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एक सारांश बनाओ: ट्रेड यूनियन नेता किरण पावस्कर के शिवसेना छोड़कर हाल में राकांपा में शामिल होने के बाद छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास शिवसेना और राकांपा कार्यकर्ताओं के बीच सोमवार को संघ के एक कार्यालय में भिड़ंत हो गई। पुलिस ने कहा कि संघर्ष तब हुआ जब पावस्कर कार्यालय में अपना पदभार संभालने गए थे। पावस्कर ने पिछले हफ्ते शिवसेना और महाराष्ट्र विधान परिषद् की सीट छोड़ दी थी और हाल में वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी :राकांपा: में शामिल हो गए थे। हवाई अड्डे पर शिवसेना के समर्थन वाले एक कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष पावस्कर जैसे ही कार्यालय में पहुंचे भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें प्रवेश करने से रोका जिससे दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में गरमागरम बहस शुरू हो गई। मुंबई के पुलिस आयुक्त संजीव दयाल ने कहा, शिवसेना कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि कार्यालय उनकी पार्टी का है जबकि राकांपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि कार्यालय पावस्कर का है। इससे संघर्ष छिड़ गया। पुलिस ने कहा कि कार्यकर्ताओं के पथराव में कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया।
सारांश: पावस्कर ने पिछले हफ्ते शिवसेना और महाराष्ट्र विधान परिषद् की सीट छोड़ दी थी और हाल में वह राकांपा में शामिल हो गए थे।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: काठमांडो में भारतीय दूतावास के सामने एक संगठन ने गुरुवार को काले झंडे दिखाए और 1816 की ‘सुगौली की संधि’ के तहत भारत को मिली नेपाल की जमीन वापस करने की मांग की।टिप्पणियां वृहत नेपाल राष्ट्रवादी मोर्चा ने दूतावास के अधिकारियों को पांच सूत्री एक ज्ञापन सौंपकर यह मांग की कि भारत को वह जमीन वापस कर देनी चाहिए जिसे उसने सुगौली की संधि के तहत हासिल किया था। इस संधि पर तत्कालीन नेपाल सरकार और ब्रिटिश सरकार ने हस्ताक्षर किया था। मोर्चा ने नेपाल की पश्चिमी सीमा पर स्थित कालापानी से भारत को अपने सैनिक हटाने और कोसी क्षेत्र कार्यालय हटाने को भी कहा, जिसे कुछ साल पहले कोसी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने के लिए स्थापित किया गया था। वृहत नेपाल राष्ट्रवादी मोर्चा ने दूतावास के अधिकारियों को पांच सूत्री एक ज्ञापन सौंपकर यह मांग की कि भारत को वह जमीन वापस कर देनी चाहिए जिसे उसने सुगौली की संधि के तहत हासिल किया था। इस संधि पर तत्कालीन नेपाल सरकार और ब्रिटिश सरकार ने हस्ताक्षर किया था। मोर्चा ने नेपाल की पश्चिमी सीमा पर स्थित कालापानी से भारत को अपने सैनिक हटाने और कोसी क्षेत्र कार्यालय हटाने को भी कहा, जिसे कुछ साल पहले कोसी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने के लिए स्थापित किया गया था। मोर्चा ने नेपाल की पश्चिमी सीमा पर स्थित कालापानी से भारत को अपने सैनिक हटाने और कोसी क्षेत्र कार्यालय हटाने को भी कहा, जिसे कुछ साल पहले कोसी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने के लिए स्थापित किया गया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: काठमांडो में भारतीय दूतावास के सामने एक संगठन ने गुरुवार को काले झंडे दिखाए और 1816 की ‘सुगौली की संधि’ के तहत भारत को मिली नेपाल की जमीन वापस करने की मांग की।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ताजमहल में पर्यटकों का प्रवेश सीमित हो सकता है, क्योंकि सरकार 17वीं सदी की इस मुगल स्मारक एवं विश्व धरोहर के लिए एक समग्र संरक्षण एवं भीड़ प्रबंधन योजना पर विचार कर रही है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि ताजमहल परिसर में पर्यटकों के प्रवेश को सीमित करने के बारे में फैसला राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरि) द्वारा किए जा रहे अध्ययन के आधार पर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध स्मारक के संरक्षण के लिए एएसआई कुछ खास कदम उठाएगी. हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक ताजमहल का दीदार करने पहुंचते हैं. ऐसा समझा जाता है कि जिन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें ताजमहल के दीदार के लिए वर्तमान में निर्धारित समयावधि में कटौती किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है. एएसआई ने नागपुर आधारित संस्थान को ताजमहल पर पर्यटकों की गतिविधियों के प्रभाव और पर्यावरणीय प्रभावों के अध्ययन के लिए भी अधिकृत किया है. एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'नीरि अध्ययन, पहली बार हमें ताजमहल में पर्यटकों की अनुकूलतम संख्या पर रिपोर्ट देगा. अंतिम रिपोर्ट मिलने पर हम इसका विश्लेषण करेंगे और तब हम इस स्मारक के लिए पर्यटकों की संभावित संख्या पर फैसला करने पर विचार करेंगे.'टिप्पणियां इसके महानिदेशक राकेश तिवारी ने कहा कि एएसआई की योजना समग्र संरक्षण एवं भीड़ प्रबंधन की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि ताजमहल परिसर में पर्यटकों के प्रवेश को सीमित करने के बारे में फैसला राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरि) द्वारा किए जा रहे अध्ययन के आधार पर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध स्मारक के संरक्षण के लिए एएसआई कुछ खास कदम उठाएगी. हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक ताजमहल का दीदार करने पहुंचते हैं. ऐसा समझा जाता है कि जिन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें ताजमहल के दीदार के लिए वर्तमान में निर्धारित समयावधि में कटौती किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है. एएसआई ने नागपुर आधारित संस्थान को ताजमहल पर पर्यटकों की गतिविधियों के प्रभाव और पर्यावरणीय प्रभावों के अध्ययन के लिए भी अधिकृत किया है. एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'नीरि अध्ययन, पहली बार हमें ताजमहल में पर्यटकों की अनुकूलतम संख्या पर रिपोर्ट देगा. अंतिम रिपोर्ट मिलने पर हम इसका विश्लेषण करेंगे और तब हम इस स्मारक के लिए पर्यटकों की संभावित संख्या पर फैसला करने पर विचार करेंगे.'टिप्पणियां इसके महानिदेशक राकेश तिवारी ने कहा कि एएसआई की योजना समग्र संरक्षण एवं भीड़ प्रबंधन की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध स्मारक के संरक्षण के लिए एएसआई कुछ खास कदम उठाएगी. हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक ताजमहल का दीदार करने पहुंचते हैं. ऐसा समझा जाता है कि जिन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें ताजमहल के दीदार के लिए वर्तमान में निर्धारित समयावधि में कटौती किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है. एएसआई ने नागपुर आधारित संस्थान को ताजमहल पर पर्यटकों की गतिविधियों के प्रभाव और पर्यावरणीय प्रभावों के अध्ययन के लिए भी अधिकृत किया है. एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'नीरि अध्ययन, पहली बार हमें ताजमहल में पर्यटकों की अनुकूलतम संख्या पर रिपोर्ट देगा. अंतिम रिपोर्ट मिलने पर हम इसका विश्लेषण करेंगे और तब हम इस स्मारक के लिए पर्यटकों की संभावित संख्या पर फैसला करने पर विचार करेंगे.'टिप्पणियां इसके महानिदेशक राकेश तिवारी ने कहा कि एएसआई की योजना समग्र संरक्षण एवं भीड़ प्रबंधन की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एएसआई ने नागपुर आधारित संस्थान को ताजमहल पर पर्यटकों की गतिविधियों के प्रभाव और पर्यावरणीय प्रभावों के अध्ययन के लिए भी अधिकृत किया है. एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'नीरि अध्ययन, पहली बार हमें ताजमहल में पर्यटकों की अनुकूलतम संख्या पर रिपोर्ट देगा. अंतिम रिपोर्ट मिलने पर हम इसका विश्लेषण करेंगे और तब हम इस स्मारक के लिए पर्यटकों की संभावित संख्या पर फैसला करने पर विचार करेंगे.'टिप्पणियां इसके महानिदेशक राकेश तिवारी ने कहा कि एएसआई की योजना समग्र संरक्षण एवं भीड़ प्रबंधन की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'नीरि अध्ययन, पहली बार हमें ताजमहल में पर्यटकों की अनुकूलतम संख्या पर रिपोर्ट देगा. अंतिम रिपोर्ट मिलने पर हम इसका विश्लेषण करेंगे और तब हम इस स्मारक के लिए पर्यटकों की संभावित संख्या पर फैसला करने पर विचार करेंगे.'टिप्पणियां इसके महानिदेशक राकेश तिवारी ने कहा कि एएसआई की योजना समग्र संरक्षण एवं भीड़ प्रबंधन की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके महानिदेशक राकेश तिवारी ने कहा कि एएसआई की योजना समग्र संरक्षण एवं भीड़ प्रबंधन की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: यह फैसला नीरि के अध्ययन के आधार पर किया जाएगा 'एएसआई की योजना समग्र संरक्षण एवं भीड़ प्रबंधन की है' पर्यटकों की गतिविधियों और पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन हो रहा है
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: खुद को गो-रक्षा समूह से जुड़ा बताने वाले कुछ लोगों ने दो दिन पहले कई लोगों पर हमला कर दिया. इनकी इस बेरहमी से पिटाई की गई कि एक व्यक्ति की इलाज़ के दौरान मौत हो गई. घटना शनिवार की है जब हरियाणा के रहने वाले 15 लोग छह गाड़ियों में गायों को लेकर जा रहे थे. उसी दौरान बहरोड के पास इन पर हमला कर दिया गया. मारपीट के दौरान 50 साल के पहलू खान(55) को गंभीर चोट लगी. इलाज़ के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई. पुलिस का इस मामले में कहना है कि पहलू खान और उनके चार अन्‍य सहयोगियों ने गाय को खरीदने संबंधी दस्‍तावेज भी पेश किए लेकिन इसके बावजूद उनकी पिटाई कर दी गई. स्‍थानीय बहरोर पुलिस के मुताबिक विश्‍व हिंदू परिषद और बजरंग दल से संबद्ध गोरक्षकों ने शनिवार को राष्‍ट्रीय राजमार्ग-8 के निकट जगुआस क्रॉसिंग के पास शनिवार शाम को इन गाडि़यों को रोका. इन लोगों ने आरोप लगाया कि वे अवैध रूप से गाय ले जा रहे हैं. ये वाहन जयपुर से आ रहे थे और हरियाणा के नूह जिले की तरफ जा रहे थे.टिप्पणियां जब गाडि़यों में सवार लोगों पर हमला किया गया तो हमलवरों ने एक ड्राइवर अर्जुन को जाने दिया. पांच पीडि़तों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया. उनमें से पहलू खान की अलवर के एक अस्‍पताल में सोमवार रात को मौत हो गई. पोस्‍ट मार्टम के बाद बॉडी को परिजनों को सौंप दिया गया है. हालांकि इसके बाद घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है. NDTV इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता.   पुलिस का इस मामले में कहना है कि पहलू खान और उनके चार अन्‍य सहयोगियों ने गाय को खरीदने संबंधी दस्‍तावेज भी पेश किए लेकिन इसके बावजूद उनकी पिटाई कर दी गई. स्‍थानीय बहरोर पुलिस के मुताबिक विश्‍व हिंदू परिषद और बजरंग दल से संबद्ध गोरक्षकों ने शनिवार को राष्‍ट्रीय राजमार्ग-8 के निकट जगुआस क्रॉसिंग के पास शनिवार शाम को इन गाडि़यों को रोका. इन लोगों ने आरोप लगाया कि वे अवैध रूप से गाय ले जा रहे हैं. ये वाहन जयपुर से आ रहे थे और हरियाणा के नूह जिले की तरफ जा रहे थे.टिप्पणियां जब गाडि़यों में सवार लोगों पर हमला किया गया तो हमलवरों ने एक ड्राइवर अर्जुन को जाने दिया. पांच पीडि़तों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया. उनमें से पहलू खान की अलवर के एक अस्‍पताल में सोमवार रात को मौत हो गई. पोस्‍ट मार्टम के बाद बॉडी को परिजनों को सौंप दिया गया है. हालांकि इसके बाद घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है. NDTV इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता.   जब गाडि़यों में सवार लोगों पर हमला किया गया तो हमलवरों ने एक ड्राइवर अर्जुन को जाने दिया. पांच पीडि़तों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया. उनमें से पहलू खान की अलवर के एक अस्‍पताल में सोमवार रात को मौत हो गई. पोस्‍ट मार्टम के बाद बॉडी को परिजनों को सौंप दिया गया है. हालांकि इसके बाद घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है. NDTV इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता.
सारांश: पिछले शनिवार को अलवर में नेशनल हाइवे-8 की यह घटना पीडि़तों के पास जरूरी कागजात थे लेकिन उनकी सुनी नहीं गई अस्‍पताल में कई लोगों को भर्ती कराया गया, 1 की मौत
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ की आकर्षक अर्धशतकीय पारी के बावजूद 41 बार का चैंपियन मुंबई पांच दिवसीय रणजी ट्रॉफी फाइनल मैच के शुरुआती दिन आज यहां गुजरात की अनुशासित गेंदबाजी के सामने पहली पारी में 228 रन पर आउट हो गया. पहले दिन का खेल समाप्त होने तक 66 साल बाद फाइनल में खेल रहे गुजरात ने भी अपनी पहली पारी शुरू कर दी थी. उसे केवल एक ओवर खेलने का मौका मिला जिसमें उसने बिना किसी नुकसान के दो रन बनाए हैं. गुजरात के कप्तान पार्थिव पटेल ने टॉस जीतकर मुंबई को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया. जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति के बावजूद गुजरात के अन्य तेज गेंदबाजों ने सुबह की नमी का पूरा फायदा उठाकर मुंबई को शुरू में ही झटके दिए जिससे उसके केवल पांच बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे. सेमीफाइनल में अपने पदार्पण मैच में शतक जड़ने वाले 17 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने हालांकि फिर से अपने कौशल का अच्छा नजारा पेश किया और रन आउट होने से पहले 71 रन की शानदार पारी खेली. सूर्यकुमार यादव (57) ने भी अर्धशतक बनाया और इस बीच प्रथम श्रेणी मैचों में 4000 रन पूरे किए. इन दोनों के अलावा आलराउंडर अभिषेक नायर (35), सिद्धेश लाड (23) और श्रेयस अय्यर (14) ही दोहरे अंकों में पहुंचे. गुजरात की तरफ से अनुभवी तेज गेंदबाज आर पी सिंह (48 रन देकर दो) , मध्यम गति के गेंदबाज चिंतन गजा (46 रन देकर दो) और ऑफ स्पिनर रूजुल भट (पांच रन देकर दो) ने दो-दो जबकि रस कलारिया और हार्दिक पटेल ने एक-एक विकेट हासिल किया. इससे पहले आरपी सिंह ने चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले अखिल हेरवादकर (चार) को देर तक नहीं टिकने दिया और सातवें ओवर में उन्हें पगबाधा आउट करके गुजरात को पहली सफलता दिलाई. पृथ्वी ने हालांकि अपनी प्रवाहमय बल्लेबाजी जारी रखी हालांकि इस बीच भाग्य ने भी उनका साथ दिया. जब वह 25 रन पर थे तब स्लिप में उनका कैच छूटा था. गजा को हालांकि जल्द ही सफलता मिल गई जब उन्होंने श्रेयस अय्यर को विकेटकीपर पार्थिव के हाथों कैच कराया. इसके बाद पृथ्वी ने केवल 56 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और सूर्यकुमार के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की. इस युवा बल्लेबाज ने हार्दिक पटेल पर गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का लगाया लेकिन अगली गेंद पर एक रन चुराने के प्रयास में वह रन आउट हो गए. पृथ्वी ने 93 गेंदें खेली तथा 11 चौके लगाए.  कप्तान आदित्य तारे (चार) भी आते ही पेवेलियन लौट गए. उन्हें हर्षल ने पहली स्लिप में कैच कराया. सूर्यकुमार को 35 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला जिसका फायदा उठाकर वह अर्धशतक पूरा करने में सफल रहे. इसके बाद वह हालांकि अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए और गजा की गेंद पर पुल करने के प्रयास में मिडऑफ पर कैच दे बैठे. आरपी सिंह ने लाड को विकेट के पीछे कैच कराया जिसके बाद नायर ने एक छोर संभाले रखा लेकिन दूसरी तरफ से उन्हें सहयोग नहीं मिला. नायर आखिरी बल्लेबाज के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने कलारिया की बाउंसर को हुक करने के प्रयास में पार्थिव को कैच थमाया.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गुजरात के कप्तान पार्थिव पटेल ने टॉस जीतकर मुंबई को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया. जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति के बावजूद गुजरात के अन्य तेज गेंदबाजों ने सुबह की नमी का पूरा फायदा उठाकर मुंबई को शुरू में ही झटके दिए जिससे उसके केवल पांच बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे. सेमीफाइनल में अपने पदार्पण मैच में शतक जड़ने वाले 17 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने हालांकि फिर से अपने कौशल का अच्छा नजारा पेश किया और रन आउट होने से पहले 71 रन की शानदार पारी खेली. सूर्यकुमार यादव (57) ने भी अर्धशतक बनाया और इस बीच प्रथम श्रेणी मैचों में 4000 रन पूरे किए. इन दोनों के अलावा आलराउंडर अभिषेक नायर (35), सिद्धेश लाड (23) और श्रेयस अय्यर (14) ही दोहरे अंकों में पहुंचे. गुजरात की तरफ से अनुभवी तेज गेंदबाज आर पी सिंह (48 रन देकर दो) , मध्यम गति के गेंदबाज चिंतन गजा (46 रन देकर दो) और ऑफ स्पिनर रूजुल भट (पांच रन देकर दो) ने दो-दो जबकि रस कलारिया और हार्दिक पटेल ने एक-एक विकेट हासिल किया. इससे पहले आरपी सिंह ने चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले अखिल हेरवादकर (चार) को देर तक नहीं टिकने दिया और सातवें ओवर में उन्हें पगबाधा आउट करके गुजरात को पहली सफलता दिलाई. पृथ्वी ने हालांकि अपनी प्रवाहमय बल्लेबाजी जारी रखी हालांकि इस बीच भाग्य ने भी उनका साथ दिया. जब वह 25 रन पर थे तब स्लिप में उनका कैच छूटा था. गजा को हालांकि जल्द ही सफलता मिल गई जब उन्होंने श्रेयस अय्यर को विकेटकीपर पार्थिव के हाथों कैच कराया. इसके बाद पृथ्वी ने केवल 56 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और सूर्यकुमार के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की. इस युवा बल्लेबाज ने हार्दिक पटेल पर गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का लगाया लेकिन अगली गेंद पर एक रन चुराने के प्रयास में वह रन आउट हो गए. पृथ्वी ने 93 गेंदें खेली तथा 11 चौके लगाए.  कप्तान आदित्य तारे (चार) भी आते ही पेवेलियन लौट गए. उन्हें हर्षल ने पहली स्लिप में कैच कराया. सूर्यकुमार को 35 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला जिसका फायदा उठाकर वह अर्धशतक पूरा करने में सफल रहे. इसके बाद वह हालांकि अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए और गजा की गेंद पर पुल करने के प्रयास में मिडऑफ पर कैच दे बैठे. आरपी सिंह ने लाड को विकेट के पीछे कैच कराया जिसके बाद नायर ने एक छोर संभाले रखा लेकिन दूसरी तरफ से उन्हें सहयोग नहीं मिला. नायर आखिरी बल्लेबाज के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने कलारिया की बाउंसर को हुक करने के प्रयास में पार्थिव को कैच थमाया.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूर्यकुमार यादव (57) ने भी अर्धशतक बनाया और इस बीच प्रथम श्रेणी मैचों में 4000 रन पूरे किए. इन दोनों के अलावा आलराउंडर अभिषेक नायर (35), सिद्धेश लाड (23) और श्रेयस अय्यर (14) ही दोहरे अंकों में पहुंचे. गुजरात की तरफ से अनुभवी तेज गेंदबाज आर पी सिंह (48 रन देकर दो) , मध्यम गति के गेंदबाज चिंतन गजा (46 रन देकर दो) और ऑफ स्पिनर रूजुल भट (पांच रन देकर दो) ने दो-दो जबकि रस कलारिया और हार्दिक पटेल ने एक-एक विकेट हासिल किया. इससे पहले आरपी सिंह ने चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले अखिल हेरवादकर (चार) को देर तक नहीं टिकने दिया और सातवें ओवर में उन्हें पगबाधा आउट करके गुजरात को पहली सफलता दिलाई. पृथ्वी ने हालांकि अपनी प्रवाहमय बल्लेबाजी जारी रखी हालांकि इस बीच भाग्य ने भी उनका साथ दिया. जब वह 25 रन पर थे तब स्लिप में उनका कैच छूटा था. गजा को हालांकि जल्द ही सफलता मिल गई जब उन्होंने श्रेयस अय्यर को विकेटकीपर पार्थिव के हाथों कैच कराया. इसके बाद पृथ्वी ने केवल 56 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और सूर्यकुमार के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की. इस युवा बल्लेबाज ने हार्दिक पटेल पर गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का लगाया लेकिन अगली गेंद पर एक रन चुराने के प्रयास में वह रन आउट हो गए. पृथ्वी ने 93 गेंदें खेली तथा 11 चौके लगाए.  कप्तान आदित्य तारे (चार) भी आते ही पेवेलियन लौट गए. उन्हें हर्षल ने पहली स्लिप में कैच कराया. सूर्यकुमार को 35 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला जिसका फायदा उठाकर वह अर्धशतक पूरा करने में सफल रहे. इसके बाद वह हालांकि अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए और गजा की गेंद पर पुल करने के प्रयास में मिडऑफ पर कैच दे बैठे. आरपी सिंह ने लाड को विकेट के पीछे कैच कराया जिसके बाद नायर ने एक छोर संभाले रखा लेकिन दूसरी तरफ से उन्हें सहयोग नहीं मिला. नायर आखिरी बल्लेबाज के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने कलारिया की बाउंसर को हुक करने के प्रयास में पार्थिव को कैच थमाया.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले आरपी सिंह ने चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले अखिल हेरवादकर (चार) को देर तक नहीं टिकने दिया और सातवें ओवर में उन्हें पगबाधा आउट करके गुजरात को पहली सफलता दिलाई. पृथ्वी ने हालांकि अपनी प्रवाहमय बल्लेबाजी जारी रखी हालांकि इस बीच भाग्य ने भी उनका साथ दिया. जब वह 25 रन पर थे तब स्लिप में उनका कैच छूटा था. गजा को हालांकि जल्द ही सफलता मिल गई जब उन्होंने श्रेयस अय्यर को विकेटकीपर पार्थिव के हाथों कैच कराया. इसके बाद पृथ्वी ने केवल 56 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और सूर्यकुमार के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की. इस युवा बल्लेबाज ने हार्दिक पटेल पर गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का लगाया लेकिन अगली गेंद पर एक रन चुराने के प्रयास में वह रन आउट हो गए. पृथ्वी ने 93 गेंदें खेली तथा 11 चौके लगाए.  कप्तान आदित्य तारे (चार) भी आते ही पेवेलियन लौट गए. उन्हें हर्षल ने पहली स्लिप में कैच कराया. सूर्यकुमार को 35 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला जिसका फायदा उठाकर वह अर्धशतक पूरा करने में सफल रहे. इसके बाद वह हालांकि अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए और गजा की गेंद पर पुल करने के प्रयास में मिडऑफ पर कैच दे बैठे. आरपी सिंह ने लाड को विकेट के पीछे कैच कराया जिसके बाद नायर ने एक छोर संभाले रखा लेकिन दूसरी तरफ से उन्हें सहयोग नहीं मिला. नायर आखिरी बल्लेबाज के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने कलारिया की बाउंसर को हुक करने के प्रयास में पार्थिव को कैच थमाया.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस युवा बल्लेबाज ने हार्दिक पटेल पर गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का लगाया लेकिन अगली गेंद पर एक रन चुराने के प्रयास में वह रन आउट हो गए. पृथ्वी ने 93 गेंदें खेली तथा 11 चौके लगाए.  कप्तान आदित्य तारे (चार) भी आते ही पेवेलियन लौट गए. उन्हें हर्षल ने पहली स्लिप में कैच कराया. सूर्यकुमार को 35 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला जिसका फायदा उठाकर वह अर्धशतक पूरा करने में सफल रहे. इसके बाद वह हालांकि अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए और गजा की गेंद पर पुल करने के प्रयास में मिडऑफ पर कैच दे बैठे. आरपी सिंह ने लाड को विकेट के पीछे कैच कराया जिसके बाद नायर ने एक छोर संभाले रखा लेकिन दूसरी तरफ से उन्हें सहयोग नहीं मिला. नायर आखिरी बल्लेबाज के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने कलारिया की बाउंसर को हुक करने के प्रयास में पार्थिव को कैच थमाया.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित 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संक्षिप्त सारांश: रन दौड़ने की गफलत में पृथ्‍वी शॉ को अपना विकेट गंवाना पड़ा गुजरात ने टॉस जीता, मुंबई को पहले बैटिंग के लिए उतारा दिन की समाप्ति पर गुजरात का स्‍कोर बिना विकेट खोए दो रन
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी के जेल जाने के बाद अब 12 जून को होने वाले उपचुनाव की कमान उनकी मां संभाल रही हैं। जगन की मां वाईएस विजयम्मा ने जगन की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया है। विजयम्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी को चिट्ठी भी लिखी है। विजयम्मा ने मांग की है कि चुनाव आयोग सीबीआई को उनके बेटे को छोड़ने के निर्देश दे। गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने जगन मोहन रेड्डी को तीन दिनों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें सीबीआई की अदालत ने हैदराबाद में 11 जून तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने जगन मोहन रेड्डी को तीन दिनों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें सीबीआई की अदालत ने हैदराबाद में 11 जून तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी के जेल जाने के बाद अब 12 जून को होने वाले उपचुनाव की कमान उनकी मां संभाल रही हैं।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पटना जिला के दीघा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को आयोजित एक यज्ञ कार्यक्रम के दौरान लोगों के अधिक संख्या में मंच पर चढ़ जाने से उसके टूट जाने से राजद प्रमुख लालू प्रसाद चोटिल हो गए. दीघा से लौटने पर देर शाम इलाज के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीएमएस) रवाना होने के पूर्व मीडिया से बातचीत करते हुए लालू ने बताया कि उन्हें कमर के नीचे वाले हिस्से में चोट आई है और सूजन भी है. उन्होंने कहा कि उक्त यज्ञ कार्यक्रम के दौरान मंच पर अधिक संख्या में लोगों के चढ़ जाने के कारण वह धराशायी हो गया. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में लालू के साथ उनके छोटे पुत्र और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री और उनके बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव, बड़ी पुत्री एवं राज्यसभा सदस्या मीसा भारती सहित पार्टी के कई अन्य विधायक पहुंचे, जहां उनका एक्स-रे कराए जाने के साथ चिकित्सकों द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया.टिप्पणियां दीघा थाना प्रभारी गोल्डेन कुमार ने बताया कि गंगा नदी किनारे दीघा घाट पर आयोजित उक्त यज्ञ के कार्यक्रम में भाग लेने शाम करीब 7 बजे पहुंचे राजद प्रमुख ने प्रवचन और कथा वाचन के बाद स्थानीय लोगों को संबोधित किया और जब वे मंच से उतरने लगे तभी मंच पर अधिक संख्या में मौजूद लोगों के उनके साथ उतरने पर मंच का कोई पाया अपने स्थान से खिसक गया जिससे वह धराशायी हो गया. उन्होंने बताया कि इस हादसे में कोई अन्य व्यक्ति जख्मी नहीं हुए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में लालू के साथ उनके छोटे पुत्र और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री और उनके बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव, बड़ी पुत्री एवं राज्यसभा सदस्या मीसा भारती सहित पार्टी के कई अन्य विधायक पहुंचे, जहां उनका एक्स-रे कराए जाने के साथ चिकित्सकों द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया.टिप्पणियां दीघा थाना प्रभारी गोल्डेन कुमार ने बताया कि गंगा नदी किनारे दीघा घाट पर आयोजित उक्त यज्ञ के कार्यक्रम में भाग लेने शाम करीब 7 बजे पहुंचे राजद प्रमुख ने प्रवचन और कथा वाचन के बाद स्थानीय लोगों को संबोधित किया और जब वे मंच से उतरने लगे तभी मंच पर अधिक संख्या में मौजूद लोगों के उनके साथ उतरने पर मंच का कोई पाया अपने स्थान से खिसक गया जिससे वह धराशायी हो गया. उन्होंने बताया कि इस हादसे में कोई अन्य व्यक्ति जख्मी नहीं हुए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दीघा थाना प्रभारी गोल्डेन कुमार ने बताया कि गंगा नदी किनारे दीघा घाट पर आयोजित उक्त यज्ञ के कार्यक्रम में भाग लेने शाम करीब 7 बजे पहुंचे राजद प्रमुख ने प्रवचन और कथा वाचन के बाद स्थानीय लोगों को संबोधित किया और जब वे मंच से उतरने लगे तभी मंच पर अधिक संख्या में मौजूद लोगों के उनके साथ उतरने पर मंच का कोई पाया अपने स्थान से खिसक गया जिससे वह धराशायी हो गया. उन्होंने बताया कि इस हादसे में कोई अन्य व्यक्ति जख्मी नहीं हुए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: लालू ने बताया कि उन्हें कमर के नीचे वाले हिस्से में चोट आई है. मंच का एक पाया अपने स्थान से खिसक गया जिससे वह धराशायी हो गया. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में लालू का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया.
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 29 लोगों के साथ चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद शुक्रवार को लापता हुए वायु सेना के विमान एएन-32 में मौजूद भूपत सिंह के बेटे आशुतोष सिंह ने देशवासियों को एक संदेश दिया है। आशुतोष ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'मैं एनडीटीवी के माध्यम से सभी देशवासियों से प्रार्थना करता हूं कि वे मेरे पिता और विमान में मौजूद लोगों की सलामती के लिए दुआ करें। मुझे लगता है मेरे पिता सुरक्षित हैं। मैं चाहता हूं कि आप सब दुआ करें कि वे सब सकुशल वापस लौट आएं।' आशुतोष के पिता भूपत सिंह नौसेना के जिस विभाग में काम करते थे, उन्होंने परिवार को बताया है कि विमान की तलाशी का अभियान तेज कर दिया गया है। खोजबीन के लिए और ज्यादा जहाज लगा दिए गए हैं और खोज का क्षेत्र भी बढ़ा दिया गया है। भूपत सिंह ने 23 साल तक नौसेना में कार्य किया है और वे साल 2010 में रिटायर हो गए थे। चार साल तक वे एक मर्चेंट शिप में थे और पिछले ही साल उन्होंने नेवी इंस्पेक्टर के तौर पर काम करना शुरू किया था। लापता हुए विमान से वे 10 दिन के असाइनमेंट पर पोर्ट ब्लेयर जा रहे थे और अपने बेटे से कहा था कि वे अगस्त में लौट आएंगे। उस विमान में विमल नाम के एक और व्यक्ति सवार हैं, जो 13 साल से सेना में हैं। उनके अंकल सोमनाथ ने एनडीटीवी को बताया कि विमल को हाल ही में कार निकोबार में पोस्टिंग मिली है। सोमनाथ ने बताया, 'आधिकारिक काम के लिए लौटे विमल पिछले ही हफ्ते घर से वापस लौट गए थे। उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी को फोन करके बताया था कि वे विमान पर जा रहे हैं और अब उतरने के बाद फोन करेंगे।'टिप्पणियां सोमनाथ ने बताया, 'करीब 2 बजे एक दोस्त ने विमल की पत्नी को फोन किया और बताया कि विमान लापता है। मैंने एक अधिकारी को फोन करके सच्चाई का पता लगाया और यह बात सच निकली।' उन्होने आगे बताया, 'शनिवार सुबह हमें कार निकोबार में उनके दफ्तर से आधिकारिक जानकारी मिली कि वे उसी लापता विमान में थे। हमें बाद में बताया गया कि विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा बाकी जानकारी मीडिया के जरिए ही मिल रही है।' शनिवार को ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वे विमान की तलाश के अभियान को खुद करीब से देख रहे हैं। लेकिन समय बढ़ने के साथ-साथ विमान में सवार लोगों के परिजनों का दुस्वप्न भी जारी है। आशुतोष ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'मैं एनडीटीवी के माध्यम से सभी देशवासियों से प्रार्थना करता हूं कि वे मेरे पिता और विमान में मौजूद लोगों की सलामती के लिए दुआ करें। मुझे लगता है मेरे पिता सुरक्षित हैं। मैं चाहता हूं कि आप सब दुआ करें कि वे सब सकुशल वापस लौट आएं।' आशुतोष के पिता भूपत सिंह नौसेना के जिस विभाग में काम करते थे, उन्होंने परिवार को बताया है कि विमान की तलाशी का अभियान तेज कर दिया गया है। खोजबीन के लिए और ज्यादा जहाज लगा दिए गए हैं और खोज का क्षेत्र भी बढ़ा दिया गया है। भूपत सिंह ने 23 साल तक नौसेना में कार्य किया है और वे साल 2010 में रिटायर हो गए थे। चार साल तक वे एक मर्चेंट शिप में थे और पिछले ही साल उन्होंने नेवी इंस्पेक्टर के तौर पर काम करना शुरू किया था। लापता हुए विमान से वे 10 दिन के असाइनमेंट पर पोर्ट ब्लेयर जा रहे थे और अपने बेटे से कहा था कि वे अगस्त में लौट आएंगे। उस विमान में विमल नाम के एक और व्यक्ति सवार हैं, जो 13 साल से सेना में हैं। उनके अंकल सोमनाथ ने एनडीटीवी को बताया कि विमल को हाल ही में कार निकोबार में पोस्टिंग मिली है। सोमनाथ ने बताया, 'आधिकारिक काम के लिए लौटे विमल पिछले ही हफ्ते घर से वापस लौट गए थे। उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी को फोन करके बताया था कि वे विमान पर जा रहे हैं और अब उतरने के बाद फोन करेंगे।'टिप्पणियां सोमनाथ ने बताया, 'करीब 2 बजे एक दोस्त ने विमल की पत्नी को फोन किया और बताया कि विमान लापता है। मैंने एक अधिकारी को फोन करके सच्चाई का पता लगाया और यह बात सच निकली।' उन्होने आगे बताया, 'शनिवार सुबह हमें कार निकोबार में उनके दफ्तर से आधिकारिक जानकारी मिली कि वे उसी लापता विमान में थे। हमें बाद में बताया गया कि विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा बाकी जानकारी मीडिया के जरिए ही मिल रही है।' शनिवार को ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वे विमान की तलाश के अभियान को खुद करीब से देख रहे हैं। लेकिन समय बढ़ने के साथ-साथ विमान में सवार लोगों के परिजनों का दुस्वप्न भी जारी है। आशुतोष के पिता भूपत सिंह नौसेना के जिस विभाग में काम करते थे, उन्होंने परिवार को बताया है कि विमान की तलाशी का अभियान तेज कर दिया गया है। खोजबीन के लिए और ज्यादा जहाज लगा दिए गए हैं और खोज का क्षेत्र भी बढ़ा दिया गया है। भूपत सिंह ने 23 साल तक नौसेना में कार्य किया है और वे साल 2010 में रिटायर हो गए थे। चार साल तक वे एक मर्चेंट शिप में थे और पिछले ही साल उन्होंने नेवी इंस्पेक्टर के तौर पर काम करना शुरू किया था। लापता हुए विमान से वे 10 दिन के असाइनमेंट पर पोर्ट ब्लेयर जा रहे थे और अपने बेटे से कहा था कि वे अगस्त में लौट आएंगे। उस विमान में विमल नाम के एक और व्यक्ति सवार हैं, जो 13 साल से सेना में हैं। उनके अंकल सोमनाथ ने एनडीटीवी को बताया कि विमल को हाल ही में कार निकोबार में पोस्टिंग मिली है। सोमनाथ ने बताया, 'आधिकारिक काम के लिए लौटे विमल पिछले ही हफ्ते घर से वापस लौट गए थे। उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी को फोन करके बताया था कि वे विमान पर जा रहे हैं और अब उतरने के बाद फोन करेंगे।'टिप्पणियां सोमनाथ ने बताया, 'करीब 2 बजे एक दोस्त ने विमल की पत्नी को फोन किया और बताया कि विमान लापता है। मैंने एक अधिकारी को फोन करके सच्चाई का पता लगाया और यह बात सच निकली।' उन्होने आगे बताया, 'शनिवार सुबह हमें कार निकोबार में उनके दफ्तर से आधिकारिक जानकारी मिली कि वे उसी लापता विमान में थे। हमें बाद में बताया गया कि विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा बाकी जानकारी मीडिया के जरिए ही मिल रही है।' शनिवार को ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वे विमान की तलाश के अभियान को खुद करीब से देख रहे हैं। लेकिन समय बढ़ने के साथ-साथ विमान में सवार लोगों के परिजनों का दुस्वप्न भी जारी है। भूपत सिंह ने 23 साल तक नौसेना में कार्य किया है और वे साल 2010 में रिटायर हो गए थे। चार साल तक वे एक मर्चेंट शिप में थे और पिछले ही साल उन्होंने नेवी इंस्पेक्टर के तौर पर काम करना शुरू किया था। लापता हुए विमान से वे 10 दिन के असाइनमेंट पर पोर्ट ब्लेयर जा रहे थे और अपने बेटे से कहा था कि वे अगस्त में लौट आएंगे। उस विमान में विमल नाम के एक और व्यक्ति सवार हैं, जो 13 साल से सेना में हैं। उनके अंकल सोमनाथ ने एनडीटीवी को बताया कि विमल को हाल ही में कार निकोबार में पोस्टिंग मिली है। सोमनाथ ने बताया, 'आधिकारिक काम के लिए लौटे विमल पिछले ही हफ्ते घर से वापस लौट गए थे। उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी को फोन करके बताया था कि वे विमान पर जा रहे हैं और अब उतरने के बाद फोन करेंगे।'टिप्पणियां सोमनाथ ने बताया, 'करीब 2 बजे एक दोस्त ने विमल की पत्नी को फोन किया और बताया कि विमान लापता है। मैंने एक अधिकारी को फोन करके सच्चाई का पता लगाया और यह बात सच निकली।' उन्होने आगे बताया, 'शनिवार सुबह हमें कार निकोबार में उनके दफ्तर से आधिकारिक जानकारी मिली कि वे उसी लापता विमान में थे। हमें बाद में बताया गया कि विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा बाकी जानकारी मीडिया के जरिए ही मिल रही है।' शनिवार को ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वे विमान की तलाश के अभियान को खुद करीब से देख रहे हैं। लेकिन समय बढ़ने के साथ-साथ विमान में सवार लोगों के परिजनों का दुस्वप्न भी जारी है। उस विमान में विमल नाम के एक और व्यक्ति सवार हैं, जो 13 साल से सेना में हैं। उनके अंकल सोमनाथ ने एनडीटीवी को बताया कि विमल को हाल ही में कार निकोबार में पोस्टिंग मिली है। सोमनाथ ने बताया, 'आधिकारिक काम के लिए लौटे विमल पिछले ही हफ्ते घर से वापस लौट गए थे। उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी को फोन करके बताया था कि वे विमान पर जा रहे हैं और अब उतरने के बाद फोन करेंगे।'टिप्पणियां सोमनाथ ने बताया, 'करीब 2 बजे एक दोस्त ने विमल की पत्नी को फोन किया और बताया कि विमान लापता है। मैंने एक अधिकारी को फोन करके सच्चाई का पता लगाया और यह बात सच निकली।' उन्होने आगे बताया, 'शनिवार सुबह हमें कार निकोबार में उनके दफ्तर से आधिकारिक जानकारी मिली कि वे उसी लापता विमान में थे। हमें बाद में बताया गया कि विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा बाकी जानकारी मीडिया के जरिए ही मिल रही है।' शनिवार को ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वे विमान की तलाश के अभियान को खुद करीब से देख रहे हैं। लेकिन समय बढ़ने के साथ-साथ विमान में सवार लोगों के परिजनों का दुस्वप्न भी जारी है। सोमनाथ ने बताया, 'करीब 2 बजे एक दोस्त ने विमल की पत्नी को फोन किया और बताया कि विमान लापता है। मैंने एक अधिकारी को फोन करके सच्चाई का पता लगाया और यह बात सच निकली।' उन्होने आगे बताया, 'शनिवार सुबह हमें कार निकोबार में उनके दफ्तर से आधिकारिक जानकारी मिली कि वे उसी लापता विमान में थे। हमें बाद में बताया गया कि विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा बाकी जानकारी मीडिया के जरिए ही मिल रही है।' शनिवार को ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वे विमान की तलाश के अभियान को खुद करीब से देख रहे हैं। लेकिन समय बढ़ने के साथ-साथ विमान में सवार लोगों के परिजनों का दुस्वप्न भी जारी है। शनिवार को ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वे विमान की तलाश के अभियान को खुद करीब से देख रहे हैं। लेकिन समय बढ़ने के साथ-साथ विमान में सवार लोगों के परिजनों का दुस्वप्न भी जारी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रक्षामंत्री पर्रिकर स्वयं विमान की तलाश के अभियान को करीब से देख रहे हैं 'मेरे पिता और विमान में मौजूद लोगों की सलामती के लिए दुआ करें 'मीडिया के जरिए ही सारी जानकारी मिल रही है'
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जीएसटी को लेकर लोगों के मन में अभी भी दुविधा है. ऐसे में केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) ने जीएसटी पर बार-बार पूछे जाने वाले सवालों (एफएक्यू) पर स्पष्टीकरण जारी किया. सरकार ने बताया कि कलावा या रक्ष सूत्र के रूप में राखी पर भी जीएसटी नहीं लगेगा. अन्य राखियों उनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के अनुरूप जीएसटी लगेगा. यह भी पढ़ें- 27 लाख इकाइयों का अभी तक नहीं हुआ है जीएसटी रजिस्ट्रेशन स्वादिष्ट बंगाली मिठाई संदेश पर 5 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा जबकि पेट से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले ताजा इसबगोल बीज पर जीएसटी नहीं लगेगा. यह भी पढ़ें- जीएसटी परिषद का अधीक्षक मनीष मलहोत्रा रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार इसमें कहा गया है कि नेलपालिश पर 28 प्रतिशत तथा लाख की चूड़ियों पर तीन प्रतिशत की जीएसटी दर लागू होगी. कुल्फी, इडली, डोसा पर 18 प्रतिशत तथा गीले खजूर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. एफएक्यू में कहा गया है कि संदेश चाहे उसमें चॉकलेट है या नहीं, पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.टिप्पणियां वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद इसके प्रभाव में आकर महानगर गैस लिमिटेड ने गुरुवार को वाहन मालिकों के लिए तत्काल प्रभाव से पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और कॉम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) के दाम बढ़ा दिए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जहां एक ओर पीएनजी का दाम 0.19 रुपये प्रति इकाई बढ़ाया गया है, वहीं सीएनजी का दाम 0.32 प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया है, बढ़े दाम तत्काल प्रभाव से दो-तीन अगस्त मध्यरात्रि से लागू हो गए.  यह भी पढ़ें- 27 लाख इकाइयों का अभी तक नहीं हुआ है जीएसटी रजिस्ट्रेशन स्वादिष्ट बंगाली मिठाई संदेश पर 5 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा जबकि पेट से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले ताजा इसबगोल बीज पर जीएसटी नहीं लगेगा. यह भी पढ़ें- जीएसटी परिषद का अधीक्षक मनीष मलहोत्रा रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार इसमें कहा गया है कि नेलपालिश पर 28 प्रतिशत तथा लाख की चूड़ियों पर तीन प्रतिशत की जीएसटी दर लागू होगी. कुल्फी, इडली, डोसा पर 18 प्रतिशत तथा गीले खजूर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. एफएक्यू में कहा गया है कि संदेश चाहे उसमें चॉकलेट है या नहीं, पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.टिप्पणियां वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद इसके प्रभाव में आकर महानगर गैस लिमिटेड ने गुरुवार को वाहन मालिकों के लिए तत्काल प्रभाव से पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और कॉम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) के दाम बढ़ा दिए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जहां एक ओर पीएनजी का दाम 0.19 रुपये प्रति इकाई बढ़ाया गया है, वहीं सीएनजी का दाम 0.32 प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया है, बढ़े दाम तत्काल प्रभाव से दो-तीन अगस्त मध्यरात्रि से लागू हो गए.  स्वादिष्ट बंगाली मिठाई संदेश पर 5 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा जबकि पेट से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले ताजा इसबगोल बीज पर जीएसटी नहीं लगेगा. यह भी पढ़ें- जीएसटी परिषद का अधीक्षक मनीष मलहोत्रा रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार इसमें कहा गया है कि नेलपालिश पर 28 प्रतिशत तथा लाख की चूड़ियों पर तीन प्रतिशत की जीएसटी दर लागू होगी. कुल्फी, इडली, डोसा पर 18 प्रतिशत तथा गीले खजूर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. एफएक्यू में कहा गया है कि संदेश चाहे उसमें चॉकलेट है या नहीं, पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.टिप्पणियां वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद इसके प्रभाव में आकर महानगर गैस लिमिटेड ने गुरुवार को वाहन मालिकों के लिए तत्काल प्रभाव से पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और कॉम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) के दाम बढ़ा दिए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जहां एक ओर पीएनजी का दाम 0.19 रुपये प्रति इकाई बढ़ाया गया है, वहीं सीएनजी का दाम 0.32 प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया है, बढ़े दाम तत्काल प्रभाव से दो-तीन अगस्त मध्यरात्रि से लागू हो गए.  यह भी पढ़ें- जीएसटी परिषद का अधीक्षक मनीष मलहोत्रा रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार इसमें कहा गया है कि नेलपालिश पर 28 प्रतिशत तथा लाख की चूड़ियों पर तीन प्रतिशत की जीएसटी दर लागू होगी. कुल्फी, इडली, डोसा पर 18 प्रतिशत तथा गीले खजूर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. एफएक्यू में कहा गया है कि संदेश चाहे उसमें चॉकलेट है या नहीं, पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.टिप्पणियां वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद इसके प्रभाव में आकर महानगर गैस लिमिटेड ने गुरुवार को वाहन मालिकों के लिए तत्काल प्रभाव से पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और कॉम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) के दाम बढ़ा दिए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जहां एक ओर पीएनजी का दाम 0.19 रुपये प्रति इकाई बढ़ाया गया है, वहीं सीएनजी का दाम 0.32 प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया है, बढ़े दाम तत्काल प्रभाव से दो-तीन अगस्त मध्यरात्रि से लागू हो गए.  इसमें कहा गया है कि नेलपालिश पर 28 प्रतिशत तथा लाख की चूड़ियों पर तीन प्रतिशत की जीएसटी दर लागू होगी. कुल्फी, इडली, डोसा पर 18 प्रतिशत तथा गीले खजूर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. एफएक्यू में कहा गया है कि संदेश चाहे उसमें चॉकलेट है या नहीं, पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.टिप्पणियां वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद इसके प्रभाव में आकर महानगर गैस लिमिटेड ने गुरुवार को वाहन मालिकों के लिए तत्काल प्रभाव से पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और कॉम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) के दाम बढ़ा दिए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जहां एक ओर पीएनजी का दाम 0.19 रुपये प्रति इकाई बढ़ाया गया है, वहीं सीएनजी का दाम 0.32 प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया है, बढ़े दाम तत्काल प्रभाव से दो-तीन अगस्त मध्यरात्रि से लागू हो गए.  वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद इसके प्रभाव में आकर महानगर गैस लिमिटेड ने गुरुवार को वाहन मालिकों के लिए तत्काल प्रभाव से पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और कॉम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) के दाम बढ़ा दिए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जहां एक ओर पीएनजी का दाम 0.19 रुपये प्रति इकाई बढ़ाया गया है, वहीं सीएनजी का दाम 0.32 प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया है, बढ़े दाम तत्काल प्रभाव से दो-तीन अगस्त मध्यरात्रि से लागू हो गए.  वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद इसके प्रभाव में आकर महानगर गैस लिमिटेड ने गुरुवार को वाहन मालिकों के लिए तत्काल प्रभाव से पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और कॉम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) के दाम बढ़ा दिए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जहां एक ओर पीएनजी का दाम 0.19 रुपये प्रति इकाई बढ़ाया गया है, वहीं सीएनजी का दाम 0.32 प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया है, बढ़े दाम तत्काल प्रभाव से दो-तीन अगस्त मध्यरात्रि से लागू हो गए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जीएसटी पर सवालों के जवाब दिए सरकार ने कलावा या रक्ष सूत्र के रूप में राखी पर भी जीएसटी नहीं ताजा इसबगोल बीज पर जीएसटी नहीं लगेगा
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना ने लीबिया के रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं और बमबारी की। हमले से बौखलाए लीबियाई नेता मुअम्मर गद्दाफी ने बदला लेने की धमकी दी है। अमेरिकी सेना का कहना है कि अमेरिका और ब्रिटेन के युद्धपोतों तथा पनडुब्बियों से लीबिया के 20 से अधिक तटीय ठिकानों पर 112 टोमाहॉक मिसाइलें दागी गईं। फ्रांस के विमानों ने भी विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी लीबिया में कई स्थानों पर बमबारी की। गठबंधन सेना की इस कार्रवाई को ऑपरेशन ओडिसी डॉन नाम दिया गया है। अल जजीरा के मुताबिक हवाई हमले में लीबिया के कई टैंक और सैन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पेंटागन में ज्वांइट स्टाफ के निदेशक वाइस एडमिरल विलियम गोर्टनी ने बताया कि अमेरिका और ब्रिटेन के युद्धपोतों तथा पनडुब्बियों से लीबिया के लगभग 20 हवाई एवं मिसाइल रक्षा प्रतिष्ठानों पर 110 से अधिक टोमहॉक मिसाइलें दागी गईं। मिसाइलें लीबिया की राजधानी त्रिपोली और मिसराता के आसपास दागी गईं। गठबंधन सेना की इस हमले में लीबिया की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, राडार और संचार व्यवस्था को निशाना बनाया गया। गोर्टनी ने कहा, इस कार्रवाई के दो मकसद हैं। पहला यह कि लीबियाई सुरक्षाबल आम लोगों और विपक्षी दलों पर आगे हमला न कर सकें। दूसरा यह कि मुअम्मर गद्दाफी प्रशासन की ताकत को कमजोर किया जाए ताकि उड़ान निषिद्ध क्षेत्र को कायम रखा जा सके।
अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना ने लीबिया के रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं और बमबारी की।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सोनभद्र हत्याकांड के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. योगी ने लखनऊ में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस घटना की नींव 1955 में ही पड़ गई थी, जब कांग्रेस की सरकार थी. योगी के मुताबिक सोनभद्र के विवाद के लिए 1955 और 1989 की कांग्रेस सरकार दोषी है. उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत की जमीन को 1955 में आदर्श सोसाइटी के नाम पर दर्ज किया गया था. इस जमीन पर वनवासी समुदाय के लोग खेती-बाड़ी करते थे. बाद में इस जमीन को किसी व्यक्ति के नाम 1989 में कर दिया गया. 1955 में कांग्रेस की सरकार थी. योगी आदित्यनाथ ने कहा, "मैंने खुद डीजीपी को निर्देश दिया है कि वो व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर नजर रखें. इस जमीन पर काफी समय से विवाद था और एक कमेटी इस मामले की जांच साल 1952 से करेगी." उन्होंने कहा कि एसडीएम घोरावल, सीओ घोरावल, एसओ घोरावल सहित हल्का और बीट के सभी सिपाही निलंबित कर दिए गए हैं. साथ ही इस जमीनी विवाद की जांच अपर मुख्य सचिव राजस्व को सौंप दी गई है.  उन्होंने कहा, "इम मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है." उन्होंने कहा, "दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. सोनभद्र में हुई हत्या की जांच कमिटी करेगी. जो भी दोषी हैं, उनको छोड़ा नहीं जाएगा. मामले से संबंधित मुख्य आरोपी सहित 27 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी." गौरतलब है कि बुधवार को गांव प्रधान यज्ञदत्त ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर करीब 200 लोगों को लेकर घोरावल थाना इलाके के उम्भा गांव पहुंचे. उन लोगों के पास गंड़ासे और अवैध तमंचे थे. प्रधान ट्रैक्टरों से खेत की जबरन जुताई करवाने लगा. इस पर ग्रामीणों ने विरोध किया तो प्रधान के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया. इस दौरान 10 लोगों की मौत हो गई थी और 2 दर्जन से अधिक लोग घायल हैं.
यह एक सारांश है: सोनभद्र घटना के लिए सीएम योगी ने कांग्रेस को जिम्मेदाया ठहराया कहा- 1955 और 1989 की कांग्रेस सरकार दोषी है घटना में 10 लोगों की हुई थी मौत, दो दर्जन से अधिक घायल
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड को अब भारत के खिलाफ पांचवें और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत के लिए 40 ओवर में 270 रन बनाने होंगे। भारत ने इस दिन-रात्रि मैच में छह विकेट पर 304 रन बनाए लेकिन बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी समय पर शुरू नहीं हो पाई। लगभग एक घंटे बाद जब खेल शुरू हुआ तो इंग्लैंड के सामने डकवर्थ लुईस पद्वति से 40 ओवर में 270 रन का लक्ष्य रखा गया। अब पहला पावरप्ले आठ ओवर का जबकि बाकी दो पावरप्ले चार-चार ओवर के होंगे। इससे पहले, विराट कोहली की शानदार शतकीय पारी और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और राहुल द्रविड़ की बेहतरीन अर्द्धशतकीय पारियों की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम ने सोफिया गार्डन्स मैदान पर शुक्रवार को जारी पांचवें और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले में इंग्लैंड के समक्ष जीत के लिए 305 रनों की चुनौती रखी। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट गंवाकर 304 रन बनाए। कोहली ने 93 गेंदों पर नौ चौकों तथा एक छक्के की मदद से 107 रनों की शानदार पारी खेली। अब तक इंग्लैंड दौरे पर उनका बल्ला खामोश ही रहा था। अपने अंतिम एकदिवसीय मैच में द्रविड़ ने भी 69 रनों की यादगार पारी खेली। द्रविड़ ने 79 गेंदों का सामना किया और चार चौके लगाए। तीसरे विकेट के लिए द्रविड़ और कोहली के बीच 170 रनों की रिकार्ड साझेदारी हुई। कप्तान धोनी ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरे और टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। धोनी ने सिर्फ 26 गेंदों पर 50 रन बनाए। उन्होंने पांच चौके तथा दो छक्के लगाए। इससे पहले सलामी बल्लेबाज अंजिक्य रेहाने और पार्थिव पटेल ने भारत को अच्छी शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 52 रन जोड़ें। रेहाने के रूप में भारत ने अपना पहला विकेट गंवाया। वह 26 रन बनाकर आउट हुए। रेहाने का विकेट डेव डर्नबैक ने लिया। उस समय भारत का कुल योग 52 रन था। रेहाने ने 47 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। स्कोर बोर्ड में अभी पांच रन और जुटे ही थे कि पार्थिव पटेल भी आउट हो गए। उन्होंने 19 रन बनाए। ग्रीम स्वान ने उन्हें टीम ब्रेसनन के हाथों लपकवाया। इसके बाद द्रविड़ और कोहली ने सम्भलकर खेलना शुरू किया और साथ ही रनों की गति भी बरकरार रखी। दोनों ने विकेट के चारों ओर शॉट लगाए। द्रविड़ के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उस समय टीम का स्कोर 227 रन था। वह स्वान की गेंद को पढ़ने में असफल रहे और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। स्कोर बोर्ड में नौ रन और जुड़े थे कि कोहली भी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट होकर पवेलियन लौटे। कोहली हिट विकेट आउट हुए। कोहली के जाने के बाद सुरेश रैना और धोनी ने पारी को आगे बढ़ाया। रैना 15 रन बनाकर आउट हुए। धोनी ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने का कोई मौका नहीं गंवाया। सिर्फ 26 गेंदों पर 50 रनों की तेज पारी खेलकर उन्होंने टीम इंडिया का स्कोर इस श्रृंखला में पहली बार 300 के पार पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से स्वान ने सर्वाधिक तीन विकेट हासिल किए जबकि जेड डर्नबाक ने दो विकेट झटके। एक विकेट स्टीवन फिन के खाते में गया। बारिश के कारण खेल 40 मिनट देरी से शुरू हुआ। इसके बावजूद ओवर नहीं घटाए गए। भारत ने प्रवीण कुमार के स्थान पर विनय कुमार को मौका दिया है जबकि इंग्लैंड ने जेम्स एंडरसन को आराम दिया है। बेन स्ट्रोक्स को भी इस मैच में नहीं खिलाया गया है। जॉनी बेयरस्ट्रॉ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं। इंग्लैंड दौरे में भारत ने अब तक एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं जीता है। भारत ने इंग्लैंड दौरे पर चार मैचों की टेस्ट श्रृंखला के अलावा एकमात्र ट्वेंटी-20 मैच, दो एकदिवसीय मैच और एक अभ्यास मैच गंवाया है। अब तक खेले गए नौ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में से एक रद्द हुआ है और एक टाई हुआ है। बाकी के सात में भारतीय टीम को हार मिली है।
सारांश: इंग्लैंड को अब भारत के खिलाफ पांचवें और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत के लिए 40 ओवर में 270 रन बनाने होंगे।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका के हरफनमौला खिलाड़ी जैक्स कैलिस इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में 2000 रनों का आंकड़ा पार करने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं। आईपीएल-6 में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल रहे कैलिस ने गुरुवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के साथ जारी मैच के दौरान यह आंकड़ा हासिल किया। कैलिस के अलावा वेस्टइंडीज के क्रिस गेल (1910) इस क्लब में शामिल होने के करीब हैं लेकिन कैलिस से पहले जिन चार खिलाड़ियों ने यह मुकाम हासिल किया है, वे भारतीय हैं। आईपीएल में अब तक सबसे अधिक रन चेन्नई सुपर किंग्स के भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना (2264) ने बनाए हैं। इसके बाद नाइट राइर्ड्स के कप्तान गौतम गम्भीर (2155) का नाम है।टिप्पणियां गम्भीर के बाद मुम्बई इंडियंस के सचिन तेंदुलकर (2071) और इसी टीम के रोहित शर्मा (2068) का नाम आता है। रैना ने आईपीएल में सबसे अधिक 83 मैच खेले हैं लेकिन वह अब शतक नहीं लगा सके हैं। गेल के नाम सबसे अधिक तीन शतक हैं जबकि भारतीय के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स के मुरली विजय ने सबसे अधिक दो शतक लगाए हैं। आईपीएल-6 में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल रहे कैलिस ने गुरुवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के साथ जारी मैच के दौरान यह आंकड़ा हासिल किया। कैलिस के अलावा वेस्टइंडीज के क्रिस गेल (1910) इस क्लब में शामिल होने के करीब हैं लेकिन कैलिस से पहले जिन चार खिलाड़ियों ने यह मुकाम हासिल किया है, वे भारतीय हैं। आईपीएल में अब तक सबसे अधिक रन चेन्नई सुपर किंग्स के भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना (2264) ने बनाए हैं। इसके बाद नाइट राइर्ड्स के कप्तान गौतम गम्भीर (2155) का नाम है।टिप्पणियां गम्भीर के बाद मुम्बई इंडियंस के सचिन तेंदुलकर (2071) और इसी टीम के रोहित शर्मा (2068) का नाम आता है। रैना ने आईपीएल में सबसे अधिक 83 मैच खेले हैं लेकिन वह अब शतक नहीं लगा सके हैं। गेल के नाम सबसे अधिक तीन शतक हैं जबकि भारतीय के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स के मुरली विजय ने सबसे अधिक दो शतक लगाए हैं। कैलिस के अलावा वेस्टइंडीज के क्रिस गेल (1910) इस क्लब में शामिल होने के करीब हैं लेकिन कैलिस से पहले जिन चार खिलाड़ियों ने यह मुकाम हासिल किया है, वे भारतीय हैं। आईपीएल में अब तक सबसे अधिक रन चेन्नई सुपर किंग्स के भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना (2264) ने बनाए हैं। इसके बाद नाइट राइर्ड्स के कप्तान गौतम गम्भीर (2155) का नाम है।टिप्पणियां गम्भीर के बाद मुम्बई इंडियंस के सचिन तेंदुलकर (2071) और इसी टीम के रोहित शर्मा (2068) का नाम आता है। रैना ने आईपीएल में सबसे अधिक 83 मैच खेले हैं लेकिन वह अब शतक नहीं लगा सके हैं। गेल के नाम सबसे अधिक तीन शतक हैं जबकि भारतीय के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स के मुरली विजय ने सबसे अधिक दो शतक लगाए हैं। आईपीएल में अब तक सबसे अधिक रन चेन्नई सुपर किंग्स के भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना (2264) ने बनाए हैं। इसके बाद नाइट राइर्ड्स के कप्तान गौतम गम्भीर (2155) का नाम है।टिप्पणियां गम्भीर के बाद मुम्बई इंडियंस के सचिन तेंदुलकर (2071) और इसी टीम के रोहित शर्मा (2068) का नाम आता है। रैना ने आईपीएल में सबसे अधिक 83 मैच खेले हैं लेकिन वह अब शतक नहीं लगा सके हैं। गेल के नाम सबसे अधिक तीन शतक हैं जबकि भारतीय के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स के मुरली विजय ने सबसे अधिक दो शतक लगाए हैं। गम्भीर के बाद मुम्बई इंडियंस के सचिन तेंदुलकर (2071) और इसी टीम के रोहित शर्मा (2068) का नाम आता है। रैना ने आईपीएल में सबसे अधिक 83 मैच खेले हैं लेकिन वह अब शतक नहीं लगा सके हैं। गेल के नाम सबसे अधिक तीन शतक हैं जबकि भारतीय के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स के मुरली विजय ने सबसे अधिक दो शतक लगाए हैं। रैना ने आईपीएल में सबसे अधिक 83 मैच खेले हैं लेकिन वह अब शतक नहीं लगा सके हैं। गेल के नाम सबसे अधिक तीन शतक हैं जबकि भारतीय के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स के मुरली विजय ने सबसे अधिक दो शतक लगाए हैं।
यहाँ एक सारांश है:दक्षिण अफ्रीका के हरफनमौला खिलाड़ी जैक्स कैलिस इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में 2000 रनों का आंकड़ा पार करने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: HSSC Answer Key 2019: हरियाणा स्‍टाफ सलेक्‍शन कमीशन (HSSC) ने क्‍लर्क भर्ती परीक्षा (HSSC Clerk Answer Key) के लिए आयोजित की गई लिखित एग्‍जाम की आंसर-की (HSSC Answer Key) जारी कर दी है. इसी के साथ कमीशन ने आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए भी आवेदन मांगे हैं. जिन उम्‍मीदवारों ने परीक्षा दी थी थे वे अगर आंसर-की से संतुष्‍ट नहीं हैं तो अपनी आपत्त‍ि दर्ज कर सकते हैं. इसके लिए कमीशन की आधिकारिक वेबसाइट hssc.gov.in पर लिंक एक्टिव कर दिया गया है, जिसके जरिए आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं. उम्‍मीदवार 15 अक्‍टूबर शाम 5 बजे तक अपनी आपत्ति सबमिट कर सकते हैं. आपको बता दें कि क्‍लर्क पोस्‍ट के लिए हुई यह लिखित परीक्षा 90 अंकों की थी.  उम्‍मीदवारों के लिए जरूरी बात यह है कि वे एक रौल नंबर से केवल एक बार ही आपत्ति सबमिट करा सकते हैं. उम्‍मीदवार एक बार एंट्री कर जितनी चाहें उतनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. विंडो बंद करने या क्‍लोज बटन पर क्‍लिक करने की स्थिति में उम्‍मीदवार फिर से उसी रौल नंबर के जरिए आपत्ति दर्ज नहीं करा पाएंगे.  जो उम्‍मीदवार HSSC Clerk Answer Key पर आपत्ति सबमिट करना चाहते हैं उन्‍हें पोस्‍ट का नाम, विज्ञापन नंबर, कैटगरी नंबर, परीक्षा की तिथि, सुबह या शाम की पाली, क्‍वेशन बुकेलेट और जिस सवाल पर आपत्ति है उसका नंबर मुहैया कराना होगा. यह सब जानकारी देने के बाद ही उम्‍मीदवार सफलतापूर्वक आंसर की पर आपत्ति दर्ज करा पाएंगे.  आपत्ति सबमिट करने के बाद कमीशन प्राप्‍त आपत्तियों की जांच करेगी और फिर फाइनल आंसर-की तैयार करेगी. फाइनल आंसर-की के आधार पर ही लिखित परीक्षा का रिजल्‍ट तैयार किया जाएगा. आपका बता दें कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 4858 क्लर्क (ग्रुप सी) पदों के लिए भर्ती निकाली थी. एचएसएससी क्लर्क भर्ती 2019 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 अगस्त 2019 को समाप्त हुई थी.
