौरा करेगा और एक समन्वयक भी नियुक्त किया गया है।’’ आयोग पहले हवाई मार्ग से लाहौर से दिल्ली जाएगा और फिर मुंबई रवाना होगा।
अहमद ने कहा, ‘‘वह (भारतीय अधिकारी) दिल्ली में हमसे कुछ औपचारिक्ताएं पूरी करना चाहते हैं।’’ सूत्रों ने बताया कि अदालत के निर्देश के बावजूद अभियोजन पक्ष ने भारत में मुख्य जांचकर्ता की जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं की।
मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने न्यायाधीश को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों से रिपोर्ट मांगी है लेकिन अभी तक वह उन्हें मिली नहीं है। अदालत ने सुनवाई को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आयोग के भारत दौरे के बारे में अन्य पहलूओं पर गृह मंत्रालय विचार करेगी।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने पीटीआई को बताया, ‘‘अदालत ने अधिसूचित किया है कि आयोग 14 मार्च को भारत का दौरा करेगा और एक समन्वयक भी नियुक्त किया गया है।’’ आयोग पहले हवाई मार्ग से लाहौर से दिल्ली जाएगा और फिर मुंबई रवाना होगा।
अहमद ने कहा, ‘‘वह (भारतीय अधिकारी) दिल्ली में हमसे कुछ औपचारिक्ताएं पूरी करना चाहते हैं।’’ सूत्रों ने बताया कि अदालत के निर्देश के बावजूद अभियोजन पक्ष ने भारत में मुख्य जांचकर्ता की जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं की।
मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने न्यायाधीश को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों से रिपोर्ट मांगी है लेकिन अभी तक वह उन्हें मिली नहीं है। अदालत ने सुनवाई को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आयोग के भारत दौरे के बारे में अन्य पहलूओं पर गृह मंत्रालय विचार करेगी।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
अहमद ने कहा, ‘‘वह (भारतीय अधिकारी) दिल्ली में हमसे कुछ औपचारिक्ताएं पूरी करना चाहते हैं।’’ सूत्रों ने बताया कि अदालत के निर्देश के बावजूद अभियोजन पक्ष ने भारत में मुख्य जांचकर्ता की जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं की।
मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने न्यायाधीश को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों से रिपोर्ट मांगी है लेकिन अभी तक वह उन्हें मिली नहीं है। अदालत ने सुनवाई को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आयोग के भारत दौरे के बारे में अन्य पहलूओं पर गृह मंत्रालय विचार करेगी।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने न्यायाधीश को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों से रिपोर्ट मांगी है लेकिन अभी तक वह उन्हें मिली नहीं है। अदालत ने सुनवाई को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आयोग के भारत दौरे के बारे में अन्य पहलूओं पर गृह मंत्रालय विचार करेगी।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि आयोग के भारत दौरे के बारे में अन्य पहलूओं पर गृह मंत्रालय विचार करेगी।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
आयोग में संघीय जांच एजेंसी के दो अभियोजक, बचाव पक्ष के पांच वकील और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे।टिप्पणियां
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान सरकार से एक से 10 फरवरी के बीच आयोग को भारत भेजने को कहा था।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
हालांकि आयोग उस दौरान विभिन्न कारणों से भारत दौरे पर नहीं जा सका। यहां तक कि आयोग के गठन पर भी सवाल खड़े किए गए थे। | सारांश: मुंबई हमले के मामले में लश्कर ए-तैयबा के जकीउर रहमान लखवी और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई कर रहे आतंकवाद-निरोधी अदालत ने अधिसूचित किया कि इस मामले की जांच करने के लिए पाकिस्तानी न्यायिक दल 14 मार्च को भारत जाएगा। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीरिया की राजधानी दमिश्क के उपनगरीय इलाके में कार बम विस्फोटों में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम 83 लोग घायल हुए।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने आंतरिक मंत्रालय के हवाले से बताया कि बुधवार को जरमाना में हुए इन विस्फोटों के पीछे आतंकवादियों का हाथ है। विस्फोट के कारण आसपास की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
सरकार समर्थक टीवी चैनल के अनुसार विस्फोट अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 4.40 बजे हुए। एक सूत्र ने बताया, "आतंकवादियों ने कस्बे के प्रमुख चौराहे पर विस्फोटकों से लदी कार को उड़ा दिया।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने आंतरिक मंत्रालय के हवाले से बताया कि बुधवार को जरमाना में हुए इन विस्फोटों के पीछे आतंकवादियों का हाथ है। विस्फोट के कारण आसपास की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
सरकार समर्थक टीवी चैनल के अनुसार विस्फोट अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 4.40 बजे हुए। एक सूत्र ने बताया, "आतंकवादियों ने कस्बे के प्रमुख चौराहे पर विस्फोटकों से लदी कार को उड़ा दिया।"
सरकार समर्थक टीवी चैनल के अनुसार विस्फोट अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 4.40 बजे हुए। एक सूत्र ने बताया, "आतंकवादियों ने कस्बे के प्रमुख चौराहे पर विस्फोटकों से लदी कार को उड़ा दिया।" | संक्षिप्त पाठ: सीरिया की राजधानी दमिश्क के उपनगरीय इलाके में कार बम विस्फोटों में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम 83 लोग घायल हुए। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: तेजस्वी यादव के वीडियो पर लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रियाएं दी है. सुधीर कुमार यादव ने लिखा, "मैं सब का कहना मान लूंगा के तेजस्वी यादव गलत है बस आप अपने दिल से पूछो क्या आप ने अब तक कोई गलत काम नहीं किया है अगर उत्तर हाँ आया तो पहले खुद ठीक हो फिर किसी के ऊपर आऱोप लगाना." एक यूजर राहुल रंजन ने टिप्पणी करते हुए लिखा, "भाई साहब कभी गलियों के बच्चो के साथ भी क्रिकेट खेल लिया करे अपने साफ़ सुथरा भांजा-भांजियों के साथ तो पूरा दुनिया खेलता है. यदुवंशी विकाश ने लिखा, "आपका टैंशन फ्री रहना ही विरोधियों के मुंह पे तमाचा है आप के साथ हम सभी युवा चट्टानी एकता के साथ खड़े हैं और रहेंगे."
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव पर सीबीआई ने एक मामले में मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि 2004 में लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के होटलों को टेंडर पर देने के मामले में गड़बड़ी की. इस मामले में सीबीआई ने पूर्व रेल मंत्री लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. लालू यादव ने इस मामले में सफाई दी है और आरोपों को बेबुनियाद बताया है.
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव पर सीबीआई ने एक मामले में मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि 2004 में लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के होटलों को टेंडर पर देने के मामले में गड़बड़ी की. इस मामले में सीबीआई ने पूर्व रेल मंत्री लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. लालू यादव ने इस मामले में सफाई दी है और आरोपों को बेबुनियाद बताया है. | यह एक सारांश है: जेडीयू ने दिया है तेजस्वी पर फैसला लेने के लिए 4 दिन का अल्टीमेटम
तेजस्वी ने बकायदा अपने फेसबुक अकाउंट में एक वीडियो भी पोस्ट किया
लिखा - 'खेलिए, मजा लीजिए, क्योंकि खेल चरित्र नहीं बताता | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अपने ही मामा की लड़की का अश्लील एमएमएस बनाकर उसे अपने दोस्तों में बांटने और बाद में दोस्तों द्वारा लड़की के परिजनों को ब्लैकमेल कर उनसे पैसे मांगने के आरोप में पुलिस ने चार लड़कों को गिरफ्तार किया है। इनमें लड़की का भाई भी शामिल है। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कल्याणपुर निवासी एक किसान रामलाल (काल्पनिक नाम) ने पुलिस से शिकायत की थी कि पिछले 10 दिनों से एक युवक उन्हें फोन कर धमकी दे रहा है कि उसे 20 हजार रुपये दिए जाएं, वरना वह उसकी बेटी का अश्लील एमएमएस इंटरनेट पर डाल देगा। इस पर पुलिस ने उस किसान का फोन सर्विलांस पर लगाया, तो शुक्रवार देर रात पनकी निवासी लाखन को गिरफ्तार किया। उससे जब पूछताछ की तो मालूम हुआ कि उसे यह एमएमएस एक दोस्त कल्याणपुर के अज्ञेय के मोबाइल से मिला था। पुलिस ने अज्ञेय को पकड़कर जब पूछताछ की तो पता चला कि यह एमएमएस उसकी बुआ की लड़की का है। जो उसने उसके बाथरूम में बनाया था। पूछताछ में अज्ञेय ने बताया कि इस एमएमएस को लाखन ने दो और दोस्तों गौरव और श्याम के मोबाइल में फीड कर दिया। उसका कहना था कि यह तीनों मिलकर उसकी ममेरी बहन के परिवार वालों को ब्लैकमेल कर रहे थे और उनसे 20 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। उसका कहना है कि इन तीनों दोस्तों ने उसे भी धमकाया था कि अगर तुमने किसी को बताया तो तुम्हारी भी पोल खुल जाएगी, इसलिए वह खामोश रहा। डीआईजी अशोक मुथा जैन ने बताया कि इन चारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इन पर ब्लैकमेलिंग के साथ साथ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। | सारांश: कानपुर में अपने मामा की लड़की का अश्लील एमएमएस बनाकर उसे दोस्तों में बांटने और दोस्तों द्वारा लड़की के परिजनों को ब्लैकमेल कर उनसे पैसे मांगने के आरोप में 4 लड़कों को गिरफ्तार किया गया है। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की राजधानी दिल्ली में गैंगरेप की शिकार 14 वर्षीय दलित लड़की की रविवार को मौत हो गई। वर्ष 2012 के 'निर्भया कांड' जैसे इस मामले में यह लड़की एक माह से अधिक समय से लाइफ सपोर्ट पर थी। लड़की को एसिड पीने के लिए मजबूर किया गया था।
अस्पताल के बिस्तर से मृत्यु पूर्व बयान में इस लड़की ने आरोप लगाया था कि उसे बुरी तरह पीटा गया और दिन में कई बार उसके साथ रेप किया गया। यही नहीं, जूस में एसिड मिलाकर उसे इसे पीने को मजबूर किया गया। लड़की के अनुसार, उसके हाथ-पैर बंधे थे और उसे खाना भी नहीं दिया गया। इस लड़की की मां ने सोमवार को NDTV से बात करते हुए आरोप लगाया, 'मेरी बेटी को चाकू से मारने की धमकी दी गई...वह डरी हुई थी। अब हमलावर मेरी एक अन्य बेटी और मेरे बेटे को धमका रहे हैं और मेरा बेटा 10 दिन से स्कूल नहीं जा रहा है।'
इस लड़की को सबसे पहले दिसंबर में यौन प्रताड़ना का शिकार बनाया गया। आरोपी शिवशंकर, इस किशोरी के पड़ोस में ही रहता है। शिवशंकर को गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। इस किशोरी, जिसके माता-पिता अस्पताल में सफाईकर्मी हैं, को मई में उसके घर से कथित तौर पर आरोपी ने फिर अगवा कर लिया। रेप मामले की सुनवाई के पहले इस काम को अंजाम दिया गया था। लड़की की मां ने बताया, 'हम 12 दिन तक उसकी तलाश करते रहे। जब मेरी घर वापस आई उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे।वह खून की उल्टी कर रही थी और उसका मुंह, सीना और हाथ-पैर काले कर दिये गये थे।' टिप्पणियां
मां के अनुसार, आरोपी का परिवार अब मेरे बेटे को अगवा करने की धमकी दे रहा है। मां ने बताया, परिजनों ने मेरी बेटी को धमकी दी थी कि यदि उसने कोर्ट में कुछ खुलासा किया तो वे उसके पिता और मां को मार देंगे। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि लड़की रेप से इनकार कर रही थी और बार-बार बयान बदल रही थी। पुलिस सूत्रों ने कहा, 'एक मेडिकल बोर्ड मामले की जांच करेगा।'
इस बीच, इस पूरे मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया है। स्वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।' महिला आयोग की प्रमुख ने लड़की के परिजनों के इस आरोप का समर्थन किया कि उसे (लड़की को) आरोप वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। स्वाति मालीवाल ने कहा, 'मैं इस बात से इनकार नहीं कर रही कि कोर्ट और पुलिस के समक्ष उसने कई बार बयान को बदला और वापस लिया। इस बारे में विस्तृत जांच की जरूरत है।'
अस्पताल के बिस्तर से मृत्यु पूर्व बयान में इस लड़की ने आरोप लगाया था कि उसे बुरी तरह पीटा गया और दिन में कई बार उसके साथ रेप किया गया। यही नहीं, जूस में एसिड मिलाकर उसे इसे पीने को मजबूर किया गया। लड़की के अनुसार, उसके हाथ-पैर बंधे थे और उसे खाना भी नहीं दिया गया। इस लड़की की मां ने सोमवार को NDTV से बात करते हुए आरोप लगाया, 'मेरी बेटी को चाकू से मारने की धमकी दी गई...वह डरी हुई थी। अब हमलावर मेरी एक अन्य बेटी और मेरे बेटे को धमका रहे हैं और मेरा बेटा 10 दिन से स्कूल नहीं जा रहा है।'
इस लड़की को सबसे पहले दिसंबर में यौन प्रताड़ना का शिकार बनाया गया। आरोपी शिवशंकर, इस किशोरी के पड़ोस में ही रहता है। शिवशंकर को गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। इस किशोरी, जिसके माता-पिता अस्पताल में सफाईकर्मी हैं, को मई में उसके घर से कथित तौर पर आरोपी ने फिर अगवा कर लिया। रेप मामले की सुनवाई के पहले इस काम को अंजाम दिया गया था। लड़की की मां ने बताया, 'हम 12 दिन तक उसकी तलाश करते रहे। जब मेरी घर वापस आई उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे।वह खून की उल्टी कर रही थी और उसका मुंह, सीना और हाथ-पैर काले कर दिये गये थे।' टिप्पणियां
मां के अनुसार, आरोपी का परिवार अब मेरे बेटे को अगवा करने की धमकी दे रहा है। मां ने बताया, परिजनों ने मेरी बेटी को धमकी दी थी कि यदि उसने कोर्ट में कुछ खुलासा किया तो वे उसके पिता और मां को मार देंगे। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि लड़की रेप से इनकार कर रही थी और बार-बार बयान बदल रही थी। पुलिस सूत्रों ने कहा, 'एक मेडिकल बोर्ड मामले की जांच करेगा।'
इस बीच, इस पूरे मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया है। स्वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।' महिला आयोग की प्रमुख ने लड़की के परिजनों के इस आरोप का समर्थन किया कि उसे (लड़की को) आरोप वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। स्वाति मालीवाल ने कहा, 'मैं इस बात से इनकार नहीं कर रही कि कोर्ट और पुलिस के समक्ष उसने कई बार बयान को बदला और वापस लिया। इस बारे में विस्तृत जांच की जरूरत है।'
इस लड़की को सबसे पहले दिसंबर में यौन प्रताड़ना का शिकार बनाया गया। आरोपी शिवशंकर, इस किशोरी के पड़ोस में ही रहता है। शिवशंकर को गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। इस किशोरी, जिसके माता-पिता अस्पताल में सफाईकर्मी हैं, को मई में उसके घर से कथित तौर पर आरोपी ने फिर अगवा कर लिया। रेप मामले की सुनवाई के पहले इस काम को अंजाम दिया गया था। लड़की की मां ने बताया, 'हम 12 दिन तक उसकी तलाश करते रहे। जब मेरी घर वापस आई उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे।वह खून की उल्टी कर रही थी और उसका मुंह, सीना और हाथ-पैर काले कर दिये गये थे।' टिप्पणियां
मां के अनुसार, आरोपी का परिवार अब मेरे बेटे को अगवा करने की धमकी दे रहा है। मां ने बताया, परिजनों ने मेरी बेटी को धमकी दी थी कि यदि उसने कोर्ट में कुछ खुलासा किया तो वे उसके पिता और मां को मार देंगे। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि लड़की रेप से इनकार कर रही थी और बार-बार बयान बदल रही थी। पुलिस सूत्रों ने कहा, 'एक मेडिकल बोर्ड मामले की जांच करेगा।'
इस बीच, इस पूरे मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया है। स्वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।' महिला आयोग की प्रमुख ने लड़की के परिजनों के इस आरोप का समर्थन किया कि उसे (लड़की को) आरोप वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। स्वाति मालीवाल ने कहा, 'मैं इस बात से इनकार नहीं कर रही कि कोर्ट और पुलिस के समक्ष उसने कई बार बयान को बदला और वापस लिया। इस बारे में विस्तृत जांच की जरूरत है।'
मां के अनुसार, आरोपी का परिवार अब मेरे बेटे को अगवा करने की धमकी दे रहा है। मां ने बताया, परिजनों ने मेरी बेटी को धमकी दी थी कि यदि उसने कोर्ट में कुछ खुलासा किया तो वे उसके पिता और मां को मार देंगे। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि लड़की रेप से इनकार कर रही थी और बार-बार बयान बदल रही थी। पुलिस सूत्रों ने कहा, 'एक मेडिकल बोर्ड मामले की जांच करेगा।'
इस बीच, इस पूरे मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया है। स्वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।' महिला आयोग की प्रमुख ने लड़की के परिजनों के इस आरोप का समर्थन किया कि उसे (लड़की को) आरोप वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। स्वाति मालीवाल ने कहा, 'मैं इस बात से इनकार नहीं कर रही कि कोर्ट और पुलिस के समक्ष उसने कई बार बयान को बदला और वापस लिया। इस बारे में विस्तृत जांच की जरूरत है।'
इस बीच, इस पूरे मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया है। स्वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।' महिला आयोग की प्रमुख ने लड़की के परिजनों के इस आरोप का समर्थन किया कि उसे (लड़की को) आरोप वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। स्वाति मालीवाल ने कहा, 'मैं इस बात से इनकार नहीं कर रही कि कोर्ट और पुलिस के समक्ष उसने कई बार बयान को बदला और वापस लिया। इस बारे में विस्तृत जांच की जरूरत है।' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लड़की का आरोप था कि उसे जूस में एसिड मिलाकर पीने को मजबूर किया गया
'हमलावर मेरे बच्चों को धमका रहे हैं, उन्होंने बाहर जाना बंद कर दिया'
इस लड़की को सबसे पहले दिसंबर में यौन प्रताड़ना का शिकार बनाया गया | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली गुड़गांव टोल पर एक बार फिर से मंगलवार शाम पांच बजे से टोल चार्ज फिर आरंभ करने के आदेश हाई कोर्ट ने दे दिया है।टिप्पणियां
साथ ही कोर्ट ने यह भी व्यवस्था दी है कि यदि टोल पर 400 मीटर से ज्यादा दूर तक जाम लगा तब हरियाणा पुलिस को यह अधिकार होगा कि वह बूम बैरियर को हटाकर यात्रा सामान्य होने तक बिना टोल के ही गाड़ी जाने दें।
बता दें कि ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए कोर्ट ने कुछ दिन पूर्व निजी वाहनों से टोल वसूली पर रोक लगा दी थी। इस व्यवस्था के बाद से पूरे इलाके में जाम की समस्या से लोगों को निजात मिल गई थी।
साथ ही कोर्ट ने यह भी व्यवस्था दी है कि यदि टोल पर 400 मीटर से ज्यादा दूर तक जाम लगा तब हरियाणा पुलिस को यह अधिकार होगा कि वह बूम बैरियर को हटाकर यात्रा सामान्य होने तक बिना टोल के ही गाड़ी जाने दें।
बता दें कि ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए कोर्ट ने कुछ दिन पूर्व निजी वाहनों से टोल वसूली पर रोक लगा दी थी। इस व्यवस्था के बाद से पूरे इलाके में जाम की समस्या से लोगों को निजात मिल गई थी।
बता दें कि ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए कोर्ट ने कुछ दिन पूर्व निजी वाहनों से टोल वसूली पर रोक लगा दी थी। इस व्यवस्था के बाद से पूरे इलाके में जाम की समस्या से लोगों को निजात मिल गई थी। | यहाँ एक सारांश है:साथ ही कोर्ट ने यह भी व्यवस्था दी है कि यदि टोल पर 400 मीटर से ज्यादा दूर तक जाम लगा तब हरियाणा पुलिस को यह अधिकार होगा कि वह बूम बैरियर को हटाकर यात्रा सामान्य होने तक बिना टोल के ही गाड़ी जाने दें। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने शुक्रवार को भारत के खिलाफ चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन सचिन तेंदुलकर को टेस्ट मैचों में सर्वाधिक नौवीं बार अपना शिकार बनाया।
एंडरसन की स्ट्रेट गेंद पर यह भारतीय स्टार बल्लेबाज बोल्ड हो गया जो अपना 194वां टेस्ट मैच खेल रहा है। एंडरसन ने इस तरह टेस्ट मैचों के इतिहास में तेंदुलकर को सबसे ज्यादा नौ बार आउट किया।
इस तेज गेंदबाज ने अब तक तेंदुलकर नौ बार किये आउट में दो बार बोल्ड, तीन बार पगबाधा और चार बार (विकेटकीपर और क्षेत्ररक्षकों) को कैच आउट कराया है।टिप्पणियां
टेस्ट और वनडे में 100 शतक जड़ने वाले तेंदुलकर (02) आज 13 गेंद ही खेल पाये थे कि एंडरसन ने उन्हें मैच में अपना दूसरा शिकार बनाया।
इससे पहले श्रीलंका के स्पिन जादूगर मुथया मुरलीधरन ने तेंदुलकर को टेस्ट मैचों में आठ बार आउट किया था। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा और जेसन गिलेस्पी ने उन्हें छह-छह बार आउट किया है।
एंडरसन की स्ट्रेट गेंद पर यह भारतीय स्टार बल्लेबाज बोल्ड हो गया जो अपना 194वां टेस्ट मैच खेल रहा है। एंडरसन ने इस तरह टेस्ट मैचों के इतिहास में तेंदुलकर को सबसे ज्यादा नौ बार आउट किया।
इस तेज गेंदबाज ने अब तक तेंदुलकर नौ बार किये आउट में दो बार बोल्ड, तीन बार पगबाधा और चार बार (विकेटकीपर और क्षेत्ररक्षकों) को कैच आउट कराया है।टिप्पणियां
टेस्ट और वनडे में 100 शतक जड़ने वाले तेंदुलकर (02) आज 13 गेंद ही खेल पाये थे कि एंडरसन ने उन्हें मैच में अपना दूसरा शिकार बनाया।
इससे पहले श्रीलंका के स्पिन जादूगर मुथया मुरलीधरन ने तेंदुलकर को टेस्ट मैचों में आठ बार आउट किया था। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा और जेसन गिलेस्पी ने उन्हें छह-छह बार आउट किया है।
इस तेज गेंदबाज ने अब तक तेंदुलकर नौ बार किये आउट में दो बार बोल्ड, तीन बार पगबाधा और चार बार (विकेटकीपर और क्षेत्ररक्षकों) को कैच आउट कराया है।टिप्पणियां
टेस्ट और वनडे में 100 शतक जड़ने वाले तेंदुलकर (02) आज 13 गेंद ही खेल पाये थे कि एंडरसन ने उन्हें मैच में अपना दूसरा शिकार बनाया।
इससे पहले श्रीलंका के स्पिन जादूगर मुथया मुरलीधरन ने तेंदुलकर को टेस्ट मैचों में आठ बार आउट किया था। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा और जेसन गिलेस्पी ने उन्हें छह-छह बार आउट किया है।
