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इस के लिए एक सारांश बनाएं: भिंड जिले के पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस के अनुसार, '45 बैंक खातों की प्रारंभिक जांच में तीनों खातों में लगभग एक करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है. एक बार जब हमने पूछताछ शुरू की तो हमें पता चला कि वे दिल्ली में एक व्यक्ति के संपर्क में थे. उन्हें शुरू में 1200-1300 प्रति माह का भुगतान किया जा रहा है. हम इस मामले की जांच कर रहे हैं. हमने इन सभी खातों के संचालन पर रोक लगा दी है और उन लोगों की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं जिन्होंने बेरोजगार युवाओं के खाते खोले हैं और अब उन खातों का संचालन कर रहे हैं.'
पूछताछ में पता चला है कि इन बेरोज़गार युवकों को राशि का भुगतान करने से पहले भिंड में अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाये गए. उन्हें नए सिम कार्ड दिए गए, जिससे बैंक खातों को जोड़ा गया. खाता खोलने के बाद, इन युवकों के डेबिट कार्ड, पासबुक और फोन नंबर सब कुछ ले लिया गया.
जांच में यह सामने आया है कि खाताधारकों को यह तक नहीं मालूम था कि उनका खाता नंबर क्या है, न ही उन्हें यह अंदाजा था कि उनके अकाउंट का इस्तेमाल लोगों से ठगी गई रकम के ट्रांजेक्शन के लिए किया जाएगा. सायबर टीम इस मामले में अब मास्टर माइंड तक पहुंचने की कोशिश में है. | जालसाज़ों ने युवकों के खाते के दस्तावेज ले लिए, देते थे 1200 रुपये माह
ठगी की शिकार बेंगलुरु की एक महिला की शिकायत के बाद हुआ खुलासा
45 बैंक खातों की प्रारंभिक जांच, तीन से एक करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जापान एयरलाइंस ने सोमवार को कहा कि वह 31 एयरबस ए-350 विमानों का आर्डर देने जा रही है। यह सौदा 9.5 अरब डॉलर का है।
अभी तक जापान के आकाश में अमेरिकी कंपनी बोइंग छाई हुई है पर हाल में पेश बोइंग के ड्रीमलाइनर विमानों की गड़बड़ियों के चलते जापानी बाजार में उसे मुकिलें पेश आ रही हैं।
जापान एयरलाइंस ने कहा है कि कि उसने एयरबस से 18 ए-350-900 और 13 ए-350-100 विमानों की खरीद का करार किया है। साथ ही 25 और विमान खरीदने का विकल्प खुला रखा गया है।टिप्पणियां
जापान एयरलाइंस पहली बार एयरबस के विमान खरीद रही है। ये विमान 2019 में उसके बेड़े में शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि बोइंग के ड्रीमलाइनर विमान जनवरी में खड़े किए जाने के बाद जापान एयरलाइंस व उसकी प्रतिस्पर्धी आल निप्पन एयरवेज को समस्या का सामना करना पड़ा है। जापानी एयरलाइनों ने ड्रीमलाइनर विमानों के साथ परिचालन शुरू कर दिया है, लेकिन ये कंपनियां अमेरिका स्थित बोइंग से मुआवजे की मांग कर रही हैं।
अभी तक जापान के आकाश में अमेरिकी कंपनी बोइंग छाई हुई है पर हाल में पेश बोइंग के ड्रीमलाइनर विमानों की गड़बड़ियों के चलते जापानी बाजार में उसे मुकिलें पेश आ रही हैं।
जापान एयरलाइंस ने कहा है कि कि उसने एयरबस से 18 ए-350-900 और 13 ए-350-100 विमानों की खरीद का करार किया है। साथ ही 25 और विमान खरीदने का विकल्प खुला रखा गया है।टिप्पणियां
जापान एयरलाइंस पहली बार एयरबस के विमान खरीद रही है। ये विमान 2019 में उसके बेड़े में शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि बोइंग के ड्रीमलाइनर विमान जनवरी में खड़े किए जाने के बाद जापान एयरलाइंस व उसकी प्रतिस्पर्धी आल निप्पन एयरवेज को समस्या का सामना करना पड़ा है। जापानी एयरलाइनों ने ड्रीमलाइनर विमानों के साथ परिचालन शुरू कर दिया है, लेकिन ये कंपनियां अमेरिका स्थित बोइंग से मुआवजे की मांग कर रही हैं।
जापान एयरलाइंस ने कहा है कि कि उसने एयरबस से 18 ए-350-900 और 13 ए-350-100 विमानों की खरीद का करार किया है। साथ ही 25 और विमान खरीदने का विकल्प खुला रखा गया है।टिप्पणियां
जापान एयरलाइंस पहली बार एयरबस के विमान खरीद रही है। ये विमान 2019 में उसके बेड़े में शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि बोइंग के ड्रीमलाइनर विमान जनवरी में खड़े किए जाने के बाद जापान एयरलाइंस व उसकी प्रतिस्पर्धी आल निप्पन एयरवेज को समस्या का सामना करना पड़ा है। जापानी एयरलाइनों ने ड्रीमलाइनर विमानों के साथ परिचालन शुरू कर दिया है, लेकिन ये कंपनियां अमेरिका स्थित बोइंग से मुआवजे की मांग कर रही हैं।
जापान एयरलाइंस पहली बार एयरबस के विमान खरीद रही है। ये विमान 2019 में उसके बेड़े में शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि बोइंग के ड्रीमलाइनर विमान जनवरी में खड़े किए जाने के बाद जापान एयरलाइंस व उसकी प्रतिस्पर्धी आल निप्पन एयरवेज को समस्या का सामना करना पड़ा है। जापानी एयरलाइनों ने ड्रीमलाइनर विमानों के साथ परिचालन शुरू कर दिया है, लेकिन ये कंपनियां अमेरिका स्थित बोइंग से मुआवजे की मांग कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि बोइंग के ड्रीमलाइनर विमान जनवरी में खड़े किए जाने के बाद जापान एयरलाइंस व उसकी प्रतिस्पर्धी आल निप्पन एयरवेज को समस्या का सामना करना पड़ा है। जापानी एयरलाइनों ने ड्रीमलाइनर विमानों के साथ परिचालन शुरू कर दिया है, लेकिन ये कंपनियां अमेरिका स्थित बोइंग से मुआवजे की मांग कर रही हैं। | संक्षिप्त पाठ: जापान एयरलाइंस ने सोमवार को कहा कि वह 31 एयरबस ए-350 विमानों का आर्डर देने जा रही है। यह सौदा 9.5 अरब डॉलर का है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीबीआई सूत्रों के मुताबिक भंवरी देवी के 17 साल के बेटे साहिब ने राजीव गांधी नहर में चल रहे खोज अभियान में मिली घड़ी की पहचान कर ली है।टिप्पणियां
भंवरी देवी पिछले साल सितंबर महीने से लापता थी। उसका अपहरण कर उसकी हत्या की गई फिर भंवरी के शव को ठिकाने लगाने के लिए बिसना राम गैंग को सौंप दिया गया। बिसना राम एक चुराई हुई गाड़ी के ज़रिए शव को जालौड़ा लेकर आया। यहां पहले भंवरी के शव को जलाया गया फिर हड्डियों और खोपड़ी को क्रिकेट बैट से तोड़ा गया।
सीबीआई ने साज़िश में इस्तेमाल बोलेरो को भी ज़ब्त कर लिया है। बोलेरो में सीबीआई को ख़ून के धब्बे भी मिले हैं। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक अपराधियों को एक के बाद एक पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने को कहा गया था जिससे अलग-अलग बयान दिए जा सकें।
भंवरी देवी पिछले साल सितंबर महीने से लापता थी। उसका अपहरण कर उसकी हत्या की गई फिर भंवरी के शव को ठिकाने लगाने के लिए बिसना राम गैंग को सौंप दिया गया। बिसना राम एक चुराई हुई गाड़ी के ज़रिए शव को जालौड़ा लेकर आया। यहां पहले भंवरी के शव को जलाया गया फिर हड्डियों और खोपड़ी को क्रिकेट बैट से तोड़ा गया।
सीबीआई ने साज़िश में इस्तेमाल बोलेरो को भी ज़ब्त कर लिया है। बोलेरो में सीबीआई को ख़ून के धब्बे भी मिले हैं। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक अपराधियों को एक के बाद एक पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने को कहा गया था जिससे अलग-अलग बयान दिए जा सकें।
सीबीआई ने साज़िश में इस्तेमाल बोलेरो को भी ज़ब्त कर लिया है। बोलेरो में सीबीआई को ख़ून के धब्बे भी मिले हैं। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक अपराधियों को एक के बाद एक पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने को कहा गया था जिससे अलग-अलग बयान दिए जा सकें। | संक्षिप्त पाठ: सीबीआई सूत्रों के मुताबिक भंवरी देवी के 17 साल के बेटे साहिब ने राजीव गांधी नहर में चल रहे खोज अभियान में मिली घड़ी की पहचान कर ली है। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार की मोहल्ला क्लीनिक परियोजना को लेकर उस पर निशाना साधा. हर्षवर्धन ने इसे 'घोटाला' करार दिया. दरअसल, केंद्रीय मंत्री का यह बयान मोहल्ला कलीनिक में हुई कथित अनियमितताओं पर मिली शिकायतों पर सर्तकता विभाग द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद आया है.
मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 'ये पहल ऐसी हो सकती थी जिसपर दिल्ली गर्व कर सकती थी, लेकिन आरोप लगाया कि 'अच्छी आमदनी' के लिए मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टरों ने मरीजों की 'फर्जी एंट्री' की. बता दें कि हर्षवर्धन खुद भी एक डॉक्टर हैं. केजरीवाल सरकार की व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि एक मिनट में दो मरीजों का इलाज 'सच में रिकॉर्ड तोड़' है.टिप्पणियां
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि 'एक मिनट में एक मरीज को देखना प्रभावशाली है, लेकिन दो का इलाज करना सच में रिकॉर्डतोड़ है.मोहल्ला क्लीनिक, एक घोटाला है. आप सरकार द्वारा चलाए जा रहे मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टर मरीजों की झूठी एंट्री करते हैं, उनके दोबारा आने और अपनी आय के लिए उन्हें बेकार की दवाएं देते हैं'.
उन्होंने कई ट्वीट कर कहा, 'मोहल्ला क्लीनिक एक ऐसी पहल थी, जिस पर दिल्ली नाज कर सकती थी, लेकिन अफसोस इन लालची धोखेबाजों ने स्वास्थ्य सेवाओं में भी ईमानदारी नहीं दिखाई'. दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र में मंत्री बनने के बाद वो दिल्ली की सियासत पर ज्यादा बोलने से परहेज करते हैं. दिल्ली नगर निगम चुनावों से पहले इस हफ्ते की शुरुआत में मंत्री प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं की एक बैठक में भी शामिल हुए थे.
मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 'ये पहल ऐसी हो सकती थी जिसपर दिल्ली गर्व कर सकती थी, लेकिन आरोप लगाया कि 'अच्छी आमदनी' के लिए मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टरों ने मरीजों की 'फर्जी एंट्री' की. बता दें कि हर्षवर्धन खुद भी एक डॉक्टर हैं. केजरीवाल सरकार की व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि एक मिनट में दो मरीजों का इलाज 'सच में रिकॉर्ड तोड़' है.टिप्पणियां
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि 'एक मिनट में एक मरीज को देखना प्रभावशाली है, लेकिन दो का इलाज करना सच में रिकॉर्डतोड़ है.मोहल्ला क्लीनिक, एक घोटाला है. आप सरकार द्वारा चलाए जा रहे मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टर मरीजों की झूठी एंट्री करते हैं, उनके दोबारा आने और अपनी आय के लिए उन्हें बेकार की दवाएं देते हैं'.
उन्होंने कई ट्वीट कर कहा, 'मोहल्ला क्लीनिक एक ऐसी पहल थी, जिस पर दिल्ली नाज कर सकती थी, लेकिन अफसोस इन लालची धोखेबाजों ने स्वास्थ्य सेवाओं में भी ईमानदारी नहीं दिखाई'. दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र में मंत्री बनने के बाद वो दिल्ली की सियासत पर ज्यादा बोलने से परहेज करते हैं. दिल्ली नगर निगम चुनावों से पहले इस हफ्ते की शुरुआत में मंत्री प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं की एक बैठक में भी शामिल हुए थे.
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि 'एक मिनट में एक मरीज को देखना प्रभावशाली है, लेकिन दो का इलाज करना सच में रिकॉर्डतोड़ है.मोहल्ला क्लीनिक, एक घोटाला है. आप सरकार द्वारा चलाए जा रहे मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टर मरीजों की झूठी एंट्री करते हैं, उनके दोबारा आने और अपनी आय के लिए उन्हें बेकार की दवाएं देते हैं'.
उन्होंने कई ट्वीट कर कहा, 'मोहल्ला क्लीनिक एक ऐसी पहल थी, जिस पर दिल्ली नाज कर सकती थी, लेकिन अफसोस इन लालची धोखेबाजों ने स्वास्थ्य सेवाओं में भी ईमानदारी नहीं दिखाई'. दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र में मंत्री बनने के बाद वो दिल्ली की सियासत पर ज्यादा बोलने से परहेज करते हैं. दिल्ली नगर निगम चुनावों से पहले इस हफ्ते की शुरुआत में मंत्री प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं की एक बैठक में भी शामिल हुए थे.
उन्होंने कई ट्वीट कर कहा, 'मोहल्ला क्लीनिक एक ऐसी पहल थी, जिस पर दिल्ली नाज कर सकती थी, लेकिन अफसोस इन लालची धोखेबाजों ने स्वास्थ्य सेवाओं में भी ईमानदारी नहीं दिखाई'. दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र में मंत्री बनने के बाद वो दिल्ली की सियासत पर ज्यादा बोलने से परहेज करते हैं. दिल्ली नगर निगम चुनावों से पहले इस हफ्ते की शुरुआत में मंत्री प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं की एक बैठक में भी शामिल हुए थे. | यह एक सारांश है: ये पहल ऐसी हो सकती थी जिसपर दिल्ली गर्व कर सकती थी- डॉ. हर्षवर्धन
एक मिनट में दो मरीजों का इलाज 'सच में रिकॉर्ड तोड़' है- केंद्रीय मंत्री
इन लालची धोखेबाजों ने स्वास्थ्य सेवाओं में भी ईमानदारी नहीं दिखाई- मंत्री | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में खेला गया पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद कहा कि इस मुकाबले में स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रयास किए।
भारत ने इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड को सोमवार को नौ विकेट से हराया। इस प्रकार भारतीय टीम चार मैचों की टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गई है।
जीत के बाद धोनी ने कहा, मैच की शुरुआत में इस विकेट पर गेंदबाजों के लिए कुछ था, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता गया गेंद नीचे रहने लगी और गेंदबाजों को टर्न मिलना कम हो गया। यहां स्पिनरों ने कड़ी मेहनत की और उनकी ओर से यह शानदार कोशिश थी।
भारत की ओर से इस टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा ने पहली पारी में नाबाद 206 जबकि दूसरी पारी में नाबाद 41 रन बनाए। पुजारा को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
धोनी ने पुजारा के बारे में कहा, पुजारा के लिए यह मैच असाधारण रहा। वह बड़ी पारी खेलने का माद्दा रखते हैं और उन्होंने इसे घरेलू सर्किट में दिखाया है। टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने कुल नौ विकेट झटके जबकि रविचंद्रन अश्विन के खाते में चार विकेट गए, जिनमें दूसरी पारी का एक विकेट शामिल था।
बकौल धोनी, ओझा कसी हुई गेंदबाजी करने की ओर देख रहे थे और वह इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि उन्हें आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।
भारत ने इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड को सोमवार को नौ विकेट से हराया। इस प्रकार भारतीय टीम चार मैचों की टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गई है।
जीत के बाद धोनी ने कहा, मैच की शुरुआत में इस विकेट पर गेंदबाजों के लिए कुछ था, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता गया गेंद नीचे रहने लगी और गेंदबाजों को टर्न मिलना कम हो गया। यहां स्पिनरों ने कड़ी मेहनत की और उनकी ओर से यह शानदार कोशिश थी।
भारत की ओर से इस टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा ने पहली पारी में नाबाद 206 जबकि दूसरी पारी में नाबाद 41 रन बनाए। पुजारा को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
धोनी ने पुजारा के बारे में कहा, पुजारा के लिए यह मैच असाधारण रहा। वह बड़ी पारी खेलने का माद्दा रखते हैं और उन्होंने इसे घरेलू सर्किट में दिखाया है। टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने कुल नौ विकेट झटके जबकि रविचंद्रन अश्विन के खाते में चार विकेट गए, जिनमें दूसरी पारी का एक विकेट शामिल था।
बकौल धोनी, ओझा कसी हुई गेंदबाजी करने की ओर देख रहे थे और वह इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि उन्हें आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।
जीत के बाद धोनी ने कहा, मैच की शुरुआत में इस विकेट पर गेंदबाजों के लिए कुछ था, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता गया गेंद नीचे रहने लगी और गेंदबाजों को टर्न मिलना कम हो गया। यहां स्पिनरों ने कड़ी मेहनत की और उनकी ओर से यह शानदार कोशिश थी।
भारत की ओर से इस टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा ने पहली पारी में नाबाद 206 जबकि दूसरी पारी में नाबाद 41 रन बनाए। पुजारा को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
धोनी ने पुजारा के बारे में कहा, पुजारा के लिए यह मैच असाधारण रहा। वह बड़ी पारी खेलने का माद्दा रखते हैं और उन्होंने इसे घरेलू सर्किट में दिखाया है। टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने कुल नौ विकेट झटके जबकि रविचंद्रन अश्विन के खाते में चार विकेट गए, जिनमें दूसरी पारी का एक विकेट शामिल था।
बकौल धोनी, ओझा कसी हुई गेंदबाजी करने की ओर देख रहे थे और वह इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि उन्हें आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।
भारत की ओर से इस टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा ने पहली पारी में नाबाद 206 जबकि दूसरी पारी में नाबाद 41 रन बनाए। पुजारा को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
धोनी ने पुजारा के बारे में कहा, पुजारा के लिए यह मैच असाधारण रहा। वह बड़ी पारी खेलने का माद्दा रखते हैं और उन्होंने इसे घरेलू सर्किट में दिखाया है। टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने कुल नौ विकेट झटके जबकि रविचंद्रन अश्विन के खाते में चार विकेट गए, जिनमें दूसरी पारी का एक विकेट शामिल था।
बकौल धोनी, ओझा कसी हुई गेंदबाजी करने की ओर देख रहे थे और वह इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि उन्हें आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।
धोनी ने पुजारा के बारे में कहा, पुजारा के लिए यह मैच असाधारण रहा। वह बड़ी पारी खेलने का माद्दा रखते हैं और उन्होंने इसे घरेलू सर्किट में दिखाया है। टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने कुल नौ विकेट झटके जबकि रविचंद्रन अश्विन के खाते में चार विकेट गए, जिनमें दूसरी पारी का एक विकेट शामिल था।
बकौल धोनी, ओझा कसी हुई गेंदबाजी करने की ओर देख रहे थे और वह इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि उन्हें आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने कुल नौ विकेट झटके जबकि रविचंद्रन अश्विन के खाते में चार विकेट गए, जिनमें दूसरी पारी का एक विकेट शामिल था।
बकौल धोनी, ओझा कसी हुई गेंदबाजी करने की ओर देख रहे थे और वह इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि उन्हें आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।
बकौल धोनी, ओझा कसी हुई गेंदबाजी करने की ओर देख रहे थे और वह इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि उन्हें आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। | यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में खेला गया पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद कहा कि इस मुकाबले में स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रयास किए। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड के सुपरहिट सॉन्ग 'आंख मारे' (Aankh Marey) पर कितने ही डांस वीडियो बनते हैं और सोशल मीडिया पर वायरल भी होते हैं, लेकिन इस बार इस गाने पर ऐसा डांस वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने कोहराम मचा दिया है. यह डांस वीडियो है मशहूर डांसर मनप्रीत टुर (Manpreet Toor) का. उन्होंने अपने डांस पार्टनर संग इस गाने पर गजब का डांस किया है. 'आंख मारे' सॉन्ग्स के दोनों वर्जन पर मनप्रीत टुर (Manpreet Toor) ने डांस किया है और दोनों एक से बढ़कर एक है. इस वीडियो ने यूट्यूब पर धूम मचा दी है.
मनप्रीत टुर (Manpreet Toor) के वीडियो वैसे भी आते ही छा जाते हैं. इस बार भी उनके वीडियो के साथ ऐसा ही हुआ है. उनकी डांसिंग स्टाइल यूनिक होने की वजह से लोग उनके वीडियो को खूब पसंद करते हैं. 'आंख मारे' (Aankh Marey) हाल ही में आई फिल्म 'सिंबा' (Simmba) का है, जिसे नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) और मीका सिंह ने मिलकर गाया है. कुल मिलाकर मनप्रीत टुर के डांस वीडियो ने फिर से धमाल मचाया दिया है.
बताया जाता है कि मनप्रीत टुर (Manpreet Toor) को डांस टीचर के तौर पर भी जाना जाता है. वो नए अंदाज में ऑनलाइन वीडियो बनाकर डांस सिखाती हैं. उनके कई टिकटॉक वीडियो (TikTok Video) जमकर वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में वो बॉलीवुड, भांगड़ा और गिद्दा जैसी डांसिंग स्टाइल करती दिख रही है. इन वीडियो में इनके स्टेप्स वाकई बहुत कमाल के हैं. खबरों के मुताबिक, उन्होंने साल 2004 से ही डांस सिखाना शुरू कर दिया था. मनप्रीत टुर के सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स भी काफी संख्या में हैं. | सारांश: 'आंख मारे' सॉन्ग पर हुआ धमाकेदार डांस कॉम्पिटिशन
यूट्यूब पर वीडियो की धूम
बार-बार देखा जा रहा है वीडियो | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उन्नाव (Unnao) के बिहार थाना क्षेत्र में जिंदा जलायी गई दुष्कर्म पीड़िता की कब्र पर प्रशासन द्वारा करवाए जा रहे चबूतरे के निर्माण का परिजनों ने विरोध किया और कब्र पर लगायी गयी ईंटों को उखाड फेंका है. प्रशासन ने सोमवार शाम कब्र पर निर्माण कार्य शुरू कराया था. बिहार थाना प्रभारी विकास पांडेय ने बताया कि परिजनों के विरोध के बाद निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है, कब्र पर भी सुरक्षा की व्यवस्था की गयी है. वहीं पीड़िता के पिता ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण नहीं कराने दिया जायेगा.
जिला अस्पताल में इलाज करवा रही पीड़िता की बड़ी बहन ने कहा कि मांगे समय से पूरी नहीं होने पर आत्मदाह करेंगे. मृतका के पिता नौकरी, शस्त्र लाइसेंस और आवास की मांग कर रहे हैं. पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रशासन दे चुका है, कांग्रेस नेत्री पूर्व सांसद अन्नू टण्डन ने पांच लाख रुपये की सहायता और समाजवादी पार्टी ने एक लाख रुपये की सहायता दी है. इस मामले के एक आरोपी शुभम की मां ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.
यह भी पढ़ें- उन्नाव कांड: आरोपी को सशर्त मिली थी जमानत, सरकारी वकील ने किया था विरोध
गौरतलब है कि उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 23 वर्षीय युवती को गुरुवार तड़के (पांच दिसंबर) रेलवे स्टेशन जाते वक्त रास्ते में पांच आरोपियों ने आग के हवाले कर दिया था. आरोपियों में से दो के खिलाफ पीड़िता ने बलात्कार का मामला दर्ज कराया था. | यह एक सारांश है: प्रशासन ने सोमवार शाम कब्र पर निर्माण कार्य शुरू कराया था
पीड़िता के पिता ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, निर्माण नहीं होगा
मृतका के पिता नौकरी, शस्त्र लाइसेंस और आवास की मांग कर रहे हैं | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के महान एथलीट मिल्खा सिंह रविवार को सामूहिक बलात्कार पीड़िता को श्रद्धांजलि देते हुए रो पड़े। उनके गोल्फर बेटे जीव मिल्खा सिंह ने पीड़िता के परिवार को तीन लाख रुपये देने का फैसला किया। पीड़िता को श्रद्धांजलि देने के लिए जुटे लोगों के समूह के साथ 82 वर्षीय ‘उड़न सिख’ भी यहां मौजूद थे।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, ‘‘इस संकट की घड़ी में उन्हें (परिवार को) अकेला नहीं महसूस करना चाहिए। उनकी बेटी हमारी, भारत की बेटी थी।’’ उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे जीव के साथ दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके क्योंकि उनकी पत्नी निर्मल कौर फ्रैक्चर से उबर रही हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘मैंने जीव और पोते के साथ बीती रात गुड़गांव में अपने घर के अंदर मोमबत्ती जलाई और उसकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। बहादुर लड़की के निधन से देश हिल गया है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘इस संकट की घड़ी में उन्हें (परिवार को) अकेला नहीं महसूस करना चाहिए। उनकी बेटी हमारी, भारत की बेटी थी।’’ उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे जीव के साथ दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके क्योंकि उनकी पत्नी निर्मल कौर फ्रैक्चर से उबर रही हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘मैंने जीव और पोते के साथ बीती रात गुड़गांव में अपने घर के अंदर मोमबत्ती जलाई और उसकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। बहादुर लड़की के निधन से देश हिल गया है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘मैंने जीव और पोते के साथ बीती रात गुड़गांव में अपने घर के अंदर मोमबत्ती जलाई और उसकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। बहादुर लड़की के निधन से देश हिल गया है।’’ | संक्षिप्त पाठ: भारत के महान एथलीट मिल्खा सिंह रविवार को सामूहिक बलात्कार पीड़िता को श्रद्धांजलि देते हुए रो पड़े। उनके गोल्फर बेटे जीव मिल्खा सिंह ने पीड़िता के परिवार को तीन लाख रुपये देने का फैसला किया। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई उच्च न्यायालय ने वर्ष 2010 में आईपीएल मैचों के दौरान मुहैया कराई गई पुलिस सुरक्षा का 10 करोड़ रुपये से भी अधिक बकाया नहीं वसूल पाने के लिए महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथ लिया है।
न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति एपी भंगाले की खंडपीठ ने कहा, ‘‘दो साल हो गये और राज्य सरकार ने बकाया लेने की चिंता नहीं की। हमारे हिसाब से यह बहुत बड़ी रकम है। शायद राज्य सरकार के लिए यह छोटी रकम हो। बकाया नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार निष्ठापूर्वक सुरक्षा एवं अन्य सुविधायें मुहैया कराती रही।’’
खंडपीठ इस मामले में को लेकर पिछले साल दायर की गई संतोष पचलाग की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में सरकार को तुरंत बीसीसीआई से बकाया वसूलने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
न्यायालय ने कहा, ‘‘बीसीसीआई वाणिज्यिक उद्यम है, जिसे काफी आमदनी हो रही है और सभी खिलाड़ियों को काफी रकम अदा कर रही है। वे इस रकम (10 करोड़ रुपये) को अदा नहीं कर पा रहे हैं।’’
यह सूचित किए जाने पर कि आईपीएल का अगला सत्र इस साल अप्रैल से शुरू होने की संभावना है, न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा, ‘‘तब आपके (सरकार) पास बकाया वसूलने का पर्याप्त वक्त है। इस मुद्दे पर उच्चतर स्तर पर गौर करने की जरूरत है। अभी तक जो सरकार को करना चाहिये था, उसका निर्देश न्यायालय दे रहा है।’’
न्यायालय ने गृहमंत्रालय के सचिव को बीसीसीआई के उस अनुरोध पर फैसला करने का निर्देश दिया जिसमें उसने अन्य राज्यों की ओर से पूर्व में ली गई दरों को ध्यान में रखकर तर्कसंगत दर तय करने का आग्रह किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।टिप्पणियां
बीसीसीआई के वकील राजू सुब्रमन्यम ने न्यायालय को बताया कि बीसीसीआई पूरी रकम देने के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसने कभी मैचों के दौरान पुलिस सुरक्षा देने का आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्टेडियम में मैच हुआ और फ्रैंचाइजी मालिकों ने सुरक्षा मांगी, वे बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इसलिए उन्हें बकाया अदा करना चाहिए।’’
इसके बाद खंडपीठ ने डी वाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन और संबंधित फ्रैंचाइजी मालिकों को नोटिस जारी किए।
न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति एपी भंगाले की खंडपीठ ने कहा, ‘‘दो साल हो गये और राज्य सरकार ने बकाया लेने की चिंता नहीं की। हमारे हिसाब से यह बहुत बड़ी रकम है। शायद राज्य सरकार के लिए यह छोटी रकम हो। बकाया नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार निष्ठापूर्वक सुरक्षा एवं अन्य सुविधायें मुहैया कराती रही।’’
खंडपीठ इस मामले में को लेकर पिछले साल दायर की गई संतोष पचलाग की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में सरकार को तुरंत बीसीसीआई से बकाया वसूलने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
न्यायालय ने कहा, ‘‘बीसीसीआई वाणिज्यिक उद्यम है, जिसे काफी आमदनी हो रही है और सभी खिलाड़ियों को काफी रकम अदा कर रही है। वे इस रकम (10 करोड़ रुपये) को अदा नहीं कर पा रहे हैं।’’
यह सूचित किए जाने पर कि आईपीएल का अगला सत्र इस साल अप्रैल से शुरू होने की संभावना है, न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा, ‘‘तब आपके (सरकार) पास बकाया वसूलने का पर्याप्त वक्त है। इस मुद्दे पर उच्चतर स्तर पर गौर करने की जरूरत है। अभी तक जो सरकार को करना चाहिये था, उसका निर्देश न्यायालय दे रहा है।’’
न्यायालय ने गृहमंत्रालय के सचिव को बीसीसीआई के उस अनुरोध पर फैसला करने का निर्देश दिया जिसमें उसने अन्य राज्यों की ओर से पूर्व में ली गई दरों को ध्यान में रखकर तर्कसंगत दर तय करने का आग्रह किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।टिप्पणियां
बीसीसीआई के वकील राजू सुब्रमन्यम ने न्यायालय को बताया कि बीसीसीआई पूरी रकम देने के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसने कभी मैचों के दौरान पुलिस सुरक्षा देने का आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्टेडियम में मैच हुआ और फ्रैंचाइजी मालिकों ने सुरक्षा मांगी, वे बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इसलिए उन्हें बकाया अदा करना चाहिए।’’
इसके बाद खंडपीठ ने डी वाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन और संबंधित फ्रैंचाइजी मालिकों को नोटिस जारी किए।
खंडपीठ इस मामले में को लेकर पिछले साल दायर की गई संतोष पचलाग की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में सरकार को तुरंत बीसीसीआई से बकाया वसूलने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
न्यायालय ने कहा, ‘‘बीसीसीआई वाणिज्यिक उद्यम है, जिसे काफी आमदनी हो रही है और सभी खिलाड़ियों को काफी रकम अदा कर रही है। वे इस रकम (10 करोड़ रुपये) को अदा नहीं कर पा रहे हैं।’’
यह सूचित किए जाने पर कि आईपीएल का अगला सत्र इस साल अप्रैल से शुरू होने की संभावना है, न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा, ‘‘तब आपके (सरकार) पास बकाया वसूलने का पर्याप्त वक्त है। इस मुद्दे पर उच्चतर स्तर पर गौर करने की जरूरत है। अभी तक जो सरकार को करना चाहिये था, उसका निर्देश न्यायालय दे रहा है।’’
न्यायालय ने गृहमंत्रालय के सचिव को बीसीसीआई के उस अनुरोध पर फैसला करने का निर्देश दिया जिसमें उसने अन्य राज्यों की ओर से पूर्व में ली गई दरों को ध्यान में रखकर तर्कसंगत दर तय करने का आग्रह किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।टिप्पणियां
बीसीसीआई के वकील राजू सुब्रमन्यम ने न्यायालय को बताया कि बीसीसीआई पूरी रकम देने के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसने कभी मैचों के दौरान पुलिस सुरक्षा देने का आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्टेडियम में मैच हुआ और फ्रैंचाइजी मालिकों ने सुरक्षा मांगी, वे बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इसलिए उन्हें बकाया अदा करना चाहिए।’’
इसके बाद खंडपीठ ने डी वाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन और संबंधित फ्रैंचाइजी मालिकों को नोटिस जारी किए।
न्यायालय ने कहा, ‘‘बीसीसीआई वाणिज्यिक उद्यम है, जिसे काफी आमदनी हो रही है और सभी खिलाड़ियों को काफी रकम अदा कर रही है। वे इस रकम (10 करोड़ रुपये) को अदा नहीं कर पा रहे हैं।’’
यह सूचित किए जाने पर कि आईपीएल का अगला सत्र इस साल अप्रैल से शुरू होने की संभावना है, न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा, ‘‘तब आपके (सरकार) पास बकाया वसूलने का पर्याप्त वक्त है। इस मुद्दे पर उच्चतर स्तर पर गौर करने की जरूरत है। अभी तक जो सरकार को करना चाहिये था, उसका निर्देश न्यायालय दे रहा है।’’
न्यायालय ने गृहमंत्रालय के सचिव को बीसीसीआई के उस अनुरोध पर फैसला करने का निर्देश दिया जिसमें उसने अन्य राज्यों की ओर से पूर्व में ली गई दरों को ध्यान में रखकर तर्कसंगत दर तय करने का आग्रह किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।टिप्पणियां
बीसीसीआई के वकील राजू सुब्रमन्यम ने न्यायालय को बताया कि बीसीसीआई पूरी रकम देने के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसने कभी मैचों के दौरान पुलिस सुरक्षा देने का आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्टेडियम में मैच हुआ और फ्रैंचाइजी मालिकों ने सुरक्षा मांगी, वे बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इसलिए उन्हें बकाया अदा करना चाहिए।’’
इसके बाद खंडपीठ ने डी वाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन और संबंधित फ्रैंचाइजी मालिकों को नोटिस जारी किए।
यह सूचित किए जाने पर कि आईपीएल का अगला सत्र इस साल अप्रैल से शुरू होने की संभावना है, न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा, ‘‘तब आपके (सरकार) पास बकाया वसूलने का पर्याप्त वक्त है। इस मुद्दे पर उच्चतर स्तर पर गौर करने की जरूरत है। अभी तक जो सरकार को करना चाहिये था, उसका निर्देश न्यायालय दे रहा है।’’
न्यायालय ने गृहमंत्रालय के सचिव को बीसीसीआई के उस अनुरोध पर फैसला करने का निर्देश दिया जिसमें उसने अन्य राज्यों की ओर से पूर्व में ली गई दरों को ध्यान में रखकर तर्कसंगत दर तय करने का आग्रह किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।टिप्पणियां
बीसीसीआई के वकील राजू सुब्रमन्यम ने न्यायालय को बताया कि बीसीसीआई पूरी रकम देने के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसने कभी मैचों के दौरान पुलिस सुरक्षा देने का आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्टेडियम में मैच हुआ और फ्रैंचाइजी मालिकों ने सुरक्षा मांगी, वे बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इसलिए उन्हें बकाया अदा करना चाहिए।’’
इसके बाद खंडपीठ ने डी वाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन और संबंधित फ्रैंचाइजी मालिकों को नोटिस जारी किए।
न्यायालय ने गृहमंत्रालय के सचिव को बीसीसीआई के उस अनुरोध पर फैसला करने का निर्देश दिया जिसमें उसने अन्य राज्यों की ओर से पूर्व में ली गई दरों को ध्यान में रखकर तर्कसंगत दर तय करने का आग्रह किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।टिप्पणियां
बीसीसीआई के वकील राजू सुब्रमन्यम ने न्यायालय को बताया कि बीसीसीआई पूरी रकम देने के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसने कभी मैचों के दौरान पुलिस सुरक्षा देने का आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्टेडियम में मैच हुआ और फ्रैंचाइजी मालिकों ने सुरक्षा मांगी, वे बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इसलिए उन्हें बकाया अदा करना चाहिए।’’
इसके बाद खंडपीठ ने डी वाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन और संबंधित फ्रैंचाइजी मालिकों को नोटिस जारी किए।
बीसीसीआई के वकील राजू सुब्रमन्यम ने न्यायालय को बताया कि बीसीसीआई पूरी रकम देने के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसने कभी मैचों के दौरान पुलिस सुरक्षा देने का आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्टेडियम में मैच हुआ और फ्रैंचाइजी मालिकों ने सुरक्षा मांगी, वे बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इसलिए उन्हें बकाया अदा करना चाहिए।’’
इसके बाद खंडपीठ ने डी वाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन और संबंधित फ्रैंचाइजी मालिकों को नोटिस जारी किए।
इसके बाद खंडपीठ ने डी वाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन और संबंधित फ्रैंचाइजी मालिकों को नोटिस जारी किए। | संक्षिप्त पाठ: बंबई उच्च न्यायालय ने वर्ष 2010 में आईपीएल मैचों के दौरान मुहैया कराई गई पुलिस सुरक्षा का 10 करोड़ रुपये से भी अधिक बकाया नहीं वसूल पाने के लिए महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पॉप गायिका मैडोना ने उनके विश्वभ्रमण (वर्ल्ड टूर) के दौरान एक तस्वीर में 'स्वास्तिक' के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद के बारे में जोर देकर कहा है कि इस तस्वीर को किसी खास मकसद के लिए चुना गया था।टिप्पणियां
वेबसाइट कॉन्टेक्टम्यूज़िक.कॉम के मुताबिक 53-वर्षीय मैडोना ने कहा, "वीडियो में दिखाई गई तस्वीरें किसी खास मकसद के लिए चुनी गई थीं। इस फिल्म ने यह दिखाया गया है कि कैसे हम इंसानों के पास एक-दूसरे के लिए कोई सहिष्णुता नहीं बची है और हम किसी को भी जानने से पहले ही अपनी राय बना लेते हैं।"
मैडोना के इस वीडियो में दिखाया गया है कि फ्रांस की एक नेता मरीन ले पेन ने अपने चेहरे पर 'स्वास्तिक' लगा रखा है, जिसके बाद ले पेन ने मैडोना के खिलाफ मुकदमा दायर करने की धमकी दी है, जबकि मैडोना ने उनकी धमकी को चुनौती देते हुए इस दृश्य को हटाने से इनकार कर दिया है।
वेबसाइट कॉन्टेक्टम्यूज़िक.कॉम के मुताबिक 53-वर्षीय मैडोना ने कहा, "वीडियो में दिखाई गई तस्वीरें किसी खास मकसद के लिए चुनी गई थीं। इस फिल्म ने यह दिखाया गया है कि कैसे हम इंसानों के पास एक-दूसरे के लिए कोई सहिष्णुता नहीं बची है और हम किसी को भी जानने से पहले ही अपनी राय बना लेते हैं।"
मैडोना के इस वीडियो में दिखाया गया है कि फ्रांस की एक नेता मरीन ले पेन ने अपने चेहरे पर 'स्वास्तिक' लगा रखा है, जिसके बाद ले पेन ने मैडोना के खिलाफ मुकदमा दायर करने की धमकी दी है, जबकि मैडोना ने उनकी धमकी को चुनौती देते हुए इस दृश्य को हटाने से इनकार कर दिया है।
मैडोना के इस वीडियो में दिखाया गया है कि फ्रांस की एक नेता मरीन ले पेन ने अपने चेहरे पर 'स्वास्तिक' लगा रखा है, जिसके बाद ले पेन ने मैडोना के खिलाफ मुकदमा दायर करने की धमकी दी है, जबकि मैडोना ने उनकी धमकी को चुनौती देते हुए इस दृश्य को हटाने से इनकार कर दिया है। | पॉप गायिका मैडोना ने उनके वर्ल्ड टूर के दौरान एक तस्वीर में 'स्वास्तिक' के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद के बारे में कहा है कि तस्वीर को किसी खास मकसद के लिए चुना गया था। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को देश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के प्रसारण का अधिकार रखने वाली प्रसारण कम्पनी निम्बस का करार रद्द कर दिया। बीसीसीआई के मुताबिक निम्बस ने भुगतान सम्बंधी शर्तों का उल्लंघन किया है। इस बारे में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है लेकिन बीसीसीआई की कार्यकारिणी में शामिल होने वाले कुछ सदस्यों ने बताया कि निम्बस को करार सम्बंधी शर्तो के उल्लंघन के कारण प्रसारण अधिकार से वंचित किया गया है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कार्यकारिणी की बैठक के बाद कहा, "निम्बस ने घपला किया है। उसने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के साथ हुई श्रृंखला के लिए 50 फीसदी रकम की अग्रिम अदायगी नहीं की है।" एक अन्य सदस्य ने बताया कि निम्बस ने सोमवार सुबह 24 करोड़ रुपये का भुगतान किया लेकिन अभी भी उसके पास 85 से 88 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसी कारण बीसीसीआई निम्बस के साथ प्रसारण करार जारी नहीं रखना चाहता। निम्बस के साथ बीसीसीआई का प्रसारण करार पांच वर्ष पुराना है। निम्बस ने 2005-06 में चार साल का करार किया था। इसके बाद बीसीसीआई ने 2009-10 में उसके करार का नवीकरण किया। मौजूदा करार 2014 तक मान्य है। | संक्षिप्त सारांश: बीसीसीआई ने देश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के प्रसारण का अधिकार रखने वाली प्रसारण कम्पनी निम्बस का करार रद्द कर दिया। | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में समुद्र किनारे एक ऐसे विशालकाय जीव का शव मिला है है जो लोगों को हैरान कर रहा है. कुछ लोग इसे व्हेल मछली बता रहे हैं, लेकिन जानकारों के बीच अभी तक इसपर सहमति नहीं बनी है. कैगडियानो डायनागेट द्वीप समूह पर समुद्र किनारे पड़ा यह जीव 15 फीट लंबा है. मारजोरी कबाटिंग अबो नाम की एक महिला ने जब इस जीव को देखा तो उन्होंने इसकी तस्वीर ले ली, फिर उन्होंने स्थानीय एग्रीकल्चर विभाग को भी इस बारे में सूचित किया. मौके पर पहुंचे विभाग के कर्मचारी भी इस विशालकाय जीव के शव को देखकर दंग रह गए.
इस अजीबोगरीब जीव का पेट सफेद रंग का है. पूर शरीर झब्बेदार बाल हैं. आमतौर पर इस तरह की मछलियां नहीं होती हैं. महिला ने अपने फेसबुक अकाउंट से इस तस्वीर को शेयर किया तो लोग इसके बारे में सवाल पूछने लगे. लोग अपने हिसाब से इसकी पहचान बताने में जुटे हैं. कोई इसे गिद्ध तो कुछ लोग जानवर बता रहे हैं.
डायनागेट के नगर पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन कार्यालय के अधिकारियों ने जब बारिकी से इस शव का निरीक्षण किया तो इस निष्कर्ष पर पहुंचे की ये मछली ही है. उनका मानना है कि किसी कारण से मछली के शव का कुछ हिस्सा समुद्र में ही रह गया है, जिसके चलते वह मांस के विशालकाय लोथड़े जैसा दिख रहा है. टिप्पणियां
मालूम हो कि सबसे बड़ा जीव ब्लू व्हेल होती है. औसतन उसकी लंबाई 110 फीट तक होती है. उसका वजन 1 लाख 80 हजार किलोग्राम तक हो सकता है. उसके शरीर में 7000 किलोग्राम तक रक्त होता है.
नन्हे ब्लू व्हेल की लंबाई 20-25 फीट होती है और वजन दो हजार 700 किलोग्राम होता है. यह बच्चा काफी तेजी से बड़ा होता है. हर 24 घंटे में इसका वजन 90 किलोग्राम बढ़ जाता है. छह महीने में यह बच्चा 40-50 फीट बड़ा हो जाता है. एक बड़ी ब्लू व्हेल एक दिन में लगभग 4 हजार किलोग्राम क्रिल खा जाती है. क्रिल एक तरह की छोटी-छोटी मछलियां होती हैं. अनुमान लगाया जाता है कि समुद्रों में ब्लू व्हेल की आबादी कम से कम 5 हजार है. अधिक से अधिक 12 हजार तक भी हो सकती है.
इस अजीबोगरीब जीव का पेट सफेद रंग का है. पूर शरीर झब्बेदार बाल हैं. आमतौर पर इस तरह की मछलियां नहीं होती हैं. महिला ने अपने फेसबुक अकाउंट से इस तस्वीर को शेयर किया तो लोग इसके बारे में सवाल पूछने लगे. लोग अपने हिसाब से इसकी पहचान बताने में जुटे हैं. कोई इसे गिद्ध तो कुछ लोग जानवर बता रहे हैं.
डायनागेट के नगर पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन कार्यालय के अधिकारियों ने जब बारिकी से इस शव का निरीक्षण किया तो इस निष्कर्ष पर पहुंचे की ये मछली ही है. उनका मानना है कि किसी कारण से मछली के शव का कुछ हिस्सा समुद्र में ही रह गया है, जिसके चलते वह मांस के विशालकाय लोथड़े जैसा दिख रहा है. टिप्पणियां
मालूम हो कि सबसे बड़ा जीव ब्लू व्हेल होती है. औसतन उसकी लंबाई 110 फीट तक होती है. उसका वजन 1 लाख 80 हजार किलोग्राम तक हो सकता है. उसके शरीर में 7000 किलोग्राम तक रक्त होता है.
नन्हे ब्लू व्हेल की लंबाई 20-25 फीट होती है और वजन दो हजार 700 किलोग्राम होता है. यह बच्चा काफी तेजी से बड़ा होता है. हर 24 घंटे में इसका वजन 90 किलोग्राम बढ़ जाता है. छह महीने में यह बच्चा 40-50 फीट बड़ा हो जाता है. एक बड़ी ब्लू व्हेल एक दिन में लगभग 4 हजार किलोग्राम क्रिल खा जाती है. क्रिल एक तरह की छोटी-छोटी मछलियां होती हैं. अनुमान लगाया जाता है कि समुद्रों में ब्लू व्हेल की आबादी कम से कम 5 हजार है. अधिक से अधिक 12 हजार तक भी हो सकती है.
डायनागेट के नगर पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन कार्यालय के अधिकारियों ने जब बारिकी से इस शव का निरीक्षण किया तो इस निष्कर्ष पर पहुंचे की ये मछली ही है. उनका मानना है कि किसी कारण से मछली के शव का कुछ हिस्सा समुद्र में ही रह गया है, जिसके चलते वह मांस के विशालकाय लोथड़े जैसा दिख रहा है. टिप्पणियां
मालूम हो कि सबसे बड़ा जीव ब्लू व्हेल होती है. औसतन उसकी लंबाई 110 फीट तक होती है. उसका वजन 1 लाख 80 हजार किलोग्राम तक हो सकता है. उसके शरीर में 7000 किलोग्राम तक रक्त होता है.
नन्हे ब्लू व्हेल की लंबाई 20-25 फीट होती है और वजन दो हजार 700 किलोग्राम होता है. यह बच्चा काफी तेजी से बड़ा होता है. हर 24 घंटे में इसका वजन 90 किलोग्राम बढ़ जाता है. छह महीने में यह बच्चा 40-50 फीट बड़ा हो जाता है. एक बड़ी ब्लू व्हेल एक दिन में लगभग 4 हजार किलोग्राम क्रिल खा जाती है. क्रिल एक तरह की छोटी-छोटी मछलियां होती हैं. अनुमान लगाया जाता है कि समुद्रों में ब्लू व्हेल की आबादी कम से कम 5 हजार है. अधिक से अधिक 12 हजार तक भी हो सकती है.
मालूम हो कि सबसे बड़ा जीव ब्लू व्हेल होती है. औसतन उसकी लंबाई 110 फीट तक होती है. उसका वजन 1 लाख 80 हजार किलोग्राम तक हो सकता है. उसके शरीर में 7000 किलोग्राम तक रक्त होता है.
नन्हे ब्लू व्हेल की लंबाई 20-25 फीट होती है और वजन दो हजार 700 किलोग्राम होता है. यह बच्चा काफी तेजी से बड़ा होता है. हर 24 घंटे में इसका वजन 90 किलोग्राम बढ़ जाता है. छह महीने में यह बच्चा 40-50 फीट बड़ा हो जाता है. एक बड़ी ब्लू व्हेल एक दिन में लगभग 4 हजार किलोग्राम क्रिल खा जाती है. क्रिल एक तरह की छोटी-छोटी मछलियां होती हैं. अनुमान लगाया जाता है कि समुद्रों में ब्लू व्हेल की आबादी कम से कम 5 हजार है. अधिक से अधिक 12 हजार तक भी हो सकती है.
नन्हे ब्लू व्हेल की लंबाई 20-25 फीट होती है और वजन दो हजार 700 किलोग्राम होता है. यह बच्चा काफी तेजी से बड़ा होता है. हर 24 घंटे में इसका वजन 90 किलोग्राम बढ़ जाता है. छह महीने में यह बच्चा 40-50 फीट बड़ा हो जाता है. एक बड़ी ब्लू व्हेल एक दिन में लगभग 4 हजार किलोग्राम क्रिल खा जाती है. क्रिल एक तरह की छोटी-छोटी मछलियां होती हैं. अनुमान लगाया जाता है कि समुद्रों में ब्लू व्हेल की आबादी कम से कम 5 हजार है. अधिक से अधिक 12 हजार तक भी हो सकती है. | यह एक सारांश है: अजीबोगरीब जीव का पेट सफेद रंग का है. पूर शरीर झब्बेदार बाल हैं.
कोई इसे गिद्ध तो कुछ लोग अद्भूत जानवर बता रहे हैं.
इस जीव की तस्वीर सोशल मीडिया पर हुई वायरल. | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले हफ्ते हाई-प्रोफाइल हनी-ट्रैप रैकेट (High-profile honey-trap racket) का पर्दाफाश होने के बाद गिरफ्तार पांच महिलाओं और उनके कार ड्राइवर ने खुलासा किया है कि रैकेट के मास्टरमाइंड की निगाहें दिल्ली पर टिकी थीं. वह केंद्र सरकार से अपने एनजीओ या अपने बड़े कॉर्पोरेट ग्राहकों, जिनमें से कुछ भारत के बाहर बसे हुए भी हो सकते हैं के लिए ठेके हासिल करना चाहता था. रैकेट का मास्टरमाइंड छत्तीसगढ़ में एक मेगा प्रोजेक्ट पर नज़र गड़ाए हुए था. वह छत्तीसगढ़ में नेताओं और नौकरशाहों से अपने संपर्कों का फायदा अपने बड़े कॉर्पोरेट ग्राहकों में से एक को दिलाना चाहता था.
एक सूत्र ने कहा कि "विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में उनका कोई आधार नहीं था. राज्य के दो से तीन पूर्व मंत्रियों और आईएफएस और आईएएस अधिकारियों के साथ जरूर उनके निकट संबंध थे."
एनडीटीवी को जांच से पता चला है कि रैकेट के मास्टरमाइंड ने करीब एक साल पहले विदेशों में व्यापार करने वाले एक एनआरआई व्यवसायी को केंद्र सरकार से एक महत्वपूर्ण एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट संबंधी कॉन्ट्रेक्ट दिलाने की पुरजोर कोशिश की थी. हालांकि दिल्ली में अधिकारियों और राजनीतिक संपर्कों के जरिए किए गए उसके प्रयास सफल नहीं हो सके.
सेक्स रैकेट के मास्टरमाइंडों में से एक अहम व्यक्ति जो कि कथित तौर पर भोपाल के करीब एक फैक्ट्री चलाता है, ने अपने हाई-प्रोफाइल संपर्कों का उपयोग करते हुए केंद्र के एक प्रमुख पब्लिक सेक्टर में सप्लाई के लिए एक बार अनुबंध प्राप्त करने में कामयाबी हासिल की थी.
