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एक सारांश बनाओ: तिब्बत की निर्वासित सरकार ने शुक्रवार को करमापा के चीनी एजेंट होने के आरोप को खारिज करते हुए उनका जमकर बचाव किया और कहा कि वह तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा में 100 प्रतिशत आस्था रखते हैं। करमापा के मठ से हाल में भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बरामद हुई थी। तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री समधोंग रिनपोचे ने कहा कि आरंभ से ही दलाई लामा और तिब्बती समुदाय जानता है कि वह चीनी एजेंट नहीं हैं और इस पूरे विवाद को मीडिया द्वारा बिना सुनवाई के दिया गया फैसला करार दिया। भारतीय पत्रकारों के एक समूह से बातचीत में रिनपोचे ने कहा, आदरणीय दलाई लामा की करमापा में 100 प्रतिशत आस्था है। वह चीनी एजेंट नहीं हैं। हम शुरूआत से ही जानते हैं। उन्हें भारत सरकार ने शुरू से ही कुछ कारणवश दो मठों को छोड़कर पूरे भारत में कहीं भी जाने की अनुमति दी है। रिनपोचे ने कहा कि करमापा उग्येन ट्रिनले दोरजी एक मुक्त व्यक्ति हैं और उनका उन वित्तीय अनियमितताओं से कोई लेना देना नहीं है जो पूरे विवाद का कारण थी। तिब्बती प्रधानमंत्री ने कहा, करमापा एक व्यक्ति हैं और अपने मठ के किसी भी वित्तीय लेन देन से जुड़े नहीं थे। ऐसा लगता है कि उनके जो कर्मचारी गिरफ्तार किये गये हैं, वे इसमें शामिल थे। केवल कुछ सीमा तक हम सहन कर सकते हैं। यह मीडिया द्वारा बिना सुनवाई के निर्णय दिये जाने का मामला है। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ देश का कानून अपनी कार्रवाई करेगा। तिब्बतियों के 17वें करमापा हाल ही में उस समय चर्चा में आये थे जब हिमाचल प्रदेश पुलिस ने उनके मठ से करीब चार लाख रपये विदेशी मुद्रा बरामद की थी और उनसे और उनके सचिव गोम्पू त्शेरिंग से पूछताछ की थी। इस संबंध में गिरफ्तार किये गये लोगों में करमापा के अकांउटेंट शक्ति लामा, धर्मशाला के व्यवसायी के पी भारद्वाज और कारपोरेशन बैंक के प्रबंधक डी के धर भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि करमापा के अस्थायी घर से बरामद हुई विशाल धनराशि एक जमीन सौदे के लिये थी और भरद्वाज तथा धर इस समझौते में मदद कर रहे थे। कुछ रिपोटरे में कहा गया था कि खुफिया एजेंसियां को संदेह है कि करमापा एक चीनी एजेंट है क्योंकि उनके मठ से भारी मात्रा में चीनी मुद्रा यूआन बरामद हुई थी।
यह एक सारांश है: तिब्बत की निर्वासित सरकार ने कहा कि वह तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा में 100 प्रतिशत आस्था रखते हैं।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने शराब पीने एवं उसकी बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी बिहार के कानून को दरकिनार करने के पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई. हाईकोर्ट ने जिन शराब निर्माताओं की याचिका पर प्रतिबंध कानून को दरकिनार किया था, सुप्रीम कोर्ट ने उन शराब निर्माताओं समेत सभी प्रतिवादियों से जवाब मांगा. इन प्रतिवादियों की याचिका के आधार पर ही हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार सरकार के प्रतिबंध कानून को अवैध और असंवैधानिक करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अब 8 सप्ताह बाद करेगा. उल्लेखनीय है कि आज बिहार में शराब बंदी कानून को रद्द किए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. बिहार सरकार ने 30 सितंबर के पटना हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. बिहार सरकार की याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के शराबबंदी कानून को रद्द करने से बिहार सरकार की शराबबंदी की मुहिम को झटका लगा. हाईकोर्ट ने पॉलिसी को रद्द करते हुए यह नहीं देखा कि संविधान का आर्टिकल 47 राज्यों को नीति निर्देशक तत्व के तहत ऐसी पॉलिसी बनाने का अधिकार देता है. खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने कई आदेशों में कहा है कि राज्य सरकार शराबबंदी को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकती है. टिप्पणियां हाईकोर्ट में एक जज मानते हैं कि शराब पीना मौलिक अधिकार के तहत है जबकि बेंच में शामिल चीफ जस्टिस के विचार इससे अलग हैं. बिहार में शराबबंदी कानून जनहित में है और इसे समाज के बड़े तबके खासतौर पर महिलाओं ने सराहा है क्योंकि शराब की वजह से उनकी घर की आमदनी जाती रही, कर्ज हो गया और घरवालों के स्वास्थ्य तबाह हो गए. बिहार में महागठबंधन की सरकार ने 1 अप्रैल से देश में निर्मित शराब का निर्माण, व्यापार, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित किया था. लेकिन बाद में उसने राज्य में सभी प्रकार की शराब प्रतिबंधित कर दी थीं और इनमें विदेशी शराब भी शामिल थी. (इनपुट्स भाषा से भी) इन प्रतिवादियों की याचिका के आधार पर ही हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार सरकार के प्रतिबंध कानून को अवैध और असंवैधानिक करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अब 8 सप्ताह बाद करेगा. उल्लेखनीय है कि आज बिहार में शराब बंदी कानून को रद्द किए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. बिहार सरकार ने 30 सितंबर के पटना हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. बिहार सरकार की याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के शराबबंदी कानून को रद्द करने से बिहार सरकार की शराबबंदी की मुहिम को झटका लगा. हाईकोर्ट ने पॉलिसी को रद्द करते हुए यह नहीं देखा कि संविधान का आर्टिकल 47 राज्यों को नीति निर्देशक तत्व के तहत ऐसी पॉलिसी बनाने का अधिकार देता है. खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने कई आदेशों में कहा है कि राज्य सरकार शराबबंदी को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकती है. टिप्पणियां हाईकोर्ट में एक जज मानते हैं कि शराब पीना मौलिक अधिकार के तहत है जबकि बेंच में शामिल चीफ जस्टिस के विचार इससे अलग हैं. बिहार में शराबबंदी कानून जनहित में है और इसे समाज के बड़े तबके खासतौर पर महिलाओं ने सराहा है क्योंकि शराब की वजह से उनकी घर की आमदनी जाती रही, कर्ज हो गया और घरवालों के स्वास्थ्य तबाह हो गए. बिहार में महागठबंधन की सरकार ने 1 अप्रैल से देश में निर्मित शराब का निर्माण, व्यापार, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित किया था. लेकिन बाद में उसने राज्य में सभी प्रकार की शराब प्रतिबंधित कर दी थीं और इनमें विदेशी शराब भी शामिल थी. (इनपुट्स भाषा से भी) उल्लेखनीय है कि आज बिहार में शराब बंदी कानून को रद्द किए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. बिहार सरकार ने 30 सितंबर के पटना हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. बिहार सरकार की याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के शराबबंदी कानून को रद्द करने से बिहार सरकार की शराबबंदी की मुहिम को झटका लगा. हाईकोर्ट ने पॉलिसी को रद्द करते हुए यह नहीं देखा कि संविधान का आर्टिकल 47 राज्यों को नीति निर्देशक तत्व के तहत ऐसी पॉलिसी बनाने का अधिकार देता है. खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने कई आदेशों में कहा है कि राज्य सरकार शराबबंदी को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकती है. टिप्पणियां हाईकोर्ट में एक जज मानते हैं कि शराब पीना मौलिक अधिकार के तहत है जबकि बेंच में शामिल चीफ जस्टिस के विचार इससे अलग हैं. बिहार में शराबबंदी कानून जनहित में है और इसे समाज के बड़े तबके खासतौर पर महिलाओं ने सराहा है क्योंकि शराब की वजह से उनकी घर की आमदनी जाती रही, कर्ज हो गया और घरवालों के स्वास्थ्य तबाह हो गए. बिहार में महागठबंधन की सरकार ने 1 अप्रैल से देश में निर्मित शराब का निर्माण, व्यापार, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित किया था. लेकिन बाद में उसने राज्य में सभी प्रकार की शराब प्रतिबंधित कर दी थीं और इनमें विदेशी शराब भी शामिल थी. (इनपुट्स भाषा से भी) हाईकोर्ट ने पॉलिसी को रद्द करते हुए यह नहीं देखा कि संविधान का आर्टिकल 47 राज्यों को नीति निर्देशक तत्व के तहत ऐसी पॉलिसी बनाने का अधिकार देता है. खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने कई आदेशों में कहा है कि राज्य सरकार शराबबंदी को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकती है. टिप्पणियां हाईकोर्ट में एक जज मानते हैं कि शराब पीना मौलिक अधिकार के तहत है जबकि बेंच में शामिल चीफ जस्टिस के विचार इससे अलग हैं. बिहार में शराबबंदी कानून जनहित में है और इसे समाज के बड़े तबके खासतौर पर महिलाओं ने सराहा है क्योंकि शराब की वजह से उनकी घर की आमदनी जाती रही, कर्ज हो गया और घरवालों के स्वास्थ्य तबाह हो गए. बिहार में महागठबंधन की सरकार ने 1 अप्रैल से देश में निर्मित शराब का निर्माण, व्यापार, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित किया था. लेकिन बाद में उसने राज्य में सभी प्रकार की शराब प्रतिबंधित कर दी थीं और इनमें विदेशी शराब भी शामिल थी. (इनपुट्स भाषा से भी) हाईकोर्ट में एक जज मानते हैं कि शराब पीना मौलिक अधिकार के तहत है जबकि बेंच में शामिल चीफ जस्टिस के विचार इससे अलग हैं. बिहार में शराबबंदी कानून जनहित में है और इसे समाज के बड़े तबके खासतौर पर महिलाओं ने सराहा है क्योंकि शराब की वजह से उनकी घर की आमदनी जाती रही, कर्ज हो गया और घरवालों के स्वास्थ्य तबाह हो गए. बिहार में महागठबंधन की सरकार ने 1 अप्रैल से देश में निर्मित शराब का निर्माण, व्यापार, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित किया था. लेकिन बाद में उसने राज्य में सभी प्रकार की शराब प्रतिबंधित कर दी थीं और इनमें विदेशी शराब भी शामिल थी. (इनपुट्स भाषा से भी) बिहार में महागठबंधन की सरकार ने 1 अप्रैल से देश में निर्मित शराब का निर्माण, व्यापार, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित किया था. लेकिन बाद में उसने राज्य में सभी प्रकार की शराब प्रतिबंधित कर दी थीं और इनमें विदेशी शराब भी शामिल थी. (इनपुट्स भाषा से भी)
संक्षिप्त पाठ: याचिका में बिहार सरकार की शराबबंदी की मुहिम को झटका लगने की बात राज्य सरकार शराबबंदी को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकती है. शराब बंदी को समाज के बड़े तबके खासतौर पर महिलाओं ने सराहा है
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) दिल्ली ने बेंगलुरु महानगर पालिका को आदेश दिया है कि वह पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की देखरेख में बेलंदूर लेक के आसपास की सभी औद्योगिक इकाइयों को सील करे. हालांकि उन इकाइयों को छूट मिल सकती है जिन्हें संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) इजाजत दे. एनजीटी ने घरों से निकलने वाले ठोस या तरल कचरे को भी किसी भी रूप में सीधे झील में फेंकने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह निर्देश भी दिए गए हैं कि झील के बफर जोन के आसपास भी कचरा नही फेंका जा सकता है. अगर कोई पकड़ा गया तो पर्यावरण जुर्माने के तौर पर पांच लाख रुपये वसूले जाएंगे. एनजीटी ने साफ निर्देश दिए हैं कि एडिशनल सेक्रेटरी स्टर के अधिकारियों की एक समिति बनाई जाए. इसमें बेंगलुरु विकास प्राधिकरण, कर्नाटक झील विकास प्राधिकरण के साथ-साथ शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल किए जाएं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी झील की एक बार अच्छे से सफाई हो. एक महीने के अंदर इस काम को पूरा किया जाए. इसके लिए निजी एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है.टिप्पणियां कर्नाटक सरकार को दो हफ्ते में ट्रिब्यूनल को अपनी ठोस नीति के बारे में बताने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बेलंदूर झील में होने वाले प्रदूषण पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके. ट्रिब्यूनल के निर्देशों को लागू कराने और इसकी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी झील विकास प्राधिकरण के सीईओ की होगी. यह झील पिछले एक दशक से काफी प्रदूषित है. शहर की बढ़ती आबादी की वजह से प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. प्रदूषण की वजह से कभी इस झील में आग लगती है तो कभी जहरीला झाग लोगों का जीना मुश्किल कर देता है. कुछ ऐसी ही हालत इससे सटी यमलूर और वरतूर लेक का भी है. एनजीटी ने घरों से निकलने वाले ठोस या तरल कचरे को भी किसी भी रूप में सीधे झील में फेंकने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह निर्देश भी दिए गए हैं कि झील के बफर जोन के आसपास भी कचरा नही फेंका जा सकता है. अगर कोई पकड़ा गया तो पर्यावरण जुर्माने के तौर पर पांच लाख रुपये वसूले जाएंगे. एनजीटी ने साफ निर्देश दिए हैं कि एडिशनल सेक्रेटरी स्टर के अधिकारियों की एक समिति बनाई जाए. इसमें बेंगलुरु विकास प्राधिकरण, कर्नाटक झील विकास प्राधिकरण के साथ-साथ शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल किए जाएं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी झील की एक बार अच्छे से सफाई हो. एक महीने के अंदर इस काम को पूरा किया जाए. इसके लिए निजी एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है.टिप्पणियां कर्नाटक सरकार को दो हफ्ते में ट्रिब्यूनल को अपनी ठोस नीति के बारे में बताने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बेलंदूर झील में होने वाले प्रदूषण पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके. ट्रिब्यूनल के निर्देशों को लागू कराने और इसकी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी झील विकास प्राधिकरण के सीईओ की होगी. यह झील पिछले एक दशक से काफी प्रदूषित है. शहर की बढ़ती आबादी की वजह से प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. प्रदूषण की वजह से कभी इस झील में आग लगती है तो कभी जहरीला झाग लोगों का जीना मुश्किल कर देता है. कुछ ऐसी ही हालत इससे सटी यमलूर और वरतूर लेक का भी है. एनजीटी ने साफ निर्देश दिए हैं कि एडिशनल सेक्रेटरी स्टर के अधिकारियों की एक समिति बनाई जाए. इसमें बेंगलुरु विकास प्राधिकरण, कर्नाटक झील विकास प्राधिकरण के साथ-साथ शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल किए जाएं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी झील की एक बार अच्छे से सफाई हो. एक महीने के अंदर इस काम को पूरा किया जाए. इसके लिए निजी एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है.टिप्पणियां कर्नाटक सरकार को दो हफ्ते में ट्रिब्यूनल को अपनी ठोस नीति के बारे में बताने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बेलंदूर झील में होने वाले प्रदूषण पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके. ट्रिब्यूनल के निर्देशों को लागू कराने और इसकी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी झील विकास प्राधिकरण के सीईओ की होगी. यह झील पिछले एक दशक से काफी प्रदूषित है. शहर की बढ़ती आबादी की वजह से प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. प्रदूषण की वजह से कभी इस झील में आग लगती है तो कभी जहरीला झाग लोगों का जीना मुश्किल कर देता है. कुछ ऐसी ही हालत इससे सटी यमलूर और वरतूर लेक का भी है. कर्नाटक सरकार को दो हफ्ते में ट्रिब्यूनल को अपनी ठोस नीति के बारे में बताने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बेलंदूर झील में होने वाले प्रदूषण पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके. ट्रिब्यूनल के निर्देशों को लागू कराने और इसकी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी झील विकास प्राधिकरण के सीईओ की होगी. यह झील पिछले एक दशक से काफी प्रदूषित है. शहर की बढ़ती आबादी की वजह से प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. प्रदूषण की वजह से कभी इस झील में आग लगती है तो कभी जहरीला झाग लोगों का जीना मुश्किल कर देता है. कुछ ऐसी ही हालत इससे सटी यमलूर और वरतूर लेक का भी है. यह झील पिछले एक दशक से काफी प्रदूषित है. शहर की बढ़ती आबादी की वजह से प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. प्रदूषण की वजह से कभी इस झील में आग लगती है तो कभी जहरीला झाग लोगों का जीना मुश्किल कर देता है. कुछ ऐसी ही हालत इससे सटी यमलूर और वरतूर लेक का भी है.
सारांश: बेलंदूर झील में कचरा फेंकने पर लगेगा पांच लाख रुपये का जुर्माना झील की सफाई के लिए अधिकारियों की समिति बनाने के निर्देश कर्नाटक सरकार को दो हफ्ते में ठोस नीति के बारे में बताने के निर्देश
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान (Azam Khan) द्वारा 'खाकी अंडरवीयर' को लेकर दिए बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा ऐतजार जताया है. बता दें कि आजम खान (Azam Khan) ने एक चुनावी रैली के दौरान रामपुर से बीजेपी की उम्मीदवार जया प्रदा पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि मुझे तो यह भी पता है कि वह तो अंदर अंडरवीयर भी खाकी का है पहनती है. उन्होंने (Azam Khan) रैली के दौरान जया प्रदा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसको हम ऊंगली पकड़कर रामपुर लाए, आपने 10 साल जिससे अपना प्रतिनिधित्व कराया...उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे, मैं 17 दिन में पेहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है.  आज खान (Azam Khan) के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ा ऐतजार जताया है. उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता चंद्रमोहन ने आजम खान के इस बयान पर बेहत दुख जताया. उन्होंने कहा कि यह बेहद अभद्र और आपत्तिजनक बयान है और यह राजनीति के स्तर में गिरावट की एक पराकाष्ठा है. आजम खान का यह बयान समाजवादी पार्टी की वास्तविक चेहरे को उजागर करता है. अपने इस बयान से आजम खान ने यह तो साबित कर दिया है कि वह खुद क्या हैं और अब जनता के सामने उनका असली चेहरा आ गया है. उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने वाली बसपा को इस बयान पर अपना रुख साफ करना चाहिए.  इन सब के बीच महिला आयोग ने आजम खान के इस बयान को काफी गंभीरता से लिया है. आयोग ने आजम खान से इस पूरे मामले को लेकर सफाई देने को कहा है. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने खान की टिप्पणी को बेहद शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि महिला आयोग उन्हें एक कारण बताओ नोटिस भेजा है. खान की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शर्मा ने ट्वीट किया कि एनसीडब्ल्यू चुनाव आयोग से यह भी अनुरोध करेगा कि उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया जाए. शर्मा ने यह प्रतिक्रिया एक अन्य व्यक्ति के ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दी, जिसने सपा नेता का कथित वीडियो ट्वीट किया था. आजम खान का अपमानजनक टिप्पणी वाला वीडियो कई सोशल मीडिया साइटों पर साझा किया जा रहा है. हालांकि, आजम खान ने इस वीडियो में जयाप्रदा का नाम नहीं लिया है लेकिन भाजपा इसे जया के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के रूप में पेश कर रही है. गौरतलब है कि जयाप्रदा ने कुछ दिन पहले आजम खान पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि मैं तो आजम खान को अपना भाई मानती थी लेकिन वह मुझे बहन बुलाने के साथ मेरे बीमार होने की भी कामना करते रहे. जया प्रदा ने आगे कहा था कि क्या आपका भाई आपको नाचने वाली के तौर पर देख सकता है. यही वजह थी कि मैं रामपुर छोड़ने चाहती थी. बता दें कि जया प्रदा ने 2004 और 2009 चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी. उन्हें 2010 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने और अमर सिंह के संपर्क में रहने की वहज से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.  ध्यान हो कि आजम खान ने कुछ समय पहले जया प्रदा को एक नाचने वाली बताया था.  जया प्रदा ने कहा था कि मैंने मुलायमसिंह जी से भी बात की थी. मैंने उन्हें बताया था कि किस तरह से मेरी छवि को खराब करने की कोशिश जा रही है. लेकिन किसी भी नेता ने मेरी मदद नहीं की.यही वजह थी कि मैं रामपुर छोड़ना चाहती थी. जया प्रदा ने 2014 में यूपी के बिजनौर से चुनाव लड़ा था, लेकिन बीजेपी के नाईपाल सिंह से हार गई थीं.  कुछ दिन पहले एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए वह भावुक हो गई थीं. उन्होंने कहा था कि मुझे रामपुर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. मैंने रामपुर और सक्रिय राजनीति इसलिए छोड़ा था क्योंकि वह मेरे ऊपर तेजाब से हमला करने की कोशिश कर रहे थे.  जया प्रदा ने आगे कहा था कि उन्हें पहली बार इस बात का एहसास हुआ है कि वह अब बीजेपी ऐसी पार्टी के साथ हैं जहां वह सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा था कि मैं अब पहले की तरह रोना नहीं चाहती. मुझे भी जीने का अधिकार है, और मैं ऐसा करूंगा और आपकी सेना भी करूंगी. जया प्रदा ने कहा था कि मुझे बहुत गर्व है कि मैंने बीजेपी की सदस्या ली, यह एक ऐसी पार्टी है जहां महिलाओं की इज्जत और उन्हें सुरक्षा का भाव कराया जाता है. ध्यान हो कि रामपुर में इस महीने की 23 तारीख को मतदान होने हैं.
संक्षिप्त पाठ: इशारों ही इशारों में जयाप्रदा पर साधा निशाना रामपुर में रैली को संबोधित कर रहे थे आजम खान जयाप्रदा ने भी कुछ दिन पहल आजम खान पर कसा था तंज
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति के बाद ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के साथ साथ कमजोर वैश्विक रुख से शेयर बाजार में तीन दिन से जारी तेजी पर लगाम लग गई और बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 188 अंक टूटकर बंद हुआ। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में 466 अंक मजबूत होने वाला सेंसेक्स 188.48 अंक टूटकर 16,745.35 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान, पूंजीगत सामान वाली कंपनियों और बैंकिंग शेयरों पर बिकवाली की मार सबसे अधिक पड़ी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 52.30 अंक की गिरावट के साथ 5,031.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह दिन के निचले स्तर 5,019.25 अंक पर आ गया था। रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर काबू पाने की कोशिश के तहत गत शुक्रवार को रेपो और रिवर्स रेपो दरें चौथाई-चौथाई प्रतिशत बढ़ा दीं। अगस्त में सकल मुद्रास्फीति बढ़कर 9.78 प्रतिशत पर पहुंच गई। रेपो और रिवर्स रेपों दरों में वृद्धि के बाद बैंकों द्वारा विभिन्न ऋणों पर ब्याज दरें बढ़ने की आशंका बढ़ी है। ब्रोकरों ने कहा कि यूनान के लिए वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज तय करने को लेकर यूरोपीय वित्त मंत्रियों की बैठक विफल होने का भी बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। बाजार पर अन्य एशियाई बाजारों में कमजोर रुख का भी असर देखा गया। वहीं यूरोप के बाजारों के गिरावट के साथ खुलने से भी निवेशकों की धारणा कमजोर हो गई। कैपिटल गुड्स और बैंकिंग शेयरों के अलावा, दो दिग्गज कंपनियों, रिलायंस और इन्फोसिस के शेयर भाव में भी गिरावट दर्ज की गई।
यह एक सारांश है: कमजोर वैश्विक रुख से शेयर बाजार में तीन दिन से जारी तेजी पर लगाम लग गई और बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 188 अंक टूटकर बंद हुआ।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना ने परोक्ष रूप से सत्तारूढ़ बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि चुपके से आपातकाल आ रहा है.शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में भाजपा की सहयोगी है, लेकिन दोनों भगवा दलों के बीच क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार तकरार होती रहती है. शहर में दो कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद ठाकरे ने संवाददाताओं से बात की. एक सवाल पर ठाकरे ने कहा कि पत्रकारों को आलोचना करते वक्त कठोर शब्दों के इस्तेमाल से हिचकना नहीं चाहिए और अगर ऐसी आलोचना की मंशा साफ है तो यह कोई मुद्दा नहीं है. ठाकरे ने सवाल किया, ‘‘हालांकि, आज चुपके से आपतकाल दस्तक दे रहा है. क्या हमें चुप रहना चाहिए? '' बीजेपी पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला राष्ट्रपति चुनाव के दौरान फिर से खुला था और अब लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा है.टिप्पणियां ठाकरे ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन वे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का हवाला दे रहे थे. जुलाई 2017 में राष्ट्रपति पद के चुनाव के पहले उन्हें दावेदारों में अग्रणी माना जाता था. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर उसी साल अप्रैल में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद उनकी दावेदारी पर अटकलें खत्म हो गईं. ठाकरे ने कहा कि वे 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे लेकिन उन्होंने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वे वहां पर रैली करेंगे या नहीं. (इनपुट भाषा से) शहर में दो कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद ठाकरे ने संवाददाताओं से बात की. एक सवाल पर ठाकरे ने कहा कि पत्रकारों को आलोचना करते वक्त कठोर शब्दों के इस्तेमाल से हिचकना नहीं चाहिए और अगर ऐसी आलोचना की मंशा साफ है तो यह कोई मुद्दा नहीं है. ठाकरे ने सवाल किया, ‘‘हालांकि, आज चुपके से आपतकाल दस्तक दे रहा है. क्या हमें चुप रहना चाहिए? '' बीजेपी पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला राष्ट्रपति चुनाव के दौरान फिर से खुला था और अब लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा है.टिप्पणियां ठाकरे ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन वे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का हवाला दे रहे थे. जुलाई 2017 में राष्ट्रपति पद के चुनाव के पहले उन्हें दावेदारों में अग्रणी माना जाता था. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर उसी साल अप्रैल में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद उनकी दावेदारी पर अटकलें खत्म हो गईं. ठाकरे ने कहा कि वे 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे लेकिन उन्होंने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वे वहां पर रैली करेंगे या नहीं. (इनपुट भाषा से) ठाकरे ने सवाल किया, ‘‘हालांकि, आज चुपके से आपतकाल दस्तक दे रहा है. क्या हमें चुप रहना चाहिए? '' बीजेपी पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला राष्ट्रपति चुनाव के दौरान फिर से खुला था और अब लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा है.टिप्पणियां ठाकरे ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन वे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का हवाला दे रहे थे. जुलाई 2017 में राष्ट्रपति पद के चुनाव के पहले उन्हें दावेदारों में अग्रणी माना जाता था. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर उसी साल अप्रैल में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद उनकी दावेदारी पर अटकलें खत्म हो गईं. ठाकरे ने कहा कि वे 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे लेकिन उन्होंने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वे वहां पर रैली करेंगे या नहीं. (इनपुट भाषा से) ठाकरे ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन वे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का हवाला दे रहे थे. जुलाई 2017 में राष्ट्रपति पद के चुनाव के पहले उन्हें दावेदारों में अग्रणी माना जाता था. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर उसी साल अप्रैल में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद उनकी दावेदारी पर अटकलें खत्म हो गईं. ठाकरे ने कहा कि वे 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे लेकिन उन्होंने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वे वहां पर रैली करेंगे या नहीं. (इनपुट भाषा से) ठाकरे ने कहा कि वे 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे लेकिन उन्होंने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वे वहां पर रैली करेंगे या नहीं. (इनपुट भाषा से)
यहाँ एक सारांश है:कहा- पत्रकार आलोचना करते वक्त हिचकें नहीं अगर आलोचना की मंशा साफ है तो यह कोई मुद्दा नहीं 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे उद्धव ठाकरे
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली एनसीआर में आज भी हवा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. शहर की हवा में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है. लोग स्वच्छ हवा के लिए तरस गए हैं. भले ही ऑड ईवन स्कीम को लेकर कई दावे किए जा रहे हों लेकिन स्थिति में बहुत सुधार नहीं दिख रहा है. शुक्रवार को प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर से भी ऊपर निकल गया लेकिन प्रदूषण को लेकर अधिकारी और नेता कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि प्रदूषण को लेकर नगर विकास मंत्रालय की संसदीय समिति की बैठक में किसी को आने की फुर्सत ही नहीं मिली, जिसके कारण बैठक रद्द करनी पड़ी. शुक्रवार को दिल्ली के द्वारका इलाके में हवा की गुणवत्ता का स्तर 900 के भी पार पहुंच गया यानी दिल्ली गैस चैंबर बन चुकी है. लेकिन जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर दिल्ली वालों की फिक्र किसे है? प्रदूषण को लेकर नगर विकास मंत्रालय ने बैठक बुलाई थी. लेकिन इस बैठक को कुछ मिनटों में ही खत्म करना पड़ा. बैठक में न सांसद पहुंचे और न ही अधिकारी. 29 में से सिर्फ 5 सांसद ही बैठक में पहुंचे. बैठक में विशेष तौर पर बुलाए गए पर्यावरण सचिव और वन सचिव भी नहीं पहुंचे. दिल्ली नगर निगम के तीनों अधिकारी भी वहां नहीं पहुंचे. कमेटी के प्रमुख सांसद जगदंबिका पाल ने नाराज होकर कहा कि वो लोकसभा अध्यक्ष से इस बात की शिकायत करेंगे.  जब ये खबर चली तब सबकी सफाइयां आनी शुरू हो गईं. इंदौर टेस्ट में कमेंट्री करते हुए वीवीएस लक्ष्मण के साथ पोहा-जलेबी खाते गौतम गंभीर ने अपनी कारोबारी प्रतिबद्धता का हवाला दिया और दावा किया कि दिल्ली के लिए वो काफी कुछ करते रहे हैं. एक बयान जारी कर उन्होंने कहा, 'अपने क्षेत्र और अपने शहर के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पर जो काम हो रहा है, उसे जांचा जाना चाहिए. बीते छह महीने में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी है. गाजीपुर लैंडफिल को साफ करने के लिए नई तकनीक वाली मशीनें लगवाईं हैं. गरीबों के मुफ्त भोजन का इंतजाम किया है. महिलाओं के लिए सैनीटरी पैड वेंडिंग मशीन लगवाई है.' इन सबसे बीच सुप्रीम कोर्ट भी प्रदूषण को लेकर तल्ख नजर आया. पंजाब-हरियाणा, दिल्ली और यूपी के मुख्य सचिव तलब कर लिए गए. अदालत ने कहा कि आदेश के बावजूद इन्होंने कदम नहीं उठाए. चारों सचिव 29 नवंबर को पेश हों. अदालत ने यह भी कहा कि पराली जलाना रोकना होगा. ऑड-ईवन बहुत कारगर नहीं रहा है.  वहीं शुक्रवार को 15 दिन से लागू ऑड ईवन भी खत्म हो गया. दोबारा ऑड ईवन लगाया जाए या नहीं इस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री सोमवार को रिव्यू करने की बात कह रहे हैं.
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली-NCR में प्रदूषण की वजह से सांस लेना मुश्किल हुआ मीटिंग में नहीं पहुंचे अधिकारी और सांसद द्वारका इलाके में हवा की गुणवत्ता का स्तर 900 के भी पार पहुंचा
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नेपाल में चल रहे सैफ चैम्पियनशिप फुटबाल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में सोमवार को भारतीय टीम अपने कप्तान एवं स्ट्राइकर सुनील छेत्री के बगैर ही पूर्व चैम्पियन मालदीव से मुकाबला करने उतरेगी। टूर्नामेंट के ग्रुप चरण के दौरान भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी खराब रहा और कप्तान छेत्री ने अपनी टीम के सदस्यों को उनकी क्षमता की याद दिलाई। पिछले दोनों मैचों में पीला कार्ड दिखाए जाने के कारण छेत्री मालदीव के खिलाफ मैच में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। भारत ने पिछले वर्ष नेहरू कप के फाइनल में मालदीव को हराकर खिताबी जीत हासिल की थी। उस मैच में छेत्री ने दो गोल किए थे। अब सैफ चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में मालदीव के खिलाफ भारत को खुद पर विश्वास ही बचा सकता है। दूसरी तरफ मालदीव अब तक टूर्नामेंट में अजेय है। मालदीव के खिलाड़ी टूर्नामेंट के तीन मैचों में 18 गोल दाग चुके हैं। भारतीय टीम के गोलकीपर सुब्रत पॉल ने कहा, "उन्होंने अब तक 18 गोल किए हैं। लेकिन हमारी टीम उतनी खराब भी नहीं है। मालदीव की पूरी टीम अली अशफाक नहीं है।" पॉल ने आगे कहा कि अशफाक महान खिलाड़ी हैं तथा मालदीव टीम के रूप में बहुत खतरनाक है। वहीं भारतीय कोच विम कूवरमंस का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनकी टीम के बारे में क्या कहता है। छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" टूर्नामेंट के ग्रुप चरण के दौरान भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी खराब रहा और कप्तान छेत्री ने अपनी टीम के सदस्यों को उनकी क्षमता की याद दिलाई। पिछले दोनों मैचों में पीला कार्ड दिखाए जाने के कारण छेत्री मालदीव के खिलाफ मैच में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। भारत ने पिछले वर्ष नेहरू कप के फाइनल में मालदीव को हराकर खिताबी जीत हासिल की थी। उस मैच में छेत्री ने दो गोल किए थे। अब सैफ चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में मालदीव के खिलाफ भारत को खुद पर विश्वास ही बचा सकता है। दूसरी तरफ मालदीव अब तक टूर्नामेंट में अजेय है। मालदीव के खिलाड़ी टूर्नामेंट के तीन मैचों में 18 गोल दाग चुके हैं। भारतीय टीम के गोलकीपर सुब्रत पॉल ने कहा, "उन्होंने अब तक 18 गोल किए हैं। लेकिन हमारी टीम उतनी खराब भी नहीं है। मालदीव की पूरी टीम अली अशफाक नहीं है।" पॉल ने आगे कहा कि अशफाक महान खिलाड़ी हैं तथा मालदीव टीम के रूप में बहुत खतरनाक है। वहीं भारतीय कोच विम कूवरमंस का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनकी टीम के बारे में क्या कहता है। छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" पिछले दोनों मैचों में पीला कार्ड दिखाए जाने के कारण छेत्री मालदीव के खिलाफ मैच में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। भारत ने पिछले वर्ष नेहरू कप के फाइनल में मालदीव को हराकर खिताबी जीत हासिल की थी। उस मैच में छेत्री ने दो गोल किए थे। अब सैफ चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में मालदीव के खिलाफ भारत को खुद पर विश्वास ही बचा सकता है। दूसरी तरफ मालदीव अब तक टूर्नामेंट में अजेय है। मालदीव के खिलाड़ी टूर्नामेंट के तीन मैचों में 18 गोल दाग चुके हैं। भारतीय टीम के गोलकीपर सुब्रत पॉल ने कहा, "उन्होंने अब तक 18 गोल किए हैं। लेकिन हमारी टीम उतनी खराब भी नहीं है। मालदीव की पूरी टीम अली अशफाक नहीं है।" पॉल ने आगे कहा कि अशफाक महान खिलाड़ी हैं तथा मालदीव टीम के रूप में बहुत खतरनाक है। वहीं भारतीय कोच विम कूवरमंस का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनकी टीम के बारे में क्या कहता है। छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" भारत ने पिछले वर्ष नेहरू कप के फाइनल में मालदीव को हराकर खिताबी जीत हासिल की थी। उस मैच में छेत्री ने दो गोल किए थे। अब सैफ चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में मालदीव के खिलाफ भारत को खुद पर विश्वास ही बचा सकता है। दूसरी तरफ मालदीव अब तक टूर्नामेंट में अजेय है। मालदीव के खिलाड़ी टूर्नामेंट के तीन मैचों में 18 गोल दाग चुके हैं। भारतीय टीम के गोलकीपर सुब्रत पॉल ने कहा, "उन्होंने अब तक 18 गोल किए हैं। लेकिन हमारी टीम उतनी खराब भी नहीं है। मालदीव की पूरी टीम अली अशफाक नहीं है।" पॉल ने आगे कहा कि अशफाक महान खिलाड़ी हैं तथा मालदीव टीम के रूप में बहुत खतरनाक है। वहीं भारतीय कोच विम कूवरमंस का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनकी टीम के बारे में क्या कहता है। छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" दूसरी तरफ मालदीव अब तक टूर्नामेंट में अजेय है। मालदीव के खिलाड़ी टूर्नामेंट के तीन मैचों में 18 गोल दाग चुके हैं। भारतीय टीम के गोलकीपर सुब्रत पॉल ने कहा, "उन्होंने अब तक 18 गोल किए हैं। लेकिन हमारी टीम उतनी खराब भी नहीं है। मालदीव की पूरी टीम अली अशफाक नहीं है।" पॉल ने आगे कहा कि अशफाक महान खिलाड़ी हैं तथा मालदीव टीम के रूप में बहुत खतरनाक है। वहीं भारतीय कोच विम कूवरमंस का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनकी टीम के बारे में क्या कहता है। छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" भारतीय टीम के गोलकीपर सुब्रत पॉल ने कहा, "उन्होंने अब तक 18 गोल किए हैं। लेकिन हमारी टीम उतनी खराब भी नहीं है। मालदीव की पूरी टीम अली अशफाक नहीं है।" पॉल ने आगे कहा कि अशफाक महान खिलाड़ी हैं तथा मालदीव टीम के रूप में बहुत खतरनाक है। वहीं भारतीय कोच विम कूवरमंस का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनकी टीम के बारे में क्या कहता है। छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" पॉल ने आगे कहा कि अशफाक महान खिलाड़ी हैं तथा मालदीव टीम के रूप में बहुत खतरनाक है। वहीं भारतीय कोच विम कूवरमंस का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनकी टीम के बारे में क्या कहता है। छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" वहीं भारतीय कोच विम कूवरमंस का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनकी टीम के बारे में क्या कहता है। छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" छेत्री के न खेलने पर पॉल ने कहा, "छेत्री बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे टीम के अन्य खिलाड़ियों की योग्यता पर पूरा भरोसा है।"टिप्पणियां दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" दूसरी तरफ छेत्री ने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।" छेत्री ने कहा, "मुझे पता है कि हममें क्या कर सकने की योग्यता है। अब सेमीफाइनल मैच खेलना है, यह मैच पिछले मैच से बिल्कुल अलग है।"
नेपाल में चल रहे सैफ चैम्पियनशिप फुटबाल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में सोमवार को भारतीय टीम अपने कप्तान एवं स्ट्राइकर सुनील छेत्री के बगैर ही पूर्व चैम्पियन मालदीव से मुकाबला करने उतरेगी।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के सातारा में रविवार सुबह 9 बजे कन्हेर बांध के पास सबलेवाड़ी गांव में मगरमच्छ ने एक शख्स पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया।टिप्पणियां स्थानीय लोगों का कहना है कि कन्हेर डैम में पहली बार मगरमच्छ दिखाई दिया है। घायल शख्स का नाम सुनील कदव है जो सुबह डैम के पास घूमने गया था। मगरमच्छ के हमले में उसका एक हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया है। सुनील का इलाज सातारा के मंगलमूर्ति अस्पताल में चल रहा है। गांव के लोगों को आशंका है कि डैम में कई मगरमच्छ हो सकते हैं, लिहाजा वो वन विभाग से उनका समुचित बंदोबस्त और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कन्हेर डैम में पहली बार मगरमच्छ दिखाई दिया है। घायल शख्स का नाम सुनील कदव है जो सुबह डैम के पास घूमने गया था। मगरमच्छ के हमले में उसका एक हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया है। सुनील का इलाज सातारा के मंगलमूर्ति अस्पताल में चल रहा है। गांव के लोगों को आशंका है कि डैम में कई मगरमच्छ हो सकते हैं, लिहाजा वो वन विभाग से उनका समुचित बंदोबस्त और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। गांव के लोगों को आशंका है कि डैम में कई मगरमच्छ हो सकते हैं, लिहाजा वो वन विभाग से उनका समुचित बंदोबस्त और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र के सतारा में एक व्यक्ति पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया सतारा के कन्हैर डैम में पहली बार मगरमच्छ दिखा मगरमच्छ के हमले में उसका एक हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया है
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद और चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के मालिक गुरुनाथ मय्यप्पन को आईपीएल सट्टेबाजी मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। इससे बेहद लोकप्रिय टी20 लीग में सीएसके की फ्रेंचाइजी जारी रहने पर गंभीर शंकाएं उभर रही हैं। मय्यप्पन को रात साढ़े नौ बजे से शुरू हुई पूछताछ के करीब ढाई घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया गया। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) हिमांशु राय ने कहा, ‘हमारे पास जो सूचनाएं थीं उनके आधार पर हमने गुरुनाथ से पूछताछ की। हमने आईपीएल सट्टेबाजी का जो मामला दर्ज किया था उसे लेकर हमें उनकी संलिप्तता का पता चला। हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।’ मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में मयप्पन ने सारा दोष विंदू दारा सिंह पर डाल दिया। मय्यप्पन ने कहा कि उसने विंदू के कहने पर ही सट्टेबाज़ी की। मय्यप्पन ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उसने सट्टेबाज़ी में 20 लाख रुपये गंवाए। इससे पहले, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन के शुक्रवार की शाम यहां पहुंचते ही मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच में तेजी दिखाते हुए उन्हें तुरंत पुलिस मुख्यालय ले गई। मयप्पन के चार्टर्ड प्लेन से शाम करीब 7.30 बजे मदुरै से मुंबई पहुंचने की उम्मीद में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का एक दल अनुमानित समय से कुछ समय पहले ही छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के घरेलू टर्मिनल पर पहुंच गई। मय्यप्पन को वहां से सीधे मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के मुख्यालय ले जाया गया। पूर्व में, मय्यप्पन आईपीएल सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के समन के अनुसार एक चार्टर्ड विमान से पुलिस के सामने उपस्थित होने के लिए मुंबई के लिए रवाना हुए।टिप्पणियां गुरुनाथ का नाम अभिनेता विंदू दारा सिंह ने सट्टेबाजी में लिया है। मुंबई पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग मामले में पूछत्ताछ के लिए गुरुनाथ के पेश होने के लिए शाम पांच बजे की समय-सीमा तय की थी। वह शाम 5 बजे से कुछ देर बाद विमान से रवाना हुए। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे। मय्यप्पन को रात साढ़े नौ बजे से शुरू हुई पूछताछ के करीब ढाई घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया गया। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) हिमांशु राय ने कहा, ‘हमारे पास जो सूचनाएं थीं उनके आधार पर हमने गुरुनाथ से पूछताछ की। हमने आईपीएल सट्टेबाजी का जो मामला दर्ज किया था उसे लेकर हमें उनकी संलिप्तता का पता चला। हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।’ मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में मयप्पन ने सारा दोष विंदू दारा सिंह पर डाल दिया। मय्यप्पन ने कहा कि उसने विंदू के कहने पर ही सट्टेबाज़ी की। मय्यप्पन ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उसने सट्टेबाज़ी में 20 लाख रुपये गंवाए। इससे पहले, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन के शुक्रवार की शाम यहां पहुंचते ही मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच में तेजी दिखाते हुए उन्हें तुरंत पुलिस मुख्यालय ले गई। मयप्पन के चार्टर्ड प्लेन से शाम करीब 7.30 बजे मदुरै से मुंबई पहुंचने की उम्मीद में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का एक दल अनुमानित समय से कुछ समय पहले ही छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के घरेलू टर्मिनल पर पहुंच गई। मय्यप्पन को वहां से सीधे मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के मुख्यालय ले जाया गया। पूर्व में, मय्यप्पन आईपीएल सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के समन के अनुसार एक चार्टर्ड विमान से पुलिस के सामने उपस्थित होने के लिए मुंबई के लिए रवाना हुए।टिप्पणियां गुरुनाथ का नाम अभिनेता विंदू दारा सिंह ने सट्टेबाजी में लिया है। मुंबई पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग मामले में पूछत्ताछ के लिए गुरुनाथ के पेश होने के लिए शाम पांच बजे की समय-सीमा तय की थी। वह शाम 5 बजे से कुछ देर बाद विमान से रवाना हुए। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) हिमांशु राय ने कहा, ‘हमारे पास जो सूचनाएं थीं उनके आधार पर हमने गुरुनाथ से पूछताछ की। हमने आईपीएल सट्टेबाजी का जो मामला दर्ज किया था उसे लेकर हमें उनकी संलिप्तता का पता चला। हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।’ मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में मयप्पन ने सारा दोष विंदू दारा सिंह पर डाल दिया। मय्यप्पन ने कहा कि उसने विंदू के कहने पर ही सट्टेबाज़ी की। मय्यप्पन ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उसने सट्टेबाज़ी में 20 लाख रुपये गंवाए। इससे पहले, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन के शुक्रवार की शाम यहां पहुंचते ही मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच में तेजी दिखाते हुए उन्हें तुरंत पुलिस मुख्यालय ले गई। मयप्पन के चार्टर्ड प्लेन से शाम करीब 7.30 बजे मदुरै से मुंबई पहुंचने की उम्मीद में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का एक दल अनुमानित समय से कुछ समय पहले ही छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के घरेलू टर्मिनल पर पहुंच गई। मय्यप्पन को वहां से सीधे मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के मुख्यालय ले जाया गया। पूर्व में, मय्यप्पन आईपीएल सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के समन के अनुसार एक चार्टर्ड विमान से पुलिस के सामने उपस्थित होने के लिए मुंबई के लिए रवाना हुए।टिप्पणियां गुरुनाथ का नाम अभिनेता विंदू दारा सिंह ने सट्टेबाजी में लिया है। मुंबई पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग मामले में पूछत्ताछ के लिए गुरुनाथ के पेश होने के लिए शाम पांच बजे की समय-सीमा तय की थी। वह शाम 5 बजे से कुछ देर बाद विमान से रवाना हुए। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे। मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में मयप्पन ने सारा दोष विंदू दारा सिंह पर डाल दिया। मय्यप्पन ने कहा कि उसने विंदू के कहने पर ही सट्टेबाज़ी की। मय्यप्पन ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उसने सट्टेबाज़ी में 20 लाख रुपये गंवाए। इससे पहले, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन के शुक्रवार की शाम यहां पहुंचते ही मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच में तेजी दिखाते हुए उन्हें तुरंत पुलिस मुख्यालय ले गई। मयप्पन के चार्टर्ड प्लेन से शाम करीब 7.30 बजे मदुरै से मुंबई पहुंचने की उम्मीद में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का एक दल अनुमानित समय से कुछ समय पहले ही छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के घरेलू टर्मिनल पर पहुंच गई। मय्यप्पन को वहां से सीधे मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के मुख्यालय ले जाया गया। पूर्व में, मय्यप्पन आईपीएल सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के समन के अनुसार एक चार्टर्ड विमान से पुलिस के सामने उपस्थित होने के लिए मुंबई के लिए रवाना हुए।टिप्पणियां गुरुनाथ का नाम अभिनेता विंदू दारा सिंह ने सट्टेबाजी में लिया है। मुंबई पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग मामले में पूछत्ताछ के लिए गुरुनाथ के पेश होने के लिए शाम पांच बजे की समय-सीमा तय की थी। वह शाम 5 बजे से कुछ देर बाद विमान से रवाना हुए। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे। इससे पहले, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन के शुक्रवार की शाम यहां पहुंचते ही मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच में तेजी दिखाते हुए उन्हें तुरंत पुलिस मुख्यालय ले गई। मयप्पन के चार्टर्ड प्लेन से शाम करीब 7.30 बजे मदुरै से मुंबई पहुंचने की उम्मीद में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का एक दल अनुमानित समय से कुछ समय पहले ही छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के घरेलू टर्मिनल पर पहुंच गई। मय्यप्पन को वहां से सीधे मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के मुख्यालय ले जाया गया। पूर्व में, मय्यप्पन आईपीएल सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के समन के अनुसार एक चार्टर्ड विमान से पुलिस के सामने उपस्थित होने के लिए मुंबई के लिए रवाना हुए।टिप्पणियां गुरुनाथ का नाम अभिनेता विंदू दारा सिंह ने सट्टेबाजी में लिया है। मुंबई पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग मामले में पूछत्ताछ के लिए गुरुनाथ के पेश होने के लिए शाम पांच बजे की समय-सीमा तय की थी। वह शाम 5 बजे से कुछ देर बाद विमान से रवाना हुए। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे। मयप्पन के चार्टर्ड प्लेन से शाम करीब 7.30 बजे मदुरै से मुंबई पहुंचने की उम्मीद में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का एक दल अनुमानित समय से कुछ समय पहले ही छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के घरेलू टर्मिनल पर पहुंच गई। मय्यप्पन को वहां से सीधे मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के मुख्यालय ले जाया गया। पूर्व में, मय्यप्पन आईपीएल सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के समन के अनुसार एक चार्टर्ड विमान से पुलिस के सामने उपस्थित होने के लिए मुंबई के लिए रवाना हुए।टिप्पणियां गुरुनाथ का नाम अभिनेता विंदू दारा सिंह ने सट्टेबाजी में लिया है। मुंबई पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग मामले में पूछत्ताछ के लिए गुरुनाथ के पेश होने के लिए शाम पांच बजे की समय-सीमा तय की थी। वह शाम 5 बजे से कुछ देर बाद विमान से रवाना हुए। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे। पूर्व में, मय्यप्पन आईपीएल सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के समन के अनुसार एक चार्टर्ड विमान से पुलिस के सामने उपस्थित होने के लिए मुंबई के लिए रवाना हुए।टिप्पणियां गुरुनाथ का नाम अभिनेता विंदू दारा सिंह ने सट्टेबाजी में लिया है। मुंबई पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग मामले में पूछत्ताछ के लिए गुरुनाथ के पेश होने के लिए शाम पांच बजे की समय-सीमा तय की थी। वह शाम 5 बजे से कुछ देर बाद विमान से रवाना हुए। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे। गुरुनाथ का नाम अभिनेता विंदू दारा सिंह ने सट्टेबाजी में लिया है। मुंबई पुलिस ने स्पॉट-फिक्सिंग मामले में पूछत्ताछ के लिए गुरुनाथ के पेश होने के लिए शाम पांच बजे की समय-सीमा तय की थी। वह शाम 5 बजे से कुछ देर बाद विमान से रवाना हुए। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे। बताया जाता है कि उनके साथ मद्रास उच्च न्यायालय के जानेमाने वकील पीएस रमन भी हैं। रमन दिन में मदुरै पहुंचे और गुरुनाथ से गुफ्तगू की। गुरुनाथ कोडईकनाल से यहां पहुंचे थे।
बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद और चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के मालिक गुरुनाथ मयप्पन को आईपीएल सट्टेबाजी मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार कर लिया गया।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाड़ी क्रिस गेल की आतिशी पारी से मंगलवार को ट्वेंटी-20 क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) इतिहास में कई रिकार्ड टूटे और बने। गेल ने आईपीएल के छठे संस्करण में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ एमए चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए एक मुकाबले में ट्वेंटी-20 और आईपीएल का सबसे तेज शतक का रिकार्ड बनाया। गेल ने महज 30 गेंदों में ट्वेंटी-20 और आईपीएल का सबसे तेज शतक लगाने का रिकार्ड बनाया। ट्वेंटी-20 क्रिकेट में आस्ट्रेलिया के बल्लेबाज एंड्रयू सायमंड्स ने 34 गेंदों में शतक लगाया था, जबकि आइपीएल में इससे पहले यह रिकार्ड यूसुफ पठान (37 गेंद) के नाम था। पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान ने अपनी शतकीय पारी में नौ चौके और आठ छक्के जड़े थे। इसके अलावा गेल ने ट्वेंटी-20 क्रिकेट और आईपीएल में सबसे बड़ी निजी पारी खेलने का भी रिकार्ड बनाया। गेल ने आईपीएल के इस मुकाबले में रिकार्ड 266.15 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 175 रनों की नाबाद पारी खेली। यह रिकार्ड इससे पहले ब्रैंडन मैक्लम (नाबाद 158) के नाम था। मैक्लम ने आईपीएल के पहले संस्करण में यह रिकार्ड रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ बनाया था। गेल ने अपनी इस पारी के दौरान 17 छक्के लगाने का भी रिकार्ड कायम किया। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ग्राहम नेपियर के 16 छक्कों के रिकार्ड को तोड़ा। नेपियर ने वर्ष 2008 में ससेक्स के खिलाफ अपनी 152 रनों की पारी के दौरान 16 छक्के जड़े थे। इस मैच में कैरबियाई बल्लेबाज गेल ने एक पारी में चौकों और छक्कों से सबसे ज्यादा रन बटोरने का भी कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने चौकों और छक्कों से कुल 154 रन जुटाते हुए ग्राहम नेपियर के 10 चौकों और 16 छक्कों की मदद से जुटाए 136 रनों के रिकार्ड को ध्वस्त किया। गेल के रिकार्ड बनाने का आलम यहीं नहीं रुका। वह आईपीएल में सबसे तेज 53 गेंदों में 150 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। गेल ने मैक्लम के रिकार्ड को पीछे छोड़ा।टिप्पणियां इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का भी रिकार्ड कायम किया। रॉयल चैलेंजर्स ने 20 ओवरों में 263 रन बनाए। इससे पहले, वर्ष 2007 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ जोहान्सबर्ग में छह विकेट पर 260 रन बनाकर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकार्ड बनाया था। वहीं, आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा कुल योग बनाने का रिकार्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सुपर किंग्स ने वर्ष 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पांच विकेट खोकर 246 रन बनाए थे। गेल ने महज 30 गेंदों में ट्वेंटी-20 और आईपीएल का सबसे तेज शतक लगाने का रिकार्ड बनाया। ट्वेंटी-20 क्रिकेट में आस्ट्रेलिया के बल्लेबाज एंड्रयू सायमंड्स ने 34 गेंदों में शतक लगाया था, जबकि आइपीएल में इससे पहले यह रिकार्ड यूसुफ पठान (37 गेंद) के नाम था। पठान ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 37 गेंदों पर शतक लगाकर रिकार्ड कायम किया था। पठान ने अपनी शतकीय पारी में नौ चौके और आठ छक्के जड़े थे। इसके अलावा गेल ने ट्वेंटी-20 क्रिकेट और आईपीएल में सबसे बड़ी निजी पारी खेलने का भी रिकार्ड बनाया। गेल ने आईपीएल के इस मुकाबले में रिकार्ड 266.15 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 175 रनों की नाबाद पारी खेली। यह रिकार्ड इससे पहले ब्रैंडन मैक्लम (नाबाद 158) के नाम था। मैक्लम ने आईपीएल के पहले संस्करण में यह रिकार्ड रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ बनाया था। गेल ने अपनी इस पारी के दौरान 17 छक्के लगाने का भी रिकार्ड कायम किया। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ग्राहम नेपियर के 16 छक्कों के रिकार्ड को तोड़ा। नेपियर ने वर्ष 2008 में ससेक्स के खिलाफ अपनी 152 रनों की पारी के दौरान 16 छक्के जड़े थे। इस मैच में कैरबियाई बल्लेबाज गेल ने एक पारी में चौकों और छक्कों से सबसे ज्यादा रन बटोरने का भी कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने चौकों और छक्कों से कुल 154 रन जुटाते हुए ग्राहम नेपियर के 10 चौकों और 16 छक्कों की मदद से जुटाए 136 रनों के रिकार्ड को ध्वस्त किया। गेल के रिकार्ड बनाने का आलम यहीं नहीं रुका। वह आईपीएल में सबसे तेज 53 गेंदों में 150 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। गेल ने मैक्लम के रिकार्ड को पीछे छोड़ा।टिप्पणियां इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का भी रिकार्ड कायम किया। रॉयल चैलेंजर्स ने 20 ओवरों में 263 रन बनाए। इससे पहले, वर्ष 2007 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ जोहान्सबर्ग में छह विकेट पर 260 रन बनाकर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकार्ड बनाया था। वहीं, आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा कुल योग बनाने का रिकार्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सुपर किंग्स ने वर्ष 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पांच विकेट खोकर 246 रन बनाए थे। इसके अलावा गेल ने ट्वेंटी-20 क्रिकेट और आईपीएल में सबसे बड़ी निजी पारी खेलने का भी रिकार्ड बनाया। गेल ने आईपीएल के इस मुकाबले में रिकार्ड 266.15 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 175 रनों की नाबाद पारी खेली। यह रिकार्ड इससे पहले ब्रैंडन मैक्लम (नाबाद 158) के नाम था। मैक्लम ने आईपीएल के पहले संस्करण में यह रिकार्ड रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ बनाया था। गेल ने अपनी इस पारी के दौरान 17 छक्के लगाने का भी रिकार्ड कायम किया। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ग्राहम नेपियर के 16 छक्कों के रिकार्ड को तोड़ा। नेपियर ने वर्ष 2008 में ससेक्स के खिलाफ अपनी 152 रनों की पारी के दौरान 16 छक्के जड़े थे। इस मैच में कैरबियाई बल्लेबाज गेल ने एक पारी में चौकों और छक्कों से सबसे ज्यादा रन बटोरने का भी कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने चौकों और छक्कों से कुल 154 रन जुटाते हुए ग्राहम नेपियर के 10 चौकों और 16 छक्कों की मदद से जुटाए 136 रनों के रिकार्ड को ध्वस्त किया। गेल के रिकार्ड बनाने का आलम यहीं नहीं रुका। वह आईपीएल में सबसे तेज 53 गेंदों में 150 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। गेल ने मैक्लम के रिकार्ड को पीछे छोड़ा।टिप्पणियां इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का भी रिकार्ड कायम किया। रॉयल चैलेंजर्स ने 20 ओवरों में 263 रन बनाए। इससे पहले, वर्ष 2007 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ जोहान्सबर्ग में छह विकेट पर 260 रन बनाकर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकार्ड बनाया था। वहीं, आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा कुल योग बनाने का रिकार्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सुपर किंग्स ने वर्ष 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पांच विकेट खोकर 246 रन बनाए थे। गेल ने अपनी इस पारी के दौरान 17 छक्के लगाने का भी रिकार्ड कायम किया। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ग्राहम नेपियर के 16 छक्कों के रिकार्ड को तोड़ा। नेपियर ने वर्ष 2008 में ससेक्स के खिलाफ अपनी 152 रनों की पारी के दौरान 16 छक्के जड़े थे। इस मैच में कैरबियाई बल्लेबाज गेल ने एक पारी में चौकों और छक्कों से सबसे ज्यादा रन बटोरने का भी कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने चौकों और छक्कों से कुल 154 रन जुटाते हुए ग्राहम नेपियर के 10 चौकों और 16 छक्कों की मदद से जुटाए 136 रनों के रिकार्ड को ध्वस्त किया। गेल के रिकार्ड बनाने का आलम यहीं नहीं रुका। वह आईपीएल में सबसे तेज 53 गेंदों में 150 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। गेल ने मैक्लम के रिकार्ड को पीछे छोड़ा।टिप्पणियां इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का भी रिकार्ड कायम किया। रॉयल चैलेंजर्स ने 20 ओवरों में 263 रन बनाए। इससे पहले, वर्ष 2007 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ जोहान्सबर्ग में छह विकेट पर 260 रन बनाकर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकार्ड बनाया था। वहीं, आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा कुल योग बनाने का रिकार्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सुपर किंग्स ने वर्ष 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पांच विकेट खोकर 246 रन बनाए थे। इस मैच में कैरबियाई बल्लेबाज गेल ने एक पारी में चौकों और छक्कों से सबसे ज्यादा रन बटोरने का भी कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने चौकों और छक्कों से कुल 154 रन जुटाते हुए ग्राहम नेपियर के 10 चौकों और 16 छक्कों की मदद से जुटाए 136 रनों के रिकार्ड को ध्वस्त किया। गेल के रिकार्ड बनाने का आलम यहीं नहीं रुका। वह आईपीएल में सबसे तेज 53 गेंदों में 150 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। गेल ने मैक्लम के रिकार्ड को पीछे छोड़ा।टिप्पणियां इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का भी रिकार्ड कायम किया। रॉयल चैलेंजर्स ने 20 ओवरों में 263 रन बनाए। इससे पहले, वर्ष 2007 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ जोहान्सबर्ग में छह विकेट पर 260 रन बनाकर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकार्ड बनाया था। वहीं, आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा कुल योग बनाने का रिकार्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सुपर किंग्स ने वर्ष 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पांच विकेट खोकर 246 रन बनाए थे। गेल के रिकार्ड बनाने का आलम यहीं नहीं रुका। वह आईपीएल में सबसे तेज 53 गेंदों में 150 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। गेल ने मैक्लम के रिकार्ड को पीछे छोड़ा।टिप्पणियां इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का भी रिकार्ड कायम किया। रॉयल चैलेंजर्स ने 20 ओवरों में 263 रन बनाए। इससे पहले, वर्ष 2007 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ जोहान्सबर्ग में छह विकेट पर 260 रन बनाकर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकार्ड बनाया था। वहीं, आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा कुल योग बनाने का रिकार्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सुपर किंग्स ने वर्ष 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पांच विकेट खोकर 246 रन बनाए थे। इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का भी रिकार्ड कायम किया। रॉयल चैलेंजर्स ने 20 ओवरों में 263 रन बनाए। इससे पहले, वर्ष 2007 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ जोहान्सबर्ग में छह विकेट पर 260 रन बनाकर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकार्ड बनाया था। वहीं, आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा कुल योग बनाने का रिकार्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सुपर किंग्स ने वर्ष 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पांच विकेट खोकर 246 रन बनाए थे। वहीं, आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा कुल योग बनाने का रिकार्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सुपर किंग्स ने वर्ष 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पांच विकेट खोकर 246 रन बनाए थे।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाड़ी क्रिस गेल की आतिशी पारी से मंगलवार को ट्वेंटी-20 क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) इतिहास में कई रिकार्ड टूटे और बने।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सर्कस में अब बच्चों से काम कराने पर रोक लगा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दो हफ्ते के भीतर एक नोटिफिकेशन जारी कर सर्कस में बच्चों के काम कराने पर रोक लगाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली गैर-सरकारी संस्था 'बचपन बचाओ आंदोलन' देश के सर्कसों में छापे मारकर बच्चों को छुड़ाएगी और पूरी जांच−पड़ताल के बाद उन्हें उनके माता−पिता के हवाले करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने मानव संसाधन और बाल विकास मंत्रालय से 10 हफ्तों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बच्चों के मूल अधिकारों का संरक्षण करने के लिए यह जरूरी है कि सरकार इस क्षेत्र में बच्चों को काम पर रखने पर प्रतिबंध लगाती अधिसूचना जारी करे। शीर्ष अदालत ने सर्कसों में काम करने वाले बच्चों को मुक्त कराने के लिए छापे मारने और उनके लिये उचित पुनर्वास कार्यक्रम बनाने के सरकार को निर्देश दिए। न्यायालय ने यह आदेश गैर-सरकारी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की याचिका पर दिया, जिसमें सर्कस में काम करने वाले 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मुक्त कराने और उनका पुनर्वास करने के सरकार को निर्देश देने की मांग की गई।
