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एक सारांश बनाओ: बाएं हाथ से काम करने वाले लोग दाएं हाथ से काम करने वालों की अपेक्षा अधिक डरपोक होते हैं। इस सम्बंध में किए गए एक अध्ययन में मनोवैज्ञानिकों ने कई लोगों को आठ मिनट की एक डरावनी फिल्म दिखाई। फिल्म देखने के बाद बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों में 'पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस', यानी, आघात के लम्बे समय तक रहने वाले असर के लक्षण अधिक देखे गए। समाचार पत्र 'टेलीग्राफ' के मुताबिक जब फिल्म 'साइलेंस ऑफ द लैम्ब्स' के क्लाइमैक्स वाले इस छोटे से हिस्से में देखी गई बातों को सुनाने के लिए कहा गया, तो बाएं हाथ से काम करने वालों ने एक ही बात को बार-बार दुहराया और उनकी बातों में तारतम्यता का अभाव था। पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस से प्रभावित लोगों में यह व्यवहार देखा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस अध्ययन से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि लोगों में पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस का विकास कैसे होता है और मस्तिष्क पर डर का किस प्रकार से प्रभाव होता है। ईडेनबर्ग में क्वीन मार्गेट्र युनिवर्सिटी की शोधार्थी कैरोलीन चौधरी ने कहा कि दाएं हाथ से काम करने वाले लोगों की तुलना में बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों में पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस का असर लगभग दोगुना पाया गया।
बाएं हाथ से काम करने वाले लोग दाएं हाथ से काम करने वालों की अपेक्षा अधिक डरपोक होते हैं।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने गुरुवार को कहा कि जब तक पुलिस अपनी जांच पूरी नहीं कर लेती तब तक लोगों को इस ‘निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना’ चाहिए कि बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन का दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन कथित रूप से मौजूदा स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में शामिल था। शुक्ला से जब पूछा गया कि क्या श्रीनिवासन को इस प्रकरण के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हट जाना चाहिए तो उन्होंने जवाब दिया, ‘‘मुंबई और दिल्ली पुलिस में सक्षम अधिकारी हैं, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उन्हें अपनी जांच पूरी कर लेने देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी कैसे करार कर सकते हो? पुलिस को अपनी रिपोर्ट सौंप देने दीजिए जिसके बाद हम इसके बारे में और सही बात करने की हालत में होंगे।’’ बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी इस पूरे प्रकरण में मय्यप्पन की कथित भूमिका के संबंध में रक्षात्मक हो गए हैं। बीसीसीआई के संयुक्त सचिव अनुराग ठाकुर ने भी इसी लहजे में बात करते हुए कहा कि जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। टिप्पणियां ठाकुर ने कहा, ‘‘बीसीसीआई ने प्रकरण के पहले दिन ही कदम उठा लिया था और तीन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया था। हम दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस की पूरी जांच का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद ही हम कोई फैसला कर पायेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें इंतजार करना चाहिए, हमें पुलिस विभाग पर पूरा भरोसा है। जांच पूरी होने दीजिये। मैं बीसीसीआई की ओर से आपको आश्वस्त करता हूं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’ ठाकुर ने कहा, ‘‘हमें कुछ नहीं पता कि इसमें और कौन लोग शामिल हैं। दिल्ली पुलिस को अपनी जांच पूरी करने दीजिये। हमें पूर्वानुमान नहीं लगाना चाहिए।’’ शुक्ला से जब पूछा गया कि क्या श्रीनिवासन को इस प्रकरण के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हट जाना चाहिए तो उन्होंने जवाब दिया, ‘‘मुंबई और दिल्ली पुलिस में सक्षम अधिकारी हैं, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उन्हें अपनी जांच पूरी कर लेने देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी कैसे करार कर सकते हो? पुलिस को अपनी रिपोर्ट सौंप देने दीजिए जिसके बाद हम इसके बारे में और सही बात करने की हालत में होंगे।’’ बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी इस पूरे प्रकरण में मय्यप्पन की कथित भूमिका के संबंध में रक्षात्मक हो गए हैं। बीसीसीआई के संयुक्त सचिव अनुराग ठाकुर ने भी इसी लहजे में बात करते हुए कहा कि जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। टिप्पणियां ठाकुर ने कहा, ‘‘बीसीसीआई ने प्रकरण के पहले दिन ही कदम उठा लिया था और तीन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया था। हम दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस की पूरी जांच का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद ही हम कोई फैसला कर पायेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें इंतजार करना चाहिए, हमें पुलिस विभाग पर पूरा भरोसा है। जांच पूरी होने दीजिये। मैं बीसीसीआई की ओर से आपको आश्वस्त करता हूं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’ ठाकुर ने कहा, ‘‘हमें कुछ नहीं पता कि इसमें और कौन लोग शामिल हैं। दिल्ली पुलिस को अपनी जांच पूरी करने दीजिये। हमें पूर्वानुमान नहीं लगाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी कैसे करार कर सकते हो? पुलिस को अपनी रिपोर्ट सौंप देने दीजिए जिसके बाद हम इसके बारे में और सही बात करने की हालत में होंगे।’’ बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी इस पूरे प्रकरण में मय्यप्पन की कथित भूमिका के संबंध में रक्षात्मक हो गए हैं। बीसीसीआई के संयुक्त सचिव अनुराग ठाकुर ने भी इसी लहजे में बात करते हुए कहा कि जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। टिप्पणियां ठाकुर ने कहा, ‘‘बीसीसीआई ने प्रकरण के पहले दिन ही कदम उठा लिया था और तीन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया था। हम दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस की पूरी जांच का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद ही हम कोई फैसला कर पायेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें इंतजार करना चाहिए, हमें पुलिस विभाग पर पूरा भरोसा है। जांच पूरी होने दीजिये। मैं बीसीसीआई की ओर से आपको आश्वस्त करता हूं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’ ठाकुर ने कहा, ‘‘हमें कुछ नहीं पता कि इसमें और कौन लोग शामिल हैं। दिल्ली पुलिस को अपनी जांच पूरी करने दीजिये। हमें पूर्वानुमान नहीं लगाना चाहिए।’’ बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी इस पूरे प्रकरण में मय्यप्पन की कथित भूमिका के संबंध में रक्षात्मक हो गए हैं। बीसीसीआई के संयुक्त सचिव अनुराग ठाकुर ने भी इसी लहजे में बात करते हुए कहा कि जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। टिप्पणियां ठाकुर ने कहा, ‘‘बीसीसीआई ने प्रकरण के पहले दिन ही कदम उठा लिया था और तीन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया था। हम दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस की पूरी जांच का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद ही हम कोई फैसला कर पायेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें इंतजार करना चाहिए, हमें पुलिस विभाग पर पूरा भरोसा है। जांच पूरी होने दीजिये। मैं बीसीसीआई की ओर से आपको आश्वस्त करता हूं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’ ठाकुर ने कहा, ‘‘हमें कुछ नहीं पता कि इसमें और कौन लोग शामिल हैं। दिल्ली पुलिस को अपनी जांच पूरी करने दीजिये। हमें पूर्वानुमान नहीं लगाना चाहिए।’’ ठाकुर ने कहा, ‘‘बीसीसीआई ने प्रकरण के पहले दिन ही कदम उठा लिया था और तीन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया था। हम दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस की पूरी जांच का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद ही हम कोई फैसला कर पायेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें इंतजार करना चाहिए, हमें पुलिस विभाग पर पूरा भरोसा है। जांच पूरी होने दीजिये। मैं बीसीसीआई की ओर से आपको आश्वस्त करता हूं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’ ठाकुर ने कहा, ‘‘हमें कुछ नहीं पता कि इसमें और कौन लोग शामिल हैं। दिल्ली पुलिस को अपनी जांच पूरी करने दीजिये। हमें पूर्वानुमान नहीं लगाना चाहिए।’’ ठाकुर ने कहा, ‘‘हमें कुछ नहीं पता कि इसमें और कौन लोग शामिल हैं। दिल्ली पुलिस को अपनी जांच पूरी करने दीजिये। हमें पूर्वानुमान नहीं लगाना चाहिए।’’
यहाँ एक सारांश है:आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि जब तक पुलिस अपनी जांच पूरी नहीं कर लेती तब तक लोगों को इस ‘निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना’ चाहिए कि बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन का दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन कथित रूप से मौजूदा स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में शामिल था।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शनिवार को पोर्टफोलिया प्रबंधन योजना के तहत न्यूनतम निवेश सीमा को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया। सेबी के बोर्ड की बैठक के बाद जारी एक बयान के मुताबिक बोर्ड ने इसके लिए सेबी (पोर्टफोलियो प्रबंधक) रेगुलेशन, 1933 में संशोधन करने का फैसला किया।टिप्पणियां सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा कि संशोधन मौजूदा निवेश पर लागू नहीं होगा, बल्कि यह नए निवेशकों या पुराने निवेशकों के भावी निवेश पर लागू होगा। इसके साथ ही सेबी ने बीमा कम्पनियों और म्यूचुअल फंड कम्पनियों को छह महीने के लॉक इन अवधि के उस प्रावधान से भी मुक्त करने का फैसला किया, जिसके तहत तरजीही शेयर आवंटित करने वाली कम्पनी उन कम्पनियों को तरजीही शेयर नहीं दे सकती है, जिन्होंने उसके किसी शेयर को तरजीही शेयर आवंटित करने की तिथि से पहले छह महीने की अवधि में बेचा हो। सेबी के बोर्ड की बैठक के बाद जारी एक बयान के मुताबिक बोर्ड ने इसके लिए सेबी (पोर्टफोलियो प्रबंधक) रेगुलेशन, 1933 में संशोधन करने का फैसला किया।टिप्पणियां सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा कि संशोधन मौजूदा निवेश पर लागू नहीं होगा, बल्कि यह नए निवेशकों या पुराने निवेशकों के भावी निवेश पर लागू होगा। इसके साथ ही सेबी ने बीमा कम्पनियों और म्यूचुअल फंड कम्पनियों को छह महीने के लॉक इन अवधि के उस प्रावधान से भी मुक्त करने का फैसला किया, जिसके तहत तरजीही शेयर आवंटित करने वाली कम्पनी उन कम्पनियों को तरजीही शेयर नहीं दे सकती है, जिन्होंने उसके किसी शेयर को तरजीही शेयर आवंटित करने की तिथि से पहले छह महीने की अवधि में बेचा हो। सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा कि संशोधन मौजूदा निवेश पर लागू नहीं होगा, बल्कि यह नए निवेशकों या पुराने निवेशकों के भावी निवेश पर लागू होगा। इसके साथ ही सेबी ने बीमा कम्पनियों और म्यूचुअल फंड कम्पनियों को छह महीने के लॉक इन अवधि के उस प्रावधान से भी मुक्त करने का फैसला किया, जिसके तहत तरजीही शेयर आवंटित करने वाली कम्पनी उन कम्पनियों को तरजीही शेयर नहीं दे सकती है, जिन्होंने उसके किसी शेयर को तरजीही शेयर आवंटित करने की तिथि से पहले छह महीने की अवधि में बेचा हो। इसके साथ ही सेबी ने बीमा कम्पनियों और म्यूचुअल फंड कम्पनियों को छह महीने के लॉक इन अवधि के उस प्रावधान से भी मुक्त करने का फैसला किया, जिसके तहत तरजीही शेयर आवंटित करने वाली कम्पनी उन कम्पनियों को तरजीही शेयर नहीं दे सकती है, जिन्होंने उसके किसी शेयर को तरजीही शेयर आवंटित करने की तिथि से पहले छह महीने की अवधि में बेचा हो।
सारांश: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शनिवार को पोर्टफोलिया प्रबंधन योजना के तहत न्यूनतम निवेश सीमा को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के वर्तमान संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार भारतीय तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने उनकी गर्लफ्रेंड के पास से एक और मोबाइल फोन बरामद किया। यह फोन भी श्रीसंत ने फिक्सिंग में मिले पैसों से खरीदकर अपनी गर्लफ्रेंड को उपहार दिया था। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि युवती के जयपुर स्थित घर से शुक्रवार को 9,000 रुपये कीमत वाला एक ब्लैकबेरी बोल्ड मोबाइल बरामद किया गया। आईपीएल के वर्तमान संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के लिए चुने जाने के बाद श्रीसंत इसी वर्ष महिला के संपर्क में आए। अधिकारी ने बताया, "श्रीसंत द्वारा स्पाट फिक्सिंग के पैसों से मोबाइल का उपहार पाने वाली यह उनकी दूसरी गर्लफ्रेंड है।" टिप्पणियां इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने जयपुर स्थित महिला के घर से 40,000 की कीमत वाला एक ब्लैकबेरी जेड 10 मोबाइल बरामद किया था। श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग के पैसों को जल्द से जल्द से खर्च कर देना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने मुंबई के एक शोरूम से काफी महंगे कपड़े भी खरीदे थे। पुलिस ने बताया कि युवती के जयपुर स्थित घर से शुक्रवार को 9,000 रुपये कीमत वाला एक ब्लैकबेरी बोल्ड मोबाइल बरामद किया गया। आईपीएल के वर्तमान संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के लिए चुने जाने के बाद श्रीसंत इसी वर्ष महिला के संपर्क में आए। अधिकारी ने बताया, "श्रीसंत द्वारा स्पाट फिक्सिंग के पैसों से मोबाइल का उपहार पाने वाली यह उनकी दूसरी गर्लफ्रेंड है।" टिप्पणियां इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने जयपुर स्थित महिला के घर से 40,000 की कीमत वाला एक ब्लैकबेरी जेड 10 मोबाइल बरामद किया था। श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग के पैसों को जल्द से जल्द से खर्च कर देना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने मुंबई के एक शोरूम से काफी महंगे कपड़े भी खरीदे थे। आईपीएल के वर्तमान संस्करण में राजस्थान रॉयल्स के लिए चुने जाने के बाद श्रीसंत इसी वर्ष महिला के संपर्क में आए। अधिकारी ने बताया, "श्रीसंत द्वारा स्पाट फिक्सिंग के पैसों से मोबाइल का उपहार पाने वाली यह उनकी दूसरी गर्लफ्रेंड है।" टिप्पणियां इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने जयपुर स्थित महिला के घर से 40,000 की कीमत वाला एक ब्लैकबेरी जेड 10 मोबाइल बरामद किया था। श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग के पैसों को जल्द से जल्द से खर्च कर देना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने मुंबई के एक शोरूम से काफी महंगे कपड़े भी खरीदे थे। अधिकारी ने बताया, "श्रीसंत द्वारा स्पाट फिक्सिंग के पैसों से मोबाइल का उपहार पाने वाली यह उनकी दूसरी गर्लफ्रेंड है।" टिप्पणियां इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने जयपुर स्थित महिला के घर से 40,000 की कीमत वाला एक ब्लैकबेरी जेड 10 मोबाइल बरामद किया था। श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग के पैसों को जल्द से जल्द से खर्च कर देना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने मुंबई के एक शोरूम से काफी महंगे कपड़े भी खरीदे थे। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने जयपुर स्थित महिला के घर से 40,000 की कीमत वाला एक ब्लैकबेरी जेड 10 मोबाइल बरामद किया था। श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग के पैसों को जल्द से जल्द से खर्च कर देना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने मुंबई के एक शोरूम से काफी महंगे कपड़े भी खरीदे थे। श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग के पैसों को जल्द से जल्द से खर्च कर देना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने मुंबई के एक शोरूम से काफी महंगे कपड़े भी खरीदे थे।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के वर्तमान संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार भारतीय तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने उनकी गर्लफ्रेंड के पास से एक और मोबाइल फोन बरामद किया।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि अधिकारी कामकाज और कानून-व्‍यवस्‍था दुरुस्‍त करने के लिहाज से दफ्तर में पूरा समय दें. शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश सरकार में मंत्री और सरकार के प्रवक्‍ता श्रीकांत शर्मा ने इस संबंध में अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देने के अंदाज में कहा कि मुख्‍यमंत्री सुबह नौ बजे से शाम छह बजे के बीच किसी भी वक्‍त किसी भी अधिकारी को उनके ऑफिस के लैंडलाइन में भी फोन कर सकते हैं. साथ में उन्‍होंने यह भी कहा कि यदि अधिकारी इस दौरान अपने ऑफिस में नहीं मिले तो उनको बाहर या फील्‍ड में जाने के बारे में वाजिब कारण बताना होगा, अन्‍यथा उनको दंडित किया जा सकता है.टिप्पणियां हालांकि इस मामले में वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारियों को थोड़ा राहत दी गई है. दरअसल इन अधिकारियों को अक्‍सर कामकाज या अपनी जूनियरों के काम का निरीक्षण करने के लिए फील्‍ड में जाना पड़ता है, इसलिए इनके लिए थोड़ी राहत मिल सकती है. लेकिन जिलाधिकारी जैसे वरिष्‍ठ अधिकारियों को ऑफिस से बाहर जाने के संबंध में पुख्‍ता जवाब देना. इस संबंध में योगी योगी आदित्‍यनाथ का मानना है कि यदि शीर्ष अधिकारी ऑफिस में उपस्थित रहेंगे तो जूनियर भी अनुशासित होकर उनका अनुकरण करेंगे. इसके साथ ही सभी वरिष्‍ठ अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि यदि उन्‍होंने घर में कोई ऑफिस में बनाया हो तो तत्‍काल बंद कर दिया जाए.    इसके अलावा श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यूपी के सभी गांवों में शाम सात से सुबह सात बजे तक बिजली देने का निर्देश दिया गया है. ओलावृष्टि और आंधी आने पर यदि बिजली के तार टूटे तो उनको दुरुस्‍त करना प्राथमिकता होनी चाहिए. सभी नगर आयुक्‍तों और डीएम को शहरों के साथ-साथ विशेष रूप से गांवों में स्‍वच्‍छता अभियान पर विशेष ध्‍यान देने का निर्देश दिया गया है. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि स्‍वच्‍छता और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है. सभी महानगरों को प्‍लास्टिक और पॉलिथिन बैग से मुक्‍त करने की जरूरत बताते हुए बरसात से पहले सभी नालों को साफ करने का निर्देश दिया गया. हालांकि इस मामले में वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारियों को थोड़ा राहत दी गई है. दरअसल इन अधिकारियों को अक्‍सर कामकाज या अपनी जूनियरों के काम का निरीक्षण करने के लिए फील्‍ड में जाना पड़ता है, इसलिए इनके लिए थोड़ी राहत मिल सकती है. लेकिन जिलाधिकारी जैसे वरिष्‍ठ अधिकारियों को ऑफिस से बाहर जाने के संबंध में पुख्‍ता जवाब देना. इस संबंध में योगी योगी आदित्‍यनाथ का मानना है कि यदि शीर्ष अधिकारी ऑफिस में उपस्थित रहेंगे तो जूनियर भी अनुशासित होकर उनका अनुकरण करेंगे. इसके साथ ही सभी वरिष्‍ठ अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि यदि उन्‍होंने घर में कोई ऑफिस में बनाया हो तो तत्‍काल बंद कर दिया जाए.    इसके अलावा श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यूपी के सभी गांवों में शाम सात से सुबह सात बजे तक बिजली देने का निर्देश दिया गया है. ओलावृष्टि और आंधी आने पर यदि बिजली के तार टूटे तो उनको दुरुस्‍त करना प्राथमिकता होनी चाहिए. सभी नगर आयुक्‍तों और डीएम को शहरों के साथ-साथ विशेष रूप से गांवों में स्‍वच्‍छता अभियान पर विशेष ध्‍यान देने का निर्देश दिया गया है. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि स्‍वच्‍छता और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है. सभी महानगरों को प्‍लास्टिक और पॉलिथिन बैग से मुक्‍त करने की जरूरत बताते हुए बरसात से पहले सभी नालों को साफ करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यूपी के सभी गांवों में शाम सात से सुबह सात बजे तक बिजली देने का निर्देश दिया गया है. ओलावृष्टि और आंधी आने पर यदि बिजली के तार टूटे तो उनको दुरुस्‍त करना प्राथमिकता होनी चाहिए. सभी नगर आयुक्‍तों और डीएम को शहरों के साथ-साथ विशेष रूप से गांवों में स्‍वच्‍छता अभियान पर विशेष ध्‍यान देने का निर्देश दिया गया है. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि स्‍वच्‍छता और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है. सभी महानगरों को प्‍लास्टिक और पॉलिथिन बैग से मुक्‍त करने की जरूरत बताते हुए बरसात से पहले सभी नालों को साफ करने का निर्देश दिया गया.
संक्षिप्त सारांश: अधिकारियों को सुबह नौ से छह बजे तक दफ्तर में रहने का निर्देश पुलिस अधिकारियों को फील्‍ड में रहने के कारण थोड़ी मोहलत मिल सकती है अधिकारियों को गांवों में स्‍वच्‍छता अभियान पर जोर देने को कहा गया
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए एशिया कप एकदिवसीय मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 50 रनों से पराजित कर दिया। विराट कोहली को शानदार शतक (108) के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम 45.1 ओवर में 254 रन ही बना सकी। श्रीलंका की ओर से माहेला जयवर्धने (78) और कुमार संगकारा (65) को छोड़ कोई बल्लेबाज उल्लेखनीय योगदान नहीं कर पाया।   भारत द्वारा रखे गए 305 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 39 ओवरों की समाप्ति तक 216 रन के कुल योग पर सात विकेट गंवा चुकी थी। श्रीलंका ने तिलकरत्ने दिलशान (7), दिनेश चांडीमल (13), लाहिरू थिरिमान्ने (29), नुवान कुलासेकरा (11), चनाका कापूगेदारा (0) फरवेज महरूफ (18) और उपुल थरंगा (17) और एस. प्रसन्ना के विकेट सस्ते में गंवा दिए। भारत की ओर से इरफान पठान ने चार विकेट चटकाए जबकि रविचंद्रन अश्विन और विनय कुमार को तीन-तीन सफलता मिली। इससे पहले, गौतम गम्भीर (100) और विराट कोहली (108) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 305 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 46 और सुरेश रैना 30 रन पर नाबाद लौटे। सचिन तेंदुलकर (6) ने निराश किया। श्रीलंका की ओर से फरवेज महरूफ ने दो और सुरंग लकमल ने एक विकेट लिया। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम 45.1 ओवर में 254 रन ही बना सकी। श्रीलंका की ओर से माहेला जयवर्धने (78) और कुमार संगकारा (65) को छोड़ कोई बल्लेबाज उल्लेखनीय योगदान नहीं कर पाया।   भारत द्वारा रखे गए 305 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 39 ओवरों की समाप्ति तक 216 रन के कुल योग पर सात विकेट गंवा चुकी थी। श्रीलंका ने तिलकरत्ने दिलशान (7), दिनेश चांडीमल (13), लाहिरू थिरिमान्ने (29), नुवान कुलासेकरा (11), चनाका कापूगेदारा (0) फरवेज महरूफ (18) और उपुल थरंगा (17) और एस. प्रसन्ना के विकेट सस्ते में गंवा दिए। भारत की ओर से इरफान पठान ने चार विकेट चटकाए जबकि रविचंद्रन अश्विन और विनय कुमार को तीन-तीन सफलता मिली। इससे पहले, गौतम गम्भीर (100) और विराट कोहली (108) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 305 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 46 और सुरेश रैना 30 रन पर नाबाद लौटे। सचिन तेंदुलकर (6) ने निराश किया। श्रीलंका की ओर से फरवेज महरूफ ने दो और सुरंग लकमल ने एक विकेट लिया। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से माहेला जयवर्धने (78) और कुमार संगकारा (65) को छोड़ कोई बल्लेबाज उल्लेखनीय योगदान नहीं कर पाया।   भारत द्वारा रखे गए 305 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 39 ओवरों की समाप्ति तक 216 रन के कुल योग पर सात विकेट गंवा चुकी थी। श्रीलंका ने तिलकरत्ने दिलशान (7), दिनेश चांडीमल (13), लाहिरू थिरिमान्ने (29), नुवान कुलासेकरा (11), चनाका कापूगेदारा (0) फरवेज महरूफ (18) और उपुल थरंगा (17) और एस. प्रसन्ना के विकेट सस्ते में गंवा दिए। भारत की ओर से इरफान पठान ने चार विकेट चटकाए जबकि रविचंद्रन अश्विन और विनय कुमार को तीन-तीन सफलता मिली। इससे पहले, गौतम गम्भीर (100) और विराट कोहली (108) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 305 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 46 और सुरेश रैना 30 रन पर नाबाद लौटे। सचिन तेंदुलकर (6) ने निराश किया। श्रीलंका की ओर से फरवेज महरूफ ने दो और सुरंग लकमल ने एक विकेट लिया। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। श्रीलंका ने तिलकरत्ने दिलशान (7), दिनेश चांडीमल (13), लाहिरू थिरिमान्ने (29), नुवान कुलासेकरा (11), चनाका कापूगेदारा (0) फरवेज महरूफ (18) और उपुल थरंगा (17) और एस. प्रसन्ना के विकेट सस्ते में गंवा दिए। भारत की ओर से इरफान पठान ने चार विकेट चटकाए जबकि रविचंद्रन अश्विन और विनय कुमार को तीन-तीन सफलता मिली। इससे पहले, गौतम गम्भीर (100) और विराट कोहली (108) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 305 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 46 और सुरेश रैना 30 रन पर नाबाद लौटे। सचिन तेंदुलकर (6) ने निराश किया। श्रीलंका की ओर से फरवेज महरूफ ने दो और सुरंग लकमल ने एक विकेट लिया। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। भारत की ओर से इरफान पठान ने चार विकेट चटकाए जबकि रविचंद्रन अश्विन और विनय कुमार को तीन-तीन सफलता मिली। इससे पहले, गौतम गम्भीर (100) और विराट कोहली (108) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 305 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 46 और सुरेश रैना 30 रन पर नाबाद लौटे। सचिन तेंदुलकर (6) ने निराश किया। श्रीलंका की ओर से फरवेज महरूफ ने दो और सुरंग लकमल ने एक विकेट लिया। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। इससे पहले, गौतम गम्भीर (100) और विराट कोहली (108) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 305 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 46 और सुरेश रैना 30 रन पर नाबाद लौटे। सचिन तेंदुलकर (6) ने निराश किया। श्रीलंका की ओर से फरवेज महरूफ ने दो और सुरंग लकमल ने एक विकेट लिया। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने गम्भीर और कोहली के 10वें एकदिवसीय शतकों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में तीन विकेट पर 304 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 46 और सुरेश रैना 30 रन पर नाबाद लौटे। सचिन तेंदुलकर (6) ने निराश किया। श्रीलंका की ओर से फरवेज महरूफ ने दो और सुरंग लकमल ने एक विकेट लिया। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 46 और सुरेश रैना 30 रन पर नाबाद लौटे। सचिन तेंदुलकर (6) ने निराश किया। श्रीलंका की ओर से फरवेज महरूफ ने दो और सुरंग लकमल ने एक विकेट लिया। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। गम्भीर और कोहली ने 19 रन के कुल योग पर सचिन का विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने 37 ओवर बल्लेबाजी की। गम्भीर ने 118 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए जबकि कोहली ने 120 गेंदों की पारी में सात चौके जड़े।टिप्पणियां गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। गम्भीर 224 रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे। इसके बाद 226 रन के कुल योग पर कोहली भी लौट गए। इसके बाद धोनी और रैना ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 78 रन जोड़े। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए। धोनी ने अपनी 26 गेंदों की तेज पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने उनका भरपूर साथ देते हुए 17 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए 43 गेंदों पर 78 रन बनाए।
संक्षिप्त पाठ: सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और उप कप्तान विराट कोहली के शतकीय प्रहारों से विशाल स्कोर खड़ा करने वाले भारत ने इसके बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से श्रीलंका को 50 रन से हराकर एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में अपने अभियान का शानदार आगाज किया।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जंगलों के कटाव के बदले खाली ज़मीन पर पेड़ लगाने और वन्य जीवन को बचाने के लिये लाये जा रहे कैम्पा कानून पर सरकार ने कांग्रेस के साथ काफी हद तक तालमेल कर लिया है। गुरुवार को संसद में गुजरात में दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर बहस के चलते इस बिल पर चर्चा नहीं हो सकी और अब इसे सोमवार को पास कराया जायेगा। कैम्पा बिल लोकसभा से पास हो चुका है और सरकार इसे जल्द से जल्द राज्यसभा से पास कराना चाहती है। अब लगता है कि ये कानून जल्द ही पास हो जायेगा लेकिन इस कानून के कई पहलुओं को लेकर अभी सवाल हैं। इस प्रस्तावित कानून का मकसद है उद्योग और कारखानों के लिये काटे गये जंगलों के बदले नये पेड़ लगाना और कमजोर जंगलों को घना और स्वस्थ बनाना। कंपनियां वन भूमि के इस्तेमाल के बदले मुआवजे के तौर पर कंपनेसेटरी अफॉरेस्टेशन फंड में पैसा जमा करती हैं। जिसके लिये Compensatory Afforestation Management and Planning Authority या कैम्पा बनाई जा रही है। कानून के तहत सरकार कैम्पा को संवैधानिक दर्जा देगी जो फंड के इस्तेमाल का काम देखेगी। सीएएफ फंड का 90 प्रतिशत राज्यों को औऱ 10 प्रतिशत केंद्र के पास रहेगा। फंड का इस्तेमाल नये जंगल लगाने और वन्य जीवों को बसाने, फॉरेस्ट इकोसिस्टम को सुधारने के अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिये होगा। लेकिन जानकारों को इस बिल पर शंकाएं भी हैं। कैम्पा फंड में अब तक 40 हज़ार करोड़ रुपया जमा हो चुका है। ज़ाहिर है इतनी बड़ी रकम से बड़े बदलाव किये जा सकते हैं लेकिन 2013 में आई सीएजी रिपोर्ट में जिस तरह कैम्पा फंड के दुरुपयोग की खबरें आईं उसे लेकर जानकार नये बिल में कई प्रावधानों की कमी का जिक्र कर रहे हैं। खास तौर से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट शब्द के इस्तेमाल को लेकर। पर्यावरण नियमों के जानकार और वकील ऋत्विक दत्ता कहते हैं, ‘सीएजी की उस रिपोर्ट में कैम्पा फंड का अधिकतर हिस्सा अधिकारियों के विदेशी दौरों पर खर्च हुआ, एसी लगाने में खर्च हुआ, टाइल्स लगाकर बाथरूम को चमकाने में खर्च हुआ लेकिन जंगल की वही हालत है जो पहले थी। इसलिये बिल में जब इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपमेंट शब्द इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसकी परिभाषा कहीं पर नहीं बताई गई है। कोई नहीं जानता कि इस इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर क्या होगा?’ फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की भागीदारी को लेकर कोई प्रावधान नहीं है जबकि वन अधिकार कानून के मुताबिक ग्रामसभाओं की सहमति लेना ज़रूरी है। कांग्रेस का कहना है कि ये कानून वन अधिकार कानून का उल्लंघन करता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस प्रावधान को लेकर पहले पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चिट्ठी लिखी थी जिसमें कानून में संशोधन करने की बात कही। रमेश का विरोध आदिवासियों के वन अधिकारों को लेकर था। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपनी पार्टी की बैठक में कहा कि सरकार आदिवासियों के अधिकारों का हनन कर रही है। कांग्रेस ने बिल में एक संशोधन का प्रस्ताव रखा है लेकिन उसके पास अभी लेफ्ट औऱ जेडीयू जैसी पार्टियों का ही समर्थन है जो पर्याप्त नहीं होगा।टिप्पणियां सीपीआई के नेता डी राजा ने गुरुवार को कहा कि सवाल सिर्फ जंगलों को लगाने और बचाने का नहीं है बल्कि ये भी है कि फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की क्या भूमिका होगी। इसलिये संशोधन ज़रूरी है। सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त समर्थन न होने पर कांग्रेस अपने संशोधन पर वोटिंग नहीं करायेगी। उधर सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि सीएएफ फंड को लेकर ग्रामसभा के रोल को वह प्रशासकीय नियमों (एक्ज़िक्यूटिव रूल्स) में शामिल करेगी। इस प्रस्तावित कानून का मकसद है उद्योग और कारखानों के लिये काटे गये जंगलों के बदले नये पेड़ लगाना और कमजोर जंगलों को घना और स्वस्थ बनाना। कंपनियां वन भूमि के इस्तेमाल के बदले मुआवजे के तौर पर कंपनेसेटरी अफॉरेस्टेशन फंड में पैसा जमा करती हैं। जिसके लिये Compensatory Afforestation Management and Planning Authority या कैम्पा बनाई जा रही है। कानून के तहत सरकार कैम्पा को संवैधानिक दर्जा देगी जो फंड के इस्तेमाल का काम देखेगी। सीएएफ फंड का 90 प्रतिशत राज्यों को औऱ 10 प्रतिशत केंद्र के पास रहेगा। फंड का इस्तेमाल नये जंगल लगाने और वन्य जीवों को बसाने, फॉरेस्ट इकोसिस्टम को सुधारने के अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिये होगा। लेकिन जानकारों को इस बिल पर शंकाएं भी हैं। कैम्पा फंड में अब तक 40 हज़ार करोड़ रुपया जमा हो चुका है। ज़ाहिर है इतनी बड़ी रकम से बड़े बदलाव किये जा सकते हैं लेकिन 2013 में आई सीएजी रिपोर्ट में जिस तरह कैम्पा फंड के दुरुपयोग की खबरें आईं उसे लेकर जानकार नये बिल में कई प्रावधानों की कमी का जिक्र कर रहे हैं। खास तौर से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट शब्द के इस्तेमाल को लेकर। पर्यावरण नियमों के जानकार और वकील ऋत्विक दत्ता कहते हैं, ‘सीएजी की उस रिपोर्ट में कैम्पा फंड का अधिकतर हिस्सा अधिकारियों के विदेशी दौरों पर खर्च हुआ, एसी लगाने में खर्च हुआ, टाइल्स लगाकर बाथरूम को चमकाने में खर्च हुआ लेकिन जंगल की वही हालत है जो पहले थी। इसलिये बिल में जब इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपमेंट शब्द इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसकी परिभाषा कहीं पर नहीं बताई गई है। कोई नहीं जानता कि इस इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर क्या होगा?’ फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की भागीदारी को लेकर कोई प्रावधान नहीं है जबकि वन अधिकार कानून के मुताबिक ग्रामसभाओं की सहमति लेना ज़रूरी है। कांग्रेस का कहना है कि ये कानून वन अधिकार कानून का उल्लंघन करता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस प्रावधान को लेकर पहले पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चिट्ठी लिखी थी जिसमें कानून में संशोधन करने की बात कही। रमेश का विरोध आदिवासियों के वन अधिकारों को लेकर था। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपनी पार्टी की बैठक में कहा कि सरकार आदिवासियों के अधिकारों का हनन कर रही है। कांग्रेस ने बिल में एक संशोधन का प्रस्ताव रखा है लेकिन उसके पास अभी लेफ्ट औऱ जेडीयू जैसी पार्टियों का ही समर्थन है जो पर्याप्त नहीं होगा।टिप्पणियां सीपीआई के नेता डी राजा ने गुरुवार को कहा कि सवाल सिर्फ जंगलों को लगाने और बचाने का नहीं है बल्कि ये भी है कि फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की क्या भूमिका होगी। इसलिये संशोधन ज़रूरी है। सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त समर्थन न होने पर कांग्रेस अपने संशोधन पर वोटिंग नहीं करायेगी। उधर सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि सीएएफ फंड को लेकर ग्रामसभा के रोल को वह प्रशासकीय नियमों (एक्ज़िक्यूटिव रूल्स) में शामिल करेगी। कानून के तहत सरकार कैम्पा को संवैधानिक दर्जा देगी जो फंड के इस्तेमाल का काम देखेगी। सीएएफ फंड का 90 प्रतिशत राज्यों को औऱ 10 प्रतिशत केंद्र के पास रहेगा। फंड का इस्तेमाल नये जंगल लगाने और वन्य जीवों को बसाने, फॉरेस्ट इकोसिस्टम को सुधारने के अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिये होगा। लेकिन जानकारों को इस बिल पर शंकाएं भी हैं। कैम्पा फंड में अब तक 40 हज़ार करोड़ रुपया जमा हो चुका है। ज़ाहिर है इतनी बड़ी रकम से बड़े बदलाव किये जा सकते हैं लेकिन 2013 में आई सीएजी रिपोर्ट में जिस तरह कैम्पा फंड के दुरुपयोग की खबरें आईं उसे लेकर जानकार नये बिल में कई प्रावधानों की कमी का जिक्र कर रहे हैं। खास तौर से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट शब्द के इस्तेमाल को लेकर। पर्यावरण नियमों के जानकार और वकील ऋत्विक दत्ता कहते हैं, ‘सीएजी की उस रिपोर्ट में कैम्पा फंड का अधिकतर हिस्सा अधिकारियों के विदेशी दौरों पर खर्च हुआ, एसी लगाने में खर्च हुआ, टाइल्स लगाकर बाथरूम को चमकाने में खर्च हुआ लेकिन जंगल की वही हालत है जो पहले थी। इसलिये बिल में जब इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपमेंट शब्द इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसकी परिभाषा कहीं पर नहीं बताई गई है। कोई नहीं जानता कि इस इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर क्या होगा?’ फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की भागीदारी को लेकर कोई प्रावधान नहीं है जबकि वन अधिकार कानून के मुताबिक ग्रामसभाओं की सहमति लेना ज़रूरी है। कांग्रेस का कहना है कि ये कानून वन अधिकार कानून का उल्लंघन करता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस प्रावधान को लेकर पहले पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चिट्ठी लिखी थी जिसमें कानून में संशोधन करने की बात कही। रमेश का विरोध आदिवासियों के वन अधिकारों को लेकर था। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपनी पार्टी की बैठक में कहा कि सरकार आदिवासियों के अधिकारों का हनन कर रही है। कांग्रेस ने बिल में एक संशोधन का प्रस्ताव रखा है लेकिन उसके पास अभी लेफ्ट औऱ जेडीयू जैसी पार्टियों का ही समर्थन है जो पर्याप्त नहीं होगा।टिप्पणियां सीपीआई के नेता डी राजा ने गुरुवार को कहा कि सवाल सिर्फ जंगलों को लगाने और बचाने का नहीं है बल्कि ये भी है कि फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की क्या भूमिका होगी। इसलिये संशोधन ज़रूरी है। सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त समर्थन न होने पर कांग्रेस अपने संशोधन पर वोटिंग नहीं करायेगी। उधर सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि सीएएफ फंड को लेकर ग्रामसभा के रोल को वह प्रशासकीय नियमों (एक्ज़िक्यूटिव रूल्स) में शामिल करेगी। कैम्पा फंड में अब तक 40 हज़ार करोड़ रुपया जमा हो चुका है। ज़ाहिर है इतनी बड़ी रकम से बड़े बदलाव किये जा सकते हैं लेकिन 2013 में आई सीएजी रिपोर्ट में जिस तरह कैम्पा फंड के दुरुपयोग की खबरें आईं उसे लेकर जानकार नये बिल में कई प्रावधानों की कमी का जिक्र कर रहे हैं। खास तौर से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट शब्द के इस्तेमाल को लेकर। पर्यावरण नियमों के जानकार और वकील ऋत्विक दत्ता कहते हैं, ‘सीएजी की उस रिपोर्ट में कैम्पा फंड का अधिकतर हिस्सा अधिकारियों के विदेशी दौरों पर खर्च हुआ, एसी लगाने में खर्च हुआ, टाइल्स लगाकर बाथरूम को चमकाने में खर्च हुआ लेकिन जंगल की वही हालत है जो पहले थी। इसलिये बिल में जब इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपमेंट शब्द इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसकी परिभाषा कहीं पर नहीं बताई गई है। कोई नहीं जानता कि इस इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर क्या होगा?’ फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की भागीदारी को लेकर कोई प्रावधान नहीं है जबकि वन अधिकार कानून के मुताबिक ग्रामसभाओं की सहमति लेना ज़रूरी है। कांग्रेस का कहना है कि ये कानून वन अधिकार कानून का उल्लंघन करता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस प्रावधान को लेकर पहले पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चिट्ठी लिखी थी जिसमें कानून में संशोधन करने की बात कही। रमेश का विरोध आदिवासियों के वन अधिकारों को लेकर था। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपनी पार्टी की बैठक में कहा कि सरकार आदिवासियों के अधिकारों का हनन कर रही है। कांग्रेस ने बिल में एक संशोधन का प्रस्ताव रखा है लेकिन उसके पास अभी लेफ्ट औऱ जेडीयू जैसी पार्टियों का ही समर्थन है जो पर्याप्त नहीं होगा।टिप्पणियां सीपीआई के नेता डी राजा ने गुरुवार को कहा कि सवाल सिर्फ जंगलों को लगाने और बचाने का नहीं है बल्कि ये भी है कि फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की क्या भूमिका होगी। इसलिये संशोधन ज़रूरी है। सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त समर्थन न होने पर कांग्रेस अपने संशोधन पर वोटिंग नहीं करायेगी। उधर सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि सीएएफ फंड को लेकर ग्रामसभा के रोल को वह प्रशासकीय नियमों (एक्ज़िक्यूटिव रूल्स) में शामिल करेगी। पर्यावरण नियमों के जानकार और वकील ऋत्विक दत्ता कहते हैं, ‘सीएजी की उस रिपोर्ट में कैम्पा फंड का अधिकतर हिस्सा अधिकारियों के विदेशी दौरों पर खर्च हुआ, एसी लगाने में खर्च हुआ, टाइल्स लगाकर बाथरूम को चमकाने में खर्च हुआ लेकिन जंगल की वही हालत है जो पहले थी। इसलिये बिल में जब इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपमेंट शब्द इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसकी परिभाषा कहीं पर नहीं बताई गई है। कोई नहीं जानता कि इस इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर क्या होगा?’ फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की भागीदारी को लेकर कोई प्रावधान नहीं है जबकि वन अधिकार कानून के मुताबिक ग्रामसभाओं की सहमति लेना ज़रूरी है। कांग्रेस का कहना है कि ये कानून वन अधिकार कानून का उल्लंघन करता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस प्रावधान को लेकर पहले पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चिट्ठी लिखी थी जिसमें कानून में संशोधन करने की बात कही। रमेश का विरोध आदिवासियों के वन अधिकारों को लेकर था। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपनी पार्टी की बैठक में कहा कि सरकार आदिवासियों के अधिकारों का हनन कर रही है। कांग्रेस ने बिल में एक संशोधन का प्रस्ताव रखा है लेकिन उसके पास अभी लेफ्ट औऱ जेडीयू जैसी पार्टियों का ही समर्थन है जो पर्याप्त नहीं होगा।टिप्पणियां सीपीआई के नेता डी राजा ने गुरुवार को कहा कि सवाल सिर्फ जंगलों को लगाने और बचाने का नहीं है बल्कि ये भी है कि फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की क्या भूमिका होगी। इसलिये संशोधन ज़रूरी है। सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त समर्थन न होने पर कांग्रेस अपने संशोधन पर वोटिंग नहीं करायेगी। उधर सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि सीएएफ फंड को लेकर ग्रामसभा के रोल को वह प्रशासकीय नियमों (एक्ज़िक्यूटिव रूल्स) में शामिल करेगी। फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की भागीदारी को लेकर कोई प्रावधान नहीं है जबकि वन अधिकार कानून के मुताबिक ग्रामसभाओं की सहमति लेना ज़रूरी है। कांग्रेस का कहना है कि ये कानून वन अधिकार कानून का उल्लंघन करता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस प्रावधान को लेकर पहले पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चिट्ठी लिखी थी जिसमें कानून में संशोधन करने की बात कही। रमेश का विरोध आदिवासियों के वन अधिकारों को लेकर था। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपनी पार्टी की बैठक में कहा कि सरकार आदिवासियों के अधिकारों का हनन कर रही है। कांग्रेस ने बिल में एक संशोधन का प्रस्ताव रखा है लेकिन उसके पास अभी लेफ्ट औऱ जेडीयू जैसी पार्टियों का ही समर्थन है जो पर्याप्त नहीं होगा।टिप्पणियां सीपीआई के नेता डी राजा ने गुरुवार को कहा कि सवाल सिर्फ जंगलों को लगाने और बचाने का नहीं है बल्कि ये भी है कि फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की क्या भूमिका होगी। इसलिये संशोधन ज़रूरी है। सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त समर्थन न होने पर कांग्रेस अपने संशोधन पर वोटिंग नहीं करायेगी। उधर सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि सीएएफ फंड को लेकर ग्रामसभा के रोल को वह प्रशासकीय नियमों (एक्ज़िक्यूटिव रूल्स) में शामिल करेगी। सीपीआई के नेता डी राजा ने गुरुवार को कहा कि सवाल सिर्फ जंगलों को लगाने और बचाने का नहीं है बल्कि ये भी है कि फंड के इस्तेमाल में ग्रामसभाओं की क्या भूमिका होगी। इसलिये संशोधन ज़रूरी है। सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त समर्थन न होने पर कांग्रेस अपने संशोधन पर वोटिंग नहीं करायेगी। उधर सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि सीएएफ फंड को लेकर ग्रामसभा के रोल को वह प्रशासकीय नियमों (एक्ज़िक्यूटिव रूल्स) में शामिल करेगी। सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त समर्थन न होने पर कांग्रेस अपने संशोधन पर वोटिंग नहीं करायेगी। उधर सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि सीएएफ फंड को लेकर ग्रामसभा के रोल को वह प्रशासकीय नियमों (एक्ज़िक्यूटिव रूल्स) में शामिल करेगी।
संक्षिप्त पाठ: कैम्पा फंड में अब तक 40 हज़ार करोड़ रुपया जमा हो चुका है इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट शब्द के इस्तेमाल को लेकर है आपत्ति कांग्रेस का कहना है कि ये कानून वन अधिकार कानून का उल्लंघन करता है
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जनवरी, 1952 में लाहौर में पैदा हुईं अस्मा ने ह्यूमन राइट्स ऑफ पाकिस्तान की स्थापना की और उसकी अध्यक्षता भी संभाली. वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की अध्यक्ष भी रहीं. साल 1978 में पंजाब विश्वविद्यालय से एलएलबी डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की. वह लोकतंत्र की पुरजोर समर्थक बनीं और उन्हें जियाउल हक के सैन्य तानाशाही के खिलाफ मूवमेंट फोर रिस्टोरेशन ऑफ डेमोक्रेसी में भाग लेने को लेकर 1983 में जेल जाना पड़ा था. उन्होंने इफ्तिकार चौधरी को पाकिस्तान का प्रधान न्यायाधीश बहाल करने के लिए प्रसिद्ध वकील आंदोलन में सक्रिय हिस्सेदारी की. वह न्यायिक सक्रियाता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की आलोचक थीं तथा उन्होंने पिछले साल नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री के पद के लिए अयोग्य ठहराने के लिए शीर्ष अदालत की आलोचना की थी. उन्होंने इफ्तिकार चौधरी को पाकिस्तान का प्रधान न्यायाधीश बहाल करने के लिए प्रसिद्ध वकील आंदोलन में सक्रिय हिस्सेदारी की. वह न्यायिक सक्रियाता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की आलोचक थीं तथा उन्होंने पिछले साल नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री के पद के लिए अयोग्य ठहराने के लिए शीर्ष अदालत की आलोचना की थी.
यह एक सारांश है: अस्मा ने ह्यूमन राइट्स ऑफ पाकिस्तान की स्थापना की अस्मा ने ह्यूमन राइट्स ऑफ पाकिस्तान की अध्यक्षता भी संभाली वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की अध्यक्ष भी रहीं
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: कृषिमंत्री शरद पवार ने बुधवार को कहा कि 52,000 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना में धन का दुरुपयोग नहीं हुआ। उन्होंने मामले की और साफ तस्वीर सामने लाने के लिए योजना की विस्तृत लेखा परीक्षा करने को कहा। पवार ने कहा कि लेखापरीक्षा में जो नमूना लिया गया, वह काफी छोटा था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को बड़ी संख्या में ऐसे खातों की जांच करनी चाहिए। पवार ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने निर्णय किया और पैसा बैंकों को भेजा गया। रिजर्व बैंक तथा नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक) की निगरानी में बैंकों ने खातों तथा लाभार्थियों की सूची का चयन किया। पैसा सीधे खातों में भेजा गया। ऐसे में गड़बड़ी का सवाल कहां उठता है।’’टिप्पणियां कैग रिपोर्ट में योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के खुलासे के बाद मंत्री का यह बयान आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों लाभार्थी योग्य नहीं थे जबकि जो योग्य थे, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। हालांकि, पवार ने बैंकों द्वारा तैयारी सूची में योजना के तहत पात्र कुछ किसानों का नाम शामिल नहीं होने तथा अपात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया। पवार ने कहा कि लेखापरीक्षा में जो नमूना लिया गया, वह काफी छोटा था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को बड़ी संख्या में ऐसे खातों की जांच करनी चाहिए। पवार ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने निर्णय किया और पैसा बैंकों को भेजा गया। रिजर्व बैंक तथा नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक) की निगरानी में बैंकों ने खातों तथा लाभार्थियों की सूची का चयन किया। पैसा सीधे खातों में भेजा गया। ऐसे में गड़बड़ी का सवाल कहां उठता है।’’टिप्पणियां कैग रिपोर्ट में योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के खुलासे के बाद मंत्री का यह बयान आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों लाभार्थी योग्य नहीं थे जबकि जो योग्य थे, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। हालांकि, पवार ने बैंकों द्वारा तैयारी सूची में योजना के तहत पात्र कुछ किसानों का नाम शामिल नहीं होने तथा अपात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया। पवार ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने निर्णय किया और पैसा बैंकों को भेजा गया। रिजर्व बैंक तथा नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक) की निगरानी में बैंकों ने खातों तथा लाभार्थियों की सूची का चयन किया। पैसा सीधे खातों में भेजा गया। ऐसे में गड़बड़ी का सवाल कहां उठता है।’’टिप्पणियां कैग रिपोर्ट में योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के खुलासे के बाद मंत्री का यह बयान आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों लाभार्थी योग्य नहीं थे जबकि जो योग्य थे, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। हालांकि, पवार ने बैंकों द्वारा तैयारी सूची में योजना के तहत पात्र कुछ किसानों का नाम शामिल नहीं होने तथा अपात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया। कैग रिपोर्ट में योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के खुलासे के बाद मंत्री का यह बयान आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों लाभार्थी योग्य नहीं थे जबकि जो योग्य थे, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। हालांकि, पवार ने बैंकों द्वारा तैयारी सूची में योजना के तहत पात्र कुछ किसानों का नाम शामिल नहीं होने तथा अपात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया। हालांकि, पवार ने बैंकों द्वारा तैयारी सूची में योजना के तहत पात्र कुछ किसानों का नाम शामिल नहीं होने तथा अपात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया।
संक्षिप्त सारांश: कृषिमंत्री शरद पवार ने बुधवार को कहा कि 52,000 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना में धन का दुरुपयोग नहीं हुआ। उन्होंने मामले की और साफ तस्वीर सामने लाने के लिए योजना की विस्तृत लेखा परीक्षा करने को कहा।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में चुनावी पराजय के बाद कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की अटकलों के बीच राज्य की पार्टी प्रमुख रीता बहुगुणा जोशी ने पार्टी के खराब प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए सोनिया गांधी को इस्तीफा सौंप दिया। सोनिया गांधी से 10 जनपथ पर मुलाकात के बाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को उनके इस्तीफे पर फैसला लेना है। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘रीता बहुगुणा जोशी ने जिम्मेदारी ली है। इस विषय पर कांग्रेस अध्यक्ष को निर्णय करना है। जब इस मामले में कोई निर्णय लिया जाएगा तब आपको इसकी जानकारी दी जाएगी।’ यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को भी इस्तीफा देना चाहिए, उन्होंने कहा, ‘हम कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते।’ उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के चुनाव के नतीजों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के फीके प्रदर्शन के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की। टिप्पणियां चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सोनिया से रीता की यह पहली मुलाकात थी। मुलाकात के बाद रीता ने कहा कि उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी ली और इस्तीफे की पेशकश की। विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के कारण पूछने पर रीता ने कहा कि इसके कई कारण हैं और पार्टी नेता एकसाथ बैठकर इन पर चर्चा करेंगे। सोनिया गांधी से 10 जनपथ पर मुलाकात के बाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को उनके इस्तीफे पर फैसला लेना है। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘रीता बहुगुणा जोशी ने जिम्मेदारी ली है। इस विषय पर कांग्रेस अध्यक्ष को निर्णय करना है। जब इस मामले में कोई निर्णय लिया जाएगा तब आपको इसकी जानकारी दी जाएगी।’ यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को भी इस्तीफा देना चाहिए, उन्होंने कहा, ‘हम कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते।’ उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के चुनाव के नतीजों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के फीके प्रदर्शन के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की। टिप्पणियां चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सोनिया से रीता की यह पहली मुलाकात थी। मुलाकात के बाद रीता ने कहा कि उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी ली और इस्तीफे की पेशकश की। विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के कारण पूछने पर रीता ने कहा कि इसके कई कारण हैं और पार्टी नेता एकसाथ बैठकर इन पर चर्चा करेंगे। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘रीता बहुगुणा जोशी ने जिम्मेदारी ली है। इस विषय पर कांग्रेस अध्यक्ष को निर्णय करना है। जब इस मामले में कोई निर्णय लिया जाएगा तब आपको इसकी जानकारी दी जाएगी।’ यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को भी इस्तीफा देना चाहिए, उन्होंने कहा, ‘हम कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते।’ उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के चुनाव के नतीजों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के फीके प्रदर्शन के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की। टिप्पणियां चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सोनिया से रीता की यह पहली मुलाकात थी। मुलाकात के बाद रीता ने कहा कि उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी ली और इस्तीफे की पेशकश की। विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के कारण पूछने पर रीता ने कहा कि इसके कई कारण हैं और पार्टी नेता एकसाथ बैठकर इन पर चर्चा करेंगे। यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को भी इस्तीफा देना चाहिए, उन्होंने कहा, ‘हम कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते।’ उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के चुनाव के नतीजों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के फीके प्रदर्शन के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की। टिप्पणियां चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सोनिया से रीता की यह पहली मुलाकात थी। मुलाकात के बाद रीता ने कहा कि उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी ली और इस्तीफे की पेशकश की। विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के कारण पूछने पर रीता ने कहा कि इसके कई कारण हैं और पार्टी नेता एकसाथ बैठकर इन पर चर्चा करेंगे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के फीके प्रदर्शन के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की। टिप्पणियां चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सोनिया से रीता की यह पहली मुलाकात थी। मुलाकात के बाद रीता ने कहा कि उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी ली और इस्तीफे की पेशकश की। विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के कारण पूछने पर रीता ने कहा कि इसके कई कारण हैं और पार्टी नेता एकसाथ बैठकर इन पर चर्चा करेंगे। चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सोनिया से रीता की यह पहली मुलाकात थी। मुलाकात के बाद रीता ने कहा कि उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी ली और इस्तीफे की पेशकश की। विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के कारण पूछने पर रीता ने कहा कि इसके कई कारण हैं और पार्टी नेता एकसाथ बैठकर इन पर चर्चा करेंगे। विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के कारण पूछने पर रीता ने कहा कि इसके कई कारण हैं और पार्टी नेता एकसाथ बैठकर इन पर चर्चा करेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश में चुनावी पराजय के बाद कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की अटकलों के बीच राज्य की पार्टी प्रमुख रीता बहुगुणा जोशी ने पार्टी के खराब प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए सोनिया गांधी को इस्तीफा सौंप दिया।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Spinach: Nutrition Facts and Health Benefits: सर्दियों के मौसम में बहुत से ऐसे मौसमी फल और सब्जियां आते हैं, जो आपको सेहत का खजाना दे सकते हैं. प्रकृति अपनी गोद में हर परेशानी का हल लिए हुए है. तो अगर आप भी इन सर्दियों में तेजी से घटाना चाहते हैं वजन कम(Weight Loss), मधुमेह (Diabetes) को हरा कर आंखों की रोशनी बढ़ाने का है इरादा, तो चलिए जानते है सर्दियों के एक सुपरफूड के बारे में.  अगर बदलते मौसम में बीमारियां या सेहत से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती हैं तो इस मौसम में आने वाली सब्जियां और फल इनसे राहत दिलाने में मदद भी करते हैं. इन्हीं में से एक है पालक. वैसे तो पालक हर सीजन में मिल जाती है, लेकिन सर्दियों में मिलने वाली पालक गुणों की खान है. क्योंकि पालक का और अन्य हरी सब्जियों का मौसम सर्दियां ही होता है. पालक आपको ग्लोईंग स्किन(Glowing Skin), बेहतर पाचन, डायबिटीज कंट्रोल (Diabetes Control), ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकती है. इसके साथ ही पालक वजन कम (Weight Loss) करने में भी मददगार है. तो चलिए एक नजर डालते हैं बदलते मौसम में पालक से होने वाले फायदों पर-  Protien Diet: प्रोटीन के पावर हाउस ये फूड्स घटाएंगे पेट की चर्बी, त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद पालक में पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है. इसके साथ ही साथ इसमें सोडियम कम होता है. यह दोनों ही गुण पालक को ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए अच्छा विकल्प बनाते हैं.  सेक्स लाइफ: औरतों के मुकाबले मर्दों में तीन गुना ज्यादा होती है यह चीज जी हां, पालक चूंकि हरी सब्जी है, तो इसमें आयरन खूब होता है. इसके साथ ही साथ पालक में विटामिन, मिनरल्स और फाइट्रो न्यूट्रीएंट्स होते हैं. पालक खाने से आप खून की कमी को दूर कर सकते हैं. खून की कमी या एनीमिया की समस्या में अगर आप पालक और चुकंदर का सलाद खाते हैं तो यह बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है. अगर आप वेट लॉस डाइट पर हैं, तो अपने आहार में पालक को शामिल करें. एक तो पालक एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, दूसरा इसमें कैलोरी की मात्रा भी कम होती है. ऐसे में यह पाचन को बेहतर बनाने के साथ ही साथ वजन कम करने में भी मददगार साबित हो सकती है.  Brain Power: दिमाग तेज करने के लिए करें बस 3 काम! भूलने की बीमारी भी होगी दूर Benefits Of Ajwain: खाली पेट अजवाइन का पानी पीने से घटेगा वजन, पेट की बीमारियां रहेंगी दूर! और भी कई कमाल के फायदे Benefits Of Spinach: तेजी से वजन कम करने के लक्ष्य को पाने में पालक मदद कर सकती है.  अगर आप दमकती त्वचा चाहते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में त्वचा से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से परेशान हैं, तो अपने आहार में पालक को शामिल करें. पालक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा में कसाव लाने और झुर्रियां कम करने में मदद करते हैं.  पालक विटामिन ए का अच्छा स्रोत है. तो कुल मिलकार यह आपकी आंखों की रोशनी के लिए भी अच्छा है. (अस्वीकरण: यहां दी गई सामग्री या सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.) और खबरों के लिए यहां क्लिक करें Yoga For Diabetes: डायबिटीज का नेचुरल इलाज हैं ये 2 योगासन, ब्लड शुगर लेवल रहेगा ठीक! Weight Loss: कम नींद लेने से बढ़ता है मोटापा! जानें वजन घटाने के लिए कैसे लें नींद Sources of Calcium: हड्डियां बनानी हैं मजबूत और करनी है कैल्शियम की कमी दूर, तो यह पढ़ें Food For Strong Bones: पीले दांत होंगे सफेद और मजबूत बनेंगी हड्डियों, डाइट में शामिल करें ये 6 फूड... क्या है आपके शरीर में कैल्शियम का रोल, कैसे करता है काम... Winter Diabetes Tips: सर्दियों में ये 5 सब्जियां हो सकती हैं ब्लड शुगर के लिए रामबाण, डायबिटीज होगा कंट्रोल!
