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एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद इमरान ने फ्रेंडशिप हॉकी सीरीज में कड़ी टक्कर देने के लिए चीन की टीम की जमकर प्रशंसा की है। पाकिस्तान ने चार मैचों की श्रृंखला 4-0 से अपने नाम की। समाचार पत्र 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने इमरान के हवाले से लिखा है, "श्रृंखला में चीन की टीम ने हमें कड़ी टक्कर दी। मेहमान टीम का खेल बेहतर हुआ है। श्रृंखला के सभी मैच उच्चस्तरीय रहे।" उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने रविवार को खेले गए श्रृंखला के चौथे और अंतिम मुकाबले में चीन को 2-1 से पराजित कर श्रृंखला 4-0 से अपने नाम किया। पत्र के मुताबिक इमरान ने कहा, "पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की वापसी से मैं बहुत खुश हूं। मुझे आशा है कि इस श्रृंखला के बाद अन्य टीमें भी पाकिस्तान का दौरा करने का निर्णय लेगी।" उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004 में आयोजित जूनियर एशिया कप के बाद पाकिस्तान का दौरा करने वाली चीन पहली अंतरराष्ट्रीय टीम है, हालांकि इस दौरान व्यक्तिगत रूप से कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी पाकिस्तान का दौरा करते रहे हैं।
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यह एक सारांश है: पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद इमरान ने फ्रेंडशिप हॉकी सीरीज में कड़ी टक्कर देने के लिए चीन की टीम की जमकर प्रशंसा की है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस ने शनिवार को राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्हें लोकसभा चुनाव से करीब 16 महीने पहले ऐसे समय में पार्टी में नंबर दो की जिम्मेदारी सौंपी गई है जब भाजपा में प्रधानमंत्री पद को लेकर नरेंद्र मोदी के नाम पर चर्चा जोर शोर से चल रही है।
तैतालिस वर्षीय राहुल को आज कांग्रेस के चिंतन शिविर के समापन पर पार्टी के नंबर दो के तौर पर काबिज किया गया है।
पार्टी के मीडिया प्रभारी और महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यहां शिविर स्थल पर संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। कार्यसमिति ने तत्काल इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 सितंबर, 2007 को राहुल को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे करीब तीन साल पहले उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और वह अमेठी से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस सीट से पहले राजीव गांधी भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे।
राहुल को पार्टी में युवक कांग्रेस और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी थी।
हालांकि द्विवेदी ने आज राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावों में राहुल की भूमिका क्या होगी, इस बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
तैतालिस वर्षीय राहुल को आज कांग्रेस के चिंतन शिविर के समापन पर पार्टी के नंबर दो के तौर पर काबिज किया गया है।
पार्टी के मीडिया प्रभारी और महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यहां शिविर स्थल पर संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। कार्यसमिति ने तत्काल इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 सितंबर, 2007 को राहुल को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे करीब तीन साल पहले उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और वह अमेठी से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस सीट से पहले राजीव गांधी भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे।
राहुल को पार्टी में युवक कांग्रेस और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी थी।
हालांकि द्विवेदी ने आज राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावों में राहुल की भूमिका क्या होगी, इस बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
पार्टी के मीडिया प्रभारी और महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यहां शिविर स्थल पर संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। कार्यसमिति ने तत्काल इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 सितंबर, 2007 को राहुल को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे करीब तीन साल पहले उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और वह अमेठी से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस सीट से पहले राजीव गांधी भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे।
राहुल को पार्टी में युवक कांग्रेस और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी थी।
हालांकि द्विवेदी ने आज राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावों में राहुल की भूमिका क्या होगी, इस बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 सितंबर, 2007 को राहुल को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे करीब तीन साल पहले उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और वह अमेठी से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस सीट से पहले राजीव गांधी भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे।
राहुल को पार्टी में युवक कांग्रेस और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी थी।
हालांकि द्विवेदी ने आज राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावों में राहुल की भूमिका क्या होगी, इस बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
राहुल को पार्टी में युवक कांग्रेस और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी थी।
हालांकि द्विवेदी ने आज राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावों में राहुल की भूमिका क्या होगी, इस बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
हालांकि द्विवेदी ने आज राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावों में राहुल की भूमिका क्या होगी, इस बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।टिप्पणियां
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
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सारांश: कांग्रेस ने शनिवार को राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्हें लोकसभा चुनाव से करीब 16 महीने पहले ऐसे समय में पार्टी में नंबर दो की जिम्मेदारी सौंपी गई है जब भाजपा में प्रधानमंत्री पद को लेकर नरेंद्र मोदी के नाम पर चर्चा जोर शोर से चल रही ह
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक व्यक्ति ने खुद को नोएडा में अपनी जमीन के लिए मिले मुआवजे को चुनौती देते हुए एक अपील दायर की जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है क्योंकि मामले का निपटारा पहले ही किया जा चुका है. न्यायमूर्ति अरूण मिश्र और न्यायमूर्ति एम एम शान्तानागौदर की पीठ ने व्यक्ति की इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर दिया. याचिकाकर्ता ने खुद को दिए गए मुआवजे को चुनौती दी थी. यह मुआवजा उसे नोएडा में सुनियोजित औद्योगिक विकास के लिए राज्य द्वारा जमीन अधिग्रहित किए जाने के एवज में दिया गया था.
पीठ ने कहा ‘‘उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश इस मुद्दे का निपटारा कर चुके हैं. यह कानून का दुरुपयोग है. यह क्या हो रहा है. हम आप पर उतना जुर्माना लगाएंगे जिसे इस देश के लोग याद रखेंगे.’’ इससे पहले याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी अपील गलत तरीके से खारिज कर दी. टिप्पणियां
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वर्ष 2005 से 2010 के बीच सुनियोजित औद्योगिक विकास के नाम पर कई गांवों के किसानों की कृषि और ‘रिहायशी भूमि का बड़े पैमाने पर अधिग्रहण किया गया था. पीठ ने कहा कि एक बार मामले पर उच्चतम न्यायालय द्वारा फैसला दिया जा चुका है फिर इसे बार बार नहीं उठाया जा सकता. पहले पीठ 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाना चाहती थी. तब वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल एक गरीब किसान है और भारी मुआवजा नहीं दिया जा सकता.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीठ ने कहा ‘‘उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश इस मुद्दे का निपटारा कर चुके हैं. यह कानून का दुरुपयोग है. यह क्या हो रहा है. हम आप पर उतना जुर्माना लगाएंगे जिसे इस देश के लोग याद रखेंगे.’’ इससे पहले याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी अपील गलत तरीके से खारिज कर दी. टिप्पणियां
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वर्ष 2005 से 2010 के बीच सुनियोजित औद्योगिक विकास के नाम पर कई गांवों के किसानों की कृषि और ‘रिहायशी भूमि का बड़े पैमाने पर अधिग्रहण किया गया था. पीठ ने कहा कि एक बार मामले पर उच्चतम न्यायालय द्वारा फैसला दिया जा चुका है फिर इसे बार बार नहीं उठाया जा सकता. पहले पीठ 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाना चाहती थी. तब वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल एक गरीब किसान है और भारी मुआवजा नहीं दिया जा सकता.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वर्ष 2005 से 2010 के बीच सुनियोजित औद्योगिक विकास के नाम पर कई गांवों के किसानों की कृषि और ‘रिहायशी भूमि का बड़े पैमाने पर अधिग्रहण किया गया था. पीठ ने कहा कि एक बार मामले पर उच्चतम न्यायालय द्वारा फैसला दिया जा चुका है फिर इसे बार बार नहीं उठाया जा सकता. पहले पीठ 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाना चाहती थी. तब वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल एक गरीब किसान है और भारी मुआवजा नहीं दिया जा सकता.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यह एक सारांश है: कोर्ट ने कहा कि मामले का निपटारा पहले ही किया जा चुका है
याचिकाकर्ता ने खुद को दिए गए मुआवजे को चुनौती दी थी
यह मुआवजा जमीन अधिग्रहीत किए जाने के बदले दिया गया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए ठेके आवंटित करते समय पारदर्शिता बरतने की जरूरत है ताकि सरकार पर पक्षपात करने का आरोप न लगे। 'राष्ट्रीय राजमार्गो के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के सामने चुनौतियां' विषय पर एक सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि ये सार्वजनिक परियोजनाएं हैं और इनमें सार्वजनिक हित सर्वोपरि होना चाहिए।" उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट दिखना जरूरी है कि ठेके का आवंटन, निर्माण कार्य और परियोजना का संचालन स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि किसी तरह के पक्षपात या कारोबारी समूहों और सरकारी अधिकारियों के बीच तथाकथित साठगांठ का आरोप न लगे।" भ्रष्टाचार के अनेक मामलों के सामने आने से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दूसरे कार्यकाल में सरकार की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। कुछ वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि कई सरकारी एजेंसियां अब ठेकों के आवंटन से कतरा रही हैं। उन्हें डर लग रहा है कि कहीं उनके फैसलों पर बाद में सवाल खड़ा न हो जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली पंचवर्षीय योजना (वर्ष 2012-13 से 2016-17) में नौ फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए सड़कों का बेहतर नेटवर्क बहुत जरूरी है और इस पर समुचित निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, "नौ फीसदी के विकास दर लक्ष्य को हासिल करने में आधारभूत संरचना क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हमारा लक्ष्य 11वीं पंचवर्षीय योजना के 500 अरब डॉलर के निवेश को 12वीं पंचवर्षीय योजना में दोगुना कर 1000 अरब डॉलर करने का है।" देश के 71,000 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में से 20,000 किलोमीटर सिर्फ एक लेन का है। उन्होंने कहा कि एक निश्चित समय में इन मार्गों को दोहरे लेन का बनाने के लिए तत्काल इस्तेमाल के लिए तैयार यानी टर्न की आधार पर ठेके आवंटित किए जाएंगे, ताकि कम खर्च में तेज गति से काम पूरा हो सके। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी के मुताबिक सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत इस वर्ष के अंत तक 7,800 किलोमीटर लम्बे राजमार्गों के निर्माण के लिए करीब 50 हजार करोड़ रुपये के ठेके आवंटित किये जाएंगे। उन्होंने हर रोज 20 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनने की उम्मीद जताते हुए कहा, "पहले चार माह में 21 हजार करोड़ रुपये के ठेके आवंटित किए जा चुके हैं।"
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए ठेके आवंटित करते समय पारदर्शिता बरतने की जरूरत है ताकि सरकार पर पक्षपात का आरोप न लगे।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर 13 अप्रैल को होने जा रहे चुनाव के लिए बिना किसी रोक-टोक के चल रहा प्रचार अभियान खत्म हो गया। बुधवार को होने जा रहे इस चुनाव में राज्य के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि, प्रमुख विपक्षी दल अन्नाद्रमुक की अध्यक्ष जयललिता, उप मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और डीएमडीके पार्टी के संस्थापक ए विजयकांत सहित कुल 2,773 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। प्रचार अभियान के दौरान किसी भी पार्टी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। करुणानिधि ने लोगों को विकास का सपना दिखाया तो जयललिता ने सत्तारूढ़ पार्टी की असफलता को अपना चुनावी एजेंडा बनाया। हालांकि चुनाव आयोग की तेज नजरों के कारण चुनाव प्रचार में मतदाताओं का ध्यानाकषर्ण करने वाली क्रियाएं मसलन, दीवारों पर लिखना और पोस्टर चिपकाने की घटनाएं नहीं के बराबर हुई। एक ओर जहां मुख्यमंत्री करुणानिधि और उनके परिवार पर जयललिता और विजयकांत ने निजी हमले किए, वहीं कई नेताओं ने अपनी विरोधी पार्टी के नेताओं के खिलाफ चुनाव आयोग के समक्ष शिकायतें दर्ज कराईं। बहरहाल, बहुचर्चित 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले को प्रचार अभियान में ज्यादा महत्व नहीं दिया गया और स्थानीय मुद्दे ही हावी रहे।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर 13 अप्रैल को होने जा रहे चुनाव के लिए बिना किसी रोक-टोक के चल रहा प्रचार अभियान खत्म हो गया।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने श्रीलंका विरोधी रवैया अपनाना जारी रखते हुए रविवार को उन दो श्रीलंकाई टीमों को स्वदेश लौट जाने को कहा जो यहां दोस्ताना मुकाबले खेलने आई हैं।
जयललिता ने यह भी कहा कि प्रदेश में ऐसा कोई फुटबाल आयोजन नहीं होना चाहिए जिसमें श्रीलंकाई खिलाड़ी शामिल हों।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने नेहरू स्टेडियम के उस अधिकारी को भी निलम्बित कर दिया जिसने रॉयल क्लब ऑफ कोलम्बो को चेन्नई कस्टम्स फुटबाल टीम के विरुद्ध शुक्रवार को दोस्ताना मैच खेलने की अनुमति दी थी।
केंद्र सरकार द्वारा श्रीलंकाई फुटबाल टीम को प्रदेश में खेलने की अनुमति दिए जाने की निंदा करते हुए जयललिता ने कहा, "ऐसा करना तमिलनाडु की जनता का अपमान है।"
जयललिता ने यह भी कहा कि प्रदेश में ऐसा कोई फुटबाल आयोजन नहीं होना चाहिए जिसमें श्रीलंकाई खिलाड़ी शामिल हों।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने नेहरू स्टेडियम के उस अधिकारी को भी निलम्बित कर दिया जिसने रॉयल क्लब ऑफ कोलम्बो को चेन्नई कस्टम्स फुटबाल टीम के विरुद्ध शुक्रवार को दोस्ताना मैच खेलने की अनुमति दी थी।
केंद्र सरकार द्वारा श्रीलंकाई फुटबाल टीम को प्रदेश में खेलने की अनुमति दिए जाने की निंदा करते हुए जयललिता ने कहा, "ऐसा करना तमिलनाडु की जनता का अपमान है।"
मुख्यमंत्री ने नेहरू स्टेडियम के उस अधिकारी को भी निलम्बित कर दिया जिसने रॉयल क्लब ऑफ कोलम्बो को चेन्नई कस्टम्स फुटबाल टीम के विरुद्ध शुक्रवार को दोस्ताना मैच खेलने की अनुमति दी थी।
केंद्र सरकार द्वारा श्रीलंकाई फुटबाल टीम को प्रदेश में खेलने की अनुमति दिए जाने की निंदा करते हुए जयललिता ने कहा, "ऐसा करना तमिलनाडु की जनता का अपमान है।"
केंद्र सरकार द्वारा श्रीलंकाई फुटबाल टीम को प्रदेश में खेलने की अनुमति दिए जाने की निंदा करते हुए जयललिता ने कहा, "ऐसा करना तमिलनाडु की जनता का अपमान है।"
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तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने श्रीलंका विरोधी रवैया अपनाना जारी रखते हुए रविवार को उन दो श्रीलंकाई टीमों को स्वदेश लौट जाने को कहा जो यहां दोस्ताना मुकाबले खेलने आई हैं।
| 1
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सोमवार को कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनका जन्मस्थान सिंध, भारत का हिस्सा नहीं है. आडवाणी ने एक कार्यक्रम में यह बात कही, जिसमें भारत दौरे पर आईं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद थीं.
आडवाणी ने कहा, "जब भारत को आजादी मिली यह (सिंध) हमसे अलग हो गया. सिंध, भारत का हिस्सा नहीं है, यह मेरे साथ-साथ उन सभी को दुखी करता है, जो कभी वहां रहे."टिप्पणियां
आडवाणी ने कहा, "यह (सिंध) अविभाजित भारत का हिस्सा था, जब यह स्वतंत्र नहीं था और ब्रिटेन का उपनिवेश था. मैंने उसी भाग में जन्म लिया, मेरा वहां घर था. "
इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित समारोह में आडवाणी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में हसीना की मौजूदगी में बताने के बारे में सोचा था.
आडवाणी ने कहा, "जब भारत को आजादी मिली यह (सिंध) हमसे अलग हो गया. सिंध, भारत का हिस्सा नहीं है, यह मेरे साथ-साथ उन सभी को दुखी करता है, जो कभी वहां रहे."टिप्पणियां
आडवाणी ने कहा, "यह (सिंध) अविभाजित भारत का हिस्सा था, जब यह स्वतंत्र नहीं था और ब्रिटेन का उपनिवेश था. मैंने उसी भाग में जन्म लिया, मेरा वहां घर था. "
इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित समारोह में आडवाणी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में हसीना की मौजूदगी में बताने के बारे में सोचा था.
आडवाणी ने कहा, "यह (सिंध) अविभाजित भारत का हिस्सा था, जब यह स्वतंत्र नहीं था और ब्रिटेन का उपनिवेश था. मैंने उसी भाग में जन्म लिया, मेरा वहां घर था. "
इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित समारोह में आडवाणी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में हसीना की मौजूदगी में बताने के बारे में सोचा था.
इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित समारोह में आडवाणी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में हसीना की मौजूदगी में बताने के बारे में सोचा था.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उनका जन्मस्थान सिंध, भारत का हिस्सा नहीं है.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद थीं.
जब भारत को आजादी मिली यह (सिंध) हमसे अलग हो गया
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: पूर्व केंद्रीय मंत्री अरण नेहरू की पार्थिव देह शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गई और गांधी परिवार के सदस्यों समेत उनके अनेक रिश्तेदारों तथा कई नेताओं की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
राजीव गांधी सरकार में आंतरिक सुरक्षा मामलों के राज्यमंत्री रहे और गांधी परिवार से रिश्ता रखने वाले नेहरू का गुरुवार रात गुड़गांव के एक अस्पताल में निधन हो गया था।
लोधी रोड शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, राबर्ट वाड्रा और केंद्रीय मंत्री फारख अब्दुल्ला समेत बहुत से लोग मौजूद थे।
इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, भाजपा नेता अरण जेटली, केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट और आनंद शर्मा भी मौजूद थे।
नेहरू के परिवार में उनकी पत्नी सुभद्रा और दो बेटियां हैं। लखनउ से ताल्लुक रखने वाले नेहरू तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे।
वह 1980 के दशक की शुरूआत में राजनीति में आये थे और इससे पहले कारोबार जगत में सफलतापूर्वक काम कर चुके थे।
साल 1984 में जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो नेहरू उनके सलाहकार रहे और उन्होंने आंतरिक सुरक्षा राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि बाद में वह राजीव से अलग हो गये।टिप्पणियां
सीबीआई ने उन पर बतौर राज्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान 1988 में चेकोस्लोवाकिया के साथ एक तोप सौदे में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
राजीव गांधी सरकार में आंतरिक सुरक्षा मामलों के राज्यमंत्री रहे और गांधी परिवार से रिश्ता रखने वाले नेहरू का गुरुवार रात गुड़गांव के एक अस्पताल में निधन हो गया था।
लोधी रोड शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, राबर्ट वाड्रा और केंद्रीय मंत्री फारख अब्दुल्ला समेत बहुत से लोग मौजूद थे।
इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, भाजपा नेता अरण जेटली, केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट और आनंद शर्मा भी मौजूद थे।
नेहरू के परिवार में उनकी पत्नी सुभद्रा और दो बेटियां हैं। लखनउ से ताल्लुक रखने वाले नेहरू तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे।
वह 1980 के दशक की शुरूआत में राजनीति में आये थे और इससे पहले कारोबार जगत में सफलतापूर्वक काम कर चुके थे।
साल 1984 में जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो नेहरू उनके सलाहकार रहे और उन्होंने आंतरिक सुरक्षा राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि बाद में वह राजीव से अलग हो गये।टिप्पणियां
सीबीआई ने उन पर बतौर राज्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान 1988 में चेकोस्लोवाकिया के साथ एक तोप सौदे में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
लोधी रोड शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, राबर्ट वाड्रा और केंद्रीय मंत्री फारख अब्दुल्ला समेत बहुत से लोग मौजूद थे।
इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, भाजपा नेता अरण जेटली, केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट और आनंद शर्मा भी मौजूद थे।
नेहरू के परिवार में उनकी पत्नी सुभद्रा और दो बेटियां हैं। लखनउ से ताल्लुक रखने वाले नेहरू तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे।
वह 1980 के दशक की शुरूआत में राजनीति में आये थे और इससे पहले कारोबार जगत में सफलतापूर्वक काम कर चुके थे।
साल 1984 में जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो नेहरू उनके सलाहकार रहे और उन्होंने आंतरिक सुरक्षा राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि बाद में वह राजीव से अलग हो गये।टिप्पणियां
सीबीआई ने उन पर बतौर राज्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान 1988 में चेकोस्लोवाकिया के साथ एक तोप सौदे में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, भाजपा नेता अरण जेटली, केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट और आनंद शर्मा भी मौजूद थे।
नेहरू के परिवार में उनकी पत्नी सुभद्रा और दो बेटियां हैं। लखनउ से ताल्लुक रखने वाले नेहरू तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे।
वह 1980 के दशक की शुरूआत में राजनीति में आये थे और इससे पहले कारोबार जगत में सफलतापूर्वक काम कर चुके थे।
साल 1984 में जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो नेहरू उनके सलाहकार रहे और उन्होंने आंतरिक सुरक्षा राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि बाद में वह राजीव से अलग हो गये।टिप्पणियां
सीबीआई ने उन पर बतौर राज्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान 1988 में चेकोस्लोवाकिया के साथ एक तोप सौदे में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
नेहरू के परिवार में उनकी पत्नी सुभद्रा और दो बेटियां हैं। लखनउ से ताल्लुक रखने वाले नेहरू तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे।
वह 1980 के दशक की शुरूआत में राजनीति में आये थे और इससे पहले कारोबार जगत में सफलतापूर्वक काम कर चुके थे।
साल 1984 में जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो नेहरू उनके सलाहकार रहे और उन्होंने आंतरिक सुरक्षा राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि बाद में वह राजीव से अलग हो गये।टिप्पणियां
सीबीआई ने उन पर बतौर राज्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान 1988 में चेकोस्लोवाकिया के साथ एक तोप सौदे में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
वह 1980 के दशक की शुरूआत में राजनीति में आये थे और इससे पहले कारोबार जगत में सफलतापूर्वक काम कर चुके थे।
साल 1984 में जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो नेहरू उनके सलाहकार रहे और उन्होंने आंतरिक सुरक्षा राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि बाद में वह राजीव से अलग हो गये।टिप्पणियां
सीबीआई ने उन पर बतौर राज्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान 1988 में चेकोस्लोवाकिया के साथ एक तोप सौदे में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
साल 1984 में जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो नेहरू उनके सलाहकार रहे और उन्होंने आंतरिक सुरक्षा राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि बाद में वह राजीव से अलग हो गये।टिप्पणियां
सीबीआई ने उन पर बतौर राज्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान 1988 में चेकोस्लोवाकिया के साथ एक तोप सौदे में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
सीबीआई ने उन पर बतौर राज्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान 1988 में चेकोस्लोवाकिया के साथ एक तोप सौदे में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण नेहरू की पार्थिव देह शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गई और गांधी परिवार के सदस्यों समेत उनके अनेक रिश्तेदारों तथा कई नेताओं की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) ने स्टीव स्मिथ के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलियाई को इसी माह के भारत दौरे में स्पिन आक्रमण का अच्छी तरह से सामना करने नसीहत दी है. केपी के नाम से लोकप्रिय केविन पीटरसन की ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ियों को सीधी नसीहत है कि वे या तो स्पिन का अच्छी तरह सामना करना सीखे ले या फिर भारत दौरे पर जाने का इरादा छोड़ दें.पीटरसन ने क्रिकेट डाट काम डाट एयू से कहा,‘जल्दी से जल्दी से स्पिन खेलना सीख लो.यदि स्पिन नहीं खेल सकते तो जाओ ही मत.’इससे पहले भारत के दौरे पर आ चुके केपी इस बात से अच्छी तरह से वाकिफ हैं कि भारत में स्पिन का अच्छी तरह से सामना करना ही अच्छे प्रदर्शन का मंत्र होगा और ऑस्ट्रेलियाई टीम को भी इस दौरे में भारतीय स्पिन गेंदबाजी आक्रमण का सफलता के साथ सामना करना होगा. गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम 23 फरवरी से भारत के खिलाफ पहला टेस्ट खेलेगी.टिप्पणियां
भारत में 2012 में इंग्लैंड की सीरीज जीत में 338 रन बनाने वाले पीटरसन ने कहा,‘भारत में आपको इसका अभ्यास करना ही होगा. मैं ऑस्ट्रेलिया में इसका अभ्यास कर सकता हूं. मैने किया है. आपको स्पिन खेलने का अभ्यास करने के लिये स्पिन पिचों की जरूरत नहीं है.’ उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के विकेटों पर भी मैंने इस बात प्रयास किया कि मेरे पैर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ सही चलें और मैं गेंद की लेंग्थ को अच्छी तरह से पिक करूं.' वर्ष 2004 के बाद से दक्षिण अफ्रीका दौरा से ऑस्ट्रेलिया टीम टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है.यहां तक कि 20 टेस्ट में उसे एशिया में मात्र तीन जीतें ही नसीब हुईं हैं, इनमें से दो उसने बांग्लादेश के खिलाफ करीब एक दशक पहले हासिल की थीं.
एशियाई माहौल के लिहाल से बात करें तो मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम में दो खिलाड़ी है ऐसे हैं जिनका एशियाई महाद्वीप में औसत 40 से अधिक का है. श्रीलंका के हाल ही के दौरे में कंगारू टीम को 0-3 की एकतरफा हार का सामना करना पड़ा था. इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज इस कदर संघर्ष करते दिखे थे कि सिर्फ कप्तान स्टीव स्मिथ और शॉन मार्श ही पूरी सीरीज में पारी में 60 या इससे अधिक रन बना पाए थे. पीटरसन ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को स्पिन गेंदबाजी का सामना करने में फुटवर्क के लिहाज से कुछ टिप्स का ऑफर भी किया. उनकी सलाह सीधी है. अपना अगला पैर जमाकर मत रखो, गेंद का इंतजार करो और खेलो.
भारत में 2012 में इंग्लैंड की सीरीज जीत में 338 रन बनाने वाले पीटरसन ने कहा,‘भारत में आपको इसका अभ्यास करना ही होगा. मैं ऑस्ट्रेलिया में इसका अभ्यास कर सकता हूं. मैने किया है. आपको स्पिन खेलने का अभ्यास करने के लिये स्पिन पिचों की जरूरत नहीं है.’ उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के विकेटों पर भी मैंने इस बात प्रयास किया कि मेरे पैर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ सही चलें और मैं गेंद की लेंग्थ को अच्छी तरह से पिक करूं.' वर्ष 2004 के बाद से दक्षिण अफ्रीका दौरा से ऑस्ट्रेलिया टीम टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है.यहां तक कि 20 टेस्ट में उसे एशिया में मात्र तीन जीतें ही नसीब हुईं हैं, इनमें से दो उसने बांग्लादेश के खिलाफ करीब एक दशक पहले हासिल की थीं.
एशियाई माहौल के लिहाल से बात करें तो मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम में दो खिलाड़ी है ऐसे हैं जिनका एशियाई महाद्वीप में औसत 40 से अधिक का है. श्रीलंका के हाल ही के दौरे में कंगारू टीम को 0-3 की एकतरफा हार का सामना करना पड़ा था. इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज इस कदर संघर्ष करते दिखे थे कि सिर्फ कप्तान स्टीव स्मिथ और शॉन मार्श ही पूरी सीरीज में पारी में 60 या इससे अधिक रन बना पाए थे. पीटरसन ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को स्पिन गेंदबाजी का सामना करने में फुटवर्क के लिहाज से कुछ टिप्स का ऑफर भी किया. उनकी सलाह सीधी है. अपना अगला पैर जमाकर मत रखो, गेंद का इंतजार करो और खेलो.
एशियाई माहौल के लिहाल से बात करें तो मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम में दो खिलाड़ी है ऐसे हैं जिनका एशियाई महाद्वीप में औसत 40 से अधिक का है. श्रीलंका के हाल ही के दौरे में कंगारू टीम को 0-3 की एकतरफा हार का सामना करना पड़ा था. इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज इस कदर संघर्ष करते दिखे थे कि सिर्फ कप्तान स्टीव स्मिथ और शॉन मार्श ही पूरी सीरीज में पारी में 60 या इससे अधिक रन बना पाए थे. पीटरसन ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को स्पिन गेंदबाजी का सामना करने में फुटवर्क के लिहाज से कुछ टिप्स का ऑफर भी किया. उनकी सलाह सीधी है. अपना अगला पैर जमाकर मत रखो, गेंद का इंतजार करो और खेलो.
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भारत में स्पिन का अच्छे से सामना करना ही होगा कामयाबी का मंत्र
23 फरवरी से भारत के खिलाफ पहला टेस्ट खेलेगी ऑस्ट्रेलियाई टीम
स्पिन खेलने में पीटरसन ने ऑस्ट्रेलिया टीम को सलाह की पेशकश की
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर खतरनाक हादसे का वीडियो वायरल हुआ है. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है. तेज रफ्तार के कहर के इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दूसरे से आगे निकलने की होड़ में इतना बड़ा हादसा हो गया. मरने वाला शख्स मारुति इको चला रहा था. दरअसल, सड़क पर चल रही स्विफ्ट डिजायर ने आगे निकलने की होड़ में अचानक कट मारकर अपना लेन बदल लिया और इससे साथ में चल रही लैंबॉर्गिनी का संतुलन बिगड़ गया और वह अपने साथ चल रही इको कार से टकराई. स्पीड की वजह से टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इको दो या तीन बार हवा में पलटी और दूर जाकर गिरी. इसी में सवार ड्राइवर की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक-मारुति इको का ड्राइवर अरशद अहमद पूर्वी दिल्ली के मंडावली का रहने वाला था. हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि अस्पताल लाने से पहले ही वह मर चुका था.
स्विफ्ट डिजायर के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन लैंबॉर्गिनी का ड्राइवर अभी तक गिरफ्त से बाहर है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक- एक्सप्रेस वे पर सबसे ज्यादा हादसे लेन में न चलने और तेज रफ्तार की वजह से होते हैं.
स्विफ्ट डिजायर के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन लैंबॉर्गिनी का ड्राइवर अभी तक गिरफ्त से बाहर है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक- एक्सप्रेस वे पर सबसे ज्यादा हादसे लेन में न चलने और तेज रफ्तार की वजह से होते हैं.
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संक्षिप्त सारांश: इको चला रहे ड्राइवर की मौके पर ही मौत
स्विफ्ट डिजायर का ड्राइवर गिरफ्तार
दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हुआ हादसा
| 29
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्त मंत्रालय सेवा की क्षेत्र के कुछ और पेशों को कर दायरे में लागने की योजना है। वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव वीके गर्ग ने एसोसिएटेड चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) द्वार सेवा कर विषय पर एक कार्य्रकम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र में कुछ और क्षेत्रों को सेवा कर के दायरे में लाने की जरूरत है। भारत में यह करना कठिन है, क्योंकि कई बार सामान को सेवाओं के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और सेवाओं को सामान के रूप में। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पादन एवं सेवा कर (जीएसटी) के कार्यान्वयन की प्रतिबद्धता जताई है। इसके आने से केंद्र और राज्य स्तर पर अधिकांश अप्रत्यक्ष कर इसमें ही शामिल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही केंद्रीय वित्तमंत्री कराधान की नकारात्मक सूची की घोषणा करेंगे। हमने कराधान की एक नकारात्मक सूची बनाई है, जिन पर हम कर नहीं लगाते हैं या हमें नहीं लगाना चाहिए। जब हम एक बार इसके बारे में आश्वस्त हो जाएंगे, तो इस सूची में शामिल हर किसी को कर दायरे में लाया जा सकेगा।
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संक्षिप्त सारांश: वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव वीके गर्ग ने कहा है कि सेवा क्षेत्र में कुछ और क्षेत्रों को सेवा कर के दायरे में लाने की जरूरत है।
| 0
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच का अनुमान है कि डीजल के दाम बढ़ाने से मुद्रास्फीति में 1.2 फीसद की वृद्धि होगी और मार्च तक थोक मूल्य वाली मुद्रास्फीति 7.0 से 7.5 फीसद तक रहेगी।
बैंक ऑफ इंडिया मेरिल लिंच इंडिया के अर्थशास्त्री इंद्रनील सेन गुप्ता ने एक रप्ट में कहा ‘‘मुद्रास्फीति में 2013-14 में फिर सर उठाएगी। पिछली शाम से डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से 2013-14 में मुद्रास्फीति 1.2 फीसद बढ़ेगी।’’
सरकार ने गुरुवार को डीजल की कीमत को नियंत्रण-मुक्त करने कर दिश में कदम बढ़ाया। डीजल की कीमत में 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और आगे भी मासिक स्तर पर ऐसी ही बढ़ोतरी की योजना बनाई ताकि रिकॉर्ड सब्सिडी में कटौती की जा सके।टिप्पणियां
डीजल के थोक क्रेताओं के लिए डीजल मूल्य 10 रुपये लीटर बढ़ गया है। रपट के मुताबिक मार्च की तिमाही में मुद्रास्फीति सात फीसद के इर्द-गिर्द और 2013 की दूसरी छमाही में 7.5 से आठ फीसद के बीच रहेगी। उसक बाद नरम हो कर मार्च 2014 तक यह 6.5 से सात फीसद तक आ जाएगी।
रपट में कहा गया कि मौजूदा परिस्थिति में रिजर्व बैंक 29 जनवरी को मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 फीसद की कटौती कर सकता है।
बैंक ऑफ इंडिया मेरिल लिंच इंडिया के अर्थशास्त्री इंद्रनील सेन गुप्ता ने एक रप्ट में कहा ‘‘मुद्रास्फीति में 2013-14 में फिर सर उठाएगी। पिछली शाम से डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से 2013-14 में मुद्रास्फीति 1.2 फीसद बढ़ेगी।’’
सरकार ने गुरुवार को डीजल की कीमत को नियंत्रण-मुक्त करने कर दिश में कदम बढ़ाया। डीजल की कीमत में 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और आगे भी मासिक स्तर पर ऐसी ही बढ़ोतरी की योजना बनाई ताकि रिकॉर्ड सब्सिडी में कटौती की जा सके।टिप्पणियां
डीजल के थोक क्रेताओं के लिए डीजल मूल्य 10 रुपये लीटर बढ़ गया है। रपट के मुताबिक मार्च की तिमाही में मुद्रास्फीति सात फीसद के इर्द-गिर्द और 2013 की दूसरी छमाही में 7.5 से आठ फीसद के बीच रहेगी। उसक बाद नरम हो कर मार्च 2014 तक यह 6.5 से सात फीसद तक आ जाएगी।
रपट में कहा गया कि मौजूदा परिस्थिति में रिजर्व बैंक 29 जनवरी को मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 फीसद की कटौती कर सकता है।
सरकार ने गुरुवार को डीजल की कीमत को नियंत्रण-मुक्त करने कर दिश में कदम बढ़ाया। डीजल की कीमत में 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और आगे भी मासिक स्तर पर ऐसी ही बढ़ोतरी की योजना बनाई ताकि रिकॉर्ड सब्सिडी में कटौती की जा सके।टिप्पणियां
डीजल के थोक क्रेताओं के लिए डीजल मूल्य 10 रुपये लीटर बढ़ गया है। रपट के मुताबिक मार्च की तिमाही में मुद्रास्फीति सात फीसद के इर्द-गिर्द और 2013 की दूसरी छमाही में 7.5 से आठ फीसद के बीच रहेगी। उसक बाद नरम हो कर मार्च 2014 तक यह 6.5 से सात फीसद तक आ जाएगी।
रपट में कहा गया कि मौजूदा परिस्थिति में रिजर्व बैंक 29 जनवरी को मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 फीसद की कटौती कर सकता है।
डीजल के थोक क्रेताओं के लिए डीजल मूल्य 10 रुपये लीटर बढ़ गया है। रपट के मुताबिक मार्च की तिमाही में मुद्रास्फीति सात फीसद के इर्द-गिर्द और 2013 की दूसरी छमाही में 7.5 से आठ फीसद के बीच रहेगी। उसक बाद नरम हो कर मार्च 2014 तक यह 6.5 से सात फीसद तक आ जाएगी।
रपट में कहा गया कि मौजूदा परिस्थिति में रिजर्व बैंक 29 जनवरी को मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 फीसद की कटौती कर सकता है।
रपट में कहा गया कि मौजूदा परिस्थिति में रिजर्व बैंक 29 जनवरी को मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 फीसद की कटौती कर सकता है।
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सारांश: बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच का अनुमान है कि डीजल के दाम बढ़ाने से मुद्रास्फीति में 1.2 फीसद की वृद्धि होगी और मार्च तक थोक मूल्य वाली मुद्रास्फीति 7.0 से 7.5 फीसद तक रहेगी।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमित कुमार ने सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में पुरुषों की 55 किग्रा फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीता जबकि तीन अन्य भारतीय पहलवान कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
पिछली बार एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले अमित ने सिर में लगी चोट के बावजूद फाइनल में उत्तर कोरिया के कियोंग यांग को 1-0, 5-2 से हराकर भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता।
महिलाओं के वर्ग में विनेश (51 किग्रा) और बबिता कुमारी (55 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते। पुरुषों के वर्ग में बजरंग (60 किग्रा) ने कांसे का तमगा हासिल किया।
इस तरह से अखाड़े में उतरने वाले प्रत्येक भारतीय पहलवान ने पदक जीता। अमित ने सोने का तमगा जीतने के बाद कहा, ‘मुझसे काफी उम्मीदें लगाई गई थीं और मुझे खुशी है कि मैं पदक जीतने में सफल रहा। जब मैं मैट पर पहुंचा तो सिर की अपनी चोट के बारे में भूल गया। मैंने कियोंग की सेमीफाइनल बाउट देखी थी। मैं जानता था कि वह मेरे बाएं पांव पर हमला करेगा और मैंने उसे इसका मौका नहीं दिया।’टिप्पणियां
भारत ने पदक का अपना खाता तब खोला जब बिनेश ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक के मुकाबले में थाईलैंड की श्रीप्रदा थोकेउ को 1-0, 3-0 से हराया। उनकी चचेरी बहन और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता बबिता कुमारी ने भी मंगोलिया की ब्यामबातसेरेन सुनदेव को 1-1, 3-0 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
योगेश्वर दत्त की जगह टीम में शामिल किए गए बजरंग उत्तर कोरिया के हाक ह्वांग रियोंग से पहला मुकाबला हार गए लेकिन उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने जापान के शोगो माएदा को हराकर पदक जीता।
पिछली बार एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले अमित ने सिर में लगी चोट के बावजूद फाइनल में उत्तर कोरिया के कियोंग यांग को 1-0, 5-2 से हराकर भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता।
महिलाओं के वर्ग में विनेश (51 किग्रा) और बबिता कुमारी (55 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते। पुरुषों के वर्ग में बजरंग (60 किग्रा) ने कांसे का तमगा हासिल किया।
इस तरह से अखाड़े में उतरने वाले प्रत्येक भारतीय पहलवान ने पदक जीता। अमित ने सोने का तमगा जीतने के बाद कहा, ‘मुझसे काफी उम्मीदें लगाई गई थीं और मुझे खुशी है कि मैं पदक जीतने में सफल रहा। जब मैं मैट पर पहुंचा तो सिर की अपनी चोट के बारे में भूल गया। मैंने कियोंग की सेमीफाइनल बाउट देखी थी। मैं जानता था कि वह मेरे बाएं पांव पर हमला करेगा और मैंने उसे इसका मौका नहीं दिया।’टिप्पणियां
भारत ने पदक का अपना खाता तब खोला जब बिनेश ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक के मुकाबले में थाईलैंड की श्रीप्रदा थोकेउ को 1-0, 3-0 से हराया। उनकी चचेरी बहन और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता बबिता कुमारी ने भी मंगोलिया की ब्यामबातसेरेन सुनदेव को 1-1, 3-0 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
योगेश्वर दत्त की जगह टीम में शामिल किए गए बजरंग उत्तर कोरिया के हाक ह्वांग रियोंग से पहला मुकाबला हार गए लेकिन उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने जापान के शोगो माएदा को हराकर पदक जीता।
महिलाओं के वर्ग में विनेश (51 किग्रा) और बबिता कुमारी (55 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते। पुरुषों के वर्ग में बजरंग (60 किग्रा) ने कांसे का तमगा हासिल किया।
इस तरह से अखाड़े में उतरने वाले प्रत्येक भारतीय पहलवान ने पदक जीता। अमित ने सोने का तमगा जीतने के बाद कहा, ‘मुझसे काफी उम्मीदें लगाई गई थीं और मुझे खुशी है कि मैं पदक जीतने में सफल रहा। जब मैं मैट पर पहुंचा तो सिर की अपनी चोट के बारे में भूल गया। मैंने कियोंग की सेमीफाइनल बाउट देखी थी। मैं जानता था कि वह मेरे बाएं पांव पर हमला करेगा और मैंने उसे इसका मौका नहीं दिया।’टिप्पणियां
भारत ने पदक का अपना खाता तब खोला जब बिनेश ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक के मुकाबले में थाईलैंड की श्रीप्रदा थोकेउ को 1-0, 3-0 से हराया। उनकी चचेरी बहन और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता बबिता कुमारी ने भी मंगोलिया की ब्यामबातसेरेन सुनदेव को 1-1, 3-0 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
योगेश्वर दत्त की जगह टीम में शामिल किए गए बजरंग उत्तर कोरिया के हाक ह्वांग रियोंग से पहला मुकाबला हार गए लेकिन उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने जापान के शोगो माएदा को हराकर पदक जीता।
इस तरह से अखाड़े में उतरने वाले प्रत्येक भारतीय पहलवान ने पदक जीता। अमित ने सोने का तमगा जीतने के बाद कहा, ‘मुझसे काफी उम्मीदें लगाई गई थीं और मुझे खुशी है कि मैं पदक जीतने में सफल रहा। जब मैं मैट पर पहुंचा तो सिर की अपनी चोट के बारे में भूल गया। मैंने कियोंग की सेमीफाइनल बाउट देखी थी। मैं जानता था कि वह मेरे बाएं पांव पर हमला करेगा और मैंने उसे इसका मौका नहीं दिया।’टिप्पणियां
भारत ने पदक का अपना खाता तब खोला जब बिनेश ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक के मुकाबले में थाईलैंड की श्रीप्रदा थोकेउ को 1-0, 3-0 से हराया। उनकी चचेरी बहन और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता बबिता कुमारी ने भी मंगोलिया की ब्यामबातसेरेन सुनदेव को 1-1, 3-0 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
योगेश्वर दत्त की जगह टीम में शामिल किए गए बजरंग उत्तर कोरिया के हाक ह्वांग रियोंग से पहला मुकाबला हार गए लेकिन उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने जापान के शोगो माएदा को हराकर पदक जीता।
भारत ने पदक का अपना खाता तब खोला जब बिनेश ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक के मुकाबले में थाईलैंड की श्रीप्रदा थोकेउ को 1-0, 3-0 से हराया। उनकी चचेरी बहन और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता बबिता कुमारी ने भी मंगोलिया की ब्यामबातसेरेन सुनदेव को 1-1, 3-0 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
योगेश्वर दत्त की जगह टीम में शामिल किए गए बजरंग उत्तर कोरिया के हाक ह्वांग रियोंग से पहला मुकाबला हार गए लेकिन उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने जापान के शोगो माएदा को हराकर पदक जीता।
योगेश्वर दत्त की जगह टीम में शामिल किए गए बजरंग उत्तर कोरिया के हाक ह्वांग रियोंग से पहला मुकाबला हार गए लेकिन उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने जापान के शोगो माएदा को हराकर पदक जीता।
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संक्षिप्त सारांश: अमित कुमार ने सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में पुरुषों की 55 किग्रा फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीता जबकि तीन अन्य भारतीय पहलवान कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव के बाद मोदी कैबिनेट (PM Modi) में जेडीयू से एक भी मंत्री न बनाए जाने से खफा बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बीजेपी-जेडीयू के रिश्तों को लेकर आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने (Nitish Kumar) पटना में कहा कि हम पहले भी साथ थे और आगे भी साथ रहेंगे. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा कि जेडीयू के किसी भी नेता को केंद्र (PM Modi) में मंत्रिमंडल न देने का मुद्दा अब खत्म हो गया है. उन्होंने (Nitish Kumar) कहा कि केंद्र (PM Modi) में बीजेपी की अपनी बहुमत की सरकार है और सरकार चलाने के लिए उनको किसी सहयोगी दल की जरूरत नहीं है. लेकिन अगर भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र और बिहार सरकार साथ मिलकर काम कर रही है. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जेडीयू-बीजेपी साथ मिलकर लड़ेगी. इस पर कोई सवाल खड़ा करना गलत होगा.
नीतीश कुमार पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल न करने पर आपकी राय है तो उन्होंने कहा कि जो सांकेतिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एक मंत्री शामिल किए जाने का ऑफ़र दिया गया था उसका कोई मतलब नहीं था. उसकी कोई आवश्यकता नहीं है . नीतीश ने कहा कि जो होना होता है वो प्रारंभ में होता है. उन्होंने कहा कि सरकार चलाने का जनादेश ख़ुद जनता ने उनको दिया है, तो उसमें सहयोगी दलों की क्या ज़रूरत है.
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नीतीश कुमार ने जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह सुर्खियों के लिए कुछ भी बोल देते हैं. इसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे थे कि बीजेपी-जेडीयू के बीच दिन पर दिन संबंध खराब होने लगे हैं. उस उन्होंने (Nitish Kumar) कहा था कि ऐसे लोग जो गैर-जरूरी टिप्पणी करने वाले लोगों का कोई धर्म नहीं होता है. ध्यान हो कि गिरिराज सिंह (Giriraj singh) ने कुछ दिन पहले नीतीश कुमार के इफ्तार पार्टी को लेकर एक फोटो ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था कि कितना अच्छा होता अगर ये सभी नवरात्री में भी उपवास रखते. गिरिराज सिंह (Giriraj singh) के इस बयान को बिहार की मौजूदा राजनीति में बीजेपी-जेडीयू के बीच बढ़ती दूरी के तौर पर देखा जा रहा था. दरअसल, लोकसभा चुनाव में एनडीए के प्रचंड जीत के बाद मोदी सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में जेडीयू के किसी भी नेता को शामिल नहीं किया था. इस बात को लेकर नीतीश कुमार ने अपनी नाराजगी भी जताई है.
गिरिराज सिंह के इस बयान के बाद बीजेपी अध्यक्ष और देश के गृहमंत्री अमित शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने गिरिराज सिंह को इस तरह के बयान दोबारा न देने की हिदायत भी दी थी. अपने बयानों से अक्सर विवादों में घिरने वाले गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने अपनी ही गठबंधन पार्टी के प्रमुख नेताओं पर सवाल उठाया है. मालूम हो कि 2008 से 2010 के बीच वह नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री भी रहे. नीतीश कुमार के इस बयान के बाद ही अमित शाह ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए गिरिराज सिंह को हिदायत दी है. अमित शाह ने गिरीराज सिंह को फ़ोन करके कहा था कि इस तरह की शिकायत आगे से नहीं आनी चाहिए. बता दें कि अमित शाह और नीतीश कुमार से पहले गिरिराज सिंह के इस बयान की लोजपा के नेता चिराग पासवान ने भी निंदी की थी.
उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में कहा था कि गिरिराज सर (Giriraj Singh) ऐसे ट्वीट करते रहते हैं. मुझे लगता है कि मीडिया गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) के ट्वीट को कुछ ज्यादा ही गंभीरता से ले रही है. इस विवाद में गिरिराज सिंह को क्लीनचिट देने पर चिराग पासवान ने कहा कि निरंतरता में उनके कई बयान आए हैं. कभी भी तुष्टिकरण की राजनीति नहीं होनी चाहिए कभी भी धर्म या जाति की राजनीति नहीं करना चाहिए. पीएम ने खुद ऐसे बयानबाजी से बचने की नसीहत दी थी.
बहरहाल हमारी अपनी एक अपनी विचारधारा रही है. हम उसी पर चल रहे हैं. बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या आप गिरिराज सिंह से मिलेंगे? क्या आप उनसे पूछेंगे कि आपने ऐसा ट्वीट क्यों किया है? इसपर चिराग पासवान ने कहा कि जब उनसे मुलाकात होगी तो मैं उनसे जरूर पूछूंगा लेकिन मुझे लग रहा है कि हम किसी एक के बयान को कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रहे हैं.
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बीजेपी-जेडीयू के बीच सब कुछ ठीक- नीतीश कुमार
पटना में नीतीश कुमार ने दिया बयान
मोदी कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज चल रहे थे नीतीश कुमार
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन के शहर क्वांगचो में जारी विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के तीसरे दिन बुधवार को भारत को अपेक्षित परिणाम मिले। उसके तीन अहम खिलाड़ी-महिला एकल से सायना नेहवाल और पीवी सिंधु तथा पुरुष एकल से पारुपल्ली कश्यप अपने-अपने वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए लेकिन एकल में अजय जयराम और तरुण कोना और अरुण विष्णु की पुरुष युगल जोड़ी को हार मिली।
पहले दौर में बाई हासिल करने वाली भारत की शीर्ष वरीय और विश्व की तीसरी वरीय सायना ने दूसरे दौर के मुकाबले में रूस की ओग्ला गोलोवानोवा को 2-15, 21-4 से हराया। यह मैच 23 मिनट चला। सायना और ओग्ला के बीच यह पहली भिड़ंत थी।
तीसरे दौर में सायना का सामना थाईलैंड की पोर्नटिप बी. के साथ होगा। इन दोनों के बीच यह छठी भिड़ंत होगी। 18वीं वरीय पोर्नटिप को सायना ने अब तक पांचों बार हराया है।
भारत के लिए महिला एकल वर्ग में पदक की दावेदार सिंधु भी तीसरे दौर में पहुंच गई हैं। सिंधु को हालांकि जापान की कोओरी इमाबेपू को हराने के लिए एक घंटा 11 मिनट इंतजार करना पड़ा। विश्व की 12वीं और टूर्नामेंट की 10वीं वरीय सिंधु ने यह मैच 19-21 21-19 17-21 से जीता।
इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक बार आमने-सामने हुई थीं। उसमें भी सिंधु की जीत हुई थी। सिंधु को भी पहले दौर में बाई मिला था। अगले दौर में सिंधु का सामना विश्व की दूसरी वरीय चीनी खिलाड़ी यिहान वांग से होगा।
वांग और सिंधु के बीच इससे पहले एक बार भिड़ंत हुई है, जिसमें यिहान विजयी रही हैं। यिहान ने इस साल सुदीरमन कप में सिंधु को पराजित किया था।
जयराम ने पहले दौर में हांगकांग के विंग की वोंग को चौंकाते हुए बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे दौर में वह स्पेन के पाब्लो एबियन के खिलाफ अपने खेल का स्तर बरकरार नहीं रख सके और 9-21, 17-21 से हार गए। यह मैच 31 मिनट चला।
कश्यप ने चेक गणराज्य के पीटर कोकाल को हराया। 13वें वरीय कश्यप के खिलाफ खेल रहे कोलाक रिटायर्ड हर्ट हुए। मैच से हटते समय कश्यप पहले गेम में 14-5 से आगे चल रहे थे। यह मैच 11 मिनट ही चला।टिप्पणियां
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
पहले दौर में बाई हासिल करने वाली भारत की शीर्ष वरीय और विश्व की तीसरी वरीय सायना ने दूसरे दौर के मुकाबले में रूस की ओग्ला गोलोवानोवा को 2-15, 21-4 से हराया। यह मैच 23 मिनट चला। सायना और ओग्ला के बीच यह पहली भिड़ंत थी।
तीसरे दौर में सायना का सामना थाईलैंड की पोर्नटिप बी. के साथ होगा। इन दोनों के बीच यह छठी भिड़ंत होगी। 18वीं वरीय पोर्नटिप को सायना ने अब तक पांचों बार हराया है।
भारत के लिए महिला एकल वर्ग में पदक की दावेदार सिंधु भी तीसरे दौर में पहुंच गई हैं। सिंधु को हालांकि जापान की कोओरी इमाबेपू को हराने के लिए एक घंटा 11 मिनट इंतजार करना पड़ा। विश्व की 12वीं और टूर्नामेंट की 10वीं वरीय सिंधु ने यह मैच 19-21 21-19 17-21 से जीता।
इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक बार आमने-सामने हुई थीं। उसमें भी सिंधु की जीत हुई थी। सिंधु को भी पहले दौर में बाई मिला था। अगले दौर में सिंधु का सामना विश्व की दूसरी वरीय चीनी खिलाड़ी यिहान वांग से होगा।
वांग और सिंधु के बीच इससे पहले एक बार भिड़ंत हुई है, जिसमें यिहान विजयी रही हैं। यिहान ने इस साल सुदीरमन कप में सिंधु को पराजित किया था।
जयराम ने पहले दौर में हांगकांग के विंग की वोंग को चौंकाते हुए बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे दौर में वह स्पेन के पाब्लो एबियन के खिलाफ अपने खेल का स्तर बरकरार नहीं रख सके और 9-21, 17-21 से हार गए। यह मैच 31 मिनट चला।
कश्यप ने चेक गणराज्य के पीटर कोकाल को हराया। 13वें वरीय कश्यप के खिलाफ खेल रहे कोलाक रिटायर्ड हर्ट हुए। मैच से हटते समय कश्यप पहले गेम में 14-5 से आगे चल रहे थे। यह मैच 11 मिनट ही चला।टिप्पणियां
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
तीसरे दौर में सायना का सामना थाईलैंड की पोर्नटिप बी. के साथ होगा। इन दोनों के बीच यह छठी भिड़ंत होगी। 18वीं वरीय पोर्नटिप को सायना ने अब तक पांचों बार हराया है।
भारत के लिए महिला एकल वर्ग में पदक की दावेदार सिंधु भी तीसरे दौर में पहुंच गई हैं। सिंधु को हालांकि जापान की कोओरी इमाबेपू को हराने के लिए एक घंटा 11 मिनट इंतजार करना पड़ा। विश्व की 12वीं और टूर्नामेंट की 10वीं वरीय सिंधु ने यह मैच 19-21 21-19 17-21 से जीता।
इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक बार आमने-सामने हुई थीं। उसमें भी सिंधु की जीत हुई थी। सिंधु को भी पहले दौर में बाई मिला था। अगले दौर में सिंधु का सामना विश्व की दूसरी वरीय चीनी खिलाड़ी यिहान वांग से होगा।
वांग और सिंधु के बीच इससे पहले एक बार भिड़ंत हुई है, जिसमें यिहान विजयी रही हैं। यिहान ने इस साल सुदीरमन कप में सिंधु को पराजित किया था।
जयराम ने पहले दौर में हांगकांग के विंग की वोंग को चौंकाते हुए बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे दौर में वह स्पेन के पाब्लो एबियन के खिलाफ अपने खेल का स्तर बरकरार नहीं रख सके और 9-21, 17-21 से हार गए। यह मैच 31 मिनट चला।
कश्यप ने चेक गणराज्य के पीटर कोकाल को हराया। 13वें वरीय कश्यप के खिलाफ खेल रहे कोलाक रिटायर्ड हर्ट हुए। मैच से हटते समय कश्यप पहले गेम में 14-5 से आगे चल रहे थे। यह मैच 11 मिनट ही चला।टिप्पणियां
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
भारत के लिए महिला एकल वर्ग में पदक की दावेदार सिंधु भी तीसरे दौर में पहुंच गई हैं। सिंधु को हालांकि जापान की कोओरी इमाबेपू को हराने के लिए एक घंटा 11 मिनट इंतजार करना पड़ा। विश्व की 12वीं और टूर्नामेंट की 10वीं वरीय सिंधु ने यह मैच 19-21 21-19 17-21 से जीता।
इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक बार आमने-सामने हुई थीं। उसमें भी सिंधु की जीत हुई थी। सिंधु को भी पहले दौर में बाई मिला था। अगले दौर में सिंधु का सामना विश्व की दूसरी वरीय चीनी खिलाड़ी यिहान वांग से होगा।
वांग और सिंधु के बीच इससे पहले एक बार भिड़ंत हुई है, जिसमें यिहान विजयी रही हैं। यिहान ने इस साल सुदीरमन कप में सिंधु को पराजित किया था।
जयराम ने पहले दौर में हांगकांग के विंग की वोंग को चौंकाते हुए बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे दौर में वह स्पेन के पाब्लो एबियन के खिलाफ अपने खेल का स्तर बरकरार नहीं रख सके और 9-21, 17-21 से हार गए। यह मैच 31 मिनट चला।
कश्यप ने चेक गणराज्य के पीटर कोकाल को हराया। 13वें वरीय कश्यप के खिलाफ खेल रहे कोलाक रिटायर्ड हर्ट हुए। मैच से हटते समय कश्यप पहले गेम में 14-5 से आगे चल रहे थे। यह मैच 11 मिनट ही चला।टिप्पणियां
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक बार आमने-सामने हुई थीं। उसमें भी सिंधु की जीत हुई थी। सिंधु को भी पहले दौर में बाई मिला था। अगले दौर में सिंधु का सामना विश्व की दूसरी वरीय चीनी खिलाड़ी यिहान वांग से होगा।
वांग और सिंधु के बीच इससे पहले एक बार भिड़ंत हुई है, जिसमें यिहान विजयी रही हैं। यिहान ने इस साल सुदीरमन कप में सिंधु को पराजित किया था।
जयराम ने पहले दौर में हांगकांग के विंग की वोंग को चौंकाते हुए बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे दौर में वह स्पेन के पाब्लो एबियन के खिलाफ अपने खेल का स्तर बरकरार नहीं रख सके और 9-21, 17-21 से हार गए। यह मैच 31 मिनट चला।
कश्यप ने चेक गणराज्य के पीटर कोकाल को हराया। 13वें वरीय कश्यप के खिलाफ खेल रहे कोलाक रिटायर्ड हर्ट हुए। मैच से हटते समय कश्यप पहले गेम में 14-5 से आगे चल रहे थे। यह मैच 11 मिनट ही चला।टिप्पणियां
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
वांग और सिंधु के बीच इससे पहले एक बार भिड़ंत हुई है, जिसमें यिहान विजयी रही हैं। यिहान ने इस साल सुदीरमन कप में सिंधु को पराजित किया था।
जयराम ने पहले दौर में हांगकांग के विंग की वोंग को चौंकाते हुए बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे दौर में वह स्पेन के पाब्लो एबियन के खिलाफ अपने खेल का स्तर बरकरार नहीं रख सके और 9-21, 17-21 से हार गए। यह मैच 31 मिनट चला।
कश्यप ने चेक गणराज्य के पीटर कोकाल को हराया। 13वें वरीय कश्यप के खिलाफ खेल रहे कोलाक रिटायर्ड हर्ट हुए। मैच से हटते समय कश्यप पहले गेम में 14-5 से आगे चल रहे थे। यह मैच 11 मिनट ही चला।टिप्पणियां
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
जयराम ने पहले दौर में हांगकांग के विंग की वोंग को चौंकाते हुए बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे दौर में वह स्पेन के पाब्लो एबियन के खिलाफ अपने खेल का स्तर बरकरार नहीं रख सके और 9-21, 17-21 से हार गए। यह मैच 31 मिनट चला।
कश्यप ने चेक गणराज्य के पीटर कोकाल को हराया। 13वें वरीय कश्यप के खिलाफ खेल रहे कोलाक रिटायर्ड हर्ट हुए। मैच से हटते समय कश्यप पहले गेम में 14-5 से आगे चल रहे थे। यह मैच 11 मिनट ही चला।टिप्पणियां
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
कश्यप ने चेक गणराज्य के पीटर कोकाल को हराया। 13वें वरीय कश्यप के खिलाफ खेल रहे कोलाक रिटायर्ड हर्ट हुए। मैच से हटते समय कश्यप पहले गेम में 14-5 से आगे चल रहे थे। यह मैच 11 मिनट ही चला।टिप्पणियां
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
अगले दौर में कश्यप का सामना टूर्नामेंट के छठे वरीय हांगकांग के युन हू के साथ होगा। इन दोनों खिलाड़ियों बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ही बार युन की जीत हुई है।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा मिली। तरुण कोना और अरुण विष्णु की जोड़ी को दूसरे दौर के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वेंत चंद्रा और मार्किस किडो ने 21-15 13-21 21-17 से हराया। यह मैच 40 मिनट चला।
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यह एक सारांश है: चीन के शहर क्वांगचो में जारी विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के तीसरे दिन बुधवार को भारत को अपेक्षित परिणाम मिले। उसके तीन अहम खिलाड़ी-महिला एकल से सायना नेहवाल और पीवी सिंधु तथा पुरुष एकल से पारुपल्ली कश्यप अपने-अपने वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: पढ़ें: बिग बी को फिर आई 'कुली' हादसे की याद, बताई जिंदा बचने की असली वजह
कुछ समय बिताने के बाद उनके दोस्तों ने कावले साद प्वाइंट छोड़ दिया, लेकिन इमरान और राठौड़ वहीं खड़े रहे. पुलिसवालों को इस दुर्घटना के बारे में स्थानीय लोगों और दुकानदारों से पता चला. दोनों को ढूंढने के लिए हिल राइडर्स ग्रुप और ट्रैकर्स को लगाया गया.टिप्पणियां
पढ़ें: पिता माउंटेन क्लाइंबिंग ट्रेनर; बेटी ट्रेनिंग में 7वीं मंजिल से गिरी, कैमरे में कैद दिल दहलाने वाला हादसा घाटी में शवों को देखा गया था, लेकिन बारिश की वजह से शवों को अभी तक बरामद नहीं किया जा सका. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों के हाथ में बोतलें हैं. घाटी के किनारों की बाड़ पर दोनों चढ़े हुए हैं. दोस्त कभी उन्हें स्टंट करते देख चीयर कर रहे हैं तो कुछ उन्हें रोकने की कोशिश करते दिख रहे हैं. दोनों लड़के आपस में कुछ बातचीत करते हैं, उनमें से एक हाथ उठाकर आसमान की ओर कुछ इशारा करता है. इसके बाद दोनों नीचे कूद जाते हैं.