यह एक सारांश है: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दो हफ्ते के भीतर एक नोटिफिकेशन जारी कर सर्कस में बच्चों के काम कराने पर रोक लगाए।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राज्यसभा में आज विपक्ष ने सब्सिडी वाली एलपीजी, पीडीएस आपूर्ति, पेंशन आदि सरकारी फायदे लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने का विरोध करते हुए भारी हंगामा किया। सदन की कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी तृणमूल कांग्रेस, बीजद एवं सपा ने इस मुद्दे पर कार्यस्थगन नोटिस दिया था। इस मुद्दे का कांग्रेस एवं वाम दलों ने भी समर्थन किया। इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण दिया गया कि नागरिकों को जारी किया गया विशिष्ट पहचान संख्या या आधार कार्ड सरकारी लाभ उठाने के लिए अनिवार्य नहीं है तथा इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किन्तु विपक्षी सदस्य इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गये। आज सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर सपा के नरेश अग्रवाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन एवं बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। इस पर उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि उनके नोटिस को स्वीकार नहीं किया गया है। सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि केन्द्र ने राज्य सरकारों को यह दिशानिर्देश जारी किया है कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं हो उन्हें राशन कार्ड लाभ, पेंशन एवं सब्सिडी वाली रसोई गैस देना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि देश की 40 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है इसलिए इस कदम से गरीबों पर विपरीत असर पड़ रहा है। डेरेक ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार सहकारी संघवाद की बात करती है किन्तु राज्यों से विचार-विमर्श किए बिना निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को अनिवार्य बनाये जाने से देश भर में असर पडेगा। बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि ओड़िशा की 20 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है। इसलिए केन्द्र के निर्देश से केवल गरीबों के लिए समस्या होगी। इन चिंताओं का जवाब देते हुए शहरी विकास तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद में पारित कानून के अनुसार सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदस्यों द्वारा उठायी गयी चिंता का संज्ञान लिया है। ‘‘यह (आधार कार्ड) अनिवार्य नहीं है। यदि आवश्यकता पड़ी तो आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ सरकारी लाभ को सीधे उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की योजना प्रत्यक्ष नकदी अंतरण को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की आवश्यकता है। ‘‘मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यथाशीघ्र आवश्यक स्पष्टीकरण जारी हो सकें। उन्होंने कहा कि इसकी मदद से भ्रष्टाचार, बिचौलियों एवं लीकेज को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आधार को तब तक अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा जब तक कि पूरी आबादी को इस प्रकार के कार्ड या संख्या नहीं मिल जाती।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण दिया गया कि नागरिकों को जारी किया गया विशिष्ट पहचान संख्या या आधार कार्ड सरकारी लाभ उठाने के लिए अनिवार्य नहीं है तथा इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किन्तु विपक्षी सदस्य इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गये। आज सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर सपा के नरेश अग्रवाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन एवं बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। इस पर उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि उनके नोटिस को स्वीकार नहीं किया गया है। सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि केन्द्र ने राज्य सरकारों को यह दिशानिर्देश जारी किया है कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं हो उन्हें राशन कार्ड लाभ, पेंशन एवं सब्सिडी वाली रसोई गैस देना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि देश की 40 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है इसलिए इस कदम से गरीबों पर विपरीत असर पड़ रहा है। डेरेक ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार सहकारी संघवाद की बात करती है किन्तु राज्यों से विचार-विमर्श किए बिना निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को अनिवार्य बनाये जाने से देश भर में असर पडेगा। बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि ओड़िशा की 20 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है। इसलिए केन्द्र के निर्देश से केवल गरीबों के लिए समस्या होगी। इन चिंताओं का जवाब देते हुए शहरी विकास तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद में पारित कानून के अनुसार सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदस्यों द्वारा उठायी गयी चिंता का संज्ञान लिया है। ‘‘यह (आधार कार्ड) अनिवार्य नहीं है। यदि आवश्यकता पड़ी तो आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ सरकारी लाभ को सीधे उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की योजना प्रत्यक्ष नकदी अंतरण को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की आवश्यकता है। ‘‘मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यथाशीघ्र आवश्यक स्पष्टीकरण जारी हो सकें। उन्होंने कहा कि इसकी मदद से भ्रष्टाचार, बिचौलियों एवं लीकेज को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आधार को तब तक अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा जब तक कि पूरी आबादी को इस प्रकार के कार्ड या संख्या नहीं मिल जाती।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आज सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर सपा के नरेश अग्रवाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन एवं बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। इस पर उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि उनके नोटिस को स्वीकार नहीं किया गया है। सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि केन्द्र ने राज्य सरकारों को यह दिशानिर्देश जारी किया है कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं हो उन्हें राशन कार्ड लाभ, पेंशन एवं सब्सिडी वाली रसोई गैस देना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि देश की 40 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है इसलिए इस कदम से गरीबों पर विपरीत असर पड़ रहा है। डेरेक ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार सहकारी संघवाद की बात करती है किन्तु राज्यों से विचार-विमर्श किए बिना निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को अनिवार्य बनाये जाने से देश भर में असर पडेगा। बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि ओड़िशा की 20 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है। इसलिए केन्द्र के निर्देश से केवल गरीबों के लिए समस्या होगी। इन चिंताओं का जवाब देते हुए शहरी विकास तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद में पारित कानून के अनुसार सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदस्यों द्वारा उठायी गयी चिंता का संज्ञान लिया है। ‘‘यह (आधार कार्ड) अनिवार्य नहीं है। यदि आवश्यकता पड़ी तो आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ सरकारी लाभ को सीधे उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की योजना प्रत्यक्ष नकदी अंतरण को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की आवश्यकता है। ‘‘मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यथाशीघ्र आवश्यक स्पष्टीकरण जारी हो सकें। उन्होंने कहा कि इसकी मदद से भ्रष्टाचार, बिचौलियों एवं लीकेज को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आधार को तब तक अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा जब तक कि पूरी आबादी को इस प्रकार के कार्ड या संख्या नहीं मिल जाती।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि केन्द्र ने राज्य सरकारों को यह दिशानिर्देश जारी किया है कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं हो उन्हें राशन कार्ड लाभ, पेंशन एवं सब्सिडी वाली रसोई गैस देना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि देश की 40 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है इसलिए इस कदम से गरीबों पर विपरीत असर पड़ रहा है। डेरेक ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार सहकारी संघवाद की बात करती है किन्तु राज्यों से विचार-विमर्श किए बिना निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को अनिवार्य बनाये जाने से देश भर में असर पडेगा। बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि ओड़िशा की 20 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है। इसलिए केन्द्र के निर्देश से केवल गरीबों के लिए समस्या होगी। इन चिंताओं का जवाब देते हुए शहरी विकास तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद में पारित कानून के अनुसार सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदस्यों द्वारा उठायी गयी चिंता का संज्ञान लिया है। ‘‘यह (आधार कार्ड) अनिवार्य नहीं है। यदि आवश्यकता पड़ी तो आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ सरकारी लाभ को सीधे उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की योजना प्रत्यक्ष नकदी अंतरण को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की आवश्यकता है। ‘‘मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यथाशीघ्र आवश्यक स्पष्टीकरण जारी हो सकें। उन्होंने कहा कि इसकी मदद से भ्रष्टाचार, बिचौलियों एवं लीकेज को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आधार को तब तक अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा जब तक कि पूरी आबादी को इस प्रकार के कार्ड या संख्या नहीं मिल जाती।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि चूंकि देश की 40 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है इसलिए इस कदम से गरीबों पर विपरीत असर पड़ रहा है। डेरेक ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार सहकारी संघवाद की बात करती है किन्तु राज्यों से विचार-विमर्श किए बिना निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को अनिवार्य बनाये जाने से देश भर में असर पडेगा। बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि ओड़िशा की 20 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है। इसलिए केन्द्र के निर्देश से केवल गरीबों के लिए समस्या होगी। इन चिंताओं का जवाब देते हुए शहरी विकास तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद में पारित कानून के अनुसार सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदस्यों द्वारा उठायी गयी चिंता का संज्ञान लिया है। ‘‘यह (आधार कार्ड) अनिवार्य नहीं है। यदि आवश्यकता पड़ी तो आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ सरकारी लाभ को सीधे उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की योजना प्रत्यक्ष नकदी अंतरण को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की आवश्यकता है। ‘‘मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यथाशीघ्र आवश्यक स्पष्टीकरण जारी हो सकें। उन्होंने कहा कि इसकी मदद से भ्रष्टाचार, बिचौलियों एवं लीकेज को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आधार को तब तक अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा जब तक कि पूरी आबादी को इस प्रकार के कार्ड या संख्या नहीं मिल जाती।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डेरेक ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार सहकारी संघवाद की बात करती है किन्तु राज्यों से विचार-विमर्श किए बिना निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को अनिवार्य बनाये जाने से देश भर में असर पडेगा। बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि ओड़िशा की 20 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है। इसलिए केन्द्र के निर्देश से केवल गरीबों के लिए समस्या होगी। इन चिंताओं का जवाब देते हुए शहरी विकास तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद में पारित कानून के अनुसार सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदस्यों द्वारा उठायी गयी चिंता का संज्ञान लिया है। ‘‘यह (आधार कार्ड) अनिवार्य नहीं है। यदि आवश्यकता पड़ी तो आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ सरकारी लाभ को सीधे उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की योजना प्रत्यक्ष नकदी अंतरण को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की आवश्यकता है। ‘‘मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यथाशीघ्र आवश्यक स्पष्टीकरण जारी हो सकें। उन्होंने कहा कि इसकी मदद से भ्रष्टाचार, बिचौलियों एवं लीकेज को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आधार को तब तक अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा जब तक कि पूरी आबादी को इस प्रकार के कार्ड या संख्या नहीं मिल जाती।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इन चिंताओं का जवाब देते हुए शहरी विकास तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद में पारित कानून के अनुसार सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदस्यों द्वारा उठायी गयी चिंता का संज्ञान लिया है। ‘‘यह (आधार कार्ड) अनिवार्य नहीं है। यदि आवश्यकता पड़ी तो आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ सरकारी लाभ को सीधे उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की योजना प्रत्यक्ष नकदी अंतरण को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की आवश्यकता है। ‘‘मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यथाशीघ्र आवश्यक स्पष्टीकरण जारी हो सकें। उन्होंने कहा कि इसकी मदद से भ्रष्टाचार, बिचौलियों एवं लीकेज को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आधार को तब तक अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा जब तक कि पूरी आबादी को इस प्रकार के कार्ड या संख्या नहीं मिल जाती।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि सरकार ने सदस्यों द्वारा उठायी गयी चिंता का संज्ञान लिया है। ‘‘यह (आधार कार्ड) अनिवार्य नहीं है। यदि आवश्यकता पड़ी तो आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ सरकारी लाभ को सीधे उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की योजना प्रत्यक्ष नकदी अंतरण को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की आवश्यकता है। ‘‘मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यथाशीघ्र आवश्यक स्पष्टीकरण जारी हो सकें। उन्होंने कहा कि इसकी मदद से भ्रष्टाचार, बिचौलियों एवं लीकेज को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आधार को तब तक अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा जब तक कि पूरी आबादी को इस प्रकार के कार्ड या संख्या नहीं मिल जाती।टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें अगले तीन माह के भीतर इसे लेने को कहा गया है। उनकी रसोई गैस सब्सिडी को अलग रखा जाएगा। ‘इसे काटा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को आधार कार्ड मिल गया है तथा इसकी उपलब्धता को अब राज्य सरकारों के प्रयासों से आगे बढ़ाया जा सकता है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: आधार कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने का विरोध करते हुए भारी हंगामा किया सरकार के कदम से गरीबों पर विपरीत असर पड़ रहा है सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिवंगत अभिनेता-फिल्म निर्माता राज कपूर की पत्नी कृष्णा राज कपूर को नियमित जांच के लिए दक्षिण मुंबई में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.टिप्पणियां कृष्णा राज कपूर के बेटे रणधीर कपूर ने पीटीआई को बताया, ‘‘वह अस्पताल में हैं. वह ठीक हैं और कोई गंभीर बात नहीं है. वह नियमित जांच के लिए आई हैं. उन्हें कल या परसों छुट्टी दे दी जाएगी.’’ मीडिया रपटों के मुताबिक कृष्णा राज कपूर को सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से अस्पताल ले जाया गया. वह फरवरी में भी अस्पताल में भर्ती हुई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कृष्णा राज कपूर के बेटे रणधीर कपूर ने पीटीआई को बताया, ‘‘वह अस्पताल में हैं. वह ठीक हैं और कोई गंभीर बात नहीं है. वह नियमित जांच के लिए आई हैं. उन्हें कल या परसों छुट्टी दे दी जाएगी.’’ मीडिया रपटों के मुताबिक कृष्णा राज कपूर को सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से अस्पताल ले जाया गया. वह फरवरी में भी अस्पताल में भर्ती हुई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: रणधीर कपूर ने कहा, कोई गंभीर बात नहीं नियमित जांच के लिए अस्पताल में भर्ती हुईं कल या परसों अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: शशांक मनोहर ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के चेयरमैन पद से इस्‍तीफा दे दिया है. बताया जाता है कि निजी कारणों के चलते उन्‍होंने तुरंत प्रभाव से यह पद छोड़ा है. उनके आईसीसी प्रमुख का पद छोड़ने से वर्ल्‍ड क्रिकेट की यह टॉप पोस्‍ट खोली हो गई है. गौरतलब है कि शशांक मनोहर को पिछले साल मई में इस पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे. वे क्रिकेट के खेल की शीर्ष संस्‍था के पहले स्‍वतंत्र चेयरमैन निर्वाचित हुए थे. उनका कार्यकाल दो वर्ष का है. मूल रूप से महाराष्‍ट्र के निवासी शशांक मनोहर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्‍यक्ष भी रह चुके हैं. बीसीसीआई का अध्‍यक्ष पद छोड़ने के बाद ही उन्‍होंने आईसीसी चेयरमैन का पद संभाला था. वर्ष 2016 के अप्रैल में ICC के नियमों में किए गए बदलाव के बाद पेशे से वकील मनोहर पहले स्वतंत्र चेयरमैन चुने गए थे. चेयरमैन पद के लिए मनोहर एकमात्र उम्मीदवार थे और उनका चयन सर्वसम्मति से हुआ था. इस चुनाव प्रक्रिया के प्रभारी स्वतंत्र ऑडिट कमेटी के चेयरमैन अदनान जैदी ने चुनाव पूर्ण होने की घोषणा करते हुए शशांक मनोहर को चेयरमैन घोषित किया था. आईसीसी का स्‍वतंत्र चेयरमैन चुने जाने के बाद 58 वर्षीय शशांक मनोहर ने कहा था, "पहला स्वतंत्र चेयरमैन बनना मेरे लिए गर्व की बात है जिसके लिए मैं सबका धन्यवाद करता हूं और इस पद की गरिमा को बनाए रखने के लिए पूरी मेहनत से काम करूंगा." गौरतलब है कि ईमानदार छवि वाले शशांक मनोहर 2008 से 2011 के बीच पहली बार बीसीसीआई के अध्यक्ष बने थे. अपने कार्यकाल के दौरान मनोहर ने कुशल प्रशासक के रूप में पहचान बनाई थी. वर्ष 2016 के अप्रैल में ICC के नियमों में किए गए बदलाव के बाद पेशे से वकील मनोहर पहले स्वतंत्र चेयरमैन चुने गए थे. चेयरमैन पद के लिए मनोहर एकमात्र उम्मीदवार थे और उनका चयन सर्वसम्मति से हुआ था. इस चुनाव प्रक्रिया के प्रभारी स्वतंत्र ऑडिट कमेटी के चेयरमैन अदनान जैदी ने चुनाव पूर्ण होने की घोषणा करते हुए शशांक मनोहर को चेयरमैन घोषित किया था. आईसीसी का स्‍वतंत्र चेयरमैन चुने जाने के बाद 58 वर्षीय शशांक मनोहर ने कहा था, "पहला स्वतंत्र चेयरमैन बनना मेरे लिए गर्व की बात है जिसके लिए मैं सबका धन्यवाद करता हूं और इस पद की गरिमा को बनाए रखने के लिए पूरी मेहनत से काम करूंगा." गौरतलब है कि ईमानदार छवि वाले शशांक मनोहर 2008 से 2011 के बीच पहली बार बीसीसीआई के अध्यक्ष बने थे. अपने कार्यकाल के दौरान मनोहर ने कुशल प्रशासक के रूप में पहचान बनाई थी.
संक्षिप्त पाठ: पिछले साल मई में शशांक चुने गए थे आईसीसी चेयरमैन दो साल का था उनका आईसीसी चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल बीसीसीआई अध्‍यक्ष पद भी संभाल चुके हैं शशांक मनोहर
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय पंजाब द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर के लिए भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के शीर्ष अदालत के अंतरिम आदेश का कथित उल्लंघन करने के मामले में हरियाणा की याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई के लिए आज सहमत हो गया. न्यायमूर्ति एआर दवे और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की पीठ के समक्ष हरियाणा सरकार के वकील ने इस याचिका का उल्लेख करते हुए इस पर तुरंत सुनवाई का आज अनुरोध किया. हरियाणा का कहना था कि नहर परियोजना के निमित्त भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का पंजाब सरकार को निर्देश देने संबंधी शीर्ष अदालत के पहले के आदेश का हनन करने के प्रयास हो रहे हैं. इस पर पीठ ने कहा, ‘‘इस मामले को सुनवाई के लिए सोमवार को सूचीबद्ध किया जाए.’’ हाल ही में पंजाब सरकार ने इस परियोजना के निमित्त अधिग्रहीत भूमि को तत्काल प्रभाव से अधिसूचना के दायरे से बाहर करने और इसे मुफ्त में इसके मालिकों को लौटाने का फैसला किया था. राज्य सरकार का यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने पिछले सप्ताह पंजाब समझौता निरस्तीकरण, 2004 कानून को असंवैधानिक करार दिया था. इस कानून के जरिए ही पंजाब ने हरियाणा के साथ जल साझा करने संबंधी 1981 के समझौते को एकतरफा निरस्त कर दिया था. शीर्ष अदालत ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी राय में कहा था कि पंजाब समझौते को ‘एकतरफा’ निरस्त नहीं कर सकता है और न ही शीर्ष अदालत के निर्णय को ‘निष्प्रभावी’ बना सकता है. हरियाणा सरकार ने आज शीर्ष अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया कि पंजाब दस नवंबर की व्यवस्था और 17 मार्च के अंतरिम आदेश का सम्मान नहीं कर रहा है. मार्च के आदेश में न्यायालय ने इस नहर परियोजना के निमित्त भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का पंजाब को निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में केंद्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को इस भूमि तथा नहर परियोजना की अन्य संपत्तियों का ‘संयुक्त रिसीवर’ नियुक्त किया था.टिप्पणियां जल बंटवारे के लिए 1981 का विवादास्पद समझौता 1966 में पंजाब से हरियाणा राज्य के सृजन के बाद हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यायमूर्ति एआर दवे और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की पीठ के समक्ष हरियाणा सरकार के वकील ने इस याचिका का उल्लेख करते हुए इस पर तुरंत सुनवाई का आज अनुरोध किया. हरियाणा का कहना था कि नहर परियोजना के निमित्त भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का पंजाब सरकार को निर्देश देने संबंधी शीर्ष अदालत के पहले के आदेश का हनन करने के प्रयास हो रहे हैं. इस पर पीठ ने कहा, ‘‘इस मामले को सुनवाई के लिए सोमवार को सूचीबद्ध किया जाए.’’ हाल ही में पंजाब सरकार ने इस परियोजना के निमित्त अधिग्रहीत भूमि को तत्काल प्रभाव से अधिसूचना के दायरे से बाहर करने और इसे मुफ्त में इसके मालिकों को लौटाने का फैसला किया था. राज्य सरकार का यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने पिछले सप्ताह पंजाब समझौता निरस्तीकरण, 2004 कानून को असंवैधानिक करार दिया था. इस कानून के जरिए ही पंजाब ने हरियाणा के साथ जल साझा करने संबंधी 1981 के समझौते को एकतरफा निरस्त कर दिया था. शीर्ष अदालत ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी राय में कहा था कि पंजाब समझौते को ‘एकतरफा’ निरस्त नहीं कर सकता है और न ही शीर्ष अदालत के निर्णय को ‘निष्प्रभावी’ बना सकता है. हरियाणा सरकार ने आज शीर्ष अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया कि पंजाब दस नवंबर की व्यवस्था और 17 मार्च के अंतरिम आदेश का सम्मान नहीं कर रहा है. मार्च के आदेश में न्यायालय ने इस नहर परियोजना के निमित्त भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का पंजाब को निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में केंद्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को इस भूमि तथा नहर परियोजना की अन्य संपत्तियों का ‘संयुक्त रिसीवर’ नियुक्त किया था.टिप्पणियां जल बंटवारे के लिए 1981 का विवादास्पद समझौता 1966 में पंजाब से हरियाणा राज्य के सृजन के बाद हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस पर पीठ ने कहा, ‘‘इस मामले को सुनवाई के लिए सोमवार को सूचीबद्ध किया जाए.’’ हाल ही में पंजाब सरकार ने इस परियोजना के निमित्त अधिग्रहीत भूमि को तत्काल प्रभाव से अधिसूचना के दायरे से बाहर करने और इसे मुफ्त में इसके मालिकों को लौटाने का फैसला किया था. राज्य सरकार का यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने पिछले सप्ताह पंजाब समझौता निरस्तीकरण, 2004 कानून को असंवैधानिक करार दिया था. इस कानून के जरिए ही पंजाब ने हरियाणा के साथ जल साझा करने संबंधी 1981 के समझौते को एकतरफा निरस्त कर दिया था. शीर्ष अदालत ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी राय में कहा था कि पंजाब समझौते को ‘एकतरफा’ निरस्त नहीं कर सकता है और न ही शीर्ष अदालत के निर्णय को ‘निष्प्रभावी’ बना सकता है. हरियाणा सरकार ने आज शीर्ष अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया कि पंजाब दस नवंबर की व्यवस्था और 17 मार्च के अंतरिम आदेश का सम्मान नहीं कर रहा है. मार्च के आदेश में न्यायालय ने इस नहर परियोजना के निमित्त भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का पंजाब को निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में केंद्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को इस भूमि तथा नहर परियोजना की अन्य संपत्तियों का ‘संयुक्त रिसीवर’ नियुक्त किया था.टिप्पणियां जल बंटवारे के लिए 1981 का विवादास्पद समझौता 1966 में पंजाब से हरियाणा राज्य के सृजन के बाद हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्य सरकार का यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने पिछले सप्ताह पंजाब समझौता निरस्तीकरण, 2004 कानून को असंवैधानिक करार दिया था. इस कानून के जरिए ही पंजाब ने हरियाणा के साथ जल साझा करने संबंधी 1981 के समझौते को एकतरफा निरस्त कर दिया था. शीर्ष अदालत ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी राय में कहा था कि पंजाब समझौते को ‘एकतरफा’ निरस्त नहीं कर सकता है और न ही शीर्ष अदालत के निर्णय को ‘निष्प्रभावी’ बना सकता है. हरियाणा सरकार ने आज शीर्ष अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया कि पंजाब दस नवंबर की व्यवस्था और 17 मार्च के अंतरिम आदेश का सम्मान नहीं कर रहा है. मार्च के आदेश में न्यायालय ने इस नहर परियोजना के निमित्त भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का पंजाब को निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में केंद्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को इस भूमि तथा नहर परियोजना की अन्य संपत्तियों का ‘संयुक्त रिसीवर’ नियुक्त किया था.टिप्पणियां जल बंटवारे के लिए 1981 का विवादास्पद समझौता 1966 में पंजाब से हरियाणा राज्य के सृजन के बाद हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शीर्ष अदालत ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी राय में कहा था कि पंजाब समझौते को ‘एकतरफा’ निरस्त नहीं कर सकता है और न ही शीर्ष अदालत के निर्णय को ‘निष्प्रभावी’ बना सकता है. हरियाणा सरकार ने आज शीर्ष अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया कि पंजाब दस नवंबर की व्यवस्था और 17 मार्च के अंतरिम आदेश का सम्मान नहीं कर रहा है. मार्च के आदेश में न्यायालय ने इस नहर परियोजना के निमित्त भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का पंजाब को निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में केंद्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को इस भूमि तथा नहर परियोजना की अन्य संपत्तियों का ‘संयुक्त रिसीवर’ नियुक्त किया था.टिप्पणियां जल बंटवारे के लिए 1981 का विवादास्पद समझौता 1966 में पंजाब से हरियाणा राज्य के सृजन के बाद हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हरियाणा सरकार ने आज शीर्ष अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया कि पंजाब दस नवंबर की व्यवस्था और 17 मार्च के अंतरिम आदेश का सम्मान नहीं कर रहा है. मार्च के आदेश में न्यायालय ने इस नहर परियोजना के निमित्त भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का पंजाब को निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में केंद्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को इस भूमि तथा नहर परियोजना की अन्य संपत्तियों का ‘संयुक्त रिसीवर’ नियुक्त किया था.टिप्पणियां जल बंटवारे के लिए 1981 का विवादास्पद समझौता 1966 में पंजाब से हरियाणा राज्य के सृजन के बाद हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में केंद्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को इस भूमि तथा नहर परियोजना की अन्य संपत्तियों का ‘संयुक्त रिसीवर’ नियुक्त किया था.टिप्पणियां जल बंटवारे के लिए 1981 का विवादास्पद समझौता 1966 में पंजाब से हरियाणा राज्य के सृजन के बाद हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जल बंटवारे के लिए 1981 का विवादास्पद समझौता 1966 में पंजाब से हरियाणा राज्य के सृजन के बाद हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: यथास्थिति बनाए रखने के अदालत के अंतरिम आदेश का उल्लंघन पंजाब ने परियोजना की अधिग्रहीत भूमि तत्काल लौटाने का फैसला लिया हरियाणा का आरोप, पंजाब आदेश का सम्मान नहीं कर रहा
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: व्हाइट हाउस के अधिकारी ने बताया, 'इस बात की संभावना है कि ट्रंप जानना चाहेंगे कि पीएम मोदी के पास क्षेत्रीय तनाव को कम करने और कश्मीर में मानवाधिकार का सम्मान करने के लिए क्या योजना है.' इससे पहले ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि वह इस हफ्ते के आखिर में फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे तो उनसे कश्मीर के हालात और भारत-पाक तनाव कम करने में मदद करने पर चर्चा करेंगे.  मेहमान रोमानियाई राष्ट्रपति क्लॉज लोहानिस का स्वागत करते हुए ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा था कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किये जाने के बाद भारत और पाकिस्तान में नये सिरे से बढ़े तनाव के बीच वह कश्मीर के हालात को शांत करने की कोशिश करने में खुशी महसूस करेंगे. ट्रंप ने हाल ही में ही प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से अलग अलग फोन पर बात की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने फ्रांस के बियारिज में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा था, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी से मिलूंगा. मैं फ्रांस में हफ्ते के आखिर में उनके साथ रहूंगा.' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान हाल ही में यहां आये थे. मैं उन दोनों के साथ वाकई सहज महसूस करता हूं.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था, 'कश्मीर के हालात बहुत कठिन हैं.' उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान होवित्जर और भारी हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा था, 'यह लंबे वक्त से चल रहा है. दोनों देशों के बीच बहुत समस्याएं हैं. मैं मध्यस्थता के लिए या कुछ करने के लिए हरसंभव प्रयास करुंगा. दोनों के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं. लेकिन वे दोनों फिलहाल मित्रवत व्यवहार नहीं रखते. जटिल हालात हैं.'
संक्षिप्त पाठ: कश्मीर मामले पर सहायता करने के लिए तैयार ट्रंप, अगर दोनों देश हों सहमत जी7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और ट्रंप की होगी मुलाकात 'ट्रंप जानना चाहते हैं पीएम मोदी की कश्मीर पर तनाव घटाने की योजना'
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के खिलाफ विरोधियों ने पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सांसद संदीप दीक्षित के ब्लॉग लिखने के बाद दर्जनभर से ज्यादा कांग्रेसी प्रभारी पीसी चाको के पास शिकायत करने के लिए पहुंचे और माकन को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की। संदीप दीक्षित ही नहीं माकन के खिलाफ पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के पूर्व उम्मीदवारों ने भी बगावती स्वर अख्तियार कर लिए हैं। यहां तक कि कई कांग्रेसी नेताओं ने माकन को अध्यक्ष पद से हटाने तक की मांग कर डाली है। जितेंद्र कोचर और रोहणी के पूर्व उम्मीदवार सुखबीर शर्मा  ने साफ तौर पर शिकायत की है कि अजय माकन पार्टी की बैठक नहीं बुलाते हैं और जब-तब दूसरे गुट का होने का आरोप लगाकर पार्टी में मतभेद को हवा दे रहे हैं। दिल्ली में पहले ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली और हरुन यूसुफ से अजय माकन के मतभेद छिपे नहीं हैं। ऐसे में कांग्रेस में चल रही गुटबाजी से कोढ़ में खाज वाली स्थिति बन गई है। संदीप दीक्षित ही नहीं माकन के खिलाफ पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के पूर्व उम्मीदवारों ने भी बगावती स्वर अख्तियार कर लिए हैं। यहां तक कि कई कांग्रेसी नेताओं ने माकन को अध्यक्ष पद से हटाने तक की मांग कर डाली है। जितेंद्र कोचर और रोहणी के पूर्व उम्मीदवार सुखबीर शर्मा  ने साफ तौर पर शिकायत की है कि अजय माकन पार्टी की बैठक नहीं बुलाते हैं और जब-तब दूसरे गुट का होने का आरोप लगाकर पार्टी में मतभेद को हवा दे रहे हैं। दिल्ली में पहले ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली और हरुन यूसुफ से अजय माकन के मतभेद छिपे नहीं हैं। ऐसे में कांग्रेस में चल रही गुटबाजी से कोढ़ में खाज वाली स्थिति बन गई है।
संक्षिप्त पाठ: प्रभारी पीसी चाको के पास शिकायत करने के लिए पहुंचे कांग्रेसी संदीप दीक्षित सहित पूर्व उम्मीदवारों के बगावती तेवर माकन पर लगाया पार्टी में मतभेद पैदा करने का आरोप
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सपा में पिछले दिनों पिता मुलायम सिंह और बेटे अखिलेश यादव में घमासान के बीच दूसरे पुत्र प्रतीक(27) भी सुर्खियों का सबब बने. हालांकि यह सही है कि वह सियासत की वजह से नहीं बल्कि अपनी पसंदीदा लैंबोर्गिनी कार के चलते सुर्खियों में रहे. पहले जब परिवार में झगड़ा चरम पर था तब उसी दौरान अपनी पांच करोड़ रुपये की इस कार के साथ जब वह लखनऊ की सड़कों पर गुजरे तो चर्चा का केंद्र बने. वह इसलिए भी अहम है क्‍योंकि उस दौरान मुलायम और अखिलेश पार्टी के सिंबल साइकिल के लिए चुनाव आयोग में आमने-सामने थे. सिर्फ इतना ही नहीं उसके बाद उन्‍होंने अपनी प्रिय कार का फोटो इंस्‍टाग्राम पर हैशटैग ब्‍लू बेल्‍ट के साथ शेयर किया. वह अब इसलिए चर्चा में हैं क्‍योंकि उनकी अपर्णा यादव(26) लखनऊ कैंट से सपा की प्रत्‍याशी हैं. इस सीट पर वह दिग्‍गज रीता बहुगुणा जोशी को टक्‍कर दे रही हैं. रीता बहुगुणा ने पिछली बार यह सीट कांग्रेस के टिकट पर जीती थी लेकिन इस बार उन्‍होंने पाला बदलते हुए बीजेपी का दामन थामन लिया. लिहाजा अबकी बार वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.   इन सब वजहों से लगातार सुर्खियों में रहे प्रतीक यादव ने आखिरकार अपनी महंगी कार पर सफाई देते हुए समाचार एजेंसी ANI से कहा है, ''मैंने लोन पर कार ली है. मेरे पास पूरे कागज हैं. मैं इनकम टैक्‍स देता हूं तो फिर यह विवाद क्‍यों खड़ा किया जा रहा है?''टिप्पणियां इसके साथ ही प्रतीक ने कहा कि उनकी राजनीति में कोई दिलचस्‍पी नहीं है और वह रीयल एस्‍टेट के कारोबार पर ध्‍यान देते हैं. हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा, ''यदि मैं पांच करोड़ रुपये प्रॉपर्टी में निवेश कर देता तब कोई कुछ नहीं कहता.'' इसके साथ ही जब उनसे पूछा गया कि आपके परिवार के 22 सदस्‍य राजनीति में हैं तो उन्‍होंने कहा, ''इसमें मेरा नाम शामिल नहीं किया जाना चाहिए. यदि मुझे ऐसा करना होता तो बहुत पहले ही ऐसा कर सकता था. मेरा पूरा ध्‍यान अपने बिजनेस पर है.'' सिर्फ इतना ही नहीं उसके बाद उन्‍होंने अपनी प्रिय कार का फोटो इंस्‍टाग्राम पर हैशटैग ब्‍लू बेल्‍ट के साथ शेयर किया. वह अब इसलिए चर्चा में हैं क्‍योंकि उनकी अपर्णा यादव(26) लखनऊ कैंट से सपा की प्रत्‍याशी हैं. इस सीट पर वह दिग्‍गज रीता बहुगुणा जोशी को टक्‍कर दे रही हैं. रीता बहुगुणा ने पिछली बार यह सीट कांग्रेस के टिकट पर जीती थी लेकिन इस बार उन्‍होंने पाला बदलते हुए बीजेपी का दामन थामन लिया. लिहाजा अबकी बार वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.   इन सब वजहों से लगातार सुर्खियों में रहे प्रतीक यादव ने आखिरकार अपनी महंगी कार पर सफाई देते हुए समाचार एजेंसी ANI से कहा है, ''मैंने लोन पर कार ली है. मेरे पास पूरे कागज हैं. मैं इनकम टैक्‍स देता हूं तो फिर यह विवाद क्‍यों खड़ा किया जा रहा है?''टिप्पणियां इसके साथ ही प्रतीक ने कहा कि उनकी राजनीति में कोई दिलचस्‍पी नहीं है और वह रीयल एस्‍टेट के कारोबार पर ध्‍यान देते हैं. हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा, ''यदि मैं पांच करोड़ रुपये प्रॉपर्टी में निवेश कर देता तब कोई कुछ नहीं कहता.'' इसके साथ ही जब उनसे पूछा गया कि आपके परिवार के 22 सदस्‍य राजनीति में हैं तो उन्‍होंने कहा, ''इसमें मेरा नाम शामिल नहीं किया जाना चाहिए. यदि मुझे ऐसा करना होता तो बहुत पहले ही ऐसा कर सकता था. मेरा पूरा ध्‍यान अपने बिजनेस पर है.'' इसके साथ ही प्रतीक ने कहा कि उनकी राजनीति में कोई दिलचस्‍पी नहीं है और वह रीयल एस्‍टेट के कारोबार पर ध्‍यान देते हैं. हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा, ''यदि मैं पांच करोड़ रुपये प्रॉपर्टी में निवेश कर देता तब कोई कुछ नहीं कहता.'' इसके साथ ही जब उनसे पूछा गया कि आपके परिवार के 22 सदस्‍य राजनीति में हैं तो उन्‍होंने कहा, ''इसमें मेरा नाम शामिल नहीं किया जाना चाहिए. यदि मुझे ऐसा करना होता तो बहुत पहले ही ऐसा कर सकता था. मेरा पूरा ध्‍यान अपने बिजनेस पर है.'' इसके साथ ही जब उनसे पूछा गया कि आपके परिवार के 22 सदस्‍य राजनीति में हैं तो उन्‍होंने कहा, ''इसमें मेरा नाम शामिल नहीं किया जाना चाहिए. यदि मुझे ऐसा करना होता तो बहुत पहले ही ऐसा कर सकता था. मेरा पूरा ध्‍यान अपने बिजनेस पर है.''
प्रतीक की महंगी कार की कीमत पांच करोड़ रुपये उनका कहना है कि लोन लेकर कार खरीदी पत्‍नी अपर्णा यादव, लखनऊ कैंट से लड़ रहीं चुनाव
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने डाकघर द्वारा संचालित लघुबचत योजनाओं को और आकर्षक बनाते हुए मासिक आय योजना और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) जैसी विभिन्न योजनाओं पर ब्याज दरों में 0.5 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी। डाकघटर बचत योजनाओं की नई ब्याज दरें एक अप्रैल 2012 से लागू होंगी और वर्ष 2012.13 के लिये वैध होंगी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार एक और दो वर्ष की जमा योजनाओं में प्रत्येक पर ब्याज दर में 0.5 प्रतिशत वृद्धि कर इसे क्रमश 8.2 प्रतिशत और 8.3 प्रतिशत कर दिया गया जबकि मासिक आय योजना की ब्याज दर को 0.3 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 8.5 प्रतिशत कर दिया गया।टिप्पणियां सरकार ने सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ: पर भी ब्याज दर को 0.2 प्रतिशत बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत कर दिया। बहरहाल, बचत जमा खाता पर ब्याज दर पूर्ववत 4 प्रतिशत ही रखी गई है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। डाकघटर बचत योजनाओं की नई ब्याज दरें एक अप्रैल 2012 से लागू होंगी और वर्ष 2012.13 के लिये वैध होंगी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार एक और दो वर्ष की जमा योजनाओं में प्रत्येक पर ब्याज दर में 0.5 प्रतिशत वृद्धि कर इसे क्रमश 8.2 प्रतिशत और 8.3 प्रतिशत कर दिया गया जबकि मासिक आय योजना की ब्याज दर को 0.3 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 8.5 प्रतिशत कर दिया गया।टिप्पणियां सरकार ने सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ: पर भी ब्याज दर को 0.2 प्रतिशत बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत कर दिया। बहरहाल, बचत जमा खाता पर ब्याज दर पूर्ववत 4 प्रतिशत ही रखी गई है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार एक और दो वर्ष की जमा योजनाओं में प्रत्येक पर ब्याज दर में 0.5 प्रतिशत वृद्धि कर इसे क्रमश 8.2 प्रतिशत और 8.3 प्रतिशत कर दिया गया जबकि मासिक आय योजना की ब्याज दर को 0.3 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 8.5 प्रतिशत कर दिया गया।टिप्पणियां सरकार ने सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ: पर भी ब्याज दर को 0.2 प्रतिशत बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत कर दिया। बहरहाल, बचत जमा खाता पर ब्याज दर पूर्ववत 4 प्रतिशत ही रखी गई है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। सरकार ने सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ: पर भी ब्याज दर को 0.2 प्रतिशत बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत कर दिया। बहरहाल, बचत जमा खाता पर ब्याज दर पूर्ववत 4 प्रतिशत ही रखी गई है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। बहरहाल, बचत जमा खाता पर ब्याज दर पूर्ववत 4 प्रतिशत ही रखी गई है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।
यहाँ एक सारांश है:सरकार ने डाकघर द्वारा संचालित लघुबचत योजनाओं को और आकर्षक बनाते हुए मासिक आय योजना और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) जैसी विभिन्न योजनाओं पर ब्याज दरों में 0.5 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट के बंटवारे पर विरोध झेल रही कांग्रेस ने गुरुवार को उम्मीदवारों की दूसरी सूची वापस ले ली। दूसरी सूची की घोषणा बुधवार की मध्यरात्रि को की गई थी। पार्टी के सूत्रों ने यह जानकारी गुरुवार को दी। कांग्रेस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, "गुजरात विधनसभा चुनाव के लिए जारी की गई 46 उम्मीदवारों की दूसरी सूची वापस ले ली गई है।" पार्टी सूत्रों के अनुसार, टिकट बंटवारे से गुजरात के कई कांग्रेस सांसद असंतुष्ट थे और उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपने विचारों से अवगत करा दिया था। राहुल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य में चुनाव प्रचार करने वाले हैं। गुजरात कांग्रेस प्रमुख अर्जुन मोधवाडिया एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता शक्तिसिंह गोहिल ने बुधवार की शाम 52 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। मोधवाडिया पोरबंदर से और गोहिल भावनगर ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ेंगे। टिप्पणियां पहली सूची में जिन निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम हैं, उनके भाग्य का फैसला 13 और 17 दिसम्बर को होनी है। पहली सूची में चार महिलाओं के नाम हैं। उल्लेखनीय है कि 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव परिणामों की घोषणा 20 दिसम्बर को होगी। कांग्रेस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, "गुजरात विधनसभा चुनाव के लिए जारी की गई 46 उम्मीदवारों की दूसरी सूची वापस ले ली गई है।" पार्टी सूत्रों के अनुसार, टिकट बंटवारे से गुजरात के कई कांग्रेस सांसद असंतुष्ट थे और उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपने विचारों से अवगत करा दिया था। राहुल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य में चुनाव प्रचार करने वाले हैं। गुजरात कांग्रेस प्रमुख अर्जुन मोधवाडिया एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता शक्तिसिंह गोहिल ने बुधवार की शाम 52 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। मोधवाडिया पोरबंदर से और गोहिल भावनगर ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ेंगे। टिप्पणियां पहली सूची में जिन निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम हैं, उनके भाग्य का फैसला 13 और 17 दिसम्बर को होनी है। पहली सूची में चार महिलाओं के नाम हैं। उल्लेखनीय है कि 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव परिणामों की घोषणा 20 दिसम्बर को होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, टिकट बंटवारे से गुजरात के कई कांग्रेस सांसद असंतुष्ट थे और उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपने विचारों से अवगत करा दिया था। राहुल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य में चुनाव प्रचार करने वाले हैं। गुजरात कांग्रेस प्रमुख अर्जुन मोधवाडिया एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता शक्तिसिंह गोहिल ने बुधवार की शाम 52 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। मोधवाडिया पोरबंदर से और गोहिल भावनगर ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ेंगे। टिप्पणियां पहली सूची में जिन निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम हैं, उनके भाग्य का फैसला 13 और 17 दिसम्बर को होनी है। पहली सूची में चार महिलाओं के नाम हैं। उल्लेखनीय है कि 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव परिणामों की घोषणा 20 दिसम्बर को होगी। गुजरात कांग्रेस प्रमुख अर्जुन मोधवाडिया एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता शक्तिसिंह गोहिल ने बुधवार की शाम 52 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। मोधवाडिया पोरबंदर से और गोहिल भावनगर ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ेंगे। टिप्पणियां पहली सूची में जिन निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम हैं, उनके भाग्य का फैसला 13 और 17 दिसम्बर को होनी है। पहली सूची में चार महिलाओं के नाम हैं। उल्लेखनीय है कि 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव परिणामों की घोषणा 20 दिसम्बर को होगी। पहली सूची में जिन निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम हैं, उनके भाग्य का फैसला 13 और 17 दिसम्बर को होनी है। पहली सूची में चार महिलाओं के नाम हैं। उल्लेखनीय है कि 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव परिणामों की घोषणा 20 दिसम्बर को होगी। उल्लेखनीय है कि 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव परिणामों की घोषणा 20 दिसम्बर को होगी।
संक्षिप्त सारांश: गुजरात में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट के बंटवारे पर विरोध झेल रही कांग्रेस ने गुरुवार को उम्मीदवारों की दूसरी सूची वापस ले ली। दूसरी सूची की घोषणा बुधवार की मध्यरात्रि को की गई थी। पार्टी के सूत्रों ने यह जानकारी गुरुवार को दी।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अरुणाचल प्रदेश की पेमा खांडू सरकार में शामिल होने का फैसला किया. राज्य में बीजेपी के 11 विधायक हैं और वह अब तक पीपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी. हालांकि अब पार्टी आलाकमान ने खांडू सरकार का हिस्सा बनने को हरी झंडी दे दी. इसके साथ ही अरुणाचल 14वां राज्य हो जाएगा जहां बीजेपी सरकार में है.टिप्पणियां पार्टी महासचिव राम माधव और अरुण सिंह आज इटानगर में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां मंत्रालयों के बंटवारे पर फैसला होने की उम्मीद है. पिछले महीने खांडू के साथ 43 विधायकों ने कांग्रेस का दामन छोड़ पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए थे. राज्य के 60 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 44 विधायक थें, लेकिन इसके बाद कांग्रेस के साथ पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ही बचे. राज्य में बीजेपी के 11 विधायक हैं और वह अब तक पीपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी. हालांकि अब पार्टी आलाकमान ने खांडू सरकार का हिस्सा बनने को हरी झंडी दे दी. इसके साथ ही अरुणाचल 14वां राज्य हो जाएगा जहां बीजेपी सरकार में है.टिप्पणियां पार्टी महासचिव राम माधव और अरुण सिंह आज इटानगर में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां मंत्रालयों के बंटवारे पर फैसला होने की उम्मीद है. पिछले महीने खांडू के साथ 43 विधायकों ने कांग्रेस का दामन छोड़ पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए थे. राज्य के 60 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 44 विधायक थें, लेकिन इसके बाद कांग्रेस के साथ पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ही बचे. पार्टी महासचिव राम माधव और अरुण सिंह आज इटानगर में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां मंत्रालयों के बंटवारे पर फैसला होने की उम्मीद है. पिछले महीने खांडू के साथ 43 विधायकों ने कांग्रेस का दामन छोड़ पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए थे. राज्य के 60 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 44 विधायक थें, लेकिन इसके बाद कांग्रेस के साथ पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ही बचे. पिछले महीने खांडू के साथ 43 विधायकों ने कांग्रेस का दामन छोड़ पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए थे. राज्य के 60 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 44 विधायक थें, लेकिन इसके बाद कांग्रेस के साथ पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ही बचे.
यहाँ एक सारांश है:अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी के 11 विधायक हैं अब तक पीपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी पार्टी इटानगर में आज इस संबंध में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति ने बुधवार को साफ किया कि अगर भारतीय ओलिम्पिक संघ के चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत हुए तो वह अगले महीने की शुरुआत में अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए को निलंबित करने का प्रस्ताव रखेगा। आईओसी के महानिदेशक क्रिस्टोफ डि कीपर ने आईओए के कार्यवाहक प्रमुख वीके मल्होत्रा को लिखे पत्र में इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को भेजने की मांग को ठुकरा दिया है और भारतीय खेल संस्था को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू करने की धमकी दी है।टिप्पणियां आईओसी ने आईओए को अपने 23 नवंबर को लिखे पत्र के निर्देशों को एक बार फिर दोहराया जिसमें आईओए को 30 नवंबर तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने या निलंबन का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा गया था। वैश्विक संस्था ने इससे पहले जो पत्र लिखा था उसमें उसके प्रमुख जाक रोगे और एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख अहमद अल सबाह के हस्ताक्षर थे। इसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर 5 दिसंबर को होने वाले चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत होते हैं और ओलिम्पिक चार्टर की अनदेखी होती है तो भारत को निलंबित किया जा सकता है। आईओसी के महानिदेशक क्रिस्टोफ डि कीपर ने आईओए के कार्यवाहक प्रमुख वीके मल्होत्रा को लिखे पत्र में इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को भेजने की मांग को ठुकरा दिया है और भारतीय खेल संस्था को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू करने की धमकी दी है।टिप्पणियां आईओसी ने आईओए को अपने 23 नवंबर को लिखे पत्र के निर्देशों को एक बार फिर दोहराया जिसमें आईओए को 30 नवंबर तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने या निलंबन का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा गया था। वैश्विक संस्था ने इससे पहले जो पत्र लिखा था उसमें उसके प्रमुख जाक रोगे और एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख अहमद अल सबाह के हस्ताक्षर थे। इसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर 5 दिसंबर को होने वाले चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत होते हैं और ओलिम्पिक चार्टर की अनदेखी होती है तो भारत को निलंबित किया जा सकता है। आईओसी ने आईओए को अपने 23 नवंबर को लिखे पत्र के निर्देशों को एक बार फिर दोहराया जिसमें आईओए को 30 नवंबर तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने या निलंबन का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा गया था। वैश्विक संस्था ने इससे पहले जो पत्र लिखा था उसमें उसके प्रमुख जाक रोगे और एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख अहमद अल सबाह के हस्ताक्षर थे। इसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर 5 दिसंबर को होने वाले चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत होते हैं और ओलिम्पिक चार्टर की अनदेखी होती है तो भारत को निलंबित किया जा सकता है। वैश्विक संस्था ने इससे पहले जो पत्र लिखा था उसमें उसके प्रमुख जाक रोगे और एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख अहमद अल सबाह के हस्ताक्षर थे। इसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर 5 दिसंबर को होने वाले चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत होते हैं और ओलिम्पिक चार्टर की अनदेखी होती है तो भारत को निलंबित किया जा सकता है।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय ओलिम्पिक संघ के चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत हुए तो 4-5 दिसंबर को अपने कार्यकारी बोर्ड में आईओए को निलंबित करने का प्रस्ताव आईओसी रखेगा।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के बॉयकॉट के बाद जीएसटी मीटिंग के दौरान संसद के सेंट्रल हाल में दलों की उपस्थिति और नेताओं एवं गणमान्‍य व्‍यक्तियों की सिटिंग चर्चा का विषय रही. मसलन अग्रिम पंक्ति की एक सीट पर लालकृष्‍ण आडवाणी, बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और एनसीपी के नेता शरद पवार को एक साथ बैठे देखा गया. वाम दलों ने इस कार्यक्रम का बहिष्‍कार किया था लेकिन पश्विम बंगाल के पूर्व वित्‍त मंत्री एवं सीपीएम नेता असीम दासगुप्‍ता मौजूद थे. असीम दासगुप्‍ता जीएसटी पर गठित राज्‍यों के वित्‍त मंत्रियों के पैनल के अध्‍यक्ष भी रहे हैं. वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने उनकी तारीफ करते हुए उनको जीएसटी के मसले पर अपना गुरू कहा. असीम दासगुप्‍ता के पड़ोस में रतन टाटा और विजय केलकर मौजूद थे. विजय केलकर उस कमेटी के चेयरमैन थे जिसने 2003 में सबसे जीएसटी लाने की सिफारिश की थी.टिप्पणियां शरद पवार की तरफ सपा की तरफ से रामगोपाल यादव भी अंग्रिम पंक्ति में बैठे थे. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पीएम मोदी के बगल मंच पर उपस्थित थे. हालांकि आमंत्रण पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी मिला था लेकिन उनकी पार्टी कांग्रेस ने बॉयकॉट का फैसला किया था. लिहाजा मनमोहन सिंह कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए. अक्‍सर बीजेपी की नीतियों का विरोध करने वाली शिवसेना के सभी सांसद उपस्थित थे. इसके नेता अनंत गीते और आनंदराव अदसुल बीजेडी के भर्तृहरि महताब के साथ अंग्रिम पंक्ति में मौजूद थे. आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल भी कार्यक्रम में उपस्थित थे. उनके अलावा आएसएस से संबद्ध एस गुरुमूर्ति और जम्‍मू-कश्‍मीर के वित्‍त मंत्री हसीब द्राबू की उपस्थिति भी चर्चाओं का सबब बनी. दरअसल हसीब द्राबू की पार्टी पीडीपी ने शुरुआत में जीएसटी का विरोध किया था. असीम दासगुप्‍ता जीएसटी पर गठित राज्‍यों के वित्‍त मंत्रियों के पैनल के अध्‍यक्ष भी रहे हैं. वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने उनकी तारीफ करते हुए उनको जीएसटी के मसले पर अपना गुरू कहा. असीम दासगुप्‍ता के पड़ोस में रतन टाटा और विजय केलकर मौजूद थे. विजय केलकर उस कमेटी के चेयरमैन थे जिसने 2003 में सबसे जीएसटी लाने की सिफारिश की थी.टिप्पणियां शरद पवार की तरफ सपा की तरफ से रामगोपाल यादव भी अंग्रिम पंक्ति में बैठे थे. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पीएम मोदी के बगल मंच पर उपस्थित थे. हालांकि आमंत्रण पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी मिला था लेकिन उनकी पार्टी कांग्रेस ने बॉयकॉट का फैसला किया था. लिहाजा मनमोहन सिंह कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए. अक्‍सर बीजेपी की नीतियों का विरोध करने वाली शिवसेना के सभी सांसद उपस्थित थे. इसके नेता अनंत गीते और आनंदराव अदसुल बीजेडी के भर्तृहरि महताब के साथ अंग्रिम पंक्ति में मौजूद थे. आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल भी कार्यक्रम में उपस्थित थे. उनके अलावा आएसएस से संबद्ध एस गुरुमूर्ति और जम्‍मू-कश्‍मीर के वित्‍त मंत्री हसीब द्राबू की उपस्थिति भी चर्चाओं का सबब बनी. दरअसल हसीब द्राबू की पार्टी पीडीपी ने शुरुआत में जीएसटी का विरोध किया था. शरद पवार की तरफ सपा की तरफ से रामगोपाल यादव भी अंग्रिम पंक्ति में बैठे थे. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पीएम मोदी के बगल मंच पर उपस्थित थे. हालांकि आमंत्रण पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी मिला था लेकिन उनकी पार्टी कांग्रेस ने बॉयकॉट का फैसला किया था. लिहाजा मनमोहन सिंह कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए. अक्‍सर बीजेपी की नीतियों का विरोध करने वाली शिवसेना के सभी सांसद उपस्थित थे. इसके नेता अनंत गीते और आनंदराव अदसुल बीजेडी के भर्तृहरि महताब के साथ अंग्रिम पंक्ति में मौजूद थे. आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल भी कार्यक्रम में उपस्थित थे. उनके अलावा आएसएस से संबद्ध एस गुरुमूर्ति और जम्‍मू-कश्‍मीर के वित्‍त मंत्री हसीब द्राबू की उपस्थिति भी चर्चाओं का सबब बनी. दरअसल हसीब द्राबू की पार्टी पीडीपी ने शुरुआत में जीएसटी का विरोध किया था. अक्‍सर बीजेपी की नीतियों का विरोध करने वाली शिवसेना के सभी सांसद उपस्थित थे. इसके नेता अनंत गीते और आनंदराव अदसुल बीजेडी के भर्तृहरि महताब के साथ अंग्रिम पंक्ति में मौजूद थे. आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल भी कार्यक्रम में उपस्थित थे. उनके अलावा आएसएस से संबद्ध एस गुरुमूर्ति और जम्‍मू-कश्‍मीर के वित्‍त मंत्री हसीब द्राबू की उपस्थिति भी चर्चाओं का सबब बनी. दरअसल हसीब द्राबू की पार्टी पीडीपी ने शुरुआत में जीएसटी का विरोध किया था.