यहाँ एक सारांश है:पालक वजन कम (Weight Loss) करने में भी मददगार है. एक नजर डालते हैं बदलते मौसम में पालक से होने वाले फायदों पर. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए आहार में शामिल करें पालक.
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: शीर्ष उपभोक्ता फोरम ने गरीबों के इलाज के एवज में राशि मुहैया कराने वाली एक केंद्रीय योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की खातिर निजी अस्पतालों द्वारा महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने के लिए किए जा रहे ‘अंधाधुंध हिस्टेरेक्टोमी’ ऑपरेशनों पर रोक लगाने के लिए केंद्र और एमसीआई से आवश्यक कदम उठाने को कहा है। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने कहा कि नर्सिंग होम जरूरत न होने पर भी हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन करके महिलाओं को धोखा दे रहे हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) का लाभ उठा रहे हैं। अदालत ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा परिषद से ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही एनसीडीआरसी ने सिकंदराबाद आधारित यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और इसकी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ पद्मिनी वाल्लुरी को एक महिला का ‘लापरवाही से इलाज’ करने के कारण उसे तीन महीने के भीतर 10 लाख रुपये देने को कहा है। एनसीडीआरसी ने कहा कि डॉ पद्मिनी ने महिला की सहमति नहीं ली और उसके शरीर से अंडाशय और गर्भाशय निकाल दिया जबकि इसकी जरूरत नहीं थी और इसके कारण महिला अब गर्भवती नहीं हो सकती। न्यायमूर्ति जेएम मलिक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘आरएसबीवाई निजी नर्सिंग होम के बीच सनक बन गई है, भारत में कई हजार नर्सिंग होम इस योजना का लाभ उठाते हैं और जरूरत न होने पर भी हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन करके महिलाओं को धोखा देते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एमसीआई को ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘देश में प्रत्येक निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन संबंधी आंकड़ों को मुहैया कराना अनिवार्य होना चाहिए। देश में मासूम महिलाओं को बचाए जाने की जरूरत है और इस प्रकार के अंधाधुंध हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन पर रोक लगानी चाहिए... हमारा मानना है कि अस्तपाल और चिकित्सक ने लापरवाही बरती।’ अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की पत्नी (मरीज) को न्याय संगत और उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। अब वह गर्भवती भी नहीं हो सकती।टिप्पणियां अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि ऐसा दुर्लभ ही होता है कि जान बचाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन की जरूरत हो और यह ऑपरेशन अकसर महिलाओं को परिणाम की जानकारी दिए बिना किया जाता है और महिलाएं इस बारे में पूछती हैं तो ‘चिकित्सक उनसे झूठ बोलते हैं।’ मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने कहा कि नर्सिंग होम जरूरत न होने पर भी हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन करके महिलाओं को धोखा दे रहे हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) का लाभ उठा रहे हैं। अदालत ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा परिषद से ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही एनसीडीआरसी ने सिकंदराबाद आधारित यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और इसकी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ पद्मिनी वाल्लुरी को एक महिला का ‘लापरवाही से इलाज’ करने के कारण उसे तीन महीने के भीतर 10 लाख रुपये देने को कहा है। एनसीडीआरसी ने कहा कि डॉ पद्मिनी ने महिला की सहमति नहीं ली और उसके शरीर से अंडाशय और गर्भाशय निकाल दिया जबकि इसकी जरूरत नहीं थी और इसके कारण महिला अब गर्भवती नहीं हो सकती। न्यायमूर्ति जेएम मलिक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘आरएसबीवाई निजी नर्सिंग होम के बीच सनक बन गई है, भारत में कई हजार नर्सिंग होम इस योजना का लाभ उठाते हैं और जरूरत न होने पर भी हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन करके महिलाओं को धोखा देते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एमसीआई को ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘देश में प्रत्येक निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन संबंधी आंकड़ों को मुहैया कराना अनिवार्य होना चाहिए। देश में मासूम महिलाओं को बचाए जाने की जरूरत है और इस प्रकार के अंधाधुंध हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन पर रोक लगानी चाहिए... हमारा मानना है कि अस्तपाल और चिकित्सक ने लापरवाही बरती।’ अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की पत्नी (मरीज) को न्याय संगत और उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। अब वह गर्भवती भी नहीं हो सकती।टिप्पणियां अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि ऐसा दुर्लभ ही होता है कि जान बचाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन की जरूरत हो और यह ऑपरेशन अकसर महिलाओं को परिणाम की जानकारी दिए बिना किया जाता है और महिलाएं इस बारे में पूछती हैं तो ‘चिकित्सक उनसे झूठ बोलते हैं।’ मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती। इसके साथ ही एनसीडीआरसी ने सिकंदराबाद आधारित यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और इसकी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ पद्मिनी वाल्लुरी को एक महिला का ‘लापरवाही से इलाज’ करने के कारण उसे तीन महीने के भीतर 10 लाख रुपये देने को कहा है। एनसीडीआरसी ने कहा कि डॉ पद्मिनी ने महिला की सहमति नहीं ली और उसके शरीर से अंडाशय और गर्भाशय निकाल दिया जबकि इसकी जरूरत नहीं थी और इसके कारण महिला अब गर्भवती नहीं हो सकती। न्यायमूर्ति जेएम मलिक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘आरएसबीवाई निजी नर्सिंग होम के बीच सनक बन गई है, भारत में कई हजार नर्सिंग होम इस योजना का लाभ उठाते हैं और जरूरत न होने पर भी हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन करके महिलाओं को धोखा देते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एमसीआई को ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘देश में प्रत्येक निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन संबंधी आंकड़ों को मुहैया कराना अनिवार्य होना चाहिए। देश में मासूम महिलाओं को बचाए जाने की जरूरत है और इस प्रकार के अंधाधुंध हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन पर रोक लगानी चाहिए... हमारा मानना है कि अस्तपाल और चिकित्सक ने लापरवाही बरती।’ अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की पत्नी (मरीज) को न्याय संगत और उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। अब वह गर्भवती भी नहीं हो सकती।टिप्पणियां अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि ऐसा दुर्लभ ही होता है कि जान बचाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन की जरूरत हो और यह ऑपरेशन अकसर महिलाओं को परिणाम की जानकारी दिए बिना किया जाता है और महिलाएं इस बारे में पूछती हैं तो ‘चिकित्सक उनसे झूठ बोलते हैं।’ मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती। एनसीडीआरसी ने कहा कि डॉ पद्मिनी ने महिला की सहमति नहीं ली और उसके शरीर से अंडाशय और गर्भाशय निकाल दिया जबकि इसकी जरूरत नहीं थी और इसके कारण महिला अब गर्भवती नहीं हो सकती। न्यायमूर्ति जेएम मलिक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘आरएसबीवाई निजी नर्सिंग होम के बीच सनक बन गई है, भारत में कई हजार नर्सिंग होम इस योजना का लाभ उठाते हैं और जरूरत न होने पर भी हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन करके महिलाओं को धोखा देते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एमसीआई को ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘देश में प्रत्येक निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन संबंधी आंकड़ों को मुहैया कराना अनिवार्य होना चाहिए। देश में मासूम महिलाओं को बचाए जाने की जरूरत है और इस प्रकार के अंधाधुंध हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन पर रोक लगानी चाहिए... हमारा मानना है कि अस्तपाल और चिकित्सक ने लापरवाही बरती।’ अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की पत्नी (मरीज) को न्याय संगत और उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। अब वह गर्भवती भी नहीं हो सकती।टिप्पणियां अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि ऐसा दुर्लभ ही होता है कि जान बचाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन की जरूरत हो और यह ऑपरेशन अकसर महिलाओं को परिणाम की जानकारी दिए बिना किया जाता है और महिलाएं इस बारे में पूछती हैं तो ‘चिकित्सक उनसे झूठ बोलते हैं।’ मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती। न्यायमूर्ति जेएम मलिक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘आरएसबीवाई निजी नर्सिंग होम के बीच सनक बन गई है, भारत में कई हजार नर्सिंग होम इस योजना का लाभ उठाते हैं और जरूरत न होने पर भी हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन करके महिलाओं को धोखा देते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एमसीआई को ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘देश में प्रत्येक निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन संबंधी आंकड़ों को मुहैया कराना अनिवार्य होना चाहिए। देश में मासूम महिलाओं को बचाए जाने की जरूरत है और इस प्रकार के अंधाधुंध हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन पर रोक लगानी चाहिए... हमारा मानना है कि अस्तपाल और चिकित्सक ने लापरवाही बरती।’ अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की पत्नी (मरीज) को न्याय संगत और उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। अब वह गर्भवती भी नहीं हो सकती।टिप्पणियां अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि ऐसा दुर्लभ ही होता है कि जान बचाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन की जरूरत हो और यह ऑपरेशन अकसर महिलाओं को परिणाम की जानकारी दिए बिना किया जाता है और महिलाएं इस बारे में पूछती हैं तो ‘चिकित्सक उनसे झूठ बोलते हैं।’ मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, ‘देश में प्रत्येक निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन संबंधी आंकड़ों को मुहैया कराना अनिवार्य होना चाहिए। देश में मासूम महिलाओं को बचाए जाने की जरूरत है और इस प्रकार के अंधाधुंध हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन पर रोक लगानी चाहिए... हमारा मानना है कि अस्तपाल और चिकित्सक ने लापरवाही बरती।’ अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की पत्नी (मरीज) को न्याय संगत और उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। अब वह गर्भवती भी नहीं हो सकती।टिप्पणियां अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि ऐसा दुर्लभ ही होता है कि जान बचाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन की जरूरत हो और यह ऑपरेशन अकसर महिलाओं को परिणाम की जानकारी दिए बिना किया जाता है और महिलाएं इस बारे में पूछती हैं तो ‘चिकित्सक उनसे झूठ बोलते हैं।’ मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की पत्नी (मरीज) को न्याय संगत और उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। अब वह गर्भवती भी नहीं हो सकती।टिप्पणियां अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि ऐसा दुर्लभ ही होता है कि जान बचाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन की जरूरत हो और यह ऑपरेशन अकसर महिलाओं को परिणाम की जानकारी दिए बिना किया जाता है और महिलाएं इस बारे में पूछती हैं तो ‘चिकित्सक उनसे झूठ बोलते हैं।’ मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि ऐसा दुर्लभ ही होता है कि जान बचाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन की जरूरत हो और यह ऑपरेशन अकसर महिलाओं को परिणाम की जानकारी दिए बिना किया जाता है और महिलाएं इस बारे में पूछती हैं तो ‘चिकित्सक उनसे झूठ बोलते हैं।’ मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती। मरीज के पति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी का उससे पूछे बिना और उसकी सहमति के बिना हिस्टेरेक्टोमी ऑपरेशन कर दिया गया जिसके कारण उसे कई प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं हो गई और अब वह भविष्य में गर्भवती भी नहीं हो सकती।
सारांश: शीर्ष उपभोक्ता फोरम ने गरीबों के इलाज के एवज में राशि मुहैया कराने वाली एक केंद्रीय योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की खातिर निजी अस्पतालों द्वारा महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने के लिए किए जा रहे ‘अंधाधुंध हिस्टेरेक्टोमी’ ऑपरेशनों पर रोक लगाने के लिए केंद्र
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कार चोरी की घटनाएं भारत में आम बात हो गई है, लेकिन अमेरिका भी इससे अछूता नहीं है. लेकिन शहर मिलवाउकी से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जो हैरान करने वाला है. इसमें एक महिला ने अपनी कार को बहुत बहादुरी से चोरी होने से बचाया है.  दरअसल हुआ यह है कि यह महिला अपनी कार में फ्यूल डालवाने के लिए थी गैस स्टेशन पर आई हुई थी. वह कार से उतरकर जैसे ही पाइप के पास पहुंचती है तभी एक काले रंग की दूसरी कार उसकी कार के सामने आने खड़ी हो जाती है. वह महिला कुछ समझ पाती तभी कोई कार से एक शख्स निकलकर आता है और वह उसकी कार लेकर भागने की कोशिश करता है. लेकिन इतनी देर में उस महिला को सारा माजरा समझ में आ जाता है और वह पहले चिल्लाती है फिर कूदकर बोनट में बैठ जाती है. टिप्पणियां चोर फिर भागता है तो महिला उसके सामने शीशे पर लेट जाती है ताकि उसे कुछ दिखाई न दे. आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि कैसे वह महिला बोनट पर लेटी हुआ है और मदद की गुहार लगाती है.  इतना होने के बाद चोर की हिम्मत टूट जाती है और वह कार छोड़कर अपनी कार से फरार हो जाता है. इतनी देर में दो लोग उस महिला की मदद करने के लिए आ जाते हैं.  वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि वह महिला थोड़ा घायल हो गई है और जिसकी वजह से जमीन में बैठ जाती है. इस पूरी घटना का वीडियो वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो जाता है. महिला का नाम मिलिसा मेरियन है जिन्होंने ये पूरा वीडियो अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है. वह महिला कुछ समझ पाती तभी कोई कार से एक शख्स निकलकर आता है और वह उसकी कार लेकर भागने की कोशिश करता है. लेकिन इतनी देर में उस महिला को सारा माजरा समझ में आ जाता है और वह पहले चिल्लाती है फिर कूदकर बोनट में बैठ जाती है. टिप्पणियां चोर फिर भागता है तो महिला उसके सामने शीशे पर लेट जाती है ताकि उसे कुछ दिखाई न दे. आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि कैसे वह महिला बोनट पर लेटी हुआ है और मदद की गुहार लगाती है.  इतना होने के बाद चोर की हिम्मत टूट जाती है और वह कार छोड़कर अपनी कार से फरार हो जाता है. इतनी देर में दो लोग उस महिला की मदद करने के लिए आ जाते हैं.  वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि वह महिला थोड़ा घायल हो गई है और जिसकी वजह से जमीन में बैठ जाती है. इस पूरी घटना का वीडियो वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो जाता है. महिला का नाम मिलिसा मेरियन है जिन्होंने ये पूरा वीडियो अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है. चोर फिर भागता है तो महिला उसके सामने शीशे पर लेट जाती है ताकि उसे कुछ दिखाई न दे. आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि कैसे वह महिला बोनट पर लेटी हुआ है और मदद की गुहार लगाती है.  इतना होने के बाद चोर की हिम्मत टूट जाती है और वह कार छोड़कर अपनी कार से फरार हो जाता है. इतनी देर में दो लोग उस महिला की मदद करने के लिए आ जाते हैं.  वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि वह महिला थोड़ा घायल हो गई है और जिसकी वजह से जमीन में बैठ जाती है. इस पूरी घटना का वीडियो वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो जाता है. महिला का नाम मिलिसा मेरियन है जिन्होंने ये पूरा वीडियो अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है. वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि वह महिला थोड़ा घायल हो गई है और जिसकी वजह से जमीन में बैठ जाती है. इस पूरी घटना का वीडियो वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो जाता है. महिला का नाम मिलिसा मेरियन है जिन्होंने ये पूरा वीडियो अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महिला को चोर ने झटका देकर गिराने की कोशिश भी की पूरी घटना की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हो गई आखिरकार उस चोर को कार छोड़कर भागना पड़ा
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने नौकरी संबंधी नियमों का उल्लंघन करने को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के कारण बताओ नोटिस का जवाब अब तक नहीं दिया है। पीसीबी ने मियांदाद को उस समय कारण बताओ नोटिस भेजा था, जब इस पूर्व क्रिकेटर ने बोर्ड की कार्यप्रणाली की निंदा की थी और दावा किया था कि इसके अधिकारियों द्वारा लिए जाने वाले 90 प्रतिशत फैसले गलत होते हैं। वर्ष 2008 से निदेशक (क्रिकेट मामले) पद पर आसीन मियांदाद ने कहा कि बोर्ड के कामकाज को करीब से देखने के बाद वह इस बात पर पूरी तरह से आश्वस्त हुए कि बोर्ड के 90 प्रतिशत फैसले गलत होते हैं। उनकी टिप्पणियों से पीसीबी नाराज है और बोर्ड ने उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन की समय सीमा तय की थी। यह समय सीमा पिछले गुरुवार को समाप्त हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमें अब तक उनकी ओर से नोटिस का औपचारिक रूप से जवाब नहीं मिला है लेकिन हम सोमवार को इस मुद्दे पर गौर करेंगे। नोटिस मिलने के बाद मियांदाद ने साफ कर दिया कि उनका नोटिस का जवाब देने का कोई इरादा नहीं है, क्योंकि उनकी सीधी नियुक्ति बोर्ड के मुख्य संरक्षक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा की गई है और वह उनके प्रति ही जवाबदेह हैं।
संक्षिप्त पाठ: पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने नौकरी संबंधी नियमों का उल्लंघन करने को लेकर पीसीबी के कारण बताओ नोटिस का जवाब अब तक नहीं दिया है।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड में प्रेग्नेंसी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखकर डॉक्टर भी परेशान हैं. इस प्रेग्नेंसी में दिलचस्प बात यह है थी कि महिला के गर्भ में पहले दो बच्चे पल रहे थे. इसी दौरान वह एक बार फिर से प्रेग्नेंट हो गई. इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि 32 सप्ताह तक महिला के गर्भ में तीनों बच्चे पलते रहे. 32 सप्ताह बाद महिला ने तीनों बच्चों को जन्म दिया. कुदरत के इस करिश्मे से भी दंग हैं. डॉक्टरों को कहना है कि यह एक दुर्लभ मामला है. वहीं इस महिला के बारे में जिस किसी को भी पता चल रहा है वे हैरत में पड़ जा रहे हैं. न्यूज एजेंसी एफपी के मुताबिक ब्रिटेन में केंट की रहने वाली जूलिनी ब्रॉड कुछ महीने पहले जब डॉक्टर के पास पहुंची तो उसे पता चला कि वह गर्भवती हो गई है. डॉक्टरों ने उसे नियमित जांच के लिए आने की सलाह दी. एक एक महीने बाद महिला को कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था. इसके बाद वह दोबारा डॉक्टर के पास गई.टिप्पणियां जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि वह दोबारा गर्भवती हो गई है. यह बात किसी के भी समझ में नहीं आ रही थी. डॉक्टर ने बताया कि एक और बच्चा उसके गर्भ में पल रहा है. यानी तीन बच्चे के एक साथ गर्भ में है. डॉक्टर ने जूलिनी को 32 सप्ताह तक अपनी निगरानी में रखा. इसके बाद महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया. सभी बच्चे पूरी तरह नॉर्मल हैं. डॉक्टर इस घटना को चमत्कार बता रहे हैं. उनका कहना है कि इस तरह की प्रेग्नेंसी को सुपरफोएटेशन कहते हैं. ये दुनिया में पिछले 100 साल में छठी और तीन बच्चों की एक साथ पैदा होने की पहली घटना है. इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है. जूलिनी की बेटियों के नाम कैथलीन और डेलिलाह है. जबकि बेटे का नाम ताबिता है. न्यूज एजेंसी एफपी के मुताबिक ब्रिटेन में केंट की रहने वाली जूलिनी ब्रॉड कुछ महीने पहले जब डॉक्टर के पास पहुंची तो उसे पता चला कि वह गर्भवती हो गई है. डॉक्टरों ने उसे नियमित जांच के लिए आने की सलाह दी. एक एक महीने बाद महिला को कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था. इसके बाद वह दोबारा डॉक्टर के पास गई.टिप्पणियां जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि वह दोबारा गर्भवती हो गई है. यह बात किसी के भी समझ में नहीं आ रही थी. डॉक्टर ने बताया कि एक और बच्चा उसके गर्भ में पल रहा है. यानी तीन बच्चे के एक साथ गर्भ में है. डॉक्टर ने जूलिनी को 32 सप्ताह तक अपनी निगरानी में रखा. इसके बाद महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया. सभी बच्चे पूरी तरह नॉर्मल हैं. डॉक्टर इस घटना को चमत्कार बता रहे हैं. उनका कहना है कि इस तरह की प्रेग्नेंसी को सुपरफोएटेशन कहते हैं. ये दुनिया में पिछले 100 साल में छठी और तीन बच्चों की एक साथ पैदा होने की पहली घटना है. इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है. जूलिनी की बेटियों के नाम कैथलीन और डेलिलाह है. जबकि बेटे का नाम ताबिता है. जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि वह दोबारा गर्भवती हो गई है. यह बात किसी के भी समझ में नहीं आ रही थी. डॉक्टर ने बताया कि एक और बच्चा उसके गर्भ में पल रहा है. यानी तीन बच्चे के एक साथ गर्भ में है. डॉक्टर ने जूलिनी को 32 सप्ताह तक अपनी निगरानी में रखा. इसके बाद महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया. सभी बच्चे पूरी तरह नॉर्मल हैं. डॉक्टर इस घटना को चमत्कार बता रहे हैं. उनका कहना है कि इस तरह की प्रेग्नेंसी को सुपरफोएटेशन कहते हैं. ये दुनिया में पिछले 100 साल में छठी और तीन बच्चों की एक साथ पैदा होने की पहली घटना है. इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है. जूलिनी की बेटियों के नाम कैथलीन और डेलिलाह है. जबकि बेटे का नाम ताबिता है. डॉक्टर इस घटना को चमत्कार बता रहे हैं. उनका कहना है कि इस तरह की प्रेग्नेंसी को सुपरफोएटेशन कहते हैं. ये दुनिया में पिछले 100 साल में छठी और तीन बच्चों की एक साथ पैदा होने की पहली घटना है. इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है. जूलिनी की बेटियों के नाम कैथलीन और डेलिलाह है. जबकि बेटे का नाम ताबिता है.
सारांश: ब्रिटेन के केंट में एक महीने से गर्भवती थी महिला दोबारा से गर्भवती हो गई महिला, डॉक्टर रह गए हैरान 32 सप्ताह बाद एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: नेपाल में नई कैबिनेट के गठन को लगातार दूसरे दिन टाल दिया गया क्योंकि सीपीएन-यूएमएल अपने प्रमुख सहयोगी माओवादियों के साथ सत्ता भागीदारी समझौते को अंतिम रूप देने में विफल रहा है। इस बीच ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि नए प्रधानमंत्री ने 24 मई को इस शीर्ष पद को प्रचंड को सौंपने पर सहमति जता दी है। नेपाल में रविवार को नए प्रधानमंत्री की शपथ लेने वाले झालानाथ खनल ने कैबिनेट गठन को टाल दिया क्योंकि यूसीपीएन-माओवादी और सीपीएन-यूएमल के बीच सत्ता भागीदारी को लेकर सहमति नहीं बन सकी। पार्टी सूत्रों के अनुसार खनल और प्रचंड के बीच सात सूत्री गुप्त समझौते पर सहमति बनी थी जिसके बाद माओवादी प्रमुख कम्युनिस्ट नेता के समर्थन में प्रधानमंत्री पद की दौड़ से तीन फरवरी को हट गए थे। दैनिक आर्थिक अभियान में छपी खबर के अनुसार खनल ने 24 मई को सरकार का नेतृत्व प्रचंड को सौंपने के बारे में सहमति जता दी है। गौरतलब है कि 28 मई को नया संविधान लागू करने की अंतिम समय सीमा दी गई है। बहरहाल, सीपीएन-यूएमएल नेता प्रदीप ग्यावली ने कहा कि उन्हें विशिष्ट तिथि को माओवादियों को सत्ता सौंपने के ऐसे किसी समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
सारांश: इस बीच ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि नए प्रधानमंत्री ने 24 मई को इस शीर्ष पद को प्रचंड को सौंपने पर सहमति जता दी है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एलिस्टर कुक की अगुवाई में इंग्लैंड की टीम टेस्ट रैंकिंग में ऊपर जा सकती है. अगर इंग्लिश टीम ने पाकिस्तान को ओवल टेस्ट में हरा दिया तो उसके रैंकिंग में नंबर 2 पर जाने का आसार हैं. हालांकि इसके लिए भारत को वेस्ट इंडीज़ से हार मिलनी चाहिए. अगर इंग्लैंड नंबर एक टीम बनने में सफल रहती है तो वह 2012 के बाद पहली बार नंबर एक टीम बनेगी. गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट से पहले इंग्लिश टीम ने जमकर अभ्यास किया. चार टेस्ट मैच की सीरीज का पहला टेस्ट लॉर्ड्स में हारने के बाद टीम ने ज़ोरदार वापसी करते हुए 330 रन से ओल्ड ट्रैफ़ॉर्ड टेस्ट जीता. पिछले टेस्ट, एजबेस्टन में कुक की टीम पहली पारी में 130 रन से पिछड़ गई लेकिन मैच का पासा पलटा और टीम ने 141 रन से जीत हासिल किया. इसी के साथ इंग्लैंड ने सीरीज़ में 2-1 बढ़त बना लिया. कुक ने रैंकिंग पर कहा, यह टीम के लिए खुशी की बात है-ख़ासकर उस टीम के लिए जो सीख रही है. अगर हमने पिछले दो टेस्ट की तरह इसमें भी अच्छा किया तो इस बार सीरीज़ जीत सकते हैं. अगर इस क्रम में नंबर एक टीम बने तो हमारे लिए ख़ुशी की बात होगी.' वहीं पाकिस्तान की नज़र सीरीज का आखिरी टेस्ट जीत कर सीरीज बराबर करने पर है. कोच के तौर पर मिकी ऑर्थर के लिए यह पहला दौरा है-ज़ाहिर है वह पाकिस्तान के साथ हार से शुरुआत करना पसंद नहीं करेंगे. कोच ने मैच से पहले टीम चयन को लेकर परेशानी का जिक्र किया. आर्थर ने टीम में बदलाव के संकेत देते हुए पांचवां गेंदबाज़ शामिल करने की ओर इशारा किया. हालांकि सीरीज़ में पिछड़ने के बाद भी टीम का मनोबल बना हुआ है. ऑर्थर के मुताबिक, 'हमारे पास पांचवें गेंदबाज़ का विकल्प है. किसी को नंबर 7 पर बल्लेबाज़ी करनी होगी. जिससे हमारा निचला क्रम लंबा हो जाएगा. हम हर विकल्प पर विचार कर रहे हैं. हम टेस्ट में 20 विकेट जीत के लिए लेने होंगे. मैंने टीम के खिलाड़ियों से बात की है. मेरे ख्याल से एजबेस्टन में हमने अच्छा प्रदर्शन किया और टेस्ट से सकारात्मक पहलुओं को लेकर आगे बढ़ने की सलाह खिलाड़ियों को दी है.'टिप्पणियां पाकिस्तान की एजबेस्टन टेस्ट में हार के बाद इंग्लिश गेंदबाज़ों द्वारा गेंद से छेड़छाड़ के आरोप पाकिस्तानी मीडिया में चले. कोच ऑर्थर ने इसे एक सिरे से खारिज़ कर दिया. 'मैच में रेफ़री होता है और मैच फ़ुटेज देखने के बाद इसका पता चल सकता है और वो ये काम कर सकते हैं. एक क्रिकेट टीम होने के नाते ये हमारे हाथ में नहीं है कि हम किसी पर आरोप लगाएं. इसके लिए मैच रेफ़री और अंपायर होते हैं। इस बारे में टीम के कैंप में कोई बात नहीं हुई है.' इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच सीरीज़ का आख़िरी टेस्ट 11 से 15 अगस्त के बीच भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा. गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट से पहले इंग्लिश टीम ने जमकर अभ्यास किया. चार टेस्ट मैच की सीरीज का पहला टेस्ट लॉर्ड्स में हारने के बाद टीम ने ज़ोरदार वापसी करते हुए 330 रन से ओल्ड ट्रैफ़ॉर्ड टेस्ट जीता. पिछले टेस्ट, एजबेस्टन में कुक की टीम पहली पारी में 130 रन से पिछड़ गई लेकिन मैच का पासा पलटा और टीम ने 141 रन से जीत हासिल किया. इसी के साथ इंग्लैंड ने सीरीज़ में 2-1 बढ़त बना लिया. कुक ने रैंकिंग पर कहा, यह टीम के लिए खुशी की बात है-ख़ासकर उस टीम के लिए जो सीख रही है. अगर हमने पिछले दो टेस्ट की तरह इसमें भी अच्छा किया तो इस बार सीरीज़ जीत सकते हैं. अगर इस क्रम में नंबर एक टीम बने तो हमारे लिए ख़ुशी की बात होगी.' वहीं पाकिस्तान की नज़र सीरीज का आखिरी टेस्ट जीत कर सीरीज बराबर करने पर है. कोच के तौर पर मिकी ऑर्थर के लिए यह पहला दौरा है-ज़ाहिर है वह पाकिस्तान के साथ हार से शुरुआत करना पसंद नहीं करेंगे. कोच ने मैच से पहले टीम चयन को लेकर परेशानी का जिक्र किया. आर्थर ने टीम में बदलाव के संकेत देते हुए पांचवां गेंदबाज़ शामिल करने की ओर इशारा किया. हालांकि सीरीज़ में पिछड़ने के बाद भी टीम का मनोबल बना हुआ है. ऑर्थर के मुताबिक, 'हमारे पास पांचवें गेंदबाज़ का विकल्प है. किसी को नंबर 7 पर बल्लेबाज़ी करनी होगी. जिससे हमारा निचला क्रम लंबा हो जाएगा. हम हर विकल्प पर विचार कर रहे हैं. हम टेस्ट में 20 विकेट जीत के लिए लेने होंगे. मैंने टीम के खिलाड़ियों से बात की है. मेरे ख्याल से एजबेस्टन में हमने अच्छा प्रदर्शन किया और टेस्ट से सकारात्मक पहलुओं को लेकर आगे बढ़ने की सलाह खिलाड़ियों को दी है.'टिप्पणियां पाकिस्तान की एजबेस्टन टेस्ट में हार के बाद इंग्लिश गेंदबाज़ों द्वारा गेंद से छेड़छाड़ के आरोप पाकिस्तानी मीडिया में चले. कोच ऑर्थर ने इसे एक सिरे से खारिज़ कर दिया. 'मैच में रेफ़री होता है और मैच फ़ुटेज देखने के बाद इसका पता चल सकता है और वो ये काम कर सकते हैं. एक क्रिकेट टीम होने के नाते ये हमारे हाथ में नहीं है कि हम किसी पर आरोप लगाएं. इसके लिए मैच रेफ़री और अंपायर होते हैं। इस बारे में टीम के कैंप में कोई बात नहीं हुई है.' इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच सीरीज़ का आख़िरी टेस्ट 11 से 15 अगस्त के बीच भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा. कुक ने रैंकिंग पर कहा, यह टीम के लिए खुशी की बात है-ख़ासकर उस टीम के लिए जो सीख रही है. अगर हमने पिछले दो टेस्ट की तरह इसमें भी अच्छा किया तो इस बार सीरीज़ जीत सकते हैं. अगर इस क्रम में नंबर एक टीम बने तो हमारे लिए ख़ुशी की बात होगी.' वहीं पाकिस्तान की नज़र सीरीज का आखिरी टेस्ट जीत कर सीरीज बराबर करने पर है. कोच के तौर पर मिकी ऑर्थर के लिए यह पहला दौरा है-ज़ाहिर है वह पाकिस्तान के साथ हार से शुरुआत करना पसंद नहीं करेंगे. कोच ने मैच से पहले टीम चयन को लेकर परेशानी का जिक्र किया. आर्थर ने टीम में बदलाव के संकेत देते हुए पांचवां गेंदबाज़ शामिल करने की ओर इशारा किया. हालांकि सीरीज़ में पिछड़ने के बाद भी टीम का मनोबल बना हुआ है. ऑर्थर के मुताबिक, 'हमारे पास पांचवें गेंदबाज़ का विकल्प है. किसी को नंबर 7 पर बल्लेबाज़ी करनी होगी. जिससे हमारा निचला क्रम लंबा हो जाएगा. हम हर विकल्प पर विचार कर रहे हैं. हम टेस्ट में 20 विकेट जीत के लिए लेने होंगे. मैंने टीम के खिलाड़ियों से बात की है. मेरे ख्याल से एजबेस्टन में हमने अच्छा प्रदर्शन किया और टेस्ट से सकारात्मक पहलुओं को लेकर आगे बढ़ने की सलाह खिलाड़ियों को दी है.'टिप्पणियां पाकिस्तान की एजबेस्टन टेस्ट में हार के बाद इंग्लिश गेंदबाज़ों द्वारा गेंद से छेड़छाड़ के आरोप पाकिस्तानी मीडिया में चले. कोच ऑर्थर ने इसे एक सिरे से खारिज़ कर दिया. 'मैच में रेफ़री होता है और मैच फ़ुटेज देखने के बाद इसका पता चल सकता है और वो ये काम कर सकते हैं. एक क्रिकेट टीम होने के नाते ये हमारे हाथ में नहीं है कि हम किसी पर आरोप लगाएं. इसके लिए मैच रेफ़री और अंपायर होते हैं। इस बारे में टीम के कैंप में कोई बात नहीं हुई है.' इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच सीरीज़ का आख़िरी टेस्ट 11 से 15 अगस्त के बीच भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा. वहीं पाकिस्तान की नज़र सीरीज का आखिरी टेस्ट जीत कर सीरीज बराबर करने पर है. कोच के तौर पर मिकी ऑर्थर के लिए यह पहला दौरा है-ज़ाहिर है वह पाकिस्तान के साथ हार से शुरुआत करना पसंद नहीं करेंगे. कोच ने मैच से पहले टीम चयन को लेकर परेशानी का जिक्र किया. आर्थर ने टीम में बदलाव के संकेत देते हुए पांचवां गेंदबाज़ शामिल करने की ओर इशारा किया. हालांकि सीरीज़ में पिछड़ने के बाद भी टीम का मनोबल बना हुआ है. ऑर्थर के मुताबिक, 'हमारे पास पांचवें गेंदबाज़ का विकल्प है. किसी को नंबर 7 पर बल्लेबाज़ी करनी होगी. जिससे हमारा निचला क्रम लंबा हो जाएगा. हम हर विकल्प पर विचार कर रहे हैं. हम टेस्ट में 20 विकेट जीत के लिए लेने होंगे. मैंने टीम के खिलाड़ियों से बात की है. मेरे ख्याल से एजबेस्टन में हमने अच्छा प्रदर्शन किया और टेस्ट से सकारात्मक पहलुओं को लेकर आगे बढ़ने की सलाह खिलाड़ियों को दी है.'टिप्पणियां पाकिस्तान की एजबेस्टन टेस्ट में हार के बाद इंग्लिश गेंदबाज़ों द्वारा गेंद से छेड़छाड़ के आरोप पाकिस्तानी मीडिया में चले. कोच ऑर्थर ने इसे एक सिरे से खारिज़ कर दिया. 'मैच में रेफ़री होता है और मैच फ़ुटेज देखने के बाद इसका पता चल सकता है और वो ये काम कर सकते हैं. एक क्रिकेट टीम होने के नाते ये हमारे हाथ में नहीं है कि हम किसी पर आरोप लगाएं. इसके लिए मैच रेफ़री और अंपायर होते हैं। इस बारे में टीम के कैंप में कोई बात नहीं हुई है.' इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच सीरीज़ का आख़िरी टेस्ट 11 से 15 अगस्त के बीच भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा. ऑर्थर के मुताबिक, 'हमारे पास पांचवें गेंदबाज़ का विकल्प है. किसी को नंबर 7 पर बल्लेबाज़ी करनी होगी. जिससे हमारा निचला क्रम लंबा हो जाएगा. हम हर विकल्प पर विचार कर रहे हैं. हम टेस्ट में 20 विकेट जीत के लिए लेने होंगे. मैंने टीम के खिलाड़ियों से बात की है. मेरे ख्याल से एजबेस्टन में हमने अच्छा प्रदर्शन किया और टेस्ट से सकारात्मक पहलुओं को लेकर आगे बढ़ने की सलाह खिलाड़ियों को दी है.'टिप्पणियां पाकिस्तान की एजबेस्टन टेस्ट में हार के बाद इंग्लिश गेंदबाज़ों द्वारा गेंद से छेड़छाड़ के आरोप पाकिस्तानी मीडिया में चले. कोच ऑर्थर ने इसे एक सिरे से खारिज़ कर दिया. 'मैच में रेफ़री होता है और मैच फ़ुटेज देखने के बाद इसका पता चल सकता है और वो ये काम कर सकते हैं. एक क्रिकेट टीम होने के नाते ये हमारे हाथ में नहीं है कि हम किसी पर आरोप लगाएं. इसके लिए मैच रेफ़री और अंपायर होते हैं। इस बारे में टीम के कैंप में कोई बात नहीं हुई है.' इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच सीरीज़ का आख़िरी टेस्ट 11 से 15 अगस्त के बीच भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा. पाकिस्तान की एजबेस्टन टेस्ट में हार के बाद इंग्लिश गेंदबाज़ों द्वारा गेंद से छेड़छाड़ के आरोप पाकिस्तानी मीडिया में चले. कोच ऑर्थर ने इसे एक सिरे से खारिज़ कर दिया. 'मैच में रेफ़री होता है और मैच फ़ुटेज देखने के बाद इसका पता चल सकता है और वो ये काम कर सकते हैं. एक क्रिकेट टीम होने के नाते ये हमारे हाथ में नहीं है कि हम किसी पर आरोप लगाएं. इसके लिए मैच रेफ़री और अंपायर होते हैं। इस बारे में टीम के कैंप में कोई बात नहीं हुई है.' इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच सीरीज़ का आख़िरी टेस्ट 11 से 15 अगस्त के बीच भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा. इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच सीरीज़ का आख़िरी टेस्ट 11 से 15 अगस्त के बीच भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा.
यह एक सारांश है: गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट से पहले इंग्लिश टीम ने जमकर अभ्यास किया एलिस्टर कुक की अगुवाई में इंग्लैंड की टीम टेस्ट रैंकिंग में ऊपर जा सकती ह वहीं पाकिस्तान की नज़र सीरीज का आखिरी टेस्ट जीत कर सीरीज बराबर करने पर है
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तेजी से उभर रहे बाबर आजम के लगातार दूसरे शतक की बदौलत पाकिस्तान ने शारजाह में दूसरे वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट मैच में वेस्टइंडीज को 59 रनों से हरा कर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली. आजम ने 126 गेंदों में 123 रन बनाए, जिसकी बदौलत पाकिस्तान ने पांच विकेट खोकर कुल 337 रन बनाए.लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की टीम 50 ओवर में सात विकेट खोकर 278 रन ही बना सकी. मैच मे पाकिस्‍तानी टीम की शुरुआत करते हुए कप्‍तान अजहर अली और शर्जील खान ने पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े. टीम के इसी स्‍कोर पर ये दोनों बल्‍लेबाज आउट हो गए. मुश्किल के इन क्षणों में बाबर ने अनुभवी शोएब मलिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 169 रन की साझेदारी की. शोएब दुर्भाग्‍यशाली रहे कि शतक पूरा नहीं कर पाए. 90 रन बनाने के बाद वे सुनील नारायण के शिकार बने. पाकिस्‍तान का चौथा विकेट बाबर आजम के रूप में गिरा, जिन्‍हें जोसेफ ने ब्रेथवेट के हाथों कैच कराया. इमाद वासिम के आउट होने के बाद सरफराज और मो. रिजवान ने नाबाद रहते हुए पाकिस्‍तानी टीम का स्‍कोर 337 तक पहुंचा दिया. सरफराज ने 37 गेंदों पर सात चौकों की मदद से नाबाद 60 रन बनाए. टिप्पणियां जवाब में इंडीज टीम ड्वेन ब्रावो के 61 और मर्लोन सैम्‍युअल्‍स के 57 रनों के बावजूद 50 ओवर्स में 278 रन ही बना सकी. पाकिस्‍तान के लिए वहाब रियाज ने दो विकेट लिए.  सीरीज का आखिरी मैच बुधवार को अबूधाबी में होगा. पाकिस्तान के कप्तान अजहर अली ने इसे टीम भावना से मिली शानदार जीत बताया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मैच मे पाकिस्‍तानी टीम की शुरुआत करते हुए कप्‍तान अजहर अली और शर्जील खान ने पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े. टीम के इसी स्‍कोर पर ये दोनों बल्‍लेबाज आउट हो गए. मुश्किल के इन क्षणों में बाबर ने अनुभवी शोएब मलिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 169 रन की साझेदारी की. शोएब दुर्भाग्‍यशाली रहे कि शतक पूरा नहीं कर पाए. 90 रन बनाने के बाद वे सुनील नारायण के शिकार बने. पाकिस्‍तान का चौथा विकेट बाबर आजम के रूप में गिरा, जिन्‍हें जोसेफ ने ब्रेथवेट के हाथों कैच कराया. इमाद वासिम के आउट होने के बाद सरफराज और मो. रिजवान ने नाबाद रहते हुए पाकिस्‍तानी टीम का स्‍कोर 337 तक पहुंचा दिया. सरफराज ने 37 गेंदों पर सात चौकों की मदद से नाबाद 60 रन बनाए. टिप्पणियां जवाब में इंडीज टीम ड्वेन ब्रावो के 61 और मर्लोन सैम्‍युअल्‍स के 57 रनों के बावजूद 50 ओवर्स में 278 रन ही बना सकी. पाकिस्‍तान के लिए वहाब रियाज ने दो विकेट लिए.  सीरीज का आखिरी मैच बुधवार को अबूधाबी में होगा. पाकिस्तान के कप्तान अजहर अली ने इसे टीम भावना से मिली शानदार जीत बताया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शोएब दुर्भाग्‍यशाली रहे कि शतक पूरा नहीं कर पाए. 90 रन बनाने के बाद वे सुनील नारायण के शिकार बने. पाकिस्‍तान का चौथा विकेट बाबर आजम के रूप में गिरा, जिन्‍हें जोसेफ ने ब्रेथवेट के हाथों कैच कराया. इमाद वासिम के आउट होने के बाद सरफराज और मो. रिजवान ने नाबाद रहते हुए पाकिस्‍तानी टीम का स्‍कोर 337 तक पहुंचा दिया. सरफराज ने 37 गेंदों पर सात चौकों की मदद से नाबाद 60 रन बनाए. टिप्पणियां जवाब में इंडीज टीम ड्वेन ब्रावो के 61 और मर्लोन सैम्‍युअल्‍स के 57 रनों के बावजूद 50 ओवर्स में 278 रन ही बना सकी. पाकिस्‍तान के लिए वहाब रियाज ने दो विकेट लिए.  सीरीज का आखिरी मैच बुधवार को अबूधाबी में होगा. पाकिस्तान के कप्तान अजहर अली ने इसे टीम भावना से मिली शानदार जीत बताया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जवाब में इंडीज टीम ड्वेन ब्रावो के 61 और मर्लोन सैम्‍युअल्‍स के 57 रनों के बावजूद 50 ओवर्स में 278 रन ही बना सकी. पाकिस्‍तान के लिए वहाब रियाज ने दो विकेट लिए.  सीरीज का आखिरी मैच बुधवार को अबूधाबी में होगा. पाकिस्तान के कप्तान अजहर अली ने इसे टीम भावना से मिली शानदार जीत बताया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पहले बैटिंग करते हुए पाकिस्‍तान ने बनाए 337 रन बाबर ने 123 और शोएब मलिक ने 90 रन बनाए जवाब में वेस्‍टइंडीज की टीम 278 रन ही बना पाई
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बल्लेबाजों के उम्दा प्रदर्शन के बाद तिसारा परेरा की अगुआई में धारदार गेंदबाजी से श्रीलंका ने त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट श्रृंखला में मंगलवार को ब्रिस्बेन भारत को आसानी से 51 रन से हराकर अंक तालिका में उसे अंतिम स्थान पर खिसका दिया। परेरा ने 37 रन देकर चार विकेट चटकाए जिससे टीम इंडिया विराट कोहली (66) और इरफान पठान (47) की उपयोगी पारियों के बावजूद 45.1 ओवर में 238 रन पर सिमट गई। कोहली ने सुरेश रैना (32) के साथ चौथे विकेट के लिए 92 रन की साझेदारी भी की लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए नाकाफी था। नुवान कुलशेखरा ने परेरा का अच्छा साथ निभाते हुए 40 रन पर तीन विकेट चटकाए जबकि लसिथ मलिंगा ने दो खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। इससे पहले श्रीलंका ने छह विकेट पर 289 रन बनाए। सलामी बल्लेबाजों तिलकरत्ने दिलशान (51) और कप्तान महेला जयवर्धने (45) के पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़ने के बाद लाहिरू थिरिमाने (62), एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 49) और दिनेश चंदीमल (38) ने भी बेशकीमती पारियां खेली। इस जीत से श्रीलंका को चार अंक मिले और वह पांच मैचों में 11 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत छह मैचों में 10 अंक के साथ अंतिम स्थान पर है। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरूआत बेहद खराब रही और उसने मलिंगा की पारी की दूसरी गेंद पर ही कप्तान वीरेंद्र सहवाग (00) का विकेट गंवा दिया जो आफ स्टंप के बेहद बाहर की गेंद पर प्रहार करने की कोशिश में डीप थर्ड मैन पर नुवान कुलशेखरा द्वारा लपके गए। सचिन तेंदुलकर (22) और गौतम गंभीर (29) अच्छी लय में दिखे लेकिन दोनों अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। गंभीर ने भी महारूफ के एक ओवर में दो चौके मारे लेकिन नुवान कुलशेखरा को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गली में परेरा को आसान कैच दे बैठे। कोहली और रैना ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दोनों 16वें ओवर में लिए गये गेंदबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में केवल 15 रन जोड़ पाए। खराब फार्म से जूझ रहे रैना पावरप्ले में मैथ्यूज की पहली ही गेंद पर भाग्यशाली रहे जब बैकवर्ड प्वाइंट पर दिलशान ने उनका कैच छोड़ दिया। कोहली को भी 14 और 32 रन के स्कोर पर क्रमश: परेरा और मलिंगा की गेंद पर मिडविकेट पर चंदीमल ने जीवदान दिया। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। परेरा ने 37 रन देकर चार विकेट चटकाए जिससे टीम इंडिया विराट कोहली (66) और इरफान पठान (47) की उपयोगी पारियों के बावजूद 45.1 ओवर में 238 रन पर सिमट गई। कोहली ने सुरेश रैना (32) के साथ चौथे विकेट के लिए 92 रन की साझेदारी भी की लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए नाकाफी था। नुवान कुलशेखरा ने परेरा का अच्छा साथ निभाते हुए 40 रन पर तीन विकेट चटकाए जबकि लसिथ मलिंगा ने दो खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। इससे पहले श्रीलंका ने छह विकेट पर 289 रन बनाए। सलामी बल्लेबाजों तिलकरत्ने दिलशान (51) और कप्तान महेला जयवर्धने (45) के पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़ने के बाद लाहिरू थिरिमाने (62), एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 49) और दिनेश चंदीमल (38) ने भी बेशकीमती पारियां खेली। इस जीत से श्रीलंका को चार अंक मिले और वह पांच मैचों में 11 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत छह मैचों में 10 अंक के साथ अंतिम स्थान पर है। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरूआत बेहद खराब रही और उसने मलिंगा की पारी की दूसरी गेंद पर ही कप्तान वीरेंद्र सहवाग (00) का विकेट गंवा दिया जो आफ स्टंप के बेहद बाहर की गेंद पर प्रहार करने की कोशिश में डीप थर्ड मैन पर नुवान कुलशेखरा द्वारा लपके गए। सचिन तेंदुलकर (22) और गौतम गंभीर (29) अच्छी लय में दिखे लेकिन दोनों अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। गंभीर ने भी महारूफ के एक ओवर में दो चौके मारे लेकिन नुवान कुलशेखरा को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गली में परेरा को आसान कैच दे बैठे। कोहली और रैना ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दोनों 16वें ओवर में लिए गये गेंदबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में केवल 15 रन जोड़ पाए। खराब फार्म से जूझ रहे रैना पावरप्ले में मैथ्यूज की पहली ही गेंद पर भाग्यशाली रहे जब बैकवर्ड प्वाइंट पर दिलशान ने उनका कैच छोड़ दिया। कोहली को भी 14 और 32 रन के स्कोर पर क्रमश: परेरा और मलिंगा की गेंद पर मिडविकेट पर चंदीमल ने जीवदान दिया। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। नुवान कुलशेखरा ने परेरा का अच्छा साथ निभाते हुए 40 रन पर तीन विकेट चटकाए जबकि लसिथ मलिंगा ने दो खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। इससे पहले श्रीलंका ने छह विकेट पर 289 रन बनाए। सलामी बल्लेबाजों तिलकरत्ने दिलशान (51) और कप्तान महेला जयवर्धने (45) के पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़ने के बाद लाहिरू थिरिमाने (62), एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 49) और दिनेश चंदीमल (38) ने भी बेशकीमती पारियां खेली। इस जीत से श्रीलंका को चार अंक मिले और वह पांच मैचों में 11 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत छह मैचों में 10 अंक के साथ अंतिम स्थान पर है। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरूआत बेहद खराब रही और उसने मलिंगा की पारी की दूसरी गेंद पर ही कप्तान वीरेंद्र सहवाग (00) का विकेट गंवा दिया जो आफ स्टंप के बेहद बाहर की गेंद पर प्रहार करने की कोशिश में डीप थर्ड मैन पर नुवान कुलशेखरा द्वारा लपके गए। सचिन तेंदुलकर (22) और गौतम गंभीर (29) अच्छी लय में दिखे लेकिन दोनों अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। गंभीर ने भी महारूफ के एक ओवर में दो चौके मारे लेकिन नुवान कुलशेखरा को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गली में परेरा को आसान कैच दे बैठे। कोहली और रैना ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दोनों 16वें ओवर में लिए गये गेंदबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में केवल 15 रन जोड़ पाए। खराब फार्म से जूझ रहे रैना पावरप्ले में मैथ्यूज की पहली ही गेंद पर भाग्यशाली रहे जब बैकवर्ड प्वाइंट पर दिलशान ने उनका कैच छोड़ दिया। कोहली को भी 14 और 32 रन के स्कोर पर क्रमश: परेरा और मलिंगा की गेंद पर मिडविकेट पर चंदीमल ने जीवदान दिया। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। इससे पहले श्रीलंका ने छह विकेट पर 289 रन बनाए। सलामी बल्लेबाजों तिलकरत्ने दिलशान (51) और कप्तान महेला जयवर्धने (45) के पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़ने के बाद लाहिरू थिरिमाने (62), एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 49) और दिनेश चंदीमल (38) ने भी बेशकीमती पारियां खेली। इस जीत से श्रीलंका को चार अंक मिले और वह पांच मैचों में 11 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत छह मैचों में 10 अंक के साथ अंतिम स्थान पर है। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरूआत बेहद खराब रही और उसने मलिंगा की पारी की दूसरी गेंद पर ही कप्तान वीरेंद्र सहवाग (00) का विकेट गंवा दिया जो आफ स्टंप के बेहद बाहर की गेंद पर प्रहार करने की कोशिश में डीप थर्ड मैन पर नुवान कुलशेखरा द्वारा लपके गए। सचिन तेंदुलकर (22) और गौतम गंभीर (29) अच्छी लय में दिखे लेकिन दोनों अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। गंभीर ने भी महारूफ के एक ओवर में दो चौके मारे लेकिन नुवान कुलशेखरा को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गली में परेरा को आसान कैच दे बैठे। कोहली और रैना ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दोनों 16वें ओवर में लिए गये गेंदबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में केवल 15 रन जोड़ पाए। खराब फार्म से जूझ रहे रैना पावरप्ले में मैथ्यूज की पहली ही गेंद पर भाग्यशाली रहे जब बैकवर्ड प्वाइंट पर दिलशान ने उनका कैच छोड़ दिया। कोहली को भी 14 और 32 रन के स्कोर पर क्रमश: परेरा और मलिंगा की गेंद पर मिडविकेट पर चंदीमल ने जीवदान दिया। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरूआत बेहद खराब रही और उसने मलिंगा की पारी की दूसरी गेंद पर ही कप्तान वीरेंद्र सहवाग (00) का विकेट गंवा दिया जो आफ स्टंप के बेहद बाहर की गेंद पर प्रहार करने की कोशिश में डीप थर्ड मैन पर नुवान कुलशेखरा द्वारा लपके गए। सचिन तेंदुलकर (22) और गौतम गंभीर (29) अच्छी लय में दिखे लेकिन दोनों अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। गंभीर ने भी महारूफ के एक ओवर में दो चौके मारे लेकिन नुवान कुलशेखरा को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गली में परेरा को आसान कैच दे बैठे। कोहली और रैना ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दोनों 16वें ओवर में लिए गये गेंदबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में केवल 15 रन जोड़ पाए। खराब फार्म से जूझ रहे रैना पावरप्ले में मैथ्यूज की पहली ही गेंद पर भाग्यशाली रहे जब बैकवर्ड प्वाइंट पर दिलशान ने उनका कैच छोड़ दिया। कोहली को भी 14 और 32 रन के स्कोर पर क्रमश: परेरा और मलिंगा की गेंद पर मिडविकेट पर चंदीमल ने जीवदान दिया। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। सचिन तेंदुलकर (22) और गौतम गंभीर (29) अच्छी लय में दिखे लेकिन दोनों अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। गंभीर ने भी महारूफ के एक ओवर में दो चौके मारे लेकिन नुवान कुलशेखरा को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गली में परेरा को आसान कैच दे बैठे। कोहली और रैना ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दोनों 16वें ओवर में लिए गये गेंदबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में केवल 15 रन जोड़ पाए। खराब फार्म से जूझ रहे रैना पावरप्ले में मैथ्यूज की पहली ही गेंद पर भाग्यशाली रहे जब बैकवर्ड प्वाइंट पर दिलशान ने उनका कैच छोड़ दिया। कोहली को भी 14 और 32 रन के स्कोर पर क्रमश: परेरा और मलिंगा की गेंद पर मिडविकेट पर चंदीमल ने जीवदान दिया। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। गंभीर ने भी महारूफ के एक ओवर में दो चौके मारे लेकिन नुवान कुलशेखरा को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गली में परेरा को आसान कैच दे बैठे। कोहली और रैना ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दोनों 16वें ओवर में लिए गये गेंदबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में केवल 15 रन जोड़ पाए। खराब फार्म से जूझ रहे रैना पावरप्ले में मैथ्यूज की पहली ही गेंद पर भाग्यशाली रहे जब बैकवर्ड प्वाइंट पर दिलशान ने उनका कैच छोड़ दिया। कोहली को भी 14 और 32 रन के स्कोर पर क्रमश: परेरा और मलिंगा की गेंद पर मिडविकेट पर चंदीमल ने जीवदान दिया। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। कोहली और रैना ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दोनों 16वें ओवर में लिए गये गेंदबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में केवल 15 रन जोड़ पाए। खराब फार्म से जूझ रहे रैना पावरप्ले में मैथ्यूज की पहली ही गेंद पर भाग्यशाली रहे जब बैकवर्ड प्वाइंट पर दिलशान ने उनका कैच छोड़ दिया। कोहली को भी 14 और 32 रन के स्कोर पर क्रमश: परेरा और मलिंगा की गेंद पर मिडविकेट पर चंदीमल ने जीवदान दिया। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। कोहली और रैना ने 23वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। कोहली ने रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 66 गेंद में एक चौके की मदद से अपने कैरियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। महारूफ ने रैना को आउट करके 92 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। महारूफ की गेंद को लेग साइड में खेलने की कोशिश में रैना शार्ट कवर पर थिरिमाने को कैच दे बैठे। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौके की मदद से 32 रन बनाए। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। भारत को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 124 रन की दरकार थी। टीम ने 36वें ओवर में बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। कोहली पर रन गति बढ़ाने का दबाव था। उन्हें परेरा की दूसरी गेंद को चार रन के लिए भेजा लेकिन अगली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में मिडआन पर कुलशेखरा को आसान कैच दे बैठे। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। पार्थिव पटेल भी चार रन बनाने के बाद परेरा का शिकार बने। परेरा ने आर विनयकुमार (00) की भी आउट किया जबकि रविचंद्रन अश्विन (05) को मलिंगा ने पवेलियन भेजा। परेरा ने पठान को आउट करके श्रीलंका को जीत दिलायी। पठान ने 34 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। इससे पहले टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका को दिलशान और जयवर्धने की सलामी जोड़ी ने तेज शुरूआत दिलाई। दिलशान को आर विनय कुमार के खिलाफ शुरूआत में परेशानी हुई लेकिन बाद में उन्होंने कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज पर कवर्स में चौका जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर लगे एक मैच के प्रतिबंध के कारण कप्तान की भूमिका निभा रहे सहवाग ने छठे ओवर में गेंद उमेश यादव को थमाई जिनकी चौथी गेंद दिलशान के बल्ले का किनारा लेकर थर्ड मैन के उपर से छह रन के लिए गई जबकि अगली गेंद को इस बल्लेबाज ने कवर्स में चार रन के लिए भेजा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। जयवर्धने इस बीच स्ट्राइक रोटेट करते रहे। उन्होंने अपना पहला चौका यादव पर आठवें ओवर में जमाया और इसी ओवर में टीम के 50 रन भी पूरे हुए। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। भारत को पहली सफलता 19वें ओवर में मिली जब पठान की गेंद पर कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने फारवर्ड शार्ट लेग पर गोता लगाते हुए जयवर्धने का बेहतरीन कैच लपका। उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में दो चौके मारे। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। भारत ने इसके बाद दोनों स्पिनरों अश्विन और रविंद्र जडेजा को गेंदबाजी पर लगाया जिन्होंने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया। सहवाग ने 28वें ओवर में यादव को दूसरे स्पैल के लिए बुलाया और उनकी पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में कुमार संगकारा (08) फाइन लेग पर तेंदुलकर को कैच थमा बैठे। चांदीमल और थिरिमाने से इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। श्रीलंका ने 35वें ओवर में पावर प्ले लिया। थिरिमाने और चंदीमल ने 52 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। पठान ने चांदीमल को बोल्ड करके 71 रन की इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 40वें ओवर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब अश्विन गेंदबाजी के लिए बढ़े लेकिन थिरिमाने को क्रीज से बाहर देखकर उन्होंने गिल्लियां उड़ा दिये।टिप्पणियां गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। गेंदबाज और सहवाग ने रन आउट की अपील की और दोनों अंपायर चर्चा करने लगे। तेंदुलकर ने इसके बाद तनाव कम करते हुए कप्तान को अपील वापस लेने के लिए मनाया। बल्लेबाजी पावरप्ले के पांच ओवर में श्रीलंका ने 30 रन जोड़े जबकि चंदीमल का विकेट गंवाया। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा। थिरिमाने ने अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैथ्यूज के साथ सात ओवर में 49 रन जोड़े। सुरेश रैना ने अश्विन की गेंद पर थिरिमाने का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने नाबाद 49 रन की अपनी पारी के दौरान 37 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा।
संक्षिप्त पाठ: ब्रिस्बेन के मैदान पर त्रिकोणीय एक-दिवसीय शृंखला के अंतर्गत श्रीलंका के 289 रनों के जवाब में भारतीय टीम 238 रन पर ढेर हो गई।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) अपने पसंदीदा फिल्मकारों में से एक इम्तियाज अली (Imtiaz Ali) के साथ 'लव आज कल' के सीक्वल में काम करेंगे. 'लव आज कल' (Love Aaj Kal) 10 साल पहले रिलीज हुई थी जिसमें सैफ अली खान (Saif Ali Khan) और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) नजर आए थे. अब सैफ की बेटी सारा अली खान (Sara Ali Khan) इस फिल्म में एंट्री करेंगी और 'सोनू के टीटू की स्वीटी' फिल्म के सोनू संग काम करने का सपना पूरा करेंगी. इस तरह से सारा अली खान ने अपने पापा सैफ को झटका दे दिया है.  इम्तियाज के साथ काम करने के बारे में कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) ने एक बयान में कहा, "वह मेरे पसंदीदा फिल्म निमार्ताओं में से एक हैं और मैं हमेशा उनके साथ काम करना चाहता था. मुझे खुशी है कि यह आखिरकार हो रहा है." इस फिल्म की शूटिंग दिल्ली में अगले सप्ताह शुरू हो सकती है. फिल्म में कथित तौर पर अभिनेता रणदीप हुड्डा और सैफ की बेटी सारा अली खान (Sara Ali Khan) भी नजर आएंगी जिन्होंने एक बार कहा था कि वह कार्तिक को डेट करना चाहती हैं. कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) की फिल्म 'लुका छुपी' (Luka Chuppi) को इंडिया के 2100 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज की जाएगी, जबकि ओवरसीज में करीब 407 स्क्रीन्स पर नजर आएगी. कुल मिलाकर वर्ल्डवाइड स्क्रीन्स की बात करें तो करीब 2500 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज होगी. बता दें, कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) और कृति सेनन (Kriti Senon) की फिल्म 'लुका छुपी' (Luka Chuppi) के डायेक्टर लक्ष्मण उतेकर हैं, जबकि प्रोड्यूसर दिनेश विजन हैं. कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) और कृति सेनन (Kriti Senon) की फिल्म 'लुका छुपी' (Luka Chuppi) का पहला सॉन्ग 'पोस्टर लगवा दो (Poster Lagwa Do)' खूब वायरल हुआ. सॉन्ग को विजय गांगुली ने कोरियोग्राफ किया है जबकि मीका सिंह और सुनंदा शर्मा ने गाया है और दोनों की गायकी कमाल है.
