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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने नौकरशाहों पर टिप्पणी करते हुए उन्हे पिंजरे में बंद पक्षी कहा है.
भारती ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य और आजीविका सुरक्षा के लिए जल और भूमि प्रबंधन विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रथम एशियन सम्मेलन का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने नौकरशाहों के कामकाज के तरीकों पर टिप्पणी की.
उन्होंने रायपुर में भूमि जल बोर्ड के कार्यालय को लेकर कहा, 'बहुत दिनों से जमीन पड़ी थी और पैसा लैप्स हो रहा था. अब चक्कर क्या होता है ब्यूरोक्रेट्स के साथ.. वह बेचारे पिंजरे में बंद चिड़िया होते हैं. और उससे बाहर नहीं निकलते. अच्छा उनको बाहर निकालों तो ऐसे आएंगे धीरे-धीरे. उनसे कोई चीज कैंसिल करवाई जा सकती है, लेकिन पहल नहीं करवाई जा सकती, क्योंकि रद्द करवाना बहुत आसान होता है, पाबंदी आसान होती है, किन्तु सृजन बहुत कठिन होता है'.टिप्पणियां
उमा ने कहा, 'इसके लिए 56 इंच का सीना चाहिए. ग्राउंड वाटर बोर्ड का आफिस यहां खुलना था. वह नहीं खुल पा रहा था. फैसला होता था कहीं और है ग्राउंड बोर्ड का आफिस इसलिए यहां नहीं हो सकता है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारती ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य और आजीविका सुरक्षा के लिए जल और भूमि प्रबंधन विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रथम एशियन सम्मेलन का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने नौकरशाहों के कामकाज के तरीकों पर टिप्पणी की.
उन्होंने रायपुर में भूमि जल बोर्ड के कार्यालय को लेकर कहा, 'बहुत दिनों से जमीन पड़ी थी और पैसा लैप्स हो रहा था. अब चक्कर क्या होता है ब्यूरोक्रेट्स के साथ.. वह बेचारे पिंजरे में बंद चिड़िया होते हैं. और उससे बाहर नहीं निकलते. अच्छा उनको बाहर निकालों तो ऐसे आएंगे धीरे-धीरे. उनसे कोई चीज कैंसिल करवाई जा सकती है, लेकिन पहल नहीं करवाई जा सकती, क्योंकि रद्द करवाना बहुत आसान होता है, पाबंदी आसान होती है, किन्तु सृजन बहुत कठिन होता है'.टिप्पणियां
उमा ने कहा, 'इसके लिए 56 इंच का सीना चाहिए. ग्राउंड वाटर बोर्ड का आफिस यहां खुलना था. वह नहीं खुल पा रहा था. फैसला होता था कहीं और है ग्राउंड बोर्ड का आफिस इसलिए यहां नहीं हो सकता है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने रायपुर में भूमि जल बोर्ड के कार्यालय को लेकर कहा, 'बहुत दिनों से जमीन पड़ी थी और पैसा लैप्स हो रहा था. अब चक्कर क्या होता है ब्यूरोक्रेट्स के साथ.. वह बेचारे पिंजरे में बंद चिड़िया होते हैं. और उससे बाहर नहीं निकलते. अच्छा उनको बाहर निकालों तो ऐसे आएंगे धीरे-धीरे. उनसे कोई चीज कैंसिल करवाई जा सकती है, लेकिन पहल नहीं करवाई जा सकती, क्योंकि रद्द करवाना बहुत आसान होता है, पाबंदी आसान होती है, किन्तु सृजन बहुत कठिन होता है'.टिप्पणियां
उमा ने कहा, 'इसके लिए 56 इंच का सीना चाहिए. ग्राउंड वाटर बोर्ड का आफिस यहां खुलना था. वह नहीं खुल पा रहा था. फैसला होता था कहीं और है ग्राउंड बोर्ड का आफिस इसलिए यहां नहीं हो सकता है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उमा ने कहा, 'इसके लिए 56 इंच का सीना चाहिए. ग्राउंड वाटर बोर्ड का आफिस यहां खुलना था. वह नहीं खुल पा रहा था. फैसला होता था कहीं और है ग्राउंड बोर्ड का आफिस इसलिए यहां नहीं हो सकता है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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सारांश: उमा भारती ने नौकरशाहों के कामकाज के तरीकों पर टिप्पणी की.
पाबंदी आसान होती है, किन्तु सृजन बहुत कठिन होता है- केंद्रीय मंत्री
उमा ने कहा, इसके लिए 56 इंच का सीना चाहिए.
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को दिल्ली की उत्तर पूर्व संसदीय सीट से पार्टी प्रत्याशी शीला दीक्षित के समर्थन में एक रोड शो किया, जिसे देखने लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. प्रियंका ने लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उनका जन्म दिल्ली में हुआ है और दावा किया कि वह यहां के लोगों की आकांक्षाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहतर जानती हैं जो यहां केवल पांच वर्षों से हैं. शीला दीक्षित के समर्थन में राष्ट्रीय राजधानी में पहला रोड शो करते हुए प्रियंका गांधी ने मोदी को चुनौती दी कि वह जीएसटी, नोटबंदी और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ें.
गांधी और दीक्षित ने यह रोड शो अल्पसंख्यक बहुल इलाके सीलमपुर से एक मिनीबस की छत पर सवार होकर शुरू किया. उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपका अपमान नहीं कर सकती. हम भाजपा की तरह अभिमानी नहीं हैं. आपको पता है कि आज हम जो भी हैं वह आपकी वजह से हैं.'' प्रियंका ने कहा, ‘‘मोदी जी दिल्ली में पांच वर्षों से हैं. मेरा जन्म महानगर में हुआ था. हमने हर गलियां देखी हैं. मैं आपको (मोदी) बताऊंगी कि दिल्ली के लोग क्या सोचते हैं. वे आपकी बकवास से थक चुके हैं. आप रेस कोर्स रोड आवास तक सीमित रहे.''
सात रेस कोर्स रोड प्रधानमंत्री का सरकारी आवास है. इसका का नाम 2016 में बदलकर लोक कल्याण मार्ग में कर दिया गया था. जीएसटी मुद्दे को उठाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि नयी कर व्यवस्था ने व्यवसायियों की कमर तोड़ दी. लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें नौकरियां मिलीं तो जवाब नहीं में मिला. उन्होंने लोगों से पूछा, ‘‘वह (मोदी) सैनिकों, युवकों और महिलाओं की रक्षा नहीं कर सके लेकिन उन्हें कौन जिम्मेदार ठहराएगा और कौन उनसे जवाब मांगेगा.''
इस पर भीड़ ने जवाब दिया, ‘‘हम मांगेंगे.'' उन्होंने हाथ लहरा कर लोगों का अभिनंदन स्वीकार किया. इस दौरान कार्यकर्ता ‘‘देश में आंधी प्रियंका गांधी'', ‘‘प्रियंका नहीं ये आंधी है, दूसरी इंदिरा गांधी है'' के नारे लगा रहे थे. रोड शो के लिए कांग्रेस के बैनरों से सड़क को पाट दिया गया. प्रियंका गांधी की एक झलक पाने के बेताब उत्साही भीड़ में शामिल लोग एक दूसरे को पीछे धकेल रहे थे. उनकी मिनीबस पर कुछ लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं.
सीलमपुर के निवासी जुबैर अहमद ने कहा, ‘‘सफ़ाई यहां प्रमुख मुद्दा है. मनोज तिवारी (भाजपा के मौजूदा सांसद जिन्हें यहां से दोबारा टिकट मिला है) को यहां कभी नहीं देखा गया. अरविंद केजरीवाल (मुख्यमंत्री) सरकार नहीं चला सकते.'' प्रियंका ने दक्षिण दिल्ली सीट से पार्टी उम्मीदवार विजेन्द्र सिंह के समर्थन में दूसरा रोड शो किया. घंटे भर तक चला रोड शो विराट सिनेमा से शुरू हुआ और टिगरी मोड़ पर समाप्त हुआ.
इस दौरान भीड़ ने ‘‘बॉक्सर भाई जिंदाबाद, प्रियंका गांधी जिंदाबाद'' के नारे लगाए. दिल्ली की पूर्व निगम पार्षद ओमवती (54) ने कहा, ‘‘जब मैं उन्हें देखती हूं, तो इंदिरा गांधी की याद आती है. राजनीति में उनके आने से कांग्रेस में नई ऊर्जा आई है. हमारी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी.''
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रियंका गांधी ने दिल्ली में की रैली
पीएम मोदी पर यूं कसा तंज
साथ में थीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर फरवरी में बढ़कर 6.84 फीसदी दर्ज की गई, जो जनवरी में 6.62 फीसदी थी। ईंधन, खाद्य और सब्जियों की कीमतें बढ़ने का महंगाई दर में वृद्धि में सर्वाधिक योगदान रहा।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य महीने में साल दर साल आधार पर प्याज की कीमत 154.33 फीसदी, आलू की कीमत लगभग दो गुना और मोटे तौर पर सभी सब्जियों की कीमत 12.11 फीसदी बढ़ी।
अनाजों और ईंधन मूल्य में भी काफी वृद्धि हुई। पिछले साल फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित यह दर 7.56 फीसदी थी।
दिसम्बर के लिए इस दर को 7.18 फीसदी से संशोधित कर 7.31 फीसदी कर दिया गया है।
मौजूदा कारोबारी साल में अब तक की औसत महंगाई दर 5.71 फीसदी दर्ज की गई, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में 6.56 फीसदी थी।
अनाज 19.19 फीसदी महंगा हुआ। चावल 18.84 फीसदी, गेहूं 21.63 फीसदी और दाल 14.96 फीसदी महंगा हुआ।
ईंधन और बिजली 10.47 फीसदी महंगा हुआ। रसोई गैस 26.21 फीसदी और डीजल 19.19 फीसदी महंगा हुआ।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग के अर्थशास्त्री भुपाली गुरसाले ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र में हालांकि महंगाई दर में गिरावट जारी रही और प्रमुख उद्योगों में यह दर 3.8 फीसदी रही।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य महीने में साल दर साल आधार पर प्याज की कीमत 154.33 फीसदी, आलू की कीमत लगभग दो गुना और मोटे तौर पर सभी सब्जियों की कीमत 12.11 फीसदी बढ़ी।
अनाजों और ईंधन मूल्य में भी काफी वृद्धि हुई। पिछले साल फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित यह दर 7.56 फीसदी थी।
दिसम्बर के लिए इस दर को 7.18 फीसदी से संशोधित कर 7.31 फीसदी कर दिया गया है।
मौजूदा कारोबारी साल में अब तक की औसत महंगाई दर 5.71 फीसदी दर्ज की गई, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में 6.56 फीसदी थी।
अनाज 19.19 फीसदी महंगा हुआ। चावल 18.84 फीसदी, गेहूं 21.63 फीसदी और दाल 14.96 फीसदी महंगा हुआ।
ईंधन और बिजली 10.47 फीसदी महंगा हुआ। रसोई गैस 26.21 फीसदी और डीजल 19.19 फीसदी महंगा हुआ।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग के अर्थशास्त्री भुपाली गुरसाले ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र में हालांकि महंगाई दर में गिरावट जारी रही और प्रमुख उद्योगों में यह दर 3.8 फीसदी रही।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
अनाजों और ईंधन मूल्य में भी काफी वृद्धि हुई। पिछले साल फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित यह दर 7.56 फीसदी थी।
दिसम्बर के लिए इस दर को 7.18 फीसदी से संशोधित कर 7.31 फीसदी कर दिया गया है।
मौजूदा कारोबारी साल में अब तक की औसत महंगाई दर 5.71 फीसदी दर्ज की गई, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में 6.56 फीसदी थी।
अनाज 19.19 फीसदी महंगा हुआ। चावल 18.84 फीसदी, गेहूं 21.63 फीसदी और दाल 14.96 फीसदी महंगा हुआ।
ईंधन और बिजली 10.47 फीसदी महंगा हुआ। रसोई गैस 26.21 फीसदी और डीजल 19.19 फीसदी महंगा हुआ।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग के अर्थशास्त्री भुपाली गुरसाले ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र में हालांकि महंगाई दर में गिरावट जारी रही और प्रमुख उद्योगों में यह दर 3.8 फीसदी रही।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
दिसम्बर के लिए इस दर को 7.18 फीसदी से संशोधित कर 7.31 फीसदी कर दिया गया है।
मौजूदा कारोबारी साल में अब तक की औसत महंगाई दर 5.71 फीसदी दर्ज की गई, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में 6.56 फीसदी थी।
अनाज 19.19 फीसदी महंगा हुआ। चावल 18.84 फीसदी, गेहूं 21.63 फीसदी और दाल 14.96 फीसदी महंगा हुआ।
ईंधन और बिजली 10.47 फीसदी महंगा हुआ। रसोई गैस 26.21 फीसदी और डीजल 19.19 फीसदी महंगा हुआ।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग के अर्थशास्त्री भुपाली गुरसाले ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र में हालांकि महंगाई दर में गिरावट जारी रही और प्रमुख उद्योगों में यह दर 3.8 फीसदी रही।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
मौजूदा कारोबारी साल में अब तक की औसत महंगाई दर 5.71 फीसदी दर्ज की गई, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में 6.56 फीसदी थी।
अनाज 19.19 फीसदी महंगा हुआ। चावल 18.84 फीसदी, गेहूं 21.63 फीसदी और दाल 14.96 फीसदी महंगा हुआ।
ईंधन और बिजली 10.47 फीसदी महंगा हुआ। रसोई गैस 26.21 फीसदी और डीजल 19.19 फीसदी महंगा हुआ।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग के अर्थशास्त्री भुपाली गुरसाले ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र में हालांकि महंगाई दर में गिरावट जारी रही और प्रमुख उद्योगों में यह दर 3.8 फीसदी रही।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
अनाज 19.19 फीसदी महंगा हुआ। चावल 18.84 फीसदी, गेहूं 21.63 फीसदी और दाल 14.96 फीसदी महंगा हुआ।
ईंधन और बिजली 10.47 फीसदी महंगा हुआ। रसोई गैस 26.21 फीसदी और डीजल 19.19 फीसदी महंगा हुआ।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग के अर्थशास्त्री भुपाली गुरसाले ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र में हालांकि महंगाई दर में गिरावट जारी रही और प्रमुख उद्योगों में यह दर 3.8 फीसदी रही।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
ईंधन और बिजली 10.47 फीसदी महंगा हुआ। रसोई गैस 26.21 फीसदी और डीजल 19.19 फीसदी महंगा हुआ।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग के अर्थशास्त्री भुपाली गुरसाले ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र में हालांकि महंगाई दर में गिरावट जारी रही और प्रमुख उद्योगों में यह दर 3.8 फीसदी रही।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
एंजल ब्रोकिंग के अर्थशास्त्री भुपाली गुरसाले ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र में हालांकि महंगाई दर में गिरावट जारी रही और प्रमुख उद्योगों में यह दर 3.8 फीसदी रही।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
उन्होंने कहा, "इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती करने का फैसला कर सकता है, क्योंकि मौद्रिक नीति का झुकाव अब विकास की ओर है।"
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश की थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर फरवरी में बढ़कर 6.84 फीसदी दर्ज की गई, जो जनवरी में 6.62 फीसदी थी। ईंधन, खाद्य और सब्जियों की कीमतें बढ़ने का महंगाई दर में वृद्धि में सर्वाधिक योगदान रहा।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: कई सालों के बाद टीम इंडिया के पूर्व कप्तान नरी कॉन्ट्रेक्टर चर्चा में हैं. चर्चा का वजह है तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता का इस क्रिकेटर के खेल का मुरीद होना. हाल ही में तमिलनाडु की लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयललिता का निधन हो गया .कई सालों पहले एक इंटरव्यू में जयललिता ने बताया था कि उनके पसंदीदा क्रिकेटर नरी कॉन्ट्रेक्टर थे और जब वे स्कूल में पढ़ रही थीं तो कॉन्ट्रेक्टर के मैच देखने के लिए स्टेडियम जाती थीं. दिलचस्प बात यह है कि कॉन्ट्रेक्टर ने भारत में अपना आखिरी टेस्ट मैच मद्रास (अब चेन्नई) में खेला था और यह मैच इंग्लैंड के खिलाफ था. इस मैच को देखने के लिए जयललिता स्टेडियम में मौजूद थीं या नहीं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है.
भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच 1932 में खेला गया और इस मैच को इंग्लैंड ने 158 रन से जीत लिया था. शुरुआती दौर में इंग्लैंड के खिलाफ भारत का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं था और टीम को सिर्फ हार का सामना करना पड़ता था. 1932 से लेकर 1959 के बीच दोनों टीमों के बीच सात टेस्ट सीरीज खेली गईं, जिसमें छह सीरीज इंग्लैंड ने अपने नाम कीं जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही थी. फिर 1961-62 में इंग्लैंड टीम पांच टेस्ट मैच खेलने के लिए भारत आई. पहला टेस्ट मैच 11 नवंबर को बंबई (अब मुम्बई) में खेला गया था जो ड्रॉ रहा. कानपुर और दिल्ली में खेले गए दूसरे और तीसरे टेस्ट मैच भी ड्रॉ रहे. इस सीरीज का चौथा मैच कलकत्ता (अब कोलकाता) के ईडन गार्डन्स पर खेला गया था. इसे भारत ने 187 रन से जीता था। मैच में भारत के तरफ से सलीम दुर्रानी शानदार गेंदबाजी करते हुए आठ विकेट लेने में कामयाब हुए थे और जीत के नायक रहे थे. टिप्पणियां
दोनों टीमों के बीच आखिरी टेस्ट मैच 10 जनवरी 1962 को मद्रास में प्रारंभ हुआ था. इंग्लैंड टीम काफी दवाब में थी. टॉस जीतने के बाद टीम इंडिया के कप्तान नरी कॉन्ट्रेक्टर ने बल्लेबाजी का निर्णय लिया. पहले बैटिंग करते हुए भारत ने अपनीपहली पारी में 428 रन बनाए थे. भारत के ओर से सलामी बल्लेबाज के रूप में कप्तान कॉन्ट्रेक्टर ने 86 रन का पारी खेली जबकि मंसूर अली खान पटौदी ने 103 रन बनाए. पटौदी का टेस्ट करियर का यह तीसरा मैच था. भारत के स्पिनर सलीम दुर्रानी की शानदार गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज टिक नहीं पाए और इंग्लैंड पहली पारी में सिर्फ 281 रन ही बना पाया था. दुर्रानी इंग्लैंड की पहली पारी के छह विकेट लेने में सफल रहे थे.
भारत दूसरी पारी में सिर्फ 190 रन पर आउट हो गया था. इस तरह इंग्लैंड के सामने 337 रन की लक्ष्य था लेकिनपूरी टीम सिर्फ 209 रन पर सिमट गई. कॉन्ट्रेक्टर की कप्तानी में भारत ने इस मैच को 127 रन से जीतकर 32 सालों के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जीतने का गौरव हासिल किया था. दुर्रानी ने इंग्लैंड की दूसरी पारी के चार बल्लेबाज़ों को पैवेलियन लौटाया था. इस मैच में कुल मिलाकर उन्हें 10 विकेट मिले थे. मद्रास भारत के लिए शुभ साबित हुआ. इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच भी भारत ने मद्रास में ही जीता था. एक दिलचस्प बात यह भी है कि चेन्नई के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ नरी कॉन्ट्रेक्टर का यह पहला और आखिरी अंतराष्ट्रीय मैच था.
भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच 1932 में खेला गया और इस मैच को इंग्लैंड ने 158 रन से जीत लिया था. शुरुआती दौर में इंग्लैंड के खिलाफ भारत का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं था और टीम को सिर्फ हार का सामना करना पड़ता था. 1932 से लेकर 1959 के बीच दोनों टीमों के बीच सात टेस्ट सीरीज खेली गईं, जिसमें छह सीरीज इंग्लैंड ने अपने नाम कीं जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही थी. फिर 1961-62 में इंग्लैंड टीम पांच टेस्ट मैच खेलने के लिए भारत आई. पहला टेस्ट मैच 11 नवंबर को बंबई (अब मुम्बई) में खेला गया था जो ड्रॉ रहा. कानपुर और दिल्ली में खेले गए दूसरे और तीसरे टेस्ट मैच भी ड्रॉ रहे. इस सीरीज का चौथा मैच कलकत्ता (अब कोलकाता) के ईडन गार्डन्स पर खेला गया था. इसे भारत ने 187 रन से जीता था। मैच में भारत के तरफ से सलीम दुर्रानी शानदार गेंदबाजी करते हुए आठ विकेट लेने में कामयाब हुए थे और जीत के नायक रहे थे. टिप्पणियां
दोनों टीमों के बीच आखिरी टेस्ट मैच 10 जनवरी 1962 को मद्रास में प्रारंभ हुआ था. इंग्लैंड टीम काफी दवाब में थी. टॉस जीतने के बाद टीम इंडिया के कप्तान नरी कॉन्ट्रेक्टर ने बल्लेबाजी का निर्णय लिया. पहले बैटिंग करते हुए भारत ने अपनीपहली पारी में 428 रन बनाए थे. भारत के ओर से सलामी बल्लेबाज के रूप में कप्तान कॉन्ट्रेक्टर ने 86 रन का पारी खेली जबकि मंसूर अली खान पटौदी ने 103 रन बनाए. पटौदी का टेस्ट करियर का यह तीसरा मैच था. भारत के स्पिनर सलीम दुर्रानी की शानदार गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज टिक नहीं पाए और इंग्लैंड पहली पारी में सिर्फ 281 रन ही बना पाया था. दुर्रानी इंग्लैंड की पहली पारी के छह विकेट लेने में सफल रहे थे.
भारत दूसरी पारी में सिर्फ 190 रन पर आउट हो गया था. इस तरह इंग्लैंड के सामने 337 रन की लक्ष्य था लेकिनपूरी टीम सिर्फ 209 रन पर सिमट गई. कॉन्ट्रेक्टर की कप्तानी में भारत ने इस मैच को 127 रन से जीतकर 32 सालों के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जीतने का गौरव हासिल किया था. दुर्रानी ने इंग्लैंड की दूसरी पारी के चार बल्लेबाज़ों को पैवेलियन लौटाया था. इस मैच में कुल मिलाकर उन्हें 10 विकेट मिले थे. मद्रास भारत के लिए शुभ साबित हुआ. इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच भी भारत ने मद्रास में ही जीता था. एक दिलचस्प बात यह भी है कि चेन्नई के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ नरी कॉन्ट्रेक्टर का यह पहला और आखिरी अंतराष्ट्रीय मैच था.
दोनों टीमों के बीच आखिरी टेस्ट मैच 10 जनवरी 1962 को मद्रास में प्रारंभ हुआ था. इंग्लैंड टीम काफी दवाब में थी. टॉस जीतने के बाद टीम इंडिया के कप्तान नरी कॉन्ट्रेक्टर ने बल्लेबाजी का निर्णय लिया. पहले बैटिंग करते हुए भारत ने अपनीपहली पारी में 428 रन बनाए थे. भारत के ओर से सलामी बल्लेबाज के रूप में कप्तान कॉन्ट्रेक्टर ने 86 रन का पारी खेली जबकि मंसूर अली खान पटौदी ने 103 रन बनाए. पटौदी का टेस्ट करियर का यह तीसरा मैच था. भारत के स्पिनर सलीम दुर्रानी की शानदार गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज टिक नहीं पाए और इंग्लैंड पहली पारी में सिर्फ 281 रन ही बना पाया था. दुर्रानी इंग्लैंड की पहली पारी के छह विकेट लेने में सफल रहे थे.
भारत दूसरी पारी में सिर्फ 190 रन पर आउट हो गया था. इस तरह इंग्लैंड के सामने 337 रन की लक्ष्य था लेकिनपूरी टीम सिर्फ 209 रन पर सिमट गई. कॉन्ट्रेक्टर की कप्तानी में भारत ने इस मैच को 127 रन से जीतकर 32 सालों के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जीतने का गौरव हासिल किया था. दुर्रानी ने इंग्लैंड की दूसरी पारी के चार बल्लेबाज़ों को पैवेलियन लौटाया था. इस मैच में कुल मिलाकर उन्हें 10 विकेट मिले थे. मद्रास भारत के लिए शुभ साबित हुआ. इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच भी भारत ने मद्रास में ही जीता था. एक दिलचस्प बात यह भी है कि चेन्नई के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ नरी कॉन्ट्रेक्टर का यह पहला और आखिरी अंतराष्ट्रीय मैच था.
भारत दूसरी पारी में सिर्फ 190 रन पर आउट हो गया था. इस तरह इंग्लैंड के सामने 337 रन की लक्ष्य था लेकिनपूरी टीम सिर्फ 209 रन पर सिमट गई. कॉन्ट्रेक्टर की कप्तानी में भारत ने इस मैच को 127 रन से जीतकर 32 सालों के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जीतने का गौरव हासिल किया था. दुर्रानी ने इंग्लैंड की दूसरी पारी के चार बल्लेबाज़ों को पैवेलियन लौटाया था. इस मैच में कुल मिलाकर उन्हें 10 विकेट मिले थे. मद्रास भारत के लिए शुभ साबित हुआ. इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच भी भारत ने मद्रास में ही जीता था. एक दिलचस्प बात यह भी है कि चेन्नई के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ नरी कॉन्ट्रेक्टर का यह पहला और आखिरी अंतराष्ट्रीय मैच था.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कॉन्ट्रेक्टर ने भारत में अपना आखिरी टेस्ट यहीं खेला था
कप्तान कॉन्ट्रेक्टर ने इस मैच में 86 रन का पारी खेली
सीरीज के तहत कोलकाता में भी भारत ने दर्ज की थी जीत
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: संसदीय चुनावों के अंतिम चरण के मतदान में आए रुझानों में राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के कंजरवेटिव प्रतिद्वंदी कई चुनावी क्षेत्रों में आगे चल रहे हैं। इन चुनावों में ईरान का विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम एक मुख्य मुद्दा है। 'मेहर' समाचार एजेंसी का कहना है कि राष्ट्रपति के प्रतिद्वंद्वी दूसरे चरण के चुनावों में दांव पर लगी 65 सीटों पर बहुमत लेकर जीतते हुए दिख रहे हैं। आधिकारिक नतीजे शनिवार को आ सकते हैं।
अहमदीनेजाद के कंजरवेटिव प्रतिद्वंदी मार्च में हुए पहले चरण के मतदान के जरिए 290 सदस्यीय विधानसभा में पहले ही बहुमत हासिल कर चुके हैं। अंतिम चरण का चुनाव तो बस उनकी इस जीत को पक्का करने का का एक जरिया मात्र माना जा रहा है।टिप्पणियां
'मेहर' एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार को तेहरान के 10 लाख मतदाताओं समेत कुल 50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने मतदान किया। कई मतदान स्थलों से आए नतीजों के मुताबिक तेहरान में अहमदीनेजाद के समर्थक और प्रतिद्वंदियों में बराबरी की टक्कर है।
इन नतीजों से लगता है कि 2013 में खत्म होने वाले अपने दूसरे कार्यकाल के बचे हुए समय में अहमदीनेजाद को संसद में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
अहमदीनेजाद को उनके इस दूसरे कार्यकाल के लिए 2009 में चुना गया था, लेकिन अप्रैल, 2011 में प्रमुख राजनेता अयातुल्ला अली खमैनी का विरोध करने और राष्ट्रपति कार्यालय का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास के बाद अहमदीनेजाद के राजनीतिक कद में काफी गिरावट आई। अपनी पत्नी आजम फराही के साथ वोट डालने के बाद अहमदीनेजाद संवाददाताओं को कोई प्रतिक्रिया दिए बिना ही निकल गए।
अहमदीनेजाद के कंजरवेटिव प्रतिद्वंदी मार्च में हुए पहले चरण के मतदान के जरिए 290 सदस्यीय विधानसभा में पहले ही बहुमत हासिल कर चुके हैं। अंतिम चरण का चुनाव तो बस उनकी इस जीत को पक्का करने का का एक जरिया मात्र माना जा रहा है।टिप्पणियां
'मेहर' एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार को तेहरान के 10 लाख मतदाताओं समेत कुल 50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने मतदान किया। कई मतदान स्थलों से आए नतीजों के मुताबिक तेहरान में अहमदीनेजाद के समर्थक और प्रतिद्वंदियों में बराबरी की टक्कर है।
इन नतीजों से लगता है कि 2013 में खत्म होने वाले अपने दूसरे कार्यकाल के बचे हुए समय में अहमदीनेजाद को संसद में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
अहमदीनेजाद को उनके इस दूसरे कार्यकाल के लिए 2009 में चुना गया था, लेकिन अप्रैल, 2011 में प्रमुख राजनेता अयातुल्ला अली खमैनी का विरोध करने और राष्ट्रपति कार्यालय का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास के बाद अहमदीनेजाद के राजनीतिक कद में काफी गिरावट आई। अपनी पत्नी आजम फराही के साथ वोट डालने के बाद अहमदीनेजाद संवाददाताओं को कोई प्रतिक्रिया दिए बिना ही निकल गए।
'मेहर' एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार को तेहरान के 10 लाख मतदाताओं समेत कुल 50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने मतदान किया। कई मतदान स्थलों से आए नतीजों के मुताबिक तेहरान में अहमदीनेजाद के समर्थक और प्रतिद्वंदियों में बराबरी की टक्कर है।
इन नतीजों से लगता है कि 2013 में खत्म होने वाले अपने दूसरे कार्यकाल के बचे हुए समय में अहमदीनेजाद को संसद में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
अहमदीनेजाद को उनके इस दूसरे कार्यकाल के लिए 2009 में चुना गया था, लेकिन अप्रैल, 2011 में प्रमुख राजनेता अयातुल्ला अली खमैनी का विरोध करने और राष्ट्रपति कार्यालय का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास के बाद अहमदीनेजाद के राजनीतिक कद में काफी गिरावट आई। अपनी पत्नी आजम फराही के साथ वोट डालने के बाद अहमदीनेजाद संवाददाताओं को कोई प्रतिक्रिया दिए बिना ही निकल गए।
अहमदीनेजाद को उनके इस दूसरे कार्यकाल के लिए 2009 में चुना गया था, लेकिन अप्रैल, 2011 में प्रमुख राजनेता अयातुल्ला अली खमैनी का विरोध करने और राष्ट्रपति कार्यालय का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास के बाद अहमदीनेजाद के राजनीतिक कद में काफी गिरावट आई। अपनी पत्नी आजम फराही के साथ वोट डालने के बाद अहमदीनेजाद संवाददाताओं को कोई प्रतिक्रिया दिए बिना ही निकल गए।
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यहाँ एक सारांश है:संसदीय चुनावों के अंतिम चरण के मतदान में आए रुझानों में राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के कंजरवेटिव प्रतिद्वंदी कई चुनावी क्षेत्रों में आगे चल रहे हैं।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली सरकार बनाम केंद्र के अधिकार का मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आज दिल्ली सरकार ने शुंगलू समिति की रिपोर्ट को लागू किए जाने से रोकने की मांग की.
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एलजी की बनाई शुंगलू कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है. जब तक सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करे, तब तक इस कमेटी की रिपोर्ट पर कोई कदम नहीं उठाया जाए.
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि अभी रिपोर्ट आई है. इस रिपोर्ट में क्या है, अभी नहीं पता लेकिन ये सिर्फ मामलों की व्याख्या की रिपोर्ट है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सारे मामलों की सुनवाई 5 दिसंबर को की जाएगी. दिल्ली सरकार और केंद्र के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार की अर्जी पर सुनवाई कर रहा है.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने इस मामले 6 याचिकाएं दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. दिल्ली सरकार ने कहा है कि इस फैसले के बाद हालात आसाधारण हो गए हैं.
दिल्ली सरकार के अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह एलजी को रिपोर्ट करना है और वो यही कर रहे हैं.
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एलजी की बनाई शुंगलू कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है. जब तक सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करे, तब तक इस कमेटी की रिपोर्ट पर कोई कदम नहीं उठाया जाए.
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि अभी रिपोर्ट आई है. इस रिपोर्ट में क्या है, अभी नहीं पता लेकिन ये सिर्फ मामलों की व्याख्या की रिपोर्ट है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सारे मामलों की सुनवाई 5 दिसंबर को की जाएगी. दिल्ली सरकार और केंद्र के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार की अर्जी पर सुनवाई कर रहा है.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने इस मामले 6 याचिकाएं दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. दिल्ली सरकार ने कहा है कि इस फैसले के बाद हालात आसाधारण हो गए हैं.
दिल्ली सरकार के अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह एलजी को रिपोर्ट करना है और वो यही कर रहे हैं.
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि अभी रिपोर्ट आई है. इस रिपोर्ट में क्या है, अभी नहीं पता लेकिन ये सिर्फ मामलों की व्याख्या की रिपोर्ट है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सारे मामलों की सुनवाई 5 दिसंबर को की जाएगी. दिल्ली सरकार और केंद्र के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार की अर्जी पर सुनवाई कर रहा है.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने इस मामले 6 याचिकाएं दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. दिल्ली सरकार ने कहा है कि इस फैसले के बाद हालात आसाधारण हो गए हैं.
दिल्ली सरकार के अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह एलजी को रिपोर्ट करना है और वो यही कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सारे मामलों की सुनवाई 5 दिसंबर को की जाएगी. दिल्ली सरकार और केंद्र के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार की अर्जी पर सुनवाई कर रहा है.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने इस मामले 6 याचिकाएं दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. दिल्ली सरकार ने कहा है कि इस फैसले के बाद हालात आसाधारण हो गए हैं.
दिल्ली सरकार के अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह एलजी को रिपोर्ट करना है और वो यही कर रहे हैं.
दिल्ली सरकार ने इस मामले 6 याचिकाएं दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. दिल्ली सरकार ने कहा है कि इस फैसले के बाद हालात आसाधारण हो गए हैं.
दिल्ली सरकार के अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह एलजी को रिपोर्ट करना है और वो यही कर रहे हैं.
दिल्ली सरकार के अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह एलजी को रिपोर्ट करना है और वो यही कर रहे हैं.
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संक्षिप्त पाठ: एलजी की बनाई शुंगलू कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है.
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जारी है.
सारे मामलों की सुनवाई 5 दिसंबर को की जाएगी.
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के तेज गेंदबाज उमर गुल ने दावा किया है कि उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन को पिछले साल एक टेस्ट क्रिकेट मैच के दौरान गेंद से छेड़छाड़ करते हुए देखा। इस अनुभवी गेंदबाज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंद से छेड़छाड़ नई चीज नहीं है और कई गेंदबाज और टीमें वैध और अवैध तरीके से ऐसा करती हैं। गुल को श्रीलंका के खिलाफ आगामी श्रृंखला के साथ राष्ट्रीय टीम में वापसी करने का दावेदार माना जा रहा है। गुल ने कहा, जब हम पिछले साल इंग्लैंड गये तो मैंने एंडरसन को ऐसा करते हुए देखा। इसके बाद एशेज श्रृंखला में स्टुअर्ट ब्राड को अपने जूते से गेंद को घिसते हुए देखा गया। पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करने के लिए यह सभी तरीके खेल का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग सभी गेंदबाज गेंद से छेड़छाड़ करते हैं। गुल के इस नये दावे से विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे शोएब अख्तर की हाल में भारत में जारी विवादास्पद आत्मकथा पर प्रतिक्रिया देने को कहा गया। अख्तर ने अपनी किताब में गेंद से छेड़छाड़ की बात स्वीकार की थी और दावा किया था कि पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में यह आम बात है। उन्होंने आईसीसी से गेंद से छेड़छाड़ को वैध करने की मांग की थी। गुल ने कहा कि अगर अख्तर ने कहा है कि उन्होंने गेंद से छेड़छाड़ की है तो उन्होंने ऐसा किया होगा। उन्होंने कहा, मैं इस बारे में अधिक नहीं कह सकता, लेकिन हां कई गेंदबाज ऐसा करते हैं। जब आप अपने हाथ के नाखुनों से गेंद को खरोंचते हैं तो यह अवैध है लेकिन जब क्षेत्ररक्षक गेंद को सूखी पिच या रफ क्षेत्रों में फेंकते हैं या जब गेंद विज्ञापन बोर्ड से टकराती है तो यह अवैध नहीं है।
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संक्षिप्त पाठ: गुल ने दावा किया है कि उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन को पिछले साल एक टेस्ट क्रिकेट मैच के दौरान गेंद से छेड़छाड़ करते हुए देखा।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला टेनिस खिलाड़ी जर्मनी की एंजेलिक कर्बर गुरुवार को चीन ओपन में बड़े उलटफेर का शिकार हो गईं. उन्हें टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग के तीसरे दौर में 16वीं वरीयता प्राप्त यूक्रेन की इलिना स्वितोलिना ने सीधे सेटों में 6-3, 7-5 से मात देते हुए टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई.
क्वार्टर फाइनल में स्वितोलिाना का सामना ऑस्ट्रेलिया की डारिया गावरिलोवा से होगा, जिन्होंने तीसरे दौर में फ्रांस की कैरोलिना गार्सिया को सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से हराया.
महिला एकल वर्ग के एक अन्य मुकाबले में पोलैंड की एग्निएस्का राद्वांस्का ने डेनमार्क की कैरोलीन वोज्नियाकी को आसान मुकाबले में 6-3, 6-1 से मात दी. राद्वांस्का अगले दौर में फ्रांस की एलीज कोर्नेट और कजाकिस्तान की यारोस्लोवा श्वेदोवा के बीच होने वाले मैच की विजेता से भिड़ेंगी.
ग्रेट ब्रिटेन की योहान्ना कोंटा भी गुरुवार को अपना मुकाबला जीतने में कामयाब रहीं. उन्होंने कैरोलिना प्लिसकोवा को 6-1, 3-6, 7-6(2) से मात दी. कोंटा ने पहली बार प्लिसकोवा को हराया है. क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की झांग शुआई से होगा. उन्होंने रोमानिया की सिमोना हालेप को सीधे सेटों में 6-0, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लि ना के बाद झांग चीन ओपन के अंतिम आठ में पहुंचने वाली चीन की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं. लि ना ने 2013 में यह मुकाम हासिल किया था. मैच के बाद झांग ने कहा, "आज की जीत बहुत बड़ी है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद यह दूसरी बार था जब हम आपस में भिड़े. मैं आस्ट्रेलियन ओपन से बेहतर खेली क्योंकि मेरा पास आत्मविश्वास था."टिप्पणियां
अमेरिका की मैडिसन कीज भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं. उन्होंने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा को सीधे सेटों में 7-6(2), 6-2 से मात दी. क्वार्टर फाइनल में वह चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा से भिड़ेंगी. क्वितोवा ने स्पेन की गारबाइन मुगुरुजा को आसान मुकाबले में 6-1, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल का सफर तय किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
क्वार्टर फाइनल में स्वितोलिाना का सामना ऑस्ट्रेलिया की डारिया गावरिलोवा से होगा, जिन्होंने तीसरे दौर में फ्रांस की कैरोलिना गार्सिया को सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से हराया.
महिला एकल वर्ग के एक अन्य मुकाबले में पोलैंड की एग्निएस्का राद्वांस्का ने डेनमार्क की कैरोलीन वोज्नियाकी को आसान मुकाबले में 6-3, 6-1 से मात दी. राद्वांस्का अगले दौर में फ्रांस की एलीज कोर्नेट और कजाकिस्तान की यारोस्लोवा श्वेदोवा के बीच होने वाले मैच की विजेता से भिड़ेंगी.
ग्रेट ब्रिटेन की योहान्ना कोंटा भी गुरुवार को अपना मुकाबला जीतने में कामयाब रहीं. उन्होंने कैरोलिना प्लिसकोवा को 6-1, 3-6, 7-6(2) से मात दी. कोंटा ने पहली बार प्लिसकोवा को हराया है. क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की झांग शुआई से होगा. उन्होंने रोमानिया की सिमोना हालेप को सीधे सेटों में 6-0, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लि ना के बाद झांग चीन ओपन के अंतिम आठ में पहुंचने वाली चीन की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं. लि ना ने 2013 में यह मुकाम हासिल किया था. मैच के बाद झांग ने कहा, "आज की जीत बहुत बड़ी है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद यह दूसरी बार था जब हम आपस में भिड़े. मैं आस्ट्रेलियन ओपन से बेहतर खेली क्योंकि मेरा पास आत्मविश्वास था."टिप्पणियां
अमेरिका की मैडिसन कीज भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं. उन्होंने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा को सीधे सेटों में 7-6(2), 6-2 से मात दी. क्वार्टर फाइनल में वह चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा से भिड़ेंगी. क्वितोवा ने स्पेन की गारबाइन मुगुरुजा को आसान मुकाबले में 6-1, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल का सफर तय किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
महिला एकल वर्ग के एक अन्य मुकाबले में पोलैंड की एग्निएस्का राद्वांस्का ने डेनमार्क की कैरोलीन वोज्नियाकी को आसान मुकाबले में 6-3, 6-1 से मात दी. राद्वांस्का अगले दौर में फ्रांस की एलीज कोर्नेट और कजाकिस्तान की यारोस्लोवा श्वेदोवा के बीच होने वाले मैच की विजेता से भिड़ेंगी.
ग्रेट ब्रिटेन की योहान्ना कोंटा भी गुरुवार को अपना मुकाबला जीतने में कामयाब रहीं. उन्होंने कैरोलिना प्लिसकोवा को 6-1, 3-6, 7-6(2) से मात दी. कोंटा ने पहली बार प्लिसकोवा को हराया है. क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की झांग शुआई से होगा. उन्होंने रोमानिया की सिमोना हालेप को सीधे सेटों में 6-0, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लि ना के बाद झांग चीन ओपन के अंतिम आठ में पहुंचने वाली चीन की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं. लि ना ने 2013 में यह मुकाम हासिल किया था. मैच के बाद झांग ने कहा, "आज की जीत बहुत बड़ी है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद यह दूसरी बार था जब हम आपस में भिड़े. मैं आस्ट्रेलियन ओपन से बेहतर खेली क्योंकि मेरा पास आत्मविश्वास था."टिप्पणियां
अमेरिका की मैडिसन कीज भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं. उन्होंने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा को सीधे सेटों में 7-6(2), 6-2 से मात दी. क्वार्टर फाइनल में वह चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा से भिड़ेंगी. क्वितोवा ने स्पेन की गारबाइन मुगुरुजा को आसान मुकाबले में 6-1, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल का सफर तय किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ग्रेट ब्रिटेन की योहान्ना कोंटा भी गुरुवार को अपना मुकाबला जीतने में कामयाब रहीं. उन्होंने कैरोलिना प्लिसकोवा को 6-1, 3-6, 7-6(2) से मात दी. कोंटा ने पहली बार प्लिसकोवा को हराया है. क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की झांग शुआई से होगा. उन्होंने रोमानिया की सिमोना हालेप को सीधे सेटों में 6-0, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लि ना के बाद झांग चीन ओपन के अंतिम आठ में पहुंचने वाली चीन की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं. लि ना ने 2013 में यह मुकाम हासिल किया था. मैच के बाद झांग ने कहा, "आज की जीत बहुत बड़ी है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद यह दूसरी बार था जब हम आपस में भिड़े. मैं आस्ट्रेलियन ओपन से बेहतर खेली क्योंकि मेरा पास आत्मविश्वास था."टिप्पणियां
अमेरिका की मैडिसन कीज भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं. उन्होंने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा को सीधे सेटों में 7-6(2), 6-2 से मात दी. क्वार्टर फाइनल में वह चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा से भिड़ेंगी. क्वितोवा ने स्पेन की गारबाइन मुगुरुजा को आसान मुकाबले में 6-1, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल का सफर तय किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लि ना के बाद झांग चीन ओपन के अंतिम आठ में पहुंचने वाली चीन की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं. लि ना ने 2013 में यह मुकाम हासिल किया था. मैच के बाद झांग ने कहा, "आज की जीत बहुत बड़ी है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद यह दूसरी बार था जब हम आपस में भिड़े. मैं आस्ट्रेलियन ओपन से बेहतर खेली क्योंकि मेरा पास आत्मविश्वास था."टिप्पणियां
अमेरिका की मैडिसन कीज भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं. उन्होंने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा को सीधे सेटों में 7-6(2), 6-2 से मात दी. क्वार्टर फाइनल में वह चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा से भिड़ेंगी. क्वितोवा ने स्पेन की गारबाइन मुगुरुजा को आसान मुकाबले में 6-1, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल का सफर तय किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमेरिका की मैडिसन कीज भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं. उन्होंने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा को सीधे सेटों में 7-6(2), 6-2 से मात दी. क्वार्टर फाइनल में वह चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा से भिड़ेंगी. क्वितोवा ने स्पेन की गारबाइन मुगुरुजा को आसान मुकाबले में 6-1, 6-4 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल का सफर तय किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यहाँ एक सारांश है:कर्बर को 16वीं वरीयता प्राप्त यूक्रेन की इलिना स्वितोलिना ने हराया
सीधे सेटों में 6-3, 7-5 से मात देते हुए टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा
क्वार्टर फाइनल में स्वितोलिाना का सामना आस्ट्रेलिया की डारिया गावरिलोवा स
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश चुनावों में हार के बाद मायावती ने फिर से ईवीएम की विश्ववसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोमवार को मायावती ने संसद परिसर में साफ कहा कि उन्होंने अब इस मसले को लेकर कोर्ट जाने का फैसला किया है. समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने मायावती के कदम का स्वागत किया है. इस तरह आपस में दो घोर विरोधी दल इस मुद्दे पर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं.
विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के सदमे से मायावती अब भी पूरी तरह नहीं उबर पाई हैं. सोमवार को संसद पहुंचीं मायावती ने फिर से ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि वे अब इस मामले को इसी हफ्ते कोर्ट लेकर जाने वाली हैं. मायावती ने कहा, "हम अगले 2-3 दिन में ईवीएम मामले को कोर्ट में लेकर जाएंगे."
विधानसभा चुनावों में हार के बाद पिछले एक हफ्ते में यह दूसरा मौका है जब मायावती ने यह मुद्दा उठाया है. दरअसल ईवीएम मुद्दे को कोर्ट ले जाने का फैसला कर मायावती ने इस संवेदनशील मसले पर फिर राजनीतिक बहस छेड़ दी है. उनका यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब चुनाव आयोग साफ शब्दों में कह चुका है कि मौजूदा ईवीएम व्यवस्था विश्वसनीय है और ईवीएम पर उठ रहे सवाल बेबुनियाद हैं.
उधर समाजवादी पार्टी ने मायावती के फैसले का स्वागत किया है. सपा महासचिव और सांसद राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा कि जनता के मन से संदेह जल्दी निकल जाए, ये जिम्मेदारी सरकार की है.टिप्पणियां
राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी संदेह व्यक्त किया था और कहा था कि पारदर्शिता होनी चाहिए. ईवीएम के साथ पेपर ट्रेल लाने की बात थी. कोर्ट के आदेश के बाद इलेक्शन कमीशन ने तीन बार सरकार को फंड के लिए लिखा लेकिन सरकार ने जवाब नहीं दिया. मेरठ में 20 पोलिंग स्टेशनों पर ईवीएम मशीन नई व्यवस्था के साथ लगी थीं. उनमें से अधिकतर में हम जीते. पोस्टल बैलेट्स में भी 90% वोट हमें मिले. ईसी की नियत पर हमें जरा भी संदेह नहीं है. लेकिन चुनाव आयोग बार-बार सरकार से व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फंड्स की गुज़ारिश कर रहा है लेकिन सरकार फंड मुहैया नहीं करा रही है."
जाहिर है...चुनावों में मिली करारी हार ने ईवीएम के मामले पर अब दो आपसी विरोधियों को एक ही मंच पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया है.
विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के सदमे से मायावती अब भी पूरी तरह नहीं उबर पाई हैं. सोमवार को संसद पहुंचीं मायावती ने फिर से ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि वे अब इस मामले को इसी हफ्ते कोर्ट लेकर जाने वाली हैं. मायावती ने कहा, "हम अगले 2-3 दिन में ईवीएम मामले को कोर्ट में लेकर जाएंगे."
विधानसभा चुनावों में हार के बाद पिछले एक हफ्ते में यह दूसरा मौका है जब मायावती ने यह मुद्दा उठाया है. दरअसल ईवीएम मुद्दे को कोर्ट ले जाने का फैसला कर मायावती ने इस संवेदनशील मसले पर फिर राजनीतिक बहस छेड़ दी है. उनका यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब चुनाव आयोग साफ शब्दों में कह चुका है कि मौजूदा ईवीएम व्यवस्था विश्वसनीय है और ईवीएम पर उठ रहे सवाल बेबुनियाद हैं.
उधर समाजवादी पार्टी ने मायावती के फैसले का स्वागत किया है. सपा महासचिव और सांसद राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा कि जनता के मन से संदेह जल्दी निकल जाए, ये जिम्मेदारी सरकार की है.टिप्पणियां
राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी संदेह व्यक्त किया था और कहा था कि पारदर्शिता होनी चाहिए. ईवीएम के साथ पेपर ट्रेल लाने की बात थी. कोर्ट के आदेश के बाद इलेक्शन कमीशन ने तीन बार सरकार को फंड के लिए लिखा लेकिन सरकार ने जवाब नहीं दिया. मेरठ में 20 पोलिंग स्टेशनों पर ईवीएम मशीन नई व्यवस्था के साथ लगी थीं. उनमें से अधिकतर में हम जीते. पोस्टल बैलेट्स में भी 90% वोट हमें मिले. ईसी की नियत पर हमें जरा भी संदेह नहीं है. लेकिन चुनाव आयोग बार-बार सरकार से व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फंड्स की गुज़ारिश कर रहा है लेकिन सरकार फंड मुहैया नहीं करा रही है."
जाहिर है...चुनावों में मिली करारी हार ने ईवीएम के मामले पर अब दो आपसी विरोधियों को एक ही मंच पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया है.
विधानसभा चुनावों में हार के बाद पिछले एक हफ्ते में यह दूसरा मौका है जब मायावती ने यह मुद्दा उठाया है. दरअसल ईवीएम मुद्दे को कोर्ट ले जाने का फैसला कर मायावती ने इस संवेदनशील मसले पर फिर राजनीतिक बहस छेड़ दी है. उनका यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब चुनाव आयोग साफ शब्दों में कह चुका है कि मौजूदा ईवीएम व्यवस्था विश्वसनीय है और ईवीएम पर उठ रहे सवाल बेबुनियाद हैं.
उधर समाजवादी पार्टी ने मायावती के फैसले का स्वागत किया है. सपा महासचिव और सांसद राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा कि जनता के मन से संदेह जल्दी निकल जाए, ये जिम्मेदारी सरकार की है.टिप्पणियां
राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी संदेह व्यक्त किया था और कहा था कि पारदर्शिता होनी चाहिए. ईवीएम के साथ पेपर ट्रेल लाने की बात थी. कोर्ट के आदेश के बाद इलेक्शन कमीशन ने तीन बार सरकार को फंड के लिए लिखा लेकिन सरकार ने जवाब नहीं दिया. मेरठ में 20 पोलिंग स्टेशनों पर ईवीएम मशीन नई व्यवस्था के साथ लगी थीं. उनमें से अधिकतर में हम जीते. पोस्टल बैलेट्स में भी 90% वोट हमें मिले. ईसी की नियत पर हमें जरा भी संदेह नहीं है. लेकिन चुनाव आयोग बार-बार सरकार से व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फंड्स की गुज़ारिश कर रहा है लेकिन सरकार फंड मुहैया नहीं करा रही है."
जाहिर है...चुनावों में मिली करारी हार ने ईवीएम के मामले पर अब दो आपसी विरोधियों को एक ही मंच पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया है.
उधर समाजवादी पार्टी ने मायावती के फैसले का स्वागत किया है. सपा महासचिव और सांसद राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा कि जनता के मन से संदेह जल्दी निकल जाए, ये जिम्मेदारी सरकार की है.टिप्पणियां
राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी संदेह व्यक्त किया था और कहा था कि पारदर्शिता होनी चाहिए. ईवीएम के साथ पेपर ट्रेल लाने की बात थी. कोर्ट के आदेश के बाद इलेक्शन कमीशन ने तीन बार सरकार को फंड के लिए लिखा लेकिन सरकार ने जवाब नहीं दिया. मेरठ में 20 पोलिंग स्टेशनों पर ईवीएम मशीन नई व्यवस्था के साथ लगी थीं. उनमें से अधिकतर में हम जीते. पोस्टल बैलेट्स में भी 90% वोट हमें मिले. ईसी की नियत पर हमें जरा भी संदेह नहीं है. लेकिन चुनाव आयोग बार-बार सरकार से व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फंड्स की गुज़ारिश कर रहा है लेकिन सरकार फंड मुहैया नहीं करा रही है."
जाहिर है...चुनावों में मिली करारी हार ने ईवीएम के मामले पर अब दो आपसी विरोधियों को एक ही मंच पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया है.
राम गोपाल यादव ने एनडीटीवी से कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी संदेह व्यक्त किया था और कहा था कि पारदर्शिता होनी चाहिए. ईवीएम के साथ पेपर ट्रेल लाने की बात थी. कोर्ट के आदेश के बाद इलेक्शन कमीशन ने तीन बार सरकार को फंड के लिए लिखा लेकिन सरकार ने जवाब नहीं दिया. मेरठ में 20 पोलिंग स्टेशनों पर ईवीएम मशीन नई व्यवस्था के साथ लगी थीं. उनमें से अधिकतर में हम जीते. पोस्टल बैलेट्स में भी 90% वोट हमें मिले. ईसी की नियत पर हमें जरा भी संदेह नहीं है. लेकिन चुनाव आयोग बार-बार सरकार से व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फंड्स की गुज़ारिश कर रहा है लेकिन सरकार फंड मुहैया नहीं करा रही है."
जाहिर है...चुनावों में मिली करारी हार ने ईवीएम के मामले पर अब दो आपसी विरोधियों को एक ही मंच पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया है.
जाहिर है...चुनावों में मिली करारी हार ने ईवीएम के मामले पर अब दो आपसी विरोधियों को एक ही मंच पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया है.
