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इस पाठ का सारांश बनाएं: समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' के अनुसार इंसिनिटेस यूनियन स्कूल के डिस्ट्रीक्ट सुपरिटेंडेट टिमोथी बेयर्ड ने कहा, "हमारे स्कूलों में यह 21वीं सदी की शारीरिक शिक्षा है।"
अभिभावकों के समूह के विरोध के बावजूद योग की शिक्षा को जनवरी में जिलावार शुरू किया जाएगा और इसमें सभी 5000 छात्र शामिल होंगे।
हफ्ते ने दो दिन 30-30 मिनट तक योग की शिक्षा देने वाले बेयर्ड ने कहा, "यह शारीरिक है। इससे मजबूती आती है। इससे लचीलापन आता है और तनाव घटाने में मदद मिलती है।"टिप्पणियां
अभिभावकों ने योग की शिक्षा को धार्मिक उपदेश से जोड़ा। अभिभावकों का मानना है कि इससे उनके बच्चे हिंदू धर्म की तरफ मुड़ सकते हैं।
ऐसी ही एक अभिभावक मेरी एडी ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "यह केवल शारीरिक शिक्षा भर नहीं है। वे बच्चों को कैसा चिंतन किया जाए और कैसे निर्णय लिए जाएं इसकी शिक्षा दे रहे हैं।" मेडी का मानना है कि यह अष्टांग योग का भाग है।
अभिभावकों के समूह के विरोध के बावजूद योग की शिक्षा को जनवरी में जिलावार शुरू किया जाएगा और इसमें सभी 5000 छात्र शामिल होंगे।
हफ्ते ने दो दिन 30-30 मिनट तक योग की शिक्षा देने वाले बेयर्ड ने कहा, "यह शारीरिक है। इससे मजबूती आती है। इससे लचीलापन आता है और तनाव घटाने में मदद मिलती है।"टिप्पणियां
अभिभावकों ने योग की शिक्षा को धार्मिक उपदेश से जोड़ा। अभिभावकों का मानना है कि इससे उनके बच्चे हिंदू धर्म की तरफ मुड़ सकते हैं।
ऐसी ही एक अभिभावक मेरी एडी ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "यह केवल शारीरिक शिक्षा भर नहीं है। वे बच्चों को कैसा चिंतन किया जाए और कैसे निर्णय लिए जाएं इसकी शिक्षा दे रहे हैं।" मेडी का मानना है कि यह अष्टांग योग का भाग है।
हफ्ते ने दो दिन 30-30 मिनट तक योग की शिक्षा देने वाले बेयर्ड ने कहा, "यह शारीरिक है। इससे मजबूती आती है। इससे लचीलापन आता है और तनाव घटाने में मदद मिलती है।"टिप्पणियां
अभिभावकों ने योग की शिक्षा को धार्मिक उपदेश से जोड़ा। अभिभावकों का मानना है कि इससे उनके बच्चे हिंदू धर्म की तरफ मुड़ सकते हैं।
ऐसी ही एक अभिभावक मेरी एडी ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "यह केवल शारीरिक शिक्षा भर नहीं है। वे बच्चों को कैसा चिंतन किया जाए और कैसे निर्णय लिए जाएं इसकी शिक्षा दे रहे हैं।" मेडी का मानना है कि यह अष्टांग योग का भाग है।
अभिभावकों ने योग की शिक्षा को धार्मिक उपदेश से जोड़ा। अभिभावकों का मानना है कि इससे उनके बच्चे हिंदू धर्म की तरफ मुड़ सकते हैं।
ऐसी ही एक अभिभावक मेरी एडी ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "यह केवल शारीरिक शिक्षा भर नहीं है। वे बच्चों को कैसा चिंतन किया जाए और कैसे निर्णय लिए जाएं इसकी शिक्षा दे रहे हैं।" मेडी का मानना है कि यह अष्टांग योग का भाग है।
ऐसी ही एक अभिभावक मेरी एडी ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "यह केवल शारीरिक शिक्षा भर नहीं है। वे बच्चों को कैसा चिंतन किया जाए और कैसे निर्णय लिए जाएं इसकी शिक्षा दे रहे हैं।" मेडी का मानना है कि यह अष्टांग योग का भाग है। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के कैलीफोर्निया शहर में कुछ अभिभावकों ने छात्रों को योग की शिक्षा देने का विरोध किया। अभिभावकों का कहना था कि योग की शिक्षा से उनके बच्चे पूर्वी धर्मों की तरफ मुड़ सकते हैं। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाकर दुष्कर्म का शिकार हुई पांच वर्ष की बच्ची का हालचाल लिया। यह जानकारी विश्वस्त सूत्रों ने दी।
सूत्रों के मुताबिक गांधी ने बच्ची के माता-पिता से मुलाकात की और चिकित्सकों से उसकी हालत के बारे में जानकारी ली।टिप्पणियां
बच्ची को उसके पड़ोसी ने 15 अप्रैल को अगवा किया था और दो दिनों तक भूखा प्यासा रख कर उसके साथ दुष्कर्म किया। रोने की आवाज सुनकर बच्ची के परिवार वालों ने आरोपी के घर से उसे निकाला। यह वारदात पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में हुई।
बच्ची को पहले स्वामी दयानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से शुक्रवार को उसे एम्स लाया गया।
सूत्रों के मुताबिक गांधी ने बच्ची के माता-पिता से मुलाकात की और चिकित्सकों से उसकी हालत के बारे में जानकारी ली।टिप्पणियां
बच्ची को उसके पड़ोसी ने 15 अप्रैल को अगवा किया था और दो दिनों तक भूखा प्यासा रख कर उसके साथ दुष्कर्म किया। रोने की आवाज सुनकर बच्ची के परिवार वालों ने आरोपी के घर से उसे निकाला। यह वारदात पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में हुई।
बच्ची को पहले स्वामी दयानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से शुक्रवार को उसे एम्स लाया गया।
बच्ची को उसके पड़ोसी ने 15 अप्रैल को अगवा किया था और दो दिनों तक भूखा प्यासा रख कर उसके साथ दुष्कर्म किया। रोने की आवाज सुनकर बच्ची के परिवार वालों ने आरोपी के घर से उसे निकाला। यह वारदात पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में हुई।
बच्ची को पहले स्वामी दयानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से शुक्रवार को उसे एम्स लाया गया।
बच्ची को पहले स्वामी दयानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से शुक्रवार को उसे एम्स लाया गया। | यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाकर दुष्कर्म का शिकार हुई पांच वर्ष की बच्ची का हालचाल लिया। यह जानकारी विश्वस्त सूत्रों ने दी। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बड़े-बड़े अपराधियों और नक्सलियों का सामना कर उनके छक्के छुड़ाने वाली वाली उत्तर प्रदेश पुलिस एक थाने के 'भुतहा कक्ष' से डरती है। डर इस कदर कि कोई उसमें जाना नहीं चाहता, जिसके कारण यह पिछले 10 साल से खाली पड़ा है। देविरया जिले के तरकुलवा पुलिस थाने के प्रभारी (एसएचओ) का कार्यालय 2001 से ही बंद पड़ा है। कहा जाता है कि यहां एक मौलाना की आत्मा का वास है। जो भी इसमें काबिज होने की इच्छा करता है उसका नुकसान हो जाता है। तरकुलवा थाने के वर्तमान प्रभारी उपेंद्र यादव ने कहा, "सालों से इसी डर के कारण कोई भी प्रभारी इस कक्ष में जाने का प्रयास नहीं करता। अपने पूर्व अधिकारियों की तरह मैं भी इस कक्ष का प्रयोग नहीं करता।" छह महीने पहले कानपुर से स्थानांतरित होकर यहां आए यादव सुसज्जित कार्यालय होने के बावजूद थाने के एक बरामदे में कुर्सी-मेज लगवाकर सरकारी कामकाज निपटाते हैं। थाने के कर्मचारियों के मुताबिक, जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तरकुलवा थाने के प्रभारियों को कक्ष से कामकाज करने के लिए प्रोत्साहित करने की हरसम्भव कोशशि की, लेकिन बात नहीं बनी। थाने के एक पुलिसकर्मी ने बताया कि पूर्व पुलिस अधीक्षक ने प्रभारी कक्ष को प्रेतात्मा से मुक्त कराने के लिए थाने में हवन और पूजा-पाठ भी करवाया था, ताकि थानेदारों के मन से भूत का डर समाप्त हो जाए और वह कार्यालय में बैठकर कामकाज कर सकें। लेकिन उनका यह प्रयास निर्थक साबित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी के कार्यालय में एक मौलवी मौलाना बाबा की आत्मा निवास करती है, जिसकी करीब 20 साल पहले थाने से कुछ मीटर की दूरी पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। स्थानीय नागरिक जीडी द्विवेदी के अनुसार, कहा जाता है कि गम्भीर रूप से घायल बाबा कई घंटे तक पुलिस स्टेशन के पास पड़े रहे लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली और उनकी उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनकी आत्मा थाने में प्रभारी के कार्यालय में रहने लगी। थाना प्रभारी उपेंद्र यादव ने इस घटना के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की और कहा, "मुझे नहीं पता कि यह कितना सही या गलत है। चूंकि इससे लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, इसिलए मैं इसका सम्मान करता हूं।" इस बारे में देविरया के पुलिस अधीक्षक डीके चौधरी ने कहा, "समस्या के समाधान की कोशिश की जा रही है। जरूरत पड़ने पर प्रभारी कक्ष को दूसरे भवन में स्थानांतरित किया जा सकता है।" | सारांश: बड़े-बड़े अपराधियों और नक्सलियों का सामना कर उनके छक्के छुड़ाने वाली वाली उत्तर प्रदेश पुलिस एक थाने के 'भुतहा कक्ष' से डरती है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण की अधिसूचना बृहस्पतिवार को जारी होगी। इस चरण में वाम मोर्चा के गढ़ सिंगूर और नंदीग्राम सहित कुछ अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में बयार बदली हुई नजर आ रही है। निर्वाचन आयोग हावड़ा, हुगली, पूर्वी मिदनापुर और बर्दवान जिलों में 63 विधानसभा सीटों पर तीन मई को होने वाले मतदान के लिए अधिसूचना जारी करेगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 14 अप्रैल है। नामांकन पत्रों की जांच 16 अप्रैल को होगी और नाम वापस लेने की तारीख 18 अप्रैल है। हुगली जिले में 18 विधानसभा सीटें हैं जो पिछले तीन दशकों से वाम मोर्चे का गढ़ रहा है। वर्ष 2006 में वाम मोर्चे ने अधिकतर सीटों पर कामायाबी हासिल की थी लेकिन वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की बनी पैठ के चलते राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के वर्ष 2006 और 2008 के दौरान जिले के सिंगूर इलाके में वाहन निर्मात कम्पनी 'टाटा मोटर्स' के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे जमीन अधिग्रहण का विरोध करने पर हिंसा भड़क उठी थी। विपक्ष के विरोध के कारण 'टाटा मोटर्स' को अपने संयंत्र को गुजरात ले जाना पड़ा था। सिंगूर इलाके में राजनीतिक प्रदर्शनों के कारण वाम मोर्चा की पकड़ कमजोर पड़ी है जबकि तृणमूल कांग्रेस इसके साथ और मजबूत हुई है। पूर्वी मिदनापुर जिले में 16 विधानसभा सीटें भी पिछले तीन दशकों से वाम मोर्चे के प्रभाव में रही हैं लेकिन नंदीग्राम में एक रासायनिक कारखाने को लगाने के लिए सरकार की तरफ से हरी झंडी दिए जाने का तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों ने विरोध किया। किसानों के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2008 में पूर्वी मिदनापुर जिले में ग्रामीण निकाय चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को भारी कामयाबी मिली थी। इसके साथ ही विपक्ष ने वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव में भी सफलता हासिल की थी। हावड़ा जिले में 16 विधानसभा सीटें हैं जिन पर पिछले तीन दशकों से वाम मोर्चे का कब्जा रहा है लेकिन वर्ष 2009 के लोकसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा चौथे चरण में बर्दवान के 25 विधानसभा सीटों में से 13 पर मतदान होंगे। | सारांश: इस चरण में वाम मोर्चा के गढ़ सिंगूर और नंदीग्राम सहित कुछ अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में बयार बदली हुई नजर आ रही है। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सावन माह के चौथे और अंतिम सोमवार के मौके पर बिहार के देवघर के नाम से प्रसिद्ध लखीसराय जिले के ऐतिहासिक इन्द्रदमनेश्वर महादेव अशोक धाम मंदिर में शिवभक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा. पुलिस की लापरवाही के कारण एक बड़ी घटना हो गई है. लंबी लाइन में अचानक भगदड़ होने से एक कांवरिया की मौत हो गई और दर्जनों शिवभक्त घायल हो गए. मौके पर इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष, सह जिलाधिकारी शोभेन्द्र कुमार चौधरी और पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार पहुंचे और वह स्थिति को सामान्य करने में जुटे हैं. लाखों लोगों की भीड़ जुटने की वजह से सभी बैरिकेडिंग टूट गए.
Jio GigaFiber Plan: 700 रुपये से शुरू होगा जियो गीगाफाइबर प्लान, रिलीज के दिन ही TV पर देख सकेंगे नई फिल्में
लखीसराय के अशोक धाम इंद्र दमनेश्वर महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार के मौके पर रिकॉर्ड भीड़ थी. प्रशासन द्वारा एहतियातन व्यवस्था भी की गई थी लेकिन भीड़ के आगे तमाम व्यवस्थाएं फेल हो गईं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सभी बैरिकेडिंग टूट गए थे और बैरिकेडिंग टूटने के बाद लोग इधर-उधर भागने लगे.
नोएडा : दो युवतियों के अपहरण की कोशिश कर रहे 4 युवकों से भिड़ा रेहड़ीवाला
अचानक वहां किसी बात को लेकर अफवाह फैली और भगदड़ मच गई. भगदड़ में एक बुजुर्ग श्रद्धालु की कुचलने के कारण मौत हो गई है जबकि 8 लोग बेहोश बताए जा रहे हैं. घायलों को उपचार के लिए लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया है. | यहाँ एक सारांश है:लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़
पुलिस की लापरवाही के कारण हुई बड़ी घटना
एक कांवरिया की मौत और दर्जनों शिवभक्त घायल | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेता अनिल कपूर ने कहा है कि 'नायक रिटर्न्स' उनकी पहले की फिल्म 'नायक' सीक्वल नहीं, बल्कि एक दम नए विषय पर आधारित फिल्म होगी।
2001 में रिलीज हुई 'नायक' एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर थी, जिसमें अनिल कपूर के अलावा रानी मुखर्जी और अमरीश पुरी की अहम भूमिकाएं थीं। यह फिल्म एस शंकर की तमिल फिल्म ‘मुधावलन’ की रीमेक थी।टिप्पणियां
अनिल ने कहा, मैंने अभी 'नायक रिटर्न्स' फिल्म साइन की है। यह 'नायक' का सीक्वल नहीं है। यह फिल्म एकदम नए विषय पर आधारित है, लेकिन इसमें और पुरानी फिल्म में कुछ समानताएं हैं। दोनों फिल्मों के किरदार समान हैं। हम कुछ विशेष करने की कोशिश करेंगे।
अनिल कपूर अभिषेक शर्मा द्वारा निर्देशित 'शर्मा जी का एटम बम' में भी दिखाई देंगें। यह हास्य फिल्म साल के अंत में रिलीज होगी। ऐसा बताया जा रहा है कि इस फिल्म में तब्बू भी होंगी। अनिल राजकुमार संतोषी के साथ विभाजन पर आधारित फिल्म करने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, राजकुमार संतोषी की यह एक काफी महत्वाकांक्षी फिल्म है और इसमें मेरी बेहतरीन भूमिका है। मैंने अब तक जितनी भूमिकाएं निभाई हैं, उनमें यह सर्वश्रेष्ठ है।
2001 में रिलीज हुई 'नायक' एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर थी, जिसमें अनिल कपूर के अलावा रानी मुखर्जी और अमरीश पुरी की अहम भूमिकाएं थीं। यह फिल्म एस शंकर की तमिल फिल्म ‘मुधावलन’ की रीमेक थी।टिप्पणियां
अनिल ने कहा, मैंने अभी 'नायक रिटर्न्स' फिल्म साइन की है। यह 'नायक' का सीक्वल नहीं है। यह फिल्म एकदम नए विषय पर आधारित है, लेकिन इसमें और पुरानी फिल्म में कुछ समानताएं हैं। दोनों फिल्मों के किरदार समान हैं। हम कुछ विशेष करने की कोशिश करेंगे।
अनिल कपूर अभिषेक शर्मा द्वारा निर्देशित 'शर्मा जी का एटम बम' में भी दिखाई देंगें। यह हास्य फिल्म साल के अंत में रिलीज होगी। ऐसा बताया जा रहा है कि इस फिल्म में तब्बू भी होंगी। अनिल राजकुमार संतोषी के साथ विभाजन पर आधारित फिल्म करने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, राजकुमार संतोषी की यह एक काफी महत्वाकांक्षी फिल्म है और इसमें मेरी बेहतरीन भूमिका है। मैंने अब तक जितनी भूमिकाएं निभाई हैं, उनमें यह सर्वश्रेष्ठ है।
अनिल ने कहा, मैंने अभी 'नायक रिटर्न्स' फिल्म साइन की है। यह 'नायक' का सीक्वल नहीं है। यह फिल्म एकदम नए विषय पर आधारित है, लेकिन इसमें और पुरानी फिल्म में कुछ समानताएं हैं। दोनों फिल्मों के किरदार समान हैं। हम कुछ विशेष करने की कोशिश करेंगे।
अनिल कपूर अभिषेक शर्मा द्वारा निर्देशित 'शर्मा जी का एटम बम' में भी दिखाई देंगें। यह हास्य फिल्म साल के अंत में रिलीज होगी। ऐसा बताया जा रहा है कि इस फिल्म में तब्बू भी होंगी। अनिल राजकुमार संतोषी के साथ विभाजन पर आधारित फिल्म करने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, राजकुमार संतोषी की यह एक काफी महत्वाकांक्षी फिल्म है और इसमें मेरी बेहतरीन भूमिका है। मैंने अब तक जितनी भूमिकाएं निभाई हैं, उनमें यह सर्वश्रेष्ठ है।
अनिल कपूर अभिषेक शर्मा द्वारा निर्देशित 'शर्मा जी का एटम बम' में भी दिखाई देंगें। यह हास्य फिल्म साल के अंत में रिलीज होगी। ऐसा बताया जा रहा है कि इस फिल्म में तब्बू भी होंगी। अनिल राजकुमार संतोषी के साथ विभाजन पर आधारित फिल्म करने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, राजकुमार संतोषी की यह एक काफी महत्वाकांक्षी फिल्म है और इसमें मेरी बेहतरीन भूमिका है। मैंने अब तक जितनी भूमिकाएं निभाई हैं, उनमें यह सर्वश्रेष्ठ है। | संक्षिप्त सारांश: 2001 में रिलीज हुई 'नायक' एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर थी, जिसमें अनिल कपूर के अलावा रानी मुखर्जी और अमरीश पुरी की अहम भूमिकाएं थीं। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अब गरीबों को मुफ्त सिलिंडर तभी मिलेगा जब उनके पास आधार कार्ड होगा. लेफ्ट पार्टियां और तृणमूल कांग्रेस सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही हैं. प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत फ्री एलपीजी कनेक्शन के लिए अब आधार कार्ड जरूरी है. इसके पहले मिड डे मील को भी आधार से जोड़ा गया है. विपक्ष अब इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है. एनडीटीवी से बातचीत में तृणमूल संसदीय दल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उनकी पार्टी गुरुवार को फिर शुरू हो रहे बजट सत्र में दूसरे विपक्षी दलों के साथ यह मामला जोर-शोर से उठाएगी.
डेरेक ओ-ब्रायन ने कहा , "पहले मिड-जे मील स्कीम, आईसीडीसी...अब खबर है कि उज्जवला योजना को भी आधार से जोड़ा जा रहा है...हम इससे विशेष तौर पर चिंतित हैं और संसद में दूसरे विपक्षी दलों से साझा रणनीति बनाकर संसद में उठाएंगे." डेरेक ने दावा किया कि देश में करीब 30 करोड़ लोगों के पास आधार नहीं हैं और इसमें 90% बच्चे हैं. इस मसले पर लेफ्ट भी नाराज है...और इसे संसद में उठाने की तैयारी कर रहा है.टिप्पणियां
सीपीएम सांसद तपन सेन ने कहा, "बंगाल में मिड-डे मील स्कीम या कोई दूसरी योजना आधार से जोड़ी जाती है तो उससे बड़ी संख्या में गरीबों को इसका फायदा नहीं मिल पाएगा."
बजट सत्र का दूसरा दौर शुरू होने से ठीक पहले सरकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का फैसला सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है. एक तरफ सरकार महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को आधार से जोड़ने की कवायद में जुटी है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसके खिलाफ लामबंद होता दिख रहा है. अब देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष के इस विरोध से कैसे निपटती है.
डेरेक ओ-ब्रायन ने कहा , "पहले मिड-जे मील स्कीम, आईसीडीसी...अब खबर है कि उज्जवला योजना को भी आधार से जोड़ा जा रहा है...हम इससे विशेष तौर पर चिंतित हैं और संसद में दूसरे विपक्षी दलों से साझा रणनीति बनाकर संसद में उठाएंगे." डेरेक ने दावा किया कि देश में करीब 30 करोड़ लोगों के पास आधार नहीं हैं और इसमें 90% बच्चे हैं. इस मसले पर लेफ्ट भी नाराज है...और इसे संसद में उठाने की तैयारी कर रहा है.टिप्पणियां
सीपीएम सांसद तपन सेन ने कहा, "बंगाल में मिड-डे मील स्कीम या कोई दूसरी योजना आधार से जोड़ी जाती है तो उससे बड़ी संख्या में गरीबों को इसका फायदा नहीं मिल पाएगा."
बजट सत्र का दूसरा दौर शुरू होने से ठीक पहले सरकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का फैसला सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है. एक तरफ सरकार महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को आधार से जोड़ने की कवायद में जुटी है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसके खिलाफ लामबंद होता दिख रहा है. अब देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष के इस विरोध से कैसे निपटती है.
सीपीएम सांसद तपन सेन ने कहा, "बंगाल में मिड-डे मील स्कीम या कोई दूसरी योजना आधार से जोड़ी जाती है तो उससे बड़ी संख्या में गरीबों को इसका फायदा नहीं मिल पाएगा."
बजट सत्र का दूसरा दौर शुरू होने से ठीक पहले सरकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का फैसला सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है. एक तरफ सरकार महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को आधार से जोड़ने की कवायद में जुटी है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसके खिलाफ लामबंद होता दिख रहा है. अब देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष के इस विरोध से कैसे निपटती है.
बजट सत्र का दूसरा दौर शुरू होने से ठीक पहले सरकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का फैसला सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है. एक तरफ सरकार महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को आधार से जोड़ने की कवायद में जुटी है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसके खिलाफ लामबंद होता दिख रहा है. अब देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष के इस विरोध से कैसे निपटती है. | मुफ्त सिलिंडर के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता का विरोध
वामपंथी दल और तृणमूल कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में
देश में करीब 30 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड नहीं | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने रविवार को घोषणा की कि वह मंगलवार को दिल्ली की लड़की अर्चना के साथ शादी करेंगे। अराफुरा खेलों में कांस्य पदक जीतकर स्वदेश लौटे इस ओलिंपिक और विश्व चैम्पियनशिप के पदक विजेता मुक्केबाज ने स्वीकार किया कि वह भिवानी में अपने पैतृक गांव कालूवास में मंगलवार को शादी करेंगे। विजेंदर ने रविवार सुबह यहां पहुंचने के बाद कहा, मैं 17 मई को शादी कर रहा हूं। मेरी होने वाली पत्नी का नाम अर्चना है और वह दिल्ली की रहने वाली है और मैं उसके बारे में सिर्फ इतना ही कहना चाहता हूं। पिछले साल एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले हरियाणा के इस 25 वर्षीय मुक्केबाज ने इससे पहले अपनी शादी की खबरों का खंडन किया था। उन्होंने कहा, मैं जब तक ऑस्ट्रेलिया में था, तब तक इसे जाहिर नहीं करना चाहता था, क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरी मंगेतर के परिवार और मेरे परिवार को मीडिया परेशान करे। विजेंदर ने कहा, यह मेरे जीवन का नया अध्याय है और बेशक मैं उत्सुक हूं। यह ऐसी बाउट है, जिसमें हारना ही जीत है। शादी के बाद विजेंदर का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। इस मुक्केबाज को ओलिंपिक क्वालीफायर्स की तैयारी करनी है, जिसकी शुरुआत सितंबर में विश्व चैम्पियनशिप के साथ होगी। इस मुक्केबाज ने अराफुरा खेलों में 81 किग्रा लाइट हैवीवेट वर्ग में शिरकत की थी, जो उनके नियमित वजन वर्ग से अधिक है। वह हालांकि आगामी स्पर्धाओं में 75 किग्रा मिडलवेट वर्ग में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक प्रयोग था और मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। मिडलवेट में मैं दुनिया का नंबर एक मुक्केबाज हूं। मैं अगले महीने होने वाली एशियाई चैम्पियनशिप सहित आगामी स्पर्धाओं में मिडलवेट में ही हिस्सा लूंगा। | यह एक सारांश है: भारत के स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने घोषणा की कि वह मंगलवार को दिल्ली की लड़की अर्चना के साथ भिवानी में अपने पैतृक गांव कालूवास में शादी करेंगे। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इटावा-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर लखनऊ से दिल्ली जा रही राज्य परिवहन निगम की वातानुकूलित बस ओवरटेक करते समय सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई, जिससे एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार महिलाओं सहित 12 लोग घायल हो गए.
अपर पुलिस अधीक्षक राम किशन यादव ने बताया कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आज तड़के पांच बजे लखनऊ से दिल्ली जा रही राज्य परिवहन निगम की जनरथ एक्सप्रेस वातानुकूलित यात्री बस ओवरटेक करते समय सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि दुर्घटना में एक युवक (25) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि चार महिलाएं और आठ पुरूष गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपर पुलिस अधीक्षक राम किशन यादव ने बताया कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आज तड़के पांच बजे लखनऊ से दिल्ली जा रही राज्य परिवहन निगम की जनरथ एक्सप्रेस वातानुकूलित यात्री बस ओवरटेक करते समय सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि दुर्घटना में एक युवक (25) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि चार महिलाएं और आठ पुरूष गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि दुर्घटना में एक युवक (25) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि चार महिलाएं और आठ पुरूष गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:बस ओवरटेक करते समय सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई.
घटना में चार महिलाएं और आठ पुरूष गंभीर रूप से घायल हो गए.
लखनऊ से दिल्ली जा रही थी बस. | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गौतम गंभीर गेंदबाजी की अनुकूल पिच पर एक बार फिर नाकाम रहे, जिससे कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी ग्रुप मैच में शनिवार को दिल्ली को ढाई दिन के भीतर ही पारी और 160 रन की करारी शिकस्त दी.
वर्ष 2012-13 सत्र में पदार्पण करने के बाद वापसी कर रहे ऑफ स्पिनर के. गौतम ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 35 रन देकर पांच विकेट चटकाए. उन्होंने मैच में 61 रन देकर आठ विकेट हासिल किए. उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया.
दिल्ली ने दूसरी पारी की शुरुआत 324 रन से पिछड़कर की. पहली पारी में 90 रन बनाने वाली दिल्ली की टीम दूसरी पारी में भी लंच ब्रेक के 50 मिनट बाद 164 रन पर सिमट गई.
आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलने वाले गौतम गंभीर की मौजूदगी भी दिल्ली को प्रेरित नहीं कर सकी. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दोनों पारियों में दो-दो रन बनाए. उन्होंने अभिमन्यु मिथुन की गेंद पर स्लिप में रॉबिन उथप्पा को कैच थमाया.टिप्पणियां
कर्नाटक को मैच में बोनस अंक मिला और वह कुल 10 अंक के साथ अभी ग्रुप बी में शीर्ष पर है. दिल्ली के आठ अंक हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्ष 2012-13 सत्र में पदार्पण करने के बाद वापसी कर रहे ऑफ स्पिनर के. गौतम ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 35 रन देकर पांच विकेट चटकाए. उन्होंने मैच में 61 रन देकर आठ विकेट हासिल किए. उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया.
दिल्ली ने दूसरी पारी की शुरुआत 324 रन से पिछड़कर की. पहली पारी में 90 रन बनाने वाली दिल्ली की टीम दूसरी पारी में भी लंच ब्रेक के 50 मिनट बाद 164 रन पर सिमट गई.
आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलने वाले गौतम गंभीर की मौजूदगी भी दिल्ली को प्रेरित नहीं कर सकी. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दोनों पारियों में दो-दो रन बनाए. उन्होंने अभिमन्यु मिथुन की गेंद पर स्लिप में रॉबिन उथप्पा को कैच थमाया.टिप्पणियां
कर्नाटक को मैच में बोनस अंक मिला और वह कुल 10 अंक के साथ अभी ग्रुप बी में शीर्ष पर है. दिल्ली के आठ अंक हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली ने दूसरी पारी की शुरुआत 324 रन से पिछड़कर की. पहली पारी में 90 रन बनाने वाली दिल्ली की टीम दूसरी पारी में भी लंच ब्रेक के 50 मिनट बाद 164 रन पर सिमट गई.
आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलने वाले गौतम गंभीर की मौजूदगी भी दिल्ली को प्रेरित नहीं कर सकी. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दोनों पारियों में दो-दो रन बनाए. उन्होंने अभिमन्यु मिथुन की गेंद पर स्लिप में रॉबिन उथप्पा को कैच थमाया.टिप्पणियां
कर्नाटक को मैच में बोनस अंक मिला और वह कुल 10 अंक के साथ अभी ग्रुप बी में शीर्ष पर है. दिल्ली के आठ अंक हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलने वाले गौतम गंभीर की मौजूदगी भी दिल्ली को प्रेरित नहीं कर सकी. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दोनों पारियों में दो-दो रन बनाए. उन्होंने अभिमन्यु मिथुन की गेंद पर स्लिप में रॉबिन उथप्पा को कैच थमाया.टिप्पणियां
कर्नाटक को मैच में बोनस अंक मिला और वह कुल 10 अंक के साथ अभी ग्रुप बी में शीर्ष पर है. दिल्ली के आठ अंक हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कर्नाटक को मैच में बोनस अंक मिला और वह कुल 10 अंक के साथ अभी ग्रुप बी में शीर्ष पर है. दिल्ली के आठ अंक हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:दूसरी पारी में दिल्ली की टीम 164 रन पर ऑल आउट
कर्नाटक के ऑफ स्पिनर के. गौतम बने मैन ऑफ द मैच
कर्नाटक 10 अंक के साथ ग्रुप बी में शीर्ष पर | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शरणार्थी से 12वें प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर सम्भालने वाले इंद्र कुमार गुजराल का शुक्रवार को लम्बी बीमारी के बाद गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर देश-विदेश से शोक संदेशों का तांता लगा रहा। गुजराल के निधन पर सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
गुजराल का अंतिम संस्कार शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ तीन बजे होगा। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान 5 जनपथ पर लोगों के दर्शनार्थ रखा जाएगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष बैठक बुलाकर शोक संदेश पारित किया जिसमें गुजराल को महान देशभक्त, दूरदर्शी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बताया गया।
गुजराल के परिवार में दो पुत्र नरेश एवं विशाल गुजराल और पौत्र एवं पौत्रियां हैं। उनकी पत्नी शीला गुजराल का 2011 में निधन हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री के भाई सतीश गुजराल विख्यात शिल्पकार एवं चित्रकार हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र और शिरोमणि अकाली दल से राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल ने बताया कि उनके पिता ने 3.27 बजे आखिरी सांस ली।
पूर्व प्रधानमंत्री को सीने में संक्रमण के कारण 19 नवम्बर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह तब से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। नरेश त्रेहन के नेतृत्व में नौ वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुजराल की देखरेख कर रहा था।
चिकित्सकों ने सोमवार को बताया था कि गुजराल पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है। वह मंगलवार को अचेत हो गए और दोबारा होश में नहीं आए।
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
गुजराल का अंतिम संस्कार शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ तीन बजे होगा। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान 5 जनपथ पर लोगों के दर्शनार्थ रखा जाएगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष बैठक बुलाकर शोक संदेश पारित किया जिसमें गुजराल को महान देशभक्त, दूरदर्शी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बताया गया।
गुजराल के परिवार में दो पुत्र नरेश एवं विशाल गुजराल और पौत्र एवं पौत्रियां हैं। उनकी पत्नी शीला गुजराल का 2011 में निधन हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री के भाई सतीश गुजराल विख्यात शिल्पकार एवं चित्रकार हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र और शिरोमणि अकाली दल से राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल ने बताया कि उनके पिता ने 3.27 बजे आखिरी सांस ली।
पूर्व प्रधानमंत्री को सीने में संक्रमण के कारण 19 नवम्बर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह तब से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। नरेश त्रेहन के नेतृत्व में नौ वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुजराल की देखरेख कर रहा था।
चिकित्सकों ने सोमवार को बताया था कि गुजराल पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है। वह मंगलवार को अचेत हो गए और दोबारा होश में नहीं आए।
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष बैठक बुलाकर शोक संदेश पारित किया जिसमें गुजराल को महान देशभक्त, दूरदर्शी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बताया गया।
गुजराल के परिवार में दो पुत्र नरेश एवं विशाल गुजराल और पौत्र एवं पौत्रियां हैं। उनकी पत्नी शीला गुजराल का 2011 में निधन हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री के भाई सतीश गुजराल विख्यात शिल्पकार एवं चित्रकार हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र और शिरोमणि अकाली दल से राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल ने बताया कि उनके पिता ने 3.27 बजे आखिरी सांस ली।
पूर्व प्रधानमंत्री को सीने में संक्रमण के कारण 19 नवम्बर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह तब से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। नरेश त्रेहन के नेतृत्व में नौ वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुजराल की देखरेख कर रहा था।
चिकित्सकों ने सोमवार को बताया था कि गुजराल पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है। वह मंगलवार को अचेत हो गए और दोबारा होश में नहीं आए।
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
गुजराल के परिवार में दो पुत्र नरेश एवं विशाल गुजराल और पौत्र एवं पौत्रियां हैं। उनकी पत्नी शीला गुजराल का 2011 में निधन हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री के भाई सतीश गुजराल विख्यात शिल्पकार एवं चित्रकार हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र और शिरोमणि अकाली दल से राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल ने बताया कि उनके पिता ने 3.27 बजे आखिरी सांस ली।
पूर्व प्रधानमंत्री को सीने में संक्रमण के कारण 19 नवम्बर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह तब से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। नरेश त्रेहन के नेतृत्व में नौ वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुजराल की देखरेख कर रहा था।
चिकित्सकों ने सोमवार को बताया था कि गुजराल पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है। वह मंगलवार को अचेत हो गए और दोबारा होश में नहीं आए।
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र और शिरोमणि अकाली दल से राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल ने बताया कि उनके पिता ने 3.27 बजे आखिरी सांस ली।
पूर्व प्रधानमंत्री को सीने में संक्रमण के कारण 19 नवम्बर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह तब से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। नरेश त्रेहन के नेतृत्व में नौ वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुजराल की देखरेख कर रहा था।
चिकित्सकों ने सोमवार को बताया था कि गुजराल पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है। वह मंगलवार को अचेत हो गए और दोबारा होश में नहीं आए।
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
पूर्व प्रधानमंत्री को सीने में संक्रमण के कारण 19 नवम्बर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह तब से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। नरेश त्रेहन के नेतृत्व में नौ वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुजराल की देखरेख कर रहा था।
चिकित्सकों ने सोमवार को बताया था कि गुजराल पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है। वह मंगलवार को अचेत हो गए और दोबारा होश में नहीं आए।
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
चिकित्सकों ने सोमवार को बताया था कि गुजराल पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है। वह मंगलवार को अचेत हो गए और दोबारा होश में नहीं आए।
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एचडी देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की।"
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके।
गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष बैठक बुलाकर शोक संदेश पारित किया, जिसमें गुजराल को महान देशभक्त, दूरदर्शी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बताया गया। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड किए जाने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। समाजवादी पार्टी के नेता नरेंद्र भाटी ने 28 जुलाई को एक सभा में कहा कि आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति को उन्होंने ही सस्पेंड कराया था।
उन्होंने कहा, "मैंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रात 10.30 बजे बात की और रात 11.11 बजे उप जिलाधिकारी नागपाल के निलंबन का आदेश नोएडा के कलेक्टर के दफ्तर में आ गया।"
भाटी ने कहा, "यह है लोकतंत्र की ताकत। 41 मिनट के अंदर निलंबन का आदेश लखनऊ से छपकर नोएडा आ गया।"
नरेंद्र भाटी ने दुर्गा शक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। वे यह बताने से भी नहीं चूके कि कैसे उन्हें बड़े अधिकारियों ने फोन कर दुर्गा शक्ति के निलंबन की सूचना दी थी।
उधर, आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति को सस्पेंड करने के मामले में समाजवादी पार्टी ने अब सरकार से मांग की है कि नोएडा के डीएम को भी सस्पेंड किया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी और उनकी सरकार दोनों का यह मानना है कि मस्जिद की दीवार मुसलमानों के द्वारा गिराए जाने की जो रिपोर्ट डीएम ने बनाई है, वह पूरी तरह से झूठी है। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अधिकारियों पर सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
नोएडा के डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अतिक्रमण की खबर पर दुर्गा शक्ति को मौके पर भेजा गया था और वहां पर उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाने की या तो इजाजत लें या फिर उसे तोड़ दें, जिससे स्थानीय लोगों ने खुद ही दीवार गिरा दी।टिप्पणियां
उधर, नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को आईएएस अफसर संघ बड़ी गंभीरता से ले रहा है। उसे एहसास है कि ईमानदारी से काम करने वाली इस युवा अफसर के निलंबन का संदेश बहुत खराब जाएगा।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मैंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रात 10.30 बजे बात की और रात 11.11 बजे उप जिलाधिकारी नागपाल के निलंबन का आदेश नोएडा के कलेक्टर के दफ्तर में आ गया।"
भाटी ने कहा, "यह है लोकतंत्र की ताकत। 41 मिनट के अंदर निलंबन का आदेश लखनऊ से छपकर नोएडा आ गया।"
नरेंद्र भाटी ने दुर्गा शक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। वे यह बताने से भी नहीं चूके कि कैसे उन्हें बड़े अधिकारियों ने फोन कर दुर्गा शक्ति के निलंबन की सूचना दी थी।
उधर, आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति को सस्पेंड करने के मामले में समाजवादी पार्टी ने अब सरकार से मांग की है कि नोएडा के डीएम को भी सस्पेंड किया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी और उनकी सरकार दोनों का यह मानना है कि मस्जिद की दीवार मुसलमानों के द्वारा गिराए जाने की जो रिपोर्ट डीएम ने बनाई है, वह पूरी तरह से झूठी है। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अधिकारियों पर सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
नोएडा के डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अतिक्रमण की खबर पर दुर्गा शक्ति को मौके पर भेजा गया था और वहां पर उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाने की या तो इजाजत लें या फिर उसे तोड़ दें, जिससे स्थानीय लोगों ने खुद ही दीवार गिरा दी।टिप्पणियां
उधर, नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को आईएएस अफसर संघ बड़ी गंभीरता से ले रहा है। उसे एहसास है कि ईमानदारी से काम करने वाली इस युवा अफसर के निलंबन का संदेश बहुत खराब जाएगा।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए।
भाटी ने कहा, "यह है लोकतंत्र की ताकत। 41 मिनट के अंदर निलंबन का आदेश लखनऊ से छपकर नोएडा आ गया।"
नरेंद्र भाटी ने दुर्गा शक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। वे यह बताने से भी नहीं चूके कि कैसे उन्हें बड़े अधिकारियों ने फोन कर दुर्गा शक्ति के निलंबन की सूचना दी थी।
उधर, आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति को सस्पेंड करने के मामले में समाजवादी पार्टी ने अब सरकार से मांग की है कि नोएडा के डीएम को भी सस्पेंड किया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी और उनकी सरकार दोनों का यह मानना है कि मस्जिद की दीवार मुसलमानों के द्वारा गिराए जाने की जो रिपोर्ट डीएम ने बनाई है, वह पूरी तरह से झूठी है। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अधिकारियों पर सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
नोएडा के डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अतिक्रमण की खबर पर दुर्गा शक्ति को मौके पर भेजा गया था और वहां पर उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाने की या तो इजाजत लें या फिर उसे तोड़ दें, जिससे स्थानीय लोगों ने खुद ही दीवार गिरा दी।टिप्पणियां
उधर, नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को आईएएस अफसर संघ बड़ी गंभीरता से ले रहा है। उसे एहसास है कि ईमानदारी से काम करने वाली इस युवा अफसर के निलंबन का संदेश बहुत खराब जाएगा।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए।
नरेंद्र भाटी ने दुर्गा शक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। वे यह बताने से भी नहीं चूके कि कैसे उन्हें बड़े अधिकारियों ने फोन कर दुर्गा शक्ति के निलंबन की सूचना दी थी।
उधर, आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति को सस्पेंड करने के मामले में समाजवादी पार्टी ने अब सरकार से मांग की है कि नोएडा के डीएम को भी सस्पेंड किया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी और उनकी सरकार दोनों का यह मानना है कि मस्जिद की दीवार मुसलमानों के द्वारा गिराए जाने की जो रिपोर्ट डीएम ने बनाई है, वह पूरी तरह से झूठी है। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अधिकारियों पर सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
नोएडा के डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अतिक्रमण की खबर पर दुर्गा शक्ति को मौके पर भेजा गया था और वहां पर उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाने की या तो इजाजत लें या फिर उसे तोड़ दें, जिससे स्थानीय लोगों ने खुद ही दीवार गिरा दी।टिप्पणियां
उधर, नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को आईएएस अफसर संघ बड़ी गंभीरता से ले रहा है। उसे एहसास है कि ईमानदारी से काम करने वाली इस युवा अफसर के निलंबन का संदेश बहुत खराब जाएगा।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए।
उधर, आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति को सस्पेंड करने के मामले में समाजवादी पार्टी ने अब सरकार से मांग की है कि नोएडा के डीएम को भी सस्पेंड किया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी और उनकी सरकार दोनों का यह मानना है कि मस्जिद की दीवार मुसलमानों के द्वारा गिराए जाने की जो रिपोर्ट डीएम ने बनाई है, वह पूरी तरह से झूठी है। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अधिकारियों पर सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
नोएडा के डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अतिक्रमण की खबर पर दुर्गा शक्ति को मौके पर भेजा गया था और वहां पर उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाने की या तो इजाजत लें या फिर उसे तोड़ दें, जिससे स्थानीय लोगों ने खुद ही दीवार गिरा दी।टिप्पणियां
उधर, नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को आईएएस अफसर संघ बड़ी गंभीरता से ले रहा है। उसे एहसास है कि ईमानदारी से काम करने वाली इस युवा अफसर के निलंबन का संदेश बहुत खराब जाएगा।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए।
समाजवादी पार्टी और उनकी सरकार दोनों का यह मानना है कि मस्जिद की दीवार मुसलमानों के द्वारा गिराए जाने की जो रिपोर्ट डीएम ने बनाई है, वह पूरी तरह से झूठी है। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अधिकारियों पर सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
नोएडा के डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अतिक्रमण की खबर पर दुर्गा शक्ति को मौके पर भेजा गया था और वहां पर उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाने की या तो इजाजत लें या फिर उसे तोड़ दें, जिससे स्थानीय लोगों ने खुद ही दीवार गिरा दी।टिप्पणियां
उधर, नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को आईएएस अफसर संघ बड़ी गंभीरता से ले रहा है। उसे एहसास है कि ईमानदारी से काम करने वाली इस युवा अफसर के निलंबन का संदेश बहुत खराब जाएगा।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए।
नोएडा के डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अतिक्रमण की खबर पर दुर्गा शक्ति को मौके पर भेजा गया था और वहां पर उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाने की या तो इजाजत लें या फिर उसे तोड़ दें, जिससे स्थानीय लोगों ने खुद ही दीवार गिरा दी।टिप्पणियां
उधर, नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को आईएएस अफसर संघ बड़ी गंभीरता से ले रहा है। उसे एहसास है कि ईमानदारी से काम करने वाली इस युवा अफसर के निलंबन का संदेश बहुत खराब जाएगा।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए।
उधर, नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को आईएएस अफसर संघ बड़ी गंभीरता से ले रहा है। उसे एहसास है कि ईमानदारी से काम करने वाली इस युवा अफसर के निलंबन का संदेश बहुत खराब जाएगा।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए।
इसलिए करीब 20 आईएएस अफसर इस मुद्दे पर गुरुवार को कार्मिक मंत्री नारायणसामी से मिले और उन्होंने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर केंद्र को दखल देना चाहिए। | यह एक सारांश है: भाटी ने कहा, मैंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रात 10.30 बजे बात की और रात 11.11 बजे उप जिलाधिकारी नागपाल के निलंबन का आदेश नोएडा के कलेक्टर के दफ्तर में आ गया। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने अभिनेत्री जूही चावला के साथ अपने झगड़े सम्बंधी अफवाहों का खंडन किया है। उनका कहना है कि ये सब मीडिया की देन है। 46 वर्षीय शाहरुख ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "हम जो काम करते हैं, उसमें बहुत ज्यादा अफवाहें बनती हैं और दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि कुछ लोग ऐसा लिखते हैं और उस पर विश्वास भी करने लगते हैं। इसके बाद वे हमारे पास आते हैं और उसी बारे में पूछते हैं, जो वास्तव में नहीं होती।"
उन्होंने बताया, "यह एक अणु के सबसे सूक्ष्म कण जैसा है, जिसे वे अब भी खोजने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए जब आप मुझसे और जूही से यह पूछते हैं, तो हमें थोड़ा अजीब लगता है कि आप यह सब क्यों पूछ रहे हैं।"टिप्पणियां
बॉलीवुड में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए शाहरुख ने कहा कि जूही के परिवार के साथ उन्हें हमेशा घर जैसा एहसास होता है। "जब मैं फिल्म उद्योग में नया था, जूही, उनकी मां, भाई और पूरा परिवार मेरी देखभाल करता था और वे सब मुझे लेकर बहुत उदार थे। हम बहुत करीबी मित्र हैं।" दोनों ने 'राजू बन गया जेंटलमैन', 'फिर भी दिल हैं हिन्दुस्तानी', 'यस बोस' और 'डूप्लीकेट' में एक-साथ काम किया है।
फिलहाल शाहरुख यश राज की फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में वह कैटरीना कैफ के साथ नजर आएंगे। इसके साथ-साथ वह करण जौहर के साथ मिलकर 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' का निर्माण भी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया, "यह एक अणु के सबसे सूक्ष्म कण जैसा है, जिसे वे अब भी खोजने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए जब आप मुझसे और जूही से यह पूछते हैं, तो हमें थोड़ा अजीब लगता है कि आप यह सब क्यों पूछ रहे हैं।"टिप्पणियां
बॉलीवुड में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए शाहरुख ने कहा कि जूही के परिवार के साथ उन्हें हमेशा घर जैसा एहसास होता है। "जब मैं फिल्म उद्योग में नया था, जूही, उनकी मां, भाई और पूरा परिवार मेरी देखभाल करता था और वे सब मुझे लेकर बहुत उदार थे। हम बहुत करीबी मित्र हैं।" दोनों ने 'राजू बन गया जेंटलमैन', 'फिर भी दिल हैं हिन्दुस्तानी', 'यस बोस' और 'डूप्लीकेट' में एक-साथ काम किया है।
फिलहाल शाहरुख यश राज की फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में वह कैटरीना कैफ के साथ नजर आएंगे। इसके साथ-साथ वह करण जौहर के साथ मिलकर 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' का निर्माण भी कर रहे हैं।
बॉलीवुड में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए शाहरुख ने कहा कि जूही के परिवार के साथ उन्हें हमेशा घर जैसा एहसास होता है। "जब मैं फिल्म उद्योग में नया था, जूही, उनकी मां, भाई और पूरा परिवार मेरी देखभाल करता था और वे सब मुझे लेकर बहुत उदार थे। हम बहुत करीबी मित्र हैं।" दोनों ने 'राजू बन गया जेंटलमैन', 'फिर भी दिल हैं हिन्दुस्तानी', 'यस बोस' और 'डूप्लीकेट' में एक-साथ काम किया है।
फिलहाल शाहरुख यश राज की फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में वह कैटरीना कैफ के साथ नजर आएंगे। इसके साथ-साथ वह करण जौहर के साथ मिलकर 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' का निर्माण भी कर रहे हैं।
फिलहाल शाहरुख यश राज की फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में वह कैटरीना कैफ के साथ नजर आएंगे। इसके साथ-साथ वह करण जौहर के साथ मिलकर 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' का निर्माण भी कर रहे हैं। | यहाँ एक सारांश है:बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने अभिनेत्री जूही चावला के साथ अपने झगड़े सम्बंधी अफवाहों का खंडन किया है। उनका कहना है कि ये सब मीडिया की देन है। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सूडान में भारी बारिश और बाढ़ से 53 लोगों की मौत हो गई है और 77 अन्य घायल हुए हैं। इसके ज्यादातर हिस्से बारिश एवं बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक, आंतरिक मामलों के मंत्री इब्राहिम महमूद हामिद ने गुरुवार को बताया कि देश भर में 40,578 परिवार प्रभावित हुए हैं जबकि 20,027 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हामिद ने बताया कि 3,000 मवेशी भी बारिश एवं बाढ़ में मारे गए हैं। उनके मुताबिक खार्तूम के मुगरान में नील नदी का जलस्तर 17.4 मीटर तक पहुंच गया है।
सूडान के मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने अगले दो दिनों में यहां और अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की है और लोगों को संभावित दुर्घटनाओं से बचने की सलाह दी गई है।
समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक, आंतरिक मामलों के मंत्री इब्राहिम महमूद हामिद ने गुरुवार को बताया कि देश भर में 40,578 परिवार प्रभावित हुए हैं जबकि 20,027 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हामिद ने बताया कि 3,000 मवेशी भी बारिश एवं बाढ़ में मारे गए हैं। उनके मुताबिक खार्तूम के मुगरान में नील नदी का जलस्तर 17.4 मीटर तक पहुंच गया है।
सूडान के मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने अगले दो दिनों में यहां और अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की है और लोगों को संभावित दुर्घटनाओं से बचने की सलाह दी गई है।
सूडान के मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने अगले दो दिनों में यहां और अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की है और लोगों को संभावित दुर्घटनाओं से बचने की सलाह दी गई है। | सूडान के मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने अगले दो दिनों में यहां और अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की है और लोगों को संभावित दुर्घटनाओं से बचने की सलाह दी गई है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर कश्मीर के बांदीपुरा जिले में आतंकवादियों एवं सुरक्षा बलों के बीच आज मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन जवानों के शहीद होने और छह जवानों के घायल होने की सूचना मिली है. इसमें एक आतंकी के ढेर होने की भी जानकारी मिली है. यह सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन था.टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जिले के हाजिन इलाके के पारे मोहल्ला में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके को घेर लिया और तलाश अभियान शुरू किया. बल तलाश अभियान चला रहे थे तभी इलाके में छिपे आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.
कुलगाम की तरह यहां भी स्थानीय लोगों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने की खबर है. दरअसल कुलगाम में हुई मुठभेड़ में चार आतंकवादी ढेर हो गए थे और इसमें दो स्थानीय नागरिकों की मौत भी हुई थी. एक नागरिक की मौत तो उसी घर में हो गई थी जहां आतंकवादी छिपे थे. दूसरे की पत्थरबाजी के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा हालात काबू में करने के लिए की गई फायरिंग के दौरान मौत हो गई थी.
पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जिले के हाजिन इलाके के पारे मोहल्ला में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके को घेर लिया और तलाश अभियान शुरू किया. बल तलाश अभियान चला रहे थे तभी इलाके में छिपे आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.
कुलगाम की तरह यहां भी स्थानीय लोगों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने की खबर है. दरअसल कुलगाम में हुई मुठभेड़ में चार आतंकवादी ढेर हो गए थे और इसमें दो स्थानीय नागरिकों की मौत भी हुई थी. एक नागरिक की मौत तो उसी घर में हो गई थी जहां आतंकवादी छिपे थे. दूसरे की पत्थरबाजी के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा हालात काबू में करने के लिए की गई फायरिंग के दौरान मौत हो गई थी.
कुलगाम की तरह यहां भी स्थानीय लोगों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने की खबर है. दरअसल कुलगाम में हुई मुठभेड़ में चार आतंकवादी ढेर हो गए थे और इसमें दो स्थानीय नागरिकों की मौत भी हुई थी. एक नागरिक की मौत तो उसी घर में हो गई थी जहां आतंकवादी छिपे थे. दूसरे की पत्थरबाजी के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा हालात काबू में करने के लिए की गई फायरिंग के दौरान मौत हो गई थी. | हाजिन इलाके के पारे मोहल्ला में आतंकवादियों की सूचना
इलाके को घर कर तलाशी अभियान शुरू किया गया
आतंकियों की फायरिंग से शुरू हुई मुठभेड़ | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई के पूर्वी इलाके के उपनगरीय क्षेत्रों में गैस लीक होने की शिकायतें मिली हैं. इसके मद्देनजर मुंबई महानगर पालिका से जुड़ी सभी एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है. उन इलाकों में जहां से गैस की बदबू आने की शिकायतें मिली हैं, फायर ब्रिगेड के नौ फायर इंजन भेजे गए हैं. गैस लीक होने के सोर्स का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं. मुंबई में गुरुवार को रात में बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को गैस की बदबू से जुड़ी कई शिकायतें मिलीं. इन सूचनाओं पर महानगर पालिका से जुड़ी सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया.
हनी ट्रैप मामले के आरोपियों के तार बीजेपी और कांग्रेस से जुड़े, चंगुल में फंसे कई अफसर और नेता
बीएमसी से फायर ब्रिगेड के नौ फायर इंजन मौकों पर भेजे गए. गैस लीकेज के सोर्स का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. गैस की बदबू आने की शिकायतें चेंबूर, मानखुर्द और गोवंडी इलाकों से मिली हैं.