सारांश: कार्तिक आर्यन और सारा अली खान एक साथ पापा सैफ के सीक्वल फिल्म से मचाएंगे धमाल इम्तियाज अली होंगे फिल्म के डायरेक्टर
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र सहित पूरे देश में आज छत्रपति शिवाजी (Shivaji) को याद किया जा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर गूगल पर आज की जेनरेशन इस महान राजा के बारे में जानकारियां जुटा रहे हैं. दरसअल, आज से 343 साल पहले 6 जून 1674 को शिवाजी मुगलों को परास्त कर लौटे थे और उनका मराठा शासक के रूप में राज्याभिषेक (Shivaji rajyabhishek) हुआ था. शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था. उनकी माता जीजाबाई तथा पिता शाहजी भोंसले थे. उनका जन्म शिवनेर दुर्ग में हुआ था. शिवाजी कई कलाओं में माहिर थे, उन्होंने बचपन में राजनीति एवं युद्ध की शिक्षा ली थी. माता जीजाबाई धार्मिक स्वभाव वाली होते हुए भी गुण-स्वभाव और व्यवहार में वीरंगना नारी थीं. उन्होंने अपने बेटे का पालन-पोषण रामायण, महाभारत तथा अन्य भारतीय वीरों की उज्ज्वल कहानियां सुना कर और शिक्षा देकर किया. शिवाजी महाराज का विवाह 14 मई, 1640 में सइबाई निम्बालकर के साथ लाल महल, पुना में हुआ था. शिवाजी की पैतृक जायदाद बीजापुर के सुल्तान द्वारा शासित दक्कन में थी. बीजापुर के सुल्तान आदिल शाह ने बहुत से दुर्गों से अपनी सेना हटाकर उन्हें स्थानीय शासकों के हाथों सौंप दिया था. 16 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते उन्हें विश्वास हो गया कि हिन्दुओं की मुक्ति के लिए संघर्ष करना होगा. शिवाजी ने अपने विश्वासपात्रों को इकट्ठा कर अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी. जब आदिलशाह बीमार पड़ा तो बीजापुर में अराजकता फैल गई. शिवाजी ने इस मौके लाभ उठाकर बीजापुर में प्रवेश करने का फैसला लिया. छोटी सी उम्र में ही उन्होंने टोरना किले का कब्जा हासिल कर लिया था. 1659 में आदिलशाह ने अपने सेनापति को शिवाजी को मारने के लिए भेजा. दोनों के बीच प्रतापगढ़ किले पर युद्ध हुआ. इस युद्ध में वे विजयी हुए. शिवाजी की बढ़ती ताकत को देखते हुए मुगल सम्राट औरंगजेब ने जय सिंह और दिलीप खान को शिवाजी को रोकने के लिए भेजा. उन्होंने एक समझौते पर शिवाजी से हस्ताक्षर करने को कहा. समझौते के मुताबिक उन्हें मुगल शासक को 24 किले देने होंगे.टिप्पणियां समझौते के बाद शिवाजी आगरा के दरबार में औरंगज़ेब से मिलने के लिए गए. वह 9 मई, 1666 ई को अपने पुत्र शम्भाजी एवं 4000 मराठा सैनिकों के साथ मुग़ल दरबार में उपस्थित हुए, परन्तु औरंगज़ेब द्वारा उचित सम्मान न प्राप्त करने पर शिवाजी ने भरे हुए दरबार में औरंगज़ेब को विश्वासघाती कहा. इससे औरंगजेब ने उन्हें एवं उनके पुत्र को 'जयपुर भवन' में क़ैद कर दिया. शिवाजी 13 अगस्त, 1666 ई को फलों की टोकरी में छिपकर फ़रार हो गए और को रायगढ़ पहुंचे. सन 1674 तक शिवाजी ने उन सारे प्रदेशों पर अधिकार कर लिया था, जो पुरन्दर की संधि के अन्तर्गत उन्हें मुग़लों को देने पड़े थे. उन्होंने मराठाओं की एक विशाल सेना तैयार कर ली थी. उन्हीं के शासन काल में गुरिल्ला के युद्ध प्रयोग का भी प्रचलन शुरू हुआ. उन्होंने नौसेना भी तैयार की थी. भारतीय नौसेना का उन्हें जनक माना जाता है. अप्रैल 1680 को बीमार होने पर उनकी मृत्यु हो गई थी.   माता जीजाबाई धार्मिक स्वभाव वाली होते हुए भी गुण-स्वभाव और व्यवहार में वीरंगना नारी थीं. उन्होंने अपने बेटे का पालन-पोषण रामायण, महाभारत तथा अन्य भारतीय वीरों की उज्ज्वल कहानियां सुना कर और शिक्षा देकर किया. शिवाजी महाराज का विवाह 14 मई, 1640 में सइबाई निम्बालकर के साथ लाल महल, पुना में हुआ था. शिवाजी की पैतृक जायदाद बीजापुर के सुल्तान द्वारा शासित दक्कन में थी. बीजापुर के सुल्तान आदिल शाह ने बहुत से दुर्गों से अपनी सेना हटाकर उन्हें स्थानीय शासकों के हाथों सौंप दिया था. 16 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते उन्हें विश्वास हो गया कि हिन्दुओं की मुक्ति के लिए संघर्ष करना होगा. शिवाजी ने अपने विश्वासपात्रों को इकट्ठा कर अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी. जब आदिलशाह बीमार पड़ा तो बीजापुर में अराजकता फैल गई. शिवाजी ने इस मौके लाभ उठाकर बीजापुर में प्रवेश करने का फैसला लिया. छोटी सी उम्र में ही उन्होंने टोरना किले का कब्जा हासिल कर लिया था. 1659 में आदिलशाह ने अपने सेनापति को शिवाजी को मारने के लिए भेजा. दोनों के बीच प्रतापगढ़ किले पर युद्ध हुआ. इस युद्ध में वे विजयी हुए. शिवाजी की बढ़ती ताकत को देखते हुए मुगल सम्राट औरंगजेब ने जय सिंह और दिलीप खान को शिवाजी को रोकने के लिए भेजा. उन्होंने एक समझौते पर शिवाजी से हस्ताक्षर करने को कहा. समझौते के मुताबिक उन्हें मुगल शासक को 24 किले देने होंगे.टिप्पणियां समझौते के बाद शिवाजी आगरा के दरबार में औरंगज़ेब से मिलने के लिए गए. वह 9 मई, 1666 ई को अपने पुत्र शम्भाजी एवं 4000 मराठा सैनिकों के साथ मुग़ल दरबार में उपस्थित हुए, परन्तु औरंगज़ेब द्वारा उचित सम्मान न प्राप्त करने पर शिवाजी ने भरे हुए दरबार में औरंगज़ेब को विश्वासघाती कहा. इससे औरंगजेब ने उन्हें एवं उनके पुत्र को 'जयपुर भवन' में क़ैद कर दिया. शिवाजी 13 अगस्त, 1666 ई को फलों की टोकरी में छिपकर फ़रार हो गए और को रायगढ़ पहुंचे. सन 1674 तक शिवाजी ने उन सारे प्रदेशों पर अधिकार कर लिया था, जो पुरन्दर की संधि के अन्तर्गत उन्हें मुग़लों को देने पड़े थे. उन्होंने मराठाओं की एक विशाल सेना तैयार कर ली थी. उन्हीं के शासन काल में गुरिल्ला के युद्ध प्रयोग का भी प्रचलन शुरू हुआ. उन्होंने नौसेना भी तैयार की थी. भारतीय नौसेना का उन्हें जनक माना जाता है. अप्रैल 1680 को बीमार होने पर उनकी मृत्यु हो गई थी.   शिवाजी की पैतृक जायदाद बीजापुर के सुल्तान द्वारा शासित दक्कन में थी. बीजापुर के सुल्तान आदिल शाह ने बहुत से दुर्गों से अपनी सेना हटाकर उन्हें स्थानीय शासकों के हाथों सौंप दिया था. 16 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते उन्हें विश्वास हो गया कि हिन्दुओं की मुक्ति के लिए संघर्ष करना होगा. शिवाजी ने अपने विश्वासपात्रों को इकट्ठा कर अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी. जब आदिलशाह बीमार पड़ा तो बीजापुर में अराजकता फैल गई. शिवाजी ने इस मौके लाभ उठाकर बीजापुर में प्रवेश करने का फैसला लिया. छोटी सी उम्र में ही उन्होंने टोरना किले का कब्जा हासिल कर लिया था. 1659 में आदिलशाह ने अपने सेनापति को शिवाजी को मारने के लिए भेजा. दोनों के बीच प्रतापगढ़ किले पर युद्ध हुआ. इस युद्ध में वे विजयी हुए. शिवाजी की बढ़ती ताकत को देखते हुए मुगल सम्राट औरंगजेब ने जय सिंह और दिलीप खान को शिवाजी को रोकने के लिए भेजा. उन्होंने एक समझौते पर शिवाजी से हस्ताक्षर करने को कहा. समझौते के मुताबिक उन्हें मुगल शासक को 24 किले देने होंगे.टिप्पणियां समझौते के बाद शिवाजी आगरा के दरबार में औरंगज़ेब से मिलने के लिए गए. वह 9 मई, 1666 ई को अपने पुत्र शम्भाजी एवं 4000 मराठा सैनिकों के साथ मुग़ल दरबार में उपस्थित हुए, परन्तु औरंगज़ेब द्वारा उचित सम्मान न प्राप्त करने पर शिवाजी ने भरे हुए दरबार में औरंगज़ेब को विश्वासघाती कहा. इससे औरंगजेब ने उन्हें एवं उनके पुत्र को 'जयपुर भवन' में क़ैद कर दिया. शिवाजी 13 अगस्त, 1666 ई को फलों की टोकरी में छिपकर फ़रार हो गए और को रायगढ़ पहुंचे. सन 1674 तक शिवाजी ने उन सारे प्रदेशों पर अधिकार कर लिया था, जो पुरन्दर की संधि के अन्तर्गत उन्हें मुग़लों को देने पड़े थे. उन्होंने मराठाओं की एक विशाल सेना तैयार कर ली थी. उन्हीं के शासन काल में गुरिल्ला के युद्ध प्रयोग का भी प्रचलन शुरू हुआ. उन्होंने नौसेना भी तैयार की थी. भारतीय नौसेना का उन्हें जनक माना जाता है. अप्रैल 1680 को बीमार होने पर उनकी मृत्यु हो गई थी.   1659 में आदिलशाह ने अपने सेनापति को शिवाजी को मारने के लिए भेजा. दोनों के बीच प्रतापगढ़ किले पर युद्ध हुआ. इस युद्ध में वे विजयी हुए. शिवाजी की बढ़ती ताकत को देखते हुए मुगल सम्राट औरंगजेब ने जय सिंह और दिलीप खान को शिवाजी को रोकने के लिए भेजा. उन्होंने एक समझौते पर शिवाजी से हस्ताक्षर करने को कहा. समझौते के मुताबिक उन्हें मुगल शासक को 24 किले देने होंगे.टिप्पणियां समझौते के बाद शिवाजी आगरा के दरबार में औरंगज़ेब से मिलने के लिए गए. वह 9 मई, 1666 ई को अपने पुत्र शम्भाजी एवं 4000 मराठा सैनिकों के साथ मुग़ल दरबार में उपस्थित हुए, परन्तु औरंगज़ेब द्वारा उचित सम्मान न प्राप्त करने पर शिवाजी ने भरे हुए दरबार में औरंगज़ेब को विश्वासघाती कहा. इससे औरंगजेब ने उन्हें एवं उनके पुत्र को 'जयपुर भवन' में क़ैद कर दिया. शिवाजी 13 अगस्त, 1666 ई को फलों की टोकरी में छिपकर फ़रार हो गए और को रायगढ़ पहुंचे. सन 1674 तक शिवाजी ने उन सारे प्रदेशों पर अधिकार कर लिया था, जो पुरन्दर की संधि के अन्तर्गत उन्हें मुग़लों को देने पड़े थे. उन्होंने मराठाओं की एक विशाल सेना तैयार कर ली थी. उन्हीं के शासन काल में गुरिल्ला के युद्ध प्रयोग का भी प्रचलन शुरू हुआ. उन्होंने नौसेना भी तैयार की थी. भारतीय नौसेना का उन्हें जनक माना जाता है. अप्रैल 1680 को बीमार होने पर उनकी मृत्यु हो गई थी.   समझौते के बाद शिवाजी आगरा के दरबार में औरंगज़ेब से मिलने के लिए गए. वह 9 मई, 1666 ई को अपने पुत्र शम्भाजी एवं 4000 मराठा सैनिकों के साथ मुग़ल दरबार में उपस्थित हुए, परन्तु औरंगज़ेब द्वारा उचित सम्मान न प्राप्त करने पर शिवाजी ने भरे हुए दरबार में औरंगज़ेब को विश्वासघाती कहा. इससे औरंगजेब ने उन्हें एवं उनके पुत्र को 'जयपुर भवन' में क़ैद कर दिया. शिवाजी 13 अगस्त, 1666 ई को फलों की टोकरी में छिपकर फ़रार हो गए और को रायगढ़ पहुंचे. सन 1674 तक शिवाजी ने उन सारे प्रदेशों पर अधिकार कर लिया था, जो पुरन्दर की संधि के अन्तर्गत उन्हें मुग़लों को देने पड़े थे. उन्होंने मराठाओं की एक विशाल सेना तैयार कर ली थी. उन्हीं के शासन काल में गुरिल्ला के युद्ध प्रयोग का भी प्रचलन शुरू हुआ. उन्होंने नौसेना भी तैयार की थी. भारतीय नौसेना का उन्हें जनक माना जाता है. अप्रैल 1680 को बीमार होने पर उनकी मृत्यु हो गई थी.   उन्होंने मराठाओं की एक विशाल सेना तैयार कर ली थी. उन्हीं के शासन काल में गुरिल्ला के युद्ध प्रयोग का भी प्रचलन शुरू हुआ. उन्होंने नौसेना भी तैयार की थी. भारतीय नौसेना का उन्हें जनक माना जाता है. अप्रैल 1680 को बीमार होने पर उनकी मृत्यु हो गई थी.
यहाँ एक सारांश है:6 जून 1674 को शिवाजी का हुआ था राज्याभिषेक मुगलों को परास्त कर मराठा शाषक बने थे शिवाजी शिवाजी के जीवन से जुड़ी है कई प्रेरक कहानियां
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेना कश्मीर में आतंकी घुसपैठ के खिलाफ जोरदार अभियान चलाएगी. अमरनाथ यात्रा की समाप्ति के साथ ही सरकार ने यह फैसला लिया है. दरअसल पाकिस्तान की ओर से कश्मीर में अंशाति फैलाने की कोशिशें बेहद तेज कर दी गई हैं. ऐसे में इसका जवाब देने के लिए सेना को भी तैयार रहने के लिए कह दिया गया है. उधर कुपवाड़ा में मंगलवार को देर रात हुए हमले में सेना के दो जवान सहित तीन सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए. श्रीनगर से कुपवाड़ा जा रहे सेना के काफिले पर मंगलवार को देर रात ढाई बजे आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया. ख्वाजाबाद इलाके में हुए इस हमले में दो सैनिक और एक पुलिसकर्मी शहीद हो गए. गोला-बारूद से भरी जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक गाड़ी भी सेना के काफिले के करीब ही थी. हमले में शहीद हुए सिपाही टीजे घोष और शक्ति सिंह हैं. सेना के काफिले पर दो से चार आतंकियों ने दोनों ओर से फायरिंग की. बाद में अंधेरे का फायदा उठाकर वे शायद भाग गए. सेना और पुलिस पूरे इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान चला रही है.     टिप्पणियां दरअसल पाकिस्तान कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए जबरदस्त तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में आतंकवादियों को फर्जी पासपोर्ट बनाकर देश में भेजने की तैयारियां हो रही हैं. इसकी वजह कश्मीर के साथ-साथ बड़े शहरों में हमलों को अंजाम देना है. घाटी में हालात खराब करने के लिए पाकिस्तान अब तक 25 करोड़ रुपये भी भेज चुका है. इसके पीछे योजना थी कि अशांत हालात की पृष्ठभूमि में कश्मीर मसले का अंतर्राष्ट्रीयकरण किया जा सके. देश में नॉन-लीथल पैलेट गन के इस्तेमाल पर लगातार उठाए जाने वाले सवालों के बीच सरकार ने सुरक्षा बलों को कम से कम बल प्रयोग करने की हिदायत दी. अब अमरनाथ यात्रा के पूरा होने पर सुरक्षाबलों की सख्ती देखने को मिल सकती है. हालांकि सेना के काफिले पर यह आतंकी हमला एक अरसे बाद हुआ है फिर भी यह काफी चिंता की बात है. यह खबर और भी चौंकाने वाली है कि इस साल अब तक 90 के करीब आतंकी घुसपैठ कर चुके हैं. श्रीनगर से कुपवाड़ा जा रहे सेना के काफिले पर मंगलवार को देर रात ढाई बजे आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया. ख्वाजाबाद इलाके में हुए इस हमले में दो सैनिक और एक पुलिसकर्मी शहीद हो गए. गोला-बारूद से भरी जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक गाड़ी भी सेना के काफिले के करीब ही थी. हमले में शहीद हुए सिपाही टीजे घोष और शक्ति सिंह हैं. सेना के काफिले पर दो से चार आतंकियों ने दोनों ओर से फायरिंग की. बाद में अंधेरे का फायदा उठाकर वे शायद भाग गए. सेना और पुलिस पूरे इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान चला रही है.     टिप्पणियां दरअसल पाकिस्तान कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए जबरदस्त तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में आतंकवादियों को फर्जी पासपोर्ट बनाकर देश में भेजने की तैयारियां हो रही हैं. इसकी वजह कश्मीर के साथ-साथ बड़े शहरों में हमलों को अंजाम देना है. घाटी में हालात खराब करने के लिए पाकिस्तान अब तक 25 करोड़ रुपये भी भेज चुका है. इसके पीछे योजना थी कि अशांत हालात की पृष्ठभूमि में कश्मीर मसले का अंतर्राष्ट्रीयकरण किया जा सके. देश में नॉन-लीथल पैलेट गन के इस्तेमाल पर लगातार उठाए जाने वाले सवालों के बीच सरकार ने सुरक्षा बलों को कम से कम बल प्रयोग करने की हिदायत दी. अब अमरनाथ यात्रा के पूरा होने पर सुरक्षाबलों की सख्ती देखने को मिल सकती है. हालांकि सेना के काफिले पर यह आतंकी हमला एक अरसे बाद हुआ है फिर भी यह काफी चिंता की बात है. यह खबर और भी चौंकाने वाली है कि इस साल अब तक 90 के करीब आतंकी घुसपैठ कर चुके हैं. दरअसल पाकिस्तान कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए जबरदस्त तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में आतंकवादियों को फर्जी पासपोर्ट बनाकर देश में भेजने की तैयारियां हो रही हैं. इसकी वजह कश्मीर के साथ-साथ बड़े शहरों में हमलों को अंजाम देना है. घाटी में हालात खराब करने के लिए पाकिस्तान अब तक 25 करोड़ रुपये भी भेज चुका है. इसके पीछे योजना थी कि अशांत हालात की पृष्ठभूमि में कश्मीर मसले का अंतर्राष्ट्रीयकरण किया जा सके. देश में नॉन-लीथल पैलेट गन के इस्तेमाल पर लगातार उठाए जाने वाले सवालों के बीच सरकार ने सुरक्षा बलों को कम से कम बल प्रयोग करने की हिदायत दी. अब अमरनाथ यात्रा के पूरा होने पर सुरक्षाबलों की सख्ती देखने को मिल सकती है. हालांकि सेना के काफिले पर यह आतंकी हमला एक अरसे बाद हुआ है फिर भी यह काफी चिंता की बात है. यह खबर और भी चौंकाने वाली है कि इस साल अब तक 90 के करीब आतंकी घुसपैठ कर चुके हैं. हालांकि सेना के काफिले पर यह आतंकी हमला एक अरसे बाद हुआ है फिर भी यह काफी चिंता की बात है. यह खबर और भी चौंकाने वाली है कि इस साल अब तक 90 के करीब आतंकी घुसपैठ कर चुके हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान कुपवाड़ा में हुए आतंकी हमले में तीन जवान शहीद सेना को आतंकियों का मुकाबला करने के लिए तैयार रहने के निर्देश
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के लिए लखनऊ में समाजवादी पार्टी की ओर से रखा गया लंच विवादों में घिर गया है। मंगलवार को हुए इस लंच में विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा भी नजर आए जो इन दिनों जेल में हैं और उन्हें सिर्फ विधानसभा में जाने की छूट मिली हुई है लेकिन मुख्तार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निवास पर हुए लंच में देखा गया जब वह बाहर आए तो मीडिया की नजरों से नहीं बच पाए। इस घटना पर विपक्षी पार्टी बसपा के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का कहना है कि समाजवादी पार्टी के नेता संविधान में यकीन नहीं रखते और कानून तोड़ते रहते हैं। मौर्य ने कहा कि सपा की सरकार में अपराधियों को शह मिली हुई है जिससे यूपी में फिर से गुंडाराज कायम हो रहा है। इस घटना पर विपक्षी पार्टी बसपा के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का कहना है कि समाजवादी पार्टी के नेता संविधान में यकीन नहीं रखते और कानून तोड़ते रहते हैं। मौर्य ने कहा कि सपा की सरकार में अपराधियों को शह मिली हुई है जिससे यूपी में फिर से गुंडाराज कायम हो रहा है।
संक्षिप्त सारांश: मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का प्रणब के सम्मान में दिया गया लंच विवादों में है। यहां जेल में बंद दो विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा भी मौजूद थे।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न रोकने के लिये राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी पॉक्सो संशोधन बिल पास हो गया. अब 12 साल के बच्चों के साथ यौन अपराध करने वाले को आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सज़ा दी जा सकती है. बच्चों के खिलाफ बढ़ रही यौन अपराधों को रोकने और सजा के प्रावधान को और कड़ा करने वाला पॉक्सो कानून प्रिवेंशन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस लोकसभा से भी पास हो गया. लोकसभा में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी ने पॉस्को बिल पेश किया. स्मृति ईरानी ने कहा कि नया कानून पहले से ज्यादा मजबूत है. इसमें बच्चों के साथ यौन अपराधों में मिलने वाली न्यूनतम सजा की  बढ़ाया गया है. इसके साथ ही यौन शोषण की परिभाषा में बदलाव किया गया है. पॉक्सो संशोधन बिल में सरकार ने कुछ जरूरी बदलाव करके एक नया बिल संसद में पेश किया गया था. वहीं पॉक्सो बिल पर चर्चा के दौरान उन्नाव रेप पीड़िता पर जानलेवा हमला का मुद्दा भी सदन में उठा. टीएमसी की शताब्दी रॉय ने मामले को उठाते हुए स्मृति ईरानी से मां होने के जवाब मांगा. बहरहाल अब संसद के दोनों सदनों से बिल के पास होने के बाद अब राष्ट्रपति के पास बिल को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद ये बिल कानून का रूप ले लेगा. फिलहाल 6 लाख यौन अपराधी हैं. उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में यौन अपराध के एक लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं. सरकार ने 123 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए फंड सैंक्शन कर दिए हैं. 2021 तक इन कोर्ट्स के बनने की उम्मीद है.
यहाँ एक सारांश है:राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी पॉक्सो संशोधन बिल पास बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न पर आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा पॉक्सो बिल में हुए कई संशोधन
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि कॉर्पोरेट घरानों के लिए संपर्क का काम करने वाली नीरा राडिया और टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा सहित कई प्रमुख व्यक्तियों के बीच रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के टेप लीक करने वाले स्रोत का पता नहीं लगाया जा सका है। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष सरकार ने सीलबंद लिफाफे में गोपनीय जांच रिपोर्ट पेश की। न्यायाधीशों ने इसके अवलोकन के बाद कहा कि संक्षेप में रिपोर्ट कहती है कि यह पता लगाना मुश्किल है कि किस स्रोत ने इसे लीक किया। न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘इन टेपों को लीक करने वाले स्रोत के बारे में वे (सरकार) पता लगाने में विफल रहे हैं।’’ न्यायाधीशों के अनुसार रिपोर्ट में सरकार ने कहा है कि नियमों के तहत इन टेपों की मूल प्रतियां शीर्ष अदालत के समक्ष पेश करने के बाद सारे टेप नष्ट कर दिए गए हैं। टेलीफोन टैपिंग की सारी वार्तालाप सार्वजनिक करने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने वाले गैर-सरकारी संगठन सेन्टर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशंस के वकील प्रशांत भूषण ने इस घटनाक्रम पर अचरज व्यक्त किया है। टेलीफोन टैपिंग के दौरान रिकॉर्ड की गई वार्ता के अंश लीक होने के मामले में सरकार की जांच की दूसरी रिपोर्ट सुनवाई के दौरान न्यायालय में पेश की गई। इससे पहले, सरकार ने प्रगति रिपोर्ट में दावा किया था कि इस लीक के लिए कोई भी सरकारी एजेंसी जिम्मेदार नहीं है और मीडिया द्वारा प्रसारित राडिया के टेप से छेड़छाड़ की गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि टैपिंग के काम में सर्विस प्रदाताओं सहित आठ से दस एजेंसियां शामिल थी। टिप्पणियां वित्त मंत्रालय को 16 नवंबर, 2007 को मिली शिकायत के आलोक में आय कर विभाग के आदेश पर तीन चरणों में कुल 180 दिन नीरा राडिया की टेलीफोन वार्ता रिकॉर्ड की गई थी। वित्त मंत्रालय को मिली इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नीरा राडिया ने नौ साल के भीतर तीन सौ करोड़ का विशाल कारोबार खड़ा कर दिया है। नीरा राडिया के रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद रतन टाटा ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर ये टेप लीक होने की जांच कराने का अनुरोध किया था। रतन टाटा का कहना था कि सरकारी स्तर पर रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश लीक होने से उनके निजता के अधिकार का हनन हुआ है। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष सरकार ने सीलबंद लिफाफे में गोपनीय जांच रिपोर्ट पेश की। न्यायाधीशों ने इसके अवलोकन के बाद कहा कि संक्षेप में रिपोर्ट कहती है कि यह पता लगाना मुश्किल है कि किस स्रोत ने इसे लीक किया। न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘इन टेपों को लीक करने वाले स्रोत के बारे में वे (सरकार) पता लगाने में विफल रहे हैं।’’ न्यायाधीशों के अनुसार रिपोर्ट में सरकार ने कहा है कि नियमों के तहत इन टेपों की मूल प्रतियां शीर्ष अदालत के समक्ष पेश करने के बाद सारे टेप नष्ट कर दिए गए हैं। टेलीफोन टैपिंग की सारी वार्तालाप सार्वजनिक करने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने वाले गैर-सरकारी संगठन सेन्टर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशंस के वकील प्रशांत भूषण ने इस घटनाक्रम पर अचरज व्यक्त किया है। टेलीफोन टैपिंग के दौरान रिकॉर्ड की गई वार्ता के अंश लीक होने के मामले में सरकार की जांच की दूसरी रिपोर्ट सुनवाई के दौरान न्यायालय में पेश की गई। इससे पहले, सरकार ने प्रगति रिपोर्ट में दावा किया था कि इस लीक के लिए कोई भी सरकारी एजेंसी जिम्मेदार नहीं है और मीडिया द्वारा प्रसारित राडिया के टेप से छेड़छाड़ की गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि टैपिंग के काम में सर्विस प्रदाताओं सहित आठ से दस एजेंसियां शामिल थी। टिप्पणियां वित्त मंत्रालय को 16 नवंबर, 2007 को मिली शिकायत के आलोक में आय कर विभाग के आदेश पर तीन चरणों में कुल 180 दिन नीरा राडिया की टेलीफोन वार्ता रिकॉर्ड की गई थी। वित्त मंत्रालय को मिली इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नीरा राडिया ने नौ साल के भीतर तीन सौ करोड़ का विशाल कारोबार खड़ा कर दिया है। नीरा राडिया के रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद रतन टाटा ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर ये टेप लीक होने की जांच कराने का अनुरोध किया था। रतन टाटा का कहना था कि सरकारी स्तर पर रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश लीक होने से उनके निजता के अधिकार का हनन हुआ है। न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘इन टेपों को लीक करने वाले स्रोत के बारे में वे (सरकार) पता लगाने में विफल रहे हैं।’’ न्यायाधीशों के अनुसार रिपोर्ट में सरकार ने कहा है कि नियमों के तहत इन टेपों की मूल प्रतियां शीर्ष अदालत के समक्ष पेश करने के बाद सारे टेप नष्ट कर दिए गए हैं। टेलीफोन टैपिंग की सारी वार्तालाप सार्वजनिक करने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने वाले गैर-सरकारी संगठन सेन्टर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशंस के वकील प्रशांत भूषण ने इस घटनाक्रम पर अचरज व्यक्त किया है। टेलीफोन टैपिंग के दौरान रिकॉर्ड की गई वार्ता के अंश लीक होने के मामले में सरकार की जांच की दूसरी रिपोर्ट सुनवाई के दौरान न्यायालय में पेश की गई। इससे पहले, सरकार ने प्रगति रिपोर्ट में दावा किया था कि इस लीक के लिए कोई भी सरकारी एजेंसी जिम्मेदार नहीं है और मीडिया द्वारा प्रसारित राडिया के टेप से छेड़छाड़ की गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि टैपिंग के काम में सर्विस प्रदाताओं सहित आठ से दस एजेंसियां शामिल थी। टिप्पणियां वित्त मंत्रालय को 16 नवंबर, 2007 को मिली शिकायत के आलोक में आय कर विभाग के आदेश पर तीन चरणों में कुल 180 दिन नीरा राडिया की टेलीफोन वार्ता रिकॉर्ड की गई थी। वित्त मंत्रालय को मिली इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नीरा राडिया ने नौ साल के भीतर तीन सौ करोड़ का विशाल कारोबार खड़ा कर दिया है। नीरा राडिया के रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद रतन टाटा ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर ये टेप लीक होने की जांच कराने का अनुरोध किया था। रतन टाटा का कहना था कि सरकारी स्तर पर रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश लीक होने से उनके निजता के अधिकार का हनन हुआ है। टेलीफोन टैपिंग के दौरान रिकॉर्ड की गई वार्ता के अंश लीक होने के मामले में सरकार की जांच की दूसरी रिपोर्ट सुनवाई के दौरान न्यायालय में पेश की गई। इससे पहले, सरकार ने प्रगति रिपोर्ट में दावा किया था कि इस लीक के लिए कोई भी सरकारी एजेंसी जिम्मेदार नहीं है और मीडिया द्वारा प्रसारित राडिया के टेप से छेड़छाड़ की गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि टैपिंग के काम में सर्विस प्रदाताओं सहित आठ से दस एजेंसियां शामिल थी। टिप्पणियां वित्त मंत्रालय को 16 नवंबर, 2007 को मिली शिकायत के आलोक में आय कर विभाग के आदेश पर तीन चरणों में कुल 180 दिन नीरा राडिया की टेलीफोन वार्ता रिकॉर्ड की गई थी। वित्त मंत्रालय को मिली इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नीरा राडिया ने नौ साल के भीतर तीन सौ करोड़ का विशाल कारोबार खड़ा कर दिया है। नीरा राडिया के रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद रतन टाटा ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर ये टेप लीक होने की जांच कराने का अनुरोध किया था। रतन टाटा का कहना था कि सरकारी स्तर पर रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश लीक होने से उनके निजता के अधिकार का हनन हुआ है। वित्त मंत्रालय को 16 नवंबर, 2007 को मिली शिकायत के आलोक में आय कर विभाग के आदेश पर तीन चरणों में कुल 180 दिन नीरा राडिया की टेलीफोन वार्ता रिकॉर्ड की गई थी। वित्त मंत्रालय को मिली इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नीरा राडिया ने नौ साल के भीतर तीन सौ करोड़ का विशाल कारोबार खड़ा कर दिया है। नीरा राडिया के रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद रतन टाटा ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर ये टेप लीक होने की जांच कराने का अनुरोध किया था। रतन टाटा का कहना था कि सरकारी स्तर पर रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश लीक होने से उनके निजता के अधिकार का हनन हुआ है। नीरा राडिया के रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद रतन टाटा ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर ये टेप लीक होने की जांच कराने का अनुरोध किया था। रतन टाटा का कहना था कि सरकारी स्तर पर रिकॉर्ड की गई टेलीफोन वार्ता के अंश लीक होने से उनके निजता के अधिकार का हनन हुआ है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘इन टेप को लीक करने वाले स्रोत के बारे में वे (सरकार) पता लगाने में विफल रहे हैं।’
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एमजे अकबर नए विदेश राज्यमंत्री होंगे। एसएस अहलूवालिया कृषि एवं किसान कल्याण, संसदीय कार्य मंत्रालय के राज्यमंत्री होंगे। अनिल माधव दवे वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री होंगे। विजय गोयल को युवा मामले, खेल, जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया है। अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य राज्यमंत्री होंगी। सीआर चौधरी उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री होंगे। रामदास आठवले को सामाजिक न्याय मंत्रालय दिया गया है, जबकि सुभाष रामाराव को रक्षा राज्यमंत्री बनाया गया है।टिप्पणियां ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की जिम्मेदारी अब नरेंद्र सिंह तोमर को दी गई है। वह पहले खदान एवं इस्पात मंत्री थे। अन्य कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के प्रभार में कोई बदलाव नहीं किया गया। बिजली, कोयला एवं अक्षय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को खदान मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि संतोष कुमार गंगवार को जयंत सिन्हा की जगह वित्त मंत्रालय में भेजा गया है। इससे पहले, गंगवार कपड़ा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। अर्जुन राम मेघवाल वित्त मंत्रालय में दूसरे राज्य मंत्री होंगे। अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य राज्यमंत्री होंगी। सीआर चौधरी उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री होंगे। रामदास आठवले को सामाजिक न्याय मंत्रालय दिया गया है, जबकि सुभाष रामाराव को रक्षा राज्यमंत्री बनाया गया है।टिप्पणियां ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की जिम्मेदारी अब नरेंद्र सिंह तोमर को दी गई है। वह पहले खदान एवं इस्पात मंत्री थे। अन्य कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के प्रभार में कोई बदलाव नहीं किया गया। बिजली, कोयला एवं अक्षय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को खदान मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि संतोष कुमार गंगवार को जयंत सिन्हा की जगह वित्त मंत्रालय में भेजा गया है। इससे पहले, गंगवार कपड़ा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। अर्जुन राम मेघवाल वित्त मंत्रालय में दूसरे राज्य मंत्री होंगे। ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की जिम्मेदारी अब नरेंद्र सिंह तोमर को दी गई है। वह पहले खदान एवं इस्पात मंत्री थे। अन्य कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के प्रभार में कोई बदलाव नहीं किया गया। बिजली, कोयला एवं अक्षय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को खदान मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि संतोष कुमार गंगवार को जयंत सिन्हा की जगह वित्त मंत्रालय में भेजा गया है। इससे पहले, गंगवार कपड़ा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। अर्जुन राम मेघवाल वित्त मंत्रालय में दूसरे राज्य मंत्री होंगे। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि संतोष कुमार गंगवार को जयंत सिन्हा की जगह वित्त मंत्रालय में भेजा गया है। इससे पहले, गंगवार कपड़ा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। अर्जुन राम मेघवाल वित्त मंत्रालय में दूसरे राज्य मंत्री होंगे।
यहाँ एक सारांश है:ईरानी अब HRD मिनिस्ट्री नहीं देखेंगी, जावड़ेकर देखेंगे ईरानी को महत्वहीन माने जाने वाले कपड़ा मंत्रालय दिए जाने के पीछे कई कयास मोदी कैबिनेट में किए गए हैं कई फेरबदल
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक बाजारों के मजबूत संकेतों के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों तथा खुदरा निवेशकों की ताबड़तोड़ लिवाली से दोपहर करीब 12:30 बजे सेंसेक्स 222.27 अंकों की बढ़त के साथ 18376.26 और निफ्टी 67.4 अंकों की बढ़त के साथ 5589.35 पर पहुंच गया।टिप्पणियां इससे पूर्व बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 192 अंक की बढ़त के साथ खुला। गुरुवार को सेंसेक्स में 48.42 अंक की गिरावट आई थी। बैंकिंग, धातु, तेल एवं गैस तथा रियल्टी कंपनियों के शेयरों में तेजी से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 192.20 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,346.19 अंक पर खुला। इसी के अनुरूप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 53.65 अंक या 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,575.60 अंक पर पहुंच गया। ब्रोकरों ने कहा कि एशियाई बाजारों में मजबूती के रुख के साथ अमेरिकी बाजारों में आई बढ़त के बीच कोषों तथा खुदरा निवेशकों की लिवाली से सेंसेक्स में बढ़त दर्ज हुई। अमेरिका में बेरोजगारी के आंकड़े मार्च, 2008 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। सुबह के कारोबार में हांगकांग का हैंगसेंग 1.07 प्रतिशत तथा जापान का निक्की 1.81 प्रतिशत की बढ़त में कारोबार कर रहा था। इससे पूर्व बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 192 अंक की बढ़त के साथ खुला। गुरुवार को सेंसेक्स में 48.42 अंक की गिरावट आई थी। बैंकिंग, धातु, तेल एवं गैस तथा रियल्टी कंपनियों के शेयरों में तेजी से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 192.20 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,346.19 अंक पर खुला। इसी के अनुरूप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 53.65 अंक या 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,575.60 अंक पर पहुंच गया। ब्रोकरों ने कहा कि एशियाई बाजारों में मजबूती के रुख के साथ अमेरिकी बाजारों में आई बढ़त के बीच कोषों तथा खुदरा निवेशकों की लिवाली से सेंसेक्स में बढ़त दर्ज हुई। अमेरिका में बेरोजगारी के आंकड़े मार्च, 2008 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। सुबह के कारोबार में हांगकांग का हैंगसेंग 1.07 प्रतिशत तथा जापान का निक्की 1.81 प्रतिशत की बढ़त में कारोबार कर रहा था। ब्रोकरों ने कहा कि एशियाई बाजारों में मजबूती के रुख के साथ अमेरिकी बाजारों में आई बढ़त के बीच कोषों तथा खुदरा निवेशकों की लिवाली से सेंसेक्स में बढ़त दर्ज हुई। अमेरिका में बेरोजगारी के आंकड़े मार्च, 2008 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। सुबह के कारोबार में हांगकांग का हैंगसेंग 1.07 प्रतिशत तथा जापान का निक्की 1.81 प्रतिशत की बढ़त में कारोबार कर रहा था।
यहाँ एक सारांश है:दोपहर करीब 12:30 सेंसेक्स 222.27 अंकों की बढ़त के साथ 18376.26 और निफ्टी 67.4 अंक की बढ़त के साथ 5589.35 पर पहुंच गया।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: एक मां ने बिजली से भी ज्‍यादा तेजी दिखाते हुए अपने बच्‍चे की जिंदगी को बचा लिया. यह पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया. इस वायरल वीडियो में दिख रहा है कि बच्‍चा चौथी मंजिल से नीचे गिरने ही वाला होता है कि तभी उसकी मां उसके पैर को पकड़ कर उसकी जान बचा लेती है.  मामला कोलंबिया के मेडिलिन का है और घटना बुधवार रात की है. सीसीटीवी फुटेज में मां और बच्‍चा लिफ्ट से बाहर आते हुए दिख रहे हैं. मां जैसे ही अपने फोन पर बिजी हो जाती है बच्‍चा रेलिंग के पास पहुंच जाता है. रेलिंग में कोई ग्रिल नहीं लगी होती. रेलिंग के पास पहुंचते ही बच्‍चा अपना बैलेंस खो बैठता है और लगभग गिरने ही वाला होता है. हालांकि, मां एक सेकेंड से भी कम समय में बच्‍चे के पैर को पकड़ लेती है. यही नहीं बच्‍चे को पकड़ने के बाद वह अपने फोन को भी सावधानीपूर्वक किनारे रख देती है.  ऑनलाइन शेयर होते ही वीडियो वायरल हो गया. इस वीडियो को अब तक कई लोग देख चुके हैं और शेयर कर चुके हैं. जहां कई लोग मां की फुर्ती की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरे लोगों ने रेलिंग में किसी तरह का कोई बैरिकेड न होने की आलोचना भी की है.  यूट्यूब में एक यूजर ने लिखा है, "यह सिर्फ एक मां ही कर सकती है. इस बहादुर मां को मेरा सलाम."  डेली मेल के मुताबिक बाद में बिल्‍डिंग के मैनेजमेंट ने रेलिंग के पास एक बॉक्‍स रख‍ दिया. इस घटना में बच्‍चे को एक खरोंच भी नहीं आई.  बिल्‍डिंग के मैनेजर जुआन फ्रांको ने कहा, "बच्‍चे को कुछ नहीं हुआ. उसे किसी तरह की कोई चोट भी नहीं लगी. जिस तरह मां ने अपने बेटे को बचाया उसका श्रेय मां को ही  मिलना चाहिए."
बच्‍चा रेलिंग से गिरने ही वाला होता है तभी उसकी मां उसे बचा लेती है ऑनलाइन अपलोड होते ही वीडियो वायरल हो गया सब लोग मां की फुर्ती की खूब तारीफ कर रहे हैं
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के पेट्रोल पंप स्कैम में यूपी एसटीएफ को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुणे और ठाणे से बीती रात दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से एक शख्स चिप बनाने और सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन का काम करता था जबकि दूसरा रिमोट असेंबल करने और सप्लाई करने का काम करता था. टिप्पणियां एसटीएफ की टीम को इनके पास से कई चिप और पेट्रोल पंप के कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट बरामद हुए हैं. पेट्रोल पंप मालिकों के साथ मिलकर यह संगठित अपराध चल रहा था. बता दें कि लखनऊ में छापेमारी के दौरान यह सामने आया था कि पेट्रोल पंपों में ऐसे चिप मिले थे जो 10 फीसदी तक कम पेट्रोल आपकी गाड़ी में डालते थे. बाद में पता चला कि रिमोट कंट्रोल और चिप के जरिए इस पूरे कारनामे को अंजाम दिया जा रहा था. यूपी एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में बताया कि हमारे द्वारा की गई पहले की कार्रवाई के बाद हमने यह छापेमारी की. हमें पता चला है कि ये सॉफ्टवेयर इन लोगों ने कई और लोगों को दिए हैं. हमें इनसे यूपी और कई अन्य राज्यों के लिंक मिले हैं जिन पर ऐक्शन लिया जाएगा.  एसटीएफ की टीम को इनके पास से कई चिप और पेट्रोल पंप के कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट बरामद हुए हैं. पेट्रोल पंप मालिकों के साथ मिलकर यह संगठित अपराध चल रहा था. बता दें कि लखनऊ में छापेमारी के दौरान यह सामने आया था कि पेट्रोल पंपों में ऐसे चिप मिले थे जो 10 फीसदी तक कम पेट्रोल आपकी गाड़ी में डालते थे. बाद में पता चला कि रिमोट कंट्रोल और चिप के जरिए इस पूरे कारनामे को अंजाम दिया जा रहा था. यूपी एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में बताया कि हमारे द्वारा की गई पहले की कार्रवाई के बाद हमने यह छापेमारी की. हमें पता चला है कि ये सॉफ्टवेयर इन लोगों ने कई और लोगों को दिए हैं. हमें इनसे यूपी और कई अन्य राज्यों के लिंक मिले हैं जिन पर ऐक्शन लिया जाएगा.  यूपी एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में बताया कि हमारे द्वारा की गई पहले की कार्रवाई के बाद हमने यह छापेमारी की. हमें पता चला है कि ये सॉफ्टवेयर इन लोगों ने कई और लोगों को दिए हैं. हमें इनसे यूपी और कई अन्य राज्यों के लिंक मिले हैं जिन पर ऐक्शन लिया जाएगा.
यहाँ एक सारांश है:यूपी पेट्रोल पंप स्कैप में यूपी एसटीएफ को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है पुणे और ठाणे से बीती रात दो लोगों को गिरफ्तार किया गया कई चिप और पेट्रोल पंप के कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट बरामद हुए हैं.
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्थिति में सुधार को देखते हुए कश्मीर के चार जिलों और श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों से आज कर्फ्यू हटा लिया गया लेकिन ऐहतियात के तौर पर घाटी के बाकी हिस्सों में यह जारी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘बांदीपोरा, बारामूला, बडगाम और गांदरबल जिलों के साथ-साथ श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों से स्थिति में सुधार को देखते हुए कर्फ्यू हटा लिया गया है।’’ अधिकारी ने बताया कि जिन इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया है, वहां सीआरपीसी की धारा 144 के तहत चार या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लागू है। उन्होंने बताया कि घाटी के अनंतनाग, कुलगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा और शोपियां जिलों के अलावा शहर के आठ पुलिस थानों में कर्फ्यू अब भी लागू है।टिप्पणियां अब तक घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण रही है। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के एक दिन बाद नौ जुलाई से कश्मीर में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा है। जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कल फिर से झड़प हो गयी थी, जिसमें एक युवक की जान चली गयी। वानी के मारे जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक 45 लोग अपनी जान गंवा चुके है और 3400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।   एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘बांदीपोरा, बारामूला, बडगाम और गांदरबल जिलों के साथ-साथ श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों से स्थिति में सुधार को देखते हुए कर्फ्यू हटा लिया गया है।’’ अधिकारी ने बताया कि जिन इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया है, वहां सीआरपीसी की धारा 144 के तहत चार या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लागू है। उन्होंने बताया कि घाटी के अनंतनाग, कुलगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा और शोपियां जिलों के अलावा शहर के आठ पुलिस थानों में कर्फ्यू अब भी लागू है।टिप्पणियां अब तक घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण रही है। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के एक दिन बाद नौ जुलाई से कश्मीर में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा है। जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कल फिर से झड़प हो गयी थी, जिसमें एक युवक की जान चली गयी। वानी के मारे जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक 45 लोग अपनी जान गंवा चुके है और 3400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।   अब तक घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण रही है। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के एक दिन बाद नौ जुलाई से कश्मीर में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा है। जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कल फिर से झड़प हो गयी थी, जिसमें एक युवक की जान चली गयी। वानी के मारे जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक 45 लोग अपनी जान गंवा चुके है और 3400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कश्मीर में हालात बेहतर होने के चलते चार जिलों से कर्फ्यू हटाया गया है अनंतनाग, कुलगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा आदि में कर्फ्यू जारी है आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा है
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ज़िंदगी के चालीसवें साल में क़दम रखते ही लिट्ल−मास्टर के नाम के साथ एक नई भूमिका जुड़ने वाली है। सौ शतकों के मालिक सचिन अब राज्यसभा के सदस्य बनने वाले हैं और इस नई कहानी का पहला पन्ना सोमवार को दिल्ली में लिखा जाएगा। वह पहले ऐसे क्रिकेटर होंगे जिन्हें यह उपलब्धि मिल रही है। एक क्रिकेटर के तौर पर उनका जो सफर 23 साल पहले शुरू हुआ था वह आज भी मास्टर ब्लास्टर के तौर पर जारी है।टिप्पणियां वर्ल्ड कप की जीत और शतकों के शतक के बाद क्रिकेट के मैदान में उनकी हर इच्छा मानो पूरी हो गई है। क्रिकेट के मैदान में उनके रिकॉर्ड का ग्राफ ज्यों-ज्यों बढ़ता गया, दूसरी जगहों पर भी उनका कद बढ़ता गया। भारतीय वायुसेना ने उन्हें अपना ग्रुप कैप्टन बनाया, उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी, और सचिन को सम्मानित करने के लिए सरकार ने भारत रत्न देने के तौर तरीकों में बदलाव भी किया। लेकिन, भारत रत्न से पहले उन्हें एक और पड़ाव से गुजरना होगा, और वह पड़ाव होगा राज्यसभा के सांसद का। वह पहले ऐसे क्रिकेटर होंगे जिन्हें यह उपलब्धि मिल रही है। एक क्रिकेटर के तौर पर उनका जो सफर 23 साल पहले शुरू हुआ था वह आज भी मास्टर ब्लास्टर के तौर पर जारी है।टिप्पणियां वर्ल्ड कप की जीत और शतकों के शतक के बाद क्रिकेट के मैदान में उनकी हर इच्छा मानो पूरी हो गई है। क्रिकेट के मैदान में उनके रिकॉर्ड का ग्राफ ज्यों-ज्यों बढ़ता गया, दूसरी जगहों पर भी उनका कद बढ़ता गया। भारतीय वायुसेना ने उन्हें अपना ग्रुप कैप्टन बनाया, उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी, और सचिन को सम्मानित करने के लिए सरकार ने भारत रत्न देने के तौर तरीकों में बदलाव भी किया। लेकिन, भारत रत्न से पहले उन्हें एक और पड़ाव से गुजरना होगा, और वह पड़ाव होगा राज्यसभा के सांसद का। वर्ल्ड कप की जीत और शतकों के शतक के बाद क्रिकेट के मैदान में उनकी हर इच्छा मानो पूरी हो गई है। क्रिकेट के मैदान में उनके रिकॉर्ड का ग्राफ ज्यों-ज्यों बढ़ता गया, दूसरी जगहों पर भी उनका कद बढ़ता गया। भारतीय वायुसेना ने उन्हें अपना ग्रुप कैप्टन बनाया, उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी, और सचिन को सम्मानित करने के लिए सरकार ने भारत रत्न देने के तौर तरीकों में बदलाव भी किया। लेकिन, भारत रत्न से पहले उन्हें एक और पड़ाव से गुजरना होगा, और वह पड़ाव होगा राज्यसभा के सांसद का। भारतीय वायुसेना ने उन्हें अपना ग्रुप कैप्टन बनाया, उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी, और सचिन को सम्मानित करने के लिए सरकार ने भारत रत्न देने के तौर तरीकों में बदलाव भी किया। लेकिन, भारत रत्न से पहले उन्हें एक और पड़ाव से गुजरना होगा, और वह पड़ाव होगा राज्यसभा के सांसद का।
सारांश: ज़िंदगी के चालीसवें साल में क़दम रखते ही लिट्ल−मास्टर के नाम के साथ एक नई भूमिका जुड़ने वाली है। सौ शतकों के मालिक सचिन अब राज्यसभा के सदस्य बनने वाले हैं और इस नई कहानी का पहला पन्ना सोमवार को दिल्ली में लिखा जाएगा।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सीज़न में औसत की 93 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद है जो कि औसत से कम है. प्राइवेट वेदर फोरकास्टर स्काईमेट ने बुधवार को यह दावा किया. मौसम विभाग ने भी माना है कि इस साल मानसून कुछ दिनों की देरी से केरल पहुंचेगा. कमजोर मानसून नई सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है. महाराष्ट्र में सूखे के बढ़ते प्रकोप के बीच निजी मौसम पूर्वानुमान कंपनी स्काईमेट ने बुधवार को दावा किया कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान पिछले दस साल के औसत की बस 93 फीसदी बारिश होगी. इससे पहले मौसम विभाग ने मानसून में औसत की 96 प्रतिशत बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया था. स्काईमेट के एमडी जतिन सिंह ने कहा कि 'हमारी फोरकॉस्ट है कि मानसून इस बार सामान्य से कम रहेगा.' स्काईमेट के मुताबिक इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में दीर्घावधि औसत की 93 प्रतिशत बारिश होगी. स्काईमेट के मुताबिक सबसे ज़्यादा चिंता महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और उत्तरी कर्नाटक को लेकर है. वहां सूखे से निपटने की आपात तैयारी अभी से शुरू करनी होगी. मध्य भारत में सबसे कम, यानी सिर्फ 91% बारिश होने की संभावना है. शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आगाह किया है कि हालात 1972 के भयंकर सूखे से भी ज्यादा गंभीर हो रहे हैं. राज्य सरकार को बड़े स्तर पर प्रभावित लोगों को राहत देने की तैयारी शुरू करनी चाहिए.
