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इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश में युवक कांग्रेस के चुनाव में जमकर हंगामा हुआ। राजधानी भोपाल में जमकर मारपीट हुई और गोली भी चली। पुलिस ने एक वाहन से भारी मात्रा में धारदार हथियार भी बरामद किए हैं। राज्य में रविवार को युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए मतदान होना तय था। सुबह से ही गहमागहमी थी। मतदान के दौरान राजधानी में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के सामने भिड़ गए। दोनों ओर से कमर में बांधे जाने वाली बेल्ट से एक-दूसरे पर जमकर हमला किया गया। मारपीट देखकर पुलिस बल ने पहले दोनों को रोका, मगर जब वे शांत नहीं हुए तब पुलिस ने बल प्रयोग कर दोनों गुटों से जुड़े कार्यकर्ताओं को खदेड़ा। रात होते गोलीबारी तक की नौबत आ गई। चुनाव नतीजे आने का दौर शुरू होते ही गोली चली, इसके छर्रे लगने से दो युवक घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अभी तक यह खुलासा नहीं कर पाई है कि यह गोली जीत की खुशी में चलाई गई है या किसी ने गोली मारी है। कांग्रेस कार्यालय के सामने खड़े एक सफारी वाहन से पुलिस ने बड़ी संख्या में धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। जिस वाहन से हथियार मिले हैं, उस पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष की पट्टिका लगी हुई है। यह वाहन किसका है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।टिप्पणियां पुलिस को आशंका है कि युकां के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए चल रहे मतदान के दौरान गड़बड़ी फैलाने की कोशिश हो सकती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्वालियर में मतदान के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान रोकना पड़ा। साथ ही फर्जी मतपत्र जलाए गए। यहां फर्जी मतदान कराने के आरोप-प्रत्यारोप पर दो गुटों में विवाद भी हुआ। राज्य में रविवार को युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए मतदान होना तय था। सुबह से ही गहमागहमी थी। मतदान के दौरान राजधानी में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के सामने भिड़ गए। दोनों ओर से कमर में बांधे जाने वाली बेल्ट से एक-दूसरे पर जमकर हमला किया गया। मारपीट देखकर पुलिस बल ने पहले दोनों को रोका, मगर जब वे शांत नहीं हुए तब पुलिस ने बल प्रयोग कर दोनों गुटों से जुड़े कार्यकर्ताओं को खदेड़ा। रात होते गोलीबारी तक की नौबत आ गई। चुनाव नतीजे आने का दौर शुरू होते ही गोली चली, इसके छर्रे लगने से दो युवक घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अभी तक यह खुलासा नहीं कर पाई है कि यह गोली जीत की खुशी में चलाई गई है या किसी ने गोली मारी है। कांग्रेस कार्यालय के सामने खड़े एक सफारी वाहन से पुलिस ने बड़ी संख्या में धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। जिस वाहन से हथियार मिले हैं, उस पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष की पट्टिका लगी हुई है। यह वाहन किसका है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।टिप्पणियां पुलिस को आशंका है कि युकां के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए चल रहे मतदान के दौरान गड़बड़ी फैलाने की कोशिश हो सकती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्वालियर में मतदान के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान रोकना पड़ा। साथ ही फर्जी मतपत्र जलाए गए। यहां फर्जी मतदान कराने के आरोप-प्रत्यारोप पर दो गुटों में विवाद भी हुआ। मारपीट देखकर पुलिस बल ने पहले दोनों को रोका, मगर जब वे शांत नहीं हुए तब पुलिस ने बल प्रयोग कर दोनों गुटों से जुड़े कार्यकर्ताओं को खदेड़ा। रात होते गोलीबारी तक की नौबत आ गई। चुनाव नतीजे आने का दौर शुरू होते ही गोली चली, इसके छर्रे लगने से दो युवक घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अभी तक यह खुलासा नहीं कर पाई है कि यह गोली जीत की खुशी में चलाई गई है या किसी ने गोली मारी है। कांग्रेस कार्यालय के सामने खड़े एक सफारी वाहन से पुलिस ने बड़ी संख्या में धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। जिस वाहन से हथियार मिले हैं, उस पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष की पट्टिका लगी हुई है। यह वाहन किसका है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।टिप्पणियां पुलिस को आशंका है कि युकां के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए चल रहे मतदान के दौरान गड़बड़ी फैलाने की कोशिश हो सकती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्वालियर में मतदान के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान रोकना पड़ा। साथ ही फर्जी मतपत्र जलाए गए। यहां फर्जी मतदान कराने के आरोप-प्रत्यारोप पर दो गुटों में विवाद भी हुआ। रात होते गोलीबारी तक की नौबत आ गई। चुनाव नतीजे आने का दौर शुरू होते ही गोली चली, इसके छर्रे लगने से दो युवक घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अभी तक यह खुलासा नहीं कर पाई है कि यह गोली जीत की खुशी में चलाई गई है या किसी ने गोली मारी है। कांग्रेस कार्यालय के सामने खड़े एक सफारी वाहन से पुलिस ने बड़ी संख्या में धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। जिस वाहन से हथियार मिले हैं, उस पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष की पट्टिका लगी हुई है। यह वाहन किसका है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।टिप्पणियां पुलिस को आशंका है कि युकां के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए चल रहे मतदान के दौरान गड़बड़ी फैलाने की कोशिश हो सकती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्वालियर में मतदान के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान रोकना पड़ा। साथ ही फर्जी मतपत्र जलाए गए। यहां फर्जी मतदान कराने के आरोप-प्रत्यारोप पर दो गुटों में विवाद भी हुआ। कांग्रेस कार्यालय के सामने खड़े एक सफारी वाहन से पुलिस ने बड़ी संख्या में धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। जिस वाहन से हथियार मिले हैं, उस पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष की पट्टिका लगी हुई है। यह वाहन किसका है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।टिप्पणियां पुलिस को आशंका है कि युकां के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए चल रहे मतदान के दौरान गड़बड़ी फैलाने की कोशिश हो सकती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्वालियर में मतदान के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान रोकना पड़ा। साथ ही फर्जी मतपत्र जलाए गए। यहां फर्जी मतदान कराने के आरोप-प्रत्यारोप पर दो गुटों में विवाद भी हुआ। पुलिस को आशंका है कि युकां के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए चल रहे मतदान के दौरान गड़बड़ी फैलाने की कोशिश हो सकती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्वालियर में मतदान के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान रोकना पड़ा। साथ ही फर्जी मतपत्र जलाए गए। यहां फर्जी मतदान कराने के आरोप-प्रत्यारोप पर दो गुटों में विवाद भी हुआ। वहीं ग्वालियर में मतदान के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान रोकना पड़ा। साथ ही फर्जी मतपत्र जलाए गए। यहां फर्जी मतदान कराने के आरोप-प्रत्यारोप पर दो गुटों में विवाद भी हुआ।
यह एक सारांश है: मध्य प्रदेश में युवक कांग्रेस के चुनाव में जमकर हंगामा हुआ। राजधानी भोपाल में जमकर मारपीट हुई और गोली भी चली। पुलिस ने एक वाहन से भारी मात्रा में धारदार हथियार भी बरामद किए हैं।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रिया प्रकाश वारियर (Priya Prakash Varrier) अपने स्टाइल और अदाओं से लोगों को दीवाना बनाने के लिए जानी जाती हैं. साल 2018 के शुरुआत में वेलेंटाइन डे के मौके पर  प्रिया प्रकाश वारियर ने अपनी आंख मारने की अदाओं से कहर बरपा दिया था. प्रिया प्रकाश वारियर (Priya Prakash Varrier) का वह वीडियो इतना वायरल हुआ था कि वह रातोंरात स्टार बन गई थीं. हर ओर प्रिया प्रकाश वारियर (Priya Prakash Varrier)की चर्चा होनी शुरू हो गई थी. साल के अंत में फिर से उन्होंने अपनी अदाओं का जादू बिखेरा है. प्रिया प्रकाश वारियर (Priya Prakash Varrier) इस बार एक कार की डिक्की में जश्न मनाते हुए नजर आई हैं. प्रिया प्रकाश वारियर की फोटो वायरल हो रही है. इस फोटो में उनका अंदाज देखते ही बन रहा है. अपने को-एक्टर रोशन अब्दुल रहूफ (Roshan Abdul Rahoof) के साथ नजर आ रही है. प्रिया प्रकाश वारियर का जब भी कोई वीडियो या फोटो सामने आता है वो वायरल हो जाता है. गूगल पर साल 2018 में सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले नामों में प्रिया प्रकाश वारियर (Priya Prakash Varrier) का नाम नंबर वन पर है.   प्रिया प्रकाश वारियर (Priya Prakash Varrier) ने हाल ही में एक फोटो शूट कराया था, जिसमें वो एकदम अलग ही अंदाज में नजर आई थीं. फैंस ने उनके पिक्स को खूब पसंद किया था. स्कूल ड्रेस में कहर बरपाने वाली प्रिया प्रकाश वारियर सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं. प्रिया प्रकाश वारियर अपने इवेंट का वीडियो या तस्वीरें आए दिन शेयर करती रहती है. प्रिया प्रकाश ने इससे पहले अपने जादुई मुस्कान के साथ अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह झूले पर झूलती हुई नजर आई. इस वीडियो पर फैन्स काफी तारीफ करते हुए दिखे थे.   प्रिया प्रकाश वारियर (Priya Prakash Varrier) की मलयाली फिल्म 'ओरू अदार लव' (Oru Adaar Love) भी रिलीज होने वाली है. इस फिल्म में उनके साथ रोशन अब्दुल रहूफ (Roshan Abdul Rahoof) भी नजर आएंगे. 'ओरू अदार लव' को उमर लुलू ने डायरेक्ट किया है और यह शान रहमान की धुन है. फिल्म रिलीज होने से पहले प्रिया प्रकाश के इस तरह के धमाके आते रहेंगे. प्रिया प्रकाश की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इंस्टाग्राम पर उनकी फैन फॉलोइंग 60 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है.
संक्षिप्त सारांश: प्रिया प्रकाश वारियर ने अपनी अदाओं का बिखेरा जादू कार की डिक्की में जश्न मनाती नजर आईं प्रिया प्रकाश वारियर प्रिया प्रकाश वारियर का अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: डीजल, रसोई गैस और मिट्टी के तेल के दाम आज बढ़ सकते हैं। दरअसल, राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की शाम को प्रधानमंत्री निवास पर बैठक होने जा रही है, जिसमें सरकारी तेल कंपनियों के घाटे पर चर्चा होगी। तेल मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा कि डीजल, रसोई गैस और केरोसिन की कीमत में बढ़ोतरी को ज्यादा टाला नहीं जा सकता पर साथ में यह संकेत दिया कि राजनैतिक मामलों से जुड़ी मंत्रिमंडलय समिति (सीसीपीए) की शाम को होने वाली बैठक के एजेंडा में ईंधन के दाम बढ़ाने का मुद्दा नहीं है। उन्होंने वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, आज सीसीपीए की बैठक है। यह मुद्दा (डीजल और रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी) बैठक की कार्यसूची में नहीं है। मुझे नहीं पता कि इस विषय पर आज चर्चा होगी या नहीं। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति के सदस्यों को नया पत्र भेजा है, जिसमें कच्चे तेल कीमत बढ़ने और अमेरिका डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट से पैदा संकट का ब्यौरा है। उन्होंने कहा, मैंने सीसीपीए के सदस्यों को इस मामले के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जैसा कि मैंने पहले कहा है कि तेल उत्पादों की कीमत के संबंध में मुश्किल और तकलीफदेह फैसले लेने होंगे। कीमत में बढ़ोतरी अपरिहार्य है। रेड्डी ने कहा कि यदि सीसीपीए आज ईंधन की कीमत पर चर्चा नहीं करता तो इस मुद्दे पर मंत्रिमंडलीय समिति की अगली बैठक में चर्चा होगी। मंत्रिमंडलीय समिति जो फैसले लेती है उसका व्यापक राजनैतिक असर होता है। उन्होंने कहा कि कीमत बढ़ाने का फैसला सिर्फ आर्थिक तथ्यों को ध्यान में रखकर नहीं लिया जा सकता बल्कि यह भी ध्यान में रखकर किया जाएगा कि उपभोक्ता कितना बर्दाश्त कर पाएंगे। एसे में ‘हमें संतुलित निर्णय करना होगा।’ रेड्डी ने कहा, यदि कीमत बढ़ोतरी पर सीसीपीए आज चर्चा करता है, जिसकी बहुत संभावना नहीं है ... कुछ फैसले लिए जा सकते हैं। यदि आज इस पर चर्चा नहीं हुई तो निर्णय टाल दिया जाएगा।टिप्पणियां यह पूछने पर कि कीमत में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है रेड्डी ने कहा, मैं नहीं बता सकता कि कितनी कीमत बढ़ेगी। यदि मेरे पास इसका अधिकार होता तो कल ही बढ़ गई होंगी। मैं नहीं जानता कि यह आज किया जाएगा या कल किया जाएगा। चिदंबरम के साथ अपनी बैठक के बारे में रेड्डी ने कहा कि यह विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में एक सामान्य बैठक थी। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, हमने लागत से कम मूल्य पर सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा की। सरकारी तेल कंपनियों को नियंत्रित दर पर डीजल और रसोई गैस और अन्य ईंधन की बिक्री से रोजाना 560 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और पेट्रोल पर 16 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। यदि कीमत नहीं बढ़ाई गई तो सरकारी तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 1.88 लाख करोड़ रुपये का अप्रत्याशित नुकसान होगा। कंपनियों को सरकारी नियंत्रण मुक्त उत्पाद पेट्रोल की बिक्री से छह रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसकी दर लागत के अनुरूप नहीं बढ़ी है। तेल मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा कि डीजल, रसोई गैस और केरोसिन की कीमत में बढ़ोतरी को ज्यादा टाला नहीं जा सकता पर साथ में यह संकेत दिया कि राजनैतिक मामलों से जुड़ी मंत्रिमंडलय समिति (सीसीपीए) की शाम को होने वाली बैठक के एजेंडा में ईंधन के दाम बढ़ाने का मुद्दा नहीं है। उन्होंने वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, आज सीसीपीए की बैठक है। यह मुद्दा (डीजल और रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी) बैठक की कार्यसूची में नहीं है। मुझे नहीं पता कि इस विषय पर आज चर्चा होगी या नहीं। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति के सदस्यों को नया पत्र भेजा है, जिसमें कच्चे तेल कीमत बढ़ने और अमेरिका डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट से पैदा संकट का ब्यौरा है। उन्होंने कहा, मैंने सीसीपीए के सदस्यों को इस मामले के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जैसा कि मैंने पहले कहा है कि तेल उत्पादों की कीमत के संबंध में मुश्किल और तकलीफदेह फैसले लेने होंगे। कीमत में बढ़ोतरी अपरिहार्य है। रेड्डी ने कहा कि यदि सीसीपीए आज ईंधन की कीमत पर चर्चा नहीं करता तो इस मुद्दे पर मंत्रिमंडलीय समिति की अगली बैठक में चर्चा होगी। मंत्रिमंडलीय समिति जो फैसले लेती है उसका व्यापक राजनैतिक असर होता है। उन्होंने कहा कि कीमत बढ़ाने का फैसला सिर्फ आर्थिक तथ्यों को ध्यान में रखकर नहीं लिया जा सकता बल्कि यह भी ध्यान में रखकर किया जाएगा कि उपभोक्ता कितना बर्दाश्त कर पाएंगे। एसे में ‘हमें संतुलित निर्णय करना होगा।’ रेड्डी ने कहा, यदि कीमत बढ़ोतरी पर सीसीपीए आज चर्चा करता है, जिसकी बहुत संभावना नहीं है ... कुछ फैसले लिए जा सकते हैं। यदि आज इस पर चर्चा नहीं हुई तो निर्णय टाल दिया जाएगा।टिप्पणियां यह पूछने पर कि कीमत में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है रेड्डी ने कहा, मैं नहीं बता सकता कि कितनी कीमत बढ़ेगी। यदि मेरे पास इसका अधिकार होता तो कल ही बढ़ गई होंगी। मैं नहीं जानता कि यह आज किया जाएगा या कल किया जाएगा। चिदंबरम के साथ अपनी बैठक के बारे में रेड्डी ने कहा कि यह विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में एक सामान्य बैठक थी। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, हमने लागत से कम मूल्य पर सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा की। सरकारी तेल कंपनियों को नियंत्रित दर पर डीजल और रसोई गैस और अन्य ईंधन की बिक्री से रोजाना 560 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और पेट्रोल पर 16 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। यदि कीमत नहीं बढ़ाई गई तो सरकारी तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 1.88 लाख करोड़ रुपये का अप्रत्याशित नुकसान होगा। कंपनियों को सरकारी नियंत्रण मुक्त उत्पाद पेट्रोल की बिक्री से छह रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसकी दर लागत के अनुरूप नहीं बढ़ी है। उन्होंने वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, आज सीसीपीए की बैठक है। यह मुद्दा (डीजल और रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी) बैठक की कार्यसूची में नहीं है। मुझे नहीं पता कि इस विषय पर आज चर्चा होगी या नहीं। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति के सदस्यों को नया पत्र भेजा है, जिसमें कच्चे तेल कीमत बढ़ने और अमेरिका डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट से पैदा संकट का ब्यौरा है। उन्होंने कहा, मैंने सीसीपीए के सदस्यों को इस मामले के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जैसा कि मैंने पहले कहा है कि तेल उत्पादों की कीमत के संबंध में मुश्किल और तकलीफदेह फैसले लेने होंगे। कीमत में बढ़ोतरी अपरिहार्य है। रेड्डी ने कहा कि यदि सीसीपीए आज ईंधन की कीमत पर चर्चा नहीं करता तो इस मुद्दे पर मंत्रिमंडलीय समिति की अगली बैठक में चर्चा होगी। मंत्रिमंडलीय समिति जो फैसले लेती है उसका व्यापक राजनैतिक असर होता है। उन्होंने कहा कि कीमत बढ़ाने का फैसला सिर्फ आर्थिक तथ्यों को ध्यान में रखकर नहीं लिया जा सकता बल्कि यह भी ध्यान में रखकर किया जाएगा कि उपभोक्ता कितना बर्दाश्त कर पाएंगे। एसे में ‘हमें संतुलित निर्णय करना होगा।’ रेड्डी ने कहा, यदि कीमत बढ़ोतरी पर सीसीपीए आज चर्चा करता है, जिसकी बहुत संभावना नहीं है ... कुछ फैसले लिए जा सकते हैं। यदि आज इस पर चर्चा नहीं हुई तो निर्णय टाल दिया जाएगा।टिप्पणियां यह पूछने पर कि कीमत में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है रेड्डी ने कहा, मैं नहीं बता सकता कि कितनी कीमत बढ़ेगी। यदि मेरे पास इसका अधिकार होता तो कल ही बढ़ गई होंगी। मैं नहीं जानता कि यह आज किया जाएगा या कल किया जाएगा। चिदंबरम के साथ अपनी बैठक के बारे में रेड्डी ने कहा कि यह विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में एक सामान्य बैठक थी। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, हमने लागत से कम मूल्य पर सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा की। सरकारी तेल कंपनियों को नियंत्रित दर पर डीजल और रसोई गैस और अन्य ईंधन की बिक्री से रोजाना 560 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और पेट्रोल पर 16 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। यदि कीमत नहीं बढ़ाई गई तो सरकारी तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 1.88 लाख करोड़ रुपये का अप्रत्याशित नुकसान होगा। कंपनियों को सरकारी नियंत्रण मुक्त उत्पाद पेट्रोल की बिक्री से छह रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसकी दर लागत के अनुरूप नहीं बढ़ी है। उन्होंने कहा, मैंने सीसीपीए के सदस्यों को इस मामले के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जैसा कि मैंने पहले कहा है कि तेल उत्पादों की कीमत के संबंध में मुश्किल और तकलीफदेह फैसले लेने होंगे। कीमत में बढ़ोतरी अपरिहार्य है। रेड्डी ने कहा कि यदि सीसीपीए आज ईंधन की कीमत पर चर्चा नहीं करता तो इस मुद्दे पर मंत्रिमंडलीय समिति की अगली बैठक में चर्चा होगी। मंत्रिमंडलीय समिति जो फैसले लेती है उसका व्यापक राजनैतिक असर होता है। उन्होंने कहा कि कीमत बढ़ाने का फैसला सिर्फ आर्थिक तथ्यों को ध्यान में रखकर नहीं लिया जा सकता बल्कि यह भी ध्यान में रखकर किया जाएगा कि उपभोक्ता कितना बर्दाश्त कर पाएंगे। एसे में ‘हमें संतुलित निर्णय करना होगा।’ रेड्डी ने कहा, यदि कीमत बढ़ोतरी पर सीसीपीए आज चर्चा करता है, जिसकी बहुत संभावना नहीं है ... कुछ फैसले लिए जा सकते हैं। यदि आज इस पर चर्चा नहीं हुई तो निर्णय टाल दिया जाएगा।टिप्पणियां यह पूछने पर कि कीमत में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है रेड्डी ने कहा, मैं नहीं बता सकता कि कितनी कीमत बढ़ेगी। यदि मेरे पास इसका अधिकार होता तो कल ही बढ़ गई होंगी। मैं नहीं जानता कि यह आज किया जाएगा या कल किया जाएगा। चिदंबरम के साथ अपनी बैठक के बारे में रेड्डी ने कहा कि यह विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में एक सामान्य बैठक थी। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, हमने लागत से कम मूल्य पर सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा की। सरकारी तेल कंपनियों को नियंत्रित दर पर डीजल और रसोई गैस और अन्य ईंधन की बिक्री से रोजाना 560 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और पेट्रोल पर 16 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। यदि कीमत नहीं बढ़ाई गई तो सरकारी तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 1.88 लाख करोड़ रुपये का अप्रत्याशित नुकसान होगा। कंपनियों को सरकारी नियंत्रण मुक्त उत्पाद पेट्रोल की बिक्री से छह रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसकी दर लागत के अनुरूप नहीं बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कीमत बढ़ाने का फैसला सिर्फ आर्थिक तथ्यों को ध्यान में रखकर नहीं लिया जा सकता बल्कि यह भी ध्यान में रखकर किया जाएगा कि उपभोक्ता कितना बर्दाश्त कर पाएंगे। एसे में ‘हमें संतुलित निर्णय करना होगा।’ रेड्डी ने कहा, यदि कीमत बढ़ोतरी पर सीसीपीए आज चर्चा करता है, जिसकी बहुत संभावना नहीं है ... कुछ फैसले लिए जा सकते हैं। यदि आज इस पर चर्चा नहीं हुई तो निर्णय टाल दिया जाएगा।टिप्पणियां यह पूछने पर कि कीमत में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है रेड्डी ने कहा, मैं नहीं बता सकता कि कितनी कीमत बढ़ेगी। यदि मेरे पास इसका अधिकार होता तो कल ही बढ़ गई होंगी। मैं नहीं जानता कि यह आज किया जाएगा या कल किया जाएगा। चिदंबरम के साथ अपनी बैठक के बारे में रेड्डी ने कहा कि यह विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में एक सामान्य बैठक थी। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, हमने लागत से कम मूल्य पर सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा की। सरकारी तेल कंपनियों को नियंत्रित दर पर डीजल और रसोई गैस और अन्य ईंधन की बिक्री से रोजाना 560 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और पेट्रोल पर 16 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। यदि कीमत नहीं बढ़ाई गई तो सरकारी तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 1.88 लाख करोड़ रुपये का अप्रत्याशित नुकसान होगा। कंपनियों को सरकारी नियंत्रण मुक्त उत्पाद पेट्रोल की बिक्री से छह रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसकी दर लागत के अनुरूप नहीं बढ़ी है। यह पूछने पर कि कीमत में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है रेड्डी ने कहा, मैं नहीं बता सकता कि कितनी कीमत बढ़ेगी। यदि मेरे पास इसका अधिकार होता तो कल ही बढ़ गई होंगी। मैं नहीं जानता कि यह आज किया जाएगा या कल किया जाएगा। चिदंबरम के साथ अपनी बैठक के बारे में रेड्डी ने कहा कि यह विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में एक सामान्य बैठक थी। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, हमने लागत से कम मूल्य पर सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा की। सरकारी तेल कंपनियों को नियंत्रित दर पर डीजल और रसोई गैस और अन्य ईंधन की बिक्री से रोजाना 560 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और पेट्रोल पर 16 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। यदि कीमत नहीं बढ़ाई गई तो सरकारी तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 1.88 लाख करोड़ रुपये का अप्रत्याशित नुकसान होगा। कंपनियों को सरकारी नियंत्रण मुक्त उत्पाद पेट्रोल की बिक्री से छह रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसकी दर लागत के अनुरूप नहीं बढ़ी है। उन्होंने कहा, हमने लागत से कम मूल्य पर सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा की। सरकारी तेल कंपनियों को नियंत्रित दर पर डीजल और रसोई गैस और अन्य ईंधन की बिक्री से रोजाना 560 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और पेट्रोल पर 16 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। यदि कीमत नहीं बढ़ाई गई तो सरकारी तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 1.88 लाख करोड़ रुपये का अप्रत्याशित नुकसान होगा। कंपनियों को सरकारी नियंत्रण मुक्त उत्पाद पेट्रोल की बिक्री से छह रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसकी दर लागत के अनुरूप नहीं बढ़ी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेल मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा कि डीजल, रसोई गैस और केरोसिन की कीमत में बढ़ोतरी को ज्यादा टाला नहीं जा सकता पर साथ में यह संकेत दिया कि सीसीपीए की बैठक में ईंधन के दाम बढ़ाने का मुद्दा नहीं है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना और परिणीति चोपड़ा की फिल्म 'मेरी प्यारी बिंदू' बड़े पर्दे पर रिलीज को तैयार है. फिल्म का गाना 'ये जवानी तेरी' हाल ही में रिलीज किया गया है. गाने की रिलीज के मौके पर आयुष्मान खुराना ने बताया कि कॉलेज के दिनों में वह ट्रेनों में गाना गाकर पैसे जुटाया करते थे. फिल्म के इस गाने में आयुष्मान और परिणीति के किरदारों के कॉलेज के दिनों को दिखाया गाया है. बताते चलें कि फिल्म के 'माना के हम यार नहीं' गाने से परिणीति चोपड़ा ने सिंगर के रूप में डेब्यू किया है. आयुष्मान काफी अच्छे सिंगर हैं और अपनी डेब्यू फिल्म 'विक्की डोनर' के 'पानी दा रंग' गाने के लिए वह फिल्मफेयर का बेस्ट प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं. इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का अवॉर्ड भी दिया गया था. आयुष्मान से जब पूछा गया कि कॉलेज के दिनों में क्या वह लड़कियों को आकर्षित करने के लिए गाने गाते थे, तो उन्होंने जवाब दिया कि उनके पास तब लड़कियों के पीछे भागने के लिए समय नहीं होता था. उन्होंने कहा कि कॉलेज के दिनों में वह थियेटर, लाइव शो और स्ट्रीट प्ले किया करते थे. हालांकि कॉलेज के दिनों में गाने की बात याद करते हुए आयुष्मान ने बताया कि वह पैसे कमाने के लिए रेलगाड़ियों में गाया करते थे. उन्होंने बताया, "पश्चिम एक्सप्रेस नाम की एक ट्रेन दिल्ली से मुंबई जाती थी और कॉलेज के दिनों में मैं अपने दोस्तों के साथ इसमें गा कर पैसे इकट्ठा किया करता था. यात्री हमें पैसे दिया करते थे. हमें इतने पैसे मिल जाते थे, जिससे हम गोवा घूम सकें." आयुष्मान ने खुद को ट्रेन का गायक बताया. टिप्पणियां यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म 'मेरी प्यारी बिंदू' 12 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. (इनपुट आईएएनएस से)   आयुष्मान काफी अच्छे सिंगर हैं और अपनी डेब्यू फिल्म 'विक्की डोनर' के 'पानी दा रंग' गाने के लिए वह फिल्मफेयर का बेस्ट प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं. इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का अवॉर्ड भी दिया गया था. आयुष्मान से जब पूछा गया कि कॉलेज के दिनों में क्या वह लड़कियों को आकर्षित करने के लिए गाने गाते थे, तो उन्होंने जवाब दिया कि उनके पास तब लड़कियों के पीछे भागने के लिए समय नहीं होता था. उन्होंने कहा कि कॉलेज के दिनों में वह थियेटर, लाइव शो और स्ट्रीट प्ले किया करते थे. हालांकि कॉलेज के दिनों में गाने की बात याद करते हुए आयुष्मान ने बताया कि वह पैसे कमाने के लिए रेलगाड़ियों में गाया करते थे. उन्होंने बताया, "पश्चिम एक्सप्रेस नाम की एक ट्रेन दिल्ली से मुंबई जाती थी और कॉलेज के दिनों में मैं अपने दोस्तों के साथ इसमें गा कर पैसे इकट्ठा किया करता था. यात्री हमें पैसे दिया करते थे. हमें इतने पैसे मिल जाते थे, जिससे हम गोवा घूम सकें." आयुष्मान ने खुद को ट्रेन का गायक बताया. टिप्पणियां यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म 'मेरी प्यारी बिंदू' 12 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. (इनपुट आईएएनएस से)   हालांकि कॉलेज के दिनों में गाने की बात याद करते हुए आयुष्मान ने बताया कि वह पैसे कमाने के लिए रेलगाड़ियों में गाया करते थे. उन्होंने बताया, "पश्चिम एक्सप्रेस नाम की एक ट्रेन दिल्ली से मुंबई जाती थी और कॉलेज के दिनों में मैं अपने दोस्तों के साथ इसमें गा कर पैसे इकट्ठा किया करता था. यात्री हमें पैसे दिया करते थे. हमें इतने पैसे मिल जाते थे, जिससे हम गोवा घूम सकें." आयुष्मान ने खुद को ट्रेन का गायक बताया. टिप्पणियां यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म 'मेरी प्यारी बिंदू' 12 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. (इनपुट आईएएनएस से)   यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म 'मेरी प्यारी बिंदू' 12 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. (इनपुट आईएएनएस से)   (इनपुट आईएएनएस से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आयुष्मान खुराना ने बताया कि कॉलेज के दिनों में ट्रेन में गाते थे गाना आयुष्मान की 'मेरी प्यारी बिंदू' अगले महीने होगी रिलीज फिल्म में आयुष्मान के साथ दिखेगी परिणीति चोपड़ा की जोड़ी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन (Wing Commander Abhinandan Varthaman) आज स्वदेश लौटेंगे. पाकिस्तानी वायुसेना से लोहा लेने के दौरान पाकिस्तानी सरजमीं पर गिरफ्तार होने वाले अभिनंदन को आज पाकिस्तान रिहा करेगा. दरअसल, दोनों देशों में तनाव के बीच पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के पकड़े गए विंग कमांडर अभिनंदन को शांति पहल के तहत छोड़ने की गुरुवार को घोषणा की है. अभिनंदन की रिहाई की घोषणा के बाद देशभर में जश्न का माहौल है. इसी बीच डॉ. कुमार विश्वास (Dr. Kumar Vishvas) ने भी खुशी जाहिर की है. कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) ने ट्वीट कर कहा है कि 'भारत' की इस नई सुबह का “अभिनंदन” है. आपको बता दें कि विंग कमांडर अभिनंदन को लेने के लिए के चेन्नई से उनके माता-पिता जब फ्लाइट से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंते तो लोगों ने भी ताली बजाकर उनका स्वागत किया. “भारत” की इस नई सुबह का “अभिनंदन” है ???????????? देर रात करीब डेढ़ बजे वे चेन्नई से दिल्ली पहुंचे और फिर दिल्ली से फ्लाइट चेंज कर अमृतसर निकल गए. कल ही विंग कमांडर अभिनंदन (Abhinandan Varthaman)  को छोड़ने का ऐलान किया गया था. पाकिस्तान का यह कदम दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़े तनाव को काफी हद तक दूर करेगा. नयी दिल्ली में भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों की एक संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग में कहा गया कि सशस्त्र बल किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं. हालांकि, उन्होंने इस बारे में सवालों का कोई सीधा जवाब नहीं दिया कि अभिनंदन को मुक्त करने के पाकिस्तान के फैसले को क्या तनाव घटने के रूप में देखा जा सकता है.  दरअसल, 26 फरवरी को जैश के आतंकी कैंप पर भारत की कार्रवाई के बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान ने पलटवार करने की नापाक कोशिश की, जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई की और उसके नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया. पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर भारत द्वारा किये गए एयर स्ट्राइक की प्रतिक्रिया के तौर पर पाकिस्तानी विमानों ने भारत में घुसपैठ की कोशिश की, जिसे खदेड़ने के दौरान भारतीय वायुसेना के मिग 21 विमान ने पाकिस्तान के एफ 16 लड़ाकू विमान को मार गिराया. हालांकि, इस दौरान विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान की सीमा में चले गए, जहां उन्हें पाकिस्तान ने 27 फरवरी को हिरासत में ले लिया.
सारांश: आज स्वदेश लौटेंगे विंग कमांडर अभिनंदन देशभर में लोग मना रहे हैं खुशी डॉ. कुमार विश्वास ने भी ट्वीट कर जाहिर की खुशी
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को उछाल दर्ज किया गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 226.37 अंकों की तेजी के साथ 17,618.35 पर और निफ्टी 70.20 अंकों की तेजी के साथ 5,345.35 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 39.70 अंकों की तेजी के साथ 17,431.68 पर खुला। सेंसेक्स ने 17,631.19 के ऊपरी और 17,424.29 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.74 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.72 फीसदी), आईटीसी (2.71 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.58 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.46 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के दो शेयरों विप्रो (0.36 फीसदी) और एनटीपीसी (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 11.45 अंकों की तेजी के साथ 5,286.60 पर खुला। निफ्टी ने 5,348.55 के ऊपरी और 5,284.55 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 68.49 अंकों की तेजी के साथ 6,306.68 पर और स्मॉलकैप 54.77 अंकों की तेजी के साथ 6,805.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (1.75 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.75 फीसदी), वाहन (1.62 फीसदी), बैंकिंग (1.54 फीसदी) और धातु (1.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1758 शेयरों में तेजी और 1155 में गिरावट रही, जबकि 104 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 39.70 अंकों की तेजी के साथ 17,431.68 पर खुला। सेंसेक्स ने 17,631.19 के ऊपरी और 17,424.29 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.74 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.72 फीसदी), आईटीसी (2.71 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.58 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.46 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के दो शेयरों विप्रो (0.36 फीसदी) और एनटीपीसी (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 11.45 अंकों की तेजी के साथ 5,286.60 पर खुला। निफ्टी ने 5,348.55 के ऊपरी और 5,284.55 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 68.49 अंकों की तेजी के साथ 6,306.68 पर और स्मॉलकैप 54.77 अंकों की तेजी के साथ 6,805.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (1.75 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.75 फीसदी), वाहन (1.62 फीसदी), बैंकिंग (1.54 फीसदी) और धातु (1.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1758 शेयरों में तेजी और 1155 में गिरावट रही, जबकि 104 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.74 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.72 फीसदी), आईटीसी (2.71 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.58 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.46 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के दो शेयरों विप्रो (0.36 फीसदी) और एनटीपीसी (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 11.45 अंकों की तेजी के साथ 5,286.60 पर खुला। निफ्टी ने 5,348.55 के ऊपरी और 5,284.55 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 68.49 अंकों की तेजी के साथ 6,306.68 पर और स्मॉलकैप 54.77 अंकों की तेजी के साथ 6,805.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (1.75 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.75 फीसदी), वाहन (1.62 फीसदी), बैंकिंग (1.54 फीसदी) और धातु (1.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1758 शेयरों में तेजी और 1155 में गिरावट रही, जबकि 104 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के दो शेयरों विप्रो (0.36 फीसदी) और एनटीपीसी (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 11.45 अंकों की तेजी के साथ 5,286.60 पर खुला। निफ्टी ने 5,348.55 के ऊपरी और 5,284.55 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 68.49 अंकों की तेजी के साथ 6,306.68 पर और स्मॉलकैप 54.77 अंकों की तेजी के साथ 6,805.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (1.75 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.75 फीसदी), वाहन (1.62 फीसदी), बैंकिंग (1.54 फीसदी) और धातु (1.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1758 शेयरों में तेजी और 1155 में गिरावट रही, जबकि 104 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 11.45 अंकों की तेजी के साथ 5,286.60 पर खुला। निफ्टी ने 5,348.55 के ऊपरी और 5,284.55 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 68.49 अंकों की तेजी के साथ 6,306.68 पर और स्मॉलकैप 54.77 अंकों की तेजी के साथ 6,805.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (1.75 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.75 फीसदी), वाहन (1.62 फीसदी), बैंकिंग (1.54 फीसदी) और धातु (1.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1758 शेयरों में तेजी और 1155 में गिरावट रही, जबकि 104 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 68.49 अंकों की तेजी के साथ 6,306.68 पर और स्मॉलकैप 54.77 अंकों की तेजी के साथ 6,805.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (1.75 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.75 फीसदी), वाहन (1.62 फीसदी), बैंकिंग (1.54 फीसदी) और धातु (1.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1758 शेयरों में तेजी और 1155 में गिरावट रही, जबकि 104 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (1.75 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.75 फीसदी), वाहन (1.62 फीसदी), बैंकिंग (1.54 फीसदी) और धातु (1.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1758 शेयरों में तेजी और 1155 में गिरावट रही, जबकि 104 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1758 शेयरों में तेजी और 1155 में गिरावट रही, जबकि 104 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 226.37 अंकों की तेजी के साथ 17,618.35 पर और निफ्टी 70.20 अंकों की तेजी के साथ 5,345.35 पर बंद हुआ।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: परवेज रसूल ने बड़ी शालीनता से स्वीकार किया कि उन्हें इस साल शुरू में ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ सात विकेट चटकाने से राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद थी। रसूल ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि मेरा नाम राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। मैंने इस सत्र में काफी कड़ी मेहनत की है, घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें मैंने 33 विकेट चटकाए और 594 रन बनाए। मैंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन किया इसलिए मुझे जिम्बाब्वे दौरे के लिये टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद थी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं उम्मीद कर रहा था कि चयनकर्ता आर अश्विन को इस दौरे पर आराम देंगे। मैं अल्लाह को शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, उनकी मदद के बिना यह मेरे लिये असंभव था।’टिप्पणियां चौबीस वर्षीय रसूल कई शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में चयन के दावेदार थे, उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे शृंखला के लिए जाने वाली युवा टीम में शामिल किया है जिससे वह भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने वाले जम्मू कश्मीर के पहले क्रिकेटर बन गए। रसूल ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ शुरुआत है और उन्हें लंबा रास्ता तय करना है। रसूल ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि मेरा नाम राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। मैंने इस सत्र में काफी कड़ी मेहनत की है, घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें मैंने 33 विकेट चटकाए और 594 रन बनाए। मैंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन किया इसलिए मुझे जिम्बाब्वे दौरे के लिये टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद थी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं उम्मीद कर रहा था कि चयनकर्ता आर अश्विन को इस दौरे पर आराम देंगे। मैं अल्लाह को शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, उनकी मदद के बिना यह मेरे लिये असंभव था।’टिप्पणियां चौबीस वर्षीय रसूल कई शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में चयन के दावेदार थे, उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे शृंखला के लिए जाने वाली युवा टीम में शामिल किया है जिससे वह भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने वाले जम्मू कश्मीर के पहले क्रिकेटर बन गए। रसूल ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ शुरुआत है और उन्हें लंबा रास्ता तय करना है। चौबीस वर्षीय रसूल कई शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में चयन के दावेदार थे, उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे शृंखला के लिए जाने वाली युवा टीम में शामिल किया है जिससे वह भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने वाले जम्मू कश्मीर के पहले क्रिकेटर बन गए। रसूल ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ शुरुआत है और उन्हें लंबा रास्ता तय करना है। रसूल ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ शुरुआत है और उन्हें लंबा रास्ता तय करना है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: परवेज रसूल ने बड़ी शालीनता से स्वीकार किया कि उन्हें इस साल शुरू में ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ सात विकेट चटकाने से राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद थी।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टीम से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने पिछली कुछ पारियों में विफल रहने के बाद जोरदार वापसी करते हुए आज यहां डिविजन 2 काउंटी चैम्पियनशिप में एसेक्स की ओर से ग्लोसेस्टरशर के खिलाफ शतक जड़ा। मौजूदा मैच की पहली पारी में शून्य सहित लगातार चार पारियों में विफल रहे गंभीर ने काउंटी मैदान पर कई आकर्षक शॉट खेले और अपनी पुरानी फार्म के संकेत दिए।टिप्पणियां यह काउंटी क्रिकेट में गंभीर का पहला शतक और करियर का 34वां प्रथम श्रेणी शतक है। उनके शतक की मदद से एसेक्स ने दूसरी पारी में चाय तक बिना विकेट खोए 191 रन बनाए। गंभीर 144 गेंद में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 100 रन बनाकर खेल रहे हैं। उन्होंने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज डेविड पेन की गेंद पर एक रन के साथ 141 गेंद में अपना शतक पूरा किया। मौजूदा मैच की पहली पारी में शून्य सहित लगातार चार पारियों में विफल रहे गंभीर ने काउंटी मैदान पर कई आकर्षक शॉट खेले और अपनी पुरानी फार्म के संकेत दिए।टिप्पणियां यह काउंटी क्रिकेट में गंभीर का पहला शतक और करियर का 34वां प्रथम श्रेणी शतक है। उनके शतक की मदद से एसेक्स ने दूसरी पारी में चाय तक बिना विकेट खोए 191 रन बनाए। गंभीर 144 गेंद में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 100 रन बनाकर खेल रहे हैं। उन्होंने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज डेविड पेन की गेंद पर एक रन के साथ 141 गेंद में अपना शतक पूरा किया। यह काउंटी क्रिकेट में गंभीर का पहला शतक और करियर का 34वां प्रथम श्रेणी शतक है। उनके शतक की मदद से एसेक्स ने दूसरी पारी में चाय तक बिना विकेट खोए 191 रन बनाए। गंभीर 144 गेंद में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 100 रन बनाकर खेल रहे हैं। उन्होंने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज डेविड पेन की गेंद पर एक रन के साथ 141 गेंद में अपना शतक पूरा किया। उनके शतक की मदद से एसेक्स ने दूसरी पारी में चाय तक बिना विकेट खोए 191 रन बनाए। गंभीर 144 गेंद में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 100 रन बनाकर खेल रहे हैं। उन्होंने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज डेविड पेन की गेंद पर एक रन के साथ 141 गेंद में अपना शतक पूरा किया।
संक्षिप्त सारांश: सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने पिछली कुछ पारियों में विफल रहने के बाद जोरदार वापसी करते हुए आज यहां डिविजन 2 काउंटी चैम्पियनशिप में एसेक्स की ओर से ग्लोसेस्टरशर के खिलाफ शतक जड़ा।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल के राणाघाट रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर अपना गुजारा करने वाली रानू मंडल (Ranu Mondal) की कामयाबी इन दिनों आसमान छू रही है. रानू मंडल  (Ranu Mondal) के एक वीडियो ने ही उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया. उनके गाने से बॉलीवुड एक्टर और सिंगर हिमेश रेशमिया (Himesh Reshammiya) भी इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने रानू मंडल  (Ranu Mondal) से अपनी फिल्म 'हैप्पी हार्डी एंड हीर' के लिए गाना गाने का अनुरोध किया. रानू मंडल ने हिमेश (Himesh Reshammiya) के साथ बॉलीवुड में अपने पहले गाने की रिकॉर्डिंग भी की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. देखें वीडियो: अब रानू मंडल और हिमेश रेशमिया के गाने 'तेरी मेरी कहानी (Teri Meri Kahani)' का टीजर रिलीज हुआ है. गाने का टीजर रिलीज होते ही यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहा है, फैन्स को उनका ये गाना काफी पसंद भी आ रहा है. इस गाने में हिमेश रेशमिया (Himesh Reshammiya) रानू मंडल Ranu Mondal) भी नजर आ रही हैं. अपनी गायकी से रातों रात फेमस होने वाली रानू (Ranu Mondal) के पहले गाने का फैन्स को काफी बेसब्री से इंतजार था. आखिरकार अब उनका ये इंतजार खत्म हो ही गया है. बता दें फिल्म 'हैप्पी हार्डी एंड हीर (Happy Hardy And Heer)' का ये पूरा गाना 'तेरी मेरी कहानी' कल यानी 11 सितंबर को रिलीज होगा. रानू मंडल (Ranu Mandol) ने हिमेश रेशमिया (Himesh Reshammiya) के साथ एक नहीं बल्कि तीन गाने रिकॉर्ड किए हैं. जिसमें 'तेरी मेरी कहानी', 'आदत' और 'आशिकी में तेरी' शामिल है. रानू मंडल के टैलेंट को देखते हुए उनके काफी फैंस भी बन गए हैं. उनके इस टैलेंट की तारीफ खुद लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने भी की थी, लेकिन उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा था कि नकल सफलता का स्थायी साधन नहीं है. हालांकि, लता मंगेशकर ने यह बात रानू मंडल के साथ ही बाकी सिंगर्स के लिए भी कही थी, लेकिन लता मंगेशकर की इस सलाह ने रानू मंडल के फैंस को नाराज कर दिया था.