टेस्ट और वनडे में 100 शतक जड़ने वाले तेंदुलकर (02) आज 13 गेंद ही खेल पाये थे कि एंडरसन ने उन्हें मैच में अपना दूसरा शिकार बनाया।
इससे पहले श्रीलंका के स्पिन जादूगर मुथया मुरलीधरन ने तेंदुलकर को टेस्ट मैचों में आठ बार आउट किया था। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा और जेसन गिलेस्पी ने उन्हें छह-छह बार आउट किया है।
इससे पहले श्रीलंका के स्पिन जादूगर मुथया मुरलीधरन ने तेंदुलकर को टेस्ट मैचों में आठ बार आउट किया था। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा और जेसन गिलेस्पी ने उन्हें छह-छह बार आउट किया है। | सारांश: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने शुक्रवार को भारत के खिलाफ चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन सचिन तेंदुलकर को टेस्ट मैचों में सर्वाधिक नौवीं बार अपना शिकार बनाया। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: समूह के लिए मूल्यों की अहमियत को रेखांकित करते हुए महिन्द्रा समूह के नवनियुक्त चेयरमैन आनंद महिन्द्रा ने कहा है कि उनके लिए प्रतिष्ठा उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि लाभ। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नई भूमिका में उनके समक्ष चुनौतियां हैं लेकिन उत्साह भी है।
महिन्द्रा ने ई-मेल के जरिए कहा, ‘‘आगे काफी चुनौतियां हैं लेकिन साथ ही उत्साह भी है, हमारा समूह ऐसा है जिसने अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया और उसे यह पता है कि सफलता के लिए प्रतिष्ठा उतना ही जरूरी है जितना कि लाभ।’’
उन्होंने पिछले सप्ताह अपने चाचा केशुब महिन्द्रा से कृषि उपकरण से लेकर एयरोस्पेस जैसे विविध कारोबार से जुड़े 15.4 अरब डॉलर के समूह की कमान संभाली। 57 वर्षीय महिन्द्रा वर्ष 2003 से महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लि. के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रहे हैं। उन्होंने कहा कि समूह का मूल्य लोगों के उत्थान में यथासंभव मदद करना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा समूह ऐसा है जो बड़े मकसद से काम करता है, समूह को विश्वास है कि वह लोगों को उनके उत्थान में हर जगह मदद कर सकता है।’’टिप्पणियां
केशुब महिन्द्रा की अगुवाई में समूह स्टील ट्रेडिंग कंपनी से प्रमुख वाहन कंपनी बना। महिन्द्रा ने घरेलू तथा वैश्विक बाजारों में अधिग्रहण के जरिए समूह को विविध कारोबार से जोड़ने और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। समूह ने सैंगयोंग मोटर्स, रेवा इलेक्ट्रिक कार कंपनी, सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज, एयरोस्टाफ ऑस्ट्रेलिया तथा गिप्सलैंड एयरोनोटिक्स समेत अन्य कंपनियों का अधिग्रहण किया।
महिन्द्रा ने कहा, ‘‘यह समूह 21वीं सदी में आदर्श बन रहा है और मैं इसकी बागडोर संभालकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’’
महिन्द्रा ने ई-मेल के जरिए कहा, ‘‘आगे काफी चुनौतियां हैं लेकिन साथ ही उत्साह भी है, हमारा समूह ऐसा है जिसने अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया और उसे यह पता है कि सफलता के लिए प्रतिष्ठा उतना ही जरूरी है जितना कि लाभ।’’
उन्होंने पिछले सप्ताह अपने चाचा केशुब महिन्द्रा से कृषि उपकरण से लेकर एयरोस्पेस जैसे विविध कारोबार से जुड़े 15.4 अरब डॉलर के समूह की कमान संभाली। 57 वर्षीय महिन्द्रा वर्ष 2003 से महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लि. के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रहे हैं। उन्होंने कहा कि समूह का मूल्य लोगों के उत्थान में यथासंभव मदद करना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा समूह ऐसा है जो बड़े मकसद से काम करता है, समूह को विश्वास है कि वह लोगों को उनके उत्थान में हर जगह मदद कर सकता है।’’टिप्पणियां
केशुब महिन्द्रा की अगुवाई में समूह स्टील ट्रेडिंग कंपनी से प्रमुख वाहन कंपनी बना। महिन्द्रा ने घरेलू तथा वैश्विक बाजारों में अधिग्रहण के जरिए समूह को विविध कारोबार से जोड़ने और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। समूह ने सैंगयोंग मोटर्स, रेवा इलेक्ट्रिक कार कंपनी, सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज, एयरोस्टाफ ऑस्ट्रेलिया तथा गिप्सलैंड एयरोनोटिक्स समेत अन्य कंपनियों का अधिग्रहण किया।
महिन्द्रा ने कहा, ‘‘यह समूह 21वीं सदी में आदर्श बन रहा है और मैं इसकी बागडोर संभालकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’’
उन्होंने पिछले सप्ताह अपने चाचा केशुब महिन्द्रा से कृषि उपकरण से लेकर एयरोस्पेस जैसे विविध कारोबार से जुड़े 15.4 अरब डॉलर के समूह की कमान संभाली। 57 वर्षीय महिन्द्रा वर्ष 2003 से महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लि. के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रहे हैं। उन्होंने कहा कि समूह का मूल्य लोगों के उत्थान में यथासंभव मदद करना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा समूह ऐसा है जो बड़े मकसद से काम करता है, समूह को विश्वास है कि वह लोगों को उनके उत्थान में हर जगह मदद कर सकता है।’’टिप्पणियां
केशुब महिन्द्रा की अगुवाई में समूह स्टील ट्रेडिंग कंपनी से प्रमुख वाहन कंपनी बना। महिन्द्रा ने घरेलू तथा वैश्विक बाजारों में अधिग्रहण के जरिए समूह को विविध कारोबार से जोड़ने और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। समूह ने सैंगयोंग मोटर्स, रेवा इलेक्ट्रिक कार कंपनी, सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज, एयरोस्टाफ ऑस्ट्रेलिया तथा गिप्सलैंड एयरोनोटिक्स समेत अन्य कंपनियों का अधिग्रहण किया।
महिन्द्रा ने कहा, ‘‘यह समूह 21वीं सदी में आदर्श बन रहा है और मैं इसकी बागडोर संभालकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’’
केशुब महिन्द्रा की अगुवाई में समूह स्टील ट्रेडिंग कंपनी से प्रमुख वाहन कंपनी बना। महिन्द्रा ने घरेलू तथा वैश्विक बाजारों में अधिग्रहण के जरिए समूह को विविध कारोबार से जोड़ने और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। समूह ने सैंगयोंग मोटर्स, रेवा इलेक्ट्रिक कार कंपनी, सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज, एयरोस्टाफ ऑस्ट्रेलिया तथा गिप्सलैंड एयरोनोटिक्स समेत अन्य कंपनियों का अधिग्रहण किया।
महिन्द्रा ने कहा, ‘‘यह समूह 21वीं सदी में आदर्श बन रहा है और मैं इसकी बागडोर संभालकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’’
महिन्द्रा ने कहा, ‘‘यह समूह 21वीं सदी में आदर्श बन रहा है और मैं इसकी बागडोर संभालकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’’ | संक्षिप्त सारांश: समूह के लिए मूल्यों की अहमियत को रेखांकित करते हुए महिन्द्रा समूह के नवनियुक्त चेयरमैन आनंद महिन्द्रा ने कहा है कि उनके लिए प्रतिष्ठा उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि लाभ। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नई भूमिका में उनके समक्ष चुनौतियां हैं लेकिन उत्साह भी है। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 'सिन सिटी' की स्टार जेसिका अल्बा ने स्वीकार किया कि उन्होंने 12 साल की उम्र में अपने माता-पिता की कार चुराई थी और 11 साल की ही उम्र में उन्होंने शराब में दिलचस्पी लेनी शुरू कर दी थी। 'कॉन्टैक्ट म्यूजिक' की खबर के अनुसार, अभिनेत्री ने कहा कि बचपन में वह बहुत शरारती थीं।
32-वर्षीय जेसिका को उनके पति कैश वारेन से दो बेटियां हैं। अल्बा ने कहा, हमने अनायास ही वाइल्ड टर्की (व्हिस्की) का सेवन किया था। उस वक्त मेरी उम्र 11 साल थी। इस अपराध की स्वीकृति पर अल्बा की मां ने कहा, यह बहुत चौंकाने वाला है कि तुमने छठी ग्रेड में ही वाइल्ड टर्की पी थी।
32-वर्षीय जेसिका को उनके पति कैश वारेन से दो बेटियां हैं। अल्बा ने कहा, हमने अनायास ही वाइल्ड टर्की (व्हिस्की) का सेवन किया था। उस वक्त मेरी उम्र 11 साल थी। इस अपराध की स्वीकृति पर अल्बा की मां ने कहा, यह बहुत चौंकाने वाला है कि तुमने छठी ग्रेड में ही वाइल्ड टर्की पी थी। | 'सिन सिटी' की स्टार जेसिका अल्बा ने स्वीकार किया कि उन्होंने 12 साल की उम्र में अपने माता-पिता की कार चुराई थी और 11 साल की ही उम्र में उन्होंने शराब में दिलचस्पी लेनी शुरू कर दी थी। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ और अन्य नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने वाले भ्रष्टाचार-निरोधी जांचकर्ता के शव को पाकिस्तान के फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने शनिवार को कब्र से खोद कर बाहर निकाला। उनकी पिछले महीने संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी।
नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो के अधिकारी कामरान फैसल के शव को फॉरेंसिक जांच के बाद फिर से उनके कब्र में दफना दिया गया। उन्हें पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले के कब्रगाह में दफनाया गया है।
विशेषज्ञों ने कुछ नमूने भी लिए हैं जिनका उपयोग वे फैसल की मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश करेंगे। फैसल की मौत को लेकर संदेह है कि यह आत्महत्या थी या हत्या।टिप्पणियां
पंजाब फॉरेंसिक साइंस एजेंसी के छह सदस्यीय टीम की निगरानी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। फैसल के पिता अब्दुल हमिद ने बड़ी अनिच्छा से शव का परीक्षण करने की अनुमति दी थी।
फैसल की मौत पर विवाद होने के कारण उनके शव को फिर से परीक्षण के लिए कब्र से बाहर निकाला गया था।
नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो के अधिकारी कामरान फैसल के शव को फॉरेंसिक जांच के बाद फिर से उनके कब्र में दफना दिया गया। उन्हें पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले के कब्रगाह में दफनाया गया है।
विशेषज्ञों ने कुछ नमूने भी लिए हैं जिनका उपयोग वे फैसल की मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश करेंगे। फैसल की मौत को लेकर संदेह है कि यह आत्महत्या थी या हत्या।टिप्पणियां
पंजाब फॉरेंसिक साइंस एजेंसी के छह सदस्यीय टीम की निगरानी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। फैसल के पिता अब्दुल हमिद ने बड़ी अनिच्छा से शव का परीक्षण करने की अनुमति दी थी।
फैसल की मौत पर विवाद होने के कारण उनके शव को फिर से परीक्षण के लिए कब्र से बाहर निकाला गया था।
विशेषज्ञों ने कुछ नमूने भी लिए हैं जिनका उपयोग वे फैसल की मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश करेंगे। फैसल की मौत को लेकर संदेह है कि यह आत्महत्या थी या हत्या।टिप्पणियां
पंजाब फॉरेंसिक साइंस एजेंसी के छह सदस्यीय टीम की निगरानी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। फैसल के पिता अब्दुल हमिद ने बड़ी अनिच्छा से शव का परीक्षण करने की अनुमति दी थी।
फैसल की मौत पर विवाद होने के कारण उनके शव को फिर से परीक्षण के लिए कब्र से बाहर निकाला गया था।
पंजाब फॉरेंसिक साइंस एजेंसी के छह सदस्यीय टीम की निगरानी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। फैसल के पिता अब्दुल हमिद ने बड़ी अनिच्छा से शव का परीक्षण करने की अनुमति दी थी।
फैसल की मौत पर विवाद होने के कारण उनके शव को फिर से परीक्षण के लिए कब्र से बाहर निकाला गया था।
फैसल की मौत पर विवाद होने के कारण उनके शव को फिर से परीक्षण के लिए कब्र से बाहर निकाला गया था। | यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ और अन्य नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने वाले भ्रष्टाचार-निरोधी जांचकर्ता के शव को पाकिस्तान के फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने शनिवार को कब्र से खोद कर बाहर निकाला। उनकी पिछले महीने संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पश्चिमी मैक्सिको की पहाड़ियों में कम आबादी वाले क्षेत्र में तेज भूकंप का झटका आया। इससे 320 किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी पर स्थित राजधानी मैक्सिको सिटी में ऊंची इमारतें हिल गईं।
राजधानी में कुछ इमारतों से लोग बाहर निकल आ गए लेकिन सरकार का कहना है कि हवाई निरीक्षण में किसी तरह का नुकसान नहीं पाया गया। भूकंप का केंद्र मिचोएकन राज्य के प्रशासन ने भी किसी तरह के नुकसान की बात नहीं कही है।टिप्पणियां
यूएस ज्योलोजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.0 थी, भूकंप का केंद्र मैक्सिको सिटी के पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में 143 किलोमीटरी की दूरी पर था।
इतनी तीव्रता का भूकंप बड़ा भूकंप माना जाता है लेकिन यह भूकंप सतह से 65.6 किलामीटर की गहराई पर आया था। भूकंप अगर बहुत ज्यादा गहराई में आए तो उससे नुकसान का खतरा अकसर कम हो जाता है। मिजोएकन राज्य के अधिकारी मैन्यूल ओर्तिज रोसेट ने कहा कि बड़े शहरों में और तटीय भाग में रहने वाले समुदायों को किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
राजधानी में कुछ इमारतों से लोग बाहर निकल आ गए लेकिन सरकार का कहना है कि हवाई निरीक्षण में किसी तरह का नुकसान नहीं पाया गया। भूकंप का केंद्र मिचोएकन राज्य के प्रशासन ने भी किसी तरह के नुकसान की बात नहीं कही है।टिप्पणियां
यूएस ज्योलोजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.0 थी, भूकंप का केंद्र मैक्सिको सिटी के पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में 143 किलोमीटरी की दूरी पर था।
इतनी तीव्रता का भूकंप बड़ा भूकंप माना जाता है लेकिन यह भूकंप सतह से 65.6 किलामीटर की गहराई पर आया था। भूकंप अगर बहुत ज्यादा गहराई में आए तो उससे नुकसान का खतरा अकसर कम हो जाता है। मिजोएकन राज्य के अधिकारी मैन्यूल ओर्तिज रोसेट ने कहा कि बड़े शहरों में और तटीय भाग में रहने वाले समुदायों को किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
यूएस ज्योलोजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.0 थी, भूकंप का केंद्र मैक्सिको सिटी के पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में 143 किलोमीटरी की दूरी पर था।
इतनी तीव्रता का भूकंप बड़ा भूकंप माना जाता है लेकिन यह भूकंप सतह से 65.6 किलामीटर की गहराई पर आया था। भूकंप अगर बहुत ज्यादा गहराई में आए तो उससे नुकसान का खतरा अकसर कम हो जाता है। मिजोएकन राज्य के अधिकारी मैन्यूल ओर्तिज रोसेट ने कहा कि बड़े शहरों में और तटीय भाग में रहने वाले समुदायों को किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
इतनी तीव्रता का भूकंप बड़ा भूकंप माना जाता है लेकिन यह भूकंप सतह से 65.6 किलामीटर की गहराई पर आया था। भूकंप अगर बहुत ज्यादा गहराई में आए तो उससे नुकसान का खतरा अकसर कम हो जाता है। मिजोएकन राज्य के अधिकारी मैन्यूल ओर्तिज रोसेट ने कहा कि बड़े शहरों में और तटीय भाग में रहने वाले समुदायों को किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। | यह एक सारांश है: पश्चिमी मैक्सिको की पहाड़ियों में कम आबादी वाले क्षेत्र में तेज भूकंप का झटका आया। इससे मैक्सिको सिटी में ऊंची इमारतें हिल गईं। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने 31 मार्च, 2012 को समाप्त चौथी तिमाही में 2,932.4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही से 22.6 फीसद अधिक है।
कंपनी ने 2010-11 की चौथी तिमाही में 2,392.7 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। तिमाही के दौरान कंपनी की आमदनी 30.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 13,259.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक एन चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा, ‘हमने चौथी तिमाही में बेहतर वृद्धि की रफ्तार को कायम रखा और इस तरह वित्त वर्ष का अंत हमारे लिए अच्छा रहा। हमने मुनाफे तथा अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।’
टीसीएस का 2011-12 के पूरे वित्त वर्ष के लिए शुद्ध लाभ 21.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,638.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की आमदनी भी 31 फीसद की बढ़ोतरी के साथ 48,893.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो 2010-11 में 37,324.5 करोड़ रुपये थी।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘टीसीएस उद्योग और परिचालन वाले बाजारों में संतुलित वृद्धि के लिए पूरी तरह तैयार है।’टिप्पणियां
जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी ने कुल 11,832 कर्मचारी जोड़े और इस तरह उसके कर्मचारियों की संख्या 2.38 लाख पर पहुंच गई।
कंपनी ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये प्रति शेयर का अंतिम और विशेष लाभांश देने का प्रस्ताव किया है।
कंपनी ने 2010-11 की चौथी तिमाही में 2,392.7 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। तिमाही के दौरान कंपनी की आमदनी 30.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 13,259.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक एन चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा, ‘हमने चौथी तिमाही में बेहतर वृद्धि की रफ्तार को कायम रखा और इस तरह वित्त वर्ष का अंत हमारे लिए अच्छा रहा। हमने मुनाफे तथा अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।’
टीसीएस का 2011-12 के पूरे वित्त वर्ष के लिए शुद्ध लाभ 21.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,638.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की आमदनी भी 31 फीसद की बढ़ोतरी के साथ 48,893.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो 2010-11 में 37,324.5 करोड़ रुपये थी।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘टीसीएस उद्योग और परिचालन वाले बाजारों में संतुलित वृद्धि के लिए पूरी तरह तैयार है।’टिप्पणियां
जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी ने कुल 11,832 कर्मचारी जोड़े और इस तरह उसके कर्मचारियों की संख्या 2.38 लाख पर पहुंच गई।
कंपनी ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये प्रति शेयर का अंतिम और विशेष लाभांश देने का प्रस्ताव किया है।
टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक एन चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा, ‘हमने चौथी तिमाही में बेहतर वृद्धि की रफ्तार को कायम रखा और इस तरह वित्त वर्ष का अंत हमारे लिए अच्छा रहा। हमने मुनाफे तथा अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।’
टीसीएस का 2011-12 के पूरे वित्त वर्ष के लिए शुद्ध लाभ 21.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,638.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की आमदनी भी 31 फीसद की बढ़ोतरी के साथ 48,893.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो 2010-11 में 37,324.5 करोड़ रुपये थी।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘टीसीएस उद्योग और परिचालन वाले बाजारों में संतुलित वृद्धि के लिए पूरी तरह तैयार है।’टिप्पणियां
जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी ने कुल 11,832 कर्मचारी जोड़े और इस तरह उसके कर्मचारियों की संख्या 2.38 लाख पर पहुंच गई।
कंपनी ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये प्रति शेयर का अंतिम और विशेष लाभांश देने का प्रस्ताव किया है।
टीसीएस का 2011-12 के पूरे वित्त वर्ष के लिए शुद्ध लाभ 21.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,638.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की आमदनी भी 31 फीसद की बढ़ोतरी के साथ 48,893.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो 2010-11 में 37,324.5 करोड़ रुपये थी।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘टीसीएस उद्योग और परिचालन वाले बाजारों में संतुलित वृद्धि के लिए पूरी तरह तैयार है।’टिप्पणियां
जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी ने कुल 11,832 कर्मचारी जोड़े और इस तरह उसके कर्मचारियों की संख्या 2.38 लाख पर पहुंच गई।
कंपनी ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये प्रति शेयर का अंतिम और विशेष लाभांश देने का प्रस्ताव किया है।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की आमदनी भी 31 फीसद की बढ़ोतरी के साथ 48,893.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो 2010-11 में 37,324.5 करोड़ रुपये थी।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘टीसीएस उद्योग और परिचालन वाले बाजारों में संतुलित वृद्धि के लिए पूरी तरह तैयार है।’टिप्पणियां
जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी ने कुल 11,832 कर्मचारी जोड़े और इस तरह उसके कर्मचारियों की संख्या 2.38 लाख पर पहुंच गई।
कंपनी ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये प्रति शेयर का अंतिम और विशेष लाभांश देने का प्रस्ताव किया है।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘टीसीएस उद्योग और परिचालन वाले बाजारों में संतुलित वृद्धि के लिए पूरी तरह तैयार है।’टिप्पणियां
जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी ने कुल 11,832 कर्मचारी जोड़े और इस तरह उसके कर्मचारियों की संख्या 2.38 लाख पर पहुंच गई।
कंपनी ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये प्रति शेयर का अंतिम और विशेष लाभांश देने का प्रस्ताव किया है।
जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी ने कुल 11,832 कर्मचारी जोड़े और इस तरह उसके कर्मचारियों की संख्या 2.38 लाख पर पहुंच गई।
कंपनी ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये प्रति शेयर का अंतिम और विशेष लाभांश देने का प्रस्ताव किया है।