संक्षिप्त पाठ: दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में दीर्घावधि औसत की 93 प्रतिशत बारिश होगी केरल में मानसून पांच दिन की देरी से 6 जून को पहुंचेगा कमजोर मानसून नई सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपराध करते वक्त भ्रम के चलते अगर कोई खुद को देवता या देवी समझता है तो क्या उसे राहत दी जा सकती है, अब यह सुप्रीम कोर्ट तय करेगा. मध्य प्रदेश की रहने वाली एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा है कि अपराध करते वक्त वह खुद को देवी समझ रही थी, ऐसे में उन्हें दोषी न माना जाए.   30 साल की राजवा कोल ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा है कि अपराध करते वक्त वह भव्यता के भ्रम से पीड़ित थीं और खुद को देवी समझ रही थीं, ऐसे में उन्होंने हत्या का दोषी न माना जाए. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.टिप्पणियां अर्जी में भारतीय दंड संहिता का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि धारा 84 के मुताबिक, अगर किसी काम को करते वक्त व्यक्ति को इस बात का अहसास न हो कि वह क्या कर रहा है या वह घटना की गंभीरता को न समझ रहा हो या फिर जो वह कर रहा है वह कानून के खिलाफ है या नहीं उसे इस बात का एहसास न हो तो ऐसे में उसे दोषी नहीं माना जा सकता.   दरअसल, 3 मार्च 2012 को कोल ने अपने पति सहित 3 लोगों की हत्या कर दी थी और सात लोगों को घायल कर दिया था. कॉल ने अपनी याचिका में कहा है कि यह घटना तब की है जब उन्हें मानसिक इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था. उस समय उन्होंने अपने पति रमेश कोल पड़ोसी छोटू यादव और गुड़िया यादव की हत्या कर दी थी. राजवा कोल दको 2015 में निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे पलटकर हाई कोर्ट ने 2016 में उम्रकैद में तब्दील कर दिया था. हाई कोर्ट ने कहा, यह मामला जघन्य अपराध के तहत नहीं आता है. अर्जी में भारतीय दंड संहिता का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि धारा 84 के मुताबिक, अगर किसी काम को करते वक्त व्यक्ति को इस बात का अहसास न हो कि वह क्या कर रहा है या वह घटना की गंभीरता को न समझ रहा हो या फिर जो वह कर रहा है वह कानून के खिलाफ है या नहीं उसे इस बात का एहसास न हो तो ऐसे में उसे दोषी नहीं माना जा सकता.   दरअसल, 3 मार्च 2012 को कोल ने अपने पति सहित 3 लोगों की हत्या कर दी थी और सात लोगों को घायल कर दिया था. कॉल ने अपनी याचिका में कहा है कि यह घटना तब की है जब उन्हें मानसिक इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था. उस समय उन्होंने अपने पति रमेश कोल पड़ोसी छोटू यादव और गुड़िया यादव की हत्या कर दी थी. राजवा कोल दको 2015 में निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे पलटकर हाई कोर्ट ने 2016 में उम्रकैद में तब्दील कर दिया था. हाई कोर्ट ने कहा, यह मामला जघन्य अपराध के तहत नहीं आता है. राजवा कोल दको 2015 में निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे पलटकर हाई कोर्ट ने 2016 में उम्रकैद में तब्दील कर दिया था. हाई कोर्ट ने कहा, यह मामला जघन्य अपराध के तहत नहीं आता है.
यहाँ एक सारांश है:अपराध करते वक्त वह खुद को देवी समझ रही थी सुप्रीम कोर्ट से दोषी न समझने की अपील पति सहित तीन लोगों की हत्या की थी
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) टीम के लिए नए कोच को नियुक्त करने को लेकर जल्दी में नहीं दिख रहा है और इसकी उम्मीद कम है कि 27 अप्रैल को इसकी कार्यकारी समिति में इस मुद्दे पर कोई फैसला किया जाए। बैठक के एजेंडे में विभिन्न सह समितियों की रिपोर्ट शामिल है। बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने बताया, हम अब भी इस (नया प्रशिक्षक ढूंढने की) प्रक्रिया में लगे हैं। कोई जल्दबाजी नहीं है क्योंकि टीम को एक जून को वेस्टइंडीज के लिए रवाना होना है। टीम इंडिया के कोच की दावेदारी को लेकर इंग्लैंड के प्रमुख कोच एंडी फ्लावर और जिम्बाब्वे के डंकन फ्लेचर सहित कई अन्य नाम चर्चा में हैं। इस तरह की भी चर्चाएं हैं कि गैरी कर्स्टन के पद के लिए फिलहाल कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलने की सूरत में बीसीसीआई वेस्टइंडीज दौरे के लिए अंतरिम कोच की नियुक्ति कर सकता है।  गौरतलब है कि कर्स्टन ने भारत के विश्व कप जीतने के बाद कोच का पद छोड़ दिया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने बताया, हम अब भी इस (नया प्रशिक्षक ढूंढने की) प्रक्रिया में लगे हैं लेकिन कोई जल्दबाजी नहीं है।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के नाम है. ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच वनडे मैचों की सीरीज के चार मैचों में दोनों ही टीमों ने दो-दो जीत दर्ज की थी. ऐसे में अंतिम और पांचवां मैच एक तरह से फाइनल की तरह था, क्योंकि इससे सीरीज विजेता का फैसला होना था. जोहानिसबर्ग में खेले गए इस मैच में जब ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका के सामने जीत के लिए 435 रनों का लक्ष्य रखा, तो हर कोई यही मानकर चल रहा था कि अब कंगारू टीम सीरीज पर कब्जा जमा लेगी, लेकिन क्रिकेट तो अनिश्चितताओं का खेल माना जाता है और कहा जाता है कि जब तक अंतिम गेंद न फेंक दी जाए, तो कुछ भी हो सकता है. इस मैच में कुछ ऐसा ही हुआ जब दक्षिण अफ्रीका ने एक गेंद बाकी रहते मैच जीतकर इतिहास रच दिया. इसमें उसके ओपनर हर्शल गिब्स के तूफानी शतक और ग्रीम स्मिथ के 90 रनों का अहम रोल रहा था. अब गिब्स ने इस मैच में अपनी पारी को लेकर एक अहम खुलासा किया है. उनके अनुसार वह उस समय 'हैंगओवर' में थे... हर्शल गिब्स ने नशे में होने का खुलासा अपनी किताब 'टु द पॉइंट : द नो होल्ड्स बार्ड ऑटोबायोग्राफी (To the Point: The No-holds-barred Autobiography)' में किया है. वैसे यह देखा गया है कि आमतौर पर स्टार अपनी किताब को पॉपुलर बनाने के लिए भी इस तरह की बातें करते हैं, फिर भी है तो यह चौंकाने वाली खबर. वैसे गिब्श की इस पारी और उनके नशे में होने के बारे में ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर माइक हसी ने भी अपनी किताब में जिक्र किया था. उन्‍होंने लिखा था कि जब सोने जा रहे थे, तो उन्होंने अपने होटल के कमरे से बाहर देखा कि गिब्‍स अभी भी वहां (बार में) हैं. हसी ने यह लिखा था कि गिब्‍स जब सुबह नाश्‍ते के लिए आए थे तब भी वो नशे में दिख रहे थे. मतलब गिब्श की बात में सच्चाई तो है. टिप्पणियां गिब्श ने किताब में लिखा है कि जिस समय उन्होंने यह पारी खेली थी, वो नशे में थे. वास्तव में उन्होंने मैच से एक रात पहले बहुत ज्यादा शराब पी थी और मैच के समय भी वह हैंगओवर में थे. 12 मार्च 2006 को खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलिया न पहले बल्लेबाजी करते हुए 434 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था. कंगारू टीम से कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने 164 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिसमें 13 चौके और नौ छक्के उड़ाए थे, लेकिन असली खेल तो अभी बाकी था. प्रोटियाज टीम ने विशाल लक्ष्य के दबाव में नहीं आते हुए आक्रामक शुरुआत की. तीन रन पर पहला विकेट खोन के बाद ओपनर ग्रीम स्मिथ और हर्शल गिब्स ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई शुरू कर दी. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 187 रन जोड़े, तभी स्मिथ 90 रन पर आउट हो गए, लेकिन गिब्श ने धुनाई जारी रखी और टीम को जीत के मुहाने तक पहुंचा दिया. इस जीत के हीरो रहे हर्शल गिब्स ने 111 गेंदों में 175 रन ठोके थे, 21 चौके और 7 छक्‍के लगाए थे. गिब्श चौथे विकेट के रूप में 299 के स्कोर पर आउट हुए थे. मार्क बाउचर ने नाबाद 50 रन बनाते हुए टीम को जीत दिला दी थी. मैच आखिरी ओवर तक खिंचा और दक्षिण अफ्रीका ने एक गेंद बाकी रहते एक विकेट से जीत दर्ज कर ली. यह मैच आज तक क्रिकेट फैन्स के दिल में बसा हुआ है. ऑस्ट्रेलिया की ओर से एडम गिलक्रिस्ट (55), साइमन कैटिच (79), रिकी पोंटिंग (164) और माइक हस्सी (81) ने शानदार पारी खेली थी. हर्शल गिब्स ने नशे में होने का खुलासा अपनी किताब 'टु द पॉइंट : द नो होल्ड्स बार्ड ऑटोबायोग्राफी (To the Point: The No-holds-barred Autobiography)' में किया है. वैसे यह देखा गया है कि आमतौर पर स्टार अपनी किताब को पॉपुलर बनाने के लिए भी इस तरह की बातें करते हैं, फिर भी है तो यह चौंकाने वाली खबर. वैसे गिब्श की इस पारी और उनके नशे में होने के बारे में ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर माइक हसी ने भी अपनी किताब में जिक्र किया था. उन्‍होंने लिखा था कि जब सोने जा रहे थे, तो उन्होंने अपने होटल के कमरे से बाहर देखा कि गिब्‍स अभी भी वहां (बार में) हैं. हसी ने यह लिखा था कि गिब्‍स जब सुबह नाश्‍ते के लिए आए थे तब भी वो नशे में दिख रहे थे. मतलब गिब्श की बात में सच्चाई तो है. टिप्पणियां गिब्श ने किताब में लिखा है कि जिस समय उन्होंने यह पारी खेली थी, वो नशे में थे. वास्तव में उन्होंने मैच से एक रात पहले बहुत ज्यादा शराब पी थी और मैच के समय भी वह हैंगओवर में थे. 12 मार्च 2006 को खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलिया न पहले बल्लेबाजी करते हुए 434 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था. कंगारू टीम से कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने 164 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिसमें 13 चौके और नौ छक्के उड़ाए थे, लेकिन असली खेल तो अभी बाकी था. प्रोटियाज टीम ने विशाल लक्ष्य के दबाव में नहीं आते हुए आक्रामक शुरुआत की. तीन रन पर पहला विकेट खोन के बाद ओपनर ग्रीम स्मिथ और हर्शल गिब्स ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई शुरू कर दी. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 187 रन जोड़े, तभी स्मिथ 90 रन पर आउट हो गए, लेकिन गिब्श ने धुनाई जारी रखी और टीम को जीत के मुहाने तक पहुंचा दिया. इस जीत के हीरो रहे हर्शल गिब्स ने 111 गेंदों में 175 रन ठोके थे, 21 चौके और 7 छक्‍के लगाए थे. गिब्श चौथे विकेट के रूप में 299 के स्कोर पर आउट हुए थे. मार्क बाउचर ने नाबाद 50 रन बनाते हुए टीम को जीत दिला दी थी. मैच आखिरी ओवर तक खिंचा और दक्षिण अफ्रीका ने एक गेंद बाकी रहते एक विकेट से जीत दर्ज कर ली. यह मैच आज तक क्रिकेट फैन्स के दिल में बसा हुआ है. ऑस्ट्रेलिया की ओर से एडम गिलक्रिस्ट (55), साइमन कैटिच (79), रिकी पोंटिंग (164) और माइक हस्सी (81) ने शानदार पारी खेली थी. गिब्श ने किताब में लिखा है कि जिस समय उन्होंने यह पारी खेली थी, वो नशे में थे. वास्तव में उन्होंने मैच से एक रात पहले बहुत ज्यादा शराब पी थी और मैच के समय भी वह हैंगओवर में थे. 12 मार्च 2006 को खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलिया न पहले बल्लेबाजी करते हुए 434 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था. कंगारू टीम से कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने 164 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिसमें 13 चौके और नौ छक्के उड़ाए थे, लेकिन असली खेल तो अभी बाकी था. प्रोटियाज टीम ने विशाल लक्ष्य के दबाव में नहीं आते हुए आक्रामक शुरुआत की. तीन रन पर पहला विकेट खोन के बाद ओपनर ग्रीम स्मिथ और हर्शल गिब्स ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई शुरू कर दी. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 187 रन जोड़े, तभी स्मिथ 90 रन पर आउट हो गए, लेकिन गिब्श ने धुनाई जारी रखी और टीम को जीत के मुहाने तक पहुंचा दिया. इस जीत के हीरो रहे हर्शल गिब्स ने 111 गेंदों में 175 रन ठोके थे, 21 चौके और 7 छक्‍के लगाए थे. गिब्श चौथे विकेट के रूप में 299 के स्कोर पर आउट हुए थे. मार्क बाउचर ने नाबाद 50 रन बनाते हुए टीम को जीत दिला दी थी. मैच आखिरी ओवर तक खिंचा और दक्षिण अफ्रीका ने एक गेंद बाकी रहते एक विकेट से जीत दर्ज कर ली. यह मैच आज तक क्रिकेट फैन्स के दिल में बसा हुआ है. ऑस्ट्रेलिया की ओर से एडम गिलक्रिस्ट (55), साइमन कैटिच (79), रिकी पोंटिंग (164) और माइक हस्सी (81) ने शानदार पारी खेली थी. इस जीत के हीरो रहे हर्शल गिब्स ने 111 गेंदों में 175 रन ठोके थे, 21 चौके और 7 छक्‍के लगाए थे. गिब्श चौथे विकेट के रूप में 299 के स्कोर पर आउट हुए थे. मार्क बाउचर ने नाबाद 50 रन बनाते हुए टीम को जीत दिला दी थी. मैच आखिरी ओवर तक खिंचा और दक्षिण अफ्रीका ने एक गेंद बाकी रहते एक विकेट से जीत दर्ज कर ली. यह मैच आज तक क्रिकेट फैन्स के दिल में बसा हुआ है. ऑस्ट्रेलिया की ओर से एडम गिलक्रिस्ट (55), साइमन कैटिच (79), रिकी पोंटिंग (164) और माइक हस्सी (81) ने शानदार पारी खेली थी.
यह एक सारांश है: दक्षिण अफ्रीका ने 49.5 ओवर में 438 रन बना लिए थे ऑस्ट्रेलिया ने रखा था 434 रनों को विशाल लक्ष्य रिकी पॉन्टिंग ने बनाए थे शानदार 164 रन
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) ने NDTV से खास बातचीत की. इस दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी छोड़ने से लेकर बीजेपी में लालकृष्ण आडवाणी और अन्य बड़े नेताओं की अनदेखी पर भी बात की. साथ ही उन्होंने (Shatrughan Sinha) यह भी बताया कि आखिर वह एक कौन सी वजह से थी जिसने उन्हें बीजेपी को छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया.  NDTV से बातचीत में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले उनके पास कई पार्टियों से ऑफर था. उन्होंने (Shatrughan Sinha) कहा कि मेरे पास आप, ममता बनर्जी, मायावती, अखिलेश जी की तरफ से पार्टी ज्वाइन करने का ऑफर था. साथ ही लालू जी की फैमिली से भी न्यौता मिला था. लेकिन मैं उनकी पार्टी में नहीं गया. इसकी एक वजह तो यह है कि मैं किसी नेशनल पार्टी से ही जुड़ना चाहता था. बीजेपी छोड़ने को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) ने कहा कि मैंने पार्टी छोड़ने से पहले मैं ट्वीट किया था कि अगर आप मुझे हटाते हैं तो न्यूटन का वह लॉ भी याद रखियेगा जिसमें कहा गया है कि हर एक्शन की प्रतिक्रिया होती है. मेरे इस ट्वीट की वजह से ही वह मुझे पार्टी से बाहर नहीं निकाल पाए. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि पार्टी छोड़ने का निर्णय तब लिया था जब मेरी जगह रविशंकर प्रसाद को पटनासाहिब से टिकट दे दिया गया. उन्होंने कहा कि रविशंकर प्रसाद को टिकट दिए जाने के बाद ही मैंने सोच लिया था कि अब बहुत हो चुका है, मैं अब पार्टी में नहीं रह सकता.  मैंने यह देखा था कि पार्टी बड़े नेताओं जैसे मुरली मनोहर जोशी, आडवाणी जी और जशवंत सिन्हा के साथ भी बुरा बर्ताव कर चुकी है. शुत्रघ्न सिन्हा ने कहा कि मैंने पहले ही पार्टी से कहा था कि मुझे निकालना है तो निकाल दो लेकिन मैं खुद नहीं जाऊंगा. लेकिन मैं खुदसे पार्टी इसलिए छोड़ी क्योंकि मेरी जगह पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद को टिकट दिया गया. उन्होंने कहा कि मेरी पहली पसंद पटना थी दूसरी भी पटना भी औऱ तीसरी भी पटना साहिब थी. मैं रविशंकर प्रसाद के खिलाफ नहीं हूं, वो मेरे अच्छे दोस्त हैं. लेकिन मैं पार्टी के फैसले से नाराज था.  शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि आज लोग समझते हैं जिस पार्टी के लिए हमनें जान दिया है. आज वही पार्टी आडवाणी जी जैसे बड़े नेता का अपमान कर रही है. आडवाणीजी -मुरली मनोहर जोशी जी के पास कहीं और जाने का विकल्प भी नहीं है. पर मेरे पास था. आडवाणी जी के साथ जो बीजेपी के नेता कर रहे हैं वह गलत है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को दो सीटों से दो सौ सीटों तक पहंचाने ने आडवाणी जी का योगदान है. पार्टी के वरिष्ट नेताओं ने यही हाल अरुण शौरी के साथ किया, मुरली मनोहर जी के साथ किया. यह सब सोचने की जरूरत है, लोग देख रहे हैं. बीजेपी में वन मैन शो है टू मैन आर्मी है. बीजेपी के बड़े नेताओं में घबराहट है. आज की बीजेपी सरकार में कोई केंद्रीय मंत्री काम के नहीं है. बच्चे को भी पांच मंत्री का नाम याद नहीं. क्योंकि सारा काम पीएमओ से हो रहा है. हम भी मंत्री रहे थे लेकिन हमें किसी ने कुछ करने से नहीं रोका न ही उस समय हमारा काम पीएमओ से होता था.  शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग अपनी ही बात नहीं रख सके, अपने वादे ही पूरे नहीं कर सके, जो किसानों की हालत ही नहीं सुधार सके, चाहे 15 लाख कहो या दो करोड़ रोजगार की बात कहो. वो सब जो नहीं कर सके. जो देश की पुकार नहीं सुन रहा है. जो अपने लोगों से बात तक नहीं कर रहा है. रातों-रात जो बैगर किसी से पूछे बगैर नोटबंदी कर दे वो हमारी बात क्या सुनेंगे. चाहे जीएसटी की हो या फिर राफेल की बात हो सब क्षेत्र में बीजेपी फेल है. उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस इसलिए ज्वाइन किया क्योंकि महात्मा गांधी, नेहरू, पटेल , इंदिरा गांधी, राजीव, राहुल की यह पार्टी रही है जिसका देश के आजादी में बहुत बड़ा योगदान रहा है. दूसरी बात यह मुख्य धारा की पार्टी है. यह नेशनल पार्टी है. मेरे लिए नेशनल पार्टी का रास्ता सही लगा. मेरे पास आप, ममता बनर्जी, मायावती, अखिलेश जी की तरफ से पार्टी ज्वाइन करने का ऑफर था. साथ ही लालू जी की फैमिली से भी न्यौता था. लेकिन मैं उनकी पार्टी में नहीं गया.  यह पूछे जाने पर कि बिहार में तो कांग्रेस है नहीं लेकिन आपने फिर भी क्यों चुना. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मुझे तो लालू जी के परिवार ने भी कहा कि अभी आपको हमारे साथ नहीं आना है तो कांग्रेस के साथ जरूर जाएं और कांग्रेस को और मजबूत करें. यही वजह है कि इस बार फिर महागठबंधन ने पटना साहिब की सीट कांग्रेस के लिए रिजर्व रखी थी. क्या पटना साहिब से आपको इसलिए जीत मिली क्योंकि आप बीजेपी से थे पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मुझे लगता है कि यह पार्टी की सीट नहीं है यह बिहार की सीट है यहां जो अच्छा करता है उसे यह सीट मिलती है. यह सीट कई बार दूसरे के पास भी गई है. यहां की जनता करनी के आधार पर वोट देते हैं. मैं अगर यहां से रिकॉर्ड मार्जिन से जीता था तो वह सभी की वजह से जीता था. बीजेपी द्वारा पुलवामा-बालाकोट को लेकर राष्ट्र की सुरक्षा को मुद्दा बनाने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ये बीजेपी का अपना कहना है. यह बीजेपी के प्रचार तंत्र का हिस्सा है. कोई हमारे देश में देशद्रोही नहीं है. लेकिन ऐसा कहा गया कि जो आपकी बात से सहमत नहीं हुआ तो वह देशद्रोही हुआ. बालाकोट पर सबूत मांगे जाने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि आज तक किसी ने कोई सबूत नहीं मांगा है. खुद बीजेपी के मंत्री ने अलग-अलग बयान देकर भ्रम पैदा किया है. इसलिए लोग पूछ रहे हैं कि अब बता दो ताकि शहीद के परिवार को भी सहारा हो. पीएम मोदी और अटल बिहारी वाजपेयी के समय की सरकार की तुलना पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वाजपेयी जी और आडवाणी जी के दौर में और आज के दौर में बहुत का अंतर है. उस समय लोकशाही थी लेकिन आज तानाशाही है. आज वन मैन शो और टू मैन आर्मी की पार्टी बनकर रह गई है. मैं मोदी के खिलाफ नहीं हूं मैं उनकी नीतियों और वादाखिलाफी के खिलाफ हूं. उन्होंने आज तक एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं करते है. स्क्रीप्टेड प्रेस कांफ्रेंस की बात नहीं है. वह आपके साथ या रवीश कुमार के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते. सवाल पूछना देशद्रोह नहीं है. आडवाणी जी अटल जी के समय मंत्री को काम करने दिया जाता था. काम पीएमओ से नहीं होते थे. आज सारे काम पीएमओ से कर रहा है.
यह एक सारांश है: आज बीजेपी में सिर्फ तानाशाही बची है आडवाणी जी की अनदेखी पार्टी के लिए सही नहीं पटना साहिब से टिकटन न मिलने की वजह छोड़ी पार्टी
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी घड़ी विनिर्माता टाइमेक्स ने भारत में अपना कारोबार बढ़ाने की रणनीति के तहत खासतौर पर भारतीय बाजार के लिए डिजाइन की गई घड़ियां पेश की हैं। इन घड़ियों के डिजाइन लोकप्रिय डिजाइनर तरुण तहिलियानी ने तैयार किए हैं। टाइमेक्स ग्रुप इंडिया के प्रबंध निदेशक वीडी वाधवा ने बताया, कंपनी ने युवाओं को ध्यान में रखकर हेलिक्स ब्रांड नाम से घड़ियां पेश की हैं जिनकी कीमत 1,400 रुपये से 2,500 रुपये के बीच है और इन्हें भारतीय बाजार के लिए विकसित किया गया है। भारतीय बाजार की अहमियत पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, विश्वभर में टाइमेक्स के लिए भारत अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार है जहां हर साल 24 लाख घड़ियां बिकती हैं। वाधवा ने वैश्विक आय के बारे में जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि कुल आय में अमेरिकी बाजार का योगदान करीब 60 प्रतिशत है, जिसके बाद भारत, कनाडा और ब्रिटेन का नंबर आता है।
सारांश: टाइमेक्स ने भारत में अपना कारोबार बढ़ाने की रणनीति के तहत खासतौर पर भारतीय बाजार के लिए डिजाइन की गई घड़ियां पेश की हैं।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में गिरफ्तार तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और दो अन्य क्रिकेटरों सहित 11 आरोपियों को पूछताछ के लिए और पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट सौम्य चौहान ने दिल्ली पुलिस की दलील के आधार पर श्रीसंत, अंकित चौहान और अजीत चंदीला की पुलिस हिरासत की अवधि 26 मई तक बढ़ा दी। अदालती कार्यवाही के दौरान तीनों क्रिकेट खिलाड़ी तनाव में नजर आ रहे थे। दिल्ली पुलिस ने दलील दी थी कि उसे और बरामदगी करनी है और आरोपियों को एक दूसरे का आमना सामना कराना है। अदालत ने चार गिरफ्तार बुकी राकेश ओबेराय, दिपित गर्ग, अजय गोयल और अमित गुप्ता को चार जून तक जेल भेज दिया। दिल्ली पुलिस द्वारा इनसे हिरासत में पूछताछ पूरी हो जाने के बारे में जानकारी देने के बाद अदालत ने यह आदेश दिया। पांच दिन की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने ही अदालत में तीन क्रिकेटर और 11 बुकी पेश किए गए थे जबकि मामले में 15वें आरोपी पूर्व रणजी खिलाडी बाबूराव यादव को सुबह गिरफ्तार किया गया है। टिप्पणियां आरोपियों की और पांच दिन की हिरासत की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामले में जांच जारी है और उसे खिलाड़ियों एवं बुकी के बीच रिकॉर्ड की गई सभी बातचीत का विश्लेषण करना है। जांचकर्ताओं ने अदालत से यह भी कहा कि उन्होंने आरोपियों की आवाज के नमून ले लिए हैं ताकि उनकी रिकॉर्ड की गई बातचीत से मिलान किया जा सके। मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट सौम्य चौहान ने दिल्ली पुलिस की दलील के आधार पर श्रीसंत, अंकित चौहान और अजीत चंदीला की पुलिस हिरासत की अवधि 26 मई तक बढ़ा दी। अदालती कार्यवाही के दौरान तीनों क्रिकेट खिलाड़ी तनाव में नजर आ रहे थे। दिल्ली पुलिस ने दलील दी थी कि उसे और बरामदगी करनी है और आरोपियों को एक दूसरे का आमना सामना कराना है। अदालत ने चार गिरफ्तार बुकी राकेश ओबेराय, दिपित गर्ग, अजय गोयल और अमित गुप्ता को चार जून तक जेल भेज दिया। दिल्ली पुलिस द्वारा इनसे हिरासत में पूछताछ पूरी हो जाने के बारे में जानकारी देने के बाद अदालत ने यह आदेश दिया। पांच दिन की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने ही अदालत में तीन क्रिकेटर और 11 बुकी पेश किए गए थे जबकि मामले में 15वें आरोपी पूर्व रणजी खिलाडी बाबूराव यादव को सुबह गिरफ्तार किया गया है। टिप्पणियां आरोपियों की और पांच दिन की हिरासत की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामले में जांच जारी है और उसे खिलाड़ियों एवं बुकी के बीच रिकॉर्ड की गई सभी बातचीत का विश्लेषण करना है। जांचकर्ताओं ने अदालत से यह भी कहा कि उन्होंने आरोपियों की आवाज के नमून ले लिए हैं ताकि उनकी रिकॉर्ड की गई बातचीत से मिलान किया जा सके। अदालत ने चार गिरफ्तार बुकी राकेश ओबेराय, दिपित गर्ग, अजय गोयल और अमित गुप्ता को चार जून तक जेल भेज दिया। दिल्ली पुलिस द्वारा इनसे हिरासत में पूछताछ पूरी हो जाने के बारे में जानकारी देने के बाद अदालत ने यह आदेश दिया। पांच दिन की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने ही अदालत में तीन क्रिकेटर और 11 बुकी पेश किए गए थे जबकि मामले में 15वें आरोपी पूर्व रणजी खिलाडी बाबूराव यादव को सुबह गिरफ्तार किया गया है। टिप्पणियां आरोपियों की और पांच दिन की हिरासत की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामले में जांच जारी है और उसे खिलाड़ियों एवं बुकी के बीच रिकॉर्ड की गई सभी बातचीत का विश्लेषण करना है। जांचकर्ताओं ने अदालत से यह भी कहा कि उन्होंने आरोपियों की आवाज के नमून ले लिए हैं ताकि उनकी रिकॉर्ड की गई बातचीत से मिलान किया जा सके। पांच दिन की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने ही अदालत में तीन क्रिकेटर और 11 बुकी पेश किए गए थे जबकि मामले में 15वें आरोपी पूर्व रणजी खिलाडी बाबूराव यादव को सुबह गिरफ्तार किया गया है। टिप्पणियां आरोपियों की और पांच दिन की हिरासत की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामले में जांच जारी है और उसे खिलाड़ियों एवं बुकी के बीच रिकॉर्ड की गई सभी बातचीत का विश्लेषण करना है। जांचकर्ताओं ने अदालत से यह भी कहा कि उन्होंने आरोपियों की आवाज के नमून ले लिए हैं ताकि उनकी रिकॉर्ड की गई बातचीत से मिलान किया जा सके। आरोपियों की और पांच दिन की हिरासत की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामले में जांच जारी है और उसे खिलाड़ियों एवं बुकी के बीच रिकॉर्ड की गई सभी बातचीत का विश्लेषण करना है। जांचकर्ताओं ने अदालत से यह भी कहा कि उन्होंने आरोपियों की आवाज के नमून ले लिए हैं ताकि उनकी रिकॉर्ड की गई बातचीत से मिलान किया जा सके। जांचकर्ताओं ने अदालत से यह भी कहा कि उन्होंने आरोपियों की आवाज के नमून ले लिए हैं ताकि उनकी रिकॉर्ड की गई बातचीत से मिलान किया जा सके।
यह एक सारांश है: दिल्ली की एक अदालत ने आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में गिरफ्तार तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और दो अन्य क्रिकेटरों सहित 11 आरोपियों को पूछताछ के लिए और पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर जिले में हुए गोलीकांड और उसमें पांच किसानों के मारे जाने के बाद मंदसौर के तत्‍कालीन कलेक्टर और एसपी को सस्पेंड कर दिया है. बुधवार शाम जारी आदेश के मुताबिक मंदसौर के पूर्व जिलाधीश स्वतंत्र कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक ओपी त्रिपाठी को सरकार ने निलंबित कर दिया है. फायरिंग के बाद गृहमंत्री ने पहले कहा था कि गोली पुलिस ने नहीं चलाई, जबकि तीन दिन बाद साफ हो गया था कि गोली पुलिस ने ही चलाई है. सूत्रों के मुताबिक दोनों अफसरों पर सरकार को अंधेरे में रखने की वजह से गाज गिरी है. आंदोलन के दौरान कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई भी थी. फायरिंग के दूसरे दिन कलेक्टर और एसपी का तबादला कर दिया गया था. मामले की जांच के लिये एक सदस्यीय जांच आयोग का भी गठन किया गया है जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.     गौरतलब है कि पिछले पखवाड़े मध्य प्रदेश के मंदसौर में मध्य प्रदेश में कर्जमाफी और फसलों की उचित मांग को लेकर किसानों ने जगह-जगह उग्र प्रदर्शन किया था. पुलिस ने फायरिंग की थी. मध्य प्रदेश सरकार ने पहले तो इस बात से इनकार कर दिया था कि मंदसौर में पांच किसानों की मौत पुलिस की फायरिंग से हुई. बाद में 6 जून को राज्य सरकार ने माना कि किसानों की मौत पुलिस फायरिंग में ही हुई. पुलिस कार्रवाई में घायल होने के बाद छठे शख्स की मौत अगले दिन हो गई.टिप्पणियां बढ़ते दबाव को चलते सरकार ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे का ऐलान किया था लेकिन जब किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपवास पर बैठ गए थे. हालांकि 24 घंटे बाद उन्होंने अपना उपवास यह कहते हुए तोड़ लिया था कि पीड़ित परिवारों के परिजनों ने उनसे उपवास तोड़ने की अपील की है.     आंदोलन के दौरान कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई भी थी. फायरिंग के दूसरे दिन कलेक्टर और एसपी का तबादला कर दिया गया था. मामले की जांच के लिये एक सदस्यीय जांच आयोग का भी गठन किया गया है जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.     गौरतलब है कि पिछले पखवाड़े मध्य प्रदेश के मंदसौर में मध्य प्रदेश में कर्जमाफी और फसलों की उचित मांग को लेकर किसानों ने जगह-जगह उग्र प्रदर्शन किया था. पुलिस ने फायरिंग की थी. मध्य प्रदेश सरकार ने पहले तो इस बात से इनकार कर दिया था कि मंदसौर में पांच किसानों की मौत पुलिस की फायरिंग से हुई. बाद में 6 जून को राज्य सरकार ने माना कि किसानों की मौत पुलिस फायरिंग में ही हुई. पुलिस कार्रवाई में घायल होने के बाद छठे शख्स की मौत अगले दिन हो गई.टिप्पणियां बढ़ते दबाव को चलते सरकार ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे का ऐलान किया था लेकिन जब किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपवास पर बैठ गए थे. हालांकि 24 घंटे बाद उन्होंने अपना उपवास यह कहते हुए तोड़ लिया था कि पीड़ित परिवारों के परिजनों ने उनसे उपवास तोड़ने की अपील की है.     बढ़ते दबाव को चलते सरकार ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे का ऐलान किया था लेकिन जब किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपवास पर बैठ गए थे. हालांकि 24 घंटे बाद उन्होंने अपना उपवास यह कहते हुए तोड़ लिया था कि पीड़ित परिवारों के परिजनों ने उनसे उपवास तोड़ने की अपील की है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मंदसौर के पूर्व जिलाधीश स्वतंत्र कुमार सिंह को निलंबित किया पुलिस अधीक्षक ओपी त्रिपाठी को भी सरकार ने सस्पेंड कर दिया है दोनों अफसरों पर सरकार को अंधेरे में रखने की वजह से गाज गिरी
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एसएमएस और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के जरिये असम और पूर्वोत्तर के छात्रों को निशाना बनाने की अफवाहों के पीछे किसका हाथ है, इसका पता लगाने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी सरकार जल्द ही यह पता कर लेगी कि इन अफवाहों के पीछे कौन है। एनडीटीवी से खास बातचीत के दौरान जगदीश शेट्टार ने लोगों से अपील कि वे बेंगलुरु छोड़कर अपने राज्य न लौटें। बेंगलुरु में पूर्वोत्तर राज्यों के करीब एक लाख लोग रहते हैं।टिप्पणियां इससे पहले, जगदीश शेट्टार ने अपने आवास पर पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के प्रतिनिधियों से कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। पूरी सरकार आपके साथ है। हम पूर्वोत्तर के लोगों के हितों की रक्षा करेंगे। दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी इफ्तार पार्टी से इतर पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ हमले की अफवाहों के संदर्भ में कहा, हमें यह मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि दूसरे राज्यों के लोग अफवाहों और एसएमएस के कारण किसी तरह से खतरा महसूस नहीं करें। हमें किसी भी कीमत पर शांति बरकरार रखनी होगी। उन्होंने दावा किया है कि उनकी सरकार जल्द ही यह पता कर लेगी कि इन अफवाहों के पीछे कौन है। एनडीटीवी से खास बातचीत के दौरान जगदीश शेट्टार ने लोगों से अपील कि वे बेंगलुरु छोड़कर अपने राज्य न लौटें। बेंगलुरु में पूर्वोत्तर राज्यों के करीब एक लाख लोग रहते हैं।टिप्पणियां इससे पहले, जगदीश शेट्टार ने अपने आवास पर पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के प्रतिनिधियों से कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। पूरी सरकार आपके साथ है। हम पूर्वोत्तर के लोगों के हितों की रक्षा करेंगे। दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी इफ्तार पार्टी से इतर पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ हमले की अफवाहों के संदर्भ में कहा, हमें यह मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि दूसरे राज्यों के लोग अफवाहों और एसएमएस के कारण किसी तरह से खतरा महसूस नहीं करें। हमें किसी भी कीमत पर शांति बरकरार रखनी होगी। इससे पहले, जगदीश शेट्टार ने अपने आवास पर पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के प्रतिनिधियों से कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। पूरी सरकार आपके साथ है। हम पूर्वोत्तर के लोगों के हितों की रक्षा करेंगे। दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी इफ्तार पार्टी से इतर पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ हमले की अफवाहों के संदर्भ में कहा, हमें यह मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि दूसरे राज्यों के लोग अफवाहों और एसएमएस के कारण किसी तरह से खतरा महसूस नहीं करें। हमें किसी भी कीमत पर शांति बरकरार रखनी होगी। दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी इफ्तार पार्टी से इतर पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ हमले की अफवाहों के संदर्भ में कहा, हमें यह मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि दूसरे राज्यों के लोग अफवाहों और एसएमएस के कारण किसी तरह से खतरा महसूस नहीं करें। हमें किसी भी कीमत पर शांति बरकरार रखनी होगी।
संक्षिप्त पाठ: एसएमएस और फेसबुक के जरिये असम और पूर्वोत्तर के छात्रों को निशाना बनाने की अफवाहों के पीछे किसका हाथ है, इसका पता लगाने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा की सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास अठावले (Ramdas Athawale) ने बुधवार को कहा कि शिवसेना (Shiv Sena) के पास महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के नेतृत्त्व में भाजपा के साथ सरकार बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ ही समय पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि NCP एक ‘जिम्मेदार विपक्ष' की भूमिका निभाएगी. गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर खींचातानी चल रही है. शिवसेना मुख्यमंत्री पद को लेकर 50-50 का फॉर्मूला अपनाने की मांग कर रही है, जबकि भाजपा लगातार इससे इनकार कर रही है. शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत के साथ मुलाकात के बाद सुबह शरद पवार ने यह बयान दिया कि भाजपा और शिवसेना को सरकार बनाना चाहिए और उनकी पार्टी एक ‘जिम्मेदार विपक्ष' की भूमिका निभाएगी. महाराष्ट्र के इस बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री ने उद्धव ठाकरे के सीएम बनने के बारे में कह दी ये बड़ी बात अठावले ने कहा, ‘‘शिवसेना के पास अब देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्त्व में भाजपा के साथ सरकार बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.'' उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा और शिवसेना को गठबंधन में सरकार बनाने के लिए जनादेश दिया है. उन्होंने इस पर आश्चर्य जताया कि शिवसेना 56 विधायकों के साथ कैसे सरकार बना सकती है. महाराष्ट्र में BJP के इस सहयोगी दल ने शिवसेना को दी सलाह- 'मुख्यमंत्री का पद छोड़ दें और इसके बदले...' अठावले ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर शिवसेना हमारे साथ नहीं आना चाहती तो, फड़णवीस को आगे बढ़ना चाहिए और सरकार बनाने का दावा पेश करना चाहिए.'' हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें जीतीं है, जबकि शिवसेना को 56 सीटों पर जीत हासिल हुई है.
सारांश: शिवसेना सीएम पद को लेकर 50-50 का फॉर्मूला अपनाने की मांग कर रही है शिवसेना 56 विधायकों के साथ कैसे सरकार बना सकती है? भाजपा ने 105 सीटें जीतीं है, जबकि शिवसेना के पास 56 सीटें जीती हैं
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फलों और सब्जियों से भरा सूटकेस अमेरिका में रहने वाली महिला के लिए परेशानी बन गया. इस सूटकेस के कारण उन्हें न्यूजीलैंड में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली. अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी.  समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सिडनी से विमान से न्यूजीलैंड हवाईअड्डे पहुंची महिला ने जब अपना बैग स्क्रीनिंग के लिए रखा, तब इसकी जानकारी मिली. उसे जबरन अगले ही विमान से सिडनी भेजा गया. सीमा निकासी प्रबंधक एंड्रयू स्पेलमैन ने एक बयान में कहा, 'यात्री ने इस बात को स्वीकार किया कि वह जानबूझकर इस खाद्य सामाग्री को न्यूजीलैंड में लाई थी.' महिला से जब इस बारे में पूछा गया, तो उसने कहा कि वह अपने अन्य साथियों को देरी नहीं कराना चाहती थी और इसलिए, वह आश्वस्त नहीं थी कि वह अपने बैग में क्या-क्या रख सकती है.टिप्पणियां स्पेलमैन ने कहा, 'इस सूटकेस में संतरे, सेब, शकरकंदी, रुचिरा और गाजर थे. ऐसे मामलों के लिए केवल चेतावनी ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों को सख्ती से लिया जाना चाहिए.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सिडनी से विमान से न्यूजीलैंड हवाईअड्डे पहुंची महिला ने जब अपना बैग स्क्रीनिंग के लिए रखा, तब इसकी जानकारी मिली. उसे जबरन अगले ही विमान से सिडनी भेजा गया. सीमा निकासी प्रबंधक एंड्रयू स्पेलमैन ने एक बयान में कहा, 'यात्री ने इस बात को स्वीकार किया कि वह जानबूझकर इस खाद्य सामाग्री को न्यूजीलैंड में लाई थी.' महिला से जब इस बारे में पूछा गया, तो उसने कहा कि वह अपने अन्य साथियों को देरी नहीं कराना चाहती थी और इसलिए, वह आश्वस्त नहीं थी कि वह अपने बैग में क्या-क्या रख सकती है.टिप्पणियां स्पेलमैन ने कहा, 'इस सूटकेस में संतरे, सेब, शकरकंदी, रुचिरा और गाजर थे. ऐसे मामलों के लिए केवल चेतावनी ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों को सख्ती से लिया जाना चाहिए.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीमा निकासी प्रबंधक एंड्रयू स्पेलमैन ने एक बयान में कहा, 'यात्री ने इस बात को स्वीकार किया कि वह जानबूझकर इस खाद्य सामाग्री को न्यूजीलैंड में लाई थी.' महिला से जब इस बारे में पूछा गया, तो उसने कहा कि वह अपने अन्य साथियों को देरी नहीं कराना चाहती थी और इसलिए, वह आश्वस्त नहीं थी कि वह अपने बैग में क्या-क्या रख सकती है.टिप्पणियां स्पेलमैन ने कहा, 'इस सूटकेस में संतरे, सेब, शकरकंदी, रुचिरा और गाजर थे. ऐसे मामलों के लिए केवल चेतावनी ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों को सख्ती से लिया जाना चाहिए.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) स्पेलमैन ने कहा, 'इस सूटकेस में संतरे, सेब, शकरकंदी, रुचिरा और गाजर थे. ऐसे मामलों के लिए केवल चेतावनी ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों को सख्ती से लिया जाना चाहिए.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: सूटकेस में फल और सब्जी भरकर फ्लाइट पर पहुंची महिला न्यूजीलैंड हवाईअड्डे पर जांच में पकड़ी गई महिला उसे जबरन अगले ही विमान से सिडनी भेजा गया
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मासूम के रोने की आवाज़ किसी के भी सीने में दर्द पैदा कर सकती है, लेकिन इसकी सगी मां का दिल शायद पत्थर का था जो इस मासूम को पैदा होते ही सड़क पर मरने के लिए फेंक गई. दिल्ली पुलिस को आरके पुरम सेक्टर-5 में एक बैग पड़े होने की खबर मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बैग खोला तो उसमें बेहोशी की हालत में कुछ घंटों पहले पैदा हुई मासूम बच्ची थी. ठंड से अकड़ चुकी बच्ची को बिना वक़्त गंवाए एसएचओ सोमनाथ पृथि एम्स ट्रॉमा सेंटर ले गए.टिप्पणियां एम्स में डाक्टरों ने फ़ौरन बच्ची का इलाज शुरू किया. तबियत संभलने पर बच्ची को दूध पिलाया गया, लेकिन ये मासूम रो-रोकर शायद यही पूछ रही है कि आख़िर इसका क़ुसूर क्या है. एम्स नर्सरी में बच्ची का इलाज चल रहा है. अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुक़द्दमा दर्ज कर लिया है और इलाक़े के सीसीटीवी फुटेज और अस्‍पतालों के रिकॉर्ड के ज़रिए पुलिस बच्ची के मां-बाप को ढूंढ रही है. दिल्ली पुलिस को आरके पुरम सेक्टर-5 में एक बैग पड़े होने की खबर मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बैग खोला तो उसमें बेहोशी की हालत में कुछ घंटों पहले पैदा हुई मासूम बच्ची थी. ठंड से अकड़ चुकी बच्ची को बिना वक़्त गंवाए एसएचओ सोमनाथ पृथि एम्स ट्रॉमा सेंटर ले गए.टिप्पणियां एम्स में डाक्टरों ने फ़ौरन बच्ची का इलाज शुरू किया. तबियत संभलने पर बच्ची को दूध पिलाया गया, लेकिन ये मासूम रो-रोकर शायद यही पूछ रही है कि आख़िर इसका क़ुसूर क्या है. एम्स नर्सरी में बच्ची का इलाज चल रहा है. अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुक़द्दमा दर्ज कर लिया है और इलाक़े के सीसीटीवी फुटेज और अस्‍पतालों के रिकॉर्ड के ज़रिए पुलिस बच्ची के मां-बाप को ढूंढ रही है. एम्स में डाक्टरों ने फ़ौरन बच्ची का इलाज शुरू किया. तबियत संभलने पर बच्ची को दूध पिलाया गया, लेकिन ये मासूम रो-रोकर शायद यही पूछ रही है कि आख़िर इसका क़ुसूर क्या है. एम्स नर्सरी में बच्ची का इलाज चल रहा है. अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुक़द्दमा दर्ज कर लिया है और इलाक़े के सीसीटीवी फुटेज और अस्‍पतालों के रिकॉर्ड के ज़रिए पुलिस बच्ची के मां-बाप को ढूंढ रही है. एम्स नर्सरी में बच्ची का इलाज चल रहा है. अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुक़द्दमा दर्ज कर लिया है और इलाक़े के सीसीटीवी फुटेज और अस्‍पतालों के रिकॉर्ड के ज़रिए पुलिस बच्ची के मां-बाप को ढूंढ रही है.
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली पुलिस को आरके पुरम सेक्टर-5 में एक बैग में मिली थी बच्‍ची. बैग में बेहोशी की हालत में कुछ घंटों पहले पैदा हुई मासूम बच्ची थी. अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुक़द्दमा दर्ज कर लिया है.
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) खोलने जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फैसला जल्द हो सकता है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले हो सकता है। हालांकि, माना जा रहा है कि बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति के साथ वैश्विक रिटेल शृंखलाओं के लिए कड़ी शर्तें लगाई जाएंगी। इसमें यह शर्त भी होगी कि उन्हें छोटे किराना दुकानदारों को साथ लेकर चलना होगा, क्योंकि वैश्विक रिटेलरों के आने से उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा होने की आशंका है। सूत्रों ने कहा कि कैबिनेट सचिव अजित कुमार सेठ की अगुवाई वाली सचिवों की समिति जल्द प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए अंतिम रूप देगी। सचिवों की समिति के एक सदस्य ने कहा कि आगामी संसद सत्र से पहले हमें इस पर मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बहु ब्रांड खुदरा कारोबार जैसे संवेदनशील क्षेत्र को एफडीआई के लिए खोले जाने से छोटे दुकानदारों पर पड़ने वाले असर को लेकर काफी चिंता जताई जा रही है, इसलिए इसे मंजूरी देने में कई तरह की शर्तें होंगी। इसमें एक शर्त यह होगी कि रिटेल शृंखलाओं को 30 फीसदी विनिर्मित सामान सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों से खरीदना होगा।
संक्षिप्त पाठ: माना जा रहा है कि बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति के साथ वैश्विक रिटेल शृंखलाओं के लिए कड़ी शर्तें लगाई जाएंगी।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार में औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र में सोमवार को बारातियों से भरी एक बस को ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए. पुलिस के अनुसार, औरंगाबाद के शाहपुर मोहल्ले के रामचंद्र महतो के बेटे लव महतो की शादी मदनपुर थाना क्षेत्र के बंगरे गांव में तय हुई थी. रविवार की रात शादी संपन्न होने के बाद सोमवार को बाराती एक बस में सवार होकर शाहपुर लौट रहे थे, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 पर कामा बीघा मोड़ के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने बरातियों से भरी बस को पीछे से टक्कर मार दी.टिप्पणियां औरंगाबाद नगर थाना के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में घटनास्थल पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में अन्य सात लोग घायल हो गए हैं, जिनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें गया के मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद के सदर अस्पताल भेजा गया है.   औरंगाबाद नगर थाना के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में घटनास्थल पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में अन्य सात लोग घायल हो गए हैं, जिनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें गया के मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद के सदर अस्पताल भेजा गया है.
सोमवार को बारातियों से भरी एक बस को ट्रक ने टक्कर मार दी,पांच की मौत बाराती एक बस में सवार होकर शाहपुर लौट रहे थे दुर्घटना में घटनास्थल पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अस्पताल में
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ जामिया के बाद पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में भी जमकर बवाल हुआ. बॉलीवुड एक्टर जीशान अय्यूब (Zeeshan Ayyub) लगातार ट्विटर पर एक्टिव हैं और जामिया के छात्रों के साथ अपना समर्थन तो जता ही चुके हैं. अब जीशान अय्यूब ने अपने ट्विटर एकाउंट से ट्वीट किया है सीलमपुर के लोगों से अपील की है कि वह हिंसा का रास्ता न अपनाएं और इससे किसी का भला नहीं होने वाला है. जीशान अय्यूब (Zeeshan Ayyub)  का यह ट्वीट खूब पढ़ा जा रहा है. सीलमपुर के दोस्तों से दरखास्त है कि हथियार ना उठाएँ। वो जो चाहते हैं, आप उसे ही पूरा कर रहे हैं। याद रखिए, लड़ाई अहिंसा की है, हथियार ना उठाएँ।violence से आज तक किसी का भला नहीं हुआ। बॉलीवुड एक्टर जीशान अय्यूब (Zeeshan Ayyub)  ने सीलमपुर के लोगों से अपील की है और लिखा हैः 'सीलमपुर के दोस्तों से दरखास्त है कि हथियार ना उठाएं. वो जो चाहते हैं, आप उसे ही पूरा कर रहे हैं. याद रखिए, लड़ाई अहिंसा की है, हथियार ना उठाएं. हिंसा से आज तक किसी का भला नहीं हुआ.' नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए करीब 2,000 लोग इकट्ठा हुए थे. भीड़ ने सीलमपुर टी पॉइंट से जाफराबाद टी प्वाइंट के बीच पथराव किया. प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पुलिस चौकी को भी आग के हवाले कर दिया. कई बसों में तोड़फोड़ भी की. इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पूरे इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई है. बवाल होने के बाद वेलकम, जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं.