संक्षिप्त सारांश: HSSC ने क्‍लर्क भर्ती परीक्षा की आंसर-की जारी कर दी है इसी के साथ ऑब्‍जेक्‍शन भी दर्ज कराया जा सकता है आंसर-की पर ऑब्‍जेक्‍शन दर्ज कराने की अंतिम तारीख 15 अक्‍टूबर है
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि परमाणु शक्ति सम्पन्न भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह का संघर्ष न केवल दक्षिण एशिया के इन दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच बल्कि क्षेत्र और दुनिया के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण होगा। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि जेम्स डोबिन्स ने यहां विदेशी संवाददाताओं को बताया, दोनों ही देश परमाणु हथियारों की शक्ति रखते हैं और दोनों के बीच संघर्ष उनके लिए और सभी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। वॉशिंगटन फॉरेन प्रेस सेंटर में डोबिन्स ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के संबंधों में सुधार की किसी भी पहल का समर्थन करेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, हमें लगता है कि यह दोनों देशों के लिए, व्यापक क्षेत्र में स्थिरता के लिए और पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। डोबिन्स ने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बेहतर होते संबंधों का समर्थन करता है, क्योंकि इससे अफगानिस्तान में संघर्ष को बढ़ावा देने वाले दबावों और तनावों में कमी आएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमारे दृष्टिकोण से संबंधों में सुधार से सबकुछ हासिल किया जा सकता है। एक प्रश्न के जवाब में डोबिन्स ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में भी सुधार हो रहा है। अमेरिका के विदेशमंत्री जॉन केरी ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा किया था। विदेश मंत्री के तौर पर यह उनकी पहली यात्रा थी हालांकि इससे पहले भी वे व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तान की यात्रा कर चुके हैं। डोबिन्स ने इस दौरे की सराहना की। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि जेम्स डोबिन्स ने यहां विदेशी संवाददाताओं को बताया, दोनों ही देश परमाणु हथियारों की शक्ति रखते हैं और दोनों के बीच संघर्ष उनके लिए और सभी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। वॉशिंगटन फॉरेन प्रेस सेंटर में डोबिन्स ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के संबंधों में सुधार की किसी भी पहल का समर्थन करेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, हमें लगता है कि यह दोनों देशों के लिए, व्यापक क्षेत्र में स्थिरता के लिए और पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। डोबिन्स ने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बेहतर होते संबंधों का समर्थन करता है, क्योंकि इससे अफगानिस्तान में संघर्ष को बढ़ावा देने वाले दबावों और तनावों में कमी आएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमारे दृष्टिकोण से संबंधों में सुधार से सबकुछ हासिल किया जा सकता है। एक प्रश्न के जवाब में डोबिन्स ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में भी सुधार हो रहा है। अमेरिका के विदेशमंत्री जॉन केरी ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा किया था। विदेश मंत्री के तौर पर यह उनकी पहली यात्रा थी हालांकि इससे पहले भी वे व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तान की यात्रा कर चुके हैं। डोबिन्स ने इस दौरे की सराहना की। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, हमें लगता है कि यह दोनों देशों के लिए, व्यापक क्षेत्र में स्थिरता के लिए और पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। डोबिन्स ने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बेहतर होते संबंधों का समर्थन करता है, क्योंकि इससे अफगानिस्तान में संघर्ष को बढ़ावा देने वाले दबावों और तनावों में कमी आएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमारे दृष्टिकोण से संबंधों में सुधार से सबकुछ हासिल किया जा सकता है। एक प्रश्न के जवाब में डोबिन्स ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में भी सुधार हो रहा है। अमेरिका के विदेशमंत्री जॉन केरी ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा किया था। विदेश मंत्री के तौर पर यह उनकी पहली यात्रा थी हालांकि इससे पहले भी वे व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तान की यात्रा कर चुके हैं। डोबिन्स ने इस दौरे की सराहना की। उन्होंने कहा, हमारे दृष्टिकोण से संबंधों में सुधार से सबकुछ हासिल किया जा सकता है। एक प्रश्न के जवाब में डोबिन्स ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में भी सुधार हो रहा है। अमेरिका के विदेशमंत्री जॉन केरी ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा किया था। विदेश मंत्री के तौर पर यह उनकी पहली यात्रा थी हालांकि इससे पहले भी वे व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तान की यात्रा कर चुके हैं। डोबिन्स ने इस दौरे की सराहना की। अमेरिका के विदेशमंत्री जॉन केरी ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा किया था। विदेश मंत्री के तौर पर यह उनकी पहली यात्रा थी हालांकि इससे पहले भी वे व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तान की यात्रा कर चुके हैं। डोबिन्स ने इस दौरे की सराहना की।
यह एक सारांश है: अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि परमाणु शक्ति सम्पन्न भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह का संघर्ष न केवल दक्षिण एशिया के इन दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच बल्कि क्षेत्र और दुनिया के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चंडीगढ़ को सौर नगर के तौर पर विकसित करने की योजना के तहत यहां धनस झील में 10 किलोवाट पीक (केडब्ल्यूपी) का एक प्रायोगिक तैरता सौर बिजली संयंत्र शुरू किया गया है। इस संयंत्र से धनस झील में लगे फव्वारों को बिजली की आपूर्ति होगी। सौर बिजली संयंत्र में दोहरे एक्सिस वाली ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग किया गया है जिसे भारत में ही विकसित किया गया है। इससे जमीन पर बने सौर फोटोवोल्टेइक संयंत्रों के मुकाबले 30 प्रतिशत या इससे अधिक उर्जा का उत्पादन होगा। चंडीगढ़ को सौर नगर बनाने के लिए येलो 2 जेन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने चंडीगढ़ रीन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलाजी (क्रेस्ट) के साथ 0के जरिये तैरते संयंत्र के विकास का प्रस्ताव किया है। येलो ने हाल में 10 किलोवाट की परियोजना का कार्यान्वयन किया है।टिप्पणियां येलो 2 जेन एनर्जी के निदेशक और सह संस्थापक जीवन मोहंती ने कहा, "येलो द्वारा डिजाइन किए गए 10 किलोवाट पीक के तैरते सौर बिजली संयंत्र की लागत करीब 12 लाख रुपये है।" सरकार ने इससे पहले चंडीगढ़ को मॉडल सौर नगर के तौर पर विकसित करने के लिए चुना है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सौर बिजली संयंत्र में दोहरे एक्सिस वाली ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग किया गया है जिसे भारत में ही विकसित किया गया है। इससे जमीन पर बने सौर फोटोवोल्टेइक संयंत्रों के मुकाबले 30 प्रतिशत या इससे अधिक उर्जा का उत्पादन होगा। चंडीगढ़ को सौर नगर बनाने के लिए येलो 2 जेन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने चंडीगढ़ रीन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलाजी (क्रेस्ट) के साथ 0के जरिये तैरते संयंत्र के विकास का प्रस्ताव किया है। येलो ने हाल में 10 किलोवाट की परियोजना का कार्यान्वयन किया है।टिप्पणियां येलो 2 जेन एनर्जी के निदेशक और सह संस्थापक जीवन मोहंती ने कहा, "येलो द्वारा डिजाइन किए गए 10 किलोवाट पीक के तैरते सौर बिजली संयंत्र की लागत करीब 12 लाख रुपये है।" सरकार ने इससे पहले चंडीगढ़ को मॉडल सौर नगर के तौर पर विकसित करने के लिए चुना है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चंडीगढ़ को सौर नगर बनाने के लिए येलो 2 जेन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने चंडीगढ़ रीन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलाजी (क्रेस्ट) के साथ 0के जरिये तैरते संयंत्र के विकास का प्रस्ताव किया है। येलो ने हाल में 10 किलोवाट की परियोजना का कार्यान्वयन किया है।टिप्पणियां येलो 2 जेन एनर्जी के निदेशक और सह संस्थापक जीवन मोहंती ने कहा, "येलो द्वारा डिजाइन किए गए 10 किलोवाट पीक के तैरते सौर बिजली संयंत्र की लागत करीब 12 लाख रुपये है।" सरकार ने इससे पहले चंडीगढ़ को मॉडल सौर नगर के तौर पर विकसित करने के लिए चुना है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) येलो 2 जेन एनर्जी के निदेशक और सह संस्थापक जीवन मोहंती ने कहा, "येलो द्वारा डिजाइन किए गए 10 किलोवाट पीक के तैरते सौर बिजली संयंत्र की लागत करीब 12 लाख रुपये है।" सरकार ने इससे पहले चंडीगढ़ को मॉडल सौर नगर के तौर पर विकसित करने के लिए चुना है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चंडीगढ़ का धनस झील में लगाया गया है तैरता सौर ऊर्जा संयंत्र। जमीन पर लगने वाले सोलर पैनल से 30 प्रतिशत तक ज्यादा बिजली बनाएगा। चंडीगढ़ को सौर नगर के तौर पर विकसित करने का है प्लान।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र में सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को उम्मीद है कि सर्वदलीय बैठक में खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफएडीआई) के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध खत्म हो जाएगा। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) मल्टी ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर संसद में चर्चा एवं मतदान कराने की मांग कर रही हैं। भाजपा एवं माकपा ने इस मांग को लेकर संसद की कार्यवाही ठप कर रखी है। संसद का शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर को शुरू हुआ। लेकिन सरकार सिर्फ चर्चा कराने के लिए ही तैयार है। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। लोकसभा के नेता एवं केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को कांग्रेस की कोर ग्रुप की बैठक के बाद कहा था, "सरकार एफडीआई पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन मतदान के साथ नहीं। हम गतिरोध खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।" संसदीय कार्यमंत्री का कार्यभार सम्भालने के बाद कमल नाथ के लिए विपक्षी दलों को मनाना पहली परीक्षा है। सूत्रों के अनुसार एफडीआई पर मत विभाजन में हारने पर भी सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन इसे राजनीतिक शर्मिंदगी के तौर पर देखा जाएगा। इससे पहले, केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था।टिप्पणियां मुलायम सिंह मल्टीब्रांड खुदरा में एफडीआई का विरोध करते हैं और उनकी पार्टी मत विभाजन के समय सदन से अनुपस्थित रह सकती है। बसपा भी ऐसा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) मल्टी ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर संसद में चर्चा एवं मतदान कराने की मांग कर रही हैं। भाजपा एवं माकपा ने इस मांग को लेकर संसद की कार्यवाही ठप कर रखी है। संसद का शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर को शुरू हुआ। लेकिन सरकार सिर्फ चर्चा कराने के लिए ही तैयार है। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। लोकसभा के नेता एवं केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को कांग्रेस की कोर ग्रुप की बैठक के बाद कहा था, "सरकार एफडीआई पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन मतदान के साथ नहीं। हम गतिरोध खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।" संसदीय कार्यमंत्री का कार्यभार सम्भालने के बाद कमल नाथ के लिए विपक्षी दलों को मनाना पहली परीक्षा है। सूत्रों के अनुसार एफडीआई पर मत विभाजन में हारने पर भी सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन इसे राजनीतिक शर्मिंदगी के तौर पर देखा जाएगा। इससे पहले, केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था।टिप्पणियां मुलायम सिंह मल्टीब्रांड खुदरा में एफडीआई का विरोध करते हैं और उनकी पार्टी मत विभाजन के समय सदन से अनुपस्थित रह सकती है। बसपा भी ऐसा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है। संसद का शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर को शुरू हुआ। लेकिन सरकार सिर्फ चर्चा कराने के लिए ही तैयार है। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। लोकसभा के नेता एवं केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को कांग्रेस की कोर ग्रुप की बैठक के बाद कहा था, "सरकार एफडीआई पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन मतदान के साथ नहीं। हम गतिरोध खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।" संसदीय कार्यमंत्री का कार्यभार सम्भालने के बाद कमल नाथ के लिए विपक्षी दलों को मनाना पहली परीक्षा है। सूत्रों के अनुसार एफडीआई पर मत विभाजन में हारने पर भी सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन इसे राजनीतिक शर्मिंदगी के तौर पर देखा जाएगा। इससे पहले, केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था।टिप्पणियां मुलायम सिंह मल्टीब्रांड खुदरा में एफडीआई का विरोध करते हैं और उनकी पार्टी मत विभाजन के समय सदन से अनुपस्थित रह सकती है। बसपा भी ऐसा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है। लोकसभा के नेता एवं केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को कांग्रेस की कोर ग्रुप की बैठक के बाद कहा था, "सरकार एफडीआई पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन मतदान के साथ नहीं। हम गतिरोध खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।" संसदीय कार्यमंत्री का कार्यभार सम्भालने के बाद कमल नाथ के लिए विपक्षी दलों को मनाना पहली परीक्षा है। सूत्रों के अनुसार एफडीआई पर मत विभाजन में हारने पर भी सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन इसे राजनीतिक शर्मिंदगी के तौर पर देखा जाएगा। इससे पहले, केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था।टिप्पणियां मुलायम सिंह मल्टीब्रांड खुदरा में एफडीआई का विरोध करते हैं और उनकी पार्टी मत विभाजन के समय सदन से अनुपस्थित रह सकती है। बसपा भी ऐसा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है। संसदीय कार्यमंत्री का कार्यभार सम्भालने के बाद कमल नाथ के लिए विपक्षी दलों को मनाना पहली परीक्षा है। सूत्रों के अनुसार एफडीआई पर मत विभाजन में हारने पर भी सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन इसे राजनीतिक शर्मिंदगी के तौर पर देखा जाएगा। इससे पहले, केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था।टिप्पणियां मुलायम सिंह मल्टीब्रांड खुदरा में एफडीआई का विरोध करते हैं और उनकी पार्टी मत विभाजन के समय सदन से अनुपस्थित रह सकती है। बसपा भी ऐसा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है। सूत्रों के अनुसार एफडीआई पर मत विभाजन में हारने पर भी सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन इसे राजनीतिक शर्मिंदगी के तौर पर देखा जाएगा। इससे पहले, केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था।टिप्पणियां मुलायम सिंह मल्टीब्रांड खुदरा में एफडीआई का विरोध करते हैं और उनकी पार्टी मत विभाजन के समय सदन से अनुपस्थित रह सकती है। बसपा भी ऐसा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है। इससे पहले, केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था।टिप्पणियां मुलायम सिंह मल्टीब्रांड खुदरा में एफडीआई का विरोध करते हैं और उनकी पार्टी मत विभाजन के समय सदन से अनुपस्थित रह सकती है। बसपा भी ऐसा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है। मुलायम सिंह मल्टीब्रांड खुदरा में एफडीआई का विरोध करते हैं और उनकी पार्टी मत विभाजन के समय सदन से अनुपस्थित रह सकती है। बसपा भी ऐसा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है। प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों को मामले से अवगत कराया है।
यहाँ एक सारांश है:केंद्र में सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को उम्मीद है कि सर्वदलीय बैठक में खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफएडीआई) के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध खत्म हो जाएगा।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज ने आखिरी घंटे में तीन विकेट लेकर पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन अच्छी वापसी की. पाकिस्तान ने पहले विकेट के लिए155 रन की साझेदारी की थी लेकिन दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक उसका स्कोर तीन विकेट पर 172 रन था. वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 312 रन बनाए थे. पाकिस्तान अभी उससे 140 रन पीछे है. अजहर अली ने एक छोर संभाले रखा है और वह 81 रन पर खेल रहे हैं.उन्होंने और अहमद शहजाद (70) ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाकर पाकिस्तान को अच्छी शुरूआत दिलाई थी.टिप्पणियां  अजहर के साथ कप्तान मिस्‍बाह उल हक सात रन पर खेल रहे हैं. लेग स्पिनर देवेंद्र बिशू ने 53 रन देकर दो विकेट लिए. उन्‍होंने पहले शहजाद को स्लिप में कैच कराकर पहले विकेट की शतकीय साझेदारी तोड़ी और इसके बाद अनुभवी यूनुस खान का कीमती विकेट भी लिया जो खाता भी नहीं खोल पाए. यूनिस ने उनकी गेंद पुल करके मिडविकेट पर शैनोन गैब्रियल को कैच थमाया. इस बीच गैब्रियल ने बाबर आजम का अपनी ही गेंद पर कैच लिया. आजम और यूनुस दोनों खाता नहीं खोल पाए. इससे पहले शहजाद का भाग्य ने साथ दिया. पारी के शुरू में ही विशाल सिंह ने मिड ऑन पर उनका कैच छोड़ा. इसके बाद जब वह 21 रन पर थे तब उन्हें एलबीडब्‍ल्‍यू आउट दे दिया गया था लेकिन रीप्ले से पता चला कि यह नोबॉल है और फैसला बदल दिया गया. वेस्टइंडीज की तरफ से पहली पारी में रोस्टन चेज ने 131 और कप्तान जैसन होल्डर ने 58 रन बनाए थे. पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद अब्बास ने चार, मोहम्मद आमिर ने तीन और यासिर शाह ने दो विकेट लिए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  अजहर के साथ कप्तान मिस्‍बाह उल हक सात रन पर खेल रहे हैं. लेग स्पिनर देवेंद्र बिशू ने 53 रन देकर दो विकेट लिए. उन्‍होंने पहले शहजाद को स्लिप में कैच कराकर पहले विकेट की शतकीय साझेदारी तोड़ी और इसके बाद अनुभवी यूनुस खान का कीमती विकेट भी लिया जो खाता भी नहीं खोल पाए. यूनिस ने उनकी गेंद पुल करके मिडविकेट पर शैनोन गैब्रियल को कैच थमाया. इस बीच गैब्रियल ने बाबर आजम का अपनी ही गेंद पर कैच लिया. आजम और यूनुस दोनों खाता नहीं खोल पाए. इससे पहले शहजाद का भाग्य ने साथ दिया. पारी के शुरू में ही विशाल सिंह ने मिड ऑन पर उनका कैच छोड़ा. इसके बाद जब वह 21 रन पर थे तब उन्हें एलबीडब्‍ल्‍यू आउट दे दिया गया था लेकिन रीप्ले से पता चला कि यह नोबॉल है और फैसला बदल दिया गया. वेस्टइंडीज की तरफ से पहली पारी में रोस्टन चेज ने 131 और कप्तान जैसन होल्डर ने 58 रन बनाए थे. पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद अब्बास ने चार, मोहम्मद आमिर ने तीन और यासिर शाह ने दो विकेट लिए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रोस्‍टन चेज के शतक से इंडीज ने पहली पारी में बनाए 312 रन पहले विकेट के लिए पाकिस्‍तान ने की शतकीय साझेदारी शहजाद ने बनाए 70 रन, अजहर अली 81 रन पर हैं नाबाद
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोलकाता में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कोलकाता के एक नामी स्कूल के टॉयलेट में शुक्रवार को एक किशोरी की बुरी तरह घायल अवस्था में मिली. उसकी कलाई कटी हुई थी और चेहरे पर प्लास्टिक बंधा हुआ था. जानकारी के मुताबिक किशोरी स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा थी. आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां मौत हो गई. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है. पुलिस मौके पर पहुंच गई है और छानबीन जारी है.   सूत्रों के मुताबिक छात्रा करीब 1.40 बजे टॉयलेट के लिए निकली थी. जब 20 मिनट बाद भी वह नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू हुई. थोड़ी देर बाद स्कूल टॉयलेट में ही वह बुरी तरह लहुलूहान अवस्था में मिली. कलाई कटी हुई थी. अनुमान लगाया जा रहा है कि छात्रा ने अपनी कलाई काटने के दौरान खुद ही चेहरे पर प्लास्टिक बांधा होगा. ताकि चीख बाहर तक न पहुंचे. घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया.
संक्षिप्त पाठ: कोलकाता के एक नामी स्कूल का मामला घायल अवस्था में मिली 10वीं की छात्रा कलाई कटी हुई थी, अस्पताल में दम तोड़ा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजद के नेता मगंगवार की शाम को मंथन करने के बाद भले ही ऑन रिकॉर्ड यह कह रहे हों कि तेजस्‍वी का इस्‍तीफा देने का सवाल ही नहीं है लेकिन ऑफ द रिकॉर्ड मानते हैं कि राजनीतिक द्वेष के अलावा उनके पास कोई ऐसा तथ्‍य या तर्क नहीं है जिससे वे नीतीश को संतुष्‍ट कर सकें. राजद के वरिष्‍ठ नेता यह भी मानते हैं कि नीतीश कुमार ने जिस प्रकार से सीबीआई से पूछताछ या कोर्ट के फैसले या चार्जशीट का इंतजार किए बिना जो शर्त रखी है, फिलहाल पार्टी उनकी यह मांग मानने में असमर्थ है. हालांकि वे ये भी मानते हैं कि यदि लालू यादव महागठबंधन को बचाने के लिए तेजस्‍वी या सभी राजद मंत्रियों का इस्‍तीफा करा भी दें लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि क्‍या इससे नीतीश कुमार या उनकी पार्टी तालमेल जारी रखेगी. वहीं दूसरी तरफ जदयू नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने मन बना लिया है कि महागठबंधन का भविष्‍य अब बहुत ज्‍यादा दिन नहीं रहने वाला है और नीतीश के विश्‍वास का मुख्‍य आधार यही है कि उनको सीबीआई के आरोपों के बारे में सीबीआई के अधिकारियों से भी कहीं अधिक मालूम हैं कि रेल मंत्रालय से लेकर मॉल निर्माण तक तक जो गड़बडि़यां पिछले 12 वर्षों तक जारी रही, उनके हर तथ्‍य के बारे में उनको समग्रता से जानकारी है, जिसके आधार पर कम से कम इस मामले में लालू और उनके परिजनों को निर्दोष मानने की गलतफहमी नहीं पालते.टिप्पणियां वैसे भी नीतीश कुमार का भ्रष्‍टाचार के मामले में रुख एकदम साफ है. अतीत में पांच मंत्रियों को इन आरोपों के चलते इस्‍तीफा देना पड़ा है और नीतीश कुमार की सार्वजनिक जीवन में छवि ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है. मंगलवार को जदयू की बैठक के दौरान नीतीश के करीबी सांसद आरसीपी सिंह और मंत्री ललन सिंह ने साफ शब्‍दों में इस बात को कहा भी था कि हमारी पार्टी के पास व्‍यापक जातियों का जनाधार नहीं है लेकिन आपकी साफ छवि के कारण हर जाति और समुदाय का समर्थन है और अगर ये नहीं बचा तो फिर राजनीति में हम अप्रासंगिक हो जाएंगे? उधर कांग्रेस नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से तेजस्‍वी यादव को अल्‍टीमेटम देकर एक तरीके से महागठबंधन को तिलांजलि देने की भूमिका तैयार कर दी है और उनका मानना है कि नीतीश कुमार अब कब इस महागठबंधन को बाय-बाय कहेंगे, उसका समय नीतीश ही तय करेंगे. कांग्रेस को वैसे तो नीतीश्‍ा से कोई शिकायत है लेकिन उसका मानना है कि यदि लालू और नीतीश मिल-बैठकर बातचीत करें तो समस्‍या का समाधान निकल सकता है. हालांकि कांग्रेसी नेता मानते हैं कि यदि नीतीश ने मन बना लिया है तो महागठबंधन के भविष्‍य पर सवालिया निशाल खड़ा हो जाता है और नीतीश के भविष्‍य में बीजेपी के साथ जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. वहीं दूसरी तरफ जदयू नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने मन बना लिया है कि महागठबंधन का भविष्‍य अब बहुत ज्‍यादा दिन नहीं रहने वाला है और नीतीश के विश्‍वास का मुख्‍य आधार यही है कि उनको सीबीआई के आरोपों के बारे में सीबीआई के अधिकारियों से भी कहीं अधिक मालूम हैं कि रेल मंत्रालय से लेकर मॉल निर्माण तक तक जो गड़बडि़यां पिछले 12 वर्षों तक जारी रही, उनके हर तथ्‍य के बारे में उनको समग्रता से जानकारी है, जिसके आधार पर कम से कम इस मामले में लालू और उनके परिजनों को निर्दोष मानने की गलतफहमी नहीं पालते.टिप्पणियां वैसे भी नीतीश कुमार का भ्रष्‍टाचार के मामले में रुख एकदम साफ है. अतीत में पांच मंत्रियों को इन आरोपों के चलते इस्‍तीफा देना पड़ा है और नीतीश कुमार की सार्वजनिक जीवन में छवि ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है. मंगलवार को जदयू की बैठक के दौरान नीतीश के करीबी सांसद आरसीपी सिंह और मंत्री ललन सिंह ने साफ शब्‍दों में इस बात को कहा भी था कि हमारी पार्टी के पास व्‍यापक जातियों का जनाधार नहीं है लेकिन आपकी साफ छवि के कारण हर जाति और समुदाय का समर्थन है और अगर ये नहीं बचा तो फिर राजनीति में हम अप्रासंगिक हो जाएंगे? उधर कांग्रेस नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से तेजस्‍वी यादव को अल्‍टीमेटम देकर एक तरीके से महागठबंधन को तिलांजलि देने की भूमिका तैयार कर दी है और उनका मानना है कि नीतीश कुमार अब कब इस महागठबंधन को बाय-बाय कहेंगे, उसका समय नीतीश ही तय करेंगे. कांग्रेस को वैसे तो नीतीश्‍ा से कोई शिकायत है लेकिन उसका मानना है कि यदि लालू और नीतीश मिल-बैठकर बातचीत करें तो समस्‍या का समाधान निकल सकता है. हालांकि कांग्रेसी नेता मानते हैं कि यदि नीतीश ने मन बना लिया है तो महागठबंधन के भविष्‍य पर सवालिया निशाल खड़ा हो जाता है और नीतीश के भविष्‍य में बीजेपी के साथ जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. वहीं दूसरी तरफ जदयू नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने मन बना लिया है कि महागठबंधन का भविष्‍य अब बहुत ज्‍यादा दिन नहीं रहने वाला है और नीतीश के विश्‍वास का मुख्‍य आधार यही है कि उनको सीबीआई के आरोपों के बारे में सीबीआई के अधिकारियों से भी कहीं अधिक मालूम हैं कि रेल मंत्रालय से लेकर मॉल निर्माण तक तक जो गड़बडि़यां पिछले 12 वर्षों तक जारी रही, उनके हर तथ्‍य के बारे में उनको समग्रता से जानकारी है, जिसके आधार पर कम से कम इस मामले में लालू और उनके परिजनों को निर्दोष मानने की गलतफहमी नहीं पालते.टिप्पणियां वैसे भी नीतीश कुमार का भ्रष्‍टाचार के मामले में रुख एकदम साफ है. अतीत में पांच मंत्रियों को इन आरोपों के चलते इस्‍तीफा देना पड़ा है और नीतीश कुमार की सार्वजनिक जीवन में छवि ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है. मंगलवार को जदयू की बैठक के दौरान नीतीश के करीबी सांसद आरसीपी सिंह और मंत्री ललन सिंह ने साफ शब्‍दों में इस बात को कहा भी था कि हमारी पार्टी के पास व्‍यापक जातियों का जनाधार नहीं है लेकिन आपकी साफ छवि के कारण हर जाति और समुदाय का समर्थन है और अगर ये नहीं बचा तो फिर राजनीति में हम अप्रासंगिक हो जाएंगे? उधर कांग्रेस नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से तेजस्‍वी यादव को अल्‍टीमेटम देकर एक तरीके से महागठबंधन को तिलांजलि देने की भूमिका तैयार कर दी है और उनका मानना है कि नीतीश कुमार अब कब इस महागठबंधन को बाय-बाय कहेंगे, उसका समय नीतीश ही तय करेंगे. कांग्रेस को वैसे तो नीतीश्‍ा से कोई शिकायत है लेकिन उसका मानना है कि यदि लालू और नीतीश मिल-बैठकर बातचीत करें तो समस्‍या का समाधान निकल सकता है. हालांकि कांग्रेसी नेता मानते हैं कि यदि नीतीश ने मन बना लिया है तो महागठबंधन के भविष्‍य पर सवालिया निशाल खड़ा हो जाता है और नीतीश के भविष्‍य में बीजेपी के साथ जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. वैसे भी नीतीश कुमार का भ्रष्‍टाचार के मामले में रुख एकदम साफ है. अतीत में पांच मंत्रियों को इन आरोपों के चलते इस्‍तीफा देना पड़ा है और नीतीश कुमार की सार्वजनिक जीवन में छवि ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है. मंगलवार को जदयू की बैठक के दौरान नीतीश के करीबी सांसद आरसीपी सिंह और मंत्री ललन सिंह ने साफ शब्‍दों में इस बात को कहा भी था कि हमारी पार्टी के पास व्‍यापक जातियों का जनाधार नहीं है लेकिन आपकी साफ छवि के कारण हर जाति और समुदाय का समर्थन है और अगर ये नहीं बचा तो फिर राजनीति में हम अप्रासंगिक हो जाएंगे? उधर कांग्रेस नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से तेजस्‍वी यादव को अल्‍टीमेटम देकर एक तरीके से महागठबंधन को तिलांजलि देने की भूमिका तैयार कर दी है और उनका मानना है कि नीतीश कुमार अब कब इस महागठबंधन को बाय-बाय कहेंगे, उसका समय नीतीश ही तय करेंगे. कांग्रेस को वैसे तो नीतीश्‍ा से कोई शिकायत है लेकिन उसका मानना है कि यदि लालू और नीतीश मिल-बैठकर बातचीत करें तो समस्‍या का समाधान निकल सकता है. हालांकि कांग्रेसी नेता मानते हैं कि यदि नीतीश ने मन बना लिया है तो महागठबंधन के भविष्‍य पर सवालिया निशाल खड़ा हो जाता है और नीतीश के भविष्‍य में बीजेपी के साथ जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उधर कांग्रेस नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से तेजस्‍वी यादव को अल्‍टीमेटम देकर एक तरीके से महागठबंधन को तिलांजलि देने की भूमिका तैयार कर दी है और उनका मानना है कि नीतीश कुमार अब कब इस महागठबंधन को बाय-बाय कहेंगे, उसका समय नीतीश ही तय करेंगे. कांग्रेस को वैसे तो नीतीश्‍ा से कोई शिकायत है लेकिन उसका मानना है कि यदि लालू और नीतीश मिल-बैठकर बातचीत करें तो समस्‍या का समाधान निकल सकता है. हालांकि कांग्रेसी नेता मानते हैं कि यदि नीतीश ने मन बना लिया है तो महागठबंधन के भविष्‍य पर सवालिया निशाल खड़ा हो जाता है और नीतीश के भविष्‍य में बीजेपी के साथ जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
यह एक सारांश है: नीतीश कुमार ने तेजस्‍वी यादव को खुद को बेदाग साबित करने को कहा नीतीश के कड़े रुख से महागठबंधन के भविष्‍य पर सवाल उठे नीतीश का अल्‍टीमेटम तेजस्‍वी के बजाय राजद-कांग्रेस को ज्‍यादा है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्पेन के अग्रणी फुटबाल क्लब रियल मेड्रिड के कोच जिनेदिन जिदान ने कहा है कि क्रिस्टीयानो रोनाल्डो ने हमेशा मुश्किल वक्त में टीम का साथ दिया है. रोनाल्डो ने सेविला के खिलाफ स्पेनिश लीग मुकाबले में हैट्रिक लगाई. रियल ने रविवार को खेला गया यह मैच 4-1 से जीता. रोनाल्डो ने रियल के लिए अपना 401वां गोल किया. जिदान ने क्लब की वेबसाइट पर कहा, 'वह गोल करने में तो अव्वल हैं ही, उन्होंने हमेशा मुश्किल समय में टीम के लिए कुछ असाधारण किया है. यही कारण है कि वह सबसे अलग और अद्वितीय हैं.' जिदान ने अपनी पूरी टीम की तारीफ की. उन्होंने कहा, 'यह टीम शानदार है. हमम जब भी मुश्किल में होते हैं तो हमने हमेशा अलग अंदाज का खेल दिखाया है.' जिदान ने क्लब की वेबसाइट पर कहा, 'वह गोल करने में तो अव्वल हैं ही, उन्होंने हमेशा मुश्किल समय में टीम के लिए कुछ असाधारण किया है. यही कारण है कि वह सबसे अलग और अद्वितीय हैं.' जिदान ने अपनी पूरी टीम की तारीफ की. उन्होंने कहा, 'यह टीम शानदार है. हमम जब भी मुश्किल में होते हैं तो हमने हमेशा अलग अंदाज का खेल दिखाया है.'
संक्षिप्त सारांश: रोनाल्डो ने रियल के लिए अपना 401वां गोल किया रियल ने रविवार को खेला गया यह मैच 4-1 से जीता जिदान ने अपनी पूरी टीम की तारीफ की, उन्होंने कहा, 'यह टीम शानदार है
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आगामी पंजाब चुनावों के मद्देनजर चल रही सियासी गहमागहमी के बीच दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज खुलासा करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी ने क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू को सत्‍ता में आने की स्थिति में उपमुख्‍यमंत्री बनाए जाने की पेशकश की थी. लेकिन सिद्धू ने उस ऑफर को ठुकरा दिया था. उल्‍लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से सिद्धू के आप में जाने की अटकलें लग रही थीं. खुद केजरीवाल ने भी इस संबंध में पुष्टि करते हुए कहा था कि सिद्धू के साथ उनकी बातचीत चल रही है. बाद में यह बातचीत टूट गई. हाल में सिद्दू की पत्‍नी नवजोत कौर ने कुछ दिन पहले बीजेपी की सदस्‍यता से इस्‍तीफा देकर कांग्रेस ज्‍वाइन कर ली है. नवजोत कौर के कांग्रेस में जाने के बाद सिद्धू के भी अब कांग्रेस में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं. गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी की तरफ से राज्‍यसभा सदस्‍य थे लेकिन उन्‍होंने अपने अपनी सदस्‍यता छोड़ी और उसके बाद पार्टी की सदस्‍यता से भी इस्‍तीफा दे दिया था. टिप्पणियां माना जाता है कि 2014 में अमृतसर सीट से चुनाव लड़ने के मसले पर सिद्धू और बीजेपी के रिश्‍तों में दरार आ गई थी. सिद्धू  उस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे थे लेकिन अरुण जेटली के वहां से लड़ने की वजह से उनको सीट छोड़नी पड़ी थी. हालां‍कि पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने जेटली को वहां से हरा दिया था. बाद में बीजेपी ने सिद्धू को राज्‍यसभा में भेजा. लेकिन सिद्धू की पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के अगुआ बादल परिवार से भी नहीं बनती थी और बीजेपी का इस पार्टी से गठबंधन है और ये राजग की अहम पार्टी है. इस बार भी ये दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. इन सब वजहों से सिद्धू ने आगामी पंजाब आम चुनावों के मद्देनजर कुछ समय पहले बीजेपी को छोड़ दिया था. उल्‍लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से सिद्धू के आप में जाने की अटकलें लग रही थीं. खुद केजरीवाल ने भी इस संबंध में पुष्टि करते हुए कहा था कि सिद्धू के साथ उनकी बातचीत चल रही है. बाद में यह बातचीत टूट गई. हाल में सिद्दू की पत्‍नी नवजोत कौर ने कुछ दिन पहले बीजेपी की सदस्‍यता से इस्‍तीफा देकर कांग्रेस ज्‍वाइन कर ली है. नवजोत कौर के कांग्रेस में जाने के बाद सिद्धू के भी अब कांग्रेस में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं. गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी की तरफ से राज्‍यसभा सदस्‍य थे लेकिन उन्‍होंने अपने अपनी सदस्‍यता छोड़ी और उसके बाद पार्टी की सदस्‍यता से भी इस्‍तीफा दे दिया था. टिप्पणियां माना जाता है कि 2014 में अमृतसर सीट से चुनाव लड़ने के मसले पर सिद्धू और बीजेपी के रिश्‍तों में दरार आ गई थी. सिद्धू  उस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे थे लेकिन अरुण जेटली के वहां से लड़ने की वजह से उनको सीट छोड़नी पड़ी थी. हालां‍कि पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने जेटली को वहां से हरा दिया था. बाद में बीजेपी ने सिद्धू को राज्‍यसभा में भेजा. लेकिन सिद्धू की पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के अगुआ बादल परिवार से भी नहीं बनती थी और बीजेपी का इस पार्टी से गठबंधन है और ये राजग की अहम पार्टी है. इस बार भी ये दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. इन सब वजहों से सिद्धू ने आगामी पंजाब आम चुनावों के मद्देनजर कुछ समय पहले बीजेपी को छोड़ दिया था. हाल में सिद्दू की पत्‍नी नवजोत कौर ने कुछ दिन पहले बीजेपी की सदस्‍यता से इस्‍तीफा देकर कांग्रेस ज्‍वाइन कर ली है. नवजोत कौर के कांग्रेस में जाने के बाद सिद्धू के भी अब कांग्रेस में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं. गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी की तरफ से राज्‍यसभा सदस्‍य थे लेकिन उन्‍होंने अपने अपनी सदस्‍यता छोड़ी और उसके बाद पार्टी की सदस्‍यता से भी इस्‍तीफा दे दिया था. टिप्पणियां माना जाता है कि 2014 में अमृतसर सीट से चुनाव लड़ने के मसले पर सिद्धू और बीजेपी के रिश्‍तों में दरार आ गई थी. सिद्धू  उस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे थे लेकिन अरुण जेटली के वहां से लड़ने की वजह से उनको सीट छोड़नी पड़ी थी. हालां‍कि पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने जेटली को वहां से हरा दिया था. बाद में बीजेपी ने सिद्धू को राज्‍यसभा में भेजा. लेकिन सिद्धू की पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के अगुआ बादल परिवार से भी नहीं बनती थी और बीजेपी का इस पार्टी से गठबंधन है और ये राजग की अहम पार्टी है. इस बार भी ये दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. इन सब वजहों से सिद्धू ने आगामी पंजाब आम चुनावों के मद्देनजर कुछ समय पहले बीजेपी को छोड़ दिया था. गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी की तरफ से राज्‍यसभा सदस्‍य थे लेकिन उन्‍होंने अपने अपनी सदस्‍यता छोड़ी और उसके बाद पार्टी की सदस्‍यता से भी इस्‍तीफा दे दिया था. टिप्पणियां माना जाता है कि 2014 में अमृतसर सीट से चुनाव लड़ने के मसले पर सिद्धू और बीजेपी के रिश्‍तों में दरार आ गई थी. सिद्धू  उस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे थे लेकिन अरुण जेटली के वहां से लड़ने की वजह से उनको सीट छोड़नी पड़ी थी. हालां‍कि पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने जेटली को वहां से हरा दिया था. बाद में बीजेपी ने सिद्धू को राज्‍यसभा में भेजा. लेकिन सिद्धू की पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के अगुआ बादल परिवार से भी नहीं बनती थी और बीजेपी का इस पार्टी से गठबंधन है और ये राजग की अहम पार्टी है. इस बार भी ये दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. इन सब वजहों से सिद्धू ने आगामी पंजाब आम चुनावों के मद्देनजर कुछ समय पहले बीजेपी को छोड़ दिया था. माना जाता है कि 2014 में अमृतसर सीट से चुनाव लड़ने के मसले पर सिद्धू और बीजेपी के रिश्‍तों में दरार आ गई थी. सिद्धू  उस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे थे लेकिन अरुण जेटली के वहां से लड़ने की वजह से उनको सीट छोड़नी पड़ी थी. हालां‍कि पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने जेटली को वहां से हरा दिया था. बाद में बीजेपी ने सिद्धू को राज्‍यसभा में भेजा. लेकिन सिद्धू की पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के अगुआ बादल परिवार से भी नहीं बनती थी और बीजेपी का इस पार्टी से गठबंधन है और ये राजग की अहम पार्टी है. इस बार भी ये दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. इन सब वजहों से सिद्धू ने आगामी पंजाब आम चुनावों के मद्देनजर कुछ समय पहले बीजेपी को छोड़ दिया था. बाद में बीजेपी ने सिद्धू को राज्‍यसभा में भेजा. लेकिन सिद्धू की पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के अगुआ बादल परिवार से भी नहीं बनती थी और बीजेपी का इस पार्टी से गठबंधन है और ये राजग की अहम पार्टी है. इस बार भी ये दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. इन सब वजहों से सिद्धू ने आगामी पंजाब आम चुनावों के मद्देनजर कुछ समय पहले बीजेपी को छोड़ दिया था.
सारांश: सिद्दू ने आप के ऑफर को ठुकराया कुछ समय पहले सिद्दू ने बीजेपी छोड़ दी थी अब कांग्रेस में उनके जाने की लगाई जा रही अटकलें
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के गृह नगर रांची में भारत को विश्व कप जिताने के लिए पूजा और मन्नतें तो हो ही रही हैं, साथ ही क्रिकेटरों के नाम की मिठाइयां भी बेची जा रही हैं। रांची में मिठाई के एक बड़े दुकानदार ने अपने यहां कप्तान धोनी के नाम पर धोनी लड्डू, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम पर सचिन बर्फी और वीरेंद्र सहवाग के नाम पर सहवाग खीर बना रखे हैं। दुकान के मालिक राजेंद्र साहू ने बताया, रांची माही की गृह नगरी है और यहां लोगों में माही को विश्व विजेता बनाने की होड़ है। मैं भी उनका नाम विश्व क्रिकेट में स्वर्णाक्षरों में लिखा देखना चाहता हूं, लेकिन इसके लिए पहले उनके नाम की मिठाई बनाकर मैं शुभ मुहूर्त करना चाहता था। धोनी के नाम के लड्डू ग्राहक भी बड़े शौक से खा रहे हैं और लोगों में बांट भी रहे हैं। साहू की देखादेखी रांची में अनेक अन्य दुकानों में भी हलवाइयों ने भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के नाम पर मिठाइयां बनानी प्रारंभ कर दी हैं। इससे उनकी बिक्री भी बढ़ गई है। धोनी के अलावा यहां मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम पर बर्फी और सहवाग के नाम पर खीर भी तैयार की जा रही है। मिठाई खा रही स्मिता ने कहा भारतीय क्रिकेट टीम के विश्व कप जीतने के लिए ही हम लोग इतने चाव से अपने खिलाड़ियों के नाम की मिठाई से मुंह मीठा कर रहे हैं, लेकिन इसकी मिठास तब और बढ़ जाएगी, जब टीम विश्व कप जीतकर लाएगी। इस बीच, धोनी और उनके धुरंधरों की जीत के लिए धोनी के अपने आस्था के केंद्र रांची के दिउड़ी मंदिर में शनिवार को विशेष पूजन का आयोजन किया गया। लोगों ने यहां माता रानी का पूजन कर भारतीय क्रिकेट टीम की सफलता के लिए दुआएं मांगी। धोनी जब भी रांची आते हैं, तो इस प्राचीन मंदिर में सपरिवार मत्था टेकने जाते हैं।
सारांश: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के गृह नगर रांची में भारत को विश्व कप जिताने के लिए पूजा और मन्नतें तो हो ही रही हैं, साथ ही क्रिकेटरों के नाम की मिठाइयां भी बेची जा रही हैं।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वह राहुल गांधी के सरकार में शामिल होने का स्वागत करेंगे। मनमोहन ने संवाददाताओं से कहा, मैंने हमेशा कहा है कि मैं राहुल गांधी के सरकार में शामिल होने का स्वागत करूंगा।टिप्पणियां पिछले महीने राहुल गांधी ने कहा था कि वह कांग्रेस और सरकार में और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगे, लेकिन इसका समय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तय करेंगे। अगले सप्ताह मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यह होगा, तो आपको पता चल जाएगा। भारत की आर्थिक वृद्धि पर रेटिंग एजेंसी मूडीज के पूर्वानुमान के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, यह चिंता की बात है, लेकिन हमें निराधार निष्कर्ष नहीं निकालने चाहिए। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर पिछले साल के 6.5 प्रतिशत से बेहतर रहेगी। पिछले महीने राहुल गांधी ने कहा था कि वह कांग्रेस और सरकार में और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगे, लेकिन इसका समय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तय करेंगे। अगले सप्ताह मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यह होगा, तो आपको पता चल जाएगा। भारत की आर्थिक वृद्धि पर रेटिंग एजेंसी मूडीज के पूर्वानुमान के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, यह चिंता की बात है, लेकिन हमें निराधार निष्कर्ष नहीं निकालने चाहिए। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर पिछले साल के 6.5 प्रतिशत से बेहतर रहेगी। भारत की आर्थिक वृद्धि पर रेटिंग एजेंसी मूडीज के पूर्वानुमान के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, यह चिंता की बात है, लेकिन हमें निराधार निष्कर्ष नहीं निकालने चाहिए। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर पिछले साल के 6.5 प्रतिशत से बेहतर रहेगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि मैं राहुल गांधी के सरकार में शामिल होने का स्वागत करूंगा। अगले सप्ताह मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यह होगा, तो आपको पता चल जाएगा।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय स्टार सानिया मिर्जा को 20 जून से शुरू होने वाले विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के एकल में कड़ा ड्रा मिला है जबकि सोमदेव देववर्मन यदि पहले तीन मैच जीतने में सफल रहते हैं तो चौथे दौर में उनका रोजर फेडरर से भिड़ने का सपना पूरा हो सकता है। विंबलडन के डाले गए ड्रा के अनुसार सानिया महिला एकल के पहले दौर में फ्रांस की वर्जीनी रज्जानो से जबकि सोमदेव जर्मनी के डेनिस ग्रेमेलमायर से भिड़ेंगे। सानिया को शुरुआती बाधा पार करने के बाद दूसरे दौर में ही दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी कारोलिन वोजनियास्की से भिड़ना पड़ सकता है। विश्व में 60वें नंबर की सानिया अब तक केवल एक बार रज्जानो से भिड़ी है। वर्तमान में 90वें रैकिंग की फ्रांसीसी खिलाड़ी ने 2007 में लांस एंजिल्स में खेले गए इस मैच में सानिया पर सीधे सेटों में जीत दर्ज की थी। सानिया विंबलडन में अभी तक कभी दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाई हैं। एटीपी रैंकिंग में 68वें नंबर पर काबिज सोमदेव के लिए पहले दौर में 110वें नंबर के ग्रेमेलमायर से मुकाबला कड़ा होने की संभावना नहीं है लेकिन दूसरे दौर में ही उन्हें रूस के 18वीं वरीय माइकल यूज्नी का सामना करना पड़ सकता है। यदि वह चौथे दौर तक पहुंचने में सफल रहे तो फिर उन्हें विंबलडन के बादशाह और छह बार के चैंपियन फेडरर के खिलाफ कोर्ट पर उतरने का मौका मिल सकता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय स्टार सानिया मिर्जा को 20 जून से शुरू होने वाले विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के एकल में कड़ा ड्रा मिला है।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: राज्‍य पुलिस को ऐसे व्‍यक्ति से सराहना मिली, जिससे उन्‍होंने संभवतया उम्‍मीद भी नहीं की थी. छह लोगों की कथित रूप से हत्‍या के आरोपी सीरियल किलर संतोष गुलाबराव पोल उर्फ डॉ डेथ (41) ने पुलिस को इस मामले का पर्दाफाश करने के लिए बधाई दी है. इन केसों की गुत्‍थी को सफलतापूर्वक ढंग से सुलझाने के चलते ही डॉ डेथ को पिछले सप्‍ताह पुलिस ने गिरफ्तार किया है.   एसपी संदीप पाटिल को हाथ से लिखे एक नोट में डॉ डेथ के नाम से पहचाने जा रहे संतोष गुलाबराव ने कहा, ''एसपी साहब, सबसे पहले तो मैं आपको सैल्‍यूट करता हूं. सर, आप सोच रहे होंगे कि मैं ऐसा क्‍यों कर रहा हूं तो यह सवाल आपको महकमे (पुलिस) के भ्रष्‍ट अधिकारियों और 2003-2016 के दौरान खामोश पड़े रहे समाज से पूछना चाहिए.'' इस नोट के अंत में एसजी पोल के नाम से साइन किया गया है. मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों ने इस नोट पर विस्‍तार से बोलने या टिप्‍पणी करने पर मना कर दिया.   कथित रूप से फर्जी डिग्री के आधार पर महाराष्‍ट्र के महाबलेश्‍वर-पंचगढ़ी इलाके के छोटे से कस्‍बे वाई में डॉक्‍टरी करने वाले संतोष गुलाबराव उर्फ डॉ डेथ ने पांच महिलाओं और एक व्‍यक्ति की हत्‍या की बात स्‍वीकार की है. एक गुमशुदा महिला मंगल जेधे के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संतोष को पकड़ा. माना जा रहा है कि मंगल जेधे ने संतोष गुलाबराव की आपराधिक गतिविधियों का राजफाश की चेतावनी दी थी, इसीलिए संतोष ने उसकी हत्‍या कर दी. इसके अलावा एसपी संदीप पाटिल ने कहा कि बुधवार को जो गुमशुदा व्‍यक्तियों की तलाश के लिए नई शिकायतें आई हैं, पुलिस की विशेष टीमें इन मामलों की जांच नए सिरे से करेंगी. ये मामले 45 साल के विलास विष्‍णु धागे (2001 से गायब), 21 साल की दीपाली कृष्‍ण सानस (2002 से गायब), 47 साल के महादेव सोनू चिकाने (2012 से गायब)  की गुमशुदगी से संबंधित हैं. ये सभी वाई इलाके के आस-पास के गांवों के रहने वाले थे और संतोष की गिरफ्तारी के बाद इनके रिश्‍तेदार इस मामले की नए सिरे से जांच की मांग कर रहे हैं.टिप्पणियां इसके अलावा 2006 में लापता हुईं एक अन्‍य महिला वनिता नरहरि गायकवाड की बॉडी भी पुलिस तलाश रही है. माना जा रहा है कि संतोष ने एक एंबुलेंस में घातक इंजेक्‍शन देकर उसकी हत्‍या कर दी और कृष्‍णा नदी के जलाशय में उसकी बॉडी फेंक दी. इस संबंध में एसपी संदीप पाटिल का कहना है, ''हम लोग नदी के उमरेज और कराड क्षेत्र में जारी तलाश से जल्‍द ही कुछ निकलने की उम्‍मीद कर रहे हैं.'' इसके साथ ही मंगलवार को संतोष पोल के फार्महाउस से प्राप्‍त हुए पीडि़तों के अवशेषों की फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्‍ट के लिए मुंबई के केईएम अस्‍पताल के मेडिकल विशेषज्ञों का एक दल वाई पहुंचा है. एसपी संदीप पाटिल को हाथ से लिखे एक नोट में डॉ डेथ के नाम से पहचाने जा रहे संतोष गुलाबराव ने कहा, ''एसपी साहब, सबसे पहले तो मैं आपको सैल्‍यूट करता हूं. सर, आप सोच रहे होंगे कि मैं ऐसा क्‍यों कर रहा हूं तो यह सवाल आपको महकमे (पुलिस) के भ्रष्‍ट अधिकारियों और 2003-2016 के दौरान खामोश पड़े रहे समाज से पूछना चाहिए.'' इस नोट के अंत में एसजी पोल के नाम से साइन किया गया है. मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों ने इस नोट पर विस्‍तार से बोलने या टिप्‍पणी करने पर मना कर दिया.   कथित रूप से फर्जी डिग्री के आधार पर महाराष्‍ट्र के महाबलेश्‍वर-पंचगढ़ी इलाके के छोटे से कस्‍बे वाई में डॉक्‍टरी करने वाले संतोष गुलाबराव उर्फ डॉ डेथ ने पांच महिलाओं और एक व्‍यक्ति की हत्‍या की बात स्‍वीकार की है. एक गुमशुदा महिला मंगल जेधे के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संतोष को पकड़ा. माना जा रहा है कि मंगल जेधे ने संतोष गुलाबराव की आपराधिक गतिविधियों का राजफाश की चेतावनी दी थी, इसीलिए संतोष ने उसकी हत्‍या कर दी. इसके अलावा एसपी संदीप पाटिल ने कहा कि बुधवार को जो गुमशुदा व्‍यक्तियों की तलाश के लिए नई शिकायतें आई हैं, पुलिस की विशेष टीमें इन मामलों की जांच नए सिरे से करेंगी. ये मामले 45 साल के विलास विष्‍णु धागे (2001 से गायब), 21 साल की दीपाली कृष्‍ण सानस (2002 से गायब), 47 साल के महादेव सोनू चिकाने (2012 से गायब)  की गुमशुदगी से संबंधित हैं. ये सभी वाई इलाके के आस-पास के गांवों के रहने वाले थे और संतोष की गिरफ्तारी के बाद इनके रिश्‍तेदार इस मामले की नए सिरे से जांच की मांग कर रहे हैं.टिप्पणियां इसके अलावा 2006 में लापता हुईं एक अन्‍य महिला वनिता नरहरि गायकवाड की बॉडी भी पुलिस तलाश रही है. माना जा रहा है कि संतोष ने एक एंबुलेंस में घातक इंजेक्‍शन देकर उसकी हत्‍या कर दी और कृष्‍णा नदी के जलाशय में उसकी बॉडी फेंक दी. इस संबंध में एसपी संदीप पाटिल का कहना है, ''हम लोग नदी के उमरेज और कराड क्षेत्र में जारी तलाश से जल्‍द ही कुछ निकलने की उम्‍मीद कर रहे हैं.'' इसके साथ ही मंगलवार को संतोष पोल के फार्महाउस से प्राप्‍त हुए पीडि़तों के अवशेषों की फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्‍ट के लिए मुंबई के केईएम अस्‍पताल के मेडिकल विशेषज्ञों का एक दल वाई पहुंचा है. कथित रूप से फर्जी डिग्री के आधार पर महाराष्‍ट्र के महाबलेश्‍वर-पंचगढ़ी इलाके के छोटे से कस्‍बे वाई में डॉक्‍टरी करने वाले संतोष गुलाबराव उर्फ डॉ डेथ ने पांच महिलाओं और एक व्‍यक्ति की हत्‍या की बात स्‍वीकार की है. एक गुमशुदा महिला मंगल जेधे के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संतोष को पकड़ा. माना जा रहा है कि मंगल जेधे ने संतोष गुलाबराव की आपराधिक गतिविधियों का राजफाश की चेतावनी दी थी, इसीलिए संतोष ने उसकी हत्‍या कर दी. इसके अलावा एसपी संदीप पाटिल ने कहा कि बुधवार को जो गुमशुदा व्‍यक्तियों की तलाश के लिए नई शिकायतें आई हैं, पुलिस की विशेष टीमें इन मामलों की जांच नए सिरे से करेंगी. ये मामले 45 साल के विलास विष्‍णु धागे (2001 से गायब), 21 साल की दीपाली कृष्‍ण सानस (2002 से गायब), 47 साल के महादेव सोनू चिकाने (2012 से गायब)  की गुमशुदगी से संबंधित हैं. ये सभी वाई इलाके के आस-पास के गांवों के रहने वाले थे और संतोष की गिरफ्तारी के बाद इनके रिश्‍तेदार इस मामले की नए सिरे से जांच की मांग कर रहे हैं.टिप्पणियां इसके अलावा 2006 में लापता हुईं एक अन्‍य महिला वनिता नरहरि गायकवाड की बॉडी भी पुलिस तलाश रही है. माना जा रहा है कि संतोष ने एक एंबुलेंस में घातक इंजेक्‍शन देकर उसकी हत्‍या कर दी और कृष्‍णा नदी के जलाशय में उसकी बॉडी फेंक दी. इस संबंध में एसपी संदीप पाटिल का कहना है, ''हम लोग नदी के उमरेज और कराड क्षेत्र में जारी तलाश से जल्‍द ही कुछ निकलने की उम्‍मीद कर रहे हैं.'' इसके साथ ही मंगलवार को संतोष पोल के फार्महाउस से प्राप्‍त हुए पीडि़तों के अवशेषों की फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्‍ट के लिए मुंबई के केईएम अस्‍पताल के मेडिकल विशेषज्ञों का एक दल वाई पहुंचा है. इसके अलावा एसपी संदीप पाटिल ने कहा कि बुधवार को जो गुमशुदा व्‍यक्तियों की तलाश के लिए नई शिकायतें आई हैं, पुलिस की विशेष टीमें इन मामलों की जांच नए सिरे से करेंगी. ये मामले 45 साल के विलास विष्‍णु धागे (2001 से गायब), 21 साल की दीपाली कृष्‍ण सानस (2002 से गायब), 47 साल के महादेव सोनू चिकाने (2012 से गायब)  की गुमशुदगी से संबंधित हैं. ये सभी वाई इलाके के आस-पास के गांवों के रहने वाले थे और संतोष की गिरफ्तारी के बाद इनके रिश्‍तेदार इस मामले की नए सिरे से जांच की मांग कर रहे हैं.टिप्पणियां इसके अलावा 2006 में लापता हुईं एक अन्‍य महिला वनिता नरहरि गायकवाड की बॉडी भी पुलिस तलाश रही है. माना जा रहा है कि संतोष ने एक एंबुलेंस में घातक इंजेक्‍शन देकर उसकी हत्‍या कर दी और कृष्‍णा नदी के जलाशय में उसकी बॉडी फेंक दी. इस संबंध में एसपी संदीप पाटिल का कहना है, ''हम लोग नदी के उमरेज और कराड क्षेत्र में जारी तलाश से जल्‍द ही कुछ निकलने की उम्‍मीद कर रहे हैं.'' इसके साथ ही मंगलवार को संतोष पोल के फार्महाउस से प्राप्‍त हुए पीडि़तों के अवशेषों की फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्‍ट के लिए मुंबई के केईएम अस्‍पताल के मेडिकल विशेषज्ञों का एक दल वाई पहुंचा है. इसके अलावा 2006 में लापता हुईं एक अन्‍य महिला वनिता नरहरि गायकवाड की बॉडी भी पुलिस तलाश रही है. माना जा रहा है कि संतोष ने एक एंबुलेंस में घातक इंजेक्‍शन देकर उसकी हत्‍या कर दी और कृष्‍णा नदी के जलाशय में उसकी बॉडी फेंक दी. इस संबंध में एसपी संदीप पाटिल का कहना है, ''हम लोग नदी के उमरेज और कराड क्षेत्र में जारी तलाश से जल्‍द ही कुछ निकलने की उम्‍मीद कर रहे हैं.'' इसके साथ ही मंगलवार को संतोष पोल के फार्महाउस से प्राप्‍त हुए पीडि़तों के अवशेषों की फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्‍ट के लिए मुंबई के केईएम अस्‍पताल के मेडिकल विशेषज्ञों का एक दल वाई पहुंचा है. इसके साथ ही मंगलवार को संतोष पोल के फार्महाउस से प्राप्‍त हुए पीडि़तों के अवशेषों की फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्‍ट के लिए मुंबई के केईएम अस्‍पताल के मेडिकल विशेषज्ञों का एक दल वाई पहुंचा है.