कंपनी ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये प्रति शेयर का अंतिम और विशेष लाभांश देने का प्रस्ताव किया है। | यह एक सारांश है: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने 31 मार्च, 2012 को समाप्त चौथी तिमाही में 2,932.4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही से 22.6 फीसद अधिक है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के गोपाल नगर में एक व्यक्ति ने स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल से नाराज़ होकर अपनी पत्नी की कथित तौर पर गोली मार कर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी आत्महत्या कर ली।
यह घटना साउथ वेस्ट दिल्ली के गोपाल नगर इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, जगबीर नाम का यह व्यक्ति करोल बाग़ में एक ज्वैलर का पीएसओ था। पति पत्नी के बीच फोन को लेकर अक्सर झगड़े होते थे। जगबीर चाहता था कि उसकी पत्नी स्मार्ट फोन का इस्तेमाल न करे।टिप्पणियां
लेकिन, जब उसकी नहीं चली तो नाराज़ होकर शनिवार को उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से अपनी पत्नी को गोली मार दी और बाद में खुद को भी गोली मार ली। आस पास के लोगों ने तुरंत दोनों का अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस सन्दर्भ में पुलिस ने बाबा हरिदास नगर थाने में मुकदमा दर्ज़ किया है और दोनों का पोस्टमॉर्टम राव तुला राम अस्पताल में करवाकर घरवालों को शव सौप दिए गए हैं।
लेकिन, जब उसकी नहीं चली तो नाराज़ होकर शनिवार को उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से अपनी पत्नी को गोली मार दी और बाद में खुद को भी गोली मार ली। आस पास के लोगों ने तुरंत दोनों का अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस सन्दर्भ में पुलिस ने बाबा हरिदास नगर थाने में मुकदमा दर्ज़ किया है और दोनों का पोस्टमॉर्टम राव तुला राम अस्पताल में करवाकर घरवालों को शव सौप दिए गए हैं।
इस सन्दर्भ में पुलिस ने बाबा हरिदास नगर थाने में मुकदमा दर्ज़ किया है और दोनों का पोस्टमॉर्टम राव तुला राम अस्पताल में करवाकर घरवालों को शव सौप दिए गए हैं। | यहाँ एक सारांश है:स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल से नाराज़ होकर पति ने पत्नी की हत्या की
बाद में पति ने खुदकुशी भी कर ली
शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंप दिए गए | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने न्यूयॉर्क टाइम्स की अंग्रेजी और चीनी भाषा वाली वेबसाइटों पर देश में प्रतिबंध लगा दिया। यह कार्रवाई अखबार की उस खबर के फौरन बाद की गई जिसमें आरोप है कि चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के परिवार ने 2.7 अरब डॉलर की संपत्ति एकत्र कर ली है।
न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार अधिकारियों ने ट्विटर से मिलते-जुलते मिनी ब्लॉगिंग सर्विस सिना वेयबो में द टाइम्स या वेन जियाबाओ के उल्लेख को भी प्रतिबंधित करने का प्रयास किया।टिप्पणियां
न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइटों को प्रतिबंधित करने के बारे में पूछने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग लेई ने कहा कि चीन कानून के अनुरूप इंटरनेट का प्रबंधन कर रहा है।
बीजिंग के कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए द टाइम्स की प्रवक्ता एलीन मर्फी ने इंटरनेट प्रतिबंधित करने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि चीनी भाषा वाली साइट को लेकर चीन में बेहद रूचि दिखाई गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतिबंध जल्द ही हटा लिया जाएगा। उन्होंने चीनी अधिकारियों से कहा कि वे चीन में उनके पाठकों को न्यूयॉर्क टाइम्स की पत्रकारिता का आनंद लेने दें।
न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार अधिकारियों ने ट्विटर से मिलते-जुलते मिनी ब्लॉगिंग सर्विस सिना वेयबो में द टाइम्स या वेन जियाबाओ के उल्लेख को भी प्रतिबंधित करने का प्रयास किया।टिप्पणियां
न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइटों को प्रतिबंधित करने के बारे में पूछने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग लेई ने कहा कि चीन कानून के अनुरूप इंटरनेट का प्रबंधन कर रहा है।
बीजिंग के कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए द टाइम्स की प्रवक्ता एलीन मर्फी ने इंटरनेट प्रतिबंधित करने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि चीनी भाषा वाली साइट को लेकर चीन में बेहद रूचि दिखाई गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतिबंध जल्द ही हटा लिया जाएगा। उन्होंने चीनी अधिकारियों से कहा कि वे चीन में उनके पाठकों को न्यूयॉर्क टाइम्स की पत्रकारिता का आनंद लेने दें।
न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइटों को प्रतिबंधित करने के बारे में पूछने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग लेई ने कहा कि चीन कानून के अनुरूप इंटरनेट का प्रबंधन कर रहा है।
बीजिंग के कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए द टाइम्स की प्रवक्ता एलीन मर्फी ने इंटरनेट प्रतिबंधित करने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि चीनी भाषा वाली साइट को लेकर चीन में बेहद रूचि दिखाई गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतिबंध जल्द ही हटा लिया जाएगा। उन्होंने चीनी अधिकारियों से कहा कि वे चीन में उनके पाठकों को न्यूयॉर्क टाइम्स की पत्रकारिता का आनंद लेने दें।
बीजिंग के कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए द टाइम्स की प्रवक्ता एलीन मर्फी ने इंटरनेट प्रतिबंधित करने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि चीनी भाषा वाली साइट को लेकर चीन में बेहद रूचि दिखाई गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतिबंध जल्द ही हटा लिया जाएगा। उन्होंने चीनी अधिकारियों से कहा कि वे चीन में उनके पाठकों को न्यूयॉर्क टाइम्स की पत्रकारिता का आनंद लेने दें। | संक्षिप्त सारांश: चीन ने न्यूयॉर्क टाइम्स की अंग्रेजी और चीनी भाषा वाली वेबसाइटों पर देश में प्रतिबंध लगा दिया। यह कार्रवाई अखबार की उस खबर के फौरन बाद की गई जिसमें आरोप है कि चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के परिवार ने 2.7 अरब डॉलर की संपत्ति एकत्र कर ली है। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को विमान परिचारिका गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में आरोपी हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। कांडा को स्थानीय थाने में शनिवार तड़के आत्मसमर्पण करने के बाद गिरफ्तार किया गया था।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट देवेंदर कुमार जंगला ने कांडा को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यद्यपि कांडा के अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने पुलिस हिरासत में भेजने का विरोध किया।
गीतिका (23) ने अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी एमडीएलआर एयरलाइंस की अधिकारी अरुणा चड्ढा पर परेशान करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। गीतिका की 4-5 अगस्त की रात मौत हो गई थी। कांडा 8 अगस्त से फरार था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांडा की अग्रिम जमानत याचिका गुण दोष के आधार पर नहीं बल्कि तकनीकी आधार पर रद्द कर दी थी। न्यायालय का मानना था कि जिस व्यक्ति को अग्रिम जमानत चाहिए उसके द्वारा ही याचिका दायर होनी चाहिए लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं है।
इससे पहले, जब कांडा लुका-छिपी खेल रहा था और उसने समर्पण नहीं किया था, तो पुलिस ने उसके भाई गोविंद को गिरफ्तार कर लिया।टिप्पणियां
कांडा एमडीएलआर एयरलाइंस का मालिक था, जहां गीतिका विमान परिचारिका थी। वर्ष 2009 में एयरलाइंस बंद हो गई, तो गीतिका को कांडा के स्वामित्व वाली एक अन्य कम्पनी में नौकरी दे दी गई थी।
कांडा ने इस मामले में नाम आने के बाद हरियाणा के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस पर आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट देवेंदर कुमार जंगला ने कांडा को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यद्यपि कांडा के अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने पुलिस हिरासत में भेजने का विरोध किया।
गीतिका (23) ने अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी एमडीएलआर एयरलाइंस की अधिकारी अरुणा चड्ढा पर परेशान करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। गीतिका की 4-5 अगस्त की रात मौत हो गई थी। कांडा 8 अगस्त से फरार था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांडा की अग्रिम जमानत याचिका गुण दोष के आधार पर नहीं बल्कि तकनीकी आधार पर रद्द कर दी थी। न्यायालय का मानना था कि जिस व्यक्ति को अग्रिम जमानत चाहिए उसके द्वारा ही याचिका दायर होनी चाहिए लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं है।
इससे पहले, जब कांडा लुका-छिपी खेल रहा था और उसने समर्पण नहीं किया था, तो पुलिस ने उसके भाई गोविंद को गिरफ्तार कर लिया।टिप्पणियां
कांडा एमडीएलआर एयरलाइंस का मालिक था, जहां गीतिका विमान परिचारिका थी। वर्ष 2009 में एयरलाइंस बंद हो गई, तो गीतिका को कांडा के स्वामित्व वाली एक अन्य कम्पनी में नौकरी दे दी गई थी।
कांडा ने इस मामले में नाम आने के बाद हरियाणा के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस पर आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
गीतिका (23) ने अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी एमडीएलआर एयरलाइंस की अधिकारी अरुणा चड्ढा पर परेशान करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। गीतिका की 4-5 अगस्त की रात मौत हो गई थी। कांडा 8 अगस्त से फरार था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांडा की अग्रिम जमानत याचिका गुण दोष के आधार पर नहीं बल्कि तकनीकी आधार पर रद्द कर दी थी। न्यायालय का मानना था कि जिस व्यक्ति को अग्रिम जमानत चाहिए उसके द्वारा ही याचिका दायर होनी चाहिए लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं है।
इससे पहले, जब कांडा लुका-छिपी खेल रहा था और उसने समर्पण नहीं किया था, तो पुलिस ने उसके भाई गोविंद को गिरफ्तार कर लिया।टिप्पणियां
कांडा एमडीएलआर एयरलाइंस का मालिक था, जहां गीतिका विमान परिचारिका थी। वर्ष 2009 में एयरलाइंस बंद हो गई, तो गीतिका को कांडा के स्वामित्व वाली एक अन्य कम्पनी में नौकरी दे दी गई थी।
कांडा ने इस मामले में नाम आने के बाद हरियाणा के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस पर आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांडा की अग्रिम जमानत याचिका गुण दोष के आधार पर नहीं बल्कि तकनीकी आधार पर रद्द कर दी थी। न्यायालय का मानना था कि जिस व्यक्ति को अग्रिम जमानत चाहिए उसके द्वारा ही याचिका दायर होनी चाहिए लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं है।
इससे पहले, जब कांडा लुका-छिपी खेल रहा था और उसने समर्पण नहीं किया था, तो पुलिस ने उसके भाई गोविंद को गिरफ्तार कर लिया।टिप्पणियां
कांडा एमडीएलआर एयरलाइंस का मालिक था, जहां गीतिका विमान परिचारिका थी। वर्ष 2009 में एयरलाइंस बंद हो गई, तो गीतिका को कांडा के स्वामित्व वाली एक अन्य कम्पनी में नौकरी दे दी गई थी।
कांडा ने इस मामले में नाम आने के बाद हरियाणा के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस पर आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले, जब कांडा लुका-छिपी खेल रहा था और उसने समर्पण नहीं किया था, तो पुलिस ने उसके भाई गोविंद को गिरफ्तार कर लिया।टिप्पणियां
कांडा एमडीएलआर एयरलाइंस का मालिक था, जहां गीतिका विमान परिचारिका थी। वर्ष 2009 में एयरलाइंस बंद हो गई, तो गीतिका को कांडा के स्वामित्व वाली एक अन्य कम्पनी में नौकरी दे दी गई थी।
कांडा ने इस मामले में नाम आने के बाद हरियाणा के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस पर आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
कांडा एमडीएलआर एयरलाइंस का मालिक था, जहां गीतिका विमान परिचारिका थी। वर्ष 2009 में एयरलाइंस बंद हो गई, तो गीतिका को कांडा के स्वामित्व वाली एक अन्य कम्पनी में नौकरी दे दी गई थी।
कांडा ने इस मामले में नाम आने के बाद हरियाणा के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस पर आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
कांडा ने इस मामले में नाम आने के बाद हरियाणा के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस पर आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। | दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को विमान परिचारिका गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में आरोपी हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। कांडा को स्थानीय थाने में शनिवार तड़के आत्मसमर्पण करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गेंदबाजों के कातिल बने क्रिस गेल की एक और धांसू पारी से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर ने बुधवार को राजस्थान रॉयल्स पर नौ विकेट की धमाकेदार जीत दर्ज की। इससे बेंगलूर ने जहां प्लेआफ की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए वहीं राजस्थान की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गई। आईपीएल के सबसे युवा कप्तान बने विराट कोहली ने टास जीतकर राजस्थान रायल्स को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। राजस्थान शेन वाटसन (34) और राहुल द्रविड़ (37) से मिली अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहा और नियमित अंतराल में विकेट गंवाने के कारण छह विकेट पर 146 रन ही बना पाया। उसकी इस दशा के लिय श्रीनाथ अरविंद जिम्मेदार रहा जिन्होंने 34 रन देकर तीन विकेट लिए। गेल (44 गेंद पर नाबाद 70) और तिलकरत्ने दिलशान (38) ने केवल 40 गेंद पर 68 रन जोड़कर फिर से बेंगलूर को तेज शुरुआत दिलायी। इसके बाद गेल ने कोहली (नाबाद 39) के साथ 83 रन की अटूट साझेदारी की जिससे बेंगलूर 17 ओवर में ही एक विकेट पर 151 रन बना बैठा। बेंगलूर के अब 11 मैच में सात जीत से 15 अंक हो गये हैं और वह अंक तालिका में मुंबई इंडियन्स के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। राजस्थान की यह छठी हार है और 12 मैच में 11 अंक होने से उसकी अब प्ले आफ में पहुंचने की संभावना क्षीण पड़ गई है। बेंगलूर ने टूर्नामेंट के बीच में गेल को अपनी टीम से जोड़ा और तब से यह कैरेबियाई तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। गेल ने अभी तक छह मैच में दो शतक और एक अर्धशतक की मदद से 398 रन बनाए हैं। टूर्नामेंट में उनसे अधिक रन केवल सचिन तेंदुलकर (424) के नाम दर्ज हैं। इन पहले छह ओवर में कुल 11 चौके पड़े जिनमें से आठ चौके दिलशान के बल्ले से निकले जबकि गेल ने तीन चौकों के अलावा बोथा की गेंद पर लांग आफ पर पारी का पहला छक्का भी जड़ा। रायल्स के घरेलू मैदान सवाई मानसिंह स्टेडियम में अपना अंतिम आईपीएल मैच खेल रहे शेन वार्न ने सातवें ओवर में गेंद संभाली और आते ही दिलशान के तेवरों को ठंडा किया। श्रीलंकाई कप्तान ने उनकी गेंद पर स्लाग स्वीप करके मिडविकेट पर रोस टेलर को कैच थमाया। गेल जैसा धुरंधर क्रीज पर था लेकिन बेंगलूर के बल्लेबाजों ने सहजता से रन बटोरने को तरजीह दी। पावरप्ले में जहां 66 रन बने वहीं अगले छह ओवर में केवल 35 रन ही बन पाये। गेल का कत्लेआम का मूड तो इसके बाद दिखा। उन्होंने टेलर की गेंद छह रन के लिये भेजकर अर्धशतक पूरा किया और फिर वार्न पर लगातार छक्का और चौका जड़ा। इसके बाद उन्होंने अशोक मनेरिया की गेंद भी छह रन के लिये भेजी जबकि कोहली ने पंकज सिंह पर विजयी छक्का जमाया। गेल ने अपनी पारी में छह चौके और चार छक्के जबकि कोहली ने तीन चौके और एक छक्का लगाया। वार्न की इस तरह से जयपुर से विदाई मायूसी के साथ हुई। इससे पहले वाटसन और द्रविड़ ने पहले विकेट के लिये 73 रन की साझेदारी की लेकिन इन दोनों के इसी स्कोर पर आउट हो जाने से रायल्स दबाव में आ गया और डेढ़ सौ रन के पार नहीं पहुंच पाया। वाटसन और द्रविड़ ने शुरू में क्रमश: अरविंद और जहीर खान पर लगातार ओवर में दो-दो चौके लगाकर अपने तेवर दिखाए। नियमित कप्तान डेनियल विटोरी के चोटिल होने के कारण उनकी जगह टीम में आये चार्ल लांगवेल्ट पर वाटसन ने पारी का पहला छक्का भी जड़ा। इसके बाद उन्होंने अरविंद की गेंद भी छह रन के लिये भेजी लेकिन इस गेंदबाज ने अपने अगले ओवर में तीन गेंद के अंदर दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर रायल्स को बैकफुट पर भेज दिया। अरविंद ने वाटसन को हवा में गेंद लहराने के लिये ललचाया और बाकी काम मिडआफ पर खड़े एबी डिविलियर्स ने पूरा कर दिया। इसके बाद उन्होंने द्रविड़ को वापस कैच देने के लिये मजबूर किया। बीच में कोहली ने खुद गेंद संभाली और तीन ओवर में 17 रन दिए। उन्होंने ट्वेंटी-20 क्रिकेट में पदार्पण कर रहे बायें हाथ के स्पिनर अबरार काजी को भी सलामी जोड़ी पवेलियन लौटने के बाद गेंदबाजी पर लगाया। अजिंक्या रहाणे (17) ने काजी के दूसरे ओवर में छक्का जड़ा। इसके दो गेंद बाद ही दुनिया के चपल क्षेत्ररक्षकों में से एक डिविलियर्स के हाथों में गेंद पहुंचने के बावजूद योहान बोथा दौड़ पड़े और रहाणे को अपना विकेट गंवाना पड़ा। बोथा (19) और रोस टेलर (13) भी कोई कमाल नहीं दिखा पाये, जबकि मनेरिया (8) भी अधिक देर तक नहीं टिक पाये जिससे यह तय हो गया कि रायल्स मजबूत स्कोर खड़ा नहीं कर पाएगा। | गेंदबाजों के कातिल बने क्रिस गेल की एक और धांसू पारी से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर ने राजस्थान रॉयल्स पर नौ विकेट की धमाकेदार जीत दर्ज की। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत में यूएस के पूर्व राजदूत टिम रोइमर (Tim Roemer) ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान पर क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने का आरोप लगाया है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि यूएस की नीतियों को भारत के साथ रणनीतिक संबंधों के प्रति स्थिर रहना चाहिए और पाकिस्तान पर आतंकवाद विरोधी सहयोग के लिए वास्तविक परिणाम देने का दबाव डालना चाहिए. कश्मीर पर इमरान खान (Tim Roemer) के परमाणु युद्ध वाले बयान पर रोइमर ने कहा, 'पाकिस्तानी पीएम कश्मीर की स्थिति को तूल दे रहे हैं और पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला कर रहे हैं. इसके अलावा वह क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा रहे हैं.'
कुछ दिनों पहले रोइमर ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन पर शोक व्यक्त किया था. उन्होंने ट्वीट किया था, 'हालही में भारत में मेरे मित्र और वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन हो गया. वह शानदार वकील और क्रिकेट के बड़े प्रशंसक थे. भारत के लोग एक समर्पित समाज सेवक को याद करेंगे.'
रोइमर भारत में 2009 से 2011 के दौरान अमेरिकी राजदूत रहे थे. उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा थे. | यहाँ एक सारांश है:भारत में यूएस के पूर्व राजदूत ने इमरान खान पर लगाये आरोप
कहा- इमरान खान कश्मीर मुद्दे को दे रहे तूल, क्षेत्र में बढ़ा रहे अस्थिरता
'पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला कर रहे हैं इमरान खान' | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी ( Neerav Modi ) पिछले सप्ताह लंदन (London) की सड़कों पर कुछ अलग दिखाई दिया. वह शुतुरमुर्ग के चमड़े की असाधारण जैकेट पहने हुए था. सरकार ने जोर देकर कहा कि उसके खिलाफ मुकदमा चलाने और उसे प्रत्यर्पित करने के प्रयासों में भारत की ओर से कोई देरी नहीं हुई. NDTV को पता चला है कि इन दावों के विपरीत वास्तव में, यूके (UK) की एक कानूनी टीम ने भी नीरव मोदी के खिलाफ कार्रवाई में मदद करने के लिए भारत आने की पेशकश की, लेकिन कथित तौर पर भारत से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.
NDTV को लंदन के सीरियस फ्रॉड ऑफिस से पता चला है कि पहली बार भारत ने ब्रिटेन (Britain) को जो अलर्ट भेजा था, वह फरवरी 2018 में म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) के तहत था. यह सीबीआई द्वारा नीरव मोदी ( Neerav Modi ) और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक घोटाले (PNB Scam) में 13,000 करोड़ रुपये की कर चोरी के आरोप में पहली बार आपराधिक मामला दर्ज करने के तुरंत बाद भेजा गया था.
इस बीच भारत में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में आरोपी नीरव मोदी ( Neerav Modi) के खिलाफ मनी लांड्रिंग रोधी कानून के तहत एक अनुपूरक आरोप पत्र दायर किया है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि हीरा कारोबारी तथा अन्य के खिलाफ यह आरोप पत्र मुंबई स्थित विशेष मनी लांड्रिंग रोधी कानून अदालत के समक्ष दायर किया गया है. एजेंसी ने इसमें अभियुक्तों के विरुद्ध जुटाये गए अतिरिक्त सबूतों और कुर्क की गई संपत्ति को रिकार्ड कराया है. अनुपूरक आरोप पत्र के ब्यौरे की प्रतीक्षा है.
ब्रिटेन (Britain) के एक समाचार पत्र ने नीरव मोदी के लंदन के वेस्ट एंड इलाके में 80 लाख पौंड के आलीशान अपार्टमेंट में रहने और नए सिरे से हीरा कारोबार शुरू करने की जानकारी दी है. अखबार की रपट के दो दिन बाद यह नया घटनाक्रम हुआ है.
ईडी ने 9 मार्च को कहा था कि ब्रिटेन के गृह मंत्री ने नीरव ( Neerav Modi ) के प्रत्यर्पण के भारत के आग्रह को हाल ही में आगे की कार्रवाई के लिए अदालत को प्रेषित किया है. ईडी ने नीरव मोदी और अन्य के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी के मामले में पिछले साल मई में पहला आरोप पत्र दायर किया था. केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी पीएनबी की मुंबई स्थित ब्रेडी हाउस शाखा में हुए कथित घोटाले की जांच कर रहे हैं. इसमें नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी तथा अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर ये एजेंसियां जांच कर रही हैं.