यहाँ एक सारांश है:रानू मंडल के पहले गाने का टीजर हुआ रिलीज आते ही यूट्यूब पर छाया रानू मंडल का गाना सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है वीडियो
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 107.03 अंकों की तेजी के साथ 17,300.58 पर और निफ्टी 36.45 अंकों की तेजी के साथ 5,235.70 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 13.91 अंकों की गिरावट के साथ 17,179.64 पर खुला। सेंसेक्स ने 17,327.21 के ऊपरी और 17,061.55 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। जिंदल स्टील (6.43 फीसदी), टाटा पावर (6.02 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (4.23 फीसदी), टाटा स्टील (4.11 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (3.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे कोल इंडिया (2.61 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.53 फीसदी), ओएनजीसी (1.32 फीसदी), एचडीएफसी (1.28 फीसदी) और भारती एयरटेल (1.04 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.10 अंक की गिरावट के साथ 5,198.15 पर खुला। निफ्टी ने 5,244.60 के ऊपरी और 5,159.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 65.49 अंकों की तेजी के साथ 5,937.19 पर और स्मॉलकैप 110.28 अंकों की तेजी के साथ 6,573.58 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी रही। धातु (2.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.34 फीसदी), वाहन (2.02 फीसदी), बिजली (1.62 फीसदी) और रियल्टी (1.00 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट में रहने वाले पांच सेक्टरों में रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.31 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.15 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.11 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.10 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.03 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 13.91 अंकों की गिरावट के साथ 17,179.64 पर खुला। सेंसेक्स ने 17,327.21 के ऊपरी और 17,061.55 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। जिंदल स्टील (6.43 फीसदी), टाटा पावर (6.02 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (4.23 फीसदी), टाटा स्टील (4.11 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (3.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे कोल इंडिया (2.61 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.53 फीसदी), ओएनजीसी (1.32 फीसदी), एचडीएफसी (1.28 फीसदी) और भारती एयरटेल (1.04 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.10 अंक की गिरावट के साथ 5,198.15 पर खुला। निफ्टी ने 5,244.60 के ऊपरी और 5,159.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 65.49 अंकों की तेजी के साथ 5,937.19 पर और स्मॉलकैप 110.28 अंकों की तेजी के साथ 6,573.58 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी रही। धातु (2.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.34 फीसदी), वाहन (2.02 फीसदी), बिजली (1.62 फीसदी) और रियल्टी (1.00 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट में रहने वाले पांच सेक्टरों में रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.31 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.15 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.11 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.10 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.03 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। जिंदल स्टील (6.43 फीसदी), टाटा पावर (6.02 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (4.23 फीसदी), टाटा स्टील (4.11 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (3.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे कोल इंडिया (2.61 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.53 फीसदी), ओएनजीसी (1.32 फीसदी), एचडीएफसी (1.28 फीसदी) और भारती एयरटेल (1.04 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.10 अंक की गिरावट के साथ 5,198.15 पर खुला। निफ्टी ने 5,244.60 के ऊपरी और 5,159.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 65.49 अंकों की तेजी के साथ 5,937.19 पर और स्मॉलकैप 110.28 अंकों की तेजी के साथ 6,573.58 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी रही। धातु (2.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.34 फीसदी), वाहन (2.02 फीसदी), बिजली (1.62 फीसदी) और रियल्टी (1.00 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट में रहने वाले पांच सेक्टरों में रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.31 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.15 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.11 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.10 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.03 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे कोल इंडिया (2.61 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.53 फीसदी), ओएनजीसी (1.32 फीसदी), एचडीएफसी (1.28 फीसदी) और भारती एयरटेल (1.04 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.10 अंक की गिरावट के साथ 5,198.15 पर खुला। निफ्टी ने 5,244.60 के ऊपरी और 5,159.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 65.49 अंकों की तेजी के साथ 5,937.19 पर और स्मॉलकैप 110.28 अंकों की तेजी के साथ 6,573.58 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी रही। धातु (2.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.34 फीसदी), वाहन (2.02 फीसदी), बिजली (1.62 फीसदी) और रियल्टी (1.00 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट में रहने वाले पांच सेक्टरों में रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.31 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.15 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.11 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.10 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.03 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.10 अंक की गिरावट के साथ 5,198.15 पर खुला। निफ्टी ने 5,244.60 के ऊपरी और 5,159.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 65.49 अंकों की तेजी के साथ 5,937.19 पर और स्मॉलकैप 110.28 अंकों की तेजी के साथ 6,573.58 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी रही। धातु (2.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.34 फीसदी), वाहन (2.02 फीसदी), बिजली (1.62 फीसदी) और रियल्टी (1.00 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट में रहने वाले पांच सेक्टरों में रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.31 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.15 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.11 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.10 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.03 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 65.49 अंकों की तेजी के साथ 5,937.19 पर और स्मॉलकैप 110.28 अंकों की तेजी के साथ 6,573.58 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी रही। धातु (2.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.34 फीसदी), वाहन (2.02 फीसदी), बिजली (1.62 फीसदी) और रियल्टी (1.00 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट में रहने वाले पांच सेक्टरों में रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.31 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.15 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.11 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.10 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.03 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी रही। धातु (2.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.34 फीसदी), वाहन (2.02 फीसदी), बिजली (1.62 फीसदी) और रियल्टी (1.00 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट में रहने वाले पांच सेक्टरों में रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.31 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.15 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.11 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.10 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.03 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में गिरावट में रहने वाले पांच सेक्टरों में रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.31 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.15 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.11 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.10 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.03 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1868 शेयरों में तेजी और 980 में गिरावट रही, जबकि 113 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 107.03 अंकों की तेजी के साथ 17,300.58 पर और निफ्टी 36.45 अंकों की तेजी के साथ 5,235.70 पर बंद हुआ।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) ने गुरुवार को देश के नागरिकों को टेलीविजन के जरिए संबधित किया. उन्होंने कहा कि हमने पूरे देश में एक ऐतिहासिक फैसला किया. आर्टिकल 370 एक ऐसी व्यवस्था थी जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग विकास से वंचित थे, वह समस्या अब दूर हो गई है.   पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल, श्यामाप्रसाद मुखर्जी और करोड़ों देशभक्तों का सपना पूरा हो गया. यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए नए युग की शुरुआत है. जम्मू-कश्मीर और देश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई. पीएम मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 के बारे में मान लिया गया था कि यह बदलेगा ही नहीं. इससे जो हानि हो रही थी, उसकी चर्चा ही नहीं हो रही थी. अनुच्छेद 370 से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में क्या लाभ हुआ? जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्था में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सहना पड़ा. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 का कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए किया गया. इस अनुच्छेद का शस्त्र के रूप में पाकिस्तान की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा था. आतंकवाद से 82 हजार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का वह विकास नहीं हो पाया जिसका वह हकदार था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) का हाल ही में जम्मू-कश्मीर को लेकर संसद में लिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद यह राष्ट्र के नाम पहला संबोधन है. जम्मू-कश्मीर के लिए लागू संविधान के आर्टिकल 370 के करीब सभी प्रावधान हटा दिए गए हैं और इसके साथ ही इसमें शामिल आर्टिकल 35 ए भी समाप्त हो गया है. भारतीय संसद के इस फैसले के बाद से पाकिस्तान की ओर से तनावपूर्ण प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. पाकिस्तान ने भारत के साथ रजनयिक और व्यापारिक संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी है. दोनों देशों के बीच चलने वाली ट्रेन समझौता एक्सप्रेस की परिचालन भी बंद कर दिया है. पाकिस्तान ने अपने देश में भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी है. इसके अलावा पाकस्तान ने धमकी दी है कि वह आर्टिकल 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के मामले को संयुक्त राष्ट्र में लेकर जाएगा.       प्रधानमंत्री मोदी ने अंतिम बार देश को लोकसभा चुनाव से पहले 27 मार्च को सैटेलाइट रोधी मिसाइल द्वारा एक जीवित सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता की घोषणा करते हुए राष्ट्र को संबोधित किया था.
यह एक सारांश है: कहा- सरदार पटेल, श्यामाप्रसाद मुखर्जी और करोड़ों देशभक्तों का सपना पूरा अनुच्छेद 370 का कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए उपयोग किया 370 का शस्त्र के रूप में पाकिस्तान की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा था
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: गुजरात के कच्छ के सर क्रीक इलाके में BSF ने एक पाकिस्तानी नाव को पकड़ा है. नाव के साथ 7-8 लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. मंगलवार को भी सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पंजाब के अमृतसर जिले में रावी नदी में बहकर आई एक खाली नाव पकड़ी थी. इससे दो दिन पहले भी तटरक्षक बलों ने गुजरात तट के निकट एक पाकिस्तानी नाव पकड़ी थी. यह नाव अमृतसर जिले के तोता पोस्ट इलाके में पकड़ी गई. सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा ने इस मामले पर कहा था कि नाव में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और प्राथमिक जांच में लगता है कि यह नाव बहकर भारत की ओर आ गई थी.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी नाव ऐसे समय पकड़ी जा रही हैं, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी गई है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले तटरक्षक बलों ने 2 अक्तूबर को गुजरात तट के निकट भी एक पाकिस्तानी नौका को पकड़ा गया था. उस पर चालक दल के नौ लोग सवार थे. मंगलवार को भी सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पंजाब के अमृतसर जिले में रावी नदी में बहकर आई एक खाली नाव पकड़ी थी. इससे दो दिन पहले भी तटरक्षक बलों ने गुजरात तट के निकट एक पाकिस्तानी नाव पकड़ी थी. यह नाव अमृतसर जिले के तोता पोस्ट इलाके में पकड़ी गई. सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा ने इस मामले पर कहा था कि नाव में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और प्राथमिक जांच में लगता है कि यह नाव बहकर भारत की ओर आ गई थी.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी नाव ऐसे समय पकड़ी जा रही हैं, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी गई है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले तटरक्षक बलों ने 2 अक्तूबर को गुजरात तट के निकट भी एक पाकिस्तानी नौका को पकड़ा गया था. उस पर चालक दल के नौ लोग सवार थे. सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा ने इस मामले पर कहा था कि नाव में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और प्राथमिक जांच में लगता है कि यह नाव बहकर भारत की ओर आ गई थी.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी नाव ऐसे समय पकड़ी जा रही हैं, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी गई है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले तटरक्षक बलों ने 2 अक्तूबर को गुजरात तट के निकट भी एक पाकिस्तानी नौका को पकड़ा गया था. उस पर चालक दल के नौ लोग सवार थे. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी नाव ऐसे समय पकड़ी जा रही हैं, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी गई है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले तटरक्षक बलों ने 2 अक्तूबर को गुजरात तट के निकट भी एक पाकिस्तानी नौका को पकड़ा गया था. उस पर चालक दल के नौ लोग सवार थे. उल्लेखनीय है कि इससे पहले तटरक्षक बलों ने 2 अक्तूबर को गुजरात तट के निकट भी एक पाकिस्तानी नौका को पकड़ा गया था. उस पर चालक दल के नौ लोग सवार थे.
यहाँ एक सारांश है:मंगलवार को रावी नदी में पाकिस्तानी बोट को पकड़ा गया था दो दिन पहले तोता पोस्ट इलाके में भी पाकिस्तानी बोट पकड़ी गई तनाव के मद्देनजर सीमा पर सुरक्षा है कड़ी
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी (Ranbaxy)   के पूर्व प्रमोटर्स मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह को शुक्रवार को कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराया. इन दोनों ने फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) में अपने शेयर नहीं बेचने के शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन किया है. शीर्ष अदालत ने इससे पहले सिंह ब्रदर्स (Singh Brothers) से उनकी योजना के बारे में पूछा था कि वे जापान की औषधि निर्माता कंपनी दायची सैंक्यो को 3,500 करोड़ रुपये का भुगतान कैसे करेंगे. सिंगापुर के एक न्यायाधिकरण ने सिंह बंधुओं (Singh Brothers) को दाइची सैंक्यो को राशि का भुगतान करने का फैसला सुनाया था. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि रैनबैक्सी (Ranbaxy)  के पूर्व प्रवर्तक न्यायालय की अवमानना के दोषी हैं. पीठ ने कहा कि सिंह बंधुओं ने उसके पहले के उस आदेश का उल्लंघन किया है जिसमें उन्हें फोर्टिस समूह के अपने नियंत्रण वाले शेयरों की बिक्री मलेशियाई कंपनी आईएचएच हेल्थकेयर को नहीं करने के लिए कहा गया था. न्यायालय ने कहा कि वे सजा के सवाल पर सिंह बंधुओं को बाद में सुनेंगे.  जापानी फर्म ने सिंह बंधुओं के खिलाफ न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि उनके पक्ष में दिया गया पंचाट का फैसला संकट में पड़ गया है क्योंकि सिंह बंधुओं ने फोर्टिस समूह में अपने नियंत्रण वाले अपने शेयर मलेशिया की कंपनी को बेच दिये हैं. रेनबैक्सी (Ranbaxy) के पूर्व प्रमोटर्स दोनों भाइयों पर धोखाधड़ी (Fraud) और ठगी का आरोप है. शिविंदर के साथ तीन और लोगों की गिरफ्तारी हुई. इन चारों की गिरफ्तारी तब हुई थी जब इन सभी को मंदिर मार्ग में ईओडब्ल्यू कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की डीसीपी वर्षा शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शिविंदर सिंह, सुनील गोडवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को गिरफ्तार किया. आरोपियों को आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत गिरफ्तार किया गया है. रेलीगेयर फिनवेस्ट की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है.   बता दें कि शिविंदर सिंह पर 740 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का आरोप है. गौरतलब है कि बीते अगस्त में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनशोधन रोधी कानून से जुड़े एक मामले में रैनबैक्सी (Ranbaxy) समूह के पूर्व प्रवर्तकों मालविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह के परिसरों पर छापेमारी की थी. अधिकारियों ने कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज होने के बाद यह छापे मारे गए थे. एजेंसी की इस कार्रवाई को सिंह बंधुओं के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों और उसके बाद उनके कारोबार के पतन से जोड़कर देखा जा रहा है.
रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर्स सिंह ब्रदर्स की मुश्किलें बढ़ी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रमोटर्स को अवमानना का दोषी पाया शेयर बेचने के आदेश का किया उल्लघंन
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: चलती बस में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और क्रूरता से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को दिल्ली सहित देशभर में प्रदर्शन किया। इस बीच छठे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने उच्च न्यायालय में एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल की जिस पर अदालत ने असंतोष जताया। पीड़ित युवती की जिंदगी अभी भी खतरे में है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बिहार के औरंगाबाद जिले से मामले के छठे एवं अंतिम आरोपी अक्षय ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। पांच अन्य पहले ही पुलिस हिरासत में हैं। पीड़ित युवती को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के लोगों, खासकर महिलाओं ने राष्ट्रपति भवन, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के आवास, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आवास और सफदरजंग अस्पताल सहित दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं एवं विद्यार्थियों ने दिल्ली के रायसीना हिल की तरफ मार्च किया। प्रदर्शनकारी, 'वी वांट जस्टिस' के नारे लगाते हुए राष्ट्रपति भवन के गेट नम्बर-दो पर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी के वाहन को रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी जाए। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की भीड़ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आधिकारिक आवास में घुसने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उन्हें इंडिया गेट की तरफ मोड़ दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "लगभग 250 प्रदर्शनकारी उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र राष्ट्रपति भवन के बाहर एकत्र हो गए। हमने उन्हें इंडिया गेट की ओर मोड़ दिया।" वाईडब्ल्यूसीए की एक छात्रा स्वाती एक पर्ची देकर किसी तरह गेट में प्रवेश कर गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे वहीं से लौटा दिया। स्वाती ने कहा, "वे हमारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते और जब हम न्याय मांगने आए हैं, वे कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में प्रवेश के लिए अनुमति लेने की जरूरत है। इतना जघन्य अपराध किया गया और वे हम से प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अपेक्षा रखते हैं।" प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बिहार के औरंगाबाद जिले से मामले के छठे एवं अंतिम आरोपी अक्षय ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। पांच अन्य पहले ही पुलिस हिरासत में हैं। पीड़ित युवती को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के लोगों, खासकर महिलाओं ने राष्ट्रपति भवन, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के आवास, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आवास और सफदरजंग अस्पताल सहित दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं एवं विद्यार्थियों ने दिल्ली के रायसीना हिल की तरफ मार्च किया। प्रदर्शनकारी, 'वी वांट जस्टिस' के नारे लगाते हुए राष्ट्रपति भवन के गेट नम्बर-दो पर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी के वाहन को रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी जाए। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की भीड़ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आधिकारिक आवास में घुसने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उन्हें इंडिया गेट की तरफ मोड़ दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "लगभग 250 प्रदर्शनकारी उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र राष्ट्रपति भवन के बाहर एकत्र हो गए। हमने उन्हें इंडिया गेट की ओर मोड़ दिया।" वाईडब्ल्यूसीए की एक छात्रा स्वाती एक पर्ची देकर किसी तरह गेट में प्रवेश कर गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे वहीं से लौटा दिया। स्वाती ने कहा, "वे हमारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते और जब हम न्याय मांगने आए हैं, वे कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में प्रवेश के लिए अनुमति लेने की जरूरत है। इतना जघन्य अपराध किया गया और वे हम से प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अपेक्षा रखते हैं।" प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। पीड़ित युवती को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के लोगों, खासकर महिलाओं ने राष्ट्रपति भवन, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के आवास, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आवास और सफदरजंग अस्पताल सहित दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं एवं विद्यार्थियों ने दिल्ली के रायसीना हिल की तरफ मार्च किया। प्रदर्शनकारी, 'वी वांट जस्टिस' के नारे लगाते हुए राष्ट्रपति भवन के गेट नम्बर-दो पर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी के वाहन को रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी जाए। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की भीड़ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आधिकारिक आवास में घुसने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उन्हें इंडिया गेट की तरफ मोड़ दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "लगभग 250 प्रदर्शनकारी उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र राष्ट्रपति भवन के बाहर एकत्र हो गए। हमने उन्हें इंडिया गेट की ओर मोड़ दिया।" वाईडब्ल्यूसीए की एक छात्रा स्वाती एक पर्ची देकर किसी तरह गेट में प्रवेश कर गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे वहीं से लौटा दिया। स्वाती ने कहा, "वे हमारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते और जब हम न्याय मांगने आए हैं, वे कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में प्रवेश के लिए अनुमति लेने की जरूरत है। इतना जघन्य अपराध किया गया और वे हम से प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अपेक्षा रखते हैं।" प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं एवं विद्यार्थियों ने दिल्ली के रायसीना हिल की तरफ मार्च किया। प्रदर्शनकारी, 'वी वांट जस्टिस' के नारे लगाते हुए राष्ट्रपति भवन के गेट नम्बर-दो पर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी के वाहन को रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी जाए। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की भीड़ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आधिकारिक आवास में घुसने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उन्हें इंडिया गेट की तरफ मोड़ दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "लगभग 250 प्रदर्शनकारी उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र राष्ट्रपति भवन के बाहर एकत्र हो गए। हमने उन्हें इंडिया गेट की ओर मोड़ दिया।" वाईडब्ल्यूसीए की एक छात्रा स्वाती एक पर्ची देकर किसी तरह गेट में प्रवेश कर गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे वहीं से लौटा दिया। स्वाती ने कहा, "वे हमारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते और जब हम न्याय मांगने आए हैं, वे कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में प्रवेश के लिए अनुमति लेने की जरूरत है। इतना जघन्य अपराध किया गया और वे हम से प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अपेक्षा रखते हैं।" प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की भीड़ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आधिकारिक आवास में घुसने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उन्हें इंडिया गेट की तरफ मोड़ दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "लगभग 250 प्रदर्शनकारी उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र राष्ट्रपति भवन के बाहर एकत्र हो गए। हमने उन्हें इंडिया गेट की ओर मोड़ दिया।" वाईडब्ल्यूसीए की एक छात्रा स्वाती एक पर्ची देकर किसी तरह गेट में प्रवेश कर गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे वहीं से लौटा दिया। स्वाती ने कहा, "वे हमारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते और जब हम न्याय मांगने आए हैं, वे कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में प्रवेश के लिए अनुमति लेने की जरूरत है। इतना जघन्य अपराध किया गया और वे हम से प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अपेक्षा रखते हैं।" प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "लगभग 250 प्रदर्शनकारी उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र राष्ट्रपति भवन के बाहर एकत्र हो गए। हमने उन्हें इंडिया गेट की ओर मोड़ दिया।" वाईडब्ल्यूसीए की एक छात्रा स्वाती एक पर्ची देकर किसी तरह गेट में प्रवेश कर गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे वहीं से लौटा दिया। स्वाती ने कहा, "वे हमारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते और जब हम न्याय मांगने आए हैं, वे कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में प्रवेश के लिए अनुमति लेने की जरूरत है। इतना जघन्य अपराध किया गया और वे हम से प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अपेक्षा रखते हैं।" प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। वाईडब्ल्यूसीए की एक छात्रा स्वाती एक पर्ची देकर किसी तरह गेट में प्रवेश कर गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे वहीं से लौटा दिया। स्वाती ने कहा, "वे हमारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते और जब हम न्याय मांगने आए हैं, वे कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में प्रवेश के लिए अनुमति लेने की जरूरत है। इतना जघन्य अपराध किया गया और वे हम से प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अपेक्षा रखते हैं।" प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। स्वाती ने कहा, "वे हमारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते और जब हम न्याय मांगने आए हैं, वे कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में प्रवेश के लिए अनुमति लेने की जरूरत है। इतना जघन्य अपराध किया गया और वे हम से प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अपेक्षा रखते हैं।" प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। प्रदर्शनकारियों के दूसरे समूह ने दक्षिणी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के निकट प्रदर्शन किया, जहां पीड़िता अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। एक अन्य समूह ने नवगठित आम आदमी पार्टी के बैनर तले मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दिया। कई लोगों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। इस बीच घरेलू मामले से सम्बंधित संसद की स्थायी समिति ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और राजधानी की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 27 दिसम्बर को चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह और दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को सम्मन किया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। बिहार में भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पटना में शुक्रवार को कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुबह बेली रोड पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाई। पोस्टर-बैनर लिए ये छात्र दोषियों को फांसी से भी सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पीड़ित युवती के जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल के दरबार में शुक्रवार को कई पुजारियों ने मिलकर महामृत्युंजय का जाप किया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महिला संगठनों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में लखनऊ विश्वविद्यालय और कई अन्य कॉलेजों की छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, आगरा और बलिया में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। इस घटना पर मुम्बई में मुस्लिम मौलानाओं के एक समूह ने भी नाराजगी जताई है। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए मौलानाओं ने एक बयान में कहा, "दिल्ली का सामूहिक बलात्कार डरावना और दिल दहला देने वाली घटना है। मौजूदा पूंजीवादी, पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाने पर ही ऐसे अपराध पर काबू पाया जा सकता है।" इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। इधर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने पीड़िता की आंत का मुफ्त प्रत्यारोपण करने की पेशकश की। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। युवती का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि वे पीड़िता को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जीवन खतरे में है। उसकी आंत के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ है और इस कारण उसमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। दूसरी ओर, शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट से खंडपीठ संतुष्ट नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि जहां युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ उस इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। अदालत ने शहर की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी अफसोस जताया और उनमें तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा, "हमने पूर्व के आदेश में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह ऐसी रिपोर्ट दाखिल करें जिसमें यह ब्योरा हो कि इलाके में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी गश्त पर थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की।" दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। दिल्ली सरकार के स्थायी वकील नज्मी वजीरी ने विस्तृत रिपोर्ट के लिए और समय मांगा। उन्होंने कहा, "हम तथ्य जुटा रहे हैं। विस्तृत रिपोर्ट अगले दिन दाखिल करेंगे।" इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। इस पर खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख नौ जनवरी, 2013 तय कर दी और कहा, "हम स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि रिपोर्ट बिना देरी किए दाखिल होनी चाहिए।" अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। अदालत ने दिल्ली सरकार से पीड़ित युवती और उसके मित्र को बेहतर इलाज मुहैया कराने को कहा तथा यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़े और संभव हो तो उन्हें किसी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कराया जाए।टिप्पणियां अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। अदालत ने पूर्व में इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि वह मामले की निगरानी करेगी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से दो दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि वारदात की रात पुलिस चौकियों पर कौन-कौन से पुलिस अधिकारी तैनात थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गत रविवार को एक चलती बस में छह लोगों ने एक युवती के साथ बेरहमी से मारपीट करने कि बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र को भी पीटा गया। लगभग 40 मिनट बाद पीड़ित युवती और उसके मित्र को बस से फेंक दिया गया।
यह एक सारांश है: चलती बस में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और क्रूरता से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को दिल्ली सहित देशभर में प्रदर्शन किया। इस बीच छठे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली आवास वित्त निगम के अध्यक्ष राजेश गोयल ने एक दिहाड़ी मजदूर के 17 साल के बेटे की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च उठाने की पहल की है. छात्र ने दिल्ली सरकार की योजना के तहत नि:शुल्क कोचिंग पाकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में दाखिला सुनिश्चित किया है. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. अमरजीत और उनके माता पिता सोहन लाल तथा कविता धरमपुर के छोटे से क्वार्टर रहते हैं और प्रवेश परीक्षा के लिये वे निजी कोचिंग का खर्च उठाने में असमर्थ थे. अमरजीत ने दिल्ली सरकार की ओर से चलाई जा रही नि:शुल्क कोचिंग योजना ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना' में दाखिला लिया. इस योजना की शुरुआत 2017 में की गयी थी. अमरजीत योजना के तहत कोचिंग पाने वाले पहले बैच में था और उसने सचदेवा न्यू पी टी कॉलेज से कोचिंग प्राप्त की. अधिकारियों के अनुसार अमरजीत की हर साल की पढ़ाई का खर्च एक लाख रुपये के करीब आयेगा. वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता है. इससे पहले दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी शाशि की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की थी. शशि ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पास करने के बाद लेडी हार्डिंग कॉलेज में दाखिला लिया था. शशि के पिता (47) अखिलेश कुमार गौर 12वीं तक पढ़े हैं और वह दीवारों पर प्लास्टर करने का काम कर हर दिन 400 रुपये कमाते हैं. शशि की मां कभी स्कूल नहीं गयीं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इससे पहले घोषणा की थी कि राष्ट्रीय राजधानी के एक निवासी ने नि:शुल्क कोचिंग योजना का लाभ लेकर आईआईटी दिल्ली में अपनी सीट सुरक्षित करने वाले विजय कुमार की पढ़ाई का खर्च वहन करने का फैसला किया है. ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना' का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं के लिये नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है. इससे पहले सिर्फ प्रतिभावान दलित छात्र ही नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा प्राप्त कर सकते थे. लेकिन सरकार ने हाल में इसके दायरे में पिछड़े एवं सामान्य श्रेणी से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी शामिल किया है.
संक्षिप्त पाठ: अमरजीत ने NIT की परीक्षा पास की. अमरजीत ने दिल्ली सरकार की नि:शुल्क कोचिंग से तैयारी की थी. अमरजीत की हर साल की पढ़ाई का खर्च एक लाख रुपये के करीब आयेगा.
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हजारों लोगों ने यहां रविवार को भारी बारिश में भीगकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता लालकृष्ण आडवाणी का भाषण सुना। आडवाणी भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस नीत केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) पर जमकर बरसे। हालांकि वह कर्नाटक पर पूरी तरह मौन रहे। भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जनचेतना यात्रा के क्रम में आयोजित एक जनसभा में आडवाणी ने कहा, "मैंने ऐसी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी।" उन्होंने जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का नाम लिए बिना राज्य में अपनी पार्टी की सरकार में हुए घोटालों का जिक्र किया। ज्ञात हो कि अवैध खनन मामले पर तत्कालीन लोकायुक्त एन. संतोष हेगड़े ने 27 जुलाई को रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें नाम आने पर येदियुरप्पा ने 31 जुलाई को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। आडवाणी ने कहा कि वह समझते हैं कि 2008 में संसद में हुआ 'वोट के लिए नोट' कांड 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले से कहीं ज्यादा बड़ा मामला है। आडवाणी ने जोर देते हुए कहा, "कांग्रेस ने अपने सभी सदस्यों और घटकों को वोट खरीदने में लगा दिया था, इसलिए कोई कांग्रेसी खुद को निर्दोष नहीं कह सकते।" उन्होंने सदन में नोट लहराने वाले भाजपा के लोकसभा सदस्यों को शाबाशी दी और उन्हें 'साहसी' करार दिया।
सारांश: आडवाणी भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस नीत केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) पर जमकर बरसे।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में सीएम पद को लेकर शिवसेना (Shiv Sena) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने तस्वीर साफ कर दी है. उन्होंने इस मामले में एनडीटीवी से खास बातचीत की. राउत ने कहा, 'उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने सीएम पद के लिए हामी भर दी है.'  बता दें कि आज शाम को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने घोषणा कर दी थी कि महाराष्ट्र में शिवसेना को मुख्यमंत्री का पद मिलेगा. महाराष्ट्र में एनसीपी-शिवसेना और कांग्रेस के बीच सरकार के गठन को लेकर अंतिम फैसला हो चुका है. इसके मुताबिक शिवसेना का मुख्यमंत्री पूरे पांच साल के लिए बनेगा. दो डिप्टी सीएम कांग्रेस और एनसीपी के बनेंगे और दोनों पांच साल तक रहेंगे. मुंबई में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना की बैठक के बाद कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि हम तीनों पार्टियों की सरकार के गठन को लेकर चर्चा हुई. चर्चा सकारात्मक हुई. इसमें तीनों पार्टियों के नेता उपस्थित थे. लेकिन अभी पूरी चर्चा नहीं हुई है. कल भी बात होगी. उन्होंने कहा कि हम तीनों दलों ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की. फिलहाल बातचीत पूरी नहीं हुई है. तीनों के बीच बातचीत कल भी जारी रहेगी. इससे पहले शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की बैठक के बीच में शरद पवार और उद्धव ठाकरे बाहर आए. दोनों ही नेताओं ने कहा है कि चर्चा अभी जारी है. शरद पवार ने कहा कि बैठक में उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने पर सहमति बनी है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी विषयों पर चर्चा सही दिशा में जा रही है. काफी लंबी कवायद के बाद महाराष्ट्र में सरकार के गठन को अंतिम रूप दिया जा रहा है.शिवसेना चाहती थी कि उसे मुख्यमंत्री पद पांच साल के लिए मिले. हालांकि एनसीपी चाहती थी कि ढाई साल उसका और ढाई साल शिवसेना का सीएम रहे. अंतिम दौर में एनसीपी और कांग्रेस, शिवसेना की इच्छा पर सहमत हो गईं. पहले चर्चा थी कि एनसीपी और शिवसेना के मुख्यमंत्री का कार्यकाल ढाई-ढाई साल का होगा. एनसीपी के सीएम के कार्यकाल के दौरान ढाई साल शिवसेना का डिप्टी सीएम और शिवसेना के कार्यकाल के दौरान ढाई साल एनसीपी का डिप्टी सीएम रहेगा. फिलहाल सूत्रों के मुताबिक यह तय हो गया है कि शिवसेना का सीएम पांच साल तक रहेगा.
यहाँ एक सारांश है:सीएम पद को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने तस्वीर साफ की उद्धव ठाकरे ने सीएम पद के लिए हामी भरी- संजय राउत महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री पूरे पांच साल के लिए बनेगा
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के सीनियर बल्लेबाज गौतम गंभीर ने दिल्ली में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कर और उसके बाद हुई उसकी मौत पर पीड़ा व्यक्त करते हुए लोगों से अपील की कि वे इस जघन्य अपराध के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखें। गंभीर ने अपने एकाउंट पर ट्वीट किया, दिल्ली पर एक और दाग लगने के बाद नया साल मुबारक नहीं कह पा रहा हूं। हम अपनी महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव करते हैं.. शर्मनाक। उन्होंने लिखा, यह देखकर अच्छा लगा कि मशाल जल रही है और यह पीड़ित लड़की के लिए जल रही है। उसकी आत्मा को तभी शांति मिलेगी जब हम शांत नहीं बैठेंगे। खड़े हो जाओ और चलो हम सब बदलाव की बयार लाएं।टिप्पणियां गंभीर ने कहा, इसे देखकर हैरानी नहीं हुई कि अमेरिका और ब्रिटेन दिल्ली की यात्रा को लेकर परामर्श की समीक्षा कर रहे हैं। शायद नया बलात्कार कानून पीड़िता के नाम पर हो। गंभीर ने साथ ही हाल में खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘हमारे ऊपर, भारतीय टीम पर भरोसा रखो। उम्मीद करते हैं कि नया साल नई शुरुआत लेकर आएगा और हम सब कुछ बदलने में सफल रहेंगे। गंभीर ने अपने एकाउंट पर ट्वीट किया, दिल्ली पर एक और दाग लगने के बाद नया साल मुबारक नहीं कह पा रहा हूं। हम अपनी महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव करते हैं.. शर्मनाक। उन्होंने लिखा, यह देखकर अच्छा लगा कि मशाल जल रही है और यह पीड़ित लड़की के लिए जल रही है। उसकी आत्मा को तभी शांति मिलेगी जब हम शांत नहीं बैठेंगे। खड़े हो जाओ और चलो हम सब बदलाव की बयार लाएं।टिप्पणियां गंभीर ने कहा, इसे देखकर हैरानी नहीं हुई कि अमेरिका और ब्रिटेन दिल्ली की यात्रा को लेकर परामर्श की समीक्षा कर रहे हैं। शायद नया बलात्कार कानून पीड़िता के नाम पर हो। गंभीर ने साथ ही हाल में खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘हमारे ऊपर, भारतीय टीम पर भरोसा रखो। उम्मीद करते हैं कि नया साल नई शुरुआत लेकर आएगा और हम सब कुछ बदलने में सफल रहेंगे। गंभीर ने कहा, इसे देखकर हैरानी नहीं हुई कि अमेरिका और ब्रिटेन दिल्ली की यात्रा को लेकर परामर्श की समीक्षा कर रहे हैं। शायद नया बलात्कार कानून पीड़िता के नाम पर हो। गंभीर ने साथ ही हाल में खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘हमारे ऊपर, भारतीय टीम पर भरोसा रखो। उम्मीद करते हैं कि नया साल नई शुरुआत लेकर आएगा और हम सब कुछ बदलने में सफल रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘हमारे ऊपर, भारतीय टीम पर भरोसा रखो। उम्मीद करते हैं कि नया साल नई शुरुआत लेकर आएगा और हम सब कुछ बदलने में सफल रहेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के सीनियर बल्लेबाज गौतम गंभीर ने दिल्ली में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कर और उसके बाद हुई उसकी मौत पर पीड़ा व्यक्त करते हुए लोगों से अपील की कि वे इस जघन्य अपराध के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखें।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections) के पहले चरण में गुरुवार को महाराष्ट्र की नागपुर (Nagpur) सीट पर भी वोटिंग हुई. नागपुर में बीजेपी (BJP) के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) चुनाव लड़े. चुनावी अग्निपरीक्षा से गुजरने के बाद नितिन गडकरी ने विश्वास जताया कि वे पहले से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल करेंगे. NDTV से बातचीत में गडकरी ने यह भी भरोसा जताया कि लोकसभा चुनाव में  बीजेपी-एनडीए (BJP-NDA) को पूरी मेजॉरिटी मिलेगी, उनकी सरकार बनेगी और नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे. सत्रहवीं लोकसभा के लिए चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को वोट डाले गए. 545 सीटों में से 91 सीटों के लिए वोट डाले गए. साथ ही आंध्र प्रदेश, अरुणाचल और सिक्किम विधानसभा के लिए भी मतदान पूरा हो गया. ओडिशा में विधानसभा चुनाव के लिए भी पहले दौर का मतदान हुआ. यह पहला मौका था जब सभी पोलिंग बूथों पर VVPAT का इस्तेमाल किया गया. सात चरणों के मतदान के बाद 23 मई को नतीजे आएंगे. पहले चरण में जिन प्रमुख नेताओं की किस्मत दांव पर लगी थी उनमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल हैं जो नागपुर से फिर मैदान में उतरे हैं. नितिन गडकरी ने NDTV से खास बातचीत की.