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यह एक सारांश है: मायावती ने ईवीएम मसले को कोर्ट में ले जाने का फैसला किया
रामगोपाल यादव ने कहा, संदेह दूर करने का जिम्मा सरकार का
सरकार निर्वाचन आयोग को फंड मुहैया नहीं करा रही
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: अमेरिका के विस्कोंसिन स्थित एक गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में छह लोग मारे गए और कम से कम एक हमलावर बंदूकधारी भी मारा गया।
बताया जाता है कि दो बंदूकधारियों ने गुरुद्वारे में अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें लगभग 20 लोग घायल भी हुए हैं। ऐसी खबरें भी हैं कि गुरुद्वारे में 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है।
ग्रीनफील्ड पुलिस प्रमुख ब्रैडली वेंटलांट ने बताया कि चार लोग गुरुद्वारे के भीतर गोलबारी में मारे गए, जबकि बंदूकधारी सहित तीन लोग बाहर मारे गए। पीड़ितों की तत्काल पहचान नहीं हो पाई है।
हमला रविवार की सुबह की प्रार्थना के दौरान हुआ। शुरुआती खबरों में कहा गया कि कम से कम तीन बंदूकधारी हमले में शामिल हैं।
सतवंत की रिश्तेदार परमिंदर कौर के अनुसार घटना में करीब 25 लोग घायल हुए हैं। रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित करने के लिए भारत से विशेष तौर पर एक ग्रंथी आए हुए थे।
गंभीर रूप से घायल लोगों को फ्रोडटर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोलीबारी की घटना विस्कोंसिन के सबसे बड़े शहर मिलवाउकी के दक्षिण में स्थित ओक क्रीक गुरुद्वारे में स्थानीय समायनुसार पूर्वाह्न 11 बजे हुई। ओक क्रीक न्यूयार्क से करीब 1250 किलोमीटर दूर है।
बताया जाता है कि घटना के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। यह गुरुद्वारा छह-सात साल पहले बनाया गया था।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
बताया जाता है कि दो बंदूकधारियों ने गुरुद्वारे में अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें लगभग 20 लोग घायल भी हुए हैं। ऐसी खबरें भी हैं कि गुरुद्वारे में 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है।
ग्रीनफील्ड पुलिस प्रमुख ब्रैडली वेंटलांट ने बताया कि चार लोग गुरुद्वारे के भीतर गोलबारी में मारे गए, जबकि बंदूकधारी सहित तीन लोग बाहर मारे गए। पीड़ितों की तत्काल पहचान नहीं हो पाई है।
हमला रविवार की सुबह की प्रार्थना के दौरान हुआ। शुरुआती खबरों में कहा गया कि कम से कम तीन बंदूकधारी हमले में शामिल हैं।
सतवंत की रिश्तेदार परमिंदर कौर के अनुसार घटना में करीब 25 लोग घायल हुए हैं। रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित करने के लिए भारत से विशेष तौर पर एक ग्रंथी आए हुए थे।
गंभीर रूप से घायल लोगों को फ्रोडटर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोलीबारी की घटना विस्कोंसिन के सबसे बड़े शहर मिलवाउकी के दक्षिण में स्थित ओक क्रीक गुरुद्वारे में स्थानीय समायनुसार पूर्वाह्न 11 बजे हुई। ओक क्रीक न्यूयार्क से करीब 1250 किलोमीटर दूर है।
बताया जाता है कि घटना के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। यह गुरुद्वारा छह-सात साल पहले बनाया गया था।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
ग्रीनफील्ड पुलिस प्रमुख ब्रैडली वेंटलांट ने बताया कि चार लोग गुरुद्वारे के भीतर गोलबारी में मारे गए, जबकि बंदूकधारी सहित तीन लोग बाहर मारे गए। पीड़ितों की तत्काल पहचान नहीं हो पाई है।
हमला रविवार की सुबह की प्रार्थना के दौरान हुआ। शुरुआती खबरों में कहा गया कि कम से कम तीन बंदूकधारी हमले में शामिल हैं।
सतवंत की रिश्तेदार परमिंदर कौर के अनुसार घटना में करीब 25 लोग घायल हुए हैं। रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित करने के लिए भारत से विशेष तौर पर एक ग्रंथी आए हुए थे।
गंभीर रूप से घायल लोगों को फ्रोडटर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोलीबारी की घटना विस्कोंसिन के सबसे बड़े शहर मिलवाउकी के दक्षिण में स्थित ओक क्रीक गुरुद्वारे में स्थानीय समायनुसार पूर्वाह्न 11 बजे हुई। ओक क्रीक न्यूयार्क से करीब 1250 किलोमीटर दूर है।
बताया जाता है कि घटना के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। यह गुरुद्वारा छह-सात साल पहले बनाया गया था।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
हमला रविवार की सुबह की प्रार्थना के दौरान हुआ। शुरुआती खबरों में कहा गया कि कम से कम तीन बंदूकधारी हमले में शामिल हैं।
सतवंत की रिश्तेदार परमिंदर कौर के अनुसार घटना में करीब 25 लोग घायल हुए हैं। रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित करने के लिए भारत से विशेष तौर पर एक ग्रंथी आए हुए थे।
गंभीर रूप से घायल लोगों को फ्रोडटर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोलीबारी की घटना विस्कोंसिन के सबसे बड़े शहर मिलवाउकी के दक्षिण में स्थित ओक क्रीक गुरुद्वारे में स्थानीय समायनुसार पूर्वाह्न 11 बजे हुई। ओक क्रीक न्यूयार्क से करीब 1250 किलोमीटर दूर है।
बताया जाता है कि घटना के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। यह गुरुद्वारा छह-सात साल पहले बनाया गया था।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
सतवंत की रिश्तेदार परमिंदर कौर के अनुसार घटना में करीब 25 लोग घायल हुए हैं। रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित करने के लिए भारत से विशेष तौर पर एक ग्रंथी आए हुए थे।
गंभीर रूप से घायल लोगों को फ्रोडटर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोलीबारी की घटना विस्कोंसिन के सबसे बड़े शहर मिलवाउकी के दक्षिण में स्थित ओक क्रीक गुरुद्वारे में स्थानीय समायनुसार पूर्वाह्न 11 बजे हुई। ओक क्रीक न्यूयार्क से करीब 1250 किलोमीटर दूर है।
बताया जाता है कि घटना के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। यह गुरुद्वारा छह-सात साल पहले बनाया गया था।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
गंभीर रूप से घायल लोगों को फ्रोडटर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोलीबारी की घटना विस्कोंसिन के सबसे बड़े शहर मिलवाउकी के दक्षिण में स्थित ओक क्रीक गुरुद्वारे में स्थानीय समायनुसार पूर्वाह्न 11 बजे हुई। ओक क्रीक न्यूयार्क से करीब 1250 किलोमीटर दूर है।
बताया जाता है कि घटना के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। यह गुरुद्वारा छह-सात साल पहले बनाया गया था।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
गोलीबारी की घटना विस्कोंसिन के सबसे बड़े शहर मिलवाउकी के दक्षिण में स्थित ओक क्रीक गुरुद्वारे में स्थानीय समायनुसार पूर्वाह्न 11 बजे हुई। ओक क्रीक न्यूयार्क से करीब 1250 किलोमीटर दूर है।
बताया जाता है कि घटना के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। यह गुरुद्वारा छह-सात साल पहले बनाया गया था।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
बताया जाता है कि घटना के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। यह गुरुद्वारा छह-सात साल पहले बनाया गया था।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
शुरुआती खबरों में बताया गया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों से कहा कि गोलीबारी करने वाला एक भारी भरकम डील डौल वाला गंजा पुरुष था और उसने बिना बाजू वाली टीशर्ट पहन रखी थी। अंतिम बार उसे दो बंदूकों के साथ देखा गया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कई बार अज्ञात बंदूकधारी को निशाना बना कर गोली चलाई। वह नीचे गिर पड़ा। तत्काल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मारा गया या घायल हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि गुरुद्वारे में कोई अतिरिक्त बंदूकधारी है या नहीं।’ प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक अभियान चल रहा है और स्थिति ‘बहुत नाजुक’ है।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
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अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
मिलवाउकी सेंटीनल जर्नल के अनुसार गुरुद्वारे में अभी दो बंदूकधारी और हो सकते हैं जिन्होंने बच्चों को बंधक बना रखा है। इसके अनुसार रविवार होने के कारण गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि 12 बच्चों को बंधक बना लिया गया है। गुरुद्वारा प्रमुख को भी गोली लगने की खबर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।टिप्पणियां
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने घटना को अत्यंत दुखद करार दिया और कहा कि दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लगातार संपर्क में है। शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत एक अधिकारी को घटनास्थल पर भेज रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रेनन ने जानकारी दी।
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सारांश: अमेरिका के विस्कोंसिन स्थित ओक गुरुद्वारा पर रविवार को हुए हमले में सात लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य की हालत गम्भीर है। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार हमलावरों की संख्या दो है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन में दंगों और लूटपाट की घटनाएं फैलती जा रही है। लंदन और बर्मिंघम के अलावा वेस्ट मिडलैंड्स और ग्रेटर मैनचेस्टर इलाकों जैसे कुछ और शहरों को अपनी चपेट में ले लिया है। मैनचेस्टर शहर में एक बड़े गोदाम को आग लगा दी गई और वहां सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। बर्मिंघम में भी दंगे जारी हैं जहां युवाओं ने दुकानों में तोड़फोड़ की और कारों को आग लगा दी। इस बीच दक्षिणी लंदन में कार मिले एक घायल व्यक्ति की मौत हो गई है। 26 साल के उस युवक को गोली लगी थी। दंगों के और नए इलाकों में फैलने की आशंका को देखते हुए सड़कों पर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। सिर्फ लंदन में ही दंगों पर काबू पाने के लिए 16 हजार पुलिसवालों को लगाया गया है। ब्रिटेन में हिंसा के इस दौर के बीच अब तक साढ़े पांच सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने संसद की बैठक बुलाई है। लंदन में बिगड़े हालात को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। लंदन के मेयर बोरिस जॉनसन दक्षिणी लंदन के दंगा प्रभावित इलाकों के दौरे पर गए तो उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। दंगा प्रभावित Clapham में लोगों ने मेयर के सामने सवालों की झड़ी लगा दी। लोग हिंसा पर काबू पाने में पुलिस की नाकामी को लेकर मेयर को कोस रहे थे हालांकि मेयर ने भरोसा दिलाया है कि लंदन की सड़कों पर और ज्यादा पुलिस बल तैनात किए जा रहे हैं लेकिन इससे लोगों की नाराजगी कम नहीं हुई। कई लोगों का कहना था कि सब तहस−नहस होने के बाद जागने का क्या मतलब है।
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सारांश: ब्रिटेन में दंगों और लूटपाट की घटनाएं फैलती जा रही है। इसमें एक घायल की मौत हो गई है और 500 से ज्यादा दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने के निर्णय यानी ब्रेक्जिट से शेयर बाजार तथा रुपया शुक्रवार को गोता लगा गया। जहां सेंसेक्स शुरुआती कारोबार 1,090 अंक लुढ़क गया वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया 96 पैसे टूट गया। हालांकि बाद में घरेलू संस्थानों की लिवाली तथा नीति निर्माताओं के बयानों से स्थिति थोड़ी संभली।
इसके बावजूद बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 605 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। चार महीने में किसी एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट है। वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 71 पैसे टूटकर 67.96 पर बंद हुआ। चार महीने में रुपये का न्यूनतम स्तर है।
भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट के परिणामस्वरूप निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 1.79 लाख करोड़ रुपये की कमी आयी।
घरेलू बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 1,100 अंक नीचे चला गया था लेकिन बाद में कुछ लिवाली तथा वित्त मंत्री अरुण जेटली एवं रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन समेत प्रमुख नीति निर्माताओं के बयानों का बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और गिरावट थम गई तथा बाजार में कुछ सुधार हुआ। वहीं सोना फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभरा और इसमें जोरदार तेजी आयी।
सेंट्रम डायरेक्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा ट्रेजरी एवं बैंक नोट कारोबार के प्रमुख हरिप्रसाद एमपी ने कहा, ‘‘ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से बाहर होने का निर्णय बाजार के लिये झटके रूप में आया क्योंकि वह (बाजार) मानकर चल रहा था कि ब्रिटेन ईयू के साथ बना रहेगा। इसकी खबर आते ही वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी देखी गयी। हालांकि अंतिम घंटे के कारोबार में स्थिति कुछ सामान्य होती दिखी।’’ ब्रिटेन में 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से बाहर निकलने को लेकर हुये जनमतसंग्रह में 51.9 प्रतिशत मत पक्ष में डाले गये। इसके बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफे की घोषणा की।
वैश्विक बाजारों में जापान का निक्की 7.92 प्रतिशत जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 2.92 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। लंदन स्टाक एक्सचेंज का एफटीएसई सूचकांक एक समय 9.0 प्रतिशत लुढ़क गया था।
डॉलर के मुकाबले पाउंड 10 प्रतिशत लुढ़ककर 31 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया। रुपये के मामले में ब्रिटिश मुद्रा करीब सात रुपये गिरकर 93.13 पर आ गयी।
तीस शेयरों वाला सूचकांक गिरावट के साथ 26,367.48 पर खुला और इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गयी तथा एक समय 26,000 अंक के नीचे 25,911.33 अंक के निम्न स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके बावजूद बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 605 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। चार महीने में किसी एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट है। वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 71 पैसे टूटकर 67.96 पर बंद हुआ। चार महीने में रुपये का न्यूनतम स्तर है।
भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट के परिणामस्वरूप निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 1.79 लाख करोड़ रुपये की कमी आयी।
घरेलू बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 1,100 अंक नीचे चला गया था लेकिन बाद में कुछ लिवाली तथा वित्त मंत्री अरुण जेटली एवं रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन समेत प्रमुख नीति निर्माताओं के बयानों का बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और गिरावट थम गई तथा बाजार में कुछ सुधार हुआ। वहीं सोना फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभरा और इसमें जोरदार तेजी आयी।
सेंट्रम डायरेक्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा ट्रेजरी एवं बैंक नोट कारोबार के प्रमुख हरिप्रसाद एमपी ने कहा, ‘‘ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से बाहर होने का निर्णय बाजार के लिये झटके रूप में आया क्योंकि वह (बाजार) मानकर चल रहा था कि ब्रिटेन ईयू के साथ बना रहेगा। इसकी खबर आते ही वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी देखी गयी। हालांकि अंतिम घंटे के कारोबार में स्थिति कुछ सामान्य होती दिखी।’’ ब्रिटेन में 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से बाहर निकलने को लेकर हुये जनमतसंग्रह में 51.9 प्रतिशत मत पक्ष में डाले गये। इसके बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफे की घोषणा की।
वैश्विक बाजारों में जापान का निक्की 7.92 प्रतिशत जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 2.92 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। लंदन स्टाक एक्सचेंज का एफटीएसई सूचकांक एक समय 9.0 प्रतिशत लुढ़क गया था।
डॉलर के मुकाबले पाउंड 10 प्रतिशत लुढ़ककर 31 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया। रुपये के मामले में ब्रिटिश मुद्रा करीब सात रुपये गिरकर 93.13 पर आ गयी।
तीस शेयरों वाला सूचकांक गिरावट के साथ 26,367.48 पर खुला और इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गयी तथा एक समय 26,000 अंक के नीचे 25,911.33 अंक के निम्न स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट के परिणामस्वरूप निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 1.79 लाख करोड़ रुपये की कमी आयी।
घरेलू बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 1,100 अंक नीचे चला गया था लेकिन बाद में कुछ लिवाली तथा वित्त मंत्री अरुण जेटली एवं रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन समेत प्रमुख नीति निर्माताओं के बयानों का बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और गिरावट थम गई तथा बाजार में कुछ सुधार हुआ। वहीं सोना फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभरा और इसमें जोरदार तेजी आयी।
सेंट्रम डायरेक्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा ट्रेजरी एवं बैंक नोट कारोबार के प्रमुख हरिप्रसाद एमपी ने कहा, ‘‘ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से बाहर होने का निर्णय बाजार के लिये झटके रूप में आया क्योंकि वह (बाजार) मानकर चल रहा था कि ब्रिटेन ईयू के साथ बना रहेगा। इसकी खबर आते ही वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी देखी गयी। हालांकि अंतिम घंटे के कारोबार में स्थिति कुछ सामान्य होती दिखी।’’ ब्रिटेन में 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से बाहर निकलने को लेकर हुये जनमतसंग्रह में 51.9 प्रतिशत मत पक्ष में डाले गये। इसके बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफे की घोषणा की।
वैश्विक बाजारों में जापान का निक्की 7.92 प्रतिशत जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 2.92 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। लंदन स्टाक एक्सचेंज का एफटीएसई सूचकांक एक समय 9.0 प्रतिशत लुढ़क गया था।
डॉलर के मुकाबले पाउंड 10 प्रतिशत लुढ़ककर 31 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया। रुपये के मामले में ब्रिटिश मुद्रा करीब सात रुपये गिरकर 93.13 पर आ गयी।
तीस शेयरों वाला सूचकांक गिरावट के साथ 26,367.48 पर खुला और इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गयी तथा एक समय 26,000 अंक के नीचे 25,911.33 अंक के निम्न स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
घरेलू बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 1,100 अंक नीचे चला गया था लेकिन बाद में कुछ लिवाली तथा वित्त मंत्री अरुण जेटली एवं रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन समेत प्रमुख नीति निर्माताओं के बयानों का बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और गिरावट थम गई तथा बाजार में कुछ सुधार हुआ। वहीं सोना फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभरा और इसमें जोरदार तेजी आयी।
सेंट्रम डायरेक्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा ट्रेजरी एवं बैंक नोट कारोबार के प्रमुख हरिप्रसाद एमपी ने कहा, ‘‘ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से बाहर होने का निर्णय बाजार के लिये झटके रूप में आया क्योंकि वह (बाजार) मानकर चल रहा था कि ब्रिटेन ईयू के साथ बना रहेगा। इसकी खबर आते ही वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी देखी गयी। हालांकि अंतिम घंटे के कारोबार में स्थिति कुछ सामान्य होती दिखी।’’ ब्रिटेन में 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से बाहर निकलने को लेकर हुये जनमतसंग्रह में 51.9 प्रतिशत मत पक्ष में डाले गये। इसके बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफे की घोषणा की।
वैश्विक बाजारों में जापान का निक्की 7.92 प्रतिशत जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 2.92 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। लंदन स्टाक एक्सचेंज का एफटीएसई सूचकांक एक समय 9.0 प्रतिशत लुढ़क गया था।
डॉलर के मुकाबले पाउंड 10 प्रतिशत लुढ़ककर 31 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया। रुपये के मामले में ब्रिटिश मुद्रा करीब सात रुपये गिरकर 93.13 पर आ गयी।
तीस शेयरों वाला सूचकांक गिरावट के साथ 26,367.48 पर खुला और इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गयी तथा एक समय 26,000 अंक के नीचे 25,911.33 अंक के निम्न स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सेंट्रम डायरेक्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा ट्रेजरी एवं बैंक नोट कारोबार के प्रमुख हरिप्रसाद एमपी ने कहा, ‘‘ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से बाहर होने का निर्णय बाजार के लिये झटके रूप में आया क्योंकि वह (बाजार) मानकर चल रहा था कि ब्रिटेन ईयू के साथ बना रहेगा। इसकी खबर आते ही वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी देखी गयी। हालांकि अंतिम घंटे के कारोबार में स्थिति कुछ सामान्य होती दिखी।’’ ब्रिटेन में 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से बाहर निकलने को लेकर हुये जनमतसंग्रह में 51.9 प्रतिशत मत पक्ष में डाले गये। इसके बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफे की घोषणा की।
वैश्विक बाजारों में जापान का निक्की 7.92 प्रतिशत जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 2.92 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। लंदन स्टाक एक्सचेंज का एफटीएसई सूचकांक एक समय 9.0 प्रतिशत लुढ़क गया था।
डॉलर के मुकाबले पाउंड 10 प्रतिशत लुढ़ककर 31 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया। रुपये के मामले में ब्रिटिश मुद्रा करीब सात रुपये गिरकर 93.13 पर आ गयी।
तीस शेयरों वाला सूचकांक गिरावट के साथ 26,367.48 पर खुला और इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गयी तथा एक समय 26,000 अंक के नीचे 25,911.33 अंक के निम्न स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वैश्विक बाजारों में जापान का निक्की 7.92 प्रतिशत जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 2.92 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। लंदन स्टाक एक्सचेंज का एफटीएसई सूचकांक एक समय 9.0 प्रतिशत लुढ़क गया था।
डॉलर के मुकाबले पाउंड 10 प्रतिशत लुढ़ककर 31 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया। रुपये के मामले में ब्रिटिश मुद्रा करीब सात रुपये गिरकर 93.13 पर आ गयी।
तीस शेयरों वाला सूचकांक गिरावट के साथ 26,367.48 पर खुला और इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गयी तथा एक समय 26,000 अंक के नीचे 25,911.33 अंक के निम्न स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डॉलर के मुकाबले पाउंड 10 प्रतिशत लुढ़ककर 31 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया। रुपये के मामले में ब्रिटिश मुद्रा करीब सात रुपये गिरकर 93.13 पर आ गयी।
तीस शेयरों वाला सूचकांक गिरावट के साथ 26,367.48 पर खुला और इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गयी तथा एक समय 26,000 अंक के नीचे 25,911.33 अंक के निम्न स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तीस शेयरों वाला सूचकांक गिरावट के साथ 26,367.48 पर खुला और इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गयी तथा एक समय 26,000 अंक के नीचे 25,911.33 अंक के निम्न स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि, बाद में कुछ लिवाली से इसमें सुधार आया और यह 604.51 अंक या 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,397.71 अंक पर बंद हुआ। 11 फरवरी के बाद सूचकांक का यह सबसे न्यूनतम स्तर है।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी एक समय 8,000 अंक के नीचे 7,927.05 अंक पर चला गया लेकिन बाद में यह 181.85 अंक या 2.20 प्रतिशत के नुकसान के साथ 8,088.60 अंक पर बंद हुआ।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गयी। इसमें 8.0 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। इसका कारण क्षेत्र में समूह का बड़े पैमाने पर निवेश है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टाटा मोटर्स (7.99 प्रतिशत), टाटा स्टील (6.37 प्रतिशत) तथा टीसीएस (2.78 प्रतिशत) नीचे आये। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विश्लेषकों ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मतलब होगा कि ईयू मंदी में जा सकता है जबकि भारतीय कंपनियों को भी यूरोपीय परिचालन के लिये ब्रिटेन को ‘गेटवे’ के रूप में उपयोग के संदर्भ में अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी।
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसी प्रकार, मदरसन सूमी सबसे अधिक प्रभावित हुई। कंपनी का शेयर 8.48 प्रतिशत नीचे आया। वहीं हिंडाल्को का शेयर 5.17 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज लैब 0.64 प्रतिशत तथा भारत फोर्ज 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.74 प्रतिशत, विप्रो 1.52 प्रतिशत तथा इंफोसिस में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गिरावट इतनी व्यापक थी कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। इसमें टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, ओएनजीसी, आरआईएल, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस तथा अदाणी पोर्ट्स 7.99 प्रतिशत तक नीचे आये।
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि बजाज ऑटो 1.05 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.48 प्रतिशत, गेल 0.33 प्रतिशत, सन फार्मा 0.27 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई का स्मॉल कैप तथा मिड कैप सूचकांक भी क्रमश: 1.46 प्रतिशत तथा 1.07 प्रतिशत नीचे आ गये।टिप्पणियां
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वहीं जिंस बाजार में सोना 1,215 रुपये उछलकर 30,885 के स्तर पर पहुंच गया जो 26 महीने का उच्च स्तर है। अगस्त, 2013 के बाद किसी एक दिन में यह सर्वाधिक तेजी है। इससे पहले 28 अप्रैल, 2014 को सोना 30,730 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप चांदी भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट
सेंसेक्स करीब 900 अंक गिरा
8000 अंक के नीचे आया निफ्टी
| 25
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग के इस्तीफे के बाद अब पूर्व गृह सचिव अनिल बैजल का उप राज्यपाल बनना करीब करीब तय है. इस बारे में कभी भी औपचारिक ऐलान हो सकता है. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में गृह सचिव रहे बैजल को यूपीए सरकार ने हटा दिया था. मौजूदा सरकार से उनकी करीबी भी जगज़ाहिर है.
ख़ास बात यह है कि अनिल बैजल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का करीबी माना जाता है. दोनों ने उत्तर-पूर्व में साथ साथ काम किया है. अनिल बैजल थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन की कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा पर इस थिंक टैंक की स्थापना अजित डोभाल ने ही की थी.
नौकरशाही में 37 साल का अनुभव रखने वाले अनिल बैजल इससे पहले इंडियन एयरलाइन्स के एमडी, प्रसार भारती के सीईओ और दिल्ली विकास प्राधिकरण के वाईस चेयरमैन समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं.टिप्पणियां
आपको ये बता दें कि नजीब जंग और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे है लिहाज़ा केन्द्र सरकार को ऐसा जानकार चाहिए जो ना केवल केजरीवाल सरकार पर लगाम कस सके बल्कि पार्टी का अपना आदमी होना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि नजीब जंग ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को सहयोग और प्रेम के लिए खासकर राष्ट्रपति शासन के एक साल के समय के दौरान को लेकर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता के कारण ही इस दौरान दिल्ली के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाया जा सका. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया है.
ख़ास बात यह है कि अनिल बैजल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का करीबी माना जाता है. दोनों ने उत्तर-पूर्व में साथ साथ काम किया है. अनिल बैजल थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन की कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा पर इस थिंक टैंक की स्थापना अजित डोभाल ने ही की थी.
नौकरशाही में 37 साल का अनुभव रखने वाले अनिल बैजल इससे पहले इंडियन एयरलाइन्स के एमडी, प्रसार भारती के सीईओ और दिल्ली विकास प्राधिकरण के वाईस चेयरमैन समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं.टिप्पणियां
आपको ये बता दें कि नजीब जंग और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे है लिहाज़ा केन्द्र सरकार को ऐसा जानकार चाहिए जो ना केवल केजरीवाल सरकार पर लगाम कस सके बल्कि पार्टी का अपना आदमी होना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि नजीब जंग ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को सहयोग और प्रेम के लिए खासकर राष्ट्रपति शासन के एक साल के समय के दौरान को लेकर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता के कारण ही इस दौरान दिल्ली के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाया जा सका. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया है.
नौकरशाही में 37 साल का अनुभव रखने वाले अनिल बैजल इससे पहले इंडियन एयरलाइन्स के एमडी, प्रसार भारती के सीईओ और दिल्ली विकास प्राधिकरण के वाईस चेयरमैन समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं.टिप्पणियां
आपको ये बता दें कि नजीब जंग और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे है लिहाज़ा केन्द्र सरकार को ऐसा जानकार चाहिए जो ना केवल केजरीवाल सरकार पर लगाम कस सके बल्कि पार्टी का अपना आदमी होना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि नजीब जंग ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को सहयोग और प्रेम के लिए खासकर राष्ट्रपति शासन के एक साल के समय के दौरान को लेकर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता के कारण ही इस दौरान दिल्ली के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाया जा सका. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया है.
आपको ये बता दें कि नजीब जंग और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे है लिहाज़ा केन्द्र सरकार को ऐसा जानकार चाहिए जो ना केवल केजरीवाल सरकार पर लगाम कस सके बल्कि पार्टी का अपना आदमी होना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि नजीब जंग ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को सहयोग और प्रेम के लिए खासकर राष्ट्रपति शासन के एक साल के समय के दौरान को लेकर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता के कारण ही इस दौरान दिल्ली के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाया जा सका. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया है.
उल्लेखनीय है कि नजीब जंग ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को सहयोग और प्रेम के लिए खासकर राष्ट्रपति शासन के एक साल के समय के दौरान को लेकर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता के कारण ही इस दौरान दिल्ली के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाया जा सका. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया है.
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सारांश: नजीब जंग और अरविंद केजरीवाल के संबंध अच्छे नहीं रहे
अजित डोभाल के करीबी हैं अनिल बैजल
इंडियन एयरलाइन्स के एमडी भी रह चुके हैं
| 33
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शेहला मसूद हत्याकांड में शक के दायरे में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक ध्रुव नारायण सिंह का पार्टी के प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा मंजूर हो गया है।
विधायक सिंह ने मंगलवार रात को प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा को एक पत्र लिखकर उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बृजेश लूनावत ने बुधवार को बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने सिंह के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।
शेहला मसूद हत्याकांड की कथित मुख्य सूत्रधार जाहिदा परवेज से करीबी रिश्तों के कारण विधायक सिंह शक के घेरे में हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उनसे पूछताछ करने के अलावा उनके घर की तलाशी भी ले चुकी थी। सिंह का लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज व प्रदेश अध्यक्ष झा का बचाव कर चुके हैं।
शेहला मसूद हत्याकांड की कथित मुख्य सूत्रधार जाहिदा परवेज से करीबी रिश्तों के कारण विधायक सिंह शक के घेरे में हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उनसे पूछताछ करने के अलावा उनके घर की तलाशी भी ले चुकी थी। सिंह का लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज व प्रदेश अध्यक्ष झा का बचाव कर चुके हैं।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शेहला मसूद हत्याकांड में शक के दायरे में आए भाजपा के विधायक ध्रुव नारायण सिंह का पार्टी के प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा मंजूर हो गया है।
| 25
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन अत्यधिक क्षमाप्रार्थी लोगों का देश है। यहां के लोग दिनभर में कम से कम आठ बार 'सॉरी' कहते हैं। एक सर्वेक्षण में पता चला है कि वे जितनी बार सॉरी बोलते हैं, उसमें से ज्यादातर समय तो उनकी कोई गलती ही नहीं होती है। 'न्यूयॉर्क बेकरी को' द्वारा किया गया यह शोध बताता है ब्रिटेनवासी अक्सर किसी और की गलती की प्रतिक्रिया के रूप में माफी मांगते हैं। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के मुताबिक कम से कम 43 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने ऐसे व्यक्तियों से माफी मांगी है, जिनसे उन्हें ठोकर लगी, जबकि 17 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पैरों की अंगुलियां कुचले जाने पर माफी मांगी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि एक औसत ब्रिटेनवासी सालभर में 2,920 दफा सॉरी बोलता है या अपने जीवनकाल में लगभग 23 लाख बार यह शब्द दोहराता है। इनमें से 30 प्रतिशत मामले ऐसे हैं, जहां लोग 'एक्सक्यूज मी' के स्थान पर सॉरी का इस्तेमाल करते हैं और किसी के किसी कार्य में बाधा पहुंचाने पर 67 प्रतिशत मामलों में सॉरी कहा जाता है।
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सारांश: एक सर्वेक्षण में पता चला है कि ये लोग जितनी बार सॉरी बोलते हैं, उसमें से ज्यादातर समय तो उनकी कोई गलती ही नहीं होती है।
| 7
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी एक 'धर्मनिरपेक्ष' पार्टी है जिसमें कोई सांप्रदायिक व्यक्ति रह ही नहीं सकता। राजनाथ ने जोर देकर कहा कि वर्ष 2002 के सांप्रदायिक दंगों के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के संभावित प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के समर्थन में खुलकर बोलते हुए राजनाथ ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री अपने राज्य में अराजकता नहीं फैला सकता।
इंडियन वूमेंस प्रेस कोर में पत्रकारों के साथ बातचीत में राजनाथ ने कहा, "मैं भी मुख्यमंत्री रह चुका हूं, इसलिए अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि कोई भी मुख्यमंत्री अपने राज्य में अराजकता या कानून एवं व्यवस्था खराब होने देना नहीं चाहेगा। मैं विश्वास नहीं करता कि उन्होंने (मोदी) कानून एवं व्यवस्था खराब होने दिया होगा। मैं यह भी कल्पना नहीं करता कि कोई मुख्यमंत्री दंगा भड़का सकता है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा एक अत्यंत धर्मनिरपेक्ष पार्टी है जहां कोई सांप्रदायिक व्यक्ति ठहर ही नहीं सकता।"
भाजपा अध्यक्ष ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उस टिप्पणी की याद दिलाई, जिसके बाद 1984 में दंगे भड़क उठे थे।
राजनाथ ने कहा, "हिंदू-सिख दंगों के बाद एक बड़े नेता जो अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता, उन्होंने कहा था कि जब बड़े पेड़ गिरते हैं तो जमीन हिल जाती है।"
गोधरा दंगों के बाद मोदी की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रया होती है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वे इस कथन की पुष्टि नहीं करते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा था। इस टिप्पणी का उन्होंने खंडन किया था।"
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के संभावित प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के समर्थन में खुलकर बोलते हुए राजनाथ ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री अपने राज्य में अराजकता नहीं फैला सकता।
इंडियन वूमेंस प्रेस कोर में पत्रकारों के साथ बातचीत में राजनाथ ने कहा, "मैं भी मुख्यमंत्री रह चुका हूं, इसलिए अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि कोई भी मुख्यमंत्री अपने राज्य में अराजकता या कानून एवं व्यवस्था खराब होने देना नहीं चाहेगा। मैं विश्वास नहीं करता कि उन्होंने (मोदी) कानून एवं व्यवस्था खराब होने दिया होगा। मैं यह भी कल्पना नहीं करता कि कोई मुख्यमंत्री दंगा भड़का सकता है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा एक अत्यंत धर्मनिरपेक्ष पार्टी है जहां कोई सांप्रदायिक व्यक्ति ठहर ही नहीं सकता।"
भाजपा अध्यक्ष ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उस टिप्पणी की याद दिलाई, जिसके बाद 1984 में दंगे भड़क उठे थे।
राजनाथ ने कहा, "हिंदू-सिख दंगों के बाद एक बड़े नेता जो अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता, उन्होंने कहा था कि जब बड़े पेड़ गिरते हैं तो जमीन हिल जाती है।"
गोधरा दंगों के बाद मोदी की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रया होती है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वे इस कथन की पुष्टि नहीं करते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा था। इस टिप्पणी का उन्होंने खंडन किया था।"
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
इंडियन वूमेंस प्रेस कोर में पत्रकारों के साथ बातचीत में राजनाथ ने कहा, "मैं भी मुख्यमंत्री रह चुका हूं, इसलिए अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि कोई भी मुख्यमंत्री अपने राज्य में अराजकता या कानून एवं व्यवस्था खराब होने देना नहीं चाहेगा। मैं विश्वास नहीं करता कि उन्होंने (मोदी) कानून एवं व्यवस्था खराब होने दिया होगा। मैं यह भी कल्पना नहीं करता कि कोई मुख्यमंत्री दंगा भड़का सकता है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा एक अत्यंत धर्मनिरपेक्ष पार्टी है जहां कोई सांप्रदायिक व्यक्ति ठहर ही नहीं सकता।"
भाजपा अध्यक्ष ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उस टिप्पणी की याद दिलाई, जिसके बाद 1984 में दंगे भड़क उठे थे।
राजनाथ ने कहा, "हिंदू-सिख दंगों के बाद एक बड़े नेता जो अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता, उन्होंने कहा था कि जब बड़े पेड़ गिरते हैं तो जमीन हिल जाती है।"
गोधरा दंगों के बाद मोदी की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रया होती है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वे इस कथन की पुष्टि नहीं करते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा था। इस टिप्पणी का उन्होंने खंडन किया था।"
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
उन्होंने कहा, "भाजपा एक अत्यंत धर्मनिरपेक्ष पार्टी है जहां कोई सांप्रदायिक व्यक्ति ठहर ही नहीं सकता।"
भाजपा अध्यक्ष ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उस टिप्पणी की याद दिलाई, जिसके बाद 1984 में दंगे भड़क उठे थे।
राजनाथ ने कहा, "हिंदू-सिख दंगों के बाद एक बड़े नेता जो अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता, उन्होंने कहा था कि जब बड़े पेड़ गिरते हैं तो जमीन हिल जाती है।"
गोधरा दंगों के बाद मोदी की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रया होती है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वे इस कथन की पुष्टि नहीं करते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा था। इस टिप्पणी का उन्होंने खंडन किया था।"
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
भाजपा अध्यक्ष ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उस टिप्पणी की याद दिलाई, जिसके बाद 1984 में दंगे भड़क उठे थे।
राजनाथ ने कहा, "हिंदू-सिख दंगों के बाद एक बड़े नेता जो अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता, उन्होंने कहा था कि जब बड़े पेड़ गिरते हैं तो जमीन हिल जाती है।"
गोधरा दंगों के बाद मोदी की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रया होती है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वे इस कथन की पुष्टि नहीं करते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा था। इस टिप्पणी का उन्होंने खंडन किया था।"
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
राजनाथ ने कहा, "हिंदू-सिख दंगों के बाद एक बड़े नेता जो अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता, उन्होंने कहा था कि जब बड़े पेड़ गिरते हैं तो जमीन हिल जाती है।"
गोधरा दंगों के बाद मोदी की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रया होती है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वे इस कथन की पुष्टि नहीं करते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा था। इस टिप्पणी का उन्होंने खंडन किया था।"
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
गोधरा दंगों के बाद मोदी की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रया होती है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वे इस कथन की पुष्टि नहीं करते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा था। इस टिप्पणी का उन्होंने खंडन किया था।"
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा था। इस टिप्पणी का उन्होंने खंडन किया था।"
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
राजनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के बारे में पार्टी सही समय पर संसदीय बोर्ड में विचार करने के बाद फैसला लेगी।
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संक्षिप्त सारांश: भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी एक 'धर्मनिरपेक्ष' पार्टी है जिसमें कोई सांप्रदायिक व्यक्ति रह ही नहीं सकता। राजनाथ ने जोर देकर कहा कि वर्ष 2002 के सांप्रदायिक दंगों के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा स
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा 'कमजोर' लोकपाल विधेयक के विरोध में मंगलवार से शुरू होने वाले अनशन से एक दिन पहले सरकार ने इस कदम को असामयिक बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचाररोधी कानून का निर्माण संसद के विवेक पर छोड़ देना चाहिए। संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने सोमवार को कहा, "सरकार ने पहले ही प्रभावशाली एवं मजबूत विधेयक लोक सभा में पेश कर दिया है। सभी लोग इसमें भागीदारी करेंगे। राजनीतिक दलों के विचार भी सामने आएंगे और विधेयक को मतदान के लिए रखा जाएगा।" उन्होंने कहा, "संसद को इस पर निर्णय करने के लिए छोड़ दें। मैं उनसे केवल इतना ही निवेदन करना चाहूंगा कि संसद के निर्णय का इंतजार करें।" दूसरे संसदीय कार्य राज्य मंत्री हरीश रावत ने भी यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का निर्माण संसद के विवेक पर छोड़ देना चाहिए। रावत ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के अधिकतर सुझावों को विधेयक में जगह दी गई है और इसका निर्माण समाज के सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा, "देश एवं समाज के सभी वर्गो के कल्याण को ध्यान में रखकर सभी सुझावों को जगह दी गई है। यदि कुछ छूट जाता है तो अन्नाजी एवं उनके साथियों को इसे संसद एवं सांसदों के विवेक पर छोड़ देना चाहिए।" रावत ने पत्रकारों से कहा, "उनके अधिकतर सुझावों को कमोबेश विधेयक में जगह दी गई है।" उन्होंने कहा कि जब संसद विचार कर रहा है तो ऐसे में दबाव बनाने की कोई जरूरत नहीं है। रावत ने कहा, "संसद में कल से बहस शुरू होगी और इस पर विस्तृत रूप से विचार किया जाएगा। सभी राजनीतिक दल इसमें भागीदारी करना चाहते हैं और खुले दिमाग से सामने आए हैं। ऐसे समय में किसी भी प्रकार के दबाव बनाने की कोई जरूरत नहीं है।" उन्होंने कहा, "अन्ना वरिष्ठ नागरिक हैं और हम उनका सम्मान करते हैं।" अन्ना मंगलवार से मुम्बई में तीन दिवसीय अनशन पर बैठने जा रहे हैं। ठीक इसी समय लोकपाल विधेयक पर बहस और उसको पारित करने के लिए संसद का शीतकालीन सत्र 27 से 29 दिसम्बर तक बढ़ा दिया गया है।
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यहाँ एक सारांश है:अन्ना के अनशन से एक दिन पहले सरकार ने इसे असामयिक बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचाररोधी कानून का निर्माण संसद के विवेक पर छोड़ देना चाहिए।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता को 30वें मन की बात कार्यक्रम के जरिए संबोधित करेंगे. उम्मीद की जा रही है कि आज पीएम यूपी चुनाव में पार्टी को मिली सफलता पर भी बोल सकते हैं. साथ ही देश में जारी कई बोर्ड की परीक्षा में शामिल युवाओं के लिए भी कुछ बोल सकते हैं.
इससे पहले 26 फरवरी को अपने 29वें 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वैज्ञानिक समुदाय की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा था कि 15 फ़रवरी, 2017 भारत के जीवन में बेहद गौरवपूर्ण दिवस के रूप में याद किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस दिन हमारे वैज्ञानिकों ने विश्व के सामने भारत का सर गर्व से ऊँचा किया है. ISRO ने कई अभूतपूर्व मिशन सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं. 'मंगलयान' भेजने के बाद पिछले दिनों इसरो ने विश्व रिकॉर्ड बनाया. इसरो ने मेगा मिशन के ज़रिये एक साथ विभिन्न देशों के 104 उपग्रह अन्तरिक्ष में सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं. 104 उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजकर इतिहास रचने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना और यह लगातार 38वां पीएसएलवी का सफल लांच है. भारत का उपग्रह कार्टोसैट-2डी के माध्यम से खींची हुई तस्वीरों से संसाधनों की मैपिंग, आधारभूत ढांचे की प्लानिंग में मदद मिलेगी.टिप्पणियां
इससे पहले पिछले महीने 29 जनवरी को उन्होंने यह कार्यक्रम किया था. उसमें परीक्षाओं के मद्देनजर पढ़ाई करने वाले छात्रों की तैयारियों पर खास रूप से बातचीत की थी. उसमें छात्रों को उन्होंने स्माइम मोर एंड स्कोर मोर का नारा दिया था. इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले कार्यक्रम में गणतंत्र दिवस पर गैलेंट्री अवॉर्ड पाने वाले लोगों के परिवारवालों को शुभकामनाएं दी थीं.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण ग्यारह बजे से ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और उनके ऑफिशियल वेबसाइट पर होगा.
इससे पहले 26 फरवरी को अपने 29वें 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वैज्ञानिक समुदाय की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा था कि 15 फ़रवरी, 2017 भारत के जीवन में बेहद गौरवपूर्ण दिवस के रूप में याद किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस दिन हमारे वैज्ञानिकों ने विश्व के सामने भारत का सर गर्व से ऊँचा किया है. ISRO ने कई अभूतपूर्व मिशन सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं. 'मंगलयान' भेजने के बाद पिछले दिनों इसरो ने विश्व रिकॉर्ड बनाया. इसरो ने मेगा मिशन के ज़रिये एक साथ विभिन्न देशों के 104 उपग्रह अन्तरिक्ष में सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं. 104 उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजकर इतिहास रचने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना और यह लगातार 38वां पीएसएलवी का सफल लांच है. भारत का उपग्रह कार्टोसैट-2डी के माध्यम से खींची हुई तस्वीरों से संसाधनों की मैपिंग, आधारभूत ढांचे की प्लानिंग में मदद मिलेगी.टिप्पणियां
इससे पहले पिछले महीने 29 जनवरी को उन्होंने यह कार्यक्रम किया था. उसमें परीक्षाओं के मद्देनजर पढ़ाई करने वाले छात्रों की तैयारियों पर खास रूप से बातचीत की थी. उसमें छात्रों को उन्होंने स्माइम मोर एंड स्कोर मोर का नारा दिया था. इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले कार्यक्रम में गणतंत्र दिवस पर गैलेंट्री अवॉर्ड पाने वाले लोगों के परिवारवालों को शुभकामनाएं दी थीं.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण ग्यारह बजे से ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और उनके ऑफिशियल वेबसाइट पर होगा.
इससे पहले पिछले महीने 29 जनवरी को उन्होंने यह कार्यक्रम किया था. उसमें परीक्षाओं के मद्देनजर पढ़ाई करने वाले छात्रों की तैयारियों पर खास रूप से बातचीत की थी. उसमें छात्रों को उन्होंने स्माइम मोर एंड स्कोर मोर का नारा दिया था. इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले कार्यक्रम में गणतंत्र दिवस पर गैलेंट्री अवॉर्ड पाने वाले लोगों के परिवारवालों को शुभकामनाएं दी थीं.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण ग्यारह बजे से ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और उनके ऑफिशियल वेबसाइट पर होगा.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण ग्यारह बजे से ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और उनके ऑफिशियल वेबसाइट पर होगा.
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यहाँ एक सारांश है:पीएम यूपी चुनाव में पार्टी को मिली सफलता पर भी बोल सकते हैं
जारी कई बोर्ड की परीक्षा में शामिल युवाओं के लिए भी कुछ बोल सकते हैं
पिछले संबोधन भारतीय वैज्ञानिक समुदाय की उपलब्धियों को रेखांकित किया था
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: माओवादी प्रमुख प्रचंड ने भारत को नेपाल के राजनीतिक मामलों का ‘वृहद प्रबंधन’ बंद करने के लिए आगाह करते हुए कहा कि इससे भारतीय हितों को नुकसान होगा।
प्रचंड ने ‘कांतिपुर’ राष्ट्रीय दैनिक के प्रधान संपादक सुधीर शर्मा की किताब ‘प्रयोगशाला’ के विमोचन के लिए आयोजित समारोह में कहा ‘भारत को नेपाल के राजनीतिक मामलों के वृहद प्रबंधन में शामिल नहीं होना चाहिए जैसे किसे प्रधानमंत्री बनना चाहिए और किसे नहीं।’
किताब में दशकभर पुराने माओवादी उग्रवाद और बर्खास्त राजशाही के आसपास के राजनीतिक तानेबाने को केंद्र बनाया गया है। लेखक ने किताब में दावा किया है कि भारत का नेपाली राजनीति पर गहरा प्रभाव है।टिप्पणियां
प्रचंड ने चेताया कि नेपाल के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप भारत के लिए ही हानिकारक होगा। यह बात प्रचंड ने ऐसे समय कही है जब 19 नवंबर को देश में संविधान सभा के चुनाव होने हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी नेपाल में संघर्ष के दिनों में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ कूटनीतिक समझौतों पर सहमत हो गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी, चीन, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर शांति प्रक्रिया में आने की इच्छा जताई थी।
प्रचंड ने ‘कांतिपुर’ राष्ट्रीय दैनिक के प्रधान संपादक सुधीर शर्मा की किताब ‘प्रयोगशाला’ के विमोचन के लिए आयोजित समारोह में कहा ‘भारत को नेपाल के राजनीतिक मामलों के वृहद प्रबंधन में शामिल नहीं होना चाहिए जैसे किसे प्रधानमंत्री बनना चाहिए और किसे नहीं।’
किताब में दशकभर पुराने माओवादी उग्रवाद और बर्खास्त राजशाही के आसपास के राजनीतिक तानेबाने को केंद्र बनाया गया है। लेखक ने किताब में दावा किया है कि भारत का नेपाली राजनीति पर गहरा प्रभाव है।टिप्पणियां
प्रचंड ने चेताया कि नेपाल के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप भारत के लिए ही हानिकारक होगा। यह बात प्रचंड ने ऐसे समय कही है जब 19 नवंबर को देश में संविधान सभा के चुनाव होने हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी नेपाल में संघर्ष के दिनों में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ कूटनीतिक समझौतों पर सहमत हो गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी, चीन, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर शांति प्रक्रिया में आने की इच्छा जताई थी।
किताब में दशकभर पुराने माओवादी उग्रवाद और बर्खास्त राजशाही के आसपास के राजनीतिक तानेबाने को केंद्र बनाया गया है। लेखक ने किताब में दावा किया है कि भारत का नेपाली राजनीति पर गहरा प्रभाव है।टिप्पणियां
प्रचंड ने चेताया कि नेपाल के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप भारत के लिए ही हानिकारक होगा। यह बात प्रचंड ने ऐसे समय कही है जब 19 नवंबर को देश में संविधान सभा के चुनाव होने हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी नेपाल में संघर्ष के दिनों में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ कूटनीतिक समझौतों पर सहमत हो गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी, चीन, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर शांति प्रक्रिया में आने की इच्छा जताई थी।
प्रचंड ने चेताया कि नेपाल के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप भारत के लिए ही हानिकारक होगा। यह बात प्रचंड ने ऐसे समय कही है जब 19 नवंबर को देश में संविधान सभा के चुनाव होने हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी नेपाल में संघर्ष के दिनों में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ कूटनीतिक समझौतों पर सहमत हो गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी, चीन, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर शांति प्रक्रिया में आने की इच्छा जताई थी।
पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी नेपाल में संघर्ष के दिनों में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ कूटनीतिक समझौतों पर सहमत हो गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी, चीन, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर शांति प्रक्रिया में आने की इच्छा जताई थी।
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सारांश: माओवादी प्रमुख प्रचंड ने भारत को नेपाल के राजनीतिक मामलों का ‘वृहद प्रबंधन’ बंद करने के लिए आगाह करते हुए कहा कि इससे भारतीय हितों को नुकसान होगा।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रेदश में बरेली ज़िले के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह को सरकार ने उनके फेसबुक पोस्ट पर चार्जशीट दे दी है. उनके फेसबुक पोस्ट को उनके सर्विस कंडक्ट रूल की खिलाफ माना गया है. डीएम ने कासगंज में हुए दंगे के बाद फेसबुक पर दक्षिणपंथी संगठनों को दंगा भड़काने का ज़िम्मेदार बताया था.
बता दें कि उत्तर प्रदेश के कासगंज में तिरंगा यात्रा को लेकर दो समुदाय के बीच हिंसक झड़प को लेकर एक जिलाधिकारी को अपने फेसपुक पोस्ट की वजह से गुस्से का सामना करना पड़ा था. दरअसल, कासगंज हिंसा को लेकर बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट लिखा, जिसके ऊपर काफी विवाद खड़ा हो गया, मगर राज्य सरकार की सख्ती के बाद बरेली के डीएम ने अपनी फेसबुक पोस्ट को लेकर माफी मांग ली है और अपनी सफाई दी.
बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को अपने फेसबुक पोस्ट में अपनी पुरानी पोस्ट को लेकर सफाई दी और माफी भी मांगते हुए लिखा कि, 'हमारी पोस्ट बरेली में कांवर यात्रा के दौरान आई Law n order की समस्या से सम्बंधित थी. I had hoped there will be academic discission but unfortunately it had taken a different turn . Extremely sad .हम आपस में चर्चा इस लिए करते हैं कि हम बेहतर हो सकें . ऐसा लगता है कि इस से बहुत से लोगों को आपत्ति भी है और तकलीफ भी .हमारी मंशा कोई कष्ट देने की नही थी. सांप्रदायिक माहौल सुधारना प्रशासनिक एवं नैतिक ज़िम्मेदारी है हम लोगों की. हमारे मुस्लिम हमारे भाई है .. हमारे ही रक्त .. DNA एक ही है हमारा .हमें उन्हे वापस लाना नही आया . इस पर फिर कभी ... एकीकरण व समरसता के भाव को ज़ितनी जल्दी हम समझे ऊतना बेहतर है देश के लिए हमारे प्रदेश हमारे जनपद के लिए . पाकिस्तान शत्रु है ...इसमे कोई सन्देह नही . हमारे मुस्लिम हमारे हैं .. इसमे भी कोई संदेह नही . मैं चाहता हूँ यह विवाद खत्म हो . I do apologise if our freinds न brothers r pained because of me.' टिप्पणियां
डीएम ने फेसबुक पोस्ट से अपनी मंशा साफ तौर पर जाहिर कर दी और लिखा कि अगर मेरे पिछले पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं. बता दें कि बरेली के डीएम राघवेंद्र की ये सफाई उस पोस्ट पर आई, जिस पर काफी बवाल मचा था और आरोप था कि उन्हें ऐसे पोस्ट से बचना चाहिए, क्योंकि इससे हिंसा की आग और भड़कती है. राघवेंद्र ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसे कासगंज हिंसा से जोड़कर लोगों ने देखा था. उन्होंने अपने पोस्ट में मुस्लिम मुहल्ले में जुलूस निकालने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने से संबंधित पोस्ट 28 जनवरी को किया था. हालांकि, बढ़ता विवाद देख उन्होंने अपने पोस्ट को हटा लिया और बाद में उस पोस्ट के संदर्भ में सफाई पेश की.
बता दें कि 26 जनवरी के दिन देश की राजधानी दिल्ली से 170 किलोमीट दूर शहर में हुए दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में 22 साल के चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. ये घटना तब हुई थी, जब विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा बाइक रैली निकाली जा रही थी.
बता दें कि उत्तर प्रदेश के कासगंज में तिरंगा यात्रा को लेकर दो समुदाय के बीच हिंसक झड़प को लेकर एक जिलाधिकारी को अपने फेसपुक पोस्ट की वजह से गुस्से का सामना करना पड़ा था. दरअसल, कासगंज हिंसा को लेकर बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट लिखा, जिसके ऊपर काफी विवाद खड़ा हो गया, मगर राज्य सरकार की सख्ती के बाद बरेली के डीएम ने अपनी फेसबुक पोस्ट को लेकर माफी मांग ली है और अपनी सफाई दी.
बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को अपने फेसबुक पोस्ट में अपनी पुरानी पोस्ट को लेकर सफाई दी और माफी भी मांगते हुए लिखा कि, 'हमारी पोस्ट बरेली में कांवर यात्रा के दौरान आई Law n order की समस्या से सम्बंधित थी. I had hoped there will be academic discission but unfortunately it had taken a different turn . Extremely sad .हम आपस में चर्चा इस लिए करते हैं कि हम बेहतर हो सकें . ऐसा लगता है कि इस से बहुत से लोगों को आपत्ति भी है और तकलीफ भी .हमारी मंशा कोई कष्ट देने की नही थी. सांप्रदायिक माहौल सुधारना प्रशासनिक एवं नैतिक ज़िम्मेदारी है हम लोगों की. हमारे मुस्लिम हमारे भाई है .. हमारे ही रक्त .. DNA एक ही है हमारा .हमें उन्हे वापस लाना नही आया . इस पर फिर कभी ... एकीकरण व समरसता के भाव को ज़ितनी जल्दी हम समझे ऊतना बेहतर है देश के लिए हमारे प्रदेश हमारे जनपद के लिए . पाकिस्तान शत्रु है ...इसमे कोई सन्देह नही . हमारे मुस्लिम हमारे हैं .. इसमे भी कोई संदेह नही . मैं चाहता हूँ यह विवाद खत्म हो . I do apologise if our freinds न brothers r pained because of me.' टिप्पणियां
डीएम ने फेसबुक पोस्ट से अपनी मंशा साफ तौर पर जाहिर कर दी और लिखा कि अगर मेरे पिछले पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं. बता दें कि बरेली के डीएम राघवेंद्र की ये सफाई उस पोस्ट पर आई, जिस पर काफी बवाल मचा था और आरोप था कि उन्हें ऐसे पोस्ट से बचना चाहिए, क्योंकि इससे हिंसा की आग और भड़कती है. राघवेंद्र ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसे कासगंज हिंसा से जोड़कर लोगों ने देखा था. उन्होंने अपने पोस्ट में मुस्लिम मुहल्ले में जुलूस निकालने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने से संबंधित पोस्ट 28 जनवरी को किया था. हालांकि, बढ़ता विवाद देख उन्होंने अपने पोस्ट को हटा लिया और बाद में उस पोस्ट के संदर्भ में सफाई पेश की.
बता दें कि 26 जनवरी के दिन देश की राजधानी दिल्ली से 170 किलोमीट दूर शहर में हुए दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में 22 साल के चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. ये घटना तब हुई थी, जब विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा बाइक रैली निकाली जा रही थी.
बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को अपने फेसबुक पोस्ट में अपनी पुरानी पोस्ट को लेकर सफाई दी और माफी भी मांगते हुए लिखा कि, 'हमारी पोस्ट बरेली में कांवर यात्रा के दौरान आई Law n order की समस्या से सम्बंधित थी. I had hoped there will be academic discission but unfortunately it had taken a different turn . Extremely sad .हम आपस में चर्चा इस लिए करते हैं कि हम बेहतर हो सकें . ऐसा लगता है कि इस से बहुत से लोगों को आपत्ति भी है और तकलीफ भी .हमारी मंशा कोई कष्ट देने की नही थी. सांप्रदायिक माहौल सुधारना प्रशासनिक एवं नैतिक ज़िम्मेदारी है हम लोगों की. हमारे मुस्लिम हमारे भाई है .. हमारे ही रक्त .. DNA एक ही है हमारा .हमें उन्हे वापस लाना नही आया . इस पर फिर कभी ... एकीकरण व समरसता के भाव को ज़ितनी जल्दी हम समझे ऊतना बेहतर है देश के लिए हमारे प्रदेश हमारे जनपद के लिए . पाकिस्तान शत्रु है ...इसमे कोई सन्देह नही . हमारे मुस्लिम हमारे हैं .. इसमे भी कोई संदेह नही . मैं चाहता हूँ यह विवाद खत्म हो . I do apologise if our freinds न brothers r pained because of me.' टिप्पणियां
डीएम ने फेसबुक पोस्ट से अपनी मंशा साफ तौर पर जाहिर कर दी और लिखा कि अगर मेरे पिछले पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं. बता दें कि बरेली के डीएम राघवेंद्र की ये सफाई उस पोस्ट पर आई, जिस पर काफी बवाल मचा था और आरोप था कि उन्हें ऐसे पोस्ट से बचना चाहिए, क्योंकि इससे हिंसा की आग और भड़कती है. राघवेंद्र ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसे कासगंज हिंसा से जोड़कर लोगों ने देखा था. उन्होंने अपने पोस्ट में मुस्लिम मुहल्ले में जुलूस निकालने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने से संबंधित पोस्ट 28 जनवरी को किया था. हालांकि, बढ़ता विवाद देख उन्होंने अपने पोस्ट को हटा लिया और बाद में उस पोस्ट के संदर्भ में सफाई पेश की.
बता दें कि 26 जनवरी के दिन देश की राजधानी दिल्ली से 170 किलोमीट दूर शहर में हुए दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में 22 साल के चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. ये घटना तब हुई थी, जब विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा बाइक रैली निकाली जा रही थी.
डीएम ने फेसबुक पोस्ट से अपनी मंशा साफ तौर पर जाहिर कर दी और लिखा कि अगर मेरे पिछले पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं. बता दें कि बरेली के डीएम राघवेंद्र की ये सफाई उस पोस्ट पर आई, जिस पर काफी बवाल मचा था और आरोप था कि उन्हें ऐसे पोस्ट से बचना चाहिए, क्योंकि इससे हिंसा की आग और भड़कती है. राघवेंद्र ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसे कासगंज हिंसा से जोड़कर लोगों ने देखा था. उन्होंने अपने पोस्ट में मुस्लिम मुहल्ले में जुलूस निकालने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने से संबंधित पोस्ट 28 जनवरी को किया था. हालांकि, बढ़ता विवाद देख उन्होंने अपने पोस्ट को हटा लिया और बाद में उस पोस्ट के संदर्भ में सफाई पेश की.
बता दें कि 26 जनवरी के दिन देश की राजधानी दिल्ली से 170 किलोमीट दूर शहर में हुए दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में 22 साल के चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. ये घटना तब हुई थी, जब विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा बाइक रैली निकाली जा रही थी.
बता दें कि 26 जनवरी के दिन देश की राजधानी दिल्ली से 170 किलोमीट दूर शहर में हुए दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में 22 साल के चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. ये घटना तब हुई थी, जब विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा बाइक रैली निकाली जा रही थी.