(इनपुट एजेंसियों से भी) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूके की एक कानूनी टीम मदद के लिए भारत आना चाहती थी
इस पेशकश पर भारत से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली
मनी लांड्रिंग रोधी कानून के तहत एक अनुपूरक आरोप पत्र दायर | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की सेना ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच दिए जाने से इनकार कर दिया है. कुछ दिनों पहले भारत ने राजनयिक पहुंच की मांग जोरदार ढंग से रखी थी. जाधव (46) को कथित जासूसी के मामले में फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल ने पिछले सप्ताह मौत की सजा सुनाई थी. इसको लेकर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर जाधव की 'पूर्वनियोजित हत्या' को अंजाम दिया गया, तो द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने संवाददाताओं से कहा, 'कानून के तहत हम जासूसी में शामिल कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच नहीं दे सकते.' बहरहाल, नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने कहा कि राजनयिक पहुंच से इनकार किए जाने को लेकर पाकिस्तान की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई है. पाकिस्तान पिछले एक साल में जाधव तक राजनयिक पहुंच की भारत की मांग को करीब एक दर्जन बार ठुकरा चुका है. मेजर जनरल गफूर ने कहा कि जाधव राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल था इसलिए उसे कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'यह (जाधव को पकड़ना और दंडित करना) सेना का फर्ज था. हमने इस पर समझौता नहीं किया और उसे सजा सुनाई. हम भविष्य में भी इस मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे.' सेना के प्रवक्ता ने कहा कि जाधव के खिलाफ सुनवाई के लिए सभी कानूनी जरूरतें पूरी की गईं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने संवाददाताओं से कहा, 'कानून के तहत हम जासूसी में शामिल कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच नहीं दे सकते.' बहरहाल, नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने कहा कि राजनयिक पहुंच से इनकार किए जाने को लेकर पाकिस्तान की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई है. पाकिस्तान पिछले एक साल में जाधव तक राजनयिक पहुंच की भारत की मांग को करीब एक दर्जन बार ठुकरा चुका है. मेजर जनरल गफूर ने कहा कि जाधव राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल था इसलिए उसे कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'यह (जाधव को पकड़ना और दंडित करना) सेना का फर्ज था. हमने इस पर समझौता नहीं किया और उसे सजा सुनाई. हम भविष्य में भी इस मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे.' सेना के प्रवक्ता ने कहा कि जाधव के खिलाफ सुनवाई के लिए सभी कानूनी जरूरतें पूरी की गईं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'यह (जाधव को पकड़ना और दंडित करना) सेना का फर्ज था. हमने इस पर समझौता नहीं किया और उसे सजा सुनाई. हम भविष्य में भी इस मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे.' सेना के प्रवक्ता ने कहा कि जाधव के खिलाफ सुनवाई के लिए सभी कानूनी जरूरतें पूरी की गईं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: भारत ने कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच की मांग जोरदार ढंग से रखी थी
पाक सेना ने कहा- जाधव को पकड़ना और दंडित करना हमारा फर्ज था
'जाधव के खिलाफ सुनवाई के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं' | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी ने खुलासा किया कि कथित सट्टेबाज मजहर मजीद ने उनसे संपर्क किया था और कई बार उनसे दोस्ती करने की कोशिश की थी। मजीद पिछले साल स्पॉट फिक्सिंग विवाद का केंद्र रहे थे। आफरीदी ने कहा कि उसने (मजीद) मेरे करीब आने और मुझसे दोस्ती करने के कई प्रयास किए, लेकिन जितनी बार उसने ऐसा करने की कोशिश की, मैंने कुछ करारे जवाब देकर उसे दूर कर दिया। इस ऑलराउंडर ने कहा कि उसने कभी भी मजीद पर भरोसा नहीं किया, जो ब्रिटेन में रहता था और कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों के एजेंट के रूप में काम करता था, जिसमें सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर शामिल थे। आफरीदी ने कहा कि इस स्पाट फिक्सिंग के प्रकरण ने पाकिस्तानी क्रिकेट की छवि खराब कर दी। वह जल्द ही पाकिस्तानी टीम में वापसी की कोशिश के लिए कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं। उन्होंने जियो न्यूज के एक शो में कहा, मैंने दोबारा खुद को राष्ट्रीय चयन के लिए उपलब्ध कराया है, क्योंकि मेरे ऊपर मेरे समर्थकों, प्रशसंकों, दोस्तों और परिवार का काफी दबाव था, जो मुझे दोबारा पाकिस्तान की ओर से खेलते हुए देखना चाहते हैं। | यह एक सारांश है: पाक के पूर्व कप्तान आफरीदी ने खुलासा किया कि सट्टेबाज मजहर मजीद ने उनसे संपर्क किया था और कई बार उनसे दोस्ती करने की कोशिश की थी। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लद्दाख क्षेत्र के सियाचिन ग्लेशियर इलाके में रविवार को एक बर्फीली चट्टान खिसकर सेना की एक चौकी पर आ गिरी। चट्टान के नीचे दबकर छह सैनिक शहीद हो गए। एक सैनिक अभी तक लापता है।
श्रीनगर स्थित सेना की 15वीं कोर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बरार ने बताया, "आज (रविवार) जम्मू एवं कश्मीर के सियाचिन ग्लेशियर इलाके के सब-सेक्टर हनीफ, टरटक में हुए एक दर्दनाक हादसे में बर्फ की चट्टान के नीचे दबकर छह जवान शहीद हो गए और असम रेजिमेंट का एक जवान लापता है।" उन्होंने कहा, "आज सुबह 6.15 बजे 17,000 फीट की ऊंचाई पर बनी हमारी चौकी एक बर्फ की चट्टान के नीचे दब गई। खोजी कुत्तों को साथ लेकर बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।"टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा, "छह जवानों ने दुर्भाग्यवश अपनी जान गंवा दी। उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। एक जवान अभी तक लापता है। दुर्भाग्यवश खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में बाधा आई।"
उल्लेखनीय है कि लद्दाख क्षेत्र का सियाचिन ग्लेशियर विश्व का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र माना जाता है, जहां भारत और पाकिस्तान के सैनिक सालभर अपनी-अपनी सरहदों पर तैनात रहते हैं।
श्रीनगर स्थित सेना की 15वीं कोर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बरार ने बताया, "आज (रविवार) जम्मू एवं कश्मीर के सियाचिन ग्लेशियर इलाके के सब-सेक्टर हनीफ, टरटक में हुए एक दर्दनाक हादसे में बर्फ की चट्टान के नीचे दबकर छह जवान शहीद हो गए और असम रेजिमेंट का एक जवान लापता है।" उन्होंने कहा, "आज सुबह 6.15 बजे 17,000 फीट की ऊंचाई पर बनी हमारी चौकी एक बर्फ की चट्टान के नीचे दब गई। खोजी कुत्तों को साथ लेकर बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।"टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा, "छह जवानों ने दुर्भाग्यवश अपनी जान गंवा दी। उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। एक जवान अभी तक लापता है। दुर्भाग्यवश खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में बाधा आई।"
उल्लेखनीय है कि लद्दाख क्षेत्र का सियाचिन ग्लेशियर विश्व का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र माना जाता है, जहां भारत और पाकिस्तान के सैनिक सालभर अपनी-अपनी सरहदों पर तैनात रहते हैं।
प्रवक्ता ने कहा, "छह जवानों ने दुर्भाग्यवश अपनी जान गंवा दी। उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। एक जवान अभी तक लापता है। दुर्भाग्यवश खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में बाधा आई।"
उल्लेखनीय है कि लद्दाख क्षेत्र का सियाचिन ग्लेशियर विश्व का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र माना जाता है, जहां भारत और पाकिस्तान के सैनिक सालभर अपनी-अपनी सरहदों पर तैनात रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि लद्दाख क्षेत्र का सियाचिन ग्लेशियर विश्व का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र माना जाता है, जहां भारत और पाकिस्तान के सैनिक सालभर अपनी-अपनी सरहदों पर तैनात रहते हैं। | सारांश: लद्दाख क्षेत्र के सियाचिन ग्लेशियर इलाके में रविवार को एक बर्फीली चट्टान खिसकर सेना की एक चौकी पर आ गिरी। चट्टान के नीचे दबकर छह सैनिक शहीद हो गए। एक सैनिक अभी तक लापता है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई में किसानों पर हुई गोलीबारी के प्रकरण पर 14 वर्ष बाद फैसला आया है। मुलताई न्यायालय के न्यायाधीश एससी उपाध्याय ने मुलताई गोलीकांड में हत्या के दोषी पाए जाने पर पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास एवं हत्या के प्रयास में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
ज्ञात हो कि वर्ष 1997 में अतिवृष्टि एवं गेरुआ रोग के कारण खराब फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का नेतृत्व करते हुए डॉ. सुनीलम ने किसान आंदोलन किया था, जिसके तहत 12 जनवरी 1998 को तहसील घेराव के दौरान पुलिस ने गोली चलाई थी जिसमें 18 किसानों सहित अग्निशमन वाहन के एक चालक की मौत हो गई थी। डॉ. सुनीलम तथा अन्य पर पुलिस को गोलीबारी के लिए उकसाने का आरोप है।
इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग 66 मामले दर्ज किए थे, जिनमें से तीन मामलों में गुरुवार को मुलताई के अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया था और सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। टिप्पणियां
शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायाधीश एससी उपाध्याय ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में मुलताई के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम, मुलताई के व्यवसायी प्रहलाद अग्रवाल एवं परमंडल के शक शेशू उर्फ शेशराव भगत को धारा 302 के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 302 के तहत सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
फैसला सुनाए जाने के समय शुक्रवार को न्यायालय में गहमा-गहमी का माहौल रहा। गुरुवार को सुनीलम व दो अन्य को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया गया था। सभी को सजा का इंतजार था। आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से किसान व सुनीलम के साथी बेहद दुखी थे। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का मन बनाया है।
ज्ञात हो कि वर्ष 1997 में अतिवृष्टि एवं गेरुआ रोग के कारण खराब फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का नेतृत्व करते हुए डॉ. सुनीलम ने किसान आंदोलन किया था, जिसके तहत 12 जनवरी 1998 को तहसील घेराव के दौरान पुलिस ने गोली चलाई थी जिसमें 18 किसानों सहित अग्निशमन वाहन के एक चालक की मौत हो गई थी। डॉ. सुनीलम तथा अन्य पर पुलिस को गोलीबारी के लिए उकसाने का आरोप है।
इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग 66 मामले दर्ज किए थे, जिनमें से तीन मामलों में गुरुवार को मुलताई के अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया था और सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। टिप्पणियां
शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायाधीश एससी उपाध्याय ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में मुलताई के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम, मुलताई के व्यवसायी प्रहलाद अग्रवाल एवं परमंडल के शक शेशू उर्फ शेशराव भगत को धारा 302 के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 302 के तहत सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
फैसला सुनाए जाने के समय शुक्रवार को न्यायालय में गहमा-गहमी का माहौल रहा। गुरुवार को सुनीलम व दो अन्य को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया गया था। सभी को सजा का इंतजार था। आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से किसान व सुनीलम के साथी बेहद दुखी थे। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का मन बनाया है।
इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग 66 मामले दर्ज किए थे, जिनमें से तीन मामलों में गुरुवार को मुलताई के अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया था और सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। टिप्पणियां
शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायाधीश एससी उपाध्याय ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में मुलताई के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम, मुलताई के व्यवसायी प्रहलाद अग्रवाल एवं परमंडल के शक शेशू उर्फ शेशराव भगत को धारा 302 के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 302 के तहत सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
फैसला सुनाए जाने के समय शुक्रवार को न्यायालय में गहमा-गहमी का माहौल रहा। गुरुवार को सुनीलम व दो अन्य को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया गया था। सभी को सजा का इंतजार था। आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से किसान व सुनीलम के साथी बेहद दुखी थे। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का मन बनाया है।
शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायाधीश एससी उपाध्याय ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में मुलताई के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम, मुलताई के व्यवसायी प्रहलाद अग्रवाल एवं परमंडल के शक शेशू उर्फ शेशराव भगत को धारा 302 के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 302 के तहत सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
फैसला सुनाए जाने के समय शुक्रवार को न्यायालय में गहमा-गहमी का माहौल रहा। गुरुवार को सुनीलम व दो अन्य को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया गया था। सभी को सजा का इंतजार था। आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से किसान व सुनीलम के साथी बेहद दुखी थे। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का मन बनाया है।
फैसला सुनाए जाने के समय शुक्रवार को न्यायालय में गहमा-गहमी का माहौल रहा। गुरुवार को सुनीलम व दो अन्य को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया गया था। सभी को सजा का इंतजार था। आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से किसान व सुनीलम के साथी बेहद दुखी थे। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का मन बनाया है। | संक्षिप्त सारांश: मुलताई न्यायालय के न्यायाधीश एससी उपाध्याय ने मुलताई गोलीकांड में हत्या के दोषी पाए जाने पर पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास एवं हत्या के प्रयास में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सिक्किम में भूकंप में मची तबाही की असली तस्वीर सामने आ रही है। सेना की ओर से किए गए एक हवाई सर्वे से पता चला है कि उत्तरी सिक्किम के कम से कम पांच गांव मटियामेट हो गए हैं। सर्वे के दौरान इन गांवों के आसपास कोई दिखाई भी नहीं दिया है। ऐसे में जान−माल के भारी नुकसान की आशंका बढ़ गई है। साथ ही तीस्ता ऊर्जा हाइडेल प्रोजेक्ट में काम करने वाले 40 मजदूरों में से 11 के शव बरामद हुए हैं। जैसे-जैसे बचाव और राहत की टीमें दूरदराज के इलाकों में पहुंच रही हैं वैसे-वैसे मरने वालों की गिनती बढ़ती ही जा रही है। सिक्किम की सरकार ने अब तक मरने वालों की संख्या 69 बताई है। इस भूकंप में कम से कम एक लाख करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। अभी भी कई रास्ते बंद होने से राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। सेना और राष्ट्रीय आपदा राहत और प्रबंधन के राहतकर्मियों ने 30 से 40 किलोग्राम का राशन और दवाईयां लेकर उन इलाकों की तरफ पैदल ही निकल पड़े हैं जहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। इन इलाकों तक पहुंचने में इन्हें 3 से 4 दिन लगेंगे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेना की ओर से किए गए एक हवाई सर्वे से पता चला है कि उत्तरी सिक्किम के कम से कम पांच गांव मटियामेट हो गए हैं। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अधिक ट्वीट की आदत से बाज आएं, क्योंकि खुद ट्विटर के बॉस का कहना है कि घंटों ऐसा करते रहना नुकसानदेह हो सकता है। ट्विटर के सह-संस्थापक और क्रिएटिव डायरेक्टर बिज स्टोन ने कहा है कि ट्विटर पर 50 करोड़ से ज्यादा यूजर घंटों तक ट्वीट करते रहते हैं, मगर यह स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि अपनी जिंदगी को भूलकर सिर्फ ट्वीट करते रहने वालों की तुलना में वह कम समय गुजारने वालों को पसंद करेंगे। ‘डेली टेलीग्राफ’ ऑनलाइन ने मांट्रियल में एक सम्मेलन में स्टोन द्वारा दिए गए बयान का जिक्र करते हुए यह कहा है। स्टोन ने कहा कि प्रशंसकों के साइट का प्रयोग करने की तुलना में वह चाहेंगे प्रशंसक वह सब करें, जो वह चाहते हैं। यूजरों की शिकायत है कि 140 कैरेक्टर संदेश वाले इस साइट से लत लग जाती है और कुछ यूजर तो इस पर 12 घंटे तक लगातार बने रहते हैं।
स्टोन ने कहा कि वह नहीं चाहते कि लोग लंबे समय तक ट्वीटर का प्रयोग करते रहें। वह चाहेंगे कि लोग या तो दूसरी बेबसाइट का प्रयोग करें या फिर लंबे समय तक ट्वीट न करें। हालांकि स्टोन ने यह भी कहा कि ट्विटर के 140 कैरेक्टर सीमा में बढ़ोतरी को कोई इरादा नहीं है।
उन्होंने कहा कि अपनी जिंदगी को भूलकर सिर्फ ट्वीट करते रहने वालों की तुलना में वह कम समय गुजारने वालों को पसंद करेंगे। ‘डेली टेलीग्राफ’ ऑनलाइन ने मांट्रियल में एक सम्मेलन में स्टोन द्वारा दिए गए बयान का जिक्र करते हुए यह कहा है। स्टोन ने कहा कि प्रशंसकों के साइट का प्रयोग करने की तुलना में वह चाहेंगे प्रशंसक वह सब करें, जो वह चाहते हैं। यूजरों की शिकायत है कि 140 कैरेक्टर संदेश वाले इस साइट से लत लग जाती है और कुछ यूजर तो इस पर 12 घंटे तक लगातार बने रहते हैं।
स्टोन ने कहा कि वह नहीं चाहते कि लोग लंबे समय तक ट्वीटर का प्रयोग करते रहें। वह चाहेंगे कि लोग या तो दूसरी बेबसाइट का प्रयोग करें या फिर लंबे समय तक ट्वीट न करें। हालांकि स्टोन ने यह भी कहा कि ट्विटर के 140 कैरेक्टर सीमा में बढ़ोतरी को कोई इरादा नहीं है।
स्टोन ने कहा कि वह नहीं चाहते कि लोग लंबे समय तक ट्वीटर का प्रयोग करते रहें। वह चाहेंगे कि लोग या तो दूसरी बेबसाइट का प्रयोग करें या फिर लंबे समय तक ट्वीट न करें। हालांकि स्टोन ने यह भी कहा कि ट्विटर के 140 कैरेक्टर सीमा में बढ़ोतरी को कोई इरादा नहीं है। | सारांश: अधिक ट्वीट की आदत से बाज आएं, क्योंकि खुद ट्विटर के बॉस का कहना है कि घंटों ऐसा करते रहना नुकसानदेह हो सकता है। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनी डीबी रियल्टी की पुणे स्थित टाउनशिप परियोजना को स्थानीय विकास प्राधिकरण ने रद्द कर दिया है। कंपनी ने प्रशासन के इस कदम को मनमाना और अवैध बताया है। डीबी रियल्टी ने बंबई शेयर बाजार को कहा कि पिंपरी चिंचवाड न्यू टाउन डेवलपमेंट ऑथोरिटी (पीसीएनटीडीए) ने कंपनी को पुणे के भोसारी स्थित पर्यावरण अनुकूल टाउनशिप परियोजना का जिम्मा सौंपा था। इस परियोजना का विकास संयुक्त उद्यम के जरिये किया जाना था। इस साल 10 जून को पीसीएनटीडीए ने संयुक्त उद्यम को सूचित किया कि डेवलपर के चयन के लिए बोली प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है, इसीलिए 25 अगस्त 2009 को संयुक्त उद्यम के नाम से जारी आवंटन पत्र (एलओए) रद्द हो गया है। प्राधिकरण ने यह भी कहा कि शुरुआती जमा राशि को लौटा दिया गया है। कंपनी ने कहा कि 22 महीने बाद परियोजना को रद्द करना मनमाना तथा अवैध है और उसने इस बारे में अपना विरोध दर्ज कराया है। डीबी रियल्टी ने कहा कि वह पीसीएनटीडीए के फैसले को चुनौती देगी और इस बारे में आगे का कदम उठाने के लिए फिलहाल वह कानूनी सलाह ले रही है। कंपनी के प्रवर्तक शाहिद बलवा तथा विनोद गोयनका 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में जांच के घेरे में हैं। दोनों फिलहाल जेल में हैं। | संक्षिप्त सारांश: जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनी डीबी रियल्टी की पुणे स्थित टाउनशिप परियोजना को स्थानीय विकास प्राधिकरण ने रद्द कर दिया है। | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शेयर बाजारों में मंदी निवेशकों पर काफी भारी पड़ रही है और इस साल अभी तक, कारोबार के प्रत्येक मिनट में निवेशकों का औसतन 100 करोड़ रुपये डूब रहा है। 2011 की शुरुआत से लेकर अब तक सेंसेक्स 3,000 से अधिक अंक टूट चुका है और सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट चुका है। एक करोड़ से थोड़े अधिक निवेशकों ने शेयर बाजार में पैसा लगा रखा है और इनकी कुल संख्या को देखते हुए प्रत्येक निवेशक को औसतन 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसी तरह, सेंसेक्स 2010 के अंत में 20,509.09 अंक से टूटकर अब 17,463.04 अंक पर आ चुका है। इस दौरान निवेशकों का कुल धन 72,96,725.79 करोड़ रुपये से घटकर 61,94,190. 42 करोड़ रुपये पर आ गया। 2011 में अभी तक 28 कारोबारी सत्रों में कुल 182 घंटे या 10,920 मिनट कारोबार हुए और प्रत्येक कारोबारी दिन का औसत नुकसान 39,376 करोड़ रुपये रहा। इस तरह से कारोबार के प्रत्येक मिनट में निवेशकों को औसतन 100.96 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। | 2011 की शुरुआत से अब तक सेंसेक्स 3,000 से अधिक अंक टूट चुका है और कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट चुका है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भूगर्भ में दफ्न जैविक इतिहास की परतें उघाड़ते हुए खोजकर्ताओं के एक समूह ने मध्यप्रदेश की नर्मदा घाटी में शार्क मछली के दांतों के दुर्लभ जीवाश्म ढूंढ निकालने का दावा किया है। समूह के मुताबिक ये जीवाश्म साढ़े छह करोड़ साल से 10 करोड़ साल पुराने हैं और तीन अलग-अलग कालखंडों से ताल्लुक रखते हैं।
‘मंगल पंचायतन परिषद’ के प्रमुख विशाल वर्मा ने बताया, ‘हमें यहां से करीब 125 किलोमीटर दूर धार जिले में खुदाई के दौरान शार्क मछली के दांतों के जीवाश्म मिले हैं।’ खोजकर्ता समूह के प्रमुख के मुताबिक शार्क के दांतों के ये जीवाश्म भू-तल की तीन विभिन्न परतों से मिले हैं। ये परतें आज से साढ़े छह करोड़ साल से 10 करोड़ साल पहले के तीन अलग-अलग कालखंडों से संबंध रखती हैं।
उन्होंने कहा, ‘दांतों के ये जीवाश्म आज की टाइगर शार्क के दांतों से काफी मिलते-जुलते हैं। इनमें शार्क के बड़े दांतों के साथ छोटे दांतों के जीवाश्म शामिल हैं, जिनमें सबसे लम्बा जीवाश्म करीब 14 सेंटीमीटर का है।’
वर्मा ने शार्क के दांतों के सहस्त्राब्दियों पुराने जीवाश्मों को देखकर अनुमान लगाया कि उस वक्त इस खतरनाक परभक्षी जीव की लम्बाई पांच से छह फुट रही होगी। उन्होंने बताया कि उनके खोजकर्ता समूह को जिस स्थान से शार्क के दांतों के दुर्लभ जीवाश्म मिले हैं, वह जगह करीब 12 करोड़ साल पुरानी नर्मदा घाटी का हिस्सा है।टिप्पणियां
वर्मा ने कहा कि नर्मदा घाटी में शार्क के दांतों के जीवाश्मों का मिलना दुनिया के इस हिस्से में जीवन के क्रमिक विकास और पुरा जैव विविधता के रहस्यों से परदा उठाता है। खोजकर्ता समूह के प्रमुख ने बताया, ‘इन जीवाश्मों से पता चलता है कि कम से कम साढ़े छह करोड़ साल पहले नर्मदा घाटी क्षेत्र की जमीन पर डायनोसोर की बादशाहत कायम थी, तो पानी के अंदर शार्क का राज चल रहा था। भौगोलिक हलचलों के चलते बाद में दोनों जीव इस क्षेत्र से विलुप्त हो गये।’
उन्होंने बताया कि गुजरे बरसों में खोजकर्ताओं को नर्मदा घाटी से डायनोसोर के साथ शुतुरमुर्ग (ऑस्ट्रिच), दरियाई घोड़े (हिप्पोपोटेमस) और महागज (स्टेगोडॉन) के जीवाश्म भी मिल चुके हैं। वर्मा ने कहा कि करोड़ों साल के गुजरे अंतराल में नर्मदा घाटी ज्वालामुखी विस्फोट समेत अलग-अलग भौगोलिक हलचलों की गवाह रही है। इन हलचलों के चलते घाटी में कभी समुद्र का जबर्दस्त अतिक्रमण हुआ, तो कभी समुद्र सिरे से गायब हो गया। उन्होंने कहा, ‘नर्मदा घाटी में मिले विभिन्न जीवाश्म करोड़ों साल पुरानी जैव विविधता का खुलासा करते हैं, जो अलग-अलग कालखंडों में तमाम भौगोलिक बदलावों के बावजूद आश्चर्यजनक रूप से बरकरार रही है।’
‘मंगल पंचायतन परिषद’ के प्रमुख विशाल वर्मा ने बताया, ‘हमें यहां से करीब 125 किलोमीटर दूर धार जिले में खुदाई के दौरान शार्क मछली के दांतों के जीवाश्म मिले हैं।’ खोजकर्ता समूह के प्रमुख के मुताबिक शार्क के दांतों के ये जीवाश्म भू-तल की तीन विभिन्न परतों से मिले हैं। ये परतें आज से साढ़े छह करोड़ साल से 10 करोड़ साल पहले के तीन अलग-अलग कालखंडों से संबंध रखती हैं।
उन्होंने कहा, ‘दांतों के ये जीवाश्म आज की टाइगर शार्क के दांतों से काफी मिलते-जुलते हैं। इनमें शार्क के बड़े दांतों के साथ छोटे दांतों के जीवाश्म शामिल हैं, जिनमें सबसे लम्बा जीवाश्म करीब 14 सेंटीमीटर का है।’
वर्मा ने शार्क के दांतों के सहस्त्राब्दियों पुराने जीवाश्मों को देखकर अनुमान लगाया कि उस वक्त इस खतरनाक परभक्षी जीव की लम्बाई पांच से छह फुट रही होगी। उन्होंने बताया कि उनके खोजकर्ता समूह को जिस स्थान से शार्क के दांतों के दुर्लभ जीवाश्म मिले हैं, वह जगह करीब 12 करोड़ साल पुरानी नर्मदा घाटी का हिस्सा है।टिप्पणियां