कुछ समय बिताने के बाद उनके दोस्तों ने कावले साद प्वाइंट छोड़ दिया, लेकिन इमरान और राठौड़ वहीं खड़े रहे. पुलिसवालों को इस दुर्घटना के बारे में स्थानीय लोगों और दुकानदारों से पता चला. दोनों को ढूंढने के लिए हिल राइडर्स ग्रुप और ट्रैकर्स को लगाया गया.टिप्पणियां
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पढ़ें: पिता माउंटेन क्लाइंबिंग ट्रेनर; बेटी ट्रेनिंग में 7वीं मंजिल से गिरी, कैमरे में कैद दिल दहलाने वाला हादसा घाटी में शवों को देखा गया था, लेकिन बारिश की वजह से शवों को अभी तक बरामद नहीं किया जा सका. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों के हाथ में बोतलें हैं. घाटी के किनारों की बाड़ पर दोनों चढ़े हुए हैं. दोस्त कभी उन्हें स्टंट करते देख चीयर कर रहे हैं तो कुछ उन्हें रोकने की कोशिश करते दिख रहे हैं. दोनों लड़के आपस में कुछ बातचीत करते हैं, उनमें से एक हाथ उठाकर आसमान की ओर कुछ इशारा करता है. इसके बाद दोनों नीचे कूद जाते हैं.
घाटी में शवों को देखा गया था, लेकिन बारिश की वजह से शवों को अभी तक बरामद नहीं किया जा सका. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों के हाथ में बोतलें हैं. घाटी के किनारों की बाड़ पर दोनों चढ़े हुए हैं. दोस्त कभी उन्हें स्टंट करते देख चीयर कर रहे हैं तो कुछ उन्हें रोकने की कोशिश करते दिख रहे हैं. दोनों लड़के आपस में कुछ बातचीत करते हैं, उनमें से एक हाथ उठाकर आसमान की ओर कुछ इशारा करता है. इसके बाद दोनों नीचे कूद जाते हैं.
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दोनों पहले कुछ स्टंट कर रहे थे फिर लगा दी छलांग
दोस्त चाहते तो दोनों को समय रहते बचा सकते थे
अंबोली घाट मशहूर पिकनिक स्पॉट है
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: आदित्य बिड़ला समूह, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी समेत एक दर्जन से अधिक औद्योगिक घराने और पीएफसी, एलआईसी व भारतीय डाक जैसे सार्वजनिक संस्थान बैंक लाइसेंस लेने की जुगत में हैं।
रिजर्व बैंक ने दो दिन पहले नए बैंक लाइसेंसों के लिए व्यापक दिशानिर्देशों की घोषणा करते हुए कहा कि इच्छुक इकाइयां 1 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकती हैं। बैंकिंग क्षेत्र में उतरने को इच्छुक अन्य कंपनियों में आईएफसीआई, श्रीराम ग्रुप, रेलीगेयर, एडीए ग्रुप, श्रेई इंफ्रा, इंडिया इन्फोलाइन और इंडियाबुल्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा समूह भी शामिल हैं। बाजार में अटकलें हैं कि ये बैंकिंग क्षेत्र में उतरने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, इन्होंने अपनी योजनाओं पर चुप्पी साध रखी है।
पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक सतनाम सिंह ने कहा कि कंपनी निदेशक मंडल की अगली बैठक में बैंकिंग क्षेत्र में उतरने के प्रस्ताव पर मंजूरी लेगी। लार्सन एंड टुब्रो के प्रवक्ता ने कहा कि समूह नए बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेगी। वहीं श्रीराम कैपिटल के चेयरमैन अरुण दुग्गल ने कहा, हम बैंकिंग क्षेत्र में उतरने और वित्तीय समावेश को प्रोत्साहन देना चाहते हैं। टिप्पणियां
आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैंक स्थापित करने के लिए न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी की दरकार होगी। साथ ही आवेदक कंपनी का न्यूनतम 10 साल अच्छी तरह काम करने का इतिहास होना चाहिए। आदित्य बिड़ला ग्रुप के सीईओ अजय श्रीनिवासन (वित्तीय सेवा) ने कहा, हम बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे।
इसी तरह, रिलायंस कैपिटल के सीईओ सैम घोष ने कहा, हम भी बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे। इंडियाबुल्स के निदेशक अजित मित्तल ने कहा, हमने विकल्प खुला रखा है। हम इस पर विचार करेंगे। बोर्ड उचित समय पर निर्णय करेगा। इस समय, भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के 26 और निजी क्षेत्र के 22 बैंक हैं। इनके अलावा, देश में 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी परिचालन में हैं।
रिजर्व बैंक ने दो दिन पहले नए बैंक लाइसेंसों के लिए व्यापक दिशानिर्देशों की घोषणा करते हुए कहा कि इच्छुक इकाइयां 1 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकती हैं। बैंकिंग क्षेत्र में उतरने को इच्छुक अन्य कंपनियों में आईएफसीआई, श्रीराम ग्रुप, रेलीगेयर, एडीए ग्रुप, श्रेई इंफ्रा, इंडिया इन्फोलाइन और इंडियाबुल्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा समूह भी शामिल हैं। बाजार में अटकलें हैं कि ये बैंकिंग क्षेत्र में उतरने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, इन्होंने अपनी योजनाओं पर चुप्पी साध रखी है।
पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक सतनाम सिंह ने कहा कि कंपनी निदेशक मंडल की अगली बैठक में बैंकिंग क्षेत्र में उतरने के प्रस्ताव पर मंजूरी लेगी। लार्सन एंड टुब्रो के प्रवक्ता ने कहा कि समूह नए बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेगी। वहीं श्रीराम कैपिटल के चेयरमैन अरुण दुग्गल ने कहा, हम बैंकिंग क्षेत्र में उतरने और वित्तीय समावेश को प्रोत्साहन देना चाहते हैं। टिप्पणियां
आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैंक स्थापित करने के लिए न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी की दरकार होगी। साथ ही आवेदक कंपनी का न्यूनतम 10 साल अच्छी तरह काम करने का इतिहास होना चाहिए। आदित्य बिड़ला ग्रुप के सीईओ अजय श्रीनिवासन (वित्तीय सेवा) ने कहा, हम बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे।
इसी तरह, रिलायंस कैपिटल के सीईओ सैम घोष ने कहा, हम भी बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे। इंडियाबुल्स के निदेशक अजित मित्तल ने कहा, हमने विकल्प खुला रखा है। हम इस पर विचार करेंगे। बोर्ड उचित समय पर निर्णय करेगा। इस समय, भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के 26 और निजी क्षेत्र के 22 बैंक हैं। इनके अलावा, देश में 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी परिचालन में हैं।
पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक सतनाम सिंह ने कहा कि कंपनी निदेशक मंडल की अगली बैठक में बैंकिंग क्षेत्र में उतरने के प्रस्ताव पर मंजूरी लेगी। लार्सन एंड टुब्रो के प्रवक्ता ने कहा कि समूह नए बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेगी। वहीं श्रीराम कैपिटल के चेयरमैन अरुण दुग्गल ने कहा, हम बैंकिंग क्षेत्र में उतरने और वित्तीय समावेश को प्रोत्साहन देना चाहते हैं। टिप्पणियां
आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैंक स्थापित करने के लिए न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी की दरकार होगी। साथ ही आवेदक कंपनी का न्यूनतम 10 साल अच्छी तरह काम करने का इतिहास होना चाहिए। आदित्य बिड़ला ग्रुप के सीईओ अजय श्रीनिवासन (वित्तीय सेवा) ने कहा, हम बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे।
इसी तरह, रिलायंस कैपिटल के सीईओ सैम घोष ने कहा, हम भी बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे। इंडियाबुल्स के निदेशक अजित मित्तल ने कहा, हमने विकल्प खुला रखा है। हम इस पर विचार करेंगे। बोर्ड उचित समय पर निर्णय करेगा। इस समय, भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के 26 और निजी क्षेत्र के 22 बैंक हैं। इनके अलावा, देश में 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी परिचालन में हैं।
आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैंक स्थापित करने के लिए न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी की दरकार होगी। साथ ही आवेदक कंपनी का न्यूनतम 10 साल अच्छी तरह काम करने का इतिहास होना चाहिए। आदित्य बिड़ला ग्रुप के सीईओ अजय श्रीनिवासन (वित्तीय सेवा) ने कहा, हम बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे।
इसी तरह, रिलायंस कैपिटल के सीईओ सैम घोष ने कहा, हम भी बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे। इंडियाबुल्स के निदेशक अजित मित्तल ने कहा, हमने विकल्प खुला रखा है। हम इस पर विचार करेंगे। बोर्ड उचित समय पर निर्णय करेगा। इस समय, भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के 26 और निजी क्षेत्र के 22 बैंक हैं। इनके अलावा, देश में 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी परिचालन में हैं।
इसी तरह, रिलायंस कैपिटल के सीईओ सैम घोष ने कहा, हम भी बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहेंगे। इंडियाबुल्स के निदेशक अजित मित्तल ने कहा, हमने विकल्प खुला रखा है। हम इस पर विचार करेंगे। बोर्ड उचित समय पर निर्णय करेगा। इस समय, भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के 26 और निजी क्षेत्र के 22 बैंक हैं। इनके अलावा, देश में 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी परिचालन में हैं।
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यहाँ एक सारांश है:आदित्य बिड़ला समूह, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी समेत एक दर्जन से अधिक औद्योगिक घराने और पीएफसी, एलआईसी व भारतीय डाक जैसे सार्वजनिक संस्थान बैंक लाइसेंस लेने की जुगत में हैं।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के पक्ष में बयान दिया है। लालू यादव ने डॉ एपीजे कलाम के नाम को खारिज करते हुए कहा कि वह एक बार राष्ट्रपति बन चुके हैं, इसलिए हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति अंसारी को ही राष्ट्रपति बनाया जाए।
वहीं यूपी में सत्ता से बेदखल होने के बाद मायावती आज राज्यसभा में नजर आईं। जब उनसे राष्ट्रपति चुनाव पर राय पूछी गई, तो उन्होंने साफ किया कि पहले राष्ट्रपति पद के लिए नाम तय हो जाए, उसके बाद ही उनकी पार्टी इस पर अंतिम फैसला करेगी।टिप्पणियां
राष्ट्रपति चुनाव के लिए सियासी गलियारे में चहल−पहल बढ़ गई है। सत्तारूढ़ यूपीए और विपक्षी एनडीए दोनों के पास इतने नंबर नहीं हैं कि वे अपने मन मुताबिक राष्ट्रपति बना सकें, इसलिए हर तरफ से बात आम सहमति की हो रही है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए जरूरी वोटों में से सिर्फ 42 फीसदी यूपीए के पास हैं। एनडीए के पास केवल 28 फीसदी वोट हैं और गैर-एनडीए और गैर-यूपीए पार्टियों के पास 24 फीसदी वोटों की ताकत है, जबकि छोटी पार्टियों और निर्दलीयों के पास छह फीसदी वोट हैं।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कार्यकाल जुलाई तक है। नए राष्ट्रपति रेस में फिलहाल वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी का नाम सरकार की तरफ से सबसे ऊपर माना जा रहा है। साथ ही महात्मा गांधी के पौत्र और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे गोपालकृष्ण गांधी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी रेस में बने हुए हैं।
वहीं यूपी में सत्ता से बेदखल होने के बाद मायावती आज राज्यसभा में नजर आईं। जब उनसे राष्ट्रपति चुनाव पर राय पूछी गई, तो उन्होंने साफ किया कि पहले राष्ट्रपति पद के लिए नाम तय हो जाए, उसके बाद ही उनकी पार्टी इस पर अंतिम फैसला करेगी।टिप्पणियां
राष्ट्रपति चुनाव के लिए सियासी गलियारे में चहल−पहल बढ़ गई है। सत्तारूढ़ यूपीए और विपक्षी एनडीए दोनों के पास इतने नंबर नहीं हैं कि वे अपने मन मुताबिक राष्ट्रपति बना सकें, इसलिए हर तरफ से बात आम सहमति की हो रही है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए जरूरी वोटों में से सिर्फ 42 फीसदी यूपीए के पास हैं। एनडीए के पास केवल 28 फीसदी वोट हैं और गैर-एनडीए और गैर-यूपीए पार्टियों के पास 24 फीसदी वोटों की ताकत है, जबकि छोटी पार्टियों और निर्दलीयों के पास छह फीसदी वोट हैं।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कार्यकाल जुलाई तक है। नए राष्ट्रपति रेस में फिलहाल वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी का नाम सरकार की तरफ से सबसे ऊपर माना जा रहा है। साथ ही महात्मा गांधी के पौत्र और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे गोपालकृष्ण गांधी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी रेस में बने हुए हैं।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए सियासी गलियारे में चहल−पहल बढ़ गई है। सत्तारूढ़ यूपीए और विपक्षी एनडीए दोनों के पास इतने नंबर नहीं हैं कि वे अपने मन मुताबिक राष्ट्रपति बना सकें, इसलिए हर तरफ से बात आम सहमति की हो रही है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए जरूरी वोटों में से सिर्फ 42 फीसदी यूपीए के पास हैं। एनडीए के पास केवल 28 फीसदी वोट हैं और गैर-एनडीए और गैर-यूपीए पार्टियों के पास 24 फीसदी वोटों की ताकत है, जबकि छोटी पार्टियों और निर्दलीयों के पास छह फीसदी वोट हैं।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कार्यकाल जुलाई तक है। नए राष्ट्रपति रेस में फिलहाल वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी का नाम सरकार की तरफ से सबसे ऊपर माना जा रहा है। साथ ही महात्मा गांधी के पौत्र और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे गोपालकृष्ण गांधी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी रेस में बने हुए हैं।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कार्यकाल जुलाई तक है। नए राष्ट्रपति रेस में फिलहाल वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी का नाम सरकार की तरफ से सबसे ऊपर माना जा रहा है। साथ ही महात्मा गांधी के पौत्र और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे गोपालकृष्ण गांधी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी रेस में बने हुए हैं।
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सारांश: लालू यादव ने डॉ एपीजे कलाम के नाम को खारिज करते हुए कहा कि वह एक बार राष्ट्रपति बन चुके हैं, इसलिए हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को ही राष्ट्रपति बनाया जाए।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: जापानी इलेक्ट्रॉनिक कम्पनी, शार्प कॉरपोरेशन ने दुनियाभर में कुल 11 हजार नौकरियों की कटौती करने और बैंक ऋण हासिल करने के लिए लगभग 2.7 अरब डॉलर की राशि जुटाने हेतु अपनी सम्पत्तियों व कारखानों को बेचने की योजना बनाई है। यह जानकारी मीडिया रपटों में बुधवार को सामने आई है।
रपटों के अनुसार, कम्पनी पहले ही पांच हजार कर्मचारियों की छुट्टी करने की घोषणा कर चुकी है, और उसने पुनर्गठन की इस नवीनतम योजना के बारे में वित्तीय संस्थानों को सोमवार को जानकारी दे दी और उन्हें अपना राजकोषीय प्रारूप सुधारने के अतिरिक्त उपाय की जानकारी दी।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, नई योजना के तहत शार्प 57,170 की अपनी वैश्विक श्रमशक्ति में 19 प्रतिशत की कटौती करेगी। इसमें मार्च 2014 तक घरेलू स्तर पर 3,100 कर्मचारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और उम्र सीमा के बाद की सेवानिवृत्ति शामिल होगी।
नई योजना को अंतिम रूप ले लेने के बाद बैंक नकदी संकट से जूझ रही इस कम्पनी को चंद दिनों के भीतर लगभग 4.6 अरब डॉलर के नए ऋण दे सकते हैं।
रपटों के अनुसार, कम्पनी पहले ही पांच हजार कर्मचारियों की छुट्टी करने की घोषणा कर चुकी है, और उसने पुनर्गठन की इस नवीनतम योजना के बारे में वित्तीय संस्थानों को सोमवार को जानकारी दे दी और उन्हें अपना राजकोषीय प्रारूप सुधारने के अतिरिक्त उपाय की जानकारी दी।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, नई योजना के तहत शार्प 57,170 की अपनी वैश्विक श्रमशक्ति में 19 प्रतिशत की कटौती करेगी। इसमें मार्च 2014 तक घरेलू स्तर पर 3,100 कर्मचारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और उम्र सीमा के बाद की सेवानिवृत्ति शामिल होगी।
नई योजना को अंतिम रूप ले लेने के बाद बैंक नकदी संकट से जूझ रही इस कम्पनी को चंद दिनों के भीतर लगभग 4.6 अरब डॉलर के नए ऋण दे सकते हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, नई योजना के तहत शार्प 57,170 की अपनी वैश्विक श्रमशक्ति में 19 प्रतिशत की कटौती करेगी। इसमें मार्च 2014 तक घरेलू स्तर पर 3,100 कर्मचारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और उम्र सीमा के बाद की सेवानिवृत्ति शामिल होगी।
नई योजना को अंतिम रूप ले लेने के बाद बैंक नकदी संकट से जूझ रही इस कम्पनी को चंद दिनों के भीतर लगभग 4.6 अरब डॉलर के नए ऋण दे सकते हैं।
नई योजना को अंतिम रूप ले लेने के बाद बैंक नकदी संकट से जूझ रही इस कम्पनी को चंद दिनों के भीतर लगभग 4.6 अरब डॉलर के नए ऋण दे सकते हैं।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जापानी इलेक्ट्रॉनिक कम्पनी, शार्प कॉरपोरेशन ने दुनियाभर में कुल 11 हजार नौकरियों की कटौती करने और बैंक ऋण हासिल करने के लिए लगभग 2.7 अरब डॉलर की राशि जुटाने हेतु अपनी सम्पत्तियों व कारखानों को बेचने की योजना बनाई है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी के नेताओं पर हुआ नक्सली हमला कांग्रेस पर हमला नहीं, बल्कि यह लोकतंत्र पर हमला है।
राहुल गांधी ने कहा, यह कांग्रेस पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र पर हमला है, लेकिन हम इस तरह के हमले से नहीं डरेंगे और साहस के साथ आगे बढ़ना जारी रखेंगे। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने नई दिल्ली से देर रात दो बजे रायपुर पहुंचने के बाद रायपुर कांग्रेस भवन में संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत की।टिप्पणियां
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, मैंने अस्पताल में वीसी शुक्ला और अन्य घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी आज पीड़ितों से मिलेंगे। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से संबंधित एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा, यह राजनीति करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा यह दुखद घटना है और हम सभी को एक साथ खड़े रहना होगा।
शनिवार को भारी हथियारों से लैस माओवादियों ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जगदलपुर के नजदीक दरबा घाटी के घने जंगलों में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं समेत कई लोगों की मौत हो गई।
राहुल गांधी ने कहा, यह कांग्रेस पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र पर हमला है, लेकिन हम इस तरह के हमले से नहीं डरेंगे और साहस के साथ आगे बढ़ना जारी रखेंगे। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने नई दिल्ली से देर रात दो बजे रायपुर पहुंचने के बाद रायपुर कांग्रेस भवन में संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत की।टिप्पणियां
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, मैंने अस्पताल में वीसी शुक्ला और अन्य घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी आज पीड़ितों से मिलेंगे। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से संबंधित एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा, यह राजनीति करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा यह दुखद घटना है और हम सभी को एक साथ खड़े रहना होगा।
शनिवार को भारी हथियारों से लैस माओवादियों ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जगदलपुर के नजदीक दरबा घाटी के घने जंगलों में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं समेत कई लोगों की मौत हो गई।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, मैंने अस्पताल में वीसी शुक्ला और अन्य घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी आज पीड़ितों से मिलेंगे। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से संबंधित एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा, यह राजनीति करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा यह दुखद घटना है और हम सभी को एक साथ खड़े रहना होगा।
शनिवार को भारी हथियारों से लैस माओवादियों ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जगदलपुर के नजदीक दरबा घाटी के घने जंगलों में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं समेत कई लोगों की मौत हो गई।
शनिवार को भारी हथियारों से लैस माओवादियों ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जगदलपुर के नजदीक दरबा घाटी के घने जंगलों में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं समेत कई लोगों की मौत हो गई।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, यह कांग्रेस पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र पर हमला है, लेकिन हम इस तरह के हमले से नहीं डरेंगे और साहस के साथ आगे बढ़ना जारी रखेंगे।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष चलाने वाले वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों द्वारा जोरदार स्वागत की तैयारी की जा रही है।
76 वर्षीय हजारे दो सप्ताह की अमेरिका यात्रा पर 16 अगस्त को न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। इस दौरान उनके स्वागत की ऐसी तैयारी है वैसी तैयारी जैसी किसी गैर-राजनीतिज्ञ व्यक्ति के स्वागत के मामले में नहीं मिलती है।
अमेरिका में अपने प्रवास के दौरान हजारे न्यूयॉर्क में भारत के स्वाधीनता दिवस परेड का नेतृत्व करेंगे। इसमें हजारों लोगों के शामिल होंने की उम्मीद है। उसके बाद वह नास्डैक की घंटी बजाएंगे।
हजारे का दक्षिण कैरोलिना के गवर्नर और भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक निक्की हैली के साथ रात्रि भोज में शामिल होने का भी कार्यक्रम है।टिप्पणियां
वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जाएंगे। कैपिटल हिल में सांसदों से मिलेंगे। साथ ही वह सैन फ्रांसिस्को मेरीलैंड, वार्टन में पेन्सिलेवेनिया विश्वविद्यालय तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों तथा शिक्षाविदों के साथ परिचर्चा में भाग लेंगे।
कहा जा रहा है कि सिर्फ भारतीय अमेरिकी ही नहीं, बल्कि अमेरिकी भी हजारे को सुनने को आतुर हैं। अमेरिकी मीडिया भी उनका साक्षात्कार लेने की प्रतीक्षा कर रहा है।
(चित्र परिचय : अन्ना हजारे का फाइल फोटो)
76 वर्षीय हजारे दो सप्ताह की अमेरिका यात्रा पर 16 अगस्त को न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। इस दौरान उनके स्वागत की ऐसी तैयारी है वैसी तैयारी जैसी किसी गैर-राजनीतिज्ञ व्यक्ति के स्वागत के मामले में नहीं मिलती है।
अमेरिका में अपने प्रवास के दौरान हजारे न्यूयॉर्क में भारत के स्वाधीनता दिवस परेड का नेतृत्व करेंगे। इसमें हजारों लोगों के शामिल होंने की उम्मीद है। उसके बाद वह नास्डैक की घंटी बजाएंगे।
हजारे का दक्षिण कैरोलिना के गवर्नर और भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक निक्की हैली के साथ रात्रि भोज में शामिल होने का भी कार्यक्रम है।टिप्पणियां
वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जाएंगे। कैपिटल हिल में सांसदों से मिलेंगे। साथ ही वह सैन फ्रांसिस्को मेरीलैंड, वार्टन में पेन्सिलेवेनिया विश्वविद्यालय तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों तथा शिक्षाविदों के साथ परिचर्चा में भाग लेंगे।
कहा जा रहा है कि सिर्फ भारतीय अमेरिकी ही नहीं, बल्कि अमेरिकी भी हजारे को सुनने को आतुर हैं। अमेरिकी मीडिया भी उनका साक्षात्कार लेने की प्रतीक्षा कर रहा है।
(चित्र परिचय : अन्ना हजारे का फाइल फोटो)
अमेरिका में अपने प्रवास के दौरान हजारे न्यूयॉर्क में भारत के स्वाधीनता दिवस परेड का नेतृत्व करेंगे। इसमें हजारों लोगों के शामिल होंने की उम्मीद है। उसके बाद वह नास्डैक की घंटी बजाएंगे।
हजारे का दक्षिण कैरोलिना के गवर्नर और भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक निक्की हैली के साथ रात्रि भोज में शामिल होने का भी कार्यक्रम है।टिप्पणियां
वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जाएंगे। कैपिटल हिल में सांसदों से मिलेंगे। साथ ही वह सैन फ्रांसिस्को मेरीलैंड, वार्टन में पेन्सिलेवेनिया विश्वविद्यालय तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों तथा शिक्षाविदों के साथ परिचर्चा में भाग लेंगे।
कहा जा रहा है कि सिर्फ भारतीय अमेरिकी ही नहीं, बल्कि अमेरिकी भी हजारे को सुनने को आतुर हैं। अमेरिकी मीडिया भी उनका साक्षात्कार लेने की प्रतीक्षा कर रहा है।
(चित्र परिचय : अन्ना हजारे का फाइल फोटो)
हजारे का दक्षिण कैरोलिना के गवर्नर और भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक निक्की हैली के साथ रात्रि भोज में शामिल होने का भी कार्यक्रम है।टिप्पणियां
वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जाएंगे। कैपिटल हिल में सांसदों से मिलेंगे। साथ ही वह सैन फ्रांसिस्को मेरीलैंड, वार्टन में पेन्सिलेवेनिया विश्वविद्यालय तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों तथा शिक्षाविदों के साथ परिचर्चा में भाग लेंगे।
कहा जा रहा है कि सिर्फ भारतीय अमेरिकी ही नहीं, बल्कि अमेरिकी भी हजारे को सुनने को आतुर हैं। अमेरिकी मीडिया भी उनका साक्षात्कार लेने की प्रतीक्षा कर रहा है।
(चित्र परिचय : अन्ना हजारे का फाइल फोटो)
वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जाएंगे। कैपिटल हिल में सांसदों से मिलेंगे। साथ ही वह सैन फ्रांसिस्को मेरीलैंड, वार्टन में पेन्सिलेवेनिया विश्वविद्यालय तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों तथा शिक्षाविदों के साथ परिचर्चा में भाग लेंगे।
कहा जा रहा है कि सिर्फ भारतीय अमेरिकी ही नहीं, बल्कि अमेरिकी भी हजारे को सुनने को आतुर हैं। अमेरिकी मीडिया भी उनका साक्षात्कार लेने की प्रतीक्षा कर रहा है।
(चित्र परिचय : अन्ना हजारे का फाइल फोटो)
कहा जा रहा है कि सिर्फ भारतीय अमेरिकी ही नहीं, बल्कि अमेरिकी भी हजारे को सुनने को आतुर हैं। अमेरिकी मीडिया भी उनका साक्षात्कार लेने की प्रतीक्षा कर रहा है।
(चित्र परिचय : अन्ना हजारे का फाइल फोटो)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका में अपने प्रवास के दौरान हजारे न्यूयॉर्क में भारत के स्वाधीनता दिवस परेड का नेतृत्व करेंगे। इसमें हजारों लोगों के शामिल होंने की उम्मीद है। उसके बाद वह नास्डैक की घंटी बजाएंगे।
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महेंद्र सिंह धोनी की तरह विदेशी सरजमीं पर लगातार दो टेस्ट सीरीज में क्लीनस्वीप के बाद कोई कप्तान अपना पद बचने की उम्मीद नहीं कर सकता लेकिन ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में नौ महीने के भीतर दो वाइटवाश झेलने के बावजूद धोनी टीम में और मजबूत बनकर उभरे हैं।
धोनी की कप्तानी में भारत ने विदेशी सरजमीं पर लगातार सात टेस्ट गंवाए हैं जिसमें से चार में टीम को पारी की हार का सामना करना पड़ा जबकि एक में 300 से अधिक रनों से हार झेलनी पड़ी। दो अन्य मैच टीम ने 196 और 122 रन से गंवाए।
भारतीय कप्तान की स्वयं की बल्लेबाजी भी काफी प्रभावी नहीं रही। वह इंग्लैंड में आठ पारियों में 31.43 की औसत से 220 रन ही बना पाए जबकि ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट की छह पारियों में उन्होंने 20.42 की बेहद खराब औसत से केवल 102 रन जोड़े।
ऑस्ट्रेलिया में हालांकि धोनी ने चार मैचों में से सिर्फ तीन में कप्तानी की जबकि धीमी ओवर गति के कारण उन पर प्रतिबंध लगने पर वीरेंद्र सहवाग ने कप्तानी की थी लेकिन इस मैच में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
धोनी हालांकि इसके बावजूद अपनी पुरानी उपलब्यिों के कारण अपने पद पर बरकरार हैं। टीम ने उनकी अगुआई में दो विश्व खिताब जीते हैं और कई कारनामे पहली बार किए जिसमें ऑस्ट्रेलिया में एकदिवसीय श्रृंखला जीतना भी शामिल है। इसके अलावा धोनी को कोई मजबूत विकल्प भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मोहम्मद अजहरूद्दीन ने इंग्लैंड में श्रृंखला हारने के बाद 1996 में जब कप्तानी गंवाई थी तो सचिन तेंदुलकर टीम की कमान संभालने के लिए तैयार थे और किसी ने उन्हें यह भूमिका सौंपने पर सवाल भी नहीं उठाया। विदेशी सरजमीं पर सौरव गांगुली की ढेरों उपलब्धियां उस समय बेमानी साबित हुई जब 2005 में कोच ग्रेग चैपल के साथ उनका टकराव हुआ और ऑस्ट्रेलिया कोच ने बाजी मार ली।
भारत की विश्व चैम्पियन टीम के कप्तान रहे कपिल देव को भी 1987 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कप्तानी गंवानी पड़ी थी। उनके पूर्ववर्ती सुनील गावस्कर को 1980 के दशक की शुरूआत में पाकिस्तान के खिलाफ 3.0 की करारी शिकस्त के बाद कप्तानी छोड़नी पड़ी।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कम कप्तान इस तरह की शर्मनाक हार के बावजूद कप्तानी बचाने में सफल रहे हैं। रिकी पोंटिंग को 2011 विश्व कप में टीम की हार के बाद वनडे कप्तानी छोड़ी पड़ी थी जबकि उनकी अगुआई में टीम ने पिछले दो विश्व कप जीते थे। पोंटिंग को इससे पहले वर्ष 2000 में स्टीव वा की जगह कप्तान बनाया गया था जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
धोनी की कप्तानी में भारत ने विदेशी सरजमीं पर लगातार सात टेस्ट गंवाए हैं जिसमें से चार में टीम को पारी की हार का सामना करना पड़ा जबकि एक में 300 से अधिक रनों से हार झेलनी पड़ी। दो अन्य मैच टीम ने 196 और 122 रन से गंवाए।
भारतीय कप्तान की स्वयं की बल्लेबाजी भी काफी प्रभावी नहीं रही। वह इंग्लैंड में आठ पारियों में 31.43 की औसत से 220 रन ही बना पाए जबकि ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट की छह पारियों में उन्होंने 20.42 की बेहद खराब औसत से केवल 102 रन जोड़े।
ऑस्ट्रेलिया में हालांकि धोनी ने चार मैचों में से सिर्फ तीन में कप्तानी की जबकि धीमी ओवर गति के कारण उन पर प्रतिबंध लगने पर वीरेंद्र सहवाग ने कप्तानी की थी लेकिन इस मैच में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
धोनी हालांकि इसके बावजूद अपनी पुरानी उपलब्यिों के कारण अपने पद पर बरकरार हैं। टीम ने उनकी अगुआई में दो विश्व खिताब जीते हैं और कई कारनामे पहली बार किए जिसमें ऑस्ट्रेलिया में एकदिवसीय श्रृंखला जीतना भी शामिल है। इसके अलावा धोनी को कोई मजबूत विकल्प भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मोहम्मद अजहरूद्दीन ने इंग्लैंड में श्रृंखला हारने के बाद 1996 में जब कप्तानी गंवाई थी तो सचिन तेंदुलकर टीम की कमान संभालने के लिए तैयार थे और किसी ने उन्हें यह भूमिका सौंपने पर सवाल भी नहीं उठाया। विदेशी सरजमीं पर सौरव गांगुली की ढेरों उपलब्धियां उस समय बेमानी साबित हुई जब 2005 में कोच ग्रेग चैपल के साथ उनका टकराव हुआ और ऑस्ट्रेलिया कोच ने बाजी मार ली।
भारत की विश्व चैम्पियन टीम के कप्तान रहे कपिल देव को भी 1987 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कप्तानी गंवानी पड़ी थी। उनके पूर्ववर्ती सुनील गावस्कर को 1980 के दशक की शुरूआत में पाकिस्तान के खिलाफ 3.0 की करारी शिकस्त के बाद कप्तानी छोड़नी पड़ी।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कम कप्तान इस तरह की शर्मनाक हार के बावजूद कप्तानी बचाने में सफल रहे हैं। रिकी पोंटिंग को 2011 विश्व कप में टीम की हार के बाद वनडे कप्तानी छोड़ी पड़ी थी जबकि उनकी अगुआई में टीम ने पिछले दो विश्व कप जीते थे। पोंटिंग को इससे पहले वर्ष 2000 में स्टीव वा की जगह कप्तान बनाया गया था जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
भारतीय कप्तान की स्वयं की बल्लेबाजी भी काफी प्रभावी नहीं रही। वह इंग्लैंड में आठ पारियों में 31.43 की औसत से 220 रन ही बना पाए जबकि ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट की छह पारियों में उन्होंने 20.42 की बेहद खराब औसत से केवल 102 रन जोड़े।
ऑस्ट्रेलिया में हालांकि धोनी ने चार मैचों में से सिर्फ तीन में कप्तानी की जबकि धीमी ओवर गति के कारण उन पर प्रतिबंध लगने पर वीरेंद्र सहवाग ने कप्तानी की थी लेकिन इस मैच में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
धोनी हालांकि इसके बावजूद अपनी पुरानी उपलब्यिों के कारण अपने पद पर बरकरार हैं। टीम ने उनकी अगुआई में दो विश्व खिताब जीते हैं और कई कारनामे पहली बार किए जिसमें ऑस्ट्रेलिया में एकदिवसीय श्रृंखला जीतना भी शामिल है। इसके अलावा धोनी को कोई मजबूत विकल्प भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मोहम्मद अजहरूद्दीन ने इंग्लैंड में श्रृंखला हारने के बाद 1996 में जब कप्तानी गंवाई थी तो सचिन तेंदुलकर टीम की कमान संभालने के लिए तैयार थे और किसी ने उन्हें यह भूमिका सौंपने पर सवाल भी नहीं उठाया। विदेशी सरजमीं पर सौरव गांगुली की ढेरों उपलब्धियां उस समय बेमानी साबित हुई जब 2005 में कोच ग्रेग चैपल के साथ उनका टकराव हुआ और ऑस्ट्रेलिया कोच ने बाजी मार ली।
भारत की विश्व चैम्पियन टीम के कप्तान रहे कपिल देव को भी 1987 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कप्तानी गंवानी पड़ी थी। उनके पूर्ववर्ती सुनील गावस्कर को 1980 के दशक की शुरूआत में पाकिस्तान के खिलाफ 3.0 की करारी शिकस्त के बाद कप्तानी छोड़नी पड़ी।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कम कप्तान इस तरह की शर्मनाक हार के बावजूद कप्तानी बचाने में सफल रहे हैं। रिकी पोंटिंग को 2011 विश्व कप में टीम की हार के बाद वनडे कप्तानी छोड़ी पड़ी थी जबकि उनकी अगुआई में टीम ने पिछले दो विश्व कप जीते थे। पोंटिंग को इससे पहले वर्ष 2000 में स्टीव वा की जगह कप्तान बनाया गया था जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
ऑस्ट्रेलिया में हालांकि धोनी ने चार मैचों में से सिर्फ तीन में कप्तानी की जबकि धीमी ओवर गति के कारण उन पर प्रतिबंध लगने पर वीरेंद्र सहवाग ने कप्तानी की थी लेकिन इस मैच में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
धोनी हालांकि इसके बावजूद अपनी पुरानी उपलब्यिों के कारण अपने पद पर बरकरार हैं। टीम ने उनकी अगुआई में दो विश्व खिताब जीते हैं और कई कारनामे पहली बार किए जिसमें ऑस्ट्रेलिया में एकदिवसीय श्रृंखला जीतना भी शामिल है। इसके अलावा धोनी को कोई मजबूत विकल्प भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मोहम्मद अजहरूद्दीन ने इंग्लैंड में श्रृंखला हारने के बाद 1996 में जब कप्तानी गंवाई थी तो सचिन तेंदुलकर टीम की कमान संभालने के लिए तैयार थे और किसी ने उन्हें यह भूमिका सौंपने पर सवाल भी नहीं उठाया। विदेशी सरजमीं पर सौरव गांगुली की ढेरों उपलब्धियां उस समय बेमानी साबित हुई जब 2005 में कोच ग्रेग चैपल के साथ उनका टकराव हुआ और ऑस्ट्रेलिया कोच ने बाजी मार ली।
भारत की विश्व चैम्पियन टीम के कप्तान रहे कपिल देव को भी 1987 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कप्तानी गंवानी पड़ी थी। उनके पूर्ववर्ती सुनील गावस्कर को 1980 के दशक की शुरूआत में पाकिस्तान के खिलाफ 3.0 की करारी शिकस्त के बाद कप्तानी छोड़नी पड़ी।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कम कप्तान इस तरह की शर्मनाक हार के बावजूद कप्तानी बचाने में सफल रहे हैं। रिकी पोंटिंग को 2011 विश्व कप में टीम की हार के बाद वनडे कप्तानी छोड़ी पड़ी थी जबकि उनकी अगुआई में टीम ने पिछले दो विश्व कप जीते थे। पोंटिंग को इससे पहले वर्ष 2000 में स्टीव वा की जगह कप्तान बनाया गया था जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
धोनी हालांकि इसके बावजूद अपनी पुरानी उपलब्यिों के कारण अपने पद पर बरकरार हैं। टीम ने उनकी अगुआई में दो विश्व खिताब जीते हैं और कई कारनामे पहली बार किए जिसमें ऑस्ट्रेलिया में एकदिवसीय श्रृंखला जीतना भी शामिल है। इसके अलावा धोनी को कोई मजबूत विकल्प भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मोहम्मद अजहरूद्दीन ने इंग्लैंड में श्रृंखला हारने के बाद 1996 में जब कप्तानी गंवाई थी तो सचिन तेंदुलकर टीम की कमान संभालने के लिए तैयार थे और किसी ने उन्हें यह भूमिका सौंपने पर सवाल भी नहीं उठाया। विदेशी सरजमीं पर सौरव गांगुली की ढेरों उपलब्धियां उस समय बेमानी साबित हुई जब 2005 में कोच ग्रेग चैपल के साथ उनका टकराव हुआ और ऑस्ट्रेलिया कोच ने बाजी मार ली।
भारत की विश्व चैम्पियन टीम के कप्तान रहे कपिल देव को भी 1987 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कप्तानी गंवानी पड़ी थी। उनके पूर्ववर्ती सुनील गावस्कर को 1980 के दशक की शुरूआत में पाकिस्तान के खिलाफ 3.0 की करारी शिकस्त के बाद कप्तानी छोड़नी पड़ी।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कम कप्तान इस तरह की शर्मनाक हार के बावजूद कप्तानी बचाने में सफल रहे हैं। रिकी पोंटिंग को 2011 विश्व कप में टीम की हार के बाद वनडे कप्तानी छोड़ी पड़ी थी जबकि उनकी अगुआई में टीम ने पिछले दो विश्व कप जीते थे। पोंटिंग को इससे पहले वर्ष 2000 में स्टीव वा की जगह कप्तान बनाया गया था जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
मोहम्मद अजहरूद्दीन ने इंग्लैंड में श्रृंखला हारने के बाद 1996 में जब कप्तानी गंवाई थी तो सचिन तेंदुलकर टीम की कमान संभालने के लिए तैयार थे और किसी ने उन्हें यह भूमिका सौंपने पर सवाल भी नहीं उठाया। विदेशी सरजमीं पर सौरव गांगुली की ढेरों उपलब्धियां उस समय बेमानी साबित हुई जब 2005 में कोच ग्रेग चैपल के साथ उनका टकराव हुआ और ऑस्ट्रेलिया कोच ने बाजी मार ली।
भारत की विश्व चैम्पियन टीम के कप्तान रहे कपिल देव को भी 1987 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कप्तानी गंवानी पड़ी थी। उनके पूर्ववर्ती सुनील गावस्कर को 1980 के दशक की शुरूआत में पाकिस्तान के खिलाफ 3.0 की करारी शिकस्त के बाद कप्तानी छोड़नी पड़ी।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कम कप्तान इस तरह की शर्मनाक हार के बावजूद कप्तानी बचाने में सफल रहे हैं। रिकी पोंटिंग को 2011 विश्व कप में टीम की हार के बाद वनडे कप्तानी छोड़ी पड़ी थी जबकि उनकी अगुआई में टीम ने पिछले दो विश्व कप जीते थे। पोंटिंग को इससे पहले वर्ष 2000 में स्टीव वा की जगह कप्तान बनाया गया था जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
भारत की विश्व चैम्पियन टीम के कप्तान रहे कपिल देव को भी 1987 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कप्तानी गंवानी पड़ी थी। उनके पूर्ववर्ती सुनील गावस्कर को 1980 के दशक की शुरूआत में पाकिस्तान के खिलाफ 3.0 की करारी शिकस्त के बाद कप्तानी छोड़नी पड़ी।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कम कप्तान इस तरह की शर्मनाक हार के बावजूद कप्तानी बचाने में सफल रहे हैं। रिकी पोंटिंग को 2011 विश्व कप में टीम की हार के बाद वनडे कप्तानी छोड़ी पड़ी थी जबकि उनकी अगुआई में टीम ने पिछले दो विश्व कप जीते थे। पोंटिंग को इससे पहले वर्ष 2000 में स्टीव वा की जगह कप्तान बनाया गया था जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कम कप्तान इस तरह की शर्मनाक हार के बावजूद कप्तानी बचाने में सफल रहे हैं। रिकी पोंटिंग को 2011 विश्व कप में टीम की हार के बाद वनडे कप्तानी छोड़ी पड़ी थी जबकि उनकी अगुआई में टीम ने पिछले दो विश्व कप जीते थे। पोंटिंग को इससे पहले वर्ष 2000 में स्टीव वा की जगह कप्तान बनाया गया था जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
विव रिचडर्स ने कप्तान के रूप में कोई सीरीज नहीं गंवाई और उनकी अगुआई में टीम ने 50 में से 27 टेस्ट जीते लेकिन इसके बावजूद उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया और रिची रिचर्डसन को टीम की कमान सौंपी गई। पाकिस्तान में कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना बड़ी बात नहीं है। वसीम अकरम और वकार यूनिस को 1990 के दशक में बार बार एक दूसरे की जगह कप्तान बनाया गया। इंग्लैंड में भी यही सिलसिला देखने को मिला। माइकल वान ने 2005 में इंग्लैंड को एशेज दिलाई और पांच साल तक टीम की कमान संभाली। इस दौरान टीम ने उनकी अगुआई में 52 में से आधे टेस्ट जीते। इसके बावजूद उन्हें पहले वनडे कप्तानी पाल कोलिंगवुड और फिर टेस्ट कप्तानी केविन पीटरसन को गंवानी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि किसी खिलाड़ी को दीर्घकाल तक कप्तान बनाए रखने को तरजीह दी है। हैंसी क्रोन्ये ने 53 टेस्ट में टीम की कमान संभाली जबकि ग्रीम स्मिथ अब तक 83 टेस्ट में टीम की कप्तानी कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका को हालांकि इस दौरान कभी भारत की तरह मुश्किल हालात से नहीं गुजरना पड़ा।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: धोनी की कप्तानी में भारत ने विदेशी सरजमीं पर लगातार सात टेस्ट गंवाए हैं जिसमें से चार में टीम को पारी की हार का सामना करना पड़ा जबकि एक में 300 से अधिक रनों से हार झेलनी पड़ी।
| 19
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा के मुख्यमंत्री और बीजेपी के बड़े नेता मनोहर पर्रिकर ने गुजरात दंगों को लेकर 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में छपे एक इंटरव्यू में कहा है कि गुजरात में हुए दंगे मोदी के करियर पर धब्बा है...मोदी उस वक्त मुख्यमंत्री के रूप में नए थे।टिप्पणियां
पर्रिकर ने कहा कि अगर मैं उनकी (मोदी की) जगह होता, तो यह सुनिश्चित करता कि ऐसा न हो। हालांकि पर्रिकर ने यह भी कहा कि मोदी व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल नहीं थे और उन्हें जांच में क्लीन चिट मिली है।
पर्रिकर ने कहा कि 2002 में दंगे नहीं होने चाहिए थे। प्रशासन को हिंसा पर लगाम लगानी चाहिए थी। उनके इंटरव्यू को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा है कि इंटरव्यू में कही बात को टुकड़ों में नहीं देखना चाहिए और वह अपनी बात पर कायम हैं।
पर्रिकर ने कहा कि अगर मैं उनकी (मोदी की) जगह होता, तो यह सुनिश्चित करता कि ऐसा न हो। हालांकि पर्रिकर ने यह भी कहा कि मोदी व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल नहीं थे और उन्हें जांच में क्लीन चिट मिली है।
पर्रिकर ने कहा कि 2002 में दंगे नहीं होने चाहिए थे। प्रशासन को हिंसा पर लगाम लगानी चाहिए थी। उनके इंटरव्यू को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा है कि इंटरव्यू में कही बात को टुकड़ों में नहीं देखना चाहिए और वह अपनी बात पर कायम हैं।
पर्रिकर ने कहा कि 2002 में दंगे नहीं होने चाहिए थे। प्रशासन को हिंसा पर लगाम लगानी चाहिए थी। उनके इंटरव्यू को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा है कि इंटरव्यू में कही बात को टुकड़ों में नहीं देखना चाहिए और वह अपनी बात पर कायम हैं।
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संक्षिप्त पाठ: गोवा के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर ने कहा कि अगर मैं मोदी की जगह होता, तो यह सुनिश्चित करता कि ऐसा ना हो। हालांकि पर्रिकर ने यह भी कहा कि मोदी व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल नहीं थे।
| 22
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर लगातार तनातनी जारी है. इस बीच अब महाराष्ट्र कांग्रेस के एक नेता हुसैन दलवई ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि अगर शिवसेना को समर्थन देकर सरकार बनाने का मौक़ा मिले तो समर्थन देना चाहिए. इस चिट्ठी में लिखा है कि अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो बीजेपी ख़रीद-फ़रोख़्त करके सरकार बना लेगी. इस बीच शरद पवार अपना नासिक दौरा बीच में छोड़कर मुंबई आ रहे हैं, जहां वो पार्टी के नेताओं से उनकी राय लेंगे. सोमवार को सोनिया गांधी से उन्हें मिलना है. दूसरी तरफ़, इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि उद्धव ठाकरे की शरद पवार से फ़ोन पर कोई बातचीत हुई है.
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सवाल उठ रहा है कि क्या शरद पवार किंगमेकर बन सकते हैं? एनडीटीवी से बात करते हुए NCP नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि अगर बीजेपी शिवसेना सरकार नहीं बनी तो उनकी पार्टी अपना कर्तव्य निभाएगी. गौरतलब है कि चुनाव परिणाम को आए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी महाराष्ट्र में सरकार बनती नहीं दिख रही. दरअसल, शिवसेना और BJP अब आपस में ही उलझ गए हैं. शिवसेना इस बात पर अड़ गई है कि पहले 50-50 फ़ॉर्मूला तय हुआ था, अब उसी के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए. हालांकि बीजेपी इसपर राजी नहीं है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं हुसैन दलवई
अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी
सरकार गठन पर शिवसेना के साथ आगे बढ़ने को कहा
| 25
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिणी अफगानिस्तान में आज एक ईंधन से भरे टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने और आग लग जाने से करीब सात लोगों की जलकर मृत्यु हो गई। यह ईंधन नाटो के लिए ईंधन आपूर्ति के काम में लगा था।
कंधार के पंजावाई जिले के दोनों सुरक्षा अधिकारी और स्थानीय पुलिस के मुखिया ने बताया कि यह घटना विद्रोहियों की कार्रवाई के कारण नहीं हुई है। हालांकि स्थानीय निवासियों ने एएफपी के संवाददाता से बताया तालिबान ने टैंकर पर राकेट और ग्रेनेट से हमला किया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले माह 11 मार्च को इसी जिले में नाटो के साथ काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) के 17 अमेरिकी सैनिकों की भी हत्या कर दी गयी थी।टिप्पणियां
पंजावाई के सुरक्षा प्रमुख सरदार मोहम्मद ने एएफपी से कहा, ‘‘आईएसएएफ को ईंधन आपूर्ति करने वाला टैंकर पलट गया और उसमें आग लग गयी। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली नागरिक वैन भी इसकी आग की चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में सात लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य तीन व्यक्ति घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेज दिया गया है।
कंधार पुलिस के मुखिया अब्दुल रज्जाक ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘यह ईंधन टैंकर कंधार से पंजावाई की ओर बहुत तेज गति से आ रहा था। ’’ उन्होंने बताया, ‘‘रास्ते में यह टैंकर आवश्यकता से अधिक मुड़कर पलट गया और इसमें आग लग गई। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली एक नागरिक वैन भी इस आग की चपेट में आ गई।’’
कंधार के पंजावाई जिले के दोनों सुरक्षा अधिकारी और स्थानीय पुलिस के मुखिया ने बताया कि यह घटना विद्रोहियों की कार्रवाई के कारण नहीं हुई है। हालांकि स्थानीय निवासियों ने एएफपी के संवाददाता से बताया तालिबान ने टैंकर पर राकेट और ग्रेनेट से हमला किया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले माह 11 मार्च को इसी जिले में नाटो के साथ काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) के 17 अमेरिकी सैनिकों की भी हत्या कर दी गयी थी।टिप्पणियां
पंजावाई के सुरक्षा प्रमुख सरदार मोहम्मद ने एएफपी से कहा, ‘‘आईएसएएफ को ईंधन आपूर्ति करने वाला टैंकर पलट गया और उसमें आग लग गयी। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली नागरिक वैन भी इसकी आग की चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में सात लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य तीन व्यक्ति घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेज दिया गया है।
कंधार पुलिस के मुखिया अब्दुल रज्जाक ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘यह ईंधन टैंकर कंधार से पंजावाई की ओर बहुत तेज गति से आ रहा था। ’’ उन्होंने बताया, ‘‘रास्ते में यह टैंकर आवश्यकता से अधिक मुड़कर पलट गया और इसमें आग लग गई। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली एक नागरिक वैन भी इस आग की चपेट में आ गई।’’
उल्लेखनीय है कि पिछले माह 11 मार्च को इसी जिले में नाटो के साथ काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) के 17 अमेरिकी सैनिकों की भी हत्या कर दी गयी थी।टिप्पणियां
पंजावाई के सुरक्षा प्रमुख सरदार मोहम्मद ने एएफपी से कहा, ‘‘आईएसएएफ को ईंधन आपूर्ति करने वाला टैंकर पलट गया और उसमें आग लग गयी। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली नागरिक वैन भी इसकी आग की चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में सात लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य तीन व्यक्ति घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेज दिया गया है।
कंधार पुलिस के मुखिया अब्दुल रज्जाक ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘यह ईंधन टैंकर कंधार से पंजावाई की ओर बहुत तेज गति से आ रहा था। ’’ उन्होंने बताया, ‘‘रास्ते में यह टैंकर आवश्यकता से अधिक मुड़कर पलट गया और इसमें आग लग गई। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली एक नागरिक वैन भी इस आग की चपेट में आ गई।’’
पंजावाई के सुरक्षा प्रमुख सरदार मोहम्मद ने एएफपी से कहा, ‘‘आईएसएएफ को ईंधन आपूर्ति करने वाला टैंकर पलट गया और उसमें आग लग गयी। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली नागरिक वैन भी इसकी आग की चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में सात लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य तीन व्यक्ति घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेज दिया गया है।
कंधार पुलिस के मुखिया अब्दुल रज्जाक ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘यह ईंधन टैंकर कंधार से पंजावाई की ओर बहुत तेज गति से आ रहा था। ’’ उन्होंने बताया, ‘‘रास्ते में यह टैंकर आवश्यकता से अधिक मुड़कर पलट गया और इसमें आग लग गई। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली एक नागरिक वैन भी इस आग की चपेट में आ गई।’’
कंधार पुलिस के मुखिया अब्दुल रज्जाक ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘यह ईंधन टैंकर कंधार से पंजावाई की ओर बहुत तेज गति से आ रहा था। ’’ उन्होंने बताया, ‘‘रास्ते में यह टैंकर आवश्यकता से अधिक मुड़कर पलट गया और इसमें आग लग गई। इसके अलावा इसके करीब से गुजरने वाली एक नागरिक वैन भी इस आग की चपेट में आ गई।’’
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सारांश: दक्षिणी अफगानिस्तान में आज एक ईंधन से भरे टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने और आग लग जाने से करीब सात लोगों की जलकर मृत्यु हो गई।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: विश्वविद्यालय परिसर में नौ फरवरी को हुए विवादित आयोजन से जुड़े छात्रों से संबंधित एक नये घटनाक्रम में जेएनयू प्रशासन ने अगले सेमेस्टर के लिए उनके पंजीकरण पर रोक लगा दी।
21 छात्रों की इस सूची में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के नाम शामिल हैं। तीनों को कार्यक्रम को लेकर देशद्रोह के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की बरसी के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से देश विरोधी नारेबाजी की गयी थी। छात्रों के नाम वाले सर्कुलर पर जेएनयू के रजिस्ट्रार की टिप्पणी अंकित है।
इसमें कहा गया, ''अगले नोटिस तक इन छात्रों का पंजीकरण रोका जाता है।'' जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटनाक्रम को लेकर कुछ नहीं कहा, वहीं प्रभावित छात्रों ने अदालत के आदेश का उल्लंघन बताते हुए इसका विरोध किया। टिप्पणियां
फैसले से प्रभावित होने वाले छात्र आशुतोष ने कहा, ''यह उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है जिसने विश्वविद्यालय को हमारे खिलाफ कार्रवाई करने से रोका हुआ है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
21 छात्रों की इस सूची में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के नाम शामिल हैं। तीनों को कार्यक्रम को लेकर देशद्रोह के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की बरसी के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से देश विरोधी नारेबाजी की गयी थी। छात्रों के नाम वाले सर्कुलर पर जेएनयू के रजिस्ट्रार की टिप्पणी अंकित है।
इसमें कहा गया, ''अगले नोटिस तक इन छात्रों का पंजीकरण रोका जाता है।'' जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटनाक्रम को लेकर कुछ नहीं कहा, वहीं प्रभावित छात्रों ने अदालत के आदेश का उल्लंघन बताते हुए इसका विरोध किया। टिप्पणियां
फैसले से प्रभावित होने वाले छात्र आशुतोष ने कहा, ''यह उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है जिसने विश्वविद्यालय को हमारे खिलाफ कार्रवाई करने से रोका हुआ है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की बरसी के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से देश विरोधी नारेबाजी की गयी थी। छात्रों के नाम वाले सर्कुलर पर जेएनयू के रजिस्ट्रार की टिप्पणी अंकित है।
इसमें कहा गया, ''अगले नोटिस तक इन छात्रों का पंजीकरण रोका जाता है।'' जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटनाक्रम को लेकर कुछ नहीं कहा, वहीं प्रभावित छात्रों ने अदालत के आदेश का उल्लंघन बताते हुए इसका विरोध किया। टिप्पणियां
फैसले से प्रभावित होने वाले छात्र आशुतोष ने कहा, ''यह उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है जिसने विश्वविद्यालय को हमारे खिलाफ कार्रवाई करने से रोका हुआ है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसमें कहा गया, ''अगले नोटिस तक इन छात्रों का पंजीकरण रोका जाता है।'' जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटनाक्रम को लेकर कुछ नहीं कहा, वहीं प्रभावित छात्रों ने अदालत के आदेश का उल्लंघन बताते हुए इसका विरोध किया। टिप्पणियां
फैसले से प्रभावित होने वाले छात्र आशुतोष ने कहा, ''यह उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है जिसने विश्वविद्यालय को हमारे खिलाफ कार्रवाई करने से रोका हुआ है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फैसले से प्रभावित होने वाले छात्र आशुतोष ने कहा, ''यह उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है जिसने विश्वविद्यालय को हमारे खिलाफ कार्रवाई करने से रोका हुआ है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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संक्षिप्त सारांश: छात्रों के नाम वाले सर्कुलर पर जेएनयू के रजिस्ट्रार की टिप्पणी अंकित
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटनाक्रम को लेकर कुछ नहीं कहा
प्रभावित छात्रों ने इसे अदालत के आदेश का उल्लंघन बताया
| 29
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात प्रेमी युगल का शव बरामद किया गया है. पुलिस पहले इस मामले में हत्या की आंशका जता रही थी, परंतु शनिवार को इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया है. पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि यह मामला असफल प्रेम के कारण आत्महत्या का है. शुक्रवार की रात के अंधेरे में युवक मोहम्मद आशिफ ने अपनी प्रेमिका रिया उर्फ ट्विंकल की गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली जिससे उसकी भी मौके पर मौत हो गई. मृत लड़की मुंगेर के राजद विधायक विजय कुमार की भतीजी तथा आशिफ मुंगेर का ही रहने वाला है.
पुलिस के मुताबिक, लड़की अपने घर से शुक्रवार शाम सात बजे ये कहकर निकली थी कि वह अपने एक दोस्त के घर से किताब लेने जा रही है लेकिन जब देर रात तक वो घर नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने उसकी खोजबीन शुरू की. इस बीच उन्हें खबर मिली की मुंगेर सदर प्रखंड के पीछे एक युवक-युवती का शव पड़ा हुआ है. बाद में मृतकों की पहचान रिया और आशिफ के रूप में की गई.
पुलिस प्रारंभ में इस मामले को हत्या बता रही थी परंतु शुक्रवार को एक युवक को हिरासत में लेने के बाद पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है. पुलिस ने इस मामले में मृतक आशिफ के दोस्त दानिश को हिरासत में लिया है. पुलिस का दावा है कि दानिश ने ही आशिफ को पिस्तौल उपलब्ध कराई थी. पुलिस ने दानिश के पास से एक पिस्तौल और दो गोली तथा मृतकों का मोबाइल फोन बरामद किया है.
पुलिस ने इसे संभावित तौर पर असफल प्रेम का मामला बताया है. मुंगेर के पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. उन्होंने कहा कि पुलिस सभी कोणों से जांच कर रही है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक रिया और आशिफ पिछले तीन सालों से एक दूसरे के संपर्क में थे. दोनों कोटा में रह कर मेडिकल की तैयारी कर रहे थे. इसके बाद दोनों एक साल पूर्व वापस आ गए थे. इसके बाद रिया फिर से मेडिकल की तैयारी के लिए दिल्ली चली गई. कुछ ही दिन पहले यह दिल्ली से वापस मुंगेर आई थी.