संक्षिप्त सारांश: जीशान अय्यूब ने किया ट्वीट सीलमपुर के लोगों से की अपील जामिया के छात्रों के लिए भी कर चुके हैं ट्वीट
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई आतंकी हमला मामले में दोषी ठहराए गए अभियुक्त मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया कि उसे सुनाई गई मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया जाए। कसाब का बचाव करने की खातिर अदालत की सहायता के लिए शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि वह राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा नहीं था। कसाब की उम्र पर जोर देते हुए उन्होंने नरम रवैया अपनाने का अनुरोध किया क्योंकि वह गलत विचारधारा और धार्मिक भावना भड़काए जाने के कारण इसमें शामिल हुआ। उन्होंने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के सामने उम्र कैद और अपरिवर्तनीय मौत की सजा का विकल्प है। अति सख्त सजा की पुष्टि करना विवेकपूर्ण नहीं होगा।’कसाब का प्रतिनिधित्व करते हुए रामचंद्रन ने कहा, ‘यहां तक कि मैं भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी भी हूं तो भी यह नहीं कहा जा सकता कि मैं युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़े षडयंत्र का हिस्सा हूं।’टिप्पणियां रामचंद्रन ने दावा किया कि अभियोजन उसके खिलाफ मामले को साबित करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान अपना बचाव करने का अधिकार और किसी वकील के जरिए बचाव के अधिकार का उल्लंघन हुआ। उच्चतम न्यायालय ने 10 अक्तूबर 2011 को 24 वर्षीय कसाब को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी थी। बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए कसाब ने विशेष अनुमति याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने दावा किया कि उसे घृणित अपराध को अंजाम देने के लिए ‘ब्रेनवाश’ किया गया और कम उम्र होने के नाते वह मौत की सजा का हकदार नहीं है। कसाब का बचाव करने की खातिर अदालत की सहायता के लिए शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि वह राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा नहीं था। कसाब की उम्र पर जोर देते हुए उन्होंने नरम रवैया अपनाने का अनुरोध किया क्योंकि वह गलत विचारधारा और धार्मिक भावना भड़काए जाने के कारण इसमें शामिल हुआ। उन्होंने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के सामने उम्र कैद और अपरिवर्तनीय मौत की सजा का विकल्प है। अति सख्त सजा की पुष्टि करना विवेकपूर्ण नहीं होगा।’कसाब का प्रतिनिधित्व करते हुए रामचंद्रन ने कहा, ‘यहां तक कि मैं भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी भी हूं तो भी यह नहीं कहा जा सकता कि मैं युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़े षडयंत्र का हिस्सा हूं।’टिप्पणियां रामचंद्रन ने दावा किया कि अभियोजन उसके खिलाफ मामले को साबित करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान अपना बचाव करने का अधिकार और किसी वकील के जरिए बचाव के अधिकार का उल्लंघन हुआ। उच्चतम न्यायालय ने 10 अक्तूबर 2011 को 24 वर्षीय कसाब को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी थी। बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए कसाब ने विशेष अनुमति याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने दावा किया कि उसे घृणित अपराध को अंजाम देने के लिए ‘ब्रेनवाश’ किया गया और कम उम्र होने के नाते वह मौत की सजा का हकदार नहीं है। कसाब की उम्र पर जोर देते हुए उन्होंने नरम रवैया अपनाने का अनुरोध किया क्योंकि वह गलत विचारधारा और धार्मिक भावना भड़काए जाने के कारण इसमें शामिल हुआ। उन्होंने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के सामने उम्र कैद और अपरिवर्तनीय मौत की सजा का विकल्प है। अति सख्त सजा की पुष्टि करना विवेकपूर्ण नहीं होगा।’कसाब का प्रतिनिधित्व करते हुए रामचंद्रन ने कहा, ‘यहां तक कि मैं भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी भी हूं तो भी यह नहीं कहा जा सकता कि मैं युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़े षडयंत्र का हिस्सा हूं।’टिप्पणियां रामचंद्रन ने दावा किया कि अभियोजन उसके खिलाफ मामले को साबित करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान अपना बचाव करने का अधिकार और किसी वकील के जरिए बचाव के अधिकार का उल्लंघन हुआ। उच्चतम न्यायालय ने 10 अक्तूबर 2011 को 24 वर्षीय कसाब को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी थी। बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए कसाब ने विशेष अनुमति याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने दावा किया कि उसे घृणित अपराध को अंजाम देने के लिए ‘ब्रेनवाश’ किया गया और कम उम्र होने के नाते वह मौत की सजा का हकदार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के सामने उम्र कैद और अपरिवर्तनीय मौत की सजा का विकल्प है। अति सख्त सजा की पुष्टि करना विवेकपूर्ण नहीं होगा।’कसाब का प्रतिनिधित्व करते हुए रामचंद्रन ने कहा, ‘यहां तक कि मैं भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी भी हूं तो भी यह नहीं कहा जा सकता कि मैं युद्ध छेड़ने के लिए किसी बड़े षडयंत्र का हिस्सा हूं।’टिप्पणियां रामचंद्रन ने दावा किया कि अभियोजन उसके खिलाफ मामले को साबित करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान अपना बचाव करने का अधिकार और किसी वकील के जरिए बचाव के अधिकार का उल्लंघन हुआ। उच्चतम न्यायालय ने 10 अक्तूबर 2011 को 24 वर्षीय कसाब को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी थी। बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए कसाब ने विशेष अनुमति याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने दावा किया कि उसे घृणित अपराध को अंजाम देने के लिए ‘ब्रेनवाश’ किया गया और कम उम्र होने के नाते वह मौत की सजा का हकदार नहीं है। रामचंद्रन ने दावा किया कि अभियोजन उसके खिलाफ मामले को साबित करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान अपना बचाव करने का अधिकार और किसी वकील के जरिए बचाव के अधिकार का उल्लंघन हुआ। उच्चतम न्यायालय ने 10 अक्तूबर 2011 को 24 वर्षीय कसाब को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी थी। बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए कसाब ने विशेष अनुमति याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने दावा किया कि उसे घृणित अपराध को अंजाम देने के लिए ‘ब्रेनवाश’ किया गया और कम उम्र होने के नाते वह मौत की सजा का हकदार नहीं है। बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए कसाब ने विशेष अनुमति याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने दावा किया कि उसे घृणित अपराध को अंजाम देने के लिए ‘ब्रेनवाश’ किया गया और कम उम्र होने के नाते वह मौत की सजा का हकदार नहीं है।
यह एक सारांश है: मुंबई आतंकी हमला मामले में दोषी ठहराए गए अभियुक्त कसाब ने उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया कि उसे सुनाई गई मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया जाए।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दार्जिलिंग शहर में हिंसक आंदोलन की आग लगी हुई है. इसकी शिकायत लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के नेता दिल्ली पहुंचे. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और मांग की कि इसमें केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे.   जीजेएम के जनरल सेक्रेटेरी रोशन गिरी और भाजपा के दार्जिलिंग से सांसद एसएस अहलूवालिया ने राजनाथ सिंह से मिलकर अपनी मांगें उनके सामने रखीं. रोशन गिरी ने गृह मंत्री से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं को बताया कि "हमने केंद्रीय मंत्री को वहां के हालात से अवगत कराया और बताया कि ममता सरकार जबरन हम पर बंगाली भाषा थोपना चाहती है. यह एक गंभीर मुद्दा है. केंद्र सरकार को इसमें दखल देने की जरूरत है." गिरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार वहां लोकतांत्रिक ढंग से चलाए जा रहे आंदोलन को खत्म करना चाहती है. उन्होंने कहा कि "हमारे दफ्तरों में रेड की गई. कई चीजें हमारे दफ्तरों में प्लांट की गईं. हम इसकी आलोचना करते हैं."   दरअसल गुरुवार को सुबह जीजेएम के नेता बिमल गुरुंग के घर की तलाशी ली गई. इसमें बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए जिसमें नाइट विजन दूरबीन और एक रेडियो सेट भी है. गिरी ने कहा कि "हम आदिवासी हैं. हमारी परंपरागत तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित की जाने वाली है. पुलिस ने हमारे परंपरागत उपकरणों को हथियार के रूप में दिखाया है. यही कारण है कि हम गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं क्योंकि हमारे अधिकार, संस्कृति, विरासत और परंपराओं का यहां कुछ भी सम्मान नहीं है." संगठन का कहना था कि यह एक राजनीतिक मामला है और राज्य सरकार को इसे राजनीतिक रूप से ही हल करना चाहिए. रोशन गिरी ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं जो पुलिस के दमन के विरुद्ध है. यह एक राजनीतिक मामला है. कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है. इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार को इसे राजनीतिक रूप से हल करना चाहिए. गोरखा नेताओं का यह भी कहना है कि बंगाली और नेपाली दोनों भाषाएं संविधान के आठवीं अनुसूची में हैं इसीलिए दोनो भाषाओं को इज्जत देनी चाहिए. उन्होंने कहा "हम पर बंगाली भाषा थोपी जा रही है. हम ऐसा नहीं होने देंगे."   बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे प्रधानमंत्री से बात कर समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे.टिप्पणियां दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. जीजेएम के जनरल सेक्रेटेरी रोशन गिरी और भाजपा के दार्जिलिंग से सांसद एसएस अहलूवालिया ने राजनाथ सिंह से मिलकर अपनी मांगें उनके सामने रखीं. रोशन गिरी ने गृह मंत्री से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं को बताया कि "हमने केंद्रीय मंत्री को वहां के हालात से अवगत कराया और बताया कि ममता सरकार जबरन हम पर बंगाली भाषा थोपना चाहती है. यह एक गंभीर मुद्दा है. केंद्र सरकार को इसमें दखल देने की जरूरत है." गिरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार वहां लोकतांत्रिक ढंग से चलाए जा रहे आंदोलन को खत्म करना चाहती है. उन्होंने कहा कि "हमारे दफ्तरों में रेड की गई. कई चीजें हमारे दफ्तरों में प्लांट की गईं. हम इसकी आलोचना करते हैं."   दरअसल गुरुवार को सुबह जीजेएम के नेता बिमल गुरुंग के घर की तलाशी ली गई. इसमें बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए जिसमें नाइट विजन दूरबीन और एक रेडियो सेट भी है. गिरी ने कहा कि "हम आदिवासी हैं. हमारी परंपरागत तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित की जाने वाली है. पुलिस ने हमारे परंपरागत उपकरणों को हथियार के रूप में दिखाया है. यही कारण है कि हम गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं क्योंकि हमारे अधिकार, संस्कृति, विरासत और परंपराओं का यहां कुछ भी सम्मान नहीं है." संगठन का कहना था कि यह एक राजनीतिक मामला है और राज्य सरकार को इसे राजनीतिक रूप से ही हल करना चाहिए. रोशन गिरी ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं जो पुलिस के दमन के विरुद्ध है. यह एक राजनीतिक मामला है. कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है. इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार को इसे राजनीतिक रूप से हल करना चाहिए. गोरखा नेताओं का यह भी कहना है कि बंगाली और नेपाली दोनों भाषाएं संविधान के आठवीं अनुसूची में हैं इसीलिए दोनो भाषाओं को इज्जत देनी चाहिए. उन्होंने कहा "हम पर बंगाली भाषा थोपी जा रही है. हम ऐसा नहीं होने देंगे."   बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे प्रधानमंत्री से बात कर समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे.टिप्पणियां दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. गिरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार वहां लोकतांत्रिक ढंग से चलाए जा रहे आंदोलन को खत्म करना चाहती है. उन्होंने कहा कि "हमारे दफ्तरों में रेड की गई. कई चीजें हमारे दफ्तरों में प्लांट की गईं. हम इसकी आलोचना करते हैं."   दरअसल गुरुवार को सुबह जीजेएम के नेता बिमल गुरुंग के घर की तलाशी ली गई. इसमें बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए जिसमें नाइट विजन दूरबीन और एक रेडियो सेट भी है. गिरी ने कहा कि "हम आदिवासी हैं. हमारी परंपरागत तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित की जाने वाली है. पुलिस ने हमारे परंपरागत उपकरणों को हथियार के रूप में दिखाया है. यही कारण है कि हम गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं क्योंकि हमारे अधिकार, संस्कृति, विरासत और परंपराओं का यहां कुछ भी सम्मान नहीं है." संगठन का कहना था कि यह एक राजनीतिक मामला है और राज्य सरकार को इसे राजनीतिक रूप से ही हल करना चाहिए. रोशन गिरी ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं जो पुलिस के दमन के विरुद्ध है. यह एक राजनीतिक मामला है. कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है. इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार को इसे राजनीतिक रूप से हल करना चाहिए. गोरखा नेताओं का यह भी कहना है कि बंगाली और नेपाली दोनों भाषाएं संविधान के आठवीं अनुसूची में हैं इसीलिए दोनो भाषाओं को इज्जत देनी चाहिए. उन्होंने कहा "हम पर बंगाली भाषा थोपी जा रही है. हम ऐसा नहीं होने देंगे."   बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे प्रधानमंत्री से बात कर समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे.टिप्पणियां दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. दरअसल गुरुवार को सुबह जीजेएम के नेता बिमल गुरुंग के घर की तलाशी ली गई. इसमें बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए जिसमें नाइट विजन दूरबीन और एक रेडियो सेट भी है. गिरी ने कहा कि "हम आदिवासी हैं. हमारी परंपरागत तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित की जाने वाली है. पुलिस ने हमारे परंपरागत उपकरणों को हथियार के रूप में दिखाया है. यही कारण है कि हम गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं क्योंकि हमारे अधिकार, संस्कृति, विरासत और परंपराओं का यहां कुछ भी सम्मान नहीं है." संगठन का कहना था कि यह एक राजनीतिक मामला है और राज्य सरकार को इसे राजनीतिक रूप से ही हल करना चाहिए. रोशन गिरी ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं जो पुलिस के दमन के विरुद्ध है. यह एक राजनीतिक मामला है. कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है. इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार को इसे राजनीतिक रूप से हल करना चाहिए. गोरखा नेताओं का यह भी कहना है कि बंगाली और नेपाली दोनों भाषाएं संविधान के आठवीं अनुसूची में हैं इसीलिए दोनो भाषाओं को इज्जत देनी चाहिए. उन्होंने कहा "हम पर बंगाली भाषा थोपी जा रही है. हम ऐसा नहीं होने देंगे."   बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे प्रधानमंत्री से बात कर समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे.टिप्पणियां दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. गिरी ने कहा कि "हम आदिवासी हैं. हमारी परंपरागत तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित की जाने वाली है. पुलिस ने हमारे परंपरागत उपकरणों को हथियार के रूप में दिखाया है. यही कारण है कि हम गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं क्योंकि हमारे अधिकार, संस्कृति, विरासत और परंपराओं का यहां कुछ भी सम्मान नहीं है." संगठन का कहना था कि यह एक राजनीतिक मामला है और राज्य सरकार को इसे राजनीतिक रूप से ही हल करना चाहिए. रोशन गिरी ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं जो पुलिस के दमन के विरुद्ध है. यह एक राजनीतिक मामला है. कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है. इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार को इसे राजनीतिक रूप से हल करना चाहिए. गोरखा नेताओं का यह भी कहना है कि बंगाली और नेपाली दोनों भाषाएं संविधान के आठवीं अनुसूची में हैं इसीलिए दोनो भाषाओं को इज्जत देनी चाहिए. उन्होंने कहा "हम पर बंगाली भाषा थोपी जा रही है. हम ऐसा नहीं होने देंगे."   बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे प्रधानमंत्री से बात कर समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे.टिप्पणियां दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. संगठन का कहना था कि यह एक राजनीतिक मामला है और राज्य सरकार को इसे राजनीतिक रूप से ही हल करना चाहिए. रोशन गिरी ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं जो पुलिस के दमन के विरुद्ध है. यह एक राजनीतिक मामला है. कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है. इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार को इसे राजनीतिक रूप से हल करना चाहिए. गोरखा नेताओं का यह भी कहना है कि बंगाली और नेपाली दोनों भाषाएं संविधान के आठवीं अनुसूची में हैं इसीलिए दोनो भाषाओं को इज्जत देनी चाहिए. उन्होंने कहा "हम पर बंगाली भाषा थोपी जा रही है. हम ऐसा नहीं होने देंगे."   बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे प्रधानमंत्री से बात कर समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे.टिप्पणियां दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. गोरखा नेताओं का यह भी कहना है कि बंगाली और नेपाली दोनों भाषाएं संविधान के आठवीं अनुसूची में हैं इसीलिए दोनो भाषाओं को इज्जत देनी चाहिए. उन्होंने कहा "हम पर बंगाली भाषा थोपी जा रही है. हम ऐसा नहीं होने देंगे."   बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे प्रधानमंत्री से बात कर समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे.टिप्पणियां दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे प्रधानमंत्री से बात कर समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे.टिप्पणियां दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है. मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है.
जीजेएम के नेता रोशन गिरी और सांसद अहलूवालिया गृह मंत्री से मिले आरोप- पुलिस ने परंपरागत उपकरणों को हथियार के रूप में दिखाया कहा- राज्य सरकार को राजनीतिक रूप से ही हल करना चाहिए मामला
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मंगलवार को रेपो दर और सीआरआर में कटौती करने बाद भी देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 112.45 अंकों की गिरावट के साथ 19,990.90 पर और निफ्टी 24.90 अंकों की गिरावट के साथ 6,049.90 पर बंद हुआ। रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर और सीआरआर में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा से शेयर बाजारों में तत्काल उछाल देखी गई थी। सेंसेक्स दोपहर लगभग 12.23 बजे 74.82 अंकों की तेजी के साथ 20,178.17 पर और निफ्टी भी लगभग इसी वक्त 29.85 अंकों की तेजी के साथ 6,104.65 पर कारोबार करते देखे गए। लेकिन यह तेजी अधिक समय तक बरकरार नहीं रह पाई, और सूचकांक गिरावट की स्थिति में पहुंच गए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 23.04 अंकों की गिरावट के साथ 20,080.31 पर खुला और 112.45 अंकों या 0.56 फीसदी गिरावट के साथ 19,990.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,203.66 के ऊपरी और 19,970.05 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 10.10 अंकों की गिरावट के साथ 6,064.70 पर खुला और 24.90 अंकों या 0.41 फीसदी की गिरावट के साथ 6,049.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,111.80 के ऊपरी और 6,042.45 के निचले स्तर को छुआ। रिजर्व बैंक द्वारा की गई कटौती के बाद ताजा रेपो दर 7.75 फीसदी हो गई। रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के कर्ज देता है। रेपो दर में कटौती के साथ ही रिवर्स रेपो दर भी घट कर 6.75 फीसदी हो गई। रिवर्स रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उधारी लेता है। रिजर्व बैंक ने सीआरआर को भी 25 आधार अंक घटाकर 4.00 फीसदी कर दिया। यह बैंकों की कुल जमा का वह अनुपात होता है, जो उन्हें रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। सीआरआर में इस कटौती से बाजार में 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता पैदा होगी।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप 39.91 अंकों की गिरावट के साथ 6,935.93 पर और स्मॉलकैप 65.11 अंकों की गिरावट के साथ 7,096.94 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.70 फीसदी) में तेजी रही। रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर और सीआरआर में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा से शेयर बाजारों में तत्काल उछाल देखी गई थी। सेंसेक्स दोपहर लगभग 12.23 बजे 74.82 अंकों की तेजी के साथ 20,178.17 पर और निफ्टी भी लगभग इसी वक्त 29.85 अंकों की तेजी के साथ 6,104.65 पर कारोबार करते देखे गए। लेकिन यह तेजी अधिक समय तक बरकरार नहीं रह पाई, और सूचकांक गिरावट की स्थिति में पहुंच गए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 23.04 अंकों की गिरावट के साथ 20,080.31 पर खुला और 112.45 अंकों या 0.56 फीसदी गिरावट के साथ 19,990.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,203.66 के ऊपरी और 19,970.05 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 10.10 अंकों की गिरावट के साथ 6,064.70 पर खुला और 24.90 अंकों या 0.41 फीसदी की गिरावट के साथ 6,049.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,111.80 के ऊपरी और 6,042.45 के निचले स्तर को छुआ। रिजर्व बैंक द्वारा की गई कटौती के बाद ताजा रेपो दर 7.75 फीसदी हो गई। रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के कर्ज देता है। रेपो दर में कटौती के साथ ही रिवर्स रेपो दर भी घट कर 6.75 फीसदी हो गई। रिवर्स रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उधारी लेता है। रिजर्व बैंक ने सीआरआर को भी 25 आधार अंक घटाकर 4.00 फीसदी कर दिया। यह बैंकों की कुल जमा का वह अनुपात होता है, जो उन्हें रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। सीआरआर में इस कटौती से बाजार में 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता पैदा होगी।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप 39.91 अंकों की गिरावट के साथ 6,935.93 पर और स्मॉलकैप 65.11 अंकों की गिरावट के साथ 7,096.94 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.70 फीसदी) में तेजी रही। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 23.04 अंकों की गिरावट के साथ 20,080.31 पर खुला और 112.45 अंकों या 0.56 फीसदी गिरावट के साथ 19,990.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,203.66 के ऊपरी और 19,970.05 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 10.10 अंकों की गिरावट के साथ 6,064.70 पर खुला और 24.90 अंकों या 0.41 फीसदी की गिरावट के साथ 6,049.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,111.80 के ऊपरी और 6,042.45 के निचले स्तर को छुआ। रिजर्व बैंक द्वारा की गई कटौती के बाद ताजा रेपो दर 7.75 फीसदी हो गई। रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के कर्ज देता है। रेपो दर में कटौती के साथ ही रिवर्स रेपो दर भी घट कर 6.75 फीसदी हो गई। रिवर्स रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उधारी लेता है। रिजर्व बैंक ने सीआरआर को भी 25 आधार अंक घटाकर 4.00 फीसदी कर दिया। यह बैंकों की कुल जमा का वह अनुपात होता है, जो उन्हें रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। सीआरआर में इस कटौती से बाजार में 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता पैदा होगी।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप 39.91 अंकों की गिरावट के साथ 6,935.93 पर और स्मॉलकैप 65.11 अंकों की गिरावट के साथ 7,096.94 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.70 फीसदी) में तेजी रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 10.10 अंकों की गिरावट के साथ 6,064.70 पर खुला और 24.90 अंकों या 0.41 फीसदी की गिरावट के साथ 6,049.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,111.80 के ऊपरी और 6,042.45 के निचले स्तर को छुआ। रिजर्व बैंक द्वारा की गई कटौती के बाद ताजा रेपो दर 7.75 फीसदी हो गई। रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के कर्ज देता है। रेपो दर में कटौती के साथ ही रिवर्स रेपो दर भी घट कर 6.75 फीसदी हो गई। रिवर्स रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उधारी लेता है। रिजर्व बैंक ने सीआरआर को भी 25 आधार अंक घटाकर 4.00 फीसदी कर दिया। यह बैंकों की कुल जमा का वह अनुपात होता है, जो उन्हें रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। सीआरआर में इस कटौती से बाजार में 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता पैदा होगी।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप 39.91 अंकों की गिरावट के साथ 6,935.93 पर और स्मॉलकैप 65.11 अंकों की गिरावट के साथ 7,096.94 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.70 फीसदी) में तेजी रही। रिजर्व बैंक द्वारा की गई कटौती के बाद ताजा रेपो दर 7.75 फीसदी हो गई। रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के कर्ज देता है। रेपो दर में कटौती के साथ ही रिवर्स रेपो दर भी घट कर 6.75 फीसदी हो गई। रिवर्स रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उधारी लेता है। रिजर्व बैंक ने सीआरआर को भी 25 आधार अंक घटाकर 4.00 फीसदी कर दिया। यह बैंकों की कुल जमा का वह अनुपात होता है, जो उन्हें रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। सीआरआर में इस कटौती से बाजार में 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता पैदा होगी।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप 39.91 अंकों की गिरावट के साथ 6,935.93 पर और स्मॉलकैप 65.11 अंकों की गिरावट के साथ 7,096.94 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.70 फीसदी) में तेजी रही। रिजर्व बैंक ने सीआरआर को भी 25 आधार अंक घटाकर 4.00 फीसदी कर दिया। यह बैंकों की कुल जमा का वह अनुपात होता है, जो उन्हें रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। सीआरआर में इस कटौती से बाजार में 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता पैदा होगी।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप 39.91 अंकों की गिरावट के साथ 6,935.93 पर और स्मॉलकैप 65.11 अंकों की गिरावट के साथ 7,096.94 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.70 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप 39.91 अंकों की गिरावट के साथ 6,935.93 पर और स्मॉलकैप 65.11 अंकों की गिरावट के साथ 7,096.94 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.70 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.70 फीसदी) में तेजी रही।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मंगलवार को रेपो दर और सीआरआर में कटौती करने बाद भी देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 112.45 अंकों की गिरावट के साथ 19,990.90 पर और निफ्टी 24.90 अंकों की गिरावट के साथ 6,049.90 पर बंद हुआ।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केरल में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कई हिस्सों में राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों पर पथराव की घटनाएं सामने आई है. राज्य के कई संगठनों ने दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सुबह से शाम तक की हड़ताल आहूत की है. राज्य में करीब 30 इस्लामिक और राजनीतिक संगठनों ने हड़ताल बुलाई है. हालांकि, इस हड़ताल से माकपा और विपक्षी कांग्रेस तथा आईयूएमएल ने खुद को अलग रखा है. केएसआरटीसी, निजी बसें, चार वाहन और ऑटोरिक्शा राजधानी में चलते हुए देखे गए जबकि उत्तरी केरल खास तौर पर कन्नूर और कोझिकोड में सुबह सड़कें खाली रही. शहर के पेरूर्रकादा इलाके के अलावा पलक्कड़, वायनाड, कोझिकोड और अलुवा में केएसआरसीटीसी बसों पर भी पथराव हुआ है. कई स्थानों पर हड़ताल समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया. पुलिस अधीक्षक शिवा विक्रम ने बताया कि पलक्कड में करीब 120 लोगों को या तो गिरफ्तार कर लिया गया या एहतियात के तौर पर सुबह नौ बजे तक हिरासत में लिया गया.  उन्होंने बताया, ‘करीब 50-70 लोगों को अब तक हिरासत में लिया गया है और बाकी को गिरफ्तार किया गया.' अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु के वेलनकन्नी से आ रही बस पर वलायार में तड़के तीन बजे पथराव की घटना सामने आई. कन्नूर में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक जुलूस भी निकाला. इन कार्यकर्ताओं को हटाया गया और हिरासत में लिया गया. प्रदर्शन कर रही दो महिला कार्यकर्ताओं को जब पुलिस ले जा रही थी तो उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए और ‘सीएए वापस लो' के नारे लगाए. उन्होंने जामिया के छात्रों का हवाला देते हुए कहा, ‘वे हमारे बच्चे हैं और आप को हमारा समर्थन करना चाहिए.' मुन्नार में भी केएसआरटीसी बस पर पथराव की घटना सामने आई है. मंगलवार को आयोजित होने वाली स्कूल और विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को अभी तक स्थगित नहीं किया गया है. राज्य के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हड़ताल अवैध है क्योंकि इसके लिए पहले से अनुमति नहीं ली गई है जो कि जरूरी है.
संक्षिप्त सारांश: केरल में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कांग्रेस और माकपा ने आंदोलन से अपने आप को रखा है अलग जामिया हिंसा के विरोध में हो रहा है प्रदर्शन
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्पिन गेंदबाज अब्दुर रहमान (25/6) और सईद अजमल (22/3) की कसी हुई गेंदबाजी की बदौलत पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने शेख जायेद स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में शनिवार को इंग्लैंड को 72 रनों से हरा दिया। इस प्रकार तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तान ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। पाकिस्तान द्वारा जीत के लिए रखे गए 145 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 72 रन पर ढेर हो गई। इंग्लैंड की ओर से कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने सबसे अधिक 32 रन बनाए जबकि विकेट कीपर बल्लेबाज मैट प्रायर ने 18 रनों का योगदान दिया। इंग्लैंड के आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। रहमान ने मैच में कुल आठ विकेट झटके। रहमान को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया। पाकिस्तान की दूसरी पारी 214 रनों पर सिमट गई थी जबकि उसने पहली पारी में 257 रन बनाए थे। इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 327 रन बनाए थे। इस प्रकार इंग्लैंड को पहली पारी में 70 रनों की बढ़त प्राप्त थी। टिप्पणियां इससे पहले, पाकिस्तान की ओर से चौथे दिन के खेल की शुरुआत शुक्रवार के नाबाद लौटे बल्लेबाज अजहर अली (46) और असद शफीक (35)  ने किया। पाकिस्तान ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक चार विकेट पर 125 रन बनाए थे। अजहर 68 रन जबकि शफीक ने 43 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से दूसरी पारी में लम्बे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर ने छह विकेट झटके जबकि ग्रीम स्वान के खाते में दो विकेट गया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी टीम ने पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से अपने नाम किया था। पाकिस्तान द्वारा जीत के लिए रखे गए 145 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 72 रन पर ढेर हो गई। इंग्लैंड की ओर से कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने सबसे अधिक 32 रन बनाए जबकि विकेट कीपर बल्लेबाज मैट प्रायर ने 18 रनों का योगदान दिया। इंग्लैंड के आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। रहमान ने मैच में कुल आठ विकेट झटके। रहमान को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया। पाकिस्तान की दूसरी पारी 214 रनों पर सिमट गई थी जबकि उसने पहली पारी में 257 रन बनाए थे। इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 327 रन बनाए थे। इस प्रकार इंग्लैंड को पहली पारी में 70 रनों की बढ़त प्राप्त थी। टिप्पणियां इससे पहले, पाकिस्तान की ओर से चौथे दिन के खेल की शुरुआत शुक्रवार के नाबाद लौटे बल्लेबाज अजहर अली (46) और असद शफीक (35)  ने किया। पाकिस्तान ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक चार विकेट पर 125 रन बनाए थे। अजहर 68 रन जबकि शफीक ने 43 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से दूसरी पारी में लम्बे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर ने छह विकेट झटके जबकि ग्रीम स्वान के खाते में दो विकेट गया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी टीम ने पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से अपने नाम किया था। रहमान ने मैच में कुल आठ विकेट झटके। रहमान को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया। पाकिस्तान की दूसरी पारी 214 रनों पर सिमट गई थी जबकि उसने पहली पारी में 257 रन बनाए थे। इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 327 रन बनाए थे। इस प्रकार इंग्लैंड को पहली पारी में 70 रनों की बढ़त प्राप्त थी। टिप्पणियां इससे पहले, पाकिस्तान की ओर से चौथे दिन के खेल की शुरुआत शुक्रवार के नाबाद लौटे बल्लेबाज अजहर अली (46) और असद शफीक (35)  ने किया। पाकिस्तान ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक चार विकेट पर 125 रन बनाए थे। अजहर 68 रन जबकि शफीक ने 43 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से दूसरी पारी में लम्बे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर ने छह विकेट झटके जबकि ग्रीम स्वान के खाते में दो विकेट गया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी टीम ने पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से अपने नाम किया था। पाकिस्तान की दूसरी पारी 214 रनों पर सिमट गई थी जबकि उसने पहली पारी में 257 रन बनाए थे। इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 327 रन बनाए थे। इस प्रकार इंग्लैंड को पहली पारी में 70 रनों की बढ़त प्राप्त थी। टिप्पणियां इससे पहले, पाकिस्तान की ओर से चौथे दिन के खेल की शुरुआत शुक्रवार के नाबाद लौटे बल्लेबाज अजहर अली (46) और असद शफीक (35)  ने किया। पाकिस्तान ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक चार विकेट पर 125 रन बनाए थे। अजहर 68 रन जबकि शफीक ने 43 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से दूसरी पारी में लम्बे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर ने छह विकेट झटके जबकि ग्रीम स्वान के खाते में दो विकेट गया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी टीम ने पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से अपने नाम किया था। इससे पहले, पाकिस्तान की ओर से चौथे दिन के खेल की शुरुआत शुक्रवार के नाबाद लौटे बल्लेबाज अजहर अली (46) और असद शफीक (35)  ने किया। पाकिस्तान ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक चार विकेट पर 125 रन बनाए थे। अजहर 68 रन जबकि शफीक ने 43 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से दूसरी पारी में लम्बे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर ने छह विकेट झटके जबकि ग्रीम स्वान के खाते में दो विकेट गया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी टीम ने पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से अपने नाम किया था। अजहर 68 रन जबकि शफीक ने 43 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से दूसरी पारी में लम्बे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर ने छह विकेट झटके जबकि ग्रीम स्वान के खाते में दो विकेट गया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी टीम ने पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से अपने नाम किया था।
सारांश: रहमान (25/6) और अजमल (22/3) की कसी हुई गेंदबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने शेख जायेद स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में शनिवार को इंग्लैंड को 72 रनों से हरा दिया।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के मध्यक्रम के बल्लेबाज युवराज सिंह ने खुलासा किया है कि पिछले साल जब उन्हें टेस्ट और वनडे टीम से बाहर किया गया तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे। युवराज ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि उनके 10 साल के करियर का यह सबसे कड़ा दौर था तथा उनके माता-पिता ने इससे बाहर निकलने में उनकी मदद की। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए मुश्किल दौर था। यह पिछले 10 साल में मेरे लिए सबसे कड़ा दौर था। ऐसा भी समय आया, जब मैंने खुद से पूछा कि क्या मुझे खेलना जारी रखना चाहिए। मैं गंभीरता से सोचने लग गया था कि क्या मैं आगे खेलना चाहता हूं या नहीं। मेरे दिमाग में कई नकारात्मक विचार आ रहे थे। युवराज ने कहा, जब भी मैं मैदान पर उतरता, चोटिल हो जाता। यह समय मेरे लिए वास्तव में खराब था। मैं अपने कुछ अच्छे मित्रों तथा माता-पिता की मदद से ही इस दौर से निकल पाया। मैंने खुद को प्रेरित किया और कड़ी मेहनत की। बायें हाथ के इस बल्लेबाज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अक्टूबर में हुई टेस्ट सीरीज की टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके अलावा उन्हें जून में श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप की टीम में भी नहीं चुना गया था। युवराज ने कहा कि वह विश्वकप के लिए फॉर्म में वापसी के प्रति आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा, पिछले सालों की तुलना में मेरी फार्म इस समय अच्छी है। पिछला साल इसलिए कड़ा रहा, क्योंकि मैं चोटिल था। मैं विश्वकप के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा, मैं विश्वकप के लिए कुछ भी कर सकता हैं और सचिन तेंदुलकर के लिए इसे जीतना चाहता हूं। भारत के लिए यह सपना सच होने जैसा रहेगा।
यहाँ एक सारांश है:युवराज सिंह ने खुलासा किया है कि पिछले साल जब उन्हें टेस्ट और वनडे टीम से बाहर किया गया तो वह क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वस्तु एवं सेवाकर यानी जीएसटी व्यवस्था के तहत सोने और गहनों की खरीदारी कुछ महंगी हो जाएगी. वहीं 1,000 रुपये तक की कीमत वाले परिधान सस्ते होंगे. जीएसटी परिषद के अध्यक्ष जेटली ने परिषद की 15वीं बैठक के बाद कहा, 'सोने पर इस समय 1 फीसदी उत्पाद शुल्क और राज्यों द्वारा 1 फीसदी वैट लगाया जाता है. इन दरों को ध्यान में रखते हुए परिषद ने काफी विचार-विमर्श के बाद सोना और स्वर्ण आभूषणों पर सर्वसम्मति से 3 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है.' जीएसटी परिषद की शनिवार को हुई 15वीं बैठक में बिना तराशे हीरों पर 0.25 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने का भी फैसला किया गया. कृषि उपकरणों के लिए 5 और 12 प्रतिशत की दो दरें रखीं गई. परिषद में लिए गए फैसले के मुताबिक सभी तरह के बिस्कुट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. इसी प्रकार 500 रुपये तक कीमत वाले फुटवियर पर 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. इससे अधिक मूल्य वाले चप्पल-जूते पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा. जेटली ने कहा कि फुटवियर और कपड़े के मामले में काफी बड़ी राहत दी गई है. टिप्पणियां कपड़े की श्रेणी में रेशमी और पटसन फाइबर को जीएसटी से मुक्त रखा गया है, जबकि कपास और प्राकृतिक रेशे और सभी तरह के धागे पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा. मानव-निर्मित फाइबर और धागा हालांकि 18 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में आएगा. सभी तरह के कपड़े पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा, जबकि 1,000 रुपये तक के परिधानों पर 5 प्रतिशत की निम्न दर से जीएसटी लागू होगा. वर्तमान में इस पर 7 प्रतिशत की दर से कर लगता है. एक हजार रुपये से अधिक मूल्य के कपड़ों पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. उन्होंने कहा कि परिषद की अगली बैठक 11 जून को होगी, जिसमें एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी. जीएसटी परिषद की शनिवार को हुई 15वीं बैठक में बिना तराशे हीरों पर 0.25 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने का भी फैसला किया गया. कृषि उपकरणों के लिए 5 और 12 प्रतिशत की दो दरें रखीं गई. परिषद में लिए गए फैसले के मुताबिक सभी तरह के बिस्कुट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. इसी प्रकार 500 रुपये तक कीमत वाले फुटवियर पर 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. इससे अधिक मूल्य वाले चप्पल-जूते पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा. जेटली ने कहा कि फुटवियर और कपड़े के मामले में काफी बड़ी राहत दी गई है. टिप्पणियां कपड़े की श्रेणी में रेशमी और पटसन फाइबर को जीएसटी से मुक्त रखा गया है, जबकि कपास और प्राकृतिक रेशे और सभी तरह के धागे पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा. मानव-निर्मित फाइबर और धागा हालांकि 18 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में आएगा. सभी तरह के कपड़े पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा, जबकि 1,000 रुपये तक के परिधानों पर 5 प्रतिशत की निम्न दर से जीएसटी लागू होगा. वर्तमान में इस पर 7 प्रतिशत की दर से कर लगता है. एक हजार रुपये से अधिक मूल्य के कपड़ों पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. उन्होंने कहा कि परिषद की अगली बैठक 11 जून को होगी, जिसमें एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी. परिषद में लिए गए फैसले के मुताबिक सभी तरह के बिस्कुट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. इसी प्रकार 500 रुपये तक कीमत वाले फुटवियर पर 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. इससे अधिक मूल्य वाले चप्पल-जूते पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा. जेटली ने कहा कि फुटवियर और कपड़े के मामले में काफी बड़ी राहत दी गई है. टिप्पणियां कपड़े की श्रेणी में रेशमी और पटसन फाइबर को जीएसटी से मुक्त रखा गया है, जबकि कपास और प्राकृतिक रेशे और सभी तरह के धागे पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा. मानव-निर्मित फाइबर और धागा हालांकि 18 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में आएगा. सभी तरह के कपड़े पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा, जबकि 1,000 रुपये तक के परिधानों पर 5 प्रतिशत की निम्न दर से जीएसटी लागू होगा. वर्तमान में इस पर 7 प्रतिशत की दर से कर लगता है. एक हजार रुपये से अधिक मूल्य के कपड़ों पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. उन्होंने कहा कि परिषद की अगली बैठक 11 जून को होगी, जिसमें एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी. कपड़े की श्रेणी में रेशमी और पटसन फाइबर को जीएसटी से मुक्त रखा गया है, जबकि कपास और प्राकृतिक रेशे और सभी तरह के धागे पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा. मानव-निर्मित फाइबर और धागा हालांकि 18 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में आएगा. सभी तरह के कपड़े पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा, जबकि 1,000 रुपये तक के परिधानों पर 5 प्रतिशत की निम्न दर से जीएसटी लागू होगा. वर्तमान में इस पर 7 प्रतिशत की दर से कर लगता है. एक हजार रुपये से अधिक मूल्य के कपड़ों पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. उन्होंने कहा कि परिषद की अगली बैठक 11 जून को होगी, जिसमें एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी. सभी तरह के कपड़े पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा, जबकि 1,000 रुपये तक के परिधानों पर 5 प्रतिशत की निम्न दर से जीएसटी लागू होगा. वर्तमान में इस पर 7 प्रतिशत की दर से कर लगता है. एक हजार रुपये से अधिक मूल्य के कपड़ों पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. उन्होंने कहा कि परिषद की अगली बैठक 11 जून को होगी, जिसमें एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी.
संक्षिप्त सारांश: फुटवियर और कपड़े के मामले में काफी बड़ी राहत दी गई है - जेटली बिस्कुट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा सोने और गहनों पर 3 फीसदी टैक्स की दर तय
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार, मूल्य वृद्धि और अन्य मुद्दों को लेकर मोरक्को के प्रमुख शहरों में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस्लामी नेतृत्व वाली सरकार द्वारा चुनावी वादों को पूरा करने में विफलता को लेकर क्षोभ के मद्देनजर मानवाधिकार समूह, मजदूर संगठन और 20 फरवरी को आंदोलन करने वालों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि मोरक्को के सबसे बड़े शहर कासाब्लांका में करीब एक हजार लोग जुटे और भ्रष्टाचार विरोधी नारा लगाया। साथ ही उन्होंने मूल्य वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाई और जेल में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की।टिप्पणियां राजधानी रबात में करीब 300 लोगों ने प्रधानमंत्री अब्देला बेंकीराने और किंग मोहम्मद छठे के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार विरोधी पोस्टर लहराए। एक पोस्टर पर लिखा था, ‘‘कार्यकर्ताओं को रिहा करो.. लोगों का उत्पीड़न रोका।’’ 20 फरवरी के आंदोलन के सुधारवादी सदस्यों को हाल के महीने में अवैध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए जेल भेजा गया है। कार्यकर्ताओं ने पीजेडी पार्टी को ईंधन के मूल्यों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया। सरकार ने जब सब्सिडी कम करने की घोषणा की तो जून में पेट्रोल के मूल्य में 20 फीसदी की वृद्धि हो गई जिससे भोजन और अन्य सामानों की कीमतों में उछाल आ गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि मोरक्को के सबसे बड़े शहर कासाब्लांका में करीब एक हजार लोग जुटे और भ्रष्टाचार विरोधी नारा लगाया। साथ ही उन्होंने मूल्य वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाई और जेल में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की।टिप्पणियां राजधानी रबात में करीब 300 लोगों ने प्रधानमंत्री अब्देला बेंकीराने और किंग मोहम्मद छठे के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार विरोधी पोस्टर लहराए। एक पोस्टर पर लिखा था, ‘‘कार्यकर्ताओं को रिहा करो.. लोगों का उत्पीड़न रोका।’’ 20 फरवरी के आंदोलन के सुधारवादी सदस्यों को हाल के महीने में अवैध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए जेल भेजा गया है। कार्यकर्ताओं ने पीजेडी पार्टी को ईंधन के मूल्यों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया। सरकार ने जब सब्सिडी कम करने की घोषणा की तो जून में पेट्रोल के मूल्य में 20 फीसदी की वृद्धि हो गई जिससे भोजन और अन्य सामानों की कीमतों में उछाल आ गया। राजधानी रबात में करीब 300 लोगों ने प्रधानमंत्री अब्देला बेंकीराने और किंग मोहम्मद छठे के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार विरोधी पोस्टर लहराए। एक पोस्टर पर लिखा था, ‘‘कार्यकर्ताओं को रिहा करो.. लोगों का उत्पीड़न रोका।’’ 20 फरवरी के आंदोलन के सुधारवादी सदस्यों को हाल के महीने में अवैध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए जेल भेजा गया है। कार्यकर्ताओं ने पीजेडी पार्टी को ईंधन के मूल्यों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया। सरकार ने जब सब्सिडी कम करने की घोषणा की तो जून में पेट्रोल के मूल्य में 20 फीसदी की वृद्धि हो गई जिससे भोजन और अन्य सामानों की कीमतों में उछाल आ गया। कार्यकर्ताओं ने पीजेडी पार्टी को ईंधन के मूल्यों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया। सरकार ने जब सब्सिडी कम करने की घोषणा की तो जून में पेट्रोल के मूल्य में 20 फीसदी की वृद्धि हो गई जिससे भोजन और अन्य सामानों की कीमतों में उछाल आ गया।
संक्षिप्त सारांश: भ्रष्टाचार, मूल्य वृद्धि और अन्य मुद्दों को लेकर मोरक्को के प्रमुख शहरों में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: एक मशहूर अभिनेत्री होने के बावजूद कैरी अंडरवुड आज भी अपने कपड़े स्वयं धोती हैं, क्योंकि उनके मुताबिक उन्हें अपने कपड़े अपने हाथों से धोना अच्छा लगता है।टिप्पणियां वेबसाइट पीपुल्स.काम ने 29-वर्षीय अंडरवुड के हवाले से बताया, "मुझे यह पसंद नहीं है कि मेरे कपड़े कोई दूसरा धोए। और इसकी दूसरी वजह यह भी है कि मैं छुट्टी वाले दिन और कर भी क्या सकती हूं।" अंडरवुड ने बताया कि वह अपनी यात्राओं के दौरान रोजाना किए जाने वाले इन कार्यो को नहीं करतीं। "ये सब चीजें यात्रा को थोड़ा मुश्किल बना देती हैं, क्योंकि मेरे पास वास्तव में इन सबके लिए समय नहीं होता।" वेबसाइट पीपुल्स.काम ने 29-वर्षीय अंडरवुड के हवाले से बताया, "मुझे यह पसंद नहीं है कि मेरे कपड़े कोई दूसरा धोए। और इसकी दूसरी वजह यह भी है कि मैं छुट्टी वाले दिन और कर भी क्या सकती हूं।" अंडरवुड ने बताया कि वह अपनी यात्राओं के दौरान रोजाना किए जाने वाले इन कार्यो को नहीं करतीं। "ये सब चीजें यात्रा को थोड़ा मुश्किल बना देती हैं, क्योंकि मेरे पास वास्तव में इन सबके लिए समय नहीं होता।" अंडरवुड ने बताया कि वह अपनी यात्राओं के दौरान रोजाना किए जाने वाले इन कार्यो को नहीं करतीं। "ये सब चीजें यात्रा को थोड़ा मुश्किल बना देती हैं, क्योंकि मेरे पास वास्तव में इन सबके लिए समय नहीं होता।"
यह एक सारांश है: एक मशहूर अभिनेत्री होने के बावजूद कैरी अंडरवुड आज भी अपने कपड़े स्वयं धोती हैं, क्योंकि उनके मुताबिक उन्हें अपने कपड़े अपने हाथों से धोना अच्छा लगता है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया अगले हफ्ते लंदन में आईसीसी की सालाना कॉन्फ्रेंस में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर शिकरत करेंगे। इससे यह संदेह खत्म हो गया कि इस बैठक में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। डालमिया ने बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) की विशेष बैठक के खत्म होने के बाद ईडन गार्डन्स में पत्रकारों से कहा, मैं बीसीसीआई की ओर से आईसीसी कार्यकारी बोर्ड, विकास बोर्ड और सालाना कॉन्फ्रेंस में भाग लूंगा।टिप्पणियां बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी स्कैंडल की जांच पूरी होने तक खुद को पद से अलग कर लिया था, यह पूछने पर कि क्या वह भी कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे, तो डालमिया ने जवाब दिया, मेरी जानकारी में ऐसा कुछ नहीं है कि श्रीनिवासन आईसीसी बैठक के लिए जा रहे हैं। डालमिया कॉन्फ्रेंस के दौरान सभी महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिससे श्रीनिवासन का लंदन जाना असंभव दिख रहा है। यह पूछने पर कि क्या वह जानते हैं कि कोई अन्य भी बैठक के लिए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, मैं नहीं जानता। हो सकता है कि सचिव संजय पटेल कार्यकारी समिति की बैठक में जा रहे होंगे। डालमिया ने बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) की विशेष बैठक के खत्म होने के बाद ईडन गार्डन्स में पत्रकारों से कहा, मैं बीसीसीआई की ओर से आईसीसी कार्यकारी बोर्ड, विकास बोर्ड और सालाना कॉन्फ्रेंस में भाग लूंगा।टिप्पणियां बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी स्कैंडल की जांच पूरी होने तक खुद को पद से अलग कर लिया था, यह पूछने पर कि क्या वह भी कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे, तो डालमिया ने जवाब दिया, मेरी जानकारी में ऐसा कुछ नहीं है कि श्रीनिवासन आईसीसी बैठक के लिए जा रहे हैं। डालमिया कॉन्फ्रेंस के दौरान सभी महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिससे श्रीनिवासन का लंदन जाना असंभव दिख रहा है। यह पूछने पर कि क्या वह जानते हैं कि कोई अन्य भी बैठक के लिए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, मैं नहीं जानता। हो सकता है कि सचिव संजय पटेल कार्यकारी समिति की बैठक में जा रहे होंगे। बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी स्कैंडल की जांच पूरी होने तक खुद को पद से अलग कर लिया था, यह पूछने पर कि क्या वह भी कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे, तो डालमिया ने जवाब दिया, मेरी जानकारी में ऐसा कुछ नहीं है कि श्रीनिवासन आईसीसी बैठक के लिए जा रहे हैं। डालमिया कॉन्फ्रेंस के दौरान सभी महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिससे श्रीनिवासन का लंदन जाना असंभव दिख रहा है। यह पूछने पर कि क्या वह जानते हैं कि कोई अन्य भी बैठक के लिए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, मैं नहीं जानता। हो सकता है कि सचिव संजय पटेल कार्यकारी समिति की बैठक में जा रहे होंगे। डालमिया कॉन्फ्रेंस के दौरान सभी महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिससे श्रीनिवासन का लंदन जाना असंभव दिख रहा है। यह पूछने पर कि क्या वह जानते हैं कि कोई अन्य भी बैठक के लिए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, मैं नहीं जानता। हो सकता है कि सचिव संजय पटेल कार्यकारी समिति की बैठक में जा रहे होंगे।
सारांश: बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया अगले हफ्ते लंदन में आईसीसी की सालाना कॉन्फ्रेंस में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर शिकरत करेंगे। इससे यह संदेह खत्म हो गया कि इस बैठक में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शादी और परिवार को समय देने के उद्देश्य से संन्यास का जीवन बिताकर लगभग 15 साल बाद हाल ही में फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' से बड़े पर्दे पर वापसी करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी उस समय बेहद डर गई थीं, जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग के दौरान एक शख्स को दूल्हे की पोशाक पहने हाथों में माला लिए उनकी तरफ आते देखा... यह घटना उस वक्त हुई थी, जब श्रीदेवी पुणे में 'इंग्लिश विंग्लिश' की शूटिंग कर रही थीं... अचानक उन्होंने देखा कि दूल्हे जैसी पोशाक पहने एक शख्स हाथों में माला लिए सड़क के बीचोंबीच दौड़ता हुआ उनकी ओर आ रहा है... श्रीदेवी के अनुसार, पहले तो वह यह देखकर डर गईं, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह उनका कोई प्रशंसक था, जो उन्हें 'हैलो' बोलने के लिए अपनी शादी का समारोह छोड़ आया था।टिप्पणियां पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई 'इंग्लिश विंग्लिश' में श्रीदेवी एक ऐसी भारतीय गृहिणी की भूमिका निभा रही हैं, जो अंग्रेजी बोलने में कठिनाई का सामना करती है... उन्हें अपने इस किरदार के लिए खासी वाहवाही बटोरने में कामयाबी मिली है... उल्लेखनीय है कि वास्तविक जीवन में भी श्रीदेवी भाषा संबंधी परेशानियों का सामना करती हैं... उन्होंने 'ओए 104.8 एफएम' रेडियो स्टेशन पर बताया, "मैं एक तोता हूं... मैं बस अपनी लाइनों को रट लेती हूं और मैं हमेशा से यही करती आई हूं... मैं किसी भी भाषा को धड़ल्ले से नहीं बोल पाती हूं, चाहे वह हिन्दी हो, इंग्लिश हो या मलयालम हो..." यह घटना उस वक्त हुई थी, जब श्रीदेवी पुणे में 'इंग्लिश विंग्लिश' की शूटिंग कर रही थीं... अचानक उन्होंने देखा कि दूल्हे जैसी पोशाक पहने एक शख्स हाथों में माला लिए सड़क के बीचोंबीच दौड़ता हुआ उनकी ओर आ रहा है... श्रीदेवी के अनुसार, पहले तो वह यह देखकर डर गईं, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह उनका कोई प्रशंसक था, जो उन्हें 'हैलो' बोलने के लिए अपनी शादी का समारोह छोड़ आया था।टिप्पणियां पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई 'इंग्लिश विंग्लिश' में श्रीदेवी एक ऐसी भारतीय गृहिणी की भूमिका निभा रही हैं, जो अंग्रेजी बोलने में कठिनाई का सामना करती है... उन्हें अपने इस किरदार के लिए खासी वाहवाही बटोरने में कामयाबी मिली है... उल्लेखनीय है कि वास्तविक जीवन में भी श्रीदेवी भाषा संबंधी परेशानियों का सामना करती हैं... उन्होंने 'ओए 104.8 एफएम' रेडियो स्टेशन पर बताया, "मैं एक तोता हूं... मैं बस अपनी लाइनों को रट लेती हूं और मैं हमेशा से यही करती आई हूं... मैं किसी भी भाषा को धड़ल्ले से नहीं बोल पाती हूं, चाहे वह हिन्दी हो, इंग्लिश हो या मलयालम हो..." पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई 'इंग्लिश विंग्लिश' में श्रीदेवी एक ऐसी भारतीय गृहिणी की भूमिका निभा रही हैं, जो अंग्रेजी बोलने में कठिनाई का सामना करती है... उन्हें अपने इस किरदार के लिए खासी वाहवाही बटोरने में कामयाबी मिली है... उल्लेखनीय है कि वास्तविक जीवन में भी श्रीदेवी भाषा संबंधी परेशानियों का सामना करती हैं... उन्होंने 'ओए 104.8 एफएम' रेडियो स्टेशन पर बताया, "मैं एक तोता हूं... मैं बस अपनी लाइनों को रट लेती हूं और मैं हमेशा से यही करती आई हूं... मैं किसी भी भाषा को धड़ल्ले से नहीं बोल पाती हूं, चाहे वह हिन्दी हो, इंग्लिश हो या मलयालम हो..." उल्लेखनीय है कि वास्तविक जीवन में भी श्रीदेवी भाषा संबंधी परेशानियों का सामना करती हैं... उन्होंने 'ओए 104.8 एफएम' रेडियो स्टेशन पर बताया, "मैं एक तोता हूं... मैं बस अपनी लाइनों को रट लेती हूं और मैं हमेशा से यही करती आई हूं... मैं किसी भी भाषा को धड़ल्ले से नहीं बोल पाती हूं, चाहे वह हिन्दी हो, इंग्लिश हो या मलयालम हो..."
यहाँ एक सारांश है:हाल ही में 'इंग्लिश विंग्लिश' से वापसी करने वाली श्रीदेवी उस समय बेहद डर गईं, जब उन्होंने एक शख्स को दूल्हे की पोशाक पहने हाथों में माला लिए उनकी तरफ आते देखा...
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले 15 सालों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अहम अंग रही आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी आखिरी बार गुरुवार को इंग्लैंड में शुरू हो गई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पहले ही इस टूर्नामेंट को आगे आयोजित नहीं करने का फैसला कर चुका है और चार साल बाद 2017 में इसकी जगह आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप ले लेगी। आईसीसी के भविष्य के दौरा कार्यक्रम में आगे चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जगह नहीं है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 1998 में आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट के रूप में हुई थी। इसे हर दो वर्ष में आयोजित करने का फैसला किया गया था और 2002 में इसको आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी नाम दिया गया था।टिप्पणियां आईसीसी ने तीनों प्रारूपों के लिए विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला किया है। एक-दिवसीय क्रिकेट में पहले से ही विश्वकप है, इसलिए चैंपियंस ट्रॉफी को बलिदान देना पड़ा। आईसीसी ने 2013 में ही विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला किया था, लेकिन अपने आधिकारिक प्रसारक ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स के हितों को ध्यान में रखकर उसे इसे बदलना पड़ा। भविष्य के दौरा कार्यक्रम के अनुसार अब जून, 2017 में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी, जिसमें टेस्ट खेलने वाले सभी देश शिरकत करेंगे। इसे हर चार साल में एक बार आयोजित किया जाएगा। आईसीसी के भविष्य के दौरा कार्यक्रम में आगे चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जगह नहीं है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 1998 में आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट के रूप में हुई थी। इसे हर दो वर्ष में आयोजित करने का फैसला किया गया था और 2002 में इसको आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी नाम दिया गया था।टिप्पणियां आईसीसी ने तीनों प्रारूपों के लिए विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला किया है। एक-दिवसीय क्रिकेट में पहले से ही विश्वकप है, इसलिए चैंपियंस ट्रॉफी को बलिदान देना पड़ा। आईसीसी ने 2013 में ही विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला किया था, लेकिन अपने आधिकारिक प्रसारक ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स के हितों को ध्यान में रखकर उसे इसे बदलना पड़ा। भविष्य के दौरा कार्यक्रम के अनुसार अब जून, 2017 में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी, जिसमें टेस्ट खेलने वाले सभी देश शिरकत करेंगे। इसे हर चार साल में एक बार आयोजित किया जाएगा। आईसीसी ने तीनों प्रारूपों के लिए विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला किया है। एक-दिवसीय क्रिकेट में पहले से ही विश्वकप है, इसलिए चैंपियंस ट्रॉफी को बलिदान देना पड़ा। आईसीसी ने 2013 में ही विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला किया था, लेकिन अपने आधिकारिक प्रसारक ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स के हितों को ध्यान में रखकर उसे इसे बदलना पड़ा। भविष्य के दौरा कार्यक्रम के अनुसार अब जून, 2017 में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी, जिसमें टेस्ट खेलने वाले सभी देश शिरकत करेंगे। इसे हर चार साल में एक बार आयोजित किया जाएगा। भविष्य के दौरा कार्यक्रम के अनुसार अब जून, 2017 में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी, जिसमें टेस्ट खेलने वाले सभी देश शिरकत करेंगे। इसे हर चार साल में एक बार आयोजित किया जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पहले ही चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट को आगे आयोजित नहीं करने का फैसला कर चुका है और चार साल बाद 2017 में इसकी जगह आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप ले लेगी।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप 2011 का सेमीफाइनल मैच फिक्स होने के ब्रिटिश समाचारपत्र के दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया करते हुए आईसीसी ने इन दावों को ‘गलत’ करार देकर खारिज कर दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इन दावों को भी खारिज कर दिया कि वह सेमीफाइनल मैच की जांच करवा रही है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट ने बयान में कहा, ‘समाचार पत्र ने जो खबर प्रकाशित की है, जिसमें उसने दावा किया है कि आईसीसी भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप 2011 के सेमीफाइनल की जांच करवा रही है, वह पूरी तरह आधारहीन और भ्रामक है।’ उन्होंने कहा, ‘आईसीसी के पास इस मैच की जांच कराने के लिए कोई कारण या सबूत नहीं हैं।’टिप्पणियां आईसीसी ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान का मैच पाक-साफ था और 2011 का विश्व कप अब तक का सबसे सफल विश्व कप रहा है। लोर्गट ने कहा, ‘यह वाकई दुखद है कि गलत दावे किए गए हैं जिससे अब तक के सबसे सफल आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल को लेकर केवल संदेह पैदा होगा।’ इससे पहले विश्व कप सेमीफाइनल के फिक्स होने के आरोपों को खिलाड़ियों और इस खेल से जुड़े लोगों ने बकवास करार दिया और यहां तक इस ताजा विवाद के कारण चर्चा में आई बॉलीवुड अभिनेत्री ने भी यह रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले ब्रिटिश समाचार पत्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट ने बयान में कहा, ‘समाचार पत्र ने जो खबर प्रकाशित की है, जिसमें उसने दावा किया है कि आईसीसी भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप 2011 के सेमीफाइनल की जांच करवा रही है, वह पूरी तरह आधारहीन और भ्रामक है।’ उन्होंने कहा, ‘आईसीसी के पास इस मैच की जांच कराने के लिए कोई कारण या सबूत नहीं हैं।’टिप्पणियां आईसीसी ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान का मैच पाक-साफ था और 2011 का विश्व कप अब तक का सबसे सफल विश्व कप रहा है। लोर्गट ने कहा, ‘यह वाकई दुखद है कि गलत दावे किए गए हैं जिससे अब तक के सबसे सफल आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल को लेकर केवल संदेह पैदा होगा।’ इससे पहले विश्व कप सेमीफाइनल के फिक्स होने के आरोपों को खिलाड़ियों और इस खेल से जुड़े लोगों ने बकवास करार दिया और यहां तक इस ताजा विवाद के कारण चर्चा में आई बॉलीवुड अभिनेत्री ने भी यह रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले ब्रिटिश समाचार पत्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है। आईसीसी ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान का मैच पाक-साफ था और 2011 का विश्व कप अब तक का सबसे सफल विश्व कप रहा है। लोर्गट ने कहा, ‘यह वाकई दुखद है कि गलत दावे किए गए हैं जिससे अब तक के सबसे सफल आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल को लेकर केवल संदेह पैदा होगा।’ इससे पहले विश्व कप सेमीफाइनल के फिक्स होने के आरोपों को खिलाड़ियों और इस खेल से जुड़े लोगों ने बकवास करार दिया और यहां तक इस ताजा विवाद के कारण चर्चा में आई बॉलीवुड अभिनेत्री ने भी यह रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले ब्रिटिश समाचार पत्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है। इससे पहले विश्व कप सेमीफाइनल के फिक्स होने के आरोपों को खिलाड़ियों और इस खेल से जुड़े लोगों ने बकवास करार दिया और यहां तक इस ताजा विवाद के कारण चर्चा में आई बॉलीवुड अभिनेत्री ने भी यह रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले ब्रिटिश समाचार पत्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है।
भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप 2011 का सेमीफाइनल मैच फिक्स होने के ब्रिटिश समाचारपत्र के दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया करते हुए आईसीसी ने इन दावों को ‘गलत’ करार देकर खारिज कर दिया।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: युवराज सिंह का मानना है कि भारत को अगर शुक्रवार से पर्थ में आस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट में वापसी करनी है तो बल्लेबाजी विभाग के शीर्ष चार बल्लेबाजों को एकजुट होकर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। युवराज ने कहा, ‘अगर भारत को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वीरू (वीरेंद्र सहवाग), सचिन (तेंदुलकर), राहुल (द्रविड़), (वीवीएस) लक्ष्मण सभी को एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा। अच्छी साझेदारी बनानी होगी और मुझे पूरा भरोसा है कि वे अगले टेस्ट मैच में वापसी करेंगे।’ फेफड़े में ट्यूमर के कारण क्रिकेट से दूर इस आक्रामक बल्लेबाज ने चार मैचों की श्रृंखला के पहले दो टेस्ट में शानदार प्रदर्शन के लिए ऑस्ट्रेलिया को श्रेय दिया। उन्होंने विशेष तौर पर पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की तारीफ की जो सिडनी में फार्म में लौटे और आलोचकों को शांत किया। युवराज ने कहा, ‘आपको ऑस्ट्रेलिया को श्रेय देना होगा, उन्होंने काफी अच्छा क्रिकेट खेला। सभी हसी और पोंटिंग को चुका हुआ मान रहे थे, इन खिलाड़ियों ने वापसी की और रन बनाए और माइकल क्लार्क के साथ मिलकर अंतर पैदा किया।’ युवराज ने भारत के वापसी करने की उम्मीद जताई और साथ ही आस्ट्रेलियाई मीडिया की इन रिपोर्ट को भी बकवास करार दिया कि टीम में मतभेद हैं। उन्होंने कहा, ‘जब टीम हार रही हो तो आलोचना होती ही है। मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि टीम में मतभेद हैं, ये मुद्दे मीडिया ने खड़े किए हैं। मैं सिर्फ इतनी उम्मीद करता हूं कि उनके लिए टेस्ट मैच अच्छा रहे और सारी अफवाहें मिट जाएं। मुझे पूरा भरोसा है कि वे सब मिलकर कुछ विशेष करेंगे।’ मौजूदा श्रृंखला और 2008 में अनिल कुंबले की अगुआई में आस्ट्रेलिया में हुई श्रृंखला की तुलना करते हुए युवराज ने कहा कि चार साल पहले सिडनी में ‘मंकीगेट’ प्रकरण के बाद टीम ने वापसी करते हुए जज्बा दिखाया था।टिप्पणियां यह 30 वर्षीय अंतिम बार नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ नवंबर में खेला था जिसके बाद उसे ट्यूमर होने का खुलासा हुआ। युवराज ने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए बेताब था लेकिन बिगड़ते हुए स्वास्थ्य के साथ खेलना गलती था। फेफड़ों में संक्रमण के साथ भारत की ओर से पहले दो टेस्ट खेलने वाले युवराज ने कहा, ‘मैं हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में खेलने को बेताब था लेकिन उस समय मैं शत प्रतिशत फिट नहीं था। जब मुझे पता चला कि मेरा ट्यूमर घातक नहीं है तो मैंने शत प्रतिशत फिट होने के बाद क्रिकेट खेलने का फैसला किया।’ युवराज ने कहा कि अब वह पूर्ण फिटनेस हासिल करने और ऑस्ट्रेलिया में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। युवराज ने कहा, ‘अगर भारत को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वीरू (वीरेंद्र सहवाग), सचिन (तेंदुलकर), राहुल (द्रविड़), (वीवीएस) लक्ष्मण सभी को एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा। अच्छी साझेदारी बनानी होगी और मुझे पूरा भरोसा है कि वे अगले टेस्ट मैच में वापसी करेंगे।’ फेफड़े में ट्यूमर के कारण क्रिकेट से दूर इस आक्रामक बल्लेबाज ने चार मैचों की श्रृंखला के पहले दो टेस्ट में शानदार प्रदर्शन के लिए ऑस्ट्रेलिया को श्रेय दिया। उन्होंने विशेष तौर पर पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की तारीफ की जो सिडनी में फार्म में लौटे और आलोचकों को शांत किया। युवराज ने कहा, ‘आपको ऑस्ट्रेलिया को श्रेय देना होगा, उन्होंने काफी अच्छा क्रिकेट खेला। सभी हसी और पोंटिंग को चुका हुआ मान रहे थे, इन खिलाड़ियों ने वापसी की और रन बनाए और माइकल क्लार्क के साथ मिलकर अंतर पैदा किया।’ युवराज ने भारत के वापसी करने की उम्मीद जताई और साथ ही आस्ट्रेलियाई मीडिया की इन रिपोर्ट को भी बकवास करार दिया कि टीम में मतभेद हैं। उन्होंने कहा, ‘जब टीम हार रही हो तो आलोचना होती ही है। मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि टीम में मतभेद हैं, ये मुद्दे मीडिया ने खड़े किए हैं। मैं सिर्फ इतनी उम्मीद करता हूं कि उनके लिए टेस्ट मैच अच्छा रहे और सारी अफवाहें मिट जाएं। मुझे पूरा भरोसा है कि वे सब मिलकर कुछ विशेष करेंगे।’ मौजूदा श्रृंखला और 2008 में अनिल कुंबले की अगुआई में आस्ट्रेलिया में हुई श्रृंखला की तुलना करते हुए युवराज ने कहा कि चार साल पहले सिडनी में ‘मंकीगेट’ प्रकरण के बाद टीम ने वापसी करते हुए जज्बा दिखाया था।टिप्पणियां यह 30 वर्षीय अंतिम बार नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ नवंबर में खेला था जिसके बाद उसे ट्यूमर होने का खुलासा हुआ। युवराज ने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए बेताब था लेकिन बिगड़ते हुए स्वास्थ्य के साथ खेलना गलती था। फेफड़ों में संक्रमण के साथ भारत की ओर से पहले दो टेस्ट खेलने वाले युवराज ने कहा, ‘मैं हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में खेलने को बेताब था लेकिन उस समय मैं शत प्रतिशत फिट नहीं था। जब मुझे पता चला कि मेरा ट्यूमर घातक नहीं है तो मैंने शत प्रतिशत फिट होने के बाद क्रिकेट खेलने का फैसला किया।’ युवराज ने कहा कि अब वह पूर्ण फिटनेस हासिल करने और ऑस्ट्रेलिया में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। युवराज ने कहा, ‘आपको ऑस्ट्रेलिया को श्रेय देना होगा, उन्होंने काफी अच्छा क्रिकेट खेला। सभी हसी और पोंटिंग को चुका हुआ मान रहे थे, इन खिलाड़ियों ने वापसी की और रन बनाए और माइकल क्लार्क के साथ मिलकर अंतर पैदा किया।’ युवराज ने भारत के वापसी करने की उम्मीद जताई और साथ ही आस्ट्रेलियाई मीडिया की इन रिपोर्ट को भी बकवास करार दिया कि टीम में मतभेद हैं। उन्होंने कहा, ‘जब टीम हार रही हो तो आलोचना होती ही है। मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि टीम में मतभेद हैं, ये मुद्दे मीडिया ने खड़े किए हैं। मैं सिर्फ इतनी उम्मीद करता हूं कि उनके लिए टेस्ट मैच अच्छा रहे और सारी अफवाहें मिट जाएं। मुझे पूरा भरोसा है कि वे सब मिलकर कुछ विशेष करेंगे।’ मौजूदा श्रृंखला और 2008 में अनिल कुंबले की अगुआई में आस्ट्रेलिया में हुई श्रृंखला की तुलना करते हुए युवराज ने कहा कि चार साल पहले सिडनी में ‘मंकीगेट’ प्रकरण के बाद टीम ने वापसी करते हुए जज्बा दिखाया था।टिप्पणियां यह 30 वर्षीय अंतिम बार नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ नवंबर में खेला था जिसके बाद उसे ट्यूमर होने का खुलासा हुआ। युवराज ने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए बेताब था लेकिन बिगड़ते हुए स्वास्थ्य के साथ खेलना गलती था। फेफड़ों में संक्रमण के साथ भारत की ओर से पहले दो टेस्ट खेलने वाले युवराज ने कहा, ‘मैं हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में खेलने को बेताब था लेकिन उस समय मैं शत प्रतिशत फिट नहीं था। जब मुझे पता चला कि मेरा ट्यूमर घातक नहीं है तो मैंने शत प्रतिशत फिट होने के बाद क्रिकेट खेलने का फैसला किया।’ युवराज ने कहा कि अब वह पूर्ण फिटनेस हासिल करने और ऑस्ट्रेलिया में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। युवराज ने भारत के वापसी करने की उम्मीद जताई और साथ ही आस्ट्रेलियाई मीडिया की इन रिपोर्ट को भी बकवास करार दिया कि टीम में मतभेद हैं। उन्होंने कहा, ‘जब टीम हार रही हो तो आलोचना होती ही है। मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि टीम में मतभेद हैं, ये मुद्दे मीडिया ने खड़े किए हैं। मैं सिर्फ इतनी उम्मीद करता हूं कि उनके लिए टेस्ट मैच अच्छा रहे और सारी अफवाहें मिट जाएं। मुझे पूरा भरोसा है कि वे सब मिलकर कुछ विशेष करेंगे।’ मौजूदा श्रृंखला और 2008 में अनिल कुंबले की अगुआई में आस्ट्रेलिया में हुई श्रृंखला की तुलना करते हुए युवराज ने कहा कि चार साल पहले सिडनी में ‘मंकीगेट’ प्रकरण के बाद टीम ने वापसी करते हुए जज्बा दिखाया था।टिप्पणियां यह 30 वर्षीय अंतिम बार नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ नवंबर में खेला था जिसके बाद उसे ट्यूमर होने का खुलासा हुआ। युवराज ने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए बेताब था लेकिन बिगड़ते हुए स्वास्थ्य के साथ खेलना गलती था। फेफड़ों में संक्रमण के साथ भारत की ओर से पहले दो टेस्ट खेलने वाले युवराज ने कहा, ‘मैं हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में खेलने को बेताब था लेकिन उस समय मैं शत प्रतिशत फिट नहीं था। जब मुझे पता चला कि मेरा ट्यूमर घातक नहीं है तो मैंने शत प्रतिशत फिट होने के बाद क्रिकेट खेलने का फैसला किया।’ युवराज ने कहा कि अब वह पूर्ण फिटनेस हासिल करने और ऑस्ट्रेलिया में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यह 30 वर्षीय अंतिम बार नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ नवंबर में खेला था जिसके बाद उसे ट्यूमर होने का खुलासा हुआ। युवराज ने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए बेताब था लेकिन बिगड़ते हुए स्वास्थ्य के साथ खेलना गलती था। फेफड़ों में संक्रमण के साथ भारत की ओर से पहले दो टेस्ट खेलने वाले युवराज ने कहा, ‘मैं हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में खेलने को बेताब था लेकिन उस समय मैं शत प्रतिशत फिट नहीं था। जब मुझे पता चला कि मेरा ट्यूमर घातक नहीं है तो मैंने शत प्रतिशत फिट होने के बाद क्रिकेट खेलने का फैसला किया।’ युवराज ने कहा कि अब वह पूर्ण फिटनेस हासिल करने और ऑस्ट्रेलिया में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। फेफड़ों में संक्रमण के साथ भारत की ओर से पहले दो टेस्ट खेलने वाले युवराज ने कहा, ‘मैं हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में खेलने को बेताब था लेकिन उस समय मैं शत प्रतिशत फिट नहीं था। जब मुझे पता चला कि मेरा ट्यूमर घातक नहीं है तो मैंने शत प्रतिशत फिट होने के बाद क्रिकेट खेलने का फैसला किया।’ युवराज ने कहा कि अब वह पूर्ण फिटनेस हासिल करने और ऑस्ट्रेलिया में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: युवराज सिंह का मानना है कि भारत को अगर शुक्रवार से पर्थ में आस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट में वापसी करनी है तो बल्लेबाजी विभाग के शीर्ष चार बल्लेबाजों को एकजुट होकर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नौसेना ने हाल में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास चीन के एक संदिग्ध गुप्तचर पोत का पता लगाया जो वहां पर भारतीय सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दिखावे के तौर पर मछली पकड़ने वाले ट्रालर के रूप में आया था। इस घटना ने हिंद महासागर क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में चीन के बढ़ती मौजूदगी और उसके हित संबंधी आकलन को और बल मिला है। नौसेना सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इस पोत को करीब चार महीने पहले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में देखा गया था और हो सकता है कि उसका इस्तेमाल उस क्षेत्र में भारतीय प्रक्षेपास्त्र परीक्षणों और अन्य विमानों और युद्धपोतों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा हो। सूत्रों ने बताया कि नौसेना के युद्धपोत उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाये क्योंकि वह पोत भारतीय जलसीमा में नहीं था। नौसेना ने यद्यपि उसकी गतिविधियों पर बारीक नजर रखी। रक्षा विश्लेषक कमांडर सुनील चौहान (सेवानिवृत्त) ने कहा, आने वाले वषरें में चीन की नौसेना में विमानवाही पोत के शामिल होने के बाद बंगाल की खाड़ी के आसपास चीन के पोतों की मौजूदगी और बढ़ेगी। हाल के वषरें में चीन की नौसेना की बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर में मौजूदगी बढ़ी है और उसका कहना है कि ऐसा वहां पर उसके व्यापारिक हित की रक्षा के लिए है।
यहाँ एक सारांश है:संदिग्ध गुप्तचर पोत भारतीय सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दिखावे के तौर पर मछली पकड़ने वाले ट्रालर के रूप में आया था।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यौन उत्पीड़न के मामले में जेल भेजे गए चिन्मयानंद (Chinmayanand) की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. अब संतों के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले संगठन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) ने चिन्मयानंद (Chinmayanand) को संत समुदाय से बाहर करने का निर्णय लिया है. एबीएपी के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने शनिवार को परिषद की बैठक के बाद कहा कि चिन्मयानंद को संत समुदाय से बाहर करने का फैसला किया गया है. उन्होंने कहा, 'अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की औपचारिक बैठक 10 अक्टूबर को हरिद्वार में होगी और इस फैसले से महागठबंधन की मंजूरी मिल जाएगी.' महंत नरेंद्र गिरि ने आगे कहा, 'चिन्मयानंद ने अपने कुकर्मों को स्वीकार कर लिया है और संत समुदाय के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता. वह तब तक निर्वासित रहेंगे, जब तक कि वह अदालत से छूट नहीं जाते.' आपको बता दें कि चिन्मयानंद वर्तमान में महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं. संत समाज से बाहर होने के साथ ही 73 वर्षीय चिन्मयानंद अब अपने इस पद को भी खो देंगे. अगर वह संत समुदाय से बाहर हो जाते हैं तो अपने नाम के आगे 'संत' या 'स्वामी' नहीं लगा पाएंगे.