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बरेली के डीएम में फेसबुक में रखे थे विचार
अपनी पोस्ट के लिए मांगी थी माफी
सरकार ने पोस्ट को नियमों के विरुद्ध पाया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: अफगानिस्तान के पकटिया प्रांत में सोमवार को एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा दिया। इस घटना में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश स्कूली बच्चे थे। घटना में 17 लोग घायल भी हुए हैं।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्थानीय पुलिस प्रमुख जलमई ओरयाखिल के हवाले से बताया है कि यह घटना काबुल से 100 किलोमीटर दूर पकटिया प्रांत के समकानी जिले में एक स्कूल के बाहर हुई।
पुलिस प्रमुख ने कहा कि विस्फोटक से लैस आतंकवादी मोटरसाइकिल से आया। उसने खुद को उस वक्त उड़ा दिया, जब कुछ अमेरिकी सैनिक वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने बताया कि हमलावर ने खुद को खत्म करने के अलावा अन्य 10 लोगों की जान ले ली, जिनमें अधिकांश स्कूली बच्चे थे। इस घटना में अन्य 17 लोग घायल हो गए। फिलहाल किसी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्थानीय पुलिस प्रमुख जलमई ओरयाखिल के हवाले से बताया है कि यह घटना काबुल से 100 किलोमीटर दूर पकटिया प्रांत के समकानी जिले में एक स्कूल के बाहर हुई।
पुलिस प्रमुख ने कहा कि विस्फोटक से लैस आतंकवादी मोटरसाइकिल से आया। उसने खुद को उस वक्त उड़ा दिया, जब कुछ अमेरिकी सैनिक वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने बताया कि हमलावर ने खुद को खत्म करने के अलावा अन्य 10 लोगों की जान ले ली, जिनमें अधिकांश स्कूली बच्चे थे। इस घटना में अन्य 17 लोग घायल हो गए। फिलहाल किसी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पुलिस प्रमुख ने कहा कि विस्फोटक से लैस आतंकवादी मोटरसाइकिल से आया। उसने खुद को उस वक्त उड़ा दिया, जब कुछ अमेरिकी सैनिक वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने बताया कि हमलावर ने खुद को खत्म करने के अलावा अन्य 10 लोगों की जान ले ली, जिनमें अधिकांश स्कूली बच्चे थे। इस घटना में अन्य 17 लोग घायल हो गए। फिलहाल किसी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
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सारांश: अफगानिस्तान के पकटिया प्रांत में सोमवार को एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा दिया। इस घटना में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश स्कूली बच्चे थे। घटना में 17 लोग घायल भी हुए हैं।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा के एक स्कूल में सात साल की बच्ची से स्कूल के ही टॉयलेट में रेप के बाद लोगों में गुस्सा व्याप्त है। ऐसे में स्कूल के प्रबंधन ने पीड़ित बच्ची के पिता से अस्वीकार्य शब्द कहे हैं।
स्कूल प्रबंधन के एक अधिकारी ने पीड़ित बच्ची के पिता से कहा, 'आपकी बच्ची ने इतना कुछ नहीं सहा।' यह स्कूल मोर्मुगो पोर्ट ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
एनडीटीवी से खास बातचीत में पीड़ित बच्ची के पिता ने कहा कि वह अधिकारी घटना के बाद अस्पताल में मुआवजा की बात करने आया था जब उसने यह बात कही। इस बात से गुस्साए बच्ची के पिता ने कहा कि पूरी जिंदगी के लिए बच्ची पर दाग लग गया है और स्कूल मैनेजमेंट का यह रवैया निंदनीय है।
जब एनडीटीवी ने स्कूल के चेयरमैन पी मारा पांडियन से संपर्क साधा, तब उनका कहना था कि उन्हें अपने अधिकारी के ऐसे वक्तव्य के बारे में जानकारी नहीं है। वह इस बारे में जांच कराएंगे।
वहीं, नाराज पिता ने घटना पर पर्दा डालने की कोशिश करने का स्कूल पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल के शिक्षित अध्यापक ने खून से सने बच्ची के कपड़ों को साफ करने की कोशिश की।
इस पूरी घटना में स्कूल की प्रिंसिपल, जिसे फिलहाल निलंबित कर दिया गया है, उनका कहना था कि कोई बाहरी आदमी स्कूल में घुसकर ऐसी घटना को अंजाम कैसे दे सकता है। उनका कहना था कि ऐसी कोई सुराग भी नहीं है। यह सब प्रिंसिपल का कहना तब था, जब पीड़ित मात्र सात साल की है।
घटना के चार दिन बाद भी इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना के विरोध में शुक्रवार को वास्को में लोगों ने बंद रखा।
गोवा पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए पंद्रह सदस्यीय टीम बनाई है। गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा का कहना है कि यह एक ब्लाइंड केस है। पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
स्कूल प्रबंधन के एक अधिकारी ने पीड़ित बच्ची के पिता से कहा, 'आपकी बच्ची ने इतना कुछ नहीं सहा।' यह स्कूल मोर्मुगो पोर्ट ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
एनडीटीवी से खास बातचीत में पीड़ित बच्ची के पिता ने कहा कि वह अधिकारी घटना के बाद अस्पताल में मुआवजा की बात करने आया था जब उसने यह बात कही। इस बात से गुस्साए बच्ची के पिता ने कहा कि पूरी जिंदगी के लिए बच्ची पर दाग लग गया है और स्कूल मैनेजमेंट का यह रवैया निंदनीय है।
जब एनडीटीवी ने स्कूल के चेयरमैन पी मारा पांडियन से संपर्क साधा, तब उनका कहना था कि उन्हें अपने अधिकारी के ऐसे वक्तव्य के बारे में जानकारी नहीं है। वह इस बारे में जांच कराएंगे।
वहीं, नाराज पिता ने घटना पर पर्दा डालने की कोशिश करने का स्कूल पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल के शिक्षित अध्यापक ने खून से सने बच्ची के कपड़ों को साफ करने की कोशिश की।
इस पूरी घटना में स्कूल की प्रिंसिपल, जिसे फिलहाल निलंबित कर दिया गया है, उनका कहना था कि कोई बाहरी आदमी स्कूल में घुसकर ऐसी घटना को अंजाम कैसे दे सकता है। उनका कहना था कि ऐसी कोई सुराग भी नहीं है। यह सब प्रिंसिपल का कहना तब था, जब पीड़ित मात्र सात साल की है।
घटना के चार दिन बाद भी इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना के विरोध में शुक्रवार को वास्को में लोगों ने बंद रखा।
गोवा पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए पंद्रह सदस्यीय टीम बनाई है। गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा का कहना है कि यह एक ब्लाइंड केस है। पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
एनडीटीवी से खास बातचीत में पीड़ित बच्ची के पिता ने कहा कि वह अधिकारी घटना के बाद अस्पताल में मुआवजा की बात करने आया था जब उसने यह बात कही। इस बात से गुस्साए बच्ची के पिता ने कहा कि पूरी जिंदगी के लिए बच्ची पर दाग लग गया है और स्कूल मैनेजमेंट का यह रवैया निंदनीय है।
जब एनडीटीवी ने स्कूल के चेयरमैन पी मारा पांडियन से संपर्क साधा, तब उनका कहना था कि उन्हें अपने अधिकारी के ऐसे वक्तव्य के बारे में जानकारी नहीं है। वह इस बारे में जांच कराएंगे।
वहीं, नाराज पिता ने घटना पर पर्दा डालने की कोशिश करने का स्कूल पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल के शिक्षित अध्यापक ने खून से सने बच्ची के कपड़ों को साफ करने की कोशिश की।
इस पूरी घटना में स्कूल की प्रिंसिपल, जिसे फिलहाल निलंबित कर दिया गया है, उनका कहना था कि कोई बाहरी आदमी स्कूल में घुसकर ऐसी घटना को अंजाम कैसे दे सकता है। उनका कहना था कि ऐसी कोई सुराग भी नहीं है। यह सब प्रिंसिपल का कहना तब था, जब पीड़ित मात्र सात साल की है।
घटना के चार दिन बाद भी इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना के विरोध में शुक्रवार को वास्को में लोगों ने बंद रखा।
गोवा पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए पंद्रह सदस्यीय टीम बनाई है। गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा का कहना है कि यह एक ब्लाइंड केस है। पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
जब एनडीटीवी ने स्कूल के चेयरमैन पी मारा पांडियन से संपर्क साधा, तब उनका कहना था कि उन्हें अपने अधिकारी के ऐसे वक्तव्य के बारे में जानकारी नहीं है। वह इस बारे में जांच कराएंगे।
वहीं, नाराज पिता ने घटना पर पर्दा डालने की कोशिश करने का स्कूल पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल के शिक्षित अध्यापक ने खून से सने बच्ची के कपड़ों को साफ करने की कोशिश की।
इस पूरी घटना में स्कूल की प्रिंसिपल, जिसे फिलहाल निलंबित कर दिया गया है, उनका कहना था कि कोई बाहरी आदमी स्कूल में घुसकर ऐसी घटना को अंजाम कैसे दे सकता है। उनका कहना था कि ऐसी कोई सुराग भी नहीं है। यह सब प्रिंसिपल का कहना तब था, जब पीड़ित मात्र सात साल की है।
घटना के चार दिन बाद भी इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना के विरोध में शुक्रवार को वास्को में लोगों ने बंद रखा।
गोवा पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए पंद्रह सदस्यीय टीम बनाई है। गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा का कहना है कि यह एक ब्लाइंड केस है। पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
वहीं, नाराज पिता ने घटना पर पर्दा डालने की कोशिश करने का स्कूल पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल के शिक्षित अध्यापक ने खून से सने बच्ची के कपड़ों को साफ करने की कोशिश की।
इस पूरी घटना में स्कूल की प्रिंसिपल, जिसे फिलहाल निलंबित कर दिया गया है, उनका कहना था कि कोई बाहरी आदमी स्कूल में घुसकर ऐसी घटना को अंजाम कैसे दे सकता है। उनका कहना था कि ऐसी कोई सुराग भी नहीं है। यह सब प्रिंसिपल का कहना तब था, जब पीड़ित मात्र सात साल की है।
घटना के चार दिन बाद भी इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना के विरोध में शुक्रवार को वास्को में लोगों ने बंद रखा।
गोवा पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए पंद्रह सदस्यीय टीम बनाई है। गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा का कहना है कि यह एक ब्लाइंड केस है। पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
इस पूरी घटना में स्कूल की प्रिंसिपल, जिसे फिलहाल निलंबित कर दिया गया है, उनका कहना था कि कोई बाहरी आदमी स्कूल में घुसकर ऐसी घटना को अंजाम कैसे दे सकता है। उनका कहना था कि ऐसी कोई सुराग भी नहीं है। यह सब प्रिंसिपल का कहना तब था, जब पीड़ित मात्र सात साल की है।
घटना के चार दिन बाद भी इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना के विरोध में शुक्रवार को वास्को में लोगों ने बंद रखा।
गोवा पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए पंद्रह सदस्यीय टीम बनाई है। गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा का कहना है कि यह एक ब्लाइंड केस है। पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
घटना के चार दिन बाद भी इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना के विरोध में शुक्रवार को वास्को में लोगों ने बंद रखा।
गोवा पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए पंद्रह सदस्यीय टीम बनाई है। गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा का कहना है कि यह एक ब्लाइंड केस है। पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
गोवा पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए पंद्रह सदस्यीय टीम बनाई है। गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा का कहना है कि यह एक ब्लाइंड केस है। पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
पीड़ित बच्ची के पिता ने सीएम से अपील की है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और बलात्कार के आरोपी को सजा दिलवाएं।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
वहीं, गोवा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए राज्य कांग्रेस ने वास्को के एक स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस्तीफे की मांग की।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
गोवा कांग्रेस प्रवक्ता अलेक्सो रेगिनाल्डो लारेंको ने शुक्रवार को कहा कि पार्रिकर, जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं, को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। बच्ची के माता पिता का आरोप है कि स्कूल के कर्मचारियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपराधी को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है और दोषी बाहर घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गोवा के एक स्कूल में सात साल की बच्ची से स्कूल के ही टॉयलेट में रेप के बाद लोगों में गुस्सा व्याप्त है। ऐसे में स्कूल के प्रबंधन में पीड़ित बच्ची के पिता से अस्वीकार्य शब्द कहे हैं।
| 19
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: बिहार के मधुबनी में रविवार को आसमान से बिजली से गिरने से दो नाबालिग लड़कियों समेत पांच व्यक्तियों की मौत हो गई.
झंझारपुर थाने के प्रभारी प्रेमलाल पासवान ने बताया कि थाना क्षेत्र के दीप गांव में दो लोग, समीप के हरभंगा गांव में दस साल की एक लड़की की बिजली गिरने से मौत हो गई.
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार बाबूबरही थानाक्षेत्र के सतघारा गांव में 45 साल का एक व्यक्ति बिजली गिरने से चल बसा. भेजा थाने के प्रभारी अंगेश कुमार के अनुसार कमालपुर गांव में दस साल की एक लड़की आसमान से बिजली गिरने से मर गई.टिप्पणियां
बिहार के मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार ने बिजली गिरने से राज्य में लोगों की मौत पर दुख प्रकट किया और ऐसे लोगों के परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने का निर्देश जारी किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
झंझारपुर थाने के प्रभारी प्रेमलाल पासवान ने बताया कि थाना क्षेत्र के दीप गांव में दो लोग, समीप के हरभंगा गांव में दस साल की एक लड़की की बिजली गिरने से मौत हो गई.
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार बाबूबरही थानाक्षेत्र के सतघारा गांव में 45 साल का एक व्यक्ति बिजली गिरने से चल बसा. भेजा थाने के प्रभारी अंगेश कुमार के अनुसार कमालपुर गांव में दस साल की एक लड़की आसमान से बिजली गिरने से मर गई.टिप्पणियां
बिहार के मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार ने बिजली गिरने से राज्य में लोगों की मौत पर दुख प्रकट किया और ऐसे लोगों के परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने का निर्देश जारी किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार बाबूबरही थानाक्षेत्र के सतघारा गांव में 45 साल का एक व्यक्ति बिजली गिरने से चल बसा. भेजा थाने के प्रभारी अंगेश कुमार के अनुसार कमालपुर गांव में दस साल की एक लड़की आसमान से बिजली गिरने से मर गई.टिप्पणियां
बिहार के मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार ने बिजली गिरने से राज्य में लोगों की मौत पर दुख प्रकट किया और ऐसे लोगों के परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने का निर्देश जारी किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बिहार के मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार ने बिजली गिरने से राज्य में लोगों की मौत पर दुख प्रकट किया और ऐसे लोगों के परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने का निर्देश जारी किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
|
यहाँ एक सारांश है:हरभंगा गांव में दस साल की लड़की की मौत
झंझारपुर थाना क्षेत्र के दीप गांव में दो लोग मरे
सतघारा गांव में 45 साल के व्यक्ति की मौत
| 15
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मोबाइल कंपनियों और लग्जरी कारों के मालिकों को डीजल पर मिल रही सब्सिडी का विरोध किया है। रमेश ने कहा है कि इसके बजाय वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रसोई गैस पर छूट मिलनी चाहिए, जिससे पेड़ों को बचाया जा सके। रमेश ने कहा कि डीजल सब्सिडी का मकसद कृषि क्षेत्र के लोगों को लाभ प्रदान करना है। पर आज यह सब्सिडी लग्जरी कारों के मालिकों और मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले हम-आप जैसे लोगों को मिल रही है। रमेश ने विश्व पर्यावरण दिवस पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की हरित अर्थव्यवस्था एवं वन विषय पर रिपोर्ट जारी करते हुए संवाददाताओं से कहा, देश में 4,50,000 मोबाइल टावर हैं और सभी में डीजल का इस्तेमाल होता है। ऐसे में डीजल पर सब्सिडी क्यों मिलनी चाहिए। गैर सरकारी संगठन ग्रीनपीस की हाल में जारी रपट में कहा गया है कि दूरसंचार कंपनियों द्वारा टावरों को बिजली देने के लिए डीजल का इस्तेमाल होता है। इससे सरकार को सालाना सब्सिडी के रूप में 2,600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। देश के वन क्षेत्रों के 1,72,000 गांवों को रसोई गैस सब्सिडी देने की वकालत करते हुए रमेश ने कहा, सिर्फ एक महत्वपूर्ण उपाय से सरकार इन क्षेत्रों के वनों को बचा सकती है। उन्होंने कहा कि इन गांवों के लोग खाना पकाने के लिए वनों पर निर्भर हैं। ऐसे में उन्हें रसोई गैस सब्सिडी प्रदान करने की काफी आवश्यकता है।
|
यहाँ एक सारांश है:पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मोबाइल कंपनियों और लग्जरी कारों के मालिकों को डीजल पर मिल रही सब्सिडी का विरोध किया है।
| 12
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि भारत ने भले ही अमेरिकन मोटरसाइकिलों पर आयात टैरिफ 100 से 50 फीसदी कर दिया हो लेकिन यह अब भी ज्यादा और अस्वीकार्य है. ट्रंप ने कहा कि उनकी अगुवाई में अमेरिका को अब और 'बेवकूफ' नहीं बनाया जा सकता है. ट्रंप ने कहा कि 'हम बेवकूफ देश नहीं है जिसे बुरी तरह बनाया गया है. आप भारत को देखो जो हमारा अच्छा दोस्त है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आप देखिए आपने क्या किया, मोटरसाइकिल पर 100 फीसदी टैक्स. हमने उनसे कोई चार्ज नहीं लिया'. आपको बता दें कि ट्रंप ने यह बात सोमवार को सीबीएस न्यूज से इंटरव्यू में कही है. दरअसल ट्रंप भारत में अमेरिकन मोटरसाइकिल हार्ले डिविडसन पर लगाए जा रहे आयात शुल्क की ओर इशारा कर रहे थे. ट्रंप के लिए यह मुद्दा काफी अहम है और वह चाहते हैं कि भारत इस पर लगाए जा रहे सारा टैरिफ खत्म कर दे.
ट्रंप ने बताया कि जब हम यहां से मोटरसाइकिलें भेजते हैं तो 100 फीसदी टैक्स लगता है लेकिन जब वह अपने देश यहां मोटरसाइकिलें भेजते हैं तो हम कोई भी टैक्स नहीं लगाते हैं. ट्रंप ने कहा उन्होंने पीएम मोदी से इस मुद्दे पर बात की है और कहा कि यह एकदम अस्वीकार्य है. ट्रंप ने बताया कि पीएम मोदी ने एक फोन कॉल पर टैक्स 50 फीसदी कर दिया है. लेकिन अब भी यह ज्यादा है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है. ट्रंप ने कहा कि दोनों देश इस मुद्दे को सुलझाने पर काम कर रहे हैं. एक सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम ऐसे बैंक बन गए हैं जिसे हर कोई लूटने पर आमादा है, और वे इसे काफी लंबे समय से कर रहे हैं. हमारा व्यापार घाटा 800 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है. आप बताइए ऐसे समझौते किसने किए.
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली जीत के बाद अमेरिका को उम्मीद है कि अपने दूसरे कार्यकाल में आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए उनके पास ज्यादा स्वतंत्रता होगी. इससे एक कारोबार अनुकुल माहौल बनाने में मदद मिलेगे. व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी का यह बयान ऐसे समय आया जब शुक्रवार को मीडिया में यह खबर छाई रही कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अगला निशाना भारत हो सकता है. इसमें भारत के खिलाफ सेक्शन-301 जांच शुरू किया जाना शामिल है.
अधिकारी ने कहा, ‘‘ बड़ी चिंता ई-वाणिज्य पर भारत सरकार द्वारा हाल में लगाए गए प्रतिबंध और डाटा का स्थानीयकरण करने के नियम है. इससे अमेरिकी कंपनियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. साथ ही निवेश माहौल पर भी असर पड़ा है.''
उन्होंने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि चुनाव निपट गए हैं और प्रधानमंत्री मोदी के पास कड़े आर्थिक सुधार लाने के लिए अब अधिक स्वतंत्रता होगी. यह नए विदेशी निवेश को आकर्षिक करेगा और कारोबार अनुकूल माहौल बनाने में मदद करेगा. उल्लेखनीय है कि जापान के ओसाका में जी-20 समूह की बैठक के दौरान इस माह के अंत में मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होना तय है
|
यहाँ एक सारांश है:मोटरसाइकिलों पर टैरिफ से ट्रंप नाराज
भारत लगाता रहा है 100 फीसदी टैरिफ
ट्रंप ने कहा- यह स्वीकार नहीं
| 15
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बल्लेबाज इयोन मोर्गन का भारतीय उपमहाद्वीप में 19 फरवरी से दो अप्रैल तक आयोजित होने वाले क्रिकेट विश्व कप में खेलना संदिग्ध हो गया है। आस्ट्रेलिया के साथ पर्थ में रविवार को खेले गए अंतिम एकदिवसीय मुकाबले में मोर्गन को चोट के कारण टीम से बाहर रहना पड़ा था। मोर्गन के बाएं हाथ की अंगुली में चोट है जिसके इलाज के लिए वह लंदन रवाना हो चुके हैं। वेबसाइट 'क्रिक इंफो डॉट कॉम' ने इंग्लैंड के कोच एंडी फ्लावर के हवाले से लिखा है, "मोर्गन की अंगुली में चोट है। वह इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलेंगे इसके बाद ही उनकी चोट की स्थिति का पता लग पाएगा।" कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने कहा, "मोर्गन भले ही आस्ट्रेलियाई दौरे पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हों लेकिन वह हमारी टीम में मध्यक्रम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज हैं। अगर वह विश्व कप में नहीं खेलते हैं तो यह हमारे लिए बड़ा झटका है लेकिन मुझे उम्मीद है कि वह उस समय तक फिट हो जाएंगे।"
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संक्षिप्त सारांश: मोर्गन का भारतीय उपमहाद्वीप में 19 फरवरी से दो अप्रैल तक आयोजित होने वाले क्रिकेट विश्व कप में खेलना संदिग्ध हो गया है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में शनिवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के अंतर्गत किंग्स इलेवन पंजाब और डेक्कन चार्जर्स अपने अंतिम लीग मुकाबले में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी। प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी डेक्कन चार्जर्स को हरा कर किंग्स इलेवन का प्रयास प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने का होगा। किंग्स इलेवन ने अपने पिछले लीग मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को 111 रनों के भारी अंतर से हराया था वहीं डेक्कन चाजर्स ने पिछले मुकाबले में पुणे वॉरियर्स को छह विकेट से पराजित कर शानदार जीत दर्ज की थी। इस प्रतियोगिता में किंग्स इलेवन ने अब तक 13 मुकाबले खेले हैं और सात में जीत दर्ज कर 14 अंकों के साथ अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। वर्ष 2009 की चैम्पियन डेक्कन चार्जर्स ने आईपीएल-4 में अब तक 13 मैच खेलकर पांच मैच जीते हैं। डेक्कन चार्जर्स 10 अंकों के साथ अंक तालिका में आठवें स्थान पर काबिज है। दोनों टीमें आईपीएल-4 में अपना अंतिम लीग मुकाबला खेलने के लिए मैदान में उतरेंगी। इस लिहाज से दोनों टीमों की कोशिश अंतिम लीग मुकाबले को जीतने की होगी। रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ पिछले मुकाबले में किंग्स इलेवन ने 232 रन का स्कोर बनाकर अपने इरादे जता दिए हैं। किंग्स इलेवन के द्वारा बनाया गया 232 रनों का यह स्कोर आईपीएल-4 में अब तक का सर्वाधिक स्कोर है। कप्तान एडम गिलक्रिस्ट और शॉन मार्श से किंग्स इलेवन को एक बार फिर शानदार पारी की उम्मीद होगी जिन्होंने पिछले मुकाबले में रिकॉर्ड साझेदारी कर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। गिलक्रिस्ट ने पिछले मैच में 106 रन बनाए थे वहीं मार्श 79 रन पर नाबाद लौटे थे। इसके अलावा बल्लेबाजी में पॉल वाल्थटी, डेविड हसी, दिनेश कार्तिक और मनदीप सिह से काफी उम्मीदें होंगी। तेज गेंदबाजी में प्रवीण कुमार, रेयान हैरिस और शलभ श्रीवास्तव की तिकड़ी मौजूद हैं वहीं स्पिन की बागडोर पीयूष चावला सम्भालेंगे। दूसरी ओर, डेक्कन चार्जर्स के लिए अच्छी बात यह है कि उसके बल्लेबाज लय में दिख रहे हैं। पिछले मुकाबले में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ मिली जीत में डेक्कन चार्जर्स के बल्लेबाजों ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेली। सनी सोहल, शिखर धवन, कप्तान कुमार संगकारा, ज्यां पॉल ड्यूमिनी, डेनियल क्रिस्टियन और भरत चिपली के अलावा रवि तेजा के ऊपर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी होगी वहीं तेज गेंदबाजी का आक्रमण डेल स्टेन और इशांत शर्मा सम्भालेंगे जबकि स्पिन का भार अमित मिश्रा और प्रज्ञान ओझा के कंधों पर होगी।
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संक्षिप्त पाठ: प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी डेक्कन चार्जर्स को हरा कर किंग्स इलेवन का प्रयास प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने का होगा।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है और पूछा है कि आखिर सरकार किसके लिये रेड कार्पेट बिछाकर कर्ज माफ कर रही है. प्रियंका गांधी ने स्टेट बैंक द्वारा 76,000 करोड़ रुपए का कर्ज बट्टे खाते में डालने से जुड़ी खबर को लेकर ट्वीट किया और सवाल किया कि किसानों को जेल में डाला जा रहा है, लेकिन किसके लिए रेड कार्पेट बिछाकर कर्जमाफी की जा रही है. उन्होंने एक खबर का हवाला देते हुए ट्वीट किया, "किसानों को जेल में डाला जा रहा है. अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है, लोगों को नौकरी से निकाला जा रहा है. मुंबई में पीएमसी बैंक से जुड़े लोग चीख रहे हैं.''
किसानों को जेल में डाला जा रहा है। अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है, लोगों को नौकरी से निकाला जा रहा है। मुंबई में PMC बैंक से जुड़े लोग चीख रहे हैं।
लेकिन भाजपा सरकार किसके लिए रेड कार्पेट बिछाते हुए 76,000 करोड़ के लोन माफ कर रही है? कौन ले गया ये पैसा?
प्रियंका ने सवाल किया, '' भाजपा सरकार किसके लिए रेड कार्पेट बिछाते हुए 76,000 करोड़ के कर्ज माफ कर रही है? कौन ले गया ये पैसा?'' एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय स्टेट बैंक ने 76,600 करोड़ रुपये के कर्ज को बट्टे खाते में डाल दिया है. बता दें कि पिछले दिनों भी किसानों के मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने बीजेपी को घेरा था. प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा था, 'क्या कारण है कि किसानों को दिल्ली आकर अपनी मांग उठाने से रोक दिया जाता है?
भाजपा सरकार अपने प्रचार में तो किसानों की भलाई की बात करती फिरती है? जब उत्तर प्रदेश का किसान कहता है कि उन्हें गन्ने का बकाया चाहिए, कर्जमाफी और बिजली के दाम में कटौती चाहिए तो उन्हें बोलने क्यों नहीं दिया जाता है?'
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा
कहा, किसानों को जेल में डाला जा रहा है
लेकिन सरकार 76,000 करोड़ के कर्ज माफ कर रही है
| 3
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने रविवार को बताया कि राज्य कैबिनेट के फैसले के बाद सतलुज-यमुना-संपर्क (एसवाईएल) नहर परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि को बिना किसी शुल्क के किसानों को वापस कर दिया गया है.
इस संबंध में कैबिनेट का फैसला लागू करने के लिए राज्य राजस्व अधिकारियों की तारीफ करते हुए मजीठिया ने कहा कि पंजाब के लोग मोहाली, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और रापेड़ जिलों के राजस्व अधिकारियों के एहसानमंद हैं, जिन्होंने रात-दिन एक करके कैबिनेट के एक फैसले को लागू किया है.टिप्पणियां
मंत्री ने कहा, वर्तमान में एसवाईएल नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित सभी भूमि बिना किसी शुल्क के किसानों को हस्तांतरित कर दी गई है. मजीठिया ने कहा कि चार जिलों के 202 गांवों की 4,216 एकड़ भूमि उनके 21,511 वास्तविक किसान मालिकों को हस्तांतरित कर दी गई है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस संबंध में कैबिनेट का फैसला लागू करने के लिए राज्य राजस्व अधिकारियों की तारीफ करते हुए मजीठिया ने कहा कि पंजाब के लोग मोहाली, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और रापेड़ जिलों के राजस्व अधिकारियों के एहसानमंद हैं, जिन्होंने रात-दिन एक करके कैबिनेट के एक फैसले को लागू किया है.टिप्पणियां
मंत्री ने कहा, वर्तमान में एसवाईएल नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित सभी भूमि बिना किसी शुल्क के किसानों को हस्तांतरित कर दी गई है. मजीठिया ने कहा कि चार जिलों के 202 गांवों की 4,216 एकड़ भूमि उनके 21,511 वास्तविक किसान मालिकों को हस्तांतरित कर दी गई है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मंत्री ने कहा, वर्तमान में एसवाईएल नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित सभी भूमि बिना किसी शुल्क के किसानों को हस्तांतरित कर दी गई है. मजीठिया ने कहा कि चार जिलों के 202 गांवों की 4,216 एकड़ भूमि उनके 21,511 वास्तविक किसान मालिकों को हस्तांतरित कर दी गई है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यह एक सारांश है: कैबिनेट के फैसले के बाद एसवाईएल के लिए अधिग्रहित भूमि किसानों को वापस
मजीठिया ने कैबिनेट का फैसला लागू करने के लिए अधिकारियों की तारीफ की
सभी भूमि बिना किसी शुल्क के किसानों को हस्तांतरित कर दी गई है
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: सभी को ये बात जानने कि बहुत एक्साइटमेंट होती है कि अरबपतियों की ज़िंदगी कैसी होगी? वो क्या खाते हैं, घर में कैसे रहते हैं या फिर क्या पहनते हैं? अगर आपके भी कुछ ऐसे ही सवाल हैं तो अब आपके पास मौका है उनकी लाइफ को करीब से देखने का.
दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स वॉरेन बफेट (Warren Buffett) ये मौका दे रहे हैं. आप उनके साथ अरपतियों वाले लग्ज़री स्टाइल में लंच पार्टी कर सकते हैं. ये पार्टी सबसे महंगे रेस्ट्रोरेंट में से एक में है.
ये लंच ग्लाइड फाउंडेशन (Glide Foundation) के लिए एक चैरिटी फंक्शन है, जिसके जरिए वॉरेन बफेट पिछले 19 सालों से जरुरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं.
इस बार 20वां साल है, जिसके लिए वॉरेन बफेट के साथ ग्रैंड स्टाइल में न्यूयॉर्क स्मिथ एंड वॉलेनस्काई स्टीकहाउस में (New York's Smith & Wollensky Steakhouse) लंच का आयोजन हुआ है. ये न्यूयॉर्क की महंगी जगहों में से एक है.
इस लंच में शामिल होने के लिए आपको सीट eBay से बुक करानी होगी. जी हां, वॉरेन बफेट के साथ लंच के लिए आपको नीलामी में शामिल होगा होगा. eBay वेबसाइट पर 25 मई से 17.4 लाख रुपए से बोली शुरू हो गई है. नीलामी 31 मई को शाम 7.30 बजे तक चलेगी.
यह बोली हर साल लगाई जाती है. इससे मिलने वाली रकम सैन फ्रांसिस्को की चैरिटी संस्था ग्लाइड को दी जाती है. बता दें, साल 2012 की नीलामी में रिकॉर्ड 24 करोड़ रुपए की बोली लगी थी, जो अब तक की सबसे ज्यादा बोली है.
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यह एक सारांश है: दुनिया के तीसरे सबसे अमीर आदमी हैं वॉरेन बफेट
न्यूयॉर्क की महंगी जगहों में से एक में लंच का मौका
लंच के लिए नीलामी में शामिल होना होगा
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: इतालवी विदेश मंत्री जी तेरत्सी ने भारतीय समकक्ष एसएम कृष्णा से टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने उनसे कहा कि इतालवी तेल टैंकर का कप्तान निश्चित तौर पर कानून लागू करने वाले भारतीय अधिकारियों से सहयोग करे।
उस जहाज के गार्ड ने केरल के कोल्लम तट पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या कर दी थी।
टेलीफोन वार्ता के दौरान कृष्णा ने तेरत्सी से कहा कि ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार लोगों और खासतौर पर जहाज के कप्तान और दो कर्मचारियों को भारतीय जांच अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग करना चाहिए।
कृष्णा ने कहा कि इस संबंध में कानून को अपना काम करने देना चाहिए।टिप्पणियां
उनका यह बयान उन खबरों के परिप्रेक्ष्य में आया है जिसमें कहा गया था कि इतालवी जहाज के अधिकारियों ने गोलीबारी में शामिल लोगों को सौंपने से मना कर दिया है।
विदेश मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार कृष्णा ने कहा कि अगर ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेनाकर्मियों ने सावधानी और संयम बरता होता तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने अपने इतालवी समकक्ष से कहा, ‘हमारी सूचना स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय मछुआरे अपने जहाज पर हथियार या गोलाबारूद नहीं ले जा रहे थे। भारतीय मछुआरे नौकाओं पर इस तरह के सामान नहीं रखते और वे सिर्फ मछली मारने का जाल रखते हैं और मछली पकड़ते हैं।’
उस जहाज के गार्ड ने केरल के कोल्लम तट पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या कर दी थी।
टेलीफोन वार्ता के दौरान कृष्णा ने तेरत्सी से कहा कि ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार लोगों और खासतौर पर जहाज के कप्तान और दो कर्मचारियों को भारतीय जांच अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग करना चाहिए।
कृष्णा ने कहा कि इस संबंध में कानून को अपना काम करने देना चाहिए।टिप्पणियां
उनका यह बयान उन खबरों के परिप्रेक्ष्य में आया है जिसमें कहा गया था कि इतालवी जहाज के अधिकारियों ने गोलीबारी में शामिल लोगों को सौंपने से मना कर दिया है।
विदेश मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार कृष्णा ने कहा कि अगर ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेनाकर्मियों ने सावधानी और संयम बरता होता तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने अपने इतालवी समकक्ष से कहा, ‘हमारी सूचना स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय मछुआरे अपने जहाज पर हथियार या गोलाबारूद नहीं ले जा रहे थे। भारतीय मछुआरे नौकाओं पर इस तरह के सामान नहीं रखते और वे सिर्फ मछली मारने का जाल रखते हैं और मछली पकड़ते हैं।’
टेलीफोन वार्ता के दौरान कृष्णा ने तेरत्सी से कहा कि ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार लोगों और खासतौर पर जहाज के कप्तान और दो कर्मचारियों को भारतीय जांच अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग करना चाहिए।
कृष्णा ने कहा कि इस संबंध में कानून को अपना काम करने देना चाहिए।टिप्पणियां
उनका यह बयान उन खबरों के परिप्रेक्ष्य में आया है जिसमें कहा गया था कि इतालवी जहाज के अधिकारियों ने गोलीबारी में शामिल लोगों को सौंपने से मना कर दिया है।
विदेश मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार कृष्णा ने कहा कि अगर ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेनाकर्मियों ने सावधानी और संयम बरता होता तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने अपने इतालवी समकक्ष से कहा, ‘हमारी सूचना स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय मछुआरे अपने जहाज पर हथियार या गोलाबारूद नहीं ले जा रहे थे। भारतीय मछुआरे नौकाओं पर इस तरह के सामान नहीं रखते और वे सिर्फ मछली मारने का जाल रखते हैं और मछली पकड़ते हैं।’
कृष्णा ने कहा कि इस संबंध में कानून को अपना काम करने देना चाहिए।टिप्पणियां
उनका यह बयान उन खबरों के परिप्रेक्ष्य में आया है जिसमें कहा गया था कि इतालवी जहाज के अधिकारियों ने गोलीबारी में शामिल लोगों को सौंपने से मना कर दिया है।
विदेश मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार कृष्णा ने कहा कि अगर ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेनाकर्मियों ने सावधानी और संयम बरता होता तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने अपने इतालवी समकक्ष से कहा, ‘हमारी सूचना स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय मछुआरे अपने जहाज पर हथियार या गोलाबारूद नहीं ले जा रहे थे। भारतीय मछुआरे नौकाओं पर इस तरह के सामान नहीं रखते और वे सिर्फ मछली मारने का जाल रखते हैं और मछली पकड़ते हैं।’
उनका यह बयान उन खबरों के परिप्रेक्ष्य में आया है जिसमें कहा गया था कि इतालवी जहाज के अधिकारियों ने गोलीबारी में शामिल लोगों को सौंपने से मना कर दिया है।
विदेश मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार कृष्णा ने कहा कि अगर ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेनाकर्मियों ने सावधानी और संयम बरता होता तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने अपने इतालवी समकक्ष से कहा, ‘हमारी सूचना स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय मछुआरे अपने जहाज पर हथियार या गोलाबारूद नहीं ले जा रहे थे। भारतीय मछुआरे नौकाओं पर इस तरह के सामान नहीं रखते और वे सिर्फ मछली मारने का जाल रखते हैं और मछली पकड़ते हैं।’
विदेश मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार कृष्णा ने कहा कि अगर ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेनाकर्मियों ने सावधानी और संयम बरता होता तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने अपने इतालवी समकक्ष से कहा, ‘हमारी सूचना स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय मछुआरे अपने जहाज पर हथियार या गोलाबारूद नहीं ले जा रहे थे। भारतीय मछुआरे नौकाओं पर इस तरह के सामान नहीं रखते और वे सिर्फ मछली मारने का जाल रखते हैं और मछली पकड़ते हैं।’
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यहाँ एक सारांश है:इतालवी विदेश मंत्री जी तेरत्सी ने भारतीय समकक्ष एसएम कृष्णा से टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने उनसे कहा कि इतालवी तेल टैंकर का कप्तान निश्चित तौर पर कानून लागू करने वाले भारतीय अधिकारियों से सहयोग करे।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: रामलीला मैदान में अनशन तोड़ने के बाद अन्ना हजारे को मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों के एक दल की निगरानी में रखा गया है और 12 दिन बाद रविवार को उन्हें तरल पदार्थ देना शुरू कर दिया गया है। डॉक्टरों ने कहा कि अन्ना निर्जलीकृत और थके हुए हैं लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। मेदांता-मेडिसिटी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ नरेश त्रेहन ने कहा, उन्हें आज दोपहर बाद भर्ती किया गया है। वह आराम कर रहे हैं। उनका रक्तचाप 120.70 और नब्ज की गति 94 है। हम उन पर करीब से नजर रख रहे हैं क्योंकि इस उम्र में उनका वजन साढ़े सात किलोग्राम कम हो गया है। उन्होंने कहा, हृदय की धड़कन तेज है, यह सामान्यत: 80 होना चाहिए। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि उनके सभी महत्वपूर्ण अंग सामान्य हो गए हैं। डॉ त्रेहन ने कहा, हमने उन्हें कम से कम 48 घंटे के लिए तरल पदार्थ देना शुरू कर दिया है जिसमें नारियल पानी और शहद है। इसके बाद उन्हें थोड़ा गाढ़ा और फिर ठोस आहार दिया जाएगा। उन्होंने कहा, हम उनकी किडनी, जिगर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों का भी परीक्षण करेंगे ताकि अनशन के दौरान हुए किसी तरह के नुकसान की भरपाई हो सके। डॉ त्रेहन ने कहा कि अन्ना की सेहत पूरी तरह ठीक होने के बाद ही उन्हें छुट्टी दी जाएगी। अन्ना को लेकर यहीं आए वाहन को भीड़ ने घेर लिया और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अन्ना के समर्थकों के हाथों में गुलदस्ते थे। अन्ना के साथ उनके करीबी सहयोगी अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया थे। कुछ समर्थकों की तो यह भी मांग थी कि अन्ना कुछ पल के बाहर आएं ताकि वे उनके चरण छू सकें।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डॉक्टरों ने कहा कि अन्ना निर्जलीकृत और थके हुए हैं लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड के लिए खिलाड़ियों के नाम चुन लिए गए हैं लेकिन इनका ऐलान होते ही विवाद भी शुरू हो गए हैं। राहत की बात यह रही कि कम−से−कम एक क्रिकेटर को भी इनमें तवज्जो दी गई।
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए रोंजन सोढ़ी का नाम आते ही शूटिंग के अलावा दूसरे कई एथलीटों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए जबकि दूसरे कई शूटर्स का कहना है कि ओलिंपिक के बाद भी रोंजन ने वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पदक जीता है और वहां पदक जीतना शूटिंग के सबसे बड़े इम्तिहान में कामयाब होने जैसा है।
हालांकि, चयन प्रक्रिया में रोंजन सोढ़ी, कृष्णा पूनिया और पैरालिम्पिक एथलीट एचएन गिरिशा में कांटे की टक्कर रही।टिप्पणियां
पिछले हफ्ते लाइफ़ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए नाम चुनते वक्त सुनील गावस्कर को तवज्जो नहीं दिए जाने पर पहले ही विवाद खड़े हो गए लेकिन इन पुरस्कारों की चयन समिति में पूर्व क्रिकेट कप्तान रवि शास्त्री और पूर्व क्रिकेटर सुरेन्द्र खन्ना की मौजूदगी की वजह से माना जा रहा था कि विराट कोहली को अर्जुन पुरस्कार दिए जाने में कोई विरोध नहीं होगा। विराट कोहली 46वें क्रिकेटर हैं जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिल सकेगा।
क्रिकेटर विराट कोहली और नई बैडमिंट स्टार पीवी सिंधू को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। अर्जुन पुरस्कार पाने वालों में चक्रवेलू (तीरंदाजी), रंजीत माहेश्वरी (एथलेटिक्स), सविता चहल (मुक्केबाज़ी), रूपेश शाह (स्नूकर और बिलियर्ड्स), अभिषेक गुप्ता (शतरंज), गंगदीप भुल्लर (गोल्फ), सबा अंजुम (हॉकी), शूटिंग राजकुमारी राठौड़ (शूटिंग), ज्योत्स्ना चिनप्पा (स्क्वैश), नेहा राठी (कुश्ती), अनूप कुमार सरोहा (एथलेटिक्स) और माउमा दास (टेबल टेनिस) के नाम भी शामिल हैं।
हर बार की तरह ये पुरस्कार 29 अगस्त को खेल दिवस पर इन खिलाड़ियों को दिए जाएंगे।
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए रोंजन सोढ़ी का नाम आते ही शूटिंग के अलावा दूसरे कई एथलीटों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए जबकि दूसरे कई शूटर्स का कहना है कि ओलिंपिक के बाद भी रोंजन ने वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पदक जीता है और वहां पदक जीतना शूटिंग के सबसे बड़े इम्तिहान में कामयाब होने जैसा है।
हालांकि, चयन प्रक्रिया में रोंजन सोढ़ी, कृष्णा पूनिया और पैरालिम्पिक एथलीट एचएन गिरिशा में कांटे की टक्कर रही।टिप्पणियां
पिछले हफ्ते लाइफ़ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए नाम चुनते वक्त सुनील गावस्कर को तवज्जो नहीं दिए जाने पर पहले ही विवाद खड़े हो गए लेकिन इन पुरस्कारों की चयन समिति में पूर्व क्रिकेट कप्तान रवि शास्त्री और पूर्व क्रिकेटर सुरेन्द्र खन्ना की मौजूदगी की वजह से माना जा रहा था कि विराट कोहली को अर्जुन पुरस्कार दिए जाने में कोई विरोध नहीं होगा। विराट कोहली 46वें क्रिकेटर हैं जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिल सकेगा।
क्रिकेटर विराट कोहली और नई बैडमिंट स्टार पीवी सिंधू को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। अर्जुन पुरस्कार पाने वालों में चक्रवेलू (तीरंदाजी), रंजीत माहेश्वरी (एथलेटिक्स), सविता चहल (मुक्केबाज़ी), रूपेश शाह (स्नूकर और बिलियर्ड्स), अभिषेक गुप्ता (शतरंज), गंगदीप भुल्लर (गोल्फ), सबा अंजुम (हॉकी), शूटिंग राजकुमारी राठौड़ (शूटिंग), ज्योत्स्ना चिनप्पा (स्क्वैश), नेहा राठी (कुश्ती), अनूप कुमार सरोहा (एथलेटिक्स) और माउमा दास (टेबल टेनिस) के नाम भी शामिल हैं।
हर बार की तरह ये पुरस्कार 29 अगस्त को खेल दिवस पर इन खिलाड़ियों को दिए जाएंगे।
हालांकि, चयन प्रक्रिया में रोंजन सोढ़ी, कृष्णा पूनिया और पैरालिम्पिक एथलीट एचएन गिरिशा में कांटे की टक्कर रही।टिप्पणियां
पिछले हफ्ते लाइफ़ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए नाम चुनते वक्त सुनील गावस्कर को तवज्जो नहीं दिए जाने पर पहले ही विवाद खड़े हो गए लेकिन इन पुरस्कारों की चयन समिति में पूर्व क्रिकेट कप्तान रवि शास्त्री और पूर्व क्रिकेटर सुरेन्द्र खन्ना की मौजूदगी की वजह से माना जा रहा था कि विराट कोहली को अर्जुन पुरस्कार दिए जाने में कोई विरोध नहीं होगा। विराट कोहली 46वें क्रिकेटर हैं जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिल सकेगा।
क्रिकेटर विराट कोहली और नई बैडमिंट स्टार पीवी सिंधू को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। अर्जुन पुरस्कार पाने वालों में चक्रवेलू (तीरंदाजी), रंजीत माहेश्वरी (एथलेटिक्स), सविता चहल (मुक्केबाज़ी), रूपेश शाह (स्नूकर और बिलियर्ड्स), अभिषेक गुप्ता (शतरंज), गंगदीप भुल्लर (गोल्फ), सबा अंजुम (हॉकी), शूटिंग राजकुमारी राठौड़ (शूटिंग), ज्योत्स्ना चिनप्पा (स्क्वैश), नेहा राठी (कुश्ती), अनूप कुमार सरोहा (एथलेटिक्स) और माउमा दास (टेबल टेनिस) के नाम भी शामिल हैं।
हर बार की तरह ये पुरस्कार 29 अगस्त को खेल दिवस पर इन खिलाड़ियों को दिए जाएंगे।
पिछले हफ्ते लाइफ़ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए नाम चुनते वक्त सुनील गावस्कर को तवज्जो नहीं दिए जाने पर पहले ही विवाद खड़े हो गए लेकिन इन पुरस्कारों की चयन समिति में पूर्व क्रिकेट कप्तान रवि शास्त्री और पूर्व क्रिकेटर सुरेन्द्र खन्ना की मौजूदगी की वजह से माना जा रहा था कि विराट कोहली को अर्जुन पुरस्कार दिए जाने में कोई विरोध नहीं होगा। विराट कोहली 46वें क्रिकेटर हैं जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिल सकेगा।
क्रिकेटर विराट कोहली और नई बैडमिंट स्टार पीवी सिंधू को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। अर्जुन पुरस्कार पाने वालों में चक्रवेलू (तीरंदाजी), रंजीत माहेश्वरी (एथलेटिक्स), सविता चहल (मुक्केबाज़ी), रूपेश शाह (स्नूकर और बिलियर्ड्स), अभिषेक गुप्ता (शतरंज), गंगदीप भुल्लर (गोल्फ), सबा अंजुम (हॉकी), शूटिंग राजकुमारी राठौड़ (शूटिंग), ज्योत्स्ना चिनप्पा (स्क्वैश), नेहा राठी (कुश्ती), अनूप कुमार सरोहा (एथलेटिक्स) और माउमा दास (टेबल टेनिस) के नाम भी शामिल हैं।
हर बार की तरह ये पुरस्कार 29 अगस्त को खेल दिवस पर इन खिलाड़ियों को दिए जाएंगे।
क्रिकेटर विराट कोहली और नई बैडमिंट स्टार पीवी सिंधू को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। अर्जुन पुरस्कार पाने वालों में चक्रवेलू (तीरंदाजी), रंजीत माहेश्वरी (एथलेटिक्स), सविता चहल (मुक्केबाज़ी), रूपेश शाह (स्नूकर और बिलियर्ड्स), अभिषेक गुप्ता (शतरंज), गंगदीप भुल्लर (गोल्फ), सबा अंजुम (हॉकी), शूटिंग राजकुमारी राठौड़ (शूटिंग), ज्योत्स्ना चिनप्पा (स्क्वैश), नेहा राठी (कुश्ती), अनूप कुमार सरोहा (एथलेटिक्स) और माउमा दास (टेबल टेनिस) के नाम भी शामिल हैं।
हर बार की तरह ये पुरस्कार 29 अगस्त को खेल दिवस पर इन खिलाड़ियों को दिए जाएंगे।
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यहाँ एक सारांश है:देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड के लिए खिलाड़ियों के नाम चुन लिए गए हैं लेकिन इनका ऐलान होते ही विवाद भी शुरू हो गए हैं। राहत की बात यह रही कि कम−से−कम एक क्रिकेटर को भी इनमें तवज्जो दी गई।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ सिने कलाकार बीएम व्यास का मुंबई में निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे।
मूलत चूरू जिले के रहने वाले बीएम व्यास ने तीन सौ से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। वह एक कुशल गायक तथा रंगमंच के सफल कलाकार थे। 1961 में बनी फिल्म 'सम्पूर्ण रामायण' में व्यास द्वारा निभाए गए रावण के किरदार को सर्वाधिक पंसद किया गया।
व्यास ने ‘दो आंखे बारह हाथ’, ‘मां’, ‘दौलत की जंग’ जैसी फिल्मों में भी अपनी प्रभावी भूमिका निभाई। उन्होंने 90 के दशक में रूपहले पर्दे को अलविदा कह दिया। उनकी आखिरी सफल फिल्मों में से एक फिल्म ‘ओ डार्लिंग ये है इंडिया’ थी। जिसमेंटिप्पणियां
शाहरुख खान और दीपा शाही प्रमुख भूमिका में थे।
बीएम व्यास के निधन की खबर सुनते ही बीकानेर में शोक की लहर फैल गई। अनेक साहित्यिक तथा सांस्कृतिक संगठनों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
मूलत चूरू जिले के रहने वाले बीएम व्यास ने तीन सौ से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। वह एक कुशल गायक तथा रंगमंच के सफल कलाकार थे। 1961 में बनी फिल्म 'सम्पूर्ण रामायण' में व्यास द्वारा निभाए गए रावण के किरदार को सर्वाधिक पंसद किया गया।
व्यास ने ‘दो आंखे बारह हाथ’, ‘मां’, ‘दौलत की जंग’ जैसी फिल्मों में भी अपनी प्रभावी भूमिका निभाई। उन्होंने 90 के दशक में रूपहले पर्दे को अलविदा कह दिया। उनकी आखिरी सफल फिल्मों में से एक फिल्म ‘ओ डार्लिंग ये है इंडिया’ थी। जिसमेंटिप्पणियां
शाहरुख खान और दीपा शाही प्रमुख भूमिका में थे।
बीएम व्यास के निधन की खबर सुनते ही बीकानेर में शोक की लहर फैल गई। अनेक साहित्यिक तथा सांस्कृतिक संगठनों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
व्यास ने ‘दो आंखे बारह हाथ’, ‘मां’, ‘दौलत की जंग’ जैसी फिल्मों में भी अपनी प्रभावी भूमिका निभाई। उन्होंने 90 के दशक में रूपहले पर्दे को अलविदा कह दिया। उनकी आखिरी सफल फिल्मों में से एक फिल्म ‘ओ डार्लिंग ये है इंडिया’ थी। जिसमेंटिप्पणियां
शाहरुख खान और दीपा शाही प्रमुख भूमिका में थे।
बीएम व्यास के निधन की खबर सुनते ही बीकानेर में शोक की लहर फैल गई। अनेक साहित्यिक तथा सांस्कृतिक संगठनों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
शाहरुख खान और दीपा शाही प्रमुख भूमिका में थे।
बीएम व्यास के निधन की खबर सुनते ही बीकानेर में शोक की लहर फैल गई। अनेक साहित्यिक तथा सांस्कृतिक संगठनों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
बीएम व्यास के निधन की खबर सुनते ही बीकानेर में शोक की लहर फैल गई। अनेक साहित्यिक तथा सांस्कृतिक संगठनों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मूलत चूरू जिले के रहने वाले बीएम व्यास ने तीन सौ से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। वह एक कुशल गायक तथा रंगमंच के सफल कलाकार थे। 1961 में बनी फिल्म 'सम्पूर्ण रामायण' में व्यास द्वारा निभाए गए रावण के किरदार को सर्वाधिक पंसद किया गया।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: माउंट एवरेस्ट पर एक बार फिर से भारतीय सेना की महिला अफ़सरों ने तिरंगा लहराया है।
दुनिया की इस सबसे ऊंची चोटी को जीतने निकली सात महिलाओं की पूरी टीम वहां पहुंचने में कामयाब रही।
ऐसा कम होता है क्योंकि इससे पहले 2005 में तिब्बत के रास्ते सेना की 11 महिलाओं ने एवरेस्ट को जीतने की कोशिश की थी लेकिन सफलता मिली केवल तीन को...।
दिल्ली में हुए फ्लैग इन समारोह में सेना की सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि सेना की इन महिलाओं ने कठिन हालात में एक और मिसाल कायम कर दी है जिससे कई सीख ले सकते है। इस टीम में सबसे कम उम्र की 25 साल की कैप्टन स्मिता को वहां पहुंचने पर अब तक यकीन ही नही हो रहा है।टिप्पणियां
टीम लीडर कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि आमतौर पर महिलाओं को कमजोर समझा जाता है लेकिन इनकी हिम्मत और बहादुरी ने मुझे कुछ कहने का मौका ही नही दिया तभी इस दफा अफ़सरों ने कहीं ज़्यादा मुश्किल राह चुनी। सात महीनों की ट्रेनिंग के बाद 26 में सात अफसरों को चुना गया।
पहली बार सेना की अफसरों की इतनी बड़ी टीम एक साथ एवरेस्ट पर पहुंची है। यह वह साल है जिसमें बर्फबारी खूब दिखी है। ऐसे में इस कामयाबी का अलग मतलब है। सेना की महिला टीम ने ये कामयाबी मई महीने में हासिल की है।
दुनिया की इस सबसे ऊंची चोटी को जीतने निकली सात महिलाओं की पूरी टीम वहां पहुंचने में कामयाब रही।
ऐसा कम होता है क्योंकि इससे पहले 2005 में तिब्बत के रास्ते सेना की 11 महिलाओं ने एवरेस्ट को जीतने की कोशिश की थी लेकिन सफलता मिली केवल तीन को...।
दिल्ली में हुए फ्लैग इन समारोह में सेना की सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि सेना की इन महिलाओं ने कठिन हालात में एक और मिसाल कायम कर दी है जिससे कई सीख ले सकते है। इस टीम में सबसे कम उम्र की 25 साल की कैप्टन स्मिता को वहां पहुंचने पर अब तक यकीन ही नही हो रहा है।टिप्पणियां
टीम लीडर कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि आमतौर पर महिलाओं को कमजोर समझा जाता है लेकिन इनकी हिम्मत और बहादुरी ने मुझे कुछ कहने का मौका ही नही दिया तभी इस दफा अफ़सरों ने कहीं ज़्यादा मुश्किल राह चुनी। सात महीनों की ट्रेनिंग के बाद 26 में सात अफसरों को चुना गया।
पहली बार सेना की अफसरों की इतनी बड़ी टीम एक साथ एवरेस्ट पर पहुंची है। यह वह साल है जिसमें बर्फबारी खूब दिखी है। ऐसे में इस कामयाबी का अलग मतलब है। सेना की महिला टीम ने ये कामयाबी मई महीने में हासिल की है।
ऐसा कम होता है क्योंकि इससे पहले 2005 में तिब्बत के रास्ते सेना की 11 महिलाओं ने एवरेस्ट को जीतने की कोशिश की थी लेकिन सफलता मिली केवल तीन को...।
दिल्ली में हुए फ्लैग इन समारोह में सेना की सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि सेना की इन महिलाओं ने कठिन हालात में एक और मिसाल कायम कर दी है जिससे कई सीख ले सकते है। इस टीम में सबसे कम उम्र की 25 साल की कैप्टन स्मिता को वहां पहुंचने पर अब तक यकीन ही नही हो रहा है।टिप्पणियां
टीम लीडर कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि आमतौर पर महिलाओं को कमजोर समझा जाता है लेकिन इनकी हिम्मत और बहादुरी ने मुझे कुछ कहने का मौका ही नही दिया तभी इस दफा अफ़सरों ने कहीं ज़्यादा मुश्किल राह चुनी। सात महीनों की ट्रेनिंग के बाद 26 में सात अफसरों को चुना गया।
पहली बार सेना की अफसरों की इतनी बड़ी टीम एक साथ एवरेस्ट पर पहुंची है। यह वह साल है जिसमें बर्फबारी खूब दिखी है। ऐसे में इस कामयाबी का अलग मतलब है। सेना की महिला टीम ने ये कामयाबी मई महीने में हासिल की है।
दिल्ली में हुए फ्लैग इन समारोह में सेना की सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि सेना की इन महिलाओं ने कठिन हालात में एक और मिसाल कायम कर दी है जिससे कई सीख ले सकते है। इस टीम में सबसे कम उम्र की 25 साल की कैप्टन स्मिता को वहां पहुंचने पर अब तक यकीन ही नही हो रहा है।टिप्पणियां
टीम लीडर कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि आमतौर पर महिलाओं को कमजोर समझा जाता है लेकिन इनकी हिम्मत और बहादुरी ने मुझे कुछ कहने का मौका ही नही दिया तभी इस दफा अफ़सरों ने कहीं ज़्यादा मुश्किल राह चुनी। सात महीनों की ट्रेनिंग के बाद 26 में सात अफसरों को चुना गया।
पहली बार सेना की अफसरों की इतनी बड़ी टीम एक साथ एवरेस्ट पर पहुंची है। यह वह साल है जिसमें बर्फबारी खूब दिखी है। ऐसे में इस कामयाबी का अलग मतलब है। सेना की महिला टीम ने ये कामयाबी मई महीने में हासिल की है।
टीम लीडर कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि आमतौर पर महिलाओं को कमजोर समझा जाता है लेकिन इनकी हिम्मत और बहादुरी ने मुझे कुछ कहने का मौका ही नही दिया तभी इस दफा अफ़सरों ने कहीं ज़्यादा मुश्किल राह चुनी। सात महीनों की ट्रेनिंग के बाद 26 में सात अफसरों को चुना गया।
पहली बार सेना की अफसरों की इतनी बड़ी टीम एक साथ एवरेस्ट पर पहुंची है। यह वह साल है जिसमें बर्फबारी खूब दिखी है। ऐसे में इस कामयाबी का अलग मतलब है। सेना की महिला टीम ने ये कामयाबी मई महीने में हासिल की है।
पहली बार सेना की अफसरों की इतनी बड़ी टीम एक साथ एवरेस्ट पर पहुंची है। यह वह साल है जिसमें बर्फबारी खूब दिखी है। ऐसे में इस कामयाबी का अलग मतलब है। सेना की महिला टीम ने ये कामयाबी मई महीने में हासिल की है।
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संक्षिप्त पाठ: माउंट एवरेस्ट पर एक बार फिर से भारतीय सेना की महिला अफ़सरों ने तिरंगा लहराया है। दुनिया की इस सबसे ऊंची चोटी को जीतने निकली सात महिलाओं की पूरी टीम वहां पहुंचने में कामयाब रही।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों को मंगलवार सुबह हिरासत में लेने की देशभर में कड़ी निंदा हो रही है। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। इससे पहले आज सुबह दिल्ली के मयूर विहार इलाके से अन्ना हजारे को हिरासत में लिया गया। उनके मुख्य सहयोगियों अरविंद केजरीवाल और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की पूर्व अधिकारी किरण बेदी को भी हिरासत में ले लिया गया। अन्ना हजारे ने हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले एक टेलीविजन चैनल द्वारा दिए गए विशेष संदेश में कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ये आंदोलन देश की जनता को जारी रखनी होगी। देश भर के कई हिस्सों से अन्ना हजारे को हिरासत में लेने के बाद आज लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कई शहरों में लोग सरकार के इस कदम की तुलना आपातकाल से कर रहे हैं। गौरतलब है कि अन्ना हजारे अपने सहयोगियों के साथ मंगलवार को जयप्रकाश नारायण पार्क में अनशन करने वाले थे। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार एक प्रभावी लोकपाल विधेयक लाए, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। दिल्ली पुलिस ने अन्ना हजारे को अनशन करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था।
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यहाँ एक सारांश है:दिल्ली पुलिस द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों को मंगलवार सुबह हिरासत में लेने की देशभर में कड़ी निंदा हो रही है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन के राजकुमार विलियम की पत्नी केट की टॉपलेस तस्वीरें आयरलैंड के एक टैबलॉयड में छपीं और अब इसी तरह की तस्वीरों को इटली की एक पत्रिका प्रकाशित करने की तैयारी में है।टिप्पणियां
शाही जोड़े के कार्यालय ने तस्वीरों के प्रकाशन को अनुचित और लालच का प्रत्यक्ष प्रमाण करार देते हुए कहा है कि सभी उचित जवाबों पर गौर किया जा रहा है। फ्रांस की पत्रिका 'क्लोसर' ने केट की तस्वीरें प्रकाशित की थी। इसको लेकर शाही घराने ने इस पत्रिका के खिलाफ मुकदमा किया है।
आयरलैंड के अखबार 'आयरिश डेली स्टार' ने केट की टॉपलेस तस्वीरें प्रकाशित की हैं। इटली की पत्रिका 'ची' ऐसी तस्वीरों को 26 पृष्ठों पर प्रकाशित करने की तैयारी में है।
शाही जोड़े के कार्यालय ने तस्वीरों के प्रकाशन को अनुचित और लालच का प्रत्यक्ष प्रमाण करार देते हुए कहा है कि सभी उचित जवाबों पर गौर किया जा रहा है। फ्रांस की पत्रिका 'क्लोसर' ने केट की तस्वीरें प्रकाशित की थी। इसको लेकर शाही घराने ने इस पत्रिका के खिलाफ मुकदमा किया है।
आयरलैंड के अखबार 'आयरिश डेली स्टार' ने केट की टॉपलेस तस्वीरें प्रकाशित की हैं। इटली की पत्रिका 'ची' ऐसी तस्वीरों को 26 पृष्ठों पर प्रकाशित करने की तैयारी में है।
आयरलैंड के अखबार 'आयरिश डेली स्टार' ने केट की टॉपलेस तस्वीरें प्रकाशित की हैं। इटली की पत्रिका 'ची' ऐसी तस्वीरों को 26 पृष्ठों पर प्रकाशित करने की तैयारी में है।
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यह एक सारांश है: ब्रिटेन के राजकुमार विलियम की पत्नी केट की टॉपलेस तस्वीरें आयरलैंड के एक टैबलॉयड में छपीं और अब इसी तरह की तस्वीरों को इटली की एक पत्रिका प्रकाशित करने की तैयारी में है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: थाईलैंड के गृह मंत्रालय ने देशभर में कार्यरत अपने कर्मचारियों के फेसबुक के इस्तेमाल पर अगले महीने से पाबंदी लगाने का निर्णय किया है। मंत्रालय का मानना है कि इस सोशल नेटवर्किंग साइट का अत्यधिक इस्तेमाल सरकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए जरूरी बैंडविथ को कम कर रहा है।टिप्पणियां
मंत्रालय ने प्रांतीय गवर्नरों को भेजे पत्र में कहा है कि वे अपने अधीनस्थों को इस नियम से अवगत कराएं। यह 1 अक्टूबर से लागू होगा। पत्र के मुताबिक मंत्रालय के अधिकारी स्थानीय समयानुसार सुबह 8:30 बजे से दोपहर तक और दोपहर 1 बजे से शाम 4:30 बजे तक फेसबुक का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
इसके अलावा ऑडियो-विजुअल डाउनलोड करने की सुविधा देने वाले वेबसाइटों जो कि सरकारी कामों के लिए बेकार हैं, के इस्तेमाल पर भी पाबंदी होगी।
मंत्रालय ने प्रांतीय गवर्नरों को भेजे पत्र में कहा है कि वे अपने अधीनस्थों को इस नियम से अवगत कराएं। यह 1 अक्टूबर से लागू होगा। पत्र के मुताबिक मंत्रालय के अधिकारी स्थानीय समयानुसार सुबह 8:30 बजे से दोपहर तक और दोपहर 1 बजे से शाम 4:30 बजे तक फेसबुक का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
इसके अलावा ऑडियो-विजुअल डाउनलोड करने की सुविधा देने वाले वेबसाइटों जो कि सरकारी कामों के लिए बेकार हैं, के इस्तेमाल पर भी पाबंदी होगी।
इसके अलावा ऑडियो-विजुअल डाउनलोड करने की सुविधा देने वाले वेबसाइटों जो कि सरकारी कामों के लिए बेकार हैं, के इस्तेमाल पर भी पाबंदी होगी।
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सारांश: थाईलैंड के गृह मंत्रालय मानना है कि इस सोशल नेटवर्किंग साइट का अत्यधिक इस्तेमाल सरकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए जरूरी बैंडविथ को कम कर रहा है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: सरकार ने अब चलन से बाहर किए जा चुके 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों से पेट्रोल पंपों, सरकारी सेवाओं के बिल भुगतानों, कर और शुल्कों की अदायगी की समयावधि को 24 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है.