गडकरी को इस बार पिछले मार्जिन से लाख-डेढ़ लाख ज्यादा वोट मिलने की आशा कहा- नागपुर से चुनाव जीत रहा हूं और अन्य किसी स्थान से चुनाव नहीं लड़ूंगा न्याय योजना को लेकर कहा कि कांग्रेस की विश्वसनीयता कभी रही ही नहीं
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों द्वारा 6 श्रमिकों की हत्या पर डॉ. कुमार विश्वास (Dr Kumar Vishvas) ने गुस्सा जाहिर किया है और अपने 'दोस्तों' पर निशाना साधा है. कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) ने लिखा, 'कश्मीर में संचार बहाली पर दिन रात बेहाल रहे मेरे कुछ दोस्त जब आतंकियों द्वारा लाइन में खड़ा करके भूने गए राजस्थान-झारखंड-बिहार के बेक़सूर ड्राईवरों-कामगारों की नृशंस हत्या पर चुप्पी साध जाते हैं, तब शक पुख़्ता होने लगता है कि हर ओर के रुदालियों का विलाप सुविधाजनक और प्रायोजित है.' गौरतलब है कि दो दिन पहले ही कुलगाम में आतंकियों ने बाहरी श्रमिकों को निशाना बनाया था. जिसमें 5 श्रमिकों की मौत हो गई थी. बाद में हमले में घायल एक और श्रमिक ने दम तोड़ दिया. दरअसल, कुलगाम के कतारसू में आतंकियों ने मंगलवार रात 8:45 बजे कश्मीर से बाहर के मजदूरों पर हमला कर दिया था.   कश्मीर में संचार बहाली पर दिन रात बेहाल रहे मेरे कुछ दोस्त जब आतंकियों द्वारा लाइन में खड़ा करके भूने गए राजस्थान-झारखंड-बिहार के बेक़सूर ड्राईवरों-कामगारों की नृशंस हत्या पर चुप्पी साध जाते हैं तब शक पुख़्ता होने लगता है कि हर ओर के रुदालियों का विलाप सुविधाजनक और प्रायोजित है???? इसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान छेड़ा था. साथ ही सीआरपीएफ और पुलिस के अतिरिक्त जवानों को भी इलाके में भेजा गया था. गौरतलब है कि पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद यह पहली घटना है जिसमें आतंकियों ने एक साथ इतने प्रवासी श्रमिकों की हत्या कर दी हो. मारे गए श्रमिक पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के थे. जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से ही बौखलाए आतंकी ट्रक ड्राइवरों, कारोबारियों और दूसरे राज्यों से आए मजदूरों को निशाना बना रहे हैं. इससे पहले भी आतंकियों ने एक गैर कश्मीरी मजदूर की हत्या कर दी थी. पिछले 15 दिनों में आतंकवादी 6 ट्रक ड्राइवरों, एक सेब कारोबारी और दूसरे राज्य से आए 6 मजदूरों की हत्या कर चुके हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आतंकियों ने कर दी थी श्रमिकों की हत्या हमले में कुल 6 श्रमिकों की हुई थी मौत कुमार विश्वास ने जाहिर किया गुस्सा
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फ्रांस की टीम ने यूरो, 2012 के ग्रुप-डी मैच में पहले ही प्रतियोगिता से बाहर हो चुके स्वीडन के हाथों 0-2 की शिकस्त के बावजूद छह साल में पहली बार किसी बड़ी प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इसी ग्रुप के एक अन्य मैच में इंग्लैंड ने भी गोल लाइन रेफरी की बड़ी गलती के कारण यूक्रेन को 1-0 से हराकर अंतिम आठ का सफर तय किया। इस हार के साथ यूक्रेन और पोलैंड दोनों ही मेजबान ग्रुप चरण की बाधा को भी पार करने में विफल रहे। इंग्लैंड की ओर से करिश्माई खिलाड़ी वेन रूनी ने 48वें मिनट में गोल दागा, जिससे टीम ग्रुप-डी में शीर्ष पर रही और अब उसे रविवार को कीव में होने वाले क्वार्टर फाइनल में इटली का सामना करना है।टिप्पणियां चोटिल कप्तान आंद्रेई शेवचेंको के बिना उतरी यूक्रेन की टीम हालांकि दुर्भाग्यशाली रही कि मैच को ड्रॉ नहीं करा पाई। यूक्रेन की ओर से 62वें मिनट में मार्को डेविच के स्पष्ट गोल को रेफरी ने मानने से इनकार कर दिया। डेविच ने इंग्लैंड के बॉक्स के अंदर गेल को अपने कब्जे में लेते हुए लूप शॉट मारा, जो गोलकीपर जो हार्ट के ऊपर से होता हुआ गोल की तरफ बढ़ा। जॉन टैरी ने इसके बाद गोता लगाते हुए गेंद को बाहर धकेल दिया। यूक्रेन की अपील के बावजूद रेफरी ने उनके पक्ष में गोल का फैसला नहीं दिया। हालांकि टीवी रीप्ले में बाद में साफ दिखाया गया कि गेंद गोल रेखा से कई इंच आगे निकल गई थी, लेकिन गोल के पीछे खड़े अतिरिक्त सहायक रेफरी इसे नहीं देख पाए। इसी ग्रुप के एक अन्य मैच में इंग्लैंड ने भी गोल लाइन रेफरी की बड़ी गलती के कारण यूक्रेन को 1-0 से हराकर अंतिम आठ का सफर तय किया। इस हार के साथ यूक्रेन और पोलैंड दोनों ही मेजबान ग्रुप चरण की बाधा को भी पार करने में विफल रहे। इंग्लैंड की ओर से करिश्माई खिलाड़ी वेन रूनी ने 48वें मिनट में गोल दागा, जिससे टीम ग्रुप-डी में शीर्ष पर रही और अब उसे रविवार को कीव में होने वाले क्वार्टर फाइनल में इटली का सामना करना है।टिप्पणियां चोटिल कप्तान आंद्रेई शेवचेंको के बिना उतरी यूक्रेन की टीम हालांकि दुर्भाग्यशाली रही कि मैच को ड्रॉ नहीं करा पाई। यूक्रेन की ओर से 62वें मिनट में मार्को डेविच के स्पष्ट गोल को रेफरी ने मानने से इनकार कर दिया। डेविच ने इंग्लैंड के बॉक्स के अंदर गेल को अपने कब्जे में लेते हुए लूप शॉट मारा, जो गोलकीपर जो हार्ट के ऊपर से होता हुआ गोल की तरफ बढ़ा। जॉन टैरी ने इसके बाद गोता लगाते हुए गेंद को बाहर धकेल दिया। यूक्रेन की अपील के बावजूद रेफरी ने उनके पक्ष में गोल का फैसला नहीं दिया। हालांकि टीवी रीप्ले में बाद में साफ दिखाया गया कि गेंद गोल रेखा से कई इंच आगे निकल गई थी, लेकिन गोल के पीछे खड़े अतिरिक्त सहायक रेफरी इसे नहीं देख पाए। चोटिल कप्तान आंद्रेई शेवचेंको के बिना उतरी यूक्रेन की टीम हालांकि दुर्भाग्यशाली रही कि मैच को ड्रॉ नहीं करा पाई। यूक्रेन की ओर से 62वें मिनट में मार्को डेविच के स्पष्ट गोल को रेफरी ने मानने से इनकार कर दिया। डेविच ने इंग्लैंड के बॉक्स के अंदर गेल को अपने कब्जे में लेते हुए लूप शॉट मारा, जो गोलकीपर जो हार्ट के ऊपर से होता हुआ गोल की तरफ बढ़ा। जॉन टैरी ने इसके बाद गोता लगाते हुए गेंद को बाहर धकेल दिया। यूक्रेन की अपील के बावजूद रेफरी ने उनके पक्ष में गोल का फैसला नहीं दिया। हालांकि टीवी रीप्ले में बाद में साफ दिखाया गया कि गेंद गोल रेखा से कई इंच आगे निकल गई थी, लेकिन गोल के पीछे खड़े अतिरिक्त सहायक रेफरी इसे नहीं देख पाए। जॉन टैरी ने इसके बाद गोता लगाते हुए गेंद को बाहर धकेल दिया। यूक्रेन की अपील के बावजूद रेफरी ने उनके पक्ष में गोल का फैसला नहीं दिया। हालांकि टीवी रीप्ले में बाद में साफ दिखाया गया कि गेंद गोल रेखा से कई इंच आगे निकल गई थी, लेकिन गोल के पीछे खड़े अतिरिक्त सहायक रेफरी इसे नहीं देख पाए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फ्रांस की टीम ने यूरो, 2012 के ग्रुप-डी मैच में पहले ही प्रतियोगिता से बाहर हो चुके स्वीडन के हाथों 0-2 की शिकस्त के बावजूद छह साल में पहली बार किसी बड़ी प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हम इस स्कूल को अब चलने नहीं देंगे... यह कहना है राजकेश्वर महतो का। एनडीटीवी से बातचीत में महतो ने कहा कि इस स्कूल में मेरे नाति और नातिन की हत्या हुई है। गौरतलब है कि बिहार के छपरा में के एक स्कूल में मिडडे मील परियोजना में खाना खाने के बाद बीमार पड़े बच्चों में अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। आज इस स्कूल की सीमा से सटे एक खेल मैदान में बच्चों को दफानाने के लिए एक बड़ कब्र खोदी गई। बुधवार को करीब छह परिवारों ने अपने घर के मृत बच्चों को दफनाया था। बताया जा रहा है कि इस स्कूल के सटे मैदान में लोगों ने अपने बच्चों के शवों को नाराजगी स्वरूप दफनाया था। घटना के संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि खाने में जहर जानबूझकर भी मिलाया गया हो सकता है।टिप्पणियां बता दें कि स्कूल की प्रिंसिपल ने अपने ही पति की दुकान से स्कूल के लिए उपयोग लाए जाने वाले खाने के सामान का इंतजाम कर रखा था। घटना के बाद से ही दोनों फरार बताए जा रहे हैं। इस घटना में बीमार पड़े अन्य 25 बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। गौरतलब है कि बिहार के छपरा में के एक स्कूल में मिडडे मील परियोजना में खाना खाने के बाद बीमार पड़े बच्चों में अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। आज इस स्कूल की सीमा से सटे एक खेल मैदान में बच्चों को दफानाने के लिए एक बड़ कब्र खोदी गई। बुधवार को करीब छह परिवारों ने अपने घर के मृत बच्चों को दफनाया था। बताया जा रहा है कि इस स्कूल के सटे मैदान में लोगों ने अपने बच्चों के शवों को नाराजगी स्वरूप दफनाया था। घटना के संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि खाने में जहर जानबूझकर भी मिलाया गया हो सकता है।टिप्पणियां बता दें कि स्कूल की प्रिंसिपल ने अपने ही पति की दुकान से स्कूल के लिए उपयोग लाए जाने वाले खाने के सामान का इंतजाम कर रखा था। घटना के बाद से ही दोनों फरार बताए जा रहे हैं। इस घटना में बीमार पड़े अन्य 25 बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। आज इस स्कूल की सीमा से सटे एक खेल मैदान में बच्चों को दफानाने के लिए एक बड़ कब्र खोदी गई। बुधवार को करीब छह परिवारों ने अपने घर के मृत बच्चों को दफनाया था। बताया जा रहा है कि इस स्कूल के सटे मैदान में लोगों ने अपने बच्चों के शवों को नाराजगी स्वरूप दफनाया था। घटना के संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि खाने में जहर जानबूझकर भी मिलाया गया हो सकता है।टिप्पणियां बता दें कि स्कूल की प्रिंसिपल ने अपने ही पति की दुकान से स्कूल के लिए उपयोग लाए जाने वाले खाने के सामान का इंतजाम कर रखा था। घटना के बाद से ही दोनों फरार बताए जा रहे हैं। इस घटना में बीमार पड़े अन्य 25 बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि खाने में जहर जानबूझकर भी मिलाया गया हो सकता है।टिप्पणियां बता दें कि स्कूल की प्रिंसिपल ने अपने ही पति की दुकान से स्कूल के लिए उपयोग लाए जाने वाले खाने के सामान का इंतजाम कर रखा था। घटना के बाद से ही दोनों फरार बताए जा रहे हैं। इस घटना में बीमार पड़े अन्य 25 बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें कि स्कूल की प्रिंसिपल ने अपने ही पति की दुकान से स्कूल के लिए उपयोग लाए जाने वाले खाने के सामान का इंतजाम कर रखा था। घटना के बाद से ही दोनों फरार बताए जा रहे हैं। इस घटना में बीमार पड़े अन्य 25 बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना में बीमार पड़े अन्य 25 बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हम इस स्कूल को अब चलने नहीं देंगे... यह कहना है राजकेश्वर महतो का। एनडीटीवी से बातचीत में महतो ने कहा कि इस स्कूल में मेरे नाति और नातिन की हत्या हुई है।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानाउत अपनी हालिया प्रदर्शित फिल्म 'शूटआउट एट वडाला' की सफलता से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि गैंगस्टर वाली फिल्में उनके लिए हमेशा भाग्यशाली रही हैं। संजय गुप्ता निर्देशित 'शूटआउट एट वडाला' गैंगस्टर मान्या सुर्वे की जिंदगी पर आधारित है, जिसे मुंबई पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। फिल्म में अभिनेता जॉन अब्राहम ने मान्या सुर्वे की भूमिका निभाई है जबकि कंगना ने उनकी प्रेमिका विद्या जोशी का किरदार निभाया है। कंगना (26) ने फिल्म की सफलता पर आयोजित एक समारोह में कहा, मुझे लगता है कि गैंगस्टर वाली फिल्में मेरे लिए भाग्यशाली हैं। 2006 में मेरी पहली फिल्म 'गैंगस्टर' भी सफल हुई थी, इसके बाद 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई' और अब 'शूटआउट एट वडाला' भी सफल रही। कंगना ने 'राज : दि मिस्ट्री कंटीन्यूज' 'डबल धमाल' और 'तनु वेड्स मनु' जैसी रोमांटिक और हास्य फिल्मों में भी काम किया है। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक ठाक कमाई की थी। टिप्पणियां फिल्म के प्रचार में प्रियंका चोपड़ा, सनी लियोन और सोफी चौधरी को अधिक तरजीह दिए जाने के बारे में कंगना ने कहा, यह फैसला निर्माता का है कि वह फिल्म का प्रचार किस तरह से करते हैं, इसमें कलाकारों को दखल नहीं देना चाहिए और मेरे जैसी अदाकारा तो यह कर ही नहीं सकती। कंगना ने कहा, मैं 17 साल की उम्र से काम कर रही हूं और बॉलीवुड में सात साल पूरे कर लिए हैं। इतने अनुभव के बाद आपको पता होता है कि फिल्में आती हैं, और जाती हैं। फिल्में सब कुछ नहीं है, हमारी अपनी जिंदगी भी होती है। संजय गुप्ता निर्देशित 'शूटआउट एट वडाला' गैंगस्टर मान्या सुर्वे की जिंदगी पर आधारित है, जिसे मुंबई पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। फिल्म में अभिनेता जॉन अब्राहम ने मान्या सुर्वे की भूमिका निभाई है जबकि कंगना ने उनकी प्रेमिका विद्या जोशी का किरदार निभाया है। कंगना (26) ने फिल्म की सफलता पर आयोजित एक समारोह में कहा, मुझे लगता है कि गैंगस्टर वाली फिल्में मेरे लिए भाग्यशाली हैं। 2006 में मेरी पहली फिल्म 'गैंगस्टर' भी सफल हुई थी, इसके बाद 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई' और अब 'शूटआउट एट वडाला' भी सफल रही। कंगना ने 'राज : दि मिस्ट्री कंटीन्यूज' 'डबल धमाल' और 'तनु वेड्स मनु' जैसी रोमांटिक और हास्य फिल्मों में भी काम किया है। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक ठाक कमाई की थी। टिप्पणियां फिल्म के प्रचार में प्रियंका चोपड़ा, सनी लियोन और सोफी चौधरी को अधिक तरजीह दिए जाने के बारे में कंगना ने कहा, यह फैसला निर्माता का है कि वह फिल्म का प्रचार किस तरह से करते हैं, इसमें कलाकारों को दखल नहीं देना चाहिए और मेरे जैसी अदाकारा तो यह कर ही नहीं सकती। कंगना ने कहा, मैं 17 साल की उम्र से काम कर रही हूं और बॉलीवुड में सात साल पूरे कर लिए हैं। इतने अनुभव के बाद आपको पता होता है कि फिल्में आती हैं, और जाती हैं। फिल्में सब कुछ नहीं है, हमारी अपनी जिंदगी भी होती है। फिल्म में अभिनेता जॉन अब्राहम ने मान्या सुर्वे की भूमिका निभाई है जबकि कंगना ने उनकी प्रेमिका विद्या जोशी का किरदार निभाया है। कंगना (26) ने फिल्म की सफलता पर आयोजित एक समारोह में कहा, मुझे लगता है कि गैंगस्टर वाली फिल्में मेरे लिए भाग्यशाली हैं। 2006 में मेरी पहली फिल्म 'गैंगस्टर' भी सफल हुई थी, इसके बाद 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई' और अब 'शूटआउट एट वडाला' भी सफल रही। कंगना ने 'राज : दि मिस्ट्री कंटीन्यूज' 'डबल धमाल' और 'तनु वेड्स मनु' जैसी रोमांटिक और हास्य फिल्मों में भी काम किया है। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक ठाक कमाई की थी। टिप्पणियां फिल्म के प्रचार में प्रियंका चोपड़ा, सनी लियोन और सोफी चौधरी को अधिक तरजीह दिए जाने के बारे में कंगना ने कहा, यह फैसला निर्माता का है कि वह फिल्म का प्रचार किस तरह से करते हैं, इसमें कलाकारों को दखल नहीं देना चाहिए और मेरे जैसी अदाकारा तो यह कर ही नहीं सकती। कंगना ने कहा, मैं 17 साल की उम्र से काम कर रही हूं और बॉलीवुड में सात साल पूरे कर लिए हैं। इतने अनुभव के बाद आपको पता होता है कि फिल्में आती हैं, और जाती हैं। फिल्में सब कुछ नहीं है, हमारी अपनी जिंदगी भी होती है। कंगना (26) ने फिल्म की सफलता पर आयोजित एक समारोह में कहा, मुझे लगता है कि गैंगस्टर वाली फिल्में मेरे लिए भाग्यशाली हैं। 2006 में मेरी पहली फिल्म 'गैंगस्टर' भी सफल हुई थी, इसके बाद 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई' और अब 'शूटआउट एट वडाला' भी सफल रही। कंगना ने 'राज : दि मिस्ट्री कंटीन्यूज' 'डबल धमाल' और 'तनु वेड्स मनु' जैसी रोमांटिक और हास्य फिल्मों में भी काम किया है। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक ठाक कमाई की थी। टिप्पणियां फिल्म के प्रचार में प्रियंका चोपड़ा, सनी लियोन और सोफी चौधरी को अधिक तरजीह दिए जाने के बारे में कंगना ने कहा, यह फैसला निर्माता का है कि वह फिल्म का प्रचार किस तरह से करते हैं, इसमें कलाकारों को दखल नहीं देना चाहिए और मेरे जैसी अदाकारा तो यह कर ही नहीं सकती। कंगना ने कहा, मैं 17 साल की उम्र से काम कर रही हूं और बॉलीवुड में सात साल पूरे कर लिए हैं। इतने अनुभव के बाद आपको पता होता है कि फिल्में आती हैं, और जाती हैं। फिल्में सब कुछ नहीं है, हमारी अपनी जिंदगी भी होती है। कंगना ने 'राज : दि मिस्ट्री कंटीन्यूज' 'डबल धमाल' और 'तनु वेड्स मनु' जैसी रोमांटिक और हास्य फिल्मों में भी काम किया है। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक ठाक कमाई की थी। टिप्पणियां फिल्म के प्रचार में प्रियंका चोपड़ा, सनी लियोन और सोफी चौधरी को अधिक तरजीह दिए जाने के बारे में कंगना ने कहा, यह फैसला निर्माता का है कि वह फिल्म का प्रचार किस तरह से करते हैं, इसमें कलाकारों को दखल नहीं देना चाहिए और मेरे जैसी अदाकारा तो यह कर ही नहीं सकती। कंगना ने कहा, मैं 17 साल की उम्र से काम कर रही हूं और बॉलीवुड में सात साल पूरे कर लिए हैं। इतने अनुभव के बाद आपको पता होता है कि फिल्में आती हैं, और जाती हैं। फिल्में सब कुछ नहीं है, हमारी अपनी जिंदगी भी होती है। फिल्म के प्रचार में प्रियंका चोपड़ा, सनी लियोन और सोफी चौधरी को अधिक तरजीह दिए जाने के बारे में कंगना ने कहा, यह फैसला निर्माता का है कि वह फिल्म का प्रचार किस तरह से करते हैं, इसमें कलाकारों को दखल नहीं देना चाहिए और मेरे जैसी अदाकारा तो यह कर ही नहीं सकती। कंगना ने कहा, मैं 17 साल की उम्र से काम कर रही हूं और बॉलीवुड में सात साल पूरे कर लिए हैं। इतने अनुभव के बाद आपको पता होता है कि फिल्में आती हैं, और जाती हैं। फिल्में सब कुछ नहीं है, हमारी अपनी जिंदगी भी होती है। कंगना ने कहा, मैं 17 साल की उम्र से काम कर रही हूं और बॉलीवुड में सात साल पूरे कर लिए हैं। इतने अनुभव के बाद आपको पता होता है कि फिल्में आती हैं, और जाती हैं। फिल्में सब कुछ नहीं है, हमारी अपनी जिंदगी भी होती है।
यह एक सारांश है: कंगना ने कहा, मुझे लगता है कि गैंगस्टर वाली फिल्में मेरे लिए भाग्यशाली हैं। 2006 में मेरी पहली फिल्म 'गैंगस्टर' भी सफल हुई थी, इसके बाद 'वन्स अपॉन...' और अब 'शूटआउट...' भी सफल रही।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन ओलंपिक की ब्रांज मैडलिस्‍ट विजेता बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने कहा कि ब्राजील की विसेंटे लोहाइनी ने उसे पहले दौर में चौंका दिया और बड़े टूर्नामेंटों में पहला दौर हमेशा कठिन होता है. साइना ने जीत के बाद कहा ,‘पहला दौर हमेशा कठिन होता है. मैं आज हैरान रह गई .दर्शक उसका साथ दे रहे थे और उसे अपने देश में खेलने का फायदा मिला जिससे उसका मनोबल बढ़ा. यह बेहतरीन या बदतरीन मैच नहीं था लेकिन मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं.  ड्रा काफी कठिन है और मैं मैच दर मैच रणनीति बनाना चाहती हूं.’दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि इस स्तर पर हर मैच कठिन होता है लेकिन गलतियां करने के बाद जल्दी उनसे उबरने वाले ही करीबी मुकाबले जीतते हैं. उन्होंने कहा,‘यह कठिन मैच था. ओलंपिक में हर मैच कठिन होगा. उच्चतम स्तर पर आप गलतियां करते हैं लेकिन उनसे सीखते भी हैं . यह देखकर अच्छा लगा कि ब्राजील में बैडमिंटन लोकप्रिय हो रहा है. उसने अच्छा खेला और दर्शकों से उसे अच्छा सहयोग मिला.’ उसने कहा कि उसके कोच विमल कुमार ने उसे रैलियों पर फोकस करने की सलाह दी थी.  साइना ने कहा,‘मेरे कोच ने मुझसे कोर्ट पर हो रही मूवमेंट और रैलियों पर फोकस करने को कहा . वह एक तरफ से तेज खेल रही थी . कुल मिलाकर उसने अच्छा खेला .’’ विसेंटे ने हार पर निराशा जताई लेकिन स्वीकार किया कि उसका सामना बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी से था. टिप्पणियां उन्‍होंने कहा,‘मुझे अच्छा नहीं लग रहा है लेकिन मेरा सामना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक से था. मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे इस पर गर्व है. मुझे नहीं लगता कि मैं इससे बेहतर खेल सकती थी.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साइना ने जीत के बाद कहा ,‘पहला दौर हमेशा कठिन होता है. मैं आज हैरान रह गई .दर्शक उसका साथ दे रहे थे और उसे अपने देश में खेलने का फायदा मिला जिससे उसका मनोबल बढ़ा. यह बेहतरीन या बदतरीन मैच नहीं था लेकिन मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं.  ड्रा काफी कठिन है और मैं मैच दर मैच रणनीति बनाना चाहती हूं.’दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि इस स्तर पर हर मैच कठिन होता है लेकिन गलतियां करने के बाद जल्दी उनसे उबरने वाले ही करीबी मुकाबले जीतते हैं. उन्होंने कहा,‘यह कठिन मैच था. ओलंपिक में हर मैच कठिन होगा. उच्चतम स्तर पर आप गलतियां करते हैं लेकिन उनसे सीखते भी हैं . यह देखकर अच्छा लगा कि ब्राजील में बैडमिंटन लोकप्रिय हो रहा है. उसने अच्छा खेला और दर्शकों से उसे अच्छा सहयोग मिला.’ उसने कहा कि उसके कोच विमल कुमार ने उसे रैलियों पर फोकस करने की सलाह दी थी.  साइना ने कहा,‘मेरे कोच ने मुझसे कोर्ट पर हो रही मूवमेंट और रैलियों पर फोकस करने को कहा . वह एक तरफ से तेज खेल रही थी . कुल मिलाकर उसने अच्छा खेला .’’ विसेंटे ने हार पर निराशा जताई लेकिन स्वीकार किया कि उसका सामना बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी से था. टिप्पणियां उन्‍होंने कहा,‘मुझे अच्छा नहीं लग रहा है लेकिन मेरा सामना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक से था. मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे इस पर गर्व है. मुझे नहीं लगता कि मैं इससे बेहतर खेल सकती थी.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा,‘यह कठिन मैच था. ओलंपिक में हर मैच कठिन होगा. उच्चतम स्तर पर आप गलतियां करते हैं लेकिन उनसे सीखते भी हैं . यह देखकर अच्छा लगा कि ब्राजील में बैडमिंटन लोकप्रिय हो रहा है. उसने अच्छा खेला और दर्शकों से उसे अच्छा सहयोग मिला.’ उसने कहा कि उसके कोच विमल कुमार ने उसे रैलियों पर फोकस करने की सलाह दी थी.  साइना ने कहा,‘मेरे कोच ने मुझसे कोर्ट पर हो रही मूवमेंट और रैलियों पर फोकस करने को कहा . वह एक तरफ से तेज खेल रही थी . कुल मिलाकर उसने अच्छा खेला .’’ विसेंटे ने हार पर निराशा जताई लेकिन स्वीकार किया कि उसका सामना बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी से था. टिप्पणियां उन्‍होंने कहा,‘मुझे अच्छा नहीं लग रहा है लेकिन मेरा सामना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक से था. मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे इस पर गर्व है. मुझे नहीं लगता कि मैं इससे बेहतर खेल सकती थी.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्‍होंने कहा,‘मुझे अच्छा नहीं लग रहा है लेकिन मेरा सामना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक से था. मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे इस पर गर्व है. मुझे नहीं लगता कि मैं इससे बेहतर खेल सकती थी.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: कहा-ब्राजील की शटलर को मिला दर्शकों का भरपूर समर्थन कोच विमल कुमार ने रैलियों पर फोकस करने की सलाह दी थी मैच दर मैच रणनीति बनाने पर विश्‍वास करती हैं साइना
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में जिस तरह से इंग्लैंड के सामने घुटने टेके, उस पर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री ने हैरानी जतायी है। सीरीज में 0-3 से पिछड़ने के बाद भारत सचिन तेंदुलकर और अमित मिश्रा की जुझारू पारियों के बावजूद सोमवार को ओवल में चौथा टेस्ट मैच भी पारी और आठ रन से हार गया और इस तरह से इंग्लैंड क्लीनस्वीप करने में सफल रहा। ईएसपीएन क्रिकइन्फो टीम की कमेंट्री टीम में शामिल गावस्कर ने कहा, यह बेहद निराशाजनक है। सभी को उम्मीद थी कि यह बेहतरीन सीरीज होगी लेकिन भारत ने आसानी से आत्मसमर्पण कर दिया। गावस्कर का मानना है कि सीरीज में नंबर एक का तमगा लेकर पहुंचा भारत अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया। उन्होंने कहा, नंबर एक टीम इस तरह से नहीं खेलती। वे अमूमन करीबी अंतर से मैच गंवाती हैं इस तरह से नहीं। हो सकता है कि उनका रवैया गलत था। शास्त्री ने कहा, यह कई कारकों के संयोजन का परिणाम है जिसमें चोटें और खराब फार्म भी शामिल है लेकिन यह करारा झटका है। इस पूर्व ऑलराउंडर ने हालांकि वापसी की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, कड़े दिशानिर्देश होने चाहिए तथा हमारे पास तीनों प्रारूप के लिए खिलाड़ियों का कोर ग्रुप होना चाहिए। आपको हमेशा पसंदीदा रिपोर्ट नहीं मिलेंगी लेकिन इसी तरह से आगे बढ़ा जा सकता है। इसी तरह से छह से आठ महीने में भारतीय क्रिकेट को पटरी पर लाया जा सकता है।
सारांश: भारत ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में जिस तरह से इंग्लैंड के सामने घुटने टेके, उस पर गावस्कर और शास्त्री ने हैरानी जताई है।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक बेहद दर्दनाक वाकये में एक 65 साल की बुजुर्ग महिला पर कुत्तों ने हमला कर दिया और उन्हें एक हद तक खा भी लिया. शुक्रवार रात राज्य के सचिवालय से 10 किलोमीटर की दूरी पर यह घटना हुई. महिला पर 50 कुत्तों ने हमला कर दिया. हादसा रात 9 बजे हुआ जब बुजुर्ग महिला टॉयलेट इस्तेमाल करने जा रही थीं.टिप्पणियां शीलूअम्मा नामक इन बुजुर्ग महिला को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई. गुस्साए रिश्तेदारों और इलाके के लोगों ने इस घटना के लिए शहर के प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया. पुल्लुविल्ला के गुस्साए निवासियों ने कहा- हम धैर्य खो चुके हैं. प्रशासन कुत्तों को न मारने के कानून को लेकर ही लटका हुआ है. क्या हम इन कुत्तों से कमतर हैं? जिस वक्त कुत्ते महिला पर हमला कर चुके थे, उसी समय उनका बेटा बुजुर्ग महिला को ढूंढते हुए वहां आया. खुद को कुत्तों से बचाने के लिए उसे समुंद्र में कूदना पड़ा. शीलूअम्मा की मौत के घंटे भर बाद 50 साल के एक अन्य शख्स डेजी भी कुत्तों द्वारा हमले का शिकार हुआ. यह घटना पास की ही एक लोकेलिटी में हुई. शीलूअम्मा नामक इन बुजुर्ग महिला को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई. गुस्साए रिश्तेदारों और इलाके के लोगों ने इस घटना के लिए शहर के प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया. पुल्लुविल्ला के गुस्साए निवासियों ने कहा- हम धैर्य खो चुके हैं. प्रशासन कुत्तों को न मारने के कानून को लेकर ही लटका हुआ है. क्या हम इन कुत्तों से कमतर हैं? जिस वक्त कुत्ते महिला पर हमला कर चुके थे, उसी समय उनका बेटा बुजुर्ग महिला को ढूंढते हुए वहां आया. खुद को कुत्तों से बचाने के लिए उसे समुंद्र में कूदना पड़ा. शीलूअम्मा की मौत के घंटे भर बाद 50 साल के एक अन्य शख्स डेजी भी कुत्तों द्वारा हमले का शिकार हुआ. यह घटना पास की ही एक लोकेलिटी में हुई. पुल्लुविल्ला के गुस्साए निवासियों ने कहा- हम धैर्य खो चुके हैं. प्रशासन कुत्तों को न मारने के कानून को लेकर ही लटका हुआ है. क्या हम इन कुत्तों से कमतर हैं? जिस वक्त कुत्ते महिला पर हमला कर चुके थे, उसी समय उनका बेटा बुजुर्ग महिला को ढूंढते हुए वहां आया. खुद को कुत्तों से बचाने के लिए उसे समुंद्र में कूदना पड़ा. शीलूअम्मा की मौत के घंटे भर बाद 50 साल के एक अन्य शख्स डेजी भी कुत्तों द्वारा हमले का शिकार हुआ. यह घटना पास की ही एक लोकेलिटी में हुई.
यहाँ एक सारांश है:65 साल की महिला पर कुत्तों ने हमला करके बाकायदा आंशिक रूप से खा लिया महिला को हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन उनकी मौत हो गई लोगों ने प्रशानस से बेहद नाराजगी जताई है
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के चार करोड़ से अधिक सदस्य अपने ईपीएफ खाते से बीमारी के इलाज और विकलांगता से निपटने के लिए उपकरण खरीद को लेकर धन निकाल सकते हैं. इसके लिए उन्हें स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता नहीं होगी. बीमारी के इलाज और शारीरिक रूप से विकलांग होने की स्थिति में उपकरण खरीदने को लेकर भविष्य निधि खाते से पैसा निकालने को लेकर विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र जमा करने की जरूरत को समाप्त करने और प्रोफार्मा में बदलाव के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन किया गया है. अब अंशधारक एकीकृत फॉर्म का उपयोग कर तथा स्व-घोषणा के जरिये विभिन्न आधार पर ईपीएफ खाते से कोष निकाल सकते हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 के उपबंध 68-जे और 68-एन में संशोधन किया है ताकि अंशधारक बीमारी के इलाज और शारीरिक रूप से विकलांग होने की स्थिति में उपकरण खरीदने को लेकर भविष्य निधि से धन निकाल सके. इस धन को रिफंड करने की जरूरत नहीं होगी'. अबतक ईपीएफओ अंशधारक ईपीएफ योजना के उपबंध 68-जे का उपयोग कर अपने और अपने उपर आश्रित की बीमारी के इलाज के लिये धन निकाल सकते हैं. लेकिन इसके लिए नियोक्ता या कर्मचारी से प्रमाणपत्र की जरूरत होती थी कि सदस्य या उस पर आश्रित व्यक्ति कर्मचारी राज्य बीमा योजना तथा उसके लाभ के दायरे में नहीं आता. साथ ही सदस्यों को डॉक्टर से प्रमाणपत्र लेकर भी देना होता था.टिप्पणियां इसी प्रकार, शारीरिक रूप से अपंग सदस्य उपबंध 68-एन के तहत जरूरी उपकरण खरीदने के लिये पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए चिकित्सा प्रमाणपत्र या ईपीएफओ द्वारा अधिकृत अधिकारी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता थी. पर अब संशोधन के बाद किसी भी प्रकार के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी. अधिकारी ने कहा कि श्रम मंत्रालय 25 अप्रैल 2017 को संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है. पैरा 68-जे और 68-एन के तहत सदस्य के छह महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या उसकी हिस्सेदारी और ब्याज या उपकरण की लागत, जो भी कम हो, उतनी राशि मिलती है. बीमारी के इलाज और शारीरिक रूप से विकलांग होने की स्थिति में उपकरण खरीदने को लेकर भविष्य निधि खाते से पैसा निकालने को लेकर विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र जमा करने की जरूरत को समाप्त करने और प्रोफार्मा में बदलाव के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन किया गया है. अब अंशधारक एकीकृत फॉर्म का उपयोग कर तथा स्व-घोषणा के जरिये विभिन्न आधार पर ईपीएफ खाते से कोष निकाल सकते हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 के उपबंध 68-जे और 68-एन में संशोधन किया है ताकि अंशधारक बीमारी के इलाज और शारीरिक रूप से विकलांग होने की स्थिति में उपकरण खरीदने को लेकर भविष्य निधि से धन निकाल सके. इस धन को रिफंड करने की जरूरत नहीं होगी'. अबतक ईपीएफओ अंशधारक ईपीएफ योजना के उपबंध 68-जे का उपयोग कर अपने और अपने उपर आश्रित की बीमारी के इलाज के लिये धन निकाल सकते हैं. लेकिन इसके लिए नियोक्ता या कर्मचारी से प्रमाणपत्र की जरूरत होती थी कि सदस्य या उस पर आश्रित व्यक्ति कर्मचारी राज्य बीमा योजना तथा उसके लाभ के दायरे में नहीं आता. साथ ही सदस्यों को डॉक्टर से प्रमाणपत्र लेकर भी देना होता था.टिप्पणियां इसी प्रकार, शारीरिक रूप से अपंग सदस्य उपबंध 68-एन के तहत जरूरी उपकरण खरीदने के लिये पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए चिकित्सा प्रमाणपत्र या ईपीएफओ द्वारा अधिकृत अधिकारी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता थी. पर अब संशोधन के बाद किसी भी प्रकार के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी. अधिकारी ने कहा कि श्रम मंत्रालय 25 अप्रैल 2017 को संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है. पैरा 68-जे और 68-एन के तहत सदस्य के छह महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या उसकी हिस्सेदारी और ब्याज या उपकरण की लागत, जो भी कम हो, उतनी राशि मिलती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 के उपबंध 68-जे और 68-एन में संशोधन किया है ताकि अंशधारक बीमारी के इलाज और शारीरिक रूप से विकलांग होने की स्थिति में उपकरण खरीदने को लेकर भविष्य निधि से धन निकाल सके. इस धन को रिफंड करने की जरूरत नहीं होगी'. अबतक ईपीएफओ अंशधारक ईपीएफ योजना के उपबंध 68-जे का उपयोग कर अपने और अपने उपर आश्रित की बीमारी के इलाज के लिये धन निकाल सकते हैं. लेकिन इसके लिए नियोक्ता या कर्मचारी से प्रमाणपत्र की जरूरत होती थी कि सदस्य या उस पर आश्रित व्यक्ति कर्मचारी राज्य बीमा योजना तथा उसके लाभ के दायरे में नहीं आता. साथ ही सदस्यों को डॉक्टर से प्रमाणपत्र लेकर भी देना होता था.टिप्पणियां इसी प्रकार, शारीरिक रूप से अपंग सदस्य उपबंध 68-एन के तहत जरूरी उपकरण खरीदने के लिये पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए चिकित्सा प्रमाणपत्र या ईपीएफओ द्वारा अधिकृत अधिकारी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता थी. पर अब संशोधन के बाद किसी भी प्रकार के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी. अधिकारी ने कहा कि श्रम मंत्रालय 25 अप्रैल 2017 को संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है. पैरा 68-जे और 68-एन के तहत सदस्य के छह महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या उसकी हिस्सेदारी और ब्याज या उपकरण की लागत, जो भी कम हो, उतनी राशि मिलती है. लेकिन इसके लिए नियोक्ता या कर्मचारी से प्रमाणपत्र की जरूरत होती थी कि सदस्य या उस पर आश्रित व्यक्ति कर्मचारी राज्य बीमा योजना तथा उसके लाभ के दायरे में नहीं आता. साथ ही सदस्यों को डॉक्टर से प्रमाणपत्र लेकर भी देना होता था.टिप्पणियां इसी प्रकार, शारीरिक रूप से अपंग सदस्य उपबंध 68-एन के तहत जरूरी उपकरण खरीदने के लिये पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए चिकित्सा प्रमाणपत्र या ईपीएफओ द्वारा अधिकृत अधिकारी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता थी. पर अब संशोधन के बाद किसी भी प्रकार के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी. अधिकारी ने कहा कि श्रम मंत्रालय 25 अप्रैल 2017 को संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है. पैरा 68-जे और 68-एन के तहत सदस्य के छह महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या उसकी हिस्सेदारी और ब्याज या उपकरण की लागत, जो भी कम हो, उतनी राशि मिलती है. इसी प्रकार, शारीरिक रूप से अपंग सदस्य उपबंध 68-एन के तहत जरूरी उपकरण खरीदने के लिये पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए चिकित्सा प्रमाणपत्र या ईपीएफओ द्वारा अधिकृत अधिकारी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता थी. पर अब संशोधन के बाद किसी भी प्रकार के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी. अधिकारी ने कहा कि श्रम मंत्रालय 25 अप्रैल 2017 को संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है. पैरा 68-जे और 68-एन के तहत सदस्य के छह महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या उसकी हिस्सेदारी और ब्याज या उपकरण की लागत, जो भी कम हो, उतनी राशि मिलती है. अधिकारी ने कहा कि श्रम मंत्रालय 25 अप्रैल 2017 को संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है. पैरा 68-जे और 68-एन के तहत सदस्य के छह महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या उसकी हिस्सेदारी और ब्याज या उपकरण की लागत, जो भी कम हो, उतनी राशि मिलती है.
यहाँ एक सारांश है:अब लोगों को स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता नहीं होगी. कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन किया गया. स्व-घोषणा के जरिये विभिन्न आधार पर ईपीएफ खाते से कोष निकाला जा सकता है.
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 'बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ' का नारा कितना कारगर है, इसकी बानगी उस समय देखने को मिली, जब पंडित जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज में दो छात्राओं का दाखिला निरस्त कर दिया गया और एक सप्ताह तक अनशन करने के बाद राज्यपाल के हस्ताक्षेप पर उन्हें पुन: दाखिला मिल सका. राज्य महिला आयोग की सदस्या प्रभा गुप्ता ने शुक्रवार को बताया, "पंडित जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज में दो छात्राएं आरजू गुप्ता और जीतू गुप्ता ने बीए प्रथम वर्ष में नियमानुसार शुल्क जमा कर दाखिला लिया था. दो माह तक दोनों छात्राओं ने कक्षाएं भी की थी, लेकिन अक्टूबर माह के आरंभ में कॉलेज प्रशासन ने उनका दाखिला निरस्त कर कॉलेज में प्रवेश पर रोक लगा दी थी. इससे क्षुब्ध छात्राओं ने 17 अक्टूबर से एक सप्ताह तक जिला मुख्यालय के अशोक लॉट तिराहे पर अनशन किया था." उन्होंने बताया कि इस दौरान वह खुद अनशन स्थल पहुंच कर पीड़ित छात्राओं से मिली थीं और उनकी पीड़ा महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष उन्होंने रखी थी. गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल के हस्ताक्षेप के बाद कॉलेज प्रशासन ने दोनों छात्राओं को पुन: दाखिला दे दिया है और वे अब नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में अध्ययन कर रही हैं.
दो छात्राएं के दाखिले निरस्त कर दिए गए थे. दो माह तक दोनों छात्राओं ने कक्षाएं भी की थी. राज्यपाल के हस्ताक्षेप पर उन्हें पुन: दाखिला मिल सका.