इस रैकेट ने दो मोर्चों पर काम किया, इसके कर्ताधर्ताओं ने पहले प्रभावशाली नेताओं, नौकरशाहों और वरिष्ठ पुलिस अफसरों से अंतरंग संबंध विकसित किए. इसके बाद, रैकेट संचालकों ने इन विशेष रूप से निर्णय लेने का अधिकार रखने वाले प्रभावशाली लोगों को उपकृत किया. उनसे एनजीओ के लिए कौशल विकास, प्रशिक्षण और प्रचार से संबंधित काम के लिए कार्य ऑर्डर हासिल किए गए. इसके अलावा, उन्होंने अपने कॉर्पोरेट ग्राहकों को सरकारी कॉन्ट्रेक्ट दिलाने के लिए इन प्रभावी लोगों का उपयोग किया, जिसके लिए उन्हें वास्तव में आकर्षक कमीशन मिला. | यहाँ एक सारांश है:एनआरआई को केंद्र से एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का कॉन्ट्रेक्ट दिलाने की कोशिश की
केंद्र के एक प्रमुख पब्लिक सेक्टर में सप्लाई के लिए ठेका मिला था
प्रभावशाली लोगों को उपकृत करते थे रैकेट के संचालक | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लगातार दो सप्ताहों की तेजी के बाद देश के शेयर बाजारों में इस सप्ताह गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2.24 फीसदी या 391.51 अंकों की गिरावट के साथ 17,094.51 पर और निफ्टी 2.17 फीसदी या 115.45 अंकों की गिरावट के साथ 5,207.45 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह बुधवार को 17,486.02 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सप्ताह बुधवार को 5,322.90 पर बंद हुआ।
पिछले सप्ताह सिर्फ तीन दिनों का कारोबारी सत्र सम्पन्न हुआ। पिछले सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार को क्रमश: महावीर जयंती और गुडफ्राइडे के कारण शेयर बाजार बंद रहे थे।
इस सप्ताह बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.89 फीसदी), और वाहन (0.91 फीसदी) में तेजी रही। टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (11.50 फीसदी), प्रौद्योगिकी (9.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.43 फीसदी), धातु (3.88 फीसदी) और बिजली (2.85 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह गिरावट रही। मिडकैप इस सप्ताह 2.10 फीसदी या 135.90 अंकों की गिरावट के साथ 6,337.97 पर और स्मॉलकैप 0.67 फीसदी या 45.67 अंकों की गिरावट के साथ 6,799.23 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह बुधवार को 17,486.02 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सप्ताह बुधवार को 5,322.90 पर बंद हुआ।
पिछले सप्ताह सिर्फ तीन दिनों का कारोबारी सत्र सम्पन्न हुआ। पिछले सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार को क्रमश: महावीर जयंती और गुडफ्राइडे के कारण शेयर बाजार बंद रहे थे।
इस सप्ताह बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.89 फीसदी), और वाहन (0.91 फीसदी) में तेजी रही। टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (11.50 फीसदी), प्रौद्योगिकी (9.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.43 फीसदी), धातु (3.88 फीसदी) और बिजली (2.85 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह गिरावट रही। मिडकैप इस सप्ताह 2.10 फीसदी या 135.90 अंकों की गिरावट के साथ 6,337.97 पर और स्मॉलकैप 0.67 फीसदी या 45.67 अंकों की गिरावट के साथ 6,799.23 पर बंद हुआ।
पिछले सप्ताह सिर्फ तीन दिनों का कारोबारी सत्र सम्पन्न हुआ। पिछले सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार को क्रमश: महावीर जयंती और गुडफ्राइडे के कारण शेयर बाजार बंद रहे थे।
इस सप्ताह बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.89 फीसदी), और वाहन (0.91 फीसदी) में तेजी रही। टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (11.50 फीसदी), प्रौद्योगिकी (9.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.43 फीसदी), धातु (3.88 फीसदी) और बिजली (2.85 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह गिरावट रही। मिडकैप इस सप्ताह 2.10 फीसदी या 135.90 अंकों की गिरावट के साथ 6,337.97 पर और स्मॉलकैप 0.67 फीसदी या 45.67 अंकों की गिरावट के साथ 6,799.23 पर बंद हुआ।
इस सप्ताह बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.60 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.89 फीसदी), और वाहन (0.91 फीसदी) में तेजी रही। टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (11.50 फीसदी), प्रौद्योगिकी (9.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.43 फीसदी), धातु (3.88 फीसदी) और बिजली (2.85 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह गिरावट रही। मिडकैप इस सप्ताह 2.10 फीसदी या 135.90 अंकों की गिरावट के साथ 6,337.97 पर और स्मॉलकैप 0.67 फीसदी या 45.67 अंकों की गिरावट के साथ 6,799.23 पर बंद हुआ।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (11.50 फीसदी), प्रौद्योगिकी (9.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.43 फीसदी), धातु (3.88 फीसदी) और बिजली (2.85 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह गिरावट रही। मिडकैप इस सप्ताह 2.10 फीसदी या 135.90 अंकों की गिरावट के साथ 6,337.97 पर और स्मॉलकैप 0.67 फीसदी या 45.67 अंकों की गिरावट के साथ 6,799.23 पर बंद हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह गिरावट रही। मिडकैप इस सप्ताह 2.10 फीसदी या 135.90 अंकों की गिरावट के साथ 6,337.97 पर और स्मॉलकैप 0.67 फीसदी या 45.67 अंकों की गिरावट के साथ 6,799.23 पर बंद हुआ। | प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2.24 फीसदी या 391.51 अंकों की गिरावट के साथ 17,094.51 पर और निफ्टी 2.17 फीसदी या 115.45 अंकों की गिरावट के साथ 5,207.45 पर बंद हुआ। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पासवान ने कहा कि दोनों दलों ने उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक शासन किया जहां के लोगों को बेरोजगारी और अपराध के चलते दूसरे जगह जाने को मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि एक चुनावी रणनीति के तौर पर सपा-बसपा का गठबंधन मजबूत है. भाजपा नीत राजग को भी उसे चुनौती देने को स्वयं को सुदृढ़ बनाना होगा ताकि उत्तर प्रदेश के लोग सपा-बसपा गठबंधन को एक मुंहतोड़ जवाब दे सकें.
बता दें, 2019 लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा ने शनिवार को अपने गठबंधन का औपचारिक एलान किया. दोनों पार्टियों ने कांग्रेस को साथ लिए बगैर ही आपस में गठजोड़ करने की घोषणा कर दी. इसके कुछ घंटे बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी ‘पूरी क्षमता' के साथ राज्य में चुनाव लड़ेगी और अपनी विचारधारा पर अडिग रहेगी. राहुल ने कहा कि उनके मन में इन दोनों दलों के नेताओं के प्रति ‘बड़ा सम्मान' है और ‘वे जो भी चाहें, उन्हें वह करने का हक है.'
उन्होंने कहा, ‘बसपा और सपा को गठबंधन करने का पूरा हक है. मैं सोचता हूं कि कांग्रेस पार्टी के पास उत्तर प्रदेश के लोगों को पेशकश करने के लिए काफी कुछ है, इसलिए हम कांग्रेस पार्टी के तौर पर यथासंभव प्रयास करेंगे. हम अपनी विचारधारा के प्रसार के लिए पूरी क्षमता के साथ लड़ेंगे. बसपा और सपा ने राजनीतिक निर्णय लिया है. अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम कैसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को मजबूत करते हैं. हम पूरी क्षमता के साथ लड़ेंगे.'
बता दें, कभी एक दूसरे की कट्टर विरोधी रही समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में आपस में गठबंधन करने की शनिवार को घोषणा की. उन्होंने कांग्रेस को गठबंधन से दूर रखा है. बसपा और सपा उत्तर प्रदेश में 38 -38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. हालांकि बसपा और सपा ने कहा कि वे अमेठी और रायबरेली में उम्मीदवार नहीं उतारेंगी. अमेठी का प्रतिनिधित्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और रायबरेली का प्रतिनिधित्व संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी कर रही हैं. | संक्षिप्त पाठ: चिराग पासवान ने बताया मजबूत चुनावी गठजोड़
कहा- NDA को देना होगा मुंहतोड़ जवाब
मायावती-मुलायम सिंह यादव पर साधा निशाना | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी भविष्यवाणी को लेकर इससे पहले परेशानी में फंसने वाले ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज लेग स्पिनर शेन वार्न ने आज फिर से भविष्यवाणी की जो काफी हद तक सच भी साबित हुई।टिप्पणियां
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में कमेंट्री कर रहे वार्न ने भविष्यवाणी की थी कि ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 157 रन बनाएगा।
संयोग से ऑस्ट्रेलिया ने नौ विकेट 157 रन पर गंवा दिए थे और बाद में टीम 164 रन ही बना पाई। वार्न ने इससे पहले विश्व कप 2011 के दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच बेंगलुरु में खेले गए मैच के टाई समाप्त होने की भविष्यवाणी की थी।
यह मैच वास्तव में टाई छूटा और तब वार्न की भविष्यवाणी को संदेह की नजर से देखा जाने लगा था। आईसीसी ने भी तब उनकी इस भविष्यवाणी पर गौर किया था।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में कमेंट्री कर रहे वार्न ने भविष्यवाणी की थी कि ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 157 रन बनाएगा।
संयोग से ऑस्ट्रेलिया ने नौ विकेट 157 रन पर गंवा दिए थे और बाद में टीम 164 रन ही बना पाई। वार्न ने इससे पहले विश्व कप 2011 के दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच बेंगलुरु में खेले गए मैच के टाई समाप्त होने की भविष्यवाणी की थी।
यह मैच वास्तव में टाई छूटा और तब वार्न की भविष्यवाणी को संदेह की नजर से देखा जाने लगा था। आईसीसी ने भी तब उनकी इस भविष्यवाणी पर गौर किया था।
यह मैच वास्तव में टाई छूटा और तब वार्न की भविष्यवाणी को संदेह की नजर से देखा जाने लगा था। आईसीसी ने भी तब उनकी इस भविष्यवाणी पर गौर किया था। | सारांश: अपनी भविष्यवाणी को लेकर इससे पहले परेशानी में फंसने वाले ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज लेग स्पिनर शेन वार्न ने आज फिर से भविष्यवाणी की जो काफी हद तक सच भी साबित हुई। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने बंदरगाह क्षमता के विस्तार समेत विभिन्त क्षेत्रों में लिए अगले पांच साल में 49,000 करोड़ रुपये के निवेश तथा जल एवं सीमेंट कारोबार में दस्तक देने की मंगलवार को घोषणा की. उन्होंने आठवें वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन में कहा कि अडानी समूह 5,500 करोड़ रुपये के निवेश से एक करोड़ टन क्षमता का सीमेंट क्लिंकर संयंत्र लगाएगी. साथ 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से खारापन दूर करने के लिये संयंत्र लगाएगी.
अडानी इंटरप्राइजेज पहले ही एक नई कंपनी अडाणी सीमेंटेशन का गठन कर चुकी है. यह कंपनी सीमेंट कारोबार करेगी.
उन्होंने कहा, 'पिछले पांच साल में हमने गुजरात में 48,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है'. देश का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह और लॉजिस्टिक कंपनी अडानी पोर्ट्स गुजरात में अपने सभी बंदरगाहों मूंदड़ा, दाहेज, हजीरा और अजीरा तथा तुना में क्षमता विस्तार के लिए अगले पांच साल में 16,700 करोड़ रुपये निवेश करेगी'. अडानी ने कहा कि 'समूह राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी निवेश बढ़ा रहा है. 2021 में हमारा सौर के साथ पवन ऊर्जा में नया निवेश 23,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा'. बुनियादी ढांचा कारोबार के अलावा अडानी समूह अपने कृषि कारोबार के विस्तार के लिये भी उल्लेखनीय निवेश कर रहा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'अडानी विलमर भारत का सबसे बड़ा खाद्य तेल कारोबार है और अविवादित रूप से बाजार में अगुवा है. कंपनी फार्चून ब्रांड से उत्पाद बेचती है. समूह मुंदड़ा तथा अजीरा में खाद्य तेल विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये निवेश करेगा'. अडानी ने कहा, 'संक्षेप में अगले पांच साल में हम गुजरात में 49,000 करोड़ रुपये निवेश करेंगे और इससे प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से 25,000 रोजगार सृजित करेंगे'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अडानी इंटरप्राइजेज पहले ही एक नई कंपनी अडाणी सीमेंटेशन का गठन कर चुकी है. यह कंपनी सीमेंट कारोबार करेगी.
उन्होंने कहा, 'पिछले पांच साल में हमने गुजरात में 48,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है'. देश का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह और लॉजिस्टिक कंपनी अडानी पोर्ट्स गुजरात में अपने सभी बंदरगाहों मूंदड़ा, दाहेज, हजीरा और अजीरा तथा तुना में क्षमता विस्तार के लिए अगले पांच साल में 16,700 करोड़ रुपये निवेश करेगी'. अडानी ने कहा कि 'समूह राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी निवेश बढ़ा रहा है. 2021 में हमारा सौर के साथ पवन ऊर्जा में नया निवेश 23,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा'. बुनियादी ढांचा कारोबार के अलावा अडानी समूह अपने कृषि कारोबार के विस्तार के लिये भी उल्लेखनीय निवेश कर रहा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'अडानी विलमर भारत का सबसे बड़ा खाद्य तेल कारोबार है और अविवादित रूप से बाजार में अगुवा है. कंपनी फार्चून ब्रांड से उत्पाद बेचती है. समूह मुंदड़ा तथा अजीरा में खाद्य तेल विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये निवेश करेगा'. अडानी ने कहा, 'संक्षेप में अगले पांच साल में हम गुजरात में 49,000 करोड़ रुपये निवेश करेंगे और इससे प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से 25,000 रोजगार सृजित करेंगे'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'पिछले पांच साल में हमने गुजरात में 48,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है'. देश का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह और लॉजिस्टिक कंपनी अडानी पोर्ट्स गुजरात में अपने सभी बंदरगाहों मूंदड़ा, दाहेज, हजीरा और अजीरा तथा तुना में क्षमता विस्तार के लिए अगले पांच साल में 16,700 करोड़ रुपये निवेश करेगी'. अडानी ने कहा कि 'समूह राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी निवेश बढ़ा रहा है. 2021 में हमारा सौर के साथ पवन ऊर्जा में नया निवेश 23,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा'. बुनियादी ढांचा कारोबार के अलावा अडानी समूह अपने कृषि कारोबार के विस्तार के लिये भी उल्लेखनीय निवेश कर रहा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'अडानी विलमर भारत का सबसे बड़ा खाद्य तेल कारोबार है और अविवादित रूप से बाजार में अगुवा है. कंपनी फार्चून ब्रांड से उत्पाद बेचती है. समूह मुंदड़ा तथा अजीरा में खाद्य तेल विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये निवेश करेगा'. अडानी ने कहा, 'संक्षेप में अगले पांच साल में हम गुजरात में 49,000 करोड़ रुपये निवेश करेंगे और इससे प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से 25,000 रोजगार सृजित करेंगे'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'अडानी विलमर भारत का सबसे बड़ा खाद्य तेल कारोबार है और अविवादित रूप से बाजार में अगुवा है. कंपनी फार्चून ब्रांड से उत्पाद बेचती है. समूह मुंदड़ा तथा अजीरा में खाद्य तेल विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये निवेश करेगा'. अडानी ने कहा, 'संक्षेप में अगले पांच साल में हम गुजरात में 49,000 करोड़ रुपये निवेश करेंगे और इससे प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से 25,000 रोजगार सृजित करेंगे'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: अडाणी ने जल एवं सीमेंट कारोबार में दस्तक देने की घोषणा की.
समूह 2,000 करोड़ के निवेश से खारापन दूर करने के लिए संयंत्र लगाएगा.
अडाणी इंटरप्राइजेज पहले ही एक नई कंपनी अडाणी सीमेंटेशन का गठन कर चुकी है. | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पेंटागन प्रमुख जिम मैटिस ने कहा है कि कई वर्षों के सीमित बजट के कारण अमेरिकी सेना की लड़ाई लड़ने की निम्न स्तर की तैयारी से वह स्तब्ध हैं.
मैटिस ने हाउस आर्म्ड सर्विस कमेटी के समक्ष बजट सीमा का जिक्र करते हुए कहा, बजट में कटौती होने के तीन माह बाद मैं सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त हुआ था. उन्होंने कहा, चार वर्ष बाद मैं रक्षा विभाग में वापस लौटा और मैंने लड़ाई की जो तैयारियां देखी उससे मैं 'स्तब्ध' रह गया. मैटिस ने कहा, युद्ध क्षेत्र में किसी भी दुश्मन ने हमारी सेना की तैयारी को उतना नुकसान नहीं पहुंचाया जितना की इस कटौती ने पहुंचाया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन के विशाल बजट को उल्लेखनीय रूप बढ़ाने की मंशा जताई है.टिप्पणियां
पेंटागन ने सामान्य रक्षा वित्तपोषण के रूप में 574 अरब डॉलर की मांग की है, इसके अतिरिक्त 65 अरब डॉलर युद्ध के खर्च के लिए अतिरिक्त मांगे गए हैं, कुल मिला कर यह राशि 639 अरब डॉलर है.
प्रस्तावित खर्च में बढ़ोतरी 50 अरब डॉलर से अधिक है जो कि 2017 के आधार बजट के वित्त पोषण स्तर से 10 प्रतिशत अधिक है. समिति के अध्यक्ष मैक थोर्नबेरी और अन्य रिपिब्लकनों का मानना है कि ये बढोतरी अमेरिकी सेना को मजबूत करने के लिहाज से काफी नहीं है. कमेटी में अनेक डेमोक्रेटों ने स्वीकार किया कि यह नाकाफी है लेकिन उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ट्रंप प्रशासन द्वारा करों में कटौती पर जोर देने की स्थिति में यह धन आएगा कहां से.
मैटिस ने हाउस आर्म्ड सर्विस कमेटी के समक्ष बजट सीमा का जिक्र करते हुए कहा, बजट में कटौती होने के तीन माह बाद मैं सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त हुआ था. उन्होंने कहा, चार वर्ष बाद मैं रक्षा विभाग में वापस लौटा और मैंने लड़ाई की जो तैयारियां देखी उससे मैं 'स्तब्ध' रह गया. मैटिस ने कहा, युद्ध क्षेत्र में किसी भी दुश्मन ने हमारी सेना की तैयारी को उतना नुकसान नहीं पहुंचाया जितना की इस कटौती ने पहुंचाया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन के विशाल बजट को उल्लेखनीय रूप बढ़ाने की मंशा जताई है.टिप्पणियां
पेंटागन ने सामान्य रक्षा वित्तपोषण के रूप में 574 अरब डॉलर की मांग की है, इसके अतिरिक्त 65 अरब डॉलर युद्ध के खर्च के लिए अतिरिक्त मांगे गए हैं, कुल मिला कर यह राशि 639 अरब डॉलर है.
प्रस्तावित खर्च में बढ़ोतरी 50 अरब डॉलर से अधिक है जो कि 2017 के आधार बजट के वित्त पोषण स्तर से 10 प्रतिशत अधिक है. समिति के अध्यक्ष मैक थोर्नबेरी और अन्य रिपिब्लकनों का मानना है कि ये बढोतरी अमेरिकी सेना को मजबूत करने के लिहाज से काफी नहीं है. कमेटी में अनेक डेमोक्रेटों ने स्वीकार किया कि यह नाकाफी है लेकिन उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ट्रंप प्रशासन द्वारा करों में कटौती पर जोर देने की स्थिति में यह धन आएगा कहां से.
पेंटागन ने सामान्य रक्षा वित्तपोषण के रूप में 574 अरब डॉलर की मांग की है, इसके अतिरिक्त 65 अरब डॉलर युद्ध के खर्च के लिए अतिरिक्त मांगे गए हैं, कुल मिला कर यह राशि 639 अरब डॉलर है.
प्रस्तावित खर्च में बढ़ोतरी 50 अरब डॉलर से अधिक है जो कि 2017 के आधार बजट के वित्त पोषण स्तर से 10 प्रतिशत अधिक है. समिति के अध्यक्ष मैक थोर्नबेरी और अन्य रिपिब्लकनों का मानना है कि ये बढोतरी अमेरिकी सेना को मजबूत करने के लिहाज से काफी नहीं है. कमेटी में अनेक डेमोक्रेटों ने स्वीकार किया कि यह नाकाफी है लेकिन उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ट्रंप प्रशासन द्वारा करों में कटौती पर जोर देने की स्थिति में यह धन आएगा कहां से.
प्रस्तावित खर्च में बढ़ोतरी 50 अरब डॉलर से अधिक है जो कि 2017 के आधार बजट के वित्त पोषण स्तर से 10 प्रतिशत अधिक है. समिति के अध्यक्ष मैक थोर्नबेरी और अन्य रिपिब्लकनों का मानना है कि ये बढोतरी अमेरिकी सेना को मजबूत करने के लिहाज से काफी नहीं है. कमेटी में अनेक डेमोक्रेटों ने स्वीकार किया कि यह नाकाफी है लेकिन उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ट्रंप प्रशासन द्वारा करों में कटौती पर जोर देने की स्थिति में यह धन आएगा कहां से. | संक्षिप्त पाठ: कई वर्षों के सीमित बजट के कारण अमेरिकी सेना का स्तर गिरा
सेना की तैयारी को इस कटौती ने नुकसान पहुंचाया
राष्ट्रपति ने पेंटागन के विशाल बजट को बढ़ाने की मंशा जताई है. | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर भाजपा पर हमला बोला और कहा कि पार्टी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की धमकियों के आगे झुक गई और आश्चर्य जताया कि क्या यह वही संघ है, जो अब तक खुद को 'सांस्कृतिक संगठन' कहता था।
दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा, भाजपा, आरएसएस और रामदेव की धमकियों के सामने झुक गई तथा मोदी को भाजपा का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। क्या हमें अब भी आरएसएस को सांस्कृतिक संगठन कहना चाहिए?
आरएसएस की मंजूरी के बाद नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस संबंध में पार्टी ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के विरोध को भी दरकिनार कर दिया।टिप्पणियां
मोदी का कद बढ़ाए जाने के पीछे एक अन्य कांग्रेस महासचिव शकील अहमद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की एक बड़ी साजिश देखते हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या यह कदम आडवाणी और लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज को दरकिनार करने का प्रयास है, जो दोनों कल तक प्रधानमंत्री पद के दावेदार थे।
शकील अहमद ने ट्विटर पर कहा, क्या राजनाथ जी अपने खुद के अवसर हेतु आरएसएस की मदद से आडवाणी जी और सुषमा जी को दरकिनार करने के लिए मोदी जी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जब 2014 में मोदी जी खारिज हो जाएंगे?
दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा, भाजपा, आरएसएस और रामदेव की धमकियों के सामने झुक गई तथा मोदी को भाजपा का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। क्या हमें अब भी आरएसएस को सांस्कृतिक संगठन कहना चाहिए?
आरएसएस की मंजूरी के बाद नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस संबंध में पार्टी ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के विरोध को भी दरकिनार कर दिया।टिप्पणियां
मोदी का कद बढ़ाए जाने के पीछे एक अन्य कांग्रेस महासचिव शकील अहमद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की एक बड़ी साजिश देखते हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या यह कदम आडवाणी और लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज को दरकिनार करने का प्रयास है, जो दोनों कल तक प्रधानमंत्री पद के दावेदार थे।
शकील अहमद ने ट्विटर पर कहा, क्या राजनाथ जी अपने खुद के अवसर हेतु आरएसएस की मदद से आडवाणी जी और सुषमा जी को दरकिनार करने के लिए मोदी जी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जब 2014 में मोदी जी खारिज हो जाएंगे?
आरएसएस की मंजूरी के बाद नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस संबंध में पार्टी ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के विरोध को भी दरकिनार कर दिया।टिप्पणियां
मोदी का कद बढ़ाए जाने के पीछे एक अन्य कांग्रेस महासचिव शकील अहमद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की एक बड़ी साजिश देखते हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या यह कदम आडवाणी और लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज को दरकिनार करने का प्रयास है, जो दोनों कल तक प्रधानमंत्री पद के दावेदार थे।
शकील अहमद ने ट्विटर पर कहा, क्या राजनाथ जी अपने खुद के अवसर हेतु आरएसएस की मदद से आडवाणी जी और सुषमा जी को दरकिनार करने के लिए मोदी जी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जब 2014 में मोदी जी खारिज हो जाएंगे?
मोदी का कद बढ़ाए जाने के पीछे एक अन्य कांग्रेस महासचिव शकील अहमद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की एक बड़ी साजिश देखते हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या यह कदम आडवाणी और लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज को दरकिनार करने का प्रयास है, जो दोनों कल तक प्रधानमंत्री पद के दावेदार थे।
शकील अहमद ने ट्विटर पर कहा, क्या राजनाथ जी अपने खुद के अवसर हेतु आरएसएस की मदद से आडवाणी जी और सुषमा जी को दरकिनार करने के लिए मोदी जी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जब 2014 में मोदी जी खारिज हो जाएंगे?
शकील अहमद ने ट्विटर पर कहा, क्या राजनाथ जी अपने खुद के अवसर हेतु आरएसएस की मदद से आडवाणी जी और सुषमा जी को दरकिनार करने के लिए मोदी जी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जब 2014 में मोदी जी खारिज हो जाएंगे? | संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर भाजपा पर हमला बोला और कहा कि पार्टी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की धमकियों के आगे झुक गई और आश्चर्य जताया कि क्या यह वही संघ है, जो अब तक खुद को 'सांस्कृतिक संगठन' कहता थ | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Amazon India Fab Phones Fest Sale में वनप्लस 6टी (OnePlus 6T), हॉनर प्ले (Honor Play), हॉनर 8एक्स (Honor 8X), हॉनर 8सी (Honor 8C) और हॉनर 7सी (Honor 7C) स्मार्टफोन को डिस्काउंट के साथ बेचा जाएगा। अमेज़न सेल (Amazon Sale) का आगाज़ 11 अप्रैल 2019 यानी कल से होगा। तीन दिनों तक चलने वाली Amazon Fab Phones Fest Sale में रियलमी यू1 (Realme U1), ओप्पो एफ9 प्रो (Oppo F9 Pro), वीवो वी15 प्रो (Vivo V15 Pro) और ओप्पो एफ11 प्रो (Oppo F11 Pro) भी डिस्काउंट के साथ बेचे जाएंगे।
iPhone XR भी कम कीमत में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा, साथ ही एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस की ओर से ऑफर्स भी हैं। हुवावे मेट 20 प्रो (Huawei Mate 20 Pro) खरीदने वाले ग्राहकों को अतिरिक्त एक्सचेंज डिस्काउंट दिया जाएगा। इसके अलावा आईफोन एक्स (iPhone X) पर ग्रेट ऑफर्स मिलेंगे।
अमेज़न फैब फोन फेस्ट सेल के लिए Amazon.in पर बनी माइक्रोसाइट पर दिख रहा है कि वनप्लस 6टी को 37,999 रुपये के बजाय 33,499 रुपये में बेचा जाएगा। गौर करने वाली बात यह है कि इसमें एचडीएफसी बैंक कार्ड पर मिलने वाला 1,500 रुपये का डिस्काउंट भी शामिल है।
Amazon ने घोषणा की है कि Fab Phones Fest Sale के दौरान OnePlus 6T का 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट पर 3,000 रुपये का डिस्काउंट, इसके 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट और 8 जीबी रैम + 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट पर 4,000 रुपये का डिस्काउंट दिया जाएगा। वनप्लस 6टी के अलावा अमेज़न सेल में हॉनर प्ले (Honor Play) को 19,999 रुपये के बजाय 13,999 रुपये में बेचा जाएगा।
छूट के बाद Honor 8X स्मार्टफोन 12,999 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। वहीं, हॉनर 8सी (Honor 8C) को डिस्काउंट के बाद 8,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। आमतौर पर यह हैंडसेट 11,999 रुये में बेचा जाता है। Honor 7C भी सेल के दौरान 9,999 रुपये के बजाय 8,499 रुपये में मिलेगा।
Realme U1 फोन भी डिस्काउंट के साथ बेचा जाएगा। ग्राहकों की सहूलियत के लिए रियलमी यू1 बिना ब्याज वाली ईएमआई की सुविधा के साथ उपलब्ध होगा। Oppo F9 Pro, Vivo V15 Pro और Oppo F11 Pro पर अतिरिक्त एक्सचेंज डिस्काउंट भी दिया जाएगा। वीवो वाई83 प्रो (Vivo Y83 Pro) को भी कम कीमत पर बेचा जाएगा, केवल इतना ही नहीं यह हैंडसेट भी बिना ब्याज वाली ईएमआई के साथ उपलब्ध होगा।
सेल के दौरान 9,000 रुपये तक का एक्सचेंज डिस्काउंट और पुराने फोन को बेचने पर Cashify से अतिरिक्त 6 प्रतिशत का डिस्काउंट मिलेगा। एचडीएफसी कार्ड और ईएमआई ऑप्शन पर 10 प्रतिशत का इस्टेंट डिस्काउंट भी ग्राहकों को मिलेगा। | सारांश: 11 अप्रैल से 13 अप्रैल तक चलेगी Amazon Fab Phones Fest Sale
सेल के दौरान OnePlus 6T की शुरुआती कीमत 33,499 रुपये होगी
Amazon Sale में iPhone XR को भी सस्ते में बेचा जाएगा | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के भंडारा में पिछले दिनों तीन बच्चियों की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। ताजा फॉरेंसिक रिपोर्ट में बच्चियों के साथ बलात्कार न होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चियों की मौत कुंए में डूबने से हुई, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप के बाद हत्या की पुष्टि की।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन बच्चियों की लाश एक कुंए में मिली थी। इस मामले में बलात्कार और फिर हत्या का शक जताया गया था। पुलिस इस मामले में अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई हालांकि पुलिस ने संदिग्धों की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 50 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।टिप्पणियां
बच्चियों के दादा ने बताया था कि आरोपी बच्चियों को शायद चॉकलेट और कुरकुरे का लालच देकर ले गए। उन्हें पकड़ो और फांसी दो।
गौरतलब है कि इन तीनों बहनों के शव एक कुंए में मिले थे। तीनों की उम्र 11 साल से कम थी। बेहद गरीब परिवार की इन तीनों लड़कियों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को दुर्घटना के बाद हुई मौत के रूप में दर्ज किया था, लेकिन लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद लड़कियों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन बच्चियों की लाश एक कुंए में मिली थी। इस मामले में बलात्कार और फिर हत्या का शक जताया गया था। पुलिस इस मामले में अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई हालांकि पुलिस ने संदिग्धों की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 50 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।टिप्पणियां
बच्चियों के दादा ने बताया था कि आरोपी बच्चियों को शायद चॉकलेट और कुरकुरे का लालच देकर ले गए। उन्हें पकड़ो और फांसी दो।
गौरतलब है कि इन तीनों बहनों के शव एक कुंए में मिले थे। तीनों की उम्र 11 साल से कम थी। बेहद गरीब परिवार की इन तीनों लड़कियों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को दुर्घटना के बाद हुई मौत के रूप में दर्ज किया था, लेकिन लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद लड़कियों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी।
बच्चियों के दादा ने बताया था कि आरोपी बच्चियों को शायद चॉकलेट और कुरकुरे का लालच देकर ले गए। उन्हें पकड़ो और फांसी दो।
गौरतलब है कि इन तीनों बहनों के शव एक कुंए में मिले थे। तीनों की उम्र 11 साल से कम थी। बेहद गरीब परिवार की इन तीनों लड़कियों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को दुर्घटना के बाद हुई मौत के रूप में दर्ज किया था, लेकिन लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद लड़कियों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी।
गौरतलब है कि इन तीनों बहनों के शव एक कुंए में मिले थे। तीनों की उम्र 11 साल से कम थी। बेहद गरीब परिवार की इन तीनों लड़कियों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को दुर्घटना के बाद हुई मौत के रूप में दर्ज किया था, लेकिन लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद लड़कियों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। | महाराष्ट्र के भंडारा में पिछले दिनों तीन बच्चियों की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। ताजा फॉरेंसिक रिपोर्ट में बच्चियों के साथ बलात्कार न होने की बात सामने आई है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) अपने कूल अंदाज के लिए खूब जाने जाते हैं. फिल्मों में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट से भी वो लोगों का खूब मनोरंजन करते हैं. लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक्टर ने वोग को दिये इंटरव्यू में एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि वह अपनी असल जिंदगी में काफी गंभीर किस्म के इंसान हैं. इसके साथ ही रणवीर सिंह ने यह भी कहा कि उनकी इस बात से आजतक दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) भी हैरान है कि वह दुनिया से इस साइड को क्यों छुपाते हैं. इसके अलावा रणवीर सिंह ने इंटरव्यू में बताया कि उन्हें जोकर बनने में मजा आता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रणवीर सिंह (Ranveer Singh) से इंटरव्यू में उनके जबरदस्त अंदाज के बारे में बातें की जा रही थीं. इस पर रणवीर सिंह ने कहा, "कई मजबूत महिलाओं ने मेरा पालन पोषण किया है. इसलिए मेरी आत्मा भी फेमिनिन है." उन्होंने आगे बताया, "मैं जानता हूं कि मैं एक गंभीर व्यक्ति हो सकता हूं. मैं एक गंभीर व्यक्ति हूं भी. कुछ समय पहले मेरी पत्नी ने भी मुझसे पूछा था कि मैं अपनी इस साइड को दुनिया से क्यों छुपाता हूं. मेरे पास उनके लिए कोई जवाब नहीं था." इसके अलावा रणवीर ने कहा, "मुझे वो कपड़े पहनना पसंद है. मुझे एक स्टूपिड बनने और एक जोकर बनने में मजा आता है. मैं खुद पर हंस सकता हूं."
बता दें कि एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की शादी बीते साल नवंबर में हुई थी. दोनों की जोड़ी बॉलीवुड की पसंदीदा जोड़ियों में से एक है. वहीं, वर्क फ्रंट की बात करें तो रणवीर सिंह जल्द ही फिल्म 83 में नजर आने वाले हैं. उनकी यह अपकमिंग फिल्म साल 1983 में हुए वर्ल्डकप के दौरान भारत को मिली जीत पर आधारित है. फिल्म में रणवीर सिंह कपिल देव की भूमिका में नजर आएंगे. इस फिल्म में उनके साथ दीपिका पादुकोण भी कपिल देव की पत्नी का किरदार निभाएंगी. शादी के बाद दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह 83 के जरिए पहली बार पर्दे पर साथ नजर आने वाले हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रणवीर सिंह ने किया इंटरव्यू में किया खुलासा
एक्टर की कुछ बातों से आज भी हैरान हैं दीपिका पादुकोण
फिल्म '83' में साथ नजर आएंगे रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान का वरिष्ठ तालिबान कमांडर मौलवी फकीर मोहम्मद को अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान के साथ लगते सीमावर्ती इलाके से गिरफ्तार किया है।
'डॉन' अखबार ने पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि अफगानिस्तान में मोहम्मद की गिरफ्तारी की खबर सही लगती है।
अफगानिस्तान से मिली खबरों में कहा गया है कि अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने मोहम्मद को गिरफ्तार किया है, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख हकीमुल्ला महसूद का 2011 तक नायब रहा। उसके चार सहयोगी भी गिरफ्तार किए गए हैं। नांगराहार प्रांत से पाकिस्तान में प्रवेश करने का प्रयास करते वक्त इन्हें गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां
एक अनाम पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी ने कहा, यह बड़ी खबर है। हम आश्वस्त हैं कि उसकी गिरफ्तारी की सूचना सही है, लेकिन जब तक अफगानिस्तान के अधिकारी पुष्टि नहीं करते तब तक हम सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह सकते। अधिकारी ने दावा किया
कि खबरों में पाकिस्तान के तर्क की पुष्टि हुई है कि मौलवी फकीर और अन्य भाग गए हैं और अफगानिस्तान में शरण लिए हुए हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान में छिपे अन्य पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर को भी गिरफ्तार किया जाएगा। मोहम्मद के शहर बाजौर कबायली इलाके के एक अधिकारी ने कहा कि भगोड़े आतंकवादी को पूर्वी अफगानिस्तान के बसावल से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह पाकिस्तान के खबर एजेंसी में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।
'डॉन' अखबार ने पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि अफगानिस्तान में मोहम्मद की गिरफ्तारी की खबर सही लगती है।
अफगानिस्तान से मिली खबरों में कहा गया है कि अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने मोहम्मद को गिरफ्तार किया है, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख हकीमुल्ला महसूद का 2011 तक नायब रहा। उसके चार सहयोगी भी गिरफ्तार किए गए हैं। नांगराहार प्रांत से पाकिस्तान में प्रवेश करने का प्रयास करते वक्त इन्हें गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां
एक अनाम पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी ने कहा, यह बड़ी खबर है। हम आश्वस्त हैं कि उसकी गिरफ्तारी की सूचना सही है, लेकिन जब तक अफगानिस्तान के अधिकारी पुष्टि नहीं करते तब तक हम सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह सकते। अधिकारी ने दावा किया
कि खबरों में पाकिस्तान के तर्क की पुष्टि हुई है कि मौलवी फकीर और अन्य भाग गए हैं और अफगानिस्तान में शरण लिए हुए हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान में छिपे अन्य पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर को भी गिरफ्तार किया जाएगा। मोहम्मद के शहर बाजौर कबायली इलाके के एक अधिकारी ने कहा कि भगोड़े आतंकवादी को पूर्वी अफगानिस्तान के बसावल से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह पाकिस्तान के खबर एजेंसी में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।
अफगानिस्तान से मिली खबरों में कहा गया है कि अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने मोहम्मद को गिरफ्तार किया है, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख हकीमुल्ला महसूद का 2011 तक नायब रहा। उसके चार सहयोगी भी गिरफ्तार किए गए हैं। नांगराहार प्रांत से पाकिस्तान में प्रवेश करने का प्रयास करते वक्त इन्हें गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां
एक अनाम पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी ने कहा, यह बड़ी खबर है। हम आश्वस्त हैं कि उसकी गिरफ्तारी की सूचना सही है, लेकिन जब तक अफगानिस्तान के अधिकारी पुष्टि नहीं करते तब तक हम सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह सकते। अधिकारी ने दावा किया
कि खबरों में पाकिस्तान के तर्क की पुष्टि हुई है कि मौलवी फकीर और अन्य भाग गए हैं और अफगानिस्तान में शरण लिए हुए हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान में छिपे अन्य पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर को भी गिरफ्तार किया जाएगा। मोहम्मद के शहर बाजौर कबायली इलाके के एक अधिकारी ने कहा कि भगोड़े आतंकवादी को पूर्वी अफगानिस्तान के बसावल से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह पाकिस्तान के खबर एजेंसी में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।
एक अनाम पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी ने कहा, यह बड़ी खबर है। हम आश्वस्त हैं कि उसकी गिरफ्तारी की सूचना सही है, लेकिन जब तक अफगानिस्तान के अधिकारी पुष्टि नहीं करते तब तक हम सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह सकते। अधिकारी ने दावा किया
कि खबरों में पाकिस्तान के तर्क की पुष्टि हुई है कि मौलवी फकीर और अन्य भाग गए हैं और अफगानिस्तान में शरण लिए हुए हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान में छिपे अन्य पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर को भी गिरफ्तार किया जाएगा। मोहम्मद के शहर बाजौर कबायली इलाके के एक अधिकारी ने कहा कि भगोड़े आतंकवादी को पूर्वी अफगानिस्तान के बसावल से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह पाकिस्तान के खबर एजेंसी में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान में छिपे अन्य पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर को भी गिरफ्तार किया जाएगा। मोहम्मद के शहर बाजौर कबायली इलाके के एक अधिकारी ने कहा कि भगोड़े आतंकवादी को पूर्वी अफगानिस्तान के बसावल से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह पाकिस्तान के खबर एजेंसी में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। | संक्षिप्त सारांश: अफगानिस्तान से मिली खबरों में कहा गया है कि अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने मोहम्मद को गिरफ्तार किया है, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख हकीमुल्ला महसूद का 2011 तक नायब रहा। उसके चार सहयोगी भी गिरफ्तार किए गए हैं। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए संदिग्ध हिजबुल मुजाहिदीन आतंकवादी लियाकत शाह के बारे में यदि यह पाया गया कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से आत्मसमर्पण करने के वास्तविक इरादे से यहां आया था तो उसे रिहा कर दिया जाएगा।
सिंह ने कहा कि लियाकत की भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विरोधाभासी दावों के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच करेगी कि ‘सच्चाई क्या है’।
उन्होंने कहा, ‘‘(लियाकत के) मामले को जांच के लिए एनआईए को सौंपा गया है। वे जांच करेंगे और पता लगाएंगे कि सच्चाई कहां है। क्या वह (लियाकत) वास्तव में आत्मसमर्पण करने के लिए आ रहा था या उसके पीछे कोई षड्यंत्र था, जो भी हो, सब स्पष्ट हो जाएगा।’’ सिंह ने यहां ‘सशस्त्र सीमा बल’ (एसएसबी) के एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘यदि वह (लियाकत) वास्तव में आत्मसमर्पण करने के लिए आ रहा था तो हमारा प्रयास उसे रिहा करने का होगा ताकि वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सके।’’
एनआईए उन परिस्थितियों की जांच करेगी जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने लियाकत को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि उसने होली से पहले इस गिरफ्तारी से राजधानी में एक ‘फिदायीन’ हमले को नाकाम कर दिया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि लियाकत आतंकवादी पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से लौट रहा था। उन्होंने मामले की एनआईए से जांच कराने की मांग की थी। टिप्पणियां
कार्यक्रम के बाद सिंह हालांकि इस संबंध में कोई बयान देने से बचते दिखे कि क्या गृह मंत्रालय कर्तव्य निर्वहन के दौरान मारे गए अर्धसैनिक बलों को ‘शहीद’ का दर्जा देगा।
सिंह ने कहा, ‘‘देश की रक्षा करने के लिए अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुए मारे गए जवान शहीद हैं। हम उन्हें शहीद कहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और सुरक्षा प्रतिष्ठान वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 76 सुरक्षाकर्मियों की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं से बेहतर रणनीति बनाने का ‘‘सबक सीखते’’ हैं।
सिंह ने कहा कि लियाकत की भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विरोधाभासी दावों के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच करेगी कि ‘सच्चाई क्या है’।
उन्होंने कहा, ‘‘(लियाकत के) मामले को जांच के लिए एनआईए को सौंपा गया है। वे जांच करेंगे और पता लगाएंगे कि सच्चाई कहां है। क्या वह (लियाकत) वास्तव में आत्मसमर्पण करने के लिए आ रहा था या उसके पीछे कोई षड्यंत्र था, जो भी हो, सब स्पष्ट हो जाएगा।’’ सिंह ने यहां ‘सशस्त्र सीमा बल’ (एसएसबी) के एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘यदि वह (लियाकत) वास्तव में आत्मसमर्पण करने के लिए आ रहा था तो हमारा प्रयास उसे रिहा करने का होगा ताकि वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सके।’’
एनआईए उन परिस्थितियों की जांच करेगी जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने लियाकत को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि उसने होली से पहले इस गिरफ्तारी से राजधानी में एक ‘फिदायीन’ हमले को नाकाम कर दिया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि लियाकत आतंकवादी पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से लौट रहा था। उन्होंने मामले की एनआईए से जांच कराने की मांग की थी। टिप्पणियां
कार्यक्रम के बाद सिंह हालांकि इस संबंध में कोई बयान देने से बचते दिखे कि क्या गृह मंत्रालय कर्तव्य निर्वहन के दौरान मारे गए अर्धसैनिक बलों को ‘शहीद’ का दर्जा देगा।
सिंह ने कहा, ‘‘देश की रक्षा करने के लिए अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुए मारे गए जवान शहीद हैं। हम उन्हें शहीद कहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और सुरक्षा प्रतिष्ठान वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 76 सुरक्षाकर्मियों की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं से बेहतर रणनीति बनाने का ‘‘सबक सीखते’’ हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘(लियाकत के) मामले को जांच के लिए एनआईए को सौंपा गया है। वे जांच करेंगे और पता लगाएंगे कि सच्चाई कहां है। क्या वह (लियाकत) वास्तव में आत्मसमर्पण करने के लिए आ रहा था या उसके पीछे कोई षड्यंत्र था, जो भी हो, सब स्पष्ट हो जाएगा।’’ सिंह ने यहां ‘सशस्त्र सीमा बल’ (एसएसबी) के एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘यदि वह (लियाकत) वास्तव में आत्मसमर्पण करने के लिए आ रहा था तो हमारा प्रयास उसे रिहा करने का होगा ताकि वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सके।’’
एनआईए उन परिस्थितियों की जांच करेगी जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने लियाकत को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि उसने होली से पहले इस गिरफ्तारी से राजधानी में एक ‘फिदायीन’ हमले को नाकाम कर दिया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि लियाकत आतंकवादी पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से लौट रहा था। उन्होंने मामले की एनआईए से जांच कराने की मांग की थी। टिप्पणियां
कार्यक्रम के बाद सिंह हालांकि इस संबंध में कोई बयान देने से बचते दिखे कि क्या गृह मंत्रालय कर्तव्य निर्वहन के दौरान मारे गए अर्धसैनिक बलों को ‘शहीद’ का दर्जा देगा।
सिंह ने कहा, ‘‘देश की रक्षा करने के लिए अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुए मारे गए जवान शहीद हैं। हम उन्हें शहीद कहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और सुरक्षा प्रतिष्ठान वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 76 सुरक्षाकर्मियों की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं से बेहतर रणनीति बनाने का ‘‘सबक सीखते’’ हैं।
एनआईए उन परिस्थितियों की जांच करेगी जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने लियाकत को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि उसने होली से पहले इस गिरफ्तारी से राजधानी में एक ‘फिदायीन’ हमले को नाकाम कर दिया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि लियाकत आतंकवादी पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से लौट रहा था। उन्होंने मामले की एनआईए से जांच कराने की मांग की थी। टिप्पणियां
कार्यक्रम के बाद सिंह हालांकि इस संबंध में कोई बयान देने से बचते दिखे कि क्या गृह मंत्रालय कर्तव्य निर्वहन के दौरान मारे गए अर्धसैनिक बलों को ‘शहीद’ का दर्जा देगा।
सिंह ने कहा, ‘‘देश की रक्षा करने के लिए अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुए मारे गए जवान शहीद हैं। हम उन्हें शहीद कहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और सुरक्षा प्रतिष्ठान वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 76 सुरक्षाकर्मियों की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं से बेहतर रणनीति बनाने का ‘‘सबक सीखते’’ हैं।
कार्यक्रम के बाद सिंह हालांकि इस संबंध में कोई बयान देने से बचते दिखे कि क्या गृह मंत्रालय कर्तव्य निर्वहन के दौरान मारे गए अर्धसैनिक बलों को ‘शहीद’ का दर्जा देगा।
सिंह ने कहा, ‘‘देश की रक्षा करने के लिए अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुए मारे गए जवान शहीद हैं। हम उन्हें शहीद कहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और सुरक्षा प्रतिष्ठान वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 76 सुरक्षाकर्मियों की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं से बेहतर रणनीति बनाने का ‘‘सबक सीखते’’ हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘देश की रक्षा करने के लिए अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुए मारे गए जवान शहीद हैं। हम उन्हें शहीद कहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और सुरक्षा प्रतिष्ठान वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 76 सुरक्षाकर्मियों की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं से बेहतर रणनीति बनाने का ‘‘सबक सीखते’’ हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए संदिग्ध हिजबुल मुजाहिदीन आतंकवादी लियाकत शाह के बारे में यदि यह पाया गया कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से आत्मसमर्पण करने के वास्तविक इरादे से यहां आया था तो उसे रि | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई हमलों के आरोपी डेविड हेडली ने हमले से पहले अपनी आखिरी भारत यात्रा में अपने पाकिस्तानी आका मेजर इकबाल के कहने पर 15 लाल कलावा खरीदा था। इन कलावों को हमलावरों को पहनना था ताकि वे हिंदू दिखें। अदालती आदेश पर सार्वजनिक किए गए दस्तावेज के मुताबिक, जुलाई 2008 में हेडली पांचवी बार ताज महल होटल, ओबराय होटल, लियोपोल्ड कैफे, रेलवे स्टेशन सहित विभन्न आतंकी निशानों की टोह लेने के लिए मुंबई लौटा। दस्तावेजों में कहा गया कि हेडली एक मंदिर भी गया जहां उसने 15 लाल कलावे खरीदे। मुंबई हमले से पहले जब हेडली आखिरी टोह ले रहा था तो मेजर इकबाल ने तहव्वुर राणा के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की। भारत में अपने काम को अंजाम देने के बाद हेडली पाकिस्तान वापस लौटा और साजिद मीर को उसने जीपीएस यंत्र सौंपा ताकि जानकारियां डाउनलोड की जा सकें। हेडली और मीर ने साथ ही टोही वीडियो को देखा और अपनी सिफारिशों पर चर्चा की। | यहाँ एक सारांश है:हेडली ने हमले से पहले अपनी आखिरी भारत यात्रा में अपने पाकिस्तानी आका मेजर इकबाल के कहने पर 15 लाल कलावा खरीदा था। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टूजी आवंटन घोटाला मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की कार्यवाही पर कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के बीच शुरू वाक्युद्ध मंगलवार को काफी बढ़ गया।
जहां भाजपा के नेता यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की पूरी कार्यवाही को 'विवादास्पद' कहा, वहीं कांग्रेस ने सिन्हा के इस बयान को अनुचित बताया।
एक दिन पहले ही सिन्हा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इस मामले में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा को समिति के समक्ष गवाही की अनुमति देने का आग्रह किया था।
सिन्हा के आरोप पर जेपीसी के अध्यक्ष पी.सी. चाको ने इसे राजनीतिक चालबाजी की संज्ञा दी। वहीं कांग्रेस ने कहा कि सिन्हा को किसी भी तरह का सुझाव सिर्फ समिति के समक्ष ही देना चाहिए।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "इस समय जेपीसी, 2जी मामले की जांच कर रही है। चूंकि मैं इस समिति का सदस्य रह चुका हूं, इसलिए मैं इसकी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। सिन्हा भी इसी तरह की समिति के सदस्य हैं। वह जो कुछ भी कहना चाहते थे, उसे अगर समिति की सीमा में रहकर कहते तो उचित होता।"
तिवारी ने आगे बताया कि समिति इस समय जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जेपीसी के समक्ष गवाही देने के लिए बुलाए जाने की मांग पर तिवारी ने कहा, "समिति के अंदर इस तरह की मांग उठी थी और खारिज भी कर दी गई।"
2जी मामले पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "यह तो विपक्ष का काम है। विपक्ष कई बार बेहद विचित्र तरह की मांगे करता रहता है।"टिप्पणियां
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
जहां भाजपा के नेता यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की पूरी कार्यवाही को 'विवादास्पद' कहा, वहीं कांग्रेस ने सिन्हा के इस बयान को अनुचित बताया।
एक दिन पहले ही सिन्हा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इस मामले में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा को समिति के समक्ष गवाही की अनुमति देने का आग्रह किया था।
सिन्हा के आरोप पर जेपीसी के अध्यक्ष पी.सी. चाको ने इसे राजनीतिक चालबाजी की संज्ञा दी। वहीं कांग्रेस ने कहा कि सिन्हा को किसी भी तरह का सुझाव सिर्फ समिति के समक्ष ही देना चाहिए।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "इस समय जेपीसी, 2जी मामले की जांच कर रही है। चूंकि मैं इस समिति का सदस्य रह चुका हूं, इसलिए मैं इसकी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। सिन्हा भी इसी तरह की समिति के सदस्य हैं। वह जो कुछ भी कहना चाहते थे, उसे अगर समिति की सीमा में रहकर कहते तो उचित होता।"
तिवारी ने आगे बताया कि समिति इस समय जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जेपीसी के समक्ष गवाही देने के लिए बुलाए जाने की मांग पर तिवारी ने कहा, "समिति के अंदर इस तरह की मांग उठी थी और खारिज भी कर दी गई।"
2जी मामले पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "यह तो विपक्ष का काम है। विपक्ष कई बार बेहद विचित्र तरह की मांगे करता रहता है।"टिप्पणियां
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
एक दिन पहले ही सिन्हा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इस मामले में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा को समिति के समक्ष गवाही की अनुमति देने का आग्रह किया था।
सिन्हा के आरोप पर जेपीसी के अध्यक्ष पी.सी. चाको ने इसे राजनीतिक चालबाजी की संज्ञा दी। वहीं कांग्रेस ने कहा कि सिन्हा को किसी भी तरह का सुझाव सिर्फ समिति के समक्ष ही देना चाहिए।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "इस समय जेपीसी, 2जी मामले की जांच कर रही है। चूंकि मैं इस समिति का सदस्य रह चुका हूं, इसलिए मैं इसकी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। सिन्हा भी इसी तरह की समिति के सदस्य हैं। वह जो कुछ भी कहना चाहते थे, उसे अगर समिति की सीमा में रहकर कहते तो उचित होता।"
तिवारी ने आगे बताया कि समिति इस समय जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जेपीसी के समक्ष गवाही देने के लिए बुलाए जाने की मांग पर तिवारी ने कहा, "समिति के अंदर इस तरह की मांग उठी थी और खारिज भी कर दी गई।"
2जी मामले पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "यह तो विपक्ष का काम है। विपक्ष कई बार बेहद विचित्र तरह की मांगे करता रहता है।"टिप्पणियां
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
सिन्हा के आरोप पर जेपीसी के अध्यक्ष पी.सी. चाको ने इसे राजनीतिक चालबाजी की संज्ञा दी। वहीं कांग्रेस ने कहा कि सिन्हा को किसी भी तरह का सुझाव सिर्फ समिति के समक्ष ही देना चाहिए।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "इस समय जेपीसी, 2जी मामले की जांच कर रही है। चूंकि मैं इस समिति का सदस्य रह चुका हूं, इसलिए मैं इसकी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। सिन्हा भी इसी तरह की समिति के सदस्य हैं। वह जो कुछ भी कहना चाहते थे, उसे अगर समिति की सीमा में रहकर कहते तो उचित होता।"
तिवारी ने आगे बताया कि समिति इस समय जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जेपीसी के समक्ष गवाही देने के लिए बुलाए जाने की मांग पर तिवारी ने कहा, "समिति के अंदर इस तरह की मांग उठी थी और खारिज भी कर दी गई।"
2जी मामले पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "यह तो विपक्ष का काम है। विपक्ष कई बार बेहद विचित्र तरह की मांगे करता रहता है।"टिप्पणियां
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "इस समय जेपीसी, 2जी मामले की जांच कर रही है। चूंकि मैं इस समिति का सदस्य रह चुका हूं, इसलिए मैं इसकी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। सिन्हा भी इसी तरह की समिति के सदस्य हैं। वह जो कुछ भी कहना चाहते थे, उसे अगर समिति की सीमा में रहकर कहते तो उचित होता।"
तिवारी ने आगे बताया कि समिति इस समय जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जेपीसी के समक्ष गवाही देने के लिए बुलाए जाने की मांग पर तिवारी ने कहा, "समिति के अंदर इस तरह की मांग उठी थी और खारिज भी कर दी गई।"
2जी मामले पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "यह तो विपक्ष का काम है। विपक्ष कई बार बेहद विचित्र तरह की मांगे करता रहता है।"टिप्पणियां
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
तिवारी ने आगे बताया कि समिति इस समय जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जेपीसी के समक्ष गवाही देने के लिए बुलाए जाने की मांग पर तिवारी ने कहा, "समिति के अंदर इस तरह की मांग उठी थी और खारिज भी कर दी गई।"
2जी मामले पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "यह तो विपक्ष का काम है। विपक्ष कई बार बेहद विचित्र तरह की मांगे करता रहता है।"टिप्पणियां
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जेपीसी के समक्ष गवाही देने के लिए बुलाए जाने की मांग पर तिवारी ने कहा, "समिति के अंदर इस तरह की मांग उठी थी और खारिज भी कर दी गई।"
2जी मामले पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "यह तो विपक्ष का काम है। विपक्ष कई बार बेहद विचित्र तरह की मांगे करता रहता है।"टिप्पणियां
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
2जी मामले पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, "यह तो विपक्ष का काम है। विपक्ष कई बार बेहद विचित्र तरह की मांगे करता रहता है।"टिप्पणियां
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
इससे पहले, सिन्हा ने संसदीय समिति के अध्यक्ष चाको पर प्रहार करते हुए कहा था, "जेपीसी के अध्यक्ष जिस तरह इसकी कार्यवाही संचालित कर रहे हैं, वह विवादास्पद है।" उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में समिति की कोई बैठक नहीं हुई है और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच में समय बर्बाद किया जा रहा है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है।
सिन्हा ने कहा, "पिछले दो माह में समिति की बैठक नहीं हुई। मेरे अलावा समिति के कई अन्य सदस्यों ने भी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।" उन्होंने कहा, "जेपीसी का गठन 2जी घोटाले की जांच के लिए हुआ था, जो वर्ष 2008 में हुआ। लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मामले की जांच वर्ष 1998 से कराने की बात कह रहा है। वर्ष 1998 से 2004 के बीच की जांच में समिति का बहुत वक्त बर्बाद हो चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा को गवाही देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति नहीं देना न्याय के खिलाफ है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टूजी आवंटन घोटाला मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की कार्यवाही पर कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के बीच शुरू वाक्युद्ध मंगलवार को काफी बढ़ गया। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजधानी दिल्ली में रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक मामला सामने आया है. यह घटना अंबेडकर नगर की है जहां एक व्यक्ति ने अपने ही सगे भाई की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि अंबेडकर नगर के एक 28 वर्षीय व्यक्ति ने अपने छोटे भाई की हत्या सिर्फ इस वजह से कर दी की उसकी मां और रिश्तेदार भाई को ज्यादा पसंद करते थे. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने बताया कि आरोपी अमित तिवारी पार्ट टाइम ड्राइवर का काम करता था.