गौरतलब है कि नकदी पाने और पुराने नोटों के बदले नए नोटों के लिए बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हैं जिसके चलते सरकार ने इस राहत की घोषणा की है. गत मंगलवार की रात को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य करार दिए जाने के बाद सरकार ने सरकारी अस्पतालों, रेलवे टिकट बुकिंग केंद्रों, सार्वजनिक परिवहन, हवाईअड्डों पर टिकट बुकिंग, दूध केंद्रों, श्मशान या कब्रिस्तानों और पेट्रोलपंपों पर इनके परिचालन को 72 घंटों की अनुमति दी थी.टिप्पणियां
बाद में इस सूची में मेट्रो रेल टिकटों, राजमार्गों और सड़क टोल, डॉक्टर के पर्चे पर सरकारी और निजी दुकानों से दवा खरीद, एलपीजी गैस सिलेंडरों की बुकिंग, रेलवे कैटरिंग, बिजली और पानी के बिलों का भुगतान एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के स्मारकों में प्रवेश टिकट को भी जोड़ दिया गया था. सरकारी सूत्रों ने बताया कि इन सभी के लिए बढ़ायी गई अतिरिक्त 72 घंटों की समय सीमा आज रात को खत्म हो रही है लेकिन बैंकों को अभी भी नकदी प्रवाह को सामान्य करने में पेश आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने इस समयसीमा को 24 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है.
पुराने नोटों के माध्यम से केंद्रीय भंडारों जैसे सहकारी ग्राहक बिक्री केंद्रों और अदालती शुल्क का मान्य पहचान पत्र के साथ भुगतान किया जा सकता है. लेकिन सरकारी सेवाओं के केवल पुराने बिल या मौजूदा बिल का भुगतान केवल व्यक्ति या घरों के हिसाब से ही पुराने नोटों के माध्यम से किया जा सकता है. किसी तरह के अग्रिम भुगतान की अनुमति नहीं है.
गौरतलब है कि नकदी पाने और पुराने नोटों के बदले नए नोटों के लिए बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हैं जिसके चलते सरकार ने इस राहत की घोषणा की है. गत मंगलवार की रात को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य करार दिए जाने के बाद सरकार ने सरकारी अस्पतालों, रेलवे टिकट बुकिंग केंद्रों, सार्वजनिक परिवहन, हवाईअड्डों पर टिकट बुकिंग, दूध केंद्रों, श्मशान या कब्रिस्तानों और पेट्रोलपंपों पर इनके परिचालन को 72 घंटों की अनुमति दी थी.टिप्पणियां
बाद में इस सूची में मेट्रो रेल टिकटों, राजमार्गों और सड़क टोल, डॉक्टर के पर्चे पर सरकारी और निजी दुकानों से दवा खरीद, एलपीजी गैस सिलेंडरों की बुकिंग, रेलवे कैटरिंग, बिजली और पानी के बिलों का भुगतान एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के स्मारकों में प्रवेश टिकट को भी जोड़ दिया गया था. सरकारी सूत्रों ने बताया कि इन सभी के लिए बढ़ायी गई अतिरिक्त 72 घंटों की समय सीमा आज रात को खत्म हो रही है लेकिन बैंकों को अभी भी नकदी प्रवाह को सामान्य करने में पेश आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने इस समयसीमा को 24 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है.
पुराने नोटों के माध्यम से केंद्रीय भंडारों जैसे सहकारी ग्राहक बिक्री केंद्रों और अदालती शुल्क का मान्य पहचान पत्र के साथ भुगतान किया जा सकता है. लेकिन सरकारी सेवाओं के केवल पुराने बिल या मौजूदा बिल का भुगतान केवल व्यक्ति या घरों के हिसाब से ही पुराने नोटों के माध्यम से किया जा सकता है. किसी तरह के अग्रिम भुगतान की अनुमति नहीं है.
बाद में इस सूची में मेट्रो रेल टिकटों, राजमार्गों और सड़क टोल, डॉक्टर के पर्चे पर सरकारी और निजी दुकानों से दवा खरीद, एलपीजी गैस सिलेंडरों की बुकिंग, रेलवे कैटरिंग, बिजली और पानी के बिलों का भुगतान एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के स्मारकों में प्रवेश टिकट को भी जोड़ दिया गया था. सरकारी सूत्रों ने बताया कि इन सभी के लिए बढ़ायी गई अतिरिक्त 72 घंटों की समय सीमा आज रात को खत्म हो रही है लेकिन बैंकों को अभी भी नकदी प्रवाह को सामान्य करने में पेश आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने इस समयसीमा को 24 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है.
पुराने नोटों के माध्यम से केंद्रीय भंडारों जैसे सहकारी ग्राहक बिक्री केंद्रों और अदालती शुल्क का मान्य पहचान पत्र के साथ भुगतान किया जा सकता है. लेकिन सरकारी सेवाओं के केवल पुराने बिल या मौजूदा बिल का भुगतान केवल व्यक्ति या घरों के हिसाब से ही पुराने नोटों के माध्यम से किया जा सकता है. किसी तरह के अग्रिम भुगतान की अनुमति नहीं है.
पुराने नोटों के माध्यम से केंद्रीय भंडारों जैसे सहकारी ग्राहक बिक्री केंद्रों और अदालती शुल्क का मान्य पहचान पत्र के साथ भुगतान किया जा सकता है. लेकिन सरकारी सेवाओं के केवल पुराने बिल या मौजूदा बिल का भुगतान केवल व्यक्ति या घरों के हिसाब से ही पुराने नोटों के माध्यम से किया जा सकता है. किसी तरह के अग्रिम भुगतान की अनुमति नहीं है.
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संक्षिप्त पाठ: बिल भुगतानों, कर और शुल्कों की अदायगी की समयावधि बढ़ी
इसे 24 नवंबर 2016 तक बढ़ाया गया
लोगों की तकलीफों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में बिजली के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल 23 मार्च से आमरण अनशन करेंगे। दरअसल, दिल्ली में चुनाव नजदीक हैं और अरविंद केजरीवाल इस मामले को लंबे समय से उठा रहे हैं।टिप्पणियां
उनकी मांग है कि दिल्ली में बिजली की कीमतें कम की जाएं। इसके लिए उन्होंने दिल्ली की जनता से अपील की है कि वह विरोध स्वरूप बिजली का आधा ही बिल भरें।
इससे पूर्व केजरीवाल ने दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार पर बिजली कंपनियों से मिलीभगत का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक, जनता के लिए बढ़े हुए बिजली और पानी के बिल देना मुश्किल होता जा रहा है।
उनकी मांग है कि दिल्ली में बिजली की कीमतें कम की जाएं। इसके लिए उन्होंने दिल्ली की जनता से अपील की है कि वह विरोध स्वरूप बिजली का आधा ही बिल भरें।
इससे पूर्व केजरीवाल ने दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार पर बिजली कंपनियों से मिलीभगत का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक, जनता के लिए बढ़े हुए बिजली और पानी के बिल देना मुश्किल होता जा रहा है।
इससे पूर्व केजरीवाल ने दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार पर बिजली कंपनियों से मिलीभगत का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक, जनता के लिए बढ़े हुए बिजली और पानी के बिल देना मुश्किल होता जा रहा है।
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यहाँ एक सारांश है:दिल्ली में बिजली के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल 23 मार्च से आमरण अनशन करेंगे।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा कि किसी को भी लेग स्पिनर क्रिकेटर राहुल शर्मा के मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करना चाहिए।
गौरतलब है कि राहुल को मई में मुंबई में आयोजित रेव पार्टी में ड्रग्स सेवन का दोषी पाया गया है जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। बेदी से जब पूछा गया कि क्या पंजाब के इस गेंदबाज पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, अभी उस पर बंदूक तानना सही नहीं है। अभी देखना चाहिए कि वास्तव में यह क्या मामला है। आपके पास इसकी क्या गारंटी है कि आप कयास नहीं लगा रहे हो। भारतीय टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर गए राहुल और आईपीएल में उनकी टीम के साथी वायने पार्नेल को 20 मई को जुहू के एक होटल में आयोजित रेव पार्टी में पकड़ा गया था।
गौरतलब है कि राहुल को मई में मुंबई में आयोजित रेव पार्टी में ड्रग्स सेवन का दोषी पाया गया है जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। बेदी से जब पूछा गया कि क्या पंजाब के इस गेंदबाज पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, अभी उस पर बंदूक तानना सही नहीं है। अभी देखना चाहिए कि वास्तव में यह क्या मामला है। आपके पास इसकी क्या गारंटी है कि आप कयास नहीं लगा रहे हो। भारतीय टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर गए राहुल और आईपीएल में उनकी टीम के साथी वायने पार्नेल को 20 मई को जुहू के एक होटल में आयोजित रेव पार्टी में पकड़ा गया था।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा कि किसी को भी लेग स्पिनर क्रिकेटर राहुल शर्मा के मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करना चाहिए।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने स्वीकार किया कि शुक्रवार को भाग्य उनके साथ था जो वह अपने करियर का तीसरा शतक जमाकर भारत की जिम्बाब्वे पर जीत में अहम भूमिका निभाने में सफल रहे। धवन जब तीन रन पर थे तब काइल जार्विस की गेंद पर आउट हो गए थे।
मैदानी अंपायर ने तीसरे अंपायर से सलाह मांगी और पता चला कि यह नोबॉल थी। इसके बाद उन्हें 14 और 70 रन के निजी योग पर दो जीवनदान भी मिले। धवन आखिर में 116 रन बनाने में सफल रहे जो उनके करियर का सर्वोच्च स्कोर है। इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने बाद में कहा, ‘‘असल में यह मेरे लिए भाग्यशाली दिनों में से एक था। मुझे दो बार जीवनदान मिले। वास्तव में आज मेरा दिन था।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘विकेट बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं था। मैंने और (दिनेश) कार्तिक ने अच्छी साझेदारी की। हम दोनों ने गेंद को उसकी मेरिट के हिसाब से खेलने और लंबी साझेदारी करने की योजना बनाई थी।’’
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी शानदार फार्म के बारे में बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘वास्तव में मैं अपनी फार्म में खुश हूं और इसका लुत्फ उठा रहा हूं। भारत की तरफ से खेलने से पहले मैने घरेलू स्तर पर भी अच्छी पारियां खेली थी।’’
मैदानी अंपायर ने तीसरे अंपायर से सलाह मांगी और पता चला कि यह नोबॉल थी। इसके बाद उन्हें 14 और 70 रन के निजी योग पर दो जीवनदान भी मिले। धवन आखिर में 116 रन बनाने में सफल रहे जो उनके करियर का सर्वोच्च स्कोर है। इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने बाद में कहा, ‘‘असल में यह मेरे लिए भाग्यशाली दिनों में से एक था। मुझे दो बार जीवनदान मिले। वास्तव में आज मेरा दिन था।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘विकेट बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं था। मैंने और (दिनेश) कार्तिक ने अच्छी साझेदारी की। हम दोनों ने गेंद को उसकी मेरिट के हिसाब से खेलने और लंबी साझेदारी करने की योजना बनाई थी।’’
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी शानदार फार्म के बारे में बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘वास्तव में मैं अपनी फार्म में खुश हूं और इसका लुत्फ उठा रहा हूं। भारत की तरफ से खेलने से पहले मैने घरेलू स्तर पर भी अच्छी पारियां खेली थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विकेट बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं था। मैंने और (दिनेश) कार्तिक ने अच्छी साझेदारी की। हम दोनों ने गेंद को उसकी मेरिट के हिसाब से खेलने और लंबी साझेदारी करने की योजना बनाई थी।’’
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी शानदार फार्म के बारे में बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘वास्तव में मैं अपनी फार्म में खुश हूं और इसका लुत्फ उठा रहा हूं। भारत की तरफ से खेलने से पहले मैने घरेलू स्तर पर भी अच्छी पारियां खेली थी।’’
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी शानदार फार्म के बारे में बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘वास्तव में मैं अपनी फार्म में खुश हूं और इसका लुत्फ उठा रहा हूं। भारत की तरफ से खेलने से पहले मैने घरेलू स्तर पर भी अच्छी पारियां खेली थी।’’
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यह एक सारांश है: सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने स्वीकार किया कि शुक्रवार को भाग्य उनके साथ था जो वह अपने करियर का तीसरा शतक जमाकर भारत की जिम्बाब्वे पर जीत में अहम भूमिका निभाने में सफल रहे। धवन जब तीन रन पर थे तब काइल जार्विस की गेंद पर आउट हो गए थे।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम मोदी आज बीजेपी के युवा सांसदों से भी मिले. उन्होंने युवा सांसदों से कहा है कि उनकी सामाजिक पहचान भी जनता के सामने जानी चाहिए. इन सांसदों से उन्होंने अपने घर पर नाश्ते पर मुलाकात की. मुलाकात में सभी युवा सांसदों को विस्तार से अपना परिचय देने को कहा गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से पूछा कि राजनीति के अलावा आप क्या क्या काम करते हैं. सामाजिक कार्यों में बाकी कामों में क्या रुचि है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समाज के सामने राजनीति के अलावा जो काम आप करते हैं, वह उभर कर सामने आने चाहिए. लोगों को उनकी जानकारी होनी चाहिए. लोग खांटी राजनीति के अलावा दूसरे कामों को ज्यादा पसंद करते हैं. इसलिए उन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि पीएम लगातार बीजेपी के सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं. इसके लिए सांसदों को अलग-अलग समूहों में बांटा गया है. वे अब तक बीजेपी के अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी सांसदों से मिल चुके हैं. अब उनकी मुलाकात महिला सांसदों से होगी.
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संक्षिप्त सारांश: पीएम ने बीजेपी के पूर्व मंत्रियों से कामकाज पर खास ध्यान देने को कहा
करीब चालीस सांसद ऐसे है जो पहले मंत्री थे लेकिन इस बार मंत्री नहीं हैं
कई नेताओं को संसदीय समितियों में दी जाएगी जगह
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: कथित रूप से श्रीलंकाई कोस्टगार्ड्स अधिकारियों द्वारा किए गए हमले में पुदुच्चेरी के चार मछुआरे घायल हुए हैं, और उनका आरोप है कि श्रीलंकाई अधिकारियों ने उनकी आंखों में मिर्च झोंकी, उन्हें मारा-पीटा, और लगभग 15 लाख रुपये के उनके उपकरण समुद्र में फेंक दिए।
दरअसल, कराईकल के रहने वाले पांच मछुआरे 2 मार्च को फाइबरग्लास से बनी नाव में सवार होकर समुद्र में गए थे, और गुरुवार रात को वे रामेश्वरम से करीब 200 किलोमीटर दूर कोडियाकराई तट पर मछलियां पकड़ रहे थे, तभी कथित रूप से श्रीलंकाई कोस्टगार्ड्स अधिकारियों ने उन पर हमला कर दिया। मछुआरों का कहना है कि श्रीलंकाई अधिकारी सफेद रंग की नावों में सवार होकर आए थे, और उन्होंने उन्हें घेरकर हमला किया।
घायल मछुआरों में से एक चंद्रकुमार ने बताया, "उन्होंने (श्रीलंकाई कोस्टगार्ड्स अधिकारियों ने) हमारा ग्लोबल पोज़ीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) उपकरण, वॉकी-टॉकी और ईको साउंडर भी जब्त कर लिया। उन्होंने हमारे सारे जाल भी काट दिए। हमारी नाव में कुछ भी नहीं था, और हम 15 लाख रुपये के उपकरण गंवा बैठे हैं।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुरुवार को लिखे एक पत्र में भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसैनिकों के कथित हमले और गोलीबारी की घटना पर कहा था कि इन घटनाओं का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस विषय को उठाए जाने से भारत को डराना और धौंस जमाना है।
जयललिता ने कहा था कि मछुआरों की गिरफ्तारी और इन पर हुई ताजा गोलीबारी को श्रीलंका की एक ऐसी अप्रत्यक्ष कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए, जिसका लक्ष्य भारत को बेकसूर तमिलों के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर श्रीलंका के खिलाफ आवाज नहीं उठाने के लिए डराना और धौंस जमाना है। उन्होंने कहा था कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा था, "भारत सरकार को मूक दर्शक नहीं बने रहना चाहिए।" जयललिता ने श्रीलंकाई नौसैनिकों द्वारा तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के मछुआरों पर गोलीबारी तथा रविवार को तूतीकोरिन में 16 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिए जाने की घटना का हवाला देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीलंका को इस बारे में नसीहत दी जानी चाहिए कि वह बेकसूर भारतीय मछुआरों के खिलाफ बलप्रयोग से बचे, जो सदियों से अपने पारंपरिक जल क्षेत्र में मछली पकड़ रहे हैं।
पत्र में जयललिता ने आरोप लगाया था कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों के खिलाफ अत्याचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की ताजा घटना स्पष्ट संकेत देती है कि श्रीलंकाई नौसैनिक शांतिपूर्वक तरीके से आजीविका चला रहे तमिलनाडु के मछुआरों के बीच दहशत, डर और तनाव का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
दरअसल, कराईकल के रहने वाले पांच मछुआरे 2 मार्च को फाइबरग्लास से बनी नाव में सवार होकर समुद्र में गए थे, और गुरुवार रात को वे रामेश्वरम से करीब 200 किलोमीटर दूर कोडियाकराई तट पर मछलियां पकड़ रहे थे, तभी कथित रूप से श्रीलंकाई कोस्टगार्ड्स अधिकारियों ने उन पर हमला कर दिया। मछुआरों का कहना है कि श्रीलंकाई अधिकारी सफेद रंग की नावों में सवार होकर आए थे, और उन्होंने उन्हें घेरकर हमला किया।
घायल मछुआरों में से एक चंद्रकुमार ने बताया, "उन्होंने (श्रीलंकाई कोस्टगार्ड्स अधिकारियों ने) हमारा ग्लोबल पोज़ीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) उपकरण, वॉकी-टॉकी और ईको साउंडर भी जब्त कर लिया। उन्होंने हमारे सारे जाल भी काट दिए। हमारी नाव में कुछ भी नहीं था, और हम 15 लाख रुपये के उपकरण गंवा बैठे हैं।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुरुवार को लिखे एक पत्र में भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसैनिकों के कथित हमले और गोलीबारी की घटना पर कहा था कि इन घटनाओं का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस विषय को उठाए जाने से भारत को डराना और धौंस जमाना है।
जयललिता ने कहा था कि मछुआरों की गिरफ्तारी और इन पर हुई ताजा गोलीबारी को श्रीलंका की एक ऐसी अप्रत्यक्ष कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए, जिसका लक्ष्य भारत को बेकसूर तमिलों के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर श्रीलंका के खिलाफ आवाज नहीं उठाने के लिए डराना और धौंस जमाना है। उन्होंने कहा था कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा था, "भारत सरकार को मूक दर्शक नहीं बने रहना चाहिए।" जयललिता ने श्रीलंकाई नौसैनिकों द्वारा तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के मछुआरों पर गोलीबारी तथा रविवार को तूतीकोरिन में 16 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिए जाने की घटना का हवाला देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीलंका को इस बारे में नसीहत दी जानी चाहिए कि वह बेकसूर भारतीय मछुआरों के खिलाफ बलप्रयोग से बचे, जो सदियों से अपने पारंपरिक जल क्षेत्र में मछली पकड़ रहे हैं।
पत्र में जयललिता ने आरोप लगाया था कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों के खिलाफ अत्याचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की ताजा घटना स्पष्ट संकेत देती है कि श्रीलंकाई नौसैनिक शांतिपूर्वक तरीके से आजीविका चला रहे तमिलनाडु के मछुआरों के बीच दहशत, डर और तनाव का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
घायल मछुआरों में से एक चंद्रकुमार ने बताया, "उन्होंने (श्रीलंकाई कोस्टगार्ड्स अधिकारियों ने) हमारा ग्लोबल पोज़ीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) उपकरण, वॉकी-टॉकी और ईको साउंडर भी जब्त कर लिया। उन्होंने हमारे सारे जाल भी काट दिए। हमारी नाव में कुछ भी नहीं था, और हम 15 लाख रुपये के उपकरण गंवा बैठे हैं।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुरुवार को लिखे एक पत्र में भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसैनिकों के कथित हमले और गोलीबारी की घटना पर कहा था कि इन घटनाओं का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस विषय को उठाए जाने से भारत को डराना और धौंस जमाना है।
जयललिता ने कहा था कि मछुआरों की गिरफ्तारी और इन पर हुई ताजा गोलीबारी को श्रीलंका की एक ऐसी अप्रत्यक्ष कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए, जिसका लक्ष्य भारत को बेकसूर तमिलों के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर श्रीलंका के खिलाफ आवाज नहीं उठाने के लिए डराना और धौंस जमाना है। उन्होंने कहा था कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा था, "भारत सरकार को मूक दर्शक नहीं बने रहना चाहिए।" जयललिता ने श्रीलंकाई नौसैनिकों द्वारा तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के मछुआरों पर गोलीबारी तथा रविवार को तूतीकोरिन में 16 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिए जाने की घटना का हवाला देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीलंका को इस बारे में नसीहत दी जानी चाहिए कि वह बेकसूर भारतीय मछुआरों के खिलाफ बलप्रयोग से बचे, जो सदियों से अपने पारंपरिक जल क्षेत्र में मछली पकड़ रहे हैं।
पत्र में जयललिता ने आरोप लगाया था कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों के खिलाफ अत्याचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की ताजा घटना स्पष्ट संकेत देती है कि श्रीलंकाई नौसैनिक शांतिपूर्वक तरीके से आजीविका चला रहे तमिलनाडु के मछुआरों के बीच दहशत, डर और तनाव का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुरुवार को लिखे एक पत्र में भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसैनिकों के कथित हमले और गोलीबारी की घटना पर कहा था कि इन घटनाओं का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस विषय को उठाए जाने से भारत को डराना और धौंस जमाना है।
जयललिता ने कहा था कि मछुआरों की गिरफ्तारी और इन पर हुई ताजा गोलीबारी को श्रीलंका की एक ऐसी अप्रत्यक्ष कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए, जिसका लक्ष्य भारत को बेकसूर तमिलों के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर श्रीलंका के खिलाफ आवाज नहीं उठाने के लिए डराना और धौंस जमाना है। उन्होंने कहा था कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा था, "भारत सरकार को मूक दर्शक नहीं बने रहना चाहिए।" जयललिता ने श्रीलंकाई नौसैनिकों द्वारा तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के मछुआरों पर गोलीबारी तथा रविवार को तूतीकोरिन में 16 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिए जाने की घटना का हवाला देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीलंका को इस बारे में नसीहत दी जानी चाहिए कि वह बेकसूर भारतीय मछुआरों के खिलाफ बलप्रयोग से बचे, जो सदियों से अपने पारंपरिक जल क्षेत्र में मछली पकड़ रहे हैं।
पत्र में जयललिता ने आरोप लगाया था कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों के खिलाफ अत्याचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की ताजा घटना स्पष्ट संकेत देती है कि श्रीलंकाई नौसैनिक शांतिपूर्वक तरीके से आजीविका चला रहे तमिलनाडु के मछुआरों के बीच दहशत, डर और तनाव का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
जयललिता ने कहा था कि मछुआरों की गिरफ्तारी और इन पर हुई ताजा गोलीबारी को श्रीलंका की एक ऐसी अप्रत्यक्ष कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए, जिसका लक्ष्य भारत को बेकसूर तमिलों के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर श्रीलंका के खिलाफ आवाज नहीं उठाने के लिए डराना और धौंस जमाना है। उन्होंने कहा था कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा था, "भारत सरकार को मूक दर्शक नहीं बने रहना चाहिए।" जयललिता ने श्रीलंकाई नौसैनिकों द्वारा तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के मछुआरों पर गोलीबारी तथा रविवार को तूतीकोरिन में 16 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिए जाने की घटना का हवाला देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीलंका को इस बारे में नसीहत दी जानी चाहिए कि वह बेकसूर भारतीय मछुआरों के खिलाफ बलप्रयोग से बचे, जो सदियों से अपने पारंपरिक जल क्षेत्र में मछली पकड़ रहे हैं।
पत्र में जयललिता ने आरोप लगाया था कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों के खिलाफ अत्याचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की ताजा घटना स्पष्ट संकेत देती है कि श्रीलंकाई नौसैनिक शांतिपूर्वक तरीके से आजीविका चला रहे तमिलनाडु के मछुआरों के बीच दहशत, डर और तनाव का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा था, "भारत सरकार को मूक दर्शक नहीं बने रहना चाहिए।" जयललिता ने श्रीलंकाई नौसैनिकों द्वारा तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के मछुआरों पर गोलीबारी तथा रविवार को तूतीकोरिन में 16 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिए जाने की घटना का हवाला देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीलंका को इस बारे में नसीहत दी जानी चाहिए कि वह बेकसूर भारतीय मछुआरों के खिलाफ बलप्रयोग से बचे, जो सदियों से अपने पारंपरिक जल क्षेत्र में मछली पकड़ रहे हैं।
पत्र में जयललिता ने आरोप लगाया था कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों के खिलाफ अत्याचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की ताजा घटना स्पष्ट संकेत देती है कि श्रीलंकाई नौसैनिक शांतिपूर्वक तरीके से आजीविका चला रहे तमिलनाडु के मछुआरों के बीच दहशत, डर और तनाव का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
पत्र में जयललिता ने आरोप लगाया था कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों के खिलाफ अत्याचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की ताजा घटना स्पष्ट संकेत देती है कि श्रीलंकाई नौसैनिक शांतिपूर्वक तरीके से आजीविका चला रहे तमिलनाडु के मछुआरों के बीच दहशत, डर और तनाव का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
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संक्षिप्त सारांश: कथित रूप से श्रीलंकाई कोस्टगार्ड्स अधिकारियों द्वारा किए गए हमले में पुदुच्चेरी के चार मछुआरे घायल हुए हैं, और उनका आरोप है कि श्रीलंकाई अधिकारियों ने उनकी आंखों में मिर्च झोंकी, उन्हें मारा-पीटा, और लगभग 15 लाख रुपये के उनके उपकरण समुद्र में फेंक दिए।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: ठाणे पुलिस ने करोड़ों रुपये के इफेड्रिन रैकेट के सिलसिले में पूर्व फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के गुजरात, मुंबई और कुछ आसपास के क्षेत्र स्थित कम से कम आठ बैंक खातों पर रोक लगा दी है, जिसमें 90 लाख रुपये से अधिक राशि है. अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट सरगना और उसके सहयोगी विक्की गोस्वामी से जुड़े मामले में ममता को पहले ही मुख्य आरोपी नामजद कर दिया गया है.
पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, मामले की जांच के तहत इन सभी आठ खातों पर इस हफ्ते रोक लगाई गई, क्योंकि शक है कि उसकी संपत्ति और बैंक खातों से मादक पदार्थ गिरोह को मदद मिली. पुलिस को पता चला कि मलाड स्थित एक निजी बैंक में ममता कुलकर्णी के एक खातें में ही 67 लाख रुपये (विदेशी मुद्रो में) है. बाकी 26 लाख रुपये कल्याण, बदलापुर (ठाणे), परेल, नरीमन प्वाइंट, धारावी, राजकोट और भुज स्थित उसके बैंक खातों में थे. उन्होंने कहा कि जांचकर्ता ममता की बड़ी बहन और अन्य से भी पूछताछ कर रही है, जो बैंक भुगतान से लेनदेन करते थे.
इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया और उम्मीद है कि उन्हें कुर्क किया जाएगा. इस मामले में कुल मिलाकर 17 आरोपी हैं, जिसमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी फरार हैं. ये गिरफ्तारियां तब हुई थीं, जब पुलिस ने गत अप्रैल में महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित एवोन लाइफसाइंसेस लिमिटेड के परिसरों में छापा मारकर करीब 18.5 टन इफेड्रिन जब्त की जिसकी कीमत करीब दो हजार करोड़ रुपये है. टिप्पणियां
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ ठाणे जिला अदालत में पहले इी आरोपपत्र दायर कर दिया है. पुलिस ने पहले बताया था कि ममता की गिरोह में अहम भूमिका थी और उसने केन्या और दुबई में उसकी बैठकों में शामिल हुई जहां मादक पदार्थ सौदे हुए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, मामले की जांच के तहत इन सभी आठ खातों पर इस हफ्ते रोक लगाई गई, क्योंकि शक है कि उसकी संपत्ति और बैंक खातों से मादक पदार्थ गिरोह को मदद मिली. पुलिस को पता चला कि मलाड स्थित एक निजी बैंक में ममता कुलकर्णी के एक खातें में ही 67 लाख रुपये (विदेशी मुद्रो में) है. बाकी 26 लाख रुपये कल्याण, बदलापुर (ठाणे), परेल, नरीमन प्वाइंट, धारावी, राजकोट और भुज स्थित उसके बैंक खातों में थे. उन्होंने कहा कि जांचकर्ता ममता की बड़ी बहन और अन्य से भी पूछताछ कर रही है, जो बैंक भुगतान से लेनदेन करते थे.
इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया और उम्मीद है कि उन्हें कुर्क किया जाएगा. इस मामले में कुल मिलाकर 17 आरोपी हैं, जिसमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी फरार हैं. ये गिरफ्तारियां तब हुई थीं, जब पुलिस ने गत अप्रैल में महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित एवोन लाइफसाइंसेस लिमिटेड के परिसरों में छापा मारकर करीब 18.5 टन इफेड्रिन जब्त की जिसकी कीमत करीब दो हजार करोड़ रुपये है. टिप्पणियां
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ ठाणे जिला अदालत में पहले इी आरोपपत्र दायर कर दिया है. पुलिस ने पहले बताया था कि ममता की गिरोह में अहम भूमिका थी और उसने केन्या और दुबई में उसकी बैठकों में शामिल हुई जहां मादक पदार्थ सौदे हुए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया और उम्मीद है कि उन्हें कुर्क किया जाएगा. इस मामले में कुल मिलाकर 17 आरोपी हैं, जिसमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी फरार हैं. ये गिरफ्तारियां तब हुई थीं, जब पुलिस ने गत अप्रैल में महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित एवोन लाइफसाइंसेस लिमिटेड के परिसरों में छापा मारकर करीब 18.5 टन इफेड्रिन जब्त की जिसकी कीमत करीब दो हजार करोड़ रुपये है. टिप्पणियां
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ ठाणे जिला अदालत में पहले इी आरोपपत्र दायर कर दिया है. पुलिस ने पहले बताया था कि ममता की गिरोह में अहम भूमिका थी और उसने केन्या और दुबई में उसकी बैठकों में शामिल हुई जहां मादक पदार्थ सौदे हुए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ ठाणे जिला अदालत में पहले इी आरोपपत्र दायर कर दिया है. पुलिस ने पहले बताया था कि ममता की गिरोह में अहम भूमिका थी और उसने केन्या और दुबई में उसकी बैठकों में शामिल हुई जहां मादक पदार्थ सौदे हुए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ठाणे पुलिस ने इस पूर्व फिल्म अभिनेत्री के आठ बैंक खातों पर रोक लगा दी
इस खातों में 90 लाख रुपये से ज्यादा राशि जमा है
पुलिस को शक है कि ये पैसे ड्रग्स रैकेट में इस्तेमाल होता था
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: आईटी कंपनी एचसीएल के चेयरमैन शिव नडार ने रविवार को भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में 1,00,00,001 रुपये का चढ़ावा चढ़ाया. पहाड़ी क्षेत्र के इस मंदिर के पीआरओ तलारी रवि ने कहा कि दर्शन के बाद एचसीएल के चेयरमैन ने इस राशि का चेक टीटीडी कार्यकारी अधिकारी डी सम्बाशिव को सौंपा.टिप्पणियां
उन्होंने मंदिर प्रबंधन से इस राशि का इस्तेमाल वेंकटेश्वर बालामंदिर ट्रस्ट के लिए इस्तेमाल करने को कहा. यह ट्रस्ट 1943 में स्थापित किया गया था जो अनाथ और निराश्रित बच्चों के लिए काम करती है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने मंदिर प्रबंधन से इस राशि का इस्तेमाल वेंकटेश्वर बालामंदिर ट्रस्ट के लिए इस्तेमाल करने को कहा. यह ट्रस्ट 1943 में स्थापित किया गया था जो अनाथ और निराश्रित बच्चों के लिए काम करती है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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संक्षिप्त सारांश: वेंकटेश्वर मंदिर में चढ़ाया धन
बालामंदिर ट्रस्ट इसका करेगा इस्तेमाल
1943 में स्थापित किया गया ट्रस्ट
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आज यानी 31 जनवरी को संसद के समक्ष आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश कर दिया है. केंद्रीय बजट (Union Budget) को पेश करने से एक दिन पहले देश का आर्थिक सर्वे प्रस्तुत किया जाता है. बजट से पूर्व संसद में वित्त मंत्री देश की आर्थिक दशा की जो आधिकारिक रिपोर्ट पेश करते हैं, वह इकनॉमिक सर्वे कहलाता है.
आज से शुरू हो रहे बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे. राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सरकार द्वारा आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा.
इसके तहत देश की आर्थिक हालत का पूरा ब्यौरा पेश किया जाता है. सालभर में देश में विकास का ट्रेंड क्या रहा, किस क्षेत्र में कितना निवेश हुआ, किस क्षेत्र में कितना विकास हुआ, किन योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया, जैसे सभी पहलुओं पर इस सर्वे में सूचना दी जाती है. अर्थव्यवस्था, पूर्वानुमान और नीतिगत स्तर पर चुनौतियों संबंधी विस्तृत सूचनाओं का भी इसमें समावेश होता है. इसमें क्षेत्रवार हालातों की रूपरेखा और सुधार के उपायों के बारे में बताया जाता है. मोटामोटी तौर पर, यह सर्वेक्षण भविष्य में बनाई जाने वाली नीतियों के लिए एक दृष्टिकोण का काम करता है.टिप्पणियां
आर्थिक सर्वेक्षण चूंकि देश की आर्थिक स्थिति का आईना होता है, इसलिए इसके जरिए आगामी बजट में किन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा, इसकी एक झलक मिल जाती है. हालांकि, यहां बता दें कि यह सर्वे केवल सिफारिशें हैं और इन्हें लेकर कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती है. सरकार इन्हें केवल निर्देशात्मक रूप से लेती है.
आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है. इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यम ने आर्थिक सर्वे वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है.
आज से शुरू हो रहे बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे. राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सरकार द्वारा आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा.
इसके तहत देश की आर्थिक हालत का पूरा ब्यौरा पेश किया जाता है. सालभर में देश में विकास का ट्रेंड क्या रहा, किस क्षेत्र में कितना निवेश हुआ, किस क्षेत्र में कितना विकास हुआ, किन योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया, जैसे सभी पहलुओं पर इस सर्वे में सूचना दी जाती है. अर्थव्यवस्था, पूर्वानुमान और नीतिगत स्तर पर चुनौतियों संबंधी विस्तृत सूचनाओं का भी इसमें समावेश होता है. इसमें क्षेत्रवार हालातों की रूपरेखा और सुधार के उपायों के बारे में बताया जाता है. मोटामोटी तौर पर, यह सर्वेक्षण भविष्य में बनाई जाने वाली नीतियों के लिए एक दृष्टिकोण का काम करता है.टिप्पणियां
आर्थिक सर्वेक्षण चूंकि देश की आर्थिक स्थिति का आईना होता है, इसलिए इसके जरिए आगामी बजट में किन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा, इसकी एक झलक मिल जाती है. हालांकि, यहां बता दें कि यह सर्वे केवल सिफारिशें हैं और इन्हें लेकर कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती है. सरकार इन्हें केवल निर्देशात्मक रूप से लेती है.
आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है. इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यम ने आर्थिक सर्वे वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है.
इसके तहत देश की आर्थिक हालत का पूरा ब्यौरा पेश किया जाता है. सालभर में देश में विकास का ट्रेंड क्या रहा, किस क्षेत्र में कितना निवेश हुआ, किस क्षेत्र में कितना विकास हुआ, किन योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया, जैसे सभी पहलुओं पर इस सर्वे में सूचना दी जाती है. अर्थव्यवस्था, पूर्वानुमान और नीतिगत स्तर पर चुनौतियों संबंधी विस्तृत सूचनाओं का भी इसमें समावेश होता है. इसमें क्षेत्रवार हालातों की रूपरेखा और सुधार के उपायों के बारे में बताया जाता है. मोटामोटी तौर पर, यह सर्वेक्षण भविष्य में बनाई जाने वाली नीतियों के लिए एक दृष्टिकोण का काम करता है.टिप्पणियां
आर्थिक सर्वेक्षण चूंकि देश की आर्थिक स्थिति का आईना होता है, इसलिए इसके जरिए आगामी बजट में किन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा, इसकी एक झलक मिल जाती है. हालांकि, यहां बता दें कि यह सर्वे केवल सिफारिशें हैं और इन्हें लेकर कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती है. सरकार इन्हें केवल निर्देशात्मक रूप से लेती है.
आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है. इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यम ने आर्थिक सर्वे वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है.
आर्थिक सर्वेक्षण चूंकि देश की आर्थिक स्थिति का आईना होता है, इसलिए इसके जरिए आगामी बजट में किन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा, इसकी एक झलक मिल जाती है. हालांकि, यहां बता दें कि यह सर्वे केवल सिफारिशें हैं और इन्हें लेकर कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती है. सरकार इन्हें केवल निर्देशात्मक रूप से लेती है.
आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है. इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यम ने आर्थिक सर्वे वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है.
आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है. इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यम ने आर्थिक सर्वे वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है.
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यह एक सारांश है: आज सुबह 11 बजे के करीब संसद में बजट सत्र के दौरान पेश होगा आर्थिक सर्वे
बजट से एक दिन पूर्व पेश होने वाला आर्थिक सर्वे इकॉनमी का आईना होता है
अरुण जेटली पेश करेंगे आर्थिक सर्वे
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: नानावती आयोग ने सामाजिक कार्यकर्ता मल्लिका साराभाई की याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया जिन्होंने निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को पूछताछ के लिए बुलाने की मांग की थी। 2002 के दंगों के बाद उच्चतम न्यायालय में दायर उनकी याचिका को कथित तौर पर दबाने में मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका पर पूछताछ के लिये उन्होंने भट्ट को बुलाने की मांग की थी। आयोग में 23 मई को केंद्रीय राहत समिति के वकील बी. एम. मांगुकिया द्वारा पूछताछ के दौरान भट्ट ने आरोप लगाया था कि 2002 के दंगों के सिलसिले में साराभाई द्वारा उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका की कार्यवाही को मोदी ने दबाने का प्रयास किया था। भट्ट की गवाही के बाद साराभाई ने याचिका दायर कर भट्ट और उनके तत्कालीन अधिकारी पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार से जिरह की मांग की थी। आयोग ने अपने आदेश में कहा, मल्लिका साराभाई का हमसे आग्रह का आधार संजीव भट्ट के आरोपों के आधार पर है जिसके लिए उन्होंने एक अप्रैल 2002 को उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी।
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सारांश: नानावती आयोग ने साराभाई की याचिका को खारिज कर दिया जिन्होंने निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को पूछताछ के लिए बुलाने की मांग की थी।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: आईआईटी मद्रास (IIT Madras) ने गेट 2019 परीक्षा का शेड्यूल (GATE 2019 Exam Schedule) जारी कर दिया है. Gate 2019 परीक्षा फरवरी से शुरू होगी. परीक्षा का शेड्यूल ऑफिशियल वेबसाइट gate.iitm.ac.in पर जारी किया गया है. GATE 2019 की पहली परीक्षा 2 फरवरी 2019 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा (Gate Exam) 2, 3, 9 और 10 फरवरी को होगी. गेट परीक्षा 2 शिफ्टों में होगी. पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे तक होगी. जबकि दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शाम 5.30 तक होगी. उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड (Gate Admit Card) 4 जनवरी 2019 को जारी कर दिए जाएंगे. उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर पाएंगे. Gate 2019 की परीक्षा IIT Madras द्वारा आयोजित की जाएगी.
उम्मीदवारों की सुविधा के लिए GATE 2019 Exam Schedule नीचे दिया गया है.
S1 09:30 - 12.30 (पहली शिफ्ट) : CY, ME-1, MN
S2 14:30 - 17:30 (दूसरी शिफ्ट) : ME-2, XE, XL, TF
S3 09:30 - 12.30 (पहली शिफ्ट) : CS, CH
S4 14:30 - 17:30 (दूसरी शिफ्ट) : AE, AG, AR, BT, EY, GG, IN, MA, MT, PE, PH, PI, ST
S5 09:30 - 12.30 (पहली शिफ्ट) : EC
S6 14:30 - 17:30 (दूसरी शिफ्ट) : EE
S7 09:30 - 12.30 (पहली शिफ्ट) : CE-1
S8 14:30 - 17:30 (दूसरी शिफ्ट) : CE-2
उम्मीदवार यहां क्लिक कर भी परीक्षा का शेड्यूल चेक कर सकते हैं.
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यह एक सारांश है: गेट परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया गया है.
परीक्षा 2 फरवरी से शुरू होगी.
परीक्षा का एडमिट कार्ड 4 जनवरी को जारी होगा.
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बाघ ने पांच लोगों को अपना शिकार बनाया है. वन विभाग ने इस बाघ को आदमखोर घोषित करते हुए उसे पकड़ने की जद्दोजहद शुरू कर दी है. विभाग की कोशिश है कि बाघ को जिंदा ही पकड़ा जाए. पीलीभीत जिले के वन संरक्षक वी. के. सिंह ने बताया कि आदमखोर बाघ एक अच्छा शिकारी नहीं है. वह जंगल के बाहर खेतों के आस-पास के लोगों को अपना शिकार बनाता है और वह केवल मुलायम उत्तकों को अपना निवाला बनाता है, लेकिन यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि शिकारी नर है या मादा.
वी. के. सिंह बाघ की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने के लिए विशेष ऑपरेशन चलाया जा रहा है. बकरी या हिरण बांध कर उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बताया कि बाघ बकरी या हिरण को शिकार बनाने के बजाए लोगों को अपना शिकार बना रहा है. वन संरक्षक ने बताया कि ऐसा लगता है कि बाघ के मुंह में संक्रमण हो गया है, जिससे वह असमान्य रूप से काम कर रहा है.
उन्होंने बताया कि पहली बार बाघ ने पिछले साल 27 नवंबर, 11 दिसंबर और इस साल 11 जनवरी को लोगों पर हमले किए थे. सिंह ने कहा कि सभी घटनाएं आठ से 12 किलोमीटर के दायरे में हुई हैं. पुरनपुरा शहर के पास के गांव में पांच और सात फरवरी को दो लोगों को मारने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक ने बाघ को आदमखोर घोषित किया था. स्थानीय लोगों के अनुसार, बाघ ने खेत के पास मच्छरदानी में सो रहे किसान को घसीटते हुए मार डाला. टिप्पणियां
लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व से बाघ को पकड़ने के लिए चार हाथियों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही के जंगलों में लाया गया है. लखनऊ चिड़ियाघर से तीन पशु चिकित्सकों को लाया गया है.
लोगों और जानवरों के बीच संघर्ष के मामले तराई क्षेत्रों के साथ ही पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में बढ़ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जंगलों के आसपास बस्तियों का बस जाना है.
वी. के. सिंह बाघ की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने के लिए विशेष ऑपरेशन चलाया जा रहा है. बकरी या हिरण बांध कर उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बताया कि बाघ बकरी या हिरण को शिकार बनाने के बजाए लोगों को अपना शिकार बना रहा है. वन संरक्षक ने बताया कि ऐसा लगता है कि बाघ के मुंह में संक्रमण हो गया है, जिससे वह असमान्य रूप से काम कर रहा है.
उन्होंने बताया कि पहली बार बाघ ने पिछले साल 27 नवंबर, 11 दिसंबर और इस साल 11 जनवरी को लोगों पर हमले किए थे. सिंह ने कहा कि सभी घटनाएं आठ से 12 किलोमीटर के दायरे में हुई हैं. पुरनपुरा शहर के पास के गांव में पांच और सात फरवरी को दो लोगों को मारने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक ने बाघ को आदमखोर घोषित किया था. स्थानीय लोगों के अनुसार, बाघ ने खेत के पास मच्छरदानी में सो रहे किसान को घसीटते हुए मार डाला. टिप्पणियां
लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व से बाघ को पकड़ने के लिए चार हाथियों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही के जंगलों में लाया गया है. लखनऊ चिड़ियाघर से तीन पशु चिकित्सकों को लाया गया है.
लोगों और जानवरों के बीच संघर्ष के मामले तराई क्षेत्रों के साथ ही पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में बढ़ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जंगलों के आसपास बस्तियों का बस जाना है.
उन्होंने बताया कि पहली बार बाघ ने पिछले साल 27 नवंबर, 11 दिसंबर और इस साल 11 जनवरी को लोगों पर हमले किए थे. सिंह ने कहा कि सभी घटनाएं आठ से 12 किलोमीटर के दायरे में हुई हैं. पुरनपुरा शहर के पास के गांव में पांच और सात फरवरी को दो लोगों को मारने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक ने बाघ को आदमखोर घोषित किया था. स्थानीय लोगों के अनुसार, बाघ ने खेत के पास मच्छरदानी में सो रहे किसान को घसीटते हुए मार डाला. टिप्पणियां
लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व से बाघ को पकड़ने के लिए चार हाथियों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही के जंगलों में लाया गया है. लखनऊ चिड़ियाघर से तीन पशु चिकित्सकों को लाया गया है.
लोगों और जानवरों के बीच संघर्ष के मामले तराई क्षेत्रों के साथ ही पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में बढ़ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जंगलों के आसपास बस्तियों का बस जाना है.
लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व से बाघ को पकड़ने के लिए चार हाथियों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही के जंगलों में लाया गया है. लखनऊ चिड़ियाघर से तीन पशु चिकित्सकों को लाया गया है.
लोगों और जानवरों के बीच संघर्ष के मामले तराई क्षेत्रों के साथ ही पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में बढ़ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जंगलों के आसपास बस्तियों का बस जाना है.
लोगों और जानवरों के बीच संघर्ष के मामले तराई क्षेत्रों के साथ ही पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में बढ़ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जंगलों के आसपास बस्तियों का बस जाना है.
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सारांश: बाघ ने खेत पर मच्छरदानी में सो रहे किसान को घसीटते हुए मार डाला
दुधवा टाइगर रिजर्व से चार हाथियों की टीम बाघ को पकड़ने में जुटी
लखनऊ चिड़ियाघर से पशु विशेषज्ञों की टीम भी हुई पीलीभीत रवाना
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: चुनाव आते ही बीजेपी को राम याद आते हैं ये तो आपने कई बार सुना होगा. लेकिन इस बार कांग्रेस को भी राम की याद आ रही है. पिछले दिनों राम मंदिर को लेकर खूब हलचल हुई. सुप्रीम कोर्ट में 29 जनवरी को होने वाली सुनवाई टल जाने के बाद संत समाज ने भी जल्द से जल्द मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अयोध्या कूच करने का ऐलान किया था. 26 फरवरी को फिर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरू होगी. बीजेपी के कई नेता भी मंदिर निर्माण पर बयान दे चुके हैं. अब कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने कहा है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह अयोध्या में राम मंदिर बनाने का भरसक प्रयास करेगी. देहरादून में एक संवाददाता सम्मेलन में रावत ने कहा, 'अयोध्या के बारे में मेरा वक्तव्य पहले भी आ चुका है कि अगर हमारी पार्टी सत्ता में आती है तो हम राममंदिर बनाने का भरसक प्रयास करेंगे. मेरे इस दृष्टिकोण को पार्टी का भी माना जाना चाहिए.'
उन्होंने कहा कि केवल कांग्रेस पार्टी ने ही पूर्व में सत्ता में रहने के दौरान दो बार राम मंदिर बनाने के गंभीर प्रयास किये हैं और यह बात वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी उनके सामने स्वीकार की थी. रावत ने भाजपा पर इस मुद्दे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र को इस संबंध में एक फेसिलिटेटर की भूमिका निभानी चाहिए.
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पुलवामा हमले पर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि वह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही राष्ट्रवादी होने का तमगा दे रही है. उन्होंने कहा, 'ऐसा क्यों है कि केवल प्रधानमंत्री मोदी ही राष्ट्रवादी हो सकते हैं. मुझे इस पर घोर आपत्ति है. भारत का हरेक व्यक्ति राष्ट्रवादी है. मैं भी राष्ट्रवादी हूं और आप भी राष्ट्रवादी हैं.'
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कांग्रेस नेता ने कहा कि सैनिकों की शहादत पर पूरा भारत एक साथ खड़ा है. प्रदेश सरकार द्वारा पेश बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रावत ने कहा कि यह निराशाजनक है. उन्होंने कहा, 'बजट में कुछ भी नया नहीं है और अगर कुछ है तो वह कुछ दीनदयाल उपाध्याय, कुछ नरेंद्र मोदी और कुछ पुराने प्रस्ताव हैं.' इस संबंध में उदाहरण देते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि इसमें गैर सरकारी संस्थाओं को पुनर्जीवित करने की उनकी सरकार की योजना को नाम बदल कर शामिल किया गया है.
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उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस योजना के लिये एक रिवाल्विंग फंड भी तैयार किया था और उसमें पांच लाख रुपये रखे थे. इसी योजना का नाम परिवर्तन करके सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय योजना कर दिया है. उन्होंने कहा, 'मैं पूछना चाहता हूं कि जिस उद्देश्य से यह योजना लायी गयी थी, पिछले चार सालों में कितनी गैर सरकारी संस्थाओं को पुनर्जीवित किया गया.'
रावत ने कहा कि विकास दर बुलेट ट्रेन की तरह तेजी से आगे बढ़ रही है पर गंभीर विषय यह है कि कृषि विकास दर अपने न्यूनतम स्तर पर है. उन्होंने यह भी कहा कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की स्थिति भी ठीक नहीं है, बेरोजगारी भी चरम पर है और बेरोजगारों की संख्या नौ लाख हो चुकी है.
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पुलवामा हमले पर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा
'सैनिकों की शहादत पर पूरा भारत एक साथ खड़ा है'
'मैं भी राष्ट्रवादी हूं और आप भी राष्ट्रवादी हैं'
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: सिरसा जिले के दाबवली के पास के जंडवाला बिश्नोईयां गांव में एक घर में छिपे तीन बदमाशों ने पुलिस की घेराबंदी देख गोली मार कर आत्महत्या कर ली. पुलिस का कहना है कि कुख्यात अपराधी विकी गोंडर गिरोह के तीन वांछित गुर्गो को पंजाब पुलिस ने मंगलवार को हरियाणा में घेर लिया था, जिसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली.
बदमाशों की पहचान कमलजीत सिंह उर्फ बंटी ढिल्लन, जसप्रीत सिंह उर्फ जंपी और निशान सिंह के रूप में हुई है. ढिल्लन और जंपी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि निशान ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया
पंजाब के फरीदकोट की पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ तड़के सिरसा जिले के दाबवली के पास के एक गांव में एक घर को घेर लिया. पुलिस को सूचना मिली थी कि इस घर में पंजाब के कुछ कुख्यात बदमाश छिपे हैं. यह घटना सुबह 4 बजे के आसपास की है. पुलिस ने बदमाशों से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा. पहले तो बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं, दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई. बाद में खुद को घिरता देख बदमाशों ने अपने हथियारों से खुद को गोली मार ली. टिप्पणियां
पुलिस अक्षीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने संवाददाताओं के बताया कि पुलिस द्वारा घेर लिए जाने के बाद बदमाशों ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने बताया कि ढिल्लन और जंपी को सिर में गोली लगने से मृत पाया, जबकि निशान गोली लगने से घायल अवस्था में था. पुलिस ने मुठभेड़स्थल से पांच हथियार और कुछ नकदी बरामद की है. गोंडर पिछले साल नवंबर में पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली नाभा जेल से भाग गया था.