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान सरकार ने मंगलवार को भारतीय पुलिस सेवा के 43 अधिकारियों, भारतीय वन सेवा के 23 अधिकारियों और चार भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले/पदस्थापन आदेश जारी किए. कार्मिक विभाग की ओर से जारी आईएएस की तबादला/पदस्थापन के आदेशानुसार जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुबीर कुमार को राज्यपाल का सचिव बनाया गया है. पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रही निर्मला मीणा को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान का निदेशक बनाया गया है. वहीं हिमांशु गुप्ता को अतिरिक्त निदेशक एचसीएम रीपा के पद पर तैनाती दी गई है. इसी तरह अंशदीप को बाड़मेर का जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बनाया गया है. इसके अलावा विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा के 10 अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के अधिकारियों, दो महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों और चार उपमहानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों सहित 43 आईपीएस अधिकारियों के तबादले/पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं. आदेशानुसार उत्कल रंजन साहू को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, आयोजना, आधुनिकीकरण और कल्याण, के. नरसिम्हा राव को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, पुनर्गठन एवं नियम, राजस्थान पुलिस मुख्यालय, भूपेन्द्र कुमार दक को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस मुख्यालय, नीना सिंह को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, जन अभियोग एवं कम्युनिटी पुलिसिंग, जंगा श्रीनिवास राव को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस, आर्म्ड बटालियन एवं राज्य आपदा राहत बल, डॉ रवि प्रकाश मेहरडा को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सिविल राईटस एवं एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग, संजय अग्रवाल को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेलवेज, सुनील दत्त को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं 'टेलिकम्यूनिकेशन एवं टेक्निकल एवं एससीआरबी', अमृत कलश को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस गृह रक्षा, और मालिनी अग्रवाल को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस जेल के पद पर लगाया गया है. इसी तरह सुष्मित विश्वास को महानिरीक्षक पुलिस, आर्म्ड बटालियन, बिपिन कुमार पाण्डेय को महानिरीक्षक पुलिस, राज्य आपदा राहत बल के पद पर लगाया गया है. वहीं डॉ रवि को पुलिस अधीक्षक बारां, विकास शर्मा को पुलिस अधीक्षक सीआईडी 'क्राइम ब्रांच' राठौड विनीत कुमार त्रिकमलाल को पुलिस अधीक्षक एटीएस, मनीष अग्रवाल को पुलिस अधीक्षक जीआरपी अजमेर, मामन सिंह यादव को पुलिस अधीक्षक जयपुर विकास प्राधिकरण, राशि डोगरा डुडी को पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ और शरद चौधरी को पुलिस अधीक्षक बाडमेर के पद पर तैनात किया गया है. विभाग की ओर से जारी 23 भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की सूची में समीर कुमार दुबे को अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रम एवं विधि, स्नेह कुमार जैन को अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक 'मुख्यालय', शिखा मेहरा को अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास और बी प्रवीण को मुख्य वन संरक्षक उदयपुर के पद पर लगाया गया है.
जयपुर मेट्रो के निदेशक सुबीर कुमार को राज्यपाल का सचिव बनाया गया निर्मला मीणा को बनाया गया इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान का निदेशक अंशदीप को बाड़मेर का जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बनाया गया
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार रात की मूसलाधार बारिश के कारण अगल-अलग दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि लोगों की मौत दीवार के गिरने और बिजली गिरने से हुई है। बारिश का पानी शहर के निचले इलाकों में घुस गया है, जिससे 100 से अधिक कालोनियां जलमग्न हो गई हैं।टिप्पणियां जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। शहर में रात 11 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ और बुधवार सुबह तक 148.4 मीलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रातभर जारी बारिश ने लोगों की नींद उड़ा दी, क्योंकि पानी उनके घरों में घुसने लगा था। कई झुग्गियों में लोगों को छत पर रात गुजारनी पड़ी। पुलिस आयुक्त बीएल सोनी ने कहा है कि बारिश के कारण अब तक चार लोगों की जान गई है। एक पुलिस अधिकारी ने हालांकि दावा किया है कि भट्टा बस्ती में दीवार के गिरने से दो बच्चे जिंदा दफन हो गए। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि लोगों की मौत दीवार के गिरने और बिजली गिरने से हुई है। बारिश का पानी शहर के निचले इलाकों में घुस गया है, जिससे 100 से अधिक कालोनियां जलमग्न हो गई हैं।टिप्पणियां जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। शहर में रात 11 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ और बुधवार सुबह तक 148.4 मीलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रातभर जारी बारिश ने लोगों की नींद उड़ा दी, क्योंकि पानी उनके घरों में घुसने लगा था। कई झुग्गियों में लोगों को छत पर रात गुजारनी पड़ी। पुलिस आयुक्त बीएल सोनी ने कहा है कि बारिश के कारण अब तक चार लोगों की जान गई है। एक पुलिस अधिकारी ने हालांकि दावा किया है कि भट्टा बस्ती में दीवार के गिरने से दो बच्चे जिंदा दफन हो गए। जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। शहर में रात 11 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ और बुधवार सुबह तक 148.4 मीलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रातभर जारी बारिश ने लोगों की नींद उड़ा दी, क्योंकि पानी उनके घरों में घुसने लगा था। कई झुग्गियों में लोगों को छत पर रात गुजारनी पड़ी। पुलिस आयुक्त बीएल सोनी ने कहा है कि बारिश के कारण अब तक चार लोगों की जान गई है। एक पुलिस अधिकारी ने हालांकि दावा किया है कि भट्टा बस्ती में दीवार के गिरने से दो बच्चे जिंदा दफन हो गए। रातभर जारी बारिश ने लोगों की नींद उड़ा दी, क्योंकि पानी उनके घरों में घुसने लगा था। कई झुग्गियों में लोगों को छत पर रात गुजारनी पड़ी। पुलिस आयुक्त बीएल सोनी ने कहा है कि बारिश के कारण अब तक चार लोगों की जान गई है। एक पुलिस अधिकारी ने हालांकि दावा किया है कि भट्टा बस्ती में दीवार के गिरने से दो बच्चे जिंदा दफन हो गए।
यह एक सारांश है: जयपुर में भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इसमें अब तक छह लोगों की मौत हो गई है।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लाभ के पद पर होने को आधार बनाकर राष्ट्रपति पद की दौड़ से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को बाहर करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित उम्मीदवार पीए संगमा की पहली कोशिश मंगलवार को बेकार साबित हुई। मुखर्जी पर लाभ के पद पर होने का आरोप खारिज कर दिया गया। बहरहाल, भाजपा ने नए सिरे से आरोप लगाया है कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब का हस्ताक्षर फर्जी है और वह इस मामले को यहीं रफा दफा होने नहीं देगी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी राज्यसभा के महासचिव वीके अग्निहोत्री ने मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार करते हुए संगमा के दावे को खारिज कर दिया। पीठासीन अधिकारी ने संगमा की उम्मीदवारी भी स्वीकार कर ली। संगमा ने रविवार को यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि मुखर्जी कोलकाता स्थित आईएसआई के अध्यक्ष पद पर हैं और यह लाभ का पद है। इस नाते वह चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं। संस्थान ने हालांकि तत्काल स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि मुखर्जी ने 20 जून को ही इस्तीफा दे दिया था। यूपीए ने मंगलवार को इस सम्बंध में पीठासीन अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्निहोत्री ने संवाददाताओं से कहा, "राष्ट्रपति तथा उप राष्ट्रपति के चुनाव अधिनियम के तहत नामांकन पत्रों की सरसरी जांच और दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी के तौर पर मैं आपत्तियों को खारिज करता हूं, क्योंकि ये अपुष्ट हैं।" मुखर्जी के चुनाव एजेंट और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा, "मुखर्जी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। आईएसआई से उनका इस्तीफा वैध था।" उन्होंने कहा, "संगमा की आपत्तियों पर पीठासीन अधिकारी ने गौर किया। हमने मुखर्जी के इस्तीफे और संस्थान द्वारा इसे स्वीकार करने के दस्तावेज के साथ अपना जवाब दाखिल किया। इस पर विचार किया गया और आपत्तियों को खारिज कर दिया गया।" संगमा का समर्थन भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे कुछ विपक्षी दल कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि आईएसआई के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब मुखर्जी का इस्तीफा 'बनावटी' है। भाजपा ने कहा कि आरोपों के सिलसिले में मुखर्जी ने पीठासीन अधिकारी को जवाब दिया है उसमें और अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर किए गए उनके हस्ताक्षर में एकरूपता नहीं है। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहा व्यक्ति इसमें शामिल है।" कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। मुखर्जी पर लाभ के पद पर होने का आरोप खारिज कर दिया गया। बहरहाल, भाजपा ने नए सिरे से आरोप लगाया है कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब का हस्ताक्षर फर्जी है और वह इस मामले को यहीं रफा दफा होने नहीं देगी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी राज्यसभा के महासचिव वीके अग्निहोत्री ने मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार करते हुए संगमा के दावे को खारिज कर दिया। पीठासीन अधिकारी ने संगमा की उम्मीदवारी भी स्वीकार कर ली। संगमा ने रविवार को यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि मुखर्जी कोलकाता स्थित आईएसआई के अध्यक्ष पद पर हैं और यह लाभ का पद है। इस नाते वह चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं। संस्थान ने हालांकि तत्काल स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि मुखर्जी ने 20 जून को ही इस्तीफा दे दिया था। यूपीए ने मंगलवार को इस सम्बंध में पीठासीन अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्निहोत्री ने संवाददाताओं से कहा, "राष्ट्रपति तथा उप राष्ट्रपति के चुनाव अधिनियम के तहत नामांकन पत्रों की सरसरी जांच और दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी के तौर पर मैं आपत्तियों को खारिज करता हूं, क्योंकि ये अपुष्ट हैं।" मुखर्जी के चुनाव एजेंट और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा, "मुखर्जी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। आईएसआई से उनका इस्तीफा वैध था।" उन्होंने कहा, "संगमा की आपत्तियों पर पीठासीन अधिकारी ने गौर किया। हमने मुखर्जी के इस्तीफे और संस्थान द्वारा इसे स्वीकार करने के दस्तावेज के साथ अपना जवाब दाखिल किया। इस पर विचार किया गया और आपत्तियों को खारिज कर दिया गया।" संगमा का समर्थन भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे कुछ विपक्षी दल कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि आईएसआई के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब मुखर्जी का इस्तीफा 'बनावटी' है। भाजपा ने कहा कि आरोपों के सिलसिले में मुखर्जी ने पीठासीन अधिकारी को जवाब दिया है उसमें और अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर किए गए उनके हस्ताक्षर में एकरूपता नहीं है। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहा व्यक्ति इसमें शामिल है।" कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी राज्यसभा के महासचिव वीके अग्निहोत्री ने मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार करते हुए संगमा के दावे को खारिज कर दिया। पीठासीन अधिकारी ने संगमा की उम्मीदवारी भी स्वीकार कर ली। संगमा ने रविवार को यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि मुखर्जी कोलकाता स्थित आईएसआई के अध्यक्ष पद पर हैं और यह लाभ का पद है। इस नाते वह चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं। संस्थान ने हालांकि तत्काल स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि मुखर्जी ने 20 जून को ही इस्तीफा दे दिया था। यूपीए ने मंगलवार को इस सम्बंध में पीठासीन अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्निहोत्री ने संवाददाताओं से कहा, "राष्ट्रपति तथा उप राष्ट्रपति के चुनाव अधिनियम के तहत नामांकन पत्रों की सरसरी जांच और दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी के तौर पर मैं आपत्तियों को खारिज करता हूं, क्योंकि ये अपुष्ट हैं।" मुखर्जी के चुनाव एजेंट और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा, "मुखर्जी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। आईएसआई से उनका इस्तीफा वैध था।" उन्होंने कहा, "संगमा की आपत्तियों पर पीठासीन अधिकारी ने गौर किया। हमने मुखर्जी के इस्तीफे और संस्थान द्वारा इसे स्वीकार करने के दस्तावेज के साथ अपना जवाब दाखिल किया। इस पर विचार किया गया और आपत्तियों को खारिज कर दिया गया।" संगमा का समर्थन भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे कुछ विपक्षी दल कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि आईएसआई के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब मुखर्जी का इस्तीफा 'बनावटी' है। भाजपा ने कहा कि आरोपों के सिलसिले में मुखर्जी ने पीठासीन अधिकारी को जवाब दिया है उसमें और अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर किए गए उनके हस्ताक्षर में एकरूपता नहीं है। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहा व्यक्ति इसमें शामिल है।" कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। संगमा ने रविवार को यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि मुखर्जी कोलकाता स्थित आईएसआई के अध्यक्ष पद पर हैं और यह लाभ का पद है। इस नाते वह चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं। संस्थान ने हालांकि तत्काल स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि मुखर्जी ने 20 जून को ही इस्तीफा दे दिया था। यूपीए ने मंगलवार को इस सम्बंध में पीठासीन अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्निहोत्री ने संवाददाताओं से कहा, "राष्ट्रपति तथा उप राष्ट्रपति के चुनाव अधिनियम के तहत नामांकन पत्रों की सरसरी जांच और दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी के तौर पर मैं आपत्तियों को खारिज करता हूं, क्योंकि ये अपुष्ट हैं।" मुखर्जी के चुनाव एजेंट और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा, "मुखर्जी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। आईएसआई से उनका इस्तीफा वैध था।" उन्होंने कहा, "संगमा की आपत्तियों पर पीठासीन अधिकारी ने गौर किया। हमने मुखर्जी के इस्तीफे और संस्थान द्वारा इसे स्वीकार करने के दस्तावेज के साथ अपना जवाब दाखिल किया। इस पर विचार किया गया और आपत्तियों को खारिज कर दिया गया।" संगमा का समर्थन भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे कुछ विपक्षी दल कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि आईएसआई के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब मुखर्जी का इस्तीफा 'बनावटी' है। भाजपा ने कहा कि आरोपों के सिलसिले में मुखर्जी ने पीठासीन अधिकारी को जवाब दिया है उसमें और अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर किए गए उनके हस्ताक्षर में एकरूपता नहीं है। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहा व्यक्ति इसमें शामिल है।" कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। यूपीए ने मंगलवार को इस सम्बंध में पीठासीन अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्निहोत्री ने संवाददाताओं से कहा, "राष्ट्रपति तथा उप राष्ट्रपति के चुनाव अधिनियम के तहत नामांकन पत्रों की सरसरी जांच और दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी के तौर पर मैं आपत्तियों को खारिज करता हूं, क्योंकि ये अपुष्ट हैं।" मुखर्जी के चुनाव एजेंट और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा, "मुखर्जी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। आईएसआई से उनका इस्तीफा वैध था।" उन्होंने कहा, "संगमा की आपत्तियों पर पीठासीन अधिकारी ने गौर किया। हमने मुखर्जी के इस्तीफे और संस्थान द्वारा इसे स्वीकार करने के दस्तावेज के साथ अपना जवाब दाखिल किया। इस पर विचार किया गया और आपत्तियों को खारिज कर दिया गया।" संगमा का समर्थन भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे कुछ विपक्षी दल कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि आईएसआई के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब मुखर्जी का इस्तीफा 'बनावटी' है। भाजपा ने कहा कि आरोपों के सिलसिले में मुखर्जी ने पीठासीन अधिकारी को जवाब दिया है उसमें और अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर किए गए उनके हस्ताक्षर में एकरूपता नहीं है। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहा व्यक्ति इसमें शामिल है।" कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। मुखर्जी के चुनाव एजेंट और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा, "मुखर्जी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। आईएसआई से उनका इस्तीफा वैध था।" उन्होंने कहा, "संगमा की आपत्तियों पर पीठासीन अधिकारी ने गौर किया। हमने मुखर्जी के इस्तीफे और संस्थान द्वारा इसे स्वीकार करने के दस्तावेज के साथ अपना जवाब दाखिल किया। इस पर विचार किया गया और आपत्तियों को खारिज कर दिया गया।" संगमा का समर्थन भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे कुछ विपक्षी दल कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि आईएसआई के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब मुखर्जी का इस्तीफा 'बनावटी' है। भाजपा ने कहा कि आरोपों के सिलसिले में मुखर्जी ने पीठासीन अधिकारी को जवाब दिया है उसमें और अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर किए गए उनके हस्ताक्षर में एकरूपता नहीं है। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहा व्यक्ति इसमें शामिल है।" कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। संगमा का समर्थन भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे कुछ विपक्षी दल कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि आईएसआई के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब मुखर्जी का इस्तीफा 'बनावटी' है। भाजपा ने कहा कि आरोपों के सिलसिले में मुखर्जी ने पीठासीन अधिकारी को जवाब दिया है उसमें और अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर किए गए उनके हस्ताक्षर में एकरूपता नहीं है। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहा व्यक्ति इसमें शामिल है।" कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि आईएसआई के अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर प्रणब मुखर्जी का इस्तीफा 'बनावटी' है। भाजपा ने कहा कि आरोपों के सिलसिले में मुखर्जी ने पीठासीन अधिकारी को जवाब दिया है उसमें और अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर किए गए उनके हस्ताक्षर में एकरूपता नहीं है। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। 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मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। मुखर्जी की उम्मीदवारी स्वीकार किए जाने के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुखर्जी द्वारा अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर उनका फर्जी हस्ताक्षर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहा व्यक्ति इसमें शामिल है।" कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। कुमार ने कहा, "आईएसआई के अध्यक्ष एमजीके मेनन को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस्तीफे पर प्रणब के ही हस्ताक्षर हैं। यदि ऐसा नहीं है तो इसके पीछे के रहस्य को उजागर किया जाना चाहिए।" इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। इन सब आरोपों से बेपरवाह मुखर्जी अपना समर्थन जुटाने के अभियान में लगे रहे। इस सिलसिले में मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और दोनों दलों के विधायकों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। इस अवसर पर मुलायम ने कहा, "प्रणब मुखर्जी विद्वान व्यक्ति हैं। संसद में मुखर्जी ने अपने व्यक्तित्व से विपक्षियों को भी प्रभावित किया है। राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर उनके पहुंचने से मुझ्झे बहुत खुशी होगी। प्रणब दा उत्तर प्रदेश से भारी मतों से जीतेंगे।" शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। शाम करीब चार बजे प्रणब ने कांग्रेसी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) विधायकों से होटल ताज में मुलाकात की। प्रणब देर शाम बसपा प्रमुख मायावती से उनके माल एवेन्यू स्थित आधिकारिक आवास पर मिलने गए। उन्होंने मायावती के साथ बसपा विधायकों और सांसदों से भी समर्थन मांगा। मायावती की तरफ से प्रणब के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। अपने लखनऊ दौरे में प्रणब ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुल 11 लाख वोटों में से तकरीबन दो लाख वोट उत्तर प्रदेश से आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए उत्तर प्रदेश के वोट निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा, "मुझे यहां से ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने का भरोसा है।"टिप्पणियां प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। प्रणब के सम्मान में अखिलेश यादव के आधिकारिक अवास पर दिए गए भोज में सजायाफ्ता विधायक मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की मौजूदगी से हालांकि विवाद भी पैदा हुआ। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा। हत्या और हत्या का साजिश जैसे मामलों में फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद कौमी एकता दल से विधायक मुख्तार अंसारी और सपा विधायक विजय मिश्रा को विधानसभा सत्र में ही हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी। दोनों बाहुबली विधायकों की भोज में मौजूदगी ने मीडियाकर्मियों का ध्यान खींचा।
संक्षिप्त सारांश: लाभ के पद पर होने को आधार बनाकर राष्ट्रपति पद की दौड़ से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को बाहर करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित उम्मीदवार पीए संगमा की पहली कोशिश मंगलवार को बेकार साबित हुई।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शाहीन धड़ा के पिता फारुख धड़ा को महाराष्ट्र पुलिस ने इस बात पर गिरफ्तार कर लिया कि उसने गुजरात में ज्यादा सुरक्षित होने की बात कही है। धड़ा की इस बात महाराष्ट्र की खराब कानून व्यवस्था और गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार की बेहतर कानून व्यवस्था से जोड़कर देखा गया। वहीं, फारुक धड़ा का कहना है कि उसकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है। बता दें कि ठाणे के पालघर में रहने वाली शाहीन धड़ा को पिछले महीने पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार कर लिया था क्योंकि उसने मुंबई में शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की अंतिम यात्रा के दिन मुंबई में बंद जैसे माहौल पर प्रश्न उठाया था।टिप्पणियां आज की पुलिस कार्रवाई के बाद धड़ा का कहना है कि उसने ऐसा कभी नहीं कहा कि गुजरात की कानून व्यवस्था महाराष्ट्र से बेहतर है। उसका कहना है कि वह पालघर में कई दशकों से रह रहे हैं जहां, वह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री के गुजरात में अल्पसंख्यकों के असुरक्षित महसूस करने वाले बयान को काटते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि शाहीन धड़ा और परिवार ने गुजरात को महाराष्ट्र से बेहतर राज्य कहा है। बता दें कि ठाणे के पालघर में रहने वाली शाहीन धड़ा को पिछले महीने पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार कर लिया था क्योंकि उसने मुंबई में शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की अंतिम यात्रा के दिन मुंबई में बंद जैसे माहौल पर प्रश्न उठाया था।टिप्पणियां आज की पुलिस कार्रवाई के बाद धड़ा का कहना है कि उसने ऐसा कभी नहीं कहा कि गुजरात की कानून व्यवस्था महाराष्ट्र से बेहतर है। उसका कहना है कि वह पालघर में कई दशकों से रह रहे हैं जहां, वह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री के गुजरात में अल्पसंख्यकों के असुरक्षित महसूस करने वाले बयान को काटते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि शाहीन धड़ा और परिवार ने गुजरात को महाराष्ट्र से बेहतर राज्य कहा है। आज की पुलिस कार्रवाई के बाद धड़ा का कहना है कि उसने ऐसा कभी नहीं कहा कि गुजरात की कानून व्यवस्था महाराष्ट्र से बेहतर है। उसका कहना है कि वह पालघर में कई दशकों से रह रहे हैं जहां, वह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री के गुजरात में अल्पसंख्यकों के असुरक्षित महसूस करने वाले बयान को काटते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि शाहीन धड़ा और परिवार ने गुजरात को महाराष्ट्र से बेहतर राज्य कहा है। एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री के गुजरात में अल्पसंख्यकों के असुरक्षित महसूस करने वाले बयान को काटते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि शाहीन धड़ा और परिवार ने गुजरात को महाराष्ट्र से बेहतर राज्य कहा है।
सारांश: वहीं, फारुक धड़ा का कहना है कि उसकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है। बता दें कि ठाणे के पालघर में रहने वाली शाहीन धड़ा को पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार कर लिया था कि उसने मुंबई में बाल ठाकरे की अंतिम यात्रा के दिन मुंबई में बंद जैसे माहौल पर प्रश्न उठाया था
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हिंसाग्रस्त लीबिया से 600 भारतीयों का तीसरा दल दो विशेष विमान से मंगलवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंच गया। लीबिया से स्वदेश लौटने वाले यात्रियों ने वहां की स्थिति को काफी भयावह करार दिया। ज्ञात हो कि लीबिया के नेता मुअम्मार गद्दाफी के खिलाफ हजारों लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लीबिया में चारों तरफ फैली हिंसा की वजह से लोगों को भोजन और पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा था। लीबिया में रह रहे भारतीयों की स्वदेश वापसी के अभियान के तहत 600 भारतीयों का तीसरा दल मंगलवार को यहां पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि लीबिया की राजधानी त्रिपोली से एयरबस ए-330 और बोइंग 747 विमान इंदिरा गांधी हवाईअड्डे के टर्मिनल नम्बर दो पर मंगलवार तड़के उतरे। एयरबस में 266 यात्री जबकि बोइंग में 331 यात्री शामिल थे। नागरिक उड्डयन और विदेशी मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने कहा, "हम लीबिया में रह रहे प्रत्येक भारतीय को वापस लाने की कोशिश करेंगे और त्रिपोली में स्थित भारतीय दूतावास इसके लिए प्रयास कर रहा है।" लीबिया से मंगलवार को स्वदेश पहुंचने वाले अधिकतर लोगों ने वहां की परिस्थतियों को काफी भयावह करार दिया। एक महिला यात्री ने कहा, "इन दिनों लीबिया में स्थिति बहुत खराब है। चारों तरफ टैंक, हथियार और गोलाबारूद ही दिखाई दे रहे हैं। कभी भी स्थिति और खतरनाक हो सकती है।" ऐसी सम्भावना है कि अगले कुछ दिनों में नौसेना के दो विशेष पोतों से करीब 3,000 यात्रियों को वापस लाया जाएगा।
यहाँ एक सारांश है:हिंसाग्रस्त लीबिया से 600 भारतीयों का तीसरा दल दो विशेष विमान से मंगलवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंच गया।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आलोचकों के निशाने पर चल रहे ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर से कमेंटेटर बने केरी ओकीफी (Kerry O'Keefe) ने रविवार को भारतीय प्रशंसकों और खिलाड़ियों को खुला पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्‍होंने तीसरे टेस्ट (3rd Test) के दौरान की गई अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए माफी मांगी है. भारत और आस्ट्रेलिया के बीच बॉक्सिंग डे टेस्ट (Boxing Day Test) मैच के दौरान अपनी नस्लवादी मजाकिया टिप्पणियों के कारण ओकीफी को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. ओकीफी ने कहा है कि उनके मजाक का गलत अर्थ निकाला गया और उनके इरादे भारतीय क्रिकेट का ‘अपमान' करना नहीं था. उन्‍होंने कहा कि कमेंट्री के दौरान की गई अपनी टिप्पणियों पर मिली प्रतिक्रियाओं से वह टूट गए हैं. ICC Test Rankings: टीम इंडिया ने अपनी स्थिति और मजूबत की, यह टीम पहुंची तीसरे स्‍थान पर.. ओकीफीकी टिप्पणियों को भारतीय प्रशंसकों और मीडिया ने अपमानजनक और यहां तक कि नस्ली करार दिया है. ऑस्‍ट्रेलिया के इस पूर्व क्रिकेटर ने खुले पत्र में लिखा, ‘ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच हाल में समाप्त हुए तीसरे टेस्ट मैच के दौरान फॉक्स क्रिकेट पर अपनी टिप्पणियों पर मिली प्रतिक्रिया से मैं टूट चुका हूं. मैं इस बात पर आ रहा हूं कि किस तरह से इन शब्दों की नकारात्मक व्याख्या कर दी गई.'' खिलाड़ि‍यों पर टिप्‍पणी करने वाले कैरी ओकीफी और मार्क वॉ को विराट कोहली ने यूं दिया जवाब.. ओकीफी ने कहा, ‘जिस तरह की व्याख्या की गयी मैं वैसा नहीं हूं. कमेंट्री की मेरी शैली में गंभीर विश्लेषण के बीच में कुछ हल्की फुल्की टिप्पणियां करना शामिल है.'इस कमेंटेटर ने भारत की तरफ से पदार्पण कर रहे मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) के रणजी ट्रॉफी में लगाए गए तिहरे शतक के बारे में कहा था कि उन्होंने शायद यह पारी ‘जालंधर रेलवे कैंटीन स्टॉफ' के खिलाफ खेली थी. इस टिप्‍पणी के लिए उनकी कड़ी आलोचना हुई. ओकीफी ने कहा, ‘मैं निश्चित तौर पर भारतीय क्रिकेट का अपमान नहीं कर रहा था जहां का मैंने स्कूली छात्र के रूप में दौरा किया था और जिसकी क्रिकेटप्रेमी देश के रूप में मेरे लिये सबसे बड़ी प्रेरणा है.'चेतेश्वर पुजारा और रविंद्र जडेजा के नामों का मजाक उड़ाने पर भी ओकीफी की आलोचना हुई थी. उन्होंने इसके लिये भी माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा इन दो दिग्गज खिलाड़ियों का मजाक उड़ाना नहीं था. (इनपुट: एजेंसी)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओकीफी ने कहा, मेरे मजाक का गलत अर्थ निकाला गया मेरा इरादा भारतीय क्रिकेट का अपमान करना नहीं था मेरा इरादा भारतीय क्रिकेट का अपमान करना नहीं था
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुरुग्राम के सेक्टर-51 में एक 16 वर्षीय किशोर ने रिश्ते की बहन को कथित रूप से बिस्तर से बांधकर उसके साथ दुष्कर्म किया.  पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक घटना गुरुवार की है लेकिन शुक्रवार को मामले की जानकारी तब हुई जब 15 वर्षीय किशोरी स्कूल में बेहोश होकर गिर गई और उसने शिक्षिका से अपनी आपबीती बताई. गुरुग्राम के जनसंपर्क अधिकारी सुभाष बोकान ने बताया कि पीड़िता की मां ने आरोपी के खिलाफ महिला पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है. महिला के मुताबिक आरोपी की मां की तबीयत खराब होने की वजह से उसने बेटी को घरेलू कामकाज में मदद करने के लिए भेजा था. बोकान ने बताया कि जब आरोपी की मां डॉक्टर से मिलने गई थी तब लड़की और लड़का पर अकेले थे. उन्होंने बताया कि शिकायत के मुताबिक आरोपी किशोर ने लड़की के हाथ-पैर बिस्तर से बांध दिए और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया. बोकान के अनुसार मामला दर्ज कर आरोपी लड़के को पकड़ लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है.
सारांश: गुरुग्राम में 16 साल के लड़के ने चचेरी बहन का रेप किया बिस्तर से बांधकर दिया घटना को अंजाम आरोपी लड़के को पकड़ लिया गया है
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूएस-इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (यूएसआईएनपीएसी) ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को गति देने, आव्रजन कानून लागू करने और एशिया में आतंकवाद के मुद्दे से निपटने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को कार्य शुरू करना चाहिए और यह विश्वास जाहिर किया कि ट्रम्प के राष्ट्रपति कार्यकाल में भारत के साथ अमेरिका के ‘‘वृहद रिश्ते’’ होंगे. 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर यूएसआईएनपीएसी ने ट्रम्प को बधाई देते हुए ऐसे सभी भारतीय-अमेरिकी समर्थकों की सराहना की जिन्होंने इस सफल अभियान के लिए प्रचार और धन जुटाया. यूएसआईएनपीएसी इंडियाना चेयर और चेयर फॉर एशियंस फॉर ट्रम्प - पेंस कैम्पेन के राजू चिंताला ने ट्रम्प की चुनावी जीत को अमेरिका के इतिहास में ‘‘ऐतिहासिक’’ बताते हुए कहा, ‘‘उन्होंने अमेरिकी राजनीतिक प्रणाली में व्यापक बदलाव किए हैं. वह एक महान राष्ट्रपति होंगे और भारत के साथ वृहद संबंध निर्मित करेंगे.’’ ट्रम्प प्रशासन को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों का समर्थन जताते हुए यूएसआईएनपीएसी अध्यक्ष संजय पुरी ने कहा कि ट्रम्प को ‘‘निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था को गति देने, आईएसआईएस और एशिया में आतंकवाद से निपटने के लिए कार्य करना चाहिए. ऐसी निर्णायक जीत के लिए भारतीय-अमेरिकी समुदाय उन्हें बधाई देता है और नए प्रशासन के साथ काम करने का संकल्प जताता है.’’ कैलिफोर्निया से आरएनसी नेशनल कमिटी वुमन हरमीत कौर ढिल्लन ने कहा कि ट्रम्प की ‘‘शानदार’’ जीत सभी अमेरिकीयों के लिए ‘‘अवसर एवं वादों के नए युग का उद्घोष’’ है जो स्वाभाविक रूप से भारतीय-अमेरिकी लोगों को लाभ पहुंचाएगा. टिप्पणियां सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा लेने की ट्रम्प की प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए ढिल्लन ने विश्वास जताया कि वह कई जाने माने भारतीय-अमेरिकीयों को अपने नए प्रशासन में जगह देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर यूएसआईएनपीएसी ने ट्रम्प को बधाई देते हुए ऐसे सभी भारतीय-अमेरिकी समर्थकों की सराहना की जिन्होंने इस सफल अभियान के लिए प्रचार और धन जुटाया. यूएसआईएनपीएसी इंडियाना चेयर और चेयर फॉर एशियंस फॉर ट्रम्प - पेंस कैम्पेन के राजू चिंताला ने ट्रम्प की चुनावी जीत को अमेरिका के इतिहास में ‘‘ऐतिहासिक’’ बताते हुए कहा, ‘‘उन्होंने अमेरिकी राजनीतिक प्रणाली में व्यापक बदलाव किए हैं. वह एक महान राष्ट्रपति होंगे और भारत के साथ वृहद संबंध निर्मित करेंगे.’’ ट्रम्प प्रशासन को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों का समर्थन जताते हुए यूएसआईएनपीएसी अध्यक्ष संजय पुरी ने कहा कि ट्रम्प को ‘‘निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था को गति देने, आईएसआईएस और एशिया में आतंकवाद से निपटने के लिए कार्य करना चाहिए. ऐसी निर्णायक जीत के लिए भारतीय-अमेरिकी समुदाय उन्हें बधाई देता है और नए प्रशासन के साथ काम करने का संकल्प जताता है.’’ कैलिफोर्निया से आरएनसी नेशनल कमिटी वुमन हरमीत कौर ढिल्लन ने कहा कि ट्रम्प की ‘‘शानदार’’ जीत सभी अमेरिकीयों के लिए ‘‘अवसर एवं वादों के नए युग का उद्घोष’’ है जो स्वाभाविक रूप से भारतीय-अमेरिकी लोगों को लाभ पहुंचाएगा. टिप्पणियां सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा लेने की ट्रम्प की प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए ढिल्लन ने विश्वास जताया कि वह कई जाने माने भारतीय-अमेरिकीयों को अपने नए प्रशासन में जगह देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यूएसआईएनपीएसी इंडियाना चेयर और चेयर फॉर एशियंस फॉर ट्रम्प - पेंस कैम्पेन के राजू चिंताला ने ट्रम्प की चुनावी जीत को अमेरिका के इतिहास में ‘‘ऐतिहासिक’’ बताते हुए कहा, ‘‘उन्होंने अमेरिकी राजनीतिक प्रणाली में व्यापक बदलाव किए हैं. वह एक महान राष्ट्रपति होंगे और भारत के साथ वृहद संबंध निर्मित करेंगे.’’ ट्रम्प प्रशासन को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों का समर्थन जताते हुए यूएसआईएनपीएसी अध्यक्ष संजय पुरी ने कहा कि ट्रम्प को ‘‘निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था को गति देने, आईएसआईएस और एशिया में आतंकवाद से निपटने के लिए कार्य करना चाहिए. ऐसी निर्णायक जीत के लिए भारतीय-अमेरिकी समुदाय उन्हें बधाई देता है और नए प्रशासन के साथ काम करने का संकल्प जताता है.’’ कैलिफोर्निया से आरएनसी नेशनल कमिटी वुमन हरमीत कौर ढिल्लन ने कहा कि ट्रम्प की ‘‘शानदार’’ जीत सभी अमेरिकीयों के लिए ‘‘अवसर एवं वादों के नए युग का उद्घोष’’ है जो स्वाभाविक रूप से भारतीय-अमेरिकी लोगों को लाभ पहुंचाएगा. टिप्पणियां सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा लेने की ट्रम्प की प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए ढिल्लन ने विश्वास जताया कि वह कई जाने माने भारतीय-अमेरिकीयों को अपने नए प्रशासन में जगह देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रम्प प्रशासन को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों का समर्थन जताते हुए यूएसआईएनपीएसी अध्यक्ष संजय पुरी ने कहा कि ट्रम्प को ‘‘निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था को गति देने, आईएसआईएस और एशिया में आतंकवाद से निपटने के लिए कार्य करना चाहिए. ऐसी निर्णायक जीत के लिए भारतीय-अमेरिकी समुदाय उन्हें बधाई देता है और नए प्रशासन के साथ काम करने का संकल्प जताता है.’’ कैलिफोर्निया से आरएनसी नेशनल कमिटी वुमन हरमीत कौर ढिल्लन ने कहा कि ट्रम्प की ‘‘शानदार’’ जीत सभी अमेरिकीयों के लिए ‘‘अवसर एवं वादों के नए युग का उद्घोष’’ है जो स्वाभाविक रूप से भारतीय-अमेरिकी लोगों को लाभ पहुंचाएगा. टिप्पणियां सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा लेने की ट्रम्प की प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए ढिल्लन ने विश्वास जताया कि वह कई जाने माने भारतीय-अमेरिकीयों को अपने नए प्रशासन में जगह देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा लेने की ट्रम्प की प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए ढिल्लन ने विश्वास जताया कि वह कई जाने माने भारतीय-अमेरिकीयों को अपने नए प्रशासन में जगह देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: यूएसआईएनपीएसी की ट्रम्प को बधाई, भारतीय-अमेरिकी समर्थकों की सराहना ट्रम्प की जीत भारतीय-अमेरिकी लोगों को लाभ पहुंचाएगी जाने माने भारतीय-अमेरिकीयों को अपने नए प्रशासन में जगह देंगे ट्रम्प
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक कार्यक्रम में शनिवार को जयपुर में मोदी-मोदी के नारे लगे. एक निजी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सिंह एवं अन्य अतिथि जैसे ही मंच पर आए, कुछ छात्रों ने थोड़ी देर के लिए मोदी मोदी के नारे लगाए. राज्यसभा सदस्य सिंह ने भारत में लोकतंत्र की जड़े मजबूत करने पर व्याख्यान दिया. सिंह को जेकेएलयू लॉरेट अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया है. इस कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उदारीकरण की नीतियों पर खड़े किए गए आर्थिक सुधारों को जारी रखने की जरूरत बताते हुए शनिवार को कहा कि एक सोची समझी रणनीति से ही भारत को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाया जा सकता है. पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गरीबी, सामाजिक असमानता, सांप्रदायिकता और धार्मिक कट्टरवाद तथा भ्रष्टाचार लोकतंत्र के समक्ष कुछ प्रमुख चुनौतियां हैं.  उन्होंने कहा, ‘‘इस समय हमारी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ती दिखती है. जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट आ रही है. निवेश की दर स्थिर है. किसान संकट में हैं. बैंकिंग प्रणाली संकट का सामना कर रही है. बेरोजगारी बढ़ती जा रही है. भारत को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हमें एक अच्छी तरह से सोची समझी रणनीति की जरूरत है.' उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को कर आतंकवाद रोकना चाहिए, भिन्न विचारों की आवाजों का सम्मान करना चाहिए और सरकार के हर स्तर पर संतुलन लाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘उदारीकरण की नीतियों पर खड़े किए गए आर्थिक सुधारों को जारी रखना समय की मांग है.' देश में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की वकालत करते हुए राजस्थान से राज्यसभा सदस्य सिंह ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में सिद्धांतवादी, ज्ञानी और दूरदर्शी नेताओं की जरूरत है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति संविधान में निहित है और राजनीतिक दलों को संविधान में उल्लेखित मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता जतानी होगी. उन्होंने कहा कि हमारी एकता बनी रहे इसके लिए जरूरी है कि सरकार न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता के साथ..साथ ऐसा वातावरण दे जो भिन्न विचारों का सम्मान करता हो. उन्होंने कहा कि हमें संसद और इसकी प्रक्रियाओं की सर्वोच्चता का सम्मान करना होगा. जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय में इस कार्यक्रम में सिंह ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय, निर्वाचन आयोग, कैग, सीबीआई, सतर्कता आयोग, सूचना आयोग जैसे संस्थानों से अपेक्षा रहती है कि वे संविधान के ढांचे के भीतर स्वतंत्र रूप से काम करेंगे. उन्होंने कहा, "हमें हमेशा अपराध और भ्रष्टाचार को कम करने, विधिसम्मत शासन को मजबूत करने तथा विकास के एक इंजन के रूप में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से काम करना चाहिए. सिंह को जेकेएलयू लॉरेट अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया है. सिंह ने कहा कि अधिनायकवादी शासन की अपेक्षा व्यावहारिक लोकतंत्र का निश्चित तौर पर लाभ होता है. उन्होंने आर्थिक विकास के मामले में चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह के देशों में जहां नागरिकों को प्राथमिक तौर पर आर्थिक वृद्धि पर ध्यान केंद्रित रखने को कहा जाता है और एक ऐसा वातावरण तैयार कर दिया जाता है जहां निजी आजादी की कुर्बानी को सही ठहरा दिया जाता है. उन्होंने कहा कि हालांकि जैसे-जैसे आय बढ़ने लगती है वैसे ही समाज की आकांक्षाएं भी बदलने लगती हैं और अंतिम रूप से लोग लोकतांत्रिक ढांचा चाहने लगते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘लंबे समय तक आजादी का चला जाना कोई छोटी-मोटी कीमत नहीं होती है.'