डीसीपी (पश्चिम) दीपक पुरोहित ने कहा, 'आरोपी ने 26 सितंबर को पश्चिमी दिल्ली के मोती नगर इलाके में अपने भाई आनंद तिवारी की चाकू से रेत कर हत्या कर दी.' डीसीपी ने कहा कि तब से ही वह रडार पर था और पुलिस ने अब हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है.
डीसीपी ने कहा कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपने छोटे भाई को मारने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उसे जलन होती थी कि उसकी मां और दूसरे रिश्तेदार उसे ज्यादा पसंद करते थे. आरोपी ने बताया कि हत्या वाले दिन उसका अपनी मां और भाई के साथ झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने अपने भाई की हत्या कर दी. डीसीपी ने कहा कि हत्या में इस्तेमाल चाकू और आरोपी के खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं. | संक्षिप्त पाठ: जलन के कारण 28 वर्षीय व्यक्ति ने अपने ही छोटे भाई की हत्या की
अंबेडर नगर इलाके में अपने मां और भाई के साथ रहता था आरोपी
छोटे भाई को मां और रिश्तेदार करते थे ज्यादा पसंद | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा, "मुझे सियाचिन में सेवारत अपने सभी सैनिकों पर गर्व है जो हमारी मातृभूमि की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. मुझे उनके माता-पिता पर भी गर्व है जिन्होंने अपने बच्चों को सशस्त्र बलों में देश सेवा के लिए भेजा। मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद पत्र भेजूंगा." उन्होंने कहा, "राष्ट्र सदैव उनकी सेवा और बलिदान का ऋणी रहेगा." रााजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार सियाचिन ग्लेशियर में सर्वोच्च स्तर के कामकाज के लिए सभी अभियान संबंधी और प्रशासनिक जरूरतों से पूरी तरह अवगत है. उन्होंने कहा, "हम अपने बहादुर सियाचिन योद्धाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर जरूरतें पूरी करने के प्रयासों का पूरी तरह समर्थन करते हैं."
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने चाय पर जवानों से संवाद किया और राष्ट्रीय सीमा की शुचिता बनाये रखने तथा नागरिकों की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके दृढ़संकल्प और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की. रक्षा मंत्री ने बाद में ट्वीट किया, "सियाचिन में हमारे जवान प्रतिकूल परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्र में पूरे साहस और धैर्य के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. मैं उनके जोश और पराक्रम को सलाम करता हूं." कराकोरम रेंज में स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र है जहां जवानों को अत्यधिक सर्दी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है.
सर्दियों में ग्लेशियर पर भूस्खलन और हिमस्खलन आम बात है. यहां तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है. बाद में सिंह पाकिस्तान द्वारा किसी तरह की प्रतिकूल स्थिति पैदा करने पर भारत के निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए यहां बदामीबाग कैंट में चिनार कोर के मुख्यालय पहुंचे. सिंह से पहले रक्षा मंत्री रहे शरद पवार, जॉर्ज फर्नांडीज, मुलायम सिंह यादव और निर्मला सीतारमण ने भी सियाचिन का दौरा किया था. | सारांश: राजनाथ सिंह ने सियाचिन का दौरा किया
वहां तैनात जवानों से बातचीत की
जवानों के माता-पिता को धन्यवाद पत्र भेजने की बात कही | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक किशोरी ने अपनी मां की सिर्फ इस बात पर चाकुओं से गोदकर हत्या (Murder) कर दी क्योंकि उसने उसे अपने 'फेसबुक लवर' के साथ भागने से रोका था. रिश्तों को शर्मशार करने वाली यह घटना तमिलनाडु के थिरुवल्लूर की है. पुलिस (TamilNadu police) ने घटना के सामने आने के बाद आरोपी किशोरी को हिरासत में ले लिया है. पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान देवी प्रिया के रूप में की है. प्रिया कॉलेज की छात्रा है. पुलिस (TamilNadu police) की शुरुआती जांच में पता चला है कि प्रिया को विवेक नाम के युवक से पहले फेसबुक पर दोस्ती की और बाद में दोनों के बीच प्यार हो गया. आरोपी ने पुलिस को बताया कि विवेक उसे शादी के बाद अपने घर ले जाना चाहता था.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विवेक ने आरोपी छात्रा को बताया था कि वह उसे लेने नहीं आ पा रहा है लेकिन उसके दो दोस्त उसे लेने आ रहे हैं. इसके बाद प्रिया ने अपना बैग पैक करना शुरू किया. इसी दौरान प्रिया की मां ने उससे जब बैग पैक करने के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह अपने फेसबुक फ्रेंड के साथ शादी करने जा रही है और वापस नहीं आएगी. प्रिया की मां ने उसे ऐसा करने से रोकना चाहा.मां द्वारा रोके जाने से गुस्सा होकर प्रिया ने अपनी रसोई में रखी चाकू उठाई और मां पर ताबड़-तोड़ हमला शुरू कर दिया. प्रिया ने मां पर तब तक हमला जारी रखा जब तक उसकी मौत न हो गई.
इसके बाद वह विवेक के दोस्तों के साथ जाने के लिए घर से निकल गई. लेकिन उसके कपड़ों पर खून के निशान देखकर गांव वालों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. इसके बाद मौके पर आई पुलिस ने आरोपी लड़की और विवेक के दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस फिलहाल तीनों से पूछताछ कर रही है. गौरतलब है कि इससे पहले एक ऐसी ही घटना दिल्ली में सामने आई थी. यहां दिल्ली के एक रेस्तरां में एक युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या (Man stabbed to Death) कर दी गई थी. पुलिस (Delhi Police) के अनुसार घटना दक्षिणी दिल्ली के साकेत स्थित नुक्कड़वाला रेस्तरां की थी.
मामले की जांच कर रहे पुलिस (Delhi Police) अधिकारी के अनुसार आरोपी ने युवक के सीने पर ताबड़-तोड़ कई बार हमले किया था. मृतक रेस्तरां (Murder in Restaurant) का कर्मचारी था और उसकी पहचान हेमंत कुमार के रूप में की गई थी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घायल हेमंत को मदन मोहन मालवीय अस्पताल लेकर गई जहां डॉक्टरों की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया था. दक्षिणी दिल्ली (Delhi Police) पुलिस के डीसीपी विजय कुमार ने बताया था कि शुरुआती जांच में पता चला है कि हेमंत अपने तीन साथियों के साथ उस रेस्तरां में काम करता था. | संक्षिप्त पाठ: फेसबुक पर हुई थी लड़के से दोस्ती
पुलिस ने आरोपी लड़की और दो लड़कों को किया गिरफ्तार
घटना में मां की मौके पर हुई मौत | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसएफआई नेता सुदीप्तो गुप्ता की मौत पर संगठन की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर सवाल खड़ा करते हुए गुरुवार को कहा कि यह एक दुर्घटना थी। वहीं छात्र नेता की हिरासत में पिटाई से मौत होने संबंधी आरोपों के बीच कोलकाता पुलिस ने मीडिया से संयम बरतने को कहा।
22 वर्षीय सुदीप्तो गुप्ता की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रहने के बीच उनके पिता प्रणब गुप्ता और माकपा इस बात पर कायम रहे कि गुप्ता की मौत दुर्घटना नहीं थी बल्कि उसकी कथित तौर पर हत्या कर दी गई। माकपा ने मामले में न्यायिक जांच की मांग की है वहीं पीड़ित के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है।
माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के सदस्यों ने छात्र हड़ताल करते हुए कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में व्यस्त सड़कों पर जाम लगाया। यह जाम पूर्वाह्न 11 बजे 15 मिनट के लिए रहा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जाम शांतिपूर्ण रहा।
माकपा ने उपनगरीय इलाकों गरिया और टॉलीगंज में 12 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया है। गुप्ता अपने स्कूली और कालेज के दिनों में वहीं रहते थे और पढ़ाई करते थे।
ममता ने एसएफआई द्वारा छात्र हड़ताल पर कहा, ‘‘क्यों? किस उद्देश्य से?’’ उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम से यह बात सामने आएगी कि यह एक दुर्घटना है। ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पुलिस उत्पीड़न नहीं।’’ ममता जानेमाने पाश्र्व गायक मन्ना डे को बेंगलूर स्थित उनके आवास पर पश्चिम बंगाल का प्रतिष्ठित ‘विशेष संगीत महासम्मान’ प्रदान करने के लिए एक दिन के दौरे पर आयी थीं। वह बेंगलुरु में संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रही थीं।टिप्पणियां
प्रारंभिक रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि गुप्ता की मौत सिर पर चोट लगने से हुई जबकि कोलकाता पुलिस ने आज मीडिया से अनुरोध किया कि वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे क्योंकि जांच अभी जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) जावेद शमीम ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया से हमारी अपील है कि वे निष्कर्ष नहीं निकाले क्योंकि जिस तरह से घटना को पेश किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। हमने व्यापक जांच शुरू की है और फोरेंसिक दल ने घटनास्थल का दौरा किया है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान का असर जांच पर पड़ेगा कि गुप्ता की मौत लैंप पोस्ट से टकरा जाने की वजह से हुई, इस पर शमीम ने कहा, ‘‘यह क्यों होगा? मैं भी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यही बात कह रहा हूं।’’
शमीम ने कहा कि जांच की शुरुआत के साथ ही सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अटाप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारी चीज से टकराने के बाद सिर में चोट लगने से मौत हुई।
22 वर्षीय सुदीप्तो गुप्ता की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रहने के बीच उनके पिता प्रणब गुप्ता और माकपा इस बात पर कायम रहे कि गुप्ता की मौत दुर्घटना नहीं थी बल्कि उसकी कथित तौर पर हत्या कर दी गई। माकपा ने मामले में न्यायिक जांच की मांग की है वहीं पीड़ित के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है।
माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के सदस्यों ने छात्र हड़ताल करते हुए कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में व्यस्त सड़कों पर जाम लगाया। यह जाम पूर्वाह्न 11 बजे 15 मिनट के लिए रहा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जाम शांतिपूर्ण रहा।
माकपा ने उपनगरीय इलाकों गरिया और टॉलीगंज में 12 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया है। गुप्ता अपने स्कूली और कालेज के दिनों में वहीं रहते थे और पढ़ाई करते थे।
ममता ने एसएफआई द्वारा छात्र हड़ताल पर कहा, ‘‘क्यों? किस उद्देश्य से?’’ उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम से यह बात सामने आएगी कि यह एक दुर्घटना है। ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पुलिस उत्पीड़न नहीं।’’ ममता जानेमाने पाश्र्व गायक मन्ना डे को बेंगलूर स्थित उनके आवास पर पश्चिम बंगाल का प्रतिष्ठित ‘विशेष संगीत महासम्मान’ प्रदान करने के लिए एक दिन के दौरे पर आयी थीं। वह बेंगलुरु में संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रही थीं।टिप्पणियां
प्रारंभिक रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि गुप्ता की मौत सिर पर चोट लगने से हुई जबकि कोलकाता पुलिस ने आज मीडिया से अनुरोध किया कि वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे क्योंकि जांच अभी जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) जावेद शमीम ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया से हमारी अपील है कि वे निष्कर्ष नहीं निकाले क्योंकि जिस तरह से घटना को पेश किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। हमने व्यापक जांच शुरू की है और फोरेंसिक दल ने घटनास्थल का दौरा किया है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान का असर जांच पर पड़ेगा कि गुप्ता की मौत लैंप पोस्ट से टकरा जाने की वजह से हुई, इस पर शमीम ने कहा, ‘‘यह क्यों होगा? मैं भी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यही बात कह रहा हूं।’’
शमीम ने कहा कि जांच की शुरुआत के साथ ही सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अटाप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारी चीज से टकराने के बाद सिर में चोट लगने से मौत हुई।
माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के सदस्यों ने छात्र हड़ताल करते हुए कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में व्यस्त सड़कों पर जाम लगाया। यह जाम पूर्वाह्न 11 बजे 15 मिनट के लिए रहा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जाम शांतिपूर्ण रहा।
माकपा ने उपनगरीय इलाकों गरिया और टॉलीगंज में 12 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया है। गुप्ता अपने स्कूली और कालेज के दिनों में वहीं रहते थे और पढ़ाई करते थे।
ममता ने एसएफआई द्वारा छात्र हड़ताल पर कहा, ‘‘क्यों? किस उद्देश्य से?’’ उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम से यह बात सामने आएगी कि यह एक दुर्घटना है। ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पुलिस उत्पीड़न नहीं।’’ ममता जानेमाने पाश्र्व गायक मन्ना डे को बेंगलूर स्थित उनके आवास पर पश्चिम बंगाल का प्रतिष्ठित ‘विशेष संगीत महासम्मान’ प्रदान करने के लिए एक दिन के दौरे पर आयी थीं। वह बेंगलुरु में संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रही थीं।टिप्पणियां
प्रारंभिक रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि गुप्ता की मौत सिर पर चोट लगने से हुई जबकि कोलकाता पुलिस ने आज मीडिया से अनुरोध किया कि वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे क्योंकि जांच अभी जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) जावेद शमीम ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया से हमारी अपील है कि वे निष्कर्ष नहीं निकाले क्योंकि जिस तरह से घटना को पेश किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। हमने व्यापक जांच शुरू की है और फोरेंसिक दल ने घटनास्थल का दौरा किया है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान का असर जांच पर पड़ेगा कि गुप्ता की मौत लैंप पोस्ट से टकरा जाने की वजह से हुई, इस पर शमीम ने कहा, ‘‘यह क्यों होगा? मैं भी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यही बात कह रहा हूं।’’
शमीम ने कहा कि जांच की शुरुआत के साथ ही सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अटाप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारी चीज से टकराने के बाद सिर में चोट लगने से मौत हुई।
माकपा ने उपनगरीय इलाकों गरिया और टॉलीगंज में 12 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया है। गुप्ता अपने स्कूली और कालेज के दिनों में वहीं रहते थे और पढ़ाई करते थे।
ममता ने एसएफआई द्वारा छात्र हड़ताल पर कहा, ‘‘क्यों? किस उद्देश्य से?’’ उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम से यह बात सामने आएगी कि यह एक दुर्घटना है। ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पुलिस उत्पीड़न नहीं।’’ ममता जानेमाने पाश्र्व गायक मन्ना डे को बेंगलूर स्थित उनके आवास पर पश्चिम बंगाल का प्रतिष्ठित ‘विशेष संगीत महासम्मान’ प्रदान करने के लिए एक दिन के दौरे पर आयी थीं। वह बेंगलुरु में संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रही थीं।टिप्पणियां
प्रारंभिक रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि गुप्ता की मौत सिर पर चोट लगने से हुई जबकि कोलकाता पुलिस ने आज मीडिया से अनुरोध किया कि वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे क्योंकि जांच अभी जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) जावेद शमीम ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया से हमारी अपील है कि वे निष्कर्ष नहीं निकाले क्योंकि जिस तरह से घटना को पेश किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। हमने व्यापक जांच शुरू की है और फोरेंसिक दल ने घटनास्थल का दौरा किया है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान का असर जांच पर पड़ेगा कि गुप्ता की मौत लैंप पोस्ट से टकरा जाने की वजह से हुई, इस पर शमीम ने कहा, ‘‘यह क्यों होगा? मैं भी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यही बात कह रहा हूं।’’
शमीम ने कहा कि जांच की शुरुआत के साथ ही सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अटाप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारी चीज से टकराने के बाद सिर में चोट लगने से मौत हुई।
ममता ने एसएफआई द्वारा छात्र हड़ताल पर कहा, ‘‘क्यों? किस उद्देश्य से?’’ उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम से यह बात सामने आएगी कि यह एक दुर्घटना है। ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पुलिस उत्पीड़न नहीं।’’ ममता जानेमाने पाश्र्व गायक मन्ना डे को बेंगलूर स्थित उनके आवास पर पश्चिम बंगाल का प्रतिष्ठित ‘विशेष संगीत महासम्मान’ प्रदान करने के लिए एक दिन के दौरे पर आयी थीं। वह बेंगलुरु में संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रही थीं।टिप्पणियां
प्रारंभिक रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि गुप्ता की मौत सिर पर चोट लगने से हुई जबकि कोलकाता पुलिस ने आज मीडिया से अनुरोध किया कि वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे क्योंकि जांच अभी जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) जावेद शमीम ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया से हमारी अपील है कि वे निष्कर्ष नहीं निकाले क्योंकि जिस तरह से घटना को पेश किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। हमने व्यापक जांच शुरू की है और फोरेंसिक दल ने घटनास्थल का दौरा किया है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान का असर जांच पर पड़ेगा कि गुप्ता की मौत लैंप पोस्ट से टकरा जाने की वजह से हुई, इस पर शमीम ने कहा, ‘‘यह क्यों होगा? मैं भी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यही बात कह रहा हूं।’’
शमीम ने कहा कि जांच की शुरुआत के साथ ही सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अटाप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारी चीज से टकराने के बाद सिर में चोट लगने से मौत हुई।
प्रारंभिक रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि गुप्ता की मौत सिर पर चोट लगने से हुई जबकि कोलकाता पुलिस ने आज मीडिया से अनुरोध किया कि वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे क्योंकि जांच अभी जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) जावेद शमीम ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया से हमारी अपील है कि वे निष्कर्ष नहीं निकाले क्योंकि जिस तरह से घटना को पेश किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। हमने व्यापक जांच शुरू की है और फोरेंसिक दल ने घटनास्थल का दौरा किया है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान का असर जांच पर पड़ेगा कि गुप्ता की मौत लैंप पोस्ट से टकरा जाने की वजह से हुई, इस पर शमीम ने कहा, ‘‘यह क्यों होगा? मैं भी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यही बात कह रहा हूं।’’
शमीम ने कहा कि जांच की शुरुआत के साथ ही सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अटाप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारी चीज से टकराने के बाद सिर में चोट लगने से मौत हुई।
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान का असर जांच पर पड़ेगा कि गुप्ता की मौत लैंप पोस्ट से टकरा जाने की वजह से हुई, इस पर शमीम ने कहा, ‘‘यह क्यों होगा? मैं भी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यही बात कह रहा हूं।’’
शमीम ने कहा कि जांच की शुरुआत के साथ ही सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अटाप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारी चीज से टकराने के बाद सिर में चोट लगने से मौत हुई। | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसएफआई नेता सुदीप्तो गुप्ता की मौत पर संगठन की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर सवाल खड़ा करते हुए गुरुवार को कहा कि यह एक दुर्घटना थी। वहीं छात्र नेता की हिरासत में पिटाई से मौत होने संबंधी आरोपों के बीच कोल | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को सुनवाई के लिए एक बड़ी पीठ के पास भेजते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को इस बात का जवाब देना होगा कि जब क्षेत्र में काम शुरू करने में उसे सालों लग गए तो फिर क्यों वह बार-बार आपात प्रावधान लागू कर भूमि अधिग्रहण करती रही। गौतमबुद्ध नगर के करीब एक दर्जन गांवों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 3,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाले सैकड़ों किसानों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अमिताव लाला और न्यायमूर्ति अशोक श्रीवास्तव की पीठ ने किसानों को 12 अगस्त तक अदालत से बाहर मामला निपटाने का भी विकल्प दिया। पीठ ने कहा, हम देखते हैं कि राज्य सरकार ने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए बार-बार आपात प्रावधान का इस्तेमाल किया। न्यायालय यह जानना चाहेगा कि ऐसा करने के पीछे क्या वजह रही। न्यायालय ने आश्चर्य जताते हुए कहा, क्यों राज्य सरकार को अधिग्रहित भूमि पर काम शुरू करने में महीनों, कभी-कभी सालों लग जाते हैं, जबकि वह आपात स्थिति बताकर भूमि का अधिग्रहण करती है और भूमि मालिकों को आपत्ति उठाने का मौका तक नहीं दिया जाता। इसके अलावा, न्यायालय ने भूमि के इस्तेमाल के उद्देश्य में बदलाव पर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है। औद्योगिक विकास के उद्देश्य से किसानों की भूमि का अधिग्रहण करने के बाद भूमि की प्रकृति बदलकर उसे बिल्डरों को क्यों सौंप दिया जाता है। न्यायालय ने कहा, राज्य सरकार को मामले की अगली सुनवाई के दौरान इन दो बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब देना होगा। | सारांश: न्यायालय ने कहा कि सरकार को इस बात का जवाब देना है कि जब क्षेत्र में काम शुरू करने में उसे सालों लग गए तो फिर क्यों वह बार-बार अधिग्रहण करती रही। | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने युवा अकाली दल की बुधवार को एक 40 सदस्यीय कोर कमेटी गठित की। उन्होंने एक बयान में कहा कि युवा अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं को इस समिति में शामिल किया गया है। ये नेता वर्षों से इस पार्टी के साथ काम करते रहे हैं।टिप्पणियां
अमरपाल सिंह बोनी अजनाला, मंजीत सिंह मोना (दोनों संसदीय सचिव), मनप्रीत सिंह इटली (विधायक), बलजीत ज्लालुस्मा (विधायक), हरप्रीत सिंह कोटभाई (विधायक), इंदर इकबाल सिंह अटवाल (पूर्व विधायक), दिलराज सिंह भुंडर, रविकरण सिंह कहलोन, बृजिन्दर सिंह ब्रार, कंवरजीत सिंह रोजी बारकंडी, सरबजीत सिंह साहबी, परमिन्दर सिंह ब्रार, परमबंस सिंह बंटी रोमाना, हरपाल जुनेजा, तारसेम सिंह भिंडर और हरिंदरपाल सिंह चांदूमाजरा इस समिति में शामिल किए गए लोगों में प्रमुख नाम हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमरपाल सिंह बोनी अजनाला, मंजीत सिंह मोना (दोनों संसदीय सचिव), मनप्रीत सिंह इटली (विधायक), बलजीत ज्लालुस्मा (विधायक), हरप्रीत सिंह कोटभाई (विधायक), इंदर इकबाल सिंह अटवाल (पूर्व विधायक), दिलराज सिंह भुंडर, रविकरण सिंह कहलोन, बृजिन्दर सिंह ब्रार, कंवरजीत सिंह रोजी बारकंडी, सरबजीत सिंह साहबी, परमिन्दर सिंह ब्रार, परमबंस सिंह बंटी रोमाना, हरपाल जुनेजा, तारसेम सिंह भिंडर और हरिंदरपाल सिंह चांदूमाजरा इस समिति में शामिल किए गए लोगों में प्रमुख नाम हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 40 सदस्यीय कोर कमेटी गठित
वर्षों से पार्टी के साथ कर रहे हैं काम
युवा अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं को किया गया शामिल | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वैज्ञानिकों ने रक्त जांच की एक ऐसी विधि विकसित करने का दावा किया है जिससे उस कोशिका का पता चल जाएगा, जो आगे चलकर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की वजह बन सकती है। इस जांच विधि को विकसित करने वाली बोस्टन की एक टीम ने बताया कि प्रायोगिक जांच वाले अध्ययन इस साल शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्य में जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी सहयोग कर रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह जांच खास तौर पर स्तन, प्रोस्टेट, बड़ी आंत और फेफड़े के कैंसर सहित कई तरह के कैंसर का पता लगा सकती है। मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल में कैंसर केंद्र के प्रमुख डेनियल हार्बर के हवाले से इस नई विधि का खुलासा किया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक रक्त जांच में एक माइक्रोचिप का इस्तेमाल किया जाता है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के बायोइंजीनियर महमेट टार्नर ने बताया, यह जांच प्रक्रिया एक अरब या इससे अधिक की स्वस्थ कोशिकाओं में भी किसी कैंसर कोशिका का पता लगा सकती है। | सारांश: वैज्ञानिकों ने रक्त जांच की एक ऐसी विधि विकसित करने का दावा किया है जिससे उस कोशिका का पता चल जाएगा, जो आगे चलकर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की वजह बन सकती है। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व बैंक ने भारत को गरीबी से लड़ने में मदद के लिए एक अनूठी एवं लचीली वित्तीय व्यवस्था के तहत 4.3 अरब डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। यह व्यवस्था इस तरह से डिजाइन की गई है कि पुनर्गठन व विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय बैंक (आईबीआरडी) का शुद्ध ऋण 17.5 अरब डॉलर की सीमा के भीतर रहे। विश्व बैंक ने उधारी देने के लिए आईबीआरडी की स्थापना की है।टिप्पणियां
विश्व बैंक ने एक बयान में कहा कि नई व्यवस्था के तहत विश्व बैंक द्वारा विशेष बांड जारी किए जाएंगे जिन्हें भारत अतिरिक्त नियोजित उधारी की भरपाई के लिए खरीदेगा। इस तरह से, भारत को अपने लोगों का जीवन स्तर सुधारने के उद्देश्य से आईबीआरडी से विकास परियोजनाओं के लिए कम ब्याज दर पर लम्बी अवधि का ऋण मिलना जारी रहेगा।
विश्व बैंक के उपाध्यक्ष (दक्षिण एशिया) इसाबेल गुएरेरो ने कहा, ‘‘ इस कार्रवाई के बगैर विश्व बैंक के लिए भारत की मदद करना मुश्किल होता क्योंकि भारत करीब 30 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से ऊपर उठाने की बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है।’’
विश्व बैंक ने एक बयान में कहा कि नई व्यवस्था के तहत विश्व बैंक द्वारा विशेष बांड जारी किए जाएंगे जिन्हें भारत अतिरिक्त नियोजित उधारी की भरपाई के लिए खरीदेगा। इस तरह से, भारत को अपने लोगों का जीवन स्तर सुधारने के उद्देश्य से आईबीआरडी से विकास परियोजनाओं के लिए कम ब्याज दर पर लम्बी अवधि का ऋण मिलना जारी रहेगा।
विश्व बैंक के उपाध्यक्ष (दक्षिण एशिया) इसाबेल गुएरेरो ने कहा, ‘‘ इस कार्रवाई के बगैर विश्व बैंक के लिए भारत की मदद करना मुश्किल होता क्योंकि भारत करीब 30 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से ऊपर उठाने की बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है।’’
विश्व बैंक के उपाध्यक्ष (दक्षिण एशिया) इसाबेल गुएरेरो ने कहा, ‘‘ इस कार्रवाई के बगैर विश्व बैंक के लिए भारत की मदद करना मुश्किल होता क्योंकि भारत करीब 30 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से ऊपर उठाने की बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विश्व बैंक ने भारत को गरीबी से लड़ने में मदद के लिए एक अनूठी एवं लचीली वित्तीय व्यवस्था के तहत 4.3 अरब डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल के पांचवें संस्करण के अपने पहले मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स पर जीत से उत्साहित दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने साथी खिलाड़ियों की जमकर सराहना की है।
दिल्ली ने गुरुवार को ईडन गार्डन स्टेडियम में खेले गए अपने पहले मुकाबले में नाइट राइडर्स को आठ विकेट से हराकर इस टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की।
एक वेबसाइट ने सहवाग के हवाले से लिखा है, "खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए गेंदबाजों ने बेहतरीन गेंदबाजी की। क्षेत्ररक्षकों ने भी शानदार काम किया।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बारिश के कारण यह मुकाबला 12-12 ओवरों का खेला गया। नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 97 रन बनाए। दिल्ली ने 98 रनों के लक्ष्य के जवाब में 11.1 ओवरों में दो विकेट पर 100 रन बनाकर मैच अपने कब्जे में कर लिया।
इस मुकाबले में सहवाग (20) और एरॉन फिंच (30) ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। सहवाग ने फिंच की बल्लेबाजी के बारे में कहा, "फिंच ने मुझसे अधिक रन बनाए। उन्होंने बेहतर खेला।"
दिल्ली ने गुरुवार को ईडन गार्डन स्टेडियम में खेले गए अपने पहले मुकाबले में नाइट राइडर्स को आठ विकेट से हराकर इस टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की।
एक वेबसाइट ने सहवाग के हवाले से लिखा है, "खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए गेंदबाजों ने बेहतरीन गेंदबाजी की। क्षेत्ररक्षकों ने भी शानदार काम किया।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बारिश के कारण यह मुकाबला 12-12 ओवरों का खेला गया। नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 97 रन बनाए। दिल्ली ने 98 रनों के लक्ष्य के जवाब में 11.1 ओवरों में दो विकेट पर 100 रन बनाकर मैच अपने कब्जे में कर लिया।
इस मुकाबले में सहवाग (20) और एरॉन फिंच (30) ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। सहवाग ने फिंच की बल्लेबाजी के बारे में कहा, "फिंच ने मुझसे अधिक रन बनाए। उन्होंने बेहतर खेला।"
एक वेबसाइट ने सहवाग के हवाले से लिखा है, "खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए गेंदबाजों ने बेहतरीन गेंदबाजी की। क्षेत्ररक्षकों ने भी शानदार काम किया।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बारिश के कारण यह मुकाबला 12-12 ओवरों का खेला गया। नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 97 रन बनाए। दिल्ली ने 98 रनों के लक्ष्य के जवाब में 11.1 ओवरों में दो विकेट पर 100 रन बनाकर मैच अपने कब्जे में कर लिया।
इस मुकाबले में सहवाग (20) और एरॉन फिंच (30) ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। सहवाग ने फिंच की बल्लेबाजी के बारे में कहा, "फिंच ने मुझसे अधिक रन बनाए। उन्होंने बेहतर खेला।"
उल्लेखनीय है कि बारिश के कारण यह मुकाबला 12-12 ओवरों का खेला गया। नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 97 रन बनाए। दिल्ली ने 98 रनों के लक्ष्य के जवाब में 11.1 ओवरों में दो विकेट पर 100 रन बनाकर मैच अपने कब्जे में कर लिया।
इस मुकाबले में सहवाग (20) और एरॉन फिंच (30) ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। सहवाग ने फिंच की बल्लेबाजी के बारे में कहा, "फिंच ने मुझसे अधिक रन बनाए। उन्होंने बेहतर खेला।"
इस मुकाबले में सहवाग (20) और एरॉन फिंच (30) ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। सहवाग ने फिंच की बल्लेबाजी के बारे में कहा, "फिंच ने मुझसे अधिक रन बनाए। उन्होंने बेहतर खेला।" | संक्षिप्त पाठ: आईपीएल के पांचवें संस्करण के अपने पहले मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स पर जीत से उत्साहित दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने साथी खिलाड़ियों की जमकर सराहना की है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: फोर्ब्स एशिया की इस साल की बेस्ट अंडर ए बिलियन सूची में शामिल 200 कंपनियों में 35 भारतीय कंपनियों को भी जगह मिली हैं। सूची में शामिल होने वाली कंपनियों की संख्या के मामले में भारत का दूसरा स्थान है। चीन और हांगकांग की 65 कंपनियों को इसमें शामिल किया गया है और वह इस लिहाज से पहले स्थान पर है। फोर्ब्स एशिया ने कहा कि सूची में जिन भारतीय कंपनियों को जगह दी गयी है, उसमें एसआरएफ, पालीप्लेक्स तथा ग्लोडाइन टेक्नोसर्व शामिल हैं। एसआरएफ रसायन आधारित औद्योगिक कच्चे माल, पालीप्लेक्स पालीस्टर फिल्म तथा ग्लोडाइन टेक्नोसर्व आईटी सेवा प्रदाता कंपनी है। बहरहाल, स्टोरज बैटरी बनाने वाली एक्साइड इंडस्ट्रीज इस साल 200 कंपनियों की सूची में शामिल नहीं है क्योंकि कंपनी की बिक्री पिछले 12 महीने में एक अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गयी है। कंपनी पिछले वर्ष इस सूची में शामिल थी। फोर्ब्स एशिया के अनुसार सूची में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की उन कंपनियों को शामिल किया जाता है जिनकी सालाना आय 50 लाख अमेरिकी डॉलर से लेकर एक अरब डॉलर के बीच है। इक्विटी पर रिटर्न के हिसाब से भी कंपनियों का मूल्यांकन किया जाता है। फोर्ब्स एशिया के संपादक टिम फगरुसन ने कहा, सूची में हम वैसी कंपनियों को शामिल करते हैं जिनका 2008 में शुरू आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौरान प्रबंधन बेहतर रहा। उनके बही-खाते में उनके ऊपर कोई कर्ज नहीं है और अगर है भी तो न के बराबर। सूची में शामिल औसतन कंपनियों का इक्विटी-ऋण अनुपात 13 प्रतिशत है और इनमें से 67 कंपनियां ऐसी हैं जिनके ऊपर कोई कर्ज नहीं है। सूची में पाकिस्तान की दो तथा श्रीलंका की चार कंपनियां शामिल हैं। | यह एक सारांश है: फोर्ब्स एशिया की इस साल की बेस्ट अंडर ए बिलियन सूची में शामिल 200 कंपनियों में 35 भारतीय कंपनियों को भी जगह मिली हैं। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद का पता लगाने की मांग को लेकर धरने पर बैठने गईं उनकी मां और परिवार के दूसरे लोगों के साथ पुलिस ने रविवार को बदसलूकी की और काफी दूर तक उन्हें घसीट कर ले गई. जेएनयू के छात्रों ने इस सिलसिले में इंडिया गेट के पास धरने का ऐलान किया था लेकिन धारा 144 लगे होने की वजह से पुलिस ने उन्हें वहां जमा होने की इजाज़त नहीं दी.
इस मामले को लेकर नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि हम इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मुझे जबरदस्ती घसीटकर मेरे हाथ पैर पकड़कर बस में डाल दिया. मेरे हाथ पांव में चोट लगी है. मैं अपने बेटे के लिए हर चोट बर्दाश्त कर सकती हूं. मुझे मायापुरी स्टेशन से यह कहकर निकाला कि वे मुझे मेरे बेटे के पास ले जाएंगे. उसके बाद वे मुझे साढ़े तीन घंटे सड़कों पर घुमाते रहे. रात 8:30 बजे घर छोड़ा, 5 बजे मायापुरी से निकाले थे. मैं आज भी प्रदर्शन में जाऊंगी.
इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. खबर सुनकर सोमवार को सीएम अरविंद केजरीवाल भी थाने पहुंच गए. वह उन विद्यार्थियों से भी मिले जिन्हें हिरासत में लिया गया था.
इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ''मायापुरी थाना पहुंचा. पुलिस कह रही है कि उन्हें पुलिस की गाड़ी में घर भेज दिया गया है. तब तक इंतजार करूंगा जब तक वह घर नहीं पहुंच जातीं. '' उन्होंने लिखा, ''नजीब की मां घर पहुंच गयी. फोन पर उनसे बातचीत की. वह ठीक हैं. मैं अब थाने से जा रहा हूं. पुलिस से नजीब को जल्द ढूंढने की अपील करता हूं.''
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय के लापता छात्र के बारे में वह गृह मंत्रालय और जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगेंगे.
मुख्यमंत्री ने इसके बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दिल्ली पुलिस ने 'राजनीतिक दबाव' के कारण मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.
केजरीवाल ने कहा, ''नजीब के साथ झड़प में जो लोग शामिल थे, उनसे पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की, छात्र के लापता होने के 22 दिन बाद. वह भी सिर्फ एक औपचारिकता थी. हमने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस और जेएनयू से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेंगे.''टिप्पणियां
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ''जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने के मामले में उनके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए माननीय राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात की. उन्होंने सभी समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह दिल्ली गृह मंत्रालय और जेएनयू से रिपोर्ट मांगेंगे.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस मामले को लेकर नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि हम इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मुझे जबरदस्ती घसीटकर मेरे हाथ पैर पकड़कर बस में डाल दिया. मेरे हाथ पांव में चोट लगी है. मैं अपने बेटे के लिए हर चोट बर्दाश्त कर सकती हूं. मुझे मायापुरी स्टेशन से यह कहकर निकाला कि वे मुझे मेरे बेटे के पास ले जाएंगे. उसके बाद वे मुझे साढ़े तीन घंटे सड़कों पर घुमाते रहे. रात 8:30 बजे घर छोड़ा, 5 बजे मायापुरी से निकाले थे. मैं आज भी प्रदर्शन में जाऊंगी.
इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. खबर सुनकर सोमवार को सीएम अरविंद केजरीवाल भी थाने पहुंच गए. वह उन विद्यार्थियों से भी मिले जिन्हें हिरासत में लिया गया था.
इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ''मायापुरी थाना पहुंचा. पुलिस कह रही है कि उन्हें पुलिस की गाड़ी में घर भेज दिया गया है. तब तक इंतजार करूंगा जब तक वह घर नहीं पहुंच जातीं. '' उन्होंने लिखा, ''नजीब की मां घर पहुंच गयी. फोन पर उनसे बातचीत की. वह ठीक हैं. मैं अब थाने से जा रहा हूं. पुलिस से नजीब को जल्द ढूंढने की अपील करता हूं.''
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय के लापता छात्र के बारे में वह गृह मंत्रालय और जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगेंगे.
मुख्यमंत्री ने इसके बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दिल्ली पुलिस ने 'राजनीतिक दबाव' के कारण मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.
केजरीवाल ने कहा, ''नजीब के साथ झड़प में जो लोग शामिल थे, उनसे पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की, छात्र के लापता होने के 22 दिन बाद. वह भी सिर्फ एक औपचारिकता थी. हमने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस और जेएनयू से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेंगे.''टिप्पणियां
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ''जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने के मामले में उनके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए माननीय राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात की. उन्होंने सभी समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह दिल्ली गृह मंत्रालय और जेएनयू से रिपोर्ट मांगेंगे.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. खबर सुनकर सोमवार को सीएम अरविंद केजरीवाल भी थाने पहुंच गए. वह उन विद्यार्थियों से भी मिले जिन्हें हिरासत में लिया गया था.
इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ''मायापुरी थाना पहुंचा. पुलिस कह रही है कि उन्हें पुलिस की गाड़ी में घर भेज दिया गया है. तब तक इंतजार करूंगा जब तक वह घर नहीं पहुंच जातीं. '' उन्होंने लिखा, ''नजीब की मां घर पहुंच गयी. फोन पर उनसे बातचीत की. वह ठीक हैं. मैं अब थाने से जा रहा हूं. पुलिस से नजीब को जल्द ढूंढने की अपील करता हूं.''
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय के लापता छात्र के बारे में वह गृह मंत्रालय और जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगेंगे.
मुख्यमंत्री ने इसके बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दिल्ली पुलिस ने 'राजनीतिक दबाव' के कारण मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.
केजरीवाल ने कहा, ''नजीब के साथ झड़प में जो लोग शामिल थे, उनसे पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की, छात्र के लापता होने के 22 दिन बाद. वह भी सिर्फ एक औपचारिकता थी. हमने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस और जेएनयू से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेंगे.''टिप्पणियां
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ''जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने के मामले में उनके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए माननीय राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात की. उन्होंने सभी समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह दिल्ली गृह मंत्रालय और जेएनयू से रिपोर्ट मांगेंगे.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ''मायापुरी थाना पहुंचा. पुलिस कह रही है कि उन्हें पुलिस की गाड़ी में घर भेज दिया गया है. तब तक इंतजार करूंगा जब तक वह घर नहीं पहुंच जातीं. '' उन्होंने लिखा, ''नजीब की मां घर पहुंच गयी. फोन पर उनसे बातचीत की. वह ठीक हैं. मैं अब थाने से जा रहा हूं. पुलिस से नजीब को जल्द ढूंढने की अपील करता हूं.''
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय के लापता छात्र के बारे में वह गृह मंत्रालय और जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगेंगे.
मुख्यमंत्री ने इसके बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दिल्ली पुलिस ने 'राजनीतिक दबाव' के कारण मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.
केजरीवाल ने कहा, ''नजीब के साथ झड़प में जो लोग शामिल थे, उनसे पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की, छात्र के लापता होने के 22 दिन बाद. वह भी सिर्फ एक औपचारिकता थी. हमने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस और जेएनयू से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेंगे.''टिप्पणियां
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ''जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने के मामले में उनके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए माननीय राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात की. उन्होंने सभी समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह दिल्ली गृह मंत्रालय और जेएनयू से रिपोर्ट मांगेंगे.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय के लापता छात्र के बारे में वह गृह मंत्रालय और जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगेंगे.
मुख्यमंत्री ने इसके बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दिल्ली पुलिस ने 'राजनीतिक दबाव' के कारण मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.