(इनपुट आईएएनएस से भी)
बदमाशों की पहचान कमलजीत सिंह उर्फ बंटी ढिल्लन, जसप्रीत सिंह उर्फ जंपी और निशान सिंह के रूप में हुई है. ढिल्लन और जंपी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि निशान ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया
पंजाब के फरीदकोट की पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ तड़के सिरसा जिले के दाबवली के पास के एक गांव में एक घर को घेर लिया. पुलिस को सूचना मिली थी कि इस घर में पंजाब के कुछ कुख्यात बदमाश छिपे हैं. यह घटना सुबह 4 बजे के आसपास की है. पुलिस ने बदमाशों से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा. पहले तो बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं, दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई. बाद में खुद को घिरता देख बदमाशों ने अपने हथियारों से खुद को गोली मार ली. टिप्पणियां
पुलिस अक्षीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने संवाददाताओं के बताया कि पुलिस द्वारा घेर लिए जाने के बाद बदमाशों ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने बताया कि ढिल्लन और जंपी को सिर में गोली लगने से मृत पाया, जबकि निशान गोली लगने से घायल अवस्था में था. पुलिस ने मुठभेड़स्थल से पांच हथियार और कुछ नकदी बरामद की है. गोंडर पिछले साल नवंबर में पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली नाभा जेल से भाग गया था.
(इनपुट आईएएनएस से भी)
पंजाब के फरीदकोट की पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ तड़के सिरसा जिले के दाबवली के पास के एक गांव में एक घर को घेर लिया. पुलिस को सूचना मिली थी कि इस घर में पंजाब के कुछ कुख्यात बदमाश छिपे हैं. यह घटना सुबह 4 बजे के आसपास की है. पुलिस ने बदमाशों से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा. पहले तो बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं, दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई. बाद में खुद को घिरता देख बदमाशों ने अपने हथियारों से खुद को गोली मार ली. टिप्पणियां
पुलिस अक्षीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने संवाददाताओं के बताया कि पुलिस द्वारा घेर लिए जाने के बाद बदमाशों ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने बताया कि ढिल्लन और जंपी को सिर में गोली लगने से मृत पाया, जबकि निशान गोली लगने से घायल अवस्था में था. पुलिस ने मुठभेड़स्थल से पांच हथियार और कुछ नकदी बरामद की है. गोंडर पिछले साल नवंबर में पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली नाभा जेल से भाग गया था.
(इनपुट आईएएनएस से भी)
पुलिस अक्षीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने संवाददाताओं के बताया कि पुलिस द्वारा घेर लिए जाने के बाद बदमाशों ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने बताया कि ढिल्लन और जंपी को सिर में गोली लगने से मृत पाया, जबकि निशान गोली लगने से घायल अवस्था में था. पुलिस ने मुठभेड़स्थल से पांच हथियार और कुछ नकदी बरामद की है. गोंडर पिछले साल नवंबर में पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली नाभा जेल से भाग गया था.
(इनपुट आईएएनएस से भी)
(इनपुट आईएएनएस से भी)
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यह एक सारांश है: सिरसा जिले में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपे थे बदमाश
हरियाणा और पंजाब पुलिस ने मिलकर की बदमाशों की घेराबंदी
हत्या सहित कई मामलों में वांछित थे तीनों कुख्यात बदमाश
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑपरेशन ब्लू स्टार के हीरो लेफ्टिनेंट जनरल ब्रार पर हमले के संबंध में एक 29 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है जिससे इस मामले में हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
मेट्रोपोलिटन पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा कि 30 सितंबर को लंदन में लेफ्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह ब्रार पर हमले के संबंध में एक और गिरफ्तारी की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘10 अक्टूबर को एक 29 वर्षीय व्यक्ति को हत्या की साजिश रचने के संदेह में वेस्ट मिडलैंड में उसके आवासीय पते से गिरफ्तार किया गया है।’’ पुलिस ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान बताए बिना कहा कि उसे हिरासत में रखा गया है।टिप्पणियां
बुधवार की गिरफ्तारी के साथ ही तीन लोगों को हिरासत में रखा गया है। ब्रार को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपी भारतीय मूल के दो व्यक्तियों 7 दिसंबर को ब्रिटिश अदालत में सुनवाई के दौरान पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले के संबंध में गिरफ्तार किए गए 10 अन्य लोगों को जमानत दे दी गई थी लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी है।
मेट्रोपोलिटन पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा कि 30 सितंबर को लंदन में लेफ्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह ब्रार पर हमले के संबंध में एक और गिरफ्तारी की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘10 अक्टूबर को एक 29 वर्षीय व्यक्ति को हत्या की साजिश रचने के संदेह में वेस्ट मिडलैंड में उसके आवासीय पते से गिरफ्तार किया गया है।’’ पुलिस ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान बताए बिना कहा कि उसे हिरासत में रखा गया है।टिप्पणियां
बुधवार की गिरफ्तारी के साथ ही तीन लोगों को हिरासत में रखा गया है। ब्रार को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपी भारतीय मूल के दो व्यक्तियों 7 दिसंबर को ब्रिटिश अदालत में सुनवाई के दौरान पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले के संबंध में गिरफ्तार किए गए 10 अन्य लोगों को जमानत दे दी गई थी लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘10 अक्टूबर को एक 29 वर्षीय व्यक्ति को हत्या की साजिश रचने के संदेह में वेस्ट मिडलैंड में उसके आवासीय पते से गिरफ्तार किया गया है।’’ पुलिस ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान बताए बिना कहा कि उसे हिरासत में रखा गया है।टिप्पणियां
बुधवार की गिरफ्तारी के साथ ही तीन लोगों को हिरासत में रखा गया है। ब्रार को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपी भारतीय मूल के दो व्यक्तियों 7 दिसंबर को ब्रिटिश अदालत में सुनवाई के दौरान पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले के संबंध में गिरफ्तार किए गए 10 अन्य लोगों को जमानत दे दी गई थी लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी है।
बुधवार की गिरफ्तारी के साथ ही तीन लोगों को हिरासत में रखा गया है। ब्रार को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपी भारतीय मूल के दो व्यक्तियों 7 दिसंबर को ब्रिटिश अदालत में सुनवाई के दौरान पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले के संबंध में गिरफ्तार किए गए 10 अन्य लोगों को जमानत दे दी गई थी लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि इस मामले के संबंध में गिरफ्तार किए गए 10 अन्य लोगों को जमानत दे दी गई थी लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी है।
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संक्षिप्त सारांश: ऑपरेशन ब्लू स्टार के हीरो लेफ्टिनेंट जनरल ब्रार पर हमले के संबंध में एक 29 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है जिससे इस मामले में हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के इस बयान को स्वीकार कर लिया है कि दही हांडी उत्सव में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के भाग लेने की अनुमति नहीं होगी.
न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति एम. एस. कार्निक की खंड पीठ ने हालांकि उत्सव के दौरान बनने वाली मानव पिरामिड की अधिकतम ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है.पढ़ें - गुजरात भी दे सकता है दही हांडी को साहसिक खेलों का दर्जा
न्यायमूर्ति गवई ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय प्रतिभागियों की आयु या पिरामिड की ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता है क्योंकि यह राज्य विधायिका का विशेषाधिकार है.’’ न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम राज्य सरकार की ओर से दिए गए बयान को स्वीकार करते हैं कि वह सुनिश्चित करेगी कि दही हांडी उत्सव में 14 वर्ष से कम आयु का कोई बच्चा भाग नहीं लेगा.’’
पढ़ें - 'सरकार को दही हांडी उत्सव पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट देना चाहिए'
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अवर सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि बाल श्रम (निषेध और विनियमन) कानून के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उत्सव में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट्स घोषित कर दिया है.टिप्पणियां
महाराष्ट्र- उत्सवों के लिए क्या बदले जाएंगे ध्वनि प्रदूषण के नियम?
अदालत शहर के दो नागरिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति एम. एस. कार्निक की खंड पीठ ने हालांकि उत्सव के दौरान बनने वाली मानव पिरामिड की अधिकतम ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है.
पढ़ें - गुजरात भी दे सकता है दही हांडी को साहसिक खेलों का दर्जा
न्यायमूर्ति गवई ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय प्रतिभागियों की आयु या पिरामिड की ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता है क्योंकि यह राज्य विधायिका का विशेषाधिकार है.’’ न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम राज्य सरकार की ओर से दिए गए बयान को स्वीकार करते हैं कि वह सुनिश्चित करेगी कि दही हांडी उत्सव में 14 वर्ष से कम आयु का कोई बच्चा भाग नहीं लेगा.’’
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राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अवर सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि बाल श्रम (निषेध और विनियमन) कानून के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उत्सव में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट्स घोषित कर दिया है.टिप्पणियां
महाराष्ट्र- उत्सवों के लिए क्या बदले जाएंगे ध्वनि प्रदूषण के नियम?
अदालत शहर के दो नागरिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
न्यायमूर्ति गवई ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय प्रतिभागियों की आयु या पिरामिड की ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता है क्योंकि यह राज्य विधायिका का विशेषाधिकार है.’’ न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम राज्य सरकार की ओर से दिए गए बयान को स्वीकार करते हैं कि वह सुनिश्चित करेगी कि दही हांडी उत्सव में 14 वर्ष से कम आयु का कोई बच्चा भाग नहीं लेगा.’’
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राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अवर सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि बाल श्रम (निषेध और विनियमन) कानून के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उत्सव में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट्स घोषित कर दिया है.टिप्पणियां
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अदालत शहर के दो नागरिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
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राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अवर सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि बाल श्रम (निषेध और विनियमन) कानून के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उत्सव में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट्स घोषित कर दिया है.टिप्पणियां
महाराष्ट्र- उत्सवों के लिए क्या बदले जाएंगे ध्वनि प्रदूषण के नियम?
अदालत शहर के दो नागरिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अवर सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि बाल श्रम (निषेध और विनियमन) कानून के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उत्सव में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट्स घोषित कर दिया है.टिप्पणियां
महाराष्ट्र- उत्सवों के लिए क्या बदले जाएंगे ध्वनि प्रदूषण के नियम?
अदालत शहर के दो नागरिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
महाराष्ट्र- उत्सवों के लिए क्या बदले जाएंगे ध्वनि प्रदूषण के नियम?
अदालत शहर के दो नागरिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
अदालत शहर के दो नागरिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
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संक्षिप्त पाठ: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के बयान को स्वीकार किया
उत्सव में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे भाग नहीं लेंगे
अदालत इस मसले पर दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: भारत के सबसे बड़े वांछित दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) की दुनियाभर में मौजूद संपत्ति भले ही जब्त कर ली गई हो, लेकिन अंडरवर्ल्ड डॉन ने संगठित अपराध के जरिये अर्जित धन को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (पीएसएक्स) में निवेश करना जारी रखा है. ये निवेश विभिन्न पूंजी प्रतिभूति कंपनियों के माध्यम से पीएसएक्स के अंतर्गत आने वाले सभी तीन एक्सचेंजों में किए जा रहे हैं. भारतीय एजेंसियां दाऊद (Dawood Ibrahim) के खिलाफ पीएसएक्स में अपने अवैध धन निवेश करने के सबूत हासिल कर रही हैं. दाऊद ने यह धन मादक पदार्थो की तस्करी, हथियारों की तस्करी, जाली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) का गिरोह चलाने और जबरन वसूली करके हासिल की है.
लंदन की जेल में बंद डी-कंपनी का संदिग्ध जाबिर मोती लगभग पांच पूंजी प्रतिभूति कंपनियां चलाता है. ये सभी कंपनियां पीएसएक्स में 2016 में विलय करने वाली कराची स्टॉक एक्सचेंज से चलती हैं. कंपनियों के जाबिर मोती से संबंध के अलावा, दाऊद कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से हबीब बैंक की सहयोगी और पाकिस्तान की एक शीर्ष इक्विटी ब्रोकरेज कंपनी हबीब मेट्रोपॉलिटन फाइनेंशियल सर्विसेज (एचएमएफएस) में भी भारी निवेश कर रहा है.
खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हबीब बैंक के शीर्ष प्रबंधन से दाऊद का परिचय पूर्व क्रिकेटर, हबीब बैंक के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष और दाऊद की बेटी मेहरीन इब्राहिम के ससुर जावेद मियांदाद ने कराया था. हबीब बैंक पर अमेरिका के वित्तीय सेवा विभाग ने 2017 में धन शोधन तथा आतंकवाद से संबंध रखने के आरोप लगाए थे. हबीब बैंक नेपाल में डी-कंपनी के संचालन में सहयोग करने में भी संदिग्ध है, क्योंकि यह एक संयुक्त परियोजना के अंतर्गत नेपाली हिमालयन बैंक का संचालन करती है.
खबरों के अनुसार, साल 2012 के आसपास दाऊद इब्राहिम कराची स्टॉक एक्सचेंज के तत्कालीन निदेशक जफर मोती के पारिवारिक सदस्य और डी-कंपनी के कुख्यात सदस्य जाबिर मोती के माध्यम से उसके संपर्क में आया. स्कॉटलैंड यार्ड की पुलिस ने एफबीआई की सूचना पर जाबिर मोती को लंदन स्थित एक होटल से अगस्त, 2018 में गिरफ्तार किया था.
एफबीआई ने डी-कंपनी के मादक पदार्थो की तस्करी से कमाए गए धन को जब्त कर जाबिर मोती को गिरफ्तार कर लिया और लंदन स्थित अदालत में उसके ऊपर प्रत्यर्पण का मामला चल रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जाबिर कराची में स्टॉक एक्सचेंज मार्ग पर पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज इमारत में पहली मंजिल पर कमरा संख्या 54-55 में स्थित मोती जफर मोती पूंजी प्रतिभूति प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है.
कंपनी का सीईओ जफर मोती है, जो कुछ अन्य कंपनियां भी संचालित करता है. एक अन्य कंपनी बीआरपी-एमएसी प्रतिभूति प्राइवेट लिमिटेड, जिसकी मालिक कथित रूप से जफर की पत्नी अफसान मोदी है. कंपनी कराची में दाऊद के एक ठिकाने के पास स्थित है.
सरकार में उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि एक बार दाऊद इब्राहिम द्वारा अपने सहयोगी जाबिर मोती के माध्यम से पाकिस्तानी शेयर बाजार में निवेश किया गया अवैध धन मिल जाए, तो पाकिस्तान की आतंकवाद पर दोहरी नीति और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई का अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों के साथ संबंध का खुलासा हो जाएगा.
भारतीय एजेंसियां भी लंदन में वेस्टमिंस्टर अदालत में जाबिर के प्रत्यर्पण पर नजर रखे हुए हैं. जाबिर मोती पर विदेशों में गिरोह को मादक पदार्थ पहुंचाने का भी आरोप है. एफबीआई ने लंदन की अदालत में खुलासा किया, "पाकिस्तानी नागरिक जाबिर डी-कंपनी में शीर्ष प्रतिनिधि है और यह सीधे दाऊद इब्राहिम को रिपोर्ट करता है. मादक पदार्थों की तस्करी का आरोपी जाबिर पर डी-कंपनी की तरफ से 14 लाख डॉलर का धन शोधन करने का आरोप है."
एफबीआई जहां जाबिर मोती के प्रत्यर्पण की सुनवाई प्रक्रिया जोरों से चला रहा है, वहीं लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग इस पूरी प्रक्रिया को विफल करने की पूरी कोशिश कर रहा है, क्योंकि अमेरिका में उसके मामले की सुनवाई होने पर पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज और डी-कंपनी के संगठित अपराध तथा आतंकवाद अभियानों के बीच संबंध का खुलासा हो जाएगा.
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यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तानी शेयर बाजार में पैसा लगा रही डी-कंपनी
अवैध तरीके से कमाये धन का शेयर बाजार में किया जा रहा इनवेस्टमेंट
डी-कंपनी का जाबिर मोती लगभग पांच पूंजी प्रतिभूति कंपनियां चलाता है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: मुंबई में एक प्रेमी द्वारा अपनी प्रेमिका की हत्या करने का मामला सामने आया है. प्रेमिका की हत्या के बाद प्रेमी ने खुद भी अपार्टमेंट की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली है. इस हत्याकांड के बारे में मुंबई पुलिस ने बताया कि उपनगरीय मलाड इलाके में 24 वर्षीय मंगेश राणे ने कथित तौर पर अपनी 17 वर्षीय प्रेमिका की चाकू मारकर हत्या कर दी. व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने बताया कि यह घटना सोमवार दोपहर को हुई जब राणे अपनी प्रेमिका के घर उससे मिलने गया था.
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हत्या से पहले दोनों के बीच एक जोरदार बहस हुई थी, जिसके बाद प्रेमी ने कथित तौर पर लड़की को पास रखे चाकू से गोदना शुरू कर दिया. इसके बाद उसने अपनी कलाई भी काट ली और फिर 10वीं मंजिल पर स्थित अपार्टमेंट की बालकनी से कूद गया. अधिकारी ने कहा कि इसके बाद मंगेश राणे की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं उसकी प्रेमिका ने भी अस्पताल में आपातकालीन सर्जरी के दौरान दम तोड़ दिया.
अधिकारी ने बताया कि लड़की की मां की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार को राणे के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 309 (आत्महत्या करने का प्रयास), 354 (एक महिला की विनम्रता, बच्चों की सुरक्षा के और यौन अपराध अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया.
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यह एक सारांश है: उपनगरीय मलाड इलाके में 24 वर्षीय मंगेश राणे ने की प्रमिका की हत्या
सोमवार दोपहर को प्रेमिका के घर मिलने पहुंचा था राणे
लड़की की मां की शिकायत पर पुलिस दर्ज किया हत्या का केस
| 21
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: क्रिकेट के लगभग सारे रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर फॉलोवर्स की जंग में पूर्व विदेश राज्यमंत्री के शशि थरूर को मात देकर नंबर एक का खिताब अपने नाम कर लिया है। रिकॉर्ड के शहंशाह तेंदुलकर के चाहने वालों की संख्या बुधवार को अब तक शीर्ष पर चल रहे राजनीति और कूटनीति के धुरंधर खिलाड़ी शशि थरूर से भी ज्यादा हो गई। ट्विटर पर लिटिल मास्टर के प्रशंसकों की संख्या रिकॉर्ड 979,227 है जबकि ट्विटर मिनिस्टर के नाम से मशहूर शशि थरूर के मात्र 979,072 फॉलोवर हैं। इस तरह थरूर अब दूसरे नंबर पर पहुंच गये हैं। ट्विटर की पिच पर काफी देर से बल्लेबाजी करने उतरे मास्टर ब्लास्टर ने हिंदी फिल्म जगत के शहशांह अमिताभ बच्चन, बालीवुड के बादशाह शाहरूख खान, मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान, दबंग सलमान को भी प्रशंसकों के मामले में मीलों पीछे छोड़ चुके हैं। हाल ही में सपन्न हुए विश्वकप क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद सचिन के चाहने वालों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। शतकों के शहंशाह तेंदुलकर और ट्विटर के धुरंधर खिलाड़ी शशि थरूर के बाद देशी गर्ल प्रियंका चोपड़ा का नंबर आता है। ट्विटर पर प्रियंका के 940,783 फालोवर्स के साथ तीसरे नंबर पर हैं। देशी गर्ल के बाद चौथे नंबर पर बालीवुड के बेताज बादशाह शाहरूख खान का नंबर आता है। एक समय में ट्विटर पर तेंदुलकर से काफी आगे चल रहे किंग खान के चाहने वालों की संख्या 850,891 है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन 705,484 फालोवर्स के साथ पांचवें नंबर पर हैं। जबकि ट्विटर पर अक्सर सक्रिय रहने वाले चुलबुल पांडे सलमान खान 661,032 फालोवरों के साथ छठें नंबर पर हैं। हिंदी फिल्मों के दबंग स्टार सलमान खान के बाद सातवें नंबर पर दीपिका पादुकोण का नंबर आता है। ट्विटर पर दीपिका के चाहने वालों की संख्या 645,773 है। आजकल ट्विटर से काफी दूर दूर चल रहे मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान 637,129 फालोवरों के साथ आठवें नंबर पर हैं। आमिर खान के बाद डिंपल गर्ल के नाम से मशहूर प्रीति जिंटा नौवें नंबर पर हैं जिनके ट्विटर पर 577,916 फालोवर हैं। इस क्रम में 10वें नंबर बालीवुड के सुपरमैन रितिक रोशन का नंबर आता है जो 549,226 फालोवर्स के साथ 10वें नंबर पर हैं। इन सबके अलावा ट्विटर पर मौजूद तेंदुलकर के साथी क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, वीरेद्र सहवाग और गौतम गंभीर भी फालोवरों के मामले में तेंदुलकर से पीछे चल रहे हैं। क्रिकेट की दुनिया की तरह ही ट्विटर की पिच पर भी मास्टर ब्लास्टर ने शाही अंदाज शुरूआत करते हुए रिकॉर्ड कायम किया था। तेंदुलकर के ट्विटर पर उतरने की खबर जंगल की आग की तरह फैली और सचिन ने मात्र पहले ही दिन रिकार्ड 85 हजार फालोवर जुटा लिये। गत वर्ष पांच मई को रात साढ़े 11 बजे ट्विटर की दुनिया में अवतरित हुए तेंदुलकर ने एक साल से भी कम समय में फालोवरों के मामले में ट्विटर पर सक्रिय बलीवुड हस्तियों, राजनेताओं, खिलाडियों को पीछे छोड़ दिया। तेंदुलकर ट्विटर पर मित्रों को चुनने के मामले में थोड़े सतर्क नजर आते हैं। वह सिर्फ सात लोगों को फालो करते हैं जिनमें होरमज्द सोराबजी, युवराज सिंह, अमिताभ बच्चन, अबर ट्विटर, जहीर खान, अतुल कस्बेकर और फार्मूला वन कार चालक नरेन कार्तिकेयन हैं।
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सारांश: सचिन ने माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर फॉलोवर्स की जंग में शशि थरूर को मात देकर नंबर एक का खिताब अपने नाम कर लिया है।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सामान्य मानसून होने से इस वर्ष सरकार को खाद्य और समग्र महंगाई दर को काबू में रखने में कुछ मदद मिलने की सम्भावना है। बारिश पर 60 फीसदी निर्भर देश की कृषि में भी इस वर्ष अर्थशास्त्रियों ने तीन फीसदी से अधिक की दर से विकास होने की सम्भावना जताई है। जून से सितम्बर महीने के लिए मौसम का दीर्घकालिक पूर्वानुमान जारी करते हुए केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं भूविज्ञान मंत्री पवन कुमार बंसल ने यहां मंगलवार को कहा कि 98 फीसदी मानसूनी बारिश के साथ इस वर्ष मानसून के सामान्य रहने की सम्भावना है। उन्होंने भारतीय मौसम विभाग का हवाला देकर कहा, "मानसून के असामान्य रहने, यानी, 90 फीसदी से कम या 110 फीसदी से अधिक रहने की बहुत कम सम्भावना है। पांच फीसदी तकनीकी गलती के साथ इस साल मानसून लगभग 98 फीसदी रहने की आशा है।" खाद्य महंगाई की दर में हालांकि लगातार तीन हफ्तों से गिरावट देखी जा रही है, फिर भी दो अप्रैल को समाप्त सप्ताह में यह 8.28 फीसदी दर्ज की गई। समग्र महंगाई दर मार्च महीने में 8.98 फीसदी दर्ज की गई है।
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यह एक सारांश है: सामान्य मानसून होने से इस वर्ष सरकार को खाद्य और समग्र महंगाई दर को काबू में रखने में कुछ मदद मिलने की सम्भावना है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: अक्षय कुमार अक्सर अपनी फिल्मों के अलावा अपनी सोशल मीडिया पोस्ट और उस पर डाले जाने वाले वीडियो के लिए जाने जाते हैं. लेकिन इस बार अक्षय ने नहीं बल्कि उनकी हीरोइन यानी तापसी पन्नू ने एक ऐसा ही वीडियो बनाया है जिसमें वह लड़कियों को अपनी सुरक्षा के लिए कुछ टिप्स दे रही हैं. अक्षय ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा यह वीडियो 'महिला दिवस' से ठीक एक दिन पहले पोस्ट किया है. तापसी का यह वीडियो खुद अक्षय कुमार ने अपनी सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है. इस वीडियो में तापसी लड़कियों को अपने पास मौजूद चीजों से अपनी सुरक्षा के टिप्स दे रही हैं. इसमें उन्होंने लड़कियों को #KohniMaar (कोहनी मार) के द्वारा अपनी सुरक्षा की तकनीक समझायी है. इस वीडियो में तापसी पन्नू अक्षय कुमार को मारते हुए दिख रही हैं.
इस वीडियो में तापसी कह रही हैं, 'खतरा हमेशा कीमती चीजों को होता है. जैसे की लड़कियां, औरतें और हम सब से ज्यादा कीमती और कौन हो सकता है. खतरा हमें कहीं पर भी मिल सकता है. बस स्टैंड पे, ट्रेन में. कोई हमें कहीं भी छू देता है, हाथ लगा देता है, लेकिन अब हम चुप नहीं रहेंगे. '
तापसी कहती हैं, 'क्या हम इतने लाचार हैं कि हम अपनी ही सुरक्षा खुद नहीं कर सकते. दरअसल जब हमें कोई छूता है तो उस समय हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है और हम अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे पाते और इसी स्थिति का वह इंसान फायदा उठाता है.' टिप्पणियां
तापसी कहती हैं कि ऐसे में आप भगवान के लिए अपने हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हो, जैसे आप चिल्ला सकते हो. आप कोहनी मार सकते हो, अपने घुटने का इस्तेमाल कर सकते हो. इसके बाद इस वीडियो में अक्षय कुमार आते हैं और वह तापसी को गर्दन से पकड़ते हैं. ऐसे में तापसी उन्हें कोहनी से मारते हुए नीचे गिरा देती हैं.
यह पहला मौका नहीं है, जब अक्षय कुमार ने किसी महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी अहम बात कही है या उससे जुड़ा संदेश दिया है. इससे पहले बेंगलुरू में नए साल के मौके पर महिलाओं के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के समय भी अक्षय ने महिलाओं को अपनी सुरक्षा का ध्यान देने और इसके लिए मार्शल आर्ट जैसी चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया था.
इस वीडियो में तापसी कह रही हैं, 'खतरा हमेशा कीमती चीजों को होता है. जैसे की लड़कियां, औरतें और हम सब से ज्यादा कीमती और कौन हो सकता है. खतरा हमें कहीं पर भी मिल सकता है. बस स्टैंड पे, ट्रेन में. कोई हमें कहीं भी छू देता है, हाथ लगा देता है, लेकिन अब हम चुप नहीं रहेंगे. '
तापसी कहती हैं, 'क्या हम इतने लाचार हैं कि हम अपनी ही सुरक्षा खुद नहीं कर सकते. दरअसल जब हमें कोई छूता है तो उस समय हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है और हम अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे पाते और इसी स्थिति का वह इंसान फायदा उठाता है.' टिप्पणियां
तापसी कहती हैं कि ऐसे में आप भगवान के लिए अपने हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हो, जैसे आप चिल्ला सकते हो. आप कोहनी मार सकते हो, अपने घुटने का इस्तेमाल कर सकते हो. इसके बाद इस वीडियो में अक्षय कुमार आते हैं और वह तापसी को गर्दन से पकड़ते हैं. ऐसे में तापसी उन्हें कोहनी से मारते हुए नीचे गिरा देती हैं.
यह पहला मौका नहीं है, जब अक्षय कुमार ने किसी महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी अहम बात कही है या उससे जुड़ा संदेश दिया है. इससे पहले बेंगलुरू में नए साल के मौके पर महिलाओं के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के समय भी अक्षय ने महिलाओं को अपनी सुरक्षा का ध्यान देने और इसके लिए मार्शल आर्ट जैसी चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया था.
तापसी कहती हैं कि ऐसे में आप भगवान के लिए अपने हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हो, जैसे आप चिल्ला सकते हो. आप कोहनी मार सकते हो, अपने घुटने का इस्तेमाल कर सकते हो. इसके बाद इस वीडियो में अक्षय कुमार आते हैं और वह तापसी को गर्दन से पकड़ते हैं. ऐसे में तापसी उन्हें कोहनी से मारते हुए नीचे गिरा देती हैं.
यह पहला मौका नहीं है, जब अक्षय कुमार ने किसी महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी अहम बात कही है या उससे जुड़ा संदेश दिया है. इससे पहले बेंगलुरू में नए साल के मौके पर महिलाओं के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के समय भी अक्षय ने महिलाओं को अपनी सुरक्षा का ध्यान देने और इसके लिए मार्शल आर्ट जैसी चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया था.
यह पहला मौका नहीं है, जब अक्षय कुमार ने किसी महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी अहम बात कही है या उससे जुड़ा संदेश दिया है. इससे पहले बेंगलुरू में नए साल के मौके पर महिलाओं के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के समय भी अक्षय ने महिलाओं को अपनी सुरक्षा का ध्यान देने और इसके लिए मार्शल आर्ट जैसी चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया था.
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संक्षिप्त पाठ: महिला दिवस से पहले अक्षय ने पोस्ट किया महिलाओं की सुरक्षा का वीडियो
वीडियो में कोहनी मार के खुद की सुरक्षा के टिप दे रही हैं तापसी पन्नू
वीडियो में तापसी से मार खाते दिख रहे हैं अक्षय कुमार
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: कोरियाई कंपनी ह्यूंडई अब पूरी तरह भारत में विकसित कारों की योजना बना रही है। उसके लिए चीन के बाद यह दूसरा बड़ा बाजार है और वह इसकी ताकत का पूरा इस्तेमाल करना चाह रही है।
ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के मुख्य समन्वयक शार रख हान ने कहा, हां, हम ऐसी कार बनाना चाहते हैं, जो पूरी तरह भारत में ही विकसित होगी, पर यह तीन या चार साल का काम नहीं है। इसमें कम से कम पांच साल या उससे भी ज्यादा वक्त लग सकता है।
कंपनी अगले महीने अपनी एक नई छोटी कार ग्रांड आई-10 पेश करने वाली है। ग्रांड आई-10 कंपनी की पहले से पेश आई-20 और आई-10 के बीच की कार होगी। इसके विकास में भारतीय अभियंताओं ने कुछ खास सुझाव दिए हैं। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पीछे की तरफ भी एसी की खिड़की दी गई है और पीछे के शीशे का डिजाइन आदि भी बदला गया है। ग्रांड आई-10 में दो तरह के संस्करण होंगे।टिप्पणियां
भारत में ही कार विकसित करने की जरूरत के संबंध में हान ने कहा, अभी तक ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के अभियंता ह्यूंडई मोटर कॉरपोरेशन के वैश्विक विकास कार्य में केवल सहायक की भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन आगे एचएमआईएल को न केवल भारत में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी, बल्कि उन्हें ऐसे दूसरे बाजारों की जरूरत पूरा करने के लिए भी समर्थ होना पड़ेगा। ऐसे में भारत में ही कारों का विकास करने की क्षमता हासिल करना महत्वपूर्ण है।
हान ने कहा कि यह काम जल्दी का नहीं है। इसमें वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में स्थापित अनुसंधान एवं विकास केंद्र दक्षिण कोरिया में कंपनी के विकास केंद्र की तुलना में काफी छोटा है। इस केंद्र की स्थापना 2009 में हुई थी। यह भारत के बाजार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। इसका काम फिलहाल सुरक्षा और डिजाइन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत में ही विकसित कार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हैदराबाद के आरएंडडी केंद्र को उन्नत करना होगा। अभी यह काफी छोटा है।
ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के मुख्य समन्वयक शार रख हान ने कहा, हां, हम ऐसी कार बनाना चाहते हैं, जो पूरी तरह भारत में ही विकसित होगी, पर यह तीन या चार साल का काम नहीं है। इसमें कम से कम पांच साल या उससे भी ज्यादा वक्त लग सकता है।
कंपनी अगले महीने अपनी एक नई छोटी कार ग्रांड आई-10 पेश करने वाली है। ग्रांड आई-10 कंपनी की पहले से पेश आई-20 और आई-10 के बीच की कार होगी। इसके विकास में भारतीय अभियंताओं ने कुछ खास सुझाव दिए हैं। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पीछे की तरफ भी एसी की खिड़की दी गई है और पीछे के शीशे का डिजाइन आदि भी बदला गया है। ग्रांड आई-10 में दो तरह के संस्करण होंगे।टिप्पणियां
भारत में ही कार विकसित करने की जरूरत के संबंध में हान ने कहा, अभी तक ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के अभियंता ह्यूंडई मोटर कॉरपोरेशन के वैश्विक विकास कार्य में केवल सहायक की भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन आगे एचएमआईएल को न केवल भारत में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी, बल्कि उन्हें ऐसे दूसरे बाजारों की जरूरत पूरा करने के लिए भी समर्थ होना पड़ेगा। ऐसे में भारत में ही कारों का विकास करने की क्षमता हासिल करना महत्वपूर्ण है।
हान ने कहा कि यह काम जल्दी का नहीं है। इसमें वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में स्थापित अनुसंधान एवं विकास केंद्र दक्षिण कोरिया में कंपनी के विकास केंद्र की तुलना में काफी छोटा है। इस केंद्र की स्थापना 2009 में हुई थी। यह भारत के बाजार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। इसका काम फिलहाल सुरक्षा और डिजाइन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत में ही विकसित कार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हैदराबाद के आरएंडडी केंद्र को उन्नत करना होगा। अभी यह काफी छोटा है।
कंपनी अगले महीने अपनी एक नई छोटी कार ग्रांड आई-10 पेश करने वाली है। ग्रांड आई-10 कंपनी की पहले से पेश आई-20 और आई-10 के बीच की कार होगी। इसके विकास में भारतीय अभियंताओं ने कुछ खास सुझाव दिए हैं। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पीछे की तरफ भी एसी की खिड़की दी गई है और पीछे के शीशे का डिजाइन आदि भी बदला गया है। ग्रांड आई-10 में दो तरह के संस्करण होंगे।टिप्पणियां
भारत में ही कार विकसित करने की जरूरत के संबंध में हान ने कहा, अभी तक ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के अभियंता ह्यूंडई मोटर कॉरपोरेशन के वैश्विक विकास कार्य में केवल सहायक की भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन आगे एचएमआईएल को न केवल भारत में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी, बल्कि उन्हें ऐसे दूसरे बाजारों की जरूरत पूरा करने के लिए भी समर्थ होना पड़ेगा। ऐसे में भारत में ही कारों का विकास करने की क्षमता हासिल करना महत्वपूर्ण है।
हान ने कहा कि यह काम जल्दी का नहीं है। इसमें वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में स्थापित अनुसंधान एवं विकास केंद्र दक्षिण कोरिया में कंपनी के विकास केंद्र की तुलना में काफी छोटा है। इस केंद्र की स्थापना 2009 में हुई थी। यह भारत के बाजार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। इसका काम फिलहाल सुरक्षा और डिजाइन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत में ही विकसित कार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हैदराबाद के आरएंडडी केंद्र को उन्नत करना होगा। अभी यह काफी छोटा है।
भारत में ही कार विकसित करने की जरूरत के संबंध में हान ने कहा, अभी तक ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के अभियंता ह्यूंडई मोटर कॉरपोरेशन के वैश्विक विकास कार्य में केवल सहायक की भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन आगे एचएमआईएल को न केवल भारत में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी, बल्कि उन्हें ऐसे दूसरे बाजारों की जरूरत पूरा करने के लिए भी समर्थ होना पड़ेगा। ऐसे में भारत में ही कारों का विकास करने की क्षमता हासिल करना महत्वपूर्ण है।
हान ने कहा कि यह काम जल्दी का नहीं है। इसमें वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में स्थापित अनुसंधान एवं विकास केंद्र दक्षिण कोरिया में कंपनी के विकास केंद्र की तुलना में काफी छोटा है। इस केंद्र की स्थापना 2009 में हुई थी। यह भारत के बाजार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। इसका काम फिलहाल सुरक्षा और डिजाइन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत में ही विकसित कार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हैदराबाद के आरएंडडी केंद्र को उन्नत करना होगा। अभी यह काफी छोटा है।
हान ने कहा कि यह काम जल्दी का नहीं है। इसमें वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में स्थापित अनुसंधान एवं विकास केंद्र दक्षिण कोरिया में कंपनी के विकास केंद्र की तुलना में काफी छोटा है। इस केंद्र की स्थापना 2009 में हुई थी। यह भारत के बाजार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। इसका काम फिलहाल सुरक्षा और डिजाइन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत में ही विकसित कार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हैदराबाद के आरएंडडी केंद्र को उन्नत करना होगा। अभी यह काफी छोटा है।
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यह एक सारांश है: ग्रांड आई-10 कंपनी की पहले से पेश आई-20 और आई-10 के बीच की कार होगी। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पीछे की तरफ भी एसी की खिड़की दी गई है और पीछे के शीशे का डिजाइन भी बदला गया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: बतौर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की पहली बैठक आज होने जा रही है। इसमें एआईसीसी के पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में लोकसभा चुनावों की तैयारी पर बात होगी।
बंद कमरे में होने वाली इस बैठक में 50 से ज्यादा पदाधिकारी शिरकत करेंगे जिनमें एआईसीसी के सभी महासचिव, सभी सचिव, राज्यों के प्रभारी सहित युवक कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और सेवा दल के प्रमुख भी होंगे ।टिप्पणियां
गौरतलब है कि पिछले दिनों जयपुर में हुए कांग्रेस के दो दिवसीय ‘चिंतन-शिविर’ में 19 जनवरी को राहुल गांधी पार्टी उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए थे।
राहुल ने 23 जनवरी को औपचारिक तौर पर एआईसीसी में बतौर उपाध्यक्ष अपना पदभार संभाला था।
बंद कमरे में होने वाली इस बैठक में 50 से ज्यादा पदाधिकारी शिरकत करेंगे जिनमें एआईसीसी के सभी महासचिव, सभी सचिव, राज्यों के प्रभारी सहित युवक कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और सेवा दल के प्रमुख भी होंगे ।टिप्पणियां
गौरतलब है कि पिछले दिनों जयपुर में हुए कांग्रेस के दो दिवसीय ‘चिंतन-शिविर’ में 19 जनवरी को राहुल गांधी पार्टी उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए थे।
राहुल ने 23 जनवरी को औपचारिक तौर पर एआईसीसी में बतौर उपाध्यक्ष अपना पदभार संभाला था।
गौरतलब है कि पिछले दिनों जयपुर में हुए कांग्रेस के दो दिवसीय ‘चिंतन-शिविर’ में 19 जनवरी को राहुल गांधी पार्टी उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए थे।
राहुल ने 23 जनवरी को औपचारिक तौर पर एआईसीसी में बतौर उपाध्यक्ष अपना पदभार संभाला था।
राहुल ने 23 जनवरी को औपचारिक तौर पर एआईसीसी में बतौर उपाध्यक्ष अपना पदभार संभाला था।
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यह एक सारांश है: बतौर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की पहली बैठक आज होने जा रही है। इसमें एआईसीसी के पदाधिकारी शामिल होंगे।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: प्रीति दुबे के महत्वपूर्ण गोल की बदौलत भारत ने आज यहां चिली को 1-0 से हराकर एफआईएचएल महिला हॉकी विश्व लीग (एचडब्ल्यूएल) सेमीफाइनल के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. प्रीति के 38वें मिनट में किये गये गोल ने सुनिश्चित किया कि भारत टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज करे जबकि उसने पिछले मैचों में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक गोलरहित ड्रॉ खेला था और उसे मजबूत अमेरिका से 1-4 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था. चिली ने मैच के चौथे ही मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर हासिल किया जबकि भारत को 12वें मिनट में पहला शार्ट कॉर्नर मिला. हालांकि ऐसा लग रहा था कि भारत ने रिबाउंड पर गोल किया है लेकिन वीडियो रेफरल के बाद इसे गोल नहीं माना गया क्योंकि यह खिलाड़ी के शरीर से हुआ था, स्टिक से नहीं.
दूसरे क्वार्टर में चिली ने कुछ मोके बनाए लेकिन वह भारत को गोल करने के मौकों से नहीं रोक पाया. ऐसा ही मौका 19वें मिनट में मिला जब अनूपा बार्ला ने चिली की खिलाड़ी से गेंद छीनते हुए सर्कल के अंदर रानी के पास भेजा लेकिन यह स्ट्राइकर मौका चूक गई. पहले हाफ में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं लेकिन भारत को आखिर रानी और प्रीति के साथ प्रयास करने से सफलता मिली. टिप्पणियां
रानी-प्रीति विपक्षी टीम के सर्कल में घुसीं, लेकिन प्रीति ने 38वें मिनट में बॉल पर तेज शॉट लगाया और चिली की गोलकीपर को पछाड़ते हुए गोल दागा. भारत ने लगातार आक्रमण करते हुए चिली पर दबाव बनाया और रानी को गोल करने का एक और मौका मिला लेकिन चिली की गोलकीपर ने अपनी सतर्कता से इसे विफल कर दिया. रेणुका यादव को पीला कार्ड दिखाये जाने से बेंच पर बैठना पड़ा जिससे भारत ने चौथे क्वार्टर की शुरुआत 10 खिलाड़ियों के साथ की. चिली ने 17 बार सर्कल के अंदर सेंध लगाई लेकिन गोल पर एक भी बार निशाना नहीं लगा सकी जबकि भारत ने 16 बार सर्कल के अंदर प्रवेश करते हुए पांच बार गोल की ओर शॉट लगाए. अंतिम 15 मिनट काफी तनावपूर्णरहे जिसमें चिली ने भारतीय डिफेंस को तोड़ने के लिए कई प्रयास किए. अब भारत की भिड़ंत 16 जुलाई को पूल 'बी' के अंतिम मैच में अर्जेंटीना से होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दूसरे क्वार्टर में चिली ने कुछ मोके बनाए लेकिन वह भारत को गोल करने के मौकों से नहीं रोक पाया. ऐसा ही मौका 19वें मिनट में मिला जब अनूपा बार्ला ने चिली की खिलाड़ी से गेंद छीनते हुए सर्कल के अंदर रानी के पास भेजा लेकिन यह स्ट्राइकर मौका चूक गई. पहले हाफ में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं लेकिन भारत को आखिर रानी और प्रीति के साथ प्रयास करने से सफलता मिली. टिप्पणियां
रानी-प्रीति विपक्षी टीम के सर्कल में घुसीं, लेकिन प्रीति ने 38वें मिनट में बॉल पर तेज शॉट लगाया और चिली की गोलकीपर को पछाड़ते हुए गोल दागा. भारत ने लगातार आक्रमण करते हुए चिली पर दबाव बनाया और रानी को गोल करने का एक और मौका मिला लेकिन चिली की गोलकीपर ने अपनी सतर्कता से इसे विफल कर दिया. रेणुका यादव को पीला कार्ड दिखाये जाने से बेंच पर बैठना पड़ा जिससे भारत ने चौथे क्वार्टर की शुरुआत 10 खिलाड़ियों के साथ की. चिली ने 17 बार सर्कल के अंदर सेंध लगाई लेकिन गोल पर एक भी बार निशाना नहीं लगा सकी जबकि भारत ने 16 बार सर्कल के अंदर प्रवेश करते हुए पांच बार गोल की ओर शॉट लगाए. अंतिम 15 मिनट काफी तनावपूर्णरहे जिसमें चिली ने भारतीय डिफेंस को तोड़ने के लिए कई प्रयास किए. अब भारत की भिड़ंत 16 जुलाई को पूल 'बी' के अंतिम मैच में अर्जेंटीना से होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रानी-प्रीति विपक्षी टीम के सर्कल में घुसीं, लेकिन प्रीति ने 38वें मिनट में बॉल पर तेज शॉट लगाया और चिली की गोलकीपर को पछाड़ते हुए गोल दागा. भारत ने लगातार आक्रमण करते हुए चिली पर दबाव बनाया और रानी को गोल करने का एक और मौका मिला लेकिन चिली की गोलकीपर ने अपनी सतर्कता से इसे विफल कर दिया. रेणुका यादव को पीला कार्ड दिखाये जाने से बेंच पर बैठना पड़ा जिससे भारत ने चौथे क्वार्टर की शुरुआत 10 खिलाड़ियों के साथ की. चिली ने 17 बार सर्कल के अंदर सेंध लगाई लेकिन गोल पर एक भी बार निशाना नहीं लगा सकी जबकि भारत ने 16 बार सर्कल के अंदर प्रवेश करते हुए पांच बार गोल की ओर शॉट लगाए. अंतिम 15 मिनट काफी तनावपूर्णरहे जिसमें चिली ने भारतीय डिफेंस को तोड़ने के लिए कई प्रयास किए. अब भारत की भिड़ंत 16 जुलाई को पूल 'बी' के अंतिम मैच में अर्जेंटीना से होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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सारांश: भारत के लिए प्रीति दुबे ने दागा मैच का एकमात्र गोल
पिछले मैच में अमेरिका से पराजित हुई थी भारतीय टीम
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच बराबरी पर खत्म हुआ था
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: जम्मू एवं कश्मीर के एक होटल में गोली चलने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को नौगाम इलाके में श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बाइपास पर स्थित सिल्वर स्टार होटल में गोलीबारी से फारुक अहमद नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए।
अधिकारी ने बताया, "गोलीबारी के कारणों का पता नहीं चल पाया है। दोषियों की पहचान की जा रही है।"
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को नौगाम इलाके में श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बाइपास पर स्थित सिल्वर स्टार होटल में गोलीबारी से फारुक अहमद नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए।
अधिकारी ने बताया, "गोलीबारी के कारणों का पता नहीं चल पाया है। दोषियों की पहचान की जा रही है।"
अधिकारी ने बताया, "गोलीबारी के कारणों का पता नहीं चल पाया है। दोषियों की पहचान की जा रही है।"
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यहाँ एक सारांश है:श्रीनगर के नौगांव में एक होटल के बाहर फायरिंग की गई है, जिसमें एक होटल कर्मचारी के मारे जाने की खबर है। इसे आतंकवादी हमला माना जा रहा है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद पूरे प्रदेश में महिलाओं का क्या हाल है ये सुनकर किसी का भी सिर शर्म से झुक जाए। सिर्फ बीते 48 घंटे में यहां पर कई सारी वारदातें हुई हैं। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बलात्कार में नाकाम होने पर एक शख्स ने उस पर गंडासे से हमला किया है। लड़की को गंभीर हालत में कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और आज राहुल गांधी यहां पर पहुंचे हैं। उधर, दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद के कविनगर में एक लड़की से गैंग रेप का मामला सामने आया है। मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली ये लड़की अपने दोस्त के साथ घूमने गई थी। बलात्कार के चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। और सूबे की मुख्यमंत्री मायावती से जनता कितनी परेशान है ये भी देखने को मिला है। अलीगढ़ में उनके काफिले के आगे कुछ महिलाएं फरियाद करने आईं और उसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
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संक्षिप्त पाठ: यूपी में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार नहीं थम रहे हैं। मुख्यमंत्री मायावती खामोश हैं और उधर, राहुल गांधी आज कानपुर पहुंच रहे हैं।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के गांसू प्रांत में 20 वर्षीय तिब्बती छात्रा ने आग लगाकर जान दे दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार सेरिंग काई माक्यू काउंटी स्थित तिब्बती मिडिल स्कूल की छात्रा थी। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि छात्रा ने हुआंगहे रोड स्थित ताशी यमदान सब्जी बाजार में खुद पर गैसोलीन छिड़कर आग ली।
पुलिस ने बताया कि एक बार कक्षा में खेलते समय सेरिंग सिर में चोट लगने से कोमा में चली गई थी। तब से वह समय-समय पर अचेत हो जाती थी। पुलिस ने बताया कि इलाज के कारण सेरिग की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है और इसकी वजह से वह निराश हो गई। फिलहाल अदालत द्वारा नियुक्त चिकित्सक ने छात्रा की मौत कारण आग से जलना बताया है।
पुलिस ने बताया कि एक बार कक्षा में खेलते समय सेरिंग सिर में चोट लगने से कोमा में चली गई थी। तब से वह समय-समय पर अचेत हो जाती थी। पुलिस ने बताया कि इलाज के कारण सेरिग की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है और इसकी वजह से वह निराश हो गई। फिलहाल अदालत द्वारा नियुक्त चिकित्सक ने छात्रा की मौत कारण आग से जलना बताया है।
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चीन के गांसू प्रांत में 20 वर्षीय तिब्बती छात्रा ने आग लगाकर जान दे दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार सेरिंग काई माक्यू काउंटी स्थित तिब्बती मिडिल स्कूल की छात्रा थी।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: अपने आगे के करियर प्लान के बारे में रक्षा गोपाल ने बताया कि उन्हें पॉलिटिकल साइंस पढ़ने में काफी पसंद है. वह ग्रेजुएशन में पॉलिटिकल साइंस में ऑनर्स करेंगी. इसके बाद वह यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करेंगी. हालांकि उन्होंने दोहराया कि फिलहाल उनका पूरा फोकस ऑनर्स की पढ़ाई पर है. ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद ही वह यूपीएससी पर ध्यान केंद्रित करेंगी.टिप्पणियां
मालूम हो कि रविवार को घोषित हुए सीबीएसई 12वीं के नतीजे में कुल पास प्रतिशत 82 प्रतिशत रहा जो कि पिछले साल से एक प्रतिशत कम है. टॉपर रक्षा गोपाल को अंग्रेजी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में 100 प्रतिशत अंक मिले हैं जबकि इतिहास और साइकोलॉजी में 99 प्रतिशत अंक मिले. इन्हें सभी सब्जेक्ट में ए1 ग्रेड मिला है.
CBSE टॉपर में दूसरे स्थान पर चंडीगढ़ की भूमि सांवत रहीं. उन्होंने 99.4 फीसदी अंक पाकर साइंस में टॉप किया है. वहीं थर्ड टॉपर आदित्य जैन हैं इन्होंने कॉमर्स में 99.2 फीसदी अंक पाए हैं. आदित्य के साथ ही भावनावास से ही मन्नत लूथरा भी कामर्स में 99.2 फीसदी अंक हासिल कर थर्ड टॉपर रहे.
मालूम हो कि रविवार को घोषित हुए सीबीएसई 12वीं के नतीजे में कुल पास प्रतिशत 82 प्रतिशत रहा जो कि पिछले साल से एक प्रतिशत कम है. टॉपर रक्षा गोपाल को अंग्रेजी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में 100 प्रतिशत अंक मिले हैं जबकि इतिहास और साइकोलॉजी में 99 प्रतिशत अंक मिले. इन्हें सभी सब्जेक्ट में ए1 ग्रेड मिला है.
CBSE टॉपर में दूसरे स्थान पर चंडीगढ़ की भूमि सांवत रहीं. उन्होंने 99.4 फीसदी अंक पाकर साइंस में टॉप किया है. वहीं थर्ड टॉपर आदित्य जैन हैं इन्होंने कॉमर्स में 99.2 फीसदी अंक पाए हैं. आदित्य के साथ ही भावनावास से ही मन्नत लूथरा भी कामर्स में 99.2 फीसदी अंक हासिल कर थर्ड टॉपर रहे.
CBSE टॉपर में दूसरे स्थान पर चंडीगढ़ की भूमि सांवत रहीं. उन्होंने 99.4 फीसदी अंक पाकर साइंस में टॉप किया है. वहीं थर्ड टॉपर आदित्य जैन हैं इन्होंने कॉमर्स में 99.2 फीसदी अंक पाए हैं. आदित्य के साथ ही भावनावास से ही मन्नत लूथरा भी कामर्स में 99.2 फीसदी अंक हासिल कर थर्ड टॉपर रहे.
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संक्षिप्त सारांश: सीबीएसई 12वीं टॉपर रक्षा गोपाल का पॉलिटिकल साइंस है फेवरेट सब्जेक्ट
पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स से करेंगी ग्रेजुएशन रक्षा गोपाल
12वीं में अंग्रेजी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में मिल 100% अंक
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी से संबंध विच्छेद के बाद अगर अब तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि उन्हें किस पार्टी में जाना है, तो पंजाब कांग्रेस के प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनके लिए अपने दरवाजे खोल रखे हैं. अमरिंदर ने सिद्धू के लिए कांग्रेस के दरवाजे खुले होने का संकेत दोहराते हुए कहा, 'सिद्धू के डीएनए में कांग्रेस है. उनके पिता पार्टी के महासचिव थे और फिर सदस्य बन रहे. मुझे उन्हें बचपन से ही जानता हूं.
पिछले महीने बीजेपी से नाता तोड़ चुके सिद्धू के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़ने की खबर थी. फिर सूत्रों के हवाले से खबर आई कि उनकी यह बातचीत खटाई में पड़ गई है. बताया गया कि क्रिकेट से राजनीति में आए पूर्व बीजेपी सांसद सिद्धू ने आप से उन्हें सीएम कैंडिडेट बनाने और अपनी पत्नी नवजोत कौर को भी टिकट देने की मांग. आप से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उनकी इन मांगों पर अड़े रहने के चलते पार्टी से उनकी बातचीत अटक गई है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप के राष्ट्रीय संजोयक ने इन खबरों के बीच पिछले हफ्ते ट्वीट कर कहा, 'वह (सिद्धू) पिछले हफ्ते मुझसे मिले. उन्होंने कोी शर्त नहीं रखी. उन्हें सोचने के लिए थोड़ा समय चाहिए. हमें उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.'
वहीं सिंद्धु के करीबी सूत्रों ने बताया कि अगर आप से साथ उनकी बातचीत खटाई में पड़ती है, तो वह कांग्रेस में अपना भविष्य तलाशने की गंभीरता से सोच रहे हैं. हालांकि कांग्रेस भी उनकी उन कथित मांगें मानने को तैयार नहीं दिखती.टिप्पणियां
अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि उनकी पार्टी पंजाब चुनाव में एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट नहीं देगी. हालांकि इसके साथ ही उन्होंन कहा, 'सिद्धू एक जाने-माने शख्स हैं और हम उनके कद के हिसाब उन्हें भूमिका देंगे.'
वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिद्धू को भावी मुख्यमंत्री तो नहीं, लेकिन दो-तीन साल बाद उपमुख्यमंत्री बनाने में पार्टी को कोई आपत्ति नहीं. कांग्रेस सिद्धू या उनकी पत्नी को अमृतसर की लोकसभा सीट भी दे सकती है. सिद्धू इसी सीट से बीजेपी के सांसद हुआ करते थे, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट, अरुण जेटली को यहां से खड़ा किया और इसी को लेकर सिद्धू की पार्टी से तल्खी पैदा हुई, हालांकि जेटली को कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरा दिया था. अब अमरिंदर राज्य में कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार हैं, तो ऐसे में चुनाव जीतने पर उन्हें यह सीट छोड़नी होगी.
पिछले महीने बीजेपी से नाता तोड़ चुके सिद्धू के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़ने की खबर थी. फिर सूत्रों के हवाले से खबर आई कि उनकी यह बातचीत खटाई में पड़ गई है. बताया गया कि क्रिकेट से राजनीति में आए पूर्व बीजेपी सांसद सिद्धू ने आप से उन्हें सीएम कैंडिडेट बनाने और अपनी पत्नी नवजोत कौर को भी टिकट देने की मांग. आप से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उनकी इन मांगों पर अड़े रहने के चलते पार्टी से उनकी बातचीत अटक गई है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप के राष्ट्रीय संजोयक ने इन खबरों के बीच पिछले हफ्ते ट्वीट कर कहा, 'वह (सिद्धू) पिछले हफ्ते मुझसे मिले. उन्होंने कोी शर्त नहीं रखी. उन्हें सोचने के लिए थोड़ा समय चाहिए. हमें उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.'
वहीं सिंद्धु के करीबी सूत्रों ने बताया कि अगर आप से साथ उनकी बातचीत खटाई में पड़ती है, तो वह कांग्रेस में अपना भविष्य तलाशने की गंभीरता से सोच रहे हैं. हालांकि कांग्रेस भी उनकी उन कथित मांगें मानने को तैयार नहीं दिखती.टिप्पणियां
अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि उनकी पार्टी पंजाब चुनाव में एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट नहीं देगी. हालांकि इसके साथ ही उन्होंन कहा, 'सिद्धू एक जाने-माने शख्स हैं और हम उनके कद के हिसाब उन्हें भूमिका देंगे.'
वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिद्धू को भावी मुख्यमंत्री तो नहीं, लेकिन दो-तीन साल बाद उपमुख्यमंत्री बनाने में पार्टी को कोई आपत्ति नहीं. कांग्रेस सिद्धू या उनकी पत्नी को अमृतसर की लोकसभा सीट भी दे सकती है. सिद्धू इसी सीट से बीजेपी के सांसद हुआ करते थे, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट, अरुण जेटली को यहां से खड़ा किया और इसी को लेकर सिद्धू की पार्टी से तल्खी पैदा हुई, हालांकि जेटली को कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरा दिया था. अब अमरिंदर राज्य में कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार हैं, तो ऐसे में चुनाव जीतने पर उन्हें यह सीट छोड़नी होगी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप के राष्ट्रीय संजोयक ने इन खबरों के बीच पिछले हफ्ते ट्वीट कर कहा, 'वह (सिद्धू) पिछले हफ्ते मुझसे मिले. उन्होंने कोी शर्त नहीं रखी. उन्हें सोचने के लिए थोड़ा समय चाहिए. हमें उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.'