संक्षिप्त सारांश: निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में गए थे मंच पर पहुंचने पर छात्रों ने लगाए नारे लोकतंत्र पर दिया था भाषण
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन ने पाकिस्तान को किसी भी विदेशी 'आक्रमण' की स्थिति में उसका समर्थन करने का भरोसा दिलाया है और कश्मीर मुद्दे पर उसके रुख का भी समर्थन किया है. डॉन अखबार की खबर के मुताबिक बीजिंग ने अपने शीर्ष राजनयिक की पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक मुलाकात में उसे इस संदेश से अवगत कराया. पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में लाहौर में चीन के महावाणिज्य दूत यू बोरेन ने कहा, 'किसी भी (विदेशी) आक्रमण की स्थिति में हमारा देश पाकिस्तान को पूरा समर्थन देगा.' यू के हवाले से जारी रिपोर्ट में कहा गया है, 'कश्मीर मुद्दे पर हम पाकिस्तान के साथ हैं. भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर में बेकसूर कश्मीरियों पर अत्याचार का कोई औचित्य नहीं है और कश्मीर मुद्दा कश्मीरियों की आकांक्षाओं के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए.' जम्मू कश्मीर में उरी स्थित सेना के एक ठिकाने पर 18 सितबर की आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ रहा है. भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि उसने अपनी संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया है. यू ने शहबाज को 65वें जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए उनसे मुलाकात की. उन्होंने कश्मीर में बन रही स्थिति और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के तहत विभिन्न परियोजनाओं के बारे में उनके साथ चर्चा की.टिप्पणियां गौरतलब है कि सीपीईसी का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है. भारत ने इस परियोजना को लेकर ऐतराज जताया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डॉन अखबार की खबर के मुताबिक बीजिंग ने अपने शीर्ष राजनयिक की पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक मुलाकात में उसे इस संदेश से अवगत कराया. पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में लाहौर में चीन के महावाणिज्य दूत यू बोरेन ने कहा, 'किसी भी (विदेशी) आक्रमण की स्थिति में हमारा देश पाकिस्तान को पूरा समर्थन देगा.' यू के हवाले से जारी रिपोर्ट में कहा गया है, 'कश्मीर मुद्दे पर हम पाकिस्तान के साथ हैं. भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर में बेकसूर कश्मीरियों पर अत्याचार का कोई औचित्य नहीं है और कश्मीर मुद्दा कश्मीरियों की आकांक्षाओं के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए.' जम्मू कश्मीर में उरी स्थित सेना के एक ठिकाने पर 18 सितबर की आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ रहा है. भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि उसने अपनी संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया है. यू ने शहबाज को 65वें जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए उनसे मुलाकात की. उन्होंने कश्मीर में बन रही स्थिति और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के तहत विभिन्न परियोजनाओं के बारे में उनके साथ चर्चा की.टिप्पणियां गौरतलब है कि सीपीईसी का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है. भारत ने इस परियोजना को लेकर ऐतराज जताया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में लाहौर में चीन के महावाणिज्य दूत यू बोरेन ने कहा, 'किसी भी (विदेशी) आक्रमण की स्थिति में हमारा देश पाकिस्तान को पूरा समर्थन देगा.' यू के हवाले से जारी रिपोर्ट में कहा गया है, 'कश्मीर मुद्दे पर हम पाकिस्तान के साथ हैं. भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर में बेकसूर कश्मीरियों पर अत्याचार का कोई औचित्य नहीं है और कश्मीर मुद्दा कश्मीरियों की आकांक्षाओं के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए.' जम्मू कश्मीर में उरी स्थित सेना के एक ठिकाने पर 18 सितबर की आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ रहा है. भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि उसने अपनी संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया है. यू ने शहबाज को 65वें जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए उनसे मुलाकात की. उन्होंने कश्मीर में बन रही स्थिति और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के तहत विभिन्न परियोजनाओं के बारे में उनके साथ चर्चा की.टिप्पणियां गौरतलब है कि सीपीईसी का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है. भारत ने इस परियोजना को लेकर ऐतराज जताया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जम्मू कश्मीर में उरी स्थित सेना के एक ठिकाने पर 18 सितबर की आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ रहा है. भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि उसने अपनी संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया है. यू ने शहबाज को 65वें जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए उनसे मुलाकात की. उन्होंने कश्मीर में बन रही स्थिति और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के तहत विभिन्न परियोजनाओं के बारे में उनके साथ चर्चा की.टिप्पणियां गौरतलब है कि सीपीईसी का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है. भारत ने इस परियोजना को लेकर ऐतराज जताया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यू ने शहबाज को 65वें जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए उनसे मुलाकात की. उन्होंने कश्मीर में बन रही स्थिति और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के तहत विभिन्न परियोजनाओं के बारे में उनके साथ चर्चा की.टिप्पणियां गौरतलब है कि सीपीईसी का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है. भारत ने इस परियोजना को लेकर ऐतराज जताया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि सीपीईसी का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है. भारत ने इस परियोजना को लेकर ऐतराज जताया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: चीन ने कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया : डॉन अखबार बीजिंग ने अपने शीर्ष राजनयिक की एक मुलाकात में यह संदेश दिया : रिपोर्ट उरी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सचिन तेंदुलकर ने मुंबई इंडियन्स की आईपीएल में चौथी जीत का श्रेय अपने क्षेत्ररक्षकों को दिया और कहा कि उन्होंने इस ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में अपनी टीम का इतना बेहतरीन क्षेत्ररक्षण पहले नहीं देखा था। तेंदुलकर ने मुंबई की आठ रन से जीत के बाद कहा, यह अविश्वसनीय क्षेत्ररक्षण था। हमने शानदार कैच लपके और हमारा मैदानी क्षेत्ररक्षण लाजवाब था। मेरा मानना है कि क्षेत्ररक्षकों ने हमारे लिए मौके बनाए। उन्होंने कहा, हमने इससे पहले कई बार अच्छा क्षेत्ररक्षण किया, लेकिन इस तरह का क्षेत्ररक्षण पहले देखने को नहीं मिला। हम 10-15 रन कम थे, लेकिन हमारी रणनीति यही थी कि यदि अच्छा क्षेत्ररक्षण और कसी हुई गेंदबाजी की जाए, तो 160 रन के स्कोर का बचाव किया जा सकता है। तेंदुलकर ने रोहित शर्मा की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने 87 रन की पारी खेली। इससे मुंबई चार विकेट पर 164 रन बनाने में सफल रहा। चेन्नई ने इसके जवाब में नौ विकेट पर 156 रन बनाए। चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी स्वीकार किया कि क्षेत्ररक्षण ने मुख्य अंतर पैदा किया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि 160 रन का लक्ष्य इस विकेट पर हासिल किया जा सकता था। क्षेत्ररक्षण ने अंतर पैदा किया। उन्होंने दो शानदार कैच लिए, जबकि हमारा क्षेत्ररक्षण अच्छा नहीं रहा। मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं, लेकिन क्षेत्ररक्षण बेहतर हो सकता था।
सचिन ने चौथी जीत का श्रेय क्षेत्ररक्षकों को दिया और कहा कि उन्होंने इस टूर्नामेंट में अपनी टीम का इतना बेहतरीन क्षेत्ररक्षण पहले नहीं देखा था।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पदार्पण कर रहे पैट्रिक कमिन्स के तीन विकेट और शेन वाटसन के आक्रामक अर्धशतक की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने न्यूलैंड्स में खेले गए पहले ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में दक्षिण अफ्रीका को पांच विकेट से हरा दिया। 18 वर्षीय तेज गेंदबाज कमिन्स ने गुरुवार को अपने अंतिम ओवर में चार गेंद के भीतर तीन विकेट चटकाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट 146 रन ही बना सकी। लक्ष्य का पीछा करने उतरे ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही और डेविड वार्नर अपनी पहली ही गेंद पर रन आउट हो गए। वाटसन (52) और शान मार्श (25) ने इसके बाद दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 53 गेंद में 82 रन जोड़कर पारी को संभाला। वाटसन दो रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे, जब मोर्ने मोर्कल की गेंद पर ग्रीम स्मिथ ने स्लिप में कैच का आसान मौका गंवा दिया। वार्नर इससे पहले शार्ट फाइन लेग से मोर्कल के सटीक थ्रो का शिकार बने। वाटसन ने जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए 34 गेंद में छह चौकों और दो छक्कों की मदद से अर्धशतक पूरा किया। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने लगातार ओवरों में वाटसन और मार्श को आउट करके वापसी की कोशिश की, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम की रन गति हमेशा बेहतर रही। स्टीव स्मिथ ने तीन गेंद शेष रहते विजयी रन बनाया।
सारांश: कमिन्स के तीन विकेट और वाटसन के आक्रामक अर्धशतक की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने पहले ट्वेंटी-20 मैच में दक्षिण अफ्रीका को पांच विकेट से हरा दिया।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: चैंपियंस ट्रॉफी में आज भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच मुकाबला जारी है। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीट की टीम ने 35 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 138 रन बना लिए हैं। इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है जबकि वेस्टइंडीज ने एक खिलाड़ी को बदला है। दिनेश रामदीन की जगह डेरन सैमी को टीम में शामिल किया गया है।टिप्पणियां दोनों टीमें अपना पहला मैच जीत चुकी हैं... लिहाजा यहां दोनों टीमों की कोशिश जीत हासिल करके सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की करने की होगी। भारत की ओर से दिनेश कार्तिक, रोहित शर्मा और विराट कोहली जोरदार फार्म में हैं जबकि वेस्टइंडीज़ की ओर से क्रिस गेल टीम इंडिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है जबकि वेस्टइंडीज ने एक खिलाड़ी को बदला है। दिनेश रामदीन की जगह डेरन सैमी को टीम में शामिल किया गया है।टिप्पणियां दोनों टीमें अपना पहला मैच जीत चुकी हैं... लिहाजा यहां दोनों टीमों की कोशिश जीत हासिल करके सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की करने की होगी। भारत की ओर से दिनेश कार्तिक, रोहित शर्मा और विराट कोहली जोरदार फार्म में हैं जबकि वेस्टइंडीज़ की ओर से क्रिस गेल टीम इंडिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। दोनों टीमें अपना पहला मैच जीत चुकी हैं... लिहाजा यहां दोनों टीमों की कोशिश जीत हासिल करके सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की करने की होगी। भारत की ओर से दिनेश कार्तिक, रोहित शर्मा और विराट कोहली जोरदार फार्म में हैं जबकि वेस्टइंडीज़ की ओर से क्रिस गेल टीम इंडिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। भारत की ओर से दिनेश कार्तिक, रोहित शर्मा और विराट कोहली जोरदार फार्म में हैं जबकि वेस्टइंडीज़ की ओर से क्रिस गेल टीम इंडिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
यहाँ एक सारांश है:चैंपियंस ट्रॉफी में आज भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच मुकाबला जारी है। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीट की टीम ने 35 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 138 रन बना लिए हैं।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया के अग्रणी विकासशील देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और द. अफ्रीका (ब्रिक्स) बृहस्पतिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं जिसमें इन देशों के बीच एक दूसरे को अमेरिकी डॉलर के बजाय अपनी ही मुद्रा में कर्ज अथवा अनुदान देने पर सहमति होगी। चीन के खूबसूरत पर्यटन शहर सान्या में होने जा रही इन देशों की शिखर बैठक में यह समझौता होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बैठक में भाग लेंगे। ब्रिक्स देशों की इस शिखर बैठक में वैश्विक वित्तीय स्थिति, आर्थिक समस्याओं के निदान और उर्जा सुरक्षा के अलावा खाद्य सुरक्षा और आतंकवाद से खड़ी चुनौतियों सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत होगी। बैठक में द. अफ्रीका इस समूह के पांचवे सदस्य के रुप में शामिल होगा। इसके साथ ही इसे दुनिया के तेजी से बढ़ते पांच विकासशील देशों के समूह ब्रिक्स के तौर पर जाना जाएगा। बैठक में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में सुधार पर भी चर्चा होगी। प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने प्रधानमंत्री के साथ इस यात्रा पर जा रहे संवाददाताओं को यह जानकारी दी।
संक्षिप्त पाठ: दुनिया के अग्रणी विकासशील देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और द. अफ्रीका बृहस्पतिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर में छह महीने का राज्यपाल शासन पूरा होने के बाद बुधवार को मध्यरात्रि से राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. इससे केंद्रीय कैबिनेट को आतंकवाद से ग्रस्त इस राज्य के बारे में तमाम नीतिगत फैसले लेने का मार्ग प्रशस्त हो गया. महबूबा मुफ्ती नीत गठबंधन सरकार से जून में बीजेपी की समर्थन वापसी के बाद जम्मू-मश्मीर में राजनीतिक संकट बना हुआ है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वहां केन्द्रीय शासन लगाने की एक अधिघोषणा पर हस्ताक्षर कर दिए. बुधवार को गजट में जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति को राज्यपाल सत्यपाल मलिक से एक रिपोर्ट मिली है और इस पर तथा दूसरी सूचना पर विचार कर वह ‘‘संतुष्ट'' हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन की जरूरत है.     उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करने वाली राज्य के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की रिपोर्ट पर सोमवार को फैसला किया था. संविधान के अनुच्छेद 74(1)(आई) के तहत प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रि परिषद राष्ट्रपति को मदद करेगी और सलाह देगी. राष्ट्रपति शासन की अधिघोषणा के बाद संसद राज्य की विधायिका की शक्तियों का इस्तेमाल करेगी या उसके प्राधिकार के तहत इसका इस्तेमाल किया जाएगा. जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान है. ऐसे मामलों में जम्मू-कश्मीर के संविधान के अनुच्छेद 92 के तहत वहां छह माह का राज्यपाल शासन अनिवार्य है. इसके तहत विधायिका की तमाम शक्तियां राज्यपाल के पास होती हैं.     गौरतलब है कि कांग्रेस और नेशनल कान्फ्रेंस के समर्थन के आधार पर पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का दावा पेश किया था जिसके बाद राज्यपाल ने 21 नवंबर को 87 सदस्यीय विधानसभा भंग कर दी थी.    तत्कालीन विधानसभा में दो सदस्यों वाली सज्जाद लोन की पीपुल्स कान्फ्रेंस ने भी तब बीजेपी के 25 सदस्यों और अन्य 18 सदस्यों की मदद से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. बहरहाल राज्यपाल ने यह कहते हुए विधानसभा भंग कर दी कि इससे विधायकों की खरीदो फरोख्त होगी और स्थिर सरकार नहीं बन पाएगी.    अगर राज्य में चुनावों की घोषणा नहीं की गई तो वहां राष्ट्रपति शासन अगले छह महीने तक चलेगा. (इनपुट भाषा से)
यह एक सारांश है: जम्मू-कश्मीर में छह महीने का राज्यपाल शासन पूरा हुआ राज्य में मध्यरात्रि से राष्ट्रपति शासन प्रभावी हुआ अब पीएम के नेतृत्व में मंत्रि परिषद राष्ट्रपति को मदद करेगी
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) के अध्यक्ष गयूरुल हसन रिजवी ने रविवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के अयोध्या पर आए फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करना मुस्लिमों के हित में नहीं होगा और इससे दोनों समुदायों के बीच एकता को ''नुकसान' पहुंचेगा. अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख ने कहा कि पुनर्विचार याचिका दायर करने से हिंदुओं के बीच ऐसा संदेश जाएगा कि वे राम मंदिर के निर्माण के रास्ते में रोड़े अटका रहे हैं. उन्होंने मुस्लिम पक्ष से मस्जिद के लिए दी गई पांच एकड़ की वैकल्पिक भूमि को स्वीकार करने का भी अनुरोध किया.  उन्होंने कहा कि ऐसा करना न्यायपालिका का सम्मान होगा. रिजवी ने कहा कि एनसीएम ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद एक बैठक की थी और उसके सभी सदस्यों ने एक सुर में कहा था कि फैसले को स्वीकार करना चाहिए. एनसीएम अध्यक्ष ने कहा कि मुस्लिमों को अयोध्या में मंदिर बनाने में मदद करनी चाहिए जबकि हिंदुओं को मस्जिद के निर्माण में मदद करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह दोनों समुदायों के बीच सामाजिक सौहार्द्र को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा. रिजवी के अनुसार, पुनर्विचार याचिका दायर करने से हिंदुओं के बीच यह संदेश जाएगा कि मुस्लिम समुदाय अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की राह में रोड़े अटकाना चाहता है. उन्होंने कहा कि इससे हिंदू-मुस्लिम एकता को ''नुकसान' पहुंचेगा. उन्होंने कहा, ''पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) और जमीयत उलेमा-ए-हिंद समेत सभी पक्षों ने वादा किया था कि उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले का सम्मान किया जाएगा''. उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएमपीएलबी और जमीयत जैसे मुस्लिम संगठन अपने वादे से मुकर रहे हैं. रिजवी ने पूछा, ''सिर्फ अभी नहीं बल्कि कई वर्षों से वे कह रहे हैं कि वे उच्चतम न्यायालय के फैसले को स्वीकार करेंगे तो फिर पुनर्विचार की क्या जरूरत है?'' उन्होंने पूछा कि पुनर्विचार याचिका दायर करने का क्या औचित्य है जब वे भी कह रहे हैं कि याचिका ''100 फीसदी'' खारिज कर दी जाएगी. एनसीएम प्रमुख ने कहा, ''इस देश का आम मुस्लिम पुनर्विचार याचिका के पक्ष में नहीं है क्योंकि वह नहीं चाहता कि जो मामले सुलझ गए है उन्हें फिर उठाया जाए और समुदाय ऐसी चीजों में फंसे''. रिजवी ने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत एआईएमपीएलबी के सिर्फ चार-पांच सदस्य ही पुनर्विचार याचिका के पक्ष में हैं. एनसीएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि ओवैसी मुस्लिमों का इस्तेमाल करके राजनीति करते हैं और वह ''उन्हें ऐसे मुद्दों में उलझाए रखना चाहते हैं ताकि उन्हें वोट मिल सकें''.
यहाँ एक सारांश है:रिजवी ने कहा पुनर्विचार याचिका दायर करना मुस्लिमों के हित में नहीं होगा SC के आदेश के बाद एक NCM ने की थी एक बैठक बैठक में सबने कहा था कि SC के फैसले को स्वीकार करना चाहिए
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: डीजीसीए ने किंगफिशर एयरलाइंस के सीईओ संजय अग्रवाल को समन किया है। पहले से जानकारी दिए बिना उड़ानें रद्द किए जाने पर डीजीसीए किंगफिशर से नाराज है। डीजीसीए के चीफ भारत भूषण ने कहा है कि उन्हें बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने की रिपोर्ट मिली है। उन्होंने कहा कि किंगफिशर को अपनी फ्लाइट्स की कटौती के बारे में पहले से सूचना देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया जो कि नियमों का उल्लंघन है।टिप्पणियां मुंबई से आज अब तक 16 फ्लाइट्स रद्द की गई हैं जिन मुसाफिरों को आखिरी वक्त में फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी मिल रही है वह एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि एयरलाइंस को आज ही उनकी यात्रा का इंतजाम करना होगा। इस तरह की स्थिति अगले चार दिन तक जारी रहेगी। इसकी एक वजह पक्षियों का विमानों से टकराना भी है। किंगफिशर भले ही पक्षियों के टकराने को एक वजह बता रही है लेकिन ताजा संकट की असली वजह कुछ और ही है। दरअसल, इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी के कई खातें सील कर दिए हैं। ऐसा किंगफिशर के बकाया न चुकाने की वजह से किया गया है। इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स विभागों का किंगफिशर पर 190 करोड़ बकाया है। यह पैसा कंपनी के कर्मचारियों की तन्ख्वाह में टैक्स या टीडीएस के तौर पर काटा गया। नियम के खिलाफ जाकर किंगफिशर ने यह पैसा आयकर विभाग के पास जमा नहीं कराया। किंगफिशर भारी घाटे से गुजर रही है और चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसने 444 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है। 2010−2011 के दौरान कंपनी का कुल घाटा 1027 करोड़ रुपये था। किंगफ़िशर पर कुल 7057 करोड़ रुपये का कर्ज है। मुंबई से आज अब तक 16 फ्लाइट्स रद्द की गई हैं जिन मुसाफिरों को आखिरी वक्त में फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी मिल रही है वह एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि एयरलाइंस को आज ही उनकी यात्रा का इंतजाम करना होगा। इस तरह की स्थिति अगले चार दिन तक जारी रहेगी। इसकी एक वजह पक्षियों का विमानों से टकराना भी है। किंगफिशर भले ही पक्षियों के टकराने को एक वजह बता रही है लेकिन ताजा संकट की असली वजह कुछ और ही है। दरअसल, इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी के कई खातें सील कर दिए हैं। ऐसा किंगफिशर के बकाया न चुकाने की वजह से किया गया है। इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स विभागों का किंगफिशर पर 190 करोड़ बकाया है। यह पैसा कंपनी के कर्मचारियों की तन्ख्वाह में टैक्स या टीडीएस के तौर पर काटा गया। नियम के खिलाफ जाकर किंगफिशर ने यह पैसा आयकर विभाग के पास जमा नहीं कराया। किंगफिशर भारी घाटे से गुजर रही है और चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसने 444 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है। 2010−2011 के दौरान कंपनी का कुल घाटा 1027 करोड़ रुपये था। किंगफ़िशर पर कुल 7057 करोड़ रुपये का कर्ज है। इस तरह की स्थिति अगले चार दिन तक जारी रहेगी। इसकी एक वजह पक्षियों का विमानों से टकराना भी है। किंगफिशर भले ही पक्षियों के टकराने को एक वजह बता रही है लेकिन ताजा संकट की असली वजह कुछ और ही है। दरअसल, इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी के कई खातें सील कर दिए हैं। ऐसा किंगफिशर के बकाया न चुकाने की वजह से किया गया है। इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स विभागों का किंगफिशर पर 190 करोड़ बकाया है। यह पैसा कंपनी के कर्मचारियों की तन्ख्वाह में टैक्स या टीडीएस के तौर पर काटा गया। नियम के खिलाफ जाकर किंगफिशर ने यह पैसा आयकर विभाग के पास जमा नहीं कराया। किंगफिशर भारी घाटे से गुजर रही है और चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसने 444 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है। 2010−2011 के दौरान कंपनी का कुल घाटा 1027 करोड़ रुपये था। किंगफ़िशर पर कुल 7057 करोड़ रुपये का कर्ज है।
यह एक सारांश है: डीजीसीए के चीफ भारत भूषण ने कहा है कि उन्हें बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने की रिपोर्ट मिली है। इसके बारे में पहले से सूचना देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया जो कि नियमों का उल्लंघन है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'बिग बॉस 13' (Bigg Boss 13) में रोजाना कोई न कोई धमाल मच रहा है. बीते हफ्ते वीकेंड का वार पर 'बिग बॉस 13' का पहला एलिमिनेशन हुआ, जिसमें कंटेस्टेंट दलजीत कौर और एक्ट्रेस कोएना मित्रा (Koena Mitra) को घर छोड़कर जाना पड़ा. 'बिग बॉस 13' से बाहर होने के बाद एक्ट्रेस कोएना मित्रा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को पहला इंटरव्यू दिया. इस इंटरव्यू में उन्होंने 'बिग बॉस 13' के सफर से जुड़ी कई खास बातें बताईं. लेकिन हैरान करने वाली बात तो यह है कि इंटरव्यू के दौरान कोएना मित्रा ने शो के होस्ट सलमान खान (Salman Khan) पर आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा कि सलमान खान ने उनकी बात न तो सुनी और न ही उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया.  इंटरव्यू के समय कोएना मित्रा (Koena Mitra) ने 'बिग बॉस 13' के बारे में बातचीत करते हुए कहा, "मैं शो से काफी निराश हूं, मुझे लगता है कि वीकेंड का वार एपिसोड में मेरी कहानी को उचित तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया. मेरी कहानी नहीं सुनी गई. होस्ट सलमान खान कंटेस्टेंट शहनाज गिल की साइड ले रहे और उसका बचाव कर रहे थे. जब वो होस्ट हैं तो उनका काम है कि वह हमें प्रस्तुत करें और दोनों तरफ की बातों को सुनें. जब मैं बाहर आई तो मुझे लगा कि दर्शक भी 'बिग बॉस' में वही चीज नोटिस कर रहे हैं जो मैं कर रही थी. दो दिन हो गए हैं, लेकिन लोग अब भी यही बातें कर रहे हैं कि मेरी बात नहीं सुनी गई. जैसे शहनाज ने मेरी आलोचना की, मेरे चेहरे और एक्टिंग स्किल्स का मजाक बनाया. इसके बावजुद सलमान खान ने कहा कि लोग इसे पसंद कर रहे हैं, लेकिन मुझे बताओ कि कितने पढ़े-लिखे लोग इसे पसंद कर रहे हैं." कोएना मित्रा (Koena Mitra) ने आगे कहा, "जैसे ही मैंने शो छोड़ा, मुझे यह महसूस हुआ कि किसी ने भी इसे पसंद नहीं किया. लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं. तो सलमान खान सही चीज का पता कैसे नहीं लगा पाए. वह ऐसा कैसे कह सकते हैं कि यह सब एक सही तरीके में हुआ. क्यों एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की पीठ पीछे उसका मजाक बनाता है. सभी मामलों में मैं उसकी सीनियर हूं और उससे ज्यादा काम किया है. अभी तक शहनाज से जुड़ी कोई विश्वसनीयता नहीं है, यहां तक कि लोगों ने उसे पहली बार 'बिग बॉस 13' के जरिए स्क्रीन पर देखा है. वह उसके बारे में जानते तक नहीं थे. मुझे नहीं लगता कि सलमान खान के अलावा और किसी को शहनाज की एक्टिंग पसंद आई होगी और उन्हें यह अच्छा लगा होगा."
संक्षिप्त पाठ: सलमान खान पर भड़कीं कोएना मित्रा एक्ट्रेस ने कहा, सलमान खान ने शहनाज का साथ दिया शहनाज की साइड लेने का लगाया आरोप
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नीतीश कुमार पटना में जनता दल यूनाइटेड के दफ्तर में सदस्यता अभियान की शुरुआत करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. जब प्रशांत किशोर के मुद्दे पर उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में भाग लेने प्रशांत किशोर आएंगे और वो इस बारे बताएंगे. हालांकि उन्होंने माना कि जो भी पार्टी का कार्य उनके ज़िम्मे हैं उसमें अभी तक पार्टी को दिक़्क़त नहीं आई है. नीतीश कुमार ने माना कि राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में प्रशांत किशोर की अपनी पहचान है और सब लोगों से उनके संबंध हैं. हालांकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) का अन्य दलों के लिए उनकी कंपनी द्वारा किए जाने वाले कार्यों से कोई लेना देना नहीं होता है. नीतीश कुमार ने माना कि जब से तृणमूल कांग्रेस का काम संभालने की बात आई है तब से मीडिया में कई सारे सवाल उठाए जा रहे हैं. इस मुद्दे पर मीडिया में कंफ्यूजन की स्थिति भी बनी है. हालांकि उनका कहना है कि जब आंध्रप्रदेश में वह YSR कांग्रेस का काम संभाल रहे थे, जिसमें उन्हें भारी सफलता मिली है तब इस बारे में किसी ने कोई चर्चा नहीं की, लेकिन लोगों का अभी अचानक इस संबंध में ध्यान पड़ा है. निश्चित रूप से नीतीश का इशारा इस बात को लेकर था कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और BJP दोनों आमने सामने हैं. बिहार में वह BJP के सहयोग से सरकार चला रहे हैं, इसलिए लोग इस मुद्दे पर ज़्यादा सवाल कर रहे हैं.  इसके बाद नीतीश कुमार ने कहा कि हम कुछ नहीं कह सकते, क्योंकि प्रशांत किशोर स्वयं इस बारे में एक्सप्लेन कर देंगे कि उनकी क्या सोच है. लेकिन पार्टी का इन सब चीज़ों से कोई रिश्ता नहीं है और ये मेरी जानकारी में नहीं है. बता दें कि साल 2014 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने आंध्र प्रदेश में जगमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस की 'सुनामी जीत' में अहम भूमिका निभाते हुए फिर से 'अपने बिजनेस' में जोरदार वापसी की थी. प्रशांत किशोर की रणनीति ने उस चंद्रबाबू नायडू को सत्ता से बाहर कर दिया था जो आम चुनाव के परिणाम आने से कुछ दिन पहले पहले तीसरा मोर्चा बनाने की अगुवाई कर रहे थे. प्रशांत किशोर ने साल 2017 में उत्तर प्रदेश में हुए चुनाव में कांग्रेस के लिए रणनीति तैयार की थी, लेकिन तब इस चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह मुंह की खानी पड़ी थी.  बता दें कि बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को नीतीश कुमार ने इस चुनाव बमुश्किल ही कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी. इसके पीछे वजह रही कि नीतीश कुमार पर सहयोगी पार्टी बीजेपी के दबाव में थे. बीजेपी युवाओं के बीच जेडीयू के विस्तार की प्रशांत किशोर की योजना को लेकर नाराज थी. इस पर नीतीश कुमार ने बीजेपी की असहजता को तेजी से समझते हुए उसकी चिंता की अनदेखी करने के बजाय अपने उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को ही किनारे करने का फैसला लिया.
यह एक सारांश है: नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशांत खुद इस बारे में करेंगे एक्सप्लेन नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं पता दो दिन पहले ही प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी में हुई है 'डील'
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चार दिन पहले बंगाल की खाड़ी में लापता हुए भारतीय वायुसेना के विमान एएन-32 का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। विमान में 29 लोग सवार थे। पिछले चार दिन से बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे खोज एवं बचाव अभियान के बाद भी मलबे या जीवित बचे लोगों का कुछ पता नहीं चल सका है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में विमान की खोज का दायरा और बढ़ा दिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। विमान की खोज में लगे 17 जहाज, एक पनडुब्‍बी और 23 विमान समुद्र की सतह पर लापता विमान के मलबे का पता लगाने में नाकाम रहे हैं। इसलिए अब यह पूरा अभियान विमान में लगे ‘इमरजेंसी लोकेटेर ट्रांसमीटर’ (ईएलटी) से मिलने वाले किसी सिग्‍नल पर भी निर्भर है। गौरतलब है कि चेन्‍नई से पोर्ट ब्‍लेयर जा रहा विमान बिना कोई इमरजेंसी सिग्‍नल दिए ही अचानक लापता हो गया था। रूस के बने एएन-32 विमान में लगे ‘इमरजेंसी लोकेटेर ट्रांसमीटर’ कुछ इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि जैसे ही एक निश्चित बल के साथ ये पानी से टकराए, उसी क्षण से ये एक प्रकार का सिग्‍नल भेजना शुरू कर दे। ईएलटी की बैटरी लाइफ करीब एक महीने की है। दूसरे शब्‍दों में कहें तो यह करीब एक महीने तक एक तय फ्रिक्‍वेंसी पर सिग्‍नल भेजता रहेगा जिसे नौसेना के युद्धपोत, पनडुब्बियां और कोस्‍ट गार्ड के जहाज अपने सोनार सिस्‍टम के जरिए पकड़ने की कोशिश करेंगे। पर यहां एक असली चुनौती है - इस इलाके में समुद्र की गहराई करीब 3.5 किलोमीटर तक है, जहां जबरदस्‍त समुद्री दबाव होगा, इसका मतलब है एक छोटे बक्‍से के आकार के एलटीई के टूट जाने का खतरा है, मुख्‍य रूप से अगर यह विमान के क्रैश होने के समय ही क्षतिग्रस्‍त हो गया हो। ईएलटी से मिलने वाले सिग्‍नल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है अगर यह विमान के मलबे के नीचे दब गया हो।टिप्पणियां इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। पिछले वर्ष कोस्‍ट गार्ड का डॉर्नियर विमान बंगाल की खाड़ी में ही दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। दुर्घटना के 33 दिन के बाद विमान के ईएलटी से मिले एक कमजोर से सिग्‍नल की मदद से उसका मलबा बरामद किया जा सका था। उस समय एक समुद्री टोही विमान ने रुक रुक आ रहे सिग्‍नल का पता लगाया था। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक पनडुब्बी ओलंपिक कैनियन ने तलाशी को पुख्ता किया। ओलंपिक कैनियन पर एक अंडरवाटर रोवर होता है। जिसने पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय कोस्ट गार्ड के डोर्नियर विमान का मलबा तलाशने में मदद की थी। कैनियन को मलबे की सही सही जानकारी भारतीय नौसेना की एक 'किलो' क्‍लास पनडुब्‍बी ने दी थी। जिसने डोर्नियर के ईएलटी सिग्लन पकड़े थे। बता दें कि ओलंपिक कैनियन को फिलहाल भारतीय समुद्र में तैनात नहीं किया गया है।   लापता एएन 32 के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है और अभी तक इसे रोका नहीं गया है। तलाशी अभियान में जुटे विमानों और इसरो के उपग्रहों पर लगे अत्‍याधुनिक सिस्‍टम एवं सेंसरों का कोई अभाव नहीं है। नौसेना के नए नवेले बोइंग पी8-I विमान और इसरो के विशेष उपग्रह सिंथेटिक अपर्चर रेडार से लैस हैं जो समुद्र की सतह की बेहद उच्‍च रिजोल्‍यूशन की तस्‍वीरें उपलब्‍ध कराते हैं। ये समुद्र में तैरने वाले धातु की वस्‍तुओं का भी खुद ब खुद पता लगा लेते हैं। इन सब के अलावा पी8 में मैग्‍नेटिक एनॉमॉली डिटेक्‍टर (एमएडी) लगे हैं, जो खासतौर पर पानी के अंदर धातु की चीजों का पता लगाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। साथ ही एक दर्जन से ज्‍यादा जहाज अपने अपने सोनार सिस्‍टम से लापता विमान के ईएलटी से मिलने वाले किसी भी सिग्‍नल को पकड़ने में लगे हैं। विमान के मलबे की तलाश तब और मुश्किल हो जाएगी जब उसके ईएलटी से किसी भी तरह का सिग्‍नल नहीं मिलेगा। साल 2009 में ब्राजील के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्‍त हुए एयर फ्रांस के एएफ-447 विमान के मलबे को ढूंढने में जांचकर्ताओं को दो साल से ज्‍यादा का वक्‍त लगा था। इस काम को विशेष रूप से इसी उद्देश्‍य के लिए तैयार किए जहाजों में लगे साइड सोनार स्‍कैंस की मदद से अंजाम दिया गया था। तमाम अंतरराष्‍ट्रीय खोज अभियानों के बावजूद 2014 में कुआलालंपुर से उड़ान भरने के बाद लापता मलेशियाई विमान MH-370 का आज तक पता नहीं चल पाया है। विमान की खोज में लगे 17 जहाज, एक पनडुब्‍बी और 23 विमान समुद्र की सतह पर लापता विमान के मलबे का पता लगाने में नाकाम रहे हैं। इसलिए अब यह पूरा अभियान विमान में लगे ‘इमरजेंसी लोकेटेर ट्रांसमीटर’ (ईएलटी) से मिलने वाले किसी सिग्‍नल पर भी निर्भर है। गौरतलब है कि चेन्‍नई से पोर्ट ब्‍लेयर जा रहा विमान बिना कोई इमरजेंसी सिग्‍नल दिए ही अचानक लापता हो गया था। रूस के बने एएन-32 विमान में लगे ‘इमरजेंसी लोकेटेर ट्रांसमीटर’ कुछ इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि जैसे ही एक निश्चित बल के साथ ये पानी से टकराए, उसी क्षण से ये एक प्रकार का सिग्‍नल भेजना शुरू कर दे। ईएलटी की बैटरी लाइफ करीब एक महीने की है। दूसरे शब्‍दों में कहें तो यह करीब एक महीने तक एक तय फ्रिक्‍वेंसी पर सिग्‍नल भेजता रहेगा जिसे नौसेना के युद्धपोत, पनडुब्बियां और कोस्‍ट गार्ड के जहाज अपने सोनार सिस्‍टम के जरिए पकड़ने की कोशिश करेंगे। पर यहां एक असली चुनौती है - इस इलाके में समुद्र की गहराई करीब 3.5 किलोमीटर तक है, जहां जबरदस्‍त समुद्री दबाव होगा, इसका मतलब है एक छोटे बक्‍से के आकार के एलटीई के टूट जाने का खतरा है, मुख्‍य रूप से अगर यह विमान के क्रैश होने के समय ही क्षतिग्रस्‍त हो गया हो। ईएलटी से मिलने वाले सिग्‍नल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है अगर यह विमान के मलबे के नीचे दब गया हो।टिप्पणियां इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। पिछले वर्ष कोस्‍ट गार्ड का डॉर्नियर विमान बंगाल की खाड़ी में ही दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। दुर्घटना के 33 दिन के बाद विमान के ईएलटी से मिले एक कमजोर से सिग्‍नल की मदद से उसका मलबा बरामद किया जा सका था। उस समय एक समुद्री टोही विमान ने रुक रुक आ रहे सिग्‍नल का पता लगाया था। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक पनडुब्बी ओलंपिक कैनियन ने तलाशी को पुख्ता किया। ओलंपिक कैनियन पर एक अंडरवाटर रोवर होता है। जिसने पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय कोस्ट गार्ड के डोर्नियर विमान का मलबा तलाशने में मदद की थी। कैनियन को मलबे की सही सही जानकारी भारतीय नौसेना की एक 'किलो' क्‍लास पनडुब्‍बी ने दी थी। जिसने डोर्नियर के ईएलटी सिग्लन पकड़े थे। बता दें कि ओलंपिक कैनियन को फिलहाल भारतीय समुद्र में तैनात नहीं किया गया है।   लापता एएन 32 के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है और अभी तक इसे रोका नहीं गया है। तलाशी अभियान में जुटे विमानों और इसरो के उपग्रहों पर लगे अत्‍याधुनिक सिस्‍टम एवं सेंसरों का कोई अभाव नहीं है। नौसेना के नए नवेले बोइंग पी8-I विमान और इसरो के विशेष उपग्रह सिंथेटिक अपर्चर रेडार से लैस हैं जो समुद्र की सतह की बेहद उच्‍च रिजोल्‍यूशन की तस्‍वीरें उपलब्‍ध कराते हैं। ये समुद्र में तैरने वाले धातु की वस्‍तुओं का भी खुद ब खुद पता लगा लेते हैं। इन सब के अलावा पी8 में मैग्‍नेटिक एनॉमॉली डिटेक्‍टर (एमएडी) लगे हैं, जो खासतौर पर पानी के अंदर धातु की चीजों का पता लगाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। साथ ही एक दर्जन से ज्‍यादा जहाज अपने अपने सोनार सिस्‍टम से लापता विमान के ईएलटी से मिलने वाले किसी भी सिग्‍नल को पकड़ने में लगे हैं। विमान के मलबे की तलाश तब और मुश्किल हो जाएगी जब उसके ईएलटी से किसी भी तरह का सिग्‍नल नहीं मिलेगा। साल 2009 में ब्राजील के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्‍त हुए एयर फ्रांस के एएफ-447 विमान के मलबे को ढूंढने में जांचकर्ताओं को दो साल से ज्‍यादा का वक्‍त लगा था। इस काम को विशेष रूप से इसी उद्देश्‍य के लिए तैयार किए जहाजों में लगे साइड सोनार स्‍कैंस की मदद से अंजाम दिया गया था। तमाम अंतरराष्‍ट्रीय खोज अभियानों के बावजूद 2014 में कुआलालंपुर से उड़ान भरने के बाद लापता मलेशियाई विमान MH-370 का आज तक पता नहीं चल पाया है। रूस के बने एएन-32 विमान में लगे ‘इमरजेंसी लोकेटेर ट्रांसमीटर’ कुछ इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि जैसे ही एक निश्चित बल के साथ ये पानी से टकराए, उसी क्षण से ये एक प्रकार का सिग्‍नल भेजना शुरू कर दे। ईएलटी की बैटरी लाइफ करीब एक महीने की है। दूसरे शब्‍दों में कहें तो यह करीब एक महीने तक एक तय फ्रिक्‍वेंसी पर सिग्‍नल भेजता रहेगा जिसे नौसेना के युद्धपोत, पनडुब्बियां और कोस्‍ट गार्ड के जहाज अपने सोनार सिस्‍टम के जरिए पकड़ने की कोशिश करेंगे। पर यहां एक असली चुनौती है - इस इलाके में समुद्र की गहराई करीब 3.5 किलोमीटर तक है, जहां जबरदस्‍त समुद्री दबाव होगा, इसका मतलब है एक छोटे बक्‍से के आकार के एलटीई के टूट जाने का खतरा है, मुख्‍य रूप से अगर यह विमान के क्रैश होने के समय ही क्षतिग्रस्‍त हो गया हो। ईएलटी से मिलने वाले सिग्‍नल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है अगर यह विमान के मलबे के नीचे दब गया हो।टिप्पणियां इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। पिछले वर्ष कोस्‍ट गार्ड का डॉर्नियर विमान बंगाल की खाड़ी में ही दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। दुर्घटना के 33 दिन के बाद विमान के ईएलटी से मिले एक कमजोर से सिग्‍नल की मदद से उसका मलबा बरामद किया जा सका था। उस समय एक समुद्री टोही विमान ने रुक रुक आ रहे सिग्‍नल का पता लगाया था। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक पनडुब्बी ओलंपिक कैनियन ने तलाशी को पुख्ता किया। ओलंपिक कैनियन पर एक अंडरवाटर रोवर होता है। जिसने पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय कोस्ट गार्ड के डोर्नियर विमान का मलबा तलाशने में मदद की थी। कैनियन को मलबे की सही सही जानकारी भारतीय नौसेना की एक 'किलो' क्‍लास पनडुब्‍बी ने दी थी। जिसने डोर्नियर के ईएलटी सिग्लन पकड़े थे। बता दें कि ओलंपिक कैनियन को फिलहाल भारतीय समुद्र में तैनात नहीं किया गया है।   लापता एएन 32 के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है और अभी तक इसे रोका नहीं गया है। तलाशी अभियान में जुटे विमानों और इसरो के उपग्रहों पर लगे अत्‍याधुनिक सिस्‍टम एवं सेंसरों का कोई अभाव नहीं है। नौसेना के नए नवेले बोइंग पी8-I विमान और इसरो के विशेष उपग्रह सिंथेटिक अपर्चर रेडार से लैस हैं जो समुद्र की सतह की बेहद उच्‍च रिजोल्‍यूशन की तस्‍वीरें उपलब्‍ध कराते हैं। ये समुद्र में तैरने वाले धातु की वस्‍तुओं का भी खुद ब खुद पता लगा लेते हैं। इन सब के अलावा पी8 में मैग्‍नेटिक एनॉमॉली डिटेक्‍टर (एमएडी) लगे हैं, जो खासतौर पर पानी के अंदर धातु की चीजों का पता लगाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। साथ ही एक दर्जन से ज्‍यादा जहाज अपने अपने सोनार सिस्‍टम से लापता विमान के ईएलटी से मिलने वाले किसी भी सिग्‍नल को पकड़ने में लगे हैं। विमान के मलबे की तलाश तब और मुश्किल हो जाएगी जब उसके ईएलटी से किसी भी तरह का सिग्‍नल नहीं मिलेगा। साल 2009 में ब्राजील के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्‍त हुए एयर फ्रांस के एएफ-447 विमान के मलबे को ढूंढने में जांचकर्ताओं को दो साल से ज्‍यादा का वक्‍त लगा था। इस काम को विशेष रूप से इसी उद्देश्‍य के लिए तैयार किए जहाजों में लगे साइड सोनार स्‍कैंस की मदद से अंजाम दिया गया था। तमाम अंतरराष्‍ट्रीय खोज अभियानों के बावजूद 2014 में कुआलालंपुर से उड़ान भरने के बाद लापता मलेशियाई विमान MH-370 का आज तक पता नहीं चल पाया है। पर यहां एक असली चुनौती है - इस इलाके में समुद्र की गहराई करीब 3.5 किलोमीटर तक है, जहां जबरदस्‍त समुद्री दबाव होगा, इसका मतलब है एक छोटे बक्‍से के आकार के एलटीई के टूट जाने का खतरा है, मुख्‍य रूप से अगर यह विमान के क्रैश होने के समय ही क्षतिग्रस्‍त हो गया हो। ईएलटी से मिलने वाले सिग्‍नल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है अगर यह विमान के मलबे के नीचे दब गया हो।टिप्पणियां इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। पिछले वर्ष कोस्‍ट गार्ड का डॉर्नियर विमान बंगाल की खाड़ी में ही दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। दुर्घटना के 33 दिन के बाद विमान के ईएलटी से मिले एक कमजोर से सिग्‍नल की मदद से उसका मलबा बरामद किया जा सका था। उस समय एक समुद्री टोही विमान ने रुक रुक आ रहे सिग्‍नल का पता लगाया था। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक पनडुब्बी ओलंपिक कैनियन ने तलाशी को पुख्ता किया। ओलंपिक कैनियन पर एक अंडरवाटर रोवर होता है। जिसने पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय कोस्ट गार्ड के डोर्नियर विमान का मलबा तलाशने में मदद की थी। कैनियन को मलबे की सही सही जानकारी भारतीय नौसेना की एक 'किलो' क्‍लास पनडुब्‍बी ने दी थी। जिसने डोर्नियर के ईएलटी सिग्लन पकड़े थे। बता दें कि ओलंपिक कैनियन को फिलहाल भारतीय समुद्र में तैनात नहीं किया गया है।   लापता एएन 32 के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है और अभी तक इसे रोका नहीं गया है। तलाशी अभियान में जुटे विमानों और इसरो के उपग्रहों पर लगे अत्‍याधुनिक सिस्‍टम एवं सेंसरों का कोई अभाव नहीं है। नौसेना के नए नवेले बोइंग पी8-I विमान और इसरो के विशेष उपग्रह सिंथेटिक अपर्चर रेडार से लैस हैं जो समुद्र की सतह की बेहद उच्‍च रिजोल्‍यूशन की तस्‍वीरें उपलब्‍ध कराते हैं। ये समुद्र में तैरने वाले धातु की वस्‍तुओं का भी खुद ब खुद पता लगा लेते हैं। इन सब के अलावा पी8 में मैग्‍नेटिक एनॉमॉली डिटेक्‍टर (एमएडी) लगे हैं, जो खासतौर पर पानी के अंदर धातु की चीजों का पता लगाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। साथ ही एक दर्जन से ज्‍यादा जहाज अपने अपने सोनार सिस्‍टम से लापता विमान के ईएलटी से मिलने वाले किसी भी सिग्‍नल को पकड़ने में लगे हैं। विमान के मलबे की तलाश तब और मुश्किल हो जाएगी जब उसके ईएलटी से किसी भी तरह का सिग्‍नल नहीं मिलेगा। साल 2009 में ब्राजील के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्‍त हुए एयर फ्रांस के एएफ-447 विमान के मलबे को ढूंढने में जांचकर्ताओं को दो साल से ज्‍यादा का वक्‍त लगा था। इस काम को विशेष रूप से इसी उद्देश्‍य के लिए तैयार किए जहाजों में लगे साइड सोनार स्‍कैंस की मदद से अंजाम दिया गया था। तमाम अंतरराष्‍ट्रीय खोज अभियानों के बावजूद 2014 में कुआलालंपुर से उड़ान भरने के बाद लापता मलेशियाई विमान MH-370 का आज तक पता नहीं चल पाया है। इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। पिछले वर्ष कोस्‍ट गार्ड का डॉर्नियर विमान बंगाल की खाड़ी में ही दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। दुर्घटना के 33 दिन के बाद विमान के ईएलटी से मिले एक कमजोर से सिग्‍नल की मदद से उसका मलबा बरामद किया जा सका था। उस समय एक समुद्री टोही विमान ने रुक रुक आ रहे सिग्‍नल का पता लगाया था। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक पनडुब्बी ओलंपिक कैनियन ने तलाशी को पुख्ता किया। ओलंपिक कैनियन पर एक अंडरवाटर रोवर होता है। जिसने पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय कोस्ट गार्ड के डोर्नियर विमान का मलबा तलाशने में मदद की थी। कैनियन को मलबे की सही सही जानकारी भारतीय नौसेना की एक 'किलो' क्‍लास पनडुब्‍बी ने दी थी। जिसने डोर्नियर के ईएलटी सिग्लन पकड़े थे। बता दें कि ओलंपिक कैनियन को फिलहाल भारतीय समुद्र में तैनात नहीं किया गया है।   लापता एएन 32 के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है और अभी तक इसे रोका नहीं गया है। तलाशी अभियान में जुटे विमानों और इसरो के उपग्रहों पर लगे अत्‍याधुनिक सिस्‍टम एवं सेंसरों का कोई अभाव नहीं है। नौसेना के नए नवेले बोइंग पी8-I विमान और इसरो के विशेष उपग्रह सिंथेटिक अपर्चर रेडार से लैस हैं जो समुद्र की सतह की बेहद उच्‍च रिजोल्‍यूशन की तस्‍वीरें उपलब्‍ध कराते हैं। ये समुद्र में तैरने वाले धातु की वस्‍तुओं का भी खुद ब खुद पता लगा लेते हैं। इन सब के अलावा पी8 में मैग्‍नेटिक एनॉमॉली डिटेक्‍टर (एमएडी) लगे हैं, जो खासतौर पर पानी के अंदर धातु की चीजों का पता लगाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। साथ ही एक दर्जन से ज्‍यादा जहाज अपने अपने सोनार सिस्‍टम से लापता विमान के ईएलटी से मिलने वाले किसी भी सिग्‍नल को पकड़ने में लगे हैं। विमान के मलबे की तलाश तब और मुश्किल हो जाएगी जब उसके ईएलटी से किसी भी तरह का सिग्‍नल नहीं मिलेगा। साल 2009 में ब्राजील के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्‍त हुए एयर फ्रांस के एएफ-447 विमान के मलबे को ढूंढने में जांचकर्ताओं को दो साल से ज्‍यादा का वक्‍त लगा था। इस काम को विशेष रूप से इसी उद्देश्‍य के लिए तैयार किए जहाजों में लगे साइड सोनार स्‍कैंस की मदद से अंजाम दिया गया था। तमाम अंतरराष्‍ट्रीय खोज अभियानों के बावजूद 2014 में कुआलालंपुर से उड़ान भरने के बाद लापता मलेशियाई विमान MH-370 का आज तक पता नहीं चल पाया है। विमान के मलबे की तलाश तब और मुश्किल हो जाएगी जब उसके ईएलटी से किसी भी तरह का सिग्‍नल नहीं मिलेगा। साल 2009 में ब्राजील के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्‍त हुए एयर फ्रांस के एएफ-447 विमान के मलबे को ढूंढने में जांचकर्ताओं को दो साल से ज्‍यादा का वक्‍त लगा था। इस काम को विशेष रूप से इसी उद्देश्‍य के लिए तैयार किए जहाजों में लगे साइड सोनार स्‍कैंस की मदद से अंजाम दिया गया था। तमाम अंतरराष्‍ट्रीय खोज अभियानों के बावजूद 2014 में कुआलालंपुर से उड़ान भरने के बाद लापता मलेशियाई विमान MH-370 का आज तक पता नहीं चल पाया है।