संक्षिप्त पाठ: एसपी को खत लिखकर यह बात कही अधिकारियों ने टिप्‍पणी करने से मना कर दिया इसको कई हत्‍याओं के मामले में पकड़ा गया है
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी से कोई प्रभाव पड़ने की संभावना खारिज करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि उनकी पदोन्नति से कोई जादू नहीं होगा क्योंकि गुजरात के उनके समकक्ष उत्तर प्रदेश की राजनीति से बमुश्किल वाकिफ हैं। अखिलेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी की पदोन्नति और उनका जादू उत्तर प्रदेश में कुछ नहीं कर पाएगा क्योंकि मोदी को उत्तर प्रदेश की राजनीति की जटिलता बमुश्किल मालूम है और राज्य की जनता उन्हें ठीक से जानती भी नहीं। उनका जादू बस टेलीविजन एवं गुजरात में चलता है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।’’ उनसे भाजपा द्वारा केंद्र की सत्ता में आने के लिए उत्तर प्रदेश पर ज्यादा ध्यान के बारे में सवाल किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हमेशा ही सांप्रदायिक दलों को रोका है जो समाज और देश को बांटने की कोशिश करते हैं। टिप्पणियां अखिलेश ने कहा कि उनके लिए यह आकलन करना मुश्किल होगा कि वैकल्पिक मोर्चा क्या शक्ल लेगी। लेकिन सपा ने हमेशा ही कांग्रेस एवं भाजपा से टकराने में अहम भूमिका निभायी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वैकल्पिक मोर्चा के गठन के लिए जदएस के नेताओं से मिल रहे हैं, उन्होंने कहा कि छोटे दलों के साथ आने से यह अभियान मजबूत होगा। अखिलेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी की पदोन्नति और उनका जादू उत्तर प्रदेश में कुछ नहीं कर पाएगा क्योंकि मोदी को उत्तर प्रदेश की राजनीति की जटिलता बमुश्किल मालूम है और राज्य की जनता उन्हें ठीक से जानती भी नहीं। उनका जादू बस टेलीविजन एवं गुजरात में चलता है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।’’ उनसे भाजपा द्वारा केंद्र की सत्ता में आने के लिए उत्तर प्रदेश पर ज्यादा ध्यान के बारे में सवाल किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हमेशा ही सांप्रदायिक दलों को रोका है जो समाज और देश को बांटने की कोशिश करते हैं। टिप्पणियां अखिलेश ने कहा कि उनके लिए यह आकलन करना मुश्किल होगा कि वैकल्पिक मोर्चा क्या शक्ल लेगी। लेकिन सपा ने हमेशा ही कांग्रेस एवं भाजपा से टकराने में अहम भूमिका निभायी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वैकल्पिक मोर्चा के गठन के लिए जदएस के नेताओं से मिल रहे हैं, उन्होंने कहा कि छोटे दलों के साथ आने से यह अभियान मजबूत होगा। उनसे भाजपा द्वारा केंद्र की सत्ता में आने के लिए उत्तर प्रदेश पर ज्यादा ध्यान के बारे में सवाल किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हमेशा ही सांप्रदायिक दलों को रोका है जो समाज और देश को बांटने की कोशिश करते हैं। टिप्पणियां अखिलेश ने कहा कि उनके लिए यह आकलन करना मुश्किल होगा कि वैकल्पिक मोर्चा क्या शक्ल लेगी। लेकिन सपा ने हमेशा ही कांग्रेस एवं भाजपा से टकराने में अहम भूमिका निभायी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वैकल्पिक मोर्चा के गठन के लिए जदएस के नेताओं से मिल रहे हैं, उन्होंने कहा कि छोटे दलों के साथ आने से यह अभियान मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हमेशा ही सांप्रदायिक दलों को रोका है जो समाज और देश को बांटने की कोशिश करते हैं। टिप्पणियां अखिलेश ने कहा कि उनके लिए यह आकलन करना मुश्किल होगा कि वैकल्पिक मोर्चा क्या शक्ल लेगी। लेकिन सपा ने हमेशा ही कांग्रेस एवं भाजपा से टकराने में अहम भूमिका निभायी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वैकल्पिक मोर्चा के गठन के लिए जदएस के नेताओं से मिल रहे हैं, उन्होंने कहा कि छोटे दलों के साथ आने से यह अभियान मजबूत होगा। अखिलेश ने कहा कि उनके लिए यह आकलन करना मुश्किल होगा कि वैकल्पिक मोर्चा क्या शक्ल लेगी। लेकिन सपा ने हमेशा ही कांग्रेस एवं भाजपा से टकराने में अहम भूमिका निभायी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वैकल्पिक मोर्चा के गठन के लिए जदएस के नेताओं से मिल रहे हैं, उन्होंने कहा कि छोटे दलों के साथ आने से यह अभियान मजबूत होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वैकल्पिक मोर्चा के गठन के लिए जदएस के नेताओं से मिल रहे हैं, उन्होंने कहा कि छोटे दलों के साथ आने से यह अभियान मजबूत होगा।
उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी से कोई प्रभाव पड़ने की संभावना खारिज करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि उनकी पदोन्नति से कोई जादू नहीं होगा क्योंकि गुजरात के उनके समकक्ष उत्तर प्रदेश की राजनीति से बमुश्किल वाकिफ हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुरक्षा एजेंसियों को भारतीय दूतावास के समीप इसी दूतावास से जुड़ी एक अन्य इमारत के परिसर में एक संदिग्ध वस्तु मिली है। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भारतीय दूतावास को एक फोन कॉल आया था जिसमें किसी ने कहा था कि संबंधित परिसर के टॉयलेट में एक बम रखा गया है। सूत्रों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि मंगलवार सुबह इस संदिग्ध वस्तु को ढूंढ निकाला गया जो कि बाद में गैरहानिकारक घोषित किया गया। शुरूआती जांच में पता चला कि कल सुबह 10 बजे भारतीय दूतावास को आया यह कॉल उताह से किया गया था। माना जा रहा है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने कॉल करने के लिए वीआईपी वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल का प्रयोग किया था। सूत्रों के अनुसार कॉल करने वाला व्यक्ति अपने संक्षिप्त संदेश में हिंग्लिश में बोल रहा था, इससे पता लगता है कि वह स्पष्टत: दक्षिण एशियाई मूल का है। इस मामले की जांच कर रही यूएस सीक्रेट सर्विस ने कहा कि जांच अभी जारी है और वह हर संभावना पर नजर रखे हुए हैं। इस मामले की सूचना मिलते ही सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के लोग भारतीय दूतावास पहुंच गए। भारतीय दूतावास और कार्यालय के पास के इलाके की तुरंत घेराबंदी कर दी गई और सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर गहरी खोजबीन की। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा कि इस खोज अभियान के दौरान उन्हें कोई हानिकारक वस्तु नहीं मिली। एहतियातन अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव के घर की भी तलाशी की गई। तब राव अपने घर पर नहीं थी, वह इंडियाना गई हुई थी। राव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘फोन करने वाले गुमनाम व्यक्ति ने कहा कि हमारे दूतावास में बम रखा गया है। पुलिस को बुलाया गया। गहरी तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। हमारे सभी कर्मी सुरक्षित हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने संवाददाताओं को बताया कि बम की धमकी से संबंधित कॉल आने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित तीन भारतीय प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई।टिप्पणियां नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। सूत्रों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि मंगलवार सुबह इस संदिग्ध वस्तु को ढूंढ निकाला गया जो कि बाद में गैरहानिकारक घोषित किया गया। शुरूआती जांच में पता चला कि कल सुबह 10 बजे भारतीय दूतावास को आया यह कॉल उताह से किया गया था। माना जा रहा है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने कॉल करने के लिए वीआईपी वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल का प्रयोग किया था। सूत्रों के अनुसार कॉल करने वाला व्यक्ति अपने संक्षिप्त संदेश में हिंग्लिश में बोल रहा था, इससे पता लगता है कि वह स्पष्टत: दक्षिण एशियाई मूल का है। इस मामले की जांच कर रही यूएस सीक्रेट सर्विस ने कहा कि जांच अभी जारी है और वह हर संभावना पर नजर रखे हुए हैं। इस मामले की सूचना मिलते ही सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के लोग भारतीय दूतावास पहुंच गए। भारतीय दूतावास और कार्यालय के पास के इलाके की तुरंत घेराबंदी कर दी गई और सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर गहरी खोजबीन की। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा कि इस खोज अभियान के दौरान उन्हें कोई हानिकारक वस्तु नहीं मिली। एहतियातन अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव के घर की भी तलाशी की गई। तब राव अपने घर पर नहीं थी, वह इंडियाना गई हुई थी। राव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘फोन करने वाले गुमनाम व्यक्ति ने कहा कि हमारे दूतावास में बम रखा गया है। पुलिस को बुलाया गया। गहरी तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। हमारे सभी कर्मी सुरक्षित हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने संवाददाताओं को बताया कि बम की धमकी से संबंधित कॉल आने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित तीन भारतीय प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई।टिप्पणियां नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। शुरूआती जांच में पता चला कि कल सुबह 10 बजे भारतीय दूतावास को आया यह कॉल उताह से किया गया था। माना जा रहा है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने कॉल करने के लिए वीआईपी वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल का प्रयोग किया था। सूत्रों के अनुसार कॉल करने वाला व्यक्ति अपने संक्षिप्त संदेश में हिंग्लिश में बोल रहा था, इससे पता लगता है कि वह स्पष्टत: दक्षिण एशियाई मूल का है। इस मामले की जांच कर रही यूएस सीक्रेट सर्विस ने कहा कि जांच अभी जारी है और वह हर संभावना पर नजर रखे हुए हैं। इस मामले की सूचना मिलते ही सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के लोग भारतीय दूतावास पहुंच गए। भारतीय दूतावास और कार्यालय के पास के इलाके की तुरंत घेराबंदी कर दी गई और सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर गहरी खोजबीन की। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा कि इस खोज अभियान के दौरान उन्हें कोई हानिकारक वस्तु नहीं मिली। एहतियातन अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव के घर की भी तलाशी की गई। तब राव अपने घर पर नहीं थी, वह इंडियाना गई हुई थी। राव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘फोन करने वाले गुमनाम व्यक्ति ने कहा कि हमारे दूतावास में बम रखा गया है। पुलिस को बुलाया गया। गहरी तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। हमारे सभी कर्मी सुरक्षित हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने संवाददाताओं को बताया कि बम की धमकी से संबंधित कॉल आने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित तीन भारतीय प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई।टिप्पणियां नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। सूत्रों के अनुसार कॉल करने वाला व्यक्ति अपने संक्षिप्त संदेश में हिंग्लिश में बोल रहा था, इससे पता लगता है कि वह स्पष्टत: दक्षिण एशियाई मूल का है। इस मामले की जांच कर रही यूएस सीक्रेट सर्विस ने कहा कि जांच अभी जारी है और वह हर संभावना पर नजर रखे हुए हैं। इस मामले की सूचना मिलते ही सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के लोग भारतीय दूतावास पहुंच गए। भारतीय दूतावास और कार्यालय के पास के इलाके की तुरंत घेराबंदी कर दी गई और सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर गहरी खोजबीन की। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा कि इस खोज अभियान के दौरान उन्हें कोई हानिकारक वस्तु नहीं मिली। एहतियातन अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव के घर की भी तलाशी की गई। तब राव अपने घर पर नहीं थी, वह इंडियाना गई हुई थी। राव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘फोन करने वाले गुमनाम व्यक्ति ने कहा कि हमारे दूतावास में बम रखा गया है। पुलिस को बुलाया गया। गहरी तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। हमारे सभी कर्मी सुरक्षित हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने संवाददाताओं को बताया कि बम की धमकी से संबंधित कॉल आने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित तीन भारतीय प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई।टिप्पणियां नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। इस मामले की जांच कर रही यूएस सीक्रेट सर्विस ने कहा कि जांच अभी जारी है और वह हर संभावना पर नजर रखे हुए हैं। इस मामले की सूचना मिलते ही सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के लोग भारतीय दूतावास पहुंच गए। भारतीय दूतावास और कार्यालय के पास के इलाके की तुरंत घेराबंदी कर दी गई और सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर गहरी खोजबीन की। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा कि इस खोज अभियान के दौरान उन्हें कोई हानिकारक वस्तु नहीं मिली। एहतियातन अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव के घर की भी तलाशी की गई। तब राव अपने घर पर नहीं थी, वह इंडियाना गई हुई थी। राव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘फोन करने वाले गुमनाम व्यक्ति ने कहा कि हमारे दूतावास में बम रखा गया है। पुलिस को बुलाया गया। गहरी तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। हमारे सभी कर्मी सुरक्षित हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने संवाददाताओं को बताया कि बम की धमकी से संबंधित कॉल आने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित तीन भारतीय प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई।टिप्पणियां नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। भारतीय दूतावास और कार्यालय के पास के इलाके की तुरंत घेराबंदी कर दी गई और सीक्रेट सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर गहरी खोजबीन की। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा कि इस खोज अभियान के दौरान उन्हें कोई हानिकारक वस्तु नहीं मिली। एहतियातन अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव के घर की भी तलाशी की गई। तब राव अपने घर पर नहीं थी, वह इंडियाना गई हुई थी। राव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘फोन करने वाले गुमनाम व्यक्ति ने कहा कि हमारे दूतावास में बम रखा गया है। पुलिस को बुलाया गया। गहरी तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। हमारे सभी कर्मी सुरक्षित हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने संवाददाताओं को बताया कि बम की धमकी से संबंधित कॉल आने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित तीन भारतीय प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई।टिप्पणियां नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा कि इस खोज अभियान के दौरान उन्हें कोई हानिकारक वस्तु नहीं मिली। एहतियातन अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव के घर की भी तलाशी की गई। तब राव अपने घर पर नहीं थी, वह इंडियाना गई हुई थी। राव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘फोन करने वाले गुमनाम व्यक्ति ने कहा कि हमारे दूतावास में बम रखा गया है। पुलिस को बुलाया गया। गहरी तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। हमारे सभी कर्मी सुरक्षित हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने संवाददाताओं को बताया कि बम की धमकी से संबंधित कॉल आने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित तीन भारतीय प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई।टिप्पणियां नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। राव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘फोन करने वाले गुमनाम व्यक्ति ने कहा कि हमारे दूतावास में बम रखा गया है। पुलिस को बुलाया गया। गहरी तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। हमारे सभी कर्मी सुरक्षित हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने संवाददाताओं को बताया कि बम की धमकी से संबंधित कॉल आने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित तीन भारतीय प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई।टिप्पणियां नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। नुलैंड ने कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारियों ने परिसरों को सुरक्षित बताया है। यहां कोई बम नहीं मिला। इसकी जांच होगी, देखते हैं आगे क्या निकल कर आता है।’’ भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘‘सुरक्षा अधिकारी तुरंत यहां आ गए और इमारत की गहरी तलाशी ली और जांच की। यहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद दूतावास में दोबारा सामान्य कामकाज शुरू हो गया।’’ कुछ महीनों पहले दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। परिसर में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के अपने दूतावासों और कार्यालयों की उच्च सुरक्षा की व्यवस्था से इतर भारतीय दूतावास की सुरक्षा का स्तर उतना नहीं है। दूतावास की सुरक्षा में लगभग आधा दर्जन लोग लगे हैं और बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की बजाय वह भी चपरासी स्तर के कर्मी हैं।
संक्षिप्त पाठ: सुरक्षा एजेंसियों को भारतीय दूतावास के समीप इसी दूतावास से जुड़ी एक अन्य इमारत के परिसर में एक संदिग्ध वस्तु मिली है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन में आरक्षण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। इस बीच हाईकोर्ट ने नए इंटरव्यू पर रोक लगा दी है। 26 जुलाई से स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन के लिए इंटरव्यू होने थे। कोर्ट ने नई भर्ती के इंटरव्यू पर फिलहाल 10 दिन की रोक लगा दी है। यह मामला काफी विवादित है और आरक्षण के नए नियमों के खिलाफ 15 जुलाई को इलाहाबाद में छात्रों ने जबरदस्त तोड़−फोड़ पथराव और आगजनी की थी। इसमें करीब 100 गाड़ियां जला दी गई थीं। आज फैसला आने की संभावना देखते हुए इलाहाबाद में काफी कड़ी सुरक्षा की गई थी। शहर में तीन हजार से ज्यादा पुलिस पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात किए गए थे। साथ ही कई रास्तों की बैरिकेडिंग की गई थी। इलाहाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई थी और सभी स्कूल कॉलेजों को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया था।टिप्पणियां मामले में बहस करने वाले वकील संतोष श्रीवास्तव और कंदर्प मिश्रा ने कहा है कि न्यायाल ने उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। 26 जुलाई से जो मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू होने थे उस पर भी रोक लागू रहेगी। दरअसल आरक्षण के कानून के मुताबिक सिर्फ 50 फीसदी सीटें आरक्षित की जा सकती है, लेकिन यूपी स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ने ऐसे नियम बना दिए हैं कि आरक्षण के दायरे में आने वाले छात्रों के नंबर अगर अधिक होते हैं तो उन्हें जनरल कैटेगरी में भेजा जाता है। ऐसे में प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि आरक्षण 50 फीसदी से बढ़कर 70 फीसदी हो जाता है। यह मामला काफी विवादित है और आरक्षण के नए नियमों के खिलाफ 15 जुलाई को इलाहाबाद में छात्रों ने जबरदस्त तोड़−फोड़ पथराव और आगजनी की थी। इसमें करीब 100 गाड़ियां जला दी गई थीं। आज फैसला आने की संभावना देखते हुए इलाहाबाद में काफी कड़ी सुरक्षा की गई थी। शहर में तीन हजार से ज्यादा पुलिस पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात किए गए थे। साथ ही कई रास्तों की बैरिकेडिंग की गई थी। इलाहाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई थी और सभी स्कूल कॉलेजों को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया था।टिप्पणियां मामले में बहस करने वाले वकील संतोष श्रीवास्तव और कंदर्प मिश्रा ने कहा है कि न्यायाल ने उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। 26 जुलाई से जो मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू होने थे उस पर भी रोक लागू रहेगी। दरअसल आरक्षण के कानून के मुताबिक सिर्फ 50 फीसदी सीटें आरक्षित की जा सकती है, लेकिन यूपी स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ने ऐसे नियम बना दिए हैं कि आरक्षण के दायरे में आने वाले छात्रों के नंबर अगर अधिक होते हैं तो उन्हें जनरल कैटेगरी में भेजा जाता है। ऐसे में प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि आरक्षण 50 फीसदी से बढ़कर 70 फीसदी हो जाता है। आज फैसला आने की संभावना देखते हुए इलाहाबाद में काफी कड़ी सुरक्षा की गई थी। शहर में तीन हजार से ज्यादा पुलिस पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात किए गए थे। साथ ही कई रास्तों की बैरिकेडिंग की गई थी। इलाहाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई थी और सभी स्कूल कॉलेजों को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया था।टिप्पणियां मामले में बहस करने वाले वकील संतोष श्रीवास्तव और कंदर्प मिश्रा ने कहा है कि न्यायाल ने उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। 26 जुलाई से जो मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू होने थे उस पर भी रोक लागू रहेगी। दरअसल आरक्षण के कानून के मुताबिक सिर्फ 50 फीसदी सीटें आरक्षित की जा सकती है, लेकिन यूपी स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ने ऐसे नियम बना दिए हैं कि आरक्षण के दायरे में आने वाले छात्रों के नंबर अगर अधिक होते हैं तो उन्हें जनरल कैटेगरी में भेजा जाता है। ऐसे में प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि आरक्षण 50 फीसदी से बढ़कर 70 फीसदी हो जाता है। मामले में बहस करने वाले वकील संतोष श्रीवास्तव और कंदर्प मिश्रा ने कहा है कि न्यायाल ने उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। 26 जुलाई से जो मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू होने थे उस पर भी रोक लागू रहेगी। दरअसल आरक्षण के कानून के मुताबिक सिर्फ 50 फीसदी सीटें आरक्षित की जा सकती है, लेकिन यूपी स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ने ऐसे नियम बना दिए हैं कि आरक्षण के दायरे में आने वाले छात्रों के नंबर अगर अधिक होते हैं तो उन्हें जनरल कैटेगरी में भेजा जाता है। ऐसे में प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि आरक्षण 50 फीसदी से बढ़कर 70 फीसदी हो जाता है। दरअसल आरक्षण के कानून के मुताबिक सिर्फ 50 फीसदी सीटें आरक्षित की जा सकती है, लेकिन यूपी स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ने ऐसे नियम बना दिए हैं कि आरक्षण के दायरे में आने वाले छात्रों के नंबर अगर अधिक होते हैं तो उन्हें जनरल कैटेगरी में भेजा जाता है। ऐसे में प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि आरक्षण 50 फीसदी से बढ़कर 70 फीसदी हो जाता है।
यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश में स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन में आरक्षण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। इस बीच हाईकोर्ट ने नए इंटरव्यू पर रोक लगा दी है। 26 जुलाई से स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन के लिए इंटरव्यू होने थे। कोर्ट ने नई भर्ती के इंटरव्
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने गुरुवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय भू-भाग चीन के कब्जे में है। पाकिस्तान ने भी पाक अधिकृत कश्मीर के 5,180 वर्ग किलोमीटर भारतीय भू-भाग को गैर-कानूनी रूप से चीन को सौंप रखा है। विदेश राज्य मंत्री ई अहमद ने राज्यसभा को बताया कि चीन अपने और भारत के बीच की अंतरराष्ट्रीय सीमा को विवादित मानता है तथा अरुणाचल प्रदेश में लगभग 90 हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय भू-भाग पर दावा करता है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय भू-भाग चीन के कब्जे में है। चीन तथा पाकिस्तान के बीच दो मार्च 1963 को हुए सीमा करार के तहत पाकिस्तान ने उसके कब्जे वाले कश्मीर की 5,180 वर्ग किलोमीटर भूमि गैर-कानूनी रूप से चीन को सौंप दी। अहमद ने नरेश चंद्र अग्रवाल के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि चीन पक्ष को इस तथ्य के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया गया है कि अरुणाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर भारत के अखंड और अविभाज्य भाग हैं। दोनों देशों ने सीमा विवाद के हल के लिये विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किये हैं, जिनकी अब तक 14 बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात से अवगत है कि चीन तिब्बत और शिनजियांग स्वायत्त क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी संरचना विकसित कर रहा है। इसमें क्विनघाई तिब्बत रेल लाइन शामिल है जिसे शिगाजे और निंगची तक विस्तार दिया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही चीन सड़क तथा हवाई अड्डा सुविधा भी विकसित कर रहा है।
संक्षिप्त पाठ: सरकार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय भू-भाग चीन के कब्जे में है।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों ने 2018 में जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में 328 बार घुसपैठ की कोशिश की, जो बीते पांच साल में सबसे अधिक है. इनमें से 143 प्रयासों में वे सफल रहे. गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. शुक्रवार को उपलब्ध 2018-19 की रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में बीते साल 257 आतंकवादी मारे गए और 91 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जो बीते पांच साल में सर्वाधिक है. रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि के दौरान 39 आम लोगों की भी मौत हुई. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान (Pakistan) स्थित आतंकवादी समूहों ने 2018 में 328 बार जम्मू-कश्मीर में घुसने की कोशिश की, जिनमें से 143 प्रयासों में वे सफल रहे. रिपोर्ट के अनुसार 2017 में घुसपैठ के 419 प्रयास किये गए, जिनमें से 136 सफल रहे. 2016 में ऐसी 371 कोशिशें की गईं, जिनमें से 119 सफल रहीं. वहीं 2015 में 121 बार घुसपैठ का प्रयास किया गया, जिनमें से 33 में उन्हें सफलता मिली. 2014 में 222 बार घुसपैठ की कोशिश हुई और 65 कोशिशें सफल रहीं. रिपोर्ट के अनुसार 2018 में जम्मू-कश्मीर में हुई 614 आतंकी घटनाओं में कुल 257 आतंकवादी मारे गए, 91 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 39 लोगों की जान चली गई. रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 2018 में सुरक्षाकर्मियों की शहादत, आतंकवादियों के ढेर होने और आतंकी घटनाओं के आंकड़े बीते पांच साल में सबसे ज्यादा रहे. वहीं 2017 में 342 आतंकी घटनाएं हुईं, जिनमें 213 आतंकवादी मारे गए, 80 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 40 नागरिकों की मौत हुई. इसी प्रकार 2016 में हुईं 322 आतंकी घटनाओं में 150 आतंकवादी मारे गए, 82 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 15 आम लोगों की मौत हुई जबकि 2015 में 208 आतंकी घटनाएं हुईं, जिनमें 108 आतंकवादी मारे गए, 39 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 17 लोगों की जान गई. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 में जम्मू-कश्मीर 222 आतंकी घटनाएं हुईं, जिनमें 110 आतंकवादी ढेर हुए, 47 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 28 आम लोगों की मौत हुई. गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है, "जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की शुरुआत (1990 में) के बाद से 31 मार्च 2019 तक 14,024 लोगों की मौत हो चुकी है और 5,273 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं.
जम्मू-कश्मीर में 328 बार हुई आतंकी घुसपैठ की कोशिश गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ खुलासा जम्मू-कश्मीर में बीते साल 257 आतंकवादी मारे गए
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कश्मीर की स्थिति पर ट्वीट करने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (Arif Alvi) को ट्विटर ने नोटिस भेजा है. मानवाधिकार मंत्री शिरीन मंजरी ने राष्ट्रपति अल्वी को ट्विटर के अधिकारियों से मिले मेल का स्क्रीन शॉट पोस्ट किया है और कहा कि नोटिस ‘सही नहीं है और यह दुर्भाग्यपूर्ण' है. राष्ट्रपति अल्वी ने एक वीडियो ट्वीट किया था जिसमें कश्मीर मुद्दे को लेकर प्रदर्शन होता दिख रहा है. संचार मंत्री मुराद सईद ने रविवार को कहा कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट से उन्हें भी नोटिस मिला है कि उनके एक ट्वीट से भारतीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है. इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने पिछले हफ्ते कहा था कि अधिकारियों ने ट्विटर और फेसबुक के समक्ष मामले को उठाते हुए आरोप लगाया कि कश्मीर के समर्थन में पोस्ट के लिए पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट को बंद किया जा रहा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘कश्मीर के समर्थन में पोस्ट करने के लिए पाकिस्तानी अकाउंट को बंद करने का मामला पाकिस्तानी अधिकारियों ने ट्विटर और फेसबुक के समक्ष उठाया है.'
सारांश: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी की किरकिरी ट्विटर ने भेजा पाक राष्ट्रपति को नोटिस कहा- ट्वीट से भारतीय कानूनों का उल्लंघन हुआ
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: नोवाक जोकोविच, एंडी मर्रे और सेरेना विलियम्स ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में आसान जीत के साथ अगले दौर में जगह बनाई, लेकिन एंडी रोडिक मांसपेशियों में खिंचाव के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए। महिला वर्ग में विंबलडन चैंपियन पेट्रा क्विटोवा बाहर होने से बाल-बाल बची। पिछले चैंपियन जोकोविच ने कोलंबिया के सैंटियागो गिराल्डो को 6-3, 6-2, 6-1 से हराया, जबकि सेरेना ने अपने करियर की 500वीं जीत दर्ज की। उन्होंने चेक गणराज्य की बारबोरा झालवोवा स्ट्रीकोवा को 6-0, 6-4 से पराजित किया। ब्रिटेन के चौथी वरीयता प्राप्त एंडी मर्रे ने भी अपनी शानदार फॉर्म का नजारा पेश किया तथा फ्रांस के एडुआर्ड रोजर वैसलिन को दो घंटे से भी कम समय में 6-1, 6-4, 6-4 से हराया। उनका अगला मुकाबला एक अन्य फ्रांसीसी माइकल लोड्रा से होगा। हेविट अब कनाडा के मिलोस राओनिच से भिड़ेंगे। दूसरी वरीयता प्राप्त क्विटोवा को हालांकि कालरे सुरेज नवारो के खिलाफ तीन सेट तक जूझना पड़ा। उन्होंने पहला सेट आसानी से जीत लिया, लेकिन दूसरा सेट गंवाने के बाद तीसरे सेट में भी उन्हें अपनी प्रतिद्वंद्वी से कड़ी चुनौती मिली। उधर, पूर्व चैंपियन मारिया शारापोवा ने अब तक दो मैच में केवल दो गेम गंवाए हैं। उन्होंने अमेरिका की जेमी हैम्पटन को 6-0, 6-1 से हराया। पिछले साल चार में से तीन ग्रैंडस्लैम जीतने वाले जोकोविच ने अपनी वही फार्म यहां भी बरकरार रखी है। उन्होंने आसान जीत के बाद कहा, ‘‘मैं यहां शुरुआती दौर में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को कमजोर नहीं आंक रहा हूं। सैंटियागो ने शुरू में काफी अच्छी हिटिंग की, लेकिन मुझे पता था कि कभी न कभी उसकी लय गड़बड़ाएगी और मुझे उसी मौके का इंतजार था।’’ सेरेना ने जीत से 47 ग्रैंडस्लैम में से एक को छोड़कर बाकी सभी के तीसरे दौर में पहुंचने का अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा। मैच के आखिर में उनके टखने में दर्द भी हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वह अच्छा महसूस कर रही हैं। महिला वर्ग में सर्बिया की 21वीं वरीय अन्ना इवानोविच ने हालैंड की मिशेला क्राइसेक को 6-2, 6-3 से और रूस की सातवीं वरीय वेरा जुएनरेवा ने चेक गणराज्य की लूसी हाड्रेस्का को 6-1, 7-6 से अगले दौर में प्रवेश किया, लेकिन 15वीं वरीयता प्राप्त अनस्तेसिया पावलिचेनकोवा, 25वीं वरीय काइया केनेपी और 29वीं वरीय नादिया पेत्रोवा को दूसरे दौर में ही बाहर का रास्ता देखना पड़ा।टिप्पणियां उधर पुरुष वर्ग में स्पेन के पांचवीं वरीय डेविड फेरर को भी पांच सेट तक पसीना बहाना पड़ा। उन्होंने अमेरिका के रेयान स्वीटिंग को 6-7, 6-2, 3-6, 6-2, 6-3 से हराया। फ्रांस के छठी वरीयता प्राप्त जो विल्फ्रेंड सोंगा ने ब्राजील के रिकाडरे मेलो को 7-5, 6-4, 6-4 से, सर्बिया के नौवीं वरीय जांको टिपसारेविच ने स्पेन के 26वीं वरीय मार्सेल गैनोलर्स को 6-3, 4-6, 7-6, 6-4 से और अर्जेंटीना के जुआन इग्नेसियो चेला ने स्पेन के पाब्लो अंदुयार को 6-4, 6-4, 6-3 से पराजित किया। गेल मोंफिल्स ने ब्राजील के थामस बेलुची और जुलियन बेनेट्यू ने जाइल्स सिमन को शिकस्त दी। कनाडा के मिलोस राओनिच ने जर्मनी के फिलिप पेट्श्नेर को 6-4 , 5-7, 6-2, 7-5 से हराया। महिला वर्ग में चीन की झेंग जेई ने इटली की वरीय रोबर्टा विंची को सीधे सेटों में हराकर उलटफेर किया। वहीं सारा इरानी ने नादिया पेत्रोवा को परास्त किया। महिला वर्ग में विंबलडन चैंपियन पेट्रा क्विटोवा बाहर होने से बाल-बाल बची। पिछले चैंपियन जोकोविच ने कोलंबिया के सैंटियागो गिराल्डो को 6-3, 6-2, 6-1 से हराया, जबकि सेरेना ने अपने करियर की 500वीं जीत दर्ज की। उन्होंने चेक गणराज्य की बारबोरा झालवोवा स्ट्रीकोवा को 6-0, 6-4 से पराजित किया। ब्रिटेन के चौथी वरीयता प्राप्त एंडी मर्रे ने भी अपनी शानदार फॉर्म का नजारा पेश किया तथा फ्रांस के एडुआर्ड रोजर वैसलिन को दो घंटे से भी कम समय में 6-1, 6-4, 6-4 से हराया। उनका अगला मुकाबला एक अन्य फ्रांसीसी माइकल लोड्रा से होगा। हेविट अब कनाडा के मिलोस राओनिच से भिड़ेंगे। दूसरी वरीयता प्राप्त क्विटोवा को हालांकि कालरे सुरेज नवारो के खिलाफ तीन सेट तक जूझना पड़ा। उन्होंने पहला सेट आसानी से जीत लिया, लेकिन दूसरा सेट गंवाने के बाद तीसरे सेट में भी उन्हें अपनी प्रतिद्वंद्वी से कड़ी चुनौती मिली। उधर, पूर्व चैंपियन मारिया शारापोवा ने अब तक दो मैच में केवल दो गेम गंवाए हैं। उन्होंने अमेरिका की जेमी हैम्पटन को 6-0, 6-1 से हराया। पिछले साल चार में से तीन ग्रैंडस्लैम जीतने वाले जोकोविच ने अपनी वही फार्म यहां भी बरकरार रखी है। उन्होंने आसान जीत के बाद कहा, ‘‘मैं यहां शुरुआती दौर में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को कमजोर नहीं आंक रहा हूं। सैंटियागो ने शुरू में काफी अच्छी हिटिंग की, लेकिन मुझे पता था कि कभी न कभी उसकी लय गड़बड़ाएगी और मुझे उसी मौके का इंतजार था।’’ सेरेना ने जीत से 47 ग्रैंडस्लैम में से एक को छोड़कर बाकी सभी के तीसरे दौर में पहुंचने का अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा। मैच के आखिर में उनके टखने में दर्द भी हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वह अच्छा महसूस कर रही हैं। महिला वर्ग में सर्बिया की 21वीं वरीय अन्ना इवानोविच ने हालैंड की मिशेला क्राइसेक को 6-2, 6-3 से और रूस की सातवीं वरीय वेरा जुएनरेवा ने चेक गणराज्य की लूसी हाड्रेस्का को 6-1, 7-6 से अगले दौर में प्रवेश किया, लेकिन 15वीं वरीयता प्राप्त अनस्तेसिया पावलिचेनकोवा, 25वीं वरीय काइया केनेपी और 29वीं वरीय नादिया पेत्रोवा को दूसरे दौर में ही बाहर का रास्ता देखना पड़ा।टिप्पणियां उधर पुरुष वर्ग में स्पेन के पांचवीं वरीय डेविड फेरर को भी पांच सेट तक पसीना बहाना पड़ा। उन्होंने अमेरिका के रेयान स्वीटिंग को 6-7, 6-2, 3-6, 6-2, 6-3 से हराया। फ्रांस के छठी वरीयता प्राप्त जो विल्फ्रेंड सोंगा ने ब्राजील के रिकाडरे मेलो को 7-5, 6-4, 6-4 से, सर्बिया के नौवीं वरीय जांको टिपसारेविच ने स्पेन के 26वीं वरीय मार्सेल गैनोलर्स को 6-3, 4-6, 7-6, 6-4 से और अर्जेंटीना के जुआन इग्नेसियो चेला ने स्पेन के पाब्लो अंदुयार को 6-4, 6-4, 6-3 से पराजित किया। गेल मोंफिल्स ने ब्राजील के थामस बेलुची और जुलियन बेनेट्यू ने जाइल्स सिमन को शिकस्त दी। कनाडा के मिलोस राओनिच ने जर्मनी के फिलिप पेट्श्नेर को 6-4 , 5-7, 6-2, 7-5 से हराया। महिला वर्ग में चीन की झेंग जेई ने इटली की वरीय रोबर्टा विंची को सीधे सेटों में हराकर उलटफेर किया। वहीं सारा इरानी ने नादिया पेत्रोवा को परास्त किया। ब्रिटेन के चौथी वरीयता प्राप्त एंडी मर्रे ने भी अपनी शानदार फॉर्म का नजारा पेश किया तथा फ्रांस के एडुआर्ड रोजर वैसलिन को दो घंटे से भी कम समय में 6-1, 6-4, 6-4 से हराया। उनका अगला मुकाबला एक अन्य फ्रांसीसी माइकल लोड्रा से होगा। हेविट अब कनाडा के मिलोस राओनिच से भिड़ेंगे। दूसरी वरीयता प्राप्त क्विटोवा को हालांकि कालरे सुरेज नवारो के खिलाफ तीन सेट तक जूझना पड़ा। उन्होंने पहला सेट आसानी से जीत लिया, लेकिन दूसरा सेट गंवाने के बाद तीसरे सेट में भी उन्हें अपनी प्रतिद्वंद्वी से कड़ी चुनौती मिली। उधर, पूर्व चैंपियन मारिया शारापोवा ने अब तक दो मैच में केवल दो गेम गंवाए हैं। उन्होंने अमेरिका की जेमी हैम्पटन को 6-0, 6-1 से हराया। पिछले साल चार में से तीन ग्रैंडस्लैम जीतने वाले जोकोविच ने अपनी वही फार्म यहां भी बरकरार रखी है। उन्होंने आसान जीत के बाद कहा, ‘‘मैं यहां शुरुआती दौर में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को कमजोर नहीं आंक रहा हूं। सैंटियागो ने शुरू में काफी अच्छी हिटिंग की, लेकिन मुझे पता था कि कभी न कभी उसकी लय गड़बड़ाएगी और मुझे उसी मौके का इंतजार था।’’ सेरेना ने जीत से 47 ग्रैंडस्लैम में से एक को छोड़कर बाकी सभी के तीसरे दौर में पहुंचने का अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा। मैच के आखिर में उनके टखने में दर्द भी हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वह अच्छा महसूस कर रही हैं। महिला वर्ग में सर्बिया की 21वीं वरीय अन्ना इवानोविच ने हालैंड की मिशेला क्राइसेक को 6-2, 6-3 से और रूस की सातवीं वरीय वेरा जुएनरेवा ने चेक गणराज्य की लूसी हाड्रेस्का को 6-1, 7-6 से अगले दौर में प्रवेश किया, लेकिन 15वीं वरीयता प्राप्त अनस्तेसिया पावलिचेनकोवा, 25वीं वरीय काइया केनेपी और 29वीं वरीय नादिया पेत्रोवा को दूसरे दौर में ही बाहर का रास्ता देखना पड़ा।टिप्पणियां उधर पुरुष वर्ग में स्पेन के पांचवीं वरीय डेविड फेरर को भी पांच सेट तक पसीना बहाना पड़ा। उन्होंने अमेरिका के रेयान स्वीटिंग को 6-7, 6-2, 3-6, 6-2, 6-3 से हराया। फ्रांस के छठी वरीयता प्राप्त जो विल्फ्रेंड सोंगा ने ब्राजील के रिकाडरे मेलो को 7-5, 6-4, 6-4 से, सर्बिया के नौवीं वरीय जांको टिपसारेविच ने स्पेन के 26वीं वरीय मार्सेल गैनोलर्स को 6-3, 4-6, 7-6, 6-4 से और अर्जेंटीना के जुआन इग्नेसियो चेला ने स्पेन के पाब्लो अंदुयार को 6-4, 6-4, 6-3 से पराजित किया। गेल मोंफिल्स ने ब्राजील के थामस बेलुची और जुलियन बेनेट्यू ने जाइल्स सिमन को शिकस्त दी। कनाडा के मिलोस राओनिच ने जर्मनी के फिलिप पेट्श्नेर को 6-4 , 5-7, 6-2, 7-5 से हराया। महिला वर्ग में चीन की झेंग जेई ने इटली की वरीय रोबर्टा विंची को सीधे सेटों में हराकर उलटफेर किया। वहीं सारा इरानी ने नादिया पेत्रोवा को परास्त किया। उधर, पूर्व चैंपियन मारिया शारापोवा ने अब तक दो मैच में केवल दो गेम गंवाए हैं। उन्होंने अमेरिका की जेमी हैम्पटन को 6-0, 6-1 से हराया। पिछले साल चार में से तीन ग्रैंडस्लैम जीतने वाले जोकोविच ने अपनी वही फार्म यहां भी बरकरार रखी है। उन्होंने आसान जीत के बाद कहा, ‘‘मैं यहां शुरुआती दौर में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को कमजोर नहीं आंक रहा हूं। सैंटियागो ने शुरू में काफी अच्छी हिटिंग की, लेकिन मुझे पता था कि कभी न कभी उसकी लय गड़बड़ाएगी और मुझे उसी मौके का इंतजार था।’’ सेरेना ने जीत से 47 ग्रैंडस्लैम में से एक को छोड़कर बाकी सभी के तीसरे दौर में पहुंचने का अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा। मैच के आखिर में उनके टखने में दर्द भी हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वह अच्छा महसूस कर रही हैं। महिला वर्ग में सर्बिया की 21वीं वरीय अन्ना इवानोविच ने हालैंड की मिशेला क्राइसेक को 6-2, 6-3 से और रूस की सातवीं वरीय वेरा जुएनरेवा ने चेक गणराज्य की लूसी हाड्रेस्का को 6-1, 7-6 से अगले दौर में प्रवेश किया, लेकिन 15वीं वरीयता प्राप्त अनस्तेसिया पावलिचेनकोवा, 25वीं वरीय काइया केनेपी और 29वीं वरीय नादिया पेत्रोवा को दूसरे दौर में ही बाहर का रास्ता देखना पड़ा।टिप्पणियां उधर पुरुष वर्ग में स्पेन के पांचवीं वरीय डेविड फेरर को भी पांच सेट तक पसीना बहाना पड़ा। उन्होंने अमेरिका के रेयान स्वीटिंग को 6-7, 6-2, 3-6, 6-2, 6-3 से हराया। फ्रांस के छठी वरीयता प्राप्त जो विल्फ्रेंड सोंगा ने ब्राजील के रिकाडरे मेलो को 7-5, 6-4, 6-4 से, सर्बिया के नौवीं वरीय जांको टिपसारेविच ने स्पेन के 26वीं वरीय मार्सेल गैनोलर्स को 6-3, 4-6, 7-6, 6-4 से और अर्जेंटीना के जुआन इग्नेसियो चेला ने स्पेन के पाब्लो अंदुयार को 6-4, 6-4, 6-3 से पराजित किया। गेल मोंफिल्स ने ब्राजील के थामस बेलुची और जुलियन बेनेट्यू ने जाइल्स सिमन को शिकस्त दी। कनाडा के मिलोस राओनिच ने जर्मनी के फिलिप पेट्श्नेर को 6-4 , 5-7, 6-2, 7-5 से हराया। महिला वर्ग में चीन की झेंग जेई ने इटली की वरीय रोबर्टा विंची को सीधे सेटों में हराकर उलटफेर किया। वहीं सारा इरानी ने नादिया पेत्रोवा को परास्त किया। सेरेना ने जीत से 47 ग्रैंडस्लैम में से एक को छोड़कर बाकी सभी के तीसरे दौर में पहुंचने का अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा। मैच के आखिर में उनके टखने में दर्द भी हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वह अच्छा महसूस कर रही हैं। महिला वर्ग में सर्बिया की 21वीं वरीय अन्ना इवानोविच ने हालैंड की मिशेला क्राइसेक को 6-2, 6-3 से और रूस की सातवीं वरीय वेरा जुएनरेवा ने चेक गणराज्य की लूसी हाड्रेस्का को 6-1, 7-6 से अगले दौर में प्रवेश किया, लेकिन 15वीं वरीयता प्राप्त अनस्तेसिया पावलिचेनकोवा, 25वीं वरीय काइया केनेपी और 29वीं वरीय नादिया पेत्रोवा को दूसरे दौर में ही बाहर का रास्ता देखना पड़ा।टिप्पणियां उधर पुरुष वर्ग में स्पेन के पांचवीं वरीय डेविड फेरर को भी पांच सेट तक पसीना बहाना पड़ा। उन्होंने अमेरिका के रेयान स्वीटिंग को 6-7, 6-2, 3-6, 6-2, 6-3 से हराया। फ्रांस के छठी वरीयता प्राप्त जो विल्फ्रेंड सोंगा ने ब्राजील के रिकाडरे मेलो को 7-5, 6-4, 6-4 से, सर्बिया के नौवीं वरीय जांको टिपसारेविच ने स्पेन के 26वीं वरीय मार्सेल गैनोलर्स को 6-3, 4-6, 7-6, 6-4 से और अर्जेंटीना के जुआन इग्नेसियो चेला ने स्पेन के पाब्लो अंदुयार को 6-4, 6-4, 6-3 से पराजित किया। गेल मोंफिल्स ने ब्राजील के थामस बेलुची और जुलियन बेनेट्यू ने जाइल्स सिमन को शिकस्त दी। कनाडा के मिलोस राओनिच ने जर्मनी के फिलिप पेट्श्नेर को 6-4 , 5-7, 6-2, 7-5 से हराया। महिला वर्ग में चीन की झेंग जेई ने इटली की वरीय रोबर्टा विंची को सीधे सेटों में हराकर उलटफेर किया। वहीं सारा इरानी ने नादिया पेत्रोवा को परास्त किया। उधर पुरुष वर्ग में स्पेन के पांचवीं वरीय डेविड फेरर को भी पांच सेट तक पसीना बहाना पड़ा। उन्होंने अमेरिका के रेयान स्वीटिंग को 6-7, 6-2, 3-6, 6-2, 6-3 से हराया। फ्रांस के छठी वरीयता प्राप्त जो विल्फ्रेंड सोंगा ने ब्राजील के रिकाडरे मेलो को 7-5, 6-4, 6-4 से, सर्बिया के नौवीं वरीय जांको टिपसारेविच ने स्पेन के 26वीं वरीय मार्सेल गैनोलर्स को 6-3, 4-6, 7-6, 6-4 से और अर्जेंटीना के जुआन इग्नेसियो चेला ने स्पेन के पाब्लो अंदुयार को 6-4, 6-4, 6-3 से पराजित किया। गेल मोंफिल्स ने ब्राजील के थामस बेलुची और जुलियन बेनेट्यू ने जाइल्स सिमन को शिकस्त दी। कनाडा के मिलोस राओनिच ने जर्मनी के फिलिप पेट्श्नेर को 6-4 , 5-7, 6-2, 7-5 से हराया। महिला वर्ग में चीन की झेंग जेई ने इटली की वरीय रोबर्टा विंची को सीधे सेटों में हराकर उलटफेर किया। वहीं सारा इरानी ने नादिया पेत्रोवा को परास्त किया। गेल मोंफिल्स ने ब्राजील के थामस बेलुची और जुलियन बेनेट्यू ने जाइल्स सिमन को शिकस्त दी। कनाडा के मिलोस राओनिच ने जर्मनी के फिलिप पेट्श्नेर को 6-4 , 5-7, 6-2, 7-5 से हराया। महिला वर्ग में चीन की झेंग जेई ने इटली की वरीय रोबर्टा विंची को सीधे सेटों में हराकर उलटफेर किया। वहीं सारा इरानी ने नादिया पेत्रोवा को परास्त किया।
संक्षिप्त सारांश: जोकोविच, मर्रे और सेरेना विलियम्स ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन के अगले दौर में जगह बना ली, लेकिन रोडिक मांसपेशियों में खिंचाव के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद में बहु ब्रांड खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर जारी गतिरोध के समाप्त होने की सम्भावना के साथ ही देश के शेयर बाजारों ने गुरुवार को छलांग लगा दी और एक प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 19,000 की मनोवैज्ञिानिक सीमा के पार पहुंच गया। सेंसेक्स 328.83 अंकों की तेजी के साथ 19,170.91 पर और निफ्टी 97.55 अंकों की तेजी के साथ 5,825.00 पर बंद हुआ। बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर लोकसभा और राज्य सभा में मतदान के प्रावधान वाले नियमों के तहत बहस होगी। लोक सभा में चार और पांच दिसम्बर को नियम 184 के तहत चर्चा होगी, जबकि राज्य सभा में नियम 167 और 168 के तहत चर्चा होगी। निवेशकों ने बहस में सरकार का पलड़ा भारी रहने का भरोसा जताया और शेयर बाजार के आंकड़ों में इसकी ध्वनि सुनाई पड़ी।     बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 31.55 अंकों की तेजी के साथ 18,873.63 पर खुला और 328.83 अंकों यानी 1.75 फीसदी की तेजी के साथ 19,170.91 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,205.33 के ऊपरी और 18,873.63 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बजाज ऑटो (5.01 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.59 फीसदी), टाटा मोटर्स (4.45 फीसदी), सिप्ला (3.59 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी देखी गई। सेंसेक्स में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे हीरो मोटोकॉर्प (1.03 फीसदी), इंफोसिस (0.98 फीसदी), भेल (0.71 फीसदी) और मारुति सुजुकी (0.39 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,736.70 पर खुला और 97.55 अंकों यानी 1.70 फीसदी की तेजी के  साथ 5,825.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,833.50 के ऊपरी और 5,736.10 के निचले स्तर को छुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख रहा। मिडकैप 85.18 अंकों की तेजी के साथ 6,827.02 पर और स्मॉलकैप 32.65 अंकों की तेजी के साथ 7,216.12 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (3.38 फीसदी), बैंकिंग (2.76 फीसदी), वाहन (2.08 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर लोकसभा और राज्य सभा में मतदान के प्रावधान वाले नियमों के तहत बहस होगी। लोक सभा में चार और पांच दिसम्बर को नियम 184 के तहत चर्चा होगी, जबकि राज्य सभा में नियम 167 और 168 के तहत चर्चा होगी। निवेशकों ने बहस में सरकार का पलड़ा भारी रहने का भरोसा जताया और शेयर बाजार के आंकड़ों में इसकी ध्वनि सुनाई पड़ी।     बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 31.55 अंकों की तेजी के साथ 18,873.63 पर खुला और 328.83 अंकों यानी 1.75 फीसदी की तेजी के साथ 19,170.91 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,205.33 के ऊपरी और 18,873.63 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बजाज ऑटो (5.01 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.59 फीसदी), टाटा मोटर्स (4.45 फीसदी), सिप्ला (3.59 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी देखी गई। सेंसेक्स में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे हीरो मोटोकॉर्प (1.03 फीसदी), इंफोसिस (0.98 फीसदी), भेल (0.71 फीसदी) और मारुति सुजुकी (0.39 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,736.70 पर खुला और 97.55 अंकों यानी 1.70 फीसदी की तेजी के  साथ 5,825.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,833.50 के ऊपरी और 5,736.10 के निचले स्तर को छुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख रहा। मिडकैप 85.18 अंकों की तेजी के साथ 6,827.02 पर और स्मॉलकैप 32.65 अंकों की तेजी के साथ 7,216.12 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (3.38 फीसदी), बैंकिंग (2.76 फीसदी), वाहन (2.08 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। निवेशकों ने बहस में सरकार का पलड़ा भारी रहने का भरोसा जताया और शेयर बाजार के आंकड़ों में इसकी ध्वनि सुनाई पड़ी।     बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 31.55 अंकों की तेजी के साथ 18,873.63 पर खुला और 328.83 अंकों यानी 1.75 फीसदी की तेजी के साथ 19,170.91 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,205.33 के ऊपरी और 18,873.63 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बजाज ऑटो (5.01 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.59 फीसदी), टाटा मोटर्स (4.45 फीसदी), सिप्ला (3.59 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी देखी गई। सेंसेक्स में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे हीरो मोटोकॉर्प (1.03 फीसदी), इंफोसिस (0.98 फीसदी), भेल (0.71 फीसदी) और मारुति सुजुकी (0.39 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,736.70 पर खुला और 97.55 अंकों यानी 1.70 फीसदी की तेजी के  साथ 5,825.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,833.50 के ऊपरी और 5,736.10 के निचले स्तर को छुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख रहा। मिडकैप 85.18 अंकों की तेजी के साथ 6,827.02 पर और स्मॉलकैप 32.65 अंकों की तेजी के साथ 7,216.12 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (3.38 फीसदी), बैंकिंग (2.76 फीसदी), वाहन (2.08 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बजाज ऑटो (5.01 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.59 फीसदी), टाटा मोटर्स (4.45 फीसदी), सिप्ला (3.59 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी देखी गई। सेंसेक्स में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे हीरो मोटोकॉर्प (1.03 फीसदी), इंफोसिस (0.98 फीसदी), भेल (0.71 फीसदी) और मारुति सुजुकी (0.39 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,736.70 पर खुला और 97.55 अंकों यानी 1.70 फीसदी की तेजी के  साथ 5,825.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,833.50 के ऊपरी और 5,736.10 के निचले स्तर को छुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख रहा। मिडकैप 85.18 अंकों की तेजी के साथ 6,827.02 पर और स्मॉलकैप 32.65 अंकों की तेजी के साथ 7,216.12 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (3.38 फीसदी), बैंकिंग (2.76 फीसदी), वाहन (2.08 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे हीरो मोटोकॉर्प (1.03 फीसदी), इंफोसिस (0.98 फीसदी), भेल (0.71 फीसदी) और मारुति सुजुकी (0.39 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,736.70 पर खुला और 97.55 अंकों यानी 1.70 फीसदी की तेजी के  साथ 5,825.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,833.50 के ऊपरी और 5,736.10 के निचले स्तर को छुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख रहा। मिडकैप 85.18 अंकों की तेजी के साथ 6,827.02 पर और स्मॉलकैप 32.65 अंकों की तेजी के साथ 7,216.12 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (3.38 फीसदी), बैंकिंग (2.76 फीसदी), वाहन (2.08 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,736.70 पर खुला और 97.55 अंकों यानी 1.70 फीसदी की तेजी के  साथ 5,825.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,833.50 के ऊपरी और 5,736.10 के निचले स्तर को छुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख रहा। मिडकैप 85.18 अंकों की तेजी के साथ 6,827.02 पर और स्मॉलकैप 32.65 अंकों की तेजी के साथ 7,216.12 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (3.38 फीसदी), बैंकिंग (2.76 फीसदी), वाहन (2.08 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख रहा। मिडकैप 85.18 अंकों की तेजी के साथ 6,827.02 पर और स्मॉलकैप 32.65 अंकों की तेजी के साथ 7,216.12 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (3.38 फीसदी), बैंकिंग (2.76 फीसदी), वाहन (2.08 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (3.38 फीसदी), बैंकिंग (2.76 फीसदी), वाहन (2.08 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.05 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।   बीएसई के कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1681 शेयरों में तेजी और 1264 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 119 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
संक्षिप्त पाठ: सेंसेक्स 328.83 अंकों की तेजी के साथ 19,170.91 पर और निफ्टी 97.55 अंकों की तेजी के साथ 5,825.00 पर बंद हुआ।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सत्ता में बराबर की हिस्सेदारी पर शिवसेना (Shiv Sena) के फिर से जोर दिये जाने के बीच इस क्षेत्रीय पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने नयी सरकार में आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है. गौरतलब है कि भाजपा विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन करने में नाकाम रही है. बृहस्पतिवार को घोषित हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ भाजपा को 17 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा. निवर्तमान विधानसभा में भाजपा के पास 122 सीटें हैं. इस घटनाक्रम से राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उद्धव ठाकरे नीत पार्टी कड़ी सौदेबाजी कर सकती है. हालांकि, शिवसेना की सीटों की संख्या भी 2014 के 63 की तुलना में घट कर 56 हो गई है. पड़ोसी ठाणे शहर से विधायक प्रताप सरनाइक ने कहा, ‘‘हम आदित्य ठाकरे को अगला मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. लेकिन उद्धवजी अंतिम फैसला लेंगे.'' उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह कहा. दरअसल, उनसे पूछा गया था कि क्या शिवसेना भाजपा के मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के स्थान पर अपना खुद का मुख्यमंत्री बनाने के लिये कांग्रेस-राकांपा गठजोड़ की मदद लेगी. सरनाइक और अन्य नवनिर्वाचित विधायक पार्टी की एक बैठक में शामिल होने के लिये शनिवार को ‘मातोश्री' (ठाकरे परिवार के आवास) में जुटे. चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ कर शिवसेना में शामिल हुए पार्टी के एक अन्य विधायक अब्दुल सत्तार ने भी सरनाइक के विचार का समर्थन किया. सत्तार ने कहा, ‘‘उद्धवजी इस पर अंतिम फैसला लेंगे.'' उन्हें पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का करीबी सहयोगी माना जाता था. राज्य में 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105, शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की है.  वहीं, राकांपा 54 और कांग्रेस 44 सीटों पर विजयी रही. चुनाव परिणामों से भाजपा को झटका लगा है क्योंकि पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ अपने बूते सरकार बनाने का लक्ष्य रखा था. लेकिन चुनाव नतीजों के बाद बदले राजनीतिक परिदृश्य ने शिवसेना का मनोबल बढ़ा दिया है जो बखूबी जानती है कि वह सौदेबाजी करने की स्थिति में है और मुख्यमंत्री पद के लिये आदित्य के नाम पर मुहर लगवा सकती है. आदित्य(29) 1960 के दशक में पार्टी के गठन के बाद से चुनावी राजनीति में उतरने और जीत हासिल करने वाले ठाकरे परिवार के प्रथम व्यक्ति हो गये हैं. वह मुंबई की वर्ली सीट से जीते हैं, जो शिवसेना का गढ़ है. बृहस्पतिवार को शिवसेना ने अपने कड़े तेवर दिखाते हुए भाजपा को ‘‘50:50 फार्मूले'' की याद दिलाई थी, जिस पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, ठाकरे और फड़णवीस के बीच 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सहमति बनी थी. सूत्रों के मुताबिक इस फार्मूले के मुताबिक शिवसेना और भाजपा के चक्रीय आधार पर मुख्यमंत्री होंगे और दोनों दलों को कैबिनेट में बराबर संख्या में जगह मिलेगी. ठाकरे ने कहा था, ‘‘मैं (शिवसेना) लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कम सीटों पर चुनाव लड़ा. मैं हर बार भाजपा के लिये जगह नहीं छोड़ सकता. मैं भाजपा को उस फार्मूले की याद दिलाना चाहता हूं जो अमित शाह की मौजूदगी में बनाया गया था.''  महाराष्ट्र में कुछ दिलचस्प संभावना के बारे में अटकलें उस वक्त शुरू हुई थी, जब चुनाव नतीजे के दिन पूर्व मुख्यमंत्रियों एवं कांग्रेस के नेता अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि पार्टी को भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिये हर विकल्प पर विचार करना चाहिए. हालांकि, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शिवसेना का समर्थन करने की बात से इनकार किया. वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने भी भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिये शिवसेना से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया.  हालांकि, उन्होंने कहा, ‘‘यदि शिवसेना कोई प्रस्ताव लेकर आती है तो (प्रदेश) कांग्रेस अपने आलाकमान से सलाह मांगेंगी.'' शिवसेना आदित्य का नाम राज्य के अगले मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री के तौर पर पेश कर रही है. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार कहा है कि फड़णवीस मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे. शिवसेना सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को ट्विटर पर एक कार्टून पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा था.