केजरीवाल ने कहा, ''नजीब के साथ झड़प में जो लोग शामिल थे, उनसे पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की, छात्र के लापता होने के 22 दिन बाद. वह भी सिर्फ एक औपचारिकता थी. हमने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस और जेएनयू से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेंगे.''टिप्पणियां
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ''जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने के मामले में उनके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए माननीय राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात की. उन्होंने सभी समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह दिल्ली गृह मंत्रालय और जेएनयू से रिपोर्ट मांगेंगे.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल ने कहा, ''नजीब के साथ झड़प में जो लोग शामिल थे, उनसे पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की, छात्र के लापता होने के 22 दिन बाद. वह भी सिर्फ एक औपचारिकता थी. हमने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस और जेएनयू से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेंगे.''टिप्पणियां
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ''जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने के मामले में उनके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए माननीय राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात की. उन्होंने सभी समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह दिल्ली गृह मंत्रालय और जेएनयू से रिपोर्ट मांगेंगे.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ''जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने के मामले में उनके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए माननीय राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात की. उन्होंने सभी समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह दिल्ली गृह मंत्रालय और जेएनयू से रिपोर्ट मांगेंगे.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | मैं अपने बेटे के लिए हर चोट बर्दाश्त कर सकती हूं :फातिमा
मैं आज भी प्रदर्शन करने जाऊंगी
मामले को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल ने लगाई राष्ट्रपति से गुहार | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजिंग ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार लंदन में पदक जीतने के बारे में सोचकर परेशान नहीं हो रहे हालांकि उन्होंने पदक जीतने के लिए कोई कोर कसर नहीं रख छोड़ने का वादा किया।
सुशील ने यहां साइ सेंटर में बातचीत में कहा, मैं पदक के बारे में सोचकर अनावश्यक दबाव नहीं बनाना चाहता। इससे ओलिंपिक में मेरे प्रदर्शन पर असर पड़ेगा। यदि पदक के बारे में ही सोचता रहूंगा तो दबाव बनेगा। मेरा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। उसने हालांकि कहा कि पिछले ओलिंपिक से उसे अनुभव मिल गया है और वह उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है।
उन्होंने कहा, बीजिंग में चार साल पहले मिले कांस्य पदक से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहता हूं। उसने इन अटकलों को भी खारिज किया कि लंदन ओलिंपिक के बाद वह रिटायर हो जाएगा।
सुशील ने कहा, जब तक मेरा शरीर साथ देगा, मैं देश के लिए खेलता रहूंगा। उसने कहा कि कोलोरेडो स्प्रिंग्स में अभ्यास के दौरान पहलवानों ने अपनी रफ्तार और दमखम बेहतर की है।
उन्होंने कहा, ओलिंपिक की तैयारी में कोलोराडो स्प्रिंग्स का शिविर काफी कारगर साबित होगा। दो-तीन शीर्ष यूरोपीय देश वहां थे जिनके खिलाफ हमने अपने हुनर को आजमाया। शिविर पर्वतीय इलाके में था जिससे अतिरिक्त फायदा मिला।टिप्पणियां
सुशील ने कहा, हमारा फोकस रफ्तार, दमखम और पैरों की मूवमेंट पर था। मैं शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट हूं। शिविर सही समय पर लगा था। बेलारूस में लगने वाले आगामी अनुकूलन सह-अभ्यास शिविर के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें फोकस तकनीकी पहलू पर रहेगा।
यह पूछने पर कि भारत का ध्वजवाहक बनकर उसे कैसा लग रहा है, सुशील ने कहा, मुझे खुशी है कि मुझे उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुशील ने कहा, इससे देश में खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी। पहली बार किसी पहलवान को राष्ट्रध्वज थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुझे फख्र महसूस हो रहा है।’ सुशील ने यह भी कहा कि ओलंपिक में जा रहे पांचों भारतीय पहलवानों में पदक जीतने का माद्दा है। उन्होंने कहा, ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पांचों भारतीय पहलवान पदक के दावेदार है। योगेश्वर बेहतरीन फॉर्म में हैं और मुझे उम्मीद है कि वह पदक जीतेगा। कठिन प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, जापान, रूस, अमेरिका, उक्रेन को हराना कठिन होगा।
सुशील ने यहां साइ सेंटर में बातचीत में कहा, मैं पदक के बारे में सोचकर अनावश्यक दबाव नहीं बनाना चाहता। इससे ओलिंपिक में मेरे प्रदर्शन पर असर पड़ेगा। यदि पदक के बारे में ही सोचता रहूंगा तो दबाव बनेगा। मेरा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। उसने हालांकि कहा कि पिछले ओलिंपिक से उसे अनुभव मिल गया है और वह उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है।
उन्होंने कहा, बीजिंग में चार साल पहले मिले कांस्य पदक से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहता हूं। उसने इन अटकलों को भी खारिज किया कि लंदन ओलिंपिक के बाद वह रिटायर हो जाएगा।
सुशील ने कहा, जब तक मेरा शरीर साथ देगा, मैं देश के लिए खेलता रहूंगा। उसने कहा कि कोलोरेडो स्प्रिंग्स में अभ्यास के दौरान पहलवानों ने अपनी रफ्तार और दमखम बेहतर की है।
उन्होंने कहा, ओलिंपिक की तैयारी में कोलोराडो स्प्रिंग्स का शिविर काफी कारगर साबित होगा। दो-तीन शीर्ष यूरोपीय देश वहां थे जिनके खिलाफ हमने अपने हुनर को आजमाया। शिविर पर्वतीय इलाके में था जिससे अतिरिक्त फायदा मिला।टिप्पणियां
सुशील ने कहा, हमारा फोकस रफ्तार, दमखम और पैरों की मूवमेंट पर था। मैं शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट हूं। शिविर सही समय पर लगा था। बेलारूस में लगने वाले आगामी अनुकूलन सह-अभ्यास शिविर के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें फोकस तकनीकी पहलू पर रहेगा।
यह पूछने पर कि भारत का ध्वजवाहक बनकर उसे कैसा लग रहा है, सुशील ने कहा, मुझे खुशी है कि मुझे उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुशील ने कहा, इससे देश में खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी। पहली बार किसी पहलवान को राष्ट्रध्वज थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुझे फख्र महसूस हो रहा है।’ सुशील ने यह भी कहा कि ओलंपिक में जा रहे पांचों भारतीय पहलवानों में पदक जीतने का माद्दा है। उन्होंने कहा, ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पांचों भारतीय पहलवान पदक के दावेदार है। योगेश्वर बेहतरीन फॉर्म में हैं और मुझे उम्मीद है कि वह पदक जीतेगा। कठिन प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, जापान, रूस, अमेरिका, उक्रेन को हराना कठिन होगा।
उन्होंने कहा, बीजिंग में चार साल पहले मिले कांस्य पदक से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहता हूं। उसने इन अटकलों को भी खारिज किया कि लंदन ओलिंपिक के बाद वह रिटायर हो जाएगा।
सुशील ने कहा, जब तक मेरा शरीर साथ देगा, मैं देश के लिए खेलता रहूंगा। उसने कहा कि कोलोरेडो स्प्रिंग्स में अभ्यास के दौरान पहलवानों ने अपनी रफ्तार और दमखम बेहतर की है।
उन्होंने कहा, ओलिंपिक की तैयारी में कोलोराडो स्प्रिंग्स का शिविर काफी कारगर साबित होगा। दो-तीन शीर्ष यूरोपीय देश वहां थे जिनके खिलाफ हमने अपने हुनर को आजमाया। शिविर पर्वतीय इलाके में था जिससे अतिरिक्त फायदा मिला।टिप्पणियां
सुशील ने कहा, हमारा फोकस रफ्तार, दमखम और पैरों की मूवमेंट पर था। मैं शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट हूं। शिविर सही समय पर लगा था। बेलारूस में लगने वाले आगामी अनुकूलन सह-अभ्यास शिविर के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें फोकस तकनीकी पहलू पर रहेगा।
यह पूछने पर कि भारत का ध्वजवाहक बनकर उसे कैसा लग रहा है, सुशील ने कहा, मुझे खुशी है कि मुझे उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुशील ने कहा, इससे देश में खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी। पहली बार किसी पहलवान को राष्ट्रध्वज थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुझे फख्र महसूस हो रहा है।’ सुशील ने यह भी कहा कि ओलंपिक में जा रहे पांचों भारतीय पहलवानों में पदक जीतने का माद्दा है। उन्होंने कहा, ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पांचों भारतीय पहलवान पदक के दावेदार है। योगेश्वर बेहतरीन फॉर्म में हैं और मुझे उम्मीद है कि वह पदक जीतेगा। कठिन प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, जापान, रूस, अमेरिका, उक्रेन को हराना कठिन होगा।
सुशील ने कहा, जब तक मेरा शरीर साथ देगा, मैं देश के लिए खेलता रहूंगा। उसने कहा कि कोलोरेडो स्प्रिंग्स में अभ्यास के दौरान पहलवानों ने अपनी रफ्तार और दमखम बेहतर की है।
उन्होंने कहा, ओलिंपिक की तैयारी में कोलोराडो स्प्रिंग्स का शिविर काफी कारगर साबित होगा। दो-तीन शीर्ष यूरोपीय देश वहां थे जिनके खिलाफ हमने अपने हुनर को आजमाया। शिविर पर्वतीय इलाके में था जिससे अतिरिक्त फायदा मिला।टिप्पणियां
सुशील ने कहा, हमारा फोकस रफ्तार, दमखम और पैरों की मूवमेंट पर था। मैं शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट हूं। शिविर सही समय पर लगा था। बेलारूस में लगने वाले आगामी अनुकूलन सह-अभ्यास शिविर के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें फोकस तकनीकी पहलू पर रहेगा।
यह पूछने पर कि भारत का ध्वजवाहक बनकर उसे कैसा लग रहा है, सुशील ने कहा, मुझे खुशी है कि मुझे उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुशील ने कहा, इससे देश में खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी। पहली बार किसी पहलवान को राष्ट्रध्वज थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुझे फख्र महसूस हो रहा है।’ सुशील ने यह भी कहा कि ओलंपिक में जा रहे पांचों भारतीय पहलवानों में पदक जीतने का माद्दा है। उन्होंने कहा, ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पांचों भारतीय पहलवान पदक के दावेदार है। योगेश्वर बेहतरीन फॉर्म में हैं और मुझे उम्मीद है कि वह पदक जीतेगा। कठिन प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, जापान, रूस, अमेरिका, उक्रेन को हराना कठिन होगा।
उन्होंने कहा, ओलिंपिक की तैयारी में कोलोराडो स्प्रिंग्स का शिविर काफी कारगर साबित होगा। दो-तीन शीर्ष यूरोपीय देश वहां थे जिनके खिलाफ हमने अपने हुनर को आजमाया। शिविर पर्वतीय इलाके में था जिससे अतिरिक्त फायदा मिला।टिप्पणियां
सुशील ने कहा, हमारा फोकस रफ्तार, दमखम और पैरों की मूवमेंट पर था। मैं शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट हूं। शिविर सही समय पर लगा था। बेलारूस में लगने वाले आगामी अनुकूलन सह-अभ्यास शिविर के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें फोकस तकनीकी पहलू पर रहेगा।
यह पूछने पर कि भारत का ध्वजवाहक बनकर उसे कैसा लग रहा है, सुशील ने कहा, मुझे खुशी है कि मुझे उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुशील ने कहा, इससे देश में खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी। पहली बार किसी पहलवान को राष्ट्रध्वज थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुझे फख्र महसूस हो रहा है।’ सुशील ने यह भी कहा कि ओलंपिक में जा रहे पांचों भारतीय पहलवानों में पदक जीतने का माद्दा है। उन्होंने कहा, ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पांचों भारतीय पहलवान पदक के दावेदार है। योगेश्वर बेहतरीन फॉर्म में हैं और मुझे उम्मीद है कि वह पदक जीतेगा। कठिन प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, जापान, रूस, अमेरिका, उक्रेन को हराना कठिन होगा।
सुशील ने कहा, हमारा फोकस रफ्तार, दमखम और पैरों की मूवमेंट पर था। मैं शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट हूं। शिविर सही समय पर लगा था। बेलारूस में लगने वाले आगामी अनुकूलन सह-अभ्यास शिविर के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें फोकस तकनीकी पहलू पर रहेगा।
यह पूछने पर कि भारत का ध्वजवाहक बनकर उसे कैसा लग रहा है, सुशील ने कहा, मुझे खुशी है कि मुझे उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुशील ने कहा, इससे देश में खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी। पहली बार किसी पहलवान को राष्ट्रध्वज थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुझे फख्र महसूस हो रहा है।’ सुशील ने यह भी कहा कि ओलंपिक में जा रहे पांचों भारतीय पहलवानों में पदक जीतने का माद्दा है। उन्होंने कहा, ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पांचों भारतीय पहलवान पदक के दावेदार है। योगेश्वर बेहतरीन फॉर्म में हैं और मुझे उम्मीद है कि वह पदक जीतेगा। कठिन प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, जापान, रूस, अमेरिका, उक्रेन को हराना कठिन होगा।
यह पूछने पर कि भारत का ध्वजवाहक बनकर उसे कैसा लग रहा है, सुशील ने कहा, मुझे खुशी है कि मुझे उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुशील ने कहा, इससे देश में खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी। पहली बार किसी पहलवान को राष्ट्रध्वज थामने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुझे फख्र महसूस हो रहा है।’ सुशील ने यह भी कहा कि ओलंपिक में जा रहे पांचों भारतीय पहलवानों में पदक जीतने का माद्दा है। उन्होंने कहा, ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पांचों भारतीय पहलवान पदक के दावेदार है। योगेश्वर बेहतरीन फॉर्म में हैं और मुझे उम्मीद है कि वह पदक जीतेगा। कठिन प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, जापान, रूस, अमेरिका, उक्रेन को हराना कठिन होगा। | यह एक सारांश है: बीजिंग ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार लंदन में पदक जीतने के बारे में सोचकर परेशान नहीं हो रहे हालांकि उन्होंने पदक जीतने के लिए कोई कोर कसर नहीं रख छोड़ने का वादा किया। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना ने जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह पर हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने को लेकर उनकी ‘‘दुर्घटना’’ टिप्पणी के लिए यह कहते हुए निशाना साधा कि यह आतंकवादियों का ‘‘समर्थन’’ करने और सीमा पर शहीद होने वाले जवानों के ‘‘अपमान’’ के बराबर है।
भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने कहा कि यह टिप्पणी रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को मुश्किल स्थिति में डालेगी जिन्होंने हाल में कहा था कि देश के खिलाफ बोलने वालों को ‘‘एक सबक सिखाने’’ की जरूरत है।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में लिखा है, ‘‘पर्रिकर ने केवल लोगों की भावनाएं व्यक्त की थीं लेकिन वह कौन है जो हमारे जवानों को हतोत्साहित कर रहा है? यदि पाकिस्तान आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने पर दुख जताये तो समझा जा सकता है। लेकिन वह (जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री) महबूबा मुफ्ती थीं जिन्होंने सबसे पहले उसके मारे जाने पर आंसू बहाये थे और उसके बाद वह निर्मल सिंह हैं जिन्होंने कथित तौर पर उसे एक दुर्घटना करार दिया।’’
सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में वानी को मार गिराने पर बात करते हुए निर्मल सिंह ने 30 जुलाई को कहा था, ‘‘पुलिस और सुरक्षा बलों ने हमें (सरकार) बताया कि उन्हें नहीं पता कि आतंकवादी कौन है। वह एक दुर्घटना थी क्योंकि जब कोई अभियान संचालित किया जाता है, ऐहतियात बरते जाते हैं लेकिन हमें नहीं पता था कि वह इस तरह का होगा। यदि हमें पता होता तो इसकी तैयारियां की गई होतीं।’’
संपादकीय में लिखा है, ‘‘यह एक ओर आतंकवादियों का समर्थन करने और दूसरी ओर शहीद जवानों का अपमान करने के बराबर है। इससे पर्रिकर के लिए चुनौती खड़ी होगी जो देश के खिलाफ बोलने वालों को सबक सिखाने की बाते करते हैं।’’ इसमें लिखा है, ‘‘फिल्मी सितारों को सबक सिखाना आसान है जो कभी कभी बिना सोचे समझे बोलते हैं। लेकिन उनके बारे में क्या जो राष्ट्रवाद का मुखौटा पहनते हैं और ऐसे बयान देते हैं?’’टिप्पणियां
इसमें लिखा है कि यदि वानी का मारा जाना एक दुर्घटना है तो जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार भी एक दुर्घटना है। इसमें पूछा गया है, ‘‘आप क्या करेंगे यदि लोग अपना मन बना लें कि जम्मू कश्मीर में यह सरकार एक दुर्घटना है?’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने कहा कि यह टिप्पणी रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को मुश्किल स्थिति में डालेगी जिन्होंने हाल में कहा था कि देश के खिलाफ बोलने वालों को ‘‘एक सबक सिखाने’’ की जरूरत है।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में लिखा है, ‘‘पर्रिकर ने केवल लोगों की भावनाएं व्यक्त की थीं लेकिन वह कौन है जो हमारे जवानों को हतोत्साहित कर रहा है? यदि पाकिस्तान आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने पर दुख जताये तो समझा जा सकता है। लेकिन वह (जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री) महबूबा मुफ्ती थीं जिन्होंने सबसे पहले उसके मारे जाने पर आंसू बहाये थे और उसके बाद वह निर्मल सिंह हैं जिन्होंने कथित तौर पर उसे एक दुर्घटना करार दिया।’’
सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में वानी को मार गिराने पर बात करते हुए निर्मल सिंह ने 30 जुलाई को कहा था, ‘‘पुलिस और सुरक्षा बलों ने हमें (सरकार) बताया कि उन्हें नहीं पता कि आतंकवादी कौन है। वह एक दुर्घटना थी क्योंकि जब कोई अभियान संचालित किया जाता है, ऐहतियात बरते जाते हैं लेकिन हमें नहीं पता था कि वह इस तरह का होगा। यदि हमें पता होता तो इसकी तैयारियां की गई होतीं।’’
संपादकीय में लिखा है, ‘‘यह एक ओर आतंकवादियों का समर्थन करने और दूसरी ओर शहीद जवानों का अपमान करने के बराबर है। इससे पर्रिकर के लिए चुनौती खड़ी होगी जो देश के खिलाफ बोलने वालों को सबक सिखाने की बाते करते हैं।’’ इसमें लिखा है, ‘‘फिल्मी सितारों को सबक सिखाना आसान है जो कभी कभी बिना सोचे समझे बोलते हैं। लेकिन उनके बारे में क्या जो राष्ट्रवाद का मुखौटा पहनते हैं और ऐसे बयान देते हैं?’’टिप्पणियां
इसमें लिखा है कि यदि वानी का मारा जाना एक दुर्घटना है तो जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार भी एक दुर्घटना है। इसमें पूछा गया है, ‘‘आप क्या करेंगे यदि लोग अपना मन बना लें कि जम्मू कश्मीर में यह सरकार एक दुर्घटना है?’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में लिखा है, ‘‘पर्रिकर ने केवल लोगों की भावनाएं व्यक्त की थीं लेकिन वह कौन है जो हमारे जवानों को हतोत्साहित कर रहा है? यदि पाकिस्तान आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने पर दुख जताये तो समझा जा सकता है। लेकिन वह (जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री) महबूबा मुफ्ती थीं जिन्होंने सबसे पहले उसके मारे जाने पर आंसू बहाये थे और उसके बाद वह निर्मल सिंह हैं जिन्होंने कथित तौर पर उसे एक दुर्घटना करार दिया।’’
सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में वानी को मार गिराने पर बात करते हुए निर्मल सिंह ने 30 जुलाई को कहा था, ‘‘पुलिस और सुरक्षा बलों ने हमें (सरकार) बताया कि उन्हें नहीं पता कि आतंकवादी कौन है। वह एक दुर्घटना थी क्योंकि जब कोई अभियान संचालित किया जाता है, ऐहतियात बरते जाते हैं लेकिन हमें नहीं पता था कि वह इस तरह का होगा। यदि हमें पता होता तो इसकी तैयारियां की गई होतीं।’’
संपादकीय में लिखा है, ‘‘यह एक ओर आतंकवादियों का समर्थन करने और दूसरी ओर शहीद जवानों का अपमान करने के बराबर है। इससे पर्रिकर के लिए चुनौती खड़ी होगी जो देश के खिलाफ बोलने वालों को सबक सिखाने की बाते करते हैं।’’ इसमें लिखा है, ‘‘फिल्मी सितारों को सबक सिखाना आसान है जो कभी कभी बिना सोचे समझे बोलते हैं। लेकिन उनके बारे में क्या जो राष्ट्रवाद का मुखौटा पहनते हैं और ऐसे बयान देते हैं?’’टिप्पणियां
इसमें लिखा है कि यदि वानी का मारा जाना एक दुर्घटना है तो जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार भी एक दुर्घटना है। इसमें पूछा गया है, ‘‘आप क्या करेंगे यदि लोग अपना मन बना लें कि जम्मू कश्मीर में यह सरकार एक दुर्घटना है?’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में वानी को मार गिराने पर बात करते हुए निर्मल सिंह ने 30 जुलाई को कहा था, ‘‘पुलिस और सुरक्षा बलों ने हमें (सरकार) बताया कि उन्हें नहीं पता कि आतंकवादी कौन है। वह एक दुर्घटना थी क्योंकि जब कोई अभियान संचालित किया जाता है, ऐहतियात बरते जाते हैं लेकिन हमें नहीं पता था कि वह इस तरह का होगा। यदि हमें पता होता तो इसकी तैयारियां की गई होतीं।’’
संपादकीय में लिखा है, ‘‘यह एक ओर आतंकवादियों का समर्थन करने और दूसरी ओर शहीद जवानों का अपमान करने के बराबर है। इससे पर्रिकर के लिए चुनौती खड़ी होगी जो देश के खिलाफ बोलने वालों को सबक सिखाने की बाते करते हैं।’’ इसमें लिखा है, ‘‘फिल्मी सितारों को सबक सिखाना आसान है जो कभी कभी बिना सोचे समझे बोलते हैं। लेकिन उनके बारे में क्या जो राष्ट्रवाद का मुखौटा पहनते हैं और ऐसे बयान देते हैं?’’टिप्पणियां
इसमें लिखा है कि यदि वानी का मारा जाना एक दुर्घटना है तो जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार भी एक दुर्घटना है। इसमें पूछा गया है, ‘‘आप क्या करेंगे यदि लोग अपना मन बना लें कि जम्मू कश्मीर में यह सरकार एक दुर्घटना है?’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संपादकीय में लिखा है, ‘‘यह एक ओर आतंकवादियों का समर्थन करने और दूसरी ओर शहीद जवानों का अपमान करने के बराबर है। इससे पर्रिकर के लिए चुनौती खड़ी होगी जो देश के खिलाफ बोलने वालों को सबक सिखाने की बाते करते हैं।’’ इसमें लिखा है, ‘‘फिल्मी सितारों को सबक सिखाना आसान है जो कभी कभी बिना सोचे समझे बोलते हैं। लेकिन उनके बारे में क्या जो राष्ट्रवाद का मुखौटा पहनते हैं और ऐसे बयान देते हैं?’’टिप्पणियां
इसमें लिखा है कि यदि वानी का मारा जाना एक दुर्घटना है तो जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार भी एक दुर्घटना है। इसमें पूछा गया है, ‘‘आप क्या करेंगे यदि लोग अपना मन बना लें कि जम्मू कश्मीर में यह सरकार एक दुर्घटना है?’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसमें लिखा है कि यदि वानी का मारा जाना एक दुर्घटना है तो जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार भी एक दुर्घटना है। इसमें पूछा गया है, ‘‘आप क्या करेंगे यदि लोग अपना मन बना लें कि जम्मू कश्मीर में यह सरकार एक दुर्घटना है?’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:‘‘सुरक्षा बलों ने सरकार को बताया कि उन्हें नहीं पता कि आतंकवादी कौन है''
'यदि वानी का मारा जाना एक दुर्घटना है तो PDP-BJP सरकार भी एक दुर्घटना है
सामना में लिखा है, 'वह कौन है जो हमारे जवानों को हतोत्साहित कर रहा है?' | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) शेहला मसूद हत्याकांड में संभवत: विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर कर सकता है। मामले के प्रमुख आरोपियों- जाहिदा परवेज, सबा फारूकी, शाकिब अली (डेंजर), इरफान और ताबिश को विशेष सीबीआई न्यायाधीश शुब्रा सिंह के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है।टिप्पणियां
सीबीआई ने जाहिदा, शाकिब और सबा को कोह-ए-फिजा क्षेत्र स्थित टॉवर से फोन काल्स का ब्यौरा जुटाने के बाद गिरफ्तार किया था। इसी क्षेत्र में पिछले साल 16 अगस्त को शेहला मसूद की उसके घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में सीबीआई ने कानपुर से इरफान और ताबिश को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि जाहिदा ने बीजेपी विधायक ध्रुव नारायण सिंह से शेहला की बढ़ती नजदीकी से जलकर उसकी हत्या कराने की योजना बनाई।
सीबीआई ने ध्रुव से भी पूछताछ की थी और उन्हें पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए बुलाया था। केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार जाहिदा ने शेहला को ठिकाने लगाने का काम शाकिब के जरिए भाड़े के हत्यारों को सौंपा और हत्या के बाद हुए घटनाक्रम का ब्यौरा डायरी में भी दर्ज किया।
सीबीआई ने जाहिदा, शाकिब और सबा को कोह-ए-फिजा क्षेत्र स्थित टॉवर से फोन काल्स का ब्यौरा जुटाने के बाद गिरफ्तार किया था। इसी क्षेत्र में पिछले साल 16 अगस्त को शेहला मसूद की उसके घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में सीबीआई ने कानपुर से इरफान और ताबिश को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि जाहिदा ने बीजेपी विधायक ध्रुव नारायण सिंह से शेहला की बढ़ती नजदीकी से जलकर उसकी हत्या कराने की योजना बनाई।
सीबीआई ने ध्रुव से भी पूछताछ की थी और उन्हें पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए बुलाया था। केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार जाहिदा ने शेहला को ठिकाने लगाने का काम शाकिब के जरिए भाड़े के हत्यारों को सौंपा और हत्या के बाद हुए घटनाक्रम का ब्यौरा डायरी में भी दर्ज किया।
सीबीआई ने ध्रुव से भी पूछताछ की थी और उन्हें पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए बुलाया था। केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार जाहिदा ने शेहला को ठिकाने लगाने का काम शाकिब के जरिए भाड़े के हत्यारों को सौंपा और हत्या के बाद हुए घटनाक्रम का ब्यौरा डायरी में भी दर्ज किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिछले साल शेहला मसूद की उसके घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि जाहिदा ने बीजेपी विधायक ध्रुव नारायण सिंह से शेहला की बढ़ती नजदीकी से जलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उन्होंने कहा, ''अटॉर्नी जनरल द्वारा बिल क्लिंटन के साथ गुप्त बैठक किए जाने पर और हिलेरी के अभियान की ओर से लिंच के एटॉर्नी जनरल बने रहने की बात और कई दिन पहले ही आरोपों को तय न किए जाने की बात कही जाने को देखते हुए, बहुत से अमेरिकी लोगों को इस बात पर यकीन करने में मुश्किल हो रही होगी कि ओबामा के न्याय मंत्रालय ने निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच की है।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''जिन लोगों ने गोपनीय जानकारी का कुप्रबंधन किया है, उन्हें अपनी नौकरियां छोड़नी पड़ीं, जुर्माने भरने पड़े और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। फिर भी हिलेरी क्लिंटन को कुछ अलग ही नियमों के तहत चलने दिया जा रहा है।'' एफबीआई को लिखे पत्र में, सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष चक ग्रासले ने एफबीआई के फैसले पर और अधिक जानकारी मांगी।
एक अन्य बयान में सीनेटर टिम स्कॉट ने कहा कि एफबीआई के निष्कर्ष इस बात को स्पष्ट करते हैं कि हिलेरी ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और गोपनीय जानकारी को जोखिम में डाला और उनका ईमेल संभवत: विदेशी संचालकों ने हैक भी किया था।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''हमने ऐसे कई लोगों के उदाहरण देखे हैं, जिन्होंने गोपनीय जानकारी को जोखिम में डाला है और उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं हुआ। यह दिखाता है कि यदि आपका अंतिम नाम क्लिंटन है तो आपके लिए अलग नियम हैं। अमेरिका इसका समर्थन नहीं करता।''(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने आरोप लगाया, ''जिन लोगों ने गोपनीय जानकारी का कुप्रबंधन किया है, उन्हें अपनी नौकरियां छोड़नी पड़ीं, जुर्माने भरने पड़े और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। फिर भी हिलेरी क्लिंटन को कुछ अलग ही नियमों के तहत चलने दिया जा रहा है।'' एफबीआई को लिखे पत्र में, सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष चक ग्रासले ने एफबीआई के फैसले पर और अधिक जानकारी मांगी।
एक अन्य बयान में सीनेटर टिम स्कॉट ने कहा कि एफबीआई के निष्कर्ष इस बात को स्पष्ट करते हैं कि हिलेरी ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और गोपनीय जानकारी को जोखिम में डाला और उनका ईमेल संभवत: विदेशी संचालकों ने हैक भी किया था।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''हमने ऐसे कई लोगों के उदाहरण देखे हैं, जिन्होंने गोपनीय जानकारी को जोखिम में डाला है और उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं हुआ। यह दिखाता है कि यदि आपका अंतिम नाम क्लिंटन है तो आपके लिए अलग नियम हैं। अमेरिका इसका समर्थन नहीं करता।''(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक अन्य बयान में सीनेटर टिम स्कॉट ने कहा कि एफबीआई के निष्कर्ष इस बात को स्पष्ट करते हैं कि हिलेरी ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और गोपनीय जानकारी को जोखिम में डाला और उनका ईमेल संभवत: विदेशी संचालकों ने हैक भी किया था।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''हमने ऐसे कई लोगों के उदाहरण देखे हैं, जिन्होंने गोपनीय जानकारी को जोखिम में डाला है और उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं हुआ। यह दिखाता है कि यदि आपका अंतिम नाम क्लिंटन है तो आपके लिए अलग नियम हैं। अमेरिका इसका समर्थन नहीं करता।''(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ''हमने ऐसे कई लोगों के उदाहरण देखे हैं, जिन्होंने गोपनीय जानकारी को जोखिम में डाला है और उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं हुआ। यह दिखाता है कि यदि आपका अंतिम नाम क्लिंटन है तो आपके लिए अलग नियम हैं। अमेरिका इसका समर्थन नहीं करता।''(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: क्लिंटन के प्रचार अभियान को मिली बड़ी राहत
मामले में संघीय जांच ब्यूरो की सिफारिश को किया गया स्वीकार
मामले को कानूनी रूप से बंद किया गया | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरेराह चलती बस में एक लड़की से गैंगरेप करने के बाद उसकी बेरहमी से पिटाई किए जाने को लेकर देशभर में फैले आक्रोश के बीच गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने संसद को बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं।
गृहमंत्री ने मंगलवार को यह भी जानकारी दी कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा का आकलन करने के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता गृहसचिव करेंगे। समिति यह तय करेगी कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहां-कहां क्या-क्या बदलाव किए जाने ज़रूरी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं द्वारा रात में अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों की पहचान की जा रही है, और उन पर पुलिस वैन और मोटरसाइकिलों पर गश्त करती रहेगी। इसके अलावा कॉलसेंटरों को भी आदेश दिया गया है कि रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को गाड़ी से घर के दरवाज़े तक ही छुड़वाया जाए।
शिंदे ने संसद को यह भी बताया कि रविवार रात के इस मामले की सुनवाई रोज कराए जाने के लिए भी एक प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि न्याय जल्द कराया जा सके। टिप्पणियां
दरअसल, संसद में मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि वह दिल्ली में महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठा रही है। विपक्ष की नेता बीजेपी की सुषमा स्वराज ने कहा कि रविवार रात के इस जघन्य कांड ने साबित कर दिया है कि रेप, यानि बलात्कार, के दोषियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।
वैसे, इस मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके कहा कि मामले फरार दो अपराधियों की तलाश लगातार जारी है। उधर, सामूहिक बलात्कार की शिकार मेडिकल छात्रा हॉस्पिटल में होश में आ चुकी है, और उसने लिख-लिखकर डॉक्टरों से बात भी की है, लेकिन उसकी हालत अब भी बेहद गंभीर है। डॉक्टरों के मुताबिक लड़की के आंतरिक अंगों और पेट में काफी गंभीर चोटें आई हैं और अगले 24 घंटे उसके लिए खतरनाक है।
गृहमंत्री ने मंगलवार को यह भी जानकारी दी कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा का आकलन करने के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता गृहसचिव करेंगे। समिति यह तय करेगी कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहां-कहां क्या-क्या बदलाव किए जाने ज़रूरी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं द्वारा रात में अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों की पहचान की जा रही है, और उन पर पुलिस वैन और मोटरसाइकिलों पर गश्त करती रहेगी। इसके अलावा कॉलसेंटरों को भी आदेश दिया गया है कि रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को गाड़ी से घर के दरवाज़े तक ही छुड़वाया जाए।
शिंदे ने संसद को यह भी बताया कि रविवार रात के इस मामले की सुनवाई रोज कराए जाने के लिए भी एक प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि न्याय जल्द कराया जा सके। टिप्पणियां
दरअसल, संसद में मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि वह दिल्ली में महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठा रही है। विपक्ष की नेता बीजेपी की सुषमा स्वराज ने कहा कि रविवार रात के इस जघन्य कांड ने साबित कर दिया है कि रेप, यानि बलात्कार, के दोषियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।
वैसे, इस मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके कहा कि मामले फरार दो अपराधियों की तलाश लगातार जारी है। उधर, सामूहिक बलात्कार की शिकार मेडिकल छात्रा हॉस्पिटल में होश में आ चुकी है, और उसने लिख-लिखकर डॉक्टरों से बात भी की है, लेकिन उसकी हालत अब भी बेहद गंभीर है। डॉक्टरों के मुताबिक लड़की के आंतरिक अंगों और पेट में काफी गंभीर चोटें आई हैं और अगले 24 घंटे उसके लिए खतरनाक है।
उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं द्वारा रात में अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों की पहचान की जा रही है, और उन पर पुलिस वैन और मोटरसाइकिलों पर गश्त करती रहेगी। इसके अलावा कॉलसेंटरों को भी आदेश दिया गया है कि रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को गाड़ी से घर के दरवाज़े तक ही छुड़वाया जाए।
शिंदे ने संसद को यह भी बताया कि रविवार रात के इस मामले की सुनवाई रोज कराए जाने के लिए भी एक प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि न्याय जल्द कराया जा सके। टिप्पणियां
दरअसल, संसद में मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि वह दिल्ली में महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठा रही है। विपक्ष की नेता बीजेपी की सुषमा स्वराज ने कहा कि रविवार रात के इस जघन्य कांड ने साबित कर दिया है कि रेप, यानि बलात्कार, के दोषियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।
वैसे, इस मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके कहा कि मामले फरार दो अपराधियों की तलाश लगातार जारी है। उधर, सामूहिक बलात्कार की शिकार मेडिकल छात्रा हॉस्पिटल में होश में आ चुकी है, और उसने लिख-लिखकर डॉक्टरों से बात भी की है, लेकिन उसकी हालत अब भी बेहद गंभीर है। डॉक्टरों के मुताबिक लड़की के आंतरिक अंगों और पेट में काफी गंभीर चोटें आई हैं और अगले 24 घंटे उसके लिए खतरनाक है।
शिंदे ने संसद को यह भी बताया कि रविवार रात के इस मामले की सुनवाई रोज कराए जाने के लिए भी एक प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि न्याय जल्द कराया जा सके। टिप्पणियां
दरअसल, संसद में मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि वह दिल्ली में महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठा रही है। विपक्ष की नेता बीजेपी की सुषमा स्वराज ने कहा कि रविवार रात के इस जघन्य कांड ने साबित कर दिया है कि रेप, यानि बलात्कार, के दोषियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।
वैसे, इस मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके कहा कि मामले फरार दो अपराधियों की तलाश लगातार जारी है। उधर, सामूहिक बलात्कार की शिकार मेडिकल छात्रा हॉस्पिटल में होश में आ चुकी है, और उसने लिख-लिखकर डॉक्टरों से बात भी की है, लेकिन उसकी हालत अब भी बेहद गंभीर है। डॉक्टरों के मुताबिक लड़की के आंतरिक अंगों और पेट में काफी गंभीर चोटें आई हैं और अगले 24 घंटे उसके लिए खतरनाक है।
दरअसल, संसद में मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि वह दिल्ली में महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठा रही है। विपक्ष की नेता बीजेपी की सुषमा स्वराज ने कहा कि रविवार रात के इस जघन्य कांड ने साबित कर दिया है कि रेप, यानि बलात्कार, के दोषियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।
वैसे, इस मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके कहा कि मामले फरार दो अपराधियों की तलाश लगातार जारी है। उधर, सामूहिक बलात्कार की शिकार मेडिकल छात्रा हॉस्पिटल में होश में आ चुकी है, और उसने लिख-लिखकर डॉक्टरों से बात भी की है, लेकिन उसकी हालत अब भी बेहद गंभीर है। डॉक्टरों के मुताबिक लड़की के आंतरिक अंगों और पेट में काफी गंभीर चोटें आई हैं और अगले 24 घंटे उसके लिए खतरनाक है।
वैसे, इस मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके कहा कि मामले फरार दो अपराधियों की तलाश लगातार जारी है। उधर, सामूहिक बलात्कार की शिकार मेडिकल छात्रा हॉस्पिटल में होश में आ चुकी है, और उसने लिख-लिखकर डॉक्टरों से बात भी की है, लेकिन उसकी हालत अब भी बेहद गंभीर है। डॉक्टरों के मुताबिक लड़की के आंतरिक अंगों और पेट में काफी गंभीर चोटें आई हैं और अगले 24 घंटे उसके लिए खतरनाक है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शिंदे ने संसद को यह भी बताया कि रविवार रात के इस मामले की सुनवाई रोज कराए जाने के लिए भी एक प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि न्याय जल्द कराया जा सके। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सेंसेक्स शनिवार को 90 मिनट के विशेष कारोबारी सत्र में 53 अंक चढ़ा। इस दौरान निवेशकों ने बैंकिंग और रीयल्टी शेयरों में ज्यादा खरीदारी की। 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक आंशिक रूप से चढ़कर 17,212.36 और 17,125.88 के बीच कारोबार करता रहा। बाद में यह 53.09 अंक या 0.31 फीसदी चढ़कर 17,187.34 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों वाले सूचकांक में भी 18.40 अंक या 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 5,209 पर बंद हुआ। प्रणाली उन्नयन के कारण एनएसई और बीएसई दोनों में सुबह 11 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) खंड में विशेष कारोबार हुआ। सभी खंडों के सूचकांकों में बढ़ोतरी हुई और इनमें करीब 1.32 फीसदी की बढ़त हुई।
सबसे अधिक बढ़त बजाज ऑटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजुकी, भेल, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, इन्फोसिस और एनटीपीसी के शेयरों में हुई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों वाले सूचकांक में भी 18.40 अंक या 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 5,209 पर बंद हुआ। प्रणाली उन्नयन के कारण एनएसई और बीएसई दोनों में सुबह 11 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) खंड में विशेष कारोबार हुआ। सभी खंडों के सूचकांकों में बढ़ोतरी हुई और इनमें करीब 1.32 फीसदी की बढ़त हुई।
सबसे अधिक बढ़त बजाज ऑटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजुकी, भेल, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, इन्फोसिस और एनटीपीसी के शेयरों में हुई।
सबसे अधिक बढ़त बजाज ऑटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजुकी, भेल, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, इन्फोसिस और एनटीपीसी के शेयरों में हुई। | यह एक सारांश है: बंबई स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सेंसेक्स शनिवार को 90 मिनट के विशेष कारोबारी सत्र में 53 अंक चढ़ा। इस दौरान निवेशकों ने बैंकिंग और रीयल्टी शेयरों में ज्यादा खरीदारी की। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इस्लामाबाद और नई दिल्ली में बेहतर होते सम्बंधों के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी आठ अप्रैल को भारत पहुंच रहे हैं। वह अजमेर में सूफी संत हजरत गरीब नवाज दरगाह पर सजदा करने के लिए आ रहे हैं। उनकी यात्रा हालांकि निजी व एकदिवसीय है, लेकिन इस दौरान वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अनौपचारिक मुलाकात भी करेंगे।
उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने चीन में एक कार्यक्रम में कहा कि उनका देश भारत के साथ सम्बंध सुधारने में जुटा हुआ है।
इस्लामाबाद में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने कहा कि जरदारी अजमेर शरीफ में सूफी संत हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर सजदा के लिए एक निजी यात्रा पर वहां जाएंगे।
बाबर के अनुसार, "राष्ट्रपति ने दिल्ली के रास्ते अजमेर जाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दोपहर के भोजन के निमंत्रण को भी स्वीकार कर लिया।"
पिछले सात साल में पाकिस्तान का कोई राष्ट्रपति पहली बार भारत आ रहा है। इससे पहले वर्ष 2005 में परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में यहां आए थे।
उधर, चीन में आयोजित 'बोआओ फोरम फॉर एशिया' को सम्बोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा कि उनका देश भारत सहित अन्य देशों के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सम्बंध सुधारने में जुटा हुआ है।टिप्पणियां
एशियाई देशों के बीच सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक, ऊर्जा, सांस्कृतिक, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाकर इसे और अधिक गहरा बनाया जा सकता है।
चीन में हेनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गिलानी के अलावा, इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री करीम मसिमोव, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जावाद मोहम्मदीजादेह, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री किट्टिरट ना-रानोंग और वियतनाम के उपप्रधानमंत्री होआंग त्रुंग हिस्सा ले रहे हैं।
उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने चीन में एक कार्यक्रम में कहा कि उनका देश भारत के साथ सम्बंध सुधारने में जुटा हुआ है।
इस्लामाबाद में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने कहा कि जरदारी अजमेर शरीफ में सूफी संत हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर सजदा के लिए एक निजी यात्रा पर वहां जाएंगे।
बाबर के अनुसार, "राष्ट्रपति ने दिल्ली के रास्ते अजमेर जाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दोपहर के भोजन के निमंत्रण को भी स्वीकार कर लिया।"
पिछले सात साल में पाकिस्तान का कोई राष्ट्रपति पहली बार भारत आ रहा है। इससे पहले वर्ष 2005 में परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में यहां आए थे।
उधर, चीन में आयोजित 'बोआओ फोरम फॉर एशिया' को सम्बोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा कि उनका देश भारत सहित अन्य देशों के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सम्बंध सुधारने में जुटा हुआ है।टिप्पणियां
एशियाई देशों के बीच सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक, ऊर्जा, सांस्कृतिक, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाकर इसे और अधिक गहरा बनाया जा सकता है।
चीन में हेनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गिलानी के अलावा, इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री करीम मसिमोव, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जावाद मोहम्मदीजादेह, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री किट्टिरट ना-रानोंग और वियतनाम के उपप्रधानमंत्री होआंग त्रुंग हिस्सा ले रहे हैं।
इस्लामाबाद में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने कहा कि जरदारी अजमेर शरीफ में सूफी संत हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर सजदा के लिए एक निजी यात्रा पर वहां जाएंगे।
बाबर के अनुसार, "राष्ट्रपति ने दिल्ली के रास्ते अजमेर जाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दोपहर के भोजन के निमंत्रण को भी स्वीकार कर लिया।"
पिछले सात साल में पाकिस्तान का कोई राष्ट्रपति पहली बार भारत आ रहा है। इससे पहले वर्ष 2005 में परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में यहां आए थे।
उधर, चीन में आयोजित 'बोआओ फोरम फॉर एशिया' को सम्बोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा कि उनका देश भारत सहित अन्य देशों के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सम्बंध सुधारने में जुटा हुआ है।टिप्पणियां
एशियाई देशों के बीच सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक, ऊर्जा, सांस्कृतिक, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाकर इसे और अधिक गहरा बनाया जा सकता है।
चीन में हेनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गिलानी के अलावा, इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री करीम मसिमोव, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जावाद मोहम्मदीजादेह, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री किट्टिरट ना-रानोंग और वियतनाम के उपप्रधानमंत्री होआंग त्रुंग हिस्सा ले रहे हैं।
बाबर के अनुसार, "राष्ट्रपति ने दिल्ली के रास्ते अजमेर जाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दोपहर के भोजन के निमंत्रण को भी स्वीकार कर लिया।"
पिछले सात साल में पाकिस्तान का कोई राष्ट्रपति पहली बार भारत आ रहा है। इससे पहले वर्ष 2005 में परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में यहां आए थे।
उधर, चीन में आयोजित 'बोआओ फोरम फॉर एशिया' को सम्बोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा कि उनका देश भारत सहित अन्य देशों के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सम्बंध सुधारने में जुटा हुआ है।टिप्पणियां
एशियाई देशों के बीच सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक, ऊर्जा, सांस्कृतिक, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाकर इसे और अधिक गहरा बनाया जा सकता है।
चीन में हेनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गिलानी के अलावा, इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री करीम मसिमोव, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जावाद मोहम्मदीजादेह, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री किट्टिरट ना-रानोंग और वियतनाम के उपप्रधानमंत्री होआंग त्रुंग हिस्सा ले रहे हैं।
पिछले सात साल में पाकिस्तान का कोई राष्ट्रपति पहली बार भारत आ रहा है। इससे पहले वर्ष 2005 में परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में यहां आए थे।
उधर, चीन में आयोजित 'बोआओ फोरम फॉर एशिया' को सम्बोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा कि उनका देश भारत सहित अन्य देशों के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सम्बंध सुधारने में जुटा हुआ है।टिप्पणियां
एशियाई देशों के बीच सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक, ऊर्जा, सांस्कृतिक, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाकर इसे और अधिक गहरा बनाया जा सकता है।
चीन में हेनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गिलानी के अलावा, इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री करीम मसिमोव, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जावाद मोहम्मदीजादेह, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री किट्टिरट ना-रानोंग और वियतनाम के उपप्रधानमंत्री होआंग त्रुंग हिस्सा ले रहे हैं।
उधर, चीन में आयोजित 'बोआओ फोरम फॉर एशिया' को सम्बोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा कि उनका देश भारत सहित अन्य देशों के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सम्बंध सुधारने में जुटा हुआ है।टिप्पणियां
एशियाई देशों के बीच सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक, ऊर्जा, सांस्कृतिक, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाकर इसे और अधिक गहरा बनाया जा सकता है।
चीन में हेनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गिलानी के अलावा, इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री करीम मसिमोव, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जावाद मोहम्मदीजादेह, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री किट्टिरट ना-रानोंग और वियतनाम के उपप्रधानमंत्री होआंग त्रुंग हिस्सा ले रहे हैं।
एशियाई देशों के बीच सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक, ऊर्जा, सांस्कृतिक, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाकर इसे और अधिक गहरा बनाया जा सकता है।
चीन में हेनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गिलानी के अलावा, इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री करीम मसिमोव, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जावाद मोहम्मदीजादेह, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री किट्टिरट ना-रानोंग और वियतनाम के उपप्रधानमंत्री होआंग त्रुंग हिस्सा ले रहे हैं।
चीन में हेनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गिलानी के अलावा, इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री करीम मसिमोव, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जावाद मोहम्मदीजादेह, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री किट्टिरट ना-रानोंग और वियतनाम के उपप्रधानमंत्री होआंग त्रुंग हिस्सा ले रहे हैं। | सारांश: इस्लामाबाद और नई दिल्ली में बेहतर होते सम्बंधों के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी आठ अप्रैल को भारत पहुंच रहे हैं। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नए सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह ने कहा है कि जो हो गया सो गया अब आगे की सोचने का वक्त है। पुरानी बातों को भूलकर सेना आगे काम करेगी।
गौरतलब है कि जनरल बिक्रम सिंह ने गुरुवार को 25वें सैन्य प्रमुख के रूप में अपना पदभार संभाल लिया। जनरल बिक्रम सिंह ने जनरल वीके सिंह का स्थान लिया, जिनका सैन्य प्रमुख के रूप में 26 माह का कार्यकाल विवादों से भरा रहा।
सेनाध्यक्ष के रूप में 59 वर्षीय जनरल बिक्रम सिंह का कार्यकाल दो वर्ष और तीन महीने के लिए होगा। सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति से पहले जनरल बिक्रम सिंह कोलकाता आधारित सेना की पूर्वी कमान की कमान संभाल रहे थे।टिप्पणियां
जनरल बिक्रम सिंह ने आतंकवाद निरोधक अभियान वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसमें श्रीनगर स्थित 15 कोर के कोर कमांडर और अखनूर स्थित 10वीं डिविजन का मेजर जनरल पद शामिल है। अधिकारी अपने मित्रों के बीच ‘बिक्की’ नाम से मशहूर हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से निकलने के बाद सिख लाइट इंफेंट्री रेजीमेंट में 31 मार्च, 1972 को कमीशन प्राप्त किया।
आईएमए में उन्हें ‘रणनीति एवं नेतृत्व’ के लिए जम्मू-कश्मीर राइफल्स स्वर्ण पदक एवं श्रीगणेश ट्राफी प्रदान की गई। इंफेंट्री स्कूल में युवा अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ‘कमांडो डैगर‘ और ‘बेस्ट इन टैकटिक्स’ ट्रॉफी भी प्रदान की गई।
गौरतलब है कि जनरल बिक्रम सिंह ने गुरुवार को 25वें सैन्य प्रमुख के रूप में अपना पदभार संभाल लिया। जनरल बिक्रम सिंह ने जनरल वीके सिंह का स्थान लिया, जिनका सैन्य प्रमुख के रूप में 26 माह का कार्यकाल विवादों से भरा रहा।
सेनाध्यक्ष के रूप में 59 वर्षीय जनरल बिक्रम सिंह का कार्यकाल दो वर्ष और तीन महीने के लिए होगा। सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति से पहले जनरल बिक्रम सिंह कोलकाता आधारित सेना की पूर्वी कमान की कमान संभाल रहे थे।टिप्पणियां
जनरल बिक्रम सिंह ने आतंकवाद निरोधक अभियान वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसमें श्रीनगर स्थित 15 कोर के कोर कमांडर और अखनूर स्थित 10वीं डिविजन का मेजर जनरल पद शामिल है। अधिकारी अपने मित्रों के बीच ‘बिक्की’ नाम से मशहूर हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से निकलने के बाद सिख लाइट इंफेंट्री रेजीमेंट में 31 मार्च, 1972 को कमीशन प्राप्त किया।
आईएमए में उन्हें ‘रणनीति एवं नेतृत्व’ के लिए जम्मू-कश्मीर राइफल्स स्वर्ण पदक एवं श्रीगणेश ट्राफी प्रदान की गई। इंफेंट्री स्कूल में युवा अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ‘कमांडो डैगर‘ और ‘बेस्ट इन टैकटिक्स’ ट्रॉफी भी प्रदान की गई।
सेनाध्यक्ष के रूप में 59 वर्षीय जनरल बिक्रम सिंह का कार्यकाल दो वर्ष और तीन महीने के लिए होगा। सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति से पहले जनरल बिक्रम सिंह कोलकाता आधारित सेना की पूर्वी कमान की कमान संभाल रहे थे।टिप्पणियां
जनरल बिक्रम सिंह ने आतंकवाद निरोधक अभियान वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसमें श्रीनगर स्थित 15 कोर के कोर कमांडर और अखनूर स्थित 10वीं डिविजन का मेजर जनरल पद शामिल है। अधिकारी अपने मित्रों के बीच ‘बिक्की’ नाम से मशहूर हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से निकलने के बाद सिख लाइट इंफेंट्री रेजीमेंट में 31 मार्च, 1972 को कमीशन प्राप्त किया।
आईएमए में उन्हें ‘रणनीति एवं नेतृत्व’ के लिए जम्मू-कश्मीर राइफल्स स्वर्ण पदक एवं श्रीगणेश ट्राफी प्रदान की गई। इंफेंट्री स्कूल में युवा अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ‘कमांडो डैगर‘ और ‘बेस्ट इन टैकटिक्स’ ट्रॉफी भी प्रदान की गई।
जनरल बिक्रम सिंह ने आतंकवाद निरोधक अभियान वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसमें श्रीनगर स्थित 15 कोर के कोर कमांडर और अखनूर स्थित 10वीं डिविजन का मेजर जनरल पद शामिल है। अधिकारी अपने मित्रों के बीच ‘बिक्की’ नाम से मशहूर हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से निकलने के बाद सिख लाइट इंफेंट्री रेजीमेंट में 31 मार्च, 1972 को कमीशन प्राप्त किया।
आईएमए में उन्हें ‘रणनीति एवं नेतृत्व’ के लिए जम्मू-कश्मीर राइफल्स स्वर्ण पदक एवं श्रीगणेश ट्राफी प्रदान की गई। इंफेंट्री स्कूल में युवा अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ‘कमांडो डैगर‘ और ‘बेस्ट इन टैकटिक्स’ ट्रॉफी भी प्रदान की गई।
आईएमए में उन्हें ‘रणनीति एवं नेतृत्व’ के लिए जम्मू-कश्मीर राइफल्स स्वर्ण पदक एवं श्रीगणेश ट्राफी प्रदान की गई। इंफेंट्री स्कूल में युवा अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ‘कमांडो डैगर‘ और ‘बेस्ट इन टैकटिक्स’ ट्रॉफी भी प्रदान की गई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेनाध्यक्ष के रूप में 59 वर्षीय जनरल बिक्रम सिंह का कार्यकाल दो वर्ष और तीन महीने के लिए होगा। सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति से पहले वह कोलकाता आधारित सेना की पूर्वी कमान की कमान संभाल रहे थे। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पीएम मोदी की तारीफ करने पर कांग्रेस पार्टी ने केरल से अपने सांसद और नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) से जवाब मांगने का फैसला किया है. बीते हफ्ते शशि थरूर, कांग्रेस नेता और अपने सहयोगी जयराम रमेश के बयान के समर्थन में आए थे. जयराम रमेश ने कहा था, 'पीएम मोदी के शासन का मॉडल 'पूरी तरह नकारात्मक गाथा' नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करना और हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कुछ हासिल नहीं होने वाला है. रमेश ने कहा था कि यह वक्त है कि हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझें, जिसके कारण वह सत्ता में लौटे. इसी के कारण 30 प्रतिशत मतदाताओं ने उनकी सत्ता वापसी करवाई. लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को 37.4 प्रतिशत वोट मिले जबकि सत्तारूढ़ राजग को कुल मिलाकर 45 प्रतिशत वोट हासिल हुए.
इसके बाद शशि थरूर (Shashi Tharoor) का बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था, 'मैं छह साल से दलील दे रहा हूं कि यदि नरेंद्र मोदी कोई सही काम करते हैं या सही बात कहते हैं तब उनकी सराहना की जानी चाहिए. ताकि जब वह कुछ गलत करें, और हम उनकी आलोचना करें तब उसकी विश्वसनीयता रहे. मैं विपक्ष के अन्य लोगों की इस राय पर सहमति के लिए स्वागत करता हूं, जिसके लिए मेरी उस समय आलोचना की गई थी.'
हालांकि अब केरल में कांग्रेस के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा था कि कांग्रेस शशि थरूर के इस बयान को स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कहा, 'हमने फैसला किया है कि हमने शशि थरूर से जवाब मांगने का फैसला किया है. उनके जवाब के बाद कार्रवाई की जाएगी. किसी को भी कांग्रेस के आधार पर पीएम मोदी की तारीफ नहीं करनी चाहिए.पार्टी इसे स्वीकार नहीं करेगी.'
केरल में कांग्रेस के एक और सांसद के मुरलीधरन ने शशि थरूर के बयान पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा, 'केरल में पार्टी उनसे(शशि थरूर) बहुत असंतुष्ट है. बीजेपी अल्पसंख्यकों के खिलाफ है. थरूर बार-बार चुनाव इसलिए जीते हैं क्योंकि उन्हें हर वर्ग के लोगों ने समर्थन दिया है.' | संक्षिप्त पाठ: पीएम मोदी की तारीफ करके फंसे कांग्रेस सांसद शशि थरूर
केरल कांग्रेस अध्यक्ष ने शशि थरूर के बयान पर जताई नाराजगी
कहा- कांग्रेस शशि थरूर के इस बयान को स्वीकार नहीं करेगी | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुलिस द्वारा गांधीवादी अन्ना हजारे को रामलीला मैदान से अस्पताल ले जाने की अटकलों को अफवाहें करार देते हुए हजारे पक्ष के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने बुधवार की शाम कहा कि हजारे की मंजूरी के बिना उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जनलोकपाल विधेयक कल संसद में पेश कर दे तो हजारे अनशन तोड़ देंगे और अगर हजारे को कुछ हो जाता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की अफवाहें चल रही हैं कि पुलिस अन्ना हजारे को रामलीला मैदान से अस्पताल ले जाएगी लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात की गई है, उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे अन्ना की मंजूरी के बिना उन्हें छूएंगे भी नहीं। डाक्टर नरेश त्रेहन ने अन्ना की मेडिकल जांच के बाद रात नौ बजे बताया कि उनके रक्त जांच के परिणाम तथा रक्तचाप और धड़कनें स्थिर हुई हैं और कल से बेहतर हैं। डाक्टर ने कहा कि हजारे के स्वास्थ्य पर पूरी निगरानी रखी जाएगी और रात में भी एक बार मेडिकल जांच के बाद जानकारी दी जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार के दो मंत्री कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम लोकायुक्तों के गठन के विरोध में हैं, सरकार ने हमें रात को साढे आठ बजे वार्ता के लिए बुलाया है। उधर, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कहा कि अगर सरकार अनशन के पहले ही दिन बातचीत के लिए सही नुमाइंदे तय कर देती, तो अब तक बातचीत किसी नतीजे तक पहुंच जाती। उन्होंने कहा कि सरकार हजारे के सत्याग्रह को हठ कह रही है, सरकार के मंत्रियों का कहना है कि सभी राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति करने का कानून संसद में पारित करना अनुचित होगा लेकिन उनकी यह बात गलत है। अन्ना अपने अनशन के नौवें दिन शाम को पांच बजे मंच पर एक बार फिर आए और उन्होंने उपस्थित जनसमूह से कहा, डाक्टरों ने कहा है कि मेरी तबीयत ठीक है और आप लोगों की उर्जा, भगवान का आशीर्वाद और डाक्टरों के प्रयासों से मुझे कुछ नहीं होगा। उन्होंने भावुक अंदाज में यह भी कहा, शरीर है उसकी कोई गारंटी नहीं होती, देश की भलाई के लिए मृत्यु भी आ गई तो मेरा सौभाग्य होगा। इससे पहले अन्ना ने कहा, मेरे अनशन को नौ दिन हो गये हैं और अभी नौ और दिन मुझे कुछ नहीं होगा। पांच बजे के बाद अन्ना काफी देर तक मंच पर बैठे रहे। अन्ना के आंदोलन को समर्थन जताने राजधानी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्र रात में मशाल जुलूस के साथ रामलीला मैदान में पहुंचे। इस आंदोलन को समर्थन देने नोएडा के भट्टा पारसौल गांव से सैकड़ों किसान और मध्य प्रदेश से आदिवासी भी आए और उन्होंने अपना पारंपरिक नृत्य भी किया। इसके अलावा लेखक शिव खेड़ा और हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव भी अन्ना के मंच पर पहुंचे। अन्ना के समर्थन जताने वाले संगठनों में नेशनल हाकर्स एसोसिएशन के अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस एसोसिएशन के प्रतिनिधि के रूप में सुबोध यादव में समर्थन जताया। | यह एक सारांश है: अरविंद ने कहा कि अगर हजारे को कुछ हो जाता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। डॉ त्रेहन ने बताया कि अन्ना हजारे कल से बेहतर हैं। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आगामी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी आज अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकती है. दिल्ली में पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में देर रात चली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं. आज उनका एेलान हो सकता है.टिप्पणियां
बैठक में यूपी बीजेपी के कई बड़े नेता भी मौजूद थे. कल भी केंद्रीय चुनाव समिति की एक बैठक होनी है, जिसमें बची हुई सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा होगी.
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और शीर्ष नेताओं के बीच हुई चर्चा के बाद बीजेपी में उम्मीदवारों के नामों पर आम सहमति बन पाई. रविवार देर रात हुई बैठक के बाद बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है. अब पार्टी आज सुबह 11 बजे अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है. कल हुई बैठक में पीएम मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेता मौज़ूद थे.
बैठक में यूपी बीजेपी के कई बड़े नेता भी मौजूद थे. कल भी केंद्रीय चुनाव समिति की एक बैठक होनी है, जिसमें बची हुई सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा होगी.
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और शीर्ष नेताओं के बीच हुई चर्चा के बाद बीजेपी में उम्मीदवारों के नामों पर आम सहमति बन पाई. रविवार देर रात हुई बैठक के बाद बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है. अब पार्टी आज सुबह 11 बजे अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है. कल हुई बैठक में पीएम मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेता मौज़ूद थे.
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और शीर्ष नेताओं के बीच हुई चर्चा के बाद बीजेपी में उम्मीदवारों के नामों पर आम सहमति बन पाई. रविवार देर रात हुई बैठक के बाद बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है. अब पार्टी आज सुबह 11 बजे अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है. कल हुई बैठक में पीएम मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेता मौज़ूद थे. | सारांश: रविवार देर रात तक चली बैठक, पीएम, शाह भी मौजूद थे.
बैठक में यूपी बीजेपी के भी कई नेता मौजूद थे.
कल भी बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक. | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक अदालत ने शुक्रवार को बहुचर्चित भविष्य निधि (पीएफ) घोटाले की सुनवाई को 14 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। गाजियाबाद अदालत के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई थी। न्यायधीश एके सिंह ने रविदास जयंती के मौके पर गाजियाबाद बार एसोसिएशन की ओर से बंद के आह्वान की वजह से मामले की सुनवाई 14 मार्च तक लिए स्थगित कर दी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001 से 2007 के बीच गाजियाबाद जिला अदालत के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों से गलत तरीके से 6.58 करोड़ रुपये की निकासी की गई थी। इस घोटाले का खुलासा उस समय हुआ था, जब सीबीआई अदालत की विशेष न्यायाधीश रमा जैन ने 15 फरवरी 2008 को कवि नगर पुलिस थाने में 70 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया था। मुकदमे में हालांकि किसी न्यायाधीश का नाम शामिल नहीं था। मामले के मुख्य आरोपी आशुतोष अस्थाना की 18 नवम्बर, 2009 को डासना जेल में रहस्यमय परिस्थतियों में मौत हो गई थी। अस्थाना ने सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय और जिला अदालतों के 36 न्यायधीशों को मामले में आरोपी बताया था। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इनमें से केवल छह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी, जो कि अब सेवानिवृत हो चुके हैं। | यह एक सारांश है: सीबीआई की एक अदालत ने शुक्रवार को बहुचर्चित भविष्य निधि घोटाले की सुनवाई को 14 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को लोकतांत्रिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए चुनाव सुधार करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है जब संसदीय सीटों की संख्या बढ़ाने के कानूनी प्रावधानों पर विचार किया जाए. 'आर्थिक सुधार, चुनावी मुद्दों के संदर्भ में' विषय पर एक सेमिनार के उद्घाटन के मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि समय पर सुधार जरूरी होते हैं क्योंकि इससे न केवल लोगों को न्याय मिलता है बल्कि देश के संविधान में दर्ज आदर्शों से भी इंसाफ होता है. राष्ट्रपति ने कहा, "इसलिए यह जरूरी है कि व्यवस्था की कमियों को समझने के लिए निष्पक्ष होकर हमारी चुनावी प्रक्रिया का विश्लेषण किया जाए."