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यह एक सारांश है: प्रेमी ने प्रेमिका को मारी गोली
प्रेमी ने खुद भी सुसाइड की
राजद विधायक विजय कुमार की भतीजी थी लड़की
| 9
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि 2-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में क्यों नहीं 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए जा सके। इसके साथ ही उन्होंने लेखाकार द्वारा आंके गए नुकसान पर सार्वजनिक चर्चा करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया।
तिवारी ने कहा, ‘‘रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर नीलामी की गई होती तो इससे एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होती। हकीकत यह है कि नीलामी हुई। लेकिन, वे एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये कहां हैं।’’
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउन्डेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कैग अब सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वह अब लंबा साक्षात्कार दे रहे हैं। उनके पास समय है। इसलिए, मैं उनसे अनुरोध कर रहा हूं कि वह अपनी पसंद के स्थान और समय पर अपनी 2-जी रिपोर्ट पर सार्वजनिक चर्चा करें और लोगों को खुद फैसला करने दें। सेवानिवृत्ति के बाद व्यवस्थित हो जाने के एक महीने या दो महीने बाद वह ऐसा कर सकते हैं।’’
मंत्री ने कहा कि 2-जी स्पेक्ट्रम पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में एक चर्चा हुई लेकिन विशेषाधिकार से बंधे होने के कारण वह उस चर्चा की सामग्री का खुलासा नहीं कर सकते।
तिवारी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि वह (राय) भी संसदीय परिपाटियों का सम्मान करते हैं लेकिन हम दोनों या सरकार या कैग के अपनी राय अलग से सार्वजनिक करने का कोई मतलब नहीं है। सार्वजनिक चर्चा होने दें और लोगों को अंतिम निर्णय करने दें कि जो तथ्य रखे गए थे वे सही थे या गलत।’’
राय 22 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि उन्हें कपिल सिब्बल और अन्य मंत्रियों पर तरस आ रहा है जिन्होंने ‘जीरो लॉस’ थ्योरी देकर 2-जी मामले पर कैग की रिपोर्ट को खारिज करने की कोशिश की थी।
इससे पहले ओआरएफ के एक कार्यक्रम में तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार कम करने की मांग एक सही मांग है, लेकिन कैग विनोद राय ने सार्वजनिक चर्चा में एक काल्पनिक और अतिशयोक्तिपूर्ण संख्या को पेश किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ अतिशयोक्तिपूर्ण और काल्पनिक संख्याओं को लेकर बड़ी बहस देखी है जिसे सार्वजनिक चर्चा के लिए कुछ बेहद जिम्मेदार संस्थाओं और पदाधिकारियों ने रखा। जब संस्थान काल्पनिक लेखन में शामिल होंगे तो यह किसी मुद्दे के साथ संभवत: सबसे बड़ा अपकार हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
तिवारी ने कहा, ‘‘रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर नीलामी की गई होती तो इससे एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होती। हकीकत यह है कि नीलामी हुई। लेकिन, वे एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये कहां हैं।’’
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउन्डेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कैग अब सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वह अब लंबा साक्षात्कार दे रहे हैं। उनके पास समय है। इसलिए, मैं उनसे अनुरोध कर रहा हूं कि वह अपनी पसंद के स्थान और समय पर अपनी 2-जी रिपोर्ट पर सार्वजनिक चर्चा करें और लोगों को खुद फैसला करने दें। सेवानिवृत्ति के बाद व्यवस्थित हो जाने के एक महीने या दो महीने बाद वह ऐसा कर सकते हैं।’’
मंत्री ने कहा कि 2-जी स्पेक्ट्रम पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में एक चर्चा हुई लेकिन विशेषाधिकार से बंधे होने के कारण वह उस चर्चा की सामग्री का खुलासा नहीं कर सकते।
तिवारी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि वह (राय) भी संसदीय परिपाटियों का सम्मान करते हैं लेकिन हम दोनों या सरकार या कैग के अपनी राय अलग से सार्वजनिक करने का कोई मतलब नहीं है। सार्वजनिक चर्चा होने दें और लोगों को अंतिम निर्णय करने दें कि जो तथ्य रखे गए थे वे सही थे या गलत।’’
राय 22 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि उन्हें कपिल सिब्बल और अन्य मंत्रियों पर तरस आ रहा है जिन्होंने ‘जीरो लॉस’ थ्योरी देकर 2-जी मामले पर कैग की रिपोर्ट को खारिज करने की कोशिश की थी।
इससे पहले ओआरएफ के एक कार्यक्रम में तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार कम करने की मांग एक सही मांग है, लेकिन कैग विनोद राय ने सार्वजनिक चर्चा में एक काल्पनिक और अतिशयोक्तिपूर्ण संख्या को पेश किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ अतिशयोक्तिपूर्ण और काल्पनिक संख्याओं को लेकर बड़ी बहस देखी है जिसे सार्वजनिक चर्चा के लिए कुछ बेहद जिम्मेदार संस्थाओं और पदाधिकारियों ने रखा। जब संस्थान काल्पनिक लेखन में शामिल होंगे तो यह किसी मुद्दे के साथ संभवत: सबसे बड़ा अपकार हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउन्डेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कैग अब सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वह अब लंबा साक्षात्कार दे रहे हैं। उनके पास समय है। इसलिए, मैं उनसे अनुरोध कर रहा हूं कि वह अपनी पसंद के स्थान और समय पर अपनी 2-जी रिपोर्ट पर सार्वजनिक चर्चा करें और लोगों को खुद फैसला करने दें। सेवानिवृत्ति के बाद व्यवस्थित हो जाने के एक महीने या दो महीने बाद वह ऐसा कर सकते हैं।’’
मंत्री ने कहा कि 2-जी स्पेक्ट्रम पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में एक चर्चा हुई लेकिन विशेषाधिकार से बंधे होने के कारण वह उस चर्चा की सामग्री का खुलासा नहीं कर सकते।
तिवारी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि वह (राय) भी संसदीय परिपाटियों का सम्मान करते हैं लेकिन हम दोनों या सरकार या कैग के अपनी राय अलग से सार्वजनिक करने का कोई मतलब नहीं है। सार्वजनिक चर्चा होने दें और लोगों को अंतिम निर्णय करने दें कि जो तथ्य रखे गए थे वे सही थे या गलत।’’
राय 22 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि उन्हें कपिल सिब्बल और अन्य मंत्रियों पर तरस आ रहा है जिन्होंने ‘जीरो लॉस’ थ्योरी देकर 2-जी मामले पर कैग की रिपोर्ट को खारिज करने की कोशिश की थी।
इससे पहले ओआरएफ के एक कार्यक्रम में तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार कम करने की मांग एक सही मांग है, लेकिन कैग विनोद राय ने सार्वजनिक चर्चा में एक काल्पनिक और अतिशयोक्तिपूर्ण संख्या को पेश किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ अतिशयोक्तिपूर्ण और काल्पनिक संख्याओं को लेकर बड़ी बहस देखी है जिसे सार्वजनिक चर्चा के लिए कुछ बेहद जिम्मेदार संस्थाओं और पदाधिकारियों ने रखा। जब संस्थान काल्पनिक लेखन में शामिल होंगे तो यह किसी मुद्दे के साथ संभवत: सबसे बड़ा अपकार हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
मंत्री ने कहा कि 2-जी स्पेक्ट्रम पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में एक चर्चा हुई लेकिन विशेषाधिकार से बंधे होने के कारण वह उस चर्चा की सामग्री का खुलासा नहीं कर सकते।
तिवारी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि वह (राय) भी संसदीय परिपाटियों का सम्मान करते हैं लेकिन हम दोनों या सरकार या कैग के अपनी राय अलग से सार्वजनिक करने का कोई मतलब नहीं है। सार्वजनिक चर्चा होने दें और लोगों को अंतिम निर्णय करने दें कि जो तथ्य रखे गए थे वे सही थे या गलत।’’
राय 22 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि उन्हें कपिल सिब्बल और अन्य मंत्रियों पर तरस आ रहा है जिन्होंने ‘जीरो लॉस’ थ्योरी देकर 2-जी मामले पर कैग की रिपोर्ट को खारिज करने की कोशिश की थी।
इससे पहले ओआरएफ के एक कार्यक्रम में तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार कम करने की मांग एक सही मांग है, लेकिन कैग विनोद राय ने सार्वजनिक चर्चा में एक काल्पनिक और अतिशयोक्तिपूर्ण संख्या को पेश किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ अतिशयोक्तिपूर्ण और काल्पनिक संख्याओं को लेकर बड़ी बहस देखी है जिसे सार्वजनिक चर्चा के लिए कुछ बेहद जिम्मेदार संस्थाओं और पदाधिकारियों ने रखा। जब संस्थान काल्पनिक लेखन में शामिल होंगे तो यह किसी मुद्दे के साथ संभवत: सबसे बड़ा अपकार हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
तिवारी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि वह (राय) भी संसदीय परिपाटियों का सम्मान करते हैं लेकिन हम दोनों या सरकार या कैग के अपनी राय अलग से सार्वजनिक करने का कोई मतलब नहीं है। सार्वजनिक चर्चा होने दें और लोगों को अंतिम निर्णय करने दें कि जो तथ्य रखे गए थे वे सही थे या गलत।’’
राय 22 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि उन्हें कपिल सिब्बल और अन्य मंत्रियों पर तरस आ रहा है जिन्होंने ‘जीरो लॉस’ थ्योरी देकर 2-जी मामले पर कैग की रिपोर्ट को खारिज करने की कोशिश की थी।
इससे पहले ओआरएफ के एक कार्यक्रम में तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार कम करने की मांग एक सही मांग है, लेकिन कैग विनोद राय ने सार्वजनिक चर्चा में एक काल्पनिक और अतिशयोक्तिपूर्ण संख्या को पेश किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ अतिशयोक्तिपूर्ण और काल्पनिक संख्याओं को लेकर बड़ी बहस देखी है जिसे सार्वजनिक चर्चा के लिए कुछ बेहद जिम्मेदार संस्थाओं और पदाधिकारियों ने रखा। जब संस्थान काल्पनिक लेखन में शामिल होंगे तो यह किसी मुद्दे के साथ संभवत: सबसे बड़ा अपकार हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
राय 22 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि उन्हें कपिल सिब्बल और अन्य मंत्रियों पर तरस आ रहा है जिन्होंने ‘जीरो लॉस’ थ्योरी देकर 2-जी मामले पर कैग की रिपोर्ट को खारिज करने की कोशिश की थी।
इससे पहले ओआरएफ के एक कार्यक्रम में तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार कम करने की मांग एक सही मांग है, लेकिन कैग विनोद राय ने सार्वजनिक चर्चा में एक काल्पनिक और अतिशयोक्तिपूर्ण संख्या को पेश किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ अतिशयोक्तिपूर्ण और काल्पनिक संख्याओं को लेकर बड़ी बहस देखी है जिसे सार्वजनिक चर्चा के लिए कुछ बेहद जिम्मेदार संस्थाओं और पदाधिकारियों ने रखा। जब संस्थान काल्पनिक लेखन में शामिल होंगे तो यह किसी मुद्दे के साथ संभवत: सबसे बड़ा अपकार हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
इससे पहले ओआरएफ के एक कार्यक्रम में तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार कम करने की मांग एक सही मांग है, लेकिन कैग विनोद राय ने सार्वजनिक चर्चा में एक काल्पनिक और अतिशयोक्तिपूर्ण संख्या को पेश किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ अतिशयोक्तिपूर्ण और काल्पनिक संख्याओं को लेकर बड़ी बहस देखी है जिसे सार्वजनिक चर्चा के लिए कुछ बेहद जिम्मेदार संस्थाओं और पदाधिकारियों ने रखा। जब संस्थान काल्पनिक लेखन में शामिल होंगे तो यह किसी मुद्दे के साथ संभवत: सबसे बड़ा अपकार हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ अतिशयोक्तिपूर्ण और काल्पनिक संख्याओं को लेकर बड़ी बहस देखी है जिसे सार्वजनिक चर्चा के लिए कुछ बेहद जिम्मेदार संस्थाओं और पदाधिकारियों ने रखा। जब संस्थान काल्पनिक लेखन में शामिल होंगे तो यह किसी मुद्दे के साथ संभवत: सबसे बड़ा अपकार हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने विगत छह वर्षों में काल्पनिक संख्या को सार्वजनिक पटल पर रखकर भारत के साथ सबसे बड़ा अपकार किया है। इसका हकीकत के साथ कोई लेना-देना नहीं है।’’ तिवारी ने कहा कि आतंकवाद के संबंध में जायज चिंताएं हैं लेकिन मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की देश के भीतर कोई इच्छा है। भारतीय ऐसी पहल चाहेंगे जिससे सुलह समझौते और शांतिपूर्ण एवं स्थिर दक्षिण एशिया का रास्ता निकल सके।
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यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर नीलामी की गई होती तो इससे एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होती। हकीकत यह है कि नीलामी हुई। लेकिन, वे एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये कहां हैं।’’
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: तलाक की स्थिति में वैवाहिक संपत्ति में महिला के अधिकार से संबंधित प्रावधानों को लेकर मंत्रियों के बीच मतभेद के कारण प्रधानमंत्री ने आज विवादास्पद विवाह कानून (संशोधन) विधेयक को मंत्रियों के समूह को सौंप दिया।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आज हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक के मसौदे पर लंबी चर्चा हुई लेकिन किसी सहमति पर नहीं पंहुचा जा सका और मामले को मंत्रियों के समूह को विचार के लिए सौंप दिया गया।
कानून मंत्रालय ने सुझाव दिया था कि महिला को तलाक की स्थिति में उसके पति की आवासीय संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए और इसमें उसकी विरासत वाली तथा विरासत योग्य आवासीय संपत्ति शामिल है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि विरासत वाली संपत्ति और विवाह से पूर्व पति द्वारा अर्जित संपत्ति से महिलाओं के अधिकार को इस कानून में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्रियों ने कैबिनेट की बैठक में कानून में इस प्रस्तावित संशोधनों पर दो से अधिक घंटे चर्चा की।
बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘जब विद्वान पुरुष और महिलाएं अलग-अलग विचार रखें, तो अलग विचार रखने का अर्थ मतभेद नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैबिनेट की बैठक में विचार रखे गए और उन विचारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ही अंतिम निर्णय करते हैं। इस मामले में विधेयक के एक या दो प्रावधानों पर गौर करने के लिए उन्होंने इसे मंत्रियों के समूह को सौंप दिया है।’’टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने कहा मंत्री समूह अगले कुछ दिनों में इन प्रावधानों पर विचार करेगा और उसके बाद विधेयक फिर कैबिनेट में आएगा।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आज हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक के मसौदे पर लंबी चर्चा हुई लेकिन किसी सहमति पर नहीं पंहुचा जा सका और मामले को मंत्रियों के समूह को विचार के लिए सौंप दिया गया।
कानून मंत्रालय ने सुझाव दिया था कि महिला को तलाक की स्थिति में उसके पति की आवासीय संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए और इसमें उसकी विरासत वाली तथा विरासत योग्य आवासीय संपत्ति शामिल है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि विरासत वाली संपत्ति और विवाह से पूर्व पति द्वारा अर्जित संपत्ति से महिलाओं के अधिकार को इस कानून में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्रियों ने कैबिनेट की बैठक में कानून में इस प्रस्तावित संशोधनों पर दो से अधिक घंटे चर्चा की।
बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘जब विद्वान पुरुष और महिलाएं अलग-अलग विचार रखें, तो अलग विचार रखने का अर्थ मतभेद नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैबिनेट की बैठक में विचार रखे गए और उन विचारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ही अंतिम निर्णय करते हैं। इस मामले में विधेयक के एक या दो प्रावधानों पर गौर करने के लिए उन्होंने इसे मंत्रियों के समूह को सौंप दिया है।’’टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने कहा मंत्री समूह अगले कुछ दिनों में इन प्रावधानों पर विचार करेगा और उसके बाद विधेयक फिर कैबिनेट में आएगा।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
कानून मंत्रालय ने सुझाव दिया था कि महिला को तलाक की स्थिति में उसके पति की आवासीय संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए और इसमें उसकी विरासत वाली तथा विरासत योग्य आवासीय संपत्ति शामिल है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि विरासत वाली संपत्ति और विवाह से पूर्व पति द्वारा अर्जित संपत्ति से महिलाओं के अधिकार को इस कानून में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्रियों ने कैबिनेट की बैठक में कानून में इस प्रस्तावित संशोधनों पर दो से अधिक घंटे चर्चा की।
बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘जब विद्वान पुरुष और महिलाएं अलग-अलग विचार रखें, तो अलग विचार रखने का अर्थ मतभेद नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैबिनेट की बैठक में विचार रखे गए और उन विचारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ही अंतिम निर्णय करते हैं। इस मामले में विधेयक के एक या दो प्रावधानों पर गौर करने के लिए उन्होंने इसे मंत्रियों के समूह को सौंप दिया है।’’टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने कहा मंत्री समूह अगले कुछ दिनों में इन प्रावधानों पर विचार करेगा और उसके बाद विधेयक फिर कैबिनेट में आएगा।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि विरासत वाली संपत्ति और विवाह से पूर्व पति द्वारा अर्जित संपत्ति से महिलाओं के अधिकार को इस कानून में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्रियों ने कैबिनेट की बैठक में कानून में इस प्रस्तावित संशोधनों पर दो से अधिक घंटे चर्चा की।
बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘जब विद्वान पुरुष और महिलाएं अलग-अलग विचार रखें, तो अलग विचार रखने का अर्थ मतभेद नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैबिनेट की बैठक में विचार रखे गए और उन विचारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ही अंतिम निर्णय करते हैं। इस मामले में विधेयक के एक या दो प्रावधानों पर गौर करने के लिए उन्होंने इसे मंत्रियों के समूह को सौंप दिया है।’’टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने कहा मंत्री समूह अगले कुछ दिनों में इन प्रावधानों पर विचार करेगा और उसके बाद विधेयक फिर कैबिनेट में आएगा।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
मंत्रियों ने कैबिनेट की बैठक में कानून में इस प्रस्तावित संशोधनों पर दो से अधिक घंटे चर्चा की।
बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘जब विद्वान पुरुष और महिलाएं अलग-अलग विचार रखें, तो अलग विचार रखने का अर्थ मतभेद नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैबिनेट की बैठक में विचार रखे गए और उन विचारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ही अंतिम निर्णय करते हैं। इस मामले में विधेयक के एक या दो प्रावधानों पर गौर करने के लिए उन्होंने इसे मंत्रियों के समूह को सौंप दिया है।’’टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने कहा मंत्री समूह अगले कुछ दिनों में इन प्रावधानों पर विचार करेगा और उसके बाद विधेयक फिर कैबिनेट में आएगा।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘जब विद्वान पुरुष और महिलाएं अलग-अलग विचार रखें, तो अलग विचार रखने का अर्थ मतभेद नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैबिनेट की बैठक में विचार रखे गए और उन विचारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ही अंतिम निर्णय करते हैं। इस मामले में विधेयक के एक या दो प्रावधानों पर गौर करने के लिए उन्होंने इसे मंत्रियों के समूह को सौंप दिया है।’’टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने कहा मंत्री समूह अगले कुछ दिनों में इन प्रावधानों पर विचार करेगा और उसके बाद विधेयक फिर कैबिनेट में आएगा।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
उन्होंने कहा, ‘‘कैबिनेट की बैठक में विचार रखे गए और उन विचारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ही अंतिम निर्णय करते हैं। इस मामले में विधेयक के एक या दो प्रावधानों पर गौर करने के लिए उन्होंने इसे मंत्रियों के समूह को सौंप दिया है।’’टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने कहा मंत्री समूह अगले कुछ दिनों में इन प्रावधानों पर विचार करेगा और उसके बाद विधेयक फिर कैबिनेट में आएगा।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
वित्तमंत्री ने कहा मंत्री समूह अगले कुछ दिनों में इन प्रावधानों पर विचार करेगा और उसके बाद विधेयक फिर कैबिनेट में आएगा।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
कैबिनेट में जिस समय मामले पर चर्चा हो रही थी कुछ प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस विधेयक के विरोध में नारे लगाए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र से बाहर ले गई।
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संक्षिप्त सारांश: तलाक की स्थिति में वैवाहिक संपत्ति में महिला के अधिकार से संबंधित प्रावधानों को लेकर मंत्रियों के बीच मतभेद के कारण प्रधानमंत्री ने आज विवादास्पद विवाह कानून (संशोधन) विधेयक को मंत्रियों के समूह को सौंप दिया।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है. अधिकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नहीं सुनते. यह बिहार के विपक्षी दलों का ही आरोप नहीं बल्कि सत्तारूढ़ महागठबंधन के जिला अध्यक्षों का भी रोना है. आज हुई महागठबंधन के दलों के जिला अध्यक्षों की बैठक में इस बारें में शिकायतें मिलने पर सीएम नीतीश कुमार ने रामवृक्ष बेनीपुरी की किताब की पंक्तियां उद्धृत कीं.
सोमवार को पटना में महागठबंधन के दलों जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की बैठक हुई. इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद अध्यक्ष लालू यादव, बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी और कैबिनेट के सभी मंत्री मोजूद थे. बैठक में हर पार्टी के अध्यक्ष का यही रोना था कि अधिकारी उनकी या कार्यकर्ताओं की न तो इज्जत करते हैं न ही उनकी फरियाद पर कोई कर्रवाई होती है. अधिकांश अध्यक्ष, जिन्हें बोलने का मौका मिला, उन्होंने निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत की. इस पर नीतीश कुमार ने रामवृक्ष बेनीपुरी की किताब को कोट करते हुए कहा कि उन्होंने लिखा था कि थाने के दरोगा, रेल के टीटी और जेल के जेलर के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना मुश्किल है.टिप्पणियां
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नवंबर 2015 में सरकार बनने के बाद यह पहला मौका था जब तीनों दलों के कार्यकर्ता और नेता एक साथ बैठे और सरकार के कामकाज पर फीडबैक लेने की शुरुआत हुई. हालांकि नीतीश कुमार जब भाजपा के साथ थे तब हर महीने के अंतिम सोमवार को कार्यकर्ताओं का जनता दरबार होता था. बैठक में लालू यादव ने सभी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सरकार के साथ निश्चय कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया.
हालांकि नीतीश कुमार की ओर से भ्रष्टाचार और खास तौर पर अधिकारियों द्वारा नेताओं की उपेक्षा पर कोई ठोस जवाब न मिलने से नेता मायूस दिखे लेकिन इस बैठक के बाद हर दल के नेताओं को उम्मीद है कि अब सरकार 20 सूत्रों और बोर्ड निगम में रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए कदम उठाएगी.
सोमवार को पटना में महागठबंधन के दलों जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की बैठक हुई. इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद अध्यक्ष लालू यादव, बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी और कैबिनेट के सभी मंत्री मोजूद थे. बैठक में हर पार्टी के अध्यक्ष का यही रोना था कि अधिकारी उनकी या कार्यकर्ताओं की न तो इज्जत करते हैं न ही उनकी फरियाद पर कोई कर्रवाई होती है. अधिकांश अध्यक्ष, जिन्हें बोलने का मौका मिला, उन्होंने निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत की. इस पर नीतीश कुमार ने रामवृक्ष बेनीपुरी की किताब को कोट करते हुए कहा कि उन्होंने लिखा था कि थाने के दरोगा, रेल के टीटी और जेल के जेलर के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना मुश्किल है.टिप्पणियां
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नवंबर 2015 में सरकार बनने के बाद यह पहला मौका था जब तीनों दलों के कार्यकर्ता और नेता एक साथ बैठे और सरकार के कामकाज पर फीडबैक लेने की शुरुआत हुई. हालांकि नीतीश कुमार जब भाजपा के साथ थे तब हर महीने के अंतिम सोमवार को कार्यकर्ताओं का जनता दरबार होता था. बैठक में लालू यादव ने सभी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सरकार के साथ निश्चय कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया.
हालांकि नीतीश कुमार की ओर से भ्रष्टाचार और खास तौर पर अधिकारियों द्वारा नेताओं की उपेक्षा पर कोई ठोस जवाब न मिलने से नेता मायूस दिखे लेकिन इस बैठक के बाद हर दल के नेताओं को उम्मीद है कि अब सरकार 20 सूत्रों और बोर्ड निगम में रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए कदम उठाएगी.
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नवंबर 2015 में सरकार बनने के बाद यह पहला मौका था जब तीनों दलों के कार्यकर्ता और नेता एक साथ बैठे और सरकार के कामकाज पर फीडबैक लेने की शुरुआत हुई. हालांकि नीतीश कुमार जब भाजपा के साथ थे तब हर महीने के अंतिम सोमवार को कार्यकर्ताओं का जनता दरबार होता था. बैठक में लालू यादव ने सभी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सरकार के साथ निश्चय कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया.
हालांकि नीतीश कुमार की ओर से भ्रष्टाचार और खास तौर पर अधिकारियों द्वारा नेताओं की उपेक्षा पर कोई ठोस जवाब न मिलने से नेता मायूस दिखे लेकिन इस बैठक के बाद हर दल के नेताओं को उम्मीद है कि अब सरकार 20 सूत्रों और बोर्ड निगम में रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए कदम उठाएगी.
हालांकि नीतीश कुमार की ओर से भ्रष्टाचार और खास तौर पर अधिकारियों द्वारा नेताओं की उपेक्षा पर कोई ठोस जवाब न मिलने से नेता मायूस दिखे लेकिन इस बैठक के बाद हर दल के नेताओं को उम्मीद है कि अब सरकार 20 सूत्रों और बोर्ड निगम में रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए कदम उठाएगी.
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संक्षिप्त पाठ: भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने पर रामवृक्ष बेनीपुरी की पंक्तियां सुनाईं
पटना में महागठबंधन के दलों के जिलाध्यक्षों की बैठक हुई
सरकार बनने के बाद पहली बार तीनों दलों के कार्यकर्ता और नेता साथ बैठे
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh yadav) ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तो लगता है कि जिसका गवर्नर उसकी सरकार. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद की है. उन्होंने शनिवार को कहा, 'सुबह मैं सोच रहा था कि कुछ अन्य पार्टियां मिलकर राज्य में सरकार बनाने जा रही हैं. हालांकि अब मुझे लगता है कि जिसका गवर्नर उसकी सरकार.'
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था, लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ. इसे लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि दोनों पार्टियों की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई.
इसके बाद Congress-NCP के साथ मिलकर शिवसेना ने सरकार बनाने की कवायद शुरू की. कई दिनों की उहापोह के बाद कांग्रेस-NCP आखिरकार शिवसेना को समर्थन देने के लिए राजी हो गईं और शुक्रवार की शाम तक कई दौर की बैठकों के बाद शरद पवार ने घोषणा की महाराष्ट्र के नए सीएम उद्धव ठाकरे होंगे और शनिवार को तीनों दल राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
दिन भर की कवायद के बाद जब कांग्रेस-एनसीपी और शिवनेता के नेता चैन की नींद सो रहे थे. उसी समय रात 11.45 बजे बीजेपी ने एनसीपी नेता अजित पवार के साथ मिलकर डील तय कर ली और रात में ही राज्यपाल सचिववालय को राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी करने के लिए कहा गया. इस दौरान अजित पवार रात भर देवेंद्र फडणवीस के साथ ही रहे. सुबह 5.47 बजे राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी की जा चुकी थी लेकिन इसकी घोषणा सुबह 9 बजे की गई. इससे पहले फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंच चुके थे और 8 बजे के करीब दोनों नेताओं ने शपथ ले ली.
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महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा पर साधा निशाना
भाजपा ने एनसीपी को तोड़कर बना ली राज्य में सरकार
कहा- अब लगता है कि जिसका गवर्नर उसकी सरकार
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 113.73 अंक की गिरावट के साथ 18,978.32 अंक पर और निफ्टी 33 अंकों की गिरावट के साथ 5691.05 अंक पर बंद हुए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 61.26 अंक की तेजी के साथ 19,153.31 अंक पर खुला। सेंसेक्स ने 19,167.06 के ऊपरी और 18,898.56 अंक के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से नौ में तेजी दर्ज की गई। डीएलफ (3.13 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.74 फीसदी), रिलायंस इंफ्रा (2.71 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्री (2.63 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.96 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स में गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में इंफोसिस (1.99 फीसदी), एलएंडटी (1.87 फीसदी), एसबीआई (1.86 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (1.48 फीसदी) और हीरो होंडा (1.46 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएससी) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 13.30 अंक की तेजी के साथ 5737.35 पर खुला। निफ्टी ने 5747.65 अंक के ऊपरी और 5662.55 अंक के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी का रुख देखा गया। मिडकैप 10.96 अंकों की तेजी के साथ 7,166.31 पर और स्मॉलकैप 8.40 अंक की तेजी के साथ 8,901.67 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों धातु (1.78 फीसदी), रियल्टी (1.66 फीसदी), वाहन (0.10 फीसदी) और बैंकिंग (0.04 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले सेक्टरों में उपभोक्ता वस्तु (1.20 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.18 फीसदी), तेल एवं गैस (1.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.87 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.72 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1416 शेयरों में तेजी और 1387 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 190 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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संक्षिप्त पाठ: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 113.73 अंक की गिरावट के साथ 18,978.32 अंक पर और निफ्टी 33 अंक की गिरावट के साथ 5691.05 अंक पर बंद हुए।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: भीड़ द्वारा 18 मई को दो घटनाओं में पीट-पीट कर की गई हत्या के सिलसिले में पुलिस ने छह और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके साथ ही इन मामलों में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 26 पहुंच गई है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पूर्व सिंहभूम) अनूप टी. मैथ्यू ने बताया कि उन्होंने नागडिह घटना के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. सरायकेला-खार्सवान के पुलिस अधीक्षक राकेश बंसल ने राजनगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में शोभापुर घटना के मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि की.
इससे पहले, शनिवार को इस इस्पात नगरी में इन दो घटनाओं और हिंसक झड़पों के संबंध में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने बताया कि अन्य दोषियों को पकड़ने के लिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं.टिप्पणियां
गौरतलब है कि 18 मई को बच्चा चोर होने के संदेह के बाद राजनगर में चार लोगों को पीट - पीट कर मार डाला गया था जबकि नागडिह में भीड़ ने तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पूर्व सिंहभूम) अनूप टी. मैथ्यू ने बताया कि उन्होंने नागडिह घटना के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. सरायकेला-खार्सवान के पुलिस अधीक्षक राकेश बंसल ने राजनगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में शोभापुर घटना के मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि की.
इससे पहले, शनिवार को इस इस्पात नगरी में इन दो घटनाओं और हिंसक झड़पों के संबंध में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने बताया कि अन्य दोषियों को पकड़ने के लिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं.टिप्पणियां
गौरतलब है कि 18 मई को बच्चा चोर होने के संदेह के बाद राजनगर में चार लोगों को पीट - पीट कर मार डाला गया था जबकि नागडिह में भीड़ ने तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले, शनिवार को इस इस्पात नगरी में इन दो घटनाओं और हिंसक झड़पों के संबंध में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने बताया कि अन्य दोषियों को पकड़ने के लिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं.टिप्पणियां
गौरतलब है कि 18 मई को बच्चा चोर होने के संदेह के बाद राजनगर में चार लोगों को पीट - पीट कर मार डाला गया था जबकि नागडिह में भीड़ ने तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि 18 मई को बच्चा चोर होने के संदेह के बाद राजनगर में चार लोगों को पीट - पीट कर मार डाला गया था जबकि नागडिह में भीड़ ने तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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सारांश: 18 मई को बच्चा चोर होने के संदेह पर 7 लोगों की हत्या हुई
भीड़ ने राजनगर में 4 और नागडिह में 3 लोगों की हत्या हुई थी
इस मामले में पुलिस अब तक 26 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम से दरकिनार किए गए विस्फोटक सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल को आगामी डब्ल्यूसीबी क्षेत्रीय सुपर-50 चैंपियनशिप के लिए जमैका की राष्ट्रीय टीम का कप्तान बनाया जा सकता है। इस टूर्नामेंट का आयोजन 19 अक्टूबर से होगा। समाचार पत्र 'द जमैका ऑब्जर्वर' में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, गेल को जमैका की राष्ट्रीय टीम के कप्तान बनाने की सिफारिश की गई है। इसके लिए जमैका क्रिकेट संघ की सहमति का इंतजार है। पत्र के मुताबिक राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष कर्टनी डेल ने कहा, कप्तान के लिए नाम की पुष्टि बोर्ड से करानी पड़ती है, ऐसे में हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। हमने केवल कप्तान की सिफारिश की है। गेल को जमैका की कप्तानी किए हुए तीन वर्ष से भी अधिक समय हो गया है। यदि गेल को कप्तान बनाया जाता है, तो इससे उनके अनुभव का फायदा जमैका की टीम को मिलेगा। उल्लेखनीय है कि जमैका की टीम पिछले चार वर्षों से इस टूर्नामेंट को नहीं जीत पाई है लेकिन प्रथमश्रेणी क्रिकेट में लगातार चार खिताब जीत टीम अपनी ताकत का अहसास कराने में सफल हुई है। गेल की उपस्थिति से न केवल टीम के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उनके खिताब जीतने की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी।
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सारांश: वेस्टइंडीज टीम से दरकिनार किए गए क्रिस गेल को डब्ल्यूसीबी क्षेत्रीय सुपर-50 चैंपियनशिप के लिए जमैका की राष्ट्रीय टीम का कप्तान बनाया जा सकता है।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए शनिवार को कहा कि यह नरेन्द्र मोदी सरकार की हर चीज का सिर्फ इसलिए विरोध करना चाहती है कि उसके पास और कोई मुद्दा उठाने के लिए नहीं है.
शाह ने आंध्र प्रदेश भाजपा द्वारा शनिवार को शाम यहां आयोजित एक विशाल किसान रैली को संबोधित करते हुए कहा, "विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए नरेन्द्र भाई जो कुछ कर रहे हैं, उसका यह विरोध कर रहा है. यदि मोदी कहते हैं कि आज सोमवार है, तो वे कहते हैं कि नहीं-नहीं मंगलवार है." उन्होंने कहा, "दुनिया ने पाकिस्तान पर नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा किए गए 'सर्जिकल स्ट्राइक' की सराहना की लेकिन सिर्फ कांग्रेस ने इसकी आलोचना की. देश खुश है, जवान खुश हैं और यहां तक कि बच्चे भी खुश हैं लेकिन राहुल (गांधी) 'खून की दलाली' चिल्ला रहे हैं.
भाजपा प्रमुख ने उरी हमले के बाद की स्थिति की याद दिलाते हुए कहा, "यह सोनिया-मनमोहन सरकार अब नहीं है, जो अनिर्णायक रहती थी. यह मोदी सरकार है जिसने सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस दिखाया और दुश्मन और उसकी सरजमीं पर आतंकी शिविरों को तगड़ा झटका दिया." शाह ने नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के कथित झूठे दुष्प्रचार की भी
आलोचना की. टिप्पणियां
उन्होंने दावा किया, "वे लोग अफवाह फैला रहे हैं कि नोटबंदी किसानों को नुकसान पहुंचाएगी. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यह हर मायने में किसानों को सिर्फ लाभ पहुंचाएगी." उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण और कृषि क्षेत्र का विकास मोदी सरकार की शीर्ष वरीयता है. इसे सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है. रैली में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, निर्मला सीतारमन और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित पार्टी के अन्य नेता भी शरीक हुए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शाह ने आंध्र प्रदेश भाजपा द्वारा शनिवार को शाम यहां आयोजित एक विशाल किसान रैली को संबोधित करते हुए कहा, "विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए नरेन्द्र भाई जो कुछ कर रहे हैं, उसका यह विरोध कर रहा है. यदि मोदी कहते हैं कि आज सोमवार है, तो वे कहते हैं कि नहीं-नहीं मंगलवार है." उन्होंने कहा, "दुनिया ने पाकिस्तान पर नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा किए गए 'सर्जिकल स्ट्राइक' की सराहना की लेकिन सिर्फ कांग्रेस ने इसकी आलोचना की. देश खुश है, जवान खुश हैं और यहां तक कि बच्चे भी खुश हैं लेकिन राहुल (गांधी) 'खून की दलाली' चिल्ला रहे हैं.
भाजपा प्रमुख ने उरी हमले के बाद की स्थिति की याद दिलाते हुए कहा, "यह सोनिया-मनमोहन सरकार अब नहीं है, जो अनिर्णायक रहती थी. यह मोदी सरकार है जिसने सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस दिखाया और दुश्मन और उसकी सरजमीं पर आतंकी शिविरों को तगड़ा झटका दिया." शाह ने नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के कथित झूठे दुष्प्रचार की भी
आलोचना की. टिप्पणियां
उन्होंने दावा किया, "वे लोग अफवाह फैला रहे हैं कि नोटबंदी किसानों को नुकसान पहुंचाएगी. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यह हर मायने में किसानों को सिर्फ लाभ पहुंचाएगी." उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण और कृषि क्षेत्र का विकास मोदी सरकार की शीर्ष वरीयता है. इसे सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है. रैली में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, निर्मला सीतारमन और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित पार्टी के अन्य नेता भी शरीक हुए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा प्रमुख ने उरी हमले के बाद की स्थिति की याद दिलाते हुए कहा, "यह सोनिया-मनमोहन सरकार अब नहीं है, जो अनिर्णायक रहती थी. यह मोदी सरकार है जिसने सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस दिखाया और दुश्मन और उसकी सरजमीं पर आतंकी शिविरों को तगड़ा झटका दिया." शाह ने नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के कथित झूठे दुष्प्रचार की भी
आलोचना की. टिप्पणियां
उन्होंने दावा किया, "वे लोग अफवाह फैला रहे हैं कि नोटबंदी किसानों को नुकसान पहुंचाएगी. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यह हर मायने में किसानों को सिर्फ लाभ पहुंचाएगी." उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण और कृषि क्षेत्र का विकास मोदी सरकार की शीर्ष वरीयता है. इसे सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है. रैली में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, निर्मला सीतारमन और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित पार्टी के अन्य नेता भी शरीक हुए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने दावा किया, "वे लोग अफवाह फैला रहे हैं कि नोटबंदी किसानों को नुकसान पहुंचाएगी. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यह हर मायने में किसानों को सिर्फ लाभ पहुंचाएगी." उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण और कृषि क्षेत्र का विकास मोदी सरकार की शीर्ष वरीयता है. इसे सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है. रैली में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, निर्मला सीतारमन और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित पार्टी के अन्य नेता भी शरीक हुए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यहाँ एक सारांश है:शाह ने कहा-मोदी सरकार की 'सर्जिकल स्ट्राइक' आलोचना सिर्फ कांग्रेस ने की
शाह ने नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के कथित झूठे दुष्प्रचार की भी आलोचना क
शाह बोले- किसानों का कल्याण और कृषि क्षेत्र का विकास सरकार की प्राथमिकता
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: 'अंकुर अरोड़ा मर्डर केस’, डॉक्टरों की लापरवाही पर आधारित फिल्म है। इसकी कहानी में एक बच्चे यानी अंकुर को ’अपेंडिक्स’ के दर्द के चलते अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। बिजी डॉ अस्थाना यानी केके मेनन अंकुर का ऑपरेशन करने को तैयार हो जाते हैं, लेकिन अंकुर ऑपरेशन के पहले बिस्किट खा लेता है, जबकि डॉक्टरों ने ऑपरेशन से पहले कुछ खाने के लिए मना किया था। इस बच्चे की मां बनी है, टिस्का चोपड़ा।
डॉ. अस्थाना इस बात से वाकिफ हैं कि अंकुर ऑपरेशन से पहले बिस्किट खा चुका है, पर अपनी व्यस्तता के कारण डॉक्टर ये भूल जाते हैं और ऑपरेशन कर डालते हैं।
फिर कहानी में बड़ा मोड़ आता है। इस ऑपरेशन को देखने वाली शख्स है, रिया जो एक इंटर्न डॉक्टर है। वह डॉ. रोमेश यानी अर्जुन माथुर की गर्लफ्रेंड भी है, दोनों साथ रहते हैं। डॉ. रोमेश को जब इस लापरवाही की खबर मिलती है तो वह इस अस्पताल और डॉ. अस्थाना के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं।टिप्पणियां
मेरे हिसाब से यह फिल्म बनाना एक ईमानदार कोशिश कही जा सकती है। कहानी और स्क्रीन-प्ले आपको पकड़े रख सकता है। फिल्म के कुछ सीन्स आंखें नम कर देते हैं। फिल्म से मनोरंजन की उम्मीद न रखें। फिल्म खत्म होने के बाद आप सिनेमा हॉल से तो बाहर आ जाएंगे पर फिल्म की कहानी से बाहर नहीं निकल पाएंगे। 'अंकुर अरोड़ा मर्डर केस' एक 'थॉट प्रोवोकिंग’ फिल्म है।
अब बात फिल्म की खामियों की, जैसे दो ट्रैक पर फिल्म का चलना और कुछ गाने, जो फिल्म की गति को धीमा करते हैं। आखिर में यही कह सकते हैं कि आप इसे टाइम पास और मनोरंजन के तराजू में न तोलें। इस फिल्म को देखकर थोड़ा सच्चाई से भी रू−ब−रू हों। मेरी तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार्स।
डॉ. अस्थाना इस बात से वाकिफ हैं कि अंकुर ऑपरेशन से पहले बिस्किट खा चुका है, पर अपनी व्यस्तता के कारण डॉक्टर ये भूल जाते हैं और ऑपरेशन कर डालते हैं।
फिर कहानी में बड़ा मोड़ आता है। इस ऑपरेशन को देखने वाली शख्स है, रिया जो एक इंटर्न डॉक्टर है। वह डॉ. रोमेश यानी अर्जुन माथुर की गर्लफ्रेंड भी है, दोनों साथ रहते हैं। डॉ. रोमेश को जब इस लापरवाही की खबर मिलती है तो वह इस अस्पताल और डॉ. अस्थाना के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं।टिप्पणियां
मेरे हिसाब से यह फिल्म बनाना एक ईमानदार कोशिश कही जा सकती है। कहानी और स्क्रीन-प्ले आपको पकड़े रख सकता है। फिल्म के कुछ सीन्स आंखें नम कर देते हैं। फिल्म से मनोरंजन की उम्मीद न रखें। फिल्म खत्म होने के बाद आप सिनेमा हॉल से तो बाहर आ जाएंगे पर फिल्म की कहानी से बाहर नहीं निकल पाएंगे। 'अंकुर अरोड़ा मर्डर केस' एक 'थॉट प्रोवोकिंग’ फिल्म है।
अब बात फिल्म की खामियों की, जैसे दो ट्रैक पर फिल्म का चलना और कुछ गाने, जो फिल्म की गति को धीमा करते हैं। आखिर में यही कह सकते हैं कि आप इसे टाइम पास और मनोरंजन के तराजू में न तोलें। इस फिल्म को देखकर थोड़ा सच्चाई से भी रू−ब−रू हों। मेरी तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार्स।
फिर कहानी में बड़ा मोड़ आता है। इस ऑपरेशन को देखने वाली शख्स है, रिया जो एक इंटर्न डॉक्टर है। वह डॉ. रोमेश यानी अर्जुन माथुर की गर्लफ्रेंड भी है, दोनों साथ रहते हैं। डॉ. रोमेश को जब इस लापरवाही की खबर मिलती है तो वह इस अस्पताल और डॉ. अस्थाना के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं।टिप्पणियां
मेरे हिसाब से यह फिल्म बनाना एक ईमानदार कोशिश कही जा सकती है। कहानी और स्क्रीन-प्ले आपको पकड़े रख सकता है। फिल्म के कुछ सीन्स आंखें नम कर देते हैं। फिल्म से मनोरंजन की उम्मीद न रखें। फिल्म खत्म होने के बाद आप सिनेमा हॉल से तो बाहर आ जाएंगे पर फिल्म की कहानी से बाहर नहीं निकल पाएंगे। 'अंकुर अरोड़ा मर्डर केस' एक 'थॉट प्रोवोकिंग’ फिल्म है।
अब बात फिल्म की खामियों की, जैसे दो ट्रैक पर फिल्म का चलना और कुछ गाने, जो फिल्म की गति को धीमा करते हैं। आखिर में यही कह सकते हैं कि आप इसे टाइम पास और मनोरंजन के तराजू में न तोलें। इस फिल्म को देखकर थोड़ा सच्चाई से भी रू−ब−रू हों। मेरी तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार्स।
मेरे हिसाब से यह फिल्म बनाना एक ईमानदार कोशिश कही जा सकती है। कहानी और स्क्रीन-प्ले आपको पकड़े रख सकता है। फिल्म के कुछ सीन्स आंखें नम कर देते हैं। फिल्म से मनोरंजन की उम्मीद न रखें। फिल्म खत्म होने के बाद आप सिनेमा हॉल से तो बाहर आ जाएंगे पर फिल्म की कहानी से बाहर नहीं निकल पाएंगे। 'अंकुर अरोड़ा मर्डर केस' एक 'थॉट प्रोवोकिंग’ फिल्म है।
अब बात फिल्म की खामियों की, जैसे दो ट्रैक पर फिल्म का चलना और कुछ गाने, जो फिल्म की गति को धीमा करते हैं। आखिर में यही कह सकते हैं कि आप इसे टाइम पास और मनोरंजन के तराजू में न तोलें। इस फिल्म को देखकर थोड़ा सच्चाई से भी रू−ब−रू हों। मेरी तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार्स।
अब बात फिल्म की खामियों की, जैसे दो ट्रैक पर फिल्म का चलना और कुछ गाने, जो फिल्म की गति को धीमा करते हैं। आखिर में यही कह सकते हैं कि आप इसे टाइम पास और मनोरंजन के तराजू में न तोलें। इस फिल्म को देखकर थोड़ा सच्चाई से भी रू−ब−रू हों। मेरी तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार्स।
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यह एक सारांश है: डॉ. अस्थाना इस बात से वाकिफ हैं कि अंकुर ऑपरेशन से पहले बिस्किट खा चुका है, पर अपनी व्यस्तता के कारण डॉक्टर ये भूल जाते हैं और ऑपरेशन कर डालते हैं।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: भुगतान मसले को लेकर बीसीसीआई द्वारा प्रसारण अधिकार अनुबंध रद्द किए जाने के एक दिन बाद निम्बस ने मंगलवार को दावा किया कि उसने आनुबंधिक दायित्वों के अनुरूप ही काम किया था। बीसीसीआई ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए कल निम्बस के साथ करार रद्द कर दिया और 2000 रुपये की बैंक गारंटी भी जब्त कर दी। निम्बस ने एक बयान में कहा, ऐसे अनुबंधों में गोपनीयता के प्रावधान को ध्यान में रखते हुए निम्बस मीडिया को ब्यौरा नहीं दे सकता लेकिन इसकी पुष्टि करता है कि उसने आनुबंधिक दायित्वों के भीतर ही काम किया जिन्हें समय समय पर दोनों पक्षों ने मंजूरी दी थी। कंपनी ने कहा कि वह समाधान तलाशने की दिशा में काम कर रही है। बयान में कहा गया, निम्बस पूर्ण समाधान तलाशने की दिशा में काम कर रहा है। हमें उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में इसका सर्किल हल निकल आएगा। इसने कहा, निश्चित तौर पर हमारे पास तमाम अधिकार और विकल्प सुरक्षित हैं जिसमें पंचाट प्रक्रिया शामिल है। निम्बस की ओर से इसके बाद तब तक कोई बयान जारी नहीं किया जायेगा जब तक बीसीसीआई से उसकी बातचीत पूरी नहीं हो जाती। बीसीसीआई कार्यसमिति की आपात बैठक में कल निम्बस के साथ करार रद्द करने का फैसला किया गया। निम्बस ने अक्तूबर 2009 में क्रिकेट बोर्ड के साथ 2000 करोड़ रूपये का चार साल का करार किया था। उसने कार्यसमिति की बैठक से पहले 24 करोड़ रूपये का भुगतान किया लेकिन अभी भी 88 करोड़ रूपये बाकी था।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अनुबंध रद्द किए जाने के एक दिन बाद निम्बस ने दावा किया कि उसने आनुबंधिक दायित्वों के अनुरूप ही काम किया था।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: हालांकि स्थानीय पुलिस को अगले महीने तक अपनी जांच के बारे में कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया गया था. बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने कुछ दिन पूर्व कहा था कि इस मामले में किसी को घबराने की कोई जरूरत नहीं है. इसके बाद उन्होंने जल्द से जल्द मामले का पर्यवेक्षण करवाया.
निश्चित रूप से इस खबर के बाद इश मामले में प्रभावित सभी लोग राहत की सांस लेंगे. हालांकि सुधीर ओझा के अधिकांश मामलों का यही हश्र होता है.
बिहार के मुजफ्फरपुर में इतिहासकार रामचंद्र गुहा (Ramachandra Guha), मशहूर फिल्म अभिनेत्री अपर्णा सेन (Aparna Sen), फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल (Shyam Benegal) और मणिरत्नम समेत 49 लोगों के खिलाफ पिछले हफ्ते राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था. इन लोगों ने अलग-अलग जगहों पर लोगों को पीट-पीटकर मार डालने (Mob Lynching) की वारदातों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नाम एक खुला खत लिखा था.
कुछ दिन पहले राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि पीएम मोदी के नाम जुलाई में खुला खत लिखने वाली 49 हस्तियों के खिलाफ मुकदमे से बिहार सरकार का कोई लेना-देना नहीं है. राज्य के पुलिस प्रमुख गुप्तेश्वर पांडे (Guptesvar Pandey) ने NDTV को बताया था कि यह अदालत के आदेश के बाद किया गया था और इसे लेकर पैनिक होने की कोई वजह नहीं थी.
गुप्तेश्वर पांडे ने कहा था 'हमने इस मामले का संज्ञान लिया है और जो भी एफआईआर दर्ज की गई, वह स्थानीय सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) अदालत के आदेश पर थी. मैं आपको भरोसा दे सकता हूं कि आदेश के अनुसार जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि चिंता और घबराहट का कोई कारण नहीं है. पुलिस प्रमुख ने कहा था कि 'मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हम जांच को जल्द से जल्द खत्म करना चाहेंगे.'
अगस्त में मुजफ्फरपुर की एक अदालत ने एक स्थानीय कार्यकर्ता की याचिका के बाद मामले की जांच का आदेश दिया था और पुलिस से 11 नवंबर तक रिपोर्ट देने को कहा था.
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने वाले राहुल गांधी ने भी सेलिब्रिटियों के खिलाफ मामला दर्ज होने पर प्रधानमंत्री की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि 'जो जो कोई भी प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ भी कहता है, जो भी सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलता है उसे जेल में डाल दिया जाता है और उस पर हमला किया जाता है. मीडिया को कुचल दिया जाता है. हर कोई जानता है कि क्या हो रहा है. यह कोई रहस्य नहीं है.'
फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल ने कहा था कि 'राजद्रोह का मुकदमा दायर करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि उनका खुला खत भीड़ की हिंसा की बढ़ती घटनाओं को लेकर एक अपील थी न कि कोई धमकी.' वहीं, राजद के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मामले में हस्तक्षेप कर कानूनी राय लेकर इसे बंद करने का आग्रह किया था.
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यहाँ एक सारांश है:मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर पीएम मोदी को लिखा था पत्र
शिकायतकर्ता सुधीर ओझा के खिलाफ कार्रवाई होगी
आईपीसी की धारा 182/211 के तहत की जाएगी कार्रवाई
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: कांग्रेस ने पार्टी महासचिव शकील अहमद और पार्टी सांसद राशिद मसूद की इन टिप्पणियों को नामंजूर कर दिया, जिनमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के परिणामस्वरूप आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का गठन हुआ।
पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने इस मुद्दे पर अहमद के ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, यह अभी तक पार्टी का नजरिया नहीं है। इस टिप्पणी को लेकर रविवार को राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था।
मसूद की इसी प्रकार की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर भी रेणुका की यही प्रतिक्रिया थी।टिप्पणियां
इसी के साथ उन्होंने दंगों के लिए गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस प्रकार एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया गया, वैसा कहीं देखने को नहीं मिलता।
उन्होंने कहा, गुजरात में जो कुछ हुआ, जिस प्रकार एक समुदाय विशेष के लोगों को मारा गया, इस प्रकार की घटना कहीं किसी जगह नहीं हुई। अहमद ने सोमवार को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा था, इंडियन मुजाहिदीन का गठन गुजरात दंगों के बाद किया गया। ऐसा एनआईए ने अपने आरोपपत्र में कहा है। उसके बावजूद भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सांप्रदायिक राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं। संपर्क करने पर कांग्रेस महासचिव ने आतंकवाद के मुद्दे पर शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया के लिए भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को दोषी ठहराया था।
पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने इस मुद्दे पर अहमद के ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, यह अभी तक पार्टी का नजरिया नहीं है। इस टिप्पणी को लेकर रविवार को राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था।
मसूद की इसी प्रकार की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर भी रेणुका की यही प्रतिक्रिया थी।टिप्पणियां
इसी के साथ उन्होंने दंगों के लिए गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस प्रकार एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया गया, वैसा कहीं देखने को नहीं मिलता।
उन्होंने कहा, गुजरात में जो कुछ हुआ, जिस प्रकार एक समुदाय विशेष के लोगों को मारा गया, इस प्रकार की घटना कहीं किसी जगह नहीं हुई। अहमद ने सोमवार को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा था, इंडियन मुजाहिदीन का गठन गुजरात दंगों के बाद किया गया। ऐसा एनआईए ने अपने आरोपपत्र में कहा है। उसके बावजूद भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सांप्रदायिक राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं। संपर्क करने पर कांग्रेस महासचिव ने आतंकवाद के मुद्दे पर शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया के लिए भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को दोषी ठहराया था।
मसूद की इसी प्रकार की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर भी रेणुका की यही प्रतिक्रिया थी।टिप्पणियां
इसी के साथ उन्होंने दंगों के लिए गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस प्रकार एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया गया, वैसा कहीं देखने को नहीं मिलता।
उन्होंने कहा, गुजरात में जो कुछ हुआ, जिस प्रकार एक समुदाय विशेष के लोगों को मारा गया, इस प्रकार की घटना कहीं किसी जगह नहीं हुई। अहमद ने सोमवार को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा था, इंडियन मुजाहिदीन का गठन गुजरात दंगों के बाद किया गया। ऐसा एनआईए ने अपने आरोपपत्र में कहा है। उसके बावजूद भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सांप्रदायिक राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं। संपर्क करने पर कांग्रेस महासचिव ने आतंकवाद के मुद्दे पर शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया के लिए भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को दोषी ठहराया था।
इसी के साथ उन्होंने दंगों के लिए गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस प्रकार एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया गया, वैसा कहीं देखने को नहीं मिलता।
उन्होंने कहा, गुजरात में जो कुछ हुआ, जिस प्रकार एक समुदाय विशेष के लोगों को मारा गया, इस प्रकार की घटना कहीं किसी जगह नहीं हुई। अहमद ने सोमवार को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा था, इंडियन मुजाहिदीन का गठन गुजरात दंगों के बाद किया गया। ऐसा एनआईए ने अपने आरोपपत्र में कहा है। उसके बावजूद भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सांप्रदायिक राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं। संपर्क करने पर कांग्रेस महासचिव ने आतंकवाद के मुद्दे पर शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया के लिए भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को दोषी ठहराया था।
उन्होंने कहा, गुजरात में जो कुछ हुआ, जिस प्रकार एक समुदाय विशेष के लोगों को मारा गया, इस प्रकार की घटना कहीं किसी जगह नहीं हुई। अहमद ने सोमवार को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा था, इंडियन मुजाहिदीन का गठन गुजरात दंगों के बाद किया गया। ऐसा एनआईए ने अपने आरोपपत्र में कहा है। उसके बावजूद भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सांप्रदायिक राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं। संपर्क करने पर कांग्रेस महासचिव ने आतंकवाद के मुद्दे पर शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया के लिए भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को दोषी ठहराया था।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने इस मुद्दे पर अहमद के ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, यह अभी तक पार्टी का नजरिया नहीं है। इस टिप्पणी को लेकर रविवार को राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वीरेंद्र सहवाग ने पिछले सत्र के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी छोड़ दी थी, लेकिन इस आक्रामक सलामी बल्लेबाज का मानना है कि उनके इस फैसले का उनके रवैये पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सहवाग आईपीएल के छठे सत्र में एक बार फिर टीम की उम्मीदों का भार अपने कंधे पर उठाने को तैयार हैं। सहवाग ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, मुझे नहीं लगता कि इससे कोई फर्क पड़ता है कि मैं टीम की कप्तानी कर रहा हूं या नहीं। कप्तानी ने कभी मेरे खेल को प्रभावित नहीं किया। टीम की कप्तानी करते हुए मैंने कभी अपनी बल्लेबाजी पर दबाव महसूस नहीं किया।
यह पूछने पर कि क्या श्रीलंका के महेला जयवर्धने के टीम की कमान संभालने से उनके ऊपर से भार कम होगा, सहवाग ने कहा, कप्तान के रूप में मैंने कभी दबाव महसूस नहीं किया, बल्लेबाजी के प्रति मेरा रवैया हमेशा समान रहता है। सहवाग के लिए कप्तानी और प्रदर्शन दो अलग-अलग चीजें हैं, जिनका मिश्रण नहीं करना चाहिए।
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि कप्तानी और प्रदर्शन दो अलग-अलग चीजें हैं। अगर आप कप्तानी के दबाव की बात करते हैं, तो मैंने आईपीएल के पिछले सत्र में लगातार पांच अर्धशतक और दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से सर्वाधिक रन बनाए थे।
पिछले सत्र में 495 रन बनाने वाले सहवाग के लगातार पांच अर्धशतक आईपीएल रिकॉर्ड था, लेकिन इस बल्लेबाज को लगता है कि इस साल यह रिकॉर्ड टूट सकता है। सहवाग ने एनडीटीवी के ‘मार्क्स फोर स्पोर्ट्स’ अभियान में बच्चों से बातचीत के बाद कहा, कोई खिलाड़ी इस साल इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।टिप्पणियां
सहवाग ने स्वीकार किया कि घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन की कमी खलेगी, क्योंकि पिछले सत्र में टीम को अंतिम चार में पहुंचाने में उनकी भूमिका भी अहम थी।
उन्होंने कहा, केपी बड़े मौकों पर रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और निश्चित तौर पर उनकी कमी खलेगी, लेकिन हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो जिम्मेदारी उठाते हुए योगदान दे सकते हैं। हमारे पास 10 स्तरीय विदेशी खिलाड़ी हैं और जो भी अंतिम एकादश में उसकी जगह लेगा, उसे बड़े मंच पर नाम कमाने का मौका मिलेगा। अगर वह मौके का फायदा उठाते हुए अपनी अहमियत साबित करते हैं, तो हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। पहले मैच से पहले की तैयारी के बारे में पूछने पर इस 34-वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं और शत- प्रतिशत फिट हूं।
सहवाग आईपीएल के छठे सत्र में एक बार फिर टीम की उम्मीदों का भार अपने कंधे पर उठाने को तैयार हैं। सहवाग ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, मुझे नहीं लगता कि इससे कोई फर्क पड़ता है कि मैं टीम की कप्तानी कर रहा हूं या नहीं। कप्तानी ने कभी मेरे खेल को प्रभावित नहीं किया। टीम की कप्तानी करते हुए मैंने कभी अपनी बल्लेबाजी पर दबाव महसूस नहीं किया।
यह पूछने पर कि क्या श्रीलंका के महेला जयवर्धने के टीम की कमान संभालने से उनके ऊपर से भार कम होगा, सहवाग ने कहा, कप्तान के रूप में मैंने कभी दबाव महसूस नहीं किया, बल्लेबाजी के प्रति मेरा रवैया हमेशा समान रहता है। सहवाग के लिए कप्तानी और प्रदर्शन दो अलग-अलग चीजें हैं, जिनका मिश्रण नहीं करना चाहिए।
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि कप्तानी और प्रदर्शन दो अलग-अलग चीजें हैं। अगर आप कप्तानी के दबाव की बात करते हैं, तो मैंने आईपीएल के पिछले सत्र में लगातार पांच अर्धशतक और दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से सर्वाधिक रन बनाए थे।
पिछले सत्र में 495 रन बनाने वाले सहवाग के लगातार पांच अर्धशतक आईपीएल रिकॉर्ड था, लेकिन इस बल्लेबाज को लगता है कि इस साल यह रिकॉर्ड टूट सकता है। सहवाग ने एनडीटीवी के ‘मार्क्स फोर स्पोर्ट्स’ अभियान में बच्चों से बातचीत के बाद कहा, कोई खिलाड़ी इस साल इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।टिप्पणियां
सहवाग ने स्वीकार किया कि घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन की कमी खलेगी, क्योंकि पिछले सत्र में टीम को अंतिम चार में पहुंचाने में उनकी भूमिका भी अहम थी।
उन्होंने कहा, केपी बड़े मौकों पर रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और निश्चित तौर पर उनकी कमी खलेगी, लेकिन हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो जिम्मेदारी उठाते हुए योगदान दे सकते हैं। हमारे पास 10 स्तरीय विदेशी खिलाड़ी हैं और जो भी अंतिम एकादश में उसकी जगह लेगा, उसे बड़े मंच पर नाम कमाने का मौका मिलेगा। अगर वह मौके का फायदा उठाते हुए अपनी अहमियत साबित करते हैं, तो हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। पहले मैच से पहले की तैयारी के बारे में पूछने पर इस 34-वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं और शत- प्रतिशत फिट हूं।
यह पूछने पर कि क्या श्रीलंका के महेला जयवर्धने के टीम की कमान संभालने से उनके ऊपर से भार कम होगा, सहवाग ने कहा, कप्तान के रूप में मैंने कभी दबाव महसूस नहीं किया, बल्लेबाजी के प्रति मेरा रवैया हमेशा समान रहता है। सहवाग के लिए कप्तानी और प्रदर्शन दो अलग-अलग चीजें हैं, जिनका मिश्रण नहीं करना चाहिए।
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि कप्तानी और प्रदर्शन दो अलग-अलग चीजें हैं। अगर आप कप्तानी के दबाव की बात करते हैं, तो मैंने आईपीएल के पिछले सत्र में लगातार पांच अर्धशतक और दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से सर्वाधिक रन बनाए थे।
पिछले सत्र में 495 रन बनाने वाले सहवाग के लगातार पांच अर्धशतक आईपीएल रिकॉर्ड था, लेकिन इस बल्लेबाज को लगता है कि इस साल यह रिकॉर्ड टूट सकता है। सहवाग ने एनडीटीवी के ‘मार्क्स फोर स्पोर्ट्स’ अभियान में बच्चों से बातचीत के बाद कहा, कोई खिलाड़ी इस साल इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।टिप्पणियां
सहवाग ने स्वीकार किया कि घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन की कमी खलेगी, क्योंकि पिछले सत्र में टीम को अंतिम चार में पहुंचाने में उनकी भूमिका भी अहम थी।
उन्होंने कहा, केपी बड़े मौकों पर रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और निश्चित तौर पर उनकी कमी खलेगी, लेकिन हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो जिम्मेदारी उठाते हुए योगदान दे सकते हैं। हमारे पास 10 स्तरीय विदेशी खिलाड़ी हैं और जो भी अंतिम एकादश में उसकी जगह लेगा, उसे बड़े मंच पर नाम कमाने का मौका मिलेगा। अगर वह मौके का फायदा उठाते हुए अपनी अहमियत साबित करते हैं, तो हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। पहले मैच से पहले की तैयारी के बारे में पूछने पर इस 34-वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं और शत- प्रतिशत फिट हूं।
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि कप्तानी और प्रदर्शन दो अलग-अलग चीजें हैं। अगर आप कप्तानी के दबाव की बात करते हैं, तो मैंने आईपीएल के पिछले सत्र में लगातार पांच अर्धशतक और दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से सर्वाधिक रन बनाए थे।
पिछले सत्र में 495 रन बनाने वाले सहवाग के लगातार पांच अर्धशतक आईपीएल रिकॉर्ड था, लेकिन इस बल्लेबाज को लगता है कि इस साल यह रिकॉर्ड टूट सकता है। सहवाग ने एनडीटीवी के ‘मार्क्स फोर स्पोर्ट्स’ अभियान में बच्चों से बातचीत के बाद कहा, कोई खिलाड़ी इस साल इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।टिप्पणियां
सहवाग ने स्वीकार किया कि घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन की कमी खलेगी, क्योंकि पिछले सत्र में टीम को अंतिम चार में पहुंचाने में उनकी भूमिका भी अहम थी।
उन्होंने कहा, केपी बड़े मौकों पर रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और निश्चित तौर पर उनकी कमी खलेगी, लेकिन हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो जिम्मेदारी उठाते हुए योगदान दे सकते हैं। हमारे पास 10 स्तरीय विदेशी खिलाड़ी हैं और जो भी अंतिम एकादश में उसकी जगह लेगा, उसे बड़े मंच पर नाम कमाने का मौका मिलेगा। अगर वह मौके का फायदा उठाते हुए अपनी अहमियत साबित करते हैं, तो हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। पहले मैच से पहले की तैयारी के बारे में पूछने पर इस 34-वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं और शत- प्रतिशत फिट हूं।
पिछले सत्र में 495 रन बनाने वाले सहवाग के लगातार पांच अर्धशतक आईपीएल रिकॉर्ड था, लेकिन इस बल्लेबाज को लगता है कि इस साल यह रिकॉर्ड टूट सकता है। सहवाग ने एनडीटीवी के ‘मार्क्स फोर स्पोर्ट्स’ अभियान में बच्चों से बातचीत के बाद कहा, कोई खिलाड़ी इस साल इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।टिप्पणियां
सहवाग ने स्वीकार किया कि घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन की कमी खलेगी, क्योंकि पिछले सत्र में टीम को अंतिम चार में पहुंचाने में उनकी भूमिका भी अहम थी।
उन्होंने कहा, केपी बड़े मौकों पर रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और निश्चित तौर पर उनकी कमी खलेगी, लेकिन हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो जिम्मेदारी उठाते हुए योगदान दे सकते हैं। हमारे पास 10 स्तरीय विदेशी खिलाड़ी हैं और जो भी अंतिम एकादश में उसकी जगह लेगा, उसे बड़े मंच पर नाम कमाने का मौका मिलेगा। अगर वह मौके का फायदा उठाते हुए अपनी अहमियत साबित करते हैं, तो हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। पहले मैच से पहले की तैयारी के बारे में पूछने पर इस 34-वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं और शत- प्रतिशत फिट हूं।
सहवाग ने स्वीकार किया कि घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन की कमी खलेगी, क्योंकि पिछले सत्र में टीम को अंतिम चार में पहुंचाने में उनकी भूमिका भी अहम थी।
उन्होंने कहा, केपी बड़े मौकों पर रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और निश्चित तौर पर उनकी कमी खलेगी, लेकिन हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो जिम्मेदारी उठाते हुए योगदान दे सकते हैं। हमारे पास 10 स्तरीय विदेशी खिलाड़ी हैं और जो भी अंतिम एकादश में उसकी जगह लेगा, उसे बड़े मंच पर नाम कमाने का मौका मिलेगा। अगर वह मौके का फायदा उठाते हुए अपनी अहमियत साबित करते हैं, तो हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। पहले मैच से पहले की तैयारी के बारे में पूछने पर इस 34-वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं और शत- प्रतिशत फिट हूं।
उन्होंने कहा, केपी बड़े मौकों पर रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और निश्चित तौर पर उनकी कमी खलेगी, लेकिन हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो जिम्मेदारी उठाते हुए योगदान दे सकते हैं। हमारे पास 10 स्तरीय विदेशी खिलाड़ी हैं और जो भी अंतिम एकादश में उसकी जगह लेगा, उसे बड़े मंच पर नाम कमाने का मौका मिलेगा। अगर वह मौके का फायदा उठाते हुए अपनी अहमियत साबित करते हैं, तो हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। पहले मैच से पहले की तैयारी के बारे में पूछने पर इस 34-वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं और शत- प्रतिशत फिट हूं।
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यह एक सारांश है: वीरेंद्र सहवाग ने पिछले सत्र के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी छोड़ दी थी, लेकिन इस आक्रामक सलामी बल्लेबाज का मानना है कि उनके इस फैसले का उनके रवैये पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने को लेकर उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद का एक स्कूल जांच के घेरे में आ गया है, और स्कूल प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ स्कूल के प्रिंसिपल सहित आठ अध्यापकों ने इस्तीफा दे दिया है.