वर्मा ने कहा कि नर्मदा घाटी में शार्क के दांतों के जीवाश्मों का मिलना दुनिया के इस हिस्से में जीवन के क्रमिक विकास और पुरा जैव विविधता के रहस्यों से परदा उठाता है। खोजकर्ता समूह के प्रमुख ने बताया, ‘इन जीवाश्मों से पता चलता है कि कम से कम साढ़े छह करोड़ साल पहले नर्मदा घाटी क्षेत्र की जमीन पर डायनोसोर की बादशाहत कायम थी, तो पानी के अंदर शार्क का राज चल रहा था। भौगोलिक हलचलों के चलते बाद में दोनों जीव इस क्षेत्र से विलुप्त हो गये।’
उन्होंने बताया कि गुजरे बरसों में खोजकर्ताओं को नर्मदा घाटी से डायनोसोर के साथ शुतुरमुर्ग (ऑस्ट्रिच), दरियाई घोड़े (हिप्पोपोटेमस) और महागज (स्टेगोडॉन) के जीवाश्म भी मिल चुके हैं। वर्मा ने कहा कि करोड़ों साल के गुजरे अंतराल में नर्मदा घाटी ज्वालामुखी विस्फोट समेत अलग-अलग भौगोलिक हलचलों की गवाह रही है। इन हलचलों के चलते घाटी में कभी समुद्र का जबर्दस्त अतिक्रमण हुआ, तो कभी समुद्र सिरे से गायब हो गया। उन्होंने कहा, ‘नर्मदा घाटी में मिले विभिन्न जीवाश्म करोड़ों साल पुरानी जैव विविधता का खुलासा करते हैं, जो अलग-अलग कालखंडों में तमाम भौगोलिक बदलावों के बावजूद आश्चर्यजनक रूप से बरकरार रही है।’
उन्होंने कहा, ‘दांतों के ये जीवाश्म आज की टाइगर शार्क के दांतों से काफी मिलते-जुलते हैं। इनमें शार्क के बड़े दांतों के साथ छोटे दांतों के जीवाश्म शामिल हैं, जिनमें सबसे लम्बा जीवाश्म करीब 14 सेंटीमीटर का है।’
वर्मा ने शार्क के दांतों के सहस्त्राब्दियों पुराने जीवाश्मों को देखकर अनुमान लगाया कि उस वक्त इस खतरनाक परभक्षी जीव की लम्बाई पांच से छह फुट रही होगी। उन्होंने बताया कि उनके खोजकर्ता समूह को जिस स्थान से शार्क के दांतों के दुर्लभ जीवाश्म मिले हैं, वह जगह करीब 12 करोड़ साल पुरानी नर्मदा घाटी का हिस्सा है।टिप्पणियां
वर्मा ने कहा कि नर्मदा घाटी में शार्क के दांतों के जीवाश्मों का मिलना दुनिया के इस हिस्से में जीवन के क्रमिक विकास और पुरा जैव विविधता के रहस्यों से परदा उठाता है। खोजकर्ता समूह के प्रमुख ने बताया, ‘इन जीवाश्मों से पता चलता है कि कम से कम साढ़े छह करोड़ साल पहले नर्मदा घाटी क्षेत्र की जमीन पर डायनोसोर की बादशाहत कायम थी, तो पानी के अंदर शार्क का राज चल रहा था। भौगोलिक हलचलों के चलते बाद में दोनों जीव इस क्षेत्र से विलुप्त हो गये।’
उन्होंने बताया कि गुजरे बरसों में खोजकर्ताओं को नर्मदा घाटी से डायनोसोर के साथ शुतुरमुर्ग (ऑस्ट्रिच), दरियाई घोड़े (हिप्पोपोटेमस) और महागज (स्टेगोडॉन) के जीवाश्म भी मिल चुके हैं। वर्मा ने कहा कि करोड़ों साल के गुजरे अंतराल में नर्मदा घाटी ज्वालामुखी विस्फोट समेत अलग-अलग भौगोलिक हलचलों की गवाह रही है। इन हलचलों के चलते घाटी में कभी समुद्र का जबर्दस्त अतिक्रमण हुआ, तो कभी समुद्र सिरे से गायब हो गया। उन्होंने कहा, ‘नर्मदा घाटी में मिले विभिन्न जीवाश्म करोड़ों साल पुरानी जैव विविधता का खुलासा करते हैं, जो अलग-अलग कालखंडों में तमाम भौगोलिक बदलावों के बावजूद आश्चर्यजनक रूप से बरकरार रही है।’
वर्मा ने शार्क के दांतों के सहस्त्राब्दियों पुराने जीवाश्मों को देखकर अनुमान लगाया कि उस वक्त इस खतरनाक परभक्षी जीव की लम्बाई पांच से छह फुट रही होगी। उन्होंने बताया कि उनके खोजकर्ता समूह को जिस स्थान से शार्क के दांतों के दुर्लभ जीवाश्म मिले हैं, वह जगह करीब 12 करोड़ साल पुरानी नर्मदा घाटी का हिस्सा है।टिप्पणियां
वर्मा ने कहा कि नर्मदा घाटी में शार्क के दांतों के जीवाश्मों का मिलना दुनिया के इस हिस्से में जीवन के क्रमिक विकास और पुरा जैव विविधता के रहस्यों से परदा उठाता है। खोजकर्ता समूह के प्रमुख ने बताया, ‘इन जीवाश्मों से पता चलता है कि कम से कम साढ़े छह करोड़ साल पहले नर्मदा घाटी क्षेत्र की जमीन पर डायनोसोर की बादशाहत कायम थी, तो पानी के अंदर शार्क का राज चल रहा था। भौगोलिक हलचलों के चलते बाद में दोनों जीव इस क्षेत्र से विलुप्त हो गये।’
उन्होंने बताया कि गुजरे बरसों में खोजकर्ताओं को नर्मदा घाटी से डायनोसोर के साथ शुतुरमुर्ग (ऑस्ट्रिच), दरियाई घोड़े (हिप्पोपोटेमस) और महागज (स्टेगोडॉन) के जीवाश्म भी मिल चुके हैं। वर्मा ने कहा कि करोड़ों साल के गुजरे अंतराल में नर्मदा घाटी ज्वालामुखी विस्फोट समेत अलग-अलग भौगोलिक हलचलों की गवाह रही है। इन हलचलों के चलते घाटी में कभी समुद्र का जबर्दस्त अतिक्रमण हुआ, तो कभी समुद्र सिरे से गायब हो गया। उन्होंने कहा, ‘नर्मदा घाटी में मिले विभिन्न जीवाश्म करोड़ों साल पुरानी जैव विविधता का खुलासा करते हैं, जो अलग-अलग कालखंडों में तमाम भौगोलिक बदलावों के बावजूद आश्चर्यजनक रूप से बरकरार रही है।’
वर्मा ने कहा कि नर्मदा घाटी में शार्क के दांतों के जीवाश्मों का मिलना दुनिया के इस हिस्से में जीवन के क्रमिक विकास और पुरा जैव विविधता के रहस्यों से परदा उठाता है। खोजकर्ता समूह के प्रमुख ने बताया, ‘इन जीवाश्मों से पता चलता है कि कम से कम साढ़े छह करोड़ साल पहले नर्मदा घाटी क्षेत्र की जमीन पर डायनोसोर की बादशाहत कायम थी, तो पानी के अंदर शार्क का राज चल रहा था। भौगोलिक हलचलों के चलते बाद में दोनों जीव इस क्षेत्र से विलुप्त हो गये।’
उन्होंने बताया कि गुजरे बरसों में खोजकर्ताओं को नर्मदा घाटी से डायनोसोर के साथ शुतुरमुर्ग (ऑस्ट्रिच), दरियाई घोड़े (हिप्पोपोटेमस) और महागज (स्टेगोडॉन) के जीवाश्म भी मिल चुके हैं। वर्मा ने कहा कि करोड़ों साल के गुजरे अंतराल में नर्मदा घाटी ज्वालामुखी विस्फोट समेत अलग-अलग भौगोलिक हलचलों की गवाह रही है। इन हलचलों के चलते घाटी में कभी समुद्र का जबर्दस्त अतिक्रमण हुआ, तो कभी समुद्र सिरे से गायब हो गया। उन्होंने कहा, ‘नर्मदा घाटी में मिले विभिन्न जीवाश्म करोड़ों साल पुरानी जैव विविधता का खुलासा करते हैं, जो अलग-अलग कालखंडों में तमाम भौगोलिक बदलावों के बावजूद आश्चर्यजनक रूप से बरकरार रही है।’
उन्होंने बताया कि गुजरे बरसों में खोजकर्ताओं को नर्मदा घाटी से डायनोसोर के साथ शुतुरमुर्ग (ऑस्ट्रिच), दरियाई घोड़े (हिप्पोपोटेमस) और महागज (स्टेगोडॉन) के जीवाश्म भी मिल चुके हैं। वर्मा ने कहा कि करोड़ों साल के गुजरे अंतराल में नर्मदा घाटी ज्वालामुखी विस्फोट समेत अलग-अलग भौगोलिक हलचलों की गवाह रही है। इन हलचलों के चलते घाटी में कभी समुद्र का जबर्दस्त अतिक्रमण हुआ, तो कभी समुद्र सिरे से गायब हो गया। उन्होंने कहा, ‘नर्मदा घाटी में मिले विभिन्न जीवाश्म करोड़ों साल पुरानी जैव विविधता का खुलासा करते हैं, जो अलग-अलग कालखंडों में तमाम भौगोलिक बदलावों के बावजूद आश्चर्यजनक रूप से बरकरार रही है।’ | यहाँ एक सारांश है:भूगर्भ में दफ्न जैविक इतिहास की परतें उघाड़ते हुए खोजकर्ताओं के एक समूह ने मध्यप्रदेश की नर्मदा घाटी में शार्क मछली के दांतों के दुर्लभ जीवाश्म ढूंढ निकालने का दावा किया है। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अल्जीरियाई सुरक्षा बलों ने इस्लामी आतंकवादियों के साथ रक्तिम संघर्ष के बाद खाली कराए गए रेगिस्तानी गैस संयंत्र में तलाशी के दौरान 25 शवों को बरामद किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मरने वाले में नौ जापानी बंदी भी शामिल है।
सुरक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए इन्नहार निजी टेलीविजन चैनल के अनीस रहमानी ने बताया कि सेना ने अमेनास सहारा स्थल को अपने कब्जे में लेते हुए 25 लोगों के शव बरामद किए। संचार मंत्री मोहम्मद सैद ने पहले एक रेडियो स्टेशन को बताया, मुझे डर है कि मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। बुधवार से कम से कम 23 विदेशी और अल्जीरियाई की जान ली जा चुकी है।टिप्पणियां
यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है कि आज मरने वाले 25 लोगों में क्या ये 23 भी शामिल हैं।
ब्रिटेन की बीपी, नार्वे के स्टेट ऑइल और अल्जीरिया की सोनाट्राच के स्वामित्व वाले गैस संयंत्र पर विशेष बल द्वारा घेराबंदी और छापामारी के बाद ब्राहीम नामक एक अल्जीरियाई प्रत्यक्षदशी ने बताया कि कुल मिलाकर नौ जापानी मारे गए हैं।
सुरक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए इन्नहार निजी टेलीविजन चैनल के अनीस रहमानी ने बताया कि सेना ने अमेनास सहारा स्थल को अपने कब्जे में लेते हुए 25 लोगों के शव बरामद किए। संचार मंत्री मोहम्मद सैद ने पहले एक रेडियो स्टेशन को बताया, मुझे डर है कि मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। बुधवार से कम से कम 23 विदेशी और अल्जीरियाई की जान ली जा चुकी है।टिप्पणियां
यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है कि आज मरने वाले 25 लोगों में क्या ये 23 भी शामिल हैं।
ब्रिटेन की बीपी, नार्वे के स्टेट ऑइल और अल्जीरिया की सोनाट्राच के स्वामित्व वाले गैस संयंत्र पर विशेष बल द्वारा घेराबंदी और छापामारी के बाद ब्राहीम नामक एक अल्जीरियाई प्रत्यक्षदशी ने बताया कि कुल मिलाकर नौ जापानी मारे गए हैं।
यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है कि आज मरने वाले 25 लोगों में क्या ये 23 भी शामिल हैं।
ब्रिटेन की बीपी, नार्वे के स्टेट ऑइल और अल्जीरिया की सोनाट्राच के स्वामित्व वाले गैस संयंत्र पर विशेष बल द्वारा घेराबंदी और छापामारी के बाद ब्राहीम नामक एक अल्जीरियाई प्रत्यक्षदशी ने बताया कि कुल मिलाकर नौ जापानी मारे गए हैं।
ब्रिटेन की बीपी, नार्वे के स्टेट ऑइल और अल्जीरिया की सोनाट्राच के स्वामित्व वाले गैस संयंत्र पर विशेष बल द्वारा घेराबंदी और छापामारी के बाद ब्राहीम नामक एक अल्जीरियाई प्रत्यक्षदशी ने बताया कि कुल मिलाकर नौ जापानी मारे गए हैं। | यहाँ एक सारांश है:अल्जीरियाई सुरक्षा बलों ने इस्लामी आतंकवादियों के साथ रक्तिम संघर्ष के बाद खाली कराए गए रेगिस्तानी गैस संयंत्र में तलाशी के दौरान 25 शवों को बरामद किया। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर खालापुर में मध्य रात्रि के करीब एक खड़ी बस से एक तेज रफ्तार टेम्पो के टकरा जाने के कारण कम से कम 26 लोगों की मौत हो गयी और 27 अन्य घायल हो गये।टिप्पणियां
रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक रावसाहिब शिन्दे ने बताया कि हताहत होने वाले लोग एक बारात का हिस्सा थे। मरने वालों में चार बच्चे भी शामिल हैं।
कुछ घायलों को मुंबई के नजदीक पनवेल के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अन्य लोगों को पुणे के ससोन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक रावसाहिब शिन्दे ने बताया कि हताहत होने वाले लोग एक बारात का हिस्सा थे। मरने वालों में चार बच्चे भी शामिल हैं।
कुछ घायलों को मुंबई के नजदीक पनवेल के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अन्य लोगों को पुणे के ससोन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुछ घायलों को मुंबई के नजदीक पनवेल के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अन्य लोगों को पुणे के ससोन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर खालापुर में मध्य रात्रि के करीब एक खड़ी बस से एक तेज रफ्तार टेम्पो के टकरा जाने के कारण कम से कम 26 लोगों की मौत हो गयी और 27 अन्य घायल हो गये। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर शहर पेशावर के बाहरी इलाके में एक मिनीबस में विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक मिनीबस के भीतर रखा हुआ था। दोपहर को जब बस मत्तानी के बाजार से गुजर रही थी उसी वक्त विस्फोट हुआ। उन्होंने बताया कि एक महिला सहित सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अधिकारियों ने बताया कि दो महिलाओं और एक बच्चे सहित 15 घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया है। विस्फोट के वक्त मिनीबस में करीब 20 लोग सवार थे।
टीवी पर दिखाए जा रहे फुटेज के अनुसार, मिनीबस के परखच्चे उड़ गए हैं। आसपास की कई दुकानों को भी क्षति पहुंची है। विस्फोट के बाद बाजार बंद कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि बम में कम से कम पांच किलोग्राम विस्फोटक का उपयोग किया गया था। टिप्पणियां
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। मिनीबस में और विस्फोटक होने की आशंका के कारण लोगों को उसके पास नहीं जाने दिया जा रहा है।
अभी तक किसी समूह ने हमले की जानकारी नहीं ली है। पाकिस्तान में अक्सर ऐसे विस्फोट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा किए जाते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक मिनीबस के भीतर रखा हुआ था। दोपहर को जब बस मत्तानी के बाजार से गुजर रही थी उसी वक्त विस्फोट हुआ। उन्होंने बताया कि एक महिला सहित सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अधिकारियों ने बताया कि दो महिलाओं और एक बच्चे सहित 15 घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया है। विस्फोट के वक्त मिनीबस में करीब 20 लोग सवार थे।
टीवी पर दिखाए जा रहे फुटेज के अनुसार, मिनीबस के परखच्चे उड़ गए हैं। आसपास की कई दुकानों को भी क्षति पहुंची है। विस्फोट के बाद बाजार बंद कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि बम में कम से कम पांच किलोग्राम विस्फोटक का उपयोग किया गया था। टिप्पणियां
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। मिनीबस में और विस्फोटक होने की आशंका के कारण लोगों को उसके पास नहीं जाने दिया जा रहा है।
अभी तक किसी समूह ने हमले की जानकारी नहीं ली है। पाकिस्तान में अक्सर ऐसे विस्फोट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा किए जाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दो महिलाओं और एक बच्चे सहित 15 घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया है। विस्फोट के वक्त मिनीबस में करीब 20 लोग सवार थे।
टीवी पर दिखाए जा रहे फुटेज के अनुसार, मिनीबस के परखच्चे उड़ गए हैं। आसपास की कई दुकानों को भी क्षति पहुंची है। विस्फोट के बाद बाजार बंद कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि बम में कम से कम पांच किलोग्राम विस्फोटक का उपयोग किया गया था। टिप्पणियां
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। मिनीबस में और विस्फोटक होने की आशंका के कारण लोगों को उसके पास नहीं जाने दिया जा रहा है।
अभी तक किसी समूह ने हमले की जानकारी नहीं ली है। पाकिस्तान में अक्सर ऐसे विस्फोट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा किए जाते हैं।
टीवी पर दिखाए जा रहे फुटेज के अनुसार, मिनीबस के परखच्चे उड़ गए हैं। आसपास की कई दुकानों को भी क्षति पहुंची है। विस्फोट के बाद बाजार बंद कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि बम में कम से कम पांच किलोग्राम विस्फोटक का उपयोग किया गया था। टिप्पणियां
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। मिनीबस में और विस्फोटक होने की आशंका के कारण लोगों को उसके पास नहीं जाने दिया जा रहा है।
अभी तक किसी समूह ने हमले की जानकारी नहीं ली है। पाकिस्तान में अक्सर ऐसे विस्फोट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा किए जाते हैं।
पुलिस ने बताया कि बम में कम से कम पांच किलोग्राम विस्फोटक का उपयोग किया गया था। टिप्पणियां
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। मिनीबस में और विस्फोटक होने की आशंका के कारण लोगों को उसके पास नहीं जाने दिया जा रहा है।
अभी तक किसी समूह ने हमले की जानकारी नहीं ली है। पाकिस्तान में अक्सर ऐसे विस्फोट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा किए जाते हैं।
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। मिनीबस में और विस्फोटक होने की आशंका के कारण लोगों को उसके पास नहीं जाने दिया जा रहा है।
अभी तक किसी समूह ने हमले की जानकारी नहीं ली है। पाकिस्तान में अक्सर ऐसे विस्फोट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा किए जाते हैं।
अभी तक किसी समूह ने हमले की जानकारी नहीं ली है। पाकिस्तान में अक्सर ऐसे विस्फोट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा किए जाते हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर शहर पेशावर के बाहरी इलाके में एक मिनीबस में विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के कमान अधिकारी जनरल डेविड पेट्रियस को उड़ाने के लिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आत्मघाती दस्ते गठित करने का सहयोगियों को आदेश दिया था। यह जानकारी लादेन के ठिकाने से प्राप्त हुए एक दस्तावेज से सामने आई है।
ओबामा और पेट्रियस के खिलाफ लादेन के इन निर्देशों की बात मई 2010 के एक पत्र में दर्ज है। यह पत्र अमेरिकी सेना के वेस्ट पॉइंट कम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर द्वारा जारी किए गए 17 दस्तावेजों में से एक है। ये सभी दस्तावेज पिछले वर्ष मई में पाकिस्तान स्थित लादेन के ठिकाने से जब्त किए गए थे। इस दौरान अमेरिकी नौ सेना के सील्स कमांडो द्वारा की गई कार्रवाई में लादेन मारा गया था।
लादेन ने दोनों देशों में ऐसे लोगों की पहचान करने का अपने सहयोगियों को निर्देश दिया था, जो ओबामा और पेट्रियस पर नजर रख सकें और उनके खिलाफ आत्मघाती अभियान को अंजाम दे सकें।
लादेन ने लिखा है, "मैंने शेख सईद से कहा कि वह भाई इलियास को ऐसे दो समूह तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपें- एक पाकिस्तान में और दूसरा अफगानिस्तान के बगराम में- जो ओबामा या पेट्रियस के विमान को निशाना बनाने के लिए उनके पाकिस्तान या अफगानिस्तान दौरे पर नजर रखे।"टिप्पणियां
लादेन ने उसके बाद इस बात की भी वजह बताई है कि उन्हें उपराष्ट्रपति जॉय बिडेन को क्यों निशाना नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि वह कमान से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे और "बिडेन राष्ट्रपति पद के लिए बिल्कुल कच्चे हैं, जो अमेरिका को संकट में डाल देंगे।"
लादेन ने यह भी कहा है कि आत्मघाती दस्ता तत्कालीन रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स या तत्कालीन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन, या पाकिस्तान व अफगानिस्तान के विशेष अमेरिकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक को निशाना नहीं बनाएगा। सिर्फ ओबामा और पीट्रियस को निशाना बनाने के पीछे लादेन का तर्क यह था कि चूंकि एक अमेरिका का शासनाध्यक्ष है और दूसरा अफगानिस्तान में सैन्य अभियान का प्रमुख है, लिहाजा दोनों के खात्मे से युद्ध की गति बदल जाएगी।
ओबामा और पेट्रियस के खिलाफ लादेन के इन निर्देशों की बात मई 2010 के एक पत्र में दर्ज है। यह पत्र अमेरिकी सेना के वेस्ट पॉइंट कम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर द्वारा जारी किए गए 17 दस्तावेजों में से एक है। ये सभी दस्तावेज पिछले वर्ष मई में पाकिस्तान स्थित लादेन के ठिकाने से जब्त किए गए थे। इस दौरान अमेरिकी नौ सेना के सील्स कमांडो द्वारा की गई कार्रवाई में लादेन मारा गया था।
लादेन ने दोनों देशों में ऐसे लोगों की पहचान करने का अपने सहयोगियों को निर्देश दिया था, जो ओबामा और पेट्रियस पर नजर रख सकें और उनके खिलाफ आत्मघाती अभियान को अंजाम दे सकें।
लादेन ने लिखा है, "मैंने शेख सईद से कहा कि वह भाई इलियास को ऐसे दो समूह तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपें- एक पाकिस्तान में और दूसरा अफगानिस्तान के बगराम में- जो ओबामा या पेट्रियस के विमान को निशाना बनाने के लिए उनके पाकिस्तान या अफगानिस्तान दौरे पर नजर रखे।"टिप्पणियां
लादेन ने उसके बाद इस बात की भी वजह बताई है कि उन्हें उपराष्ट्रपति जॉय बिडेन को क्यों निशाना नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि वह कमान से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे और "बिडेन राष्ट्रपति पद के लिए बिल्कुल कच्चे हैं, जो अमेरिका को संकट में डाल देंगे।"
लादेन ने यह भी कहा है कि आत्मघाती दस्ता तत्कालीन रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स या तत्कालीन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन, या पाकिस्तान व अफगानिस्तान के विशेष अमेरिकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक को निशाना नहीं बनाएगा। सिर्फ ओबामा और पीट्रियस को निशाना बनाने के पीछे लादेन का तर्क यह था कि चूंकि एक अमेरिका का शासनाध्यक्ष है और दूसरा अफगानिस्तान में सैन्य अभियान का प्रमुख है, लिहाजा दोनों के खात्मे से युद्ध की गति बदल जाएगी।
लादेन ने दोनों देशों में ऐसे लोगों की पहचान करने का अपने सहयोगियों को निर्देश दिया था, जो ओबामा और पेट्रियस पर नजर रख सकें और उनके खिलाफ आत्मघाती अभियान को अंजाम दे सकें।
लादेन ने लिखा है, "मैंने शेख सईद से कहा कि वह भाई इलियास को ऐसे दो समूह तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपें- एक पाकिस्तान में और दूसरा अफगानिस्तान के बगराम में- जो ओबामा या पेट्रियस के विमान को निशाना बनाने के लिए उनके पाकिस्तान या अफगानिस्तान दौरे पर नजर रखे।"टिप्पणियां
लादेन ने उसके बाद इस बात की भी वजह बताई है कि उन्हें उपराष्ट्रपति जॉय बिडेन को क्यों निशाना नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि वह कमान से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे और "बिडेन राष्ट्रपति पद के लिए बिल्कुल कच्चे हैं, जो अमेरिका को संकट में डाल देंगे।"
लादेन ने यह भी कहा है कि आत्मघाती दस्ता तत्कालीन रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स या तत्कालीन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन, या पाकिस्तान व अफगानिस्तान के विशेष अमेरिकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक को निशाना नहीं बनाएगा। सिर्फ ओबामा और पीट्रियस को निशाना बनाने के पीछे लादेन का तर्क यह था कि चूंकि एक अमेरिका का शासनाध्यक्ष है और दूसरा अफगानिस्तान में सैन्य अभियान का प्रमुख है, लिहाजा दोनों के खात्मे से युद्ध की गति बदल जाएगी।
लादेन ने लिखा है, "मैंने शेख सईद से कहा कि वह भाई इलियास को ऐसे दो समूह तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपें- एक पाकिस्तान में और दूसरा अफगानिस्तान के बगराम में- जो ओबामा या पेट्रियस के विमान को निशाना बनाने के लिए उनके पाकिस्तान या अफगानिस्तान दौरे पर नजर रखे।"टिप्पणियां
लादेन ने उसके बाद इस बात की भी वजह बताई है कि उन्हें उपराष्ट्रपति जॉय बिडेन को क्यों निशाना नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि वह कमान से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे और "बिडेन राष्ट्रपति पद के लिए बिल्कुल कच्चे हैं, जो अमेरिका को संकट में डाल देंगे।"
लादेन ने यह भी कहा है कि आत्मघाती दस्ता तत्कालीन रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स या तत्कालीन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन, या पाकिस्तान व अफगानिस्तान के विशेष अमेरिकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक को निशाना नहीं बनाएगा। सिर्फ ओबामा और पीट्रियस को निशाना बनाने के पीछे लादेन का तर्क यह था कि चूंकि एक अमेरिका का शासनाध्यक्ष है और दूसरा अफगानिस्तान में सैन्य अभियान का प्रमुख है, लिहाजा दोनों के खात्मे से युद्ध की गति बदल जाएगी।
लादेन ने उसके बाद इस बात की भी वजह बताई है कि उन्हें उपराष्ट्रपति जॉय बिडेन को क्यों निशाना नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि वह कमान से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे और "बिडेन राष्ट्रपति पद के लिए बिल्कुल कच्चे हैं, जो अमेरिका को संकट में डाल देंगे।"
लादेन ने यह भी कहा है कि आत्मघाती दस्ता तत्कालीन रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स या तत्कालीन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन, या पाकिस्तान व अफगानिस्तान के विशेष अमेरिकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक को निशाना नहीं बनाएगा। सिर्फ ओबामा और पीट्रियस को निशाना बनाने के पीछे लादेन का तर्क यह था कि चूंकि एक अमेरिका का शासनाध्यक्ष है और दूसरा अफगानिस्तान में सैन्य अभियान का प्रमुख है, लिहाजा दोनों के खात्मे से युद्ध की गति बदल जाएगी।
लादेन ने यह भी कहा है कि आत्मघाती दस्ता तत्कालीन रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स या तत्कालीन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन, या पाकिस्तान व अफगानिस्तान के विशेष अमेरिकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक को निशाना नहीं बनाएगा। सिर्फ ओबामा और पीट्रियस को निशाना बनाने के पीछे लादेन का तर्क यह था कि चूंकि एक अमेरिका का शासनाध्यक्ष है और दूसरा अफगानिस्तान में सैन्य अभियान का प्रमुख है, लिहाजा दोनों के खात्मे से युद्ध की गति बदल जाएगी। | यहाँ एक सारांश है:लादेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और नाटो के कमान अधिकारी जनरल डेविड पेट्रियस को उड़ाने के लिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आत्मघाती दस्ते गठित करने का आदेश दिया था। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तेलंगाना के एक मंत्री ने हैदराबाद रेप (Hyderabad Rape) और मर्डर केस में आरोपियों की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को जायज ठहराया है. उन्होंने कहा कि जो कोई भी क्रूर तरह से अपराध करता है वह इस तरह के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बारे में सोच सकता है. उन्होंने कहा, 'यह एक संदेश है. यदि आपका आचरण गलत है, तो आप किसी भी अदालती मुकदमे, जेल की सजा या बाद की जमानत से लाभान्वित नहीं होंगे क्योंकि यह मामला चल रहा है. अब ऐसा कुछ भी नहीं होगा. इसके माध्यम से, हमने एक संदेश भेजा है कि यदि आप कुछ ऐसा करते हैं जो बहुत गलत और क्रूर है, तो एनकाउंटर होगा. राज्य के पशुपालन मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव ने एक स्थानीय टेलीविजन चैनल के साथ साक्षात्कार में ये बातें कहीं.