यह एक सारांश है: विमान की खोज में लगे 17 जहाज, एक पनडुब्‍बी और 23 विमान समुद्र की सतह पर ल विमान में 29 लोग थे सवार तलाशी अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक विमान नहीं मिल जाता
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लीबिया में मुअम्मर गद्दाफी सरकार द्वारा विद्रोहियों के संघर्ष विराम के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद मिसरात में हवाई गतिविधियों और कई अन्य इलाकों में हवाई हमलों की खबर है। गद्दाफी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की कमान नाटो के हाथों में जाने के बाद अमेरिकी सरकार अपने लड़ाकू विमानों और टोमहवाक क्रूज मिसाइलों को हवाई अभियान से हटाने के लिए तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के वायदे के मुताबिक नाटो को अभियान की कमान देने के साथ अमेरिकी सेना सहायक की भूमिका अदा कर रही है। वह विमानों के रखरखाव, निगरानी और ईंधन आदि में मदद कर रहीं है। गद्दाफी के वफादार बलों के कब्जे वाले त्रिपोली के पूर्वी और दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र अल खुम्स और अल रोजबान क्षेत्र में गठबंधन बलों ने शुक्रवार रात हवाई हमला किया। अल खुम्स में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उसने राजधानी से 120 किलोमीटर दूर स्थित नौसेना के स्थानीय शिविर में धमाकों की आवाज सुनी।
गद्दाफी द्वारा विद्रोहियों के संघर्ष विराम के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद मिसरात में हवाई गतिविधियों और कई अन्य इलाकों में हवाई हमलों की खबर है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन शहरयार खान ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और टीम इंडिया को लेकर हैरतअंगेज बयान दिया है. मंगलवार को इस्‍लामाबाद में चैंपियंस ट्रॉफी विजेता पाकिस्‍तानी टीम के सम्‍मान में देश के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा, 'फाइनल में पाकिस्‍तान की जीत के बाद हम टीम इंडिया को द्विपक्षीय सीरीज खेलने की चुनौती देते हैं. वे हमारे खिलाफ नहीं खेलते. हमारी टीम से वे डरते हैं. वे कहते हैं कि हम आपके खिलाफ आईसीसी टूर्नामेंट में खेलेंगे लेकिन इसके अलावा नहीं.' क्रिकेट पोर्टल PakPassion ने शहरयार के हवाले से यह बात कही.टिप्पणियां वैसे हर कोई जानता है कि शहरयार के इस दावे में जरा भी सच्‍चाई नहीं है. टीम इंडिया ने पाकिस्‍तान के खिलाफ हुए पिछले ज्‍यादातर मैचों में जीत हासिल की है. वर्ल्‍डकप में तो पाकिस्‍तानी टीम भारत के खिलाफ जीत के लिए तरस रही है. यह बात अलग है कि ग्रुप मैच में टीम इंडिया के हाथों बुरी तरह पिटने के बाद पाकिस्‍तानी टीम चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 180 रन के बड़े अंतर से जीत हासिल करने में सफल रही थी.विश्‍व क्रिकेट में मौजूदा भारतीय टीम को प्रबल प्रतिद्वंद्वी पाकिस्‍तान की तुलना में बेहद मजबूत माना जाता है. गौरतलब है कि भारतीय टीम ने वर्ष 2007 के बाद से पाकिस्‍तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है. वर्ष 2007 में पाकिस्‍तानी टीम ने भारत का दौरा किया था और पूरी सीरीज खेली थी. इस समारोह में शहरयार ने सरफराज अहमद को तीनों फॉर्मेट, टेस्‍ट, वनडे और टी20 का कप्‍तान बनाने की घोषणा भी की थी. वैसे हर कोई जानता है कि शहरयार के इस दावे में जरा भी सच्‍चाई नहीं है. टीम इंडिया ने पाकिस्‍तान के खिलाफ हुए पिछले ज्‍यादातर मैचों में जीत हासिल की है. वर्ल्‍डकप में तो पाकिस्‍तानी टीम भारत के खिलाफ जीत के लिए तरस रही है. यह बात अलग है कि ग्रुप मैच में टीम इंडिया के हाथों बुरी तरह पिटने के बाद पाकिस्‍तानी टीम चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 180 रन के बड़े अंतर से जीत हासिल करने में सफल रही थी.विश्‍व क्रिकेट में मौजूदा भारतीय टीम को प्रबल प्रतिद्वंद्वी पाकिस्‍तान की तुलना में बेहद मजबूत माना जाता है. गौरतलब है कि भारतीय टीम ने वर्ष 2007 के बाद से पाकिस्‍तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है. वर्ष 2007 में पाकिस्‍तानी टीम ने भारत का दौरा किया था और पूरी सीरीज खेली थी. इस समारोह में शहरयार ने सरफराज अहमद को तीनों फॉर्मेट, टेस्‍ट, वनडे और टी20 का कप्‍तान बनाने की घोषणा भी की थी. गौरतलब है कि भारतीय टीम ने वर्ष 2007 के बाद से पाकिस्‍तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है. वर्ष 2007 में पाकिस्‍तानी टीम ने भारत का दौरा किया था और पूरी सीरीज खेली थी. इस समारोह में शहरयार ने सरफराज अहमद को तीनों फॉर्मेट, टेस्‍ट, वनडे और टी20 का कप्‍तान बनाने की घोषणा भी की थी.
यह एक सारांश है: पाक टीम के सम्‍मान समारोह में शहरयार ने यह बात कही कहा-हम भारत को द्विपक्षीय सीरीज खेलने की चुनौती देते हैं चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में पाकिस्‍तान ने भारत को हराया था
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यदि कल आपको विपक्ष में बैठना पड़ा तो क्या आप अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ इसी तरह के बर्ताव को स्वीकार करेंगे. ठाकरे ने एनईईटी में स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता देने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय छात्रों की कीमत पर बाहरी छात्रों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है. यदि यह स्थिति है तो महाराष्ट्र के छात्रों को कहां दाखिला मिलेगा ? दूध के लिए बेहतर मूल्य की मांग के लिए दुग्धोत्पादकों के आंदोलन को ले कर ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य में अपने किसानों की मदद करने के बजाय अमूल (गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड) जैसी कंपनियों को बढ़ावा देना चाहती है.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है कि राज्य सरकार में मौजूद लोग केंद्र सरकार से मिल रहे आदेशों को लागू करने में व्यस्त हैं. राज्य के कई हिस्सों में दुग्ध उत्पादन करने वाले किसान सोमवार से प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दूध के लिए अधिक मूल्य और पांच रूपये प्रति लीटर की सब्सिडी मांग रहे हैं. खास बात यह है कि मनसे प्रमुख बुधवार से मराठवाड़ा क्षेत्र की यात्रा शुरू कर रहे हैं. (इनपुट भाषा से)      उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है कि राज्य सरकार में मौजूद लोग केंद्र सरकार से मिल रहे आदेशों को लागू करने में व्यस्त हैं. राज्य के कई हिस्सों में दुग्ध उत्पादन करने वाले किसान सोमवार से प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दूध के लिए अधिक मूल्य और पांच रूपये प्रति लीटर की सब्सिडी मांग रहे हैं. खास बात यह है कि मनसे प्रमुख बुधवार से मराठवाड़ा क्षेत्र की यात्रा शुरू कर रहे हैं. (इनपुट भाषा से)      उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है कि राज्य सरकार में मौजूद लोग केंद्र सरकार से मिल रहे आदेशों को लागू करने में व्यस्त हैं. राज्य के कई हिस्सों में दुग्ध उत्पादन करने वाले किसान सोमवार से प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दूध के लिए अधिक मूल्य और पांच रूपये प्रति लीटर की सब्सिडी मांग रहे हैं. खास बात यह है कि मनसे प्रमुख बुधवार से मराठवाड़ा क्षेत्र की यात्रा शुरू कर रहे हैं. (इनपुट भाषा से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज ठाकरे ने कहा सरकार सिर्फ लोगों को बेवकूफ बना रही है ठाकरे ने चुनाव में राम मंदिर के मुद्दे के इस्तेमाल पर रोक की मांग की राज ठाकरे ने सरकार को महंगाई के मुद्दे पर भी घेरा
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संकटग्रस्त भारतीय कंपनी जीएमआर को झटका देते हुए सिंगापुर की एक अदालत ने गुरुवार को कहा कि मालदीव सरकार निजी कंपनी से माले हवाईअड्डा वापस ले सकती है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद के प्रेस सचिव मसूद इमाद ने माले में कहा ‘‘सिंगापुर की अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि मालदीव सरकार को हवाईअड्डा वापस लेने का अधिकार है।’’ उन्होंने कहा ‘‘मालदीव तय समय के अनुसार अधिग्रहण करेगा।’’ मालदीव ने 27 नवंबर को अप्रत्याशित कदम उठाते हुए जीएमआर को मिला तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के कार्यकाल के दौरान 50 करोड़ डॉलर का अनुबंध रद्द कर दिया था। यह परियोजना माले हवाईअड्डे के उन्नयन और नए टर्मिनल के निर्माण से जुड़ी है। सरकार ने कहा था कि वह इस अनुबंध को इसलिए रद्द कर रही है कि इस पर संदेहास्पद स्थिति में हस्ताक्षर हुए और यह अवैध है लेकिन कंपनी ने इस आरोप का कड़ा विरोध किया। परियोजना रद्द होने के बाद जीएमआर ने सिंगापुर उच्च न्यायालय को संपर्क किया जिसने अनुबंध को रद्द किए जाने पर स्थगन आदेश जारी किया। हालांकि मालदीव सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह नोटिस की अवधि खत्म होने के एक दिन बाद शनिवार को जीएमआर से हवाईअड्डे का अधिग्रहण करेगी। आज के आदेश के बाद इमाद ने प्रेट्र से कहा ‘‘हम कानून का उल्लंघन करते हुए कुछ भी नहीं कर रहे। हम सिर्फ कानून का पालन कर रहे हैं। अब सिंगापुर की अदालत ने भी हमें अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है।’’ परियोजना के अनुबंध के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच मतभेद की स्थिति में या तो सिंगापुर या फिर ब्रिटेन का कानून लागू होगा। जीएमआर मामले से अचम्भित भारत सरकार ने मालदीव से कहा कि इस पहल के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। कानून का पालन न होने की स्थिति में सहायता कार्यक्रम को धीमा करने समेत कई विकल्पों पर विचार कर किया जा रहा है।टिप्पणियां भारत ने स्वीकार किया कि मालदीव सरकार का माले हवाईअड्डा निर्माण से जुड़ा जीएमआर का अनुबंध रद्द करने का फैसला घरेलू मामला है लेकिन वह इस बात से चिंतित है कि इसके बहाने भारत विरोधी रुख को हवा दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद के प्रेस सचिव मसूद इमाद ने माले में कहा ‘‘सिंगापुर की अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि मालदीव सरकार को हवाईअड्डा वापस लेने का अधिकार है।’’ उन्होंने कहा ‘‘मालदीव तय समय के अनुसार अधिग्रहण करेगा।’’ मालदीव ने 27 नवंबर को अप्रत्याशित कदम उठाते हुए जीएमआर को मिला तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के कार्यकाल के दौरान 50 करोड़ डॉलर का अनुबंध रद्द कर दिया था। यह परियोजना माले हवाईअड्डे के उन्नयन और नए टर्मिनल के निर्माण से जुड़ी है। सरकार ने कहा था कि वह इस अनुबंध को इसलिए रद्द कर रही है कि इस पर संदेहास्पद स्थिति में हस्ताक्षर हुए और यह अवैध है लेकिन कंपनी ने इस आरोप का कड़ा विरोध किया। परियोजना रद्द होने के बाद जीएमआर ने सिंगापुर उच्च न्यायालय को संपर्क किया जिसने अनुबंध को रद्द किए जाने पर स्थगन आदेश जारी किया। हालांकि मालदीव सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह नोटिस की अवधि खत्म होने के एक दिन बाद शनिवार को जीएमआर से हवाईअड्डे का अधिग्रहण करेगी। आज के आदेश के बाद इमाद ने प्रेट्र से कहा ‘‘हम कानून का उल्लंघन करते हुए कुछ भी नहीं कर रहे। हम सिर्फ कानून का पालन कर रहे हैं। अब सिंगापुर की अदालत ने भी हमें अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है।’’ परियोजना के अनुबंध के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच मतभेद की स्थिति में या तो सिंगापुर या फिर ब्रिटेन का कानून लागू होगा। जीएमआर मामले से अचम्भित भारत सरकार ने मालदीव से कहा कि इस पहल के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। कानून का पालन न होने की स्थिति में सहायता कार्यक्रम को धीमा करने समेत कई विकल्पों पर विचार कर किया जा रहा है।टिप्पणियां भारत ने स्वीकार किया कि मालदीव सरकार का माले हवाईअड्डा निर्माण से जुड़ा जीएमआर का अनुबंध रद्द करने का फैसला घरेलू मामला है लेकिन वह इस बात से चिंतित है कि इसके बहाने भारत विरोधी रुख को हवा दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। उन्होंने कहा ‘‘मालदीव तय समय के अनुसार अधिग्रहण करेगा।’’ मालदीव ने 27 नवंबर को अप्रत्याशित कदम उठाते हुए जीएमआर को मिला तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के कार्यकाल के दौरान 50 करोड़ डॉलर का अनुबंध रद्द कर दिया था। यह परियोजना माले हवाईअड्डे के उन्नयन और नए टर्मिनल के निर्माण से जुड़ी है। सरकार ने कहा था कि वह इस अनुबंध को इसलिए रद्द कर रही है कि इस पर संदेहास्पद स्थिति में हस्ताक्षर हुए और यह अवैध है लेकिन कंपनी ने इस आरोप का कड़ा विरोध किया। परियोजना रद्द होने के बाद जीएमआर ने सिंगापुर उच्च न्यायालय को संपर्क किया जिसने अनुबंध को रद्द किए जाने पर स्थगन आदेश जारी किया। हालांकि मालदीव सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह नोटिस की अवधि खत्म होने के एक दिन बाद शनिवार को जीएमआर से हवाईअड्डे का अधिग्रहण करेगी। आज के आदेश के बाद इमाद ने प्रेट्र से कहा ‘‘हम कानून का उल्लंघन करते हुए कुछ भी नहीं कर रहे। हम सिर्फ कानून का पालन कर रहे हैं। अब सिंगापुर की अदालत ने भी हमें अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है।’’ परियोजना के अनुबंध के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच मतभेद की स्थिति में या तो सिंगापुर या फिर ब्रिटेन का कानून लागू होगा। जीएमआर मामले से अचम्भित भारत सरकार ने मालदीव से कहा कि इस पहल के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। कानून का पालन न होने की स्थिति में सहायता कार्यक्रम को धीमा करने समेत कई विकल्पों पर विचार कर किया जा रहा है।टिप्पणियां भारत ने स्वीकार किया कि मालदीव सरकार का माले हवाईअड्डा निर्माण से जुड़ा जीएमआर का अनुबंध रद्द करने का फैसला घरेलू मामला है लेकिन वह इस बात से चिंतित है कि इसके बहाने भारत विरोधी रुख को हवा दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। सरकार ने कहा था कि वह इस अनुबंध को इसलिए रद्द कर रही है कि इस पर संदेहास्पद स्थिति में हस्ताक्षर हुए और यह अवैध है लेकिन कंपनी ने इस आरोप का कड़ा विरोध किया। परियोजना रद्द होने के बाद जीएमआर ने सिंगापुर उच्च न्यायालय को संपर्क किया जिसने अनुबंध को रद्द किए जाने पर स्थगन आदेश जारी किया। हालांकि मालदीव सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह नोटिस की अवधि खत्म होने के एक दिन बाद शनिवार को जीएमआर से हवाईअड्डे का अधिग्रहण करेगी। आज के आदेश के बाद इमाद ने प्रेट्र से कहा ‘‘हम कानून का उल्लंघन करते हुए कुछ भी नहीं कर रहे। हम सिर्फ कानून का पालन कर रहे हैं। अब सिंगापुर की अदालत ने भी हमें अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है।’’ परियोजना के अनुबंध के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच मतभेद की स्थिति में या तो सिंगापुर या फिर ब्रिटेन का कानून लागू होगा। जीएमआर मामले से अचम्भित भारत सरकार ने मालदीव से कहा कि इस पहल के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। कानून का पालन न होने की स्थिति में सहायता कार्यक्रम को धीमा करने समेत कई विकल्पों पर विचार कर किया जा रहा है।टिप्पणियां भारत ने स्वीकार किया कि मालदीव सरकार का माले हवाईअड्डा निर्माण से जुड़ा जीएमआर का अनुबंध रद्द करने का फैसला घरेलू मामला है लेकिन वह इस बात से चिंतित है कि इसके बहाने भारत विरोधी रुख को हवा दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। परियोजना रद्द होने के बाद जीएमआर ने सिंगापुर उच्च न्यायालय को संपर्क किया जिसने अनुबंध को रद्द किए जाने पर स्थगन आदेश जारी किया। हालांकि मालदीव सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह नोटिस की अवधि खत्म होने के एक दिन बाद शनिवार को जीएमआर से हवाईअड्डे का अधिग्रहण करेगी। आज के आदेश के बाद इमाद ने प्रेट्र से कहा ‘‘हम कानून का उल्लंघन करते हुए कुछ भी नहीं कर रहे। हम सिर्फ कानून का पालन कर रहे हैं। अब सिंगापुर की अदालत ने भी हमें अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है।’’ परियोजना के अनुबंध के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच मतभेद की स्थिति में या तो सिंगापुर या फिर ब्रिटेन का कानून लागू होगा। जीएमआर मामले से अचम्भित भारत सरकार ने मालदीव से कहा कि इस पहल के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। कानून का पालन न होने की स्थिति में सहायता कार्यक्रम को धीमा करने समेत कई विकल्पों पर विचार कर किया जा रहा है।टिप्पणियां भारत ने स्वीकार किया कि मालदीव सरकार का माले हवाईअड्डा निर्माण से जुड़ा जीएमआर का अनुबंध रद्द करने का फैसला घरेलू मामला है लेकिन वह इस बात से चिंतित है कि इसके बहाने भारत विरोधी रुख को हवा दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। आज के आदेश के बाद इमाद ने प्रेट्र से कहा ‘‘हम कानून का उल्लंघन करते हुए कुछ भी नहीं कर रहे। हम सिर्फ कानून का पालन कर रहे हैं। अब सिंगापुर की अदालत ने भी हमें अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है।’’ परियोजना के अनुबंध के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच मतभेद की स्थिति में या तो सिंगापुर या फिर ब्रिटेन का कानून लागू होगा। जीएमआर मामले से अचम्भित भारत सरकार ने मालदीव से कहा कि इस पहल के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। कानून का पालन न होने की स्थिति में सहायता कार्यक्रम को धीमा करने समेत कई विकल्पों पर विचार कर किया जा रहा है।टिप्पणियां भारत ने स्वीकार किया कि मालदीव सरकार का माले हवाईअड्डा निर्माण से जुड़ा जीएमआर का अनुबंध रद्द करने का फैसला घरेलू मामला है लेकिन वह इस बात से चिंतित है कि इसके बहाने भारत विरोधी रुख को हवा दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। जीएमआर मामले से अचम्भित भारत सरकार ने मालदीव से कहा कि इस पहल के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। कानून का पालन न होने की स्थिति में सहायता कार्यक्रम को धीमा करने समेत कई विकल्पों पर विचार कर किया जा रहा है।टिप्पणियां भारत ने स्वीकार किया कि मालदीव सरकार का माले हवाईअड्डा निर्माण से जुड़ा जीएमआर का अनुबंध रद्द करने का फैसला घरेलू मामला है लेकिन वह इस बात से चिंतित है कि इसके बहाने भारत विरोधी रुख को हवा दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। भारत ने स्वीकार किया कि मालदीव सरकार का माले हवाईअड्डा निर्माण से जुड़ा जीएमआर का अनुबंध रद्द करने का फैसला घरेलू मामला है लेकिन वह इस बात से चिंतित है कि इसके बहाने भारत विरोधी रुख को हवा दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डा अनुबंध रद्द मामले में कुछ वाह्य तत्वों की भूमिका की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक स्पष्ट रूप से चीन के शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है।
संक्षिप्त सारांश: संकटग्रस्त भारतीय कंपनी जीएमआर को झटका देते हुए सिंगापुर की एक अदालत ने गुरुवार को कहा कि मालदीव सरकार निजी कंपनी से माले हवाईअड्डा वापस ले सकती है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पर्थ टेस्ट हारने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि वह बल्लेबाजों की नाकामी से आहत हैं। पर्थ के वेस्टर्न आस्ट्रेलिया क्रिकेट एसोसिएशन (वाका) मैदान पर खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मैच के तीसरे ही दिन रविवार को पारी और 37 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ मेजबान टीम चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 3-0 से आगे हो गई है। पर्थ टेस्ट हारने के बाद धोनी ने कहा, "हम अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की। वार्नर की पारी की बदौलत हम मुकाबले से दूर चले गए।" ऑस्ट्रेलिया की ओर से वार्नर ने पहली पारी में 180 रन बनाए थे। वार्नर को उनकी शानदार पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया। बकौल धोनी, "बल्लेबाजों की नाकामी से निश्चिततौर पर हम आहत हैं।" टिप्पणियां धोनी ने वरिष्ठ खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा, " क्लास हमेशा उनके साथ है। उनके पास अनुभव है।" उल्लेखनीय है कि विदेशी जमीं पर भारतीय टीम लगातार सातवीं बार टेस्ट मैच हारी है। इससे पहले, इंग्लैंड में खेली गई श्रृंखला में भारत को 0-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। पर्थ के वेस्टर्न आस्ट्रेलिया क्रिकेट एसोसिएशन (वाका) मैदान पर खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मैच के तीसरे ही दिन रविवार को पारी और 37 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ मेजबान टीम चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 3-0 से आगे हो गई है। पर्थ टेस्ट हारने के बाद धोनी ने कहा, "हम अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की। वार्नर की पारी की बदौलत हम मुकाबले से दूर चले गए।" ऑस्ट्रेलिया की ओर से वार्नर ने पहली पारी में 180 रन बनाए थे। वार्नर को उनकी शानदार पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया। बकौल धोनी, "बल्लेबाजों की नाकामी से निश्चिततौर पर हम आहत हैं।" टिप्पणियां धोनी ने वरिष्ठ खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा, " क्लास हमेशा उनके साथ है। उनके पास अनुभव है।" उल्लेखनीय है कि विदेशी जमीं पर भारतीय टीम लगातार सातवीं बार टेस्ट मैच हारी है। इससे पहले, इंग्लैंड में खेली गई श्रृंखला में भारत को 0-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। पर्थ टेस्ट हारने के बाद धोनी ने कहा, "हम अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की। वार्नर की पारी की बदौलत हम मुकाबले से दूर चले गए।" ऑस्ट्रेलिया की ओर से वार्नर ने पहली पारी में 180 रन बनाए थे। वार्नर को उनकी शानदार पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया। बकौल धोनी, "बल्लेबाजों की नाकामी से निश्चिततौर पर हम आहत हैं।" टिप्पणियां धोनी ने वरिष्ठ खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा, " क्लास हमेशा उनके साथ है। उनके पास अनुभव है।" उल्लेखनीय है कि विदेशी जमीं पर भारतीय टीम लगातार सातवीं बार टेस्ट मैच हारी है। इससे पहले, इंग्लैंड में खेली गई श्रृंखला में भारत को 0-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से वार्नर ने पहली पारी में 180 रन बनाए थे। वार्नर को उनकी शानदार पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया। बकौल धोनी, "बल्लेबाजों की नाकामी से निश्चिततौर पर हम आहत हैं।" टिप्पणियां धोनी ने वरिष्ठ खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा, " क्लास हमेशा उनके साथ है। उनके पास अनुभव है।" उल्लेखनीय है कि विदेशी जमीं पर भारतीय टीम लगातार सातवीं बार टेस्ट मैच हारी है। इससे पहले, इंग्लैंड में खेली गई श्रृंखला में भारत को 0-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। धोनी ने वरिष्ठ खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा, " क्लास हमेशा उनके साथ है। उनके पास अनुभव है।" उल्लेखनीय है कि विदेशी जमीं पर भारतीय टीम लगातार सातवीं बार टेस्ट मैच हारी है। इससे पहले, इंग्लैंड में खेली गई श्रृंखला में भारत को 0-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उल्लेखनीय है कि विदेशी जमीं पर भारतीय टीम लगातार सातवीं बार टेस्ट मैच हारी है। इससे पहले, इंग्लैंड में खेली गई श्रृंखला में भारत को 0-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
यह एक सारांश है: पर्थ टेस्ट हारने के बाद धोनी ने कहा, 'हम अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की।'
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के पास मेडचल मंडल के मजदूरों की एक कॉलोनी में शनिवार दोपहर आग लगने से चार बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि आग अपराह्न करीब एक बजे लगी, जिसमें गुंडलापोचामपल्ली गांव की करीब 100 झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं। आग के कारण के बारे में पूछे जाने पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘अब तक वास्तिवक कारण का पता नहीं चला है। झोपड़ियों में कुछ गैस सिलेंडर फटने के साथ ही आग तुरंत फैल गई।’’ साइबराबाद के पुलिस आयुक्त सी द्वारका तिरूमला राव ने बताया कि चार बच्चों और दो महिलाओं सहित सात व्यक्तियों की जलकर मौत हो गई, जो महबूबनगर और मेडक जिलों के थे और निर्माण कार्य करते थे। आग के कारण के बारे में पूछे जाने पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘अब तक वास्तिवक कारण का पता नहीं चला है। झोपड़ियों में कुछ गैस सिलेंडर फटने के साथ ही आग तुरंत फैल गई।’’ साइबराबाद के पुलिस आयुक्त सी द्वारका तिरूमला राव ने बताया कि चार बच्चों और दो महिलाओं सहित सात व्यक्तियों की जलकर मौत हो गई, जो महबूबनगर और मेडक जिलों के थे और निर्माण कार्य करते थे।
संक्षिप्त सारांश: रंगा रेड्डी जिले के पास मेडचल मंडल के मजदूरों की एक कॉलोनी में शनिवार दोपहर आग लगने से चार बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम न्यूयॉर्क शहर की इमारतों से हटने जा रहा है. समाचार एजेंसी एफे न्यूज के मुताबिक, मैनहट्टन में हडसन नदी के किनारे स्थित इन गगनचुंबी इमारतों में रहने वाले अधिकतर लोगों ने बुधवार को एक याचिका पर हस्ताक्षर किए. इस याचिका में इमारतों के अगले हिस्से से 'ट्रंप प्लेस' हटाने के लिए अभियान शुरू किया गया है. रियल एस्टेट कंपनी 'इक्विटी रेजिडेंशियल' ने ट्रंप का नाम हटाने का फैसला किया. इस ऑनलाइन याचिका पर हाल के कुछ सप्ताह में 1,325 में से 669 रहने वालों ने हस्ताक्षर किएथे. रियल एस्टेट कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, "हम मौजूदा समय में 140, 160 और 180 रीवरसाइड पर स्थित इमारतों के नाम बदलने की प्रक्रिया में हैं. हम सहज व आम नाम खोजने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मौजूदा और भावी नागरिक इससे खुद को जोड़ सकें." लोगों के एक समूह ने अक्टूबर में याचिका अभियान शुरू किया था. उस दौरान राष्ट्रपति चुनाव के अभियान के दौरान ट्रंप का महिलाओं पर भद्दी टिप्पणी वाला एक दशक पुराना वीडियो जारी होने से खासा विवाद हुआ था. टिप्पणियां लोगों ने यह कहते हुए इन इमारतों में रहने से इनकार कर दियाकि वह इस तरह की इमारत में रहने पर शर्मिदा हैं, जिस पर ट्रंप का नाम लिखा है. याचिका के मुताबिक, "ट्रंप का महिलाओं की ओर भद्दा रवैया, नस्लवाद का उनका इतिहास, अप्रवासियों पर विवादास्पद बयान, विकलांगों का मजाक बनाने वाली टिप्पिणयां, कर चोरी के मामले और उनका झूठ बोलना उन मूल्यों के खिलाफ है, जिसमें हम और हमारे परिवार विश्वास करते हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रियल एस्टेट कंपनी 'इक्विटी रेजिडेंशियल' ने ट्रंप का नाम हटाने का फैसला किया. इस ऑनलाइन याचिका पर हाल के कुछ सप्ताह में 1,325 में से 669 रहने वालों ने हस्ताक्षर किएथे. रियल एस्टेट कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, "हम मौजूदा समय में 140, 160 और 180 रीवरसाइड पर स्थित इमारतों के नाम बदलने की प्रक्रिया में हैं. हम सहज व आम नाम खोजने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मौजूदा और भावी नागरिक इससे खुद को जोड़ सकें." लोगों के एक समूह ने अक्टूबर में याचिका अभियान शुरू किया था. उस दौरान राष्ट्रपति चुनाव के अभियान के दौरान ट्रंप का महिलाओं पर भद्दी टिप्पणी वाला एक दशक पुराना वीडियो जारी होने से खासा विवाद हुआ था. टिप्पणियां लोगों ने यह कहते हुए इन इमारतों में रहने से इनकार कर दियाकि वह इस तरह की इमारत में रहने पर शर्मिदा हैं, जिस पर ट्रंप का नाम लिखा है. याचिका के मुताबिक, "ट्रंप का महिलाओं की ओर भद्दा रवैया, नस्लवाद का उनका इतिहास, अप्रवासियों पर विवादास्पद बयान, विकलांगों का मजाक बनाने वाली टिप्पिणयां, कर चोरी के मामले और उनका झूठ बोलना उन मूल्यों के खिलाफ है, जिसमें हम और हमारे परिवार विश्वास करते हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोगों के एक समूह ने अक्टूबर में याचिका अभियान शुरू किया था. उस दौरान राष्ट्रपति चुनाव के अभियान के दौरान ट्रंप का महिलाओं पर भद्दी टिप्पणी वाला एक दशक पुराना वीडियो जारी होने से खासा विवाद हुआ था. टिप्पणियां लोगों ने यह कहते हुए इन इमारतों में रहने से इनकार कर दियाकि वह इस तरह की इमारत में रहने पर शर्मिदा हैं, जिस पर ट्रंप का नाम लिखा है. याचिका के मुताबिक, "ट्रंप का महिलाओं की ओर भद्दा रवैया, नस्लवाद का उनका इतिहास, अप्रवासियों पर विवादास्पद बयान, विकलांगों का मजाक बनाने वाली टिप्पिणयां, कर चोरी के मामले और उनका झूठ बोलना उन मूल्यों के खिलाफ है, जिसमें हम और हमारे परिवार विश्वास करते हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोगों ने यह कहते हुए इन इमारतों में रहने से इनकार कर दियाकि वह इस तरह की इमारत में रहने पर शर्मिदा हैं, जिस पर ट्रंप का नाम लिखा है. याचिका के मुताबिक, "ट्रंप का महिलाओं की ओर भद्दा रवैया, नस्लवाद का उनका इतिहास, अप्रवासियों पर विवादास्पद बयान, विकलांगों का मजाक बनाने वाली टिप्पिणयां, कर चोरी के मामले और उनका झूठ बोलना उन मूल्यों के खिलाफ है, जिसमें हम और हमारे परिवार विश्वास करते हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इमारतों में रहने वाले लोगों ने याचिका में नाम हटाने का किया समर्थन याचिका में इमारतों के अगले हिस्से से 'ट्रंप प्लेस' हटाने के लिए अभियान शु रियल एस्टेट कंपनी 'इक्विटी रेजिडेंशियल' ने ट्रंप का नाम हटाने का फैसला कि
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शिवसेना के सांसद रवींद्र गायकवाड़ और एयर इंडिया के बीच हुआ विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ कि एक और सांसद विवाद में घिर गई हैं. इस बार तृणमूल सांसद डोला सेन पर आरोप है कि उन्‍होंने व्‍हील चेयर पर चलने वाली अपनी मां के लिए सीट को लेकर हुए विवाद के चलते दिल्‍ली से कोलकाता जाने वाले एयर इंडिया के विमान की उड़ान में 20 मिनट की देरी कराई. सांसद सेन अपनी मां के लिए आपातकालीन निकास वाली सीट चाह र‍ही थीं, लेकिन विमानन कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि सुरक्षा कारणों से व्‍हील चेयर वाले यात्री को यह सीट नहीं दी जा सकती. इसी बात को लेकर विवाद हो गया. अंतत: सांसद की मां को किसी और सीट पर बिठाया गया, लेकिन इस सब में विमान की उड़ान में 20 मिनट की देरी हो गई.टिप्पणियां यह घटना ठीक उसी दिन हुई दिन हुई जब राष्‍ट्रीय विमानन कंपनी ने शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ पर से बैन हटाया है. गायकवाड़ ने पिछले महीने कंपनी के एक मैनेजर के साथ मारपीट की थी और कैमरे के सामने भी शेखी बघारते हुए कहा था, 'मैंने उसे चप्‍पल से 25 बार मारा.' उन पर से बैन तभी हट पाया जब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को चिट्ठी लिखकर बैन हटाने का निर्देश दिया. राष्‍ट्रीय विमानन कंपनी का निजी कंपनियों ने भी साथ दिया था और उनको ब्‍लैकलिस्‍ट कर दिया था. शुक्रवार की सुबह भी एयर इंडिया ने बताया कि कंपनी ने इसी महीने के गायकवाड़ के टिकट रद्द कर दिए. बैन के दौरान गायकवाड़ द्वारा विमान से यात्रा करने की चार कोशिशों को विमानन कंपनियों ने नाकाम कर दिया था. केबिन क्रू यूनियन ने कहा कि जब तक वो माफी नहीं मांग लेते, हम उन्‍हें विमान में नहीं चढ़ने देंगे. यह घटना ठीक उसी दिन हुई दिन हुई जब राष्‍ट्रीय विमानन कंपनी ने शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ पर से बैन हटाया है. गायकवाड़ ने पिछले महीने कंपनी के एक मैनेजर के साथ मारपीट की थी और कैमरे के सामने भी शेखी बघारते हुए कहा था, 'मैंने उसे चप्‍पल से 25 बार मारा.' उन पर से बैन तभी हट पाया जब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को चिट्ठी लिखकर बैन हटाने का निर्देश दिया. राष्‍ट्रीय विमानन कंपनी का निजी कंपनियों ने भी साथ दिया था और उनको ब्‍लैकलिस्‍ट कर दिया था. शुक्रवार की सुबह भी एयर इंडिया ने बताया कि कंपनी ने इसी महीने के गायकवाड़ के टिकट रद्द कर दिए. बैन के दौरान गायकवाड़ द्वारा विमान से यात्रा करने की चार कोशिशों को विमानन कंपनियों ने नाकाम कर दिया था. केबिन क्रू यूनियन ने कहा कि जब तक वो माफी नहीं मांग लेते, हम उन्‍हें विमान में नहीं चढ़ने देंगे. राष्‍ट्रीय विमानन कंपनी का निजी कंपनियों ने भी साथ दिया था और उनको ब्‍लैकलिस्‍ट कर दिया था. शुक्रवार की सुबह भी एयर इंडिया ने बताया कि कंपनी ने इसी महीने के गायकवाड़ के टिकट रद्द कर दिए. बैन के दौरान गायकवाड़ द्वारा विमान से यात्रा करने की चार कोशिशों को विमानन कंपनियों ने नाकाम कर दिया था. केबिन क्रू यूनियन ने कहा कि जब तक वो माफी नहीं मांग लेते, हम उन्‍हें विमान में नहीं चढ़ने देंगे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीट को लेकर सांसद और विमान के कर्मचारियों में हुआ विवाद तृणमूल सांसद की मां कर रही थीं कोलकाता तक की यात्रा शुक्रवार को ही एयर इंडिया ने शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ से बैन हटाया
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाता कंपनी फोर्टिस ने कहा है कि वह अपने सभी स्वास्थ्य सेवा कारोबार का एक कंपनी में एकीकरण करेगी। कंपनी अपना नाम भी फोर्टिस हेल्थकेयर इंडिया से बदलकर फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड करेगी। कंपनी द्वारा जारी बयान में कहा गया, फोर्टिस हेल्थकेयर इंडिया के निदेशक मंडल ने आज कंपनी के मालिकों की एक अन्य कंपनी आरएचसी फाइनेंशियल सर्विसेज (मॉरीशस) लिमिटेड से फोर्टिस हेल्थकेयर इंटरनेशनल का अधिग्रहण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। स्वतंत्र निदेशकों द्वारा नियुक्त एजेंसी कंपनी के मूल्य का आकलन करेगी। एकीकरण के बाद कंपनी के पास 74 से अधिक अस्पताल, 12,000 बिस्तर, 580 प्राथमिक देखभाल केंद्र, 188 डे-केयर स्पेशिलिटी केंद्र, 190 डायग्नोस्टिक केंद्र और 23,000 से अधिक कर्मचारियों का नेटवर्क होगा। इससे यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सबसे बड़े नेटवर्क वाली स्वास्थ्य सेवा कंपनियों में से एक हो जाएगा। एकीकरण के बाद अस्तित्व में आने वाला नया नया ढांचा कंपनी के भारत सहित सम्पपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय कारोबार का प्रबंधन करेगा। एकीकरण के बाद मलविंदर मोहन सिंह कार्यकारी अध्यक्ष होंगे और आदित्य विज भारतीय कारोबार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे। समूह के अध्यक्ष मलविंदर सिंह ने कहा, इस क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण, अधेड़ लोगों की संख्या में वृद्धि और नई स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी उपलब्ध होने के कारण बेहतर स्वास्थ्य सेवा की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है। फोर्टिस इस अवसर को भुनाना चाहता है। इस एकीकरण से हमें इस अवसर का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
यह एक सारांश है: फोर्टिस ने कहा है कि वह अपने सभी स्वास्थ्य सेवा कारोबार का एक कंपनी में एकीकरण करेगी। कंपनी अपना नाम बदलकर फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड करेगी।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव के मौसम में नेता अब एक दूसरे को चुनौती देने में जुट गए हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत हो तो 2019 के चुनाव में बंगाल से चाहे जितनी सीटों से लड़कर दिखाएं. ममता ने कहा कि मोदी नोटबंदी के कदम की तरह यहां फेल हो जाएंगे. मोदी के बंगाल से लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना पर संवाददाताओं के एक खास सवाल के जवाब में बनर्जी ने कहा, "कोई भी व्यक्ति किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकता है. यह एक लोकतांत्रिक अधिकार है. मैं भी वाराणसी से लड़ सकती हूं. लेकिन यदि वह बंगाल से लड़ते हैं तो उनकी स्थिति नोटबंदी जैसी होगी. वह जनता की अदालत में दंडित किए जाएंगे." उन्होंने कहा, "मैं समझती हूं कि देश को उन्होंने जो नुकसान पहुंचाया है, उसके लिए उन्हें लोगों को जवाब देना होगा. वह लड़ें, हमें बहुत खुशी होगी. यदि वह एक सीट से आश्वस्त नहीं हैं, तो सभी 42 सीटों पर लड़ें."