एमए कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल रहीं ऋतु त्रिपाठी ने बताया, "हम में से ज्यादातर लोग यहां नए हैं और बहुत समय से काम नहीं कर रहे हैं... हमें यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल प्रशासन ने पिछले 12 साल में कभी राष्ट्रगान गाने की इजाज़त दी ही नहीं..." उन्होंने आगे बताया, "हमें भी कहा गया कि या तो इस बात को मान लें या नौकरी छोड़ दें, इसलिए हम सबने मिलकर यह निर्णय लिया है..."
इस बीच, स्कूल के मैनेजर जिया उल हक को उचित मान्यता के बिना स्कूल चलाने और राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने से संबंधित कानूनों के तहत रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
प्रभारी जिलाधिकारी आन्द्रे वामसी ने बताया, "पिछले दो दिन में स्कूल प्रबंधक जिया उल हक़ ने राष्ट्रगान के खिलाफ बयान दिया, जिससे समाज में तनाव उत्पन्न करने लायक स्थिति पैदा हो गई, इसीलिए हमने एफआईआर दर्ज करके दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया... हमें यह भी पता चला था की इनके स्कूल को मान्यता नहीं मिली है, और उससे जुड़ा नोटिस भी इन्हें 10 दिन पहले दिया गया था, लेकिन उसका भी इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया... सो, राष्ट्रीय प्रतीकों तथा राष्ट्रगान के सम्मान संबंधी कानून के तहत इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, और गिरफ्तार कर लिया गया..."
प्रभारी जिलाधिकारी ने यह भी बताया, "इसके अलावा इनके स्कूल की मान्यता को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी की जो शिकायत है, उसकी भी जिला स्तर के अधिकारी को नामित कर जांच करवाई जाएगी, जिसके बाद सबूतों के साथ हम कार्रवाई करेंगे... चूंकि इस स्कूल के पास मान्यता नहीं है, इसलिए इसे कब्ज़े में लिया जाना ज़रूरी है, सो, अब हम अपनी नियमावली के अनुसार स्कूल को कब्ज़े में लेकर इनके दोनों परिसरों में पढ़ रहे 300 बच्चों को एक-दो दिन में ही बेसिक शिक्षा अधिकारी की मदद से किसी अन्य स्कूल में दाखिला दिलवाएंगे..."
उधर, जिया उल हक ने भी उनके स्कूल में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों के अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए अध्यापकों के साथ राष्ट्रगान को लेकर विवाद की बात को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा, "मुस्लिम छात्रों के लिए 'भारत भाग्य विधाता' गाना अस्वीकार्य है,' जिसका शाब्दिक अर्थ उनके अनुसार 'भारत अपने लोगों का स्वामी' है.
NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुस्लिमों का मानना है कि भारत सहित दुनिया के सभी लोगों के लिए अल्लाह एकमात्र सर्वशक्तिमान स्वामी है... यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अगर राष्ट्रगान का कोई हिस्सा किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, तो वह इसे नहीं गाने के लिए स्वतंत्र है..."
उधर, अधिकारियों का कहना है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग से मान्यता हासिल नहीं की है और इस मामले में स्कूल के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. इलाहाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा, "करीब एक हफ्ते पहले हमने स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए नोटिस दिया था... यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल अब भी चल रहा है..."टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
एमए कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल रहीं ऋतु त्रिपाठी ने बताया, "हम में से ज्यादातर लोग यहां नए हैं और बहुत समय से काम नहीं कर रहे हैं... हमें यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल प्रशासन ने पिछले 12 साल में कभी राष्ट्रगान गाने की इजाज़त दी ही नहीं..." उन्होंने आगे बताया, "हमें भी कहा गया कि या तो इस बात को मान लें या नौकरी छोड़ दें, इसलिए हम सबने मिलकर यह निर्णय लिया है..."
इस बीच, स्कूल के मैनेजर जिया उल हक को उचित मान्यता के बिना स्कूल चलाने और राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने से संबंधित कानूनों के तहत रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
प्रभारी जिलाधिकारी आन्द्रे वामसी ने बताया, "पिछले दो दिन में स्कूल प्रबंधक जिया उल हक़ ने राष्ट्रगान के खिलाफ बयान दिया, जिससे समाज में तनाव उत्पन्न करने लायक स्थिति पैदा हो गई, इसीलिए हमने एफआईआर दर्ज करके दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया... हमें यह भी पता चला था की इनके स्कूल को मान्यता नहीं मिली है, और उससे जुड़ा नोटिस भी इन्हें 10 दिन पहले दिया गया था, लेकिन उसका भी इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया... सो, राष्ट्रीय प्रतीकों तथा राष्ट्रगान के सम्मान संबंधी कानून के तहत इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, और गिरफ्तार कर लिया गया..."
प्रभारी जिलाधिकारी ने यह भी बताया, "इसके अलावा इनके स्कूल की मान्यता को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी की जो शिकायत है, उसकी भी जिला स्तर के अधिकारी को नामित कर जांच करवाई जाएगी, जिसके बाद सबूतों के साथ हम कार्रवाई करेंगे... चूंकि इस स्कूल के पास मान्यता नहीं है, इसलिए इसे कब्ज़े में लिया जाना ज़रूरी है, सो, अब हम अपनी नियमावली के अनुसार स्कूल को कब्ज़े में लेकर इनके दोनों परिसरों में पढ़ रहे 300 बच्चों को एक-दो दिन में ही बेसिक शिक्षा अधिकारी की मदद से किसी अन्य स्कूल में दाखिला दिलवाएंगे..."
उधर, जिया उल हक ने भी उनके स्कूल में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों के अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए अध्यापकों के साथ राष्ट्रगान को लेकर विवाद की बात को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा, "मुस्लिम छात्रों के लिए 'भारत भाग्य विधाता' गाना अस्वीकार्य है,' जिसका शाब्दिक अर्थ उनके अनुसार 'भारत अपने लोगों का स्वामी' है.
NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुस्लिमों का मानना है कि भारत सहित दुनिया के सभी लोगों के लिए अल्लाह एकमात्र सर्वशक्तिमान स्वामी है... यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अगर राष्ट्रगान का कोई हिस्सा किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, तो वह इसे नहीं गाने के लिए स्वतंत्र है..."
उधर, अधिकारियों का कहना है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग से मान्यता हासिल नहीं की है और इस मामले में स्कूल के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. इलाहाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा, "करीब एक हफ्ते पहले हमने स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए नोटिस दिया था... यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल अब भी चल रहा है..."टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
इस बीच, स्कूल के मैनेजर जिया उल हक को उचित मान्यता के बिना स्कूल चलाने और राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने से संबंधित कानूनों के तहत रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
प्रभारी जिलाधिकारी आन्द्रे वामसी ने बताया, "पिछले दो दिन में स्कूल प्रबंधक जिया उल हक़ ने राष्ट्रगान के खिलाफ बयान दिया, जिससे समाज में तनाव उत्पन्न करने लायक स्थिति पैदा हो गई, इसीलिए हमने एफआईआर दर्ज करके दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया... हमें यह भी पता चला था की इनके स्कूल को मान्यता नहीं मिली है, और उससे जुड़ा नोटिस भी इन्हें 10 दिन पहले दिया गया था, लेकिन उसका भी इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया... सो, राष्ट्रीय प्रतीकों तथा राष्ट्रगान के सम्मान संबंधी कानून के तहत इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, और गिरफ्तार कर लिया गया..."
प्रभारी जिलाधिकारी ने यह भी बताया, "इसके अलावा इनके स्कूल की मान्यता को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी की जो शिकायत है, उसकी भी जिला स्तर के अधिकारी को नामित कर जांच करवाई जाएगी, जिसके बाद सबूतों के साथ हम कार्रवाई करेंगे... चूंकि इस स्कूल के पास मान्यता नहीं है, इसलिए इसे कब्ज़े में लिया जाना ज़रूरी है, सो, अब हम अपनी नियमावली के अनुसार स्कूल को कब्ज़े में लेकर इनके दोनों परिसरों में पढ़ रहे 300 बच्चों को एक-दो दिन में ही बेसिक शिक्षा अधिकारी की मदद से किसी अन्य स्कूल में दाखिला दिलवाएंगे..."
उधर, जिया उल हक ने भी उनके स्कूल में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों के अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए अध्यापकों के साथ राष्ट्रगान को लेकर विवाद की बात को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा, "मुस्लिम छात्रों के लिए 'भारत भाग्य विधाता' गाना अस्वीकार्य है,' जिसका शाब्दिक अर्थ उनके अनुसार 'भारत अपने लोगों का स्वामी' है.
NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुस्लिमों का मानना है कि भारत सहित दुनिया के सभी लोगों के लिए अल्लाह एकमात्र सर्वशक्तिमान स्वामी है... यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अगर राष्ट्रगान का कोई हिस्सा किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, तो वह इसे नहीं गाने के लिए स्वतंत्र है..."
उधर, अधिकारियों का कहना है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग से मान्यता हासिल नहीं की है और इस मामले में स्कूल के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. इलाहाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा, "करीब एक हफ्ते पहले हमने स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए नोटिस दिया था... यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल अब भी चल रहा है..."टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
प्रभारी जिलाधिकारी आन्द्रे वामसी ने बताया, "पिछले दो दिन में स्कूल प्रबंधक जिया उल हक़ ने राष्ट्रगान के खिलाफ बयान दिया, जिससे समाज में तनाव उत्पन्न करने लायक स्थिति पैदा हो गई, इसीलिए हमने एफआईआर दर्ज करके दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया... हमें यह भी पता चला था की इनके स्कूल को मान्यता नहीं मिली है, और उससे जुड़ा नोटिस भी इन्हें 10 दिन पहले दिया गया था, लेकिन उसका भी इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया... सो, राष्ट्रीय प्रतीकों तथा राष्ट्रगान के सम्मान संबंधी कानून के तहत इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, और गिरफ्तार कर लिया गया..."
प्रभारी जिलाधिकारी ने यह भी बताया, "इसके अलावा इनके स्कूल की मान्यता को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी की जो शिकायत है, उसकी भी जिला स्तर के अधिकारी को नामित कर जांच करवाई जाएगी, जिसके बाद सबूतों के साथ हम कार्रवाई करेंगे... चूंकि इस स्कूल के पास मान्यता नहीं है, इसलिए इसे कब्ज़े में लिया जाना ज़रूरी है, सो, अब हम अपनी नियमावली के अनुसार स्कूल को कब्ज़े में लेकर इनके दोनों परिसरों में पढ़ रहे 300 बच्चों को एक-दो दिन में ही बेसिक शिक्षा अधिकारी की मदद से किसी अन्य स्कूल में दाखिला दिलवाएंगे..."
उधर, जिया उल हक ने भी उनके स्कूल में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों के अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए अध्यापकों के साथ राष्ट्रगान को लेकर विवाद की बात को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा, "मुस्लिम छात्रों के लिए 'भारत भाग्य विधाता' गाना अस्वीकार्य है,' जिसका शाब्दिक अर्थ उनके अनुसार 'भारत अपने लोगों का स्वामी' है.
NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुस्लिमों का मानना है कि भारत सहित दुनिया के सभी लोगों के लिए अल्लाह एकमात्र सर्वशक्तिमान स्वामी है... यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अगर राष्ट्रगान का कोई हिस्सा किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, तो वह इसे नहीं गाने के लिए स्वतंत्र है..."
उधर, अधिकारियों का कहना है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग से मान्यता हासिल नहीं की है और इस मामले में स्कूल के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. इलाहाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा, "करीब एक हफ्ते पहले हमने स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए नोटिस दिया था... यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल अब भी चल रहा है..."टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
प्रभारी जिलाधिकारी ने यह भी बताया, "इसके अलावा इनके स्कूल की मान्यता को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी की जो शिकायत है, उसकी भी जिला स्तर के अधिकारी को नामित कर जांच करवाई जाएगी, जिसके बाद सबूतों के साथ हम कार्रवाई करेंगे... चूंकि इस स्कूल के पास मान्यता नहीं है, इसलिए इसे कब्ज़े में लिया जाना ज़रूरी है, सो, अब हम अपनी नियमावली के अनुसार स्कूल को कब्ज़े में लेकर इनके दोनों परिसरों में पढ़ रहे 300 बच्चों को एक-दो दिन में ही बेसिक शिक्षा अधिकारी की मदद से किसी अन्य स्कूल में दाखिला दिलवाएंगे..."
उधर, जिया उल हक ने भी उनके स्कूल में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों के अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए अध्यापकों के साथ राष्ट्रगान को लेकर विवाद की बात को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा, "मुस्लिम छात्रों के लिए 'भारत भाग्य विधाता' गाना अस्वीकार्य है,' जिसका शाब्दिक अर्थ उनके अनुसार 'भारत अपने लोगों का स्वामी' है.
NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुस्लिमों का मानना है कि भारत सहित दुनिया के सभी लोगों के लिए अल्लाह एकमात्र सर्वशक्तिमान स्वामी है... यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अगर राष्ट्रगान का कोई हिस्सा किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, तो वह इसे नहीं गाने के लिए स्वतंत्र है..."
उधर, अधिकारियों का कहना है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग से मान्यता हासिल नहीं की है और इस मामले में स्कूल के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. इलाहाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा, "करीब एक हफ्ते पहले हमने स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए नोटिस दिया था... यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल अब भी चल रहा है..."टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
उधर, जिया उल हक ने भी उनके स्कूल में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों के अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए अध्यापकों के साथ राष्ट्रगान को लेकर विवाद की बात को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा, "मुस्लिम छात्रों के लिए 'भारत भाग्य विधाता' गाना अस्वीकार्य है,' जिसका शाब्दिक अर्थ उनके अनुसार 'भारत अपने लोगों का स्वामी' है.
NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुस्लिमों का मानना है कि भारत सहित दुनिया के सभी लोगों के लिए अल्लाह एकमात्र सर्वशक्तिमान स्वामी है... यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अगर राष्ट्रगान का कोई हिस्सा किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, तो वह इसे नहीं गाने के लिए स्वतंत्र है..."
उधर, अधिकारियों का कहना है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग से मान्यता हासिल नहीं की है और इस मामले में स्कूल के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. इलाहाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा, "करीब एक हफ्ते पहले हमने स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए नोटिस दिया था... यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल अब भी चल रहा है..."टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुस्लिमों का मानना है कि भारत सहित दुनिया के सभी लोगों के लिए अल्लाह एकमात्र सर्वशक्तिमान स्वामी है... यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अगर राष्ट्रगान का कोई हिस्सा किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, तो वह इसे नहीं गाने के लिए स्वतंत्र है..."
उधर, अधिकारियों का कहना है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग से मान्यता हासिल नहीं की है और इस मामले में स्कूल के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. इलाहाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा, "करीब एक हफ्ते पहले हमने स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए नोटिस दिया था... यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल अब भी चल रहा है..."टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
उधर, अधिकारियों का कहना है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग से मान्यता हासिल नहीं की है और इस मामले में स्कूल के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. इलाहाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा, "करीब एक हफ्ते पहले हमने स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए नोटिस दिया था... यह जानकर हैरानी हुई कि स्कूल अब भी चल रहा है..."टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
आरोप यह भी है कि स्कूल बिना किसी उचित मान्यता के अभिभावकों को धोखे में रखकर चलाया जा रहा है, और इस स्कूल मे फिलहाल नर्सरी से 8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
यादव ने कहा, "स्कूल प्रशासन द्वारा राष्ट्रगान के गायन पर प्रतिबंध लगाने का मामला एक अन्य अपराध है, और अगर यह आरोप सही पाए गए तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होगी..."
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यह एक सारांश है: 'स्कूल प्रशासन ने पिछले 12 साल में कभी राष्ट्रगान की इजाजत ही नहीं दी'
स्कूल प्रशासन को यह संस्थान बंद करने के लिए शिक्षा विभाग से नोटिस
स्कूल में फिलहाल नर्सरी-8वीं तक के करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रतिष्ठित पत्रिका फोर्ब्स ने कहा कि नामचीन निवेशक वारेन बफे दुनिया के तीसरे सबसे धनाढ़्य व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने अरबपति अमानसिओ ओर्टेगा का स्थान लिया है। कुछ सप्ताह पहले ही फोर्ब्स ने धनाढ़्यों की सूची जारी की थी। उसके बाद यह बदलाव हुआ है।
सोमवार को कारोबार सत्र समाप्त होने पर बफे का नेटवर्थ 54.9 अरब डॉलर रहा वहीं ओर्टेगा का बाजार पूंजीकरण 54.5 अरब डॉलर रहा।
फोर्ब्स ने कहा, ‘हमने 14 फरवरी के शेयर भाव के आधार पर वर्ष 2013 के धनाढ़्यों की सूची जारी की थी। इसे हमने चार मार्च को प्रकाशित किया था। उसकी तुलना में सोमवार को बाजार बंद होने के बाद ओर्टेगा का नेटवर्थ 2.5 अरब डॉलर कम हुआ है। वहीं बफे का नेटवर्थ 1.4 अरब डॉलर बढ़ा।’टिप्पणियां
सोमवार को बफे के बर्कशयर हैथवे शेयर का भाव 0.03 प्रतिशत बढ़ा जबकि आर्टेगा का इंडीटेक्स मैड्रिड शेयर बाजार में 0.15 प्रतिशत कम हुआ। फोर्ब्स द्वारा चार मार्च को प्रकाशित धनाढ्यों की सूची के अनुसार मैक्सिको के कारोबारी कालरेस स्लिम 73 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दुनिया में सबसे धनवान व्यक्ति रहे। उसके बाद क्रमश: बिल गेट्स (67 अरब डॉलर), अमानसियो ओर्टेगा (57 अरब डॉलर), वारेन बफे (53.5 अरब डॉलर) का स्थान था। बफे और आर्टेगा के अलावा सूची में और कोई बदलाव नहीं हुआ है।
फोर्ब्स की ताजा सूची के अनुसार धनाढ्यों में मुकेश अंबानी 22वें स्थान पर हैं जबकि 16.5 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दूसरे सबसे धनवान भारतीय लक्ष्मी मित्तल 41वें स्थान पर हैं।
सोमवार को कारोबार सत्र समाप्त होने पर बफे का नेटवर्थ 54.9 अरब डॉलर रहा वहीं ओर्टेगा का बाजार पूंजीकरण 54.5 अरब डॉलर रहा।
फोर्ब्स ने कहा, ‘हमने 14 फरवरी के शेयर भाव के आधार पर वर्ष 2013 के धनाढ़्यों की सूची जारी की थी। इसे हमने चार मार्च को प्रकाशित किया था। उसकी तुलना में सोमवार को बाजार बंद होने के बाद ओर्टेगा का नेटवर्थ 2.5 अरब डॉलर कम हुआ है। वहीं बफे का नेटवर्थ 1.4 अरब डॉलर बढ़ा।’टिप्पणियां
सोमवार को बफे के बर्कशयर हैथवे शेयर का भाव 0.03 प्रतिशत बढ़ा जबकि आर्टेगा का इंडीटेक्स मैड्रिड शेयर बाजार में 0.15 प्रतिशत कम हुआ। फोर्ब्स द्वारा चार मार्च को प्रकाशित धनाढ्यों की सूची के अनुसार मैक्सिको के कारोबारी कालरेस स्लिम 73 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दुनिया में सबसे धनवान व्यक्ति रहे। उसके बाद क्रमश: बिल गेट्स (67 अरब डॉलर), अमानसियो ओर्टेगा (57 अरब डॉलर), वारेन बफे (53.5 अरब डॉलर) का स्थान था। बफे और आर्टेगा के अलावा सूची में और कोई बदलाव नहीं हुआ है।
फोर्ब्स की ताजा सूची के अनुसार धनाढ्यों में मुकेश अंबानी 22वें स्थान पर हैं जबकि 16.5 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दूसरे सबसे धनवान भारतीय लक्ष्मी मित्तल 41वें स्थान पर हैं।
फोर्ब्स ने कहा, ‘हमने 14 फरवरी के शेयर भाव के आधार पर वर्ष 2013 के धनाढ़्यों की सूची जारी की थी। इसे हमने चार मार्च को प्रकाशित किया था। उसकी तुलना में सोमवार को बाजार बंद होने के बाद ओर्टेगा का नेटवर्थ 2.5 अरब डॉलर कम हुआ है। वहीं बफे का नेटवर्थ 1.4 अरब डॉलर बढ़ा।’टिप्पणियां
सोमवार को बफे के बर्कशयर हैथवे शेयर का भाव 0.03 प्रतिशत बढ़ा जबकि आर्टेगा का इंडीटेक्स मैड्रिड शेयर बाजार में 0.15 प्रतिशत कम हुआ। फोर्ब्स द्वारा चार मार्च को प्रकाशित धनाढ्यों की सूची के अनुसार मैक्सिको के कारोबारी कालरेस स्लिम 73 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दुनिया में सबसे धनवान व्यक्ति रहे। उसके बाद क्रमश: बिल गेट्स (67 अरब डॉलर), अमानसियो ओर्टेगा (57 अरब डॉलर), वारेन बफे (53.5 अरब डॉलर) का स्थान था। बफे और आर्टेगा के अलावा सूची में और कोई बदलाव नहीं हुआ है।
फोर्ब्स की ताजा सूची के अनुसार धनाढ्यों में मुकेश अंबानी 22वें स्थान पर हैं जबकि 16.5 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दूसरे सबसे धनवान भारतीय लक्ष्मी मित्तल 41वें स्थान पर हैं।
सोमवार को बफे के बर्कशयर हैथवे शेयर का भाव 0.03 प्रतिशत बढ़ा जबकि आर्टेगा का इंडीटेक्स मैड्रिड शेयर बाजार में 0.15 प्रतिशत कम हुआ। फोर्ब्स द्वारा चार मार्च को प्रकाशित धनाढ्यों की सूची के अनुसार मैक्सिको के कारोबारी कालरेस स्लिम 73 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दुनिया में सबसे धनवान व्यक्ति रहे। उसके बाद क्रमश: बिल गेट्स (67 अरब डॉलर), अमानसियो ओर्टेगा (57 अरब डॉलर), वारेन बफे (53.5 अरब डॉलर) का स्थान था। बफे और आर्टेगा के अलावा सूची में और कोई बदलाव नहीं हुआ है।
फोर्ब्स की ताजा सूची के अनुसार धनाढ्यों में मुकेश अंबानी 22वें स्थान पर हैं जबकि 16.5 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दूसरे सबसे धनवान भारतीय लक्ष्मी मित्तल 41वें स्थान पर हैं।
फोर्ब्स की ताजा सूची के अनुसार धनाढ्यों में मुकेश अंबानी 22वें स्थान पर हैं जबकि 16.5 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दूसरे सबसे धनवान भारतीय लक्ष्मी मित्तल 41वें स्थान पर हैं।
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यह एक सारांश है: प्रतिष्ठित पत्रिका फोर्ब्स ने कहा कि नामचीन निवेशक वारेन बफे दुनिया के तीसरे सबसे धनाढ़्य व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने अरबपति अमानसिओ ओर्टेगा का स्थान लिया है। कुछ सप्ताह पहले ही फोर्ब्स ने धनाढ़्यों की सूची जारी की थी। उसके बाद यह बदलाव हुआ है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: आस्था का पर्व कुंभ (Kumbh2019) न सिर्फ देश में रहने वाले लोगों के महत्वपूर्ण है बल्कि इसकी महत्ता इतनी है इसमें हिस्सा लेने के लिए लोग सात समन्दर पार से लोग हर बार भारत आते हैं. इस बार प्रयागराज में चल रहे कुंभ (Kumbh2019) में ऑस्ट्रेलिया से आए सर्वांगगिरी बाबा सबका ध्यान खींच रहे हैं. खास बात यह है कि 1998 में भारत आने से पहले सर्वांगगिरी बाबा नास्तिक थे. मेलबर्न में पले-बढ़े ये बाबा पहले बस योग करते थे फिर भारत आकर सनातन धर्म से वाफ़िक़ हुए और अब धर्म-कर्म में रम गए हैं. भारत आने के बाद उन्होंने गुरु गुरु मंगलगिरी से शिक्षा ली. बाबा के अनुसार शुरू में उन्हें हिंदी समझने में दिक्कत आई लेकिन अध्यात्म रास आ गया. यही वजह है कि अब वह दसवीं बार कुंभ (Kumbh2019) स्नान के लिए आए हैं. गौरतलब है कि प्रयागराज में पहले शाही स्नान (Kumbh First Shahi Snan) के साथ ही अर्ध कुंभ मेले (Kumbh2019) की शुरुआत 15 जनवरी को हुई थी. मेले में सबसे पहले साधु-संतों का शाही जुलूस निकाला गया जिसके बाद शाही स्नान की परंपरा शुरू हो गई थी. बता दें कि विभिन्न अखाड़ों को स्नान के लिए अलग-अलग वक्त दिया गया हो.
इस धार्मिक-आध्यामिक-सांस्कृतिक मेले (Kumbh 2019) में अगले 45 दिनों तक देश-विदेश के 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु जुटेंगे. किंवदंतियों के मुताबिक, पहला 'शाही स्नान' (Kumbh 2019) स्वर्ग का दरवाजा खोलता है, जिसकी शुरुआत मंगलवार को सुबह 5.30 बजे हो चुकी है और यह शाम 4.30 बजे तक चलेगा. श्रद्धालुओं के लिए गंगा नदी के किनारे 3,200 एकड़ क्षेत्र में छोटा शहर बसाया गया है. यहां टेंट का किराया 2,100 रुपये से लेकर 20,000 रुपये प्रति रात तक है. इसके अलावा बड़ी संख्या में यहां पहुंचने वाले अखाड़ों और संतों के लिए डोर्मेटरी और टेंट स्टॉल लगाए गए हैं. आधिकारियों ने बताया कि कुंभ (Kumbh 2019) प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.
कुंभ मेला के डीआईजी के. पी. सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, "पहली बार कुंभ मेले में तीन महिला यूनिट्स की तैनाती की गई है, जो महिला श्रद्धालुओं को देखते हुए की गई है. साथ ही विदेशी हेल्प डेस्क भी 24 घंटे काम करेगा, क्योंकि विदेशियों की भी मेले में काफी रुचि होती है. विदेश मंत्रालय की एक इकाई के कल पहुंचने की उम्मीद है, जो विदेशी आगंतुकों की मदद करेगी."
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संक्षिप्त सारांश: अभी तक दसवीं बार आ चुके हैं कुंभ
भारत आने से पहले थे नास्तिक
इस बार आकर्षण का केंद्र बने हैं बाबा
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने अपने चुनाव अभियान के तहत मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों और पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की।
मुखर्जी मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पहुंचे, जहां उन्होंने मुलायम के साथ-साथ सपा विधायकों से भी मुलाकात कर राष्ट्रपति भवन पहुंचने के लिए समर्थन मांगा। मुलाकात के बाद प्रणब वहीं पर आयोजित दोपहर के भोज में शामिल हुए। यह भोज मुख्यमंत्री अखिलेश ने उनके सम्मान में दिया था।टिप्पणियां
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता राम कुमार भार्गव ने बताया कि मुखर्जी कांग्रेस और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के विधायकों से भी मिलेंगे। साथ ही शाम करीब साढ़े सात बजे उनका बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती से भी उनके सरकारी आवास पर मिलने का कार्यक्रम है, जहां बसपा के विधायक और सांसद भी मौजूद रहेंगे। बसपा अध्यक्ष की ओर से आयोजित रात्रि भोज के बाद वह देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि सपा और बसपा पहले ही मुखर्जी को समर्थन का ऐलान कर चुकी है।
मुखर्जी मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पहुंचे, जहां उन्होंने मुलायम के साथ-साथ सपा विधायकों से भी मुलाकात कर राष्ट्रपति भवन पहुंचने के लिए समर्थन मांगा। मुलाकात के बाद प्रणब वहीं पर आयोजित दोपहर के भोज में शामिल हुए। यह भोज मुख्यमंत्री अखिलेश ने उनके सम्मान में दिया था।टिप्पणियां
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता राम कुमार भार्गव ने बताया कि मुखर्जी कांग्रेस और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के विधायकों से भी मिलेंगे। साथ ही शाम करीब साढ़े सात बजे उनका बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती से भी उनके सरकारी आवास पर मिलने का कार्यक्रम है, जहां बसपा के विधायक और सांसद भी मौजूद रहेंगे। बसपा अध्यक्ष की ओर से आयोजित रात्रि भोज के बाद वह देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि सपा और बसपा पहले ही मुखर्जी को समर्थन का ऐलान कर चुकी है।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता राम कुमार भार्गव ने बताया कि मुखर्जी कांग्रेस और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के विधायकों से भी मिलेंगे। साथ ही शाम करीब साढ़े सात बजे उनका बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती से भी उनके सरकारी आवास पर मिलने का कार्यक्रम है, जहां बसपा के विधायक और सांसद भी मौजूद रहेंगे। बसपा अध्यक्ष की ओर से आयोजित रात्रि भोज के बाद वह देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि सपा और बसपा पहले ही मुखर्जी को समर्थन का ऐलान कर चुकी है।
उल्लेखनीय है कि सपा और बसपा पहले ही मुखर्जी को समर्थन का ऐलान कर चुकी है।
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संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने अपने चुनाव अभियान के तहत मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों और पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश के आईएएस अधिकारियों ने बगावत का झंडा उठा लिया है। दो सीनियर आईएएस अफसरों की गिरफ्तारी और सीबीआई की चार्जशीट में दो अन्य अफसरों के नाम आने से राज्य के नौकरशाह नाराज हैं। उनका कहना है कि उन्हें जवाबदेह बनाया जा रहा है जबकि मंत्रियों को बचाया जा है।
सीबीआई ने आंध्र प्रदेश के गृह सचिव बी पी आचार्य को 4500 करोड़ रुपये के एम्मार प्रॉपर्टीज केस में 30 जनवरी को गिरफ्तार किया था जबकि अन्य अफसर वाई श्रीलक्ष्मी को पिछले साल नवंबर में रेड्डी की ओबलापुरम माइनिंग कंपनी को खुदाई के लिए जमीन लीज पर देने के मामले में गिरफ्तार किया गया जबकि दो आईएएस अफसरों एलवी सुब्रमण्यम और केवी राव के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई है। इसे लेकर राज्य का आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन सीबीआई के जांच के तरीके के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है।
सीबीआई ने आंध्र प्रदेश के गृह सचिव बी पी आचार्य को 4500 करोड़ रुपये के एम्मार प्रॉपर्टीज केस में 30 जनवरी को गिरफ्तार किया था जबकि अन्य अफसर वाई श्रीलक्ष्मी को पिछले साल नवंबर में रेड्डी की ओबलापुरम माइनिंग कंपनी को खुदाई के लिए जमीन लीज पर देने के मामले में गिरफ्तार किया गया जबकि दो आईएएस अफसरों एलवी सुब्रमण्यम और केवी राव के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई है। इसे लेकर राज्य का आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन सीबीआई के जांच के तरीके के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो सीनियर आईएएस अफसरों की गिरफ्तारी और सीबीआई की चार्जशीट में दो अन्य अफसरों के नाम आने से राज्य के नौकरशाह नाराज हैं।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुस्त पड़ती आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक मंगलवार को घोषित होने वाली सालाना मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
सरकार और उद्योग जगत दोनों ही इसकी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
पिछले करीब दो साल से ऊंची ब्याज दरों के कारण उपभोक्ता मांग में लगातार गिरावट का रुख रहा है। इससे उद्योगों में मांग कमजोर पड़ी है और आर्थिक वृद्धि का पहिया धीमा पड़ा है। समाप्त वित्त वर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिजर्व बैंक के लिए मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बिठाना मुश्किलभरा काम हो गया है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इस चुनौती से निपटने का संकेत देते हुए कहा है कि मौद्रिक नीति का जोर अब गिरती आर्थिक वृद्धि को थामने की तरफ होना चाहिए, हालांकि इसके साथ ही मुद्रास्फीति पर भी नियंत्रण रखा जाना चाहिए।टिप्पणियां
वर्ष 2012-13 की ऋण एवं मौद्रिक नीति जारी करने की पूर्व संध्या पर जारी रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा, ‘पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीतिकारी धारणा कुछ नरम पड़ी लेकिन फिर भी यह ऊंची रही है। मुद्रास्फीति को लेकर जोखिम बरकरार है लेकिन मौद्रिक नीति का झुकाव मुद्रास्फीति पर अंकुश रखते हुए आर्थिक वृद्धि की गति में आती सुस्ती को थामने की तरफ होना चाहिए।’ रिजर्व बैंक की सोमवार को जारी वृहद आर्थिक और मौद्रिक विकास रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रास्फीति पूरे साल मौजूदा स्तर पर ही बनी रह सकती है।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मार्च के आंकड़ों में 6.89 प्रतिशत रही है। यह पिछले तीन साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। बहरहाल चालू वित्त वर्ष 2012-13 के लिए सरकार ने मुद्रास्फीति का स्तर 7.6 प्रतिशत पर रखा है।
सरकार और उद्योग जगत दोनों ही इसकी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
पिछले करीब दो साल से ऊंची ब्याज दरों के कारण उपभोक्ता मांग में लगातार गिरावट का रुख रहा है। इससे उद्योगों में मांग कमजोर पड़ी है और आर्थिक वृद्धि का पहिया धीमा पड़ा है। समाप्त वित्त वर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिजर्व बैंक के लिए मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बिठाना मुश्किलभरा काम हो गया है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इस चुनौती से निपटने का संकेत देते हुए कहा है कि मौद्रिक नीति का जोर अब गिरती आर्थिक वृद्धि को थामने की तरफ होना चाहिए, हालांकि इसके साथ ही मुद्रास्फीति पर भी नियंत्रण रखा जाना चाहिए।टिप्पणियां
वर्ष 2012-13 की ऋण एवं मौद्रिक नीति जारी करने की पूर्व संध्या पर जारी रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा, ‘पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीतिकारी धारणा कुछ नरम पड़ी लेकिन फिर भी यह ऊंची रही है। मुद्रास्फीति को लेकर जोखिम बरकरार है लेकिन मौद्रिक नीति का झुकाव मुद्रास्फीति पर अंकुश रखते हुए आर्थिक वृद्धि की गति में आती सुस्ती को थामने की तरफ होना चाहिए।’ रिजर्व बैंक की सोमवार को जारी वृहद आर्थिक और मौद्रिक विकास रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रास्फीति पूरे साल मौजूदा स्तर पर ही बनी रह सकती है।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मार्च के आंकड़ों में 6.89 प्रतिशत रही है। यह पिछले तीन साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। बहरहाल चालू वित्त वर्ष 2012-13 के लिए सरकार ने मुद्रास्फीति का स्तर 7.6 प्रतिशत पर रखा है।
पिछले करीब दो साल से ऊंची ब्याज दरों के कारण उपभोक्ता मांग में लगातार गिरावट का रुख रहा है। इससे उद्योगों में मांग कमजोर पड़ी है और आर्थिक वृद्धि का पहिया धीमा पड़ा है। समाप्त वित्त वर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिजर्व बैंक के लिए मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बिठाना मुश्किलभरा काम हो गया है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इस चुनौती से निपटने का संकेत देते हुए कहा है कि मौद्रिक नीति का जोर अब गिरती आर्थिक वृद्धि को थामने की तरफ होना चाहिए, हालांकि इसके साथ ही मुद्रास्फीति पर भी नियंत्रण रखा जाना चाहिए।टिप्पणियां
वर्ष 2012-13 की ऋण एवं मौद्रिक नीति जारी करने की पूर्व संध्या पर जारी रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा, ‘पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीतिकारी धारणा कुछ नरम पड़ी लेकिन फिर भी यह ऊंची रही है। मुद्रास्फीति को लेकर जोखिम बरकरार है लेकिन मौद्रिक नीति का झुकाव मुद्रास्फीति पर अंकुश रखते हुए आर्थिक वृद्धि की गति में आती सुस्ती को थामने की तरफ होना चाहिए।’ रिजर्व बैंक की सोमवार को जारी वृहद आर्थिक और मौद्रिक विकास रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रास्फीति पूरे साल मौजूदा स्तर पर ही बनी रह सकती है।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मार्च के आंकड़ों में 6.89 प्रतिशत रही है। यह पिछले तीन साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। बहरहाल चालू वित्त वर्ष 2012-13 के लिए सरकार ने मुद्रास्फीति का स्तर 7.6 प्रतिशत पर रखा है।
रिजर्व बैंक के लिए मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बिठाना मुश्किलभरा काम हो गया है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इस चुनौती से निपटने का संकेत देते हुए कहा है कि मौद्रिक नीति का जोर अब गिरती आर्थिक वृद्धि को थामने की तरफ होना चाहिए, हालांकि इसके साथ ही मुद्रास्फीति पर भी नियंत्रण रखा जाना चाहिए।टिप्पणियां
वर्ष 2012-13 की ऋण एवं मौद्रिक नीति जारी करने की पूर्व संध्या पर जारी रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा, ‘पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीतिकारी धारणा कुछ नरम पड़ी लेकिन फिर भी यह ऊंची रही है। मुद्रास्फीति को लेकर जोखिम बरकरार है लेकिन मौद्रिक नीति का झुकाव मुद्रास्फीति पर अंकुश रखते हुए आर्थिक वृद्धि की गति में आती सुस्ती को थामने की तरफ होना चाहिए।’ रिजर्व बैंक की सोमवार को जारी वृहद आर्थिक और मौद्रिक विकास रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रास्फीति पूरे साल मौजूदा स्तर पर ही बनी रह सकती है।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मार्च के आंकड़ों में 6.89 प्रतिशत रही है। यह पिछले तीन साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। बहरहाल चालू वित्त वर्ष 2012-13 के लिए सरकार ने मुद्रास्फीति का स्तर 7.6 प्रतिशत पर रखा है।
वर्ष 2012-13 की ऋण एवं मौद्रिक नीति जारी करने की पूर्व संध्या पर जारी रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा, ‘पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीतिकारी धारणा कुछ नरम पड़ी लेकिन फिर भी यह ऊंची रही है। मुद्रास्फीति को लेकर जोखिम बरकरार है लेकिन मौद्रिक नीति का झुकाव मुद्रास्फीति पर अंकुश रखते हुए आर्थिक वृद्धि की गति में आती सुस्ती को थामने की तरफ होना चाहिए।’ रिजर्व बैंक की सोमवार को जारी वृहद आर्थिक और मौद्रिक विकास रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रास्फीति पूरे साल मौजूदा स्तर पर ही बनी रह सकती है।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मार्च के आंकड़ों में 6.89 प्रतिशत रही है। यह पिछले तीन साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। बहरहाल चालू वित्त वर्ष 2012-13 के लिए सरकार ने मुद्रास्फीति का स्तर 7.6 प्रतिशत पर रखा है।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मार्च के आंकड़ों में 6.89 प्रतिशत रही है। यह पिछले तीन साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। बहरहाल चालू वित्त वर्ष 2012-13 के लिए सरकार ने मुद्रास्फीति का स्तर 7.6 प्रतिशत पर रखा है।
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यहाँ एक सारांश है:सुस्त पड़ती आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक मंगलवार को घोषित होने वाली सालाना मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत में इंडिया ओपन बैडमिंटन के दूसरे संस्करण का आयोजन 24 अप्रैल से 29 अप्रैल तक राजधानी के सिरी फोर्ट कॉम्प्लेक्स में होगा। इस टूर्नामेंट में विश्व के शीर्ष 32 खिलाड़ी पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल में शिरकत करेंगे।
33 देशों के कुल 290 पुरुष एवं महिला खिलाड़ी छह दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में अपनी चमक बिखरेंगे। कुल दो लाख अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में भारत की उम्मीदें एकल में विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त सायना नेहवाल पर और युगल तथा मिश्रित युगल में क्रमश: ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा तथा ज्वाला एवं वी. वीजू की जोड़ी पर टिकी हैं।
विश्व के शीर्ष वरीयता प्राप्त मलेशिया के ली चोंग वेई, दूसरी वरीयता प्राप्त डेनमार्क के पीटर होए गाडे तथा तीसरी वरीयता प्राप्त चीन के चेन जिन के अलावा महिलाओं में विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन की वांग शिजियान, दूसरी वरीयता प्राप्त ली ज्यूरोई तथा चौथी वरीयता प्राप्त चीन की ही जियांग यान जियाओ पर सभी की निगाहें होंगी। टिप्पणियां
पिछले वर्ष इस टूर्नामेंट में चीनी खिलाड़ियों ने हिस्सा नहीं लिया था। उल्लेखनीय है कि यह टूर्नामेंट लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए अंतिम मौका होगा।
इस मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कोच पी. गोपीचंद ने कहा कि उन्हें इंडिया ओपन टूर्नामेंट में महिला एकल में सायना से तथा महिला युगल में ज्वाला गुट्टा एवं पोनप्पा की जोड़ी से स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
33 देशों के कुल 290 पुरुष एवं महिला खिलाड़ी छह दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में अपनी चमक बिखरेंगे। कुल दो लाख अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में भारत की उम्मीदें एकल में विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त सायना नेहवाल पर और युगल तथा मिश्रित युगल में क्रमश: ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा तथा ज्वाला एवं वी. वीजू की जोड़ी पर टिकी हैं।
विश्व के शीर्ष वरीयता प्राप्त मलेशिया के ली चोंग वेई, दूसरी वरीयता प्राप्त डेनमार्क के पीटर होए गाडे तथा तीसरी वरीयता प्राप्त चीन के चेन जिन के अलावा महिलाओं में विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन की वांग शिजियान, दूसरी वरीयता प्राप्त ली ज्यूरोई तथा चौथी वरीयता प्राप्त चीन की ही जियांग यान जियाओ पर सभी की निगाहें होंगी। टिप्पणियां
पिछले वर्ष इस टूर्नामेंट में चीनी खिलाड़ियों ने हिस्सा नहीं लिया था। उल्लेखनीय है कि यह टूर्नामेंट लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए अंतिम मौका होगा।
इस मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कोच पी. गोपीचंद ने कहा कि उन्हें इंडिया ओपन टूर्नामेंट में महिला एकल में सायना से तथा महिला युगल में ज्वाला गुट्टा एवं पोनप्पा की जोड़ी से स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
विश्व के शीर्ष वरीयता प्राप्त मलेशिया के ली चोंग वेई, दूसरी वरीयता प्राप्त डेनमार्क के पीटर होए गाडे तथा तीसरी वरीयता प्राप्त चीन के चेन जिन के अलावा महिलाओं में विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन की वांग शिजियान, दूसरी वरीयता प्राप्त ली ज्यूरोई तथा चौथी वरीयता प्राप्त चीन की ही जियांग यान जियाओ पर सभी की निगाहें होंगी। टिप्पणियां
पिछले वर्ष इस टूर्नामेंट में चीनी खिलाड़ियों ने हिस्सा नहीं लिया था। उल्लेखनीय है कि यह टूर्नामेंट लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए अंतिम मौका होगा।
इस मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कोच पी. गोपीचंद ने कहा कि उन्हें इंडिया ओपन टूर्नामेंट में महिला एकल में सायना से तथा महिला युगल में ज्वाला गुट्टा एवं पोनप्पा की जोड़ी से स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
पिछले वर्ष इस टूर्नामेंट में चीनी खिलाड़ियों ने हिस्सा नहीं लिया था। उल्लेखनीय है कि यह टूर्नामेंट लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए अंतिम मौका होगा।
इस मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कोच पी. गोपीचंद ने कहा कि उन्हें इंडिया ओपन टूर्नामेंट में महिला एकल में सायना से तथा महिला युगल में ज्वाला गुट्टा एवं पोनप्पा की जोड़ी से स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
इस मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कोच पी. गोपीचंद ने कहा कि उन्हें इंडिया ओपन टूर्नामेंट में महिला एकल में सायना से तथा महिला युगल में ज्वाला गुट्टा एवं पोनप्पा की जोड़ी से स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
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संक्षिप्त सारांश: भारत में इंडिया ओपन बैडमिंटन के दूसरे संस्करण का आयोजन 24 अप्रैल से 29 अप्रैल तक राजधानी के सिरी फोर्ट कॉम्प्लेक्स में होगा।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: गौरतलब है कि गुजरात दौरे पर राहुल गांधी ने जय शाह की कंपनी पर लगे भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था. उन्होंने रैलियों में 'शाह-जादा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. राहुल ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी की चुप्पी पर भी तंज कसते हुए पूछा था कि चौकीदार कहां गया.
आपको बता दें कि न्यूज वेबसाइट द वायर की ओर से दावा किया गया है कि जय शाह की कंपनी का टर्नओवर अचनाक से कई गुना टर्नओवर बढ़ गया है और खबर में इस पर संदेह जाहिर किया गया. इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने प्रेस कांन्फ्रेंस कर जांच मांग कर दी. वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने भी अमित शाह को निशाने पर ले लिया था.
आपको बता दें कि न्यूज वेबसाइट द वायर की ओर से दावा किया गया है कि जय शाह की कंपनी का टर्नओवर अचनाक से कई गुना टर्नओवर बढ़ गया है और खबर में इस पर संदेह जाहिर किया गया. इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने प्रेस कांन्फ्रेंस कर जांच मांग कर दी. वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने भी अमित शाह को निशाने पर ले लिया था.
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जय शाह की कंपनी पर लगे हैं आरोप
टर्नओवर पर उठाए गए हैं सवाल
कांग्रेस ने की है जांच की मांग
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: मौजूदा दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन व आइडिया ने नेटवर्क के कंजेशन के लिए नयी कंपनी रिलायंस जियो के नि:शुल्क वॉइस कॉल को जिम्मेदार बताया है. बता दें कि दूरसंचार नियामक ट्राई ने इन कंपनियों से कॉल नहीं लगने या विफल रहने की ऊंची दर का कारण बताने को कहा था. ट्राई ने इन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे. सूत्रों ने कहा कि ट्राई कंपनियों के जवाबों का अध्ययन कर रहा है और इस बारे में कोई फैसला हफ्ते भर में किया जा सकता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा‘ट्राई को भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर से जवाब मिल गया है. अपने जवाब में इन कंपनियों ने कहा है कि रिलायंस जियो द्वारा मुफ्त वॉइस कॉल से ग्राहक ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं और इंटरकनेक्शन प्वाइंट पर ट्रेफिक बढ़ गया है.’हालांकि उक्त तीनों कंपनियों ने इस बारे में ईमेल का जवाब देने से इन्कार किया. रिलायंस जियो ने सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी 4जी सेवाओं की शुरआत की. कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए वॉइस कॉल हमेशा के लिए मुफ्त रखने की घोषणा की है. जियो का आरोप है कि मौजूदा कंपनियां उसे पर्याप्त इंटरकनेक्शन प्वाइंट उपलब्ध नहीं करवा रहीं जिस कारण उसके ग्राहकों की कॉल विफल हो रही हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा‘ट्राई को भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर से जवाब मिल गया है. अपने जवाब में इन कंपनियों ने कहा है कि रिलायंस जियो द्वारा मुफ्त वॉइस कॉल से ग्राहक ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं और इंटरकनेक्शन प्वाइंट पर ट्रेफिक बढ़ गया है.’हालांकि उक्त तीनों कंपनियों ने इस बारे में ईमेल का जवाब देने से इन्कार किया. रिलायंस जियो ने सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी 4जी सेवाओं की शुरआत की. कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए वॉइस कॉल हमेशा के लिए मुफ्त रखने की घोषणा की है. जियो का आरोप है कि मौजूदा कंपनियां उसे पर्याप्त इंटरकनेक्शन प्वाइंट उपलब्ध नहीं करवा रहीं जिस कारण उसके ग्राहकों की कॉल विफल हो रही हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यहाँ एक सारांश है:टेलिकॉम कंपनियों को जियो के नि:शुल्क वॉइस कॉल से आपत्ति है
कंपनियों का आरोप है कि नेटवर्क कंजेशन इसी वजह से हो रहा है
जियो का आरोप है कि उसे पर्याप्त इंटरकनेक्शन प्वाइंट नहीं मिल रहा
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इराक में शिया मस्जिदों को निशाना बनाकर किए गए कई बम विस्फोटों में कम से कम 23 लोग मोर गए और दर्जनों लोग घायल हो गए।
ये हमले उग्रवादियों द्वारा शिया नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कायम करने की कोशिशों को विफल करने की नई कोशिश थी।
अभी तक किसी समूह ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है हालांकि अल-कायदा की इराक शाखा ऐसे हमलों के लिए जानी जाती है।
‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक’ नाम से मशहूर या संस्था अकसर कार बमों, आत्मघाती हमलावरों और अन्य तरह के बमों का उपयोग करती है। इन हमलों के माध्यम से संस्था शिया समुदाय के लोगों के बीच डर पैदा कर प्रधानमंत्री नुरी अल-मलिकी के नेतृत्व वाली सरकार में उनके विश्वास को तोड़ना चाहती है।
राजधानी के एक मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद बाहर निकल रहे लोगों को निशाना बना कर किए गए चार कार बम विस्फोटों में 19 लोग मारे गए और 72 लोग घायल हो गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बगदाद के पश्चिम में जिहाद में एक कार में विस्फोट होने से सात लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि काहिरा में हुए एक कार बम विस्फोट में चार लोग मारे गए और करीब 20 लोग घायल हुए।
जफरानिया में हुए अन्य कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए जबकि बिनोक में हुए चौथे कार बम विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। तीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
ये हमले उग्रवादियों द्वारा शिया नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कायम करने की कोशिशों को विफल करने की नई कोशिश थी।
अभी तक किसी समूह ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है हालांकि अल-कायदा की इराक शाखा ऐसे हमलों के लिए जानी जाती है।
‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक’ नाम से मशहूर या संस्था अकसर कार बमों, आत्मघाती हमलावरों और अन्य तरह के बमों का उपयोग करती है। इन हमलों के माध्यम से संस्था शिया समुदाय के लोगों के बीच डर पैदा कर प्रधानमंत्री नुरी अल-मलिकी के नेतृत्व वाली सरकार में उनके विश्वास को तोड़ना चाहती है।
राजधानी के एक मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद बाहर निकल रहे लोगों को निशाना बना कर किए गए चार कार बम विस्फोटों में 19 लोग मारे गए और 72 लोग घायल हो गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बगदाद के पश्चिम में जिहाद में एक कार में विस्फोट होने से सात लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि काहिरा में हुए एक कार बम विस्फोट में चार लोग मारे गए और करीब 20 लोग घायल हुए।
जफरानिया में हुए अन्य कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए जबकि बिनोक में हुए चौथे कार बम विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। तीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
अभी तक किसी समूह ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है हालांकि अल-कायदा की इराक शाखा ऐसे हमलों के लिए जानी जाती है।
‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक’ नाम से मशहूर या संस्था अकसर कार बमों, आत्मघाती हमलावरों और अन्य तरह के बमों का उपयोग करती है। इन हमलों के माध्यम से संस्था शिया समुदाय के लोगों के बीच डर पैदा कर प्रधानमंत्री नुरी अल-मलिकी के नेतृत्व वाली सरकार में उनके विश्वास को तोड़ना चाहती है।
राजधानी के एक मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद बाहर निकल रहे लोगों को निशाना बना कर किए गए चार कार बम विस्फोटों में 19 लोग मारे गए और 72 लोग घायल हो गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बगदाद के पश्चिम में जिहाद में एक कार में विस्फोट होने से सात लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि काहिरा में हुए एक कार बम विस्फोट में चार लोग मारे गए और करीब 20 लोग घायल हुए।
जफरानिया में हुए अन्य कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए जबकि बिनोक में हुए चौथे कार बम विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। तीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक’ नाम से मशहूर या संस्था अकसर कार बमों, आत्मघाती हमलावरों और अन्य तरह के बमों का उपयोग करती है। इन हमलों के माध्यम से संस्था शिया समुदाय के लोगों के बीच डर पैदा कर प्रधानमंत्री नुरी अल-मलिकी के नेतृत्व वाली सरकार में उनके विश्वास को तोड़ना चाहती है।
राजधानी के एक मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद बाहर निकल रहे लोगों को निशाना बना कर किए गए चार कार बम विस्फोटों में 19 लोग मारे गए और 72 लोग घायल हो गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बगदाद के पश्चिम में जिहाद में एक कार में विस्फोट होने से सात लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि काहिरा में हुए एक कार बम विस्फोट में चार लोग मारे गए और करीब 20 लोग घायल हुए।
जफरानिया में हुए अन्य कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए जबकि बिनोक में हुए चौथे कार बम विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। तीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
राजधानी के एक मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद बाहर निकल रहे लोगों को निशाना बना कर किए गए चार कार बम विस्फोटों में 19 लोग मारे गए और 72 लोग घायल हो गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बगदाद के पश्चिम में जिहाद में एक कार में विस्फोट होने से सात लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि काहिरा में हुए एक कार बम विस्फोट में चार लोग मारे गए और करीब 20 लोग घायल हुए।
जफरानिया में हुए अन्य कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए जबकि बिनोक में हुए चौथे कार बम विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। तीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बगदाद के पश्चिम में जिहाद में एक कार में विस्फोट होने से सात लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि काहिरा में हुए एक कार बम विस्फोट में चार लोग मारे गए और करीब 20 लोग घायल हुए।
जफरानिया में हुए अन्य कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए जबकि बिनोक में हुए चौथे कार बम विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। तीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि काहिरा में हुए एक कार बम विस्फोट में चार लोग मारे गए और करीब 20 लोग घायल हुए।
जफरानिया में हुए अन्य कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए जबकि बिनोक में हुए चौथे कार बम विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। तीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
जफरानिया में हुए अन्य कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए जबकि बिनोक में हुए चौथे कार बम विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। तीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
बगदाद के सभी अधिकारियों ने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर बात की क्योंकि उनके पास मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।टिप्पणियां
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
पुलिस कर्नल नजात हसन ने बताया कि कुरकुक की एक मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
वरिष्ठ प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी सिदिक उमर रसून ने किरकुक में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इराक में शिया मस्जिदों को निशाना बनाकर किए गए कई बम विस्फोटों में कम से कम 23 लोग मोर गए और दर्जनों लोग घायल हो गए।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तान को काफी सख्त लहजे में कहा है कि अमेरिका अपने नागरिकों को मारने वालों के सुरक्षित ठिकानों को बर्दाश्त नहीं करेगा और वह इस्लामाबाद से आतंक के खिलाफ युद्ध में ठोस कदम उठाने की अपेक्षा रखता है। गुरुवार को अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष अपने दिए अपने बयान में उन्होंने कहा, अमेरिका की इस संबंध से स्पष्ट अपेक्षांए हैं और राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पिछली रात यह कहा था कि अमेरिका अपने नागरिकों की हत्या करने वालों के सुरक्षित ठिकानों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। हिलेरी ने कहा कि वह पाकिस्तान से दोनों देशों के साझा लक्ष्यों के लिए ठोस कदम उठाने की अपेक्षा रखती हैं। ये लक्ष्य हैं:- हिंसक चरमपंथ को हराना, अफगानिस्तान में हिंसक संघर्ष को खत्म करने और उसके लिए स्थिर, लोकतांत्रिक और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा, बेशक कुछ ऐसे कड़े सवाल हैं, जो पाकिस्तानियों से पूछे जाने हैं और कई ऐसे कारण भी हैं जो निराशा पैदा करते हैं। लेकिन हमें 2 मई के बाद मिली कुछ सफलताओं को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में सहयोग जारी है और कई शीर्ष आतंकी मारे और पकड़े भी गए हैं।
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यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी विदेशमंत्री ने पाकिस्तान को काफी सख्त लहजे में कहा है कि अमेरिका अपने नागरिकों को मारने वालों के सुरक्षित ठिकानों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए पिछले डेढ़ साल में 10 बार नीतिगत दरों में वृद्धि करने के बाद रिजर्व बैंक ने कहा कि महंगाई थामने के लिए उसके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। उद्योग मंडल एसोचैम के एक कार्यक्रम में रिजर्व बैंक डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने कहा, आप सभी चाहते हैं कि मुद्रास्फीति नीचे आनी चाहिए। न तो वित्त मंत्रालय और न ही रिजर्व बैंक के पास ऐसी कोई जादू की छड़ी है जिससे महंगाई को नीचे लाया जा सके। मई महीने में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 9 प्रतिशत से अधिक रही। रिजर्व बैंक की कड़ी मौद्रिक नीति तथा सरकार के कदमों के बावजूद मुद्रास्फीति लगातार ऊंची बनी हुई है। केंद्रीय बैंक ने मार्च 2012 तक मुद्रास्फीति 6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। डिप्टी गवर्नर ने कहा कि मौजूदा मुद्रास्फीति की प्रमुख वजह वस्तुओं की कम आपूर्ति है और केवल कृषि उत्पादकता बढ़ाकर तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी के जरिये ही महंगाई की ऊंची दर पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, यह कहने की बजाय कि रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति नीचे लाने के लिए कदम उठाने चाहिए, हमें उत्पादकता बढ़ानी होगी तथा सेवा लागत को कम करना होगा, इसी से महंगाई दर नीचे आएगी, अन्यथा यह नीचे नहीं आएगी। इससे पहले, इसी कार्यक्रम में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अल्पकाल में मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए कुल मांग को कम करना अहम है। यह हमारे लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए किए जा रहे मौद्रिक उपायों से आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ सकता है। रिजर्व बैंक मार्च 2010 से लेकर अबतक 10 बार प्रमुख नीतिगत दरों में वृद्धि कर चुका है। शीर्ष बैंक ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर रेपो और रिवर्स रेपो दोनों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की।
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संक्षिप्त सारांश: पिछले डेढ़ साल में 10 बार नीतिगत दरों में वृद्धि करने के बाद रिजर्व बैंक ने कहा कि महंगाई थामने के लिए उसके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ में अगवा हुए कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की रिहाई के लिए दी गई डेडलाइन का आज आखिरी दिन है। इस बीच, डीएम की रिहाई की कोशिशें तेज हो गई हैं। सीपीआई नेता मनीष कुंजाम सुकमा के कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के लिए दवाएं लेकर गए, क्योंकि माओवादियों ने खबर भिजवाई थी कि उनकी तबीयत बिगड़ गई है।
वहीं नक्सलियों ने एक और मध्यस्थ का नाम भेजा है और वह हैं हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर हर गोपाल। नक्सलियों ने इससे पहले तीन मध्यस्थों- मनीष कुंजाम, प्रंशात भूषण और बीडी शर्मा के नाम दिए थे। कुंजाम मध्यस्थता के लिए खुद को तैयार नहीं कर पा रहे हैं, वहीं भूषण इससे इनकार कर चुके हैं, जबकि बीडी शर्मा का कहना है कि सरकार अगर कोई ठोस प्रस्ताव दे तो वह दोनों पक्षों को बिठाकर बात कर सकते हैं।टिप्पणियां
उधर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी दो नाम बातचीत के लिए बढ़ाए हैं। इनमें मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव रह चुकीं निर्मला बुच और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव रहे सुयोग मिश्रा के नाम हैं।
रायपुर में अगवा कलेक्टर की रिहाई के लिए हवन और पूजा पाठ का दौर चल रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि यह पूजा−पाठ नक्सलियों के विचारों के बदलने की उम्मीद से किया जा रहा है। लोगों के मुताबिक नक्सलियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए गलत रास्ता चुना है और उन्हें डीएम एलेक्स मेनन को तुरंत रिहा कर देना चाहिए।
वहीं नक्सलियों ने एक और मध्यस्थ का नाम भेजा है और वह हैं हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर हर गोपाल। नक्सलियों ने इससे पहले तीन मध्यस्थों- मनीष कुंजाम, प्रंशात भूषण और बीडी शर्मा के नाम दिए थे। कुंजाम मध्यस्थता के लिए खुद को तैयार नहीं कर पा रहे हैं, वहीं भूषण इससे इनकार कर चुके हैं, जबकि बीडी शर्मा का कहना है कि सरकार अगर कोई ठोस प्रस्ताव दे तो वह दोनों पक्षों को बिठाकर बात कर सकते हैं।टिप्पणियां
उधर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी दो नाम बातचीत के लिए बढ़ाए हैं। इनमें मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव रह चुकीं निर्मला बुच और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव रहे सुयोग मिश्रा के नाम हैं।
रायपुर में अगवा कलेक्टर की रिहाई के लिए हवन और पूजा पाठ का दौर चल रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि यह पूजा−पाठ नक्सलियों के विचारों के बदलने की उम्मीद से किया जा रहा है। लोगों के मुताबिक नक्सलियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए गलत रास्ता चुना है और उन्हें डीएम एलेक्स मेनन को तुरंत रिहा कर देना चाहिए।
उधर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी दो नाम बातचीत के लिए बढ़ाए हैं। इनमें मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव रह चुकीं निर्मला बुच और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव रहे सुयोग मिश्रा के नाम हैं।
रायपुर में अगवा कलेक्टर की रिहाई के लिए हवन और पूजा पाठ का दौर चल रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि यह पूजा−पाठ नक्सलियों के विचारों के बदलने की उम्मीद से किया जा रहा है। लोगों के मुताबिक नक्सलियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए गलत रास्ता चुना है और उन्हें डीएम एलेक्स मेनन को तुरंत रिहा कर देना चाहिए।
रायपुर में अगवा कलेक्टर की रिहाई के लिए हवन और पूजा पाठ का दौर चल रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि यह पूजा−पाठ नक्सलियों के विचारों के बदलने की उम्मीद से किया जा रहा है। लोगों के मुताबिक नक्सलियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए गलत रास्ता चुना है और उन्हें डीएम एलेक्स मेनन को तुरंत रिहा कर देना चाहिए।
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यह एक सारांश है: छत्तीसगढ़ में अगवा हुए कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की रिहाई के लिए माओवादियों द्वारा दी गई डेडलाइन का आज आखिरी दिन है। इस बीच, डीएम की रिहाई की कोशिशें तेज हो गई हैं।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: देश में विकास के शोर के बीच एक बड़ी हकीकत छुपी रह जा रही है. भारत में पिछले दिनों बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है और पेशेवर लोग छंटनी के शिकार हो रहे हैं. इस पर संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने भी चिंता जताई है. हालांकि सरकार अब भी बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने का दावा कर रही है.