दिल्ली : बीजेपी नेता ने अपनी पूर्व पत्नी को पार्टी दफ्तर में सबके सामने मारा थप्पड़, पार्टी ने दी सजा
महानगर गैस लिमिटेड के मुताबिक पाइप लाइन से गैस लीक होने की कोई जानकारी नहीं है. राष्ट्रीय केमिकल फर्टिलाइजर के चेंबूर प्लांट से भी गैस लीक होने की कोई जानकारी नहीं है. | यह एक सारांश है: मुंबई के पूर्वी इलाके के उपनगरीय क्षेत्रों में गैस लीक होने की शिकायतें
मुंबई महानगर पालिका से जुड़ी सभी एजेंसियों को सतर्क किया गया
गैस की बदबू आने की शिकायतें चेंबूर, मानखुर्द और गोवंडी इलाकों से मिली हैं | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत सरकार के कुछ कर प्रस्तावों को लेकर चिंता के बीच उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एसएच कपाड़िया ने गुरवार को कहा कि नियमों की स्पष्ट व्याख्या मुख्य समस्या है और इस मामले में विभिन्न प्रावधानों में स्पष्ट भाषा का प्रयोग होना जरूरी है।
कपाड़िया ने यह भी कहा कि बात जब कर कानूनों की आती है तो इस मामले में नियमों और मानकों के बीच स्पष्ट भेद होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘आज प्रमुख समस्या कानून और नियमों की व्याख्या की है। एक कर अधिकारी राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा करने के लिए नियम की व्याख्या इस रूप में कर सकता है जो उसके लिए उपयुक्त हो।’’ कपाड़िया ने कहा, ‘‘जब तक विभिन्न प्रावधानों की भाषा पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, यह बेहद कठिन होगा। वकीलों, एकाउंटेंट तथा कर सलाहकारों समेत सभी को इस मुद्दे पर काम करने की जरूरत है।’’
वोडाफोन समेत कर से जुड़े कई मामलों में निर्णय देने वाले कपाड़िया ने कहा कि कर अधिकारियों के साथ-साथ अदालतों को नियमों की विवेचना सही तरीके से करने की जरूरत है।
इंटरनेशनल फिसकल एसोसिएशन (आईएफए) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कर सम्मेलन में उन्होंने ये बातें कही।टिप्पणियां
कपाड़िया के अनुसार नियमों का पालन होना चाहिए, लेकिन मानक कई बार अस्पष्ट होते हैं जिससे उनका अलग-अलग मतलब निकाल लिए जाने की गुंजाइश रहती है।
कपाड़िया ने कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग का भी जिक्र किया। हाल ही में निवेशकों ने सामान्य कर अपवंचन-रोधी नियमों (गार) को लेकर चिंता जताई थी। कपाड़िया ने कहा कि ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में विशेषज्ञों और पेशेवरों को मदद देनी चाहिए।
कपाड़िया ने यह भी कहा कि बात जब कर कानूनों की आती है तो इस मामले में नियमों और मानकों के बीच स्पष्ट भेद होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘आज प्रमुख समस्या कानून और नियमों की व्याख्या की है। एक कर अधिकारी राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा करने के लिए नियम की व्याख्या इस रूप में कर सकता है जो उसके लिए उपयुक्त हो।’’ कपाड़िया ने कहा, ‘‘जब तक विभिन्न प्रावधानों की भाषा पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, यह बेहद कठिन होगा। वकीलों, एकाउंटेंट तथा कर सलाहकारों समेत सभी को इस मुद्दे पर काम करने की जरूरत है।’’
वोडाफोन समेत कर से जुड़े कई मामलों में निर्णय देने वाले कपाड़िया ने कहा कि कर अधिकारियों के साथ-साथ अदालतों को नियमों की विवेचना सही तरीके से करने की जरूरत है।
इंटरनेशनल फिसकल एसोसिएशन (आईएफए) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कर सम्मेलन में उन्होंने ये बातें कही।टिप्पणियां
कपाड़िया के अनुसार नियमों का पालन होना चाहिए, लेकिन मानक कई बार अस्पष्ट होते हैं जिससे उनका अलग-अलग मतलब निकाल लिए जाने की गुंजाइश रहती है।
कपाड़िया ने कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग का भी जिक्र किया। हाल ही में निवेशकों ने सामान्य कर अपवंचन-रोधी नियमों (गार) को लेकर चिंता जताई थी। कपाड़िया ने कहा कि ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में विशेषज्ञों और पेशेवरों को मदद देनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘आज प्रमुख समस्या कानून और नियमों की व्याख्या की है। एक कर अधिकारी राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा करने के लिए नियम की व्याख्या इस रूप में कर सकता है जो उसके लिए उपयुक्त हो।’’ कपाड़िया ने कहा, ‘‘जब तक विभिन्न प्रावधानों की भाषा पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, यह बेहद कठिन होगा। वकीलों, एकाउंटेंट तथा कर सलाहकारों समेत सभी को इस मुद्दे पर काम करने की जरूरत है।’’
वोडाफोन समेत कर से जुड़े कई मामलों में निर्णय देने वाले कपाड़िया ने कहा कि कर अधिकारियों के साथ-साथ अदालतों को नियमों की विवेचना सही तरीके से करने की जरूरत है।
इंटरनेशनल फिसकल एसोसिएशन (आईएफए) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कर सम्मेलन में उन्होंने ये बातें कही।टिप्पणियां
कपाड़िया के अनुसार नियमों का पालन होना चाहिए, लेकिन मानक कई बार अस्पष्ट होते हैं जिससे उनका अलग-अलग मतलब निकाल लिए जाने की गुंजाइश रहती है।
कपाड़िया ने कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग का भी जिक्र किया। हाल ही में निवेशकों ने सामान्य कर अपवंचन-रोधी नियमों (गार) को लेकर चिंता जताई थी। कपाड़िया ने कहा कि ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में विशेषज्ञों और पेशेवरों को मदद देनी चाहिए।
वोडाफोन समेत कर से जुड़े कई मामलों में निर्णय देने वाले कपाड़िया ने कहा कि कर अधिकारियों के साथ-साथ अदालतों को नियमों की विवेचना सही तरीके से करने की जरूरत है।
इंटरनेशनल फिसकल एसोसिएशन (आईएफए) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कर सम्मेलन में उन्होंने ये बातें कही।टिप्पणियां
कपाड़िया के अनुसार नियमों का पालन होना चाहिए, लेकिन मानक कई बार अस्पष्ट होते हैं जिससे उनका अलग-अलग मतलब निकाल लिए जाने की गुंजाइश रहती है।
कपाड़िया ने कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग का भी जिक्र किया। हाल ही में निवेशकों ने सामान्य कर अपवंचन-रोधी नियमों (गार) को लेकर चिंता जताई थी। कपाड़िया ने कहा कि ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में विशेषज्ञों और पेशेवरों को मदद देनी चाहिए।
इंटरनेशनल फिसकल एसोसिएशन (आईएफए) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कर सम्मेलन में उन्होंने ये बातें कही।टिप्पणियां
कपाड़िया के अनुसार नियमों का पालन होना चाहिए, लेकिन मानक कई बार अस्पष्ट होते हैं जिससे उनका अलग-अलग मतलब निकाल लिए जाने की गुंजाइश रहती है।
कपाड़िया ने कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग का भी जिक्र किया। हाल ही में निवेशकों ने सामान्य कर अपवंचन-रोधी नियमों (गार) को लेकर चिंता जताई थी। कपाड़िया ने कहा कि ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में विशेषज्ञों और पेशेवरों को मदद देनी चाहिए।
कपाड़िया के अनुसार नियमों का पालन होना चाहिए, लेकिन मानक कई बार अस्पष्ट होते हैं जिससे उनका अलग-अलग मतलब निकाल लिए जाने की गुंजाइश रहती है।
कपाड़िया ने कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग का भी जिक्र किया। हाल ही में निवेशकों ने सामान्य कर अपवंचन-रोधी नियमों (गार) को लेकर चिंता जताई थी। कपाड़िया ने कहा कि ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में विशेषज्ञों और पेशेवरों को मदद देनी चाहिए।
कपाड़िया ने कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग का भी जिक्र किया। हाल ही में निवेशकों ने सामान्य कर अपवंचन-रोधी नियमों (गार) को लेकर चिंता जताई थी। कपाड़िया ने कहा कि ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में विशेषज्ञों और पेशेवरों को मदद देनी चाहिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत सरकार के कुछ कर प्रस्तावों को लेकर चिंता के बीच उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एसएच कपाड़िया ने गुरवार को कहा कि नियमों की स्पष्ट व्याख्या मुख्य समस्या है और इस मामले में विभिन्न प्रावधानों में स्पष्ट भाषा का प्रयोग होना जरूरी है। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रति व्यक्ति खपत के आधार पर देश की आबादी में गरीबों का अनुपात 2011-12 में घटकर 21.9 प्रतिशत पर आ गया। यह 2004-05 में 37.2 प्रतिशत पर था। योजना आयोग ने एक प्रकार से अपने पूर्व के विवादास्पद गरीबी गणना के तरीके के आधार पर ही यह आंकड़ा निकाला है।
योजना आयोग के अनुसार, तेंदुलकर फॉर्मूला के तहत 2011-12 में ग्रामीण इलाकों में 816 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह से कम उपभोग करने वाला व्यक्ति गरीबी की रेखा के नीचे था। शहरों में राष्ट्रीय गरीबी की रेखा का पैमाना 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह का उपभोग है।
इसका मतलब है कि शहरों में प्रतिदिन वस्तुओं और सेवाओं पर 33.33 रुपये से अधिक खर्च करने वाला और ग्रामीण इलाकों में 27.20 रुपये खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है। इससे पहले आयोग ने कहा था कि शहरी इलाकों में प्रतिदिन 32 रुपये से अधिक खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है। उसकी इस गणना से काफी विवाद पैदा हुआ था।
योजना आयोग ने जो गरीबी का आंकड़ा दिया है, वह उसी गणना के तरीके पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि पिछले सात साल में देश में गरीबों की संख्या घटी है। आयोग ने कहा कि पांच व्यक्तियों के परिवार में खपत खर्च के हिसाब से अखिल भारतीय गरीबी की रेखा ग्रामीण इलाकों के लिए 4,080 रुपये मासिक और शहरों में 5,000 रुपये मासिक होगी।
हालांकि, राज्य दर राज्य हिसाब से गरीबी की रेखा भिन्न होगी। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण इलाकों में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की संख्या 25.7 प्रतिशत और गांवों में 13.7 फीसदी थी। पूरे देश के लिए यह आंकड़ा 21.9 प्रतिशत रहा। वहीं 2004-05 में ग्रामीण इलाकों गरीबी रेखा से नीचे के लोगों का अनुपात 41.8 प्रतिशत तथा शहरों में यह अनुपात 25.7 प्रतिशत। राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी अनुपात उस वर्ष 37.2 प्रतिशत था। संख्या के हिसाब से देखा जाए तो 2004-05 में देश में 40.71 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे थे, वहीं 2011-12 में यह संख्या घटकर 26.93 करोड़ रह गई।
गरीबी रेखा का अनुपात 2011-12 में सुरेश तेंदुलकर समिति द्वारा सुझाए गए तरीके के हिसाब से निकाला गया है। समिति ने गरीबी की रेखा तय करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च के अलावा कैलोरी की मात्रा को इसमें शामिल किया है।टिप्पणियां
आयोग ने कहा कि राज्यवार देखा जाए, तो 39.93 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा है। झारखंड में यह 36.96 प्रतिशत, मणिपुर में 36.89 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 34.67 प्रतिशत और बिहार में 33.47 प्रतिशत है। संघ शासित प्रदेशों में दादर एवं नागर हवेली में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा 39.31 प्रतिशत है।
चंडीगढ़ में 21.81 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। गोवा में सबसे कम यानी 5.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। केरल में यह आंकड़ा 7.05 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 8.06 प्रतिशत, सिक्किम में 8.19 प्रतिशत, पंजाब में 8.26 प्रतिशत तथा आंध्र प्रदेश में 9.20 प्रतिशत है।
योजना आयोग के अनुसार, तेंदुलकर फॉर्मूला के तहत 2011-12 में ग्रामीण इलाकों में 816 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह से कम उपभोग करने वाला व्यक्ति गरीबी की रेखा के नीचे था। शहरों में राष्ट्रीय गरीबी की रेखा का पैमाना 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह का उपभोग है।
इसका मतलब है कि शहरों में प्रतिदिन वस्तुओं और सेवाओं पर 33.33 रुपये से अधिक खर्च करने वाला और ग्रामीण इलाकों में 27.20 रुपये खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है। इससे पहले आयोग ने कहा था कि शहरी इलाकों में प्रतिदिन 32 रुपये से अधिक खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है। उसकी इस गणना से काफी विवाद पैदा हुआ था।
योजना आयोग ने जो गरीबी का आंकड़ा दिया है, वह उसी गणना के तरीके पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि पिछले सात साल में देश में गरीबों की संख्या घटी है। आयोग ने कहा कि पांच व्यक्तियों के परिवार में खपत खर्च के हिसाब से अखिल भारतीय गरीबी की रेखा ग्रामीण इलाकों के लिए 4,080 रुपये मासिक और शहरों में 5,000 रुपये मासिक होगी।
हालांकि, राज्य दर राज्य हिसाब से गरीबी की रेखा भिन्न होगी। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण इलाकों में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की संख्या 25.7 प्रतिशत और गांवों में 13.7 फीसदी थी। पूरे देश के लिए यह आंकड़ा 21.9 प्रतिशत रहा। वहीं 2004-05 में ग्रामीण इलाकों गरीबी रेखा से नीचे के लोगों का अनुपात 41.8 प्रतिशत तथा शहरों में यह अनुपात 25.7 प्रतिशत। राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी अनुपात उस वर्ष 37.2 प्रतिशत था। संख्या के हिसाब से देखा जाए तो 2004-05 में देश में 40.71 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे थे, वहीं 2011-12 में यह संख्या घटकर 26.93 करोड़ रह गई।
गरीबी रेखा का अनुपात 2011-12 में सुरेश तेंदुलकर समिति द्वारा सुझाए गए तरीके के हिसाब से निकाला गया है। समिति ने गरीबी की रेखा तय करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च के अलावा कैलोरी की मात्रा को इसमें शामिल किया है।टिप्पणियां
आयोग ने कहा कि राज्यवार देखा जाए, तो 39.93 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा है। झारखंड में यह 36.96 प्रतिशत, मणिपुर में 36.89 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 34.67 प्रतिशत और बिहार में 33.47 प्रतिशत है। संघ शासित प्रदेशों में दादर एवं नागर हवेली में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा 39.31 प्रतिशत है।
चंडीगढ़ में 21.81 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। गोवा में सबसे कम यानी 5.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। केरल में यह आंकड़ा 7.05 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 8.06 प्रतिशत, सिक्किम में 8.19 प्रतिशत, पंजाब में 8.26 प्रतिशत तथा आंध्र प्रदेश में 9.20 प्रतिशत है।
इसका मतलब है कि शहरों में प्रतिदिन वस्तुओं और सेवाओं पर 33.33 रुपये से अधिक खर्च करने वाला और ग्रामीण इलाकों में 27.20 रुपये खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है। इससे पहले आयोग ने कहा था कि शहरी इलाकों में प्रतिदिन 32 रुपये से अधिक खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है। उसकी इस गणना से काफी विवाद पैदा हुआ था।
योजना आयोग ने जो गरीबी का आंकड़ा दिया है, वह उसी गणना के तरीके पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि पिछले सात साल में देश में गरीबों की संख्या घटी है। आयोग ने कहा कि पांच व्यक्तियों के परिवार में खपत खर्च के हिसाब से अखिल भारतीय गरीबी की रेखा ग्रामीण इलाकों के लिए 4,080 रुपये मासिक और शहरों में 5,000 रुपये मासिक होगी।
हालांकि, राज्य दर राज्य हिसाब से गरीबी की रेखा भिन्न होगी। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण इलाकों में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की संख्या 25.7 प्रतिशत और गांवों में 13.7 फीसदी थी। पूरे देश के लिए यह आंकड़ा 21.9 प्रतिशत रहा। वहीं 2004-05 में ग्रामीण इलाकों गरीबी रेखा से नीचे के लोगों का अनुपात 41.8 प्रतिशत तथा शहरों में यह अनुपात 25.7 प्रतिशत। राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी अनुपात उस वर्ष 37.2 प्रतिशत था। संख्या के हिसाब से देखा जाए तो 2004-05 में देश में 40.71 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे थे, वहीं 2011-12 में यह संख्या घटकर 26.93 करोड़ रह गई।
गरीबी रेखा का अनुपात 2011-12 में सुरेश तेंदुलकर समिति द्वारा सुझाए गए तरीके के हिसाब से निकाला गया है। समिति ने गरीबी की रेखा तय करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च के अलावा कैलोरी की मात्रा को इसमें शामिल किया है।टिप्पणियां
आयोग ने कहा कि राज्यवार देखा जाए, तो 39.93 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा है। झारखंड में यह 36.96 प्रतिशत, मणिपुर में 36.89 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 34.67 प्रतिशत और बिहार में 33.47 प्रतिशत है। संघ शासित प्रदेशों में दादर एवं नागर हवेली में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा 39.31 प्रतिशत है।
चंडीगढ़ में 21.81 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। गोवा में सबसे कम यानी 5.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। केरल में यह आंकड़ा 7.05 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 8.06 प्रतिशत, सिक्किम में 8.19 प्रतिशत, पंजाब में 8.26 प्रतिशत तथा आंध्र प्रदेश में 9.20 प्रतिशत है।
योजना आयोग ने जो गरीबी का आंकड़ा दिया है, वह उसी गणना के तरीके पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि पिछले सात साल में देश में गरीबों की संख्या घटी है। आयोग ने कहा कि पांच व्यक्तियों के परिवार में खपत खर्च के हिसाब से अखिल भारतीय गरीबी की रेखा ग्रामीण इलाकों के लिए 4,080 रुपये मासिक और शहरों में 5,000 रुपये मासिक होगी।
हालांकि, राज्य दर राज्य हिसाब से गरीबी की रेखा भिन्न होगी। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण इलाकों में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की संख्या 25.7 प्रतिशत और गांवों में 13.7 फीसदी थी। पूरे देश के लिए यह आंकड़ा 21.9 प्रतिशत रहा। वहीं 2004-05 में ग्रामीण इलाकों गरीबी रेखा से नीचे के लोगों का अनुपात 41.8 प्रतिशत तथा शहरों में यह अनुपात 25.7 प्रतिशत। राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी अनुपात उस वर्ष 37.2 प्रतिशत था। संख्या के हिसाब से देखा जाए तो 2004-05 में देश में 40.71 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे थे, वहीं 2011-12 में यह संख्या घटकर 26.93 करोड़ रह गई।
गरीबी रेखा का अनुपात 2011-12 में सुरेश तेंदुलकर समिति द्वारा सुझाए गए तरीके के हिसाब से निकाला गया है। समिति ने गरीबी की रेखा तय करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च के अलावा कैलोरी की मात्रा को इसमें शामिल किया है।टिप्पणियां
आयोग ने कहा कि राज्यवार देखा जाए, तो 39.93 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा है। झारखंड में यह 36.96 प्रतिशत, मणिपुर में 36.89 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 34.67 प्रतिशत और बिहार में 33.47 प्रतिशत है। संघ शासित प्रदेशों में दादर एवं नागर हवेली में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा 39.31 प्रतिशत है।
चंडीगढ़ में 21.81 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। गोवा में सबसे कम यानी 5.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। केरल में यह आंकड़ा 7.05 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 8.06 प्रतिशत, सिक्किम में 8.19 प्रतिशत, पंजाब में 8.26 प्रतिशत तथा आंध्र प्रदेश में 9.20 प्रतिशत है।
हालांकि, राज्य दर राज्य हिसाब से गरीबी की रेखा भिन्न होगी। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण इलाकों में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की संख्या 25.7 प्रतिशत और गांवों में 13.7 फीसदी थी। पूरे देश के लिए यह आंकड़ा 21.9 प्रतिशत रहा। वहीं 2004-05 में ग्रामीण इलाकों गरीबी रेखा से नीचे के लोगों का अनुपात 41.8 प्रतिशत तथा शहरों में यह अनुपात 25.7 प्रतिशत। राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी अनुपात उस वर्ष 37.2 प्रतिशत था। संख्या के हिसाब से देखा जाए तो 2004-05 में देश में 40.71 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे थे, वहीं 2011-12 में यह संख्या घटकर 26.93 करोड़ रह गई।
गरीबी रेखा का अनुपात 2011-12 में सुरेश तेंदुलकर समिति द्वारा सुझाए गए तरीके के हिसाब से निकाला गया है। समिति ने गरीबी की रेखा तय करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च के अलावा कैलोरी की मात्रा को इसमें शामिल किया है।टिप्पणियां
आयोग ने कहा कि राज्यवार देखा जाए, तो 39.93 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा है। झारखंड में यह 36.96 प्रतिशत, मणिपुर में 36.89 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 34.67 प्रतिशत और बिहार में 33.47 प्रतिशत है। संघ शासित प्रदेशों में दादर एवं नागर हवेली में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा 39.31 प्रतिशत है।
चंडीगढ़ में 21.81 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। गोवा में सबसे कम यानी 5.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। केरल में यह आंकड़ा 7.05 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 8.06 प्रतिशत, सिक्किम में 8.19 प्रतिशत, पंजाब में 8.26 प्रतिशत तथा आंध्र प्रदेश में 9.20 प्रतिशत है।
गरीबी रेखा का अनुपात 2011-12 में सुरेश तेंदुलकर समिति द्वारा सुझाए गए तरीके के हिसाब से निकाला गया है। समिति ने गरीबी की रेखा तय करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च के अलावा कैलोरी की मात्रा को इसमें शामिल किया है।टिप्पणियां
आयोग ने कहा कि राज्यवार देखा जाए, तो 39.93 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा है। झारखंड में यह 36.96 प्रतिशत, मणिपुर में 36.89 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 34.67 प्रतिशत और बिहार में 33.47 प्रतिशत है। संघ शासित प्रदेशों में दादर एवं नागर हवेली में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा 39.31 प्रतिशत है।
चंडीगढ़ में 21.81 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। गोवा में सबसे कम यानी 5.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। केरल में यह आंकड़ा 7.05 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 8.06 प्रतिशत, सिक्किम में 8.19 प्रतिशत, पंजाब में 8.26 प्रतिशत तथा आंध्र प्रदेश में 9.20 प्रतिशत है।
आयोग ने कहा कि राज्यवार देखा जाए, तो 39.93 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा है। झारखंड में यह 36.96 प्रतिशत, मणिपुर में 36.89 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 34.67 प्रतिशत और बिहार में 33.47 प्रतिशत है। संघ शासित प्रदेशों में दादर एवं नागर हवेली में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा 39.31 प्रतिशत है।
चंडीगढ़ में 21.81 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। गोवा में सबसे कम यानी 5.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। केरल में यह आंकड़ा 7.05 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 8.06 प्रतिशत, सिक्किम में 8.19 प्रतिशत, पंजाब में 8.26 प्रतिशत तथा आंध्र प्रदेश में 9.20 प्रतिशत है।
चंडीगढ़ में 21.81 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। गोवा में सबसे कम यानी 5.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। केरल में यह आंकड़ा 7.05 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 8.06 प्रतिशत, सिक्किम में 8.19 प्रतिशत, पंजाब में 8.26 प्रतिशत तथा आंध्र प्रदेश में 9.20 प्रतिशत है। | यहाँ एक सारांश है:प्रति व्यक्ति खपत के आधार पर देश की आबादी में गरीबों का अनुपात 2011-12 में घटकर 21.9 प्रतिशत पर आ गया। छत्तीसगढ़ में गरीबी का अनुपात सबसे ज्यादा है। गोवा में सबसे कम लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गैरी कर्स्टन ने अगस्त में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के कोच पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। अपने देश की टीम को सर्वोच्च वरीय टेस्ट टीम बनाने वाले कर्स्टन ने कहा है कि वह अब अपने परिवार को समय देना चाहते हैं।
कर्स्टन का करार इस साल अगस्त में समाप्त हो रहा था। क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) ने इसे आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा की तो कर्स्टन ने इससे इनकार कर दिया। जून में इंग्लैंड में होने वाला चैम्पियंस ट्रॉफी बतौर कोच कर्स्टन की अंतिम जिम्मेदारी होगी।
दक्षिण अफ्रीकी टीम के सफलतम सलामी बल्लेबाजों में से एक कर्स्टन को 2011 में राष्ट्रीय टीम का कोच नियुक्त किया गया था। उनका करार दो साल का था। उससे पहले वह भारत के कोच थे और उनकी ही देखरेख में भारतीय टीम ने अप्रैल 2011 में 28 साल के अंतराल के बाद आईसीसी विश्व कप का खिताब जीता था।टिप्पणियां
सीएसए के अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने कहा, "गैरी का परिवार युवा है और इसमें कोई दो राय नहीं कि इस उम्र में वह अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहते हैं। मैं बीते दो साल में उनके योगदान के लिए धन्यवाद करना चाहता हूं। हम चाहते हैं कि उनकी देखरेख में हमारी टीम अंतिम हार चैम्पियंस ट्रॉफी में भी सराहनीय प्रदर्शन करे।"
दक्षिण अफ्रीकी टीम के पूर्व विकेटकीपर और कर्स्टन के साथ लम्बे समय तक खेल चुके मार्क बाउचर ने अपने ट्वीट में कर्स्टन की विदाई को नुकसानदेह बताया है। बाउचर ने अपने ट्वीट में लिखा है, "कर्स्टन का साथ नहीं मिलना दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए बुरी खबर है लेकिन उनका जीवन एक पाठ की तरह है। उनके लिए परिवार हमेशा सर्वोपरि रहा है। आपके सभी कार्यों के लिए धन्यवाद कर्स्टन।"
कर्स्टन का करार इस साल अगस्त में समाप्त हो रहा था। क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) ने इसे आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा की तो कर्स्टन ने इससे इनकार कर दिया। जून में इंग्लैंड में होने वाला चैम्पियंस ट्रॉफी बतौर कोच कर्स्टन की अंतिम जिम्मेदारी होगी।
दक्षिण अफ्रीकी टीम के सफलतम सलामी बल्लेबाजों में से एक कर्स्टन को 2011 में राष्ट्रीय टीम का कोच नियुक्त किया गया था। उनका करार दो साल का था। उससे पहले वह भारत के कोच थे और उनकी ही देखरेख में भारतीय टीम ने अप्रैल 2011 में 28 साल के अंतराल के बाद आईसीसी विश्व कप का खिताब जीता था।टिप्पणियां
सीएसए के अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने कहा, "गैरी का परिवार युवा है और इसमें कोई दो राय नहीं कि इस उम्र में वह अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहते हैं। मैं बीते दो साल में उनके योगदान के लिए धन्यवाद करना चाहता हूं। हम चाहते हैं कि उनकी देखरेख में हमारी टीम अंतिम हार चैम्पियंस ट्रॉफी में भी सराहनीय प्रदर्शन करे।"
दक्षिण अफ्रीकी टीम के पूर्व विकेटकीपर और कर्स्टन के साथ लम्बे समय तक खेल चुके मार्क बाउचर ने अपने ट्वीट में कर्स्टन की विदाई को नुकसानदेह बताया है। बाउचर ने अपने ट्वीट में लिखा है, "कर्स्टन का साथ नहीं मिलना दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए बुरी खबर है लेकिन उनका जीवन एक पाठ की तरह है। उनके लिए परिवार हमेशा सर्वोपरि रहा है। आपके सभी कार्यों के लिए धन्यवाद कर्स्टन।"
दक्षिण अफ्रीकी टीम के सफलतम सलामी बल्लेबाजों में से एक कर्स्टन को 2011 में राष्ट्रीय टीम का कोच नियुक्त किया गया था। उनका करार दो साल का था। उससे पहले वह भारत के कोच थे और उनकी ही देखरेख में भारतीय टीम ने अप्रैल 2011 में 28 साल के अंतराल के बाद आईसीसी विश्व कप का खिताब जीता था।टिप्पणियां
सीएसए के अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने कहा, "गैरी का परिवार युवा है और इसमें कोई दो राय नहीं कि इस उम्र में वह अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहते हैं। मैं बीते दो साल में उनके योगदान के लिए धन्यवाद करना चाहता हूं। हम चाहते हैं कि उनकी देखरेख में हमारी टीम अंतिम हार चैम्पियंस ट्रॉफी में भी सराहनीय प्रदर्शन करे।"
दक्षिण अफ्रीकी टीम के पूर्व विकेटकीपर और कर्स्टन के साथ लम्बे समय तक खेल चुके मार्क बाउचर ने अपने ट्वीट में कर्स्टन की विदाई को नुकसानदेह बताया है। बाउचर ने अपने ट्वीट में लिखा है, "कर्स्टन का साथ नहीं मिलना दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए बुरी खबर है लेकिन उनका जीवन एक पाठ की तरह है। उनके लिए परिवार हमेशा सर्वोपरि रहा है। आपके सभी कार्यों के लिए धन्यवाद कर्स्टन।"
सीएसए के अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने कहा, "गैरी का परिवार युवा है और इसमें कोई दो राय नहीं कि इस उम्र में वह अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहते हैं। मैं बीते दो साल में उनके योगदान के लिए धन्यवाद करना चाहता हूं। हम चाहते हैं कि उनकी देखरेख में हमारी टीम अंतिम हार चैम्पियंस ट्रॉफी में भी सराहनीय प्रदर्शन करे।"
दक्षिण अफ्रीकी टीम के पूर्व विकेटकीपर और कर्स्टन के साथ लम्बे समय तक खेल चुके मार्क बाउचर ने अपने ट्वीट में कर्स्टन की विदाई को नुकसानदेह बताया है। बाउचर ने अपने ट्वीट में लिखा है, "कर्स्टन का साथ नहीं मिलना दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए बुरी खबर है लेकिन उनका जीवन एक पाठ की तरह है। उनके लिए परिवार हमेशा सर्वोपरि रहा है। आपके सभी कार्यों के लिए धन्यवाद कर्स्टन।"
दक्षिण अफ्रीकी टीम के पूर्व विकेटकीपर और कर्स्टन के साथ लम्बे समय तक खेल चुके मार्क बाउचर ने अपने ट्वीट में कर्स्टन की विदाई को नुकसानदेह बताया है। बाउचर ने अपने ट्वीट में लिखा है, "कर्स्टन का साथ नहीं मिलना दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए बुरी खबर है लेकिन उनका जीवन एक पाठ की तरह है। उनके लिए परिवार हमेशा सर्वोपरि रहा है। आपके सभी कार्यों के लिए धन्यवाद कर्स्टन।" | यहाँ एक सारांश है:गैरी कर्स्टन ने अगस्त में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के कोच पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। अपने देश की टीम को सर्वोच्च वरीय टेस्ट टीम बनाने वाले कर्स्टन ने कहा है कि वह अब अपने परिवार को समय देना चाहते हैं। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रूस में गीता को 'उग्रवादी साहित्य' बताकर इस पर प्रतिबंध लगाने की मुहिम की जानकारी केंद्र सरकार को पहले से थी। प्रधानमंत्री कार्यालय को एक नवम्बर को लिखे पत्र में जानकारी दी गई थी कि रूस की एक अदालत में यह मामला विचाराधीन है। लेकिन इस दिशा में बहुत कम कार्रवाई की गई। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रधान सचिव पुलोक चटर्जी को लिखे पत्र में श्रीकृष्ण के अनुयायियों ने सरकार से अनुरोध किया था कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यात्रा से पहले मंत्रियों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को रूस के दौरे पर भेजे, ताकि इस पवित्र ग्रंथ पर प्रतिबंध की कोशिशों को रोका जा सके। यह मामला साइबेरिया के तामस्क शहर की अदालत में है और इस पर फैसला अब 28 दिसम्बर को आना है। इस्कॉन की प्रशासकीय इकाई के आयुक्त गोपाल कृष्ण गोस्वामी की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है, "हमें आपको यह सूचित करते हुए दु:ख हो रहा है कि 30 जून, 2011 को तामस्क में राज्य अभियोजक कार्यालय की ओर से भगवद् गीता पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक अदालत में मामला दर्ज किया गया है, जिसका अनुवाद इस्कॉन के संस्थापक एसी भक्तिवेद स्वामी प्रभुपाद ने किया है।" पत्र में आगे लिखा गया है, "हलफनामे में विशेषज्ञों की एक समिति के निरीक्षण का हवाला देते हुए कहा गया है कि कृष्ण बुराई हैं और इसाई दृष्टिकोण से उपयुक्त नहीं है।" यह पत्र संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा को भी भेजा गया है और इसमें कहा गया है कि रूस की द्विपक्षीय यात्रा के दौरान कई अन्य मंत्रियों के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया गया तथा उनसे कूटनीतिक हस्तक्षेप के जरिये इसके समाधान की मांग की गई। इस पत्र के लिखे जाने के बाद और 15-17 दिसम्बर के दौरान प्रधानमंत्री के रूस के दौरे के बीच में देश के छह शीर्ष मंत्री मास्को के द्विपक्षीय दौरे पर गए, जिनमें रक्षा मंत्री एके एंटनी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे, केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा, केंद्रीय जहाजरानी मंत्री जीके वासन शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह पत्र मिलने के बारे में पुष्टि की और कहा कि रूस में भारतीय दूतावास को यह मुद्दा रूसी अधिकारियों के समक्ष उठाने के लिए कहा गया। वहीं, रूस में भारतीय दूतावास के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि रूसी अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा की गई है। | यहाँ एक सारांश है:रूस में गीता को 'उग्रवादी साहित्य' बताकर इस पर प्रतिबंध लगाने की मुहिम की जानकारी केंद्र सरकार को पहले से थी। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बता दें, नोएडा सेक्टर 58 पुलिस थाना के प्रभारी पंकज राय ने इस महीने की शुरूआत में 23 निजी कंपनियों को नोटिस भेज कर उनसे अपने मुस्लिम कर्मचारियों को एक स्थानीय पार्क में शुक्रवार की नमाज अदा करने से रोकने को कहा था. उन्होंने इसके लिए 2009 के सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का जिक्र किया था जो सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक जमावड़े को निषिद्ध करता है. नोएडा प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत धार्मिक जमावड़े की इजाजत नहीं होगी.
इस बीच, ग्रेटर नोएडा में सरकारी भूमि पर होने जा रही श्रीमद्भागवत कथा को बुधवार को रोक दिया गया क्योंकि अधिकारियों ने पाया कि इसके लिए समुचित अनुमति नहीं ली गयी थी. अधिकारियों ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के आवासीय सेक्टर 37 में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ बुधवार को होना था. ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बुधवार सुबह एक भूखण्ड से तम्बू, मंच और लाउडस्पीकर हटवा दिये जिसका इसके आयोजकों ने विरोध किया. यह भूखंड प्राधिकरण का है.
सिंह ने कहा, ‘हम पुनः पुष्टि करते हैं कि उच्चतम न्यायालय के 2009 के आदेश को अक्षरश: लागू किया जाएगा और हर किसी से अनुरोध करते हैं कि सार्वजनिक स्थान पर किसी तरह की भी ऐसी गतिविधि या नयी गतिविधि करनी हो तो सबसे पहले प्रशासन की अनुमति लेनी होगी अन्यथा यह अवैध होगी.' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुलिस ने जारी किया था नमाज से रोकने का नोटिस
अब सामने आया वीडियो
वीडियो में एक युवक मुस्लिमों को धमका रहा है | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राज्य में शनिवार को पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए प्रचार कार्य थम जाएगा. इस बार उपचुनाव के प्रचार की खास बात यह रही कि जहां जनता दल यूनाइटेड के विधानसभा के चार प्रत्याशियों के लिए भाजपा के नेताओं ने जमकर प्रचार किया, वहीं महागठबंधन के नेताओं के प्रचार में आपसी मतभेद दिखा और समन्वय की कमी भी दिखी. इससे पहले बीजेपी नेता और डिप्टी सीएम सुशील मोदी (Sushil Modi) ने निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार से महागठबंधन के नेता कन्नी काट रहे हैं.
हालांकि शुक्रवार को पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र पहुंचे और एक जनसभा को संबोधित किया. निश्चित रूप से स्थानीय प्रत्याशी अशोक राम उसके बाद राहत की सांस लेंगे क्योंकि प्रचार मे उन्हें राजद के विधायक और कार्यकर्ताओं का सहयोग नहीं मिल रहा था.
इस बार के उपचुनाव के प्रचार की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर क्षेत्र में एक-एक जनसभा की. इसमें भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मुस्लिम बहुल किशनगंज की सीट शामिल हैं. वहीं तेजस्वी यादव ने अपने प्रत्याशियों के लिए हर विधानसभा में कई जनसभा की.
लेकिन सहयोगी कांग्रेस ने सीट समस्तीपुर में एक और किशनगंज में अभी तक कोई सभा नहीं की हैं. वहीं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने सभी सीटों पर प्रचार करने के अलावा सब जगह रोड शो किया. लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान अपने स्वास्थ्य कारण से केवल एक दिन में नीतीश कुमार और सुशील मोदी के साथ तीन संयुक्त सभाओं को सम्बोधित किया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेजस्वी ने कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार किया
सुशील मोदी ने महागठबंधन पर साधा था निशाना
नीतीश कुमार ने हर क्षेत्र में एक-एक जनसभा की | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेट विश्व कप 2011 के उद्घाटन समारोह में आम आदमी की सवारी रिक्शा आकर्षण का केंद्र होगा। विश्व कप में भाग ले रहे सभी देशों के कप्तान रिक्शे पर सवार होकर बंगबंधु स्टेडियम में प्रवेश करेंगे। बांग्लादेश में टूर्नामेंट के निदेशक अली अहसान बाबू ने बताया, "रिक्शा हमारे पारम्परिक परिवहन का साधन है। यह बांग्लादेश की धरोहर का एक हिस्सा है। इसलिए हम इसे मेहमानों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहते हैं। सभी 14 देशों के कप्तान रिक्शे पर सवार होकर स्टेडियम में दाखिल होंगे।" बाबू ने कहा, "हमारे यहां के रिक्शों की पहचान उनकी रंगों की विविधता है। हम मेहमानों के समक्ष कलात्मक रूप से निर्मित रिक्शों को पेश करेंगे। रोशनी की अच्छी व्यवस्था की गई है, इससे स्टेडियम के प्रत्येक कोने से यह नजारा अच्छी तरह दिखेगा।" उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह के पांच हिस्सों में रिक्शों का प्रदर्शन सबसे पहले किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में विश्व कप की मेजबानी करने वाले तीनों देशों भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। समारोह में भारतीय गायक शंकर, एहसान और लॉय अपनी मधुर आवाजों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। | सारांश: विश्व कप में भाग ले रहे सभी देशों के कप्तान रिक्शे पर सवार होकर बंगबंधु स्टेडियम में प्रवेश करेंगे। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार सीमा आज़ाद को इलाहाबाद हाइकोर्ट से ज़मानत मिल गई है। देशद्रोह के आरोप में निचली अदालत ने सीमा आजाद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सीमा को फरवरी 2010 को दिल्ली से इलाहाबाद पहुंचने पर स्टेशन पर ही गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने सीमा आज़ाद और उनके पति विश्व विजय पर देशद्रोह का मामला बनाया था और उनके पास से बड़ी संख्या में नक्सली साहित्य बरामद होने का दावा किया था। सीमा आजाद की रिहाई के लिए मानवाघिकार संगठनों ने आंदोलन भी चलाया था।
पत्रकार और मानव अधिकार कार्यकर्ता सीमा आज़ाद और उनके पति विश्व विजय पर पुलिस ने देश द्रोह का मामला बनाया था। उन्हें एक निचली अदालत ने इस आरोप में उम्र कैद की सज़ा सुना दी। इलाहाबाद हाइकोर्ट ने उन्हें ज़मानत देकर इंसाफ़ का भरोसा बनाए रखा है।
सालों से सीमा गरीबों की आवाज उठा रही थीं। सीमा लोगों की आवाज उठाने के लिए दस्तक नाम की एक मैग्जीन भी निकाल रही थी। सीमा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में एमए किया था और एक हमख्याल साथी से विश्वविजय से शादी की।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों पर इल्जाम लगाया था भारत सरकार से युद्ध छेड़ने का। पुलिस का कहना है कि दोनों मिलकर केंद्र तख्तापलट कर माओवादी सरकार बनाना चाहते हैं। इसलिए दोनों देशद्रोही हैं।टिप्पणियां
सीमा आजाद के वकील रवि किरण का कहना है कि पुलिस की दलील है कि जो झोले के अंदर से साहित्य मिला उसे पढ़ने से पता चलता है कि ये लोग आतंकवादी है, गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं, आतंकवादी हैं और देशद्रोही हैं। किरण का कहना है कि पुलिस दोनों के खिलाफ एक भी अपराध साबित नहीं कर पाई। जो साहित्य अदालत में पेश किया गया उसकी सील टूटी हुई थी।
सीमा के साथियों का कहना है कि सीमा से सत्ता से जुड़े लोग नाराज थे। क्योंकि सीमा जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ, गैरकानूनी खुदाई और मायावती के गंगा एक्सप्रेसवे जैसी योजनाओं के खिलाफ अपनी मैग्जीन में मुहिम चला रही थीं। सीमा के पिता एमपी श्रीवास्तव का कहना है कि यह यब पुलिसिया साजिश थी और उसकी गिरफ्तारी अन्याय है।
पत्रकार और मानव अधिकार कार्यकर्ता सीमा आज़ाद और उनके पति विश्व विजय पर पुलिस ने देश द्रोह का मामला बनाया था। उन्हें एक निचली अदालत ने इस आरोप में उम्र कैद की सज़ा सुना दी। इलाहाबाद हाइकोर्ट ने उन्हें ज़मानत देकर इंसाफ़ का भरोसा बनाए रखा है।
सालों से सीमा गरीबों की आवाज उठा रही थीं। सीमा लोगों की आवाज उठाने के लिए दस्तक नाम की एक मैग्जीन भी निकाल रही थी। सीमा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में एमए किया था और एक हमख्याल साथी से विश्वविजय से शादी की।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों पर इल्जाम लगाया था भारत सरकार से युद्ध छेड़ने का। पुलिस का कहना है कि दोनों मिलकर केंद्र तख्तापलट कर माओवादी सरकार बनाना चाहते हैं। इसलिए दोनों देशद्रोही हैं।टिप्पणियां
सीमा आजाद के वकील रवि किरण का कहना है कि पुलिस की दलील है कि जो झोले के अंदर से साहित्य मिला उसे पढ़ने से पता चलता है कि ये लोग आतंकवादी है, गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं, आतंकवादी हैं और देशद्रोही हैं। किरण का कहना है कि पुलिस दोनों के खिलाफ एक भी अपराध साबित नहीं कर पाई। जो साहित्य अदालत में पेश किया गया उसकी सील टूटी हुई थी।
सीमा के साथियों का कहना है कि सीमा से सत्ता से जुड़े लोग नाराज थे। क्योंकि सीमा जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ, गैरकानूनी खुदाई और मायावती के गंगा एक्सप्रेसवे जैसी योजनाओं के खिलाफ अपनी मैग्जीन में मुहिम चला रही थीं। सीमा के पिता एमपी श्रीवास्तव का कहना है कि यह यब पुलिसिया साजिश थी और उसकी गिरफ्तारी अन्याय है।
सालों से सीमा गरीबों की आवाज उठा रही थीं। सीमा लोगों की आवाज उठाने के लिए दस्तक नाम की एक मैग्जीन भी निकाल रही थी। सीमा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में एमए किया था और एक हमख्याल साथी से विश्वविजय से शादी की।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों पर इल्जाम लगाया था भारत सरकार से युद्ध छेड़ने का। पुलिस का कहना है कि दोनों मिलकर केंद्र तख्तापलट कर माओवादी सरकार बनाना चाहते हैं। इसलिए दोनों देशद्रोही हैं।टिप्पणियां
सीमा आजाद के वकील रवि किरण का कहना है कि पुलिस की दलील है कि जो झोले के अंदर से साहित्य मिला उसे पढ़ने से पता चलता है कि ये लोग आतंकवादी है, गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं, आतंकवादी हैं और देशद्रोही हैं। किरण का कहना है कि पुलिस दोनों के खिलाफ एक भी अपराध साबित नहीं कर पाई। जो साहित्य अदालत में पेश किया गया उसकी सील टूटी हुई थी।
सीमा के साथियों का कहना है कि सीमा से सत्ता से जुड़े लोग नाराज थे। क्योंकि सीमा जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ, गैरकानूनी खुदाई और मायावती के गंगा एक्सप्रेसवे जैसी योजनाओं के खिलाफ अपनी मैग्जीन में मुहिम चला रही थीं। सीमा के पिता एमपी श्रीवास्तव का कहना है कि यह यब पुलिसिया साजिश थी और उसकी गिरफ्तारी अन्याय है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों पर इल्जाम लगाया था भारत सरकार से युद्ध छेड़ने का। पुलिस का कहना है कि दोनों मिलकर केंद्र तख्तापलट कर माओवादी सरकार बनाना चाहते हैं। इसलिए दोनों देशद्रोही हैं।टिप्पणियां
सीमा आजाद के वकील रवि किरण का कहना है कि पुलिस की दलील है कि जो झोले के अंदर से साहित्य मिला उसे पढ़ने से पता चलता है कि ये लोग आतंकवादी है, गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं, आतंकवादी हैं और देशद्रोही हैं। किरण का कहना है कि पुलिस दोनों के खिलाफ एक भी अपराध साबित नहीं कर पाई। जो साहित्य अदालत में पेश किया गया उसकी सील टूटी हुई थी।
सीमा के साथियों का कहना है कि सीमा से सत्ता से जुड़े लोग नाराज थे। क्योंकि सीमा जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ, गैरकानूनी खुदाई और मायावती के गंगा एक्सप्रेसवे जैसी योजनाओं के खिलाफ अपनी मैग्जीन में मुहिम चला रही थीं। सीमा के पिता एमपी श्रीवास्तव का कहना है कि यह यब पुलिसिया साजिश थी और उसकी गिरफ्तारी अन्याय है।
सीमा आजाद के वकील रवि किरण का कहना है कि पुलिस की दलील है कि जो झोले के अंदर से साहित्य मिला उसे पढ़ने से पता चलता है कि ये लोग आतंकवादी है, गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं, आतंकवादी हैं और देशद्रोही हैं। किरण का कहना है कि पुलिस दोनों के खिलाफ एक भी अपराध साबित नहीं कर पाई। जो साहित्य अदालत में पेश किया गया उसकी सील टूटी हुई थी।
सीमा के साथियों का कहना है कि सीमा से सत्ता से जुड़े लोग नाराज थे। क्योंकि सीमा जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ, गैरकानूनी खुदाई और मायावती के गंगा एक्सप्रेसवे जैसी योजनाओं के खिलाफ अपनी मैग्जीन में मुहिम चला रही थीं। सीमा के पिता एमपी श्रीवास्तव का कहना है कि यह यब पुलिसिया साजिश थी और उसकी गिरफ्तारी अन्याय है।
सीमा के साथियों का कहना है कि सीमा से सत्ता से जुड़े लोग नाराज थे। क्योंकि सीमा जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ, गैरकानूनी खुदाई और मायावती के गंगा एक्सप्रेसवे जैसी योजनाओं के खिलाफ अपनी मैग्जीन में मुहिम चला रही थीं। सीमा के पिता एमपी श्रीवास्तव का कहना है कि यह यब पुलिसिया साजिश थी और उसकी गिरफ्तारी अन्याय है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार सीमा आज़ाद को इलाहाबाद हाइकोर्ट से ज़मानत मिल गई है। देशद्रोह के आरोप में निचली अदालत ने सीमा आजाद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इसके परमाणु कार्यक्रमों की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा जांच की समय सीमा तय की जानी चाहिए। उसने पश्चिमी ताकतों पर आरोप लगाया कि उन्होंने परमाणु निगरानी संस्था पर ‘भारी राजनीतिक दबाव’ बनाया है।
राजनीतिक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के महानिदेशक और परमाणु समझौता दल के सदस्य मुस्तफा दौलतयार ने कहा कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का ‘जिम्मेदार सदस्य’ है और इसके साथ संधि के किसी अन्य सदस्य की भांति ही व्यवहार किए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा है और अमेरिका एवं अन्य पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि वे आईएईए एवं इसके महानिदेशक पर ‘राजनीतिक दबाव’ बना रहे हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘पश्चिमी देशों का राजनीतिक एजेंडा होता है। हम जांच को तैयार हैं। लेकिन इसके लिए समय सीमा होनी चाहिए। अगर वे गिरोह के रूप में ऐसा करना चाहते हैं तो निश्चित रूप से ऐसा संभव नहीं है। छह महीने बाद वे फिर कह सकते हैं कि वे फिर से दौरा करना चाहते हैं। अगर ऐसा मामला है तो यह खत्म होने वाला नहीं है।’’
दौलतयार ने कहा कि परमाणु हथियार का कोई उपयोग नहीं है और उन्होंने रूस, इस्राइल, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण दिया जिनके पास परमाणु हथियार हैं लेकिन ‘अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए’ उनका उपयोग नहीं कर सकते।
राजनीतिक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के महानिदेशक और परमाणु समझौता दल के सदस्य मुस्तफा दौलतयार ने कहा कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का ‘जिम्मेदार सदस्य’ है और इसके साथ संधि के किसी अन्य सदस्य की भांति ही व्यवहार किए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा है और अमेरिका एवं अन्य पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि वे आईएईए एवं इसके महानिदेशक पर ‘राजनीतिक दबाव’ बना रहे हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘पश्चिमी देशों का राजनीतिक एजेंडा होता है। हम जांच को तैयार हैं। लेकिन इसके लिए समय सीमा होनी चाहिए। अगर वे गिरोह के रूप में ऐसा करना चाहते हैं तो निश्चित रूप से ऐसा संभव नहीं है। छह महीने बाद वे फिर कह सकते हैं कि वे फिर से दौरा करना चाहते हैं। अगर ऐसा मामला है तो यह खत्म होने वाला नहीं है।’’
दौलतयार ने कहा कि परमाणु हथियार का कोई उपयोग नहीं है और उन्होंने रूस, इस्राइल, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण दिया जिनके पास परमाणु हथियार हैं लेकिन ‘अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए’ उनका उपयोग नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा है और अमेरिका एवं अन्य पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि वे आईएईए एवं इसके महानिदेशक पर ‘राजनीतिक दबाव’ बना रहे हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘पश्चिमी देशों का राजनीतिक एजेंडा होता है। हम जांच को तैयार हैं। लेकिन इसके लिए समय सीमा होनी चाहिए। अगर वे गिरोह के रूप में ऐसा करना चाहते हैं तो निश्चित रूप से ऐसा संभव नहीं है। छह महीने बाद वे फिर कह सकते हैं कि वे फिर से दौरा करना चाहते हैं। अगर ऐसा मामला है तो यह खत्म होने वाला नहीं है।’’
दौलतयार ने कहा कि परमाणु हथियार का कोई उपयोग नहीं है और उन्होंने रूस, इस्राइल, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण दिया जिनके पास परमाणु हथियार हैं लेकिन ‘अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए’ उनका उपयोग नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, ‘पश्चिमी देशों का राजनीतिक एजेंडा होता है। हम जांच को तैयार हैं। लेकिन इसके लिए समय सीमा होनी चाहिए। अगर वे गिरोह के रूप में ऐसा करना चाहते हैं तो निश्चित रूप से ऐसा संभव नहीं है। छह महीने बाद वे फिर कह सकते हैं कि वे फिर से दौरा करना चाहते हैं। अगर ऐसा मामला है तो यह खत्म होने वाला नहीं है।’’
दौलतयार ने कहा कि परमाणु हथियार का कोई उपयोग नहीं है और उन्होंने रूस, इस्राइल, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण दिया जिनके पास परमाणु हथियार हैं लेकिन ‘अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए’ उनका उपयोग नहीं कर सकते।
दौलतयार ने कहा कि परमाणु हथियार का कोई उपयोग नहीं है और उन्होंने रूस, इस्राइल, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण दिया जिनके पास परमाणु हथियार हैं लेकिन ‘अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए’ उनका उपयोग नहीं कर सकते। | सारांश: ईरान ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इसके परमाणु कार्यक्रमों की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा जांच की समय सीमा तय की जानी चाहिए। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश के एक मंत्री की जेल में बंद सांसद वाईएस जगमोहन रेड्डी के संबंध में दिए गए बयान को लेकर वाईएसआर कांग्रेस ने शनिवार को मंत्री के खिलाफ राज्य भर में प्रदर्शन किए।
जगमोहन रेड्डी वाइएसआर कांग्रेस के नेता हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बंद हैं।
वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया और राज्य के वित्तमंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी के पुतले फूंके।
अनाम रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के लिए जगमोहन रेड्डी को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां
लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है।
जगमोहन रेड्डी वाइएसआर कांग्रेस के नेता हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बंद हैं।
वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया और राज्य के वित्तमंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी के पुतले फूंके।
अनाम रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के लिए जगमोहन रेड्डी को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां
लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है।
वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया और राज्य के वित्तमंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी के पुतले फूंके।
अनाम रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के लिए जगमोहन रेड्डी को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां
लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है।
अनाम रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के लिए जगमोहन रेड्डी को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां
लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है।
लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है। | संक्षिप्त सारांश: आंध्र प्रदेश के एक मंत्री की जेल में बंद सांसद वाईएस जगमोहन रेड्डी के संबंध में दिए गए बयान को लेकर वाईएसआर कांग्रेस ने शनिवार को मंत्री के खिलाफ राज्य भर में प्रदर्शन किए। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पंजाब के तरनतारन में एक महिला को सरेराह पीटने के मामले में पंजाब के एक मजिस्ट्रेट ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। इससे नाराज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट की इस रिपोर्ट को कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इस रिपोर्ट से उस व्यक्ति के चरित्र का पता चलता है, जिसने इसे तैयार किया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह पुलिस के जुल्म की शिकार महिला को सुरक्षा मुहैया कराए और यह काम पुलिस को नहीं, बल्कि किसी और एजेंसी को सौंपा जाए।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस महिला के साथ एक ट्रक ड्राइवर ने छेड़छाड़ की थी। महिला ने अपने परिवारवालों को इसकी जानकारी दी और परिवार वाले वहां पहुंचकर ट्रक ड्राइवर के साथ जिरह कर रहे थे, तभी पुलिस ने ट्रक ड्राइवर का साथ देते हुए पीड़ित महिला को ही पीटना शुरू कर दिया। यही नहीं, उसके पुलिस ने उसके परिवार के साथ भी बुरा सलूक किया।
आखिरकार जान बचाने के लिए इस महिला को वहां से भागना पड़ा। पीड़ित महिला और उसके परिवार के मुताबिक, पुलिसवालों ने उन्हें पीटने के अलावा भद्दी गालियां भी दीं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इस रिपोर्ट से उस व्यक्ति के चरित्र का पता चलता है, जिसने इसे तैयार किया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह पुलिस के जुल्म की शिकार महिला को सुरक्षा मुहैया कराए और यह काम पुलिस को नहीं, बल्कि किसी और एजेंसी को सौंपा जाए।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस महिला के साथ एक ट्रक ड्राइवर ने छेड़छाड़ की थी। महिला ने अपने परिवारवालों को इसकी जानकारी दी और परिवार वाले वहां पहुंचकर ट्रक ड्राइवर के साथ जिरह कर रहे थे, तभी पुलिस ने ट्रक ड्राइवर का साथ देते हुए पीड़ित महिला को ही पीटना शुरू कर दिया। यही नहीं, उसके पुलिस ने उसके परिवार के साथ भी बुरा सलूक किया।
आखिरकार जान बचाने के लिए इस महिला को वहां से भागना पड़ा। पीड़ित महिला और उसके परिवार के मुताबिक, पुलिसवालों ने उन्हें पीटने के अलावा भद्दी गालियां भी दीं।
गौरतलब है कि इस महिला के साथ एक ट्रक ड्राइवर ने छेड़छाड़ की थी। महिला ने अपने परिवारवालों को इसकी जानकारी दी और परिवार वाले वहां पहुंचकर ट्रक ड्राइवर के साथ जिरह कर रहे थे, तभी पुलिस ने ट्रक ड्राइवर का साथ देते हुए पीड़ित महिला को ही पीटना शुरू कर दिया। यही नहीं, उसके पुलिस ने उसके परिवार के साथ भी बुरा सलूक किया।
आखिरकार जान बचाने के लिए इस महिला को वहां से भागना पड़ा। पीड़ित महिला और उसके परिवार के मुताबिक, पुलिसवालों ने उन्हें पीटने के अलावा भद्दी गालियां भी दीं।
आखिरकार जान बचाने के लिए इस महिला को वहां से भागना पड़ा। पीड़ित महिला और उसके परिवार के मुताबिक, पुलिसवालों ने उन्हें पीटने के अलावा भद्दी गालियां भी दीं। | सारांश: पंजाब के तरनतारन में एक महिला को सरेराह पीटने के मामले में पंजाब के एक मजिस्ट्रेट ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की दो सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में चीन में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाईं. इसे मेनस्ट्रीम सिनेमा के चीन के बाजार में कदम जमाने के प्रयास में तगड़ा झटका माना जा रहा है. रजनीकांत (Rajnikanth) और अक्षय कुमार (Akshay Kumar) अभिनीत एस. शंकर की फिल्म '2.0' (Robot 2.0) ने हिंदी, तमिल और तेलुगू संस्करणों में शानदार घरेलू कारोबार किया था. लेकिन, 6 सितंबर को यह फिल्म चीन में रिलीज हुई जो कि पूरी तरह से फ्लॉप रही. इस फिल्म ने चीन के बाजार में अपने पहले सप्ताह में महज 22 करोड़ रुपये का कारोबार किया.