यह एक सारांश है: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर बोला हमला कहा- मैं बनारस से भी लड़ सकती हूं चुनाव हिम्मत है तो पीएम मोदी पश्चिम बंगाल से चुनाव लड़कर दिखाएं
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जैसे आप और हम बॉलीवुड सितारों के फैन हैं. वैसे ही ये सितारे भारतीय क्रिकेट सितारों पर अपनी जान छिड़कते हैं. वैसे भी बॉलीवुड और क्रिकेट का गहरा नाता रहा है. आमिर खान, अमिताभ बच्चन जैसे बड़े सितारों को भी क्रिकेट से खासा लगाव है. इन सबसे भी आगे निकल गए हैं शाहरुख खान, प्रीति जिंटा और जूही चावला, जिन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में टीमें खरीद रखी हैं. प्रीति जिंटा जहां किंग्स इलेवन पंजाब की सह मालिकन हैं, वहीं जूही चावला कोलकाता नाइटराइडर्स में शाहरुख की हिस्सेदार हैं. जूही की टीम के कप्तान गौतम गंभीर हैं और उन्होंने टीम को दो बार चैंपियन भी बनाया है, लेकिन जूही को तो दो अन्य क्रिकेटर ही पसंद हैं... अपनी खास मुस्कान से फैन्स का दिल जीत लेने वाली जूही चावला अब फिल्मों में कम ही नजर आती हैं, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग अब भी है, जबकि खुद जूही किसी और की ही मुरीद हैं. वैसे तो टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का इन दिनों हर कोई फैन नजर आता है, लेकिन जूही चावला के दिल में विराट के लिए भी जगह नहीं है. अब सोच रहे होंगे कि आखिर जूही चावला किन खिलाड़ियों पर फिदा हैं. जूही जिन दो खिलाड़ियों को पसंद करती हैं उनमें से एक तो संन्यास ले चुका है और इस समय मुंबई इंडियन्स टीम का मेंटर है, जबकि दूसरा राइजिंग पुणे सुपरजायंट टीम से खेल रहा है. और हां यह दोनों ही भारतीय हैं... यदि आप अंदाजा नहीं लगा पाए हों, तो हम आपको बताते हैं कि जूही क्रिकेट में किसकी दीवानी हैं. अपनी मोहक अदा से लोगों को रिझाने वाली जूही चावला को क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और टीम इंडिया के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खासे पसंद हैं और उनकी बड़ी फैन हैं.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल में ही एक इंटरव्यू के दौरान जूही चावला ने इसका खुलासा किया. जूही ने कहा, 'वैसे तो देश में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बड़े सितारे हैं.  कई के तो मुझे नाम तक नहीं पता. फिर भी जहां तक मेरी पसंद की बात है, तो मैं सचिन तेंदुलकर और  महेंद्र सिंह धोनी की बहुत बड़ी फैन हूं.' अब फिल्मों में बहुत कम नजर आने वाली जूही चावला ने उद्योगपति जय मेहता से शादी की है. वह शाहरुख के साथ आईपीएल टीम केकेआर की मालिक भी हैं. जूही चावला को आप आईपीएल मैचों में टीम का उत्साह बढ़ाते हुए देख सकते हैं. अपनी खास मुस्कान से फैन्स का दिल जीत लेने वाली जूही चावला अब फिल्मों में कम ही नजर आती हैं, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग अब भी है, जबकि खुद जूही किसी और की ही मुरीद हैं. वैसे तो टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का इन दिनों हर कोई फैन नजर आता है, लेकिन जूही चावला के दिल में विराट के लिए भी जगह नहीं है. अब सोच रहे होंगे कि आखिर जूही चावला किन खिलाड़ियों पर फिदा हैं. जूही जिन दो खिलाड़ियों को पसंद करती हैं उनमें से एक तो संन्यास ले चुका है और इस समय मुंबई इंडियन्स टीम का मेंटर है, जबकि दूसरा राइजिंग पुणे सुपरजायंट टीम से खेल रहा है. और हां यह दोनों ही भारतीय हैं... यदि आप अंदाजा नहीं लगा पाए हों, तो हम आपको बताते हैं कि जूही क्रिकेट में किसकी दीवानी हैं. अपनी मोहक अदा से लोगों को रिझाने वाली जूही चावला को क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और टीम इंडिया के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खासे पसंद हैं और उनकी बड़ी फैन हैं.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल में ही एक इंटरव्यू के दौरान जूही चावला ने इसका खुलासा किया. जूही ने कहा, 'वैसे तो देश में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बड़े सितारे हैं.  कई के तो मुझे नाम तक नहीं पता. फिर भी जहां तक मेरी पसंद की बात है, तो मैं सचिन तेंदुलकर और  महेंद्र सिंह धोनी की बहुत बड़ी फैन हूं.' अब फिल्मों में बहुत कम नजर आने वाली जूही चावला ने उद्योगपति जय मेहता से शादी की है. वह शाहरुख के साथ आईपीएल टीम केकेआर की मालिक भी हैं. जूही चावला को आप आईपीएल मैचों में टीम का उत्साह बढ़ाते हुए देख सकते हैं. अब सोच रहे होंगे कि आखिर जूही चावला किन खिलाड़ियों पर फिदा हैं. जूही जिन दो खिलाड़ियों को पसंद करती हैं उनमें से एक तो संन्यास ले चुका है और इस समय मुंबई इंडियन्स टीम का मेंटर है, जबकि दूसरा राइजिंग पुणे सुपरजायंट टीम से खेल रहा है. और हां यह दोनों ही भारतीय हैं... यदि आप अंदाजा नहीं लगा पाए हों, तो हम आपको बताते हैं कि जूही क्रिकेट में किसकी दीवानी हैं. अपनी मोहक अदा से लोगों को रिझाने वाली जूही चावला को क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और टीम इंडिया के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खासे पसंद हैं और उनकी बड़ी फैन हैं.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल में ही एक इंटरव्यू के दौरान जूही चावला ने इसका खुलासा किया. जूही ने कहा, 'वैसे तो देश में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बड़े सितारे हैं.  कई के तो मुझे नाम तक नहीं पता. फिर भी जहां तक मेरी पसंद की बात है, तो मैं सचिन तेंदुलकर और  महेंद्र सिंह धोनी की बहुत बड़ी फैन हूं.' अब फिल्मों में बहुत कम नजर आने वाली जूही चावला ने उद्योगपति जय मेहता से शादी की है. वह शाहरुख के साथ आईपीएल टीम केकेआर की मालिक भी हैं. जूही चावला को आप आईपीएल मैचों में टीम का उत्साह बढ़ाते हुए देख सकते हैं. यदि आप अंदाजा नहीं लगा पाए हों, तो हम आपको बताते हैं कि जूही क्रिकेट में किसकी दीवानी हैं. अपनी मोहक अदा से लोगों को रिझाने वाली जूही चावला को क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और टीम इंडिया के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खासे पसंद हैं और उनकी बड़ी फैन हैं.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल में ही एक इंटरव्यू के दौरान जूही चावला ने इसका खुलासा किया. जूही ने कहा, 'वैसे तो देश में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बड़े सितारे हैं.  कई के तो मुझे नाम तक नहीं पता. फिर भी जहां तक मेरी पसंद की बात है, तो मैं सचिन तेंदुलकर और  महेंद्र सिंह धोनी की बहुत बड़ी फैन हूं.' अब फिल्मों में बहुत कम नजर आने वाली जूही चावला ने उद्योगपति जय मेहता से शादी की है. वह शाहरुख के साथ आईपीएल टीम केकेआर की मालिक भी हैं. जूही चावला को आप आईपीएल मैचों में टीम का उत्साह बढ़ाते हुए देख सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल में ही एक इंटरव्यू के दौरान जूही चावला ने इसका खुलासा किया. जूही ने कहा, 'वैसे तो देश में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बड़े सितारे हैं.  कई के तो मुझे नाम तक नहीं पता. फिर भी जहां तक मेरी पसंद की बात है, तो मैं सचिन तेंदुलकर और  महेंद्र सिंह धोनी की बहुत बड़ी फैन हूं.' अब फिल्मों में बहुत कम नजर आने वाली जूही चावला ने उद्योगपति जय मेहता से शादी की है. वह शाहरुख के साथ आईपीएल टीम केकेआर की मालिक भी हैं. जूही चावला को आप आईपीएल मैचों में टीम का उत्साह बढ़ाते हुए देख सकते हैं. अब फिल्मों में बहुत कम नजर आने वाली जूही चावला ने उद्योगपति जय मेहता से शादी की है. वह शाहरुख के साथ आईपीएल टीम केकेआर की मालिक भी हैं. जूही चावला को आप आईपीएल मैचों में टीम का उत्साह बढ़ाते हुए देख सकते हैं.
यह एक सारांश है: केकेआर की टीम के मालिक शाहरुख खान हैं केकेआर दो बार आईपीएल चैंपियन रह चुकी है केकेआर के कप्तान गौतम गंभीर हैं
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कालेधन पर अरविंद केजरीवाल के खुलासे पर बीजेपी ने सरकार से मांग की है कि स्विस बैंक में खाता रखने वाले सभी 700 भारतीयों का नाम उजागर किया जाए। यही नहीं उन्होंने एचएसबीसी बैंक के मामले में जांच की भी मांग की।टिप्पणियां बीजेपी ने सरकार से पूछा है कि सरकार ने काला धन लाने के लिए अब तक क्या कदम उठाये हैं। बीजेपी की नेता निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संसद में भी कालेधन का मुद्दा उठाया था, लेकिन उस समय सरकार ने उनका मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज सूरजकुंड में अपना आत्मचिंतन कर रही है, लेकिन उसे सबसे पहले यह बताना चाहिए कि वह कालेधन पर क्या कर रही है? बीजेपी ने सरकार से पूछा है कि सरकार ने काला धन लाने के लिए अब तक क्या कदम उठाये हैं। बीजेपी की नेता निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संसद में भी कालेधन का मुद्दा उठाया था, लेकिन उस समय सरकार ने उनका मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज सूरजकुंड में अपना आत्मचिंतन कर रही है, लेकिन उसे सबसे पहले यह बताना चाहिए कि वह कालेधन पर क्या कर रही है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज सूरजकुंड में अपना आत्मचिंतन कर रही है, लेकिन उसे सबसे पहले यह बताना चाहिए कि वह कालेधन पर क्या कर रही है?
कालेधन पर अरविंद केजरीवाल के खुलासे पर बीजेपी ने सरकार से मांग की है कि स्विस बैंक में खाता रखने वाले सभी 700 भारतीयों का नाम उजागर किया जाए।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. शपथ ग्रहण समारोह में उनके चचेरे भाई राज ठाकरे (Raj Thackeray) भी शिरकत करेंगे. उद्धव ने उन्हें खुद आमंत्रित किया है. महाराष्ट्र में बने नए सियासी समीकरण के बीच उद्धव और राज ठाकरे के रिश्तों में जमी बर्फ भी पिघलती दिख रही है. हालांकि राज ठाकरे लगातार यह दोहराते रहे हैं कि महाराष्ट्र में उनकी लड़ाई सिर्फ कांग्रेस और एनसीपी से है, शिवसेना से नहीं. एनडीटीवी को साल 2014 में दिये एक इंटरव्यू में राज ठाकरे साफ-साफ कहते हैं कि 'मेरी शिवसेना से कोई लड़ाई नहीं है'. डॉ. प्रणव रॉय जब राज ठाकरे से पूछते हैं कि चुनाव में आपका मुख्य प्रतिद्वंदी कौन है? इस सवाल के जवाब में राज ठाकरे कहते हैं, ''कांग्रेस और एनसीपी''. यह पूछने पर कि शिवसेना प्रतिद्वंदी नहीं है, वे कहते हैं 'जी नहीं...बिल्कुल नहीं. ये एक परसेप्शन है. लोगों को लगता है कि मैं उम्मीदवार खड़े कर रहा हूं तो उनके खिलाफ खड़े कर रहा हूं, लेकिन ऐसा नहीं है.' राज ठाकरे (Raj Thackeray) से जब यह पूछा जाता है कि, 'मान लीजिये उद्धव ठाकरे यहां आ जाएं और आपसे हाथ मिला लें तो आप क्या कहेंगे?' इस पर राज ठाकरे कहते हैं 'कैसे हो...' वे आगे कहते हैं, 'पारिवारिक संबंध में कोई बात आती ही नहीं है. अगर प्रॉब्लम हो सकते हैं तो वे राजनीति के हो सकते हैं...चुनाव के हो सकते हैं...अन्यथा इसकी कोई जरूरत नहीं है. राज ठाकरे साफ-साफ कहते हैं कि उद्धव से 'राजनीतिक मतभेद है, व्यक्तिगत नहीं. न ही कोई प्रॉपर्टी का मामला है और न ही कोई और. जब मैं निकला था तो अकेले निकला था.'  वे आगे कहते हैं,  'मैंने कोई चीज नहीं मागी थी. बहुत बार ऐसा होता कि सीट नहीं चुनकर आती है तो उनको (उद्धव को) लगता है कि वोट बंटा है, लेकिन जब उनकी सीट चुनकर आती है तब उन्हें ऐसा नहीं लगता है'. राज ठाकरे (Raj Thackeray) से यह पूछने पर कि 'क्या कभी वे और उद्धव साथ आएंगे?' वे कहते हैं, 'इफ एंड बट में कोई जवाब नहीं हो सकता है. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन राजनीतिक डिफरेंस जो हैं, उनका कुछ नहीं हो सकता है. हर आदमी का अपना स्वभाव होता. उसके हिसाब से काम करता है.'
संक्षिप्त सारांश: उद्धव के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे राज ठाकरे मतभेद के बाद परिवार से अलग हो गए थे राज ठाकरे हालांकि वे कहते रहे हैं कि उनकी लड़ाई शिवसेना से नहीं है
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का वित्त पोषण करने तथा विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्तता से जुड़े मामले में आज यानी सोमवार को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय पर पेश होने को कहा है. तहरीक-ए-हुर्रियत के फारूक अहमद डार उर्फ ‘बिट्टा कराटे’ और जावेद अहमद बाबा उर्फ ‘गाजी’ को अन्य दस्तावेजों सहित कुछ बैंक और संपत्ति के दस्तावेज लेकर एनआईए टीम के समक्ष पेश होने को कहा गया है. गौरतलब है कि महीने के आरंभ में इसी टीम ने दोनों नेताओं से यहां लगातार चार दिन पूछताछ की थी. 26.11 आतंकवादी हमले के बाद गठित केन्द्रीय जांच एजेंसी ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद, हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी, और जम्मू और नेशनल फ्रंट के अध्यक्ष नईम खान का नाम प्रारंभिक जांच में दर्ज किया है, जिसके बाद यह पूछताछ हुई. खान को उस वक्त से गिलानी नेतृत्व वालीे हुर्रियत ने निलंबित कर दिया है. यह मुकदमा समाचर चैनल पर दिखाए गए एक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित है. इसमें खान कथित रूप से यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों से धन मिल रहा है. डार उर्फ 'बिट्टा कराटे' और बाबा उर्फ 'गाजी' का भी नाम प्रारंभिक जांच में है. कश्मीर में आतंकवाद के वित्त पोषण हेतु तथा घाटी में अशांति फैलाने और पथराव करने के लिए हवाला और अन्य माध्यम से धन लेने, एकत्र करने और उसे दूसरी जगह भेजने में कथित संलिप्तता को लेकर इन दोनों से पूछताछ की जाएगी. टिप्पणियां कश्मीर में "अशांति फैलाने के बड़े षड्यंत्र के तहत" घाटी में स्कूलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े हालिया मामलों में आरोपित 13 आरोपियों की जानकारी एनआईए ने जुटाई है. कश्मीर में अपने प्रवास के दौरान अवर महानिदेशक के नेतृत्व वाली टीम ने स्कूलों को जलाने के संबंध में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जमा साक्ष्यों को भी एकत्र किया. स्टिंग ऑपरेशन में खान ने कथित रूप से दावा किया है कि पाकिस्तान द्वारा रचे गये षड्यंत्र के तहत शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है. पिछले वर्ष आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में कई स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 26.11 आतंकवादी हमले के बाद गठित केन्द्रीय जांच एजेंसी ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद, हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी, और जम्मू और नेशनल फ्रंट के अध्यक्ष नईम खान का नाम प्रारंभिक जांच में दर्ज किया है, जिसके बाद यह पूछताछ हुई. खान को उस वक्त से गिलानी नेतृत्व वालीे हुर्रियत ने निलंबित कर दिया है. यह मुकदमा समाचर चैनल पर दिखाए गए एक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित है. इसमें खान कथित रूप से यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों से धन मिल रहा है. डार उर्फ 'बिट्टा कराटे' और बाबा उर्फ 'गाजी' का भी नाम प्रारंभिक जांच में है. कश्मीर में आतंकवाद के वित्त पोषण हेतु तथा घाटी में अशांति फैलाने और पथराव करने के लिए हवाला और अन्य माध्यम से धन लेने, एकत्र करने और उसे दूसरी जगह भेजने में कथित संलिप्तता को लेकर इन दोनों से पूछताछ की जाएगी. टिप्पणियां कश्मीर में "अशांति फैलाने के बड़े षड्यंत्र के तहत" घाटी में स्कूलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े हालिया मामलों में आरोपित 13 आरोपियों की जानकारी एनआईए ने जुटाई है. कश्मीर में अपने प्रवास के दौरान अवर महानिदेशक के नेतृत्व वाली टीम ने स्कूलों को जलाने के संबंध में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जमा साक्ष्यों को भी एकत्र किया. स्टिंग ऑपरेशन में खान ने कथित रूप से दावा किया है कि पाकिस्तान द्वारा रचे गये षड्यंत्र के तहत शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है. पिछले वर्ष आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में कई स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह मुकदमा समाचर चैनल पर दिखाए गए एक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित है. इसमें खान कथित रूप से यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों से धन मिल रहा है. डार उर्फ 'बिट्टा कराटे' और बाबा उर्फ 'गाजी' का भी नाम प्रारंभिक जांच में है. कश्मीर में आतंकवाद के वित्त पोषण हेतु तथा घाटी में अशांति फैलाने और पथराव करने के लिए हवाला और अन्य माध्यम से धन लेने, एकत्र करने और उसे दूसरी जगह भेजने में कथित संलिप्तता को लेकर इन दोनों से पूछताछ की जाएगी. टिप्पणियां कश्मीर में "अशांति फैलाने के बड़े षड्यंत्र के तहत" घाटी में स्कूलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े हालिया मामलों में आरोपित 13 आरोपियों की जानकारी एनआईए ने जुटाई है. कश्मीर में अपने प्रवास के दौरान अवर महानिदेशक के नेतृत्व वाली टीम ने स्कूलों को जलाने के संबंध में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जमा साक्ष्यों को भी एकत्र किया. स्टिंग ऑपरेशन में खान ने कथित रूप से दावा किया है कि पाकिस्तान द्वारा रचे गये षड्यंत्र के तहत शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है. पिछले वर्ष आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में कई स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कश्मीर में "अशांति फैलाने के बड़े षड्यंत्र के तहत" घाटी में स्कूलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े हालिया मामलों में आरोपित 13 आरोपियों की जानकारी एनआईए ने जुटाई है. कश्मीर में अपने प्रवास के दौरान अवर महानिदेशक के नेतृत्व वाली टीम ने स्कूलों को जलाने के संबंध में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जमा साक्ष्यों को भी एकत्र किया. स्टिंग ऑपरेशन में खान ने कथित रूप से दावा किया है कि पाकिस्तान द्वारा रचे गये षड्यंत्र के तहत शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है. पिछले वर्ष आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में कई स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: महीने के आरंभ में NIA ने दोनों नेताओं से लगातार चार दिन पूछताछ की थी यह मुकदमा समाचर चैनल पर दिखाए गए एक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित है डार उर्फ 'बिट्टा कराटे' और बाबा उर्फ 'गाजी' का भी नाम प्रारंभिक जांच में
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सहारा-बिड़ला डायरी में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते वक्त मोदी और अन्‍य नेताओं को करोड़ों की घूस के आरोप के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्‍ठ वकील प्रशंत भूषण को पुख्‍ता सबूतों के साथ शुक्रवार को कोर्ट आने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि 'ये आरोप गंभीर हैं और उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ हैं. आप देश के प्रधानमंत्री पर भी आरोप लगा रहे हैं. ऐसे में इन पर यूं ही आरोप नहीं लगाए जा सकते, अगर पुख्ता सबूत हों तो मामले की आगे सुनवाई करेंगे. अदालत ने कहा, 'आप अगर ऐसे ही आरोप लगाते रहेंगे तो संवैधानिक अथॉरिटी को काम करना मुश्किल हो जाएगा. हमने पहले भी कहा था कि इस मामले में कोई सबूत देंगे तो सुनवाई करेंगे.' प्रशांत भूषण ने जवाब में कहा कि वो पीएम पर आरोप नहीं लगा रहे. दोनों के पास से इंकम टैक्स को ये सारे दस्तावेज मिले हैं. उनके पास 1500 पेज की रिपोर्ट भी है जिस पर वो हलफनामा दाखिल करेंगे. 12 दिसंबर को कोर्ट बंद था इसलिए उन्होंने तय किया कि वो इस रिपोर्ट को खंगालकर हलफनामा दाखिल करेंगे. लिस्ट में अगली तारीख 11 जनवरी दिखाई दे रही थी. कोर्ट ने कहा, 'तारीख 14 दिसंबर पहले से ही तय थी. एक बार हमने जो तारीख दे दी, उसे कोई नहीं बदल सकता. यहां तक कि चीफ जस्टिस कोर्ट बदल सकते हैं लेकिन तारीख नहीं. इसके लिए ज्यादा वक्त नहीं दिया जा सकता. पहले ही कह दिया गया था कि कोई सबूत होगा तो सुनवाई करेंगे.' इस पर प्रशांत भूषण ने कहा कि इतनी जल्दी क्यों है? तो कोर्ट ने कहा कि क्योंकि लोग बड़े पदों के लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. यदि इसी तरह आरोप लगते रहे तो वो काम कैसे करेंगे? पिछली बार शांति भूषण और राम जेठमलानी ने कहा था कि वो सबूत रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में रखेंगे. लोकिन आज दोनों में से कोई नहीं है.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा और बिड़ला ग्रुप द्वारा बड़े नेताओं को करोड़ों रुपये देने के मामले की SIT से जांच कराने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि क्योंकि मामला एक बड़े जनप्रतिनिधि से जुड़ा है, सिर्फ इसलिए मामले की जांच के आदेश नहीं दे सकते. जो कागजात दिए गए हैं, उनके आधार पर जांच नहीं कराई जा सकती क्योंकि सहारा के दस्तावेज तो पहले ही फर्जी पाए गए हैं. हमने ये अपने आदेश में भी कहा था. कोई भी किसी के नाम की कंप्यूटर में एंट्री कर सकता है, इसे तवज्जो नहीं दी सकती. याचिकाकर्ता कोई ठोस सबूत दे तो सुनवाई कर सकते हैं. अगर कोई ठोस दस्तावेज ना मिलें तो मामले को फिर से कोर्ट ना लाएं.' प्रशांत भूषण की याचिका में कहा गया है कि सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड में ये दस्तावेज मिले थे कि उन्होंने कई नेताओं जिनमें कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, को करोड़ों की घूस दी थी. इस मामले की सुप्रीम कोर्ट SIT से जांच कराए. सीबीआई और आयकर के जब्त किए गए कागजातों को कोर्ट में मंगवाया जाए. कोर्ट ने कहा कि 'ये आरोप गंभीर हैं और उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ हैं. आप देश के प्रधानमंत्री पर भी आरोप लगा रहे हैं. ऐसे में इन पर यूं ही आरोप नहीं लगाए जा सकते, अगर पुख्ता सबूत हों तो मामले की आगे सुनवाई करेंगे. अदालत ने कहा, 'आप अगर ऐसे ही आरोप लगाते रहेंगे तो संवैधानिक अथॉरिटी को काम करना मुश्किल हो जाएगा. हमने पहले भी कहा था कि इस मामले में कोई सबूत देंगे तो सुनवाई करेंगे.' प्रशांत भूषण ने जवाब में कहा कि वो पीएम पर आरोप नहीं लगा रहे. दोनों के पास से इंकम टैक्स को ये सारे दस्तावेज मिले हैं. उनके पास 1500 पेज की रिपोर्ट भी है जिस पर वो हलफनामा दाखिल करेंगे. 12 दिसंबर को कोर्ट बंद था इसलिए उन्होंने तय किया कि वो इस रिपोर्ट को खंगालकर हलफनामा दाखिल करेंगे. लिस्ट में अगली तारीख 11 जनवरी दिखाई दे रही थी. कोर्ट ने कहा, 'तारीख 14 दिसंबर पहले से ही तय थी. एक बार हमने जो तारीख दे दी, उसे कोई नहीं बदल सकता. यहां तक कि चीफ जस्टिस कोर्ट बदल सकते हैं लेकिन तारीख नहीं. इसके लिए ज्यादा वक्त नहीं दिया जा सकता. पहले ही कह दिया गया था कि कोई सबूत होगा तो सुनवाई करेंगे.' इस पर प्रशांत भूषण ने कहा कि इतनी जल्दी क्यों है? तो कोर्ट ने कहा कि क्योंकि लोग बड़े पदों के लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. यदि इसी तरह आरोप लगते रहे तो वो काम कैसे करेंगे? पिछली बार शांति भूषण और राम जेठमलानी ने कहा था कि वो सबूत रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में रखेंगे. लोकिन आज दोनों में से कोई नहीं है.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा और बिड़ला ग्रुप द्वारा बड़े नेताओं को करोड़ों रुपये देने के मामले की SIT से जांच कराने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि क्योंकि मामला एक बड़े जनप्रतिनिधि से जुड़ा है, सिर्फ इसलिए मामले की जांच के आदेश नहीं दे सकते. जो कागजात दिए गए हैं, उनके आधार पर जांच नहीं कराई जा सकती क्योंकि सहारा के दस्तावेज तो पहले ही फर्जी पाए गए हैं. हमने ये अपने आदेश में भी कहा था. कोई भी किसी के नाम की कंप्यूटर में एंट्री कर सकता है, इसे तवज्जो नहीं दी सकती. याचिकाकर्ता कोई ठोस सबूत दे तो सुनवाई कर सकते हैं. अगर कोई ठोस दस्तावेज ना मिलें तो मामले को फिर से कोर्ट ना लाएं.' प्रशांत भूषण की याचिका में कहा गया है कि सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड में ये दस्तावेज मिले थे कि उन्होंने कई नेताओं जिनमें कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, को करोड़ों की घूस दी थी. इस मामले की सुप्रीम कोर्ट SIT से जांच कराए. सीबीआई और आयकर के जब्त किए गए कागजातों को कोर्ट में मंगवाया जाए. प्रशांत भूषण ने जवाब में कहा कि वो पीएम पर आरोप नहीं लगा रहे. दोनों के पास से इंकम टैक्स को ये सारे दस्तावेज मिले हैं. उनके पास 1500 पेज की रिपोर्ट भी है जिस पर वो हलफनामा दाखिल करेंगे. 12 दिसंबर को कोर्ट बंद था इसलिए उन्होंने तय किया कि वो इस रिपोर्ट को खंगालकर हलफनामा दाखिल करेंगे. लिस्ट में अगली तारीख 11 जनवरी दिखाई दे रही थी. कोर्ट ने कहा, 'तारीख 14 दिसंबर पहले से ही तय थी. एक बार हमने जो तारीख दे दी, उसे कोई नहीं बदल सकता. यहां तक कि चीफ जस्टिस कोर्ट बदल सकते हैं लेकिन तारीख नहीं. इसके लिए ज्यादा वक्त नहीं दिया जा सकता. पहले ही कह दिया गया था कि कोई सबूत होगा तो सुनवाई करेंगे.' इस पर प्रशांत भूषण ने कहा कि इतनी जल्दी क्यों है? तो कोर्ट ने कहा कि क्योंकि लोग बड़े पदों के लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. यदि इसी तरह आरोप लगते रहे तो वो काम कैसे करेंगे? पिछली बार शांति भूषण और राम जेठमलानी ने कहा था कि वो सबूत रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में रखेंगे. लोकिन आज दोनों में से कोई नहीं है.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा और बिड़ला ग्रुप द्वारा बड़े नेताओं को करोड़ों रुपये देने के मामले की SIT से जांच कराने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि क्योंकि मामला एक बड़े जनप्रतिनिधि से जुड़ा है, सिर्फ इसलिए मामले की जांच के आदेश नहीं दे सकते. जो कागजात दिए गए हैं, उनके आधार पर जांच नहीं कराई जा सकती क्योंकि सहारा के दस्तावेज तो पहले ही फर्जी पाए गए हैं. हमने ये अपने आदेश में भी कहा था. कोई भी किसी के नाम की कंप्यूटर में एंट्री कर सकता है, इसे तवज्जो नहीं दी सकती. याचिकाकर्ता कोई ठोस सबूत दे तो सुनवाई कर सकते हैं. अगर कोई ठोस दस्तावेज ना मिलें तो मामले को फिर से कोर्ट ना लाएं.' प्रशांत भूषण की याचिका में कहा गया है कि सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड में ये दस्तावेज मिले थे कि उन्होंने कई नेताओं जिनमें कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, को करोड़ों की घूस दी थी. इस मामले की सुप्रीम कोर्ट SIT से जांच कराए. सीबीआई और आयकर के जब्त किए गए कागजातों को कोर्ट में मंगवाया जाए. कोर्ट ने कहा, 'तारीख 14 दिसंबर पहले से ही तय थी. एक बार हमने जो तारीख दे दी, उसे कोई नहीं बदल सकता. यहां तक कि चीफ जस्टिस कोर्ट बदल सकते हैं लेकिन तारीख नहीं. इसके लिए ज्यादा वक्त नहीं दिया जा सकता. पहले ही कह दिया गया था कि कोई सबूत होगा तो सुनवाई करेंगे.' इस पर प्रशांत भूषण ने कहा कि इतनी जल्दी क्यों है? तो कोर्ट ने कहा कि क्योंकि लोग बड़े पदों के लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. यदि इसी तरह आरोप लगते रहे तो वो काम कैसे करेंगे? पिछली बार शांति भूषण और राम जेठमलानी ने कहा था कि वो सबूत रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में रखेंगे. लोकिन आज दोनों में से कोई नहीं है.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा और बिड़ला ग्रुप द्वारा बड़े नेताओं को करोड़ों रुपये देने के मामले की SIT से जांच कराने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि क्योंकि मामला एक बड़े जनप्रतिनिधि से जुड़ा है, सिर्फ इसलिए मामले की जांच के आदेश नहीं दे सकते. जो कागजात दिए गए हैं, उनके आधार पर जांच नहीं कराई जा सकती क्योंकि सहारा के दस्तावेज तो पहले ही फर्जी पाए गए हैं. हमने ये अपने आदेश में भी कहा था. कोई भी किसी के नाम की कंप्यूटर में एंट्री कर सकता है, इसे तवज्जो नहीं दी सकती. याचिकाकर्ता कोई ठोस सबूत दे तो सुनवाई कर सकते हैं. अगर कोई ठोस दस्तावेज ना मिलें तो मामले को फिर से कोर्ट ना लाएं.' प्रशांत भूषण की याचिका में कहा गया है कि सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड में ये दस्तावेज मिले थे कि उन्होंने कई नेताओं जिनमें कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, को करोड़ों की घूस दी थी. इस मामले की सुप्रीम कोर्ट SIT से जांच कराए. सीबीआई और आयकर के जब्त किए गए कागजातों को कोर्ट में मंगवाया जाए. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा और बिड़ला ग्रुप द्वारा बड़े नेताओं को करोड़ों रुपये देने के मामले की SIT से जांच कराने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि क्योंकि मामला एक बड़े जनप्रतिनिधि से जुड़ा है, सिर्फ इसलिए मामले की जांच के आदेश नहीं दे सकते. जो कागजात दिए गए हैं, उनके आधार पर जांच नहीं कराई जा सकती क्योंकि सहारा के दस्तावेज तो पहले ही फर्जी पाए गए हैं. हमने ये अपने आदेश में भी कहा था. कोई भी किसी के नाम की कंप्यूटर में एंट्री कर सकता है, इसे तवज्जो नहीं दी सकती. याचिकाकर्ता कोई ठोस सबूत दे तो सुनवाई कर सकते हैं. अगर कोई ठोस दस्तावेज ना मिलें तो मामले को फिर से कोर्ट ना लाएं.' प्रशांत भूषण की याचिका में कहा गया है कि सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड में ये दस्तावेज मिले थे कि उन्होंने कई नेताओं जिनमें कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, को करोड़ों की घूस दी थी. इस मामले की सुप्रीम कोर्ट SIT से जांच कराए. सीबीआई और आयकर के जब्त किए गए कागजातों को कोर्ट में मंगवाया जाए. प्रशांत भूषण की याचिका में कहा गया है कि सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड में ये दस्तावेज मिले थे कि उन्होंने कई नेताओं जिनमें कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, को करोड़ों की घूस दी थी. इस मामले की सुप्रीम कोर्ट SIT से जांच कराए. सीबीआई और आयकर के जब्त किए गए कागजातों को कोर्ट में मंगवाया जाए.