सोमवार को कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने ऐलान किया कि उनका मंत्रालय अगले तीन साल में टेक्सटाइल सेक्टर में एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करेगा. लेकिन इन आश्वासनों और दावों के बावजूद रोजगार के घटते मौके संघ परिवार के भीतर ही सवाल पैदा कर रहे हैं.
गुवाहाटी में रविवार को खत्म हुई स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि देश में आर्थिक विकास दर 7.1% है लेकिन रोजगार बढ़ोतरी सिर्फ 1%. हर साल 1.25 करोड़ युवा रोजगार के लिए तैयार होते हैं. आईटी सेक्टर में हो रही छंटनी चिंता की बात है. स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक अश्विनी महाजन ने एनडीटीवी से कहा कि इसके लिए एफडीआई और कारपोरेट सेक्टर पर टिकी अर्थव्यवस्था है. महाजन के कहा कि सरकार को अब छोटे उद्योगों के विकास पर ध्यान देना होगा और हर साल सवा करोड़ नए युवा कर्मियों के लिए रोजगर के अवसर पैदा करने होंगे.
उधर नीति आयोग ने माना है कि रोजगार को लेकर चिंता जायज़ है. आयोग में लैंड लीज़िंग कमेटी के चेयरमैन टी हक ने एनडीटीवी से कहा, "आईटी सेक्टर में लोकल और इंटरनेशनल स्तर पर प्राब्लम है. अर्थव्यवस्था में निजी निवेश की जितनी उम्मीद थी उतना हुआ नहीं है...कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी रोजगार के अवसर कम हुए हैं."टिप्पणियां
इसका असर कैंपस प्लेसमेंट पर भी दिखने लगा है. आईआईटी चेन्नई में 2015-16 में 65% छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट में नौकरी मिली थी जो 2016-17 में घटकर 62% रह गई...यानी हर दस छात्र में सिर्फ छह को नौकरी मिली.
नीति आयोग ने अपने तीन साल के एक्शन प्लान में रोजगार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के सामने रखे हैं जिसमें स्किल डेवलपमेंट से लेकर श्रम कानूनों में बदलाव की सिफारिश शामिल है. अब देखना होगा कि सरकार रोजगार के बढ़ते संकट से निपटने के लिए कितनी जल्दी पहल करती है.
सोमवार को कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने ऐलान किया कि उनका मंत्रालय अगले तीन साल में टेक्सटाइल सेक्टर में एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करेगा. लेकिन इन आश्वासनों और दावों के बावजूद रोजगार के घटते मौके संघ परिवार के भीतर ही सवाल पैदा कर रहे हैं.
गुवाहाटी में रविवार को खत्म हुई स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि देश में आर्थिक विकास दर 7.1% है लेकिन रोजगार बढ़ोतरी सिर्फ 1%. हर साल 1.25 करोड़ युवा रोजगार के लिए तैयार होते हैं. आईटी सेक्टर में हो रही छंटनी चिंता की बात है. स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक अश्विनी महाजन ने एनडीटीवी से कहा कि इसके लिए एफडीआई और कारपोरेट सेक्टर पर टिकी अर्थव्यवस्था है. महाजन के कहा कि सरकार को अब छोटे उद्योगों के विकास पर ध्यान देना होगा और हर साल सवा करोड़ नए युवा कर्मियों के लिए रोजगर के अवसर पैदा करने होंगे.
उधर नीति आयोग ने माना है कि रोजगार को लेकर चिंता जायज़ है. आयोग में लैंड लीज़िंग कमेटी के चेयरमैन टी हक ने एनडीटीवी से कहा, "आईटी सेक्टर में लोकल और इंटरनेशनल स्तर पर प्राब्लम है. अर्थव्यवस्था में निजी निवेश की जितनी उम्मीद थी उतना हुआ नहीं है...कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी रोजगार के अवसर कम हुए हैं."टिप्पणियां
इसका असर कैंपस प्लेसमेंट पर भी दिखने लगा है. आईआईटी चेन्नई में 2015-16 में 65% छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट में नौकरी मिली थी जो 2016-17 में घटकर 62% रह गई...यानी हर दस छात्र में सिर्फ छह को नौकरी मिली.
नीति आयोग ने अपने तीन साल के एक्शन प्लान में रोजगार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के सामने रखे हैं जिसमें स्किल डेवलपमेंट से लेकर श्रम कानूनों में बदलाव की सिफारिश शामिल है. अब देखना होगा कि सरकार रोजगार के बढ़ते संकट से निपटने के लिए कितनी जल्दी पहल करती है.
गुवाहाटी में रविवार को खत्म हुई स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि देश में आर्थिक विकास दर 7.1% है लेकिन रोजगार बढ़ोतरी सिर्फ 1%. हर साल 1.25 करोड़ युवा रोजगार के लिए तैयार होते हैं. आईटी सेक्टर में हो रही छंटनी चिंता की बात है. स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक अश्विनी महाजन ने एनडीटीवी से कहा कि इसके लिए एफडीआई और कारपोरेट सेक्टर पर टिकी अर्थव्यवस्था है. महाजन के कहा कि सरकार को अब छोटे उद्योगों के विकास पर ध्यान देना होगा और हर साल सवा करोड़ नए युवा कर्मियों के लिए रोजगर के अवसर पैदा करने होंगे.
उधर नीति आयोग ने माना है कि रोजगार को लेकर चिंता जायज़ है. आयोग में लैंड लीज़िंग कमेटी के चेयरमैन टी हक ने एनडीटीवी से कहा, "आईटी सेक्टर में लोकल और इंटरनेशनल स्तर पर प्राब्लम है. अर्थव्यवस्था में निजी निवेश की जितनी उम्मीद थी उतना हुआ नहीं है...कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी रोजगार के अवसर कम हुए हैं."टिप्पणियां
इसका असर कैंपस प्लेसमेंट पर भी दिखने लगा है. आईआईटी चेन्नई में 2015-16 में 65% छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट में नौकरी मिली थी जो 2016-17 में घटकर 62% रह गई...यानी हर दस छात्र में सिर्फ छह को नौकरी मिली.
नीति आयोग ने अपने तीन साल के एक्शन प्लान में रोजगार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के सामने रखे हैं जिसमें स्किल डेवलपमेंट से लेकर श्रम कानूनों में बदलाव की सिफारिश शामिल है. अब देखना होगा कि सरकार रोजगार के बढ़ते संकट से निपटने के लिए कितनी जल्दी पहल करती है.
इसका असर कैंपस प्लेसमेंट पर भी दिखने लगा है. आईआईटी चेन्नई में 2015-16 में 65% छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट में नौकरी मिली थी जो 2016-17 में घटकर 62% रह गई...यानी हर दस छात्र में सिर्फ छह को नौकरी मिली.
नीति आयोग ने अपने तीन साल के एक्शन प्लान में रोजगार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के सामने रखे हैं जिसमें स्किल डेवलपमेंट से लेकर श्रम कानूनों में बदलाव की सिफारिश शामिल है. अब देखना होगा कि सरकार रोजगार के बढ़ते संकट से निपटने के लिए कितनी जल्दी पहल करती है.
नीति आयोग ने अपने तीन साल के एक्शन प्लान में रोजगार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के सामने रखे हैं जिसमें स्किल डेवलपमेंट से लेकर श्रम कानूनों में बदलाव की सिफारिश शामिल है. अब देखना होगा कि सरकार रोजगार के बढ़ते संकट से निपटने के लिए कितनी जल्दी पहल करती है.
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संक्षिप्त पाठ: तीन साल में टेक्सटाइल सेक्टर में एक करोड़ रोजगार पैदा करेगा कपड़ा मंत्रालय
देश में आर्थिक विकास दर 7.1 प्रतिशत लेकिन रोजगार बढ़ोतरी सिर्फ 1 फीसदी
सरकार को अब छोटे उद्योगों के विकास पर ध्यान देना होगा : अश्विनी महाजन
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: इन दिनों कई डीटीएच प्लेटफॉर्म पर नमो टीवी दिखाई पड़ रहा है. प्रधानमंत्री के भाषण और बीजेपी का प्रचार दिखाने वाले इस चैनल पर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है. चुनाव आयोग ने इस मामले में सरकार से जवाब भी मांगा है.
नमो टीवी टाटा स्काई, एयरटेल, डिश- सब पर आ रहा है. आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के प्रचार में दिख रहे इस चैनल को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है. उसका कहना है कि चुनाव-प्रचार के दौरान डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर कैसे नमो टीवी का प्रसारण कर सकते हैं? अगर सरकार के पास इसकी जानकारी है तो उसे अब तक बंद क्यों नहीं किया गया? सरकार की अनुमति के बिना ऐसा चैनल कैसे चल सकता है? बीजेपी खुले तौर पर नमो टीवी को प्रमोट कर रही है?
वित्त मंत्री अरुण जेटली से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उनका कहना था कि संबंधित विभाग इस पर सरकार का रुख साफ करेगा.
उधर सरकारी सूत्रों का दावा है कि नमो टीवी कोई सामान्य टीवी चैनल नहीं है. नमो टीवी को डीटीएच पर एक विज्ञापन प्लेटफोर्म के तौर पर चलाया जा रहा है. हालांकि सूचना प्रसारण मंत्रालय से मंज़ूरी प्राप्त चैनलों की लिस्ट में यह चैनल शामिल नहीं है. ऐसे विज्ञापन प्लेटफार्म चलाने के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय की अनुमति की ज़रूरत नहीं है.
सरकारी सूत्रों का कहना है कि नमो टीवी क़ानून के झोल का फायदा उठाकर चलाया जा रहा है. लेकिन फिर बीजेपी इसे आधिकारिक तौर पर प्रमोट क्यों कर रही है? और सरकार इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है.
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का, नमो टीवी इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है. प्रजातंत्र की कितनी परिपाटियों को अपने पांव और अहंकार के नीचे तोड़ और मरोड़ेंगे मोदी जी आप...चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए. हमने उन्हें लिखकर दिया है. इस देश में प्रजातंत्र नहीं बचेगा इस प्रकार से..."
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यह एक सारांश है: क़ानून के झोल का फायदा उठाकर चलाया जा रहा नमो टीवी
बीजेपी खुले तौर पर नमो टीवी को प्रमोट करने का आरोप
सुरजेवाला ने कहा- 'सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का'
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के जीवन पर बने वृत्तचित्र में सेंसर बोर्ड ने कई कट लगाने के लिए कहा है. सेंसर बोर्ड ने सुमन घोष द्वारा निर्देशित फिल्म 'एन आर्गुमेंटेटिव इंडियन' में 'गाय', 'गुजरात', 'हिंदू' और 'हिंदुत्व' जैसे शब्दों पर आपत्ति जताई है, जिसका इस्तेमाल अमर्त्य सेन ने वृत्तचित्र में अपने साक्षात्कार के दौरान किया है. सेंसर बोर्ड ने घोष से इन शब्दों को हटाने के लिए कहा है और सेंसर बोर्ड का कहना है कि 'इन शब्दों के इस्तेमाल से देश की छवि खराब होगी'. घोष ने कहा, "उनका कहना है कि फिल्म में सेन द्वारा गुजरात दंगों पर की गई टिप्पणी से ये शब्द हटा दिए जाएं. वे 'गाय' शब्द भी हटाना चाहते हैं और उसकी जगह बीप का इस्तेमाल करने को कह रहे हैं. बेहद हास्यास्पद है यह."
उन्होंने कहा, "वे अमर्त्य सेन द्वारा साक्षात्कार के दौरान इस्तेमाल किए 'हिंदू भारत' और 'हिंदुत्व' शब्दों को भी हटवाना चाहते हैं. अजीब बकवास है यह." सेंसर बोर्ड की प्रतिक्रिया पर घोष ने हैरानी जताई है.
घोष ने कहा, "हमें पता है कि देश में क्या हो रहा है. 'उड़ता पंजाब', 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' जैसी फिल्मों पर विवाद हो रहा है. लेकिन मैंने इस बात की कल्पना भी नहीं की थी कि बिना किसी पटकथा के तैयार वृत्तचित्र के साथ भी वैसा ही बर्ताव किया जाएगा."
उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त इतनी बड़ी शख्सियत द्वारा कहे गए शब्दों को हटाया जा रहा है, तो इससे यही प्रतीत होता है कि चीजें किस हद तक पहुंच चुकी हैं. इस तरह का सीधे-सीधे गवाह बनने के बाद मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूं, मैं हैरान हूं."
करीब एक घंटे लंबे इस वृत्तचित्र में अमर्त्य सेन को अपने विद्यार्थियों और कोर्नेल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्री के प्राध्यापक कौशिक बसु के साथ बेतकल्लुफी से बातचीत करते फिल्माया गया है.टिप्पणियां
इस फिल्म की न्यूयार्क और लंदन में पहले ही स्क्रीनिंग हो चुकी है. कोलकाता में भी सोमवार को फिल्म की खास स्क्रीनिंग की गई. अमर्त्य सेन पर बने इस वृत्तचित्र को इसी शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था.
इनपुट: आईएएनएस
उन्होंने कहा, "वे अमर्त्य सेन द्वारा साक्षात्कार के दौरान इस्तेमाल किए 'हिंदू भारत' और 'हिंदुत्व' शब्दों को भी हटवाना चाहते हैं. अजीब बकवास है यह." सेंसर बोर्ड की प्रतिक्रिया पर घोष ने हैरानी जताई है.
घोष ने कहा, "हमें पता है कि देश में क्या हो रहा है. 'उड़ता पंजाब', 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' जैसी फिल्मों पर विवाद हो रहा है. लेकिन मैंने इस बात की कल्पना भी नहीं की थी कि बिना किसी पटकथा के तैयार वृत्तचित्र के साथ भी वैसा ही बर्ताव किया जाएगा."
उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त इतनी बड़ी शख्सियत द्वारा कहे गए शब्दों को हटाया जा रहा है, तो इससे यही प्रतीत होता है कि चीजें किस हद तक पहुंच चुकी हैं. इस तरह का सीधे-सीधे गवाह बनने के बाद मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूं, मैं हैरान हूं."
करीब एक घंटे लंबे इस वृत्तचित्र में अमर्त्य सेन को अपने विद्यार्थियों और कोर्नेल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्री के प्राध्यापक कौशिक बसु के साथ बेतकल्लुफी से बातचीत करते फिल्माया गया है.टिप्पणियां
इस फिल्म की न्यूयार्क और लंदन में पहले ही स्क्रीनिंग हो चुकी है. कोलकाता में भी सोमवार को फिल्म की खास स्क्रीनिंग की गई. अमर्त्य सेन पर बने इस वृत्तचित्र को इसी शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था.
इनपुट: आईएएनएस
घोष ने कहा, "हमें पता है कि देश में क्या हो रहा है. 'उड़ता पंजाब', 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' जैसी फिल्मों पर विवाद हो रहा है. लेकिन मैंने इस बात की कल्पना भी नहीं की थी कि बिना किसी पटकथा के तैयार वृत्तचित्र के साथ भी वैसा ही बर्ताव किया जाएगा."
उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त इतनी बड़ी शख्सियत द्वारा कहे गए शब्दों को हटाया जा रहा है, तो इससे यही प्रतीत होता है कि चीजें किस हद तक पहुंच चुकी हैं. इस तरह का सीधे-सीधे गवाह बनने के बाद मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूं, मैं हैरान हूं."
करीब एक घंटे लंबे इस वृत्तचित्र में अमर्त्य सेन को अपने विद्यार्थियों और कोर्नेल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्री के प्राध्यापक कौशिक बसु के साथ बेतकल्लुफी से बातचीत करते फिल्माया गया है.टिप्पणियां
इस फिल्म की न्यूयार्क और लंदन में पहले ही स्क्रीनिंग हो चुकी है. कोलकाता में भी सोमवार को फिल्म की खास स्क्रीनिंग की गई. अमर्त्य सेन पर बने इस वृत्तचित्र को इसी शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था.
इनपुट: आईएएनएस
उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त इतनी बड़ी शख्सियत द्वारा कहे गए शब्दों को हटाया जा रहा है, तो इससे यही प्रतीत होता है कि चीजें किस हद तक पहुंच चुकी हैं. इस तरह का सीधे-सीधे गवाह बनने के बाद मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूं, मैं हैरान हूं."
करीब एक घंटे लंबे इस वृत्तचित्र में अमर्त्य सेन को अपने विद्यार्थियों और कोर्नेल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्री के प्राध्यापक कौशिक बसु के साथ बेतकल्लुफी से बातचीत करते फिल्माया गया है.टिप्पणियां
इस फिल्म की न्यूयार्क और लंदन में पहले ही स्क्रीनिंग हो चुकी है. कोलकाता में भी सोमवार को फिल्म की खास स्क्रीनिंग की गई. अमर्त्य सेन पर बने इस वृत्तचित्र को इसी शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था.
इनपुट: आईएएनएस
करीब एक घंटे लंबे इस वृत्तचित्र में अमर्त्य सेन को अपने विद्यार्थियों और कोर्नेल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्री के प्राध्यापक कौशिक बसु के साथ बेतकल्लुफी से बातचीत करते फिल्माया गया है.टिप्पणियां
इस फिल्म की न्यूयार्क और लंदन में पहले ही स्क्रीनिंग हो चुकी है. कोलकाता में भी सोमवार को फिल्म की खास स्क्रीनिंग की गई. अमर्त्य सेन पर बने इस वृत्तचित्र को इसी शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था.
इनपुट: आईएएनएस
इस फिल्म की न्यूयार्क और लंदन में पहले ही स्क्रीनिंग हो चुकी है. कोलकाता में भी सोमवार को फिल्म की खास स्क्रीनिंग की गई. अमर्त्य सेन पर बने इस वृत्तचित्र को इसी शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था.
इनपुट: आईएएनएस
इनपुट: आईएएनएस
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संक्षिप्त सारांश: नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन पर डॉक्यूमेंट्री
फिल्म 'एन आर्गुमेंटेटिव इंडियन' का निर्देशन सुमन घोष ने की है
फिल्म में 'गाय', 'गुजरात', 'हिंदू' और 'हिंदुत्व' जैसे शब्दों पर आपत्ति
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की पहली निजी सेमी हाईस्पीड ट्रेन लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस के यात्रियों को पेयजल की 'बायोडिग्रेडेबल' (नष्ट की जा सकने वाली) बोतलें मिलेंगी. इस बारे में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के लखनऊ क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक (CRM) अश्विनी श्रीवास्तव ने कहा, 'तेजस एक्सप्रेस में प्रतिदिन लगभग 15,000 बोतलें अप और डाउन ट्रिप के दौरान दी जाएंगी. बोतलों को कुछ महीनों रखा जाएगा और यह परीक्षण किया जाएगा कि वे कितने दिन में नष्ट होती हैं. बोतलों को नियत रूप से नष्ट किया जाएगा.'
बता दें कि बायोडिग्रेडेबल बोतलों का निर्माण IRCTC के मुंबई बोटलिंग प्लांट में प्रयोगात्मक रूप से किया जा रहा था. रेलवे मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी IRCTC पहली बार डिग्रेडेबल बोतलों को लाकर पर्यावरण के अनुकूल कदम उठा रही है. पैकेज्ड पेजयल पॉलीथिलीन टेरेफ्थालेट (PET) प्लास्टिक बोतल में बंद होता है और यह बोतल नॉन-बायोडिग्रेडेबल होती है. IRCTC के अनुसार, भारत में एक अनुमान के तहत 10 लाख मीट्रिक टन PET बोतलों में पैकेज्ड पेयजल, सॉफ्ट ड्रिंक, जूस इत्यादि बेचा जाता है. IRCTC ने PET बोतल को बायोडिग्रेडेबल बोतल बनाने के लिए एक परीक्षण करते हुए यौगिक में बायोडिग्रेडेबल पॉलीमर जोड़ा.
बता दें कि बायोडिग्रेडेबल पॉलीमर की भौतिक और रासायनिक प्रोपर्टी के कारण उन्हें पूरी तरह नष्ट किया जा सका. इसी तरह उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने अपनी वातानुकूलित बसों में यात्रियों को प्लास्टिक की बोतलें देना बंद कर दिया है. इसके अलावा बस में यात्रियों के अपनी प्लास्टिक की पेयजल की बोतल ले जाने पर भी प्रतिबंध है. UPSRTC ने यह निर्णय केंद्र के सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की घोषणा करने के बाद लिया है. उत्तर प्रदेश परिवहन अपनी स्केनिया, वोल्वो, पिंक, जनरथ और शताब्दी बसों में यात्रियों को पानी की 500 मिली की बोतल देता था. परिवहन विभाग ने अभी तक इसका कोई विकल्प नहीं दिया है. UPSRTC के अधिकारियों के अनुसार, दुकानदारों को भी बस स्टेशनों पर प्लास्टिक की बोतलों में पानी नहीं बेचने के निर्देश दिए हैं.
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'बायोडिग्रेडेबल' यानी नष्ट की जा सकने वाली बोतलें मिलेंगी
इन बोतलों को नियत रूप से नष्ट किया जाएगा
पहली बार डिग्रेडेबल बोतलों को लाकर पर्यावरण के अनुकूल कदम उठा
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: रोमांच से भरपूर फिल्म 'बॉबी जासूस' के लिए एक बार फिर निर्माता की कमान संभालने वाली दीया मिर्जा को इसमें मुख्य भूमिका के लिए अभिनेत्री विद्या बालन को चुनने के अपने फैसले पर पूरा भरोसा है। दीया कहती हैं कि कोई अन्य अभिनेत्री जासूस के किरदार के साथ न्याय नहीं कर पाती।टिप्पणियां
दीया ने यहां एक सामूहिक साक्षात्कार में कहा, बॉबी के किरदार के लिए विद्या से बेहतर कोई नहीं था। मैं एक इंसान के रूप में विद्या को पसंद करती हूं। इंसान के रूप में सच के साथ निहित उनकी उल्लेखनीय गुणवत्ता उनके हर अभिनय में परिलक्षित होती है। मुझे नहीं लगता कि वह जिस तरह से अभिनय करती हैं, कोई और उस तरह से कर सकता है।
समीर शेख के निर्देशन में 15 नवंबर से 'बॉबी जासूस' की शूटिंग शुरू होगी। फिल्म अगले साल अप्रैल में प्रदर्शित होगी। दीया इससे पहले अपने बॉर्न फ्री एंटरटेनमेंट के बैनर तले 2011 में प्रदर्शित 'लव ब्रेकअप्स जिंदगी' बना चुकी हैं।
दीया ने यहां एक सामूहिक साक्षात्कार में कहा, बॉबी के किरदार के लिए विद्या से बेहतर कोई नहीं था। मैं एक इंसान के रूप में विद्या को पसंद करती हूं। इंसान के रूप में सच के साथ निहित उनकी उल्लेखनीय गुणवत्ता उनके हर अभिनय में परिलक्षित होती है। मुझे नहीं लगता कि वह जिस तरह से अभिनय करती हैं, कोई और उस तरह से कर सकता है।
समीर शेख के निर्देशन में 15 नवंबर से 'बॉबी जासूस' की शूटिंग शुरू होगी। फिल्म अगले साल अप्रैल में प्रदर्शित होगी। दीया इससे पहले अपने बॉर्न फ्री एंटरटेनमेंट के बैनर तले 2011 में प्रदर्शित 'लव ब्रेकअप्स जिंदगी' बना चुकी हैं।
समीर शेख के निर्देशन में 15 नवंबर से 'बॉबी जासूस' की शूटिंग शुरू होगी। फिल्म अगले साल अप्रैल में प्रदर्शित होगी। दीया इससे पहले अपने बॉर्न फ्री एंटरटेनमेंट के बैनर तले 2011 में प्रदर्शित 'लव ब्रेकअप्स जिंदगी' बना चुकी हैं।
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दीया ने साक्षात्कार में कहा, बॉबी के किरदार के लिए विद्या से बेहतर कोई नहीं था। मैं एक इंसान के रूप में विद्या को पसंद करती हूं।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर को लेकर राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने जो प्रस्ताव अनुच्छेद 370 को लेकर पेश किया है. उसको लेकर जो खबरें हैं पूरी तरह से सही नहीं हैं. संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ने कहा है कि प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 को पूरी तरह से नहीं हटाया गया है. उनका कहना है कि अनुच्छेद 370 तीन भागों में बंटा हुआ है. जम्मू-कश्मीर के बारे में अस्थाई प्रावधान है जिसको या तो बदला जा सकता है या फिर हटाया जा सकता है. अमित शाह के बयान के मुताबिक 370(1) बाकायदा कायम है सिर्फ 370 (2) और (3) को हटाया गया है. 370(1) में प्रावधान के मुताबिक जम्मू और कश्मीर की सरकार से सलाह करके राष्ट्रपति आदेश द्वारा संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों को जम्मू और कश्मीर पर लागू कर सकते हैं. 370(3) में प्रावधान था कि 370 को बदलने के लिए जम्मू और कश्मीर संविधान सभा की सहमति चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 35A के बारे में यह तय नहीं है कि वह खुद खत्म हो जाएगा या फिर उसके लिए संशोधन करना पड़ेगा.
गौरतलब है कि सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में एक ऐतिहासिक संकल्प पेश किया जिसमें जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य का विभाजन जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव किया गया है. जम्मू कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र में अपनी विधायिका होगी जबकि लद्दाख बिना विधायी वाली केंद्रशासित क्षेत्र होगा.
अन्य खबरें :
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुभाष कश्यप का बयान
'पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है अनुच्छेद 370'
'35A अभी ग्रे एरिया है'
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व के लिए विशेष दूत रॉबर्ट सेरी ने हमास से गाजा में रहने वाले लोगों के खातिर मिस्र की मध्यस्थता से इस्राइल के साथ हुए संघर्ष विराम का पालन करने का आग्रह किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार सेरी ने रविवार को कहा, हमने हमास नेतृत्व के पास एक संदेश भेजा है, जिसमें उनसे संघर्ष विराम का पालन करते हुए रॉकेट हमलों और सीमा पर हो रहे हमलों को रोकते हुए अपनी हिंसा रोकने की प्रतिबद्धता पर अडिग रहने का आग्रह किया गया है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र दूत ने इस्राइल से भी संघर्ष विराम का पालन करने को कहा है। कुछ घंटों के लिए गाजा पहुंचे सेरी ने इस्राइल से संयम बरतने को कहा है।
ज्ञात हो कि इस्राइल के हवाई हमलों में 168 फिलीस्तीनी मारे गए थे, जबकि फिलीस्तीनियों द्वारा किए गए रॉकेट हमलों में छह इस्राइली नागरिकों की मौत हो गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार सेरी ने रविवार को कहा, हमने हमास नेतृत्व के पास एक संदेश भेजा है, जिसमें उनसे संघर्ष विराम का पालन करते हुए रॉकेट हमलों और सीमा पर हो रहे हमलों को रोकते हुए अपनी हिंसा रोकने की प्रतिबद्धता पर अडिग रहने का आग्रह किया गया है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र दूत ने इस्राइल से भी संघर्ष विराम का पालन करने को कहा है। कुछ घंटों के लिए गाजा पहुंचे सेरी ने इस्राइल से संयम बरतने को कहा है।
ज्ञात हो कि इस्राइल के हवाई हमलों में 168 फिलीस्तीनी मारे गए थे, जबकि फिलीस्तीनियों द्वारा किए गए रॉकेट हमलों में छह इस्राइली नागरिकों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र दूत ने इस्राइल से भी संघर्ष विराम का पालन करने को कहा है। कुछ घंटों के लिए गाजा पहुंचे सेरी ने इस्राइल से संयम बरतने को कहा है।
ज्ञात हो कि इस्राइल के हवाई हमलों में 168 फिलीस्तीनी मारे गए थे, जबकि फिलीस्तीनियों द्वारा किए गए रॉकेट हमलों में छह इस्राइली नागरिकों की मौत हो गई थी।
ज्ञात हो कि इस्राइल के हवाई हमलों में 168 फिलीस्तीनी मारे गए थे, जबकि फिलीस्तीनियों द्वारा किए गए रॉकेट हमलों में छह इस्राइली नागरिकों की मौत हो गई थी।
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संक्षिप्त पाठ: संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व के लिए विशेष दूत रॉबर्ट सेरी ने हमास से गाजा में रहने वाले लोगों के खातिर मिस्र की मध्यस्थता से इस्राइल के साथ हुए संघर्ष विराम का पालन करने का आग्रह किया है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की प्रचार मुहिम को वर्ष 2005 का उनका एक ऐसा वीडियो टेप सामने आने से बड़ा झटका लगा है जिसमें वह महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं और इसके कारण ट्रंप को लोगों से माफी मांगनी पड़ी.
'वॉशिंगटन पोस्ट' के पास मौजूद वीडियो में ट्रंप रेडियो एवं टीवी प्रस्तोता बिली बुश के साथ बातचीत के दौरान महिलाओं के बारे में, बिना सहमति के महिलाओं को छूने और उनके साथ यौन संबंध बनाने के बारे में बेहद अश्लील टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं. उनकी बात माइक्रोफोन पर आ गई.
इन टिप्पणियों पर मचे बवाल के बाद ट्रंप ने कहा, "यह लॉकर रूम में किया गया मजाक था. यह एक निजी बातचीत थी जो कई वर्ष पहले हुई थी. बिल क्लिंटन ने गोल्फ कोर्स में मेरी बातों से भी कहीं अधिक बुरी बातें कहीं थीं.'' ट्रंप ने माफी मांगते हुए कहा, ''यदि इससे कोई अपमानित हुआ है, तो मैं माफी मांगता हूं.'' राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने इन टिप्पणियों को लेकर ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा, ''यह शर्मनाक है. हम ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रपति नहीं बनने दे सकते.'' उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार टिम केन ने कहा, ''इस प्रकार का व्यवहार घृणास्पद है. यह सुनकर मुझे घिन आती है.''
हालात यह हैं कि खुद ट्रंप की पार्टी के लोगों ने भी उनकी माफी स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने के पूर्व दावेदार जेब बुश ने कहा, ''दो अनमोल लड़कियों का दादा होने के नाते, मुझे लगता है कि महिलाओं को अपमानित करने वाली डोनाल्ड ट्रंप की इन निंदनीय टिप्पणियों के लिए कोई माफी नहीं हो सकती.'' प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पॉल रयान ने एक बयान में कहा कि महिलाओं के बारे में ट्रंप की 2005 की टिप्पणियों से उन्हें ''घृणा'' हो रही है. ''महिलाओं को एक चीज या देह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, वे आगे बढ़ाए जाने एवं सम्मान के योग्य हैं.'' ट्रंप की पार्टी के प्रमुख रींसे प्रीबस ने कहा, ''किसी भी महिला के बारे में इन शब्दों में या इस प्रकार से बात नहीं की जा सकती. कभी नहीं.'' रयान और ट्रंप रविवार रात को विस्कॉन्सिन में एक चुनावी रैली में भाग लेने वाले थे लेकिन अब ट्रंप इस रैली में भाग नहीं लेंगे और उनकी जगह रिपब्लिकन पार्टी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माइक पेंस इसमें शामिल होंगे.
राष्ट्रपति पद के चुनाव में दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों की रविवार को दूसरी बहस होनी है. ऐसे समय में इस वीडियो के सामने आने से ट्रंप की प्रचार मुहिम को गहरा झटका लग सकता है.
इस बीच सीनेटर जॉन मैकेन ने कहा, ''डोनाल्ड ट्रंप की इन अपमानजनक टिप्पणियों को किसी भी तरीके से सही नहीं ठहराया जा सकता.'' उन्होंने कहा, ''किसी भी महिला के साथ ऐसा अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए. इस आचरण के लिए केवल वह जिम्मेदार हैं और केवल उन्हें ही इसका परिणाम भुगतना चाहिए.'' सीनेटरों केली आयोटे, रिचर्ड बर और पैट टूमी ने भी इन टिप्पणियों की निंदा की.
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी की नेशनल विमेंस वोट डायरेक्टर एवं भारतीय अमेरिकी मिनी टिम्माराजू ने प्रचार मुहिम के समर्थकों को ईमेल लिखकर उनसे प्रचार के लिए चंदा देने की अपील की ताकि ट्रंप को नवंबर में चुनाव जीतने से रोका जा सके.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''आम चुनावों में संभावित पहली महिला राष्ट्रपति और उस व्यक्ति के बीच चयन करना है जो ऐसी बातें कहता है. आपको को घृणा महूसस हो रही है, उसके लिए कुछ कीजिए.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
'वॉशिंगटन पोस्ट' के पास मौजूद वीडियो में ट्रंप रेडियो एवं टीवी प्रस्तोता बिली बुश के साथ बातचीत के दौरान महिलाओं के बारे में, बिना सहमति के महिलाओं को छूने और उनके साथ यौन संबंध बनाने के बारे में बेहद अश्लील टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं. उनकी बात माइक्रोफोन पर आ गई.
इन टिप्पणियों पर मचे बवाल के बाद ट्रंप ने कहा, "यह लॉकर रूम में किया गया मजाक था. यह एक निजी बातचीत थी जो कई वर्ष पहले हुई थी. बिल क्लिंटन ने गोल्फ कोर्स में मेरी बातों से भी कहीं अधिक बुरी बातें कहीं थीं.'' ट्रंप ने माफी मांगते हुए कहा, ''यदि इससे कोई अपमानित हुआ है, तो मैं माफी मांगता हूं.'' राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने इन टिप्पणियों को लेकर ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा, ''यह शर्मनाक है. हम ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रपति नहीं बनने दे सकते.'' उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार टिम केन ने कहा, ''इस प्रकार का व्यवहार घृणास्पद है. यह सुनकर मुझे घिन आती है.''
हालात यह हैं कि खुद ट्रंप की पार्टी के लोगों ने भी उनकी माफी स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने के पूर्व दावेदार जेब बुश ने कहा, ''दो अनमोल लड़कियों का दादा होने के नाते, मुझे लगता है कि महिलाओं को अपमानित करने वाली डोनाल्ड ट्रंप की इन निंदनीय टिप्पणियों के लिए कोई माफी नहीं हो सकती.'' प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पॉल रयान ने एक बयान में कहा कि महिलाओं के बारे में ट्रंप की 2005 की टिप्पणियों से उन्हें ''घृणा'' हो रही है. ''महिलाओं को एक चीज या देह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, वे आगे बढ़ाए जाने एवं सम्मान के योग्य हैं.'' ट्रंप की पार्टी के प्रमुख रींसे प्रीबस ने कहा, ''किसी भी महिला के बारे में इन शब्दों में या इस प्रकार से बात नहीं की जा सकती. कभी नहीं.'' रयान और ट्रंप रविवार रात को विस्कॉन्सिन में एक चुनावी रैली में भाग लेने वाले थे लेकिन अब ट्रंप इस रैली में भाग नहीं लेंगे और उनकी जगह रिपब्लिकन पार्टी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माइक पेंस इसमें शामिल होंगे.
राष्ट्रपति पद के चुनाव में दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों की रविवार को दूसरी बहस होनी है. ऐसे समय में इस वीडियो के सामने आने से ट्रंप की प्रचार मुहिम को गहरा झटका लग सकता है.
इस बीच सीनेटर जॉन मैकेन ने कहा, ''डोनाल्ड ट्रंप की इन अपमानजनक टिप्पणियों को किसी भी तरीके से सही नहीं ठहराया जा सकता.'' उन्होंने कहा, ''किसी भी महिला के साथ ऐसा अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए. इस आचरण के लिए केवल वह जिम्मेदार हैं और केवल उन्हें ही इसका परिणाम भुगतना चाहिए.'' सीनेटरों केली आयोटे, रिचर्ड बर और पैट टूमी ने भी इन टिप्पणियों की निंदा की.
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी की नेशनल विमेंस वोट डायरेक्टर एवं भारतीय अमेरिकी मिनी टिम्माराजू ने प्रचार मुहिम के समर्थकों को ईमेल लिखकर उनसे प्रचार के लिए चंदा देने की अपील की ताकि ट्रंप को नवंबर में चुनाव जीतने से रोका जा सके.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''आम चुनावों में संभावित पहली महिला राष्ट्रपति और उस व्यक्ति के बीच चयन करना है जो ऐसी बातें कहता है. आपको को घृणा महूसस हो रही है, उसके लिए कुछ कीजिए.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालात यह हैं कि खुद ट्रंप की पार्टी के लोगों ने भी उनकी माफी स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने के पूर्व दावेदार जेब बुश ने कहा, ''दो अनमोल लड़कियों का दादा होने के नाते, मुझे लगता है कि महिलाओं को अपमानित करने वाली डोनाल्ड ट्रंप की इन निंदनीय टिप्पणियों के लिए कोई माफी नहीं हो सकती.'' प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पॉल रयान ने एक बयान में कहा कि महिलाओं के बारे में ट्रंप की 2005 की टिप्पणियों से उन्हें ''घृणा'' हो रही है. ''महिलाओं को एक चीज या देह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, वे आगे बढ़ाए जाने एवं सम्मान के योग्य हैं.'' ट्रंप की पार्टी के प्रमुख रींसे प्रीबस ने कहा, ''किसी भी महिला के बारे में इन शब्दों में या इस प्रकार से बात नहीं की जा सकती. कभी नहीं.'' रयान और ट्रंप रविवार रात को विस्कॉन्सिन में एक चुनावी रैली में भाग लेने वाले थे लेकिन अब ट्रंप इस रैली में भाग नहीं लेंगे और उनकी जगह रिपब्लिकन पार्टी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माइक पेंस इसमें शामिल होंगे.
राष्ट्रपति पद के चुनाव में दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों की रविवार को दूसरी बहस होनी है. ऐसे समय में इस वीडियो के सामने आने से ट्रंप की प्रचार मुहिम को गहरा झटका लग सकता है.
इस बीच सीनेटर जॉन मैकेन ने कहा, ''डोनाल्ड ट्रंप की इन अपमानजनक टिप्पणियों को किसी भी तरीके से सही नहीं ठहराया जा सकता.'' उन्होंने कहा, ''किसी भी महिला के साथ ऐसा अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए. इस आचरण के लिए केवल वह जिम्मेदार हैं और केवल उन्हें ही इसका परिणाम भुगतना चाहिए.'' सीनेटरों केली आयोटे, रिचर्ड बर और पैट टूमी ने भी इन टिप्पणियों की निंदा की.
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी की नेशनल विमेंस वोट डायरेक्टर एवं भारतीय अमेरिकी मिनी टिम्माराजू ने प्रचार मुहिम के समर्थकों को ईमेल लिखकर उनसे प्रचार के लिए चंदा देने की अपील की ताकि ट्रंप को नवंबर में चुनाव जीतने से रोका जा सके.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''आम चुनावों में संभावित पहली महिला राष्ट्रपति और उस व्यक्ति के बीच चयन करना है जो ऐसी बातें कहता है. आपको को घृणा महूसस हो रही है, उसके लिए कुछ कीजिए.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राष्ट्रपति पद के चुनाव में दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों की रविवार को दूसरी बहस होनी है. ऐसे समय में इस वीडियो के सामने आने से ट्रंप की प्रचार मुहिम को गहरा झटका लग सकता है.
इस बीच सीनेटर जॉन मैकेन ने कहा, ''डोनाल्ड ट्रंप की इन अपमानजनक टिप्पणियों को किसी भी तरीके से सही नहीं ठहराया जा सकता.'' उन्होंने कहा, ''किसी भी महिला के साथ ऐसा अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए. इस आचरण के लिए केवल वह जिम्मेदार हैं और केवल उन्हें ही इसका परिणाम भुगतना चाहिए.'' सीनेटरों केली आयोटे, रिचर्ड बर और पैट टूमी ने भी इन टिप्पणियों की निंदा की.
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी की नेशनल विमेंस वोट डायरेक्टर एवं भारतीय अमेरिकी मिनी टिम्माराजू ने प्रचार मुहिम के समर्थकों को ईमेल लिखकर उनसे प्रचार के लिए चंदा देने की अपील की ताकि ट्रंप को नवंबर में चुनाव जीतने से रोका जा सके.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''आम चुनावों में संभावित पहली महिला राष्ट्रपति और उस व्यक्ति के बीच चयन करना है जो ऐसी बातें कहता है. आपको को घृणा महूसस हो रही है, उसके लिए कुछ कीजिए.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बीच सीनेटर जॉन मैकेन ने कहा, ''डोनाल्ड ट्रंप की इन अपमानजनक टिप्पणियों को किसी भी तरीके से सही नहीं ठहराया जा सकता.'' उन्होंने कहा, ''किसी भी महिला के साथ ऐसा अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए. इस आचरण के लिए केवल वह जिम्मेदार हैं और केवल उन्हें ही इसका परिणाम भुगतना चाहिए.'' सीनेटरों केली आयोटे, रिचर्ड बर और पैट टूमी ने भी इन टिप्पणियों की निंदा की.
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी की नेशनल विमेंस वोट डायरेक्टर एवं भारतीय अमेरिकी मिनी टिम्माराजू ने प्रचार मुहिम के समर्थकों को ईमेल लिखकर उनसे प्रचार के लिए चंदा देने की अपील की ताकि ट्रंप को नवंबर में चुनाव जीतने से रोका जा सके.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''आम चुनावों में संभावित पहली महिला राष्ट्रपति और उस व्यक्ति के बीच चयन करना है जो ऐसी बातें कहता है. आपको को घृणा महूसस हो रही है, उसके लिए कुछ कीजिए.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी की नेशनल विमेंस वोट डायरेक्टर एवं भारतीय अमेरिकी मिनी टिम्माराजू ने प्रचार मुहिम के समर्थकों को ईमेल लिखकर उनसे प्रचार के लिए चंदा देने की अपील की ताकि ट्रंप को नवंबर में चुनाव जीतने से रोका जा सके.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''आम चुनावों में संभावित पहली महिला राष्ट्रपति और उस व्यक्ति के बीच चयन करना है जो ऐसी बातें कहता है. आपको को घृणा महूसस हो रही है, उसके लिए कुछ कीजिए.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ''आम चुनावों में संभावित पहली महिला राष्ट्रपति और उस व्यक्ति के बीच चयन करना है जो ऐसी बातें कहता है. आपको को घृणा महूसस हो रही है, उसके लिए कुछ कीजिए.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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संक्षिप्त सारांश: सामने आया डोनाल्ड ट्रंप का 11 साल पुराना वीडियो.
वीडियो में महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करते दिख रहे हैं ट्रंप.
'यदि इससे कोई अपमानित हुआ तो मैं माफी मांगता हूं'- ट्रंप.