यह एक सारांश है: आधी रात से जीएसटी लागू पीएम ने इसको गुड एवं सिंपल टैक्‍स कहा एक देश, एक टैक्‍स की ओर बढ़ा भारत
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समान नागरिक संहिता और तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार के रुख के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान के खिलाफ अब भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन (बीएमएमए) ने मुहिम शुरू की है जिसका मकसद मुस्लिम समुदाय खासकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के मुद्दे पर बोर्ड की ‘गुमराह करने वाली कोशिश’ के खिलाफ जागरूक करना है. मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण की पैरोकार संस्था बीएमएमए की सह-संस्थापक जकिया सोमन ने ‘भाषा’ से कहा, ‘‘पर्सनल लॉ बोर्ड हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. हमने उसकी इस कोशिश को नाकाम करने के लिए प्रदेश स्तर और जिला स्तर की अपनी इकाइयों के माध्यम से मुहिम शुरू की है. हम मुस्लिम समुदाय खासकर मुस्लिम महिलाओं को जागरूक कर रहे हैं कि वे बोर्ड के बहकावे में नहीं आएं.’’ गौरतलब है कि पिछले महीने विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता और तीन तलाक सहित कुछ बिंदुओं पर लोगों की राय मांगते हुए एक प्रश्नावली जारी की थी. दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दायर हलफनामे में तीन तलाक की प्रथा का विरोध किया और कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में इस व्यवस्था को खत्म किया जा चुका है. पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ दूसरे प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने समान नागरिक संहिता और तीन तलाक पर सरकार के रुख का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार मुस्लिम समुदाय के अंदरूनी मामलों में दखल दे रही है और पूरे देश को एक रंग रंगने की कोशिश कर रही है, हालांकि सरकार ने कहा है कि समान नागरिक संहिता थोपी नहीं जाएगी और तीन तलाक पर उसका रुख महिला अधिकार से जुड़ा हुआ है. जकिया सोमान ने बीएमएमए की नई मुहिम के बारे में ब्यौरा देते हुए कहा, ‘‘देश के 15 राज्यों और कई जिलों में हमारी सक्रिय इकाइयां हैं. हमारे सदस्य लोगों के पास जाकर बता रहे हैं कि बोर्ड मुस्लिम समुदाय को भरमा रहा है. हम मुस्लिम महिलाओं से कह रहे हैं कि वे बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा नहीं बनें. मुझे खुशी है कि हमारी मुहिम कामयाब हो रही है.’’ उन्होंने पर्सनल लॉ बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान को नाकाम करार देते हुए दावा किया कि बोर्ड को मुस्लिम समुदाय से वह समर्थन नहीं मिल रहा है जो 1980 के दशक में शाह बानो प्रकरण के बाद देखने को मिला था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘यह नया दौर है. अब लोग इनके बहकावे में नहीं आने वाले हैं. हमारी जानकारी के हिसाब से इनके हस्ताक्षर अभियान को मुस्लिम महिलाओं ने पूरी तरह नकार दिया है. ये लोग सिर्फ बयानबाजी करके अपने अभियान को कामयाब बताने की कोशिश कर रहे हैं.’’ जकिया ने कहा, ‘‘समान नागरिक संहिता और तीन तलाक को अलग-अलग करके देखना होगा. बोर्ड के लोग सोची-समझी रणनीति के तहत इन दोनों मुद्दों को साथ जोड़ रहे हैं.’’ उनके अनुसार बीएमएमए जल्द ही तीन तलाक के मुद्दे पर विधि आयोग के पास अपनी सिफारिश भेजेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण की पैरोकार संस्था बीएमएमए की सह-संस्थापक जकिया सोमन ने ‘भाषा’ से कहा, ‘‘पर्सनल लॉ बोर्ड हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. हमने उसकी इस कोशिश को नाकाम करने के लिए प्रदेश स्तर और जिला स्तर की अपनी इकाइयों के माध्यम से मुहिम शुरू की है. हम मुस्लिम समुदाय खासकर मुस्लिम महिलाओं को जागरूक कर रहे हैं कि वे बोर्ड के बहकावे में नहीं आएं.’’ गौरतलब है कि पिछले महीने विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता और तीन तलाक सहित कुछ बिंदुओं पर लोगों की राय मांगते हुए एक प्रश्नावली जारी की थी. दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दायर हलफनामे में तीन तलाक की प्रथा का विरोध किया और कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में इस व्यवस्था को खत्म किया जा चुका है. पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ दूसरे प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने समान नागरिक संहिता और तीन तलाक पर सरकार के रुख का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार मुस्लिम समुदाय के अंदरूनी मामलों में दखल दे रही है और पूरे देश को एक रंग रंगने की कोशिश कर रही है, हालांकि सरकार ने कहा है कि समान नागरिक संहिता थोपी नहीं जाएगी और तीन तलाक पर उसका रुख महिला अधिकार से जुड़ा हुआ है. जकिया सोमान ने बीएमएमए की नई मुहिम के बारे में ब्यौरा देते हुए कहा, ‘‘देश के 15 राज्यों और कई जिलों में हमारी सक्रिय इकाइयां हैं. हमारे सदस्य लोगों के पास जाकर बता रहे हैं कि बोर्ड मुस्लिम समुदाय को भरमा रहा है. हम मुस्लिम महिलाओं से कह रहे हैं कि वे बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा नहीं बनें. मुझे खुशी है कि हमारी मुहिम कामयाब हो रही है.’’ उन्होंने पर्सनल लॉ बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान को नाकाम करार देते हुए दावा किया कि बोर्ड को मुस्लिम समुदाय से वह समर्थन नहीं मिल रहा है जो 1980 के दशक में शाह बानो प्रकरण के बाद देखने को मिला था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘यह नया दौर है. अब लोग इनके बहकावे में नहीं आने वाले हैं. हमारी जानकारी के हिसाब से इनके हस्ताक्षर अभियान को मुस्लिम महिलाओं ने पूरी तरह नकार दिया है. ये लोग सिर्फ बयानबाजी करके अपने अभियान को कामयाब बताने की कोशिश कर रहे हैं.’’ जकिया ने कहा, ‘‘समान नागरिक संहिता और तीन तलाक को अलग-अलग करके देखना होगा. बोर्ड के लोग सोची-समझी रणनीति के तहत इन दोनों मुद्दों को साथ जोड़ रहे हैं.’’ उनके अनुसार बीएमएमए जल्द ही तीन तलाक के मुद्दे पर विधि आयोग के पास अपनी सिफारिश भेजेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि पिछले महीने विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता और तीन तलाक सहित कुछ बिंदुओं पर लोगों की राय मांगते हुए एक प्रश्नावली जारी की थी. दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दायर हलफनामे में तीन तलाक की प्रथा का विरोध किया और कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में इस व्यवस्था को खत्म किया जा चुका है. पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ दूसरे प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने समान नागरिक संहिता और तीन तलाक पर सरकार के रुख का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार मुस्लिम समुदाय के अंदरूनी मामलों में दखल दे रही है और पूरे देश को एक रंग रंगने की कोशिश कर रही है, हालांकि सरकार ने कहा है कि समान नागरिक संहिता थोपी नहीं जाएगी और तीन तलाक पर उसका रुख महिला अधिकार से जुड़ा हुआ है. जकिया सोमान ने बीएमएमए की नई मुहिम के बारे में ब्यौरा देते हुए कहा, ‘‘देश के 15 राज्यों और कई जिलों में हमारी सक्रिय इकाइयां हैं. हमारे सदस्य लोगों के पास जाकर बता रहे हैं कि बोर्ड मुस्लिम समुदाय को भरमा रहा है. हम मुस्लिम महिलाओं से कह रहे हैं कि वे बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा नहीं बनें. मुझे खुशी है कि हमारी मुहिम कामयाब हो रही है.’’ उन्होंने पर्सनल लॉ बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान को नाकाम करार देते हुए दावा किया कि बोर्ड को मुस्लिम समुदाय से वह समर्थन नहीं मिल रहा है जो 1980 के दशक में शाह बानो प्रकरण के बाद देखने को मिला था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘यह नया दौर है. अब लोग इनके बहकावे में नहीं आने वाले हैं. हमारी जानकारी के हिसाब से इनके हस्ताक्षर अभियान को मुस्लिम महिलाओं ने पूरी तरह नकार दिया है. ये लोग सिर्फ बयानबाजी करके अपने अभियान को कामयाब बताने की कोशिश कर रहे हैं.’’ जकिया ने कहा, ‘‘समान नागरिक संहिता और तीन तलाक को अलग-अलग करके देखना होगा. बोर्ड के लोग सोची-समझी रणनीति के तहत इन दोनों मुद्दों को साथ जोड़ रहे हैं.’’ उनके अनुसार बीएमएमए जल्द ही तीन तलाक के मुद्दे पर विधि आयोग के पास अपनी सिफारिश भेजेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ दूसरे प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने समान नागरिक संहिता और तीन तलाक पर सरकार के रुख का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार मुस्लिम समुदाय के अंदरूनी मामलों में दखल दे रही है और पूरे देश को एक रंग रंगने की कोशिश कर रही है, हालांकि सरकार ने कहा है कि समान नागरिक संहिता थोपी नहीं जाएगी और तीन तलाक पर उसका रुख महिला अधिकार से जुड़ा हुआ है. जकिया सोमान ने बीएमएमए की नई मुहिम के बारे में ब्यौरा देते हुए कहा, ‘‘देश के 15 राज्यों और कई जिलों में हमारी सक्रिय इकाइयां हैं. हमारे सदस्य लोगों के पास जाकर बता रहे हैं कि बोर्ड मुस्लिम समुदाय को भरमा रहा है. हम मुस्लिम महिलाओं से कह रहे हैं कि वे बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा नहीं बनें. मुझे खुशी है कि हमारी मुहिम कामयाब हो रही है.’’ उन्होंने पर्सनल लॉ बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान को नाकाम करार देते हुए दावा किया कि बोर्ड को मुस्लिम समुदाय से वह समर्थन नहीं मिल रहा है जो 1980 के दशक में शाह बानो प्रकरण के बाद देखने को मिला था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘यह नया दौर है. अब लोग इनके बहकावे में नहीं आने वाले हैं. हमारी जानकारी के हिसाब से इनके हस्ताक्षर अभियान को मुस्लिम महिलाओं ने पूरी तरह नकार दिया है. ये लोग सिर्फ बयानबाजी करके अपने अभियान को कामयाब बताने की कोशिश कर रहे हैं.’’ जकिया ने कहा, ‘‘समान नागरिक संहिता और तीन तलाक को अलग-अलग करके देखना होगा. बोर्ड के लोग सोची-समझी रणनीति के तहत इन दोनों मुद्दों को साथ जोड़ रहे हैं.’’ उनके अनुसार बीएमएमए जल्द ही तीन तलाक के मुद्दे पर विधि आयोग के पास अपनी सिफारिश भेजेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जकिया सोमान ने बीएमएमए की नई मुहिम के बारे में ब्यौरा देते हुए कहा, ‘‘देश के 15 राज्यों और कई जिलों में हमारी सक्रिय इकाइयां हैं. हमारे सदस्य लोगों के पास जाकर बता रहे हैं कि बोर्ड मुस्लिम समुदाय को भरमा रहा है. हम मुस्लिम महिलाओं से कह रहे हैं कि वे बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा नहीं बनें. मुझे खुशी है कि हमारी मुहिम कामयाब हो रही है.’’ उन्होंने पर्सनल लॉ बोर्ड के हस्ताक्षर अभियान को नाकाम करार देते हुए दावा किया कि बोर्ड को मुस्लिम समुदाय से वह समर्थन नहीं मिल रहा है जो 1980 के दशक में शाह बानो प्रकरण के बाद देखने को मिला था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘यह नया दौर है. अब लोग इनके बहकावे में नहीं आने वाले हैं. हमारी जानकारी के हिसाब से इनके हस्ताक्षर अभियान को मुस्लिम महिलाओं ने पूरी तरह नकार दिया है. ये लोग सिर्फ बयानबाजी करके अपने अभियान को कामयाब बताने की कोशिश कर रहे हैं.’’ जकिया ने कहा, ‘‘समान नागरिक संहिता और तीन तलाक को अलग-अलग करके देखना होगा. बोर्ड के लोग सोची-समझी रणनीति के तहत इन दोनों मुद्दों को साथ जोड़ रहे हैं.’’ उनके अनुसार बीएमएमए जल्द ही तीन तलाक के मुद्दे पर विधि आयोग के पास अपनी सिफारिश भेजेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘यह नया दौर है. अब लोग इनके बहकावे में नहीं आने वाले हैं. हमारी जानकारी के हिसाब से इनके हस्ताक्षर अभियान को मुस्लिम महिलाओं ने पूरी तरह नकार दिया है. ये लोग सिर्फ बयानबाजी करके अपने अभियान को कामयाब बताने की कोशिश कर रहे हैं.’’ जकिया ने कहा, ‘‘समान नागरिक संहिता और तीन तलाक को अलग-अलग करके देखना होगा. बोर्ड के लोग सोची-समझी रणनीति के तहत इन दोनों मुद्दों को साथ जोड़ रहे हैं.’’ उनके अनुसार बीएमएमए जल्द ही तीन तलाक के मुद्दे पर विधि आयोग के पास अपनी सिफारिश भेजेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: तीन तलाक के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान ‘गुमराह करने वाली कोशिश’ मुस्लिम समुदाय, मुस्लिम महिलाओं को जागरूक कर रहा बीएमएमए बोर्ड की सिर्फ बयानबाजी करके अपने अभियान को सफल बताने की कोशिश
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र (Maharashtra) में सत्तारूढ़ शिवसेना (Shiv Sena) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सामने न झुकने पर बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) की सराहना की. पार्टी का कहना है कि पवार भाजपा के सामने नहीं झुके, जिसके बाद शिवसेना के नेतृत्व में महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (Maha Vikas Aghadi ) की सरकार बनी. शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि यह स्पष्ट है कि भाजपा ने पार्टी (शिवसेना) की पीठ पर वार करने के लिए पवार के साथ मिलकर साजिश रचने की कोशिश की, मगर भाजपा की साम, दाम, दंड, भेद की नीति बुरी तरह विफल रही और राकांपा प्रमुख बिल्कुल नहीं झुके. राउत ने कहा, "पवार ने राकांपा को लुभाने और शिवसेना को सत्ता से बाहर रखने के लिए भाजपा द्वारा दिए गए प्रस्ताव को खुद स्पष्ट किया है." कुछ दिनों पहले पवार ने एक निजी मराठी टीवी चैनल के साथ एक साक्षात्कार में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राकांपा को भाजपा के साथ गठबंधन करने और महाराष्ट्र व केंद्र दोनों जगह सरकार में साझेदार बनने का प्रस्ताव दिया था. राउत ने कहा, "चूंकि हमारे पास संख्या थी और उनके पास प्रस्ताव. प्रधानमंत्री ने पवार से कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा-राकांपा सरकार बनाने के लिए देश को उनके अपार अनुभव की जरूरत है, लेकिन महाराष्ट्र में न तो पवार इसके लिए झुके और न ही कांग्रेस (Congress)." राउत ने कहा, "चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पूछा था, "पवार ने महाराष्ट्र के लिए क्या किया है? इस पर पवार ने 54 विधायकों की जीत से अपने ही अंदाज में जवाब दिया. मोदी-शाह को यह महसूस करने में पांच साल लग गए हैं कि पवार के अनुभव का देश के लिए उपयोग किया जा सकता है." इससे पहले बुधवार की सुबह पार्टी के मुखपत्र 'सामना' और 'दोपहर का सामना' के संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि यह एक रहस्य है कि भाजपा राकांपा को 'नेचुरल करप्ट पार्टी' के रूप में बताने के बाद किस तरह का अनुभव चाहती थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संजय राउत ने शरद पवार की तारीफ की है. राउत ने कहा बीजेपी शिवसेना के खिलाफ साजिश कर रही थी. राकांपा और कांग्रेस दोनों को राउत ने सराहा.
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई टेस्‍ट के पहले दिन भारत और इंग्‍लैंड के बीच मुकाबला लगभग बराबरी पर है. टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी करने वाली इंग्‍लैंड टीम ने स्‍टंप्‍स के समय तक पांच विकेट पर 288 रन बना लिए हैं. इंग्‍लैंड को इस स्थिति तक पहुंचाने का श्रेय भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को जाता है, जिन्‍होंने आखिरी सेशन में जल्‍दी-जल्‍दी तीन विकेट झटकते हुए मेहमान टीम को डिफेंसिव रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया. अश्विन ने इस सेशन में सेट हो चुके बल्‍लेबाजों, कीटन जेनिंग्‍स और मोईन अली के अलावा खतरनाक जॉनी बेयरस्‍टॉ को पैवेलियन लौटाया. पहले दो सेशन का खेल जहां डेब्‍यू टेस्‍ट में उतरे इंग्‍लैंड के ओपनर कीटन जेनिंग्‍स और उनके शतक के नाम रहा तो अंतिम सेशन अश्विन ने अपने नाम करके भारत के लिए उम्‍मीदें जगाईं. इस लिहाज से कल, दूसरे दिन लंच के पहले तक का खेल अहम हो सकता है. टीम इंडिया यदि खेल की शुरुआत में ही कुछ विकेट लेने में सफल रही तो उसका पलड़ा भारी हो सकता है लेकिन यदि इंग्‍लैंड अपने स्‍कोर को 400 या इसके पार पहुंचाने में कामयाब रहा तो दबाव टीम इंडिया पर होगा. अपना खाता खोलने के पहले ही उमेश यादव की गेंद पर गली में करुण नायर को कठिन मौका देने वाले जेनिंग्‍स ने सधी हुई पारी खेली. चोटग्रस्‍त मो.शमी के स्‍थान पर प्‍लेइंग इलेवन में  शामिल किए गए भुवनेश्‍वर कुमार आज गेंदबाजी के दौरान अपनी लय में नहीं दिखे, इसका कारण शायद पारी की शुरुआत में ही डेंजर जोन में दौड़ने के लिए उन्‍हें अम्‍पायर से मिली वार्निंग रहा. इसके बाद तो जेनिंग्‍स ने अपने हाथ खोल लिए और  बेहतरीन शॉट भी लगाए.  (पढ़ें, अश्विन ने लिए 4 विकेट, इंग्‍लैंड की आधी टीम पैवेलियन लौटी)टिप्पणियां इंग्‍लैंड की ओपनिंग जोड़ी जब भारत के लिए परेशानी बनती नजर आ रही थी तभी लंच के थोड़ी देर पहले रवींद्र जडेजा टीम के लिए पहली कामयाबी लेकर आए. लंच के एकदम पहले उन्‍होंने कुक को स्‍टंपर कराकर भारतीय खेमे को राहत दी. इसके बावजूद पहला सेशन इंग्‍लैंड के ही नाम रहा और लंच के समय टीम का स्‍कोर एक विकेट पर 117 रन था. दूसरे सेशन में भी यही कहानी रही और भारत के हिस्‍से में जो रूट का विकेट ही आया. इंग्‍लैंड के 136 के स्‍कोर पर रूट (21) के आउट होने के बाद जेनिंग्‍स-मोईन ने देर तक टीम इंडिया को अगली सफलता से वंचित रखा. चायकाल तक इंग्‍लैंड का स्‍कोर दो विकेट पर 196 रन था और टीम बड़े स्‍कोर की ओर बढ़ती नजर आ रही थी. तीसरे सेशन में अश्विन के सहारे टीम इंडिया ने वापसी की. भारतीय ऑफ स्पिनर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने का खामियाजा मोईन ने भुगता. इसी ओवर में जेनिंग्‍स को भी आउट कर अश्विन ने भारतीय टीम को वह सफलता दिला दी जिसका उसे बेसब्री से इंतजार था. अश्विन यहीं नहीं रुके. उन्‍हें इस साल बल्‍ले से जबर्दस्‍त प्रदर्शन करने वालेविकेटकीपर बल्‍लेबाज जॉनी बेयरस्‍ट्रॉ को सेट होने से पहले आउट कर दिया. पांच विकेट 249 रन पर गिरने के बाद बेन स्‍टोक्‍स और जोश बटलर ने डेमेज कंट्रोल का काम करते हुए बिना कोई और विकेट गंवाए स्‍कोर 280 के पार पहुंचा दिया. वानखेड़े के क्‍यूरेटर के मुताबिक, दूसरे दिन शाम या तीसरे दिन से विकेट स्पिनरों को मदद करने लगा है. ऐसे में भारतीय स्पिन तिकड़ी पर हर किसी की निगाहें टिकी होंगी... पहले दो सेशन का खेल जहां डेब्‍यू टेस्‍ट में उतरे इंग्‍लैंड के ओपनर कीटन जेनिंग्‍स और उनके शतक के नाम रहा तो अंतिम सेशन अश्विन ने अपने नाम करके भारत के लिए उम्‍मीदें जगाईं. इस लिहाज से कल, दूसरे दिन लंच के पहले तक का खेल अहम हो सकता है. टीम इंडिया यदि खेल की शुरुआत में ही कुछ विकेट लेने में सफल रही तो उसका पलड़ा भारी हो सकता है लेकिन यदि इंग्‍लैंड अपने स्‍कोर को 400 या इसके पार पहुंचाने में कामयाब रहा तो दबाव टीम इंडिया पर होगा. अपना खाता खोलने के पहले ही उमेश यादव की गेंद पर गली में करुण नायर को कठिन मौका देने वाले जेनिंग्‍स ने सधी हुई पारी खेली. चोटग्रस्‍त मो.शमी के स्‍थान पर प्‍लेइंग इलेवन में  शामिल किए गए भुवनेश्‍वर कुमार आज गेंदबाजी के दौरान अपनी लय में नहीं दिखे, इसका कारण शायद पारी की शुरुआत में ही डेंजर जोन में दौड़ने के लिए उन्‍हें अम्‍पायर से मिली वार्निंग रहा. इसके बाद तो जेनिंग्‍स ने अपने हाथ खोल लिए और  बेहतरीन शॉट भी लगाए.  (पढ़ें, अश्विन ने लिए 4 विकेट, इंग्‍लैंड की आधी टीम पैवेलियन लौटी)टिप्पणियां इंग्‍लैंड की ओपनिंग जोड़ी जब भारत के लिए परेशानी बनती नजर आ रही थी तभी लंच के थोड़ी देर पहले रवींद्र जडेजा टीम के लिए पहली कामयाबी लेकर आए. लंच के एकदम पहले उन्‍होंने कुक को स्‍टंपर कराकर भारतीय खेमे को राहत दी. इसके बावजूद पहला सेशन इंग्‍लैंड के ही नाम रहा और लंच के समय टीम का स्‍कोर एक विकेट पर 117 रन था. दूसरे सेशन में भी यही कहानी रही और भारत के हिस्‍से में जो रूट का विकेट ही आया. इंग्‍लैंड के 136 के स्‍कोर पर रूट (21) के आउट होने के बाद जेनिंग्‍स-मोईन ने देर तक टीम इंडिया को अगली सफलता से वंचित रखा. चायकाल तक इंग्‍लैंड का स्‍कोर दो विकेट पर 196 रन था और टीम बड़े स्‍कोर की ओर बढ़ती नजर आ रही थी. तीसरे सेशन में अश्विन के सहारे टीम इंडिया ने वापसी की. भारतीय ऑफ स्पिनर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने का खामियाजा मोईन ने भुगता. इसी ओवर में जेनिंग्‍स को भी आउट कर अश्विन ने भारतीय टीम को वह सफलता दिला दी जिसका उसे बेसब्री से इंतजार था. अश्विन यहीं नहीं रुके. उन्‍हें इस साल बल्‍ले से जबर्दस्‍त प्रदर्शन करने वालेविकेटकीपर बल्‍लेबाज जॉनी बेयरस्‍ट्रॉ को सेट होने से पहले आउट कर दिया. पांच विकेट 249 रन पर गिरने के बाद बेन स्‍टोक्‍स और जोश बटलर ने डेमेज कंट्रोल का काम करते हुए बिना कोई और विकेट गंवाए स्‍कोर 280 के पार पहुंचा दिया. वानखेड़े के क्‍यूरेटर के मुताबिक, दूसरे दिन शाम या तीसरे दिन से विकेट स्पिनरों को मदद करने लगा है. ऐसे में भारतीय स्पिन तिकड़ी पर हर किसी की निगाहें टिकी होंगी... इंग्‍लैंड की ओपनिंग जोड़ी जब भारत के लिए परेशानी बनती नजर आ रही थी तभी लंच के थोड़ी देर पहले रवींद्र जडेजा टीम के लिए पहली कामयाबी लेकर आए. लंच के एकदम पहले उन्‍होंने कुक को स्‍टंपर कराकर भारतीय खेमे को राहत दी. इसके बावजूद पहला सेशन इंग्‍लैंड के ही नाम रहा और लंच के समय टीम का स्‍कोर एक विकेट पर 117 रन था. दूसरे सेशन में भी यही कहानी रही और भारत के हिस्‍से में जो रूट का विकेट ही आया. इंग्‍लैंड के 136 के स्‍कोर पर रूट (21) के आउट होने के बाद जेनिंग्‍स-मोईन ने देर तक टीम इंडिया को अगली सफलता से वंचित रखा. चायकाल तक इंग्‍लैंड का स्‍कोर दो विकेट पर 196 रन था और टीम बड़े स्‍कोर की ओर बढ़ती नजर आ रही थी. तीसरे सेशन में अश्विन के सहारे टीम इंडिया ने वापसी की. भारतीय ऑफ स्पिनर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने का खामियाजा मोईन ने भुगता. इसी ओवर में जेनिंग्‍स को भी आउट कर अश्विन ने भारतीय टीम को वह सफलता दिला दी जिसका उसे बेसब्री से इंतजार था. अश्विन यहीं नहीं रुके. उन्‍हें इस साल बल्‍ले से जबर्दस्‍त प्रदर्शन करने वालेविकेटकीपर बल्‍लेबाज जॉनी बेयरस्‍ट्रॉ को सेट होने से पहले आउट कर दिया. पांच विकेट 249 रन पर गिरने के बाद बेन स्‍टोक्‍स और जोश बटलर ने डेमेज कंट्रोल का काम करते हुए बिना कोई और विकेट गंवाए स्‍कोर 280 के पार पहुंचा दिया. वानखेड़े के क्‍यूरेटर के मुताबिक, दूसरे दिन शाम या तीसरे दिन से विकेट स्पिनरों को मदद करने लगा है. ऐसे में भारतीय स्पिन तिकड़ी पर हर किसी की निगाहें टिकी होंगी... तीसरे सेशन में अश्विन के सहारे टीम इंडिया ने वापसी की. भारतीय ऑफ स्पिनर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने का खामियाजा मोईन ने भुगता. इसी ओवर में जेनिंग्‍स को भी आउट कर अश्विन ने भारतीय टीम को वह सफलता दिला दी जिसका उसे बेसब्री से इंतजार था. अश्विन यहीं नहीं रुके. उन्‍हें इस साल बल्‍ले से जबर्दस्‍त प्रदर्शन करने वालेविकेटकीपर बल्‍लेबाज जॉनी बेयरस्‍ट्रॉ को सेट होने से पहले आउट कर दिया. पांच विकेट 249 रन पर गिरने के बाद बेन स्‍टोक्‍स और जोश बटलर ने डेमेज कंट्रोल का काम करते हुए बिना कोई और विकेट गंवाए स्‍कोर 280 के पार पहुंचा दिया. वानखेड़े के क्‍यूरेटर के मुताबिक, दूसरे दिन शाम या तीसरे दिन से विकेट स्पिनरों को मदद करने लगा है. ऐसे में भारतीय स्पिन तिकड़ी पर हर किसी की निगाहें टिकी होंगी...
यह एक सारांश है: खेल के पहले दो सेशन इंग्‍लैंड और शतकवीर जेनिंग्‍स के नाम रहे आखिरी सेशन में अश्विन ने तीन विकेट ले भारत की वापसी कराई मैच के दूसरे दिन, कल पहले सेशन का खेल होगा महत्‍वपूर्ण
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आगामी लोकसभा चुनावों से काफी पहले भाजपा ने ‘टीम मोदी’ के तहत प्रचार के विभिन्न पहलुओं को देखने के लिए 20 समितियों के गठन का ऐलान किया। नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली भाजपा की केन्द्रीय चुनाव अभियान समिति के तहत सारी समितियां काम करेंगी और मोदी को रिपोर्ट करेंगी। चुनाव अभियान समिति में 11 अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें मुरली मनोहर जोशी, एम वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अनंत कुमार, थावरचंद गहलौत, रामलाल, शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और मनोहर पारिक्कर शामिल हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड की हुई बैठक के बाद 20 समितियों में शामिल सदस्यों की सूची जारी की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार ने बताया कि मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय चुनाव अभियान समिति का मार्गदर्शन अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी एवं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह करेंगे। भाजपा संसदीय बोर्ड ने राजनाथ और मोदी को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए विभिन्न पहलुओं को देखने वाली समितियों के गठन के लिए अधिकृत किया था। दोनों नेताओं ने समितियों का गठन कर इसमें सदस्यों को नामित किया। वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को ‘घोषणापत्र’ तैयार करने वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, प्रेम कुमार धूमल, सुशील कुमार मोदी, जुएल उराव, विजय कुमार मल्होत्रा, लक्ष्मीकांत चावला, सत्यपाल मलिक, बंडारू दत्तात्रेय, विजया चक्रवर्ती, सत्यनारायण जटिया, शाहनवाज हुसैन, महेश चंद्र शर्मा, कंचन गुप्ता और षणमुखनाथन बतौर सदस्य शामिल हैं। कानून कमेटी में सतपाल जैन, भूपेंद्र यादव और पिंकी यादव को शामिल किया गया है। ट्रांसपोर्ट कमेटी में मुख़्तार अब्बास नक़वी और अनिल जैन रहेंगे। प्रचार सामग्री कमेटी में बलवीर पुंज, प्रभात झा और विनय सहस्त्रबुद्धे रहेंगे। सोशल मीडिया कमेटी का जिम्मा पीयूष गोयल को तथा यूपीए पर चार्जशीट कमेटी में रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, निर्मला सीतारमन और मीनाक्षी लेखी को शामिल किया गया है। बुद्धिजीवी जोड़ो कमेटी में राजीव प्रताप रूडी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली भाजपा की केन्द्रीय चुनाव अभियान समिति के तहत सारी समितियां काम करेंगी और मोदी को रिपोर्ट करेंगी। चुनाव अभियान समिति में 11 अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें मुरली मनोहर जोशी, एम वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अनंत कुमार, थावरचंद गहलौत, रामलाल, शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और मनोहर पारिक्कर शामिल हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड की हुई बैठक के बाद 20 समितियों में शामिल सदस्यों की सूची जारी की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार ने बताया कि मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय चुनाव अभियान समिति का मार्गदर्शन अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी एवं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह करेंगे। भाजपा संसदीय बोर्ड ने राजनाथ और मोदी को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए विभिन्न पहलुओं को देखने वाली समितियों के गठन के लिए अधिकृत किया था। दोनों नेताओं ने समितियों का गठन कर इसमें सदस्यों को नामित किया। वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को ‘घोषणापत्र’ तैयार करने वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, प्रेम कुमार धूमल, सुशील कुमार मोदी, जुएल उराव, विजय कुमार मल्होत्रा, लक्ष्मीकांत चावला, सत्यपाल मलिक, बंडारू दत्तात्रेय, विजया चक्रवर्ती, सत्यनारायण जटिया, शाहनवाज हुसैन, महेश चंद्र शर्मा, कंचन गुप्ता और षणमुखनाथन बतौर सदस्य शामिल हैं। कानून कमेटी में सतपाल जैन, भूपेंद्र यादव और पिंकी यादव को शामिल किया गया है। ट्रांसपोर्ट कमेटी में मुख़्तार अब्बास नक़वी और अनिल जैन रहेंगे। प्रचार सामग्री कमेटी में बलवीर पुंज, प्रभात झा और विनय सहस्त्रबुद्धे रहेंगे। सोशल मीडिया कमेटी का जिम्मा पीयूष गोयल को तथा यूपीए पर चार्जशीट कमेटी में रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, निर्मला सीतारमन और मीनाक्षी लेखी को शामिल किया गया है। बुद्धिजीवी जोड़ो कमेटी में राजीव प्रताप रूडी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। चुनाव अभियान समिति में 11 अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें मुरली मनोहर जोशी, एम वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अनंत कुमार, थावरचंद गहलौत, रामलाल, शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और मनोहर पारिक्कर शामिल हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड की हुई बैठक के बाद 20 समितियों में शामिल सदस्यों की सूची जारी की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार ने बताया कि मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय चुनाव अभियान समिति का मार्गदर्शन अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी एवं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह करेंगे। भाजपा संसदीय बोर्ड ने राजनाथ और मोदी को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए विभिन्न पहलुओं को देखने वाली समितियों के गठन के लिए अधिकृत किया था। दोनों नेताओं ने समितियों का गठन कर इसमें सदस्यों को नामित किया। वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को ‘घोषणापत्र’ तैयार करने वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, प्रेम कुमार धूमल, सुशील कुमार मोदी, जुएल उराव, विजय कुमार मल्होत्रा, लक्ष्मीकांत चावला, सत्यपाल मलिक, बंडारू दत्तात्रेय, विजया चक्रवर्ती, सत्यनारायण जटिया, शाहनवाज हुसैन, महेश चंद्र शर्मा, कंचन गुप्ता और षणमुखनाथन बतौर सदस्य शामिल हैं। कानून कमेटी में सतपाल जैन, भूपेंद्र यादव और पिंकी यादव को शामिल किया गया है। ट्रांसपोर्ट कमेटी में मुख़्तार अब्बास नक़वी और अनिल जैन रहेंगे। प्रचार सामग्री कमेटी में बलवीर पुंज, प्रभात झा और विनय सहस्त्रबुद्धे रहेंगे। सोशल मीडिया कमेटी का जिम्मा पीयूष गोयल को तथा यूपीए पर चार्जशीट कमेटी में रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, निर्मला सीतारमन और मीनाक्षी लेखी को शामिल किया गया है। बुद्धिजीवी जोड़ो कमेटी में राजीव प्रताप रूडी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड की हुई बैठक के बाद 20 समितियों में शामिल सदस्यों की सूची जारी की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार ने बताया कि मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय चुनाव अभियान समिति का मार्गदर्शन अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी एवं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह करेंगे। भाजपा संसदीय बोर्ड ने राजनाथ और मोदी को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए विभिन्न पहलुओं को देखने वाली समितियों के गठन के लिए अधिकृत किया था। दोनों नेताओं ने समितियों का गठन कर इसमें सदस्यों को नामित किया। वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को ‘घोषणापत्र’ तैयार करने वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, प्रेम कुमार धूमल, सुशील कुमार मोदी, जुएल उराव, विजय कुमार मल्होत्रा, लक्ष्मीकांत चावला, सत्यपाल मलिक, बंडारू दत्तात्रेय, विजया चक्रवर्ती, सत्यनारायण जटिया, शाहनवाज हुसैन, महेश चंद्र शर्मा, कंचन गुप्ता और षणमुखनाथन बतौर सदस्य शामिल हैं। कानून कमेटी में सतपाल जैन, भूपेंद्र यादव और पिंकी यादव को शामिल किया गया है। ट्रांसपोर्ट कमेटी में मुख़्तार अब्बास नक़वी और अनिल जैन रहेंगे। प्रचार सामग्री कमेटी में बलवीर पुंज, प्रभात झा और विनय सहस्त्रबुद्धे रहेंगे। सोशल मीडिया कमेटी का जिम्मा पीयूष गोयल को तथा यूपीए पर चार्जशीट कमेटी में रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, निर्मला सीतारमन और मीनाक्षी लेखी को शामिल किया गया है। बुद्धिजीवी जोड़ो कमेटी में राजीव प्रताप रूडी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड ने राजनाथ और मोदी को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए विभिन्न पहलुओं को देखने वाली समितियों के गठन के लिए अधिकृत किया था। दोनों नेताओं ने समितियों का गठन कर इसमें सदस्यों को नामित किया। वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को ‘घोषणापत्र’ तैयार करने वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, प्रेम कुमार धूमल, सुशील कुमार मोदी, जुएल उराव, विजय कुमार मल्होत्रा, लक्ष्मीकांत चावला, सत्यपाल मलिक, बंडारू दत्तात्रेय, विजया चक्रवर्ती, सत्यनारायण जटिया, शाहनवाज हुसैन, महेश चंद्र शर्मा, कंचन गुप्ता और षणमुखनाथन बतौर सदस्य शामिल हैं। कानून कमेटी में सतपाल जैन, भूपेंद्र यादव और पिंकी यादव को शामिल किया गया है। ट्रांसपोर्ट कमेटी में मुख़्तार अब्बास नक़वी और अनिल जैन रहेंगे। प्रचार सामग्री कमेटी में बलवीर पुंज, प्रभात झा और विनय सहस्त्रबुद्धे रहेंगे। सोशल मीडिया कमेटी का जिम्मा पीयूष गोयल को तथा यूपीए पर चार्जशीट कमेटी में रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, निर्मला सीतारमन और मीनाक्षी लेखी को शामिल किया गया है। बुद्धिजीवी जोड़ो कमेटी में राजीव प्रताप रूडी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को ‘घोषणापत्र’ तैयार करने वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, प्रेम कुमार धूमल, सुशील कुमार मोदी, जुएल उराव, विजय कुमार मल्होत्रा, लक्ष्मीकांत चावला, सत्यपाल मलिक, बंडारू दत्तात्रेय, विजया चक्रवर्ती, सत्यनारायण जटिया, शाहनवाज हुसैन, महेश चंद्र शर्मा, कंचन गुप्ता और षणमुखनाथन बतौर सदस्य शामिल हैं। कानून कमेटी में सतपाल जैन, भूपेंद्र यादव और पिंकी यादव को शामिल किया गया है। ट्रांसपोर्ट कमेटी में मुख़्तार अब्बास नक़वी और अनिल जैन रहेंगे। प्रचार सामग्री कमेटी में बलवीर पुंज, प्रभात झा और विनय सहस्त्रबुद्धे रहेंगे। सोशल मीडिया कमेटी का जिम्मा पीयूष गोयल को तथा यूपीए पर चार्जशीट कमेटी में रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, निर्मला सीतारमन और मीनाक्षी लेखी को शामिल किया गया है। बुद्धिजीवी जोड़ो कमेटी में राजीव प्रताप रूडी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। कानून कमेटी में सतपाल जैन, भूपेंद्र यादव और पिंकी यादव को शामिल किया गया है। ट्रांसपोर्ट कमेटी में मुख़्तार अब्बास नक़वी और अनिल जैन रहेंगे। प्रचार सामग्री कमेटी में बलवीर पुंज, प्रभात झा और विनय सहस्त्रबुद्धे रहेंगे। सोशल मीडिया कमेटी का जिम्मा पीयूष गोयल को तथा यूपीए पर चार्जशीट कमेटी में रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, निर्मला सीतारमन और मीनाक्षी लेखी को शामिल किया गया है। बुद्धिजीवी जोड़ो कमेटी में राजीव प्रताप रूडी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। सोशल मीडिया कमेटी का जिम्मा पीयूष गोयल को तथा यूपीए पर चार्जशीट कमेटी में रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, निर्मला सीतारमन और मीनाक्षी लेखी को शामिल किया गया है। बुद्धिजीवी जोड़ो कमेटी में राजीव प्रताप रूडी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। नए वोटर कमेटी में अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू, त्रिवेंद्र रावत और पूनम महाजन को रखा गया है। पब्लिसिटी कमेटी में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, सुंधाशु त्रिवेदी और अमित शाह रहेंगे।टिप्पणियां पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। पूर्वोत्तर कमेटी में एसएस आहलुवालिया, तापिर गाओ और किरन रिजूजू हैं। बूथ डाटा कमेटी में राजीव प्रताप रूडी, सुधा यादव और रेणू कुशवाहा को शामिल किया गया है। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं। जन अभियान कमेटी नितिन गड़करी और वैंकेया नायडू के हवाले हैं।
यह एक सारांश है: भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए 20 समितियों का गठन किया है।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेट विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह का कहना है कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि विश्व कप में उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहेगा। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए युवराज को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया था लेकिन इसके बाद ही युवराज के फेफड़े के कैंसर से पीड़ित होने की बात पता चली। युवराज इसका इलाज अमेरिका में समाप्त कर चुके हैं। युवराज अब कैंसरमुक्त हो चुके हैं। युवराज ने ट्विटर पर जारी अपना वीडियो पोस्ट करते हुए विश्व कप में अपनी शानदार सफलता को याद किया। युवराज ने कहा, "मैं वानखेड़े स्टेडियम में तिरंगे को शान से लहराते हुआ दृश्य हमेशा याद रखूंगा। वह पल हमारे लिए सबकुछ था।" "मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस शानदार पल के बाद मुझे अपनी जिंदगी से जूझना होगा लेकिन जीवन में कभी-कभी ऐसा होता है।" युवराज ने विश्व कप में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए थे। अपने उम्दा प्रदर्शन की बदौलत पर चार मौकों पर मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। युवराज याद करते हैं कि खिताबी जीत की खुशी सबको थी लेकिन सचिन तेंदुलकर इस जीत को लेकर सबसे अधिक खुश थे। युवराज के मुताबिक सचिन और बाकी के साथियों ने उन्हें अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया था। युवराज ने कहा, "विश्व कप से पहले मेरा फार्म खराब था। मैंने इस बारे में सचिन से बात की थी। सचिन ने मुझसे कहा था कि मैं हौसला बनाए रखूं और अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं।" युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए युवराज को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया था लेकिन इसके बाद ही युवराज के फेफड़े के कैंसर से पीड़ित होने की बात पता चली। युवराज इसका इलाज अमेरिका में समाप्त कर चुके हैं। युवराज अब कैंसरमुक्त हो चुके हैं। युवराज ने ट्विटर पर जारी अपना वीडियो पोस्ट करते हुए विश्व कप में अपनी शानदार सफलता को याद किया। युवराज ने कहा, "मैं वानखेड़े स्टेडियम में तिरंगे को शान से लहराते हुआ दृश्य हमेशा याद रखूंगा। वह पल हमारे लिए सबकुछ था।" "मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस शानदार पल के बाद मुझे अपनी जिंदगी से जूझना होगा लेकिन जीवन में कभी-कभी ऐसा होता है।" युवराज ने विश्व कप में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए थे। अपने उम्दा प्रदर्शन की बदौलत पर चार मौकों पर मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। युवराज याद करते हैं कि खिताबी जीत की खुशी सबको थी लेकिन सचिन तेंदुलकर इस जीत को लेकर सबसे अधिक खुश थे। युवराज के मुताबिक सचिन और बाकी के साथियों ने उन्हें अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया था। युवराज ने कहा, "विश्व कप से पहले मेरा फार्म खराब था। मैंने इस बारे में सचिन से बात की थी। सचिन ने मुझसे कहा था कि मैं हौसला बनाए रखूं और अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं।" युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। युवराज अब कैंसरमुक्त हो चुके हैं। युवराज ने ट्विटर पर जारी अपना वीडियो पोस्ट करते हुए विश्व कप में अपनी शानदार सफलता को याद किया। युवराज ने कहा, "मैं वानखेड़े स्टेडियम में तिरंगे को शान से लहराते हुआ दृश्य हमेशा याद रखूंगा। वह पल हमारे लिए सबकुछ था।" "मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस शानदार पल के बाद मुझे अपनी जिंदगी से जूझना होगा लेकिन जीवन में कभी-कभी ऐसा होता है।" युवराज ने विश्व कप में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए थे। अपने उम्दा प्रदर्शन की बदौलत पर चार मौकों पर मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। युवराज याद करते हैं कि खिताबी जीत की खुशी सबको थी लेकिन सचिन तेंदुलकर इस जीत को लेकर सबसे अधिक खुश थे। युवराज के मुताबिक सचिन और बाकी के साथियों ने उन्हें अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया था। युवराज ने कहा, "विश्व कप से पहले मेरा फार्म खराब था। मैंने इस बारे में सचिन से बात की थी। सचिन ने मुझसे कहा था कि मैं हौसला बनाए रखूं और अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं।" युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। युवराज ने कहा, "मैं वानखेड़े स्टेडियम में तिरंगे को शान से लहराते हुआ दृश्य हमेशा याद रखूंगा। वह पल हमारे लिए सबकुछ था।" "मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस शानदार पल के बाद मुझे अपनी जिंदगी से जूझना होगा लेकिन जीवन में कभी-कभी ऐसा होता है।" युवराज ने विश्व कप में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए थे। अपने उम्दा प्रदर्शन की बदौलत पर चार मौकों पर मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। युवराज याद करते हैं कि खिताबी जीत की खुशी सबको थी लेकिन सचिन तेंदुलकर इस जीत को लेकर सबसे अधिक खुश थे। युवराज के मुताबिक सचिन और बाकी के साथियों ने उन्हें अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया था। युवराज ने कहा, "विश्व कप से पहले मेरा फार्म खराब था। मैंने इस बारे में सचिन से बात की थी। सचिन ने मुझसे कहा था कि मैं हौसला बनाए रखूं और अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं।" युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। "मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस शानदार पल के बाद मुझे अपनी जिंदगी से जूझना होगा लेकिन जीवन में कभी-कभी ऐसा होता है।" युवराज ने विश्व कप में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए थे। अपने उम्दा प्रदर्शन की बदौलत पर चार मौकों पर मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। युवराज याद करते हैं कि खिताबी जीत की खुशी सबको थी लेकिन सचिन तेंदुलकर इस जीत को लेकर सबसे अधिक खुश थे। युवराज के मुताबिक सचिन और बाकी के साथियों ने उन्हें अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया था। युवराज ने कहा, "विश्व कप से पहले मेरा फार्म खराब था। मैंने इस बारे में सचिन से बात की थी। सचिन ने मुझसे कहा था कि मैं हौसला बनाए रखूं और अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं।" युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। युवराज ने विश्व कप में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए थे। अपने उम्दा प्रदर्शन की बदौलत पर चार मौकों पर मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। युवराज याद करते हैं कि खिताबी जीत की खुशी सबको थी लेकिन सचिन तेंदुलकर इस जीत को लेकर सबसे अधिक खुश थे। युवराज के मुताबिक सचिन और बाकी के साथियों ने उन्हें अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया था। युवराज ने कहा, "विश्व कप से पहले मेरा फार्म खराब था। मैंने इस बारे में सचिन से बात की थी। सचिन ने मुझसे कहा था कि मैं हौसला बनाए रखूं और अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं।" युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। युवराज याद करते हैं कि खिताबी जीत की खुशी सबको थी लेकिन सचिन तेंदुलकर इस जीत को लेकर सबसे अधिक खुश थे। युवराज के मुताबिक सचिन और बाकी के साथियों ने उन्हें अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया था। युवराज ने कहा, "विश्व कप से पहले मेरा फार्म खराब था। मैंने इस बारे में सचिन से बात की थी। सचिन ने मुझसे कहा था कि मैं हौसला बनाए रखूं और अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं।" युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। युवराज ने कहा, "विश्व कप से पहले मेरा फार्म खराब था। मैंने इस बारे में सचिन से बात की थी। सचिन ने मुझसे कहा था कि मैं हौसला बनाए रखूं और अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं।" युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। युवराज याद करते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों नागपुर में हारने के बाद उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत हासिल की थी। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। युवराज ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद हमें कई समस्याओं से निपटना था। ग्रुप स्तर पर मिली इस हार के बाद हमने खुद को सम्भाला था।"टिप्पणियां "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। "मैं सोचता हूं कि क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत मेरे लिए सबसे अधिक मायने रखती है।" भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की। भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और श्रीलंका के साथ फाइनल खेलते हुए 28 साल के बाद खिताबी जीत दर्ज की।
यह एक सारांश है: क्रिकेट विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह का कहना है कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि विश्व कप में उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहेगा।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले वर्ष के अंत में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों के थ्री-डी प्रसारणों को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली है।टिप्पणियां मोदी ने ट्विटर पर लिखा है, ''गुजरात चुनावी प्रचार अभियान और भी यादगार बन गया... थ्री-डी प्रसारणों ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया...'' एनचांट थ्री-डी कंपनी ने 10 दिसंबर को मोदी के 55 मिनट के भाषण का 53 जगहों पर एक साथ थ्री-डी प्रसारण किया था। यूरोप में प्रचलित इस तकनीक का मैडोना और मारिया कैरी जैसे सितारों ने भी इस्तेमाल किया है। नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग पर गिनेस बुक की ओर से एनचांट थ्री-डी कंपनी के राज कासु रेड्डी और मणिशंकर को दिए गए सर्टिफिकेट की प्रति अपलोड की है। ब्लॉग में दी गई जानकारी के मुताबिक इन लोगों को थ्री-डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन टेक्नोलॉजी 'द पैपर्स घोस्ट इल्यूज़न' का एक साथ सबसे ज़्यादा जगह इस्तेमाल करने के लिए गिनेस बुक में शामिल किया गया है। मोदी ने ट्विटर पर लिखा है, ''गुजरात चुनावी प्रचार अभियान और भी यादगार बन गया... थ्री-डी प्रसारणों ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया...'' एनचांट थ्री-डी कंपनी ने 10 दिसंबर को मोदी के 55 मिनट के भाषण का 53 जगहों पर एक साथ थ्री-डी प्रसारण किया था। यूरोप में प्रचलित इस तकनीक का मैडोना और मारिया कैरी जैसे सितारों ने भी इस्तेमाल किया है। नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग पर गिनेस बुक की ओर से एनचांट थ्री-डी कंपनी के राज कासु रेड्डी और मणिशंकर को दिए गए सर्टिफिकेट की प्रति अपलोड की है। ब्लॉग में दी गई जानकारी के मुताबिक इन लोगों को थ्री-डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन टेक्नोलॉजी 'द पैपर्स घोस्ट इल्यूज़न' का एक साथ सबसे ज़्यादा जगह इस्तेमाल करने के लिए गिनेस बुक में शामिल किया गया है। नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग पर गिनेस बुक की ओर से एनचांट थ्री-डी कंपनी के राज कासु रेड्डी और मणिशंकर को दिए गए सर्टिफिकेट की प्रति अपलोड की है। ब्लॉग में दी गई जानकारी के मुताबिक इन लोगों को थ्री-डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन टेक्नोलॉजी 'द पैपर्स घोस्ट इल्यूज़न' का एक साथ सबसे ज़्यादा जगह इस्तेमाल करने के लिए गिनेस बुक में शामिल किया गया है।
पिछले वर्ष के अंत में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों के थ्री-डी प्रसारणों को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई से हवाई यात्रा करने वालों को आज से अगले कुछ दिनों तक कठिनाई का सामना कर पड़ सकता है. एयरपोर्ट पर मरम्मत का काम शुरू होने से अगले 4 दिनों तक यानी 18,19,22,23 अक्टूबर को मुख्य हवाई पट्टी दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक बंद रहेगा. हालांकि इस दौरान दूसरी हवाई पट्टी पर हवाई जहाजों का सारा ऑपरेशन चलता रहेगा.टिप्पणियां लेकिन, 31 अक्टूबर से 28 नवंबर तक हर सोमवार और गुरुवार को दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक दोनों हवाई पट्टियां पर मरम्मत कार्य चलेगा. मतलब 3,7,10,14,17,21,24 और 28 नवंबर को दोनों हवाई पट्टियों पर पूरी तरह से उड़ाने बंद रहेंगी. एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक मुंबई हवाई अड्डे से हर घंटे में औसतन 45 हवाई जहाज उड़ते और उतरते हैं. मतलब 31 अक्टूबर से 28 नवंबर तक 2000 से भी ज्यादा उड़ाने प्रभावित होंगी. लेकिन, 31 अक्टूबर से 28 नवंबर तक हर सोमवार और गुरुवार को दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक दोनों हवाई पट्टियां पर मरम्मत कार्य चलेगा. मतलब 3,7,10,14,17,21,24 और 28 नवंबर को दोनों हवाई पट्टियों पर पूरी तरह से उड़ाने बंद रहेंगी. एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक मुंबई हवाई अड्डे से हर घंटे में औसतन 45 हवाई जहाज उड़ते और उतरते हैं. मतलब 31 अक्टूबर से 28 नवंबर तक 2000 से भी ज्यादा उड़ाने प्रभावित होंगी. एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक मुंबई हवाई अड्डे से हर घंटे में औसतन 45 हवाई जहाज उड़ते और उतरते हैं. मतलब 31 अक्टूबर से 28 नवंबर तक 2000 से भी ज्यादा उड़ाने प्रभावित होंगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस दौरान दूसरी हवाई पट्टी पर हवाई जहाजों का सारा ऑपरेशन चलता रहेगा. 31 अक्टूबर से 28 नवंबर तक दोनों हवाई पट्टियां पर मरम्मत कार्य चलेगा. इस दौरान 2,000 से भी ज्यादा उड़ानें प्रभावित होंगी.
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अग्रिम कर देने का समय नजदीक आने के साथ रिजर्व बैंक पर नकदी बढ़ाने के लिए नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में कम-से-कम 0.25 प्रतिशत की कटौती करने का दबाव बढ़ रहा है। बैंकरों और विश्लेषकों का मानना है कि रिजर्व बैंक सप्ताह के दौरान कभी भी इस दिश में कदम उठा सकता है, क्योंकि कंपनियों द्वारा अग्रिम कर अदा करने की अंतिम तारीख 15 दिसंबर है। इसके कारण बाजार से बड़ी राशि निकल जाएगी। सीआरआर में उक्त कमी से बैंकों के पास 15,000 करोड़ रुपये की नकदी बढ़ रही है। सीआरआर के तहत बैंकों को निश्चित राशि केंद्रीय बैंक के पास रखनी पड़ती है। सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक के एक प्रमुख ने कहा, हम सीआरआर में 0.25 से 0.50 प्रतिशत तक की कमी की उम्मीद कर रहे हैं। इस सप्ताह रिजर्व बैंक इस दिशा में ध्यान दे सकता है। सीआरआर मई, 2010 से 6 प्रतिशत है। वहीं दूसरी तरफ मई 2010 से लेकर अब तक रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में 11 बार वृद्धि कर चुका है। अक्टूबर महीने में बैंक ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की। इस वृद्धि के बाद रेपो 8.50 प्रतिशत, जबकि रिवर्स रेपो 7.50 प्रतिशत हो गया। सार्वजनिक क्षेत्र के एक और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार रिजर्व बैंक की तरफ से नकदी डाले जाने की पूरी संभावना है। उसने कहा कि रिजर्व बैंक सप्ताह के दौरान या 16 दिसंबर को मध्य तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा में सीआरआर में कटौती कर सकता है। विश्लेषकों का यह भी मानना है कि केंद्रीय बैंक धीरे-धीरे नकदी को बढ़ा सकता है। गोल्डमैन साक्श ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, हम उम्मीद करते हैं रिजर्व बैंक खुले बाजार की कार्यवाही तथा बैंकों के लिए आरक्षी अनुपात को कम कर नकदी बढ़ाएगा।
यह एक सारांश है: अग्रिम कर देने का समय नजदीक आने के साथ रिजर्व बैंक पर नकदी बढ़ाने के लिए सीआरआर में कम-से-कम 0.25% की कटौती का दबाव बढ़ रहा है।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: आदित्य रॉय कपूर और कैटरीना कैफ को सोमवार रात मुंबई में एक साथ देखा गया, संभवत: दोनों डिनर डेट पर जा रहे थे. दोनों की पहली मुलाकात अभिषेक कपूर की फिल्म 'फितूर' के सेट पर हुई थी जो इस साल फरवरी में रिलीज़ हुई थी.टिप्पणियां यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर  पाई थी लेकिन दोनों कलाकारों के बीच दोस्ती बरकरार है. खबरों की मानें तो कैटरीना और आदित्य का रिश्ता दोस्ती से कुछ ज्यादा है. कहा जा रहा है कि रणबीर कपूर से ब्रेकअप के बाद कैटरीना अपने सह-कलाकार आदित्य को डेट कर रही हैं. इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो हम नहीं जानते लेकिन दोनों साथ में काफी खुश नज़र आ रहे हैं.   कुछ दिनों पहले दोनों 'ड्रीम टीम' का भी हिस्सा थे जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा, आलिया भट्ट, परिणीति चोपड़ा, वरुण धवन, करण जौहर और सिंगर बादशाह भी शामिल थे.   कैटरीना कैफ अगले साल अनुराग बासु की फिल्म 'जग्गा जासूस' में रणबीर कपूर के साथ नज़र आने वाली हैं, वह सलमान खान के साथ दिसंबर 2017 में 'टाइगर ज़िंदा है' में भी नज़र आएंगी जो फिल्म 'एक था टाइगर' का सीक्वल बताया जा रहा है. आदित्य रॉय कपूर आलिया भट्ट और शाहरूख खान के साथ 'डियर ज़िंदगी' में नज़र आने वाले हैं, उनकी अगली फिल्म श्रद्धा कपूर के साथ 'ओके जानू' होगी.   यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर  पाई थी लेकिन दोनों कलाकारों के बीच दोस्ती बरकरार है. खबरों की मानें तो कैटरीना और आदित्य का रिश्ता दोस्ती से कुछ ज्यादा है. कहा जा रहा है कि रणबीर कपूर से ब्रेकअप के बाद कैटरीना अपने सह-कलाकार आदित्य को डेट कर रही हैं. इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो हम नहीं जानते लेकिन दोनों साथ में काफी खुश नज़र आ रहे हैं.   कुछ दिनों पहले दोनों 'ड्रीम टीम' का भी हिस्सा थे जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा, आलिया भट्ट, परिणीति चोपड़ा, वरुण धवन, करण जौहर और सिंगर बादशाह भी शामिल थे.   कैटरीना कैफ अगले साल अनुराग बासु की फिल्म 'जग्गा जासूस' में रणबीर कपूर के साथ नज़र आने वाली हैं, वह सलमान खान के साथ दिसंबर 2017 में 'टाइगर ज़िंदा है' में भी नज़र आएंगी जो फिल्म 'एक था टाइगर' का सीक्वल बताया जा रहा है. आदित्य रॉय कपूर आलिया भट्ट और शाहरूख खान के साथ 'डियर ज़िंदगी' में नज़र आने वाले हैं, उनकी अगली फिल्म श्रद्धा कपूर के साथ 'ओके जानू' होगी.
सारांश: कार में साथ जाते देखे गए कैटरीना कैफ और आदित्य रॉय कपूर. फिल्म 'फितूर' के सेट पर हुई थी दोनों की मुलाकात. सूत्रों की मानें तो दोनों का रिश्ता दोस्ती से कहीं ज्यादा है.
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिषेक के आखिरी क्षणों में किए गए गोल की बदौलत भारत ने शुक्रवार को यहां फाइनल में मेजबान बांग्लादेश को 5-4 से हराकर अंडर-18 एशिया कप पुरुष हाकी टूर्नामेंट का खिताब जीता. भारत ने इस जीत से टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में बांग्लादेश से मिली हार का बदला भी चुकता कर दिया. तब भी दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला और आज भी दर्शकों ने खेल का भरपूर आनंद उठाया लेकिन आखिर में भारत चैंपियन बनने में सफल रहा. भारत ने तेजतर्रार शुरूआत की और कुछ अच्छे मूव बनाए. इन दोनों टीमों के बीच पिछले मैच में बांग्लादेश ने जवाबी हमले करके अपनी जीत सुनिश्चित की थी और भारत ने उसे ध्यान में रखते हुए इस बार अधिक सतर्कता बरती. भारत को छठे मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस पर गोल नहीं हो पाया. बांग्लादेश ने जवाबी हमले के लिए इंतजार किया और ऐसे एक मौके पर उसने अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया. भारतीय गोलकीपर पंकज कुमार राजक ने शुरू में शॉट रोक दिया लेकिन एम रोमन सरकार रिबाउंड पर गोल करके अपनी टीम को बढ़त दिलाने में सफल रहे. शिवम आनंद ने भारत को बराबरी दिलाई. उन्होंने बांग्लादेश के दो रक्षकों को छकाकर रिवर्स फ्लिक से गोल किया. भारत को पहले हाफ एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन यह भी बेकार गया. दूसरी तरफ बांग्लादेश की तरफ से मोहम्मद मोहसिन ने गोल करके मध्यांतर तक मेजबान टीम को 2-1 से आगे रखा. टिप्पणियां ऐसे में जबकि मैच टाईब्रेकर की तरफ बढ़ रहा था तब इबुंगो सिंह कोंजेंगबाम ने भारत को बढ़त दिला दी लेकिन मेहताब हुसैन ने 64वें मिनट में बांग्लादेश को फिर से बराबरी दिला दी. भारत ने आखिरी क्षणों में गोल करने के लिए अपनी तरफ से भरसक प्रयास किए और इसका उसे फायदा भी मिला जब अभिषेक ने हूटर बजने से कुछ सेकेंड पहले गोल करके भारत को खिताब दिलाया. भारत के हार्दिक सिंह को मैन ऑफ द मैच और पंकज कुमार को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर आंका गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत ने तेजतर्रार शुरूआत की और कुछ अच्छे मूव बनाए. इन दोनों टीमों के बीच पिछले मैच में बांग्लादेश ने जवाबी हमले करके अपनी जीत सुनिश्चित की थी और भारत ने उसे ध्यान में रखते हुए इस बार अधिक सतर्कता बरती. भारत को छठे मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस पर गोल नहीं हो पाया. बांग्लादेश ने जवाबी हमले के लिए इंतजार किया और ऐसे एक मौके पर उसने अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया. भारतीय गोलकीपर पंकज कुमार राजक ने शुरू में शॉट रोक दिया लेकिन एम रोमन सरकार रिबाउंड पर गोल करके अपनी टीम को बढ़त दिलाने में सफल रहे. शिवम आनंद ने भारत को बराबरी दिलाई. उन्होंने बांग्लादेश के दो रक्षकों को छकाकर रिवर्स फ्लिक से गोल किया. भारत को पहले हाफ एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन यह भी बेकार गया. दूसरी तरफ बांग्लादेश की तरफ से मोहम्मद मोहसिन ने गोल करके मध्यांतर तक मेजबान टीम को 2-1 से आगे रखा. टिप्पणियां ऐसे में जबकि मैच टाईब्रेकर की तरफ बढ़ रहा था तब इबुंगो सिंह कोंजेंगबाम ने भारत को बढ़त दिला दी लेकिन मेहताब हुसैन ने 64वें मिनट में बांग्लादेश को फिर से बराबरी दिला दी. भारत ने आखिरी क्षणों में गोल करने के लिए अपनी तरफ से भरसक प्रयास किए और इसका उसे फायदा भी मिला जब अभिषेक ने हूटर बजने से कुछ सेकेंड पहले गोल करके भारत को खिताब दिलाया. भारत के हार्दिक सिंह को मैन ऑफ द मैच और पंकज कुमार को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर आंका गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय गोलकीपर पंकज कुमार राजक ने शुरू में शॉट रोक दिया लेकिन एम रोमन सरकार रिबाउंड पर गोल करके अपनी टीम को बढ़त दिलाने में सफल रहे. शिवम आनंद ने भारत को बराबरी दिलाई. उन्होंने बांग्लादेश के दो रक्षकों को छकाकर रिवर्स फ्लिक से गोल किया. भारत को पहले हाफ एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन यह भी बेकार गया. दूसरी तरफ बांग्लादेश की तरफ से मोहम्मद मोहसिन ने गोल करके मध्यांतर तक मेजबान टीम को 2-1 से आगे रखा. टिप्पणियां ऐसे में जबकि मैच टाईब्रेकर की तरफ बढ़ रहा था तब इबुंगो सिंह कोंजेंगबाम ने भारत को बढ़त दिला दी लेकिन मेहताब हुसैन ने 64वें मिनट में बांग्लादेश को फिर से बराबरी दिला दी. भारत ने आखिरी क्षणों में गोल करने के लिए अपनी तरफ से भरसक प्रयास किए और इसका उसे फायदा भी मिला जब अभिषेक ने हूटर बजने से कुछ सेकेंड पहले गोल करके भारत को खिताब दिलाया. भारत के हार्दिक सिंह को मैन ऑफ द मैच और पंकज कुमार को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर आंका गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ऐसे में जबकि मैच टाईब्रेकर की तरफ बढ़ रहा था तब इबुंगो सिंह कोंजेंगबाम ने भारत को बढ़त दिला दी लेकिन मेहताब हुसैन ने 64वें मिनट में बांग्लादेश को फिर से बराबरी दिला दी. भारत ने आखिरी क्षणों में गोल करने के लिए अपनी तरफ से भरसक प्रयास किए और इसका उसे फायदा भी मिला जब अभिषेक ने हूटर बजने से कुछ सेकेंड पहले गोल करके भारत को खिताब दिलाया. भारत के हार्दिक सिंह को मैन ऑफ द मैच और पंकज कुमार को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर आंका गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: भारत ने टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में बांग्लादेश से मिली हार का बदला भी च अभिषेक के मैच के आखिरी क्षणों में किया खिताबी गोल पंकज कुमार को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर आंका गया
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक अदालत ने एक एनआरआई कारोबारी के घर पर 2013 में सेंधमारी और वहां से कई कीमती सामान चुराने के मामले में मंगलवार को खूंखार अपराधी देवेन्द्र सिंह उर्फ ‘बंटी चोर’ को दस साल की सजा सुनाई.टिप्पणियां देवेंद्र को ‘आदतन अपराधी’बताते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पी कृष्णकुमार ने उस पर 20 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया.बंटी को इस मामले में 12 अप्रैल को दोषी ठहराया गया था. उसे 21 जनवरी 2013 की घटना में एनआरआई के घर में सेंधमारी और वहां खड़ी कार में कुछ कीमती गैजेट लेकर भाग जाने के अपराधों का दोषी पाया गया था. देवेंद्र को ‘आदतन अपराधी’बताते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पी कृष्णकुमार ने उस पर 20 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया.बंटी को इस मामले में 12 अप्रैल को दोषी ठहराया गया था. उसे 21 जनवरी 2013 की घटना में एनआरआई के घर में सेंधमारी और वहां खड़ी कार में कुछ कीमती गैजेट लेकर भाग जाने के अपराधों का दोषी पाया गया था. उसे 21 जनवरी 2013 की घटना में एनआरआई के घर में सेंधमारी और वहां खड़ी कार में कुछ कीमती गैजेट लेकर भाग जाने के अपराधों का दोषी पाया गया था.