'2.0' (Robot 2.0) से पहले मई, 2018 में चीन में रिलीज हुई 'बाहुबली 2 : द कन्क्लूजन' (Baahubali 2) भी यहां के दर्शकों को रास नहीं आई. प्रभास अभिनीत एस.एस. राजामौली की यह फिल्म रिलीज होने के बाद से केवल 52 करोड़ रुपये की कमाई कर पाई. यह फिल्म दर्शकों को थिएटर्स तक खींचने में नाकामयाब रही.
व्यापार विशेषज्ञ गिरीश जौहर ने कहा, " जितनी कमाई की अपेक्षा की गई थी उसमें ये नाकाम रहीं. भारत में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद ये दोनों ही फिल्में यहां असफल रही. चीनी दर्शक खुद को इनकी कहानियों से नहीं जोड़ पाए. दोनों ही फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत हुई थी, जिससे साबित होता है कि इन्हें लेकर लोगों में उत्सुकता थी, लेकिन इसके बाद लोगों की इनमें रुची कम हो गई क्योंकि चीन में स्थानीय दर्शक इनकी कहानियों के साथ खुद को कनेक्ट नहीं कर पाए." | यहाँ एक सारांश है:चीन में पूरी तरह से फ्लॉप हो गई फिल्म Robot 2.0
रजनीकांत का नहीं चला जादू
'बाहुबली 2' भी रही थी फ्लॉप | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दोपहिया वाहन विनिर्माता बजाज ऑटो ने आज कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने के चलते उसने सभी खंडों में वाहनों के दाम बढ़ाने की योजना बनाई है।टिप्पणियां
बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने यहां संवाददाताओं को बताया, ऐसा लगता है कि हमें कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं क्योंकि जिंसों के दाम काफी ऊपर चले गए हैं। इसलिए हम कीमतें बढ़ाने की संभावना तलाश रहे हैं। वह यहां आइमा के एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, हमने यह तय नहीं किया है कि दाम में कितनी और कब बढ़ोतरी की जाएगी, लेकिन निकट भविष्य में कीमत वृद्धि अपरिहार्य हो गई है। नए वाहनों की पेशकश के बारे में बजाज ने कहा कि कंपनी अगले तीन महीने में पल्सर एवं डिस्कवर के नए संस्करण पेश करेगी।
बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने यहां संवाददाताओं को बताया, ऐसा लगता है कि हमें कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं क्योंकि जिंसों के दाम काफी ऊपर चले गए हैं। इसलिए हम कीमतें बढ़ाने की संभावना तलाश रहे हैं। वह यहां आइमा के एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, हमने यह तय नहीं किया है कि दाम में कितनी और कब बढ़ोतरी की जाएगी, लेकिन निकट भविष्य में कीमत वृद्धि अपरिहार्य हो गई है। नए वाहनों की पेशकश के बारे में बजाज ने कहा कि कंपनी अगले तीन महीने में पल्सर एवं डिस्कवर के नए संस्करण पेश करेगी।
उन्होंने कहा, हमने यह तय नहीं किया है कि दाम में कितनी और कब बढ़ोतरी की जाएगी, लेकिन निकट भविष्य में कीमत वृद्धि अपरिहार्य हो गई है। नए वाहनों की पेशकश के बारे में बजाज ने कहा कि कंपनी अगले तीन महीने में पल्सर एवं डिस्कवर के नए संस्करण पेश करेगी। | यहाँ एक सारांश है:दोपहिया वाहन विनिर्माता बजाज ऑटो ने आज कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने के चलते उसने सभी खंडों में वाहनों के दाम बढ़ाने की योजना बनाई है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने देश के पूर्व सैन्य शासकों को आड़े हाथ लेते हुए शुक्रवार को कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की शेखी बघारने वाले 'तानाशाह' जब सत्ता में थे, तब उन्होंने इस दिशा में कुछ नहीं किया। उन्होंने तानाशाहों की सत्ता में वापसी की सम्भवनाओं को भी पूरी तरह खारिज कर दिया।टिप्पणियां
समाचार चैनल जियो टीवी के मुताबिक महिला विश्वविद्यालय के लाहौर कालेज में आयोजित दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए गिलानी ने कहा, "स्थायित्व लाना सिर्फ सर्वशक्तिमान अल्लाह ताला के हाथ में है।" उन्होंने कहा, "विपक्ष अपना काम कर रहा है और सरकार उसी र्ढे पर चलेगी, जिसके लिए लोगों ने उसे जनादेश दिया है।"
यह कहते हुए प्रत्येक संस्थान को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें संविधान को बहाल कर शासन के अंगों को मजबूत करना है। अदालत के समक्ष मेरा पेश होना यह दर्शाता है कि हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं।"
समाचार चैनल जियो टीवी के मुताबिक महिला विश्वविद्यालय के लाहौर कालेज में आयोजित दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए गिलानी ने कहा, "स्थायित्व लाना सिर्फ सर्वशक्तिमान अल्लाह ताला के हाथ में है।" उन्होंने कहा, "विपक्ष अपना काम कर रहा है और सरकार उसी र्ढे पर चलेगी, जिसके लिए लोगों ने उसे जनादेश दिया है।"
यह कहते हुए प्रत्येक संस्थान को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें संविधान को बहाल कर शासन के अंगों को मजबूत करना है। अदालत के समक्ष मेरा पेश होना यह दर्शाता है कि हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं।"
यह कहते हुए प्रत्येक संस्थान को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें संविधान को बहाल कर शासन के अंगों को मजबूत करना है। अदालत के समक्ष मेरा पेश होना यह दर्शाता है कि हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने देश के पूर्व सैन्य शासकों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की शेखी बघारने वाले 'तानाशाह' जब सत्ता में थे, तब उन्होंने इस दिशा में कुछ नहीं किया। | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की अग्रणी महिला बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु और पुरुष खिलाड़ी समीर वर्मा रविवार को यहां जारी योनेक्स सनराइज हांगकांग ओपन टूर्नामेंट के एकल वर्ग के फाइनल मुकाबले में हार गए. रियो ओलिम्पिक में रजत पदक जीतने वाली सिंधु को हांगकांग कोलोजियम-1 में हुए खिताबी मुकाबले में चीनी ताइपे की ताए जू यिंग ने 21-15, 21-17 से हराया.
सिंधु को 41 मिनट तक चले मुकाबले में हराने वाली ताए ने सेमीफाइनल में विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी स्पेन की केरोलिना मॉरिन को हराया था. सिंधु और ताए के बीच यह अब तक का आठवां मुकाबला था. इससे पहले चार मैचों में ताए विजयी रहीं थीं जबकि तीन में सिंधु ने बाजी मारी थी. रियो में भी दोनों खिलाड़ी आमने-सामने हुईं थीं, जिसमें सिंधु ने जीत हासिल की थी.टिप्पणियां
सिंधु का यह तीसरा सुपर सीरीज फाइनल था. इससे पहले 2015 में डेनमार्क ओपन के फाइनल में सिंधु को हार मिली थी जबकि इस साल सिंधु ने चाइना ओपन का खिताब जीता था. इसके बाद पुरुष एकल फाइनल में समीर को भी हार मिली. समीर को हांगकांग के नग का लोंग अंगुस ने 21-14, 10-21, 21-11 से हराया. यह मैच 50 मिनट चला. समीर ने शनिवार को सेमीफाइनल मैच में तीसरे वरीय डेनमार्क के जान ओ जोर्गेनसेन को 21-19, 24-22 से हराया था लेकिन वह अंगुस की चुनौती सामना नहीं कर सके. समीर और अंगुस के बीच इससे पहले दो मुकाबले हुए थे और दोनों ही बार समीर की जीत हुई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सिंधु को 41 मिनट तक चले मुकाबले में हराने वाली ताए ने सेमीफाइनल में विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी स्पेन की केरोलिना मॉरिन को हराया था. सिंधु और ताए के बीच यह अब तक का आठवां मुकाबला था. इससे पहले चार मैचों में ताए विजयी रहीं थीं जबकि तीन में सिंधु ने बाजी मारी थी. रियो में भी दोनों खिलाड़ी आमने-सामने हुईं थीं, जिसमें सिंधु ने जीत हासिल की थी.टिप्पणियां
सिंधु का यह तीसरा सुपर सीरीज फाइनल था. इससे पहले 2015 में डेनमार्क ओपन के फाइनल में सिंधु को हार मिली थी जबकि इस साल सिंधु ने चाइना ओपन का खिताब जीता था. इसके बाद पुरुष एकल फाइनल में समीर को भी हार मिली. समीर को हांगकांग के नग का लोंग अंगुस ने 21-14, 10-21, 21-11 से हराया. यह मैच 50 मिनट चला. समीर ने शनिवार को सेमीफाइनल मैच में तीसरे वरीय डेनमार्क के जान ओ जोर्गेनसेन को 21-19, 24-22 से हराया था लेकिन वह अंगुस की चुनौती सामना नहीं कर सके. समीर और अंगुस के बीच इससे पहले दो मुकाबले हुए थे और दोनों ही बार समीर की जीत हुई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सिंधु का यह तीसरा सुपर सीरीज फाइनल था. इससे पहले 2015 में डेनमार्क ओपन के फाइनल में सिंधु को हार मिली थी जबकि इस साल सिंधु ने चाइना ओपन का खिताब जीता था. इसके बाद पुरुष एकल फाइनल में समीर को भी हार मिली. समीर को हांगकांग के नग का लोंग अंगुस ने 21-14, 10-21, 21-11 से हराया. यह मैच 50 मिनट चला. समीर ने शनिवार को सेमीफाइनल मैच में तीसरे वरीय डेनमार्क के जान ओ जोर्गेनसेन को 21-19, 24-22 से हराया था लेकिन वह अंगुस की चुनौती सामना नहीं कर सके. समीर और अंगुस के बीच इससे पहले दो मुकाबले हुए थे और दोनों ही बार समीर की जीत हुई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: सिंधु को चीनी ताइपे की जू यिंग ने 21-15, 21-17 से हराया
यह पीवी सिंधु का तीसरा सुपरसीरीज फाइनल था
समीर को के नग का लोंग अंगुस ने तीन गेम में हराया | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मैनहट्टन प्रेप स्कूल में भारतीय मूल की एक 46 वर्षीया पूर्व शिक्षिका ने 2007 में अपने एक नाबालिग छात्र के साथ सेक्स करने के जुर्म में आखिरकार सारी दलीलें खारिज होने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया है। उसे इस मामले में दो से सात साल जेल की सजा सुनाई गई है।
मोंटेसरी स्कूल में 1996 में एक शिक्षिका लीना सिन्हा ने एक 13 वर्षीय छात्र के साथ मुख मैथुन किया था। यह स्कूल उसके मां-बाप का था। पांच साल पहले वह दोषी करार दी गयी थी लेकिन कई तरह की दलीलों से वह सजा से बच रही थी।टिप्पणियां
जब उसकी सभी दलीलें मंगलवार को खारिज हो गईं तो उनकी वकील जेरी शर्गल ने आरोपों को ‘अतिरंजित’ बताते हुए न्यायाधीश कैरोल बर्कमेन से सजा पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई। पीड़ित बाद में पुलिस बन गया।
‘न्यूयॉर्क डेली न्यूज’ के मुताबिक मैनहट्टन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश कैरोली बर्कमेन ने कहा कि महिला कई साल से बचती आ रही है। उसने एक बच्चे की जिंदगी दांव पर लगा दी। उसने उसकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की।
मोंटेसरी स्कूल में 1996 में एक शिक्षिका लीना सिन्हा ने एक 13 वर्षीय छात्र के साथ मुख मैथुन किया था। यह स्कूल उसके मां-बाप का था। पांच साल पहले वह दोषी करार दी गयी थी लेकिन कई तरह की दलीलों से वह सजा से बच रही थी।टिप्पणियां
जब उसकी सभी दलीलें मंगलवार को खारिज हो गईं तो उनकी वकील जेरी शर्गल ने आरोपों को ‘अतिरंजित’ बताते हुए न्यायाधीश कैरोल बर्कमेन से सजा पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई। पीड़ित बाद में पुलिस बन गया।
‘न्यूयॉर्क डेली न्यूज’ के मुताबिक मैनहट्टन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश कैरोली बर्कमेन ने कहा कि महिला कई साल से बचती आ रही है। उसने एक बच्चे की जिंदगी दांव पर लगा दी। उसने उसकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की।
जब उसकी सभी दलीलें मंगलवार को खारिज हो गईं तो उनकी वकील जेरी शर्गल ने आरोपों को ‘अतिरंजित’ बताते हुए न्यायाधीश कैरोल बर्कमेन से सजा पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई। पीड़ित बाद में पुलिस बन गया।
‘न्यूयॉर्क डेली न्यूज’ के मुताबिक मैनहट्टन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश कैरोली बर्कमेन ने कहा कि महिला कई साल से बचती आ रही है। उसने एक बच्चे की जिंदगी दांव पर लगा दी। उसने उसकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की।
‘न्यूयॉर्क डेली न्यूज’ के मुताबिक मैनहट्टन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश कैरोली बर्कमेन ने कहा कि महिला कई साल से बचती आ रही है। उसने एक बच्चे की जिंदगी दांव पर लगा दी। उसने उसकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की। | संक्षिप्त पाठ: मैनहट्टन प्रेप स्कूल में भारतीय मूल की एक 46 वर्षीया पूर्व शिक्षिका ने छात्र के साथ सेक्स करने के जुर्म में आखिरकार सारी दलीलें खारिज होने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महीने के आखिरी रविवार में हर बार की तरह इस बार भी मन की बात कार्यक्रम जरिए लोगों को संबोधित किया. पीएम ने किसानों से लेकर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर अपनी बात रखी. पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी मन की बात कार्यक्रम में कई ऐसे लोगों का उल्लेख किया जिन्होंने समाज में अपना योगदान कुछ अलग काम करके दिया है. उन्होंने कानपुर के डॉक्टर से लेकर असम के रिक्शा चालक का जिक्र किया जिनके सरोकार से समाज को फायदा पहुंच रहा है. उनकी कही मुख्य बातें -
- अगले कुछ दिनों में कई त्योहार आने वाले हैं. भगवान महावीर जयंती, हनुमान जयंती, ईस्टर, वैसाखी. आप सब को आने वाले सभी त्योहारों की ढ़ेरों शुभकामनाएँ.
- डॉ आम्बेडकर की जन्म जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल से 5 मई तक ‘ग्राम-स्वराज अभियान’ आयोजित किया जा रहा है. इसके तहत पूरे भारत में ग्राम-विकास, ग़रीब-कल्याण और सामाजिक-न्याय पर अलग-अलग कार्यक्रम होंगे. पीएम मोदी ने लोगों से कहा, आप सभी इस अभियान में हिस्सा लें.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा, आज हमने शासन के हर पहलू में सहकारी संघवाद और उससे आगे बढ़ करके कम्पीटीटिव कोपरेटिव फेडरलिज्म के मन्त्र को अपनाया है, डॉ बाबा साहब आम्बेडकर पिछड़े वर्ग से जुड़े मुझ जैसे करोड़ों लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं.
- मन की बात में पीएम ने कहा, बाबा साहब ने संघवाद, संघीय-व्यवस्था के महत्व पर बात की और देश के उत्थान के लिए केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर बल दिया.
- पीएम मोदी ने कहा कि डॉ बाबा साहब ही थे जिन्होंने जल-शक्ति को राष्ट्र-शक्ति के रूप में देखा. विभिन्न रिवर वैली अथोरिटीज, जल से संबंधित अलग-अलग कमीशन- ये सब बाबा साहब आम्बेडकर का ही तो विजन था. आज देश में जलमार्ग और बंदरगाहों के लिए ऐतिहासिक प्रयास हो रहे हैं.
- पीएम मोदी ने मन की बात में दावा किया कि आज मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया इनीशिएटिव हमारे युवा इनोवेटर्स, युवा उद्यमी को जन्म दे रही है.
- पीएम ने कहा, बाबा साहब का सेल्फ रिलायंस, आत्मनिर्भरता में दृढ़ विश्वास था. वे नहीं चाहते थे कि कोई व्यक्ति हमेशा ग़रीबी में अपना जीवन जीता रहे. पीएम मोदी ने कहा, बाबा साहब आम्बेडकर के विजन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, अर्बन मिशन की शुरुआत की गई ताकि बड़े नगरों, छोटे शहरों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- अगले कुछ दिनों में कई त्योहार आने वाले हैं. भगवान महावीर जयंती, हनुमान जयंती, ईस्टर, वैसाखी. आप सब को आने वाले सभी त्योहारों की ढ़ेरों शुभकामनाएँ.
- डॉ आम्बेडकर की जन्म जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल से 5 मई तक ‘ग्राम-स्वराज अभियान’ आयोजित किया जा रहा है. इसके तहत पूरे भारत में ग्राम-विकास, ग़रीब-कल्याण और सामाजिक-न्याय पर अलग-अलग कार्यक्रम होंगे. पीएम मोदी ने लोगों से कहा, आप सभी इस अभियान में हिस्सा लें.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा, आज हमने शासन के हर पहलू में सहकारी संघवाद और उससे आगे बढ़ करके कम्पीटीटिव कोपरेटिव फेडरलिज्म के मन्त्र को अपनाया है, डॉ बाबा साहब आम्बेडकर पिछड़े वर्ग से जुड़े मुझ जैसे करोड़ों लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं.
- मन की बात में पीएम ने कहा, बाबा साहब ने संघवाद, संघीय-व्यवस्था के महत्व पर बात की और देश के उत्थान के लिए केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर बल दिया.
- पीएम मोदी ने कहा कि डॉ बाबा साहब ही थे जिन्होंने जल-शक्ति को राष्ट्र-शक्ति के रूप में देखा. विभिन्न रिवर वैली अथोरिटीज, जल से संबंधित अलग-अलग कमीशन- ये सब बाबा साहब आम्बेडकर का ही तो विजन था. आज देश में जलमार्ग और बंदरगाहों के लिए ऐतिहासिक प्रयास हो रहे हैं.
- पीएम मोदी ने मन की बात में दावा किया कि आज मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया इनीशिएटिव हमारे युवा इनोवेटर्स, युवा उद्यमी को जन्म दे रही है.
- पीएम ने कहा, बाबा साहब का सेल्फ रिलायंस, आत्मनिर्भरता में दृढ़ विश्वास था. वे नहीं चाहते थे कि कोई व्यक्ति हमेशा ग़रीबी में अपना जीवन जीता रहे. पीएम मोदी ने कहा, बाबा साहब आम्बेडकर के विजन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, अर्बन मिशन की शुरुआत की गई ताकि बड़े नगरों, छोटे शहरों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- डॉ आम्बेडकर की जन्म जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल से 5 मई तक ‘ग्राम-स्वराज अभियान’ आयोजित किया जा रहा है. इसके तहत पूरे भारत में ग्राम-विकास, ग़रीब-कल्याण और सामाजिक-न्याय पर अलग-अलग कार्यक्रम होंगे. पीएम मोदी ने लोगों से कहा, आप सभी इस अभियान में हिस्सा लें.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा, आज हमने शासन के हर पहलू में सहकारी संघवाद और उससे आगे बढ़ करके कम्पीटीटिव कोपरेटिव फेडरलिज्म के मन्त्र को अपनाया है, डॉ बाबा साहब आम्बेडकर पिछड़े वर्ग से जुड़े मुझ जैसे करोड़ों लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं.
- मन की बात में पीएम ने कहा, बाबा साहब ने संघवाद, संघीय-व्यवस्था के महत्व पर बात की और देश के उत्थान के लिए केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर बल दिया.
- पीएम मोदी ने कहा कि डॉ बाबा साहब ही थे जिन्होंने जल-शक्ति को राष्ट्र-शक्ति के रूप में देखा. विभिन्न रिवर वैली अथोरिटीज, जल से संबंधित अलग-अलग कमीशन- ये सब बाबा साहब आम्बेडकर का ही तो विजन था. आज देश में जलमार्ग और बंदरगाहों के लिए ऐतिहासिक प्रयास हो रहे हैं.
- पीएम मोदी ने मन की बात में दावा किया कि आज मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया इनीशिएटिव हमारे युवा इनोवेटर्स, युवा उद्यमी को जन्म दे रही है.
- पीएम ने कहा, बाबा साहब का सेल्फ रिलायंस, आत्मनिर्भरता में दृढ़ विश्वास था. वे नहीं चाहते थे कि कोई व्यक्ति हमेशा ग़रीबी में अपना जीवन जीता रहे. पीएम मोदी ने कहा, बाबा साहब आम्बेडकर के विजन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, अर्बन मिशन की शुरुआत की गई ताकि बड़े नगरों, छोटे शहरों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा, आज हमने शासन के हर पहलू में सहकारी संघवाद और उससे आगे बढ़ करके कम्पीटीटिव कोपरेटिव फेडरलिज्म के मन्त्र को अपनाया है, डॉ बाबा साहब आम्बेडकर पिछड़े वर्ग से जुड़े मुझ जैसे करोड़ों लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं.
- मन की बात में पीएम ने कहा, बाबा साहब ने संघवाद, संघीय-व्यवस्था के महत्व पर बात की और देश के उत्थान के लिए केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर बल दिया.
- पीएम मोदी ने कहा कि डॉ बाबा साहब ही थे जिन्होंने जल-शक्ति को राष्ट्र-शक्ति के रूप में देखा. विभिन्न रिवर वैली अथोरिटीज, जल से संबंधित अलग-अलग कमीशन- ये सब बाबा साहब आम्बेडकर का ही तो विजन था. आज देश में जलमार्ग और बंदरगाहों के लिए ऐतिहासिक प्रयास हो रहे हैं.
- पीएम मोदी ने मन की बात में दावा किया कि आज मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया इनीशिएटिव हमारे युवा इनोवेटर्स, युवा उद्यमी को जन्म दे रही है.
- पीएम ने कहा, बाबा साहब का सेल्फ रिलायंस, आत्मनिर्भरता में दृढ़ विश्वास था. वे नहीं चाहते थे कि कोई व्यक्ति हमेशा ग़रीबी में अपना जीवन जीता रहे. पीएम मोदी ने कहा, बाबा साहब आम्बेडकर के विजन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, अर्बन मिशन की शुरुआत की गई ताकि बड़े नगरों, छोटे शहरों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- मन की बात में पीएम ने कहा, बाबा साहब ने संघवाद, संघीय-व्यवस्था के महत्व पर बात की और देश के उत्थान के लिए केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर बल दिया.
- पीएम मोदी ने कहा कि डॉ बाबा साहब ही थे जिन्होंने जल-शक्ति को राष्ट्र-शक्ति के रूप में देखा. विभिन्न रिवर वैली अथोरिटीज, जल से संबंधित अलग-अलग कमीशन- ये सब बाबा साहब आम्बेडकर का ही तो विजन था. आज देश में जलमार्ग और बंदरगाहों के लिए ऐतिहासिक प्रयास हो रहे हैं.
- पीएम मोदी ने मन की बात में दावा किया कि आज मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया इनीशिएटिव हमारे युवा इनोवेटर्स, युवा उद्यमी को जन्म दे रही है.
- पीएम ने कहा, बाबा साहब का सेल्फ रिलायंस, आत्मनिर्भरता में दृढ़ विश्वास था. वे नहीं चाहते थे कि कोई व्यक्ति हमेशा ग़रीबी में अपना जीवन जीता रहे. पीएम मोदी ने कहा, बाबा साहब आम्बेडकर के विजन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, अर्बन मिशन की शुरुआत की गई ताकि बड़े नगरों, छोटे शहरों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पीएम मोदी ने कहा कि डॉ बाबा साहब ही थे जिन्होंने जल-शक्ति को राष्ट्र-शक्ति के रूप में देखा. विभिन्न रिवर वैली अथोरिटीज, जल से संबंधित अलग-अलग कमीशन- ये सब बाबा साहब आम्बेडकर का ही तो विजन था. आज देश में जलमार्ग और बंदरगाहों के लिए ऐतिहासिक प्रयास हो रहे हैं.
- पीएम मोदी ने मन की बात में दावा किया कि आज मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया इनीशिएटिव हमारे युवा इनोवेटर्स, युवा उद्यमी को जन्म दे रही है.
- पीएम ने कहा, बाबा साहब का सेल्फ रिलायंस, आत्मनिर्भरता में दृढ़ विश्वास था. वे नहीं चाहते थे कि कोई व्यक्ति हमेशा ग़रीबी में अपना जीवन जीता रहे. पीएम मोदी ने कहा, बाबा साहब आम्बेडकर के विजन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, अर्बन मिशन की शुरुआत की गई ताकि बड़े नगरों, छोटे शहरों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पीएम मोदी ने मन की बात में दावा किया कि आज मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया इनीशिएटिव हमारे युवा इनोवेटर्स, युवा उद्यमी को जन्म दे रही है.
- पीएम ने कहा, बाबा साहब का सेल्फ रिलायंस, आत्मनिर्भरता में दृढ़ विश्वास था. वे नहीं चाहते थे कि कोई व्यक्ति हमेशा ग़रीबी में अपना जीवन जीता रहे. पीएम मोदी ने कहा, बाबा साहब आम्बेडकर के विजन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, अर्बन मिशन की शुरुआत की गई ताकि बड़े नगरों, छोटे शहरों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पीएम ने कहा, बाबा साहब का सेल्फ रिलायंस, आत्मनिर्भरता में दृढ़ विश्वास था. वे नहीं चाहते थे कि कोई व्यक्ति हमेशा ग़रीबी में अपना जीवन जीता रहे. पीएम मोदी ने कहा, बाबा साहब आम्बेडकर के विजन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, अर्बन मिशन की शुरुआत की गई ताकि बड़े नगरों, छोटे शहरों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- उद्योगों का विकास शहरों में ही संभव होगा यही सोच थी जिसके कारण डॉ० बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के शहरीकरण, अरबनाइजेशन पर भरोसा किया.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है और पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा एफडीआई भारत में आ रहा है. पूरा विश्व भारत को निवेश इनोवेशन और विकास के लिए हब के रूप में देख रहा है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पीएम ने कहा, आज देश में #MakeInIndia का अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है तो डॉ आम्बेडकर जी ने इंडस्ट्रीयल सुपर पावर के रूप में भारत का जो एक सपना देखा था- उनका ही विजन आज हमारे लिए प्रेरणा है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- 14 अप्रैल डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की जन्म-जयंती है. वर्षों पहले डॉ बाबा साहब आम्बेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. टीबी से मुक्ति पाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- मौजूदा 479 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 68 हज़ार कर दी गई हैं. विभिन्न राज्यों में नए एम्स खोले जा रहे हैं. हर 3 ज़िलों के बीच एक नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि हृदय-रोगियों के लिए हार्ट स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी गई है. नी इंप्लांट (घुटने का प्रत्यारोपण) की क़ीमतों को भी नियंत्रित कर 50 से 70% तक कम कर दिया गया है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पीएम ने कहा, मेरे योग करते हुए 3डी एनीमेटेड वीडियो बनाए गए हैं. मैं यह वीडियो, शेयर करूँगा ताकि हम साथ-साथ आसन, प्राणायाम का अभ्यास कर सकें.
- पीएम ने कहा, प्रीवेंटिव हेल्थ केयर के रूप में योग ने, नये सिरे से दुनिया-भर में अपनी पहचान बनाई है. योग, फिटनेस और वेलनेस दोनों की गारंटी देता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पिछले लगभग 4 सालों में सेनीटेशन कवरेज दोगुना होकर करीब (80%) हो चुका है। इसके अलावा, देश-भर में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहाँ पहले सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी होती थी, वहीं अब सारे विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ-भारत के लिए काम कर रहे हैं और प्रीवेंटिव हेल्थ के साथ-साथ अफोर्डेबल हेल्थ के ऊपर ज़ोर दिया जा रहा है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज देश कानवेश्नल अप्रोच से आगे बढ़ चुका है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- देश कैसे यह उत्सव मनाये? आप सबसे मेरा आग्रह है, आप MyGov के माध्यम से इस पर अपने विचार सबके साथ शेयर करें. ‘गाँधी 150’ का लोगो क्या हो? स्लोगन या मंत्र या घोष-वाक्य क्या हो? इस बारे में आप अपने सुझाव दें.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े इनोवेशंस के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- लाल बहादुर शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को कितना लगाव था, ये भाव उनकी इस पंक्ति में झलकता है-‘To forget how to dig the earth and to tend the soil, is to forget ourselves.’ यानी, धरती को खोदना और मिट्टी का ख्याल रखना अगर हम भूल जाते हैं, तो ये स्वयं को भूलने जैसा है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम् अंग माना है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है- तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- इस तरह से रूपये जुटाकर 12 वर्षों के बाद, आख़िरकार सैदुल लस्कर ने कोलकाता के पास पुनरी गाँव में लगभग 30 बिस्तर की क्षमता वाला अस्पताल तैयार करवाया, यह है न्यू इंडिया की ताक़त है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- सैदुल ने अपने इस मिशन में घर के गहने बेचे, दान के ज़रिये रूपये इकट्ठे किये. उनकी कैप में सफ़र करने वाले कई यात्रियों ने दिल खोलकर दान दिया.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- 13 साल पहले, समय पर इलाज़ न मिलने के कारण कोलकाता के कैब-चालक सैदुल लस्कर की बहन की मृत्यु हो गयी, तब उन्होंने अस्पताल बनाने की ठान ली ताकि इलाज़ के अभाव में किसी ग़रीब की मौत न हो.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
-पीएम ने कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं, इससे देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिला.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
-पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के रिक्शा चालक अहमद अली का जिक्र किया जिन्होंने गरीबों के बच्चों के लिए 9 स्कूल बनवाएं. पीएम ने कानपुर के एक डॉक्टर का जिक्र किया जो लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
- उन्होंने कहा कि लोगों के लिए राम और रामायण आज भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज में फिट इंडिया के बारे में बात करूंगा. स्वास्थ्य पर विस्तार से बात करूंगा.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 42वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. बच्चों से जुड़े कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख चुके हैं. आपदा प्रबंधन पर भी पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम से अपनी बात रखी है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है. | संक्षिप्त सारांश: आज 42वीं बार पीएम मोदी की मन की बात कार्यक्रम
पिछली बार आपदा प्रबंधन पर साझा किए थे विचार
बच्चों को भी दे चके हैं टिप्स | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत कोच्चि फ्रेंचाइजी द्वारा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण में खरीदे जाने से बेहद खुश हैं। दो दिनों तक चलने वाले आईपीएल के चौथे संस्करण की नीलामी के पहले दिन शनिवार को कोच्चि की टीम ने श्रीसंत को 4.14 करोड़ रुपये में खरीदा। श्रीसंत ने ट्विटर पर लिखा, "मुझे समर्थन के लिए आप सबका धन्यवाद। मैं कोच्चि टीम का हिस्सा बनने से बेहद खुश हूं।" श्रीसंत का बेस प्राइज 2,00,000 डॉलर था। हैदराबाद डेक्कन चार्जर्स ने श्रीसंत के लिए पहली बोली लगाई। उसके बाद दिल्ली डेयरडविल्स ने इस तेज गेंदबाज को अपनी टीम में लेना चाहा, लेकिन बाजी कोच्चि टीम के हाथ लगी। कोच्चि ने सर्वाधिक बोली लगाकर श्रीसंत को खरीद लिया। श्रीसंत इससे पहले किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेल चुके हैं। कोच्चि टीम के कोच ज्योफ लॉसन ने कहा, "हमने श्रीसंत के वर्तमान प्रदर्शन को देखते हुए खरीदा है, न कि स्थानीय खिलाड़ी के तौर पर।" | तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत कोच्चि फ्रेंचाइजी द्वारा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण में खरीदे जाने से बेहद खुश हैं। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के एक अस्पताल में पेट संबंधी बीमारी का उपचार करा रहा एक मरीज रविवार को अपने वार्ड से भाग गया और उलुबेरिया स्थित पास के एक रेलवे स्टेशन पर एक चलती ट्रेन के आगे कथित रूप से कूद गया और अपने दोनों पैर गंवा बैठा.
जीआरपी के सूत्रों ने बताया कि निरंजन रॉय नामक इस मरीज के पेट में जबर्दस्त दर्द था और उसे उलुबेरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. निरंजन ने खड़गपुर स्थानीय इलाका स्थित स्टेशन पर एक ट्रेन के आगे छलांग लगा दी, जिससे उसके दोनों पैर कट गए.टिप्पणियां
खून से लथपथ रॉय को फिर उसी उलुबेरिया अस्पताल में लाया गया और अब उसे सघन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जीआरपी के सूत्रों ने बताया कि निरंजन रॉय नामक इस मरीज के पेट में जबर्दस्त दर्द था और उसे उलुबेरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. निरंजन ने खड़गपुर स्थानीय इलाका स्थित स्टेशन पर एक ट्रेन के आगे छलांग लगा दी, जिससे उसके दोनों पैर कट गए.टिप्पणियां
खून से लथपथ रॉय को फिर उसी उलुबेरिया अस्पताल में लाया गया और अब उसे सघन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खून से लथपथ रॉय को फिर उसी उलुबेरिया अस्पताल में लाया गया और अब उसे सघन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: पेट का इलाज कराने गया था अस्पताल
अस्पताल से भाग गया
ट्रेन के आगे कूदने से दोनों पैर गंवा बैठा | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: U19 Asia Cup: श्रीलंका को 144 रन से हराकर भारत बना चैंपियन
INDvsSL U19 ODI: यशस्वी जायसवाल के शतक से भारत जीता, सीरीज पर किया कब्जा
ज्वाला सिंह ने बताया कि यशस्वी जब 11 से 12 वर्ष का था तब मैंने उसे बैटिंग करते हुए देखा. मैं उसके प्रदर्शन से बेहद प्रभावित हुआ वह ए डिवीजन के बॉलर का बेहतरीन तरीके से सामना कर रहा था. ज्वाला सिंह के अनुसार, मेरे दोस्त ने यशस्वी के बारे में बताया कि यह किशोर रहने के लिए ठिकाने की तलाश कर रहा है और उसका कोई कोच भी नहीं है. ज्वाला सिंह के मार्गदर्शन में यशस्वी का कौशल निखरता गया. जल्द ही उन्हें मुंबई की अंडर-16 टीम में जगह मिली और यहां से भारतीय अंडर-19 टीम में. कोच ज्वाला ने बताया कि पिछले तीन साल में यशस्वी ने 51 शतक बनाए हैं और करीब 300 विकेट लिए हैं. यशस्वी स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं. कोच ज्वाला सिंह को उम्मीद है कि उनका शिष्य यशस्वी एक दिन भारत के लिए खेलेगा. भारत की अंडर-19 टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए यशस्वी ने अपनी प्रतिभा की झलक दे ही दी है. | यह एक सारांश है: पृथ्वी शॉ की तरह ही बेहद प्रतिभावान माने जा रहे यशस्वी जायसवाल
मुंबई आने के बाद उनके शुरुआती दिन बेहद मुश्किल में गुजरे
अंडर-19 एशिया कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किए गए | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गोयल के बिल्डर के घर में घुसने की घटना छह फरवरी 2015 की रात में हुई थी. राउस एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने गोयल और चार अन्य को इस मामले में दोषी करार देते हुए कहा कि उनके खिलाफ मामला संदेह से परे साबित हुआ है. अदालत ने कहा, ‘‘राम निवास गोयल, सुमित गोयल, हितेश खन्ना, अतुल गुप्ता और बलबीर सिंह को भादंसं की धारा 448 (मकान में जबरन घुसने) के तहत दोषी ठहराया जाता है.'' अदालत ने सह आरोपी सुमित गोयल को आईपीसी की धारा 323 (चोट पहुंचाना) के तहत भी दोषी ठहराया.
कोर्ट सजा की अवधि पर 18 अक्टूबर को सुनवाई करेगा. रामनिवास गोयल ने अपने वकील के जरिए आरोपों से इनकार किया. प्राथमिकी के अनुसार एक स्थानीय बिल्डर मनीष घई ने यह शिकायत दर्ज कराई थी. घई ने आरोप लगाया था कि गोयल और उनके समर्थक दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले विवेक विहार स्थित उनके एक मकान में छह फरवरी 2015 की रात में जबरन घुसे थे. घई ने आरोप लगाया था कि उनके मकान के अंदर तोड़फोड़ भी की गई थी.
दूसरी तरफ गोयल ने घई पर आरोप लगाया था कि उन्होंने चुनाव से पहले लोगों को बांटने के लिए शराब, कंबल और अन्य चीजें छिपाकर रखी थीं. आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि वे लोग इस बारे में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को फोन करने के बाद स्थानीय थाना प्रभारी और सहायक पुलिस आयुक्त सहित पुलिस की एक टीम के साथ मकान में गए थे.
(इनपुट भाषा से भी) | गोयल के अलावा चार अन्य को मामले में दोषी करार दिया
पूर्वी दिल्ली की एक कॉलोनी के एक घर में घुसे थे गोयल
सजा की अवधि पर 18 अक्टूबर को सुनवाई होगी | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव 2019 की सरगर्मी के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी नागरिकता की शिकायत को लेकर नोटिस जारी किया है. मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में राहुल गांधी को कहा गया है कि वह नागरिकता को लेकर शिकायत पर अपनी वास्तविक स्थिति एक पखवाड़े के भीतर बताएं. यह शिकायत BJP सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने की है, जो कई सालों से आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष के पास ब्रिटेन की नागरिकता है. बता दें कि सात चरणों में हो रहे लोकसभा चुनाव 2019 में राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की अमेठी और केरल की वायनाड लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं.
गृह मंत्रालय में निदेशक (नागरिकता) बी.सी. जोशी द्वारा जारी खत में कहा गया है, "मुझे यह कहने का निर्देश प्राप्त हुआ है कि इस मंत्रालय को डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की ओर से एक शिकायत मिली है, जिसमें जानकारी दी गई है कि बैकऑप्स लिमिटेड नामक कंपनी को वर्ष 2003 में यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर किया गया था, जिसका पता 51 साउथगेट स्ट्रीट, विंचेस्टर, हैम्पशर SO23 9EH था, और आप उसके निदेशकों में से एक तथा सचिव थे..."
खत में आगे लिखा गया है, "शिकायत में यह भी जानकारी दी गई है कि 10 अक्टूबर, 2005 तथा 31 अक्टूबर, 2006 को दाखिल की गई कंपनी की वार्षिक रिटर्न में आपकी जन्मतिथि 19 जून, 1970 बताई गई है, और आपने अपनी नागरिकता ब्रिटिश बताई है..."
शिकायत के अनुसार, 17 फरवरी, 2009 को दी गई कंपनी की डिसॉल्यूशन अर्ज़ी में भी राहुल गांधी की नागरिकता ब्रिटिश बताई गई है. गृह मंत्रालय ने कहा है, "आपसे आग्रह है कि इस मामले में वास्तविक स्थिति से इस खत के मिलने के एक पखवाड़े के भीतर मंत्रालय को अवगत कराएं..."
दरअसल, गांधी परिवार के मुखर आलोचक रहे डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने यह आरोप सबसे पहले वर्ष 2015 में लगाया था, और उसके बाद वह इसे अक्सर दोहराते रहे हैं. वर्ष 2016 में राहुल गांधी ने BJP नेता पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था, और दस्तावेज़ी सबूत लाकर आरोपों को साबित करने की चुनौती दी थी. | यह एक सारांश है: राहुल गांधी की नागरिकता एक बार फिर से विवाद में है.
केंद्र ने नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है.
सुब्रह्मण्यम स्वामी की शिकायत पर केंद्र ने नोटिस भेजा है. | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तरप्रदेश के एक और राजनेता ने विवादित बयान दिया है. यूपी के शीर्ष नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित को 'दिल्ली से आया खारिज माल बताया है'. मौर्य के इस बयान से राज्य में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नया विवाद खड़ा हो सकता है.