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: विवादास्पद एंट्रिक्स-देवास करार मुद्दे पर खुद के और तीन अन्य प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई से नाराज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख माधवन नायर ने बुधवार को इसे ‘कायरतापूर्ण कार्य’ कहते हुए इस कदम की तीखी आलोचना की। एंट्रिक्स-देवास करार में भूमिका निभाने को लेकर सरकार ने इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर के खिलाफ किसी भी सरकारी पदभार ग्रहण पर रोक लगा दी, लेकिन कहा कि अपील का रास्ता खुला है।
वहीं, केंद्र सरकार के इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर को किसी सरकारी पद से प्रतिबंधित करने के बावजूद केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने बुधवार को साफ कर दिया कि राज्य सरकार अंतरिक्ष वैज्ञानिक की सेवाएं लेना जारी रखेगी।
नायर ने इस कदम के पीछे संगठन के मौजूदा प्रमुख के राधाकृष्णन का हाथ होने और सरकार को ‘गुमराह करने’ का आरोप लगाया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन का निजी एजेंडा है।
नायर ने अंतरिक्ष विभाग में सचिव और अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष राधाकृष्णन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पूरे मुद्दे (करार) पर उन्होंने सरकार को गुमराह किया है। इसके पीछे उनका सबसे बड़ा हाथ है, उन्होंने सरकार केा गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘वह कई लोगों को निशाने पर तुले हुए हैं और इस प्रक्रिया में वह संगठन का सत्यानाश कर रहे हैं।’
भारत के चंद्रयान-1 अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले नायर ने कहा, ‘यह (कार्रवाई) पूरी तरह से कायरतापूर्ण कार्रवाई है। यह कानूनी तौर पर प्रणाली और पेंशन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि जिस व्यक्ति ने मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया, उसे तीन-चार स्तर पर अपील करने की आजादी थी। क्या हम आतंकवादियों से भी बुरे हैं?’ किसी सरकारी पद पर आसीन होने से खुद को और तीन अन्य वैज्ञानिकों को रोके जाने से आहत नायर ने कहा, ‘यहां तक कि सैन्य शासन में भी लोगों को निंदा करने के बाद सुनवाई का अधिकार दिया जाता है। यह हमारे खिलाफ की गई उससे भी बुरी चीज है।’
गौरतलब है कि इसरो ने कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर एक निजी कंपनी को एस बैंड स्पेक्ट्रम आवंटित किया था, जिस वक्त नायर एजेंसी के प्रमुख थे।
नायर ने कहा कि सरकारी पद धारण करने से रोके जाने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है और इसे पाने के लिए वे आरटीआई के तहत अर्जी देंगे और उसके आधार पर वह अपनी आगे की कार्रवाई की योजना बनाएंगे..‘इस पूरे मामले को बिल्कुल ही गलत तरीके से निपटाया गया।’
नायर ने कहा, ‘इस मामले की किसी तरह की जांच नहीं की गई, किसी को आरोप पत्र नहीं जारी किया गया, फिर सरकार दंडात्मक कार्रवाई कैसे कर सकती है?’ नायर ने कहा कि सात लोगों (तीन प्रशासनिक और चार तकनीकी) को इसरो-देवास करार की जांच करने वाली एक समिति तथा टीम ने नामित किया।
उन्होंने कहा कि प्रशानिक लोगों को पूरी तरह से क्यों छोड़ दिया गया? इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि मैं इस विचार से इत्तेफाक नहीं रखता कि यह कोई मुद्दा है। मुद्दा सिर्फ यह है कि इसरो द्वारा सरकार को सूचना दी जानी चाहिए थी कि वह देवास के साथ एक करार रहा है लेकिन तत्कालीन नियमों के मुताबिक इसरो ऐसा नहीं कर सकता था।’ उन्होंने कहा, ‘यह नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसमें सिर्फ वैज्ञानिकों को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया? यह एक शर्मनाक बात है।’ उन्होंने दावा किया कि राधाकृष्णन को प्रौद्योगिकी के नियम कायदों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह इसरो का सत्यानाश कर देंगे।
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
नायर ने इस कदम के पीछे संगठन के मौजूदा प्रमुख के राधाकृष्णन का हाथ होने और सरकार को ‘गुमराह करने’ का आरोप लगाया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन का निजी एजेंडा है।
नायर ने अंतरिक्ष विभाग में सचिव और अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष राधाकृष्णन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पूरे मुद्दे (करार) पर उन्होंने सरकार को गुमराह किया है। इसके पीछे उनका सबसे बड़ा हाथ है, उन्होंने सरकार केा गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘वह कई लोगों को निशाने पर तुले हुए हैं और इस प्रक्रिया में वह संगठन का सत्यानाश कर रहे हैं।’
भारत के चंद्रयान-1 अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले नायर ने कहा, ‘यह (कार्रवाई) पूरी तरह से कायरतापूर्ण कार्रवाई है। यह कानूनी तौर पर प्रणाली और पेंशन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि जिस व्यक्ति ने मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया, उसे तीन-चार स्तर पर अपील करने की आजादी थी। क्या हम आतंकवादियों से भी बुरे हैं?’ किसी सरकारी पद पर आसीन होने से खुद को और तीन अन्य वैज्ञानिकों को रोके जाने से आहत नायर ने कहा, ‘यहां तक कि सैन्य शासन में भी लोगों को निंदा करने के बाद सुनवाई का अधिकार दिया जाता है। यह हमारे खिलाफ की गई उससे भी बुरी चीज है।’
गौरतलब है कि इसरो ने कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर एक निजी कंपनी को एस बैंड स्पेक्ट्रम आवंटित किया था, जिस वक्त नायर एजेंसी के प्रमुख थे।
नायर ने कहा कि सरकारी पद धारण करने से रोके जाने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है और इसे पाने के लिए वे आरटीआई के तहत अर्जी देंगे और उसके आधार पर वह अपनी आगे की कार्रवाई की योजना बनाएंगे..‘इस पूरे मामले को बिल्कुल ही गलत तरीके से निपटाया गया।’
नायर ने कहा, ‘इस मामले की किसी तरह की जांच नहीं की गई, किसी को आरोप पत्र नहीं जारी किया गया, फिर सरकार दंडात्मक कार्रवाई कैसे कर सकती है?’ नायर ने कहा कि सात लोगों (तीन प्रशासनिक और चार तकनीकी) को इसरो-देवास करार की जांच करने वाली एक समिति तथा टीम ने नामित किया।
उन्होंने कहा कि प्रशानिक लोगों को पूरी तरह से क्यों छोड़ दिया गया? इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि मैं इस विचार से इत्तेफाक नहीं रखता कि यह कोई मुद्दा है। मुद्दा सिर्फ यह है कि इसरो द्वारा सरकार को सूचना दी जानी चाहिए थी कि वह देवास के साथ एक करार रहा है लेकिन तत्कालीन नियमों के मुताबिक इसरो ऐसा नहीं कर सकता था।’ उन्होंने कहा, ‘यह नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसमें सिर्फ वैज्ञानिकों को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया? यह एक शर्मनाक बात है।’ उन्होंने दावा किया कि राधाकृष्णन को प्रौद्योगिकी के नियम कायदों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह इसरो का सत्यानाश कर देंगे।
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
नायर ने अंतरिक्ष विभाग में सचिव और अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष राधाकृष्णन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पूरे मुद्दे (करार) पर उन्होंने सरकार को गुमराह किया है। इसके पीछे उनका सबसे बड़ा हाथ है, उन्होंने सरकार केा गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘वह कई लोगों को निशाने पर तुले हुए हैं और इस प्रक्रिया में वह संगठन का सत्यानाश कर रहे हैं।’
भारत के चंद्रयान-1 अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले नायर ने कहा, ‘यह (कार्रवाई) पूरी तरह से कायरतापूर्ण कार्रवाई है। यह कानूनी तौर पर प्रणाली और पेंशन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि जिस व्यक्ति ने मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया, उसे तीन-चार स्तर पर अपील करने की आजादी थी। क्या हम आतंकवादियों से भी बुरे हैं?’ किसी सरकारी पद पर आसीन होने से खुद को और तीन अन्य वैज्ञानिकों को रोके जाने से आहत नायर ने कहा, ‘यहां तक कि सैन्य शासन में भी लोगों को निंदा करने के बाद सुनवाई का अधिकार दिया जाता है। यह हमारे खिलाफ की गई उससे भी बुरी चीज है।’
गौरतलब है कि इसरो ने कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर एक निजी कंपनी को एस बैंड स्पेक्ट्रम आवंटित किया था, जिस वक्त नायर एजेंसी के प्रमुख थे।
नायर ने कहा कि सरकारी पद धारण करने से रोके जाने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है और इसे पाने के लिए वे आरटीआई के तहत अर्जी देंगे और उसके आधार पर वह अपनी आगे की कार्रवाई की योजना बनाएंगे..‘इस पूरे मामले को बिल्कुल ही गलत तरीके से निपटाया गया।’
नायर ने कहा, ‘इस मामले की किसी तरह की जांच नहीं की गई, किसी को आरोप पत्र नहीं जारी किया गया, फिर सरकार दंडात्मक कार्रवाई कैसे कर सकती है?’ नायर ने कहा कि सात लोगों (तीन प्रशासनिक और चार तकनीकी) को इसरो-देवास करार की जांच करने वाली एक समिति तथा टीम ने नामित किया।
उन्होंने कहा कि प्रशानिक लोगों को पूरी तरह से क्यों छोड़ दिया गया? इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि मैं इस विचार से इत्तेफाक नहीं रखता कि यह कोई मुद्दा है। मुद्दा सिर्फ यह है कि इसरो द्वारा सरकार को सूचना दी जानी चाहिए थी कि वह देवास के साथ एक करार रहा है लेकिन तत्कालीन नियमों के मुताबिक इसरो ऐसा नहीं कर सकता था।’ उन्होंने कहा, ‘यह नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसमें सिर्फ वैज्ञानिकों को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया? यह एक शर्मनाक बात है।’ उन्होंने दावा किया कि राधाकृष्णन को प्रौद्योगिकी के नियम कायदों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह इसरो का सत्यानाश कर देंगे।
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
भारत के चंद्रयान-1 अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले नायर ने कहा, ‘यह (कार्रवाई) पूरी तरह से कायरतापूर्ण कार्रवाई है। यह कानूनी तौर पर प्रणाली और पेंशन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि जिस व्यक्ति ने मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया, उसे तीन-चार स्तर पर अपील करने की आजादी थी। क्या हम आतंकवादियों से भी बुरे हैं?’ किसी सरकारी पद पर आसीन होने से खुद को और तीन अन्य वैज्ञानिकों को रोके जाने से आहत नायर ने कहा, ‘यहां तक कि सैन्य शासन में भी लोगों को निंदा करने के बाद सुनवाई का अधिकार दिया जाता है। यह हमारे खिलाफ की गई उससे भी बुरी चीज है।’
गौरतलब है कि इसरो ने कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर एक निजी कंपनी को एस बैंड स्पेक्ट्रम आवंटित किया था, जिस वक्त नायर एजेंसी के प्रमुख थे।
नायर ने कहा कि सरकारी पद धारण करने से रोके जाने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है और इसे पाने के लिए वे आरटीआई के तहत अर्जी देंगे और उसके आधार पर वह अपनी आगे की कार्रवाई की योजना बनाएंगे..‘इस पूरे मामले को बिल्कुल ही गलत तरीके से निपटाया गया।’
नायर ने कहा, ‘इस मामले की किसी तरह की जांच नहीं की गई, किसी को आरोप पत्र नहीं जारी किया गया, फिर सरकार दंडात्मक कार्रवाई कैसे कर सकती है?’ नायर ने कहा कि सात लोगों (तीन प्रशासनिक और चार तकनीकी) को इसरो-देवास करार की जांच करने वाली एक समिति तथा टीम ने नामित किया।
उन्होंने कहा कि प्रशानिक लोगों को पूरी तरह से क्यों छोड़ दिया गया? इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि मैं इस विचार से इत्तेफाक नहीं रखता कि यह कोई मुद्दा है। मुद्दा सिर्फ यह है कि इसरो द्वारा सरकार को सूचना दी जानी चाहिए थी कि वह देवास के साथ एक करार रहा है लेकिन तत्कालीन नियमों के मुताबिक इसरो ऐसा नहीं कर सकता था।’ उन्होंने कहा, ‘यह नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसमें सिर्फ वैज्ञानिकों को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया? यह एक शर्मनाक बात है।’ उन्होंने दावा किया कि राधाकृष्णन को प्रौद्योगिकी के नियम कायदों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह इसरो का सत्यानाश कर देंगे।
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
गौरतलब है कि इसरो ने कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर एक निजी कंपनी को एस बैंड स्पेक्ट्रम आवंटित किया था, जिस वक्त नायर एजेंसी के प्रमुख थे।
नायर ने कहा कि सरकारी पद धारण करने से रोके जाने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है और इसे पाने के लिए वे आरटीआई के तहत अर्जी देंगे और उसके आधार पर वह अपनी आगे की कार्रवाई की योजना बनाएंगे..‘इस पूरे मामले को बिल्कुल ही गलत तरीके से निपटाया गया।’
नायर ने कहा, ‘इस मामले की किसी तरह की जांच नहीं की गई, किसी को आरोप पत्र नहीं जारी किया गया, फिर सरकार दंडात्मक कार्रवाई कैसे कर सकती है?’ नायर ने कहा कि सात लोगों (तीन प्रशासनिक और चार तकनीकी) को इसरो-देवास करार की जांच करने वाली एक समिति तथा टीम ने नामित किया।
उन्होंने कहा कि प्रशानिक लोगों को पूरी तरह से क्यों छोड़ दिया गया? इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि मैं इस विचार से इत्तेफाक नहीं रखता कि यह कोई मुद्दा है। मुद्दा सिर्फ यह है कि इसरो द्वारा सरकार को सूचना दी जानी चाहिए थी कि वह देवास के साथ एक करार रहा है लेकिन तत्कालीन नियमों के मुताबिक इसरो ऐसा नहीं कर सकता था।’ उन्होंने कहा, ‘यह नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसमें सिर्फ वैज्ञानिकों को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया? यह एक शर्मनाक बात है।’ उन्होंने दावा किया कि राधाकृष्णन को प्रौद्योगिकी के नियम कायदों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह इसरो का सत्यानाश कर देंगे।
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
नायर ने कहा कि सरकारी पद धारण करने से रोके जाने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है और इसे पाने के लिए वे आरटीआई के तहत अर्जी देंगे और उसके आधार पर वह अपनी आगे की कार्रवाई की योजना बनाएंगे..‘इस पूरे मामले को बिल्कुल ही गलत तरीके से निपटाया गया।’
नायर ने कहा, ‘इस मामले की किसी तरह की जांच नहीं की गई, किसी को आरोप पत्र नहीं जारी किया गया, फिर सरकार दंडात्मक कार्रवाई कैसे कर सकती है?’ नायर ने कहा कि सात लोगों (तीन प्रशासनिक और चार तकनीकी) को इसरो-देवास करार की जांच करने वाली एक समिति तथा टीम ने नामित किया।
उन्होंने कहा कि प्रशानिक लोगों को पूरी तरह से क्यों छोड़ दिया गया? इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि मैं इस विचार से इत्तेफाक नहीं रखता कि यह कोई मुद्दा है। मुद्दा सिर्फ यह है कि इसरो द्वारा सरकार को सूचना दी जानी चाहिए थी कि वह देवास के साथ एक करार रहा है लेकिन तत्कालीन नियमों के मुताबिक इसरो ऐसा नहीं कर सकता था।’ उन्होंने कहा, ‘यह नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसमें सिर्फ वैज्ञानिकों को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया? यह एक शर्मनाक बात है।’ उन्होंने दावा किया कि राधाकृष्णन को प्रौद्योगिकी के नियम कायदों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह इसरो का सत्यानाश कर देंगे।
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
नायर ने कहा, ‘इस मामले की किसी तरह की जांच नहीं की गई, किसी को आरोप पत्र नहीं जारी किया गया, फिर सरकार दंडात्मक कार्रवाई कैसे कर सकती है?’ नायर ने कहा कि सात लोगों (तीन प्रशासनिक और चार तकनीकी) को इसरो-देवास करार की जांच करने वाली एक समिति तथा टीम ने नामित किया।
उन्होंने कहा कि प्रशानिक लोगों को पूरी तरह से क्यों छोड़ दिया गया? इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि मैं इस विचार से इत्तेफाक नहीं रखता कि यह कोई मुद्दा है। मुद्दा सिर्फ यह है कि इसरो द्वारा सरकार को सूचना दी जानी चाहिए थी कि वह देवास के साथ एक करार रहा है लेकिन तत्कालीन नियमों के मुताबिक इसरो ऐसा नहीं कर सकता था।’ उन्होंने कहा, ‘यह नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसमें सिर्फ वैज्ञानिकों को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया? यह एक शर्मनाक बात है।’ उन्होंने दावा किया कि राधाकृष्णन को प्रौद्योगिकी के नियम कायदों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह इसरो का सत्यानाश कर देंगे।
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
उन्होंने कहा कि प्रशानिक लोगों को पूरी तरह से क्यों छोड़ दिया गया? इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि मैं इस विचार से इत्तेफाक नहीं रखता कि यह कोई मुद्दा है। मुद्दा सिर्फ यह है कि इसरो द्वारा सरकार को सूचना दी जानी चाहिए थी कि वह देवास के साथ एक करार रहा है लेकिन तत्कालीन नियमों के मुताबिक इसरो ऐसा नहीं कर सकता था।’ उन्होंने कहा, ‘यह नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसमें सिर्फ वैज्ञानिकों को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया? यह एक शर्मनाक बात है।’ उन्होंने दावा किया कि राधाकृष्णन को प्रौद्योगिकी के नियम कायदों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह इसरो का सत्यानाश कर देंगे।
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
उन्होंने राधाकृष्णन को विनाशक बताते हुए कहा, ‘मैं अब तक चुप रहा। इसके पीछे इसरो के प्रति मेरा सम्मान था। आप पिछले दो साल के इसरो के कार्यक्रम देखें, आपको नजर आएगा कि हम कहां खड़े हैं।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
नायर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राधाकृष्णन हाथ है और वह सरकार को गुमराह करने के लिए एक ‘निजी एजेंडा’ चला रहे हैं। इसरो अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नायर के अलावा इसरो में पूर्व वैज्ञानिक सचिव के भास्कराचार्य, एंट्रिक्स (इसरो की वाणिज्यिक शाखा) के पूर्व प्रबंध निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, और इसरो अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर को अंतरिक्ष विभाग ने दंडित किया है।टिप्पणियां
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
एक उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की रिपोर्ट और इस रिपोर्ट की एक समिति द्वारा पड़ताल किए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए पिछले साल 31 मई को पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रत्यूश सिन्हा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की थी।
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
नायर ने कहा, ‘उन्होंने (राधाकृष्णन ने) पूरे मुद्दे (देवास करार) पर सरकार को गुमराह किया। इसके पीछे अहम भूमिका निभाने वाले वह मुख्य व्यक्ति हैं, उन्होंने सरकार को गुमराह किया और गलत सूचना दी और उन्होंने कार्रवाई की।’
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एंट्रिक्स-देवास करार में भूमिका निभाने को लेकर सरकार ने इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर के खिलाफ किसी भी सरकारी पदभार ग्रहण पर रोक लगा दी है। लेकिन कहा कि अपील का रास्ता खुला है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: भारत दौरे पर पाकिस्तान के सबसे सफल तेज गेंदबाज जुनैद खान ने बताया कि महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने उन्हें भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरियां बताई थी, जिससे उन्हें काफी मदद मिली।टिप्पणियां
जुनैद ने लाहौर रवाना होने से पहले कहा, मैं हमेशा अच्छी रफ्तार से आउटस्विंगर फेंकने पर भरोसा करता हूं। वसीम भाई ने मुझे बताया कि भारत के दाहिने हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ इनस्विंगर उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के लिए दाहिने हाथ के बल्लेबाजों को इस तरह की गेंद फेंकना स्वाभाविक है। वीरेंद्र सहवाग जैसा कोई बल्लेबाज यदि बाहर जाती गेंदों को भांप ले तो गेंदबाज की खैर नहीं। मैंने अपना होमवर्क किया और देखा कि सहवाग को भीतर की ओर आती गेंदों पर दिक्कत हो रही थी। पाकिस्तान के लिए आठ टेस्ट और 16 वनडे खेल चुके जुनैद ने कहा, मैंने अपने मुख्य गेंदबाजी कोच मोहम्मद अकरम के साथ भीतर की ओर आती गेंदों पर अधिक मेहनत करना शुरू किया।
तीन मैचों में जुनैद ने सहवाग, गौतम गंभीर और युवराज सिंह को एक-एक बार आउट किया जबकि विराट कोहली का विकेट तीनों बार लिया। उसने कहा, मुझ पर कभी अच्छे प्रदर्शन का दबाव नहीं था। मुझे दूसरे छोर से मोहम्मद इरफान और उमर गुल से काफी मदद मिली। यह सामूहिक प्रयास था। एबटाबाद से ताल्लुक रखने वाले इस गेंदबाज ने कहा कि रफ्तार से अधिक अहम स्विंग है। उन्होंने कहा, मैं रफ्तार से समझौता नहीं करना चाहता, लेकिन स्विंग मेरी गेंदबाजी का सबसे अहम पहलू है।
जुनैद ने लाहौर रवाना होने से पहले कहा, मैं हमेशा अच्छी रफ्तार से आउटस्विंगर फेंकने पर भरोसा करता हूं। वसीम भाई ने मुझे बताया कि भारत के दाहिने हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ इनस्विंगर उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के लिए दाहिने हाथ के बल्लेबाजों को इस तरह की गेंद फेंकना स्वाभाविक है। वीरेंद्र सहवाग जैसा कोई बल्लेबाज यदि बाहर जाती गेंदों को भांप ले तो गेंदबाज की खैर नहीं। मैंने अपना होमवर्क किया और देखा कि सहवाग को भीतर की ओर आती गेंदों पर दिक्कत हो रही थी। पाकिस्तान के लिए आठ टेस्ट और 16 वनडे खेल चुके जुनैद ने कहा, मैंने अपने मुख्य गेंदबाजी कोच मोहम्मद अकरम के साथ भीतर की ओर आती गेंदों पर अधिक मेहनत करना शुरू किया।
तीन मैचों में जुनैद ने सहवाग, गौतम गंभीर और युवराज सिंह को एक-एक बार आउट किया जबकि विराट कोहली का विकेट तीनों बार लिया। उसने कहा, मुझ पर कभी अच्छे प्रदर्शन का दबाव नहीं था। मुझे दूसरे छोर से मोहम्मद इरफान और उमर गुल से काफी मदद मिली। यह सामूहिक प्रयास था। एबटाबाद से ताल्लुक रखने वाले इस गेंदबाज ने कहा कि रफ्तार से अधिक अहम स्विंग है। उन्होंने कहा, मैं रफ्तार से समझौता नहीं करना चाहता, लेकिन स्विंग मेरी गेंदबाजी का सबसे अहम पहलू है।
तीन मैचों में जुनैद ने सहवाग, गौतम गंभीर और युवराज सिंह को एक-एक बार आउट किया जबकि विराट कोहली का विकेट तीनों बार लिया। उसने कहा, मुझ पर कभी अच्छे प्रदर्शन का दबाव नहीं था। मुझे दूसरे छोर से मोहम्मद इरफान और उमर गुल से काफी मदद मिली। यह सामूहिक प्रयास था। एबटाबाद से ताल्लुक रखने वाले इस गेंदबाज ने कहा कि रफ्तार से अधिक अहम स्विंग है। उन्होंने कहा, मैं रफ्तार से समझौता नहीं करना चाहता, लेकिन स्विंग मेरी गेंदबाजी का सबसे अहम पहलू है।
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भारत दौरे पर पाकिस्तान के सबसे सफल तेज गेंदबाज जुनैद खान ने बताया कि महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने उन्हें भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरियां बताई थी, जिससे उन्हें काफी मदद मिली।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: सीनियर ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह मानते हैं कि टेस्ट स्तर पर वापसी करना हमेशा ही कठिन होता है, लेकिन 99 टेस्ट खेल चुके इस अनुभवी खिलाड़ी ने उम्मीद जताई कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में अंतर पैदा करने में सफल रहेंगे।
हरभजन ने ईरानी कप ट्रॉफी जीतने के बाद कहा, वापसी हमेशा ही कठिन होती है। जब तक आप कड़ी मेहनत जारी रखेंगे और भरोसा रखेंगे कि आप अंतर पैदा कर सकते हो और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा कर सकते हो तो आप वापसी कर सकते हो। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुने जाने से राहत महसूस कर रहे हरभजन ने कहा, मैं टेस्ट टीम में वापसी से बहुत खुश हूं और उम्मीद करता हूं कि मैं इसमें अंतर पैदा कर सकूंगा। इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने 99 टेस्ट में 408 विकेट चटकाये हैं। उन्हें चेन्नई में 22 फरवरी से शुरू हो रही सीरीज के पहले दो टेस्ट मैचों के लिए 15 सदस्यीय टीम में चुना गया। उन्होंने कहा कि वह अपनी ‘पसंदीदा टीम’ के विरुद्ध गेंदबाजी करने का इंतजार नहीं कर सकते। हरभजन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में मौजूद बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या भारतीय टीम के लिए फायदेमंद हो सकती है।टिप्पणियां
हरभजन ने कहा, ओवरआल सभी गेंदबाजों को 20 विकेट चटकाने के लिए अच्छी गेंदबाजी करनी होगी। जब मैंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001-02 में अपनी पहली सीरीज खेली थी तो मैं कुछ नहीं था। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि हमारे पास भारत के लिए इस टेस्ट सीरीज को जीतने के लिए बेहतरीन आक्रमण मौजूद है। अगर हम ऐसा करने में सफल रहे तो यह अच्छा होगा। हम इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और उम्मीद है कि बतौर गेंदबाजी इकाई अच्छा करेंगे। इस ऑफ स्पिनर को लगता है कि ईरानी कप राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए सर्वश्रेष्ठ मंच में से एक है।
हरभजन ने कहा, निश्चित रूप से हम यह इसलिए खेलते हैं कि हम भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। यह (ईरानी कप) मेरे लिए और मेरे साथियों के लिए महत्वपूर्ण मैच था। इस तरह के मैच आपको अच्छा करने और भारतीय टीम में वापसी का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया और मैं टेस्ट टीम में वापसी करने में सफल रहा। टेस्ट टीम का हिस्सा बनना शानदार है।
हरभजन ने ईरानी कप ट्रॉफी जीतने के बाद कहा, वापसी हमेशा ही कठिन होती है। जब तक आप कड़ी मेहनत जारी रखेंगे और भरोसा रखेंगे कि आप अंतर पैदा कर सकते हो और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा कर सकते हो तो आप वापसी कर सकते हो। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुने जाने से राहत महसूस कर रहे हरभजन ने कहा, मैं टेस्ट टीम में वापसी से बहुत खुश हूं और उम्मीद करता हूं कि मैं इसमें अंतर पैदा कर सकूंगा। इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने 99 टेस्ट में 408 विकेट चटकाये हैं। उन्हें चेन्नई में 22 फरवरी से शुरू हो रही सीरीज के पहले दो टेस्ट मैचों के लिए 15 सदस्यीय टीम में चुना गया। उन्होंने कहा कि वह अपनी ‘पसंदीदा टीम’ के विरुद्ध गेंदबाजी करने का इंतजार नहीं कर सकते। हरभजन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में मौजूद बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या भारतीय टीम के लिए फायदेमंद हो सकती है।टिप्पणियां
हरभजन ने कहा, ओवरआल सभी गेंदबाजों को 20 विकेट चटकाने के लिए अच्छी गेंदबाजी करनी होगी। जब मैंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001-02 में अपनी पहली सीरीज खेली थी तो मैं कुछ नहीं था। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि हमारे पास भारत के लिए इस टेस्ट सीरीज को जीतने के लिए बेहतरीन आक्रमण मौजूद है। अगर हम ऐसा करने में सफल रहे तो यह अच्छा होगा। हम इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और उम्मीद है कि बतौर गेंदबाजी इकाई अच्छा करेंगे। इस ऑफ स्पिनर को लगता है कि ईरानी कप राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए सर्वश्रेष्ठ मंच में से एक है।
हरभजन ने कहा, निश्चित रूप से हम यह इसलिए खेलते हैं कि हम भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। यह (ईरानी कप) मेरे लिए और मेरे साथियों के लिए महत्वपूर्ण मैच था। इस तरह के मैच आपको अच्छा करने और भारतीय टीम में वापसी का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया और मैं टेस्ट टीम में वापसी करने में सफल रहा। टेस्ट टीम का हिस्सा बनना शानदार है।
हरभजन ने कहा, ओवरआल सभी गेंदबाजों को 20 विकेट चटकाने के लिए अच्छी गेंदबाजी करनी होगी। जब मैंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001-02 में अपनी पहली सीरीज खेली थी तो मैं कुछ नहीं था। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि हमारे पास भारत के लिए इस टेस्ट सीरीज को जीतने के लिए बेहतरीन आक्रमण मौजूद है। अगर हम ऐसा करने में सफल रहे तो यह अच्छा होगा। हम इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और उम्मीद है कि बतौर गेंदबाजी इकाई अच्छा करेंगे। इस ऑफ स्पिनर को लगता है कि ईरानी कप राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए सर्वश्रेष्ठ मंच में से एक है।
हरभजन ने कहा, निश्चित रूप से हम यह इसलिए खेलते हैं कि हम भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। यह (ईरानी कप) मेरे लिए और मेरे साथियों के लिए महत्वपूर्ण मैच था। इस तरह के मैच आपको अच्छा करने और भारतीय टीम में वापसी का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया और मैं टेस्ट टीम में वापसी करने में सफल रहा। टेस्ट टीम का हिस्सा बनना शानदार है।
हरभजन ने कहा, निश्चित रूप से हम यह इसलिए खेलते हैं कि हम भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। यह (ईरानी कप) मेरे लिए और मेरे साथियों के लिए महत्वपूर्ण मैच था। इस तरह के मैच आपको अच्छा करने और भारतीय टीम में वापसी का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया और मैं टेस्ट टीम में वापसी करने में सफल रहा। टेस्ट टीम का हिस्सा बनना शानदार है।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीनियर ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह मानते हैं कि टेस्ट स्तर पर वापसी करना हमेशा ही कठिन होता है, लेकिन 99 टेस्ट खेल चुके इस अनुभवी खिलाड़ी ने उम्मीद जताई कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में अंतर पैदा करने में सफल रहेंगे।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और कई अन्य लोगों को दक्षिणी दिल्ली के एक इलाके में मकानों को गिराने का विरोध करने के दौरान सुबह मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आवास के बाहर हिरासत में लिया गया था। देर शाम उन्हें समर्थकों के साथ रिहा कर दिया गया।
बता दें कि मुख्यमंत्री के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित आवास के पास करीब सौ लोग ओखला के पास शाहीनबाग में मकानों को तोड़ने के विरोध में सुबह सात बजे एकत्रित हुए जबकि इसके एक घंटे बाद केजरीवाल वहां पहुंचे। इन लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने देने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के आवास के बाहर अपना प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने जगह छोड़ने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस को करीब साढ़े बारह बजे उन्हें हिरासत में लेना पड़ा।टिप्पणियां
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि केजरीवाल और ‘आप’ के नेता मनीष सिसौदिया तथा कुमार विश्वास सहित कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने जनपथ मार्ग की ओर एक तरफ अवरोधक लगाए। इसी मार्ग से शीला दीक्षित के आवास के लिए प्रवेश होता है।
बता दें कि मुख्यमंत्री के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित आवास के पास करीब सौ लोग ओखला के पास शाहीनबाग में मकानों को तोड़ने के विरोध में सुबह सात बजे एकत्रित हुए जबकि इसके एक घंटे बाद केजरीवाल वहां पहुंचे। इन लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने देने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के आवास के बाहर अपना प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने जगह छोड़ने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस को करीब साढ़े बारह बजे उन्हें हिरासत में लेना पड़ा।टिप्पणियां
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि केजरीवाल और ‘आप’ के नेता मनीष सिसौदिया तथा कुमार विश्वास सहित कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने जनपथ मार्ग की ओर एक तरफ अवरोधक लगाए। इसी मार्ग से शीला दीक्षित के आवास के लिए प्रवेश होता है।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के आवास के बाहर अपना प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने जगह छोड़ने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस को करीब साढ़े बारह बजे उन्हें हिरासत में लेना पड़ा।टिप्पणियां
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि केजरीवाल और ‘आप’ के नेता मनीष सिसौदिया तथा कुमार विश्वास सहित कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने जनपथ मार्ग की ओर एक तरफ अवरोधक लगाए। इसी मार्ग से शीला दीक्षित के आवास के लिए प्रवेश होता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि केजरीवाल और ‘आप’ के नेता मनीष सिसौदिया तथा कुमार विश्वास सहित कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने जनपथ मार्ग की ओर एक तरफ अवरोधक लगाए। इसी मार्ग से शीला दीक्षित के आवास के लिए प्रवेश होता है।
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने जनपथ मार्ग की ओर एक तरफ अवरोधक लगाए। इसी मार्ग से शीला दीक्षित के आवास के लिए प्रवेश होता है।
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संक्षिप्त सारांश: आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और कई अन्य लोगों को दक्षिणी दिल्ली के एक इलाके में मकानों को गिराने का विरोध करने के दौरान सुबह मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आवास के बाहर हिरासत में लिया गया। देर शाम उन्हें समर्थकों के साथ रिहा कर दिया गया।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: उन्नाव रेप पीड़िता के सड़क दुर्घटना में घायल होने के मामले में यूपी की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है. पीड़ित लड़की के चाचा ने सरकार से सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की थी. इससे पहले सरकार ने कहा था कि अगर पीड़ित लड़की का परिवार सीबीआई जांच की मांग करेगा तो सरकार जांच के लिए सिफारिश करेगी. बता दें कि रविवार को रेप पीड़ित लड़की अपने वकील और परिवार के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा से मुलाकात करने जा रही थी. रायबरेली के अतौरा इलाके में नेशनल हाईवे नंबर 232 पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी थी.
इस हादसे में पीड़ित लड़की की चाची और मौसी की मौत हो गई थी और गाड़ी चला रहे वकील महेंद्र सिंह और पीड़ित लड़की घायल हो गए थे. उनकी हालत गंभीर है. दोनों घायलों का इलाज लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है और वह वेंटिलेटर पर हैं.
पीड़ित लड़की से जुड़े दो और मामलों की जांच भी सीबीआई कर रही है. एक मामला पीड़ित लड़की के पिता को पीट-पीटकर मार डालने का है और दूसरा मामला लड़की के साथ रेप करने का है. दोनों ही मामलों में उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाई आरोपी हैं.
सड़क हादसे के मामले में भी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाई मुकेश सेंगर समेत 10 लोग नामजद हैं और 15-20 अज्ञात लोग आरोपी हैं जिनके खिलाफ आज ही पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है.
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संक्षिप्त पाठ: उन्नाव रेप पीड़िता का एक्सीडेंट मामला
योगी सरकार ने की CBI जांच की सिफारिश
पीड़ित लड़की के चाचा ने की थी सीबीआई जांच की मांग
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: सरकार ने लोकपाल विधेयक पर समाज के प्रतिनिधियों के साथ तीखे मतभेदों के बीच गुरुवार को इस संभावना से इनकार कर दिया कि इस विधेयक के दो मसौदे केन्द्रीय कैबिनेट के समक्ष भेजे जाएंगे। समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को बाधित कर रही है। कानून मंत्री एवं संयुक्त लोकपाल मसौदा समिति के संयोजक वीरप्पा मोइली ने कहा कि यदि 20 जून को होने वाली अगली बैठक में दोनों पक्षों के प्रतिनिधि आपसी मतभेदों को दूर नहीं कर पाये तो उनके विचारों को कैबिनेट के समक्ष भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, लेकिन दो मसौदे नहीं होंगें उन्होंने समाज के प्रतिनिधि अरविन्द केजरीवाल के कल दिए गए बयान का विरोध करते हुए यह बात कही। केजरीलवाल ने कहा था कि सरकार के प्रतिनिधियों और समाज के प्रतिनिधियों द्वारा बनाए गए दो अलग अलग मसौदे कैबिनेट के समक्ष भेजे जाएंगे। समाज के प्रतिनिधियों पर मांगें बदलने का आरोप लगाते हुए मोइली ने कहा कि इससे मदद नहीं मिलेगी। हमें संयुक्त मसौदा समिति के आदेश तक खुद को सीमित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने मजबूत लोकपाल विधेयक के लिए समाज के प्रतिनिधियों द्वारा रखे गये 40 में से 34 सिद्धांतों को मान लिया है। मोइली ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून में प्रधानमंत्री को शामिल किये जाने के मुद्दे पर अभी अंतिम तौर पर कोई निर्णय नहीं किया गया है। कानून मंत्री ने कहा कि संप्रग भ्रष्टाचार को मिटने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन भाजपा और समाज के सदस्य उसके प्रयासों में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मेरी मंशा समाज और भाजपा सहित लोगों की भावना को आहत करने की नहीं है। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ संप्रग की लड़ाई में अड़चनें डाल रहे हैं।
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यहाँ एक सारांश है:समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को बाधित कर रही है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों ने भारतीय रिजर्व बैंक की ऊंची ब्याज दर नीति पर पुनर्विचार किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि ऋण की ऊंची लागत का नकारात्मक असर वृद्धि दर पर पड़ रहा है। एचएसबीसी की प्रमुख नैना लाल किदवई ने हाल ही के एक अध्ययन के हवाले से कहा कि अधिकांश कंपनियों का मानना है कि मुद्रास्फीति तथा नीतिगत दरों में कई बार की बढ़ोतरी का असर उद्योग जगत के प्रदर्शन पर पड़ने लगा है। उन्होंने कहा, 'उद्योग जगत बढ़ती मुद्रास्फीति तथा ब्याज दरों के अपने परिचालन पर असर के बारे में चिंतित है। रिजर्व बैंक द्वारा दरों में और बढ़ोतरी का नकारात्मक असर निवेश योजनाओं पर हो सकता है।' रिजर्व बैंक के शीर्ष अधिकारियों ने तीन मई को प्रस्तावित सालाना मौद्रिक नीति घोषणा से पहले परंपरागत बैठक की। रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए बीते 13 माह में नीतिगत दरों में आठ बार बढोतरी की है। एसोचैम के अध्यक्ष दिलीप मोदी ने कहा कि रिजर्व बैंक को 'मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान कड़ी मौद्रिक नीति बहाल करने की आवश्यकता की समीक्षा करनी चाहिए।' ताकि कारपोरेट जगत को ऋण प्रवाह बढ़े तथा औद्योगिक निष्पादन सुधरे। प्रमुख रीटेलर निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि दरों में बढ़ोतरी का विशेषकर पहली बार घर खरीदने वालों पर नकारात्मक असर हुआ है। बैठक में एलएंडटी के वाईएम देवस्थली, टाटा स्टील के बी मुतुरमन तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा के भारत दोशी भी थे।
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यह एक सारांश है: भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों ने कहा कि ऋण की ऊंची लागत का नकारात्मक असर वृद्धि दर पर पड़ रहा है।
| 21
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गृह और वित्त सहित अशोक गहलोत ने अपने पास नौ मंत्रालय रखे हैं. इसके अलावा उन्होंने अपने पास आबकारी, आयोजना, नीति आयोजन, कार्मिक व सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भी रखे हैं. उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट को सार्वजनिक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, विज्ञान व प्रौद्योगिकी और सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के अलावा 13 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्रियों को विभागों का बंटवारा किया गया है.
बता दें, राजस्थान में कांग्रेस के चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट में खींचतान हुई थी. उस वक्त भी कई बैठकों के बाद दोनों के बीच विवाद को सुलझाया था. इसके बाद अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री तो सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था.
कांग्रेस ने मंत्रीमंडल के गठन में 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखा है. प्रदेश में जातीय समिकरण को ध्यान में रखते हुए अशोक गहलोत के कैबिनेट में मंत्रियों को शामिल किया गया है.
बी डी कल्ला को ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, भू जल, कला साहित्य, संस्कृति और पुरात्तव विभाग, शांति धारीवाल को स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन, विधि एवं विधिक कार्य, विधि परामर्श कार्यालय व संसदीय मामलात विभाग और मास्टर भंवर लाल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. कृषि, पशुपालन और मछली पालन विभाग लाल चंद कटारिया, रघु शर्मा को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, आयुर्वेद, व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा प्रमोद जैन भाया को खान और गौ-पालन विभाग सौंपा गया है. विश्वेन्द्र सिंह को पर्यटन एवं देवस्थान विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.
इसके साथ ही हरीश चौधरी को राजस्व, रमेश चंद मीणा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, उदयलाल आंजना को सहकारिता विभाग और इंदिरा गांधी नहर परियोजना विभाग दिया गया है. प्रताप सिंह खाचरियावास को यातायात और सैनिक कल्याण विभाग जबकि सालेह मोहम्मद को अल्पसंख्यक वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण विभाग दिया गया है.
राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को शिक्षा (प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा) (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन और देवस्थान विभाग दिया गया है. वहीं, ममता भूपेश को महिला बाल विकास (स्वतंत्र प्रभार) के साथ अल्पसंख्यक मामले वक्फ जन अभियोग निराकरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. अर्जुन सिंह बामनिया को जनजाति क्षेत्रिय विकास (स्वतंत्र प्रभार), उद्योग, राजकीय उपक्रम, भंवर सिंह भादी को उच्च शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राजस्व, उपनिवेशन, कृषि सिंचित क्षेत्रीय विकास एवं जन उपयोगिता विभाग, सुखराम विश्नोई को वन (स्वतंत्र प्रभार) पर्यावरण (स्वतंत्र प्रभार) खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले विभाग दिया गया है.
अशोक आंचदना को युवा मामले-खेल विभाग, कौशल नियोजन व उद्यमिता विभाग (स्वतंत्र प्रभार) परिवहन विभाग, सैनिक कल्याण विभाग, टीकारा जूली को श्रम विभाग,कारखाना व बॉयलर्स निरीक्षण (स्वतंत्र विभाग) सहकारिता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, भजन लाल जाटव को गृह रक्षा, नागरिक सुरक्षा (स्वतंत्र प्रभार), कृषि, पशुपालन, मत्स्य विभाग, राजेन्द्र सिंह यादव को आयोजना-जनशक्ति, स्टेट मोटर गैराज (स्वतंत्र प्रभार), भाषा विभाग (स्वतंत्र प्रभार), सामाजिक न्याय व अधिकारिता, आपदा प्रबंधन व सहायता विभाग, जबकि राष्ट्रीय लोकदल के सुभाष गर्ग को तकनीकी शिक्षा, संस्कृत विभाग (स्वतंत्र प्रभार), आयुर्वेद और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के साथ सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग दिया गया है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वित्त और गृह मंत्रालय को लेकर थी खींचतान
आखिर अशोक गहलोत को मिले दोनों मंत्रालय
राहुल गांधी के साथ हुईं कई बैठकें
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के गांव में रॉबर्ट वाड्रा का भूमि सौदा एक बार फिर कांग्रेस पार्टी और उसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए परेशानी का सबब बनता दिख रहा है।
आईएएस अधिकारी अशोक खोमका ने आरोप लगाया है कि वाड्रा ने गुड़गांव में 3.53 एकड़ जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया और वाणिज्यिक कॉलोनी के लाइसेंस पर बड़ा मुनाफा हासिल किया। समझा जाता है कि खेमका ने वाड्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने गुड़गांव के शिकोहपुर गांव में 3.53 एकड़ जमीन के लिए फर्जी लेनदेन किया।
खेमका ने आरोप लगाया कि वाड्रा ने वाणिज्यिक लाइसेंस पर बड़ी राशि प्राप्त की। आईएएस अधिकारी खेमका ने आरोप लगाया कि हरियाणा के शहरी एवं क्षेत्रीय योजना विभाग (डीटीसीपी) ने नियमों एवं नियमन को नजरंदाज करते हुए दलालों के रूप में काम करने से संबंधित सांठगांठ वाले पूंजीवादियों को फलने-फूलने की अनुमति दी। खेमका ने आरोप लगाया, डीटीसीपी की मदद से वाड्रा ने फर्जी लेनदेन किया।
खेमका ने 21 मई को अपना जवाब पेश किया था। इसमें कहा गया कि 12 फरवरी, 2008 के बिक्री के दोनों अनुबंध में वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से जमीन खरीदी और मार्च, 2008 में डीटीसीपी की ओर से उनकी कंपनी को वाणिज्यिक लाइसेंस प्रदान करने के लिए जारी आशय पत्र फर्जी लेनदेन है, ताकि वाड्रा को बाजार से मुनाफा हासिल हो सके।
समझा जाता है कि खेमका ने 100 पन्नों की रिपोर्ट में कहा कि कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया, जैसा कि पंजीकृत दस्तावेज में दावा किया गया। इस दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण को सही अर्थों में कानूनी या नैतिक रूप में बिक्री नहीं कहा जा सकता और यह नहीं कहा जा सकता कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण के माध्यम से जमीन का मालिक हो गया। खेमका का जवाब सार्वजनिक होने पर, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पीटीआई से कहा, वह इस मुद्दे पर मीडिया में कुछ नहीं कहेंगे।टिप्पणियां
हरियाणा के मुख्य सचिव पीके चौधरी ने कहा, हम जवाब (खेमका के) की पड़ताल कर रहे हैं। हरियाणा सरकार की समिति ने इस वर्ष के प्रारंभ में कहा था कि वाड्रा से जुड़े भूमि सौदों की जांच के लिए खेमका की ओर से जारी आदेश नियमों या प्रावधानों के दायरे में नहीं आते हैं और उपयुक्त नहीं हैं। इसके साथ ही समिति ने यह भी कहा था कि खेमका का जमीन का म्यूटेशन रद्द करने का आदेश उपयुक्त नहीं है।(चित्र परिचय : आईएएएस अफसर अशोक खेमका की फाइल तस्वीर)
आईएएस अधिकारी अशोक खोमका ने आरोप लगाया है कि वाड्रा ने गुड़गांव में 3.53 एकड़ जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया और वाणिज्यिक कॉलोनी के लाइसेंस पर बड़ा मुनाफा हासिल किया। समझा जाता है कि खेमका ने वाड्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने गुड़गांव के शिकोहपुर गांव में 3.53 एकड़ जमीन के लिए फर्जी लेनदेन किया।
खेमका ने आरोप लगाया कि वाड्रा ने वाणिज्यिक लाइसेंस पर बड़ी राशि प्राप्त की। आईएएस अधिकारी खेमका ने आरोप लगाया कि हरियाणा के शहरी एवं क्षेत्रीय योजना विभाग (डीटीसीपी) ने नियमों एवं नियमन को नजरंदाज करते हुए दलालों के रूप में काम करने से संबंधित सांठगांठ वाले पूंजीवादियों को फलने-फूलने की अनुमति दी। खेमका ने आरोप लगाया, डीटीसीपी की मदद से वाड्रा ने फर्जी लेनदेन किया।
खेमका ने 21 मई को अपना जवाब पेश किया था। इसमें कहा गया कि 12 फरवरी, 2008 के बिक्री के दोनों अनुबंध में वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से जमीन खरीदी और मार्च, 2008 में डीटीसीपी की ओर से उनकी कंपनी को वाणिज्यिक लाइसेंस प्रदान करने के लिए जारी आशय पत्र फर्जी लेनदेन है, ताकि वाड्रा को बाजार से मुनाफा हासिल हो सके।
समझा जाता है कि खेमका ने 100 पन्नों की रिपोर्ट में कहा कि कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया, जैसा कि पंजीकृत दस्तावेज में दावा किया गया। इस दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण को सही अर्थों में कानूनी या नैतिक रूप में बिक्री नहीं कहा जा सकता और यह नहीं कहा जा सकता कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण के माध्यम से जमीन का मालिक हो गया। खेमका का जवाब सार्वजनिक होने पर, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पीटीआई से कहा, वह इस मुद्दे पर मीडिया में कुछ नहीं कहेंगे।टिप्पणियां
हरियाणा के मुख्य सचिव पीके चौधरी ने कहा, हम जवाब (खेमका के) की पड़ताल कर रहे हैं। हरियाणा सरकार की समिति ने इस वर्ष के प्रारंभ में कहा था कि वाड्रा से जुड़े भूमि सौदों की जांच के लिए खेमका की ओर से जारी आदेश नियमों या प्रावधानों के दायरे में नहीं आते हैं और उपयुक्त नहीं हैं। इसके साथ ही समिति ने यह भी कहा था कि खेमका का जमीन का म्यूटेशन रद्द करने का आदेश उपयुक्त नहीं है।(चित्र परिचय : आईएएएस अफसर अशोक खेमका की फाइल तस्वीर)
खेमका ने आरोप लगाया कि वाड्रा ने वाणिज्यिक लाइसेंस पर बड़ी राशि प्राप्त की। आईएएस अधिकारी खेमका ने आरोप लगाया कि हरियाणा के शहरी एवं क्षेत्रीय योजना विभाग (डीटीसीपी) ने नियमों एवं नियमन को नजरंदाज करते हुए दलालों के रूप में काम करने से संबंधित सांठगांठ वाले पूंजीवादियों को फलने-फूलने की अनुमति दी। खेमका ने आरोप लगाया, डीटीसीपी की मदद से वाड्रा ने फर्जी लेनदेन किया।
खेमका ने 21 मई को अपना जवाब पेश किया था। इसमें कहा गया कि 12 फरवरी, 2008 के बिक्री के दोनों अनुबंध में वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से जमीन खरीदी और मार्च, 2008 में डीटीसीपी की ओर से उनकी कंपनी को वाणिज्यिक लाइसेंस प्रदान करने के लिए जारी आशय पत्र फर्जी लेनदेन है, ताकि वाड्रा को बाजार से मुनाफा हासिल हो सके।
समझा जाता है कि खेमका ने 100 पन्नों की रिपोर्ट में कहा कि कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया, जैसा कि पंजीकृत दस्तावेज में दावा किया गया। इस दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण को सही अर्थों में कानूनी या नैतिक रूप में बिक्री नहीं कहा जा सकता और यह नहीं कहा जा सकता कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण के माध्यम से जमीन का मालिक हो गया। खेमका का जवाब सार्वजनिक होने पर, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पीटीआई से कहा, वह इस मुद्दे पर मीडिया में कुछ नहीं कहेंगे।टिप्पणियां
हरियाणा के मुख्य सचिव पीके चौधरी ने कहा, हम जवाब (खेमका के) की पड़ताल कर रहे हैं। हरियाणा सरकार की समिति ने इस वर्ष के प्रारंभ में कहा था कि वाड्रा से जुड़े भूमि सौदों की जांच के लिए खेमका की ओर से जारी आदेश नियमों या प्रावधानों के दायरे में नहीं आते हैं और उपयुक्त नहीं हैं। इसके साथ ही समिति ने यह भी कहा था कि खेमका का जमीन का म्यूटेशन रद्द करने का आदेश उपयुक्त नहीं है।(चित्र परिचय : आईएएएस अफसर अशोक खेमका की फाइल तस्वीर)
खेमका ने 21 मई को अपना जवाब पेश किया था। इसमें कहा गया कि 12 फरवरी, 2008 के बिक्री के दोनों अनुबंध में वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से जमीन खरीदी और मार्च, 2008 में डीटीसीपी की ओर से उनकी कंपनी को वाणिज्यिक लाइसेंस प्रदान करने के लिए जारी आशय पत्र फर्जी लेनदेन है, ताकि वाड्रा को बाजार से मुनाफा हासिल हो सके।
समझा जाता है कि खेमका ने 100 पन्नों की रिपोर्ट में कहा कि कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया, जैसा कि पंजीकृत दस्तावेज में दावा किया गया। इस दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण को सही अर्थों में कानूनी या नैतिक रूप में बिक्री नहीं कहा जा सकता और यह नहीं कहा जा सकता कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण के माध्यम से जमीन का मालिक हो गया। खेमका का जवाब सार्वजनिक होने पर, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पीटीआई से कहा, वह इस मुद्दे पर मीडिया में कुछ नहीं कहेंगे।टिप्पणियां
हरियाणा के मुख्य सचिव पीके चौधरी ने कहा, हम जवाब (खेमका के) की पड़ताल कर रहे हैं। हरियाणा सरकार की समिति ने इस वर्ष के प्रारंभ में कहा था कि वाड्रा से जुड़े भूमि सौदों की जांच के लिए खेमका की ओर से जारी आदेश नियमों या प्रावधानों के दायरे में नहीं आते हैं और उपयुक्त नहीं हैं। इसके साथ ही समिति ने यह भी कहा था कि खेमका का जमीन का म्यूटेशन रद्द करने का आदेश उपयुक्त नहीं है।(चित्र परिचय : आईएएएस अफसर अशोक खेमका की फाइल तस्वीर)
समझा जाता है कि खेमका ने 100 पन्नों की रिपोर्ट में कहा कि कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया, जैसा कि पंजीकृत दस्तावेज में दावा किया गया। इस दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण को सही अर्थों में कानूनी या नैतिक रूप में बिक्री नहीं कहा जा सकता और यह नहीं कहा जा सकता कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी दस्तावेज में बिक्री के पंजीकरण के माध्यम से जमीन का मालिक हो गया। खेमका का जवाब सार्वजनिक होने पर, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पीटीआई से कहा, वह इस मुद्दे पर मीडिया में कुछ नहीं कहेंगे।टिप्पणियां
हरियाणा के मुख्य सचिव पीके चौधरी ने कहा, हम जवाब (खेमका के) की पड़ताल कर रहे हैं। हरियाणा सरकार की समिति ने इस वर्ष के प्रारंभ में कहा था कि वाड्रा से जुड़े भूमि सौदों की जांच के लिए खेमका की ओर से जारी आदेश नियमों या प्रावधानों के दायरे में नहीं आते हैं और उपयुक्त नहीं हैं। इसके साथ ही समिति ने यह भी कहा था कि खेमका का जमीन का म्यूटेशन रद्द करने का आदेश उपयुक्त नहीं है।(चित्र परिचय : आईएएएस अफसर अशोक खेमका की फाइल तस्वीर)
हरियाणा के मुख्य सचिव पीके चौधरी ने कहा, हम जवाब (खेमका के) की पड़ताल कर रहे हैं। हरियाणा सरकार की समिति ने इस वर्ष के प्रारंभ में कहा था कि वाड्रा से जुड़े भूमि सौदों की जांच के लिए खेमका की ओर से जारी आदेश नियमों या प्रावधानों के दायरे में नहीं आते हैं और उपयुक्त नहीं हैं। इसके साथ ही समिति ने यह भी कहा था कि खेमका का जमीन का म्यूटेशन रद्द करने का आदेश उपयुक्त नहीं है।(चित्र परिचय : आईएएएस अफसर अशोक खेमका की फाइल तस्वीर)
(चित्र परिचय : आईएएएस अफसर अशोक खेमका की फाइल तस्वीर)
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यहाँ एक सारांश है:आईएएस अधिकारी अशोक खोमका ने आरोप लगाया है कि वाड्रा ने गुड़गांव में 3.53 एकड़ जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया और वाणिज्यिक कॉलोनी के लाइसेंस पर बड़ा मुनाफा हासिल किया।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: अगले सीबीआई प्रमुख के नाम पर फैसला करने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति की बृहस्पतिवार को हुई बैठक बेनतीजा रही. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई निदेशक के नाम पर बैठक में कोई फैसला नहीं लिया गया. एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं होने के अनुरोध पर बताया, ‘‘सक्षम अधिकारियों के दस्तावेजों के साथ उनकी सूची समिति के सदस्यों के साथ साझा की गयी. लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है.'' उन्होंने कहा कि नाम तय करने के लिए समिति की एक और बैठक जल्द बुलाई जाएगी. प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हिस्सा लिया. बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में खड़गे ने कहा कि अधिकारियों के नाम साझा किये गये.
उन्होंने कहा, ‘‘नामों पर चर्चा हुई. उनके प्रासंगिक अनुभव समेत करियर के ब्योरे का कोई उल्लेख नहीं किया गया. हमने सभी जरूरी ब्योरा देने को कहा है. अगली बैठक अगले सप्ताह तक बुलाई जा सकती है.'' सीबीआई प्रमुख का पद 10 जनवरी को आलोक वर्मा को इस पद से हटाये जाने के बाद से ही खाली पड़ा है. वर्मा का गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना से भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर झगड़ा चल रहा था. वर्मा और अस्थाना दोनों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे. वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाए जाने के बाद उन्हें दमकल सेवा, नागरिक रक्षा और होम गार्ड्स का महानिदेशक बनाया गया था. यह सीबीआई प्रमुख की तुलना में कम महत्वपूर्ण पद था.
वर्मा ने उस पेशकश को स्वीकार नहीं किया और उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें सेवानिवृत्त मान लिया जाना चाहिये, क्योंकि उनकी 60 साल की आयु पूरी हो चुकी है. उन्होंने एक फरवरी 2017 को सीबीआई निदेशक का पदभार संभाला था. सीबीआई प्रमुख के तौर पर उनका कार्यकाल दो साल का था. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव सी चंद्रमौली को लिखे गए पत्र में वर्मा ने कहा था कि वह 31 जुलाई 2017 को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं इसलिए सरकार द्वारा प्रस्तावित नये पदभार को ग्रहण नहीं कर सकते. केंद्र ने वर्मा के पत्र पर अपने फैसले को सार्वजनिक नहीं किया है.
केंद्र ने एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया था. वर्मा के इस्तीफे से राजनीतिक भूचाल आ गया था, जिसमें विपक्ष, खासतौर से कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सार्वजनिक संस्थानों में कथित रूप से हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था. खड़गे ने हाल ही में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राव की सीबीआई के अंतरिम प्रमुख के रूप में नियुक्ति को ‘‘गैर कानूनी '' बताया था. उन्होंने नए सीबीआई प्रमुख का चयन करने के लिए सरकार से तत्काल समिति की बैठक बुलाने को कहा था.
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संक्षिप्त सारांश: CBI डायरेक्टर पर कोई फैसला नहीं हो पाया
PM मोदी की अगुवाई वाली समिति की दोबारा होगी बैठक
समिति की एक और बैठक जल्द बुलाई जाएगी
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: लंदन ओलिंपिक के रजत पदक विजेता निशानेबाज विजय कुमार ने कहा कि उनकी उपलब्धि ने उन्हें वह पहचान दिला दी है, जो अतीत में अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें नहीं मिली थी।टिप्पणियां
इस निशानेबाज को लंदन खेलों के कांस्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त के साथ देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार 'राजीव गांधी खेल रत्न' के लिए नामांकित किया गया है। 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले विजय ने कहा, लोगों को अब मेरे बारे में जानकारी लेने के लिए गूगल पर सर्च नहीं करना होगा। अचानक दुनिया मुझे पहचानने लगती है, वे सोच रहे हैं कोई विजय कुमार है, वह कुछ तो है।
विजय ने कहा, मैंने लंदन से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से बात की थी और उन्होंने मेरे नामांकन को आगे बढ़ाया। अब दुनिया ने मेरे ऊपर गौर किया है, क्योंकि यह मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले भी मैंने कई पदक जीते। सम्मानित होकर मैं खुश हूं।
इस निशानेबाज को लंदन खेलों के कांस्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त के साथ देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार 'राजीव गांधी खेल रत्न' के लिए नामांकित किया गया है। 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले विजय ने कहा, लोगों को अब मेरे बारे में जानकारी लेने के लिए गूगल पर सर्च नहीं करना होगा। अचानक दुनिया मुझे पहचानने लगती है, वे सोच रहे हैं कोई विजय कुमार है, वह कुछ तो है।
विजय ने कहा, मैंने लंदन से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से बात की थी और उन्होंने मेरे नामांकन को आगे बढ़ाया। अब दुनिया ने मेरे ऊपर गौर किया है, क्योंकि यह मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले भी मैंने कई पदक जीते। सम्मानित होकर मैं खुश हूं।
विजय ने कहा, मैंने लंदन से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से बात की थी और उन्होंने मेरे नामांकन को आगे बढ़ाया। अब दुनिया ने मेरे ऊपर गौर किया है, क्योंकि यह मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले भी मैंने कई पदक जीते। सम्मानित होकर मैं खुश हूं।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओलिंपिक के रजत पदक विजेता निशानेबाज विजय कुमार ने कहा कि उनकी उपलब्धि ने वह पहचान दिला दी है, जो अतीत में अन्य प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें नहीं मिली थी।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में एक-एक लाख रुपये के दो इनामी नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यहां बताया कि जिले के कटेकल्याण थाना क्षेत्र के अंतर्गत मारजूम जंगलपारा गांव के करीब पुलिस ने सुखराम पोडियाम (24) और सुकलु पोडियाम (35) को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों से पांच डेटोनेटर, एक बैटरी, बिजली का तार तथा लोहे का स्पाइक बरामद किया गया है. उन्होंने बताया कि कटेकल्याण थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों को गश्त में रवाना किया गया था. दल जब मारजूम जंगलपारा के करीब था तब सुरक्षा बलों ने दोनों नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया.
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार दोनों नक्सलियों के खिलाफ क्षेत्र में 2017 से 2019 के बीच पुलिस दल पर हमला करने, बारूदी सुरंग विस्फोट करने समेत कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है. दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था.
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यह एक सारांश है: नक्सलियों के पास से विस्फोटक सामग्री बरामद
दोनों नक्सलियों के खिलाफ कई मामले
सुरक्षा बलों ने गश्त के दौरान गिरफ्तार किया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: द टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में राजेश ने बताया कि किस तरह उन्होंने Spiritual Farming की ओर रुख किया. उन्होंने बताया, 'मैं आम के पेड़ के नीचे बैठा था और यहीं से मुझे इसका ख्याल आया. ये बिलकुल बुद्ध की कहानी की तरह है.' टिप्पणियां
राजेश बिहार के बरमा गांव की काया पलट करने में लगे हुए हैं. यही नहीं उनकी कोशिशों की बदौलत ही गांव को बिजली नसीब हुई है.
कभी छोटे पर्दे पर अपनी कॉमेडी से लोगों का दिल जीतने वाले राजेश इन दिनों गांव में रहकर कभी गायों को खाना खिलाते हैं तो कभी गोबर साफ करते हैं. खास बात यह है कि इन सब कामों के बीच उन्हें मुंबई की याद कभी नहीं आती है.
साथ ही राजेश ने यह भी साफ किया कि उन्होंने खेती-बाड़ी का रुख इसलिए नहीं किया क्योंकि उन्हें काम नहीं मिल रहा था. उन्होंने कहा, 'जब भी कोई एक्टर कुछ दूसरा काम करने लगता है तो लोगों को यही लगता है कि उसके पास काम नहीं होगा. लेकिन जहां तक मेरी बात है तो मुझे टीवी में कोई चुनौतीपूर्ण किरदार नहीं मिल रहा था. यहां तक कि कुछ किदार तो रोशेश के इर्द-गिर्द ही बुने गए थे.'
बहरहाल, रोशेश साराभाई के किरदार को अमर बनाने वाले राजेश टीवी सीरियल में तो अपनी मजेदार कविताएं सुनाकर दर्शकों को लोट-पोट कर देते थे. लेकिन अब वो खेती-बाड़ी कर रियल लाइफ में एक गांव का भविष्य सुधार रहे हैं. वाकई उनका यह कदम काबिल-ए-तारीफ है.
राजेश बिहार के बरमा गांव की काया पलट करने में लगे हुए हैं. यही नहीं उनकी कोशिशों की बदौलत ही गांव को बिजली नसीब हुई है.
कभी छोटे पर्दे पर अपनी कॉमेडी से लोगों का दिल जीतने वाले राजेश इन दिनों गांव में रहकर कभी गायों को खाना खिलाते हैं तो कभी गोबर साफ करते हैं. खास बात यह है कि इन सब कामों के बीच उन्हें मुंबई की याद कभी नहीं आती है.
साथ ही राजेश ने यह भी साफ किया कि उन्होंने खेती-बाड़ी का रुख इसलिए नहीं किया क्योंकि उन्हें काम नहीं मिल रहा था. उन्होंने कहा, 'जब भी कोई एक्टर कुछ दूसरा काम करने लगता है तो लोगों को यही लगता है कि उसके पास काम नहीं होगा. लेकिन जहां तक मेरी बात है तो मुझे टीवी में कोई चुनौतीपूर्ण किरदार नहीं मिल रहा था. यहां तक कि कुछ किदार तो रोशेश के इर्द-गिर्द ही बुने गए थे.'
बहरहाल, रोशेश साराभाई के किरदार को अमर बनाने वाले राजेश टीवी सीरियल में तो अपनी मजेदार कविताएं सुनाकर दर्शकों को लोट-पोट कर देते थे. लेकिन अब वो खेती-बाड़ी कर रियल लाइफ में एक गांव का भविष्य सुधार रहे हैं. वाकई उनका यह कदम काबिल-ए-तारीफ है.
साथ ही राजेश ने यह भी साफ किया कि उन्होंने खेती-बाड़ी का रुख इसलिए नहीं किया क्योंकि उन्हें काम नहीं मिल रहा था. उन्होंने कहा, 'जब भी कोई एक्टर कुछ दूसरा काम करने लगता है तो लोगों को यही लगता है कि उसके पास काम नहीं होगा. लेकिन जहां तक मेरी बात है तो मुझे टीवी में कोई चुनौतीपूर्ण किरदार नहीं मिल रहा था. यहां तक कि कुछ किदार तो रोशेश के इर्द-गिर्द ही बुने गए थे.'
बहरहाल, रोशेश साराभाई के किरदार को अमर बनाने वाले राजेश टीवी सीरियल में तो अपनी मजेदार कविताएं सुनाकर दर्शकों को लोट-पोट कर देते थे. लेकिन अब वो खेती-बाड़ी कर रियल लाइफ में एक गांव का भविष्य सुधार रहे हैं. वाकई उनका यह कदम काबिल-ए-तारीफ है.
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यह एक सारांश है: एक्टर राजेश कुमार बिहार के गांव में खेती कर रहे हैं
उन्हें इस काम में बहुत मजा आ रहा है
राजेश टीवी सीरियल में रोशेश का किरदार निभा चुके हैं
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार 'डॉन' ने 'निहित स्वार्थ और झूठी रिपोर्टिंग' की खबर के आरोपों को बुधवार को खारिज कर दिया. दरअसल, आतंकवादियों को परोक्ष समर्थन पर असैन्य और सैन्य नेतृत्व के बीच दरार होने की रिपोर्टिंग करने के चलते इसके पत्रकार पर सरकार ने विदेश जाने पर रोक लगा दी थी.
डॉन ने अपने संपादकीय में कहा है कि सरकार और सेना के बीच कहासुनी के बारे में सिरिल अलमीड़ा की रिपोर्ट का उचित सत्यापन किया गया था और यह सही रिपोर्टिंग थी. इस रिपोर्ट ने देश में माहौल काफी गरम कर दिया है.
'डॉन' के स्तंभकार सिरिल अलमीड़ा ने कल कहा था कि उनका नाम निकास नियंत्रण सूची में डाल दिया गया है. यह पाक सरकार की सीमा नियंत्रण प्रणाली है जो सरकार को इस सूची में शामिल लोगों को देश छोड़ने से रोकने की इजाजत देती है. उन्होंने खबर दी थी कि प्रमुख असैन्य अधिकारियों ने शक्तिशाली सेना को हक्कानी नेटवर्क, तालिबान और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों को अपना परोक्ष समर्थन छोड़ने की चेतावनी दी है.
अखबार ने 'रिएक्शन टू डॉन स्टोरी' शीर्षक से अपने संपादकीय में लिखा है कि इस अखबार ने हाल ही में शीर्ष सरकारी और खुफिया अधिकारियों की असाधारण बंद कमरे की बैठक की रिपोर्टिंग की. इसमें विदेश सचिव ने पाकिस्तान के अलग-थलग पड़ते जाने को देखे जाने की बात कही. इसके बाद देश में आतंकवाद की समस्या से निपटने में बाधाओं पर चर्चा हुई.
इसने कहा कि सूचना का गेटकीपर होने के नाते उसका सत्यापन और पड़ताल की गई तथा तथ्य की जांच की गई. इस सिलसिले में इस अखबार के संपादक की पूरी जिम्मेदारी है.
इसने कहा कि निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता के मुताबिक डॉन ने पीएमओ द्वारा जारी खंडन को दो बार छापा जो एक बैठक के दौरान हुई झड़प के बारे में था जब आईएसआई से असैन्य नेतृत्व ने कहा कि आतंकवादियों को इसके परोक्ष समर्थन ने पाकिस्तान को वैश्विक रूप से अलग-थलग किया है.टिप्पणियां
हालांकि, अखबार ने स्वीकार किया कि कोई भी मीडिया संगठन गलत फैसले ले सकता है और यह अखबार कोई अपवाद नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डॉन ने अपने संपादकीय में कहा है कि सरकार और सेना के बीच कहासुनी के बारे में सिरिल अलमीड़ा की रिपोर्ट का उचित सत्यापन किया गया था और यह सही रिपोर्टिंग थी. इस रिपोर्ट ने देश में माहौल काफी गरम कर दिया है.
'डॉन' के स्तंभकार सिरिल अलमीड़ा ने कल कहा था कि उनका नाम निकास नियंत्रण सूची में डाल दिया गया है. यह पाक सरकार की सीमा नियंत्रण प्रणाली है जो सरकार को इस सूची में शामिल लोगों को देश छोड़ने से रोकने की इजाजत देती है. उन्होंने खबर दी थी कि प्रमुख असैन्य अधिकारियों ने शक्तिशाली सेना को हक्कानी नेटवर्क, तालिबान और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों को अपना परोक्ष समर्थन छोड़ने की चेतावनी दी है.
अखबार ने 'रिएक्शन टू डॉन स्टोरी' शीर्षक से अपने संपादकीय में लिखा है कि इस अखबार ने हाल ही में शीर्ष सरकारी और खुफिया अधिकारियों की असाधारण बंद कमरे की बैठक की रिपोर्टिंग की. इसमें विदेश सचिव ने पाकिस्तान के अलग-थलग पड़ते जाने को देखे जाने की बात कही. इसके बाद देश में आतंकवाद की समस्या से निपटने में बाधाओं पर चर्चा हुई.
इसने कहा कि सूचना का गेटकीपर होने के नाते उसका सत्यापन और पड़ताल की गई तथा तथ्य की जांच की गई. इस सिलसिले में इस अखबार के संपादक की पूरी जिम्मेदारी है.
इसने कहा कि निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता के मुताबिक डॉन ने पीएमओ द्वारा जारी खंडन को दो बार छापा जो एक बैठक के दौरान हुई झड़प के बारे में था जब आईएसआई से असैन्य नेतृत्व ने कहा कि आतंकवादियों को इसके परोक्ष समर्थन ने पाकिस्तान को वैश्विक रूप से अलग-थलग किया है.टिप्पणियां
हालांकि, अखबार ने स्वीकार किया कि कोई भी मीडिया संगठन गलत फैसले ले सकता है और यह अखबार कोई अपवाद नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
'डॉन' के स्तंभकार सिरिल अलमीड़ा ने कल कहा था कि उनका नाम निकास नियंत्रण सूची में डाल दिया गया है. यह पाक सरकार की सीमा नियंत्रण प्रणाली है जो सरकार को इस सूची में शामिल लोगों को देश छोड़ने से रोकने की इजाजत देती है. उन्होंने खबर दी थी कि प्रमुख असैन्य अधिकारियों ने शक्तिशाली सेना को हक्कानी नेटवर्क, तालिबान और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों को अपना परोक्ष समर्थन छोड़ने की चेतावनी दी है.
अखबार ने 'रिएक्शन टू डॉन स्टोरी' शीर्षक से अपने संपादकीय में लिखा है कि इस अखबार ने हाल ही में शीर्ष सरकारी और खुफिया अधिकारियों की असाधारण बंद कमरे की बैठक की रिपोर्टिंग की. इसमें विदेश सचिव ने पाकिस्तान के अलग-थलग पड़ते जाने को देखे जाने की बात कही. इसके बाद देश में आतंकवाद की समस्या से निपटने में बाधाओं पर चर्चा हुई.
इसने कहा कि सूचना का गेटकीपर होने के नाते उसका सत्यापन और पड़ताल की गई तथा तथ्य की जांच की गई. इस सिलसिले में इस अखबार के संपादक की पूरी जिम्मेदारी है.
इसने कहा कि निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता के मुताबिक डॉन ने पीएमओ द्वारा जारी खंडन को दो बार छापा जो एक बैठक के दौरान हुई झड़प के बारे में था जब आईएसआई से असैन्य नेतृत्व ने कहा कि आतंकवादियों को इसके परोक्ष समर्थन ने पाकिस्तान को वैश्विक रूप से अलग-थलग किया है.टिप्पणियां
हालांकि, अखबार ने स्वीकार किया कि कोई भी मीडिया संगठन गलत फैसले ले सकता है और यह अखबार कोई अपवाद नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसने कहा कि सूचना का गेटकीपर होने के नाते उसका सत्यापन और पड़ताल की गई तथा तथ्य की जांच की गई. इस सिलसिले में इस अखबार के संपादक की पूरी जिम्मेदारी है.