सारांश: जेल भेजे गए चिन्मयानंद की बढ़ीं मुश्किलें अब छिनेगा चिन्मयानंद का साधु पद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने की घोषणा
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रक्षा मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर रहे यशकर और उनकी पत्नी की मौत की गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है। यशकर की पत्नी अर्चना की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। इसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हो गई है। अबतक इस मामले में सेना के करीब 6 अधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है लेकिन पूछताछ में अब तक ऐसा कुछ भी नहीं निकला जिससे यह साबित हो सके कि यशकर को तंग किया जा रहा था। पुलिस को अंदेशा है कि यशकर ने पहले अपनी पत्नी को मारा फिर खुद को आग लगा ली। लेकिन यशकर के शव की एक तस्वीर में उनकी जीभ निकली है जो आग लगाकर खुदकुशी करने पर नहीं निकलती। अब पुलिस को यशकर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस को अंदेशा है कि यशकर ने पहले अपनी पत्नी को मारा फिर खुद को आग लगा ली। लेकिन यशकर के शव की एक तस्वीर में उनकी जीभ निकली है जो आग लगाकर खुदकुशी करने पर नहीं निकलती। अब पुलिस को यशकर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
यहाँ एक सारांश है:रक्षा मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर रहे यशकर और उनकी पत्नी की मौत की गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है। यशकर की पत्नी अर्चना की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। इसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हो गई है।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जस्टिस यूयू ललित के बेंच से अलग होने के बाद सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि मामले की सुनवाई के लिए नई बेंच का गठन किया जाएगा. अभी संविधान पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ थे. सुनवाई करने वाली बेंच में चीफ जस्टिस के अलावा वे चार जज हैं जो भविष्य में चीफ जस्टिस बनेंगे. इसमें कोई मुस्लिम जज नहीं है. बता दें, सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने पिछले साल 27 सितंबर को 2:1 के बहुमत से मामले को सुप्रीम कोर्ट के 1994 के एक फैसले में की गई उस टिप्पणी को पुनर्विचार के लिये पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने से मना कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है. मामला अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सुनवाई के दौरान उठा था. जब मामला चार जनवरी को सुनवाई के लिए आया था तो इस बात का कोई संकेत नहीं था कि भूमि विवाद मामले को संविधान पीठ को भेजा जाएगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बस इतना कहा था कि इस मामले में गठित होने वाली उचित पीठ 10 जनवरी को अगला आदेश देगी.  अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से संबंधित 2.77 एकड़ भूमि के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के 30 सितंबर, 2010 के 2:1 के बहुमत के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 अपीलें दायर की गई हैं. हाई कोर्ट ने इस फैसले में विवादित भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था. इस फैसले के खिलाफ अपील दायर होने पर शीर्ष अदालत ने मई 2011 में हाई कोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने के साथ ही विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था.
संक्षिप्त सारांश: जस्टिस यूयू ललित ने खुद को बेंच से अलग किया CJI ने कहा- मामले के लिए बनेगी नई बेंच सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 जनवरी को
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम करुणानिधि ने 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मसौदा रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार को हैरानी जताई कि कोई यह कैसे यकीन कर सकता है कि प्रधानमंत्री को उनका मंत्री गुमराह कर सकता है। यहां पत्रकारों से बात में उन्होंने सवाल किया, "यह कैसे यकीन किया जा सकता है कि एक मंत्री ने प्रधानमंत्री को बहकाया होगा?"टिप्पणियां जेपीसी की मसौदा रिपोर्ट इसके सदस्यों के बीच गुरुवार को वितरित की गई। इसमें 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को जिम्मेदार ठहराया गया है, वहीं प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को क्लीनचिट दी गई है। यह पूछे जाने पर कि राजा से मिलने पर क्या वह उन्हें कोई सलाह देंगे, करुणानिधि ने कहा, "मेरे पास ऐसा कुछ कहने को नहीं है जो वह नहीं जानते हों।" यहां पत्रकारों से बात में उन्होंने सवाल किया, "यह कैसे यकीन किया जा सकता है कि एक मंत्री ने प्रधानमंत्री को बहकाया होगा?"टिप्पणियां जेपीसी की मसौदा रिपोर्ट इसके सदस्यों के बीच गुरुवार को वितरित की गई। इसमें 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को जिम्मेदार ठहराया गया है, वहीं प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को क्लीनचिट दी गई है। यह पूछे जाने पर कि राजा से मिलने पर क्या वह उन्हें कोई सलाह देंगे, करुणानिधि ने कहा, "मेरे पास ऐसा कुछ कहने को नहीं है जो वह नहीं जानते हों।" जेपीसी की मसौदा रिपोर्ट इसके सदस्यों के बीच गुरुवार को वितरित की गई। इसमें 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को जिम्मेदार ठहराया गया है, वहीं प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को क्लीनचिट दी गई है। यह पूछे जाने पर कि राजा से मिलने पर क्या वह उन्हें कोई सलाह देंगे, करुणानिधि ने कहा, "मेरे पास ऐसा कुछ कहने को नहीं है जो वह नहीं जानते हों।" यह पूछे जाने पर कि राजा से मिलने पर क्या वह उन्हें कोई सलाह देंगे, करुणानिधि ने कहा, "मेरे पास ऐसा कुछ कहने को नहीं है जो वह नहीं जानते हों।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम करुणानिधि ने 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मसौदा रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार को हैरानी जताई कि कोई यह कैसे यकीन कर सकता है कि प्रधानमंत्री को उनका मंत्री गुमराह कर सकता है।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक (अम्मा) के विधायकों के एक धड़े ने मंगलवार को पार्टी के उपमहासचिव टीटीवी दिनाकरन से मुलाकात की जिससे सरकार की स्थिरता को लेकर अटकलें तेज हो गईं. मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी नीत गुट द्वारा उनका विरोध किया जा रहा है.टिप्पणियां हालांकि कैबिनेट के प्रतिनिधि वित्तमंत्री डी जयकुमार ने कहा कि सरकार को किसी तरह का 'कोई खतरा नहीं' है और उन्होंने दिनाकरन के साथ विधायकों की बैठक को 'निजी' बताया. उन्होंने कहा, 'सरकार को कोई खतरा नहीं है और यह 2021 तक अपने कार्यकाल तक बनी रहेगी.' दिनाकरन और पलानीस्वामी गुट के बीच गतिरोध के बीच विधायकों ने दिनाकरन से मुलाकात की है. हालांकि कैबिनेट के प्रतिनिधि वित्तमंत्री डी जयकुमार ने कहा कि सरकार को किसी तरह का 'कोई खतरा नहीं' है और उन्होंने दिनाकरन के साथ विधायकों की बैठक को 'निजी' बताया. उन्होंने कहा, 'सरकार को कोई खतरा नहीं है और यह 2021 तक अपने कार्यकाल तक बनी रहेगी.' दिनाकरन और पलानीस्वामी गुट के बीच गतिरोध के बीच विधायकों ने दिनाकरन से मुलाकात की है. उन्होंने कहा, 'सरकार को कोई खतरा नहीं है और यह 2021 तक अपने कार्यकाल तक बनी रहेगी.' दिनाकरन और पलानीस्वामी गुट के बीच गतिरोध के बीच विधायकों ने दिनाकरन से मुलाकात की है.
यहाँ एक सारांश है:विधायकों के एक धड़े ने दिनाकरण से मुलाकात की. सरकार की स्थिरता को लेकर अटकलें तेज हो गईं. मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी नीत गुट द्वारा उनका विरोध किया जा रहा है.
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लाइसेंस रद्द होने के खतरे का सामना कर रही विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइन्स के प्रवर्तक विजय माल्या ने बुधवार को नागर विमानन मंत्री अजित सिंह से मुलाकात की और उन्हें कंपनी की समस्याओं से अवगत कराया। सिंह और माल्या के बीच करीब आधे घंटे चली बैठक के बाद दोनों ने मीडिया को कुछ भी नहीं बताया। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि माल्या ने सिंह को कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति और परिचालन की स्थिति से अवगत कराया। यद्यपि अजित सिंह कहते रहे हैं कि किसी भी विमानन कंपनी का उड़ान लाइसेंस रद्द किया जाना विमानन उद्योग के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर नकदी संकट के नाम पर सुरक्षा के साथ समझौता किया जाता है तो लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।टिप्पणियां सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम किंगफिशर एयरलाइन्स पर डीजीसीए की रपट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’ किंगफिशर एयरलाइंस कर्ज के बोझ तले दबी है और उसपर करीब 7,057 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी का कुल घाटा 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। कंपनी ने 25 मार्च से अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित करने का फैसला किया है। सरकार ने एक विशेष टीम का गठन किया है जो कि किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा उपयोग में लाये जा रहे विमानों की सुरक्षा जांच करेगी। इसके साथ ही नागर विमानन मंत्री ने कल कहा कि माल्या को नागर विमानन महानिदेशालय को दिये गये उड़ान कार्यक्रम का पालन करना होगा। नागर विमानन महानिदेशालय ने कल माल्या को बुलाकर एयरलाइंस की स्पष्ट तस्वीर पेश करने को कहा था। सिंह और माल्या के बीच करीब आधे घंटे चली बैठक के बाद दोनों ने मीडिया को कुछ भी नहीं बताया। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि माल्या ने सिंह को कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति और परिचालन की स्थिति से अवगत कराया। यद्यपि अजित सिंह कहते रहे हैं कि किसी भी विमानन कंपनी का उड़ान लाइसेंस रद्द किया जाना विमानन उद्योग के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर नकदी संकट के नाम पर सुरक्षा के साथ समझौता किया जाता है तो लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।टिप्पणियां सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम किंगफिशर एयरलाइन्स पर डीजीसीए की रपट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’ किंगफिशर एयरलाइंस कर्ज के बोझ तले दबी है और उसपर करीब 7,057 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी का कुल घाटा 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। कंपनी ने 25 मार्च से अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित करने का फैसला किया है। सरकार ने एक विशेष टीम का गठन किया है जो कि किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा उपयोग में लाये जा रहे विमानों की सुरक्षा जांच करेगी। इसके साथ ही नागर विमानन मंत्री ने कल कहा कि माल्या को नागर विमानन महानिदेशालय को दिये गये उड़ान कार्यक्रम का पालन करना होगा। नागर विमानन महानिदेशालय ने कल माल्या को बुलाकर एयरलाइंस की स्पष्ट तस्वीर पेश करने को कहा था। यद्यपि अजित सिंह कहते रहे हैं कि किसी भी विमानन कंपनी का उड़ान लाइसेंस रद्द किया जाना विमानन उद्योग के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर नकदी संकट के नाम पर सुरक्षा के साथ समझौता किया जाता है तो लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।टिप्पणियां सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम किंगफिशर एयरलाइन्स पर डीजीसीए की रपट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’ किंगफिशर एयरलाइंस कर्ज के बोझ तले दबी है और उसपर करीब 7,057 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी का कुल घाटा 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। कंपनी ने 25 मार्च से अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित करने का फैसला किया है। सरकार ने एक विशेष टीम का गठन किया है जो कि किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा उपयोग में लाये जा रहे विमानों की सुरक्षा जांच करेगी। इसके साथ ही नागर विमानन मंत्री ने कल कहा कि माल्या को नागर विमानन महानिदेशालय को दिये गये उड़ान कार्यक्रम का पालन करना होगा। नागर विमानन महानिदेशालय ने कल माल्या को बुलाकर एयरलाइंस की स्पष्ट तस्वीर पेश करने को कहा था। सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम किंगफिशर एयरलाइन्स पर डीजीसीए की रपट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’ किंगफिशर एयरलाइंस कर्ज के बोझ तले दबी है और उसपर करीब 7,057 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी का कुल घाटा 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। कंपनी ने 25 मार्च से अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित करने का फैसला किया है। सरकार ने एक विशेष टीम का गठन किया है जो कि किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा उपयोग में लाये जा रहे विमानों की सुरक्षा जांच करेगी। इसके साथ ही नागर विमानन मंत्री ने कल कहा कि माल्या को नागर विमानन महानिदेशालय को दिये गये उड़ान कार्यक्रम का पालन करना होगा। नागर विमानन महानिदेशालय ने कल माल्या को बुलाकर एयरलाइंस की स्पष्ट तस्वीर पेश करने को कहा था। सरकार ने एक विशेष टीम का गठन किया है जो कि किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा उपयोग में लाये जा रहे विमानों की सुरक्षा जांच करेगी। इसके साथ ही नागर विमानन मंत्री ने कल कहा कि माल्या को नागर विमानन महानिदेशालय को दिये गये उड़ान कार्यक्रम का पालन करना होगा। नागर विमानन महानिदेशालय ने कल माल्या को बुलाकर एयरलाइंस की स्पष्ट तस्वीर पेश करने को कहा था।
यहाँ एक सारांश है:लाइसेंस रद्द होने के खतरे का सामना कर रही विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइन्स के प्रवर्तक विजय माल्या ने नागर विमानन मंत्री अजित सिंह से मुलाकात की और उन्हें कंपनी की समस्याओं से अवगत कराया।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा कि पूरी पार्टी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पीछे खड़ी है। एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पर प्रहार किया था।टिप्पणियां कर्नाटक के मांड्या में एक रैली को संबोधित करते हुए सोनिया ने मोदी पर प्रहार करते हुए अक्रामक अंदाज में कहा, "उन्होंने पार्टी और प्रधानमंत्री का मजाक बनाया। मैं उनसे कहना चाहती हूं कि पूरी पार्टी प्रधानमंत्री के पीछे खड़ी है।" उन्होंने कहा, "उनके (मनमोहन सिंह) नेतृत्व में पार्टी और सरकार ने ये सभी उपलब्धियां हासिल की हैं।" कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी भाजपा या अन्य किसी विपक्षी पार्टी से भयभीत नहीं है और अपने गरीब समर्थक एजेंडे को जारी रखेगी। उन्होंने कांग्रेस कार्यकार्ताओं से आग्रह किया कि वे सरकार के साथ मिलकर वादों को पूरा करने के लिए काम करें। कर्नाटक के मांड्या में एक रैली को संबोधित करते हुए सोनिया ने मोदी पर प्रहार करते हुए अक्रामक अंदाज में कहा, "उन्होंने पार्टी और प्रधानमंत्री का मजाक बनाया। मैं उनसे कहना चाहती हूं कि पूरी पार्टी प्रधानमंत्री के पीछे खड़ी है।" उन्होंने कहा, "उनके (मनमोहन सिंह) नेतृत्व में पार्टी और सरकार ने ये सभी उपलब्धियां हासिल की हैं।" कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी भाजपा या अन्य किसी विपक्षी पार्टी से भयभीत नहीं है और अपने गरीब समर्थक एजेंडे को जारी रखेगी। उन्होंने कांग्रेस कार्यकार्ताओं से आग्रह किया कि वे सरकार के साथ मिलकर वादों को पूरा करने के लिए काम करें। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी भाजपा या अन्य किसी विपक्षी पार्टी से भयभीत नहीं है और अपने गरीब समर्थक एजेंडे को जारी रखेगी। उन्होंने कांग्रेस कार्यकार्ताओं से आग्रह किया कि वे सरकार के साथ मिलकर वादों को पूरा करने के लिए काम करें।
संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा कि पूरी पार्टी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पीछे खड़ी है। एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पर प्रहार किया था।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: झारखंड में कायम राजनीतिक संकट का फिलहाल कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। राज्यपाल ने प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है।टिप्पणियां इससे पहले, शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस के विधायकों ने अलग−अलग जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक अब तक कोई भी दल बहुमत का इंतजाम नहीं कर पाया है। हालांकि जेएमएम ने वहां कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा जरूर पेश किया है। झारखंड में जेएमएम और बीजेपी के 18−18 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 13 और बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा के पास 11 सीटें है। बीते दिनों झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बीजेपी सरकार से समर्थन वापस ले लिया और अब वह खुद को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बता रही है। जेएमएम के मुताबिक बीजेपी ने 28 महीने के बाद राज्य में मुख्यमंत्री बदलने का वादा तोड़ दिया और इसी वजह से उन्होंने सरकार से समर्थन वापस ले लिया। इधर, बीजेपी कह रही है कि जेएमएम से उनकी 28−28 महीने के मुख्यमंत्री के फॉर्मूले पर कोई बात नहीं हुई थी। इससे पहले, शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस के विधायकों ने अलग−अलग जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक अब तक कोई भी दल बहुमत का इंतजाम नहीं कर पाया है। हालांकि जेएमएम ने वहां कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा जरूर पेश किया है। झारखंड में जेएमएम और बीजेपी के 18−18 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 13 और बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा के पास 11 सीटें है। बीते दिनों झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बीजेपी सरकार से समर्थन वापस ले लिया और अब वह खुद को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बता रही है। जेएमएम के मुताबिक बीजेपी ने 28 महीने के बाद राज्य में मुख्यमंत्री बदलने का वादा तोड़ दिया और इसी वजह से उन्होंने सरकार से समर्थन वापस ले लिया। इधर, बीजेपी कह रही है कि जेएमएम से उनकी 28−28 महीने के मुख्यमंत्री के फॉर्मूले पर कोई बात नहीं हुई थी। बीते दिनों झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बीजेपी सरकार से समर्थन वापस ले लिया और अब वह खुद को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बता रही है। जेएमएम के मुताबिक बीजेपी ने 28 महीने के बाद राज्य में मुख्यमंत्री बदलने का वादा तोड़ दिया और इसी वजह से उन्होंने सरकार से समर्थन वापस ले लिया। इधर, बीजेपी कह रही है कि जेएमएम से उनकी 28−28 महीने के मुख्यमंत्री के फॉर्मूले पर कोई बात नहीं हुई थी।
सारांश: झारखंड में कायम राजनीतिक संकट का फिलहाल कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। राज्यपाल ने प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कोयला ब्लॉक आवंटन पर कैग रिपोर्ट को लेकर संसद में लगातार तीसरे दिन हंगामा जारी है। बीजेपी सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार तीसरे दिन भी नहीं चल सकी। बीजेपी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। उधर, सत्तापक्ष ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी सांसदों से कहा कि विपक्ष का तरीका सरासर गलत है और सरकार को बचाव की कोई जरूरत नहीं है, इसलिए हमें भी आक्रामक रुख ही अपनाना चाहिए। इसके बाद माना जा रहा है कि संसद में सत्ता पक्ष के सदस्यों का सख्त रुख देखने को मिल सकता है। संसद में जारी इस गतिरोध को तोड़ने के लिए राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में बातचीत के लिए बुलाया। इस बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि चर्चा से ज्यादा जरूरी है कि जवाबदेही तय हो। वहीं लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने स्पीकर से सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। कैग की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष पर सरकार ने संसद में जवाबी हमला करते हुए उनकी राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष की तनातनी में व्यवस्था नहीं बनते देख दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस मुद्दे पर लगातार तीसरे दिन भी प्रश्नकाल नहीं चल पाया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी, शिवसेना और अकाली दल के सदस्य कोयला ब्लॉक आवंटन एवं अन्य विभागों में कथित अनियमितताओं पर कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। बीजेपी सदस्य 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' का नारा लगाते हुए आसन के समीप आ गए। टीडीपी सदस्य भी आसन के समीप आकर कोई मांग करते देखे गए, लेकिन उनकी मांग सुनी नहीं जा सकी। जेडीयू सदस्य अपने स्थान पर शांत बैठे देख गए। इस बीच, वाम दल सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े होकर इसी मांग को लेकर नारेबाजी करते देखे गए। अन्नाद्रमुक सदस्य भी कैग की रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण मांगते देखे गए। दूसरी ओर, कांग्रेस समेत यूपीए के सदस्य एक अखबार की प्रति लहराते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन में बीजेपी समेत विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया और विपक्ष को संसद में चर्चा कराने की चुनौती दी। गौरतलब है कि समाचारपत्र की खबर में बीजेपी समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों की राज्य सरकारों के कथित तौर पर कोयला ब्लॉक की नीलामी नहीं किए जाने की सिफारिश करने की बात कही गई है। कैग की रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन में बिना बोली लगाए, दिल्ली हवाई अड्डे के विकास और एक बिजली परियोजना के लिए कोयला देने जैसे मामलों में निजी कंपनियों को 3.06 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां अध्यक्ष मीरा कुमार के सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग रहे बीजेपी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा में गतिरोध को दूर करने के लिए सभी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया। संसद में जारी इस गतिरोध को तोड़ने के लिए राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में बातचीत के लिए बुलाया। इस बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि चर्चा से ज्यादा जरूरी है कि जवाबदेही तय हो। वहीं लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने स्पीकर से सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। कैग की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष पर सरकार ने संसद में जवाबी हमला करते हुए उनकी राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष की तनातनी में व्यवस्था नहीं बनते देख दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस मुद्दे पर लगातार तीसरे दिन भी प्रश्नकाल नहीं चल पाया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी, शिवसेना और अकाली दल के सदस्य कोयला ब्लॉक आवंटन एवं अन्य विभागों में कथित अनियमितताओं पर कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। बीजेपी सदस्य 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' का नारा लगाते हुए आसन के समीप आ गए। टीडीपी सदस्य भी आसन के समीप आकर कोई मांग करते देखे गए, लेकिन उनकी मांग सुनी नहीं जा सकी। जेडीयू सदस्य अपने स्थान पर शांत बैठे देख गए। इस बीच, वाम दल सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े होकर इसी मांग को लेकर नारेबाजी करते देखे गए। अन्नाद्रमुक सदस्य भी कैग की रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण मांगते देखे गए। दूसरी ओर, कांग्रेस समेत यूपीए के सदस्य एक अखबार की प्रति लहराते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन में बीजेपी समेत विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया और विपक्ष को संसद में चर्चा कराने की चुनौती दी। गौरतलब है कि समाचारपत्र की खबर में बीजेपी समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों की राज्य सरकारों के कथित तौर पर कोयला ब्लॉक की नीलामी नहीं किए जाने की सिफारिश करने की बात कही गई है। कैग की रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन में बिना बोली लगाए, दिल्ली हवाई अड्डे के विकास और एक बिजली परियोजना के लिए कोयला देने जैसे मामलों में निजी कंपनियों को 3.06 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां अध्यक्ष मीरा कुमार के सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग रहे बीजेपी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा में गतिरोध को दूर करने के लिए सभी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया। कैग की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष पर सरकार ने संसद में जवाबी हमला करते हुए उनकी राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष की तनातनी में व्यवस्था नहीं बनते देख दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस मुद्दे पर लगातार तीसरे दिन भी प्रश्नकाल नहीं चल पाया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी, शिवसेना और अकाली दल के सदस्य कोयला ब्लॉक आवंटन एवं अन्य विभागों में कथित अनियमितताओं पर कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। बीजेपी सदस्य 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' का नारा लगाते हुए आसन के समीप आ गए। टीडीपी सदस्य भी आसन के समीप आकर कोई मांग करते देखे गए, लेकिन उनकी मांग सुनी नहीं जा सकी। जेडीयू सदस्य अपने स्थान पर शांत बैठे देख गए। इस बीच, वाम दल सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े होकर इसी मांग को लेकर नारेबाजी करते देखे गए। अन्नाद्रमुक सदस्य भी कैग की रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण मांगते देखे गए। दूसरी ओर, कांग्रेस समेत यूपीए के सदस्य एक अखबार की प्रति लहराते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन में बीजेपी समेत विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया और विपक्ष को संसद में चर्चा कराने की चुनौती दी। गौरतलब है कि समाचारपत्र की खबर में बीजेपी समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों की राज्य सरकारों के कथित तौर पर कोयला ब्लॉक की नीलामी नहीं किए जाने की सिफारिश करने की बात कही गई है। कैग की रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन में बिना बोली लगाए, दिल्ली हवाई अड्डे के विकास और एक बिजली परियोजना के लिए कोयला देने जैसे मामलों में निजी कंपनियों को 3.06 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां अध्यक्ष मीरा कुमार के सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग रहे बीजेपी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा में गतिरोध को दूर करने के लिए सभी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया। सत्ता पक्ष और विपक्ष की तनातनी में व्यवस्था नहीं बनते देख दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस मुद्दे पर लगातार तीसरे दिन भी प्रश्नकाल नहीं चल पाया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी, शिवसेना और अकाली दल के सदस्य कोयला ब्लॉक आवंटन एवं अन्य विभागों में कथित अनियमितताओं पर कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। बीजेपी सदस्य 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' का नारा लगाते हुए आसन के समीप आ गए। टीडीपी सदस्य भी आसन के समीप आकर कोई मांग करते देखे गए, लेकिन उनकी मांग सुनी नहीं जा सकी। जेडीयू सदस्य अपने स्थान पर शांत बैठे देख गए। इस बीच, वाम दल सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े होकर इसी मांग को लेकर नारेबाजी करते देखे गए। अन्नाद्रमुक सदस्य भी कैग की रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण मांगते देखे गए। दूसरी ओर, कांग्रेस समेत यूपीए के सदस्य एक अखबार की प्रति लहराते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन में बीजेपी समेत विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया और विपक्ष को संसद में चर्चा कराने की चुनौती दी। गौरतलब है कि समाचारपत्र की खबर में बीजेपी समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों की राज्य सरकारों के कथित तौर पर कोयला ब्लॉक की नीलामी नहीं किए जाने की सिफारिश करने की बात कही गई है। कैग की रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन में बिना बोली लगाए, दिल्ली हवाई अड्डे के विकास और एक बिजली परियोजना के लिए कोयला देने जैसे मामलों में निजी कंपनियों को 3.06 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां अध्यक्ष मीरा कुमार के सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग रहे बीजेपी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा में गतिरोध को दूर करने के लिए सभी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया। बीजेपी सदस्य 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' का नारा लगाते हुए आसन के समीप आ गए। टीडीपी सदस्य भी आसन के समीप आकर कोई मांग करते देखे गए, लेकिन उनकी मांग सुनी नहीं जा सकी। जेडीयू सदस्य अपने स्थान पर शांत बैठे देख गए। इस बीच, वाम दल सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े होकर इसी मांग को लेकर नारेबाजी करते देखे गए। अन्नाद्रमुक सदस्य भी कैग की रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण मांगते देखे गए। दूसरी ओर, कांग्रेस समेत यूपीए के सदस्य एक अखबार की प्रति लहराते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन में बीजेपी समेत विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया और विपक्ष को संसद में चर्चा कराने की चुनौती दी। गौरतलब है कि समाचारपत्र की खबर में बीजेपी समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों की राज्य सरकारों के कथित तौर पर कोयला ब्लॉक की नीलामी नहीं किए जाने की सिफारिश करने की बात कही गई है। कैग की रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन में बिना बोली लगाए, दिल्ली हवाई अड्डे के विकास और एक बिजली परियोजना के लिए कोयला देने जैसे मामलों में निजी कंपनियों को 3.06 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां अध्यक्ष मीरा कुमार के सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग रहे बीजेपी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा में गतिरोध को दूर करने के लिए सभी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया। दूसरी ओर, कांग्रेस समेत यूपीए के सदस्य एक अखबार की प्रति लहराते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन में बीजेपी समेत विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को घेरे में लेने का प्रयास किया और विपक्ष को संसद में चर्चा कराने की चुनौती दी। गौरतलब है कि समाचारपत्र की खबर में बीजेपी समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों की राज्य सरकारों के कथित तौर पर कोयला ब्लॉक की नीलामी नहीं किए जाने की सिफारिश करने की बात कही गई है। कैग की रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन में बिना बोली लगाए, दिल्ली हवाई अड्डे के विकास और एक बिजली परियोजना के लिए कोयला देने जैसे मामलों में निजी कंपनियों को 3.06 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां अध्यक्ष मीरा कुमार के सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग रहे बीजेपी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा में गतिरोध को दूर करने के लिए सभी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया। कैग की रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन में बिना बोली लगाए, दिल्ली हवाई अड्डे के विकास और एक बिजली परियोजना के लिए कोयला देने जैसे मामलों में निजी कंपनियों को 3.06 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां अध्यक्ष मीरा कुमार के सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग रहे बीजेपी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा में गतिरोध को दूर करने के लिए सभी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया। अध्यक्ष मीरा कुमार के सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग रहे बीजेपी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा में गतिरोध को दूर करने के लिए सभी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया। सदन की बैठक शुरू होने पर जैसे ही सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कोयला आवंटन से जुड़ा मामला उठाना शुरू कर दिया। बीजेपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सत्तापक्ष की ओर से भी सदस्यों ने विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति अंसारी ने कार्यवाही चलने देने और सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन शोरगुल समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सभी दलों के नेताओं को अपने चैंबर में चर्चा के लिए बुलाया।
यह एक सारांश है: कोयला ब्लॉक आवंटन पर संसद में विपक्ष के हंगामे पर सोनिया गांधी ने कहा कि विपक्ष का तरीका सरासर गलत है और सत्ता पक्ष को भी आक्रामक हो जाना चाहिए।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जरा सोचिए, आप कार में बैठकर शहर के रिहायशी इलाके की सड़क से गुजर रहे हों, तभी अचानक वहां आगी बारिश होने लगे. ये बातें सोचकर ही शरीर सिहर जाता है. चीन के शेनयांग शहर में ऐसी घटना घटी. दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हुआ है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब आप सोच रहे होंगे कि भला शहर में आग की बारिश कैसे होने लगी? इस सवाल का जवाब जानने के लिए जरा अखबार की उन खबरों को याद कीजिए जिसमें लिखा होता है, आसमानी बिजली गिरने से लोगों की मौत हो गई. जब हम छोटे थे तो ऐसी खबरें पढ़कर मन में सवाल उठते थे भला आसमान से बिजलीकैसे गिरती है, ये आसमानी बिजली क्या है? हालांकि उम्र के साथ समझदारी बढ़ने पर हम इस प्राकृतिक क्रियाओं के बारे में रूबरू होते हैं. शिनयांग शहर में भी आसमानी बिजली गिरने की ही घटना हुई. गनीमत रही कि इस प्राकृतिक हादसे में किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.टिप्पणियांचायना प्लस न्यूज के मुताबिक आठ सेकेंड का यह वीडियो 11 मई को शेनयांग शहर के डैशबोर्ड कैमरे में कैद हुआ था. वीडियो में आप देखेंगे कि शहर के व्यस्त सड़क पर सामान्य दिनों की तरह गाड़ियां गुजर रही थीं. तभी वहां क्षण भर के लिए अंधेरा हो जाता है. इसके बाद दिखता है कि आसमानी बिजली सड़क पर गिरी है. देखकर ऐसा लगता है जैसे आसमान से आग की बारिश हो रही है. सबसे अच्छी बात यह रही कि आसमानी बिजली सड़क के जिसे में आकर गिरी उस वक्त वहां कोई भी गाड़ी या इंसान नहीं था, जिसके चलते किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. चायना प्लस न्यूज के मुताबिक आठ सेकेंड का यह वीडियो 11 मई को शेनयांग शहर के डैशबोर्ड कैमरे में कैद हुआ था. वीडियो में आप देखेंगे कि शहर के व्यस्त सड़क पर सामान्य दिनों की तरह गाड़ियां गुजर रही थीं. तभी वहां क्षण भर के लिए अंधेरा हो जाता है. इसके बाद दिखता है कि आसमानी बिजली सड़क पर गिरी है. देखकर ऐसा लगता है जैसे आसमान से आग की बारिश हो रही है. सबसे अच्छी बात यह रही कि आसमानी बिजली सड़क के जिसे में आकर गिरी उस वक्त वहां कोई भी गाड़ी या इंसान नहीं था, जिसके चलते किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. सबसे अच्छी बात यह रही कि आसमानी बिजली सड़क के जिसे में आकर गिरी उस वक्त वहां कोई भी गाड़ी या इंसान नहीं था, जिसके चलते किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.