वहीं सिंद्धु के करीबी सूत्रों ने बताया कि अगर आप से साथ उनकी बातचीत खटाई में पड़ती है, तो वह कांग्रेस में अपना भविष्य तलाशने की गंभीरता से सोच रहे हैं. हालांकि कांग्रेस भी उनकी उन कथित मांगें मानने को तैयार नहीं दिखती.टिप्पणियां
अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि उनकी पार्टी पंजाब चुनाव में एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट नहीं देगी. हालांकि इसके साथ ही उन्होंन कहा, 'सिद्धू एक जाने-माने शख्स हैं और हम उनके कद के हिसाब उन्हें भूमिका देंगे.'
वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिद्धू को भावी मुख्यमंत्री तो नहीं, लेकिन दो-तीन साल बाद उपमुख्यमंत्री बनाने में पार्टी को कोई आपत्ति नहीं. कांग्रेस सिद्धू या उनकी पत्नी को अमृतसर की लोकसभा सीट भी दे सकती है. सिद्धू इसी सीट से बीजेपी के सांसद हुआ करते थे, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट, अरुण जेटली को यहां से खड़ा किया और इसी को लेकर सिद्धू की पार्टी से तल्खी पैदा हुई, हालांकि जेटली को कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरा दिया था. अब अमरिंदर राज्य में कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार हैं, तो ऐसे में चुनाव जीतने पर उन्हें यह सीट छोड़नी होगी.
वहीं सिंद्धु के करीबी सूत्रों ने बताया कि अगर आप से साथ उनकी बातचीत खटाई में पड़ती है, तो वह कांग्रेस में अपना भविष्य तलाशने की गंभीरता से सोच रहे हैं. हालांकि कांग्रेस भी उनकी उन कथित मांगें मानने को तैयार नहीं दिखती.टिप्पणियां
अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि उनकी पार्टी पंजाब चुनाव में एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट नहीं देगी. हालांकि इसके साथ ही उन्होंन कहा, 'सिद्धू एक जाने-माने शख्स हैं और हम उनके कद के हिसाब उन्हें भूमिका देंगे.'
वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिद्धू को भावी मुख्यमंत्री तो नहीं, लेकिन दो-तीन साल बाद उपमुख्यमंत्री बनाने में पार्टी को कोई आपत्ति नहीं. कांग्रेस सिद्धू या उनकी पत्नी को अमृतसर की लोकसभा सीट भी दे सकती है. सिद्धू इसी सीट से बीजेपी के सांसद हुआ करते थे, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट, अरुण जेटली को यहां से खड़ा किया और इसी को लेकर सिद्धू की पार्टी से तल्खी पैदा हुई, हालांकि जेटली को कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरा दिया था. अब अमरिंदर राज्य में कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार हैं, तो ऐसे में चुनाव जीतने पर उन्हें यह सीट छोड़नी होगी.
अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि उनकी पार्टी पंजाब चुनाव में एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट नहीं देगी. हालांकि इसके साथ ही उन्होंन कहा, 'सिद्धू एक जाने-माने शख्स हैं और हम उनके कद के हिसाब उन्हें भूमिका देंगे.'
वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिद्धू को भावी मुख्यमंत्री तो नहीं, लेकिन दो-तीन साल बाद उपमुख्यमंत्री बनाने में पार्टी को कोई आपत्ति नहीं. कांग्रेस सिद्धू या उनकी पत्नी को अमृतसर की लोकसभा सीट भी दे सकती है. सिद्धू इसी सीट से बीजेपी के सांसद हुआ करते थे, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट, अरुण जेटली को यहां से खड़ा किया और इसी को लेकर सिद्धू की पार्टी से तल्खी पैदा हुई, हालांकि जेटली को कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरा दिया था. अब अमरिंदर राज्य में कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार हैं, तो ऐसे में चुनाव जीतने पर उन्हें यह सीट छोड़नी होगी.
वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिद्धू को भावी मुख्यमंत्री तो नहीं, लेकिन दो-तीन साल बाद उपमुख्यमंत्री बनाने में पार्टी को कोई आपत्ति नहीं. कांग्रेस सिद्धू या उनकी पत्नी को अमृतसर की लोकसभा सीट भी दे सकती है. सिद्धू इसी सीट से बीजेपी के सांसद हुआ करते थे, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट, अरुण जेटली को यहां से खड़ा किया और इसी को लेकर सिद्धू की पार्टी से तल्खी पैदा हुई, हालांकि जेटली को कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरा दिया था. अब अमरिंदर राज्य में कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार हैं, तो ऐसे में चुनाव जीतने पर उन्हें यह सीट छोड़नी होगी.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सिद्धू ने पिछले महीने बीजेपी से अलग होने की घोषणा की थी
इसके बाद उनके आप में जुड़ने की चर्चा थी, जो कि खटाई में पड़ गई
कांग्रेस ने अब सिद्धू को जोड़ने के लिए कई लुभावने ऑफर दिए है: सूत्र
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निशाना बनाने के लिए नरेंद्र मोदी पर करारा प्रहार करते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि वह ‘तुच्छ राजनीति’ कर रहे हैं और सार्वजनिक बहस की उनकी चुनौती को ‘बड़बोलापन’ बता कर खारिज कर दिया।
गुजरात के मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री को सार्वजनिक बहस की चुनौती के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘प्रधानमंत्री सबसे अंत में आएंगे। पहले वे हमारे साथ बहस करें।’ उन्होंने कहा कि मोदी देश में कुछ बड़ा बनने के लिए इतने अधीर हो चुके हैं कि वह इस बात को भी भूल गए कि यह दिन राजनीतिक मतभेद भूल जाने का होता है।
मोदी द्वारा अपने भाषण की तुलना प्रधानमंत्री से करने के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि यह छोटे कद के व्यक्ति की ओर से बड़ी बड़ी बातें करने का मामला (छोटा मुंह बड़ी बात) है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत पाक संबंधों पर राजनीति हावी हो गई है, उन्होंने कहा, ‘तुच्छ राजनीति की अनुमति नहीं दी जा सकती है।’ दोनों दलों में वाकयुद्ध निचले स्तर पर पहुंच गया है जब गुजरात के मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में ‘सास, बहू और दामाद’ धारावाहिक का जिक्र किया जो अप्रत्यक्ष रूप से सोनिया गांधी, उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित था। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि क्या वह खलनायक है।
केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘और क्या वे खलनायक हैं? एक फिल्म का नाम भी खलनायक रहा है। खलनायक धारावाहिक भी चल रहा है। इसके बारे में उनसे पूछें।’ खुर्शीद ने यह बात कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के तिरंगा फहराने के बाद कही। उनसे मोदी की टिप्पणी के बारे में पूछा गया था।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने भुज में कहा है कि, ‘भाई भतीजावाद पुराने दिनों के धारावाहिकों में भ्रष्टाचार के मूल में हुआ करता था। समय के साथ इसमें बदलाव आया है। भ्रष्टाचार में एक नया धारावाहिक मामा-भांजा आया और अब यह सास, बहू और दामाद की ओर बढ़ गया है।’
खुर्शीद ने मोदी को अपनी पीठ खुद थपथपाने से बचने की सलाह दी। केंद्रीयमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मोदी और प्रधानमंत्री के बीच तुलना को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर आज मैं कहूं कि मैं ओबामा से बड़ा हूं तो लोग मुझे पागल कहेंगे।’ आजाद ने इस संबंध में हिन्दी के मुहावरे का उपयोग किया, ‘एक मुख्यमंत्री किस तरह से प्रधानमंत्री को चुनौती दे सकता है। क्या राजा भोज और गंगू... में कोई तुलना हो सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘कोई भी किसी को चुनौती देने से रोक सकता है भला। अपने घर में बैठा हर व्यक्ति शेर है।’ बहरहाल, खुर्शीद ने ‘यस वी कैन’ टिप्पणी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ओबामा के भाषण से आयात किया गया है जो उनके लिए किसी ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
गुजरात के मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री को सार्वजनिक बहस की चुनौती के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘प्रधानमंत्री सबसे अंत में आएंगे। पहले वे हमारे साथ बहस करें।’ उन्होंने कहा कि मोदी देश में कुछ बड़ा बनने के लिए इतने अधीर हो चुके हैं कि वह इस बात को भी भूल गए कि यह दिन राजनीतिक मतभेद भूल जाने का होता है।
मोदी द्वारा अपने भाषण की तुलना प्रधानमंत्री से करने के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि यह छोटे कद के व्यक्ति की ओर से बड़ी बड़ी बातें करने का मामला (छोटा मुंह बड़ी बात) है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत पाक संबंधों पर राजनीति हावी हो गई है, उन्होंने कहा, ‘तुच्छ राजनीति की अनुमति नहीं दी जा सकती है।’ दोनों दलों में वाकयुद्ध निचले स्तर पर पहुंच गया है जब गुजरात के मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में ‘सास, बहू और दामाद’ धारावाहिक का जिक्र किया जो अप्रत्यक्ष रूप से सोनिया गांधी, उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित था। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि क्या वह खलनायक है।
केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘और क्या वे खलनायक हैं? एक फिल्म का नाम भी खलनायक रहा है। खलनायक धारावाहिक भी चल रहा है। इसके बारे में उनसे पूछें।’ खुर्शीद ने यह बात कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के तिरंगा फहराने के बाद कही। उनसे मोदी की टिप्पणी के बारे में पूछा गया था।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने भुज में कहा है कि, ‘भाई भतीजावाद पुराने दिनों के धारावाहिकों में भ्रष्टाचार के मूल में हुआ करता था। समय के साथ इसमें बदलाव आया है। भ्रष्टाचार में एक नया धारावाहिक मामा-भांजा आया और अब यह सास, बहू और दामाद की ओर बढ़ गया है।’
खुर्शीद ने मोदी को अपनी पीठ खुद थपथपाने से बचने की सलाह दी। केंद्रीयमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मोदी और प्रधानमंत्री के बीच तुलना को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर आज मैं कहूं कि मैं ओबामा से बड़ा हूं तो लोग मुझे पागल कहेंगे।’ आजाद ने इस संबंध में हिन्दी के मुहावरे का उपयोग किया, ‘एक मुख्यमंत्री किस तरह से प्रधानमंत्री को चुनौती दे सकता है। क्या राजा भोज और गंगू... में कोई तुलना हो सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘कोई भी किसी को चुनौती देने से रोक सकता है भला। अपने घर में बैठा हर व्यक्ति शेर है।’ बहरहाल, खुर्शीद ने ‘यस वी कैन’ टिप्पणी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ओबामा के भाषण से आयात किया गया है जो उनके लिए किसी ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
मोदी द्वारा अपने भाषण की तुलना प्रधानमंत्री से करने के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि यह छोटे कद के व्यक्ति की ओर से बड़ी बड़ी बातें करने का मामला (छोटा मुंह बड़ी बात) है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत पाक संबंधों पर राजनीति हावी हो गई है, उन्होंने कहा, ‘तुच्छ राजनीति की अनुमति नहीं दी जा सकती है।’ दोनों दलों में वाकयुद्ध निचले स्तर पर पहुंच गया है जब गुजरात के मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में ‘सास, बहू और दामाद’ धारावाहिक का जिक्र किया जो अप्रत्यक्ष रूप से सोनिया गांधी, उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित था। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि क्या वह खलनायक है।
केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘और क्या वे खलनायक हैं? एक फिल्म का नाम भी खलनायक रहा है। खलनायक धारावाहिक भी चल रहा है। इसके बारे में उनसे पूछें।’ खुर्शीद ने यह बात कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के तिरंगा फहराने के बाद कही। उनसे मोदी की टिप्पणी के बारे में पूछा गया था।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने भुज में कहा है कि, ‘भाई भतीजावाद पुराने दिनों के धारावाहिकों में भ्रष्टाचार के मूल में हुआ करता था। समय के साथ इसमें बदलाव आया है। भ्रष्टाचार में एक नया धारावाहिक मामा-भांजा आया और अब यह सास, बहू और दामाद की ओर बढ़ गया है।’
खुर्शीद ने मोदी को अपनी पीठ खुद थपथपाने से बचने की सलाह दी। केंद्रीयमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मोदी और प्रधानमंत्री के बीच तुलना को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर आज मैं कहूं कि मैं ओबामा से बड़ा हूं तो लोग मुझे पागल कहेंगे।’ आजाद ने इस संबंध में हिन्दी के मुहावरे का उपयोग किया, ‘एक मुख्यमंत्री किस तरह से प्रधानमंत्री को चुनौती दे सकता है। क्या राजा भोज और गंगू... में कोई तुलना हो सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘कोई भी किसी को चुनौती देने से रोक सकता है भला। अपने घर में बैठा हर व्यक्ति शेर है।’ बहरहाल, खुर्शीद ने ‘यस वी कैन’ टिप्पणी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ओबामा के भाषण से आयात किया गया है जो उनके लिए किसी ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत पाक संबंधों पर राजनीति हावी हो गई है, उन्होंने कहा, ‘तुच्छ राजनीति की अनुमति नहीं दी जा सकती है।’ दोनों दलों में वाकयुद्ध निचले स्तर पर पहुंच गया है जब गुजरात के मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में ‘सास, बहू और दामाद’ धारावाहिक का जिक्र किया जो अप्रत्यक्ष रूप से सोनिया गांधी, उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित था। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि क्या वह खलनायक है।
केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘और क्या वे खलनायक हैं? एक फिल्म का नाम भी खलनायक रहा है। खलनायक धारावाहिक भी चल रहा है। इसके बारे में उनसे पूछें।’ खुर्शीद ने यह बात कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के तिरंगा फहराने के बाद कही। उनसे मोदी की टिप्पणी के बारे में पूछा गया था।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने भुज में कहा है कि, ‘भाई भतीजावाद पुराने दिनों के धारावाहिकों में भ्रष्टाचार के मूल में हुआ करता था। समय के साथ इसमें बदलाव आया है। भ्रष्टाचार में एक नया धारावाहिक मामा-भांजा आया और अब यह सास, बहू और दामाद की ओर बढ़ गया है।’
खुर्शीद ने मोदी को अपनी पीठ खुद थपथपाने से बचने की सलाह दी। केंद्रीयमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मोदी और प्रधानमंत्री के बीच तुलना को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर आज मैं कहूं कि मैं ओबामा से बड़ा हूं तो लोग मुझे पागल कहेंगे।’ आजाद ने इस संबंध में हिन्दी के मुहावरे का उपयोग किया, ‘एक मुख्यमंत्री किस तरह से प्रधानमंत्री को चुनौती दे सकता है। क्या राजा भोज और गंगू... में कोई तुलना हो सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘कोई भी किसी को चुनौती देने से रोक सकता है भला। अपने घर में बैठा हर व्यक्ति शेर है।’ बहरहाल, खुर्शीद ने ‘यस वी कैन’ टिप्पणी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ओबामा के भाषण से आयात किया गया है जो उनके लिए किसी ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘और क्या वे खलनायक हैं? एक फिल्म का नाम भी खलनायक रहा है। खलनायक धारावाहिक भी चल रहा है। इसके बारे में उनसे पूछें।’ खुर्शीद ने यह बात कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के तिरंगा फहराने के बाद कही। उनसे मोदी की टिप्पणी के बारे में पूछा गया था।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने भुज में कहा है कि, ‘भाई भतीजावाद पुराने दिनों के धारावाहिकों में भ्रष्टाचार के मूल में हुआ करता था। समय के साथ इसमें बदलाव आया है। भ्रष्टाचार में एक नया धारावाहिक मामा-भांजा आया और अब यह सास, बहू और दामाद की ओर बढ़ गया है।’
खुर्शीद ने मोदी को अपनी पीठ खुद थपथपाने से बचने की सलाह दी। केंद्रीयमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मोदी और प्रधानमंत्री के बीच तुलना को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर आज मैं कहूं कि मैं ओबामा से बड़ा हूं तो लोग मुझे पागल कहेंगे।’ आजाद ने इस संबंध में हिन्दी के मुहावरे का उपयोग किया, ‘एक मुख्यमंत्री किस तरह से प्रधानमंत्री को चुनौती दे सकता है। क्या राजा भोज और गंगू... में कोई तुलना हो सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘कोई भी किसी को चुनौती देने से रोक सकता है भला। अपने घर में बैठा हर व्यक्ति शेर है।’ बहरहाल, खुर्शीद ने ‘यस वी कैन’ टिप्पणी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ओबामा के भाषण से आयात किया गया है जो उनके लिए किसी ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने भुज में कहा है कि, ‘भाई भतीजावाद पुराने दिनों के धारावाहिकों में भ्रष्टाचार के मूल में हुआ करता था। समय के साथ इसमें बदलाव आया है। भ्रष्टाचार में एक नया धारावाहिक मामा-भांजा आया और अब यह सास, बहू और दामाद की ओर बढ़ गया है।’
खुर्शीद ने मोदी को अपनी पीठ खुद थपथपाने से बचने की सलाह दी। केंद्रीयमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मोदी और प्रधानमंत्री के बीच तुलना को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर आज मैं कहूं कि मैं ओबामा से बड़ा हूं तो लोग मुझे पागल कहेंगे।’ आजाद ने इस संबंध में हिन्दी के मुहावरे का उपयोग किया, ‘एक मुख्यमंत्री किस तरह से प्रधानमंत्री को चुनौती दे सकता है। क्या राजा भोज और गंगू... में कोई तुलना हो सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘कोई भी किसी को चुनौती देने से रोक सकता है भला। अपने घर में बैठा हर व्यक्ति शेर है।’ बहरहाल, खुर्शीद ने ‘यस वी कैन’ टिप्पणी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ओबामा के भाषण से आयात किया गया है जो उनके लिए किसी ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
खुर्शीद ने मोदी को अपनी पीठ खुद थपथपाने से बचने की सलाह दी। केंद्रीयमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मोदी और प्रधानमंत्री के बीच तुलना को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर आज मैं कहूं कि मैं ओबामा से बड़ा हूं तो लोग मुझे पागल कहेंगे।’ आजाद ने इस संबंध में हिन्दी के मुहावरे का उपयोग किया, ‘एक मुख्यमंत्री किस तरह से प्रधानमंत्री को चुनौती दे सकता है। क्या राजा भोज और गंगू... में कोई तुलना हो सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘कोई भी किसी को चुनौती देने से रोक सकता है भला। अपने घर में बैठा हर व्यक्ति शेर है।’ बहरहाल, खुर्शीद ने ‘यस वी कैन’ टिप्पणी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ओबामा के भाषण से आयात किया गया है जो उनके लिए किसी ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा, ‘कोई भी किसी को चुनौती देने से रोक सकता है भला। अपने घर में बैठा हर व्यक्ति शेर है।’ बहरहाल, खुर्शीद ने ‘यस वी कैन’ टिप्पणी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ओबामा के भाषण से आयात किया गया है जो उनके लिए किसी ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें (मोदी को) कुछ लिखकर देता है और वे उसे पढ़ देते हैं। अब हमें देखना होगा कि पाकिस्तान, यूरोप, अमेरिका और भारत के बारे में वह किसका लिखा पढ़ते हैं। मोदी के विदेश नीति की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि वह (मोदी) इतना अच्छा कर रहे हैं कि उन्हें विदेश जाने के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है।टिप्पणियां
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
पाकिस्तान से निपटने के बारे में मोदी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। खुर्शीद ने कहा, ‘मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने हितों के लिए देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत का प्रधानमंत्री, चाहे वह कोई भी हो या किसी भी पार्टी का हो, वह भारत की प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा, ‘मुझे दुख है कि कोई ऐसा है जिसे भारतीय राजनीतिक आचार की बुनियादी बातों की समझ नहीं है। अगर वह (मोदी) अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं, वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मोदी को कम से कम आज संयम रखना चाहिए था।’ खुर्शीद ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है जो हमें स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ता है। अगर मोदी इसे नहीं समझते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो मुझे उन पर दया आती है...।’ उन्होंने कहा कि वह देश को किस तरह का नेतृत्व प्रदान करेंगे यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
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यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘और क्या वे खलनायक हैं? एक फिल्म का नाम भी खलनायक रहा है। खलनायक धारावाहिक भी चल रहा है। इसके बारे में उनसे पूछें।’ खुर्शीद ने यह बात कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के तिरंगा फहराने के बाद कही। उनसे
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: थोड़े दिनों पहले की ही तो बात है, लगता था कि गांव उजड़ ही जाएगा। बेहतरीन जमीन, समझदार किसान और भरपूर पानी के बावजूद खेत उदास नजर आते। पानी खेतों में ठहरता ही नहीं। फसलें प्यासी ही रह जातीं। लगता कि महंगाई किसी रोज समूची जमीन ही निगल जाएगी। खेत-खार बेचकर किसी रोज शहर की ओर रुख करना होगा। लेकिन हुआ उल्टा। अब किसान जमीन बेचने की नहीं सोचते, बल्कि खरीद रहे हैं। वे सोचते हैं कि जो बच्चे पढ़ने के लिए बड़े शहरों में गए हैं, वे लौटेंगे तो फसलें और झूम उठेंगी।
छत्तीसगढ़ में अभनपुर से 22 किमी दूर महानदी के किनारे बसा है चंपारण। यह वह भूमि है जहां महाप्रभु वल्लभाचार्य ने जन्म लिया। 22 सौ लोगों के इस गांव में खेती की जमीन 680 हेक्टेयर है।
गांव में वे सभी संसाधन मौजूद हैं जो एक अच्छे गांव में होने चाहिए, लेकिन तब भी एक बहुत बड़ी खामी यहां के लोगों को हमेशा सालती रही। चारों ओर फैली हरियाली उन्हें झूठी लगती रही, क्योंकि भरपूर सिंचाई के बाद भी खेतों से उपज पर्याप्त नहीं मिल पाती थी।
दरअसल, इस इलाके का महानदी का कछारी इलाका होना किसानों के लिए जहां फायदेमंद था तो नुकसानदेह भी। दूसरे सिंचाई-संपन्न इलाकों से इतर इस इलाके की जमीन पर फसलें उगाने के लिए कुछ हटकर उपाय करने की जरूरत थी। जमीन ऐसी नहीं है कि नहर से भरपूर पानी देकर भी अच्छी उपज ली जा सके। कुएं भी कछारी मिट्टी की वजह से सफल नहीं हो पा रहे थे। यही हाल नलकूपों का था। यहां की जमीन पर अच्छी उपज के लिए ऐसे संसाधन चाहिए थे, जिनके जरिये थोड़े-थोड़े अंतराल में थोड़ी-थोड़ी सिंचाई की जा सके।
सरकार ने समस्या को पहचाना और फिर तो जैसे चमत्कार हो गया। 17 एकड़ के मालिक शोभाराम की जमीन 23 एकड़ की हो गई। भोलाराम चक्रधारी अब सात एकड़ में किसानी कर रहे हैं, जबकि पहले उनके पास सिर्फ चार एकड़ ही जमीन थी। नोहर सिंह ने भी डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी है और अब वे साढ़े चार एकड़ में खेती कर रहे हैं। गांव में ट्रैक्टर, थ्रिलर, रोटावेटर, थ्रेसर की आवाजें गूंज रही हैं।
पहले यहां सिर्फ धान की खेती होती थी, अब तो सब्जियों का भी रकबा बढ़ रहा है। मक्का, मूंगफली, गन्ना, पपीता जैसी अच्छी आमदनी देने वाली फसलें लहलहा रही हैं। रबी में गेहूं और चना की उपज लोग ले रहे हैं। यहां तक कि मटर और सरसों भी यहां बोई जाने लगी हैं। टिप्पणियां
सरकार ने समस्या को समझते ही उपाय शुरू किए। इन्हीं उपायों का असर है कि अब यह गांव संपन्न हो चुका है। बच्चे गांव के स्कूल में तो पढ़ते ही हैं, 10 से ज्यादा किसानों ने अपने बच्चों का दाखिला नयापारा के अंग्रेजी स्कूलों में भी कराया है। चार बच्चे राज्य से बाहर दिल्ली, पूना और नागपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के कच्चे घर अब पक्के मकान में तब्दील हो रहे हैं।
उपाय बहुत आसान था, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत थी। राज्य सरकार ने कृषि अफसरों को सक्रिय किया। 35 किसानों के खेतों में विशेष तकनीक से उथले नलकूपों का खनन करवाया गया, उन्हें अनुदान दिया गया। इन नलकूपों में 20 स्प्रिकलर और दो ड्रिप सिस्टम की सहायता से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध करा दिया गया। और बस, बदल गई जिंदगी।
छत्तीसगढ़ में अभनपुर से 22 किमी दूर महानदी के किनारे बसा है चंपारण। यह वह भूमि है जहां महाप्रभु वल्लभाचार्य ने जन्म लिया। 22 सौ लोगों के इस गांव में खेती की जमीन 680 हेक्टेयर है।
गांव में वे सभी संसाधन मौजूद हैं जो एक अच्छे गांव में होने चाहिए, लेकिन तब भी एक बहुत बड़ी खामी यहां के लोगों को हमेशा सालती रही। चारों ओर फैली हरियाली उन्हें झूठी लगती रही, क्योंकि भरपूर सिंचाई के बाद भी खेतों से उपज पर्याप्त नहीं मिल पाती थी।
दरअसल, इस इलाके का महानदी का कछारी इलाका होना किसानों के लिए जहां फायदेमंद था तो नुकसानदेह भी। दूसरे सिंचाई-संपन्न इलाकों से इतर इस इलाके की जमीन पर फसलें उगाने के लिए कुछ हटकर उपाय करने की जरूरत थी। जमीन ऐसी नहीं है कि नहर से भरपूर पानी देकर भी अच्छी उपज ली जा सके। कुएं भी कछारी मिट्टी की वजह से सफल नहीं हो पा रहे थे। यही हाल नलकूपों का था। यहां की जमीन पर अच्छी उपज के लिए ऐसे संसाधन चाहिए थे, जिनके जरिये थोड़े-थोड़े अंतराल में थोड़ी-थोड़ी सिंचाई की जा सके।
सरकार ने समस्या को पहचाना और फिर तो जैसे चमत्कार हो गया। 17 एकड़ के मालिक शोभाराम की जमीन 23 एकड़ की हो गई। भोलाराम चक्रधारी अब सात एकड़ में किसानी कर रहे हैं, जबकि पहले उनके पास सिर्फ चार एकड़ ही जमीन थी। नोहर सिंह ने भी डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी है और अब वे साढ़े चार एकड़ में खेती कर रहे हैं। गांव में ट्रैक्टर, थ्रिलर, रोटावेटर, थ्रेसर की आवाजें गूंज रही हैं।
पहले यहां सिर्फ धान की खेती होती थी, अब तो सब्जियों का भी रकबा बढ़ रहा है। मक्का, मूंगफली, गन्ना, पपीता जैसी अच्छी आमदनी देने वाली फसलें लहलहा रही हैं। रबी में गेहूं और चना की उपज लोग ले रहे हैं। यहां तक कि मटर और सरसों भी यहां बोई जाने लगी हैं। टिप्पणियां
सरकार ने समस्या को समझते ही उपाय शुरू किए। इन्हीं उपायों का असर है कि अब यह गांव संपन्न हो चुका है। बच्चे गांव के स्कूल में तो पढ़ते ही हैं, 10 से ज्यादा किसानों ने अपने बच्चों का दाखिला नयापारा के अंग्रेजी स्कूलों में भी कराया है। चार बच्चे राज्य से बाहर दिल्ली, पूना और नागपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के कच्चे घर अब पक्के मकान में तब्दील हो रहे हैं।
उपाय बहुत आसान था, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत थी। राज्य सरकार ने कृषि अफसरों को सक्रिय किया। 35 किसानों के खेतों में विशेष तकनीक से उथले नलकूपों का खनन करवाया गया, उन्हें अनुदान दिया गया। इन नलकूपों में 20 स्प्रिकलर और दो ड्रिप सिस्टम की सहायता से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध करा दिया गया। और बस, बदल गई जिंदगी।
गांव में वे सभी संसाधन मौजूद हैं जो एक अच्छे गांव में होने चाहिए, लेकिन तब भी एक बहुत बड़ी खामी यहां के लोगों को हमेशा सालती रही। चारों ओर फैली हरियाली उन्हें झूठी लगती रही, क्योंकि भरपूर सिंचाई के बाद भी खेतों से उपज पर्याप्त नहीं मिल पाती थी।
दरअसल, इस इलाके का महानदी का कछारी इलाका होना किसानों के लिए जहां फायदेमंद था तो नुकसानदेह भी। दूसरे सिंचाई-संपन्न इलाकों से इतर इस इलाके की जमीन पर फसलें उगाने के लिए कुछ हटकर उपाय करने की जरूरत थी। जमीन ऐसी नहीं है कि नहर से भरपूर पानी देकर भी अच्छी उपज ली जा सके। कुएं भी कछारी मिट्टी की वजह से सफल नहीं हो पा रहे थे। यही हाल नलकूपों का था। यहां की जमीन पर अच्छी उपज के लिए ऐसे संसाधन चाहिए थे, जिनके जरिये थोड़े-थोड़े अंतराल में थोड़ी-थोड़ी सिंचाई की जा सके।
सरकार ने समस्या को पहचाना और फिर तो जैसे चमत्कार हो गया। 17 एकड़ के मालिक शोभाराम की जमीन 23 एकड़ की हो गई। भोलाराम चक्रधारी अब सात एकड़ में किसानी कर रहे हैं, जबकि पहले उनके पास सिर्फ चार एकड़ ही जमीन थी। नोहर सिंह ने भी डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी है और अब वे साढ़े चार एकड़ में खेती कर रहे हैं। गांव में ट्रैक्टर, थ्रिलर, रोटावेटर, थ्रेसर की आवाजें गूंज रही हैं।
पहले यहां सिर्फ धान की खेती होती थी, अब तो सब्जियों का भी रकबा बढ़ रहा है। मक्का, मूंगफली, गन्ना, पपीता जैसी अच्छी आमदनी देने वाली फसलें लहलहा रही हैं। रबी में गेहूं और चना की उपज लोग ले रहे हैं। यहां तक कि मटर और सरसों भी यहां बोई जाने लगी हैं। टिप्पणियां
सरकार ने समस्या को समझते ही उपाय शुरू किए। इन्हीं उपायों का असर है कि अब यह गांव संपन्न हो चुका है। बच्चे गांव के स्कूल में तो पढ़ते ही हैं, 10 से ज्यादा किसानों ने अपने बच्चों का दाखिला नयापारा के अंग्रेजी स्कूलों में भी कराया है। चार बच्चे राज्य से बाहर दिल्ली, पूना और नागपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के कच्चे घर अब पक्के मकान में तब्दील हो रहे हैं।
उपाय बहुत आसान था, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत थी। राज्य सरकार ने कृषि अफसरों को सक्रिय किया। 35 किसानों के खेतों में विशेष तकनीक से उथले नलकूपों का खनन करवाया गया, उन्हें अनुदान दिया गया। इन नलकूपों में 20 स्प्रिकलर और दो ड्रिप सिस्टम की सहायता से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध करा दिया गया। और बस, बदल गई जिंदगी।
दरअसल, इस इलाके का महानदी का कछारी इलाका होना किसानों के लिए जहां फायदेमंद था तो नुकसानदेह भी। दूसरे सिंचाई-संपन्न इलाकों से इतर इस इलाके की जमीन पर फसलें उगाने के लिए कुछ हटकर उपाय करने की जरूरत थी। जमीन ऐसी नहीं है कि नहर से भरपूर पानी देकर भी अच्छी उपज ली जा सके। कुएं भी कछारी मिट्टी की वजह से सफल नहीं हो पा रहे थे। यही हाल नलकूपों का था। यहां की जमीन पर अच्छी उपज के लिए ऐसे संसाधन चाहिए थे, जिनके जरिये थोड़े-थोड़े अंतराल में थोड़ी-थोड़ी सिंचाई की जा सके।
सरकार ने समस्या को पहचाना और फिर तो जैसे चमत्कार हो गया। 17 एकड़ के मालिक शोभाराम की जमीन 23 एकड़ की हो गई। भोलाराम चक्रधारी अब सात एकड़ में किसानी कर रहे हैं, जबकि पहले उनके पास सिर्फ चार एकड़ ही जमीन थी। नोहर सिंह ने भी डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी है और अब वे साढ़े चार एकड़ में खेती कर रहे हैं। गांव में ट्रैक्टर, थ्रिलर, रोटावेटर, थ्रेसर की आवाजें गूंज रही हैं।
पहले यहां सिर्फ धान की खेती होती थी, अब तो सब्जियों का भी रकबा बढ़ रहा है। मक्का, मूंगफली, गन्ना, पपीता जैसी अच्छी आमदनी देने वाली फसलें लहलहा रही हैं। रबी में गेहूं और चना की उपज लोग ले रहे हैं। यहां तक कि मटर और सरसों भी यहां बोई जाने लगी हैं। टिप्पणियां
सरकार ने समस्या को समझते ही उपाय शुरू किए। इन्हीं उपायों का असर है कि अब यह गांव संपन्न हो चुका है। बच्चे गांव के स्कूल में तो पढ़ते ही हैं, 10 से ज्यादा किसानों ने अपने बच्चों का दाखिला नयापारा के अंग्रेजी स्कूलों में भी कराया है। चार बच्चे राज्य से बाहर दिल्ली, पूना और नागपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के कच्चे घर अब पक्के मकान में तब्दील हो रहे हैं।
उपाय बहुत आसान था, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत थी। राज्य सरकार ने कृषि अफसरों को सक्रिय किया। 35 किसानों के खेतों में विशेष तकनीक से उथले नलकूपों का खनन करवाया गया, उन्हें अनुदान दिया गया। इन नलकूपों में 20 स्प्रिकलर और दो ड्रिप सिस्टम की सहायता से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध करा दिया गया। और बस, बदल गई जिंदगी।
सरकार ने समस्या को पहचाना और फिर तो जैसे चमत्कार हो गया। 17 एकड़ के मालिक शोभाराम की जमीन 23 एकड़ की हो गई। भोलाराम चक्रधारी अब सात एकड़ में किसानी कर रहे हैं, जबकि पहले उनके पास सिर्फ चार एकड़ ही जमीन थी। नोहर सिंह ने भी डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी है और अब वे साढ़े चार एकड़ में खेती कर रहे हैं। गांव में ट्रैक्टर, थ्रिलर, रोटावेटर, थ्रेसर की आवाजें गूंज रही हैं।
पहले यहां सिर्फ धान की खेती होती थी, अब तो सब्जियों का भी रकबा बढ़ रहा है। मक्का, मूंगफली, गन्ना, पपीता जैसी अच्छी आमदनी देने वाली फसलें लहलहा रही हैं। रबी में गेहूं और चना की उपज लोग ले रहे हैं। यहां तक कि मटर और सरसों भी यहां बोई जाने लगी हैं। टिप्पणियां
सरकार ने समस्या को समझते ही उपाय शुरू किए। इन्हीं उपायों का असर है कि अब यह गांव संपन्न हो चुका है। बच्चे गांव के स्कूल में तो पढ़ते ही हैं, 10 से ज्यादा किसानों ने अपने बच्चों का दाखिला नयापारा के अंग्रेजी स्कूलों में भी कराया है। चार बच्चे राज्य से बाहर दिल्ली, पूना और नागपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के कच्चे घर अब पक्के मकान में तब्दील हो रहे हैं।
उपाय बहुत आसान था, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत थी। राज्य सरकार ने कृषि अफसरों को सक्रिय किया। 35 किसानों के खेतों में विशेष तकनीक से उथले नलकूपों का खनन करवाया गया, उन्हें अनुदान दिया गया। इन नलकूपों में 20 स्प्रिकलर और दो ड्रिप सिस्टम की सहायता से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध करा दिया गया। और बस, बदल गई जिंदगी।
पहले यहां सिर्फ धान की खेती होती थी, अब तो सब्जियों का भी रकबा बढ़ रहा है। मक्का, मूंगफली, गन्ना, पपीता जैसी अच्छी आमदनी देने वाली फसलें लहलहा रही हैं। रबी में गेहूं और चना की उपज लोग ले रहे हैं। यहां तक कि मटर और सरसों भी यहां बोई जाने लगी हैं। टिप्पणियां
सरकार ने समस्या को समझते ही उपाय शुरू किए। इन्हीं उपायों का असर है कि अब यह गांव संपन्न हो चुका है। बच्चे गांव के स्कूल में तो पढ़ते ही हैं, 10 से ज्यादा किसानों ने अपने बच्चों का दाखिला नयापारा के अंग्रेजी स्कूलों में भी कराया है। चार बच्चे राज्य से बाहर दिल्ली, पूना और नागपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के कच्चे घर अब पक्के मकान में तब्दील हो रहे हैं।
उपाय बहुत आसान था, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत थी। राज्य सरकार ने कृषि अफसरों को सक्रिय किया। 35 किसानों के खेतों में विशेष तकनीक से उथले नलकूपों का खनन करवाया गया, उन्हें अनुदान दिया गया। इन नलकूपों में 20 स्प्रिकलर और दो ड्रिप सिस्टम की सहायता से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध करा दिया गया। और बस, बदल गई जिंदगी।
सरकार ने समस्या को समझते ही उपाय शुरू किए। इन्हीं उपायों का असर है कि अब यह गांव संपन्न हो चुका है। बच्चे गांव के स्कूल में तो पढ़ते ही हैं, 10 से ज्यादा किसानों ने अपने बच्चों का दाखिला नयापारा के अंग्रेजी स्कूलों में भी कराया है। चार बच्चे राज्य से बाहर दिल्ली, पूना और नागपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के कच्चे घर अब पक्के मकान में तब्दील हो रहे हैं।
उपाय बहुत आसान था, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत थी। राज्य सरकार ने कृषि अफसरों को सक्रिय किया। 35 किसानों के खेतों में विशेष तकनीक से उथले नलकूपों का खनन करवाया गया, उन्हें अनुदान दिया गया। इन नलकूपों में 20 स्प्रिकलर और दो ड्रिप सिस्टम की सहायता से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध करा दिया गया। और बस, बदल गई जिंदगी।
उपाय बहुत आसान था, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत थी। राज्य सरकार ने कृषि अफसरों को सक्रिय किया। 35 किसानों के खेतों में विशेष तकनीक से उथले नलकूपों का खनन करवाया गया, उन्हें अनुदान दिया गया। इन नलकूपों में 20 स्प्रिकलर और दो ड्रिप सिस्टम की सहायता से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध करा दिया गया। और बस, बदल गई जिंदगी।
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यहाँ एक सारांश है:थोड़े दिनों पहले की ही तो बात है, लगता था कि गांव उजड़ ही जाएगा। बेहतरीन जमीन, समझदार किसान और भरपूर पानी के बावजूद खेत उदास नजर आते। पानी खेतों में ठहरता ही नहीं। फसलें प्यासी ही रह जातीं।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने सोमवार को शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून को केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ‘बिल्कुल मूखर्तापूर्ण नीति’ बताया।
पार्रिकर ने बातचीत में ‘एक ही कक्षा में रोककर नहीं रखने’ संबंधी अनुच्छेद पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘‘आरटीई कानून कपिल सिब्बल की बिल्कुल मूखर्तापूर्ण नीति है। इस नीति में कुछ ऐसे मानदंड हैं जो गलत हैं।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘एक ही कक्षा में रोककर नहीं रखने की नीति अच्छी है लेकिन उसे लागू करने के कुछ मानदंड होने चाहिए। आरटीई के बाद अध्ययन महज तमाशा रह गया है।’’
शिक्षा विभाग का भी प्रभार संभालने वाले मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘छात्र परीक्षा में बैठते हैं। वे शिक्षकों से कहते हैं कि उन्हें परीक्षा में शामिल होने की परवाह नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि वे उत्तीर्ण होने जा रहे हैं।’’
पार्रिकर ने बातचीत में ‘एक ही कक्षा में रोककर नहीं रखने’ संबंधी अनुच्छेद पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘‘आरटीई कानून कपिल सिब्बल की बिल्कुल मूखर्तापूर्ण नीति है। इस नीति में कुछ ऐसे मानदंड हैं जो गलत हैं।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘एक ही कक्षा में रोककर नहीं रखने की नीति अच्छी है लेकिन उसे लागू करने के कुछ मानदंड होने चाहिए। आरटीई के बाद अध्ययन महज तमाशा रह गया है।’’
शिक्षा विभाग का भी प्रभार संभालने वाले मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘छात्र परीक्षा में बैठते हैं। वे शिक्षकों से कहते हैं कि उन्हें परीक्षा में शामिल होने की परवाह नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि वे उत्तीर्ण होने जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक ही कक्षा में रोककर नहीं रखने की नीति अच्छी है लेकिन उसे लागू करने के कुछ मानदंड होने चाहिए। आरटीई के बाद अध्ययन महज तमाशा रह गया है।’’
शिक्षा विभाग का भी प्रभार संभालने वाले मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘छात्र परीक्षा में बैठते हैं। वे शिक्षकों से कहते हैं कि उन्हें परीक्षा में शामिल होने की परवाह नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि वे उत्तीर्ण होने जा रहे हैं।’’
शिक्षा विभाग का भी प्रभार संभालने वाले मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘छात्र परीक्षा में बैठते हैं। वे शिक्षकों से कहते हैं कि उन्हें परीक्षा में शामिल होने की परवाह नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि वे उत्तीर्ण होने जा रहे हैं।’’
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संक्षिप्त सारांश: पार्रिकर ने बातचीत में ‘एक ही कक्षा में रोककर नहीं रखने’ संबंधी अनुच्छेद पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘‘आरटीई कानून कपिल सिब्बल की बिल्कुल मूखर्तापूर्ण नीति है। इस नीति में कुछ ऐसे मानदंड हैं जो गलत हैं।’’
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि 31 मार्च को समाप्त हो रहे चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास की दर घटकर सात से साढ़े सात फीसदी के बीच रहेगी। पिछले वित्त वर्ष में विकास की दर 8.4 फीसदी थी।टिप्पणियां
मुख्य सचिवों की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यहां कहा, "चालू वित्त वर्ष में विकास दर कम रहने की सम्भावना है। सम्भवत: यह सात से साढ़े सात फीसदी के बीच रहेगी। वैश्विक आर्थिक माहौल में अनिश्चितता के कारण ऐसा होगा।" बजट में सरकार ने नौ फीसदी विकास दर का लक्ष्य निर्धारित किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए वर्ष 2010-11 में 8.4 फीसदी की विकास दर हासिल करना शानदार था। वित्त वर्ष 2009-10 में विकास दर आठ फीसदी थी।
मुख्य सचिवों की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यहां कहा, "चालू वित्त वर्ष में विकास दर कम रहने की सम्भावना है। सम्भवत: यह सात से साढ़े सात फीसदी के बीच रहेगी। वैश्विक आर्थिक माहौल में अनिश्चितता के कारण ऐसा होगा।" बजट में सरकार ने नौ फीसदी विकास दर का लक्ष्य निर्धारित किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए वर्ष 2010-11 में 8.4 फीसदी की विकास दर हासिल करना शानदार था। वित्त वर्ष 2009-10 में विकास दर आठ फीसदी थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए वर्ष 2010-11 में 8.4 फीसदी की विकास दर हासिल करना शानदार था। वित्त वर्ष 2009-10 में विकास दर आठ फीसदी थी।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि 31 मार्च को समाप्त हो रहे चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास की दर घटकर सात से साढ़े सात फीसदी के बीच रहेगी।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी के कानपुर के जाजमऊ इलाके में बुधवार को निर्माणाधीन छह मंज़िला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. आज सुबह इसके मलबे से एक 3 साल की सही सलामत बच्ची को बाहर निकाला गया. हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई जबकि अब भी मलबे में 30 से ज्यादा लोग दबे हैं. 17 लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है. NDRF और सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी है. हादसे के वक़्त करीब 50 मज़दूर वहां काम कर रहे थे. उनके बच्चे भी इसी इमारत की निचली मंज़िल पर थे. ज़िलाधिकारी ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच कराने के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां
कानपुर पुलिस के डीआईजी राजेश मोदक ने बताया कि केडीए कालोनी में एक छह मंजिला निर्माणाधीन भवन का निर्माण हो रहा था. यह भवन ढहकर गिर गया. इसमें काम कर रहे मजदूर इमारत में दब गये.
अभी तक सात मजदूरों के शव बाहर निकाले गये हैं तथा करीब एक दर्जन घायल मजदूरों को अस्पताल भेजा जा चुका है. मृतक और घायल मजदूरों में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं. डीआईजी के मुताबिक पूरी तरह से मलबा हटाने के बाद ही सही मृतकों और घायलों की संख्या पता चल सकती है. मौके पर अफरातफरी का आलम है.
कानपुर पुलिस के डीआईजी राजेश मोदक ने बताया कि केडीए कालोनी में एक छह मंजिला निर्माणाधीन भवन का निर्माण हो रहा था. यह भवन ढहकर गिर गया. इसमें काम कर रहे मजदूर इमारत में दब गये.
अभी तक सात मजदूरों के शव बाहर निकाले गये हैं तथा करीब एक दर्जन घायल मजदूरों को अस्पताल भेजा जा चुका है. मृतक और घायल मजदूरों में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं. डीआईजी के मुताबिक पूरी तरह से मलबा हटाने के बाद ही सही मृतकों और घायलों की संख्या पता चल सकती है. मौके पर अफरातफरी का आलम है.
अभी तक सात मजदूरों के शव बाहर निकाले गये हैं तथा करीब एक दर्जन घायल मजदूरों को अस्पताल भेजा जा चुका है. मृतक और घायल मजदूरों में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं. डीआईजी के मुताबिक पूरी तरह से मलबा हटाने के बाद ही सही मृतकों और घायलों की संख्या पता चल सकती है. मौके पर अफरातफरी का आलम है.
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यह एक सारांश है: मलबे में अभी भी 30 से ज्यादा लोग हैं दबे
एनडीआरएफ और सेना बचावकार्य में जुटीं
हादसे के वक्त वहां करीब 50 मजदूर काम कर रहे थे
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश के छतरपुर के नौगांव ब्लॉक में एक खूंखार डकैत को पकड़ने के लिए पुलिस ने जो तरीका अपनाया वह अपने आप में बेहद अनोखा है. यहां एक महिला पुलिस अधिकारी ने वांछित डकैत बालकिशन चौबे के सामने फर्जी शादी का प्रस्ताव रखा और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया. अब इस मास्टर प्लान की चर्चा पूरे पुलिस महकमे में हो रही है. लोग महिला पुलिस अधिकारी की तरकीब की तारीफ कर रहे हैं.
छतरपुर के खजुराहो इलाके में ग्रामीणों को लूटने वाले 55 वर्षीय बालकिशन और उसके गिरोह ने तीन साल से अधिक समय से पुलिस की नाक में दम कर रखा था. उसके खिलाफ हत्या और लूट के कई मामले दर्ज हैं. वह मध्य प्रदेश में वारदातों को अंजाम देकर उत्तर प्रदेश में छिप जाता था. कई बार छापे मारी के बावजूद पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा.
बालकिशन कई महीनों से छिपा हुआ था. हालांकि, छिपने से पहले उसने अपने कुछ परिचितों को उसके लिए दुल्हन ढूंढने को कहा था. बस इस बात की पुलिस को भनक लग गई. पुलिस ने तुरंत जाल बिछाना शुरू कर दिया. और उसे पकड़ने की जिम्मेदारी नौगांव ब्लॉक के गैरोली चौकी की प्रभारी पुलिस उप-निरीक्षक माधवी अग्निहोत्री को सौंपी गई.
30 वर्षीय माधवी ने अपने अधिकारियों को बालकिशन के पास फर्जी शादी का प्रस्ताव भेजने की योजना के बारे में बताया. माधवी का ये विचार उप-पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) श्रीनाथ सिंह बघेल को पसंद आया और उन्होंने एसआई अतुल झा, मनोज यादव, एएसआई ज्ञान सिंह और तीन कांस्टेबल के साथ टीम का नेतृत्व करने के लिए कह दिया. इसके बाद माधवी ने अपनी एक पुरानी तस्वीर बालकिशन चौबे को मुखबिरों के जरिए शादी के प्रस्ताव के साथ भेज दी.
शादी की बात करने के लिए नौगांव थाना क्षेत्र के सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के गांव बिजोरी में बालकिशन मिलना तय हुआ. गुरुवार बालकिशन पुलिस अधिकारी माधवी से मिलने पहुंचा. उसके आने के कुछ देर बाद ही मौका पाकर माधवी ने इशारा किया और इससे पहले कि डाकू अपनी देसी पिस्तौल तक पहुंच पाता, पुलिस टीम ने उसे दबोचकर गिरफ्तार कर लिया. शुक्रवार को छतरपुर की एक अदालत में बालकिशन को पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.
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संक्षिप्त पाठ: बालकिशन करीब 3 सालों से पुलिस को दे रहा था चकमा
खजुराहो के आस-पास के इलाकों में करता था लूट
डकैत बालकिशन पर दर्ज हैं हत्या और लूट के कई मामले
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश के सागर जिले में काले हिरण के शिकार के संगीन आरोप का सामना कर रहे युवा ऑलराउंडर रमीज खान को सूबे की रणजी ट्रॉफी टीम में फिर से शामिल कर लिया गया है. उन्हें मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजे जाने के बाद पिछले रणजी सत्र में राज्य की टीम से बाहर निकाल दिया गया था.
मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) ने मौजूदा रणजी सत्र के शुरुआती दो मैचों के लिये देवेंद्र बुंदेला की कप्तानी में जो 16 सदस्यीय टीम घोषित की है, उसमें रमीज खान (26) का भी नाम है. वह काले हिरण के शिकार के मामले में फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.
इस बारे में पूछे जाने पर एमपीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोहित पंडित ने कहा, 'अदालत में अभी रमीज पर (काले हिरण के शिकार का) जुर्म साबित नहीं हुआ है. उन्हें खिलाड़ी के रूप में उनकी काबिलियत और प्रदर्शन के आधार पर रणजी टीम में शामिल किया गया है.' उन्होंने कहा, 'हमारी मामले पर पूरी निगाह बनी हुई है. लेकिन अदालत में न्यायिक प्रक्रिया के तहत रमीज पर जुर्म साबित होने से पहले हम एमपीसीए के नियम-कायदों के मुताबिक उन्हें कोई सजा नहीं दे सकते.'
एमपीसीए के सचिव मिलिंद कनमड़ीकर ने भी कहा कि जब तक रमीज को अदालत द्वारा काले हिरण के शिकार का मुजरिम करार नहीं दिया जाता, तब तक प्रदेश क्रिकेट संगठन के संविधान के तहत उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया जा सकता.
रमीज, उनके पिता महमूद खान और इनके दो साथियों को सागर जिले में काले हिरण के शिकार के आरोप में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत 10 जनवरी की रात गिरफ्तार किया गया था. इनके कब्जे से संकटग्रस्त प्रजाति के इस वन्य जीव की लाश के अवशेष, राइफल, जिंदा कारतूस और चाकू भी बरामद किया गया था.
रमीज के पिता महमूद खान मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर हैं. गिरफ्तारी के बाद रमीज और तीन अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी सागर जिले की एक अदालत ने खारिज कर दी थी और उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया था. इसके बाद एमपीसीए ने पिछले रणजी सत्र में प्रदेश की टीम से रमीज का नाम हटा दिया था.
बाद में रमीज को एक अन्य अदालत से जमानत मिल गयी जिससे वह जेल से छूट गये थे. बांये हाथ के बल्लेबाज रमीज मध्य प्रदेश की रणजी टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वर्ष 2011 में कदम रखा था.टिप्पणियां
वह मध्य प्रदेश की ओर से 26 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 1,169 रन बना चुके हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ विकेट भी चटकाये हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) ने मौजूदा रणजी सत्र के शुरुआती दो मैचों के लिये देवेंद्र बुंदेला की कप्तानी में जो 16 सदस्यीय टीम घोषित की है, उसमें रमीज खान (26) का भी नाम है. वह काले हिरण के शिकार के मामले में फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.
इस बारे में पूछे जाने पर एमपीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोहित पंडित ने कहा, 'अदालत में अभी रमीज पर (काले हिरण के शिकार का) जुर्म साबित नहीं हुआ है. उन्हें खिलाड़ी के रूप में उनकी काबिलियत और प्रदर्शन के आधार पर रणजी टीम में शामिल किया गया है.' उन्होंने कहा, 'हमारी मामले पर पूरी निगाह बनी हुई है. लेकिन अदालत में न्यायिक प्रक्रिया के तहत रमीज पर जुर्म साबित होने से पहले हम एमपीसीए के नियम-कायदों के मुताबिक उन्हें कोई सजा नहीं दे सकते.'
एमपीसीए के सचिव मिलिंद कनमड़ीकर ने भी कहा कि जब तक रमीज को अदालत द्वारा काले हिरण के शिकार का मुजरिम करार नहीं दिया जाता, तब तक प्रदेश क्रिकेट संगठन के संविधान के तहत उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया जा सकता.
रमीज, उनके पिता महमूद खान और इनके दो साथियों को सागर जिले में काले हिरण के शिकार के आरोप में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत 10 जनवरी की रात गिरफ्तार किया गया था. इनके कब्जे से संकटग्रस्त प्रजाति के इस वन्य जीव की लाश के अवशेष, राइफल, जिंदा कारतूस और चाकू भी बरामद किया गया था.
रमीज के पिता महमूद खान मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर हैं. गिरफ्तारी के बाद रमीज और तीन अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी सागर जिले की एक अदालत ने खारिज कर दी थी और उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया था. इसके बाद एमपीसीए ने पिछले रणजी सत्र में प्रदेश की टीम से रमीज का नाम हटा दिया था.
बाद में रमीज को एक अन्य अदालत से जमानत मिल गयी जिससे वह जेल से छूट गये थे. बांये हाथ के बल्लेबाज रमीज मध्य प्रदेश की रणजी टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वर्ष 2011 में कदम रखा था.टिप्पणियां
वह मध्य प्रदेश की ओर से 26 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 1,169 रन बना चुके हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ विकेट भी चटकाये हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बारे में पूछे जाने पर एमपीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोहित पंडित ने कहा, 'अदालत में अभी रमीज पर (काले हिरण के शिकार का) जुर्म साबित नहीं हुआ है. उन्हें खिलाड़ी के रूप में उनकी काबिलियत और प्रदर्शन के आधार पर रणजी टीम में शामिल किया गया है.' उन्होंने कहा, 'हमारी मामले पर पूरी निगाह बनी हुई है. लेकिन अदालत में न्यायिक प्रक्रिया के तहत रमीज पर जुर्म साबित होने से पहले हम एमपीसीए के नियम-कायदों के मुताबिक उन्हें कोई सजा नहीं दे सकते.'
एमपीसीए के सचिव मिलिंद कनमड़ीकर ने भी कहा कि जब तक रमीज को अदालत द्वारा काले हिरण के शिकार का मुजरिम करार नहीं दिया जाता, तब तक प्रदेश क्रिकेट संगठन के संविधान के तहत उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया जा सकता.
रमीज, उनके पिता महमूद खान और इनके दो साथियों को सागर जिले में काले हिरण के शिकार के आरोप में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत 10 जनवरी की रात गिरफ्तार किया गया था. इनके कब्जे से संकटग्रस्त प्रजाति के इस वन्य जीव की लाश के अवशेष, राइफल, जिंदा कारतूस और चाकू भी बरामद किया गया था.
रमीज के पिता महमूद खान मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर हैं. गिरफ्तारी के बाद रमीज और तीन अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी सागर जिले की एक अदालत ने खारिज कर दी थी और उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया था. इसके बाद एमपीसीए ने पिछले रणजी सत्र में प्रदेश की टीम से रमीज का नाम हटा दिया था.
बाद में रमीज को एक अन्य अदालत से जमानत मिल गयी जिससे वह जेल से छूट गये थे. बांये हाथ के बल्लेबाज रमीज मध्य प्रदेश की रणजी टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वर्ष 2011 में कदम रखा था.टिप्पणियां
वह मध्य प्रदेश की ओर से 26 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 1,169 रन बना चुके हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ विकेट भी चटकाये हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एमपीसीए के सचिव मिलिंद कनमड़ीकर ने भी कहा कि जब तक रमीज को अदालत द्वारा काले हिरण के शिकार का मुजरिम करार नहीं दिया जाता, तब तक प्रदेश क्रिकेट संगठन के संविधान के तहत उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया जा सकता.
रमीज, उनके पिता महमूद खान और इनके दो साथियों को सागर जिले में काले हिरण के शिकार के आरोप में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत 10 जनवरी की रात गिरफ्तार किया गया था. इनके कब्जे से संकटग्रस्त प्रजाति के इस वन्य जीव की लाश के अवशेष, राइफल, जिंदा कारतूस और चाकू भी बरामद किया गया था.
रमीज के पिता महमूद खान मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर हैं. गिरफ्तारी के बाद रमीज और तीन अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी सागर जिले की एक अदालत ने खारिज कर दी थी और उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया था. इसके बाद एमपीसीए ने पिछले रणजी सत्र में प्रदेश की टीम से रमीज का नाम हटा दिया था.
बाद में रमीज को एक अन्य अदालत से जमानत मिल गयी जिससे वह जेल से छूट गये थे. बांये हाथ के बल्लेबाज रमीज मध्य प्रदेश की रणजी टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वर्ष 2011 में कदम रखा था.टिप्पणियां
वह मध्य प्रदेश की ओर से 26 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 1,169 रन बना चुके हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ विकेट भी चटकाये हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रमीज, उनके पिता महमूद खान और इनके दो साथियों को सागर जिले में काले हिरण के शिकार के आरोप में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत 10 जनवरी की रात गिरफ्तार किया गया था. इनके कब्जे से संकटग्रस्त प्रजाति के इस वन्य जीव की लाश के अवशेष, राइफल, जिंदा कारतूस और चाकू भी बरामद किया गया था.
रमीज के पिता महमूद खान मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर हैं. गिरफ्तारी के बाद रमीज और तीन अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी सागर जिले की एक अदालत ने खारिज कर दी थी और उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया था. इसके बाद एमपीसीए ने पिछले रणजी सत्र में प्रदेश की टीम से रमीज का नाम हटा दिया था.