वरिष्ठ मंत्री ने कहा, "यह एक बहुत ही मजबूत संदेश है जिसे हमने भेजा है. यह एक आदर्श है जिसे हमने देश के लिए निर्धारित किया है. हम न केवल अपनी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से, बल्कि कानून-व्यवस्था के मुद्दों से निपटने के माध्यम से भी एक मॉडल स्थापित कर रहे हैं." उन्होंने कहा, 'इस संबंध में मुख्यमंत्री को चुनने से मदद नहीं मिलेगी क्योंकि कई ऐसे हैं जो उनका समर्थन करते हैं.' बता दें कि तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव की पीड़िता के घर ना जाने और बयान जारी करने के लिए आलोचना हो रही है.
तेलंगाना के परिवहन मंत्री पी अजय कुमार ने शुक्रवार को एक ऐसा ही दावा किया था, जिसमें कहा गया था कि राज्य ने "त्वरित न्याय" सुनिश्चित करने में खुद को रोल मॉडल साबित किया है. मंत्री ने मीडियाकर्मियों से कहा, "हमने दिखाया है कि अगर कोई हमारी बेटियों पर बुरी नजर डालता है, तो हम उसकी आंख निकाल लेंगे." एनकाउंटर से पीड़ित परिवार को शांति मिलेगी.
बता दें कि इससे पहले मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) एसए बोबड़े (SA Bobde) ने न्याय के नाम पर की जाने वाली हत्याओं की निंदा की है. चीफ जस्टिस ने कहा, 'जब न्याय प्रतिशोध का रूप ले लेता है तो वह अपना चरित्र गंवा देता है.' ये बात चीफ जस्टिस ने जोधपुर (Jodhpur) में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कही. बता दें कि मुख्य न्यायाधीश का बयान ऐसे वक्त आया है जब शुक्रवार को तेलंगाना में पशुचिकित्सक रेप मामले (Telangana rape and murder case) में आरोपियों का एनकाउंटर किया गया. | सारांश: तेलंगाना के मंत्री ने बलात्कारियों को दी चेतावनी
कहा- गलत मत करो वर्ना हो जाएगा एनकाउंटर
कहा- यह एक बहुत ही मजबूत संदेश है जिसे हमने भेजा है | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने माना है कि टीम में कप्तानी के कई दावेदार लेकिन अभी कप्तानी छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
कोलकाता नाइटराइडर्स के आईपीएल चैंपियन बनने के बाद महेंद्र धोनी की जगह गौतम गंभीर को भारतीय टीम का कप्तान बनाने की बात उठने लगी हैं।टिप्पणियां
सौरव गांगुली जैसे खिलाड़ी ने गौतम गंभीर को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप देने की मांग की है। इसका एहसास भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी है। अपनी जम्मू कश्मीर यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में कप्तानी के लिए कई दावेदार हैं।
धोनी के मुताबिक सहवाग, गंभीर और कोहली टीम के कप्तान बनने के दावेदार हैं। लेकिन धोनी ने यह भी साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
कोलकाता नाइटराइडर्स के आईपीएल चैंपियन बनने के बाद महेंद्र धोनी की जगह गौतम गंभीर को भारतीय टीम का कप्तान बनाने की बात उठने लगी हैं।टिप्पणियां
सौरव गांगुली जैसे खिलाड़ी ने गौतम गंभीर को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप देने की मांग की है। इसका एहसास भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी है। अपनी जम्मू कश्मीर यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में कप्तानी के लिए कई दावेदार हैं।
धोनी के मुताबिक सहवाग, गंभीर और कोहली टीम के कप्तान बनने के दावेदार हैं। लेकिन धोनी ने यह भी साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
सौरव गांगुली जैसे खिलाड़ी ने गौतम गंभीर को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप देने की मांग की है। इसका एहसास भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी है। अपनी जम्मू कश्मीर यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में कप्तानी के लिए कई दावेदार हैं।
धोनी के मुताबिक सहवाग, गंभीर और कोहली टीम के कप्तान बनने के दावेदार हैं। लेकिन धोनी ने यह भी साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
धोनी के मुताबिक सहवाग, गंभीर और कोहली टीम के कप्तान बनने के दावेदार हैं। लेकिन धोनी ने यह भी साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है। | सारांश: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने माना है कि टीम में कप्तानी के कई दावेदार लेकिन अभी कप्तानी छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने धोखाधड़ी के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एक पुलिस इंस्पेक्टर को आज गिरफ्तार कर लिया.
ठाणे जिले से सटे भिवंडी-निजामपुरा पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर (अपराध) के रूप में कार्यरत बाबासाहेब बेदारे धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहा था. एसीबी पुलिस अधीक्षक संग्राम सिंह निशानदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उसने आरोपी से अदालत में उसके खिलाफ मामला झूठा होने और मामले में आगे जांच की आवश्यकता नहीं होने के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि आरोपी किश्तों में रकम देने पर सहमत हो गया और साथ ही एसीबी के समक्ष शिकायत भी दर्ज करा दी. भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने जाल बिछाया और शाम को 52 वर्षीय निरीक्षक को पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ठाणे जिले से सटे भिवंडी-निजामपुरा पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर (अपराध) के रूप में कार्यरत बाबासाहेब बेदारे धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहा था. एसीबी पुलिस अधीक्षक संग्राम सिंह निशानदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उसने आरोपी से अदालत में उसके खिलाफ मामला झूठा होने और मामले में आगे जांच की आवश्यकता नहीं होने के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि आरोपी किश्तों में रकम देने पर सहमत हो गया और साथ ही एसीबी के समक्ष शिकायत भी दर्ज करा दी. भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने जाल बिछाया और शाम को 52 वर्षीय निरीक्षक को पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि आरोपी किश्तों में रकम देने पर सहमत हो गया और साथ ही एसीबी के समक्ष शिकायत भी दर्ज करा दी. भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने जाल बिछाया और शाम को 52 वर्षीय निरीक्षक को पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने की कार्रवाई
रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी
ठाणे जिले से सटे भिवंडी-निजामपुरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर पर कार्रवाई | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के सोमदेव देववर्मन ने गत चैम्पियन अलेक्जेंडर डोल्गोपोलोव को सिटी ओपन टेनिस में 6-3, 7-6 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया।
उक्रेन के नौवीं वरीयता प्राप्त डोल्गोपोलोव रैंकिंग में सोमदेव से 104 पायदान ऊपर हैं। विश्व रैंकिंग में 129वें स्थान पर काबिज सोमदेव ने ऊंची रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ नौ ऐस लगाए।
सोमदेव ने सिर्फ एक बार डबलफाल्ट किया जबकि उसके प्रतिद्वंद्वी ने आठ बार डबलफॉल्ट कर डाले।टिप्पणियां
क्वालीफायर के जरिये यहां तक पहुंचे सोमदेव का सामना गुरुवार को अमेरिका के आठवीं वरीयता प्राप्त जान इसनेर से हो सकता है।
सोमदेव ने कहा, मैं बहुत खुश हूं। यह कठिन प्रतिद्वंद्वी था। मैंने अच्छा खेला। शुरुआत में की गई उसकी गलतियों का मैंने फायदा उठाया। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सोमदेव ने चीन में 2010 एशियाई खेलों में पुरुष एकल और युगल दोनों में पीला तमगा जीता था।
उक्रेन के नौवीं वरीयता प्राप्त डोल्गोपोलोव रैंकिंग में सोमदेव से 104 पायदान ऊपर हैं। विश्व रैंकिंग में 129वें स्थान पर काबिज सोमदेव ने ऊंची रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ नौ ऐस लगाए।
सोमदेव ने सिर्फ एक बार डबलफाल्ट किया जबकि उसके प्रतिद्वंद्वी ने आठ बार डबलफॉल्ट कर डाले।टिप्पणियां
क्वालीफायर के जरिये यहां तक पहुंचे सोमदेव का सामना गुरुवार को अमेरिका के आठवीं वरीयता प्राप्त जान इसनेर से हो सकता है।
सोमदेव ने कहा, मैं बहुत खुश हूं। यह कठिन प्रतिद्वंद्वी था। मैंने अच्छा खेला। शुरुआत में की गई उसकी गलतियों का मैंने फायदा उठाया। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सोमदेव ने चीन में 2010 एशियाई खेलों में पुरुष एकल और युगल दोनों में पीला तमगा जीता था।
सोमदेव ने सिर्फ एक बार डबलफाल्ट किया जबकि उसके प्रतिद्वंद्वी ने आठ बार डबलफॉल्ट कर डाले।टिप्पणियां
क्वालीफायर के जरिये यहां तक पहुंचे सोमदेव का सामना गुरुवार को अमेरिका के आठवीं वरीयता प्राप्त जान इसनेर से हो सकता है।
सोमदेव ने कहा, मैं बहुत खुश हूं। यह कठिन प्रतिद्वंद्वी था। मैंने अच्छा खेला। शुरुआत में की गई उसकी गलतियों का मैंने फायदा उठाया। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सोमदेव ने चीन में 2010 एशियाई खेलों में पुरुष एकल और युगल दोनों में पीला तमगा जीता था।
क्वालीफायर के जरिये यहां तक पहुंचे सोमदेव का सामना गुरुवार को अमेरिका के आठवीं वरीयता प्राप्त जान इसनेर से हो सकता है।
सोमदेव ने कहा, मैं बहुत खुश हूं। यह कठिन प्रतिद्वंद्वी था। मैंने अच्छा खेला। शुरुआत में की गई उसकी गलतियों का मैंने फायदा उठाया। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सोमदेव ने चीन में 2010 एशियाई खेलों में पुरुष एकल और युगल दोनों में पीला तमगा जीता था।
सोमदेव ने कहा, मैं बहुत खुश हूं। यह कठिन प्रतिद्वंद्वी था। मैंने अच्छा खेला। शुरुआत में की गई उसकी गलतियों का मैंने फायदा उठाया। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सोमदेव ने चीन में 2010 एशियाई खेलों में पुरुष एकल और युगल दोनों में पीला तमगा जीता था। | सारांश: भारत के सोमदेव देववर्मन ने गत चैम्पियन अलेक्जेंडर डोल्गोपोलोव को सिटी ओपन टेनिस में 6-3, 7-6 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विश्वकप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कवि डॉ. कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने (Kumar Vishwas) कहा “बड़ी मुश्किल से जागी थी जमाने की निगाहों में उसी उम्मीद के मरने का मातम कर रहा हूं मैं..!”. एक अन्य ट्वीट में कुमार ने लिखा,'चल खुसरो घर अपने'. कुमार विश्वास ने सेमीफाइनल में खेली गई रवींद्र जडेजा की पारी की भी तारीफ की. उन्होंने (Kumar Vishwas) लिखा कि हार-जीत जो भी हो पर तुमने दिल जीत लिया प्यारे. बता दें कि न्यूजीलैंड ने भारत को विश्वकप के पहले सेमीफाइनल में 18 रनों से हरा दिया है. इसके साथ ही न्यूजीलैंड विश्वकप के फाइनल में प्रवेश कर चुकी है. जहां उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा.
“बड़ी मुश्किल से जागी थी ज़माने की निगाहों में,
उसी उम्मीद के मरने का मातम कर रहा हूँ मैं..!!”#World_Cup2019#INDvNZ
चल खुसरो घर आपने #INDvsNZ
हार-जीत जो भी हो पर तुमने दिल जीत लिया प्यारे @imjadeja ???????? #INDvsNZ
गौरतलब है कि अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर रहते हुए वर्ल्डकप 2019 (World Cup 2019) के सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया के लिए एक मैच का खराब प्रदर्शन भारी पड़ा. टीम इंडिया को आज यहां टूर्नामेंट के बारिश से प्रभावित पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से 18 रन की हार का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही विराट कोहली ब्रिगेड के वर्ल्डकप के सुनहरे अभियान पर 'ब्रेक' लग गया. टीम इंडिया यह मैच हारी जरूर लेकिन हरफनमौला रवींद्र जडेजा की तूफानी बल्लेबाजी (77 रन, 59 गेंद, चार चौके और चार छक्के) ने हर किसी का दिल जीत लिया. न्यूजीलैंड के 239 रन के स्कोर का पीछा करते हुए टीम इंडिया एक समय 92 रन पर छह विकेट गंवा चुकी थी और लग रहा था कि टीम इंडिया बिना संघर्ष किए ही हार जाएगी. ऐसे मौके पर सर रवींद्र जडेजा ने अनुभवी धोनी के मार्गदर्शन में कीवी टीम पर हल्ला बोल दिया.
दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की और एक समय तो ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया मैच में जीत हासिल कर लेगी. जडेजा ने छक्के-चौके लगातार कीवी गेंदबाजों की हालत खराब कर दी. जडेजा की इस जीवट भरी पारी के बावजूद टीम इंडिया 49.3 ओवर में 221 रन बनाकर आउट हो गई. 18 रन की हार के साथ उसे मुकाबले से बाहर होना पड़ा.मैच में न्यूजीलैंड टीम के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था.भारत को शुरुआत में ही तीन झटके देने वाले मैट हैनरी मैन ऑफ द मैच रहे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कुमार विश्वास ने रवींद्र जडेजा की तारीफ की
कहा- हार जीत तो लगी ही रहती है
न्यूजीलैंड से सेमीफाइनल में हारा भारत | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा फांसी की सज़ा सुनाए जाने के मुद्दे को लेकर हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय पंचाट (अंतरराष्ट्रीय न्यायालय या इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस या आईसीजे) में सोमवार को सुनवाई में भारत ने अपना पक्ष रख दिया है. इस संबंध में भारत ने अपनी मांगें साफ कर दी हैं. भारत और पाकिस्तान आमने-सामने हैं. पाकिस्तान को अब अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है. गौरतलब है कि इस मुद्दे की वजह से दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं. मामले की सुनवाई नीदरलैंड (हॉलैंड) के शहर हेग में स्थित पीस पैलेस के ग्रेट हॉल ऑफ जस्टिस में हो रही है. इससे पहले दोनों देश लगभग 18 साल पहले संयुक्त राष्ट्र की इस शीर्ष अदालत में आमने-सामने आए थे, जब पाकिस्तान ने उसके नौसैनिक विमान को मार गिराए जाने के मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया था. पढ़िए, सुनवाई की खास बातें...
भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व डॉ दीपक मित्तल कर रहे हैं. भारत की ओर जाने माने वकील हरीश साल्वे ने ्पक्ष रखा है. भारत ने पाकिस्तान पर विएना समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया.पाकिस्तान ने विएना समझौते का उल्लंघन किया है. कुलभूषण जाधव को बिना राजनयिक मुलाकात का मौका दिए गिरफ्तार कर रखा गया, और अब उन पर फांसी की तलवार लटक रही है.पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा कुलभूषण जाधव को फांसी की सज़ा सुनाया जाना अनुच्छेद 36 के तहत अधिकारों के उल्लंघन है.भारत द्वारा अनुरोध किए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने कोई सबूत या दस्तावेज़ भारत को नहीं दिया.भारत ने अंतरराष्ट्रीय पंचाट से कहा है कि पाकिस्तान सभी आवश्यक कदम उठाए, ताकि कुलभूषण जाधव को फांसी नहीं दिया जाना सुनिश्चित हो सके.अनुच्छेद 74 के अनुसार, प्रावधानिक कदम उठाए जाने का अनुरोध सभी अन्य अनुरोधों की तुलना में प्राथमिकता पाएगा.भारत ने कहा कि स्थिति काफी गंभीर है, इसलिए कोर्ट से शॉर्ट नोटिस में संपर्क किया गया है.कुलभूषण को पाकिस्तान में कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया. पाकिस्तान ने भारत को इसकी सूचना नहीं दी.भारत की ओर से कहा गया कि आईएसपीआर (पाकिस्तानी सेना का मीडिया) के प्रवक्ता ने कहा कि जाधव के पास दूतावास की पहुंच का अधिकार नहीं है. भारत इस बारे में यह कहना चाहता है -तीन ऐसे मौके रहे हैं -कॉस्टा रिका बनाम निकारागुआ केस में, बेल्जियम और सेनेगल के केस में जो संभव था उसका प्रयास किया गया था.पैरागुए बनाम अमेरिका के मामले में कोर्ट ने यह फैसला किया था कि अमेरिकी सरकार पैरागुए के नागरिक को दूतावास की पहुंच उपलब्ध कराए.जर्मनी बनाम अमेरिका के केस में भी कोर्ट ने यह कहा था कि जर्मनी के नागरिक को मौत की सजा न्याय के लिए क्षति होगी.कुलभूषण के मामले में कई कानूनी रास्ते उपलब्ध हैं. उसे तब तक फांसी नहीं दी जा सकती जब इस कोर्ट में केस चल रहा है. अगर ऐसा हुआ तो यह वीएना कंवेनशन का उल्लंघन होगा.पाकिस्तान अभी तक आश्वासन नहीं दे पाया है कि कुलभूषण को केस चलने तक फांसी नहीं दी जाएगी.भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके पास कुलभूषण जाधव के जासूसी करने के कई सबूत हैं. लेकिन भारत के लगातार आग्रहों को उसने खारिज कर दिया और एक भी सबूत इस मामले में नहीं दिखाया.भारत ने साफ कहा कि जाधव पर लगे जासूसी के आरोपों से भारत इनकार करता है.भारत का कहना है कि जाधव का अपहरण ईरान से किया गया और सेना के कब्जे में रहते हुए उनसे कबूलनामा लिया गया.पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कुलभूषण जाधव के खिलाफ आधारहीन, सुविचारित और प्रोपेगैंडा के तहत आरोप लगाए.पाकिस्तान के आरोपों में सत्यता का अभाव है. जब से पाकिस्तान ने उसको अपनी जमीं पर पकड़े जाने का दावा किया है तब से भारत को उस तक पहुंच के अधिकार से वंचित रखा गया है.भारत ने वीएना कनवेंशन के अनुच्छेद 1 के तहत केस दर्ज किया है. कोर्ट ने हमेशा ही दूतावास की पहुंच उपलब्ध कराई जब भी ऐसे मामलों में मिलिट्री कोर्ट में केस चला है. भारत यह फिर कहता है कि भारत को यह पहुंच अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है. भारत को अभी तक कुलभूषण पर लगे आरोपों की कॉपी नहीं दी गई है. इस वजह से भारत उस पर लगे आरोपों पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं कर पाया है. हम कुलभूषण जाधव के मामले में कानूनी रूप से अपना पक्ष रखना चाहते हैं.भारत ने कहा कि वह इस मामले में वीएना कनवेंशन के आधार पर अपनी बातें रखी हैं. हम केवल यह कहना चाहते हैं कि इस प्रकार की किसी भी गिरफ्तारी के लिए संबंधित देश को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए.यह मामला प्रथम दृष्टया विएना कंवेनशन का उल्लंघन है. जाधव के पाकिस्तान में होने की परिस्थिति के बारे में कुछ बातें अभी तक साफ नहीं हैं.भारत ने पाकिस्तान कई आवेदन देकर यह मांग की कि कुलभूषण जाधव तक पहुंच उपलब्ध कराई जाए | यहाँ एक सारांश है:भारत ने साफ कहा कि जाधव पर लगे जासूसी के आरोपों से भारत इनकार करता है
भारत को अभी तक कुलभूषण पर लगे आरोपों की कॉपी नहीं दी गई है
'स्थिति काफी गंभीर है, इसलिए कोर्ट से शॉर्ट नोटिस में संपर्क किया गया' | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक ही दिन में दो बार शादी करने जा रहे सैफ अली खान और करीना कपूर की रजिस्टर्ड शादी हो चुकी है, और शाम को दोनों के बीच निकाह की रस्म अदा की जाएगी।
दोनों कलाकारों ने दोपहर बाद बांद्रा स्थित सैफ के आवास 'फॉरच्यून हाइट्स' पर रजिस्टर्ड शादी की, जिसके लिए रजिस्ट्रार सुरेखा रमेश पहुंचीं। इस शादी के लिए अर्जी 12 सितम्बर को ही दाखिल कर दी गई थी। दिलचस्प तथ्य यह है कि इसमें सैफ अली खान का नाम साजिद अली खान लिखा गया है। इसके बाद मंगलवार शाम को ही ताज पैलेस होटल में निकाह की रस्म भी अदा की जाएगी।
सुबह हुई रजिस्टर्ड शादी के समय भी सैफ ने राघवेन्द्र राठौर द्वारा डिज़ाइन की गई पोशाक पहनी, और वह शाम को होने जा रहे निकाह के मौके पर भी राठौर का बनाई पोशाक ही पहनेंगे, जबकि करीना कपूर ने रजिस्टर्ड शादी के वक्त मनीष मल्होत्रा द्वारा डिज़ाइन की हुई पोशाक पहनी, और निकाह के वक्त वह रितु कुमार का बनाया शादी का जोड़ा पहनने वाली हैं।टिप्पणियां
सैफ-करीना की शादी से पहले कोलाबा स्थित ताजमहल होटल में विवाह पूर्व रस्मों से जुड़ा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें केवल दोनों परिवारों के सदस्य शामिल हुए।
मैरिज रजिस्ट्रार सुरेखा रमेश ने बताया, मैरिज रेजिस्ट्रेशन दिन में 11.30 से लेकर 12 बजे के बीच बांद्रा स्थित सैफ के घर फार्चून हाइट्स में होगा। खबरों के अनुसार शादी के बाद ताजमहल होटल में एक प्रीतिभोज का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 18 अक्तूबर को दिल्ली में भी एक प्रीतिभोज आयोजित किया जाएगा। साथ ही हरियाणा स्थित पटौदी पैलेस में भी एक समारोह आयोजित होगा।
दोनों कलाकारों ने दोपहर बाद बांद्रा स्थित सैफ के आवास 'फॉरच्यून हाइट्स' पर रजिस्टर्ड शादी की, जिसके लिए रजिस्ट्रार सुरेखा रमेश पहुंचीं। इस शादी के लिए अर्जी 12 सितम्बर को ही दाखिल कर दी गई थी। दिलचस्प तथ्य यह है कि इसमें सैफ अली खान का नाम साजिद अली खान लिखा गया है। इसके बाद मंगलवार शाम को ही ताज पैलेस होटल में निकाह की रस्म भी अदा की जाएगी।
सुबह हुई रजिस्टर्ड शादी के समय भी सैफ ने राघवेन्द्र राठौर द्वारा डिज़ाइन की गई पोशाक पहनी, और वह शाम को होने जा रहे निकाह के मौके पर भी राठौर का बनाई पोशाक ही पहनेंगे, जबकि करीना कपूर ने रजिस्टर्ड शादी के वक्त मनीष मल्होत्रा द्वारा डिज़ाइन की हुई पोशाक पहनी, और निकाह के वक्त वह रितु कुमार का बनाया शादी का जोड़ा पहनने वाली हैं।टिप्पणियां
सैफ-करीना की शादी से पहले कोलाबा स्थित ताजमहल होटल में विवाह पूर्व रस्मों से जुड़ा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें केवल दोनों परिवारों के सदस्य शामिल हुए।
मैरिज रजिस्ट्रार सुरेखा रमेश ने बताया, मैरिज रेजिस्ट्रेशन दिन में 11.30 से लेकर 12 बजे के बीच बांद्रा स्थित सैफ के घर फार्चून हाइट्स में होगा। खबरों के अनुसार शादी के बाद ताजमहल होटल में एक प्रीतिभोज का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 18 अक्तूबर को दिल्ली में भी एक प्रीतिभोज आयोजित किया जाएगा। साथ ही हरियाणा स्थित पटौदी पैलेस में भी एक समारोह आयोजित होगा।
सैफ-करीना की शादी से पहले कोलाबा स्थित ताजमहल होटल में विवाह पूर्व रस्मों से जुड़ा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें केवल दोनों परिवारों के सदस्य शामिल हुए।
मैरिज रजिस्ट्रार सुरेखा रमेश ने बताया, मैरिज रेजिस्ट्रेशन दिन में 11.30 से लेकर 12 बजे के बीच बांद्रा स्थित सैफ के घर फार्चून हाइट्स में होगा। खबरों के अनुसार शादी के बाद ताजमहल होटल में एक प्रीतिभोज का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 18 अक्तूबर को दिल्ली में भी एक प्रीतिभोज आयोजित किया जाएगा। साथ ही हरियाणा स्थित पटौदी पैलेस में भी एक समारोह आयोजित होगा।
मैरिज रजिस्ट्रार सुरेखा रमेश ने बताया, मैरिज रेजिस्ट्रेशन दिन में 11.30 से लेकर 12 बजे के बीच बांद्रा स्थित सैफ के घर फार्चून हाइट्स में होगा। खबरों के अनुसार शादी के बाद ताजमहल होटल में एक प्रीतिभोज का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 18 अक्तूबर को दिल्ली में भी एक प्रीतिभोज आयोजित किया जाएगा। साथ ही हरियाणा स्थित पटौदी पैलेस में भी एक समारोह आयोजित होगा। | संक्षिप्त पाठ: एक ही दिन में दो बार शादी करने जा रहे सैफ अली खान और करीना कपूर की रजिस्टर्ड शादी हो चुकी है, और शाम को दोनों के बीच निकाह की रस्म अदा की जाएगी। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंडर-19 वर्ल्डकप, आईपीएल-9 और अब रणजी सीजन में बेहद तेज गति से रनों का अंबार लगाकर दिल्ली के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टीम इंडिया में प्रवेश के लिए मजबूत दावेदारी पेश कर दी है. बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले ऋषभ के क्रिकेट में पसंदीदा प्लेयर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट रहे हैं. गिली की विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की स्टाइल दोनों के पंत मुरीद रहे हैं. खास बात यह है कि ऋषभ भी गिलक्रिस्ट की ही तरह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और उन्हीं की शैली में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हैं. मंगलवार को उन्होंने झारखंड टीम के खिलाफ रणजी इतिहास का सबसे तेज शतक जमाकर इसका परिचय भी दे दिया है. (पढ़ें, ऋषभ पंत ने जमाया रणजी ट्रॉफी का सबसे तेज शतक, चौकों से ज्यादा लगाए छक्के)
बांग्लादेश में हुए अंडर-19 वर्ल्डकप में भारतीय टीम के सदस्य रहे पंत का नाम सबसे पहले तब सुर्खियों में आया जब उन्होंने नेपाल के खिलाफ मात्र 24 गेंदों पर ही 78 रन बना डाले. ओपनर के रूप में उतरे पंत ने इस पारी के दौरान पंत में महज 18 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया जो अंडर -19 वर्ल्डकप के पिछले रिकॉर्ड (19गेंद) से एक गेंद कम था. इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ऋषभ ने लगातार अच्छा स्कोर किया. टूर्नामेंट के छह मैचों में उन्होंने 44.50 के औसत से 267 रन ( स्ट्राइक रेट104.29) स्कोर किए जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल रहे. इस दौरान तूफानी बल्लेबाज का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 33 चौके और 9 छक्के जमाए. यानी उन्होंने अपने 267 रनों में से 186 रन चौकों-छक्कों के जरिये ही बना डाले.