सारांश: शिवसेना विधायकों ने की आदित्य ठाकरे को सीएम बनाने की मांग चुनाव में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रही बीजेपी सत्तारूढ़ भाजपा को 17 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पांच बार की विश्व चैंपियन मुक्केबाज एमसी मैरीकाम ने 12वीं महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप के अंतिम दिन रविवार को भोपाल में 51 किग्रा वर्ग के खिताबी मुकाबले में पिंकी जंगरा को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। मणिपुर की मैरीकाम ने तात्या टोपे स्टेडियम में फ्लाईवेट वर्ग के फाइनल में हरियाणा की मुक्केबाज पिंकी को मात दी। इस जीत के साथ मैरीकाम ने वर्ष 2009 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पिंकी के हाथों मिली हार का बदला भी चुकता कर लिया। पहला राउंड 1-1 से बराबर रहने के बाद मैरीकाम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दूसरा और तीसरा राउंड क्रमश: 3-2 और 4-3 से जीता। अंतिम दौर में भी मणिपुर की इस मुक्केबाज का बेहतरीन प्रदर्शन जारी रहा। मैरीकाम ने फाइनल बाउट कुल 13-9 के स्कोर से जीती। उधर, युवा विश्व चैंपियन मणिपुर की सरजूबाला देवी ने लाइट फ्लाईवेट वर्ग में राष्ट्रीय खिताब जीता। फीदरवेट वर्ग में असम की पविलाओ बासुमातरी को मंदाकिनी चान के हाथों हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। लाइटवेट वर्ग में हरियाणा की नीतू चाहल ने स्वर्ण पदक जीता जबकि मिडलवेट वर्ग का खिताब दिल्ली की कविता गोयत के नाम रहा।
सारांश: मणिपुर की मैरीकाम ने तात्या टोपे स्टेडियम में फ्लाईवेट वर्ग के फाइनल में हरियाणा की मुक्केबाज पिंकी को मात दी।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई पर आतंकवादी हमले के मामले में अपना गुनाह कबूल कर चुके डेविड हेडली ने अल कायदा के कुख्यात आतंकवादी इलियास कश्मीरी के बारे में खुलासा किया है। इलियास कश्मीरी चाहता था कि हेडली अल कायदा में शामिल हो जाए। शिकागो की अदालत में हेडली ने बताया कि जब वह कश्मीरी से मिला था, तो उसने यह पेशकश की थी। कश्मीरी ने कहा था कि उसने हेडली के बारे में काफी कुछ सुना है, इसलिए वह चाहता था कि हेडली लश्कर−ए−तैयबा छोड़कर अल कायदा कैंप में आ जाए। हेडली कश्मीर के एक आतंकवादी कैंप में इलियास कश्मीरी से मिला था। माना जाता है कि इलियास कश्मीरी भी मुंबई हमले की साजिश रचने वालों में शामिल था। हेडली की पत्नी ने मुंबई हमले के लिए उसे बधाई दी थी। यह बात खुद हेडली ने शिकागो कोर्ट को बताई। जिस समय पाकिस्तान के 10 आतंकवादी मुंबई पर हमला कर रहे थे, हेडली की पत्नी शाजिया ने उसे ई−मेल भेजा था। इस ई−मेल में शाजिया ने लिखा था कि मैं दिन भर ये 'कार्टून' देखती रही हूं, मुझे आप पर फख्र है। हेडली की पत्नी ने हमले के लिए 'कार्टून' कोडवर्ड का इस्तेमाल किया था। हेडली ने बताया कि शाजिया के अलावा और भी कई लोगों ने उसे हमले के लिए बधाई दी थी। शाजिया को डेनमार्क पर हमले की योजना की भी जानकारी थी और उसने हेडली के लिए डेनमार्क से फ्रैंकफर्ट होते हुए दुबई और वहां से पाकिस्तान का एयर टिकट बुक किया था। हेडली ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि मेजर इकबाल के पास एक खास सेल फोन था, जिसमें वह अमेरिका का नंबर इस्तेमाल करता था। जब हेडली भारत में होता था, तो मेजर इकाबाल इसी सेल फोन के जरिए उससे संपर्क साधता था। आईएसआई मानती थी कि हेडली अमेरिकी नागरिक है और इससे भारत में उसकी पहचान छुपी रहेगी।
यह एक सारांश है: मुंबई हमले में गुनाह कबूल कर चुके हेडली ने कहा है कि अल कायदा के आतंकी इलियास कश्मीरी ने उसे अल कायदा में शामिल होने की पेशकश की थी।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: वेस्टइंडीज के खिलाफ छह नवम्बर से खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय भारतीय टीम में ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को जगह नहीं मिली है वहीं आर. अश्विन, राहुल शर्मा, अजिंक्य रहाने, उमेश यादव और वरुण एरॉन को पहली बार टेस्ट में मौका मिला है। चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, गौतम गम्भीर और युवराज सिंह की वापसी हुई है। इंग्लैंड दौरे पर गई टीम से बिल्कुल अलग इस टीम में स्पिन गेंदबाजी की जिम्मेदारी अश्विन, प्रज्ञान ओझा और राहुल शर्मा के कंधों पर होगी जबकि तेज गेंदबाजी का भार उमेश यादव और वरुण एरॉन उठाएंगे। इंग्लैंड के साथ एकदिवसीय मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले सुरेश रैना की जगह विराट कोहली को जगह दी गई है। टीम इस प्रकार है : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), गौतम गम्भीर, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, युवराज सिंह, आर. अश्विन, प्रज्ञान ओझा, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, विरोट कोहली, वरुण एरॉन, अजिंक्य रहाने और राहुल शर्मा।
संक्षिप्त सारांश: वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ होने वाले पहले टेस्ट के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो चुका है। सहवाग की वापसी हुई है।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम यांग किम ने वैश्विक स्तर पर खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा अमेरिका और भारत जैसे देशों में सूखे जैसी स्थिति के परिणामस्वरूप गरीबों पर होने वाले इसके प्रभावों के बारे में चिंता जताई है। अमेरिका के सूखे के वैश्विक बाजार पर प्रभाव से बाकी देशों की स्थिति और खराब हो रही है। ये देश मौजूदा समय में मौसम की वजह से उत्पादन की समस्या से जूझ रहे हैं।टिप्पणियां कई यूरोपीय देशों में लगभग निरंतर बरसात गेहूं की फसल के लिए समस्या पैदा कर रही हैं जबकि रूस, उक्रेन और कजाखिस्तान में गेहूं की फसल बरसात की कमी से प्रभावित हो रही है। किम ने कहा, भारत में, मानसून की बरसात करीब 20 प्रतिशत के औसत से कम है। बुआई के लिए जुलाई का महीना काफी महत्वपूर्ण है और अगर बरसात नहीं बढ़ी तो इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। अमेरिका के सूखे के वैश्विक बाजार पर प्रभाव से बाकी देशों की स्थिति और खराब हो रही है। ये देश मौजूदा समय में मौसम की वजह से उत्पादन की समस्या से जूझ रहे हैं।टिप्पणियां कई यूरोपीय देशों में लगभग निरंतर बरसात गेहूं की फसल के लिए समस्या पैदा कर रही हैं जबकि रूस, उक्रेन और कजाखिस्तान में गेहूं की फसल बरसात की कमी से प्रभावित हो रही है। किम ने कहा, भारत में, मानसून की बरसात करीब 20 प्रतिशत के औसत से कम है। बुआई के लिए जुलाई का महीना काफी महत्वपूर्ण है और अगर बरसात नहीं बढ़ी तो इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। कई यूरोपीय देशों में लगभग निरंतर बरसात गेहूं की फसल के लिए समस्या पैदा कर रही हैं जबकि रूस, उक्रेन और कजाखिस्तान में गेहूं की फसल बरसात की कमी से प्रभावित हो रही है। किम ने कहा, भारत में, मानसून की बरसात करीब 20 प्रतिशत के औसत से कम है। बुआई के लिए जुलाई का महीना काफी महत्वपूर्ण है और अगर बरसात नहीं बढ़ी तो इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। किम ने कहा, भारत में, मानसून की बरसात करीब 20 प्रतिशत के औसत से कम है। बुआई के लिए जुलाई का महीना काफी महत्वपूर्ण है और अगर बरसात नहीं बढ़ी तो इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।
संक्षिप्त सारांश: विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम यांग किम ने वैश्विक स्तर पर खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा अमेरिका और भारत जैसे देशों में सूखे जैसी स्थिति के परिणामस्वरूप गरीबों पर होने वाले इसके प्रभावों के बारे में चिंता जताई है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अश्विन ने विलियम्सन के आउट करने के साथ ही टेस्ट क्रिकेट में 200 विकेट पूरे कर लिए. 37वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिलकर अश्विन सबसे तेजी से 200 विकेट लेने वाले गेंदबाजों में वर्ल्ड में दूसरे नंबर आ गए हैं. उनसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर क्लेरी ग्रिमेट (36 टेस्ट) हैं, जबकि तीसरे नंबर पर वकार यूनुस और डेनिस लिली (दोनों 38 टेस्ट) हैं. साथ ही वह भारतीय गेंदबाजों में हरभजन सिंह (46 टेस्ट में 200 विकेट) को पीछे छोड़ते हुए नंबर वन पर पहुंच गए. दिन में एकमात्र विकेट लोकेश राहुल के रूप में गिरा, जो 50 गेंदों में 38 रन बनाकर ईश सोढ़ी का शिकार बने. उन्हें आठवें ओवर में स्पिनर मिचेल सैंटनर की गेंद पर शॉर्ट लेग में जीवनदान भी मिला था, उस समय वह 15 रन पर खेल रहे थे. इससे पहले न्यूजीलैंड की टीम लंच के बाद 262 रन पर ऑलआउट हो गई. इस प्रकार भारत ने पहली पारी के हिसाब से 56 रन की बढ़त हासिल की थी. कीवी टीम से कप्तान केन विलियम्सन ने सबसे अधिक 75 और टॉम लाथम ने 58 रनों की पारी खेली.
यह एक सारांश है: टीम इंडिया कानपुर में खेल रही है अपना 500वां टेस्ट दूसरी पारी में भारत ने हासिल की है 433 रनों की बढ़त न्यूजीलैंड टीम अभी 434 रन के लक्ष्य से है 341 रन पीछे
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हिंद कॉपर (एचसीएल) की चार फीसद हिस्सेदारी बेचने की पेशकश पर बिक्री के लिए रखे गए शेयरों की संख्या से अधिक के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। इसके साथ ही सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों के शेयर बेच कर 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है। स्टॉक एक्सचेंज में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक हिंद कापर के शेयरों की बिक्री के प्रस्ताव पर 3,89,12,793 शेयरों के लिए 603.14 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। सरकार ने इस कंपनी के विनिवेश के लिए पहले चरण में कुल 3,70,08,720 शेयर या चार फीसद हिस्सेदारी एक्सचेंजों पर विशेष खिड़की के जरिए बेचने के लिए शुक्रवार का दिन तय कर रखा था। इसमें न्यूनतम पेशकश मूल्य 155 रुपये प्रति शेयर तय था जो बृहस्पतिवार के बंबई स्टाक एक्सचेंज में इस शेयर के बंद भाव से 41 फीसद कम था। शुक्रवार को इस शेयर का भाव 20 फीसद गिर कर 213.05 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर की बिक्री का पूरा आंकड़ा अभी तैयार नहीं था। वास्तविक बोली अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। दोनों शेयर बाजारों में सरकार की पेशकश पर इस शेयर के लिए बोली सुबह नौ बजकर 15 मिनट से अपराह्न दो बजकर 30 मिनट तक चली।टिप्पणियां एचसीएल के 99.50 फीसद शेयर अभी सरकार के पास हैं। इसमें से शुक्रवार को चार फीसद को बाजार में बिक्री के लिए रखा गया। प्रतिक्रिया अच्छी मिलने पर सरकार ने 9.59 फीसद शेयर बेचने का विकल्प रख रखा था। एचसीएल ने इस पेशकश का 25 फीसद हिस्सा म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा था। इसके साथ ही सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों के शेयर बेच कर 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है। स्टॉक एक्सचेंज में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक हिंद कापर के शेयरों की बिक्री के प्रस्ताव पर 3,89,12,793 शेयरों के लिए 603.14 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। सरकार ने इस कंपनी के विनिवेश के लिए पहले चरण में कुल 3,70,08,720 शेयर या चार फीसद हिस्सेदारी एक्सचेंजों पर विशेष खिड़की के जरिए बेचने के लिए शुक्रवार का दिन तय कर रखा था। इसमें न्यूनतम पेशकश मूल्य 155 रुपये प्रति शेयर तय था जो बृहस्पतिवार के बंबई स्टाक एक्सचेंज में इस शेयर के बंद भाव से 41 फीसद कम था। शुक्रवार को इस शेयर का भाव 20 फीसद गिर कर 213.05 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर की बिक्री का पूरा आंकड़ा अभी तैयार नहीं था। वास्तविक बोली अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। दोनों शेयर बाजारों में सरकार की पेशकश पर इस शेयर के लिए बोली सुबह नौ बजकर 15 मिनट से अपराह्न दो बजकर 30 मिनट तक चली।टिप्पणियां एचसीएल के 99.50 फीसद शेयर अभी सरकार के पास हैं। इसमें से शुक्रवार को चार फीसद को बाजार में बिक्री के लिए रखा गया। प्रतिक्रिया अच्छी मिलने पर सरकार ने 9.59 फीसद शेयर बेचने का विकल्प रख रखा था। एचसीएल ने इस पेशकश का 25 फीसद हिस्सा म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा था। सरकार ने इस कंपनी के विनिवेश के लिए पहले चरण में कुल 3,70,08,720 शेयर या चार फीसद हिस्सेदारी एक्सचेंजों पर विशेष खिड़की के जरिए बेचने के लिए शुक्रवार का दिन तय कर रखा था। इसमें न्यूनतम पेशकश मूल्य 155 रुपये प्रति शेयर तय था जो बृहस्पतिवार के बंबई स्टाक एक्सचेंज में इस शेयर के बंद भाव से 41 फीसद कम था। शुक्रवार को इस शेयर का भाव 20 फीसद गिर कर 213.05 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर की बिक्री का पूरा आंकड़ा अभी तैयार नहीं था। वास्तविक बोली अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। दोनों शेयर बाजारों में सरकार की पेशकश पर इस शेयर के लिए बोली सुबह नौ बजकर 15 मिनट से अपराह्न दो बजकर 30 मिनट तक चली।टिप्पणियां एचसीएल के 99.50 फीसद शेयर अभी सरकार के पास हैं। इसमें से शुक्रवार को चार फीसद को बाजार में बिक्री के लिए रखा गया। प्रतिक्रिया अच्छी मिलने पर सरकार ने 9.59 फीसद शेयर बेचने का विकल्प रख रखा था। एचसीएल ने इस पेशकश का 25 फीसद हिस्सा म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा था। शुक्रवार को इस शेयर का भाव 20 फीसद गिर कर 213.05 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर की बिक्री का पूरा आंकड़ा अभी तैयार नहीं था। वास्तविक बोली अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। दोनों शेयर बाजारों में सरकार की पेशकश पर इस शेयर के लिए बोली सुबह नौ बजकर 15 मिनट से अपराह्न दो बजकर 30 मिनट तक चली।टिप्पणियां एचसीएल के 99.50 फीसद शेयर अभी सरकार के पास हैं। इसमें से शुक्रवार को चार फीसद को बाजार में बिक्री के लिए रखा गया। प्रतिक्रिया अच्छी मिलने पर सरकार ने 9.59 फीसद शेयर बेचने का विकल्प रख रखा था। एचसीएल ने इस पेशकश का 25 फीसद हिस्सा म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा था। इस शेयर की बिक्री का पूरा आंकड़ा अभी तैयार नहीं था। वास्तविक बोली अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। दोनों शेयर बाजारों में सरकार की पेशकश पर इस शेयर के लिए बोली सुबह नौ बजकर 15 मिनट से अपराह्न दो बजकर 30 मिनट तक चली।टिप्पणियां एचसीएल के 99.50 फीसद शेयर अभी सरकार के पास हैं। इसमें से शुक्रवार को चार फीसद को बाजार में बिक्री के लिए रखा गया। प्रतिक्रिया अच्छी मिलने पर सरकार ने 9.59 फीसद शेयर बेचने का विकल्प रख रखा था। एचसीएल ने इस पेशकश का 25 फीसद हिस्सा म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा था। दोनों शेयर बाजारों में सरकार की पेशकश पर इस शेयर के लिए बोली सुबह नौ बजकर 15 मिनट से अपराह्न दो बजकर 30 मिनट तक चली।टिप्पणियां एचसीएल के 99.50 फीसद शेयर अभी सरकार के पास हैं। इसमें से शुक्रवार को चार फीसद को बाजार में बिक्री के लिए रखा गया। प्रतिक्रिया अच्छी मिलने पर सरकार ने 9.59 फीसद शेयर बेचने का विकल्प रख रखा था। एचसीएल ने इस पेशकश का 25 फीसद हिस्सा म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा था। एचसीएल के 99.50 फीसद शेयर अभी सरकार के पास हैं। इसमें से शुक्रवार को चार फीसद को बाजार में बिक्री के लिए रखा गया। प्रतिक्रिया अच्छी मिलने पर सरकार ने 9.59 फीसद शेयर बेचने का विकल्प रख रखा था। एचसीएल ने इस पेशकश का 25 फीसद हिस्सा म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा था। एचसीएल ने इस पेशकश का 25 फीसद हिस्सा म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हिंद कॉपर (एचसीएल) की चार फीसद हिस्सेदारी बेचने की पेशकश पर बिक्री के लिए रखे गए शेयरों की संख्या से अधिक के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: न्‍यूजीलैंड टीम ने जबर्दस्‍त प्रदर्शन करते हुए चौथे वनडे (4th ODI) मैच में भारतीय टीम (India vs New Zealand) को 8 विकेट से पराजित किया. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के नेतृत्‍व वाली भारतीय टीम के लिए हेमिल्‍टन में खेला गया यह मैच हर तरह से निराशाजनक रहा और वह महज 92 रन बनाकर आउट हो गई. जवाब में मेजबान टीम ने 93 रन का टारगेट केवल दो विकेट खोकर हासिल कर लिया.  रोहित शर्मा का यह 200वां वनडे इंटरनेशनल था लेकिन इसके परिणाम ने उन्‍हें बुरी तरह निराश किया. मैच के बाद रोहित शर्मा ने कहा कि लंबे समय बाद भारत ने बल्‍ले से इतना खराब प्रदर्शन किया. उन्‍होंने कहा कि बल्‍लेबाजों का प्रदर्शन इतना खराब रहेगा, हमें इसका अंदाज नहीं था. IND vs NZ 2nd ODI: रोहित शर्मा और शिखर धवन ने इस मामले में सचिन-सहवाग को पीछे छोड़ा रोहित ने न्‍यूजीलैंड की जीत का श्रेय उसके गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन को दिया. उन्‍होंने कहा, वाकई कीवी गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. रोहित ने कहा कि हार के लिए हम खुद दोषी हैं. एक समय टीम ठीकठाक स्थिति में थी लेकिन स्थितियां तेजी से बदलीं और हम मुश्किल में फंस गए. हमारी ओर से कुछ बेहद खराब शॉट खेले गए. रोहित शर्मा ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि सेडन पार्क की विकेट खराब थी. यह बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी लेकिन हम इसमें असफल रहे." भारत को भले ही चौथे वनडे मैच में हार मिली हो लेकिन पहले तीन मैच जीतकर उसने पांच मैचों की इस सीरीज में पहले से ही 3-0 की अजेय बढ़त बनाई हुई थी हालांकि, रोहित का कहना है कि सीरीज जीतने का मतलब यह नहीं कि हम आराम से बैठ जाएं. रोहित ने कहा, "सीरीज जीतने का मतलब यह नहीं है कि हमें अब आराम करना है. हमें आगे बढ़ना जारी रखना है. अच्छी टीमें यहीं करती हैं. हमें अब वेलिंग्टन में खेले जाने वाले पांचवें वनडे मैच का इंतजार है." न्‍यूजीलैंड के कप्‍तान केन विलियमसन ने कहा कि विकेट इस तरह का व्‍यवहार करेगा, हमें इसकी उम्‍मीद नहीं थी. भारतीय टीम को 100 रन के अंदर समेटना बेहतरीन रहा. इसका श्रेय हमारे गेंदबाजों को हैं जिन्‍होंने सही स्‍थान पर गेंद डालीं. आज जीत हासिल करके अच्‍छा लग रहा है. भारत जैसी टीम के खिलाफ यह हमेशा कठिन चुनौती होता है. मैन ऑफ द मैच ट्रेंट बोल्‍ट ने कहा, 'भारतीय टीम को सस्‍ते में आउट करना बेहतरीन रहा. गेंद मूव कर रही थी. मैंने स्विंग कराने के लिए गेंद को आगे रखने की हरसंभव कोशिश की. सीरीज में 0-3 से पिछड़ने के बाद वापसी करना आसान नहीं होता लेकिन हमने अपने आपको अच्‍छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया. '
संक्षिप्त सारांश: कहा, हमारे बल्‍लेबाजों ने खराब शॉट खेले न्‍यूजीलैंड के गेंदबाजों को दिया जीत का श्रेय विलियमसन ने की अपने गेंदबाजों की तारीफ
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['hin']
एक सारांश बनाओ: शरद पवार और उद्धव ठाकरे की किसी अज्ञात जगह पर मुलाकात हुई है.सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस सैद्धांतिक तौर पर समर्थन को तैयार है. सिर्फ सरकार में रहकर या बाहर से ये फैसला होना बाकी है. NCP चाहती है कि कांग्रेस सरकार में शामिल हो. वहीं केंद्रीय कैबिनेट में शामिल के एक मात्र मंत्री अरविंद सावंत ने मंत्रिमंडल से अपना त्यागपत्र दे दिया है. बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस के एक खेमे का कहना कि पार्टी को बाहर से समर्थन करना चाहिए जबकि एक दूसरे गुट का कहना है सरकार में शामिल होना चाहिए जिससे राज्य में नेताओं और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा. इससे पहले कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक खत्म हो गई है और अब शाम 4 बजे महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा. वहीं एनसीपी ने सारा फैसला कांग्रेस पर छोड़ दिया है. पार्टी के नेता नवाब मलिक ने कहा है कि एनसीपी ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है और बिना कांग्रेस को वह कोई फैसला नहीं करेगी. दरअसल एनसीपी शिवसेना की सरकार बनाने में अकेले में कोई भूमिका अदा करने का रिस्क लेना नहीं चाहती है. क्योंकि बीजेपी के पास अब यह कहने का पूरा मौका होगा कि सत्ता के लिए तीनों पार्टियां एकसाथ हो गई हैं. वहीं शिवसेना की दलील है कि जब बीजेपी, पीडीपी के साथ मिलकर सरकार बना सकती है तो शिवसेना एनसीपी-कांग्रेस के साथ क्यों नहीं. आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था. लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ. इसी लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि दोनों पार्टियों की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई.
सारांश: शरद पवार और उद्धव ठाकरे की मुलाकात कांग्रेस 4 बजे करेगी फैसला सैद्धांतिक तौर पर कांग्रेस तैयार
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा है कि खराब मानसून की वजह से आर्थिक विकास दर मौजूदा साल में घटकर 6 फीसदी होने की आशंका है जो पिछले साल से आधा फीसदी कम है। संयोग से इसी दिन मौसम विभाग ने भी मॉनसून को लेकर इस बात का पुख्ता ऐलान कर दिया कि बारिश औसत से 19 फीसदी कम रही।    कम बारिश का सीधा मतलब है कई राज्यों में सूखा तय है। सबसे ज़्यादा फिक्र उत्तर−पश्चिम भारत को लेकर है। अभी तक सौराष्ट्र-कच्छ में 79, दिल्ली−हरियाणा में 71, पश्चिम राजस्थान में 66, पंजाब में 66 कम बारिश हुई है।   सूखे से निपटने की तैयारी में जुटे कृषि मंत्री शरद पवार और ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश सूखा−प्रभावित राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक के बाद मगंलवार को अहमदाबाद पहुंचे और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कम बारिश के असर का जायज़ा लिया। उधर, वर्ल्ड बैंक ने भी चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की उथल-पुथल का असर भी दुनियाभर में खाने−पीने के सामानों पर पड़ेगा। टिप्पणियां वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अमेरिका में भयानक सूखा पड़ा है। अनाज पैदा करने वाले कई दूसरे देशों में हालात ठीक नहीं हैं और इससे बाज़ार में अनाज की कीमतों में भारी हलचल की उम्मीद है। अनिश्चितता के इस माहौल का सबसे बुरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कमज़ोर मॉनसून की वजह से कई फसलों की बुआई इस बार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है और जब पैदावार कम होगी तो आने वाले दिनों में ज़रूरी चीज़े और महंगी होंगी। संयोग से इसी दिन मौसम विभाग ने भी मॉनसून को लेकर इस बात का पुख्ता ऐलान कर दिया कि बारिश औसत से 19 फीसदी कम रही।    कम बारिश का सीधा मतलब है कई राज्यों में सूखा तय है। सबसे ज़्यादा फिक्र उत्तर−पश्चिम भारत को लेकर है। अभी तक सौराष्ट्र-कच्छ में 79, दिल्ली−हरियाणा में 71, पश्चिम राजस्थान में 66, पंजाब में 66 कम बारिश हुई है।   सूखे से निपटने की तैयारी में जुटे कृषि मंत्री शरद पवार और ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश सूखा−प्रभावित राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक के बाद मगंलवार को अहमदाबाद पहुंचे और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कम बारिश के असर का जायज़ा लिया। उधर, वर्ल्ड बैंक ने भी चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की उथल-पुथल का असर भी दुनियाभर में खाने−पीने के सामानों पर पड़ेगा। टिप्पणियां वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अमेरिका में भयानक सूखा पड़ा है। अनाज पैदा करने वाले कई दूसरे देशों में हालात ठीक नहीं हैं और इससे बाज़ार में अनाज की कीमतों में भारी हलचल की उम्मीद है। अनिश्चितता के इस माहौल का सबसे बुरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कमज़ोर मॉनसून की वजह से कई फसलों की बुआई इस बार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है और जब पैदावार कम होगी तो आने वाले दिनों में ज़रूरी चीज़े और महंगी होंगी। कम बारिश का सीधा मतलब है कई राज्यों में सूखा तय है। सबसे ज़्यादा फिक्र उत्तर−पश्चिम भारत को लेकर है। अभी तक सौराष्ट्र-कच्छ में 79, दिल्ली−हरियाणा में 71, पश्चिम राजस्थान में 66, पंजाब में 66 कम बारिश हुई है।   सूखे से निपटने की तैयारी में जुटे कृषि मंत्री शरद पवार और ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश सूखा−प्रभावित राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक के बाद मगंलवार को अहमदाबाद पहुंचे और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कम बारिश के असर का जायज़ा लिया। उधर, वर्ल्ड बैंक ने भी चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की उथल-पुथल का असर भी दुनियाभर में खाने−पीने के सामानों पर पड़ेगा। टिप्पणियां वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अमेरिका में भयानक सूखा पड़ा है। अनाज पैदा करने वाले कई दूसरे देशों में हालात ठीक नहीं हैं और इससे बाज़ार में अनाज की कीमतों में भारी हलचल की उम्मीद है। अनिश्चितता के इस माहौल का सबसे बुरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कमज़ोर मॉनसून की वजह से कई फसलों की बुआई इस बार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है और जब पैदावार कम होगी तो आने वाले दिनों में ज़रूरी चीज़े और महंगी होंगी। सबसे ज़्यादा फिक्र उत्तर−पश्चिम भारत को लेकर है। अभी तक सौराष्ट्र-कच्छ में 79, दिल्ली−हरियाणा में 71, पश्चिम राजस्थान में 66, पंजाब में 66 कम बारिश हुई है।   सूखे से निपटने की तैयारी में जुटे कृषि मंत्री शरद पवार और ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश सूखा−प्रभावित राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक के बाद मगंलवार को अहमदाबाद पहुंचे और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कम बारिश के असर का जायज़ा लिया। उधर, वर्ल्ड बैंक ने भी चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की उथल-पुथल का असर भी दुनियाभर में खाने−पीने के सामानों पर पड़ेगा। टिप्पणियां वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अमेरिका में भयानक सूखा पड़ा है। अनाज पैदा करने वाले कई दूसरे देशों में हालात ठीक नहीं हैं और इससे बाज़ार में अनाज की कीमतों में भारी हलचल की उम्मीद है। अनिश्चितता के इस माहौल का सबसे बुरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कमज़ोर मॉनसून की वजह से कई फसलों की बुआई इस बार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है और जब पैदावार कम होगी तो आने वाले दिनों में ज़रूरी चीज़े और महंगी होंगी। सूखे से निपटने की तैयारी में जुटे कृषि मंत्री शरद पवार और ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश सूखा−प्रभावित राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक के बाद मगंलवार को अहमदाबाद पहुंचे और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कम बारिश के असर का जायज़ा लिया। उधर, वर्ल्ड बैंक ने भी चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की उथल-पुथल का असर भी दुनियाभर में खाने−पीने के सामानों पर पड़ेगा। टिप्पणियां वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अमेरिका में भयानक सूखा पड़ा है। अनाज पैदा करने वाले कई दूसरे देशों में हालात ठीक नहीं हैं और इससे बाज़ार में अनाज की कीमतों में भारी हलचल की उम्मीद है। अनिश्चितता के इस माहौल का सबसे बुरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कमज़ोर मॉनसून की वजह से कई फसलों की बुआई इस बार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है और जब पैदावार कम होगी तो आने वाले दिनों में ज़रूरी चीज़े और महंगी होंगी। उधर, वर्ल्ड बैंक ने भी चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की उथल-पुथल का असर भी दुनियाभर में खाने−पीने के सामानों पर पड़ेगा। टिप्पणियां वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अमेरिका में भयानक सूखा पड़ा है। अनाज पैदा करने वाले कई दूसरे देशों में हालात ठीक नहीं हैं और इससे बाज़ार में अनाज की कीमतों में भारी हलचल की उम्मीद है। अनिश्चितता के इस माहौल का सबसे बुरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कमज़ोर मॉनसून की वजह से कई फसलों की बुआई इस बार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है और जब पैदावार कम होगी तो आने वाले दिनों में ज़रूरी चीज़े और महंगी होंगी। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अमेरिका में भयानक सूखा पड़ा है। अनाज पैदा करने वाले कई दूसरे देशों में हालात ठीक नहीं हैं और इससे बाज़ार में अनाज की कीमतों में भारी हलचल की उम्मीद है। अनिश्चितता के इस माहौल का सबसे बुरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कमज़ोर मॉनसून की वजह से कई फसलों की बुआई इस बार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है और जब पैदावार कम होगी तो आने वाले दिनों में ज़रूरी चीज़े और महंगी होंगी। अनिश्चितता के इस माहौल का सबसे बुरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कमज़ोर मॉनसून की वजह से कई फसलों की बुआई इस बार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है और जब पैदावार कम होगी तो आने वाले दिनों में ज़रूरी चीज़े और महंगी होंगी।
संक्षिप्त सारांश: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा है कि खराब मानसून की वजह से आर्थिक विकास दर मौजूदा साल में घटकर 6 फीसदी होने की आशंका है जो पिछले साल से आधा फीसदी कम है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: Cricket World Cup 2019, India Vs Pakistan: सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के एक और लाजवाब शतक से बड़ा स्कोर बनाने वाले भारत ने रविवार को यहां पाकिस्तान (Pak Vs Ind) को डकवर्थ लुईस पद्वति से 89 रन से करारी शिकस्त देकर विश्व कप में अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ विजय अभियान 7-0 पर पहुंचा दिया. भारत ने विश्व कप (World Cup 2019) में अब तक हमेशा पाकिस्तान को शिकस्त दी है और विराट कोहली की टीम ने भी यह क्रम जारी रखा. भारत ने पांच विकेट पर 336 रन बनाये जिसके जवाब में पाकिस्तान ने जब 35 ओवर में छह विकेट पर 166 रन बनाये थे तभी बारिश आ गयी. बाद में खेल शुरू होने पर पाकिस्तान को 40 ओवर में 302 रन यानि बाकी बचे पांच ओवर में 136 रन का लक्ष्य मिला. पाकिस्तानी टीम छह विकेट पर 212 रन ही बना पायी. मैच के बाद रोहित शर्मा (Rohit Sharma) प्रेस कॉन्फ्रेंड करने पहुंचे. उन्होंने एक सवाल पर ऐसा जवाब दिया कि सभी हंस-हंसकर लोट-पोट हो गए.  एक रिपोर्टर ने पूछा- आप पाकिस्तानी बल्लेबाजों को क्या सलाह देना चाहेंगे. जिससे वो संकट से बाहर निकलें? रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने जवाब देते हुए कहा- 'अगर मैं पाकिस्तान का कोच बना तो बिलकुल बताऊंगा, अभी मैं क्यो बोलूं...' बता दें, पाकिस्तान के खिलाफ शतक जड़ने के बाद इस वर्ल्ड कप में उन्होंने दूसरा शतक जड़ा और शानदार फॉर्म में हैं. रोहित शर्मा इस मैच में अटैकिंग मोड पर रहे और हर गेंदबाज की जमकर धुनाई की.  रोहित और केएल राहुल ने भारत को शानदार शुरुआत दिलायी और पहले विकेट के लिये 136 रन जोड़े. रोहित ने 113 गेंदों पर 140 रन बनाये जिसमें 14 चौके और तीन छक्के शामिल हैं. राहुल ने 78 गेंदों पर 57 रन का योगदान दिया. कोहली ने 65 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 77 रन की कप्तानी पारी खेली. उन्होंने रोहित के साथ 98 और हार्दिक पंड्या (19 गेंदों पर 26) के साथ 51 रन की साझेदारियां की. भारत ने पांच विकेट पर 336 रन बनाये. कोहली ने इस दौरान वनडे में सबसे कम पारियों में 11,000 रन पूरे करके सचिन तेंदुलकर के 17 साल पुराने रिकार्ड को तोड़ा. रोहित ने अपने स्क्वायर कट, स्क्वायर ड्राइव, पुल, फ्लिक, स्वीप शॉट, अपर कट का जबर्दस्त नमूना पेश किया. उन्होंने शुरू में हसन अली को निशाना बनाया. मोहम्मद आमिर (47 रन देकर तीन) ने अनुशासित गेंदबाजी की. हसन अली (84 पर एक) और वहाब रियाज (71 पर एक) की शार्ट पिच गेंदों की रणनीति रोहित के सामने नहीं चल पायी. आमिर ने डेथ ओवरों में विकेट लिये. इससे भारत आखिरी पांच ओवरों में 38 रन ही बना पाया. इस बीच शंकर (नाबाद 15) संघर्ष करते हुए नजर आये. रोहित ने स्पिनरों की भी नहीं चलने दी. सरफराज ने इस बीच 12वें ओवर तक पांच गेंदबाज आजमाकर अपनी हड़बड़ाहट जाहिर भी की. रोहित और राहुल ने 18वें ओवर में भारत की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप में पहले विकेट के लिये पहली शतकीय साझेदारी पूरी की. राहुल ने रोहित का अच्छा साथ दिया और पुल शॉट से पाकिस्तान की शार्ट पिच गेंदों की रणनीति नाकाम की.
यह एक सारांश है: मैच के बाद रोहित शर्मा से पूछा- पाक को क्या सलाह देंगे? रोहित शर्मा ने दिया ये जवाब तो हंस पड़े सभी लोग. सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है.
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्टार भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह (75 किग्रा) को शनिवार को शुरू हो रही लंदन ओलिंपिक की पुरुष मुक्केबाजी स्पर्धा में कड़ा ड्रा मिला है। बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर अपने अभियान की शुरुआत कजाखस्तान के दानाबेक सुझानोव के खिलाफ करेंगे। चार साल पहले बीजिंग में कांस्य पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाजी को विश्व मानचित्र में पहचान दिलाने वाले भिवानी के मुक्केबाज विजेंदर अपने तीसरे ओलिंपिक में हिस्सा ले रहे हैं और उनकी नजरें बीजिंग के अपने पदक में सुधार करने पर टिकी हैं। मुक्केबाजी स्पर्धा का आयोजन एक्सेल एरेना में किया जाएगा जिसमें युवा मुक्केबाज शिव थापा (56 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत मैक्सिको के आस्कर वाल्डेज फियरो के खिलाफ करेंगे।टिप्पणियां विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास कृष्ण (69 किग्रा) को तीसरी वरीयता दी गई है और वह बाई हासिल करने वाले एकमात्र भारतीय मुक्केबाज हैं। पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकोम (51 किग्रा) पांच अगस्त को ओलिंपिक में पदार्पण कर रही महिला मुक्केबाजी स्पर्धा में अपने अभियान की शुरुआत पोलैंड की कैरोलीना मिशेलचुक के खिलाफ करेंगी। चार साल पहले बीजिंग में कांस्य पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाजी को विश्व मानचित्र में पहचान दिलाने वाले भिवानी के मुक्केबाज विजेंदर अपने तीसरे ओलिंपिक में हिस्सा ले रहे हैं और उनकी नजरें बीजिंग के अपने पदक में सुधार करने पर टिकी हैं। मुक्केबाजी स्पर्धा का आयोजन एक्सेल एरेना में किया जाएगा जिसमें युवा मुक्केबाज शिव थापा (56 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत मैक्सिको के आस्कर वाल्डेज फियरो के खिलाफ करेंगे।टिप्पणियां विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास कृष्ण (69 किग्रा) को तीसरी वरीयता दी गई है और वह बाई हासिल करने वाले एकमात्र भारतीय मुक्केबाज हैं। पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकोम (51 किग्रा) पांच अगस्त को ओलिंपिक में पदार्पण कर रही महिला मुक्केबाजी स्पर्धा में अपने अभियान की शुरुआत पोलैंड की कैरोलीना मिशेलचुक के खिलाफ करेंगी। मुक्केबाजी स्पर्धा का आयोजन एक्सेल एरेना में किया जाएगा जिसमें युवा मुक्केबाज शिव थापा (56 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत मैक्सिको के आस्कर वाल्डेज फियरो के खिलाफ करेंगे।टिप्पणियां विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास कृष्ण (69 किग्रा) को तीसरी वरीयता दी गई है और वह बाई हासिल करने वाले एकमात्र भारतीय मुक्केबाज हैं। पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकोम (51 किग्रा) पांच अगस्त को ओलिंपिक में पदार्पण कर रही महिला मुक्केबाजी स्पर्धा में अपने अभियान की शुरुआत पोलैंड की कैरोलीना मिशेलचुक के खिलाफ करेंगी। विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास कृष्ण (69 किग्रा) को तीसरी वरीयता दी गई है और वह बाई हासिल करने वाले एकमात्र भारतीय मुक्केबाज हैं। पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकोम (51 किग्रा) पांच अगस्त को ओलिंपिक में पदार्पण कर रही महिला मुक्केबाजी स्पर्धा में अपने अभियान की शुरुआत पोलैंड की कैरोलीना मिशेलचुक के खिलाफ करेंगी। पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकोम (51 किग्रा) पांच अगस्त को ओलिंपिक में पदार्पण कर रही महिला मुक्केबाजी स्पर्धा में अपने अभियान की शुरुआत पोलैंड की कैरोलीना मिशेलचुक के खिलाफ करेंगी।
स्टार भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह (75 किग्रा) को शनिवार को शुरू हो रही लंदन ओलिंपिक की पुरुष मुक्केबाजी स्पर्धा में कड़ा ड्रा मिला है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत की एक मशहूर सूफी दरगाह में शनिवार को एक आत्मघाती हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 52 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए. आतंकी गुट आईएस ने दावा किया कि हमले को उसने अंजाम दिया है. यह विस्फोट प्रांत के दूरस्थ खुजदार जिले के हब क्षेत्र में स्थित सूफी दरगाह शाह नूरानी में उस वक्त हुआ, जब वहां सूफी नृत्य 'धमाल' चल रहा था और वहां बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद थे. बचाव अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में कम से कम 52 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए हैं. मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बलूचिस्तान के गृह मंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि एंबुलेन्स और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं. बुगती ने कहा 'बचाव अभियान जारी है और हताहतों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोग अब तक उस स्थान पर फंसे हैं जहां विस्फोट हुआ था. ' आतंकी गुट इस्लामिक स्टेट ने अमाक समाचार एजेन्सी के माध्यम से, हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. एजेंसी ने बताया 'इस्लामिक स्टेट समूह के लड़ाकों ने बलूचिस्तान में एक शहर की दरगाह को निशाना बनाया और अभियान में 35 शिया मारे गए तथा 95 घायल हो गए.' 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने पुलिस के हवाले से कहा कि यह आत्मघाती हमला था और इसे 14 साल के लड़के ने अंजाम दिया. फ्रंटियर कोर के कर्नल जुनैद काकर ने भी मीडिया को बताया कि यह आत्मघाती हमलावर का कृत्य लगता है. उन्होने कहा, 'सभी प्रमाण आत्मघाती बम हमले की ओर संकेत करते हैं.' बचाव दल मौके पर पहुंचे गए हैं और शवों एवं घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया है. विस्फोट स्थल दूरस्थ इलाके में होने के कारण बचाव कर्मियों को वहां पहुंचने में दिक्कत हो रही है. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी हैं. एधी ट्रस्ट फाउंडेशन के एक अधिकारी हकीम लस्सी ने बताया 'दरगाह कराची से करीब 250 किमी दूर उथाल की पहाड़ियों में है और हमने राहत अभियान के लिए तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपने वाहन भेजे हैं.' स्थानीय तहसीलदार जावेद इकबाल ने कहा, 'यह दुखद है कि कराची और देश के दूसरे हिस्सों से हर साल हजारों लोग इस दरगाह पर पहुंचते हैं, लेकिन वहां कोई चिकित्सा सुविधा या एंबुलेन्स नहीं होती.' इकबाल ने कहा कि हर दिन सूर्यास्त के बाद जायरीन 'धमाल' में हिस्सा लेते हैं और विस्फोट उस जगह के बिल्कुल पास हुआ जहां लोग दरगाह परिसर के अंदर नाच रहे थे. राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है. उन्होंने संबद्ध प्राधिकारियों को बचाव गतिविधियां तेज करने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां बलूचिस्तान में चरमपंथी पहले भी दरगाहों को निशाना बना चुके हैं. प्रांत में बम विस्फोट की अगस्त माह के बाद से यह तीसरी बड़ी घटना है. अगस्त में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के एक सरकारी अस्पताल के बाहर हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में करीब 70 लोग मारे गए थे. पिछले माह क्वेटा में पुलिस के एक प्रशिक्षण केंद्र पर तीन आतंकियों के हमले में 64 पुलिस कैडेट और दो सैन्य कर्मी मारे गए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह विस्फोट प्रांत के दूरस्थ खुजदार जिले के हब क्षेत्र में स्थित सूफी दरगाह शाह नूरानी में उस वक्त हुआ, जब वहां सूफी नृत्य 'धमाल' चल रहा था और वहां बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद थे. बचाव अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में कम से कम 52 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए हैं. मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बलूचिस्तान के गृह मंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि एंबुलेन्स और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं. बुगती ने कहा 'बचाव अभियान जारी है और हताहतों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोग अब तक उस स्थान पर फंसे हैं जहां विस्फोट हुआ था. ' आतंकी गुट इस्लामिक स्टेट ने अमाक समाचार एजेन्सी के माध्यम से, हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. एजेंसी ने बताया 'इस्लामिक स्टेट समूह के लड़ाकों ने बलूचिस्तान में एक शहर की दरगाह को निशाना बनाया और अभियान में 35 शिया मारे गए तथा 95 घायल हो गए.' 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने पुलिस के हवाले से कहा कि यह आत्मघाती हमला था और इसे 14 साल के लड़के ने अंजाम दिया. फ्रंटियर कोर के कर्नल जुनैद काकर ने भी मीडिया को बताया कि यह आत्मघाती हमलावर का कृत्य लगता है. उन्होने कहा, 'सभी प्रमाण आत्मघाती बम हमले की ओर संकेत करते हैं.' बचाव दल मौके पर पहुंचे गए हैं और शवों एवं घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया है. विस्फोट स्थल दूरस्थ इलाके में होने के कारण बचाव कर्मियों को वहां पहुंचने में दिक्कत हो रही है. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी हैं. एधी ट्रस्ट फाउंडेशन के एक अधिकारी हकीम लस्सी ने बताया 'दरगाह कराची से करीब 250 किमी दूर उथाल की पहाड़ियों में है और हमने राहत अभियान के लिए तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपने वाहन भेजे हैं.' स्थानीय तहसीलदार जावेद इकबाल ने कहा, 'यह दुखद है कि कराची और देश के दूसरे हिस्सों से हर साल हजारों लोग इस दरगाह पर पहुंचते हैं, लेकिन वहां कोई चिकित्सा सुविधा या एंबुलेन्स नहीं होती.' इकबाल ने कहा कि हर दिन सूर्यास्त के बाद जायरीन 'धमाल' में हिस्सा लेते हैं और विस्फोट उस जगह के बिल्कुल पास हुआ जहां लोग दरगाह परिसर के अंदर नाच रहे थे. राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है. उन्होंने संबद्ध प्राधिकारियों को बचाव गतिविधियां तेज करने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां बलूचिस्तान में चरमपंथी पहले भी दरगाहों को निशाना बना चुके हैं. प्रांत में बम विस्फोट की अगस्त माह के बाद से यह तीसरी बड़ी घटना है. अगस्त में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के एक सरकारी अस्पताल के बाहर हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में करीब 70 लोग मारे गए थे. पिछले माह क्वेटा में पुलिस के एक प्रशिक्षण केंद्र पर तीन आतंकियों के हमले में 64 पुलिस कैडेट और दो सैन्य कर्मी मारे गए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बलूचिस्तान के गृह मंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि एंबुलेन्स और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं. बुगती ने कहा 'बचाव अभियान जारी है और हताहतों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोग अब तक उस स्थान पर फंसे हैं जहां विस्फोट हुआ था. ' आतंकी गुट इस्लामिक स्टेट ने अमाक समाचार एजेन्सी के माध्यम से, हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. एजेंसी ने बताया 'इस्लामिक स्टेट समूह के लड़ाकों ने बलूचिस्तान में एक शहर की दरगाह को निशाना बनाया और अभियान में 35 शिया मारे गए तथा 95 घायल हो गए.' 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने पुलिस के हवाले से कहा कि यह आत्मघाती हमला था और इसे 14 साल के लड़के ने अंजाम दिया. फ्रंटियर कोर के कर्नल जुनैद काकर ने भी मीडिया को बताया कि यह आत्मघाती हमलावर का कृत्य लगता है. उन्होने कहा, 'सभी प्रमाण आत्मघाती बम हमले की ओर संकेत करते हैं.' बचाव दल मौके पर पहुंचे गए हैं और शवों एवं घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया है. विस्फोट स्थल दूरस्थ इलाके में होने के कारण बचाव कर्मियों को वहां पहुंचने में दिक्कत हो रही है. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी हैं. एधी ट्रस्ट फाउंडेशन के एक अधिकारी हकीम लस्सी ने बताया 'दरगाह कराची से करीब 250 किमी दूर उथाल की पहाड़ियों में है और हमने राहत अभियान के लिए तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपने वाहन भेजे हैं.' स्थानीय तहसीलदार जावेद इकबाल ने कहा, 'यह दुखद है कि कराची और देश के दूसरे हिस्सों से हर साल हजारों लोग इस दरगाह पर पहुंचते हैं, लेकिन वहां कोई चिकित्सा सुविधा या एंबुलेन्स नहीं होती.' इकबाल ने कहा कि हर दिन सूर्यास्त के बाद जायरीन 'धमाल' में हिस्सा लेते हैं और विस्फोट उस जगह के बिल्कुल पास हुआ जहां लोग दरगाह परिसर के अंदर नाच रहे थे. राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है. उन्होंने संबद्ध प्राधिकारियों को बचाव गतिविधियां तेज करने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां बलूचिस्तान में चरमपंथी पहले भी दरगाहों को निशाना बना चुके हैं. प्रांत में बम विस्फोट की अगस्त माह के बाद से यह तीसरी बड़ी घटना है. अगस्त में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के एक सरकारी अस्पताल के बाहर हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में करीब 70 लोग मारे गए थे. पिछले माह क्वेटा में पुलिस के एक प्रशिक्षण केंद्र पर तीन आतंकियों के हमले में 64 पुलिस कैडेट और दो सैन्य कर्मी मारे गए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आतंकी गुट इस्लामिक स्टेट ने अमाक समाचार एजेन्सी के माध्यम से, हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. एजेंसी ने बताया 'इस्लामिक स्टेट समूह के लड़ाकों ने बलूचिस्तान में एक शहर की दरगाह को निशाना बनाया और अभियान में 35 शिया मारे गए तथा 95 घायल हो गए.' 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने पुलिस के हवाले से कहा कि यह आत्मघाती हमला था और इसे 14 साल के लड़के ने अंजाम दिया. फ्रंटियर कोर के कर्नल जुनैद काकर ने भी मीडिया को बताया कि यह आत्मघाती हमलावर का कृत्य लगता है. उन्होने कहा, 'सभी प्रमाण आत्मघाती बम हमले की ओर संकेत करते हैं.' बचाव दल मौके पर पहुंचे गए हैं और शवों एवं घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया है. विस्फोट स्थल दूरस्थ इलाके में होने के कारण बचाव कर्मियों को वहां पहुंचने में दिक्कत हो रही है. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी हैं. एधी ट्रस्ट फाउंडेशन के एक अधिकारी हकीम लस्सी ने बताया 'दरगाह कराची से करीब 250 किमी दूर उथाल की पहाड़ियों में है और हमने राहत अभियान के लिए तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपने वाहन भेजे हैं.' स्थानीय तहसीलदार जावेद इकबाल ने कहा, 'यह दुखद है कि कराची और देश के दूसरे हिस्सों से हर साल हजारों लोग इस दरगाह पर पहुंचते हैं, लेकिन वहां कोई चिकित्सा सुविधा या एंबुलेन्स नहीं होती.' इकबाल ने कहा कि हर दिन सूर्यास्त के बाद जायरीन 'धमाल' में हिस्सा लेते हैं और विस्फोट उस जगह के बिल्कुल पास हुआ जहां लोग दरगाह परिसर के अंदर नाच रहे थे. राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है. उन्होंने संबद्ध प्राधिकारियों को बचाव गतिविधियां तेज करने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां बलूचिस्तान में चरमपंथी पहले भी दरगाहों को निशाना बना चुके हैं. प्रांत में बम विस्फोट की अगस्त माह के बाद से यह तीसरी बड़ी घटना है. अगस्त में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के एक सरकारी अस्पताल के बाहर हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में करीब 70 लोग मारे गए थे. पिछले माह क्वेटा में पुलिस के एक प्रशिक्षण केंद्र पर तीन आतंकियों के हमले में 64 पुलिस कैडेट और दो सैन्य कर्मी मारे गए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने पुलिस के हवाले से कहा कि यह आत्मघाती हमला था और इसे 14 साल के लड़के ने अंजाम दिया. फ्रंटियर कोर के कर्नल जुनैद काकर ने भी मीडिया को बताया कि यह आत्मघाती हमलावर का कृत्य लगता है. उन्होने कहा, 'सभी प्रमाण आत्मघाती बम हमले की ओर संकेत करते हैं.' बचाव दल मौके पर पहुंचे गए हैं और शवों एवं घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया है. विस्फोट स्थल दूरस्थ इलाके में होने के कारण बचाव कर्मियों को वहां पहुंचने में दिक्कत हो रही है. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी हैं. एधी ट्रस्ट फाउंडेशन के एक अधिकारी हकीम लस्सी ने बताया 'दरगाह कराची से करीब 250 किमी दूर उथाल की पहाड़ियों में है और हमने राहत अभियान के लिए तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपने वाहन भेजे हैं.' स्थानीय तहसीलदार जावेद इकबाल ने कहा, 'यह दुखद है कि कराची और देश के दूसरे हिस्सों से हर साल हजारों लोग इस दरगाह पर पहुंचते हैं, लेकिन वहां कोई चिकित्सा सुविधा या एंबुलेन्स नहीं होती.' इकबाल ने कहा कि हर दिन सूर्यास्त के बाद जायरीन 'धमाल' में हिस्सा लेते हैं और विस्फोट उस जगह के बिल्कुल पास हुआ जहां लोग दरगाह परिसर के अंदर नाच रहे थे. राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है. उन्होंने संबद्ध प्राधिकारियों को बचाव गतिविधियां तेज करने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां बलूचिस्तान में चरमपंथी पहले भी दरगाहों को निशाना बना चुके हैं. प्रांत में बम विस्फोट की अगस्त माह के बाद से यह तीसरी बड़ी घटना है. अगस्त में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के एक सरकारी अस्पताल के बाहर हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में करीब 70 लोग मारे गए थे. पिछले माह क्वेटा में पुलिस के एक प्रशिक्षण केंद्र पर तीन आतंकियों के हमले में 64 पुलिस कैडेट और दो सैन्य कर्मी मारे गए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एधी ट्रस्ट फाउंडेशन के एक अधिकारी हकीम लस्सी ने बताया 'दरगाह कराची से करीब 250 किमी दूर उथाल की पहाड़ियों में है और हमने राहत अभियान के लिए तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपने वाहन भेजे हैं.' स्थानीय तहसीलदार जावेद इकबाल ने कहा, 'यह दुखद है कि कराची और देश के दूसरे हिस्सों से हर साल हजारों लोग इस दरगाह पर पहुंचते हैं, लेकिन वहां कोई चिकित्सा सुविधा या एंबुलेन्स नहीं होती.' इकबाल ने कहा कि हर दिन सूर्यास्त के बाद जायरीन 'धमाल' में हिस्सा लेते हैं और विस्फोट उस जगह के बिल्कुल पास हुआ जहां लोग दरगाह परिसर के अंदर नाच रहे थे. राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है. उन्होंने संबद्ध प्राधिकारियों को बचाव गतिविधियां तेज करने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां बलूचिस्तान में चरमपंथी पहले भी दरगाहों को निशाना बना चुके हैं. प्रांत में बम विस्फोट की अगस्त माह के बाद से यह तीसरी बड़ी घटना है. अगस्त में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के एक सरकारी अस्पताल के बाहर हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में करीब 70 लोग मारे गए थे. पिछले माह क्वेटा में पुलिस के एक प्रशिक्षण केंद्र पर तीन आतंकियों के हमले में 64 पुलिस कैडेट और दो सैन्य कर्मी मारे गए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इकबाल ने कहा कि हर दिन सूर्यास्त के बाद जायरीन 'धमाल' में हिस्सा लेते हैं और विस्फोट उस जगह के बिल्कुल पास हुआ जहां लोग दरगाह परिसर के अंदर नाच रहे थे. राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है. उन्होंने संबद्ध प्राधिकारियों को बचाव गतिविधियां तेज करने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां बलूचिस्तान में चरमपंथी पहले भी दरगाहों को निशाना बना चुके हैं. प्रांत में बम विस्फोट की अगस्त माह के बाद से यह तीसरी बड़ी घटना है. अगस्त में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के एक सरकारी अस्पताल के बाहर हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में करीब 70 लोग मारे गए थे. पिछले माह क्वेटा में पुलिस के एक प्रशिक्षण केंद्र पर तीन आतंकियों के हमले में 64 पुलिस कैडेट और दो सैन्य कर्मी मारे गए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बलूचिस्तान में चरमपंथी पहले भी दरगाहों को निशाना बना चुके हैं. प्रांत में बम विस्फोट की अगस्त माह के बाद से यह तीसरी बड़ी घटना है. अगस्त में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के एक सरकारी अस्पताल के बाहर हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में करीब 70 लोग मारे गए थे. पिछले माह क्वेटा में पुलिस के एक प्रशिक्षण केंद्र पर तीन आतंकियों के हमले में 64 पुलिस कैडेट और दो सैन्य कर्मी मारे गए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह विस्फोट बलूचिस्तान में स्थित सूफी दरगाह शाह नूरानी में हुआ दरगाह पर उस वक्त सूफी नृत्य ‘धमाल’ चल रहा था इस वजह से वहां बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद थे
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपी एसटीफ की नोएडा  टीम ने बेरोजगार शिक्षित युवक- युवतियों को नौकरी देने के नाम पर लाखों रुपये Paytm के माध्यम से हड़पने वाले गैंग के सरगना सहित तीन लोगों को थाना कविनगर क्षेत्र से गिरफ़्तार करने में सफलता प्राप्त की है. यह गैंग फ़र्ज़ी कम्पनी बनाकर naukari.com से उस पर पंजीकरण कराने वाले कस्टमरों का डेटा ले लेते थे फिर इन कस्टमरों को नौकरी का झांसा देकर उनसे Paytm के माध्यम से पैसे ऐंठ लेते थे. वे कस्टमर को कई नामी गिरामी कम्पनियों जैसे टाटा ग्रुप ऑफ कम्पनीज़, ऐपल, एलएंडटी  के फ़र्ज़ी  इंटरव्यू लेटर मेल से भेजते थे. इस गैंग के 100 से ज़्यादा बैंक एकाउंट्स के बारे में पता चला है जो ग़लत केवाईसी पर खुलवाए गए हैं. इसके लिए ये स्थानीय विधायक और ग्राम प्रधानों के फ़र्ज़ी लेटर हेड और मुहर का भी प्रयोग कर रहे थे.   उनके पास से 482 एटीएम कार्ड, 383 बैंक पास बुक, 154 चेक बुक, 115 आधार, 126 वोटर कार्ड, 247 सिम, 2008 फ़ोटो, 9 फ़र्ज़ी लेटर हेड और मुहरें, 1610मोबाइल और 29,200 कैश बरामद किया गया. गैंग के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला थाना कविंनगर ग़ाज़ियाबाद में दर्ज है. यह गैंग फ़र्ज़ी कम्पनी बनाकर naukari.com से उस पर पंजीकरण कराने वाले कस्टमरों का डेटा ले लेते थे फिर इन कस्टमरों को नौकरी का झांसा देकर उनसे Paytm के माध्यम से पैसे ऐंठ लेते थे. वे कस्टमर को कई नामी गिरामी कम्पनियों जैसे टाटा ग्रुप ऑफ कम्पनीज़, ऐपल, एलएंडटी  के फ़र्ज़ी  इंटरव्यू लेटर मेल से भेजते थे. इस गैंग के 100 से ज़्यादा बैंक एकाउंट्स के बारे में पता चला है जो ग़लत केवाईसी पर खुलवाए गए हैं. इसके लिए ये स्थानीय विधायक और ग्राम प्रधानों के फ़र्ज़ी लेटर हेड और मुहर का भी प्रयोग कर रहे थे.   उनके पास से 482 एटीएम कार्ड, 383 बैंक पास बुक, 154 चेक बुक, 115 आधार, 126 वोटर कार्ड, 247 सिम, 2008 फ़ोटो, 9 फ़र्ज़ी लेटर हेड और मुहरें, 1610मोबाइल और 29,200 कैश बरामद किया गया. गैंग के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला थाना कविंनगर ग़ाज़ियाबाद में दर्ज है.
सारांश: naukari.com से पंजीकरण कराने वालों का डेटा लेते थे नौकरी का झांसा देकर उनसे Paytm के जरिए पैसे ऐंठते थे नामी कम्पनियों के नाम से फर्जी कॉल लेटर भेजते थे
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आयरलैंड जा रही फ्लाइट (Flight) से जुड़ा एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसमें प्लेन उड़ा रहे पायलट ने कॉकपिट पर ही कॉफी गिरा दी. इस गरमा-गरम कॉफी से प्लेन का ऑडियो कंट्रोल पैनल डैमेज हो गया. कॉफी गिरते ही कॉककिट से जलने की बदबू और धुंआ आने लगा, जिस वजह से पायलट को कम्यूनिकेट करने में दिक्कत हुई. ये मामला एयरबस A330 (Airbus A330) का है. एयर एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) ने ये जानकारी दी.  ये वाकया 6 फरवरी का है. ये फ्लाइट जर्मनी से मेक्सिको जा रही थी, लेकिन गरम कॉफी गिरने की वजह से इसे शैनॉन एयरपोर्ट, आयरलैंड (Shannon Airport) पर ही डाइवर्ट (रोकना) करना पड़ा.  इस फ्लाइट में 326 पैसेंजर और 11 क्रू मेंम्बर्स थे. सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक आमतौर पर फ्लाइट के डाइवर्जन पर एयरलाइन को 9 लाख से लेकर 70 लाख तक का भुगतान करना पड़ता है. ये कीमत एयरक्राफ्ट के साइज़ और किस एयरपोर्ट पर डाइवर्ट हो रही है, इस बात से तय किया जाता है.   एयर एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्रांच के मुताबिक प्लेन उड़ा रहे 49 साल के कैप्टन ने अपना कॉफी मग का ढक्कन लगाए बिना उसे ट्रे टेबल पर रख दिया था, जस वजह से ये घटना घटी. अब क्रू मेंम्बर्स को एहतियात बरतने को कहा गया कि पायलट को पानी और कॉफी देने के लिए सही कंटेनर्स को इस्तेमाल करें. फ्लाइट को शैनॉन एयरपोर्ट पर लैंड कराने के बाद पूरी तरह से जांचा गया और लीगल ऑपरेशन के बाद फ्लाइट ने फिर उड़ान भरी. एयरपोर्ट में भरा बारिश का पानी, Video देख लोग बोले - ये है देश का सबसे खराब हवाईअड्डा एयरपोर्ट पर टहल रही थी महिला, बैग से निकली जोरदार आग, CCTV में कैद हुआ वीडियो रूस: मॉस्को में इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान में लगी आग, 41 लोगों की मौत ये है दुनिया का सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट: छत पर स्वीमिंग पूल से लेकर फिल्म थिएटर और शॉपिंग मॉल हैं मौजूद जहरीले पानी पर तैर रहा है ये पूरा Airport, अब तक लोगों से छिपा रखी थी बात
सारांश: पायलट ने कॉकपिट पर गिराई कॉफी कॉफी मग का ढक्कन लगाना भूल गया पायलट 9 लाख से लेकर 70 लाख तक का भुगतान
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वैश्विक हालात के कारण भारत में मुद्रास्फीति का दबाव अभी और बना रहेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में कच्चे तेल और जिंसों की कीमत ऊंची बनी हुई है। मुखर्जी ने कहा, हमें बताया गया है कि जिंसों की कीमत का दबाव बना रहेगा क्योंकि कुछ जरूरी खाद्यान्न का उत्पादन कम हुआ है। वित्त मंत्री सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मंच इंडियन बैंक्स एसोसिएशन की 63वीं वार्षिक सभा को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, विश्व बाजार में अनिश्चितता हो, खासकर ऐसे उत्पादों के मामले में, जिनको लेकर हम आयात पर निर्भर करते हैं, तो उसका असर पड़ना स्वाभाविक है। वित्तमंत्री ने कहा, इस समय मुद्रास्फीति की दिशा को लेकर कोई भरोसा नहीं है। 2008 की तरह इस समय भी कोई निश्चितता के साथ यह नहीं कह सकता कि इसका व्यवहार कैसा होगा। उस समय तेल और जिंसो की कीमतें उछलने के बाद एकाएक नीचे आ गई थीं। साथ में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार और रिजर्व बैंक आर्थिक वृद्धि की गति तेज करने तथा मुद्रास्फीति को स्वीकार्य स्तर पर नीचे लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मुखर्जी ने कहा कि रिजर्व बैंक के साथ तालमेल करके मांग और पूर्ति दोनों पक्ष से संबंधित नीतियों में समायोजन के माध्यम से हम उच्च आर्थिक वृद्धि और स्वीकार्य स्तर की मुद्रास्फीति के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2011 में सामान्य मुद्रास्फीति की दर थोड़ा घटकर 8.66 प्रतिशत रही। इससे पूर्व के माह में मुद्रास्फीति 8.98 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं के थोक मूल्य पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति सात मई को समाप्त सप्ताह में 7.47 प्रतिशत थी, जो 18 माह का न्यूनतम दर है।
यहाँ एक सारांश है:वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वैश्विक हालात के कारण भारत में मुद्रास्फीति का दबाव अभी और बना रहेगा।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: ओडिशा में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। राज्य के एक शहर में शुक्रवार को तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में इस दिन का सर्वाधिक था। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने कहा कि सम्बलपुर में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।टिप्पणियां दो अन्य शहर सुंदरगढ़ और हीराकुंड में तापमान क्रमश: 46 डिग्री सेल्सियस और 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य कई शहरों में भी 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान दर्ज किए गए। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर और पास के एक अन्य शहर कटक में हालांकि तापमान क्रमश: 42 और 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकारी ने कहा कि शनिवार को भी गर्मी की स्थिति लगभग ऐसी ही रहेगी। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने कहा कि सम्बलपुर में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।टिप्पणियां दो अन्य शहर सुंदरगढ़ और हीराकुंड में तापमान क्रमश: 46 डिग्री सेल्सियस और 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य कई शहरों में भी 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान दर्ज किए गए। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर और पास के एक अन्य शहर कटक में हालांकि तापमान क्रमश: 42 और 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकारी ने कहा कि शनिवार को भी गर्मी की स्थिति लगभग ऐसी ही रहेगी। दो अन्य शहर सुंदरगढ़ और हीराकुंड में तापमान क्रमश: 46 डिग्री सेल्सियस और 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य कई शहरों में भी 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान दर्ज किए गए। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर और पास के एक अन्य शहर कटक में हालांकि तापमान क्रमश: 42 और 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकारी ने कहा कि शनिवार को भी गर्मी की स्थिति लगभग ऐसी ही रहेगी। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर और पास के एक अन्य शहर कटक में हालांकि तापमान क्रमश: 42 और 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकारी ने कहा कि शनिवार को भी गर्मी की स्थिति लगभग ऐसी ही रहेगी।
संक्षिप्त पाठ: ओडिशा में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। राज्य के एक शहर में शुक्रवार को तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में इस दिन का सर्वाधिक था।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने कहा कि वह नेटवर्क विस्तार के अगले चरण के बाद बाजार में पहले पायदान पर पहुंचने के लिए मेहनत करेगी। वर्तमान में, मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के मामले में बीएसएनएल पांचवें पायदान पर है। डाइमेंशन डाटा के साथ अपनी एंटरप्राइज क्लाउड सेवाएं शुरू करने के मौके पर बीएसएनएल के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक आरके उपाध्याय ने यहां कहा, हम अभी अपने नेटवर्क में करीब 1.5 करोड़ लाइन का विस्तार कर रहे हैं। विस्तार के अगले चरण में हम उद्योग में पहले पायदान पर पहुंचने के लिए परिश्रम करेंगे। बीएसएनएल ने करीब 5 साल के अंतराल के बाद अपने नेटवर्क का विस्तार करना शुरू किया है।टिप्पणियां जीएसएम कंपनियों के निकाय सीओएआई के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी 14.62 प्रतिशत रही, जबकि उसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 9.71 करोड़ रही। उपाध्याय ने कहा कि 7वें चरण का विस्तार पूरा होने के बाद कंपनी चार से पांच सेवा क्षेत्र में पहले पायदान के लिए परिश्रम करेगी। ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और केरल में उपभोक्ता संख्या के लिहाज से बीएसएनएल दूसरे पायदान पर है। वर्तमान में, मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के मामले में बीएसएनएल पांचवें पायदान पर है। डाइमेंशन डाटा के साथ अपनी एंटरप्राइज क्लाउड सेवाएं शुरू करने के मौके पर बीएसएनएल के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक आरके उपाध्याय ने यहां कहा, हम अभी अपने नेटवर्क में करीब 1.5 करोड़ लाइन का विस्तार कर रहे हैं। विस्तार के अगले चरण में हम उद्योग में पहले पायदान पर पहुंचने के लिए परिश्रम करेंगे। बीएसएनएल ने करीब 5 साल के अंतराल के बाद अपने नेटवर्क का विस्तार करना शुरू किया है।टिप्पणियां जीएसएम कंपनियों के निकाय सीओएआई के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी 14.62 प्रतिशत रही, जबकि उसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 9.71 करोड़ रही। उपाध्याय ने कहा कि 7वें चरण का विस्तार पूरा होने के बाद कंपनी चार से पांच सेवा क्षेत्र में पहले पायदान के लिए परिश्रम करेगी। ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और केरल में उपभोक्ता संख्या के लिहाज से बीएसएनएल दूसरे पायदान पर है। डाइमेंशन डाटा के साथ अपनी एंटरप्राइज क्लाउड सेवाएं शुरू करने के मौके पर बीएसएनएल के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक आरके उपाध्याय ने यहां कहा, हम अभी अपने नेटवर्क में करीब 1.5 करोड़ लाइन का विस्तार कर रहे हैं। विस्तार के अगले चरण में हम उद्योग में पहले पायदान पर पहुंचने के लिए परिश्रम करेंगे। बीएसएनएल ने करीब 5 साल के अंतराल के बाद अपने नेटवर्क का विस्तार करना शुरू किया है।टिप्पणियां जीएसएम कंपनियों के निकाय सीओएआई के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी 14.62 प्रतिशत रही, जबकि उसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 9.71 करोड़ रही। उपाध्याय ने कहा कि 7वें चरण का विस्तार पूरा होने के बाद कंपनी चार से पांच सेवा क्षेत्र में पहले पायदान के लिए परिश्रम करेगी। ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और केरल में उपभोक्ता संख्या के लिहाज से बीएसएनएल दूसरे पायदान पर है। जीएसएम कंपनियों के निकाय सीओएआई के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी 14.62 प्रतिशत रही, जबकि उसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 9.71 करोड़ रही। उपाध्याय ने कहा कि 7वें चरण का विस्तार पूरा होने के बाद कंपनी चार से पांच सेवा क्षेत्र में पहले पायदान के लिए परिश्रम करेगी। ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और केरल में उपभोक्ता संख्या के लिहाज से बीएसएनएल दूसरे पायदान पर है। उपाध्याय ने कहा कि 7वें चरण का विस्तार पूरा होने के बाद कंपनी चार से पांच सेवा क्षेत्र में पहले पायदान के लिए परिश्रम करेगी। ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और केरल में उपभोक्ता संख्या के लिहाज से बीएसएनएल दूसरे पायदान पर है।
यह एक सारांश है: सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने कहा कि वह नेटवर्क विस्तार के अगले चरण के बाद बाजार में पहले पायदान पर पहुंचने के लिए मेहनत करेगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कथित तौर पर पुलिस व तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई करने के लिए अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को उकसाया. उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि वह उन्हें नग्न करके सार्वजनिक रूप से पिटाई करेंगे. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सलाखों के पीछे डाला जा सकता है, तो तृणमूल छोटे मच्छर-मख्खी हैं. फिलहाल पुलिस ने अब उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. सोमवार की रात पूर्वी मिदनापुर जिले के मेचेदा में रैली कर रहे दिलीप घोष ने कहा, ''पुलिस हो या टीएमसी, पीटों उन्हें, फेंक दो उन्हें, मैं जिम्मेदार होऊंगा... मैं कह रहा हूं यदि उन्हें आप नहीं पीटते, तो मैं कहूंगा कि आप वास्तव में भाजपाई नहीं हैं. आप भाजपा के कार्यकर्ता नहीं हो सकते.'' तृणमूल नेता पार्थ चटर्जी ने इस बात की निंदा की, जिसमें दिलीप घोष के प्रति संवेदनशील मानसिकता होने का आरोप लगाया गया था. उन्होंने मीडिया से कहा, "इस तरह की भड़काऊ टिप्पणी राज्य की शांति और स्थिरता को परेशान करने के उद्देश्य से है." वहीं सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने नाराजगी व्यक्त करने के लिए सिर्फ एक शब्द का इस्तेमाल किया, 'बदमाश'.  दिलीप घोष इस बात पर अचंभित हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके खिलाफ पहले से ही 22 मामले दर्ज किए हैं और अगर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला किया जाता है तो वह बोलना जारी रखेंगे.