बाद में रमीज को एक अन्य अदालत से जमानत मिल गयी जिससे वह जेल से छूट गये थे. बांये हाथ के बल्लेबाज रमीज मध्य प्रदेश की रणजी टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वर्ष 2011 में कदम रखा था.टिप्पणियां
वह मध्य प्रदेश की ओर से 26 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 1,169 रन बना चुके हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ विकेट भी चटकाये हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रमीज के पिता महमूद खान मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर हैं. गिरफ्तारी के बाद रमीज और तीन अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी सागर जिले की एक अदालत ने खारिज कर दी थी और उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया था. इसके बाद एमपीसीए ने पिछले रणजी सत्र में प्रदेश की टीम से रमीज का नाम हटा दिया था.
बाद में रमीज को एक अन्य अदालत से जमानत मिल गयी जिससे वह जेल से छूट गये थे. बांये हाथ के बल्लेबाज रमीज मध्य प्रदेश की रणजी टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वर्ष 2011 में कदम रखा था.टिप्पणियां
वह मध्य प्रदेश की ओर से 26 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 1,169 रन बना चुके हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ विकेट भी चटकाये हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बाद में रमीज को एक अन्य अदालत से जमानत मिल गयी जिससे वह जेल से छूट गये थे. बांये हाथ के बल्लेबाज रमीज मध्य प्रदेश की रणजी टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वर्ष 2011 में कदम रखा था.टिप्पणियां
वह मध्य प्रदेश की ओर से 26 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 1,169 रन बना चुके हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ विकेट भी चटकाये हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वह मध्य प्रदेश की ओर से 26 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 1,169 रन बना चुके हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ विकेट भी चटकाये हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यह एक सारांश है: रणजी सत्र के शुरुआती दो मैचों के लिए अंतिम 16 में मिली जगह
काले हिरण शिकार के मामले में जमानत पर हैं
इसी साल जनवरी का मामला है
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य जेडीएस के प्रमुख एचडी कुमारस्वामी को अवैध खनन मामले में राहत देते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को उन्हें 20 जून तक गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया है.
न्यायमूर्ति रत्नाकला ने कुमारस्वामी की ओर से पेश अग्रिम जमानत की अर्जी पर आदेश जारी किया. इससे पहले विशेष अदालत ने मंगलवार को जनथकल खनन कंपनी मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. मामले में अगली सुनवाई 20 जून को होगी.
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पुत्र कुमारस्वामी पर वर्ष 2007 में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में जनथकल खनन कंपनी के पक्ष में एक फाइल की मंजूरी के लिए तत्कालीन खनन आयुक्त गंगाराम बदेरिया पर दबाव बनाने का आरोप है. इस मामले में गंगाराम बदेरिया और जनथकल कंपनी की स्वामी की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है.टिप्पणियां
गलवार को जब विशेष अदालत ने जब कुमारस्वामी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी तो उनकी गिरफ्तारी की अटकलें तेज हो गई थीं. फिलहाल हाईकोर्ट की तरफ से उन्हें कुछ दिन की राहत मिल गई है.
(इनपुट भाषा से भी)
न्यायमूर्ति रत्नाकला ने कुमारस्वामी की ओर से पेश अग्रिम जमानत की अर्जी पर आदेश जारी किया. इससे पहले विशेष अदालत ने मंगलवार को जनथकल खनन कंपनी मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. मामले में अगली सुनवाई 20 जून को होगी.
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पुत्र कुमारस्वामी पर वर्ष 2007 में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में जनथकल खनन कंपनी के पक्ष में एक फाइल की मंजूरी के लिए तत्कालीन खनन आयुक्त गंगाराम बदेरिया पर दबाव बनाने का आरोप है. इस मामले में गंगाराम बदेरिया और जनथकल कंपनी की स्वामी की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है.टिप्पणियां
गलवार को जब विशेष अदालत ने जब कुमारस्वामी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी तो उनकी गिरफ्तारी की अटकलें तेज हो गई थीं. फिलहाल हाईकोर्ट की तरफ से उन्हें कुछ दिन की राहत मिल गई है.
(इनपुट भाषा से भी)
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पुत्र कुमारस्वामी पर वर्ष 2007 में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में जनथकल खनन कंपनी के पक्ष में एक फाइल की मंजूरी के लिए तत्कालीन खनन आयुक्त गंगाराम बदेरिया पर दबाव बनाने का आरोप है. इस मामले में गंगाराम बदेरिया और जनथकल कंपनी की स्वामी की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है.टिप्पणियां
गलवार को जब विशेष अदालत ने जब कुमारस्वामी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी तो उनकी गिरफ्तारी की अटकलें तेज हो गई थीं. फिलहाल हाईकोर्ट की तरफ से उन्हें कुछ दिन की राहत मिल गई है.
(इनपुट भाषा से भी)
गलवार को जब विशेष अदालत ने जब कुमारस्वामी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी तो उनकी गिरफ्तारी की अटकलें तेज हो गई थीं. फिलहाल हाईकोर्ट की तरफ से उन्हें कुछ दिन की राहत मिल गई है.
(इनपुट भाषा से भी)
(इनपुट भाषा से भी)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुख्यमंत्री रहते हुए निजी खनन कंपनी को विशेष लाभ देने का आरोप
खनन आयुक्त पर दबाव डालकर कंपनी का लाइसेंस रिन्यू करवाया था
खनन आयुक्त और खनन कंपनी के मालिक हो चुके हैं गिरफ्तार
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव प्रचार में काले धन के उपयोग के आरोपों को खारिज करते हुए पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने दावा किया कि निराधार आरोपों से मतदाताओं पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। ममता ने साक्षात्कार में कहा, माकपा और इस तरह के आरोप लगाने वाले लोगों की विश्वसनीयता क्या है। माकपा को भ्रष्टाचार के बारे में बात करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, पिछले तीन दशक में बंगाल के सभी कोनों से जिन्होंने करोड़ों रुपये लूटे हैं वे बिना आधार के फिजूल के आरोप लगा रहे हैं। जनता तय करेगी कि कौन सच बोल रहा है और कौन पूरी तरह विफल होने से कुछ दिन पहले हताश होकर आरोप लगा रहा है। तृणमूल कांग्रेस का ध्यान लोकतंत्र और जनता की ओर होने पर जोर देते हुए ममता ने कहा, मां, माटी, मानुष के आशीर्वाद के साथ जब हम जिम्मेदारी संभालेंगे तो सारे गंदे सौदों और वित्तीय धांधली की पड़ताल की जाएगी। जब तृणमूल अध्यक्ष से पूछा गया कि क्या उनके मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में रेल मंत्रालय उनकी पार्टी के पास ही होगा, इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया। उन्होंने कहा, चुनाव के बाद रेल मंत्रालय हमारी पार्टी के पास रहेगा। इसलिए घोषित सभी परियोजनाओं और योजनाओं को समय पर पूरा किया जाएगा। चुनाव के बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस गठबंधन के सत्ता में आने की स्थिति में सरकार को समर्थन देने लेकिन इसमें शामिल नहीं होने के कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी के रुख पर रेल मंत्री ने कहा, यह कांग्रेस का आंतरिक मुद्दा है।
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संक्षिप्त सारांश: चुनाव प्रचार में काले धन के उपयोग के आरोपों को खारिज करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि इनसे मतदाताओं पर असर नहीं पड़ेगा।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: सोशल मीडिया पर बीएमसी के एक अफसर को कथित तौर पर घूस देने का शोर कॉमेडियन कपिल शर्मा पर ही भारी पड़ता जा रहा है. कपिल अब भी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं, वहीं एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने मैंग्रोव काटे जाने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ शिकायत दी है. जबकि मामले में बीजेपी के विधायक राम कदम ने 24 घंटे के अंदर उन्हें घूस मांगने वाले अफसर का नाम सार्वजनिक करने को कहा है.
बीजेपी के विधायक राम कदम ने ही कपिल शर्मा के लिए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन शनिवार को उन्होंने कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर कपिल ने घूस मांगने वाले अधिकारी का नाम नहीं बताया, तो उनके घर के बाहर वो धरने पर बैठ जाएंगे.
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के बाद राम कदम ने कपिल को संबोधित करते हुए कहा, 24 घंटे बीतने के बाद भी नाम नहीं दे रहे हैं, ये कौन सा दबाव है, जिसकी वजह से आप नाम नहीं बता रहे हो. वो नाम नहीं छिपा सकते, उन्हें नाम देना होगा. आने वाले 24 घंटे के भीतर अगर उन्होंने नाम नहीं दिया तो भारत का नागरिक होने के नाते मैं खुद धरने पर बैठ जाऊंगा.
कपिल अपने घर में कथित गैरकानूनी निर्माण से लेकर मैंग्रोव काटने के मुद्दे पर खुद घिरते दिख रहे हैं. विधायक के बाद इस मामले में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने मामला दर्ज करने की अर्जी वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दी है. टिप्पणियां
मामला कपिल शर्मा के ट्वीट से शुरू हुआ था, जिसमें मुंबई महानगरपालिका के एक अज्ञात अधिकारी पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके द्वारा दिखाया गया 'अच्छे दिन' का वादा था.
इसके बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक आरोप-प्रत्यारोप की लहरें उठने लगीं. सिर्फ कपिल खामोश रहे और स्टेज से गायब भी. सिर्फ एक और ट्वीट के जरिए इतना भर कहा कि मैंने कुछ लोगों के साथ भ्रष्टाचार के अपने अनुभवों को लेकर फिक्र जताई थी, कोई भी पार्टी हो चाहे बीजेपी, शिवसेना या एमएनएस उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया.
बीजेपी के विधायक राम कदम ने ही कपिल शर्मा के लिए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन शनिवार को उन्होंने कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर कपिल ने घूस मांगने वाले अधिकारी का नाम नहीं बताया, तो उनके घर के बाहर वो धरने पर बैठ जाएंगे.
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के बाद राम कदम ने कपिल को संबोधित करते हुए कहा, 24 घंटे बीतने के बाद भी नाम नहीं दे रहे हैं, ये कौन सा दबाव है, जिसकी वजह से आप नाम नहीं बता रहे हो. वो नाम नहीं छिपा सकते, उन्हें नाम देना होगा. आने वाले 24 घंटे के भीतर अगर उन्होंने नाम नहीं दिया तो भारत का नागरिक होने के नाते मैं खुद धरने पर बैठ जाऊंगा.
कपिल अपने घर में कथित गैरकानूनी निर्माण से लेकर मैंग्रोव काटने के मुद्दे पर खुद घिरते दिख रहे हैं. विधायक के बाद इस मामले में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने मामला दर्ज करने की अर्जी वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दी है. टिप्पणियां
मामला कपिल शर्मा के ट्वीट से शुरू हुआ था, जिसमें मुंबई महानगरपालिका के एक अज्ञात अधिकारी पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके द्वारा दिखाया गया 'अच्छे दिन' का वादा था.
इसके बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक आरोप-प्रत्यारोप की लहरें उठने लगीं. सिर्फ कपिल खामोश रहे और स्टेज से गायब भी. सिर्फ एक और ट्वीट के जरिए इतना भर कहा कि मैंने कुछ लोगों के साथ भ्रष्टाचार के अपने अनुभवों को लेकर फिक्र जताई थी, कोई भी पार्टी हो चाहे बीजेपी, शिवसेना या एमएनएस उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया.
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के बाद राम कदम ने कपिल को संबोधित करते हुए कहा, 24 घंटे बीतने के बाद भी नाम नहीं दे रहे हैं, ये कौन सा दबाव है, जिसकी वजह से आप नाम नहीं बता रहे हो. वो नाम नहीं छिपा सकते, उन्हें नाम देना होगा. आने वाले 24 घंटे के भीतर अगर उन्होंने नाम नहीं दिया तो भारत का नागरिक होने के नाते मैं खुद धरने पर बैठ जाऊंगा.
कपिल अपने घर में कथित गैरकानूनी निर्माण से लेकर मैंग्रोव काटने के मुद्दे पर खुद घिरते दिख रहे हैं. विधायक के बाद इस मामले में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने मामला दर्ज करने की अर्जी वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दी है. टिप्पणियां
मामला कपिल शर्मा के ट्वीट से शुरू हुआ था, जिसमें मुंबई महानगरपालिका के एक अज्ञात अधिकारी पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके द्वारा दिखाया गया 'अच्छे दिन' का वादा था.
इसके बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक आरोप-प्रत्यारोप की लहरें उठने लगीं. सिर्फ कपिल खामोश रहे और स्टेज से गायब भी. सिर्फ एक और ट्वीट के जरिए इतना भर कहा कि मैंने कुछ लोगों के साथ भ्रष्टाचार के अपने अनुभवों को लेकर फिक्र जताई थी, कोई भी पार्टी हो चाहे बीजेपी, शिवसेना या एमएनएस उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया.
कपिल अपने घर में कथित गैरकानूनी निर्माण से लेकर मैंग्रोव काटने के मुद्दे पर खुद घिरते दिख रहे हैं. विधायक के बाद इस मामले में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने मामला दर्ज करने की अर्जी वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दी है. टिप्पणियां
मामला कपिल शर्मा के ट्वीट से शुरू हुआ था, जिसमें मुंबई महानगरपालिका के एक अज्ञात अधिकारी पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके द्वारा दिखाया गया 'अच्छे दिन' का वादा था.
इसके बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक आरोप-प्रत्यारोप की लहरें उठने लगीं. सिर्फ कपिल खामोश रहे और स्टेज से गायब भी. सिर्फ एक और ट्वीट के जरिए इतना भर कहा कि मैंने कुछ लोगों के साथ भ्रष्टाचार के अपने अनुभवों को लेकर फिक्र जताई थी, कोई भी पार्टी हो चाहे बीजेपी, शिवसेना या एमएनएस उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया.
मामला कपिल शर्मा के ट्वीट से शुरू हुआ था, जिसमें मुंबई महानगरपालिका के एक अज्ञात अधिकारी पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके द्वारा दिखाया गया 'अच्छे दिन' का वादा था.
इसके बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक आरोप-प्रत्यारोप की लहरें उठने लगीं. सिर्फ कपिल खामोश रहे और स्टेज से गायब भी. सिर्फ एक और ट्वीट के जरिए इतना भर कहा कि मैंने कुछ लोगों के साथ भ्रष्टाचार के अपने अनुभवों को लेकर फिक्र जताई थी, कोई भी पार्टी हो चाहे बीजेपी, शिवसेना या एमएनएस उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया.
इसके बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक आरोप-प्रत्यारोप की लहरें उठने लगीं. सिर्फ कपिल खामोश रहे और स्टेज से गायब भी. सिर्फ एक और ट्वीट के जरिए इतना भर कहा कि मैंने कुछ लोगों के साथ भ्रष्टाचार के अपने अनुभवों को लेकर फिक्र जताई थी, कोई भी पार्टी हो चाहे बीजेपी, शिवसेना या एमएनएस उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया.
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संक्षिप्त सारांश: बीजेपी विधायक राम कदम ने 24 घंटे के अंदर नाम सार्वजनिक करने को कहा
एक RTI एक्टिविस्ट ने कपिल पर मैंग्रोव काटे जाने का आरोप लगाया, शिकायत दी
कपिल ने एक अज्ञात बीएमसी अधिकारी पर 5 लाख रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के मामले में समाजवादी पार्टी और केंद्र सरकार में टकराव बढ़ता दिखाई दिया। सपा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला सही और अंतिम है। पार्टी ने केंद्र पर राज्य से सभी आईएएस अधिकारियों को हटाने का ताना तक मार दिया।
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आईएएस अधिकारी दुर्गा को निलंबित करने का फैसला उचित है। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘यह सही है। यह अंतिम है।’ निलंबन के आदेश को रद्द किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर मुलायम ने ‘नहीं’ में उत्तर दिया।
इस मुद्दे पर सपा और केंद्र में टकराव बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि केंद्र इस मामले में राज्य सरकार के साथ संपर्क में हैं और निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा।टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा का ऐसा ही रवैया लखनऊ में भी सामने आया जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गलती करने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाएगा।
2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा के निलंबन को सही ठहराने वाले अखिलेश ने एक समारोह में कहा, ‘यहां कई बच्चे हो सकते हैं जो बता सकते हैं कि गलती करने पर उनके शिक्षकों और माता-पिता ने उनकी पिटाई की होगी। सरकार भी इसी तरह चलती है। जब भी कोई अधिकारी कुछ गलत करता है तो उसे दंडित किया जाता है।’ सपा नेता राम गोपाल यादव ने दिल्ली में कहा, ‘अगर केंद्र सरकार हस्तक्षेप चाहती है तो वह उत्तर प्रदेश से सभी आईएएस अधिकारियों को हटा सकती है। हम अपने अधिकारियों के साथ प्रदेश को चला लेंगे।’
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आईएएस अधिकारी दुर्गा को निलंबित करने का फैसला उचित है। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘यह सही है। यह अंतिम है।’ निलंबन के आदेश को रद्द किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर मुलायम ने ‘नहीं’ में उत्तर दिया।
इस मुद्दे पर सपा और केंद्र में टकराव बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि केंद्र इस मामले में राज्य सरकार के साथ संपर्क में हैं और निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा।टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा का ऐसा ही रवैया लखनऊ में भी सामने आया जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गलती करने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाएगा।
2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा के निलंबन को सही ठहराने वाले अखिलेश ने एक समारोह में कहा, ‘यहां कई बच्चे हो सकते हैं जो बता सकते हैं कि गलती करने पर उनके शिक्षकों और माता-पिता ने उनकी पिटाई की होगी। सरकार भी इसी तरह चलती है। जब भी कोई अधिकारी कुछ गलत करता है तो उसे दंडित किया जाता है।’ सपा नेता राम गोपाल यादव ने दिल्ली में कहा, ‘अगर केंद्र सरकार हस्तक्षेप चाहती है तो वह उत्तर प्रदेश से सभी आईएएस अधिकारियों को हटा सकती है। हम अपने अधिकारियों के साथ प्रदेश को चला लेंगे।’
इस मुद्दे पर सपा और केंद्र में टकराव बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि केंद्र इस मामले में राज्य सरकार के साथ संपर्क में हैं और निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा।टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा का ऐसा ही रवैया लखनऊ में भी सामने आया जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गलती करने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाएगा।
2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा के निलंबन को सही ठहराने वाले अखिलेश ने एक समारोह में कहा, ‘यहां कई बच्चे हो सकते हैं जो बता सकते हैं कि गलती करने पर उनके शिक्षकों और माता-पिता ने उनकी पिटाई की होगी। सरकार भी इसी तरह चलती है। जब भी कोई अधिकारी कुछ गलत करता है तो उसे दंडित किया जाता है।’ सपा नेता राम गोपाल यादव ने दिल्ली में कहा, ‘अगर केंद्र सरकार हस्तक्षेप चाहती है तो वह उत्तर प्रदेश से सभी आईएएस अधिकारियों को हटा सकती है। हम अपने अधिकारियों के साथ प्रदेश को चला लेंगे।’
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा का ऐसा ही रवैया लखनऊ में भी सामने आया जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गलती करने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाएगा।
2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा के निलंबन को सही ठहराने वाले अखिलेश ने एक समारोह में कहा, ‘यहां कई बच्चे हो सकते हैं जो बता सकते हैं कि गलती करने पर उनके शिक्षकों और माता-पिता ने उनकी पिटाई की होगी। सरकार भी इसी तरह चलती है। जब भी कोई अधिकारी कुछ गलत करता है तो उसे दंडित किया जाता है।’ सपा नेता राम गोपाल यादव ने दिल्ली में कहा, ‘अगर केंद्र सरकार हस्तक्षेप चाहती है तो वह उत्तर प्रदेश से सभी आईएएस अधिकारियों को हटा सकती है। हम अपने अधिकारियों के साथ प्रदेश को चला लेंगे।’
2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा के निलंबन को सही ठहराने वाले अखिलेश ने एक समारोह में कहा, ‘यहां कई बच्चे हो सकते हैं जो बता सकते हैं कि गलती करने पर उनके शिक्षकों और माता-पिता ने उनकी पिटाई की होगी। सरकार भी इसी तरह चलती है। जब भी कोई अधिकारी कुछ गलत करता है तो उसे दंडित किया जाता है।’ सपा नेता राम गोपाल यादव ने दिल्ली में कहा, ‘अगर केंद्र सरकार हस्तक्षेप चाहती है तो वह उत्तर प्रदेश से सभी आईएएस अधिकारियों को हटा सकती है। हम अपने अधिकारियों के साथ प्रदेश को चला लेंगे।’
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संक्षिप्त पाठ: निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के मामले में समाजवादी पार्टी और केंद्र सरकार में टकराव बढ़ता दिखाई दिया। सपा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला सही और अंतिम है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: हैदराबाद में रविवार को एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पत्नी कमरे में स्टोल से फंदा लगाकर झूल गई. यह घटना उस मैसेज के घंटों बाद की है जब उसे अपने पिता को मैसेज कर लिखा था कि उसे गीज़र देर तक ऑन रखने के लिए पीटा गया.
31 वर्षीय सुश्रुत का अपने पिता को लिखा यह मैसेज अंतिम था. इस मैसेज में उसने लिखा था कि उसके पति मोहन राव ने उसे बाथरूम से घसीटकर बाहर निकाला और अपने माता-पिता और बच्चों (4 और 6 साल) के सामने पिटाई की. बाद में उसने अपने माता-पिता से बात भी की और कहा कि उसे काफी बुरी तरह से मारा-पीटा गया है. उसके पिता ने कहा कि वह जल्द से जल्द उसके पास आ रहे हैं.
जब तक वे अपने घर नलगोंडा से हैदराबाद का डेढ़ घंटे का सफर पूरा करके पहुंचे, उन्हें बताया गया कि उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. सुश्रुत के बड़े बेटे ने पुलिस को बताया कि पिता ने मां की पिटाई की थी. पुलिस ने मोहन राव को हिरासत में ले लिया है. सुश्रुत के माता-पिता का कहना है कि उसने फोन पर अपनी पूरी कहानी बताई थी और बहुत रोई थी.
सुश्रुत के माता-पिता का कहना है कि, 'मोहन ने उससे पूछा कि तुमने गीजर क्यों ऑन किया और कहा, बिजली का बिल कौन देगा.' उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे बाथरूम से घसीटकर बाहर निकाला गया और सास-ससुर और बच्चों के सामने पीटा गया. उसकी हत्या की गई है. सुश्रुत के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं. टिप्पणियां
माता-पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. सुश्रुत के अंकल मधुसुदन का आरोप है कि सुश्रुत का पति और परिवार काफी सालों से उसे प्रताड़ित कर रहा था. मधुसुदन का आरोप है कि दो बेटों के बाद भी ससुराल वाले सुश्रुत को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे.
पुलिस अधिकारी सत्ताइया ने पूरी घटना पर कहा, 'मामले में कई आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है. इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप भी है.' पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों को अंदेशा है कि सुश्रुत की हत्या की गई हो सकती है. पिता सत्यनारायण ने पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है और हमने मोहन राव और परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.
31 वर्षीय सुश्रुत का अपने पिता को लिखा यह मैसेज अंतिम था. इस मैसेज में उसने लिखा था कि उसके पति मोहन राव ने उसे बाथरूम से घसीटकर बाहर निकाला और अपने माता-पिता और बच्चों (4 और 6 साल) के सामने पिटाई की. बाद में उसने अपने माता-पिता से बात भी की और कहा कि उसे काफी बुरी तरह से मारा-पीटा गया है. उसके पिता ने कहा कि वह जल्द से जल्द उसके पास आ रहे हैं.
जब तक वे अपने घर नलगोंडा से हैदराबाद का डेढ़ घंटे का सफर पूरा करके पहुंचे, उन्हें बताया गया कि उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. सुश्रुत के बड़े बेटे ने पुलिस को बताया कि पिता ने मां की पिटाई की थी. पुलिस ने मोहन राव को हिरासत में ले लिया है. सुश्रुत के माता-पिता का कहना है कि उसने फोन पर अपनी पूरी कहानी बताई थी और बहुत रोई थी.
सुश्रुत के माता-पिता का कहना है कि, 'मोहन ने उससे पूछा कि तुमने गीजर क्यों ऑन किया और कहा, बिजली का बिल कौन देगा.' उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे बाथरूम से घसीटकर बाहर निकाला गया और सास-ससुर और बच्चों के सामने पीटा गया. उसकी हत्या की गई है. सुश्रुत के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं. टिप्पणियां
माता-पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. सुश्रुत के अंकल मधुसुदन का आरोप है कि सुश्रुत का पति और परिवार काफी सालों से उसे प्रताड़ित कर रहा था. मधुसुदन का आरोप है कि दो बेटों के बाद भी ससुराल वाले सुश्रुत को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे.
पुलिस अधिकारी सत्ताइया ने पूरी घटना पर कहा, 'मामले में कई आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है. इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप भी है.' पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों को अंदेशा है कि सुश्रुत की हत्या की गई हो सकती है. पिता सत्यनारायण ने पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है और हमने मोहन राव और परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.
जब तक वे अपने घर नलगोंडा से हैदराबाद का डेढ़ घंटे का सफर पूरा करके पहुंचे, उन्हें बताया गया कि उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. सुश्रुत के बड़े बेटे ने पुलिस को बताया कि पिता ने मां की पिटाई की थी. पुलिस ने मोहन राव को हिरासत में ले लिया है. सुश्रुत के माता-पिता का कहना है कि उसने फोन पर अपनी पूरी कहानी बताई थी और बहुत रोई थी.
सुश्रुत के माता-पिता का कहना है कि, 'मोहन ने उससे पूछा कि तुमने गीजर क्यों ऑन किया और कहा, बिजली का बिल कौन देगा.' उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे बाथरूम से घसीटकर बाहर निकाला गया और सास-ससुर और बच्चों के सामने पीटा गया. उसकी हत्या की गई है. सुश्रुत के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं. टिप्पणियां
माता-पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. सुश्रुत के अंकल मधुसुदन का आरोप है कि सुश्रुत का पति और परिवार काफी सालों से उसे प्रताड़ित कर रहा था. मधुसुदन का आरोप है कि दो बेटों के बाद भी ससुराल वाले सुश्रुत को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे.
पुलिस अधिकारी सत्ताइया ने पूरी घटना पर कहा, 'मामले में कई आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है. इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप भी है.' पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों को अंदेशा है कि सुश्रुत की हत्या की गई हो सकती है. पिता सत्यनारायण ने पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है और हमने मोहन राव और परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.
सुश्रुत के माता-पिता का कहना है कि, 'मोहन ने उससे पूछा कि तुमने गीजर क्यों ऑन किया और कहा, बिजली का बिल कौन देगा.' उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे बाथरूम से घसीटकर बाहर निकाला गया और सास-ससुर और बच्चों के सामने पीटा गया. उसकी हत्या की गई है. सुश्रुत के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं. टिप्पणियां
माता-पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. सुश्रुत के अंकल मधुसुदन का आरोप है कि सुश्रुत का पति और परिवार काफी सालों से उसे प्रताड़ित कर रहा था. मधुसुदन का आरोप है कि दो बेटों के बाद भी ससुराल वाले सुश्रुत को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे.
पुलिस अधिकारी सत्ताइया ने पूरी घटना पर कहा, 'मामले में कई आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है. इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप भी है.' पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों को अंदेशा है कि सुश्रुत की हत्या की गई हो सकती है. पिता सत्यनारायण ने पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है और हमने मोहन राव और परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.
माता-पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. सुश्रुत के अंकल मधुसुदन का आरोप है कि सुश्रुत का पति और परिवार काफी सालों से उसे प्रताड़ित कर रहा था. मधुसुदन का आरोप है कि दो बेटों के बाद भी ससुराल वाले सुश्रुत को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे.
पुलिस अधिकारी सत्ताइया ने पूरी घटना पर कहा, 'मामले में कई आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है. इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप भी है.' पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों को अंदेशा है कि सुश्रुत की हत्या की गई हो सकती है. पिता सत्यनारायण ने पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है और हमने मोहन राव और परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.
पुलिस अधिकारी सत्ताइया ने पूरी घटना पर कहा, 'मामले में कई आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है. इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप भी है.' पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों को अंदेशा है कि सुश्रुत की हत्या की गई हो सकती है. पिता सत्यनारायण ने पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है और हमने मोहन राव और परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महिला ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की
पति ने की थी महिला की बेरहमी से पिटाई
पुलिस ने पति और सास-ससुर को हिरासत में लिया
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूरो मुद्रा का इस्तेमाल करने वाले 17 देशों में बेरोजगारी की दर 2011 के अंत तक रिकॉर्ड स्तर पर रही। यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने स्वीकार किया कि उन्हें आर्थिक वृद्धि दर में तेजी लाने के लिए उसी तरह से प्रयास करने होंगे जिस तरह से उन्होंने ऋण संकट से मुकाबले में तेजी दिखाई है।टिप्पणियां
यूरोपीय संघ के सांख्यिकी कार्यालय यूरोस्टैट ने कहा कि दिसंबर में बेरोजगारी की वृद्धि दर 10.4 प्रतिशत रही जो 1999 में यूरो की शुरुआत के बाद से अब तक का उच्चतम स्तर है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर, 2010 में बेरोजगारी वृद्धि दर 10 प्रतिशत रही और तब से ही इसमें बढ़ोतरी का रुख बना हुआ है।
हालांकि, यूरोजोन में बेरोजगारी की वृद्धि दर के मामले में भारी असमानता है और यूनान व स्पेन जैस बेरोजगारी की रिकॉर्ड वृद्धि दर से जूझ रहे हैं। जहां स्पेन में बेरोजगारी वृद्धि दर 22.9 प्रतिशत पहुंच गई, वहीं यूनान 19.2 प्रतिशत की बेरोजगारी वृद्धि दर से जूझ रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि युवाओं में बेरोजगारी की वृद्धि दर सबसे अधिक है। स्पेन से मिले नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक 25 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी वृद्धि दर 48.7 प्रतिशत रही।
यूरोपीय संघ के सांख्यिकी कार्यालय यूरोस्टैट ने कहा कि दिसंबर में बेरोजगारी की वृद्धि दर 10.4 प्रतिशत रही जो 1999 में यूरो की शुरुआत के बाद से अब तक का उच्चतम स्तर है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर, 2010 में बेरोजगारी वृद्धि दर 10 प्रतिशत रही और तब से ही इसमें बढ़ोतरी का रुख बना हुआ है।
हालांकि, यूरोजोन में बेरोजगारी की वृद्धि दर के मामले में भारी असमानता है और यूनान व स्पेन जैस बेरोजगारी की रिकॉर्ड वृद्धि दर से जूझ रहे हैं। जहां स्पेन में बेरोजगारी वृद्धि दर 22.9 प्रतिशत पहुंच गई, वहीं यूनान 19.2 प्रतिशत की बेरोजगारी वृद्धि दर से जूझ रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि युवाओं में बेरोजगारी की वृद्धि दर सबसे अधिक है। स्पेन से मिले नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक 25 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी वृद्धि दर 48.7 प्रतिशत रही।
हालांकि, यूरोजोन में बेरोजगारी की वृद्धि दर के मामले में भारी असमानता है और यूनान व स्पेन जैस बेरोजगारी की रिकॉर्ड वृद्धि दर से जूझ रहे हैं। जहां स्पेन में बेरोजगारी वृद्धि दर 22.9 प्रतिशत पहुंच गई, वहीं यूनान 19.2 प्रतिशत की बेरोजगारी वृद्धि दर से जूझ रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि युवाओं में बेरोजगारी की वृद्धि दर सबसे अधिक है। स्पेन से मिले नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक 25 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी वृद्धि दर 48.7 प्रतिशत रही।
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यूरो मुद्रा का इस्तेमाल करने वाले 17 देशों में बेरोजगारी की दर 2011 के अंत तक रिकॉर्ड स्तर पर रही।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस ले लिया है। 1993 बैच की आईआरएस अफसर सुनीता केजरीवाल इनकम टैक्स विभाग में कमिश्नर के पद पर तैनात थीं। सुनीता केजरीवाल 15 जुलाई 2016 से अपने पद से मुक्त हो जाएंगी।टिप्पणियां
केजरीवाल के करीबी सूत्रों के मुताबिक सुनीता केजरीवाल के वीआरएस लेने की वजह ये है कि उन्हें ऐसी आशंका थी कि केंद्र सरकार उनको बदले की भावना से परेशान करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में अगर सुनीता केजरीवाल परेशान होतीं तो पूरी केजरीवाल फैमिली परेशान हो जाती, इसलिए उन्हें समय से पहले रिटायरमेंट लेना पड़ा।
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल भी आईआरएस अधिकारी थे, लेकिन करीब एक दशक से भी ज़्यादा समय पहले उन्होंने नौकरी छोड़कर सामजिक कार्यों में ध्यान लगाया जिसकी वजह से उनके परिवार (दो बच्चे और केजरीवाल के माता-पिता) की पूरी ज़िम्मेदारी सुनीता केजरीवाल के कंधों पर थी।
केजरीवाल के करीबी सूत्रों के मुताबिक सुनीता केजरीवाल के वीआरएस लेने की वजह ये है कि उन्हें ऐसी आशंका थी कि केंद्र सरकार उनको बदले की भावना से परेशान करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में अगर सुनीता केजरीवाल परेशान होतीं तो पूरी केजरीवाल फैमिली परेशान हो जाती, इसलिए उन्हें समय से पहले रिटायरमेंट लेना पड़ा।
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल भी आईआरएस अधिकारी थे, लेकिन करीब एक दशक से भी ज़्यादा समय पहले उन्होंने नौकरी छोड़कर सामजिक कार्यों में ध्यान लगाया जिसकी वजह से उनके परिवार (दो बच्चे और केजरीवाल के माता-पिता) की पूरी ज़िम्मेदारी सुनीता केजरीवाल के कंधों पर थी।
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल भी आईआरएस अधिकारी थे, लेकिन करीब एक दशक से भी ज़्यादा समय पहले उन्होंने नौकरी छोड़कर सामजिक कार्यों में ध्यान लगाया जिसकी वजह से उनके परिवार (दो बच्चे और केजरीवाल के माता-पिता) की पूरी ज़िम्मेदारी सुनीता केजरीवाल के कंधों पर थी।
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सारांश: 1993 बैच की आआईआरएस अफसर हैं सुनीता केजरीवाल
सूत्रों के मुताबिक सुनीता को केंद्र की ओर से परेशान किए जाने का डर था
अरविंद केजरीवाल भी आईआरएस अफसर रह चुके थे
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में नासिक के करीब एक पांच साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार की कोशिश के बाद इलाके में तनाव फैल गया है. देर रात नाराज़ लोगों ने आरोपी की मोटरसाइकिल और उसके घर को जला दिया.
आरोपी को पुलिस ने देर रात ही गिरफ्तार कर लिया है. सरकार ने भरोसा दिया है कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर 15 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. बावजूद इसके नाराज़ लोगों ने मुंबई-आगरा एक्सप्रेसवे समेत कई मुख्य सड़कों को जाम कर दिया है.टिप्पणियां
सड़क पर कई जगह प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा गाड़ियों पर निकाला, राज्य परिवहन की कई बसों को आग के हवाले कर दिया. हिंसक प्रदर्शन से अछूते पुलिसवाले भी नहीं रहे, आईजी की गाड़ी पर पथराव हुआ तो पुलिस ने भी हवा में फायरिंग की. गुस्से की वजह, 5 साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार की कोशिश. बच्ची के मामा ने बताया, "गांव में मंदिर के पास आंगनवाड़ी है, वहां बच्ची खेल रही थी, उसकी मां वहीं पास में पानी भर रही थी. तभी आरोपी उसको चॉकलेट दिलाने के बहाने से ले गया और उसके साथ गलत हरकत की. हम चाहते हैं कि उसे फांसी की सज़ा दी जाए."
पुलिस ने नाबालिग आरोपी को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया. डीसीपी विजय पाटिल ने कहा, "नासिक ग्रामीण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, आगे की कार्रवाई नासिक ग्रामीण कर रही है. हम लोगों से अपील करते हैं कि वो सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान ना दें."
विपक्षी दल आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि मामले को फास्टट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "सरकार और पुलिस दोनों पूरी ज़िम्मेदारी से काम कर रहे हैं, मामले में दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर दोषी को सज़ा दी जाएगी."
महाराष्ट्र में कोपर्डी में मराठा लड़की के कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या के मामले में इंसाफ के लिये पूरे राज्य में मूक मोर्चा निकल रहा है, इस बीच एक और घटना से समाज आक्रोश में है गुस्सा हिंसा की शक्ल ले रहा है.
आरोपी को पुलिस ने देर रात ही गिरफ्तार कर लिया है. सरकार ने भरोसा दिया है कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर 15 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. बावजूद इसके नाराज़ लोगों ने मुंबई-आगरा एक्सप्रेसवे समेत कई मुख्य सड़कों को जाम कर दिया है.टिप्पणियां
सड़क पर कई जगह प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा गाड़ियों पर निकाला, राज्य परिवहन की कई बसों को आग के हवाले कर दिया. हिंसक प्रदर्शन से अछूते पुलिसवाले भी नहीं रहे, आईजी की गाड़ी पर पथराव हुआ तो पुलिस ने भी हवा में फायरिंग की. गुस्से की वजह, 5 साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार की कोशिश. बच्ची के मामा ने बताया, "गांव में मंदिर के पास आंगनवाड़ी है, वहां बच्ची खेल रही थी, उसकी मां वहीं पास में पानी भर रही थी. तभी आरोपी उसको चॉकलेट दिलाने के बहाने से ले गया और उसके साथ गलत हरकत की. हम चाहते हैं कि उसे फांसी की सज़ा दी जाए."
पुलिस ने नाबालिग आरोपी को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया. डीसीपी विजय पाटिल ने कहा, "नासिक ग्रामीण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, आगे की कार्रवाई नासिक ग्रामीण कर रही है. हम लोगों से अपील करते हैं कि वो सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान ना दें."
विपक्षी दल आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि मामले को फास्टट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "सरकार और पुलिस दोनों पूरी ज़िम्मेदारी से काम कर रहे हैं, मामले में दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर दोषी को सज़ा दी जाएगी."
महाराष्ट्र में कोपर्डी में मराठा लड़की के कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या के मामले में इंसाफ के लिये पूरे राज्य में मूक मोर्चा निकल रहा है, इस बीच एक और घटना से समाज आक्रोश में है गुस्सा हिंसा की शक्ल ले रहा है.
सड़क पर कई जगह प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा गाड़ियों पर निकाला, राज्य परिवहन की कई बसों को आग के हवाले कर दिया. हिंसक प्रदर्शन से अछूते पुलिसवाले भी नहीं रहे, आईजी की गाड़ी पर पथराव हुआ तो पुलिस ने भी हवा में फायरिंग की. गुस्से की वजह, 5 साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार की कोशिश. बच्ची के मामा ने बताया, "गांव में मंदिर के पास आंगनवाड़ी है, वहां बच्ची खेल रही थी, उसकी मां वहीं पास में पानी भर रही थी. तभी आरोपी उसको चॉकलेट दिलाने के बहाने से ले गया और उसके साथ गलत हरकत की. हम चाहते हैं कि उसे फांसी की सज़ा दी जाए."
पुलिस ने नाबालिग आरोपी को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया. डीसीपी विजय पाटिल ने कहा, "नासिक ग्रामीण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, आगे की कार्रवाई नासिक ग्रामीण कर रही है. हम लोगों से अपील करते हैं कि वो सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान ना दें."
विपक्षी दल आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि मामले को फास्टट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "सरकार और पुलिस दोनों पूरी ज़िम्मेदारी से काम कर रहे हैं, मामले में दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर दोषी को सज़ा दी जाएगी."
महाराष्ट्र में कोपर्डी में मराठा लड़की के कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या के मामले में इंसाफ के लिये पूरे राज्य में मूक मोर्चा निकल रहा है, इस बीच एक और घटना से समाज आक्रोश में है गुस्सा हिंसा की शक्ल ले रहा है.
विपक्षी दल आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि मामले को फास्टट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "सरकार और पुलिस दोनों पूरी ज़िम्मेदारी से काम कर रहे हैं, मामले में दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर दोषी को सज़ा दी जाएगी."
महाराष्ट्र में कोपर्डी में मराठा लड़की के कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या के मामले में इंसाफ के लिये पूरे राज्य में मूक मोर्चा निकल रहा है, इस बीच एक और घटना से समाज आक्रोश में है गुस्सा हिंसा की शक्ल ले रहा है.
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सारांश: नासिक के पास तालेगांव में पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार का मामला
आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है
गुस्साई भीड़ ने आरोपी का घर आग के हवाले किया
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसान कर्ज माफी की तर्ज पर दिव्यांगजनों का कर्ज माफ करने पर विचार कर रही है. राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने संवाददाताओं को बताया कि किसानों की कर्ज माफी की तर्ज पर दिव्यांगजनों का कर्ज भी माफ करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास विचाराधीन है, कैबिनेट की अगली बैठक में या एकाध महीने में इनका कर्ज माफ किया जाएगा, यह आश्वासन मुख्यमंत्री जी ने दिया है और पूरी कैबिनेट पर इस पर सहमत है. उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा दिव्यांग जनों को दुकान बनाने और चलाने के नाम पर 30,000 रुपये लोन दिया जाता था. 6821 दिव्यांगजनों ने लोन लिया था, जिसमें से 1 करोड़ 60 लाख रुपये जमा किया गया है, 3 करोड़ 88 लाख रुपये बकाया है.
मंत्री ने कहा कि बैंकों से रियायती दरों पर दिव्यांगजनों को मिलने वाले लोन की राशि 30,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की योजना यूपी सरकार ने बनाई है.
उन्होंने कहा कि सरकार ने दिव्यांगजनों की शादी के लिए अनुदान राशि 20,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये कर दिया है और यह 1 अप्रैल से लागू हो गया है. इसी तरह, अब राज्य के दिव्यांगजन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस से देशभर में कहीं भी यात्रा कर सकते हैं. पहले वे केवल उत्तर प्रदेश में ही यात्रा कर पाते थे.
राजभर ने कहा कि दिव्यांगजनों को आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब वे ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, विधायक और सांसद से अपना आय प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे. विकलांगों को तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
सरकार दिव्यांग महिलाओं को सिलाई मशीन देकर स्वावलंबन की ओर ले जाने की दिशा में काम करेगी, जबकि पुरषों के लिए बैटरी चालित ट्राइसाईकिल उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है. इस ट्राईसाइकिल में एक छोटी ट्राली बनी होगी जिसमें वे सब्जी आदि रखकर बेच सकेंगे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिव्यांगों को दुकान चलाने के नाम पर 30,000 रुपये लोन दिया जाता था
जिसमें से 1 करोड़ 60 लाख रुपये जमा किया गया है
3 करोड़ 88 लाख रुपये बकाया है, जिसे माफ करने की है तैयारी
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: चाय और भजियावाले से फायनेंसर बना 50 साल का एक शख्स अब आयकर विभाग के घेरे में है. सूरत में करीब 25 साल पहले किशोर भजियावाला ने चाय बेचना शुरू किया था. अब वह सनसनीखेज खुलासे से चर्चा के केंद्र में है.
नोटबंदी के बाद अपने बैंक खाते में एक करोड़ से ज्यादा रकम जमा करने पर आयकर की नजर में आए किशोर भजियावाला के पास से अब तक इतना माल जब्त हुआ है कि हैरानी में डाल देता है. पिछले चार दिनों में आयकर विभाग ने भजियावाला के पास से करीब 6.5 करोड़ रुपये कैश जब्त किया है जिसमें से 1.4 करोड़ 2000 रुपये के नोट में है.टिप्पणियां
भजियावाला के अपने, परिवार और साथियों के नाम पर कुल 40 बैंक खाते व एक दर्जन से ज्यादा लॉकर मिले हैं. इन लॉकरों में 50 किलो चांदी, कई किलो सोना और 1.39 करोड़ रुपये के हीरे भी मिले हैं. जब्त दस्तावेजों से लगाए गए अंदाज के मुताबिक अब तक सामने आई भजीयावाला की कुल सम्पत्ति 600 करोड़ के करीब हो सकती है. लेकिन भजियावाला पूरी तरह चुप्पी साधे है. वह मीडिया से बच रहा है.
आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो अब भी कई दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. इस बीच केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला समेत कई भाजपा नेताओं के साथ किशोर भजियावाला की तस्वीरें वायरल हो गई हैं, लेकिन पार्टी ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग रखा है.
आयकर विभाग को इतने बड़े पैमाने पर मिली बेनामी सम्पत्ति ने चौंका दिया है. उसके लिए बड़ी चिंता का विषय यह भी है कि जब्त राशि में नए 2000 के नोट भी हैं.
नोटबंदी के बाद अपने बैंक खाते में एक करोड़ से ज्यादा रकम जमा करने पर आयकर की नजर में आए किशोर भजियावाला के पास से अब तक इतना माल जब्त हुआ है कि हैरानी में डाल देता है. पिछले चार दिनों में आयकर विभाग ने भजियावाला के पास से करीब 6.5 करोड़ रुपये कैश जब्त किया है जिसमें से 1.4 करोड़ 2000 रुपये के नोट में है.टिप्पणियां
भजियावाला के अपने, परिवार और साथियों के नाम पर कुल 40 बैंक खाते व एक दर्जन से ज्यादा लॉकर मिले हैं. इन लॉकरों में 50 किलो चांदी, कई किलो सोना और 1.39 करोड़ रुपये के हीरे भी मिले हैं. जब्त दस्तावेजों से लगाए गए अंदाज के मुताबिक अब तक सामने आई भजीयावाला की कुल सम्पत्ति 600 करोड़ के करीब हो सकती है. लेकिन भजियावाला पूरी तरह चुप्पी साधे है. वह मीडिया से बच रहा है.
आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो अब भी कई दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. इस बीच केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला समेत कई भाजपा नेताओं के साथ किशोर भजियावाला की तस्वीरें वायरल हो गई हैं, लेकिन पार्टी ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग रखा है.
आयकर विभाग को इतने बड़े पैमाने पर मिली बेनामी सम्पत्ति ने चौंका दिया है. उसके लिए बड़ी चिंता का विषय यह भी है कि जब्त राशि में नए 2000 के नोट भी हैं.
भजियावाला के अपने, परिवार और साथियों के नाम पर कुल 40 बैंक खाते व एक दर्जन से ज्यादा लॉकर मिले हैं. इन लॉकरों में 50 किलो चांदी, कई किलो सोना और 1.39 करोड़ रुपये के हीरे भी मिले हैं. जब्त दस्तावेजों से लगाए गए अंदाज के मुताबिक अब तक सामने आई भजीयावाला की कुल सम्पत्ति 600 करोड़ के करीब हो सकती है. लेकिन भजियावाला पूरी तरह चुप्पी साधे है. वह मीडिया से बच रहा है.
आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो अब भी कई दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. इस बीच केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला समेत कई भाजपा नेताओं के साथ किशोर भजियावाला की तस्वीरें वायरल हो गई हैं, लेकिन पार्टी ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग रखा है.
आयकर विभाग को इतने बड़े पैमाने पर मिली बेनामी सम्पत्ति ने चौंका दिया है. उसके लिए बड़ी चिंता का विषय यह भी है कि जब्त राशि में नए 2000 के नोट भी हैं.
आयकर विभाग को इतने बड़े पैमाने पर मिली बेनामी सम्पत्ति ने चौंका दिया है. उसके लिए बड़ी चिंता का विषय यह भी है कि जब्त राशि में नए 2000 के नोट भी हैं.
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यहाँ एक सारांश है:किशोर भजियावाला ने 25 साल पहले चाय बेचना शुरू किया था
जब्त 6.5 करोड़ रुपये नगद में से 1.4 करोड़ 2000 रुपये के नोट में
भजियावाला की कुल सम्पत्ति 600 करोड़ के करीब होने का अनुमान
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: हॉलीवुड की मशहूर अदाकारा जेन फोंडा के बुढ़ापे में भी जवां रहने के दावे का समर्थन करते हुए वैज्ञानिकों ने कहा है कि ढलती उम्र में सेक्स महिलाओं को तरोताजा और खुश रखता है। गौरतलब है कि दो बार ऑस्कर पुरस्कार से नवाजी जा चुकी 73 वर्षीय जेन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में खुलासा किया था कि वह अपनी कामुकता को घटने से बचाने के लिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन लेती हैं। कैलिफोर्निया सेन डिएगो विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक जिन उम्रदराज महिलाओं ने सक्रिय सेक्स जीवन का लुत्फ उठाया, वह कहीं अधिक स्वस्थ और खुश नजर आईं। डेली टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक 60 से 89 वर्ष की महिलाओं की निगरानी करने वाले अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ यौन गतिविधियों का वास्तविक स्तर कम होने लगता है। अध्ययन दल के प्रमुख प्रो. वेसले थाम्पसन ने बताया कि इसका उनके जीवन स्तर पर प्रभाव पड़ता है। प्रो. थाम्पसन ने कहा, हमारे पूर्व के अनुमानों के उलट यौन संतुष्टि उम्र के साथ महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि यौन गतिविधियों में भिन्नता होती है जो महिलाओं की उम्र और उनके जीवन स्तर पर निर्भर करता है। इस अध्ययन से हमें पता चलता है कि कई उम्रदराज लोग बुढा़पे में भी सेक्स का लुत्फ उठाने की अपनी क्षमता को कायम रखते हैं।
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संक्षिप्त सारांश: वैज्ञानिकों ने कहा है कि ढलती उम्र में सेक्स महिलाओं को तरोताजा और खुश रखता है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: बिहार की राजधानी के दानापुर के एक घर में मां-बेटी की गला रेतकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने शनिवार की सुबह दोनों के शव बरामद कर लिए हैं. हत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गाभतल मुहल्ले में रामधारी सिंह की पत्नी सीमा देवी (45) है और उनकी बेटी मुनचुन उर्फ तिलोत्मा (23) के शव उनके ही घर के अलग-अलग कमरे से बरामद किए गए हैं. दोनों की हत्या गला रेतकर की गई है. तिलोत्मा के हाथ-पैर बंधे हुए थे.
पुलिस के एक अधिकारी ने ग्रामीणों के हवाले से बताया कि सीमा देवी का अपने पति से संबंध अच्छे नहीं थे, इस कारण वे यहां नहीं रहते थे. सीमा देवी का पुत्र ऋषि रांची में एक निजी बैंक में काम करता है. शनिवार को वह जब अपने घर आया, तब उसे इस घटना का पता चला. उसने इसकी सूचना पुलिस को दी.
पटना (पश्चिम) के नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव कुमार ने बताया कि हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. पुलिस मोहल्ले में लगे सीसीटीवी के फुटेज भी खंगाल रही है. उन्होंने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है. पुलिस ने इस मामले में किसी रिश्तेदार द्वारा हत्या किए जाने की आशंका जताई है.