अंडर-19 वर्ल्डकप में पंत, सरफराज खान के बाद भारत के सबसे अधिक रन बनाने वाले बैट्समैन रहे. अपने इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद ऋषभ को इस बात का मलाल रहा कि वे टीम इंडिया को चैंपियन नहीं बना पाए. फाइनल में भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा. वैसे ऋषभ के लिहाज से यह वर्ल्डकप बेहतरीन अनुभव रहा. भारतीय टीम का सदस्य रहते हुए उन्हें राहुल द्रविड़ से काफी कुछ सीखने को मिला. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान द्रविड़ अंडर-19 वर्ल्डकप के सदस्य थे. टिप्पणियां
तेजी से बल्लेबाजी के अलावा पंत विकेट के पीछे भी चौकस प्रदर्शन करते रहे हैं. ऐसे में उन्हें सीनियर लेवल के क्रिकेट (वनडे और टी-20)में महेंद्र सिंह धोनी के खिलाड़ी के रूप में उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाने लगा है.जूनियर वर्ल्डकप के बाद पंत ने आईपीएल-9 में भी चमक दिखाई और जहीर खान की अगुवाई वाली दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के लिए जोरदार पारियां खेलीं. दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए पंत ने 10 मैचों में 198 रन जुटाए. आईपीएल में उनके इस प्रदर्शन की महान ओपनर सुनील गावस्कर ने भी सराहना की और ऋषभ को भविष्य का खिलाड़ी बताया.
4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के पावन शहर ऋषिकेश में जन्मे ऋषभ पंत के क्रिकेट का यह सफर संघर्ष भरा रहा है. क्रिकेट में बेहतर मौके की तलाश के लिए वे दिल्ली आए और अपनी प्रतिभा की दम पर जल्द ही यहां की अंडर-19 और फिर दिल्ली सीनियर टीम में स्थान बना लिया. दिल्ली की ओर से खेलते हुए ऋषभ की इच्छा रणजी ट्रॉफी में वीरेंद्र सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करने की थी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका क्योंकि पिछले सीजन में सहवाग ने दिल्ली के बजाय हरियाणा की ओर से रणजी मैच खेले. ऋषभ का अगला लक्ष्य व्हाया दिल्ली की सीनियर टीम के लिए जोरदार प्रदर्शन कर भारतीय सीनियर टीम में स्थान बनाना है. वे जानते हैं कि उन्हें इसके लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. बहरहाल, मौजूदा रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन को देखते हुए लगता तो यही है कि ऋषभ ने अपने अगले लक्ष्य की ओर मजबूत कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है...
बांग्लादेश में हुए अंडर-19 वर्ल्डकप में भारतीय टीम के सदस्य रहे पंत का नाम सबसे पहले तब सुर्खियों में आया जब उन्होंने नेपाल के खिलाफ मात्र 24 गेंदों पर ही 78 रन बना डाले. ओपनर के रूप में उतरे पंत ने इस पारी के दौरान पंत में महज 18 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया जो अंडर -19 वर्ल्डकप के पिछले रिकॉर्ड (19गेंद) से एक गेंद कम था. इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ऋषभ ने लगातार अच्छा स्कोर किया. टूर्नामेंट के छह मैचों में उन्होंने 44.50 के औसत से 267 रन ( स्ट्राइक रेट104.29) स्कोर किए जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल रहे. इस दौरान तूफानी बल्लेबाज का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 33 चौके और 9 छक्के जमाए. यानी उन्होंने अपने 267 रनों में से 186 रन चौकों-छक्कों के जरिये ही बना डाले.
अंडर-19 वर्ल्डकप में पंत, सरफराज खान के बाद भारत के सबसे अधिक रन बनाने वाले बैट्समैन रहे. अपने इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद ऋषभ को इस बात का मलाल रहा कि वे टीम इंडिया को चैंपियन नहीं बना पाए. फाइनल में भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा. वैसे ऋषभ के लिहाज से यह वर्ल्डकप बेहतरीन अनुभव रहा. भारतीय टीम का सदस्य रहते हुए उन्हें राहुल द्रविड़ से काफी कुछ सीखने को मिला. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान द्रविड़ अंडर-19 वर्ल्डकप के सदस्य थे. टिप्पणियां
तेजी से बल्लेबाजी के अलावा पंत विकेट के पीछे भी चौकस प्रदर्शन करते रहे हैं. ऐसे में उन्हें सीनियर लेवल के क्रिकेट (वनडे और टी-20)में महेंद्र सिंह धोनी के खिलाड़ी के रूप में उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाने लगा है.जूनियर वर्ल्डकप के बाद पंत ने आईपीएल-9 में भी चमक दिखाई और जहीर खान की अगुवाई वाली दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के लिए जोरदार पारियां खेलीं. दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए पंत ने 10 मैचों में 198 रन जुटाए. आईपीएल में उनके इस प्रदर्शन की महान ओपनर सुनील गावस्कर ने भी सराहना की और ऋषभ को भविष्य का खिलाड़ी बताया.
4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के पावन शहर ऋषिकेश में जन्मे ऋषभ पंत के क्रिकेट का यह सफर संघर्ष भरा रहा है. क्रिकेट में बेहतर मौके की तलाश के लिए वे दिल्ली आए और अपनी प्रतिभा की दम पर जल्द ही यहां की अंडर-19 और फिर दिल्ली सीनियर टीम में स्थान बना लिया. दिल्ली की ओर से खेलते हुए ऋषभ की इच्छा रणजी ट्रॉफी में वीरेंद्र सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करने की थी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका क्योंकि पिछले सीजन में सहवाग ने दिल्ली के बजाय हरियाणा की ओर से रणजी मैच खेले. ऋषभ का अगला लक्ष्य व्हाया दिल्ली की सीनियर टीम के लिए जोरदार प्रदर्शन कर भारतीय सीनियर टीम में स्थान बनाना है. वे जानते हैं कि उन्हें इसके लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. बहरहाल, मौजूदा रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन को देखते हुए लगता तो यही है कि ऋषभ ने अपने अगले लक्ष्य की ओर मजबूत कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है...
अंडर-19 वर्ल्डकप में पंत, सरफराज खान के बाद भारत के सबसे अधिक रन बनाने वाले बैट्समैन रहे. अपने इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद ऋषभ को इस बात का मलाल रहा कि वे टीम इंडिया को चैंपियन नहीं बना पाए. फाइनल में भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा. वैसे ऋषभ के लिहाज से यह वर्ल्डकप बेहतरीन अनुभव रहा. भारतीय टीम का सदस्य रहते हुए उन्हें राहुल द्रविड़ से काफी कुछ सीखने को मिला. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान द्रविड़ अंडर-19 वर्ल्डकप के सदस्य थे. टिप्पणियां
तेजी से बल्लेबाजी के अलावा पंत विकेट के पीछे भी चौकस प्रदर्शन करते रहे हैं. ऐसे में उन्हें सीनियर लेवल के क्रिकेट (वनडे और टी-20)में महेंद्र सिंह धोनी के खिलाड़ी के रूप में उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाने लगा है.जूनियर वर्ल्डकप के बाद पंत ने आईपीएल-9 में भी चमक दिखाई और जहीर खान की अगुवाई वाली दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के लिए जोरदार पारियां खेलीं. दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए पंत ने 10 मैचों में 198 रन जुटाए. आईपीएल में उनके इस प्रदर्शन की महान ओपनर सुनील गावस्कर ने भी सराहना की और ऋषभ को भविष्य का खिलाड़ी बताया.
4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के पावन शहर ऋषिकेश में जन्मे ऋषभ पंत के क्रिकेट का यह सफर संघर्ष भरा रहा है. क्रिकेट में बेहतर मौके की तलाश के लिए वे दिल्ली आए और अपनी प्रतिभा की दम पर जल्द ही यहां की अंडर-19 और फिर दिल्ली सीनियर टीम में स्थान बना लिया. दिल्ली की ओर से खेलते हुए ऋषभ की इच्छा रणजी ट्रॉफी में वीरेंद्र सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करने की थी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका क्योंकि पिछले सीजन में सहवाग ने दिल्ली के बजाय हरियाणा की ओर से रणजी मैच खेले. ऋषभ का अगला लक्ष्य व्हाया दिल्ली की सीनियर टीम के लिए जोरदार प्रदर्शन कर भारतीय सीनियर टीम में स्थान बनाना है. वे जानते हैं कि उन्हें इसके लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. बहरहाल, मौजूदा रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन को देखते हुए लगता तो यही है कि ऋषभ ने अपने अगले लक्ष्य की ओर मजबूत कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है...
तेजी से बल्लेबाजी के अलावा पंत विकेट के पीछे भी चौकस प्रदर्शन करते रहे हैं. ऐसे में उन्हें सीनियर लेवल के क्रिकेट (वनडे और टी-20)में महेंद्र सिंह धोनी के खिलाड़ी के रूप में उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाने लगा है.जूनियर वर्ल्डकप के बाद पंत ने आईपीएल-9 में भी चमक दिखाई और जहीर खान की अगुवाई वाली दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के लिए जोरदार पारियां खेलीं. दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए पंत ने 10 मैचों में 198 रन जुटाए. आईपीएल में उनके इस प्रदर्शन की महान ओपनर सुनील गावस्कर ने भी सराहना की और ऋषभ को भविष्य का खिलाड़ी बताया.
4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के पावन शहर ऋषिकेश में जन्मे ऋषभ पंत के क्रिकेट का यह सफर संघर्ष भरा रहा है. क्रिकेट में बेहतर मौके की तलाश के लिए वे दिल्ली आए और अपनी प्रतिभा की दम पर जल्द ही यहां की अंडर-19 और फिर दिल्ली सीनियर टीम में स्थान बना लिया. दिल्ली की ओर से खेलते हुए ऋषभ की इच्छा रणजी ट्रॉफी में वीरेंद्र सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करने की थी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका क्योंकि पिछले सीजन में सहवाग ने दिल्ली के बजाय हरियाणा की ओर से रणजी मैच खेले. ऋषभ का अगला लक्ष्य व्हाया दिल्ली की सीनियर टीम के लिए जोरदार प्रदर्शन कर भारतीय सीनियर टीम में स्थान बनाना है. वे जानते हैं कि उन्हें इसके लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. बहरहाल, मौजूदा रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन को देखते हुए लगता तो यही है कि ऋषभ ने अपने अगले लक्ष्य की ओर मजबूत कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है...
4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के पावन शहर ऋषिकेश में जन्मे ऋषभ पंत के क्रिकेट का यह सफर संघर्ष भरा रहा है. क्रिकेट में बेहतर मौके की तलाश के लिए वे दिल्ली आए और अपनी प्रतिभा की दम पर जल्द ही यहां की अंडर-19 और फिर दिल्ली सीनियर टीम में स्थान बना लिया. दिल्ली की ओर से खेलते हुए ऋषभ की इच्छा रणजी ट्रॉफी में वीरेंद्र सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करने की थी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका क्योंकि पिछले सीजन में सहवाग ने दिल्ली के बजाय हरियाणा की ओर से रणजी मैच खेले. ऋषभ का अगला लक्ष्य व्हाया दिल्ली की सीनियर टीम के लिए जोरदार प्रदर्शन कर भारतीय सीनियर टीम में स्थान बनाना है. वे जानते हैं कि उन्हें इसके लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. बहरहाल, मौजूदा रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन को देखते हुए लगता तो यही है कि ऋषभ ने अपने अगले लक्ष्य की ओर मजबूत कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है... | गिलक्रिस्ट की ही तरह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं ऋषभ पंत
अंडर-19 वर्ल्डकप में नेपाल के खिलाफ बनाया सबसे तेज अर्धशतक
इसी साल रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ तिहरा शतक बनाया | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ममता बनर्जी और उनके वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ मंगलवार को राजधानी दिल्ली में धक्कामुक्की और बदसलूकी की घटना की पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नाराणयन ने कड़ी निंदा की है।
राज्यपाल ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा, "राष्ट्रीय राजधानी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्रियों पर हुआ अफसोसनाक और पूर्वनियोजित हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक धब्बा है। इस वाकये की तीखे से तीखे शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। जो हमले के लिए ज़िम्मेदार हैं और जिन लोगों ने उन्हें उकसाया, वे एक लोकतांत्रिक चौखटे के भीतर काम करने का हक खो चुके हैं। लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री और उनके मंत्रियों पर हुआ इस तरह का हमला भारत के आधुनिक इतिहास में अपूर्व है और इतना गंभीर है कि इस पर सीपीएम के पोलित ब्यूरो को आम माफी मांगनी चाहिए। इस बीच, मैं तृणमूल के कार्यकर्ताओं और पश्चिम बंगाल के सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और भावनाओं में न बहें।"
इधर, सीपीएम ने भी ममता और मित्रा पर हमले की निंदा की है। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि पार्टी इस घटना की जांच करेगी, लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य भर में लेफ्ट पार्टियों के दफ्तरों पर हमलों की भी निंदा की है।
उल्लेखनीय है कि एसएफआई के एक कार्यकर्ता सुदीप्तो गुप्ता की मौत को लेकर वामपंथी दलों ने दिल्ली में मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसी दौरान, प्रदर्शनकारियों ने राज्य के वित्तमंत्री अमित मित्रा से हाथापाई भी की। हाथापाई के दौरान उनके कपड़े फट गए।टिप्पणियां
वाम संगठनों के प्रदर्शनकारियों का एक समूह आयोग के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का इंतजार कर रहा था। मुख्यमंत्री जब मित्रा के साथ पौने चार बजे आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया से मिलने पहुंचीं, तो प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए। ममता को पुलिस ने सलाह दी थी कि वह अपनी कार से बाहर नहीं निकलें और अंदर चली जाएं, लेकिन मुख्यमंत्री ने नारे लगा रहे एवं तख्तियां लहरा रहे प्रदर्शनकारियों के बीच से भवन के अंदर जाना पसंद किया।
एसएफआई और माकपा के सदस्यों ने 'ममता बनर्जी हाय-हाय, तृणमूल कांग्रेस हाय-हाय, हत्यारी ममता शर्म करो' के नारे लगाए। क्षुब्ध मुख्यमंत्री यह कहते हुए भवन के अंदर प्रवेश कर गईं कि यह असभ्य व्यवहार है। उन्होंने कहा, आपको मालूम है वे क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरे साथ 10 लाख लोग हैं। मैं उन्हें दिल्ली ला सकती हूं। वे पश्चिम बंगाल का विकास नहीं चाहते... बाद में ममता बनर्जी ने सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात रद्द कर दी थी। ममता ने बुधवार को पी चिदंबरम के साथ प्रस्तावित अपनी मुलाकात भी रद्द कर दी और कोलकाता लौटने का फैसला किया।
राज्यपाल ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा, "राष्ट्रीय राजधानी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्रियों पर हुआ अफसोसनाक और पूर्वनियोजित हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक धब्बा है। इस वाकये की तीखे से तीखे शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। जो हमले के लिए ज़िम्मेदार हैं और जिन लोगों ने उन्हें उकसाया, वे एक लोकतांत्रिक चौखटे के भीतर काम करने का हक खो चुके हैं। लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री और उनके मंत्रियों पर हुआ इस तरह का हमला भारत के आधुनिक इतिहास में अपूर्व है और इतना गंभीर है कि इस पर सीपीएम के पोलित ब्यूरो को आम माफी मांगनी चाहिए। इस बीच, मैं तृणमूल के कार्यकर्ताओं और पश्चिम बंगाल के सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और भावनाओं में न बहें।"
इधर, सीपीएम ने भी ममता और मित्रा पर हमले की निंदा की है। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि पार्टी इस घटना की जांच करेगी, लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य भर में लेफ्ट पार्टियों के दफ्तरों पर हमलों की भी निंदा की है।
उल्लेखनीय है कि एसएफआई के एक कार्यकर्ता सुदीप्तो गुप्ता की मौत को लेकर वामपंथी दलों ने दिल्ली में मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसी दौरान, प्रदर्शनकारियों ने राज्य के वित्तमंत्री अमित मित्रा से हाथापाई भी की। हाथापाई के दौरान उनके कपड़े फट गए।टिप्पणियां
वाम संगठनों के प्रदर्शनकारियों का एक समूह आयोग के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का इंतजार कर रहा था। मुख्यमंत्री जब मित्रा के साथ पौने चार बजे आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया से मिलने पहुंचीं, तो प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए। ममता को पुलिस ने सलाह दी थी कि वह अपनी कार से बाहर नहीं निकलें और अंदर चली जाएं, लेकिन मुख्यमंत्री ने नारे लगा रहे एवं तख्तियां लहरा रहे प्रदर्शनकारियों के बीच से भवन के अंदर जाना पसंद किया।
एसएफआई और माकपा के सदस्यों ने 'ममता बनर्जी हाय-हाय, तृणमूल कांग्रेस हाय-हाय, हत्यारी ममता शर्म करो' के नारे लगाए। क्षुब्ध मुख्यमंत्री यह कहते हुए भवन के अंदर प्रवेश कर गईं कि यह असभ्य व्यवहार है। उन्होंने कहा, आपको मालूम है वे क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरे साथ 10 लाख लोग हैं। मैं उन्हें दिल्ली ला सकती हूं। वे पश्चिम बंगाल का विकास नहीं चाहते... बाद में ममता बनर्जी ने सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात रद्द कर दी थी। ममता ने बुधवार को पी चिदंबरम के साथ प्रस्तावित अपनी मुलाकात भी रद्द कर दी और कोलकाता लौटने का फैसला किया।
इधर, सीपीएम ने भी ममता और मित्रा पर हमले की निंदा की है। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि पार्टी इस घटना की जांच करेगी, लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य भर में लेफ्ट पार्टियों के दफ्तरों पर हमलों की भी निंदा की है।
उल्लेखनीय है कि एसएफआई के एक कार्यकर्ता सुदीप्तो गुप्ता की मौत को लेकर वामपंथी दलों ने दिल्ली में मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसी दौरान, प्रदर्शनकारियों ने राज्य के वित्तमंत्री अमित मित्रा से हाथापाई भी की। हाथापाई के दौरान उनके कपड़े फट गए।टिप्पणियां
वाम संगठनों के प्रदर्शनकारियों का एक समूह आयोग के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का इंतजार कर रहा था। मुख्यमंत्री जब मित्रा के साथ पौने चार बजे आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया से मिलने पहुंचीं, तो प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए। ममता को पुलिस ने सलाह दी थी कि वह अपनी कार से बाहर नहीं निकलें और अंदर चली जाएं, लेकिन मुख्यमंत्री ने नारे लगा रहे एवं तख्तियां लहरा रहे प्रदर्शनकारियों के बीच से भवन के अंदर जाना पसंद किया।
एसएफआई और माकपा के सदस्यों ने 'ममता बनर्जी हाय-हाय, तृणमूल कांग्रेस हाय-हाय, हत्यारी ममता शर्म करो' के नारे लगाए। क्षुब्ध मुख्यमंत्री यह कहते हुए भवन के अंदर प्रवेश कर गईं कि यह असभ्य व्यवहार है। उन्होंने कहा, आपको मालूम है वे क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरे साथ 10 लाख लोग हैं। मैं उन्हें दिल्ली ला सकती हूं। वे पश्चिम बंगाल का विकास नहीं चाहते... बाद में ममता बनर्जी ने सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात रद्द कर दी थी। ममता ने बुधवार को पी चिदंबरम के साथ प्रस्तावित अपनी मुलाकात भी रद्द कर दी और कोलकाता लौटने का फैसला किया।
उल्लेखनीय है कि एसएफआई के एक कार्यकर्ता सुदीप्तो गुप्ता की मौत को लेकर वामपंथी दलों ने दिल्ली में मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसी दौरान, प्रदर्शनकारियों ने राज्य के वित्तमंत्री अमित मित्रा से हाथापाई भी की। हाथापाई के दौरान उनके कपड़े फट गए।टिप्पणियां
वाम संगठनों के प्रदर्शनकारियों का एक समूह आयोग के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का इंतजार कर रहा था। मुख्यमंत्री जब मित्रा के साथ पौने चार बजे आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया से मिलने पहुंचीं, तो प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए। ममता को पुलिस ने सलाह दी थी कि वह अपनी कार से बाहर नहीं निकलें और अंदर चली जाएं, लेकिन मुख्यमंत्री ने नारे लगा रहे एवं तख्तियां लहरा रहे प्रदर्शनकारियों के बीच से भवन के अंदर जाना पसंद किया।
एसएफआई और माकपा के सदस्यों ने 'ममता बनर्जी हाय-हाय, तृणमूल कांग्रेस हाय-हाय, हत्यारी ममता शर्म करो' के नारे लगाए। क्षुब्ध मुख्यमंत्री यह कहते हुए भवन के अंदर प्रवेश कर गईं कि यह असभ्य व्यवहार है। उन्होंने कहा, आपको मालूम है वे क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरे साथ 10 लाख लोग हैं। मैं उन्हें दिल्ली ला सकती हूं। वे पश्चिम बंगाल का विकास नहीं चाहते... बाद में ममता बनर्जी ने सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात रद्द कर दी थी। ममता ने बुधवार को पी चिदंबरम के साथ प्रस्तावित अपनी मुलाकात भी रद्द कर दी और कोलकाता लौटने का फैसला किया।
वाम संगठनों के प्रदर्शनकारियों का एक समूह आयोग के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का इंतजार कर रहा था। मुख्यमंत्री जब मित्रा के साथ पौने चार बजे आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया से मिलने पहुंचीं, तो प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए। ममता को पुलिस ने सलाह दी थी कि वह अपनी कार से बाहर नहीं निकलें और अंदर चली जाएं, लेकिन मुख्यमंत्री ने नारे लगा रहे एवं तख्तियां लहरा रहे प्रदर्शनकारियों के बीच से भवन के अंदर जाना पसंद किया।
एसएफआई और माकपा के सदस्यों ने 'ममता बनर्जी हाय-हाय, तृणमूल कांग्रेस हाय-हाय, हत्यारी ममता शर्म करो' के नारे लगाए। क्षुब्ध मुख्यमंत्री यह कहते हुए भवन के अंदर प्रवेश कर गईं कि यह असभ्य व्यवहार है। उन्होंने कहा, आपको मालूम है वे क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरे साथ 10 लाख लोग हैं। मैं उन्हें दिल्ली ला सकती हूं। वे पश्चिम बंगाल का विकास नहीं चाहते... बाद में ममता बनर्जी ने सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात रद्द कर दी थी। ममता ने बुधवार को पी चिदंबरम के साथ प्रस्तावित अपनी मुलाकात भी रद्द कर दी और कोलकाता लौटने का फैसला किया।