यह एक सारांश है: बंगाल बीजेपी प्रमुख का विवादित बयान पुलिस और टीएमसी के खिलाफ की थी टिप्पणी सोमवार को पूर्वी मिदनापुर जिले के मेचेदा में थी रैली
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Commando 3 Box Office Collection Day 3: बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) और एक्ट्रेस अदा शर्मा (Adah Sharma) की फिल्म 'कमांडो 3 (Commando 3)' को रिलीज हुए तीन दिन हो गए हैं. फिल्म की कमाई लगातार बढ़ती जा रही हैं. एक्शन सीक्वेंस और देशभक्ति की कहानी पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को भी काफी लुभा रही है. वीकेंड पर विद्युत जामवाल की फिल्म ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया. बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम वेबसाइट के मुताबिक विद्युत की फिल्म 'कमांडो 3 (Commando 3 Box Office Collection)'ने रविवार को 8 करोड़ रुपये की कमाई की है. सनी लियोन ने फैन्स को सिखाया Hello Ji सॉन्ग पर डांस करना, खूब वायरल हो रहा Video विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) और अदा शर्मा (Adah Sharma) की फिल्म 'कमांडो 3 (Commando 3)' ने दूसरे दिन 5.25 से 5.30 करोड़ रुपये की कमाई की थी. बता दें, इस  हिसाब से फिल्म ने अब तक फिल्म ने 16.30 करोड़ रुपये की कमाई की है. वहीं, फिल्म 'कमांडो 3' में अदा शर्मा और विद्युत जामवाल के अलावा एक्ट्रेस अंगिरा धर (Angira Dhar) भी मुख्य भूमिका निभाती नजर आ रही हैं. आदित्य ठाकरे ने अपने नाम में जोड़ा मां का नाम, तो बॉलीवुड डायरेक्टर ने कही यह बात-देखें Tweet वहीं, अगर फिल्म की कहानी की बात करें, तो यह फिल्म विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) यानी कमांडो करण सिंह डोगरा के इर्द गिर्द घूमती है. फिल्म में करण लंदन में एक अंजान शख्स को ढूंढ रहे हैं, जो भारत पर आतंकवादी हमला करके, भारत को दहलाने की कोशिश करना चाहता है. करण के इस मिशन पर उन्हें अदा शर्मा (Adah Sharma) और अंगिरा धर (Angira Dhar) का साथ मिलता है. यह तीनों मिलकर शख्स के मनसूबों को नाकामयाब करने में सफल हो जाते हैं. फिल्म की कहानी अच्छी है, साथ ही इसमें एक्शन सीक्वेंस भी काफी कमाल के हैं.
यहाँ एक सारांश है:विद्युत जामवाल की फिल्म हुई रिलीज 'कमांडो 3' ने तीसरे दिन किया इतना कलेक्शन दर्शकों को खूब लुभा रही है फिल्म
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर वरिष्ठ समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने जहां मंगलवार को 'आमरण अनशन' शुरू किया वहीं मुम्बई, बेंगलुरू और लखनऊ सहित कई शहरों में लोगों ने उपवास रख हजारे को अपना समर्थन दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (युनाइटेड) ने हजारे के अनशन को अपना समर्थन दिया है। जबकि कांग्रेस ने हजारे के उपवास को 'असामयिक' करार दिया है। महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद हजारे ने जंतर-मंतर पर अपना अनशन शुरू किया। अनशन पर बैठने से पहले हजारे ने कहा, "यह दूसरा 'सत्याग्रह' है।" इस बीच हजारे समर्थक सुबह के वक्त लोकपाल विधेयक के समर्थन में राष्ट्र ध्वज और तख्तियों के साथ राजघाट और जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए। इस मौके पर हजारे के समर्थन में सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल, स्वामी अग्निवेश, मैगसेसे पुरस्कार विजेता किरन बेदी, संदीप पांडे सहित अन्य लोग शामिल हुए। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई शुरू करने वाले संगठन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के मुताबिक हजारे के समर्थन में 5000 से अधिक लोग जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए जबकि 400 से अधिक शहरों और कस्बों में समर्थक अपने-अपने स्थानों से इस अभियान के लिए अपना समर्थन दिया। उपवास शुरू करने से पहले हजारे ने पत्रकारों से कहा, "मैं उपवास पर बैठने जा रहा हूं क्योंकि हम लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में नागरिक समाज की नुमाइंदगी चाहते हैं। हम चाहते हैं कि 50 प्रतिशत सरकार और इतने ही नागरिक समाज के प्रतिनिधि मसौदे को तैयार करें।" ज्ञात हो कि हजारे द्वारा उपवास पर जाने के फैसले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को 'गहरी निराशा' जताई थी लेकिन उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता और उनके अभियान का वह काफी सम्मान करते हैं। हजारे ने पूछा, "प्रधानमंत्री का कहना है कि वह मुझमें विश्वास करने के साथ ही मेरा सम्मान करते हैं..तो उन्होंने एक दिन के लिए भी हमारे साथ बैठकर चर्चा क्यों नहीं की?" भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए हजारे के इस अभियान में कई शहरों में लोग शामिल हुए। लखनऊ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी लड़ाई के समर्थन में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। छात्रों, वकीलों, चिकित्सकों, शिक्षकों व अन्य पेशेवरों ने कैसरबाग इलाके के ग्लोब पार्क में आयोजित हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया। बेंगलुरू में योग शिक्षक महेंद्र कुमार गांधी (51) ने फ्रीडम पार्क में हजारे का अनुसरण करते हुए आमरण अनशन शुरू किया। गांधी का अनुसरण 50 से अधिक लोगों ने किया। प्रदर्शन के संयोजक आनंद यादवाद ने बेंगलुरू में बताया कि मैसूर, मंगलोर, उडुपी, हुबली-धारवाड़, बेलगाम, बेल्लारी, तुमकुर के अलावा कर्नाटक के अन्य स्थानों पर लोगों ने उपवास कर विरोध जताया। मुम्बई में भी हजारे के समर्थन में रैली निकाली गई। रैली में 5,000 से अधिक लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता का समर्थन किया। रैली में कारों और मोटरसाइकिल के साथ लोग शामिल हुए। आजाद मैदान में कई लोगों ने एक दिन का उपवास रखा। ज्ञात हो कि कार्यकर्ता सरकार से विधि विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं अरविंद केजरीवाल, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश संतोष हेगड़े और वरिष्ठ वकील द्वारा तैयार जन लोकपाल विधेयक को स्वीकार करने की मांग कर रहे हैं। इस विधेयक में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रवाधान किया गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हजारे के इस अभियान को अपना समर्थन दिया है। भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली में कहा, "आज पूरा देश भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है। लोगों की इच्छाओं का सम्मान होना चाहिए।" जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि वह आश्वस्त हैं कि जन लोकपाल विधेयक समय की जरूरत है और देश में व्याप्त भ्रष्टाचार से निपटने में सक्षम है। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विधेयक पर चर्चा के लिए रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी की अध्यक्षता में एक उप समिति बनाई है। तिवारी ने कहा, "जब विधेयक को लेकर प्रक्रिया जारी है ऐसे समय में इस तरह के रास्ते का चुनाव करना उचित नहीं है, सम्भवत: यह अनावश्यक है। हम हजारे का बहुत आदर करते हैं लेकिन जो रास्ता उन्होंने चुना है वह असामयिक है।"
संक्षिप्त सारांश: भाजपा और जनता दल (यु) ने हजारे के अनशन को अपना समर्थन दिया है जबकि कांग्रेस ने हजारे के उपवास को 'असामयिक' करार दिया है।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा की बहस का नतीजा वही निकला जो दो महीने से सदन के बाहर हो रही बहसों से निकल रहा था। यही कि अब राजनीति में आदर्श और नैतिकता को हमेशा के लिए छोड़ देना चाहिए। छोड़ तो दिया ही गया है लेकिन सवालों और जवाबदेही के स्तर पर भी इसकी विदाई हो जानी चाहिए। दशकों से जनता देखती आ रही है कि किस तरह से एक राजनैतिक दल अपनी अनैतिकता को बचाने के लिए दूसरे दल की अनैतिकता से प्रेरणा पाते हैं। मैंने मज़ाक़ में इसे राजनीति का 'इज़ इक्वल टू थ्योरी' कह दिया लेकिन राजनीतिक दल इसे साबित करने को लेकर कुछ ज़्यादा ही गंभीर हो गए । भाषण बात को कहने की कला है, अपने आप में बात नहीं है। अपने ऊपर उठे सवालों को भाषण से दूसरे पाले के लिए सवाल में बदल देने से जवाब नहीं बनता। सवाल बनता है कि आख़िर ये कब और कैसे हुआ कि दोनों एक दूसरे के जैसे बनते चले गए। क्या कांग्रेस की नियति बीजेपी होना है और बीजेपी की नियति कांग्रेस होना है। बाकी जो नए दल हैं उनकी नियति भी आपस में या एक दूसरे के बरक्स अलग नहीं है। सब समानांतर हैं और सब बराबर हैं। ये राजनीति की मौत है। लोक-जगत में राजनीति से ज्यादा कल्पनाशील और रचनात्मक कोई दूसरा सार्वजनिक कार्य नहीं है, पर उसकी हालत बॉलीवुड की बी ग्रेड सुपर हिट फ़िल्मों जैसी हो गई है। पूछा जाता है कि जून में बारिश क्यों नहीं हुई तो जवाब आता है अगस्त में तूफान क्यों आया।  जून के कारण अगस्त के कारणों में दफन हो जाता हैं। क्या चर्चा इस बात को लेकर थी कि कांग्रेस के राजीव गांधी ने एंडरसन को क्यों भगाया। क्वात्रोकी को क्यों भगाया गया? क्या चर्चा इस बात को लेकर थी कि वित्तमंत्री रहते चिदंबरम की पत्नी को आयकर विभाग ने उनकी पत्नी को वक़ील कैसे नियुक्त किया? सुषमा स्वराज ने बताया कि राज्य सभा में पिछली सरकार में चर्चा हुई तो चिदंबरम आसानी से बच गए। अब किसे याद होगा कि तब बीजेपी ने चिदंबरम को आसानी से क्यों छोड़ा। लेकिन भाषण कला से क्या सुषमा स्वराज यह बता रही थीं कि मैंने तो चिदंबरम जैसी गलती की थी। जब हमने उन्हें बचके जाने दिया तो आप भी हमें बचकर जाने दीजिये? भाषण सुनते हुए प्रभावित हो रहे लोग क्या याद कर पा रहे थे कि इन सवालों के तमाम पहलू क्या हैं? इन सब पर भारतीय राजनीति में पर्याप्त चर्चा हुई है और कई बार नए सिरे से हो सकती है लेकिन इनसे ललित मोदी की मदद से उठे सवालों के जवाब नहीं मिल सकते। ये सब कांग्रेस की काली कोठरी की वो कालिख़ है जिससे काजल लगा कर बीजेपी अपना रूप नहीं संवार सकती। बाद में कांग्रेसी भक्त सोशल मीडिया पर गूगल से निकालकर बताने लगे कि कानून मंत्री के तौर पर अरुण जेटली ने क्यों राय दी थी कि एंडरसन को भारत लाने का केस कमज़ोर है। लेकिन क्या इस तरह से जनता की समझ बेहतर होती है। क्या वो इन तालीबाज़ दलीलों और आरोपों को विस्तार से समझ पाती है?  क्या उसे जवाब मिलता है? यही केस तो ललित मोदी का है। कांग्रेस पर भगाने का आरोप है तो बीजेपी पर लंदन में बसाने का । सुषमा से सवाल था कि आपने ललित मोदी की मदद क्यों की? उन्होंने बहुत आसानी से ललित मोदी की पत्नी को ढाल बना लिया। शायद इस उम्मीद में महिला मतदाता ख़ुश हो जायेंगी कि महिला की मदद तो अंतिम सत्य और कर्म है। लोग समझेंगे कि बेचारी मरीज़ की मदद की है तो ग़लत क्या है। इसी दम पर सुषमा स्वराज कहती रहीं कि अगर ये गुनाह है तो ये गुनाह किया है । पर सवाल ये नहीं था। सवाल था कि सबकुछ व्यक्तिगत स्तर पर क्यों किया। मंत्रालय को क्यों नहीं बताया। दो मुल्कों के संबंध की गारंटी ललित मोदी के लिए दी गई या उनकी पत्नी के लिए। खुद कहती रहीं कि मदद की है लेकिन सबूत मांगती रहीं कि दिखा तो दीजिये कि मैंने कुछ लिख कर दिया है। जैसे कि अनैतिकता सिर्फ लिख कर होती है। ललित मोदी भगोड़ा है तभी तो इसी अगस्त में उसके ख़िलाफ़ रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ है। सवाल उस भगोड़े की मदद का था जो लंदन में बैठा मुस्कुरा रहा है। जो कांग्रेसी सरकार को चकमा देकर लापता हो जाता है और बीजेपी सरकार के विदेश मंत्री को सीधा फोन कर देता है। हमारी राजनीति का लालित्य बन जाता है । उसी तरह कांग्रेस न तो अपने सवालों पर टिकी रह सकी न सुषमा के सवालों का जवाब दे सकी। वो अपने गुनाहों से इतनी भयभीत हो गई कि सुषमा के इल्ज़ामों के आगे धाराशाही हो गई। अपने ही सवालों से पल्ला झाड़ लिया। एंडरसन और क्वात्रोकी का कुछ जवाब तो बनता ही था। जब बात उठ गई थी तो जवाब आना चाहिए था।  जवाब देने के लिए राहुल गांधी आए तो लगा कि जवाब मिलेगा। जवाब नहीं दिया। जवाब नहीं मिला तो व्यक्तिगत बातचीत को हथियार बना लिया।  कहने लगे कि सुषमा स्वराज ने बहस से एक दिन पहले उनका हाथ पकड़ कर बोला कि बेटा तुम मुझसे ग़ुस्सा क्यों हो। राहुल ने कहा कि मैं ग़ुस्सा नहीं हूँ। मैं सत्य के साथ हूँ तो सुषमा जी ने नज़र झुका ली । सदन में सुषमा चुप होकर सुनती रहीं। मुझे लगा कि अब वे उठकर राहुल गांधी को लाजवाब कर देंगी। मगर भाषण कला में माहिर सुषमा स्वराज के पास कोई हथियार नहीं बचा था। सुषमा को बताना चाहिए था कि राहुल गांधी का हाथ क्यों थामा? क्या बेटा कहकर भावनात्मक रूप से बचने का रास्ता खोज रही थीं? क्या वाक़ई उनकी नज़र नीचे हुई? राहुल गांधी एंडरसन और क्वात्रोकी के कांग्रेसी गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए सुषमा स्वराज से हुई बातचीत से पर्दा उठा गए। यही बता देते कि ललित मोदी उनकी पार्टी के राज में क्यों भागा? किस किस ने मदद की?टिप्पणियां यही होता रहा है, यही हुआ और यही होगा। सवाल के जवाब उस सवाल से नहीं मिलेंगे। कांग्रेस और बीजेपी मे मिलकर ललित मोदी को जीता दिया। ललित मोदी नहीं जीतता तो कांग्रेस और बीजेपी बुधवार की बहस में नहीं बच पाते। स्पीकर को भी बहस संचालित करने के साथ-साथ देखना चाहिए कि दोनों तरफ सवालों के जवाब मिल रहे हैं या नहीं। ललित मोदी को क्यों बचाया का जवाब यह नहीं हो सकता कि एंडरसन को क्यों भगाया।  सिर्फ बोलने का माहौल बना देना ही काफी नहीं है। भोपाल गैस कांड के आरोपी एंडरसन को लेकर सबकी आत्माओं को इतना ही दर्द हो रहा था तो एक चर्चा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों की हालत पर हो जाए। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले। भाषण बात को कहने की कला है, अपने आप में बात नहीं है। अपने ऊपर उठे सवालों को भाषण से दूसरे पाले के लिए सवाल में बदल देने से जवाब नहीं बनता। सवाल बनता है कि आख़िर ये कब और कैसे हुआ कि दोनों एक दूसरे के जैसे बनते चले गए। क्या कांग्रेस की नियति बीजेपी होना है और बीजेपी की नियति कांग्रेस होना है। बाकी जो नए दल हैं उनकी नियति भी आपस में या एक दूसरे के बरक्स अलग नहीं है। सब समानांतर हैं और सब बराबर हैं। ये राजनीति की मौत है। लोक-जगत में राजनीति से ज्यादा कल्पनाशील और रचनात्मक कोई दूसरा सार्वजनिक कार्य नहीं है, पर उसकी हालत बॉलीवुड की बी ग्रेड सुपर हिट फ़िल्मों जैसी हो गई है। पूछा जाता है कि जून में बारिश क्यों नहीं हुई तो जवाब आता है अगस्त में तूफान क्यों आया।  जून के कारण अगस्त के कारणों में दफन हो जाता हैं। क्या चर्चा इस बात को लेकर थी कि कांग्रेस के राजीव गांधी ने एंडरसन को क्यों भगाया। क्वात्रोकी को क्यों भगाया गया? क्या चर्चा इस बात को लेकर थी कि वित्तमंत्री रहते चिदंबरम की पत्नी को आयकर विभाग ने उनकी पत्नी को वक़ील कैसे नियुक्त किया? सुषमा स्वराज ने बताया कि राज्य सभा में पिछली सरकार में चर्चा हुई तो चिदंबरम आसानी से बच गए। अब किसे याद होगा कि तब बीजेपी ने चिदंबरम को आसानी से क्यों छोड़ा। लेकिन भाषण कला से क्या सुषमा स्वराज यह बता रही थीं कि मैंने तो चिदंबरम जैसी गलती की थी। जब हमने उन्हें बचके जाने दिया तो आप भी हमें बचकर जाने दीजिये? भाषण सुनते हुए प्रभावित हो रहे लोग क्या याद कर पा रहे थे कि इन सवालों के तमाम पहलू क्या हैं? इन सब पर भारतीय राजनीति में पर्याप्त चर्चा हुई है और कई बार नए सिरे से हो सकती है लेकिन इनसे ललित मोदी की मदद से उठे सवालों के जवाब नहीं मिल सकते। ये सब कांग्रेस की काली कोठरी की वो कालिख़ है जिससे काजल लगा कर बीजेपी अपना रूप नहीं संवार सकती। बाद में कांग्रेसी भक्त सोशल मीडिया पर गूगल से निकालकर बताने लगे कि कानून मंत्री के तौर पर अरुण जेटली ने क्यों राय दी थी कि एंडरसन को भारत लाने का केस कमज़ोर है। लेकिन क्या इस तरह से जनता की समझ बेहतर होती है। क्या वो इन तालीबाज़ दलीलों और आरोपों को विस्तार से समझ पाती है?  क्या उसे जवाब मिलता है? यही केस तो ललित मोदी का है। कांग्रेस पर भगाने का आरोप है तो बीजेपी पर लंदन में बसाने का । सुषमा से सवाल था कि आपने ललित मोदी की मदद क्यों की? उन्होंने बहुत आसानी से ललित मोदी की पत्नी को ढाल बना लिया। शायद इस उम्मीद में महिला मतदाता ख़ुश हो जायेंगी कि महिला की मदद तो अंतिम सत्य और कर्म है। लोग समझेंगे कि बेचारी मरीज़ की मदद की है तो ग़लत क्या है। इसी दम पर सुषमा स्वराज कहती रहीं कि अगर ये गुनाह है तो ये गुनाह किया है । पर सवाल ये नहीं था। सवाल था कि सबकुछ व्यक्तिगत स्तर पर क्यों किया। मंत्रालय को क्यों नहीं बताया। दो मुल्कों के संबंध की गारंटी ललित मोदी के लिए दी गई या उनकी पत्नी के लिए। खुद कहती रहीं कि मदद की है लेकिन सबूत मांगती रहीं कि दिखा तो दीजिये कि मैंने कुछ लिख कर दिया है। जैसे कि अनैतिकता सिर्फ लिख कर होती है। ललित मोदी भगोड़ा है तभी तो इसी अगस्त में उसके ख़िलाफ़ रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ है। सवाल उस भगोड़े की मदद का था जो लंदन में बैठा मुस्कुरा रहा है। जो कांग्रेसी सरकार को चकमा देकर लापता हो जाता है और बीजेपी सरकार के विदेश मंत्री को सीधा फोन कर देता है। हमारी राजनीति का लालित्य बन जाता है । उसी तरह कांग्रेस न तो अपने सवालों पर टिकी रह सकी न सुषमा के सवालों का जवाब दे सकी। वो अपने गुनाहों से इतनी भयभीत हो गई कि सुषमा के इल्ज़ामों के आगे धाराशाही हो गई। अपने ही सवालों से पल्ला झाड़ लिया। एंडरसन और क्वात्रोकी का कुछ जवाब तो बनता ही था। जब बात उठ गई थी तो जवाब आना चाहिए था।  जवाब देने के लिए राहुल गांधी आए तो लगा कि जवाब मिलेगा। जवाब नहीं दिया। जवाब नहीं मिला तो व्यक्तिगत बातचीत को हथियार बना लिया।  कहने लगे कि सुषमा स्वराज ने बहस से एक दिन पहले उनका हाथ पकड़ कर बोला कि बेटा तुम मुझसे ग़ुस्सा क्यों हो। राहुल ने कहा कि मैं ग़ुस्सा नहीं हूँ। मैं सत्य के साथ हूँ तो सुषमा जी ने नज़र झुका ली । सदन में सुषमा चुप होकर सुनती रहीं। मुझे लगा कि अब वे उठकर राहुल गांधी को लाजवाब कर देंगी। मगर भाषण कला में माहिर सुषमा स्वराज के पास कोई हथियार नहीं बचा था। सुषमा को बताना चाहिए था कि राहुल गांधी का हाथ क्यों थामा? क्या बेटा कहकर भावनात्मक रूप से बचने का रास्ता खोज रही थीं? क्या वाक़ई उनकी नज़र नीचे हुई? राहुल गांधी एंडरसन और क्वात्रोकी के कांग्रेसी गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए सुषमा स्वराज से हुई बातचीत से पर्दा उठा गए। यही बता देते कि ललित मोदी उनकी पार्टी के राज में क्यों भागा? किस किस ने मदद की?टिप्पणियां यही होता रहा है, यही हुआ और यही होगा। सवाल के जवाब उस सवाल से नहीं मिलेंगे। कांग्रेस और बीजेपी मे मिलकर ललित मोदी को जीता दिया। ललित मोदी नहीं जीतता तो कांग्रेस और बीजेपी बुधवार की बहस में नहीं बच पाते। स्पीकर को भी बहस संचालित करने के साथ-साथ देखना चाहिए कि दोनों तरफ सवालों के जवाब मिल रहे हैं या नहीं। ललित मोदी को क्यों बचाया का जवाब यह नहीं हो सकता कि एंडरसन को क्यों भगाया।  सिर्फ बोलने का माहौल बना देना ही काफी नहीं है। भोपाल गैस कांड के आरोपी एंडरसन को लेकर सबकी आत्माओं को इतना ही दर्द हो रहा था तो एक चर्चा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों की हालत पर हो जाए। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले। पूछा जाता है कि जून में बारिश क्यों नहीं हुई तो जवाब आता है अगस्त में तूफान क्यों आया।  जून के कारण अगस्त के कारणों में दफन हो जाता हैं। क्या चर्चा इस बात को लेकर थी कि कांग्रेस के राजीव गांधी ने एंडरसन को क्यों भगाया। क्वात्रोकी को क्यों भगाया गया? क्या चर्चा इस बात को लेकर थी कि वित्तमंत्री रहते चिदंबरम की पत्नी को आयकर विभाग ने उनकी पत्नी को वक़ील कैसे नियुक्त किया? सुषमा स्वराज ने बताया कि राज्य सभा में पिछली सरकार में चर्चा हुई तो चिदंबरम आसानी से बच गए। अब किसे याद होगा कि तब बीजेपी ने चिदंबरम को आसानी से क्यों छोड़ा। लेकिन भाषण कला से क्या सुषमा स्वराज यह बता रही थीं कि मैंने तो चिदंबरम जैसी गलती की थी। जब हमने उन्हें बचके जाने दिया तो आप भी हमें बचकर जाने दीजिये? भाषण सुनते हुए प्रभावित हो रहे लोग क्या याद कर पा रहे थे कि इन सवालों के तमाम पहलू क्या हैं? इन सब पर भारतीय राजनीति में पर्याप्त चर्चा हुई है और कई बार नए सिरे से हो सकती है लेकिन इनसे ललित मोदी की मदद से उठे सवालों के जवाब नहीं मिल सकते। ये सब कांग्रेस की काली कोठरी की वो कालिख़ है जिससे काजल लगा कर बीजेपी अपना रूप नहीं संवार सकती। बाद में कांग्रेसी भक्त सोशल मीडिया पर गूगल से निकालकर बताने लगे कि कानून मंत्री के तौर पर अरुण जेटली ने क्यों राय दी थी कि एंडरसन को भारत लाने का केस कमज़ोर है। लेकिन क्या इस तरह से जनता की समझ बेहतर होती है। क्या वो इन तालीबाज़ दलीलों और आरोपों को विस्तार से समझ पाती है?  क्या उसे जवाब मिलता है? यही केस तो ललित मोदी का है। कांग्रेस पर भगाने का आरोप है तो बीजेपी पर लंदन में बसाने का । सुषमा से सवाल था कि आपने ललित मोदी की मदद क्यों की? उन्होंने बहुत आसानी से ललित मोदी की पत्नी को ढाल बना लिया। शायद इस उम्मीद में महिला मतदाता ख़ुश हो जायेंगी कि महिला की मदद तो अंतिम सत्य और कर्म है। लोग समझेंगे कि बेचारी मरीज़ की मदद की है तो ग़लत क्या है। इसी दम पर सुषमा स्वराज कहती रहीं कि अगर ये गुनाह है तो ये गुनाह किया है । पर सवाल ये नहीं था। सवाल था कि सबकुछ व्यक्तिगत स्तर पर क्यों किया। मंत्रालय को क्यों नहीं बताया। दो मुल्कों के संबंध की गारंटी ललित मोदी के लिए दी गई या उनकी पत्नी के लिए। खुद कहती रहीं कि मदद की है लेकिन सबूत मांगती रहीं कि दिखा तो दीजिये कि मैंने कुछ लिख कर दिया है। जैसे कि अनैतिकता सिर्फ लिख कर होती है। ललित मोदी भगोड़ा है तभी तो इसी अगस्त में उसके ख़िलाफ़ रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ है। सवाल उस भगोड़े की मदद का था जो लंदन में बैठा मुस्कुरा रहा है। जो कांग्रेसी सरकार को चकमा देकर लापता हो जाता है और बीजेपी सरकार के विदेश मंत्री को सीधा फोन कर देता है। हमारी राजनीति का लालित्य बन जाता है । उसी तरह कांग्रेस न तो अपने सवालों पर टिकी रह सकी न सुषमा के सवालों का जवाब दे सकी। वो अपने गुनाहों से इतनी भयभीत हो गई कि सुषमा के इल्ज़ामों के आगे धाराशाही हो गई। अपने ही सवालों से पल्ला झाड़ लिया। एंडरसन और क्वात्रोकी का कुछ जवाब तो बनता ही था। जब बात उठ गई थी तो जवाब आना चाहिए था।  जवाब देने के लिए राहुल गांधी आए तो लगा कि जवाब मिलेगा। जवाब नहीं दिया। जवाब नहीं मिला तो व्यक्तिगत बातचीत को हथियार बना लिया।  कहने लगे कि सुषमा स्वराज ने बहस से एक दिन पहले उनका हाथ पकड़ कर बोला कि बेटा तुम मुझसे ग़ुस्सा क्यों हो। राहुल ने कहा कि मैं ग़ुस्सा नहीं हूँ। मैं सत्य के साथ हूँ तो सुषमा जी ने नज़र झुका ली । सदन में सुषमा चुप होकर सुनती रहीं। मुझे लगा कि अब वे उठकर राहुल गांधी को लाजवाब कर देंगी। मगर भाषण कला में माहिर सुषमा स्वराज के पास कोई हथियार नहीं बचा था। सुषमा को बताना चाहिए था कि राहुल गांधी का हाथ क्यों थामा? क्या बेटा कहकर भावनात्मक रूप से बचने का रास्ता खोज रही थीं? क्या वाक़ई उनकी नज़र नीचे हुई? राहुल गांधी एंडरसन और क्वात्रोकी के कांग्रेसी गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए सुषमा स्वराज से हुई बातचीत से पर्दा उठा गए। यही बता देते कि ललित मोदी उनकी पार्टी के राज में क्यों भागा? किस किस ने मदद की?टिप्पणियां यही होता रहा है, यही हुआ और यही होगा। सवाल के जवाब उस सवाल से नहीं मिलेंगे। कांग्रेस और बीजेपी मे मिलकर ललित मोदी को जीता दिया। ललित मोदी नहीं जीतता तो कांग्रेस और बीजेपी बुधवार की बहस में नहीं बच पाते। स्पीकर को भी बहस संचालित करने के साथ-साथ देखना चाहिए कि दोनों तरफ सवालों के जवाब मिल रहे हैं या नहीं। ललित मोदी को क्यों बचाया का जवाब यह नहीं हो सकता कि एंडरसन को क्यों भगाया।  सिर्फ बोलने का माहौल बना देना ही काफी नहीं है। भोपाल गैस कांड के आरोपी एंडरसन को लेकर सबकी आत्माओं को इतना ही दर्द हो रहा था तो एक चर्चा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों की हालत पर हो जाए। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले। भाषण सुनते हुए प्रभावित हो रहे लोग क्या याद कर पा रहे थे कि इन सवालों के तमाम पहलू क्या हैं? इन सब पर भारतीय राजनीति में पर्याप्त चर्चा हुई है और कई बार नए सिरे से हो सकती है लेकिन इनसे ललित मोदी की मदद से उठे सवालों के जवाब नहीं मिल सकते। ये सब कांग्रेस की काली कोठरी की वो कालिख़ है जिससे काजल लगा कर बीजेपी अपना रूप नहीं संवार सकती। बाद में कांग्रेसी भक्त सोशल मीडिया पर गूगल से निकालकर बताने लगे कि कानून मंत्री के तौर पर अरुण जेटली ने क्यों राय दी थी कि एंडरसन को भारत लाने का केस कमज़ोर है। लेकिन क्या इस तरह से जनता की समझ बेहतर होती है। क्या वो इन तालीबाज़ दलीलों और आरोपों को विस्तार से समझ पाती है?  क्या उसे जवाब मिलता है? यही केस तो ललित मोदी का है। कांग्रेस पर भगाने का आरोप है तो बीजेपी पर लंदन में बसाने का । सुषमा से सवाल था कि आपने ललित मोदी की मदद क्यों की? उन्होंने बहुत आसानी से ललित मोदी की पत्नी को ढाल बना लिया। शायद इस उम्मीद में महिला मतदाता ख़ुश हो जायेंगी कि महिला की मदद तो अंतिम सत्य और कर्म है। लोग समझेंगे कि बेचारी मरीज़ की मदद की है तो ग़लत क्या है। इसी दम पर सुषमा स्वराज कहती रहीं कि अगर ये गुनाह है तो ये गुनाह किया है । पर सवाल ये नहीं था। सवाल था कि सबकुछ व्यक्तिगत स्तर पर क्यों किया। मंत्रालय को क्यों नहीं बताया। दो मुल्कों के संबंध की गारंटी ललित मोदी के लिए दी गई या उनकी पत्नी के लिए। खुद कहती रहीं कि मदद की है लेकिन सबूत मांगती रहीं कि दिखा तो दीजिये कि मैंने कुछ लिख कर दिया है। जैसे कि अनैतिकता सिर्फ लिख कर होती है। ललित मोदी भगोड़ा है तभी तो इसी अगस्त में उसके ख़िलाफ़ रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ है। सवाल उस भगोड़े की मदद का था जो लंदन में बैठा मुस्कुरा रहा है। जो कांग्रेसी सरकार को चकमा देकर लापता हो जाता है और बीजेपी सरकार के विदेश मंत्री को सीधा फोन कर देता है। हमारी राजनीति का लालित्य बन जाता है । उसी तरह कांग्रेस न तो अपने सवालों पर टिकी रह सकी न सुषमा के सवालों का जवाब दे सकी। वो अपने गुनाहों से इतनी भयभीत हो गई कि सुषमा के इल्ज़ामों के आगे धाराशाही हो गई। अपने ही सवालों से पल्ला झाड़ लिया। एंडरसन और क्वात्रोकी का कुछ जवाब तो बनता ही था। जब बात उठ गई थी तो जवाब आना चाहिए था।  जवाब देने के लिए राहुल गांधी आए तो लगा कि जवाब मिलेगा। जवाब नहीं दिया। जवाब नहीं मिला तो व्यक्तिगत बातचीत को हथियार बना लिया।  कहने लगे कि सुषमा स्वराज ने बहस से एक दिन पहले उनका हाथ पकड़ कर बोला कि बेटा तुम मुझसे ग़ुस्सा क्यों हो। राहुल ने कहा कि मैं ग़ुस्सा नहीं हूँ। मैं सत्य के साथ हूँ तो सुषमा जी ने नज़र झुका ली । सदन में सुषमा चुप होकर सुनती रहीं। मुझे लगा कि अब वे उठकर राहुल गांधी को लाजवाब कर देंगी। मगर भाषण कला में माहिर सुषमा स्वराज के पास कोई हथियार नहीं बचा था। सुषमा को बताना चाहिए था कि राहुल गांधी का हाथ क्यों थामा? क्या बेटा कहकर भावनात्मक रूप से बचने का रास्ता खोज रही थीं? क्या वाक़ई उनकी नज़र नीचे हुई? राहुल गांधी एंडरसन और क्वात्रोकी के कांग्रेसी गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए सुषमा स्वराज से हुई बातचीत से पर्दा उठा गए। यही बता देते कि ललित मोदी उनकी पार्टी के राज में क्यों भागा? किस किस ने मदद की?टिप्पणियां यही होता रहा है, यही हुआ और यही होगा। सवाल के जवाब उस सवाल से नहीं मिलेंगे। कांग्रेस और बीजेपी मे मिलकर ललित मोदी को जीता दिया। ललित मोदी नहीं जीतता तो कांग्रेस और बीजेपी बुधवार की बहस में नहीं बच पाते। स्पीकर को भी बहस संचालित करने के साथ-साथ देखना चाहिए कि दोनों तरफ सवालों के जवाब मिल रहे हैं या नहीं। ललित मोदी को क्यों बचाया का जवाब यह नहीं हो सकता कि एंडरसन को क्यों भगाया।  सिर्फ बोलने का माहौल बना देना ही काफी नहीं है। भोपाल गैस कांड के आरोपी एंडरसन को लेकर सबकी आत्माओं को इतना ही दर्द हो रहा था तो एक चर्चा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों की हालत पर हो जाए। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले। सुषमा से सवाल था कि आपने ललित मोदी की मदद क्यों की? 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क्या बेटा कहकर भावनात्मक रूप से बचने का रास्ता खोज रही थीं? क्या वाक़ई उनकी नज़र नीचे हुई? राहुल गांधी एंडरसन और क्वात्रोकी के कांग्रेसी गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए सुषमा स्वराज से हुई बातचीत से पर्दा उठा गए। यही बता देते कि ललित मोदी उनकी पार्टी के राज में क्यों भागा? किस किस ने मदद की?टिप्पणियां यही होता रहा है, यही हुआ और यही होगा। सवाल के जवाब उस सवाल से नहीं मिलेंगे। कांग्रेस और बीजेपी मे मिलकर ललित मोदी को जीता दिया। ललित मोदी नहीं जीतता तो कांग्रेस और बीजेपी बुधवार की बहस में नहीं बच पाते। स्पीकर को भी बहस संचालित करने के साथ-साथ देखना चाहिए कि दोनों तरफ सवालों के जवाब मिल रहे हैं या नहीं। ललित मोदी को क्यों बचाया का जवाब यह नहीं हो सकता कि एंडरसन को क्यों भगाया।  सिर्फ बोलने का माहौल बना देना ही काफी नहीं है। भोपाल गैस कांड के आरोपी एंडरसन को लेकर सबकी आत्माओं को इतना ही दर्द हो रहा था तो एक चर्चा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों की हालत पर हो जाए। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले। उसी तरह कांग्रेस न तो अपने सवालों पर टिकी रह सकी न सुषमा के सवालों का जवाब दे सकी। वो अपने गुनाहों से इतनी भयभीत हो गई कि सुषमा के इल्ज़ामों के आगे धाराशाही हो गई। अपने ही सवालों से पल्ला झाड़ लिया। एंडरसन और क्वात्रोकी का कुछ जवाब तो बनता ही था। जब बात उठ गई थी तो जवाब आना चाहिए था।  जवाब देने के लिए राहुल गांधी आए तो लगा कि जवाब मिलेगा। जवाब नहीं दिया। जवाब नहीं मिला तो व्यक्तिगत बातचीत को हथियार बना लिया।  कहने लगे कि सुषमा स्वराज ने बहस से एक दिन पहले उनका हाथ पकड़ कर बोला कि बेटा तुम मुझसे ग़ुस्सा क्यों हो। राहुल ने कहा कि मैं ग़ुस्सा नहीं हूँ। मैं सत्य के साथ हूँ तो सुषमा जी ने नज़र झुका ली । सदन में सुषमा चुप होकर सुनती रहीं। मुझे लगा कि अब वे उठकर राहुल गांधी को लाजवाब कर देंगी। मगर भाषण कला में माहिर सुषमा स्वराज के पास कोई हथियार नहीं बचा था। सुषमा को बताना चाहिए था कि राहुल गांधी का हाथ क्यों थामा? क्या बेटा कहकर भावनात्मक रूप से बचने का रास्ता खोज रही थीं? क्या वाक़ई उनकी नज़र नीचे हुई? राहुल गांधी एंडरसन और क्वात्रोकी के कांग्रेसी गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए सुषमा स्वराज से हुई बातचीत से पर्दा उठा गए। यही बता देते कि ललित मोदी उनकी पार्टी के राज में क्यों भागा? किस किस ने मदद की?टिप्पणियां यही होता रहा है, यही हुआ और यही होगा। सवाल के जवाब उस सवाल से नहीं मिलेंगे। कांग्रेस और बीजेपी मे मिलकर ललित मोदी को जीता दिया। ललित मोदी नहीं जीतता तो कांग्रेस और बीजेपी बुधवार की बहस में नहीं बच पाते। स्पीकर को भी बहस संचालित करने के साथ-साथ देखना चाहिए कि दोनों तरफ सवालों के जवाब मिल रहे हैं या नहीं। ललित मोदी को क्यों बचाया का जवाब यह नहीं हो सकता कि एंडरसन को क्यों भगाया।  सिर्फ बोलने का माहौल बना देना ही काफी नहीं है। भोपाल गैस कांड के आरोपी एंडरसन को लेकर सबकी आत्माओं को इतना ही दर्द हो रहा था तो एक चर्चा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों की हालत पर हो जाए। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले। सदन में सुषमा चुप होकर सुनती रहीं। मुझे लगा कि अब वे उठकर राहुल गांधी को लाजवाब कर देंगी। मगर भाषण कला में माहिर सुषमा स्वराज के पास कोई हथियार नहीं बचा था। सुषमा को बताना चाहिए था कि राहुल गांधी का हाथ क्यों थामा? क्या बेटा कहकर भावनात्मक रूप से बचने का रास्ता खोज रही थीं? क्या वाक़ई उनकी नज़र नीचे हुई? राहुल गांधी एंडरसन और क्वात्रोकी के कांग्रेसी गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए सुषमा स्वराज से हुई बातचीत से पर्दा उठा गए। यही बता देते कि ललित मोदी उनकी पार्टी के राज में क्यों भागा? किस किस ने मदद की?टिप्पणियां यही होता रहा है, यही हुआ और यही होगा। सवाल के जवाब उस सवाल से नहीं मिलेंगे। कांग्रेस और बीजेपी मे मिलकर ललित मोदी को जीता दिया। ललित मोदी नहीं जीतता तो कांग्रेस और बीजेपी बुधवार की बहस में नहीं बच पाते। स्पीकर को भी बहस संचालित करने के साथ-साथ देखना चाहिए कि दोनों तरफ सवालों के जवाब मिल रहे हैं या नहीं। ललित मोदी को क्यों बचाया का जवाब यह नहीं हो सकता कि एंडरसन को क्यों भगाया।  सिर्फ बोलने का माहौल बना देना ही काफी नहीं है। भोपाल गैस कांड के आरोपी एंडरसन को लेकर सबकी आत्माओं को इतना ही दर्द हो रहा था तो एक चर्चा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों की हालत पर हो जाए। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले। यही होता रहा है, यही हुआ और यही होगा। सवाल के जवाब उस सवाल से नहीं मिलेंगे। कांग्रेस और बीजेपी मे मिलकर ललित मोदी को जीता दिया। ललित मोदी नहीं जीतता तो कांग्रेस और बीजेपी बुधवार की बहस में नहीं बच पाते। स्पीकर को भी बहस संचालित करने के साथ-साथ देखना चाहिए कि दोनों तरफ सवालों के जवाब मिल रहे हैं या नहीं। ललित मोदी को क्यों बचाया का जवाब यह नहीं हो सकता कि एंडरसन को क्यों भगाया।  सिर्फ बोलने का माहौल बना देना ही काफी नहीं है। भोपाल गैस कांड के आरोपी एंडरसन को लेकर सबकी आत्माओं को इतना ही दर्द हो रहा था तो एक चर्चा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों की हालत पर हो जाए। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले। बहरहाल लोकसभा की बहस का नतीजा यह निकला कि सबको भाषण कौशल के प्रदर्शन का मौक़ा मिला। सबकी राजनीति जब एक सी हो जाती है, तब राजनीति मर जाती है। लोकतंत्र में जब विकल्प एक समान हो जाए तो लोकतंत्र मर जाता है। लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हरकतें होने लगती हैं। जनता की आवाज़ दबने लगती है, इस समान स्थिति में आपने देखा होगा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ता की जगह सदस्य बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। वो आपके राजनीतिकरण का पार्टीकरण करना चाहते हैं। इसीलिए हिन्दू सांप्रदायिकता और मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जाता है ताकि आपके नाराज तो हो सकें मगर आपके लिए पाला बदलना मुश्किल हो जाए। इसलिए अब इस लोकतंत्र में जनता हमेशा हारेगी। वो मतदान प्रतिशत से ख़ुश होना चाहती है तो हो ले।
सारांश: सुषमा स्वराज
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा में 12 साल पूर्व हुए शिक्षक भर्ती घोटाला मामले पर दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को पड़ोसी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला व उनके बेटे अजय चौटाला को 10 साल जेल की सजा सुनाई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार ने चौटाला, उनके बेटे व सात अन्य को 10 साल जबकि एक दोषी को पांच साल तथा अन्य 45 को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई। जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (जेबीटी) शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी 62 लोगों में से छह की मौत हो चुकी है और आरोप तय किए जाने के दौरान एक को बर्खास्त किया जा चुका है।   चौटाला व अजय के अलावा प्राथमिक शिक्षा के तत्कालीन निदेशक संजीव कुमार, चौटाला के साथ विशेष सेवा पर तैनात पूर्व अधिकारी विद्याधर व चौटाला के राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई। तत्कालीन जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी मदन लाल कालरा, एक राजकीय बालिका विद्यालय की तत्कालीन प्राचार्य दुर्गा दत्त प्रधान, एक राजकीय विद्यालय की  तत्कालीन प्राचार्य बानी सैनी तथा तत्कालीन सहायक प्राथमिक शिक्षा निदेशक दया सैनी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई।    सजा सुनाए जाने के कुछ ही समय बाद चौटाला समर्थकों ने अदालत परिसर में पथराव किया। न्यायाधीश ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सजा सुनाते समय उदारता बरती जाए। उन्होंने कहा, "दुष्टतापूर्ण अपराध और राजनेता व नौकरशाह के बीच सांठगांठ से बहुत सारे अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार के हनन वाले इस मामले पर विचार करने के बाद मुझे दोषियों को सजा सुनाने में उदारता बरतने का कोई कारण नजर नहीं आता। दोषियों ने शातिराना अंदाज में पूरी साजिश रची या ऐसा कृत्य करने वालों को सहयोग दिया।" अदालत ने इस मामले को उजागर करने वाले तत्कालीन अधिकारी संजीव कुमार के प्रति नरमी बरतने से भी इनकार कर दिया। कुमार बाद में स्वयं इस घोटाले में संलिप्त पाए गए। अपराध की समानता के आधार पर अन्य दोषियों की तरह उन्हें भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने हालांकि यह रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान इन दोषियों ने जो कहा, सच कहा। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार ने चौटाला, उनके बेटे व सात अन्य को 10 साल जबकि एक दोषी को पांच साल तथा अन्य 45 को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई। जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (जेबीटी) शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी 62 लोगों में से छह की मौत हो चुकी है और आरोप तय किए जाने के दौरान एक को बर्खास्त किया जा चुका है।   चौटाला व अजय के अलावा प्राथमिक शिक्षा के तत्कालीन निदेशक संजीव कुमार, चौटाला के साथ विशेष सेवा पर तैनात पूर्व अधिकारी विद्याधर व चौटाला के राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई। तत्कालीन जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी मदन लाल कालरा, एक राजकीय बालिका विद्यालय की तत्कालीन प्राचार्य दुर्गा दत्त प्रधान, एक राजकीय विद्यालय की  तत्कालीन प्राचार्य बानी सैनी तथा तत्कालीन सहायक प्राथमिक शिक्षा निदेशक दया सैनी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई।    सजा सुनाए जाने के कुछ ही समय बाद चौटाला समर्थकों ने अदालत परिसर में पथराव किया। न्यायाधीश ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सजा सुनाते समय उदारता बरती जाए। उन्होंने कहा, "दुष्टतापूर्ण अपराध और राजनेता व नौकरशाह के बीच सांठगांठ से बहुत सारे अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार के हनन वाले इस मामले पर विचार करने के बाद मुझे दोषियों को सजा सुनाने में उदारता बरतने का कोई कारण नजर नहीं आता। दोषियों ने शातिराना अंदाज में पूरी साजिश रची या ऐसा कृत्य करने वालों को सहयोग दिया।" अदालत ने इस मामले को उजागर करने वाले तत्कालीन अधिकारी संजीव कुमार के प्रति नरमी बरतने से भी इनकार कर दिया। कुमार बाद में स्वयं इस घोटाले में संलिप्त पाए गए। अपराध की समानता के आधार पर अन्य दोषियों की तरह उन्हें भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने हालांकि यह रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान इन दोषियों ने जो कहा, सच कहा। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (जेबीटी) शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी 62 लोगों में से छह की मौत हो चुकी है और आरोप तय किए जाने के दौरान एक को बर्खास्त किया जा चुका है।   चौटाला व अजय के अलावा प्राथमिक शिक्षा के तत्कालीन निदेशक संजीव कुमार, चौटाला के साथ विशेष सेवा पर तैनात पूर्व अधिकारी विद्याधर व चौटाला के राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई। तत्कालीन जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी मदन लाल कालरा, एक राजकीय बालिका विद्यालय की तत्कालीन प्राचार्य दुर्गा दत्त प्रधान, एक राजकीय विद्यालय की  तत्कालीन प्राचार्य बानी सैनी तथा तत्कालीन सहायक प्राथमिक शिक्षा निदेशक दया सैनी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई।    सजा सुनाए जाने के कुछ ही समय बाद चौटाला समर्थकों ने अदालत परिसर में पथराव किया। न्यायाधीश ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सजा सुनाते समय उदारता बरती जाए। उन्होंने कहा, "दुष्टतापूर्ण अपराध और राजनेता व नौकरशाह के बीच सांठगांठ से बहुत सारे अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार के हनन वाले इस मामले पर विचार करने के बाद मुझे दोषियों को सजा सुनाने में उदारता बरतने का कोई कारण नजर नहीं आता। दोषियों ने शातिराना अंदाज में पूरी साजिश रची या ऐसा कृत्य करने वालों को सहयोग दिया।" अदालत ने इस मामले को उजागर करने वाले तत्कालीन अधिकारी संजीव कुमार के प्रति नरमी बरतने से भी इनकार कर दिया। कुमार बाद में स्वयं इस घोटाले में संलिप्त पाए गए। अपराध की समानता के आधार पर अन्य दोषियों की तरह उन्हें भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने हालांकि यह रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान इन दोषियों ने जो कहा, सच कहा। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। चौटाला व अजय के अलावा प्राथमिक शिक्षा के तत्कालीन निदेशक संजीव कुमार, चौटाला के साथ विशेष सेवा पर तैनात पूर्व अधिकारी विद्याधर व चौटाला के राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई। तत्कालीन जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी मदन लाल कालरा, एक राजकीय बालिका विद्यालय की तत्कालीन प्राचार्य दुर्गा दत्त प्रधान, एक राजकीय विद्यालय की  तत्कालीन प्राचार्य बानी सैनी तथा तत्कालीन सहायक प्राथमिक शिक्षा निदेशक दया सैनी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई।    सजा सुनाए जाने के कुछ ही समय बाद चौटाला समर्थकों ने अदालत परिसर में पथराव किया। न्यायाधीश ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सजा सुनाते समय उदारता बरती जाए। उन्होंने कहा, "दुष्टतापूर्ण अपराध और राजनेता व नौकरशाह के बीच सांठगांठ से बहुत सारे अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार के हनन वाले इस मामले पर विचार करने के बाद मुझे दोषियों को सजा सुनाने में उदारता बरतने का कोई कारण नजर नहीं आता। दोषियों ने शातिराना अंदाज में पूरी साजिश रची या ऐसा कृत्य करने वालों को सहयोग दिया।" अदालत ने इस मामले को उजागर करने वाले तत्कालीन अधिकारी संजीव कुमार के प्रति नरमी बरतने से भी इनकार कर दिया। कुमार बाद में स्वयं इस घोटाले में संलिप्त पाए गए। अपराध की समानता के आधार पर अन्य दोषियों की तरह उन्हें भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने हालांकि यह रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान इन दोषियों ने जो कहा, सच कहा। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। तत्कालीन जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी मदन लाल कालरा, एक राजकीय बालिका विद्यालय की तत्कालीन प्राचार्य दुर्गा दत्त प्रधान, एक राजकीय विद्यालय की  तत्कालीन प्राचार्य बानी सैनी तथा तत्कालीन सहायक प्राथमिक शिक्षा निदेशक दया सैनी को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई गई।    सजा सुनाए जाने के कुछ ही समय बाद चौटाला समर्थकों ने अदालत परिसर में पथराव किया। न्यायाधीश ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सजा सुनाते समय उदारता बरती जाए। उन्होंने कहा, "दुष्टतापूर्ण अपराध और राजनेता व नौकरशाह के बीच सांठगांठ से बहुत सारे अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार के हनन वाले इस मामले पर विचार करने के बाद मुझे दोषियों को सजा सुनाने में उदारता बरतने का कोई कारण नजर नहीं आता। दोषियों ने शातिराना अंदाज में पूरी साजिश रची या ऐसा कृत्य करने वालों को सहयोग दिया।" अदालत ने इस मामले को उजागर करने वाले तत्कालीन अधिकारी संजीव कुमार के प्रति नरमी बरतने से भी इनकार कर दिया। कुमार बाद में स्वयं इस घोटाले में संलिप्त पाए गए। अपराध की समानता के आधार पर अन्य दोषियों की तरह उन्हें भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने हालांकि यह रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान इन दोषियों ने जो कहा, सच कहा। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। सजा सुनाए जाने के कुछ ही समय बाद चौटाला समर्थकों ने अदालत परिसर में पथराव किया। न्यायाधीश ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सजा सुनाते समय उदारता बरती जाए। उन्होंने कहा, "दुष्टतापूर्ण अपराध और राजनेता व नौकरशाह के बीच सांठगांठ से बहुत सारे अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार के हनन वाले इस मामले पर विचार करने के बाद मुझे दोषियों को सजा सुनाने में उदारता बरतने का कोई कारण नजर नहीं आता। दोषियों ने शातिराना अंदाज में पूरी साजिश रची या ऐसा कृत्य करने वालों को सहयोग दिया।" अदालत ने इस मामले को उजागर करने वाले तत्कालीन अधिकारी संजीव कुमार के प्रति नरमी बरतने से भी इनकार कर दिया। कुमार बाद में स्वयं इस घोटाले में संलिप्त पाए गए। अपराध की समानता के आधार पर अन्य दोषियों की तरह उन्हें भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने हालांकि यह रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान इन दोषियों ने जो कहा, सच कहा। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। न्यायाधीश ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सजा सुनाते समय उदारता बरती जाए। उन्होंने कहा, "दुष्टतापूर्ण अपराध और राजनेता व नौकरशाह के बीच सांठगांठ से बहुत सारे अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार के हनन वाले इस मामले पर विचार करने के बाद मुझे दोषियों को सजा सुनाने में उदारता बरतने का कोई कारण नजर नहीं आता। दोषियों ने शातिराना अंदाज में पूरी साजिश रची या ऐसा कृत्य करने वालों को सहयोग दिया।" अदालत ने इस मामले को उजागर करने वाले तत्कालीन अधिकारी संजीव कुमार के प्रति नरमी बरतने से भी इनकार कर दिया। कुमार बाद में स्वयं इस घोटाले में संलिप्त पाए गए। अपराध की समानता के आधार पर अन्य दोषियों की तरह उन्हें भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने हालांकि यह रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान इन दोषियों ने जो कहा, सच कहा। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। अदालत ने इस मामले को उजागर करने वाले तत्कालीन अधिकारी संजीव कुमार के प्रति नरमी बरतने से भी इनकार कर दिया। कुमार बाद में स्वयं इस घोटाले में संलिप्त पाए गए। अपराध की समानता के आधार पर अन्य दोषियों की तरह उन्हें भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने हालांकि यह रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान इन दोषियों ने जो कहा, सच कहा। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों ही हरियाणा से विधायक हैं। दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। रोहिणी अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया। उनका हालांकि दावा है कि उन्हें राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।      टिप्पणियां चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। चौटाला, उनके बेटे व अन्य को भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी व पीसीए की 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (वास्तविक की जगह जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
यह एक सारांश है: हरियाणा में 12 साल पूर्व हुए शिक्षक भर्ती घोटाला मामले पर दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को पड़ोसी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला व उनके बेटे अजय चौटाला को 10 साल जेल की सजा सुनाई।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब और गोवा में अपेक्षित सफलता ना मिलने के बाद आम आदमी पार्टी ने EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर संदेह ज़ाहिर करते हुए मांग की है कि आगामी दिल्ली नगर निगम चुनाव में बैलट पेपर से चुनाव कराये जाएं. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि 'UP में भी नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव बैलट पेपर से होते हैं, दिल्ली एमसीडी (MCD) के चुनाव भी बैलेट पेपर से कराये जा सकते हैं.' संजय सिंह ने कहा कि पंजाब चुनाव जीतने वाली कांग्रेस को भी ईवीएम (EVM) पर संदेह है, बसपा को भी संदेह है और दूसरी पार्टियों भी संदेह है यही नहीं बीजेपी जब तक विपक्ष में थी तब तक उसके नेता और समर्थक EVM पर सवाल उठाते थे तो ऐसे में बैलट पेपर से चुनाव कराने में क्या हर्ज है?टिप्पणियां दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है और निगम चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी उसकी है लेकिन इसके लिए उपराज्यपाल की मंज़ूरी चाहिए होगी. दिल्ली में अप्रैल-मई के महीने में तीनों नगर निगम में चुनाव हो सकते हैं. आपको बता दें कि पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी को 117 में से 22 सीटें मिली जबकि गोवा में 40 सीटों में से एक भी सीट पर उसको जीत नहीं मिली और उसके सीएम उम्मीदवार तक चुनाव हार गए. जिसके दो दिन बाद आम आदमी पार्टी नेता EVM से होने वाले चुनाव पर सवाल उठा रहे हैं. हालाँकि इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को EVM पर सवाल उठाकर दोबारा बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की थी जिसको चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था. बता दें कि लालू प्रसाद यादव ने भी ईवीएम पर शक जताया है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है और निगम चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी उसकी है लेकिन इसके लिए उपराज्यपाल की मंज़ूरी चाहिए होगी. दिल्ली में अप्रैल-मई के महीने में तीनों नगर निगम में चुनाव हो सकते हैं. आपको बता दें कि पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी को 117 में से 22 सीटें मिली जबकि गोवा में 40 सीटों में से एक भी सीट पर उसको जीत नहीं मिली और उसके सीएम उम्मीदवार तक चुनाव हार गए. जिसके दो दिन बाद आम आदमी पार्टी नेता EVM से होने वाले चुनाव पर सवाल उठा रहे हैं. हालाँकि इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को EVM पर सवाल उठाकर दोबारा बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की थी जिसको चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था. बता दें कि लालू प्रसाद यादव ने भी ईवीएम पर शक जताया है. आपको बता दें कि पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी को 117 में से 22 सीटें मिली जबकि गोवा में 40 सीटों में से एक भी सीट पर उसको जीत नहीं मिली और उसके सीएम उम्मीदवार तक चुनाव हार गए. जिसके दो दिन बाद आम आदमी पार्टी नेता EVM से होने वाले चुनाव पर सवाल उठा रहे हैं. हालाँकि इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को EVM पर सवाल उठाकर दोबारा बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की थी जिसको चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था. बता दें कि लालू प्रसाद यादव ने भी ईवीएम पर शक जताया है.