विधायक और मायावती की पार्टी बीएसपी के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद पत्रकारों से चुनाव में कांग्रेस की संभावनाओं और शीला दीक्षित को इस पार्टी की ओर से सीएम पद का चेहरा बनाए जाने के बारे में बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि, कांग्रेस ने युवाओं की ओर रुख नहीं किया. दिल्ली से खारिज किए गए माल को लाकर इसे यूपी में पेश किया है. इससे साबित होता है कि कांग्रेस पार्टी के पास यहां नेता नहीं हैं. पिछड़े वर्ग के प्रभावशाली नेता मौर्य ने कहा, 'जो नेता दिल्ली में पहले ही हार चुका हो, उसे यहां लाना दिखाता है कि कांग्रेस की यूपी में स्थिति क्या है.'टिप्पणियां
गौरतलब है कि कांग्रेस ने पिछले माह 78 वर्षीय शीला को यूपी को लेकर 'नई भूमिका' सौंपी थी तो वे इसे लेकर अनिच्छुक दिखी थीं. शीला तीन बार दिल्ली की सीएम रह चुकी हैं. इससे पहले बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह भी बीएसपी सुप्रीमो को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। इस बयान के बाद बीजेपी ने दयाशंकर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विधायक और मायावती की पार्टी बीएसपी के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद पत्रकारों से चुनाव में कांग्रेस की संभावनाओं और शीला दीक्षित को इस पार्टी की ओर से सीएम पद का चेहरा बनाए जाने के बारे में बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि, कांग्रेस ने युवाओं की ओर रुख नहीं किया. दिल्ली से खारिज किए गए माल को लाकर इसे यूपी में पेश किया है. इससे साबित होता है कि कांग्रेस पार्टी के पास यहां नेता नहीं हैं. पिछड़े वर्ग के प्रभावशाली नेता मौर्य ने कहा, 'जो नेता दिल्ली में पहले ही हार चुका हो, उसे यहां लाना दिखाता है कि कांग्रेस की यूपी में स्थिति क्या है.'टिप्पणियां
गौरतलब है कि कांग्रेस ने पिछले माह 78 वर्षीय शीला को यूपी को लेकर 'नई भूमिका' सौंपी थी तो वे इसे लेकर अनिच्छुक दिखी थीं. शीला तीन बार दिल्ली की सीएम रह चुकी हैं. इससे पहले बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह भी बीएसपी सुप्रीमो को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। इस बयान के बाद बीजेपी ने दयाशंकर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि कांग्रेस ने पिछले माह 78 वर्षीय शीला को यूपी को लेकर 'नई भूमिका' सौंपी थी तो वे इसे लेकर अनिच्छुक दिखी थीं. शीला तीन बार दिल्ली की सीएम रह चुकी हैं. इससे पहले बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह भी बीएसपी सुप्रीमो को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। इस बयान के बाद बीजेपी ने दयाशंकर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | नये विवाद को जन्म दे सकता है पूर्व बीएसपी नेता का यह बयान
कहा-जो नेता दिल्ली में हार चुका, उसे कांग्रेस यूपी में लेकर आई
यह बताता है कि कांग्रेस की यूपी में स्थिति क्या है | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह पर हत्या और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज करने के अदालत के आदेश के बाद भी पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। एटा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बुद्धिसागर मिश्रा ने शनिवार को यादव, उनके दो भाइयों और पुत्र के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था लेकिन इस आदेश के 24 घंटे बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। ज्ञात हो कि एटा के जैथरा कस्बे में गत 10 जून को स्थानीय आभूषण कारोबारी विजय वर्मा, उनके पुत्र मिथुन और उनके निजी सुरक्षाकर्मी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाद में सुरक्षाकर्मी के भाई अनुरोध सिंह ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर मंत्री, उनके पुत्र और दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई थी। मामला मायावती सरकार के मंत्री से जुड़ा होने के कारण पुलिस अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। इस सम्बंध में आईएएनएस ने रविवार को एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी नारायण से पूछा तो उन्होंने केवल इतना कहा कि अदालत के आदेश का पालन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक एटा पुलिस फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश का इंतजार कर रही है। | यहाँ एक सारांश है:उप्र के पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह पर हत्या और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज करने के आदेश के बाद भी अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता एवं निर्देशक कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' के प्रदर्शन को अदालत ने सोमवार तक के लिए रोक दिया है।
इससे पहले, हासन ने मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद उनकी फिल्म 'विश्वरूपम' के प्रदर्शन पर तमिलनाडु सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
कमल हासन ने एक बयान में कहा, अपना राजनीतिक कद बढ़ाने की फिराक में लगे छोटे संगठनों ने निर्ममता से मेरा उपयोग एक जरिये के रूप में किया है। जब आप स्वयं से कुछ हासिल नहीं कर पाते, तब स्वयं को लोगों की नजर में लाने के लिए किसी हस्ती को निशाना बनाना एक बड़ा तरीका बन जाता है। यह बार-बार हो रहा है। कोई भी तटस्थ एवं देशभक्त मुसलमान मेरी फिल्म को देखकर गर्व महसूस करेगा। यह इसी उद्देश्य के लिए बनाई गई है।टिप्पणियां
हाल ही में मुस्लिम प्रतिनिधियों को इस फिल्म का विशेष प्रदर्शन कर चुके अभिनेता ने कहा कि अपनी फिल्म के पक्ष में स्वर सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगा था, लेकिन जिस तरह से इसे मुसलमान भाइयों के खिलाफ बताया जा रहा है, उससे उन्हें बहुत दुख है। उन्होंने कहा, एक समुदाय को नीचा दिखाने के इन आरोपों से न केवल मुझे दुख हुआ है, बल्कि मेरी संवेदनाएं अपमानित हुई है। अब मैं कानून एवं तर्क का सहारा लूंगा। इस तरह के सांस्कृतिक आतंकवाद को अवश्य ही रोकना पड़ेगा।
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार रात सभी जिला प्रशासनों को करीब दो सप्ताह तक के लिए इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। कई मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया। इन संगठनों ने फिल्म में मुसलमानों को नकारात्मक ढंग से पेश करने का आरोप लगाया हैं। फिल्म इसी शुक्रवार को रिलीज होनी थी। हासन बड़े बजट वाली अपनी इस फिल्म को थियेटरों में रिलीज करने से पहले डीटीएच पर रिलीज करने के अपने फैसले से पहले ही विवाद खड़ा कर चुके हैं। सिनेमाघर मालिक उनके इस फैसले के खिलाफ एकजुट हो गए थे।
इससे पहले, हासन ने मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद उनकी फिल्म 'विश्वरूपम' के प्रदर्शन पर तमिलनाडु सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
कमल हासन ने एक बयान में कहा, अपना राजनीतिक कद बढ़ाने की फिराक में लगे छोटे संगठनों ने निर्ममता से मेरा उपयोग एक जरिये के रूप में किया है। जब आप स्वयं से कुछ हासिल नहीं कर पाते, तब स्वयं को लोगों की नजर में लाने के लिए किसी हस्ती को निशाना बनाना एक बड़ा तरीका बन जाता है। यह बार-बार हो रहा है। कोई भी तटस्थ एवं देशभक्त मुसलमान मेरी फिल्म को देखकर गर्व महसूस करेगा। यह इसी उद्देश्य के लिए बनाई गई है।टिप्पणियां
हाल ही में मुस्लिम प्रतिनिधियों को इस फिल्म का विशेष प्रदर्शन कर चुके अभिनेता ने कहा कि अपनी फिल्म के पक्ष में स्वर सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगा था, लेकिन जिस तरह से इसे मुसलमान भाइयों के खिलाफ बताया जा रहा है, उससे उन्हें बहुत दुख है। उन्होंने कहा, एक समुदाय को नीचा दिखाने के इन आरोपों से न केवल मुझे दुख हुआ है, बल्कि मेरी संवेदनाएं अपमानित हुई है। अब मैं कानून एवं तर्क का सहारा लूंगा। इस तरह के सांस्कृतिक आतंकवाद को अवश्य ही रोकना पड़ेगा।
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार रात सभी जिला प्रशासनों को करीब दो सप्ताह तक के लिए इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। कई मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया। इन संगठनों ने फिल्म में मुसलमानों को नकारात्मक ढंग से पेश करने का आरोप लगाया हैं। फिल्म इसी शुक्रवार को रिलीज होनी थी। हासन बड़े बजट वाली अपनी इस फिल्म को थियेटरों में रिलीज करने से पहले डीटीएच पर रिलीज करने के अपने फैसले से पहले ही विवाद खड़ा कर चुके हैं। सिनेमाघर मालिक उनके इस फैसले के खिलाफ एकजुट हो गए थे।
कमल हासन ने एक बयान में कहा, अपना राजनीतिक कद बढ़ाने की फिराक में लगे छोटे संगठनों ने निर्ममता से मेरा उपयोग एक जरिये के रूप में किया है। जब आप स्वयं से कुछ हासिल नहीं कर पाते, तब स्वयं को लोगों की नजर में लाने के लिए किसी हस्ती को निशाना बनाना एक बड़ा तरीका बन जाता है। यह बार-बार हो रहा है। कोई भी तटस्थ एवं देशभक्त मुसलमान मेरी फिल्म को देखकर गर्व महसूस करेगा। यह इसी उद्देश्य के लिए बनाई गई है।टिप्पणियां
हाल ही में मुस्लिम प्रतिनिधियों को इस फिल्म का विशेष प्रदर्शन कर चुके अभिनेता ने कहा कि अपनी फिल्म के पक्ष में स्वर सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगा था, लेकिन जिस तरह से इसे मुसलमान भाइयों के खिलाफ बताया जा रहा है, उससे उन्हें बहुत दुख है। उन्होंने कहा, एक समुदाय को नीचा दिखाने के इन आरोपों से न केवल मुझे दुख हुआ है, बल्कि मेरी संवेदनाएं अपमानित हुई है। अब मैं कानून एवं तर्क का सहारा लूंगा। इस तरह के सांस्कृतिक आतंकवाद को अवश्य ही रोकना पड़ेगा।
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार रात सभी जिला प्रशासनों को करीब दो सप्ताह तक के लिए इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। कई मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया। इन संगठनों ने फिल्म में मुसलमानों को नकारात्मक ढंग से पेश करने का आरोप लगाया हैं। फिल्म इसी शुक्रवार को रिलीज होनी थी। हासन बड़े बजट वाली अपनी इस फिल्म को थियेटरों में रिलीज करने से पहले डीटीएच पर रिलीज करने के अपने फैसले से पहले ही विवाद खड़ा कर चुके हैं। सिनेमाघर मालिक उनके इस फैसले के खिलाफ एकजुट हो गए थे।
हाल ही में मुस्लिम प्रतिनिधियों को इस फिल्म का विशेष प्रदर्शन कर चुके अभिनेता ने कहा कि अपनी फिल्म के पक्ष में स्वर सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगा था, लेकिन जिस तरह से इसे मुसलमान भाइयों के खिलाफ बताया जा रहा है, उससे उन्हें बहुत दुख है। उन्होंने कहा, एक समुदाय को नीचा दिखाने के इन आरोपों से न केवल मुझे दुख हुआ है, बल्कि मेरी संवेदनाएं अपमानित हुई है। अब मैं कानून एवं तर्क का सहारा लूंगा। इस तरह के सांस्कृतिक आतंकवाद को अवश्य ही रोकना पड़ेगा।
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार रात सभी जिला प्रशासनों को करीब दो सप्ताह तक के लिए इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। कई मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया। इन संगठनों ने फिल्म में मुसलमानों को नकारात्मक ढंग से पेश करने का आरोप लगाया हैं। फिल्म इसी शुक्रवार को रिलीज होनी थी। हासन बड़े बजट वाली अपनी इस फिल्म को थियेटरों में रिलीज करने से पहले डीटीएच पर रिलीज करने के अपने फैसले से पहले ही विवाद खड़ा कर चुके हैं। सिनेमाघर मालिक उनके इस फैसले के खिलाफ एकजुट हो गए थे।
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार रात सभी जिला प्रशासनों को करीब दो सप्ताह तक के लिए इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। कई मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया। इन संगठनों ने फिल्म में मुसलमानों को नकारात्मक ढंग से पेश करने का आरोप लगाया हैं। फिल्म इसी शुक्रवार को रिलीज होनी थी। हासन बड़े बजट वाली अपनी इस फिल्म को थियेटरों में रिलीज करने से पहले डीटीएच पर रिलीज करने के अपने फैसले से पहले ही विवाद खड़ा कर चुके हैं। सिनेमाघर मालिक उनके इस फैसले के खिलाफ एकजुट हो गए थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अभिनेता एवं निर्देशक कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' के प्रदर्शन को अदालत ने सोमवार तक के लिए रोक दिया है। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में भारतीय टेनिस प्रेमियों की निगाहें लिएंडर पेस और महेश भूपति की जोड़ी पर होगी। इसके मुकाबले सोमवार से खेले जाएंगे। 'इंडियन एक्सप्रेस' के नाम से विख्यात पेस और भूपति की जोड़ी लगभग नौ वर्ष बाद एटीपी सर्किट पर एक साथ दिखाई देगी। इन दोनों खिलाड़ियों को अपने पहले आस्ट्रेलियन ओपन खिताब का लंबे समय से इंतजार है। विश्व की पूर्व नंबर एक जोड़ी पेस और भूपति को यहां तीसरी वरीयता दी गई है। भारतीय जोड़ी का पहले दौर में मुकाबला क्रोएशिया के इयो कारलोविच और सर्बिया के डुसान वेमिक से होगी। हाल में पेस और भूपति ने शानदार प्रदर्शन का नमूना पेश करते हुए चेन्नई ओपन का खिताब जीता था। पेस और भूपति ने 1999 में विम्बलडन का खिताब जीता था जबकि उसी वर्ष फ्रेंच ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। इसके बाद 2001 में भी इन दोनों ने फ्रेंच ओपन पर कब्जा जमाया था। दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग सहयोगियों के साथ मिलकर दो बार यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किए हैं। पेस और भूपति 1952 के बाद की जोड़ी बनी जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष (1999) में चारों ग्रैंड स्लैम के फाइनल मुकाबले में पहुंचने का गौरव हासिल किया। | सारांश: 'इंडियन एक्सप्रेस' के नाम से विख्यात पेस और भूपति की जोड़ी लगभग नौ वर्ष बाद एटीपी सर्किट पर एक साथ दिखाई देगी। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका पोडुजाना पेरमुना (एसएलपीपी) के उम्मीदवार गोताबेया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने राष्ट्रपति चुनावों में जीत दर्ज की है. उन्हें 53-54 फीसद वोट मिले हैं. वहीं, न्यू डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) के साजित प्रेमदासा दूसरे स्थान पर हैं. बता दें कि श्रीलंका में शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ था. श्रीलंका में कुल 25 जिले हैं, जो नौ प्रांतों में हैं. श्रीलंका के आठवें राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए शनिवार को करीब 1.6 करोड़ पात्र मतदाताओं में से लगभग 80 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
तमिल-बहुल उत्तरी प्रांत में मतदान प्रतिशत लगभग 70 प्रतिशत दर्ज किया गया. वहीं जाफना जिले में 66 प्रतिशत दर्ज हुआ. पूर्व में युद्ध की मार झेल चुके जिलों किलिनोच्ची में 73 प्रतिशत, मुल्लातिवु में 76 प्रतिशत, वावुनिया में 75 प्रतिशत और मन्नार में 71 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ. यह प्रतिशत 2015 के राष्ट्रपति चुनाव से थोड़ा कम है, जब औसत मतदान प्रतिशत 81.52 प्रतिशत दर्ज हुआ था. (IANS से इनपुट के साथ) | संक्षिप्त पाठ: एसएलपीपी के उम्मीदवार थे गोताबेया राजपक्षे
1.6 करोड़ मतदाताओं में से 80 प्रतिशत ने किया था मतदान
उत्तरी प्रांत में मतदान प्रतिशत लगभग 70 था | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के खिलाफ टीम अन्ना का अनशन शुक्रवार को तीसरे दिन प्रवेश कर गया। दोपहर बाद योग गुरु बाब रामदेव भी जंतर मंतर पहुंचे। उनके पहुंचने के साथ ही लोगों की कम उपस्थिति के कारण सरकार के तीर झेल रही टीम अन्ना को थोड़ी राहत मिली। रामदेव ने भले ही टीम अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी अनशन को अपना समर्थन दिया लेकिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संवैधानिक कद का सम्मान रखने की बात करते हुए उनकी आलोचना करने का कड़ा विरोध किया।
उधर, अन्ना ने एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।
रामदेव काले धन के विरोध में नौ अगस्त को प्रस्तावित अपने अनशन के सिलसिले में रामलीला मैदान का दौरा करने के बाद शुक्रवार दोपहर को जंतर मंतर पर पहुंचे थे।
अपने हजारों समर्थकों के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे रामदेव ने कहा, "राष्ट्रपति संवैधानिक पद है। अगर कोई इस संवैधानिक पद पर आसीन हो जाता है तब किसी को उसकी आलोचना नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि अन्ना हजारे भी इससे सहमत हैं।"
रामलीला मैदान छोड़ने से पहले उन्होंने कहा, "वर्तमान परिस्थितियों में प्रणब मुखर्जी का नाम नहीं लेना चाहिए, जो भी कुछ हो, पांच वर्ष बाद भी देखा जा सकता है।"
समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी थी जबकि इसके उलट उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने प्रणब पर तीखे हमले जारी रखे थे।
जनलोकपाल कानून की मांग को लेकर 25 जुलाई से चल रहे टीम अन्ना के अनशन में जनता का सूखा रामदेव के आने के बाद खत्म हुआ। योग गुरु चार बजे धरना स्थल पर पहुंचे तो जंतर मंतर पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
रामदेव ने अपने भाषण में टीम अन्ना के अनशन को अपना समर्थन देते हुए कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी संघर्ष करने हम समर्थन करेंगे। यह लड़ाई देश को बचाने के लिए है।"
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
उधर, अन्ना ने एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।
रामदेव काले धन के विरोध में नौ अगस्त को प्रस्तावित अपने अनशन के सिलसिले में रामलीला मैदान का दौरा करने के बाद शुक्रवार दोपहर को जंतर मंतर पर पहुंचे थे।
अपने हजारों समर्थकों के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे रामदेव ने कहा, "राष्ट्रपति संवैधानिक पद है। अगर कोई इस संवैधानिक पद पर आसीन हो जाता है तब किसी को उसकी आलोचना नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि अन्ना हजारे भी इससे सहमत हैं।"
रामलीला मैदान छोड़ने से पहले उन्होंने कहा, "वर्तमान परिस्थितियों में प्रणब मुखर्जी का नाम नहीं लेना चाहिए, जो भी कुछ हो, पांच वर्ष बाद भी देखा जा सकता है।"
समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी थी जबकि इसके उलट उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने प्रणब पर तीखे हमले जारी रखे थे।
जनलोकपाल कानून की मांग को लेकर 25 जुलाई से चल रहे टीम अन्ना के अनशन में जनता का सूखा रामदेव के आने के बाद खत्म हुआ। योग गुरु चार बजे धरना स्थल पर पहुंचे तो जंतर मंतर पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
रामदेव ने अपने भाषण में टीम अन्ना के अनशन को अपना समर्थन देते हुए कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी संघर्ष करने हम समर्थन करेंगे। यह लड़ाई देश को बचाने के लिए है।"
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
रामदेव काले धन के विरोध में नौ अगस्त को प्रस्तावित अपने अनशन के सिलसिले में रामलीला मैदान का दौरा करने के बाद शुक्रवार दोपहर को जंतर मंतर पर पहुंचे थे।
अपने हजारों समर्थकों के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे रामदेव ने कहा, "राष्ट्रपति संवैधानिक पद है। अगर कोई इस संवैधानिक पद पर आसीन हो जाता है तब किसी को उसकी आलोचना नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि अन्ना हजारे भी इससे सहमत हैं।"
रामलीला मैदान छोड़ने से पहले उन्होंने कहा, "वर्तमान परिस्थितियों में प्रणब मुखर्जी का नाम नहीं लेना चाहिए, जो भी कुछ हो, पांच वर्ष बाद भी देखा जा सकता है।"
समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी थी जबकि इसके उलट उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने प्रणब पर तीखे हमले जारी रखे थे।
जनलोकपाल कानून की मांग को लेकर 25 जुलाई से चल रहे टीम अन्ना के अनशन में जनता का सूखा रामदेव के आने के बाद खत्म हुआ। योग गुरु चार बजे धरना स्थल पर पहुंचे तो जंतर मंतर पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
रामदेव ने अपने भाषण में टीम अन्ना के अनशन को अपना समर्थन देते हुए कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी संघर्ष करने हम समर्थन करेंगे। यह लड़ाई देश को बचाने के लिए है।"
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
अपने हजारों समर्थकों के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे रामदेव ने कहा, "राष्ट्रपति संवैधानिक पद है। अगर कोई इस संवैधानिक पद पर आसीन हो जाता है तब किसी को उसकी आलोचना नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि अन्ना हजारे भी इससे सहमत हैं।"
रामलीला मैदान छोड़ने से पहले उन्होंने कहा, "वर्तमान परिस्थितियों में प्रणब मुखर्जी का नाम नहीं लेना चाहिए, जो भी कुछ हो, पांच वर्ष बाद भी देखा जा सकता है।"
समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी थी जबकि इसके उलट उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने प्रणब पर तीखे हमले जारी रखे थे।
जनलोकपाल कानून की मांग को लेकर 25 जुलाई से चल रहे टीम अन्ना के अनशन में जनता का सूखा रामदेव के आने के बाद खत्म हुआ। योग गुरु चार बजे धरना स्थल पर पहुंचे तो जंतर मंतर पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
रामदेव ने अपने भाषण में टीम अन्ना के अनशन को अपना समर्थन देते हुए कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी संघर्ष करने हम समर्थन करेंगे। यह लड़ाई देश को बचाने के लिए है।"
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
रामलीला मैदान छोड़ने से पहले उन्होंने कहा, "वर्तमान परिस्थितियों में प्रणब मुखर्जी का नाम नहीं लेना चाहिए, जो भी कुछ हो, पांच वर्ष बाद भी देखा जा सकता है।"
समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी थी जबकि इसके उलट उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने प्रणब पर तीखे हमले जारी रखे थे।
जनलोकपाल कानून की मांग को लेकर 25 जुलाई से चल रहे टीम अन्ना के अनशन में जनता का सूखा रामदेव के आने के बाद खत्म हुआ। योग गुरु चार बजे धरना स्थल पर पहुंचे तो जंतर मंतर पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
रामदेव ने अपने भाषण में टीम अन्ना के अनशन को अपना समर्थन देते हुए कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी संघर्ष करने हम समर्थन करेंगे। यह लड़ाई देश को बचाने के लिए है।"
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी थी जबकि इसके उलट उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने प्रणब पर तीखे हमले जारी रखे थे।
जनलोकपाल कानून की मांग को लेकर 25 जुलाई से चल रहे टीम अन्ना के अनशन में जनता का सूखा रामदेव के आने के बाद खत्म हुआ। योग गुरु चार बजे धरना स्थल पर पहुंचे तो जंतर मंतर पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
रामदेव ने अपने भाषण में टीम अन्ना के अनशन को अपना समर्थन देते हुए कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी संघर्ष करने हम समर्थन करेंगे। यह लड़ाई देश को बचाने के लिए है।"
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
जनलोकपाल कानून की मांग को लेकर 25 जुलाई से चल रहे टीम अन्ना के अनशन में जनता का सूखा रामदेव के आने के बाद खत्म हुआ। योग गुरु चार बजे धरना स्थल पर पहुंचे तो जंतर मंतर पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
रामदेव ने अपने भाषण में टीम अन्ना के अनशन को अपना समर्थन देते हुए कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी संघर्ष करने हम समर्थन करेंगे। यह लड़ाई देश को बचाने के लिए है।"
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
रामदेव ने अपने भाषण में टीम अन्ना के अनशन को अपना समर्थन देते हुए कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी संघर्ष करने हम समर्थन करेंगे। यह लड़ाई देश को बचाने के लिए है।"
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन का शुक्रवार तीसरा दिन था। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अन्ना रविवार से अनशन शुरू कर सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
दोपहर 12 बजे तक अनशन स्थल पर मात्र लगभग 400 लोग ही थे, जबकि टीम अन्ना द्वारा इसके पहले दिल्ली में किए गए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मौजूद रहते थे। लेकिन अन्ना हजारे ने शुक्रवार सुबह कहा कि भीड़ कोई मायने नहीं रखती।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा, "भीड़ जुटने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। आंदोलन की सफलता और विफलता भीड़ के आकार पर निर्भर नहीं होती।"
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
केजरीवाल के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर अन्ना ने कहा कि उनका स्वास्थ्य चिंतनीय है।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
उधर, टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने केंद्रीय मंत्रियों पर हमले जारी रखे। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला पर क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहने के दौरान धन के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा, "ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे आदर्श घोटाले में संलिप्तता के बावजूद अपने प्रभाव के कारण सीबीआई से बचे हैं।"
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
अन्ना ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाया कि वह टीम अन्ना की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
अन्ना ने कहा, "वी. नारायणसामी ने मुझे एक पत्र लिखा और उसे मेरी टीम को दे दिया ताकि वे यह महसूस करें कि अन्ना सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वे हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" अन्ना ने कहा, "इस आंदोलन में हिस्सा लेने से मुझे रोकने की उनकी यह साजिश थी।"
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने हालांकि अन्ना के इस आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने केवल हजारे के पत्र के जवाब में पत्र लिखा था।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
नारायणसामी ने कहा कि राजनीतिक दल शुरू करने की उनकी घोषणा के बाद उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा, "यह अच्छा हुआ कि उन्होंने आज (शुक्रवार) खुलकर यह बात कही कि वे एक राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं। उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने ने कहा, "जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे महाराष्ट्र सदन जाकर आराम करते हैं। वे देश की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।"टिप्पणियां
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
नारायणसामी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना हजारे ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, "यदि जनता कहती है कि अन्ना को राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं इसके बारे में सोच सकता हूं।" उन्होंने हालांकि तत्काल अपनी बात को पलटते हुए कहा, "मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैं जनता को एक राजनीतिक विकल्प दूंगा। मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करता है, तो मैं उसे समर्थन दूंगा। मैं समझता हूं कि जनता किसी ईमानदार उम्मीदवार के लिए तैयार है।"
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा।
आंदोलन के भविष्य के बारे में अन्ना ने कहा, "सरकार (लोकपाल विधेयक पर) सहमत होती है या नहीं, हमें इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। हमें देश और समाज की भलाई के लिए अपना कर्तव्य करना है। सरकार सहमत नहीं होती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" लेकिन अन्ना ने यह भी कहा कि उन्हें आशा है कि लोकपाल विधेयक देर-सबेर जरूर पारित होगा। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर टीम अन्ना के अनशन के तीसरे दिन वैसी भीड़ नहीं दिखी, जैसी सालभर पहले अन्ना के अनशन के दौरान थी। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: थलसेना प्रमुख के तौर पर विवादित कार्यकाल पूरा कर शुक्रवार को रिटायर होने जा रहे जनरल वीके सिंह ने कहा कि वह चाहते हैं कि उन्हें एक ऐसे सैनिक के तौर पर याद किया जाए जिसने वह काम किया जो सेना के पूरी तरह अनुकूल था।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने कहा, ‘‘मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा कि मैं एक ऐसे सैनिक के तौर पर याद किया जाना चाहता हूं जिसने वह काम करने की कोशिश की जो सेना के पूरी तरह अनुकूल था।’’ खुद से जुड़े विवादों को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए उन्होंने कहा कि उनके और रक्षा मंत्रालय के बीच किसी तरह के मतभेद नहीं हैं।
थलसेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने थलसेना को और ज्यादा प्रभावी, सतर्क और भविष्य के लिए चुस्त बनाने का लक्ष्य तय किया था।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमने थलसेना को उस रास्ते पर ला दिया है। यह ऐसी चीज नहीं है कि जिसे एक या दो सालों में हासिल किया जा सके। यह 15 से 20 सालों में होगा। मुझे यकीन है कि यह जारी रहेगा।’’ थलसेना के ‘‘गैर-राजनीतिक’’, ‘‘पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष’’ और ‘‘निष्पक्ष’’ होने पर जोर देते हुए जनरल सिंह ने कहा कि उसने वही किया जो कहा। ‘‘यह मेरी या किसी और की थलसेना नहीं है और एक राष्ट्र के रूप में मेरा मानना है कि हमें अपनी सेना पर गर्व होना चाहिए।’’ अपने और सरकार के बीच गलतफहमी की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री एके एंटनी सशस्त्र बलों को समर्थन देने के मामले में बहुत ही सुलझे हुए इंसान हैं।
जनरल ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय और हमारे बीच कोई गलतफहमी नहीं है। थलसेना सरकार का हिस्सा है। हम उनमें से एक हैं। हम जो भी कहते हैं उसे सुना जाता है।’’
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने कहा, ‘‘मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा कि मैं एक ऐसे सैनिक के तौर पर याद किया जाना चाहता हूं जिसने वह काम करने की कोशिश की जो सेना के पूरी तरह अनुकूल था।’’ खुद से जुड़े विवादों को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए उन्होंने कहा कि उनके और रक्षा मंत्रालय के बीच किसी तरह के मतभेद नहीं हैं।
थलसेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने थलसेना को और ज्यादा प्रभावी, सतर्क और भविष्य के लिए चुस्त बनाने का लक्ष्य तय किया था।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमने थलसेना को उस रास्ते पर ला दिया है। यह ऐसी चीज नहीं है कि जिसे एक या दो सालों में हासिल किया जा सके। यह 15 से 20 सालों में होगा। मुझे यकीन है कि यह जारी रहेगा।’’ थलसेना के ‘‘गैर-राजनीतिक’’, ‘‘पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष’’ और ‘‘निष्पक्ष’’ होने पर जोर देते हुए जनरल सिंह ने कहा कि उसने वही किया जो कहा। ‘‘यह मेरी या किसी और की थलसेना नहीं है और एक राष्ट्र के रूप में मेरा मानना है कि हमें अपनी सेना पर गर्व होना चाहिए।’’ अपने और सरकार के बीच गलतफहमी की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री एके एंटनी सशस्त्र बलों को समर्थन देने के मामले में बहुत ही सुलझे हुए इंसान हैं।
जनरल ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय और हमारे बीच कोई गलतफहमी नहीं है। थलसेना सरकार का हिस्सा है। हम उनमें से एक हैं। हम जो भी कहते हैं उसे सुना जाता है।’’
थलसेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने थलसेना को और ज्यादा प्रभावी, सतर्क और भविष्य के लिए चुस्त बनाने का लक्ष्य तय किया था।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमने थलसेना को उस रास्ते पर ला दिया है। यह ऐसी चीज नहीं है कि जिसे एक या दो सालों में हासिल किया जा सके। यह 15 से 20 सालों में होगा। मुझे यकीन है कि यह जारी रहेगा।’’ थलसेना के ‘‘गैर-राजनीतिक’’, ‘‘पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष’’ और ‘‘निष्पक्ष’’ होने पर जोर देते हुए जनरल सिंह ने कहा कि उसने वही किया जो कहा। ‘‘यह मेरी या किसी और की थलसेना नहीं है और एक राष्ट्र के रूप में मेरा मानना है कि हमें अपनी सेना पर गर्व होना चाहिए।’’ अपने और सरकार के बीच गलतफहमी की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री एके एंटनी सशस्त्र बलों को समर्थन देने के मामले में बहुत ही सुलझे हुए इंसान हैं।
जनरल ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय और हमारे बीच कोई गलतफहमी नहीं है। थलसेना सरकार का हिस्सा है। हम उनमें से एक हैं। हम जो भी कहते हैं उसे सुना जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमने थलसेना को उस रास्ते पर ला दिया है। यह ऐसी चीज नहीं है कि जिसे एक या दो सालों में हासिल किया जा सके। यह 15 से 20 सालों में होगा। मुझे यकीन है कि यह जारी रहेगा।’’ थलसेना के ‘‘गैर-राजनीतिक’’, ‘‘पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष’’ और ‘‘निष्पक्ष’’ होने पर जोर देते हुए जनरल सिंह ने कहा कि उसने वही किया जो कहा। ‘‘यह मेरी या किसी और की थलसेना नहीं है और एक राष्ट्र के रूप में मेरा मानना है कि हमें अपनी सेना पर गर्व होना चाहिए।’’ अपने और सरकार के बीच गलतफहमी की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री एके एंटनी सशस्त्र बलों को समर्थन देने के मामले में बहुत ही सुलझे हुए इंसान हैं।
जनरल ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय और हमारे बीच कोई गलतफहमी नहीं है। थलसेना सरकार का हिस्सा है। हम उनमें से एक हैं। हम जो भी कहते हैं उसे सुना जाता है।’’
जनरल ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय और हमारे बीच कोई गलतफहमी नहीं है। थलसेना सरकार का हिस्सा है। हम उनमें से एक हैं। हम जो भी कहते हैं उसे सुना जाता है।’’ | यहाँ एक सारांश है:थलसेना प्रमुख के तौर पर विवादित कार्यकाल पूरा कर रिटायर होने जा रहे जनरल वीके सिंह ने कहा कि वह चाहते हैं कि उन्हें एक ऐसे सैनिक के तौर पर याद किया जाए जिसने वह काम किया जो सेना के पूरी तरह अनुकूल था। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2019) के लिए चौथी सूची (BJP Candidate List) जारी कर दी है. मुक्ताईनगर से रोहिणी खड़से को टिकट दिया गया है. वह बीजेपी (BJP) नेता एकनाथ खड़से की बेटी हैं. कटोल से चरण सिंह ठाकुर और तुमसर से प्रदीप पडोले को उम्मीदवार बनाया गया है. नासिक ईस्ट से राहुल धिकाले और बोरिवली से सुनील राणे उम्मीदवार बनाए गए हैं. घाटकोपर ईस्ट से पराग शाह और कोलाबा से राहुल नारवेकर को टिकट मिला है. इससे पहले बीजेपी ने 3 अक्टूबर को महाराष्ट्र चुनाव के लिए तीसरी लिस्ट जारी की थी. इसमें 4 उम्मीदवारों का नाम था.
बीजेपी ने जारी की चौथी लिस्ट
वहीं 2 अक्टूबर को बीजेपी की दूसरी लिस्ट आई थी. BJP की इस सूची में 14 उम्मीदवारों के नाम थे. बीजेपी ने अपनी पहली सूची में 125 उम्मीदवारों के नाम शामिल किए थे. महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं, जिसपर 21 अक्टूबर को मतदान होना है.
बीजेपी की पहली सूची में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Dadnavis) को नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट से टिकट दिया गया था, वहीं, सतारा लोकसभा उपचुनाव के लिए उदयराज भोंसले को उम्मीदवार बनाया गया था. आपको बता दें कि महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना (Shiv Sena) साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. | संक्षिप्त सारांश: बीजेपी ने जारी की प्रत्याशियों की चौथी लिस्ट
7 सीटों के लिए बीजेपी ने जारी की लिस्ट
मुक्ताईनगर से रोहिणी खड़से को टिकट दिया गया | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नवी मुंबई से सटे कलंबोली के न्यू मुंबई इंग्लिश स्कूल में 9वीं में पढ़ने वाली साक्षी तिवारी के ख्वाब बड़े हैं। वो देश के लिये ओलिंपिक मेडल जीतना चाहती है लेकिन छोटे निजी स्कूल के पास एक अदद मैदान भी नहीं था.
साक्षी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मैदान के लिये खत लिख डाला. पीएमओ ने भी इस छात्रा को निराश नहीं किया. स्थानीय प्रशासक सिडको को खत लिखा, गुजारिश की कि स्कूल को मैदान दिया जाए. साक्षी कहती है, वो प्रधानमंत्री के मन की बात की मुरीद है, उसी को सुनकर उसने सीधे पीएम से संवाद का फैसला किया.टिप्पणियां
साक्षी का कहना है, "मन की बात सुनकर मुझे लगा कि मैं उनसे बात कर सकती हूं, मैंने इसलिये पत्र लिखा. हमारे स्कूल में मैदान नहीं है, मैं चाहती हूं कि इस मैदान में खेलकर रियो ओलिंपिक में जैसे लड़कियों ने मेडल जीता मैं भी जीतना चाहती हूं." पीएमओ से सिडको को आदेश आया है, फरमान है स्कूल के लिये मैदान उपलब्ध कराए.
सिडको के जनसंपर्क अधिकारी मोहन निनावणे ने इस बारे में पुष्टि करते हुए कहा, "सिडको जब स्कूल के लिये ज़मीन देता है तब हम मैदान भी साथ में अलॉट करते हैं, लेकिन ये निजी स्कूल है. हम देख रहे हैं कि नियमों के दायरे में रहते हुए इसे कैसे पूरा किया जाए." साक्षी ने 18 जुलाई को पीएम को खत लिखा था, उम्मीद है अब जल्द स्कूल के मैदान में वो ओलिंपिक में पदक के सपने को हकीकत में बदलने में जुट जाएगी, अपने ढेर सारे साथियों के साथ.
साक्षी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मैदान के लिये खत लिख डाला. पीएमओ ने भी इस छात्रा को निराश नहीं किया. स्थानीय प्रशासक सिडको को खत लिखा, गुजारिश की कि स्कूल को मैदान दिया जाए. साक्षी कहती है, वो प्रधानमंत्री के मन की बात की मुरीद है, उसी को सुनकर उसने सीधे पीएम से संवाद का फैसला किया.टिप्पणियां
साक्षी का कहना है, "मन की बात सुनकर मुझे लगा कि मैं उनसे बात कर सकती हूं, मैंने इसलिये पत्र लिखा. हमारे स्कूल में मैदान नहीं है, मैं चाहती हूं कि इस मैदान में खेलकर रियो ओलिंपिक में जैसे लड़कियों ने मेडल जीता मैं भी जीतना चाहती हूं." पीएमओ से सिडको को आदेश आया है, फरमान है स्कूल के लिये मैदान उपलब्ध कराए.
सिडको के जनसंपर्क अधिकारी मोहन निनावणे ने इस बारे में पुष्टि करते हुए कहा, "सिडको जब स्कूल के लिये ज़मीन देता है तब हम मैदान भी साथ में अलॉट करते हैं, लेकिन ये निजी स्कूल है. हम देख रहे हैं कि नियमों के दायरे में रहते हुए इसे कैसे पूरा किया जाए." साक्षी ने 18 जुलाई को पीएम को खत लिखा था, उम्मीद है अब जल्द स्कूल के मैदान में वो ओलिंपिक में पदक के सपने को हकीकत में बदलने में जुट जाएगी, अपने ढेर सारे साथियों के साथ.
साक्षी का कहना है, "मन की बात सुनकर मुझे लगा कि मैं उनसे बात कर सकती हूं, मैंने इसलिये पत्र लिखा. हमारे स्कूल में मैदान नहीं है, मैं चाहती हूं कि इस मैदान में खेलकर रियो ओलिंपिक में जैसे लड़कियों ने मेडल जीता मैं भी जीतना चाहती हूं." पीएमओ से सिडको को आदेश आया है, फरमान है स्कूल के लिये मैदान उपलब्ध कराए.
सिडको के जनसंपर्क अधिकारी मोहन निनावणे ने इस बारे में पुष्टि करते हुए कहा, "सिडको जब स्कूल के लिये ज़मीन देता है तब हम मैदान भी साथ में अलॉट करते हैं, लेकिन ये निजी स्कूल है. हम देख रहे हैं कि नियमों के दायरे में रहते हुए इसे कैसे पूरा किया जाए." साक्षी ने 18 जुलाई को पीएम को खत लिखा था, उम्मीद है अब जल्द स्कूल के मैदान में वो ओलिंपिक में पदक के सपने को हकीकत में बदलने में जुट जाएगी, अपने ढेर सारे साथियों के साथ.
सिडको के जनसंपर्क अधिकारी मोहन निनावणे ने इस बारे में पुष्टि करते हुए कहा, "सिडको जब स्कूल के लिये ज़मीन देता है तब हम मैदान भी साथ में अलॉट करते हैं, लेकिन ये निजी स्कूल है. हम देख रहे हैं कि नियमों के दायरे में रहते हुए इसे कैसे पूरा किया जाए." साक्षी ने 18 जुलाई को पीएम को खत लिखा था, उम्मीद है अब जल्द स्कूल के मैदान में वो ओलिंपिक में पदक के सपने को हकीकत में बदलने में जुट जाएगी, अपने ढेर सारे साथियों के साथ. | यह एक सारांश है: साक्षी कहती है, वो प्रधानमंत्री के मन की बात की मुरीद है
पीएमओ से सिडको को आदेश, स्कूल के लिये मैदान उपलब्ध कराए
उम्मीद है जल्द स्कूल के मैदान में वो अपने सपने को पूरा करने में जुट जाएगी | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में मिट्टी से मॉल तक के प्रकरण में हर दिन एक नया खुलासा हो रहा है. भाजपा के लिए यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर उसे हर दिन राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरने का मौका मिल रहा है. नए घटनाक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने आरोप लगाया है कि लालू यादव ने चार लाख में 72 करोड़ रुपये की जमीन अपने बेटों और पत्नी राबड़ी देवी के नाम करा ली.
शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में सुशील मोदी ने कई कागजात मीडिया में बांटे जिससे यह साबित होता है कि मात्र चार लाख रुपये में 72 करोड़ की ज़मीन हासिल कर ली. मोदी ने जहां लालू यादव को इन आरोपों का खंडन करने की चुनौती दी वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को बर्खास्त करने की मांग की. मोदी ने नीतीश कुमार से पूछा कि उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने खुल्लमखुल्ला वित्तीय अनियमतिताएं की हैं, उन्हें वे क्यों बचा रहे हैं?
इस बीच ताजा आरोपों पर लालू यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन उनके नजदीकी लोगों का कहना है कि मोदी को आरोप लगाने की आदत है. लेकिन जमीन की खरीद-बिक्री में कोई गलत तरीका नहीं अपनाया गया. जहां जमीन की खरीद बिक्री 2005 में हुई वहीं रेलवे होटल टेंडर बाद में 2008 में दिया गया. इस मामले में हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक अपना फैसला दे चुका है. टिप्पणियां
लेकिन लालू की पार्टी के विधायक और नेता स्वीकार करते हैं कि अगर जमीन मामले की जांच में अधिकारी के स्तर पर कुछ गड़बड़ी हुई है तब वन मंत्री तेजप्रताप यादव को कर्रवाई करने में देरी नहीं करनी चाहिए.
इस बीच मिट्टी मामले की जांच राज्य के वन सचिव ने शुरू कर दी है और अगले कुछ दिनों में वह अपनी रिपोर्ट से राज्य के मुख्य सचिव को अवगत करा देंगे.
शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में सुशील मोदी ने कई कागजात मीडिया में बांटे जिससे यह साबित होता है कि मात्र चार लाख रुपये में 72 करोड़ की ज़मीन हासिल कर ली. मोदी ने जहां लालू यादव को इन आरोपों का खंडन करने की चुनौती दी वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को बर्खास्त करने की मांग की. मोदी ने नीतीश कुमार से पूछा कि उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने खुल्लमखुल्ला वित्तीय अनियमतिताएं की हैं, उन्हें वे क्यों बचा रहे हैं?
इस बीच ताजा आरोपों पर लालू यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन उनके नजदीकी लोगों का कहना है कि मोदी को आरोप लगाने की आदत है. लेकिन जमीन की खरीद-बिक्री में कोई गलत तरीका नहीं अपनाया गया. जहां जमीन की खरीद बिक्री 2005 में हुई वहीं रेलवे होटल टेंडर बाद में 2008 में दिया गया. इस मामले में हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक अपना फैसला दे चुका है. टिप्पणियां
लेकिन लालू की पार्टी के विधायक और नेता स्वीकार करते हैं कि अगर जमीन मामले की जांच में अधिकारी के स्तर पर कुछ गड़बड़ी हुई है तब वन मंत्री तेजप्रताप यादव को कर्रवाई करने में देरी नहीं करनी चाहिए.
इस बीच मिट्टी मामले की जांच राज्य के वन सचिव ने शुरू कर दी है और अगले कुछ दिनों में वह अपनी रिपोर्ट से राज्य के मुख्य सचिव को अवगत करा देंगे.
इस बीच ताजा आरोपों पर लालू यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन उनके नजदीकी लोगों का कहना है कि मोदी को आरोप लगाने की आदत है. लेकिन जमीन की खरीद-बिक्री में कोई गलत तरीका नहीं अपनाया गया. जहां जमीन की खरीद बिक्री 2005 में हुई वहीं रेलवे होटल टेंडर बाद में 2008 में दिया गया. इस मामले में हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक अपना फैसला दे चुका है. टिप्पणियां
लेकिन लालू की पार्टी के विधायक और नेता स्वीकार करते हैं कि अगर जमीन मामले की जांच में अधिकारी के स्तर पर कुछ गड़बड़ी हुई है तब वन मंत्री तेजप्रताप यादव को कर्रवाई करने में देरी नहीं करनी चाहिए.
इस बीच मिट्टी मामले की जांच राज्य के वन सचिव ने शुरू कर दी है और अगले कुछ दिनों में वह अपनी रिपोर्ट से राज्य के मुख्य सचिव को अवगत करा देंगे.
लेकिन लालू की पार्टी के विधायक और नेता स्वीकार करते हैं कि अगर जमीन मामले की जांच में अधिकारी के स्तर पर कुछ गड़बड़ी हुई है तब वन मंत्री तेजप्रताप यादव को कर्रवाई करने में देरी नहीं करनी चाहिए.
इस बीच मिट्टी मामले की जांच राज्य के वन सचिव ने शुरू कर दी है और अगले कुछ दिनों में वह अपनी रिपोर्ट से राज्य के मुख्य सचिव को अवगत करा देंगे.
इस बीच मिट्टी मामले की जांच राज्य के वन सचिव ने शुरू कर दी है और अगले कुछ दिनों में वह अपनी रिपोर्ट से राज्य के मुख्य सचिव को अवगत करा देंगे. | बिहार के भाजपा नेता सुशील मोदी ने लगाया गंभीर आरोप
संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने मीडिया को कई कागजात बांटे
नीतीश से तेजस्वी और तेजप्रताप यादव को बर्खास्त करने की मांग | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अर्थव्यवस्था में चलन से 500 और 1,000 रुपये के नोट को अचानक वापस लेने का सरकार फैसला अब तक का एकमात्र नया फैसला नहीं है. इससे पहले भी जनवरी 1946 में और फिर 1978 में 1,000 रुपये और इससे बड़ी राशि के नोटों को वापस लिया जा चुका है.
रिजर्व बैंक ने अब तक सबसे बड़ा नोट 1938 और फिर 1954 में 10,000 रुपये का छापा था. लेकिन इन नोटों को पहले जनवरी 1946 में और फिर जनवरी 1978 में वापस ले लिया गया. रिजर्व बैंक के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.
जनवरी 1946 से पहले 1,000 और 10,000 रुपये के बैंक नोट प्रचलन में थे. इसके बाद 1954 में 1,000 रुपये, 5,000 रुपये और 10,000 रुपये के बैंक नोट जारी किए गए. इन सभी को जनवरी 1978 में वापस ले लिया गया.
नवंबर 2000 में एक हजार रुपये का नोट फिर जारी हुआ. इससे पहले अक्तूबर 1987 में 500 रुपये का नोट चलन में लाया गया. तब महंगाई के मद्देनजर चलन में भारी संख्या में जारी नोटों को नियंत्रित करने के लिए इसे जारी करने को उचित ठहराया गया. देश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब 2,000 रुपये का नोट चलन में लाया जाएगा.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिजर्व बैंक ने अब तक सबसे बड़ा नोट 1938 और फिर 1954 में 10,000 रुपये का छापा था. लेकिन इन नोटों को पहले जनवरी 1946 में और फिर जनवरी 1978 में वापस ले लिया गया. रिजर्व बैंक के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.
जनवरी 1946 से पहले 1,000 और 10,000 रुपये के बैंक नोट प्रचलन में थे. इसके बाद 1954 में 1,000 रुपये, 5,000 रुपये और 10,000 रुपये के बैंक नोट जारी किए गए. इन सभी को जनवरी 1978 में वापस ले लिया गया.
नवंबर 2000 में एक हजार रुपये का नोट फिर जारी हुआ. इससे पहले अक्तूबर 1987 में 500 रुपये का नोट चलन में लाया गया. तब महंगाई के मद्देनजर चलन में भारी संख्या में जारी नोटों को नियंत्रित करने के लिए इसे जारी करने को उचित ठहराया गया. देश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब 2,000 रुपये का नोट चलन में लाया जाएगा.टिप्पणियां
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जनवरी 1946 से पहले 1,000 और 10,000 रुपये के बैंक नोट प्रचलन में थे. इसके बाद 1954 में 1,000 रुपये, 5,000 रुपये और 10,000 रुपये के बैंक नोट जारी किए गए. इन सभी को जनवरी 1978 में वापस ले लिया गया.
नवंबर 2000 में एक हजार रुपये का नोट फिर जारी हुआ. इससे पहले अक्तूबर 1987 में 500 रुपये का नोट चलन में लाया गया. तब महंगाई के मद्देनजर चलन में भारी संख्या में जारी नोटों को नियंत्रित करने के लिए इसे जारी करने को उचित ठहराया गया. देश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब 2,000 रुपये का नोट चलन में लाया जाएगा.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नवंबर 2000 में एक हजार रुपये का नोट फिर जारी हुआ. इससे पहले अक्तूबर 1987 में 500 रुपये का नोट चलन में लाया गया. तब महंगाई के मद्देनजर चलन में भारी संख्या में जारी नोटों को नियंत्रित करने के लिए इसे जारी करने को उचित ठहराया गया. देश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब 2,000 रुपये का नोट चलन में लाया जाएगा.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जनवरी 1946 में और फिर 1978 में 1,000 रुपये के नोट वापस लिए गए थे
रिजर्व बैंक ने 1938 और फिर 1954 में 10,000 रुपये का छापा था
इन सभी नोटों को जनवरी 1978 में वापस ले लिया गया | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के टेक्सास में एक फर्टिलाइजर फैक्टरी में विस्फोट के बाद लगी भयानक आग में बड़े पैमाने पर लोगों के हताहत होने का अंदेशा जताया जा रहा है। कम से कम छह लोगों के मारे जाने की खबर है वहीं 160 के करीब घायल बताये जा रहे हैं।
आधिकारिक तौर पर अभी दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन अलग−अलग एजेंसियां कई लोगों के मारे जाने की आशंका जता रही हैं। विस्फोट के बाद पूरे इलाके को खाली करा लिया गया है। बोस्टन में विस्फोट के दो दिन बाद हुई इस घटना में काफी समय तक आग की लपटें उठती रहीं। हालांकि, आरंभिक रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना आतंकी वारदात नहीं है।टिप्पणियां
पश्चिम, टेक्सास के अग्निशमन विभाग के एक कर्मचारी ने कहा, बुधवार की रात वाको के उत्तर में एक उर्वरक संयंत्र में धमाका हुआ। वाको में लोक सुरक्षा विभाग (डीपीएस) के प्रवक्ता गेल स्कारब्रो ने कहा कि डीपीएस कर्मचारियों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। स्थानीय समयानुसार शाम सात बजकर 50 मिनट पर आसमान में आग की लपटें और धुआं देखा गया। काफी नुकसान होने और कम से कम 100 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।
वाको ट्रिब्यून के मुताबिक, दमकलकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए। एक स्कूल सहित कई भवनों में आग लग गई। एक नर्सिंग होम और एक भवन में कुछ लोगों के फंसे होने की भी खबर है। वाको, टेक्सास में एक अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि उर्वरक संयंत्र इलाके से करीब 100 लोगों को अस्पताल लाया गया। लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
आधिकारिक तौर पर अभी दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन अलग−अलग एजेंसियां कई लोगों के मारे जाने की आशंका जता रही हैं। विस्फोट के बाद पूरे इलाके को खाली करा लिया गया है। बोस्टन में विस्फोट के दो दिन बाद हुई इस घटना में काफी समय तक आग की लपटें उठती रहीं। हालांकि, आरंभिक रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना आतंकी वारदात नहीं है।टिप्पणियां
पश्चिम, टेक्सास के अग्निशमन विभाग के एक कर्मचारी ने कहा, बुधवार की रात वाको के उत्तर में एक उर्वरक संयंत्र में धमाका हुआ। वाको में लोक सुरक्षा विभाग (डीपीएस) के प्रवक्ता गेल स्कारब्रो ने कहा कि डीपीएस कर्मचारियों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। स्थानीय समयानुसार शाम सात बजकर 50 मिनट पर आसमान में आग की लपटें और धुआं देखा गया। काफी नुकसान होने और कम से कम 100 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।
वाको ट्रिब्यून के मुताबिक, दमकलकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए। एक स्कूल सहित कई भवनों में आग लग गई। एक नर्सिंग होम और एक भवन में कुछ लोगों के फंसे होने की भी खबर है। वाको, टेक्सास में एक अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि उर्वरक संयंत्र इलाके से करीब 100 लोगों को अस्पताल लाया गया। लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
पश्चिम, टेक्सास के अग्निशमन विभाग के एक कर्मचारी ने कहा, बुधवार की रात वाको के उत्तर में एक उर्वरक संयंत्र में धमाका हुआ। वाको में लोक सुरक्षा विभाग (डीपीएस) के प्रवक्ता गेल स्कारब्रो ने कहा कि डीपीएस कर्मचारियों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। स्थानीय समयानुसार शाम सात बजकर 50 मिनट पर आसमान में आग की लपटें और धुआं देखा गया। काफी नुकसान होने और कम से कम 100 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।
वाको ट्रिब्यून के मुताबिक, दमकलकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए। एक स्कूल सहित कई भवनों में आग लग गई। एक नर्सिंग होम और एक भवन में कुछ लोगों के फंसे होने की भी खबर है। वाको, टेक्सास में एक अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि उर्वरक संयंत्र इलाके से करीब 100 लोगों को अस्पताल लाया गया। लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
वाको ट्रिब्यून के मुताबिक, दमकलकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए। एक स्कूल सहित कई भवनों में आग लग गई। एक नर्सिंग होम और एक भवन में कुछ लोगों के फंसे होने की भी खबर है। वाको, टेक्सास में एक अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि उर्वरक संयंत्र इलाके से करीब 100 लोगों को अस्पताल लाया गया। लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। | संक्षिप्त पाठ: फैक्टरी में विस्फोट के बाद लगी भयानक आग में आधिकारिक तौर पर अभी दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन अलग−अलग एजेंसियां कई लोगों के मारे जाने की आशंका जता रही हैं। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ओलिंपिक चैम्पियन अभिनव बिंद्रा ने आधिकारिक तौर पर निशानेबाजी से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए अपनी भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया और अब उनका लक्ष्य 'खेल विज्ञान' से जुड़ा कारोबार करना है जिसमें फिटनेस और चिकित्सा भी शामिल हैं. भारत के एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा ने संन्यास की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा, 'अब आगे बढ़ने और युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय है.'
एक दशक से भी अधिक समय तक निशानेबाजी रेंज पर अपना दबदबा बनाए रखने के बाद जल्द ही 34 वर्ष के होने वाले बिंद्रा की निगाहें अब नए व्यावसायिक उद्यम पर लगी हैं. उन्होंने अपने विदाई समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, 'मैं जीविका के लिए कमाने की कोशिश कर रहा हूं. मैं व्यवासाय से जुड़ा हूं. कमाने की कोशिश कर रहा हूं ताकि भूखा न रहूं. आप जानते हैं कि मैं खेलों में दिलचस्पी रखता हूं, लेकिन इससे मुझे ज्यादा पैसा नहीं मिलने वाला है. मैं कुछ चीजों से जुड़ा हूं जो फिटनेस, चिकित्सा क्षेत्र में कुछ करने से संबंधित हैं. मैं खेलों में उच्च प्रदर्शन करने के क्षेत्र में भी कुछ करने की कोशिश कर रहा हूं.'
बीजिंग ओलिंपिक 2008 में दस मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतने वाले बिंद्रा ने कहा, 'खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा की भूमिका वर्तमान समय के खेलों में काफी महत्वपूर्ण है. मुझे नहीं लगता है कि हमारे देश में यह पूरा सिद्वांत अभी वास्तव में मजबूत है.'
अपने चमकदार करियर वाले बिंद्रा से भारतीय खेलों के बारे में अपने विजन के बारे में पूछा गया. उन्होंने कहा, 'मैं चाहूंगा कि भारतीय खेल आगे बढ़े और मेरा मानना है कि यह तभी संभव है जब हम निचले स्तर पर पर कार्यक्रम बनाए और लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि वे आकर खेलों से जुड़ें. इसके लिए निवेश, विशेषज्ञता और धर्य की जरूरत है. इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की भी जरूरत है.'
बिंद्रा ने कहा, 'क्योंकि जब आप निचले स्तर पर निवेश करते हो तो उसका आपको तुरंत ही लाभ नहीं मिलेगा. आपको हो सकता है कि उसका फायदा मिलने में 10 से 20 साल लग जाए, इसलिए आपको लगे रहना होगा. मुझे लगता है कि हम ऐसे में ही एक ऐसे देश के रूप में विकसित हो सकते हैं, जो ओलिंपिक पदकों की संख्या दोहरे अंकों में पहुंचा सकता है.'टिप्पणियां
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिल्ली में भव्य समारोह में बिंद्रा को विदाई दी. इस अवसर पर एनआरएआई के पदाधिकारियों के अलावा कई शीर्ष निशानेबाज जैसे मानवजीत सिंह संधू, अपूर्वी चंदेला, संजीव राजपूत, रोंजन सोढ़ी, मैराज अहमद खान, मोराद अली खान और मनशेर सिंह भी मौजूद थे. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के आजीवन मानद सदस्य रणधीर सिंह और अभिनव के माता पिता और बहन भी उपस्थिति थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक दशक से भी अधिक समय तक निशानेबाजी रेंज पर अपना दबदबा बनाए रखने के बाद जल्द ही 34 वर्ष के होने वाले बिंद्रा की निगाहें अब नए व्यावसायिक उद्यम पर लगी हैं. उन्होंने अपने विदाई समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, 'मैं जीविका के लिए कमाने की कोशिश कर रहा हूं. मैं व्यवासाय से जुड़ा हूं. कमाने की कोशिश कर रहा हूं ताकि भूखा न रहूं. आप जानते हैं कि मैं खेलों में दिलचस्पी रखता हूं, लेकिन इससे मुझे ज्यादा पैसा नहीं मिलने वाला है. मैं कुछ चीजों से जुड़ा हूं जो फिटनेस, चिकित्सा क्षेत्र में कुछ करने से संबंधित हैं. मैं खेलों में उच्च प्रदर्शन करने के क्षेत्र में भी कुछ करने की कोशिश कर रहा हूं.'
बीजिंग ओलिंपिक 2008 में दस मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतने वाले बिंद्रा ने कहा, 'खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा की भूमिका वर्तमान समय के खेलों में काफी महत्वपूर्ण है. मुझे नहीं लगता है कि हमारे देश में यह पूरा सिद्वांत अभी वास्तव में मजबूत है.'
अपने चमकदार करियर वाले बिंद्रा से भारतीय खेलों के बारे में अपने विजन के बारे में पूछा गया. उन्होंने कहा, 'मैं चाहूंगा कि भारतीय खेल आगे बढ़े और मेरा मानना है कि यह तभी संभव है जब हम निचले स्तर पर पर कार्यक्रम बनाए और लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि वे आकर खेलों से जुड़ें. इसके लिए निवेश, विशेषज्ञता और धर्य की जरूरत है. इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की भी जरूरत है.'
बिंद्रा ने कहा, 'क्योंकि जब आप निचले स्तर पर निवेश करते हो तो उसका आपको तुरंत ही लाभ नहीं मिलेगा. आपको हो सकता है कि उसका फायदा मिलने में 10 से 20 साल लग जाए, इसलिए आपको लगे रहना होगा. मुझे लगता है कि हम ऐसे में ही एक ऐसे देश के रूप में विकसित हो सकते हैं, जो ओलिंपिक पदकों की संख्या दोहरे अंकों में पहुंचा सकता है.'टिप्पणियां
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिल्ली में भव्य समारोह में बिंद्रा को विदाई दी. इस अवसर पर एनआरएआई के पदाधिकारियों के अलावा कई शीर्ष निशानेबाज जैसे मानवजीत सिंह संधू, अपूर्वी चंदेला, संजीव राजपूत, रोंजन सोढ़ी, मैराज अहमद खान, मोराद अली खान और मनशेर सिंह भी मौजूद थे. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के आजीवन मानद सदस्य रणधीर सिंह और अभिनव के माता पिता और बहन भी उपस्थिति थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीजिंग ओलिंपिक 2008 में दस मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतने वाले बिंद्रा ने कहा, 'खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा की भूमिका वर्तमान समय के खेलों में काफी महत्वपूर्ण है. मुझे नहीं लगता है कि हमारे देश में यह पूरा सिद्वांत अभी वास्तव में मजबूत है.'
अपने चमकदार करियर वाले बिंद्रा से भारतीय खेलों के बारे में अपने विजन के बारे में पूछा गया. उन्होंने कहा, 'मैं चाहूंगा कि भारतीय खेल आगे बढ़े और मेरा मानना है कि यह तभी संभव है जब हम निचले स्तर पर पर कार्यक्रम बनाए और लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि वे आकर खेलों से जुड़ें. इसके लिए निवेश, विशेषज्ञता और धर्य की जरूरत है. इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की भी जरूरत है.'
बिंद्रा ने कहा, 'क्योंकि जब आप निचले स्तर पर निवेश करते हो तो उसका आपको तुरंत ही लाभ नहीं मिलेगा. आपको हो सकता है कि उसका फायदा मिलने में 10 से 20 साल लग जाए, इसलिए आपको लगे रहना होगा. मुझे लगता है कि हम ऐसे में ही एक ऐसे देश के रूप में विकसित हो सकते हैं, जो ओलिंपिक पदकों की संख्या दोहरे अंकों में पहुंचा सकता है.'टिप्पणियां
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिल्ली में भव्य समारोह में बिंद्रा को विदाई दी. इस अवसर पर एनआरएआई के पदाधिकारियों के अलावा कई शीर्ष निशानेबाज जैसे मानवजीत सिंह संधू, अपूर्वी चंदेला, संजीव राजपूत, रोंजन सोढ़ी, मैराज अहमद खान, मोराद अली खान और मनशेर सिंह भी मौजूद थे. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के आजीवन मानद सदस्य रणधीर सिंह और अभिनव के माता पिता और बहन भी उपस्थिति थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपने चमकदार करियर वाले बिंद्रा से भारतीय खेलों के बारे में अपने विजन के बारे में पूछा गया. उन्होंने कहा, 'मैं चाहूंगा कि भारतीय खेल आगे बढ़े और मेरा मानना है कि यह तभी संभव है जब हम निचले स्तर पर पर कार्यक्रम बनाए और लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि वे आकर खेलों से जुड़ें. इसके लिए निवेश, विशेषज्ञता और धर्य की जरूरत है. इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की भी जरूरत है.'