मुखर्जी ने कहा कि अतीत में आमतौर से केंद्र में गठबंधन सरकारें अस्थिर सरकारों की वजहें बनती थीं जिनके कारण बार-बार चुनाव की नौबत आती थी. उन्होंने कहा कि कमजोर गठबंधन नहीं टिकते. उन्होंने साथ ही मतदाताओं की जिम्मेदारी का मुद्दा भी उठाया. राष्ट्रपति ने स्वस्थ बहस का आह्वान करते हुए कहा कि संसद महज सोच-विचार की जगह नहीं है बल्कि यह निर्णय लेने वाला निकाय है. उन्होंने चुनाव सुधारों की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि सीटों को बढ़ाने पर 1976 में लगाई गई रोक, जिसे 2001 में कानून के जरिए 2026 तक बढ़ा दिया गया, के कारण आज संसद 1971 की जनगणना का प्रतिनिधित्व कर रही है जबकि उसके बाद से देश की जनसंख्या बहुत अधिक बढ़ चुकी है. टिप्पणियां
संसद की सीटों की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा 1.28 अरब की जनसंख्या पर कुल 543 संसदीय सीट हैं. लोगों की इच्छा का सही प्रतिनिधित्व करने के लिए अब समय आ गया है कि सीटों का परिसीमन कर इनकी संख्या बढ़ाने के लिए कानूनी उपायों पर विचार किया जाए. उन्होंने कहा, "अगर ग्रेट ब्रिटेन में 600 संसदीय सीट हो सकती हैं तो फिर भारत में क्यों नहीं? अधिक जनसंख्या है तो अधिक सीट होनी चाहिए." भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित सेमिनार में प्रधान न्यायाधीश जे.एस.केहर ने भी शिरकत की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुखर्जी ने कहा कि अतीत में आमतौर से केंद्र में गठबंधन सरकारें अस्थिर सरकारों की वजहें बनती थीं जिनके कारण बार-बार चुनाव की नौबत आती थी. उन्होंने कहा कि कमजोर गठबंधन नहीं टिकते. उन्होंने साथ ही मतदाताओं की जिम्मेदारी का मुद्दा भी उठाया. राष्ट्रपति ने स्वस्थ बहस का आह्वान करते हुए कहा कि संसद महज सोच-विचार की जगह नहीं है बल्कि यह निर्णय लेने वाला निकाय है. उन्होंने चुनाव सुधारों की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि सीटों को बढ़ाने पर 1976 में लगाई गई रोक, जिसे 2001 में कानून के जरिए 2026 तक बढ़ा दिया गया, के कारण आज संसद 1971 की जनगणना का प्रतिनिधित्व कर रही है जबकि उसके बाद से देश की जनसंख्या बहुत अधिक बढ़ चुकी है. टिप्पणियां
संसद की सीटों की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा 1.28 अरब की जनसंख्या पर कुल 543 संसदीय सीट हैं. लोगों की इच्छा का सही प्रतिनिधित्व करने के लिए अब समय आ गया है कि सीटों का परिसीमन कर इनकी संख्या बढ़ाने के लिए कानूनी उपायों पर विचार किया जाए. उन्होंने कहा, "अगर ग्रेट ब्रिटेन में 600 संसदीय सीट हो सकती हैं तो फिर भारत में क्यों नहीं? अधिक जनसंख्या है तो अधिक सीट होनी चाहिए." भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित सेमिनार में प्रधान न्यायाधीश जे.एस.केहर ने भी शिरकत की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संसद की सीटों की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा 1.28 अरब की जनसंख्या पर कुल 543 संसदीय सीट हैं. लोगों की इच्छा का सही प्रतिनिधित्व करने के लिए अब समय आ गया है कि सीटों का परिसीमन कर इनकी संख्या बढ़ाने के लिए कानूनी उपायों पर विचार किया जाए. उन्होंने कहा, "अगर ग्रेट ब्रिटेन में 600 संसदीय सीट हो सकती हैं तो फिर भारत में क्यों नहीं? अधिक जनसंख्या है तो अधिक सीट होनी चाहिए." भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित सेमिनार में प्रधान न्यायाधीश जे.एस.केहर ने भी शिरकत की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि कमजोर गठबंधन नहीं टिकते हैं.
प्रणब मुखर्जी ने मतदाताओं की जिम्मेदारी का मुद्दा भी उठाया.
राष्ट्रपति ने कहा कि संसदीय सीटों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है. | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तरप्रदेश के मैनपुरी इलाके का एक वीडियो सामने आया है जिसमें बीच सड़क पर एक महिला की छड़ी से इस कदर पिटाई की गई कि उसके सिर से खून बहने लगा. यह वारदात राज्य के सीएम अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव के निर्वाचन क्षेत्र मैनपुरी की है. वीडियो में महिला की छोटी बेटी अपनी मम्मी को पुकारती नज़र आ रही है.
यह महिला अपने पति और बच्ची के साथ थी और रास्ते में उन्होंने जिन दो राहगीरों से पता पूछा, वे महिला के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने लगे. जब महिला ने आपत्ति जताई तो इन दोनों ने बेरहमी से उसे पीटा. यह घटना सोमवार को मैनपुरी में हुई जो लखनऊ से 200 किमो की दूरी पर है. एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं दूसरे शख्स की पुलिस को तलाश है.
हालांकि चश्मदीदों ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी महिला और उसके पति को बचाने के लिए आगे नहीं आया. पीली स्वेटर में दिखाई दे रहा शख्स, महिला को बार बार उसके सिर और शरीर पर मार रहा था और वह तब भी नहीं रुका जब उसके सिर से खून निकलने लगा. दूसरे वीडियो में नन्ही बच्ची ने अपनी घायल मां को कसकर पकड़कर लिया और 'मम्मी" कहकर रोने लगी. फोन किए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला ने कहा 'अगर उन दोनों शख्स को गिरफ्तार नहीं किया गया तो मैं खुद को गोली मार लूंगी.' टिप्पणियां
मैनपुरी के पुलिस अधिकारी सुनील सक्सेना ने बताया 'एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और दूसरे की तलाश जारी है. मैंने विशेष टीमें बनाई हैं और मैं हालात का जायज़ा ले रहा हूं.'
इस वीडियो का इस्तेमाल राज्य में विपक्षी पार्टियां यह दिखाने के लिए कर रही हैं कि किस तरह समाजवादी पार्टी के राज में अपराध को शै मिल रही है. राज्य में बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर पाठक का कहना है 'कानून-व्यवस्था की पूरी तरह अनदेखी हो रही है. मुख्यमंत्री जितना चाहें उतनी नई योजनाएं लागू कर सकते हैं लेकिन जब तक पुलिस और जनता के सामने असामाजिक तत्वों को सरकार आसरा देती रहेगी, बात नहीं बनने वाली.'
यह महिला अपने पति और बच्ची के साथ थी और रास्ते में उन्होंने जिन दो राहगीरों से पता पूछा, वे महिला के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने लगे. जब महिला ने आपत्ति जताई तो इन दोनों ने बेरहमी से उसे पीटा. यह घटना सोमवार को मैनपुरी में हुई जो लखनऊ से 200 किमो की दूरी पर है. एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं दूसरे शख्स की पुलिस को तलाश है.
हालांकि चश्मदीदों ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी महिला और उसके पति को बचाने के लिए आगे नहीं आया. पीली स्वेटर में दिखाई दे रहा शख्स, महिला को बार बार उसके सिर और शरीर पर मार रहा था और वह तब भी नहीं रुका जब उसके सिर से खून निकलने लगा. दूसरे वीडियो में नन्ही बच्ची ने अपनी घायल मां को कसकर पकड़कर लिया और 'मम्मी" कहकर रोने लगी. फोन किए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला ने कहा 'अगर उन दोनों शख्स को गिरफ्तार नहीं किया गया तो मैं खुद को गोली मार लूंगी.' टिप्पणियां
मैनपुरी के पुलिस अधिकारी सुनील सक्सेना ने बताया 'एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और दूसरे की तलाश जारी है. मैंने विशेष टीमें बनाई हैं और मैं हालात का जायज़ा ले रहा हूं.'
इस वीडियो का इस्तेमाल राज्य में विपक्षी पार्टियां यह दिखाने के लिए कर रही हैं कि किस तरह समाजवादी पार्टी के राज में अपराध को शै मिल रही है. राज्य में बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर पाठक का कहना है 'कानून-व्यवस्था की पूरी तरह अनदेखी हो रही है. मुख्यमंत्री जितना चाहें उतनी नई योजनाएं लागू कर सकते हैं लेकिन जब तक पुलिस और जनता के सामने असामाजिक तत्वों को सरकार आसरा देती रहेगी, बात नहीं बनने वाली.'
हालांकि चश्मदीदों ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी महिला और उसके पति को बचाने के लिए आगे नहीं आया. पीली स्वेटर में दिखाई दे रहा शख्स, महिला को बार बार उसके सिर और शरीर पर मार रहा था और वह तब भी नहीं रुका जब उसके सिर से खून निकलने लगा. दूसरे वीडियो में नन्ही बच्ची ने अपनी घायल मां को कसकर पकड़कर लिया और 'मम्मी" कहकर रोने लगी. फोन किए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला ने कहा 'अगर उन दोनों शख्स को गिरफ्तार नहीं किया गया तो मैं खुद को गोली मार लूंगी.' टिप्पणियां
मैनपुरी के पुलिस अधिकारी सुनील सक्सेना ने बताया 'एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और दूसरे की तलाश जारी है. मैंने विशेष टीमें बनाई हैं और मैं हालात का जायज़ा ले रहा हूं.'
इस वीडियो का इस्तेमाल राज्य में विपक्षी पार्टियां यह दिखाने के लिए कर रही हैं कि किस तरह समाजवादी पार्टी के राज में अपराध को शै मिल रही है. राज्य में बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर पाठक का कहना है 'कानून-व्यवस्था की पूरी तरह अनदेखी हो रही है. मुख्यमंत्री जितना चाहें उतनी नई योजनाएं लागू कर सकते हैं लेकिन जब तक पुलिस और जनता के सामने असामाजिक तत्वों को सरकार आसरा देती रहेगी, बात नहीं बनने वाली.'
मैनपुरी के पुलिस अधिकारी सुनील सक्सेना ने बताया 'एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और दूसरे की तलाश जारी है. मैंने विशेष टीमें बनाई हैं और मैं हालात का जायज़ा ले रहा हूं.'
इस वीडियो का इस्तेमाल राज्य में विपक्षी पार्टियां यह दिखाने के लिए कर रही हैं कि किस तरह समाजवादी पार्टी के राज में अपराध को शै मिल रही है. राज्य में बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर पाठक का कहना है 'कानून-व्यवस्था की पूरी तरह अनदेखी हो रही है. मुख्यमंत्री जितना चाहें उतनी नई योजनाएं लागू कर सकते हैं लेकिन जब तक पुलिस और जनता के सामने असामाजिक तत्वों को सरकार आसरा देती रहेगी, बात नहीं बनने वाली.'
इस वीडियो का इस्तेमाल राज्य में विपक्षी पार्टियां यह दिखाने के लिए कर रही हैं कि किस तरह समाजवादी पार्टी के राज में अपराध को शै मिल रही है. राज्य में बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर पाठक का कहना है 'कानून-व्यवस्था की पूरी तरह अनदेखी हो रही है. मुख्यमंत्री जितना चाहें उतनी नई योजनाएं लागू कर सकते हैं लेकिन जब तक पुलिस और जनता के सामने असामाजिक तत्वों को सरकार आसरा देती रहेगी, बात नहीं बनने वाली.' | यहाँ एक सारांश है:मैनपुरी में एक महिला को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया
हमलावरों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है
महिला के साथ उनका पति और एक नन्ही बेटी भी थे | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विवादों में रहा 251 रुपये का स्मार्टफोन फ्रीडम 251 आज से लोगों को मिल सकता है। इस फोन को बाज़ार में उतारने वाली रिंगिंग बेल्स कंपनी का दावा है कि वह आज से फोन भेजना शुरू कर देगी। यह फोन फरवरी में लॉन्च किया गया था, लॉन्चिंग के साथ ही फोन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू किया गया था।
शुरू में करीब 7 करोड़ लोगों ने फोन के लिए खुद को रजिस्टर करने की कोशिश की थी। हालांकि रजिस्ट्रेशन के दौरान भी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कंपनी के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गई थीं जिनकी पुलिस और टैक्स अधिकारियों ने जांच की। बाद में कंपनी ने रजिस्ट्रेशन करने वाले ग्राहकों को पैसा वापस देने का विकल्प भी दिया था।
कंपनी सूत्रों का कहना है कि फ्रीडम 251 स्मार्टफोन के कुल 2 लाख यूनिट तैयार कर लिए गए हैं। आज से शुरू होने वाली डिलिवरी में सिर्फ 5000 ग्राहकों को फोन दिए जाएंगे। अभी तक कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि बाकी 1,95,000 फोन की डिलिवरी कब तक और कैसे होगी। टिप्पणियां
फ्रीडम 251 में क्वाड कोर प्रोसेसर, 4 इंच की स्क्रीन, फ्रंट और बैक कैमरा है। जबकि कीमत सिर्फ़ 251 रुपये रखी गई है। कंपनी का दावा है कि 2 लाख स्मार्ट फोन की डिलिवरी आज से शुरू हो जाएगी।
कंपनी सूत्रों का कहना है कि फ्रीडम 251 स्मार्टफोन के कुल 2 लाख यूनिट तैयार कर लिए गए हैं। आज से शुरू होने वाली डिलिवरी में सिर्फ 5000 ग्राहकों को फोन दिए जाएंगे। अभी तक कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि बाकी 1,95,000 फोन की डिलिवरी कब तक और कैसे होगी। टिप्पणियां
फ्रीडम 251 में क्वाड कोर प्रोसेसर, 4 इंच की स्क्रीन, फ्रंट और बैक कैमरा है। जबकि कीमत सिर्फ़ 251 रुपये रखी गई है। कंपनी का दावा है कि 2 लाख स्मार्ट फोन की डिलिवरी आज से शुरू हो जाएगी।
फ्रीडम 251 में क्वाड कोर प्रोसेसर, 4 इंच की स्क्रीन, फ्रंट और बैक कैमरा है। जबकि कीमत सिर्फ़ 251 रुपये रखी गई है। कंपनी का दावा है कि 2 लाख स्मार्ट फोन की डिलिवरी आज से शुरू हो जाएगी। | यह एक सारांश है: रिंगिंग बेल्स कंपनी ने किया दावा आज से होगी फ्रीडम 251 की डिलिवरी।
कंपनी ने फोन के दो लाख यूनिट तैयार कर लिए हैं।
शुरुआत में केवल 5000 रजिस्टर्ड ग्राहकों को डिलिवर किया जाएगा फोन। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने सीएम पद का लालच होने से इनकार किया है। अहमद पटेल ने नरेंद्र मोदी के उस बयान पर जवाब दिया है जिसमें कहा गया था कि अहमद पटेल गुजरात का मुख्यमंत्री बनने की चाहत रखते हैं।
अहमद पटेल ने कहा 'मैं कभी भी मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं रहा और न ही कभी रहूंगा… मैं व्यक्तिगत तौर पर राजनीति से दूर रहना चाहता हूं… जिन लोगों ने गुजरात के लोगों को धोखा दिया उन लोगों को लग रहा है कि उनके हाथ से बाज़ी निकल रही है लिहाज़ा वे लोग अपमानजनक टिप्पणी और ग़लतबयानी कर रहे हैं।
अहमद पटेल ने कहा 'मैं कभी भी मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं रहा और न ही कभी रहूंगा… मैं व्यक्तिगत तौर पर राजनीति से दूर रहना चाहता हूं… जिन लोगों ने गुजरात के लोगों को धोखा दिया उन लोगों को लग रहा है कि उनके हाथ से बाज़ी निकल रही है लिहाज़ा वे लोग अपमानजनक टिप्पणी और ग़लतबयानी कर रहे हैं। | संक्षिप्त सारांश: सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने सीएम पद का लालच होने से इनकार किया है। अहमद पटेल ने नरेंद्र मोदी के उस बयान पर जवाब दिया है जिसमें कहा गया था कि अहमद पटेल गुजरात का मुख्यमंत्री बनने की चाहत रखते हैं। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विभिन्न घोटालों को लेकर सरकार की आलोचना की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता तथा निगरानी सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से बदलाव लाने के प्रयास जारी हैं। सिंह ने नौवें प्रवासी भारतीय सम्मेलन में अपने संबोधन में कहा कि कामकाज में जरूरी दूरगामी परिवर्तन लाने के लिए आम सहमति जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार इस दिशा में संजीदगी से प्रयास करेगी। तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन में दुनिया भर से आए करीब 1,500 अप्रवासियों और भारत वंशियों को संबोधित कर रहे सिंह ने कहा हम इस बात पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रहे हैं कि चरणबद्ध तरीके से बदलाव कैसे लाया जाए, ताकि हमारी प्रशासनिक प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शी प्रक्रियाएं तथा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र और हमारी प्रणालियां मजबूत एवं जीवंत हैं और समाधान तथा सुधार के लिए उनकी अपनी प्रक्रियाएं हैं। उन्होंने कहा कि हमें उन दूरगामी परिवर्तनों के लिए आम सहमति बनाने की जरूरत है, जो प्रशासन में और हमारे विधि एवं निर्वाचन तंत्रों में आवश्यक हो सकते हैं। उन्होंने कहा, इस दिशा में हमने ईमानदारी से काम करने का विचार किया है। सिंह की यह टिप्पणियां इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि सरकार की 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन, राष्ट्रमंडल खेल सहित विभिन्न घोटालों को लेकर आलोचना हो रही है। देश की प्रगति के बारे में प्रधानमंत्री ने भारतवंशियों से कहा कि आर्थिक मंदी से उबरने में, वैश्विक परिदृश्य की अनिश्चितता के बावजूद प्रगति हो रही है और अगले साल वृद्धि दर नौ से 10 फीसदी रहने का अनुमान है। | संक्षिप्त पाठ: मनमोहन ने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता तथा निगरानी सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से बदलाव लाने के प्रयास जारी हैं। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इस घटना को अमेरिकी इतिहास का सबसे काला दिन करार दिया था, जिस समय जॉर्ज बुश को हमले की सूचना मिली वह एक स्कूल के कार्यक्रम में मौजूद थे. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में करीब 3000 लोग मारे गए. मरने वालों में 343 फायर विभाग और 60 पुलिस अधिकारी भी शामिल थे. मरने वाले लोगों में 70 अलग-अलग देशों के नागरिक थे. वहीं, पेंटागन पर हुए हमले में 184 लोग मारे गए थे. 11 सितम्बर 2001 को संयुक्त राज्य अमेरिका पर हुए इन हमलों को अंजाम आतंकी संगठन अल-क़ायदा ने दिया. 19 हाइजैकर्स में से 15 सऊदी अरब के थे और बाकी यूएई, इजिप्ट और लेबनान के रहने वाले थे. अमेरिका ने इन हमलों के तुरंत बाद अलकायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 2.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था.
राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने ठान लिया था कि ओसामा बिन लादेन और उसके आतंकी संगठन अलकायदा को खत्म करना है. लेकिन बुश इसमें सफल नहीं हो पाएं. आखिरकार बुश के बाद नए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लादेन को ढूंढ लिया और पाकिस्तान के एबटाबाद में एक गुप्त कार्रवाई में उसे मार गिराया. अमेरिकी सैनिकों ने पाकिस्तान में घुसकर 2 मई 2011 को मार गिराया था.
आपको बता दें कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर न्यूयार्क के मैनहैटन में बने दो टावर रूपी इमारतों का जोड़ा था. इसके एक टावर का निर्माण 1966 में शुरू हुआ था जो 1972 में पूर्ण हुआ. दूसरे टावर को बनाने का काम 1966 में शुरू होकर 1973 में समाप्त हुआ था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में आतंकी हमला हुआ था.
आतंकियों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से दो विमानों को भिड़ा दिया था.
इस हमले में 3000 लोगों की जान गई थी. | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एयर इंडिया के एक ‘सनकी’ पायलट ने अप्रैल में दिल्ली से पेरिस जाने वाले एक विमान की हवा में कलाबाजी कर 200 से अधिक लोगों की जान जोखिम में डाली थी.
विमानन नियामक डीजीसीए इस मामले की जांच कर रहा है वहीं विमानन कंपनी ने पायलट को विमान उड़ाने के कार्य से हटा लिया है. हवाई सुरक्षा की गंभीर चिंता पैदा करते हुए उड़ान का कमांडर बोइंग 787 को सुरक्षा स्तर के लिए स्वीकार्य ऊंचाई से अधिक ऊपर ले गया.
सूत्रों ने बताया कि सह पायलट द्वारा इस घटना को दर्ज कराए जाने के शीघ्र बाद एयर इंडिया ने गंभीर उल्लंघन की जांच शुरू की. इस मामले की जांच नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी कर रहा है. उनके मुताबिक पायलट का व्यवहार कभी कभी ‘सनकी’ जैसा हो जाता था और इससे पहले कुछ मौकों पर वह अवसाद में रहा था.टिप्पणियां
यह घटना 28 अप्रैल की है. सूत्रों ने बताया कि पायलट को अभी तक विमान उड़ाने नहीं दिया जा रहा और उसे एक विस्तृत मनोवैज्ञानिक आकलन कराने को कहा गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विमानन नियामक डीजीसीए इस मामले की जांच कर रहा है वहीं विमानन कंपनी ने पायलट को विमान उड़ाने के कार्य से हटा लिया है. हवाई सुरक्षा की गंभीर चिंता पैदा करते हुए उड़ान का कमांडर बोइंग 787 को सुरक्षा स्तर के लिए स्वीकार्य ऊंचाई से अधिक ऊपर ले गया.
सूत्रों ने बताया कि सह पायलट द्वारा इस घटना को दर्ज कराए जाने के शीघ्र बाद एयर इंडिया ने गंभीर उल्लंघन की जांच शुरू की. इस मामले की जांच नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी कर रहा है. उनके मुताबिक पायलट का व्यवहार कभी कभी ‘सनकी’ जैसा हो जाता था और इससे पहले कुछ मौकों पर वह अवसाद में रहा था.टिप्पणियां
यह घटना 28 अप्रैल की है. सूत्रों ने बताया कि पायलट को अभी तक विमान उड़ाने नहीं दिया जा रहा और उसे एक विस्तृत मनोवैज्ञानिक आकलन कराने को कहा गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों ने बताया कि सह पायलट द्वारा इस घटना को दर्ज कराए जाने के शीघ्र बाद एयर इंडिया ने गंभीर उल्लंघन की जांच शुरू की. इस मामले की जांच नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी कर रहा है. उनके मुताबिक पायलट का व्यवहार कभी कभी ‘सनकी’ जैसा हो जाता था और इससे पहले कुछ मौकों पर वह अवसाद में रहा था.टिप्पणियां
यह घटना 28 अप्रैल की है. सूत्रों ने बताया कि पायलट को अभी तक विमान उड़ाने नहीं दिया जा रहा और उसे एक विस्तृत मनोवैज्ञानिक आकलन कराने को कहा गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह घटना 28 अप्रैल की है. सूत्रों ने बताया कि पायलट को अभी तक विमान उड़ाने नहीं दिया जा रहा और उसे एक विस्तृत मनोवैज्ञानिक आकलन कराने को कहा गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: घटना दर्ज होने के शीघ्र बाद एयर इंडिया ने गंभीर उल्लंघन की जांच शुरू की
मामले की जांच नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी कर रहा है
सूत्रों ने बताया कि पायलट को अभी तक विमान उड़ाने नहीं दिया जा रहा | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जिन उम्मीदवारों को परीक्षा की तारीख, शहर, केंद्र और शिफ्ट (RRB JE Exam Date, City, Shift details) की जानकारी नहीं है, वे अपने रीजन की वेबसाइट पर जाकर हर जानकारी हासिल कर सकते हैं. बता दें कि जूनियर इंजीनियर सीबीटी 2 में 2 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों को भाग लेने का मौका मिलेगा. पहली स्टेज की परीक्षा में 2,02,616 उम्मीदवार पास हुए हैं जो कि कुल पदों की संख्या के 15 गुना हैं. दूसरे स्टेज की परीक्षा में 150 सवाल पूछे जाएंगे और परीक्षा को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को 120 मिनट का समय मिलेगा.
- उम्मीदवारों को ए़डमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट पर जाना होगा.
- वेबसाइट पर दिए गए जेई एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करना होगा.
- अब रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि सबमिट कर लॉग इन करना होगा.
- एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा.
- आप एडमिट कार्ड को डाउनलोड कर पाएंगे.
- आप एडमिट कार्ड का प्रिंट ऑउट भी ले सकेंगे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जेई सीबीटी 2 एडमिट कार्ड 24 अगस्त को जारी होगा.
उम्मीदवार अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे.
सीबीटी 2 28 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक आयोजित की जाएगी. | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अरुणाचल प्रदेश के अपने दौरे को लेकर चीन के ऐतराज पर केन्द्रीय रक्षामंत्री एके एंटनी ने 'हैरानी' व्यक्त करते हुए उसे दुर्भाग्यपूर्ण और 'वाकई आपत्तिजनक' बताया है। इस बीच विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने भी कहा कि भारत ने इस मामले को 'गंभीरता' से लिया है, तथा साफ किया कि भारत के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप करने का बीजिंग (चीन) को 'कोई अधिकार नहीं' है।
चीन के साथ लगती पूर्वोत्तर की सीमा पर पिछले हफ्ते एके एंटनी की यात्रा का समर्थन करते हुए विदेशमंत्री ने कहा, 'भारतीय क्षेत्रों के मामले में चीन के बाहरी हस्तक्षेप को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा।' श्री कृष्णा ने चीन को यह भी याद दिलाया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का 'अभिन्न हिस्सा' है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, 'भारत के पूर्वोत्तर इलाके के सभी सात राज्य भारत के अभिन्न अंग हैं और अरुणाचल प्रदेश के एंटनी के दौरे पर चीन को प्रतिकूल टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।'टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एंटनी की अरुणाचल प्रदेश की 20 फरवरी की यात्रा पर आपत्ति जताते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग ली ने शनिवार को भारत से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति तथा स्थिरता के लिए चीन के साथ मिलकर काम करने को कहा था। नई दिल्ली ने रविवार को इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश पर भारत की स्थिति पहले से स्पष्ट है और इसे कई बार दोहराया जा चुका है।
दरअसल अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में आयोजित राज्य के रजत जयंती समारोह में एंटनी ने शिरकत की थी, और कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा था, 'हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की चुनौतियों के प्रति सावधान हैं और यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि सीमा क्षेत्रों का विकास भी उसी तरह हो, जैसे कि देश के अन्य क्षेत्रों का होता है।'
चीन के साथ लगती पूर्वोत्तर की सीमा पर पिछले हफ्ते एके एंटनी की यात्रा का समर्थन करते हुए विदेशमंत्री ने कहा, 'भारतीय क्षेत्रों के मामले में चीन के बाहरी हस्तक्षेप को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा।' श्री कृष्णा ने चीन को यह भी याद दिलाया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का 'अभिन्न हिस्सा' है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, 'भारत के पूर्वोत्तर इलाके के सभी सात राज्य भारत के अभिन्न अंग हैं और अरुणाचल प्रदेश के एंटनी के दौरे पर चीन को प्रतिकूल टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।'टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एंटनी की अरुणाचल प्रदेश की 20 फरवरी की यात्रा पर आपत्ति जताते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग ली ने शनिवार को भारत से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति तथा स्थिरता के लिए चीन के साथ मिलकर काम करने को कहा था। नई दिल्ली ने रविवार को इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश पर भारत की स्थिति पहले से स्पष्ट है और इसे कई बार दोहराया जा चुका है।
दरअसल अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में आयोजित राज्य के रजत जयंती समारोह में एंटनी ने शिरकत की थी, और कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा था, 'हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की चुनौतियों के प्रति सावधान हैं और यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि सीमा क्षेत्रों का विकास भी उसी तरह हो, जैसे कि देश के अन्य क्षेत्रों का होता है।'
उल्लेखनीय है कि एंटनी की अरुणाचल प्रदेश की 20 फरवरी की यात्रा पर आपत्ति जताते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग ली ने शनिवार को भारत से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति तथा स्थिरता के लिए चीन के साथ मिलकर काम करने को कहा था। नई दिल्ली ने रविवार को इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश पर भारत की स्थिति पहले से स्पष्ट है और इसे कई बार दोहराया जा चुका है।
दरअसल अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में आयोजित राज्य के रजत जयंती समारोह में एंटनी ने शिरकत की थी, और कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा था, 'हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की चुनौतियों के प्रति सावधान हैं और यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि सीमा क्षेत्रों का विकास भी उसी तरह हो, जैसे कि देश के अन्य क्षेत्रों का होता है।'
दरअसल अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में आयोजित राज्य के रजत जयंती समारोह में एंटनी ने शिरकत की थी, और कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा था, 'हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की चुनौतियों के प्रति सावधान हैं और यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि सीमा क्षेत्रों का विकास भी उसी तरह हो, जैसे कि देश के अन्य क्षेत्रों का होता है।' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अरुणाचल दौरे पर चीन के ऐतराज को एंटनी ने आपत्तिजनक बताया, जबकि विदेशमंत्री कृष्णा ने भी साफ कहा कि भारतीय क्षेत्रों के मामले में चीन के बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओडिशा के मंदिरों के शहर पुरी में सोमवार को एक पुलिस क्वार्टर में एक पुलिसकर्मी सहित दो व्यक्तियों ने एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया. पुलिस ने बताया कि महिला की शिकायत के अनुसार वह नीमपाड़ा शहर में एक बस अड्डे पर खड़ी थी तभी खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले एक व्यक्ति ने उसे कार से उसके गंतव्य तक छोड़ने का प्रस्ताव दिया. महिला ने कुंभारपाड़ा पुलिस थाने के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'मैं भुवनेश्वर से अपने गांव काकटपुर जा रही थी. मैंने उस पर विश्वास किया और उससे लिफ्ट ले ली.' महिला के कहा कि कार में बैठते ही उसे तीन अन्य लोग कार में बैठे मिले.
पीड़िता ने बताया, 'वे लोग मुझे काकटपुर ले जाने के बजाय पुरी ले गए. वहां एक घर में दो लोगों ने मेरा बलात्कार किया जबकि दो अन्य बाहर से दरवाजा बंद कर के चले गए.' पुरी शहर में झाड़ेश्वरी क्लब के पास स्थित पुलिस क्वार्टर में पीड़िता का कथित बलात्कार किया गया. पुलिस ने बताया कि घटना के दौरान पीड़िता ने एक आरोपी का बटुआ ले लिया था जिससे एक आरोपी का फोटो-पहचान पत्र और आधार कार्ड बरामद किया गया है. उसकी मदद से पुलिस ने एक आरोपी की पहचान कर ली है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहचाना गया आरोपी पुलिस कांस्टेबल है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे सेवा से निलंबित कर दिया गया है. पुरी पुलिस अधीक्षक उमा शंकर दास ने कहा कि अन्य आरोपियों को पकड़ने का प्रयास जारी हैं. उन्होंने बताया कि इस घटना की जांच के लिए दो विशेष दस्ते बनाए गए हैं. पीड़िता और आरोपी कांस्टेबल को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक पुलिस क्वार्टर में पुलिसकर्मी सहित दो व्यक्तियों ने किया बलात्कार
नीमपाड़ा शहर में एक बस अड्डे पर खड़ी थी महिला
पुलिस वाले ने लिफ्ट के बहाने महिला के साथ किया बलात्कार | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रक्षा मंत्री एके एंटनी द्वारा शुक्रवार को अग्नि-5 मिसाइल प्रणाली के विकास में तेजी लाए जाने का आग्रह किए जाने के बाद रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख ने कहा कि वर्ष के अंत तक 5,000 किलोमीटर मारक क्षमता वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर लिया जाएगा। इस मिसाइल को 'चाइना किलर' की संज्ञा दी गई है, क्योंकि यह चीन के उत्तरी छोर तक मार करने की क्षमता रखती है। एंटनी ने डीआरडीओ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "डीआरडीओ ने विभिन्न दूरी वाली और विस्फोटक क्षमता वाली मिसाइलों का विकास किया है। अब डीआरडीओ को जल्द से जल्द 5,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली मिसाइल का विकास करने में अपनी क्षमता प्रदर्शित करनी चाहिए।" इसपर डीआरडीओ के प्रमुख वीके सारस्वत ने कहा कि अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण इस वर्ष के अंत तक कर दिया जाएगा। सारस्वत एंटनी के बगल में ही बैठे हुए थे। एंटनी ने डीआरडीओ से एक विश्वसनीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए भी कहा, ताकि भारत को निशाना कर दागी जाने वाली शत्रु पक्ष की मिसाइलों को रास्ते में ही ध्वस्त किया जा सके। एंटनी ने रक्षा वैज्ञानिकों के समूह को सम्बोधित करते हुए कहा, "मिसाइल भेदी मिसाइल विकास कार्यक्रम ने देश को उन राष्ट्रों के एक विशिष्ट समूह में शामिल कर दिया है, जिनके पास मिसाइल रक्षा प्रणाली की क्षमता है। डीआरडीओ को अब हमारे देश के लिए एक विश्वसनीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए काम करना चाहिए।" ज्ञात हो कि भारत अपने दम पर बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने की प्रक्रिया में है और उसने दो वर्षो में छह परीक्षण भी किए हैं, जिनमें से चार सफल रहे हैं। बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कार्यक्रम में दो स्तरीय प्रणाली शामिल हैं - 50-60 किलोमीटर की अधिक ऊंचाई पर मिसाइल भेदने के लिए पृथ्वी एयर डिफेंस और 15-30 किलोमीटर की कम ऊंचाई पर मिसाइल भेदने के लिए एडवांस्ड एयर डिफेंस। भारत ने 3,000 किलोमीटर मारक क्षमता वाली अपनी आधुनिक अग्नि-3 मिसाइल को भी सेना में शामिल कर दिया है और इसका उत्पादन कार्य शुरू हो गया है। सारस्वत ने कहा कि अग्नि-3 मिसाइल को सेवा में शामिल कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "इसलिए इसमें भ्रम की कोई स्थिति नहीं है कि इसे कम सेवा में शामिल किया जाएगा। इसका विकास कार्य पूरा हो गया है और इसका उत्पादन कार्य जारी है।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस मिसाइल को 'चाइना किलर' की संज्ञा दी गई है, क्योंकि यह चीन के उत्तरी छोर तक मार करने की क्षमता रखती है। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह द्वारा रक्षा मंत्री को विश्वास में लेने के बजाय सेना की तैयारियों की स्थिति पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के मामले में राजद और सपा ने बुधवार को जनरल सिंह को बर्खास्त करने की मांग की।
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने संसद परिसर में कहा, ‘उन्हें (जनरल को) तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। यदि गोला.बारूद की कमी थी तो वह इतने दिन तक चुप क्यों रहे।’ थलसेना प्रमुख को ‘कुंठित’ करार देते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि जनरल चुनाव लड़ना चाहते हैं। यदि बलों से संबंधित कुछ मसले हैं तो उन्हें रक्षा मंत्री को विश्वास में लेना चाहिए। रक्षा बलों पर काफी निवेश किया गया है।’ लालू ने कहा, ‘उन्हें अपनी सीमाओं में रहना चाहिए।’ सपा नेता रामगोपाल यादव ने घटनाक्रम को गंभीर और संवेदनशील बताते हुए थलसेना प्रमुख को हटाने की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘जनता हमेशा हमारी सेना में भरोसा रखती है। जहां तक पत्र की बात है यह बहुत गंभीर और संवेदनशील मामला है, जिसमें लिखा है कि हमारे 97 प्रतिशत गोला-बारूद अच्छे नहीं हैं।’ टिप्पणियां
इसके अलावा जेडीयू नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
वहीं, प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा है।
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने संसद परिसर में कहा, ‘उन्हें (जनरल को) तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। यदि गोला.बारूद की कमी थी तो वह इतने दिन तक चुप क्यों रहे।’ थलसेना प्रमुख को ‘कुंठित’ करार देते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि जनरल चुनाव लड़ना चाहते हैं। यदि बलों से संबंधित कुछ मसले हैं तो उन्हें रक्षा मंत्री को विश्वास में लेना चाहिए। रक्षा बलों पर काफी निवेश किया गया है।’ लालू ने कहा, ‘उन्हें अपनी सीमाओं में रहना चाहिए।’ सपा नेता रामगोपाल यादव ने घटनाक्रम को गंभीर और संवेदनशील बताते हुए थलसेना प्रमुख को हटाने की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘जनता हमेशा हमारी सेना में भरोसा रखती है। जहां तक पत्र की बात है यह बहुत गंभीर और संवेदनशील मामला है, जिसमें लिखा है कि हमारे 97 प्रतिशत गोला-बारूद अच्छे नहीं हैं।’ टिप्पणियां
इसके अलावा जेडीयू नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
वहीं, प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा है।
उन्होंने कहा, ‘जनता हमेशा हमारी सेना में भरोसा रखती है। जहां तक पत्र की बात है यह बहुत गंभीर और संवेदनशील मामला है, जिसमें लिखा है कि हमारे 97 प्रतिशत गोला-बारूद अच्छे नहीं हैं।’ टिप्पणियां
इसके अलावा जेडीयू नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
वहीं, प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा है।
इसके अलावा जेडीयू नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
वहीं, प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा है।
वहीं, प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा है। | यह एक सारांश है: थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह द्वारा रक्षा मंत्री को विश्वास में लेने के बजाय सेना की तैयारियों की स्थिति पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के मामले में राजद और सपा ने बुधवार को जनरल सिंह को बर्खास्त करने की मांग की। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजनीतिक अनिश्चितता के कारण देश के शेयर बाजारों में बुधवार को भी गिरावट का रुझान रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 123.91 अंकों की गिरावट के साथ 18,884.19 पर और निफ्टी 51.55 अंकों की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 18.36 अंकों की तेजी के साथ 19,026.46 पर खुला और 123.91 अंकों यानी 0.65 फीसदी की गिरावट के साथ 18,884.19 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,028.09 के ऊपरी और 18,836.77 के निचले स्तर को छुआ।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंध (संप्रग) के एक महत्वपूर्ण घटक डीएमके के गठबंधन से बाहर होने की घोषणा के बाद उपजी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बुधवार को भी शेयर बाजारों में तीव्र गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स दोपहर करीब तीन बजे 135.72 अंकों या 0.71 फीसदी गिरावट के साथ 18,872.38 पर कारोबार करता देखा गया।
श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।
सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.37 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.51 फीसदी), सिप्ला (1.47 फीसदी), टीसीएस (0.78 फीसदी) और टाटा पॉवर (0.66 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (4.18 फीसदी), एसबीआई (3.87 फीसदी), एनटीपीसी (3.43 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.85 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.80 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,740.55 पर खुला और 51.55 अंकों यानी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,745.30 के ऊपरी और 5,682.30 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 18.36 अंकों की तेजी के साथ 19,026.46 पर खुला और 123.91 अंकों यानी 0.65 फीसदी की गिरावट के साथ 18,884.19 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,028.09 के ऊपरी और 18,836.77 के निचले स्तर को छुआ।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंध (संप्रग) के एक महत्वपूर्ण घटक डीएमके के गठबंधन से बाहर होने की घोषणा के बाद उपजी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बुधवार को भी शेयर बाजारों में तीव्र गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स दोपहर करीब तीन बजे 135.72 अंकों या 0.71 फीसदी गिरावट के साथ 18,872.38 पर कारोबार करता देखा गया।
श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।
सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.37 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.51 फीसदी), सिप्ला (1.47 फीसदी), टीसीएस (0.78 फीसदी) और टाटा पॉवर (0.66 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (4.18 फीसदी), एसबीआई (3.87 फीसदी), एनटीपीसी (3.43 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.85 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.80 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,740.55 पर खुला और 51.55 अंकों यानी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,745.30 के ऊपरी और 5,682.30 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंध (संप्रग) के एक महत्वपूर्ण घटक डीएमके के गठबंधन से बाहर होने की घोषणा के बाद उपजी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बुधवार को भी शेयर बाजारों में तीव्र गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स दोपहर करीब तीन बजे 135.72 अंकों या 0.71 फीसदी गिरावट के साथ 18,872.38 पर कारोबार करता देखा गया।
श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।
सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.37 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.51 फीसदी), सिप्ला (1.47 फीसदी), टीसीएस (0.78 फीसदी) और टाटा पॉवर (0.66 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (4.18 फीसदी), एसबीआई (3.87 फीसदी), एनटीपीसी (3.43 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.85 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.80 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,740.55 पर खुला और 51.55 अंकों यानी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,745.30 के ऊपरी और 5,682.30 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स दोपहर करीब तीन बजे 135.72 अंकों या 0.71 फीसदी गिरावट के साथ 18,872.38 पर कारोबार करता देखा गया।
श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।
सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.37 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.51 फीसदी), सिप्ला (1.47 फीसदी), टीसीएस (0.78 फीसदी) और टाटा पॉवर (0.66 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (4.18 फीसदी), एसबीआई (3.87 फीसदी), एनटीपीसी (3.43 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.85 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.80 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,740.55 पर खुला और 51.55 अंकों यानी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,745.30 के ऊपरी और 5,682.30 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।
सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.37 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.51 फीसदी), सिप्ला (1.47 फीसदी), टीसीएस (0.78 फीसदी) और टाटा पॉवर (0.66 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (4.18 फीसदी), एसबीआई (3.87 फीसदी), एनटीपीसी (3.43 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.85 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.80 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,740.55 पर खुला और 51.55 अंकों यानी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,745.30 के ऊपरी और 5,682.30 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.37 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.51 फीसदी), सिप्ला (1.47 फीसदी), टीसीएस (0.78 फीसदी) और टाटा पॉवर (0.66 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (4.18 फीसदी), एसबीआई (3.87 फीसदी), एनटीपीसी (3.43 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.85 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.80 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,740.55 पर खुला और 51.55 अंकों यानी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,745.30 के ऊपरी और 5,682.30 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (4.18 फीसदी), एसबीआई (3.87 फीसदी), एनटीपीसी (3.43 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.85 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.80 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,740.55 पर खुला और 51.55 अंकों यानी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,745.30 के ऊपरी और 5,682.30 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,740.55 पर खुला और 51.55 अंकों यानी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,745.30 के ऊपरी और 5,682.30 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 119.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,161.60 पर और स्मॉलकैप 140.18 अंकों की गिरावट के साथ 5,901.60 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.12 फीसदी), वाहन (0.07 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.67 फीसदी), बिजली (2.65 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (2.37 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (2.04 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 761 शेयरों में तेजी और 2126 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। | संक्षिप्त पाठ: राजनीतिक अनिश्चितता के कारण देश के शेयर बाजारों में बुधवार को भी गिरावट का रुझान रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 123.91 अंकों की गिरावट के साथ 18,884.19 पर और निफ्टी 51.55 अंकों की गिरावट के साथ 5,694.40 पर बंद हुआ। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' के नाम से मशहूर बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान का कहना है कि दूसरे बेहद लोकप्रिय अभिनेता सलमान खान को शादी के लिए उनकी मित्र कैटरीना कैफ ही मना सकती हैं। आमिर ने कहा, "हम लोग काफी समय से उन्हें (सलमान खान को) शादी करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी हमारी बात नहीं सुनी। अब शायद वह कैटरीना कैफ की सुनेंगे।"
दरअसल, आमिर ने सलमान खान की आने वाली फिल्म 'एक था टाइगर' की शुरुआती झलकियां देखीं, जिसके बाद एक दिलचस्प और चर्चित हो चुके दृश्य, जिसमें कैटरीना कैफ सलाह के रूप में सलमान खान से कहती हैं कि उनकी उम्र शादी के लायक हो गई है, का जिक्र करते हुए आमिर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह (सलमान खान) इस सलाह को वास्तविक जीवन में मान लेंगे।
आमिर को 'एक था टाइगर' की शुरुआती झलकियां काफी पसंद आईं और उन्हें यह भी लगता है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहद कामयाब साबित होगी। फिल्म के निर्माता आदित्य चोपड़ा की रोमांच से भरी इस रोमांटिक फिल्म में सलमान खान और कैटरीना कैफ की रोमांटिक जोड़ी नजर आएगी। 'एक था टाइगर' का निर्देशन कबीर खान ने किया है, और यह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को प्रदर्शित होगी। टिप्पणियां
आमिर ने कहा, "मैंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मुझे फिल्म की शुरुआती झलकियां पसंद आ रही हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म बहुत बड़ी सफलता हासिल करेगी। मैंने सलमान, कबीर साहब और आदित्य चोपड़ा को संदेश भेजा है कि मुझे इसकी शुरुआती झलकियां पसंद आई हैं।"
उल्लेखनीय है कि 'एक था टाइगर' के प्रोमो पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, क्योंकि उनके मुताबिक इस फिल्म में वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गलत बताया गया है। जब आमिर से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं तो यह फिल्म जरूर देखूंगा, लेकिन मुझे नहीं पता कि वहां (पाकिस्तान में) यह क्यों नहीं दिखाई जा रही है।"
दरअसल, आमिर ने सलमान खान की आने वाली फिल्म 'एक था टाइगर' की शुरुआती झलकियां देखीं, जिसके बाद एक दिलचस्प और चर्चित हो चुके दृश्य, जिसमें कैटरीना कैफ सलाह के रूप में सलमान खान से कहती हैं कि उनकी उम्र शादी के लायक हो गई है, का जिक्र करते हुए आमिर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह (सलमान खान) इस सलाह को वास्तविक जीवन में मान लेंगे।
आमिर को 'एक था टाइगर' की शुरुआती झलकियां काफी पसंद आईं और उन्हें यह भी लगता है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहद कामयाब साबित होगी। फिल्म के निर्माता आदित्य चोपड़ा की रोमांच से भरी इस रोमांटिक फिल्म में सलमान खान और कैटरीना कैफ की रोमांटिक जोड़ी नजर आएगी। 'एक था टाइगर' का निर्देशन कबीर खान ने किया है, और यह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को प्रदर्शित होगी। टिप्पणियां
आमिर ने कहा, "मैंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मुझे फिल्म की शुरुआती झलकियां पसंद आ रही हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म बहुत बड़ी सफलता हासिल करेगी। मैंने सलमान, कबीर साहब और आदित्य चोपड़ा को संदेश भेजा है कि मुझे इसकी शुरुआती झलकियां पसंद आई हैं।"
उल्लेखनीय है कि 'एक था टाइगर' के प्रोमो पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, क्योंकि उनके मुताबिक इस फिल्म में वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गलत बताया गया है। जब आमिर से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं तो यह फिल्म जरूर देखूंगा, लेकिन मुझे नहीं पता कि वहां (पाकिस्तान में) यह क्यों नहीं दिखाई जा रही है।"
आमिर को 'एक था टाइगर' की शुरुआती झलकियां काफी पसंद आईं और उन्हें यह भी लगता है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहद कामयाब साबित होगी। फिल्म के निर्माता आदित्य चोपड़ा की रोमांच से भरी इस रोमांटिक फिल्म में सलमान खान और कैटरीना कैफ की रोमांटिक जोड़ी नजर आएगी। 'एक था टाइगर' का निर्देशन कबीर खान ने किया है, और यह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को प्रदर्शित होगी। टिप्पणियां
आमिर ने कहा, "मैंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मुझे फिल्म की शुरुआती झलकियां पसंद आ रही हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म बहुत बड़ी सफलता हासिल करेगी। मैंने सलमान, कबीर साहब और आदित्य चोपड़ा को संदेश भेजा है कि मुझे इसकी शुरुआती झलकियां पसंद आई हैं।"
उल्लेखनीय है कि 'एक था टाइगर' के प्रोमो पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, क्योंकि उनके मुताबिक इस फिल्म में वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गलत बताया गया है। जब आमिर से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं तो यह फिल्म जरूर देखूंगा, लेकिन मुझे नहीं पता कि वहां (पाकिस्तान में) यह क्यों नहीं दिखाई जा रही है।"
आमिर ने कहा, "मैंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मुझे फिल्म की शुरुआती झलकियां पसंद आ रही हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म बहुत बड़ी सफलता हासिल करेगी। मैंने सलमान, कबीर साहब और आदित्य चोपड़ा को संदेश भेजा है कि मुझे इसकी शुरुआती झलकियां पसंद आई हैं।"
उल्लेखनीय है कि 'एक था टाइगर' के प्रोमो पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, क्योंकि उनके मुताबिक इस फिल्म में वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गलत बताया गया है। जब आमिर से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं तो यह फिल्म जरूर देखूंगा, लेकिन मुझे नहीं पता कि वहां (पाकिस्तान में) यह क्यों नहीं दिखाई जा रही है।"
उल्लेखनीय है कि 'एक था टाइगर' के प्रोमो पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, क्योंकि उनके मुताबिक इस फिल्म में वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गलत बताया गया है। जब आमिर से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं तो यह फिल्म जरूर देखूंगा, लेकिन मुझे नहीं पता कि वहां (पाकिस्तान में) यह क्यों नहीं दिखाई जा रही है।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' का कहना है, "हम लोग काफी समय से उन्हें (सलमान खान) शादी करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी हमारी बात नहीं सुनी। अब शायद वह कैटरीना कैफ की सुनेंगे।" | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बोइंग के इंजीनियरों की एक टीम अगले हफ्ते 'बोइंग 787 ड्रीमलाइनर' विमान में खामियों की जांच करेगी। एयर इंडिया इस विमान को 2 दिसंबर से दिल्ली-लंदन मार्ग पर चलाने की योजना बना रही है।टिप्पणियां
एयर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा, बोइंग टीम ड्रीमलाइनर विमानों के निरीक्षण और प्रमाणन के लिए आ रही है, क्योंकि हमने 2 दिसंबर से दिल्ली-लंदन-दिल्ली मार्ग पर इन्हें चलाने की योजना बनाई है।
एयर इंडिया ने 27 'ड्रीमलाइनर' विमानों का ऑर्डर दिया था, जिसमें तीन उसे प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन कुछ खामियों की वजह से एक विमान उड़ान नहीं भर पाया है। खामियों को लेकर एयरलाइन के अधिकारी चिंतित तो हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह ऐसी समस्या है, जो नए विमानों में अक्सर होती है। उन्होंने कहा कि 'ऑल निप्पन एयरलाइंस' को जो ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति की गई थी, उसमें भी थोड़ी खामियां शुरू में देखी गई थीं।
एयर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा, बोइंग टीम ड्रीमलाइनर विमानों के निरीक्षण और प्रमाणन के लिए आ रही है, क्योंकि हमने 2 दिसंबर से दिल्ली-लंदन-दिल्ली मार्ग पर इन्हें चलाने की योजना बनाई है।
एयर इंडिया ने 27 'ड्रीमलाइनर' विमानों का ऑर्डर दिया था, जिसमें तीन उसे प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन कुछ खामियों की वजह से एक विमान उड़ान नहीं भर पाया है। खामियों को लेकर एयरलाइन के अधिकारी चिंतित तो हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह ऐसी समस्या है, जो नए विमानों में अक्सर होती है। उन्होंने कहा कि 'ऑल निप्पन एयरलाइंस' को जो ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति की गई थी, उसमें भी थोड़ी खामियां शुरू में देखी गई थीं।
एयर इंडिया ने 27 'ड्रीमलाइनर' विमानों का ऑर्डर दिया था, जिसमें तीन उसे प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन कुछ खामियों की वजह से एक विमान उड़ान नहीं भर पाया है। खामियों को लेकर एयरलाइन के अधिकारी चिंतित तो हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह ऐसी समस्या है, जो नए विमानों में अक्सर होती है। उन्होंने कहा कि 'ऑल निप्पन एयरलाइंस' को जो ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति की गई थी, उसमें भी थोड़ी खामियां शुरू में देखी गई थीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बोइंग के इंजीनियरों की एक टीम अगले हफ्ते 'बोइंग 787 ड्रीमलाइनर' विमान में खामियों की जांच करेगी। एयर इंडिया इस विमान को 2 दिसंबर से दिल्ली-लंदन मार्ग पर चलाने की योजना बना रही है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात विधानसभा के 40 प्रतिशत मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 84 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं.
गुजरात के मुख्यमंत्री पद से आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे और मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन के बाद 'गुजरात इलेक्शन वॉच एंड एसोसिएशन आफ डेमोकेट्रिक रीफॉर्म्स' (एडीआर) ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री विजय रूपानी सहित सभी 25 मंत्रियों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया है.
एडीआर ने जारी किए गए अध्ययन में कहा, "25 मंत्रियों में से 10 (40 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं... उनमें से पांच ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और डकैती शामिल हैं..." अध्ययन के मुताबिक, 25 मंत्रियों में से 21 (84 प्रतिशत) करोड़पति हैं और उनकी औसत सम्पत्ति 7.81 करोड़ रुपये है. अध्ययन में कहा गया है कि सबसे अधिक घोषित कुल आय वाले मंत्री सोलंकी पुरुषोत्तमभाई ओढवजीभाई हैं, जिनकी सम्पत्ति 37.61 करोड़ रुपये है. इसके बाद काकडिया वल्लभभाई गोबारभाई (28 करोड़ रुपये) और पटेल रोहितभाई जशुभाई (23 करोड़ रुपये) का नाम आता है.टिप्पणियां
अध्ययन में कहा गया है कि रूपानी के पास कुल सात करोड़ रुपये की सम्पत्ति है और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की कुल सम्पत्ति नौ करोड़ रुपये है. सबसे कम घोषित सम्पत्ति वाले मंत्री टी शब्दशरण भैलाभाई हैं, जिनकी सम्पत्ति 23.76 लाख रुपये की है.
इसमें कहा गया है कि कुल 18 मंत्रियों ने देनदारियां घोषित की हैं, जिनमें जैतपुर सीट से रडाडिया जयेशभाई विट्ठलभाई 7.94 करोड़ रुपये की देनदारी के साथ सबसे ऊपर हैं. उधर, शैक्षिक योग्यता के मामले में कुल 15 मंत्रियों के पास स्नातक या उसके ऊपर की डिग्री है, जबकि 10 के पास 12वीं या उसके नीचे की योग्यता है.
गुजरात के मुख्यमंत्री पद से आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे और मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन के बाद 'गुजरात इलेक्शन वॉच एंड एसोसिएशन आफ डेमोकेट्रिक रीफॉर्म्स' (एडीआर) ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री विजय रूपानी सहित सभी 25 मंत्रियों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया है.