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सारांश: मां-बेटी की गला रेतकर हत्या
हाथ-पैर बांधकर की गई हत्या
दानापुर में घटी यह घटना
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में कोयला खदान के धंस जाने से छह मजदूरों की मौत हो गई, वहीं घायल दो मजदूरों की हालत गंभीर है।
मिली जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह बरगवां क्षेत्र के चिगनी टोला में स्थित कोयला खदान में मजदूर उत्खनन कर रहे थे। तभी अचानक खदान का एक हिस्सा धंस गया और 13 मजदूर फंस गए। राहत व बचाव कार्य के जरिए सात ग्रामीणों को निकाल लिया गया हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। इन्हें उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।टिप्पणियां
बताया गया है कि इस हादसे में छह मजदूरों शमीमुद्दीन, मीर हसन, शफाक अली, आरिफ उद्दीन, छुटका व अनवार मुहम्मद की मौत हो गई। कलेक्टर एम. सलवेंद्रम ने बताया है कि जिस समय हादसा हुआ उस समय 13 ग्रामीण कोयला निकाल रहे थे। छह की मौत हो गई है। आठ घंटे तक चले राहत व बचाव कार्य में सात मजदूरों को बचा लिया गया है।
प्रशासन ने इस कोयला खदान को तीन दिन पहले बंद करा दिया था। उसके बाद भी रविवार को कोयला निकाला जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह बरगवां क्षेत्र के चिगनी टोला में स्थित कोयला खदान में मजदूर उत्खनन कर रहे थे। तभी अचानक खदान का एक हिस्सा धंस गया और 13 मजदूर फंस गए। राहत व बचाव कार्य के जरिए सात ग्रामीणों को निकाल लिया गया हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। इन्हें उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।टिप्पणियां
बताया गया है कि इस हादसे में छह मजदूरों शमीमुद्दीन, मीर हसन, शफाक अली, आरिफ उद्दीन, छुटका व अनवार मुहम्मद की मौत हो गई। कलेक्टर एम. सलवेंद्रम ने बताया है कि जिस समय हादसा हुआ उस समय 13 ग्रामीण कोयला निकाल रहे थे। छह की मौत हो गई है। आठ घंटे तक चले राहत व बचाव कार्य में सात मजदूरों को बचा लिया गया है।
प्रशासन ने इस कोयला खदान को तीन दिन पहले बंद करा दिया था। उसके बाद भी रविवार को कोयला निकाला जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।
बताया गया है कि इस हादसे में छह मजदूरों शमीमुद्दीन, मीर हसन, शफाक अली, आरिफ उद्दीन, छुटका व अनवार मुहम्मद की मौत हो गई। कलेक्टर एम. सलवेंद्रम ने बताया है कि जिस समय हादसा हुआ उस समय 13 ग्रामीण कोयला निकाल रहे थे। छह की मौत हो गई है। आठ घंटे तक चले राहत व बचाव कार्य में सात मजदूरों को बचा लिया गया है।
प्रशासन ने इस कोयला खदान को तीन दिन पहले बंद करा दिया था। उसके बाद भी रविवार को कोयला निकाला जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।
प्रशासन ने इस कोयला खदान को तीन दिन पहले बंद करा दिया था। उसके बाद भी रविवार को कोयला निकाला जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में कोयला खदान के धंस जाने से छह मजदूरों की मौत हो गई, वहीं घायल दो मजदूरों की हालत गंभीर है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 237.98 अंकों की गिरावट के साथ 28,182.14 पर और निफ्टी 74 अंकों की कमजोरी के साथ 8,529.45 पर बंद हुआ।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 38.30 अंकों की गिरावट के साथ 28,381.82 पर खुला और 237.98 अंकों या 0.84 फीसदी गिरावट के साथ 28,182.14 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 28,518.06 के ऊपरी और 28,138.30 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 7 शेयरों में मजबूती रही। इन्फोसिस (11.05 फीसदी), भारती एयरटेल (3.68 फीसदी), विप्रो (1.69 फीसदी), बजाज ऑटो (0.99 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (0.94 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सन फार्मा (14.95 फीसदी), वेदांता (4.74 फीसदी), ल्युपिन (4.68 फीसदी), ओएनजीसी (3.56 फीसदी) और टाटा स्टील (3.29 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.95 अंकों की कमजोरी के साथ 8,601.50 पर खुला और 74 अंकों या 0.86 फीसदी गिरावट के साथ 8,529.45 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 8,646.75 के ऊपरी और 8,517.90 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 159.51 अंकों की गिरावट के साथ 11,090.59 पर और स्मॉलकैप 186.52 अंकों की गिरावट के साथ 11,576.82 पर बंद हुआ। बीएसई के 12 में से 1 सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (4.57 फीसदी) में मजबूती रही।टिप्पणियां
बीएसई के स्वास्थ्य सेवा (5.93 फीसदी), प्रौद्योगिकी (3.82 फीसदी), रियल्टी (2.16 फीसदी), तेल गैस (1.74 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.67 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 946 शेयरों में तेजी और 1,883 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 38.30 अंकों की गिरावट के साथ 28,381.82 पर खुला और 237.98 अंकों या 0.84 फीसदी गिरावट के साथ 28,182.14 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 28,518.06 के ऊपरी और 28,138.30 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 7 शेयरों में मजबूती रही। इन्फोसिस (11.05 फीसदी), भारती एयरटेल (3.68 फीसदी), विप्रो (1.69 फीसदी), बजाज ऑटो (0.99 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (0.94 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सन फार्मा (14.95 फीसदी), वेदांता (4.74 फीसदी), ल्युपिन (4.68 फीसदी), ओएनजीसी (3.56 फीसदी) और टाटा स्टील (3.29 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.95 अंकों की कमजोरी के साथ 8,601.50 पर खुला और 74 अंकों या 0.86 फीसदी गिरावट के साथ 8,529.45 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 8,646.75 के ऊपरी और 8,517.90 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 159.51 अंकों की गिरावट के साथ 11,090.59 पर और स्मॉलकैप 186.52 अंकों की गिरावट के साथ 11,576.82 पर बंद हुआ। बीएसई के 12 में से 1 सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (4.57 फीसदी) में मजबूती रही।टिप्पणियां
बीएसई के स्वास्थ्य सेवा (5.93 फीसदी), प्रौद्योगिकी (3.82 फीसदी), रियल्टी (2.16 फीसदी), तेल गैस (1.74 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.67 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 946 शेयरों में तेजी और 1,883 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 7 शेयरों में मजबूती रही। इन्फोसिस (11.05 फीसदी), भारती एयरटेल (3.68 फीसदी), विप्रो (1.69 फीसदी), बजाज ऑटो (0.99 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (0.94 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सन फार्मा (14.95 फीसदी), वेदांता (4.74 फीसदी), ल्युपिन (4.68 फीसदी), ओएनजीसी (3.56 फीसदी) और टाटा स्टील (3.29 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.95 अंकों की कमजोरी के साथ 8,601.50 पर खुला और 74 अंकों या 0.86 फीसदी गिरावट के साथ 8,529.45 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 8,646.75 के ऊपरी और 8,517.90 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 159.51 अंकों की गिरावट के साथ 11,090.59 पर और स्मॉलकैप 186.52 अंकों की गिरावट के साथ 11,576.82 पर बंद हुआ। बीएसई के 12 में से 1 सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (4.57 फीसदी) में मजबूती रही।टिप्पणियां
बीएसई के स्वास्थ्य सेवा (5.93 फीसदी), प्रौद्योगिकी (3.82 फीसदी), रियल्टी (2.16 फीसदी), तेल गैस (1.74 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.67 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 946 शेयरों में तेजी और 1,883 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सन फार्मा (14.95 फीसदी), वेदांता (4.74 फीसदी), ल्युपिन (4.68 फीसदी), ओएनजीसी (3.56 फीसदी) और टाटा स्टील (3.29 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.95 अंकों की कमजोरी के साथ 8,601.50 पर खुला और 74 अंकों या 0.86 फीसदी गिरावट के साथ 8,529.45 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 8,646.75 के ऊपरी और 8,517.90 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 159.51 अंकों की गिरावट के साथ 11,090.59 पर और स्मॉलकैप 186.52 अंकों की गिरावट के साथ 11,576.82 पर बंद हुआ। बीएसई के 12 में से 1 सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (4.57 फीसदी) में मजबूती रही।टिप्पणियां
बीएसई के स्वास्थ्य सेवा (5.93 फीसदी), प्रौद्योगिकी (3.82 फीसदी), रियल्टी (2.16 फीसदी), तेल गैस (1.74 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.67 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 946 शेयरों में तेजी और 1,883 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.95 अंकों की कमजोरी के साथ 8,601.50 पर खुला और 74 अंकों या 0.86 फीसदी गिरावट के साथ 8,529.45 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 8,646.75 के ऊपरी और 8,517.90 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 159.51 अंकों की गिरावट के साथ 11,090.59 पर और स्मॉलकैप 186.52 अंकों की गिरावट के साथ 11,576.82 पर बंद हुआ। बीएसई के 12 में से 1 सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (4.57 फीसदी) में मजबूती रही।टिप्पणियां
बीएसई के स्वास्थ्य सेवा (5.93 फीसदी), प्रौद्योगिकी (3.82 फीसदी), रियल्टी (2.16 फीसदी), तेल गैस (1.74 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.67 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 946 शेयरों में तेजी और 1,883 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 159.51 अंकों की गिरावट के साथ 11,090.59 पर और स्मॉलकैप 186.52 अंकों की गिरावट के साथ 11,576.82 पर बंद हुआ। बीएसई के 12 में से 1 सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (4.57 फीसदी) में मजबूती रही।टिप्पणियां
बीएसई के स्वास्थ्य सेवा (5.93 फीसदी), प्रौद्योगिकी (3.82 फीसदी), रियल्टी (2.16 फीसदी), तेल गैस (1.74 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.67 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 946 शेयरों में तेजी और 1,883 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के स्वास्थ्य सेवा (5.93 फीसदी), प्रौद्योगिकी (3.82 फीसदी), रियल्टी (2.16 फीसदी), तेल गैस (1.74 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.67 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 946 शेयरों में तेजी और 1,883 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 946 शेयरों में तेजी और 1,883 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
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देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 237.98 अंकों की गिरावट के साथ 28,182.14 पर और निफ्टी 74 अंकों की कमजोरी के साथ 8,529.45 पर बंद हुआ।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व विश्व चैम्पियन इंडोनेशिया के तौफीक हिदायत ने अपने अनुभव के दम पर भारत के गैर वरीय सौरभ वर्मा को हराकर सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय ग्रां प्री बैडमिंटन टूर्नामेंट में एकल वर्ग का खिताब जीत लिया। लखनऊ स्थित बाबू बनारसी दास एकेडमी कोर्ट में खेले गए फाइनल में तौफीक ने टूर्नामेंट में जाइंट किलर बनकर उभरे सौरभ को लगातार गेम में 21-15, 21-18 से पराजित किया। इसके साथ ही उन्होंने एक साल से चला आ रहा खिताब का सूखा भी खत्म किया। वर्ष 2004 के ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता तौफीक के रूप में अपने अनुभवी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सौरभ ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। मुकाबले के दौरान वह कई बार बढ़त बनाने में कामयाब रहे लेकिन उसे बरकरार नहीं रख सके। पहले गेम में सौरभ ने अच्छी शुरुआत करते हुए एक समय 5-1 से बढ़त ले ली थी लेकिन नाजुक मौकों पर अनुभवहीनता उनके आड़े आ गई। पहला गेम 15-21 से गंवाने के बाद दूसरे गेम में भारतीय शटलर ने अपने मजबूत प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर दी लेकिन बार-बार बढ़त लेने के बाद वह उसे गंवाते भी रहे और आखिरकार दूसरा गेम भी 18-21 से हार गए। इसके साथ ही भारत की खिताब जीतने की उम्मीद टूट गईं। सौरभ यह मुकाबले भले ही गंवा बैठे लेकिन पूर्व विश्व चैम्पियन के सामने उन्होंने अपने हौसले और दमदार खेल की बदौलत काफी तालियां बटोरीं। इस जीत के साथ ही तौफीक ने पिछले एक साल से चला आ रहा खिताब का सूखा समाप्त किया। इससे पहले पिछले साल नवंबर में उन्होंने फ्रेंच ओपन टूर्नामेंट में खिताबी जीत दर्ज की थी।
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संक्षिप्त सारांश: इंडोनेशिया के तौफीक ने भारत के गैर वरीय सौरभ वर्मा को हराकर सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय ग्रां प्री बैडमिंटन टूर्नामेंट में एकल वर्ग का खिताब जीत लिया।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश में गरीबों को रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी की रकम सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाने की केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित योजना शनिवार को देश के 18 जिलों में शुरू हो गई। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने यहां इसका औपचारिक उद्घाटन किया।
रसोई गैस एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) पर प्रत्यक्ष नकदी अंतरण (डीबीटी) से इन जिलों में 67 लाख से अधिक उपभेक्ताओं को फायदा होगा। सब्सिडी की यह रकम उपभोक्ताओं को सीधे आधार या यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईडी) से जुड़े उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
योजना के उद्घाटन अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और भारतीय विशिष्ट पहचान संख्या प्राधिकरण (यूआईडीएडी) के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि भी मौजूद थे।
उधर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने भी हैदराबाद में आयोजित एक समारोह में इस योजना की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री पानाबाका लक्ष्मी मौजूद थीं। टिप्पणियां
ऐसे लोग, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना है, लेकिन उनके बैंक खाते आधार से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तीन माह के भीतर अपने बैंक खातों को आधार से जोड़ना होगा। यदि उन्होंने एक सितंबर तक ऐसा नहीं किया तो उन्हें सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
उम्मीद की जा रही है कि इस योजना से केंद्र सरकार पर सब्सिडी के रूप में पड़ने वाला लाखों रुपये का बोझ कम होगा।
रसोई गैस एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) पर प्रत्यक्ष नकदी अंतरण (डीबीटी) से इन जिलों में 67 लाख से अधिक उपभेक्ताओं को फायदा होगा। सब्सिडी की यह रकम उपभोक्ताओं को सीधे आधार या यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईडी) से जुड़े उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
योजना के उद्घाटन अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और भारतीय विशिष्ट पहचान संख्या प्राधिकरण (यूआईडीएडी) के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि भी मौजूद थे।
उधर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने भी हैदराबाद में आयोजित एक समारोह में इस योजना की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री पानाबाका लक्ष्मी मौजूद थीं। टिप्पणियां
ऐसे लोग, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना है, लेकिन उनके बैंक खाते आधार से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तीन माह के भीतर अपने बैंक खातों को आधार से जोड़ना होगा। यदि उन्होंने एक सितंबर तक ऐसा नहीं किया तो उन्हें सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
उम्मीद की जा रही है कि इस योजना से केंद्र सरकार पर सब्सिडी के रूप में पड़ने वाला लाखों रुपये का बोझ कम होगा।
योजना के उद्घाटन अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और भारतीय विशिष्ट पहचान संख्या प्राधिकरण (यूआईडीएडी) के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि भी मौजूद थे।
उधर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने भी हैदराबाद में आयोजित एक समारोह में इस योजना की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री पानाबाका लक्ष्मी मौजूद थीं। टिप्पणियां
ऐसे लोग, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना है, लेकिन उनके बैंक खाते आधार से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तीन माह के भीतर अपने बैंक खातों को आधार से जोड़ना होगा। यदि उन्होंने एक सितंबर तक ऐसा नहीं किया तो उन्हें सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
उम्मीद की जा रही है कि इस योजना से केंद्र सरकार पर सब्सिडी के रूप में पड़ने वाला लाखों रुपये का बोझ कम होगा।
उधर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने भी हैदराबाद में आयोजित एक समारोह में इस योजना की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री पानाबाका लक्ष्मी मौजूद थीं। टिप्पणियां
ऐसे लोग, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना है, लेकिन उनके बैंक खाते आधार से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तीन माह के भीतर अपने बैंक खातों को आधार से जोड़ना होगा। यदि उन्होंने एक सितंबर तक ऐसा नहीं किया तो उन्हें सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
उम्मीद की जा रही है कि इस योजना से केंद्र सरकार पर सब्सिडी के रूप में पड़ने वाला लाखों रुपये का बोझ कम होगा।
ऐसे लोग, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना है, लेकिन उनके बैंक खाते आधार से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तीन माह के भीतर अपने बैंक खातों को आधार से जोड़ना होगा। यदि उन्होंने एक सितंबर तक ऐसा नहीं किया तो उन्हें सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
उम्मीद की जा रही है कि इस योजना से केंद्र सरकार पर सब्सिडी के रूप में पड़ने वाला लाखों रुपये का बोझ कम होगा।
उम्मीद की जा रही है कि इस योजना से केंद्र सरकार पर सब्सिडी के रूप में पड़ने वाला लाखों रुपये का बोझ कम होगा।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश में गरीबों को रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी की रकम सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाने की केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित योजना शनिवार को देश के 18 जिलों में शुरू हो गई।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मॉनसून आने से इस बार देश में खूब बारिश हो रही है और देश में अभी तक 68 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को बताया कि 36 सब डिविजनों में से 29 में अभी तक ज्यादा बारिश हो चुकी है।
आंकड़ों के मुताबिक देश में 1 जून से 17 जून के बीच सामान्य संभावित बारिश 67.2 मिमी है, जबकि इस दौरान 112.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से 68 फीसदी ज्यादा है। 36 सब डिविजन में से 29 में ज्यादा बारिश, तीन में सामान्य, एक में कम और तीन में काफी कम बारिश हुई है।टिप्पणियां
आईएमडी के प्रमुख एलएस राठौर ने कहा, ज्यादा बारिश सौभाग्य से विस्तारित इलाकों में हुआ है। अभी तक देश के 91 फीसदी भौगोलिक इलाकों में या तो सामान्य या ज्यादा बारिश हुई है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, यह फसल बोने का समय है और इस वक्त बारिश काफी महत्वपूर्ण होती है।
राठौर ने कहा कि सौभाग्य से उत्तर-पूर्व भारत में बहुत अच्छी मॉनसून पूर्व बारिश हुई है, इसलिए कमी से कोई तनाव की बात नहीं है। पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश के बारे में राठौर ने कहा, अगले 24 घंटे में उत्तराखंड में और बारिश होगी...इसके बाद बारिश का प्रभाव पूरब की तरफ मुड़ने की संभावना है और फिर 20 जून के बाद उत्तर-पूर्व इलाके में बारिश गति पकड़ेगी।
आंकड़ों के मुताबिक देश में 1 जून से 17 जून के बीच सामान्य संभावित बारिश 67.2 मिमी है, जबकि इस दौरान 112.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से 68 फीसदी ज्यादा है। 36 सब डिविजन में से 29 में ज्यादा बारिश, तीन में सामान्य, एक में कम और तीन में काफी कम बारिश हुई है।टिप्पणियां
आईएमडी के प्रमुख एलएस राठौर ने कहा, ज्यादा बारिश सौभाग्य से विस्तारित इलाकों में हुआ है। अभी तक देश के 91 फीसदी भौगोलिक इलाकों में या तो सामान्य या ज्यादा बारिश हुई है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, यह फसल बोने का समय है और इस वक्त बारिश काफी महत्वपूर्ण होती है।
राठौर ने कहा कि सौभाग्य से उत्तर-पूर्व भारत में बहुत अच्छी मॉनसून पूर्व बारिश हुई है, इसलिए कमी से कोई तनाव की बात नहीं है। पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश के बारे में राठौर ने कहा, अगले 24 घंटे में उत्तराखंड में और बारिश होगी...इसके बाद बारिश का प्रभाव पूरब की तरफ मुड़ने की संभावना है और फिर 20 जून के बाद उत्तर-पूर्व इलाके में बारिश गति पकड़ेगी।
आईएमडी के प्रमुख एलएस राठौर ने कहा, ज्यादा बारिश सौभाग्य से विस्तारित इलाकों में हुआ है। अभी तक देश के 91 फीसदी भौगोलिक इलाकों में या तो सामान्य या ज्यादा बारिश हुई है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, यह फसल बोने का समय है और इस वक्त बारिश काफी महत्वपूर्ण होती है।
राठौर ने कहा कि सौभाग्य से उत्तर-पूर्व भारत में बहुत अच्छी मॉनसून पूर्व बारिश हुई है, इसलिए कमी से कोई तनाव की बात नहीं है। पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश के बारे में राठौर ने कहा, अगले 24 घंटे में उत्तराखंड में और बारिश होगी...इसके बाद बारिश का प्रभाव पूरब की तरफ मुड़ने की संभावना है और फिर 20 जून के बाद उत्तर-पूर्व इलाके में बारिश गति पकड़ेगी।
राठौर ने कहा कि सौभाग्य से उत्तर-पूर्व भारत में बहुत अच्छी मॉनसून पूर्व बारिश हुई है, इसलिए कमी से कोई तनाव की बात नहीं है। पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश के बारे में राठौर ने कहा, अगले 24 घंटे में उत्तराखंड में और बारिश होगी...इसके बाद बारिश का प्रभाव पूरब की तरफ मुड़ने की संभावना है और फिर 20 जून के बाद उत्तर-पूर्व इलाके में बारिश गति पकड़ेगी।
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यह एक सारांश है: आंकड़ों के मुताबिक देश में 1 जून से 17 जून के बीच सामान्य संभावित बारिश 67.2 मिमी है, जबकि इस दौरान 112.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से 68 फीसदी ज्यादा है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: इससे पहले हत्या के आरोपी की तस्वीर आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबद्दीन के साथ भी सामने आई थी.जब बाहुबली नेता मो शहाबुद्धीन 11 साल बाद बेल पर जेल से निकलकर आए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अपना विवादित बयान दिया तो उस दिन के फोटोग्राफ और वीडियो फुटेज में उनके पीछे एक कथित शार्पशूटर मो कैफ को देखा गया.
इस साल मई में वरिष्ठ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में पुलिस मो कैफ की तलाश कर रही है और वह तब से फरार है. हालांकि शनिवार को वह न सिर्फ शहाबुद्धीन की रिहाई के वक्त भागलपुर जेल के बाहर उनके स्वागत के लिए मौजूद था, बल्कि बाहुबली के सीवान तक के 300 कारों के काफिले में भी सवार था.
मंगलवार को विपक्ष के नेता बीजेपी के सुशील मोदी ने कहा, शहाबुद्धीन और राजदेव रंजन के हत्यारों के करीबी संबंधों के बारे में अब इससे ज्यादा और आपको किस सबूत की जरूरत है?' गौरतलब है कि रंजन हत्याकांड के बाद उपेंद्र सिंह समेत चार लोगों को पकड़ा गया था. उपेंद्र के तार भी शहाबुद्धीन से जुड़े माने जाते हैं. टिप्पणियां
दरअसल पिछले साल नीतीश कुमार-लालू यादव गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद महीनों से विपक्षी बीजेपी आरोप लगाती रही है कि 11 साल से जेल में बंद शहाबुद्धीन की वापसी होगी. विपक्षी पार्टी ने बिहार में ''जंगल राज'' की वापसी का आरोप लगाते हुए शहाबुद्धीन को बेल दिए जाने का विरोध करते हुए राज्यपाल से मुलाकात की. विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार में लालू प्रसाद के प्रभाव की वजह से ही शहाबुद्धीन को राहत मिली.
गौरतलब है कि 2005 में जब शहाबुद्धीन जेल गए थे तब बीजेपी, नीतीश कुमार के साथ थी. सीवान में शहाबुद्धीन के खौफ को खत्म करने का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. शहाबुद्धीन के ऊपर तकरीबन 40 आपराधिक मामले दर्ज है.
नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं.लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं.
इस साल मई में वरिष्ठ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में पुलिस मो कैफ की तलाश कर रही है और वह तब से फरार है. हालांकि शनिवार को वह न सिर्फ शहाबुद्धीन की रिहाई के वक्त भागलपुर जेल के बाहर उनके स्वागत के लिए मौजूद था, बल्कि बाहुबली के सीवान तक के 300 कारों के काफिले में भी सवार था.
मंगलवार को विपक्ष के नेता बीजेपी के सुशील मोदी ने कहा, शहाबुद्धीन और राजदेव रंजन के हत्यारों के करीबी संबंधों के बारे में अब इससे ज्यादा और आपको किस सबूत की जरूरत है?' गौरतलब है कि रंजन हत्याकांड के बाद उपेंद्र सिंह समेत चार लोगों को पकड़ा गया था. उपेंद्र के तार भी शहाबुद्धीन से जुड़े माने जाते हैं. टिप्पणियां
दरअसल पिछले साल नीतीश कुमार-लालू यादव गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद महीनों से विपक्षी बीजेपी आरोप लगाती रही है कि 11 साल से जेल में बंद शहाबुद्धीन की वापसी होगी. विपक्षी पार्टी ने बिहार में ''जंगल राज'' की वापसी का आरोप लगाते हुए शहाबुद्धीन को बेल दिए जाने का विरोध करते हुए राज्यपाल से मुलाकात की. विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार में लालू प्रसाद के प्रभाव की वजह से ही शहाबुद्धीन को राहत मिली.
गौरतलब है कि 2005 में जब शहाबुद्धीन जेल गए थे तब बीजेपी, नीतीश कुमार के साथ थी. सीवान में शहाबुद्धीन के खौफ को खत्म करने का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. शहाबुद्धीन के ऊपर तकरीबन 40 आपराधिक मामले दर्ज है.
नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं.लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं.
दरअसल पिछले साल नीतीश कुमार-लालू यादव गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद महीनों से विपक्षी बीजेपी आरोप लगाती रही है कि 11 साल से जेल में बंद शहाबुद्धीन की वापसी होगी. विपक्षी पार्टी ने बिहार में ''जंगल राज'' की वापसी का आरोप लगाते हुए शहाबुद्धीन को बेल दिए जाने का विरोध करते हुए राज्यपाल से मुलाकात की. विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार में लालू प्रसाद के प्रभाव की वजह से ही शहाबुद्धीन को राहत मिली.
गौरतलब है कि 2005 में जब शहाबुद्धीन जेल गए थे तब बीजेपी, नीतीश कुमार के साथ थी. सीवान में शहाबुद्धीन के खौफ को खत्म करने का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. शहाबुद्धीन के ऊपर तकरीबन 40 आपराधिक मामले दर्ज है.
नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं.लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं.
नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं.लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं.
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पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में वांटेड है मोहम्मद कैफ
शहाबुद्दीन के साथ दिखी थी तस्वीरें
अब तेज प्रताप के साथ तस्वीरें सामने आईं
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: रूस की सेना ने दो अंतरमहाद्वीपीय परमाणु क्षमता संपन्न मिसाइलों का सफल परीक्षण किया। यहां के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि परीक्षण निर्धारित योजना के अनुसार किए गए। लेफ्टिनेंट कर्नल इगोर कोनाशेनकोव ने रूसी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को बताया कि बुलावा मिसाइल रूस के उत्तर पश्चिमी तट पर व्हाइट सी में एक पनडुब्बी से दागी गईं और ये प्रशांत महासागर में कमचतका प्रायद्वीप पर अपने लक्ष्य को भेदने में सफल रहीं। यूरी दोलगोरूकी पनडुब्बी से इस साल चौथी बार सफल प्रक्षेपण किया गया। वर्ष 2005 के बाद से 18 बुलावा मिसाइलों का परीक्षण किया जा चुका है जिनमें से केवल 11 सफल रहे। नवीनतम मिसाइल 8,000 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य भेद सकती है और यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। बुलावा मिसाइलों को मैस या एसएस-एनएक्स-30 के नाम से भी जाना जाता है। ये मिसाइल सोवियत युग की मिसाइलों की जगह लेने के लिए बनाई गई हैं। अमेरिका के साथ हुए समझौतों के अंतर्गत रूस पुरानी मिसाइलों को हटा रहा है।
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रूस की सेना ने दो अंतरमहाद्वीपीय परमाणु क्षमता संपन्न मिसाइलों का सफल परीक्षण किया। यहां के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम गुरुवार को देश का 82वां आम बजट पेश करेंगे। यह उनका अपना आठवां बजट होगा, जो पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा रिकॉर्ड 10 बार प्रस्तुत किए गए बजट से दो कम है।
अगस्त 1947 में आजादी हासिल करने के बाद देश में अब तक 25 मंत्रियों ने वित्त प्रभार सम्भाला है। इस दौरान 81 बार बजट पेश किए गए, जिनमें से 65 साधारण सालाना बजट थे, 12 अंतरिम बजट थे और चार विशेष अवसर के बजट थे, जिसे छोटा बजट भी कहा जाता है।
मोरारजी देसाई ने आठ बार साधारण और दो बार अंतरिम बजट पेश किया था, जिससे उनका आंकड़ा 10 हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। गुरुवार को बजट प्रस्तुत करने के बाद चिदम्बरम अपने पूर्ववर्ती प्रणब मुखर्जी के आठ बजट पेश करने के आंकड़े की बराबरी कर लेंगे। मुखर्जी अब राष्ट्रपति हैं।
यशवंत सिन्हा, वाईबी चव्हाण और सीडी देशमुख ने सात-सात बार बजट प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और देश के चौथे वित्तमंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने छह-छह बार बजट प्रस्तुत किया है।
आर वेंकटरमण और एचएम पटेल ने तीन-तीन बार बजट प्रस्तुत किया है। जसवंत सिंह, वीपी सिंह, सी सुब्रह्मण्यम, जॉन मथाई और आरके शनमुखम शेट्टी ने दो-दो बार बजट प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार रखने वाले और एक-एक बार बजट प्रस्तुत करने वालों में हैं जवाहर लाल नेहरू, उनकी पुत्री इंदिरा गांधी और उनके नाती राजीव गांधी।टिप्पणियां
चरण सिंह, एनडी तिवारी, मधु दंडवते, एसबी चव्हाण और सचिंद्र चौधरी ने भी एक-एक बार बजट प्रस्तुत किया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
अगस्त 1947 में आजादी हासिल करने के बाद देश में अब तक 25 मंत्रियों ने वित्त प्रभार सम्भाला है। इस दौरान 81 बार बजट पेश किए गए, जिनमें से 65 साधारण सालाना बजट थे, 12 अंतरिम बजट थे और चार विशेष अवसर के बजट थे, जिसे छोटा बजट भी कहा जाता है।
मोरारजी देसाई ने आठ बार साधारण और दो बार अंतरिम बजट पेश किया था, जिससे उनका आंकड़ा 10 हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। गुरुवार को बजट प्रस्तुत करने के बाद चिदम्बरम अपने पूर्ववर्ती प्रणब मुखर्जी के आठ बजट पेश करने के आंकड़े की बराबरी कर लेंगे। मुखर्जी अब राष्ट्रपति हैं।
यशवंत सिन्हा, वाईबी चव्हाण और सीडी देशमुख ने सात-सात बार बजट प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और देश के चौथे वित्तमंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने छह-छह बार बजट प्रस्तुत किया है।
आर वेंकटरमण और एचएम पटेल ने तीन-तीन बार बजट प्रस्तुत किया है। जसवंत सिंह, वीपी सिंह, सी सुब्रह्मण्यम, जॉन मथाई और आरके शनमुखम शेट्टी ने दो-दो बार बजट प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार रखने वाले और एक-एक बार बजट प्रस्तुत करने वालों में हैं जवाहर लाल नेहरू, उनकी पुत्री इंदिरा गांधी और उनके नाती राजीव गांधी।टिप्पणियां
चरण सिंह, एनडी तिवारी, मधु दंडवते, एसबी चव्हाण और सचिंद्र चौधरी ने भी एक-एक बार बजट प्रस्तुत किया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
मोरारजी देसाई ने आठ बार साधारण और दो बार अंतरिम बजट पेश किया था, जिससे उनका आंकड़ा 10 हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। गुरुवार को बजट प्रस्तुत करने के बाद चिदम्बरम अपने पूर्ववर्ती प्रणब मुखर्जी के आठ बजट पेश करने के आंकड़े की बराबरी कर लेंगे। मुखर्जी अब राष्ट्रपति हैं।
यशवंत सिन्हा, वाईबी चव्हाण और सीडी देशमुख ने सात-सात बार बजट प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और देश के चौथे वित्तमंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने छह-छह बार बजट प्रस्तुत किया है।
आर वेंकटरमण और एचएम पटेल ने तीन-तीन बार बजट प्रस्तुत किया है। जसवंत सिंह, वीपी सिंह, सी सुब्रह्मण्यम, जॉन मथाई और आरके शनमुखम शेट्टी ने दो-दो बार बजट प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार रखने वाले और एक-एक बार बजट प्रस्तुत करने वालों में हैं जवाहर लाल नेहरू, उनकी पुत्री इंदिरा गांधी और उनके नाती राजीव गांधी।टिप्पणियां
चरण सिंह, एनडी तिवारी, मधु दंडवते, एसबी चव्हाण और सचिंद्र चौधरी ने भी एक-एक बार बजट प्रस्तुत किया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
यशवंत सिन्हा, वाईबी चव्हाण और सीडी देशमुख ने सात-सात बार बजट प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और देश के चौथे वित्तमंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने छह-छह बार बजट प्रस्तुत किया है।
आर वेंकटरमण और एचएम पटेल ने तीन-तीन बार बजट प्रस्तुत किया है। जसवंत सिंह, वीपी सिंह, सी सुब्रह्मण्यम, जॉन मथाई और आरके शनमुखम शेट्टी ने दो-दो बार बजट प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार रखने वाले और एक-एक बार बजट प्रस्तुत करने वालों में हैं जवाहर लाल नेहरू, उनकी पुत्री इंदिरा गांधी और उनके नाती राजीव गांधी।टिप्पणियां
चरण सिंह, एनडी तिवारी, मधु दंडवते, एसबी चव्हाण और सचिंद्र चौधरी ने भी एक-एक बार बजट प्रस्तुत किया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
आर वेंकटरमण और एचएम पटेल ने तीन-तीन बार बजट प्रस्तुत किया है। जसवंत सिंह, वीपी सिंह, सी सुब्रह्मण्यम, जॉन मथाई और आरके शनमुखम शेट्टी ने दो-दो बार बजट प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार रखने वाले और एक-एक बार बजट प्रस्तुत करने वालों में हैं जवाहर लाल नेहरू, उनकी पुत्री इंदिरा गांधी और उनके नाती राजीव गांधी।टिप्पणियां
चरण सिंह, एनडी तिवारी, मधु दंडवते, एसबी चव्हाण और सचिंद्र चौधरी ने भी एक-एक बार बजट प्रस्तुत किया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार रखने वाले और एक-एक बार बजट प्रस्तुत करने वालों में हैं जवाहर लाल नेहरू, उनकी पुत्री इंदिरा गांधी और उनके नाती राजीव गांधी।टिप्पणियां
चरण सिंह, एनडी तिवारी, मधु दंडवते, एसबी चव्हाण और सचिंद्र चौधरी ने भी एक-एक बार बजट प्रस्तुत किया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
चरण सिंह, एनडी तिवारी, मधु दंडवते, एसबी चव्हाण और सचिंद्र चौधरी ने भी एक-एक बार बजट प्रस्तुत किया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
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संक्षिप्त सारांश: केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम गुरुवार को देश का 82वां आम बजट पेश करेंगे। यह उनका अपना आठवां बजट होगा, जो पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा रिकॉर्ड 10 बार प्रस्तुत किए गए बजट से दो कम है।
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इस पाठ का सारांश बनाओ: विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के कार्यवाहक अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू क्षेत्र में आईआईएम स्थापित करने के केंद्र के फैसले को 'खुल्लम-खुल्ला पक्षपातपूर्ण राजनीति' करार दिया और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर जोरदार हमला किया.
पार्टी ने कहा कि महबूबा ने सत्ता में रहने के लिए अपनी आत्मा बेच दी है. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, 'जम्मू को आईआईटी और आईआईएम भी मिला है. वे सभी आवाजें कहां हैं, जो जम्मू-कश्मीर के संतुलित विकास के लिए उठती थीं'. वह जम्मू क्षेत्र में भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) स्थापित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे. इससे पहले, जम्मू क्षेत्र के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की स्थापना की गई थी.
उमर ने कहा कि जम्मू के लिए आईआईएम स्थापित करने को मंजूरी देने का फैसला भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार से हम जिस खुल्लम-खुल्ला पक्षपातपूर्ण राजनीति की अपेक्षा कर रहे थे, उसी तरह का है. इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि राज्य का इतना हिस्सा आज अशांत है. नेशनल कान्फ्रेंस के नेता ने कहा कि जब कश्मीर को एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिया गया था तो जम्मू ने भी एक एम्स स्थापित किए जाने की मांग को लेकर सफलतापूर्वक आंदोलन किया था. उन्होंने कहा, 'अब यह पक्षपात क्यों. और मुझे यह न बताएं कि बाहरी कैंपस पर्याप्त है, क्योंकि ऐसा था तो आईआईएम कश्मीर में स्थापित होता और बाहरी कैंपस जम्मू में स्थापित किया जा सकता था'. टिप्पणियां
उमर ने महबूबा पर करारा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए अपनी आत्मा बेच दी है. उमर ने कहा, 'मुझे महसूस होता है कि महबूबा मुफ्ती ने सत्ता में बने रहने के लिए अपने राजनैतिक एजेंडा को बेच दिया है, लेकिन मैंने यह नहीं महसूस किया कि उन्होंने अपनी आत्मा भी बेच डाली है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पार्टी ने कहा कि महबूबा ने सत्ता में रहने के लिए अपनी आत्मा बेच दी है. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, 'जम्मू को आईआईटी और आईआईएम भी मिला है. वे सभी आवाजें कहां हैं, जो जम्मू-कश्मीर के संतुलित विकास के लिए उठती थीं'. वह जम्मू क्षेत्र में भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) स्थापित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे. इससे पहले, जम्मू क्षेत्र के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की स्थापना की गई थी.
उमर ने कहा कि जम्मू के लिए आईआईएम स्थापित करने को मंजूरी देने का फैसला भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार से हम जिस खुल्लम-खुल्ला पक्षपातपूर्ण राजनीति की अपेक्षा कर रहे थे, उसी तरह का है. इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि राज्य का इतना हिस्सा आज अशांत है. नेशनल कान्फ्रेंस के नेता ने कहा कि जब कश्मीर को एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिया गया था तो जम्मू ने भी एक एम्स स्थापित किए जाने की मांग को लेकर सफलतापूर्वक आंदोलन किया था. उन्होंने कहा, 'अब यह पक्षपात क्यों. और मुझे यह न बताएं कि बाहरी कैंपस पर्याप्त है, क्योंकि ऐसा था तो आईआईएम कश्मीर में स्थापित होता और बाहरी कैंपस जम्मू में स्थापित किया जा सकता था'. टिप्पणियां
उमर ने महबूबा पर करारा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए अपनी आत्मा बेच दी है. उमर ने कहा, 'मुझे महसूस होता है कि महबूबा मुफ्ती ने सत्ता में बने रहने के लिए अपने राजनैतिक एजेंडा को बेच दिया है, लेकिन मैंने यह नहीं महसूस किया कि उन्होंने अपनी आत्मा भी बेच डाली है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उमर ने कहा कि जम्मू के लिए आईआईएम स्थापित करने को मंजूरी देने का फैसला भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार से हम जिस खुल्लम-खुल्ला पक्षपातपूर्ण राजनीति की अपेक्षा कर रहे थे, उसी तरह का है. इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि राज्य का इतना हिस्सा आज अशांत है. नेशनल कान्फ्रेंस के नेता ने कहा कि जब कश्मीर को एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिया गया था तो जम्मू ने भी एक एम्स स्थापित किए जाने की मांग को लेकर सफलतापूर्वक आंदोलन किया था. उन्होंने कहा, 'अब यह पक्षपात क्यों. और मुझे यह न बताएं कि बाहरी कैंपस पर्याप्त है, क्योंकि ऐसा था तो आईआईएम कश्मीर में स्थापित होता और बाहरी कैंपस जम्मू में स्थापित किया जा सकता था'. टिप्पणियां
उमर ने महबूबा पर करारा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए अपनी आत्मा बेच दी है. उमर ने कहा, 'मुझे महसूस होता है कि महबूबा मुफ्ती ने सत्ता में बने रहने के लिए अपने राजनैतिक एजेंडा को बेच दिया है, लेकिन मैंने यह नहीं महसूस किया कि उन्होंने अपनी आत्मा भी बेच डाली है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उमर ने महबूबा पर करारा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए अपनी आत्मा बेच दी है. उमर ने कहा, 'मुझे महसूस होता है कि महबूबा मुफ्ती ने सत्ता में बने रहने के लिए अपने राजनैतिक एजेंडा को बेच दिया है, लेकिन मैंने यह नहीं महसूस किया कि उन्होंने अपनी आत्मा भी बेच डाली है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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सारांश: उमर ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर जोरदार हमला किया.
महबूबा ने सत्ता में रहने के लिए अपनी आत्मा बेच दी है: उमर अब्दुल्ला
उमर ने कहा, जम्मू-कश्मीर के संतुलित विकास को उठने वाली आवाजें कहां हैं?
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जौहरियों और स्वर्ण व्यापारियों को अक्षय तृतीया पर पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अच्छे कारोबार की उम्मीद है, क्योंकि यह पावन दिन आने से पहले ही स्वर्ण आभूषणों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है, जबकि सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं।
व्यापारियों का कहना है कि अक्षय तृतीया से पहले स्वर्ण आभूषणों और सिक्कों, दोनों की मांग में तेजी है। अक्षय तृतीया देश में सोने की खरीददारी करने का सबसे बड़ा त्योहार है, जो मंगलवार को पड़ रहा है।
टाटा समूह की जेवरात शाखा, तनिष्क में उपाध्यक्ष (खुदरा), संदीप कुल्हाली ने बताया, "हम मानते हैं स्वर्ण उद्योग में अच्छा कारोबार होगा। मैं समझता हूं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मात्रा और मूल्य, दोनों के लिहाज से बिक्री अधिक होगी।"
कुल्हाली ने कहा, "चूंकि इस समय सोने की कीमतें स्थिर हैं, लिहाजा लोग स्वर्णाभूषण और सिक्कों, दोनों में निवेश कर कर रहे हैं।"
10 ग्राम सोने की कीमत 28,000 रुपये पर बनी हुई है, इसके बावजूद सोने की मांग में तेजी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में सोने की कीमत 22,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 24 अप्रैल को है।
कुल्हाली ने कहा कि मांग पहले से बढ़ी हुई है, क्योंकि जौहरियों की 22 दिनों की हड़ताल के बाद बाजार से दूर रहे ढेर सारे उपभोक्ता बाजार की तरफ लौट रहे हैं।
देश में हाथ से बने स्वर्णाभूषणों के एक सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक, श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के विपणन प्रमुख, राहुल सिंह ने भी कुल्हाली के सुर में सुर मिलाया।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि अक्षय तृतीया से पहले स्वर्ण आभूषणों और सिक्कों, दोनों की मांग में तेजी है। अक्षय तृतीया देश में सोने की खरीददारी करने का सबसे बड़ा त्योहार है, जो मंगलवार को पड़ रहा है।
टाटा समूह की जेवरात शाखा, तनिष्क में उपाध्यक्ष (खुदरा), संदीप कुल्हाली ने बताया, "हम मानते हैं स्वर्ण उद्योग में अच्छा कारोबार होगा। मैं समझता हूं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मात्रा और मूल्य, दोनों के लिहाज से बिक्री अधिक होगी।"
कुल्हाली ने कहा, "चूंकि इस समय सोने की कीमतें स्थिर हैं, लिहाजा लोग स्वर्णाभूषण और सिक्कों, दोनों में निवेश कर कर रहे हैं।"
10 ग्राम सोने की कीमत 28,000 रुपये पर बनी हुई है, इसके बावजूद सोने की मांग में तेजी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में सोने की कीमत 22,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 24 अप्रैल को है।
कुल्हाली ने कहा कि मांग पहले से बढ़ी हुई है, क्योंकि जौहरियों की 22 दिनों की हड़ताल के बाद बाजार से दूर रहे ढेर सारे उपभोक्ता बाजार की तरफ लौट रहे हैं।
देश में हाथ से बने स्वर्णाभूषणों के एक सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक, श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के विपणन प्रमुख, राहुल सिंह ने भी कुल्हाली के सुर में सुर मिलाया।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
टाटा समूह की जेवरात शाखा, तनिष्क में उपाध्यक्ष (खुदरा), संदीप कुल्हाली ने बताया, "हम मानते हैं स्वर्ण उद्योग में अच्छा कारोबार होगा। मैं समझता हूं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मात्रा और मूल्य, दोनों के लिहाज से बिक्री अधिक होगी।"
कुल्हाली ने कहा, "चूंकि इस समय सोने की कीमतें स्थिर हैं, लिहाजा लोग स्वर्णाभूषण और सिक्कों, दोनों में निवेश कर कर रहे हैं।"
10 ग्राम सोने की कीमत 28,000 रुपये पर बनी हुई है, इसके बावजूद सोने की मांग में तेजी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में सोने की कीमत 22,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 24 अप्रैल को है।
कुल्हाली ने कहा कि मांग पहले से बढ़ी हुई है, क्योंकि जौहरियों की 22 दिनों की हड़ताल के बाद बाजार से दूर रहे ढेर सारे उपभोक्ता बाजार की तरफ लौट रहे हैं।
देश में हाथ से बने स्वर्णाभूषणों के एक सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक, श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के विपणन प्रमुख, राहुल सिंह ने भी कुल्हाली के सुर में सुर मिलाया।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
कुल्हाली ने कहा, "चूंकि इस समय सोने की कीमतें स्थिर हैं, लिहाजा लोग स्वर्णाभूषण और सिक्कों, दोनों में निवेश कर कर रहे हैं।"
10 ग्राम सोने की कीमत 28,000 रुपये पर बनी हुई है, इसके बावजूद सोने की मांग में तेजी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में सोने की कीमत 22,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 24 अप्रैल को है।
कुल्हाली ने कहा कि मांग पहले से बढ़ी हुई है, क्योंकि जौहरियों की 22 दिनों की हड़ताल के बाद बाजार से दूर रहे ढेर सारे उपभोक्ता बाजार की तरफ लौट रहे हैं।
देश में हाथ से बने स्वर्णाभूषणों के एक सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक, श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के विपणन प्रमुख, राहुल सिंह ने भी कुल्हाली के सुर में सुर मिलाया।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
10 ग्राम सोने की कीमत 28,000 रुपये पर बनी हुई है, इसके बावजूद सोने की मांग में तेजी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में सोने की कीमत 22,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 24 अप्रैल को है।
कुल्हाली ने कहा कि मांग पहले से बढ़ी हुई है, क्योंकि जौहरियों की 22 दिनों की हड़ताल के बाद बाजार से दूर रहे ढेर सारे उपभोक्ता बाजार की तरफ लौट रहे हैं।
देश में हाथ से बने स्वर्णाभूषणों के एक सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक, श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के विपणन प्रमुख, राहुल सिंह ने भी कुल्हाली के सुर में सुर मिलाया।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 24 अप्रैल को है।
कुल्हाली ने कहा कि मांग पहले से बढ़ी हुई है, क्योंकि जौहरियों की 22 दिनों की हड़ताल के बाद बाजार से दूर रहे ढेर सारे उपभोक्ता बाजार की तरफ लौट रहे हैं।
देश में हाथ से बने स्वर्णाभूषणों के एक सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक, श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के विपणन प्रमुख, राहुल सिंह ने भी कुल्हाली के सुर में सुर मिलाया।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
कुल्हाली ने कहा कि मांग पहले से बढ़ी हुई है, क्योंकि जौहरियों की 22 दिनों की हड़ताल के बाद बाजार से दूर रहे ढेर सारे उपभोक्ता बाजार की तरफ लौट रहे हैं।
देश में हाथ से बने स्वर्णाभूषणों के एक सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक, श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के विपणन प्रमुख, राहुल सिंह ने भी कुल्हाली के सुर में सुर मिलाया।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
देश में हाथ से बने स्वर्णाभूषणों के एक सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक, श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के विपणन प्रमुख, राहुल सिंह ने भी कुल्हाली के सुर में सुर मिलाया।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
सिंह ने कहा, "स्वर्णाभूषणों और सिक्कों की मांग पहले से जोर पकड़ी हुई है। लम्बी हड़ताल से उपभोक्ताओं की मांग एकसाथ सामने आई है।"
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
सिंह के अनुसार अभी भी लोग सोने को एक मूल्यवान सम्पत्ति मानते हैं और ऊंची कीमतों के बावजूद इसमें निवेश कर रहे हैं।
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संक्षिप्त सारांश: जौहरियों और स्वर्ण व्यापारियों को अक्षय तृतीया पर पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अच्छे कारोबार की उम्मीद है, क्योंकि यह पावन दिन आने से पहले ही स्वर्ण आभूषणों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है, जबकि सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं।
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत-इंग्लैंड के बीच 19 जनवरी को होने वाले तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को देखने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी आएंगे जबकि हाल ही में एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सचिन तेंदुलकर रणजी खेलने में व्यस्त होने के कारण यहां नहीं आ सकेंगे।
झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने विशेष साक्षात्कार में कहा कि 19 जनवरी को यहां हो रहा भारत-इंग्लैंड एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच देखने गुजरात के मुख्यमंत्री और गुजरात क्रिकेट संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र मोदी भी आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर रणजी क्रिकेट मैच खेलने के कारण मैच देखने यहां नहीं आ सकेंगे।
अमिताभ ने बताया कि झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने सचिन तेंदुलकर को विशेषकर झारखंड की राजधानी रांची में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 19 जनवरी को होने वाले इस पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था, लेकिन अपनी घरेलू क्रिकेट की व्यस्तता के कारण वह नहीं आ पा रहे हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने रांची के इस मैच में आने की पुष्टि कर दी है। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं दिल्ली क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण जेटली के भी यह मैच देखने आने की पूरी संभावना है।
इनके अलावा मैच देखने के लिए पूर्व कप्तानों कपिल देव, कृष्णमाचारी श्रीकांत और सुनील मनोहर गावस्कर के भी आने की संभावना है।
झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने विशेष साक्षात्कार में कहा कि 19 जनवरी को यहां हो रहा भारत-इंग्लैंड एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच देखने गुजरात के मुख्यमंत्री और गुजरात क्रिकेट संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र मोदी भी आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर रणजी क्रिकेट मैच खेलने के कारण मैच देखने यहां नहीं आ सकेंगे।
अमिताभ ने बताया कि झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने सचिन तेंदुलकर को विशेषकर झारखंड की राजधानी रांची में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 19 जनवरी को होने वाले इस पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था, लेकिन अपनी घरेलू क्रिकेट की व्यस्तता के कारण वह नहीं आ पा रहे हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने रांची के इस मैच में आने की पुष्टि कर दी है। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं दिल्ली क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण जेटली के भी यह मैच देखने आने की पूरी संभावना है।
इनके अलावा मैच देखने के लिए पूर्व कप्तानों कपिल देव, कृष्णमाचारी श्रीकांत और सुनील मनोहर गावस्कर के भी आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर रणजी क्रिकेट मैच खेलने के कारण मैच देखने यहां नहीं आ सकेंगे।
अमिताभ ने बताया कि झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने सचिन तेंदुलकर को विशेषकर झारखंड की राजधानी रांची में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 19 जनवरी को होने वाले इस पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था, लेकिन अपनी घरेलू क्रिकेट की व्यस्तता के कारण वह नहीं आ पा रहे हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने रांची के इस मैच में आने की पुष्टि कर दी है। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं दिल्ली क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण जेटली के भी यह मैच देखने आने की पूरी संभावना है।
इनके अलावा मैच देखने के लिए पूर्व कप्तानों कपिल देव, कृष्णमाचारी श्रीकांत और सुनील मनोहर गावस्कर के भी आने की संभावना है।
अमिताभ ने बताया कि झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने सचिन तेंदुलकर को विशेषकर झारखंड की राजधानी रांची में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 19 जनवरी को होने वाले इस पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था, लेकिन अपनी घरेलू क्रिकेट की व्यस्तता के कारण वह नहीं आ पा रहे हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने रांची के इस मैच में आने की पुष्टि कर दी है। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं दिल्ली क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण जेटली के भी यह मैच देखने आने की पूरी संभावना है।
इनके अलावा मैच देखने के लिए पूर्व कप्तानों कपिल देव, कृष्णमाचारी श्रीकांत और सुनील मनोहर गावस्कर के भी आने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने रांची के इस मैच में आने की पुष्टि कर दी है। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं दिल्ली क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण जेटली के भी यह मैच देखने आने की पूरी संभावना है।
इनके अलावा मैच देखने के लिए पूर्व कप्तानों कपिल देव, कृष्णमाचारी श्रीकांत और सुनील मनोहर गावस्कर के भी आने की संभावना है।
इनके अलावा मैच देखने के लिए पूर्व कप्तानों कपिल देव, कृष्णमाचारी श्रीकांत और सुनील मनोहर गावस्कर के भी आने की संभावना है।
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सारांश: भारत-इंग्लैंड के बीच 19 जनवरी को होने वाले तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को देखने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी आएंगे।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मामले को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान पराली जलाने की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश को जमकर फटकार लगाई. कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव से कहा कि आप हालात पर काबू पाने में नाकाम रहे हैं. और अब समय बीत चुका है. इस हालात में आपके राज्य पर जुर्माना क्यों ना लगाया जाए? कोर्ट ने पंजाब मुख्य सचिव से पूछा कि क्या हमारे आदेश का पालन किया गया है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपका राज्य पराली जलाने से रोकने में नाकाम रहा है. क्या ये आपके राज्य की विफलता नहीं है? क्या हम जनता को इस कदर मरने के लिए छोड़ सकते हैं? अगर किसी देश की राजधानी में इस लेवल का प्रदूषण होगा तो लोग वहां कैसे रहेंगे?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर पंजाब उपायों को लागू करने में सक्षम नहीं हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि एनसीआर में लोग मरें और कैंसर से पीड़ित हों. सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा कि ऐसी स्थिति में प्रदूषण से बीमार होने वाले लोगों को मुआवजा क्यों नही दिया जा सकता? साथ ही यह भी पूछा गया है कि आपके पास भविष्य को लेकर क्या प्लान है और आपने पेपर पर क्या किया है?
पंजाब के मुख्य सचिव ने जवाब दिया कि पराली जलाने वालों पर कार्रवाई हो रही है और जुर्माना भी लगाया जा रहा है. उन्होंने शीर्ष अदालत को बताया कि हमने योजना का विज्ञापन दिया है. प्रत्यक्ष हस्तांतरण शुरू किया है और 19 करोड़ रुपये 29,340 किसानों को दिए हैं. कोर्ट ने जब वर्तमान स्थिति जानने के लिए पूछा कि क्या अब भी पराली जलाई जा रही है तो इस पर पंजाब मुख्य सचिव का उत्तर हां में था. पंजाब के मुख्य सचिव ने कहा हम प्रदूषण को लेकर मॉनिटरिंग कर रहे है और रोज सेटलाइट से तस्वीर ली जाती है.
हरियाणा की मुख्य सचिव को भी आड़े हाथ लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आदेश जारी करने के बाद हरियाणा में पराली जलने की घटनाओं में और बढोतरी हो गई. पंजाब में तो ये घटनाएं बढ़ी ही हैं लेकिन हरियाणा में और बढ़ी हैं. इस पर जब हरियाणा की मुख्य सचिव ने आंकड़े देने चाहे तो कोर्ट ने जबरदस्त फटकार लगाते हुए कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट है. सेटेलाइट तस्वीरें सब बता रही हैं. आंकड़ों की बाजीगरी करने की कोशिश मत कीजिए.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि सबको पता था कि ये होने वाला है, तो आपने क्या किया? इसके बाद हरियाणा मुख्य सचिव ने कहा कि मैं इस मुद्दे पर दिन-रात काम कर रही हूं. तो कोर्ट ने तंज के लहजे में कहा, ''दिन और रात? कि किस तरह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हो ?''
जस्टिस मिश्रा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें ब्लेम गेम में लगे हैं. लोग इस देश पर हंस रहे हैं कि कैसे भारत में पराली जलाई जा रही है. दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या आपने दिल्ली का कूड़ा देखा है? मुझे बताइए कि दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण के लिए क्या किया है? शीर्ष अदालत ने कहा कि आप भी इसके लिए जिम्मेदार हैं. कोर्ट ने आंकड़े रखते हुए कहा कि 56 फीसदी प्रदूषण दिल्ली से ही है और आप इसे किसी स्तर पर गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कोर्ट ने पूछा कि इस परिस्थिति से निपटने के लिए निगम को आपने क्या उपकरण दिए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य आपस में बैठ कर बात नहीं कर रहे हैं और एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. दिल्ली के पानी को लेकर भी राजनीति हो रही है. सिर्फ दिल्ली की जनता से खिलवाड़ हो रहा है और और राजनीतिक खेल खेला जा रहा है. दिल्ली सरकार पंजाब सरकार पर आरोप लगा रही है पंजाब सरकार हरियाणा सरकार पर और हरियाणा सरकार केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही है. कोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव से कहा कि क्यों ना आपको जिम्मेदार ठहराया जाए? आपने दिल्ली के कूड़े के लिए क्या किया है?
सुप्रीम कोर्ट कहा कि दिल्ली नरक हो गई है. दिल्ली की जनता कब तक इसको बर्दाश्त करेगी. कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि लोगों को गैस चैंबरों में रहने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? कोर्ट ने बेहद तल्ख तेवर के साथ कहा कि उन सभी को एक बार में मारना बेहतर है. आप एक काम कीजिए एक बार में 15 बैग में विस्फोटक लाएं और खत्म करें.
दिल्ली के मुख्य सचिव ने जब यह कहा कि ये गवर्नेंस का भी विवाद है, तो कोर्ट ने कहा कि हम गवर्नेंस की बात नही कर रहे हैं. इसके लिए केंद्र सरकार भी ज़िम्मेदार है. कोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव से कि पैसा कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है, सब बताना पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 50 फीसदी पैसे का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है.
पानी के मुद्दे पर भी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव को घेरा. कोर्ट ने पूछा कि क्या यहां का पानी पीने लायक है ? कोर्ट ने कहा भारत में अब जीवन इतना सस्ता नहीं है और आपको भुगतान करना होगा. आपको कुर्सी पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है. इसके बाद कोर्ट ने मुख्य सचिवों से ही पूछ लिया कि आप ही लोग बताइए कि कितना भुगतान किया जाना चाहिए? प्रत्येक व्यक्ति को कितने लाख का भुगतान ठीक रहेगा?
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को दस दिन की मोहलत देते हुए कहा कि साथ बैठिए और समाधान निकालिए. दिल्ली के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार से कहा कि प्रदूषण के मामले में गवर्नेंस की परेशानी नहीं आनी चाहिए, अगर गवर्नेंस की परेशानी आई तो भुगतने को तैयार रहिएगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदूषण के मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीति नही होनी चाहिए. साथ ही दिल्ली सरकार और केंद्र को निर्देश दिया है कि वे अपने मतभेदों को एक तरफ रखें और शहर के विभिन्न हिस्सों में एयर प्यूरिफाइंग टॉवर स्थापित करने के लिए 10 दिनों के भीतर एक साथ बैठें और योजना को अंतिम रूप दें. कोर्ट ने कहा कि इसके बाद भारत में प्रदूषण नहीं होना चाहिए
कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के चीफ सक्रेट्री से भी प्रदूषण पर राज्य के हालातों के बारे में भी जानकारी मांगी. यूपी के मुख्य सचिव से जब सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश के बाद उठाए गए कदमों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि राज्य में जिला स्तर पर पर कार्यवाही करते हुए 900 से ज़्यादा FIR दर्ज की गईं हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि यह तो निगेटिव एक्शन है, आपने पॉजिटिव एक्शन क्या लिया ये बताइए?
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से दोबारा हलफनामा दाखिल करने को कहा. कोर्ट ने कहा कि आपने सभी जिलों के बारे में जानकारी नहीं दी है. इसके अलावा कोर्ट ने किसानों के वकील से कहा कि आपके आग्रह पर हमने उन्हें क्षतिपूर्ति देने का आदेश पारित किया लेकिन फिर भी किसान पराली जला रहे हैं. कोर्ट ने पूछा कि जब उन्हें पैसे दिए जा रहे हैं तो वे अभी भी क्यों जला रहे हैं?
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सारांश: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नहीं थम रहीं पराली जलाने की घटनाएं
राज्यों की ओर से प्रस्तुत मुख्य सचिवों को लगाई जमकर फटकार
कोर्ट ने पूछा कि उसके आदेश के बाद राज्यों ने क्या कदम उठाए?
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: संसद में आज कश्मीर में जारी हिंसा के मुद्दे पर चर्चा होगी. विपक्षी दलों ने कल ही कश्मीर पर चर्चा की मांग की थी, जिसके जवाब में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि वो आज चर्चा को तैयार हैं.टिप्पणियां
इधर, कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में शांति की अपील करते हुए कहा है कि हर भारतीय कश्मीर से प्यार करता है. विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग करता रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार फिर सदन के भीतर बोलने की बजाय एक रैली में ये बात कही है.
मध्य प्रदेश में भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल के कार्यक्रम शुरू करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद के गांव भाबरा में देश की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कश्मीर का भी ज़िक्र किया था. उन्होंने कहा कि मुठ्ठी भर लोग कश्मीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
इधर, कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में शांति की अपील करते हुए कहा है कि हर भारतीय कश्मीर से प्यार करता है. विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग करता रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार फिर सदन के भीतर बोलने की बजाय एक रैली में ये बात कही है.
मध्य प्रदेश में भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल के कार्यक्रम शुरू करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद के गांव भाबरा में देश की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कश्मीर का भी ज़िक्र किया था. उन्होंने कहा कि मुठ्ठी भर लोग कश्मीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
मध्य प्रदेश में भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल के कार्यक्रम शुरू करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद के गांव भाबरा में देश की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कश्मीर का भी ज़िक्र किया था. उन्होंने कहा कि मुठ्ठी भर लोग कश्मीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
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संक्षिप्त पाठ: विपक्षी दलों ने कल ही कश्मीर पर चर्चा की मांग की थी.
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि वो आज चर्चा को तैयार हैं.
कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में शांति की अपील की थी.
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: दक्षिण भारत के संतों की अयोध्या पंचकोसी परिक्रमा 22 सितंबर (आश्विन कृष्ण तृतीया) से शुरू होने जा रही है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने शनिवार को बताया कि इसमें लगभग सौ रामभक्त भाग लेंगे।
राय ने बताया कि दक्षिण भारत के चार राज्यों केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश के लगभग एक दर्जन संत तथा उनके लगभग सौ रामभक्त 20 दिन तक चलने वाली अयोध्या की पंचकोसी परिक्रमा में भाग लेंगे। आंध्र के संत दस दिन, कर्नाटक के छह दिन तथा तमिलनाडु और केरल के संत दो-दो दिन परिक्रमा करेंगे। उन्होंने बताया कि अलग-अलग टोलियों में आने वाले संत यह परिक्रमा अगले माह विजया दशमी (13 अक्टूबर) को पूरी करेंगे।टिप्पणियां
परिक्रमा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार को राम का नाम लेकर पंचकोसी परिक्रमा का शुभारंभ किया जाएगा।
राय ने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम में विहिप के कार्यकर्ता सेवक की भूमिका में रहेंगे।
राय ने बताया कि दक्षिण भारत के चार राज्यों केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश के लगभग एक दर्जन संत तथा उनके लगभग सौ रामभक्त 20 दिन तक चलने वाली अयोध्या की पंचकोसी परिक्रमा में भाग लेंगे। आंध्र के संत दस दिन, कर्नाटक के छह दिन तथा तमिलनाडु और केरल के संत दो-दो दिन परिक्रमा करेंगे। उन्होंने बताया कि अलग-अलग टोलियों में आने वाले संत यह परिक्रमा अगले माह विजया दशमी (13 अक्टूबर) को पूरी करेंगे।टिप्पणियां
परिक्रमा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार को राम का नाम लेकर पंचकोसी परिक्रमा का शुभारंभ किया जाएगा।
राय ने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम में विहिप के कार्यकर्ता सेवक की भूमिका में रहेंगे।
परिक्रमा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार को राम का नाम लेकर पंचकोसी परिक्रमा का शुभारंभ किया जाएगा।
राय ने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम में विहिप के कार्यकर्ता सेवक की भूमिका में रहेंगे।
राय ने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम में विहिप के कार्यकर्ता सेवक की भूमिका में रहेंगे।
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सारांश: दक्षिण भारत के संतों की अयोध्या पंचकोसी परिक्रमा 22 सितंबर (आश्विन कृष्ण तृतीया) से शुरू होने जा रही है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने शनिवार को बताया कि इसमें लगभग सौ रामभक्त भाग लेंगे।
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['hin']
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Subsets and Splits
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