बिंद्रा ने कहा, 'क्योंकि जब आप निचले स्तर पर निवेश करते हो तो उसका आपको तुरंत ही लाभ नहीं मिलेगा. आपको हो सकता है कि उसका फायदा मिलने में 10 से 20 साल लग जाए, इसलिए आपको लगे रहना होगा. मुझे लगता है कि हम ऐसे में ही एक ऐसे देश के रूप में विकसित हो सकते हैं, जो ओलिंपिक पदकों की संख्या दोहरे अंकों में पहुंचा सकता है.'टिप्पणियां
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिल्ली में भव्य समारोह में बिंद्रा को विदाई दी. इस अवसर पर एनआरएआई के पदाधिकारियों के अलावा कई शीर्ष निशानेबाज जैसे मानवजीत सिंह संधू, अपूर्वी चंदेला, संजीव राजपूत, रोंजन सोढ़ी, मैराज अहमद खान, मोराद अली खान और मनशेर सिंह भी मौजूद थे. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के आजीवन मानद सदस्य रणधीर सिंह और अभिनव के माता पिता और बहन भी उपस्थिति थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बिंद्रा ने कहा, 'क्योंकि जब आप निचले स्तर पर निवेश करते हो तो उसका आपको तुरंत ही लाभ नहीं मिलेगा. आपको हो सकता है कि उसका फायदा मिलने में 10 से 20 साल लग जाए, इसलिए आपको लगे रहना होगा. मुझे लगता है कि हम ऐसे में ही एक ऐसे देश के रूप में विकसित हो सकते हैं, जो ओलिंपिक पदकों की संख्या दोहरे अंकों में पहुंचा सकता है.'टिप्पणियां
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिल्ली में भव्य समारोह में बिंद्रा को विदाई दी. इस अवसर पर एनआरएआई के पदाधिकारियों के अलावा कई शीर्ष निशानेबाज जैसे मानवजीत सिंह संधू, अपूर्वी चंदेला, संजीव राजपूत, रोंजन सोढ़ी, मैराज अहमद खान, मोराद अली खान और मनशेर सिंह भी मौजूद थे. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के आजीवन मानद सदस्य रणधीर सिंह और अभिनव के माता पिता और बहन भी उपस्थिति थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिल्ली में भव्य समारोह में बिंद्रा को विदाई दी. इस अवसर पर एनआरएआई के पदाधिकारियों के अलावा कई शीर्ष निशानेबाज जैसे मानवजीत सिंह संधू, अपूर्वी चंदेला, संजीव राजपूत, रोंजन सोढ़ी, मैराज अहमद खान, मोराद अली खान और मनशेर सिंह भी मौजूद थे. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के आजीवन मानद सदस्य रणधीर सिंह और अभिनव के माता पिता और बहन भी उपस्थिति थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:अभिनव बिंद्रा भारत के एकमात्र व्यक्तिगत ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं
उन्होंने बीजिंग ओलिंपिक में दस मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था
वहीं रियो ओलिंपिंक में दस मीटर एयर राइफल में चौथे स्थान पर रहे थे | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया है कि दरभंगा जिला में एक समीक्षा बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश द्वारा उन्हें अपने क्षेत्र का मुद्दा उठाने पर झिड़क दिया।
आजाद ने बताया कि मुख्यमंत्री की सेवा यात्रा के दौरान सरकारी कर्मियों की उपस्थिति में शनिवार को जिले की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने जब अपने संसदीय क्षेत्र में जल जमाव का मामला उठाया, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें दो बार झिडक दिया।
बीजेपी सांसद ने कहा कि जब उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र किया, तो मुख्यमंत्री ने क्रोधित होते हुए उन्हें शांत रहने को कहा। आजाद ने कहा कि मुख्यमंत्री के अभद्र व्यवहार के बावजूद बैठक के दौरान उन्होंने दरभंगा जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना सहित केंद्र प्रायोजित अन्य योजनाओं को लागू किए जाने में विद्यमान खामियों को गिनाया।टिप्पणियां
बिहार में जेडीयू के साथ सत्ता में शामिल बीजेपी के सांसद आजाद ने प्रदेश की एनडीए सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में मौजूद खामियों को गिनाते हुए कहा कि सरकार स्कूल और अस्पताल खोले जाने का दावा कर रही है, पर न तो पर्याप्त संख्या में शिक्षक और न ही डॉक्टरों की बहाली की गई है, ऐसे में स्कूल और अस्पताल सुचारू रूप से कैसे कार्य कर सकेंगे।
वहीं बिहार विधान परिषद सदस्य जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने आजाद द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताते हुए रविवार को कहा कि आजाद को इस बात का सलीका नहीं है कि मुख्यमंत्री से कैसे बात की जाती है।
आजाद ने बताया कि मुख्यमंत्री की सेवा यात्रा के दौरान सरकारी कर्मियों की उपस्थिति में शनिवार को जिले की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने जब अपने संसदीय क्षेत्र में जल जमाव का मामला उठाया, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें दो बार झिडक दिया।
बीजेपी सांसद ने कहा कि जब उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र किया, तो मुख्यमंत्री ने क्रोधित होते हुए उन्हें शांत रहने को कहा। आजाद ने कहा कि मुख्यमंत्री के अभद्र व्यवहार के बावजूद बैठक के दौरान उन्होंने दरभंगा जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना सहित केंद्र प्रायोजित अन्य योजनाओं को लागू किए जाने में विद्यमान खामियों को गिनाया।टिप्पणियां
बिहार में जेडीयू के साथ सत्ता में शामिल बीजेपी के सांसद आजाद ने प्रदेश की एनडीए सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में मौजूद खामियों को गिनाते हुए कहा कि सरकार स्कूल और अस्पताल खोले जाने का दावा कर रही है, पर न तो पर्याप्त संख्या में शिक्षक और न ही डॉक्टरों की बहाली की गई है, ऐसे में स्कूल और अस्पताल सुचारू रूप से कैसे कार्य कर सकेंगे।
वहीं बिहार विधान परिषद सदस्य जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने आजाद द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताते हुए रविवार को कहा कि आजाद को इस बात का सलीका नहीं है कि मुख्यमंत्री से कैसे बात की जाती है।
बीजेपी सांसद ने कहा कि जब उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र किया, तो मुख्यमंत्री ने क्रोधित होते हुए उन्हें शांत रहने को कहा। आजाद ने कहा कि मुख्यमंत्री के अभद्र व्यवहार के बावजूद बैठक के दौरान उन्होंने दरभंगा जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना सहित केंद्र प्रायोजित अन्य योजनाओं को लागू किए जाने में विद्यमान खामियों को गिनाया।टिप्पणियां
बिहार में जेडीयू के साथ सत्ता में शामिल बीजेपी के सांसद आजाद ने प्रदेश की एनडीए सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में मौजूद खामियों को गिनाते हुए कहा कि सरकार स्कूल और अस्पताल खोले जाने का दावा कर रही है, पर न तो पर्याप्त संख्या में शिक्षक और न ही डॉक्टरों की बहाली की गई है, ऐसे में स्कूल और अस्पताल सुचारू रूप से कैसे कार्य कर सकेंगे।
वहीं बिहार विधान परिषद सदस्य जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने आजाद द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताते हुए रविवार को कहा कि आजाद को इस बात का सलीका नहीं है कि मुख्यमंत्री से कैसे बात की जाती है।
बिहार में जेडीयू के साथ सत्ता में शामिल बीजेपी के सांसद आजाद ने प्रदेश की एनडीए सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में मौजूद खामियों को गिनाते हुए कहा कि सरकार स्कूल और अस्पताल खोले जाने का दावा कर रही है, पर न तो पर्याप्त संख्या में शिक्षक और न ही डॉक्टरों की बहाली की गई है, ऐसे में स्कूल और अस्पताल सुचारू रूप से कैसे कार्य कर सकेंगे।
वहीं बिहार विधान परिषद सदस्य जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने आजाद द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताते हुए रविवार को कहा कि आजाद को इस बात का सलीका नहीं है कि मुख्यमंत्री से कैसे बात की जाती है।
वहीं बिहार विधान परिषद सदस्य जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने आजाद द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताते हुए रविवार को कहा कि आजाद को इस बात का सलीका नहीं है कि मुख्यमंत्री से कैसे बात की जाती है। | बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया है कि दरभंगा जिला में एक समीक्षा बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश द्वारा उन्हें अपने क्षेत्र का मुद्दा उठाने पर झिड़क दिया। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Indian Oil Corporation Limited) ने अनुभवी गैर-एग्जीक्यूटिव पर्सनल भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं. आईओसीएल (IOCL) रिफाइनरी में 37 जूनियर इंजीनियरिंग असिस्टेंट की भर्ती करेगा. उम्मीदवार 17 जनवरी 2020 को शाम 5 बजे तक इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं. गौरतलब है कि लिखित परीक्षा 2 फरवरी 2020 को आयोजित की जा सकती है.
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योग्यता की बात की जाए तो कोई भी उम्मीदवार जिसके पास डिप्लोमा हो वह आवेदन कर सकता है. उम्मीदवार का चयन लिखित परीक्षा और स्किल/प्रोफिशिएंसी/फिजिकल टेस्ट के आधार पर होगा. वैकेंसी की बात की जाए तो प्रोडक्शन में 33, मकेनिकल फिटर-कम-रिगर के 2 पद और इंस्ट्रूमेंटेशन में भी 2 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. बता दें कि आवेदक के पास 3 साल की डिप्लोमा डिग्री होनी चाहिए. सामान्य और ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 50 प्रतिशत तो एससी उम्मीदवारों के लिए 45 प्रतिशत पात्रता तय की गई है. आवेदक के पास कम से कम एक साल का अनुभव भी होना चाहिए.
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भर्ती के लिए जारी नोटिस के अनुसार, " उम्मीदवार जो इन पदों के लिए मांगी गई योग्यता से अधिक पेशेवर योग्यता रखते हैं जैसे इंजीनियरिंग ग्रेजुएट/एमबीए/एमसीए/सीए/सीएस/आईसीडब्ल्यूए/एलएलबी या मांगी गई योग्यता के बराबर योग्यता होने का दावा करते हैं उनके आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा."
सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार जिनकी आयु 18 साल से 26 साल के बीच है वे इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. ओबीसी उम्मीदवारों को 3 साल और एससी उम्मीदवारों को आयु के मामले में 5 साल की राहत दी गई है. | यह एक सारांश है: IOCL ने अनुभवी गैर-एकसीक्यूटिव पर्सनल भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं
लिखित परीक्षा और स्किल/प्रोफिसियेंसी/फिजिकल टेस्ट के आधार पर होगा चयन
लिखित परीक्षा 2 फरवरी 2020 को आयोजित की जा सकती है | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 298.16 अंकों की गिरावट के साथ 16,030.09 पर और निफ्टी 84.55 अंकों की गिरावट के साथ 4,858.25 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 195.57 अंकों की गिरावट के साथ 16,132.68 पर खुला, जो कारोबारी सत्र का ऊपरी स्तर साबित हुआ। सेंसेक्स ने कारोबारी सत्र में 16,000 की मनोवैज्ञानिक सीमा से नीचे 15,974.60 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ दो शेयरों स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (0.87 फीसदी) और बजाज ऑटो (0.47 फीसदी) में तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (7.34 फीसदी), टाटा स्टील (3.89 फीसदी), भेल (3.74 फीसदी), एचडीएफसी (3.71 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.28 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 67.50 अंकों की गिरावट के साथ 4,875.30 पर खुला। निफ्टी ने 4,882.25 के ऊपरी और 4,837.05 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 46.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,879.42 पर और स्मॉलकैप 70.32 अंकों की गिरावट के साथ 6,264.95 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। धातु (2.68 फीसदी), वाहन (2.59 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.94 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.69 फीसदी) और बैंकिंग (1.65 फीसदी) में सबसे अधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 983 शेयरों में तेजी और 1733 में गिरावट रही, जबकि 115 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 195.57 अंकों की गिरावट के साथ 16,132.68 पर खुला, जो कारोबारी सत्र का ऊपरी स्तर साबित हुआ। सेंसेक्स ने कारोबारी सत्र में 16,000 की मनोवैज्ञानिक सीमा से नीचे 15,974.60 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ दो शेयरों स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (0.87 फीसदी) और बजाज ऑटो (0.47 फीसदी) में तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (7.34 फीसदी), टाटा स्टील (3.89 फीसदी), भेल (3.74 फीसदी), एचडीएफसी (3.71 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.28 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 67.50 अंकों की गिरावट के साथ 4,875.30 पर खुला। निफ्टी ने 4,882.25 के ऊपरी और 4,837.05 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 46.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,879.42 पर और स्मॉलकैप 70.32 अंकों की गिरावट के साथ 6,264.95 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। धातु (2.68 फीसदी), वाहन (2.59 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.94 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.69 फीसदी) और बैंकिंग (1.65 फीसदी) में सबसे अधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 983 शेयरों में तेजी और 1733 में गिरावट रही, जबकि 115 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ दो शेयरों स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (0.87 फीसदी) और बजाज ऑटो (0.47 फीसदी) में तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (7.34 फीसदी), टाटा स्टील (3.89 फीसदी), भेल (3.74 फीसदी), एचडीएफसी (3.71 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.28 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 67.50 अंकों की गिरावट के साथ 4,875.30 पर खुला। निफ्टी ने 4,882.25 के ऊपरी और 4,837.05 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 46.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,879.42 पर और स्मॉलकैप 70.32 अंकों की गिरावट के साथ 6,264.95 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। धातु (2.68 फीसदी), वाहन (2.59 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.94 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.69 फीसदी) और बैंकिंग (1.65 फीसदी) में सबसे अधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 983 शेयरों में तेजी और 1733 में गिरावट रही, जबकि 115 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (7.34 फीसदी), टाटा स्टील (3.89 फीसदी), भेल (3.74 फीसदी), एचडीएफसी (3.71 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.28 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 67.50 अंकों की गिरावट के साथ 4,875.30 पर खुला। निफ्टी ने 4,882.25 के ऊपरी और 4,837.05 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 46.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,879.42 पर और स्मॉलकैप 70.32 अंकों की गिरावट के साथ 6,264.95 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। धातु (2.68 फीसदी), वाहन (2.59 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.94 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.69 फीसदी) और बैंकिंग (1.65 फीसदी) में सबसे अधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 983 शेयरों में तेजी और 1733 में गिरावट रही, जबकि 115 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 67.50 अंकों की गिरावट के साथ 4,875.30 पर खुला। निफ्टी ने 4,882.25 के ऊपरी और 4,837.05 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 46.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,879.42 पर और स्मॉलकैप 70.32 अंकों की गिरावट के साथ 6,264.95 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। धातु (2.68 फीसदी), वाहन (2.59 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.94 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.69 फीसदी) और बैंकिंग (1.65 फीसदी) में सबसे अधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 983 शेयरों में तेजी और 1733 में गिरावट रही, जबकि 115 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 46.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,879.42 पर और स्मॉलकैप 70.32 अंकों की गिरावट के साथ 6,264.95 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। धातु (2.68 फीसदी), वाहन (2.59 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.94 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.69 फीसदी) और बैंकिंग (1.65 फीसदी) में सबसे अधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 983 शेयरों में तेजी और 1733 में गिरावट रही, जबकि 115 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। धातु (2.68 फीसदी), वाहन (2.59 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.94 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.69 फीसदी) और बैंकिंग (1.65 फीसदी) में सबसे अधिक गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 983 शेयरों में तेजी और 1733 में गिरावट रही, जबकि 115 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 983 शेयरों में तेजी और 1733 में गिरावट रही, जबकि 115 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। | सेंसेक्स 298.16 अंकों की गिरावट के साथ 16030.09 पर जबकि निफ्टी 84.55 अंकों की गिरावट के साथ 4858.25 पर बंद हुआ। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Winter Diet Foods for Weight Loss: तेजी से वजन कैसे कम करें, वह भी सर्दियों के ऐसे मौसम में जब आप जमकर तला-भुना खाने के लिए क्रेविंग महसूस करते हैं. सर्दियों के मौसम में वजन तेजी से बढ़ता है. क्योंकि इस मौसम में लोग शारीरिक रूप से कम सक्रिय होते हैं और आहार में तला-भुना ज्यादा शामिल हो जाता है. ऐसे में अगर आप वजन कम करने के लिए भोजन (Weight Loss In Winter) की बात करें, तो यह एक मुश्किल काम साबित होता है. सर्दियां आते ही कुछ लोगों का वजन तेजी से बढ़ता है, लेकिन आप अपने आहार (Winter Diet) में कुछ बदलाव कर इस बढ़ते वजन को रोकने के साथ ही साथ कम भी कर सकते हैं. चलिए हम आपको बताते हैं ऐसी 3 चीजों के बारे में जिन्हें आहार में शामिल कर आप सर्दियों के मौसम में भी तेजी से वजन कम (Weight Loss) कर सकते हैं-
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सर्दियों के मौसम में बहुत से विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर सब्जियां और फल बाजार में मौजूद होते हैं. इस मौसम में गाजर का हलवा खाने की क्रेविंग किसे नहीं होती. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही गाजन वजन कम करने में आपकी मदद कर सकती है. जी हां, गाजर में भरपूर मात्र में फाइबर होता है. इसके साथ ही यह कैलोरी में भी होता है. तो सोचिए इन दो चीजों का मेल एक और तो आपकी भूख कंट्रोल होगी और दूसरी और यह आपकी दिन भर की कैलोरी सीमा को भी पार नहीं होने देगा. तो अगर आपको सर्दियों में वजन कम करना है तो अपने आहार में गाजर को जगह दें. आप आहार में गाजर का जूस शामिल कर सकते हैं. इसमें अगर आप चुकंदर भी शामिल कर लेते हैं तो यह सोने पर सुहागा की तरह होगा.
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यह तो हर कोई जानता है कि मेथी या मेथी दाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. लेकिन कैसे? असल में मेथी डाइजेशन को बेहतर बनाने में मददगार है. क्योंकि हरी मेथी सर्दियों में आती है और यह एक मौसमी सब्जी है तो इस मौसम में आप इसके गुणों का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं. मेथी शरीर को गर्मी देने में मददगार है, जो मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है. इसके साथ ही यह तांबा, पोटेशियम, कैल्शियम, लोहा, सेलेनियम, जस्ता, मैंगनीज और मैग्नीशियम जैसे खनिजों से भरपूर होती है. वजन कम करने के लिए मेथी का इस्तेमाल करना चाह रहे हैं तो आपको करना बस यह है कि कुछ मेथी दानों को भून लें और पीस लें. इससे एक पाउडर तैयार होगा. सुबह खाली पेट पाली के साथ जरा सा पाउडर मिलकार पी लें. इसके अलावा आप यह भी कर सकते हैं कि रात को मेथीदाना भिगो कर रख दें और सुबह उठकर सबसे पहले उसे पानी को पी लें और मेथी दानों को चबा लें
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Weight Loss In Winter: सर्दियों में तेजी से वजन कम करने के लिए अपने आहार में दालचीनी को शामिल करें.
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दालचीनी को डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. वजन कम करने में दालचीनी मददगार साबित हो सकती है. वजन कम करने के लिए आपको करना बस यह है कि दिन में तीन बार गर्म पानी के साथ शहद और दालचीनी के सेवन करें. इससे वजन कम होता है. सबसे पहले इस ड्रिंक को सुबह लें, दूसरी बाद नाश्ते के बाद और तीसरी बार रात को सोने से पहले इसे पीएं. इससे आपके शरीर से धीरे-धीरे फैट घटता जाता है.
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Winter Health: सर्दियों में इन कारणों से आती है ज्यादा नींद, जानें सुबह जल्दी उठने के तरीके | यह एक सारांश है: सर्दियां आते ही कुछ लोगों का वजन तेजी से बढ़ता है
आहार (Winter Diet) में बदलाव कर वजन को कम किया जा सकता है.
जानें कैसे तेजी से कम करें वजन. | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध को लेकर देशभर में प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें मिल रही हैं. 'स्वराज इंडिया' के संयोजक योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav), मशहूर इतिहासकार व लेखक रामचंद्र गुहा (Ramachandra Guha) सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. इस बीच लखनऊ में भी भारी संख्या में लोग सड़कों पर निकलकर इस नए कानून का विरोध कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह (OP Singh) ने प्रदर्शनकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि विरोध के और भी तरीके होते हैं, वह लोग लिख सकते हैं.
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, '19 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में धारा 144 लगा दी गई है. लोगों से अपील है कि वह किसी भी तरह के प्रदर्शन में शामिल नहीं हों. अभिभावकों से भी गुजारिश है कि वह अपने बच्चों का काउंसिलिंग करें.' डीजीपी से जब लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने पर पाबंदी लगाए जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'विरोध करने के काफी सारे तरीके होते हैं. संविधान आपको विरोध करने का अधिकार देता है लेकिन आपके पास लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के और भी तरीके हैं. आप अपनी बात को लिख सकते हैं, वह लोग पत्र क्यों नहीं लिखते.' डीजीपी ने आगे कहा कि सभी जिलों के पुलिस कप्तान ने महसूस किया कि उनके जिलों में बैन लगाने की जरूरत है, जिसके बाद ही ऐसा फैसला लिया गया.
समाजवादी पार्टी भी राज्य में नागरिकता कानून का विरोध कर रही है. उनके अलावा कई राजनीतिक दल व मुस्लिम संगठनों ने भी आज (गुरुवार) लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है. यूपी के मऊ में मंगलवार को हिंसक प्रदर्शन की खबरें आई थीं, जिसके बाद वहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई. यूपी के कई कॉलेज के छात्रों ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ मारपीट का विरोध दर्ज कराते हुए प्रदर्शन किया. जामिया और एएमयू के छात्र नागरिकता कानून का विरोध कर रहे थे. दोनों ही जगहों पुलिस पर जबरन यूनिवर्सिटी कैंपस और हॉस्टल में घुसने का आरोप लगा है. पुलिसकर्मियों ने छात्रों के हॉस्टल में घुसकर उनपर लाठियां बरसाईं व आंसू गैस के गोले दागे. | नागरिकता संशोधन कानून का विरोध
प्रदर्शनकारियों से बोले UP के DGP ओपी सिंह
'विरोध के और भी तरीके, आप लिख सकते हैं' | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की ताजा टेस्ट रैंकिंग में एक अप्रैल की समयसीमा तक इंग्लैंड क्रिकेट टीम शीर्ष पर पहुंच गई है।
वर्ष 2003 में आरम्भ हुई वर्तमान रैंकिंग प्रणाली के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड की टीम एक अप्रैल की समयसीमा तक शीर्ष स्थान पर काबिज हुई है। मतलब ये है कि टेस्ट चैम्पियनशिप में वह शीर्ष स्थान पर बरकरार रहेगी। इस प्रकार वह 1,75,000 डॉलर का चेक पाने की हकदार हो गई है। शीर्ष स्थान पर रहने वाली टीम को प्रत्येक वर्ष यह पुरस्कार राशि दी जाती है।
अगले तीन सालों तक अप्रैल की समयसीमा तक शीर्ष पर रहने वाली टीमों के बीच 38 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि का बंटवारा होगा।टिप्पणियां
दरअसल, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच डुनेडिन में रविवार को समाप्त हुए पहले टेस्ट मैच के ड्रा समाप्त होने पर इंग्लैंड का शीर्ष पर पहुंचना तय हो गया। दक्षिण अफ्रीका को शीर्ष पर पहुंचने के लिए तीनों मुकाबले जीतने थे लेकिन पहला ही टेस्ट ड्रा हो गया। अब दक्षिण अफ्रीका की टीम यदि शेष दोनों टेस्ट जीत भी जाती है तो उसका रेटिंग अंक 117 रहेगा जो इंग्लैंड से एक कम ही होगा।
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह जरूरी है कि वह शेष के दोनों टेस्ट जीत ले ताकि उसका दूसरा स्थान पक्का रहे और वह 75,000 डॉलर की इनामी राशि की हकदार बने। भारत इस क्रम में 111 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है जबकि आस्ट्रेलिया इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
वर्ष 2003 में आरम्भ हुई वर्तमान रैंकिंग प्रणाली के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड की टीम एक अप्रैल की समयसीमा तक शीर्ष स्थान पर काबिज हुई है। मतलब ये है कि टेस्ट चैम्पियनशिप में वह शीर्ष स्थान पर बरकरार रहेगी। इस प्रकार वह 1,75,000 डॉलर का चेक पाने की हकदार हो गई है। शीर्ष स्थान पर रहने वाली टीम को प्रत्येक वर्ष यह पुरस्कार राशि दी जाती है।
अगले तीन सालों तक अप्रैल की समयसीमा तक शीर्ष पर रहने वाली टीमों के बीच 38 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि का बंटवारा होगा।टिप्पणियां
दरअसल, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच डुनेडिन में रविवार को समाप्त हुए पहले टेस्ट मैच के ड्रा समाप्त होने पर इंग्लैंड का शीर्ष पर पहुंचना तय हो गया। दक्षिण अफ्रीका को शीर्ष पर पहुंचने के लिए तीनों मुकाबले जीतने थे लेकिन पहला ही टेस्ट ड्रा हो गया। अब दक्षिण अफ्रीका की टीम यदि शेष दोनों टेस्ट जीत भी जाती है तो उसका रेटिंग अंक 117 रहेगा जो इंग्लैंड से एक कम ही होगा।
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह जरूरी है कि वह शेष के दोनों टेस्ट जीत ले ताकि उसका दूसरा स्थान पक्का रहे और वह 75,000 डॉलर की इनामी राशि की हकदार बने। भारत इस क्रम में 111 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है जबकि आस्ट्रेलिया इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
अगले तीन सालों तक अप्रैल की समयसीमा तक शीर्ष पर रहने वाली टीमों के बीच 38 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि का बंटवारा होगा।टिप्पणियां
दरअसल, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच डुनेडिन में रविवार को समाप्त हुए पहले टेस्ट मैच के ड्रा समाप्त होने पर इंग्लैंड का शीर्ष पर पहुंचना तय हो गया। दक्षिण अफ्रीका को शीर्ष पर पहुंचने के लिए तीनों मुकाबले जीतने थे लेकिन पहला ही टेस्ट ड्रा हो गया। अब दक्षिण अफ्रीका की टीम यदि शेष दोनों टेस्ट जीत भी जाती है तो उसका रेटिंग अंक 117 रहेगा जो इंग्लैंड से एक कम ही होगा।
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह जरूरी है कि वह शेष के दोनों टेस्ट जीत ले ताकि उसका दूसरा स्थान पक्का रहे और वह 75,000 डॉलर की इनामी राशि की हकदार बने। भारत इस क्रम में 111 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है जबकि आस्ट्रेलिया इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
दरअसल, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच डुनेडिन में रविवार को समाप्त हुए पहले टेस्ट मैच के ड्रा समाप्त होने पर इंग्लैंड का शीर्ष पर पहुंचना तय हो गया। दक्षिण अफ्रीका को शीर्ष पर पहुंचने के लिए तीनों मुकाबले जीतने थे लेकिन पहला ही टेस्ट ड्रा हो गया। अब दक्षिण अफ्रीका की टीम यदि शेष दोनों टेस्ट जीत भी जाती है तो उसका रेटिंग अंक 117 रहेगा जो इंग्लैंड से एक कम ही होगा।
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह जरूरी है कि वह शेष के दोनों टेस्ट जीत ले ताकि उसका दूसरा स्थान पक्का रहे और वह 75,000 डॉलर की इनामी राशि की हकदार बने। भारत इस क्रम में 111 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है जबकि आस्ट्रेलिया इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह जरूरी है कि वह शेष के दोनों टेस्ट जीत ले ताकि उसका दूसरा स्थान पक्का रहे और वह 75,000 डॉलर की इनामी राशि की हकदार बने। भारत इस क्रम में 111 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है जबकि आस्ट्रेलिया इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। | यह एक सारांश है: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की ताजा टेस्ट रैंकिंग में एक अप्रैल की समयसीमा तक इंग्लैंड क्रिकेट टीम शीर्ष पर पहुंच गई है। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऊंची मुद्रास्फीति एक बार फिर रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में कटौती से रोक सकती है। मुद्रास्फीति में नरमी के अभाव में मौद्रिक नीति की इस माह अंत में होने वाली समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती के मामले में केन्द्रीय बैंक के समक्ष मुश्किल आ सकती है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अध्यक्ष सी रंगराजन ने यह बात कही।
राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के मौके पर रंगराजन ने कहा, ‘मेरा मानना है कि यदि मुद्रास्फीति और विशेष तौर पर गैर खाद्य विनिर्माण खंड की मुद्रास्फीति में गिरावट आती है तो रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दर कम करने की गुंजाइश बन सकती है।’
पीएमईएसी ने कहा, ‘भारत की स्थिति अन्य देशों से अलग है। अन्य देशों में वृद्धि दर कम होने के साथ ही मुद्रास्फीति भी कम है जबकि हमारे देश में वृद्धि कम हो रही है लेकिन मुद्रास्फीति उच्च स्तर पर बरकरार है।’ रिजर्व बैंक 31 जुलाई को मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा पेश करेगा।
आरबीआई ने जून में पिछली तिमाही समीक्षा में मुख्य दरों को अपरिवर्तित रखा था। हालांकि, यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) और पीपुल्स बैंक ऑफ चायना ने इस महीने वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अपनी ब्याज दरों में कमी की है।टिप्पणियां
मई में थोकमूल्य आधारित मुद्रास्फीति 7.55 फीसद रही। खुदरा स्तर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति भी इसी महीने 10.36 फीसद रही।
यह पूछने पर कि क्या सरकार आर्थिक वृद्धि को ढर्रे पर लाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज लाएगी, रंगराजन ने कहा कि प्रोत्साहन की गुंजाइश सीमित है क्योंकि राजकोषीय घाटा पहले ही अधिक है। उन्होंने कहा, ‘हमें राजकोषीय घाटे को अनुमानित स्तर पर बरकरार रखने के लिए कोशिश करनी है। यह अपने आप में बड़ा काम है। इसलिए हमें सरकार के खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है।’
राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के मौके पर रंगराजन ने कहा, ‘मेरा मानना है कि यदि मुद्रास्फीति और विशेष तौर पर गैर खाद्य विनिर्माण खंड की मुद्रास्फीति में गिरावट आती है तो रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दर कम करने की गुंजाइश बन सकती है।’
पीएमईएसी ने कहा, ‘भारत की स्थिति अन्य देशों से अलग है। अन्य देशों में वृद्धि दर कम होने के साथ ही मुद्रास्फीति भी कम है जबकि हमारे देश में वृद्धि कम हो रही है लेकिन मुद्रास्फीति उच्च स्तर पर बरकरार है।’ रिजर्व बैंक 31 जुलाई को मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा पेश करेगा।
आरबीआई ने जून में पिछली तिमाही समीक्षा में मुख्य दरों को अपरिवर्तित रखा था। हालांकि, यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) और पीपुल्स बैंक ऑफ चायना ने इस महीने वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अपनी ब्याज दरों में कमी की है।टिप्पणियां
मई में थोकमूल्य आधारित मुद्रास्फीति 7.55 फीसद रही। खुदरा स्तर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति भी इसी महीने 10.36 फीसद रही।
यह पूछने पर कि क्या सरकार आर्थिक वृद्धि को ढर्रे पर लाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज लाएगी, रंगराजन ने कहा कि प्रोत्साहन की गुंजाइश सीमित है क्योंकि राजकोषीय घाटा पहले ही अधिक है। उन्होंने कहा, ‘हमें राजकोषीय घाटे को अनुमानित स्तर पर बरकरार रखने के लिए कोशिश करनी है। यह अपने आप में बड़ा काम है। इसलिए हमें सरकार के खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है।’
पीएमईएसी ने कहा, ‘भारत की स्थिति अन्य देशों से अलग है। अन्य देशों में वृद्धि दर कम होने के साथ ही मुद्रास्फीति भी कम है जबकि हमारे देश में वृद्धि कम हो रही है लेकिन मुद्रास्फीति उच्च स्तर पर बरकरार है।’ रिजर्व बैंक 31 जुलाई को मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा पेश करेगा।
आरबीआई ने जून में पिछली तिमाही समीक्षा में मुख्य दरों को अपरिवर्तित रखा था। हालांकि, यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) और पीपुल्स बैंक ऑफ चायना ने इस महीने वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अपनी ब्याज दरों में कमी की है।टिप्पणियां
मई में थोकमूल्य आधारित मुद्रास्फीति 7.55 फीसद रही। खुदरा स्तर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति भी इसी महीने 10.36 फीसद रही।
यह पूछने पर कि क्या सरकार आर्थिक वृद्धि को ढर्रे पर लाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज लाएगी, रंगराजन ने कहा कि प्रोत्साहन की गुंजाइश सीमित है क्योंकि राजकोषीय घाटा पहले ही अधिक है। उन्होंने कहा, ‘हमें राजकोषीय घाटे को अनुमानित स्तर पर बरकरार रखने के लिए कोशिश करनी है। यह अपने आप में बड़ा काम है। इसलिए हमें सरकार के खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है।’
आरबीआई ने जून में पिछली तिमाही समीक्षा में मुख्य दरों को अपरिवर्तित रखा था। हालांकि, यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) और पीपुल्स बैंक ऑफ चायना ने इस महीने वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अपनी ब्याज दरों में कमी की है।टिप्पणियां
मई में थोकमूल्य आधारित मुद्रास्फीति 7.55 फीसद रही। खुदरा स्तर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति भी इसी महीने 10.36 फीसद रही।
यह पूछने पर कि क्या सरकार आर्थिक वृद्धि को ढर्रे पर लाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज लाएगी, रंगराजन ने कहा कि प्रोत्साहन की गुंजाइश सीमित है क्योंकि राजकोषीय घाटा पहले ही अधिक है। उन्होंने कहा, ‘हमें राजकोषीय घाटे को अनुमानित स्तर पर बरकरार रखने के लिए कोशिश करनी है। यह अपने आप में बड़ा काम है। इसलिए हमें सरकार के खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है।’
मई में थोकमूल्य आधारित मुद्रास्फीति 7.55 फीसद रही। खुदरा स्तर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति भी इसी महीने 10.36 फीसद रही।
यह पूछने पर कि क्या सरकार आर्थिक वृद्धि को ढर्रे पर लाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज लाएगी, रंगराजन ने कहा कि प्रोत्साहन की गुंजाइश सीमित है क्योंकि राजकोषीय घाटा पहले ही अधिक है। उन्होंने कहा, ‘हमें राजकोषीय घाटे को अनुमानित स्तर पर बरकरार रखने के लिए कोशिश करनी है। यह अपने आप में बड़ा काम है। इसलिए हमें सरकार के खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है।’
यह पूछने पर कि क्या सरकार आर्थिक वृद्धि को ढर्रे पर लाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज लाएगी, रंगराजन ने कहा कि प्रोत्साहन की गुंजाइश सीमित है क्योंकि राजकोषीय घाटा पहले ही अधिक है। उन्होंने कहा, ‘हमें राजकोषीय घाटे को अनुमानित स्तर पर बरकरार रखने के लिए कोशिश करनी है। यह अपने आप में बड़ा काम है। इसलिए हमें सरकार के खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है।’ | यह एक सारांश है: ऊंची मुद्रास्फीति एक बार फिर रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में कटौती से रोक सकती है। मुद्रास्फीति में नरमी के अभाव में मौद्रिक नीति की इस माह अंत में होने वाली समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती के मामले में केन्द्रीय बैंक के समक्ष मुश्किल आ सकती है। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुड़गांव की एक अदालत में मंगलवार को हिट एंड रन के एक मामले में बीएमडब्ल्यू कार के कथित चालक कार के मालिक के बेटे ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उसके सरेंडर करने के कुछ ही घंटों बाद उसे जमानत मिल गई।
इस हादसे में एक गर्भवती महिला सहित दो व्यक्तियों की मौत हो गयी थी और तीन लोग घायल हो गये थे।
इस हादसे के बाद बीएमडब्ल्यू कार का चालक भाग गया जबकि कार में सवार दूसरा व्यक्ति दक्ष जयसवाल गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कोर्ट में आज सूरज सहरावत ने आत्म समर्पण किया। सूरज के पिता के नाम से दुर्घटनाग्रस्त कार रजिस्टर है। बताया रहा है कि जब दुर्घटना घटी तब यह कार 100किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से भी तेज रफ्तार से दौड़ रही थी। इस वजह से जब इस कार ने टाटा इंडिगो कार को टक्कर मारी तो उसमें सवार गर्भवती क्षमा चोपड़ा और कार का ड्राइवर मौके पर ही काल के गाल में समा गए। कार में सवार क्षमा के पति और माता-पिता गंभीर रूप से घाय़ल हो गए। सूरज पर आईपीसी की धारा 304(ए), और धारा 297 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि राजेश नाम के शख्स ने शनिवार को सरेंडर कर कहा था कि जब दुर्घटना घटी तब वह कार चला रहा था। पुलिस का कहना है कि राजेश का यह कदम सूरज को बचाने के लिए उठाया गया प्रतीत हो रहा है। टिप्पणियां
ज्ञात हो कि गुड़गांव की एक अदालत ने सोमवार को हिट एंड रन के एक मामले में बीएमडब्ल्यू कार के चालक होने का दावा करने वाले राजेश के जमानत आवेदन को खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसबीर सिंह ने राजेश उर्फ राजू की याचिका खारिज कर दी।
बीएमडब्लयू कार का मालिक देवेन्द्र सहरावत ने दावा किया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त उसका चालक राजेश उर्फ राजू गाड़ी चला रहा था।
इस हादसे में एक गर्भवती महिला सहित दो व्यक्तियों की मौत हो गयी थी और तीन लोग घायल हो गये थे।
इस हादसे के बाद बीएमडब्ल्यू कार का चालक भाग गया जबकि कार में सवार दूसरा व्यक्ति दक्ष जयसवाल गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कोर्ट में आज सूरज सहरावत ने आत्म समर्पण किया। सूरज के पिता के नाम से दुर्घटनाग्रस्त कार रजिस्टर है। बताया रहा है कि जब दुर्घटना घटी तब यह कार 100किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से भी तेज रफ्तार से दौड़ रही थी। इस वजह से जब इस कार ने टाटा इंडिगो कार को टक्कर मारी तो उसमें सवार गर्भवती क्षमा चोपड़ा और कार का ड्राइवर मौके पर ही काल के गाल में समा गए। कार में सवार क्षमा के पति और माता-पिता गंभीर रूप से घाय़ल हो गए। सूरज पर आईपीसी की धारा 304(ए), और धारा 297 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि राजेश नाम के शख्स ने शनिवार को सरेंडर कर कहा था कि जब दुर्घटना घटी तब वह कार चला रहा था। पुलिस का कहना है कि राजेश का यह कदम सूरज को बचाने के लिए उठाया गया प्रतीत हो रहा है। टिप्पणियां
ज्ञात हो कि गुड़गांव की एक अदालत ने सोमवार को हिट एंड रन के एक मामले में बीएमडब्ल्यू कार के चालक होने का दावा करने वाले राजेश के जमानत आवेदन को खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसबीर सिंह ने राजेश उर्फ राजू की याचिका खारिज कर दी।
बीएमडब्लयू कार का मालिक देवेन्द्र सहरावत ने दावा किया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त उसका चालक राजेश उर्फ राजू गाड़ी चला रहा था।
इस हादसे के बाद बीएमडब्ल्यू कार का चालक भाग गया जबकि कार में सवार दूसरा व्यक्ति दक्ष जयसवाल गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कोर्ट में आज सूरज सहरावत ने आत्म समर्पण किया। सूरज के पिता के नाम से दुर्घटनाग्रस्त कार रजिस्टर है। बताया रहा है कि जब दुर्घटना घटी तब यह कार 100किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से भी तेज रफ्तार से दौड़ रही थी। इस वजह से जब इस कार ने टाटा इंडिगो कार को टक्कर मारी तो उसमें सवार गर्भवती क्षमा चोपड़ा और कार का ड्राइवर मौके पर ही काल के गाल में समा गए। कार में सवार क्षमा के पति और माता-पिता गंभीर रूप से घाय़ल हो गए। सूरज पर आईपीसी की धारा 304(ए), और धारा 297 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि राजेश नाम के शख्स ने शनिवार को सरेंडर कर कहा था कि जब दुर्घटना घटी तब वह कार चला रहा था। पुलिस का कहना है कि राजेश का यह कदम सूरज को बचाने के लिए उठाया गया प्रतीत हो रहा है। टिप्पणियां
ज्ञात हो कि गुड़गांव की एक अदालत ने सोमवार को हिट एंड रन के एक मामले में बीएमडब्ल्यू कार के चालक होने का दावा करने वाले राजेश के जमानत आवेदन को खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसबीर सिंह ने राजेश उर्फ राजू की याचिका खारिज कर दी।
बीएमडब्लयू कार का मालिक देवेन्द्र सहरावत ने दावा किया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त उसका चालक राजेश उर्फ राजू गाड़ी चला रहा था।
कोर्ट में आज सूरज सहरावत ने आत्म समर्पण किया। सूरज के पिता के नाम से दुर्घटनाग्रस्त कार रजिस्टर है। बताया रहा है कि जब दुर्घटना घटी तब यह कार 100किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से भी तेज रफ्तार से दौड़ रही थी। इस वजह से जब इस कार ने टाटा इंडिगो कार को टक्कर मारी तो उसमें सवार गर्भवती क्षमा चोपड़ा और कार का ड्राइवर मौके पर ही काल के गाल में समा गए। कार में सवार क्षमा के पति और माता-पिता गंभीर रूप से घाय़ल हो गए। सूरज पर आईपीसी की धारा 304(ए), और धारा 297 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि राजेश नाम के शख्स ने शनिवार को सरेंडर कर कहा था कि जब दुर्घटना घटी तब वह कार चला रहा था। पुलिस का कहना है कि राजेश का यह कदम सूरज को बचाने के लिए उठाया गया प्रतीत हो रहा है। टिप्पणियां
ज्ञात हो कि गुड़गांव की एक अदालत ने सोमवार को हिट एंड रन के एक मामले में बीएमडब्ल्यू कार के चालक होने का दावा करने वाले राजेश के जमानत आवेदन को खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसबीर सिंह ने राजेश उर्फ राजू की याचिका खारिज कर दी।
बीएमडब्लयू कार का मालिक देवेन्द्र सहरावत ने दावा किया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त उसका चालक राजेश उर्फ राजू गाड़ी चला रहा था।
गौरतलब है कि राजेश नाम के शख्स ने शनिवार को सरेंडर कर कहा था कि जब दुर्घटना घटी तब वह कार चला रहा था। पुलिस का कहना है कि राजेश का यह कदम सूरज को बचाने के लिए उठाया गया प्रतीत हो रहा है। टिप्पणियां
ज्ञात हो कि गुड़गांव की एक अदालत ने सोमवार को हिट एंड रन के एक मामले में बीएमडब्ल्यू कार के चालक होने का दावा करने वाले राजेश के जमानत आवेदन को खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसबीर सिंह ने राजेश उर्फ राजू की याचिका खारिज कर दी।
बीएमडब्लयू कार का मालिक देवेन्द्र सहरावत ने दावा किया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त उसका चालक राजेश उर्फ राजू गाड़ी चला रहा था।
ज्ञात हो कि गुड़गांव की एक अदालत ने सोमवार को हिट एंड रन के एक मामले में बीएमडब्ल्यू कार के चालक होने का दावा करने वाले राजेश के जमानत आवेदन को खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसबीर सिंह ने राजेश उर्फ राजू की याचिका खारिज कर दी।
बीएमडब्लयू कार का मालिक देवेन्द्र सहरावत ने दावा किया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त उसका चालक राजेश उर्फ राजू गाड़ी चला रहा था।
बीएमडब्लयू कार का मालिक देवेन्द्र सहरावत ने दावा किया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त उसका चालक राजेश उर्फ राजू गाड़ी चला रहा था। | यह एक सारांश है: गुड़गांव की एक अदालत में मंगलवार को हिट एंड रन के एक मामले में बीएमडब्ल्यू कार के कथित चालक कार के मालिक के बेटे ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उसके सरेंडर करने के कुछ ही घंटों बाद उसे जमानत मिल गई। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ईद-उल-फितर के मुबारक मौके पर भारत और पाकिस्तानी सेना के नुमाइंदों ने एक दूसरे के साथ मिठाइयां बांटी। पुंछ रावलकोट क्रॉसिंग प्वाइंट और कृष्णा घाटी के मेढ़र हॉट स्प्रिंग क्रॉसिंग प्वाइंट पर मिठाई बांटी गई। मिठाइयों की अदला बदली एक दूसरे के प्रति बेहतर रिश्ते बनाने और नियंत्रण रेखा पर शांति कायम रखने की दिशा में एक अच्छा कदम है।
बेशक जम्मू इलाके में फिलहाल लाइन ऑफ कंट्रोल पर शांति है और ईद के मौके पर एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं लेकिन कश्मीर से लगी लाइन ऑफ कंट्रोल पर दोनों देशों की सेना एक दूसरे को मरने-मारने पर उतारू है। सेना का कहना है कि इस बार पाकिस्तानी सेना की मदद से घुसपैठ के प्रयास कई गुना बढ़ गए है जिससे निपटना भारतीय सेना के लिये बहुत बड़ी चुनौती है।
बेशक जम्मू इलाके में फिलहाल लाइन ऑफ कंट्रोल पर शांति है और ईद के मौके पर एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं लेकिन कश्मीर से लगी लाइन ऑफ कंट्रोल पर दोनों देशों की सेना एक दूसरे को मरने-मारने पर उतारू है। सेना का कहना है कि इस बार पाकिस्तानी सेना की मदद से घुसपैठ के प्रयास कई गुना बढ़ गए है जिससे निपटना भारतीय सेना के लिये बहुत बड़ी चुनौती है। | पुंछ और कृष्णा घाटी प्वाइंट पर मिठाई बांटी गई
जम्मू इलाके में फिलहाल लाइन ऑफ कंट्रोल पर शांति है
ईद के मौके पर एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ( Alok Verma) ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में इशारा किया है कि सरकार ने सीबीआई के कामकाज में हस्तक्षेप करने की कोशिश की. 23 अक्तूबर को रातोंरात रेपिड फायर के तौर पर CVC और DoPT ने तीन आदेश जारी किए. यह फैसले मनमाने और गैरकानूनी हैं, इन्हें रद्द किया जाना चाहिए.
आलोक वर्मा की ओर से दाखिल की गई याचिका में शामिल प्रमुख बिंदु-
सीबीआई से उम्मीद की जाती है कि वह एक स्वतंत्र और स्वायत्त एजेंसी के तौर पर काम करेगी. ऐसे हालात को नहीं टाल जा सकता, जब उच्च पदों पर बैठे लोगों से सम्बंधित जांच की दिशा सरकार की मर्जी के मुताबिक न हो. हालिया दिनों में ऐसे केस आए जिनमें जांच अधिकारी से लेकर ज्वाइंट डायरेक्टर/ डायरेक्टर तक किसी खास एक्शन तक सहमत थे, लेकिन सिर्फ स्पेशल डायरेक्टर की राय अलग थी.सीवीसी, केंद्र ने रातोंरात मुझे सीबीआई डायरेक्टर के रोल से हटाने का फैसला लिया और नए शख्स की नियुक्ति का फैसला ले लिया, जो कि गैरकानूनी है.सरकार का यह कदम DSPE एक्ट के सेक्शन 4-b के खिलाफ है, जो सीबीआई डायरेक्टर की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए दो साल का वक्त निर्धारित करता है.DSPE एक्ट के सेक्शन 4 A के मुताबिक सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और CJI की कमेटी करेगी. सेक्शन 4b(2) में सीबीआई डायरेक्टर के ट्रांसफर के लिए इस कमेटी की मंजूरी ज़रूरी है. सरकार का आदेश इसका उल्लंघन करता है.इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी सीबीआई को सरकार के प्रभाव से मुक्त करने की बात कर चुकाहै. सरकार के इस कदम से साफ है कि सीबीआई को DOPT से स्वतंत्र करने की ज़रूरत है.मुझे संस्थान (CBI) के अधिकारियों पर पूरा भरोसा है, और इस तरह का गैरकानूनी दखल अधिकारियों के मनोबल को गिराता है.
आलोक वर्मा की ओर से दाखिल की गई याचिका में शामिल प्रमुख बिंदु-
सीबीआई से उम्मीद की जाती है कि वह एक स्वतंत्र और स्वायत्त एजेंसी के तौर पर काम करेगी. ऐसे हालात को नहीं टाल जा सकता, जब उच्च पदों पर बैठे लोगों से सम्बंधित जांच की दिशा सरकार की मर्जी के मुताबिक न हो. हालिया दिनों में ऐसे केस आए जिनमें जांच अधिकारी से लेकर ज्वाइंट डायरेक्टर/ डायरेक्टर तक किसी खास एक्शन तक सहमत थे, लेकिन सिर्फ स्पेशल डायरेक्टर की राय अलग थी.सीवीसी, केंद्र ने रातोंरात मुझे सीबीआई डायरेक्टर के रोल से हटाने का फैसला लिया और नए शख्स की नियुक्ति का फैसला ले लिया, जो कि गैरकानूनी है.सरकार का यह कदम DSPE एक्ट के सेक्शन 4-b के खिलाफ है, जो सीबीआई डायरेक्टर की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए दो साल का वक्त निर्धारित करता है.DSPE एक्ट के सेक्शन 4 A के मुताबिक सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और CJI की कमेटी करेगी. सेक्शन 4b(2) में सीबीआई डायरेक्टर के ट्रांसफर के लिए इस कमेटी की मंजूरी ज़रूरी है. सरकार का आदेश इसका उल्लंघन करता है.इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी सीबीआई को सरकार के प्रभाव से मुक्त करने की बात कर चुकाहै. सरकार के इस कदम से साफ है कि सीबीआई को DOPT से स्वतंत्र करने की ज़रूरत है.मुझे संस्थान (CBI) के अधिकारियों पर पूरा भरोसा है, और इस तरह का गैरकानूनी दखल अधिकारियों के मनोबल को गिराता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई डायरेक्टर की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए दो साल का वक्त तय
कुछ केसों में सभी अफसर सहमत थे, सिर्फ स्पेशल डायरेक्टर की राय अलग थी
DSPE एक्ट के सेक्शन 4 A का उल्लंघन किया गया | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अनिरुद्ध रॉयचौधरी निर्देशित आगामी फिल्म 'पिंक' में मेगास्टार अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अवसर को अभिनेत्री तापसी पन्नू ने जीवन भर याद रखने वाला अनुभव बताया.
तापसी ने कहा "मुझे याद है कि शूट से एक दिन पहले मैं अपने आपको इस बात के लिए समझा रही थी कि मुझे ऐसे दिग्गज अभिनेता के सामने सामान्य रहना है." अभिनेत्री ने कहा, "भाग्य से अगली सुबह मेरा अमिताभ के साथ दृश्य काफी सामान्य था. हालांकि मेरे लिए यह सामान्य सा दृश्य फिल्म का सबसे मुश्किल दृश्य बन गया."
तापसी ने कहा कि उनके लिए यह किरदार काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि उन्हें इसमें एक 'ट्रॉमाटाइज्ड सेक्सुअली वॉयलेटिड' लड़की का किरदार निभाना था. उन्होंने कहा कि शुरू से ही फिल्म के सह-निर्माता शूजित और निर्देशक अनिरुद्ध ने इस बात को साफ कर दिया था कि उनका किरदार आंसू नहीं बहाएगा, फिर चाहे उन्हें किसी भी हिंसा या परेशानी से गुजरना पड़े. अदालत में न्यायाधीश के फैसला सुनाने के बाद भी इस किरदार को नहीं रोना था.
तापसी ने अपनी भावनाओं पर काबू पाते हुए बेहतरीन रूप से इस किरदार को निभाने का प्रयास किया. उन्होंने कहा "कम से कम रूप में भावनाओं को दर्शाने का प्रभाव काफी अलग था. भारतीय सिनेमा में हमें भावनाओं को अपने बस में नहीं रखना होता. इसे जितना हो सके, दर्शाना होता है. 'पिंक' की शूटिंग के दौरान मुझे इस बात का अहसास हुआ कि इसमें ज्यादा से ज्यादा इन चीजों को नियंत्रित करना है."
तापसी का यह भी कहना है कि इस फिल्म में उन्होंने पहली बार किसी भी प्रकार के मेकअप का इस्तेमाल नहीं किया और उन्हें काफी अच्छा लगा. कैमरे में अच्छा दिखने के लिए लड़कियों द्वारा की जाने वाली साज-सज्जा को वह भार मानती हैं. वह अपने असल जीवन में मेकअप का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करतीं. उन्हें अपनी आंखों पर आई-लाइनर भी लगाना नहीं आता. उनका कहना है कि कई प्रकार से 'पिंक' में निभाया गया किरदार उनके असल जीवन के काफी करीब है. हालांकि उन्हें इस प्रकार की किसी भी चीज का सामना नहीं करना पड़ा.टिप्पणियां
'पिंक' में निभाए किरदार के लिए पुरस्कार मिलने की संभावना के बारे में तापसी ने कहा कि लोगों ने 'बेबी' फिल्म के बाद भी इसी प्रकार की आशा जताई थी. तापसी को उस वर्ष मार-धाड़ वाली फिल्मों की श्रेणी में भी नहीं नामित किया गया था. उनका कहना है कि ग्लैमर को दर्शाने वाली अभिनेत्रियों को कई श्रेणियों में नामांकन मिला था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. जो होना है, वह होकर रहेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तापसी ने कहा "मुझे याद है कि शूट से एक दिन पहले मैं अपने आपको इस बात के लिए समझा रही थी कि मुझे ऐसे दिग्गज अभिनेता के सामने सामान्य रहना है." अभिनेत्री ने कहा, "भाग्य से अगली सुबह मेरा अमिताभ के साथ दृश्य काफी सामान्य था. हालांकि मेरे लिए यह सामान्य सा दृश्य फिल्म का सबसे मुश्किल दृश्य बन गया."
तापसी ने कहा कि उनके लिए यह किरदार काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि उन्हें इसमें एक 'ट्रॉमाटाइज्ड सेक्सुअली वॉयलेटिड' लड़की का किरदार निभाना था. उन्होंने कहा कि शुरू से ही फिल्म के सह-निर्माता शूजित और निर्देशक अनिरुद्ध ने इस बात को साफ कर दिया था कि उनका किरदार आंसू नहीं बहाएगा, फिर चाहे उन्हें किसी भी हिंसा या परेशानी से गुजरना पड़े. अदालत में न्यायाधीश के फैसला सुनाने के बाद भी इस किरदार को नहीं रोना था.
तापसी ने अपनी भावनाओं पर काबू पाते हुए बेहतरीन रूप से इस किरदार को निभाने का प्रयास किया. उन्होंने कहा "कम से कम रूप में भावनाओं को दर्शाने का प्रभाव काफी अलग था. भारतीय सिनेमा में हमें भावनाओं को अपने बस में नहीं रखना होता. इसे जितना हो सके, दर्शाना होता है. 'पिंक' की शूटिंग के दौरान मुझे इस बात का अहसास हुआ कि इसमें ज्यादा से ज्यादा इन चीजों को नियंत्रित करना है."
तापसी का यह भी कहना है कि इस फिल्म में उन्होंने पहली बार किसी भी प्रकार के मेकअप का इस्तेमाल नहीं किया और उन्हें काफी अच्छा लगा. कैमरे में अच्छा दिखने के लिए लड़कियों द्वारा की जाने वाली साज-सज्जा को वह भार मानती हैं. वह अपने असल जीवन में मेकअप का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करतीं. उन्हें अपनी आंखों पर आई-लाइनर भी लगाना नहीं आता. उनका कहना है कि कई प्रकार से 'पिंक' में निभाया गया किरदार उनके असल जीवन के काफी करीब है. हालांकि उन्हें इस प्रकार की किसी भी चीज का सामना नहीं करना पड़ा.टिप्पणियां
'पिंक' में निभाए किरदार के लिए पुरस्कार मिलने की संभावना के बारे में तापसी ने कहा कि लोगों ने 'बेबी' फिल्म के बाद भी इसी प्रकार की आशा जताई थी. तापसी को उस वर्ष मार-धाड़ वाली फिल्मों की श्रेणी में भी नहीं नामित किया गया था. उनका कहना है कि ग्लैमर को दर्शाने वाली अभिनेत्रियों को कई श्रेणियों में नामांकन मिला था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. जो होना है, वह होकर रहेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तापसी ने कहा कि उनके लिए यह किरदार काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि उन्हें इसमें एक 'ट्रॉमाटाइज्ड सेक्सुअली वॉयलेटिड' लड़की का किरदार निभाना था. उन्होंने कहा कि शुरू से ही फिल्म के सह-निर्माता शूजित और निर्देशक अनिरुद्ध ने इस बात को साफ कर दिया था कि उनका किरदार आंसू नहीं बहाएगा, फिर चाहे उन्हें किसी भी हिंसा या परेशानी से गुजरना पड़े. अदालत में न्यायाधीश के फैसला सुनाने के बाद भी इस किरदार को नहीं रोना था.