एडीआर ने जारी किए गए अध्ययन में कहा, "25 मंत्रियों में से 10 (40 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं... उनमें से पांच ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और डकैती शामिल हैं..." अध्ययन के मुताबिक, 25 मंत्रियों में से 21 (84 प्रतिशत) करोड़पति हैं और उनकी औसत सम्पत्ति 7.81 करोड़ रुपये है. अध्ययन में कहा गया है कि सबसे अधिक घोषित कुल आय वाले मंत्री सोलंकी पुरुषोत्तमभाई ओढवजीभाई हैं, जिनकी सम्पत्ति 37.61 करोड़ रुपये है. इसके बाद काकडिया वल्लभभाई गोबारभाई (28 करोड़ रुपये) और पटेल रोहितभाई जशुभाई (23 करोड़ रुपये) का नाम आता है.टिप्पणियां
अध्ययन में कहा गया है कि रूपानी के पास कुल सात करोड़ रुपये की सम्पत्ति है और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की कुल सम्पत्ति नौ करोड़ रुपये है. सबसे कम घोषित सम्पत्ति वाले मंत्री टी शब्दशरण भैलाभाई हैं, जिनकी सम्पत्ति 23.76 लाख रुपये की है.
इसमें कहा गया है कि कुल 18 मंत्रियों ने देनदारियां घोषित की हैं, जिनमें जैतपुर सीट से रडाडिया जयेशभाई विट्ठलभाई 7.94 करोड़ रुपये की देनदारी के साथ सबसे ऊपर हैं. उधर, शैक्षिक योग्यता के मामले में कुल 15 मंत्रियों के पास स्नातक या उसके ऊपर की डिग्री है, जबकि 10 के पास 12वीं या उसके नीचे की योग्यता है.
एडीआर ने जारी किए गए अध्ययन में कहा, "25 मंत्रियों में से 10 (40 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं... उनमें से पांच ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और डकैती शामिल हैं..." अध्ययन के मुताबिक, 25 मंत्रियों में से 21 (84 प्रतिशत) करोड़पति हैं और उनकी औसत सम्पत्ति 7.81 करोड़ रुपये है. अध्ययन में कहा गया है कि सबसे अधिक घोषित कुल आय वाले मंत्री सोलंकी पुरुषोत्तमभाई ओढवजीभाई हैं, जिनकी सम्पत्ति 37.61 करोड़ रुपये है. इसके बाद काकडिया वल्लभभाई गोबारभाई (28 करोड़ रुपये) और पटेल रोहितभाई जशुभाई (23 करोड़ रुपये) का नाम आता है.टिप्पणियां
अध्ययन में कहा गया है कि रूपानी के पास कुल सात करोड़ रुपये की सम्पत्ति है और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की कुल सम्पत्ति नौ करोड़ रुपये है. सबसे कम घोषित सम्पत्ति वाले मंत्री टी शब्दशरण भैलाभाई हैं, जिनकी सम्पत्ति 23.76 लाख रुपये की है.
इसमें कहा गया है कि कुल 18 मंत्रियों ने देनदारियां घोषित की हैं, जिनमें जैतपुर सीट से रडाडिया जयेशभाई विट्ठलभाई 7.94 करोड़ रुपये की देनदारी के साथ सबसे ऊपर हैं. उधर, शैक्षिक योग्यता के मामले में कुल 15 मंत्रियों के पास स्नातक या उसके ऊपर की डिग्री है, जबकि 10 के पास 12वीं या उसके नीचे की योग्यता है.
अध्ययन में कहा गया है कि रूपानी के पास कुल सात करोड़ रुपये की सम्पत्ति है और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की कुल सम्पत्ति नौ करोड़ रुपये है. सबसे कम घोषित सम्पत्ति वाले मंत्री टी शब्दशरण भैलाभाई हैं, जिनकी सम्पत्ति 23.76 लाख रुपये की है.
इसमें कहा गया है कि कुल 18 मंत्रियों ने देनदारियां घोषित की हैं, जिनमें जैतपुर सीट से रडाडिया जयेशभाई विट्ठलभाई 7.94 करोड़ रुपये की देनदारी के साथ सबसे ऊपर हैं. उधर, शैक्षिक योग्यता के मामले में कुल 15 मंत्रियों के पास स्नातक या उसके ऊपर की डिग्री है, जबकि 10 के पास 12वीं या उसके नीचे की योग्यता है.
इसमें कहा गया है कि कुल 18 मंत्रियों ने देनदारियां घोषित की हैं, जिनमें जैतपुर सीट से रडाडिया जयेशभाई विट्ठलभाई 7.94 करोड़ रुपये की देनदारी के साथ सबसे ऊपर हैं. उधर, शैक्षिक योग्यता के मामले में कुल 15 मंत्रियों के पास स्नातक या उसके ऊपर की डिग्री है, जबकि 10 के पास 12वीं या उसके नीचे की योग्यता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ADR ने विजय रूपानी समेत 25 मंत्रियों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया
10 मंत्रियों के खिलाफ केस, पांच के खिलाफ हत्या, डकैती जैसे गंभीर केस
सबसे अधिक घोषित कुल आय वाले मंत्री सोलंकी पुरुषोत्तमभाई ओढवजीभाई | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस ने एक अंग्रेजी दैनिक के खिलाफ सोमवार को मामला दर्ज किया जिसमें आरोप है कि समाचार-पत्र ने राजधानी दिल्ली में सामूहिक बलात्कार पीड़ित उस 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल के बारे में ऐसी जानकारी छापी जिससे उसकी पहचान उजागर हो सकती है। पीड़िता की दो दिन पहले मौत हो गई थी।टिप्पणियां
भारतीय दंड संहिता की धारा 228 ए के तहत मामला वसंत विहार पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। सूत्रों ने बताया कि समाचार पत्र के संपादक, प्रकाशक, मुद्रक, दो संवाददाताओं और संबंधित छायाकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस अपराध के लिए जुर्माने के अलावा दो वर्ष तक की सजा हो सकती है।
दक्षिण दिल्ली में छह लोगों ने गत 16 दिसम्बर की रात में चलती बस में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसका वीभत्स तरीके से उत्पीड़न किया था।
भारतीय दंड संहिता की धारा 228 ए के तहत मामला वसंत विहार पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। सूत्रों ने बताया कि समाचार पत्र के संपादक, प्रकाशक, मुद्रक, दो संवाददाताओं और संबंधित छायाकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस अपराध के लिए जुर्माने के अलावा दो वर्ष तक की सजा हो सकती है।
दक्षिण दिल्ली में छह लोगों ने गत 16 दिसम्बर की रात में चलती बस में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसका वीभत्स तरीके से उत्पीड़न किया था।
दक्षिण दिल्ली में छह लोगों ने गत 16 दिसम्बर की रात में चलती बस में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसका वीभत्स तरीके से उत्पीड़न किया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली पुलिस ने एक अंग्रेजी दैनिक के खिलाफ सोमवार को मामला दर्ज किया जिसमें आरोप है कि समाचार-पत्र ने राजधानी दिल्ली में सामूहिक बलात्कार पीड़ित उस 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल के बारे में ऐसी जानकारी छापी जिससे उसकी पहचान उजागर हो सकती है। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान और भारत के परस्पर मित्र देशों को भारत से यह आग्रह करना चाहिए कि वह दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए कदम उठाये ताकि मुख्य मुद्दे कश्मीर के हल के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा सके। गिलानी ने यह बात पाकिस्तान की यात्रा पर आए ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पीटर रिकेट्स और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ डेविड के साथ मुलाकात के दौरान कही। इस अवसर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा और रक्षा मंत्री अहमद मुख्तार भी मौजूद थे। गिलानी ने कहा कि दोनों देशों के परस्पर मित्र देश जैसे ब्रिटेन को भारत से यह आग्रह करना चाहिए कि वह सियाचिन और सर क्रीक जैसे मुद्दों को सुलझाने के लिए आगे बढ़े। इससे दोनों देशों के बीच कश्मीर के मुख्य मुद्दे को सुलझाने के लिए अनुकूल माहौल बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ मैत्री संबंध चाहता है और अब दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया को फिर से बहाल करने को तैयार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की आशा है कि यह प्रक्रिया सतत जारी रहेगी और इसका इस्तेमाल ठोस परिणाम निकालने के हित में किया जाएगा। | संक्षिप्त सारांश: गिलानी ने यह बात पाक की यात्रा पर आए ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रिकेट्स और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ डेविड के साथ मुलाकात के दौरान कही। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू−कश्मीर के केरन सेक्टर में लगातार 14वें दिन सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड जारी है। गृह मंत्रालय का कहना है कि घुसपैठियों को पाक सेना की मदद मिल रही है।टिप्पणियां
सोमवार को तीनों सेनाओं के प्रमुख प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिले। मुलाकात के दौरान गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि उनके बीच केरन की घुसपैठ पर भी बात हुई।
सोमवार को इन घुसपैठियों के ख़िलाफ़ जोरदार तलाशी अभियान में फौज ने बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए।
सोमवार को तीनों सेनाओं के प्रमुख प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिले। मुलाकात के दौरान गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि उनके बीच केरन की घुसपैठ पर भी बात हुई।
सोमवार को इन घुसपैठियों के ख़िलाफ़ जोरदार तलाशी अभियान में फौज ने बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए।
सोमवार को इन घुसपैठियों के ख़िलाफ़ जोरदार तलाशी अभियान में फौज ने बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू−कश्मीर के केरन सेक्टर में लगातार 14वें दिन सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड जारी है। गृह मंत्रालय का कहना है कि घुसपैठियों को पाक सेना की मदद मिल रही है। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश की दो महीने पुरानी कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल में शनिवार को विस्तार किया गया। मंत्रिमंडल विस्तार के अंतर्गत सुखराम शर्मा के पुत्र अनिल शर्मा को शामिल किया गया।
अनिल शर्मा इससे पहले 1993 तथा 1997 में भी राज्य में मंत्री पद संभाल चुके हैं। शर्मा के शामिल होने से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के मंत्रिमंडल की संख्या 10 से बढ़कर 11 हो गई।
इससे पहले तीन बार विधायक तथा राज्यसभा सदस्य रह चुके शर्मा इस समय मंडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
इस मंत्रिमंडल विस्तार के बावजूद मंत्रिमंडल में अभी भी एक पद रिक्त है। मुख्यमंत्री सिंह ने कहा है कि अगला मंत्रिमंडल विस्तार राज्य विधानसभा के बजट सत्र के बाद किया जाएगा।टिप्पणियां
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 12 मार्च से शुरू हो रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले मंत्रिमंडल विस्तार के तहत मुख्यमंत्री चार से पांच विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शामिल करना चाहते हैं।
अनिल शर्मा इससे पहले 1993 तथा 1997 में भी राज्य में मंत्री पद संभाल चुके हैं। शर्मा के शामिल होने से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के मंत्रिमंडल की संख्या 10 से बढ़कर 11 हो गई।
इससे पहले तीन बार विधायक तथा राज्यसभा सदस्य रह चुके शर्मा इस समय मंडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
इस मंत्रिमंडल विस्तार के बावजूद मंत्रिमंडल में अभी भी एक पद रिक्त है। मुख्यमंत्री सिंह ने कहा है कि अगला मंत्रिमंडल विस्तार राज्य विधानसभा के बजट सत्र के बाद किया जाएगा।टिप्पणियां
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 12 मार्च से शुरू हो रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले मंत्रिमंडल विस्तार के तहत मुख्यमंत्री चार से पांच विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शामिल करना चाहते हैं।
इससे पहले तीन बार विधायक तथा राज्यसभा सदस्य रह चुके शर्मा इस समय मंडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
इस मंत्रिमंडल विस्तार के बावजूद मंत्रिमंडल में अभी भी एक पद रिक्त है। मुख्यमंत्री सिंह ने कहा है कि अगला मंत्रिमंडल विस्तार राज्य विधानसभा के बजट सत्र के बाद किया जाएगा।टिप्पणियां
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 12 मार्च से शुरू हो रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले मंत्रिमंडल विस्तार के तहत मुख्यमंत्री चार से पांच विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शामिल करना चाहते हैं।
इस मंत्रिमंडल विस्तार के बावजूद मंत्रिमंडल में अभी भी एक पद रिक्त है। मुख्यमंत्री सिंह ने कहा है कि अगला मंत्रिमंडल विस्तार राज्य विधानसभा के बजट सत्र के बाद किया जाएगा।टिप्पणियां
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 12 मार्च से शुरू हो रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले मंत्रिमंडल विस्तार के तहत मुख्यमंत्री चार से पांच विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शामिल करना चाहते हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 12 मार्च से शुरू हो रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले मंत्रिमंडल विस्तार के तहत मुख्यमंत्री चार से पांच विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शामिल करना चाहते हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले मंत्रिमंडल विस्तार के तहत मुख्यमंत्री चार से पांच विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शामिल करना चाहते हैं। | सारांश: हिमाचल प्रदेश की दो महीने पुरानी कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल में शनिवार को विस्तार किया गया। मंत्रिमंडल विस्तार के अंतर्गत सुखराम शर्मा के पुत्र अनिल शर्मा को शामिल किया गया। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शिवड़ी पुलिस की मांग से हैरान परेशान आकाश घुगे का कहना है कि इससे तो न सिर्फ उसका केस कमजोर होगा, उल्टे वह झूठा सबूत बनाने के आरोप में भी फंस सकता है. इसलिए उसने डीसीपी के पास लिखित शिकायत की है, लेकिन कोई उसे गंभीरता से नहीं ले रहा.
हालांकि पुलिस का कारनामा मीडिया में आने के बाद पुलिस अब मामले की जांच करने का दावा कर रही है. इलाके की डीसीपी सुनीता सालुंखे ठाकरे ने बताया कि उन्होंने थाना इंचार्ज को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.
मुंबई पुलिस का डिटेक्शन रेट भले ही अच्छा है लेकिन कन्विक्शन रेट को लेकर सवाल उठते रहे हैं. अब अहम सबूत के गायब होने और उसकी जगह पर दूसरा सबूत गढ़ने के लिए पीड़ित को मजबूर करने के खुलासे से मुंबई पुलिस की छवि और भी खराब होती दिख रही है. सवाल यह भी है कि यह सिर्फ लापरवाही है या आरोपियों को बचाने की साजिश?
मुंबई पुलिस का डिटेक्शन रेट भले ही अच्छा है लेकिन कन्विक्शन रेट को लेकर सवाल उठते रहे हैं. अब अहम सबूत के गायब होने और उसकी जगह पर दूसरा सबूत गढ़ने के लिए पीड़ित को मजबूर करने के खुलासे से मुंबई पुलिस की छवि और भी खराब होती दिख रही है. सवाल यह भी है कि यह सिर्फ लापरवाही है या आरोपियों को बचाने की साजिश? | यह एक सारांश है: आकाश दामु घुगे पर 20 दिसंबर 2015 को जानलेवा हमला हुआ था
पुलिस का कहना है कि उसे खून से सने कपड़े मिल नहीं रहे
पुलिस की लापरवाही या आरोपियों को बचाने की साजिश? | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: डिजाइनर वारिजा बजाज ने आईएएनएस को बताया, "डिजानर्स साड़ी को, साड़ी गाउन, लहंगा साड़ी, जीन्स के साथ साड़ी और इसके साथ ही कुछ और खूबसूरत तरीकों से पेश करने पर काम कर रहे हैं." वह आगे कहती हैं, "जब एक डिजाइनर साड़ी को अलग अंदाज में पेश करता है तो उसे इस बात का ख्याल रखना पड़ता है कि एक खूबसूरत नवीनीकरण और ट्रैजिक डिजास्टर के बीच एक पतली सी लाइन है। खराब तरीके से किया गया डिजाइन न केवल इसके लुक को बर्बाद कर देता है बल्कि साड़ी में नारीवाद के सार को भी खत्म कर देता है." हालांकि, मशहूर डिजाइनर रितु कुमार को ऐसा लगता है कि स्टाइलिस्ट ने किसी भी नियम को नहीं तोड़ा है.
रितु कहती हैं, "साड़ी एक बिना सिला हुआ गार्मेट है और इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में भिन्न तरीकों से पहना जाता है. एक साड़ी नौ गज से तीन गज तक की हो सकती है. साड़ी का कोई मानकीकरण नहीं है." वह यह भी कहती हैं, "साड़ी पहनने का कोई परम्परागत या हार्ड व फार्स्ट नियम नहीं है." टेक्सटाइल पुनरुत्थानवादी मधु जैन को लगता है कि नए परिवर्तन के लिए जगह जरूर होनी चाहिए, लेकिन परम्परागत तरीके को भी बरकरार रखनी चाहिए.
कई लोगों को ऐसा लगता है कि दिशा पटानी (Disha Patani) का लुक गाने में साल 1990 के गाने 'टिप टिप बरसा पानी' में रवीना टंडन के लुक से मिल रहा है तो किसी ने कहा कि यह माधुरी दीक्षित का 'धक धक' लुक है. कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने इस पर जोक्स भी बनाए हैं. एक यूजर ने ट्वीट किया : "दिशा के साड़ी के पल्लू को देखो, इसने दिशा को ठीक उसी तरह से ढका है जिस तरीके से मैं पूरे साल के दौरान अपने सिलेबस को कवर करता हूं." किसी ने लिखा, "यह इकलौती ऐसी साड़ी है जिसमें पल्लू की जगह नाड़ा है." दिशा पटानी (Disha Patani) की साड़ी पर कुछ मीम्स भी बन रहे हैं। एक ने लिखा, "अगर आप खुद को कभी बेकार महसूस कर रहे हैं तो इस गाने में दिशा के पल्लू के बारे में सोचें." एक तस्वीर में दिशा की साड़ी के पल्लू पर इशारा करते हुए लिखा गया : "क्या मैं तुम्हारे लिए एक मजाक हूं?" | संक्षिप्त सारांश: दिशा पटानी के साड़ी लुक पर विवाद
फिल्म 'भारत' के नए सॉन्ग में दिखा लुक
सोशल मीडिया पर आ रहे रिएक्शन | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईआईटी-दिल्ली के स्टूडेंट और रोहतक के निवासी अंकुर दहिया को फेसबुक ने 65 लाख रुपये की सालाना सेलरी पर नियुक्त किया है। 21 साल का अंकुर कम्प्यूटर साइंस का स्टूडेंट है। इस खबर के बाद से अंकुर के घर में ख़ुशी छाई हुई है और उन्हें बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है। फेसबुक ने अपने यहां नौकरी पर रखने के लिए पिछले साल भी आईआईटी दिल्ली कैम्पस की खाक छानी थी लेकिन उसकी तलाश इस बार जाकर पूरी हुई है। हरियाणा में रोहतक के मूल निवासी अंकुर ने कहा, मैंने जब से यह सुना कि फेसबुक हमारे कैंपस में आ रहा है, तभी से मैं चाहने लगा कि मेरा ही सेलेक्शन हो। यह मेरा सपना था जो आखिरकार सच हो गया है। अंकुर दहिया का आईआईटी में कोर्स अगले साल पूरा हो रहा है। इसके बाद कैलिफोर्निया के पालो अल्टो स्थित फेसबुक ऑफिस में उसका प्लेसमेंट होगा। ऐसा पहली बार है जब फेसबुक ने आईआईटी-दिल्ली के किसी स्टूडेंट को अपने यहां नौकरी दी है। फेसबुक ने पिछले साल आईआईटी चेन्नई के एक स्टूडेंट को नौकरी दी थी। | यहाँ एक सारांश है:आईआईटी-दिल्ली के स्टूडेंट और रोहतक के निवासी अंकुर दहिया को फेसबुक ने 65 लाख रुपये के सालाना सेलरी पर नियुक्त किया है। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई हवाई अड्डे पर उस समय 140 यात्री बाल-बाल बच गए जब चंडीगढ़ से आया इंडिगो का एक विमान रनवे से फिसल गया।
अधिकारियों ने बताया कि इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई433 के उतरने के बाद रनवे से फिसल गया जिससे कुछ रनवे लाइटों को नुकसान हुआ। इसमें 140 यात्री सवार थे। उन्होंने कहा कि विमान के पायलट को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। शुरुआती जांच की रिपोर्ट नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को जल्द सौंपे जाने की संभावना है।टिप्पणियां
डीजीसीए के एक अधिकारी ने कहा, ‘इस घटना को लेकर हमारी जांच चल रही है।’ घटना के बाद रनवे को करीब दो घंटे तक बंद रखा गया था और इस दौरान आसपास के स्थान की सफाई की गई एवं लाइटों की मरम्मत की गई। उस वक्त आने और जाने वाली उड़ानों में 30 से 40 मिनट तक का विलंब हुआ।
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि ‘अचानक हवा के झोंके ’ से विमान फिसल गया।
अधिकारियों ने बताया कि इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई433 के उतरने के बाद रनवे से फिसल गया जिससे कुछ रनवे लाइटों को नुकसान हुआ। इसमें 140 यात्री सवार थे। उन्होंने कहा कि विमान के पायलट को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। शुरुआती जांच की रिपोर्ट नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को जल्द सौंपे जाने की संभावना है।टिप्पणियां
डीजीसीए के एक अधिकारी ने कहा, ‘इस घटना को लेकर हमारी जांच चल रही है।’ घटना के बाद रनवे को करीब दो घंटे तक बंद रखा गया था और इस दौरान आसपास के स्थान की सफाई की गई एवं लाइटों की मरम्मत की गई। उस वक्त आने और जाने वाली उड़ानों में 30 से 40 मिनट तक का विलंब हुआ।
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि ‘अचानक हवा के झोंके ’ से विमान फिसल गया।
डीजीसीए के एक अधिकारी ने कहा, ‘इस घटना को लेकर हमारी जांच चल रही है।’ घटना के बाद रनवे को करीब दो घंटे तक बंद रखा गया था और इस दौरान आसपास के स्थान की सफाई की गई एवं लाइटों की मरम्मत की गई। उस वक्त आने और जाने वाली उड़ानों में 30 से 40 मिनट तक का विलंब हुआ।
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि ‘अचानक हवा के झोंके ’ से विमान फिसल गया।
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि ‘अचानक हवा के झोंके ’ से विमान फिसल गया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुंबई हवाई अड्डे पर उस समय 140 यात्री बाल-बाल बच गए जब चंडीगढ़ से आया इंडिगो का एक विमान रनवे से फिसल गया। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जम्मू−कश्मीर के राजवर फॉरेस्ट इलाके में सेना और आतंकवादियों के बीच भीषण गोलीबारी खत्म हो गई है। मुठभेड़ खत्म हो गई है लेकिन इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।टिप्पणियां
मुठभेड़ में सेना ने अब तक एक आतंकी को मार गिराया जबकि तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। गुरुवार को इसी इलाके के मक्की में सेना ने तीन आतंकवादियों को मुठभेड़ में ढेर किया था।
सेना का यह ऑपरेशन एक हफ्ते से चल रहा है। दरअसल, सेना को ख़बर मिली थी की हंदवाड़ा में कई आतंकी घुस आए हैं जिसके बाद से सेना ने अपना ये ऑपरेशन चला रखा है।
मुठभेड़ में सेना ने अब तक एक आतंकी को मार गिराया जबकि तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। गुरुवार को इसी इलाके के मक्की में सेना ने तीन आतंकवादियों को मुठभेड़ में ढेर किया था।
सेना का यह ऑपरेशन एक हफ्ते से चल रहा है। दरअसल, सेना को ख़बर मिली थी की हंदवाड़ा में कई आतंकी घुस आए हैं जिसके बाद से सेना ने अपना ये ऑपरेशन चला रखा है।
सेना का यह ऑपरेशन एक हफ्ते से चल रहा है। दरअसल, सेना को ख़बर मिली थी की हंदवाड़ा में कई आतंकी घुस आए हैं जिसके बाद से सेना ने अपना ये ऑपरेशन चला रखा है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू−कश्मीर के राजवर फॉरेस्ट इलाके में सेना और आतंकवादियों के बीच भीषण गोलीबारी खत्म हो गई है। इस मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर हो गया है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रमजान के पवित्र महीने के समापन पर मनाया जाने वाला ईद का त्यौहार सात जुलाई को मनाया जाएगा, जबकि केरल और जम्मू-कश्मीर में यह पर्व आज (बुधवार को) मनाया जाएगा।
नई दिल्ली में फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया, 'मंगलवार की शाम ईद का चांद नहीं दिखने के कारण अब बुधवार को 30वां रोजा रखा जाएगा और ईद-उल-फितर का त्यौहार अब गुरूवार (सात जुलाई) को मनाया जाएगा।' दरअसल, ईद का त्यौहार दूज का चांद दिखने के बाद अगले दिन मनाया जाता है, लेकिन मंगलवार को चांद नहीं दिखने के कारण यह फैसला लिया गया है।
उधर, जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी घोषणा की है कि ईद का त्यौहार सात जुलाई को मनाया जाएगा।
हालांकि, केरल और जम्मू-कश्मीर में ईद कल मनाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर के सदर मुफ्ती बशीरूद्दीन अहमद ने घोषणा की है कि प्रदेश में ईद का पर्व कल मनाया जाएगा। टिप्पणियां
इस बीच केंद्र ने गुरूवार को ईद के त्यौहार को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में कार्यालयों के अवकाश की घोषणा की है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नई दिल्ली में फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया, 'मंगलवार की शाम ईद का चांद नहीं दिखने के कारण अब बुधवार को 30वां रोजा रखा जाएगा और ईद-उल-फितर का त्यौहार अब गुरूवार (सात जुलाई) को मनाया जाएगा।' दरअसल, ईद का त्यौहार दूज का चांद दिखने के बाद अगले दिन मनाया जाता है, लेकिन मंगलवार को चांद नहीं दिखने के कारण यह फैसला लिया गया है।
उधर, जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी घोषणा की है कि ईद का त्यौहार सात जुलाई को मनाया जाएगा।
हालांकि, केरल और जम्मू-कश्मीर में ईद कल मनाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर के सदर मुफ्ती बशीरूद्दीन अहमद ने घोषणा की है कि प्रदेश में ईद का पर्व कल मनाया जाएगा। टिप्पणियां
इस बीच केंद्र ने गुरूवार को ईद के त्यौहार को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में कार्यालयों के अवकाश की घोषणा की है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उधर, जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी घोषणा की है कि ईद का त्यौहार सात जुलाई को मनाया जाएगा।
हालांकि, केरल और जम्मू-कश्मीर में ईद कल मनाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर के सदर मुफ्ती बशीरूद्दीन अहमद ने घोषणा की है कि प्रदेश में ईद का पर्व कल मनाया जाएगा। टिप्पणियां
इस बीच केंद्र ने गुरूवार को ईद के त्यौहार को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में कार्यालयों के अवकाश की घोषणा की है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि, केरल और जम्मू-कश्मीर में ईद कल मनाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर के सदर मुफ्ती बशीरूद्दीन अहमद ने घोषणा की है कि प्रदेश में ईद का पर्व कल मनाया जाएगा। टिप्पणियां
इस बीच केंद्र ने गुरूवार को ईद के त्यौहार को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में कार्यालयों के अवकाश की घोषणा की है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बीच केंद्र ने गुरूवार को ईद के त्यौहार को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में कार्यालयों के अवकाश की घोषणा की है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: देश के ज्यादातर हिस्सों में गुरुवार को ईद मनेगी
केरल और जम्मू-कश्मीर में ईद आज मनाई जा रही
राष्ट्रीय राजधानी में कार्यालयों में गुरुवार को अवकाश | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इस दौरे को शरद यादव और नीतीश कुमार के बीच औपचारिक अलगाव की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है. बिहार से लौटने के बाद शरद यादव 17 अगस्त को दिल्ली में एक सम्मेलन करने की योजना भी बना रहे हैं. हाल के दिनों में शरद यादव ने पार्टी लाइन के खिलाफ जमकर बयानबाजी की है. साथ ही बीजेपी के साथ सरकार बनाने के नीतीश के फैसले की आलोचना भी की है.टिप्पणियां
पढ़ें: एमपी, यूपी से लेकर बिहार की राजनीति में परचम लहराने वाले शरद यादव का राजनीतिक सफर अपने बागी तेवरों को लेकर पार्टी की ओर से कार्रवाई की अटकलों के बीच शरद यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. एनडीटीवी से बातचीत में शरद यादव ने कहा कि महागठबंधन जनता के साथ एक बड़ा करार था और इसके टूटने से जनता का विश्वास टूटा है. पटना, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा में जनसंवाद करूंगा. मधुबनी, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में जनसंवाद करूंगा. मैंने गठबंधन के लिए काफी मेहनत की थी. सारे सूबों में मैंने दौरा किया था. गठबंधन एक तरह से जनता के साथ एक बड़ा करार था. वो टूटा है. मैं जनता के पास जाऊंगा. गठबंधन टूटने से जनता का विश्वास भी टूटा है. इसी संदर्भ में मैं जनता से बातचीत करुंगा, राह देखूंगा रास्ता वहीं से खोजूंगा.
पढ़ें: एमपी, यूपी से लेकर बिहार की राजनीति में परचम लहराने वाले शरद यादव का राजनीतिक सफर अपने बागी तेवरों को लेकर पार्टी की ओर से कार्रवाई की अटकलों के बीच शरद यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. एनडीटीवी से बातचीत में शरद यादव ने कहा कि महागठबंधन जनता के साथ एक बड़ा करार था और इसके टूटने से जनता का विश्वास टूटा है. पटना, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा में जनसंवाद करूंगा. मधुबनी, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में जनसंवाद करूंगा. मैंने गठबंधन के लिए काफी मेहनत की थी. सारे सूबों में मैंने दौरा किया था. गठबंधन एक तरह से जनता के साथ एक बड़ा करार था. वो टूटा है. मैं जनता के पास जाऊंगा. गठबंधन टूटने से जनता का विश्वास भी टूटा है. इसी संदर्भ में मैं जनता से बातचीत करुंगा, राह देखूंगा रास्ता वहीं से खोजूंगा.
अपने बागी तेवरों को लेकर पार्टी की ओर से कार्रवाई की अटकलों के बीच शरद यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. एनडीटीवी से बातचीत में शरद यादव ने कहा कि महागठबंधन जनता के साथ एक बड़ा करार था और इसके टूटने से जनता का विश्वास टूटा है. पटना, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा में जनसंवाद करूंगा. मधुबनी, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में जनसंवाद करूंगा. मैंने गठबंधन के लिए काफी मेहनत की थी. सारे सूबों में मैंने दौरा किया था. गठबंधन एक तरह से जनता के साथ एक बड़ा करार था. वो टूटा है. मैं जनता के पास जाऊंगा. गठबंधन टूटने से जनता का विश्वास भी टूटा है. इसी संदर्भ में मैं जनता से बातचीत करुंगा, राह देखूंगा रास्ता वहीं से खोजूंगा. | संक्षिप्त पाठ: सात जिलों में घूम-घूमकर लोगों से संवाद करेंगे शरद
नीतीश के बीजेपी के साथ चले जाने से चल रहे हैं नाराज
जेडीयू ने बागी शरद यादव के दौरे से किया किनारा | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जीएसटी को एक जूलाई से पूरे देश में लागू करने की तैयारी के बीच जीएसटी नेटवर्क के चेयरमैन नवीन कुमार ने कहा है कि इसके लिए ज़रूरी आईटी सॉफ्टवेयर नेटवर्क 15 जुलाई तक ही पूरी तरह से तैयार हो पाएगा और नई व्यवस्था को स्थिर होने में तीन से चार महीने लगेंगे. जीएसटीएन चीफ के मुताबिक 80 लाख करदाता हैं. देशभर में जिनको जीएसटी की नई व्यवस्था में शामिल किया जाना है इसमें से 66 लाख अब तक इनरोल हो चुके हैं यानी 14 लाख ने अभी तक इनरोल भी नहीं किया है जबकि एक जुलाई से जीएसटी लागू हो जाएगा.
जीएसटी नेटवर्क देश में सही तरीके से 15 जुलाई से ही लागू हो पाएगा. जीएसटी लागू करने के लिए जिम्मेदार तकनीकी व्यवस्था जीएसटीएन के चेयरमैन नवीन कुमार ने कहा है कि जीएसटीआर- 1, 15 जुलाई तक जबकि जीएसटीआर- 2 जुलाई के अंत तक तैयार होगा और जीएसटीआर- 3 उसके दस दिन बाद. एक जुलाई से व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी.
साफ है एक जुलाई से जब जीएसटी को लागू किया जाएगा तक तक जीएसटीएन पूरी तरह से तैयार नहीं होगा. जबकि एसोचैम को सबसे ज़्यादा चिंता इसी नेटवर्क की है. एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल डीएस रावत ने एनडीटीवी से कहा, "जीएसटीएन चीफ बार-बार संकेत दे रहे हैं कि देरी हो सकती है. ऐसा हुआ तो एक जुलाई से लागू करने की तैयारी को धक्का लग सकता है." टिप्पणियां
नीति आयोग के अधिकारी और अर्थशास्त्री टी हक कहते हैं कि जब तक सिस्टम नहीं बनेगा तब तक मक़सद पूरा नहीं होगा. टी हक ने एनडीटीवी से कहा, "लोगों की तरफ से कई तरह की शिकायतें आ रही हैं. जीएसटी के पीछे मुख्य सोच टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है जिससे भ्रष्टाचार रूके. अगर वो समय पर सही तरीके से तैयार नहीं हो पाएगा तो फिर जीएसटी लागू करने का मकसद सही तरीके से पूरा नहीं हो पाएगा."
साफ है अब सबकी निगाहें जीएसटी नेटवर्क पर टिकी हैं. अब देखना होगा कि देश में जीएसटी को सही तरीके से लागू करने के लिए ज़रूरी आईटी सॉफ्टवेयर तैयार करने में जीएसटीएन कब तक कामयाब हो पाता है.
नीति आयोग के अधिकारी और अर्थशास्त्री टी हक कहते हैं कि जब तक सिस्टम नहीं बनेगा तब तक मक़सद पूरा नहीं होगा. टी हक ने एनडीटीवी से कहा, "लोगों की तरफ से कई तरह की शिकायतें आ रही हैं. जीएसटी के पीछे मुख्य सोच टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है जिससे भ्रष्टाचार रूके. अगर वो समय पर सही तरीके से तैयार नहीं हो पाएगा तो फिर जीएसटी लागू करने का मकसद सही तरीके से पूरा नहीं हो पाएगा."
साफ है अब सबकी निगाहें जीएसटी नेटवर्क पर टिकी हैं. अब देखना होगा कि देश में जीएसटी को सही तरीके से लागू करने के लिए ज़रूरी आईटी सॉफ्टवेयर तैयार करने में जीएसटीएन कब तक कामयाब हो पाता है.
साफ है अब सबकी निगाहें जीएसटी नेटवर्क पर टिकी हैं. अब देखना होगा कि देश में जीएसटी को सही तरीके से लागू करने के लिए ज़रूरी आईटी सॉफ्टवेयर तैयार करने में जीएसटीएन कब तक कामयाब हो पाता है. | यहाँ एक सारांश है:जीएसटी नेटवर्क 15 जुलाई तक ही तैयार हो पाएगा
नई व्यवस्था को स्थिर होने में 3 से 4 महीने लगेंगे
1 जुलाई से जीएसटी लागू हो जाएगा, उद्योग जगत चिंतित | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ल्डकप-1983 से जुड़ी जीत भारतीय क्रिकेट के लिहाज से मील का पत्थर कही जा सकती है. महान हरफनमौला कपिल देव के नेतृत्व में प्रूडेंशियल वर्ल्डकप के लिए भारतीय टीम जब इंग्लैंड पहुंची थी तो उसे विजेता बनने का तो ठीक, सेमीफाइनल में पहुंचने तक का दावेदार भी नहीं माना जा रहा था.
इसके पीछे कारण वर्ष 1975 और 1979 के वर्ल्डकप में टीम इंडिया का प्रदर्शन था. 1975 के वर्ल्डकप में भारतीय टीम महज पूर्वी अफ्रीका को पराजित कर पाई थी. इंग्लैंड ने उस समय भारतीय टीम पर 200 रन से अधिक के अंतर से जीत हासिल की थी. इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने 60 ओवर में 334 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. 1979 के वर्ल्डकप के दौरान भी टीम इंडिया की यही कहानी लगभग जारी रही और कमजोर मानी जा रही श्रीलंका के खिलाफ भी उसे हार का सामना करना पड़ा.
बहरहाल, भारतीय टीम ने यह तमाम कसर 1983 के वर्ल्डकप में पूरी करते हुए इतिहास रच दिया. कपिलदेव के जांबाजों ने फाइनल में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर विजेता ट्रॉफी कर कब्जा जमाया. इस प्रदर्शन में टीम के लगभग हर खिलाड़ी ने कुछ न कुछ योगदान दिया, लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा था जो बेहद प्रतिभावान होने के बावजूद वर्ल्डकप में कोई मैच नहीं खेल सका.
कई लोगों को तो शायद याद भी नहीं होगा कि कपिल देव के नेतृत्व में वर्ल्डकप चैंपियन बनी भारतीय टीम में तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी थे. वालसन को वर्ल्डकप में कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला. बात यहीं तक होती तो ठीक है. वाल्सन इसके बाद भारत की ओर से कोई इंटरनेशनल मैच भी नहीं खेल पाए. वर्ल्डकप विजेता टीम के सदस्य होने के बावजूद उनके खाते में एक भी इंटरनेशल मैच दर्ज नहीं है.टिप्पणियां
कई पूर्व खिलाड़ी, सुनील वाल्सन को प्रतिभा से भरपूर क्रिकेटर मानते थे. घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और रेलवे का प्रतिनिधित्व करने वाले वाल्सन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे. 75 प्रथम श्रेणी के मैचों में 25.35 के औसत से 212 विकेट उनके नाम पर दर्ज हैं. छह बार उन्होंने पांच या इससे अधिक और एक बार 10 से अधिक विकेट हासिल किए. घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में उन्होंने दुनिया के महान ओपनर सुनील गावस्कर को आउट किया. हर कोई जानता है कि सनी अपने विकेट के लिए गेंदबाजों से कितनी मेहनत कराते थे और उन्हें आउट करने का काम कोई साधारण गेंदबाज नहीं हो सकता.
वाल्सन बाएं हाथ के गेंदबाज थे. 80 के दशक या इससे पहले भारत के पास बाएं हाथ के गेंदबाज बहुत कम हुए हैं. करसन घावरी के बाद भारतीय टीम में लंबे समय तक कोई बाएं हाथ का गेंदबाज नहीं रहा. इस लिहाज से वाल्सन टीम के लिए उपयोग साबित हो सकते थे, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें एक भी इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिल पाया.
इसके पीछे कारण वर्ष 1975 और 1979 के वर्ल्डकप में टीम इंडिया का प्रदर्शन था. 1975 के वर्ल्डकप में भारतीय टीम महज पूर्वी अफ्रीका को पराजित कर पाई थी. इंग्लैंड ने उस समय भारतीय टीम पर 200 रन से अधिक के अंतर से जीत हासिल की थी. इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने 60 ओवर में 334 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. 1979 के वर्ल्डकप के दौरान भी टीम इंडिया की यही कहानी लगभग जारी रही और कमजोर मानी जा रही श्रीलंका के खिलाफ भी उसे हार का सामना करना पड़ा.
बहरहाल, भारतीय टीम ने यह तमाम कसर 1983 के वर्ल्डकप में पूरी करते हुए इतिहास रच दिया. कपिलदेव के जांबाजों ने फाइनल में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर विजेता ट्रॉफी कर कब्जा जमाया. इस प्रदर्शन में टीम के लगभग हर खिलाड़ी ने कुछ न कुछ योगदान दिया, लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा था जो बेहद प्रतिभावान होने के बावजूद वर्ल्डकप में कोई मैच नहीं खेल सका.
कई लोगों को तो शायद याद भी नहीं होगा कि कपिल देव के नेतृत्व में वर्ल्डकप चैंपियन बनी भारतीय टीम में तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी थे. वालसन को वर्ल्डकप में कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला. बात यहीं तक होती तो ठीक है. वाल्सन इसके बाद भारत की ओर से कोई इंटरनेशनल मैच भी नहीं खेल पाए. वर्ल्डकप विजेता टीम के सदस्य होने के बावजूद उनके खाते में एक भी इंटरनेशल मैच दर्ज नहीं है.टिप्पणियां
कई पूर्व खिलाड़ी, सुनील वाल्सन को प्रतिभा से भरपूर क्रिकेटर मानते थे. घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और रेलवे का प्रतिनिधित्व करने वाले वाल्सन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे. 75 प्रथम श्रेणी के मैचों में 25.35 के औसत से 212 विकेट उनके नाम पर दर्ज हैं. छह बार उन्होंने पांच या इससे अधिक और एक बार 10 से अधिक विकेट हासिल किए. घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में उन्होंने दुनिया के महान ओपनर सुनील गावस्कर को आउट किया. हर कोई जानता है कि सनी अपने विकेट के लिए गेंदबाजों से कितनी मेहनत कराते थे और उन्हें आउट करने का काम कोई साधारण गेंदबाज नहीं हो सकता.
वाल्सन बाएं हाथ के गेंदबाज थे. 80 के दशक या इससे पहले भारत के पास बाएं हाथ के गेंदबाज बहुत कम हुए हैं. करसन घावरी के बाद भारतीय टीम में लंबे समय तक कोई बाएं हाथ का गेंदबाज नहीं रहा. इस लिहाज से वाल्सन टीम के लिए उपयोग साबित हो सकते थे, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें एक भी इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिल पाया.
बहरहाल, भारतीय टीम ने यह तमाम कसर 1983 के वर्ल्डकप में पूरी करते हुए इतिहास रच दिया. कपिलदेव के जांबाजों ने फाइनल में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर विजेता ट्रॉफी कर कब्जा जमाया. इस प्रदर्शन में टीम के लगभग हर खिलाड़ी ने कुछ न कुछ योगदान दिया, लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा था जो बेहद प्रतिभावान होने के बावजूद वर्ल्डकप में कोई मैच नहीं खेल सका.
कई लोगों को तो शायद याद भी नहीं होगा कि कपिल देव के नेतृत्व में वर्ल्डकप चैंपियन बनी भारतीय टीम में तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी थे. वालसन को वर्ल्डकप में कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला. बात यहीं तक होती तो ठीक है. वाल्सन इसके बाद भारत की ओर से कोई इंटरनेशनल मैच भी नहीं खेल पाए. वर्ल्डकप विजेता टीम के सदस्य होने के बावजूद उनके खाते में एक भी इंटरनेशल मैच दर्ज नहीं है.टिप्पणियां
कई पूर्व खिलाड़ी, सुनील वाल्सन को प्रतिभा से भरपूर क्रिकेटर मानते थे. घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और रेलवे का प्रतिनिधित्व करने वाले वाल्सन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे. 75 प्रथम श्रेणी के मैचों में 25.35 के औसत से 212 विकेट उनके नाम पर दर्ज हैं. छह बार उन्होंने पांच या इससे अधिक और एक बार 10 से अधिक विकेट हासिल किए. घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में उन्होंने दुनिया के महान ओपनर सुनील गावस्कर को आउट किया. हर कोई जानता है कि सनी अपने विकेट के लिए गेंदबाजों से कितनी मेहनत कराते थे और उन्हें आउट करने का काम कोई साधारण गेंदबाज नहीं हो सकता.
वाल्सन बाएं हाथ के गेंदबाज थे. 80 के दशक या इससे पहले भारत के पास बाएं हाथ के गेंदबाज बहुत कम हुए हैं. करसन घावरी के बाद भारतीय टीम में लंबे समय तक कोई बाएं हाथ का गेंदबाज नहीं रहा. इस लिहाज से वाल्सन टीम के लिए उपयोग साबित हो सकते थे, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें एक भी इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिल पाया.
कई लोगों को तो शायद याद भी नहीं होगा कि कपिल देव के नेतृत्व में वर्ल्डकप चैंपियन बनी भारतीय टीम में तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी थे. वालसन को वर्ल्डकप में कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला. बात यहीं तक होती तो ठीक है. वाल्सन इसके बाद भारत की ओर से कोई इंटरनेशनल मैच भी नहीं खेल पाए. वर्ल्डकप विजेता टीम के सदस्य होने के बावजूद उनके खाते में एक भी इंटरनेशल मैच दर्ज नहीं है.टिप्पणियां
कई पूर्व खिलाड़ी, सुनील वाल्सन को प्रतिभा से भरपूर क्रिकेटर मानते थे. घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और रेलवे का प्रतिनिधित्व करने वाले वाल्सन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे. 75 प्रथम श्रेणी के मैचों में 25.35 के औसत से 212 विकेट उनके नाम पर दर्ज हैं. छह बार उन्होंने पांच या इससे अधिक और एक बार 10 से अधिक विकेट हासिल किए. घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में उन्होंने दुनिया के महान ओपनर सुनील गावस्कर को आउट किया. हर कोई जानता है कि सनी अपने विकेट के लिए गेंदबाजों से कितनी मेहनत कराते थे और उन्हें आउट करने का काम कोई साधारण गेंदबाज नहीं हो सकता.
वाल्सन बाएं हाथ के गेंदबाज थे. 80 के दशक या इससे पहले भारत के पास बाएं हाथ के गेंदबाज बहुत कम हुए हैं. करसन घावरी के बाद भारतीय टीम में लंबे समय तक कोई बाएं हाथ का गेंदबाज नहीं रहा. इस लिहाज से वाल्सन टीम के लिए उपयोग साबित हो सकते थे, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें एक भी इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिल पाया.
कई पूर्व खिलाड़ी, सुनील वाल्सन को प्रतिभा से भरपूर क्रिकेटर मानते थे. घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और रेलवे का प्रतिनिधित्व करने वाले वाल्सन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे. 75 प्रथम श्रेणी के मैचों में 25.35 के औसत से 212 विकेट उनके नाम पर दर्ज हैं. छह बार उन्होंने पांच या इससे अधिक और एक बार 10 से अधिक विकेट हासिल किए. घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में उन्होंने दुनिया के महान ओपनर सुनील गावस्कर को आउट किया. हर कोई जानता है कि सनी अपने विकेट के लिए गेंदबाजों से कितनी मेहनत कराते थे और उन्हें आउट करने का काम कोई साधारण गेंदबाज नहीं हो सकता.
वाल्सन बाएं हाथ के गेंदबाज थे. 80 के दशक या इससे पहले भारत के पास बाएं हाथ के गेंदबाज बहुत कम हुए हैं. करसन घावरी के बाद भारतीय टीम में लंबे समय तक कोई बाएं हाथ का गेंदबाज नहीं रहा. इस लिहाज से वाल्सन टीम के लिए उपयोग साबित हो सकते थे, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें एक भी इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिल पाया.
वाल्सन बाएं हाथ के गेंदबाज थे. 80 के दशक या इससे पहले भारत के पास बाएं हाथ के गेंदबाज बहुत कम हुए हैं. करसन घावरी के बाद भारतीय टीम में लंबे समय तक कोई बाएं हाथ का गेंदबाज नहीं रहा. इस लिहाज से वाल्सन टीम के लिए उपयोग साबित हो सकते थे, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें एक भी इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिल पाया. | यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेट के लिए मील का पत्थर रही 1983 की वर्ल्डकप जीत
बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करते थे सुनील वाल्सन
घरेलू क्रिकेट में 200 से अधिक विकेट हैं नाम पर दर्ज | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपने ही देश से बाहर रहने को मजबूर प्रख्यात भारतीय चित्रकार एमएफ हुसैन कभी अपनी सारी पेंटिंग्स नष्ट कर देना चाहते थे। मरहूम हुसैन के बेटे ओवैस हुसैन ने यह खुलासा किया है। अपने पिता पर एक वृत्तचित्र फिल्म बना रहे ओवैस ने एक साक्षात्कार में कहा, "मुझे जिंदगी में अचानक ही महसूस हो रहा है कि मेरे सामने एक बंजर भूमि है लेकिन यह बंजर भूमि समृद्ध है जो मेरे अंदर इसे अपना लेने की भूख प्रेरित करती है। मैं तैयार हूं, वास्तव में मैं ऐसा कर रहा हूं।" भारत से आत्म-निर्वासन के बाद अपने पिता के निराशा के दिनों को याद करते हुए ओवैस ने कहा, "एक ऐसा समय था जब मेरे पिता अपनी सारी पेंटिंग्स नष्ट कर देना चाहते थे। वह कहते थे कि इनकी क्या उपयोगिता है।" ओवैस एक कलाकार व फिल्मकार हैं। वह अपने भाइयों शफकत, शमशाद और मुस्तफा के साथ यहां सफदर हाशमी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा हुसैन को श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित यादगार समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। हुसैन का नौ जून को लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह 95 साल के थे। उन्होंने हिंदू अतिवादियों द्वारा उनकी कुछ पेंटिंग्स पर ऐतराज किए जाने और उन्हें धमकाए जाने के बाद साल 2006 में भारत छोड़ दिया था। ओवैस की फिल्म 'लेटर्स टू माई सन एबाउट माई फादर' हुसैन परिवार की कला व प्रसिद्धि की यात्रा की कहानी है। यह फिल्म हुसैन की महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के अंजान क्षेत्रों से लेकर मुम्बई और पूरे विश्व में प्रसिद्धि पाने की यात्रा पेश करती है। ओवैस कहते हैं, "यह उनके जीवन की एक दस्तावेज होगी, जिसमें एक कलाकार व एक व्यक्ति के नाते उनकी यात्रा दिखाई गई है। मैं अपने बेटे को यह कहानी सुनाना चाहता हूं। एक पिता द्वारा अपने बेटे को सुनाई गई कहानी की तरह दुनियाभर के सामने यह कहानी प्रस्तुत की जा रही है। इस वृत्तचित्र के पूरी तरह से तैयार होने से पहले मुझे इसके लिए कुछ साक्षात्कार और करने हैं। इसमें कुछ पारिवारिक दृश्य भी होंगे लेकिन मैं अभी कहानी का अंत तलाश रहा हूं।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओवैस ने कहा, "एक ऐसा समय था जब मेरे पिता अपनी सारी पेंटिंग्स नष्ट कर देना चाहते थे। वह कहते थे कि इनकी क्या उपयोगिता है।" | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक लंबा ट्रक एक कार को घसीट कर ले जा रहा है. हाईवे पर ट्रक में फंसी कार का ड्राइवर हाथ हिलाकर चिल्लाकर मदद मांगता रहा, लेकिन घटना से अंजान ट्रक ड्राइवर मस्ती से ट्रक को दौड़ाए चला जा रहा था. बाद में अन्य वाहनों ने ट्रक रुकवाकर कार चालक को सुरक्षित निकलवाया. यह घटना कैलिफोर्निया की है.
लॉस एंजेलिस टाइम्स के मुताबिक, सैन बर्नार्डिनो काउंटी के हाईवे पर एक ट्रक 50 हज़ार पाउंड गाजरों को भर कर जा रहा था. हाईवे पर लाइन बदलने के दौरान एक कार इस ट्रक में जा घुसी और फंस गई. ट्रक करीब डेढ़ किलोमीटर तक कार को घसीट कर ले गया और ट्रक ड्राइवर को इसके बारे में कुछ पता ही नहीं चला. कार का दाहिना हिस्सा ट्रक में फंस कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. कार में फंसा ड्राइवर हाथ हिला-हिलाकर मदद की गुहार लगाता रहा. टिप्पणियां
पीछे से आ रही एक अन्य कार ने जब यह हाल देखा तो फंसी हुई कार के नजदीक पहुंचने पर कार चालक ने मदद के बारे में कहा. अन्य कार चालक ने अपनी स्पीड बढ़ाकर ट्रक को ओवरटेक किया और उसे रुकने का इशारा किया. तब कहीं जाकर ट्रक रुका. जब उसे इसके बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसे ट्रक में कार फंसी होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
सबसे अच्छी बात यह रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई.
19 अप्रैल को ब्रायन स्टीमके ने इसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया. अब तक इस वीडियो को एक लाख से अधिक लोग शेयर कर चुके हैं और 6 मिलियन से अधिक लोग इसे देख चुके हैं. जो भी इसे देखता है एकबार तो उसे मुंह से निकलता ही है- Oh My God!
लॉस एंजेलिस टाइम्स के मुताबिक, सैन बर्नार्डिनो काउंटी के हाईवे पर एक ट्रक 50 हज़ार पाउंड गाजरों को भर कर जा रहा था. हाईवे पर लाइन बदलने के दौरान एक कार इस ट्रक में जा घुसी और फंस गई. ट्रक करीब डेढ़ किलोमीटर तक कार को घसीट कर ले गया और ट्रक ड्राइवर को इसके बारे में कुछ पता ही नहीं चला. कार का दाहिना हिस्सा ट्रक में फंस कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. कार में फंसा ड्राइवर हाथ हिला-हिलाकर मदद की गुहार लगाता रहा. टिप्पणियां
पीछे से आ रही एक अन्य कार ने जब यह हाल देखा तो फंसी हुई कार के नजदीक पहुंचने पर कार चालक ने मदद के बारे में कहा. अन्य कार चालक ने अपनी स्पीड बढ़ाकर ट्रक को ओवरटेक किया और उसे रुकने का इशारा किया. तब कहीं जाकर ट्रक रुका. जब उसे इसके बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसे ट्रक में कार फंसी होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
सबसे अच्छी बात यह रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई.
19 अप्रैल को ब्रायन स्टीमके ने इसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया. अब तक इस वीडियो को एक लाख से अधिक लोग शेयर कर चुके हैं और 6 मिलियन से अधिक लोग इसे देख चुके हैं. जो भी इसे देखता है एकबार तो उसे मुंह से निकलता ही है- Oh My God!
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पीछे से आ रही एक अन्य कार ने जब यह हाल देखा तो फंसी हुई कार के नजदीक पहुंचने पर कार चालक ने मदद के बारे में कहा. अन्य कार चालक ने अपनी स्पीड बढ़ाकर ट्रक को ओवरटेक किया और उसे रुकने का इशारा किया. तब कहीं जाकर ट्रक रुका. जब उसे इसके बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसे ट्रक में कार फंसी होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
सबसे अच्छी बात यह रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई.