सारांश: चीन के शेनयांग शहर में गिरी आसमानी बिजली सड़क से कारें गिर रही थीं, तभी गिरी आसमानी बिजली गनीमत रही कि किसी कार पर नहीं गिरी बिजली
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पेट्रोल सोमवार आधी रात से 85 पैसे सस्ता हो जाएगा। पिछले दो सप्ताह में पेट्रोल की कीमत में यह दूसरी कटौती है।टिप्पणियां कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत में गिरावट के मद्देनजर पेट्रोल की कीमत घटाई गई है। 85 पैसे की इस कमी में स्थानीय बिक्री कर या मूल्य वर्धित कर शामिल नहीं है। मूल्यवर्धित कर (वैट) को भी शामिल करने पर दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 1.02 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी और राजधानी में इसकी दर 67.29 रुपये प्रति लीटर होगी। अभी यह 68.34 रुपये प्रति लीटर है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत में गिरावट के मद्देनजर पेट्रोल की कीमत घटाई गई है। 85 पैसे की इस कमी में स्थानीय बिक्री कर या मूल्य वर्धित कर शामिल नहीं है। मूल्यवर्धित कर (वैट) को भी शामिल करने पर दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 1.02 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी और राजधानी में इसकी दर 67.29 रुपये प्रति लीटर होगी। अभी यह 68.34 रुपये प्रति लीटर है। मूल्यवर्धित कर (वैट) को भी शामिल करने पर दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 1.02 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी और राजधानी में इसकी दर 67.29 रुपये प्रति लीटर होगी। अभी यह 68.34 रुपये प्रति लीटर है।
यह एक सारांश है: पेट्रोल सोमवार आधी रात से 85 पैसे सस्ता हो जाएगा। पिछले दो सप्ताह में पेट्रोल की कीमत में यह दूसरी कटौती है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने मंगलवार को चीन से कहा कि वह जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत आतंकी घोषित कराने, उल्फा प्रमुख परेश बरुआ को पकड़ने और जाली भारतीय मुद्रा पर अंकुश लगाने के प्रयासों में सहयोग करे. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के पोलित ब्यूरो के सदस्य और केंद्रीय राजनीतिक एवं कानूनी मामले की समिति के सचिव मेंग जियानझू से मुलाकात के दौरान यह बात की. आतंकवाद पर भारत की चिंता को देखते हुए गृह मंत्री ने चीनी नेता से अपील करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1267 के तहत अजहर को आतंकी घोषित कराने के भारत के प्रयासों का समर्थन करें. सिंह ने कहा कि कोई अच्छा या बुरा आतंकवादी नहीं होता और आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति के लिए खतरा है. राजनाथ सिंह ने मेंग को नत्थी वीजा जारी करने और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देने के रास्तों पर भी चर्चा की. मेंग चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय राजनीतिक और कानूनी मामलों के सचिव हैं. उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम है और वे बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के साथ भी वार्ता करेंगे. टिप्पणियां इससे पहले एक अधिकारी ने कहा था, ''चीनी नेता के समक्ष हम अपनी सभी चिंताओं को उठायेंगे जो उस देश के आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रभारी भी हैं.'' उल्लेखनीय है कि चीन ने पठानकोट वायु सेना अड्डे पर और उरी में सैन्य शिविर पर हमले के कथित साजिशकर्ता अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में डालने के भारत के प्रयास को दो बार बाधित कर दिया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के पोलित ब्यूरो के सदस्य और केंद्रीय राजनीतिक एवं कानूनी मामले की समिति के सचिव मेंग जियानझू से मुलाकात के दौरान यह बात की. आतंकवाद पर भारत की चिंता को देखते हुए गृह मंत्री ने चीनी नेता से अपील करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1267 के तहत अजहर को आतंकी घोषित कराने के भारत के प्रयासों का समर्थन करें. सिंह ने कहा कि कोई अच्छा या बुरा आतंकवादी नहीं होता और आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति के लिए खतरा है. राजनाथ सिंह ने मेंग को नत्थी वीजा जारी करने और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देने के रास्तों पर भी चर्चा की. मेंग चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय राजनीतिक और कानूनी मामलों के सचिव हैं. उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम है और वे बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के साथ भी वार्ता करेंगे. टिप्पणियां इससे पहले एक अधिकारी ने कहा था, ''चीनी नेता के समक्ष हम अपनी सभी चिंताओं को उठायेंगे जो उस देश के आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रभारी भी हैं.'' उल्लेखनीय है कि चीन ने पठानकोट वायु सेना अड्डे पर और उरी में सैन्य शिविर पर हमले के कथित साजिशकर्ता अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में डालने के भारत के प्रयास को दो बार बाधित कर दिया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आतंकवाद पर भारत की चिंता को देखते हुए गृह मंत्री ने चीनी नेता से अपील करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1267 के तहत अजहर को आतंकी घोषित कराने के भारत के प्रयासों का समर्थन करें. सिंह ने कहा कि कोई अच्छा या बुरा आतंकवादी नहीं होता और आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति के लिए खतरा है. राजनाथ सिंह ने मेंग को नत्थी वीजा जारी करने और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देने के रास्तों पर भी चर्चा की. मेंग चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय राजनीतिक और कानूनी मामलों के सचिव हैं. उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम है और वे बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के साथ भी वार्ता करेंगे. टिप्पणियां इससे पहले एक अधिकारी ने कहा था, ''चीनी नेता के समक्ष हम अपनी सभी चिंताओं को उठायेंगे जो उस देश के आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रभारी भी हैं.'' उल्लेखनीय है कि चीन ने पठानकोट वायु सेना अड्डे पर और उरी में सैन्य शिविर पर हमले के कथित साजिशकर्ता अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में डालने के भारत के प्रयास को दो बार बाधित कर दिया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिंह ने कहा कि कोई अच्छा या बुरा आतंकवादी नहीं होता और आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति के लिए खतरा है. राजनाथ सिंह ने मेंग को नत्थी वीजा जारी करने और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देने के रास्तों पर भी चर्चा की. मेंग चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय राजनीतिक और कानूनी मामलों के सचिव हैं. उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम है और वे बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के साथ भी वार्ता करेंगे. टिप्पणियां इससे पहले एक अधिकारी ने कहा था, ''चीनी नेता के समक्ष हम अपनी सभी चिंताओं को उठायेंगे जो उस देश के आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रभारी भी हैं.'' उल्लेखनीय है कि चीन ने पठानकोट वायु सेना अड्डे पर और उरी में सैन्य शिविर पर हमले के कथित साजिशकर्ता अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में डालने के भारत के प्रयास को दो बार बाधित कर दिया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मेंग चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय राजनीतिक और कानूनी मामलों के सचिव हैं. उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम है और वे बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के साथ भी वार्ता करेंगे. टिप्पणियां इससे पहले एक अधिकारी ने कहा था, ''चीनी नेता के समक्ष हम अपनी सभी चिंताओं को उठायेंगे जो उस देश के आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रभारी भी हैं.'' उल्लेखनीय है कि चीन ने पठानकोट वायु सेना अड्डे पर और उरी में सैन्य शिविर पर हमले के कथित साजिशकर्ता अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में डालने के भारत के प्रयास को दो बार बाधित कर दिया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले एक अधिकारी ने कहा था, ''चीनी नेता के समक्ष हम अपनी सभी चिंताओं को उठायेंगे जो उस देश के आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रभारी भी हैं.'' उल्लेखनीय है कि चीन ने पठानकोट वायु सेना अड्डे पर और उरी में सैन्य शिविर पर हमले के कथित साजिशकर्ता अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में डालने के भारत के प्रयास को दो बार बाधित कर दिया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: चीन से परेश बरुआ और जाली भारतीय मुद्रा पर अंकुश के लिए समर्थन मांगा UN प्रस्ताव 1267 के तहत अजहर को आतंकी घोषित करने में समर्थन मांगा इस संबंध में चीन दो बार भारत के प्रयासों पर पानी फेर चुका है
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश में साल 2011 में बच्चों के खिलाफ अपराधों की सूची में राजधानी दिल्ली शीर्ष पर है, जबकि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में क्रमश: बच्चों से दुष्कर्म और हत्या के सर्वाधिक मामले दर्ज हुए हैं। देश में 2011 में बच्चों के खिलाफ अपराध संबंधी कुल 33 हजार 98 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 26 हजार 694 था। यानी बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड शाखा (एनसीआरबी) के अनुसार, बच्चों के खिलाफ अपराध की दर दिल्ली में सबसे ज्यादा (25.4 प्रतिशत) है, जबकि इस सूची में आगे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (20.3 प्रतिशत), चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ (7-7 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (6 प्रतिशत) और गोवा (5.1 प्रतिशत) हैं। 2011 में देश में नवजात शिशुओं सहित बच्चों की हत्या के कुल 1514 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 1508 था। उत्तर प्रदेश में इस तरह के मामलों की सबसे ज्यादा संख्या (326) दर्ज हुई, जो देश में कुल मामलों का 22.9 प्रतिशत है। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, दमन और दीव, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में 2011 में बच्चों की हत्या का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। देश में 2011 में बच्चों से बलात्कार के कुल 7,112 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 5,484 था। यानी ऐसे मामलों में 29.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में बलात्कार के सर्वाधिक मामले (1262) दर्ज हुए, जबकि उत्तर प्रदेश (1,088) दूसरे और महाराष्ट्र (818) तीसरे स्थान पर रहा।टिप्पणियां इसी तरह, 2011 में बच्चों के अपहरण के कुल 15,282 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 10,670 था। इस संबंध में उत्तर प्रदेश (3,739) पहले, जबकि दिल्ली (3,528) दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा, 2011 में वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों को बेचने’ के 113 मामले और लड़कियों को खरीदने के 27 मामले दर्ज हुए। देश में 2011 में बच्चों के खिलाफ अपराध संबंधी कुल 33 हजार 98 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 26 हजार 694 था। यानी बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड शाखा (एनसीआरबी) के अनुसार, बच्चों के खिलाफ अपराध की दर दिल्ली में सबसे ज्यादा (25.4 प्रतिशत) है, जबकि इस सूची में आगे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (20.3 प्रतिशत), चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ (7-7 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (6 प्रतिशत) और गोवा (5.1 प्रतिशत) हैं। 2011 में देश में नवजात शिशुओं सहित बच्चों की हत्या के कुल 1514 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 1508 था। उत्तर प्रदेश में इस तरह के मामलों की सबसे ज्यादा संख्या (326) दर्ज हुई, जो देश में कुल मामलों का 22.9 प्रतिशत है। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, दमन और दीव, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में 2011 में बच्चों की हत्या का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। देश में 2011 में बच्चों से बलात्कार के कुल 7,112 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 5,484 था। यानी ऐसे मामलों में 29.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में बलात्कार के सर्वाधिक मामले (1262) दर्ज हुए, जबकि उत्तर प्रदेश (1,088) दूसरे और महाराष्ट्र (818) तीसरे स्थान पर रहा।टिप्पणियां इसी तरह, 2011 में बच्चों के अपहरण के कुल 15,282 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 10,670 था। इस संबंध में उत्तर प्रदेश (3,739) पहले, जबकि दिल्ली (3,528) दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा, 2011 में वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों को बेचने’ के 113 मामले और लड़कियों को खरीदने के 27 मामले दर्ज हुए। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड शाखा (एनसीआरबी) के अनुसार, बच्चों के खिलाफ अपराध की दर दिल्ली में सबसे ज्यादा (25.4 प्रतिशत) है, जबकि इस सूची में आगे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (20.3 प्रतिशत), चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ (7-7 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (6 प्रतिशत) और गोवा (5.1 प्रतिशत) हैं। 2011 में देश में नवजात शिशुओं सहित बच्चों की हत्या के कुल 1514 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 1508 था। उत्तर प्रदेश में इस तरह के मामलों की सबसे ज्यादा संख्या (326) दर्ज हुई, जो देश में कुल मामलों का 22.9 प्रतिशत है। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, दमन और दीव, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में 2011 में बच्चों की हत्या का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। देश में 2011 में बच्चों से बलात्कार के कुल 7,112 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 5,484 था। यानी ऐसे मामलों में 29.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में बलात्कार के सर्वाधिक मामले (1262) दर्ज हुए, जबकि उत्तर प्रदेश (1,088) दूसरे और महाराष्ट्र (818) तीसरे स्थान पर रहा।टिप्पणियां इसी तरह, 2011 में बच्चों के अपहरण के कुल 15,282 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 10,670 था। इस संबंध में उत्तर प्रदेश (3,739) पहले, जबकि दिल्ली (3,528) दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा, 2011 में वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों को बेचने’ के 113 मामले और लड़कियों को खरीदने के 27 मामले दर्ज हुए। 2011 में देश में नवजात शिशुओं सहित बच्चों की हत्या के कुल 1514 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 1508 था। उत्तर प्रदेश में इस तरह के मामलों की सबसे ज्यादा संख्या (326) दर्ज हुई, जो देश में कुल मामलों का 22.9 प्रतिशत है। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, दमन और दीव, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में 2011 में बच्चों की हत्या का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। देश में 2011 में बच्चों से बलात्कार के कुल 7,112 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 5,484 था। यानी ऐसे मामलों में 29.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में बलात्कार के सर्वाधिक मामले (1262) दर्ज हुए, जबकि उत्तर प्रदेश (1,088) दूसरे और महाराष्ट्र (818) तीसरे स्थान पर रहा।टिप्पणियां इसी तरह, 2011 में बच्चों के अपहरण के कुल 15,282 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 10,670 था। इस संबंध में उत्तर प्रदेश (3,739) पहले, जबकि दिल्ली (3,528) दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा, 2011 में वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों को बेचने’ के 113 मामले और लड़कियों को खरीदने के 27 मामले दर्ज हुए। देश में 2011 में बच्चों से बलात्कार के कुल 7,112 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 5,484 था। यानी ऐसे मामलों में 29.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में बलात्कार के सर्वाधिक मामले (1262) दर्ज हुए, जबकि उत्तर प्रदेश (1,088) दूसरे और महाराष्ट्र (818) तीसरे स्थान पर रहा।टिप्पणियां इसी तरह, 2011 में बच्चों के अपहरण के कुल 15,282 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 10,670 था। इस संबंध में उत्तर प्रदेश (3,739) पहले, जबकि दिल्ली (3,528) दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा, 2011 में वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों को बेचने’ के 113 मामले और लड़कियों को खरीदने के 27 मामले दर्ज हुए। इसी तरह, 2011 में बच्चों के अपहरण के कुल 15,282 मामले दर्ज हुए, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 10,670 था। इस संबंध में उत्तर प्रदेश (3,739) पहले, जबकि दिल्ली (3,528) दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा, 2011 में वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों को बेचने’ के 113 मामले और लड़कियों को खरीदने के 27 मामले दर्ज हुए। इसके अलावा, 2011 में वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों को बेचने’ के 113 मामले और लड़कियों को खरीदने के 27 मामले दर्ज हुए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश में साल 2011 में बच्चों के खिलाफ अपराधों की सूची में राजधानी दिल्ली शीर्ष पर है, जबकि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में क्रमश: बच्चों से दुष्कर्म और हत्या के सर्वाधिक मामले दर्ज हुए हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओलिंपिक में भारत की पदक दावेदारों में एक बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल रविवार को वेम्बेल एरीना में स्विटजरलैंड की सब्रिना जाकेट के खिलाफ ग्रुप मैच से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। चौथी वरीय साइना ओलिंपिक ड्रॉ के ग्रुप ई में सब्रिना और बेल्जियम की लियाने टान के साथ हैं। बीजिंग ओलिंपिक, 2008 में क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली 22 वर्षीय भारतीय तीन चीनी खिलाड़ियों, डेनमार्क की टिने बॉन और जर्मनी की जुलियन चेंक समेत स्वर्ण पदक के दावेदारों में से एक है। पिछले महीने थाइलैंड ग्रां प्री गोल्ड और इंडोनेशिया सुपरसीरीज में लगातार दो खिताब जीतने वाली साइना अगर प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचती है, तो उसके ग्रुप एफ की 14वीं वरीय हालैंड की याओ जिए से भिड़ंत की संभावना है। दुनिया की पांचवें नंबर की हैदराबादी को इसके आगे कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें क्वार्टरफाइनल में वह दो बार की ऑल इंग्लैंड चैंपियन और पांचवीं वरीय बॉन (ग्रुप जी) या 12वीं वरीय जापानी सायाका सातो (ग्रुप एच) से भिड़ सकती हैं। साइना बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में मिली हार से अपने ओलिंपिक आगाज में पदक से चूक गई थीं। टिप्पणियां साइना ने कहा, प्रत्येक भारतीय खिलाड़ी की तरह पदक जीतना मेरा भी सपना है, लेकिन मैं खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहती। दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें कुछ अच्छे मैचों की उम्मीद है। साइना ने कहा, ड्रॉ काफी कठिन लग रहा है। मैं इनके खिलाफ पहले भी खेल चुकी हूं और इन्होंने मुझे चुनौती दी है। मुझे अच्छे मैचों की उम्मीद है, लेकिन मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान लगाऊंगी। उन्होंने कहा, बतौर खिलाड़ी मैंने काफी सुधार किया है। यह मेरा दूसरा ओलिंपिक है और मैं अब और रिलेक्स रहना चाहती हूं। मैं ज्यादा दबाव नहीं लेना चाहती। बीजिंग ओलिंपिक, 2008 में क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली 22 वर्षीय भारतीय तीन चीनी खिलाड़ियों, डेनमार्क की टिने बॉन और जर्मनी की जुलियन चेंक समेत स्वर्ण पदक के दावेदारों में से एक है। पिछले महीने थाइलैंड ग्रां प्री गोल्ड और इंडोनेशिया सुपरसीरीज में लगातार दो खिताब जीतने वाली साइना अगर प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचती है, तो उसके ग्रुप एफ की 14वीं वरीय हालैंड की याओ जिए से भिड़ंत की संभावना है। दुनिया की पांचवें नंबर की हैदराबादी को इसके आगे कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें क्वार्टरफाइनल में वह दो बार की ऑल इंग्लैंड चैंपियन और पांचवीं वरीय बॉन (ग्रुप जी) या 12वीं वरीय जापानी सायाका सातो (ग्रुप एच) से भिड़ सकती हैं। साइना बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में मिली हार से अपने ओलिंपिक आगाज में पदक से चूक गई थीं। टिप्पणियां साइना ने कहा, प्रत्येक भारतीय खिलाड़ी की तरह पदक जीतना मेरा भी सपना है, लेकिन मैं खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहती। दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें कुछ अच्छे मैचों की उम्मीद है। साइना ने कहा, ड्रॉ काफी कठिन लग रहा है। मैं इनके खिलाफ पहले भी खेल चुकी हूं और इन्होंने मुझे चुनौती दी है। मुझे अच्छे मैचों की उम्मीद है, लेकिन मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान लगाऊंगी। उन्होंने कहा, बतौर खिलाड़ी मैंने काफी सुधार किया है। यह मेरा दूसरा ओलिंपिक है और मैं अब और रिलेक्स रहना चाहती हूं। मैं ज्यादा दबाव नहीं लेना चाहती। दुनिया की पांचवें नंबर की हैदराबादी को इसके आगे कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें क्वार्टरफाइनल में वह दो बार की ऑल इंग्लैंड चैंपियन और पांचवीं वरीय बॉन (ग्रुप जी) या 12वीं वरीय जापानी सायाका सातो (ग्रुप एच) से भिड़ सकती हैं। साइना बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में मिली हार से अपने ओलिंपिक आगाज में पदक से चूक गई थीं। टिप्पणियां साइना ने कहा, प्रत्येक भारतीय खिलाड़ी की तरह पदक जीतना मेरा भी सपना है, लेकिन मैं खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहती। दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें कुछ अच्छे मैचों की उम्मीद है। साइना ने कहा, ड्रॉ काफी कठिन लग रहा है। मैं इनके खिलाफ पहले भी खेल चुकी हूं और इन्होंने मुझे चुनौती दी है। मुझे अच्छे मैचों की उम्मीद है, लेकिन मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान लगाऊंगी। उन्होंने कहा, बतौर खिलाड़ी मैंने काफी सुधार किया है। यह मेरा दूसरा ओलिंपिक है और मैं अब और रिलेक्स रहना चाहती हूं। मैं ज्यादा दबाव नहीं लेना चाहती। साइना ने कहा, प्रत्येक भारतीय खिलाड़ी की तरह पदक जीतना मेरा भी सपना है, लेकिन मैं खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहती। दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें कुछ अच्छे मैचों की उम्मीद है। साइना ने कहा, ड्रॉ काफी कठिन लग रहा है। मैं इनके खिलाफ पहले भी खेल चुकी हूं और इन्होंने मुझे चुनौती दी है। मुझे अच्छे मैचों की उम्मीद है, लेकिन मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान लगाऊंगी। उन्होंने कहा, बतौर खिलाड़ी मैंने काफी सुधार किया है। यह मेरा दूसरा ओलिंपिक है और मैं अब और रिलेक्स रहना चाहती हूं। मैं ज्यादा दबाव नहीं लेना चाहती। साइना ने कहा, ड्रॉ काफी कठिन लग रहा है। मैं इनके खिलाफ पहले भी खेल चुकी हूं और इन्होंने मुझे चुनौती दी है। मुझे अच्छे मैचों की उम्मीद है, लेकिन मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान लगाऊंगी। उन्होंने कहा, बतौर खिलाड़ी मैंने काफी सुधार किया है। यह मेरा दूसरा ओलिंपिक है और मैं अब और रिलेक्स रहना चाहती हूं। मैं ज्यादा दबाव नहीं लेना चाहती।
सारांश: ओलिंपिक में भारत की पदक दावेदारों में एक बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल रविवार को वेम्बेल एरीना में स्विटजरलैंड की सब्रिना जाकेट के खिलाफ ग्रुप मैच से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में बीती रात करीब पौने दस बजे 19 साल की एक लड़की और उसके पिता ने खुदकुशी कर ली।टिप्पणियां पंजाबी कॉलोनी के एक अपार्टमेंट में पहले मेघना खन्ना नाम की लड़की ने सीलिंग फैन से लटक कर जान दी, इसके बाद उसके 55 साल के पिता रमेश ने पुलिस को फोन कर हादसे की जानकारी दी और बाद में उन्होंने फ्लैट की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। अभी तक दोनों की खुदकुशी की वजह का पता नहीं लग पाया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले बेटी और पिता में बहस हुई थी। पंजाबी कॉलोनी के एक अपार्टमेंट में पहले मेघना खन्ना नाम की लड़की ने सीलिंग फैन से लटक कर जान दी, इसके बाद उसके 55 साल के पिता रमेश ने पुलिस को फोन कर हादसे की जानकारी दी और बाद में उन्होंने फ्लैट की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। अभी तक दोनों की खुदकुशी की वजह का पता नहीं लग पाया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले बेटी और पिता में बहस हुई थी। अभी तक दोनों की खुदकुशी की वजह का पता नहीं लग पाया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले बेटी और पिता में बहस हुई थी।
पंजाबी कॉलोनी के एक अपार्टमेंट में पहले मेघना खन्ना नाम की लड़की ने सीलिंग फैन से लटक कर जान दी, इसके बाद उसके 55 साल के पिता रमेश ने पुलिस को फोन कर हादसे की जानकारी दी और बाद में उन्होंने फ्लैट की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भट्टा पारसौल के किसानों से सहानुभूति जताते हुए जेल में बंद किसानों के मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया। भट्टा पारसौल के किसानों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आज उनके आवास 5-कालिदास मार्ग पर मुलाकात की।टिप्पणियां प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि भट्टा पारसौल के किसानों द्वारा खेती की जमीन के जबरन अधिग्रहण का विरोध करने पर बसपा सरकार ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवा दिया। जून 2011 से गांव में गिरफ्तारियों के बहाने कई घरों में पुलिस ने तांडव किया और महिलाओं-बच्चों तक का उत्पीड़न किया। किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जिस प्रकार मथुरा और टप्पल के किसानों पर लगे केस वापस लिए गए हैं वैसे ही भट्टा पारसौल के किसानों को भी राहत दी जाए। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया। भट्टा पारसौल के किसानों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आज उनके आवास 5-कालिदास मार्ग पर मुलाकात की।टिप्पणियां प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि भट्टा पारसौल के किसानों द्वारा खेती की जमीन के जबरन अधिग्रहण का विरोध करने पर बसपा सरकार ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवा दिया। जून 2011 से गांव में गिरफ्तारियों के बहाने कई घरों में पुलिस ने तांडव किया और महिलाओं-बच्चों तक का उत्पीड़न किया। किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जिस प्रकार मथुरा और टप्पल के किसानों पर लगे केस वापस लिए गए हैं वैसे ही भट्टा पारसौल के किसानों को भी राहत दी जाए। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि भट्टा पारसौल के किसानों द्वारा खेती की जमीन के जबरन अधिग्रहण का विरोध करने पर बसपा सरकार ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवा दिया। जून 2011 से गांव में गिरफ्तारियों के बहाने कई घरों में पुलिस ने तांडव किया और महिलाओं-बच्चों तक का उत्पीड़न किया। किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जिस प्रकार मथुरा और टप्पल के किसानों पर लगे केस वापस लिए गए हैं वैसे ही भट्टा पारसौल के किसानों को भी राहत दी जाए। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया। किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जिस प्रकार मथुरा और टप्पल के किसानों पर लगे केस वापस लिए गए हैं वैसे ही भट्टा पारसौल के किसानों को भी राहत दी जाए। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया।
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भट्टा पारसौल के किसानों से सहानुभूति जताते हुए जेल में बंद किसानों के मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने आर. प्रेमदासा स्टेडियम में शनिवार को खेले गए पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शृंखला के तीसरे मुकाबले में श्रीलंका को पांच विकेट से पराजित कर दिया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने इस शृंखला में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। श्रीलंका की ओर से रखे गए 287 रनों के लक्ष्य को भारतीय टीम ने दो गेंद शेष रहते पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत की जीत में सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर और मध्यक्रम के बल्लेबाज सुरेश रैना और हरफनमौला इरफान पठान की प्रमुख भूमिका रही। गम्भीर ने जहां 102 रनों की शतकीय पारी खेली वहीं रैना ने नाबाद 65 और पठान ने नाबाद 34 रन बनाए। गम्भीर ने भले ही शतकीय पारी खेली लेकिन रैना ने विपरीत परिस्थियों में यह मैच भारत की झोली में डालकर अपनी प्रतिभा का एक और परिचय दिया। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को दूसरे ही ओवर में करारा झटका लगा जब विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे। उस समय भारत का स्कोर आठ रन था। सहवाग सिर्फ छह गेंदों का सामना कर सके। उन्होंने तीन रन बनाए। थिसारा परेरा की गेंद पर स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक सेनानायके ने उनका कैच लपका। इसके बाद गम्भीर और विराट कोहली ने पारी को सम्भाला और दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की। 21वें ओवर में कोहली के रूप में भारत को दूसरा झटका लगा। कोहली ने 38 रन बनाए। उन्होंने 65 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए। रंगना हेराथ ने ने अपनी ही गेंद पर उनका शनदार कैच लपका। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खुद मैदान पर मोर्चा सम्भाला। उन्होंने भी गम्भीर के साथ मिलकर पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। लेकिन 36वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी भी अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 60 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन बनाए। लसिथ मलिंगा ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। धोनी का स्थान लेने आए रोहित शर्मा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। मलिंगा की पहली ही गेंद पर वह चकमा खा गए और पगबाधा करार दिए गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। श्रीलंका की ओर से रखे गए 287 रनों के लक्ष्य को भारतीय टीम ने दो गेंद शेष रहते पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत की जीत में सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर और मध्यक्रम के बल्लेबाज सुरेश रैना और हरफनमौला इरफान पठान की प्रमुख भूमिका रही। गम्भीर ने जहां 102 रनों की शतकीय पारी खेली वहीं रैना ने नाबाद 65 और पठान ने नाबाद 34 रन बनाए। गम्भीर ने भले ही शतकीय पारी खेली लेकिन रैना ने विपरीत परिस्थियों में यह मैच भारत की झोली में डालकर अपनी प्रतिभा का एक और परिचय दिया। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को दूसरे ही ओवर में करारा झटका लगा जब विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे। उस समय भारत का स्कोर आठ रन था। सहवाग सिर्फ छह गेंदों का सामना कर सके। उन्होंने तीन रन बनाए। थिसारा परेरा की गेंद पर स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक सेनानायके ने उनका कैच लपका। इसके बाद गम्भीर और विराट कोहली ने पारी को सम्भाला और दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की। 21वें ओवर में कोहली के रूप में भारत को दूसरा झटका लगा। कोहली ने 38 रन बनाए। उन्होंने 65 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए। रंगना हेराथ ने ने अपनी ही गेंद पर उनका शनदार कैच लपका। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खुद मैदान पर मोर्चा सम्भाला। उन्होंने भी गम्भीर के साथ मिलकर पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। लेकिन 36वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी भी अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 60 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन बनाए। लसिथ मलिंगा ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। धोनी का स्थान लेने आए रोहित शर्मा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। मलिंगा की पहली ही गेंद पर वह चकमा खा गए और पगबाधा करार दिए गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारत की जीत में सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर और मध्यक्रम के बल्लेबाज सुरेश रैना और हरफनमौला इरफान पठान की प्रमुख भूमिका रही। गम्भीर ने जहां 102 रनों की शतकीय पारी खेली वहीं रैना ने नाबाद 65 और पठान ने नाबाद 34 रन बनाए। गम्भीर ने भले ही शतकीय पारी खेली लेकिन रैना ने विपरीत परिस्थियों में यह मैच भारत की झोली में डालकर अपनी प्रतिभा का एक और परिचय दिया। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को दूसरे ही ओवर में करारा झटका लगा जब विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे। उस समय भारत का स्कोर आठ रन था। सहवाग सिर्फ छह गेंदों का सामना कर सके। उन्होंने तीन रन बनाए। थिसारा परेरा की गेंद पर स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक सेनानायके ने उनका कैच लपका। इसके बाद गम्भीर और विराट कोहली ने पारी को सम्भाला और दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की। 21वें ओवर में कोहली के रूप में भारत को दूसरा झटका लगा। कोहली ने 38 रन बनाए। उन्होंने 65 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए। रंगना हेराथ ने ने अपनी ही गेंद पर उनका शनदार कैच लपका। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खुद मैदान पर मोर्चा सम्भाला। उन्होंने भी गम्भीर के साथ मिलकर पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। लेकिन 36वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी भी अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 60 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन बनाए। लसिथ मलिंगा ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। धोनी का स्थान लेने आए रोहित शर्मा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। मलिंगा की पहली ही गेंद पर वह चकमा खा गए और पगबाधा करार दिए गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। गम्भीर ने जहां 102 रनों की शतकीय पारी खेली वहीं रैना ने नाबाद 65 और पठान ने नाबाद 34 रन बनाए। गम्भीर ने भले ही शतकीय पारी खेली लेकिन रैना ने विपरीत परिस्थियों में यह मैच भारत की झोली में डालकर अपनी प्रतिभा का एक और परिचय दिया। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को दूसरे ही ओवर में करारा झटका लगा जब विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे। उस समय भारत का स्कोर आठ रन था। सहवाग सिर्फ छह गेंदों का सामना कर सके। उन्होंने तीन रन बनाए। थिसारा परेरा की गेंद पर स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक सेनानायके ने उनका कैच लपका। इसके बाद गम्भीर और विराट कोहली ने पारी को सम्भाला और दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की। 21वें ओवर में कोहली के रूप में भारत को दूसरा झटका लगा। कोहली ने 38 रन बनाए। उन्होंने 65 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए। रंगना हेराथ ने ने अपनी ही गेंद पर उनका शनदार कैच लपका। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खुद मैदान पर मोर्चा सम्भाला। उन्होंने भी गम्भीर के साथ मिलकर पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। लेकिन 36वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी भी अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 60 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन बनाए। लसिथ मलिंगा ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। धोनी का स्थान लेने आए रोहित शर्मा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। मलिंगा की पहली ही गेंद पर वह चकमा खा गए और पगबाधा करार दिए गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को दूसरे ही ओवर में करारा झटका लगा जब विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे। उस समय भारत का स्कोर आठ रन था। सहवाग सिर्फ छह गेंदों का सामना कर सके। उन्होंने तीन रन बनाए। थिसारा परेरा की गेंद पर स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक सेनानायके ने उनका कैच लपका। इसके बाद गम्भीर और विराट कोहली ने पारी को सम्भाला और दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की। 21वें ओवर में कोहली के रूप में भारत को दूसरा झटका लगा। कोहली ने 38 रन बनाए। उन्होंने 65 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए। रंगना हेराथ ने ने अपनी ही गेंद पर उनका शनदार कैच लपका। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खुद मैदान पर मोर्चा सम्भाला। उन्होंने भी गम्भीर के साथ मिलकर पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। लेकिन 36वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी भी अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 60 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन बनाए। लसिथ मलिंगा ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। धोनी का स्थान लेने आए रोहित शर्मा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। मलिंगा की पहली ही गेंद पर वह चकमा खा गए और पगबाधा करार दिए गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। इसके बाद गम्भीर और विराट कोहली ने पारी को सम्भाला और दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की। 21वें ओवर में कोहली के रूप में भारत को दूसरा झटका लगा। कोहली ने 38 रन बनाए। उन्होंने 65 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए। रंगना हेराथ ने ने अपनी ही गेंद पर उनका शनदार कैच लपका। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खुद मैदान पर मोर्चा सम्भाला। उन्होंने भी गम्भीर के साथ मिलकर पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। लेकिन 36वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी भी अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 60 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन बनाए। लसिथ मलिंगा ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। धोनी का स्थान लेने आए रोहित शर्मा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। मलिंगा की पहली ही गेंद पर वह चकमा खा गए और पगबाधा करार दिए गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खुद मैदान पर मोर्चा सम्भाला। उन्होंने भी गम्भीर के साथ मिलकर पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। लेकिन 36वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी भी अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 60 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन बनाए। लसिथ मलिंगा ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। धोनी का स्थान लेने आए रोहित शर्मा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। मलिंगा की पहली ही गेंद पर वह चकमा खा गए और पगबाधा करार दिए गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। धोनी का स्थान लेने आए रोहित शर्मा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। मलिंगा की पहली ही गेंद पर वह चकमा खा गए और पगबाधा करार दिए गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर भारतीय टीम को एक बार फिर बैकफुट पर धकेल दिया। दो ओवरों के बाद शतकवीर गम्भीर भी पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए। वह रन आउट हुए। गम्भीर ने 101 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने 10 चौके लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। गम्भीर के आउट होने के बाद लगा कि भारतीय टीम के लिए इस मैच में वापसी मुश्किल होगी। उस समय टीम इंडिया को 11.3 ओवरों में जीत के लिए 91 रनों की दरकार थी। लेकिन सुरेश रैना और इरफान पठान ने अपने दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया और भारतीय टीम को जीत दिलाई। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। रैना ने 45 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के  की मदद से 65 रन बनाए जबकि पठान ने 31 गेंदों पर 34 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट पर 11.1 ओवरों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई थी। उसने महज 20 के योग पर चोटी के तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने मिलकर श्रीलंकाई टीम को मुश्किलों से निकाला। अंतिम ओवरों में एंजेलो मैथ्यूज और जीवन मेंडिस ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुल योग में अभी नौ रन ही जुड़े थे कि तिलकरत्ने दिलशान को चार रन के निजी योग पर जहीर खान ने बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। पांचवें ओवर में 19 के कुल योग पर उपुल थरंगा भी चल दिए। वह आठ रन ही बना सके। जहीर की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश चांडीमल तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इरफान पठान ने उन्हें पगबाधा आउट किया। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। इसके बाद संगकारा और जयवर्धने ने चौथे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। 30वें ओवर में जयवर्धने के रूप में श्रीलंका को चौथा झटका लगा। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। जयवर्धने ने 65 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 79 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। राहुल शर्मा की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। जयवर्धने की जगह लेने आए मैथ्यूज ने संगकारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी हुई। 182 के कुल योग पर संगकारा भी चलते बने। उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया और 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके लगाए। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। उस समय तक लग रहा था कि श्रीलंका की टीम 250 के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी लेकिन मैथ्यूज ने मेंडिस के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि उसके बाद बिना कोई विकेट गंवाए टीम का स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। मैथ्यूज ने 57 गेंदों पर 71 रनों की तेज पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। मेंडिस ने 40 गेंदों पर 45 रन बनाए और तीन चौके व एक छक्का लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 104 रनों की नाबाद साझेदारी की। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारत की ओर से जहीर खान सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए। पठान, अशोक डिंडा और शर्मा के खाते में एक-एक विकेट गया। डिंडा बहुत खर्चीले साबित हुए। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 76 रन लुटाए।टिप्पणियां शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। शृंखला में अब भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम में एक परिवर्तन किया गया था। बल्लेबाज लाहिरू थिरिमान्ने की जगह जीवन मेंडिस को श्रीलंका की अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। लेग स्पिनर राहुल शर्मा और तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव की जगह अंतिम एकादश टीम में जगह मिली।
सारांश: गौतम गंभीर के शतक के बाद सुरेश रैना की तूफानी पारी से भारत ने विषम परिस्थितियों से उबरते हुए तीसरे वनडे क्रिकेट मैच में श्रीलंका को पांच विकेट से हराकर पांच मैचों की शृंखला में 2-1 की बढ़त बना ली।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बाबा रामदेव ने जनार्दन द्विवेदी के साथ हुए व्यवहार की निंदा की। बाबा ने हरिद्वार में प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेसी नेता पर जूता उठाए जाने का विरोध किया। बाबा रामदेव ने कहा कि किसी भी अमानवीय कृत्य की वह निंदा करते हैं। कांग्रेस के आरोपों पर रामदेव का कहना है कि वह जनता के नुमाइंदे हैं, भाजपा, आरएसएस के नहीं। जहां तक महिलाओं के वस्त्र पहन कर वहां से भागने के प्रयास के आरोपों पर बाबा ने कहा कि वह महिलाओं का सम्मान करते हैं और केंद्र सरकार उनकी हत्या की साजिश रचे बैठी थी इसलिए वह मैदान से महिलाओं के वस्त्र में बाहर भागे। उनका कहना था कि अपनी जान बचाने के लिए महिलाओं के वस्त्र पहनना कोई अपराध नहीं है। यह उनके लिए शर्म की बात नहीं अपितु गर्व की बात है। बाबा ने यह भी कहा कि वह एक सैनिक की भांति देश की रक्षा करते सीमा पर मरना पसंद करेंगे न कि सरकार की साजिश में फंसकर अपनी जान देना।
सारांश: उनका कहना था कि अपनी जान बचाने के लिए महिलाओं के वस्त्र पहनना कोई अपराध नहीं है। यह उनके लिए शर्म की बात नहीं अपितु गर्व की बात है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नेपाल के काठमांडू में 16 अगस्त 1970 को जन्मीं फिल्म अभिनेत्री मनीषा कोइराला आज 46 साल की हो गईं. उन्होंने बालीवुड की करीब 50 फिल्मों में अभिनय किया. वैसे तो उनकी कई फिल्में लोकप्रिय हुईं लेकिन '1942 ए लव स्टोरी' उनकी खास यादगार फिल्म है जिसने उन्हें सफलता के शिखर पर पहुंचाया.टिप्पणियां मनीषा कोइराला ने फिल्मी सफर की शुरुआत सन 1991 में सुभाष घई की फिल्म सौदागर से की थी. यह फिल्म उस साल की सबसे हिट फिल्म रही थी. इसके बाद उन्होंने मुड़कर नहीं देखा. 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा....' सन 1993 में आई फिल्म '1942 ए लव स्टोरी' के इस गीत ने वास्तव में मनीषा को हिन्दी फिल्म संसार में नई पहचान दी. उनकी यह फिल्म न सिर्फ सुपर हिट हुई बल्कि उन्हें इसी फिल्म ने लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. मनीषा कोइराला इससे पहले 1991 से 1993 के बीच 'सौदागर' के अलावा 'यलगार' और 'इंसानियत के देवता' में आ चुकी थीं.   विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म '1942 ए लव स्टोरी' की पटकथा संजय लीला भंसाली की थी और मनीषा के साथ हीरो अनिल कपूर थे. राहुल देव बर्मन ने इस फिल्म में संगीत दिया था. देश की आजादी की लड़ाई की कहानी की पृष्ठभूमि के साथ प्रेम कथा इस फिल्म की कहानी थी. फिल्म का संगीत जहां शानदार था वहीं इसमें मनीषा कोइराला का अभिनय भी दमदार था.'1942 ए लव स्टोरी' के बाद मनीषा कोइराला को कई फिल्में मिलीं. इनमें से 'बॉम्बे', 'क्रिमनल', 'खामोशी', 'कच्चे धागे', 'अग्निसाक्षी', 'मोक्ष', 'मन' जैसी फिल्मों ने खासी सफलता पाई. सन 2007 में आई फिल्म 'अनवर' उनकी आखिरी फिल्म थी. सन 1996 में आई फिल्म 'खामोशी' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का स्क्रीन अवार्ड मिला. हिन्दी फिल्मों के अलावा उन्होंने नेपाली, तमिल,तेलुगू और मलयालम फिल्मों में भी काम किया है.      मनीषा कोइराला की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक रही है. उनके पिता प्रकाश कोइराला नेपाल में कैबिनेट मंत्री रहे हैं. वे नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला की नातिन हैं. मनीषा भरतनाट्यम और मणिपुरी नृत्यों में पारंगत हैं. बनारस और दिल्ली में शिक्षा लेने वालीं मनीषा मॉडलिंग करने का बाद फिल्म इंडस्ट्री में आईं. नेपाल के व्यवसायी सम्राट दहाल से वर्ष 2010 में उनकी शादी हुई लेकिन 2012 में अलगाव हुआ और फिर तलाक हो गया. सन 2012 में वे कैंसर से पीड़ित हो गईं. इलाज के बाद वे कैंसर से मुक्त हो चुकी हैं. उनकी फिल्मों में वापसी की खबरें आ रही हैं. दर्शकों को उनका इंतजार है. मनीषा कोइराला ने फिल्मी सफर की शुरुआत सन 1991 में सुभाष घई की फिल्म सौदागर से की थी. यह फिल्म उस साल की सबसे हिट फिल्म रही थी. इसके बाद उन्होंने मुड़कर नहीं देखा. 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा....' सन 1993 में आई फिल्म '1942 ए लव स्टोरी' के इस गीत ने वास्तव में मनीषा को हिन्दी फिल्म संसार में नई पहचान दी. उनकी यह फिल्म न सिर्फ सुपर हिट हुई बल्कि उन्हें इसी फिल्म ने लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. मनीषा कोइराला इससे पहले 1991 से 1993 के बीच 'सौदागर' के अलावा 'यलगार' और 'इंसानियत के देवता' में आ चुकी थीं.   विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म '1942 ए लव स्टोरी' की पटकथा संजय लीला भंसाली की थी और मनीषा के साथ हीरो अनिल कपूर थे. राहुल देव बर्मन ने इस फिल्म में संगीत दिया था. देश की आजादी की लड़ाई की कहानी की पृष्ठभूमि के साथ प्रेम कथा इस फिल्म की कहानी थी. फिल्म का संगीत जहां शानदार था वहीं इसमें मनीषा कोइराला का अभिनय भी दमदार था.'1942 ए लव स्टोरी' के बाद मनीषा कोइराला को कई फिल्में मिलीं. इनमें से 'बॉम्बे', 'क्रिमनल', 'खामोशी', 'कच्चे धागे', 'अग्निसाक्षी', 'मोक्ष', 'मन' जैसी फिल्मों ने खासी सफलता पाई. सन 2007 में आई फिल्म 'अनवर' उनकी आखिरी फिल्म थी. सन 1996 में आई फिल्म 'खामोशी' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का स्क्रीन अवार्ड मिला. हिन्दी फिल्मों के अलावा उन्होंने नेपाली, तमिल,तेलुगू और मलयालम फिल्मों में भी काम किया है.      मनीषा कोइराला की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक रही है. उनके पिता प्रकाश कोइराला नेपाल में कैबिनेट मंत्री रहे हैं. वे नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला की नातिन हैं. मनीषा भरतनाट्यम और मणिपुरी नृत्यों में पारंगत हैं. बनारस और दिल्ली में शिक्षा लेने वालीं मनीषा मॉडलिंग करने का बाद फिल्म इंडस्ट्री में आईं. नेपाल के व्यवसायी सम्राट दहाल से वर्ष 2010 में उनकी शादी हुई लेकिन 2012 में अलगाव हुआ और फिर तलाक हो गया. सन 2012 में वे कैंसर से पीड़ित हो गईं. इलाज के बाद वे कैंसर से मुक्त हो चुकी हैं. उनकी फिल्मों में वापसी की खबरें आ रही हैं. दर्शकों को उनका इंतजार है. मनीषा कोइराला की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक रही है. उनके पिता प्रकाश कोइराला नेपाल में कैबिनेट मंत्री रहे हैं. वे नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला की नातिन हैं. मनीषा भरतनाट्यम और मणिपुरी नृत्यों में पारंगत हैं. बनारस और दिल्ली में शिक्षा लेने वालीं मनीषा मॉडलिंग करने का बाद फिल्म इंडस्ट्री में आईं. नेपाल के व्यवसायी सम्राट दहाल से वर्ष 2010 में उनकी शादी हुई लेकिन 2012 में अलगाव हुआ और फिर तलाक हो गया. सन 2012 में वे कैंसर से पीड़ित हो गईं. इलाज के बाद वे कैंसर से मुक्त हो चुकी हैं. उनकी फिल्मों में वापसी की खबरें आ रही हैं. दर्शकों को उनका इंतजार है.
यहाँ एक सारांश है:बालीवुड की 50 से अधिक फिल्मों में काम किया सौदागर से फिल्म कैरियर की शुरुआत 1942 ए लव स्टोरी में अभिनय ने दिलाई नई पहचान
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश में जल्द पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इन्हें लेकर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भी चिंता हो रही है, इसीलिए उन्होंने तीन दिवसीय वार्षिक डीजीपी..आईजीपी सम्मेलन में आए सभी आला अधिकारियों को सख़्त हिदायत दी की वो अपने इलाक़ों में सुरक्षा-व्यवस्था को दुरुस्त करें. गृहमंत्री ने कहा कुछ लोग चुनाव प्रचार के दौरान या फिर बाहरी ताक़तें चुनाव के समय देश में गड़बड़ फैला सकती हैं, इसीलिए सुरक्षा बलों को अपनी तैयारी पूरी रखनी होगी. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देशभर से आए पुलिस प्रमुखों से कहा कि "ये आपकी ज़िम्मेदारी है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से गुज़र जाएं. हमें बाहरी अतिवादी ताक़तों पर नज़र रखनी होगी, क्‍योंकि लगातार ख़बरें मिल रही हैं कि पंजाब में आतंकवादी गतिवीधियां तेज़ हो रही हैं और चुनाव के दौरान ये लोग कुछ गड़बड़ी फैला सकते हैं." उनके मुताबिक़, मणिपुर से भी ख़बरें मिल रही हैं कि शांति भंग करने के लिए कुछ तत्व काम कर रहे हैं. लिहाजा, हमें कोशिश करनी होगी कि आपसी सद्भाव ख़राब न हो. उत्तर प्रदेश के मामले में उनका कहना है कि 'राजनीतिक दल दुष्प्रचार कर राज्य की क़ानून-व्यवस्था पर असर डालना चाहते हैं. इसे भी रोकने की जरूरत है. आप लोगों को सख़्त क़दम उठाने होंगे, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से हो सकें'.टिप्पणियां अगले साल के प्रारंभ में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव होने हैं. इस साल ये डीजीपी कॉन्‍फ्रेंस हैदराबाद की नेशनल पुलिस अकादमी यानी एनपीए में हो रही है और इसमें देश की सुरक्षा से जुड़े 140 आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. गृहमंत्री ने कहा कुछ लोग चुनाव प्रचार के दौरान या फिर बाहरी ताक़तें चुनाव के समय देश में गड़बड़ फैला सकती हैं, इसीलिए सुरक्षा बलों को अपनी तैयारी पूरी रखनी होगी. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देशभर से आए पुलिस प्रमुखों से कहा कि "ये आपकी ज़िम्मेदारी है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से गुज़र जाएं. हमें बाहरी अतिवादी ताक़तों पर नज़र रखनी होगी, क्‍योंकि लगातार ख़बरें मिल रही हैं कि पंजाब में आतंकवादी गतिवीधियां तेज़ हो रही हैं और चुनाव के दौरान ये लोग कुछ गड़बड़ी फैला सकते हैं." उनके मुताबिक़, मणिपुर से भी ख़बरें मिल रही हैं कि शांति भंग करने के लिए कुछ तत्व काम कर रहे हैं. लिहाजा, हमें कोशिश करनी होगी कि आपसी सद्भाव ख़राब न हो. उत्तर प्रदेश के मामले में उनका कहना है कि 'राजनीतिक दल दुष्प्रचार कर राज्य की क़ानून-व्यवस्था पर असर डालना चाहते हैं. इसे भी रोकने की जरूरत है. आप लोगों को सख़्त क़दम उठाने होंगे, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से हो सकें'.टिप्पणियां अगले साल के प्रारंभ में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव होने हैं. इस साल ये डीजीपी कॉन्‍फ्रेंस हैदराबाद की नेशनल पुलिस अकादमी यानी एनपीए में हो रही है और इसमें देश की सुरक्षा से जुड़े 140 आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देशभर से आए पुलिस प्रमुखों से कहा कि "ये आपकी ज़िम्मेदारी है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से गुज़र जाएं. हमें बाहरी अतिवादी ताक़तों पर नज़र रखनी होगी, क्‍योंकि लगातार ख़बरें मिल रही हैं कि पंजाब में आतंकवादी गतिवीधियां तेज़ हो रही हैं और चुनाव के दौरान ये लोग कुछ गड़बड़ी फैला सकते हैं." उनके मुताबिक़, मणिपुर से भी ख़बरें मिल रही हैं कि शांति भंग करने के लिए कुछ तत्व काम कर रहे हैं. लिहाजा, हमें कोशिश करनी होगी कि आपसी सद्भाव ख़राब न हो. उत्तर प्रदेश के मामले में उनका कहना है कि 'राजनीतिक दल दुष्प्रचार कर राज्य की क़ानून-व्यवस्था पर असर डालना चाहते हैं. इसे भी रोकने की जरूरत है. आप लोगों को सख़्त क़दम उठाने होंगे, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से हो सकें'.टिप्पणियां अगले साल के प्रारंभ में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव होने हैं. इस साल ये डीजीपी कॉन्‍फ्रेंस हैदराबाद की नेशनल पुलिस अकादमी यानी एनपीए में हो रही है और इसमें देश की सुरक्षा से जुड़े 140 आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. उनके मुताबिक़, मणिपुर से भी ख़बरें मिल रही हैं कि शांति भंग करने के लिए कुछ तत्व काम कर रहे हैं. लिहाजा, हमें कोशिश करनी होगी कि आपसी सद्भाव ख़राब न हो. उत्तर प्रदेश के मामले में उनका कहना है कि 'राजनीतिक दल दुष्प्रचार कर राज्य की क़ानून-व्यवस्था पर असर डालना चाहते हैं. इसे भी रोकने की जरूरत है. आप लोगों को सख़्त क़दम उठाने होंगे, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से हो सकें'.टिप्पणियां अगले साल के प्रारंभ में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव होने हैं. इस साल ये डीजीपी कॉन्‍फ्रेंस हैदराबाद की नेशनल पुलिस अकादमी यानी एनपीए में हो रही है और इसमें देश की सुरक्षा से जुड़े 140 आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मामले में उनका कहना है कि 'राजनीतिक दल दुष्प्रचार कर राज्य की क़ानून-व्यवस्था पर असर डालना चाहते हैं. इसे भी रोकने की जरूरत है. आप लोगों को सख़्त क़दम उठाने होंगे, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से हो सकें'.टिप्पणियां अगले साल के प्रारंभ में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव होने हैं. इस साल ये डीजीपी कॉन्‍फ्रेंस हैदराबाद की नेशनल पुलिस अकादमी यानी एनपीए में हो रही है और इसमें देश की सुरक्षा से जुड़े 140 आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. अगले साल के प्रारंभ में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव होने हैं. इस साल ये डीजीपी कॉन्‍फ्रेंस हैदराबाद की नेशनल पुलिस अकादमी यानी एनपीए में हो रही है और इसमें देश की सुरक्षा से जुड़े 140 आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. इस साल ये डीजीपी कॉन्‍फ्रेंस हैदराबाद की नेशनल पुलिस अकादमी यानी एनपीए में हो रही है और इसमें देश की सुरक्षा से जुड़े 140 आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.
संक्षिप्त सारांश: राजनाथ की सख्‍त हिदायत, अपने इलाक़ों में सुरक्षा-व्यवस्था को दुरुस्त करें ये आपकी ज़िम्मेदारी है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से गुज़र जाएं- राजनाथ पंजाब में आतंकवादी गतिवीधियां तेज़ हो रही हैं- केंद्रीय गृहमंत्री
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संघीय राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित पाकिस्तानी सेना के एक हथियार डिपो के पास सोमवार को हुए कम से कम तीन विस्फोटों में दो लोग घायल हो गए। टीवी समाचार चैनलों की खबरों के मुताबिक, माना जा रहा है कि रावलपिंडी से करीब 20 किमी दूर सिहाला इलाके में हथियार डिपो में ये विस्फोट दुर्घटनावश हुए हैं। इन विस्फोटों के कारण एक इमारत को नुकसान पहुंचा और आग लग गई है। सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और शस्त्र डिपो की ओर जा रहे लोगों तथा मीडियाकर्मियों को रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने शस्त्र डिपो से कई एम्बुलेंस निकलते और समीपवर्ती सैन्य अस्पताल जाते देखीं। पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि विस्फोट में कम से कम दो व्यक्ति घायल हुए हैं। विस्फोट के संबंध में तत्काल और जानकारी नहीं मिल पाई है। सिहाला इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है और यहां कई सरकारी इमारतें, एक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र तथा पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान हैं।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तानी सेना के एक हथियार डिपो के पास हुए कम से कम तीन विस्फोटों में दो लोग घायल हो गए।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (आईआरएसडीसी) ने सोमवार को फ्रांसीसी राष्ट्रीय रेलवे (एसएनसीएफ) और फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एएफडी) के साथ त्रिपक्षीय समझौता किया है जिसके तहत भारत में रेलवे स्टेशनों के विकास कार्यक्रम के लिए क्षमता निर्माण के वास्ते सात लाख यूरो का अनुदान दिया जाएगा.  इस समझौते पर रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगाडी, यूरोप तथा विदेश मामलों के फ्रांस के राज्य मंत्री जीन बैप्टिस्ट लेमॉयने, भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्जेंडर जीग्लर और फ्रांस दूतावास तथा भारतीय रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए.  भारतीय रेलवे ने एक बयान में कहा कि इस समझौते के तहत एएफडी, भारत में रेलवे स्टेशन विकास कार्यक्रम के लिए क्षमता निर्माण में सहयोग करने के लिहाज से आईआरएसडीसी के तकनीकी भागीदार के रूप में एसएनएफ-हब्स और कॉनेक्जियन्स के माध्यम से 7,00,000 यूरो तक अनुदान प्रदान करने पर सहमत हो गया है. इससे आईआरएसडीसी या भारतीय रेलवे पर कोई वित्तीय दायित्व नहीं पड़ेगा.
यहाँ एक सारांश है:भारतीय रेलवे स्टेशन की बढ़ेगी चमक फ्रांस देगा 7 लाख यूरो का अनुदान एएफडी के साथ हुआ त्रिपक्षीय समझौता
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 12 साल की बलात्‍कार पीड़िता ने एक शख्‍स के उत्‍पीड़न के बाद कथित रूप से खुद को आग लगा ली. इस शख्‍स को इस लड़की के साथ बलात्‍कार के मामले में जेल भी हुई थी और हाल ही जमानत पर बाहर आया था. पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से वह लापता है. एक हफ्ते तक उस शख्‍स से परेशान होने के बाद लड़की ने बुधवार सुबह खुद पर केरोसीन डाल लिया और माचिस से आग लगा ली. उसे शरीर का करीब आधा हिस्‍सा जल गया है और अस्‍पताल में भर्ती है. इस मामले में लड़की के पिता का कहना है, ''जब से उसके साथ बलात्‍कार हुआ है तब से वह काफी दबाव में है और आरोपियों शंकर और अनिल के भय के साये में रह रही है. जब अनिल को जमानत मिली तब लड़की को यह य़कीन हो गया कि जल्‍दी ही शंकर भी बाहर आ जाएगा और वे मिलकर उसकी हत्‍या कर देंगे.''टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी इटारसी में लड़की के गांव के हैं जोकि राजधानी भोपाल से 90 किमी दूर है. फरवरी में कथित रूप से उन लोगों ने उसका अपहरण किया और एक ने बलात्‍कार किया. उसके बाद ब्‍लेड से उस पर कई हमले किए और मरा हुआ समझकर छोड़कर चले गए.   लड़की ने बाद में जब पुलिस में शिकायत की तो उन दोनों आरोपियों को पकड़ा गया. गौरतलब है कि एक अन्‍य मामले में बिहार में बलात्‍कार का शिकार एक किशोरी का व्‍हाट्सएप संदेश उस वक्‍त सुर्खियां बना जब उसने आरोपी के जमानत पर बाहर आने के बाद उससे जान का खतरा बताते हुए मदद की गुहार लगाई. इस मामले में आरोपी राज बल्‍लभ यादव सत्‍ताधारी राजद का विधायक है. इस वजह से राज्‍य सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी. राज्‍य सरकार ने अब आरोपी की जमानत रद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.   एक हफ्ते तक उस शख्‍स से परेशान होने के बाद लड़की ने बुधवार सुबह खुद पर केरोसीन डाल लिया और माचिस से आग लगा ली. उसे शरीर का करीब आधा हिस्‍सा जल गया है और अस्‍पताल में भर्ती है. इस मामले में लड़की के पिता का कहना है, ''जब से उसके साथ बलात्‍कार हुआ है तब से वह काफी दबाव में है और आरोपियों शंकर और अनिल के भय के साये में रह रही है. जब अनिल को जमानत मिली तब लड़की को यह य़कीन हो गया कि जल्‍दी ही शंकर भी बाहर आ जाएगा और वे मिलकर उसकी हत्‍या कर देंगे.''टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी इटारसी में लड़की के गांव के हैं जोकि राजधानी भोपाल से 90 किमी दूर है. फरवरी में कथित रूप से उन लोगों ने उसका अपहरण किया और एक ने बलात्‍कार किया. उसके बाद ब्‍लेड से उस पर कई हमले किए और मरा हुआ समझकर छोड़कर चले गए.   लड़की ने बाद में जब पुलिस में शिकायत की तो उन दोनों आरोपियों को पकड़ा गया. गौरतलब है कि एक अन्‍य मामले में बिहार में बलात्‍कार का शिकार एक किशोरी का व्‍हाट्सएप संदेश उस वक्‍त सुर्खियां बना जब उसने आरोपी के जमानत पर बाहर आने के बाद उससे जान का खतरा बताते हुए मदद की गुहार लगाई. इस मामले में आरोपी राज बल्‍लभ यादव सत्‍ताधारी राजद का विधायक है. इस वजह से राज्‍य सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी. राज्‍य सरकार ने अब आरोपी की जमानत रद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.   इस मामले में लड़की के पिता का कहना है, ''जब से उसके साथ बलात्‍कार हुआ है तब से वह काफी दबाव में है और आरोपियों शंकर और अनिल के भय के साये में रह रही है. जब अनिल को जमानत मिली तब लड़की को यह य़कीन हो गया कि जल्‍दी ही शंकर भी बाहर आ जाएगा और वे मिलकर उसकी हत्‍या कर देंगे.''टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी इटारसी में लड़की के गांव के हैं जोकि राजधानी भोपाल से 90 किमी दूर है. फरवरी में कथित रूप से उन लोगों ने उसका अपहरण किया और एक ने बलात्‍कार किया. उसके बाद ब्‍लेड से उस पर कई हमले किए और मरा हुआ समझकर छोड़कर चले गए.   लड़की ने बाद में जब पुलिस में शिकायत की तो उन दोनों आरोपियों को पकड़ा गया. गौरतलब है कि एक अन्‍य मामले में बिहार में बलात्‍कार का शिकार एक किशोरी का व्‍हाट्सएप संदेश उस वक्‍त सुर्खियां बना जब उसने आरोपी के जमानत पर बाहर आने के बाद उससे जान का खतरा बताते हुए मदद की गुहार लगाई. इस मामले में आरोपी राज बल्‍लभ यादव सत्‍ताधारी राजद का विधायक है. इस वजह से राज्‍य सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी. राज्‍य सरकार ने अब आरोपी की जमानत रद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.   पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी इटारसी में लड़की के गांव के हैं जोकि राजधानी भोपाल से 90 किमी दूर है. फरवरी में कथित रूप से उन लोगों ने उसका अपहरण किया और एक ने बलात्‍कार किया. उसके बाद ब्‍लेड से उस पर कई हमले किए और मरा हुआ समझकर छोड़कर चले गए.   लड़की ने बाद में जब पुलिस में शिकायत की तो उन दोनों आरोपियों को पकड़ा गया. गौरतलब है कि एक अन्‍य मामले में बिहार में बलात्‍कार का शिकार एक किशोरी का व्‍हाट्सएप संदेश उस वक्‍त सुर्खियां बना जब उसने आरोपी के जमानत पर बाहर आने के बाद उससे जान का खतरा बताते हुए मदद की गुहार लगाई. इस मामले में आरोपी राज बल्‍लभ यादव सत्‍ताधारी राजद का विधायक है. इस वजह से राज्‍य सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी. राज्‍य सरकार ने अब आरोपी की जमानत रद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.   गौरतलब है कि एक अन्‍य मामले में बिहार में बलात्‍कार का शिकार एक किशोरी का व्‍हाट्सएप संदेश उस वक्‍त सुर्खियां बना जब उसने आरोपी के जमानत पर बाहर आने के बाद उससे जान का खतरा बताते हुए मदद की गुहार लगाई. इस मामले में आरोपी राज बल्‍लभ यादव सत्‍ताधारी राजद का विधायक है. इस वजह से राज्‍य सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी. राज्‍य सरकार ने अब आरोपी की जमानत रद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
फरवरी में बलात्‍कार की घटना हुई उसको ब्‍लेड से हमला कर घायल भी किया अभी एक आरोपी जमानत पर है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जंगल के राजा शेर और मगरमच्छ के बीच अगर भिड़ंत हो जाए तो कौन जीतेगा ? ये सवाल अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय होता है. बोत्सवाना की एक सफारी में घूमने गए एक पर्यटक ने इन दो खतरनाक की जीवों की लड़ाई का दिल-दहला देने वाला वीडियो कैद किया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक झील के किनारे बड़े शान से घूम रहे दो शेरों पर एक बहुत भारी मगरमच्छ ने हमला बोल दिया. अचानक हुए इस हमले से दोनों शेर काफी घबरा गए. बताया जा रहा है कि दोनों शेर आपस में भाई हैं. इनमें से एक शेर पर मगरमच्छ भारी पड़ने लगता है और लेकिन एक दूसरे शेर जो कि देखने में पहले वाले से काफी बड़ा था, उसने भी हमला बोल दिया और मगरमच्छ को जान बचाकर भागना पड़ गया. हालांकि इस लड़ाई का पूरा वीडियो कैद नहीं हो पाया लेकिन घटना के चश्मदीद पर्यटक ने बताया कि बड़े शेर ने मगरमच्छ को पीछे धकेल दिया और वह आगे की ओर बढ़ गया जबकि जिस शेर पर हमला हुआ था वह  जिस जगह से आया था वापस तैर कर दोबारा वहीं चला गया. इसके बाद वाइल्डरनेस सफारी की ओर से भी फेसबुक में साफ किया कि मगरमच्छ के हमले का सामना करने वाले दोनों शेर सुरक्षित हैं.  इस घटना के बाद यह तो साफ हो गया है कि जंगल में भले ही शेर सबसे ज्यादा ताकतवर जानवर माना जाता है लेकिन पानी में तो असली राज मगरमच्छ का रही चलता है तभी तो कहावत कही जाती है 'जल में रहकर मगर से बैर नहीं करना चाहिए'.