तापसी ने अपनी भावनाओं पर काबू पाते हुए बेहतरीन रूप से इस किरदार को निभाने का प्रयास किया. उन्होंने कहा "कम से कम रूप में भावनाओं को दर्शाने का प्रभाव काफी अलग था. भारतीय सिनेमा में हमें भावनाओं को अपने बस में नहीं रखना होता. इसे जितना हो सके, दर्शाना होता है. 'पिंक' की शूटिंग के दौरान मुझे इस बात का अहसास हुआ कि इसमें ज्यादा से ज्यादा इन चीजों को नियंत्रित करना है."
तापसी का यह भी कहना है कि इस फिल्म में उन्होंने पहली बार किसी भी प्रकार के मेकअप का इस्तेमाल नहीं किया और उन्हें काफी अच्छा लगा. कैमरे में अच्छा दिखने के लिए लड़कियों द्वारा की जाने वाली साज-सज्जा को वह भार मानती हैं. वह अपने असल जीवन में मेकअप का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करतीं. उन्हें अपनी आंखों पर आई-लाइनर भी लगाना नहीं आता. उनका कहना है कि कई प्रकार से 'पिंक' में निभाया गया किरदार उनके असल जीवन के काफी करीब है. हालांकि उन्हें इस प्रकार की किसी भी चीज का सामना नहीं करना पड़ा.टिप्पणियां
'पिंक' में निभाए किरदार के लिए पुरस्कार मिलने की संभावना के बारे में तापसी ने कहा कि लोगों ने 'बेबी' फिल्म के बाद भी इसी प्रकार की आशा जताई थी. तापसी को उस वर्ष मार-धाड़ वाली फिल्मों की श्रेणी में भी नहीं नामित किया गया था. उनका कहना है कि ग्लैमर को दर्शाने वाली अभिनेत्रियों को कई श्रेणियों में नामांकन मिला था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. जो होना है, वह होकर रहेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तापसी ने अपनी भावनाओं पर काबू पाते हुए बेहतरीन रूप से इस किरदार को निभाने का प्रयास किया. उन्होंने कहा "कम से कम रूप में भावनाओं को दर्शाने का प्रभाव काफी अलग था. भारतीय सिनेमा में हमें भावनाओं को अपने बस में नहीं रखना होता. इसे जितना हो सके, दर्शाना होता है. 'पिंक' की शूटिंग के दौरान मुझे इस बात का अहसास हुआ कि इसमें ज्यादा से ज्यादा इन चीजों को नियंत्रित करना है."
तापसी का यह भी कहना है कि इस फिल्म में उन्होंने पहली बार किसी भी प्रकार के मेकअप का इस्तेमाल नहीं किया और उन्हें काफी अच्छा लगा. कैमरे में अच्छा दिखने के लिए लड़कियों द्वारा की जाने वाली साज-सज्जा को वह भार मानती हैं. वह अपने असल जीवन में मेकअप का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करतीं. उन्हें अपनी आंखों पर आई-लाइनर भी लगाना नहीं आता. उनका कहना है कि कई प्रकार से 'पिंक' में निभाया गया किरदार उनके असल जीवन के काफी करीब है. हालांकि उन्हें इस प्रकार की किसी भी चीज का सामना नहीं करना पड़ा.टिप्पणियां
'पिंक' में निभाए किरदार के लिए पुरस्कार मिलने की संभावना के बारे में तापसी ने कहा कि लोगों ने 'बेबी' फिल्म के बाद भी इसी प्रकार की आशा जताई थी. तापसी को उस वर्ष मार-धाड़ वाली फिल्मों की श्रेणी में भी नहीं नामित किया गया था. उनका कहना है कि ग्लैमर को दर्शाने वाली अभिनेत्रियों को कई श्रेणियों में नामांकन मिला था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. जो होना है, वह होकर रहेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तापसी का यह भी कहना है कि इस फिल्म में उन्होंने पहली बार किसी भी प्रकार के मेकअप का इस्तेमाल नहीं किया और उन्हें काफी अच्छा लगा. कैमरे में अच्छा दिखने के लिए लड़कियों द्वारा की जाने वाली साज-सज्जा को वह भार मानती हैं. वह अपने असल जीवन में मेकअप का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करतीं. उन्हें अपनी आंखों पर आई-लाइनर भी लगाना नहीं आता. उनका कहना है कि कई प्रकार से 'पिंक' में निभाया गया किरदार उनके असल जीवन के काफी करीब है. हालांकि उन्हें इस प्रकार की किसी भी चीज का सामना नहीं करना पड़ा.टिप्पणियां
'पिंक' में निभाए किरदार के लिए पुरस्कार मिलने की संभावना के बारे में तापसी ने कहा कि लोगों ने 'बेबी' फिल्म के बाद भी इसी प्रकार की आशा जताई थी. तापसी को उस वर्ष मार-धाड़ वाली फिल्मों की श्रेणी में भी नहीं नामित किया गया था. उनका कहना है कि ग्लैमर को दर्शाने वाली अभिनेत्रियों को कई श्रेणियों में नामांकन मिला था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. जो होना है, वह होकर रहेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
'पिंक' में निभाए किरदार के लिए पुरस्कार मिलने की संभावना के बारे में तापसी ने कहा कि लोगों ने 'बेबी' फिल्म के बाद भी इसी प्रकार की आशा जताई थी. तापसी को उस वर्ष मार-धाड़ वाली फिल्मों की श्रेणी में भी नहीं नामित किया गया था. उनका कहना है कि ग्लैमर को दर्शाने वाली अभिनेत्रियों को कई श्रेणियों में नामांकन मिला था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. जो होना है, वह होकर रहेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: फिल्म 'पिंक' में मेगास्टार अमिताभ बच्चन के साथ दिखेंगी तापसी पन्नू
एक सामान्य सा दृश्य फिल्म का सबसे मुश्किल दृश्य बना
तापसी ने भावनाओं पर काबू पाते हुए बेहतरीन किरदार निभाया | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने अपनी प्रमुख घरेलू मार्गों पर अपनी उड़ानों की अंतिम समय की टिकटों में किराया घटाकर राजधानी रेलगाड़ियों के एसी 2 टायर के किरायों के बराबर लाने का फैसला किया है। कंपनी की इस पहल का उद्देश्य ज्यादा यात्रियों को आकर्षित करना है।
एयर इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अश्वनी लोहानी ने कहा कि इसका उद्देश्य आखिरी बची सीटों को भरने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को आखिरी क्षणों में आसमान छूते किरायों की समस्या से बचाना है।
इस निर्णय के तहत एयर इंडिया के दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई, दिल्ली-कोलकाता और दिल्ली-बेंगलुरु मार्गों पर उड़ानों के प्रस्थान के चार घंटे पहले किराया कम किया जाएगा। दिल्ली-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में एसी 2 का किराया 2870 रुपये, जबकि दिल्ली-चेन्नई का किराया 3905 रुपये है।टिप्पणियां
इसी तरह दिल्ली से कोलकाता और दिल्ली-बेंगलुरु राजधानी का किराया क्रमश: 2890 रुपये व 4095 रुपये है। लोहानी ने कहा कि इस समय एयर इंडिया की घरेलू उड़ानों में 74 प्रतिशत सीटें भरी रहती हैं। प्रमुख मार्गों पर यह आंकड़ा लगभग 80 प्रतिशत तक रहता है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एयर इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अश्वनी लोहानी ने कहा कि इसका उद्देश्य आखिरी बची सीटों को भरने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को आखिरी क्षणों में आसमान छूते किरायों की समस्या से बचाना है।
इस निर्णय के तहत एयर इंडिया के दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई, दिल्ली-कोलकाता और दिल्ली-बेंगलुरु मार्गों पर उड़ानों के प्रस्थान के चार घंटे पहले किराया कम किया जाएगा। दिल्ली-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में एसी 2 का किराया 2870 रुपये, जबकि दिल्ली-चेन्नई का किराया 3905 रुपये है।टिप्पणियां
इसी तरह दिल्ली से कोलकाता और दिल्ली-बेंगलुरु राजधानी का किराया क्रमश: 2890 रुपये व 4095 रुपये है। लोहानी ने कहा कि इस समय एयर इंडिया की घरेलू उड़ानों में 74 प्रतिशत सीटें भरी रहती हैं। प्रमुख मार्गों पर यह आंकड़ा लगभग 80 प्रतिशत तक रहता है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस निर्णय के तहत एयर इंडिया के दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई, दिल्ली-कोलकाता और दिल्ली-बेंगलुरु मार्गों पर उड़ानों के प्रस्थान के चार घंटे पहले किराया कम किया जाएगा। दिल्ली-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में एसी 2 का किराया 2870 रुपये, जबकि दिल्ली-चेन्नई का किराया 3905 रुपये है।टिप्पणियां
इसी तरह दिल्ली से कोलकाता और दिल्ली-बेंगलुरु राजधानी का किराया क्रमश: 2890 रुपये व 4095 रुपये है। लोहानी ने कहा कि इस समय एयर इंडिया की घरेलू उड़ानों में 74 प्रतिशत सीटें भरी रहती हैं। प्रमुख मार्गों पर यह आंकड़ा लगभग 80 प्रतिशत तक रहता है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसी तरह दिल्ली से कोलकाता और दिल्ली-बेंगलुरु राजधानी का किराया क्रमश: 2890 रुपये व 4095 रुपये है। लोहानी ने कहा कि इस समय एयर इंडिया की घरेलू उड़ानों में 74 प्रतिशत सीटें भरी रहती हैं। प्रमुख मार्गों पर यह आंकड़ा लगभग 80 प्रतिशत तक रहता है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: चार प्रमुख घरेलू मार्गों पर कम होंगे किराये
उड़ानों के प्रस्थान के चार घंटे पहले किराया कम किया जाएगा
आखिरी क्षणों में आसमान छूते किरायों की समस्या से बच सकेंगे यात्री | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आतंकी संगठन अल कायदा के प्रमुख आयमान अल जवाहिरी ने एक वीडियो जारी करके कश्मीर को लेकर भारत को धमकी दी है. उसने कहा है कि भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर की सरकार पर बिना रुके हमले करते रहना चाहिए. यह बात फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज लॉन्ग वार जर्नल ने कही है. वहीं, India vs New Zealand Semi final: वर्ल्डकप 2019 (World Cup 2019) के बारिश से प्रभावित पहले सेमीफाइनल में टीम इंडिया के खिलाफ न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह से संघर्ष करती रही. निर्धारित 50 ओवर में कीवी टीम 8 विकेट खोकर 239 रन ही बना सकी. जवाब में भारत बल्लेबाजी करने उतर गया है और उसे शुरूआती दो झटके भी लग गए हैं. उधर, कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन सरकार से अब तक 16 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं.
वहीं सरकार बचाने की जुगत में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सभी मंत्रियों के इस्तीफे करवा दिए हैं. मंगलवार को स्पीकर ने इनमें से 8 इस्तीफे नामंजूर कर दिए हैं. वहीं, पत्रकार को धमकाने पर हालही में पार्टी से सस्पेंड हुए भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बंदूकें लहराते हुए 'राणा जी माफ करना' गाने पर डांस कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक के साथ उनके कुछ अन्य लोग भी डांस कर रहे हैं. उधर, पूरे देश में डॉक्टर्स पानी की कमी से जूझ रहे हैं. ऐसे में टी एन रविशंकर चेन्नई में जल्द बारिश होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. ब्लूमबर्ग के मुताबिक सुदर हॉस्पिटल के चेयरमैन रविशंकर ने कहा, 'अगर पानी की समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो मरीजों का इलाज करना भगवान की दया पर ही निर्भर करेगा.'
आतंकी संगठन अल कायदा के प्रमुख आयमान अल जवाहिरी ने एक वीडियो जारी करके कश्मीर को लेकर भारत को धमकी दी है. उसने कहा है कि भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर की सरकार पर बिना रुके हमले करते रहना चाहिए. यह बात फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज लॉन्ग वार जर्नल ने कही है. जवाहिरी ने अस शबाब द्वारा जारी "डोंट फॉरगॉट कश्मीर" नाम वाले संदेश में कश्मीर में सीमा पार से आतंकवाद के मामलों में पाकिस्तान की संलिप्तता का भी जिक्र किया है. जर्नल के लिए लिखे लेख में थॉमस जॉस्ली ने कहा है कि अलकायदा कश्मीर में भारतीय सेनाओं के खिलाफ जिहाद छेड़ने के लिए समूह तैयार कर रहा है. सफेद कपड़े पहने जवाहिरी ने कहा है, 'कश्मीर में मुजाहिद्दीन इस स्तर पर कम से कम भारतीय सेना और सरकार पर लगातार हमले करने को लेकर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो जाए और भारत की मैनपावर और उपकरणों को लगातार नुकसान होता रहे.'
India vs New Zealand Semi final: वर्ल्डकप 2019 (World Cup 2019) के बारिश से प्रभावित पहले सेमीफाइनल में टीम इंडिया के खिलाफ न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह से संघर्ष करती रही. निर्धारित 50 ओवर में कीवी टीम 8 विकेट खोकर 239 रन ही बना सकी. न्यूजीलैंड के लिए कप्तान केन विलियमसन और रॉस टेलर ने अर्धशतक जमाए लेकिन अन्य बल्लेबाज कोई खास योगदान नहीं दे सके.मैच के टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड की टीम ने मंगलवार को जब 46.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 211 रन बनाए थे तभी बारिश शुरू हो गई और खेल रोकना पड़ा. इस कारण बाकी का खेल आज रिजर्व दिन खेला गया. न्यूजीलैंड ने अपनी पारी 5 विकेट पर 211 रन से शुरू की और जल्द ही रॉस टेलर, टॉम लैथम और मैट हैनरी के विकेट गंवा दिए. इसमें से टेलर रन आउट हुए जबकि लैथम और हैनरी के विकेट भुवनेश्वर के खाते में गए. 50 ओवर में कीवी पारी 239 रन तक ही पहुंच पाई. टीम इंडिया के सामने जीत के लिए 240 रन का टारगेट है. जवाब में टीम इंडिया की बैटिंग शुरू हो गई है. केएल राहुल और रोहित शर्मा क्रीज पर हैं.
कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन सरकार से अब तक 16 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. वहीं सरकार बचाने की जुगत में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सभी मंत्रियों के इस्तीफे करवा दिए हैं. मंगलवार को स्पीकर ने इनमें से 8 इस्तीफे नामंजूर कर दिए हैं. वहीं मुंबई के एक होटल में ठहरे हैं करीब एक दर्जन विधायकों ने पुलिस को बताया है कि कुमारास्वामी से उन्हें खतरा है जिसके चलते होटल के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है. बुधवार यानि आज कर्नाटक सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार और जेडीएस विधायक शिवलिंगे गौड़ा बागी विधायकों से मुलाकात करने के लिए मुंबई पहुंच गए हैं. यहां उन्हें रोकने के लिए होटल के बाहर पुलिस बल और दंगा नियंत्रण पुलिस लगाई गई है.
पत्रकार को धमकाने पर हालही में पार्टी से सस्पेंड हुए भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बंदूकें लहराते हुए 'राणा जी माफ करना' गाने पर डांस कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक के साथ उनके कुछ अन्य लोग भी डांस कर रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कहा, 'मामले को हम देखेंगे. इसके साथ ही हम लोग यह जांच भी करेंगे कि हथियार लाइसेंसी हैं या नहीं.' वहीं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया इंचार्ज अनिल बलूनी का कहना है, 'मैंने वीडियो देखा है. मैं इसकी निंदा करता हूं. प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ पहले ही ऐसी शिकायतें आ चुकी हैं, जिसके लिए उन्हें तीन महीने के लिए सस्पेंड किया गया था. इसके बारे में उत्तराखंड यूनिट से बात करेंगे. कड़ी कार्रवाई की जाएगी.' वीडियो में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है, इसलिए हम उसे शेयर नहीं कर रहे हैं.
पूरे देश में डॉक्टर्स पानी की कमी से जूझ रहे हैं. ऐसे में टी एन रविशंकर चेन्नई में जल्द बारिश होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. ब्लूमबर्ग के मुताबिक सुदर हॉस्पिटल के चेयरमैन रविशंकर ने कहा, 'अगर पानी की समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो मरीजों का इलाज करना भगवान की दया पर ही निर्भर करेगा.' रविशंकर 150 बेडों के चार क्लीनिक की चेन वाले सुदर हॉस्पिटल के चेयरमैन हैं. रविशंकर के हॉस्पिटल्स भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई है कि जो महंगे पानी के ट्रक वह मंगाते हैं, वह तमिलनाडु में आना बंद हो सकते हैं. रविशंकर ने बताया, 'अगर यही हालात बने रहेंगे तो हम मरीजों की सेवा नहीं कर सकेंगे.' साउथ एशिया ड्रॉट मॉनीटर के मुताबिक बीते साल बारिश कम होने और इस साल देर से होने की वजह से देश का आधा हिस्सा सूखे से जूझ रहा है. कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र की तरह तमिलनाडु भी सूखे से पीड़ित है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अलकायदा प्रमुख ने कश्मीर को लेकर दी धमकी
विश्वकप के सेमीफाइनल में भारत को लगे शुरुआती झटके
चेन्नई में ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर खरीद रहे हैं पानी | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर की दर से कमी करने का मन बनाया है, वहीं डीजल के दामों में सब्सिडी को कम करते हुए बाजार के मूल्य में 40-50 पैसे प्रति लिटर की बढ़ोतरी की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम बाजार में तेल के दामों में तेज गिरावट के बाद पेट्रोल के दाम घटाने की तैयारी हो गई है। सरकार ने जनवरी में डीजल मूल्य नीति के बारे में जो निर्णय लिया था, उसके तहत इसके दामों में प्रतिमाह थोड़ी-थोड़ी (लगभग पचास पैसे) की वृद्धि की जाती रहेगी, जब डीजल की बिक्री पर सरकारी कंपनियों को होने वाली प्रति लिटर करीब 11 रुपये की राजस्व हानि बराबर नहीं हो जाती। सूत्रों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में संशोधन की घोषणा जल्द हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम बाजार में तेल के दामों में तेज गिरावट के बाद पेट्रोल के दाम घटाने की तैयारी हो गई है। सरकार ने जनवरी में डीजल मूल्य नीति के बारे में जो निर्णय लिया था, उसके तहत इसके दामों में प्रतिमाह थोड़ी-थोड़ी (लगभग पचास पैसे) की वृद्धि की जाती रहेगी, जब डीजल की बिक्री पर सरकारी कंपनियों को होने वाली प्रति लिटर करीब 11 रुपये की राजस्व हानि बराबर नहीं हो जाती। सूत्रों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में संशोधन की घोषणा जल्द हो सकती है। | सारांश: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर की दर से कमी करने का मन बनाया है, वहीं डीजल के दामों में सब्सिडी को कम करते हुए बाजार के मूल्य में 40-50 पैसे प्रति लिटर की बढ़ोतरी की जा | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के चार बैंक 'अपनी शाखाओं में जांच' कर रहे हैं जिससे यह पता लगाया जा सके कि जनधन खातों में पैसा खाताधारकों ने ही जमा कराया है या फिर शून्य शेष खातों की संख्या को कम करने के लिए इसे बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट द्वारा जमा कराया गया है.
मीडिया में आई जनधन की जमा की खबरों के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने यह प्रतिक्रिया दी. खबरों के अनुसार पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा तथा बैंक आफ इंडिया के बैंकरों ने खुद ही जनधन खातों में एक रुपये जमा कराए हैं जिससे शून्य शेष खातों की संख्या को कम दिखाया जा सके.
वित्तमंत्री ने कहा कि कुछ खातों के मामले में यह मुद्दा उठा है और इन चार बैंकों का नाम सामने आया है. "हमने उनसे पूछा है. बैंक अपनी खातों से इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या खाताधारकों ने खातों में पैसा खुद डाला है या फिर बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट ने उनके खाते में पैसा जमा कराया है. इसके बाद बैंक वित्तीय सेवा विभाग को अपनी रिपोर्ट देंगे."
जेटली ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक में तिमाही प्रदर्शन की समीक्षा की. जेटली ने कहा कि 24 करोड़ जनधन खाते हैं जिनमें जमा राशि 42,000 करोड़ रुपये है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "ये 24 करोड़ खाते मुख्य रूप से कमजोर तबके के हैं. अब इन लोगों ने खातों में 42,000 करोड़ रुपये जमा कराए हैं. यह 42,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा सिर्फ एक रुपया डालकर हासिल नहीं किया जा सकता. सरकार की फ्लैगशिप वित्तीय समावेशी योजना प्रधानमंत्री जनधन योजना का मकसद प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय सेवाएं, जमा खाता, रेमिटेंस, ऋण और दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मीडिया में आई जनधन की जमा की खबरों के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने यह प्रतिक्रिया दी. खबरों के अनुसार पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा तथा बैंक आफ इंडिया के बैंकरों ने खुद ही जनधन खातों में एक रुपये जमा कराए हैं जिससे शून्य शेष खातों की संख्या को कम दिखाया जा सके.
वित्तमंत्री ने कहा कि कुछ खातों के मामले में यह मुद्दा उठा है और इन चार बैंकों का नाम सामने आया है. "हमने उनसे पूछा है. बैंक अपनी खातों से इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या खाताधारकों ने खातों में पैसा खुद डाला है या फिर बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट ने उनके खाते में पैसा जमा कराया है. इसके बाद बैंक वित्तीय सेवा विभाग को अपनी रिपोर्ट देंगे."
जेटली ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक में तिमाही प्रदर्शन की समीक्षा की. जेटली ने कहा कि 24 करोड़ जनधन खाते हैं जिनमें जमा राशि 42,000 करोड़ रुपये है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "ये 24 करोड़ खाते मुख्य रूप से कमजोर तबके के हैं. अब इन लोगों ने खातों में 42,000 करोड़ रुपये जमा कराए हैं. यह 42,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा सिर्फ एक रुपया डालकर हासिल नहीं किया जा सकता. सरकार की फ्लैगशिप वित्तीय समावेशी योजना प्रधानमंत्री जनधन योजना का मकसद प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय सेवाएं, जमा खाता, रेमिटेंस, ऋण और दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वित्तमंत्री ने कहा कि कुछ खातों के मामले में यह मुद्दा उठा है और इन चार बैंकों का नाम सामने आया है. "हमने उनसे पूछा है. बैंक अपनी खातों से इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या खाताधारकों ने खातों में पैसा खुद डाला है या फिर बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट ने उनके खाते में पैसा जमा कराया है. इसके बाद बैंक वित्तीय सेवा विभाग को अपनी रिपोर्ट देंगे."
जेटली ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक में तिमाही प्रदर्शन की समीक्षा की. जेटली ने कहा कि 24 करोड़ जनधन खाते हैं जिनमें जमा राशि 42,000 करोड़ रुपये है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "ये 24 करोड़ खाते मुख्य रूप से कमजोर तबके के हैं. अब इन लोगों ने खातों में 42,000 करोड़ रुपये जमा कराए हैं. यह 42,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा सिर्फ एक रुपया डालकर हासिल नहीं किया जा सकता. सरकार की फ्लैगशिप वित्तीय समावेशी योजना प्रधानमंत्री जनधन योजना का मकसद प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय सेवाएं, जमा खाता, रेमिटेंस, ऋण और दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जेटली ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक में तिमाही प्रदर्शन की समीक्षा की. जेटली ने कहा कि 24 करोड़ जनधन खाते हैं जिनमें जमा राशि 42,000 करोड़ रुपये है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "ये 24 करोड़ खाते मुख्य रूप से कमजोर तबके के हैं. अब इन लोगों ने खातों में 42,000 करोड़ रुपये जमा कराए हैं. यह 42,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा सिर्फ एक रुपया डालकर हासिल नहीं किया जा सकता. सरकार की फ्लैगशिप वित्तीय समावेशी योजना प्रधानमंत्री जनधन योजना का मकसद प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय सेवाएं, जमा खाता, रेमिटेंस, ऋण और दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "ये 24 करोड़ खाते मुख्य रूप से कमजोर तबके के हैं. अब इन लोगों ने खातों में 42,000 करोड़ रुपये जमा कराए हैं. यह 42,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा सिर्फ एक रुपया डालकर हासिल नहीं किया जा सकता. सरकार की फ्लैगशिप वित्तीय समावेशी योजना प्रधानमंत्री जनधन योजना का मकसद प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय सेवाएं, जमा खाता, रेमिटेंस, ऋण और दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक जांच की जद में
बैंक आफ बड़ौदा तथा बैंक आफ इंडिया में भी चल रही जांच
बैंक, वित्तीय सेवा विभाग को अपनी रिपोर्ट देंगे | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के महान तैराक व 'गोल्डन ब्वॉय' के नाम से विख्यात मरे रोज का रविवार को निधन हो गया। 73 वर्षीय रोज कैंसर से पीड़ित थे।टिप्पणियां
वर्ष 1956 में मेलबर्न ओलिंपिक में रोज ने तीन स्वर्ण पदक जीते थे जिनमें 400मीटर फ्रीस्टाइल, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 4गुणा 200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले स्पर्धा शामिल थी। उस समय रोज 17 वर्ष के थे।
इसके बाद रोम ओलिंपिक (1960) में 400मीटर फ्रीस्टाइल का खिताब उन्होंने बरकरार रखा था जबकि 1500 मीटर स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक जीता था। रोज स्कॉटलैंड में पैदा हुए थे लेकिन दूसरे विश्वयुद्ध छिड़ने पर वह ऑस्ट्रेलिया आ गए थे।
वर्ष 1956 में मेलबर्न ओलिंपिक में रोज ने तीन स्वर्ण पदक जीते थे जिनमें 400मीटर फ्रीस्टाइल, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 4गुणा 200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले स्पर्धा शामिल थी। उस समय रोज 17 वर्ष के थे।
इसके बाद रोम ओलिंपिक (1960) में 400मीटर फ्रीस्टाइल का खिताब उन्होंने बरकरार रखा था जबकि 1500 मीटर स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक जीता था। रोज स्कॉटलैंड में पैदा हुए थे लेकिन दूसरे विश्वयुद्ध छिड़ने पर वह ऑस्ट्रेलिया आ गए थे।
इसके बाद रोम ओलिंपिक (1960) में 400मीटर फ्रीस्टाइल का खिताब उन्होंने बरकरार रखा था जबकि 1500 मीटर स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक जीता था। रोज स्कॉटलैंड में पैदा हुए थे लेकिन दूसरे विश्वयुद्ध छिड़ने पर वह ऑस्ट्रेलिया आ गए थे। | संक्षिप्त सारांश: ऑस्ट्रेलिया के महान तैराक व 'गोल्डन ब्वॉय' के नाम से विख्यात मरे रोज का रविवार को निधन हो गया। 73 वर्षीय रोज कैंसर से पीड़ित थे। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकारी विजाग इस्पात संयंत्र में बुधवार को जबर्दस्त विस्फोट होने और आग लगने की घटना में आठ लोगों की मौत हो गई।
सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि विस्फोट राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड में स्टील मेल्टिंग शॉप के निकट आक्सीजन नियंत्रण इकाई में हुआ।
सूत्रों ने बताया कि संयंत्र में तकनीकी समस्या की वजह से दुर्घटना होने का संदेह है। इकाई में असामान्य दबाव बनने से विस्फोट हुआ होगा।टिप्पणियां
इस दुर्घटना में करीब 15 लोग घायल हुए हैं और लगभग सबकी हालत गंभीर है। संयंत्र में सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हुई है।
विजाग के पुलिस आयुक्त पूर्णचंद्र राव ने कहा कि विस्फोट स्थल से छह शव बरामद किए गए हैं। घायल को इस्पात संयंत्र के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि विस्फोट राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड में स्टील मेल्टिंग शॉप के निकट आक्सीजन नियंत्रण इकाई में हुआ।
सूत्रों ने बताया कि संयंत्र में तकनीकी समस्या की वजह से दुर्घटना होने का संदेह है। इकाई में असामान्य दबाव बनने से विस्फोट हुआ होगा।टिप्पणियां
इस दुर्घटना में करीब 15 लोग घायल हुए हैं और लगभग सबकी हालत गंभीर है। संयंत्र में सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हुई है।
विजाग के पुलिस आयुक्त पूर्णचंद्र राव ने कहा कि विस्फोट स्थल से छह शव बरामद किए गए हैं। घायल को इस्पात संयंत्र के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों ने बताया कि संयंत्र में तकनीकी समस्या की वजह से दुर्घटना होने का संदेह है। इकाई में असामान्य दबाव बनने से विस्फोट हुआ होगा।टिप्पणियां
इस दुर्घटना में करीब 15 लोग घायल हुए हैं और लगभग सबकी हालत गंभीर है। संयंत्र में सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हुई है।
विजाग के पुलिस आयुक्त पूर्णचंद्र राव ने कहा कि विस्फोट स्थल से छह शव बरामद किए गए हैं। घायल को इस्पात संयंत्र के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस दुर्घटना में करीब 15 लोग घायल हुए हैं और लगभग सबकी हालत गंभीर है। संयंत्र में सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हुई है।
विजाग के पुलिस आयुक्त पूर्णचंद्र राव ने कहा कि विस्फोट स्थल से छह शव बरामद किए गए हैं। घायल को इस्पात संयंत्र के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विजाग के पुलिस आयुक्त पूर्णचंद्र राव ने कहा कि विस्फोट स्थल से छह शव बरामद किए गए हैं। घायल को इस्पात संयंत्र के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। | यहाँ एक सारांश है:सरकारी विजाग इस्पात संयंत्र में बुधवार को जबर्दस्त विस्फोट होने और आग लगने की घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय पहलवानों ने विश्व चैम्पियनशिप के दूसरे दिन निराश किया जब बजरंग (60 किग्रा), पवन कुमार (84 किग्रा) और हितेंदर (120 किग्रा) अपने-अपने वर्ग में शिकस्त के साथ जल्दी टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
योगेश्वर दत्त के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल बजरंग को पहले दौर में बाई मिला लेकिन दूसरे दौर में उन्हें बुल्गारिया के व्लादिमिरोव डुबोव के हाथों 0-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
पहले दौर में बाई हासिल करने वाले हितेंदर को भी दूसरे दौर के एकतरफा मुकाबले में जार्जिया के जिनो प्रत्रियाशविली के हाथों 0-8 से हार झेलनी पड़ी।
पवन ने पैप लाजजो स्पोर्ट्स एरेना हमें चीन के अपने प्रतिद्वंद्वी फेंग झांग को कड़ी टक्कर दी लेकिन इसके बाद उन्हें भी अपने पहले मुकाबले में ही 8-9 से हार का सामना करना पड़ा।टिप्पणियां
मौजूदा प्रतियोगिता में भारत को उसका एकमात्र पदक कल अमित कुमार ने रजत पदक के रूप में दिलाया था। वह कल 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में हार गए थे।
मौजूदा चैम्पियनशिप के दौरान मौजूदा लंदन ओलिंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर घुटने की चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
योगेश्वर दत्त के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल बजरंग को पहले दौर में बाई मिला लेकिन दूसरे दौर में उन्हें बुल्गारिया के व्लादिमिरोव डुबोव के हाथों 0-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
पहले दौर में बाई हासिल करने वाले हितेंदर को भी दूसरे दौर के एकतरफा मुकाबले में जार्जिया के जिनो प्रत्रियाशविली के हाथों 0-8 से हार झेलनी पड़ी।
पवन ने पैप लाजजो स्पोर्ट्स एरेना हमें चीन के अपने प्रतिद्वंद्वी फेंग झांग को कड़ी टक्कर दी लेकिन इसके बाद उन्हें भी अपने पहले मुकाबले में ही 8-9 से हार का सामना करना पड़ा।टिप्पणियां
मौजूदा प्रतियोगिता में भारत को उसका एकमात्र पदक कल अमित कुमार ने रजत पदक के रूप में दिलाया था। वह कल 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में हार गए थे।
मौजूदा चैम्पियनशिप के दौरान मौजूदा लंदन ओलिंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर घुटने की चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
पहले दौर में बाई हासिल करने वाले हितेंदर को भी दूसरे दौर के एकतरफा मुकाबले में जार्जिया के जिनो प्रत्रियाशविली के हाथों 0-8 से हार झेलनी पड़ी।
पवन ने पैप लाजजो स्पोर्ट्स एरेना हमें चीन के अपने प्रतिद्वंद्वी फेंग झांग को कड़ी टक्कर दी लेकिन इसके बाद उन्हें भी अपने पहले मुकाबले में ही 8-9 से हार का सामना करना पड़ा।टिप्पणियां
मौजूदा प्रतियोगिता में भारत को उसका एकमात्र पदक कल अमित कुमार ने रजत पदक के रूप में दिलाया था। वह कल 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में हार गए थे।
मौजूदा चैम्पियनशिप के दौरान मौजूदा लंदन ओलिंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर घुटने की चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
पवन ने पैप लाजजो स्पोर्ट्स एरेना हमें चीन के अपने प्रतिद्वंद्वी फेंग झांग को कड़ी टक्कर दी लेकिन इसके बाद उन्हें भी अपने पहले मुकाबले में ही 8-9 से हार का सामना करना पड़ा।टिप्पणियां
मौजूदा प्रतियोगिता में भारत को उसका एकमात्र पदक कल अमित कुमार ने रजत पदक के रूप में दिलाया था। वह कल 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में हार गए थे।
मौजूदा चैम्पियनशिप के दौरान मौजूदा लंदन ओलिंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर घुटने की चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
मौजूदा प्रतियोगिता में भारत को उसका एकमात्र पदक कल अमित कुमार ने रजत पदक के रूप में दिलाया था। वह कल 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में हार गए थे।
मौजूदा चैम्पियनशिप के दौरान मौजूदा लंदन ओलिंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर घुटने की चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
मौजूदा चैम्पियनशिप के दौरान मौजूदा लंदन ओलिंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर घुटने की चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। | संक्षिप्त सारांश: भारतीय पहलवानों ने विश्व चैम्पियनशिप के दूसरे दिन निराश किया जब बजरंग (60 किग्रा), पवन कुमार (84 किग्रा) और हितेंदर (120 किग्रा) अपने-अपने वर्ग में शिकस्त के साथ जल्दी टूर्नामेंट से बाहर हो गए। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि तेल की कीमतों का निर्धारण तेल कंपनियां करती हैं और उसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है. पेट्रोलियम मंत्री ने बुधवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में एक पैसे की कमी को लेकर विपक्ष के ताने पर सफाई देते हुए यह स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ साल से पेट्रोल की कीमत बाजार द्वारा तय होती है और दैनिक कीमतों का निर्धारण पिछले साल से हो रहा है. सरकार कीमतों का निर्धारण नहीं करती है."
गौरतलब है कि पिछले 16 दिनों में तेल की कीमतों में करीब चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद एक पैसा प्रति लीटर की कमी आई है. कांग्रेस ने सरकार की आलोचना करते हुए इसे लोगों के साथ मजाक बताया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिए कहा, "प्रिय प्रधानमंत्री, आपने आज पेट्रोल और डीजल का दाम एक पैसा घटाया. एक पैसा?? अगर आपका विचार मजाक करने का है तो यह बचकानी बात है और इसका स्वाद नीरस है. पीएस : एक पैसे की कटौती मेरे द्वारा आपको पिछले सप्ताह दी गई चुनौती का अनुपयुक्त जवाब है."
हालांकि प्रधान ने कहा कि तेल अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी है और इसकी कीमतें विभिन्न घटकों से तय होती हैं, जिनमें तेल के उत्पादन का परिमाण, अंतर्राष्ट्रीय बाजार और राजनीति, तेल कंपनियां और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए कर शामिल हैं. उन्होंने कहा, "मैंने कहा है कि यह अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी है. ईरान और अमेरिका के बीच ईरान पर लगाये गए प्रतिबंध को लेकर झगड़ा और वेनेजुएला के संकट के कारण कीमतों में इजाफा हुआ. जब हम ऊर्जा सुरक्षा की बात करते हैं तो हमें अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखना होता है."टिप्पणियांपेट्रोल के दाम में 1 पैसे की कटौती को प्रकाश राज ने बताया नौटंकी
केरल की ओर से शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक रुपया प्रति लीटर की कटौती करने के लिए इनपर लगाए जाने वाले कर का त्याग करने के मसले पर प्रधान ने कहा कि केरल सबसे ज्यादा कर संग्रहकर्ता राज्यों में शुमार है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को तेल की कीमतों में कटौती करनी चाहिए मगर हर राज्य की अपनी सीमाएं व प्राथमिकताएं हैं.
पेट्रोल के दाम में 1 पैसे की कटौती को प्रकाश राज ने बताया नौटंकी
केरल की ओर से शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक रुपया प्रति लीटर की कटौती करने के लिए इनपर लगाए जाने वाले कर का त्याग करने के मसले पर प्रधान ने कहा कि केरल सबसे ज्यादा कर संग्रहकर्ता राज्यों में शुमार है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को तेल की कीमतों में कटौती करनी चाहिए मगर हर राज्य की अपनी सीमाएं व प्राथमिकताएं हैं.
केरल की ओर से शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक रुपया प्रति लीटर की कटौती करने के लिए इनपर लगाए जाने वाले कर का त्याग करने के मसले पर प्रधान ने कहा कि केरल सबसे ज्यादा कर संग्रहकर्ता राज्यों में शुमार है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को तेल की कीमतों में कटौती करनी चाहिए मगर हर राज्य की अपनी सीमाएं व प्राथमिकताएं हैं. | सारांश: तेल की कीमतों का निर्धारण तेल कंपनियां करती हैं
तेल की कीमतों के निर्धारण में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती
पिछले कुछ साल से पेट्रोल की कीमत बाजार द्वारा तय होती है | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया में बहुत लोग होते हैं, जो कुछ न कुछ अनूठा और रोमांचक करने की फिराक में हमेशा रहते हैं... ऑस्ट्रिया में ऐसे ही एक स्काईडाइवर हैं फेलिक्स बॉमगार्टनर, जिन्होंने अंतरिक्ष में धरती से 39 किलोमीटर से भी ज़्यादा ऊंचाई पर जाकर धरती की ओर छलांग लगाई... कल्पना करना भी आसान नहीं है कि इतनी ऊंचाई, इतनी ठंडक, और नीचे गिरते हुए ध्वनि से भी ज़्यादा तेज़ गति से फेलिक्स ने कैसे सामंजस्य बिठाया होगा...
बहरहाल, 43-वर्षीय ऑस्ट्रियाई नागरिक फेलिक्स बॉमगार्टनर ने मैक्सिको में इस कारनामे को सफलतापूर्वक अंजाम देकर ध्वनि की गति से तेज गिरने का रिकॉर्ड तो तोड़ डाला, हालांकि वह सबसे लम्बे के फ्रीफॉल (बिना पैराशूट की मदद के गिरते रहने) का इच्छित रिकॉर्ड नहीं बना पाए...
फेलिक्स बॉमगार्टनर के अभियान से जुड़ी प्रवक्ता सारा एंडरसन ने जानकारी दी है कि फेलिक्स कुल 1,28,097 फुट (39.044 किलोमीटर) की ऊंचाई से कूदे, और पैराशूट खोलने से पहले चार मिनट, 19 सेकंड तक सीधे गिरते रहे... इस छलांग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि गिरना शुरू करने के 30 सेकंड के भीतर ही उनकी गति 1,137 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई थी... प्रवक्ता एंडरसन के मुताबिक छलांग लगाने और न्यू मैक्सिको मरुस्थल में उतरने के बीच फेलिक्स बॉमगार्टनर की छलांग कुल मिलाकर नौ मिनट और तीन सेकंड तक जारी रही, जिसमें पैराशूट खोलने के बाद के चार मिनट और 44 सेकंड भी शामिल हैं... दरअसल, फेलिक्स बॉमगार्टनर पैराशूट खोलने से पहले पांच मिनट से ज़्यादा समय तक का फ्रीफॉल करना चाहते थे, और शुरुआती योजना के मुताबिक उन्होंने 1,20,000 फुट से भी कम ऊंचाई से छलांग लगाने की उम्मीद की थी...
20 अप्रैल, 1969 को ऑस्ट्रिया के साल्ज़बर्ग में जन्मे फेलिक्स बॉमगार्टनर असल में 50 साल पहले अमेरिकी एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्नल जोसेफ किटिंगर द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे... किटिंगर ने वर्ष 1960 में 31,333 मीटर (1,02,798.56 फुट) की ऊंचाई से फ्रीफॉल किया था... उल्लेखनीय है कि वही जोसेफ किटिंगर इस बार फेलिक्स बॉमगार्टनर की बैकअप टीम में शामिल थे... ऊंची इमारतों से छलांग लगाने के लिए मशहूर ऑस्ट्रियाई जांबाज़ फेलिक्स बॉमगार्टनर काफी लम्बे अरसे से इस छलांग की तैयारियां कर रहे थे... शुरुआती योजना के अनुसार उन्हें पिछले मंगलवार (9 अक्टूबर) को एक गुब्बारे की मदद से आसमान में करीब साढ़े 36 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाकर छलांग लगानी थी, लेकिन न्यू मैक्सिको के रॉसवेल में हवा के उल्टे रुख की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाए थे... इसके बाद रविवार (14 अक्टूबर) को फेलिक्स ने दोबारा कोशिश की, और कामयाबी हासिल की...टिप्पणियां
जहां से फेलिक्स ने छलांग लगाई, वहां पहुंचने में भी उन्हें करीब दो घंटे लगे थे... जिस ऊंचाई से बॉमगार्टनर ने छलांग लगाई है, वहां हवा नहीं होती है, और हमेशा वैक्यूम की स्थिति बनी रहती है, जिसमें सांस ले पाना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है... फेलिक्स बॉमगार्टनर ने इस छलांग के लिए खास किस्म का प्रेशर सूट पहना था, जो बिल्कुल वैसा था, जैसा अंतरिक्ष यात्रियों को पहनाया जाता है... गौरतलब है कि इससे पहले इतनी ऊंचाई से जिन लोगों ने भी छलांग लगाने की कोशिश की थी, उनमें सिर्फ जोसेफ किटिंगर ही कामयाब रहे थे, जिन्होंने वर्ष 1960 के अगस्त महीने में गुब्बारे की मदद से 31.3 किलोमीटर की ऊंचाई से छलांग लगाई थी... शेष सभी कोशिश करने वालों की अभियान के दौरान ही मौत हो गई थी...
स्काईडाइवर और बेस जम्पर फेलिक्स बॉमगार्टनर इससे पहले भी कई हैरतअंगेज़ कारनामों को अंजाम दे चुके हैं, जिनमें 31 जुलाई, 2003 को मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर के पेट्रोनस टॉवर से पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना शामिल है...
बहरहाल, 43-वर्षीय ऑस्ट्रियाई नागरिक फेलिक्स बॉमगार्टनर ने मैक्सिको में इस कारनामे को सफलतापूर्वक अंजाम देकर ध्वनि की गति से तेज गिरने का रिकॉर्ड तो तोड़ डाला, हालांकि वह सबसे लम्बे के फ्रीफॉल (बिना पैराशूट की मदद के गिरते रहने) का इच्छित रिकॉर्ड नहीं बना पाए...
फेलिक्स बॉमगार्टनर के अभियान से जुड़ी प्रवक्ता सारा एंडरसन ने जानकारी दी है कि फेलिक्स कुल 1,28,097 फुट (39.044 किलोमीटर) की ऊंचाई से कूदे, और पैराशूट खोलने से पहले चार मिनट, 19 सेकंड तक सीधे गिरते रहे... इस छलांग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि गिरना शुरू करने के 30 सेकंड के भीतर ही उनकी गति 1,137 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई थी... प्रवक्ता एंडरसन के मुताबिक छलांग लगाने और न्यू मैक्सिको मरुस्थल में उतरने के बीच फेलिक्स बॉमगार्टनर की छलांग कुल मिलाकर नौ मिनट और तीन सेकंड तक जारी रही, जिसमें पैराशूट खोलने के बाद के चार मिनट और 44 सेकंड भी शामिल हैं... दरअसल, फेलिक्स बॉमगार्टनर पैराशूट खोलने से पहले पांच मिनट से ज़्यादा समय तक का फ्रीफॉल करना चाहते थे, और शुरुआती योजना के मुताबिक उन्होंने 1,20,000 फुट से भी कम ऊंचाई से छलांग लगाने की उम्मीद की थी...
20 अप्रैल, 1969 को ऑस्ट्रिया के साल्ज़बर्ग में जन्मे फेलिक्स बॉमगार्टनर असल में 50 साल पहले अमेरिकी एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्नल जोसेफ किटिंगर द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे... किटिंगर ने वर्ष 1960 में 31,333 मीटर (1,02,798.56 फुट) की ऊंचाई से फ्रीफॉल किया था... उल्लेखनीय है कि वही जोसेफ किटिंगर इस बार फेलिक्स बॉमगार्टनर की बैकअप टीम में शामिल थे... ऊंची इमारतों से छलांग लगाने के लिए मशहूर ऑस्ट्रियाई जांबाज़ फेलिक्स बॉमगार्टनर काफी लम्बे अरसे से इस छलांग की तैयारियां कर रहे थे... शुरुआती योजना के अनुसार उन्हें पिछले मंगलवार (9 अक्टूबर) को एक गुब्बारे की मदद से आसमान में करीब साढ़े 36 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाकर छलांग लगानी थी, लेकिन न्यू मैक्सिको के रॉसवेल में हवा के उल्टे रुख की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाए थे... इसके बाद रविवार (14 अक्टूबर) को फेलिक्स ने दोबारा कोशिश की, और कामयाबी हासिल की...टिप्पणियां
जहां से फेलिक्स ने छलांग लगाई, वहां पहुंचने में भी उन्हें करीब दो घंटे लगे थे... जिस ऊंचाई से बॉमगार्टनर ने छलांग लगाई है, वहां हवा नहीं होती है, और हमेशा वैक्यूम की स्थिति बनी रहती है, जिसमें सांस ले पाना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है... फेलिक्स बॉमगार्टनर ने इस छलांग के लिए खास किस्म का प्रेशर सूट पहना था, जो बिल्कुल वैसा था, जैसा अंतरिक्ष यात्रियों को पहनाया जाता है... गौरतलब है कि इससे पहले इतनी ऊंचाई से जिन लोगों ने भी छलांग लगाने की कोशिश की थी, उनमें सिर्फ जोसेफ किटिंगर ही कामयाब रहे थे, जिन्होंने वर्ष 1960 के अगस्त महीने में गुब्बारे की मदद से 31.3 किलोमीटर की ऊंचाई से छलांग लगाई थी... शेष सभी कोशिश करने वालों की अभियान के दौरान ही मौत हो गई थी...
स्काईडाइवर और बेस जम्पर फेलिक्स बॉमगार्टनर इससे पहले भी कई हैरतअंगेज़ कारनामों को अंजाम दे चुके हैं, जिनमें 31 जुलाई, 2003 को मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर के पेट्रोनस टॉवर से पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना शामिल है...
फेलिक्स बॉमगार्टनर के अभियान से जुड़ी प्रवक्ता सारा एंडरसन ने जानकारी दी है कि फेलिक्स कुल 1,28,097 फुट (39.044 किलोमीटर) की ऊंचाई से कूदे, और पैराशूट खोलने से पहले चार मिनट, 19 सेकंड तक सीधे गिरते रहे... इस छलांग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि गिरना शुरू करने के 30 सेकंड के भीतर ही उनकी गति 1,137 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई थी... प्रवक्ता एंडरसन के मुताबिक छलांग लगाने और न्यू मैक्सिको मरुस्थल में उतरने के बीच फेलिक्स बॉमगार्टनर की छलांग कुल मिलाकर नौ मिनट और तीन सेकंड तक जारी रही, जिसमें पैराशूट खोलने के बाद के चार मिनट और 44 सेकंड भी शामिल हैं... दरअसल, फेलिक्स बॉमगार्टनर पैराशूट खोलने से पहले पांच मिनट से ज़्यादा समय तक का फ्रीफॉल करना चाहते थे, और शुरुआती योजना के मुताबिक उन्होंने 1,20,000 फुट से भी कम ऊंचाई से छलांग लगाने की उम्मीद की थी...
20 अप्रैल, 1969 को ऑस्ट्रिया के साल्ज़बर्ग में जन्मे फेलिक्स बॉमगार्टनर असल में 50 साल पहले अमेरिकी एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्नल जोसेफ किटिंगर द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे... किटिंगर ने वर्ष 1960 में 31,333 मीटर (1,02,798.56 फुट) की ऊंचाई से फ्रीफॉल किया था... उल्लेखनीय है कि वही जोसेफ किटिंगर इस बार फेलिक्स बॉमगार्टनर की बैकअप टीम में शामिल थे... ऊंची इमारतों से छलांग लगाने के लिए मशहूर ऑस्ट्रियाई जांबाज़ फेलिक्स बॉमगार्टनर काफी लम्बे अरसे से इस छलांग की तैयारियां कर रहे थे... शुरुआती योजना के अनुसार उन्हें पिछले मंगलवार (9 अक्टूबर) को एक गुब्बारे की मदद से आसमान में करीब साढ़े 36 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाकर छलांग लगानी थी, लेकिन न्यू मैक्सिको के रॉसवेल में हवा के उल्टे रुख की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाए थे... इसके बाद रविवार (14 अक्टूबर) को फेलिक्स ने दोबारा कोशिश की, और कामयाबी हासिल की...टिप्पणियां
जहां से फेलिक्स ने छलांग लगाई, वहां पहुंचने में भी उन्हें करीब दो घंटे लगे थे... जिस ऊंचाई से बॉमगार्टनर ने छलांग लगाई है, वहां हवा नहीं होती है, और हमेशा वैक्यूम की स्थिति बनी रहती है, जिसमें सांस ले पाना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है... फेलिक्स बॉमगार्टनर ने इस छलांग के लिए खास किस्म का प्रेशर सूट पहना था, जो बिल्कुल वैसा था, जैसा अंतरिक्ष यात्रियों को पहनाया जाता है... गौरतलब है कि इससे पहले इतनी ऊंचाई से जिन लोगों ने भी छलांग लगाने की कोशिश की थी, उनमें सिर्फ जोसेफ किटिंगर ही कामयाब रहे थे, जिन्होंने वर्ष 1960 के अगस्त महीने में गुब्बारे की मदद से 31.3 किलोमीटर की ऊंचाई से छलांग लगाई थी... शेष सभी कोशिश करने वालों की अभियान के दौरान ही मौत हो गई थी...
स्काईडाइवर और बेस जम्पर फेलिक्स बॉमगार्टनर इससे पहले भी कई हैरतअंगेज़ कारनामों को अंजाम दे चुके हैं, जिनमें 31 जुलाई, 2003 को मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर के पेट्रोनस टॉवर से पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना शामिल है...
20 अप्रैल, 1969 को ऑस्ट्रिया के साल्ज़बर्ग में जन्मे फेलिक्स बॉमगार्टनर असल में 50 साल पहले अमेरिकी एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्नल जोसेफ किटिंगर द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे... किटिंगर ने वर्ष 1960 में 31,333 मीटर (1,02,798.56 फुट) की ऊंचाई से फ्रीफॉल किया था... उल्लेखनीय है कि वही जोसेफ किटिंगर इस बार फेलिक्स बॉमगार्टनर की बैकअप टीम में शामिल थे... ऊंची इमारतों से छलांग लगाने के लिए मशहूर ऑस्ट्रियाई जांबाज़ फेलिक्स बॉमगार्टनर काफी लम्बे अरसे से इस छलांग की तैयारियां कर रहे थे... शुरुआती योजना के अनुसार उन्हें पिछले मंगलवार (9 अक्टूबर) को एक गुब्बारे की मदद से आसमान में करीब साढ़े 36 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाकर छलांग लगानी थी, लेकिन न्यू मैक्सिको के रॉसवेल में हवा के उल्टे रुख की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाए थे... इसके बाद रविवार (14 अक्टूबर) को फेलिक्स ने दोबारा कोशिश की, और कामयाबी हासिल की...टिप्पणियां
जहां से फेलिक्स ने छलांग लगाई, वहां पहुंचने में भी उन्हें करीब दो घंटे लगे थे... जिस ऊंचाई से बॉमगार्टनर ने छलांग लगाई है, वहां हवा नहीं होती है, और हमेशा वैक्यूम की स्थिति बनी रहती है, जिसमें सांस ले पाना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है... फेलिक्स बॉमगार्टनर ने इस छलांग के लिए खास किस्म का प्रेशर सूट पहना था, जो बिल्कुल वैसा था, जैसा अंतरिक्ष यात्रियों को पहनाया जाता है... गौरतलब है कि इससे पहले इतनी ऊंचाई से जिन लोगों ने भी छलांग लगाने की कोशिश की थी, उनमें सिर्फ जोसेफ किटिंगर ही कामयाब रहे थे, जिन्होंने वर्ष 1960 के अगस्त महीने में गुब्बारे की मदद से 31.3 किलोमीटर की ऊंचाई से छलांग लगाई थी... शेष सभी कोशिश करने वालों की अभियान के दौरान ही मौत हो गई थी...
स्काईडाइवर और बेस जम्पर फेलिक्स बॉमगार्टनर इससे पहले भी कई हैरतअंगेज़ कारनामों को अंजाम दे चुके हैं, जिनमें 31 जुलाई, 2003 को मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर के पेट्रोनस टॉवर से पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना शामिल है...
जहां से फेलिक्स ने छलांग लगाई, वहां पहुंचने में भी उन्हें करीब दो घंटे लगे थे... जिस ऊंचाई से बॉमगार्टनर ने छलांग लगाई है, वहां हवा नहीं होती है, और हमेशा वैक्यूम की स्थिति बनी रहती है, जिसमें सांस ले पाना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है... फेलिक्स बॉमगार्टनर ने इस छलांग के लिए खास किस्म का प्रेशर सूट पहना था, जो बिल्कुल वैसा था, जैसा अंतरिक्ष यात्रियों को पहनाया जाता है... गौरतलब है कि इससे पहले इतनी ऊंचाई से जिन लोगों ने भी छलांग लगाने की कोशिश की थी, उनमें सिर्फ जोसेफ किटिंगर ही कामयाब रहे थे, जिन्होंने वर्ष 1960 के अगस्त महीने में गुब्बारे की मदद से 31.3 किलोमीटर की ऊंचाई से छलांग लगाई थी... शेष सभी कोशिश करने वालों की अभियान के दौरान ही मौत हो गई थी...