संक्षिप्त सारांश: अदालत ने अपराधी को सुनाई 10 की सजा. एनआरआई के यहां मारी थी सेंध. अदालत ने 20 हजार रुपयों का भी लगाया जुर्माना
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत जैसी विशाल अर्थव्यवस्था अपनी समस्याओं के हल के लिए बाहर से किसी बहुत बड़ी मदद की उम्मीद नहीं कर सकती, देश को अपनी समस्याओं का समाधान खुद निकालना होगा। सिंह ने यह बात ऐसे समय की है जबकि घरेल अर्थव्यवस्था मुश्किलों में है और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार कुछ नए उपाय करने की तैयारी में दिखती है। अपनी आठ दिन की विदेश यात्रा से वापस लौटते हुए अपने विशेष विमान में पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा , ‘हमें खुद ही उपयुक्त कदम उठाकर अपनी अर्थव्यवस्था को समस्याओं से उबारना होगा।’ मेक्सिको में जी-20 शिखर सम्मेलन और ब्राजील में रियो में पहले पृथ्वी सम्मेलन के 20 साल बाद आयोजित वैश्विक सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्वदेश लौटते हुए सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिन की घटनाओं से उन्हें इस बात का पहले से कहीं अधिक यकीन हो गया है कि भारत जैसे आकार के देश के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी अर्थव्यवस्था की योजना इस सोच के साथ तैयार करनी होगी कि हमें कठिनाई के समय बाहर से इतनी बड़ी मदद नहीं मिलेगी कि हम उसके भरोसे संकट को पार कर जाएं।’टिप्पणियां वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव में उतरने से पहले सोमवार को सरकार वित्तीय बाजारों का भरोसा बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कुछ उपायों की घोषणा कर सकती है। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि राजकोषीय प्रबंधन की समस्या का हाल प्रभावी तथा विश्वसनीय तरीके से किया जाएगा। सिंह ने कहा कि भुगतान संतुलन के घाटे तथा चालू खाते के घाटे के प्रबंधन की कुछ समस्या है। इन समस्याओं को हल कर लिया जाएगा। सिंह ने यह बात ऐसे समय की है जबकि घरेल अर्थव्यवस्था मुश्किलों में है और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार कुछ नए उपाय करने की तैयारी में दिखती है। अपनी आठ दिन की विदेश यात्रा से वापस लौटते हुए अपने विशेष विमान में पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा , ‘हमें खुद ही उपयुक्त कदम उठाकर अपनी अर्थव्यवस्था को समस्याओं से उबारना होगा।’ मेक्सिको में जी-20 शिखर सम्मेलन और ब्राजील में रियो में पहले पृथ्वी सम्मेलन के 20 साल बाद आयोजित वैश्विक सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्वदेश लौटते हुए सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिन की घटनाओं से उन्हें इस बात का पहले से कहीं अधिक यकीन हो गया है कि भारत जैसे आकार के देश के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी अर्थव्यवस्था की योजना इस सोच के साथ तैयार करनी होगी कि हमें कठिनाई के समय बाहर से इतनी बड़ी मदद नहीं मिलेगी कि हम उसके भरोसे संकट को पार कर जाएं।’टिप्पणियां वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव में उतरने से पहले सोमवार को सरकार वित्तीय बाजारों का भरोसा बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कुछ उपायों की घोषणा कर सकती है। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि राजकोषीय प्रबंधन की समस्या का हाल प्रभावी तथा विश्वसनीय तरीके से किया जाएगा। सिंह ने कहा कि भुगतान संतुलन के घाटे तथा चालू खाते के घाटे के प्रबंधन की कुछ समस्या है। इन समस्याओं को हल कर लिया जाएगा। अपनी आठ दिन की विदेश यात्रा से वापस लौटते हुए अपने विशेष विमान में पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा , ‘हमें खुद ही उपयुक्त कदम उठाकर अपनी अर्थव्यवस्था को समस्याओं से उबारना होगा।’ मेक्सिको में जी-20 शिखर सम्मेलन और ब्राजील में रियो में पहले पृथ्वी सम्मेलन के 20 साल बाद आयोजित वैश्विक सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्वदेश लौटते हुए सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिन की घटनाओं से उन्हें इस बात का पहले से कहीं अधिक यकीन हो गया है कि भारत जैसे आकार के देश के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी अर्थव्यवस्था की योजना इस सोच के साथ तैयार करनी होगी कि हमें कठिनाई के समय बाहर से इतनी बड़ी मदद नहीं मिलेगी कि हम उसके भरोसे संकट को पार कर जाएं।’टिप्पणियां वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव में उतरने से पहले सोमवार को सरकार वित्तीय बाजारों का भरोसा बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कुछ उपायों की घोषणा कर सकती है। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि राजकोषीय प्रबंधन की समस्या का हाल प्रभावी तथा विश्वसनीय तरीके से किया जाएगा। सिंह ने कहा कि भुगतान संतुलन के घाटे तथा चालू खाते के घाटे के प्रबंधन की कुछ समस्या है। इन समस्याओं को हल कर लिया जाएगा। मेक्सिको में जी-20 शिखर सम्मेलन और ब्राजील में रियो में पहले पृथ्वी सम्मेलन के 20 साल बाद आयोजित वैश्विक सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्वदेश लौटते हुए सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिन की घटनाओं से उन्हें इस बात का पहले से कहीं अधिक यकीन हो गया है कि भारत जैसे आकार के देश के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी अर्थव्यवस्था की योजना इस सोच के साथ तैयार करनी होगी कि हमें कठिनाई के समय बाहर से इतनी बड़ी मदद नहीं मिलेगी कि हम उसके भरोसे संकट को पार कर जाएं।’टिप्पणियां वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव में उतरने से पहले सोमवार को सरकार वित्तीय बाजारों का भरोसा बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कुछ उपायों की घोषणा कर सकती है। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि राजकोषीय प्रबंधन की समस्या का हाल प्रभावी तथा विश्वसनीय तरीके से किया जाएगा। सिंह ने कहा कि भुगतान संतुलन के घाटे तथा चालू खाते के घाटे के प्रबंधन की कुछ समस्या है। इन समस्याओं को हल कर लिया जाएगा। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव में उतरने से पहले सोमवार को सरकार वित्तीय बाजारों का भरोसा बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कुछ उपायों की घोषणा कर सकती है। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि राजकोषीय प्रबंधन की समस्या का हाल प्रभावी तथा विश्वसनीय तरीके से किया जाएगा। सिंह ने कहा कि भुगतान संतुलन के घाटे तथा चालू खाते के घाटे के प्रबंधन की कुछ समस्या है। इन समस्याओं को हल कर लिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि राजकोषीय प्रबंधन की समस्या का हाल प्रभावी तथा विश्वसनीय तरीके से किया जाएगा। सिंह ने कहा कि भुगतान संतुलन के घाटे तथा चालू खाते के घाटे के प्रबंधन की कुछ समस्या है। इन समस्याओं को हल कर लिया जाएगा।
संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत जैसी विशाल अर्थव्यवस्था अपनी समस्याओं के हल के लिए बाहर से किसी बहुत बड़ी मदद की उम्मीद नहीं कर सकती, देश को अपनी समस्याओं का समाधान खुद निकालना होगा।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने खाद्य सुरक्षा विधेयक को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए पार्टी नेताओं से कहा कि इसके संदेश को जमीनी स्तर तक लेकर जाएं और जनता को कानूनी अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिहाज से तैयार करें। राहुल गांधी ने खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस प्रमुखों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं की बैठक को संबोधित किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और केवी थॉमस ने भी संबोधित किया।टिप्पणियां राहुल ने प्रदेश के नेताओं से कहा, ‘जब इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा तो कोई भूखा नहीं सोएगा। हमने उन्हें एक अधिकार दिया है। आप उन्हें संघर्ष के लिए तैयार करें।’ बैठक में यह मांग भी उठी कि खाद्य सुरक्षा कानून का नाम दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर किया जाए और विपक्ष शासित राज्यों में इसे लागू करने में कांग्रेस नेताओं की व्यापक रायशुमारी शामिल हो। कांग्रेस शासित राज्यों दिल्ली और हरियाणा द्वारा राजीव गांधी की जयंती के मौके पर 20 अगस्त से योजना को लागू करने के फैसले की पृष्ठभूमि में यह मांग मायने रखती है। जिस समय यह मांग उठाई गई, उस समय राहुल बैठक कक्ष से बाहर जा चुके थे। राहुल गांधी ने खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस प्रमुखों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं की बैठक को संबोधित किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और केवी थॉमस ने भी संबोधित किया।टिप्पणियां राहुल ने प्रदेश के नेताओं से कहा, ‘जब इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा तो कोई भूखा नहीं सोएगा। हमने उन्हें एक अधिकार दिया है। आप उन्हें संघर्ष के लिए तैयार करें।’ बैठक में यह मांग भी उठी कि खाद्य सुरक्षा कानून का नाम दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर किया जाए और विपक्ष शासित राज्यों में इसे लागू करने में कांग्रेस नेताओं की व्यापक रायशुमारी शामिल हो। कांग्रेस शासित राज्यों दिल्ली और हरियाणा द्वारा राजीव गांधी की जयंती के मौके पर 20 अगस्त से योजना को लागू करने के फैसले की पृष्ठभूमि में यह मांग मायने रखती है। जिस समय यह मांग उठाई गई, उस समय राहुल बैठक कक्ष से बाहर जा चुके थे। राहुल ने प्रदेश के नेताओं से कहा, ‘जब इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा तो कोई भूखा नहीं सोएगा। हमने उन्हें एक अधिकार दिया है। आप उन्हें संघर्ष के लिए तैयार करें।’ बैठक में यह मांग भी उठी कि खाद्य सुरक्षा कानून का नाम दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर किया जाए और विपक्ष शासित राज्यों में इसे लागू करने में कांग्रेस नेताओं की व्यापक रायशुमारी शामिल हो। कांग्रेस शासित राज्यों दिल्ली और हरियाणा द्वारा राजीव गांधी की जयंती के मौके पर 20 अगस्त से योजना को लागू करने के फैसले की पृष्ठभूमि में यह मांग मायने रखती है। जिस समय यह मांग उठाई गई, उस समय राहुल बैठक कक्ष से बाहर जा चुके थे। कांग्रेस शासित राज्यों दिल्ली और हरियाणा द्वारा राजीव गांधी की जयंती के मौके पर 20 अगस्त से योजना को लागू करने के फैसले की पृष्ठभूमि में यह मांग मायने रखती है। जिस समय यह मांग उठाई गई, उस समय राहुल बैठक कक्ष से बाहर जा चुके थे।
सारांश: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने खाद्य सुरक्षा विधेयक को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए पार्टी नेताओं से कहा कि इसके संदेश को जमीनी स्तर तक लेकर जाएं और जनता को कानूनी अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिहाज से तैयार करें।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कहते हैं बच्चे भगवान का रूप होते हैं. शायद यही वजह है कि जब अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने अपने घर में गणपति बप्पा को मेहमान बनाया तो अपने घर में भगवान जैसे कई बच्चों को दावत दी.   यह नन्हे बच्चे थे डांसिंग रियलिटी शो 'सुपर डांसर' के जिसकी एक जज हैं शिल्पा शेट्टी. शिल्पा ने इन बच्चों को अपने घर बुलाया और उनके साथ गणेशोत्सव मनाया. इस शो के बच्चों ने शिल्पा के घर बप्पा के दर्शन किए, आरती में शामिल हुए और अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए बप्पा का आशीर्वाद लिया.   इन बच्चों को अपने बीच पाकर शिल्पा भी काफी खुश और उत्साहित थीं क्योंकि इन बच्चों के साथ शिल्पा के बेटे विवान ने खूब मस्ती की.   शिल्पा ने इन बच्चों के बारे में कहा कि "इन बच्चों के साथ गणेशोत्सव और खास हो गया. घर में खुशी का माहौल है. इन बच्चों के साथ मेरा बेटा भी बहुत खुश था और मस्ती कर रहा था. मेरे बेटे ने इनके साथ खूब डांस भी किया. हालांकि उसने बहुत बुरा डांस किया पर सब बच्चों के बीच बहुत मजा आया. बप्पा इन्हें खुशियां और तरक्की दे."
डांसिंग रियलिटी शो 'सुपर डांसर' के प्रतिभागी बच्चों को दी दावत बच्चों ने गणपति पूजन के साथ किया डांस शिल्पा के बेटे विवान ने जमकर मस्ती की
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आकाश परियोजना के तहत आने वाले अगले टैबलेट में कॉल करने की सुविधा होगी तथा यह 4-जी प्रौद्योगिकी का समर्थन करेगा। सरकार ने प्रस्तावित टैबलेट के फीचरों की जानकारी दी, जिसके अनुसार नए टैबलेट में बाहरी डोंगल के साथ फोन के रूप में काम करने का ड्राइवर होगा। यह टैबलेट 2जी या 3जी या 4जी डोंगल के साथ काम कर सकेगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि आकाश परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को सब्सिडीशुदा दर पर टैबलेट उपलब्ध कराना है। पहला टैबलेट 5 अक्तूबर 2011 को आया था और तब इसकी कीमत 2276 रुपये थी। सरकार ने प्रस्तावित टैबलेट के फीचरों की जानकारी दी, जिसके अनुसार नए टैबलेट में बाहरी डोंगल के साथ फोन के रूप में काम करने का ड्राइवर होगा। यह टैबलेट 2जी या 3जी या 4जी डोंगल के साथ काम कर सकेगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि आकाश परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को सब्सिडीशुदा दर पर टैबलेट उपलब्ध कराना है। पहला टैबलेट 5 अक्तूबर 2011 को आया था और तब इसकी कीमत 2276 रुपये थी। उल्लेखनीय है कि आकाश परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को सब्सिडीशुदा दर पर टैबलेट उपलब्ध कराना है। पहला टैबलेट 5 अक्तूबर 2011 को आया था और तब इसकी कीमत 2276 रुपये थी। पहला टैबलेट 5 अक्तूबर 2011 को आया था और तब इसकी कीमत 2276 रुपये थी।
संक्षिप्त सारांश: सरकार ने प्रस्तावित टैबलेट के फीचरों की जानकारी दी, जिसके अनुसार नए टैबलेट में बाहरी डोंगल के साथ फोन के रूप में काम करने का ड्राइवर होगा।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तरह लोकसभा चुनावों में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक (राजग) गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के बीच चुनावी तालमेल बनते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अब जदयू उत्तर प्रदेश में अकेले ही आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेगा। फिलहाल जदयू ने 60 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश निरंजन भइया के मुताबिक, यह बात सामने आ चुकी है कि लोकसभा चुनाव समय से पहले ही हो सकते हैं। ऐसे में जदयू ने भी उत्तर प्रदेश की विभिन्न सीटों पर लोकसभा प्रत्याशी उतरने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। पार्टी की कोशिश है कि इस चुनाव को राजग के तहत लड़ा जाए। इसके लिए उत्तर प्रदेश में जदयू को भाजपा के साथ साझा प्रत्याशी उतारना है। मगर भाजपा का रुख इस दिशा में सकारात्मक नहीं दिख रहा है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में भी भाजपा का यही रुख रहा। मजबूर होकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने राजग गठबंधन के बजाय उत्तर प्रदेश में सीधे पार्टी को इस चुनाव को लड़ने के निर्देश दिए थे। पार्टी ने इसका पालन कर विस चुनावों को लड़ा था। अब लोकसभा चुनाव करीब हैं और भाजपा इस गठबंधन को लेकर जरा भी चिंतित नजर नहीं दिख रही है। ऐसे में जदयू भाजपा के रुख को देखकर लोकसभा चुनावों को भी अपने दम पर लड़ने की तैयारियों में जुट गई है। इसके लिए पार्टी ने पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलाकर फिलहाल साठ सीटों पर प्रत्याशी उतारने का निर्णय किया है।टिप्पणियां प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "राजग गठबंधन के तहत पार्टी को कम सीटों पर ही संतोष करना पड़ता है। मगर पिछले विस चुनाव में जब पार्टी गठबंधन से हटकर अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ी तो ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उसे प्रत्याशी उतारने का मौका मिला था। अब लोकसभा चुनाव में जदयू यही चाहता है।" पिछले लोकसभा चुनावों में राजग गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा तो उसे सिर्फ दो सीटें पर ही प्रत्याशी उतारने की अनुमति गठबंधन के तहत मिली। यह सीट बदायूं और सलमेपुर थी। राजग गठबंधन में तब भाजपा, जदयू के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल था। इस बार लोकसभा चुनावों में इन सीटों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों को अकेले लड़ने को लेकर पार्टी की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। जिला इकाई की बैठकें कर पार्टीजनों को तमाम दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश निरंजन भइया के मुताबिक, यह बात सामने आ चुकी है कि लोकसभा चुनाव समय से पहले ही हो सकते हैं। ऐसे में जदयू ने भी उत्तर प्रदेश की विभिन्न सीटों पर लोकसभा प्रत्याशी उतरने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। पार्टी की कोशिश है कि इस चुनाव को राजग के तहत लड़ा जाए। इसके लिए उत्तर प्रदेश में जदयू को भाजपा के साथ साझा प्रत्याशी उतारना है। मगर भाजपा का रुख इस दिशा में सकारात्मक नहीं दिख रहा है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में भी भाजपा का यही रुख रहा। मजबूर होकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने राजग गठबंधन के बजाय उत्तर प्रदेश में सीधे पार्टी को इस चुनाव को लड़ने के निर्देश दिए थे। पार्टी ने इसका पालन कर विस चुनावों को लड़ा था। अब लोकसभा चुनाव करीब हैं और भाजपा इस गठबंधन को लेकर जरा भी चिंतित नजर नहीं दिख रही है। ऐसे में जदयू भाजपा के रुख को देखकर लोकसभा चुनावों को भी अपने दम पर लड़ने की तैयारियों में जुट गई है। इसके लिए पार्टी ने पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलाकर फिलहाल साठ सीटों पर प्रत्याशी उतारने का निर्णय किया है।टिप्पणियां प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "राजग गठबंधन के तहत पार्टी को कम सीटों पर ही संतोष करना पड़ता है। मगर पिछले विस चुनाव में जब पार्टी गठबंधन से हटकर अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ी तो ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उसे प्रत्याशी उतारने का मौका मिला था। अब लोकसभा चुनाव में जदयू यही चाहता है।" पिछले लोकसभा चुनावों में राजग गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा तो उसे सिर्फ दो सीटें पर ही प्रत्याशी उतारने की अनुमति गठबंधन के तहत मिली। यह सीट बदायूं और सलमेपुर थी। राजग गठबंधन में तब भाजपा, जदयू के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल था। इस बार लोकसभा चुनावों में इन सीटों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों को अकेले लड़ने को लेकर पार्टी की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। जिला इकाई की बैठकें कर पार्टीजनों को तमाम दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश में जदयू को भाजपा के साथ साझा प्रत्याशी उतारना है। मगर भाजपा का रुख इस दिशा में सकारात्मक नहीं दिख रहा है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में भी भाजपा का यही रुख रहा। मजबूर होकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने राजग गठबंधन के बजाय उत्तर प्रदेश में सीधे पार्टी को इस चुनाव को लड़ने के निर्देश दिए थे। पार्टी ने इसका पालन कर विस चुनावों को लड़ा था। अब लोकसभा चुनाव करीब हैं और भाजपा इस गठबंधन को लेकर जरा भी चिंतित नजर नहीं दिख रही है। ऐसे में जदयू भाजपा के रुख को देखकर लोकसभा चुनावों को भी अपने दम पर लड़ने की तैयारियों में जुट गई है। इसके लिए पार्टी ने पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलाकर फिलहाल साठ सीटों पर प्रत्याशी उतारने का निर्णय किया है।टिप्पणियां प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "राजग गठबंधन के तहत पार्टी को कम सीटों पर ही संतोष करना पड़ता है। मगर पिछले विस चुनाव में जब पार्टी गठबंधन से हटकर अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ी तो ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उसे प्रत्याशी उतारने का मौका मिला था। अब लोकसभा चुनाव में जदयू यही चाहता है।" पिछले लोकसभा चुनावों में राजग गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा तो उसे सिर्फ दो सीटें पर ही प्रत्याशी उतारने की अनुमति गठबंधन के तहत मिली। यह सीट बदायूं और सलमेपुर थी। राजग गठबंधन में तब भाजपा, जदयू के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल था। इस बार लोकसभा चुनावों में इन सीटों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों को अकेले लड़ने को लेकर पार्टी की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। जिला इकाई की बैठकें कर पार्टीजनों को तमाम दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। पार्टी ने इसका पालन कर विस चुनावों को लड़ा था। अब लोकसभा चुनाव करीब हैं और भाजपा इस गठबंधन को लेकर जरा भी चिंतित नजर नहीं दिख रही है। ऐसे में जदयू भाजपा के रुख को देखकर लोकसभा चुनावों को भी अपने दम पर लड़ने की तैयारियों में जुट गई है। इसके लिए पार्टी ने पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलाकर फिलहाल साठ सीटों पर प्रत्याशी उतारने का निर्णय किया है।टिप्पणियां प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "राजग गठबंधन के तहत पार्टी को कम सीटों पर ही संतोष करना पड़ता है। मगर पिछले विस चुनाव में जब पार्टी गठबंधन से हटकर अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ी तो ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उसे प्रत्याशी उतारने का मौका मिला था। अब लोकसभा चुनाव में जदयू यही चाहता है।" पिछले लोकसभा चुनावों में राजग गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा तो उसे सिर्फ दो सीटें पर ही प्रत्याशी उतारने की अनुमति गठबंधन के तहत मिली। यह सीट बदायूं और सलमेपुर थी। राजग गठबंधन में तब भाजपा, जदयू के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल था। इस बार लोकसभा चुनावों में इन सीटों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों को अकेले लड़ने को लेकर पार्टी की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। जिला इकाई की बैठकें कर पार्टीजनों को तमाम दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "राजग गठबंधन के तहत पार्टी को कम सीटों पर ही संतोष करना पड़ता है। मगर पिछले विस चुनाव में जब पार्टी गठबंधन से हटकर अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ी तो ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उसे प्रत्याशी उतारने का मौका मिला था। अब लोकसभा चुनाव में जदयू यही चाहता है।" पिछले लोकसभा चुनावों में राजग गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा तो उसे सिर्फ दो सीटें पर ही प्रत्याशी उतारने की अनुमति गठबंधन के तहत मिली। यह सीट बदायूं और सलमेपुर थी। राजग गठबंधन में तब भाजपा, जदयू के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल था। इस बार लोकसभा चुनावों में इन सीटों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों को अकेले लड़ने को लेकर पार्टी की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। जिला इकाई की बैठकें कर पार्टीजनों को तमाम दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनावों में राजग गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा तो उसे सिर्फ दो सीटें पर ही प्रत्याशी उतारने की अनुमति गठबंधन के तहत मिली। यह सीट बदायूं और सलमेपुर थी। राजग गठबंधन में तब भाजपा, जदयू के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल था। इस बार लोकसभा चुनावों में इन सीटों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों को अकेले लड़ने को लेकर पार्टी की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। जिला इकाई की बैठकें कर पार्टीजनों को तमाम दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तरह लोकसभा चुनावों में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक (राजग) गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के बीच चुनावी तालमेल बनते नजर नहीं आ रहे हैं।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद की दौड़ में प्रणब मुखर्जी के लिए ‘बैटिंग’ करते हुए भाजपा नेता मेनका गांधी ने उन्हें बेहतरीन उम्मीदवार बताया। मेनका ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद कहा, ‘प्रणब मुखर्जी उत्कृष्ट उम्मीदवार हैं। ’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का चुनाव आम सहमति से होना चाहिए।टिप्पणियां भाजपा को प्रणब की उम्मीदवारी पर अभी फैसला करना है। पार्टी का एक प्रभावशाली वर्ग हालांकि राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबले का पक्षधर है। पिछले सप्ताह मेनका ने कहा था कि देश को प्रणब जैसे राष्ट्रपति की जरूरत है। उन्होंने बदायूं में प्रणब के बारे में कहा कि वह अनुभवी नेता हैं। ‘मैं उन्हें 30 साल से जानती हूं। हमें उन जैसे राष्ट्रपति की जरूरत है जो काम करेगा।’ मेनका ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद कहा, ‘प्रणब मुखर्जी उत्कृष्ट उम्मीदवार हैं। ’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का चुनाव आम सहमति से होना चाहिए।टिप्पणियां भाजपा को प्रणब की उम्मीदवारी पर अभी फैसला करना है। पार्टी का एक प्रभावशाली वर्ग हालांकि राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबले का पक्षधर है। पिछले सप्ताह मेनका ने कहा था कि देश को प्रणब जैसे राष्ट्रपति की जरूरत है। उन्होंने बदायूं में प्रणब के बारे में कहा कि वह अनुभवी नेता हैं। ‘मैं उन्हें 30 साल से जानती हूं। हमें उन जैसे राष्ट्रपति की जरूरत है जो काम करेगा।’ भाजपा को प्रणब की उम्मीदवारी पर अभी फैसला करना है। पार्टी का एक प्रभावशाली वर्ग हालांकि राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबले का पक्षधर है। पिछले सप्ताह मेनका ने कहा था कि देश को प्रणब जैसे राष्ट्रपति की जरूरत है। उन्होंने बदायूं में प्रणब के बारे में कहा कि वह अनुभवी नेता हैं। ‘मैं उन्हें 30 साल से जानती हूं। हमें उन जैसे राष्ट्रपति की जरूरत है जो काम करेगा।’ पिछले सप्ताह मेनका ने कहा था कि देश को प्रणब जैसे राष्ट्रपति की जरूरत है। उन्होंने बदायूं में प्रणब के बारे में कहा कि वह अनुभवी नेता हैं। ‘मैं उन्हें 30 साल से जानती हूं। हमें उन जैसे राष्ट्रपति की जरूरत है जो काम करेगा।’
यह एक सारांश है: राष्ट्रपति पद की दौड़ में प्रणब मुखर्जी के लिए ‘बैटिंग’ करते हुए भाजपा नेता मेनका गांधी ने उन्हें बेहतरीन उम्मीदवार बताया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ईशा गुप्ता आने वाली अपनी फिल्म ‘रुस्तम’ में नकारात्मक किरदार निभा रही हैं लेकिन अभिनेत्री का कहना है कि शुरू में वह भूमिका को हां कहने को लेकर उलझन में थीं.टिप्पणियां आखिरी बार 2014 में आई ‘हमशक्लस’ में नजर आने वाली 30 वर्षीय अभिनेत्री ने बताया कि वह एक लंबे अंतराल के बाद फिल्म कर रही हैं और फिल्म के लिए हां कहने से पहले अक्षय कुमार से विचार-विमर्श किया. फिल्म में अक्षय एक नौसेना अधिकारी रुस्तम पवरी की मुख्य भूमिका में हैं. ‘रुस्तम’ फिल्म का निर्माण नीरज पांडे ने किया है और इसमें इलियाना डीक्रूज भी मुख्य भूमिका में हैं. यह फिल्म इस शुक्रवार को प्रदर्शित होने वाली है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आखिरी बार 2014 में आई ‘हमशक्लस’ में नजर आने वाली 30 वर्षीय अभिनेत्री ने बताया कि वह एक लंबे अंतराल के बाद फिल्म कर रही हैं और फिल्म के लिए हां कहने से पहले अक्षय कुमार से विचार-विमर्श किया. फिल्म में अक्षय एक नौसेना अधिकारी रुस्तम पवरी की मुख्य भूमिका में हैं. ‘रुस्तम’ फिल्म का निर्माण नीरज पांडे ने किया है और इसमें इलियाना डीक्रूज भी मुख्य भूमिका में हैं. यह फिल्म इस शुक्रवार को प्रदर्शित होने वाली है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: अक्षय कुमार से विचार-विमर्श किया फिल्म आगामी शुक्रवार को प्रदर्शित होगी 2014 में ‘हमशक्लस’ में आई थीं ईशा गुप्ता
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि वह पिछले 20 सालों में गुजरात के लोगों का दिल जीतने में असफल रही है इसलिए अब वह दूसरे दरवाजे से राज्य में शासन करने का षडयंत्र रच रही है। अहमदाबाद शहर के बाहरी इलाके में आयोजित एक महारैली को सम्बोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के खिलाफ अन्याय हो रहा है। राज्य सरकार को अस्थिर करने और राज्यपाल के मार्फत सरकार चलाने के लिए षडयंत्र रचा जा रहा है। मोदी ने हुंकार भरते हुए कहा, "यह एक महारैली है। यह केंद्र सरकार के षडयंत्रों के खिलाफ है। लोकायुक्त की नियुक्ति कर राज्यपाल ने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।" कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, "आप लोगों के दिलों में जगह नहीं बना पा रहे हो क्योंकि आपके पास षडयंत्र के सिवा कोई काम बचा नहीं है। यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा के लिए है, मर्यादाओं के पालन के लिए है।" उन्होंने कहा, "क्या आप कल्पना कर सकते हो एक राज्य में दो सरकारें चले। लेकिन गुजरात में ऐसा ही हो रहा है। कांग्रेस के मित्र राज्यपाल के माध्यम से ऐसा करने के षडयंत्र रच रहे हैं। राज्यपाल का जिलों का दौरा करा रहे हैं, अफसरों की बैठक बुला रहे हैं और सीधे-सीधे उन्हें आदेश दे रहे हैं। राज्य में समानांतर सरकार चलाने का षडयंत्र रचा जा रहा है।" मोदी ने कहा, "लाखों प्रयासों के बावजूद कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकी है। पिछले 20 सालों में वह गुजरात के लोगों का दिल जितने में असफल रही है।" उन्होंने कहा, "356 लगा नहीं पाए, भांति-भांति के षडयंत्र करके हमें बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन कर नहीं पाए। जनता के दिलों को जीत नहीं पाए।" उल्लेखनीय है कि मोदी ने हाल ही में सद्भवना मिशन के तहत तीन दिनों का उपवास किया था।
यह एक सारांश है: नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज्यपाल के जरिए सरकार चला रही है और उन्हें बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार को दोपहर में कुएं में उतरे दो भाइयों की पानी में डूबकर मौत हो गई. दोनों बाल्टी निकालने के लिए कुएं में उतरे थे. जानकारी के मुताबिक अछल्दा थाना क्षेत्र के गुनौली गांव निवासी 40 वर्षीय रामविलास की बाल्टी बुधवार को सुबह कुएं में गिर गई. उसे निकालने के काफी प्रयास असफल होने पर वह खुद कुएं में उतरा. लेकिन काफी देर बाद भी वापस नहीं आया.टिप्पणियां रामविलास को कुएं से बाहर निकालने के लिए उसका भाई 20 वर्षीय अमित कुमार कुएं में उतर गया. लेकिन वह भी बाहर नहीं आया तो ग्रामीणों ने दोनों के डूबने की आशंका के चलते कांटा डाला, जिसमें दोनों के शव फंस गए. उन्हें बाहर निकाला गया. सूचना पर पहुंची पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी है. आशंका जताई जा रही है कि कुएं में बनी जहरीली गैस के चलते दोनों की मौत हो गई. (इनपुट आईएएनएस से) जानकारी के मुताबिक अछल्दा थाना क्षेत्र के गुनौली गांव निवासी 40 वर्षीय रामविलास की बाल्टी बुधवार को सुबह कुएं में गिर गई. उसे निकालने के काफी प्रयास असफल होने पर वह खुद कुएं में उतरा. लेकिन काफी देर बाद भी वापस नहीं आया.टिप्पणियां रामविलास को कुएं से बाहर निकालने के लिए उसका भाई 20 वर्षीय अमित कुमार कुएं में उतर गया. लेकिन वह भी बाहर नहीं आया तो ग्रामीणों ने दोनों के डूबने की आशंका के चलते कांटा डाला, जिसमें दोनों के शव फंस गए. उन्हें बाहर निकाला गया. सूचना पर पहुंची पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी है. आशंका जताई जा रही है कि कुएं में बनी जहरीली गैस के चलते दोनों की मौत हो गई. (इनपुट आईएएनएस से) रामविलास को कुएं से बाहर निकालने के लिए उसका भाई 20 वर्षीय अमित कुमार कुएं में उतर गया. लेकिन वह भी बाहर नहीं आया तो ग्रामीणों ने दोनों के डूबने की आशंका के चलते कांटा डाला, जिसमें दोनों के शव फंस गए. उन्हें बाहर निकाला गया. सूचना पर पहुंची पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी है. आशंका जताई जा रही है कि कुएं में बनी जहरीली गैस के चलते दोनों की मौत हो गई. (इनपुट आईएएनएस से) आशंका जताई जा रही है कि कुएं में बनी जहरीली गैस के चलते दोनों की मौत हो गई. (इनपुट आईएएनएस से)
जहरीली गैस के कारण मौत होने की आशंका बड़े भाई के कुएं से बाहर न आने पर छोटा भाई उतरा कुएं में लोगों ने कांटा डाला तो दोनों के शव निकले
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इराक की राजधानी बगदाद के उत्तर में स्थित एक शिया धार्मिक स्थल पर हमले में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 37 हो गई और 62 लोग घायल हुए हैं। इराकी अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पहले, करीब एक हफ्ते पहले मध्य बगदाद में हुई एक बमबारी में कम से कम 186 लोग मारे गए थे। आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ने उस हमले की जिम्मेदारी ली थी। आतंकवादियों ने गुरुवार देर रात बलाद में स्थित सैयद मोहम्मद के मकबरे और पास के एक बाजार पर मोर्टार से हमला किया। बलाद बगदाद के उत्तर में 80 किलोमीटर दूर है। सबसे पहले एक आत्मघाती हमलावर ने मकबरे के द्वार की पहरेदारी कर रहे एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाया। उसके बाद एक दूसरा आत्मघाती हमलावर एवं बंदूकों से लैस नौ आतंकी अंदर घुस गए और ईद-उल-फितर मनाने के लिए अंदर जमा सुरक्षा बलों और असैनिकों को निशाना बनाया।टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तीसरे आत्मघाती हमलावर को मार गिराया गया। पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। उन्होंने पहचान उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि वे मीडिया को जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले, करीब एक हफ्ते पहले मध्य बगदाद में हुई एक बमबारी में कम से कम 186 लोग मारे गए थे। आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ने उस हमले की जिम्मेदारी ली थी। आतंकवादियों ने गुरुवार देर रात बलाद में स्थित सैयद मोहम्मद के मकबरे और पास के एक बाजार पर मोर्टार से हमला किया। बलाद बगदाद के उत्तर में 80 किलोमीटर दूर है। सबसे पहले एक आत्मघाती हमलावर ने मकबरे के द्वार की पहरेदारी कर रहे एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाया। उसके बाद एक दूसरा आत्मघाती हमलावर एवं बंदूकों से लैस नौ आतंकी अंदर घुस गए और ईद-उल-फितर मनाने के लिए अंदर जमा सुरक्षा बलों और असैनिकों को निशाना बनाया।टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तीसरे आत्मघाती हमलावर को मार गिराया गया। पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। उन्होंने पहचान उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि वे मीडिया को जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आतंकवादियों ने गुरुवार देर रात बलाद में स्थित सैयद मोहम्मद के मकबरे और पास के एक बाजार पर मोर्टार से हमला किया। बलाद बगदाद के उत्तर में 80 किलोमीटर दूर है। सबसे पहले एक आत्मघाती हमलावर ने मकबरे के द्वार की पहरेदारी कर रहे एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाया। उसके बाद एक दूसरा आत्मघाती हमलावर एवं बंदूकों से लैस नौ आतंकी अंदर घुस गए और ईद-उल-फितर मनाने के लिए अंदर जमा सुरक्षा बलों और असैनिकों को निशाना बनाया।टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तीसरे आत्मघाती हमलावर को मार गिराया गया। पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। उन्होंने पहचान उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि वे मीडिया को जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सबसे पहले एक आत्मघाती हमलावर ने मकबरे के द्वार की पहरेदारी कर रहे एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाया। उसके बाद एक दूसरा आत्मघाती हमलावर एवं बंदूकों से लैस नौ आतंकी अंदर घुस गए और ईद-उल-फितर मनाने के लिए अंदर जमा सुरक्षा बलों और असैनिकों को निशाना बनाया।टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तीसरे आत्मघाती हमलावर को मार गिराया गया। पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। उन्होंने पहचान उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि वे मीडिया को जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तीसरे आत्मघाती हमलावर को मार गिराया गया। पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। उन्होंने पहचान उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि वे मीडिया को जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: सैयद मोहम्‍मद पवित्र स्‍थल को मोर्टार से पहला निशाना बनाया गया। आत्मघाती हमलों, गोलियों और मोर्टार के हमले से क्षेत्र दहल गया : प्रवक्‍त दो हमलावरों ने तीर्थस्‍थल के नजदीक मार्किट में खुद को उड़ा लिया।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार के लिए अच्छी ख़बर नहीं है. अब उनके सहयोगी ख़ासकर जनता दल यूनाइटेड भी कश्मीर नीति पर न केवल उनकी आलोचना कर रहा है बल्कि जल्द से जल्द आम नागरिक की सुविधा के लिए सभी सेवाओं को बहाल करने की मांग की है.जनता दल यूनाइटेड ने केंद्र सरकार की यूरोपीय यूनियन के सांसदों को जम्मू कश्मीर मंत्री के दौरा पर ले जाने को विरोधाभासी कहा है.  जनता दल यूनाइटेड  के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व राजनयिक पवन वर्मा ने कहा कि एक ओर तो आप अपने सांसदों को वहां जाने की अनुमति नहीं देते दूसरी ओर यूरोपीय यूनियन के सांसदों को ले जाया जा रहा है. जो वर्मा के अनुसार जम्मू कश्मीर की अंतरराष्ट्रीयकरण न करने की हमारी नीति के ख़िलाफ़ है पवन वर्मा ने यह भी कहा कि अगर ये सांसद निजी तौर पर आए हैं उनका चयन किसने और कैसे किया और क्या यही सही समय था.  जनता दल यूनाइटेड ने इंटरनेट सेवा शुरू करने के अलावा नज़रबंद विपक्ष के नेताओं को भी रिहा करने की मांग की है. निश्चित रूप से जनता दल यूनाइटेड का यह स्टैंड केंद्र सरकार के लिए अच्छी ख़बर नहीं है क्योंकि वो न केवल उनकी सहयोगी है बल्कि एनडीए में शामिल पहला राजनीतिक दल है जिसने मुखर होकर यूरोपीय यूनियन के सांसदों की यात्रा पर केंद्र सरकार की आलोचना की है.  हालांकि जब केंद्र सरकार ने धारा 370 ख़त्म करने का संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव लाया था तब भी जनता दल यूनाइटेड ने यह कह कर विरोध किया थे कि ये उनकी पार्टी की नीति के ख़िलाफ़ है. लेकिन बाद में जब उसे इस बात का आभास हुआ कि जनता का रुख इस मुद्दे पर भाजपा के साथ है तब पार्टी के नेताओं ने कहा कि अब ये पारित हो गया हैं तब वे केंद्र के साथ हैं. लेकिन दो राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद जिससे इस बात की पुष्टि हुई कि बीजेपी का ये मुद्दा वोटर पर ज़्यादा नहीं चला तो पार्टी ने अपना स्टैंड फिर साफ़ किया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एनडीए में शामिल हैं JDU बिहार में मिलकर सरकार चला रहे हैं दोनों दल अनुच्छेद 370 पर है अलग-अलग रुख
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 8 साल बाद विकेटकीपर बल्लेबाज़ पार्थिव पटेल की भारतीय टीम में वापसी हुई है. पार्थिव को चयनकर्ताओं ने रिद्धिमान साहा की जगह टीम में मौका दिया है. विशाखापत्तनम में दूसरे टेस्ट मैच के दौरान साहा के बाएं पैर की मांसपेशियां खिंच गई थीं. बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने जांच के बाद एहतियातन साहा को आराम करने की सलाह दी है, जिसके वजह से वह इंग्लैंड के खिलाफ अगले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे. (पढ़ें पंत और ओझा की दावेदारी नजरअंदाज कर चयनकर्ताओं ने पार्थिव को दिया मौका)   31 साल के पार्थिव पटेल ने अपना पहला टेस्ट भी इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेला था. अपने टेस्ट करियर के 20 मैंचों में पार्थिव ने 29.69 की औसत से 683 रन बनाए हैं, जिसमें चार अर्धशतक शामिल है. पार्थिव आखिरी बार टीम के साथ 2012 में श्रीलंका के खिलाफ वन-डे के लिए शामिल हुए थे. भारत-इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच मोहाली में 26 नवंबर से खेलेगा.टिप्पणियां गुजरात के पार्थिव अजय पटेल उस समय भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय बने थे जब 2002 में 17 वर्ष की उम्र में उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ टेस्‍ट क्रिकेट में आगाज किया था. 31 साल के हो चुके पार्थिव ने अपना आखिरी टेस्‍ट अगस्‍त 2008 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था. पार्थिव अब तक 20 टेस्‍ट में 29.69 के औसत से 683 रन बना चुके हैं, इसमें 69 रन उनका सर्वोच्‍च स्‍कोर रहा है.अपने 20 टेस्‍ट के करियर में उन्‍होंने 41 कैच लेने के अलावा 8 स्‍टंपिंग भी की हैं. 20 टेस्‍ट के अलावा पार्थिव  38 वनडे और दो टी20 मैचों में भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्‍व कर चुके हैं. बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने जांच के बाद एहतियातन साहा को आराम करने की सलाह दी है, जिसके वजह से वह इंग्लैंड के खिलाफ अगले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे. (पढ़ें पंत और ओझा की दावेदारी नजरअंदाज कर चयनकर्ताओं ने पार्थिव को दिया मौका)   31 साल के पार्थिव पटेल ने अपना पहला टेस्ट भी इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेला था. अपने टेस्ट करियर के 20 मैंचों में पार्थिव ने 29.69 की औसत से 683 रन बनाए हैं, जिसमें चार अर्धशतक शामिल है. पार्थिव आखिरी बार टीम के साथ 2012 में श्रीलंका के खिलाफ वन-डे के लिए शामिल हुए थे. भारत-इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच मोहाली में 26 नवंबर से खेलेगा.टिप्पणियां गुजरात के पार्थिव अजय पटेल उस समय भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय बने थे जब 2002 में 17 वर्ष की उम्र में उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ टेस्‍ट क्रिकेट में आगाज किया था. 31 साल के हो चुके पार्थिव ने अपना आखिरी टेस्‍ट अगस्‍त 2008 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था. पार्थिव अब तक 20 टेस्‍ट में 29.69 के औसत से 683 रन बना चुके हैं, इसमें 69 रन उनका सर्वोच्‍च स्‍कोर रहा है.अपने 20 टेस्‍ट के करियर में उन्‍होंने 41 कैच लेने के अलावा 8 स्‍टंपिंग भी की हैं. 20 टेस्‍ट के अलावा पार्थिव  38 वनडे और दो टी20 मैचों में भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्‍व कर चुके हैं. गुजरात के पार्थिव अजय पटेल उस समय भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय बने थे जब 2002 में 17 वर्ष की उम्र में उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ टेस्‍ट क्रिकेट में आगाज किया था. 31 साल के हो चुके पार्थिव ने अपना आखिरी टेस्‍ट अगस्‍त 2008 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था. पार्थिव अब तक 20 टेस्‍ट में 29.69 के औसत से 683 रन बना चुके हैं, इसमें 69 रन उनका सर्वोच्‍च स्‍कोर रहा है.अपने 20 टेस्‍ट के करियर में उन्‍होंने 41 कैच लेने के अलावा 8 स्‍टंपिंग भी की हैं. 20 टेस्‍ट के अलावा पार्थिव  38 वनडे और दो टी20 मैचों में भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्‍व कर चुके हैं. पार्थिव अब तक 20 टेस्‍ट में 29.69 के औसत से 683 रन बना चुके हैं, इसमें 69 रन उनका सर्वोच्‍च स्‍कोर रहा है.अपने 20 टेस्‍ट के करियर में उन्‍होंने 41 कैच लेने के अलावा 8 स्‍टंपिंग भी की हैं. 20 टेस्‍ट के अलावा पार्थिव  38 वनडे और दो टी20 मैचों में भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्‍व कर चुके हैं.