इसने कहा कि निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता के मुताबिक डॉन ने पीएमओ द्वारा जारी खंडन को दो बार छापा जो एक बैठक के दौरान हुई झड़प के बारे में था जब आईएसआई से असैन्य नेतृत्व ने कहा कि आतंकवादियों को इसके परोक्ष समर्थन ने पाकिस्तान को वैश्विक रूप से अलग-थलग किया है.टिप्पणियां
हालांकि, अखबार ने स्वीकार किया कि कोई भी मीडिया संगठन गलत फैसले ले सकता है और यह अखबार कोई अपवाद नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसने कहा कि निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता के मुताबिक डॉन ने पीएमओ द्वारा जारी खंडन को दो बार छापा जो एक बैठक के दौरान हुई झड़प के बारे में था जब आईएसआई से असैन्य नेतृत्व ने कहा कि आतंकवादियों को इसके परोक्ष समर्थन ने पाकिस्तान को वैश्विक रूप से अलग-थलग किया है.टिप्पणियां
हालांकि, अखबार ने स्वीकार किया कि कोई भी मीडिया संगठन गलत फैसले ले सकता है और यह अखबार कोई अपवाद नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि, अखबार ने स्वीकार किया कि कोई भी मीडिया संगठन गलत फैसले ले सकता है और यह अखबार कोई अपवाद नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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अखबार ने कहा कि वह आरोपों से खुद का बचाव करेगा
इस खबर के चलते पत्रकार के विदेश जाने पर सरकार लगाई
इस रिपोर्ट ने देश में माहौल काफी गरम कर दिया है
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच तनातनी के बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी अपनी दुबई यात्रा बीच में छोड़कर पाकिस्तान लौट आए हैं। अपनी सेहत की जांच और एक शादी में शरीक होने का हवाला देकर जरदारी कल दुबई गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान में तख्तापलट की अफवाहों को और हवा मिली।
'जियो टीवी' के मुताबिक इसके बाद जरदारी अपनी यात्रा में कटौती करके पाकिस्तान लौट आए। जरदारी इससे पहले 6 दिसंबर को इलाज के लिए दुबई गए थे और करीब दो हफ्ते बाद पाकिस्तान लौटे थे। वैसे पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका अब धीरे धीरे कम होती दिख रही है, क्योंकि देश−विदेश में सैनिक शासन के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। पाकिस्तानी मीडिया भी तख्तापलट का जोरदार विरोध कर रहा है।टिप्पणियां
गिलानी और जनरल कियानी के बीच समझौता करवाने की भी अटकलें हैं। पाकिस्तान मुस्लिम लीग−कायदे आजम के प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन इसमें मध्यस्थ बनकर सामने आए हैं, जो मुशर्रफ के शासनकाल में प्रधानमंत्री हुआ करते थे। उन्हें सेना के अफसरों के साथ करीबी रिश्ते के लिए जाना जाता है। चौधरी शुजात हुसैन की पार्टी गठबंधन सरकार का हिस्सा है, ऐसे में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने उनसे मौजूदा गतिरोध खत्म कराने को कहा है।
कहा जा रहा है कि पाक सेना अगर मेमोगेट मामला वापस ले ले और सुप्रीम कोर्ट पर रिकंशीलिएशन ऑर्डर लागू करवाने के लिए दबाव नहीं डाले, तो प्रधानमंत्री गिलानी टकराव खत्म करने को तैयार हो सकते हैं।
'जियो टीवी' के मुताबिक इसके बाद जरदारी अपनी यात्रा में कटौती करके पाकिस्तान लौट आए। जरदारी इससे पहले 6 दिसंबर को इलाज के लिए दुबई गए थे और करीब दो हफ्ते बाद पाकिस्तान लौटे थे। वैसे पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका अब धीरे धीरे कम होती दिख रही है, क्योंकि देश−विदेश में सैनिक शासन के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। पाकिस्तानी मीडिया भी तख्तापलट का जोरदार विरोध कर रहा है।टिप्पणियां
गिलानी और जनरल कियानी के बीच समझौता करवाने की भी अटकलें हैं। पाकिस्तान मुस्लिम लीग−कायदे आजम के प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन इसमें मध्यस्थ बनकर सामने आए हैं, जो मुशर्रफ के शासनकाल में प्रधानमंत्री हुआ करते थे। उन्हें सेना के अफसरों के साथ करीबी रिश्ते के लिए जाना जाता है। चौधरी शुजात हुसैन की पार्टी गठबंधन सरकार का हिस्सा है, ऐसे में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने उनसे मौजूदा गतिरोध खत्म कराने को कहा है।
कहा जा रहा है कि पाक सेना अगर मेमोगेट मामला वापस ले ले और सुप्रीम कोर्ट पर रिकंशीलिएशन ऑर्डर लागू करवाने के लिए दबाव नहीं डाले, तो प्रधानमंत्री गिलानी टकराव खत्म करने को तैयार हो सकते हैं।
गिलानी और जनरल कियानी के बीच समझौता करवाने की भी अटकलें हैं। पाकिस्तान मुस्लिम लीग−कायदे आजम के प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन इसमें मध्यस्थ बनकर सामने आए हैं, जो मुशर्रफ के शासनकाल में प्रधानमंत्री हुआ करते थे। उन्हें सेना के अफसरों के साथ करीबी रिश्ते के लिए जाना जाता है। चौधरी शुजात हुसैन की पार्टी गठबंधन सरकार का हिस्सा है, ऐसे में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने उनसे मौजूदा गतिरोध खत्म कराने को कहा है।
कहा जा रहा है कि पाक सेना अगर मेमोगेट मामला वापस ले ले और सुप्रीम कोर्ट पर रिकंशीलिएशन ऑर्डर लागू करवाने के लिए दबाव नहीं डाले, तो प्रधानमंत्री गिलानी टकराव खत्म करने को तैयार हो सकते हैं।
कहा जा रहा है कि पाक सेना अगर मेमोगेट मामला वापस ले ले और सुप्रीम कोर्ट पर रिकंशीलिएशन ऑर्डर लागू करवाने के लिए दबाव नहीं डाले, तो प्रधानमंत्री गिलानी टकराव खत्म करने को तैयार हो सकते हैं।
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यह एक सारांश है: पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच तनातनी के बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी अपनी दुबई यात्रा बीच में छोड़कर पाकिस्तान लौट आए हैं।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय पुरुष तीरंदाजी टीम लार्ड्स क्रिकेट मैदान में रैंकिंग राउंड में अंतिम 12वें स्थान पर रही जिससे देश की ओलिंपिक में शुरुआत निराशाजनक रही।
जयंत तालुकदार, तरुणदीप राय और राहुल बनर्जी की तिकड़ी ने मिलकर 1969 का स्कोर बनाया जिसमें गत चैम्पियन कोरिया ने 2087 के स्कोर से टीम विश्व रिकार्ड तोड़ा और रैंकिंग में पहले स्थान पर रही।
तरुणदीप राय व्यक्तिगत स्पर्धा में 72 शाट में 664 अंक से 31वें स्थान पर भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ स्थान पर रहे। बनर्जी 655 अंक से 46वें और तालकुदार 650 अंक से 53वें स्थान पर रहे।
कोरिया के लिये डोंग हुन इम ने 720 में से 699 अंक बनाकर व्यक्तिगत विश्व रिकार्ड बनाया। फ्रांस 2021 के स्कोर से रैंकिंग राउंड में दूसरे स्थान पर रहा।
रैंकिंग राउंड के बाद 12 टीमें एलिमिनेशन प्रारूप में भाग लेंगी। प्रत्येक टीम छह तीरों (प्रत्येक तीरंदाज दो तीर) के चार सेट शूट करेगी।
जिस टीम का सबसे अधिक स्कोर रहेगा, वही मैच जीतेगी। जीतने वाली टीम ड्रा में आगे बढ़ती रहेगी जब तक दो फाइनल टीमें नहीं बच जातीं।टिप्पणियां
अगर दो टीमें बराबरी पर होंगी तो तीन तीरों का शूट ऑफ होगा। अगर इससे भी फैसला नहीं होता तो जो टीम लक्ष्य के केंद्र के जितनी करीब होगी, वही विजेता होगी।
सेमीफाइनल मैच से जीतने वाली दो टीमें स्वर्ण पदक का मैच खेलेंगी जबकि बची हुई टीमें कांस्य पदक का मैच खेलेंगी।
जयंत तालुकदार, तरुणदीप राय और राहुल बनर्जी की तिकड़ी ने मिलकर 1969 का स्कोर बनाया जिसमें गत चैम्पियन कोरिया ने 2087 के स्कोर से टीम विश्व रिकार्ड तोड़ा और रैंकिंग में पहले स्थान पर रही।
तरुणदीप राय व्यक्तिगत स्पर्धा में 72 शाट में 664 अंक से 31वें स्थान पर भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ स्थान पर रहे। बनर्जी 655 अंक से 46वें और तालकुदार 650 अंक से 53वें स्थान पर रहे।
कोरिया के लिये डोंग हुन इम ने 720 में से 699 अंक बनाकर व्यक्तिगत विश्व रिकार्ड बनाया। फ्रांस 2021 के स्कोर से रैंकिंग राउंड में दूसरे स्थान पर रहा।
रैंकिंग राउंड के बाद 12 टीमें एलिमिनेशन प्रारूप में भाग लेंगी। प्रत्येक टीम छह तीरों (प्रत्येक तीरंदाज दो तीर) के चार सेट शूट करेगी।
जिस टीम का सबसे अधिक स्कोर रहेगा, वही मैच जीतेगी। जीतने वाली टीम ड्रा में आगे बढ़ती रहेगी जब तक दो फाइनल टीमें नहीं बच जातीं।टिप्पणियां
अगर दो टीमें बराबरी पर होंगी तो तीन तीरों का शूट ऑफ होगा। अगर इससे भी फैसला नहीं होता तो जो टीम लक्ष्य के केंद्र के जितनी करीब होगी, वही विजेता होगी।
सेमीफाइनल मैच से जीतने वाली दो टीमें स्वर्ण पदक का मैच खेलेंगी जबकि बची हुई टीमें कांस्य पदक का मैच खेलेंगी।
तरुणदीप राय व्यक्तिगत स्पर्धा में 72 शाट में 664 अंक से 31वें स्थान पर भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ स्थान पर रहे। बनर्जी 655 अंक से 46वें और तालकुदार 650 अंक से 53वें स्थान पर रहे।
कोरिया के लिये डोंग हुन इम ने 720 में से 699 अंक बनाकर व्यक्तिगत विश्व रिकार्ड बनाया। फ्रांस 2021 के स्कोर से रैंकिंग राउंड में दूसरे स्थान पर रहा।
रैंकिंग राउंड के बाद 12 टीमें एलिमिनेशन प्रारूप में भाग लेंगी। प्रत्येक टीम छह तीरों (प्रत्येक तीरंदाज दो तीर) के चार सेट शूट करेगी।
जिस टीम का सबसे अधिक स्कोर रहेगा, वही मैच जीतेगी। जीतने वाली टीम ड्रा में आगे बढ़ती रहेगी जब तक दो फाइनल टीमें नहीं बच जातीं।टिप्पणियां
अगर दो टीमें बराबरी पर होंगी तो तीन तीरों का शूट ऑफ होगा। अगर इससे भी फैसला नहीं होता तो जो टीम लक्ष्य के केंद्र के जितनी करीब होगी, वही विजेता होगी।
सेमीफाइनल मैच से जीतने वाली दो टीमें स्वर्ण पदक का मैच खेलेंगी जबकि बची हुई टीमें कांस्य पदक का मैच खेलेंगी।
कोरिया के लिये डोंग हुन इम ने 720 में से 699 अंक बनाकर व्यक्तिगत विश्व रिकार्ड बनाया। फ्रांस 2021 के स्कोर से रैंकिंग राउंड में दूसरे स्थान पर रहा।
रैंकिंग राउंड के बाद 12 टीमें एलिमिनेशन प्रारूप में भाग लेंगी। प्रत्येक टीम छह तीरों (प्रत्येक तीरंदाज दो तीर) के चार सेट शूट करेगी।
जिस टीम का सबसे अधिक स्कोर रहेगा, वही मैच जीतेगी। जीतने वाली टीम ड्रा में आगे बढ़ती रहेगी जब तक दो फाइनल टीमें नहीं बच जातीं।टिप्पणियां
अगर दो टीमें बराबरी पर होंगी तो तीन तीरों का शूट ऑफ होगा। अगर इससे भी फैसला नहीं होता तो जो टीम लक्ष्य के केंद्र के जितनी करीब होगी, वही विजेता होगी।
सेमीफाइनल मैच से जीतने वाली दो टीमें स्वर्ण पदक का मैच खेलेंगी जबकि बची हुई टीमें कांस्य पदक का मैच खेलेंगी।
रैंकिंग राउंड के बाद 12 टीमें एलिमिनेशन प्रारूप में भाग लेंगी। प्रत्येक टीम छह तीरों (प्रत्येक तीरंदाज दो तीर) के चार सेट शूट करेगी।
जिस टीम का सबसे अधिक स्कोर रहेगा, वही मैच जीतेगी। जीतने वाली टीम ड्रा में आगे बढ़ती रहेगी जब तक दो फाइनल टीमें नहीं बच जातीं।टिप्पणियां
अगर दो टीमें बराबरी पर होंगी तो तीन तीरों का शूट ऑफ होगा। अगर इससे भी फैसला नहीं होता तो जो टीम लक्ष्य के केंद्र के जितनी करीब होगी, वही विजेता होगी।
सेमीफाइनल मैच से जीतने वाली दो टीमें स्वर्ण पदक का मैच खेलेंगी जबकि बची हुई टीमें कांस्य पदक का मैच खेलेंगी।
जिस टीम का सबसे अधिक स्कोर रहेगा, वही मैच जीतेगी। जीतने वाली टीम ड्रा में आगे बढ़ती रहेगी जब तक दो फाइनल टीमें नहीं बच जातीं।टिप्पणियां
अगर दो टीमें बराबरी पर होंगी तो तीन तीरों का शूट ऑफ होगा। अगर इससे भी फैसला नहीं होता तो जो टीम लक्ष्य के केंद्र के जितनी करीब होगी, वही विजेता होगी।
सेमीफाइनल मैच से जीतने वाली दो टीमें स्वर्ण पदक का मैच खेलेंगी जबकि बची हुई टीमें कांस्य पदक का मैच खेलेंगी।
अगर दो टीमें बराबरी पर होंगी तो तीन तीरों का शूट ऑफ होगा। अगर इससे भी फैसला नहीं होता तो जो टीम लक्ष्य के केंद्र के जितनी करीब होगी, वही विजेता होगी।
सेमीफाइनल मैच से जीतने वाली दो टीमें स्वर्ण पदक का मैच खेलेंगी जबकि बची हुई टीमें कांस्य पदक का मैच खेलेंगी।
सेमीफाइनल मैच से जीतने वाली दो टीमें स्वर्ण पदक का मैच खेलेंगी जबकि बची हुई टीमें कांस्य पदक का मैच खेलेंगी।
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संक्षिप्त सारांश: भारतीय पुरुष तीरंदाजी टीम लार्ड्स क्रिकेट मैदान में रैंकिंग राउंड में अंतिम 12वें स्थान पर रही जिससे देश की ओलिंपिक में शुरुआत निराशाजनक रही।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: स्टेट बैंक ने त्योहारी मौसम में कार के लिए कर्ज पर प्रसंस्करण शुल्क हटा लिया है. बैंक 8.70 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर कर्ज दे रहा है. साथ ही ब्याज में वृद्धि भी नहीं की जाएगी. इससे ग्राहकों को ब्याज दर में उतार - चढ़ाव का सामना नहीं करना पड़ेगा. बैंक की वेबसाइट या डिजिटल मंच योनो के जरिए कार कर्ज के लिए आवेदन करने वाले ग्राहक को ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. वेतनभोगी ग्राहक कार की सड़क पर कीमत (ऑन रोड कीमत) का 90 प्रतिशत तक कर्ज ले सकते हैं.हाल ही में एसबीआई ने एमसीएलआर में 0.15 प्रतिशत की कटौती की है. जिसके चलते अप्रैल 2019 से अब तक उसके आवास ऋण के ब्याज दरों में 0.35 प्रतिशत की कमी हो चुकी है.
एसबीआई ने कहा कि बैंक ने रेपो दर आधारित कर्ज के रूप में 8.05 प्रतिशत की ब्याज दर से सबसे सस्ते होम लोन की पेशकश की है. यह दर एक सितंबर से सभी मौजूदा और नए कर्ज पर लागू होगी.
बैंक अपने ग्राहकों को 20 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत कर्ज (पर्सनल लोन) 10.75 प्रतिशत की ब्याज दर पर देगा. कर्ज को चुकाने की अवधि 6 साल होगी. इससे ग्राहकों पर मासिक किस्त (ईएमआई) का बोझ कम होगा. इसके अलावा वेतनभोगी खातेधारकों को योनो ऐप के जरिए पांच लाख रुपये तक का पूर्व - अनुमोदित डिजिटल कर्ज भी ले सकते हैं. बैंक ने शिक्षा के लिए भी आकर्षक दर पर कर्ज देने की पेशकश की है. देश में पढ़ने के लिए 50 लाख रुपये तक और विदेश में पढ़ने के लिए 1.50 करोड़ रुपये तक का कर्ज 8.25 प्रतिशत की दर पर उपलब्ध होगा. कर्ज वापस करने की अवधि 15 साल होगी.
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संक्षिप्त सारांश: कार के लिए कर्ज पर प्रसंस्करण शुल्क हटा
बैंक 8.70 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर दे रहा कर्ज
ब्याज में भी नहीं की जाएगी बढ़ोतरी
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विंड टर्बाइन बनाने वाली सुजलॉन का एकीकृत शुद्ध घाटा चालू वित्तवर्ष 2013-14 के दौरान अप्रैल-जून तिमाही में 24.72 प्रतिशत बढ़कर 1,058.9 करोड़ रुपये रहा। रुपये की विनिमय दर में उल्लेखनीय गिरावट से कंपनी का घाटा बढ़ा है।टिप्पणियां
इससे पूर्व, वित्तवर्ष 2012-13 की इसी तिमाही में कंपनी को 848.97 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। आलोच्य तिमाही में कंपनी की आय 18.68 प्रतिशत घटकर 3,851.45 करोड़ रुपये रही, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 4,746.72 करोड़ रुपये थी।
समूह के वित्त मामलों के प्रमुख किरीट वगाडिया ने बयान में कहा कि रुपये की विनिमय दर में उल्लेखनीय गिरावट से कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन प्रभावित हुआ है।
इससे पूर्व, वित्तवर्ष 2012-13 की इसी तिमाही में कंपनी को 848.97 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। आलोच्य तिमाही में कंपनी की आय 18.68 प्रतिशत घटकर 3,851.45 करोड़ रुपये रही, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 4,746.72 करोड़ रुपये थी।
समूह के वित्त मामलों के प्रमुख किरीट वगाडिया ने बयान में कहा कि रुपये की विनिमय दर में उल्लेखनीय गिरावट से कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन प्रभावित हुआ है।
समूह के वित्त मामलों के प्रमुख किरीट वगाडिया ने बयान में कहा कि रुपये की विनिमय दर में उल्लेखनीय गिरावट से कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन प्रभावित हुआ है।
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रुपये की विनिमय दर में उल्लेखनीय गिरावट से कंपनी का घाटा बढ़ा है। इससे पूर्व, वित्तवर्ष 2012-13 की इसी तिमाही में कंपनी को 848.97 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को भारत ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिना जाता है. तकनीकी तौर पर भी वे बेहद मजबूत थे. सचिन जब अपना पसंदीदा स्टेट ड्राइव खेलते थे तो देखते ही बनता था. शॉट्स खेलते समय उनका बॉडी बैलेंस गजब का होता था . वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और विराट कोहली जैसे कई बल्लेबाजों ने सचिन के खेल के प्रेरणा ली. विराट तो इस बात का खुलासा भी कर चुके हैं कि इंग्लैंड के दौरे में बैटिंग में मिली नाकामी के बाद मास्टर ब्लास्टर ने उनकी बल्लेबाजी को बेहतर बनाने में मदद की थी. लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक जमाने का कारनामा करने वाले सचिन ने हाल ही में यह खुलासा करके हर किसी को हैरान कर दिया कि चेन्नई के एक वेटर ने बल्लेबाजी तकनीक सुधारने में उनकी मदद की थी.टिप्पणियां
सचिन ने सोमवार को उस घटना के बारे में बताया कि किस तरह इस वेटर ने उनकी बल्लेबाजी तकनीक की खामी की ओर ध्यान आकर्षित किया. सचिन के एक इवेंट के दौरान मुंबई में बताया, 'चेन्नई में एक वेटर मेरे पास आया और कहा कि यदि आप अन्यथा नहीं लें तो मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं. मैंने उससे कहा कि जो भी कहना चाहते हो बेहिचक कहो. वेटर ने कहा कि आपका एलबो गार्ड बल्ले के स्विंग को रोकता है. वह वेटर पूरी तरह से सही था. ' सचिन ने इस घटना का जिक्र इस बात को स्थापित करने के लिए किया कि किसी भी शख्स को नए विचारों के लिए अपना दिमाग खुला रखना चाहिए.
मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ' मैं इसे लेकर असुविधा महसूस करता था, लेकिन अपनी ओर से इस बारे में सोचा नहीं था. कुछ वर्षों के बाद मेरे एलबो गार्ड में चोट लगी और इससे दर्ज हुआ. ऐसे समय मुझे महसूस हुआ कि एलबो गॉर्ड की पैंडिंग करना पर्याप्त होगा. मैंने अपने एलबो गॉर्ड को नए सिरे से डिजाइन किया.' सचिन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि भारत में एक पान वाले से लेकर सीईओ तक आपको राय दे सकता है लेकिन आपको आइडियाज के लिए अपना दिमाग खुला रखना चाहिए. वर्ष 2013 में रिटायर हुए सचिन ने तीनों तरह के फॉर्मेट के क्रिकेट में 34 हजार से अधिक रन बनाए जिसमें 100 इंटरनेशनल शतक शामिल रहे. सचिन तेंदुलकर इस समय सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के साथ बीसीसीआई की सलाहकार समिति का हिस्सा हैं.
सचिन ने सोमवार को उस घटना के बारे में बताया कि किस तरह इस वेटर ने उनकी बल्लेबाजी तकनीक की खामी की ओर ध्यान आकर्षित किया. सचिन के एक इवेंट के दौरान मुंबई में बताया, 'चेन्नई में एक वेटर मेरे पास आया और कहा कि यदि आप अन्यथा नहीं लें तो मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं. मैंने उससे कहा कि जो भी कहना चाहते हो बेहिचक कहो. वेटर ने कहा कि आपका एलबो गार्ड बल्ले के स्विंग को रोकता है. वह वेटर पूरी तरह से सही था. ' सचिन ने इस घटना का जिक्र इस बात को स्थापित करने के लिए किया कि किसी भी शख्स को नए विचारों के लिए अपना दिमाग खुला रखना चाहिए.
मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ' मैं इसे लेकर असुविधा महसूस करता था, लेकिन अपनी ओर से इस बारे में सोचा नहीं था. कुछ वर्षों के बाद मेरे एलबो गार्ड में चोट लगी और इससे दर्ज हुआ. ऐसे समय मुझे महसूस हुआ कि एलबो गॉर्ड की पैंडिंग करना पर्याप्त होगा. मैंने अपने एलबो गॉर्ड को नए सिरे से डिजाइन किया.' सचिन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि भारत में एक पान वाले से लेकर सीईओ तक आपको राय दे सकता है लेकिन आपको आइडियाज के लिए अपना दिमाग खुला रखना चाहिए. वर्ष 2013 में रिटायर हुए सचिन ने तीनों तरह के फॉर्मेट के क्रिकेट में 34 हजार से अधिक रन बनाए जिसमें 100 इंटरनेशनल शतक शामिल रहे. सचिन तेंदुलकर इस समय सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के साथ बीसीसीआई की सलाहकार समिति का हिस्सा हैं.
मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ' मैं इसे लेकर असुविधा महसूस करता था, लेकिन अपनी ओर से इस बारे में सोचा नहीं था. कुछ वर्षों के बाद मेरे एलबो गार्ड में चोट लगी और इससे दर्ज हुआ. ऐसे समय मुझे महसूस हुआ कि एलबो गॉर्ड की पैंडिंग करना पर्याप्त होगा. मैंने अपने एलबो गॉर्ड को नए सिरे से डिजाइन किया.' सचिन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि भारत में एक पान वाले से लेकर सीईओ तक आपको राय दे सकता है लेकिन आपको आइडियाज के लिए अपना दिमाग खुला रखना चाहिए. वर्ष 2013 में रिटायर हुए सचिन ने तीनों तरह के फॉर्मेट के क्रिकेट में 34 हजार से अधिक रन बनाए जिसमें 100 इंटरनेशनल शतक शामिल रहे. सचिन तेंदुलकर इस समय सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के साथ बीसीसीआई की सलाहकार समिति का हिस्सा हैं.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तकनीकी रूप से बेहद मजबूत बल्लेबाज माने जाते थे सचिन
शॉट्स खेलते समय उनका बॉडी बैलेंस कमाल का होता था
इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक सचिन के नाम पर दर्ज हैं
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में आई भारी गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका झेलना पड़ा है। एक दिन में ही निवेशकों की 1.33 लाख करोड़ की रुपये की पूंजी गिरावट की इस आंधी में बह गई। खास बात यह है कि एक समय स्थिति इससे भी खराब थी। वह तो अंत में बाजार इस हानि को कुछ कम करने में सफल रहा, अन्यथा निवेशक और अधिक कंगाल हो जाते। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स एक समय 700 अंक की गिरावट के साथ 17,000 अंक के स्तर से नीचे चला गया था। उस समय सभी सूचीबद्ध शेयरों के बाजार मूल्य में 2.5 लाख करोड़ रुपये तक की गिरावट आई थी। हालांकि, बाजार इस घाटे को कम करने में सफल रहा और अंत में सेंसेक्स 387.31 अंक की गिरावट के साथ 17,305.87 अंक पर आ गया। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कारोबार बंद होने तक निवेशकों की कुल पूंजी घटकर 63,49,524.09 करोड़ रुपये रह गई। गुरुवार को यह 64,82,649.67 करोड़ रुपये थी। पिछले चार दिन में निवेशकों को कुल चार लाख करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। इस दौरान सेंसेक्स में करीब 1,000 अंक की गिरावट आई है।
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यहाँ एक सारांश है:एक समय स्थिति इससे भी खराब थी। वह तो अंत में बाजार इस हानि को कुछ कम करने में सफल रहा, अन्यथा निवेशक और अधिक कंगाल हो जाते।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित नेता अमर सिंह ने बुधवार को कहा कि वह पार्टी में कभी वापस नहीं लौटेंगे.
नवमी के अवसर पर 'मां विंध्यवासिनी' के दर्शन करने आए सिंह ने कहा, 'सपा का विभाजन अब पूरा हो गया है..इसे बचाने के लिए अब कोई राजनीतिक उपाय नहीं है'. सपा में वापसी के बारे में उन्होंने कहा कि अब वह कभी पार्टी में वापस नहीं लौटेंगे. एक बार पिता ने बाहर किया और फिर पुत्र ने .मैं अब वापस जाने की बजाय घर पर बैठना पसंद करूंगा. दर्शन के लिए सिंह के साथ फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा भी आई थीं.
सपा सहित राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाए जाने के बारे में सिंह ने कहा कि यदि सपा-कांग्रेस गठबंधन की जीती सीटों पर बैलेट पेपर से चुनाव हो जाए तो वे अधिकांश हार जाएंगे.टिप्पणियां
इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की.
किसानों की कर्ज माफी पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की ईमानदारी पर अखिलेश संदेह नहीं कर सकते.
नवमी के अवसर पर 'मां विंध्यवासिनी' के दर्शन करने आए सिंह ने कहा, 'सपा का विभाजन अब पूरा हो गया है..इसे बचाने के लिए अब कोई राजनीतिक उपाय नहीं है'. सपा में वापसी के बारे में उन्होंने कहा कि अब वह कभी पार्टी में वापस नहीं लौटेंगे. एक बार पिता ने बाहर किया और फिर पुत्र ने .मैं अब वापस जाने की बजाय घर पर बैठना पसंद करूंगा. दर्शन के लिए सिंह के साथ फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा भी आई थीं.
सपा सहित राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाए जाने के बारे में सिंह ने कहा कि यदि सपा-कांग्रेस गठबंधन की जीती सीटों पर बैलेट पेपर से चुनाव हो जाए तो वे अधिकांश हार जाएंगे.टिप्पणियां
इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की.
किसानों की कर्ज माफी पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की ईमानदारी पर अखिलेश संदेह नहीं कर सकते.
सपा सहित राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाए जाने के बारे में सिंह ने कहा कि यदि सपा-कांग्रेस गठबंधन की जीती सीटों पर बैलेट पेपर से चुनाव हो जाए तो वे अधिकांश हार जाएंगे.टिप्पणियां
इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की.
किसानों की कर्ज माफी पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की ईमानदारी पर अखिलेश संदेह नहीं कर सकते.
इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की.
किसानों की कर्ज माफी पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की ईमानदारी पर अखिलेश संदेह नहीं कर सकते.
किसानों की कर्ज माफी पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की ईमानदारी पर अखिलेश संदेह नहीं कर सकते.
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सारांश: नवमी के अवसर पर 'मां विंध्यवासिनी' के दर्शन करने आए थे अमर सिंह.
सिंह ने कहा, सपा का विभाजन अब पूरा हो गया है.
मैं अब वापस जाने की बजाय घर पर बैठना पसंद करूंगा- अमर सिंह
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी प्रयागराज में आयोजित कुंभ के लिए योगी सरकार ने 4,200 करोड़ रुपये आबंटित किए हैं और अब उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य के खजाने में इससे 1,200 अरब रुपये का राजस्व आ सकता है. यह आंकड़ा उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) का है. सीआईआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 15 जनवरी से 4 मार्च तक आयोजित होने वाला कुंभ मेला हालांकि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन है मगर इसके आयोजन से जुड़े कार्यों में छह लाख से ज्यादा कामगारों के लिए रोजगार मिला है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 दिन तक चलने वाले कुंभ मेले के लिए आयोजन के लिए 4,200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं जो वर्ष 2013 में आयोजित महाकुंभ के बजट का तीन गुना है. सीआईआई के अध्ययन के मुताबिक कुंभ मेला क्षेत्र में आतिथ्य क्षेत्र में करीब ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके अलावा एयरलाइंस और हवाई अड्डों के आसपास से करीब डेढ़ लाख लोगों को रोजी-रोटी मिलेगी.
वहीं, करीब 45,000 टूर ऑपरेटरों को भी रोजगार मिलेगा. साथ ही इको टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म क्षेत्रों में भी लगभग 85,000 रोजगार के अवसर बनेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा टूर गाइड टैक्सी चालक द्विभाषिये और स्वयंसेवकों के तौर पर रोजगार के 55 हजार नए अवसर भी सृजित होंगे. इससे सरकारी एजेंसियों तथा वैयक्तिक कारोबारियों की आय बढ़ेगी. सीआईआई के अनुमान के मुताबिक कुंभ मेले से उत्तर प्रदेश को करीब 12 सौ अरब रुपये का राजस्व मिलेगा. इसके अलावा पड़ोस के राज्यों राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को भी इसका फायदा होगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि कुंभ में शामिल होने वाले पर्यटक इन राज्यों के पर्यटन स्थलों पर भी जा सकते हैं.
कुंभ मेले में करीब 15 करोड़ लोगों के आने की संभावना है. दुनिया का यह सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन पूरी दुनिया में अपनी आध्यात्मिकता और विलक्षणता के लिए प्रसिद्ध है.
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संक्षिप्त पाठ: कुंभ से उत्तर प्रदेश सरकार को होगी 1200 अरब रुपये की आमदनी
CII ने लगाया यह अनुमान
कुंभ मेले में करीब 15 करोड़ लोगों के आने की संभावना है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: मुंबई से सटे मुंब्रा के शिल-डायघर में रहने वाले 28 साल के युवक तबरेज़ नूर मोहम्मद तांबे पर आतंकी संगठन ISIS में शामिल होने का आरोप लगा है. महाराष्ट्र टेररिज्म स्कवॉड के मुताबिक, ये जानकारी खुद तांबे के भाई ने दी है. फिलहाल तांबे के घर पर ताला लटका हुआ है.
मुंब्रा के शिबली नगर के सैफ अपार्टमेंट में तांबे का परिवार रहता है. यहां रह रहे सऊद तांबे और उनकी मां फिलहाल घर पर नहीं है. पुलिस कह रही है कि सऊद ने शिकायत दी है कि उसका भाई तबरेज़ लीबिया में आतंकी संगठन ISIS में शामिल हो गया है. एक प्रेस रिलीज़ के ज़रिये एटीएस ने कहा है कि एटीएस पुलिस स्टेशन कालाचौकी ने मुंब्रा में रहने वाले 26 साल के सऊद नूर मोहम्मद तांबे की शिकायत पर यूएपीए की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 28 साल का तबरेज़ नूर मोहम्मद तांबे रियाद में नौकरी करता था. नौकरी के दौरान वो सऊदी में रहने वाले अली के संपर्क में आया. उसके बाद तबरेज़ अली के साथ वह पहले मिस्र गया और वहां से लीबिया. वहां दोनों आतंकी संगठन ISIS से जुड़ गए.
एटीएस के मुताबिक, तबरेज़ ग्रेजुएट है. साथ ही उसने कार्गो ट्रांसपोर्ट में कोर्स भी किया है. कई सालों से वो सऊदी अरब में काम कर रहा था. दिसंबर 2015 में वो अली नाम के शख्स के साथ भारत आया. अली तबरेज़ के घरवालों से मिला. दोनों मुंबई और ठाणे में कई जगहों पर घूमे. एटीएस सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के कोंकण का रहने वाले तांबे परिवार कुछ दिनों से मुंब्रा में रह रहा था. तलाशी के दौरान तांबे के घर से एक लैपटॉप और कुछ मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए हैं, जिनसे वो तबरेज के संपर्क में थे. तबरेज़ को बरगलाने का आरोप जिस अली पर लगा है उसका स्केच बनाया जा रहा है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि अली विदेशी है या भारतीय मूल का.टिप्पणियां
तांबे के पड़ोसी जुमा खान ने बताया कि तांबे परिवार मिलता-जुलता था. उनका स्वभाव अच्छा था. हमें वो सीधे-साधे लगे. मां-बेटे ने पुलिस में शिकायत की कि घर से पुलिस कुछ सामान लेकर गई है. ताला लगा हुआ है.
इससे पहले मुंबई से सटे कल्याण से इराक गए चार युवकों के आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने की ख़बर आई थी, जिसमें आरिब मजीद को सुरक्षा एजेंसियां वापस लाने में कामयाब रहीं. फिलहाल वो जेल में बंद है, जबकि दो लड़कों के इराक में मारे जाने की खबर आई थी.
मुंब्रा के शिबली नगर के सैफ अपार्टमेंट में तांबे का परिवार रहता है. यहां रह रहे सऊद तांबे और उनकी मां फिलहाल घर पर नहीं है. पुलिस कह रही है कि सऊद ने शिकायत दी है कि उसका भाई तबरेज़ लीबिया में आतंकी संगठन ISIS में शामिल हो गया है. एक प्रेस रिलीज़ के ज़रिये एटीएस ने कहा है कि एटीएस पुलिस स्टेशन कालाचौकी ने मुंब्रा में रहने वाले 26 साल के सऊद नूर मोहम्मद तांबे की शिकायत पर यूएपीए की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 28 साल का तबरेज़ नूर मोहम्मद तांबे रियाद में नौकरी करता था. नौकरी के दौरान वो सऊदी में रहने वाले अली के संपर्क में आया. उसके बाद तबरेज़ अली के साथ वह पहले मिस्र गया और वहां से लीबिया. वहां दोनों आतंकी संगठन ISIS से जुड़ गए.
एटीएस के मुताबिक, तबरेज़ ग्रेजुएट है. साथ ही उसने कार्गो ट्रांसपोर्ट में कोर्स भी किया है. कई सालों से वो सऊदी अरब में काम कर रहा था. दिसंबर 2015 में वो अली नाम के शख्स के साथ भारत आया. अली तबरेज़ के घरवालों से मिला. दोनों मुंबई और ठाणे में कई जगहों पर घूमे. एटीएस सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के कोंकण का रहने वाले तांबे परिवार कुछ दिनों से मुंब्रा में रह रहा था. तलाशी के दौरान तांबे के घर से एक लैपटॉप और कुछ मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए हैं, जिनसे वो तबरेज के संपर्क में थे. तबरेज़ को बरगलाने का आरोप जिस अली पर लगा है उसका स्केच बनाया जा रहा है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि अली विदेशी है या भारतीय मूल का.टिप्पणियां
तांबे के पड़ोसी जुमा खान ने बताया कि तांबे परिवार मिलता-जुलता था. उनका स्वभाव अच्छा था. हमें वो सीधे-साधे लगे. मां-बेटे ने पुलिस में शिकायत की कि घर से पुलिस कुछ सामान लेकर गई है. ताला लगा हुआ है.
इससे पहले मुंबई से सटे कल्याण से इराक गए चार युवकों के आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने की ख़बर आई थी, जिसमें आरिब मजीद को सुरक्षा एजेंसियां वापस लाने में कामयाब रहीं. फिलहाल वो जेल में बंद है, जबकि दो लड़कों के इराक में मारे जाने की खबर आई थी.
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 28 साल का तबरेज़ नूर मोहम्मद तांबे रियाद में नौकरी करता था. नौकरी के दौरान वो सऊदी में रहने वाले अली के संपर्क में आया. उसके बाद तबरेज़ अली के साथ वह पहले मिस्र गया और वहां से लीबिया. वहां दोनों आतंकी संगठन ISIS से जुड़ गए.
एटीएस के मुताबिक, तबरेज़ ग्रेजुएट है. साथ ही उसने कार्गो ट्रांसपोर्ट में कोर्स भी किया है. कई सालों से वो सऊदी अरब में काम कर रहा था. दिसंबर 2015 में वो अली नाम के शख्स के साथ भारत आया. अली तबरेज़ के घरवालों से मिला. दोनों मुंबई और ठाणे में कई जगहों पर घूमे. एटीएस सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के कोंकण का रहने वाले तांबे परिवार कुछ दिनों से मुंब्रा में रह रहा था. तलाशी के दौरान तांबे के घर से एक लैपटॉप और कुछ मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए हैं, जिनसे वो तबरेज के संपर्क में थे. तबरेज़ को बरगलाने का आरोप जिस अली पर लगा है उसका स्केच बनाया जा रहा है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि अली विदेशी है या भारतीय मूल का.टिप्पणियां
तांबे के पड़ोसी जुमा खान ने बताया कि तांबे परिवार मिलता-जुलता था. उनका स्वभाव अच्छा था. हमें वो सीधे-साधे लगे. मां-बेटे ने पुलिस में शिकायत की कि घर से पुलिस कुछ सामान लेकर गई है. ताला लगा हुआ है.
इससे पहले मुंबई से सटे कल्याण से इराक गए चार युवकों के आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने की ख़बर आई थी, जिसमें आरिब मजीद को सुरक्षा एजेंसियां वापस लाने में कामयाब रहीं. फिलहाल वो जेल में बंद है, जबकि दो लड़कों के इराक में मारे जाने की खबर आई थी.
एटीएस के मुताबिक, तबरेज़ ग्रेजुएट है. साथ ही उसने कार्गो ट्रांसपोर्ट में कोर्स भी किया है. कई सालों से वो सऊदी अरब में काम कर रहा था. दिसंबर 2015 में वो अली नाम के शख्स के साथ भारत आया. अली तबरेज़ के घरवालों से मिला. दोनों मुंबई और ठाणे में कई जगहों पर घूमे. एटीएस सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के कोंकण का रहने वाले तांबे परिवार कुछ दिनों से मुंब्रा में रह रहा था. तलाशी के दौरान तांबे के घर से एक लैपटॉप और कुछ मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए हैं, जिनसे वो तबरेज के संपर्क में थे. तबरेज़ को बरगलाने का आरोप जिस अली पर लगा है उसका स्केच बनाया जा रहा है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि अली विदेशी है या भारतीय मूल का.टिप्पणियां
तांबे के पड़ोसी जुमा खान ने बताया कि तांबे परिवार मिलता-जुलता था. उनका स्वभाव अच्छा था. हमें वो सीधे-साधे लगे. मां-बेटे ने पुलिस में शिकायत की कि घर से पुलिस कुछ सामान लेकर गई है. ताला लगा हुआ है.
इससे पहले मुंबई से सटे कल्याण से इराक गए चार युवकों के आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने की ख़बर आई थी, जिसमें आरिब मजीद को सुरक्षा एजेंसियां वापस लाने में कामयाब रहीं. फिलहाल वो जेल में बंद है, जबकि दो लड़कों के इराक में मारे जाने की खबर आई थी.
तांबे के पड़ोसी जुमा खान ने बताया कि तांबे परिवार मिलता-जुलता था. उनका स्वभाव अच्छा था. हमें वो सीधे-साधे लगे. मां-बेटे ने पुलिस में शिकायत की कि घर से पुलिस कुछ सामान लेकर गई है. ताला लगा हुआ है.
इससे पहले मुंबई से सटे कल्याण से इराक गए चार युवकों के आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने की ख़बर आई थी, जिसमें आरिब मजीद को सुरक्षा एजेंसियां वापस लाने में कामयाब रहीं. फिलहाल वो जेल में बंद है, जबकि दो लड़कों के इराक में मारे जाने की खबर आई थी.
इससे पहले मुंबई से सटे कल्याण से इराक गए चार युवकों के आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने की ख़बर आई थी, जिसमें आरिब मजीद को सुरक्षा एजेंसियां वापस लाने में कामयाब रहीं. फिलहाल वो जेल में बंद है, जबकि दो लड़कों के इराक में मारे जाने की खबर आई थी.
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यह एक सारांश है: फिलहाल तांबे के घर पर ताला लटका हुआ है.
मुंब्रा के शिबली नगर के सैफ अपार्टमेंट में तांबे का परिवार रहता है.
रियाद में नौकरी के दौरान तांबे सऊदी में रहने वाले अली के संपर्क में आया.
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शनिवार को शहर की एक अदालत ने 17 सितंबर को उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया. अदालत भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा दाखिल आपराधिक मानहानि की एक शिकायत पर केजरीवाल के खिलाफ नोटिस तैयार करने के मुद्दे पर विचार करेगी.
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने केजरीवाल को आज के लिए निजी रूप से पेश होने से छूट प्रदान करते हुए निर्देश जारी किया. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट को बताया गया था कि मुख्यमंत्री सुनवाई में शामिल नहीं हो सकते क्योंकि वह भारत से बाहर हैं. अदालत मामले में निजी रूप से पेश होने से स्थाई छूट देने की केजरीवाल की याचिका पर भी फैसला अगली सुनवाई वाले दिन करेगी.
अदालत ने कहा, "चूंकि वह (केजरीवाल) भारत में नहीं हैं, इसलिए आज के लिए निजी तौर पर पेशी से छूट की अर्जी स्वीकार की जाती है." अदालत के अनुसार, "नोटिस तैयार करने और आरोपी के आवेदन (मामले में पेशी से स्थाई तौर पर छूट के) पर विचार करने के लिए तारीख निर्धारित की जाती है. केजरीवाल को अगली तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया जाता है. मामला 17 सितंबर के लिए मुकर्रर किया जाता है."
वहीं, आज कार्यवाही के दौरान निजी तौर पर पेशी से छूट की केजरीवाल की अर्जी का शिकायती बिधूड़ी के वकील ने विरोध किया. बिधूड़ी अदालत में मौजूद थे. बिधूड़ी द्वारा दाखिल शिकायत में आरोपी के तौर पर तलब किए गए केजरीवाल को अदालत ने आठ जुलाई को जमानत दी थी. केजरीवाल अदालत में पेश हुए थे और उन्होंने 10,000 रुपये का निजी मुचलका जमा किया था.
दक्षिण दिल्ली से सांसद बिधूड़ी ने आईपीसी की धारा 500 के तहत केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर अदालत ने इस साल फरवरी में केजरीवाल को आरोपी के रूप में पेश होने के लिए सम्मन भेजा था. बिधूड़ी का आरोप था कि केजरीवाल ने एक समाचार चैनल को दिये इंटरव्यू में उनका अपमान किया था.टिप्पणियां
भाजपा सांसद ने दावा किया कि साक्षात्कार के दौरान केजरीवाल ने यह झूठ बोला था कि बिधूड़ी और कांग्रेस के एक नेता के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं लेकिन दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही. बिधूड़ी ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है और ऐसा बयान देकर केजरीवाल ने उनकी मानहानि की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने केजरीवाल को आज के लिए निजी रूप से पेश होने से छूट प्रदान करते हुए निर्देश जारी किया. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट को बताया गया था कि मुख्यमंत्री सुनवाई में शामिल नहीं हो सकते क्योंकि वह भारत से बाहर हैं. अदालत मामले में निजी रूप से पेश होने से स्थाई छूट देने की केजरीवाल की याचिका पर भी फैसला अगली सुनवाई वाले दिन करेगी.
अदालत ने कहा, "चूंकि वह (केजरीवाल) भारत में नहीं हैं, इसलिए आज के लिए निजी तौर पर पेशी से छूट की अर्जी स्वीकार की जाती है." अदालत के अनुसार, "नोटिस तैयार करने और आरोपी के आवेदन (मामले में पेशी से स्थाई तौर पर छूट के) पर विचार करने के लिए तारीख निर्धारित की जाती है. केजरीवाल को अगली तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया जाता है. मामला 17 सितंबर के लिए मुकर्रर किया जाता है."
वहीं, आज कार्यवाही के दौरान निजी तौर पर पेशी से छूट की केजरीवाल की अर्जी का शिकायती बिधूड़ी के वकील ने विरोध किया. बिधूड़ी अदालत में मौजूद थे. बिधूड़ी द्वारा दाखिल शिकायत में आरोपी के तौर पर तलब किए गए केजरीवाल को अदालत ने आठ जुलाई को जमानत दी थी. केजरीवाल अदालत में पेश हुए थे और उन्होंने 10,000 रुपये का निजी मुचलका जमा किया था.
दक्षिण दिल्ली से सांसद बिधूड़ी ने आईपीसी की धारा 500 के तहत केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर अदालत ने इस साल फरवरी में केजरीवाल को आरोपी के रूप में पेश होने के लिए सम्मन भेजा था. बिधूड़ी का आरोप था कि केजरीवाल ने एक समाचार चैनल को दिये इंटरव्यू में उनका अपमान किया था.टिप्पणियां
भाजपा सांसद ने दावा किया कि साक्षात्कार के दौरान केजरीवाल ने यह झूठ बोला था कि बिधूड़ी और कांग्रेस के एक नेता के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं लेकिन दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही. बिधूड़ी ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है और ऐसा बयान देकर केजरीवाल ने उनकी मानहानि की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अदालत ने कहा, "चूंकि वह (केजरीवाल) भारत में नहीं हैं, इसलिए आज के लिए निजी तौर पर पेशी से छूट की अर्जी स्वीकार की जाती है." अदालत के अनुसार, "नोटिस तैयार करने और आरोपी के आवेदन (मामले में पेशी से स्थाई तौर पर छूट के) पर विचार करने के लिए तारीख निर्धारित की जाती है. केजरीवाल को अगली तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया जाता है. मामला 17 सितंबर के लिए मुकर्रर किया जाता है."
वहीं, आज कार्यवाही के दौरान निजी तौर पर पेशी से छूट की केजरीवाल की अर्जी का शिकायती बिधूड़ी के वकील ने विरोध किया. बिधूड़ी अदालत में मौजूद थे. बिधूड़ी द्वारा दाखिल शिकायत में आरोपी के तौर पर तलब किए गए केजरीवाल को अदालत ने आठ जुलाई को जमानत दी थी. केजरीवाल अदालत में पेश हुए थे और उन्होंने 10,000 रुपये का निजी मुचलका जमा किया था.
दक्षिण दिल्ली से सांसद बिधूड़ी ने आईपीसी की धारा 500 के तहत केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर अदालत ने इस साल फरवरी में केजरीवाल को आरोपी के रूप में पेश होने के लिए सम्मन भेजा था. बिधूड़ी का आरोप था कि केजरीवाल ने एक समाचार चैनल को दिये इंटरव्यू में उनका अपमान किया था.टिप्पणियां
भाजपा सांसद ने दावा किया कि साक्षात्कार के दौरान केजरीवाल ने यह झूठ बोला था कि बिधूड़ी और कांग्रेस के एक नेता के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं लेकिन दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही. बिधूड़ी ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है और ऐसा बयान देकर केजरीवाल ने उनकी मानहानि की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वहीं, आज कार्यवाही के दौरान निजी तौर पर पेशी से छूट की केजरीवाल की अर्जी का शिकायती बिधूड़ी के वकील ने विरोध किया. बिधूड़ी अदालत में मौजूद थे. बिधूड़ी द्वारा दाखिल शिकायत में आरोपी के तौर पर तलब किए गए केजरीवाल को अदालत ने आठ जुलाई को जमानत दी थी. केजरीवाल अदालत में पेश हुए थे और उन्होंने 10,000 रुपये का निजी मुचलका जमा किया था.
दक्षिण दिल्ली से सांसद बिधूड़ी ने आईपीसी की धारा 500 के तहत केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर अदालत ने इस साल फरवरी में केजरीवाल को आरोपी के रूप में पेश होने के लिए सम्मन भेजा था. बिधूड़ी का आरोप था कि केजरीवाल ने एक समाचार चैनल को दिये इंटरव्यू में उनका अपमान किया था.टिप्पणियां
भाजपा सांसद ने दावा किया कि साक्षात्कार के दौरान केजरीवाल ने यह झूठ बोला था कि बिधूड़ी और कांग्रेस के एक नेता के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं लेकिन दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही. बिधूड़ी ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है और ऐसा बयान देकर केजरीवाल ने उनकी मानहानि की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दक्षिण दिल्ली से सांसद बिधूड़ी ने आईपीसी की धारा 500 के तहत केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर अदालत ने इस साल फरवरी में केजरीवाल को आरोपी के रूप में पेश होने के लिए सम्मन भेजा था. बिधूड़ी का आरोप था कि केजरीवाल ने एक समाचार चैनल को दिये इंटरव्यू में उनका अपमान किया था.टिप्पणियां
भाजपा सांसद ने दावा किया कि साक्षात्कार के दौरान केजरीवाल ने यह झूठ बोला था कि बिधूड़ी और कांग्रेस के एक नेता के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं लेकिन दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही. बिधूड़ी ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है और ऐसा बयान देकर केजरीवाल ने उनकी मानहानि की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा सांसद ने दावा किया कि साक्षात्कार के दौरान केजरीवाल ने यह झूठ बोला था कि बिधूड़ी और कांग्रेस के एक नेता के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं लेकिन दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही. बिधूड़ी ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है और ऐसा बयान देकर केजरीवाल ने उनकी मानहानि की है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने दायर कर रखी है मानहानि याचिका
केजरीवाल को अदालत ने आठ जुलाई को दी थी जमानत
पेशी से छूट की अर्जी का बिधूड़ी के वकील ने किया विरोध
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि नये वन-डे नियमों और इंग्लैंड में हालातों को देखते हुए भारत को आगामी चैम्पियंस ट्राफी में पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ खेलने पर बाध्य होना पड़ेगा।
धोनी ने यहां टूर्नामेंट से पहले होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘उप-महाद्वीप की परिस्थितियों को देखते हुए यहां के हालात काफी अलग हैं। हमें टीम संयोजन पर विचार करना होगा और देखना होगा कि किस तरह गेंदबाज हम इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन परिस्थितियां और नये नियम हमें पांच गेंदबाजों के साथ खेलने पर बाध्य करेंगे।’’ उन्होंने स्वीकार किया कि आलराउंडर रविंद्र जडेजा अहम भूमिका निभायेंगे।
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हमें टीम में जिस तरह का संतुलन चाहिए, जडेजा वह प्रदान करेगा। वह टीम के लिये बहुत अहम साबित होगा, जो स्पिन गेंदबाज के रूप में 10 ओवर फेंक सकता है और निचले क्रम पर बल्लेबाजी कर सकता है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि जडेजा आक्रामक प्रदर्शन करेगा। वैसे हमारे पास कुछ अन्य खिलाड़ी भी हैं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर वन-डे सीरीज के दौरान रोहित शर्मा को पारी का आगाज करने के लिये भेजा गया लेकिन धोनी ने संकेत दिया कि मुरली विजय और शिखर धवन टूर्नामेंट में पारी की शुरूआत करेंगे। कप्तान ने कहा, ‘‘शिखर और विजय की टीम में वापसी करना अच्छा है।
इन दोनों ने अच्छी टीमों के खिलाफ टेस्ट मैचों में रन जुटाये हैं। विजय ने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया जबकि शिखर ने भी चोट के बाद वापसी करते हुए ठीक प्रदर्शन किया। विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाजों से शुरूआत कराना हमेशा बेहतर होता है। रोहित हमारे लिये ‘बैक-अप’ विकल्प होगा जबकि मैं दिनेश को विशेषज्ञ मध्यक्रम बल्लेबाज मानता हूं।’’ जब से नये नियम लागू किये गये हैं, तब से भारतीय टीम पहली बार उप-महाद्वीप के बाहर खेल रही है और धोनी इससे थोड़े चिंतित थे।
धोनी ने कहा, ‘‘हमें देखना होगा कि हमें किस तरह की टीम मिली है। कितनी तेजी से खिलाड़ी सांमजस्य बिठाते हैं। हमें अपनी टीम में प्रतिभा को देखते हुए अपनी टीम के संयोजन की योजना बनानी होगी। अभी तक टीम में कोई खिलाड़ी चोटिल नहीं है और पूरी टीम का फिट होना हमेशा ही महत्वपूर्ण होता है ताकि आपको अपनी दोयम दर्जे की अंतिम एकादश उतारने के लिये बाध्य नहीं होना पड़े। ’’
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संक्षिप्त पाठ: कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि नये वन-डे नियमों और इंग्लैंड में हालातों को देखते हुए भारत को आगामी चैम्पियंस ट्राफी में पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ खेलने पर बाध्य होना पड़ेगा।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: लम्बे समय बाद कप्तानी पारी खेलने वाले माहेला जयवर्धने (80), पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान (106) और एक अन्य पूर्व कप्तान कुमार संगकारा (नाबाद 51) की शानदार पारियों की मदद से श्रीलंका क्रिकेट टीम ने एडिलेड ओवल मैदान पर मंगलवार को खेले गए त्रिकोणीय श्रृंखला के दूसरे फाइनल में आस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हरा दिया।
श्रीलंकाई टीम ने आस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 272 रनों के लक्ष्य को 44.2 ओवरों में हासिल कर लिया। चौका लगाकर अपनी टीम को शानदार जीत दिलाने वाले संगकारा 57 गेंदों पर सात चौके लगाकर नाबाद लौटे जबकि इस श्रृंखला में सबसे अधिक रन जुटाने वाले दिनेश चांडीमल भी 17 रनों पर नाबाद रहे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। दिलशान को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
आस्ट्रेलिया ने पहला मैच जीता था जबकि श्रीलंका ने दूसरा मैच जीतकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया है। बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल का तीसरा मुकाबला अब काफी रोचक हो गया है क्योंकि इसे जीतने वाली टीम ही त्रिकोणीय श्रृंखला का विजेता बनेगी। इस श्रृंखला में भारतीय टीम भी खेली थी लेकिन उसे बाहर जाना पड़ा था।
श्रीलंका की जीत के सूत्रधार रहे जयवर्धने ने 76 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट 179 रन के कुल योग पर गिरा। जयवर्धने को जेम्स पैटिंसन ने आउट किया। दिलशान 234 रन के कुल योग पर आउट हुए। दिलशान ने अपनी 119 गेंदों की पारी में 10 चौके लगाए।
दिलशान और संगकारा ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े। आस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेट ली और जेम्स पैटिंसन ने एक-एक सफलता हासिल की। पैटिंसन ने जयवर्धने को पवेलियन की राह दिखाई जबकि ली ने 12वां शतक लगाने वाले दिलशान को चलता किया।
इससे पहले, इस श्रृंखला में लगातार दूसरा शतक लगाने वाले डेविड वार्नर (100) और कप्तान माइकल क्लार्क (117) के शानदार शतकों की बदौलत आस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 271 रन बनाए।
पहले फाइनल में भी शतक लगाने वाले वार्नर ने 140 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क ने 91 गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के लगाए। क्लार्क ने मैच के बाद कहा कि उनके जांघ की मांसपेशी का खिंचाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।टिप्पणियां
56 रन के कुल योग पर विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड (14) और शेन वॉटसन (15) के विकेट गिरने के बाद वार्नर और क्लार्क ने तीसरे विकेट के लिए 184 रनों की साझेदारी निभाई।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
श्रीलंकाई टीम ने आस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 272 रनों के लक्ष्य को 44.2 ओवरों में हासिल कर लिया। चौका लगाकर अपनी टीम को शानदार जीत दिलाने वाले संगकारा 57 गेंदों पर सात चौके लगाकर नाबाद लौटे जबकि इस श्रृंखला में सबसे अधिक रन जुटाने वाले दिनेश चांडीमल भी 17 रनों पर नाबाद रहे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। दिलशान को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
आस्ट्रेलिया ने पहला मैच जीता था जबकि श्रीलंका ने दूसरा मैच जीतकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया है। बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल का तीसरा मुकाबला अब काफी रोचक हो गया है क्योंकि इसे जीतने वाली टीम ही त्रिकोणीय श्रृंखला का विजेता बनेगी। इस श्रृंखला में भारतीय टीम भी खेली थी लेकिन उसे बाहर जाना पड़ा था।
श्रीलंका की जीत के सूत्रधार रहे जयवर्धने ने 76 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट 179 रन के कुल योग पर गिरा। जयवर्धने को जेम्स पैटिंसन ने आउट किया। दिलशान 234 रन के कुल योग पर आउट हुए। दिलशान ने अपनी 119 गेंदों की पारी में 10 चौके लगाए।
दिलशान और संगकारा ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े। आस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेट ली और जेम्स पैटिंसन ने एक-एक सफलता हासिल की। पैटिंसन ने जयवर्धने को पवेलियन की राह दिखाई जबकि ली ने 12वां शतक लगाने वाले दिलशान को चलता किया।
इससे पहले, इस श्रृंखला में लगातार दूसरा शतक लगाने वाले डेविड वार्नर (100) और कप्तान माइकल क्लार्क (117) के शानदार शतकों की बदौलत आस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 271 रन बनाए।
पहले फाइनल में भी शतक लगाने वाले वार्नर ने 140 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क ने 91 गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के लगाए। क्लार्क ने मैच के बाद कहा कि उनके जांघ की मांसपेशी का खिंचाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।टिप्पणियां
56 रन के कुल योग पर विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड (14) और शेन वॉटसन (15) के विकेट गिरने के बाद वार्नर और क्लार्क ने तीसरे विकेट के लिए 184 रनों की साझेदारी निभाई।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
आस्ट्रेलिया ने पहला मैच जीता था जबकि श्रीलंका ने दूसरा मैच जीतकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया है। बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल का तीसरा मुकाबला अब काफी रोचक हो गया है क्योंकि इसे जीतने वाली टीम ही त्रिकोणीय श्रृंखला का विजेता बनेगी। इस श्रृंखला में भारतीय टीम भी खेली थी लेकिन उसे बाहर जाना पड़ा था।
श्रीलंका की जीत के सूत्रधार रहे जयवर्धने ने 76 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट 179 रन के कुल योग पर गिरा। जयवर्धने को जेम्स पैटिंसन ने आउट किया। दिलशान 234 रन के कुल योग पर आउट हुए। दिलशान ने अपनी 119 गेंदों की पारी में 10 चौके लगाए।
दिलशान और संगकारा ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े। आस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेट ली और जेम्स पैटिंसन ने एक-एक सफलता हासिल की। पैटिंसन ने जयवर्धने को पवेलियन की राह दिखाई जबकि ली ने 12वां शतक लगाने वाले दिलशान को चलता किया।
इससे पहले, इस श्रृंखला में लगातार दूसरा शतक लगाने वाले डेविड वार्नर (100) और कप्तान माइकल क्लार्क (117) के शानदार शतकों की बदौलत आस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 271 रन बनाए।
पहले फाइनल में भी शतक लगाने वाले वार्नर ने 140 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क ने 91 गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के लगाए। क्लार्क ने मैच के बाद कहा कि उनके जांघ की मांसपेशी का खिंचाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।टिप्पणियां
56 रन के कुल योग पर विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड (14) और शेन वॉटसन (15) के विकेट गिरने के बाद वार्नर और क्लार्क ने तीसरे विकेट के लिए 184 रनों की साझेदारी निभाई।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
श्रीलंका की जीत के सूत्रधार रहे जयवर्धने ने 76 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट 179 रन के कुल योग पर गिरा। जयवर्धने को जेम्स पैटिंसन ने आउट किया। दिलशान 234 रन के कुल योग पर आउट हुए। दिलशान ने अपनी 119 गेंदों की पारी में 10 चौके लगाए।
दिलशान और संगकारा ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े। आस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेट ली और जेम्स पैटिंसन ने एक-एक सफलता हासिल की। पैटिंसन ने जयवर्धने को पवेलियन की राह दिखाई जबकि ली ने 12वां शतक लगाने वाले दिलशान को चलता किया।
इससे पहले, इस श्रृंखला में लगातार दूसरा शतक लगाने वाले डेविड वार्नर (100) और कप्तान माइकल क्लार्क (117) के शानदार शतकों की बदौलत आस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 271 रन बनाए।
पहले फाइनल में भी शतक लगाने वाले वार्नर ने 140 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क ने 91 गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के लगाए। क्लार्क ने मैच के बाद कहा कि उनके जांघ की मांसपेशी का खिंचाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।टिप्पणियां
56 रन के कुल योग पर विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड (14) और शेन वॉटसन (15) के विकेट गिरने के बाद वार्नर और क्लार्क ने तीसरे विकेट के लिए 184 रनों की साझेदारी निभाई।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
दिलशान और संगकारा ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े। आस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेट ली और जेम्स पैटिंसन ने एक-एक सफलता हासिल की। पैटिंसन ने जयवर्धने को पवेलियन की राह दिखाई जबकि ली ने 12वां शतक लगाने वाले दिलशान को चलता किया।
इससे पहले, इस श्रृंखला में लगातार दूसरा शतक लगाने वाले डेविड वार्नर (100) और कप्तान माइकल क्लार्क (117) के शानदार शतकों की बदौलत आस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 271 रन बनाए।
पहले फाइनल में भी शतक लगाने वाले वार्नर ने 140 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क ने 91 गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के लगाए। क्लार्क ने मैच के बाद कहा कि उनके जांघ की मांसपेशी का खिंचाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।टिप्पणियां
56 रन के कुल योग पर विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड (14) और शेन वॉटसन (15) के विकेट गिरने के बाद वार्नर और क्लार्क ने तीसरे विकेट के लिए 184 रनों की साझेदारी निभाई।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
इससे पहले, इस श्रृंखला में लगातार दूसरा शतक लगाने वाले डेविड वार्नर (100) और कप्तान माइकल क्लार्क (117) के शानदार शतकों की बदौलत आस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 271 रन बनाए।
पहले फाइनल में भी शतक लगाने वाले वार्नर ने 140 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क ने 91 गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के लगाए। क्लार्क ने मैच के बाद कहा कि उनके जांघ की मांसपेशी का खिंचाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।टिप्पणियां
56 रन के कुल योग पर विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड (14) और शेन वॉटसन (15) के विकेट गिरने के बाद वार्नर और क्लार्क ने तीसरे विकेट के लिए 184 रनों की साझेदारी निभाई।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
पहले फाइनल में भी शतक लगाने वाले वार्नर ने 140 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। क्लार्क ने 91 गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के लगाए। क्लार्क ने मैच के बाद कहा कि उनके जांघ की मांसपेशी का खिंचाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।टिप्पणियां
56 रन के कुल योग पर विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड (14) और शेन वॉटसन (15) के विकेट गिरने के बाद वार्नर और क्लार्क ने तीसरे विकेट के लिए 184 रनों की साझेदारी निभाई।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
56 रन के कुल योग पर विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड (14) और शेन वॉटसन (15) के विकेट गिरने के बाद वार्नर और क्लार्क ने तीसरे विकेट के लिए 184 रनों की साझेदारी निभाई।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
माइकल हसी छह रन बना सके जबकि डेविड हसी ने सात रन बनाए। डेनियल क्रिस्टियन चार रन पर नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से लसिथ मलिंका ने तीन और तिलकरत्ने दिलशान ने एक विकेट लिया।
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यहाँ एक सारांश है:श्रीलंका ने त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट शृंखला के बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल्स के दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया पर आठ विकेट की आसान जीत के साथ 1-1 से बराबरी हासिल कर ली।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: भाजपा के नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वंशवादी रातनीतिक पार्टियों में जब दो वारिस हो जाते हैं, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है. सुशील मोदी ने कहा, 'राजद वंशवाद की कलह झेल रहा है. यह दो वारिसों को बीच का संघर्ष है. सारण से तेजप्रताप यादव के ससुर को टिकट देना उनके लिए जले पर नमक छिड़कने जैसा है. राजद तेजप्रताप के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है.'
उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकर्ताओं में तेज प्रताप की मांग ज्यादा है. लोगों का कहना है कि तेज प्रताप के भाषण देने की शैली लालू प्रसाद जैसी है. उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष अब थमने वाला नहीं है. इधर, जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी तेजप्रताप के पक्ष में उतरते हुए कहा कि यह राजनीतिक हक की लड़ाई है, जो वह लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि तेजप्रताप अपने छोटे भाई से ज्यादा अंतर से विधानसभा चुनाव में विजयी हुए थे. इसके बावजूद उनको हक नहीं दिया गया.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेजप्रताप को मिला विरोधियों का साथ
अपनी पार्टी से नाराज चल रहे हैं तेजप्रताप
दो सीटों पर अपने उम्मीदवार को उतारने को लेकर है नाराजगी
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: हॉलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में गोल करने वाले अनुभवी फॉरवर्ड एसवी सुनील को विश्व हॉकी लीग सेमीफाइनल में भारतीय टीम के अच्छे प्रदर्शन का यकीन है और उनका मानना है कि इस दौरे से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है।
भारतीय टीम ने रोटरडम में हॉलैंड के खिलाफ पहला मैच 2.0 से और बुधवार को दूसरा मैच 4.2 से जीता। उसी मैदान पर 13 से 23 जून तक विश्व हॉकी लीग का तीसरा दौर (सेमीफाइनल) खेला जाना है। इसमें मेजबान हॉलैंड के अलावा भारत, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, न्यूजीलैंड और आयरलैंड भाग लेंगे, जिनमें से अंतिम दौर के लिए तीन या चार टीमें चुनी जाएंगी।
सुनील ने कहा, यह दौरा बहुत अच्छा रहा, क्योंकि हमने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्लबों के खिलाफ खेला। हमें इससे बहुत कुछ सीखने को मिला, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा है। लंदन ओलिंपिक 2012 में भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे कर्नाटक के इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने हालांकि कहा कि अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
उन्होंने कहा, हमने दोनों मैच जीते, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है। डी के भीतर हमने कई मौके गंवाये और डिफेंस में भी मेहनत करनी होगी। विरोधी टीम को वापसी का मौका देने से बचना होगा।
सुनील ने यह भी कहा कि नए ट्रेनर जासन कोंरेथ के आने के बाद खिलाड़ियों की फिटनेस का स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा, कोंरेथ के आने के बाद फिटनेस काफी बेहतर हुई है और हॉलैंड दौरे पर यह देखने को भी मिला जहां हमारा सामना तेज रफ्तार हॉकी खेलने वाली टीमों से था और हमने जीत दर्ज की। टिप्पणियां
यह पूछने पर कि रोटरडम में इस अभ्यास के बाद क्या विश्व लीग तीसरे दौर में भारत को अतिरिक्त फायदा मिलेगा, उन्होंने कहा, हमें यकीन है कि हम विश्व लीग सेमीफाइनल में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। विरोधी टीमें काफी मजबूत हैं, लेकिन हमने भी काफी मेहनत की है और उम्मीद है कि नतीजे हमारे पक्ष में आएंगे। इस दौरे पर मिले अभ्यास का भी निसंदेह फायदा होगा। भारतीय हॉकी के परफॉर्मेस निदेशक और पूर्व डच कोच रोलैंट ओल्टमेंस के योगदान के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह मुख्य कोच माइकल नोब्स और टीम की काफी मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया के निदेशक (हाई परफॉर्मेस) के तौर पर रोलैंट मुख्य कोच नोब्स और टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। उनके अनुभव का फायदा मिल रहा है। भारतीय टीम में वापसी करने वाले ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और युवा फॉरवर्ड युवराज वाल्मीकि के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर सुनील ने कहा, दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। खासकर मैच में युवराज ने बहुत अच्छी हॉकी खेली। हॉकी इंडिया की ओर से कप्तान सरदार सिंह को खेलरत्न के लिए नामांकित किए जाने पर उन्होंने कहा, मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। वह महान खिलाड़ी है और मैं खुशकिस्मत हूं कि उसके साथ खेलने का मौका मिला।
भारतीय टीम ने रोटरडम में हॉलैंड के खिलाफ पहला मैच 2.0 से और बुधवार को दूसरा मैच 4.2 से जीता। उसी मैदान पर 13 से 23 जून तक विश्व हॉकी लीग का तीसरा दौर (सेमीफाइनल) खेला जाना है। इसमें मेजबान हॉलैंड के अलावा भारत, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, न्यूजीलैंड और आयरलैंड भाग लेंगे, जिनमें से अंतिम दौर के लिए तीन या चार टीमें चुनी जाएंगी।
सुनील ने कहा, यह दौरा बहुत अच्छा रहा, क्योंकि हमने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्लबों के खिलाफ खेला। हमें इससे बहुत कुछ सीखने को मिला, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा है। लंदन ओलिंपिक 2012 में भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे कर्नाटक के इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने हालांकि कहा कि अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
उन्होंने कहा, हमने दोनों मैच जीते, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है। डी के भीतर हमने कई मौके गंवाये और डिफेंस में भी मेहनत करनी होगी। विरोधी टीम को वापसी का मौका देने से बचना होगा।
सुनील ने यह भी कहा कि नए ट्रेनर जासन कोंरेथ के आने के बाद खिलाड़ियों की फिटनेस का स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा, कोंरेथ के आने के बाद फिटनेस काफी बेहतर हुई है और हॉलैंड दौरे पर यह देखने को भी मिला जहां हमारा सामना तेज रफ्तार हॉकी खेलने वाली टीमों से था और हमने जीत दर्ज की। टिप्पणियां
यह पूछने पर कि रोटरडम में इस अभ्यास के बाद क्या विश्व लीग तीसरे दौर में भारत को अतिरिक्त फायदा मिलेगा, उन्होंने कहा, हमें यकीन है कि हम विश्व लीग सेमीफाइनल में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। विरोधी टीमें काफी मजबूत हैं, लेकिन हमने भी काफी मेहनत की है और उम्मीद है कि नतीजे हमारे पक्ष में आएंगे। इस दौरे पर मिले अभ्यास का भी निसंदेह फायदा होगा। भारतीय हॉकी के परफॉर्मेस निदेशक और पूर्व डच कोच रोलैंट ओल्टमेंस के योगदान के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह मुख्य कोच माइकल नोब्स और टीम की काफी मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया के निदेशक (हाई परफॉर्मेस) के तौर पर रोलैंट मुख्य कोच नोब्स और टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। उनके अनुभव का फायदा मिल रहा है। भारतीय टीम में वापसी करने वाले ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और युवा फॉरवर्ड युवराज वाल्मीकि के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर सुनील ने कहा, दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। खासकर मैच में युवराज ने बहुत अच्छी हॉकी खेली। हॉकी इंडिया की ओर से कप्तान सरदार सिंह को खेलरत्न के लिए नामांकित किए जाने पर उन्होंने कहा, मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। वह महान खिलाड़ी है और मैं खुशकिस्मत हूं कि उसके साथ खेलने का मौका मिला।
सुनील ने कहा, यह दौरा बहुत अच्छा रहा, क्योंकि हमने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्लबों के खिलाफ खेला। हमें इससे बहुत कुछ सीखने को मिला, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा है। लंदन ओलिंपिक 2012 में भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे कर्नाटक के इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने हालांकि कहा कि अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
उन्होंने कहा, हमने दोनों मैच जीते, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है। डी के भीतर हमने कई मौके गंवाये और डिफेंस में भी मेहनत करनी होगी। विरोधी टीम को वापसी का मौका देने से बचना होगा।
सुनील ने यह भी कहा कि नए ट्रेनर जासन कोंरेथ के आने के बाद खिलाड़ियों की फिटनेस का स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा, कोंरेथ के आने के बाद फिटनेस काफी बेहतर हुई है और हॉलैंड दौरे पर यह देखने को भी मिला जहां हमारा सामना तेज रफ्तार हॉकी खेलने वाली टीमों से था और हमने जीत दर्ज की। टिप्पणियां
यह पूछने पर कि रोटरडम में इस अभ्यास के बाद क्या विश्व लीग तीसरे दौर में भारत को अतिरिक्त फायदा मिलेगा, उन्होंने कहा, हमें यकीन है कि हम विश्व लीग सेमीफाइनल में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। विरोधी टीमें काफी मजबूत हैं, लेकिन हमने भी काफी मेहनत की है और उम्मीद है कि नतीजे हमारे पक्ष में आएंगे। इस दौरे पर मिले अभ्यास का भी निसंदेह फायदा होगा। भारतीय हॉकी के परफॉर्मेस निदेशक और पूर्व डच कोच रोलैंट ओल्टमेंस के योगदान के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह मुख्य कोच माइकल नोब्स और टीम की काफी मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया के निदेशक (हाई परफॉर्मेस) के तौर पर रोलैंट मुख्य कोच नोब्स और टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। उनके अनुभव का फायदा मिल रहा है। भारतीय टीम में वापसी करने वाले ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और युवा फॉरवर्ड युवराज वाल्मीकि के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर सुनील ने कहा, दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। खासकर मैच में युवराज ने बहुत अच्छी हॉकी खेली। हॉकी इंडिया की ओर से कप्तान सरदार सिंह को खेलरत्न के लिए नामांकित किए जाने पर उन्होंने कहा, मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। वह महान खिलाड़ी है और मैं खुशकिस्मत हूं कि उसके साथ खेलने का मौका मिला।
उन्होंने कहा, हमने दोनों मैच जीते, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है। डी के भीतर हमने कई मौके गंवाये और डिफेंस में भी मेहनत करनी होगी। विरोधी टीम को वापसी का मौका देने से बचना होगा।
सुनील ने यह भी कहा कि नए ट्रेनर जासन कोंरेथ के आने के बाद खिलाड़ियों की फिटनेस का स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा, कोंरेथ के आने के बाद फिटनेस काफी बेहतर हुई है और हॉलैंड दौरे पर यह देखने को भी मिला जहां हमारा सामना तेज रफ्तार हॉकी खेलने वाली टीमों से था और हमने जीत दर्ज की। टिप्पणियां
यह पूछने पर कि रोटरडम में इस अभ्यास के बाद क्या विश्व लीग तीसरे दौर में भारत को अतिरिक्त फायदा मिलेगा, उन्होंने कहा, हमें यकीन है कि हम विश्व लीग सेमीफाइनल में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। विरोधी टीमें काफी मजबूत हैं, लेकिन हमने भी काफी मेहनत की है और उम्मीद है कि नतीजे हमारे पक्ष में आएंगे। इस दौरे पर मिले अभ्यास का भी निसंदेह फायदा होगा। भारतीय हॉकी के परफॉर्मेस निदेशक और पूर्व डच कोच रोलैंट ओल्टमेंस के योगदान के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह मुख्य कोच माइकल नोब्स और टीम की काफी मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया के निदेशक (हाई परफॉर्मेस) के तौर पर रोलैंट मुख्य कोच नोब्स और टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। उनके अनुभव का फायदा मिल रहा है। भारतीय टीम में वापसी करने वाले ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और युवा फॉरवर्ड युवराज वाल्मीकि के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर सुनील ने कहा, दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। खासकर मैच में युवराज ने बहुत अच्छी हॉकी खेली। हॉकी इंडिया की ओर से कप्तान सरदार सिंह को खेलरत्न के लिए नामांकित किए जाने पर उन्होंने कहा, मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। वह महान खिलाड़ी है और मैं खुशकिस्मत हूं कि उसके साथ खेलने का मौका मिला।
यह पूछने पर कि रोटरडम में इस अभ्यास के बाद क्या विश्व लीग तीसरे दौर में भारत को अतिरिक्त फायदा मिलेगा, उन्होंने कहा, हमें यकीन है कि हम विश्व लीग सेमीफाइनल में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। विरोधी टीमें काफी मजबूत हैं, लेकिन हमने भी काफी मेहनत की है और उम्मीद है कि नतीजे हमारे पक्ष में आएंगे। इस दौरे पर मिले अभ्यास का भी निसंदेह फायदा होगा। भारतीय हॉकी के परफॉर्मेस निदेशक और पूर्व डच कोच रोलैंट ओल्टमेंस के योगदान के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह मुख्य कोच माइकल नोब्स और टीम की काफी मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया के निदेशक (हाई परफॉर्मेस) के तौर पर रोलैंट मुख्य कोच नोब्स और टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। उनके अनुभव का फायदा मिल रहा है। भारतीय टीम में वापसी करने वाले ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और युवा फॉरवर्ड युवराज वाल्मीकि के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर सुनील ने कहा, दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। खासकर मैच में युवराज ने बहुत अच्छी हॉकी खेली। हॉकी इंडिया की ओर से कप्तान सरदार सिंह को खेलरत्न के लिए नामांकित किए जाने पर उन्होंने कहा, मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। वह महान खिलाड़ी है और मैं खुशकिस्मत हूं कि उसके साथ खेलने का मौका मिला।
उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया के निदेशक (हाई परफॉर्मेस) के तौर पर रोलैंट मुख्य कोच नोब्स और टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। उनके अनुभव का फायदा मिल रहा है। भारतीय टीम में वापसी करने वाले ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और युवा फॉरवर्ड युवराज वाल्मीकि के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर सुनील ने कहा, दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। खासकर मैच में युवराज ने बहुत अच्छी हॉकी खेली। हॉकी इंडिया की ओर से कप्तान सरदार सिंह को खेलरत्न के लिए नामांकित किए जाने पर उन्होंने कहा, मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। वह महान खिलाड़ी है और मैं खुशकिस्मत हूं कि उसके साथ खेलने का मौका मिला।
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भारतीय टीम ने रोटरडम में हॉलैंड के खिलाफ पहला मैच 2.0 से और बुधवार को दूसरा मैच 4.2 से जीता। उसी मैदान पर 13 से 23 जून तक विश्व हॉकी लीग का तीसरा दौर (सेमीफाइनल) खेला जाना है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: अहमदाबाद में गैंगरेप की शिकार लड़की ने मेट्रोपोलिटन अदालत के परिसर में इंसाफ में देरी का आरोप लगाते हुए जहरीले पदार्थ का सेवन कर खुदकुशी की कोशिश की।
लड़की के वकील और घटनाक्रम के चश्मदीद भरत शाह ने बताया कि वर्ष 2008 के कथित दुष्कर्म मामले में सुनवाई के लिए आई पीड़िता को जब पता चला कि मामले में अगली सुनवाई की तारीख 8 फरवरी मुकर्रर की गई है तो वह पांचवीं मंजिल पर स्थित अदालत कक्ष से बाहर आई और किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उसने कहा कि इंसाफ में देरी की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, लड़की को अस्पताल पहुंचाया गया।टिप्पणियां
लड़की के वकील ने कहा कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एसवी पारिख की अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की थी, लेकिन उनके अनुरोध पर इसे बदलकर 8 फरवरी कर दिया गया।
वकील के मुताबिक लड़की शहर के अंबराईवाड़ी इलाके में एक कपड़ा कंपनी में काम करती थी और उसने 2008 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी के मालिक और तीन अन्य लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस कृत्य में उन्होंने दुकान पर काम करने वाली तीन महिला कर्मचारियों की मदद ली थी।
लड़की के वकील और घटनाक्रम के चश्मदीद भरत शाह ने बताया कि वर्ष 2008 के कथित दुष्कर्म मामले में सुनवाई के लिए आई पीड़िता को जब पता चला कि मामले में अगली सुनवाई की तारीख 8 फरवरी मुकर्रर की गई है तो वह पांचवीं मंजिल पर स्थित अदालत कक्ष से बाहर आई और किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उसने कहा कि इंसाफ में देरी की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, लड़की को अस्पताल पहुंचाया गया।टिप्पणियां
लड़की के वकील ने कहा कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एसवी पारिख की अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की थी, लेकिन उनके अनुरोध पर इसे बदलकर 8 फरवरी कर दिया गया।
वकील के मुताबिक लड़की शहर के अंबराईवाड़ी इलाके में एक कपड़ा कंपनी में काम करती थी और उसने 2008 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी के मालिक और तीन अन्य लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस कृत्य में उन्होंने दुकान पर काम करने वाली तीन महिला कर्मचारियों की मदद ली थी।
पुलिस के मुताबिक, लड़की को अस्पताल पहुंचाया गया।टिप्पणियां
लड़की के वकील ने कहा कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एसवी पारिख की अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की थी, लेकिन उनके अनुरोध पर इसे बदलकर 8 फरवरी कर दिया गया।
वकील के मुताबिक लड़की शहर के अंबराईवाड़ी इलाके में एक कपड़ा कंपनी में काम करती थी और उसने 2008 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी के मालिक और तीन अन्य लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस कृत्य में उन्होंने दुकान पर काम करने वाली तीन महिला कर्मचारियों की मदद ली थी।
लड़की के वकील ने कहा कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एसवी पारिख की अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की थी, लेकिन उनके अनुरोध पर इसे बदलकर 8 फरवरी कर दिया गया।
वकील के मुताबिक लड़की शहर के अंबराईवाड़ी इलाके में एक कपड़ा कंपनी में काम करती थी और उसने 2008 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी के मालिक और तीन अन्य लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस कृत्य में उन्होंने दुकान पर काम करने वाली तीन महिला कर्मचारियों की मदद ली थी।
वकील के मुताबिक लड़की शहर के अंबराईवाड़ी इलाके में एक कपड़ा कंपनी में काम करती थी और उसने 2008 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी के मालिक और तीन अन्य लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस कृत्य में उन्होंने दुकान पर काम करने वाली तीन महिला कर्मचारियों की मदद ली थी।
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संक्षिप्त सारांश: अहमदाबाद में गैंगरेप की शिकार लड़की ने मेट्रोपोलिटन अदालत के परिसर में इंसाफ में देरी का आरोप लगाते हुए जहरीले पदार्थ का सेवन कर खुदकुशी की कोशिश की।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने शुक्रवार को कहा कि जल्लीकट्टू के समर्थन में मरीना में एक सप्ताह तक चले प्रदर्शन में अनेक असामाजिक तत्व घुस आए थे, जिनका मकसद प्रदर्शन को मूल उद्देश्य से भटकाना था.
विधानसभा में विपक्ष के नेता एम के स्टालिन की ओर से प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग पर पनीरसेल्वम ने कहा कि विभिन्न संगठन और असमाजिक तत्व जल्लीकट्टू प्रदर्शन में घुस आए थे और इनका मकसद प्रदर्शन को मूल उद्देश्य से भटकाने था. उन्होंने सोमवार को हुई हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने का भी आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ प्रदर्शनकारी प्रदर्शन को गणतंत्र दिवस तक खींचना चाहते हैं. ये लोग काले झंडे दिखाने और परेशानी खड़ी करना चाहते थे.टिप्पणियां
पन्नीरसेल्वम ने कहा कि कुछ लोगों ने पृथक तमिलनाडु की मांग वाले नारे भी लगाए. उन्होंने कहा कि इस बात के प्रमाण है कि कुछ लोग ओसामा बिद लादेन की तस्वीरें लिए हुए थे. साथ ही गणतंत्र दिवस का बहिष्कार करने वाले पोस्टर भी उनके पास थे. उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान पुलिस ने जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कम बल का प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और उनके वाहन क्षतिग्रस्त हुए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विधानसभा में विपक्ष के नेता एम के स्टालिन की ओर से प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग पर पनीरसेल्वम ने कहा कि विभिन्न संगठन और असमाजिक तत्व जल्लीकट्टू प्रदर्शन में घुस आए थे और इनका मकसद प्रदर्शन को मूल उद्देश्य से भटकाने था. उन्होंने सोमवार को हुई हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने का भी आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ प्रदर्शनकारी प्रदर्शन को गणतंत्र दिवस तक खींचना चाहते हैं. ये लोग काले झंडे दिखाने और परेशानी खड़ी करना चाहते थे.टिप्पणियां
पन्नीरसेल्वम ने कहा कि कुछ लोगों ने पृथक तमिलनाडु की मांग वाले नारे भी लगाए. उन्होंने कहा कि इस बात के प्रमाण है कि कुछ लोग ओसामा बिद लादेन की तस्वीरें लिए हुए थे. साथ ही गणतंत्र दिवस का बहिष्कार करने वाले पोस्टर भी उनके पास थे. उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान पुलिस ने जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कम बल का प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और उनके वाहन क्षतिग्रस्त हुए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पन्नीरसेल्वम ने कहा कि कुछ लोगों ने पृथक तमिलनाडु की मांग वाले नारे भी लगाए. उन्होंने कहा कि इस बात के प्रमाण है कि कुछ लोग ओसामा बिद लादेन की तस्वीरें लिए हुए थे. साथ ही गणतंत्र दिवस का बहिष्कार करने वाले पोस्टर भी उनके पास थे. उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान पुलिस ने जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कम बल का प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और उनके वाहन क्षतिग्रस्त हुए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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इन तत्वों का मकसद प्रदर्शन को मूल उद्देश्य से भटकाना था- सीएम
सीएम ने कहा- कुछ प्रदर्शनकारी प्रदर्शन को गणतंत्र दिवस तक खींचना चाहते थे
पन्नीरसेल्वम बोले- कुछ लोगों ने पृथक तमिलनाडु की मांग के नारे भी लगाए.
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट (Begusarai Seat) से चुनावी अखाड़े में उतरे कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) के समर्थकों और स्थानीय लोगों बीच रविवार को झड़प हो गई. झड़प उस समय हुई जब कन्हैया कुमार को रोड शो के दौरान काले झंडे दिखाए गए. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब 12 से अधिक स्थानीय युवकों ने क्षेत्र के गढपुरा खंड के कोराय गांव में रोड शो निकाल रहे कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें काले झंडे दिखाए. उन्होंने कहा कि एक पुलिस दल मौके पर पहुंचा और उसने स्थिति को नियंत्रण में किया. अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है. आपको बता दें कि बेगूसराय (Begusarai Seat) पर जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का मुकाबला केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) और राजद के तनवीर हसन (Tanveer Hasan) से है. कन्हैया सीपीआई (CPI) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.
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सारांश: बेगूसराय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं कन्हैया कुमार
रोड शो के दौरान कन्हैया को दिखाये गए काले झंडे
इस बार उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के नवादा जिले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीतारामपुर गांव में शनिवार को छेड़छाड़ का विरोध करने पर जीप सवार मनचलों ने दो छात्राओं को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीतारामपुर गांव में 10वीं की छात्रा जूली कुमारी और मुन्नी कुमारी को जीप सवार मनचलों ने छेड़छाड़ का विरोध करने पर कुचल दिया।
एक छात्रा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मुन्नी ने सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद जीप चालक और अन्य सवार घटनास्थल से फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मामले की छानबीन जारी है। दोनों किशोरियां स्कूल से घर लौट रही थीं।
एक छात्रा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मुन्नी ने सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद जीप चालक और अन्य सवार घटनास्थल से फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मामले की छानबीन जारी है। दोनों किशोरियां स्कूल से घर लौट रही थीं।
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बिहार के नवादा जिले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीतारामपुर गांव में छेड़छाड़ का विरोध करने पर जीप सवार मनचलों ने दो छात्राओं को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सीरिया में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर सरकार ने कहा कि यहां सशत्र विद्रोह से सख्ती से निपटा जाएगा। गृह मंत्रालय की ओर से यह चेतावनी जारी की गई है। होम्स शहर के मुख्य चौक पर हजारों की संख्या में लोग एकत्र हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे नहीं हटेंगे। मंत्रालय ने कहा, हाल की घटनाओं से स्पष्ट होता है कि सशस्त्र संगठनों ने विद्रोह किया है। विद्रोह मुख्य रूप से होम्स और बानियास शहरों में हो रहा है। मंत्रालय ने कहा, अगर ये संगठन सैनिकों, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों पर हमले जारी रखते हैं एवं सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं तो उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्रोह में शामिल एक कार्यकर्ता नजती तयारा ने कहा, होम्स शहर के अल-सा चौक पर 20,000 से अधिक लोग एकत्र हुये हैं। हमने इसे काहिरा के तहरीर चौक का नाम दिया है।
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सीरिया में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर सरकार ने कहा कि यहां सशत्र विद्रोह से सख्ती से निपटा जाएगा।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: हिमाचल के कांगड़ा जिले में गुरुवार दोपहर भारी बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण 44 साल पुराना एक पुल बह गया.
हादसे के वक्त वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया है, जिसमें 160 मीटर लंबे इस पुल के बड़े हिस्से पानी की तेज धार में बहते दिख रहे हैं. घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में पुल के 10 पिलर और 76 मीटर का हिस्सा पानी में बह गया.टिप्पणियां
यह पुल हिमाचल के नूरपुर तहसील को पड़ोसी राज्य पंजाब से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बना था और इस पर वाहनों की भारी आवाजाही रहा करती है. हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से इस हादसे में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. दरअसल बुधवार को ही पुल के पिलरों में दरारें पड़ गई थी, जिसके बाद प्रशासन इस यातायात रोक दिया था.
गौरतलब है कि 10 दिन पहले महाराष्ट्र में मुंबई-गोवा हाइवे पर बना एक ब्रिटिश कालीन पुल भी तेज बारिश के कारण ऐसे ही ढह गया था. इस हादसे के कारण कई बसें नदी में बह गई थी. इस हादसे के शिकार 28 लोगों के शव अब तक बरामद हो चुके हैं, जबकि 16 लोग अब भी लापता है.
हादसे के वक्त वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया है, जिसमें 160 मीटर लंबे इस पुल के बड़े हिस्से पानी की तेज धार में बहते दिख रहे हैं. घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में पुल के 10 पिलर और 76 मीटर का हिस्सा पानी में बह गया.टिप्पणियां
यह पुल हिमाचल के नूरपुर तहसील को पड़ोसी राज्य पंजाब से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बना था और इस पर वाहनों की भारी आवाजाही रहा करती है. हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से इस हादसे में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. दरअसल बुधवार को ही पुल के पिलरों में दरारें पड़ गई थी, जिसके बाद प्रशासन इस यातायात रोक दिया था.
गौरतलब है कि 10 दिन पहले महाराष्ट्र में मुंबई-गोवा हाइवे पर बना एक ब्रिटिश कालीन पुल भी तेज बारिश के कारण ऐसे ही ढह गया था. इस हादसे के कारण कई बसें नदी में बह गई थी. इस हादसे के शिकार 28 लोगों के शव अब तक बरामद हो चुके हैं, जबकि 16 लोग अब भी लापता है.
यह पुल हिमाचल के नूरपुर तहसील को पड़ोसी राज्य पंजाब से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बना था और इस पर वाहनों की भारी आवाजाही रहा करती है. हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से इस हादसे में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. दरअसल बुधवार को ही पुल के पिलरों में दरारें पड़ गई थी, जिसके बाद प्रशासन इस यातायात रोक दिया था.
गौरतलब है कि 10 दिन पहले महाराष्ट्र में मुंबई-गोवा हाइवे पर बना एक ब्रिटिश कालीन पुल भी तेज बारिश के कारण ऐसे ही ढह गया था. इस हादसे के कारण कई बसें नदी में बह गई थी. इस हादसे के शिकार 28 लोगों के शव अब तक बरामद हो चुके हैं, जबकि 16 लोग अब भी लापता है.
गौरतलब है कि 10 दिन पहले महाराष्ट्र में मुंबई-गोवा हाइवे पर बना एक ब्रिटिश कालीन पुल भी तेज बारिश के कारण ऐसे ही ढह गया था. इस हादसे के कारण कई बसें नदी में बह गई थी. इस हादसे के शिकार 28 लोगों के शव अब तक बरामद हो चुके हैं, जबकि 16 लोग अब भी लापता है.
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संक्षिप्त पाठ: यह पुल हिमाचल के नूरपुर तहसील को पंजाब से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर था
प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से इस हादसे में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ
पुल पर दरारें दिखने के बाद यहां यातायात पूरी तरह से रोक दी गई थी
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: फरीदाबाद में एक नौ साल की एक बच्ची से बलात्कार का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक इस बच्ची को उसकी मां ने अपनी एक जाननेवाली महिला के घर छोड़ दिया था और अपने गांव रहने चली गई थी। बीच-बीच में वह अपनी बेटी से मिलने आती थी।टिप्पणियां
इस बीच, दो महीने से वह अपनी बेटी से नहीं मिल पाई और एक दिन जब हालचाल लेने के लिए रीता सचदेवा के घर फोन किया तो उसे बताया गया कि उसकी बेटी अस्पताल में भर्ती है।
जब बच्ची की मां अस्पताल पहुंची, तो पीड़ित ने बताया कि रीता सचदेवा के बेटे ने ही उसके साथ कई बार बलात्कार किया है। बच्ची की मां का अपने पति से विवाद चल रहा है और तलाक का मामला अदालत में लंबित है। पुलिस ने आरोपी लड़के को गिरफ्तार कर लिया है।
इस बीच, दो महीने से वह अपनी बेटी से नहीं मिल पाई और एक दिन जब हालचाल लेने के लिए रीता सचदेवा के घर फोन किया तो उसे बताया गया कि उसकी बेटी अस्पताल में भर्ती है।
जब बच्ची की मां अस्पताल पहुंची, तो पीड़ित ने बताया कि रीता सचदेवा के बेटे ने ही उसके साथ कई बार बलात्कार किया है। बच्ची की मां का अपने पति से विवाद चल रहा है और तलाक का मामला अदालत में लंबित है। पुलिस ने आरोपी लड़के को गिरफ्तार कर लिया है।
जब बच्ची की मां अस्पताल पहुंची, तो पीड़ित ने बताया कि रीता सचदेवा के बेटे ने ही उसके साथ कई बार बलात्कार किया है। बच्ची की मां का अपने पति से विवाद चल रहा है और तलाक का मामला अदालत में लंबित है। पुलिस ने आरोपी लड़के को गिरफ्तार कर लिया है।
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संक्षिप्त सारांश: पुलिस के मुताबिक इस बच्ची को उसकी मां ने अपनी एक जाननेवाली महिला के घर छोड़ दिया था और अपने गांव रहने चली गई थी। उक्त महिला के बेटे ने ही बच्ची के साथ बलात्कार किया।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने महाराष्ट्र सरकार से दूसरे प्रांतों से खासकर उत्तर भारत के लोगों को घर मुहैया कराने को कहा है। उनकी इस मांग का शिवसेना और मनसे द्वारा विरोध किए जाने की संभावना है। बसपा नेता रविवार को उपनगरीय क्षेत्र गोरेगांव में पार्टी की एक बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा, पूरे देश से खासकर उत्तर भारत से बड़ी संख्या में लोग अपनी आजीविका के लिए मुंबई आए, यहीं बस गए और झुग्गियां बना लीं। आप कहते हैं कि इन स्लम के कारण मुंबई की सूरत खराब हो गई है। मैं यहां राज्य सरकार से कहना चाहती हूं कि मुंबई से बाहर किए जाने के पहले उन्हें रोजगार मुहैया कराए। मायावती ने कहा, वे लोग जो रोजी रोटी कमाने आए हैं, उन लोगों ने यहां महल नहीं बनाए हैं। उन्हें जहां भी रोजगार मिला है, वे उन क्षेत्र में स्लम में रह रहे हैं। उन्होंने कहा, उन स्लम में उन्हें बिजली, पानी, शिक्षा या स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलतीं। मुझे जानकारी मिली है कि महाराष्ट्र की कांग्रेस नीत सरकार की योजना स्लम को गिराने और वहां रह रहे लोगों को मुंबई से बाहर करने की है। मायावती ने कहा, मैं राज्य सरकार से कहना चाहती हूं कि उन स्लम में रहने वालों को मुंबई से बाहर किए जाने के पूर्व उन्हें रोजगार मुहैया कराए जाने चाहिए। अगर आपके पास उन्हें आजीविका मुहैया कराने के लिए संसाधन नहीं है तो मैं सलाह दूंगी कि सरकार उन इलाकों में ही ऊंची इमारतें बनवाए और उन्हें उन इमारतों में दो कमरों के घर मुहैया कराए ताकि उनके रोजगार के अवसर सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि जब पार्टियां बड़े पूंजीपतियों की मदद से सत्ता में आती है तो इस प्रकार आर्थिक नीतियां बनाती हैं कि उनसे पूंजीपतियों को लाभ हो। बसपा नेता ने कहा कि यही कारण है कि गरीब और गरीब हो रहा है जबकि धनी और धनी। उन्होंने दावा किया कि देश भर में बसपा एकमात्र ऐसी पार्टी है तो पूंजीपतियों की मदद से नहीं चलती बल्कि लोगों के चंदे से चलती है।
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यहाँ एक सारांश है:मायावती ने महाराष्ट्र सरकार से दूसरे प्रांतों से खासकर उत्तर भारत के लोगों को घर मुहैया कराने को कहा है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ मुलाकात में केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कथित तौर पर राज्य में एक बार फिर से आतंकवाद के पनपने का अंदेशा जताया है।
बताया जा रहा है कि शिंदे की इस सलाह के पीछे सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पंजाब में अतिवादी लोगों के सक्रिय होने की सूचना दिया जाना है।
सरकार में उच्च पदों पर बैठे सूत्रों ने एनडीटीवी को बता है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए कोशिशें हो रही हैं। यह कोशिश यूरोप के तमाम देशों में बसे सिखों द्वारा की जा रही है। इस सबके पीछे पाकिस्तान का हाथ भी बताया जा रहा है। इंटरनेट पर इसके लिए प्रचार किया जा रहा है कि आतंकियों की भर्ती की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन ब्लूस्टार की अगुवाई करने वाले ले. जनरल कुलदीप सिंह ब्रार को लंदन में चार लोगों ने चाकू से मारकर घायल कर दिया था। सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर से खालीस्थान की मांग करने वाले आतंकियों को भगाने के लिए यह ऑपरेशन चलाया गया था।
हाल में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, जिसे सिखों की संसद के रूप में भी जाना जाता है और जो देश में तमाम गुरुद्वारा के रखरखाव का जिम्मा संभालती है, ने स्वर्ण मंदिर में एक यादगार स्थल बनाया है। यह स्थल ऑपरेशन ब्लूस्टार में सेना द्वारा मारे गए आतंकियों की याद में बनाया गया है।
बता दें कि इस स्थल पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इस स्थल पर मारे गए आतंकियों का नाम उद्धृत नहीं किया जाएगा। वहीं, सरकार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह इस तरह के किसी भी मंशा के खिलाफ है।टिप्पणियां
सुरक्षा एजेंसियों से सम्बद्ध सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह जरूरी है कि राजनीतिक जमात जल्द से जल्द इस तरह की कोशिशों के खिलाफ सक्रिय होकर लोगों में जागरुकता फैलाए। एजेंसियों का मानना है कि कुछ युवाओं में इस तरह की गतिविधियों को लेकर रुचि दिखाई दे रही है। केंद्र ने अपनी ओर से कदम उठाते तमाम मित्र राष्ट्रों से इस सम्बंध में सूचना का आदान-प्रदान करने को कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 1980 के दशक और अभी के समय में काफी बदलाव आ गया है। अब तमाम देश सहयोग कर रहे हैं जबकि तब कई देशों ने न केवल सूचना देने से इनकार कर दिया था बल्कि कुछ ने तो आतंकियों को अपने यहां पनाह तक दी थी।
बताया जा रहा है कि शिंदे की इस सलाह के पीछे सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पंजाब में अतिवादी लोगों के सक्रिय होने की सूचना दिया जाना है।
सरकार में उच्च पदों पर बैठे सूत्रों ने एनडीटीवी को बता है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए कोशिशें हो रही हैं। यह कोशिश यूरोप के तमाम देशों में बसे सिखों द्वारा की जा रही है। इस सबके पीछे पाकिस्तान का हाथ भी बताया जा रहा है। इंटरनेट पर इसके लिए प्रचार किया जा रहा है कि आतंकियों की भर्ती की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन ब्लूस्टार की अगुवाई करने वाले ले. जनरल कुलदीप सिंह ब्रार को लंदन में चार लोगों ने चाकू से मारकर घायल कर दिया था। सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर से खालीस्थान की मांग करने वाले आतंकियों को भगाने के लिए यह ऑपरेशन चलाया गया था।
हाल में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, जिसे सिखों की संसद के रूप में भी जाना जाता है और जो देश में तमाम गुरुद्वारा के रखरखाव का जिम्मा संभालती है, ने स्वर्ण मंदिर में एक यादगार स्थल बनाया है। यह स्थल ऑपरेशन ब्लूस्टार में सेना द्वारा मारे गए आतंकियों की याद में बनाया गया है।
बता दें कि इस स्थल पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इस स्थल पर मारे गए आतंकियों का नाम उद्धृत नहीं किया जाएगा। वहीं, सरकार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह इस तरह के किसी भी मंशा के खिलाफ है।टिप्पणियां
सुरक्षा एजेंसियों से सम्बद्ध सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह जरूरी है कि राजनीतिक जमात जल्द से जल्द इस तरह की कोशिशों के खिलाफ सक्रिय होकर लोगों में जागरुकता फैलाए। एजेंसियों का मानना है कि कुछ युवाओं में इस तरह की गतिविधियों को लेकर रुचि दिखाई दे रही है। केंद्र ने अपनी ओर से कदम उठाते तमाम मित्र राष्ट्रों से इस सम्बंध में सूचना का आदान-प्रदान करने को कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 1980 के दशक और अभी के समय में काफी बदलाव आ गया है। अब तमाम देश सहयोग कर रहे हैं जबकि तब कई देशों ने न केवल सूचना देने से इनकार कर दिया था बल्कि कुछ ने तो आतंकियों को अपने यहां पनाह तक दी थी।
सरकार में उच्च पदों पर बैठे सूत्रों ने एनडीटीवी को बता है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए कोशिशें हो रही हैं। यह कोशिश यूरोप के तमाम देशों में बसे सिखों द्वारा की जा रही है। इस सबके पीछे पाकिस्तान का हाथ भी बताया जा रहा है। इंटरनेट पर इसके लिए प्रचार किया जा रहा है कि आतंकियों की भर्ती की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन ब्लूस्टार की अगुवाई करने वाले ले. जनरल कुलदीप सिंह ब्रार को लंदन में चार लोगों ने चाकू से मारकर घायल कर दिया था। सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर से खालीस्थान की मांग करने वाले आतंकियों को भगाने के लिए यह ऑपरेशन चलाया गया था।
हाल में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, जिसे सिखों की संसद के रूप में भी जाना जाता है और जो देश में तमाम गुरुद्वारा के रखरखाव का जिम्मा संभालती है, ने स्वर्ण मंदिर में एक यादगार स्थल बनाया है। यह स्थल ऑपरेशन ब्लूस्टार में सेना द्वारा मारे गए आतंकियों की याद में बनाया गया है।
बता दें कि इस स्थल पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इस स्थल पर मारे गए आतंकियों का नाम उद्धृत नहीं किया जाएगा। वहीं, सरकार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह इस तरह के किसी भी मंशा के खिलाफ है।टिप्पणियां
सुरक्षा एजेंसियों से सम्बद्ध सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह जरूरी है कि राजनीतिक जमात जल्द से जल्द इस तरह की कोशिशों के खिलाफ सक्रिय होकर लोगों में जागरुकता फैलाए। एजेंसियों का मानना है कि कुछ युवाओं में इस तरह की गतिविधियों को लेकर रुचि दिखाई दे रही है। केंद्र ने अपनी ओर से कदम उठाते तमाम मित्र राष्ट्रों से इस सम्बंध में सूचना का आदान-प्रदान करने को कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 1980 के दशक और अभी के समय में काफी बदलाव आ गया है। अब तमाम देश सहयोग कर रहे हैं जबकि तब कई देशों ने न केवल सूचना देने से इनकार कर दिया था बल्कि कुछ ने तो आतंकियों को अपने यहां पनाह तक दी थी।
उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन ब्लूस्टार की अगुवाई करने वाले ले. जनरल कुलदीप सिंह ब्रार को लंदन में चार लोगों ने चाकू से मारकर घायल कर दिया था। सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर से खालीस्थान की मांग करने वाले आतंकियों को भगाने के लिए यह ऑपरेशन चलाया गया था।
हाल में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, जिसे सिखों की संसद के रूप में भी जाना जाता है और जो देश में तमाम गुरुद्वारा के रखरखाव का जिम्मा संभालती है, ने स्वर्ण मंदिर में एक यादगार स्थल बनाया है। यह स्थल ऑपरेशन ब्लूस्टार में सेना द्वारा मारे गए आतंकियों की याद में बनाया गया है।
बता दें कि इस स्थल पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इस स्थल पर मारे गए आतंकियों का नाम उद्धृत नहीं किया जाएगा। वहीं, सरकार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह इस तरह के किसी भी मंशा के खिलाफ है।टिप्पणियां
सुरक्षा एजेंसियों से सम्बद्ध सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह जरूरी है कि राजनीतिक जमात जल्द से जल्द इस तरह की कोशिशों के खिलाफ सक्रिय होकर लोगों में जागरुकता फैलाए। एजेंसियों का मानना है कि कुछ युवाओं में इस तरह की गतिविधियों को लेकर रुचि दिखाई दे रही है। केंद्र ने अपनी ओर से कदम उठाते तमाम मित्र राष्ट्रों से इस सम्बंध में सूचना का आदान-प्रदान करने को कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 1980 के दशक और अभी के समय में काफी बदलाव आ गया है। अब तमाम देश सहयोग कर रहे हैं जबकि तब कई देशों ने न केवल सूचना देने से इनकार कर दिया था बल्कि कुछ ने तो आतंकियों को अपने यहां पनाह तक दी थी।
हाल में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, जिसे सिखों की संसद के रूप में भी जाना जाता है और जो देश में तमाम गुरुद्वारा के रखरखाव का जिम्मा संभालती है, ने स्वर्ण मंदिर में एक यादगार स्थल बनाया है। यह स्थल ऑपरेशन ब्लूस्टार में सेना द्वारा मारे गए आतंकियों की याद में बनाया गया है।
बता दें कि इस स्थल पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इस स्थल पर मारे गए आतंकियों का नाम उद्धृत नहीं किया जाएगा। वहीं, सरकार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह इस तरह के किसी भी मंशा के खिलाफ है।टिप्पणियां
सुरक्षा एजेंसियों से सम्बद्ध सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह जरूरी है कि राजनीतिक जमात जल्द से जल्द इस तरह की कोशिशों के खिलाफ सक्रिय होकर लोगों में जागरुकता फैलाए। एजेंसियों का मानना है कि कुछ युवाओं में इस तरह की गतिविधियों को लेकर रुचि दिखाई दे रही है। केंद्र ने अपनी ओर से कदम उठाते तमाम मित्र राष्ट्रों से इस सम्बंध में सूचना का आदान-प्रदान करने को कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 1980 के दशक और अभी के समय में काफी बदलाव आ गया है। अब तमाम देश सहयोग कर रहे हैं जबकि तब कई देशों ने न केवल सूचना देने से इनकार कर दिया था बल्कि कुछ ने तो आतंकियों को अपने यहां पनाह तक दी थी।
बता दें कि इस स्थल पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इस स्थल पर मारे गए आतंकियों का नाम उद्धृत नहीं किया जाएगा। वहीं, सरकार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह इस तरह के किसी भी मंशा के खिलाफ है।टिप्पणियां
सुरक्षा एजेंसियों से सम्बद्ध सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह जरूरी है कि राजनीतिक जमात जल्द से जल्द इस तरह की कोशिशों के खिलाफ सक्रिय होकर लोगों में जागरुकता फैलाए। एजेंसियों का मानना है कि कुछ युवाओं में इस तरह की गतिविधियों को लेकर रुचि दिखाई दे रही है। केंद्र ने अपनी ओर से कदम उठाते तमाम मित्र राष्ट्रों से इस सम्बंध में सूचना का आदान-प्रदान करने को कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 1980 के दशक और अभी के समय में काफी बदलाव आ गया है। अब तमाम देश सहयोग कर रहे हैं जबकि तब कई देशों ने न केवल सूचना देने से इनकार कर दिया था बल्कि कुछ ने तो आतंकियों को अपने यहां पनाह तक दी थी।
सुरक्षा एजेंसियों से सम्बद्ध सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह जरूरी है कि राजनीतिक जमात जल्द से जल्द इस तरह की कोशिशों के खिलाफ सक्रिय होकर लोगों में जागरुकता फैलाए। एजेंसियों का मानना है कि कुछ युवाओं में इस तरह की गतिविधियों को लेकर रुचि दिखाई दे रही है। केंद्र ने अपनी ओर से कदम उठाते तमाम मित्र राष्ट्रों से इस सम्बंध में सूचना का आदान-प्रदान करने को कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 1980 के दशक और अभी के समय में काफी बदलाव आ गया है। अब तमाम देश सहयोग कर रहे हैं जबकि तब कई देशों ने न केवल सूचना देने से इनकार कर दिया था बल्कि कुछ ने तो आतंकियों को अपने यहां पनाह तक दी थी।
अधिकारियों का कहना है कि 1980 के दशक और अभी के समय में काफी बदलाव आ गया है। अब तमाम देश सहयोग कर रहे हैं जबकि तब कई देशों ने न केवल सूचना देने से इनकार कर दिया था बल्कि कुछ ने तो आतंकियों को अपने यहां पनाह तक दी थी।
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यह एक सारांश है: सरकार में उच्च पदों पर बैठे सूत्रों ने एनडीटीवी को बता है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए कोशिशें हो रही हैं।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: गांधीवादी समाज सेवक अन्ना हजारे ने कहा कि अगर योग गुरू रामदेव राजनीतिक दलों से अलग रहे तो ही वह उनके साथ जाना चाहेंगे।
अन्ना पर आरोप है कि रामदेव की मदद से वह आरएसएस की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह 19 सितंबर को योग गुरू से संदेश मिलने के बाद ही उनसे मिलने गए थे। उन्होंने कहा ‘मुलाकात के दौरान, रामदेव ने सुझाव दिया कि हम साथ दौरा करें। मैंने उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया। मैं ऐसा तब ही करूंगा जब मुझे यह भरोसा हो जाए कि उन्हें किसी राजनीतिक दल का समर्थन प्राप्त नहीं है। मैं इस बारे में स्पष्ट नहीं हूं।’टिप्पणियां
अन्ना ने कहा ‘यह स्पष्ट होने के बाद मैं रामदेव के साथ जाने के बारे में सोचूंगा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल का समर्थन प्राप्त नहीं है।’
पिछले सप्ताह अन्ना ने अपने ब्लॉग में खुद को कुछ दलों और ‘सांप्रदायिक संगठनों’ से जोड़े जाने के प्रयासों पर नाराजगी जताई थी। अन्ना की नाराजगी इन आरोपों के संदर्भ में थी कि वह अरविंद केजरीवाल गुट के अलग होने के बाद भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को चलाने के लिए रामदेव के जरिये आरएसएस के करीब जा रहे हैं।
अन्ना पर आरोप है कि रामदेव की मदद से वह आरएसएस की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह 19 सितंबर को योग गुरू से संदेश मिलने के बाद ही उनसे मिलने गए थे। उन्होंने कहा ‘मुलाकात के दौरान, रामदेव ने सुझाव दिया कि हम साथ दौरा करें। मैंने उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया। मैं ऐसा तब ही करूंगा जब मुझे यह भरोसा हो जाए कि उन्हें किसी राजनीतिक दल का समर्थन प्राप्त नहीं है। मैं इस बारे में स्पष्ट नहीं हूं।’टिप्पणियां
अन्ना ने कहा ‘यह स्पष्ट होने के बाद मैं रामदेव के साथ जाने के बारे में सोचूंगा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल का समर्थन प्राप्त नहीं है।’
पिछले सप्ताह अन्ना ने अपने ब्लॉग में खुद को कुछ दलों और ‘सांप्रदायिक संगठनों’ से जोड़े जाने के प्रयासों पर नाराजगी जताई थी। अन्ना की नाराजगी इन आरोपों के संदर्भ में थी कि वह अरविंद केजरीवाल गुट के अलग होने के बाद भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को चलाने के लिए रामदेव के जरिये आरएसएस के करीब जा रहे हैं।
अन्ना ने कहा ‘यह स्पष्ट होने के बाद मैं रामदेव के साथ जाने के बारे में सोचूंगा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल का समर्थन प्राप्त नहीं है।’
पिछले सप्ताह अन्ना ने अपने ब्लॉग में खुद को कुछ दलों और ‘सांप्रदायिक संगठनों’ से जोड़े जाने के प्रयासों पर नाराजगी जताई थी। अन्ना की नाराजगी इन आरोपों के संदर्भ में थी कि वह अरविंद केजरीवाल गुट के अलग होने के बाद भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को चलाने के लिए रामदेव के जरिये आरएसएस के करीब जा रहे हैं।
पिछले सप्ताह अन्ना ने अपने ब्लॉग में खुद को कुछ दलों और ‘सांप्रदायिक संगठनों’ से जोड़े जाने के प्रयासों पर नाराजगी जताई थी। अन्ना की नाराजगी इन आरोपों के संदर्भ में थी कि वह अरविंद केजरीवाल गुट के अलग होने के बाद भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को चलाने के लिए रामदेव के जरिये आरएसएस के करीब जा रहे हैं।
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सारांश: गांधीवादी समाज सेवक अन्ना हजारे ने कहा कि अगर योग गुरू रामदेव राजनीतिक दलों से अलग रहे तो ही वह उनके साथ जाना चाहेंगे।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर मुद्दे पर सोमवार को राज्यसभा में बहस हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वहां हालात 90 के दशक से ज्यादा बुरे हैं और इसके लिए सरकारी पार्टी का रुख़ भी जिम्मेदार है। जबकि सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि वहां हालात संभालने के लिए सरकार ने सबकुछ किया।
राज्यसभा में कश्मीर पर बहस का जवाब देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर हमला बोला। राजनाथ सिंह ने कहा, "जो कुछ भी भारत में हो रहा है वो पाक स्पॉन्सर्ड है। कहने को नाम पाकिस्तान है लेकिन हरकतें सभी नापाक हैं।" उन्होंने कहा, 'वो भारत के मुसलमानों की फिक्र करना छोड़ दे।'
उन्होंने कहा कि जो जनमत संग्रह की बात करते हैं, वो लोगों को बरगलाते हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा, "जनमत संग्रह की बात अब आउट डेटेड हो चुकी है।" गृह मंत्री के मुताबिक़ वो बार बार सुरक्षा बलों को संयम बरतने की हिदायत देते आए हैं। उन्होंने सदन को बताया, "मैंने उन्हें बार बार कहा है कि अतिरिक्त बल का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।"
इससे पहले राज्यसभा में कश्मीर पर बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई ज़रूरी है, लेकिन आतंकी और अवाम का फ़र्क ध्यान में रखना ज़रूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समय राज्य में भरोसे का जो माहौल बना था, उसे सत्ताधारी नेताओं के भड़काऊ बयानों ने बिगाड़ दिया है। गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हालत जो हैं वो 1990 से भी ख़राब हैं। वहां हम लोगों ने कितना कुछ किया लेकिन मौजूद स्थिति में लोग वहां ख़ुश नहीं हैं और वहां की हुकूमत इसके लिए जिम्मेदार है।" बीजेपी की ओर से अरुण जेटली ने राज्य में कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि लड़ाई देश और अलगाववाद के बीच है और इस लड़ाई में बाहरी ताकतों की भूमिका है। पाकिस्तान इसे हवा दे रहा है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "घाटी में हालत इसलिए खराब नहीं क्योंकि वहां बीजेपी और पीडीपी की सरकार है। वहां लड़ाई अलगवादियों और देश के बीच की है।" उनके मुताबिक़ पाकिस्तान इस बात को हज़म नहीं कर पाया कि कश्मीर भारत का हिस्सा है इसलिए वो रह रह कर लोगों को उकसाने की कोशिश करता है। जबकि लेफ्ट की ओर सीताराम येचुरी ने बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि कश्मीरी नौजवानों के असंतोष को दूर करना ज़रूरी है।टिप्पणियां
सीताराम येचुरी ने कहा, "पाकिस्तान को लेकर एक तय नीति होनी चाहिए। कभी आप 56 इंच की छाती का हवाला देते हो, कभी बिरयानी खाने जन्मदिन पर पहुंच जाते हो।" उनके मुताबिक़ केंद्र को ऑल पार्टी मीटिंग कर ये तय करना चाहिए कि आगे क्या रास्ता इख़्तियार किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार भी चाहती थी कि कश्मीर के मुद्दे पर बहस हो क्योंकि वो अपना पक्ष सदन के सामने रखना चाहती थी। साथ में ये भी बताना चाहती थी कि घाटी में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए बीजेपी नहीं बल्कि वो पार्टियां जिम्मेदार हैं जिन्होंने वहां पर कई सालों तक राज किया। अब कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा 20 जुलाई को लोकसभा में होगी।
राज्यसभा में कश्मीर पर बहस का जवाब देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर हमला बोला। राजनाथ सिंह ने कहा, "जो कुछ भी भारत में हो रहा है वो पाक स्पॉन्सर्ड है। कहने को नाम पाकिस्तान है लेकिन हरकतें सभी नापाक हैं।" उन्होंने कहा, 'वो भारत के मुसलमानों की फिक्र करना छोड़ दे।'
उन्होंने कहा कि जो जनमत संग्रह की बात करते हैं, वो लोगों को बरगलाते हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा, "जनमत संग्रह की बात अब आउट डेटेड हो चुकी है।" गृह मंत्री के मुताबिक़ वो बार बार सुरक्षा बलों को संयम बरतने की हिदायत देते आए हैं। उन्होंने सदन को बताया, "मैंने उन्हें बार बार कहा है कि अतिरिक्त बल का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।"
इससे पहले राज्यसभा में कश्मीर पर बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई ज़रूरी है, लेकिन आतंकी और अवाम का फ़र्क ध्यान में रखना ज़रूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समय राज्य में भरोसे का जो माहौल बना था, उसे सत्ताधारी नेताओं के भड़काऊ बयानों ने बिगाड़ दिया है। गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हालत जो हैं वो 1990 से भी ख़राब हैं। वहां हम लोगों ने कितना कुछ किया लेकिन मौजूद स्थिति में लोग वहां ख़ुश नहीं हैं और वहां की हुकूमत इसके लिए जिम्मेदार है।" बीजेपी की ओर से अरुण जेटली ने राज्य में कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि लड़ाई देश और अलगाववाद के बीच है और इस लड़ाई में बाहरी ताकतों की भूमिका है। पाकिस्तान इसे हवा दे रहा है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "घाटी में हालत इसलिए खराब नहीं क्योंकि वहां बीजेपी और पीडीपी की सरकार है। वहां लड़ाई अलगवादियों और देश के बीच की है।" उनके मुताबिक़ पाकिस्तान इस बात को हज़म नहीं कर पाया कि कश्मीर भारत का हिस्सा है इसलिए वो रह रह कर लोगों को उकसाने की कोशिश करता है। जबकि लेफ्ट की ओर सीताराम येचुरी ने बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि कश्मीरी नौजवानों के असंतोष को दूर करना ज़रूरी है।टिप्पणियां
सीताराम येचुरी ने कहा, "पाकिस्तान को लेकर एक तय नीति होनी चाहिए। कभी आप 56 इंच की छाती का हवाला देते हो, कभी बिरयानी खाने जन्मदिन पर पहुंच जाते हो।" उनके मुताबिक़ केंद्र को ऑल पार्टी मीटिंग कर ये तय करना चाहिए कि आगे क्या रास्ता इख़्तियार किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार भी चाहती थी कि कश्मीर के मुद्दे पर बहस हो क्योंकि वो अपना पक्ष सदन के सामने रखना चाहती थी। साथ में ये भी बताना चाहती थी कि घाटी में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए बीजेपी नहीं बल्कि वो पार्टियां जिम्मेदार हैं जिन्होंने वहां पर कई सालों तक राज किया। अब कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा 20 जुलाई को लोकसभा में होगी।
उन्होंने कहा कि जो जनमत संग्रह की बात करते हैं, वो लोगों को बरगलाते हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा, "जनमत संग्रह की बात अब आउट डेटेड हो चुकी है।" गृह मंत्री के मुताबिक़ वो बार बार सुरक्षा बलों को संयम बरतने की हिदायत देते आए हैं। उन्होंने सदन को बताया, "मैंने उन्हें बार बार कहा है कि अतिरिक्त बल का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।"
इससे पहले राज्यसभा में कश्मीर पर बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई ज़रूरी है, लेकिन आतंकी और अवाम का फ़र्क ध्यान में रखना ज़रूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समय राज्य में भरोसे का जो माहौल बना था, उसे सत्ताधारी नेताओं के भड़काऊ बयानों ने बिगाड़ दिया है। गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हालत जो हैं वो 1990 से भी ख़राब हैं। वहां हम लोगों ने कितना कुछ किया लेकिन मौजूद स्थिति में लोग वहां ख़ुश नहीं हैं और वहां की हुकूमत इसके लिए जिम्मेदार है।" बीजेपी की ओर से अरुण जेटली ने राज्य में कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि लड़ाई देश और अलगाववाद के बीच है और इस लड़ाई में बाहरी ताकतों की भूमिका है। पाकिस्तान इसे हवा दे रहा है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "घाटी में हालत इसलिए खराब नहीं क्योंकि वहां बीजेपी और पीडीपी की सरकार है। वहां लड़ाई अलगवादियों और देश के बीच की है।" उनके मुताबिक़ पाकिस्तान इस बात को हज़म नहीं कर पाया कि कश्मीर भारत का हिस्सा है इसलिए वो रह रह कर लोगों को उकसाने की कोशिश करता है। जबकि लेफ्ट की ओर सीताराम येचुरी ने बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि कश्मीरी नौजवानों के असंतोष को दूर करना ज़रूरी है।टिप्पणियां
सीताराम येचुरी ने कहा, "पाकिस्तान को लेकर एक तय नीति होनी चाहिए। कभी आप 56 इंच की छाती का हवाला देते हो, कभी बिरयानी खाने जन्मदिन पर पहुंच जाते हो।" उनके मुताबिक़ केंद्र को ऑल पार्टी मीटिंग कर ये तय करना चाहिए कि आगे क्या रास्ता इख़्तियार किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार भी चाहती थी कि कश्मीर के मुद्दे पर बहस हो क्योंकि वो अपना पक्ष सदन के सामने रखना चाहती थी। साथ में ये भी बताना चाहती थी कि घाटी में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए बीजेपी नहीं बल्कि वो पार्टियां जिम्मेदार हैं जिन्होंने वहां पर कई सालों तक राज किया। अब कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा 20 जुलाई को लोकसभा में होगी।
इससे पहले राज्यसभा में कश्मीर पर बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई ज़रूरी है, लेकिन आतंकी और अवाम का फ़र्क ध्यान में रखना ज़रूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समय राज्य में भरोसे का जो माहौल बना था, उसे सत्ताधारी नेताओं के भड़काऊ बयानों ने बिगाड़ दिया है। गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हालत जो हैं वो 1990 से भी ख़राब हैं। वहां हम लोगों ने कितना कुछ किया लेकिन मौजूद स्थिति में लोग वहां ख़ुश नहीं हैं और वहां की हुकूमत इसके लिए जिम्मेदार है।" बीजेपी की ओर से अरुण जेटली ने राज्य में कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि लड़ाई देश और अलगाववाद के बीच है और इस लड़ाई में बाहरी ताकतों की भूमिका है। पाकिस्तान इसे हवा दे रहा है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "घाटी में हालत इसलिए खराब नहीं क्योंकि वहां बीजेपी और पीडीपी की सरकार है। वहां लड़ाई अलगवादियों और देश के बीच की है।" उनके मुताबिक़ पाकिस्तान इस बात को हज़म नहीं कर पाया कि कश्मीर भारत का हिस्सा है इसलिए वो रह रह कर लोगों को उकसाने की कोशिश करता है। जबकि लेफ्ट की ओर सीताराम येचुरी ने बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि कश्मीरी नौजवानों के असंतोष को दूर करना ज़रूरी है।टिप्पणियां
सीताराम येचुरी ने कहा, "पाकिस्तान को लेकर एक तय नीति होनी चाहिए। कभी आप 56 इंच की छाती का हवाला देते हो, कभी बिरयानी खाने जन्मदिन पर पहुंच जाते हो।" उनके मुताबिक़ केंद्र को ऑल पार्टी मीटिंग कर ये तय करना चाहिए कि आगे क्या रास्ता इख़्तियार किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार भी चाहती थी कि कश्मीर के मुद्दे पर बहस हो क्योंकि वो अपना पक्ष सदन के सामने रखना चाहती थी। साथ में ये भी बताना चाहती थी कि घाटी में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए बीजेपी नहीं बल्कि वो पार्टियां जिम्मेदार हैं जिन्होंने वहां पर कई सालों तक राज किया। अब कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा 20 जुलाई को लोकसभा में होगी।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "घाटी में हालत इसलिए खराब नहीं क्योंकि वहां बीजेपी और पीडीपी की सरकार है। वहां लड़ाई अलगवादियों और देश के बीच की है।" उनके मुताबिक़ पाकिस्तान इस बात को हज़म नहीं कर पाया कि कश्मीर भारत का हिस्सा है इसलिए वो रह रह कर लोगों को उकसाने की कोशिश करता है। जबकि लेफ्ट की ओर सीताराम येचुरी ने बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि कश्मीरी नौजवानों के असंतोष को दूर करना ज़रूरी है।टिप्पणियां
सीताराम येचुरी ने कहा, "पाकिस्तान को लेकर एक तय नीति होनी चाहिए। कभी आप 56 इंच की छाती का हवाला देते हो, कभी बिरयानी खाने जन्मदिन पर पहुंच जाते हो।" उनके मुताबिक़ केंद्र को ऑल पार्टी मीटिंग कर ये तय करना चाहिए कि आगे क्या रास्ता इख़्तियार किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार भी चाहती थी कि कश्मीर के मुद्दे पर बहस हो क्योंकि वो अपना पक्ष सदन के सामने रखना चाहती थी। साथ में ये भी बताना चाहती थी कि घाटी में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए बीजेपी नहीं बल्कि वो पार्टियां जिम्मेदार हैं जिन्होंने वहां पर कई सालों तक राज किया। अब कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा 20 जुलाई को लोकसभा में होगी।
सीताराम येचुरी ने कहा, "पाकिस्तान को लेकर एक तय नीति होनी चाहिए। कभी आप 56 इंच की छाती का हवाला देते हो, कभी बिरयानी खाने जन्मदिन पर पहुंच जाते हो।" उनके मुताबिक़ केंद्र को ऑल पार्टी मीटिंग कर ये तय करना चाहिए कि आगे क्या रास्ता इख़्तियार किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार भी चाहती थी कि कश्मीर के मुद्दे पर बहस हो क्योंकि वो अपना पक्ष सदन के सामने रखना चाहती थी। साथ में ये भी बताना चाहती थी कि घाटी में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए बीजेपी नहीं बल्कि वो पार्टियां जिम्मेदार हैं जिन्होंने वहां पर कई सालों तक राज किया। अब कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा 20 जुलाई को लोकसभा में होगी।
केंद्र सरकार भी चाहती थी कि कश्मीर के मुद्दे पर बहस हो क्योंकि वो अपना पक्ष सदन के सामने रखना चाहती थी। साथ में ये भी बताना चाहती थी कि घाटी में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए बीजेपी नहीं बल्कि वो पार्टियां जिम्मेदार हैं जिन्होंने वहां पर कई सालों तक राज किया। अब कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा 20 जुलाई को लोकसभा में होगी।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'जो कुछ भी भारत में हो रहा है वो पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड है'
'जो जनमत संग्रह की बात करते हैं, वो लोगों को बरगलाते हैं'
'भारतीय मुसलमानों की फिक्र करना छोड़ दे पाकिस्तान'
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['hin']
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