स्काईडाइवर और बेस जम्पर फेलिक्स बॉमगार्टनर इससे पहले भी कई हैरतअंगेज़ कारनामों को अंजाम दे चुके हैं, जिनमें 31 जुलाई, 2003 को मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर के पेट्रोनस टॉवर से पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना शामिल है...
स्काईडाइवर और बेस जम्पर फेलिक्स बॉमगार्टनर इससे पहले भी कई हैरतअंगेज़ कारनामों को अंजाम दे चुके हैं, जिनमें 31 जुलाई, 2003 को मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर के पेट्रोनस टॉवर से पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना शामिल है... | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अभियान से जुड़ी प्रवक्ता ने बताया है कि फेलिक्स बॉमगार्टनर कुल 1,28,097 फुट की ऊंचाई से कूदे, और पैराशूट खोलने से पहले चार मिनट, 19 सेकंड तक 1,137 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सीधे गिरते रहे... | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में वित्तीय गड़बड़ियां होने का आरोप लगाया और कहा कि एनआरएचएम में धन के इस्तेमाल तथा जननी सुरक्षा योजना को लेकर सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत जानकारी के लिए अर्जियां दाखिल की गई है। रायबरेली से अचानक लखनऊ स्थित एनआरएचएम के दफ्तर पहुंचे राहुल वहां करीब आधा घंटा रुके। बाद में, राहुल ने कहा एनआरएचएम के तहत धन का इस्तेमाल ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। इसी सिलसिले में हम आज यहां आए थे। हमने इस मामले में एक आरटीआई दाखिल की है। लखनऊ में छह महीने के अंदर परिवार कल्याण विभाग के दो मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, यह चिंता का कारण है। एनआरएचएम में वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं और हम यह समझना चाहते हैं कि आखिर वह धन जा कहां रहा है और दरअसल पूरा मामला क्या है। राहुल के साथ एनआरएचएम दफ्तर पहुंचीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी द्वारा दाखिल की गई आरटीआई अर्जियों में मुख्य रूप से राज्य सरकार से जननी सुरक्षा योजना और एनआरएचएम के तहत वित्तीय लेन-देन की जानकारी मांगी गई है। | यह एक सारांश है: राहुल ने कहा एनआरएचएम के तहत धन का इस्तेमाल ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। इसी सिलसिले में हम आज यहां आए थे। हमने इस मामले में एक आरटीआई दाखिल की है। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश चीनी मिलों को 2006-07 तथा 2007-08 सत्र के गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान करने का निर्देश दिया।
उद्योग जगत के अनुमान के अनुसार न्यायालय के आदेश के बाद मिलों को 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना होगा।
उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश के तहत उत्तर प्रदेश चीनी मिलों को राज्य सरकार द्वारा 2006-07 तथा 2007-08 के सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए निर्धारित मूल्य से 7 से 15 रुपये प्रति क्विंटल कम का भुगतान करना है। उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि न्यायालय ने 2006-07 तथा 2007-08 सत्र के लिए मिलों को तीन महीने के भीतर बकाये का भुगतान करने को कहा है। उसने यह भी कहा कि न्यायालय ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ के 2004 के उस निर्णय को सात सदस्यीय न्यायाधीशों की बड़ी पीठ के समक्ष भेजा है जिसमें राज्य सरकार के परामर्श मूल्य तय करने के अधिकार को उचित ठहराया गया था।
इस बारे में पूछे जाने पर भारतीय चीनी मिलों के संगठन इस्मा के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। आदेश के कारण मिलों को किसानों को बकाये के रूप में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना पड़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक चीनी बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बजाज हिंदुस्तान को बकाये के रूप में 250 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन ने राज्य सरकार के खिलाफ 2003-04 में याचिका दायर की थी।
वर्ष 2006-07 तथा 2007-08 के लिये परामर्श मूल्य 125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था।
उद्योग जगत के अनुमान के अनुसार न्यायालय के आदेश के बाद मिलों को 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना होगा।
उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश के तहत उत्तर प्रदेश चीनी मिलों को राज्य सरकार द्वारा 2006-07 तथा 2007-08 के सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए निर्धारित मूल्य से 7 से 15 रुपये प्रति क्विंटल कम का भुगतान करना है। उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि न्यायालय ने 2006-07 तथा 2007-08 सत्र के लिए मिलों को तीन महीने के भीतर बकाये का भुगतान करने को कहा है। उसने यह भी कहा कि न्यायालय ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ के 2004 के उस निर्णय को सात सदस्यीय न्यायाधीशों की बड़ी पीठ के समक्ष भेजा है जिसमें राज्य सरकार के परामर्श मूल्य तय करने के अधिकार को उचित ठहराया गया था।
इस बारे में पूछे जाने पर भारतीय चीनी मिलों के संगठन इस्मा के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। आदेश के कारण मिलों को किसानों को बकाये के रूप में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना पड़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक चीनी बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बजाज हिंदुस्तान को बकाये के रूप में 250 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन ने राज्य सरकार के खिलाफ 2003-04 में याचिका दायर की थी।
वर्ष 2006-07 तथा 2007-08 के लिये परामर्श मूल्य 125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था।
उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश के तहत उत्तर प्रदेश चीनी मिलों को राज्य सरकार द्वारा 2006-07 तथा 2007-08 के सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए निर्धारित मूल्य से 7 से 15 रुपये प्रति क्विंटल कम का भुगतान करना है। उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि न्यायालय ने 2006-07 तथा 2007-08 सत्र के लिए मिलों को तीन महीने के भीतर बकाये का भुगतान करने को कहा है। उसने यह भी कहा कि न्यायालय ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ के 2004 के उस निर्णय को सात सदस्यीय न्यायाधीशों की बड़ी पीठ के समक्ष भेजा है जिसमें राज्य सरकार के परामर्श मूल्य तय करने के अधिकार को उचित ठहराया गया था।
इस बारे में पूछे जाने पर भारतीय चीनी मिलों के संगठन इस्मा के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। आदेश के कारण मिलों को किसानों को बकाये के रूप में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना पड़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक चीनी बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बजाज हिंदुस्तान को बकाये के रूप में 250 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन ने राज्य सरकार के खिलाफ 2003-04 में याचिका दायर की थी।
वर्ष 2006-07 तथा 2007-08 के लिये परामर्श मूल्य 125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था।
इस बारे में पूछे जाने पर भारतीय चीनी मिलों के संगठन इस्मा के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। आदेश के कारण मिलों को किसानों को बकाये के रूप में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना पड़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक चीनी बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बजाज हिंदुस्तान को बकाये के रूप में 250 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन ने राज्य सरकार के खिलाफ 2003-04 में याचिका दायर की थी।
वर्ष 2006-07 तथा 2007-08 के लिये परामर्श मूल्य 125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था।
उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन ने राज्य सरकार के खिलाफ 2003-04 में याचिका दायर की थी।
वर्ष 2006-07 तथा 2007-08 के लिये परामर्श मूल्य 125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था।
वर्ष 2006-07 तथा 2007-08 के लिये परामर्श मूल्य 125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। | यह एक सारांश है: उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश चीनी मिलों को 2006-07 तथा 2007-08 सत्र के गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान करने का निर्देश दिया। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने उनके साथ वीआईपी आचरण के लिए विमानन कंपनी स्पाइसजेट से शिकायत की और कहा कि उनके प्रति अतिरिक्त शिष्टाचार दिखाने की कोई जरूरत नहीं है। तनखा हाल ही में कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।
तनखा के अनुसार बुधवार को वह स्पाइसजेट की एक उड़ान से जबलपुर से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे। यहां विमानन कंपनी के स्टाफ सिर्फ उन्हें और दो अन्य लोगों को ही बस से आगमन क्षेत्र तक लेकर आए। इस घटना के बाद उन्होंने विमानन कंपनी को पत्र लिखा और कहा कि वह नहीं चाहते कि सांसद होने के कारण उनके साथ विशेष शिष्टाचार दिखाया जाए।
उन्होंने एक समाचार चैनल से कहा, ''हम सभी समान हैं, हर कोई सम्मानित है और हम सभी को पंक्ति में खड़ा होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी चाहिए। मैं अपने सहयात्रियों के साथ यात्रा कर खुश हूं। मुझे बुरा लगा और लज्जित हुआ।'' उन्होंने कहा कि बस में 30 लोग यात्रा कर सकते थे लेकिन उसमें सिर्फ तीन लोग थे।टिप्पणियां
संपर्क किए जाने पर स्पाइसजेट के महाप्रबंधक (कारपोरेट मामले) अजय जसरा ने कहा, ''हमें सांसद से कोई अनुरोध नहीं मिला। हमारे लिए हर यात्री महत्वपूर्ण है। हम सभी को बेहतरीन सेवाएं देते रहेंगे।'' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तनखा के अनुसार बुधवार को वह स्पाइसजेट की एक उड़ान से जबलपुर से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे। यहां विमानन कंपनी के स्टाफ सिर्फ उन्हें और दो अन्य लोगों को ही बस से आगमन क्षेत्र तक लेकर आए। इस घटना के बाद उन्होंने विमानन कंपनी को पत्र लिखा और कहा कि वह नहीं चाहते कि सांसद होने के कारण उनके साथ विशेष शिष्टाचार दिखाया जाए।
उन्होंने एक समाचार चैनल से कहा, ''हम सभी समान हैं, हर कोई सम्मानित है और हम सभी को पंक्ति में खड़ा होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी चाहिए। मैं अपने सहयात्रियों के साथ यात्रा कर खुश हूं। मुझे बुरा लगा और लज्जित हुआ।'' उन्होंने कहा कि बस में 30 लोग यात्रा कर सकते थे लेकिन उसमें सिर्फ तीन लोग थे।टिप्पणियां
संपर्क किए जाने पर स्पाइसजेट के महाप्रबंधक (कारपोरेट मामले) अजय जसरा ने कहा, ''हमें सांसद से कोई अनुरोध नहीं मिला। हमारे लिए हर यात्री महत्वपूर्ण है। हम सभी को बेहतरीन सेवाएं देते रहेंगे।'' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने एक समाचार चैनल से कहा, ''हम सभी समान हैं, हर कोई सम्मानित है और हम सभी को पंक्ति में खड़ा होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी चाहिए। मैं अपने सहयात्रियों के साथ यात्रा कर खुश हूं। मुझे बुरा लगा और लज्जित हुआ।'' उन्होंने कहा कि बस में 30 लोग यात्रा कर सकते थे लेकिन उसमें सिर्फ तीन लोग थे।टिप्पणियां
संपर्क किए जाने पर स्पाइसजेट के महाप्रबंधक (कारपोरेट मामले) अजय जसरा ने कहा, ''हमें सांसद से कोई अनुरोध नहीं मिला। हमारे लिए हर यात्री महत्वपूर्ण है। हम सभी को बेहतरीन सेवाएं देते रहेंगे।'' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संपर्क किए जाने पर स्पाइसजेट के महाप्रबंधक (कारपोरेट मामले) अजय जसरा ने कहा, ''हमें सांसद से कोई अनुरोध नहीं मिला। हमारे लिए हर यात्री महत्वपूर्ण है। हम सभी को बेहतरीन सेवाएं देते रहेंगे।'' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: विमानन कंपनी स्पाइसजेट को पत्र लिखकर शिकायत की
कहा, उनके प्रति अतिरिक्त शिष्टाचार दिखाने की कोई जरूरत नहीं
वह हाल ही में कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया ने कोलंबो में श्रीलंका से तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 0-3 से गंवाने के साथ अपनी शीर्ष रैंकिंग भी भारत को गंवा दी. ऑस्ट्रेलियाई टीम कोलंबो आने से पहले 118 अंक लेकर शीर्ष पर काबिज थी, लेकिन पोलेकेले में 106 रन, गाले में 229 रन और कोलंबो में 163 रन से हारने के बाद उसके 108 अंक हो गए जिससे वह इंग्लैंड के बराबर हो गई लेकिन रैंकिंग में वह एलिस्टर कुक की टीम से ऊपर है जबकि श्रीलंका के कुल 95 अंक हो गये हैं.
ऑस्ट्रेलिया के बादशाहत गंवाने का मतलब है कि भारत एमआरएफ टायर्स आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज हो गया है जबकि पाकिस्तानी टीम उससे महज एक अंक पीछे दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. भारत ने साल की शुरुआत शीर्ष रैंकिंग से की थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2- 0 की जीत के बाद अपना पहला स्थान दोबारा हासिल कर लिया था.टिप्पणियां
पाकिस्तानी टीम एक साल से भी कम समय में दूसरी बार दूसरे नंबर पर पहुंची है. पिछले साल संयुक्त अरब अमीरात में इंग्लैंड को 2-0 से पराजित करने के बाद भी पाकिस्तान दूसरे स्थान पर पहुंचा था और 2003 में मौजूदा रैंकिंग प्रणाली शुरू करने के बाद ऐसा पहली बार हुआ था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ऑस्ट्रेलिया के बादशाहत गंवाने का मतलब है कि भारत एमआरएफ टायर्स आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज हो गया है जबकि पाकिस्तानी टीम उससे महज एक अंक पीछे दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. भारत ने साल की शुरुआत शीर्ष रैंकिंग से की थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2- 0 की जीत के बाद अपना पहला स्थान दोबारा हासिल कर लिया था.टिप्पणियां
पाकिस्तानी टीम एक साल से भी कम समय में दूसरी बार दूसरे नंबर पर पहुंची है. पिछले साल संयुक्त अरब अमीरात में इंग्लैंड को 2-0 से पराजित करने के बाद भी पाकिस्तान दूसरे स्थान पर पहुंचा था और 2003 में मौजूदा रैंकिंग प्रणाली शुरू करने के बाद ऐसा पहली बार हुआ था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पाकिस्तानी टीम एक साल से भी कम समय में दूसरी बार दूसरे नंबर पर पहुंची है. पिछले साल संयुक्त अरब अमीरात में इंग्लैंड को 2-0 से पराजित करने के बाद भी पाकिस्तान दूसरे स्थान पर पहुंचा था और 2003 में मौजूदा रैंकिंग प्रणाली शुरू करने के बाद ऐसा पहली बार हुआ था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: श्रीलंका की ऑस्ट्रेलिया पर 'क्लीन स्वीप' से मिला फायदा
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड, दोनों के हो गए हैं 108-108 अंक
रैकिंग में भारत से महज एक अंक पीछे है पाकिस्तान | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की जड़ भी 370 (Article 370) है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की जनता जम्हूरियत चाहती है. उन्होंने कहा कि 370 की वजह से ही जम्मू कश्मीर का विकास नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में गरीबी के पीछे भी धारा 370 ही है. उन्होंने कहा कि 35 A के कारण ही हुनरमंद लोग जम्मू कश्मीर नहीं जाते.
उन्होंने कहा कि हम धर्म की राजनीति नहीं करते हैं. जम्मू कश्मीर में सिर्फ मुस्लिम नहीं रहते हैं. घाटी में मुसलमान, हिंदू, सिख, जैन सभी रहते हैं. उन्होंने कहा कि धारा 370 (Article 370) अच्छी है तो सबके लिए है और बुरी है तो सबके लिए बुरी है. अमित शाह ने कहा कि धारा 370 ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और घाटी के लोगों का बहुत नुकसान किया है. शरणार्थियों को आज तक नागरिकता नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 (Article 370) अस्थाई था और इसे कभी न कभी हटना था, लेकिन पिछली सरकारों ने वोट बैंक के लिए इसे हटाने की हिम्मत नहीं की. कैबिनेट ने आज हिम्मत दिखाकर और जम्मू-कश्मीर के लोगों के हित के लिए यह फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र ने पैसा दिया फिर भी जम्मू और कश्मीर का विकास नहीं हुआ.
अमित शाह ने कहा, 'भारत सरकार ने हजारों करोड़ रुपये जम्मू और कश्मीर के लिए भेजे, लेकिन वो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए, 370 का उपयोग करके वहां भ्रष्टाचार को कंट्रोल करने वाले कानून लागू नहीं होने दिए गए. हम तो राष्ट्र हित का बिल लेकर आए हैं. आपने इंदिरा जी को इलाहाबाद के जजमेंट से बचाने का संवैधानिक सुधार उसी दिन लाकर, उसी दिन पारित करके देश की डेमोक्रेसी को खत्म किया था. और आज हमें उपदेश देते हैं. आर्टिकल 370 और 35A हटाने से घाटी का, जम्मू का, लद्दाख का भला होने वाला है. आर्टिकल 370 और 35A हटने के बाद जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बनने वाला है. आर्टिकल 370 के कारण जम्मू और कश्मीर में पर्यटन व्यवसाय से जुड़ी बड़ी कंपनियां नहीं जा सकती. ये कंपनियां वहां गई तो वहां के लोगों को रोजगार मिलेगा. बड़ी कंपनियां वहां गईं तो पर्यटन बढ़ेगा. लेकिन 370 के कारण ये संभव नहीं है. 370 के कारण जम्मू कश्मीर में देश का कोई बड़ा डॉक्टर नहीं जाना चाहता, क्योंकि वहां वो अपना घर नहीं खरीद सकता, वहां का मतदाता नहीं बन सकता और वहां खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करता. 370 आरोग्य में भी बाधक है.' | यह एक सारांश है: राज्यसभा में धारा 370 पर गृह मंत्री ने दिया जवाब
कहा- जम्मू-कश्मीर की ग़रीबी के लिए 370 ज़िम्मेदार
बोले- धारा 370 की वजह से तेज़ी से भ्रष्टाचार बढ़ा | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वहीं अब काम की गति और बढ़ेगी और नोटों का उत्पादन भी बढ़ेगा." सिक्योरिटी प्रिटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसपीएमसीआईएल) द्वारा संचालित बीएनपी, देवास में इससे पहले नोटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी काम पर लगाया जा चुका है. इस ईकाई की उत्पादन क्षमता 200 लाख नग नोट प्रतिदिन छापने की है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीएनपी के 1,300 नियमित कर्मचारी और 30 सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ नए नोटों को छापने का काम किया जा रहा है. उत्पादन बढ़ाने के लिए ग्वालियर और महू से सेना के 200 जवान भी यहां पिछले दो दिनों में पहुंच गए हैं. इनके ठहरने के व्यवस्था बीएनपी परिसर में कर्मचारियों के खाली मकानों में की गई है. भोजन आदि की व्यवस्था यहां तैनात केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की मेस में की गई है. बीएनपी में फिलहाल 150 लाख नग नोट प्रतिदिन छापे जा रहे हैं.
उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा, "अब यहां नए नोटों की छपाई बढ़कर ईकाई की अधिकतम क्षमता यानि 200 लाख नग नोट प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी."
अधिकारी ने बताया कि सेना के जवानों की सहायता तकनीकी कार्यो को छोड़कर अन्य कामों के लिए ली जाएगी. उनका उपयोग इंदौर विमानतल तक करंसी के परिवहन में भी किया जा सकता है. बीएनपी में फिलहाल 500 रुपये का नया नोट छापा जा रहा है. विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद एसपीएमसीआईएल के सीएमडी प्रवीण गर्ग बीएनपी का दो दफा दौरा कर चुके हैं.
सूत्रों ने बताया कि बीएनपी प्रबंधन के साथ बैठक में गर्ग को कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया गया. इसके बाद वर्तमान कर्मचारियों की सहायता के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बुलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन उसको बुलाने के बावजूद भी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं निकला.टिप्पणियां
इसके बाद सीएमडी ने बीएनपी में नोटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सेना के जवान उपलब्ध कराने के बारे में केन्द्र सरकार को पत्र लिखा. इसके बाद सेना के करीब 200 जवानों को यहां कर्मचारियों की सहायता के लिए भेजा गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीएनपी के 1,300 नियमित कर्मचारी और 30 सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ नए नोटों को छापने का काम किया जा रहा है. उत्पादन बढ़ाने के लिए ग्वालियर और महू से सेना के 200 जवान भी यहां पिछले दो दिनों में पहुंच गए हैं. इनके ठहरने के व्यवस्था बीएनपी परिसर में कर्मचारियों के खाली मकानों में की गई है. भोजन आदि की व्यवस्था यहां तैनात केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की मेस में की गई है. बीएनपी में फिलहाल 150 लाख नग नोट प्रतिदिन छापे जा रहे हैं.
उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा, "अब यहां नए नोटों की छपाई बढ़कर ईकाई की अधिकतम क्षमता यानि 200 लाख नग नोट प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी."
अधिकारी ने बताया कि सेना के जवानों की सहायता तकनीकी कार्यो को छोड़कर अन्य कामों के लिए ली जाएगी. उनका उपयोग इंदौर विमानतल तक करंसी के परिवहन में भी किया जा सकता है. बीएनपी में फिलहाल 500 रुपये का नया नोट छापा जा रहा है. विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद एसपीएमसीआईएल के सीएमडी प्रवीण गर्ग बीएनपी का दो दफा दौरा कर चुके हैं.
सूत्रों ने बताया कि बीएनपी प्रबंधन के साथ बैठक में गर्ग को कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया गया. इसके बाद वर्तमान कर्मचारियों की सहायता के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बुलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन उसको बुलाने के बावजूद भी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं निकला.टिप्पणियां
इसके बाद सीएमडी ने बीएनपी में नोटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सेना के जवान उपलब्ध कराने के बारे में केन्द्र सरकार को पत्र लिखा. इसके बाद सेना के करीब 200 जवानों को यहां कर्मचारियों की सहायता के लिए भेजा गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा, "अब यहां नए नोटों की छपाई बढ़कर ईकाई की अधिकतम क्षमता यानि 200 लाख नग नोट प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी."
अधिकारी ने बताया कि सेना के जवानों की सहायता तकनीकी कार्यो को छोड़कर अन्य कामों के लिए ली जाएगी. उनका उपयोग इंदौर विमानतल तक करंसी के परिवहन में भी किया जा सकता है. बीएनपी में फिलहाल 500 रुपये का नया नोट छापा जा रहा है. विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद एसपीएमसीआईएल के सीएमडी प्रवीण गर्ग बीएनपी का दो दफा दौरा कर चुके हैं.
सूत्रों ने बताया कि बीएनपी प्रबंधन के साथ बैठक में गर्ग को कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया गया. इसके बाद वर्तमान कर्मचारियों की सहायता के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बुलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन उसको बुलाने के बावजूद भी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं निकला.टिप्पणियां
इसके बाद सीएमडी ने बीएनपी में नोटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सेना के जवान उपलब्ध कराने के बारे में केन्द्र सरकार को पत्र लिखा. इसके बाद सेना के करीब 200 जवानों को यहां कर्मचारियों की सहायता के लिए भेजा गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने बताया कि सेना के जवानों की सहायता तकनीकी कार्यो को छोड़कर अन्य कामों के लिए ली जाएगी. उनका उपयोग इंदौर विमानतल तक करंसी के परिवहन में भी किया जा सकता है. बीएनपी में फिलहाल 500 रुपये का नया नोट छापा जा रहा है. विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद एसपीएमसीआईएल के सीएमडी प्रवीण गर्ग बीएनपी का दो दफा दौरा कर चुके हैं.
सूत्रों ने बताया कि बीएनपी प्रबंधन के साथ बैठक में गर्ग को कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया गया. इसके बाद वर्तमान कर्मचारियों की सहायता के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बुलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन उसको बुलाने के बावजूद भी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं निकला.टिप्पणियां
इसके बाद सीएमडी ने बीएनपी में नोटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सेना के जवान उपलब्ध कराने के बारे में केन्द्र सरकार को पत्र लिखा. इसके बाद सेना के करीब 200 जवानों को यहां कर्मचारियों की सहायता के लिए भेजा गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों ने बताया कि बीएनपी प्रबंधन के साथ बैठक में गर्ग को कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया गया. इसके बाद वर्तमान कर्मचारियों की सहायता के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बुलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन उसको बुलाने के बावजूद भी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं निकला.टिप्पणियां
इसके बाद सीएमडी ने बीएनपी में नोटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सेना के जवान उपलब्ध कराने के बारे में केन्द्र सरकार को पत्र लिखा. इसके बाद सेना के करीब 200 जवानों को यहां कर्मचारियों की सहायता के लिए भेजा गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके बाद सीएमडी ने बीएनपी में नोटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सेना के जवान उपलब्ध कराने के बारे में केन्द्र सरकार को पत्र लिखा. इसके बाद सेना के करीब 200 जवानों को यहां कर्मचारियों की सहायता के लिए भेजा गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:सेना के जवानों के आने से कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा
अब काम की गति और बढ़ेगी और नोटों का उत्पादन भी बढ़ेगा
ईकाई की उत्पादन क्षमता 200 लाख नग नोट प्रतिदिन छापने की है | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने डीजल की कीमतों में वृद्धि तथा सब्सिडीयुक्त रसोई गैस की सीमा सीमित किए जाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि पैसे पेड़ पर नहीं उगते।
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सिंह ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों पर सरकार का सब्सिडी बिल पिछले साल 1.40 लाख करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा, अगर हम कदम नहीं उठाते, तो इस साल यह दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाता।
मनमोहन सिंह ने 1991 के वित्तीय संकट का जिक्र किया, जब कोई भी भारत को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं कि भारत उस स्थिति में दोबारा न आए।
प्रधानमंत्री ने कहा, हम अपनी तेल जरूरत का 80 फीसदी आयात करते हैं। पिछले चार साल में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। हमने सारा बोझ आप पर नहीं डाला है, जिससे हम आपके हितों की रक्षा कर सकें।टिप्पणियां
मनमोहन ने कहा कि पिछले साल जून में डीजल, केरोसिन तथा एलपीजी कीमतों में संशोधन न किए जाने की वजह से 1,40,000 करोड़ रुपये की तेल सब्सिडी का बोझ पड़ा था। अगर हम कदम नहीं उठाते, तो इस साल यह आंकड़ा 2,00,000 करोड़ रुपये को पार कर जाता। इसके लिए पैसा कहां से आता। पैसा पेड़ पर नहीं लगता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डीजल कीमतों में सिर्फ 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जबकि डीजल पर घाटे को पूरा करने के लिए 17 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि जरूरी थी। पीएम ने कहा कि ज्यादातर डीजल का इस्तेमाल बड़ी कारों और एसयूवी में अमीरों तथा कारखानों और कारोबारियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार उन्हें सब्सिडी देने के लिए भारी राजकोषीय घाटा सहे।
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सिंह ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों पर सरकार का सब्सिडी बिल पिछले साल 1.40 लाख करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा, अगर हम कदम नहीं उठाते, तो इस साल यह दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाता।
मनमोहन सिंह ने 1991 के वित्तीय संकट का जिक्र किया, जब कोई भी भारत को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं कि भारत उस स्थिति में दोबारा न आए।
प्रधानमंत्री ने कहा, हम अपनी तेल जरूरत का 80 फीसदी आयात करते हैं। पिछले चार साल में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। हमने सारा बोझ आप पर नहीं डाला है, जिससे हम आपके हितों की रक्षा कर सकें।टिप्पणियां
मनमोहन ने कहा कि पिछले साल जून में डीजल, केरोसिन तथा एलपीजी कीमतों में संशोधन न किए जाने की वजह से 1,40,000 करोड़ रुपये की तेल सब्सिडी का बोझ पड़ा था। अगर हम कदम नहीं उठाते, तो इस साल यह आंकड़ा 2,00,000 करोड़ रुपये को पार कर जाता। इसके लिए पैसा कहां से आता। पैसा पेड़ पर नहीं लगता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डीजल कीमतों में सिर्फ 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जबकि डीजल पर घाटे को पूरा करने के लिए 17 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि जरूरी थी। पीएम ने कहा कि ज्यादातर डीजल का इस्तेमाल बड़ी कारों और एसयूवी में अमीरों तथा कारखानों और कारोबारियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार उन्हें सब्सिडी देने के लिए भारी राजकोषीय घाटा सहे।
मनमोहन सिंह ने 1991 के वित्तीय संकट का जिक्र किया, जब कोई भी भारत को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं कि भारत उस स्थिति में दोबारा न आए।
प्रधानमंत्री ने कहा, हम अपनी तेल जरूरत का 80 फीसदी आयात करते हैं। पिछले चार साल में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। हमने सारा बोझ आप पर नहीं डाला है, जिससे हम आपके हितों की रक्षा कर सकें।टिप्पणियां
मनमोहन ने कहा कि पिछले साल जून में डीजल, केरोसिन तथा एलपीजी कीमतों में संशोधन न किए जाने की वजह से 1,40,000 करोड़ रुपये की तेल सब्सिडी का बोझ पड़ा था। अगर हम कदम नहीं उठाते, तो इस साल यह आंकड़ा 2,00,000 करोड़ रुपये को पार कर जाता। इसके लिए पैसा कहां से आता। पैसा पेड़ पर नहीं लगता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डीजल कीमतों में सिर्फ 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जबकि डीजल पर घाटे को पूरा करने के लिए 17 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि जरूरी थी। पीएम ने कहा कि ज्यादातर डीजल का इस्तेमाल बड़ी कारों और एसयूवी में अमीरों तथा कारखानों और कारोबारियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार उन्हें सब्सिडी देने के लिए भारी राजकोषीय घाटा सहे।
प्रधानमंत्री ने कहा, हम अपनी तेल जरूरत का 80 फीसदी आयात करते हैं। पिछले चार साल में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। हमने सारा बोझ आप पर नहीं डाला है, जिससे हम आपके हितों की रक्षा कर सकें।टिप्पणियां
मनमोहन ने कहा कि पिछले साल जून में डीजल, केरोसिन तथा एलपीजी कीमतों में संशोधन न किए जाने की वजह से 1,40,000 करोड़ रुपये की तेल सब्सिडी का बोझ पड़ा था। अगर हम कदम नहीं उठाते, तो इस साल यह आंकड़ा 2,00,000 करोड़ रुपये को पार कर जाता। इसके लिए पैसा कहां से आता। पैसा पेड़ पर नहीं लगता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डीजल कीमतों में सिर्फ 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जबकि डीजल पर घाटे को पूरा करने के लिए 17 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि जरूरी थी। पीएम ने कहा कि ज्यादातर डीजल का इस्तेमाल बड़ी कारों और एसयूवी में अमीरों तथा कारखानों और कारोबारियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार उन्हें सब्सिडी देने के लिए भारी राजकोषीय घाटा सहे।
मनमोहन ने कहा कि पिछले साल जून में डीजल, केरोसिन तथा एलपीजी कीमतों में संशोधन न किए जाने की वजह से 1,40,000 करोड़ रुपये की तेल सब्सिडी का बोझ पड़ा था। अगर हम कदम नहीं उठाते, तो इस साल यह आंकड़ा 2,00,000 करोड़ रुपये को पार कर जाता। इसके लिए पैसा कहां से आता। पैसा पेड़ पर नहीं लगता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डीजल कीमतों में सिर्फ 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जबकि डीजल पर घाटे को पूरा करने के लिए 17 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि जरूरी थी। पीएम ने कहा कि ज्यादातर डीजल का इस्तेमाल बड़ी कारों और एसयूवी में अमीरों तथा कारखानों और कारोबारियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार उन्हें सब्सिडी देने के लिए भारी राजकोषीय घाटा सहे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डीजल कीमतों में सिर्फ 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जबकि डीजल पर घाटे को पूरा करने के लिए 17 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि जरूरी थी। पीएम ने कहा कि ज्यादातर डीजल का इस्तेमाल बड़ी कारों और एसयूवी में अमीरों तथा कारखानों और कारोबारियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार उन्हें सब्सिडी देने के लिए भारी राजकोषीय घाटा सहे। | सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने डीजल की कीमतों में वृद्धि तथा सब्सिडीयुक्त रसोई गैस की सीमा सीमित किए जाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि पैसे पेड़ पर नहीं उगते। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्वीडन की कार कंपनी वोल्वो कार कॉरपोरेशन भारत के लिए अपनी योजनाओं को चुस्त-दुरुस्त कर रही है और वह 2020 तक यहां तीसरी सबसे बड़ी लग्जरी कार कंपनी बनना चाहती है।
कंपनी की भारतीय शाखा वोल्वो ऑटो इंडिया यहां लग्जरी कार का शुरुआती मॉडल पेश करने की सोच रही है।टिप्पणियां
वोल्वो ऑटो इंडिया के विपणन तथा पीआर निदेशक सुदीप नारायण ने कहा, भारत में लग्जरी कार बाजार 2020 तक बढ़कर 1,50,000 इकाई का होने का अनुमान है। हमारा लक्ष्य तब तक सालाना ब्रिकी 20,000 इकाई करना है। फिलहाल भारतीय बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी नगण्य है। पिछले साल कंपनी ने 326 कारें बेचीं जबकि इस साल उसने 800 कारें बेचने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा, हम 2020 तक तीसरे स्थान का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। फिलहाल देश के लग्जरी कार बाजार में बीएमडब्ल्यू पहले, मर्सिडीज दूसरे तथा ऑडी तीसरे नंबर पर है।
कंपनी की भारतीय शाखा वोल्वो ऑटो इंडिया यहां लग्जरी कार का शुरुआती मॉडल पेश करने की सोच रही है।टिप्पणियां
वोल्वो ऑटो इंडिया के विपणन तथा पीआर निदेशक सुदीप नारायण ने कहा, भारत में लग्जरी कार बाजार 2020 तक बढ़कर 1,50,000 इकाई का होने का अनुमान है। हमारा लक्ष्य तब तक सालाना ब्रिकी 20,000 इकाई करना है। फिलहाल भारतीय बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी नगण्य है। पिछले साल कंपनी ने 326 कारें बेचीं जबकि इस साल उसने 800 कारें बेचने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा, हम 2020 तक तीसरे स्थान का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। फिलहाल देश के लग्जरी कार बाजार में बीएमडब्ल्यू पहले, मर्सिडीज दूसरे तथा ऑडी तीसरे नंबर पर है।
वोल्वो ऑटो इंडिया के विपणन तथा पीआर निदेशक सुदीप नारायण ने कहा, भारत में लग्जरी कार बाजार 2020 तक बढ़कर 1,50,000 इकाई का होने का अनुमान है। हमारा लक्ष्य तब तक सालाना ब्रिकी 20,000 इकाई करना है। फिलहाल भारतीय बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी नगण्य है। पिछले साल कंपनी ने 326 कारें बेचीं जबकि इस साल उसने 800 कारें बेचने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा, हम 2020 तक तीसरे स्थान का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। फिलहाल देश के लग्जरी कार बाजार में बीएमडब्ल्यू पहले, मर्सिडीज दूसरे तथा ऑडी तीसरे नंबर पर है।
उन्होंने कहा, हम 2020 तक तीसरे स्थान का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। फिलहाल देश के लग्जरी कार बाजार में बीएमडब्ल्यू पहले, मर्सिडीज दूसरे तथा ऑडी तीसरे नंबर पर है। | संक्षिप्त सारांश: स्वीडन की कार कंपनी वोल्वो कार कॉरपोरेशन भारत के लिए अपनी योजनाओं को चुस्त-दुरुस्त कर रही है और वह 2020 तक यहां तीसरी सबसे बड़ी लग्जरी कार कंपनी बनना चाहती है। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 10 जनवरी को इस एरिया के पुलिस थाने में किडनैपिंग के दो मामले दर्ज हुए थे जिसमें शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि किसी आदमी ने उनकी 10 और 9 साल की बेटियों को गुमराह किया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी उन बच्चियों को कथित तौर पर बिल्डिंग की सीढ़ियों पर ले गया और जब वह चीखीं तो उन्हें ले भागा. बताया जा रहा है कि तीन और मामलों में भी ऐसा ही तरीका अपनाया गया और इसलिए पुलिस को शक हुआ कि इस केस में भी उसी व्यक्ति का हाल है.
पुलिस ने जब इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज तलाश किए तो देखा गया कि आरोपी सुनील एक लड़की को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जा रहा है. इसी फुटेज के आधार पर न्यू अशोक नगर से सुनील को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपी का कहना है कि उसे याद नहीं है कि कितनी बच्चियों के साथ उसने गलत काम किया है. उसने यह भी माना कि न्यू अशोक नगर के अलावा गाज़ियाबाद और रुद्रपुर में भी बच्चियों के साथ यौन शोषण किया है.
पुलिस ने जब इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज तलाश किए तो देखा गया कि आरोपी सुनील एक लड़की को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जा रहा है. इसी फुटेज के आधार पर न्यू अशोक नगर से सुनील को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपी का कहना है कि उसे याद नहीं है कि कितनी बच्चियों के साथ उसने गलत काम किया है. उसने यह भी माना कि न्यू अशोक नगर के अलावा गाज़ियाबाद और रुद्रपुर में भी बच्चियों के साथ यौन शोषण किया है. | संक्षिप्त सारांश: न्यू अशोक नगर से सुनील रस्तोगी को यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया
आरोपी का कहना है कि उसने अनगिनत बच्चियों का यौन शोषण किया है
वह हर हफ्ते अपना शिकार ढूंढने दिल्ली आता था | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चौथे वरीय शिव थापा (60 किग्रा) ने आज यहां चुनौतीपूर्ण जीत दर्ज कर एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के क्वार्टरफाइनल में स्थान बना लिया. विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदकधारी और एशियाई प्रतियोगिता के दो बार के पदकधारी शिव ने किर्गिस्तान के ओमुरबेक मालाबेकोव को पछाड़कर अंतिम 8 में जगह सुनिश्चित की. शिव अब कल क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे के चु एन लाई से भिड़ेंगे.टिप्पणियां
उनके अलावा सुमित सांगवान (91 किग्रा) ने बीती रात मंगोलिया के अर्दनेबायार सांदागसुरेन को अंतिम 16 की बाउट में शिकस्त देकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया. एशियाई ओलिंपिक क्वालीफायर के पूर्व स्वर्ण पदकधारी सुमित ने तीसरे वरीय चीन के फेंगकाई यु से भिड़ेंगे. विकास कृष्ण (75 किग्रा), गौरव बिधुड़ी (56 किग्रा) और अमित फांगल (49 किग्रा) अन्य भारतीय मुक्केबाज हैं जिन्होंने अभी तक क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई है. इस टूर्नामेंट में 28 देशों के 179 मुक्केबाज शिरकत कर रहे हैं जो अगस्त-सितंबर में जर्मनी के हैम्बर्ग में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप का क्वालीफायर है. प्रत्येक 10 वजन वर्गों में से शीर्ष छह मुक्केबाज इसके लिये क्वालीफाई करेंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उनके अलावा सुमित सांगवान (91 किग्रा) ने बीती रात मंगोलिया के अर्दनेबायार सांदागसुरेन को अंतिम 16 की बाउट में शिकस्त देकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया. एशियाई ओलिंपिक क्वालीफायर के पूर्व स्वर्ण पदकधारी सुमित ने तीसरे वरीय चीन के फेंगकाई यु से भिड़ेंगे. विकास कृष्ण (75 किग्रा), गौरव बिधुड़ी (56 किग्रा) और अमित फांगल (49 किग्रा) अन्य भारतीय मुक्केबाज हैं जिन्होंने अभी तक क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई है. इस टूर्नामेंट में 28 देशों के 179 मुक्केबाज शिरकत कर रहे हैं जो अगस्त-सितंबर में जर्मनी के हैम्बर्ग में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप का क्वालीफायर है. प्रत्येक 10 वजन वर्गों में से शीर्ष छह मुक्केबाज इसके लिये क्वालीफाई करेंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: किर्गिस्तान के बॉक्सर पर भारी पड़े शिव थापा
सुमित ने मंगोलियाई बॉक्सर को दी शिकस्त
तीन अन्य बॉक्सर भी बना चुके हैं अंतिम 8 में जगह | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पर्यटन मंत्री महेश शर्मा का कहना है कि ‘अतुल्य भारत’ अभियान को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सर्वश्रेष्ठ चेहरा’ हैं और प्रधानमंत्री ने अब तक जिन देशों की यात्रा की है वहां से पर्यटकों की आमद में उछाल देखने को मिला है।
शर्मा ने कहा कि मंत्रालय को विदेशों से पर्यटकों को आकर्षित करने के अभियान के लिए बॉलीवुड के किसी चेहरे की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दो साल में कई देशों की यात्रा की है और इस अवधि में भारत को लेकर धारणा महत्वपूर्ण तरीके से बदली है।’’ मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पद संभालने के बाद जिन देशों की यात्रा की है, वहां से आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है।
शर्मा के इस दावे का समर्थन करते हुए पर्यटन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका, जर्मनी, फिजी, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और म्यामार आदि कई देशों की मोदी की यात्रा के बाद इन देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में महत्वपूर्ण तरीके से बढ़ोतरी हुई है।
अभिनेता अमिताभ बच्चन का नाम पनामा पेपर्स में सामने आने के बाद उन्हें ‘अतुल्य भारत’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर नहीं बनाए जाने की खबरों की पृष्ठभूमि में शर्मा का बयान आया है। विदेशों में भारत को प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के तौर पर प्रचारित करने के उद्देश्य से संचालित इस अभियान से अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को जोड़ने की भी खबरें थीं। इससे पहले अभिनेता आमिर खान इस अभियान से अलग हो गए थे।
इस बीच पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी ने इस साल के अंत तक भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी के लक्ष्य को हासिल करने का विश्वास भी जताया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बॉलीवुड के किसी चेहरे की जरूरत नहीं
पर्यटन मंत्री शर्मा ने कहा, मोदी जिस देश में गए वहां के पर्यटक ज्यादा आए
विदेशी पर्यटकों की संख्या में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का लक्ष्य | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मल्लिका साराभाई के खुलासों से खुद को दूर करते हुए प्रदेश के पूर्व खुफिया ब्यूरो प्रमुख आर बी श्रीकुमार ने आज कहा कि साराभाई ने मीडिया को जिस हलफनामे की प्रति सौंपी है वह उनकी नहीं है। उन्होंने कहा, बांटी जा रही हलफनामे की प्रति मेरी नहीं है। मल्लिका साराभाई ने मीडिया को इसके जो तथ्य बताये हैं वे कुछ हद तक सही नहीं हो सकते। मैंने नानावटी आयोग को 10 पन्नों का हलफनामा जमा किया है जिसके साथ तीन अनुलग्नक हैं और इसे 63 पन्नों का दस्तावेज बनाते हैं। साराभाई द्वारा मीडियाकर्मियों को दी गयी दस्तावेज की प्रति की सत्यता को चुनौती देते हुए श्रीकुमार ने कहा, क्या मीडिया को बांटी गयी तथाकथित हलफनामे की प्रति नानावटी आयोग से ली गयी सत्यापित प्रति है। उन्होंने कहा, कहानी का सार यह है कि गुजरात के मुख्यमंत्री ने एक बैठक बुलाई थी और मुझसे 10 लाख रुपये संजीव भट्ट को देने को कहा था, इसलिए मैंने उन्हें धन दे दिया। श्रीकुमार ने कहा, मुख्यमंत्री और संजीव भट्ट सीधे संपर्क में थे इसलिए मुझे नहीं पता था कि क्या हुआ। इससे पहले साराभाई ने आज गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उच्चतम न्यायालय में दाखिल उनकी एक जनहित याचिका पर कार्यवाही बाधित करने के लिए मोदी ने उनके वकीलों को रिश्वत देने के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल किया। साराभाई ने मीडिया को एक हलफनामे की प्रति मुहैया कराते हुए दावा किया था कि यह श्रीकुमार ने दंगों की जांच कर रहे जी टी नानावटी तथा अक्षय मेहता आयोग को हाल ही में सौंपा था। | यह एक सारांश है: मल्लिका साराभाई के खुलासों से खुद को दूर करते हुए प्रदेश के पूर्व खुफिया ब्यूरो प्रमुख आर बी श्रीकुमार ने कहा कि साराभाई ने मीडिया को जिस हलफनामे की प्रति सौंपी है वह उनकी नहीं है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के औरंगाबाद के बालापुर गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के एक शख्स पर अपनी छह साल की बेटी के मुंह में प्याज ठूंस कर उसे मार डालने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने महज इसलिये अपनी बेटी को मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वो 1 से लेकर 13 तक की गिनती भूल गई।
चिकलथाना पुलिस स्टेशन में तैनात सब इंस्पेक्टर सखू राठौड़ ने बताया कि वारदात नौ जुलाई की है। पुलिस ने आरोपी राजू कुटे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक भारती ने 1 से 12 तक गिनती कर ली, लेकिन उसके बाद वो लड़खड़ा गई जिससे आरोपी गुस्से से भर गया, उसने अपनी बेटी के मुंह में प्याज ठूंस दिया जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने इस खौफनाक मर्डर को अंजाम देने के बाद अपनी बेटी को पास में ही दफन कर दिया। बच्ची की मां की शिकायत के बिना पर पुलिस ने आरोपी राजू को आईपीसी की धारा 302, 201 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
चिकलथाना पुलिस स्टेशन में तैनात सब इंस्पेक्टर सखू राठौड़ ने बताया कि वारदात नौ जुलाई की है। पुलिस ने आरोपी राजू कुटे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक भारती ने 1 से 12 तक गिनती कर ली, लेकिन उसके बाद वो लड़खड़ा गई जिससे आरोपी गुस्से से भर गया, उसने अपनी बेटी के मुंह में प्याज ठूंस दिया जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने इस खौफनाक मर्डर को अंजाम देने के बाद अपनी बेटी को पास में ही दफन कर दिया। बच्ची की मां की शिकायत के बिना पर पुलिस ने आरोपी राजू को आईपीसी की धारा 302, 201 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। | संक्षिप्त सारांश: वह 1 से लेकर 13 तक की गिनती भूल गई
बेटी को घर के पास में ही दफन कर दिया
मां की शिकायत पर आरोपी पिता को पकड़ा गया | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओलिंपिक की तैराकी स्पर्धा में एक बार फिर माइकल फेल्प्स अमेरिकी चुनौती की अगुवाई करेंगे जबकि उनके चैम्पियन बनने की राह में सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई तैराक चुनौती पेश कर सकते हैं. 18 स्वर्ण समेत रिकार्ड 22 ओलंपिक पदक जीत चुके फेल्प्स का यह पांचवां ओलंपिक है.टिप्पणियां
दूसरे शब्दों में कहें तो भारत ने ओलिंपिक में अब तक जितने पदक (कुल 26 पदक) जीते हैं, लगभग उतने पदक तो फेल्प्स अकेले ही जीत चुके हैं. पदकों की उनकी संख्या भारत के कुल पदकों से केवल चार कम है. स्वर्ण पदक के लिहाज से बात करें तो भारत ने अब तक ओलिंपिक में नौ स्वर्ण पदक जीते हैं जबकि अमेरिका का यह तैराक अकेले ही 16 स्वर्ण अपने नाम कर चुका है.
वैसे मैदान के बाहर फेल्प्स का नाम विवादों में भी आ चुका है. एक बार शराब पीकर ड्राइविंग करने के लिए तो उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी. लेकिन फिर उन्होंने माना कि ऐसी गलती उनसे दोबारा नहीं होगी. गौरतलब है कि माइकल फेल्प्स के जबर्दस्त प्रदर्शन की बदौलत अमेरिका ने 2012 में तैराकी में 16 स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य जीते थे, वहीं आस्ट्रेलिया पहली बार एक भी व्यक्तिगत स्वर्ण नहीं जीत सका था. ऑस्ट्रेलिया की कैट कैंपबेल महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल में नया रिकॉर्ड बनाकर आई है जबकि कैमरून मैकएवाय पुरुषों के 50 मीटर और 100 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक के दावेदार हैं.
दूसरे शब्दों में कहें तो भारत ने ओलिंपिक में अब तक जितने पदक (कुल 26 पदक) जीते हैं, लगभग उतने पदक तो फेल्प्स अकेले ही जीत चुके हैं. पदकों की उनकी संख्या भारत के कुल पदकों से केवल चार कम है. स्वर्ण पदक के लिहाज से बात करें तो भारत ने अब तक ओलिंपिक में नौ स्वर्ण पदक जीते हैं जबकि अमेरिका का यह तैराक अकेले ही 16 स्वर्ण अपने नाम कर चुका है.
वैसे मैदान के बाहर फेल्प्स का नाम विवादों में भी आ चुका है. एक बार शराब पीकर ड्राइविंग करने के लिए तो उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी. लेकिन फिर उन्होंने माना कि ऐसी गलती उनसे दोबारा नहीं होगी. गौरतलब है कि माइकल फेल्प्स के जबर्दस्त प्रदर्शन की बदौलत अमेरिका ने 2012 में तैराकी में 16 स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य जीते थे, वहीं आस्ट्रेलिया पहली बार एक भी व्यक्तिगत स्वर्ण नहीं जीत सका था. ऑस्ट्रेलिया की कैट कैंपबेल महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल में नया रिकॉर्ड बनाकर आई है जबकि कैमरून मैकएवाय पुरुषों के 50 मीटर और 100 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक के दावेदार हैं.
वैसे मैदान के बाहर फेल्प्स का नाम विवादों में भी आ चुका है. एक बार शराब पीकर ड्राइविंग करने के लिए तो उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी. लेकिन फिर उन्होंने माना कि ऐसी गलती उनसे दोबारा नहीं होगी. गौरतलब है कि माइकल फेल्प्स के जबर्दस्त प्रदर्शन की बदौलत अमेरिका ने 2012 में तैराकी में 16 स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य जीते थे, वहीं आस्ट्रेलिया पहली बार एक भी व्यक्तिगत स्वर्ण नहीं जीत सका था. ऑस्ट्रेलिया की कैट कैंपबेल महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल में नया रिकॉर्ड बनाकर आई है जबकि कैमरून मैकएवाय पुरुषों के 50 मीटर और 100 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक के दावेदार हैं. | यह एक सारांश है: तैराकी में 18 स्वर्ण सहित 22 पदक जीत चुके हैं फेल्प्स
रियो में भी तैराकी में अमेरिकी चुनौती की अगवानी करेंगे
कई विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित कर चुके हैं | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेत्री और फिल्ममेकर नंदिता दास अपने इंडस्ट्रियलिस्ट पति सुबोध मस्कारा से अलग हो रही हैं. दोनों ने साल 2010 में शादी की थी, उनका छह साल का एक बेटा भी है. अंग्रेजी अखबार डीएनए से बातचीत में नंदिता ने कहा, "हां, यह सच है. मैंने और सुबोध ने अलग होने का फैसला किया है. हमारा बेटा हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है. एक प्यारे और संवेदनशील बच्चे के माता-पिता होने के नाते हम विनती करते हैं कि हमारी और उसकी प्राइवेसी की सम्मान किया जाए. ऐसा कुछ नहीं है जिसे छिपाया जाए और इससे ज्यादा बताने के लिए भी कुछ नहीं है."टिप्पणियां
सुबोध से पहले नंदिता की शादी सौम्य सेन से साल 2002 में हुई थी, दोनों 2007 में अलग हो गए थे. मुंबई बेस्ड इंडस्ट्रियलिस्ट सुबोध से अफेयर के बाद उन्होंने जनवरी 2010 में उनसे शादी कर ली. उसी साल नंदिता ने एक बेटे को जन्म दिया जिसका नाम उन्होंने विहान रका. नंदिता ने डीएनए से कहा, "अलग होना आसान नहीं होता, खासकर तब जब आपका बच्चा हो. हमारे लिए हमारा बेटा सबसे महत्वपूर्ण है और उसे अच्छी परवरिश देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.
नंदिता दास ने साल 1989 में फिल्म 'परिणति' से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी. अपनी बेहतरीन अदाकारी और '1947 अर्थ', 'फायर' और 'हजार चौरासी की मां' जैसी अलग तरह की फिल्मों से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. फिलहाल वह पाकिस्तानी लेखक सआदत हसन मंटो पर आधारित फिल्म का निर्देशन कर रही हैं जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दिकी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. निर्देशक के तौर पर उनकी पहली फिल्म 'फिराक' थी जो 2002 में गुजरात में हुए दंगों पर आधारित थी.
सुबोध से पहले नंदिता की शादी सौम्य सेन से साल 2002 में हुई थी, दोनों 2007 में अलग हो गए थे. मुंबई बेस्ड इंडस्ट्रियलिस्ट सुबोध से अफेयर के बाद उन्होंने जनवरी 2010 में उनसे शादी कर ली. उसी साल नंदिता ने एक बेटे को जन्म दिया जिसका नाम उन्होंने विहान रका. नंदिता ने डीएनए से कहा, "अलग होना आसान नहीं होता, खासकर तब जब आपका बच्चा हो. हमारे लिए हमारा बेटा सबसे महत्वपूर्ण है और उसे अच्छी परवरिश देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.
नंदिता दास ने साल 1989 में फिल्म 'परिणति' से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी. अपनी बेहतरीन अदाकारी और '1947 अर्थ', 'फायर' और 'हजार चौरासी की मां' जैसी अलग तरह की फिल्मों से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. फिलहाल वह पाकिस्तानी लेखक सआदत हसन मंटो पर आधारित फिल्म का निर्देशन कर रही हैं जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दिकी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. निर्देशक के तौर पर उनकी पहली फिल्म 'फिराक' थी जो 2002 में गुजरात में हुए दंगों पर आधारित थी.
नंदिता दास ने साल 1989 में फिल्म 'परिणति' से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी. अपनी बेहतरीन अदाकारी और '1947 अर्थ', 'फायर' और 'हजार चौरासी की मां' जैसी अलग तरह की फिल्मों से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. फिलहाल वह पाकिस्तानी लेखक सआदत हसन मंटो पर आधारित फिल्म का निर्देशन कर रही हैं जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दिकी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. निर्देशक के तौर पर उनकी पहली फिल्म 'फिराक' थी जो 2002 में गुजरात में हुए दंगों पर आधारित थी. | संक्षिप्त सारांश: नंदिता और सुबोध का छह साल का विहान नाम का एक बेटा है.
यह नंदिता दास की दूसरी शादी थी.