19 अप्रैल को ब्रायन स्टीमके ने इसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया. अब तक इस वीडियो को एक लाख से अधिक लोग शेयर कर चुके हैं और 6 मिलियन से अधिक लोग इसे देख चुके हैं. जो भी इसे देखता है एकबार तो उसे मुंह से निकलता ही है- Oh My God!
पीछे से आ रही एक अन्य कार ने जब यह हाल देखा तो फंसी हुई कार के नजदीक पहुंचने पर कार चालक ने मदद के बारे में कहा. अन्य कार चालक ने अपनी स्पीड बढ़ाकर ट्रक को ओवरटेक किया और उसे रुकने का इशारा किया. तब कहीं जाकर ट्रक रुका. जब उसे इसके बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसे ट्रक में कार फंसी होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
सबसे अच्छी बात यह रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई.
19 अप्रैल को ब्रायन स्टीमके ने इसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया. अब तक इस वीडियो को एक लाख से अधिक लोग शेयर कर चुके हैं और 6 मिलियन से अधिक लोग इसे देख चुके हैं. जो भी इसे देखता है एकबार तो उसे मुंह से निकलता ही है- Oh My God!
19 अप्रैल को ब्रायन स्टीमके ने इसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया. अब तक इस वीडियो को एक लाख से अधिक लोग शेयर कर चुके हैं और 6 मिलियन से अधिक लोग इसे देख चुके हैं. जो भी इसे देखता है एकबार तो उसे मुंह से निकलता ही है- Oh My God! | यहाँ एक सारांश है:कैलिफोर्निया में एक ट्रक में 50,000 पाउंड गाजर से भरे कंटेनर लदे हुए थे
लाइन बदलते हुए कार ट्रक में जा घुसी और वहीं फंस कर रह गई
ट्रक कार को करीब एक मील यानी 1.6 किलोमीटर तक घसीट कर ले गया | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बढ़ती मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटे के उच्च स्तर को लेकर चिंतित रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में वृद्धि किए जाने से शेयर बाजार में बिकवाली का जोर रहा जिससे बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 181.83 अंक टूटकर 19,000 अंक से नीचे बंद हुआ। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मजबूती के साथ खुला और एक समय 19,340.99 अंक के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, आरबीआई द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में चौथाई-चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने से बाद में सेंसेक्स 181.83 अंक की गिरावट के साथ 18,969.45 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 55.85 अंक की गिरावट के साथ 5,687.40 अंक रह गया। कारोबार के दौरान यह एक समय दिन के उच्च स्तर 5,801.55 अंक पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक द्वारा चालू वित्त वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत करने से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी किए जाने की आशंका बढ़ गई है। जापान के निक्केई को छोड़कर अन्य सभी एशियाई बाजारों के गिरावट के साथ बंद होने और यूरोपीय बाजारों के कमजोर रुख के साथ खुलने का भी घरेलू बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। | संक्षिप्त सारांश: शेयर बाजार में बिकवाली का जोर रहा जिससे बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 181.83 अंक टूटकर 19,000 अंक से नीचे बंद हुआ। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी न्याय विभाग के एक वक्तव्य में कहा गया है कि तहव्वुर राना को दो आरोपों के मामले में 30 साल की अधिकतम सजा हो सकती है और उसे बिना मुचलके के हिरासत में रखा जा सकता है। अब तक सजा सुनाए जाने की तारीख तय नहीं हुई है। इस फैसले की घोषणा अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज न्यायमूर्ति हैरी डी लिनेनवीबर ने की। न्याय विभाग के प्रवक्ता रैंडेल सैम्बोर्न ने बताया, संघीय अदालत की ज्यूरी ने राना को डेनमार्क में आतंकवादी साजिश के लिए साज-ओ-सामान उपलब्ध कराने और लश्कर-ए-तैयबा को साज-ओ-सामान मुहैया कराने के आरोप में दोषी ठहराया है। उसे मुंबई हमलों की साजिश में साज-ओ-सामान उपलब्ध कराने का दोषी नहीं ठहराया गया। राना फैसला सुनने के बाद स्तब्ध रह गया। शिकागो की अदालत में तीन सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया है। अभियोजकों ने आरोप लगाया कि राना को मुंबई हमलों के बारे में जानकारी थी और वह आतंकवादी गुटों और पाकिस्तान में उनके नेताओं के संपर्क में था। दूसरी ओर राणा के एटॉर्नी ने कहा कि हेडली ने हर बार झूठ बोलकर राना को बेवकूफ बनाया। पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी नागरिक हेडली मुकदमे के दौरान सरकारी गवाह था। हेडली ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ एक समझौता कर लिया था, जिसके तहत उसे दूसरे संदिग्धों के खिलाफ गवाही देनी थी। इस समझौते के तहत ऐसा किए जाने पर उसे न तो मौत की सजा दी जाती और न ही भारत, पाकिस्तान या डेनमार्क प्रत्यर्पित किया जाता। न्याय विभाग के इस वक्तव्य में बताया गया है कि शिकागो में आव्रजन का व्यवसाय चलाने वाले राना को डेनमार्क के एक अखबार के खिलाफ आतंकवादी साजिश में शामिल होने और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी गुटों को साज-ओ-सामान उपलब्ध कराने का दोषी ठहराया गया है। इसमें कहा गया है, राना को 16 मई से अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में शुरू हुए मुकदमे में दो दिन के विचार-विमर्श के बाद संघीय ज्यूरी ने दोषी ठहराया है। ज्यूरी ने उसे मुंबई में नवंबर, 2008 में हुए हमले में साज-ओ-सामान मुहैया कराने की साजिश के मामले में बरी कर दिया। इस हमले में छह अमेरिकी नागरिकों समेत 160 से भी ज्यादा लोग मारे गए थे। न्यायाधीश ने बचाव पक्ष से कहा है कि वह 15 अगस्त तक मुकदमे के बाद के दस्तावेज जमा करे। राना के वकील पैट्रिक ब्लेगन ने कहा, हमें नहीं पता कि ज्यूरी क्या सोच रही है। उन्होंने कहा, हम इससे बहुत व्यथित हैं। ब्लेगन के मुताबिक, राना को जिन दोनों मामलों में दोषी ठहराया गया है, उन दोनों में उसे 15-15 साल की सजा हो सकती है और इस तरह उसे अधिकतम 30 साल की सजा संभावित है। उन्होंने कहा कि ज्यूरी ने फैसला किया है कि राना ने लश्कर को साज-ओ-सामान मुहैया कराया, लेकिन इससे किसी की मौत नहीं हुई। | यहाँ एक सारांश है:तहव्वुर राना को दो आरोपों के मामले में 30 साल की अधिकतम सजा हो सकती है और उसे बिना मुचलके के हिरासत में रखा जा सकता है। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश में खेती के लिए बड़े सहारे का काम करने वाला दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून पूरे देश में पहुंच गया है, लेकिन इस मौसम में अब भी बारिश की मात्रा सामान्य से 23 प्रतिशत कम रही है।
मॉनसून ने 5 जून को केरल तट से भारत में प्रवेश किया था, लेकिन इसकी प्रगति धीमी रही। इसके कारण धान, दलहन तथा मोटे अनाज की बुआई में कुछ देरी हुई है।
भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एलएस राठौड़ ने कहा कि बारिश की स्थिति सुधरी है, लेकिन अब भी यह 23 प्रतिशत कम है। मॉनसून बुधवार को पूरे देश में पहुंच गया। गुजरात तथा महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई। मॉनसूनी बारिश में सुधार से धान, सोयाबीन तथा मूंगफली की खेती में तेजी आएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में कम बारिश से मोटे अनाज की खेती प्रभावित हो सकती है।टिप्पणियां
मॉनसून की प्रगति पर चर्चा के लिए कृषिमंत्री शरद पवार तथा खाद्य मंत्री केवी थामस के साथ बैठक के बाद राठौड़ संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। राठौड़ ने कहा, अब हिमालयी, तराई तथा पूर्वी क्षेत्र में बारिश का जोर बढ़ेगा। बारिश अभी 23 प्रतिशत कम है। यह कमी अगले सप्ताह तक बनी रह सकती है।
उन्होंने कहा कि अब तक कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात के कुछ भागों तथा मध्य प्रदेश के मध्य भागों में हल्की वर्षा हुई है। पिछले साल मॉनसून बेहतर रहने से 2011-12 के फसल वर्ष (जुलाई-जून) में खाद्यान्न उत्पादन 25.26 करोड़ टन रहा। कृषि के लिहाज से मॉनसून की खासी अहमियत है, क्योंकि देश में अब भी 40 प्रतिशत कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई के अंतर्गत है। देश के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान करीब 15 प्रतिशत है।
मॉनसून ने 5 जून को केरल तट से भारत में प्रवेश किया था, लेकिन इसकी प्रगति धीमी रही। इसके कारण धान, दलहन तथा मोटे अनाज की बुआई में कुछ देरी हुई है।
भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एलएस राठौड़ ने कहा कि बारिश की स्थिति सुधरी है, लेकिन अब भी यह 23 प्रतिशत कम है। मॉनसून बुधवार को पूरे देश में पहुंच गया। गुजरात तथा महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई। मॉनसूनी बारिश में सुधार से धान, सोयाबीन तथा मूंगफली की खेती में तेजी आएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में कम बारिश से मोटे अनाज की खेती प्रभावित हो सकती है।टिप्पणियां
मॉनसून की प्रगति पर चर्चा के लिए कृषिमंत्री शरद पवार तथा खाद्य मंत्री केवी थामस के साथ बैठक के बाद राठौड़ संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। राठौड़ ने कहा, अब हिमालयी, तराई तथा पूर्वी क्षेत्र में बारिश का जोर बढ़ेगा। बारिश अभी 23 प्रतिशत कम है। यह कमी अगले सप्ताह तक बनी रह सकती है।
उन्होंने कहा कि अब तक कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात के कुछ भागों तथा मध्य प्रदेश के मध्य भागों में हल्की वर्षा हुई है। पिछले साल मॉनसून बेहतर रहने से 2011-12 के फसल वर्ष (जुलाई-जून) में खाद्यान्न उत्पादन 25.26 करोड़ टन रहा। कृषि के लिहाज से मॉनसून की खासी अहमियत है, क्योंकि देश में अब भी 40 प्रतिशत कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई के अंतर्गत है। देश के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान करीब 15 प्रतिशत है।
भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एलएस राठौड़ ने कहा कि बारिश की स्थिति सुधरी है, लेकिन अब भी यह 23 प्रतिशत कम है। मॉनसून बुधवार को पूरे देश में पहुंच गया। गुजरात तथा महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई। मॉनसूनी बारिश में सुधार से धान, सोयाबीन तथा मूंगफली की खेती में तेजी आएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में कम बारिश से मोटे अनाज की खेती प्रभावित हो सकती है।टिप्पणियां
मॉनसून की प्रगति पर चर्चा के लिए कृषिमंत्री शरद पवार तथा खाद्य मंत्री केवी थामस के साथ बैठक के बाद राठौड़ संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। राठौड़ ने कहा, अब हिमालयी, तराई तथा पूर्वी क्षेत्र में बारिश का जोर बढ़ेगा। बारिश अभी 23 प्रतिशत कम है। यह कमी अगले सप्ताह तक बनी रह सकती है।
उन्होंने कहा कि अब तक कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात के कुछ भागों तथा मध्य प्रदेश के मध्य भागों में हल्की वर्षा हुई है। पिछले साल मॉनसून बेहतर रहने से 2011-12 के फसल वर्ष (जुलाई-जून) में खाद्यान्न उत्पादन 25.26 करोड़ टन रहा। कृषि के लिहाज से मॉनसून की खासी अहमियत है, क्योंकि देश में अब भी 40 प्रतिशत कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई के अंतर्गत है। देश के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान करीब 15 प्रतिशत है।
मॉनसून की प्रगति पर चर्चा के लिए कृषिमंत्री शरद पवार तथा खाद्य मंत्री केवी थामस के साथ बैठक के बाद राठौड़ संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। राठौड़ ने कहा, अब हिमालयी, तराई तथा पूर्वी क्षेत्र में बारिश का जोर बढ़ेगा। बारिश अभी 23 प्रतिशत कम है। यह कमी अगले सप्ताह तक बनी रह सकती है।
उन्होंने कहा कि अब तक कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात के कुछ भागों तथा मध्य प्रदेश के मध्य भागों में हल्की वर्षा हुई है। पिछले साल मॉनसून बेहतर रहने से 2011-12 के फसल वर्ष (जुलाई-जून) में खाद्यान्न उत्पादन 25.26 करोड़ टन रहा। कृषि के लिहाज से मॉनसून की खासी अहमियत है, क्योंकि देश में अब भी 40 प्रतिशत कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई के अंतर्गत है। देश के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान करीब 15 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि अब तक कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात के कुछ भागों तथा मध्य प्रदेश के मध्य भागों में हल्की वर्षा हुई है। पिछले साल मॉनसून बेहतर रहने से 2011-12 के फसल वर्ष (जुलाई-जून) में खाद्यान्न उत्पादन 25.26 करोड़ टन रहा। कृषि के लिहाज से मॉनसून की खासी अहमियत है, क्योंकि देश में अब भी 40 प्रतिशत कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई के अंतर्गत है। देश के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान करीब 15 प्रतिशत है। | संक्षिप्त सारांश: देश में खेती के लिए बड़े सहारे का काम करने वाला दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून पूरे देश में पहुंच गया है, लेकिन इस मौसम में अब भी बारिश की मात्रा सामान्य से 23 प्रतिशत कम रही है। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एसोसिएशन ऑफ बिहार क्रिकेट (एबीसी) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (सीएबी) ने लालू प्रसाद यादव की अगुवाई वाले बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) पर वित्तीय अनिमियताओं का आरोप लगाया है।
इन संगठनों का कहना है कि बीसीसीआई ने 2008 में राज्य में क्रिकेट के विकास के लिए जो 50 लाख रुपये की राशि अनुदान के रूप में दी थी, उसमें गड़बड़ी की गई।
सीएबी के अध्यक्ष आदित्य वर्मा और एबीसी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेमरंजन पटेल ने राज्य सरकार से 50 लाख रुपये की कथित गड़बड़ी की निगरानी विभाग से जांच की मांग की, क्योंकि बीसीए भी राज्य में पंजीकृत संस्था है। पटेल ने कहा, राज्य में क्रिकेट के आधारभूत ढांचे के लिए जो पैसा मिला था, बीसीए ने उसमें गड़बड़ी की, क्योंकि उसने इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा कि इस पैसे को कैसे खर्च किया गया।टिप्पणियां
भाजपा विधायक पटेल ने कहा कि वह इस मुद्दे को बिहार विधानसभा में उठाएंगे, मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे और इसकी निगरानी जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग करेंगे। एबीसी के महासचिव मिथिलेश तिवारी ने कहा कि 2008 में मिले 50 लाख रुपये का बंदरबांट हुआ है। अधिकतर पैसे मुकदमा लड़ने के लिए खर्च कर दिए गए हैं। बीसीसीआई द्वारा भी भेदभाव किया जा रहा है और बिहार को बोर्ड ने पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा नहीं दिया है।
तिवारी ने कहा कि देश के अन्य कई राज्यों में दो या तीन क्रिकेट संघों को बीसीसीआई ने मान्यता दी है। बिहार में भी एक से अधिक संघों को मान्यता दी जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का मामला अभी अदालत में लंबित है। इसलिए राज्य में क्रिकेट खेल की गतिविधियां प्रभावित हैं।
इन संगठनों का कहना है कि बीसीसीआई ने 2008 में राज्य में क्रिकेट के विकास के लिए जो 50 लाख रुपये की राशि अनुदान के रूप में दी थी, उसमें गड़बड़ी की गई।
सीएबी के अध्यक्ष आदित्य वर्मा और एबीसी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेमरंजन पटेल ने राज्य सरकार से 50 लाख रुपये की कथित गड़बड़ी की निगरानी विभाग से जांच की मांग की, क्योंकि बीसीए भी राज्य में पंजीकृत संस्था है। पटेल ने कहा, राज्य में क्रिकेट के आधारभूत ढांचे के लिए जो पैसा मिला था, बीसीए ने उसमें गड़बड़ी की, क्योंकि उसने इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा कि इस पैसे को कैसे खर्च किया गया।टिप्पणियां
भाजपा विधायक पटेल ने कहा कि वह इस मुद्दे को बिहार विधानसभा में उठाएंगे, मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे और इसकी निगरानी जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग करेंगे। एबीसी के महासचिव मिथिलेश तिवारी ने कहा कि 2008 में मिले 50 लाख रुपये का बंदरबांट हुआ है। अधिकतर पैसे मुकदमा लड़ने के लिए खर्च कर दिए गए हैं। बीसीसीआई द्वारा भी भेदभाव किया जा रहा है और बिहार को बोर्ड ने पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा नहीं दिया है।
तिवारी ने कहा कि देश के अन्य कई राज्यों में दो या तीन क्रिकेट संघों को बीसीसीआई ने मान्यता दी है। बिहार में भी एक से अधिक संघों को मान्यता दी जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का मामला अभी अदालत में लंबित है। इसलिए राज्य में क्रिकेट खेल की गतिविधियां प्रभावित हैं।
सीएबी के अध्यक्ष आदित्य वर्मा और एबीसी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेमरंजन पटेल ने राज्य सरकार से 50 लाख रुपये की कथित गड़बड़ी की निगरानी विभाग से जांच की मांग की, क्योंकि बीसीए भी राज्य में पंजीकृत संस्था है। पटेल ने कहा, राज्य में क्रिकेट के आधारभूत ढांचे के लिए जो पैसा मिला था, बीसीए ने उसमें गड़बड़ी की, क्योंकि उसने इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा कि इस पैसे को कैसे खर्च किया गया।टिप्पणियां
भाजपा विधायक पटेल ने कहा कि वह इस मुद्दे को बिहार विधानसभा में उठाएंगे, मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे और इसकी निगरानी जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग करेंगे। एबीसी के महासचिव मिथिलेश तिवारी ने कहा कि 2008 में मिले 50 लाख रुपये का बंदरबांट हुआ है। अधिकतर पैसे मुकदमा लड़ने के लिए खर्च कर दिए गए हैं। बीसीसीआई द्वारा भी भेदभाव किया जा रहा है और बिहार को बोर्ड ने पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा नहीं दिया है।
तिवारी ने कहा कि देश के अन्य कई राज्यों में दो या तीन क्रिकेट संघों को बीसीसीआई ने मान्यता दी है। बिहार में भी एक से अधिक संघों को मान्यता दी जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का मामला अभी अदालत में लंबित है। इसलिए राज्य में क्रिकेट खेल की गतिविधियां प्रभावित हैं।
भाजपा विधायक पटेल ने कहा कि वह इस मुद्दे को बिहार विधानसभा में उठाएंगे, मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे और इसकी निगरानी जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग करेंगे। एबीसी के महासचिव मिथिलेश तिवारी ने कहा कि 2008 में मिले 50 लाख रुपये का बंदरबांट हुआ है। अधिकतर पैसे मुकदमा लड़ने के लिए खर्च कर दिए गए हैं। बीसीसीआई द्वारा भी भेदभाव किया जा रहा है और बिहार को बोर्ड ने पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा नहीं दिया है।
तिवारी ने कहा कि देश के अन्य कई राज्यों में दो या तीन क्रिकेट संघों को बीसीसीआई ने मान्यता दी है। बिहार में भी एक से अधिक संघों को मान्यता दी जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का मामला अभी अदालत में लंबित है। इसलिए राज्य में क्रिकेट खेल की गतिविधियां प्रभावित हैं।
तिवारी ने कहा कि देश के अन्य कई राज्यों में दो या तीन क्रिकेट संघों को बीसीसीआई ने मान्यता दी है। बिहार में भी एक से अधिक संघों को मान्यता दी जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का मामला अभी अदालत में लंबित है। इसलिए राज्य में क्रिकेट खेल की गतिविधियां प्रभावित हैं। | यहाँ एक सारांश है:एसोसिएशन ऑफ बिहार क्रिकेट (एबीसी) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (सीएबी) ने लालू यादव की अगुवाई वाले बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) पर वित्तीय अनिमियताओं का आरोप लगाया है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस से पहले भाषण तैयार करने के लिए शीर्ष सहयोगियों से चर्चा की थी. इस दौरान कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें भाषण में बलूचिस्तान, पाकिस्तान के अशांत दक्षिण-पश्चिमी प्रांत का उल्लेख नहीं करने के लिए चेतावनी दी थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर का कहना है कि अगस्त के शुरुआती दिनों में हुई एक बैठक में वरिष्ठ अफसर और कई तेजतर्रार नेता मौजूद थे. वे कश्मीर के ताजा हालात के लिए पाकिस्तान को दोष देने के मामले में अलग विचार रखते थे. इसी पर पीएम मोदी ने अपनी बात रखी.
रॉयटर के अनुसार एक अधिकारी ने इस बैठक की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ''नौकरशाहों ने सुझाव दिया था कि बलूचिस्तान के बारे में बात करना अच्छा विचार है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस समारोह इसके लिए उपयुक्त जगह नहीं होगी.'' अधिकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उक्त विचार को खारिज कर दिया, हालांकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका (पर्रिकर) का समर्थन यह कहते हुए किया कि हमें पाकिस्तान को चुप कराने के लिए सब कुछ करना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को लेकर हुई बहस के बारे में रॉयटर ने विदेश मंत्रालय से जानना चाहा, पर उसने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. रक्षा और गृह मंत्रालयों ने भी टिप्पणी के लिए अनुरोध का जवाब नहीं दिया.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर दिए गए भाषण में कहा था कि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित कराने पर बलूचिस्तान के लोग उनका आभार जता रहे हैं. प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान का मुद्दा तब उठाया है जब कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति को लेकर पाकिस्तान भारत पर कश्मीर के आम नागरिकों का दमन करने का आरोप लगा रहा है. टिप्पणियां
उक्त बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कथित तौर पर कहा कि मोदी बलूचिस्तान के मुद्दे को उठाने के साथ क्षेत्र में अशांति के लिए चीन की भूमिका पर भी प्रकाश डालें.
दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने रॉयटर को बताया कि कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने के पाकिस्तान के नए प्रयासों ने प्रधानमंत्री मोदी को निराश कर दिया है. भाजपा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ''आतंकवाद का सामना करना हमारा आंतरिक मामला है. हम किसी अन्य देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे.''
समाचार एजेंसी रॉयटर का कहना है कि अगस्त के शुरुआती दिनों में हुई एक बैठक में वरिष्ठ अफसर और कई तेजतर्रार नेता मौजूद थे. वे कश्मीर के ताजा हालात के लिए पाकिस्तान को दोष देने के मामले में अलग विचार रखते थे. इसी पर पीएम मोदी ने अपनी बात रखी.
रॉयटर के अनुसार एक अधिकारी ने इस बैठक की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ''नौकरशाहों ने सुझाव दिया था कि बलूचिस्तान के बारे में बात करना अच्छा विचार है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस समारोह इसके लिए उपयुक्त जगह नहीं होगी.'' अधिकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उक्त विचार को खारिज कर दिया, हालांकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका (पर्रिकर) का समर्थन यह कहते हुए किया कि हमें पाकिस्तान को चुप कराने के लिए सब कुछ करना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को लेकर हुई बहस के बारे में रॉयटर ने विदेश मंत्रालय से जानना चाहा, पर उसने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. रक्षा और गृह मंत्रालयों ने भी टिप्पणी के लिए अनुरोध का जवाब नहीं दिया.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर दिए गए भाषण में कहा था कि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित कराने पर बलूचिस्तान के लोग उनका आभार जता रहे हैं. प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान का मुद्दा तब उठाया है जब कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति को लेकर पाकिस्तान भारत पर कश्मीर के आम नागरिकों का दमन करने का आरोप लगा रहा है. टिप्पणियां
उक्त बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कथित तौर पर कहा कि मोदी बलूचिस्तान के मुद्दे को उठाने के साथ क्षेत्र में अशांति के लिए चीन की भूमिका पर भी प्रकाश डालें.
दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने रॉयटर को बताया कि कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने के पाकिस्तान के नए प्रयासों ने प्रधानमंत्री मोदी को निराश कर दिया है. भाजपा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ''आतंकवाद का सामना करना हमारा आंतरिक मामला है. हम किसी अन्य देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे.''
रॉयटर के अनुसार एक अधिकारी ने इस बैठक की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ''नौकरशाहों ने सुझाव दिया था कि बलूचिस्तान के बारे में बात करना अच्छा विचार है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस समारोह इसके लिए उपयुक्त जगह नहीं होगी.'' अधिकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उक्त विचार को खारिज कर दिया, हालांकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका (पर्रिकर) का समर्थन यह कहते हुए किया कि हमें पाकिस्तान को चुप कराने के लिए सब कुछ करना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को लेकर हुई बहस के बारे में रॉयटर ने विदेश मंत्रालय से जानना चाहा, पर उसने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. रक्षा और गृह मंत्रालयों ने भी टिप्पणी के लिए अनुरोध का जवाब नहीं दिया.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर दिए गए भाषण में कहा था कि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित कराने पर बलूचिस्तान के लोग उनका आभार जता रहे हैं. प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान का मुद्दा तब उठाया है जब कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति को लेकर पाकिस्तान भारत पर कश्मीर के आम नागरिकों का दमन करने का आरोप लगा रहा है. टिप्पणियां
उक्त बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कथित तौर पर कहा कि मोदी बलूचिस्तान के मुद्दे को उठाने के साथ क्षेत्र में अशांति के लिए चीन की भूमिका पर भी प्रकाश डालें.
दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने रॉयटर को बताया कि कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने के पाकिस्तान के नए प्रयासों ने प्रधानमंत्री मोदी को निराश कर दिया है. भाजपा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ''आतंकवाद का सामना करना हमारा आंतरिक मामला है. हम किसी अन्य देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे.''
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को लेकर हुई बहस के बारे में रॉयटर ने विदेश मंत्रालय से जानना चाहा, पर उसने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. रक्षा और गृह मंत्रालयों ने भी टिप्पणी के लिए अनुरोध का जवाब नहीं दिया.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर दिए गए भाषण में कहा था कि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित कराने पर बलूचिस्तान के लोग उनका आभार जता रहे हैं. प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान का मुद्दा तब उठाया है जब कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति को लेकर पाकिस्तान भारत पर कश्मीर के आम नागरिकों का दमन करने का आरोप लगा रहा है. टिप्पणियां
उक्त बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कथित तौर पर कहा कि मोदी बलूचिस्तान के मुद्दे को उठाने के साथ क्षेत्र में अशांति के लिए चीन की भूमिका पर भी प्रकाश डालें.
दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने रॉयटर को बताया कि कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने के पाकिस्तान के नए प्रयासों ने प्रधानमंत्री मोदी को निराश कर दिया है. भाजपा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ''आतंकवाद का सामना करना हमारा आंतरिक मामला है. हम किसी अन्य देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे.''
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर दिए गए भाषण में कहा था कि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित कराने पर बलूचिस्तान के लोग उनका आभार जता रहे हैं. प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान का मुद्दा तब उठाया है जब कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति को लेकर पाकिस्तान भारत पर कश्मीर के आम नागरिकों का दमन करने का आरोप लगा रहा है. टिप्पणियां
उक्त बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कथित तौर पर कहा कि मोदी बलूचिस्तान के मुद्दे को उठाने के साथ क्षेत्र में अशांति के लिए चीन की भूमिका पर भी प्रकाश डालें.
दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने रॉयटर को बताया कि कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने के पाकिस्तान के नए प्रयासों ने प्रधानमंत्री मोदी को निराश कर दिया है. भाजपा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ''आतंकवाद का सामना करना हमारा आंतरिक मामला है. हम किसी अन्य देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे.''
उक्त बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कथित तौर पर कहा कि मोदी बलूचिस्तान के मुद्दे को उठाने के साथ क्षेत्र में अशांति के लिए चीन की भूमिका पर भी प्रकाश डालें.
दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने रॉयटर को बताया कि कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने के पाकिस्तान के नए प्रयासों ने प्रधानमंत्री मोदी को निराश कर दिया है. भाजपा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ''आतंकवाद का सामना करना हमारा आंतरिक मामला है. हम किसी अन्य देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे.''
दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने रॉयटर को बताया कि कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने के पाकिस्तान के नए प्रयासों ने प्रधानमंत्री मोदी को निराश कर दिया है. भाजपा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ''आतंकवाद का सामना करना हमारा आंतरिक मामला है. हम किसी अन्य देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे.'' | सारांश: स्वतंत्रता दिवस भाषण के मुद्दों को लेकर मोदी ने ली थी उच्च स्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री के बलूचिस्तान में मानवाधिकार का मुद्दा उठाने पर पाक नाराज
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वतंत्रता दिवस पर पाक को न घेरने की सलाह दी थी | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक बड़े बदलाव के तहत बिहार देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्य के रूप में उभरकर सामने आया है। 10.9 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर के साथ बिहार ने गुजरात को पीछे छोड़ दिया।
योजना आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2001-05 की अवधि में बिहार सबसे धीमी गति से बढ़ता राज्य था और इसकी आर्थिक वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत थी। 2006 से 2010 के दौरान इसकी वृद्धि दर 10.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इससे अब यह बीमारू राज्य नहीं रह गया है।
दूसरी ओर, गुजरात 2001 से 2005 के दौरान 11 फीसदी की वृद्धि दर के साथ सबसे आगे था, लेकिन 2006 से 2010 के दौरान इसकी वृद्धि दर घटकर 9.3 प्रतिशत पर आ गई है। वृद्धि दर के मामले में यह बिहार के अलावा चार और राज्यों छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र और ओडिशा से पीछे रह गया।टिप्पणियां
दिलचस्प तथ्य यह है कि 17 तेजी से बढ़ते राज्यों में गुजरात एकमात्र राज्य है, जिसकी वृद्धि दर घटी। इस अवधि में छत्तीसगढ़ की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत से 10 प्रतिशत पर पहुंच गई है। हरियाणा की वृद्धि दर 8.4 से 9.7 प्रतिशत हो गई है, जबकि महाराष्ट्र की वृद्धि दर 8.2 से 9.6 प्रतिशत तथा ओडिशा की 7.8 से 9.4 प्रतिशत हो गई है। 11वीं योजनावधि में शीर्ष पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 9.10 प्रतिशत रही। 10वीं योजना में यह 7 प्रतिशत और नौवीं योजना में 5 प्रतिशत थी।
निचले पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 11वीं योजना में 8.58 प्रतिशत रही, जो 10वीं योजना में 6.76 प्रतिशत और नौवीं योजना में 4.12 प्रतिशत थी। 2004-05 से 2011-12 की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में खपत में 300 प्रतिशत का औसत इजाफा हुआ।
योजना आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2001-05 की अवधि में बिहार सबसे धीमी गति से बढ़ता राज्य था और इसकी आर्थिक वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत थी। 2006 से 2010 के दौरान इसकी वृद्धि दर 10.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इससे अब यह बीमारू राज्य नहीं रह गया है।
दूसरी ओर, गुजरात 2001 से 2005 के दौरान 11 फीसदी की वृद्धि दर के साथ सबसे आगे था, लेकिन 2006 से 2010 के दौरान इसकी वृद्धि दर घटकर 9.3 प्रतिशत पर आ गई है। वृद्धि दर के मामले में यह बिहार के अलावा चार और राज्यों छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र और ओडिशा से पीछे रह गया।टिप्पणियां
दिलचस्प तथ्य यह है कि 17 तेजी से बढ़ते राज्यों में गुजरात एकमात्र राज्य है, जिसकी वृद्धि दर घटी। इस अवधि में छत्तीसगढ़ की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत से 10 प्रतिशत पर पहुंच गई है। हरियाणा की वृद्धि दर 8.4 से 9.7 प्रतिशत हो गई है, जबकि महाराष्ट्र की वृद्धि दर 8.2 से 9.6 प्रतिशत तथा ओडिशा की 7.8 से 9.4 प्रतिशत हो गई है। 11वीं योजनावधि में शीर्ष पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 9.10 प्रतिशत रही। 10वीं योजना में यह 7 प्रतिशत और नौवीं योजना में 5 प्रतिशत थी।
निचले पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 11वीं योजना में 8.58 प्रतिशत रही, जो 10वीं योजना में 6.76 प्रतिशत और नौवीं योजना में 4.12 प्रतिशत थी। 2004-05 से 2011-12 की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में खपत में 300 प्रतिशत का औसत इजाफा हुआ।
दूसरी ओर, गुजरात 2001 से 2005 के दौरान 11 फीसदी की वृद्धि दर के साथ सबसे आगे था, लेकिन 2006 से 2010 के दौरान इसकी वृद्धि दर घटकर 9.3 प्रतिशत पर आ गई है। वृद्धि दर के मामले में यह बिहार के अलावा चार और राज्यों छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र और ओडिशा से पीछे रह गया।टिप्पणियां
दिलचस्प तथ्य यह है कि 17 तेजी से बढ़ते राज्यों में गुजरात एकमात्र राज्य है, जिसकी वृद्धि दर घटी। इस अवधि में छत्तीसगढ़ की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत से 10 प्रतिशत पर पहुंच गई है। हरियाणा की वृद्धि दर 8.4 से 9.7 प्रतिशत हो गई है, जबकि महाराष्ट्र की वृद्धि दर 8.2 से 9.6 प्रतिशत तथा ओडिशा की 7.8 से 9.4 प्रतिशत हो गई है। 11वीं योजनावधि में शीर्ष पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 9.10 प्रतिशत रही। 10वीं योजना में यह 7 प्रतिशत और नौवीं योजना में 5 प्रतिशत थी।
निचले पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 11वीं योजना में 8.58 प्रतिशत रही, जो 10वीं योजना में 6.76 प्रतिशत और नौवीं योजना में 4.12 प्रतिशत थी। 2004-05 से 2011-12 की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में खपत में 300 प्रतिशत का औसत इजाफा हुआ।
दिलचस्प तथ्य यह है कि 17 तेजी से बढ़ते राज्यों में गुजरात एकमात्र राज्य है, जिसकी वृद्धि दर घटी। इस अवधि में छत्तीसगढ़ की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत से 10 प्रतिशत पर पहुंच गई है। हरियाणा की वृद्धि दर 8.4 से 9.7 प्रतिशत हो गई है, जबकि महाराष्ट्र की वृद्धि दर 8.2 से 9.6 प्रतिशत तथा ओडिशा की 7.8 से 9.4 प्रतिशत हो गई है। 11वीं योजनावधि में शीर्ष पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 9.10 प्रतिशत रही। 10वीं योजना में यह 7 प्रतिशत और नौवीं योजना में 5 प्रतिशत थी।
निचले पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 11वीं योजना में 8.58 प्रतिशत रही, जो 10वीं योजना में 6.76 प्रतिशत और नौवीं योजना में 4.12 प्रतिशत थी। 2004-05 से 2011-12 की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में खपत में 300 प्रतिशत का औसत इजाफा हुआ।
निचले पांच राज्यों की औसत वृद्धि दर 11वीं योजना में 8.58 प्रतिशत रही, जो 10वीं योजना में 6.76 प्रतिशत और नौवीं योजना में 4.12 प्रतिशत थी। 2004-05 से 2011-12 की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में खपत में 300 प्रतिशत का औसत इजाफा हुआ। | संक्षिप्त पाठ: एक बड़े बदलाव के तहत बिहार देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्य के रूप में उभरकर सामने आया है। 10.9 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर के साथ बिहार ने गुजरात को पीछे छोड़ दिया। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व चैम्पियन स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा ने फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग में तीसरी वरीय पोलैंड की अग्निेस्का रादवांस्का को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि पुरुष वर्ग में पांचवें वरीय जो विल्फ्रेड सोंगा और सातवें वरीय थामस बर्डीच ने प्री क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।
वर्ष 2009 में रोला गैरां में खिताब जीतने वाली कुज्नेत्सोवा ने तीसरे राउंड में रादवांस्का को 6-1, 6-2 से पराजित किया। पोलैंड की यह तीसरी वरीय टूर्नामेंट से बाहर होने वाली शीर्ष वरीय खिलाड़ी रही।
रूस की दूसरी वरीय मारिया शारापोवा ने दूसरे राउंड के मैच में जापान की अयुमी मोरिता पर 6-1, 6-1 से जीत दर्ज की।टिप्पणियां
छठी वरीय और अमेरिकी ओपन चैम्पियन सांमथा स्टोसुर ने रूस की नादिया पेत्रोवा को 6-3, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। क्वार्टरफाइनल के लिए इस 28 वर्षीय का सामना अमेरिका की स्लोआने स्टीफंस से होगा जिसने माथिलडे जोहानसन को 6-3, 6-2 से शिकस्त दी।
पुरुष वर्ग में पांचवें वरीय जो विल्फ्रेड सोंगा ने इटली के फैबियो फोगनिनी को 7-5, 6-4, 6-4 से हराकर अंतिम 16 में जगह बनाई। अब उनका सामना जाइल्स साइमन और स्टानिसलास वारविंका के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
वर्ष 2009 में रोला गैरां में खिताब जीतने वाली कुज्नेत्सोवा ने तीसरे राउंड में रादवांस्का को 6-1, 6-2 से पराजित किया। पोलैंड की यह तीसरी वरीय टूर्नामेंट से बाहर होने वाली शीर्ष वरीय खिलाड़ी रही।
रूस की दूसरी वरीय मारिया शारापोवा ने दूसरे राउंड के मैच में जापान की अयुमी मोरिता पर 6-1, 6-1 से जीत दर्ज की।टिप्पणियां
छठी वरीय और अमेरिकी ओपन चैम्पियन सांमथा स्टोसुर ने रूस की नादिया पेत्रोवा को 6-3, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। क्वार्टरफाइनल के लिए इस 28 वर्षीय का सामना अमेरिका की स्लोआने स्टीफंस से होगा जिसने माथिलडे जोहानसन को 6-3, 6-2 से शिकस्त दी।
पुरुष वर्ग में पांचवें वरीय जो विल्फ्रेड सोंगा ने इटली के फैबियो फोगनिनी को 7-5, 6-4, 6-4 से हराकर अंतिम 16 में जगह बनाई। अब उनका सामना जाइल्स साइमन और स्टानिसलास वारविंका के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
रूस की दूसरी वरीय मारिया शारापोवा ने दूसरे राउंड के मैच में जापान की अयुमी मोरिता पर 6-1, 6-1 से जीत दर्ज की।टिप्पणियां
छठी वरीय और अमेरिकी ओपन चैम्पियन सांमथा स्टोसुर ने रूस की नादिया पेत्रोवा को 6-3, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। क्वार्टरफाइनल के लिए इस 28 वर्षीय का सामना अमेरिका की स्लोआने स्टीफंस से होगा जिसने माथिलडे जोहानसन को 6-3, 6-2 से शिकस्त दी।
पुरुष वर्ग में पांचवें वरीय जो विल्फ्रेड सोंगा ने इटली के फैबियो फोगनिनी को 7-5, 6-4, 6-4 से हराकर अंतिम 16 में जगह बनाई। अब उनका सामना जाइल्स साइमन और स्टानिसलास वारविंका के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
छठी वरीय और अमेरिकी ओपन चैम्पियन सांमथा स्टोसुर ने रूस की नादिया पेत्रोवा को 6-3, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। क्वार्टरफाइनल के लिए इस 28 वर्षीय का सामना अमेरिका की स्लोआने स्टीफंस से होगा जिसने माथिलडे जोहानसन को 6-3, 6-2 से शिकस्त दी।
पुरुष वर्ग में पांचवें वरीय जो विल्फ्रेड सोंगा ने इटली के फैबियो फोगनिनी को 7-5, 6-4, 6-4 से हराकर अंतिम 16 में जगह बनाई। अब उनका सामना जाइल्स साइमन और स्टानिसलास वारविंका के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
पुरुष वर्ग में पांचवें वरीय जो विल्फ्रेड सोंगा ने इटली के फैबियो फोगनिनी को 7-5, 6-4, 6-4 से हराकर अंतिम 16 में जगह बनाई। अब उनका सामना जाइल्स साइमन और स्टानिसलास वारविंका के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। | संक्षिप्त सारांश: पूर्व चैम्पियन स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा ने फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग में तीसरी वरीय पोलैंड की अग्निेस्का रादवांस्का को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि पुरुष वर्ग में पांचवें वरीय जो विल्फ्रेड सोंगा और सातवें वरीय थामस बर्डीच ने प्री क्वार्टर | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चक्रवात 'नीलम' से कुछ घंटे पहले तेज हवाओं के कारण शहर के तट पर फंसे एक तेल टैंकर के लापता हुए सभी पांच नाविकों के शव बरामद हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि चार शव शुक्रवार को बरामद कर लिए गए थे। एक शव शनिवार सुबह मिंजूर तटीय क्षेत्र के नजदीक मिला।टिप्पणियां
ये पांचों नाविक बुधवार को उस समय लापता हो गए थे, जब उनकी जीवनरक्षक नौका उफनते पानी में पलट गई थी। इस नौका में सवार 16 नाविकों को स्थानीय मछुआरों ने बचा लिया था। एक नाविक की उस दिन डूब जाने से मौत हो गई थी। पोत के 15 नाविक गुरुवार को बचाए गए थे। फंसे पोत पर चालक दल के 37 सदस्य सवार थे।
घटना की प्रारंभिक जांच के आदेश दे चुका जहाजरानी महानिदेशालय जल्द ही फंसे हुए पोत को बचाने का अभियान शुरू करेगा। यह पोत मुंबई स्थित प्रतिभा जहाजरानी कंपनी का है। जहाजरानी महानिदेशालय ने शुक्रवार रात कहा था कि पोत को बचाने का काम 7 नवम्बर से शुरू किए जाने की संभावना है। मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया था कि अगले आदेश तक पोत चेन्नई बंदरगाह से बाहर नहीं जाना चाहिए।
ये पांचों नाविक बुधवार को उस समय लापता हो गए थे, जब उनकी जीवनरक्षक नौका उफनते पानी में पलट गई थी। इस नौका में सवार 16 नाविकों को स्थानीय मछुआरों ने बचा लिया था। एक नाविक की उस दिन डूब जाने से मौत हो गई थी। पोत के 15 नाविक गुरुवार को बचाए गए थे। फंसे पोत पर चालक दल के 37 सदस्य सवार थे।
घटना की प्रारंभिक जांच के आदेश दे चुका जहाजरानी महानिदेशालय जल्द ही फंसे हुए पोत को बचाने का अभियान शुरू करेगा। यह पोत मुंबई स्थित प्रतिभा जहाजरानी कंपनी का है। जहाजरानी महानिदेशालय ने शुक्रवार रात कहा था कि पोत को बचाने का काम 7 नवम्बर से शुरू किए जाने की संभावना है। मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया था कि अगले आदेश तक पोत चेन्नई बंदरगाह से बाहर नहीं जाना चाहिए।
घटना की प्रारंभिक जांच के आदेश दे चुका जहाजरानी महानिदेशालय जल्द ही फंसे हुए पोत को बचाने का अभियान शुरू करेगा। यह पोत मुंबई स्थित प्रतिभा जहाजरानी कंपनी का है। जहाजरानी महानिदेशालय ने शुक्रवार रात कहा था कि पोत को बचाने का काम 7 नवम्बर से शुरू किए जाने की संभावना है। मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया था कि अगले आदेश तक पोत चेन्नई बंदरगाह से बाहर नहीं जाना चाहिए। | संक्षिप्त पाठ: ये पांचों नाविक बुधवार को उस समय लापता हो गए थे, जब उनकी जीवनरक्षक नौका उफनते पानी में पलट गई थी। इस नौका में सवार 16 नाविकों को स्थानीय मछुआरों ने बचा लिया था। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने उम्र के मुद्दे के निपटारे के लिए सेनाध्यक्ष वीके सिंह के उच्चतम न्यायालय में जाने को ‘दुर्भाग्यपूण घटनाक्रम’ बताया है।
रक्षा राज्यमंत्री एमएम पल्लम राजू ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा ‘यह दुर्भाग्यूपूर्ण घटनाक्रम है और यह (रक्षा) मंत्रालय अथवा सशस्त्र बलों में से किसी के लिए भी स्वस्थ परम्परा नहीं है।’ वह यहां एनसीसी के एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं के इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार की योजना सेनाध्यक्ष को छुट्टी पर भेजने की है अथवा वह किसी नये सेनाध्यक्ष की नियुक्ति की संभावना पर गौर कर रही है।टिप्पणियां
क्या जन्मतिथि के मुद्दे पर न्यायालय में घसीटे जाने से सरकार शर्मिंदगी महसूस कर रही है इस सवाल पर उन्होंने कहा ‘यह सार्वजनिक बहस का मामला नहीं है। यह एक अस्वस्थ परम्परा है। यह मंत्रालय अथवा बलों में किसी के लिये उचित नहीं है।’ सिंह ने जन्मतिथि पर अपने दावे को सरकार द्वारा खारिज किये जाने को सोमवार को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। रक्षा मंत्रालय ने हाल में उनकी यह दलील ठुकरा दी कि वह 1950 में नहीं बल्कि 1951 में पैदा हुए थे।
मंत्रालय ने हाल के अपने आदेश में उनकी जन्म तिथि दस मई 1950 बतायी जबकि सिंह के अनुसार उनकी जन्म तिथि दस मई 1951 है।
रक्षा राज्यमंत्री एमएम पल्लम राजू ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा ‘यह दुर्भाग्यूपूर्ण घटनाक्रम है और यह (रक्षा) मंत्रालय अथवा सशस्त्र बलों में से किसी के लिए भी स्वस्थ परम्परा नहीं है।’ वह यहां एनसीसी के एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं के इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार की योजना सेनाध्यक्ष को छुट्टी पर भेजने की है अथवा वह किसी नये सेनाध्यक्ष की नियुक्ति की संभावना पर गौर कर रही है।टिप्पणियां
क्या जन्मतिथि के मुद्दे पर न्यायालय में घसीटे जाने से सरकार शर्मिंदगी महसूस कर रही है इस सवाल पर उन्होंने कहा ‘यह सार्वजनिक बहस का मामला नहीं है। यह एक अस्वस्थ परम्परा है। यह मंत्रालय अथवा बलों में किसी के लिये उचित नहीं है।’ सिंह ने जन्मतिथि पर अपने दावे को सरकार द्वारा खारिज किये जाने को सोमवार को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। रक्षा मंत्रालय ने हाल में उनकी यह दलील ठुकरा दी कि वह 1950 में नहीं बल्कि 1951 में पैदा हुए थे।
मंत्रालय ने हाल के अपने आदेश में उनकी जन्म तिथि दस मई 1950 बतायी जबकि सिंह के अनुसार उनकी जन्म तिथि दस मई 1951 है।
क्या जन्मतिथि के मुद्दे पर न्यायालय में घसीटे जाने से सरकार शर्मिंदगी महसूस कर रही है इस सवाल पर उन्होंने कहा ‘यह सार्वजनिक बहस का मामला नहीं है। यह एक अस्वस्थ परम्परा है। यह मंत्रालय अथवा बलों में किसी के लिये उचित नहीं है।’ सिंह ने जन्मतिथि पर अपने दावे को सरकार द्वारा खारिज किये जाने को सोमवार को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। रक्षा मंत्रालय ने हाल में उनकी यह दलील ठुकरा दी कि वह 1950 में नहीं बल्कि 1951 में पैदा हुए थे।
मंत्रालय ने हाल के अपने आदेश में उनकी जन्म तिथि दस मई 1950 बतायी जबकि सिंह के अनुसार उनकी जन्म तिथि दस मई 1951 है।
मंत्रालय ने हाल के अपने आदेश में उनकी जन्म तिथि दस मई 1950 बतायी जबकि सिंह के अनुसार उनकी जन्म तिथि दस मई 1951 है। | सरकार ने उम्र के मुद्दे के निपटारे के लिए सेनाध्यक्ष वीके सिंह के उच्चतम न्यायालय में जाने को ‘दुर्भाग्यपूण घटनाक्रम’ बताया है। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले भारत के मध्यम गति के गेंदबाज ईशांत शर्मा ने सफलता की कुंजी अपनी क्षमता का सही उपयोग करने को बताया है। 22 वर्षीय दिल्ली के ईशांत ने पांच वर्ष के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। केनसिंग्टन ओवल मैदान में जारी दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन ईशांत करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 55 रन खर्च कर छह विकेट झटके। ईशांत पांचवें ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने 33 टेस्ट मैचों में 100 विकेट पूरे किए हैं। ईशांत ने कहा, "मैंने अपनी गति और लय को खो दिया था लेकिन अब मैंने अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करना सीख लिया है। टेस्ट मैचों में आपको धर्य रखने की जरूरत होती है इसलिए इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है।" ईशांत ने कहा है कि उन्हें 100 विकेट लेने वाले पांचवें सबसे युवा गेंदबाज बनने की उम्मीद नहीं थी। इससे पहले भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान डेनियल विटोरी, पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनिस और साथी खिलाड़ी हरभजन सिंह ने यह उपलब्धि हासिल की है। ईशांत ने कहा, "जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था उस समय मैंने यह उम्मीद नहीं कि थी कि मैं 100 टेस्ट विकेट लेने वाला पांचवां गेंदबाज बनूंगा। खासतौर पर उस समय जब पिछले पांच साल के क्रिकेट करियर में मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे। मैंने अपनी गेंदबाजी के साथ काफी संघर्ष किया है।" | वेस्टइंडीज के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ईशांत शर्मा ने सफलता की कुंजी अपनी क्षमता का सही उपयोग करने को बताया है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश किए जाने की संभावनाओं को लेकर चल रही कयासबाजियों के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वरुण गांधी ने कहा है कि उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह में अटल बिहारी की छवि दिखाई देती है।
वरुण ने अपनी मां मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र आंवला में पड़ने वाले देवचरा अनाज मंडी मैदान पर बुधवार को आयोजित पार्टी की ‘स्वाभिमान रैली’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘इसमें दो राय नहीं कि राजनाथ सिंह में अटल की छवि दिखायी देती है।’ पार्टी के युवा महासचिव वरुण ने इससे पूर्व कहा, ‘‘राजनाथ सिंह बेदाग छवि के नेता हैं। उत्तर प्रदेश के पुत्र हैं और उत्तर प्रदेश के लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे बेदाग पुत्र का साथ दें, ताकि राष्ट्रीय राजनीति में स्वच्छ छवि के लोग सत्ता में आएं, हालांकि हमारा लक्ष्य सत्ता नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन है।’’
उन्होंने कहा कि यह अपने आप में बड़ी बात है कि राजनाथ दोबारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और इसलिए उत्तर प्रदेश के लोगों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। टिप्पणियां
वरुण ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा और मेहनत से पूरा करेंगे तथा युवकों को आगे बढ़ाने के उनके निर्णय को सही साबित करेंगे।
वरुण ने बसपा, सपा और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जहां एक ओर यह दल जाति मजहब की राजनीति करने में लगे हैं, भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है और पार्टी ने उनसे जो भी अपेक्षा की है उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
वरुण ने अपनी मां मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र आंवला में पड़ने वाले देवचरा अनाज मंडी मैदान पर बुधवार को आयोजित पार्टी की ‘स्वाभिमान रैली’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘इसमें दो राय नहीं कि राजनाथ सिंह में अटल की छवि दिखायी देती है।’ पार्टी के युवा महासचिव वरुण ने इससे पूर्व कहा, ‘‘राजनाथ सिंह बेदाग छवि के नेता हैं। उत्तर प्रदेश के पुत्र हैं और उत्तर प्रदेश के लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे बेदाग पुत्र का साथ दें, ताकि राष्ट्रीय राजनीति में स्वच्छ छवि के लोग सत्ता में आएं, हालांकि हमारा लक्ष्य सत्ता नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन है।’’
उन्होंने कहा कि यह अपने आप में बड़ी बात है कि राजनाथ दोबारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और इसलिए उत्तर प्रदेश के लोगों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। टिप्पणियां
वरुण ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा और मेहनत से पूरा करेंगे तथा युवकों को आगे बढ़ाने के उनके निर्णय को सही साबित करेंगे।
वरुण ने बसपा, सपा और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जहां एक ओर यह दल जाति मजहब की राजनीति करने में लगे हैं, भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है और पार्टी ने उनसे जो भी अपेक्षा की है उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह अपने आप में बड़ी बात है कि राजनाथ दोबारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और इसलिए उत्तर प्रदेश के लोगों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। टिप्पणियां
वरुण ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा और मेहनत से पूरा करेंगे तथा युवकों को आगे बढ़ाने के उनके निर्णय को सही साबित करेंगे।
वरुण ने बसपा, सपा और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जहां एक ओर यह दल जाति मजहब की राजनीति करने में लगे हैं, भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है और पार्टी ने उनसे जो भी अपेक्षा की है उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
वरुण ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा और मेहनत से पूरा करेंगे तथा युवकों को आगे बढ़ाने के उनके निर्णय को सही साबित करेंगे।
वरुण ने बसपा, सपा और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जहां एक ओर यह दल जाति मजहब की राजनीति करने में लगे हैं, भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है और पार्टी ने उनसे जो भी अपेक्षा की है उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
वरुण ने बसपा, सपा और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जहां एक ओर यह दल जाति मजहब की राजनीति करने में लगे हैं, भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है और पार्टी ने उनसे जो भी अपेक्षा की है उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। | संक्षिप्त पाठ: वरुण ने अपनी मां मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र आंवला में पड़ने वाले देवचरा अनाज मंडी मैदान पर बुधवार को आयोजित पार्टी की ‘स्वाभिमान रैली’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘इसमें दो राय नहीं कि राजनाथ सिंह में अटल की छवि दिखायी देती है।’ | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: खान और खनिज पदार्थों को राष्ट्रीय संपदा बताते हुए उच्चतम न्यायालय ने झारखंड में छह निजी कंपनियों की खानों के पट्टे निरस्त करने की राज्य सरकार की सिफारिश को सही ठहराया है।
न्यायमूर्ति आरएम लोढा और न्यायमूर्ति एचएल गोखले की खंडपीठ ने इन कंपनियों की इस दलील को ठुकरा दिया कि एक बार राज्य द्वारा खान को पट्टे पर देने की सिफारिश केन्द्र से करने के बाद उसे वापस लेना गैरकानूनी है। न्यायाधीशों ने कहा कि खान और खनिज पदार्थ राष्ट्रीय संपदा का हिस्सा हैं और ये समूचे समुदाय के संसाधन का हिस्सा हैं।
न्यायालय ने कहा कि उन्हें खान के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने संबंधी राज्य सरकार के 13 सितंबर, 2005 के पत्र और पट्टा देने की अनुमति अस्वीकार करने संबंधी केन्द्र सरकार के छह मार्च 2003 के पत्र में लिखे कारणों के बाद इसमें कोई त्रुटि नजर नहीं आती है।
न्यायालय ने कहा कि उसकी राय में निजी क्षेत्र के लोगों को खान के पट्टे देने से इंकार करने और 1962, 1969 और 2006 की अधिसूचनाओं के अनुरूप इन खानों को सार्वजनिक क्षेत्र के लिए सुरक्षित रखने का झारखण्ड सरकार का निर्णय पूरी तरह न्यायोचित हैं।
शीर्ष अदालत ने झारखण्ड में खानों के पट्टे निरस्त करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लि तथा कई अन्य कंपनियों की याचिका खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी।टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यवाही न तो अनुचित है और न ही इसे मनमाना कहा जा सकता है। इस कार्यवाही से न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत का भी हनन नहीं होता। झारखण्ड सरकार ने 13 सिंतबर 2005 को पश्चिम सिंहभूमि जिले के मौजा घाटकुरी इलाके सहित कुछ इलाकों में लौह अयस्क की खदानों के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने का पत्र केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय को लिखा था। इससे पहले केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय ने राज्य सरकार की सिफारिश लौटा दी थी।
केन्द्र सरकार ने यह सिफारिश इसलिए लौटा दी थी क्योंकि यह इलाके सुरक्षित थे और निजी क्षेत्र के दोहन के लिए उपलब्ध नहीं थे। खान और खनिज पदार्थ (विकास और नियमन) कानून के तहत आरक्षित क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों या राज्य की संयुक्त परियोजना के अलावा किसी अन्य को खनन कार्य के लिए पट्टा नहीं दिया जा सकता है।
न्यायमूर्ति आरएम लोढा और न्यायमूर्ति एचएल गोखले की खंडपीठ ने इन कंपनियों की इस दलील को ठुकरा दिया कि एक बार राज्य द्वारा खान को पट्टे पर देने की सिफारिश केन्द्र से करने के बाद उसे वापस लेना गैरकानूनी है। न्यायाधीशों ने कहा कि खान और खनिज पदार्थ राष्ट्रीय संपदा का हिस्सा हैं और ये समूचे समुदाय के संसाधन का हिस्सा हैं।
न्यायालय ने कहा कि उन्हें खान के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने संबंधी राज्य सरकार के 13 सितंबर, 2005 के पत्र और पट्टा देने की अनुमति अस्वीकार करने संबंधी केन्द्र सरकार के छह मार्च 2003 के पत्र में लिखे कारणों के बाद इसमें कोई त्रुटि नजर नहीं आती है।
न्यायालय ने कहा कि उसकी राय में निजी क्षेत्र के लोगों को खान के पट्टे देने से इंकार करने और 1962, 1969 और 2006 की अधिसूचनाओं के अनुरूप इन खानों को सार्वजनिक क्षेत्र के लिए सुरक्षित रखने का झारखण्ड सरकार का निर्णय पूरी तरह न्यायोचित हैं।
शीर्ष अदालत ने झारखण्ड में खानों के पट्टे निरस्त करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लि तथा कई अन्य कंपनियों की याचिका खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी।टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यवाही न तो अनुचित है और न ही इसे मनमाना कहा जा सकता है। इस कार्यवाही से न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत का भी हनन नहीं होता। झारखण्ड सरकार ने 13 सिंतबर 2005 को पश्चिम सिंहभूमि जिले के मौजा घाटकुरी इलाके सहित कुछ इलाकों में लौह अयस्क की खदानों के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने का पत्र केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय को लिखा था। इससे पहले केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय ने राज्य सरकार की सिफारिश लौटा दी थी।
केन्द्र सरकार ने यह सिफारिश इसलिए लौटा दी थी क्योंकि यह इलाके सुरक्षित थे और निजी क्षेत्र के दोहन के लिए उपलब्ध नहीं थे। खान और खनिज पदार्थ (विकास और नियमन) कानून के तहत आरक्षित क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों या राज्य की संयुक्त परियोजना के अलावा किसी अन्य को खनन कार्य के लिए पट्टा नहीं दिया जा सकता है।
न्यायालय ने कहा कि उन्हें खान के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने संबंधी राज्य सरकार के 13 सितंबर, 2005 के पत्र और पट्टा देने की अनुमति अस्वीकार करने संबंधी केन्द्र सरकार के छह मार्च 2003 के पत्र में लिखे कारणों के बाद इसमें कोई त्रुटि नजर नहीं आती है।
न्यायालय ने कहा कि उसकी राय में निजी क्षेत्र के लोगों को खान के पट्टे देने से इंकार करने और 1962, 1969 और 2006 की अधिसूचनाओं के अनुरूप इन खानों को सार्वजनिक क्षेत्र के लिए सुरक्षित रखने का झारखण्ड सरकार का निर्णय पूरी तरह न्यायोचित हैं।
शीर्ष अदालत ने झारखण्ड में खानों के पट्टे निरस्त करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लि तथा कई अन्य कंपनियों की याचिका खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी।टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यवाही न तो अनुचित है और न ही इसे मनमाना कहा जा सकता है। इस कार्यवाही से न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत का भी हनन नहीं होता। झारखण्ड सरकार ने 13 सिंतबर 2005 को पश्चिम सिंहभूमि जिले के मौजा घाटकुरी इलाके सहित कुछ इलाकों में लौह अयस्क की खदानों के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने का पत्र केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय को लिखा था। इससे पहले केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय ने राज्य सरकार की सिफारिश लौटा दी थी।
केन्द्र सरकार ने यह सिफारिश इसलिए लौटा दी थी क्योंकि यह इलाके सुरक्षित थे और निजी क्षेत्र के दोहन के लिए उपलब्ध नहीं थे। खान और खनिज पदार्थ (विकास और नियमन) कानून के तहत आरक्षित क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों या राज्य की संयुक्त परियोजना के अलावा किसी अन्य को खनन कार्य के लिए पट्टा नहीं दिया जा सकता है।
न्यायालय ने कहा कि उसकी राय में निजी क्षेत्र के लोगों को खान के पट्टे देने से इंकार करने और 1962, 1969 और 2006 की अधिसूचनाओं के अनुरूप इन खानों को सार्वजनिक क्षेत्र के लिए सुरक्षित रखने का झारखण्ड सरकार का निर्णय पूरी तरह न्यायोचित हैं।
शीर्ष अदालत ने झारखण्ड में खानों के पट्टे निरस्त करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लि तथा कई अन्य कंपनियों की याचिका खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी।टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यवाही न तो अनुचित है और न ही इसे मनमाना कहा जा सकता है। इस कार्यवाही से न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत का भी हनन नहीं होता। झारखण्ड सरकार ने 13 सिंतबर 2005 को पश्चिम सिंहभूमि जिले के मौजा घाटकुरी इलाके सहित कुछ इलाकों में लौह अयस्क की खदानों के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने का पत्र केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय को लिखा था। इससे पहले केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय ने राज्य सरकार की सिफारिश लौटा दी थी।
केन्द्र सरकार ने यह सिफारिश इसलिए लौटा दी थी क्योंकि यह इलाके सुरक्षित थे और निजी क्षेत्र के दोहन के लिए उपलब्ध नहीं थे। खान और खनिज पदार्थ (विकास और नियमन) कानून के तहत आरक्षित क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों या राज्य की संयुक्त परियोजना के अलावा किसी अन्य को खनन कार्य के लिए पट्टा नहीं दिया जा सकता है।
शीर्ष अदालत ने झारखण्ड में खानों के पट्टे निरस्त करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लि तथा कई अन्य कंपनियों की याचिका खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी।टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यवाही न तो अनुचित है और न ही इसे मनमाना कहा जा सकता है। इस कार्यवाही से न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत का भी हनन नहीं होता। झारखण्ड सरकार ने 13 सिंतबर 2005 को पश्चिम सिंहभूमि जिले के मौजा घाटकुरी इलाके सहित कुछ इलाकों में लौह अयस्क की खदानों के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने का पत्र केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय को लिखा था। इससे पहले केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय ने राज्य सरकार की सिफारिश लौटा दी थी।
केन्द्र सरकार ने यह सिफारिश इसलिए लौटा दी थी क्योंकि यह इलाके सुरक्षित थे और निजी क्षेत्र के दोहन के लिए उपलब्ध नहीं थे। खान और खनिज पदार्थ (विकास और नियमन) कानून के तहत आरक्षित क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों या राज्य की संयुक्त परियोजना के अलावा किसी अन्य को खनन कार्य के लिए पट्टा नहीं दिया जा सकता है।
न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यवाही न तो अनुचित है और न ही इसे मनमाना कहा जा सकता है। इस कार्यवाही से न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत का भी हनन नहीं होता। झारखण्ड सरकार ने 13 सिंतबर 2005 को पश्चिम सिंहभूमि जिले के मौजा घाटकुरी इलाके सहित कुछ इलाकों में लौह अयस्क की खदानों के पट्टे देने की सिफारिश वापस लेने का पत्र केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय को लिखा था। इससे पहले केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय ने राज्य सरकार की सिफारिश लौटा दी थी।
केन्द्र सरकार ने यह सिफारिश इसलिए लौटा दी थी क्योंकि यह इलाके सुरक्षित थे और निजी क्षेत्र के दोहन के लिए उपलब्ध नहीं थे। खान और खनिज पदार्थ (विकास और नियमन) कानून के तहत आरक्षित क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों या राज्य की संयुक्त परियोजना के अलावा किसी अन्य को खनन कार्य के लिए पट्टा नहीं दिया जा सकता है।
केन्द्र सरकार ने यह सिफारिश इसलिए लौटा दी थी क्योंकि यह इलाके सुरक्षित थे और निजी क्षेत्र के दोहन के लिए उपलब्ध नहीं थे। खान और खनिज पदार्थ (विकास और नियमन) कानून के तहत आरक्षित क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों या राज्य की संयुक्त परियोजना के अलावा किसी अन्य को खनन कार्य के लिए पट्टा नहीं दिया जा सकता है। | संक्षिप्त सारांश: खान और खनिज पदार्थों को राष्ट्रीय संपदा बताते हुए उच्चतम न्यायालय ने झारखंड में छह निजी कंपनियों की खानों के पट्टे निरस्त करने की राज्य सरकार की सिफारिश को सही ठहराया है। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ने गांवों में वित्तीय समावेशीकरण में तेजी लाई है और इसके तहत खोले गए बैंक खातों से सरकार की नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना में मदद मिलेगी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने मनरेगा वर्षगांठ समारोह में कहा कि योजना के तहत बैंकों में चार करोड़ से अधिक खाते खोले गए है, साथ ही डाक घरों में भी बड़ी संख्या में खाते खोले गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ये खाते नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना के कार्यान्वयन में भी मदद करेंगे। मनरेगा दुनिया में गरीबी मिटाने की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है।
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि योजना के तहत धन की हेराफेरी की कुछ शिकायतें मिली हैं, जिस पर रोक लगाने की जरूरत है। सोनिया ने कहा कि समय-समय पर सामाजिक लेखापरीक्षण किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, मनरेगा में कृषि उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है और यह दूसरी हरित क्रांति के सपने का साकार कर सकती है।
प्रधानमंत्री ने मनरेगा वर्षगांठ समारोह में कहा कि योजना के तहत बैंकों में चार करोड़ से अधिक खाते खोले गए है, साथ ही डाक घरों में भी बड़ी संख्या में खाते खोले गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ये खाते नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना के कार्यान्वयन में भी मदद करेंगे। मनरेगा दुनिया में गरीबी मिटाने की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है।
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि योजना के तहत धन की हेराफेरी की कुछ शिकायतें मिली हैं, जिस पर रोक लगाने की जरूरत है। सोनिया ने कहा कि समय-समय पर सामाजिक लेखापरीक्षण किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, मनरेगा में कृषि उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है और यह दूसरी हरित क्रांति के सपने का साकार कर सकती है।
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि योजना के तहत धन की हेराफेरी की कुछ शिकायतें मिली हैं, जिस पर रोक लगाने की जरूरत है। सोनिया ने कहा कि समय-समय पर सामाजिक लेखापरीक्षण किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, मनरेगा में कृषि उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है और यह दूसरी हरित क्रांति के सपने का साकार कर सकती है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मनमोहन सिंह ने कहा कि मनरेगा ने गांवों में वित्तीय समावेशीकरण में तेजी लाई है और इसके तहत खोले गए बैंक खातों से सरकार की नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना में मदद मिलेगी। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद के आगामी शीत सत्र में नोटबंदी के मसले पर विपक्ष के आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपनी पार्टी बीजेपी के शीर्ष नेताओं से कहा कि इस फैसले पर देश सरकार के साथ है.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों - अरुण जेटली और राजनाथ सिंह तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी इस बैठक में शामिल थे. पीएम मोदी ने कहा कि बुधवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में सरकार को इस मुद्दे पर कोई रक्षात्मक रवैया अपनाने की जरूरत नहीं है.