यह एक सारांश है: रिद्धिमान साहा की जगह मिला है मौका साहा के बाएं पैर की मांसपेशियां खिंच गई थीं पार्थिव का पहला टेस्ट भी इंग्लैंड के खिलाफ था
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कप्तान सचिन तेंदुलकर और अंबाती रायडू की आक्रामक नाबाद अर्द्धशतकीय पारियों और दूसरे विकेट के लिए 110 रन की साझेदारी से मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग-चार के ट्वेंटी-20 मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को नौ विकेट से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। शुरुआती मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को उसके मैदान पर आठ विकेट से परास्त करने वाली मुंबई इंडियंस ने विजयी लय बरकरार रखते हुए नौ गेंद रहते 143 रन बनाकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को उसके मैदान पर शिकस्त दी। इससे पहले, बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 59) और एबी डिविलियर्स के बीच दूसरे विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी से चार विकेट गंवाकर 140 रन बनाए और मुंबई इंडियंस के सामने सम्मानजनक लक्ष्य रखा। मास्टर बल्लेबाज तेंदुलकर ने नाबाद 55 रन की पारी में 46 गेंद का सामना किया जिसमें सात चौके जड़े। रायडू ने भी उनका बखूबी साथ निभाया जो कप्तान से ज्यादा आक्रामक खेले और उन्होंने 50 गेद में नौ चौके की मदद से नाबाद 63 रन बनाए। लेकिन तेंदुलकर ने चौका जड़कर टीम को आसानी से जीत दिलाई। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 14.1 ओवर में 110 रन की साझेदारी निभाई। मुंबई इंडियंस ने पहला विकेट पांचवें ओवर में डेवी जैकब्स के रूप में गंवाया जिन्हें डर्क नानेस ने बोल्ड किया। उन्होंने 16 गेंद में दो चौके और इतने ही छक्के लगाकर 22 रन जोड़े।
सारांश: सचिन और रायडू की आक्रामक नाबाद अर्द्धशतकीय पारियों की मदद से मुंबई इंडियंस ने रॉयल चैलेंजर्स को नौ विकेट से हरा दिया।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के पिता ने कहा कि घटना के बाद तीन दिनों तक वह सो नहीं पाए थे। दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस घटना के सभी पांच बालिग आरोपियों के खिलाफ केस की सुनवाई आरंभ हो गई है जहां पांचों आरोपियों ने अपना गुनाह नहीं कबूला है। इस मामले में छठा आरोपी नाबालिग है जिसे सुधार गृह में रखा जा रहा है।टिप्पणियां मीडिया से मुखातिब पैरामेडिकल की छात्रा के पिता ने कहा कि मैं अखबार नहीं पढ़ता और न ही टीवी देखता हूं, लेकिन सिर्फ यही चाहता हूं कि सभी छह आरोपियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाना चाहिए। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक स्थानीय भाजपा नेता ने आयोजित की थी। भाजपा नेता ने एक साइंस म्यूजियम बनाया है जो 23 वर्षीय गैंगरेप की पीड़ित लड़की को समर्पित है। दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस घटना के सभी पांच बालिग आरोपियों के खिलाफ केस की सुनवाई आरंभ हो गई है जहां पांचों आरोपियों ने अपना गुनाह नहीं कबूला है। इस मामले में छठा आरोपी नाबालिग है जिसे सुधार गृह में रखा जा रहा है।टिप्पणियां मीडिया से मुखातिब पैरामेडिकल की छात्रा के पिता ने कहा कि मैं अखबार नहीं पढ़ता और न ही टीवी देखता हूं, लेकिन सिर्फ यही चाहता हूं कि सभी छह आरोपियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाना चाहिए। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक स्थानीय भाजपा नेता ने आयोजित की थी। भाजपा नेता ने एक साइंस म्यूजियम बनाया है जो 23 वर्षीय गैंगरेप की पीड़ित लड़की को समर्पित है। मीडिया से मुखातिब पैरामेडिकल की छात्रा के पिता ने कहा कि मैं अखबार नहीं पढ़ता और न ही टीवी देखता हूं, लेकिन सिर्फ यही चाहता हूं कि सभी छह आरोपियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाना चाहिए। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक स्थानीय भाजपा नेता ने आयोजित की थी। भाजपा नेता ने एक साइंस म्यूजियम बनाया है जो 23 वर्षीय गैंगरेप की पीड़ित लड़की को समर्पित है। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक स्थानीय भाजपा नेता ने आयोजित की थी। भाजपा नेता ने एक साइंस म्यूजियम बनाया है जो 23 वर्षीय गैंगरेप की पीड़ित लड़की को समर्पित है।
संक्षिप्त पाठ: नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के पिता ने कहा कि घटना के बाद तीन दिनों तक वह सो नहीं पाए थे।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: The Kapil Sharma Show: कॉमेडियन कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो 'द कपिल शर्मा (The kapil Sharma Show)' में जब भी कोई स्टार आता है तो उसकी खिंचाई होना तो तय है. हाल ही में द कपिल शर्मा शो में अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' की टीम के साथ शिरकत की थी. कपिल शर्मा के शो में अक्षय कुमार के साथ सोनाक्षी सिन्हा, तापसी पन्नू और कीर्ति कुल्हारी शो मे आए थे, और जमकर ठहाके भी लगे थे. लेकिन जब कपिल शर्मा ने बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की प्रॉपर्टी का जिक्र निकाला तो तुरंत ही कपिल शर्मा ने अर्चना पूरन सिंह का नाम लेकर उनके नए प्लॉट के बारे में सवाल दाग दिया.  कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो 'द कपिल शर्मा (The kapil Sharma Show)' में कपिल शर्मा अक्षय कुमार की खिंचाई कर रहे थे और उनकी प्रॉपर्टी और संपत्ति के बारे में बात कर रहे थे. अक्षय कुमार के इनकम टैक्स से लेकर उनकी फिल्मों तक का जिक्र करने के बाद कपिल कहते हैं कि मैंने पहले ही कहा था कि अक्षय की प्रॉपर्टी को लेकर कोई सवाल नहीं करेगा. लेकिन फिर कपिल शर्मा (Kapil Sharma) अक्षय कुमार से कहते हैं कि अर्चना पूरन सिंह पूछ रही थीं कि अक्षय ने मंगल पर भी प्लॉट ले लिया है? इस तरह सेट पर मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने लगते हैं. अक्षय कुमार (Akshay Kumar) का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है,  कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो 'द कपिल शर्मा (The kapil Sharma Show)' में बात यही नहीं रुकती है. गेम खेलने के बहाने बच्चा यादव भी अक्षय कुमार की खूब खिंचाई करते हैं. हालांकि अक्षय कुमार भी कम खिलाड़ी नहीं हैं और वे भी बखूबी जवाब देते हैं. इस तरह कपिल शर्मा शो का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
संक्षिप्त सारांश: कपिल शर्मा के शो का है वीडियो अक्षय कुमार की जमकर की खिंचाई वायरल हो रहा है वीडियो
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: इराक के विभिन्न हिस्सों में बुधवार को हुए बम विस्फोटों और झड़पों में 26 लोगों की मौत हो गई और 80 अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गृह मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से कहा कि दक्षिण-पश्चिमी बगदाद के जिहाद के पड़ोस में एक विवाह समारोह में हुए कार बम विस्फोट में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हो गए। सूत्र ने कहा कि पश्चिमी बगदाद के एक बाजार में हुए एक अन्य कार बम विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। बगदाद से 65 किलोमीटर दूर दियाला प्रांत की राजधानी बकूबा के एक लोकप्रिय फुटबाल मैदान में दो बम विस्फोट हुए, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां एक सूत्र ने कहा कि इराक के अनबर प्रांत में इराक-सीरिया सरहद के पास एक सीमा चौकी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी और दो पुलिसकर्मी बंदूकधारियों के साथ झड़प में शहीद हो गए। गौरतलब है कि इराक में सोमवार को सिलसिलेवार कार बम विस्फोट हुए थे, जिसमें 34 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 155 अन्य घायल हो गए थे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गृह मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से कहा कि दक्षिण-पश्चिमी बगदाद के जिहाद के पड़ोस में एक विवाह समारोह में हुए कार बम विस्फोट में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हो गए। सूत्र ने कहा कि पश्चिमी बगदाद के एक बाजार में हुए एक अन्य कार बम विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। बगदाद से 65 किलोमीटर दूर दियाला प्रांत की राजधानी बकूबा के एक लोकप्रिय फुटबाल मैदान में दो बम विस्फोट हुए, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां एक सूत्र ने कहा कि इराक के अनबर प्रांत में इराक-सीरिया सरहद के पास एक सीमा चौकी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी और दो पुलिसकर्मी बंदूकधारियों के साथ झड़प में शहीद हो गए। गौरतलब है कि इराक में सोमवार को सिलसिलेवार कार बम विस्फोट हुए थे, जिसमें 34 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 155 अन्य घायल हो गए थे। सूत्र ने कहा कि पश्चिमी बगदाद के एक बाजार में हुए एक अन्य कार बम विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। बगदाद से 65 किलोमीटर दूर दियाला प्रांत की राजधानी बकूबा के एक लोकप्रिय फुटबाल मैदान में दो बम विस्फोट हुए, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां एक सूत्र ने कहा कि इराक के अनबर प्रांत में इराक-सीरिया सरहद के पास एक सीमा चौकी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी और दो पुलिसकर्मी बंदूकधारियों के साथ झड़प में शहीद हो गए। गौरतलब है कि इराक में सोमवार को सिलसिलेवार कार बम विस्फोट हुए थे, जिसमें 34 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 155 अन्य घायल हो गए थे। बगदाद से 65 किलोमीटर दूर दियाला प्रांत की राजधानी बकूबा के एक लोकप्रिय फुटबाल मैदान में दो बम विस्फोट हुए, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां एक सूत्र ने कहा कि इराक के अनबर प्रांत में इराक-सीरिया सरहद के पास एक सीमा चौकी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी और दो पुलिसकर्मी बंदूकधारियों के साथ झड़प में शहीद हो गए। गौरतलब है कि इराक में सोमवार को सिलसिलेवार कार बम विस्फोट हुए थे, जिसमें 34 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 155 अन्य घायल हो गए थे। एक सूत्र ने कहा कि इराक के अनबर प्रांत में इराक-सीरिया सरहद के पास एक सीमा चौकी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी और दो पुलिसकर्मी बंदूकधारियों के साथ झड़प में शहीद हो गए। गौरतलब है कि इराक में सोमवार को सिलसिलेवार कार बम विस्फोट हुए थे, जिसमें 34 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 155 अन्य घायल हो गए थे। गौरतलब है कि इराक में सोमवार को सिलसिलेवार कार बम विस्फोट हुए थे, जिसमें 34 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 155 अन्य घायल हो गए थे।
इराक के विभिन्न हिस्सों में बुधवार को हुए बम विस्फोटों और झड़पों में 26 लोगों की मौत हो गई और 80 अन्य घायल हो गए।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत आज केंद्र सरकार पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि जनता के साथ हर साल विश्वासघात हुआ है. सरकार हर साल करोड़ों करोड़ों ख़र्च कर जश्न मनाती है और जनता का पैसा लुटाती है. पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत पर हमारे ज़माने में तमाशा बनाती थी आज ख़ुद जनता की जेब पर डाका डाल रही है. कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर 26 मई को 'विश्वासघात दिवस' मनाएगी और जनता के समक्ष इस सरकार का 'पर्दाफाश' करेगी. सुरजेवाला ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श करके फैसला किया है कि 26 मई दिवस को पार्टी विश्वासघात दिवस मनाएगी. मोदी सरकार के विश्वासघात का जनता के समक्ष पर्दाफाश किया जाएगा.' उन्होंने कहा कि 26 मई को सभी राज्यों की राजधानियों और जिला स्तरों पर धरने और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह सरकार भ्रष्टाचार, कालेधन, महंगाई, आतंकवाद और विदेश नीति को लेकर पूरी तरह विफल रही है. कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने 'विश्वासघात' शीर्षक वाला एक पोस्टर जारी किया. गहलोत ने कहा, 'मीडिया और आम लोग समझ गए हैं कि उनके साथ विश्वासघात हुआ. चार साल पहले खूब वादे किए गए थे और जनता ने भी खूब विश्वास जताया. लेकिन चार साल में इस कदर विश्वासघात हुआ कि उसकी कल्पना नहीं की जा सकती." गहलोत ने कहा, ' ये लोग चाल, चरित्र और चेहरा अलग होने का दावा करते थे लेकिन इन्होंने अपने ही सिद्धांतों की धज्जियां उड़ा दीं.'  कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, 'देश में अविश्वास, भय और हिंसा का माहौल है. हर वर्ग परेशान है. किसान परेशान है. युवा परेशान है. व्यापारी वर्ग परेशान है. सबके साथ विश्वासघात हुआ है." उन्होंने कहा, ' ये लोग विपक्ष में रहते हुए मंहगाई को लेकर तमाशा करते थे. आज देखिए कि पेट्रोल और डीजल की कीमत कहां पहुंच गई. आम लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है.' गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की, लेकिन यह सरकार तैयार नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया, 'ये पाखंडी, फासीवादी लोग हैं. इनका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं. महिलाओं और बच्चियों पर यौन हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं.' उन्होंने सवाल किया कि चुनाव में इतने पैसे खर्च किये जा रहे हैं. ये पैसे कहां आ रहे हैं? गहलोत ने कहा कि अमित शाह ने कल कहा कि विधायक होटल में नहीं होते तो उनकी सरकार बनती. सवाल यह है कि आप कैसे सरकार बनाते? इसका मतलब ये लोग खरीद-फरोख्त करते.टिप्पणियां गहलोत ने आरोप लगाया, ' पीयूष गोयल ने अपने 10 रुपये के शेयर 10 हजार रुपये बेचे औए वसुंधरा राजे के बेटे ने 10 रुपये के शेयर ललित मोदी को करीब एक लाख रुपये बेच दिए. इन मामलों की जांच क्यों नहीं हुई. आप सोच लीजिए कि ये किस तरह के लोग हैं.' उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी) कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर 26 मई को 'विश्वासघात दिवस' मनाएगी और जनता के समक्ष इस सरकार का 'पर्दाफाश' करेगी. सुरजेवाला ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श करके फैसला किया है कि 26 मई दिवस को पार्टी विश्वासघात दिवस मनाएगी. मोदी सरकार के विश्वासघात का जनता के समक्ष पर्दाफाश किया जाएगा.' उन्होंने कहा कि 26 मई को सभी राज्यों की राजधानियों और जिला स्तरों पर धरने और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह सरकार भ्रष्टाचार, कालेधन, महंगाई, आतंकवाद और विदेश नीति को लेकर पूरी तरह विफल रही है. कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने 'विश्वासघात' शीर्षक वाला एक पोस्टर जारी किया. गहलोत ने कहा, 'मीडिया और आम लोग समझ गए हैं कि उनके साथ विश्वासघात हुआ. चार साल पहले खूब वादे किए गए थे और जनता ने भी खूब विश्वास जताया. लेकिन चार साल में इस कदर विश्वासघात हुआ कि उसकी कल्पना नहीं की जा सकती." गहलोत ने कहा, ' ये लोग चाल, चरित्र और चेहरा अलग होने का दावा करते थे लेकिन इन्होंने अपने ही सिद्धांतों की धज्जियां उड़ा दीं.'  कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, 'देश में अविश्वास, भय और हिंसा का माहौल है. हर वर्ग परेशान है. किसान परेशान है. युवा परेशान है. व्यापारी वर्ग परेशान है. सबके साथ विश्वासघात हुआ है." उन्होंने कहा, ' ये लोग विपक्ष में रहते हुए मंहगाई को लेकर तमाशा करते थे. आज देखिए कि पेट्रोल और डीजल की कीमत कहां पहुंच गई. आम लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है.' गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की, लेकिन यह सरकार तैयार नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया, 'ये पाखंडी, फासीवादी लोग हैं. इनका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं. महिलाओं और बच्चियों पर यौन हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं.' उन्होंने सवाल किया कि चुनाव में इतने पैसे खर्च किये जा रहे हैं. ये पैसे कहां आ रहे हैं? गहलोत ने कहा कि अमित शाह ने कल कहा कि विधायक होटल में नहीं होते तो उनकी सरकार बनती. सवाल यह है कि आप कैसे सरकार बनाते? इसका मतलब ये लोग खरीद-फरोख्त करते.टिप्पणियां गहलोत ने आरोप लगाया, ' पीयूष गोयल ने अपने 10 रुपये के शेयर 10 हजार रुपये बेचे औए वसुंधरा राजे के बेटे ने 10 रुपये के शेयर ललित मोदी को करीब एक लाख रुपये बेच दिए. इन मामलों की जांच क्यों नहीं हुई. आप सोच लीजिए कि ये किस तरह के लोग हैं.' उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी) उन्होंने कहा कि 26 मई को सभी राज्यों की राजधानियों और जिला स्तरों पर धरने और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह सरकार भ्रष्टाचार, कालेधन, महंगाई, आतंकवाद और विदेश नीति को लेकर पूरी तरह विफल रही है. कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने 'विश्वासघात' शीर्षक वाला एक पोस्टर जारी किया. गहलोत ने कहा, 'मीडिया और आम लोग समझ गए हैं कि उनके साथ विश्वासघात हुआ. चार साल पहले खूब वादे किए गए थे और जनता ने भी खूब विश्वास जताया. लेकिन चार साल में इस कदर विश्वासघात हुआ कि उसकी कल्पना नहीं की जा सकती." गहलोत ने कहा, ' ये लोग चाल, चरित्र और चेहरा अलग होने का दावा करते थे लेकिन इन्होंने अपने ही सिद्धांतों की धज्जियां उड़ा दीं.'  कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, 'देश में अविश्वास, भय और हिंसा का माहौल है. हर वर्ग परेशान है. किसान परेशान है. युवा परेशान है. व्यापारी वर्ग परेशान है. सबके साथ विश्वासघात हुआ है." उन्होंने कहा, ' ये लोग विपक्ष में रहते हुए मंहगाई को लेकर तमाशा करते थे. आज देखिए कि पेट्रोल और डीजल की कीमत कहां पहुंच गई. आम लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है.' गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की, लेकिन यह सरकार तैयार नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया, 'ये पाखंडी, फासीवादी लोग हैं. इनका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं. महिलाओं और बच्चियों पर यौन हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं.' उन्होंने सवाल किया कि चुनाव में इतने पैसे खर्च किये जा रहे हैं. ये पैसे कहां आ रहे हैं? गहलोत ने कहा कि अमित शाह ने कल कहा कि विधायक होटल में नहीं होते तो उनकी सरकार बनती. सवाल यह है कि आप कैसे सरकार बनाते? इसका मतलब ये लोग खरीद-फरोख्त करते.टिप्पणियां गहलोत ने आरोप लगाया, ' पीयूष गोयल ने अपने 10 रुपये के शेयर 10 हजार रुपये बेचे औए वसुंधरा राजे के बेटे ने 10 रुपये के शेयर ललित मोदी को करीब एक लाख रुपये बेच दिए. इन मामलों की जांच क्यों नहीं हुई. आप सोच लीजिए कि ये किस तरह के लोग हैं.' उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी) कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने 'विश्वासघात' शीर्षक वाला एक पोस्टर जारी किया. गहलोत ने कहा, 'मीडिया और आम लोग समझ गए हैं कि उनके साथ विश्वासघात हुआ. चार साल पहले खूब वादे किए गए थे और जनता ने भी खूब विश्वास जताया. लेकिन चार साल में इस कदर विश्वासघात हुआ कि उसकी कल्पना नहीं की जा सकती." गहलोत ने कहा, ' ये लोग चाल, चरित्र और चेहरा अलग होने का दावा करते थे लेकिन इन्होंने अपने ही सिद्धांतों की धज्जियां उड़ा दीं.'  कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, 'देश में अविश्वास, भय और हिंसा का माहौल है. हर वर्ग परेशान है. किसान परेशान है. युवा परेशान है. व्यापारी वर्ग परेशान है. सबके साथ विश्वासघात हुआ है." उन्होंने कहा, ' ये लोग विपक्ष में रहते हुए मंहगाई को लेकर तमाशा करते थे. आज देखिए कि पेट्रोल और डीजल की कीमत कहां पहुंच गई. आम लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है.' गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की, लेकिन यह सरकार तैयार नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया, 'ये पाखंडी, फासीवादी लोग हैं. इनका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं. महिलाओं और बच्चियों पर यौन हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं.' उन्होंने सवाल किया कि चुनाव में इतने पैसे खर्च किये जा रहे हैं. ये पैसे कहां आ रहे हैं? गहलोत ने कहा कि अमित शाह ने कल कहा कि विधायक होटल में नहीं होते तो उनकी सरकार बनती. सवाल यह है कि आप कैसे सरकार बनाते? इसका मतलब ये लोग खरीद-फरोख्त करते.टिप्पणियां गहलोत ने आरोप लगाया, ' पीयूष गोयल ने अपने 10 रुपये के शेयर 10 हजार रुपये बेचे औए वसुंधरा राजे के बेटे ने 10 रुपये के शेयर ललित मोदी को करीब एक लाख रुपये बेच दिए. इन मामलों की जांच क्यों नहीं हुई. आप सोच लीजिए कि ये किस तरह के लोग हैं.' उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी) गहलोत ने कहा, ' ये लोग चाल, चरित्र और चेहरा अलग होने का दावा करते थे लेकिन इन्होंने अपने ही सिद्धांतों की धज्जियां उड़ा दीं.'  कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, 'देश में अविश्वास, भय और हिंसा का माहौल है. हर वर्ग परेशान है. किसान परेशान है. युवा परेशान है. व्यापारी वर्ग परेशान है. सबके साथ विश्वासघात हुआ है." उन्होंने कहा, ' ये लोग विपक्ष में रहते हुए मंहगाई को लेकर तमाशा करते थे. आज देखिए कि पेट्रोल और डीजल की कीमत कहां पहुंच गई. आम लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है.' गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की, लेकिन यह सरकार तैयार नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया, 'ये पाखंडी, फासीवादी लोग हैं. इनका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं. महिलाओं और बच्चियों पर यौन हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं.' उन्होंने सवाल किया कि चुनाव में इतने पैसे खर्च किये जा रहे हैं. ये पैसे कहां आ रहे हैं? गहलोत ने कहा कि अमित शाह ने कल कहा कि विधायक होटल में नहीं होते तो उनकी सरकार बनती. सवाल यह है कि आप कैसे सरकार बनाते? इसका मतलब ये लोग खरीद-फरोख्त करते.टिप्पणियां गहलोत ने आरोप लगाया, ' पीयूष गोयल ने अपने 10 रुपये के शेयर 10 हजार रुपये बेचे औए वसुंधरा राजे के बेटे ने 10 रुपये के शेयर ललित मोदी को करीब एक लाख रुपये बेच दिए. इन मामलों की जांच क्यों नहीं हुई. आप सोच लीजिए कि ये किस तरह के लोग हैं.' उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी) गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की, लेकिन यह सरकार तैयार नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया, 'ये पाखंडी, फासीवादी लोग हैं. इनका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं. महिलाओं और बच्चियों पर यौन हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं.' उन्होंने सवाल किया कि चुनाव में इतने पैसे खर्च किये जा रहे हैं. ये पैसे कहां आ रहे हैं? गहलोत ने कहा कि अमित शाह ने कल कहा कि विधायक होटल में नहीं होते तो उनकी सरकार बनती. सवाल यह है कि आप कैसे सरकार बनाते? इसका मतलब ये लोग खरीद-फरोख्त करते.टिप्पणियां गहलोत ने आरोप लगाया, ' पीयूष गोयल ने अपने 10 रुपये के शेयर 10 हजार रुपये बेचे औए वसुंधरा राजे के बेटे ने 10 रुपये के शेयर ललित मोदी को करीब एक लाख रुपये बेच दिए. इन मामलों की जांच क्यों नहीं हुई. आप सोच लीजिए कि ये किस तरह के लोग हैं.' उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी) गहलोत ने कहा कि अमित शाह ने कल कहा कि विधायक होटल में नहीं होते तो उनकी सरकार बनती. सवाल यह है कि आप कैसे सरकार बनाते? इसका मतलब ये लोग खरीद-फरोख्त करते.टिप्पणियां गहलोत ने आरोप लगाया, ' पीयूष गोयल ने अपने 10 रुपये के शेयर 10 हजार रुपये बेचे औए वसुंधरा राजे के बेटे ने 10 रुपये के शेयर ललित मोदी को करीब एक लाख रुपये बेच दिए. इन मामलों की जांच क्यों नहीं हुई. आप सोच लीजिए कि ये किस तरह के लोग हैं.' उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी) गहलोत ने आरोप लगाया, ' पीयूष गोयल ने अपने 10 रुपये के शेयर 10 हजार रुपये बेचे औए वसुंधरा राजे के बेटे ने 10 रुपये के शेयर ललित मोदी को करीब एक लाख रुपये बेच दिए. इन मामलों की जांच क्यों नहीं हुई. आप सोच लीजिए कि ये किस तरह के लोग हैं.' उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी) उन्होंने कहा कि अगला चुनाव कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी और देश का भट्टा बैठा देने वाली इस फासीवादी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद मीडिया काफी हद तक अपनी भूमिका निभा रहा है. (इनपुट भाषा से भी)
सारांश: मोदी सरकार के 4 साल पूरे होने पर 26 मई को कांग्रेस मनाएगी विश्वासघात दिवस मोदी सरकार के विश्वासघात का जनता के समक्ष पर्दाफाश किया जाएगा अशोक गहलोत ने 'विश्वासघात' शीर्षक वाला एक पोस्टर जारी किया
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री का आवास अब 7 रेस कोर्स रोड की बजाय '7 एकात्म मार्ग' होने जा रहा है. इस नाम को बदलवाने में मुख्य भूमिका बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी निभा रही हैं. नई दिल्ली से बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने एनडीएमसी को प्रस्ताव भेजा है कि जिस रेस कोर्स रोड पर पीएम आवास स्थित है, उसका नाम बदलकर 'एकात्म मार्ग' किया जाए. नई दिल्ली का यह इलाका एनडीएमसी के तहत आता है और सांसद मीनाक्षी लेखी भी इसकी सदस्य हैं. लेखी ने प्रस्ताव रखा है कि 'पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्मशती और एकात्म के विचार को आम जनता तक पहुंचाने के मद्देनजर इस सड़क का नाम 'एकात्म मार्ग' होना चाहिए. इस सड़क का मौजूदा नाम भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाता. यह नाम हर प्रधानमंत्री को समाज के अंतिम व्यक्ति की याद दिलाएगा.टिप्पणियां खास बात यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री एनडीएमसी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल गले के ऑपरेशन चलते बुधवार को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे, जिसके चलते अध्यक्षता खुद मीनाक्षी लेखी करेंगी, ऐसे में पीएम आवास का पता बदलना तय माना जा रहा है.   नई दिल्ली से बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने एनडीएमसी को प्रस्ताव भेजा है कि जिस रेस कोर्स रोड पर पीएम आवास स्थित है, उसका नाम बदलकर 'एकात्म मार्ग' किया जाए. नई दिल्ली का यह इलाका एनडीएमसी के तहत आता है और सांसद मीनाक्षी लेखी भी इसकी सदस्य हैं. लेखी ने प्रस्ताव रखा है कि 'पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्मशती और एकात्म के विचार को आम जनता तक पहुंचाने के मद्देनजर इस सड़क का नाम 'एकात्म मार्ग' होना चाहिए. इस सड़क का मौजूदा नाम भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाता. यह नाम हर प्रधानमंत्री को समाज के अंतिम व्यक्ति की याद दिलाएगा.टिप्पणियां खास बात यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री एनडीएमसी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल गले के ऑपरेशन चलते बुधवार को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे, जिसके चलते अध्यक्षता खुद मीनाक्षी लेखी करेंगी, ऐसे में पीएम आवास का पता बदलना तय माना जा रहा है.   नई दिल्ली का यह इलाका एनडीएमसी के तहत आता है और सांसद मीनाक्षी लेखी भी इसकी सदस्य हैं. लेखी ने प्रस्ताव रखा है कि 'पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्मशती और एकात्म के विचार को आम जनता तक पहुंचाने के मद्देनजर इस सड़क का नाम 'एकात्म मार्ग' होना चाहिए. इस सड़क का मौजूदा नाम भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाता. यह नाम हर प्रधानमंत्री को समाज के अंतिम व्यक्ति की याद दिलाएगा.टिप्पणियां खास बात यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री एनडीएमसी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल गले के ऑपरेशन चलते बुधवार को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे, जिसके चलते अध्यक्षता खुद मीनाक्षी लेखी करेंगी, ऐसे में पीएम आवास का पता बदलना तय माना जा रहा है.   खास बात यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री एनडीएमसी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल गले के ऑपरेशन चलते बुधवार को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे, जिसके चलते अध्यक्षता खुद मीनाक्षी लेखी करेंगी, ऐसे में पीएम आवास का पता बदलना तय माना जा रहा है.
नाम को बदलवाने में मुख्य भूमिका मीनाक्षी लेखी की इस सड़क का मौजूदा नाम भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाता यह नाम हर पीएम को समाज के अंतिम व्यक्ति की याद दिलाएगा
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'मर्डर' शृंखला की तीसरी फिल्म 'मर्डर-3' को 'यू-ए' प्रमाण पत्र मिल गया है। फिल्म के निर्देशक विशेष भट्ट ने इस फिल्म में बोल्ड सीन से ज्यादा कहानी पर जोर दिया है।टिप्पणियां 2004 में आई 'मर्डर' में इमरान हाशमी और मल्लिका शेरावत ने भूमिका निभाई थी। इसके बाद 'मर्डर-2' में इमरान का साथ दिया था जैकलीन फर्नांडीज ने। 'मर्डर' और 'मर्डर-2' को कामुक दृश्यों की वजह से सेंसर बोर्ड द्वारा 'ए' सेर्टिफिकेट जारी किया गया था। विशेष भट्ट ने बताया, मुझे लगता है कि बोल्ड विषय का मतलब सिर्फ कामुक दृश्य ही नहीं है। बोल्ड विषय का मतलब उसकी नाटकीयता और उसकी विषय वस्तु को लेकर है। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष फिल्म में हम जो बना रहे हैं, उस पर हम शर्मिंदा नहीं हैं। 2004 में आई 'मर्डर' में इमरान हाशमी और मल्लिका शेरावत ने भूमिका निभाई थी। इसके बाद 'मर्डर-2' में इमरान का साथ दिया था जैकलीन फर्नांडीज ने। 'मर्डर' और 'मर्डर-2' को कामुक दृश्यों की वजह से सेंसर बोर्ड द्वारा 'ए' सेर्टिफिकेट जारी किया गया था। विशेष भट्ट ने बताया, मुझे लगता है कि बोल्ड विषय का मतलब सिर्फ कामुक दृश्य ही नहीं है। बोल्ड विषय का मतलब उसकी नाटकीयता और उसकी विषय वस्तु को लेकर है। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष फिल्म में हम जो बना रहे हैं, उस पर हम शर्मिंदा नहीं हैं। विशेष भट्ट ने बताया, मुझे लगता है कि बोल्ड विषय का मतलब सिर्फ कामुक दृश्य ही नहीं है। बोल्ड विषय का मतलब उसकी नाटकीयता और उसकी विषय वस्तु को लेकर है। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष फिल्म में हम जो बना रहे हैं, उस पर हम शर्मिंदा नहीं हैं।
संक्षिप्त पाठ: 'मर्डर' शृंखला की तीसरी फिल्म 'मर्डर-3' को 'यू-ए' प्रमाण पत्र मिल गया है। फिल्म के निर्देशक विशेष भट्ट ने इस फिल्म में बोल्ड सीन से ज्यादा कहानी पर जोर दिया है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सचिन तेंदुलकर ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से दुनिया भर के तेज गेंदबाजों को भले ही छठी का दूध याद दिलाया हो, लेकिन इस स्टार भारतीय बल्लेबाज का मानना है कि जब बीवी गुस्से में हो, तो उसका सामना करना सबसे मुश्किल होता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो दशक से अधिक समय बिताने वाले तेंदुलकर ने मराठी पुस्तक 'संवाद लीजेंड शी' (महान खिलाड़ियों से बातचीत) ने क्रिकेट से इतर की बातें की हैं। तेंदुलकर से लंदन में साक्षात्कार के दौरान जब हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा गया कि कौन ज्यादा डरावना होता है, गुस्साया तेज गेंदबाज या गुस्साई बीवी? तेंदुलकर ने भी इसी अंदाज में जवाब दिया, आपने तो यहां मुझे मुश्किल में डाल दिया। अभी मैं घर से बाहर हूं, इसलिए कह सकता हूं कि गुस्साई बीवी। इस स्टार बल्लेबाज ने उन लोगों का जिक्र भी किया, जिन्होंने उनके करियर में अहम योगदान दिया। अपने पिता और बड़े भाई के अलावा तेंदुलकर ने अपनी पत्नी सहित तीन महिलाओं का जिक्र किया, जिन्होंने उनके जीवन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी मां से शुरुआत करूंगा। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। वह यह सुनिश्चित करती थीं कि मैं पर्याप्त भोजन करूं, ताकि मैं प्रत्येक दिन घंटों तक अभ्यास कर पाऊं। मेरी मां कामकाजी महिला थी। वह कार्यालय जाकर वहां घंटों काम करती थी और इसके बाद परिवार का भी ध्यान रखती थी। उन्होंने कहा, क्योंकि जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो मुझे अपना स्कूल बदलना पड़ा। मुझे अपने घर से स्कूल जाने के लिए दो बसें बदलनी पड़ती थीं। इसके बाद मुझे फिर अभ्यास के लिए जाना पड़ता था। इसलिए मेरे परिवार ने मुझे अंकल और आंटी के पास छोड़ने का फैसला किया। मैं जहां अभ्यास करता था, वहां से उनका घर कुछ ही दूर था। मेरा स्कूल भी वहां से 10 मिनट की दूरी पर था। तेंदुलकर ने इसमें अपनी पत्नी अंजलि को भी शामिल किया और कहा कि उन्होंने उन्हें जिंदगी के नए मायने सिखाए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, आखिरी, लेकिन महत्वपूर्ण मेरी पत्नी है। मैं 1990 में अपनी पत्नी से मिला और वह मुझे अब 21 साल से जानती है। यह काफी लंबा समय है। वह मेरे करियर के सभी उतार-चढ़ावों, उन बुरे दौरों, जबकि मैं चोटिल था, मेरे साथ रहीं। तेंदुलकर ने कहा, मेरे लिए जो मुश्किल दौर था, उसमें उन्होंने मुझे जिंदगी के दूसरे पहलू से अवगत कराया। जब मैं चोटिल या हताश होता था, तो उन्होंने मुझे अलग तरह से सोचना सिखाया। ईश्वर ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके बदल शुक्रिया अदा करना और जो कुछ नहीं दिया, उसके बदले शिकायत नहीं करना उन्होंने ही सिखाया। इस तरह से जिंदगी को अलग तरह से देखने से मेरे करियर में काफी अंतर पैदा हुआ। इसलिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करता हूं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो दशक से अधिक समय बिताने वाले तेंदुलकर ने मराठी पुस्तक 'संवाद लीजेंड शी' (महान खिलाड़ियों से बातचीत) ने क्रिकेट से इतर की बातें की हैं। तेंदुलकर से लंदन में साक्षात्कार के दौरान जब हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा गया कि कौन ज्यादा डरावना होता है, गुस्साया तेज गेंदबाज या गुस्साई बीवी? तेंदुलकर ने भी इसी अंदाज में जवाब दिया, आपने तो यहां मुझे मुश्किल में डाल दिया। अभी मैं घर से बाहर हूं, इसलिए कह सकता हूं कि गुस्साई बीवी। इस स्टार बल्लेबाज ने उन लोगों का जिक्र भी किया, जिन्होंने उनके करियर में अहम योगदान दिया। अपने पिता और बड़े भाई के अलावा तेंदुलकर ने अपनी पत्नी सहित तीन महिलाओं का जिक्र किया, जिन्होंने उनके जीवन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी मां से शुरुआत करूंगा। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। वह यह सुनिश्चित करती थीं कि मैं पर्याप्त भोजन करूं, ताकि मैं प्रत्येक दिन घंटों तक अभ्यास कर पाऊं। मेरी मां कामकाजी महिला थी। वह कार्यालय जाकर वहां घंटों काम करती थी और इसके बाद परिवार का भी ध्यान रखती थी। उन्होंने कहा, क्योंकि जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो मुझे अपना स्कूल बदलना पड़ा। मुझे अपने घर से स्कूल जाने के लिए दो बसें बदलनी पड़ती थीं। इसके बाद मुझे फिर अभ्यास के लिए जाना पड़ता था। इसलिए मेरे परिवार ने मुझे अंकल और आंटी के पास छोड़ने का फैसला किया। मैं जहां अभ्यास करता था, वहां से उनका घर कुछ ही दूर था। मेरा स्कूल भी वहां से 10 मिनट की दूरी पर था। तेंदुलकर ने इसमें अपनी पत्नी अंजलि को भी शामिल किया और कहा कि उन्होंने उन्हें जिंदगी के नए मायने सिखाए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, आखिरी, लेकिन महत्वपूर्ण मेरी पत्नी है। मैं 1990 में अपनी पत्नी से मिला और वह मुझे अब 21 साल से जानती है। यह काफी लंबा समय है। वह मेरे करियर के सभी उतार-चढ़ावों, उन बुरे दौरों, जबकि मैं चोटिल था, मेरे साथ रहीं। तेंदुलकर ने कहा, मेरे लिए जो मुश्किल दौर था, उसमें उन्होंने मुझे जिंदगी के दूसरे पहलू से अवगत कराया। जब मैं चोटिल या हताश होता था, तो उन्होंने मुझे अलग तरह से सोचना सिखाया। ईश्वर ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके बदल शुक्रिया अदा करना और जो कुछ नहीं दिया, उसके बदले शिकायत नहीं करना उन्होंने ही सिखाया। इस तरह से जिंदगी को अलग तरह से देखने से मेरे करियर में काफी अंतर पैदा हुआ। इसलिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करता हूं। तेंदुलकर ने भी इसी अंदाज में जवाब दिया, आपने तो यहां मुझे मुश्किल में डाल दिया। अभी मैं घर से बाहर हूं, इसलिए कह सकता हूं कि गुस्साई बीवी। इस स्टार बल्लेबाज ने उन लोगों का जिक्र भी किया, जिन्होंने उनके करियर में अहम योगदान दिया। अपने पिता और बड़े भाई के अलावा तेंदुलकर ने अपनी पत्नी सहित तीन महिलाओं का जिक्र किया, जिन्होंने उनके जीवन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी मां से शुरुआत करूंगा। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। वह यह सुनिश्चित करती थीं कि मैं पर्याप्त भोजन करूं, ताकि मैं प्रत्येक दिन घंटों तक अभ्यास कर पाऊं। मेरी मां कामकाजी महिला थी। वह कार्यालय जाकर वहां घंटों काम करती थी और इसके बाद परिवार का भी ध्यान रखती थी। उन्होंने कहा, क्योंकि जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो मुझे अपना स्कूल बदलना पड़ा। मुझे अपने घर से स्कूल जाने के लिए दो बसें बदलनी पड़ती थीं। इसके बाद मुझे फिर अभ्यास के लिए जाना पड़ता था। इसलिए मेरे परिवार ने मुझे अंकल और आंटी के पास छोड़ने का फैसला किया। मैं जहां अभ्यास करता था, वहां से उनका घर कुछ ही दूर था। मेरा स्कूल भी वहां से 10 मिनट की दूरी पर था। तेंदुलकर ने इसमें अपनी पत्नी अंजलि को भी शामिल किया और कहा कि उन्होंने उन्हें जिंदगी के नए मायने सिखाए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, आखिरी, लेकिन महत्वपूर्ण मेरी पत्नी है। मैं 1990 में अपनी पत्नी से मिला और वह मुझे अब 21 साल से जानती है। यह काफी लंबा समय है। वह मेरे करियर के सभी उतार-चढ़ावों, उन बुरे दौरों, जबकि मैं चोटिल था, मेरे साथ रहीं। तेंदुलकर ने कहा, मेरे लिए जो मुश्किल दौर था, उसमें उन्होंने मुझे जिंदगी के दूसरे पहलू से अवगत कराया। जब मैं चोटिल या हताश होता था, तो उन्होंने मुझे अलग तरह से सोचना सिखाया। ईश्वर ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके बदल शुक्रिया अदा करना और जो कुछ नहीं दिया, उसके बदले शिकायत नहीं करना उन्होंने ही सिखाया। इस तरह से जिंदगी को अलग तरह से देखने से मेरे करियर में काफी अंतर पैदा हुआ। इसलिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी मां से शुरुआत करूंगा। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। वह यह सुनिश्चित करती थीं कि मैं पर्याप्त भोजन करूं, ताकि मैं प्रत्येक दिन घंटों तक अभ्यास कर पाऊं। मेरी मां कामकाजी महिला थी। वह कार्यालय जाकर वहां घंटों काम करती थी और इसके बाद परिवार का भी ध्यान रखती थी। उन्होंने कहा, क्योंकि जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो मुझे अपना स्कूल बदलना पड़ा। मुझे अपने घर से स्कूल जाने के लिए दो बसें बदलनी पड़ती थीं। इसके बाद मुझे फिर अभ्यास के लिए जाना पड़ता था। इसलिए मेरे परिवार ने मुझे अंकल और आंटी के पास छोड़ने का फैसला किया। मैं जहां अभ्यास करता था, वहां से उनका घर कुछ ही दूर था। मेरा स्कूल भी वहां से 10 मिनट की दूरी पर था। तेंदुलकर ने इसमें अपनी पत्नी अंजलि को भी शामिल किया और कहा कि उन्होंने उन्हें जिंदगी के नए मायने सिखाए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, आखिरी, लेकिन महत्वपूर्ण मेरी पत्नी है। मैं 1990 में अपनी पत्नी से मिला और वह मुझे अब 21 साल से जानती है। यह काफी लंबा समय है। वह मेरे करियर के सभी उतार-चढ़ावों, उन बुरे दौरों, जबकि मैं चोटिल था, मेरे साथ रहीं। तेंदुलकर ने कहा, मेरे लिए जो मुश्किल दौर था, उसमें उन्होंने मुझे जिंदगी के दूसरे पहलू से अवगत कराया। जब मैं चोटिल या हताश होता था, तो उन्होंने मुझे अलग तरह से सोचना सिखाया। ईश्वर ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके बदल शुक्रिया अदा करना और जो कुछ नहीं दिया, उसके बदले शिकायत नहीं करना उन्होंने ही सिखाया। इस तरह से जिंदगी को अलग तरह से देखने से मेरे करियर में काफी अंतर पैदा हुआ। इसलिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने कहा, क्योंकि जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो मुझे अपना स्कूल बदलना पड़ा। मुझे अपने घर से स्कूल जाने के लिए दो बसें बदलनी पड़ती थीं। इसके बाद मुझे फिर अभ्यास के लिए जाना पड़ता था। इसलिए मेरे परिवार ने मुझे अंकल और आंटी के पास छोड़ने का फैसला किया। मैं जहां अभ्यास करता था, वहां से उनका घर कुछ ही दूर था। मेरा स्कूल भी वहां से 10 मिनट की दूरी पर था। तेंदुलकर ने इसमें अपनी पत्नी अंजलि को भी शामिल किया और कहा कि उन्होंने उन्हें जिंदगी के नए मायने सिखाए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, आखिरी, लेकिन महत्वपूर्ण मेरी पत्नी है। मैं 1990 में अपनी पत्नी से मिला और वह मुझे अब 21 साल से जानती है। यह काफी लंबा समय है। वह मेरे करियर के सभी उतार-चढ़ावों, उन बुरे दौरों, जबकि मैं चोटिल था, मेरे साथ रहीं। तेंदुलकर ने कहा, मेरे लिए जो मुश्किल दौर था, उसमें उन्होंने मुझे जिंदगी के दूसरे पहलू से अवगत कराया। जब मैं चोटिल या हताश होता था, तो उन्होंने मुझे अलग तरह से सोचना सिखाया। ईश्वर ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके बदल शुक्रिया अदा करना और जो कुछ नहीं दिया, उसके बदले शिकायत नहीं करना उन्होंने ही सिखाया। इस तरह से जिंदगी को अलग तरह से देखने से मेरे करियर में काफी अंतर पैदा हुआ। इसलिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने कहा, आखिरी, लेकिन महत्वपूर्ण मेरी पत्नी है। मैं 1990 में अपनी पत्नी से मिला और वह मुझे अब 21 साल से जानती है। यह काफी लंबा समय है। वह मेरे करियर के सभी उतार-चढ़ावों, उन बुरे दौरों, जबकि मैं चोटिल था, मेरे साथ रहीं। तेंदुलकर ने कहा, मेरे लिए जो मुश्किल दौर था, उसमें उन्होंने मुझे जिंदगी के दूसरे पहलू से अवगत कराया। जब मैं चोटिल या हताश होता था, तो उन्होंने मुझे अलग तरह से सोचना सिखाया। ईश्वर ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके बदल शुक्रिया अदा करना और जो कुछ नहीं दिया, उसके बदले शिकायत नहीं करना उन्होंने ही सिखाया। इस तरह से जिंदगी को अलग तरह से देखने से मेरे करियर में काफी अंतर पैदा हुआ। इसलिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करता हूं। तेंदुलकर ने कहा, मेरे लिए जो मुश्किल दौर था, उसमें उन्होंने मुझे जिंदगी के दूसरे पहलू से अवगत कराया। जब मैं चोटिल या हताश होता था, तो उन्होंने मुझे अलग तरह से सोचना सिखाया। ईश्वर ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके बदल शुक्रिया अदा करना और जो कुछ नहीं दिया, उसके बदले शिकायत नहीं करना उन्होंने ही सिखाया। इस तरह से जिंदगी को अलग तरह से देखने से मेरे करियर में काफी अंतर पैदा हुआ। इसलिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करता हूं।
संक्षिप्त पाठ: सचिन तेंदुलकर ने दुनिया भर के तेज गेंदबाजों को भले ही छठी का दूध याद दिलाया हो, लेकिन इस स्टार बल्लेबाज का मानना है कि जब बीवी गुस्से में हो, तो उसका सामना करना सबसे मुश्किल होता है।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समुद्र के बीच भूखे-प्यासे पांच दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ते रहे एक भारतीय मछुआरे रबींद्रनाथ दास को बांग्लादेशी जहाज ने बचा लिया है. बंगाल की खाड़ी में अपने 14 साथियों के साथ मछली पकड़ने गए रबींद्र की नाव पलट गई थी. इसके बाद तैरते हुए बांस के लकड़े के सहारे वे पांच दिनों तक बचे रहे और बांग्लादेशी सीमा में पहुंच गए. यहां उन्हें चिटगोंग के तट के पास एक जहाज पर मौजूद क्रू ने बचा लिया.  फिलहाल रबींद्र का इलाज कोलकाता के अस्पताल में इलाज चल रहा है.  पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के नारायणपुर से ताल्लुक रखने वाले रबींद्र नाथ 4 जुलाई को अपने 13 अन्य साथियों के साथ समुद्र में मछली पकड़ने निकले थे. 6 जुलाई को तेज तूफान की वजह से नाव अचानक पटल गई और डूब गई. इस दौरान 11 साथी समेत वे पानी में कूद गए लेकिन तीन लोग नाव के नीचे दब गए.  कोलकाता पहुंचने के बाद रविवार को रबींद्रनाथ ने बताया कि देखते-देखते उनके सामने 11 साथी एक-एक कर पानी में डूब गए.  दास ने बताया कि इन पांच दिनों तक उन्होंने कुछ नहीं खाया बस जब बारिश होती थी तो वे इस पानी को पी लिया करते थे.  रबींद्र ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा इस बात का दुख है कि उन्हें बचाए जाने से कुछ घंटे पहले ही उनका भतीजा भी डूब गया. उन्होंने कहा, '' हम साथ में तैर रहे थे. वह काफी डरा हुआ था. उसे कुछ दिनों तक मैंने अपने कंधे पर उठाए रखा लेकिन मुझे बचाए जाने से कुछ देर पहले ही वह डूब गया. ''
सारांश: 4 जुलाई को 13 साथियों के साथ मछली पकड़ने निकला था 6 जुलाई को पलटी नाव तैरते हुए बांग्लादेशी सीमा में पहुंच गया मछुआरा
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: लगभग एक हफ्ते तक सुराग की तलाश करने के बावजूद सफलता हाथ ना लगता देख मुंबई जीआरपी ने मीडिया से मदद की गुजारिश की है। 26 सितम्बर को सीएसटी स्टेशन के 8 नंबर प्लेटफोर्म पर बैग में मिली महिला की लाश की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। थक हार कर जीआरपी पुलिस ने मृतक महिला की तस्वीर और संदिग्ध आरोपियों की सीसीटीवी फुटेज जारी किया है। पुलिस ने यह सीसीटीवी फुटेज और महिला की फोटो को मीडिया को देकर उनसे मदद मांगी है। जीआरपी के वरिष्ट इंस्पेक्टर सुरेन्द्र देशमुख ने कहा, "इसके पहले भी सीएसटी पुलिस ने मीडिया की मदद से दो केस सुलझाए थे जिसमें एक केस था जंहा पुलिस को महिला की लाश बैग में मिली थी।" देशमुख ने कहा, "हमे उम्मीद है कि मीडिया के जरिये लोग महिला की लाश या सीसीटीवी में दिखने वाले संदिग्ध को पहचान लेंगे और पुलिस को बताएंगे।" जीआरपी पुलिस ने मामले में एक हेल्पलाइन नंबर 022-22620173 पर लोगों को कॉल कर मामले की जानकारी देने की अपील की है। दरअसल, पुलिस ने महिला की तस्वीर मुंबई और उसके आस-पास के जिले और शहर की पुलिस को दे दी है लेकिन अब तक उनसे कोई भी मदद नहीं मिल पाई है। पुलिस का दावा है की सिंहगड़ एक्सप्रेस से मुंबई बैग में लाई गई यह लाश पुणे या उसके आस-पास के इलाके से लाई गई है।टिप्पणियां पुलिस ने सिंहगड़ एक्सप्रेस के सभी स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज खंगाल ली है लेकिन उन्हें कहीं से भी दो लोगों के ट्रेन में सवार होने के सबूत नहीं मिल पाए हैं। सिंहगड़ एक्सप्रेस में सफर करने वाले मुसाफिरों से पुलिस को पता चला है कि यह बैग ट्रेन में खंडाला या लोनावाला स्टेशन से ही देखा गया। लेकिन, किसी भी पुख्ता सबूत के आधार पर पुलिस अब तक कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाई है।   सीसीटीवी में भी दो युवकों को बैग स्टेशन के पास की ही एक दीवार के किनारे रख कर बड़े आसानी से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी उनकी सीसीटीवी खुद है जहां दोनों संदिग्ध को देखा तो जा सकता है लेकिन किसी का भी चेहरा पहचाना नहीं जा सकता। पुलिस की जांच की दिशा में मीडिया भी अहम रोल अदा करने वाला है। फिलहाल पुलिस को इंतजार करना होगा किसी दर्शक का जो न्यूज़ चैनलों पर चलने वाली तस्वीरों को देख कर पहचान लेगा और पुलिस को जानकारी देगा। पुलिस ने यह सीसीटीवी फुटेज और महिला की फोटो को मीडिया को देकर उनसे मदद मांगी है। जीआरपी के वरिष्ट इंस्पेक्टर सुरेन्द्र देशमुख ने कहा, "इसके पहले भी सीएसटी पुलिस ने मीडिया की मदद से दो केस सुलझाए थे जिसमें एक केस था जंहा पुलिस को महिला की लाश बैग में मिली थी।" देशमुख ने कहा, "हमे उम्मीद है कि मीडिया के जरिये लोग महिला की लाश या सीसीटीवी में दिखने वाले संदिग्ध को पहचान लेंगे और पुलिस को बताएंगे।" जीआरपी पुलिस ने मामले में एक हेल्पलाइन नंबर 022-22620173 पर लोगों को कॉल कर मामले की जानकारी देने की अपील की है। दरअसल, पुलिस ने महिला की तस्वीर मुंबई और उसके आस-पास के जिले और शहर की पुलिस को दे दी है लेकिन अब तक उनसे कोई भी मदद नहीं मिल पाई है। पुलिस का दावा है की सिंहगड़ एक्सप्रेस से मुंबई बैग में लाई गई यह लाश पुणे या उसके आस-पास के इलाके से लाई गई है।टिप्पणियां पुलिस ने सिंहगड़ एक्सप्रेस के सभी स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज खंगाल ली है लेकिन उन्हें कहीं से भी दो लोगों के ट्रेन में सवार होने के सबूत नहीं मिल पाए हैं। सिंहगड़ एक्सप्रेस में सफर करने वाले मुसाफिरों से पुलिस को पता चला है कि यह बैग ट्रेन में खंडाला या लोनावाला स्टेशन से ही देखा गया। लेकिन, किसी भी पुख्ता सबूत के आधार पर पुलिस अब तक कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाई है।   सीसीटीवी में भी दो युवकों को बैग स्टेशन के पास की ही एक दीवार के किनारे रख कर बड़े आसानी से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी उनकी सीसीटीवी खुद है जहां दोनों संदिग्ध को देखा तो जा सकता है लेकिन किसी का भी चेहरा पहचाना नहीं जा सकता। पुलिस की जांच की दिशा में मीडिया भी अहम रोल अदा करने वाला है। फिलहाल पुलिस को इंतजार करना होगा किसी दर्शक का जो न्यूज़ चैनलों पर चलने वाली तस्वीरों को देख कर पहचान लेगा और पुलिस को जानकारी देगा। देशमुख ने कहा, "हमे उम्मीद है कि मीडिया के जरिये लोग महिला की लाश या सीसीटीवी में दिखने वाले संदिग्ध को पहचान लेंगे और पुलिस को बताएंगे।" जीआरपी पुलिस ने मामले में एक हेल्पलाइन नंबर 022-22620173 पर लोगों को कॉल कर मामले की जानकारी देने की अपील की है। दरअसल, पुलिस ने महिला की तस्वीर मुंबई और उसके आस-पास के जिले और शहर की पुलिस को दे दी है लेकिन अब तक उनसे कोई भी मदद नहीं मिल पाई है। पुलिस का दावा है की सिंहगड़ एक्सप्रेस से मुंबई बैग में लाई गई यह लाश पुणे या उसके आस-पास के इलाके से लाई गई है।टिप्पणियां पुलिस ने सिंहगड़ एक्सप्रेस के सभी स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज खंगाल ली है लेकिन उन्हें कहीं से भी दो लोगों के ट्रेन में सवार होने के सबूत नहीं मिल पाए हैं। सिंहगड़ एक्सप्रेस में सफर करने वाले मुसाफिरों से पुलिस को पता चला है कि यह बैग ट्रेन में खंडाला या लोनावाला स्टेशन से ही देखा गया। लेकिन, किसी भी पुख्ता सबूत के आधार पर पुलिस अब तक कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाई है।   सीसीटीवी में भी दो युवकों को बैग स्टेशन के पास की ही एक दीवार के किनारे रख कर बड़े आसानी से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी उनकी सीसीटीवी खुद है जहां दोनों संदिग्ध को देखा तो जा सकता है लेकिन किसी का भी चेहरा पहचाना नहीं जा सकता। पुलिस की जांच की दिशा में मीडिया भी अहम रोल अदा करने वाला है। फिलहाल पुलिस को इंतजार करना होगा किसी दर्शक का जो न्यूज़ चैनलों पर चलने वाली तस्वीरों को देख कर पहचान लेगा और पुलिस को जानकारी देगा। दरअसल, पुलिस ने महिला की तस्वीर मुंबई और उसके आस-पास के जिले और शहर की पुलिस को दे दी है लेकिन अब तक उनसे कोई भी मदद नहीं मिल पाई है। पुलिस का दावा है की सिंहगड़ एक्सप्रेस से मुंबई बैग में लाई गई यह लाश पुणे या उसके आस-पास के इलाके से लाई गई है।टिप्पणियां पुलिस ने सिंहगड़ एक्सप्रेस के सभी स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज खंगाल ली है लेकिन उन्हें कहीं से भी दो लोगों के ट्रेन में सवार होने के सबूत नहीं मिल पाए हैं। सिंहगड़ एक्सप्रेस में सफर करने वाले मुसाफिरों से पुलिस को पता चला है कि यह बैग ट्रेन में खंडाला या लोनावाला स्टेशन से ही देखा गया। लेकिन, किसी भी पुख्ता सबूत के आधार पर पुलिस अब तक कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाई है।   सीसीटीवी में भी दो युवकों को बैग स्टेशन के पास की ही एक दीवार के किनारे रख कर बड़े आसानी से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी उनकी सीसीटीवी खुद है जहां दोनों संदिग्ध को देखा तो जा सकता है लेकिन किसी का भी चेहरा पहचाना नहीं जा सकता। पुलिस की जांच की दिशा में मीडिया भी अहम रोल अदा करने वाला है। फिलहाल पुलिस को इंतजार करना होगा किसी दर्शक का जो न्यूज़ चैनलों पर चलने वाली तस्वीरों को देख कर पहचान लेगा और पुलिस को जानकारी देगा। पुलिस ने सिंहगड़ एक्सप्रेस के सभी स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज खंगाल ली है लेकिन उन्हें कहीं से भी दो लोगों के ट्रेन में सवार होने के सबूत नहीं मिल पाए हैं। सिंहगड़ एक्सप्रेस में सफर करने वाले मुसाफिरों से पुलिस को पता चला है कि यह बैग ट्रेन में खंडाला या लोनावाला स्टेशन से ही देखा गया। लेकिन, किसी भी पुख्ता सबूत के आधार पर पुलिस अब तक कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाई है।   सीसीटीवी में भी दो युवकों को बैग स्टेशन के पास की ही एक दीवार के किनारे रख कर बड़े आसानी से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी उनकी सीसीटीवी खुद है जहां दोनों संदिग्ध को देखा तो जा सकता है लेकिन किसी का भी चेहरा पहचाना नहीं जा सकता। पुलिस की जांच की दिशा में मीडिया भी अहम रोल अदा करने वाला है। फिलहाल पुलिस को इंतजार करना होगा किसी दर्शक का जो न्यूज़ चैनलों पर चलने वाली तस्वीरों को देख कर पहचान लेगा और पुलिस को जानकारी देगा। पुलिस की जांच की दिशा में मीडिया भी अहम रोल अदा करने वाला है। फिलहाल पुलिस को इंतजार करना होगा किसी दर्शक का जो न्यूज़ चैनलों पर चलने वाली तस्वीरों को देख कर पहचान लेगा और पुलिस को जानकारी देगा।
यह एक सारांश है: लगभग एक हफ्ते तक सुराग की तलाश करने के बावजूद सफलता हाथ ना लगता देख मुंबई जीआरपी ने मीडिया से मदद की गुजारिश की है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: त्रिपुरा की सत्ता पर बीते दो दशक से आसीन वाम मोर्च ने लगातार पांचवीं बार बड़ी जीत दर्ज की है। दूसरी ओर, मेघालय में कांग्रेस और नगालैंड में नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) भी अपनी-अपनी सत्ता सुरक्षित रखने में कामयाब हुए हैं। वाम मोर्चा ने त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा में 46 सीटें जीत ली हैं और चार स्थानों पर आगे चल रहा है। इसमें मोर्चे का प्रमुख घटक माकपा ने 45 सीटें जीती हैं। भाकपा को भी एक सीट मिली है। उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित स्टार प्रचारकों के चुनामी समर में उतरने के बावजूद यहां कांग्रेस की हालत बेहद पतली रही। दोपहर साढ़े तीन बजे तक रुझानों-नतीजों के अनुसार कांग्रेस के खाते में आठ सीटें गई हैं और वह दो स्थानों पर आगे है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने धानपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार शाह आलम को 6,017 मतों से पराजित कर दिया है। वाम मोर्चा की ओर से जीत दर्ज करने वाले कुछ प्रमुख उम्मीदवार कारागार मंत्री महेंद्र रियांग, वित्तमंत्री बादल चौधरी, कृषि मंत्री अघोर देवशर्मा और उद्योग मंत्री जीतेंद्र चौधरी हैं। मेघालय में सत्तारूढ़ कांग्रेस-यूडीपी गठबंधन को फिर बहुमत मिल रहा है। यह गठबंधन 60 सीटों में से 17 पर जीत दर्ज कर चुका है और 21 पर आगे है। राज्य में कांग्रेस ने पांच स्थानों पर जीत दर्ज की और 24 सीटों पर आगे चल रही है। उसकी सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने तीन स्थानों पर जीत दर्ज की है और तीन पर बढ़त बनाए हुए है। मुख्यमंत्री मुकुल संगमा, उनकी पत्नी डीडी शिरा और बेटे जेनिथ संगमा ने बड़ी जीत दर्ज की है। मेघालय में निवर्तमान विधानसभा की इकलौती महिला विधायक अमपरीन लिंगदोह पूर्वी शिलांग सीट-16 से फिर जीत गई हैं। उन्होंने यहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएम लिंगदोह को चार हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। कैबिनेट मंत्री एचडीआर लिंगदोह और प्रिस्टोन तिनसोंग क्रमश: सोहिओंग और पिनुरसला सीटों पर फिर वापसी करने में कामयाब रहे हैं। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा की नवगठित नेशनल पीपुल्स पार्टी कुछ खास नहीं कर पाई है। वह महज एक सीट जीत पाई है और एक पर आगे है।  राज्य में 23 फरवरी को मतदान हुआ था। यहां कुल 345 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।टिप्पणियां नगालैंड में भी सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) फिर स्पष्ट बहुमत पाता नजर आ रहा है। उसने 60-सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीत ली हैं और 10 पर आगे चल रहा है। कांग्रेस ने महज चार सीटों पर दर्ज की है और तीन पर आगे चल रही है। इसके अलावा एनसीपी ने चार सीटें जीती हैं। जेडीयू ने भी एक सीट जीत ली है। नगालैंड में बीजेपी ने अपना खाता खोल लिया है। पार्टी के उम्मीदवार पी पाइवांग कोनयाक ने तिजित सीट पर एनपीएफ के आलोह को 3076 मतों से पराजित किया। राज्य के मुख्यमंत्री नेइफियू रियो ने उत्तरी अनगामी सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार केविसे सोगोत्सू को 12,671 मतों के अंतर से पराजित किया। शिक्षा मंत्री नेयिवांग कोनयाक को कांग्रेस उम्मीदवार एशाक कोनयाक ने ओबोई सीट पर 693 मतों के अंतर से हरा दिया है। पुगोबोतो सीट पर एनपीएफ के वाई विखेहो सू ने कांग्रेस उम्मीदवार एवं निवर्तमान विधायक जोशुआ सुमी को 2286 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। फोमचिंग सीट पर एनपीएफ उम्मीदवार और पूर्व मंत्री पोहवांग ने कांग्रेस के पांच बार से विधायक कोनगाम कोनयाक को 2437 मतों से हरा दिया। राज्य में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं, लेकिन तुएनसांग सदर सीट पर चुनाव नहीं हुआ, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार पी छुबा चांग का निधन हो गया था। उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित स्टार प्रचारकों के चुनामी समर में उतरने के बावजूद यहां कांग्रेस की हालत बेहद पतली रही। दोपहर साढ़े तीन बजे तक रुझानों-नतीजों के अनुसार कांग्रेस के खाते में आठ सीटें गई हैं और वह दो स्थानों पर आगे है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने धानपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार शाह आलम को 6,017 मतों से पराजित कर दिया है। वाम मोर्चा की ओर से जीत दर्ज करने वाले कुछ प्रमुख उम्मीदवार कारागार मंत्री महेंद्र रियांग, वित्तमंत्री बादल चौधरी, कृषि मंत्री अघोर देवशर्मा और उद्योग मंत्री जीतेंद्र चौधरी हैं। मेघालय में सत्तारूढ़ कांग्रेस-यूडीपी गठबंधन को फिर बहुमत मिल रहा है। यह गठबंधन 60 सीटों में से 17 पर जीत दर्ज कर चुका है और 21 पर आगे है। राज्य में कांग्रेस ने पांच स्थानों पर जीत दर्ज की और 24 सीटों पर आगे चल रही है। उसकी सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने तीन स्थानों पर जीत दर्ज की है और तीन पर बढ़त बनाए हुए है। मुख्यमंत्री मुकुल संगमा, उनकी पत्नी डीडी शिरा और बेटे जेनिथ संगमा ने बड़ी जीत दर्ज की है। मेघालय में निवर्तमान विधानसभा की इकलौती महिला विधायक अमपरीन लिंगदोह पूर्वी शिलांग सीट-16 से फिर जीत गई हैं। उन्होंने यहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएम लिंगदोह को चार हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। कैबिनेट मंत्री एचडीआर लिंगदोह और प्रिस्टोन तिनसोंग क्रमश: सोहिओंग और पिनुरसला सीटों पर फिर वापसी करने में कामयाब रहे हैं। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा की नवगठित नेशनल पीपुल्स पार्टी कुछ खास नहीं कर पाई है। वह महज एक सीट जीत पाई है और एक पर आगे है।  राज्य में 23 फरवरी को मतदान हुआ था। यहां कुल 345 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।टिप्पणियां नगालैंड में भी सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) फिर स्पष्ट बहुमत पाता नजर आ रहा है। उसने 60-सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीत ली हैं और 10 पर आगे चल रहा है। कांग्रेस ने महज चार सीटों पर दर्ज की है और तीन पर आगे चल रही है। इसके अलावा एनसीपी ने चार सीटें जीती हैं। जेडीयू ने भी एक सीट जीत ली है। नगालैंड में बीजेपी ने अपना खाता खोल लिया है। पार्टी के उम्मीदवार पी पाइवांग कोनयाक ने तिजित सीट पर एनपीएफ के आलोह को 3076 मतों से पराजित किया। राज्य के मुख्यमंत्री नेइफियू रियो ने उत्तरी अनगामी सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार केविसे सोगोत्सू को 12,671 मतों के अंतर से पराजित किया। शिक्षा मंत्री नेयिवांग कोनयाक को कांग्रेस उम्मीदवार एशाक कोनयाक ने ओबोई सीट पर 693 मतों के अंतर से हरा दिया है। पुगोबोतो सीट पर एनपीएफ के वाई विखेहो सू ने कांग्रेस उम्मीदवार एवं निवर्तमान विधायक जोशुआ सुमी को 2286 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। फोमचिंग सीट पर एनपीएफ उम्मीदवार और पूर्व मंत्री पोहवांग ने कांग्रेस के पांच बार से विधायक कोनगाम कोनयाक को 2437 मतों से हरा दिया। राज्य में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं, लेकिन तुएनसांग सदर सीट पर चुनाव नहीं हुआ, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार पी छुबा चांग का निधन हो गया था। वाम मोर्चा की ओर से जीत दर्ज करने वाले कुछ प्रमुख उम्मीदवार कारागार मंत्री महेंद्र रियांग, वित्तमंत्री बादल चौधरी, कृषि मंत्री अघोर देवशर्मा और उद्योग मंत्री जीतेंद्र चौधरी हैं। मेघालय में सत्तारूढ़ कांग्रेस-यूडीपी गठबंधन को फिर बहुमत मिल रहा है। यह गठबंधन 60 सीटों में से 17 पर जीत दर्ज कर चुका है और 21 पर आगे है। राज्य में कांग्रेस ने पांच स्थानों पर जीत दर्ज की और 24 सीटों पर आगे चल रही है। उसकी सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने तीन स्थानों पर जीत दर्ज की है और तीन पर बढ़त बनाए हुए है। मुख्यमंत्री मुकुल संगमा, उनकी पत्नी डीडी शिरा और बेटे जेनिथ संगमा ने बड़ी जीत दर्ज की है। मेघालय में निवर्तमान विधानसभा की इकलौती महिला विधायक अमपरीन लिंगदोह पूर्वी शिलांग सीट-16 से फिर जीत गई हैं। उन्होंने यहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएम लिंगदोह को चार हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। कैबिनेट मंत्री एचडीआर लिंगदोह और प्रिस्टोन तिनसोंग क्रमश: सोहिओंग और पिनुरसला सीटों पर फिर वापसी करने में कामयाब रहे हैं। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा की नवगठित नेशनल पीपुल्स पार्टी कुछ खास नहीं कर पाई है। वह महज एक सीट जीत पाई है और एक पर आगे है।  राज्य में 23 फरवरी को मतदान हुआ था। यहां कुल 345 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।टिप्पणियां नगालैंड में भी सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) फिर स्पष्ट बहुमत पाता नजर आ रहा है। उसने 60-सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीत ली हैं और 10 पर आगे चल रहा है। कांग्रेस ने महज चार सीटों पर दर्ज की है और तीन पर आगे चल रही है। इसके अलावा एनसीपी ने चार सीटें जीती हैं। जेडीयू ने भी एक सीट जीत ली है। नगालैंड में बीजेपी ने अपना खाता खोल लिया है। पार्टी के उम्मीदवार पी पाइवांग कोनयाक ने तिजित सीट पर एनपीएफ के आलोह को 3076 मतों से पराजित किया। राज्य के मुख्यमंत्री नेइफियू रियो ने उत्तरी अनगामी सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार केविसे सोगोत्सू को 12,671 मतों के अंतर से पराजित किया। शिक्षा मंत्री नेयिवांग कोनयाक को कांग्रेस उम्मीदवार एशाक कोनयाक ने ओबोई सीट पर 693 मतों के अंतर से हरा दिया है। पुगोबोतो सीट पर एनपीएफ के वाई विखेहो सू ने कांग्रेस उम्मीदवार एवं निवर्तमान विधायक जोशुआ सुमी को 2286 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। फोमचिंग सीट पर एनपीएफ उम्मीदवार और पूर्व मंत्री पोहवांग ने कांग्रेस के पांच बार से विधायक कोनगाम कोनयाक को 2437 मतों से हरा दिया। राज्य में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं, लेकिन तुएनसांग सदर सीट पर चुनाव नहीं हुआ, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार पी छुबा चांग का निधन हो गया था। मेघालय में निवर्तमान विधानसभा की इकलौती महिला विधायक अमपरीन लिंगदोह पूर्वी शिलांग सीट-16 से फिर जीत गई हैं। उन्होंने यहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएम लिंगदोह को चार हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। कैबिनेट मंत्री एचडीआर लिंगदोह और प्रिस्टोन तिनसोंग क्रमश: सोहिओंग और पिनुरसला सीटों पर फिर वापसी करने में कामयाब रहे हैं। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा की नवगठित नेशनल पीपुल्स पार्टी कुछ खास नहीं कर पाई है। वह महज एक सीट जीत पाई है और एक पर आगे है।  राज्य में 23 फरवरी को मतदान हुआ था। यहां कुल 345 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।टिप्पणियां नगालैंड में भी सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) फिर स्पष्ट बहुमत पाता नजर आ रहा है। उसने 60-सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीत ली हैं और 10 पर आगे चल रहा है। कांग्रेस ने महज चार सीटों पर दर्ज की है और तीन पर आगे चल रही है। इसके अलावा एनसीपी ने चार सीटें जीती हैं। जेडीयू ने भी एक सीट जीत ली है। नगालैंड में बीजेपी ने अपना खाता खोल लिया है। पार्टी के उम्मीदवार पी पाइवांग कोनयाक ने तिजित सीट पर एनपीएफ के आलोह को 3076 मतों से पराजित किया। राज्य के मुख्यमंत्री नेइफियू रियो ने उत्तरी अनगामी सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार केविसे सोगोत्सू को 12,671 मतों के अंतर से पराजित किया। शिक्षा मंत्री नेयिवांग कोनयाक को कांग्रेस उम्मीदवार एशाक कोनयाक ने ओबोई सीट पर 693 मतों के अंतर से हरा दिया है। पुगोबोतो सीट पर एनपीएफ के वाई विखेहो सू ने कांग्रेस उम्मीदवार एवं निवर्तमान विधायक जोशुआ सुमी को 2286 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। फोमचिंग सीट पर एनपीएफ उम्मीदवार और पूर्व मंत्री पोहवांग ने कांग्रेस के पांच बार से विधायक कोनगाम कोनयाक को 2437 मतों से हरा दिया। राज्य में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं, लेकिन तुएनसांग सदर सीट पर चुनाव नहीं हुआ, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार पी छुबा चांग का निधन हो गया था। नगालैंड में भी सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) फिर स्पष्ट बहुमत पाता नजर आ रहा है। उसने 60-सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीत ली हैं और 10 पर आगे चल रहा है। कांग्रेस ने महज चार सीटों पर दर्ज की है और तीन पर आगे चल रही है। इसके अलावा एनसीपी ने चार सीटें जीती हैं। जेडीयू ने भी एक सीट जीत ली है। नगालैंड में बीजेपी ने अपना खाता खोल लिया है। पार्टी के उम्मीदवार पी पाइवांग कोनयाक ने तिजित सीट पर एनपीएफ के आलोह को 3076 मतों से पराजित किया। राज्य के मुख्यमंत्री नेइफियू रियो ने उत्तरी अनगामी सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार केविसे सोगोत्सू को 12,671 मतों के अंतर से पराजित किया। शिक्षा मंत्री नेयिवांग कोनयाक को कांग्रेस उम्मीदवार एशाक कोनयाक ने ओबोई सीट पर 693 मतों के अंतर से हरा दिया है। पुगोबोतो सीट पर एनपीएफ के वाई विखेहो सू ने कांग्रेस उम्मीदवार एवं निवर्तमान विधायक जोशुआ सुमी को 2286 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। फोमचिंग सीट पर एनपीएफ उम्मीदवार और पूर्व मंत्री पोहवांग ने कांग्रेस के पांच बार से विधायक कोनगाम कोनयाक को 2437 मतों से हरा दिया। राज्य में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं, लेकिन तुएनसांग सदर सीट पर चुनाव नहीं हुआ, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार पी छुबा चांग का निधन हो गया था। राज्य के मुख्यमंत्री नेइफियू रियो ने उत्तरी अनगामी सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार केविसे सोगोत्सू को 12,671 मतों के अंतर से पराजित किया। शिक्षा मंत्री नेयिवांग कोनयाक को कांग्रेस उम्मीदवार एशाक कोनयाक ने ओबोई सीट पर 693 मतों के अंतर से हरा दिया है। पुगोबोतो सीट पर एनपीएफ के वाई विखेहो सू ने कांग्रेस उम्मीदवार एवं निवर्तमान विधायक जोशुआ सुमी को 2286 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। फोमचिंग सीट पर एनपीएफ उम्मीदवार और पूर्व मंत्री पोहवांग ने कांग्रेस के पांच बार से विधायक कोनगाम कोनयाक को 2437 मतों से हरा दिया। राज्य में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं, लेकिन तुएनसांग सदर सीट पर चुनाव नहीं हुआ, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार पी छुबा चांग का निधन हो गया था।
यहाँ एक सारांश है:त्रिपुरा की सत्ता पर बीते दो दशक से आसीन वाम मोर्च ने लगातार पांचवीं बार बड़ी जीत दर्ज की है। दूसरी ओर, मेघालय में कांग्रेस और नगालैंड में नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) भी अपनी-अपनी सत्ता सुरक्षित रखने में कामयाब हुए हैं।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने मंगलवार को ‘लोकमत नेशनल कॉन्क्लेव' में कहा, “महाराष्ट्र में मेरे और इम्तियाज जलील के खिलाफ एक अभियान चलाया गया. मतदाताओं से भाजपा और शिवसेना के साथ-साथ हमें भी हराने के लिए कांग्रेस और राकांपा को वोट देने के लिए कहा गया था.” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद, कांग्रेस ने शिवसेना के साथ ‘निकाह' कर लिया और शरद पवार ने उद्धव ठाकरे के साथ ‘वलीमा' कराया. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भले ही यह विधेयक संसद से पारित हो जाए लेकिन वह सुनवाई के लिए देश में सभी दरवाजों को खटखटाएंगे और लोगों के सामने अपना नजरिया रखेंगे. एआईएमआईएम नेता ने सवाल किया, “आप क्या संदेश देना चाहते हैं. मुस्लिम राजनीतिक रूप से हाशिए पर थे और अब आप उनको और हाशिए पर धकेलना चाह रहे हैं.” इसके साथ ही दावा किया कि सरकार नागरिकता (संशोधन) विधेयक के जरिए पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के विचारों को फिर से जिंदा कर रही है. एक अन्य सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा कि मुस्लिमों को खलनायक के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं मोदी के साथ जाता हूं तो आप मुझे रजनीकांत बना देंगे और अगर मैं कांग्रेस के साथ जाता हूं तो आप मुझे अमिताभ बच्चन बना देंगे. इस राजनीतिक परिदृश्य में मैं खलनायक की भूमिका में खुश हूं.'' उन्होंने कहा कि ‘‘हीरो'' बनने की मेरी कोई आकांक्षा नहीं है. कांग्रेस और राकांपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना के खिलाफ चुनाव लड़ने के बावजूद दोनों दलों ने राजनीतिक लाभ के लिए इस भगवा पार्टी से हाथ मिला लिया.