नंदिता निर्देशक के तौर पर अपनी दूसरी फिल्म की तैयारियों में व्यस्त हैं. | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आराम लेने के बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस बात से चिंतित हैं कि आगामी लंबे सत्र से पहले उनके तेज गेंदबाज फिटनेस की समस्याओं से जूझ रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सोमवार शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच से पूर्व धोनी ने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि वे (गेंदबाज) फिट हों वरना इसका असर पड़ेगा। इससे कोई मतलब नहीं कि आप चाहे चार ओवर गेंदबाजी कर पा रहे हों या 10 ओवर, स्पिनर हों या तेज गेंदबाज, आप 25 ओवर गेंदबाजी भी कर सकते हैं। धोनी ने कहा, आप अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों को टीम में शामिल करना चाहते हो और वह खेल के लंबे प्रारूप में कम से कम 70-80 प्रतिशत फिट होना चाहिए। भारतीय टीम टेस्ट शृंखला से पहले चोट की समस्याओं से जूझ रही है, क्योंकि हाल में मुनाफ पटेल की दाईं कोहनी की चोट ने टीम की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। इससे पहले जहीर खान और एस श्रीसंत को चोटों की वजह से टीम में शामिल नहीं किया गया था। टीम में शामिल किए गए कर्नाटक के तेज गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन वीजा समस्याओं की वजह से अब तक कैरेबियाई द्वीप पर नहीं पहुंचे हैं। | सारांश: आराम लेने के बाद टीम में वापसी कर रहे भारतीय कप्तान इस बात से चिंतित हैं कि लंबे सत्र से पहले उनके तेज गेंदबाज फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धार्मिक स्वतंत्रता की हिफाजत करने और उसे बढ़ावा देने का संकल्प लेते हुए ईसाई समुदाय की एक सभा में कहा कि आतंकवाद 'आज दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता पर मंडराने वाले सबसे गंभीर और भयावह खतरों में से एक है.'
ट्रंप ने पूर्व सैनिकों के सम्मान में आयोजित 'सेलिब्रेट फ्रीडम' में कहा, 'हम इस आतंकवाद और चरमपंथ को अपने देश में फैलने या हमारे तटों पर या अपने शहरों में शरणस्थली खोजने की अनुमति नहीं दे सकते.'टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो कोई भी हमारे देश से जुड़ना चाहता है, वह हमारे मूल्यों को साझा करे और उसमें हमारी जनता से प्यार करने की क्षमता हो.' यह समारोह ट्रंप की प्रचार रैलियों जैसा था. राष्ट्रपति ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका 'एक बार फिर जीतेगा.'
न्यूज मीडिया पर ट्रंप द्वारा हमले बोले जाने का समर्थन भीड़ ने चिल्लाते हुए किया.
ट्रंप ने पूर्व सैनिकों के सम्मान में आयोजित 'सेलिब्रेट फ्रीडम' में कहा, 'हम इस आतंकवाद और चरमपंथ को अपने देश में फैलने या हमारे तटों पर या अपने शहरों में शरणस्थली खोजने की अनुमति नहीं दे सकते.'टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो कोई भी हमारे देश से जुड़ना चाहता है, वह हमारे मूल्यों को साझा करे और उसमें हमारी जनता से प्यार करने की क्षमता हो.' यह समारोह ट्रंप की प्रचार रैलियों जैसा था. राष्ट्रपति ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका 'एक बार फिर जीतेगा.'
न्यूज मीडिया पर ट्रंप द्वारा हमले बोले जाने का समर्थन भीड़ ने चिल्लाते हुए किया.
उन्होंने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो कोई भी हमारे देश से जुड़ना चाहता है, वह हमारे मूल्यों को साझा करे और उसमें हमारी जनता से प्यार करने की क्षमता हो.' यह समारोह ट्रंप की प्रचार रैलियों जैसा था. राष्ट्रपति ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका 'एक बार फिर जीतेगा.'
न्यूज मीडिया पर ट्रंप द्वारा हमले बोले जाने का समर्थन भीड़ ने चिल्लाते हुए किया.
न्यूज मीडिया पर ट्रंप द्वारा हमले बोले जाने का समर्थन भीड़ ने चिल्लाते हुए किया. | यहाँ एक सारांश है:ईसाई समुदाय की एक सभा में कहा
जो कोई भी हमारे देश से जुड़ना चाहता है, वह हमारे मूल्यों को साझा करे
उसमें हमारी जनता से प्यार करने की क्षमता हो | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: साल के आखिरी कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार पिछले सप्ताह की तेजी को बरकरार रखने में असफल रहे। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह के बंद स्तर के मुकाबले शुक्रवार को 1.80 फीसदी या 283.78 अंकों की गिरावट के साथ 15,454.92 पर और निफ्टी 1.90 फीसदी या 89.70 अंकों की गिरावट के साथ 4,624.30 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह शुक्रवार को 15,738.70 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सप्ताह इसी दिन 4,714.00 पर बंद हुआ था।
इस सप्ताह सेंसेक्स सोमवार को 232.05 अंकों की तेजी के साथ 15,970.75 पर खुला, कारोबारी सप्ताह के शेष दिनों में सेंसेक्स में लगातार गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह गिरावट देखी गई। साप्ताहिक कारोबार में मिडकैप 0.97 फीसदी या 50.14 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,135.05 पर बंद हुआ। मिडकैप पिछले सप्ताह शुक्रवार को 5,185.19 पर बंद हुआ था।
स्मॉलकैप सूचकांक इस सप्ताह 1.15 फीसदी या 64.76 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,550.14 पर बंद हुआ। सूचकांक पिछले सप्ताह इसी दिन 5,614.90 पर बंद हुआ था।
शुक्रवार को सेंसेक्स में 89.01 अंकों और निफ्टी में 21.95 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी।
सेंसेक्स में शुक्रवार को 30 में से आठ शेयरों में तेजी रही। इंफोसिस (0.78 फीसदी), कोल इंडिया (0.72 फीसदी), भेल (0.67 फीसदी), भारती एयरटेल (0.29 फीसदी) और आईटीसी (0.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे आरआईएल (2.81 फीसदी), जिंदल स्टील (2.07 फीसदी), डीएलएफ (2.01 फीसदी), टाटा स्टील (2.00 फीसदी) और टाटा पावर (1.52 फीसदी)।
बीएसई में शुक्रवार को 13 में से चार सेक्टरों सार्वजनिक कम्पनियां (0.98 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.43 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.37 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे तेल एवं गैस (1.47 फीसदी), रियल्टी (1.10 फीसदी), बैंकिंग (0.73 फीसदी), धातु (0.68 फीसदी) और वाहन (0.33 फीसदी)। | सारांश: साल के आखिरी कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार पिछले सप्ताह की तेजी को बरकरार रखने में असफल रहे। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा के सोनीपत जिले में सोमवार देर रात एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने शराब पीने को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी 70 वर्षीया मां के ऊपर केरोसीन छिड़ककर जिंदा जला दिया। पुलिस के मुताबिक सोमवार देर रात सोनीपत के गोहना के निकट शामरी गांव में यह दर्दनाक घटना हुई। पुलिस के अनुसार आरोपी राजकुमार एक किसान है। वह नशीले पदार्थो का सेवन करने के अलावा शराब भी पीता है। गोहना के पुलिस उपाधीक्षक साधू राम ने सोनीपत में संवाददाताओं को बताया, "राजकुमार अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र है। उसका अपनी मां के साथ झगड़ा होता रहता था क्योंकि वह राजकुमार की आदतों और गलत संगति के खिलाफ थीं। सोमवार को मां के साथ गरमागरम बहस होने के बाद उसने किरोसीन तेल छिड़ककर जिंदा जला दिया।" उन्होंने कहा कि राजकुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। | यहाँ एक सारांश है:सोनीपत जिले में एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने शराब पीने को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी 70 वर्षीया मां के ऊपर केरोसीन छिड़ककर जिंदा जला दिया। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्पिनरों के जलवे से पाकिस्तान ने तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में बांग्लादेश को 58 रन से शिकस्त देकर श्रृंखला 3-0 से अपने नाम की। पाकिस्तानी टीम चटगांव में जाहुल अहमद चौधरी स्टेडियम में 177 रन के स्कोर पर सिमट गई थी लेकिन उसके स्पिनरों ने स्पिन के मुफीद उछालभरी पिच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 119 रन के अंदर समेट दिया। शोएब मलिक ने अपना 200वां वनडे खेलते हुए चार ओवर में छह रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि साथ ऑफ स्पिनर मोहम्मद हफीज ने 27 रन देकर तीन विकेट हासिल किए जिससे बांग्लादेश की पूरी टीम 38 ओवर में पवेलियन लौट गई। यह पाकिस्तान की बांग्लादेश के खिलाफ 29 वनडे मैचों में 28वीं जीत थी जिससे कप्तान मिस्बाह उल हक के खिलाड़ियों को शुक्रवार से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला से पहले मनोबल बढ़ गया है। मैच दूसरे सत्र में 20 मिनट के लिए रोकना पड़ा क्योंकि फ्लडलाइट बंद हो गई थी और पूरा स्टेडियम अंधकारमय हो गया था। बांग्लादेश के स्पिनर अब्दुर रज्जाक और महमूदुल्लाह ने तीन-तीन विकेट चटकाकर पाकिस्तान को सस्ते में समेट दिया था। पाकिस्तान की तरफ से उमर अकमल 57 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जबकि मिस्बाह ने 47 रन बनाए। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़े। | यह एक सारांश है: स्पिनरों के जलवे से पाकिस्तान ने तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में बांग्लादेश को 58 रन से शिकस्त देकर श्रृंखला 3-0 से अपने नाम की। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अगला लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तीसरे मोर्चे के लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के प्रयासों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता से मुलाकात की।
अखिलेश ने जयललिता के साथ आधे घंटे की मुलाकात के बाद हालांकि किसी भी सवाल का उत्तर देने से इनकार कर दिया। उन्होंने इससे पहले राष्ट्रीय स्तर पर ‘तीसरे मोर्चे’ का जोरदार समर्थन किया।
उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पहली बार चेन्नई दौरे पर आए अखिलेश ने कहा, ‘‘तीसरा मोर्चा होना चाहिए। हमारा, समाजवादी पार्टी का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक तीसरा मोर्चा होना चाहिए।’’ अखिलेश की यह यात्रा उनके पिता द्वारा वर्ष 2014 चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के विकल्प बनाने का प्रयास तेज करने के बीच हुई है।
अखिलेश ने कहा, ‘‘उन्होंने कांग्रेस और भाजपा ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। उनकी नीतियां गरीब समर्थक नहीं हैं। कांग्रेस और भाजपा और उनके सहयोगी दल कई मोर्चों पर विफल रहे हैं। एक तीसरा मोर्चा होना चाहिए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेगी, अखिलेश ने कहा, ‘‘(समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संबंधों में) अच्छा होता है और खराब होता है। हम सरकार के साथ हैं। हम सरकार से सहयोग कर रहे हैं लेकिन सरकार हमसे सहयोग नहीं कर रही है। (संप्रग से समर्थन वापसी पर) मेरे पिता निर्णय करेंगे।’’ समाजवादी पार्टी 22 सांसदों के साथ कांग्रेसनीत संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन कर रही है।टिप्पणियां
अखिलेश ने अपने चेन्नई दौरे के दौरान पीएमके पार्टी के वन्नियार युवा सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने बाद में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता से सचिवालय में मुलाकात की।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश का नेतृत्व करने के लिए उनकी पार्टी को समर्थन दें। उन्होंने कहा, ‘‘आपके समर्थन के बिना हमें (देश का नेतृत्व करने के लिए) उतनी ताकत नहीं मिल पाएगी।’’ उन्होंने यह कहते हुए दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची से बलात्कार की निंदा की कि, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जो भी सरकार हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे जो भी सरकार हो, यह उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
अखिलेश ने जयललिता के साथ आधे घंटे की मुलाकात के बाद हालांकि किसी भी सवाल का उत्तर देने से इनकार कर दिया। उन्होंने इससे पहले राष्ट्रीय स्तर पर ‘तीसरे मोर्चे’ का जोरदार समर्थन किया।
उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पहली बार चेन्नई दौरे पर आए अखिलेश ने कहा, ‘‘तीसरा मोर्चा होना चाहिए। हमारा, समाजवादी पार्टी का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक तीसरा मोर्चा होना चाहिए।’’ अखिलेश की यह यात्रा उनके पिता द्वारा वर्ष 2014 चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के विकल्प बनाने का प्रयास तेज करने के बीच हुई है।
अखिलेश ने कहा, ‘‘उन्होंने कांग्रेस और भाजपा ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। उनकी नीतियां गरीब समर्थक नहीं हैं। कांग्रेस और भाजपा और उनके सहयोगी दल कई मोर्चों पर विफल रहे हैं। एक तीसरा मोर्चा होना चाहिए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेगी, अखिलेश ने कहा, ‘‘(समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संबंधों में) अच्छा होता है और खराब होता है। हम सरकार के साथ हैं। हम सरकार से सहयोग कर रहे हैं लेकिन सरकार हमसे सहयोग नहीं कर रही है। (संप्रग से समर्थन वापसी पर) मेरे पिता निर्णय करेंगे।’’ समाजवादी पार्टी 22 सांसदों के साथ कांग्रेसनीत संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन कर रही है।टिप्पणियां
अखिलेश ने अपने चेन्नई दौरे के दौरान पीएमके पार्टी के वन्नियार युवा सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने बाद में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता से सचिवालय में मुलाकात की।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश का नेतृत्व करने के लिए उनकी पार्टी को समर्थन दें। उन्होंने कहा, ‘‘आपके समर्थन के बिना हमें (देश का नेतृत्व करने के लिए) उतनी ताकत नहीं मिल पाएगी।’’ उन्होंने यह कहते हुए दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची से बलात्कार की निंदा की कि, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जो भी सरकार हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे जो भी सरकार हो, यह उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पहली बार चेन्नई दौरे पर आए अखिलेश ने कहा, ‘‘तीसरा मोर्चा होना चाहिए। हमारा, समाजवादी पार्टी का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक तीसरा मोर्चा होना चाहिए।’’ अखिलेश की यह यात्रा उनके पिता द्वारा वर्ष 2014 चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के विकल्प बनाने का प्रयास तेज करने के बीच हुई है।
अखिलेश ने कहा, ‘‘उन्होंने कांग्रेस और भाजपा ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। उनकी नीतियां गरीब समर्थक नहीं हैं। कांग्रेस और भाजपा और उनके सहयोगी दल कई मोर्चों पर विफल रहे हैं। एक तीसरा मोर्चा होना चाहिए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेगी, अखिलेश ने कहा, ‘‘(समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संबंधों में) अच्छा होता है और खराब होता है। हम सरकार के साथ हैं। हम सरकार से सहयोग कर रहे हैं लेकिन सरकार हमसे सहयोग नहीं कर रही है। (संप्रग से समर्थन वापसी पर) मेरे पिता निर्णय करेंगे।’’ समाजवादी पार्टी 22 सांसदों के साथ कांग्रेसनीत संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन कर रही है।टिप्पणियां
अखिलेश ने अपने चेन्नई दौरे के दौरान पीएमके पार्टी के वन्नियार युवा सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने बाद में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता से सचिवालय में मुलाकात की।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश का नेतृत्व करने के लिए उनकी पार्टी को समर्थन दें। उन्होंने कहा, ‘‘आपके समर्थन के बिना हमें (देश का नेतृत्व करने के लिए) उतनी ताकत नहीं मिल पाएगी।’’ उन्होंने यह कहते हुए दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची से बलात्कार की निंदा की कि, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जो भी सरकार हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे जो भी सरकार हो, यह उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
अखिलेश ने कहा, ‘‘उन्होंने कांग्रेस और भाजपा ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। उनकी नीतियां गरीब समर्थक नहीं हैं। कांग्रेस और भाजपा और उनके सहयोगी दल कई मोर्चों पर विफल रहे हैं। एक तीसरा मोर्चा होना चाहिए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेगी, अखिलेश ने कहा, ‘‘(समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संबंधों में) अच्छा होता है और खराब होता है। हम सरकार के साथ हैं। हम सरकार से सहयोग कर रहे हैं लेकिन सरकार हमसे सहयोग नहीं कर रही है। (संप्रग से समर्थन वापसी पर) मेरे पिता निर्णय करेंगे।’’ समाजवादी पार्टी 22 सांसदों के साथ कांग्रेसनीत संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन कर रही है।टिप्पणियां
अखिलेश ने अपने चेन्नई दौरे के दौरान पीएमके पार्टी के वन्नियार युवा सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने बाद में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता से सचिवालय में मुलाकात की।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश का नेतृत्व करने के लिए उनकी पार्टी को समर्थन दें। उन्होंने कहा, ‘‘आपके समर्थन के बिना हमें (देश का नेतृत्व करने के लिए) उतनी ताकत नहीं मिल पाएगी।’’ उन्होंने यह कहते हुए दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची से बलात्कार की निंदा की कि, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जो भी सरकार हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे जो भी सरकार हो, यह उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेगी, अखिलेश ने कहा, ‘‘(समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संबंधों में) अच्छा होता है और खराब होता है। हम सरकार के साथ हैं। हम सरकार से सहयोग कर रहे हैं लेकिन सरकार हमसे सहयोग नहीं कर रही है। (संप्रग से समर्थन वापसी पर) मेरे पिता निर्णय करेंगे।’’ समाजवादी पार्टी 22 सांसदों के साथ कांग्रेसनीत संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन कर रही है।टिप्पणियां
अखिलेश ने अपने चेन्नई दौरे के दौरान पीएमके पार्टी के वन्नियार युवा सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने बाद में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता से सचिवालय में मुलाकात की।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश का नेतृत्व करने के लिए उनकी पार्टी को समर्थन दें। उन्होंने कहा, ‘‘आपके समर्थन के बिना हमें (देश का नेतृत्व करने के लिए) उतनी ताकत नहीं मिल पाएगी।’’ उन्होंने यह कहते हुए दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची से बलात्कार की निंदा की कि, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जो भी सरकार हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे जो भी सरकार हो, यह उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
अखिलेश ने अपने चेन्नई दौरे के दौरान पीएमके पार्टी के वन्नियार युवा सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने बाद में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता से सचिवालय में मुलाकात की।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश का नेतृत्व करने के लिए उनकी पार्टी को समर्थन दें। उन्होंने कहा, ‘‘आपके समर्थन के बिना हमें (देश का नेतृत्व करने के लिए) उतनी ताकत नहीं मिल पाएगी।’’ उन्होंने यह कहते हुए दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची से बलात्कार की निंदा की कि, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जो भी सरकार हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे जो भी सरकार हो, यह उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश का नेतृत्व करने के लिए उनकी पार्टी को समर्थन दें। उन्होंने कहा, ‘‘आपके समर्थन के बिना हमें (देश का नेतृत्व करने के लिए) उतनी ताकत नहीं मिल पाएगी।’’ उन्होंने यह कहते हुए दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची से बलात्कार की निंदा की कि, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जो भी सरकार हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे जो भी सरकार हो, यह उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’ | यह एक सारांश है: अखिलेश ने जयललिता के साथ आधे घंटे की मुलाकात के बाद हालांकि किसी भी सवाल का उत्तर देने से इनकार कर दिया। उन्होंने इससे पहले राष्ट्रीय स्तर पर ‘तीसरे मोर्चे’ का जोरदार समर्थन किया। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एम्स में जीवन और मौत से संघर्ष कर रही दो साल की बच्ची फलक की स्थिति में मामूली सुधार हुआ है वहीं दो महिलाओं ने अस्पताल से संपर्क कर दावा किया कि बच्ची उनकी रिश्तेदार है।
उधर, पुलिस को बच्ची के अभिभावकों के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। वहीं पुलिस बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराने वाली किशोरी का यौन उत्पीड़न करने वाले आरोपी का पता लगाने का भी प्रयास कर रही है।
बच्ची को 18 जनवरी को अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था। उस समय बच्ची के शरीर पर कई जख्म थे। बच्ची का एम्स के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है।टिप्पणियां
डॉ. सुमीत सिन्हा ने कहा कि हम रोजाना गंभीर मामले देखते हैं ,लेकिन इस बच्ची की जैसी स्थिति है, वैसा मामला कभी नहीं देखा।
एम्स के एक न्यूरोसर्जन दीपक अग्रवाल ने कहा कि दो महिलाओं ने अस्पताल से संपर्क कर दावा किया है कि बच्ची उनकी रिश्तेदार है। दोनों महिलाओं को पुलिस से संपर्क करने को कहा गया। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनसे किसी ने भी संपर्क नहीं किया है।
उधर, पुलिस को बच्ची के अभिभावकों के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। वहीं पुलिस बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराने वाली किशोरी का यौन उत्पीड़न करने वाले आरोपी का पता लगाने का भी प्रयास कर रही है।
बच्ची को 18 जनवरी को अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था। उस समय बच्ची के शरीर पर कई जख्म थे। बच्ची का एम्स के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है।टिप्पणियां
डॉ. सुमीत सिन्हा ने कहा कि हम रोजाना गंभीर मामले देखते हैं ,लेकिन इस बच्ची की जैसी स्थिति है, वैसा मामला कभी नहीं देखा।
एम्स के एक न्यूरोसर्जन दीपक अग्रवाल ने कहा कि दो महिलाओं ने अस्पताल से संपर्क कर दावा किया है कि बच्ची उनकी रिश्तेदार है। दोनों महिलाओं को पुलिस से संपर्क करने को कहा गया। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनसे किसी ने भी संपर्क नहीं किया है।
बच्ची को 18 जनवरी को अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था। उस समय बच्ची के शरीर पर कई जख्म थे। बच्ची का एम्स के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है।टिप्पणियां
डॉ. सुमीत सिन्हा ने कहा कि हम रोजाना गंभीर मामले देखते हैं ,लेकिन इस बच्ची की जैसी स्थिति है, वैसा मामला कभी नहीं देखा।
एम्स के एक न्यूरोसर्जन दीपक अग्रवाल ने कहा कि दो महिलाओं ने अस्पताल से संपर्क कर दावा किया है कि बच्ची उनकी रिश्तेदार है। दोनों महिलाओं को पुलिस से संपर्क करने को कहा गया। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनसे किसी ने भी संपर्क नहीं किया है।
डॉ. सुमीत सिन्हा ने कहा कि हम रोजाना गंभीर मामले देखते हैं ,लेकिन इस बच्ची की जैसी स्थिति है, वैसा मामला कभी नहीं देखा।
एम्स के एक न्यूरोसर्जन दीपक अग्रवाल ने कहा कि दो महिलाओं ने अस्पताल से संपर्क कर दावा किया है कि बच्ची उनकी रिश्तेदार है। दोनों महिलाओं को पुलिस से संपर्क करने को कहा गया। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनसे किसी ने भी संपर्क नहीं किया है।
एम्स के एक न्यूरोसर्जन दीपक अग्रवाल ने कहा कि दो महिलाओं ने अस्पताल से संपर्क कर दावा किया है कि बच्ची उनकी रिश्तेदार है। दोनों महिलाओं को पुलिस से संपर्क करने को कहा गया। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनसे किसी ने भी संपर्क नहीं किया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एम्स में जीवन और मौत से संघर्ष कर रही दो साल की बच्ची फलक की स्थिति में मामूली सुधार हुआ है वहीं दो महिलाओं ने अस्पताल से संपर्क कर दावा किया कि बच्ची उनकी रिश्तेदार है। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चलन से बाहर किए गए नोटों को अवैध रूप से बदलने में शामिल रैकेट का पर्दाफाश करते हुए ईडी ने धनशोधन मामले में जांच के तहत सात कथित बिचौलियों को गिरफ्तार किया है और कर्नाटक में 93 लाख रुपये के नए नोट बरामद किए हैं.
अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने धनशोधन रोकथान कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कल देर रात एक सरकारी अधिकारी के संबंधी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि 93 लाख रुपये के नए नोट बरामद हुए. ये नोट दो-दो हजार रुपये के हैं.
अधिकारियों ने बताया कि एक मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई. इस मामले में आयकर विभाग ने हाल में 5.7 करोड़ रुपये के नए नोट बरामद किए थे और प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार में एक सरकारी इंजीनियर एवं अन्य के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था.
उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों ने एक विशेष अभियान शुरू किया. उन्होंने अवैध रूप से पुराने नोट बदलवाने वाले ‘ग्राहकों’ के रूप में स्वयं को पेश किया अैर कथित बिचौलियों को कमीशन दिया. इसके बाद कथित बिचौलियों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ.
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने जांच में पाया कि ये कथित बिचौलिये 15 से 35 प्रतिशत के बीच कमीशन कथित रूप से ले रहे थे और बैंक अधिकारियों की कथित मिली भगत से पुराने नोटों को अवैध रूप से नए नोटों में बदलने का गिरोह चला रहे थे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि कालेधन को सफेद धन में बदलने में शामिल बिचौलियों की एक श्रृंखला है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों को आगे हिरासत में लेने के लिए यहां स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने धनशोधन रोकथान कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कल देर रात एक सरकारी अधिकारी के संबंधी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि 93 लाख रुपये के नए नोट बरामद हुए. ये नोट दो-दो हजार रुपये के हैं.
अधिकारियों ने बताया कि एक मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई. इस मामले में आयकर विभाग ने हाल में 5.7 करोड़ रुपये के नए नोट बरामद किए थे और प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार में एक सरकारी इंजीनियर एवं अन्य के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था.
उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों ने एक विशेष अभियान शुरू किया. उन्होंने अवैध रूप से पुराने नोट बदलवाने वाले ‘ग्राहकों’ के रूप में स्वयं को पेश किया अैर कथित बिचौलियों को कमीशन दिया. इसके बाद कथित बिचौलियों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ.
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने जांच में पाया कि ये कथित बिचौलिये 15 से 35 प्रतिशत के बीच कमीशन कथित रूप से ले रहे थे और बैंक अधिकारियों की कथित मिली भगत से पुराने नोटों को अवैध रूप से नए नोटों में बदलने का गिरोह चला रहे थे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि कालेधन को सफेद धन में बदलने में शामिल बिचौलियों की एक श्रृंखला है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों को आगे हिरासत में लेने के लिए यहां स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने बताया कि एक मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई. इस मामले में आयकर विभाग ने हाल में 5.7 करोड़ रुपये के नए नोट बरामद किए थे और प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार में एक सरकारी इंजीनियर एवं अन्य के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था.
उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों ने एक विशेष अभियान शुरू किया. उन्होंने अवैध रूप से पुराने नोट बदलवाने वाले ‘ग्राहकों’ के रूप में स्वयं को पेश किया अैर कथित बिचौलियों को कमीशन दिया. इसके बाद कथित बिचौलियों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ.
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने जांच में पाया कि ये कथित बिचौलिये 15 से 35 प्रतिशत के बीच कमीशन कथित रूप से ले रहे थे और बैंक अधिकारियों की कथित मिली भगत से पुराने नोटों को अवैध रूप से नए नोटों में बदलने का गिरोह चला रहे थे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि कालेधन को सफेद धन में बदलने में शामिल बिचौलियों की एक श्रृंखला है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों को आगे हिरासत में लेने के लिए यहां स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों ने एक विशेष अभियान शुरू किया. उन्होंने अवैध रूप से पुराने नोट बदलवाने वाले ‘ग्राहकों’ के रूप में स्वयं को पेश किया अैर कथित बिचौलियों को कमीशन दिया. इसके बाद कथित बिचौलियों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ.
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने जांच में पाया कि ये कथित बिचौलिये 15 से 35 प्रतिशत के बीच कमीशन कथित रूप से ले रहे थे और बैंक अधिकारियों की कथित मिली भगत से पुराने नोटों को अवैध रूप से नए नोटों में बदलने का गिरोह चला रहे थे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि कालेधन को सफेद धन में बदलने में शामिल बिचौलियों की एक श्रृंखला है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों को आगे हिरासत में लेने के लिए यहां स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने जांच में पाया कि ये कथित बिचौलिये 15 से 35 प्रतिशत के बीच कमीशन कथित रूप से ले रहे थे और बैंक अधिकारियों की कथित मिली भगत से पुराने नोटों को अवैध रूप से नए नोटों में बदलने का गिरोह चला रहे थे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि कालेधन को सफेद धन में बदलने में शामिल बिचौलियों की एक श्रृंखला है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों को आगे हिरासत में लेने के लिए यहां स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि कालेधन को सफेद धन में बदलने में शामिल बिचौलियों की एक श्रृंखला है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों को आगे हिरासत में लेने के लिए यहां स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: गए नोटों को अवैध रूप से बदलने में शामिल रैकेट का पर्दाफाश
सात कथित बिचौलियों को गिरफ्तार किया है
कर्नाटक में 93 लाख रुपये के नए नोट बरामद किए हैं. | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अवैध होर्डिंग को लेकर तमिलनाडु सरकार को फटकार लगाते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पूछा कि इस तरह के बैनरों से और कितनी जानें जाएंगीं जो लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं. एक दिन पहले महानगर में एक अवैध होर्डिंग 23 वर्षीय महिला इंजीनियर पर गिर गया जिस कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गई. इस दौरान पानी के टैंकर ने उसे कुचल दिया. अदालत ने पूछा कि क्या सरकार ऐसे अनधिकृत बैनरों के खिलाफ कड़ा रूख अपनाएगी. न्यायमूर्ति एम. सत्यनारायण और न्यायमूर्ति एन. शेशासाय ने आश्चर्य जताया, ‘‘राज्य सरकार को सड़कों को पेंट करने के लिए और कितने लीटर खून की जरूरत है.''
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि पीड़ित के परिवार को पांच लाख रुपये अंतरिम मुआवजा दिया जाए. साथ ही सरकार को यह राशि इसके जिम्मेदार अधिकारियों से वसूलने की छूट भी दी. अदालत ने सरकार को निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सहित उचित कार्रवाई की जाए, चाहे वे पुलिस विभाग के हों या चेन्नई निगम के हों. अदालत ने पूछा कि क्या अब कम से कम मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ऐसे अनधिकृत बैनरों के खिलाफ बयान जारी करना चाहेंगे.
अदालत ने ‘‘घोर नौकरशाही उदासनीता'' की तरफ इंगित करते हुए कहा, ‘‘इस देश में जीवन का कोई मूल्य नहीं है.'' अदालत ने टिप्पणी की, ‘‘हमारा इस सरकार में विश्वास नहीं है.'' अदालत ने यह टिप्पणी सामाजिक कार्यकर्ता 'ट्रैफिक' रामास्वामी की याचिका पर की. ये अवैध होर्डिंग के कारण बृहस्पतिवार को इंजीनियर की मौत को अदालत के संज्ञान में लाये.
अदालत ने पूछा, ‘‘सोचिए लड़की देश की जीडीपी में क्या योगदान कर सकती थी. क्या वह नेता बिना बैनर के अपने परिवार में शादी आयोजित नहीं कर सकता था.'' अदालत ने कहा कि कम से कम राजनीतिक दलों को ऐसे अवैध कार्यों के खिलाफ आंदोलन चलाना चाहिए. बाद में महाधिवक्ता विजय नारायण ने अदालत को बताया कि सत्तारूढ़ और विपक्षी दल दोनों ने इस संबंध में बयान जारी कर अपने कार्यकर्ताओं को बिना इजाजत ऐसे बैनर लगाने से परहेज करने को कहा है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अवैध होर्डिंग को लेकर तमिलनाडु सरकार को फटकार
मद्रास उच्च न्यायालय ने पूछा- और कितनी जानें जाएंगीं
पीड़ित के परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा का निर्देश | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए क्रिस रोजर्स और शान वाटसन की मदद से शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे एशेज टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 222 रन बना लिये।
तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्राड के तीन शुरुआती झटकों से लंच तक ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 75 रन पर तीन विकेट खो दिए थे और 76 पर स्टीवन स्मिथ (17) के रूप में चौथा विकेट खोकर मुश्किल में थी।
लेकिन, रोजर्स और वाटसन की बदौलत टीम उबरने में सफल रही और इंग्लैंड की पहली पारी के 238 रन के जवाब में 90 रन से पिछड़ रही है। रोजर्स 71 रन और आल राउंडर वाटसन 38 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं, दोनों ने अब तक 72 रन की भागीदारी निभा ली।
डीआरएस विवाद आज फिर गरमा गया जब टानी हिल ने ब्राड की गेंद पर रोजर्स को 20 रन के स्कोर पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट का फैसला किया।
रोजर्स ने इसकी समीक्षा का फैसला किया और हाट स्पॉट में पता चला कि उनके बल्ले से गेंद नहीं लगी थी। हालांकि गेंद रोजर्स के बैड पैड पर लगी थी, लेकिन इसमें वह पगबाधा भी आउट नहीं थे।
लंच से पहले ब्रॉड ने सात ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट प्राप्त किये। उन्होंने कप्तान माइकल क्लार्क (6), सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (3) और उस्मान ख्वाजा (00) के विकेट चटकाए।
दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ का विकेट खोया जो लंच के तुरंत बाद टिम ब्रेसनन की गेंद पर आउट हुए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में रात के 238 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। अंतिम खिलाड़ी जेम्स एंडरसन (16) को जैक्सन बर्ड ने दिन के खेल के दूसरे ओवर में बोल्ड किया। टिम ब्रेसनन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम के लिए कप्तान एलिस्टर कुक 51 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्राड के तीन शुरुआती झटकों से लंच तक ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 75 रन पर तीन विकेट खो दिए थे और 76 पर स्टीवन स्मिथ (17) के रूप में चौथा विकेट खोकर मुश्किल में थी।
लेकिन, रोजर्स और वाटसन की बदौलत टीम उबरने में सफल रही और इंग्लैंड की पहली पारी के 238 रन के जवाब में 90 रन से पिछड़ रही है। रोजर्स 71 रन और आल राउंडर वाटसन 38 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं, दोनों ने अब तक 72 रन की भागीदारी निभा ली।
डीआरएस विवाद आज फिर गरमा गया जब टानी हिल ने ब्राड की गेंद पर रोजर्स को 20 रन के स्कोर पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट का फैसला किया।
रोजर्स ने इसकी समीक्षा का फैसला किया और हाट स्पॉट में पता चला कि उनके बल्ले से गेंद नहीं लगी थी। हालांकि गेंद रोजर्स के बैड पैड पर लगी थी, लेकिन इसमें वह पगबाधा भी आउट नहीं थे।
लंच से पहले ब्रॉड ने सात ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट प्राप्त किये। उन्होंने कप्तान माइकल क्लार्क (6), सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (3) और उस्मान ख्वाजा (00) के विकेट चटकाए।
दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ का विकेट खोया जो लंच के तुरंत बाद टिम ब्रेसनन की गेंद पर आउट हुए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में रात के 238 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। अंतिम खिलाड़ी जेम्स एंडरसन (16) को जैक्सन बर्ड ने दिन के खेल के दूसरे ओवर में बोल्ड किया। टिम ब्रेसनन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम के लिए कप्तान एलिस्टर कुक 51 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
लेकिन, रोजर्स और वाटसन की बदौलत टीम उबरने में सफल रही और इंग्लैंड की पहली पारी के 238 रन के जवाब में 90 रन से पिछड़ रही है। रोजर्स 71 रन और आल राउंडर वाटसन 38 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं, दोनों ने अब तक 72 रन की भागीदारी निभा ली।
डीआरएस विवाद आज फिर गरमा गया जब टानी हिल ने ब्राड की गेंद पर रोजर्स को 20 रन के स्कोर पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट का फैसला किया।
रोजर्स ने इसकी समीक्षा का फैसला किया और हाट स्पॉट में पता चला कि उनके बल्ले से गेंद नहीं लगी थी। हालांकि गेंद रोजर्स के बैड पैड पर लगी थी, लेकिन इसमें वह पगबाधा भी आउट नहीं थे।
लंच से पहले ब्रॉड ने सात ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट प्राप्त किये। उन्होंने कप्तान माइकल क्लार्क (6), सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (3) और उस्मान ख्वाजा (00) के विकेट चटकाए।
दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ का विकेट खोया जो लंच के तुरंत बाद टिम ब्रेसनन की गेंद पर आउट हुए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में रात के 238 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। अंतिम खिलाड़ी जेम्स एंडरसन (16) को जैक्सन बर्ड ने दिन के खेल के दूसरे ओवर में बोल्ड किया। टिम ब्रेसनन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम के लिए कप्तान एलिस्टर कुक 51 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
डीआरएस विवाद आज फिर गरमा गया जब टानी हिल ने ब्राड की गेंद पर रोजर्स को 20 रन के स्कोर पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट का फैसला किया।
रोजर्स ने इसकी समीक्षा का फैसला किया और हाट स्पॉट में पता चला कि उनके बल्ले से गेंद नहीं लगी थी। हालांकि गेंद रोजर्स के बैड पैड पर लगी थी, लेकिन इसमें वह पगबाधा भी आउट नहीं थे।
लंच से पहले ब्रॉड ने सात ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट प्राप्त किये। उन्होंने कप्तान माइकल क्लार्क (6), सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (3) और उस्मान ख्वाजा (00) के विकेट चटकाए।
दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ का विकेट खोया जो लंच के तुरंत बाद टिम ब्रेसनन की गेंद पर आउट हुए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में रात के 238 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। अंतिम खिलाड़ी जेम्स एंडरसन (16) को जैक्सन बर्ड ने दिन के खेल के दूसरे ओवर में बोल्ड किया। टिम ब्रेसनन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम के लिए कप्तान एलिस्टर कुक 51 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
रोजर्स ने इसकी समीक्षा का फैसला किया और हाट स्पॉट में पता चला कि उनके बल्ले से गेंद नहीं लगी थी। हालांकि गेंद रोजर्स के बैड पैड पर लगी थी, लेकिन इसमें वह पगबाधा भी आउट नहीं थे।
लंच से पहले ब्रॉड ने सात ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट प्राप्त किये। उन्होंने कप्तान माइकल क्लार्क (6), सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (3) और उस्मान ख्वाजा (00) के विकेट चटकाए।
दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ का विकेट खोया जो लंच के तुरंत बाद टिम ब्रेसनन की गेंद पर आउट हुए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में रात के 238 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। अंतिम खिलाड़ी जेम्स एंडरसन (16) को जैक्सन बर्ड ने दिन के खेल के दूसरे ओवर में बोल्ड किया। टिम ब्रेसनन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम के लिए कप्तान एलिस्टर कुक 51 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
लंच से पहले ब्रॉड ने सात ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट प्राप्त किये। उन्होंने कप्तान माइकल क्लार्क (6), सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (3) और उस्मान ख्वाजा (00) के विकेट चटकाए।
दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ का विकेट खोया जो लंच के तुरंत बाद टिम ब्रेसनन की गेंद पर आउट हुए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में रात के 238 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। अंतिम खिलाड़ी जेम्स एंडरसन (16) को जैक्सन बर्ड ने दिन के खेल के दूसरे ओवर में बोल्ड किया। टिम ब्रेसनन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम के लिए कप्तान एलिस्टर कुक 51 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ का विकेट खोया जो लंच के तुरंत बाद टिम ब्रेसनन की गेंद पर आउट हुए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में रात के 238 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। अंतिम खिलाड़ी जेम्स एंडरसन (16) को जैक्सन बर्ड ने दिन के खेल के दूसरे ओवर में बोल्ड किया। टिम ब्रेसनन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम के लिए कप्तान एलिस्टर कुक 51 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में रात के 238 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। अंतिम खिलाड़ी जेम्स एंडरसन (16) को जैक्सन बर्ड ने दिन के खेल के दूसरे ओवर में बोल्ड किया। टिम ब्रेसनन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम के लिए कप्तान एलिस्टर कुक 51 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
ऑस्ट्रेलिया के आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 20 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट चटकाए। बर्ड और रेयान हैरिस ने दो-दो विकेट प्राप्त किए जबकि शेन वाटसन और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है।
इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से एशेज ट्रॉफी हासिल कर चुकी है और पांच मैचों की शृंखला में 2-0 से बढ़त बनाए है। | संक्षिप्त पाठ: ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए क्रिस रोजर्स और शान वाटसन की मदद से शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे एशेज टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 222 रन बना लिये। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले दो अलग अलग अदालतों में चल रही मामले की सुनवाई एक जगह क्यों न हो?
कोर्ट ने पूछा था रायबरेली में चल रहे मामले की सुनवाई को क्यों न लखनऊ ट्रांसफर कर दिया जाए, जहां कारसेवकों से जुड़े एक मामले की सुनवाई पहले से ही चल रही है. वहीं लालकृष्ण आडवाणी की ओर से इसका विरोध किया गया था. कहा गया कि इस मामले में 183 गवाहों को फिर से बुलाना पड़ेगा जो काफी मुश्किल है. कोर्ट को साजिश के मामले की दोबारा सुनवाई के आदेश नहीं देने चाहिए. टिप्पणियां
दरअसल आडवाणी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, और बीजेपी, विहिप के अन्य नेताओं पर से आपराधिक साजिश रचने के आरोप हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इन अपीलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 मई 2010 के आदेश को खारिज करने का आग्रह किया गया है. हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) हटा दिया था. पिछले साल सितंबर में सीबीआई ने शीर्ष अदालत से कहा था कि उसकी नीति निर्धारण प्रक्रिया किसी से भी प्रभावित नहीं होती और वरिष्ठ भाजपा नेताओं पर से आपराधिक साजिश रचने के आरोप हटाने की कार्रवाई उसके (एजेंसी के) कहने पर नहीं हुई.
सीबीआई ने एक हलफनामे में कहा था कि सीबीआई की नीति निर्धारण प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र है. सभी फैसले मौजूदा कानून के आलोक में सही तथ्यों के आधार पर किए जाते हैं. किसी शख्स, निकाय या संस्था से सीबीआई की नीति निर्धारण प्रक्रिया के प्रभावित होने या अदालतों में मामला लड़ने के उसके तरीके के प्रभावित होने का कोई सवाल नहीं है.
दरअसल आडवाणी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, और बीजेपी, विहिप के अन्य नेताओं पर से आपराधिक साजिश रचने के आरोप हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इन अपीलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 मई 2010 के आदेश को खारिज करने का आग्रह किया गया है. हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) हटा दिया था. पिछले साल सितंबर में सीबीआई ने शीर्ष अदालत से कहा था कि उसकी नीति निर्धारण प्रक्रिया किसी से भी प्रभावित नहीं होती और वरिष्ठ भाजपा नेताओं पर से आपराधिक साजिश रचने के आरोप हटाने की कार्रवाई उसके (एजेंसी के) कहने पर नहीं हुई.
सीबीआई ने एक हलफनामे में कहा था कि सीबीआई की नीति निर्धारण प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र है. सभी फैसले मौजूदा कानून के आलोक में सही तथ्यों के आधार पर किए जाते हैं. किसी शख्स, निकाय या संस्था से सीबीआई की नीति निर्धारण प्रक्रिया के प्रभावित होने या अदालतों में मामला लड़ने के उसके तरीके के प्रभावित होने का कोई सवाल नहीं है.
सीबीआई ने एक हलफनामे में कहा था कि सीबीआई की नीति निर्धारण प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र है. सभी फैसले मौजूदा कानून के आलोक में सही तथ्यों के आधार पर किए जाते हैं. किसी शख्स, निकाय या संस्था से सीबीआई की नीति निर्धारण प्रक्रिया के प्रभावित होने या अदालतों में मामला लड़ने के उसके तरीके के प्रभावित होने का कोई सवाल नहीं है. | यह एक सारांश है: बाबरी मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में फिर टली, अब 6 अप्रैल को
सीबीआई, लालकृष्ण आडवाणी समेत सभी पक्षों से मांगा जवाब
महज टेक्नीकल ग्राउंड पर राहत नहीं दी जा सकती : कोर्ट | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक के गृहमंत्री ए अशोक ने सोमवार को कहा कि राज्य के बीजापुर जिले में हाल में पाकिस्तानी झंडा फहराये जाने के मामले में दक्षिण पंथी श्रीराम सेना का हाथ होने के कुछ सबूत मिले हैं लेकिन उन्होंने फिलहाल इस संगठन पर प्रतिबंध लगाये जाने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि अभी इस मामले की जांच एक निश्चित स्तर पर है और राज्य सरकार इस मामले में आरोप पत्र दायर करते समय अपना रूख स्पष्ट करेगी। अशोक ने कहा कि किसी भी संगठन पर प्रतिबंध लगाने के लिये सही और ठोस सबूतों की जरूरत पड़ती है। अभी श्रीराम सेना पर प्रतिबंध लगाये जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वह मुख्यमंत्री डी वी सदानंद गौडा से बातचीत करेंगे।
उन्होंने कहा कि अभी इस मामले की जांच एक निश्चित स्तर पर है और राज्य सरकार इस मामले में आरोप पत्र दायर करते समय अपना रूख स्पष्ट करेगी। अशोक ने कहा कि किसी भी संगठन पर प्रतिबंध लगाने के लिये सही और ठोस सबूतों की जरूरत पड़ती है। अभी श्रीराम सेना पर प्रतिबंध लगाये जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वह मुख्यमंत्री डी वी सदानंद गौडा से बातचीत करेंगे। | यह एक सारांश है: कर्नाटक के गृहमंत्री ए अशोक ने सोमवार को कहा कि राज्य के बीजापुर जिले में हाल में पाकिस्तानी झंडा फहराये जाने के मामले में दक्षिण पंथी श्रीराम सेना का हाथ होने के कुछ सबूत मिले हैं। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के सिंगूर में टाटा नैनो प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहीत की गई करीब 1,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण रद्द कर दिया है. टाटा के साथ-साथ इसे वामदलों के लिए भी जोरदार झटका माना जा रहा है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन बुद्धदेब भट्टाचार्य सरकार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार ने सत्ता के साथ फ्रॉड किया. सुप्रीम कोर्ट ने अब किसानों को उनकी ज़मीन लौटाने के लिए 12 हफ्ते का वक्त दिया है.
यह अधिग्रहण वर्ष 2006 में वाम सरकार के कार्यकाल के दौरान किया गया था. कोर्ट ने कहा, प्राइवेट कंपनी के लिए ज़मीन अधिग्रहण करना जनहित का फैसला नहीं होता, और राज्य सरकार ने इस मामले में सही तरीके से नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए यह अधिग्रहण पूरी तरह गैरकानूनी है. राज्य सरकार ने उस वक्त विरोध कर रहे किसानों की बात तक नहीं सुनी, और उन्हें अधिग्रहण के लिए सही मुआवजा भी नहीं दिया गया. अपने फैसले में कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों को मुआवजा मिल चुका है, उनसे वापस नहीं लिया जा सकता, क्योंकि एक दशक से वे अपनी ज़मीनों से वंचित हैं.टिप्पणियां
इससे पहले, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सरकार के अधिग्रहण को सही ठहराया था, जिसके खिलाफ किसानों की ओर से गैर सरकारी संगठनों ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लेफ्ट सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लगता है सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए जिस तरह जमीन का अधिग्रहण किया, वह तमाशा और नियम-कानून को ताक पर रखकर जल्दबाजी में लिया गया फैसला था. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था, सरकार ने यह तय कर लिया था कि इसी प्रोजेक्ट को जमीन देनी है और भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 का पूरी तरह पालन नहीं किया गया.
वहीं, टाटा ने मामले को पांच जजों की संवैधानिक पीठ को भेजे जाने की मांग की थी. वैसे हालात को देखते हुए टाटा ने नैनो प्रोजेक्ट को गुजरात में स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन टाटा का यह भी कहना था कि सिंगूर की यह जमीन वह किसी और प्रोजेक्ट के लिए रखेगी.
यह अधिग्रहण वर्ष 2006 में वाम सरकार के कार्यकाल के दौरान किया गया था. कोर्ट ने कहा, प्राइवेट कंपनी के लिए ज़मीन अधिग्रहण करना जनहित का फैसला नहीं होता, और राज्य सरकार ने इस मामले में सही तरीके से नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए यह अधिग्रहण पूरी तरह गैरकानूनी है. राज्य सरकार ने उस वक्त विरोध कर रहे किसानों की बात तक नहीं सुनी, और उन्हें अधिग्रहण के लिए सही मुआवजा भी नहीं दिया गया. अपने फैसले में कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों को मुआवजा मिल चुका है, उनसे वापस नहीं लिया जा सकता, क्योंकि एक दशक से वे अपनी ज़मीनों से वंचित हैं.टिप्पणियां
इससे पहले, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सरकार के अधिग्रहण को सही ठहराया था, जिसके खिलाफ किसानों की ओर से गैर सरकारी संगठनों ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लेफ्ट सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लगता है सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए जिस तरह जमीन का अधिग्रहण किया, वह तमाशा और नियम-कानून को ताक पर रखकर जल्दबाजी में लिया गया फैसला था. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था, सरकार ने यह तय कर लिया था कि इसी प्रोजेक्ट को जमीन देनी है और भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 का पूरी तरह पालन नहीं किया गया.
वहीं, टाटा ने मामले को पांच जजों की संवैधानिक पीठ को भेजे जाने की मांग की थी. वैसे हालात को देखते हुए टाटा ने नैनो प्रोजेक्ट को गुजरात में स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन टाटा का यह भी कहना था कि सिंगूर की यह जमीन वह किसी और प्रोजेक्ट के लिए रखेगी.
इससे पहले, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सरकार के अधिग्रहण को सही ठहराया था, जिसके खिलाफ किसानों की ओर से गैर सरकारी संगठनों ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लेफ्ट सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लगता है सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए जिस तरह जमीन का अधिग्रहण किया, वह तमाशा और नियम-कानून को ताक पर रखकर जल्दबाजी में लिया गया फैसला था. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था, सरकार ने यह तय कर लिया था कि इसी प्रोजेक्ट को जमीन देनी है और भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 का पूरी तरह पालन नहीं किया गया.
वहीं, टाटा ने मामले को पांच जजों की संवैधानिक पीठ को भेजे जाने की मांग की थी. वैसे हालात को देखते हुए टाटा ने नैनो प्रोजेक्ट को गुजरात में स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन टाटा का यह भी कहना था कि सिंगूर की यह जमीन वह किसी और प्रोजेक्ट के लिए रखेगी.
वहीं, टाटा ने मामले को पांच जजों की संवैधानिक पीठ को भेजे जाने की मांग की थी. वैसे हालात को देखते हुए टाटा ने नैनो प्रोजेक्ट को गुजरात में स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन टाटा का यह भी कहना था कि सिंगूर की यह जमीन वह किसी और प्रोजेक्ट के लिए रखेगी. | सारांश: सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को ज़मीन लौटाने के लिए 12 हफ्ते का वक्त दिया.
टाटा के साथ-साथ इसे वामदलों के लिए भी जोरदार झटका माना जा रहा है.
प्राइवेट कंपनी के लिए ज़मीन अधिग्रहण करना जनहित का फैसला नहीं: कोर्ट | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वह 1924 की जनवरी की एक अंधेरी और तूफानी रात थी जब पुणे के सूसन अस्पताल में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के अपेंडिक्स का ऑपरेशन हो रहा था. आंधी-पानी के दौरान बिजली चली गई तो ऑपरेशन के लिए फ्लैशलाइट की मदद ली गई. ऑपरेशन के बीच में इसने भी जवाब दे दिया. आखिरकार, ब्रितानी चिकित्सक ने लालटेन की रोशनी में ऑपरेशन किया. इस घटना के 95 साल बीत चुके हैं. सरकारी अस्पताल के 400 वर्ग फुट के इस ऑपरेशन थियेटर को एक स्मारक में बदल दिया गया है और यह आमजन के लिए खुला नहीं है. महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के जीवन की एक अहम घटना का साक्षी बने इस कमरे में महात्मा गांधी के ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल की गई एक मेज, एक ट्राली और कुछ उपकरण रखे हैं. इस कमरे में एक दुर्लभ पेंटिंग भी है जिसमें बापू के ऑपरेशन का चित्रण है.
‘ससून सर्वोचार रुग्णालय' एवं बी जे मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अजय चंदनवाले ने बताया कि अस्पतालकर्मी स्मारक बनाए गए इस ऑपरेशन थिएटर में हर साल दो अक्टूबर को गांधी की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करते है. गांधी जी की 150वीं सालगिरह पर इस बार अस्पताल ने गांधी पर निबंध लेखन, भाषण प्रतियोगिता और पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया है.
अमेरिकी पत्रकार लुइस फिशर ने अपनी किताब ‘‘महात्मा गांधी - हिज लाइफ एंड टाइम' में इस ऑपरेशन का जिक्र किया है. दरअसल, गांधी को 18 मार्च 1922 को छह साल की सजा सुनाई गई थी. उन्हें दो दिन बाद गुजरात की साबरमती जेल से विशेष ट्रेन से पुणे की येरवडा जेल स्थानांतरित कर दिया गया था.
Gandhi Jayanti Speech: गांधी जंयती के दिन दें ये भाषण
फिशर की किताब के अनुसार गांधी को अपेंडिसाइटिस की गंभीर समस्या के कारण 12 जनवरी 1924 में ससून अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सरकार मुंबई से भारतीय चिकित्सकों का इंतजार करने को तैयार थी लेकिन आधी रात से पहले ब्रितानी सर्जन कर्नल मैडॉक ने गांधी को बताया कि उनका तत्काल ऑपरेशन करना पड़ेगा जिस पर बाद में सहमति भी बन गई. जब ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी, गांधी जी के अनुरोध पर ‘सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी' के प्रमुख वी एस श्रीनिवास शास्त्री और मित्र डॉ. फटक को उनके अनुरोध पर बुलाया गया. उन्होंने मिलकर एक सावर्जनिक बयान जारी किया जिसमें गांधी ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन के लिए सहमति दी है, चिकित्सकों ने उनका भली-प्रकार उपचार किया है और कुछ भी होने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन नहीं होने चाहिए.
लाल बहादुर शास्त्री के 'जय जवान जय किसान' के नारे के पीछे है ये कहानी
दरअसल, अस्पताल के अधिकारी और गांधी यह भली भांति जानते थे कि यदि ऑपरेशन में कुछ गड़बड़ी हुई तो भारत जल उठेगा. गांधी ने इस पर हस्ताक्षर के लिए जब कलम उठाई, तो उन्होंने कर्नल मैडॉक से मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘देखो, मेरे हाथ कैसे कांप रहे हैं... आपको यह सही से करना होगा.'' इसके जवाब में मैडॉक ने कहा कि वह पूरी ताकत लगा लेंगे. इसके बाद गांधी को क्लोरोफॉम सुंघा दी गई. जब ऑपरेशन शुरू किया गया, उस समय आंधी और वर्षा हो रही थी. ऑपरेशन के बीच में ही बिजली गुल हो गई और ऑपरेशन थिएटर में तीन नर्सों में से एक ने लालटेन पकड़ी जिसकी रोशनी में सर्जरी की गई. गांधी ने सफल ऑपरेशन के लिए मैडॉक को धन्यवाद दिया. सरकार ने पांच फरवरी 1924 को गांधी की शेष सजा माफ कर दी थी. | पुणे के सूसन अस्पताल में महात्मा गांधी के अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था.
आंधी-पानी के दौरान बिजली चली गई थी.
चिकित्सक ने लालटेन की रोशनी में ऑपरेशन किया था. | 28 | ['hin'] |
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