संक्षिप्त पाठ: खतरनाक की जीवों की लड़ाई का दिल-दहला देने वाला वीडियो शेर पर मगरमच्छ भारी पड़ने लगता है बोत्सवाना की एक सफारी में हुई भिड़ंत
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी को आम बजट पेश करने वाले हैं. प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली सरकार दावा करती रही है कि उनके शासनकाल में देश लगातार तरक्‍की की राह पर अग्रसर है और विकास दर ऊंची बनी हुई है. साथ ही पूरी दुनिया में भारत की विकास गाथा की चर्चा है. कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र सरकार के दावों के मद्देनजर अर्थव्‍यवस्‍था की हालत पर रिपोर्ट कार्ड जारी किया. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर 'स्‍टेट ऑफ इकोनॉमी' नाम की रिपोर्ट जारी की. इसे इकोनॉमिक सर्वे से पहले विपक्ष का रिपोर्ट कार्ड कहा जा रहा है. इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था अच्‍छी हालत में नहीं है और रेटिंग एजेंसियों ने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की साख घटा दी है. उन्‍होंने कहा कि मोदी जी का नेतृत्‍व और नीति देश के लिए हानिकारक हैं.टिप्पणियां मनमोहन सिंह ने कहा, 'आईएमएफ के मुताबिक भारत की विकास दर 6.6 फीसदी से कम है. कई अन्‍य एजेंसियों ने भी कुछ ऐसा ही अनुमान जताया है जिस पर मैं कुछ भी नहीं कहना चाहूंगा. लोग खुद अब आकंड़ेबाजी से अलग सवाल करते हैं. उन्‍होंने कहा, 'हम उम्‍मीद कर रहे थे कि एनडीए विकास दर बनाए रखेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.' इस मौके पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह रिपोर्ट कार्ड काफी रिसर्च के बाद जारी किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि यूपीए के 10 साल के शासनकाल में 7 फीसदी की विकास दर थी. लेकिन आज लोग पूछ रहे हैं कि नौकरियां कहां हैं, नया निवेश कहां है. उन्‍होंने सवाल किया कि व्‍यवसायों को बढ़ाने के लिए आखिर कैसे मदद की जा रही है. मनमोहन सिंह ने कहा, 'आईएमएफ के मुताबिक भारत की विकास दर 6.6 फीसदी से कम है. कई अन्‍य एजेंसियों ने भी कुछ ऐसा ही अनुमान जताया है जिस पर मैं कुछ भी नहीं कहना चाहूंगा. लोग खुद अब आकंड़ेबाजी से अलग सवाल करते हैं. उन्‍होंने कहा, 'हम उम्‍मीद कर रहे थे कि एनडीए विकास दर बनाए रखेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.' इस मौके पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह रिपोर्ट कार्ड काफी रिसर्च के बाद जारी किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि यूपीए के 10 साल के शासनकाल में 7 फीसदी की विकास दर थी. लेकिन आज लोग पूछ रहे हैं कि नौकरियां कहां हैं, नया निवेश कहां है. उन्‍होंने सवाल किया कि व्‍यवसायों को बढ़ाने के लिए आखिर कैसे मदद की जा रही है. इस मौके पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह रिपोर्ट कार्ड काफी रिसर्च के बाद जारी किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि यूपीए के 10 साल के शासनकाल में 7 फीसदी की विकास दर थी. लेकिन आज लोग पूछ रहे हैं कि नौकरियां कहां हैं, नया निवेश कहां है. उन्‍होंने सवाल किया कि व्‍यवसायों को बढ़ाने के लिए आखिर कैसे मदद की जा रही है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इसे इकोनॉमिक सर्वे से पहले विपक्ष का रिपोर्ट कार्ड कहा जा रहा है डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था अच्‍छी हालत में नहीं है '10 साल से ज्‍यादा वक्‍त तक यूपीए ने 7 फीसदी की विकास दर दी थी'
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हत्या के आरोप में गिरफ्तार दो इतालवी पोत रक्षकों को अपने हाथों में सौंप दिए जाने की कोशिशों के तहत इटली ने गुरुवार को केरल उच्च न्यायालय से कहा कि उसने अपने देश के कानून के मुताबिक उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। इटली ने कहा कि यदि आपराधिक कार्यवाही में आरोपी पोत रक्षकों को दोषी पाया जाता है तो उन्हें कम से कम 21 साल जेल की सजा मिल सकती है। इस बीच, कोल्लम की एक अदालत ने गिरफ्तार किए गए लातोर मेसिमिलिएनो और सल्वातोर गिरोनी नाम के दो इतालवी पोत रक्षकों की पुलिस हिरासत पांच मार्च तक बढ़ा दी है। दोनों आरोपी बीती 20 फरवरी से ही पुलिस हिरासत में हैं।टिप्पणियां इटली सरकार की ओर से पेश हुए डिप्टी अटॉर्नी डॉ एलिजा बेट्टा सेनिकोला की ओर से उच्च न्यायालय को बताया गया कि इतालवी दंड संहिता के अनुच्छेद 575 के मुताबिक किसी शख्स की हत्या करने वाले व्यक्ति को कम से कम 21 साल की सजा मिलती है। इस मामले से भारत और इटली के बीच राजनयिक गतिरोध पैदा हो गया है। उच्च न्यायालय की कार्यवाही के दौरान न्यायमूर्ति पी एस गोपीनाथन इटली सरकार को इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि दोनों पोत रक्षकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग करने वाली याचिका में ‘गंभीर खामियां’ हैं। न्यायमूर्ति गोपालन ने उनसे सख्त लहजे में कहा कि वह तभी इस याचिका की सुनवाई करेगा जब खामियों को दूर कर लिया जाएगा। इस बीच, कोल्लम की एक अदालत ने गिरफ्तार किए गए लातोर मेसिमिलिएनो और सल्वातोर गिरोनी नाम के दो इतालवी पोत रक्षकों की पुलिस हिरासत पांच मार्च तक बढ़ा दी है। दोनों आरोपी बीती 20 फरवरी से ही पुलिस हिरासत में हैं।टिप्पणियां इटली सरकार की ओर से पेश हुए डिप्टी अटॉर्नी डॉ एलिजा बेट्टा सेनिकोला की ओर से उच्च न्यायालय को बताया गया कि इतालवी दंड संहिता के अनुच्छेद 575 के मुताबिक किसी शख्स की हत्या करने वाले व्यक्ति को कम से कम 21 साल की सजा मिलती है। इस मामले से भारत और इटली के बीच राजनयिक गतिरोध पैदा हो गया है। उच्च न्यायालय की कार्यवाही के दौरान न्यायमूर्ति पी एस गोपीनाथन इटली सरकार को इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि दोनों पोत रक्षकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग करने वाली याचिका में ‘गंभीर खामियां’ हैं। न्यायमूर्ति गोपालन ने उनसे सख्त लहजे में कहा कि वह तभी इस याचिका की सुनवाई करेगा जब खामियों को दूर कर लिया जाएगा। इटली सरकार की ओर से पेश हुए डिप्टी अटॉर्नी डॉ एलिजा बेट्टा सेनिकोला की ओर से उच्च न्यायालय को बताया गया कि इतालवी दंड संहिता के अनुच्छेद 575 के मुताबिक किसी शख्स की हत्या करने वाले व्यक्ति को कम से कम 21 साल की सजा मिलती है। इस मामले से भारत और इटली के बीच राजनयिक गतिरोध पैदा हो गया है। उच्च न्यायालय की कार्यवाही के दौरान न्यायमूर्ति पी एस गोपीनाथन इटली सरकार को इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि दोनों पोत रक्षकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग करने वाली याचिका में ‘गंभीर खामियां’ हैं। न्यायमूर्ति गोपालन ने उनसे सख्त लहजे में कहा कि वह तभी इस याचिका की सुनवाई करेगा जब खामियों को दूर कर लिया जाएगा। उच्च न्यायालय की कार्यवाही के दौरान न्यायमूर्ति पी एस गोपीनाथन इटली सरकार को इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि दोनों पोत रक्षकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग करने वाली याचिका में ‘गंभीर खामियां’ हैं। न्यायमूर्ति गोपालन ने उनसे सख्त लहजे में कहा कि वह तभी इस याचिका की सुनवाई करेगा जब खामियों को दूर कर लिया जाएगा।
यहाँ एक सारांश है:इटली ने गुरुवार को केरल उच्च न्यायालय से कहा कि उसने अपने देश के कानून के मुताबिक उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी के पूर्व गृह राज्यमंत्री अमित शाह के खिलाफ जागृति पंड्या चुनाव लड़ेंगी। वह हरेन पंडा की पत्नी हैं, जिनकी हत्या हो गई थी। हरेन बीजेपी के ही नेता थे और उनका परिवार इस हत्या के लिए नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराता रहा है।टिप्पणियां गौरतलब है कि अमित शाह को बीजेपी ने नारणपुरा से टिकट दिया है। वह मोदी के बेहद करीब हैं और तुलसीराम प्रजापति के कत्ल और सोहराबुद्दीन की फर्जी मुठभेड़ के आरोपी हैं। उनके खिलाफ केशुभाई की पार्टी गुजरात परिवर्तन पार्टी ने जागृति पंड्या को उतारने का फैसला किया। इससे पहले बुधवार को बीजेपी ने गुजरात के लिए 89 लोगों की दूसरी लिस्ट भी जारी कर दी है। बीजेपी ने 14 विधायकों के टिकट काटे हैं, लेकिन गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री और नरेंद्र मोदी के करीबी अमित शाह को फिर से टिकट दे दिया गया है। अमित अभी जमानत पर हैं, जबकि सीबीआई ने उनकी जमानत खारिज करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाल रखी है। गौरतलब है कि अमित शाह को बीजेपी ने नारणपुरा से टिकट दिया है। वह मोदी के बेहद करीब हैं और तुलसीराम प्रजापति के कत्ल और सोहराबुद्दीन की फर्जी मुठभेड़ के आरोपी हैं। उनके खिलाफ केशुभाई की पार्टी गुजरात परिवर्तन पार्टी ने जागृति पंड्या को उतारने का फैसला किया। इससे पहले बुधवार को बीजेपी ने गुजरात के लिए 89 लोगों की दूसरी लिस्ट भी जारी कर दी है। बीजेपी ने 14 विधायकों के टिकट काटे हैं, लेकिन गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री और नरेंद्र मोदी के करीबी अमित शाह को फिर से टिकट दे दिया गया है। अमित अभी जमानत पर हैं, जबकि सीबीआई ने उनकी जमानत खारिज करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाल रखी है। इससे पहले बुधवार को बीजेपी ने गुजरात के लिए 89 लोगों की दूसरी लिस्ट भी जारी कर दी है। बीजेपी ने 14 विधायकों के टिकट काटे हैं, लेकिन गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री और नरेंद्र मोदी के करीबी अमित शाह को फिर से टिकट दे दिया गया है। अमित अभी जमानत पर हैं, जबकि सीबीआई ने उनकी जमानत खारिज करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाल रखी है।
यह एक सारांश है: बीजेपी के पूर्व गृह राज्यमंत्री अमित शाह के खिलाफ जागृति पंड्या चुनाव लड़ेंगी। वह हरेन पंडा की पत्नी हैं, जिनकी हत्या हो गई थी।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के विवादास्पद मंत्री आजम खान को गुरुवार को निर्देश दिया कि सनसनीखेज बुलंदशहर सामूहिक बलात्कार कांड पर कथित टिप्पणियों के लिये वह 'बिना शर्त माफी' मांगे. इसके साथ ही न्यायालय ने ऐसे मामलों में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों से उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए अटॉर्नी जनरल की मदद मांगी है. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव राय की पीठ ने पुरानी कहावत को दोहराया कि एक बार बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते और उसने खां की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा, "यदि वह (खान) बिना शर्त माफी मांगने संबंधी हलफनामा दाखिल करते हैं तो यह मामला खत्म है." न्यायालय इस मामले में अब सात दिसंबर को आगे सुनवाई करेगा. सुनवाई के दौरान सिब्बल ने न्यायाधीशों से कहा कि हालांकि खान ने इस मामले की पीड़ितों के बारे में ऐसा नहीं कहा था जो उनके हवाले से कहा बताया गया है परंतु यदि पीड़ित के पिता किसी भी तरह से 'अपमानित या आहत' महसूस करते हैं तो समाजवादी पार्टी का यह नेता क्षमा याचना के लिये तैयार है. इस पर पीठ ने कहा, "दो सप्ताह के भीतर बिना शर्त क्षमा याचना का हलफनामा दाखिल किया जाए." पीठ ने कहा कि वह अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी और सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों से बलात्कार सहित जघन्य मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार करेगा. पीठ ने महिला की गरिमा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करने पर जोर देते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह यह सुनिश्चित करे की सामूहिक बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की को उसके पिता की पसंद के किसी नजदीकी केन्द्रीय स्कूल में दाखिला मिले. पीठ ने कहा कि दाखिले और शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केंद्र इसके लिए हर सहयोग देगा. पीठ ने यह भी कहा कि स्कूल यह भी सुनिश्चित करे कि पीड़िता की गरिमा पर कोई आंच नहीं आए. न्यायालय ने कहा, "यह विवाद यहीं खत्म नहीं होता. प्रतिवादी नंबर दो (खान) द्वारा दी जाने वाली बिना शर्त क्षमा या़चना पर न्यायालय विचार करेगा कि क्या इसे स्वीकार किया जाए. इस न्यायालय द्वारा पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार किया जाएगा. हम अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से न्यायालय की मदद का अनुरोध करते है." न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे विधिवेत्ता फली नरीमन ने पीठ से कहा कि न्यायालय द्वारा तैयार किए गए सवालों पर बहस होनी चाहिए ताकि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सके.टिप्पणियां हालांकि पीठ ने टिप्पणी की कि महिला की गरिमा के लिए प्रेस की जिम्मेदारी और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए. न्यायालय ने कहा कि स्कूल में प्रवेश और शिक्षा पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केन्द्र इसके लिए हर तरह की सहायता करेगा. न्यायालय ने कहा कि स्कूल भी बलात्कार की शिकार इस लड़की की गरिमा सुनिश्चित करेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव राय की पीठ ने पुरानी कहावत को दोहराया कि एक बार बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते और उसने खां की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा, "यदि वह (खान) बिना शर्त माफी मांगने संबंधी हलफनामा दाखिल करते हैं तो यह मामला खत्म है." न्यायालय इस मामले में अब सात दिसंबर को आगे सुनवाई करेगा. सुनवाई के दौरान सिब्बल ने न्यायाधीशों से कहा कि हालांकि खान ने इस मामले की पीड़ितों के बारे में ऐसा नहीं कहा था जो उनके हवाले से कहा बताया गया है परंतु यदि पीड़ित के पिता किसी भी तरह से 'अपमानित या आहत' महसूस करते हैं तो समाजवादी पार्टी का यह नेता क्षमा याचना के लिये तैयार है. इस पर पीठ ने कहा, "दो सप्ताह के भीतर बिना शर्त क्षमा याचना का हलफनामा दाखिल किया जाए." पीठ ने कहा कि वह अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी और सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों से बलात्कार सहित जघन्य मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार करेगा. पीठ ने महिला की गरिमा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करने पर जोर देते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह यह सुनिश्चित करे की सामूहिक बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की को उसके पिता की पसंद के किसी नजदीकी केन्द्रीय स्कूल में दाखिला मिले. पीठ ने कहा कि दाखिले और शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केंद्र इसके लिए हर सहयोग देगा. पीठ ने यह भी कहा कि स्कूल यह भी सुनिश्चित करे कि पीड़िता की गरिमा पर कोई आंच नहीं आए. न्यायालय ने कहा, "यह विवाद यहीं खत्म नहीं होता. प्रतिवादी नंबर दो (खान) द्वारा दी जाने वाली बिना शर्त क्षमा या़चना पर न्यायालय विचार करेगा कि क्या इसे स्वीकार किया जाए. इस न्यायालय द्वारा पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार किया जाएगा. हम अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से न्यायालय की मदद का अनुरोध करते है." न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे विधिवेत्ता फली नरीमन ने पीठ से कहा कि न्यायालय द्वारा तैयार किए गए सवालों पर बहस होनी चाहिए ताकि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सके.टिप्पणियां हालांकि पीठ ने टिप्पणी की कि महिला की गरिमा के लिए प्रेस की जिम्मेदारी और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए. न्यायालय ने कहा कि स्कूल में प्रवेश और शिक्षा पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केन्द्र इसके लिए हर तरह की सहायता करेगा. न्यायालय ने कहा कि स्कूल भी बलात्कार की शिकार इस लड़की की गरिमा सुनिश्चित करेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुनवाई के दौरान सिब्बल ने न्यायाधीशों से कहा कि हालांकि खान ने इस मामले की पीड़ितों के बारे में ऐसा नहीं कहा था जो उनके हवाले से कहा बताया गया है परंतु यदि पीड़ित के पिता किसी भी तरह से 'अपमानित या आहत' महसूस करते हैं तो समाजवादी पार्टी का यह नेता क्षमा याचना के लिये तैयार है. इस पर पीठ ने कहा, "दो सप्ताह के भीतर बिना शर्त क्षमा याचना का हलफनामा दाखिल किया जाए." पीठ ने कहा कि वह अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी और सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों से बलात्कार सहित जघन्य मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार करेगा. पीठ ने महिला की गरिमा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करने पर जोर देते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह यह सुनिश्चित करे की सामूहिक बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की को उसके पिता की पसंद के किसी नजदीकी केन्द्रीय स्कूल में दाखिला मिले. पीठ ने कहा कि दाखिले और शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केंद्र इसके लिए हर सहयोग देगा. पीठ ने यह भी कहा कि स्कूल यह भी सुनिश्चित करे कि पीड़िता की गरिमा पर कोई आंच नहीं आए. न्यायालय ने कहा, "यह विवाद यहीं खत्म नहीं होता. प्रतिवादी नंबर दो (खान) द्वारा दी जाने वाली बिना शर्त क्षमा या़चना पर न्यायालय विचार करेगा कि क्या इसे स्वीकार किया जाए. इस न्यायालय द्वारा पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार किया जाएगा. हम अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से न्यायालय की मदद का अनुरोध करते है." न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे विधिवेत्ता फली नरीमन ने पीठ से कहा कि न्यायालय द्वारा तैयार किए गए सवालों पर बहस होनी चाहिए ताकि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सके.टिप्पणियां हालांकि पीठ ने टिप्पणी की कि महिला की गरिमा के लिए प्रेस की जिम्मेदारी और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए. न्यायालय ने कहा कि स्कूल में प्रवेश और शिक्षा पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केन्द्र इसके लिए हर तरह की सहायता करेगा. न्यायालय ने कहा कि स्कूल भी बलात्कार की शिकार इस लड़की की गरिमा सुनिश्चित करेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीठ ने कहा कि वह अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी और सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों से बलात्कार सहित जघन्य मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार करेगा. पीठ ने महिला की गरिमा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करने पर जोर देते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह यह सुनिश्चित करे की सामूहिक बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की को उसके पिता की पसंद के किसी नजदीकी केन्द्रीय स्कूल में दाखिला मिले. पीठ ने कहा कि दाखिले और शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केंद्र इसके लिए हर सहयोग देगा. पीठ ने यह भी कहा कि स्कूल यह भी सुनिश्चित करे कि पीड़िता की गरिमा पर कोई आंच नहीं आए. न्यायालय ने कहा, "यह विवाद यहीं खत्म नहीं होता. प्रतिवादी नंबर दो (खान) द्वारा दी जाने वाली बिना शर्त क्षमा या़चना पर न्यायालय विचार करेगा कि क्या इसे स्वीकार किया जाए. इस न्यायालय द्वारा पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार किया जाएगा. हम अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से न्यायालय की मदद का अनुरोध करते है." न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे विधिवेत्ता फली नरीमन ने पीठ से कहा कि न्यायालय द्वारा तैयार किए गए सवालों पर बहस होनी चाहिए ताकि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सके.टिप्पणियां हालांकि पीठ ने टिप्पणी की कि महिला की गरिमा के लिए प्रेस की जिम्मेदारी और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए. न्यायालय ने कहा कि स्कूल में प्रवेश और शिक्षा पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केन्द्र इसके लिए हर तरह की सहायता करेगा. न्यायालय ने कहा कि स्कूल भी बलात्कार की शिकार इस लड़की की गरिमा सुनिश्चित करेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीठ ने कहा कि दाखिले और शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केंद्र इसके लिए हर सहयोग देगा. पीठ ने यह भी कहा कि स्कूल यह भी सुनिश्चित करे कि पीड़िता की गरिमा पर कोई आंच नहीं आए. न्यायालय ने कहा, "यह विवाद यहीं खत्म नहीं होता. प्रतिवादी नंबर दो (खान) द्वारा दी जाने वाली बिना शर्त क्षमा या़चना पर न्यायालय विचार करेगा कि क्या इसे स्वीकार किया जाए. इस न्यायालय द्वारा पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार किया जाएगा. हम अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से न्यायालय की मदद का अनुरोध करते है." न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे विधिवेत्ता फली नरीमन ने पीठ से कहा कि न्यायालय द्वारा तैयार किए गए सवालों पर बहस होनी चाहिए ताकि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सके.टिप्पणियां हालांकि पीठ ने टिप्पणी की कि महिला की गरिमा के लिए प्रेस की जिम्मेदारी और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए. न्यायालय ने कहा कि स्कूल में प्रवेश और शिक्षा पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केन्द्र इसके लिए हर तरह की सहायता करेगा. न्यायालय ने कहा कि स्कूल भी बलात्कार की शिकार इस लड़की की गरिमा सुनिश्चित करेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे विधिवेत्ता फली नरीमन ने पीठ से कहा कि न्यायालय द्वारा तैयार किए गए सवालों पर बहस होनी चाहिए ताकि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सके.टिप्पणियां हालांकि पीठ ने टिप्पणी की कि महिला की गरिमा के लिए प्रेस की जिम्मेदारी और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए. न्यायालय ने कहा कि स्कूल में प्रवेश और शिक्षा पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केन्द्र इसके लिए हर तरह की सहायता करेगा. न्यायालय ने कहा कि स्कूल भी बलात्कार की शिकार इस लड़की की गरिमा सुनिश्चित करेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि पीठ ने टिप्पणी की कि महिला की गरिमा के लिए प्रेस की जिम्मेदारी और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए. न्यायालय ने कहा कि स्कूल में प्रवेश और शिक्षा पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और केन्द्र इसके लिए हर तरह की सहायता करेगा. न्यायालय ने कहा कि स्कूल भी बलात्कार की शिकार इस लड़की की गरिमा सुनिश्चित करेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:न्यायालय ने ऐसे बयानों से उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए एजी से मदद मांग न्यायालय इस मामले में अब सात दिसंबर को आगे सुनवाई करेगा पीठ ने कहा कि पीड़िता की शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड के बैंक खाते फ्रीज करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता और उनके ट्रस्ट के फ्रीज बैंक खातों को खोलने की याचिका पर गुजरात सरकार से जवाब मांगा था और तीस्ता को गुजरात सरकार को याचिका की कापी देने को कहा था. तीस्ता की ओर से कपिल सिब्बल ने कहा है कि गुजरात पुलिस ने तीस्ता के दो निजी खातों के अलावा सिटीजन फार जस्टिस एंड पीस संगठन का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया है जबकि आरोप सबरंग ट्रस्ट पर लगे हैं. सबरंग का खाता भी फ्रीज है.टिप्पणियां तीस्ता सीतलवाड़ और जावेद पर 2002 के गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्गा सोयायटी में हुई तबाही की याद में म्यूजियम बनाने के लिए किए गए चंदे की हेराफेरी का केस दर्ज किया गया है. गुजरात हाई कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी रद्द कर दी थी. इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसने अग्रिम जमानत दी है. तब से यह केस तीन सदस्यीय पीठ की सुनवाई के लिए लंबित है. इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने खातों को डिफ्रीज करने से इंकार किया था. तीस्ता की ओर से कपिल सिब्बल ने कहा है कि गुजरात पुलिस ने तीस्ता के दो निजी खातों के अलावा सिटीजन फार जस्टिस एंड पीस संगठन का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया है जबकि आरोप सबरंग ट्रस्ट पर लगे हैं. सबरंग का खाता भी फ्रीज है.टिप्पणियां तीस्ता सीतलवाड़ और जावेद पर 2002 के गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्गा सोयायटी में हुई तबाही की याद में म्यूजियम बनाने के लिए किए गए चंदे की हेराफेरी का केस दर्ज किया गया है. गुजरात हाई कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी रद्द कर दी थी. इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसने अग्रिम जमानत दी है. तब से यह केस तीन सदस्यीय पीठ की सुनवाई के लिए लंबित है. इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने खातों को डिफ्रीज करने से इंकार किया था. तीस्ता सीतलवाड़ और जावेद पर 2002 के गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्गा सोयायटी में हुई तबाही की याद में म्यूजियम बनाने के लिए किए गए चंदे की हेराफेरी का केस दर्ज किया गया है. गुजरात हाई कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी रद्द कर दी थी. इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसने अग्रिम जमानत दी है. तब से यह केस तीन सदस्यीय पीठ की सुनवाई के लिए लंबित है. इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने खातों को डिफ्रीज करने से इंकार किया था. गुजरात हाई कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी रद्द कर दी थी. इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसने अग्रिम जमानत दी है. तब से यह केस तीन सदस्यीय पीठ की सुनवाई के लिए लंबित है. इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने खातों को डिफ्रीज करने से इंकार किया था.
यह एक सारांश है: म्यूजियम बनाने के लिए किए गए चंदे की हेराफेरी का है मामला. गुजरात हाई कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी रद्द कर दी थी. गुजरात हाई कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी रद्द कर दी थी.
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा है कि बीजेपी को बहुमत का अहंकार है और वह अपने हर फैसले को उचित मान रही है. बीजेपी का अहंकार लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद ही जाएगा. केंद्र की एनडीए सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि इस प्रकार की गलत नीतियों व अहंकारी रवैये से देश का न तो अब तक कुछ भला हुआ है और न ही आगे कुछ भला होने वाला है. पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नए साल में दिए गए पहले साक्षात्कार में कही गई बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने एक बयान में कहा ''भाजपा अभी भी यही मानकर चल रही है कि उसका बहुमत का अहंकार उचित व हर प्रकार से सही है तथा उसके द्वारा लिए गए हर फैसले पर लोग खुश हैं व तालियां बजा रहे हैं. उसे लग रहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में भाजपा की सरकार चली गई है तो क्या हुआ, वोट प्रतिशत के मामले में भाजपा वास्तव में कांग्रेस के लगभग बराबर ही रही है.'' मायावती ने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की इस प्रकार की हठीली व जनविरोधी सोच यह साबित करती है कि उसका अहंकार अभी भी कायम है जो लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद ही जाएगा. बसपा प्रमुख ने कहा ''राजग से धीरे-धीरे करके सारे प्रमुख घटक दलों के अलग हो जाने के बाद, शेष रह गए दल इनके संकीर्ण व अहंकारी रवैये से दुःखी हैं.''     मायावती ने कहा कि घोर चुनावी वादाखिलाफी जैसे कालाधन की वापसी व उसका गरीबों में 15 से 20 लाख रुपये का वितरण, गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी की ज्वलंत समस्या के साथ-साथ भीड़ हिंसा, अयोध्या व गौरक्षा आदि मामलों में बीजेपी का संकीर्ण व गलत रवैया अभी भी नहीं बदला है. (इनपुट भाषा से)
सारांश: मायावती ने पीएम मोदी के नए साल पर साक्षात्कार पर दी प्रतिक्रिया कहा- सरकार की गलत नीतियों व अहंकारी रवैये से देश का भला नहीं होने वाला एनडीए के घटक दल बीजेपी के संकीर्ण व अहंकारी रवैये के कारण दुखी
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सुषमा स्वराज को आड़े हाथों लिया। स्वराज ने राजघाट पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नृत्य किया था। उमर ने ट्वीटर पर ट्वीट किया कि उनके पिता स्वराज से बेहतर नर्तक हैं। उमर ने मंगलवार को अपराह्न् 3.25 बजे ट्वीट किया, "सुषमा स्वराज का नृत्य करते हुए वीडियो देखने के बाद मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं है कि मेरे पिता सुषमा स्वराज से बेहतर नर्तक हैं।" ज्ञात हो कि जम्मू एवं कश्मीर के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके फारुख अब्दुल्ला को हाल में एक कश्मीरी लोकगीत पर नृत्य करते हुए देखा गया था। एक मिनट का यह वीडियो इतना हिट हुआ था कि फेसबुक साइट पर तमाम दर्शकों ने इसे देखा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ राजघाट पर रविवार को 24 घंटे के सत्याग्रह के दौरान ठुमके लगाए थे। सुषमा के इस नृत्य ने विवाद को जन्म दे दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्वराज ने इस कृत्य के जरिए उस स्थल को अपवित्र कर दिया।
सारांश: जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सुषमा स्वराज को आड़े हाथों लिया।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान अनिल कुंबले का मानना है कि विराट कोहली के पास भारतीय टेस्ट बल्लेबाजी क्रम में अहम तीसरे स्थान पर फिट होने के लिए ‘सही खेल’ है। उन्होंने हालांकि साथ ही कहा कि किसी के लिए भी राहुल द्रविड़ की जगह लेना असंभव होगा।टिप्पणियां कुंबले ने कहा, ‘‘मैंने अंडर 19 में विराट के खेलने के समय से उस पर करीबी नजर रखी है और वह काफी परिपक्व हुआ है। खेल, अनुशासन और फिटनेस के मामले में पिछले एक साल में उसने जिस तरह का सुधार किया है उससे मैं प्रभावित हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसने कड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ तेजी से सामंजस्य बैठा लिया है और 23 वर्षीय खिलाड़ी के लिए ऐसा करना शानदार है। ऑस्ट्रेलिया में उसने टेस्ट क्रिकेट में शतक जमाया और मेरा मानना है कि तीसरे स्थान पर फिट होने के लिए उसके साथ सही खेल है।’’ इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘हालांकि कोई भी राहुल द्रविड़ की जगह नहीं ले सकता। पिछले 16 बरस में उसने उपलब्धियां हासिल की है और निश्चित तौर पर 23 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं होगा।’’ सौ अंतरराष्ट्रीय शतक की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए सचिन तेंदुलकर की सराहना करते हुए कुंबले ने कहा कि वह तेजी से विभिन्न हालात से सामंजस्य बैठा लेता है जो महान खिलाड़ी की निशानी है। कुंबले ने कहा, ‘‘मैंने अंडर 19 में विराट के खेलने के समय से उस पर करीबी नजर रखी है और वह काफी परिपक्व हुआ है। खेल, अनुशासन और फिटनेस के मामले में पिछले एक साल में उसने जिस तरह का सुधार किया है उससे मैं प्रभावित हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसने कड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ तेजी से सामंजस्य बैठा लिया है और 23 वर्षीय खिलाड़ी के लिए ऐसा करना शानदार है। ऑस्ट्रेलिया में उसने टेस्ट क्रिकेट में शतक जमाया और मेरा मानना है कि तीसरे स्थान पर फिट होने के लिए उसके साथ सही खेल है।’’ इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘हालांकि कोई भी राहुल द्रविड़ की जगह नहीं ले सकता। पिछले 16 बरस में उसने उपलब्धियां हासिल की है और निश्चित तौर पर 23 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं होगा।’’ सौ अंतरराष्ट्रीय शतक की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए सचिन तेंदुलकर की सराहना करते हुए कुंबले ने कहा कि वह तेजी से विभिन्न हालात से सामंजस्य बैठा लेता है जो महान खिलाड़ी की निशानी है। इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘हालांकि कोई भी राहुल द्रविड़ की जगह नहीं ले सकता। पिछले 16 बरस में उसने उपलब्धियां हासिल की है और निश्चित तौर पर 23 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं होगा।’’ सौ अंतरराष्ट्रीय शतक की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए सचिन तेंदुलकर की सराहना करते हुए कुंबले ने कहा कि वह तेजी से विभिन्न हालात से सामंजस्य बैठा लेता है जो महान खिलाड़ी की निशानी है।
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान अनिल कुंबले का मानना है कि विराट कोहली के पास भारतीय टेस्ट बल्लेबाजी क्रम में अहम तीसरे स्थान पर फिट होने के लिए ‘सही खेल’ है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अगर आपके बच्चे तीन घंटे या इससे ज्यादा रोज टीवी देखत हैं या कम्प्यूटर, गेम कंसोल्स, टैबलेट व स्मार्टफोन पर समय बिता रहे हैं, तो यह उनकी सेहत के लिए अच्छी बात नहीं है. एक रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह घंटों टीवी स्क्रीन के सामने बिताने से उनमें डायबिटीज पनप सकता है.एक शोध का निष्कर्ष बताता है कि बच्चों का इस तरह लगातार डिजिटल माध्यम की ओर झुकाव उनमें मोटेपन का कारण हो सकता है, और यह इंसुलिन रेजिस्टेंस के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है. इंसुलिन पाचन-ग्रंथि के माध्यम से हार्मोन के जरिए ब्लड-ग्लूकोज के स्तर को बढ़ने से रोकता है. उसके इस काम में बाधा डायबिटीज उत्पन्न कर सकती है.  शोधकर्ताओं की टीम ने चयापचयी (मेटाबॉलिक) और कार्डियोवैस्क्युलर (हृदयवाहिनी) से संबंधित जांच के लिए लंदन के बरमिंघम और लिसेस्टर के 200 प्राथमिक स्कूलों से 9-10 वर्ष के लगभग 4,500 बच्चों को प्रयोग के दायरे में लिया.  सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एम.नाईटेंगल ने अपने इस शोध का हवाला देते हुए बताया कि बचपन के शुरुआती वर्षो में बच्चों के टीवी स्क्रीन पर कम समय बिताने से उनमें टाइप-2 डायबिटीज की आशंका कम रहती है. टिप्पणियां शोध का निष्कर्ष पत्रिका 'आर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड' में प्रकाशित हुआ है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शोधकर्ताओं की टीम ने चयापचयी (मेटाबॉलिक) और कार्डियोवैस्क्युलर (हृदयवाहिनी) से संबंधित जांच के लिए लंदन के बरमिंघम और लिसेस्टर के 200 प्राथमिक स्कूलों से 9-10 वर्ष के लगभग 4,500 बच्चों को प्रयोग के दायरे में लिया.  सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एम.नाईटेंगल ने अपने इस शोध का हवाला देते हुए बताया कि बचपन के शुरुआती वर्षो में बच्चों के टीवी स्क्रीन पर कम समय बिताने से उनमें टाइप-2 डायबिटीज की आशंका कम रहती है. टिप्पणियां शोध का निष्कर्ष पत्रिका 'आर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड' में प्रकाशित हुआ है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एम.नाईटेंगल ने अपने इस शोध का हवाला देते हुए बताया कि बचपन के शुरुआती वर्षो में बच्चों के टीवी स्क्रीन पर कम समय बिताने से उनमें टाइप-2 डायबिटीज की आशंका कम रहती है. टिप्पणियां शोध का निष्कर्ष पत्रिका 'आर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड' में प्रकाशित हुआ है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शोध का निष्कर्ष पत्रिका 'आर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड' में प्रकाशित हुआ है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लगातार डिजिटल माध्यम की ओर झुकाव उनमें मोटेपन का कारण हो सकता है. सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एम.नाईटेंगल ने अपने इस शोध काहवाला दिया बच्चों के टीवी स्क्रीन पर कम समय बिताने से उनमें टाइप-2 डायबिटीज की आशंका
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आम आदमी के प्रति सहानुभूति का उदाहरण पेश करते हुए एक पेट्रोल पंप मालिक ने स्टॉक रहने तक पेट्रोल को पुरानी दरों पर ही बेचा। पेट्रोल पंप मालिक नई कीमत पर बेचकर डेढ़ लाख रुपये का फायदा कमा सकता था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। पुराने शहर के मुनव्वराबाद इलाके में आजाद फिलिंग स्टेशन के मालिक समीर आजाद ने पेट्रोल के दाम बढ़ने की खबर आने के बाद एक बुजुर्ग ऑटो चालक को बोतलों में तेल खरीदते देखकर यह फैसला किया। आजाद ने बताया, ‘वह आदमी जिस भी तरह से पेट्रोल ले सकता था, ले रहा था। यहां तक कि पीने के पानी की बोतल में भी उसने पेट्रोल लिया। इसलिए मैंने सोचा कि यदि मैं अपने पुराने स्टॉक को पुरानी ही कीमत पर बेचूं तो मेरे पास खोने को कुछ नहीं होगा।’ पेट्रोल की कीमत दो दिन पहले से 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई हैं जिससे पुरानी दरों पर ही तेल लेने के लिए पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतार लग गई। टिप्पणियां आजाद के पेट्रोल पंप पर पुराना स्टॉक दोपहर दो बजे खत्म हो गया लेकिन उन्होंने पूरे दिन पुरानी कीमत पर पेट्रोल बेचने का फैसला किया। पंप मालिक आजाद ने बताया, ‘18 हजार लीटर तेल का पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद भी पुरानी दरों पर पेट्रोल लेने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसलिए मैंने फैसला किया कि शेष दिन नए स्टॉक को भी पुरानी कीमत पर बेचूंगा।’ उन्होंने मूल्यवृद्धि की घोषणा के बाद कुल 23,240 लीटर पेट्रोल पुरानी कीमत पर बेचा। पेट्रोल पंप मालिक नई कीमत पर बेचकर डेढ़ लाख रुपये का फायदा कमा सकता था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। पुराने शहर के मुनव्वराबाद इलाके में आजाद फिलिंग स्टेशन के मालिक समीर आजाद ने पेट्रोल के दाम बढ़ने की खबर आने के बाद एक बुजुर्ग ऑटो चालक को बोतलों में तेल खरीदते देखकर यह फैसला किया। आजाद ने बताया, ‘वह आदमी जिस भी तरह से पेट्रोल ले सकता था, ले रहा था। यहां तक कि पीने के पानी की बोतल में भी उसने पेट्रोल लिया। इसलिए मैंने सोचा कि यदि मैं अपने पुराने स्टॉक को पुरानी ही कीमत पर बेचूं तो मेरे पास खोने को कुछ नहीं होगा।’ पेट्रोल की कीमत दो दिन पहले से 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई हैं जिससे पुरानी दरों पर ही तेल लेने के लिए पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतार लग गई। टिप्पणियां आजाद के पेट्रोल पंप पर पुराना स्टॉक दोपहर दो बजे खत्म हो गया लेकिन उन्होंने पूरे दिन पुरानी कीमत पर पेट्रोल बेचने का फैसला किया। पंप मालिक आजाद ने बताया, ‘18 हजार लीटर तेल का पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद भी पुरानी दरों पर पेट्रोल लेने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसलिए मैंने फैसला किया कि शेष दिन नए स्टॉक को भी पुरानी कीमत पर बेचूंगा।’ उन्होंने मूल्यवृद्धि की घोषणा के बाद कुल 23,240 लीटर पेट्रोल पुरानी कीमत पर बेचा। पुराने शहर के मुनव्वराबाद इलाके में आजाद फिलिंग स्टेशन के मालिक समीर आजाद ने पेट्रोल के दाम बढ़ने की खबर आने के बाद एक बुजुर्ग ऑटो चालक को बोतलों में तेल खरीदते देखकर यह फैसला किया। आजाद ने बताया, ‘वह आदमी जिस भी तरह से पेट्रोल ले सकता था, ले रहा था। यहां तक कि पीने के पानी की बोतल में भी उसने पेट्रोल लिया। इसलिए मैंने सोचा कि यदि मैं अपने पुराने स्टॉक को पुरानी ही कीमत पर बेचूं तो मेरे पास खोने को कुछ नहीं होगा।’ पेट्रोल की कीमत दो दिन पहले से 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई हैं जिससे पुरानी दरों पर ही तेल लेने के लिए पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतार लग गई। टिप्पणियां आजाद के पेट्रोल पंप पर पुराना स्टॉक दोपहर दो बजे खत्म हो गया लेकिन उन्होंने पूरे दिन पुरानी कीमत पर पेट्रोल बेचने का फैसला किया। पंप मालिक आजाद ने बताया, ‘18 हजार लीटर तेल का पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद भी पुरानी दरों पर पेट्रोल लेने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसलिए मैंने फैसला किया कि शेष दिन नए स्टॉक को भी पुरानी कीमत पर बेचूंगा।’ उन्होंने मूल्यवृद्धि की घोषणा के बाद कुल 23,240 लीटर पेट्रोल पुरानी कीमत पर बेचा। आजाद ने बताया, ‘वह आदमी जिस भी तरह से पेट्रोल ले सकता था, ले रहा था। यहां तक कि पीने के पानी की बोतल में भी उसने पेट्रोल लिया। इसलिए मैंने सोचा कि यदि मैं अपने पुराने स्टॉक को पुरानी ही कीमत पर बेचूं तो मेरे पास खोने को कुछ नहीं होगा।’ पेट्रोल की कीमत दो दिन पहले से 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई हैं जिससे पुरानी दरों पर ही तेल लेने के लिए पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतार लग गई। टिप्पणियां आजाद के पेट्रोल पंप पर पुराना स्टॉक दोपहर दो बजे खत्म हो गया लेकिन उन्होंने पूरे दिन पुरानी कीमत पर पेट्रोल बेचने का फैसला किया। पंप मालिक आजाद ने बताया, ‘18 हजार लीटर तेल का पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद भी पुरानी दरों पर पेट्रोल लेने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसलिए मैंने फैसला किया कि शेष दिन नए स्टॉक को भी पुरानी कीमत पर बेचूंगा।’ उन्होंने मूल्यवृद्धि की घोषणा के बाद कुल 23,240 लीटर पेट्रोल पुरानी कीमत पर बेचा। पेट्रोल की कीमत दो दिन पहले से 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई हैं जिससे पुरानी दरों पर ही तेल लेने के लिए पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतार लग गई। टिप्पणियां आजाद के पेट्रोल पंप पर पुराना स्टॉक दोपहर दो बजे खत्म हो गया लेकिन उन्होंने पूरे दिन पुरानी कीमत पर पेट्रोल बेचने का फैसला किया। पंप मालिक आजाद ने बताया, ‘18 हजार लीटर तेल का पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद भी पुरानी दरों पर पेट्रोल लेने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसलिए मैंने फैसला किया कि शेष दिन नए स्टॉक को भी पुरानी कीमत पर बेचूंगा।’ उन्होंने मूल्यवृद्धि की घोषणा के बाद कुल 23,240 लीटर पेट्रोल पुरानी कीमत पर बेचा। आजाद के पेट्रोल पंप पर पुराना स्टॉक दोपहर दो बजे खत्म हो गया लेकिन उन्होंने पूरे दिन पुरानी कीमत पर पेट्रोल बेचने का फैसला किया। पंप मालिक आजाद ने बताया, ‘18 हजार लीटर तेल का पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद भी पुरानी दरों पर पेट्रोल लेने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसलिए मैंने फैसला किया कि शेष दिन नए स्टॉक को भी पुरानी कीमत पर बेचूंगा।’ उन्होंने मूल्यवृद्धि की घोषणा के बाद कुल 23,240 लीटर पेट्रोल पुरानी कीमत पर बेचा। पंप मालिक आजाद ने बताया, ‘18 हजार लीटर तेल का पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद भी पुरानी दरों पर पेट्रोल लेने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसलिए मैंने फैसला किया कि शेष दिन नए स्टॉक को भी पुरानी कीमत पर बेचूंगा।’ उन्होंने मूल्यवृद्धि की घोषणा के बाद कुल 23,240 लीटर पेट्रोल पुरानी कीमत पर बेचा।
यह एक सारांश है: आम आदमी के प्रति सहानुभूति का उदाहरण पेश करते हुए एक पेट्रोल पंप मालिक ने स्टॉक रहने तक पेट्रोल को पुरानी दरों पर ही बेचा।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विपक्ष के 18 दल संसद के 17 जुलाई से शुरू होने जा रहे मॉनसून सत्र में नोटबंदी, जीएसटी एवं अन्य विभिन्न मुद्दों पर सरकार को मिलकर घेरेंगे. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इन दलों के नेताओं ने मंगलवार को यहां हुई बैठक में संसद सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों एवं व्यापक रणनीति पर विचार विमर्श किया गया. यह बैठक मुख्यत: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के प्रत्याशी के बारे में बुलाई गई थी. सूत्रों ने अपनी पहचान बताने से इंकार कर दिया. सूत्रों ने बताया कि 18 दल संसद के भीतर और बाहर जिन पांच मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे, उन्हें लेकर एक व्यापक सहमति बनी है. संसद के बाहर सरकार को सोशल मीडिया के जरिये घेरा जाएगा. इन मुद्दों में 'नोटबंदी के दुष्प्रभाव', 'जीएसटी लागू करने में जल्दबाजी', 'किसानों का संकट एवं आत्महत्या' कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध', देश के संघीय ढांचे का संरक्षण, फर्जी खबरों का फैलाव एवं लोगों को सांप्रदायिक रूप से भड़काना शामिल हैं. कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध' की चर्चा करते हुए सूत्रों ने कहा कि 'नारदा घोटाले' में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले तथा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के परिजनों एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिजनों पर छापे मारे गए. मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, जदयू के शरद यादव, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, माकपा के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल, बसपा के सतीश मिश्रा तथा 10 अन्य पार्टियों के नेता शामिल रहे. डेरेक से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा तो नहीं दिया, लेकिन कहा, 'हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं' और 'विपक्ष में एक आदमी द्वारा सब कुछ चलाए जाने जैसी बात नहीं है'. सूत्रों ने बताया कि बैठक में सपा के नरेश अग्रवाल ने सुझाव दिया कि विपक्षी दलों के बीच इस तरह का संवाद महीने में कम से कम एक बार तो होना चाहिए ताकि वे अपने रूखों के समन्वय कायम कर सकें. सूत्रों ने कहा कि इस तरह की बैठकें न केवल दिल्ली बल्कि राज्य राजधानियों में भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में आम सर्वसम्मति दिखाई. कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने जब डेरक से चर्चा शुरू करने को कहा तो उन्होंने गोपालकृष्ण गांधी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सबने अनुमोदित कर दिया. उन्होंने कहा कि दूसरा कोई नाम नहीं रखा गया. सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस चूंकि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है इसलिए उसे संयुक्त उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया. सबसे बड़े विपक्षी दल ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझे नाम का प्रस्तावित किया था.टिप्पणियां राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इन दलों के नेताओं ने मंगलवार को यहां हुई बैठक में संसद सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों एवं व्यापक रणनीति पर विचार विमर्श किया गया. यह बैठक मुख्यत: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के प्रत्याशी के बारे में बुलाई गई थी. सूत्रों ने अपनी पहचान बताने से इंकार कर दिया. सूत्रों ने बताया कि 18 दल संसद के भीतर और बाहर जिन पांच मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे, उन्हें लेकर एक व्यापक सहमति बनी है. संसद के बाहर सरकार को सोशल मीडिया के जरिये घेरा जाएगा. इन मुद्दों में 'नोटबंदी के दुष्प्रभाव', 'जीएसटी लागू करने में जल्दबाजी', 'किसानों का संकट एवं आत्महत्या' कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध', देश के संघीय ढांचे का संरक्षण, फर्जी खबरों का फैलाव एवं लोगों को सांप्रदायिक रूप से भड़काना शामिल हैं. कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध' की चर्चा करते हुए सूत्रों ने कहा कि 'नारदा घोटाले' में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले तथा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के परिजनों एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिजनों पर छापे मारे गए. मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, जदयू के शरद यादव, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, माकपा के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल, बसपा के सतीश मिश्रा तथा 10 अन्य पार्टियों के नेता शामिल रहे. डेरेक से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा तो नहीं दिया, लेकिन कहा, 'हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं' और 'विपक्ष में एक आदमी द्वारा सब कुछ चलाए जाने जैसी बात नहीं है'. सूत्रों ने बताया कि बैठक में सपा के नरेश अग्रवाल ने सुझाव दिया कि विपक्षी दलों के बीच इस तरह का संवाद महीने में कम से कम एक बार तो होना चाहिए ताकि वे अपने रूखों के समन्वय कायम कर सकें. सूत्रों ने कहा कि इस तरह की बैठकें न केवल दिल्ली बल्कि राज्य राजधानियों में भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में आम सर्वसम्मति दिखाई. कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने जब डेरक से चर्चा शुरू करने को कहा तो उन्होंने गोपालकृष्ण गांधी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सबने अनुमोदित कर दिया. उन्होंने कहा कि दूसरा कोई नाम नहीं रखा गया. सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस चूंकि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है इसलिए उसे संयुक्त उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया. सबसे बड़े विपक्षी दल ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझे नाम का प्रस्तावित किया था.टिप्पणियां राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) सूत्रों ने बताया कि 18 दल संसद के भीतर और बाहर जिन पांच मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे, उन्हें लेकर एक व्यापक सहमति बनी है. संसद के बाहर सरकार को सोशल मीडिया के जरिये घेरा जाएगा. इन मुद्दों में 'नोटबंदी के दुष्प्रभाव', 'जीएसटी लागू करने में जल्दबाजी', 'किसानों का संकट एवं आत्महत्या' कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध', देश के संघीय ढांचे का संरक्षण, फर्जी खबरों का फैलाव एवं लोगों को सांप्रदायिक रूप से भड़काना शामिल हैं. कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध' की चर्चा करते हुए सूत्रों ने कहा कि 'नारदा घोटाले' में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले तथा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के परिजनों एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिजनों पर छापे मारे गए. मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, जदयू के शरद यादव, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, माकपा के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल, बसपा के सतीश मिश्रा तथा 10 अन्य पार्टियों के नेता शामिल रहे. डेरेक से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा तो नहीं दिया, लेकिन कहा, 'हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं' और 'विपक्ष में एक आदमी द्वारा सब कुछ चलाए जाने जैसी बात नहीं है'. सूत्रों ने बताया कि बैठक में सपा के नरेश अग्रवाल ने सुझाव दिया कि विपक्षी दलों के बीच इस तरह का संवाद महीने में कम से कम एक बार तो होना चाहिए ताकि वे अपने रूखों के समन्वय कायम कर सकें. सूत्रों ने कहा कि इस तरह की बैठकें न केवल दिल्ली बल्कि राज्य राजधानियों में भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में आम सर्वसम्मति दिखाई. कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने जब डेरक से चर्चा शुरू करने को कहा तो उन्होंने गोपालकृष्ण गांधी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सबने अनुमोदित कर दिया. उन्होंने कहा कि दूसरा कोई नाम नहीं रखा गया. सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस चूंकि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है इसलिए उसे संयुक्त उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया. सबसे बड़े विपक्षी दल ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझे नाम का प्रस्तावित किया था.टिप्पणियां राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) इन मुद्दों में 'नोटबंदी के दुष्प्रभाव', 'जीएसटी लागू करने में जल्दबाजी', 'किसानों का संकट एवं आत्महत्या' कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध', देश के संघीय ढांचे का संरक्षण, फर्जी खबरों का फैलाव एवं लोगों को सांप्रदायिक रूप से भड़काना शामिल हैं. कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध' की चर्चा करते हुए सूत्रों ने कहा कि 'नारदा घोटाले' में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले तथा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के परिजनों एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिजनों पर छापे मारे गए. मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, जदयू के शरद यादव, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, माकपा के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल, बसपा के सतीश मिश्रा तथा 10 अन्य पार्टियों के नेता शामिल रहे. डेरेक से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा तो नहीं दिया, लेकिन कहा, 'हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं' और 'विपक्ष में एक आदमी द्वारा सब कुछ चलाए जाने जैसी बात नहीं है'. सूत्रों ने बताया कि बैठक में सपा के नरेश अग्रवाल ने सुझाव दिया कि विपक्षी दलों के बीच इस तरह का संवाद महीने में कम से कम एक बार तो होना चाहिए ताकि वे अपने रूखों के समन्वय कायम कर सकें. सूत्रों ने कहा कि इस तरह की बैठकें न केवल दिल्ली बल्कि राज्य राजधानियों में भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में आम सर्वसम्मति दिखाई. कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने जब डेरक से चर्चा शुरू करने को कहा तो उन्होंने गोपालकृष्ण गांधी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सबने अनुमोदित कर दिया. उन्होंने कहा कि दूसरा कोई नाम नहीं रखा गया. सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस चूंकि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है इसलिए उसे संयुक्त उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया. सबसे बड़े विपक्षी दल ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझे नाम का प्रस्तावित किया था.टिप्पणियां राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध' की चर्चा करते हुए सूत्रों ने कहा कि 'नारदा घोटाले' में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले तथा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के परिजनों एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिजनों पर छापे मारे गए. मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, जदयू के शरद यादव, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, माकपा के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल, बसपा के सतीश मिश्रा तथा 10 अन्य पार्टियों के नेता शामिल रहे. डेरेक से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा तो नहीं दिया, लेकिन कहा, 'हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं' और 'विपक्ष में एक आदमी द्वारा सब कुछ चलाए जाने जैसी बात नहीं है'. सूत्रों ने बताया कि बैठक में सपा के नरेश अग्रवाल ने सुझाव दिया कि विपक्षी दलों के बीच इस तरह का संवाद महीने में कम से कम एक बार तो होना चाहिए ताकि वे अपने रूखों के समन्वय कायम कर सकें. सूत्रों ने कहा कि इस तरह की बैठकें न केवल दिल्ली बल्कि राज्य राजधानियों में भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में आम सर्वसम्मति दिखाई. कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने जब डेरक से चर्चा शुरू करने को कहा तो उन्होंने गोपालकृष्ण गांधी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सबने अनुमोदित कर दिया. उन्होंने कहा कि दूसरा कोई नाम नहीं रखा गया. सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस चूंकि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है इसलिए उसे संयुक्त उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया. सबसे बड़े विपक्षी दल ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझे नाम का प्रस्तावित किया था.टिप्पणियां राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, जदयू के शरद यादव, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, माकपा के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल, बसपा के सतीश मिश्रा तथा 10 अन्य पार्टियों के नेता शामिल रहे. डेरेक से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा तो नहीं दिया, लेकिन कहा, 'हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं' और 'विपक्ष में एक आदमी द्वारा सब कुछ चलाए जाने जैसी बात नहीं है'. सूत्रों ने बताया कि बैठक में सपा के नरेश अग्रवाल ने सुझाव दिया कि विपक्षी दलों के बीच इस तरह का संवाद महीने में कम से कम एक बार तो होना चाहिए ताकि वे अपने रूखों के समन्वय कायम कर सकें. सूत्रों ने कहा कि इस तरह की बैठकें न केवल दिल्ली बल्कि राज्य राजधानियों में भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में आम सर्वसम्मति दिखाई. कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने जब डेरक से चर्चा शुरू करने को कहा तो उन्होंने गोपालकृष्ण गांधी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सबने अनुमोदित कर दिया. उन्होंने कहा कि दूसरा कोई नाम नहीं रखा गया. सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस चूंकि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है इसलिए उसे संयुक्त उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया. सबसे बड़े विपक्षी दल ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझे नाम का प्रस्तावित किया था.टिप्पणियां राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) सूत्रों ने कहा कि इस तरह की बैठकें न केवल दिल्ली बल्कि राज्य राजधानियों में भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में आम सर्वसम्मति दिखाई. कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने जब डेरक से चर्चा शुरू करने को कहा तो उन्होंने गोपालकृष्ण गांधी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सबने अनुमोदित कर दिया. उन्होंने कहा कि दूसरा कोई नाम नहीं रखा गया. सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस चूंकि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है इसलिए उसे संयुक्त उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया. सबसे बड़े विपक्षी दल ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझे नाम का प्रस्तावित किया था.टिप्पणियां राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस चूंकि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है इसलिए उसे संयुक्त उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया. सबसे बड़े विपक्षी दल ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझे नाम का प्रस्तावित किया था.टिप्पणियां राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) राष्ट्रपति चुनाव में 17 विपक्षी दलों ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. जदयू ने इस चुनाव में राजग के उम्मीदवार का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में उसने विपक्षी दलों के उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की है. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
यह एक सारांश है: विपक्ष नोटबंदी, जीएसटी एवं अन्य मुद्दों पर सरकार को मिलकर घेरेगा. मंगलवार को विपक्षी दलों की बैठक में व्यापक रणनीति पर विचार-विमर्श हुअा. संसद के बाहर भी सरकार को सोशल मीडिया के जरिये घेरा जाएगा.
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन में आठ जून को होने वाले आम चुनाव में 'फर्जी खबरों' के प्रभाव से निपटने के प्रयास के तहत फेसबुक ने 'पर्सपेक्टिव्स' नामक एक नया फीचर लॉन्च किया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीतिक पार्टियों के रुख की तुलना करने में मदद मिलेगी. बीटी डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकेशन सेंसिटिव फीचर चुनाव से संबंधित लेख के नीचे दिखाई देगा और उपयोगकर्ताओं को आवास, अर्थव्यवस्था तथा विदेश मामले जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रत्येक पार्टी के रुख को पढ़ने की अनुमति देगा.टिप्पणियां फेसबुक ने कहा है कि यह फीचर दिन में तीन बार नजर आएगा और यह लेख के प्रकार से सक्रिय होगा न कि लोगों के इसे देखने से. सोशल नेटवर्क कंपनी ने कहा कि यह मुद्दे पर हर पार्टी के रुख को क्रमरहित तरीके से दर्शाएगा. फेसबुक ने फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव से पहले इसका पहली बार इस्तेमाल किया था. फेसबुक को तथाकथित 'फर्जी खबरों' तथा अन्य सामग्रियों की निगरानी को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. बीटी डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकेशन सेंसिटिव फीचर चुनाव से संबंधित लेख के नीचे दिखाई देगा और उपयोगकर्ताओं को आवास, अर्थव्यवस्था तथा विदेश मामले जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रत्येक पार्टी के रुख को पढ़ने की अनुमति देगा.टिप्पणियां फेसबुक ने कहा है कि यह फीचर दिन में तीन बार नजर आएगा और यह लेख के प्रकार से सक्रिय होगा न कि लोगों के इसे देखने से. सोशल नेटवर्क कंपनी ने कहा कि यह मुद्दे पर हर पार्टी के रुख को क्रमरहित तरीके से दर्शाएगा. फेसबुक ने फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव से पहले इसका पहली बार इस्तेमाल किया था. फेसबुक को तथाकथित 'फर्जी खबरों' तथा अन्य सामग्रियों की निगरानी को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. फेसबुक ने कहा है कि यह फीचर दिन में तीन बार नजर आएगा और यह लेख के प्रकार से सक्रिय होगा न कि लोगों के इसे देखने से. सोशल नेटवर्क कंपनी ने कहा कि यह मुद्दे पर हर पार्टी के रुख को क्रमरहित तरीके से दर्शाएगा. फेसबुक ने फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव से पहले इसका पहली बार इस्तेमाल किया था. फेसबुक को तथाकथित 'फर्जी खबरों' तथा अन्य सामग्रियों की निगरानी को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. फेसबुक ने फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव से पहले इसका पहली बार इस्तेमाल किया था. फेसबुक को तथाकथित 'फर्जी खबरों' तथा अन्य सामग्रियों की निगरानी को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.
संक्षिप्त सारांश: ब्रिटेन में 8 जून को आम चुनाव, फेसबुक लाया पर्सपेक्टिव फीचर 'फर्जी खबरों' के प्रभाव से निपटने के प्रयास के तहत लॉन्च किया गया है महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीतिक पार्टियों के रुख की तुलना करने में मददगार
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि अफगानिस्तान में शांति पाकिस्तान की शांति एवं सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) ने गिलानी के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान ने अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई के शांति प्रयासों का हमेशा समर्थन किया है और वह अफगान स्वामित्व वाली सुलह प्रक्रिया का लगातार समर्थन करता रहेगा। फजल-ए-हादी मुस्लिमयार के नेतृत्व में अफगानी सीनेटरों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां एक मुलाकात में गिलानी ने कहा कि दोनों देशों के सांसदों का एक-दूसरे देशों में दौरा द्विपक्षीय सम्बंध प्रगाढ़ करने के लिए जरूरी है, और पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ सम्बंधों को सुधारने के लिए हमेशा ठोस प्रयास किए हैं। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ने बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या की जांच के सम्बंध में इस्लामाबाद आए अफगानी दल को पूरा सहयोग किया था। फजल-ए-हादी मुस्लिमयार के नेतृत्व में अफगानी सीनेटरों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां एक मुलाकात में गिलानी ने कहा कि दोनों देशों के सांसदों का एक-दूसरे देशों में दौरा द्विपक्षीय सम्बंध प्रगाढ़ करने के लिए जरूरी है, और पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ सम्बंधों को सुधारने के लिए हमेशा ठोस प्रयास किए हैं। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ने बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या की जांच के सम्बंध में इस्लामाबाद आए अफगानी दल को पूरा सहयोग किया था।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि अफगानिस्तान में शांति पाकिस्तान की शांति एवं सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने हथियार तस्कर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है. पुलिस (Delhi Police) ने आरोपियों के पास से 25 पिस्तौल भी बरामद हुआ है. पुलिस (Delhi Police) फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है.बता दें कि दिल्ली पुलिस लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अवैध हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए लगातार मुहिम चला रही है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान केहरी के रूप में की है. पुलिस अधिकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपी केहरी को कड़कड़डूमा मॉल के पास से गिरफ्तार किया है.  स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि उनकी टीम को जानकारी मिली थी कि 21 मार्च को आरोपी केहरी हथियार की सप्लाई करने के लिए दिल्ली आने वाला है. मिली जानकारी पर काम करते हुए हमारी टीम ने बताई गई जगह की घेराबंदी की. पुलिस की घेराबंदी को देख आरोपी युवक मौके से फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन इससे पहले की वह मौके से भागने में सफल हो पाता पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गौरतलब है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियार की सप्लाई करने का रैकेट चलाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस को आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस की बड़ी खेप भी मिली थी. पुलिस ने आरोपियों की पहचान सलीम, फैजान और नसीम के रूप में की थी. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश में जुटी थी. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि आरोपियों के उस्मानपुर इलाके में आने की सूचना उन्हें मुखबीर से मिली थी. इस सूचना पर काम करते हुए हमारी टीम ने इलाके की घेराबंदी की और बाद में जब आरोपी मौके पर पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया है जिससे वह मौके पर आए थे.  उत्तरी पूर्वी दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर ने बताया था कि पुलिस की टीम को आरोपियों के साप से 26 पिस्तौल, 19 मैगजीन, 800 कारतूस बरामद किए हैं, अभी तक की जांच में पता चला है कि यह हथियार पाकिस्तान से नेपाल और फिर गोरखपुर होते हुए दिल्ली पहुंचे हैं. पुलिस पूछताछ में पता चला था कि आरोपी सलीम का एक जानकार नेपाल में है. वह इसी जानकार से कारतूस लेकर आया था.पुलिस पूछताछ में पता चला था कि आरोपी को दिल्ली के एक किसी बड़े गिरोह को सप्लाई होने थे.
यह एक सारांश है: स्पेशल सेल की टीम ने आरोपी को किया गिरफ्तार मथुरा से आया था आरोपी हथियार की बड़ी खेप बरामद
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब एंड महाराष्ट्र को ऑपरेटिव बैंक (PMC Bank Case) के घाटे में होने की वजह से लाखों खाताधारकों की जीवन भर की जमापूंजी अटक गई है. हजारों के बेघर होने की नौबत आ गई है लेकिन जो बैंक को इस हालात में ले जाने के लिए जिम्मेदार हैं उन्होंने देश ही नही विदेशों में भी करोडों की संपत्ति बनाई है. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और ED की जांच में ये खुलासे रहे हैं. जांच एजेंसी ED मामले में मनी लांड्रिग की तहकीकात कर रही है तो मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा बैंक घोटाले की. बैंक के इस हालात में पंहुचने की सबसे बड़ी वजह है एक ही ग्रुप HDIL की कंपनियों को कुल कर्ज का 73 फीसदी देना. HDIL के डिफॉल्टर हो जाने से बैंक की मुसीबत बढ़ गई और आरबीआई (RBI) को बैंक में अपना प्रशासक बैठाना पड़ा. जाहिर है सबकुछ प्रबन्धन और HDIL के मालिकों की मिलीभगत से हुआ इसलिए मुम्बई पुलिस की EOW ने मामला ने HDIL के मालिक राकेश वाधवा और सारंग वाधवा, बैंक के पूर्व एमडी जॉय थॉमस और पूर्व चैयरमैन वरियम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. चारों की गिरफ्तारी के बाद अब बैंक को खोखला करने की उनकी कारगुजारियों का खुलासा हो रहा है. देश और विदेशों में मिल रही इनकी संपत्तियों से पता चल रहा है कि बैंक खाताधारकों की मेहनत की कमाई से ये अपनी तिजोरी भरते रहे. प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पता चला है कि HDIL के दो प्रमोटरों पिता राकेश वाधवा और पुत्र सारंग वाधवा की लंदन और दुबई में भी संपत्ति है. लंदन में आलीशान बंगला है. एजेंसी अब इन संपत्तियों को कुर्क करने के लिए अदालत के जरिये लेटर ऑफ रोगेटरी जारी करने की कोशिश में है. मुम्बई और आसपास की संपत्तियों को तो सील करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है. अभी तक इनकी जिन सम्पत्तियों ने जब्त किया गया है उनमे पालघर जिले के वसई में 5 एकड़ में फैला विशाल विला, अलीबाग में एक विशाल बंगला, 2 रॉल्स रॉयस और एक बेंटले सहित 6 लक्जरी कारें, मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पार्क दो निजी जेट विमान हैं. इसके अलावा मॉरीशस के समुद्र तट पर एक याट् भी है जिसे जब्त करने के लिए प्रक्रिया जारी है. अब तक 60 करोड़ रुपये की ज्वैलरी भी जब्त की जा चुकी है. सिर्फ HDIL के प्रमोटर ही नहीं PMC बैंक के चैयरमैन वरियम सिंह ने भी अकूत संपत्ति बनाई है. पता चला है कि UK और USA दोनों जगह बंगले हैं और कनाडा में एक होटल भी है जो बेटे के नाम पर है. पूर्व एमडी जॉय थॉमस के 4 फ्लैट पुणे में होने की जानकारी मिली है. एजेंसियां सभी जानकारियों की जांच पड़ताल में जुटी हैं. इस बीच EOW ने भी मुंबई में वाधवा परिवार की तकरीबन 3500 करोड़ की कुछ निवासी और कुछ व्यवसायिक संपत्तियां जप्त की है. जांच में ये भी पता चला है कि कारोबार में मदद के लिए HDIL की तरफ से महाराष्ट्र के 2 बड़े नेताओं के रिश्तेदारों को जगह दी गई थी.
सारांश: PMC बैंक केस में एक और बड़ा खुलासा राकेश और सारंग वाधवा की लंदन और दुबई में भी अकूत संपत्ति ED की जांच में हुए ये खुलासा
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['hin']