एसएफआई और माकपा के सदस्यों ने 'ममता बनर्जी हाय-हाय, तृणमूल कांग्रेस हाय-हाय, हत्यारी ममता शर्म करो' के नारे लगाए। क्षुब्ध मुख्यमंत्री यह कहते हुए भवन के अंदर प्रवेश कर गईं कि यह असभ्य व्यवहार है। उन्होंने कहा, आपको मालूम है वे क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरे साथ 10 लाख लोग हैं। मैं उन्हें दिल्ली ला सकती हूं। वे पश्चिम बंगाल का विकास नहीं चाहते... बाद में ममता बनर्जी ने सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात रद्द कर दी थी। ममता ने बुधवार को पी चिदंबरम के साथ प्रस्तावित अपनी मुलाकात भी रद्द कर दी और कोलकाता लौटने का फैसला किया। | संक्षिप्त सारांश: इधर, सीपीएम ने भी ममता और मित्रा पर हमले की निंदा की है। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि पार्टी इस घटना की जांच करेगी, लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य भर में लेफ्ट पार्टियों के दफ्तरों पर हमलों की भी निंदा की है। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया कि वे किसी भी रूप में सोना खरीदने के लिए ऋण नहीं दें।
बैंक अब प्राइमरी गोल्ड, सर्राफा या आभूषण सहित किसी भी रूप में सोने को खरीदने के लिए ऋण नहीं देंगे। केंद्रीय बैंक ने यह कदम लोगों को किसी सटोरिया गतिविधि में शामिल होने से बचाने के लिए उठाया है।
केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा है... 'सलाह दी जाती है कि बैंक द्वारा किसी भी रूप में सोना खरीदने के लिए ऋण नहीं दिया जाना चाहिए।'
सोने के जिन रूपों का अधिसूचना में उल्लेख किया गया है उनमें प्राइमरी गोल्ड, सोना सर्राफा, सोना आभूषण, सोना सिक्का, सोना ईटीएफ इकाई तथा सोना म्यूचुअल फंड इकाई है।
हालांकि इसमें कहा गया है कि बैंक जौहरियों की उचित क्रियाशील पूंजी जरूरतों के लिए धन दे सकते हैं। टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने सोने के आयात में हाल ही में आई अच्छी खासी बढोतरी को देखते हुए यह कदम उठाया है। इसके चलते चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ रहा था।
वित्तवर्ष 2011-12 में भारत का सोने का आयात 60 अरब डॉलर मूल्य का रहा जबकि मात्रा 1,067 टन रही।
बैंक अब प्राइमरी गोल्ड, सर्राफा या आभूषण सहित किसी भी रूप में सोने को खरीदने के लिए ऋण नहीं देंगे। केंद्रीय बैंक ने यह कदम लोगों को किसी सटोरिया गतिविधि में शामिल होने से बचाने के लिए उठाया है।
केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा है... 'सलाह दी जाती है कि बैंक द्वारा किसी भी रूप में सोना खरीदने के लिए ऋण नहीं दिया जाना चाहिए।'
सोने के जिन रूपों का अधिसूचना में उल्लेख किया गया है उनमें प्राइमरी गोल्ड, सोना सर्राफा, सोना आभूषण, सोना सिक्का, सोना ईटीएफ इकाई तथा सोना म्यूचुअल फंड इकाई है।
हालांकि इसमें कहा गया है कि बैंक जौहरियों की उचित क्रियाशील पूंजी जरूरतों के लिए धन दे सकते हैं। टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने सोने के आयात में हाल ही में आई अच्छी खासी बढोतरी को देखते हुए यह कदम उठाया है। इसके चलते चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ रहा था।
वित्तवर्ष 2011-12 में भारत का सोने का आयात 60 अरब डॉलर मूल्य का रहा जबकि मात्रा 1,067 टन रही।
केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा है... 'सलाह दी जाती है कि बैंक द्वारा किसी भी रूप में सोना खरीदने के लिए ऋण नहीं दिया जाना चाहिए।'
सोने के जिन रूपों का अधिसूचना में उल्लेख किया गया है उनमें प्राइमरी गोल्ड, सोना सर्राफा, सोना आभूषण, सोना सिक्का, सोना ईटीएफ इकाई तथा सोना म्यूचुअल फंड इकाई है।
हालांकि इसमें कहा गया है कि बैंक जौहरियों की उचित क्रियाशील पूंजी जरूरतों के लिए धन दे सकते हैं। टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने सोने के आयात में हाल ही में आई अच्छी खासी बढोतरी को देखते हुए यह कदम उठाया है। इसके चलते चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ रहा था।
वित्तवर्ष 2011-12 में भारत का सोने का आयात 60 अरब डॉलर मूल्य का रहा जबकि मात्रा 1,067 टन रही।
सोने के जिन रूपों का अधिसूचना में उल्लेख किया गया है उनमें प्राइमरी गोल्ड, सोना सर्राफा, सोना आभूषण, सोना सिक्का, सोना ईटीएफ इकाई तथा सोना म्यूचुअल फंड इकाई है।
हालांकि इसमें कहा गया है कि बैंक जौहरियों की उचित क्रियाशील पूंजी जरूरतों के लिए धन दे सकते हैं। टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने सोने के आयात में हाल ही में आई अच्छी खासी बढोतरी को देखते हुए यह कदम उठाया है। इसके चलते चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ रहा था।
वित्तवर्ष 2011-12 में भारत का सोने का आयात 60 अरब डॉलर मूल्य का रहा जबकि मात्रा 1,067 टन रही।
हालांकि इसमें कहा गया है कि बैंक जौहरियों की उचित क्रियाशील पूंजी जरूरतों के लिए धन दे सकते हैं। टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने सोने के आयात में हाल ही में आई अच्छी खासी बढोतरी को देखते हुए यह कदम उठाया है। इसके चलते चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ रहा था।
वित्तवर्ष 2011-12 में भारत का सोने का आयात 60 अरब डॉलर मूल्य का रहा जबकि मात्रा 1,067 टन रही।
केंद्रीय बैंक ने सोने के आयात में हाल ही में आई अच्छी खासी बढोतरी को देखते हुए यह कदम उठाया है। इसके चलते चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ रहा था।
वित्तवर्ष 2011-12 में भारत का सोने का आयात 60 अरब डॉलर मूल्य का रहा जबकि मात्रा 1,067 टन रही।
वित्तवर्ष 2011-12 में भारत का सोने का आयात 60 अरब डॉलर मूल्य का रहा जबकि मात्रा 1,067 टन रही। | बैंक अब प्राइमरी गोल्ड, सर्राफा या आभूषण सहित किसी भी रूप में सोने को खरीदने के लिए ऋण नहीं देंगे। केंद्रीय बैंक ने यह कदम लोगों को किसी सटोरिया गतिविधि में शामिल होने से बचाने के लिए उठाया है। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Pati Patni Aur Woh Trailer: बॉलीवुड के जबरदस्त कलाकार कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan), भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) और अनन्या पांडे (Ananya Panday) की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'पति पत्नी और वो' का ट्रेलर रिलीज हो गया है, जिसने आते ही फिल्म को लेकर दर्शकों में एक्साइटमेंट बढ़ा दी है. फिल्म में जहां कार्तिक आर्यन 'चिंटू त्यागी' का किरदार निभा रहे हैं तो वहीं, अनन्या पांडे 'तपस्या' और भूमि पेडनेकर 'वेदिका त्रिपाठी' के रोल में नजर आ रही हैं. पति पत्नी और वो का ट्रेलर लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि देखते ही देखते 4 लाख से भी ज्यादा व्यूज और कमेंट्स आ गए हैं.
'पति पत्नी और वो' (Pati Patni Aur Woh) के ट्रेलर की शुरुआत 'चिंटू त्यागी' यानी कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) के परिचय से शुरू होती है, जो जॉब पाने के बाद भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) से शादी करते हैं. लेकिन ऑफिस में काम करते वक्त उनकी मुलाकात अनन्या पांडे (Ananya Panday) से होती है, जिसे देखते ही वह उन्हें अपना दिल दे बैठते हैं. वीडियो में चिंटू त्यागी का किरदार काफी उभर कर सामने आया है. वहीं, भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे भी अपने-अपनी भूमिका में खूब जमी हैं. मुख्य किरदारों से अलग बॉलीवुड एक्टर अपारशक्ति खुराना ने भी अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. ट्रेलर के रिलीज होने के बाद से ही फैंस अपारशक्ति खुराना की भी खूब तारीफ कर रहे हैं.
रोमांटिक-कॉमेडी ड्रामा पर आधारित 'पति पत्नी और वो' (Pati Patni Aur Woh) 1978 में आई पति पत्नी और वो का रिमेक है, जो कि 6 दिसंबर को रिलीज हो रही है. इस फिल्म में किरदार से अलग गाने भी बहुत धमाकेदार हैं, चाहे वह अखियों से गोली मारे हो या फिर धीमे-धीमे. मूवी को मुदस्सर अजीज के निर्देशन में तैयार किया गया है, जबकि इसके निर्माता भूषण कुमार और रेनू रवि चोपड़ा हैं. | यह एक सारांश है: 'पति पत्नी और वो' का धमाकेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
जबरदस्त अंदाज में नजर आए कार्तिक आर्यन
भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे ने भी जीता लोगों का दिल | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वानखेड़े स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के अंतर्गत बुधवार को खेले गए लीग मुकाबले में गत उपविजेता मुम्बई इंडियंस ने पुणे वॉरियर्स को सात विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही मुम्बई इंडियंस जीत की राह पर लौट आया है। मुम्बई ने इस प्रतियोगिता में अपनी तीसरी जीत दर्ज की। पुणे वॉरियर्स द्वारा जीत के लिए रखे गए 119 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुम्बई इंडियंस ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 124 रन बनाकर मैच जीत लिया। मुम्बई की ओर से अम्बाती रायडू ने नाबाद 37 रन बनाए जबकि कप्तान सचिन तेंदुलकर नाबाद 35 रनों की पारी खेली। 119 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुम्बई की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके सलामी बल्लेबाज जेम्स फ्रैंकलिन छह रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान तेंदुलकर ने रायडू के साथ मिलकर पारी को सम्भाला और दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़े। रोहित शर्मा (20) और एंड्रयू साइमंड्स (16) रन बनाकर नाबाद लौटे। रोहित ने 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के लगाए जबकि साइमंड़्स ने 15 गेंदों पर दो चौके लगाए। इन दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। वॉरियर्स की ओर से अल्फांसन थॉमस, श्रीकांत वाघ और राहुल शर्मा ने एक-एक विकेट चटकाए। इससे पहले, वॉरियर्स की पूरी टीम निर्धारित 17.2 ओवरों में 118 रन ही बना सकी जिसमें रोबिन उथप्पा के सर्वाधिक 45 रन शामिल हैं। उथप्पा ने पहले मोहनीश मिश्रा के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 35 रन जोड़े। इसके बाद उथप्पा ने मुरली कार्तिक के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने वाली पुणे वॉरियर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज जेसी राइडर 12 रन के निजी योग पर पवेलियन लौट गए। राइडर को मध्यम गति के गेंदबाज अबू नेचिम अहमद ने तेंदुलकर के हाथों कैच करवाया। इसके बाद विकेट लगातार गिरती रहीं। एक समय महज 17 रन पर अपने शीर्ष चार बल्लेबाजों को गंवा चुकी पुणे वॉरियर्स की टीम को मध्यक्रम में उथप्पा का सहारा मिला जिन्होंने दो संक्षिप्त लेकिन उपयोगी साझेदारियां कर टीम के कुल योग को सौ के करीब पहुंचाया। वॉरियर्स की ओर से राहुल, 13 रन, मोहनीश 12 रन, कार्तिक 11 और वायने पर्नेल ने नौ रन बनाए जबकि अपना पहला आईपीएल मैच खेल रहे टिम पेन और वाघ ने दो- दो रन बनाए। इसके अलावा मिथुन मन्हास और कप्तान युवराज सिंह बिना खाता खोले पवेलियन लौटे जबकि थॉमस बिना खाता खोले नाबाद लौटे। मुम्बई इंडियंस की ओर से मुनाफ पटेल ने सर्वाधिक तीन विकेट झटके जबकि अली मुर्तजा, लसिथ मलिंगा और अबू नेचिम अहमद ने दो-दो विकेट झटके वहीं एक विकेट फ्रैंकलिन के खाते में गया। | सारांश: मुनाफ की गेंदबाजी के बाद रायुडू और सचिन की पारियों की मदद से मुंबई इंडियन्स ने पुणे वारियर्स को सात विकेट से हरा दिया। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आईसीसी (ICC) ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि भारतीय टीम के पास जो विश्वकप ट्रॉफी है, वह सिर्फ प्रतिकृति है और दावा किया कि वह असली ट्रॉफी है। इससे पहले इस तरह की खबरों से विवाद हो गया था कि शनिवार को भारतीय टीम को जो ट्रॉफी दी गई, वह नकली थी। इस बात की पुष्टि बीसीसीआई (BCCI) के सचिव रत्नाकर शेट्टी ने भी की थी। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि महेंद्र सिंह धोनी और उनकी टीम को जो ट्रॉफी दी गई, वह नकली थी और असली ट्रॉफी शुल्क का भुगतान नहीं होने के कारण मुंबई में सीमाशुल्क विभाग (कस्टम विभाग) के पास पड़ी है। कई पूर्व क्रिकेटरों ने आईसीसी और बीसीसीआई की इस कथित लापरवाही पर नाराज़गी जताई थी। इन रिपोर्टों के बाद आईसीसी ने सोमवार सुबह यह बयान जारी किया कि भारतीय क्रिकेट टीम को जो ट्रॉफी दी गई, वह असली थी। आईसीसी ने कहा, "कुछ गलत और शरारती मीडिया रिपोर्टों के विपरीत आईसीसी पुष्टि करती है कि शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में भारत को जो ट्रॉफी दी गई, वह असली आईसीसी क्रिकेट विश्वकप 2011 ट्रॉफी थी और यह वही थी, जिसे हमेशा से प्रतियोगिता के विजेता को दिया जाना था।" उन्होंने कहा, "ऐसा कोई सवाल ही नहीं उठता कि यह प्रतिकृति है। भारत को दी गई ट्रॉफी में आईसीसी क्रिकेट विश्वकप 2011 का विशिष्ट लोगो भी है और यह वही ट्रॉफी है, जिसके लिए 14 टीमें खेल रही थीं।" आईसीसी ने कहा कि सीमाशुल्क विभाग के पास जो ट्रॉफी है, वह 'स्थायी ट्रॉफी' है, जिसका इस्तेमाल प्रचार के लिए होता है। संचालन संस्था ने कहा, "मुंबई सीमाशुल्क विभाग ने जिस ट्रॉफी को अपने पास रखा है, वह प्रचार के लिए इस्तेमाल होने वाली स्थायी ट्रॉफी है, जिसे आईसीसी दुबई में अपने मुख्यालय में रखती है।" उन्होंने कहा, "इसमें 2011 प्रतियोगिता के लिए बने विशिष्ट लोगो की जगह आईसीसी का कॉरपोरेट लोगो बना है। इस ट्रॉफी को सोमवार को दोबारा हासिल कर लिया जाएगा और यह आईसीसी स्टाफ के साथ वापस दुबई जाएगी।" सीमाशुल्क विभाग के सूत्रों ने भी स्वीकार किया कि उन्हें नहीं पता था कि उनके पास असली ट्रॉफी है या नहीं। सूत्रों के अनुसार, "हमें नहीं पता कि यह असली ट्रॉफी है या प्रतिकृति, लेकिन हम इसे 35 प्रतिशत सीमाशुल्क के भुगतान के बाद ही रिलीज़ करेंगे।" | यह एक सारांश है: हालांकि BCCI सचिव रत्नाकर शेट्टी ने पहले कहा था कि श्रीलंका से जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने जो ट्रॉफी उठाई थी, वह नकली थी। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तीन तलाक़ पर शुरू हुई बहस पर आज सरकार की ओर से सफ़ाई आई है. केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि लोग तीन तलाक़ को ख़त्म करना चाहते हैं. इस मुद्दे पर बहस होनी चाहिए, सवालनामा जारी करने के लिए लॉ कमीशन पर उठ रहे सवालों पर नायडू ने कहा कि लॉ कमीशन पर आपत्ति ग़लत है. महिलाओं को समान अधिकार दिलाना हमारा लक्ष्य है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए नायडू ने कहा कि कुछ लोग तीन तलाक़ और यूनीफॉर्म सिविल कोड के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं. इस मामले में प्रधानमंत्री का नाम घसीटना ग़लत है.
नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री को तानाशाह बताया जा रहा है और उन पर मुद्दे को भटकाने का आरोप लग रहा है लेकिन ऐसी उम्मीद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से नहीं थी. क्यों नहीं वह सिर्फ इस मुद्दे तक सीमित रखकर अपनी राय रख रहे हैं. सरकार भी चाहती है कि इस मामले पर देश भर में चर्चा और बहस हो. केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया कि बोर्ड इस पर राजनीतिक क्यों होता दिख रहा है. पीएम को मत घसीटिए, अपना तर्क रखिए, प्रजातंत्र में सबको अपनी राय रखने का हक़ है.टिप्पणियां
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वक्त आ गया है कि सभी धर्मों की महिलाओं को समान अधिकार दिए जाएं, बगैर यह सोचे कि वह कौन से धर्म से ताल्लुक रखती है. बता दें कि पिछले हफ्ते सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि तीन तलाक़ की प्रक्रिया को खत्म हो जाना चाहिए क्योंकि यह महिलाओं की मर्यादा और बराबरी के अधिकार का हनन करता है. वहीं अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि मुसलमानों को शादी, तलाक और उत्तराधिकार वाले मामलों में शरिया कानून के मुताबिक ही चलना चाहिए.
उधर सरकार को कानूनी सुधार की सलाह देने वाले विधि आयोग ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) को लेकर आम लोगों की राय मांगी है. इसका मतलब है कि सभी धर्म और समुदाय एक ही कानून के मुताबिक चलेंगे. दूसरे शब्दों में मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यक जैसे ईसाई और पारसी समुदाय अपने सिविल कोड को लागू रखने का अधिकार खो देंगे.
नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री को तानाशाह बताया जा रहा है और उन पर मुद्दे को भटकाने का आरोप लग रहा है लेकिन ऐसी उम्मीद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से नहीं थी. क्यों नहीं वह सिर्फ इस मुद्दे तक सीमित रखकर अपनी राय रख रहे हैं. सरकार भी चाहती है कि इस मामले पर देश भर में चर्चा और बहस हो. केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया कि बोर्ड इस पर राजनीतिक क्यों होता दिख रहा है. पीएम को मत घसीटिए, अपना तर्क रखिए, प्रजातंत्र में सबको अपनी राय रखने का हक़ है.टिप्पणियां
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वक्त आ गया है कि सभी धर्मों की महिलाओं को समान अधिकार दिए जाएं, बगैर यह सोचे कि वह कौन से धर्म से ताल्लुक रखती है. बता दें कि पिछले हफ्ते सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि तीन तलाक़ की प्रक्रिया को खत्म हो जाना चाहिए क्योंकि यह महिलाओं की मर्यादा और बराबरी के अधिकार का हनन करता है. वहीं अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि मुसलमानों को शादी, तलाक और उत्तराधिकार वाले मामलों में शरिया कानून के मुताबिक ही चलना चाहिए.
उधर सरकार को कानूनी सुधार की सलाह देने वाले विधि आयोग ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) को लेकर आम लोगों की राय मांगी है. इसका मतलब है कि सभी धर्म और समुदाय एक ही कानून के मुताबिक चलेंगे. दूसरे शब्दों में मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यक जैसे ईसाई और पारसी समुदाय अपने सिविल कोड को लागू रखने का अधिकार खो देंगे.
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वक्त आ गया है कि सभी धर्मों की महिलाओं को समान अधिकार दिए जाएं, बगैर यह सोचे कि वह कौन से धर्म से ताल्लुक रखती है. बता दें कि पिछले हफ्ते सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि तीन तलाक़ की प्रक्रिया को खत्म हो जाना चाहिए क्योंकि यह महिलाओं की मर्यादा और बराबरी के अधिकार का हनन करता है. वहीं अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि मुसलमानों को शादी, तलाक और उत्तराधिकार वाले मामलों में शरिया कानून के मुताबिक ही चलना चाहिए.
उधर सरकार को कानूनी सुधार की सलाह देने वाले विधि आयोग ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) को लेकर आम लोगों की राय मांगी है. इसका मतलब है कि सभी धर्म और समुदाय एक ही कानून के मुताबिक चलेंगे. दूसरे शब्दों में मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यक जैसे ईसाई और पारसी समुदाय अपने सिविल कोड को लागू रखने का अधिकार खो देंगे.
उधर सरकार को कानूनी सुधार की सलाह देने वाले विधि आयोग ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) को लेकर आम लोगों की राय मांगी है. इसका मतलब है कि सभी धर्म और समुदाय एक ही कानून के मुताबिक चलेंगे. दूसरे शब्दों में मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यक जैसे ईसाई और पारसी समुदाय अपने सिविल कोड को लागू रखने का अधिकार खो देंगे. | सारांश: तीन तलाक मामले में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने बयान दिया है
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कहा कि पीएम को मत घसीटें, अपने तर्क रखें
नायडू ने कहा है कि सरकार चाहती है इस मुद्दे पर बहस हो | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के प्रतिष्ठित बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने आधुनिक दौर की कमांडो फोर्स तैयार करने की योजना बनाई है, जो न सिर्फ अत्याधुनिक हथियारों और साज-सामान से लैस होगी, बल्कि आतंकवादी हमलों और विमान अपहरण जैसी घटनाओं से निपटने में काफी कारगर होगी। इन कमांडो फोर्स का नाम ब्लैक कैट होगा और अगले चार-पांच साल में लगभग 2000 कमांडो इसके तहत भर्ती किए जाएंगे। इनके पास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित खुफिया एवं भेदी उपकरण होंगे और दुनिया भर में कमांडो द्वारा इस्तेमाल होने वाले सर्वश्रेष्ठ हथियार और साज-सामान होंगे। मानेसर में एनएसजी के 27वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर इसके महानिदेशक आरके मेढेकर ने संवाददाताओं से कहा कि एनएसजी अब काफी तेजी से तरक्की करने जा रही है। हमने आधुनिक कमांडो दस्ता तैयार करने की योजना बनाई है। पांच साल की योजना तैयार की जा रही है। आधुनिक ब्लैक कैट कमांडो स्वतंत्र होकर अपना काम कर सकेंगे। उन्होंने कहा, काम के समय कमांडो को एकदम स्वतंत्र होना चाहिए। उसका हथियार, शरीर पर पहने जाने वाले अन्य सुरक्षा उपकरण, खाना-पानी, शरीर पर पहना जा सकने वाला कंप्यूटर आदि उसके साथ होना चाहिए। इस संबंध में कुछ परीक्षण चल रहे हैं और उम्मीद है कि नए दौर के इन कमांडो का पहला बैच 2015-16 तक तैयार हो जाएगा। मेढेकर ने कहा कि परीक्षण और प्रशिक्षण पूरा होने पर मॉडर्न कमांडो की दो बटालियनें तैयार की जाएंगी और ये कमांडो थल, जल और हवा में किसी भी तरह के आतंकवादी हमले या विमान अपहरण जैसी घटनाओं से निपटने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि ये कमांडो विश्वस्तर की कमांडो फोर्स की तर्ज पर तैयार किए जाएंगे, क्योंकि बढ़ रही आतंकी घटनाओं के मद्देनजर ऐसे विशिष्ट कमांडो होना आवश्यक है। | संक्षिप्त सारांश: इनके पास डीआरडीओ द्वारा विकसित खुफिया एवं भेदी उपकरण होंगे और दुनिया भर में कमांडो द्वारा इस्तेमाल होने वाले सर्वश्रेष्ठ हथियार और साज-सामान होंगे। | 0 | ['hin'] |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.