सूत्रों ने बताया कि बीजेपी ने नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की संभावना को सिरे से खारिज किया और कहा कि संसद में वह विपक्ष को पुरजोर तरीके से जवाब देगी. सूत्रों ने यह भी कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे नोटबंदी, सितंबर में की गई सेना की सर्जिकल स्ट्राइक और पूर्व सैनिकों के लिए 'वन रैंक, वन पेंशन' जैसे मुद्दों पर विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी करें. यह बैठक संसद में लगभग उसी वक्त हुई, जब विपक्ष भी सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति पर चर्चा के लिए जुटे थे.
बीजेपी के सहयोगी दलों ने भी सरकार के नोटबंदी के निर्णय का मजबूती से समर्थन किया है. एनडीए के घटक दलों ने 16 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष से मुकाबले के लिए तैयारी की.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के निर्णय पर कोई पुनर्विचार नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की लड़ाई को उसके तार्किक अंत तक पहुंचाया जाएगा.टिप्पणियां
एनडीए के घटक दलों ने यह भी निर्णय किया कि वे उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के सरकार के निर्णय की आलोचना करने वाली विपक्षी पार्टियों से उनके प्रत्येक आरोप का जवाब देकर मुकाबला करेंगे. पार्टियों ने यह भी निर्णय किया कि वे बचाव की मुद्रा नहीं अपनाएंगी, क्योंकि लोगों ने इस कदम का समर्थन किया है और वे असुविधा का सामना करने के लिए तैयार हैं. एनडीए के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी की प्रशंसा की और नोट को अमान्य करने और गत सितंबर में नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सरकार की प्रशंसा की.
रविवार को गोवा में पीएम मोदी ने कहा था कि देश की भलाई के लिए जनता कष्ट सहने को तैयार है. बैंककर्मी पिछले एक हफ्ते से दिनरात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर तक जनता मौका दे. उसके बाद मेरी गलती निकली तो हर सजा के लिए तैयार हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ये लड़ाई ईमानदार लोगों का भरोसा जीतने के लिए है. ये तकलीफ सिर्फ 50 दिनों के लिए है.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों - अरुण जेटली और राजनाथ सिंह तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी इस बैठक में शामिल थे. पीएम मोदी ने कहा कि बुधवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में सरकार को इस मुद्दे पर कोई रक्षात्मक रवैया अपनाने की जरूरत नहीं है.
सूत्रों ने बताया कि बीजेपी ने नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की संभावना को सिरे से खारिज किया और कहा कि संसद में वह विपक्ष को पुरजोर तरीके से जवाब देगी. सूत्रों ने यह भी कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे नोटबंदी, सितंबर में की गई सेना की सर्जिकल स्ट्राइक और पूर्व सैनिकों के लिए 'वन रैंक, वन पेंशन' जैसे मुद्दों पर विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी करें. यह बैठक संसद में लगभग उसी वक्त हुई, जब विपक्ष भी सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति पर चर्चा के लिए जुटे थे.
बीजेपी के सहयोगी दलों ने भी सरकार के नोटबंदी के निर्णय का मजबूती से समर्थन किया है. एनडीए के घटक दलों ने 16 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष से मुकाबले के लिए तैयारी की.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के निर्णय पर कोई पुनर्विचार नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की लड़ाई को उसके तार्किक अंत तक पहुंचाया जाएगा.टिप्पणियां
एनडीए के घटक दलों ने यह भी निर्णय किया कि वे उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के सरकार के निर्णय की आलोचना करने वाली विपक्षी पार्टियों से उनके प्रत्येक आरोप का जवाब देकर मुकाबला करेंगे. पार्टियों ने यह भी निर्णय किया कि वे बचाव की मुद्रा नहीं अपनाएंगी, क्योंकि लोगों ने इस कदम का समर्थन किया है और वे असुविधा का सामना करने के लिए तैयार हैं. एनडीए के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी की प्रशंसा की और नोट को अमान्य करने और गत सितंबर में नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सरकार की प्रशंसा की.
रविवार को गोवा में पीएम मोदी ने कहा था कि देश की भलाई के लिए जनता कष्ट सहने को तैयार है. बैंककर्मी पिछले एक हफ्ते से दिनरात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर तक जनता मौका दे. उसके बाद मेरी गलती निकली तो हर सजा के लिए तैयार हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ये लड़ाई ईमानदार लोगों का भरोसा जीतने के लिए है. ये तकलीफ सिर्फ 50 दिनों के लिए है.
सूत्रों ने बताया कि बीजेपी ने नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की संभावना को सिरे से खारिज किया और कहा कि संसद में वह विपक्ष को पुरजोर तरीके से जवाब देगी. सूत्रों ने यह भी कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे नोटबंदी, सितंबर में की गई सेना की सर्जिकल स्ट्राइक और पूर्व सैनिकों के लिए 'वन रैंक, वन पेंशन' जैसे मुद्दों पर विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी करें. यह बैठक संसद में लगभग उसी वक्त हुई, जब विपक्ष भी सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति पर चर्चा के लिए जुटे थे.
बीजेपी के सहयोगी दलों ने भी सरकार के नोटबंदी के निर्णय का मजबूती से समर्थन किया है. एनडीए के घटक दलों ने 16 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष से मुकाबले के लिए तैयारी की.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के निर्णय पर कोई पुनर्विचार नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की लड़ाई को उसके तार्किक अंत तक पहुंचाया जाएगा.टिप्पणियां
एनडीए के घटक दलों ने यह भी निर्णय किया कि वे उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के सरकार के निर्णय की आलोचना करने वाली विपक्षी पार्टियों से उनके प्रत्येक आरोप का जवाब देकर मुकाबला करेंगे. पार्टियों ने यह भी निर्णय किया कि वे बचाव की मुद्रा नहीं अपनाएंगी, क्योंकि लोगों ने इस कदम का समर्थन किया है और वे असुविधा का सामना करने के लिए तैयार हैं. एनडीए के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी की प्रशंसा की और नोट को अमान्य करने और गत सितंबर में नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सरकार की प्रशंसा की.
रविवार को गोवा में पीएम मोदी ने कहा था कि देश की भलाई के लिए जनता कष्ट सहने को तैयार है. बैंककर्मी पिछले एक हफ्ते से दिनरात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर तक जनता मौका दे. उसके बाद मेरी गलती निकली तो हर सजा के लिए तैयार हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ये लड़ाई ईमानदार लोगों का भरोसा जीतने के लिए है. ये तकलीफ सिर्फ 50 दिनों के लिए है.
बीजेपी के सहयोगी दलों ने भी सरकार के नोटबंदी के निर्णय का मजबूती से समर्थन किया है. एनडीए के घटक दलों ने 16 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष से मुकाबले के लिए तैयारी की.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के निर्णय पर कोई पुनर्विचार नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की लड़ाई को उसके तार्किक अंत तक पहुंचाया जाएगा.टिप्पणियां
एनडीए के घटक दलों ने यह भी निर्णय किया कि वे उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के सरकार के निर्णय की आलोचना करने वाली विपक्षी पार्टियों से उनके प्रत्येक आरोप का जवाब देकर मुकाबला करेंगे. पार्टियों ने यह भी निर्णय किया कि वे बचाव की मुद्रा नहीं अपनाएंगी, क्योंकि लोगों ने इस कदम का समर्थन किया है और वे असुविधा का सामना करने के लिए तैयार हैं. एनडीए के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी की प्रशंसा की और नोट को अमान्य करने और गत सितंबर में नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सरकार की प्रशंसा की.
रविवार को गोवा में पीएम मोदी ने कहा था कि देश की भलाई के लिए जनता कष्ट सहने को तैयार है. बैंककर्मी पिछले एक हफ्ते से दिनरात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर तक जनता मौका दे. उसके बाद मेरी गलती निकली तो हर सजा के लिए तैयार हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ये लड़ाई ईमानदार लोगों का भरोसा जीतने के लिए है. ये तकलीफ सिर्फ 50 दिनों के लिए है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के निर्णय पर कोई पुनर्विचार नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की लड़ाई को उसके तार्किक अंत तक पहुंचाया जाएगा.टिप्पणियां
एनडीए के घटक दलों ने यह भी निर्णय किया कि वे उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के सरकार के निर्णय की आलोचना करने वाली विपक्षी पार्टियों से उनके प्रत्येक आरोप का जवाब देकर मुकाबला करेंगे. पार्टियों ने यह भी निर्णय किया कि वे बचाव की मुद्रा नहीं अपनाएंगी, क्योंकि लोगों ने इस कदम का समर्थन किया है और वे असुविधा का सामना करने के लिए तैयार हैं. एनडीए के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी की प्रशंसा की और नोट को अमान्य करने और गत सितंबर में नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सरकार की प्रशंसा की.
रविवार को गोवा में पीएम मोदी ने कहा था कि देश की भलाई के लिए जनता कष्ट सहने को तैयार है. बैंककर्मी पिछले एक हफ्ते से दिनरात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर तक जनता मौका दे. उसके बाद मेरी गलती निकली तो हर सजा के लिए तैयार हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ये लड़ाई ईमानदार लोगों का भरोसा जीतने के लिए है. ये तकलीफ सिर्फ 50 दिनों के लिए है.
एनडीए के घटक दलों ने यह भी निर्णय किया कि वे उच्च मूल्य के नोट को अमान्य करने के सरकार के निर्णय की आलोचना करने वाली विपक्षी पार्टियों से उनके प्रत्येक आरोप का जवाब देकर मुकाबला करेंगे. पार्टियों ने यह भी निर्णय किया कि वे बचाव की मुद्रा नहीं अपनाएंगी, क्योंकि लोगों ने इस कदम का समर्थन किया है और वे असुविधा का सामना करने के लिए तैयार हैं. एनडीए के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी की प्रशंसा की और नोट को अमान्य करने और गत सितंबर में नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सरकार की प्रशंसा की.
रविवार को गोवा में पीएम मोदी ने कहा था कि देश की भलाई के लिए जनता कष्ट सहने को तैयार है. बैंककर्मी पिछले एक हफ्ते से दिनरात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर तक जनता मौका दे. उसके बाद मेरी गलती निकली तो हर सजा के लिए तैयार हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ये लड़ाई ईमानदार लोगों का भरोसा जीतने के लिए है. ये तकलीफ सिर्फ 50 दिनों के लिए है.
रविवार को गोवा में पीएम मोदी ने कहा था कि देश की भलाई के लिए जनता कष्ट सहने को तैयार है. बैंककर्मी पिछले एक हफ्ते से दिनरात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर तक जनता मौका दे. उसके बाद मेरी गलती निकली तो हर सजा के लिए तैयार हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ये लड़ाई ईमानदार लोगों का भरोसा जीतने के लिए है. ये तकलीफ सिर्फ 50 दिनों के लिए है. | यह एक सारांश है: 'नोटबंदी के फैसले पर पुनर्विचार करने की जरूरत नहीं'
'एनडीए के घटक दलों ने भी सरकार के निर्णय का मजबूती से समर्थन किया'
'शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष से मुकाबले करने के लिए तैयार है एनडीए' | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कुछ विशेषज्ञों द्वारा जताई गई चिंता के बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि रुपये में लगातार और तेज गिरावट से केंद्रीय बैंक के साल के अंत के मुद्रास्फीति के लक्ष्य पर असर नहीं पड़ेगा। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा, हमारा अनुमान बताता है कि रुपये में गिरावट से महंगाई की दर में कमी के अनुमान में बदलाव नहीं होगा। पिछले तीन माह में रुपये में 15 फीसद की गिरावट आ चुकी है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक महंगाई की दर के सात फीसद पर आने का अनुमान लगाया है। अक्टूबर में कुल मुद्रास्फीति 9.73 प्रतिशत पर थी। गोकर्ण ने कहा कि कच्चे तेल के दाम यदि ऊंचे स्तर पर बने रहते हैं तो यह समस्या पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, वृद्धि में कमी के बाद महंगाई नीचे आती है। इस रुख के अनुरूप यह धारणा प्रबल होती है कि अगले कुछ माह में महंगाई नीचे आएगी। गोकर्ण ने हालांकि यह बात भी मानी कि आर्थिक वृद्धि में कमी की एक वजह केंद्रीय बैंक द्वारा महंगाई पर अंकुश लगाने वाली मौद्रिक नीति है। पिछले 20 माह में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 13 बार वृद्धि की है। | सारांश: भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि रुपये में लगातार और तेज गिरावट से केंद्रीय बैंक के साल के अंत के मुद्रास्फीति के लक्ष्य पर असर नहीं पड़ेगा। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर एक बार फिर ढका-छिपा हमला करते हुए और उन्हें वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद की दौड़ से लगभग बाहर करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज साफ कहा कि वह प्रधानमंत्री के रूप में किसी धर्मनिरपेक्ष नेता को ही समर्थन देंगे।
सूत्रों के अनुसार पटना में जनता दल (यूनाइटेड) के सांसदों और विधायकों को संबोधित करते हुए नीतीश ने नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना यह भी कहा कि किसी भी नेता को 'लक्ष्मणरेखा' नहीं लांघनी चाहिए। नीतीश ने खुद को भी सरकार के शीर्ष पद की होड़ से बाहर रखा और कहा कि वह पद की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन ऐसे किसी भी व्यक्ति का समर्थन करेंगे, जो बिहार की बेहतरी के लिए काम करने का वादा करेगा।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही बिहार के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने भी संजय जोशी प्रकरण को लेकर अपने तेवर साफ करते हुए नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया था। सुशील ने भी नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना एक समाचारपत्र को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट कहा था कि किसी भी नेता को अपना फैसला पार्टी पर नहीं थोपना चाहिए। सुशील ने कहा था कि जिस तरह संजय जोशी को हटाया गया, वह ठीक नहीं था, क्योंकि किसी को भी पार्टी को 'हाईजैक' नहीं करना चाहिए और न ही पार्टी पर अपना फैसला थोपना चाहिए।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार एनडीए का ही होगा, इसलिए हमें अपने सभी सहयोगियों की भावनाओं का ध्यान रखना होगा। प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर सुशील का बयान काफी महत्वपू्र्ण था, क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख घटक जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश पहले भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तो वह एनडीए छोड़ देंगे।
सूत्रों के अनुसार पटना में जनता दल (यूनाइटेड) के सांसदों और विधायकों को संबोधित करते हुए नीतीश ने नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना यह भी कहा कि किसी भी नेता को 'लक्ष्मणरेखा' नहीं लांघनी चाहिए। नीतीश ने खुद को भी सरकार के शीर्ष पद की होड़ से बाहर रखा और कहा कि वह पद की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन ऐसे किसी भी व्यक्ति का समर्थन करेंगे, जो बिहार की बेहतरी के लिए काम करने का वादा करेगा।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही बिहार के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने भी संजय जोशी प्रकरण को लेकर अपने तेवर साफ करते हुए नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया था। सुशील ने भी नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना एक समाचारपत्र को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट कहा था कि किसी भी नेता को अपना फैसला पार्टी पर नहीं थोपना चाहिए। सुशील ने कहा था कि जिस तरह संजय जोशी को हटाया गया, वह ठीक नहीं था, क्योंकि किसी को भी पार्टी को 'हाईजैक' नहीं करना चाहिए और न ही पार्टी पर अपना फैसला थोपना चाहिए।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार एनडीए का ही होगा, इसलिए हमें अपने सभी सहयोगियों की भावनाओं का ध्यान रखना होगा। प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर सुशील का बयान काफी महत्वपू्र्ण था, क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख घटक जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश पहले भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तो वह एनडीए छोड़ देंगे।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही बिहार के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने भी संजय जोशी प्रकरण को लेकर अपने तेवर साफ करते हुए नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया था। सुशील ने भी नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना एक समाचारपत्र को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट कहा था कि किसी भी नेता को अपना फैसला पार्टी पर नहीं थोपना चाहिए। सुशील ने कहा था कि जिस तरह संजय जोशी को हटाया गया, वह ठीक नहीं था, क्योंकि किसी को भी पार्टी को 'हाईजैक' नहीं करना चाहिए और न ही पार्टी पर अपना फैसला थोपना चाहिए।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार एनडीए का ही होगा, इसलिए हमें अपने सभी सहयोगियों की भावनाओं का ध्यान रखना होगा। प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर सुशील का बयान काफी महत्वपू्र्ण था, क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख घटक जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश पहले भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तो वह एनडीए छोड़ देंगे।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार एनडीए का ही होगा, इसलिए हमें अपने सभी सहयोगियों की भावनाओं का ध्यान रखना होगा। प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर सुशील का बयान काफी महत्वपू्र्ण था, क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख घटक जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश पहले भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तो वह एनडीए छोड़ देंगे। | नीतीश ने यह भी कहा कि वह पद की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन ऐसे किसी भी व्यक्ति का समर्थन करेंगे, जो बिहार की बेहतरी के लिए काम करने का वादा करेगा। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कुछ साल पहले तक सोशल मीडिया को लोग टाइमपास के रूप में लेते थे. वक्त के साथ इसपर शादी के कार्ड, तलाक, नौकरी के ऑफर लेटर जैसी चीजें भेजे जाने लगे. अब इसे कानूनी कामों में भी इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है. हरियाणा के वित्त आयुक्त की कोर्ट (एफसी) ने प्रॉपर्टी विवाद में एक पक्ष को वाट्सऐप के जरिए समन भेजा है. यही नहीं डिलिवरी मैसेज को बतौर साक्ष्य भी कोर्ट में माना गया. भारत में यह अपने तरह का पहला मामला है. इस शुरुआत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की ओर से डिजिटल इंडिया पर दिए जा रहे जोर पर एक कदम के रूप में देखा जा सकता है.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हरियाणा के जिस वित्त आयुक्त की कोर्ट (एफसी) ने वाट्सऐप पर समन जारी किया है, उसके प्रमुख आईएएस अधिकारी अशोक खेमका हैं.
बताया जा रहा है कि कोर्ट को वाट्सऐप पर समन इसलिए भेजना पड़ा क्योंकि मामले का एक पक्ष अपना गांव छोड़कर नेपाल की राजधानी काठमांडू रहने लगा है.
हरियाणा के हिसार जिले में एक गांव के तीन भाइयों के बीच संपत्ति का विवाद चल रहा है. मामला वित्त आयुक्त की कोर्ट में पहुंचा था. अशोक खेमका की कोर्ट ने 6 अप्रैल को वाट्सऐप के जरिए इस मामले के एक पक्ष को पेशी के लिए समन भेजा था. वह जिस गांव में रहता था, उसे छोड़कर काठमांडू चला गया. पर उसका स्थानीय पता अदालत के पास अपडेट नहीं कराया गया और किसी भी दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी भी नहीं थी. सिर्फ मोबाइल फोन नंबर होने की वजह से कोर्ट ने उसे वाट्सऐप के जरिए समन भेजा गया. हालांकि उसने कोर्ट में पेश होने से न सिर्फ इनकार कर दिया बल्कि अपना काठमांडू का पता भी देने से मना कर दिया.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्थानीय पता जरूरी नहीं की हमेशा स्थानीय रहे, लेकिन ईमेल और मोबाइल फोन नंबर इसकी तुलना में ज्यादा स्थायी होते हैं. ऐसे में फोन या ईमेल से भी किसी को समन भेजा जा सकता है.टिप्पणियां
कोर्ट अब तक समन रजिस्टर्ड डाक से भेजा जाता है. वाट्सऐप के जरिए समन भेजे जाने के फैसले पर अशोक खेमका ने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस युग में हमें कानूनी प्रक्रिया भी इस ओर ले जाना होगा.
मालूम हो कि अशोक खेमका देश के ईमानदार आईएएस ऑफिसर माने जाते हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कथित जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था.
बताया जा रहा है कि कोर्ट को वाट्सऐप पर समन इसलिए भेजना पड़ा क्योंकि मामले का एक पक्ष अपना गांव छोड़कर नेपाल की राजधानी काठमांडू रहने लगा है.
हरियाणा के हिसार जिले में एक गांव के तीन भाइयों के बीच संपत्ति का विवाद चल रहा है. मामला वित्त आयुक्त की कोर्ट में पहुंचा था. अशोक खेमका की कोर्ट ने 6 अप्रैल को वाट्सऐप के जरिए इस मामले के एक पक्ष को पेशी के लिए समन भेजा था. वह जिस गांव में रहता था, उसे छोड़कर काठमांडू चला गया. पर उसका स्थानीय पता अदालत के पास अपडेट नहीं कराया गया और किसी भी दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी भी नहीं थी. सिर्फ मोबाइल फोन नंबर होने की वजह से कोर्ट ने उसे वाट्सऐप के जरिए समन भेजा गया. हालांकि उसने कोर्ट में पेश होने से न सिर्फ इनकार कर दिया बल्कि अपना काठमांडू का पता भी देने से मना कर दिया.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्थानीय पता जरूरी नहीं की हमेशा स्थानीय रहे, लेकिन ईमेल और मोबाइल फोन नंबर इसकी तुलना में ज्यादा स्थायी होते हैं. ऐसे में फोन या ईमेल से भी किसी को समन भेजा जा सकता है.टिप्पणियां
कोर्ट अब तक समन रजिस्टर्ड डाक से भेजा जाता है. वाट्सऐप के जरिए समन भेजे जाने के फैसले पर अशोक खेमका ने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस युग में हमें कानूनी प्रक्रिया भी इस ओर ले जाना होगा.
मालूम हो कि अशोक खेमका देश के ईमानदार आईएएस ऑफिसर माने जाते हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कथित जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था.
हरियाणा के हिसार जिले में एक गांव के तीन भाइयों के बीच संपत्ति का विवाद चल रहा है. मामला वित्त आयुक्त की कोर्ट में पहुंचा था. अशोक खेमका की कोर्ट ने 6 अप्रैल को वाट्सऐप के जरिए इस मामले के एक पक्ष को पेशी के लिए समन भेजा था. वह जिस गांव में रहता था, उसे छोड़कर काठमांडू चला गया. पर उसका स्थानीय पता अदालत के पास अपडेट नहीं कराया गया और किसी भी दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी भी नहीं थी. सिर्फ मोबाइल फोन नंबर होने की वजह से कोर्ट ने उसे वाट्सऐप के जरिए समन भेजा गया. हालांकि उसने कोर्ट में पेश होने से न सिर्फ इनकार कर दिया बल्कि अपना काठमांडू का पता भी देने से मना कर दिया.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्थानीय पता जरूरी नहीं की हमेशा स्थानीय रहे, लेकिन ईमेल और मोबाइल फोन नंबर इसकी तुलना में ज्यादा स्थायी होते हैं. ऐसे में फोन या ईमेल से भी किसी को समन भेजा जा सकता है.टिप्पणियां
कोर्ट अब तक समन रजिस्टर्ड डाक से भेजा जाता है. वाट्सऐप के जरिए समन भेजे जाने के फैसले पर अशोक खेमका ने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस युग में हमें कानूनी प्रक्रिया भी इस ओर ले जाना होगा.
मालूम हो कि अशोक खेमका देश के ईमानदार आईएएस ऑफिसर माने जाते हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कथित जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्थानीय पता जरूरी नहीं की हमेशा स्थानीय रहे, लेकिन ईमेल और मोबाइल फोन नंबर इसकी तुलना में ज्यादा स्थायी होते हैं. ऐसे में फोन या ईमेल से भी किसी को समन भेजा जा सकता है.टिप्पणियां
कोर्ट अब तक समन रजिस्टर्ड डाक से भेजा जाता है. वाट्सऐप के जरिए समन भेजे जाने के फैसले पर अशोक खेमका ने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस युग में हमें कानूनी प्रक्रिया भी इस ओर ले जाना होगा.
मालूम हो कि अशोक खेमका देश के ईमानदार आईएएस ऑफिसर माने जाते हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कथित जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था.
कोर्ट अब तक समन रजिस्टर्ड डाक से भेजा जाता है. वाट्सऐप के जरिए समन भेजे जाने के फैसले पर अशोक खेमका ने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस युग में हमें कानूनी प्रक्रिया भी इस ओर ले जाना होगा.
मालूम हो कि अशोक खेमका देश के ईमानदार आईएएस ऑफिसर माने जाते हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कथित जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था.
मालूम हो कि अशोक खेमका देश के ईमानदार आईएएस ऑफिसर माने जाते हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कथित जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था. | संक्षिप्त पाठ: संपत्ति विवाद के एक मामले में एक पक्ष को कोर्ट ने वाट्सऐप से भेजा समन
मामले में एक आरोपी गांव छोड़कर नेपाल में जा बसा है
उसने नेपाल का अपना पता नहीं बताया, जिसपर कोर्ट ने लिया यह फैसला | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली से रांची आ रहे एयर एशिया के विमान में आपातकालीन द्वार खोलने का प्रयास करने वाले व्यक्ति को पुलिस ने रांची स्थित सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ साइकियाट्रि में भर्ती कराया है, जहां उसकी मानसिक स्थिति की जांच की जा रही है. पुलिस के प्रवक्ता विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली से रांची आ रही एयर एशिया की फ्लाइट संख्या आई एस 546 में 24 ए सीट पर बैठे आफताब अहमद नामक रांची के 32 वर्षीय यात्री को आपातकालीन द्वार विमान के उड़ान भरने के दौरान ही खोलने का प्रयास करने के कारण विमान के अन्य यात्रियों के सहयोग से चालक दल के सदस्यों ने किसी तरह से काबू कर लिया था और रांची हवाई अड्डे पर विमान के उतरने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने उसे पकड़कर रांची पुलिस के हवाले कर दिया था. बाद में उससे पूछताछ में जब विमान का आपातकालीन द्वार खोलने का प्रयास करने के बारे में उससे कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका तो पुलिस ने उसे यहां स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया जहां से उसकी मानसिक स्थिति ठीक ना होने का संदेह होने पर सीआईपी में उसे भर्ती करा दिया गया है.
पुलिस ने बताया कि आफताब के खिलाफ विमान के भीतर उपद्रव करने का मामला दर्ज कर लिया गया है और उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अनेक अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं लेकिन पुलिस अभी इस बात की जांच करने में जुटी है की आखिर उसने ऐसा क्यों किया? पुलिस ने बताया कि चिकित्सकों की प्राथमिक जांच में उसकी मानसिक स्थिति ठीक ना होना उसकी अनुचित व्यवहार का एक कारण समझ में आया है. पुलिस सीआईपी में उसकी जांच कराकर उसकी मानसिक स्थिति की पुष्टि करना चाहती है. टिप्पणियां
उसने बताया कि एक बार आफताब अहमद की मानसिक स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद पुलिस उसके खिलाफ अगला कदम उठाएगी. इस बीच रांची हवाई अड्डे के निदेशक अनिल विक्रम ने बताया कि उन्होंने पूरी घटना के बारे में एयर एशिया विमान कंपनी से रिपोर्ट तलब की है जिसकी उन्हें प्रतीक्षा है. पूरे मामले के बारे में एयर एशिया विमान कंपनी से उसके पक्ष की जानकारी नहीं हो सकी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने बताया कि आफताब के खिलाफ विमान के भीतर उपद्रव करने का मामला दर्ज कर लिया गया है और उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अनेक अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं लेकिन पुलिस अभी इस बात की जांच करने में जुटी है की आखिर उसने ऐसा क्यों किया? पुलिस ने बताया कि चिकित्सकों की प्राथमिक जांच में उसकी मानसिक स्थिति ठीक ना होना उसकी अनुचित व्यवहार का एक कारण समझ में आया है. पुलिस सीआईपी में उसकी जांच कराकर उसकी मानसिक स्थिति की पुष्टि करना चाहती है. टिप्पणियां
उसने बताया कि एक बार आफताब अहमद की मानसिक स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद पुलिस उसके खिलाफ अगला कदम उठाएगी. इस बीच रांची हवाई अड्डे के निदेशक अनिल विक्रम ने बताया कि उन्होंने पूरी घटना के बारे में एयर एशिया विमान कंपनी से रिपोर्ट तलब की है जिसकी उन्हें प्रतीक्षा है. पूरे मामले के बारे में एयर एशिया विमान कंपनी से उसके पक्ष की जानकारी नहीं हो सकी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उसने बताया कि एक बार आफताब अहमद की मानसिक स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद पुलिस उसके खिलाफ अगला कदम उठाएगी. इस बीच रांची हवाई अड्डे के निदेशक अनिल विक्रम ने बताया कि उन्होंने पूरी घटना के बारे में एयर एशिया विमान कंपनी से रिपोर्ट तलब की है जिसकी उन्हें प्रतीक्षा है. पूरे मामले के बारे में एयर एशिया विमान कंपनी से उसके पक्ष की जानकारी नहीं हो सकी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:एयर एशिया के विमान में मुख्य द्वार खोलने की कोशिश कर रहा था शख्स
पुलिस पूछताछ में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता यह शख्स
हिरासत में लिए गए यात्री को मानसिक अस्पताल में भेजा गया | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रबल दावेदार भारतीय टीम ने अपनी साख के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर को 15-1 से रौंदकर ओलिंपिक क्वालीफायर में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।टिप्पणियां
पिछले साल लगा पांच मैचों का प्रतिबंध खत्म करने के बाद पहला मैच खेल रहे चांडी ने बेहतरीन फार्म का प्रदर्शन करते हुए भारत की जीत के सूत्रधार की भूमिका निभाई। चार साल पहले बीजिंग ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूकी भारतीय टीम के लिए लंदन ओलिंपिक का टिकट कटाने का यह आखिरी मौका है और माइकल नोब्स की टीम ने अपेक्षा के अनुरूप खेलते हुए सिंगापुर की युवा टीम को नाकों चने चबवा दिए।
महज ढाई सप्ताह पहले अमेरिका की जगह टूर्नामेंट में शामिल की गई 41वीं रैंकिंग वाली सिंगापुर टीम पूरे मैच में महज मूकदर्शक नजर आई। भारत के लिए शिवेंद्र सिंह (18वां और 30वां मिनट), गुरविंदर सिंह चांडी (10वां, 21वां, 40वां), सरदार सिंह (11वां मिनट), दानिश मुज्तबा (25वां, 52वां), तुषार खांडेकर (42वां), संदीप सिंह (47वां), एसके उथप्पा (48वां):, युवराज वाल्मीकि (53वां), एसवी सुनील (54वां और 57वां मिनट) और बीरेंद्र लाकड़ा (70वां) ने गोल किए।
पिछले साल लगा पांच मैचों का प्रतिबंध खत्म करने के बाद पहला मैच खेल रहे चांडी ने बेहतरीन फार्म का प्रदर्शन करते हुए भारत की जीत के सूत्रधार की भूमिका निभाई। चार साल पहले बीजिंग ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूकी भारतीय टीम के लिए लंदन ओलिंपिक का टिकट कटाने का यह आखिरी मौका है और माइकल नोब्स की टीम ने अपेक्षा के अनुरूप खेलते हुए सिंगापुर की युवा टीम को नाकों चने चबवा दिए।
महज ढाई सप्ताह पहले अमेरिका की जगह टूर्नामेंट में शामिल की गई 41वीं रैंकिंग वाली सिंगापुर टीम पूरे मैच में महज मूकदर्शक नजर आई। भारत के लिए शिवेंद्र सिंह (18वां और 30वां मिनट), गुरविंदर सिंह चांडी (10वां, 21वां, 40वां), सरदार सिंह (11वां मिनट), दानिश मुज्तबा (25वां, 52वां), तुषार खांडेकर (42वां), संदीप सिंह (47वां), एसके उथप्पा (48वां):, युवराज वाल्मीकि (53वां), एसवी सुनील (54वां और 57वां मिनट) और बीरेंद्र लाकड़ा (70वां) ने गोल किए।
महज ढाई सप्ताह पहले अमेरिका की जगह टूर्नामेंट में शामिल की गई 41वीं रैंकिंग वाली सिंगापुर टीम पूरे मैच में महज मूकदर्शक नजर आई। भारत के लिए शिवेंद्र सिंह (18वां और 30वां मिनट), गुरविंदर सिंह चांडी (10वां, 21वां, 40वां), सरदार सिंह (11वां मिनट), दानिश मुज्तबा (25वां, 52वां), तुषार खांडेकर (42वां), संदीप सिंह (47वां), एसके उथप्पा (48वां):, युवराज वाल्मीकि (53वां), एसवी सुनील (54वां और 57वां मिनट) और बीरेंद्र लाकड़ा (70वां) ने गोल किए। | यह एक सारांश है: प्रबल दावेदार भारतीय टीम ने अपनी साख के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर को 15-1 से रौंदकर ओलिंपिक क्वालीफायर में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की कक्षा दो की एक छात्रा के साथ स्कूल परिसर में दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच गुस्साई भीड़ शुक्रवार को हिंसक हो गई।
पुलिस के मुताबिक दुष्कर्म की वारदात गुरुवार को दोपहर मंगोलपुरी इलाके में उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित एक स्कूल में हुई। यहां लड़की दोपहर का भोजन खाने गई थी।
लड़की को संजय गांधी मेमारियल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दुष्कर्म की पुष्टि की।
एक अधिकारी ने बताया, "इस मामले में एक केस दर्ज कर लिया गया है। स्कूल के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।"
पुलिस को दिए बयान में लड़की ने बताया कि वह हमलावर को नहीं जानती है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के दो शिक्षकों और एक चौकीदार को हिरासत में लिया है।
मंगोलपुरी के लोगों ने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए शुक्रवार की सुबह स्थानीय थाने के बाहर तीन-चार घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से यातायात की स्थिति बदहाल हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा।
मंगोलपुरी के लोग शुक्रवार की दोपहर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के बाहर दोबारा जमा हुए। यहां लड़की की चिकित्सीय परीक्षण होनी थी। यहां भीड़ हिंसक हो गई व लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन बसों और पुलिस की कुछ गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन में कोई जख्मी नहीं हुआ।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि लड़की की हालत ठीक है। उसे जांच के बाद घर भेज दिया गया है। पुलिस की एक टुकड़ी हालांकि इलाके में तैनात है।
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
पुलिस के मुताबिक दुष्कर्म की वारदात गुरुवार को दोपहर मंगोलपुरी इलाके में उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित एक स्कूल में हुई। यहां लड़की दोपहर का भोजन खाने गई थी।
लड़की को संजय गांधी मेमारियल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दुष्कर्म की पुष्टि की।
एक अधिकारी ने बताया, "इस मामले में एक केस दर्ज कर लिया गया है। स्कूल के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।"
पुलिस को दिए बयान में लड़की ने बताया कि वह हमलावर को नहीं जानती है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के दो शिक्षकों और एक चौकीदार को हिरासत में लिया है।
मंगोलपुरी के लोगों ने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए शुक्रवार की सुबह स्थानीय थाने के बाहर तीन-चार घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से यातायात की स्थिति बदहाल हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा।
मंगोलपुरी के लोग शुक्रवार की दोपहर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के बाहर दोबारा जमा हुए। यहां लड़की की चिकित्सीय परीक्षण होनी थी। यहां भीड़ हिंसक हो गई व लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन बसों और पुलिस की कुछ गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन में कोई जख्मी नहीं हुआ।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि लड़की की हालत ठीक है। उसे जांच के बाद घर भेज दिया गया है। पुलिस की एक टुकड़ी हालांकि इलाके में तैनात है।
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
लड़की को संजय गांधी मेमारियल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दुष्कर्म की पुष्टि की।
एक अधिकारी ने बताया, "इस मामले में एक केस दर्ज कर लिया गया है। स्कूल के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।"
पुलिस को दिए बयान में लड़की ने बताया कि वह हमलावर को नहीं जानती है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के दो शिक्षकों और एक चौकीदार को हिरासत में लिया है।
मंगोलपुरी के लोगों ने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए शुक्रवार की सुबह स्थानीय थाने के बाहर तीन-चार घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से यातायात की स्थिति बदहाल हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा।
मंगोलपुरी के लोग शुक्रवार की दोपहर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के बाहर दोबारा जमा हुए। यहां लड़की की चिकित्सीय परीक्षण होनी थी। यहां भीड़ हिंसक हो गई व लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन बसों और पुलिस की कुछ गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन में कोई जख्मी नहीं हुआ।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि लड़की की हालत ठीक है। उसे जांच के बाद घर भेज दिया गया है। पुलिस की एक टुकड़ी हालांकि इलाके में तैनात है।
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
एक अधिकारी ने बताया, "इस मामले में एक केस दर्ज कर लिया गया है। स्कूल के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।"
पुलिस को दिए बयान में लड़की ने बताया कि वह हमलावर को नहीं जानती है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के दो शिक्षकों और एक चौकीदार को हिरासत में लिया है।
मंगोलपुरी के लोगों ने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए शुक्रवार की सुबह स्थानीय थाने के बाहर तीन-चार घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से यातायात की स्थिति बदहाल हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा।
मंगोलपुरी के लोग शुक्रवार की दोपहर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के बाहर दोबारा जमा हुए। यहां लड़की की चिकित्सीय परीक्षण होनी थी। यहां भीड़ हिंसक हो गई व लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन बसों और पुलिस की कुछ गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन में कोई जख्मी नहीं हुआ।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि लड़की की हालत ठीक है। उसे जांच के बाद घर भेज दिया गया है। पुलिस की एक टुकड़ी हालांकि इलाके में तैनात है।
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
पुलिस को दिए बयान में लड़की ने बताया कि वह हमलावर को नहीं जानती है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के दो शिक्षकों और एक चौकीदार को हिरासत में लिया है।
मंगोलपुरी के लोगों ने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए शुक्रवार की सुबह स्थानीय थाने के बाहर तीन-चार घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से यातायात की स्थिति बदहाल हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा।
मंगोलपुरी के लोग शुक्रवार की दोपहर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के बाहर दोबारा जमा हुए। यहां लड़की की चिकित्सीय परीक्षण होनी थी। यहां भीड़ हिंसक हो गई व लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन बसों और पुलिस की कुछ गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन में कोई जख्मी नहीं हुआ।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि लड़की की हालत ठीक है। उसे जांच के बाद घर भेज दिया गया है। पुलिस की एक टुकड़ी हालांकि इलाके में तैनात है।
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
मंगोलपुरी के लोगों ने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए शुक्रवार की सुबह स्थानीय थाने के बाहर तीन-चार घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से यातायात की स्थिति बदहाल हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा।
मंगोलपुरी के लोग शुक्रवार की दोपहर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के बाहर दोबारा जमा हुए। यहां लड़की की चिकित्सीय परीक्षण होनी थी। यहां भीड़ हिंसक हो गई व लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन बसों और पुलिस की कुछ गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन में कोई जख्मी नहीं हुआ।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि लड़की की हालत ठीक है। उसे जांच के बाद घर भेज दिया गया है। पुलिस की एक टुकड़ी हालांकि इलाके में तैनात है।
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
मंगोलपुरी के लोग शुक्रवार की दोपहर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के बाहर दोबारा जमा हुए। यहां लड़की की चिकित्सीय परीक्षण होनी थी। यहां भीड़ हिंसक हो गई व लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन बसों और पुलिस की कुछ गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन में कोई जख्मी नहीं हुआ।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि लड़की की हालत ठीक है। उसे जांच के बाद घर भेज दिया गया है। पुलिस की एक टुकड़ी हालांकि इलाके में तैनात है।
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि लड़की की हालत ठीक है। उसे जांच के बाद घर भेज दिया गया है। पुलिस की एक टुकड़ी हालांकि इलाके में तैनात है।
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
अधिकारी ने बताया, "मंगोलपुरी में एमसीडी स्कूल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आस-पास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। भीड़ को काबू में रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।"टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
पुलिस अधिकारी के अनुसार गैर-सरकारी संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एनडीएमसी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।"
अतिरिक्त आयुक्त दीपक अस्थिर ने बताया, "हमने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी को घटनास्थल पर रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया है।" | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली की कक्षा दो की एक छात्रा के साथ स्कूल परिसर में दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच गुस्साई भीड़ शुक्रवार को हिंसक हो गई। | 22 | ['hin'] |
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