सारांश: आप ने EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर संदेह ज़ाहिर किया UP में भी नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव बैलट पेपर से होते हैं पंजाब चुनाव जीतने वाली कांग्रेस को भी ईवीएम (EVM) पर संदेह है
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीपीजी) अभयानंद ने मंगलवार को कहा कि जातीय संगठन माने जाने वाले रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की हत्या के पीछे गहरी साजिश थी। इस हत्याकांड का खुलासा जल्द ही हो जाएगा। डीपीजी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मुखिया पर लगातार छह गोलियां चलाई गईं, जो शरीर को चीरते हुए बाहर निकल गईं, जबकि घटनास्थल से तीन ही खाली कारतूस बरामद हुए हैं। पटना में पत्रकारों को जानकारी देते हुए अभयानंद ने कहा कि हत्या के इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। अभयानंद के मुताबिक, इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। इसके अलावा एक मुख्य आरोपी अभी तक फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों का न्यायालय में पॉलिग्राफी टेस्ट से इंकार करना उनकी संलिप्तता को मजबूत करता है।टिप्पणियां विशेष जांच दल के कार्यो पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। मुखिया के पुत्र इंदुभूषण ने हालांकि कुछ दिन पूर्व जांच पर असंतोष जताया था। उल्लेखनीय है कि भोजपुर में एक जून की सुबह अज्ञात अपराधियों ने ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने घर से टहलने के लिए निकले थे। डीपीजी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मुखिया पर लगातार छह गोलियां चलाई गईं, जो शरीर को चीरते हुए बाहर निकल गईं, जबकि घटनास्थल से तीन ही खाली कारतूस बरामद हुए हैं। पटना में पत्रकारों को जानकारी देते हुए अभयानंद ने कहा कि हत्या के इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। अभयानंद के मुताबिक, इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। इसके अलावा एक मुख्य आरोपी अभी तक फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों का न्यायालय में पॉलिग्राफी टेस्ट से इंकार करना उनकी संलिप्तता को मजबूत करता है।टिप्पणियां विशेष जांच दल के कार्यो पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। मुखिया के पुत्र इंदुभूषण ने हालांकि कुछ दिन पूर्व जांच पर असंतोष जताया था। उल्लेखनीय है कि भोजपुर में एक जून की सुबह अज्ञात अपराधियों ने ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने घर से टहलने के लिए निकले थे। पटना में पत्रकारों को जानकारी देते हुए अभयानंद ने कहा कि हत्या के इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। अभयानंद के मुताबिक, इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। इसके अलावा एक मुख्य आरोपी अभी तक फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों का न्यायालय में पॉलिग्राफी टेस्ट से इंकार करना उनकी संलिप्तता को मजबूत करता है।टिप्पणियां विशेष जांच दल के कार्यो पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। मुखिया के पुत्र इंदुभूषण ने हालांकि कुछ दिन पूर्व जांच पर असंतोष जताया था। उल्लेखनीय है कि भोजपुर में एक जून की सुबह अज्ञात अपराधियों ने ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने घर से टहलने के लिए निकले थे। अभयानंद के मुताबिक, इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। इसके अलावा एक मुख्य आरोपी अभी तक फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों का न्यायालय में पॉलिग्राफी टेस्ट से इंकार करना उनकी संलिप्तता को मजबूत करता है।टिप्पणियां विशेष जांच दल के कार्यो पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। मुखिया के पुत्र इंदुभूषण ने हालांकि कुछ दिन पूर्व जांच पर असंतोष जताया था। उल्लेखनीय है कि भोजपुर में एक जून की सुबह अज्ञात अपराधियों ने ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने घर से टहलने के लिए निकले थे। विशेष जांच दल के कार्यो पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। मुखिया के पुत्र इंदुभूषण ने हालांकि कुछ दिन पूर्व जांच पर असंतोष जताया था। उल्लेखनीय है कि भोजपुर में एक जून की सुबह अज्ञात अपराधियों ने ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने घर से टहलने के लिए निकले थे। उल्लेखनीय है कि भोजपुर में एक जून की सुबह अज्ञात अपराधियों ने ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने घर से टहलने के लिए निकले थे।
बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीपीजी) अभयानंद ने मंगलवार को कहा कि जातीय संगठन माने जाने वाले रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया की हत्या के पीछे गहरी साजिश थी। इस हत्याकांड का खुलासा जल्द ही हो जाएगा।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तिहाड़ जेल प्रशासन से संसद हमले के अभियुक्त अफजल गुरु का शव उसके परिवार को सौंपने की मांग करने के अगले ही दिन दो वकीलों ने बतौर उनके वकील अपने नाम वापस ले लिए। वकील एनडी पंचोली और नंदिता हस्कर ने दो पृष्ठों के एक बयान में कहा, ‘अब अनुचित विवाद खड़े हो गए हैं और हम उस चर्चा का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। हम उस मुख्य मुद्दे से भी ध्यान हटाना नहीं चाहते हैं जिन पर हमने अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया था।’टिप्पणियां दोनों वकीलों ने मंगलवार को अफजल के परिवार की ओर से तिहाड़ की महानिदेशक विमला मेहरा को पत्र भेजा और उनसे उसके सामान तथा शव उसके परिवार को सौंपने की मांग की थी। उन्होंने उसके परिवार के लिए दिल्ली आने पर तिहाड़ में उसकी कब्र पर फातिहा पढ़ने देने की भी इजाजत मांगी थी। दोनों ने अपने बयान में कहा, ‘हमें इस बात से उदास हैं कि भारतीय जनता और कश्मीरी जनता के बीच सेतु बनाने के हमारे सभी प्रयासों को भारतीय प्रशासन ने लगातार कमजोर बनाया और उसने हमारे प्रयासों को राष्ट्रविरोधी करार देकर निंदा की। उधर, कश्मीर में कुछ राजनीतिक दल एकजुटता एवं दोस्ती के इन प्रयासों को संदेह की दृष्टि से देखते हैं।’ उन्होंने अपने इस फैसले के तात्कालिक कारण नहीं बताए। वकील एनडी पंचोली और नंदिता हस्कर ने दो पृष्ठों के एक बयान में कहा, ‘अब अनुचित विवाद खड़े हो गए हैं और हम उस चर्चा का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। हम उस मुख्य मुद्दे से भी ध्यान हटाना नहीं चाहते हैं जिन पर हमने अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया था।’टिप्पणियां दोनों वकीलों ने मंगलवार को अफजल के परिवार की ओर से तिहाड़ की महानिदेशक विमला मेहरा को पत्र भेजा और उनसे उसके सामान तथा शव उसके परिवार को सौंपने की मांग की थी। उन्होंने उसके परिवार के लिए दिल्ली आने पर तिहाड़ में उसकी कब्र पर फातिहा पढ़ने देने की भी इजाजत मांगी थी। दोनों ने अपने बयान में कहा, ‘हमें इस बात से उदास हैं कि भारतीय जनता और कश्मीरी जनता के बीच सेतु बनाने के हमारे सभी प्रयासों को भारतीय प्रशासन ने लगातार कमजोर बनाया और उसने हमारे प्रयासों को राष्ट्रविरोधी करार देकर निंदा की। उधर, कश्मीर में कुछ राजनीतिक दल एकजुटता एवं दोस्ती के इन प्रयासों को संदेह की दृष्टि से देखते हैं।’ उन्होंने अपने इस फैसले के तात्कालिक कारण नहीं बताए। दोनों वकीलों ने मंगलवार को अफजल के परिवार की ओर से तिहाड़ की महानिदेशक विमला मेहरा को पत्र भेजा और उनसे उसके सामान तथा शव उसके परिवार को सौंपने की मांग की थी। उन्होंने उसके परिवार के लिए दिल्ली आने पर तिहाड़ में उसकी कब्र पर फातिहा पढ़ने देने की भी इजाजत मांगी थी। दोनों ने अपने बयान में कहा, ‘हमें इस बात से उदास हैं कि भारतीय जनता और कश्मीरी जनता के बीच सेतु बनाने के हमारे सभी प्रयासों को भारतीय प्रशासन ने लगातार कमजोर बनाया और उसने हमारे प्रयासों को राष्ट्रविरोधी करार देकर निंदा की। उधर, कश्मीर में कुछ राजनीतिक दल एकजुटता एवं दोस्ती के इन प्रयासों को संदेह की दृष्टि से देखते हैं।’ उन्होंने अपने इस फैसले के तात्कालिक कारण नहीं बताए। दोनों ने अपने बयान में कहा, ‘हमें इस बात से उदास हैं कि भारतीय जनता और कश्मीरी जनता के बीच सेतु बनाने के हमारे सभी प्रयासों को भारतीय प्रशासन ने लगातार कमजोर बनाया और उसने हमारे प्रयासों को राष्ट्रविरोधी करार देकर निंदा की। उधर, कश्मीर में कुछ राजनीतिक दल एकजुटता एवं दोस्ती के इन प्रयासों को संदेह की दृष्टि से देखते हैं।’ उन्होंने अपने इस फैसले के तात्कालिक कारण नहीं बताए।
संक्षिप्त पाठ: तिहाड़ जेल प्रशासन से संसद हमले के अभियुक्त अफजल गुरु का शव उसके परिवार को सौंपने की मांग करने के अगले ही दिन दो वकीलों ने बतौर उनके वकील अपने नाम वापस ले लिए।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: रॉयल स्वीडिश अकादमी ने बुधवार को रसायन के क्षेत्र में इस वर्ष के नोबेल विजेताओं की घोषणा की। इस वर्ष का रसायन के क्षेत्र में दिया जाने वाला नोबेल पुरस्कार जटिल रासायनिक प्रक्रियाओं की संरचना समझाने के लिए बहुमापन प्रणाली का विकास करने वाले तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से दिया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अकादमी के स्थाई प्रवक्ता स्टैफान नोरमार्क के हवाले से कहा कि अमेरिकी-आस्ट्रियाई वैज्ञानिक मार्टिन कारप्लस, अमेरिकी-ब्रिटिश-इजराइली वैज्ञानिक माइकल लेविट और अमेरिकी-इजराइली वैज्ञानिक आरिया वार्शेल को इस वर्ष का रसायन के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। अकादमी ने एक वक्तव्य में कहा, "तीनों वैज्ञानिकों ने जटिल रासायनिक संरचनाओं को समझाने वाले मॉडल्स को प्लास्टिक की गेंदों और छड़ी का उपयोग कर विकसित किया है। आज इस मॉडलिंग का प्रयोग कंप्यूटरों में किया जा रहा है।" टिप्पणियां इस वर्ष दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों में अब तक चिकित्सा विज्ञान, भैतिकी और रसायन के क्षेत्र में दिए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि नोबेल पुरस्कारों की घोषणा अमूमन अक्टूबर में की जाती है और यह 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के तहत प्रतीक चिह्न और 12 लाख डॉलर प्रदान किए जाते हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अकादमी के स्थाई प्रवक्ता स्टैफान नोरमार्क के हवाले से कहा कि अमेरिकी-आस्ट्रियाई वैज्ञानिक मार्टिन कारप्लस, अमेरिकी-ब्रिटिश-इजराइली वैज्ञानिक माइकल लेविट और अमेरिकी-इजराइली वैज्ञानिक आरिया वार्शेल को इस वर्ष का रसायन के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। अकादमी ने एक वक्तव्य में कहा, "तीनों वैज्ञानिकों ने जटिल रासायनिक संरचनाओं को समझाने वाले मॉडल्स को प्लास्टिक की गेंदों और छड़ी का उपयोग कर विकसित किया है। आज इस मॉडलिंग का प्रयोग कंप्यूटरों में किया जा रहा है।" टिप्पणियां इस वर्ष दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों में अब तक चिकित्सा विज्ञान, भैतिकी और रसायन के क्षेत्र में दिए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि नोबेल पुरस्कारों की घोषणा अमूमन अक्टूबर में की जाती है और यह 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के तहत प्रतीक चिह्न और 12 लाख डॉलर प्रदान किए जाते हैं। अकादमी ने एक वक्तव्य में कहा, "तीनों वैज्ञानिकों ने जटिल रासायनिक संरचनाओं को समझाने वाले मॉडल्स को प्लास्टिक की गेंदों और छड़ी का उपयोग कर विकसित किया है। आज इस मॉडलिंग का प्रयोग कंप्यूटरों में किया जा रहा है।" टिप्पणियां इस वर्ष दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों में अब तक चिकित्सा विज्ञान, भैतिकी और रसायन के क्षेत्र में दिए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि नोबेल पुरस्कारों की घोषणा अमूमन अक्टूबर में की जाती है और यह 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के तहत प्रतीक चिह्न और 12 लाख डॉलर प्रदान किए जाते हैं। इस वर्ष दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों में अब तक चिकित्सा विज्ञान, भैतिकी और रसायन के क्षेत्र में दिए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि नोबेल पुरस्कारों की घोषणा अमूमन अक्टूबर में की जाती है और यह 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के तहत प्रतीक चिह्न और 12 लाख डॉलर प्रदान किए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि नोबेल पुरस्कारों की घोषणा अमूमन अक्टूबर में की जाती है और यह 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के तहत प्रतीक चिह्न और 12 लाख डॉलर प्रदान किए जाते हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रॉयल स्वीडिश अकादमी ने बुधवार को रसायन के क्षेत्र में इस वर्ष के नोबेल विजेताओं की घोषणा की। इस वर्ष का रसायन के क्षेत्र में दिया जाने वाला नोबेल पुरस्कार जटिल रासायनिक प्रक्रियाओं की संरचना समझाने के लिए बहुमापन प्रणाली का विकास करने वाले तीन वैज्ञानिकों
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने गुरुवार रात को इस्तीफे की अटकलें खत्म करते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया और कहा कि वह दबाव से नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा कि वह उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान को कुछ शक्तियां हस्तांतरित करेंगे। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक टेलीविजन पर प्रसारित राष्ट्र के नाम संदेश में मुबारक ने कहा कि उन्होंने सितम्बर में चुनाव के जरिए शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण के लिए प्रक्रिया शुरू की है। मुबारक का भाषण खत्म होने से पहले ही काहिरा के तहरीर चौक पर मौजूद प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने मुबारक के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराई। मुबारक ने कहा कि उन्होंने संविधान के छह अनुच्छेदों में संशोधन के लिए कार्ययोजना तैयार की है। मुबारक ने कहा, "मैं बाहर से मिले आदेशों को स्वीकार नहीं करूगा और न ही कर सकता हूं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आदेश देने वाला कौन है।"
यह एक सारांश है: मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने गुरुवार रात को इस्तीफे की अटकलें खत्म करते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया और कहा कि दबाव से नहीं झुकेंगे।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद तथा उनके समर्थकों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई किए जाने पर ज़ोर देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पड़ोसी पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है, "जो आपने बोया है, उसका फल तो मिलेगा ही..." संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने सुरक्षा परिषद से कहा, "यदि हम अफगानिस्तान में स्थायी शांति चाहते हैं, तो हिंसा फैलाने वाले गुटों को अफगानिस्तान के पड़ोस में छिपने के ठिकाने नहीं दिए जाने चाहिए..." भारत की ओर से यह टिप्पणी ऐसे समय में की गई है, जब एक ही दिन पहले देश की शीर्ष आतंकवादी-विरोधी संस्था नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर को इसी साल जनवरी में पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया है. भारतीय दूत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, "आप जो भी बोएंगे, उसी का फल हासिल होगा... मेरे दोस्त, यदि आपमें कुछ भी समझ है, तो शांति के अतिरिक्त कुछ भी मत बोइए..." बिना नाम लिए चीन की भी आलोचना करते हुए सैयद अकबरुद्दीन ने आतंकवाद से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की असमर्थता के लिए यूएन से जुड़ी संस्थाओं में आई 'दरार' को दोषी ठहराया. गौरतलब है कि अलकायदा तथा उसके सहयोगी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली कमेटी द्वारा मसूद अज़हर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिशों को चीन ने ही नाकाम किया है. सुरक्षा परिषद के सदस्य की हैसियत से चीन ने मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर ज़की-उर-रहमान लखवी को पाकिस्तान द्वारा ज़मानत दिए जाने का भी बचाव किया.टिप्पणियां सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर निकलकर काम करने वाले आतंकवादी संगठनों तालिबान, अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे उनके पहचाने हुए सहयोगी अफगानिस्तान के बाहर से जिस तरह समर्थन हासिल कर पा रहे हैं, उससे हमें निपटना ही होगा..." उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि 'न तो हम आतंकवाद के सामने झुकेंगे, और न ही उन उपलब्धियों को बेकार जाने देंगे, जो अफगानिस्तान में पिछले डेढ़ दशक में हासिल की गई हैं...' संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने सुरक्षा परिषद से कहा, "यदि हम अफगानिस्तान में स्थायी शांति चाहते हैं, तो हिंसा फैलाने वाले गुटों को अफगानिस्तान के पड़ोस में छिपने के ठिकाने नहीं दिए जाने चाहिए..." भारत की ओर से यह टिप्पणी ऐसे समय में की गई है, जब एक ही दिन पहले देश की शीर्ष आतंकवादी-विरोधी संस्था नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर को इसी साल जनवरी में पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया है. भारतीय दूत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, "आप जो भी बोएंगे, उसी का फल हासिल होगा... मेरे दोस्त, यदि आपमें कुछ भी समझ है, तो शांति के अतिरिक्त कुछ भी मत बोइए..." बिना नाम लिए चीन की भी आलोचना करते हुए सैयद अकबरुद्दीन ने आतंकवाद से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की असमर्थता के लिए यूएन से जुड़ी संस्थाओं में आई 'दरार' को दोषी ठहराया. गौरतलब है कि अलकायदा तथा उसके सहयोगी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली कमेटी द्वारा मसूद अज़हर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिशों को चीन ने ही नाकाम किया है. सुरक्षा परिषद के सदस्य की हैसियत से चीन ने मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर ज़की-उर-रहमान लखवी को पाकिस्तान द्वारा ज़मानत दिए जाने का भी बचाव किया.टिप्पणियां सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर निकलकर काम करने वाले आतंकवादी संगठनों तालिबान, अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे उनके पहचाने हुए सहयोगी अफगानिस्तान के बाहर से जिस तरह समर्थन हासिल कर पा रहे हैं, उससे हमें निपटना ही होगा..." उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि 'न तो हम आतंकवाद के सामने झुकेंगे, और न ही उन उपलब्धियों को बेकार जाने देंगे, जो अफगानिस्तान में पिछले डेढ़ दशक में हासिल की गई हैं...' भारत की ओर से यह टिप्पणी ऐसे समय में की गई है, जब एक ही दिन पहले देश की शीर्ष आतंकवादी-विरोधी संस्था नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर को इसी साल जनवरी में पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया है. भारतीय दूत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, "आप जो भी बोएंगे, उसी का फल हासिल होगा... मेरे दोस्त, यदि आपमें कुछ भी समझ है, तो शांति के अतिरिक्त कुछ भी मत बोइए..." बिना नाम लिए चीन की भी आलोचना करते हुए सैयद अकबरुद्दीन ने आतंकवाद से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की असमर्थता के लिए यूएन से जुड़ी संस्थाओं में आई 'दरार' को दोषी ठहराया. गौरतलब है कि अलकायदा तथा उसके सहयोगी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली कमेटी द्वारा मसूद अज़हर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिशों को चीन ने ही नाकाम किया है. सुरक्षा परिषद के सदस्य की हैसियत से चीन ने मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर ज़की-उर-रहमान लखवी को पाकिस्तान द्वारा ज़मानत दिए जाने का भी बचाव किया.टिप्पणियां सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर निकलकर काम करने वाले आतंकवादी संगठनों तालिबान, अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे उनके पहचाने हुए सहयोगी अफगानिस्तान के बाहर से जिस तरह समर्थन हासिल कर पा रहे हैं, उससे हमें निपटना ही होगा..." उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि 'न तो हम आतंकवाद के सामने झुकेंगे, और न ही उन उपलब्धियों को बेकार जाने देंगे, जो अफगानिस्तान में पिछले डेढ़ दशक में हासिल की गई हैं...' भारतीय दूत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, "आप जो भी बोएंगे, उसी का फल हासिल होगा... मेरे दोस्त, यदि आपमें कुछ भी समझ है, तो शांति के अतिरिक्त कुछ भी मत बोइए..." बिना नाम लिए चीन की भी आलोचना करते हुए सैयद अकबरुद्दीन ने आतंकवाद से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की असमर्थता के लिए यूएन से जुड़ी संस्थाओं में आई 'दरार' को दोषी ठहराया. गौरतलब है कि अलकायदा तथा उसके सहयोगी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली कमेटी द्वारा मसूद अज़हर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिशों को चीन ने ही नाकाम किया है. सुरक्षा परिषद के सदस्य की हैसियत से चीन ने मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर ज़की-उर-रहमान लखवी को पाकिस्तान द्वारा ज़मानत दिए जाने का भी बचाव किया.टिप्पणियां सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर निकलकर काम करने वाले आतंकवादी संगठनों तालिबान, अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे उनके पहचाने हुए सहयोगी अफगानिस्तान के बाहर से जिस तरह समर्थन हासिल कर पा रहे हैं, उससे हमें निपटना ही होगा..." उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि 'न तो हम आतंकवाद के सामने झुकेंगे, और न ही उन उपलब्धियों को बेकार जाने देंगे, जो अफगानिस्तान में पिछले डेढ़ दशक में हासिल की गई हैं...' बिना नाम लिए चीन की भी आलोचना करते हुए सैयद अकबरुद्दीन ने आतंकवाद से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की असमर्थता के लिए यूएन से जुड़ी संस्थाओं में आई 'दरार' को दोषी ठहराया. गौरतलब है कि अलकायदा तथा उसके सहयोगी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली कमेटी द्वारा मसूद अज़हर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिशों को चीन ने ही नाकाम किया है. सुरक्षा परिषद के सदस्य की हैसियत से चीन ने मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर ज़की-उर-रहमान लखवी को पाकिस्तान द्वारा ज़मानत दिए जाने का भी बचाव किया.टिप्पणियां सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर निकलकर काम करने वाले आतंकवादी संगठनों तालिबान, अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे उनके पहचाने हुए सहयोगी अफगानिस्तान के बाहर से जिस तरह समर्थन हासिल कर पा रहे हैं, उससे हमें निपटना ही होगा..." उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि 'न तो हम आतंकवाद के सामने झुकेंगे, और न ही उन उपलब्धियों को बेकार जाने देंगे, जो अफगानिस्तान में पिछले डेढ़ दशक में हासिल की गई हैं...' गौरतलब है कि अलकायदा तथा उसके सहयोगी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली कमेटी द्वारा मसूद अज़हर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिशों को चीन ने ही नाकाम किया है. सुरक्षा परिषद के सदस्य की हैसियत से चीन ने मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर ज़की-उर-रहमान लखवी को पाकिस्तान द्वारा ज़मानत दिए जाने का भी बचाव किया.टिप्पणियां सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर निकलकर काम करने वाले आतंकवादी संगठनों तालिबान, अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे उनके पहचाने हुए सहयोगी अफगानिस्तान के बाहर से जिस तरह समर्थन हासिल कर पा रहे हैं, उससे हमें निपटना ही होगा..." उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि 'न तो हम आतंकवाद के सामने झुकेंगे, और न ही उन उपलब्धियों को बेकार जाने देंगे, जो अफगानिस्तान में पिछले डेढ़ दशक में हासिल की गई हैं...' सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर निकलकर काम करने वाले आतंकवादी संगठनों तालिबान, अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे उनके पहचाने हुए सहयोगी अफगानिस्तान के बाहर से जिस तरह समर्थन हासिल कर पा रहे हैं, उससे हमें निपटना ही होगा..." उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि 'न तो हम आतंकवाद के सामने झुकेंगे, और न ही उन उपलब्धियों को बेकार जाने देंगे, जो अफगानिस्तान में पिछले डेढ़ दशक में हासिल की गई हैं...' उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना होगा कि 'न तो हम आतंकवाद के सामने झुकेंगे, और न ही उन उपलब्धियों को बेकार जाने देंगे, जो अफगानिस्तान में पिछले डेढ़ दशक में हासिल की गई हैं...'
यूएन में भारतीय प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने पाकिस्तान को चेताया कहा, आतंकियों को अफगानिस्तान के पड़ोस में छिपने के ठिकाने न मिलने चाहिए भारतीय दूत ने कहा, आपमें समझ है, तो शांति के अतिरिक्त कुछ भी मत बोइए
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासन की कथित तौर पर तारीफ करने की वजह से दारुल-उलूम-देवबंद के कुलपति का पद गंवाने वाले मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी ने मोदी के शनिवार से शुरू हुए तीन दिवसीय उपवास को सियासी नाटक करार देते हुए कहा है कि यह सिर्फ चुनावी फायदे के लिए किया जा रहा है। वस्तानवी ने भाषा के साथ विशेष बातचीत में कहा, मोदी का यह उपवास दिखावा है। एक कहावत है सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को। यह मोदी पर पूरी तरह से फिट बैठती है। उन्होंने कहा, मोदी ने इसे सद्भावना मिशन का नाम दिया है। लेकिन इस उपवास का सद्भावना से कोई लेना-देना नहीं है। अगले साल गुजरात में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। यह पूरी कवायद उसी को देखते हुए की जा रही है। यह पूरी तरह से सियासी नाटक है। वस्तानवी का ताल्लुक भी गुजरात के सूरत जिले से है। इसी साल जनवरी में वह दारुल उलूम देवबंद के कुलपति बने थे। इसके तत्काल बाद उन्होंने भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा था कि गुजरात के मुसलमानों को 2002 के दंगों को भूलकर आगे बढ़ना चाहिए, हालांकि दंगों के लिए उन्होंने मोदी को क्लीनचिट देने से इंकार किया था। उनके इस बयान को लेकर उर्दू मीडिया के एक धड़े के जरिए बड़ा विवाद खड़ा हुआ और इसी साल जुलाई में उन्हें मजलिस-ए-शूरा ने पद से हटा दिया। वस्तानवी हालांकि अब भी शूरा के सदस्य बने हुए हैं। यह पूछे जाने पर कि मोदी ने उन्हें अपने सद्भावना मिशन में शामिल होने का न्यौता दिया था, वस्तानवी ने कहा, मुझे मोदी की ओर से कोई न्यौता नहीं मिला। अगर न्यौता आएगा भी तो उसे मैं कभी स्वीकार नहीं करूंगा। उन्होंने कहा, मैं जिंदगी में कभी भी मोदी से जुड़े कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकता। मरते दम तक यह मुमकिन नहीं है कि मैं मोदी के साथ किसी कार्यक्रम में नजर आउं। मोदी के संदर्भ में दिए अपने पिछले बयान को याद करते हुए वस्तानवी कहते हैं, मेरे उस बयान को मीडिया के एक तबके में गलत ढंग से पेश किया गया। मैंने मोदी की तारीफ कभी नहीं की थी। खर, मैं उस वाकये को पीछे छोड़ चुका हूं और आगे की ओर देख रहा हूं। वस्तानवी इन दिनों एक बड़ी शिक्षण योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे फार्मेसी से जुड़ा एक कॉलेज चलाने की इजाज़त मिल गई है। उसमें सैंकडों छात्र-छात्राएं दाखिला ले चुके हैं। हम इसे आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
वस्तानवी ने मोदी के तीन दिवसीय उपवास को सियासी नाटक करार देते हुए कहा है कि यह सिर्फ चुनावी फायदे के लिए किया जा रहा है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड फिल्मकार करण जौहर का कहना है कि वह बॉलीवुड में परिवारवाद के सबसे बड़े राजदूत हैं, परिवारवाद की वजह से ही आज वह बॉलीवुड में फिल्म निर्देशक हैं। करण ने कहा कि उनके पिता यश जौहर फिल्म निर्माता थे और फिल्म निर्देशक यश चोपड़ा से उनके पारिवारिक संबंध थे इसीलिए उन्हें बॉलीवुड में आने का मौका मिला। करण (40) मंगलवार को फिक्की फ्रेम्स समारोह में मौजूद थे। उन्होंने कहा, अगर ईमानदारी से कहूं तो मैं भी फिल्मों में नहीं होता अगर मेरे पारिवारिक सम्पर्क नहीं होते। मैं यहां हूं, क्योंकि मेरे पिता फिल्म निर्माता थे और पारिवारिक संपर्कों की वजह से निर्देशक आदित्य चोपड़ा ने अपनी एक फिल्म में मुझे सहायक निर्देशक रखा था। उन्होंने कहा, मेरे पिता यश चोपड़ा को जानते थे और इस वजह से भाई-भतीजावाद के चलते मैं भी फिल्म निर्देशक बन गया। मैं कहूंगा कि मैं तो भाई-भतीजावाद का राजदूत हूं। टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि फिल्मकार के अलावा वह और क्या बनते, करण ने कहा, मैं शायद फैशन डिजाइनर बनता या फिर विज्ञापन के क्षेत्र में होता। करण ने यह भी कहा कि सिनेमा जगत का ऋण उतारने के लिए वह फिल्म जगत के बाहर के निर्देशकों को मौका देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उन फिल्मकारों को मौका देना चाहता हूं, जो फिल्म जगत से नहीं हैं। मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व होता है कि धर्मा प्रोडक्शन के जरिये मैंने 12 नए निर्देशकों को मौका दिया है और इनमें से आठ निर्देशक बाहर के थे। करण ने कहा कि उनके पिता यश जौहर फिल्म निर्माता थे और फिल्म निर्देशक यश चोपड़ा से उनके पारिवारिक संबंध थे इसीलिए उन्हें बॉलीवुड में आने का मौका मिला। करण (40) मंगलवार को फिक्की फ्रेम्स समारोह में मौजूद थे। उन्होंने कहा, अगर ईमानदारी से कहूं तो मैं भी फिल्मों में नहीं होता अगर मेरे पारिवारिक सम्पर्क नहीं होते। मैं यहां हूं, क्योंकि मेरे पिता फिल्म निर्माता थे और पारिवारिक संपर्कों की वजह से निर्देशक आदित्य चोपड़ा ने अपनी एक फिल्म में मुझे सहायक निर्देशक रखा था। उन्होंने कहा, मेरे पिता यश चोपड़ा को जानते थे और इस वजह से भाई-भतीजावाद के चलते मैं भी फिल्म निर्देशक बन गया। मैं कहूंगा कि मैं तो भाई-भतीजावाद का राजदूत हूं। टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि फिल्मकार के अलावा वह और क्या बनते, करण ने कहा, मैं शायद फैशन डिजाइनर बनता या फिर विज्ञापन के क्षेत्र में होता। करण ने यह भी कहा कि सिनेमा जगत का ऋण उतारने के लिए वह फिल्म जगत के बाहर के निर्देशकों को मौका देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उन फिल्मकारों को मौका देना चाहता हूं, जो फिल्म जगत से नहीं हैं। मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व होता है कि धर्मा प्रोडक्शन के जरिये मैंने 12 नए निर्देशकों को मौका दिया है और इनमें से आठ निर्देशक बाहर के थे। करण (40) मंगलवार को फिक्की फ्रेम्स समारोह में मौजूद थे। उन्होंने कहा, अगर ईमानदारी से कहूं तो मैं भी फिल्मों में नहीं होता अगर मेरे पारिवारिक सम्पर्क नहीं होते। मैं यहां हूं, क्योंकि मेरे पिता फिल्म निर्माता थे और पारिवारिक संपर्कों की वजह से निर्देशक आदित्य चोपड़ा ने अपनी एक फिल्म में मुझे सहायक निर्देशक रखा था। उन्होंने कहा, मेरे पिता यश चोपड़ा को जानते थे और इस वजह से भाई-भतीजावाद के चलते मैं भी फिल्म निर्देशक बन गया। मैं कहूंगा कि मैं तो भाई-भतीजावाद का राजदूत हूं। टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि फिल्मकार के अलावा वह और क्या बनते, करण ने कहा, मैं शायद फैशन डिजाइनर बनता या फिर विज्ञापन के क्षेत्र में होता। करण ने यह भी कहा कि सिनेमा जगत का ऋण उतारने के लिए वह फिल्म जगत के बाहर के निर्देशकों को मौका देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उन फिल्मकारों को मौका देना चाहता हूं, जो फिल्म जगत से नहीं हैं। मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व होता है कि धर्मा प्रोडक्शन के जरिये मैंने 12 नए निर्देशकों को मौका दिया है और इनमें से आठ निर्देशक बाहर के थे। उन्होंने कहा, मेरे पिता यश चोपड़ा को जानते थे और इस वजह से भाई-भतीजावाद के चलते मैं भी फिल्म निर्देशक बन गया। मैं कहूंगा कि मैं तो भाई-भतीजावाद का राजदूत हूं। टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि फिल्मकार के अलावा वह और क्या बनते, करण ने कहा, मैं शायद फैशन डिजाइनर बनता या फिर विज्ञापन के क्षेत्र में होता। करण ने यह भी कहा कि सिनेमा जगत का ऋण उतारने के लिए वह फिल्म जगत के बाहर के निर्देशकों को मौका देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उन फिल्मकारों को मौका देना चाहता हूं, जो फिल्म जगत से नहीं हैं। मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व होता है कि धर्मा प्रोडक्शन के जरिये मैंने 12 नए निर्देशकों को मौका दिया है और इनमें से आठ निर्देशक बाहर के थे। यह पूछे जाने पर कि फिल्मकार के अलावा वह और क्या बनते, करण ने कहा, मैं शायद फैशन डिजाइनर बनता या फिर विज्ञापन के क्षेत्र में होता। करण ने यह भी कहा कि सिनेमा जगत का ऋण उतारने के लिए वह फिल्म जगत के बाहर के निर्देशकों को मौका देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उन फिल्मकारों को मौका देना चाहता हूं, जो फिल्म जगत से नहीं हैं। मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व होता है कि धर्मा प्रोडक्शन के जरिये मैंने 12 नए निर्देशकों को मौका दिया है और इनमें से आठ निर्देशक बाहर के थे। करण ने यह भी कहा कि सिनेमा जगत का ऋण उतारने के लिए वह फिल्म जगत के बाहर के निर्देशकों को मौका देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उन फिल्मकारों को मौका देना चाहता हूं, जो फिल्म जगत से नहीं हैं। मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व होता है कि धर्मा प्रोडक्शन के जरिये मैंने 12 नए निर्देशकों को मौका दिया है और इनमें से आठ निर्देशक बाहर के थे।
यह एक सारांश है: बॉलीवुड फिल्मकार करण जौहर का कहना है कि वह बॉलीवुड में परिवारवाद के सबसे बड़े राजदूत हैं, परिवारवाद की वजह से ही आज वह बॉलीवुड में फिल्म निर्देशक हैं।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में रहने वाले पुराने लोगों को अप्रैल को सबसे क्रूर बताने वाले टीएस इलियट के शब्दों को प्राय: याद करते हैं. हमने पेंशन प्राप्त करने वाले लोगों को यह कहते सुना है, अप्रैल के महीने में कभी इतनी गर्मी नहीं रही. ऐसा वक्त भी था जब अक्तूबर के खत्म-खत्म होते ठंड दस्तक दे देती थी, हालांकि अब जून की गर्मी को देखते हुए पुराने लोगों से पूछा जाए तो वे कहेंगे, अब चार महीने ठंड रहती है और आठ महीने गर्मी. दूसरी ओर विशेषज्ञों की राय में युवा पीढ़ी के लिए मौसम कोई मुद्दा प्रतीत नहीं हो रहा है. विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर इंवायर्नमेंटलिस्ट फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक अरुण कृष्णमूर्ति ने कहा कि डिजिटल युग के कारण लोगों और पर्यावरण में बहुत अधिक दूरी पैदा हो गई है. उन्होंने कहा, डिजिटल युग में संरक्षण भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पोस्टर तक सीमित रह गया है. लोग लगभग यह भूल चुके हैं कि वास्तविक समय और परिणाम केंद्रित संरक्षण कार्य का क्या मतलब होता है. कृष्णमूर्ति ने कहा कि पर्यावरण के लिए अधिक काम किए जाने की जरूरत है. टिप्पणियां सामाजिक मनोवैज्ञानिक हरीश शेट्टी ने प्रकृति से लोगों के सीमित जुड़ाव को लेकर कमोबेश इसी प्रकार की राय जाहिर की. उन्होंने कहा, वैश्वीकरण ने हमें मशीन और गैजेट के करीब पहुंचाया है. लेकिन प्रकृति से दूर कर दिया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, डिजिटल युग में संरक्षण भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पोस्टर तक सीमित रह गया है. लोग लगभग यह भूल चुके हैं कि वास्तविक समय और परिणाम केंद्रित संरक्षण कार्य का क्या मतलब होता है. कृष्णमूर्ति ने कहा कि पर्यावरण के लिए अधिक काम किए जाने की जरूरत है. टिप्पणियां सामाजिक मनोवैज्ञानिक हरीश शेट्टी ने प्रकृति से लोगों के सीमित जुड़ाव को लेकर कमोबेश इसी प्रकार की राय जाहिर की. उन्होंने कहा, वैश्वीकरण ने हमें मशीन और गैजेट के करीब पहुंचाया है. लेकिन प्रकृति से दूर कर दिया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सामाजिक मनोवैज्ञानिक हरीश शेट्टी ने प्रकृति से लोगों के सीमित जुड़ाव को लेकर कमोबेश इसी प्रकार की राय जाहिर की. उन्होंने कहा, वैश्वीकरण ने हमें मशीन और गैजेट के करीब पहुंचाया है. लेकिन प्रकृति से दूर कर दिया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अक्सर सुनते हैं अप्रैल में इतनी गर्मी कभी नहीं रही पहले अक्टूबर में ठंड दस्तक दे देती थी अब चार महीने ठंड रहती है
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में इस सप्ताह के शुरुआत में इस्राइली राजनयिक के वाहन पर हुए हमले की जांच का परिणाम अभी आना बाकी है लेकिन अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि यदि इस हमले के तार ईरान से जुड़े मिले तो उसे कोई हैरानी नहीं होगी।टिप्पणियां विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम विभिन्न स्तरों पर चल रही जांच के नतीजों का अभी इंतजार कर रहे हैं और हम सभी सरकारों के संपर्क में हैं।’’ उन्होंने कहा,  ‘‘लेकिन जैसा कि हमने कल कहा था कि अभी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है लेकिन हमले के तार ईरान से जुड़े हुए मिले तो हमें कोई हैरानी नहीं होगी।’’ नई दिल्ली में इस्राइली राजनयिक के वाहन को एक मोटरसाइकिल सवार ने हमले का निशाना बनाया था। इस हमले में इस्राइली राजनयिक समेत कई अन्य लोग घायल हो गए थे। नूलैंड ने कहा , ‘‘ दिल्ली और जार्जिया की घटनाओं के संबंध में मैं इतना कहूंगी कि हमें जांच के नतीजों का इंतजार है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब इस्राइल और पश्चिमों हितों को निशाना बनाया जा रहा है जिनमें अजरबेजान के बाकू में ईरान समर्थित हमला और बैंकाक तथा थाइलैंड में हिजबुल्ला से जुड़ा हमला शामिल है। ’’ विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम विभिन्न स्तरों पर चल रही जांच के नतीजों का अभी इंतजार कर रहे हैं और हम सभी सरकारों के संपर्क में हैं।’’ उन्होंने कहा,  ‘‘लेकिन जैसा कि हमने कल कहा था कि अभी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है लेकिन हमले के तार ईरान से जुड़े हुए मिले तो हमें कोई हैरानी नहीं होगी।’’ नई दिल्ली में इस्राइली राजनयिक के वाहन को एक मोटरसाइकिल सवार ने हमले का निशाना बनाया था। इस हमले में इस्राइली राजनयिक समेत कई अन्य लोग घायल हो गए थे। नूलैंड ने कहा , ‘‘ दिल्ली और जार्जिया की घटनाओं के संबंध में मैं इतना कहूंगी कि हमें जांच के नतीजों का इंतजार है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब इस्राइल और पश्चिमों हितों को निशाना बनाया जा रहा है जिनमें अजरबेजान के बाकू में ईरान समर्थित हमला और बैंकाक तथा थाइलैंड में हिजबुल्ला से जुड़ा हमला शामिल है। ’’ नूलैंड ने कहा , ‘‘ दिल्ली और जार्जिया की घटनाओं के संबंध में मैं इतना कहूंगी कि हमें जांच के नतीजों का इंतजार है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब इस्राइल और पश्चिमों हितों को निशाना बनाया जा रहा है जिनमें अजरबेजान के बाकू में ईरान समर्थित हमला और बैंकाक तथा थाइलैंड में हिजबुल्ला से जुड़ा हमला शामिल है। ’’
भारत में इस्राइली राजदूत की कार पर हुए धमाके पर अमेरिका ने कहा कि यदि इस हमले के तार ईरान से जुड़े मिले तो उसे कोई हैरानी नहीं होगी।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज भारतीय-अमेरिकी नील चटर्जी को फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन एफईआरसी: में अहम प्रशासनिक पद के लिये नामांकित किया. यह एजेंसी अमेरिका के पावरग्रिड पर नजर रखती है और कई अरब डॉलर वाली उर्जा परियोजनाओं पर फैसला करती है. व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रम्प केंटुकी के नील चटर्जी  40 को फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के लिये नामांकित करना चाहते हैं. यह कार्यकाल 30 जून 2021 को खत्म होगा. व्हाइट हाउस ने बताया कि यूएस सीनेट मेजोरिटी लीडर मिच मैक्कॉनेल के उर्जा नीति सलाहकार के तौर पर काम कर चुके चटर्जी ने उर्जा, राजमार्ग एवं कृषि कानून के मार्ग में अहम भूमिका निभायी है. मैक्कॉनेल के लिये सेवा देने से पहले चटर्जी गवर्नमेंट रिलेशंस फॉर नेचुरल रूरल इलेक्ट्रिक कोऑपरेटिव एसोसिएशन में प्रधान और हाउस ऑफ रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस चेयरवुमन ओहायो की डेबोरा प्राइस के सहायक के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने वाशिंगटन, डीसी में हाउस कमिटी ऑन वेज एंड मिन्स के साथ अपना कॅरियर शुरू किया था. केंटुकी के लेक्जिंगटन के रहने वाले चटर्जी ने सेंट लॉरेंस यूनीवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली और यूनीवर्सिटी ऑफ सिसिनाटी कॉलेज ऑफ लॉ से पढ़ाई की. फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के सदस्य के तौर पर पद ग्रहण करने से पहले चटर्जी के नाम पर सीनेट से पुष्टि जरूरी है.टिप्पणियां पिछले सप्ताह अमेरिकी सांसदों ने इस अहम संघीय नियामक आयोग में रिक्ती पर चिंता जतायी थी. सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’   व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रम्प केंटुकी के नील चटर्जी  40 को फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के लिये नामांकित करना चाहते हैं. यह कार्यकाल 30 जून 2021 को खत्म होगा. व्हाइट हाउस ने बताया कि यूएस सीनेट मेजोरिटी लीडर मिच मैक्कॉनेल के उर्जा नीति सलाहकार के तौर पर काम कर चुके चटर्जी ने उर्जा, राजमार्ग एवं कृषि कानून के मार्ग में अहम भूमिका निभायी है. मैक्कॉनेल के लिये सेवा देने से पहले चटर्जी गवर्नमेंट रिलेशंस फॉर नेचुरल रूरल इलेक्ट्रिक कोऑपरेटिव एसोसिएशन में प्रधान और हाउस ऑफ रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस चेयरवुमन ओहायो की डेबोरा प्राइस के सहायक के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने वाशिंगटन, डीसी में हाउस कमिटी ऑन वेज एंड मिन्स के साथ अपना कॅरियर शुरू किया था. केंटुकी के लेक्जिंगटन के रहने वाले चटर्जी ने सेंट लॉरेंस यूनीवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली और यूनीवर्सिटी ऑफ सिसिनाटी कॉलेज ऑफ लॉ से पढ़ाई की. फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के सदस्य के तौर पर पद ग्रहण करने से पहले चटर्जी के नाम पर सीनेट से पुष्टि जरूरी है.टिप्पणियां पिछले सप्ताह अमेरिकी सांसदों ने इस अहम संघीय नियामक आयोग में रिक्ती पर चिंता जतायी थी. सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’   व्हाइट हाउस ने बताया कि यूएस सीनेट मेजोरिटी लीडर मिच मैक्कॉनेल के उर्जा नीति सलाहकार के तौर पर काम कर चुके चटर्जी ने उर्जा, राजमार्ग एवं कृषि कानून के मार्ग में अहम भूमिका निभायी है. मैक्कॉनेल के लिये सेवा देने से पहले चटर्जी गवर्नमेंट रिलेशंस फॉर नेचुरल रूरल इलेक्ट्रिक कोऑपरेटिव एसोसिएशन में प्रधान और हाउस ऑफ रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस चेयरवुमन ओहायो की डेबोरा प्राइस के सहायक के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने वाशिंगटन, डीसी में हाउस कमिटी ऑन वेज एंड मिन्स के साथ अपना कॅरियर शुरू किया था. केंटुकी के लेक्जिंगटन के रहने वाले चटर्जी ने सेंट लॉरेंस यूनीवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली और यूनीवर्सिटी ऑफ सिसिनाटी कॉलेज ऑफ लॉ से पढ़ाई की. फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के सदस्य के तौर पर पद ग्रहण करने से पहले चटर्जी के नाम पर सीनेट से पुष्टि जरूरी है.टिप्पणियां पिछले सप्ताह अमेरिकी सांसदों ने इस अहम संघीय नियामक आयोग में रिक्ती पर चिंता जतायी थी. सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’   मैक्कॉनेल के लिये सेवा देने से पहले चटर्जी गवर्नमेंट रिलेशंस फॉर नेचुरल रूरल इलेक्ट्रिक कोऑपरेटिव एसोसिएशन में प्रधान और हाउस ऑफ रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस चेयरवुमन ओहायो की डेबोरा प्राइस के सहायक के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने वाशिंगटन, डीसी में हाउस कमिटी ऑन वेज एंड मिन्स के साथ अपना कॅरियर शुरू किया था. केंटुकी के लेक्जिंगटन के रहने वाले चटर्जी ने सेंट लॉरेंस यूनीवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली और यूनीवर्सिटी ऑफ सिसिनाटी कॉलेज ऑफ लॉ से पढ़ाई की. फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के सदस्य के तौर पर पद ग्रहण करने से पहले चटर्जी के नाम पर सीनेट से पुष्टि जरूरी है.टिप्पणियां पिछले सप्ताह अमेरिकी सांसदों ने इस अहम संघीय नियामक आयोग में रिक्ती पर चिंता जतायी थी. सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’   उन्होंने वाशिंगटन, डीसी में हाउस कमिटी ऑन वेज एंड मिन्स के साथ अपना कॅरियर शुरू किया था. केंटुकी के लेक्जिंगटन के रहने वाले चटर्जी ने सेंट लॉरेंस यूनीवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली और यूनीवर्सिटी ऑफ सिसिनाटी कॉलेज ऑफ लॉ से पढ़ाई की. फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के सदस्य के तौर पर पद ग्रहण करने से पहले चटर्जी के नाम पर सीनेट से पुष्टि जरूरी है.टिप्पणियां पिछले सप्ताह अमेरिकी सांसदों ने इस अहम संघीय नियामक आयोग में रिक्ती पर चिंता जतायी थी. सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’   केंटुकी के लेक्जिंगटन के रहने वाले चटर्जी ने सेंट लॉरेंस यूनीवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली और यूनीवर्सिटी ऑफ सिसिनाटी कॉलेज ऑफ लॉ से पढ़ाई की. फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के सदस्य के तौर पर पद ग्रहण करने से पहले चटर्जी के नाम पर सीनेट से पुष्टि जरूरी है.टिप्पणियां पिछले सप्ताह अमेरिकी सांसदों ने इस अहम संघीय नियामक आयोग में रिक्ती पर चिंता जतायी थी. सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’   फेडरल एनर्जी रेगुलेटरी कमिशन के सदस्य के तौर पर पद ग्रहण करने से पहले चटर्जी के नाम पर सीनेट से पुष्टि जरूरी है.टिप्पणियां पिछले सप्ताह अमेरिकी सांसदों ने इस अहम संघीय नियामक आयोग में रिक्ती पर चिंता जतायी थी. सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’   पिछले सप्ताह अमेरिकी सांसदों ने इस अहम संघीय नियामक आयोग में रिक्ती पर चिंता जतायी थी. सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’   सीनेट की एनर्जी अध्यक्ष लीसा मुर्कोविस्की ने कहा, ‘उर्जा के क्षेत्र में हम तब तक कुछ अधिक नहीं कर सकते हैं जब तक कि एफईआरसी में पर्याप्त संख्या नहीं हो जाती. सबसे पहले हमें इसके लिये कुछ नामों की आवश्यकता है जो वास्तव में एक समिति के तौर पर काम कर सकें .’
यह एक सारांश है: ट्रम्प ने उर्जा एजेंसी के लिये भारतीय अमेरिकी नील को चुना यह एजेंसी अमेरिका के पावरग्रिड पर नजर रखती है पद ग्रहण करने से पहले चटर्जी के नाम पर सीनेट से पुष्टि जरूरी है
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सब्सिडी में कटौती की बात को गरीब विरोधी बताकर इसकी आलोचना अक्सर सुनाई देती है पर ताजा जानकारी के अनुसार देश के अति विशिष्ट व्यक्ति (वीवीआईपी) सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की सबसे ज्यादा खपत करते हैं। यह जानकारी पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा बिक्री करने वाली सरकारी कंपनियों द्वारा सिलेंडर आपूर्ति को पारदर्शी बनाने की पहल के तहत शुरू किए गए एक इंटरनेट पोर्टल से सामने आई है। इसका उद्घाटन पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने किया। इस पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के आधिकारिक निवास पर 31 मई तक एक साल की अवधि में 171 एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल हुआ। वहीं विदेश राज्यमंत्री परणीत कौर के निवास पर इस दौरान 161 सिलेंडरों की खपत हुई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के मथुरा लाइन निवास पर 14.2 किलोग्राम के 83 गैस सिलेंडरों की खपत हुई, जबकि बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने एक साल में 80 तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री एमएस गिल ने 79 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उद्योगपति नवीन जिंदल के 6, पृथ्वीराज रोड निवास पर प्रतिदिन एक से ज्यादा रसोई गैस सिलेंडरों की खपत हुई। जिंदल के पास दो कनेक्शन हैं। एक उनके स्वर्गीय पिता ओपी जिंदल तथा दूसरा राधा देवी रावत के नाम पर है। जिंदल के निवास पर साल के दौरान 369 गैस सिलेंडर भेजे गए। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने शुक्रवार को इस पोर्टल को शुरू किया। इसका मकसद ग्राहकों को अपनी बुकिंग की स्थिति की जानकारी देना और साथ ही यह देखना भी है कि किसी को अपनी पारी से पहले सिलेंडर तो नहीं मिल रहा है। रेड्डी के निवास पर महीने में दो से अधिक यानी साल के दौरान कुल 26 सिलेंडरों की खपत हुई। नियमानुसार आम जनता को 21 दिन से पहले गैस सिलेंडर बुक कराने की अनुमति नहीं है। रेड्डी ने मजाकिया लहजे में कहा, इन आंकड़ों से पता चलता है कि मैं लोकप्रिय नेता हूं। मेरा यहां रोजाना काफी लोग आते हैं। कई बार तो 200 से 300 तक। निश्चित रूप से खपत अधिक होगी। पर कुछेक मामलों में ऐसा भी हो सकता कि गैस डीलर गलत तरीके से कुछ नामों से बुकिंग कर उन सिलेंडरों को वाणिज्यिक इकाइयों को बेच देते हों। वाणिज्यिक इकाइयों को गैस सिलेंडर सब्सिडी वाले सिलेंडर से 396 रुपये अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष 100 उपभोक्ताओं में अधिकांश नेता हैं।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सब्सिडी वाले सिलेंडर के दुरुपयोग संबंधी खबरें सही नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार अभी किसी व्यक्ति द्वारा सिलेंडर की खपत पर कोई सीमा नहीं है। बीजेपी मेनका गांधी द्वारा साल भर में 63 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया गया। सुरेश कलमाड़ी ने भी इतने ही सिलेंडरों की खपत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय राजधानी स्थित निवास पर साल में 58 सिलेंडरों की खपत हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। यह जानकारी पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा बिक्री करने वाली सरकारी कंपनियों द्वारा सिलेंडर आपूर्ति को पारदर्शी बनाने की पहल के तहत शुरू किए गए एक इंटरनेट पोर्टल से सामने आई है। इसका उद्घाटन पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने किया। इस पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के आधिकारिक निवास पर 31 मई तक एक साल की अवधि में 171 एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल हुआ। वहीं विदेश राज्यमंत्री परणीत कौर के निवास पर इस दौरान 161 सिलेंडरों की खपत हुई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के मथुरा लाइन निवास पर 14.2 किलोग्राम के 83 गैस सिलेंडरों की खपत हुई, जबकि बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने एक साल में 80 तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री एमएस गिल ने 79 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उद्योगपति नवीन जिंदल के 6, पृथ्वीराज रोड निवास पर प्रतिदिन एक से ज्यादा रसोई गैस सिलेंडरों की खपत हुई। जिंदल के पास दो कनेक्शन हैं। एक उनके स्वर्गीय पिता ओपी जिंदल तथा दूसरा राधा देवी रावत के नाम पर है। जिंदल के निवास पर साल के दौरान 369 गैस सिलेंडर भेजे गए। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने शुक्रवार को इस पोर्टल को शुरू किया। इसका मकसद ग्राहकों को अपनी बुकिंग की स्थिति की जानकारी देना और साथ ही यह देखना भी है कि किसी को अपनी पारी से पहले सिलेंडर तो नहीं मिल रहा है। रेड्डी के निवास पर महीने में दो से अधिक यानी साल के दौरान कुल 26 सिलेंडरों की खपत हुई। नियमानुसार आम जनता को 21 दिन से पहले गैस सिलेंडर बुक कराने की अनुमति नहीं है। रेड्डी ने मजाकिया लहजे में कहा, इन आंकड़ों से पता चलता है कि मैं लोकप्रिय नेता हूं। मेरा यहां रोजाना काफी लोग आते हैं। कई बार तो 200 से 300 तक। निश्चित रूप से खपत अधिक होगी। पर कुछेक मामलों में ऐसा भी हो सकता कि गैस डीलर गलत तरीके से कुछ नामों से बुकिंग कर उन सिलेंडरों को वाणिज्यिक इकाइयों को बेच देते हों। वाणिज्यिक इकाइयों को गैस सिलेंडर सब्सिडी वाले सिलेंडर से 396 रुपये अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष 100 उपभोक्ताओं में अधिकांश नेता हैं।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सब्सिडी वाले सिलेंडर के दुरुपयोग संबंधी खबरें सही नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार अभी किसी व्यक्ति द्वारा सिलेंडर की खपत पर कोई सीमा नहीं है। बीजेपी मेनका गांधी द्वारा साल भर में 63 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया गया। सुरेश कलमाड़ी ने भी इतने ही सिलेंडरों की खपत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय राजधानी स्थित निवास पर साल में 58 सिलेंडरों की खपत हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। इस पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के आधिकारिक निवास पर 31 मई तक एक साल की अवधि में 171 एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल हुआ। वहीं विदेश राज्यमंत्री परणीत कौर के निवास पर इस दौरान 161 सिलेंडरों की खपत हुई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के मथुरा लाइन निवास पर 14.2 किलोग्राम के 83 गैस सिलेंडरों की खपत हुई, जबकि बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने एक साल में 80 तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री एमएस गिल ने 79 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उद्योगपति नवीन जिंदल के 6, पृथ्वीराज रोड निवास पर प्रतिदिन एक से ज्यादा रसोई गैस सिलेंडरों की खपत हुई। जिंदल के पास दो कनेक्शन हैं। एक उनके स्वर्गीय पिता ओपी जिंदल तथा दूसरा राधा देवी रावत के नाम पर है। जिंदल के निवास पर साल के दौरान 369 गैस सिलेंडर भेजे गए। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने शुक्रवार को इस पोर्टल को शुरू किया। इसका मकसद ग्राहकों को अपनी बुकिंग की स्थिति की जानकारी देना और साथ ही यह देखना भी है कि किसी को अपनी पारी से पहले सिलेंडर तो नहीं मिल रहा है। रेड्डी के निवास पर महीने में दो से अधिक यानी साल के दौरान कुल 26 सिलेंडरों की खपत हुई। नियमानुसार आम जनता को 21 दिन से पहले गैस सिलेंडर बुक कराने की अनुमति नहीं है। रेड्डी ने मजाकिया लहजे में कहा, इन आंकड़ों से पता चलता है कि मैं लोकप्रिय नेता हूं। मेरा यहां रोजाना काफी लोग आते हैं। कई बार तो 200 से 300 तक। निश्चित रूप से खपत अधिक होगी। पर कुछेक मामलों में ऐसा भी हो सकता कि गैस डीलर गलत तरीके से कुछ नामों से बुकिंग कर उन सिलेंडरों को वाणिज्यिक इकाइयों को बेच देते हों। वाणिज्यिक इकाइयों को गैस सिलेंडर सब्सिडी वाले सिलेंडर से 396 रुपये अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष 100 उपभोक्ताओं में अधिकांश नेता हैं।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सब्सिडी वाले सिलेंडर के दुरुपयोग संबंधी खबरें सही नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार अभी किसी व्यक्ति द्वारा सिलेंडर की खपत पर कोई सीमा नहीं है। बीजेपी मेनका गांधी द्वारा साल भर में 63 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया गया। सुरेश कलमाड़ी ने भी इतने ही सिलेंडरों की खपत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय राजधानी स्थित निवास पर साल में 58 सिलेंडरों की खपत हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के मथुरा लाइन निवास पर 14.2 किलोग्राम के 83 गैस सिलेंडरों की खपत हुई, जबकि बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने एक साल में 80 तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री एमएस गिल ने 79 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उद्योगपति नवीन जिंदल के 6, पृथ्वीराज रोड निवास पर प्रतिदिन एक से ज्यादा रसोई गैस सिलेंडरों की खपत हुई। जिंदल के पास दो कनेक्शन हैं। एक उनके स्वर्गीय पिता ओपी जिंदल तथा दूसरा राधा देवी रावत के नाम पर है। जिंदल के निवास पर साल के दौरान 369 गैस सिलेंडर भेजे गए। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने शुक्रवार को इस पोर्टल को शुरू किया। इसका मकसद ग्राहकों को अपनी बुकिंग की स्थिति की जानकारी देना और साथ ही यह देखना भी है कि किसी को अपनी पारी से पहले सिलेंडर तो नहीं मिल रहा है। रेड्डी के निवास पर महीने में दो से अधिक यानी साल के दौरान कुल 26 सिलेंडरों की खपत हुई। नियमानुसार आम जनता को 21 दिन से पहले गैस सिलेंडर बुक कराने की अनुमति नहीं है। रेड्डी ने मजाकिया लहजे में कहा, इन आंकड़ों से पता चलता है कि मैं लोकप्रिय नेता हूं। मेरा यहां रोजाना काफी लोग आते हैं। कई बार तो 200 से 300 तक। निश्चित रूप से खपत अधिक होगी। पर कुछेक मामलों में ऐसा भी हो सकता कि गैस डीलर गलत तरीके से कुछ नामों से बुकिंग कर उन सिलेंडरों को वाणिज्यिक इकाइयों को बेच देते हों। वाणिज्यिक इकाइयों को गैस सिलेंडर सब्सिडी वाले सिलेंडर से 396 रुपये अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष 100 उपभोक्ताओं में अधिकांश नेता हैं।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सब्सिडी वाले सिलेंडर के दुरुपयोग संबंधी खबरें सही नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार अभी किसी व्यक्ति द्वारा सिलेंडर की खपत पर कोई सीमा नहीं है। बीजेपी मेनका गांधी द्वारा साल भर में 63 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया गया। सुरेश कलमाड़ी ने भी इतने ही सिलेंडरों की खपत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय राजधानी स्थित निवास पर साल में 58 सिलेंडरों की खपत हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उद्योगपति नवीन जिंदल के 6, पृथ्वीराज रोड निवास पर प्रतिदिन एक से ज्यादा रसोई गैस सिलेंडरों की खपत हुई। जिंदल के पास दो कनेक्शन हैं। एक उनके स्वर्गीय पिता ओपी जिंदल तथा दूसरा राधा देवी रावत के नाम पर है। जिंदल के निवास पर साल के दौरान 369 गैस सिलेंडर भेजे गए। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने शुक्रवार को इस पोर्टल को शुरू किया। इसका मकसद ग्राहकों को अपनी बुकिंग की स्थिति की जानकारी देना और साथ ही यह देखना भी है कि किसी को अपनी पारी से पहले सिलेंडर तो नहीं मिल रहा है। रेड्डी के निवास पर महीने में दो से अधिक यानी साल के दौरान कुल 26 सिलेंडरों की खपत हुई। नियमानुसार आम जनता को 21 दिन से पहले गैस सिलेंडर बुक कराने की अनुमति नहीं है। रेड्डी ने मजाकिया लहजे में कहा, इन आंकड़ों से पता चलता है कि मैं लोकप्रिय नेता हूं। मेरा यहां रोजाना काफी लोग आते हैं। कई बार तो 200 से 300 तक। निश्चित रूप से खपत अधिक होगी। पर कुछेक मामलों में ऐसा भी हो सकता कि गैस डीलर गलत तरीके से कुछ नामों से बुकिंग कर उन सिलेंडरों को वाणिज्यिक इकाइयों को बेच देते हों। वाणिज्यिक इकाइयों को गैस सिलेंडर सब्सिडी वाले सिलेंडर से 396 रुपये अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष 100 उपभोक्ताओं में अधिकांश नेता हैं।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सब्सिडी वाले सिलेंडर के दुरुपयोग संबंधी खबरें सही नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार अभी किसी व्यक्ति द्वारा सिलेंडर की खपत पर कोई सीमा नहीं है। बीजेपी मेनका गांधी द्वारा साल भर में 63 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया गया। सुरेश कलमाड़ी ने भी इतने ही सिलेंडरों की खपत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय राजधानी स्थित निवास पर साल में 58 सिलेंडरों की खपत हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने शुक्रवार को इस पोर्टल को शुरू किया। इसका मकसद ग्राहकों को अपनी बुकिंग की स्थिति की जानकारी देना और साथ ही यह देखना भी है कि किसी को अपनी पारी से पहले सिलेंडर तो नहीं मिल रहा है। रेड्डी के निवास पर महीने में दो से अधिक यानी साल के दौरान कुल 26 सिलेंडरों की खपत हुई। नियमानुसार आम जनता को 21 दिन से पहले गैस सिलेंडर बुक कराने की अनुमति नहीं है। रेड्डी ने मजाकिया लहजे में कहा, इन आंकड़ों से पता चलता है कि मैं लोकप्रिय नेता हूं। मेरा यहां रोजाना काफी लोग आते हैं। कई बार तो 200 से 300 तक। निश्चित रूप से खपत अधिक होगी। पर कुछेक मामलों में ऐसा भी हो सकता कि गैस डीलर गलत तरीके से कुछ नामों से बुकिंग कर उन सिलेंडरों को वाणिज्यिक इकाइयों को बेच देते हों। वाणिज्यिक इकाइयों को गैस सिलेंडर सब्सिडी वाले सिलेंडर से 396 रुपये अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष 100 उपभोक्ताओं में अधिकांश नेता हैं।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सब्सिडी वाले सिलेंडर के दुरुपयोग संबंधी खबरें सही नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार अभी किसी व्यक्ति द्वारा सिलेंडर की खपत पर कोई सीमा नहीं है। बीजेपी मेनका गांधी द्वारा साल भर में 63 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया गया। सुरेश कलमाड़ी ने भी इतने ही सिलेंडरों की खपत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय राजधानी स्थित निवास पर साल में 58 सिलेंडरों की खपत हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। नियमानुसार आम जनता को 21 दिन से पहले गैस सिलेंडर बुक कराने की अनुमति नहीं है। रेड्डी ने मजाकिया लहजे में कहा, इन आंकड़ों से पता चलता है कि मैं लोकप्रिय नेता हूं। मेरा यहां रोजाना काफी लोग आते हैं। कई बार तो 200 से 300 तक। निश्चित रूप से खपत अधिक होगी। पर कुछेक मामलों में ऐसा भी हो सकता कि गैस डीलर गलत तरीके से कुछ नामों से बुकिंग कर उन सिलेंडरों को वाणिज्यिक इकाइयों को बेच देते हों। वाणिज्यिक इकाइयों को गैस सिलेंडर सब्सिडी वाले सिलेंडर से 396 रुपये अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष 100 उपभोक्ताओं में अधिकांश नेता हैं।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सब्सिडी वाले सिलेंडर के दुरुपयोग संबंधी खबरें सही नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार अभी किसी व्यक्ति द्वारा सिलेंडर की खपत पर कोई सीमा नहीं है। बीजेपी मेनका गांधी द्वारा साल भर में 63 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया गया। सुरेश कलमाड़ी ने भी इतने ही सिलेंडरों की खपत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय राजधानी स्थित निवास पर साल में 58 सिलेंडरों की खपत हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सब्सिडी वाले सिलेंडर के दुरुपयोग संबंधी खबरें सही नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार अभी किसी व्यक्ति द्वारा सिलेंडर की खपत पर कोई सीमा नहीं है। बीजेपी मेनका गांधी द्वारा साल भर में 63 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया गया। सुरेश कलमाड़ी ने भी इतने ही सिलेंडरों की खपत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय राजधानी स्थित निवास पर साल में 58 सिलेंडरों की खपत हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया। बसपा प्रमुख मायावती ने 45, रामविलास पासवान ने 45, जद-यू के शरद यादव ने 49, शाहनवाज हुसैन ने 56, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 45, लालू प्रसाद यादव ने 43, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने साल भर में 42 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया।
दिल्ली में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के आधिकारिक निवास पर 31 मई तक एक साल की अवधि में 171 एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल हुआ। वहीं विदेश राज्यमंत्री परणीत कौर के निवास पर इस दौरान 161 सिलेंडरों की खपत हुई।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान का आगाज किया. उन्होंने टोल फ्री नम्बर से शुरू इस सदस्यता अभियान के दौरान पांच सदस्यों को प्रमाण पत्र भी सौंपा. इस मौके पर उन्होंने कहा कि पांच ट्रिलियन इकॉनमी को देश कैसे पा सकता है, इसकी दिशा हमने तय कर दी है. इस दौरान पीएम मोदी ने एक कविता भी पेश की. पीएम ने जो कविता पढ़ी वो कुछ यूं है, 'वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है, उसी से तो मेरे हौसलों की मीनार है. चुनौतियों को देखकर घबराना कैसा, इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है. विकास की यज्ञ में परिश्रम की महक है, यही तो मां भारती का अनुपम श्रृंगार है. गरीब-अमीर बने नए हिंद की भुजाएं, बदलते भारत की यही तो पुकार है. देश पहले भी चला और आगे भी बढ़ा, अब न्यू इंडिया दौड़ने को बेताब है. दौड़ना ही तो न्यू इंडिया का सरोकार है.'  आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी का एक कविता संग्रह 'साक्षी भाव' हिंदी में प्रकाशित हो चुका है, जिसमें उन्होंने जगतजननी मां से वार्तालाप के रूप में अपने मनोभावों को व्यक्त किया है. इसमें 16 कविताएं संकलित हैं. बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय सदस्यता अभियान का आगाज करने के बाद दीनदयाल हस्तकला संकुल से निकले. वाराणसी में हो रही हल्की बारिश के बीच उनका काफिला मान मंदिर पहुंचा. मोदी ने यहां पर बने वर्चुअल म्यूजियम का अवलोकन किया. वर्चुअल म्यूजियम में काशी का स्वरूप दिखता है. यहां पर लोग 3डी माध्यम से वाराणसी का आभास करते हैं. इस म्यूजिम का उद्घाटन मोदी ने ही 19 फरवरी, 2019 को किया था. 11 करोड़ रुपये की लागत से बने इस म्यूजियम में आठ भाग हैं. सांस्कृतिक रंगों से सराबोर इस संग्रहालय में वास्तविक के बजाय सबकुछ आभासी है. बिना छुए इसे महसूस किया जा सकता है.