सारांश: नागरिकता बिल पर असदुद्दीन ओवैसी का तंज कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना पर साधा निशाना नेशनल कॉन्क्लेव के वक्त कही ये बात
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के ग्राम कनैनी में एक नाबालिग दलित लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने मेडिकल जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है।टिप्पणियां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी सिंह ने बताया कि बालिका अपने घर की छत पर सो रही थी, जबकि उसके परिजन नीचे आंगन में सो रहे थे। देर रात में गांव के ही दो लोग छत के रास्ते से उसके पास आ गए और तमंचे के बल पर दोनों ने सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। एसएसपी ने बताया कि पीड़ित लड़की के साथ एक वर्ष पूर्व भी पांच लड़कों ने दुष्कर्म किया था। वे सभी बुलंदशहर जेल में बंद हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी सिंह ने बताया कि बालिका अपने घर की छत पर सो रही थी, जबकि उसके परिजन नीचे आंगन में सो रहे थे। देर रात में गांव के ही दो लोग छत के रास्ते से उसके पास आ गए और तमंचे के बल पर दोनों ने सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। एसएसपी ने बताया कि पीड़ित लड़की के साथ एक वर्ष पूर्व भी पांच लड़कों ने दुष्कर्म किया था। वे सभी बुलंदशहर जेल में बंद हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। एसएसपी ने बताया कि पीड़ित लड़की के साथ एक वर्ष पूर्व भी पांच लड़कों ने दुष्कर्म किया था। वे सभी बुलंदशहर जेल में बंद हैं।
संक्षिप्त पाठ: बुलंदशहर में एक नाबालिग दलित लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित लड़की के साथ एक वर्ष पूर्व भी पांच लड़कों ने दुष्कर्म किया था।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग करने वाले नवीन चौरे की मॉब लिंचिंग पर लिखी एक कविता सोशल मीडिया पर इन दिनों खूब वायरल हो रही है. नवीन चौरे ने इस कविता को न केवल लिखा है बल्कि इसका खुद पाठ भी किया है. नवीन ने अपनी इस कविता को लेकर NDTV से खास बातचीत की. NDTV से बात करते हुए नवीन ने न केवल अपनी कविता के बारे में बात की है बल्कि काव्य से अपने लगाव की बारे में भी बताया. अपनी कविता के बारे में बताते हुए नवीन ने कहा कि यह भयानक रस पर लिखी गई कविता है. एक ऐसा भय जो उनके अंदर था और उन्हें लगता है कि यह भय आज हर किसी के अंदर व्याप्त है. नवीन की इस बात की पुष्टि उनकी कविता की शुरुआती लाइनें भी करती हैं,  इक सड़क पर खून है तारीख कोई जून है एक उंगली है पड़ी  और उसपे जो नाखून है नाखून पे है इक निशां IIT दिल्ली से बीटेक करने वाले नवीन ने कहना है कि सरकार कभी भी लोगों को विरोध करने से मना नहीं करती. सरकार के आसपास के लोग आम जनता में भय पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव भी है कि बहुसंख्यक के बीच में अल्पसंख्यक हमेशा डरा हुआ महसूस करता है. पता नहीं जिस सेक्युलरिज़्म की बात हम कर रहे थे वो कहां चला गया है. महात्मा गांधी ने जो वादा था कि वे सेक्युलर इंडिया देंगे तो वह सेक्युलर इंडिया है कहां? भीमराव अंबेडरकर का वादा था सेक्युलर इंडिया देने का, वो कहां है? अंबेडकर हमारा संविधान है. वह मरे नहीं है. उनका अस्तित्व अभी भी है. यदि संविधान सर्वोपरि था तो वह संविधान कहां है? हालांकि नवीन चौरे ने कहा कि वह किसी खास माइनॉरिटी की बात नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'यह एक तथ्य है कि माइनॉरिटी चाहे जहां भी रहे वह हमेशा डरी हुई रहती है. यह केवल भारत की बात नहीं है पूरी दुनिया में ऐसा होता है, लेकिन मेरी शिकायत इससे है कि जब आप कानून हाथ में लेते हैं. हमारे पास संविधान है, कानून है, पूरी व्यवस्था है फिर कानून को हाथ में लेने की क्या ज़रूरत है? अगर ऐसा है तो फिर जंगल में चल कर रहते हैं. वहां कोई हिरण नहीं बोलेगा कि मुझे शेर ने मार दिया, क्योंकि वहां जंगल का कानून है. अगर यह सही तो फिर जंगल का कानून लागू कर दीजिए.' मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं के विरोध में युवाओं के उठ खड़े होने पर नवीन ने कहा कि अभी और लोगों को खड़े होने के जरूरत है. उन्होंने कहा, 'कोई दुनिया को नहीं बचा सकता है. हमें ही इसे बदलना होगा. अब कोई अवतार नहीं लेने. हमें ही छोटा-छोटा योगदान देने होंगे.' IIT करने के बाद काव्य के क्षेत्र में आने के सवाल पर नवीन चौरे ने कहा, 'आपको कविता करने की जूझती नहीं है. वह आपको मजबूर कर देती है. जब आपके अंदर कुछ भर जाता है तो कविता लिख जाती है.' परिवार में किसी साहित्यकार के होने के सवाल पर नवीन ने कहा, 'मैं बहुत छोटे घर से आता हूं. इसलिए मेरे घर में कविता की होने की कोई संभावना ही नहीं है. हालांकि मेरी बड़ी बहन है कविताएं करती थीं. मेरे तीन बहन हैं. उनमें से सबसे बड़ी कविताएं लिखती हैं. उन्हीं से ही मेरे अंदर यह भाव आया है.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मॉब लिंचिंग पर लिखी नवीन चौरे की कविता हो रही है वायरल एनडीटीवी से की खास बातचीत में बयान किए कविता लिखने के हालात कहा- भीमराव अंबेडरकर का वादा था सेक्युलर इंडिया देने का, वो कहां है?
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक बैग जब्त किया है जिसमें कुछ भारतीयों के पासपोर्टों सहित 100 से ज्यादा पासपोर्ट थे। पुलिस ने बताया कि हालांकि उसने इसमें अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है क्योंकि उसे अभी तक वे पासपोर्ट नहीं मिले हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह बैग दिसम्बर के तीसरे सप्ताह के दौरान तुर्की एयरलाइंस के एक विमान से आया था और सीमा शुल्क अधिकारियों ने उसे जब्त कर लिया था। पुलिस सूत्रों ने कहा, ‘‘उन्होंने बैग को जब्त कर लिया और पाया कि उसमें काफी संख्या में पासपोर्ट रखे हुए हैं। उन्होंने दस दिन पहले हमें एक पत्र लिखा और हमें बैग जब्त होने के बारे में जानकारी दी। पासपोर्ट अभी तक हमारे हवाले नहीं किए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी छुट्टी पर हैं और हमें अभी तक वे पासपोर्ट मिले नहीं हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या पासपोर्ट संगठित गिरोह के हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि वे इस बारे में कुछ कह नहीं सकते। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें यह पता लगाना होगा कि पासपोर्ट असली हैं या नकली और क्या उनके साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। इसके बाद ही हम कुछ कह सकते हैं।’’ अधिकारी ने कहा कि पासपोर्ट मिलने के बाद वे इस बारे में जल्द ही मामला दर्ज करेंगे।
दिल्ली एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक बैग जब्त किया है जिसमें कुछ भारतीयों के पासपोर्टों सहित 100 से ज्यादा पासपोर्ट थे।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को एफडीआई के पक्ष में मतदान को भाजपा की राजनीति को ‘नकार दिया जाना’ करार दिया और इन आरोपों का खंडन किया कि सरकार ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए वोट खरीदे। कमलनाथ ने कहा, ‘‘भाजपा हमेशा ही ऐसे आरोप लगाती रहती है। मैं आशा करता हूं कि वे और बुरी तरह हारें। पहले वे लोकसभा में पराजित हुए, उन्होंने ये आरोप लगाए। वे राज्यसभा में हार गए, फिर उन्होंने ये आरोप लगाए। यह भाजपा की राजनीति को नकार दिया जाना है।’’ मंत्री से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी कि सरकार ने आज ऊपरी सदन में वोट खरीदे। उन्होंने कहा, ‘‘एफडीआई का तो कोई मुद्दा ही नहीं था क्योंकि यह तो राज्यों के जिम्मे छोड़ दिया गया है। यदि इस बहस में कुछ बचा तो वह विशुद्ध राजनीति थी।’’ इन अटकलों पर कि सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी जीत पक्की करने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल किया, कमलनाथ ने कहा, ‘‘परमाणु करार के मुद्दे पर बसपा ने भाजपा का समर्थन किया था तो क्या उस वक्त उन्हें सीबीआई नजर नहीं आई।’’ संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब कोई उनके पक्ष में मतदान करे तब तो सीबीआई बीच में नहीं आती लेकिन जब कोई उनके खिलाफ मतदान करे तो सीबीआई बीच में आ जाती। इससे भाजपा के इरादे और चिंतन प्रक्रिया उजागर होती है।’’ टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सरकार के पक्ष में संख्याबल जुटाना बहुत ही सामान्य बात थी क्योंकि राजनीतिक दल समझते थे कि इस मुद्दे पर बहस बस राजनीतिक है। कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैं बस राजनीतिक दलों से इस बहस के सार को समझने की अपील कर रहा हूं जो बस राजनीतिक था। राजनीतिक दलों ने तय किया कि वे भाजपा की राजनीति का समर्थन नहीं करने जा रहे।’’ कमलनाथ ने कहा, ‘‘भाजपा हमेशा ही ऐसे आरोप लगाती रहती है। मैं आशा करता हूं कि वे और बुरी तरह हारें। पहले वे लोकसभा में पराजित हुए, उन्होंने ये आरोप लगाए। वे राज्यसभा में हार गए, फिर उन्होंने ये आरोप लगाए। यह भाजपा की राजनीति को नकार दिया जाना है।’’ मंत्री से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी कि सरकार ने आज ऊपरी सदन में वोट खरीदे। उन्होंने कहा, ‘‘एफडीआई का तो कोई मुद्दा ही नहीं था क्योंकि यह तो राज्यों के जिम्मे छोड़ दिया गया है। यदि इस बहस में कुछ बचा तो वह विशुद्ध राजनीति थी।’’ इन अटकलों पर कि सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी जीत पक्की करने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल किया, कमलनाथ ने कहा, ‘‘परमाणु करार के मुद्दे पर बसपा ने भाजपा का समर्थन किया था तो क्या उस वक्त उन्हें सीबीआई नजर नहीं आई।’’ संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब कोई उनके पक्ष में मतदान करे तब तो सीबीआई बीच में नहीं आती लेकिन जब कोई उनके खिलाफ मतदान करे तो सीबीआई बीच में आ जाती। इससे भाजपा के इरादे और चिंतन प्रक्रिया उजागर होती है।’’ टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सरकार के पक्ष में संख्याबल जुटाना बहुत ही सामान्य बात थी क्योंकि राजनीतिक दल समझते थे कि इस मुद्दे पर बहस बस राजनीतिक है। कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैं बस राजनीतिक दलों से इस बहस के सार को समझने की अपील कर रहा हूं जो बस राजनीतिक था। राजनीतिक दलों ने तय किया कि वे भाजपा की राजनीति का समर्थन नहीं करने जा रहे।’’ मंत्री से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी कि सरकार ने आज ऊपरी सदन में वोट खरीदे। उन्होंने कहा, ‘‘एफडीआई का तो कोई मुद्दा ही नहीं था क्योंकि यह तो राज्यों के जिम्मे छोड़ दिया गया है। यदि इस बहस में कुछ बचा तो वह विशुद्ध राजनीति थी।’’ इन अटकलों पर कि सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी जीत पक्की करने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल किया, कमलनाथ ने कहा, ‘‘परमाणु करार के मुद्दे पर बसपा ने भाजपा का समर्थन किया था तो क्या उस वक्त उन्हें सीबीआई नजर नहीं आई।’’ संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब कोई उनके पक्ष में मतदान करे तब तो सीबीआई बीच में नहीं आती लेकिन जब कोई उनके खिलाफ मतदान करे तो सीबीआई बीच में आ जाती। इससे भाजपा के इरादे और चिंतन प्रक्रिया उजागर होती है।’’ टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सरकार के पक्ष में संख्याबल जुटाना बहुत ही सामान्य बात थी क्योंकि राजनीतिक दल समझते थे कि इस मुद्दे पर बहस बस राजनीतिक है। कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैं बस राजनीतिक दलों से इस बहस के सार को समझने की अपील कर रहा हूं जो बस राजनीतिक था। राजनीतिक दलों ने तय किया कि वे भाजपा की राजनीति का समर्थन नहीं करने जा रहे।’’ संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब कोई उनके पक्ष में मतदान करे तब तो सीबीआई बीच में नहीं आती लेकिन जब कोई उनके खिलाफ मतदान करे तो सीबीआई बीच में आ जाती। इससे भाजपा के इरादे और चिंतन प्रक्रिया उजागर होती है।’’ टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सरकार के पक्ष में संख्याबल जुटाना बहुत ही सामान्य बात थी क्योंकि राजनीतिक दल समझते थे कि इस मुद्दे पर बहस बस राजनीतिक है। कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैं बस राजनीतिक दलों से इस बहस के सार को समझने की अपील कर रहा हूं जो बस राजनीतिक था। राजनीतिक दलों ने तय किया कि वे भाजपा की राजनीति का समर्थन नहीं करने जा रहे।’’ उन्होंने कहा कि सरकार के पक्ष में संख्याबल जुटाना बहुत ही सामान्य बात थी क्योंकि राजनीतिक दल समझते थे कि इस मुद्दे पर बहस बस राजनीतिक है। कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैं बस राजनीतिक दलों से इस बहस के सार को समझने की अपील कर रहा हूं जो बस राजनीतिक था। राजनीतिक दलों ने तय किया कि वे भाजपा की राजनीति का समर्थन नहीं करने जा रहे।’’ कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैं बस राजनीतिक दलों से इस बहस के सार को समझने की अपील कर रहा हूं जो बस राजनीतिक था। राजनीतिक दलों ने तय किया कि वे भाजपा की राजनीति का समर्थन नहीं करने जा रहे।’’
संक्षिप्त पाठ: संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को एफडीआई के पक्ष में मतदान को भाजपा की राजनीति को ‘नकार दिया जाना’ करार दिया और इन आरोपों का खंडन किया कि सरकार ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए वोट खरीदे।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन के झेजियांग प्रांत में शनिवार को तूफान लेकिमा ने दस्तक दे दी, जिसके कारण कम से कम 10 लाख लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 187 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के साथ प्रचंड तूफान के कारण अनहुई, फुजियान, जिआंगसु और झेजियांग प्रांतों और शंघाई म्यूनिसीपैलिटी में भारी बारिश आने की आशंका है. शुक्रवार दोपहर को, झेजियांग ने अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया बढ़कर शीर्ष स्तर पर कर दी.  700,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, जिनके बीच 110,000 से अधिक को 12,000 आश्रय शिविरों में रखा गया. प्रांत में सैकड़ों नौकाओं को बंद कर दिया गया, 288 उड़ानों को रद्द कर दिया गया और रेलवे लाइनों के कई सेक्शन्स को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया.  स्थानीय अधिकारियों ने 150 दमकल गाड़ियों और 153 नावों के साथ लगभग 1,000 सदस्यों की बचाव टीमों को इकट्ठा किया है. शनिवार सुबह तक, शंघाई में 253,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, शहर की रेल ट्रांजिट सेवाओं के हिस्से के साथ-साथ मैग्लेव ट्रेन भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है. इस आंधी ने लगभग 3,000 पेड़ों को उखाड़ फेंका और 100 बिजली लाइनों में फॉल्ट हो गए, जिनमें से अब तक 80 को बहाल कर दिया गया है. नगरपालिका बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, शंघाई शुक्रवार दोपहर से भारी बारिश से प्रभावित है. लेकिमा के लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर और पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.
संक्षिप्त सारांश: चीन में तूफान लेकिमा ने दी दस्तक 10 लाख लोगों को सुरक्षित इलाकों में भेजा गया प्रांत में सैकड़ों नौकाओं को बंद कर दिया गया
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: इटली के विदेश मंत्री गुलियो तेरजी ने कहा है कि भारतीय अधिकारी, दो मछुआरों की हत्या के सिलसिले में इटली के दो सुरक्षा अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर भावनाएं भड़का रहे हैं। समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार तेरजी ने सोमवार को कहा कि भारतीय अधिकारी भावनाएं और स्थानीय राजनीति भड़का रहे हैं। ज्ञात हो कि इटली के सुरक्षा कर्मियों ने 15 फरवरी को केरल से लगे समुद्र में मछली पकड़ने वाली एक नौका पर गोलीबारी की, जिसमें दो मछुआरों की मौत हो गई। सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि उन्होंने समुद्री डाकू समझकर मछुआरों पर गोली चलाई थी। मैसिमिलियानो लैटोरे और सैल्वेटोरे जिरोने गोलीबारी के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें रविवार को पोत से उतार लिया गया तथा हिरासत में ले लिया गया। तेरजी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "फिलहाल वहां न्यायिक प्रकृति को लेकर काफी मतभेद हैं।" तेरजी ने कहा कि स्थानीय राजनीति कूटनीतिक मतभेदों को सुलझाने में कठिनाई पैदा कर रही है। तेलवाहक जहाज के दोनों सुरक्षाकर्मियों को हत्या के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि इटली का कहना है कि यह घटना अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में घटी थी, लिहाजा इटली के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा उनके देश में चलाया जाना चाहिए। भारत इस तर्क को खारिज करता है।टिप्पणियां तेरजी ने कहा, "इस मामले को जटिल बनाने वाली वहां पहले से मौजूद एक परिस्थिति यह है कि केरल में चुनाव हो रहा है, जो निस्संदेह नागरिकों की भावनाओं पर असर डाल रहा है और इसके परिणामस्वरूप जांच पर असर पड़ रहा है।" इटली ने कहा है कि एनरिका लेक्सी पर सवार सैनिकों ने मछली पकड़ने वाली नौका को डाकुओं की नौका समझ ली थी। लेकिन उन्होंने मछुआरों पर निशाना साधने से पहले चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर उचित प्रक्रिया का पालन किया। लेकिन भारत का कहना है कि इटली के सैनिकों ने संयम नहीं दिखाया। समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार तेरजी ने सोमवार को कहा कि भारतीय अधिकारी भावनाएं और स्थानीय राजनीति भड़का रहे हैं। ज्ञात हो कि इटली के सुरक्षा कर्मियों ने 15 फरवरी को केरल से लगे समुद्र में मछली पकड़ने वाली एक नौका पर गोलीबारी की, जिसमें दो मछुआरों की मौत हो गई। सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि उन्होंने समुद्री डाकू समझकर मछुआरों पर गोली चलाई थी। मैसिमिलियानो लैटोरे और सैल्वेटोरे जिरोने गोलीबारी के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें रविवार को पोत से उतार लिया गया तथा हिरासत में ले लिया गया। तेरजी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "फिलहाल वहां न्यायिक प्रकृति को लेकर काफी मतभेद हैं।" तेरजी ने कहा कि स्थानीय राजनीति कूटनीतिक मतभेदों को सुलझाने में कठिनाई पैदा कर रही है। तेलवाहक जहाज के दोनों सुरक्षाकर्मियों को हत्या के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि इटली का कहना है कि यह घटना अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में घटी थी, लिहाजा इटली के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा उनके देश में चलाया जाना चाहिए। भारत इस तर्क को खारिज करता है।टिप्पणियां तेरजी ने कहा, "इस मामले को जटिल बनाने वाली वहां पहले से मौजूद एक परिस्थिति यह है कि केरल में चुनाव हो रहा है, जो निस्संदेह नागरिकों की भावनाओं पर असर डाल रहा है और इसके परिणामस्वरूप जांच पर असर पड़ रहा है।" इटली ने कहा है कि एनरिका लेक्सी पर सवार सैनिकों ने मछली पकड़ने वाली नौका को डाकुओं की नौका समझ ली थी। लेकिन उन्होंने मछुआरों पर निशाना साधने से पहले चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर उचित प्रक्रिया का पालन किया। लेकिन भारत का कहना है कि इटली के सैनिकों ने संयम नहीं दिखाया। ज्ञात हो कि इटली के सुरक्षा कर्मियों ने 15 फरवरी को केरल से लगे समुद्र में मछली पकड़ने वाली एक नौका पर गोलीबारी की, जिसमें दो मछुआरों की मौत हो गई। सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि उन्होंने समुद्री डाकू समझकर मछुआरों पर गोली चलाई थी। मैसिमिलियानो लैटोरे और सैल्वेटोरे जिरोने गोलीबारी के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें रविवार को पोत से उतार लिया गया तथा हिरासत में ले लिया गया। तेरजी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "फिलहाल वहां न्यायिक प्रकृति को लेकर काफी मतभेद हैं।" तेरजी ने कहा कि स्थानीय राजनीति कूटनीतिक मतभेदों को सुलझाने में कठिनाई पैदा कर रही है। तेलवाहक जहाज के दोनों सुरक्षाकर्मियों को हत्या के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि इटली का कहना है कि यह घटना अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में घटी थी, लिहाजा इटली के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा उनके देश में चलाया जाना चाहिए। भारत इस तर्क को खारिज करता है।टिप्पणियां तेरजी ने कहा, "इस मामले को जटिल बनाने वाली वहां पहले से मौजूद एक परिस्थिति यह है कि केरल में चुनाव हो रहा है, जो निस्संदेह नागरिकों की भावनाओं पर असर डाल रहा है और इसके परिणामस्वरूप जांच पर असर पड़ रहा है।" इटली ने कहा है कि एनरिका लेक्सी पर सवार सैनिकों ने मछली पकड़ने वाली नौका को डाकुओं की नौका समझ ली थी। लेकिन उन्होंने मछुआरों पर निशाना साधने से पहले चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर उचित प्रक्रिया का पालन किया। लेकिन भारत का कहना है कि इटली के सैनिकों ने संयम नहीं दिखाया। मैसिमिलियानो लैटोरे और सैल्वेटोरे जिरोने गोलीबारी के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें रविवार को पोत से उतार लिया गया तथा हिरासत में ले लिया गया। तेरजी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "फिलहाल वहां न्यायिक प्रकृति को लेकर काफी मतभेद हैं।" तेरजी ने कहा कि स्थानीय राजनीति कूटनीतिक मतभेदों को सुलझाने में कठिनाई पैदा कर रही है। तेलवाहक जहाज के दोनों सुरक्षाकर्मियों को हत्या के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि इटली का कहना है कि यह घटना अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में घटी थी, लिहाजा इटली के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा उनके देश में चलाया जाना चाहिए। भारत इस तर्क को खारिज करता है।टिप्पणियां तेरजी ने कहा, "इस मामले को जटिल बनाने वाली वहां पहले से मौजूद एक परिस्थिति यह है कि केरल में चुनाव हो रहा है, जो निस्संदेह नागरिकों की भावनाओं पर असर डाल रहा है और इसके परिणामस्वरूप जांच पर असर पड़ रहा है।" इटली ने कहा है कि एनरिका लेक्सी पर सवार सैनिकों ने मछली पकड़ने वाली नौका को डाकुओं की नौका समझ ली थी। लेकिन उन्होंने मछुआरों पर निशाना साधने से पहले चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर उचित प्रक्रिया का पालन किया। लेकिन भारत का कहना है कि इटली के सैनिकों ने संयम नहीं दिखाया। तेरजी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "फिलहाल वहां न्यायिक प्रकृति को लेकर काफी मतभेद हैं।" तेरजी ने कहा कि स्थानीय राजनीति कूटनीतिक मतभेदों को सुलझाने में कठिनाई पैदा कर रही है। तेलवाहक जहाज के दोनों सुरक्षाकर्मियों को हत्या के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि इटली का कहना है कि यह घटना अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में घटी थी, लिहाजा इटली के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा उनके देश में चलाया जाना चाहिए। भारत इस तर्क को खारिज करता है।टिप्पणियां तेरजी ने कहा, "इस मामले को जटिल बनाने वाली वहां पहले से मौजूद एक परिस्थिति यह है कि केरल में चुनाव हो रहा है, जो निस्संदेह नागरिकों की भावनाओं पर असर डाल रहा है और इसके परिणामस्वरूप जांच पर असर पड़ रहा है।" इटली ने कहा है कि एनरिका लेक्सी पर सवार सैनिकों ने मछली पकड़ने वाली नौका को डाकुओं की नौका समझ ली थी। लेकिन उन्होंने मछुआरों पर निशाना साधने से पहले चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर उचित प्रक्रिया का पालन किया। लेकिन भारत का कहना है कि इटली के सैनिकों ने संयम नहीं दिखाया। तेलवाहक जहाज के दोनों सुरक्षाकर्मियों को हत्या के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि इटली का कहना है कि यह घटना अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में घटी थी, लिहाजा इटली के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा उनके देश में चलाया जाना चाहिए। भारत इस तर्क को खारिज करता है।टिप्पणियां तेरजी ने कहा, "इस मामले को जटिल बनाने वाली वहां पहले से मौजूद एक परिस्थिति यह है कि केरल में चुनाव हो रहा है, जो निस्संदेह नागरिकों की भावनाओं पर असर डाल रहा है और इसके परिणामस्वरूप जांच पर असर पड़ रहा है।" इटली ने कहा है कि एनरिका लेक्सी पर सवार सैनिकों ने मछली पकड़ने वाली नौका को डाकुओं की नौका समझ ली थी। लेकिन उन्होंने मछुआरों पर निशाना साधने से पहले चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर उचित प्रक्रिया का पालन किया। लेकिन भारत का कहना है कि इटली के सैनिकों ने संयम नहीं दिखाया। तेरजी ने कहा, "इस मामले को जटिल बनाने वाली वहां पहले से मौजूद एक परिस्थिति यह है कि केरल में चुनाव हो रहा है, जो निस्संदेह नागरिकों की भावनाओं पर असर डाल रहा है और इसके परिणामस्वरूप जांच पर असर पड़ रहा है।" इटली ने कहा है कि एनरिका लेक्सी पर सवार सैनिकों ने मछली पकड़ने वाली नौका को डाकुओं की नौका समझ ली थी। लेकिन उन्होंने मछुआरों पर निशाना साधने से पहले चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर उचित प्रक्रिया का पालन किया। लेकिन भारत का कहना है कि इटली के सैनिकों ने संयम नहीं दिखाया। इटली ने कहा है कि एनरिका लेक्सी पर सवार सैनिकों ने मछली पकड़ने वाली नौका को डाकुओं की नौका समझ ली थी। लेकिन उन्होंने मछुआरों पर निशाना साधने से पहले चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर उचित प्रक्रिया का पालन किया। लेकिन भारत का कहना है कि इटली के सैनिकों ने संयम नहीं दिखाया।
यह एक सारांश है: इटली के विदेश मंत्री गुलियो तेरजी ने कहा है कि भारतीय अधिकारी, दो मछुआरों की हत्या के सिलसिले में इटली के दो सुरक्षा अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर भावनाएं भड़का रहे हैं।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अतंरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (फॉरेक्स) में आज के शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 26 पैसे कमजोर होकर 65.96 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।टिप्पणियां फारेक्स विश्लेषकों ने बताया, तिमाही आर्थिक आंकड़ों और आयातकों की डॉलर मांग बढ़ने के कारण रुपये की धारणा कमजोर हुई। पिछले कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 85 पैसे की मजबूती के साथ 65.70 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो आज के शुरुआती कारोबार में 26 पैसे कमजोर होकर 65.96 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। बंबई शेयर बाजार का सूचकांक आज के शुरुआती कारोबार में 132.65 अंक अथवा 0.71 फीसदी के सुधार के साथ 18,752.37 अंक पर पहुंच गया। फारेक्स विश्लेषकों ने बताया, तिमाही आर्थिक आंकड़ों और आयातकों की डॉलर मांग बढ़ने के कारण रुपये की धारणा कमजोर हुई। पिछले कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 85 पैसे की मजबूती के साथ 65.70 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो आज के शुरुआती कारोबार में 26 पैसे कमजोर होकर 65.96 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। बंबई शेयर बाजार का सूचकांक आज के शुरुआती कारोबार में 132.65 अंक अथवा 0.71 फीसदी के सुधार के साथ 18,752.37 अंक पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 85 पैसे की मजबूती के साथ 65.70 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो आज के शुरुआती कारोबार में 26 पैसे कमजोर होकर 65.96 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। बंबई शेयर बाजार का सूचकांक आज के शुरुआती कारोबार में 132.65 अंक अथवा 0.71 फीसदी के सुधार के साथ 18,752.37 अंक पर पहुंच गया।
यहाँ एक सारांश है:अतंरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में आज के शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 26 पैसे कमजोर होकर 65.96 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां मशहूर ब्लॉगर नंदिता अय्यर ट्विटर तड़का हैशटैग के साथ अपने प्रशंसकों के बीच एक सर्वेक्षण कराएंगी. इसमें  वह अपने प्रशंसकों से दिए गए व्यंजनों में से किसी एक को चुनने के लिए कहेंगी और चयनित व्यंजन को ट्विटर लाइव पर ही पकाकर दिखाएंगी. तकनीकी जानकार अश्विन अपने प्रशंसकों के आग्रह पर तकनीकी समीक्षा करेंगे. पत्रकार जतिन सप्रू भारत की शीर्ष महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के सजीव साक्षात्कार का प्रसारण करेंगे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मशहूर ब्लॉगर नंदिता अय्यर ट्विटर तड़का हैशटैग के साथ अपने प्रशंसकों के बीच एक सर्वेक्षण कराएंगी. इसमें  वह अपने प्रशंसकों से दिए गए व्यंजनों में से किसी एक को चुनने के लिए कहेंगी और चयनित व्यंजन को ट्विटर लाइव पर ही पकाकर दिखाएंगी. तकनीकी जानकार अश्विन अपने प्रशंसकों के आग्रह पर तकनीकी समीक्षा करेंगे. पत्रकार जतिन सप्रू भारत की शीर्ष महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के सजीव साक्षात्कार का प्रसारण करेंगे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:इस वर्ल्डवाइड वीडियो प्रसारण को 'एव्री कैरेक्टर मैटर्स' नाम दिया है इसका प्रसारण भारत में गुरुवार की सुबह 7.30 बजे से शुरू होगा इनमें भारत की चार प्रमुख हस्तियां भी शामिल हैं
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल के दूसरे सत्र की चैम्पियन टीम डेक्कन चार्जर्स अगले सत्र में नहीं खेलेगी जिससे बीसीसीआई को अगले कुछ दिन में नया खरीदार तलाशना होगा।   बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, ‘आईपीएल संचालन परिषद की बैठक चार सितंबर को होगी जिसमें डेक्कन चार्जर्स के भविष्य के बारे में ठोस फैसला लिया जाएगा। अभी डेक्कन चार्जर्स के आईपीएल छह में खेलने की संभावना बहुत कम है क्योंकि वह अपनी वित्तीय समस्यायें नहीं सुलझा सका है। बोर्ड को टीम के लिए नया खरीदार तलाशना होगा।’ इस साल जून में डेक्कन क्रोनिकल ने रेलिगेयर केपिटल मार्केट्स लिमिटेड को डेक्कन चार्जर्स की बिक्री के लिए विज्ञापन का जिम्मा सौंपा। वित्तीय समस्याओं के कारण उसे खरीदार नहीं मिल पा रहा है जिससे बोर्ड को सूचित किया गया।   अगले कुछ दिनों में औपचारिक घोषणा होगी लेकिन बीसीसीआई को खरीदार मिल जाएगा क्योंकि कई व्यावसायिक समूह टीम खरीदने के इच्छुक हैं।   डेक्कन क्रॉनिकल समूह ने टीम 2008 में 588 करोड़ रुपये में खरीदी थी।
आईपीएल के दूसरे सत्र की चैम्पियन टीम डेक्कन चार्जर्स अगले सत्र में नहीं खेलेगी जिससे बीसीसीआई को अगले कुछ दिन में नया खरीदार तलाशना होगा।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली मेट्रो में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल- सीट मांगने पर एक बुजुर्ग को अपमानित किया गया. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक- दिल्ली मेट्रो की वॉलेट लाइन पर मुस्लिम बुजुर्ग को अपशब्द कहे गए. घटना एक मामूली से विवाद से शुरू हुई. बुजुर्ग ने भीड़ की वजह से सीनियर सिटिजन सीट पर बैठे युवकों से कहा कि सीट दे दो, जिस पर दोनों युवकों ने कथित तौर पर बुजुर्ग से कहा कि सीट चाहिए तो 'पाकिस्तान चले जाओ'. उसी मेट्रो में सफर कर रहे एआइसीसीटीयू के राष्ट्रीय सचिव संतोष रॉय बीच-बचाव में आए तो उनका भी कॉलर पकड़ लिया और कथित तौर पर उन्हें भी पाकिस्तान जाने को कहा. इसके बाद खान मार्केट स्टेशन के आने पर मेट्रो के गार्ड ने दोनों लड़कों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. पंडारा रोड स्टेशन में केस दर्ज किया गया. टिप्पणियां ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव महिला एसोसिएशन की सचिव कविता कृष्णन ने अपने फेसबुक पेज पर इस घटना का जिक्र करते हुए एक पोस्ट शेयर किया है जो अब सोशल मीडिया वायरल हो रहा है. कुछ दिनों बाद रॉय पुलिस स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि बुजुर्ग ने केस वापस ले लिया है. बुजुर्ग ने एक लिखित बयान में कहा है कि वह उन दोनों युवकों के माफीनामे को स्वीकार करते हैं और इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि दरअसल, ये अभी युवा हैं और लड़कों ने माफी मांग ली है. ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव महिला एसोसिएशन की सचिव कविता कृष्णन ने अपने फेसबुक पेज पर इस घटना का जिक्र करते हुए एक पोस्ट शेयर किया है जो अब सोशल मीडिया वायरल हो रहा है. कुछ दिनों बाद रॉय पुलिस स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि बुजुर्ग ने केस वापस ले लिया है. बुजुर्ग ने एक लिखित बयान में कहा है कि वह उन दोनों युवकों के माफीनामे को स्वीकार करते हैं और इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि दरअसल, ये अभी युवा हैं और लड़कों ने माफी मांग ली है. कुछ दिनों बाद रॉय पुलिस स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि बुजुर्ग ने केस वापस ले लिया है. बुजुर्ग ने एक लिखित बयान में कहा है कि वह उन दोनों युवकों के माफीनामे को स्वीकार करते हैं और इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि दरअसल, ये अभी युवा हैं और लड़कों ने माफी मांग ली है.
सारांश: सीट मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद बुजुर्ग ने लड़कों का माफीनामा स्वीकार किया पंडारा रोड स्टेशन में दर्ज किया गया केस
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईआईटी गुवाहाटी (IIT Guwahati) में गुरुवार को एक जापानी छात्र (Japanese Student) की खुदकुशी (Suicide) का मामला सामने आया है. छात्र का संबंध जापान की गिफु यूनिवर्सिटी (Gifu University) से है और वह आईआईटी गुवाहाटी में तीन महीने के एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आया हुआ था. आईआईटी गुवाहाटी के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि छात्र 30 नवंबर को अपना प्रोग्राम पूरा कर अपने घर लौटने वाला था. अधिकारी ने बताया कि आत्महत्या की ये घटना दोपहर 3 से 3:30 बजे की है. जब छात्रों ने देखा की मृत छात्र का कमरा बंद है तो उन्होंने उसे आवाज़ दी. बाद में अंदर से कोई जवाब न मिलने पर छात्रों ने आईआईटी प्रशासन को सूचना दी. प्रशासन ने पुलिस की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा और देखा कि छात्र का शव बाथरूम के वेंटीलेटर पर लटका हुआ है.  बता दें कि आईआईटी प्रशासन ने इस बाबत गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को सूचना दे दी है, जिससे की छात्र के परिजन को सूचना दी जा सके. गौरतलब है कि बीते कुछ समय में आईआईटी गुवाहाटी में छात्रों द्वारा आत्महत्या की बहुत सी घटनाएं सामने आई हैं. इसी साल 7 जनवरी को आंध्र प्रदेश के रहने वाले बी.टेक चौथे सेमेस्टर के छात्र ने आत्महत्या की थी.  आपको बता दें कि आईआईटी गुवाहाटी देश के नामी संस्थानों में से एक है जिसकी स्थापना 1994 में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे की गई थी.
संक्षिप्त सारांश: एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भारत आया हुआ था छात्र. जापान की गिफू युनिवर्सिटी का था छात्र. इस साल जनवरी में भी की थी एक छात्र ने आत्महत्या,.
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जापान में एक महिला इंटरनेट पर चैट करने में इस कदर व्यस्त हो गई कि उसे पता ही नहीं चला कि उसके बच्चे की एक दिन पहले ही मौत हो चुकी है। महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि यूमिको ताकाहाशी को मालूम था कि 19 माह के नियो को बहुत तेज बुखार है। इसके बावजूद उसने 24 जून को बच्चे को बिस्तर पर अकेले ही छोड़ दिया। स्थानीय अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार 26 जून को करीब दो बजे दोपहर में नियो की मौत हुई थी जबकि उसकी मां ने उसका शव अगले दिन सुबह देखा। ताकाहाशी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि यूमिको ताकाहाशी को मालूम था कि 19 माह के नियो को बहुत तेज बुखार है। इसके बावजूद उसने 24 जून को बच्चे को बिस्तर पर अकेले ही छोड़ दिया। स्थानीय अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार 26 जून को करीब दो बजे दोपहर में नियो की मौत हुई थी जबकि उसकी मां ने उसका शव अगले दिन सुबह देखा। ताकाहाशी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार 26 जून को करीब दो बजे दोपहर में नियो की मौत हुई थी जबकि उसकी मां ने उसका शव अगले दिन सुबह देखा। ताकाहाशी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।
जापान में एक महिला इंटरनेट पर चैट करने में इस कदर व्यस्त हो गई कि उसे पता ही नहीं चला कि उसके बच्चे की एक दिन पहले ही मौत हो चुकी है। महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई उप कप्तान ब्रैड हैडिन ने कहा कि सचिन तेंदुलकर का बहु प्रतीक्षित 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक उनकी टीम के लिए चिंता का विषय नहीं है और सोमवार से शुरू होने वाली टेस्ट शृंखला में उन्हें इस उपलब्धि से रोकने के लिए उनकी टीम को थोड़ा भाग्य जरूरत भी पड़ेगी। हैडिन ने सुबह अभ्यास सत्र के दौरान कहा, प्रशंसक और इस खेल से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति उनके 100वें शतक की संभावना से रोमांचित है। लेकिन हम उनके शतक को लेकर कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं और यदि भाग्य ने थोड़ा साथ दिया, तो हम उन्हें यहां यह उपलब्धि हासिल करने का मौका नहीं देंगे। हैडिन को विश्वास है कि ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण इतना दमदार है कि वह भारत के अनुभवी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर सकता है। उन्होंने कहा, हमने जो 11 खिलाड़ी चुने हैं, उनके बारे में हमें विश्वास है कि वे भारतीय टीम को हरा सकते हैं। आप जानते हो कि जेम्स (पैटिनसन) किस तरह से गेंदबाजी कर रहा है और पीटर सिडल कितनी शिद्दत से उनकी अगुवाई कर रहा है। हैडिन ने कहा, पिछले दो टेस्ट मैच में उसका प्रदर्शन लाजवाब था। उसने अन्य गेंदबाजों की तरह पांच-पांच विकेट नहीं लिए, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में मैंने पीटर सिडल को इतनी अच्छी गेंदबाजी करते हुए कभी नहीं देखा था। उसने वास्तव में युवा गेंदबाजों जैसे जेम्स की अच्छी तरह से अगुवाई की है। हमारे पास तीन तेज गेंदबाज हैं, जो 140 से 145 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई उप कप्तान ब्रैड हैडिन ने कहा कि सचिन तेंदुलकर का बहु प्रतीक्षित 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक उनकी टीम के लिए चिंता का विषय नहीं है।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर भारत के इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों में जहां सीटों को लेकर मारामारी है वहीं आंध्र प्रदेश में ज़ीरो नंबर पाने वाले छात्रों को भी इंजीनियरिंग में दाखिला मिल रहा है। अगर अनुसूचित जाति या जनजाति का कोई कैंडिडेट का एंट्रेंस में ज़ीरो नंबर होता है और उसे चालीस फीसदी नंबर क्लास 12 में मिले हों तो वह कॉलेज में दाखिले का हकदार होगा।टिप्पणियां इसी तरह, सामान्य वर्ग में 25 फ़ीसदी नंबर प्रवेश परीक्षा में और 45 फ़ीसदी नंबर 12वीं कक्षा में हों तो उस छात्र को दाखिला मिल जाएगा। आंध्र प्रदेश में इंजीनियरिंग की तीन लाख सीटें हैं खास बात यह है कि करीब डेढ़ लाख सीट हर साल खाली जा रही है। 1994 में आंध्र प्रदेश में करीब 32 कॉलेज थे जिसमें दस हज़ार सीटें थी जो बढ़कर 720 कॉलेज में 3.39 लाख सीट हो गई हैं। अगर अनुसूचित जाति या जनजाति का कोई कैंडिडेट का एंट्रेंस में ज़ीरो नंबर होता है और उसे चालीस फीसदी नंबर क्लास 12 में मिले हों तो वह कॉलेज में दाखिले का हकदार होगा।टिप्पणियां इसी तरह, सामान्य वर्ग में 25 फ़ीसदी नंबर प्रवेश परीक्षा में और 45 फ़ीसदी नंबर 12वीं कक्षा में हों तो उस छात्र को दाखिला मिल जाएगा। आंध्र प्रदेश में इंजीनियरिंग की तीन लाख सीटें हैं खास बात यह है कि करीब डेढ़ लाख सीट हर साल खाली जा रही है। 1994 में आंध्र प्रदेश में करीब 32 कॉलेज थे जिसमें दस हज़ार सीटें थी जो बढ़कर 720 कॉलेज में 3.39 लाख सीट हो गई हैं। इसी तरह, सामान्य वर्ग में 25 फ़ीसदी नंबर प्रवेश परीक्षा में और 45 फ़ीसदी नंबर 12वीं कक्षा में हों तो उस छात्र को दाखिला मिल जाएगा। आंध्र प्रदेश में इंजीनियरिंग की तीन लाख सीटें हैं खास बात यह है कि करीब डेढ़ लाख सीट हर साल खाली जा रही है। 1994 में आंध्र प्रदेश में करीब 32 कॉलेज थे जिसमें दस हज़ार सीटें थी जो बढ़कर 720 कॉलेज में 3.39 लाख सीट हो गई हैं। आंध्र प्रदेश में इंजीनियरिंग की तीन लाख सीटें हैं खास बात यह है कि करीब डेढ़ लाख सीट हर साल खाली जा रही है। 1994 में आंध्र प्रदेश में करीब 32 कॉलेज थे जिसमें दस हज़ार सीटें थी जो बढ़कर 720 कॉलेज में 3.39 लाख सीट हो गई हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर भारत के इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों में जहां सीटों को लेकर मारामारी है वहीं आंध्र प्रदेश में ज़ीरो नंबर पाने वाले छात्रों को भी इंजीनियरिंग में दाखिला मिल रहा है।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) से माफी मांगने से इनकार किया है। आईएमए ने टीवी कार्यक्रम सत्यमेव जयते के माध्यम से चिकित्सा पेशे को बदनाम करने का आरोप लगाया था।टिप्पणियां आमिर ने कहा कि वह किसी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं। आमिर ने एक निजी टेलीविजन चैनल से कहा, ‘अगर उन्हें लगता है कि मैंने कुछ गलत किया है और वे (आईएमए) किसी तरह की कानूनी कार्रवाई के बारे में सोचते हैं तब मुझे कोई असुविधा नहीं होगी। अदालत का रास्ता खुला है।’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक सवाल माफी मांगने का है, मेरा जवाब होगा... नहीं, मैं माफी नहीं मागूंगा।’ अभिनेता ने उनपर चिकित्सा पेशे को बदनाम करने के आईएमए के आरोपों से पूरी तरह से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से इनकार करता हूं कि मैंने ऐसा कुछ किया। मेरी चिकित्सा पेश के प्रति गहरी आस्था और सम्मान है।’ आमिर ने कहा कि वह किसी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं। आमिर ने एक निजी टेलीविजन चैनल से कहा, ‘अगर उन्हें लगता है कि मैंने कुछ गलत किया है और वे (आईएमए) किसी तरह की कानूनी कार्रवाई के बारे में सोचते हैं तब मुझे कोई असुविधा नहीं होगी। अदालत का रास्ता खुला है।’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक सवाल माफी मांगने का है, मेरा जवाब होगा... नहीं, मैं माफी नहीं मागूंगा।’ अभिनेता ने उनपर चिकित्सा पेशे को बदनाम करने के आईएमए के आरोपों से पूरी तरह से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से इनकार करता हूं कि मैंने ऐसा कुछ किया। मेरी चिकित्सा पेश के प्रति गहरी आस्था और सम्मान है।’ आमिर ने एक निजी टेलीविजन चैनल से कहा, ‘अगर उन्हें लगता है कि मैंने कुछ गलत किया है और वे (आईएमए) किसी तरह की कानूनी कार्रवाई के बारे में सोचते हैं तब मुझे कोई असुविधा नहीं होगी। अदालत का रास्ता खुला है।’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक सवाल माफी मांगने का है, मेरा जवाब होगा... नहीं, मैं माफी नहीं मागूंगा।’ अभिनेता ने उनपर चिकित्सा पेशे को बदनाम करने के आईएमए के आरोपों से पूरी तरह से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से इनकार करता हूं कि मैंने ऐसा कुछ किया। मेरी चिकित्सा पेश के प्रति गहरी आस्था और सम्मान है।’
यहाँ एक सारांश है:बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) से माफी मांगने से इनकार किया है।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: कसाब की फांसी के फौरन बाद सबको अफ़ज़ल का खयाल आया जिसे संसद पर हमले के जुर्म में फांसी की सज़ा सुनाई गई है। इत्तेफाक से बुधवार को ही अफ़ज़ल की फाइल कुछ आगे भी बढ़ी। कसाब की फांसी के फौरन बाद बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं ने अफ़ज़ल का सवाल उठाया। नरेंद्र मोदी ने भी इस मसले पर ट्वीट किया और दिग्विजय सिंह ने भी अफज़ल के मामले में जल्दी फ़ैसले की बात कही। दोपहर तक यह खबर भी चली आई कि राष्ट्रपति ने गृह मंत्रालय की राय के लिए अफ़ज़ल की फाइल भेज दी है। गृह मंत्री ने कहा कि इसपर गंभीरता से विचार किया जाएगा। दरअसल, बुधवार को राष्ट्रपति ने 16 लोगों की 12 अर्ज़ियां गृह मंत्रालय को भेजीं। कानून मंत्री का कहना है कि यह राष्ट्रपति का विशेषाधिकार है कि वह कब फ़ैसला करें। एनडीटीवी से बातचीत में अश्विनी कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति सही वक्त पर सही फैसला करेंगे। वैसे, कसाब के मामले में इतनी जल्दी फ़ैसला यह सवाल उठा रहा है कि बाकी मामलों में इतनी तेज़ी क्यों नहीं दिखाई गई। हालांकि कसाब की दया याचिका पर दो महीने के अंदर फैसला करके राष्ट्रपति ने एक नई सोच की ओर इशारा किया है... अब सबको उम्मीद है कि राष्ट्रपति दूसरी दया याचिकाओं पर जल्दी ही फैसला करेंगे।
कसाब की फांसी के फौरन बाद सबको अफ़ज़ल का खयाल आया जिसे संसद पर हमले के जुर्म में फांसी की सज़ा सुनाई गई है। इत्तेफाक से बुधवार को ही अफ़ज़ल की फाइल कुछ आगे भी बढ़ी।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान में तालिबान के हमले की शिकार किशोरी मलाला यूसुफजई को इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। नामित किए जाने की आखिरी तारीख 1 फरवरी थी।टिप्पणियां इस वर्ष के पुरस्कारों की घोषणा भले ही अक्टूबर में की जाएगी, परंतु यह चर्चा काफी समय से जोरों पर थी, क्योंकि इसकी डेडलाइन 1 फरवरी को खत्म होने जा रही थी। 15-वर्षीय मलाला यूसुफजई पर लड़कियों के लिए शिक्षा की खातिर मुहिम छेड़ने के बाद तालिबान बंदूकधारियों ने उस पर गोलियां दागी थीं, जिनसे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इंग्लैंड में लंबे समय तक चले इलाज के बाद अब वह बेहतर है, परंतु उसके सिर का ऑपरेशन अभी किया जाना बाकी है। इस वर्ष के पुरस्कारों की घोषणा भले ही अक्टूबर में की जाएगी, परंतु यह चर्चा काफी समय से जोरों पर थी, क्योंकि इसकी डेडलाइन 1 फरवरी को खत्म होने जा रही थी। 15-वर्षीय मलाला यूसुफजई पर लड़कियों के लिए शिक्षा की खातिर मुहिम छेड़ने के बाद तालिबान बंदूकधारियों ने उस पर गोलियां दागी थीं, जिनसे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इंग्लैंड में लंबे समय तक चले इलाज के बाद अब वह बेहतर है, परंतु उसके सिर का ऑपरेशन अभी किया जाना बाकी है। 15-वर्षीय मलाला यूसुफजई पर लड़कियों के लिए शिक्षा की खातिर मुहिम छेड़ने के बाद तालिबान बंदूकधारियों ने उस पर गोलियां दागी थीं, जिनसे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इंग्लैंड में लंबे समय तक चले इलाज के बाद अब वह बेहतर है, परंतु उसके सिर का ऑपरेशन अभी किया जाना बाकी है।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान में तालिबान के हमले की शिकार किशोरी मलाला यूसुफजई को इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने आज कहा कि वह मेट्रो स्टेशनों पर युगलों के अंतरंग स्थितियों में पहुंच जाने के कुछ वीडियो क्लिप के कथित रूप से लीक होकर अश्लील वेबसाइटों पर पहुंचने की जांच करेगी।टिप्पणियां डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) अनुज दयाल ने कहा, डीएमआरसी आपत्तिजनक वीडियो क्लिप के इधर-उधर पहुंच जाने की रिपोर्ट की सघन जांच करेगा। दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने इन रिपोर्टों का गंभीर संज्ञान लिया है और उसने पहले ही पुलिस की साइबर अपराध शाखा को इस मुद्दे की जानकारी दे दी है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने भी कहा कि बल के जवान मेट्रो स्टेशनों पर नियंत्रण कक्षों में काम नहीं करते हैं और ऐसे में उनकी वीडियो फुटेज तक पहुंच नहीं हो सकती। इसलिए यह काम उनका नहीं है। डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) अनुज दयाल ने कहा, डीएमआरसी आपत्तिजनक वीडियो क्लिप के इधर-उधर पहुंच जाने की रिपोर्ट की सघन जांच करेगा। दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने इन रिपोर्टों का गंभीर संज्ञान लिया है और उसने पहले ही पुलिस की साइबर अपराध शाखा को इस मुद्दे की जानकारी दे दी है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने भी कहा कि बल के जवान मेट्रो स्टेशनों पर नियंत्रण कक्षों में काम नहीं करते हैं और ऐसे में उनकी वीडियो फुटेज तक पहुंच नहीं हो सकती। इसलिए यह काम उनका नहीं है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने भी कहा कि बल के जवान मेट्रो स्टेशनों पर नियंत्रण कक्षों में काम नहीं करते हैं और ऐसे में उनकी वीडियो फुटेज तक पहुंच नहीं हो सकती। इसलिए यह काम उनका नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीआईएसएफ के अधिकारियों ने कहा कि बल के जवान मेट्रो स्टेशनों पर नियंत्रण कक्षों में काम नहीं करते हैं और ऐसे में उनकी वीडियो फुटेज तक पहुंच नहीं हो सकती।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के शहर ओरडोस में 3 से 11 सितम्बर तक आयोजित होने वाली महिला और पुरुष एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए हॉकी इंडिया (एचआई) ने मंगलवार को भारतीय टीम की घोषणा कर दी। इस प्रतियोगिता का आयोजन 3 से 11 सितम्बर तक होना है। पुरुषों की प्रतियोगिता का पहली बार आयोजन हो रहा है जबकि महिला टीमें दूसरे संस्करण में हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता में छह पुरुष और चार महिला टीमें खेलेंगी। महिला चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन बीते वर्ष दक्षिण कोरिया के शहर बुसान में हुआ था। इस वर्ष महिला वर्ग में चीन, दक्षिण कोरिया, भारत और जापान की टीमें हिस्सा ले रही हैं। पुरुष वर्ग में एशियाई हॉकी की छह शीर्ष टीमों के बीच श्रेष्ठता की जंग होगी। इसमें एशियाई चैम्पियन पाकिस्तान, मलेशिया, भारत, दक्षिण कोरिया, जापान और मेजबान टीम हिस्सा ले रही हैं। पुरुष वर्ग में भारत का पहला मैच तीन सितम्बर को चीन के साथ है जबकि चार सितम्बर को उसे जापान से, छह सितम्बर को कोरिया से, सात सितम्बर को मलेशिया से और नौ सितम्बर को पाकिस्तान से भिड़ना है। 11 सितम्बर को प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। महिला वर्ग में भारत का पहला मैच चार सितम्बर को कोरिया से, छह सितम्बर को जापान से और आठ सितम्बर को चीन से है। 10 सितम्बर को कांस्य पदक के लिए प्लेऑफ मैच और फाइनल खेला जाना है। भारतीय महिला टीम इस प्रकार है : गोलकीपर : योगिता बाली, सविता  डिफेंडर : जॉयदीप कौर, जसप्रीत कौर, टीएच.पिंकी देवी मिडफील्डर :  रितु रानी, असुंता लाकड़ा, किरणदीप कौर, मुक्ता प्रवा बार्ला, दीपिका, किरन दहिया फारवर्ड : सबा अंजुम (कप्तान), जसजीत कौर हांडा, पूनम रानी, वंदना कटारिया, रानी, टीएच.अनुराधा देवी, सौंदर्य येनडाला स्टैंडबाई :  राजानी एटीमारपु (गोलकीपर), प्रीति सुनीला किरो (डिफेंडर), सुशीला चानू (मिडफील्डर), दीप ग्रेस इक्का (मिडफील्डर), रोसेलिन डंग डंग, लिलिमा मिंज, रश्मि सिंह (फॉरवर्ड)। भारतीय पुरुष टीम इस प्रकार है : गोलकीपर : भरत छेत्री, पीआर श्रीजेश डिफेंडर : संदीप सिंह, रुपिंदर पाल सिंह, हरप्रीत सिंह मिडफील्डर : सरदार सिंह, गुरबाज सिंह, इग्नेस टिर्की, मनप्रीत सिंह, मंजीत कुल्लू फारवर्ड : राजपाल सिंह, दानिश मुज्तबा, सरवनजीत सिंह, एसवी सुनील, रवि पॉल, गुरविंदर सिंह चांडी, रोशन मिंज, युवराज वाल्मीकी। स्टैंडबाई : कमलदीप सिंह, वीआर रघुनाथ, विकास शर्मा, वीरेंद्र लाकरा, मंदीप अंतिल और चिंगलेनसाना सिंह कांगूजाम।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओरडोस में 3-11 सितम्बर तक आयोजित होने वाली महिला और पुरुष एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की घोषणा कर दी।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हिन्द सहासागर के एक चट्टानी हिस्से में दो पहाड़ी चोटियों के बीच झूलती एक रस्सी पर करतब दिखाना कोराली जिरॉल्ट को भारी पड़ने वाला था, और उसकी जान लगभग चली ही गई थी... लेकिन कहते हैं न, जाको राखे साइयां... रीयूनियन आईलैंड में दो चोटियों के बीच लगभग 31 मीटर की दूरी को रस्सी पर चलते हुए पार करने का धड़कनों को रोक देने वाला कारनामा करती कोराली जिरॉल्ट जब रस्सी के बीच पहुंची, अचानक समुद्र अशांत हो गया, और प्राण सुखा देने वाली ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं.टिप्पणियां वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खतरनाक रूप अख्तियार करती जा रही समुद्री लहरों के बीच कोराली बेहद भयावह स्थिति में रस्सी पर अपना संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है कि तभी लगभग 40 फुट ऊंची एक लहर बेहद खतरनाक गति से उसे अपनी चपेट में ले लेती है, और पूरी तरह 'लील' जाती है. कोराली जिरॉल्ट के लहर द्वारा निगल लिए जाने के बाद हर देखने वाले की सांस एकदम रुकने की कगार पर पहुंच जाती है, क्योंकि वीडियो शूट कर रही उसकी मित्र का भी संतुलन बिगड़ जाता है, और कैमरा हिलने लगता है, क्योंकि लहर का असर उस चट्टान तक हुआ, जिस पर खड़ी होकर वह शूटिंग कर रही है. लेकिन कुछ ही पल के बाद जब लहर शांत होकर नीचे गिर जाती है, कोराली रस्सी पर मौजूद नज़र आने लगती है, और सांस में सांस आती है.   वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खतरनाक रूप अख्तियार करती जा रही समुद्री लहरों के बीच कोराली बेहद भयावह स्थिति में रस्सी पर अपना संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है कि तभी लगभग 40 फुट ऊंची एक लहर बेहद खतरनाक गति से उसे अपनी चपेट में ले लेती है, और पूरी तरह 'लील' जाती है. कोराली जिरॉल्ट के लहर द्वारा निगल लिए जाने के बाद हर देखने वाले की सांस एकदम रुकने की कगार पर पहुंच जाती है, क्योंकि वीडियो शूट कर रही उसकी मित्र का भी संतुलन बिगड़ जाता है, और कैमरा हिलने लगता है, क्योंकि लहर का असर उस चट्टान तक हुआ, जिस पर खड़ी होकर वह शूटिंग कर रही है. लेकिन कुछ ही पल के बाद जब लहर शांत होकर नीचे गिर जाती है, कोराली रस्सी पर मौजूद नज़र आने लगती है, और सांस में सांस आती है.   लेकिन कुछ ही पल के बाद जब लहर शांत होकर नीचे गिर जाती है, कोराली रस्सी पर मौजूद नज़र आने लगती है, और सांस में सांस आती है.
संक्षिप्त पाठ: स्विट्जरलैंड के शख्स ने रस्सी पर चलने का बनाया विश्व रिकॉर्ड सैमुएल वोलेरी 800 फीट की ऊंचाई पर रस्सी पर चले सैमुएल ने दो वैली के बीच का सफर रस्सी पर चलकर पूरा किया
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया ने अपनी नीति से हटने से इनकार करते हुए यूरेनियम की बिक्री का भारत का अनुरोध ठुकरा दिया। ऑस्ट्रेलिया के संसाधन, उर्जा और पर्यटन मंत्री मार्टिन फर्गुसन ने विदेशमंत्री एसएम कृष्णा से मुलाकात के बाद कहा, भारत को यूरेनियम निर्यात करने के संबंध में ऑस्ट्रेलिया सरकार की नीति स्पष्ट है। हम केवल उन्हीं देशों को यूरेनियम की आपूर्ति करेंगे जिन्होंने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किया हो और जिनका ऑस्ट्रेलिया के साथ द्विपक्षीय समझौता हो। ऑस्ट्रेलियन एसोसियेटेड प्रेस ने फर्गुसन के हवाले से कहा, यह नीति भारत के विशेष संदर्भ में नहीं है। यह नीति समान रूप से तमाम देशों पर लागू होती है। ऑस्ट्रेलिया की तीन दिवसीय यात्रा पर आए कृष्णा ने ऑस्ट्रेलिया से भारत का अनुरोध दोहराया था। इससे पहले, कृष्णा ने ऑस्ट्रेलिया पर भारत को यूरेनियम की बिक्री नहीं करने संबंधी अपनी नीति को पलटने का आग्रह किया। उन्होंने फर्गुसन से परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों को यूरेनियम की बिक्री नहीं करने संबंधी ऑस्ट्रेलियाई नीति में बदलाव के लिए भी बातचीत की।
संक्षिप्त पाठ: कृष्णा ने ऑस्ट्रेलिया पर भारत को यूरेनियम की बिक्री नहीं करने संबंधी अपनी नीति को पलटने का आग्रह किया था।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह ने टाटा समूह के अध्यक्ष पद से हटाए गए साइरस मिस्त्री के इस आरोप का जोरदार खंडन किया कि 3,600 करोड़ रुपये के अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में उनकी भूमिका थी. सिंह ने कहा कि उनके सेवानिवृत्त हो जाने के बाद मंत्रिमंडल ने इस सौदे को मंजूरी दी थी. उन्होंने ई-मेल से जारी अपने एक बयान में कहा, 'मैं 2007-2009 के दौरान रक्षा सचिव था और जिस वर्तमान मामले को सीबीआई खंगाल रही है, वह 2004-2005 का है. अगस्ता वेस्टलैंड खरीद को मंत्रिमंडल ने मेरी सेवानिवृत्ति के बाद मंजूरी दी थी'.टिप्पणियां मिस्त्री ने पहले आरोप लगाया था, 'बतौर रक्षा सचिव सिंह 2010 में अगस्तावेस्टलैंड को 3600 करोड़ रुपये वीवीआईपी का हेलीकॉप्टर अनुबंध देने में शामिल अहम अधिकारी थे'. टाटा संस बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक सिंह ने कहा, 'इस मामले से मुझे जोड़ना मानहानिकारक एवं दुर्भावनापूर्ण है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने ई-मेल से जारी अपने एक बयान में कहा, 'मैं 2007-2009 के दौरान रक्षा सचिव था और जिस वर्तमान मामले को सीबीआई खंगाल रही है, वह 2004-2005 का है. अगस्ता वेस्टलैंड खरीद को मंत्रिमंडल ने मेरी सेवानिवृत्ति के बाद मंजूरी दी थी'.टिप्पणियां मिस्त्री ने पहले आरोप लगाया था, 'बतौर रक्षा सचिव सिंह 2010 में अगस्तावेस्टलैंड को 3600 करोड़ रुपये वीवीआईपी का हेलीकॉप्टर अनुबंध देने में शामिल अहम अधिकारी थे'. टाटा संस बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक सिंह ने कहा, 'इस मामले से मुझे जोड़ना मानहानिकारक एवं दुर्भावनापूर्ण है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मिस्त्री ने पहले आरोप लगाया था, 'बतौर रक्षा सचिव सिंह 2010 में अगस्तावेस्टलैंड को 3600 करोड़ रुपये वीवीआईपी का हेलीकॉप्टर अनुबंध देने में शामिल अहम अधिकारी थे'. टाटा संस बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक सिंह ने कहा, 'इस मामले से मुझे जोड़ना मानहानिकारक एवं दुर्भावनापूर्ण है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: मेरे सेवानिवृत्त होने के बाद मंत्रिमंडल ने इस सौदे को मंजूरी दी- विजय जिस वर्तमान मामले को CBI खंगाल रही है, वह 2004-05 का है- विजय सिंह इस मामले से मुझे जोड़ना मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण है- सिंह
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र की कांग्रेसनीत सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों से आगे निकलने की सोच व इसके लिए कांग्रेस शासित राज्यों को प्रोत्साहित करने की बजाए ऐसे रास्ते खोदने में लगी रहती है जो देश को गड्ढे में ले जाने वाले होते हैं। गुजरात में सत्ता की हैट्रिक पूरा करने के लिए भाजपा मुख्यालय में आयोजित अपने सम्मान समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, "इंदिरा गांधी के नाम पर एक योजना चलती आ रही है लम्बे समय से। जब अटलजी प्रधानमंत्री थे, तब भी उन्होंने यह योजना जारी रखी थी। हर छह महीने में इस योजना की समीक्षा होती थी और गुजरात लगातार पांचवीं बार इसमें अव्वल रहा।" उन्होंने कहा, "इतना ही नहीं शीर्ष में कांग्रेस और संप्रग शासित कोई राज्य नहीं था। गुजरात फिर इस योजना में शीर्ष पर न आ जाए और कांग्रेस की फजीहत न हो इस डर से सरकार ने इसकी समीक्षा करानी ही बंद कर दी, जबकि चाहिए था कि वह कांग्रेस शासित राज्यों को प्रोत्साहित करती भाजपा शासित राज्यों से प्रतिद्वंद्विता करने के लिए।" मोदी ने कहा, "कांग्रेस की सरकार आगे की नहीं सोचती। वह ऐसे रास्ते खोदने में लगी रहती है जिससे देश गड्ढे में जाए।" केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए मोदी ने कहा, "आज मैंने राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्रीजी से कहा कि आपके पास कोई सोच नहीं है, कोई कार्ययोजना नहीं है। देश में निराशा का माहौल बन रहा है। यही हाल रहा तो देश कहां जाएगा पता नहीं।" उन्होंने कहा, "सरकार ने पिछली बार नौ फीसदी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन दुख का विषय है कि उसने इस बार तो नौ फीसदी के बारे में सोचना भी बंद कर दिया। इस बार उन्होंने 8.2 फीसदी का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि मौजूदा विकास की दर 7.9 फीसदी है। गुजरात की विकास दर हमेशा 11 फीसदी के ऊपर ही रही है। सिर्फ 0.3 फीसदी के लिए पूरे देश को यहां इकट्ठा करने की क्या जरूरत थी।" पार्टी कार्यालय में हुए सम्मान से अभिभूत मोदी ने यह कहते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भी कोशिश की कि उन्होंने इसी कार्यालय में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और यह पार्टी संगठन की ताकत ही थी जिसने उन्हें कहां से कहां पहुंचा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। पार्टी संगठन और कायकर्ताओं के समर्थन से ही मैं यह काम कर पाया हूं जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस हो और पार्टी को संतोष।" मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है। गुजरात में सत्ता की हैट्रिक पूरा करने के लिए भाजपा मुख्यालय में आयोजित अपने सम्मान समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, "इंदिरा गांधी के नाम पर एक योजना चलती आ रही है लम्बे समय से। जब अटलजी प्रधानमंत्री थे, तब भी उन्होंने यह योजना जारी रखी थी। हर छह महीने में इस योजना की समीक्षा होती थी और गुजरात लगातार पांचवीं बार इसमें अव्वल रहा।" उन्होंने कहा, "इतना ही नहीं शीर्ष में कांग्रेस और संप्रग शासित कोई राज्य नहीं था। गुजरात फिर इस योजना में शीर्ष पर न आ जाए और कांग्रेस की फजीहत न हो इस डर से सरकार ने इसकी समीक्षा करानी ही बंद कर दी, जबकि चाहिए था कि वह कांग्रेस शासित राज्यों को प्रोत्साहित करती भाजपा शासित राज्यों से प्रतिद्वंद्विता करने के लिए।" मोदी ने कहा, "कांग्रेस की सरकार आगे की नहीं सोचती। वह ऐसे रास्ते खोदने में लगी रहती है जिससे देश गड्ढे में जाए।" केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए मोदी ने कहा, "आज मैंने राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्रीजी से कहा कि आपके पास कोई सोच नहीं है, कोई कार्ययोजना नहीं है। देश में निराशा का माहौल बन रहा है। यही हाल रहा तो देश कहां जाएगा पता नहीं।" उन्होंने कहा, "सरकार ने पिछली बार नौ फीसदी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन दुख का विषय है कि उसने इस बार तो नौ फीसदी के बारे में सोचना भी बंद कर दिया। इस बार उन्होंने 8.2 फीसदी का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि मौजूदा विकास की दर 7.9 फीसदी है। गुजरात की विकास दर हमेशा 11 फीसदी के ऊपर ही रही है। सिर्फ 0.3 फीसदी के लिए पूरे देश को यहां इकट्ठा करने की क्या जरूरत थी।" पार्टी कार्यालय में हुए सम्मान से अभिभूत मोदी ने यह कहते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भी कोशिश की कि उन्होंने इसी कार्यालय में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और यह पार्टी संगठन की ताकत ही थी जिसने उन्हें कहां से कहां पहुंचा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। पार्टी संगठन और कायकर्ताओं के समर्थन से ही मैं यह काम कर पाया हूं जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस हो और पार्टी को संतोष।" मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है। उन्होंने कहा, "इतना ही नहीं शीर्ष में कांग्रेस और संप्रग शासित कोई राज्य नहीं था। गुजरात फिर इस योजना में शीर्ष पर न आ जाए और कांग्रेस की फजीहत न हो इस डर से सरकार ने इसकी समीक्षा करानी ही बंद कर दी, जबकि चाहिए था कि वह कांग्रेस शासित राज्यों को प्रोत्साहित करती भाजपा शासित राज्यों से प्रतिद्वंद्विता करने के लिए।" मोदी ने कहा, "कांग्रेस की सरकार आगे की नहीं सोचती। वह ऐसे रास्ते खोदने में लगी रहती है जिससे देश गड्ढे में जाए।" केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए मोदी ने कहा, "आज मैंने राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्रीजी से कहा कि आपके पास कोई सोच नहीं है, कोई कार्ययोजना नहीं है। देश में निराशा का माहौल बन रहा है। यही हाल रहा तो देश कहां जाएगा पता नहीं।" उन्होंने कहा, "सरकार ने पिछली बार नौ फीसदी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन दुख का विषय है कि उसने इस बार तो नौ फीसदी के बारे में सोचना भी बंद कर दिया। इस बार उन्होंने 8.2 फीसदी का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि मौजूदा विकास की दर 7.9 फीसदी है। गुजरात की विकास दर हमेशा 11 फीसदी के ऊपर ही रही है। सिर्फ 0.3 फीसदी के लिए पूरे देश को यहां इकट्ठा करने की क्या जरूरत थी।" पार्टी कार्यालय में हुए सम्मान से अभिभूत मोदी ने यह कहते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भी कोशिश की कि उन्होंने इसी कार्यालय में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और यह पार्टी संगठन की ताकत ही थी जिसने उन्हें कहां से कहां पहुंचा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। पार्टी संगठन और कायकर्ताओं के समर्थन से ही मैं यह काम कर पाया हूं जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस हो और पार्टी को संतोष।" मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है। मोदी ने कहा, "कांग्रेस की सरकार आगे की नहीं सोचती। वह ऐसे रास्ते खोदने में लगी रहती है जिससे देश गड्ढे में जाए।" केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए मोदी ने कहा, "आज मैंने राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्रीजी से कहा कि आपके पास कोई सोच नहीं है, कोई कार्ययोजना नहीं है। देश में निराशा का माहौल बन रहा है। यही हाल रहा तो देश कहां जाएगा पता नहीं।" उन्होंने कहा, "सरकार ने पिछली बार नौ फीसदी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन दुख का विषय है कि उसने इस बार तो नौ फीसदी के बारे में सोचना भी बंद कर दिया। इस बार उन्होंने 8.2 फीसदी का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि मौजूदा विकास की दर 7.9 फीसदी है। गुजरात की विकास दर हमेशा 11 फीसदी के ऊपर ही रही है। सिर्फ 0.3 फीसदी के लिए पूरे देश को यहां इकट्ठा करने की क्या जरूरत थी।" पार्टी कार्यालय में हुए सम्मान से अभिभूत मोदी ने यह कहते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भी कोशिश की कि उन्होंने इसी कार्यालय में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और यह पार्टी संगठन की ताकत ही थी जिसने उन्हें कहां से कहां पहुंचा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। पार्टी संगठन और कायकर्ताओं के समर्थन से ही मैं यह काम कर पाया हूं जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस हो और पार्टी को संतोष।" मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है। केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए मोदी ने कहा, "आज मैंने राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्रीजी से कहा कि आपके पास कोई सोच नहीं है, कोई कार्ययोजना नहीं है। देश में निराशा का माहौल बन रहा है। यही हाल रहा तो देश कहां जाएगा पता नहीं।" उन्होंने कहा, "सरकार ने पिछली बार नौ फीसदी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन दुख का विषय है कि उसने इस बार तो नौ फीसदी के बारे में सोचना भी बंद कर दिया। इस बार उन्होंने 8.2 फीसदी का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि मौजूदा विकास की दर 7.9 फीसदी है। गुजरात की विकास दर हमेशा 11 फीसदी के ऊपर ही रही है। सिर्फ 0.3 फीसदी के लिए पूरे देश को यहां इकट्ठा करने की क्या जरूरत थी।" पार्टी कार्यालय में हुए सम्मान से अभिभूत मोदी ने यह कहते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भी कोशिश की कि उन्होंने इसी कार्यालय में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और यह पार्टी संगठन की ताकत ही थी जिसने उन्हें कहां से कहां पहुंचा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। पार्टी संगठन और कायकर्ताओं के समर्थन से ही मैं यह काम कर पाया हूं जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस हो और पार्टी को संतोष।" मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है। उन्होंने कहा, "सरकार ने पिछली बार नौ फीसदी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन दुख का विषय है कि उसने इस बार तो नौ फीसदी के बारे में सोचना भी बंद कर दिया। इस बार उन्होंने 8.2 फीसदी का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि मौजूदा विकास की दर 7.9 फीसदी है। गुजरात की विकास दर हमेशा 11 फीसदी के ऊपर ही रही है। सिर्फ 0.3 फीसदी के लिए पूरे देश को यहां इकट्ठा करने की क्या जरूरत थी।" पार्टी कार्यालय में हुए सम्मान से अभिभूत मोदी ने यह कहते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भी कोशिश की कि उन्होंने इसी कार्यालय में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और यह पार्टी संगठन की ताकत ही थी जिसने उन्हें कहां से कहां पहुंचा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। पार्टी संगठन और कायकर्ताओं के समर्थन से ही मैं यह काम कर पाया हूं जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस हो और पार्टी को संतोष।" मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है। पार्टी कार्यालय में हुए सम्मान से अभिभूत मोदी ने यह कहते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भी कोशिश की कि उन्होंने इसी कार्यालय में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और यह पार्टी संगठन की ताकत ही थी जिसने उन्हें कहां से कहां पहुंचा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। पार्टी संगठन और कायकर्ताओं के समर्थन से ही मैं यह काम कर पाया हूं जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस हो और पार्टी को संतोष।" मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है। उन्होंने कहा, "कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। पार्टी संगठन और कायकर्ताओं के समर्थन से ही मैं यह काम कर पाया हूं जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस हो और पार्टी को संतोष।" मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है। मोदी के भाषण के दौरान मोदी प्रधानमंत्री के नारे भी लगे। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मोदी का स्वागत किया और कहा कि मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर भाजपा को बहुत बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने विकास का जो मॉडल पेश किया है वह अपने आप में अनुकरणीय है।
यहाँ एक सारांश है:मोदी ने कहा, मैंने राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री जी से कहा कि आपके पास कोई सोच नहीं है, कोई कार्ययोजना नहीं है। देश में निराशा का माहौल बन रहा है। यही हाल रहा तो देश कहां जाएगा, पता नहीं।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: बरेली में चलती रेलगाड़ी से बाहर फेंके जाने के बाद अपना एक पैर गंवाने वाली युवा वॉलीबाल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा का इलाज अब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में होगा। मुख्यमंत्री मायावती की तरफ से केजीएमसी में भर्ती अरुणिमा को एम्स भेजने का आदेश दिया गया। लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमसी) के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एसएन शंखवार ने बताया कि बेहतर इलाज के लिए अरुणिमा को एम्स स्थानांतरित किया जा रहा है। उसकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। अधिकारियों के मुताबिक अरुणिमा को राजकीय विमान से दिल्ली भेजा जा रहा है। इससे पहले खिलाड़ी से मिलने के बाद केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने कहा, "मुझे केजीएमसी के चिकित्सकों की ओर से बताया गया कि उसकी (अरुणिमा) हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। मैंने अरुणिमा के इलाज के लिए हर मदद का प्रस्ताव दिया है। खेल मंत्रालय उसके इलाज का खर्च वाहन करेगा। उसके परिजन लखनऊ या दिल्ली कहीं पर इलाज करवा सकते हैं।" माकन के मुलाकात के बाद आनन फानन में सूबे की सरकार ने अरुणिमा को एम्स भेजने का आदेश दिया। गौरतलब है कि संक्रमण की शिकायत पर केजीएमसी में रविवार को अरुणिमा का दूसरी बार ऑपरेशन करना पड़ा। उधर, माकन के पहुंचने से कुछ घंटे पहले उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल ने अरुणिमा से अस्पताल जाकर मुलाकात की और उसे सरकारी नौकरी का प्रस्ताव दिया। अरुणिमा से मुलाकात के बाद पाल ने कहा,"अरुणिमा को खेल निदेशालय और स्पोर्टस कॉलेज में नौकरी का प्रस्ताव दिया है। अब यह उसके ऊपर निर्भर करता है कि वह कहां काम करना चाहती है।" पाल ने कहा कि अरुणिमा की हालत काफी बेहतर है। हमारे अधिकारी लगातार उसके परिवार से सम्पर्क में हैं। अम्बेडकर नगर जिले की अरुणिमा को 11 अप्रैल को दिल्ली जाने के दौरान कुछ लोगों ने चलती रेलगाड़ी से बाहर फेंक दिया था। बदमाशों ने खिलाड़ी से उसके गले की सोने की चेन छीनने का प्रयास किया था।
सारांश: बरेली में चलती रेलगाड़ी से बाहर फेंके जाने के बाद अपना एक पैर गंवाने वाली युवा वॉलीबाल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा का इलाज अब एम्स में होगा।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फर्नांडिया आइलैंड के इस वीडियो की शुरुआत में देखेंगे कि एक इगुआना सांप के इलाके में चला जाती है. उसे जब इस बात का अहसास होता है तो तब तक काफी देर हो चुकी होती है. वह समझ चुकी होती है कि अब उसके पास कोई चारा नहीं है. तभी एक सांप इगुआना की पूंंछ पर हमला करता है. इगुआना भागना शुरू करती है. देखते ही देखते वहां सैंकड़ो सांप आ जाते हैं. सभी इगुआना का शिकार करने के लिए दौड़ लगाते हैं. टिप्पणियां इगुआना किसी बॉलीवुड हीरो की तरह दौड़ती रहती है. तभी वह सामने बैठे विषैले सांप के चंगुल में फंस जाती है. सांप उसे पूरी तरीके से जकड़ लेता है. देखकर ऐसा लगेगा जैसे अब उसकी जान जानी तय है, पर शायद कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. इगुआना सांप के चंगुल से छूटकर निकल जाती है. वह जैसे ही आगे बढ़ती है, वहां मौजूद दूसरे सांप उसका शिकार करने के लिए हमला करते हैं. वह पहाड़ पर चढ़ने की कोशिश करती है तो एक सांप उसके पिछले पैर पर हमला कर देता है. ऐसा लगता है वह नीचे गिर जाएगी और सांप उसे शिकार बना लेगा, लेकिन  इगुआना हिम्मत नहीं हारती है. वह पहाड़ के ऊपरी हिस्से में जाने के लिए छलांग लगाती है. एक दूसरा सांप भी विकराल मूंह खोलकर उसे झपटने के लिए हवा में छलांग लगाता है. इगुआना आखिरकार बच जाती है, वह पहाड़ की ऊपरी चोटी पर पहुच जाती है. मालूम हो इगुआना छिपकली की प्रजाति से होती है. इगुआना किसी बॉलीवुड हीरो की तरह दौड़ती रहती है. तभी वह सामने बैठे विषैले सांप के चंगुल में फंस जाती है. सांप उसे पूरी तरीके से जकड़ लेता है. देखकर ऐसा लगेगा जैसे अब उसकी जान जानी तय है, पर शायद कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. इगुआना सांप के चंगुल से छूटकर निकल जाती है. वह जैसे ही आगे बढ़ती है, वहां मौजूद दूसरे सांप उसका शिकार करने के लिए हमला करते हैं. वह पहाड़ पर चढ़ने की कोशिश करती है तो एक सांप उसके पिछले पैर पर हमला कर देता है. ऐसा लगता है वह नीचे गिर जाएगी और सांप उसे शिकार बना लेगा, लेकिन  इगुआना हिम्मत नहीं हारती है. वह पहाड़ के ऊपरी हिस्से में जाने के लिए छलांग लगाती है. एक दूसरा सांप भी विकराल मूंह खोलकर उसे झपटने के लिए हवा में छलांग लगाता है. इगुआना आखिरकार बच जाती है, वह पहाड़ की ऊपरी चोटी पर पहुच जाती है. मालूम हो इगुआना छिपकली की प्रजाति से होती है. इगुआना किसी बॉलीवुड हीरो की तरह दौड़ती रहती है. तभी वह सामने बैठे विषैले सांप के चंगुल में फंस जाती है. सांप उसे पूरी तरीके से जकड़ लेता है. देखकर ऐसा लगेगा जैसे अब उसकी जान जानी तय है, पर शायद कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. इगुआना सांप के चंगुल से छूटकर निकल जाती है. वह जैसे ही आगे बढ़ती है, वहां मौजूद दूसरे सांप उसका शिकार करने के लिए हमला करते हैं. वह पहाड़ पर चढ़ने की कोशिश करती है तो एक सांप उसके पिछले पैर पर हमला कर देता है. ऐसा लगता है वह नीचे गिर जाएगी और सांप उसे शिकार बना लेगा, लेकिन  इगुआना हिम्मत नहीं हारती है. वह पहाड़ के ऊपरी हिस्से में जाने के लिए छलांग लगाती है. एक दूसरा सांप भी विकराल मूंह खोलकर उसे झपटने के लिए हवा में छलांग लगाता है. इगुआना आखिरकार बच जाती है, वह पहाड़ की ऊपरी चोटी पर पहुच जाती है. मालूम हो इगुआना छिपकली की प्रजाति से होती है.
यहाँ एक सारांश है:सांप के इलाके में पहुंच जाता है इगुआना (अमरिकी छिपकली) सांप उसपर हमला कर देते हैं, वह भागकर जैसे-तैसे बचा लेता है जान फर्नांडिया आइलैंड पर बनाए गइ इस वीडियो को मिला BAFTA अवॉर्ड
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आधार कार्ड को इनकम टैक्‍स से जोड़ने के खिलाफ दायर याचिका पर बुधवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि आधार कार्ड अनिवार्य है और जो लोग जानबूझकर आधार नहीं बनवा रहे वो एक तरह से अपराध कर रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को टोकते हुए कहा कि 'आप ये नहीं कह सकते कि जिन्होंने आधार नहीं बनवाया वो अपराध कर रहे हैं. असलियत में वो आधार कानून को चुनौती दे रहे हैं और कोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई चल रही है'.  सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल पूछा कि आज आधार डाटा लीक की खबर आई है. इस पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ये डाटा UIDAI से लीक नहीं हुआ. केंद्र ने आगे कहा कि ये डाटा दूसरे सरकारी विभागों से लीक हुआ है, जिन्हें आधार डाटा को पारदर्शी और सुरक्षित रखने में दिक्कत हो रही है. केंद्र ने न्‍यायालय से आगे कहा कि आधार डाटा पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इसे UIDAI ने IT एक्ट के तहत क्रिटिकल इंफास्ट्रक्चर की श्रेणी में रखा है. केंद्र ने यह भी कहा कि कोई भी टेक्नोलॉजी 100 फीसदी फुलप्रूफ नहीं होती. वहीं, याचिकाकर्ता ने कहा कि एक तरफ UIDAI कहता है कि आधार स्वैच्छिक है तो दूसरी तरफ AG कहते हैं कि ये अनिवार्य है. हम नहीं चाहते कि 24 घंटे कोई हम पर नजर रखे.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार को अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि आधार कार्ड स्वैच्छिक नहीं बल्कि अनिवार्य है. केंद्र सरकार आधार कार्ड को किसी भी योजना में लागू कर सकती है. आधार एक्ट के सेक्शन 7 में ये साफ है कि आधार विभिन्न कामों के लिए अनिवार्य है, लेकिन याचिकाकर्ता इसे समझ नहीं रहे. आधार कार्ड पहचान संबंधी फ्राड से बचने के लिए है. ये आधुनिक तरीका है, जिसमें फिंगर प्रिंट और IRIS ली जाती है और डाटा सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाता है. देशभर में 113.7 करोड़ लोगों ने आधार कार्ड बनवाए हैं. केंद्र ने ये भी कहा कि देशभर में 29 करोड़ लोगों के पास पैन कार्ड है, जिसमें से केवल 5 करोड़ लोग ही करदाता हैं. 24 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पैन कार्ड केवल पहचान पत्र के लिए बनवाए हैं. पैन कार्ड में नाम, पहचान, फोटो और जन्म की तारीख होती है.. पहचान होती है. पैन कार्ड बनवाने के लिए पूरक पहचान पत्र की जरूरत है जैसे राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, जिसकी संभावना ज्यादा है कि वो फेक हो सकती हैं, इसलिए आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार जरूरी किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल पूछा कि आज आधार डाटा लीक की खबर आई है. इस पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ये डाटा UIDAI से लीक नहीं हुआ. केंद्र ने आगे कहा कि ये डाटा दूसरे सरकारी विभागों से लीक हुआ है, जिन्हें आधार डाटा को पारदर्शी और सुरक्षित रखने में दिक्कत हो रही है. केंद्र ने न्‍यायालय से आगे कहा कि आधार डाटा पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इसे UIDAI ने IT एक्ट के तहत क्रिटिकल इंफास्ट्रक्चर की श्रेणी में रखा है. केंद्र ने यह भी कहा कि कोई भी टेक्नोलॉजी 100 फीसदी फुलप्रूफ नहीं होती. वहीं, याचिकाकर्ता ने कहा कि एक तरफ UIDAI कहता है कि आधार स्वैच्छिक है तो दूसरी तरफ AG कहते हैं कि ये अनिवार्य है. हम नहीं चाहते कि 24 घंटे कोई हम पर नजर रखे.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार को अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि आधार कार्ड स्वैच्छिक नहीं बल्कि अनिवार्य है. केंद्र सरकार आधार कार्ड को किसी भी योजना में लागू कर सकती है. आधार एक्ट के सेक्शन 7 में ये साफ है कि आधार विभिन्न कामों के लिए अनिवार्य है, लेकिन याचिकाकर्ता इसे समझ नहीं रहे. आधार कार्ड पहचान संबंधी फ्राड से बचने के लिए है. ये आधुनिक तरीका है, जिसमें फिंगर प्रिंट और IRIS ली जाती है और डाटा सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाता है. देशभर में 113.7 करोड़ लोगों ने आधार कार्ड बनवाए हैं. केंद्र ने ये भी कहा कि देशभर में 29 करोड़ लोगों के पास पैन कार्ड है, जिसमें से केवल 5 करोड़ लोग ही करदाता हैं. 24 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पैन कार्ड केवल पहचान पत्र के लिए बनवाए हैं. पैन कार्ड में नाम, पहचान, फोटो और जन्म की तारीख होती है.. पहचान होती है. पैन कार्ड बनवाने के लिए पूरक पहचान पत्र की जरूरत है जैसे राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, जिसकी संभावना ज्यादा है कि वो फेक हो सकती हैं, इसलिए आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार जरूरी किया गया है. केंद्र ने न्‍यायालय से आगे कहा कि आधार डाटा पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इसे UIDAI ने IT एक्ट के तहत क्रिटिकल इंफास्ट्रक्चर की श्रेणी में रखा है. केंद्र ने यह भी कहा कि कोई भी टेक्नोलॉजी 100 फीसदी फुलप्रूफ नहीं होती. वहीं, याचिकाकर्ता ने कहा कि एक तरफ UIDAI कहता है कि आधार स्वैच्छिक है तो दूसरी तरफ AG कहते हैं कि ये अनिवार्य है. हम नहीं चाहते कि 24 घंटे कोई हम पर नजर रखे.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार को अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि आधार कार्ड स्वैच्छिक नहीं बल्कि अनिवार्य है. केंद्र सरकार आधार कार्ड को किसी भी योजना में लागू कर सकती है. आधार एक्ट के सेक्शन 7 में ये साफ है कि आधार विभिन्न कामों के लिए अनिवार्य है, लेकिन याचिकाकर्ता इसे समझ नहीं रहे. आधार कार्ड पहचान संबंधी फ्राड से बचने के लिए है. ये आधुनिक तरीका है, जिसमें फिंगर प्रिंट और IRIS ली जाती है और डाटा सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाता है. देशभर में 113.7 करोड़ लोगों ने आधार कार्ड बनवाए हैं. केंद्र ने ये भी कहा कि देशभर में 29 करोड़ लोगों के पास पैन कार्ड है, जिसमें से केवल 5 करोड़ लोग ही करदाता हैं. 24 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पैन कार्ड केवल पहचान पत्र के लिए बनवाए हैं. पैन कार्ड में नाम, पहचान, फोटो और जन्म की तारीख होती है.. पहचान होती है. पैन कार्ड बनवाने के लिए पूरक पहचान पत्र की जरूरत है जैसे राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, जिसकी संभावना ज्यादा है कि वो फेक हो सकती हैं, इसलिए आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार जरूरी किया गया है. वहीं, याचिकाकर्ता ने कहा कि एक तरफ UIDAI कहता है कि आधार स्वैच्छिक है तो दूसरी तरफ AG कहते हैं कि ये अनिवार्य है. हम नहीं चाहते कि 24 घंटे कोई हम पर नजर रखे.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार को अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि आधार कार्ड स्वैच्छिक नहीं बल्कि अनिवार्य है. केंद्र सरकार आधार कार्ड को किसी भी योजना में लागू कर सकती है. आधार एक्ट के सेक्शन 7 में ये साफ है कि आधार विभिन्न कामों के लिए अनिवार्य है, लेकिन याचिकाकर्ता इसे समझ नहीं रहे. आधार कार्ड पहचान संबंधी फ्राड से बचने के लिए है. ये आधुनिक तरीका है, जिसमें फिंगर प्रिंट और IRIS ली जाती है और डाटा सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाता है. देशभर में 113.7 करोड़ लोगों ने आधार कार्ड बनवाए हैं. केंद्र ने ये भी कहा कि देशभर में 29 करोड़ लोगों के पास पैन कार्ड है, जिसमें से केवल 5 करोड़ लोग ही करदाता हैं. 24 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पैन कार्ड केवल पहचान पत्र के लिए बनवाए हैं. पैन कार्ड में नाम, पहचान, फोटो और जन्म की तारीख होती है.. पहचान होती है. पैन कार्ड बनवाने के लिए पूरक पहचान पत्र की जरूरत है जैसे राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, जिसकी संभावना ज्यादा है कि वो फेक हो सकती हैं, इसलिए आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार जरूरी किया गया है. उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार को अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि आधार कार्ड स्वैच्छिक नहीं बल्कि अनिवार्य है. केंद्र सरकार आधार कार्ड को किसी भी योजना में लागू कर सकती है. आधार एक्ट के सेक्शन 7 में ये साफ है कि आधार विभिन्न कामों के लिए अनिवार्य है, लेकिन याचिकाकर्ता इसे समझ नहीं रहे. आधार कार्ड पहचान संबंधी फ्राड से बचने के लिए है. ये आधुनिक तरीका है, जिसमें फिंगर प्रिंट और IRIS ली जाती है और डाटा सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाता है. देशभर में 113.7 करोड़ लोगों ने आधार कार्ड बनवाए हैं. केंद्र ने ये भी कहा कि देशभर में 29 करोड़ लोगों के पास पैन कार्ड है, जिसमें से केवल 5 करोड़ लोग ही करदाता हैं. 24 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पैन कार्ड केवल पहचान पत्र के लिए बनवाए हैं. पैन कार्ड में नाम, पहचान, फोटो और जन्म की तारीख होती है.. पहचान होती है. पैन कार्ड बनवाने के लिए पूरक पहचान पत्र की जरूरत है जैसे राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, जिसकी संभावना ज्यादा है कि वो फेक हो सकती हैं, इसलिए आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार जरूरी किया गया है. केंद्र ने ये भी कहा कि देशभर में 29 करोड़ लोगों के पास पैन कार्ड है, जिसमें से केवल 5 करोड़ लोग ही करदाता हैं. 24 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पैन कार्ड केवल पहचान पत्र के लिए बनवाए हैं. पैन कार्ड में नाम, पहचान, फोटो और जन्म की तारीख होती है.. पहचान होती है. पैन कार्ड बनवाने के लिए पूरक पहचान पत्र की जरूरत है जैसे राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, जिसकी संभावना ज्यादा है कि वो फेक हो सकती हैं, इसलिए आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार जरूरी किया गया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आधार न बनवाने वालों ने दी है क़ानून को चुनौती : SC जानबूझकर आधार न बनवाने वाले कर रहे अपराध : केंद्र सरकार IT रिटर्न के लिए आधार ज़रूरी करने पर SC में सुनवाई
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की रोटेशन पॉलिसी की पुराने दिग्गजों ने काफी आलोचना की है। पूर्व स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि धोनी क्या सोचते यह वह नहीं जानते। लेकिन यह पॉलिसी तभी अपनाई जाती है जब टीम के सभी खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हों। जब खिलाड़ी रन नहीं बना रहे हों तब इस पॉलिसी को क्यों अपनाया जा रहा है वहीं सिलेक्शन कमेटी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि इस पॉलिसी से टीम की जीत की संभावना बढ़नी चाहिए ना कि कम होनी चाहिए। सिलेक्शन कमेटी के एक और पूर्व चेयरमैन चंदू बोर्ड ने कहा है कि रोटेशन पॉलिसी को टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर नहीं लागू करना चाहिए। पूर्व स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि धोनी क्या सोचते यह वह नहीं जानते। लेकिन यह पॉलिसी तभी अपनाई जाती है जब टीम के सभी खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हों। जब खिलाड़ी रन नहीं बना रहे हों तब इस पॉलिसी को क्यों अपनाया जा रहा है वहीं सिलेक्शन कमेटी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि इस पॉलिसी से टीम की जीत की संभावना बढ़नी चाहिए ना कि कम होनी चाहिए। सिलेक्शन कमेटी के एक और पूर्व चेयरमैन चंदू बोर्ड ने कहा है कि रोटेशन पॉलिसी को टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर नहीं लागू करना चाहिए।
यह एक सारांश है: पूर्व स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि धोनी क्या सोचते यह वह नहीं जानते। लेकिन यह पॉलिसी तभी अपनाई जाती है जब टीम के सभी खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हों।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: अभिनेत्री सोनम कपूर को नंबर वन फिल्म स्टार न होने का कोई मलाल नहीं है, बल्कि वह उन सभी चीजों से बेहद खुश हैं, जो भी उन्हें जिंदगी ने दी हैं। सोनम ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'सांवरिया' से की थी, जो बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं हो सकी। इसके बाद वह 'दिल्ली 6' में नजर आईं, यह फिल्म भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर न खींच सकी। सोनम को व्यवसायिक सफलता अपनी अगली फिल्म 'आई हेट लव स्टोरीज' से मिली थी। हालांकि उनकी अगली फिल्में 'थैंक यू', 'प्लेयर्स' बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकीं। सोनम ने कहा, मैं नंबर वन फिल्म स्टार नहीं हूं या मेरी फिल्में बहुत अच्छा नहीं कर रहीं। मैं खुद को मिली जिंदगी की बेहद आभारी हूं। मुझे एक अच्छा परिवार, माता-पिता और एक अच्छी बहन मिली है। मैं छुट्टी पर जाती हूं। मैं हमेशा कहती हूं कि हमारा व्यवहार कृतज्ञता से भरा हुआ होना चाहिए। सोनम कभी अपनी सुंदरता को लेकर चर्चा में रहती हैं, तो कभी अपने फैशन अंदाज को लेकर।टिप्पणियां सोनम ने कहा, मुझे सजना बहुत अच्छा लगता है। मेरी मदद करने वाले लोग मेरे साथ हैं। मैं उसका श्रेय नहीं ले रही। मेरे पास एक स्टाइलिस्ट है, मेकअप पर्सन है और हेयर स्टाइलिस्ट भी है। मुझे लगता है कि मैं सौभाग्यशाली हूं। मैं ईश्वर की दी इस जिंदगी से बेहद खुश हूं। मुझे वह काम मिल रहा है, जिसे मैं करना चाहती हूं और मैं इसका आनंद ले रही हूं। हालांकि उनकी फैशन आइकन की छवि उनकी असल जिंदगी तक ही सीमित है क्योंकि वे 'रांझणा', 'भाग मिल्खा भाग' और 'मौसम' जैसी फिल्मों में सादे किरदार निभा रही हैं। सोनम 'रांझणा' में धनुष और अभय देओल के साथ नजर आ रही हैं। सोनम का कहना है कि अभय देओल और वे दोस्त हैं और एक से हैं। अभय और सोनम के अलावा इस फिल्म में 'कोलावेरी डी' से चर्चित हुए अभिनेता-गायक धनुष भी हैं। सोनम ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'सांवरिया' से की थी, जो बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं हो सकी। इसके बाद वह 'दिल्ली 6' में नजर आईं, यह फिल्म भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर न खींच सकी। सोनम को व्यवसायिक सफलता अपनी अगली फिल्म 'आई हेट लव स्टोरीज' से मिली थी। हालांकि उनकी अगली फिल्में 'थैंक यू', 'प्लेयर्स' बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकीं। सोनम ने कहा, मैं नंबर वन फिल्म स्टार नहीं हूं या मेरी फिल्में बहुत अच्छा नहीं कर रहीं। मैं खुद को मिली जिंदगी की बेहद आभारी हूं। मुझे एक अच्छा परिवार, माता-पिता और एक अच्छी बहन मिली है। मैं छुट्टी पर जाती हूं। मैं हमेशा कहती हूं कि हमारा व्यवहार कृतज्ञता से भरा हुआ होना चाहिए। सोनम कभी अपनी सुंदरता को लेकर चर्चा में रहती हैं, तो कभी अपने फैशन अंदाज को लेकर।टिप्पणियां सोनम ने कहा, मुझे सजना बहुत अच्छा लगता है। मेरी मदद करने वाले लोग मेरे साथ हैं। मैं उसका श्रेय नहीं ले रही। मेरे पास एक स्टाइलिस्ट है, मेकअप पर्सन है और हेयर स्टाइलिस्ट भी है। मुझे लगता है कि मैं सौभाग्यशाली हूं। मैं ईश्वर की दी इस जिंदगी से बेहद खुश हूं। मुझे वह काम मिल रहा है, जिसे मैं करना चाहती हूं और मैं इसका आनंद ले रही हूं। हालांकि उनकी फैशन आइकन की छवि उनकी असल जिंदगी तक ही सीमित है क्योंकि वे 'रांझणा', 'भाग मिल्खा भाग' और 'मौसम' जैसी फिल्मों में सादे किरदार निभा रही हैं। सोनम 'रांझणा' में धनुष और अभय देओल के साथ नजर आ रही हैं। सोनम का कहना है कि अभय देओल और वे दोस्त हैं और एक से हैं। अभय और सोनम के अलावा इस फिल्म में 'कोलावेरी डी' से चर्चित हुए अभिनेता-गायक धनुष भी हैं। सोनम ने कहा, मैं नंबर वन फिल्म स्टार नहीं हूं या मेरी फिल्में बहुत अच्छा नहीं कर रहीं। मैं खुद को मिली जिंदगी की बेहद आभारी हूं। मुझे एक अच्छा परिवार, माता-पिता और एक अच्छी बहन मिली है। मैं छुट्टी पर जाती हूं। मैं हमेशा कहती हूं कि हमारा व्यवहार कृतज्ञता से भरा हुआ होना चाहिए। सोनम कभी अपनी सुंदरता को लेकर चर्चा में रहती हैं, तो कभी अपने फैशन अंदाज को लेकर।टिप्पणियां सोनम ने कहा, मुझे सजना बहुत अच्छा लगता है। मेरी मदद करने वाले लोग मेरे साथ हैं। मैं उसका श्रेय नहीं ले रही। मेरे पास एक स्टाइलिस्ट है, मेकअप पर्सन है और हेयर स्टाइलिस्ट भी है। मुझे लगता है कि मैं सौभाग्यशाली हूं। मैं ईश्वर की दी इस जिंदगी से बेहद खुश हूं। मुझे वह काम मिल रहा है, जिसे मैं करना चाहती हूं और मैं इसका आनंद ले रही हूं। हालांकि उनकी फैशन आइकन की छवि उनकी असल जिंदगी तक ही सीमित है क्योंकि वे 'रांझणा', 'भाग मिल्खा भाग' और 'मौसम' जैसी फिल्मों में सादे किरदार निभा रही हैं। सोनम 'रांझणा' में धनुष और अभय देओल के साथ नजर आ रही हैं। सोनम का कहना है कि अभय देओल और वे दोस्त हैं और एक से हैं। अभय और सोनम के अलावा इस फिल्म में 'कोलावेरी डी' से चर्चित हुए अभिनेता-गायक धनुष भी हैं। सोनम ने कहा, मुझे सजना बहुत अच्छा लगता है। मेरी मदद करने वाले लोग मेरे साथ हैं। मैं उसका श्रेय नहीं ले रही। मेरे पास एक स्टाइलिस्ट है, मेकअप पर्सन है और हेयर स्टाइलिस्ट भी है। मुझे लगता है कि मैं सौभाग्यशाली हूं। मैं ईश्वर की दी इस जिंदगी से बेहद खुश हूं। मुझे वह काम मिल रहा है, जिसे मैं करना चाहती हूं और मैं इसका आनंद ले रही हूं। हालांकि उनकी फैशन आइकन की छवि उनकी असल जिंदगी तक ही सीमित है क्योंकि वे 'रांझणा', 'भाग मिल्खा भाग' और 'मौसम' जैसी फिल्मों में सादे किरदार निभा रही हैं। सोनम 'रांझणा' में धनुष और अभय देओल के साथ नजर आ रही हैं। सोनम का कहना है कि अभय देओल और वे दोस्त हैं और एक से हैं। अभय और सोनम के अलावा इस फिल्म में 'कोलावेरी डी' से चर्चित हुए अभिनेता-गायक धनुष भी हैं। सोनम 'रांझणा' में धनुष और अभय देओल के साथ नजर आ रही हैं। सोनम का कहना है कि अभय देओल और वे दोस्त हैं और एक से हैं। अभय और सोनम के अलावा इस फिल्म में 'कोलावेरी डी' से चर्चित हुए अभिनेता-गायक धनुष भी हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सोनम कपूर को नंबर वन फिल्म स्टार न होने का कोई मलाल नहीं है, बल्कि वह उन सभी चीजों से बेहद खुश हैं, जो भी उन्हें जिंदगी ने दी हैं।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने रिलायंस जियो के तमाम विज्ञापनों में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं दी थी. यह जानकारी संसद को तब दी गई जब समाजवादी पार्टी के नीरज शेखर ने इससे जुड़ा सवाल राज्यसभा में पूछा. इस पर सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने लिखित जवाब में यह भी स्वीकार किया कि उन्हें यह जानकारी थी कि पीएम की तस्वीर को रिलायंस जियो के विज्ञापन में इस्तेमाल किया जा रहा है. राठौड़ ने कहा 'जी हां सर, सरकार को जानकारी थी.' लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि पीएमओ ने इसकी इजाज़त नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि मंत्रालय की मीडिया शाखा DAVP सभी प्रकार की सरकारी नीतियों से जुड़े विज्ञापनों को मीडिया के अलग अलग माध्यमों के लिए रिलीज़ करती है लेकिन 'सिर्फ सरकारी विज्ञापन, किसी भी निजी संस्था के विज्ञापनों को रिलीज़ करने का काम इस एजेंसी का नहीं है.'टिप्पणियां जब शेखर ने जानना चाहा कि अगर जियो ने इजाज़त नहीं ली है तो उसके खिलाफ किस तरह की कार्यवाही की जाएगी . इस पर राठौड़ ने कहा कि इससे जुड़ा कानून (राजकीय प्रतीक (अनुचित प्रयोग का निषेध) अधिनियम 1950), उपभोक्ता मामले, खाद्य, सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की निगरानी में है. गौरतलब है कि गुरुवार को जियो के हैप्पी न्यू ईयर ऑफर के ऐलान के दौरान मुकेश अंबानी ने 500 और 1000 रुपये नोट बंद करने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के 'साहसिक' फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं देता हूं. इससे पहले भी मुकेश अंबानी ने विज्ञापनों में पीएम की तस्वीर के इस्तेमाल से हो रही आपत्तियों का जवाब देते हुए कहा था कि मोदी 'मेरे भी प्रधानमंत्री हैं. पीएम ने एक डिजिटिल इंडिया का सपना रचा है जिससे मैं भी बहुत प्रेरित हूं. हम इस भारतीय नेता के सपने, भारत और डेढ़ करोड़ भारतीयों को हमारी सर्विस समर्पित करते हैं और इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है.' राठौड़ ने कहा 'जी हां सर, सरकार को जानकारी थी.' लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि पीएमओ ने इसकी इजाज़त नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि मंत्रालय की मीडिया शाखा DAVP सभी प्रकार की सरकारी नीतियों से जुड़े विज्ञापनों को मीडिया के अलग अलग माध्यमों के लिए रिलीज़ करती है लेकिन 'सिर्फ सरकारी विज्ञापन, किसी भी निजी संस्था के विज्ञापनों को रिलीज़ करने का काम इस एजेंसी का नहीं है.'टिप्पणियां जब शेखर ने जानना चाहा कि अगर जियो ने इजाज़त नहीं ली है तो उसके खिलाफ किस तरह की कार्यवाही की जाएगी . इस पर राठौड़ ने कहा कि इससे जुड़ा कानून (राजकीय प्रतीक (अनुचित प्रयोग का निषेध) अधिनियम 1950), उपभोक्ता मामले, खाद्य, सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की निगरानी में है. गौरतलब है कि गुरुवार को जियो के हैप्पी न्यू ईयर ऑफर के ऐलान के दौरान मुकेश अंबानी ने 500 और 1000 रुपये नोट बंद करने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के 'साहसिक' फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं देता हूं. इससे पहले भी मुकेश अंबानी ने विज्ञापनों में पीएम की तस्वीर के इस्तेमाल से हो रही आपत्तियों का जवाब देते हुए कहा था कि मोदी 'मेरे भी प्रधानमंत्री हैं. पीएम ने एक डिजिटिल इंडिया का सपना रचा है जिससे मैं भी बहुत प्रेरित हूं. हम इस भारतीय नेता के सपने, भारत और डेढ़ करोड़ भारतीयों को हमारी सर्विस समर्पित करते हैं और इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है.' जब शेखर ने जानना चाहा कि अगर जियो ने इजाज़त नहीं ली है तो उसके खिलाफ किस तरह की कार्यवाही की जाएगी . इस पर राठौड़ ने कहा कि इससे जुड़ा कानून (राजकीय प्रतीक (अनुचित प्रयोग का निषेध) अधिनियम 1950), उपभोक्ता मामले, खाद्य, सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की निगरानी में है. गौरतलब है कि गुरुवार को जियो के हैप्पी न्यू ईयर ऑफर के ऐलान के दौरान मुकेश अंबानी ने 500 और 1000 रुपये नोट बंद करने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के 'साहसिक' फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं देता हूं. इससे पहले भी मुकेश अंबानी ने विज्ञापनों में पीएम की तस्वीर के इस्तेमाल से हो रही आपत्तियों का जवाब देते हुए कहा था कि मोदी 'मेरे भी प्रधानमंत्री हैं. पीएम ने एक डिजिटिल इंडिया का सपना रचा है जिससे मैं भी बहुत प्रेरित हूं. हम इस भारतीय नेता के सपने, भारत और डेढ़ करोड़ भारतीयों को हमारी सर्विस समर्पित करते हैं और इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है.' गौरतलब है कि गुरुवार को जियो के हैप्पी न्यू ईयर ऑफर के ऐलान के दौरान मुकेश अंबानी ने 500 और 1000 रुपये नोट बंद करने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के 'साहसिक' फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं देता हूं. इससे पहले भी मुकेश अंबानी ने विज्ञापनों में पीएम की तस्वीर के इस्तेमाल से हो रही आपत्तियों का जवाब देते हुए कहा था कि मोदी 'मेरे भी प्रधानमंत्री हैं. पीएम ने एक डिजिटिल इंडिया का सपना रचा है जिससे मैं भी बहुत प्रेरित हूं. हम इस भारतीय नेता के सपने, भारत और डेढ़ करोड़ भारतीयों को हमारी सर्विस समर्पित करते हैं और इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जियो विज्ञापनों में पीएम की तस्वीर इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं दी गई थी पीएम मोदी की तस्वीर को जियो विज्ञापनों में दिखाया गया था मुकेश अंबानी ने कहा कि मोदी मेरे भी प्रधानमंत्री हैं
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के नए कोच के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है. कुछ समय पहले तक रवि शास्त्री को फ्रंट रनर माना जा रहा था लेकिन सोमवार को 4 घंटे तक बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति ने 5 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया. सूत्रों के मुताबिक, वीरेंद्र सहवाग नंबर वन उम्मीदवार बनकर उभरे हैं. सूत्रों ने NDTV को बताया कि सीएससी के तीन सदस्य भूतपूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर सहवाग के प्रजेंटेशन से प्रभावित नजर आए. सहवाग ने विश्वकप 2019 को जीतने का अपना खाका पेश किया.   हालांकि देर शाम गांगुली ने नए कोच की घोषणा की टालते हुए कहा कि सीएससी कोई भी आधिकारिक नियुक्ति करने से पहले कप्तान विराट कोहली से भी विचार-विमर्श करना चाहती है.  इसी के साथ गांगुली ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि सीएसी को विराट से अप्रूवल लेना है. इतना ही नहीं, पूर्व भारतीय कप्तान और कोच सलाहकार समिति (सीएसी) सदस्य सौरव गांगुली ने यह कहते हुए विराट कोहली को स्पष्ट संदेश भेजा कि कोच कैसे काम करते हैं, भारतीय कप्तान को इस बात को समझने की जरूरत है.  माना जाता है कि गांगुली की ओर से यह साफ संकेत था कि नए कोच के चयन में विराट की मनमानी नहीं चलेगी. टिप्पणियां गांगुली ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो गई है. सारे प्रस्तुतिकरण शानदार थे. हम सिर्फ उन लोगों से बात करना चाहते हैं जो अहमियत रखते हैं. हम सबकी राय एक जैसी होनी चाहिए. जो भी आएगा, उसे 2019 विश्व कप तक होना चाहिए. और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छह महीने तक राय में मतभेद नहीं हों."     इसके अलावा, सीएसी विराट कोहली को नए कोच और उसके प्लान के बारे में जानकारी देते हुए बताना चाहती है कि रवि शास्त्री कोच पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं. माना तो यह भी जाता है कि अगर रवि शास्त्री सीएससी की पसंद होते तो विराट से उनकी बेहतर ट्यूनिंग और कार्यशैली को देखते हुए आज ही उनके नाम की घोषणा कर दी जाती.  इतना ही नहीं, पूर्व भारतीय कप्तान और कोच सलाहकार समिति (सीएसी) सदस्य सौरव गांगुली ने यह कहते हुए विराट कोहली को स्पष्ट संदेश भेजा कि कोच कैसे काम करते हैं, भारतीय कप्तान को इस बात को समझने की जरूरत है.  माना जाता है कि गांगुली की ओर से यह साफ संकेत था कि नए कोच के चयन में विराट की मनमानी नहीं चलेगी. टिप्पणियां गांगुली ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो गई है. सारे प्रस्तुतिकरण शानदार थे. हम सिर्फ उन लोगों से बात करना चाहते हैं जो अहमियत रखते हैं. हम सबकी राय एक जैसी होनी चाहिए. जो भी आएगा, उसे 2019 विश्व कप तक होना चाहिए. और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छह महीने तक राय में मतभेद नहीं हों."     इसके अलावा, सीएसी विराट कोहली को नए कोच और उसके प्लान के बारे में जानकारी देते हुए बताना चाहती है कि रवि शास्त्री कोच पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं. माना तो यह भी जाता है कि अगर रवि शास्त्री सीएससी की पसंद होते तो विराट से उनकी बेहतर ट्यूनिंग और कार्यशैली को देखते हुए आज ही उनके नाम की घोषणा कर दी जाती.  गांगुली ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो गई है. सारे प्रस्तुतिकरण शानदार थे. हम सिर्फ उन लोगों से बात करना चाहते हैं जो अहमियत रखते हैं. हम सबकी राय एक जैसी होनी चाहिए. जो भी आएगा, उसे 2019 विश्व कप तक होना चाहिए. और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छह महीने तक राय में मतभेद नहीं हों."     इसके अलावा, सीएसी विराट कोहली को नए कोच और उसके प्लान के बारे में जानकारी देते हुए बताना चाहती है कि रवि शास्त्री कोच पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं. माना तो यह भी जाता है कि अगर रवि शास्त्री सीएससी की पसंद होते तो विराट से उनकी बेहतर ट्यूनिंग और कार्यशैली को देखते हुए आज ही उनके नाम की घोषणा कर दी जाती.  इसके अलावा, सीएसी विराट कोहली को नए कोच और उसके प्लान के बारे में जानकारी देते हुए बताना चाहती है कि रवि शास्त्री कोच पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं. माना तो यह भी जाता है कि अगर रवि शास्त्री सीएससी की पसंद होते तो विराट से उनकी बेहतर ट्यूनिंग और कार्यशैली को देखते हुए आज ही उनके नाम की घोषणा कर दी जाती.
संक्षिप्त पाठ: भारत के नए कोच के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है सूत्रों के मुताबिक, वीरेंद्र सहवाग नंबर वन उम्मीदवार बनकर उभरे हैं गांगुली ने स्पष्ट किया कि सीएसी को विराट से अप्रूवल नहीं लेना है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने सोमवार को देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश और राष्ट्रीय प्रसारण मानक संघ के प्रमुख जस्टिस जेएस वर्मा से कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और इंडिया टुडे समूह के खिलाफ आरोपों की जांच करने और अपनी रिपोर्ट देने को कहा। जस्टिस वर्मा को भेजे एक पत्र में जस्टिस काटजू ने कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप मामले की गहन जांच करें और अपने निष्कर्षों को सार्वजनिक करें ताकि जो भी निर्दोष हों उन्हें दोषमुक्त किया जाए और जो दोषी हों उनका पर्दाफाश किया जाए। काटजू ने कहा कि प्रसारण मीडिया आम तौर पर अपनी खबरों की उचित जांच नहीं करता। उन्होंने कहा, ‘‘यह अपने आप में अकेला मामला नहीं है क्योंकि अकसर शिकायतें आती है कि ब्रेकिंग न्यूज देने की जल्दबाजी में मीडिया और खासतौर से प्रसारण मीडिया किसी की प्रतिष्ठा पर हमला करने से पहले उचित जांच नहीं करता।’’ खुर्शीद ने कल उनके और उनकी पत्नी लुइ के खिलाफ लगाए गए उनके ट्रस्ट द्वारा धन की अनियमितता संबंधी आरोपों से इनकार किया था।टिप्पणियां पत्र में काटजू ने लिखा है कि इस मामले को ऊंचे ओहदे वाले व्यक्ति द्वारा देखा जाना चाहिए और सबके मन में जस्टिस वर्मा के लिए ‘‘बहुत इज्जत’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ वकील आज मेरे आवास पर मुझसे मिले और सुझाव दिया कि दोनो तरफ से चूंकि परस्पर विरोधी बातें कही जा रही हैं, इसलिए मुनासिब होगा कि कोई ऊंचे ओहदे वाला व्यक्ति इस मामले को देखे।’’ काटजू ने गीता को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘इस संदर्भ में मैं अध्याय दो के श्लोक 34 का उदाहरण देना चाहूंगा, जहां भगवान कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि आत्मसम्मान वाला व्यक्ति मृत्यु को अपमान से बेहतर मानता है।’’ जस्टिस वर्मा को भेजे एक पत्र में जस्टिस काटजू ने कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप मामले की गहन जांच करें और अपने निष्कर्षों को सार्वजनिक करें ताकि जो भी निर्दोष हों उन्हें दोषमुक्त किया जाए और जो दोषी हों उनका पर्दाफाश किया जाए। काटजू ने कहा कि प्रसारण मीडिया आम तौर पर अपनी खबरों की उचित जांच नहीं करता। उन्होंने कहा, ‘‘यह अपने आप में अकेला मामला नहीं है क्योंकि अकसर शिकायतें आती है कि ब्रेकिंग न्यूज देने की जल्दबाजी में मीडिया और खासतौर से प्रसारण मीडिया किसी की प्रतिष्ठा पर हमला करने से पहले उचित जांच नहीं करता।’’ खुर्शीद ने कल उनके और उनकी पत्नी लुइ के खिलाफ लगाए गए उनके ट्रस्ट द्वारा धन की अनियमितता संबंधी आरोपों से इनकार किया था।टिप्पणियां पत्र में काटजू ने लिखा है कि इस मामले को ऊंचे ओहदे वाले व्यक्ति द्वारा देखा जाना चाहिए और सबके मन में जस्टिस वर्मा के लिए ‘‘बहुत इज्जत’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ वकील आज मेरे आवास पर मुझसे मिले और सुझाव दिया कि दोनो तरफ से चूंकि परस्पर विरोधी बातें कही जा रही हैं, इसलिए मुनासिब होगा कि कोई ऊंचे ओहदे वाला व्यक्ति इस मामले को देखे।’’ काटजू ने गीता को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘इस संदर्भ में मैं अध्याय दो के श्लोक 34 का उदाहरण देना चाहूंगा, जहां भगवान कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि आत्मसम्मान वाला व्यक्ति मृत्यु को अपमान से बेहतर मानता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह अपने आप में अकेला मामला नहीं है क्योंकि अकसर शिकायतें आती है कि ब्रेकिंग न्यूज देने की जल्दबाजी में मीडिया और खासतौर से प्रसारण मीडिया किसी की प्रतिष्ठा पर हमला करने से पहले उचित जांच नहीं करता।’’ खुर्शीद ने कल उनके और उनकी पत्नी लुइ के खिलाफ लगाए गए उनके ट्रस्ट द्वारा धन की अनियमितता संबंधी आरोपों से इनकार किया था।टिप्पणियां पत्र में काटजू ने लिखा है कि इस मामले को ऊंचे ओहदे वाले व्यक्ति द्वारा देखा जाना चाहिए और सबके मन में जस्टिस वर्मा के लिए ‘‘बहुत इज्जत’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ वकील आज मेरे आवास पर मुझसे मिले और सुझाव दिया कि दोनो तरफ से चूंकि परस्पर विरोधी बातें कही जा रही हैं, इसलिए मुनासिब होगा कि कोई ऊंचे ओहदे वाला व्यक्ति इस मामले को देखे।’’ काटजू ने गीता को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘इस संदर्भ में मैं अध्याय दो के श्लोक 34 का उदाहरण देना चाहूंगा, जहां भगवान कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि आत्मसम्मान वाला व्यक्ति मृत्यु को अपमान से बेहतर मानता है।’’ पत्र में काटजू ने लिखा है कि इस मामले को ऊंचे ओहदे वाले व्यक्ति द्वारा देखा जाना चाहिए और सबके मन में जस्टिस वर्मा के लिए ‘‘बहुत इज्जत’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ वकील आज मेरे आवास पर मुझसे मिले और सुझाव दिया कि दोनो तरफ से चूंकि परस्पर विरोधी बातें कही जा रही हैं, इसलिए मुनासिब होगा कि कोई ऊंचे ओहदे वाला व्यक्ति इस मामले को देखे।’’ काटजू ने गीता को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘इस संदर्भ में मैं अध्याय दो के श्लोक 34 का उदाहरण देना चाहूंगा, जहां भगवान कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि आत्मसम्मान वाला व्यक्ति मृत्यु को अपमान से बेहतर मानता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ वकील आज मेरे आवास पर मुझसे मिले और सुझाव दिया कि दोनो तरफ से चूंकि परस्पर विरोधी बातें कही जा रही हैं, इसलिए मुनासिब होगा कि कोई ऊंचे ओहदे वाला व्यक्ति इस मामले को देखे।’’ काटजू ने गीता को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘इस संदर्भ में मैं अध्याय दो के श्लोक 34 का उदाहरण देना चाहूंगा, जहां भगवान कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि आत्मसम्मान वाला व्यक्ति मृत्यु को अपमान से बेहतर मानता है।’’
संक्षिप्त पाठ: जस्टिस वर्मा को भेजे एक पत्र में जस्टिस काटजू ने कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप मामले की गहन जांच करें और अपने निष्कर्षों को सार्वजनिक करें, ताकि जो भी निर्दोष हों, उन्हें दोषमुक्त किया जाए और जो दोषी हों, उनका पर्दाफाश किया जाए।''
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: रविवार को हुए विवाद के बाद अब लालू प्रसाद यादव के परिवार से नई खबर है कि महिला हेल्पलाइन के हस्तक्षेप के बाद राबड़ी देवी ने फिर से तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय ( Aishwarya Rai) को घर में ठहराने के लिए मान गई हैं.  आपको बता दें कि रविवार को ऐश्वर्या ने अपनी सास राबड़ी और ननद मीसा भारती (Misa Bharti) पर घर से निकालने का आरोप लगाया था और इसकी महिला हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करायी थी. शिकायत के आधार पर हेल्पलाइन की अधिकारी प्रमिला ऐश्वर्या के माता-पिता सहित परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में जांच के लिए पटना के दस सकुर्लर रोड स्थित राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर पहुंची थीं.  कुछ दिन पहले ही बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या का अपनी ससुराल से पैदल बाहर निकलते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में ऐश्वर्या अपनी सास और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास से पैदल बाहर निकलते दिखाई दे रही थीं, तथा उनका चेहरा तमतमाया हुआ था. वीडियो में ऐश्वर्या रोते हुए भी देखी गईं. राबड़ी देवी के घर से निकलने के बाद ऐश्वर्या बाहर (सड़क पर) खड़ी अपने पिता की गाड़ी में बैठ गईं. आपको बता दें कि तेजप्रताप यादव से तलाक प्रकरण के बाद भी ऐश्वर्या लगातार राबड़ी आवास में ही रह रही थीं. उसके बाद ऐश्वर्या का यह वीडियो वायरल हुआ. हालांकि इस संबंध में राजद के किसी नेता की तरफ से कोई बयान नहीं आया. वीडियो में ऐश्वर्या जिस वक्त राबड़ी आवास के बाहर निकलीं, उनके साथ उनके ससुराल का कोई अन्य सदस्य दिखाई नहीं दिया. बता दें कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही तेजप्रताप और ऐश्वर्या के बीच रिश्ते खराब होने लगे थे. बाद में तेजप्रताप ने अदालत में तलाक की अर्जी दायर कर दी. इस मामले की सुनवाई अभी पटना की एक अदालत में चल रही है.