सारांश: शनिवार को वाराणसी में थे पीएम मोदी सदस्यता अभियान का किया आगाज इस दौरान उन्होंने एक कविता भी सुनाई
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आने वाले महीनों में भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर और बोझ पड़ने वाला है। एक सर्वे से जाहिर हो रहा है कि खाद्य एवं पेय उत्पाद बनाने वाली 41 प्रतिशत कंपनियां आगामी 12 महीनों में अपने सामान के दामों में बढ़ोतरी करने वाली हैं। वैश्विक परामर्शक कंपनी ग्रांट थार्नटन की रपट में कहा कि भारत में 41 फीसद खाद्य एवं पेय कंपनियां अपने उत्पादों की कीमत में की बढ़ोतरी कर सकती हैं। पिछले साल के अगस्त से सितंबर के दौरान किए गए सालाना सर्वेक्षण में सिर्फ 12 फीसद बढ़ोतरी की उम्मीद जाहिर की गई थी। खाद्य एवं पेय कंपनियों के कीमत बढ़ाने से भारतीय उपभोक्ताओं पर और दबाव बढ़ेगा क्योंकि अपर्याप्त लाजिस्टिक व भंडारण से जुड़े बुनियादी ढांचे की कमी और आयात पर निर्भरता के कारण जिंसों की कीमत पहले से ही अधिक है। खाद्य मुद्रास्फीति पिछले दिसंबर से नौ फीसद के उपर बनी हुई है। इस रपट के बारे में ग्रांट थार्नटन इंडिया के निदेशक (ग्राहक सेवा) पियूष पटोदिया ने कहा कि भारत में कारोबारी माहौल अच्छा है। उन्होंने कहा आर्थिक संपन्नता की दिशा में आगे बढ़ रही किसी भी विकासशील अर्थव्यवस्था में खाद्य एवं पेय की कीमत सबसे पहले बढ़ती है। पटोदिया ने कहा भारतीय उपभोक्ता न सिर्फ उपभोग बढा रहे हंै बल्कि बेहतरीन चीजों की मांग कर रहे हैं। इससे विदेशी खाद्य एवं पेय कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
यह एक सारांश है: एक सर्वे से जाहिर हो रहा है कि खाद्य एवं पेय उत्पाद बनाने वाली 41 प्रतिशत कंपनियां आगामी 12 महीनों में अपने सामान के दामों में बढ़ोतरी करने वाली हैं।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शनिवार को संकेत दिए कि दिल्ली पुलिस के शीर्ष स्तर में फेरबदल किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों के उनके घर में घुसने और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुई घटना सहित हाल की गतिविधियों के परिप्रेक्ष्य में यह फैसला लिया जा सकता है। शिंदे ने कहा कि हाल की घटनाओं पर वह नजर रखे हुए हैं और कार्रवाई हो सकती है। यह पूछने पर कि दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार को हटाने की खबर क्या सच है, तो शिंदे ने कहा, हाल की दो घटनाओं - योजना आयोग में ममता बनर्जी के साथ की घटना और कुछ लोगों के मेरे घर में घुसने की घटना के जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल उन्होंने यह नहीं बताया कि कार्रवाई किस पर होगी और कहा कि वह जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा करेंगे।टिप्पणियां बच्ची के साथ रेप की घटना के बारे में गृहमंत्री ने वादा किया कि मामले को दबाने के लिए पीड़िता के अभिभावकों को कथित तौर पर पैसे की पेशकश करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, यह पता करने के लिए जांच चल रही है कि क्या पुलिस की ओर से कोई चूक हुई है। हम दोषी पाए जाने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमें कुछ समय दीजिए, हम कार्रवाई करेंगे। शिंदे ने कहा कि बलात्कार मामले में आरोपी को बिहार में गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे दिल्ली लाया जा रहा है। इस घटना को काफी गंभीर बताते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराध को रोकने के लिए हर किसी को सतर्क रहना होगा। शिंदे ने कहा कि हाल की घटनाओं पर वह नजर रखे हुए हैं और कार्रवाई हो सकती है। यह पूछने पर कि दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार को हटाने की खबर क्या सच है, तो शिंदे ने कहा, हाल की दो घटनाओं - योजना आयोग में ममता बनर्जी के साथ की घटना और कुछ लोगों के मेरे घर में घुसने की घटना के जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल उन्होंने यह नहीं बताया कि कार्रवाई किस पर होगी और कहा कि वह जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा करेंगे।टिप्पणियां बच्ची के साथ रेप की घटना के बारे में गृहमंत्री ने वादा किया कि मामले को दबाने के लिए पीड़िता के अभिभावकों को कथित तौर पर पैसे की पेशकश करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, यह पता करने के लिए जांच चल रही है कि क्या पुलिस की ओर से कोई चूक हुई है। हम दोषी पाए जाने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमें कुछ समय दीजिए, हम कार्रवाई करेंगे। शिंदे ने कहा कि बलात्कार मामले में आरोपी को बिहार में गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे दिल्ली लाया जा रहा है। इस घटना को काफी गंभीर बताते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराध को रोकने के लिए हर किसी को सतर्क रहना होगा। बच्ची के साथ रेप की घटना के बारे में गृहमंत्री ने वादा किया कि मामले को दबाने के लिए पीड़िता के अभिभावकों को कथित तौर पर पैसे की पेशकश करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, यह पता करने के लिए जांच चल रही है कि क्या पुलिस की ओर से कोई चूक हुई है। हम दोषी पाए जाने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमें कुछ समय दीजिए, हम कार्रवाई करेंगे। शिंदे ने कहा कि बलात्कार मामले में आरोपी को बिहार में गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे दिल्ली लाया जा रहा है। इस घटना को काफी गंभीर बताते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराध को रोकने के लिए हर किसी को सतर्क रहना होगा। शिंदे ने कहा कि बलात्कार मामले में आरोपी को बिहार में गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे दिल्ली लाया जा रहा है। इस घटना को काफी गंभीर बताते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराध को रोकने के लिए हर किसी को सतर्क रहना होगा।
यहाँ एक सारांश है:सुशील कुमार शिंदे ने कहा, यह पता करने के लिए जांच चल रही है कि क्या पुलिस की ओर से कोई चूक हुई है। हम दोषी पाए जाने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी (Disha Patani) अपने फैन्स के लिए जोरदार धमाका लेकर आई हैं. जी हां, 'बागी 2' फेम एक्ट्रेस दिशा पटानी (Disha Patani) ने अपने फैन्स के लिए यूट्यूब चैनल लॉन्च किया है, और इस यूट्यूब (YouTube) चैनल पर फैन्स को उनकी पर्सनल लाइफ में झांकने का मौका मिलेगा. दिशा पटानी (Disha Patani) अपने इस पहले वीडियो में लैक्मे फैशन वीक में रैंप वॉक को लेकर अपने अनुभव साझा कर रही हैं, और बता रही हैं कि उनका रैंप वॉक का यह एक्सपीरियंस कैसा रहा. इस तरह दिशा पटानी (Disha Patani) ने अपने फैन्स से रू-ब-रू होने का फैसला लिया है.   दिशा पटानी (Disha Patani) ने अपने यूट्यूब (YouTube) चैनल की जानकारी इंस्टाग्राम एकाउंट पर दी है. इसमें दिशा पटानी ने लिखा हैः 'आप सबके सात अपना पहला यूट्यूब वीडियो शेयर करने के लिए मैं बेताब हूं. उम्मीद है कि जितना मुझे फिल्माने में मजा आया, उतना ही मजा आपको इसे देखने में आएगा. इसे पूरी तरह खुद ही शूट किया है. कुछ कच्चापन है लेकिन मैं खुद को दिखाने की कोशिश कर रही हूं...' इस तरह दिशा पटानी ने अपने यूट्यूब चैनल का बहुत ही शानदार अंदाज में आगाज किया है. बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी (Disha Patani) आखिरी बार सलमान खान के साथ फिल्म 'भारत' में नजर आईं थीं. इस फिल्म में उनकी एक्टिंग की सराहना हुई थी. 'भारत (Bharat)' में दिशा पटानी की भूमिका ने दर्शकों का भी खूब दिल जीता था. अब दिशा जल्द ही फिल्म 'मलंग (Malang)' से फैन्स का दिल चुराने वाली हैं. इस फिल्म में दिशा के साथ आदित्य रॉय कपूर भी लीड किरदार निभाते नजर आएंगे. फिल्म में अनिल कपूर (Anil Kapoor) और कुणाल भी हैं.
दिशा पटानी ने लॉन्च किया अपना YouTube चैनल फैन्स के लिए लाईं ये सरप्राइज उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसकी जानकारी दी
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपनी दो दिन की यात्रा पर कोलकाता पहुंचीं अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन रविवार को मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं से मिलीं और ब्रिटिश काल के विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा किया। क्लिंटन की यात्रा को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। विश्व के सर्वाधिक ताकतवार राजनीतिक नेताओं में से एक क्लिंटन के राजधानी पहुंचने पर उनकी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। शाम के समय क्लिंटन ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया। अपनी यात्रा के पहले दिन क्लिंटन जहां मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं से मिलीं और ब्रिटिश काल के विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा किया। वहीं, अब उनका दौरा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने पर केंद्रित हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री सोमवार को राइटर्स बिल्डिंग के राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री बनर्जी से मिलने वाली हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात में खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), तीस्ता संधि एवं राज्य में अमेरिकी निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। क्लिंटन अमेरिकी वायु सेना के विमान से दोपहर 12.55 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने के कुछ घंटों बाद वह मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं और तस्करी रोकने की दिशा में काम कर रहे कुछ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। रवींद्रनाथ टैगोर सेंटर के भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद में क्लिंटन के स्वागत में महिलाओं ने नृत्य पेश किया। इस चार मिनट के समारोह में क्लिंटन (64) ने ताली बजाकर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। क्लिंटन ने इस मौके पर काला सूट पहन रखा था। क्लिंटन महिलाओं के नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस नृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोलकाता संवेद की संस्थापक सोहिनी चक्रवर्ती से ली। नृत्य कार्यक्रम निर्देशित करने वाली चक्रवर्ती ने बताया, "क्लिंटन ने समारोह का भरपूर लुत्फ उठाया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लड़कियों को धन्यवाद दिया। क्लिंटन ने कहा कि वह नृत्य देखकर बहुत ही रोमांचित हैं।" चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। विश्व के सर्वाधिक ताकतवार राजनीतिक नेताओं में से एक क्लिंटन के राजधानी पहुंचने पर उनकी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। शाम के समय क्लिंटन ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया। अपनी यात्रा के पहले दिन क्लिंटन जहां मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं से मिलीं और ब्रिटिश काल के विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा किया। वहीं, अब उनका दौरा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने पर केंद्रित हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री सोमवार को राइटर्स बिल्डिंग के राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री बनर्जी से मिलने वाली हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात में खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), तीस्ता संधि एवं राज्य में अमेरिकी निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। क्लिंटन अमेरिकी वायु सेना के विमान से दोपहर 12.55 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने के कुछ घंटों बाद वह मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं और तस्करी रोकने की दिशा में काम कर रहे कुछ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। रवींद्रनाथ टैगोर सेंटर के भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद में क्लिंटन के स्वागत में महिलाओं ने नृत्य पेश किया। इस चार मिनट के समारोह में क्लिंटन (64) ने ताली बजाकर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। क्लिंटन ने इस मौके पर काला सूट पहन रखा था। क्लिंटन महिलाओं के नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस नृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोलकाता संवेद की संस्थापक सोहिनी चक्रवर्ती से ली। नृत्य कार्यक्रम निर्देशित करने वाली चक्रवर्ती ने बताया, "क्लिंटन ने समारोह का भरपूर लुत्फ उठाया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लड़कियों को धन्यवाद दिया। क्लिंटन ने कहा कि वह नृत्य देखकर बहुत ही रोमांचित हैं।" चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अपनी यात्रा के पहले दिन क्लिंटन जहां मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं से मिलीं और ब्रिटिश काल के विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा किया। वहीं, अब उनका दौरा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने पर केंद्रित हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री सोमवार को राइटर्स बिल्डिंग के राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री बनर्जी से मिलने वाली हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात में खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), तीस्ता संधि एवं राज्य में अमेरिकी निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। क्लिंटन अमेरिकी वायु सेना के विमान से दोपहर 12.55 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने के कुछ घंटों बाद वह मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं और तस्करी रोकने की दिशा में काम कर रहे कुछ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। रवींद्रनाथ टैगोर सेंटर के भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद में क्लिंटन के स्वागत में महिलाओं ने नृत्य पेश किया। इस चार मिनट के समारोह में क्लिंटन (64) ने ताली बजाकर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। क्लिंटन ने इस मौके पर काला सूट पहन रखा था। क्लिंटन महिलाओं के नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस नृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोलकाता संवेद की संस्थापक सोहिनी चक्रवर्ती से ली। नृत्य कार्यक्रम निर्देशित करने वाली चक्रवर्ती ने बताया, "क्लिंटन ने समारोह का भरपूर लुत्फ उठाया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लड़कियों को धन्यवाद दिया। क्लिंटन ने कहा कि वह नृत्य देखकर बहुत ही रोमांचित हैं।" चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री सोमवार को राइटर्स बिल्डिंग के राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री बनर्जी से मिलने वाली हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात में खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), तीस्ता संधि एवं राज्य में अमेरिकी निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। क्लिंटन अमेरिकी वायु सेना के विमान से दोपहर 12.55 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने के कुछ घंटों बाद वह मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं और तस्करी रोकने की दिशा में काम कर रहे कुछ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। रवींद्रनाथ टैगोर सेंटर के भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद में क्लिंटन के स्वागत में महिलाओं ने नृत्य पेश किया। इस चार मिनट के समारोह में क्लिंटन (64) ने ताली बजाकर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। क्लिंटन ने इस मौके पर काला सूट पहन रखा था। क्लिंटन महिलाओं के नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस नृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोलकाता संवेद की संस्थापक सोहिनी चक्रवर्ती से ली। नृत्य कार्यक्रम निर्देशित करने वाली चक्रवर्ती ने बताया, "क्लिंटन ने समारोह का भरपूर लुत्फ उठाया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लड़कियों को धन्यवाद दिया। क्लिंटन ने कहा कि वह नृत्य देखकर बहुत ही रोमांचित हैं।" चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। क्लिंटन अमेरिकी वायु सेना के विमान से दोपहर 12.55 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने के कुछ घंटों बाद वह मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं और तस्करी रोकने की दिशा में काम कर रहे कुछ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। रवींद्रनाथ टैगोर सेंटर के भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद में क्लिंटन के स्वागत में महिलाओं ने नृत्य पेश किया। इस चार मिनट के समारोह में क्लिंटन (64) ने ताली बजाकर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। क्लिंटन ने इस मौके पर काला सूट पहन रखा था। क्लिंटन महिलाओं के नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस नृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोलकाता संवेद की संस्थापक सोहिनी चक्रवर्ती से ली। नृत्य कार्यक्रम निर्देशित करने वाली चक्रवर्ती ने बताया, "क्लिंटन ने समारोह का भरपूर लुत्फ उठाया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लड़कियों को धन्यवाद दिया। क्लिंटन ने कहा कि वह नृत्य देखकर बहुत ही रोमांचित हैं।" चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। रवींद्रनाथ टैगोर सेंटर के भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद में क्लिंटन के स्वागत में महिलाओं ने नृत्य पेश किया। इस चार मिनट के समारोह में क्लिंटन (64) ने ताली बजाकर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। क्लिंटन ने इस मौके पर काला सूट पहन रखा था। क्लिंटन महिलाओं के नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस नृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोलकाता संवेद की संस्थापक सोहिनी चक्रवर्ती से ली। नृत्य कार्यक्रम निर्देशित करने वाली चक्रवर्ती ने बताया, "क्लिंटन ने समारोह का भरपूर लुत्फ उठाया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लड़कियों को धन्यवाद दिया। क्लिंटन ने कहा कि वह नृत्य देखकर बहुत ही रोमांचित हैं।" चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। क्लिंटन महिलाओं के नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस नृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोलकाता संवेद की संस्थापक सोहिनी चक्रवर्ती से ली। नृत्य कार्यक्रम निर्देशित करने वाली चक्रवर्ती ने बताया, "क्लिंटन ने समारोह का भरपूर लुत्फ उठाया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लड़कियों को धन्यवाद दिया। क्लिंटन ने कहा कि वह नृत्य देखकर बहुत ही रोमांचित हैं।" चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। नृत्य कार्यक्रम निर्देशित करने वाली चक्रवर्ती ने बताया, "क्लिंटन ने समारोह का भरपूर लुत्फ उठाया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लड़कियों को धन्यवाद दिया। क्लिंटन ने कहा कि वह नृत्य देखकर बहुत ही रोमांचित हैं।" चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चक्रवर्ती के मुताबिक, "वह बहुत ही गर्मजोशी से मिलीं और हमारे काम को देखकर खुश हुईं। क्लिंटन ने मानव तस्करी से लड़ने के हमारे प्रयासों की प्रशंसा की और इसे जारी रखने का हौसला बढ़ाया। उन्होंने एनजीओ की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।" क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। क्लिंटन यहां से ब्रिटिश समय के संग्रहालय विक्टोरिया मेमोरियल गईं। मेमोरियल में बड़ी संख्या में पेंटिंग्स, ब्रिटिश काल की मूर्तियां एवं पांडुलिपि और कोलकाता के दृश्य इतिहास को बताने वाले संग्रह रखा गया है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। संग्रहालय में 15 मिनट गुजारने के बाद क्लिंटन ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक हॉल है। इसे अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। मैं विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करना चाहती थी। यह मेरे लिए दावत के समान रहा है।" मेमोरियल में क्लिंटन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगेंद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वहीं, क्लिंटन की यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। हवाईअड्डे से क्लिंटन का काफिला निकलने से आधा घंटे पहले अभ्यास के तौर पर एक काफिला निकाला गया। हवाईअड्डे से जिन रास्तों से होकर क्लिंटन का काफिला निकलने वाला था, उन रास्तों को पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की थी। मार्गो पर अवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई थी।टिप्पणियां क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। क्लिंटन दक्षिणी कोलकाता के जिस ताज बंगाल होटल में ठहरी हैं, वहां भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। क्लिंटन के लिए राष्ट्रपति सूट सहित होटल का एक पूरा तल आरक्षित किया गया है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। होटल के आस-पास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात है। क्लिंटन के कमरे तक पहुंचने के लिए होटल कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
अपनी दो दिन की यात्रा पर कोलकाता पहुंचीं अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन रविवार को मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं से मिलीं और ब्रिटिश काल के विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा किया।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऐन चुनाव के दिनों में अपनों के चलते मुंबई बीजेपी में नेताओं के माथे पर शिकन आ गई है. वजह बनी है वह लिस्ट जो पार्टी के ही एक पदाधिकारी ने लीक की है. मुंबई महानगर पालिका चुनाव में बीजेपी पहली बार अकेले मैदान में उतरी है. पार्टी के उम्मीदवारों के चुनाव की प्रक्रिया को बेहद गुप्त रखा गया था. लेकिन, बुधवार रात इस पूरी कवायद को तब कड़ा झटका लगा जब उम्मीदवारों की आधी अधूरी लिस्ट मीडिया में लीक हो गई. पार्टी के नेता इससे भौंचक थे कि आखिर यह किसने किया. जांच में सामने आया है कि पार्टी दफ्तर के कंप्यूटर से एक पदाधिकारी ने ही उम्मीदवारों की सूची ले ली. उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान उपयुक्त समय पर होना था. ऐसा करने वाले पदाधिकारी को चंद दिनों पहले ही पार्टी में पद दिया गया था. मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में कहा है कि पार्टी का अनुशासन तोड़ने वाले व्यक्ति को उन्होंने ढूंढ लिया है और उसकी करनी का गंभीर संज्ञान भी लिया गया है. इस पर सही समय पर कार्रवाई होगी. टिप्पणियां मुंबई महानगर पालिका में कुल 227 सीटें हैं. इनमें से बीजेपी को कुछ सीटें अपने सहयोगी दलों को देनी है. इस बीच शिवसेना से हो रहा सामना उसके लिए नाक की लड़ाई है. इन कारणों की वजह से बीजेपी उम्मीदवारों के चयन को लेकर अपनी रणनीति गुप्त रखना चाहती थी. सूची के लीक होने से इस रणनीति पर पानी फिर गया. बीजेपी प्रवक्ता और मुंबई बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मधु चव्हाण ने इस बात को अनुशासन पर गंभीर चोट बताया है. प्रवक्ता निरंजन शेट्टी ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोग नहीं जानते कि वे पार्टी का कितना नुकसान कर रहे हैं. उन पर उचित समय पर कार्रवाई होकर रहेगी. मुंबई महानगर पालिका चुनाव में बीजेपी पहली बार अकेले मैदान में उतरी है. पार्टी के उम्मीदवारों के चुनाव की प्रक्रिया को बेहद गुप्त रखा गया था. लेकिन, बुधवार रात इस पूरी कवायद को तब कड़ा झटका लगा जब उम्मीदवारों की आधी अधूरी लिस्ट मीडिया में लीक हो गई. पार्टी के नेता इससे भौंचक थे कि आखिर यह किसने किया. जांच में सामने आया है कि पार्टी दफ्तर के कंप्यूटर से एक पदाधिकारी ने ही उम्मीदवारों की सूची ले ली. उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान उपयुक्त समय पर होना था. ऐसा करने वाले पदाधिकारी को चंद दिनों पहले ही पार्टी में पद दिया गया था. मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में कहा है कि पार्टी का अनुशासन तोड़ने वाले व्यक्ति को उन्होंने ढूंढ लिया है और उसकी करनी का गंभीर संज्ञान भी लिया गया है. इस पर सही समय पर कार्रवाई होगी. टिप्पणियां मुंबई महानगर पालिका में कुल 227 सीटें हैं. इनमें से बीजेपी को कुछ सीटें अपने सहयोगी दलों को देनी है. इस बीच शिवसेना से हो रहा सामना उसके लिए नाक की लड़ाई है. इन कारणों की वजह से बीजेपी उम्मीदवारों के चयन को लेकर अपनी रणनीति गुप्त रखना चाहती थी. सूची के लीक होने से इस रणनीति पर पानी फिर गया. बीजेपी प्रवक्ता और मुंबई बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मधु चव्हाण ने इस बात को अनुशासन पर गंभीर चोट बताया है. प्रवक्ता निरंजन शेट्टी ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोग नहीं जानते कि वे पार्टी का कितना नुकसान कर रहे हैं. उन पर उचित समय पर कार्रवाई होकर रहेगी. मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में कहा है कि पार्टी का अनुशासन तोड़ने वाले व्यक्ति को उन्होंने ढूंढ लिया है और उसकी करनी का गंभीर संज्ञान भी लिया गया है. इस पर सही समय पर कार्रवाई होगी. टिप्पणियां मुंबई महानगर पालिका में कुल 227 सीटें हैं. इनमें से बीजेपी को कुछ सीटें अपने सहयोगी दलों को देनी है. इस बीच शिवसेना से हो रहा सामना उसके लिए नाक की लड़ाई है. इन कारणों की वजह से बीजेपी उम्मीदवारों के चयन को लेकर अपनी रणनीति गुप्त रखना चाहती थी. सूची के लीक होने से इस रणनीति पर पानी फिर गया. बीजेपी प्रवक्ता और मुंबई बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मधु चव्हाण ने इस बात को अनुशासन पर गंभीर चोट बताया है. प्रवक्ता निरंजन शेट्टी ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोग नहीं जानते कि वे पार्टी का कितना नुकसान कर रहे हैं. उन पर उचित समय पर कार्रवाई होकर रहेगी. मुंबई महानगर पालिका में कुल 227 सीटें हैं. इनमें से बीजेपी को कुछ सीटें अपने सहयोगी दलों को देनी है. इस बीच शिवसेना से हो रहा सामना उसके लिए नाक की लड़ाई है. इन कारणों की वजह से बीजेपी उम्मीदवारों के चयन को लेकर अपनी रणनीति गुप्त रखना चाहती थी. सूची के लीक होने से इस रणनीति पर पानी फिर गया. बीजेपी प्रवक्ता और मुंबई बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मधु चव्हाण ने इस बात को अनुशासन पर गंभीर चोट बताया है. प्रवक्ता निरंजन शेट्टी ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोग नहीं जानते कि वे पार्टी का कितना नुकसान कर रहे हैं. उन पर उचित समय पर कार्रवाई होकर रहेगी. बीजेपी प्रवक्ता और मुंबई बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मधु चव्हाण ने इस बात को अनुशासन पर गंभीर चोट बताया है. प्रवक्ता निरंजन शेट्टी ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोग नहीं जानते कि वे पार्टी का कितना नुकसान कर रहे हैं. उन पर उचित समय पर कार्रवाई होकर रहेगी.
यहाँ एक सारांश है:मुंबई महानगर पालिका चुनाव में बीजेपी पहली बार बिना गठबंधन के मैदान में पार्टी दफ्तर के कंप्यूटर से एक पदाधिकारी ने सूची उड़ा ली बीजेपी उम्मीदवारों के नाम गुप्त रखने की रणनीति पर पानी फिरा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई में एक बंद पड़ी मिल में गुरुवार रात एक महिला फोटो पत्रकार के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना के संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और चार आरोपियों की पहचान की गई है। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मुंबई के पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने घटना को भयावह करार देते हुए मीडियाकर्मियों को बताया कि अन्य चार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा, "स्थानीय पुलिस और अपराध शाखा की 20 टीमें गठित की गई हैं और आरोपियों के स्केच जारी किए गए हैं।" यह घटना अमेरिकी महिला पर एक उपनगरीय स्थानीय रेल में हुए हमले और उसके साथ लूटपाट की घटना के पांच दिन बाद हुई है, जिसने शहर में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक अंग्रेजी पत्रिका में कार्यरत 22 वर्षीय फोटो पत्रकार के साथ दुष्कर्म की घटना उस वक्त हुई, जब वह दफ्तर से मिले काम के सिलसिले में अपने पुरुष सहकर्मी के साथ महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित शक्ति मिल्स कंपाउंड गई थी। दोनों पीड़ितों के बयान के आधार पर घटना का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दो लोगों ने इन पर रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश का आरोप लगाकर इनका विरोध किया। इसके बाद उन्होंने खंडहर बन चुके कारखाने के अंदर अपने तीन साथियों को बुला लिया। इनमें से एक ने सहकर्मी को बेल्ट से बांध दिया और युवती को वहां से 20 फुट अंदर घने झाड़ के पीछे ले गए। सिंह ने बताया कि उन लोगों ने वहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। पीड़िता को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे और उसके सहकर्मी को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दोनों सदमे में हैं। सुनसान मिल में उसकी मदद की गुहार कोई नहीं सुन पाया और घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मिली। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। मुंबई के पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने घटना को भयावह करार देते हुए मीडियाकर्मियों को बताया कि अन्य चार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा, "स्थानीय पुलिस और अपराध शाखा की 20 टीमें गठित की गई हैं और आरोपियों के स्केच जारी किए गए हैं।" यह घटना अमेरिकी महिला पर एक उपनगरीय स्थानीय रेल में हुए हमले और उसके साथ लूटपाट की घटना के पांच दिन बाद हुई है, जिसने शहर में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक अंग्रेजी पत्रिका में कार्यरत 22 वर्षीय फोटो पत्रकार के साथ दुष्कर्म की घटना उस वक्त हुई, जब वह दफ्तर से मिले काम के सिलसिले में अपने पुरुष सहकर्मी के साथ महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित शक्ति मिल्स कंपाउंड गई थी। दोनों पीड़ितों के बयान के आधार पर घटना का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दो लोगों ने इन पर रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश का आरोप लगाकर इनका विरोध किया। इसके बाद उन्होंने खंडहर बन चुके कारखाने के अंदर अपने तीन साथियों को बुला लिया। इनमें से एक ने सहकर्मी को बेल्ट से बांध दिया और युवती को वहां से 20 फुट अंदर घने झाड़ के पीछे ले गए। सिंह ने बताया कि उन लोगों ने वहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। पीड़िता को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे और उसके सहकर्मी को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दोनों सदमे में हैं। सुनसान मिल में उसकी मदद की गुहार कोई नहीं सुन पाया और घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मिली। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। यह घटना अमेरिकी महिला पर एक उपनगरीय स्थानीय रेल में हुए हमले और उसके साथ लूटपाट की घटना के पांच दिन बाद हुई है, जिसने शहर में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक अंग्रेजी पत्रिका में कार्यरत 22 वर्षीय फोटो पत्रकार के साथ दुष्कर्म की घटना उस वक्त हुई, जब वह दफ्तर से मिले काम के सिलसिले में अपने पुरुष सहकर्मी के साथ महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित शक्ति मिल्स कंपाउंड गई थी। दोनों पीड़ितों के बयान के आधार पर घटना का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दो लोगों ने इन पर रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश का आरोप लगाकर इनका विरोध किया। इसके बाद उन्होंने खंडहर बन चुके कारखाने के अंदर अपने तीन साथियों को बुला लिया। इनमें से एक ने सहकर्मी को बेल्ट से बांध दिया और युवती को वहां से 20 फुट अंदर घने झाड़ के पीछे ले गए। सिंह ने बताया कि उन लोगों ने वहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। पीड़िता को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे और उसके सहकर्मी को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दोनों सदमे में हैं। सुनसान मिल में उसकी मदद की गुहार कोई नहीं सुन पाया और घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मिली। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। एक अंग्रेजी पत्रिका में कार्यरत 22 वर्षीय फोटो पत्रकार के साथ दुष्कर्म की घटना उस वक्त हुई, जब वह दफ्तर से मिले काम के सिलसिले में अपने पुरुष सहकर्मी के साथ महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित शक्ति मिल्स कंपाउंड गई थी। दोनों पीड़ितों के बयान के आधार पर घटना का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दो लोगों ने इन पर रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश का आरोप लगाकर इनका विरोध किया। इसके बाद उन्होंने खंडहर बन चुके कारखाने के अंदर अपने तीन साथियों को बुला लिया। इनमें से एक ने सहकर्मी को बेल्ट से बांध दिया और युवती को वहां से 20 फुट अंदर घने झाड़ के पीछे ले गए। सिंह ने बताया कि उन लोगों ने वहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। पीड़िता को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे और उसके सहकर्मी को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दोनों सदमे में हैं। सुनसान मिल में उसकी मदद की गुहार कोई नहीं सुन पाया और घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मिली। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। दोनों पीड़ितों के बयान के आधार पर घटना का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दो लोगों ने इन पर रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश का आरोप लगाकर इनका विरोध किया। इसके बाद उन्होंने खंडहर बन चुके कारखाने के अंदर अपने तीन साथियों को बुला लिया। इनमें से एक ने सहकर्मी को बेल्ट से बांध दिया और युवती को वहां से 20 फुट अंदर घने झाड़ के पीछे ले गए। सिंह ने बताया कि उन लोगों ने वहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। पीड़िता को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे और उसके सहकर्मी को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दोनों सदमे में हैं। सुनसान मिल में उसकी मदद की गुहार कोई नहीं सुन पाया और घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मिली। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। इनमें से एक ने सहकर्मी को बेल्ट से बांध दिया और युवती को वहां से 20 फुट अंदर घने झाड़ के पीछे ले गए। सिंह ने बताया कि उन लोगों ने वहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। पीड़िता को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे और उसके सहकर्मी को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दोनों सदमे में हैं। सुनसान मिल में उसकी मदद की गुहार कोई नहीं सुन पाया और घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मिली। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। पीड़िता को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे और उसके सहकर्मी को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दोनों सदमे में हैं। सुनसान मिल में उसकी मदद की गुहार कोई नहीं सुन पाया और घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मिली। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। सुनसान मिल में उसकी मदद की गुहार कोई नहीं सुन पाया और घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। पुलिस को घटना की जानकारी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मिली। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। राज्य के गृह मत्री आरआर पाटील ने जसलोक अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है और हमने इस पर गहरी नजर रखी हुई है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।" पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह सफलता पीड़िता के पुरुष सहकर्मी के दिए गए बयान की वजह से मिली, जो गुरुवार को हुई इस घटना के वक्त वहां मौजूद था। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। सिंह ने मीडिया को बताया, "एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में शामिल रहे चार अन्य की पहचान की गई है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि वे इसी इलाके में रहते हैं।" पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। पुलिस ने हालांकि, आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन पुलिस आयुक्त ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। इस घटना से पूरे देश में लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है जिसकी गूंज संसद में भी सुनी गई। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद स्मृति ईरानी ने यह मुद्दा उठाया।टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने मुंबई में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राज्य की साफ सुथरी छवि पर धब्बा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार पीड़ितों का सभी चिकित्सीय खर्च वहन करेगी और उनके परिवार के सदस्यों को हर प्रकार की मदद दी जाएगी।" घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई प्रेस क्लब और अन्य मीडियाकर्मी एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य दक्षिणी मुंबई के हुतात्मा चौक पर शुक्रवार की दोपहर प्रदर्शन के लिए जमा हुए।
मुंबई में एक बंद पड़ी मिल में गुरुवार रात एक महिला फोटो पत्रकार के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना के संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और चार आरोपियों की पहचान की गई है। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान सरकार ने जानकारी लीक होने के डर से अधिकारिक बैठकों के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार राष्ट्रीय दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा बोर्ड ने चेताया है कि अगर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मोबाइल फोन को ध्यानपूर्वक संभालकर नहीं रखा जाता, तो इनका उपयोग संदिग्ध उद्देश्यों के लिए हो सकता है।टिप्पणियां बोर्ड ने उल्लेख किया कि अब मोबाइल फोन में डेटा संग्रहण, आवाज और एसएमएस बातचीत, ई-व्यापार व बैंकिंग प्रबंधन, तेज ब्रॉडबैंड और बहुत-सी अन्य सामाजिक और वैश्विक इंटरनेट एप्लिकेशन जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं। बोर्ड के मुताबिक यह एक अत्याधुनिक संचार उपकरण है, जिसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल फोन में कैमरा सुविधा का उपयोग संवेदनशील दस्तावेजों और डेटा की रिकॉर्डिंग के लिए हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर सुरक्षा चूक हो सकती हैं। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार राष्ट्रीय दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा बोर्ड ने चेताया है कि अगर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मोबाइल फोन को ध्यानपूर्वक संभालकर नहीं रखा जाता, तो इनका उपयोग संदिग्ध उद्देश्यों के लिए हो सकता है।टिप्पणियां बोर्ड ने उल्लेख किया कि अब मोबाइल फोन में डेटा संग्रहण, आवाज और एसएमएस बातचीत, ई-व्यापार व बैंकिंग प्रबंधन, तेज ब्रॉडबैंड और बहुत-सी अन्य सामाजिक और वैश्विक इंटरनेट एप्लिकेशन जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं। बोर्ड के मुताबिक यह एक अत्याधुनिक संचार उपकरण है, जिसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल फोन में कैमरा सुविधा का उपयोग संवेदनशील दस्तावेजों और डेटा की रिकॉर्डिंग के लिए हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर सुरक्षा चूक हो सकती हैं। बोर्ड ने उल्लेख किया कि अब मोबाइल फोन में डेटा संग्रहण, आवाज और एसएमएस बातचीत, ई-व्यापार व बैंकिंग प्रबंधन, तेज ब्रॉडबैंड और बहुत-सी अन्य सामाजिक और वैश्विक इंटरनेट एप्लिकेशन जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं। बोर्ड के मुताबिक यह एक अत्याधुनिक संचार उपकरण है, जिसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल फोन में कैमरा सुविधा का उपयोग संवेदनशील दस्तावेजों और डेटा की रिकॉर्डिंग के लिए हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर सुरक्षा चूक हो सकती हैं। बोर्ड के मुताबिक यह एक अत्याधुनिक संचार उपकरण है, जिसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल फोन में कैमरा सुविधा का उपयोग संवेदनशील दस्तावेजों और डेटा की रिकॉर्डिंग के लिए हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर सुरक्षा चूक हो सकती हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान सरकार ने जानकारी लीक होने के डर से अधिकारिक बैठकों के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इसके अलावा चुनाव आचारसंहिता के कारण सारे विकास के काम ठप पड़ जाते हैं, लेकिन नीतीश ने कहा कि उनके समर्थन का यह मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए कि बिहार में आने वाले लोकसभा के साथ चुनाव कराए जाएंगे. इस संबंध में सारी अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.इससे पूर्व पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का समर्थन किया था. उन्होंने लगा था कि जो भी संशोधन केंद्र सरकार लाएगी पार्टी उसका खुलकर समर्थन करेगी, लेकिन आज नीतीश ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर पूरे देश में बहस भी कराई जानी चाहिए. इससे पूर्व पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का समर्थन किया था. उन्होंने लगा था कि जो भी संशोधन केंद्र सरकार लाएगी पार्टी उसका खुलकर समर्थन करेगी, लेकिन आज नीतीश ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर पूरे देश में बहस भी कराई जानी चाहिए.
सारांश: एक साथ चुनाव का समर्थन किया 2019 के चुनावों के साथ बिहार चुनाव की बात से इनकार ऐसे चुनाव कराने लिए संविधान में संशोधन करना होगा
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि यदि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पार्टी में वापस आना चाहते हैं तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है। भाजपा महासचिव तथा कर्नाटक मामलों के प्रभारी थवारचंदर गहलोत ने कहा, "हमें मालूम नहीं है कि वह पार्टी में वापस आना चाहते हैं या नहीं। इस मुद्दे पर पार्टी के केंद्रीय नेता तभी विचार-विमर्श करेंगे, जब येदियुरप्पा की तरफ से कोई संकेत मिलेगा।" गहलोत ने कहा, "भाजपा के कुछ नेता येदियुरप्पा की वापसी चाहते हैं, जबकि कुछ इसके विरोध में हैं। इसलिए एक बार उनकी ओर से संकेत मिलने के बाद ही हम इस मुद्दे पर विचार करेंगे और सभी के विचार जानेंगे।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह लेंगे। टिप्पणियां येदियुरप्पा ने जुलाई 2011 में खनन मामले में रिश्वत के आरोपों को लेकर भाजपा के दबाव में आकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने भाजपा भी छोड़ दी और अपनी अलग पार्टी बनाई। वह हालांकि कहते रहे हैं कि भाजपा में वापसी का उनका कोई इरादा नहीं है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि उनकी पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। भाजपा महासचिव तथा कर्नाटक मामलों के प्रभारी थवारचंदर गहलोत ने कहा, "हमें मालूम नहीं है कि वह पार्टी में वापस आना चाहते हैं या नहीं। इस मुद्दे पर पार्टी के केंद्रीय नेता तभी विचार-विमर्श करेंगे, जब येदियुरप्पा की तरफ से कोई संकेत मिलेगा।" गहलोत ने कहा, "भाजपा के कुछ नेता येदियुरप्पा की वापसी चाहते हैं, जबकि कुछ इसके विरोध में हैं। इसलिए एक बार उनकी ओर से संकेत मिलने के बाद ही हम इस मुद्दे पर विचार करेंगे और सभी के विचार जानेंगे।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह लेंगे। टिप्पणियां येदियुरप्पा ने जुलाई 2011 में खनन मामले में रिश्वत के आरोपों को लेकर भाजपा के दबाव में आकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने भाजपा भी छोड़ दी और अपनी अलग पार्टी बनाई। वह हालांकि कहते रहे हैं कि भाजपा में वापसी का उनका कोई इरादा नहीं है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि उनकी पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। गहलोत ने कहा, "भाजपा के कुछ नेता येदियुरप्पा की वापसी चाहते हैं, जबकि कुछ इसके विरोध में हैं। इसलिए एक बार उनकी ओर से संकेत मिलने के बाद ही हम इस मुद्दे पर विचार करेंगे और सभी के विचार जानेंगे।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह लेंगे। टिप्पणियां येदियुरप्पा ने जुलाई 2011 में खनन मामले में रिश्वत के आरोपों को लेकर भाजपा के दबाव में आकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने भाजपा भी छोड़ दी और अपनी अलग पार्टी बनाई। वह हालांकि कहते रहे हैं कि भाजपा में वापसी का उनका कोई इरादा नहीं है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि उनकी पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह लेंगे। टिप्पणियां येदियुरप्पा ने जुलाई 2011 में खनन मामले में रिश्वत के आरोपों को लेकर भाजपा के दबाव में आकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने भाजपा भी छोड़ दी और अपनी अलग पार्टी बनाई। वह हालांकि कहते रहे हैं कि भाजपा में वापसी का उनका कोई इरादा नहीं है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि उनकी पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। येदियुरप्पा ने जुलाई 2011 में खनन मामले में रिश्वत के आरोपों को लेकर भाजपा के दबाव में आकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने भाजपा भी छोड़ दी और अपनी अलग पार्टी बनाई। वह हालांकि कहते रहे हैं कि भाजपा में वापसी का उनका कोई इरादा नहीं है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि उनकी पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। वह हालांकि कहते रहे हैं कि भाजपा में वापसी का उनका कोई इरादा नहीं है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि उनकी पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है।
सारांश: भाजपा महासचिव तथा कर्नाटक मामलों के प्रभारी थवारचंदर गहलोत ने कहा, "हमें मालूम नहीं है कि वह पार्टी में वापस आना चाहते हैं या नहीं। इस मुद्दे पर पार्टी के केंद्रीय नेता तभी विचार-विमर्श करेंगे, जब येदियुरप्पा की तरफ से कोई संकेत मिलेगा।"
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हमले की सैटेलाइट तस्‍वीरें, जिन्‍हें फिलहाल सरकारी अधिकारी अत्यंत गोपनीय मान रहे हैं, हमले में इस्‍तेमाल किए गए इजरायली बमों के असर की जगह का खुलासा कर सकते हैं. आपको बता दें कि 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के मिराज लड़ाकू विमान सुबह 3:30 बले नियंत्रण रेखा पार कर 20 किलोमीटर अंदर तक गए थे और करीब 19 मिनट तके चले इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था. NDTV को पता चला है कि दो अलग-अलग स्रोतों से सरकार द्वारा ली गईं तस्‍वीरें इस बात को साबित कर सकती हैं कि स्‍पाइस 2000 ग्‍लाइड बमों ने 5 अलग अलग ढांचों को निशाना बनाया जो पाकिस्‍तान के खैबर पख्‍तूनवा के बालाकोट के पास स्थित बिसियां टाउन के पश्चिम में स्थित थे. इन संरचनाओं की छतों पर छोटे छेद इजरायल में बने इन बमों के एंट्री प्‍वाइंट को दर्शाते हैं. हालांकि यह बम विस्‍फोट होने से पहले इमारतों, बंकरों और शेल्‍टरों को भेद कर अंदर घुसने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं. स्‍पाइस 2000 को 'डीकैपिटेटिंग वेपन' कहा जाता है जो सटीक हमले के जरिए दुश्‍मन के नेतृत्‍व को खत्‍म करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस्‍तेमाल किए गए कुछ स्‍पाइस 2000 संभवत: उस ढांचे को पूरी तरह नहीं गिरा पाए जिसपर वो गिरे. जैसा कि पहले भी NDTV ने रिपोर्ट की है, भारतीय वायुसेना के कुछ मिराज 2000 लड़ाकू विमान नियंत्रण रेखा पार कर उस ऊंचाई तक गए जहां विमान में लगे सिस्‍टम स्‍पाइस 2000 ग्‍लाइड बम को इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से रिलीज कर देते. भारतीय लड़ाकू विमानों ने रात 3 बजे के करीब नियंत्रण रेखा पार की और 20 किलोमीटर अंतर तक गए, अलग-अलग अपने लॉन्‍च प्‍वाइंट तक उड़ान भरी ताकि पाकिस्‍तान के रडार की पकड़ में जल्‍दी ना आ सकें. फ्रांस में बने मिराज विमानों में से एक बिना बम गिराए ही वापस लौट आया क्‍योंकि उसमें लगे कंप्‍यूटर ने ऐसा करने की इजाजत नहीं दी. गिराए जाने के बाद ग्‍लाइड बम पहले से ही फीड किए गए जीपीएस कोऑर्डिनेट्स की मदद से दर्जनों किलोमीटर की दूरी की. जैसे ही वो अपने लक्ष्‍य के पास पहुंचे, वो पहले से ही लोड की गईं आतंकी ट्रेनिंग कैंप की खुफिया तस्‍वीरों से मिलती जुलती संरचनाओं को ढूंढने लगे. उसके बाद अपने निर्धारित लक्ष्‍य पर गिर गए. हमले के घंटों बाद बालाकोट के ऊपर बादलों की चादर छाए रहने की वजह से उस वक्‍त वहां से गुजर रहे भारतीय सैटेलाइट अगली सुबह उस जगह की हाई रिजोल्‍यूशन तस्‍वीरें नहीं ले सके.  ऑस्‍ट्रेलिया स्थित इंटरनेशलन साइबर पॉलिसी सेंटर ने कमर्शियली उपलब्‍ध सैटेलाइट तस्‍वीरों का विश्‍लेषण करने के बाद बालाकोट हमले की सफलता के भारत सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट के लेखक नेथन रूसेर के अनुसार, 27 फरवरी की सुबह प्‍लैनेट लैब्‍स इंक द्वारा ली गई तस्‍वीरें जो ASPI ने देखी हैं, वो भारत सरकार के दावों पर सवाल उठाती हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 'तस्‍वीरों में आतंकी कैंप या उसके आस-पास के इलाकों में किसी भी तरह के नुकसान के सबूत नहीं दिखते.' रूसेर साथ ही यह भी कहते हैं कि स्‍थानीय मीडिया ने कई रिपोर्ट छापी हैं जिनमें आस-पास कई छोटे गड्ढों की बात कही गई है जो दर्शाते हैं कि भारतीय वायुसेना लक्ष्‍य से चूक गई. जिन वरिष्‍ठ अधिकारियों ने NDTV ने बात की उन्‍होंने स्‍पष्‍ट रूप से इस बात से इनकार किया कि स्‍पाइस 2000 ग्‍लाइड बम चूके हैं. वो कहते हैं कि वहां जो गड्ढों की बात की जा रही है, ये वो इलाके हो सकते हैं जहां कैंप के आतंकी इंप्रोवाइज एक्‍सप्‍लोसिव डिवाइस (आईईडी) की ट्रेनिंग लेते हैं. वो कहते हैं कि स्‍पाइस 2000 क्रेटर नहीं छोड़ते अगर वो उन इलाकों में गिरते. इसके बजाय वहां टीले बन गए होंगे क्‍योंकि ये बम अपने लक्ष्‍य को भेदकर अंदर जाकर फटने के लिए डिजाइन किए गए हैं. इससे पहले अवॉर्ड वीनिंग पत्रकार ताहा सिद्दिकी ने 'द प्रिंट' में एक लेख लिखा, जिसमें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग की बात की, जो बलाकोट हमले के दो दिन बाद का है. इस रिकॉर्डिंग में जैश-ए-मोहम्मद इस बात को स्वीकार कर रहा है कि भारतीय वायुसेना ने उनके बालाकोट के सेंटर पर हमला किया था. जहां पर उनके स्टूडेंट जिहाद सीख रहे थे. जैश-ए-मोहम्मद ने यह भी कहा कि भारतीय वायुसेना के हमले में कोई भी मारा नहीं गया.   पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर रिपोर्ट कर चुकीं स्वतंत्र पत्रकार फ्रांसेस्का मारिनो ने इस संबंध में बताया, "26 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर भारत के हमले के बाद वहां मौजूद चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने हमले के कुछ घंटे बाद 35 शवों को एम्बुलेंस से ले जाते देखा था." न्यूयॉर्क टाइम्स सहित अन्य रिपोर्टों में यह बात कही गई थी कि जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप बालाकोट से बहुत पहले हट चुके थे. उस रिपोर्ट में मिलिट्री विश्लेषक और दो पश्चिमी सुरक्षा अधिकारियों का मानना था कि भारतीय वायुसेना के हमले में बहुत कम नुकसान हुआ था. इन दोनों बातों का यह ऑडियो रिकॉर्डिंग खंडन करता है. इससे पहले, सरकारी सूत्रों ने बताया था कि जैश-ए-मोहम्मद के शिविर पर भारतीय वायुसेना के हमले में लगभग 300 आतंकवादी मारे गए हैं. हालांकि, 28 फरवरी को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर ने कहा था कि हमले में हुई क्षति और हताहतों की संख्या का आकलन करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी. सैटेलाइट इमेजरी को रिलीज करने की देरी की वजह से यह अटकलबाजी जोरों पर हैं कि आखिर उस हमले में हुआ क्या था. वरिष्ठ सरकारी सूत्रों ने NDTV से कहा है कि यह तय करना सरकार के ऊपर है कि वो सैटेलाइट की तस्वीरों को जारी करे या ना करे.
यहाँ एक सारांश है:भारत ने बीते 26 फरवरी को आतंकी कैंपों को किया था ध्वस्त करीब 19 मिनट तक चला था यह ऑपरेशन भारतीय लड़ाकू विमानों ने रात 3 बजे के करीब नियंत्रण रेखा पार की थी
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आज संयुक्त राष्ट्र संघ की नेशनल असेंबली में बोलेंगी. सबकी निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि हाल में पाक पीएम नवाज़ शरीफ़ के कश्मीर राग पर सुषमा क्या जवाब देती हैं. हाल ही में यूएन नेशनल असंबेली में नवाज़ शरीफ़ ने कहा था कि भारत कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. कश्मीरियों पर अत्याचार हो रहा है. नवाज़ के भाषण पर भारत ने राइट टू रिप्लाई के तहत पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बताते हुए आतंकवाद को मानवाधिकार का सबसे बड़ा उल्लंघन बताया था. सुषमा शनिवार दोपहर यहां पहुंची हैं. कल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक ट्वीट में कहा था, ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न्यूयॉर्क पहुंचीं.’ नवाज़ के भाषण पर भारत ने राइट टू रिप्लाई के तहत पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बताते हुए आतंकवाद को मानवाधिकार का सबसे बड़ा उल्लंघन बताया था. सुषमा शनिवार दोपहर यहां पहुंची हैं. कल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक ट्वीट में कहा था, ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न्यूयॉर्क पहुंचीं.’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुषमा स्वराज आज संयुक्त राष्ट्र संघ की नेशनल असेंबली में बोलेंगी पीएम नवाज़ शरीफ़ के कश्मीर राग पर सुषमा दे सकती हैं करारा जवाब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न्यूयॉर्क शनिवार को न्यूयॉर्क पहुंची थीं
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भगवान राम और सीता के प्रति भक्ति दिखाने के लिए पवन पुत्र हनुमान ने अपना सीना फाड़ कर दिखा दिया था। प्रकृति का चमत्कार कहें या फिर कुछ और, ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला मुजफ्फरनगर के एक युवक के सीने पर। इस युवक के सीने पर जन्म से ही भारत का मानचित्र बना हुआ है, जिसके लिए इसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। दरअसल मामला है जनपद मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाना क्षेत्र का जहां अमित सिंघल (25 वर्ष) अपने पिता के कारोबार में हाथ बंटा रहा है। अमित के सीने पर कोई टैटू या चित्रकारी नहीं की गई है। जन्म के समय से ही अमित के सीने पर एक आकृति बनी हुई थी। धीरे-धीरे अमित बड़ा होने लगा और इसके साथ आकृति भी अपना आकर लेने लगी। कुछ वर्ष बाद जब परिजनों ने अमित के सीने पर बनी आकृति को ध्यान से देखा तो उनके आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा क्योंकि वह कोई साधारण निशान नहीं बल्कि आजाद भारत का मानचित्र था। प्रमोद के शरीर पर भारत के अलावा पाकिस्तान एवं श्रीलंका का भी मानचित्र प्राकृतिक तरीके से बना हुआ है। अमित के परिवार के लोग इस मानचित्र को देश के प्रति उसका प्रेमभाव मान कर चल रहे हैं। अमित के सीने पर बने इस अनोखे निशान के कारण उसका नाम हाल ही में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अमित को मेडिकल जांच से भी गुजरना पड़ा और मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक यह निशान जन्मजात है।टिप्पणियां अमित का कहना है की मुझ्झे बहुत गर्व होता है कि मेरे सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। अमित की बहन अंजलि कहती हैं, मैं अपने भाई के शरीर पर बने इस निशान को बचपन से देखती आ रही हूं। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि अमित के सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके जौहरी ने इसे चर्म रोग बताया। जौहरी ने बताया, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो शरीर पर नक्शा बनना नामुमकिन है। नक्शा या निशान चर्म रोग या फिर शरीर का रंग गाढ़ा या फीका होने पर भी उभर सकता है। दरअसल मामला है जनपद मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाना क्षेत्र का जहां अमित सिंघल (25 वर्ष) अपने पिता के कारोबार में हाथ बंटा रहा है। अमित के सीने पर कोई टैटू या चित्रकारी नहीं की गई है। जन्म के समय से ही अमित के सीने पर एक आकृति बनी हुई थी। धीरे-धीरे अमित बड़ा होने लगा और इसके साथ आकृति भी अपना आकर लेने लगी। कुछ वर्ष बाद जब परिजनों ने अमित के सीने पर बनी आकृति को ध्यान से देखा तो उनके आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा क्योंकि वह कोई साधारण निशान नहीं बल्कि आजाद भारत का मानचित्र था। प्रमोद के शरीर पर भारत के अलावा पाकिस्तान एवं श्रीलंका का भी मानचित्र प्राकृतिक तरीके से बना हुआ है। अमित के परिवार के लोग इस मानचित्र को देश के प्रति उसका प्रेमभाव मान कर चल रहे हैं। अमित के सीने पर बने इस अनोखे निशान के कारण उसका नाम हाल ही में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अमित को मेडिकल जांच से भी गुजरना पड़ा और मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक यह निशान जन्मजात है।टिप्पणियां अमित का कहना है की मुझ्झे बहुत गर्व होता है कि मेरे सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। अमित की बहन अंजलि कहती हैं, मैं अपने भाई के शरीर पर बने इस निशान को बचपन से देखती आ रही हूं। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि अमित के सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके जौहरी ने इसे चर्म रोग बताया। जौहरी ने बताया, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो शरीर पर नक्शा बनना नामुमकिन है। नक्शा या निशान चर्म रोग या फिर शरीर का रंग गाढ़ा या फीका होने पर भी उभर सकता है। प्रमोद के शरीर पर भारत के अलावा पाकिस्तान एवं श्रीलंका का भी मानचित्र प्राकृतिक तरीके से बना हुआ है। अमित के परिवार के लोग इस मानचित्र को देश के प्रति उसका प्रेमभाव मान कर चल रहे हैं। अमित के सीने पर बने इस अनोखे निशान के कारण उसका नाम हाल ही में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अमित को मेडिकल जांच से भी गुजरना पड़ा और मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक यह निशान जन्मजात है।टिप्पणियां अमित का कहना है की मुझ्झे बहुत गर्व होता है कि मेरे सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। अमित की बहन अंजलि कहती हैं, मैं अपने भाई के शरीर पर बने इस निशान को बचपन से देखती आ रही हूं। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि अमित के सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके जौहरी ने इसे चर्म रोग बताया। जौहरी ने बताया, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो शरीर पर नक्शा बनना नामुमकिन है। नक्शा या निशान चर्म रोग या फिर शरीर का रंग गाढ़ा या फीका होने पर भी उभर सकता है। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अमित को मेडिकल जांच से भी गुजरना पड़ा और मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक यह निशान जन्मजात है।टिप्पणियां अमित का कहना है की मुझ्झे बहुत गर्व होता है कि मेरे सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। अमित की बहन अंजलि कहती हैं, मैं अपने भाई के शरीर पर बने इस निशान को बचपन से देखती आ रही हूं। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि अमित के सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके जौहरी ने इसे चर्म रोग बताया। जौहरी ने बताया, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो शरीर पर नक्शा बनना नामुमकिन है। नक्शा या निशान चर्म रोग या फिर शरीर का रंग गाढ़ा या फीका होने पर भी उभर सकता है। अमित का कहना है की मुझ्झे बहुत गर्व होता है कि मेरे सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। अमित की बहन अंजलि कहती हैं, मैं अपने भाई के शरीर पर बने इस निशान को बचपन से देखती आ रही हूं। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि अमित के सीने पर भारत का मानचित्र बना हुआ है। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके जौहरी ने इसे चर्म रोग बताया। जौहरी ने बताया, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो शरीर पर नक्शा बनना नामुमकिन है। नक्शा या निशान चर्म रोग या फिर शरीर का रंग गाढ़ा या फीका होने पर भी उभर सकता है। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके जौहरी ने इसे चर्म रोग बताया। जौहरी ने बताया, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो शरीर पर नक्शा बनना नामुमकिन है। नक्शा या निशान चर्म रोग या फिर शरीर का रंग गाढ़ा या फीका होने पर भी उभर सकता है।
यह एक सारांश है: एक युवक के सीने पर जन्म से ही भारत का मानचित्र बना हुआ है, जिसके लिए इसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लीबिया में गुरुवार को हुए एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में कर्नल मुअम्मार गद्दाफी का सबसे छोटा पुत्र सैफ अल-अरब सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतर गया। उसने संकेत दिया है कि गद्दाफी आत्महत्या कर लेंगे अथवा देश छोड़कर चले जाएंगे। समाचार एजेंसी 'आईआरएनए' के मुताबिक गद्दाफी ने सैफ को लीबिया के पूर्वी इलाकों में लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों को दबाने में सुरक्षा बलों की मदद करने के लिए वहां भेजा था लेकिन सैफ गुरुवार को बेनघाजी के पूर्वी शहर में प्रदर्शनकारियों से मिल गया। ईरान के टेलीविजन चैनल 'प्रेस टीवी' के मुताबिक गद्दाफी के पुत्रों में सैफ को काफी कम प्रभाव वाला माना जाता है। उसने संकेत दिया है कि अपने तनाशाही शासन के खिलाफ उठते जनविद्रोह को देखते हुए उसके पिता आत्महत्या कर लेंगे अथवा लेटिन अमेरिका के किसी देश में भाग जाएंगे। बताया जाता है कि सैफ को सेना का समर्थन प्राप्त है और उसे सैन्य हथियारों के साथ देश के पूर्वी हिस्सों में भेजा गया है। ज्ञात हो कि देश के तीसरे सबसे बड़े शहर अल बयदा में कई खुफिया और सैन्य अधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है जबकि तोब्रुक के पूर्वी शहर में एक मेजर जनरल ने प्रदर्शनकारियों पर हमला करने पर गद्दाफी की आलोचना की है। उल्लेखनीय है कि राजधानी त्रिपोली में सेना द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए हवाई हमलों में कम से कम 1000 लोग मारे गए हैं। 'प्रेस टीवी' के मुताबिक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से इनकार करने पर 130 सैनिकों पर कार्रवाई की गई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लीबिया में हुए एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में कर्नल गद्दाफी का सबसे छोटा पुत्र सैफ अल-अरब सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतर गया।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया में लाइव प्रोग्राम के बाद कपिल शर्मा अपनी टीम के साथ 16 मार्च को एयर इंडिया की फ्लाइट से भारत लौट रहे थे. फ्लाइट में नशे की हालत में कपिल शर्मा ने सुनील ग्रोवर पर हाथ उठाया और उन्हें और टीम के बाकी सदस्यों को काफी बुरा-भला कहा था. इस घटना के बाद कपिल और सुनील ने एक दूसरे को ट्विटर पर अनफॉलो कर लिया था. कपिल ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए सुनील से हुए विवाद को अपना घरेलू मामला बताया था. इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर सुनील से माफी भी मांगी थी जिसके जवाब में सुनील ने कपिल को लोगों का सम्मान करने की नसीहत दी थी. इसके बाद सुनील, अली, चंदन और सुगंधा ने कपिल के शो का बायकॉट कर दिया. बचाव के लिए कपिल ने अपने पुराने दोस्तों राजू श्रीवास्तव, सुनील पाल और एहसान कुरैशी की मदद ली, हालांकि वह एपिसोड पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ. इस दौरान टीम के कीकू शारदा और शो के जज नवजोत सिंह सिद्धू कपिल के साथ बने रहे. सिद्धू और राजू श्रीवास्तव ने कपिल और सुनील के बीच सुलह कराने की बात कही थी, हालांकि इसका कोई असर नहीं दिखा. शो के पिछले दो एपिसोड दर्शकों को पसंद नहीं आए और इस लड़ाई का असर शो की टीआरपी पर पड़ रहा है. खबरों की मानें तो शो का कॉन्ट्रैक्ट अप्रैल में खत्म हो रहा है और इसके रिन्यूअल के लिए सोनी चैनल द्वारा कपिल को 107 करोड़ रुपये का पेमेंट किया जाना था, हालांकि शो की घटती लोकप्रियता की वजह से अब चैनल इसके कॉन्ट्रैक्ट को आगे बढ़ाने को लेकर दोबारा विचार कर रहा है. इसके बाद सुनील, अली, चंदन और सुगंधा ने कपिल के शो का बायकॉट कर दिया. बचाव के लिए कपिल ने अपने पुराने दोस्तों राजू श्रीवास्तव, सुनील पाल और एहसान कुरैशी की मदद ली, हालांकि वह एपिसोड पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ. इस दौरान टीम के कीकू शारदा और शो के जज नवजोत सिंह सिद्धू कपिल के साथ बने रहे. सिद्धू और राजू श्रीवास्तव ने कपिल और सुनील के बीच सुलह कराने की बात कही थी, हालांकि इसका कोई असर नहीं दिखा. शो के पिछले दो एपिसोड दर्शकों को पसंद नहीं आए और इस लड़ाई का असर शो की टीआरपी पर पड़ रहा है. खबरों की मानें तो शो का कॉन्ट्रैक्ट अप्रैल में खत्म हो रहा है और इसके रिन्यूअल के लिए सोनी चैनल द्वारा कपिल को 107 करोड़ रुपये का पेमेंट किया जाना था, हालांकि शो की घटती लोकप्रियता की वजह से अब चैनल इसके कॉन्ट्रैक्ट को आगे बढ़ाने को लेकर दोबारा विचार कर रहा है.