संक्षिप्त पाठ: तेज प्रताप यादव की पत्नी है ऐश्वर्या ऐश्वर्या ने तेज प्रताप पर लगाए हैं कई आरोप तेज प्रताप के व्यवहार को लेकर की है शिकायत
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राहत फतेह अली खान ( Rahat Fateh Ali Khan) की इस गाने के बाद प्रसिद्धि बढ़ती चली गई. राहत फतेह अली खान ने बॉलीवुड के अलावा हॉलीवुड फिल्मों के लिए भी काम किया है. साल 1995 में उन्होंने उस्ताद नुसरत फतह अली खान और अपने वालिद के साथ मिलकर डेड मैन वॉकिंग का म्यूजिक देने में मदद की थी. इसके अलावा भी उन्होंने कई हॉलीवुड फिल्मों के लिए काम किया. राहत फतेह अली खान ( Rahat Fateh Ali Khan) का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के फैसलाबाद शहर में सन 1974 में हुआ था.    राहत फतेह अली खान ( Rahat Fateh Ali Khan) के परिवार में कव्वाली गाने की परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है. उनके वालिद फर्रुख फतेह अली खान साहेब को भी संगीत का शौक था. राहत ने संगीत की शिक्षा अपने तायाजी नुसरत फतेह अली खान से प्राप्त की. राहत ने अपना पहला स्टेज शो 7 साल की उम्र में किया था. राहत फतेह अली खान ने कई टेलीवीजन शो में जज की भी भूमिका निभाई है. उन्होंने बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम के साथ 'छोटे उस्ताद' नामक सिंगिंग रियलिटी शो को जज किया है. राहत फतेह अली खान ( Rahat Fateh Ali Khan) ने साल 2008 में एनडीटीवी के सिंगिंग रियलिटी शो 'जुनून' में भी जज की भूमिका निभाई थी. राहत फतेह अली खान पहले पाकिस्तानी हैं, जिन्होंने कोई नोबेल प्राइज कॉन्सर्ट में परफॉर्म किया है. साल 2014 में उन्हें परफॉर्म के लिए निमंत्रण मिला था. इस कार्यक्रम में उन्होंने नुसरत फतेह अली खान (Nusrat Fateh Ali Khan) की यादगार कव्वाली 'तुन्हें दिल्लगी' और 'मस्त कलंदर' पर समां बांध दिया था.   राहत फतेह अली खान ( Rahat Fateh Ali Khan) को उनके यादगार गानों के लिए कई अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है. राहत फतेह अली खान के अलावा भी कई ऐसे पाकिस्तानी सिंगर हैं जिन्होंने बॉलीवुड में अपनी धाक जमाई.  पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम (Atif Aslam) इन दिनों अपने गानों से बॉलीवुड में धूम मचा रहे हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राहत फतेह अली खान को ED ने भेजा नोटिस उन्होंने बॉलीवुड में कई बेहतरीन गाने गाए हैं साल 2003 में राहत फतेह अली खान ने रखा था बॉलीवुड में कदम
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra)  ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता सत्ता के नशे में चूर हैं क्योंकि वे लोग अपनी ड्यूटी करने पर सरकारी कर्मचारियों की पिटाई कर रहे हैं. उन्होंने (Priyanka Gandhi Vadra)  सवाल किया कि क्या इन नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी. प्रियंका (Priyanka Gandhi Vadra) ने ट्विटर पर कहा कि कोई (भाजपा का नेता) किसी सरकारी कर्मचारी को क्रिकेट के बल्ले से पीटता है, तो कोई दूसरा टोल शुल्क मांगने पर फायरिंग कर लाठी-डंडे चलाता है. भाजपा सांसद एवं अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों द्वारा शनिवार को यहां एक टोल चौकी पर हवा में गोलियां चलाने और कर्मचारियों की कथित तौर पर पिटाई करने के बाद कांग्रेस महासचिव (Priyanka Gandhi Vadra) की यह प्रतिक्रिया आई है. प्रियंका ने ट्वीट किया कि चुनाव जीतकर भाजपा के नेताओं को जनता की सेवा करनी थी, मगर वे कर्मचारियों की पिटाई कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोई सत्ता की हनक में बल्ले से पीटता है, तो कोई टोल शुल्क माँगने पर फायरिंग कर लाठी-डंडे चलाता है. प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि क्या इन लोगों पर सख़्त कार्रवाई की सम्भावना है ? गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों के आखिरी चरण के लिए मतदान 19 मई को होना था जिसके नतीजे 23 मई को आए थे लेकिन प्रियंका मतदान से पहले पीएम पर लगातार हमले कर रही थी. उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा था, 'हमारे पीएम अपने आप को शक्तिशाली कहते हैं और वह 56 इंच का सीना ताने हुए हैं, उनमें हिम्मत नहीं हुई कि हजारों किसानों से बात कर लें.'(इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त पाठ: प्रियंका गांधी ने आकाश विजयवर्गीय मामले को लेकर कसा तंज पूछा- बीजेपी अपने नेताओं पर क्यों नहीं करती है कार्रवाई प्रियंका गांधी ने कहा ऐसे नेताओं पर होनी चाहिए कड़ी कार्रवाई
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2014 लोकसभा के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिताने के लिये भाजपा के लोगों ने तिनका तिनका जोड़कर जीत का कारवां आगे बढ़ाया था. इन तिनकों में दूसरी पार्टियों के दिग्गज़ों को भी बड़े आश्‍वासन दे कर पार्टी में शामिल कराया था. उन लोगों ने पूरी निष्ठा के साथ बीजेपी की विचारधारा में अपने को ढाल कर मेहनत भी की. उम्मीद थी कि उन्हें टिकट मिलेगा. लेकिन जब टिकट की घोषणा हुई तो बाहरी का ठप्पा लगा कर उन्हें टिकट की मजबूत दावेदारी से बाहर कर दिया गया. इनमें बीजेपी का दमन थमने वालों में सबसे ज़्यादा कांग्रेसी हैं जिनका राजनीतिक करियर दांव पर लगा है. शहर दक्षिणी से 2012 के चुनाव में लगभग 45000 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे दयाशंकर मिश्र दयालू को लोकसभा के चुनाव में बड़े आश्वासन के साथ पार्टी में शामिल कराया गया था. पिछले तीन साल से वह इस विधानसभा सीट पर मेहनत कर रहे हैं. लेकिन टिकट न मिलने से उनके समर्थक जहां बागी हो रहे हैं तो वहीं दयाशंकर मिश्र स्तब्ध और खामोश हो गए हैं. क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका करियर ही दांव पर है. इसी तरह कांग्रेस से आए डॉ. अशोक सिंह हैं. हालांकि ये बनारस से नहीं बल्कि गाजीपुर सदर से टिकट मांग रहे थे. इन्हें भी बाहरी के तमगे ने टिकट से वंचित कर दिया. अशोक सिंह बातचीत में कहते हैं, 'भाजपा के बड़े नेता ने विशवास दिलाया था कि इस बार टिकट मिलेगा. लेकिन ऐन वक़्त पर काट दिया.' आखिर किस मानक से काटा वो उनकी समझ से पर है. जबकि बनारस में कांग्रेस से मेयर का चुनाव अशोक सिंह लड़े थे और उन्हें 73 हजार वोट मिले थे. कांग्रेस के अलावा स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ बीजेपी में शामिल दो बार से विधायक उदयलाल मौर्य भी अपना टिकट कटने से स्तब्ध हैं. उदयलाल मौर्य शिवपुर विधानसभा सीट से 2007 और 2012 के चुनाव में जीते थे. वो वर्तमान में सिटिंग विधायक हैं. लिहाजा वो समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उनका टिकट किस आधार पर कटा. वो अपने आपको पूरी तरह ठगा महसूस कर रहे हैं. उनके समर्थक उन्हें निर्दलीय लड़ने की सलाह दे रहे हैं पर अभी वो खामोश हैं और वक़्त का इंतजार कर रहे हैं. टिकट बंटवारे का ये विरोध सिर्फ बहार से भाजपा में आए लोगों के टिकट न मिलने का ही नहीं है बल्कि भाजपा में अपने अंदर भी जिन लोगों को टिकट दिया गया उनका भी जमकर विरोध हो रहा है. इसमें खासतौर पर बीजेपी की परंपरागात सीट शहर दक्षिणी और कैंट विधानसभा की सीट पर ज़्यादा असंतोष है. इस असंतोष का प्रदर्शन भी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय से लेकर भाजपा के कार्यालय और संघ के दफ्तर में भी दिखाई पड़ा.टिप्पणियां टिकट बंटवारे के बाद से ही बीजेपी के स्थानीय बड़े पदाधिकारियों को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. शहर दक्षिणी में 7 बार से विधायक रहे श्यामदेव चौधरी भी अपना टिकट कटने और जिन लोगों को टिकट मिला उससे खुश नहीं हैं. सूत्र कहते हैं कि उन्होंने दबी जबान में ये तक कह दिया कि जनता सब देख रही है, वो खुद हिसाब कर लेगी. दादा के उपनाम से मशहूर श्यामदेव राय चौधरी बनारस में बीजेपी के चेहरा हैं. उन्हें इस बात का गहरा आघात लगा है कि उनसे इस बाबत किसी ने राय जानने की भी जरूरत नहीं समझी. कैंट विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने श्रीवास्तव परिवार पर ही भरोसा जताया. यहां विधायक रहे हरीश चन्द्र श्रीवास्तव, उसके बाद उनकी पत्नी ज्योत्सना श्रीवास्तव और अब उनके बेटे सौरभ श्रीवास्तव को टिकट मिल गया,  जिससे कार्यकर्ता बहुत निराश हैं. जो लोग टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे वो तो निराश हैं ही, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता भी शायद पहली बार बनारस में इस टिकट बंटवारे से इतना नाउम्मीद हुआ है. यही वजह है कि पहली बार बनारस में विरोध का स्वर इतना मुखर हुआ. प्रधानमंत्री के कार्यालय पर विरोध हुआ तो पुतला भी फूंका गया. बाहरी तौर पर इस विरोध को आप बहुत बड़ा नहीं कह सकते पर अंदर विरोध बहुत तेज सुलग रहा है. और अगर इसे जल्द आलाकमान ठंडा नहीं कर पाता तो कोई बड़ी बात नहीं कि इस आग में बीजेपी कहीं अपनी परम्परागत सीट ही न गंवा बैठे. शहर दक्षिणी से 2012 के चुनाव में लगभग 45000 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे दयाशंकर मिश्र दयालू को लोकसभा के चुनाव में बड़े आश्वासन के साथ पार्टी में शामिल कराया गया था. पिछले तीन साल से वह इस विधानसभा सीट पर मेहनत कर रहे हैं. लेकिन टिकट न मिलने से उनके समर्थक जहां बागी हो रहे हैं तो वहीं दयाशंकर मिश्र स्तब्ध और खामोश हो गए हैं. क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका करियर ही दांव पर है. इसी तरह कांग्रेस से आए डॉ. अशोक सिंह हैं. हालांकि ये बनारस से नहीं बल्कि गाजीपुर सदर से टिकट मांग रहे थे. इन्हें भी बाहरी के तमगे ने टिकट से वंचित कर दिया. अशोक सिंह बातचीत में कहते हैं, 'भाजपा के बड़े नेता ने विशवास दिलाया था कि इस बार टिकट मिलेगा. लेकिन ऐन वक़्त पर काट दिया.' आखिर किस मानक से काटा वो उनकी समझ से पर है. जबकि बनारस में कांग्रेस से मेयर का चुनाव अशोक सिंह लड़े थे और उन्हें 73 हजार वोट मिले थे. कांग्रेस के अलावा स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ बीजेपी में शामिल दो बार से विधायक उदयलाल मौर्य भी अपना टिकट कटने से स्तब्ध हैं. उदयलाल मौर्य शिवपुर विधानसभा सीट से 2007 और 2012 के चुनाव में जीते थे. वो वर्तमान में सिटिंग विधायक हैं. लिहाजा वो समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उनका टिकट किस आधार पर कटा. वो अपने आपको पूरी तरह ठगा महसूस कर रहे हैं. उनके समर्थक उन्हें निर्दलीय लड़ने की सलाह दे रहे हैं पर अभी वो खामोश हैं और वक़्त का इंतजार कर रहे हैं. टिकट बंटवारे का ये विरोध सिर्फ बहार से भाजपा में आए लोगों के टिकट न मिलने का ही नहीं है बल्कि भाजपा में अपने अंदर भी जिन लोगों को टिकट दिया गया उनका भी जमकर विरोध हो रहा है. इसमें खासतौर पर बीजेपी की परंपरागात सीट शहर दक्षिणी और कैंट विधानसभा की सीट पर ज़्यादा असंतोष है. इस असंतोष का प्रदर्शन भी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय से लेकर भाजपा के कार्यालय और संघ के दफ्तर में भी दिखाई पड़ा.टिप्पणियां टिकट बंटवारे के बाद से ही बीजेपी के स्थानीय बड़े पदाधिकारियों को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. शहर दक्षिणी में 7 बार से विधायक रहे श्यामदेव चौधरी भी अपना टिकट कटने और जिन लोगों को टिकट मिला उससे खुश नहीं हैं. सूत्र कहते हैं कि उन्होंने दबी जबान में ये तक कह दिया कि जनता सब देख रही है, वो खुद हिसाब कर लेगी. दादा के उपनाम से मशहूर श्यामदेव राय चौधरी बनारस में बीजेपी के चेहरा हैं. उन्हें इस बात का गहरा आघात लगा है कि उनसे इस बाबत किसी ने राय जानने की भी जरूरत नहीं समझी. कैंट विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने श्रीवास्तव परिवार पर ही भरोसा जताया. यहां विधायक रहे हरीश चन्द्र श्रीवास्तव, उसके बाद उनकी पत्नी ज्योत्सना श्रीवास्तव और अब उनके बेटे सौरभ श्रीवास्तव को टिकट मिल गया,  जिससे कार्यकर्ता बहुत निराश हैं. जो लोग टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे वो तो निराश हैं ही, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता भी शायद पहली बार बनारस में इस टिकट बंटवारे से इतना नाउम्मीद हुआ है. यही वजह है कि पहली बार बनारस में विरोध का स्वर इतना मुखर हुआ. प्रधानमंत्री के कार्यालय पर विरोध हुआ तो पुतला भी फूंका गया. बाहरी तौर पर इस विरोध को आप बहुत बड़ा नहीं कह सकते पर अंदर विरोध बहुत तेज सुलग रहा है. और अगर इसे जल्द आलाकमान ठंडा नहीं कर पाता तो कोई बड़ी बात नहीं कि इस आग में बीजेपी कहीं अपनी परम्परागत सीट ही न गंवा बैठे. अशोक सिंह बातचीत में कहते हैं, 'भाजपा के बड़े नेता ने विशवास दिलाया था कि इस बार टिकट मिलेगा. लेकिन ऐन वक़्त पर काट दिया.' आखिर किस मानक से काटा वो उनकी समझ से पर है. जबकि बनारस में कांग्रेस से मेयर का चुनाव अशोक सिंह लड़े थे और उन्हें 73 हजार वोट मिले थे. कांग्रेस के अलावा स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ बीजेपी में शामिल दो बार से विधायक उदयलाल मौर्य भी अपना टिकट कटने से स्तब्ध हैं. उदयलाल मौर्य शिवपुर विधानसभा सीट से 2007 और 2012 के चुनाव में जीते थे. वो वर्तमान में सिटिंग विधायक हैं. लिहाजा वो समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उनका टिकट किस आधार पर कटा. वो अपने आपको पूरी तरह ठगा महसूस कर रहे हैं. उनके समर्थक उन्हें निर्दलीय लड़ने की सलाह दे रहे हैं पर अभी वो खामोश हैं और वक़्त का इंतजार कर रहे हैं. टिकट बंटवारे का ये विरोध सिर्फ बहार से भाजपा में आए लोगों के टिकट न मिलने का ही नहीं है बल्कि भाजपा में अपने अंदर भी जिन लोगों को टिकट दिया गया उनका भी जमकर विरोध हो रहा है. इसमें खासतौर पर बीजेपी की परंपरागात सीट शहर दक्षिणी और कैंट विधानसभा की सीट पर ज़्यादा असंतोष है. इस असंतोष का प्रदर्शन भी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय से लेकर भाजपा के कार्यालय और संघ के दफ्तर में भी दिखाई पड़ा.टिप्पणियां टिकट बंटवारे के बाद से ही बीजेपी के स्थानीय बड़े पदाधिकारियों को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. शहर दक्षिणी में 7 बार से विधायक रहे श्यामदेव चौधरी भी अपना टिकट कटने और जिन लोगों को टिकट मिला उससे खुश नहीं हैं. सूत्र कहते हैं कि उन्होंने दबी जबान में ये तक कह दिया कि जनता सब देख रही है, वो खुद हिसाब कर लेगी. दादा के उपनाम से मशहूर श्यामदेव राय चौधरी बनारस में बीजेपी के चेहरा हैं. उन्हें इस बात का गहरा आघात लगा है कि उनसे इस बाबत किसी ने राय जानने की भी जरूरत नहीं समझी. कैंट विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने श्रीवास्तव परिवार पर ही भरोसा जताया. यहां विधायक रहे हरीश चन्द्र श्रीवास्तव, उसके बाद उनकी पत्नी ज्योत्सना श्रीवास्तव और अब उनके बेटे सौरभ श्रीवास्तव को टिकट मिल गया,  जिससे कार्यकर्ता बहुत निराश हैं. जो लोग टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे वो तो निराश हैं ही, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता भी शायद पहली बार बनारस में इस टिकट बंटवारे से इतना नाउम्मीद हुआ है. यही वजह है कि पहली बार बनारस में विरोध का स्वर इतना मुखर हुआ. प्रधानमंत्री के कार्यालय पर विरोध हुआ तो पुतला भी फूंका गया. बाहरी तौर पर इस विरोध को आप बहुत बड़ा नहीं कह सकते पर अंदर विरोध बहुत तेज सुलग रहा है. और अगर इसे जल्द आलाकमान ठंडा नहीं कर पाता तो कोई बड़ी बात नहीं कि इस आग में बीजेपी कहीं अपनी परम्परागत सीट ही न गंवा बैठे. टिकट बंटवारे का ये विरोध सिर्फ बहार से भाजपा में आए लोगों के टिकट न मिलने का ही नहीं है बल्कि भाजपा में अपने अंदर भी जिन लोगों को टिकट दिया गया उनका भी जमकर विरोध हो रहा है. इसमें खासतौर पर बीजेपी की परंपरागात सीट शहर दक्षिणी और कैंट विधानसभा की सीट पर ज़्यादा असंतोष है. इस असंतोष का प्रदर्शन भी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय से लेकर भाजपा के कार्यालय और संघ के दफ्तर में भी दिखाई पड़ा.टिप्पणियां टिकट बंटवारे के बाद से ही बीजेपी के स्थानीय बड़े पदाधिकारियों को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. शहर दक्षिणी में 7 बार से विधायक रहे श्यामदेव चौधरी भी अपना टिकट कटने और जिन लोगों को टिकट मिला उससे खुश नहीं हैं. सूत्र कहते हैं कि उन्होंने दबी जबान में ये तक कह दिया कि जनता सब देख रही है, वो खुद हिसाब कर लेगी. दादा के उपनाम से मशहूर श्यामदेव राय चौधरी बनारस में बीजेपी के चेहरा हैं. उन्हें इस बात का गहरा आघात लगा है कि उनसे इस बाबत किसी ने राय जानने की भी जरूरत नहीं समझी. कैंट विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने श्रीवास्तव परिवार पर ही भरोसा जताया. यहां विधायक रहे हरीश चन्द्र श्रीवास्तव, उसके बाद उनकी पत्नी ज्योत्सना श्रीवास्तव और अब उनके बेटे सौरभ श्रीवास्तव को टिकट मिल गया,  जिससे कार्यकर्ता बहुत निराश हैं. जो लोग टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे वो तो निराश हैं ही, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता भी शायद पहली बार बनारस में इस टिकट बंटवारे से इतना नाउम्मीद हुआ है. यही वजह है कि पहली बार बनारस में विरोध का स्वर इतना मुखर हुआ. प्रधानमंत्री के कार्यालय पर विरोध हुआ तो पुतला भी फूंका गया. बाहरी तौर पर इस विरोध को आप बहुत बड़ा नहीं कह सकते पर अंदर विरोध बहुत तेज सुलग रहा है. और अगर इसे जल्द आलाकमान ठंडा नहीं कर पाता तो कोई बड़ी बात नहीं कि इस आग में बीजेपी कहीं अपनी परम्परागत सीट ही न गंवा बैठे. टिकट बंटवारे के बाद से ही बीजेपी के स्थानीय बड़े पदाधिकारियों को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. शहर दक्षिणी में 7 बार से विधायक रहे श्यामदेव चौधरी भी अपना टिकट कटने और जिन लोगों को टिकट मिला उससे खुश नहीं हैं. सूत्र कहते हैं कि उन्होंने दबी जबान में ये तक कह दिया कि जनता सब देख रही है, वो खुद हिसाब कर लेगी. दादा के उपनाम से मशहूर श्यामदेव राय चौधरी बनारस में बीजेपी के चेहरा हैं. उन्हें इस बात का गहरा आघात लगा है कि उनसे इस बाबत किसी ने राय जानने की भी जरूरत नहीं समझी. कैंट विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने श्रीवास्तव परिवार पर ही भरोसा जताया. यहां विधायक रहे हरीश चन्द्र श्रीवास्तव, उसके बाद उनकी पत्नी ज्योत्सना श्रीवास्तव और अब उनके बेटे सौरभ श्रीवास्तव को टिकट मिल गया,  जिससे कार्यकर्ता बहुत निराश हैं. जो लोग टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे वो तो निराश हैं ही, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता भी शायद पहली बार बनारस में इस टिकट बंटवारे से इतना नाउम्मीद हुआ है. यही वजह है कि पहली बार बनारस में विरोध का स्वर इतना मुखर हुआ. प्रधानमंत्री के कार्यालय पर विरोध हुआ तो पुतला भी फूंका गया. बाहरी तौर पर इस विरोध को आप बहुत बड़ा नहीं कह सकते पर अंदर विरोध बहुत तेज सुलग रहा है. और अगर इसे जल्द आलाकमान ठंडा नहीं कर पाता तो कोई बड़ी बात नहीं कि इस आग में बीजेपी कहीं अपनी परम्परागत सीट ही न गंवा बैठे. कैंट विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने श्रीवास्तव परिवार पर ही भरोसा जताया. यहां विधायक रहे हरीश चन्द्र श्रीवास्तव, उसके बाद उनकी पत्नी ज्योत्सना श्रीवास्तव और अब उनके बेटे सौरभ श्रीवास्तव को टिकट मिल गया,  जिससे कार्यकर्ता बहुत निराश हैं. जो लोग टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे वो तो निराश हैं ही, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता भी शायद पहली बार बनारस में इस टिकट बंटवारे से इतना नाउम्मीद हुआ है. यही वजह है कि पहली बार बनारस में विरोध का स्वर इतना मुखर हुआ. प्रधानमंत्री के कार्यालय पर विरोध हुआ तो पुतला भी फूंका गया. बाहरी तौर पर इस विरोध को आप बहुत बड़ा नहीं कह सकते पर अंदर विरोध बहुत तेज सुलग रहा है. और अगर इसे जल्द आलाकमान ठंडा नहीं कर पाता तो कोई बड़ी बात नहीं कि इस आग में बीजेपी कहीं अपनी परम्परागत सीट ही न गंवा बैठे.
यहाँ एक सारांश है:दूसरी पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए कई लोगों को नहीं मिला है टिकट पहली बार बनारस में बीजेपी में विरोध का स्वर इतना मुखर हुआ बीजेपी के स्थानीय बड़े पदाधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 22 मई : एआईएमपीएलबी ने उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर करते हुए कहा कि वह दूल्हों को यह बताने के लिए ‘काज़ियों’ को एक परामर्श जारी करेगा कि वे अपनी शादी तोड़ने के लिए तीन तलाक का रास्ता ना अपनाए.टिप्पणियां एआईएलपीएलबी ने उच्चतम न्यायालय में विवाहित दंपतियों के लिए दिशा निर्देश रखे. इनमें तीन तलाक देने वाले मुस्लिमों का ‘सामाजिक बहिष्कार’ करना और वैवाहिक विवादों को हल करने के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त करना भी शामिल था.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एआईएलपीएलबी ने उच्चतम न्यायालय में विवाहित दंपतियों के लिए दिशा निर्देश रखे. इनमें तीन तलाक देने वाले मुस्लिमों का ‘सामाजिक बहिष्कार’ करना और वैवाहिक विवादों को हल करने के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त करना भी शामिल था.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तीन तलाक अमान्य, गैरकानूनी और असंवैधानिक है. मुस्लिमों में शादी तोड़ने का सबसे खराब और गैर जरुरी तरीका है. तीन तलाक पिछले 1,400 वर्षों से आस्था का मामला है.
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नासा का सौर-ऊर्जा से संचालित अंतरिक्षयान जूनो पृथ्वी से प्रक्षेपण के पांच साल बाद आज बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश कर गया। इस उपलब्धि को ग्रहों के राजा और हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति की उत्पत्ति और विकास को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जश्न के माहौल के बीच ही, जूनो के बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश कर जाने की सूचना मिलने पर नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में इस अभियान के नियंत्रक खुशी से झूम उठे। 35 मिनट तक ईंजन के प्रज्वलन के बाद यह यान ग्रह के चारों ओर बनी तय कक्षा में प्रवेश कर गया। इस अभियान की लागत 1.1 अरब डॉलर है। जूनो अपने साथ नौ वैज्ञानिक उपकरण लेकर गया है। जूनो बृहस्पति की ठोस सतह के अस्तित्व का अध्ययन करेगा, ग्रह के बेहद शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र को मापेगा, गहरे वातावरण में मौजूद जल और अमोनिया की मात्रा नापेगा और इसकी सुबहों का विश्लेषण करेगा। नासा ने कहा कि यह अभियान बड़े ग्रहों के निर्माण और सौरमंडल के बाकी ग्रहों को एक साथ रखने में इनकी भूमिका को समझने में एक बड़ा कदम उठाने में हमारी मदद करेगा। बृहस्पति बड़े ग्रह के रूप में हमारे सामने एक प्रमुख उदाहरण है। वह अन्य नक्षत्रों के आसपास खोजे जा रहे अन्य ग्रह तंत्रों को समझने के लिए भी अहम जानकारी उपलब्ध करवा सकता है। जूनो अंतरिक्षयान को पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा स्थित केप केनेवरेल एयरफोर्स स्टेशन से प्रक्षेपित किया गया था। नासा के प्रशासक चार्ली बोल्डेन ने कहा कि जूनो की मदद से, हम बृहस्पति के व्यापक विकीरण वाले क्षेत्रों से जुड़े रहस्यों को सुलझाएंगे, इससे ग्रह की आंतरिक संरचना को तो समझने में मदद मिलेगी ही साथ ही साथ बृहस्पति की उत्पत्ति और हमारे पूरे सौरमंडल के विकास को भी समझने में मदद मिलेगी। जूनो के बृहस्पति की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर जाने की जानकारी जूनो के आंकड़ों का निरीक्षण कर रही जेपीएल की नेविगेशन शाखा (केलीफोर्निया) के साथ-साथ लॉकहीड मार्टिन जूनो ऑपरेशन्स सेंटर (कोलोरेडो) को मिली। टेलीमेट्री और ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी नासा के अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया स्थित डीप स्पेस नेटवर्क एंटीना पर मिली।टिप्पणियां कक्षा में प्रवेश से पहले ईंजन का प्रज्वलन किया जाना था। जूनो के प्रमुख ईंजन का प्रज्वलन भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 48 मिनट पर शुरू हुआ, जिससे अंतरिक्षयान का वेग घटकर 542 मीटर प्रति सेकेंड रह गया और यह यान बृहस्पति की कक्षा में पहुंच गया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जश्न के माहौल के बीच ही, जूनो के बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश कर जाने की सूचना मिलने पर नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में इस अभियान के नियंत्रक खुशी से झूम उठे। 35 मिनट तक ईंजन के प्रज्वलन के बाद यह यान ग्रह के चारों ओर बनी तय कक्षा में प्रवेश कर गया। इस अभियान की लागत 1.1 अरब डॉलर है। जूनो अपने साथ नौ वैज्ञानिक उपकरण लेकर गया है। जूनो बृहस्पति की ठोस सतह के अस्तित्व का अध्ययन करेगा, ग्रह के बेहद शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र को मापेगा, गहरे वातावरण में मौजूद जल और अमोनिया की मात्रा नापेगा और इसकी सुबहों का विश्लेषण करेगा। नासा ने कहा कि यह अभियान बड़े ग्रहों के निर्माण और सौरमंडल के बाकी ग्रहों को एक साथ रखने में इनकी भूमिका को समझने में एक बड़ा कदम उठाने में हमारी मदद करेगा। बृहस्पति बड़े ग्रह के रूप में हमारे सामने एक प्रमुख उदाहरण है। वह अन्य नक्षत्रों के आसपास खोजे जा रहे अन्य ग्रह तंत्रों को समझने के लिए भी अहम जानकारी उपलब्ध करवा सकता है। जूनो अंतरिक्षयान को पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा स्थित केप केनेवरेल एयरफोर्स स्टेशन से प्रक्षेपित किया गया था। नासा के प्रशासक चार्ली बोल्डेन ने कहा कि जूनो की मदद से, हम बृहस्पति के व्यापक विकीरण वाले क्षेत्रों से जुड़े रहस्यों को सुलझाएंगे, इससे ग्रह की आंतरिक संरचना को तो समझने में मदद मिलेगी ही साथ ही साथ बृहस्पति की उत्पत्ति और हमारे पूरे सौरमंडल के विकास को भी समझने में मदद मिलेगी। जूनो के बृहस्पति की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर जाने की जानकारी जूनो के आंकड़ों का निरीक्षण कर रही जेपीएल की नेविगेशन शाखा (केलीफोर्निया) के साथ-साथ लॉकहीड मार्टिन जूनो ऑपरेशन्स सेंटर (कोलोरेडो) को मिली। टेलीमेट्री और ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी नासा के अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया स्थित डीप स्पेस नेटवर्क एंटीना पर मिली।टिप्पणियां कक्षा में प्रवेश से पहले ईंजन का प्रज्वलन किया जाना था। जूनो के प्रमुख ईंजन का प्रज्वलन भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 48 मिनट पर शुरू हुआ, जिससे अंतरिक्षयान का वेग घटकर 542 मीटर प्रति सेकेंड रह गया और यह यान बृहस्पति की कक्षा में पहुंच गया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जूनो अपने साथ नौ वैज्ञानिक उपकरण लेकर गया है। जूनो बृहस्पति की ठोस सतह के अस्तित्व का अध्ययन करेगा, ग्रह के बेहद शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र को मापेगा, गहरे वातावरण में मौजूद जल और अमोनिया की मात्रा नापेगा और इसकी सुबहों का विश्लेषण करेगा। नासा ने कहा कि यह अभियान बड़े ग्रहों के निर्माण और सौरमंडल के बाकी ग्रहों को एक साथ रखने में इनकी भूमिका को समझने में एक बड़ा कदम उठाने में हमारी मदद करेगा। बृहस्पति बड़े ग्रह के रूप में हमारे सामने एक प्रमुख उदाहरण है। वह अन्य नक्षत्रों के आसपास खोजे जा रहे अन्य ग्रह तंत्रों को समझने के लिए भी अहम जानकारी उपलब्ध करवा सकता है। जूनो अंतरिक्षयान को पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा स्थित केप केनेवरेल एयरफोर्स स्टेशन से प्रक्षेपित किया गया था। नासा के प्रशासक चार्ली बोल्डेन ने कहा कि जूनो की मदद से, हम बृहस्पति के व्यापक विकीरण वाले क्षेत्रों से जुड़े रहस्यों को सुलझाएंगे, इससे ग्रह की आंतरिक संरचना को तो समझने में मदद मिलेगी ही साथ ही साथ बृहस्पति की उत्पत्ति और हमारे पूरे सौरमंडल के विकास को भी समझने में मदद मिलेगी। जूनो के बृहस्पति की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर जाने की जानकारी जूनो के आंकड़ों का निरीक्षण कर रही जेपीएल की नेविगेशन शाखा (केलीफोर्निया) के साथ-साथ लॉकहीड मार्टिन जूनो ऑपरेशन्स सेंटर (कोलोरेडो) को मिली। टेलीमेट्री और ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी नासा के अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया स्थित डीप स्पेस नेटवर्क एंटीना पर मिली।टिप्पणियां कक्षा में प्रवेश से पहले ईंजन का प्रज्वलन किया जाना था। जूनो के प्रमुख ईंजन का प्रज्वलन भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 48 मिनट पर शुरू हुआ, जिससे अंतरिक्षयान का वेग घटकर 542 मीटर प्रति सेकेंड रह गया और यह यान बृहस्पति की कक्षा में पहुंच गया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नासा ने कहा कि यह अभियान बड़े ग्रहों के निर्माण और सौरमंडल के बाकी ग्रहों को एक साथ रखने में इनकी भूमिका को समझने में एक बड़ा कदम उठाने में हमारी मदद करेगा। बृहस्पति बड़े ग्रह के रूप में हमारे सामने एक प्रमुख उदाहरण है। वह अन्य नक्षत्रों के आसपास खोजे जा रहे अन्य ग्रह तंत्रों को समझने के लिए भी अहम जानकारी उपलब्ध करवा सकता है। जूनो अंतरिक्षयान को पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा स्थित केप केनेवरेल एयरफोर्स स्टेशन से प्रक्षेपित किया गया था। नासा के प्रशासक चार्ली बोल्डेन ने कहा कि जूनो की मदद से, हम बृहस्पति के व्यापक विकीरण वाले क्षेत्रों से जुड़े रहस्यों को सुलझाएंगे, इससे ग्रह की आंतरिक संरचना को तो समझने में मदद मिलेगी ही साथ ही साथ बृहस्पति की उत्पत्ति और हमारे पूरे सौरमंडल के विकास को भी समझने में मदद मिलेगी। जूनो के बृहस्पति की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर जाने की जानकारी जूनो के आंकड़ों का निरीक्षण कर रही जेपीएल की नेविगेशन शाखा (केलीफोर्निया) के साथ-साथ लॉकहीड मार्टिन जूनो ऑपरेशन्स सेंटर (कोलोरेडो) को मिली। टेलीमेट्री और ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी नासा के अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया स्थित डीप स्पेस नेटवर्क एंटीना पर मिली।टिप्पणियां कक्षा में प्रवेश से पहले ईंजन का प्रज्वलन किया जाना था। जूनो के प्रमुख ईंजन का प्रज्वलन भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 48 मिनट पर शुरू हुआ, जिससे अंतरिक्षयान का वेग घटकर 542 मीटर प्रति सेकेंड रह गया और यह यान बृहस्पति की कक्षा में पहुंच गया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बृहस्पति बड़े ग्रह के रूप में हमारे सामने एक प्रमुख उदाहरण है। वह अन्य नक्षत्रों के आसपास खोजे जा रहे अन्य ग्रह तंत्रों को समझने के लिए भी अहम जानकारी उपलब्ध करवा सकता है। जूनो अंतरिक्षयान को पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा स्थित केप केनेवरेल एयरफोर्स स्टेशन से प्रक्षेपित किया गया था। नासा के प्रशासक चार्ली बोल्डेन ने कहा कि जूनो की मदद से, हम बृहस्पति के व्यापक विकीरण वाले क्षेत्रों से जुड़े रहस्यों को सुलझाएंगे, इससे ग्रह की आंतरिक संरचना को तो समझने में मदद मिलेगी ही साथ ही साथ बृहस्पति की उत्पत्ति और हमारे पूरे सौरमंडल के विकास को भी समझने में मदद मिलेगी। जूनो के बृहस्पति की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर जाने की जानकारी जूनो के आंकड़ों का निरीक्षण कर रही जेपीएल की नेविगेशन शाखा (केलीफोर्निया) के साथ-साथ लॉकहीड मार्टिन जूनो ऑपरेशन्स सेंटर (कोलोरेडो) को मिली। टेलीमेट्री और ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी नासा के अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया स्थित डीप स्पेस नेटवर्क एंटीना पर मिली।टिप्पणियां कक्षा में प्रवेश से पहले ईंजन का प्रज्वलन किया जाना था। जूनो के प्रमुख ईंजन का प्रज्वलन भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 48 मिनट पर शुरू हुआ, जिससे अंतरिक्षयान का वेग घटकर 542 मीटर प्रति सेकेंड रह गया और यह यान बृहस्पति की कक्षा में पहुंच गया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जूनो अंतरिक्षयान को पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा स्थित केप केनेवरेल एयरफोर्स स्टेशन से प्रक्षेपित किया गया था। नासा के प्रशासक चार्ली बोल्डेन ने कहा कि जूनो की मदद से, हम बृहस्पति के व्यापक विकीरण वाले क्षेत्रों से जुड़े रहस्यों को सुलझाएंगे, इससे ग्रह की आंतरिक संरचना को तो समझने में मदद मिलेगी ही साथ ही साथ बृहस्पति की उत्पत्ति और हमारे पूरे सौरमंडल के विकास को भी समझने में मदद मिलेगी। जूनो के बृहस्पति की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर जाने की जानकारी जूनो के आंकड़ों का निरीक्षण कर रही जेपीएल की नेविगेशन शाखा (केलीफोर्निया) के साथ-साथ लॉकहीड मार्टिन जूनो ऑपरेशन्स सेंटर (कोलोरेडो) को मिली। टेलीमेट्री और ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी नासा के अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया स्थित डीप स्पेस नेटवर्क एंटीना पर मिली।टिप्पणियां कक्षा में प्रवेश से पहले ईंजन का प्रज्वलन किया जाना था। जूनो के प्रमुख ईंजन का प्रज्वलन भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 48 मिनट पर शुरू हुआ, जिससे अंतरिक्षयान का वेग घटकर 542 मीटर प्रति सेकेंड रह गया और यह यान बृहस्पति की कक्षा में पहुंच गया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टेलीमेट्री और ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी नासा के अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया स्थित डीप स्पेस नेटवर्क एंटीना पर मिली।टिप्पणियां कक्षा में प्रवेश से पहले ईंजन का प्रज्वलन किया जाना था। जूनो के प्रमुख ईंजन का प्रज्वलन भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 48 मिनट पर शुरू हुआ, जिससे अंतरिक्षयान का वेग घटकर 542 मीटर प्रति सेकेंड रह गया और यह यान बृहस्पति की कक्षा में पहुंच गया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कक्षा में प्रवेश से पहले ईंजन का प्रज्वलन किया जाना था। जूनो के प्रमुख ईंजन का प्रज्वलन भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 48 मिनट पर शुरू हुआ, जिससे अंतरिक्षयान का वेग घटकर 542 मीटर प्रति सेकेंड रह गया और यह यान बृहस्पति की कक्षा में पहुंच गया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: बृहस्पति से जुड़े रहस्य सुलझेंगे इस अभियान की लागत 1.1 अरब डॉलर है। इस अभियान के नियंत्रक खुशी से झूम उठे
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के आगामी 19 फरवरी को होने वाले तीसरे चरण के चुनाव के लिये 12 जिलों की 69 सीटों पर प्रचार का शोर शुक्रवार शाम पांच बजे थम गया. तीसरे चरण में फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर जिले की 69 सीटों पर 19 फरवरी को वोट पड़ेंगे. यह चरण इसलिए अहम है क्योंकि इसमें सपा के गढ़ इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, बाराबंकी तथा फर्रुखाबाद में मतदान होगा. इस चरण में कुल 826 प्रत्याशी मैदान में हैं और करीब दो करोड़ 41 लाख मतदाता हैं. इस चरण के लिए कुल 25 हजार 603 मतदान बूथों बनाये गये हैं. इटावा सीट पर सबसे ज्यादा 21 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि बाराबंकी की हैदरगढ़ सीट पर सबसे कम तीन उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. इस चरण में शिवपाल सिंह यादव, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव और रीता बहुगुणा जोशी, अखिलेश के चचेरे भाई अनुराग यादव, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अरविन्द सिंह गोप, राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई, राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह, राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल, बसपा छोड़कर भाजपा में गये बृजेश पाठक और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया के राजनीतिक भाग्य का फैसला होगा. वर्ष 2012 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने इन 69 में से 55 सीटें जीती थीं. वहीं बसपा को छह और भाजपा को पांच सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस के खाते में दो सीटें और एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी को हासिल हुई थी. चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा मुखिया मायावती, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने चुनाव प्रचार किया.टिप्पणियां पहले दो चरणों में प्रचार नहीं करने वाले सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने तीसरे चरण में इटावा की जसवंतनगर सीट से पार्टी उम्मीदवार अपने भाई शिवपाल यादव तथा लखनऊ छावनी सीट से सपा प्रत्याशी अपनी छोटी बहू अपर्णा यादव के पक्ष में चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया. प्रदेश विधानसभा के बाकी चार चरणों का चुनाव 23 और 27 फरवरी तथा चार और आठ मार्च को होगा. मतों की गिनती 11 मार्च को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस चरण में शिवपाल सिंह यादव, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव और रीता बहुगुणा जोशी, अखिलेश के चचेरे भाई अनुराग यादव, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अरविन्द सिंह गोप, राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई, राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह, राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल, बसपा छोड़कर भाजपा में गये बृजेश पाठक और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया के राजनीतिक भाग्य का फैसला होगा. वर्ष 2012 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने इन 69 में से 55 सीटें जीती थीं. वहीं बसपा को छह और भाजपा को पांच सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस के खाते में दो सीटें और एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी को हासिल हुई थी. चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा मुखिया मायावती, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने चुनाव प्रचार किया.टिप्पणियां पहले दो चरणों में प्रचार नहीं करने वाले सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने तीसरे चरण में इटावा की जसवंतनगर सीट से पार्टी उम्मीदवार अपने भाई शिवपाल यादव तथा लखनऊ छावनी सीट से सपा प्रत्याशी अपनी छोटी बहू अपर्णा यादव के पक्ष में चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया. प्रदेश विधानसभा के बाकी चार चरणों का चुनाव 23 और 27 फरवरी तथा चार और आठ मार्च को होगा. मतों की गिनती 11 मार्च को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वर्ष 2012 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने इन 69 में से 55 सीटें जीती थीं. वहीं बसपा को छह और भाजपा को पांच सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस के खाते में दो सीटें और एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी को हासिल हुई थी. चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा मुखिया मायावती, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने चुनाव प्रचार किया.टिप्पणियां पहले दो चरणों में प्रचार नहीं करने वाले सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने तीसरे चरण में इटावा की जसवंतनगर सीट से पार्टी उम्मीदवार अपने भाई शिवपाल यादव तथा लखनऊ छावनी सीट से सपा प्रत्याशी अपनी छोटी बहू अपर्णा यादव के पक्ष में चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया. प्रदेश विधानसभा के बाकी चार चरणों का चुनाव 23 और 27 फरवरी तथा चार और आठ मार्च को होगा. मतों की गिनती 11 मार्च को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पहले दो चरणों में प्रचार नहीं करने वाले सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने तीसरे चरण में इटावा की जसवंतनगर सीट से पार्टी उम्मीदवार अपने भाई शिवपाल यादव तथा लखनऊ छावनी सीट से सपा प्रत्याशी अपनी छोटी बहू अपर्णा यादव के पक्ष में चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया. प्रदेश विधानसभा के बाकी चार चरणों का चुनाव 23 और 27 फरवरी तथा चार और आठ मार्च को होगा. मतों की गिनती 11 मार्च को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यूपी में 19 फरवरी को 12 जिलों की 69 सीटों पर पड़ेंगे वोट. इस चरण में कुल 826 प्रत्याशी मैदान में हैं. करीब दो करोड़ 41 लाख मतदाता डालेंगे वोट.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सहारनपुर में आज मायावती के दौरे के पहले और बाद में दलितों और राजपूतों के बीच हिंसक झड़प हुई जिसमें सात लोग घायल हो गए जिनमें से बाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई. एक महीने के अंदर सहारनपुर में यह हिंसा की तीसरी घटना है. पिछले दिनों सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में डॉ आंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद हुआ था. दलितों का आरोप है कि राजपूतों ने मूर्ति नहीं लगाने दी. बाद में जब राजपूत महाराणा प्रताप जयंती पर जुलूस निकल रहे थे तो दलितों ने उसका विरोध किया था.टिप्पणियां आज बसपा प्रमुख मायावती के शब्बीरपुर गांव पहुंचने से पहले दोनों पक्षों में संघर्ष हुआ जिसमें कुछ घरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई. बाद में मायावती के जाने के बाद कुछ लोगों ने वहां से लौट रहे बसपा समर्थकों की गाड़ी पर हमला कर दिया.गाड़ी में सवार लोगों को मारा और गाड़ी तोड़ दी. इस वारदात में सात लोग घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में इनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई. बसपा के समर्थक अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मौके पर जिले के वरिष्ठ अफसर मौजूद हैं. वहां बड़े पैमाने पर फोर्स की तैनाती कर दी गई है. साथ में रैपिड एक्शन फोर्स भी लगा दी गई है. मेरठ से एडीजी आनंद कुमार सहारनपुर रवाना हो गए हैं.   मायावती शब्बीरपुर लगभग साढ़े तीन बजे पहुंचीं.मायावती ने मीडिया से बात की और बताया कि "सभी लोगों को शांति बनाकर रहना चाहिए, दलितों और ऊंची जाति के लोगों को. क्योंकि लोग राजनीति करके अपने घर चली जाते हैं, आप लोगों को यहीं रहना है. मेरी लोगों से बात हुई कि वे एक मूर्ति आम्बेडकर साहब की लगाना चाहते थे, लेकिन डीएम और एसएसपी ने इसकी परमीशन नहीं दी. हमने, लोगों ने डीएम व एसएसपी की बात मान ली. फिर महाराणा प्रताप जयंती आई. उसकी भी परमीशन उनके पास नहीं थी. हमारे लोगों ने एसएसपी व डीएम को कॉल किया लेकिन कोई नहीं आया और झगड़ा हुआ. यह सारी लापरवाही प्रशासन व पुलिस की है. उससे भी ज्यादा सूबे की सरकार योगी की है, क्योंकि जो आदेश आदेश ऊपर से मिलता है वही डीएम, एसएसपी करते हैं. मेरी चार बार हुकूमत रही लेकिन कभी कोई दंगा नहीं हुआ.''   सहारनपुर में पहला दंगा 20 अप्रैल को हुआ था. तब सहारनपुर से बीजेपी के एमपी राघव लखनपाल आंबेडकर जयंती का जुलूस बिना इजाजत निकाल रहे थे. उसमें हिंसा भड़क गई थी. आज बसपा प्रमुख मायावती के शब्बीरपुर गांव पहुंचने से पहले दोनों पक्षों में संघर्ष हुआ जिसमें कुछ घरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई. बाद में मायावती के जाने के बाद कुछ लोगों ने वहां से लौट रहे बसपा समर्थकों की गाड़ी पर हमला कर दिया.गाड़ी में सवार लोगों को मारा और गाड़ी तोड़ दी. इस वारदात में सात लोग घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में इनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई. बसपा के समर्थक अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मौके पर जिले के वरिष्ठ अफसर मौजूद हैं. वहां बड़े पैमाने पर फोर्स की तैनाती कर दी गई है. साथ में रैपिड एक्शन फोर्स भी लगा दी गई है. मेरठ से एडीजी आनंद कुमार सहारनपुर रवाना हो गए हैं.   मायावती शब्बीरपुर लगभग साढ़े तीन बजे पहुंचीं.मायावती ने मीडिया से बात की और बताया कि "सभी लोगों को शांति बनाकर रहना चाहिए, दलितों और ऊंची जाति के लोगों को. क्योंकि लोग राजनीति करके अपने घर चली जाते हैं, आप लोगों को यहीं रहना है. मेरी लोगों से बात हुई कि वे एक मूर्ति आम्बेडकर साहब की लगाना चाहते थे, लेकिन डीएम और एसएसपी ने इसकी परमीशन नहीं दी. हमने, लोगों ने डीएम व एसएसपी की बात मान ली. फिर महाराणा प्रताप जयंती आई. उसकी भी परमीशन उनके पास नहीं थी. हमारे लोगों ने एसएसपी व डीएम को कॉल किया लेकिन कोई नहीं आया और झगड़ा हुआ. यह सारी लापरवाही प्रशासन व पुलिस की है. उससे भी ज्यादा सूबे की सरकार योगी की है, क्योंकि जो आदेश आदेश ऊपर से मिलता है वही डीएम, एसएसपी करते हैं. मेरी चार बार हुकूमत रही लेकिन कभी कोई दंगा नहीं हुआ.''   सहारनपुर में पहला दंगा 20 अप्रैल को हुआ था. तब सहारनपुर से बीजेपी के एमपी राघव लखनपाल आंबेडकर जयंती का जुलूस बिना इजाजत निकाल रहे थे. उसमें हिंसा भड़क गई थी. मायावती शब्बीरपुर लगभग साढ़े तीन बजे पहुंचीं.मायावती ने मीडिया से बात की और बताया कि "सभी लोगों को शांति बनाकर रहना चाहिए, दलितों और ऊंची जाति के लोगों को. क्योंकि लोग राजनीति करके अपने घर चली जाते हैं, आप लोगों को यहीं रहना है. मेरी लोगों से बात हुई कि वे एक मूर्ति आम्बेडकर साहब की लगाना चाहते थे, लेकिन डीएम और एसएसपी ने इसकी परमीशन नहीं दी. हमने, लोगों ने डीएम व एसएसपी की बात मान ली. फिर महाराणा प्रताप जयंती आई. उसकी भी परमीशन उनके पास नहीं थी. हमारे लोगों ने एसएसपी व डीएम को कॉल किया लेकिन कोई नहीं आया और झगड़ा हुआ. यह सारी लापरवाही प्रशासन व पुलिस की है. उससे भी ज्यादा सूबे की सरकार योगी की है, क्योंकि जो आदेश आदेश ऊपर से मिलता है वही डीएम, एसएसपी करते हैं. मेरी चार बार हुकूमत रही लेकिन कभी कोई दंगा नहीं हुआ.''   सहारनपुर में पहला दंगा 20 अप्रैल को हुआ था. तब सहारनपुर से बीजेपी के एमपी राघव लखनपाल आंबेडकर जयंती का जुलूस बिना इजाजत निकाल रहे थे. उसमें हिंसा भड़क गई थी.
संक्षिप्त सारांश: मायावती ने हालात बिगड़ने के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया मायावती के शब्बीरपुर गांव के दौरे से पहले और बाद में हुई हिंसा रैपिड एक्शन फोर्स सहित बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले (Fatehpur District) में हुसेनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार को 'उन्नाव कांड' (Unnao Rape Case) दोहराया गया. यहां दोपहर में 18 साल की लड़की के साथ उसके रिश्ते के चाचा ने घर में घुसकर पहले बलात्कार किया, फिर केरोसिन तेल छिड़ककर उसको आग के हवाले कर दिया. नब्बे फीसदी जल चुकी लड़की को कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फतेहपुर के नगर पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) कपिल देव मिश्रा ने बताया कि हुसेनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार दोपहर 18 साल की लड़की अपने घर में अकेली थी. परिवार के अन्य सदस्य खेतों में काम कर रहे थे. उसी समय उसके रिश्ते के 22 वर्षीय चाचा ने घर में घुसकर लड़की से बलात्कार किया और लड़की के शिकायत करने की बात पर नाराज होकर उसके ऊपर केरोसिन का तेल छिड़क कर आग लगा दी. यह भी पढ़ें-  निर्भया केस का एक माह में हो निपटारा, याचिका में सुप्रीम कोर्ट से फांसी के लाइव प्रसारण की मांग मिश्रा ने बताया कि आग की लपटों से घिरी लड़की की चीख सुनकर गांव वालों ने किसी तरह आग बुझाई और पुलिस को सूचना दी. उन्होंने बताया कि लड़की 90 फीसदी जल चुकी है. पहले उसे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां से प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. सीओ ने बताया कि लड़की के पिता की तहरीर पर आरोपी युवक के खिलाफ बलात्कार और हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं. यह भी पढ़ें- निर्भया की मां ने SC में हस्तक्षेप याचिका दायर की, कहा- दोषी कानूनी दांवपेंच खेलकर सजा से बच रहे मिश्रा ने अब तक की जांच निष्कर्ष का हवाला देकर बताया कि पीड़िता और आरोपी युवक के बीच प्रेम प्रसंग होने की जानकारी मिली है. दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार को पंचायत होने की बात भी सामने आई है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच शादी के लिए सहमति बनी. उन्होंने कहा कि इतना सब होने के बाद बलात्कार कर पीड़िता को जलाए जाने की घटना समझ से परे है.
संक्षिप्त पाठ: उन्नाव जैसा ही मामला फतेहपुर में पेश आया है पीड़िता को प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया यूपी में थम नहीं रही हैं रेप की घटनाएं
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीबीआई की एक अदालत ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और उनके परिवार के सदस्यों के अग्रिम जमानत आग्रह पर सुनवाई 25 मई तक स्थगित कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ कथित अवैध खनन में जांच शुरू की है। बुधवार को अपने और अपने परिवार के सदस्यों के आवासों पर छापे पड़ने के चंद घंटे के भीतर येदियुरप्पा, उनके दोनों बेटों, बीवाई राघवेंद्र (सांसद) और बीवाई विजयेंद्र तथा दामाद आरएन सोहन ने आवेदन दायर कर दिए। सुनवाई स्थगित करते हुए न्यायाधीश शिवालिंगे गौड़ा ने उनसे नियमित अदालत में जाने को कहा। वर्तमान में अदालतें ग्रीष्मकालीन अवकाश पर हैं।टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट न्यायालय ने अवैध खनन के मामले में आरोपियों की कथित भूमिका का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने दो खनन कंपनियों पर भी छापे मारे थे जिन पर आरोप है कि उन्होंने येदियुरप्पा के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में अनुचित लाभ पहुंचाए जाने के बदले येदियुरप्पा के परिवार द्वारा संचालित एक ट्रस्ट को दान में बड़ी राशि दी थी। बेंगलुरु और हैदराबाद की संयुक्त टीमों ने 11 स्थानों पर छापे मारे थे। बुधवार को अपने और अपने परिवार के सदस्यों के आवासों पर छापे पड़ने के चंद घंटे के भीतर येदियुरप्पा, उनके दोनों बेटों, बीवाई राघवेंद्र (सांसद) और बीवाई विजयेंद्र तथा दामाद आरएन सोहन ने आवेदन दायर कर दिए। सुनवाई स्थगित करते हुए न्यायाधीश शिवालिंगे गौड़ा ने उनसे नियमित अदालत में जाने को कहा। वर्तमान में अदालतें ग्रीष्मकालीन अवकाश पर हैं।टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट न्यायालय ने अवैध खनन के मामले में आरोपियों की कथित भूमिका का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने दो खनन कंपनियों पर भी छापे मारे थे जिन पर आरोप है कि उन्होंने येदियुरप्पा के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में अनुचित लाभ पहुंचाए जाने के बदले येदियुरप्पा के परिवार द्वारा संचालित एक ट्रस्ट को दान में बड़ी राशि दी थी। बेंगलुरु और हैदराबाद की संयुक्त टीमों ने 11 स्थानों पर छापे मारे थे। सुप्रीम कोर्ट न्यायालय ने अवैध खनन के मामले में आरोपियों की कथित भूमिका का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने दो खनन कंपनियों पर भी छापे मारे थे जिन पर आरोप है कि उन्होंने येदियुरप्पा के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में अनुचित लाभ पहुंचाए जाने के बदले येदियुरप्पा के परिवार द्वारा संचालित एक ट्रस्ट को दान में बड़ी राशि दी थी। बेंगलुरु और हैदराबाद की संयुक्त टीमों ने 11 स्थानों पर छापे मारे थे। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने दो खनन कंपनियों पर भी छापे मारे थे जिन पर आरोप है कि उन्होंने येदियुरप्पा के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में अनुचित लाभ पहुंचाए जाने के बदले येदियुरप्पा के परिवार द्वारा संचालित एक ट्रस्ट को दान में बड़ी राशि दी थी। बेंगलुरु और हैदराबाद की संयुक्त टीमों ने 11 स्थानों पर छापे मारे थे।
यह एक सारांश है: सीबीआई की एक अदालत ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और उनके परिवार के सदस्यों के अग्रिम जमानत आग्रह पर सुनवाई 25 मई तक स्थगित कर दी है।
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