संक्षिप्त पाठ: सुनील ग्रोवर ने कपिल शर्मा के शो में लौटने की खबरों को खारिज किया मैं इन दिनों केवल लाइव शोज पर फोकस कर रहा हूं- सुनील ग्रोवर द कपिल शर्मा शो की लोकप्रियता लगातार घट रही है
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: कई ट्वीट करते हुए सिन्हा ने कहा कि वह पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के उस बयान से सहमत हैं कि यह लेखानुदान नहीं था बल्कि वोटों का लेखा-जोखा था. उन्होंने कहा, ‘बजट का उस 60 फीसदी जनता से कोई लेना-देना नहीं था, जिनकी उम्र 35 साल से कम है और जो बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं.' बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को पटना में रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार ने उद्योगपतियों का करोडों रूपये का कर्ज माफ किया लेकिन नरेंद्र मोदी ने किसानों का एक रूपये का कर्ज भी माफ नहीं किया. राहुल ने हाल में संपन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने चुनाव के समय किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था जिसे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ और राजस्थान में सत्ता में आने पर पूरा किया. उन्होंने हाल में पेश बजट में किसानों के लिए की गई घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने उसे ऐतिहासिक निर्णय बताया. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के प्रत्येक किसान को 17 रुपये देकर उनका अपमान किया गया है, इसका जवाब किसान भाजपा को देंगे. मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के किसानों ने नरेंद्र मोदी और भाजपा को अपना जवाब दे दिया है.  राहुल ने आरोप लगाया कि एक तरफ नरेंद्र मोदी उद्योगपतियों के साढे़ तीन लाख करोड़ रूपये माफ करते हैं लेकिन किसानों द्वारा इसकी मांग करने पर अरुण जेटली कहते हैं यह हमारी नीति में शामिल नहीं है.  संसद में बट पेश होने के बाद कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से शुक्रवार को संसद में पेश बजट को ‘भाजपा का चुनावी घोषणापत्र' करार दिया और आरोप लगाया कि छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए प्रतिदिन 17 रुपये का प्रावधान कर देश के अन्नदाताओं का अपमान किया गया है.  कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि अंतरिम बजट की बजाय पूर्ण बजट पेश करके स्थापित परंपराओं को भंग किया तथा संविधान के खिलाफ काम किया है. कांग्रेस अध्यक्ष अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रिय नरेंद्र मोदी जी, आपकी पांच वर्षों की अक्षमता और अहंकार ने हमारे किसानों के जीवन को बर्बाद कर दिया. उन्हें प्रतिदिन 17 रुपये देना हर उस चीज का अपमान है जिसके लिए किसान खड़े हैं और काम कर रहे हैं.' बाद में उन्होंने एक सवाल के जवाब में मीडिया से कहा था, ‘आप (सरकार) 15 लोगों का साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये माफ कर सकते हो और किसान को दिन के 17 रुपये देते हो. यह अपमान नहीं है तो और क्या है?'
राहुल गांधी के बाद शत्रुघ्न सिन्हा का निशाना सिन्हा ने कहा- मोदी सरकार ने किया किसानों का अपमान पीएम किसान योजना पर उठाए सवाल
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस के एक दारोगा ने एक दुकान में मोबाइल फोन पर हाथ साफ कर दिया। उस समय तो किसी को मोबाइल चोरी होने की भनक तक नहीं लगी, लेकिन सीसीटीवी कैमेरे की फुटेज ने दारोगा साहब की चोरी को सबके सामने ला दिया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दारोगा दुकान में आता है, कांउटर पर हाथ रखता है और बड़ी सफाई से मोबाइल को वर्दी में डाल लेता है। शिकायत के बाद पुलिस अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं। बताया जा रहा है कि मोबाइल चोरी करने वाले दारोगा का नाम अतर सिंह है और वह राजनगर चौकी में चौकी इंचार्ज है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दारोगा दुकान में आता है, कांउटर पर हाथ रखता है और बड़ी सफाई से मोबाइल को वर्दी में डाल लेता है। शिकायत के बाद पुलिस अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं। बताया जा रहा है कि मोबाइल चोरी करने वाले दारोगा का नाम अतर सिंह है और वह राजनगर चौकी में चौकी इंचार्ज है।
सारांश: सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दारोगा दुकान में आता है, कांउटर पर हाथ रखता है और बड़ी सफाई से मोबाइल को वर्दी में डाल लेता है।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल को डेनमार्क ओपन सुपर सीरीज में आसान ड्रॉ मिला है। सायना महिलाओं की एकल स्पर्धा के पहले दौर में बुधवार को थाईलैंड की पोर्नटीप बरानापरासेरटसक से भिड़ेंगी। इससे पहले, विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना और 11वीं वरीयता प्राप्त पोर्नटीप अब तक तीन बार आमने-सामने हुई हैं जिनमें तीनों बार सायना ने बाजी मारी है। ऐसे में आंकड़े सायना के पक्ष में हैं। सायना और पोर्नटीप के बीच पहली भिड़ंत पिछले वर्ष एशियाई चैम्पियनशिप के दौरान हुई थी जिसमें सायना ने जीत दर्ज की थी। सायना और पोर्नटीप वर्ष 2009 में मेलेशिया ओपन ग्रां पी और चीनी ताइपे ग्रां पी में आमने-सामने हुईं थीं, जिनमें दोनों बार सायना ने जीत दर्ज की थी। दूसरी ओर, इसी दिन पुरुष वर्ग में अजय जयराम का सामना इंडोनेशिया के टॉमी सुगियार्तो से होगा वहीं महिला युगल वर्ग में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भी कोर्ट पर उतरेगी जबकि मिश्रित युगल वर्ग में गुट्टा और वी. दीजू की जोड़ी का सामना जर्मनी की जोड़ी से होगा। पुरुपल्ली कश्यप पहले दौर में विश्व के शीर्ष वरीयता प्राप्त ली चोंग वेई से भिड़ेंगे। एकल वर्ग में आनंद पवार, आरएमवी गुरुसाई दत्त और युगल वर्ग में रुपेश कुमार और सनावे थॉमस की जोड़ी मंगलवार को क्वालीफाईंग मुकाबले में उतरेगी।
यहाँ एक सारांश है:भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल को डेनमार्क ओपन सुपर सीरीज में आसान ड्रॉ मिला है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रूस और अमेरिका के बीच हुए समझौते के तहत सीरिया में सोमवार को सूर्यास्त से युद्धविराम लागू हो गया. हालांकि इस बात को लेकर संशय कायम है कि पांच साल से चल रहे संघर्ष में यह समझौता कब तक लागू रह पाएगा. शुरुआत में 48 घंटे का युद्धविराम होगा जो स्थानीय समयानुसार शाम को सात बजे से सीरिया में विभिन्न स्थानों पर लागू हो गया. युद्धविराम उन स्थानों पर लागू नहीं होगा जहां इस्लामी स्टेट जैसे आतंकी समूहों का कब्जा है. संवाददाताओं के अनुसार युद्धविराम लागू होने के बाद अलेप्पो शहर में गोलीबारी नहीं हो रही है. उन्होंने बताया कि शाम सात बजे युद्धविराम लागू होने से करीब पांच मिनट पहले एक रॉकेट दागा गया.टिप्पणियां युद्धविराम शुरू होने के कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति बसर अल-असद ने पूरे देश को आतंकवादियों से मुक्त कराने का संकल्प व्यक्त किया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शुरुआत में 48 घंटे का युद्धविराम होगा जो स्थानीय समयानुसार शाम को सात बजे से सीरिया में विभिन्न स्थानों पर लागू हो गया. युद्धविराम उन स्थानों पर लागू नहीं होगा जहां इस्लामी स्टेट जैसे आतंकी समूहों का कब्जा है. संवाददाताओं के अनुसार युद्धविराम लागू होने के बाद अलेप्पो शहर में गोलीबारी नहीं हो रही है. उन्होंने बताया कि शाम सात बजे युद्धविराम लागू होने से करीब पांच मिनट पहले एक रॉकेट दागा गया.टिप्पणियां युद्धविराम शुरू होने के कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति बसर अल-असद ने पूरे देश को आतंकवादियों से मुक्त कराने का संकल्प व्यक्त किया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संवाददाताओं के अनुसार युद्धविराम लागू होने के बाद अलेप्पो शहर में गोलीबारी नहीं हो रही है. उन्होंने बताया कि शाम सात बजे युद्धविराम लागू होने से करीब पांच मिनट पहले एक रॉकेट दागा गया.टिप्पणियां युद्धविराम शुरू होने के कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति बसर अल-असद ने पूरे देश को आतंकवादियों से मुक्त कराने का संकल्प व्यक्त किया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) युद्धविराम शुरू होने के कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति बसर अल-असद ने पूरे देश को आतंकवादियों से मुक्त कराने का संकल्प व्यक्त किया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:सोमवार को सूर्यास्‍त से युद्धविराम लागू शुरुआत में 48 घंटे का युद्धविराम अलेप्पो शहर में गोलीबारी नहीं हो रही
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन अपने परिवार और मित्रों के साथ दोपहर भोज करने के बाद गलती से अपनी 8 वर्षीय बेटी को पब में ही छोड़ गए। सन टैब्लाइड ने खबर दी कि यह घटना गत रविवार की है। कैमरन जब घर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वह अपनी बेटी को पब में ही छोड़ आए हैं। वह वापस गए और नन्ही नैंसी को कैड्सडेन स्थित प्लॉ इन पब में स्टाफ के साथ पाया।टिप्पणियां रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी सामंता उस समय हक्का बक्का रह गए जब उन्हें पता चला कि नैंसी उनके साथ नहीं है।’’ अधिकारियों ने कहा, ‘‘शुक्र है कि जब उन्होंने पब में फोन किया तो पता चला कि नैंसी वहां सुरक्षित और ठीकठाक है। प्रधानमंत्री उसे लेने तुरंत वापस गए।’’ जब कैमरन दोपहर भोज के बाद रवाना हुए तो बच्ची पब के शौचालय में छूट गई। रिपोर्ट के अनुसार कैमरन दंपति और बच्चे नैंसी, आर्थर (छह) और फ्लोरेंस (22 महीने) दो अन्य परिवारों के साथ पब में दोपहर भोज के लिए गए थे। खाना खाने के बाद कैमरन अपने अंगरक्षकों के साथ कार में यह सोचकर घर चले गए कि नैंसी अन्य बच्चों के साथ दूसरे वाहन में होगी। उन्हें घर जाकर ही इस बात का अहसास हुआ कि नैंसी कहीं छूट गई है। सन टैब्लाइड ने खबर दी कि यह घटना गत रविवार की है। कैमरन जब घर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वह अपनी बेटी को पब में ही छोड़ आए हैं। वह वापस गए और नन्ही नैंसी को कैड्सडेन स्थित प्लॉ इन पब में स्टाफ के साथ पाया।टिप्पणियां रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी सामंता उस समय हक्का बक्का रह गए जब उन्हें पता चला कि नैंसी उनके साथ नहीं है।’’ अधिकारियों ने कहा, ‘‘शुक्र है कि जब उन्होंने पब में फोन किया तो पता चला कि नैंसी वहां सुरक्षित और ठीकठाक है। प्रधानमंत्री उसे लेने तुरंत वापस गए।’’ जब कैमरन दोपहर भोज के बाद रवाना हुए तो बच्ची पब के शौचालय में छूट गई। रिपोर्ट के अनुसार कैमरन दंपति और बच्चे नैंसी, आर्थर (छह) और फ्लोरेंस (22 महीने) दो अन्य परिवारों के साथ पब में दोपहर भोज के लिए गए थे। खाना खाने के बाद कैमरन अपने अंगरक्षकों के साथ कार में यह सोचकर घर चले गए कि नैंसी अन्य बच्चों के साथ दूसरे वाहन में होगी। उन्हें घर जाकर ही इस बात का अहसास हुआ कि नैंसी कहीं छूट गई है। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी सामंता उस समय हक्का बक्का रह गए जब उन्हें पता चला कि नैंसी उनके साथ नहीं है।’’ अधिकारियों ने कहा, ‘‘शुक्र है कि जब उन्होंने पब में फोन किया तो पता चला कि नैंसी वहां सुरक्षित और ठीकठाक है। प्रधानमंत्री उसे लेने तुरंत वापस गए।’’ जब कैमरन दोपहर भोज के बाद रवाना हुए तो बच्ची पब के शौचालय में छूट गई। रिपोर्ट के अनुसार कैमरन दंपति और बच्चे नैंसी, आर्थर (छह) और फ्लोरेंस (22 महीने) दो अन्य परिवारों के साथ पब में दोपहर भोज के लिए गए थे। खाना खाने के बाद कैमरन अपने अंगरक्षकों के साथ कार में यह सोचकर घर चले गए कि नैंसी अन्य बच्चों के साथ दूसरे वाहन में होगी। उन्हें घर जाकर ही इस बात का अहसास हुआ कि नैंसी कहीं छूट गई है। रिपोर्ट के अनुसार कैमरन दंपति और बच्चे नैंसी, आर्थर (छह) और फ्लोरेंस (22 महीने) दो अन्य परिवारों के साथ पब में दोपहर भोज के लिए गए थे। खाना खाने के बाद कैमरन अपने अंगरक्षकों के साथ कार में यह सोचकर घर चले गए कि नैंसी अन्य बच्चों के साथ दूसरे वाहन में होगी। उन्हें घर जाकर ही इस बात का अहसास हुआ कि नैंसी कहीं छूट गई है।
यहाँ एक सारांश है:ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन अपने परिवार और मित्रों के साथ दोपहर भोज करने के बाद गलती से अपनी 8 वर्षीय बेटी को पब में ही छोड़ गए।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रायबरेली सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई उन्नाव बलात्कार पीड़िता (Unnao Rape Victim) और उनके वकील की हालत मंगलवार तीसरे दिन भी स्थिर बनी रही. पीड़िता अब भी वेंटीलेटर पर है. किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर प्रभारी डॉ संदीप तिवारी ने मंगलवार रात बताया कि ''पीड़िता को मल्टीप्ल फ्रैक्चर है, साथ ही सीने में भी चोट है. उसका सीटी स्कैन कराया गया है. सिर में कोई चोट होने का फिलहाल पता नहीं चल पाया है. पीड़िता (Unnao Rape Victim) की हालत स्थिर है और डाक्टरों की टीम 24 घंटे उसकी निगरानी कर रही है. अब भी वह वेंटीलेटर पर है.'' उन्होंने बताया कि हादसे में घायल वकील को मंगलवार को दिन में कुछ देर के लिये वेंटीलेटर से हटाया गया था, इस दौरान उनकी हालत स्थिर रही. बाद में फिर उन्हें वेंटीलेटर पर डाल दिया गया. इलाज के लिये दूसरे अस्पतालों से विशेषज्ञ डाक्टरों को बुलाने के बारे में एक सवाल के जवाब में डॉ तिवारी ने कहा जरूरत पड़ने पर शहर के दूसरे अस्पतालों, संजय गांधी पीजीआई और लोहिया अस्पताल के डाक्टरों को भी बुलाया जा सकता है. गौरतलब है कि रविवार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक कार को टक्कर मार दी थी, जिसमें पीड़िता अपने रिश्तेदारों और वकील के साथ सवार थी. इस घटना में उसकी दो रिश्तेदारों की मौत हो गई जबकि पीड़िता और वकील गंभीर रूप से घायल हो गये. मालूम हो कि केंद्र ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की सड़क दुर्घटना की जांच का जिम्मा मंगलवार को सीबीआई को सौंप दिया. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के एक आदेश में कहा गया है कि दुर्घटना के लिए ‘उकसाने और इसकी साजिश' की जांच के लिए यह मामला एजेंसी को सौंप दिया गया है. युवती ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. सीबीआई दुष्कर्म मामले की पहले से जांच कर रही है. रविवार को रायबरेली में तेज गति से जा रहे ट्रक ने एक कार को टक्कर मार दी, जिसमें युवती, उसकी रिश्तेदार और वकील सवार थे. उत्तरप्रदेश पुलिस ने दुर्घटना मामले में सोमवार को सेंगर और नौ अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था. उत्तरप्रदेश के बांगरमऊ से चार बार के विधायक सेंगर को पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था.
संक्षिप्त पाठ: उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की हालत स्थिर पीड़िता अब भी वेंटिलेटर पर सड़क दुर्घटना की जांच का जिम्मा CBI को
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने अंतरराष्ट्रीय पंचाट के निर्णय को दरकिनार करते हुए साफ कहा है कि वह अपनी संप्रभुता को बचाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। चीन ने कहा कि उसके पास यह अधिकार है कि वह दक्षिण चीन सागर में हवाई सुरक्षा प्रणाली स्थापित करे। चीन हमेशा से इस मुद्दे को हवा देने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराता रहा है। इस क्षेत्र पर वीयतनाम, मलेशिया, ताइवान, फिलीपीन्स और ब्रुनई भी अपना दावा करते रहे हैं। चीनी मीडिया ने कहा कि हेग की पंचाट बाहरी ताकतों के हाथों के कठपुतली है। पंचाट ने मंगलवार को फैसला दिया कि दक्षिण चीन सागर में द्वीपों पर ‘ऐतिहासिक अधिकार’ का दावा करने का चीन का कोई कानूनी आधार नहीं है।टिप्पणियां दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावे को लेकर चल रहे गतिरोध में चीन के खिलाफ फैसला देते हुए परमानेन्ट कोर्ट ऑफ आर्ब्रिटेशन ने ‘फैसला दिया कि ‘नाईन डैशन लाइन’ के तहत आने वाले समुद्री क्षेत्र पर ऐतिहासिक अधिकार जताने का चीन का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।’ चीन ने कहा कि ‘वह फैसले को स्वीकार नहीं करता और इसे मान्यता नहीं देता’ और फैसले को ‘अमान्य’ करार दिया। चीन अपने दक्षिण पूर्व एशियाई पड़ोसी देशों के दावे के विपरीत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लगभग सभी जल क्षेत्र पर अपना अधिकार जताता है। फिलीपीन ने 2013 में बीजिंग के खिलाफ याचिका देते हुए कहा था कि 17 वर्ष तक चर्चा के बाद सभी राजनीतिक और कूटनीतिक मार्ग बंद हो गए हैं। चीन हमेशा से इस मुद्दे को हवा देने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराता रहा है। इस क्षेत्र पर वीयतनाम, मलेशिया, ताइवान, फिलीपीन्स और ब्रुनई भी अपना दावा करते रहे हैं। चीनी मीडिया ने कहा कि हेग की पंचाट बाहरी ताकतों के हाथों के कठपुतली है। पंचाट ने मंगलवार को फैसला दिया कि दक्षिण चीन सागर में द्वीपों पर ‘ऐतिहासिक अधिकार’ का दावा करने का चीन का कोई कानूनी आधार नहीं है।टिप्पणियां दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावे को लेकर चल रहे गतिरोध में चीन के खिलाफ फैसला देते हुए परमानेन्ट कोर्ट ऑफ आर्ब्रिटेशन ने ‘फैसला दिया कि ‘नाईन डैशन लाइन’ के तहत आने वाले समुद्री क्षेत्र पर ऐतिहासिक अधिकार जताने का चीन का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।’ चीन ने कहा कि ‘वह फैसले को स्वीकार नहीं करता और इसे मान्यता नहीं देता’ और फैसले को ‘अमान्य’ करार दिया। चीन अपने दक्षिण पूर्व एशियाई पड़ोसी देशों के दावे के विपरीत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लगभग सभी जल क्षेत्र पर अपना अधिकार जताता है। फिलीपीन ने 2013 में बीजिंग के खिलाफ याचिका देते हुए कहा था कि 17 वर्ष तक चर्चा के बाद सभी राजनीतिक और कूटनीतिक मार्ग बंद हो गए हैं। चीनी मीडिया ने कहा कि हेग की पंचाट बाहरी ताकतों के हाथों के कठपुतली है। पंचाट ने मंगलवार को फैसला दिया कि दक्षिण चीन सागर में द्वीपों पर ‘ऐतिहासिक अधिकार’ का दावा करने का चीन का कोई कानूनी आधार नहीं है।टिप्पणियां दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावे को लेकर चल रहे गतिरोध में चीन के खिलाफ फैसला देते हुए परमानेन्ट कोर्ट ऑफ आर्ब्रिटेशन ने ‘फैसला दिया कि ‘नाईन डैशन लाइन’ के तहत आने वाले समुद्री क्षेत्र पर ऐतिहासिक अधिकार जताने का चीन का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।’ चीन ने कहा कि ‘वह फैसले को स्वीकार नहीं करता और इसे मान्यता नहीं देता’ और फैसले को ‘अमान्य’ करार दिया। चीन अपने दक्षिण पूर्व एशियाई पड़ोसी देशों के दावे के विपरीत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लगभग सभी जल क्षेत्र पर अपना अधिकार जताता है। फिलीपीन ने 2013 में बीजिंग के खिलाफ याचिका देते हुए कहा था कि 17 वर्ष तक चर्चा के बाद सभी राजनीतिक और कूटनीतिक मार्ग बंद हो गए हैं। दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावे को लेकर चल रहे गतिरोध में चीन के खिलाफ फैसला देते हुए परमानेन्ट कोर्ट ऑफ आर्ब्रिटेशन ने ‘फैसला दिया कि ‘नाईन डैशन लाइन’ के तहत आने वाले समुद्री क्षेत्र पर ऐतिहासिक अधिकार जताने का चीन का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।’ चीन ने कहा कि ‘वह फैसले को स्वीकार नहीं करता और इसे मान्यता नहीं देता’ और फैसले को ‘अमान्य’ करार दिया। चीन अपने दक्षिण पूर्व एशियाई पड़ोसी देशों के दावे के विपरीत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लगभग सभी जल क्षेत्र पर अपना अधिकार जताता है। फिलीपीन ने 2013 में बीजिंग के खिलाफ याचिका देते हुए कहा था कि 17 वर्ष तक चर्चा के बाद सभी राजनीतिक और कूटनीतिक मार्ग बंद हो गए हैं। चीन अपने दक्षिण पूर्व एशियाई पड़ोसी देशों के दावे के विपरीत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लगभग सभी जल क्षेत्र पर अपना अधिकार जताता है। फिलीपीन ने 2013 में बीजिंग के खिलाफ याचिका देते हुए कहा था कि 17 वर्ष तक चर्चा के बाद सभी राजनीतिक और कूटनीतिक मार्ग बंद हो गए हैं।
संक्षिप्त सारांश: पंचाट बाहरी ताकतों के हाथों के कठपुतली है : चीनी मीडिया अधिकार जताने का चीन का कोई कानूनी अधिकार नहीं : पंचाट चीन मुद्दे को हवा देने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराता रहा है
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष की गुरुवार को होने वाली अहम बैठक के पहले ही खेमे में दरार दिखने लगी और जेडीयू ने एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने की घोषणा करने के बाद कहा कि वह विपक्ष की बैठक में शामिल नहीं होगी. विपक्षी खेमे ने अभी तक किसी नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन पूर्व लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके निवास पर मुलाकात से इन अटकलों को बल मिला है कि वह दौड़ में आगे चल रही हैं. सूत्रों ने बताया कि जेडीयू की घोषणा के बाद बुधवार को कांग्रेस तथा गैर-एनडीए दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच गहन विचार-विमर्श का दौर चला कि किस प्रकार विपक्ष को एकजुट रखा जाए. विपक्ष की बैठक का समन्वय कर रही कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि उन सभी दलों के नेता गुरुवार की मुलाकात में शामिल होंगे, जो 26 मई को सोनिया द्वारा दिए गए दोपहर के भोज में शामिल हुए थे. इस बीच एक वरिष्ठ वाम नेता ने कहा कि कुछ भी हो, हम चुनाव लड़ेंगे. चुनाव के लिए कांग्रेस के विकल्प के बारे में पूछे जाने पर पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह एक काल्पनिक सवाल है तथा 17 जुलाई के चुनाव के लिए विपक्ष एक संयुक्त रणनीति के बारे में फैसला करेगा. तिवारी ने कहा कि गुरुवार की बैठक के बाद एक स्पष्ट उत्तर उपलब्ध होगा. सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि विपक्षी दल बैठक में संयुक्त रूप से किसी उम्मीदवार के बारे में फैसला करेंगे. इस बीच, कुछ वाम नेताओं ने सपा नेता मुलायम सिंह यादव के बुधवार को लखनऊ में योग दिवस से संबंधित एक कार्यक्रम में मौजूद होने का जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. उधर, जेडीयू ने बुधवार को घोषणा कर दी कि वह राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार कोविंद का समर्थन करेगी. यह विपक्षी दलों के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारना चाहते हैं.टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने यह भी कहा कि जेडीयू की गुरुवार को होने जा रही विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कोविंद को समर्थन के बाद उनकी पार्टी के लिए यह बैठक अब 'अप्रासंगिक' हो गई है. त्यागी ने हालांकि कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को जेडीयू का समर्थन एक 'अलग-थलग' घटना है और यह दल भविष्य में भगवा दल के खिलाफ एकजुटता के लिए विपक्ष के प्रयासों का हिस्सा रहेगा. उन्होंने कहा, 'इस अलग-थलग घटना का वृहतर विपक्षी एकता के हमारे प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विपक्षी खेमे ने अभी तक किसी नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन पूर्व लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके निवास पर मुलाकात से इन अटकलों को बल मिला है कि वह दौड़ में आगे चल रही हैं. सूत्रों ने बताया कि जेडीयू की घोषणा के बाद बुधवार को कांग्रेस तथा गैर-एनडीए दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच गहन विचार-विमर्श का दौर चला कि किस प्रकार विपक्ष को एकजुट रखा जाए. विपक्ष की बैठक का समन्वय कर रही कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि उन सभी दलों के नेता गुरुवार की मुलाकात में शामिल होंगे, जो 26 मई को सोनिया द्वारा दिए गए दोपहर के भोज में शामिल हुए थे. इस बीच एक वरिष्ठ वाम नेता ने कहा कि कुछ भी हो, हम चुनाव लड़ेंगे. चुनाव के लिए कांग्रेस के विकल्प के बारे में पूछे जाने पर पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह एक काल्पनिक सवाल है तथा 17 जुलाई के चुनाव के लिए विपक्ष एक संयुक्त रणनीति के बारे में फैसला करेगा. तिवारी ने कहा कि गुरुवार की बैठक के बाद एक स्पष्ट उत्तर उपलब्ध होगा. सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि विपक्षी दल बैठक में संयुक्त रूप से किसी उम्मीदवार के बारे में फैसला करेंगे. इस बीच, कुछ वाम नेताओं ने सपा नेता मुलायम सिंह यादव के बुधवार को लखनऊ में योग दिवस से संबंधित एक कार्यक्रम में मौजूद होने का जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. उधर, जेडीयू ने बुधवार को घोषणा कर दी कि वह राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार कोविंद का समर्थन करेगी. यह विपक्षी दलों के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारना चाहते हैं.टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने यह भी कहा कि जेडीयू की गुरुवार को होने जा रही विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कोविंद को समर्थन के बाद उनकी पार्टी के लिए यह बैठक अब 'अप्रासंगिक' हो गई है. त्यागी ने हालांकि कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को जेडीयू का समर्थन एक 'अलग-थलग' घटना है और यह दल भविष्य में भगवा दल के खिलाफ एकजुटता के लिए विपक्ष के प्रयासों का हिस्सा रहेगा. उन्होंने कहा, 'इस अलग-थलग घटना का वृहतर विपक्षी एकता के हमारे प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विपक्ष की बैठक का समन्वय कर रही कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि उन सभी दलों के नेता गुरुवार की मुलाकात में शामिल होंगे, जो 26 मई को सोनिया द्वारा दिए गए दोपहर के भोज में शामिल हुए थे. इस बीच एक वरिष्ठ वाम नेता ने कहा कि कुछ भी हो, हम चुनाव लड़ेंगे. चुनाव के लिए कांग्रेस के विकल्प के बारे में पूछे जाने पर पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह एक काल्पनिक सवाल है तथा 17 जुलाई के चुनाव के लिए विपक्ष एक संयुक्त रणनीति के बारे में फैसला करेगा. तिवारी ने कहा कि गुरुवार की बैठक के बाद एक स्पष्ट उत्तर उपलब्ध होगा. सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि विपक्षी दल बैठक में संयुक्त रूप से किसी उम्मीदवार के बारे में फैसला करेंगे. इस बीच, कुछ वाम नेताओं ने सपा नेता मुलायम सिंह यादव के बुधवार को लखनऊ में योग दिवस से संबंधित एक कार्यक्रम में मौजूद होने का जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. उधर, जेडीयू ने बुधवार को घोषणा कर दी कि वह राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार कोविंद का समर्थन करेगी. यह विपक्षी दलों के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारना चाहते हैं.टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने यह भी कहा कि जेडीयू की गुरुवार को होने जा रही विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कोविंद को समर्थन के बाद उनकी पार्टी के लिए यह बैठक अब 'अप्रासंगिक' हो गई है. त्यागी ने हालांकि कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को जेडीयू का समर्थन एक 'अलग-थलग' घटना है और यह दल भविष्य में भगवा दल के खिलाफ एकजुटता के लिए विपक्ष के प्रयासों का हिस्सा रहेगा. उन्होंने कहा, 'इस अलग-थलग घटना का वृहतर विपक्षी एकता के हमारे प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चुनाव के लिए कांग्रेस के विकल्प के बारे में पूछे जाने पर पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह एक काल्पनिक सवाल है तथा 17 जुलाई के चुनाव के लिए विपक्ष एक संयुक्त रणनीति के बारे में फैसला करेगा. तिवारी ने कहा कि गुरुवार की बैठक के बाद एक स्पष्ट उत्तर उपलब्ध होगा. सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि विपक्षी दल बैठक में संयुक्त रूप से किसी उम्मीदवार के बारे में फैसला करेंगे. इस बीच, कुछ वाम नेताओं ने सपा नेता मुलायम सिंह यादव के बुधवार को लखनऊ में योग दिवस से संबंधित एक कार्यक्रम में मौजूद होने का जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. उधर, जेडीयू ने बुधवार को घोषणा कर दी कि वह राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार कोविंद का समर्थन करेगी. यह विपक्षी दलों के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारना चाहते हैं.टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने यह भी कहा कि जेडीयू की गुरुवार को होने जा रही विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कोविंद को समर्थन के बाद उनकी पार्टी के लिए यह बैठक अब 'अप्रासंगिक' हो गई है. त्यागी ने हालांकि कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को जेडीयू का समर्थन एक 'अलग-थलग' घटना है और यह दल भविष्य में भगवा दल के खिलाफ एकजुटता के लिए विपक्ष के प्रयासों का हिस्सा रहेगा. उन्होंने कहा, 'इस अलग-थलग घटना का वृहतर विपक्षी एकता के हमारे प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच, कुछ वाम नेताओं ने सपा नेता मुलायम सिंह यादव के बुधवार को लखनऊ में योग दिवस से संबंधित एक कार्यक्रम में मौजूद होने का जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. उधर, जेडीयू ने बुधवार को घोषणा कर दी कि वह राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार कोविंद का समर्थन करेगी. यह विपक्षी दलों के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारना चाहते हैं.टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने यह भी कहा कि जेडीयू की गुरुवार को होने जा रही विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कोविंद को समर्थन के बाद उनकी पार्टी के लिए यह बैठक अब 'अप्रासंगिक' हो गई है. त्यागी ने हालांकि कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को जेडीयू का समर्थन एक 'अलग-थलग' घटना है और यह दल भविष्य में भगवा दल के खिलाफ एकजुटता के लिए विपक्ष के प्रयासों का हिस्सा रहेगा. उन्होंने कहा, 'इस अलग-थलग घटना का वृहतर विपक्षी एकता के हमारे प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने यह भी कहा कि जेडीयू की गुरुवार को होने जा रही विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कोविंद को समर्थन के बाद उनकी पार्टी के लिए यह बैठक अब 'अप्रासंगिक' हो गई है. त्यागी ने हालांकि कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को जेडीयू का समर्थन एक 'अलग-थलग' घटना है और यह दल भविष्य में भगवा दल के खिलाफ एकजुटता के लिए विपक्ष के प्रयासों का हिस्सा रहेगा. उन्होंने कहा, 'इस अलग-थलग घटना का वृहतर विपक्षी एकता के हमारे प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अहम बैठक से पहले विपक्ष में पड़ी दरार जेडीयू ने कोविंद के समर्थन की घोषणा की पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बुधवार को सोनिया से मुलाकात की
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया का सबसे बड़ा सर्च ईंजन Google कन्नड़ फिल्मों के सुपरस्टार राजकुमार की 88वीं जयंती पर Doodle के जरिए उन्हें याद कर रहा है. गूगल के डूडल में राजकुमार को सिनेमा थिएटर के बड़े पर्दे पर दिखाया गया है. जीवंत एक्टिंग के दम पर भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले अभिनेता और गायक राजकुमार का जन्म 24 अप्रैल 1929 को कर्नाटक में हुआ. इनका ऑरिजनल नाम सिंगनल्लुरु पुट्टास्वमैय्या मुथुराजू है, हालांकि फिल्मों में वे राजकुमार के नाम से ही जाने जाते रहे. गूगल ने अपने डूडल में राजकुमार की बनाई पेटिंग को दर्शाया है. कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन ने साल 2000 में कन्नड़ सुपरस्टार राजकुमार को अगवा कर लिया था. तब कर्नाटक और तमिलनाडु सरकार भी राजकुमार को वीरप्पन से मुक्त नहीं करा पाई थी. सिंगनल्लुरू पुट्टुस्वामाय्या मुथुराजू उर्फ राजकुमार ने आठ साल की उम्र में ही कन्नड़ फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन बतौर मुख्य अभिनेता वर्ष 1954 में उन्होंने फिल्म ‘बेदरा कन्नप्पा’ से अपने करियर का आगाज किया. 200 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता की आखिरी फिल्म वर्ष 2000 में आई ‘शब्दवेधी’ थी.टिप्पणियां अपने फिल्मी करियर में राजकुमार को 11 ‘कर्नाटक स्टेट फिल्म अवार्ड’, 10 ‘साउथ फिल्मफेयर अवार्ड’, दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के साथ ही ‘नादयामा’ गीत के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्व गायक के पुरस्कार से भी नवाजा गया. वर्ष 2002 में उन्हें एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था. मैसूर विश्वविद्यालय से उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी मिली और पद्म भूषण एवं दादासाहेब फाल्के जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी उनके नाम हैं. राजकुमार ने 76 की उम्र में वर्ष 2006 में आखिरी सांस ली थी. सिंगनल्लुरू पुट्टुस्वामाय्या मुथुराजू उर्फ राजकुमार ने आठ साल की उम्र में ही कन्नड़ फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन बतौर मुख्य अभिनेता वर्ष 1954 में उन्होंने फिल्म ‘बेदरा कन्नप्पा’ से अपने करियर का आगाज किया. 200 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता की आखिरी फिल्म वर्ष 2000 में आई ‘शब्दवेधी’ थी.टिप्पणियां अपने फिल्मी करियर में राजकुमार को 11 ‘कर्नाटक स्टेट फिल्म अवार्ड’, 10 ‘साउथ फिल्मफेयर अवार्ड’, दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के साथ ही ‘नादयामा’ गीत के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्व गायक के पुरस्कार से भी नवाजा गया. वर्ष 2002 में उन्हें एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था. मैसूर विश्वविद्यालय से उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी मिली और पद्म भूषण एवं दादासाहेब फाल्के जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी उनके नाम हैं. राजकुमार ने 76 की उम्र में वर्ष 2006 में आखिरी सांस ली थी. 200 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता की आखिरी फिल्म वर्ष 2000 में आई ‘शब्दवेधी’ थी.टिप्पणियां अपने फिल्मी करियर में राजकुमार को 11 ‘कर्नाटक स्टेट फिल्म अवार्ड’, 10 ‘साउथ फिल्मफेयर अवार्ड’, दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के साथ ही ‘नादयामा’ गीत के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्व गायक के पुरस्कार से भी नवाजा गया. वर्ष 2002 में उन्हें एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था. मैसूर विश्वविद्यालय से उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी मिली और पद्म भूषण एवं दादासाहेब फाल्के जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी उनके नाम हैं. राजकुमार ने 76 की उम्र में वर्ष 2006 में आखिरी सांस ली थी. अपने फिल्मी करियर में राजकुमार को 11 ‘कर्नाटक स्टेट फिल्म अवार्ड’, 10 ‘साउथ फिल्मफेयर अवार्ड’, दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के साथ ही ‘नादयामा’ गीत के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्व गायक के पुरस्कार से भी नवाजा गया. वर्ष 2002 में उन्हें एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था. मैसूर विश्वविद्यालय से उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी मिली और पद्म भूषण एवं दादासाहेब फाल्के जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी उनके नाम हैं. राजकुमार ने 76 की उम्र में वर्ष 2006 में आखिरी सांस ली थी. वर्ष 2002 में उन्हें एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था. मैसूर विश्वविद्यालय से उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी मिली और पद्म भूषण एवं दादासाहेब फाल्के जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी उनके नाम हैं. राजकुमार ने 76 की उम्र में वर्ष 2006 में आखिरी सांस ली थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कन्नड़ अभिनेता राजकुमार का जन्म 24 अप्रैल 1929 को हुआ था राजकुमार अभिनेता के साथ अच्छे गायक और चित्रकार भी थे तस्कर वीरप्पन ने 2000 में इन्हें किया था अगवा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भूकंप और सुनामी से ध्वस्त हुए जापानी न्यूक्लियर प्लांट के निकट समुद्र के पानी में रेडियोधर्मी पदार्थ का स्तर सामान्य से बहुत ज्यादा पाया गया है। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (तेपको) के एक अधिकारी ने बताया कि रेडियोधर्मी पदार्थ सोमवार को लिए गए समुद्री पानी के नमूनों में पाया गया। पानी के नमूने फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट के रिएक्टर 1 से 100 मीटर दक्षिण से लिए गए। उन्होंने हालांकि जोर देकर कहा कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह नहीं है। नाओकी तसुनोडा का कहना है, सामान्यत: इस इलाके में ऐसा रेडियोधर्मी पदार्थ नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि कंपनी इस क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्रों में निगरानी जारी रखेगी। तेपको का कहना है कि सरकार की ओर से तय किए गए मानकों के अनुसार समुद्र के पानी में आयोडीन-131 का स्तर 126.7 गुना और सीजियम..7134 का स्तर 24.8 गुना ज्यादा पाया गया है। पानी में सीजियम-137 का स्तर 16.5 गुना ज्यादा और कोबाल्ट-58 का स्तर सामान्य से कम पाया गया है। जापान में 11 मार्च को आए भूकंप और सुनामी के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में खराबी आ गयी थी और उसके रिएक्टरों की कूलिंग प्रणाली ठप हो गयी थी। इसके बाद उसके तीन रिएक्टरों में धमाका होने से हवा और जल में विकिरण फैल गया है।
सारांश: जापानी न्यूक्लियर प्लांट के निकट समुद्र के पानी में रेडियोधर्मी पदार्थ का स्तर सामान्य से बहुत ज्यादा पाया गया है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के सत्ता से बाहर होने के महज कुछ ही दिन बाद राज्य सरकार के सोशल मीडिया के ‘हैंडल’ अचानक गायब हो गये. उत्तर प्रदेश सरकार के ट्विटर ‘हैंडल’ से किये गये ट्वीट हटा दिये गये और कई खातों को ‘अनफॉलो’ भी किया गया. सरकारी ट्विटर हैंडल ‘ऐट दि रेट सीएमआफिसयूपी’ पर बाद में स्पष्टीकरण आया कि ट्वीट ‘आर्काइव’ में डाले गये हैं, हटाये नहीं गये हैं. एक अन्य सोशल मीडिया हैंडल ‘यूपी न्यूज 360’ से भी कई पोस्ट हटाये जा रहे हैं. ‘यूपी न्यूज 360’ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की पहल पर शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ताजा समाचार और हेडलाइंस जनता तक पहुंचाना था. मालूम हो कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव और उनकी पार्टी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी. कई फेसबुक और ट्विटर पेज से अखिलेश यादव का प्रचार किया जा रहा था. अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव की दोस्त पंखुड़ी पाठक ने समाजवादी सरकार के पक्ष में सोशल मीडिया में आईसपोर्ट अखिलेश के नाम से हैशटैग कैम्पेन की शुरुआत की थी, जो काफी सफल रही. इसके बाद उन्होंने राजधानी लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह में सोशल मीडिया मीट का आयोजन किया, जो बुरी तरह फेल साबित हुई. इस मीट में प्रेक्षागृह की कुर्सियां तक पूरी तरह से भर नहीं सकीं थीं. टिप्पणियां समाजवादी पार्टी के नेताओं के अनुसार जो जिम्मेदारी पंखुड़ी को दी गई थी, उसमें वे उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं. इसलिए अब हाई प्रोफाइल और युवा चेहरा पंखुड़ी पाठक कम दिख रही हैं.  चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को करारी हार झेलनी पड़ी. समाजवादी पार्टी को महज 47 सीटें ही मिल पाईं और कांग्रेस 7 पर सिमट गईं. पिछले 25 वर्षों में सपा का अभी तक का सबसे खराब प्रदर्शन है. बीजेपी 325 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई. एक अन्य सोशल मीडिया हैंडल ‘यूपी न्यूज 360’ से भी कई पोस्ट हटाये जा रहे हैं. ‘यूपी न्यूज 360’ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की पहल पर शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ताजा समाचार और हेडलाइंस जनता तक पहुंचाना था. मालूम हो कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव और उनकी पार्टी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी. कई फेसबुक और ट्विटर पेज से अखिलेश यादव का प्रचार किया जा रहा था. अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव की दोस्त पंखुड़ी पाठक ने समाजवादी सरकार के पक्ष में सोशल मीडिया में आईसपोर्ट अखिलेश के नाम से हैशटैग कैम्पेन की शुरुआत की थी, जो काफी सफल रही. इसके बाद उन्होंने राजधानी लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह में सोशल मीडिया मीट का आयोजन किया, जो बुरी तरह फेल साबित हुई. इस मीट में प्रेक्षागृह की कुर्सियां तक पूरी तरह से भर नहीं सकीं थीं. टिप्पणियां समाजवादी पार्टी के नेताओं के अनुसार जो जिम्मेदारी पंखुड़ी को दी गई थी, उसमें वे उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं. इसलिए अब हाई प्रोफाइल और युवा चेहरा पंखुड़ी पाठक कम दिख रही हैं.  चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को करारी हार झेलनी पड़ी. समाजवादी पार्टी को महज 47 सीटें ही मिल पाईं और कांग्रेस 7 पर सिमट गईं. पिछले 25 वर्षों में सपा का अभी तक का सबसे खराब प्रदर्शन है. बीजेपी 325 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई. मालूम हो कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव और उनकी पार्टी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी. कई फेसबुक और ट्विटर पेज से अखिलेश यादव का प्रचार किया जा रहा था. अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव की दोस्त पंखुड़ी पाठक ने समाजवादी सरकार के पक्ष में सोशल मीडिया में आईसपोर्ट अखिलेश के नाम से हैशटैग कैम्पेन की शुरुआत की थी, जो काफी सफल रही. इसके बाद उन्होंने राजधानी लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह में सोशल मीडिया मीट का आयोजन किया, जो बुरी तरह फेल साबित हुई. इस मीट में प्रेक्षागृह की कुर्सियां तक पूरी तरह से भर नहीं सकीं थीं. टिप्पणियां समाजवादी पार्टी के नेताओं के अनुसार जो जिम्मेदारी पंखुड़ी को दी गई थी, उसमें वे उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं. इसलिए अब हाई प्रोफाइल और युवा चेहरा पंखुड़ी पाठक कम दिख रही हैं.  चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को करारी हार झेलनी पड़ी. समाजवादी पार्टी को महज 47 सीटें ही मिल पाईं और कांग्रेस 7 पर सिमट गईं. पिछले 25 वर्षों में सपा का अभी तक का सबसे खराब प्रदर्शन है. बीजेपी 325 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई. समाजवादी पार्टी के नेताओं के अनुसार जो जिम्मेदारी पंखुड़ी को दी गई थी, उसमें वे उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं. इसलिए अब हाई प्रोफाइल और युवा चेहरा पंखुड़ी पाठक कम दिख रही हैं.  चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को करारी हार झेलनी पड़ी. समाजवादी पार्टी को महज 47 सीटें ही मिल पाईं और कांग्रेस 7 पर सिमट गईं. पिछले 25 वर्षों में सपा का अभी तक का सबसे खराब प्रदर्शन है. बीजेपी 325 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई. चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को करारी हार झेलनी पड़ी. समाजवादी पार्टी को महज 47 सीटें ही मिल पाईं और कांग्रेस 7 पर सिमट गईं. पिछले 25 वर्षों में सपा का अभी तक का सबसे खराब प्रदर्शन है. बीजेपी 325 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई.
संक्षिप्त पाठ: ‘यूपी न्यूज 360’ से हेडलाइंस जनता तक पहुंचाना था. यूपी चुनाव प्रचार के दौरान सपा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी. डिंपल यादव की दोस्त पंखुड़ी पाठक संभालती थीं सपा का सोशल मीडिया.
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने अगले पांच साल के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का लक्ष्य निम्न रखे जाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को ऊंचा बनाए रखना ही हमारा मकसद नहीं है बल्कि देश में जीवन स्तर में सुधार के लिए गुणवत्तापूर्ण वृद्धि हासिल करना भी उद्देश्य है। सालाना संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वेन ने कहा कि चीन का 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान उच्च गुणवत्तापूर्ण और प्रभावशाली 7 फीसद सालाना आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य है। नई पंचवर्षीय योजना इसी साल से शुरू होने वाली है। वेन ने कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था के आकार और वृद्धि को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए 7 फीसद सालाना वृद्धि का लक्ष्य कम नहीं है। वार्षिक संसद सत्र के समापन पर चीनी प्रधानमंत्री हर साल मीडिया को संबोधित करते हैं। 12वीं योजना (2011-15) के लिए चीन ने 7 फीसद आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य रखा है जबकि इससे पूर्व पंचवर्षीय योजना के लिए आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य 7.5 फीसद रखा गया था। हालांकि पिछले पांच साल में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 11 फीसद से ऊपर रही है। वेन ने कहा कि लक्ष्य को कम करना आर्थिक वृद्धि के प्रतिरूप को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, उच्च आर्थिक वृद्धि से एक तरफ ज्यादा रोजगार का सृजन होता है वहीं मुद्रास्फीति दबाव भी बढ़ता है। वहीं निम्न आर्थिक वृद्धि से नौकरी सृजन में कमी के साथ आर्थिक मंदी का खतरा रहता है।वेन ने कहा कि चीन को आर्थिक वृद्धि की रफ्तार, रोजगार और मुद्रास्फीति नियंत्रण के बीच संतुलन साधना होगा।
सारांश: चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने अगले पांच साल के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का लक्ष्य निम्न रखे जाने का समर्थन किया।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इस साल गर्मी में पाकिस्तान की आवाम पसीने से तर-बतर रहेगी। आने वाले दिनों में यहां जबरदस्त बिजली संकट पैदा होने वाला है। इस वक्त यहां 3,500 मेगावॉट बिजली की किल्लत है, जो गर्मी में बढ़कर 4,000 से 4,500 मेगावॉट तक हो जाने की सम्भावना है।समाचार पत्र 'डॉन' ने शुक्रवार को लिखा कि बिजली संकट के कारण लोगों को प्रतिदिन नौ से 10 घंटे तक विद्युत संकट का सामना करना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार संघीय जल एवं विद्युत मंत्री सैयद नवीद कमर की अध्यक्षता में गुरुवार को 'निजी बिजली एवं अधोसंरचना बोर्ड (पीपीआईबी)' की बैठक हुई, जिसमें उन्हें बिजली संकट के बारे में अवगत कराया गया। संघीय बाढ़ आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नदियों में 15 मई तक बहाव कम रहेगा और उसके बाद  स्कार्दू और दूसरे जल ग्रहण क्षेत्र में बर्फ पिघलने लगेगी।  वहीं, बिजली कम्पनियों के प्रतिनिधि ने कहा कि संघीय सरकार के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिल का भुगतान नहीं करने के कारण वे समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने प्रांतीय सरकारों से भी बकाया चुकाने की मांग की। अकेले सिंध प्रांत की सरकार पर 35 अरब रुपये का बकाया है।
यह एक सारांश है: इस साल गर्मी में पाकिस्तान की आवाम पसीने से तर-बतर रहेगी। आने वाले दिनों में यहां जबरदस्त बिजली संकट पैदा होने वाला है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के पुलिस महानिदेशक के एक बयान के बहाने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राज्य की खराब कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिये नीतीश कुमार सरकार पर तल्ख टिप्पणी की है. तेजस्वी ने लिखा, 'बिहार की लचर कानून व्यवस्था अब मरणासन्न अवस्था में पहुंच चुकी है. पुलिस का काम बस सरकारी आकाओं की राजनीति को पंख देने, उनके इशारे पर नाचने, ब्रजेश ठाकुर जैसे बलात्कारियों, क़ातिलों और माफ़ियाओं का संरक्षण देने का ही रह गया है. बिहार में हत्या, अपहरण, बलात्कार, फिरौती, रंगदारी और हर तरह के काले कारनामे सत्ता संरक्षण में फल-फूल रहे हैं. इस भयावह माहौल में आम आदमी सहम सहम कर अपनी जान बचाते गुजर बसर करने को विवश है.'   तेजस्वी ने आगे लिखा, 'छपरा में एक दिन पहले एक दारोगा और हवलदार को सरेआम बीच बाज़ार में सुनियोजित तरीके से बेखौफ अपराधियों ने घेरकर गोलियों से भून दिया. अपराधियों के पास पुलिस से आधुनिक हथियार हैं. विगत वर्षों में बिहार पुलिस के अनेकों अधिकारी अपराधियों के हाथों मारे जा चुके हैं. जब पुलिसकर्मी हलाल के बकरे की भांति बीच बाज़ार मौत के घाट उतार दिए जाएंगे तो आम आदमी की क्या बिसात? क्या पुलिस की इतनी भी दबिश और सरकार का इतना भी इकबाल नहीं बचा? कुछ दिन पहले एक रिटायर्ड DIG की उनके परिवार के सामने ही गुंडों ने सरेआम पिटाई कर दी. आज राज्य में हत्या, अपहरण, गैंग रेप, लूट और बलात्कार की घटनाएं इतनी अधिक हो गयी हैं कि अब अखबारों के लिए यह आम खबर है जिसे अब सनसनीखेज की श्रेणी में नहीं माना जाता है.  जेलों से ही अपराधी अपराध जगत को कंट्रोल और मैनेज कर रहे हैं. जेलों में थोक में सिम, मोबाइल, हथियार मिल रहे हैं. जंगलराज चिल्लाने वाले बेशर्मी से कुछ बोल नहीं पा रहे है.'   तेजस्वी ने कहा, 'अब तो राज्य के DGP ख़ुद कह रहे हैं कि अपराधी कभी भी उन्हें गोली मार सकते हैं. मुख्यमंत्री जी बताएं अगर डीजीपी इतने डरे-सहमे हुए हैं तो आम आदमी का क्या होगा? डीजीपी के इस व्यक्तवय के बाद क्या सरकार को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार रह गया है? ऐसे अपराधग्रस्त माहौल में व्यवसायी वर्ग पूंजी निवेश करने से कतराने लगा है, व्यापारी बिहार छोड़ रहे हैं. DGP महोदय क्राइम पर नकेल कसने के बजाय मीडिया मैनेज करने, व्यक्तिगत ब्रांडिंग करने और PC करने में ही व्यस्त रहते हैं. डबल इंजन की सरकार का पूरा ध्यान माफियाओं और अधिकारियों से भ्रष्ट वसूली में ही लगा रहता है तो आम जनता की कौन सुने? अपनी अपनी डफ़ली, अपना अपना राग लेकर जदयू और भाजपा आपसी कलह और खींचतान में आम बिहारी का गला घोंट रहे हैं. इनका एक इंजन अपराध में तो दूसरा भ्रष्टाचार में लगा हुआ है.
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर साधा निशाना कहा, राज्य की कानून व्यवस्था एकदम खराब हालत में पुलिस अपराधियों को संरक्षण देने में व्यस्त है
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सलमान खान (Salman Khan) इन दिनों अपनी फिल्म 'भारत' (Bharat) के प्रमोशन में काफी बिजी चल रहे हैं. सलमान खान (Salman Khan) की फिल्म  'भारत' (Bharat) ईद (Eid-Ul-Fitr) के मौके पर यानी 5 जून को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो जाएगी. लोग फिल्म 'भारत' (Bharat) को अच्छा रिस्पोंस दें, इसलिए सलमान खान (Salman Khan) अपनी हीरोइन कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) के साथ जगह-जगह इसे प्रमोट करते. हाल ही में मीडिया को इंटरव्यू देने गए सलमान खान  (Salman Khan) से विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) के चर्चित मीम के बारे में सवाल किया गया, जिसपर भाईजान  (Salman Khan) ने काफी चौंकाने वाला जवाब दिया.  बॉम्बे टाइम्स (Bombay Times) ने बॉलीवुड एक्टर सलमान खान (Salman Khan) से विवेक ओबेरॉय के मीम के बारे में सवाल किया कि आप उस विवादित मीम के बारे में क्या सोचते हैं? इस पर सलमान खान (Salman Khan) ने कहा "मैं इस बारे में कुछ नहीं जानता हूं. मैंने इसे नहीं देखा है." बॉम्बे टाइम्स को दिए इस जवाब ने सलमान खान के फैंस के साथ ही अन्य लोगों को भी काफी हैरान कर दिया. ऐसा माना जा रहा है कि सलमान खान ने अपनी आने फिल्म  'भारत' (Bharat) के प्रमोशन में बिजी होने के कारण इस मीम पर ध्यान नहीं दिया या हो सकता है कि भाईजान इस मीम पर कुछ कहना नहीं चाह रहे हैं.  बता दें कि फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' (PM Narendra Modi) में 'नरेंद्र मोदी' का किरदार निभा चुके विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) ने ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai), सलमान खान (Salman Khan), अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan), अराध्या बच्चन (Aradhya Bachchan) और खुद की फोटो का प्रयोग करके ओपीनियन पोल, एग्जिट पोल और नतीजे पर एक मीम शेयर किया था. विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) के मीम शेयर करने के बाद से वह काफी विवादों में भी घिर गए थे, साथ ही उन्हें महिला आयोग की तरफ से नोटिस भी दिया गया था. हालांकि बाद में विवेक ओबेरॉय ने अपना ट्वीट डिलीट कर सबसे माफी भी मांगी थी.
सारांश: इंटरव्यू में सलमान खान से विवेक ओबेरॉय के मीम के बारे में पूछा गया सवाल विवेक ओबेरॉय के मीम पर सलमान खान का चौंकाने वाला जवाब 'भारत' के प्रमोशन में बिजी हैं बॉलीवुड एक्टर सलमान खान
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ अपने संबंधों में आई खटास पर विराम लगाते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि दोनों के संबंधों को लेकर जो रिपोर्टें आई थीं वे बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय थीं। दूसरी तरफ, भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ मंगलवार से शुरू हो रही आडवाणी की रथयात्रा की उन्होंने प्रशंसा भी की। अपने ब्लॉग पर मोदी ने कहा, मुझे आडवाणी जी के साथ नजदीकी तौर पर काम करने का सम्मान प्राप्त हुआ है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है कि अपने हित में कुछ लोग उनके खिलाफ अफवाहें फैलाने का काम कर रहे हैं। मोदी की इन टिप्पणियों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आडवाणी मंगलवार से अपनी रथयात्रा की शुरुआत कर रहे हैं और मोदी ने इसके ठीक एक दिन पहले अपना ब्लॉग लिखा है। पहले ऐसी खबरें थी कि आडवाणी की इस यात्रा से मोदी नाखुश हैं क्योंकि उन्हें ऐसा महसूस हुआ था कि इस यात्रा से आडवाणी खुद को भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करना चाहते थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आडवाणी के साथ खटास पर विराम लगाते हुए मोदी ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि दोनों के संबंधों को लेकर जो रिपोर्टें आई थीं वे दुर्भाग्यपूर्ण थीं।
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['hin']