यहाँ एक सारांश है:'कोर्ट ने पहले ही कह दिया था कि कोई सबूत होगा तो सुनवाई करेंगे' सुप्रीम कोर्ट ने मामले की एसआईटी जांच करोन से किया था इनकार प्रशांत भूषण की याचिका में कहा गया है कि रेड में दस्तावेज मिले थे
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मंगलवार सुबह पिता और पुत्र के बीच सुलह के संकेतों के बीच मुलायम सिंह ने अपने 38 समर्थकों की सूची मुख्‍यमंत्री को सौंपी थी. सूत्रों के मुताबिक उस वक्‍त सूची में शिवपाल यादव का नाम नहीं था. उनकी जगह उनके बेटे आदित्‍य को सूची में जगह दी गई थी. लेकिन शाम को मुलायम सिंह ने तब्‍दीली करते हुए उसमें शिवपाल यादव का नाम भी जोड़ दिया. यह भी कहा जा रहा है कि शिवपाल अपनी परंपरागत सीट जसवंतनगर से उम्‍मीदवार होंगे. इससे पहले जो सूची सौंपी गई थी, उसमें अखिलेश यादव द्वारा बर्खास्‍त किए गए चारों मंत्रियों के नाम सूची में हैं. अंबिका चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, नारद राय, शादाब फातिमा जैसे चेहरे भी इस सूची में शामिल हैं. इन लोगों को शिवपाल यादव का करीबी माना जाता रहा है.टिप्पणियां दरअसल कल चुनाव आयोग के अखिलेश खेमे के पक्ष में फैसला आने के बाद से ही मुलायम सिंह ने खामोशी अख्तियार कर रखी थी. उनके अगले कदम पर ही सबकी निगाहें टिकी हुई थीं. कल आयोग के फैसले से पहले मुलायम सिंह पार्टी मुख्‍यालय पहुंचे थे और वहां पर उन्‍होंने अखिलेश यादव की आलोचना की थी. माना जा रहा था कि यदि फैसला मुलायम के पक्ष्‍ा में नहीं आएगा तो वह लोकदल के चुनाव निशान पर अपने प्रत्‍याशियों को उतारेंगे. ऐसा होने पर अखिलेश के प्रत्‍याशियों को नुकसान हो सकता था. इसलिए माना जा रहा है कि मुलायम का मानना बेहद जरूरी है और उनको मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उसी की अगली कड़ी में सूत्र कह रहे हैं कि मुलायम सिंह अब मान गए हैं और अखिलेश के प्रत्‍याशियों के समक्ष अपने उम्‍मीदवार नहीं खड़े करेंगे. इससे पहले जो सूची सौंपी गई थी, उसमें अखिलेश यादव द्वारा बर्खास्‍त किए गए चारों मंत्रियों के नाम सूची में हैं. अंबिका चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, नारद राय, शादाब फातिमा जैसे चेहरे भी इस सूची में शामिल हैं. इन लोगों को शिवपाल यादव का करीबी माना जाता रहा है.टिप्पणियां दरअसल कल चुनाव आयोग के अखिलेश खेमे के पक्ष में फैसला आने के बाद से ही मुलायम सिंह ने खामोशी अख्तियार कर रखी थी. उनके अगले कदम पर ही सबकी निगाहें टिकी हुई थीं. कल आयोग के फैसले से पहले मुलायम सिंह पार्टी मुख्‍यालय पहुंचे थे और वहां पर उन्‍होंने अखिलेश यादव की आलोचना की थी. माना जा रहा था कि यदि फैसला मुलायम के पक्ष्‍ा में नहीं आएगा तो वह लोकदल के चुनाव निशान पर अपने प्रत्‍याशियों को उतारेंगे. ऐसा होने पर अखिलेश के प्रत्‍याशियों को नुकसान हो सकता था. इसलिए माना जा रहा है कि मुलायम का मानना बेहद जरूरी है और उनको मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उसी की अगली कड़ी में सूत्र कह रहे हैं कि मुलायम सिंह अब मान गए हैं और अखिलेश के प्रत्‍याशियों के समक्ष अपने उम्‍मीदवार नहीं खड़े करेंगे. दरअसल कल चुनाव आयोग के अखिलेश खेमे के पक्ष में फैसला आने के बाद से ही मुलायम सिंह ने खामोशी अख्तियार कर रखी थी. उनके अगले कदम पर ही सबकी निगाहें टिकी हुई थीं. कल आयोग के फैसले से पहले मुलायम सिंह पार्टी मुख्‍यालय पहुंचे थे और वहां पर उन्‍होंने अखिलेश यादव की आलोचना की थी. माना जा रहा था कि यदि फैसला मुलायम के पक्ष्‍ा में नहीं आएगा तो वह लोकदल के चुनाव निशान पर अपने प्रत्‍याशियों को उतारेंगे. ऐसा होने पर अखिलेश के प्रत्‍याशियों को नुकसान हो सकता था. इसलिए माना जा रहा है कि मुलायम का मानना बेहद जरूरी है और उनको मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उसी की अगली कड़ी में सूत्र कह रहे हैं कि मुलायम सिंह अब मान गए हैं और अखिलेश के प्रत्‍याशियों के समक्ष अपने उम्‍मीदवार नहीं खड़े करेंगे. ऐसा होने पर अखिलेश के प्रत्‍याशियों को नुकसान हो सकता था. इसलिए माना जा रहा है कि मुलायम का मानना बेहद जरूरी है और उनको मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उसी की अगली कड़ी में सूत्र कह रहे हैं कि मुलायम सिंह अब मान गए हैं और अखिलेश के प्रत्‍याशियों के समक्ष अपने उम्‍मीदवार नहीं खड़े करेंगे.
संक्षिप्त पाठ: अखिलेश यादव और मुलायम सिंह की मंगलवार सुबह हुई बैठक मुलायम ने उस दौरान जो सूची दी उसमें शिवपाल का नाम नहीं था शाम तक शिवपाल का नाम भी अखिलेश के पास भेजा गया
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान को लोकप्रियता में पीछे छोड़ना बेहद मुश्किल काम है.जैसे ही विराट कोहली तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के कप्तान नियुक्त हुए, वे लोकप्रियता के मामले में भी सबको पीछे छोड़ रहे हैं. विराट न सिर्फ़ मैदान पर कमाल करते हैं बल्कि वो अपने लुक्स को लेकर भी काफ़ी सजग रहते हैं. शायद यही वजह है कि अब एक रिपोर्ट के अनुसार वे सोशल मीडिया के भी किंग बन गए हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कैश रिच टी20 लीग में खेल रहे सभी खिलाड़ियों में विराट कोहली फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फ़ॉलो किए जाने वाले खिलाड़ी हैं.. इंस्टाग्राम पर विराट के करीब सवा करोड़ फ़ॉलोअर हैं तो फेसबुक पर करीब साढ़े तीन करोड़ फ़ॉलोअर..ट्विटर पर भी विराट के करीब डेढ करोड़ फ़ॉलोअर हैं. फ़ेसबुक में विराट के बाद धोनी, युवराज, रोहित और शाकिब अल-हसन के नाम हैं.तो इंस्टाग्राम पर उनके बाद, धोनी, डिविलियर्स, युवराज और रोहित के नाम हैं.विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के अगले मैच में चोट के बाद वापसी कर सकते हैं..हाल ही में 30 मार्च को उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया.दिल्‍ली के इस धाकड़ खिलाड़ी की फ़ीस की बात करें तो वे इस लिहाज़ से भी बेहद महंगे हैं. स्पोर्ट्स ब्रैंड प्यूमा के अभी उनके साथ 110 करोड़ की डील साइन करने की खबरें थी. यह भी खबर हैं कि उन्होंने अपने एक दिन की फ़ीस 5 करोड़ रुपए कर दी है. इंस्टाग्राम पर विराट के करीब सवा करोड़ फ़ॉलोअर हैं तो फेसबुक पर करीब साढ़े तीन करोड़ फ़ॉलोअर..ट्विटर पर भी विराट के करीब डेढ करोड़ फ़ॉलोअर हैं. फ़ेसबुक में विराट के बाद धोनी, युवराज, रोहित और शाकिब अल-हसन के नाम हैं.तो इंस्टाग्राम पर उनके बाद, धोनी, डिविलियर्स, युवराज और रोहित के नाम हैं.विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के अगले मैच में चोट के बाद वापसी कर सकते हैं..हाल ही में 30 मार्च को उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया.दिल्‍ली के इस धाकड़ खिलाड़ी की फ़ीस की बात करें तो वे इस लिहाज़ से भी बेहद महंगे हैं. स्पोर्ट्स ब्रैंड प्यूमा के अभी उनके साथ 110 करोड़ की डील साइन करने की खबरें थी. यह भी खबर हैं कि उन्होंने अपने एक दिन की फ़ीस 5 करोड़ रुपए कर दी है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सोशल मीडिया पर धोनी से ज्‍यादा फॉलो किए जाते हैं विराट इंस्टाग्राम पर विराट के करीब सवा करोड़ फ़ॉलोअर हैं फेसबुक पर उनके करीब साढ़े तीन करोड़ फ़ॉलोअर हैं
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए नए कानून पर जस्टिस वर्मा कमेटी ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट सौंपने के बाद जस्टिस वर्मा ने कहा, दिल्ली गैंगरेप मामले में कार्रवाई को लेकर जब गृह सचिव ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर की तारीफ की तो वह हैरान रह गए। उन्होंने कहा है कि अगर वह गृह सचिव होते तो पुलिस कमिश्नर से माफी मांगने के लिए कहते।टिप्पणियां रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा ने सभी लोगों के सुझावों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्ग के लोगों ने सुझाव भेजे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सभी सुझाव पढ़े हैं और उस पर विचार किया है। कुल 80 हजार सुझाव मिले। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट तैयार करने में 29 दिनों का वक्त लगा। जस्टिस वर्मा ने कहा कि गैंगरेप के बाद लोगों का गुस्सा स्वाभाविक था। उन्होंने कहा कि देश के युवा असली हीरो हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट बनाते वक्त सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी बात की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी महिलाओं की असुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। जस्टिस वर्मा ने कहा कि संसद के अगले सत्र में सिफारिशों पर विचार किया जाए। रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा ने सभी लोगों के सुझावों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्ग के लोगों ने सुझाव भेजे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सभी सुझाव पढ़े हैं और उस पर विचार किया है। कुल 80 हजार सुझाव मिले। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट तैयार करने में 29 दिनों का वक्त लगा। जस्टिस वर्मा ने कहा कि गैंगरेप के बाद लोगों का गुस्सा स्वाभाविक था। उन्होंने कहा कि देश के युवा असली हीरो हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट बनाते वक्त सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी बात की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी महिलाओं की असुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। जस्टिस वर्मा ने कहा कि संसद के अगले सत्र में सिफारिशों पर विचार किया जाए। जस्टिस वर्मा ने कहा कि गैंगरेप के बाद लोगों का गुस्सा स्वाभाविक था। उन्होंने कहा कि देश के युवा असली हीरो हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट बनाते वक्त सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी बात की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी महिलाओं की असुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। जस्टिस वर्मा ने कहा कि संसद के अगले सत्र में सिफारिशों पर विचार किया जाए।
यह एक सारांश है: जस्टिस वर्मा ने कहा, दिल्ली गैंगरेप मामले में कार्रवाई को लेकर जब गृह सचिव ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर की तारीफ की तो वह हैरान रह गए।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने आज खुलासा किया कि हाल में स्विस ओपन का खिताब जीतने से पहले उन्हें मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा था और इस दौरान कई बार उनके आंसू भी छलक पड़े।टिप्पणियां दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी साइना ने चीन की तीसरे नंबर की शियान वैंग को स्विट्जरलैंड के बासेल में 48 मिनट चले मुकाबले में 21.19, 21.16 से हराकर अपने महिला एकल खिताब की रक्षा की और खिताबी सूखे को भी समाप्त किया लेकिन इस खिताबी जीत से पहले सब कुछ सही नहीं था। साइना ने कहा, ‘‘यह काफी पीड़ादायक था। मुझे कई चीजें सुननी पड़ी। मैं काफी रोई और यह मेरे लिए मुश्किल दौर था। मुझे काफी पीड़ा और चोटों से जूझकर अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करना पड़ा।’’ पिछले साल दिसंबर में सुपर सीरीज फाइनल के बाद से साइना के लिए चीजें बेहतर हो रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए चुनौती थी, हमने अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास किया और दिसंबर से नतीजे मिलने लगे। सुपर सीरीज फाइनल में मैं अच्छा खेली। मुझे खुशी है कि मैंने मजबूत बनकर वापसी की। मैं सिर्फ भगवान से इतनी प्रार्थना करती हूं कि मैं चोट मुक्त और ओलिंपिक के लिए तैयार रहूं।’’ बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली साइना चीनी खिलाड़ियों की चुनौती से अच्छी तरह वाकिफ हैं विशेषकर लंदन में होने वाले खेलों के महाकुंभ के दौरान। दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी साइना ने चीन की तीसरे नंबर की शियान वैंग को स्विट्जरलैंड के बासेल में 48 मिनट चले मुकाबले में 21.19, 21.16 से हराकर अपने महिला एकल खिताब की रक्षा की और खिताबी सूखे को भी समाप्त किया लेकिन इस खिताबी जीत से पहले सब कुछ सही नहीं था। साइना ने कहा, ‘‘यह काफी पीड़ादायक था। मुझे कई चीजें सुननी पड़ी। मैं काफी रोई और यह मेरे लिए मुश्किल दौर था। मुझे काफी पीड़ा और चोटों से जूझकर अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करना पड़ा।’’ पिछले साल दिसंबर में सुपर सीरीज फाइनल के बाद से साइना के लिए चीजें बेहतर हो रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए चुनौती थी, हमने अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास किया और दिसंबर से नतीजे मिलने लगे। सुपर सीरीज फाइनल में मैं अच्छा खेली। मुझे खुशी है कि मैंने मजबूत बनकर वापसी की। मैं सिर्फ भगवान से इतनी प्रार्थना करती हूं कि मैं चोट मुक्त और ओलिंपिक के लिए तैयार रहूं।’’ बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली साइना चीनी खिलाड़ियों की चुनौती से अच्छी तरह वाकिफ हैं विशेषकर लंदन में होने वाले खेलों के महाकुंभ के दौरान। पिछले साल दिसंबर में सुपर सीरीज फाइनल के बाद से साइना के लिए चीजें बेहतर हो रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए चुनौती थी, हमने अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास किया और दिसंबर से नतीजे मिलने लगे। सुपर सीरीज फाइनल में मैं अच्छा खेली। मुझे खुशी है कि मैंने मजबूत बनकर वापसी की। मैं सिर्फ भगवान से इतनी प्रार्थना करती हूं कि मैं चोट मुक्त और ओलिंपिक के लिए तैयार रहूं।’’ बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली साइना चीनी खिलाड़ियों की चुनौती से अच्छी तरह वाकिफ हैं विशेषकर लंदन में होने वाले खेलों के महाकुंभ के दौरान।
सारांश: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने आज खुलासा किया कि हाल में स्विस ओपन का खिताब जीतने से पहले उन्हें मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा था और इस दौरान कई बार उनके आंसू भी छलक पड़े।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) में अगला कार्यकाल नहीं लेने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो रहा है। अरुणा ने मनरेगा के तहत कामगारों को न्यूनतम वेतन देने को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नहीं मानने के लिए सरकार की आलोचना भी की है। अरुणा ने एनएसी अध्यक्ष सोनिया को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि उन्हें एनएसी में एक और कार्यकाल देने पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। सोनिया ने उनके आग्रह को मान लिया है।टिप्पणियां अरुणा रॉय ने सोनिया को लिखे पत्र में कहा, मैं आपकी आभारी हूं कि आपने मेरा आग्रह स्वीकार किया और यह आश्वासन भी दिया कि एनएसी के बाहर सामाजिक क्षेत्र में जो भी अभियान चलाए जाएंगे, आप उनका समर्थन जारी रखेंगी। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत कामगारों को मिलने वाले न्यूनतम वेतन को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नहीं मानने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि प्रधानमंत्री ने मनरेगा कामगारों को न्यूनतम वेतन के भुगतान को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नामंजूर कर दिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ अपील में जाने का फैसला किया, जिसमें मनरेगा कामगारों को न्यूनतम वेतन देने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि वह मनरेगा में न्यूनतम वेतन कानून का सरकार से सम्मान कराने के प्रयास एनएसी से बाहर जारी रखेंगी। अरुणा ने मनरेगा के तहत कामगारों को न्यूनतम वेतन देने को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नहीं मानने के लिए सरकार की आलोचना भी की है। अरुणा ने एनएसी अध्यक्ष सोनिया को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि उन्हें एनएसी में एक और कार्यकाल देने पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। सोनिया ने उनके आग्रह को मान लिया है।टिप्पणियां अरुणा रॉय ने सोनिया को लिखे पत्र में कहा, मैं आपकी आभारी हूं कि आपने मेरा आग्रह स्वीकार किया और यह आश्वासन भी दिया कि एनएसी के बाहर सामाजिक क्षेत्र में जो भी अभियान चलाए जाएंगे, आप उनका समर्थन जारी रखेंगी। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत कामगारों को मिलने वाले न्यूनतम वेतन को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नहीं मानने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि प्रधानमंत्री ने मनरेगा कामगारों को न्यूनतम वेतन के भुगतान को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नामंजूर कर दिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ अपील में जाने का फैसला किया, जिसमें मनरेगा कामगारों को न्यूनतम वेतन देने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि वह मनरेगा में न्यूनतम वेतन कानून का सरकार से सम्मान कराने के प्रयास एनएसी से बाहर जारी रखेंगी। अरुणा रॉय ने सोनिया को लिखे पत्र में कहा, मैं आपकी आभारी हूं कि आपने मेरा आग्रह स्वीकार किया और यह आश्वासन भी दिया कि एनएसी के बाहर सामाजिक क्षेत्र में जो भी अभियान चलाए जाएंगे, आप उनका समर्थन जारी रखेंगी। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत कामगारों को मिलने वाले न्यूनतम वेतन को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नहीं मानने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि प्रधानमंत्री ने मनरेगा कामगारों को न्यूनतम वेतन के भुगतान को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नामंजूर कर दिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ अपील में जाने का फैसला किया, जिसमें मनरेगा कामगारों को न्यूनतम वेतन देने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि वह मनरेगा में न्यूनतम वेतन कानून का सरकार से सम्मान कराने के प्रयास एनएसी से बाहर जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि प्रधानमंत्री ने मनरेगा कामगारों को न्यूनतम वेतन के भुगतान को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नामंजूर कर दिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ अपील में जाने का फैसला किया, जिसमें मनरेगा कामगारों को न्यूनतम वेतन देने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि वह मनरेगा में न्यूनतम वेतन कानून का सरकार से सम्मान कराने के प्रयास एनएसी से बाहर जारी रखेंगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने मनरेगा के तहत कामगारों को न्यूनतम वेतन देने को लेकर एनएसी की सिफारिशों को नहीं मानने के लिए सरकार की आलोचना भी की है।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक के बीजापुर में 10 साल के एक स्कूली बच्चे ने अपनी टीचर की डांट से परेशान होकर क्लासरूम में ही खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसे इस बच्चे को बचाने की कोशिशें की जा रही हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक चौथी क्लास के इस बच्चे को अपनी टीचर से बार-बार डांटे जाने की शिकायत थी और जिस समय सुबह स्कूल में प्रार्थना चल रही थी, उसने अपने क्लासरूम में ही खुद पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। पुलिस का कहना है कि जब तक बच्चे के माता-पिता टीचर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराते, तब तक वे जांच शुरू नहीं करेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक चौथी क्लास के इस बच्चे को अपनी टीचर से बार-बार डांटे जाने की शिकायत थी और जिस समय सुबह स्कूल में प्रार्थना चल रही थी, उसने अपने क्लासरूम में ही खुद पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। पुलिस का कहना है कि जब तक बच्चे के माता-पिता टीचर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराते, तब तक वे जांच शुरू नहीं करेंगे।
यह एक सारांश है: कर्नाटक के बीजापुर में एक स्कूली बच्चे ने अपनी टीचर की डांट से परेशान होकर क्लासरूम में ही खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसे इस बच्चे को बचाने की कोशिशें की जा रही हैं।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: द. अफ्रीकी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स के नाबाद अर्द्धशतक और पांचवें विकेट के लिए असद पठान के साथ 52 रन की नाबाद साझेदारी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने इंडियन प्रीमियर लीग में पदार्पण कर रही कोच्चि टस्कर्स केरल को छह विकेट से हरा दिया। डिविलियर्स ने 40 गेंद में एक चौके और पांच छक्के की मदद से नाबाद 54 रन बनाए। वहीं पठान ने सिर्फ चार गेंद में तीन चौकों की मदद से 12 रन बनाए। बेंगलुरू को आखिरी 12 गेंद में 13 रन की जरूरत थी लेकिन पठान ने 19वें ओवर में ही आर विनय कुमार को तीन चौके जड़कर टीम को आठ गेंद बाकी रहते जीत दिला दी। इससे पहले, कोच्चि ने ब्रेंडन मैकुलम और वीवीएस लक्ष्मण के बीच पहले विकेट की धमाकेदार साझेदारी की बदौलत पांच विकेट पर 161 रन बनाए। मैकुलम ने 32 गेंद में 45 और लक्ष्मण ने 29 गेंद में 36 रन की पारी खेली। कोच्चि के नौ ओवर में 80 रन बन गए थे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के कप्तान महेला जयवर्धने के फैसले को सही साबित करते हुए दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने चौकों-छक्कों की बौछार लगा दी। कोच्चि के छह ओवर में 61 रन बन गए थे। इसके बाद, हालांकि नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति पर अंकुश लगा। हरफनमौला रविंदर जडेजा ने 16 गेंद में दो चौकों और एक छक्के की मदद से 23 रन की नाबाद पारी खेली। मैकुलम ने पारी के दूसरे ही ओवर में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज डर्क नानेस को दो चौके और एक छक्का जड़कर 16 रन ले लिए। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने विश्व कप में स्टार रहे भारतीय गेंदबाज जहीर खान को छोड़कर किसी को नहीं बख्शा।
डिविलियर्स ने नाबाद 54 रन बनाए। वहीं पठान ने सिर्फ चार गेंद में तीन चौकों की मदद से 12 रन बनाए।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उधर कुमार विश्‍वास भी वोट डालने पहुंचे और अपने चिर परिचित अंदाज में कविता के माध्‍यम से वोटर को सर्वशक्तिमान भी बताया. कुमार विश्वास ने किसको वोट दिया ये जानना इसलिये अहम् था क्योंकि आम आदमी पार्टी खुद यूपी में चुनाव नहीं लड़ रही और दूसरी पार्टियों को भ्रष्ट बताती रही है. हालांकि कुमार विश्वास की बीजेपी से नजदीकी भी ऐसे सवाल खड़े करती है. लेकिन कुमार विश्‍वास ने भी जाहिर नहीं किया कि वो किसके समर्थन में हैं. उन्‍होंने कहा, 'एकदम पता चल गया है उत्तर प्रदेश को कि सांप्रदायिकता को हराना है, हिंदू मुसलमान का विभेद करने वालों और तुष्टिकरण करने वालों को हराना है. जो विकास की बात करेगा, वंशवाद और परिवारवाद से बाहर आना चाहेंगे और जो निजि आभा और प्रतिभा के दम पर उत्तर प्रदेश चलाना चाहेंगे उन्‍हें ही वोट मिलेगा.'टिप्पणियां ख़ास लोगों ने अपने पत्ते नहीं खोले लेकिन साहिबाबाद के सबसे बड़े और अहम इलाके खोड़ा के लोगों ने अपना वोटिंग पैटर्न बताया. लोगों ने बताया कि वो एक ही पार्टी को वोट देते आए हैं. लोकतंत्र में वोट देना जरूरी है लेकिन बिना सोचे समझे एक ही पार्टी को वोट देना भी कोई समझदारी नहीं होती. फिर भी साहिबाबाद में 18 से लेकर 80 साल तक तक के लोगों को वोट देते देखना एक लोकतंत्र के लिए अच्छा है. ख़ास लोगों ने अपने पत्ते नहीं खोले लेकिन साहिबाबाद के सबसे बड़े और अहम इलाके खोड़ा के लोगों ने अपना वोटिंग पैटर्न बताया. लोगों ने बताया कि वो एक ही पार्टी को वोट देते आए हैं. लोकतंत्र में वोट देना जरूरी है लेकिन बिना सोचे समझे एक ही पार्टी को वोट देना भी कोई समझदारी नहीं होती. फिर भी साहिबाबाद में 18 से लेकर 80 साल तक तक के लोगों को वोट देते देखना एक लोकतंत्र के लिए अच्छा है. लोकतंत्र में वोट देना जरूरी है लेकिन बिना सोचे समझे एक ही पार्टी को वोट देना भी कोई समझदारी नहीं होती. फिर भी साहिबाबाद में 18 से लेकर 80 साल तक तक के लोगों को वोट देते देखना एक लोकतंत्र के लिए अच्छा है.
यहाँ एक सारांश है:'मैं मुलायम से नहीं मिलता तो आप कहते हैं दूरी हो गई है' 'मुझे खलनायक की तरह पेश किया गया. मां-बहन की गालियां दी गईं' 'मैंने अमिताभ बच्चन की मदद की लेकिन वो मुझे भूल गए'
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शेयर बाजारों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि छोटे निवेशकों को यदि पूंजी बाजार में वापस लाना है तो उन्हें शेयर सौदों को सरल बनाना होगा और चोरी छिपे भेद जानकार किए जाने वाले कारोबार पर अंकुश लगाना होगा। चिदंबरम ने कहा ‘यह जरूरी है कि हम शेयर बाजार कारोबार के बारे में जो एक रहस्य बना हुआ है उसे दूर करें। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बाजार में भेदिया कारोबार जैसी गड़बड़ियों को रोकना होगा। तभी बड़ी संख्या में छोटे और खुदरा निवेशक शेयर बाजार से जुड़ेंगे।’ वित्त मंत्री यहां नए स्टॉक एक्सचेंज एमसीएक्स-एसएक्स का उद्घाटन करने के अवसर पर बोल रहे थे। एमसीएक्स-एसएक्स नया शेयर बाजार है और इसमें सोमवार से खरीद-फरोख्त शुरू होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई और बंबई शेयर बाजार यानी बीएसई के बाद एमसीएक्स-एसएक्स तीसरा प्रमुख शेयर बाजार होगा। वित्त मंत्री ने सभी शेयर बाजारों को सावधान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सभी वित्तीय उत्पाद सरल होने चाहिए जिससे कि सामान्य निवेशक को भी उन्हें समझने में आसानी हो। चिदंबरम ने इस बात को स्वीकार किया कि दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की तरह भारतीय शेयर बाजारों में भी गड़बड़ी और बुरा व्यवहार होता है लेकिन उन्होंने इस बात पर खेद भी जताया कि इनमें से कुछ को हमने खोज निकाला लेकिन किसी को भी दंडित नहीं कर पाए।टिप्पणियां पूंजी बाजार नियामक सेबी को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि नियामक को शेयर कारोबार में साठगांठ करने वालों से निपटने के लिए नए तरीके खोजने के मामले में एक कदम आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा ‘सच्चाई यह है कि वर्ष 2008 में जो संकट हुआ उससे यह माना जा सकता है कि नए तरीकों और खामियों का लाभ उठाने वाले वास्तव में नियामक से एक कदम आगे चल रहे थे। अमेरिका में उनका मानना है कि नियामक काम के प्रति आखें मूंदे हुए थे।’ वित्त मंत्री ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-स्टॉक एक्सचेंज के शेयर बाजारों की श्रेणी में आने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। चिदंबरम ने कहा ‘यह जरूरी है कि हम शेयर बाजार कारोबार के बारे में जो एक रहस्य बना हुआ है उसे दूर करें। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बाजार में भेदिया कारोबार जैसी गड़बड़ियों को रोकना होगा। तभी बड़ी संख्या में छोटे और खुदरा निवेशक शेयर बाजार से जुड़ेंगे।’ वित्त मंत्री यहां नए स्टॉक एक्सचेंज एमसीएक्स-एसएक्स का उद्घाटन करने के अवसर पर बोल रहे थे। एमसीएक्स-एसएक्स नया शेयर बाजार है और इसमें सोमवार से खरीद-फरोख्त शुरू होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई और बंबई शेयर बाजार यानी बीएसई के बाद एमसीएक्स-एसएक्स तीसरा प्रमुख शेयर बाजार होगा। वित्त मंत्री ने सभी शेयर बाजारों को सावधान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सभी वित्तीय उत्पाद सरल होने चाहिए जिससे कि सामान्य निवेशक को भी उन्हें समझने में आसानी हो। चिदंबरम ने इस बात को स्वीकार किया कि दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की तरह भारतीय शेयर बाजारों में भी गड़बड़ी और बुरा व्यवहार होता है लेकिन उन्होंने इस बात पर खेद भी जताया कि इनमें से कुछ को हमने खोज निकाला लेकिन किसी को भी दंडित नहीं कर पाए।टिप्पणियां पूंजी बाजार नियामक सेबी को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि नियामक को शेयर कारोबार में साठगांठ करने वालों से निपटने के लिए नए तरीके खोजने के मामले में एक कदम आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा ‘सच्चाई यह है कि वर्ष 2008 में जो संकट हुआ उससे यह माना जा सकता है कि नए तरीकों और खामियों का लाभ उठाने वाले वास्तव में नियामक से एक कदम आगे चल रहे थे। अमेरिका में उनका मानना है कि नियामक काम के प्रति आखें मूंदे हुए थे।’ वित्त मंत्री ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-स्टॉक एक्सचेंज के शेयर बाजारों की श्रेणी में आने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। वित्त मंत्री यहां नए स्टॉक एक्सचेंज एमसीएक्स-एसएक्स का उद्घाटन करने के अवसर पर बोल रहे थे। एमसीएक्स-एसएक्स नया शेयर बाजार है और इसमें सोमवार से खरीद-फरोख्त शुरू होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई और बंबई शेयर बाजार यानी बीएसई के बाद एमसीएक्स-एसएक्स तीसरा प्रमुख शेयर बाजार होगा। वित्त मंत्री ने सभी शेयर बाजारों को सावधान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सभी वित्तीय उत्पाद सरल होने चाहिए जिससे कि सामान्य निवेशक को भी उन्हें समझने में आसानी हो। चिदंबरम ने इस बात को स्वीकार किया कि दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की तरह भारतीय शेयर बाजारों में भी गड़बड़ी और बुरा व्यवहार होता है लेकिन उन्होंने इस बात पर खेद भी जताया कि इनमें से कुछ को हमने खोज निकाला लेकिन किसी को भी दंडित नहीं कर पाए।टिप्पणियां पूंजी बाजार नियामक सेबी को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि नियामक को शेयर कारोबार में साठगांठ करने वालों से निपटने के लिए नए तरीके खोजने के मामले में एक कदम आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा ‘सच्चाई यह है कि वर्ष 2008 में जो संकट हुआ उससे यह माना जा सकता है कि नए तरीकों और खामियों का लाभ उठाने वाले वास्तव में नियामक से एक कदम आगे चल रहे थे। अमेरिका में उनका मानना है कि नियामक काम के प्रति आखें मूंदे हुए थे।’ वित्त मंत्री ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-स्टॉक एक्सचेंज के शेयर बाजारों की श्रेणी में आने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। वित्त मंत्री ने सभी शेयर बाजारों को सावधान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सभी वित्तीय उत्पाद सरल होने चाहिए जिससे कि सामान्य निवेशक को भी उन्हें समझने में आसानी हो। चिदंबरम ने इस बात को स्वीकार किया कि दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की तरह भारतीय शेयर बाजारों में भी गड़बड़ी और बुरा व्यवहार होता है लेकिन उन्होंने इस बात पर खेद भी जताया कि इनमें से कुछ को हमने खोज निकाला लेकिन किसी को भी दंडित नहीं कर पाए।टिप्पणियां पूंजी बाजार नियामक सेबी को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि नियामक को शेयर कारोबार में साठगांठ करने वालों से निपटने के लिए नए तरीके खोजने के मामले में एक कदम आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा ‘सच्चाई यह है कि वर्ष 2008 में जो संकट हुआ उससे यह माना जा सकता है कि नए तरीकों और खामियों का लाभ उठाने वाले वास्तव में नियामक से एक कदम आगे चल रहे थे। अमेरिका में उनका मानना है कि नियामक काम के प्रति आखें मूंदे हुए थे।’ वित्त मंत्री ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-स्टॉक एक्सचेंज के शेयर बाजारों की श्रेणी में आने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। चिदंबरम ने इस बात को स्वीकार किया कि दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की तरह भारतीय शेयर बाजारों में भी गड़बड़ी और बुरा व्यवहार होता है लेकिन उन्होंने इस बात पर खेद भी जताया कि इनमें से कुछ को हमने खोज निकाला लेकिन किसी को भी दंडित नहीं कर पाए।टिप्पणियां पूंजी बाजार नियामक सेबी को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि नियामक को शेयर कारोबार में साठगांठ करने वालों से निपटने के लिए नए तरीके खोजने के मामले में एक कदम आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा ‘सच्चाई यह है कि वर्ष 2008 में जो संकट हुआ उससे यह माना जा सकता है कि नए तरीकों और खामियों का लाभ उठाने वाले वास्तव में नियामक से एक कदम आगे चल रहे थे। अमेरिका में उनका मानना है कि नियामक काम के प्रति आखें मूंदे हुए थे।’ वित्त मंत्री ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-स्टॉक एक्सचेंज के शेयर बाजारों की श्रेणी में आने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। पूंजी बाजार नियामक सेबी को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि नियामक को शेयर कारोबार में साठगांठ करने वालों से निपटने के लिए नए तरीके खोजने के मामले में एक कदम आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा ‘सच्चाई यह है कि वर्ष 2008 में जो संकट हुआ उससे यह माना जा सकता है कि नए तरीकों और खामियों का लाभ उठाने वाले वास्तव में नियामक से एक कदम आगे चल रहे थे। अमेरिका में उनका मानना है कि नियामक काम के प्रति आखें मूंदे हुए थे।’ वित्त मंत्री ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-स्टॉक एक्सचेंज के शेयर बाजारों की श्रेणी में आने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-स्टॉक एक्सचेंज के शेयर बाजारों की श्रेणी में आने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
सारांश: वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शेयर बाजारों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि छोटे निवेशकों को यदि पूंजी बाजार में वापस लाना है तो उन्हें शेयर सौदों को सरल बनाना होगा और चोरी छिपे भेद जानकार किए जाने वाले कारोबार पर अंकुश लगाना होगा।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण दिल्ली के हौज खास इलाके में एक बार के बाहर युवकों के एक समूह ने कथित तौर पर गोलियां चलाईं और एक बाउंसर और एक नाइजीरियाई नागरिक को चाकू घोंप दिया. इससे पहले उन्होंने उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी थी, क्योंकि यह एक निजी पार्टी के लिए बुक है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस को दो-तीन दिसंबर की दरमियानी रात को करीब 12 बजकर 25 मिनट पर सलाट्टो बार के बाहर गोलियां चलने को लेकर कॉल की गई.टिप्पणियां अधिकारी ने बताया कि युवकों का एक समूह नशे में था और बार के अंदर घुसने की कोशिश रहा था और जब उन्हें प्रवेश देने से मना किया गया तो उन्होंने झगड़ा किया. बाद में आरोपी राहुल और उसके 4-5 साथियों ने बार के बाउंसर मनोज और नाइजीरियाई नागरिक एन मकुओचुक को चाकू घोंप दिया. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 323, 341 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 54 और 59 के तहत हौज खास थाने में मामला दर्ज किया है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस को दो-तीन दिसंबर की दरमियानी रात को करीब 12 बजकर 25 मिनट पर सलाट्टो बार के बाहर गोलियां चलने को लेकर कॉल की गई.टिप्पणियां अधिकारी ने बताया कि युवकों का एक समूह नशे में था और बार के अंदर घुसने की कोशिश रहा था और जब उन्हें प्रवेश देने से मना किया गया तो उन्होंने झगड़ा किया. बाद में आरोपी राहुल और उसके 4-5 साथियों ने बार के बाउंसर मनोज और नाइजीरियाई नागरिक एन मकुओचुक को चाकू घोंप दिया. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 323, 341 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 54 और 59 के तहत हौज खास थाने में मामला दर्ज किया है. अधिकारी ने बताया कि युवकों का एक समूह नशे में था और बार के अंदर घुसने की कोशिश रहा था और जब उन्हें प्रवेश देने से मना किया गया तो उन्होंने झगड़ा किया. बाद में आरोपी राहुल और उसके 4-5 साथियों ने बार के बाउंसर मनोज और नाइजीरियाई नागरिक एन मकुओचुक को चाकू घोंप दिया. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 323, 341 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 54 और 59 के तहत हौज खास थाने में मामला दर्ज किया है. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 323, 341 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 54 और 59 के तहत हौज खास थाने में मामला दर्ज किया है.
युवकों ने बाउंसर और एक नाइजीरियाई नागरिक को चाकू घोंप दिया. इन युवकों को बार के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी. 2-3 दिसंबर की दरमियानी रात सलाट्टो बार के बाहर हुई घटना.
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दूसरे हाफ में अधिकतर समय 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने वाली भारतीय टीम  यहां ईरान की मजबूत टीम से 0-3 से हारकर एएफसी अंडर.16 फुटबॉल चैंपियनशिप 2016 से बाहर हो गई. ईरान की तरफ से मोहम्मद शरीफी ने दो गोल किए. उन्होंने 80वें और दूसरे हाफ के इंजुरी टाइम में पेनल्टी को गोल में बदला. विजयी टीम के लिए पहला गोल मोहम्मद गादेरी ने 23वें मिनट में किया था. भारत ने इस तरह से तीन मैचों में केवल एक अंक हासिल किया जबकि ईरान ने तीन मैचों में सात अंक लेकर ग्रुप ए में शीर्ष पर रहकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. दोनों टीमों ने सतर्क शुरुआत की लेकिन ईरान 23वें मिनट में पहला गोल करने में सफल रहा. गादेरी ने अमेद खोदामोरादी के पास पर दो रक्षकों को छकाकर यह गोल किया.टिप्पणियां पहले हाफ में भारत को एकमात्र मौका 17वें मिनट में मिला जब कोलम ने लालंगमाविया को बाक्स में गेंद थमाई लेकिन वह गोल करने में नाकाम रहे. दूसरे हाफ के शुरू में भारत को तब झटका लगा जब 55वें मिनट में बोरिस को दूसरा पीला कार्ड मिला और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. भारतीय टीम यहां से दस खिलाड़ियों के साथ खेलती रही जिसका ईरान ने पूरा फायदा उठाया. ईरान को दो पेनल्टी मिली जिन्हें शरीफी ने आसानी से गोल में तब्दील किया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विजयी टीम के लिए पहला गोल मोहम्मद गादेरी ने 23वें मिनट में किया था. भारत ने इस तरह से तीन मैचों में केवल एक अंक हासिल किया जबकि ईरान ने तीन मैचों में सात अंक लेकर ग्रुप ए में शीर्ष पर रहकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. दोनों टीमों ने सतर्क शुरुआत की लेकिन ईरान 23वें मिनट में पहला गोल करने में सफल रहा. गादेरी ने अमेद खोदामोरादी के पास पर दो रक्षकों को छकाकर यह गोल किया.टिप्पणियां पहले हाफ में भारत को एकमात्र मौका 17वें मिनट में मिला जब कोलम ने लालंगमाविया को बाक्स में गेंद थमाई लेकिन वह गोल करने में नाकाम रहे. दूसरे हाफ के शुरू में भारत को तब झटका लगा जब 55वें मिनट में बोरिस को दूसरा पीला कार्ड मिला और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. भारतीय टीम यहां से दस खिलाड़ियों के साथ खेलती रही जिसका ईरान ने पूरा फायदा उठाया. ईरान को दो पेनल्टी मिली जिन्हें शरीफी ने आसानी से गोल में तब्दील किया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पहले हाफ में भारत को एकमात्र मौका 17वें मिनट में मिला जब कोलम ने लालंगमाविया को बाक्स में गेंद थमाई लेकिन वह गोल करने में नाकाम रहे. दूसरे हाफ के शुरू में भारत को तब झटका लगा जब 55वें मिनट में बोरिस को दूसरा पीला कार्ड मिला और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. भारतीय टीम यहां से दस खिलाड़ियों के साथ खेलती रही जिसका ईरान ने पूरा फायदा उठाया. ईरान को दो पेनल्टी मिली जिन्हें शरीफी ने आसानी से गोल में तब्दील किया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: दूसरे हॉफ में ज्‍यादातर समय 10 प्‍लेयर्स से खेली भारतीय टीम ईरानी टीम के लिए मोहम्‍मद शरीफी ने दो गोल किए तीन मैचों में केवल एक अंक हासिल कर पाया भारत
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डेरा सच्चा सौदाके प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर नाबालिग़ से बलात्कार के मामले में 25 अगस्त (शुक्रवार) को पंचकुला सीबीआई कोर्ट का फ़ैसला आना है. लेकिन दो दिन पहले से ही उनके अनुयायी बड़ी संख्या में चंडीगढ़ से लेकर पंचकुला तक इकट्ठा हो गए हैं. इसको देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से हाईअलर्ट पर है और हरियाणा-पंजाब के कई जगहों पर कर्फ्यू जैसे हालात हैं.  हरियाणा और पंजाब सरकार ने सेना को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में संभावित खतरे को लेकर सेना को जानकारी दी गई है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि  ज़रूरत पड़ने पर सेना को बुलाया जा सकता है. दोनों ही राज्य सरकारों द्वारा इस चिट्ठी में कहा गया है कि शांति ब्यवस्था बनाये रखने के लिये वह सेना से अपील कर सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सेना बुलाने पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. उधर, चिट्ठी के बाद स्थानीय प्रशासन सेना के संपर्क में है. हर घटना का अपडेट दे रही है. स्थानीय प्रशासन अभी हालात का जायजा ले रहा है.  चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में पैरामिलिट्री फॉर्सेज की 167 कंपनिया तैनात हैं और 10 की और मांग की गई है. एक कंपनी में 100 जवान और अफसर हैं.  पढ़ें: कोर्ट कल सुनाएगा फैसला, जानें- डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ क्या है मामला... सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है. इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  हरियाणा और पंजाब सरकार ने सेना को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में संभावित खतरे को लेकर सेना को जानकारी दी गई है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि  ज़रूरत पड़ने पर सेना को बुलाया जा सकता है. दोनों ही राज्य सरकारों द्वारा इस चिट्ठी में कहा गया है कि शांति ब्यवस्था बनाये रखने के लिये वह सेना से अपील कर सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सेना बुलाने पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. उधर, चिट्ठी के बाद स्थानीय प्रशासन सेना के संपर्क में है. हर घटना का अपडेट दे रही है. स्थानीय प्रशासन अभी हालात का जायजा ले रहा है.  चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में पैरामिलिट्री फॉर्सेज की 167 कंपनिया तैनात हैं और 10 की और मांग की गई है. एक कंपनी में 100 जवान और अफसर हैं.  पढ़ें: कोर्ट कल सुनाएगा फैसला, जानें- डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ क्या है मामला... सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है. इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में पैरामिलिट्री फॉर्सेज की 167 कंपनिया तैनात हैं और 10 की और मांग की गई है. एक कंपनी में 100 जवान और अफसर हैं.  पढ़ें: कोर्ट कल सुनाएगा फैसला, जानें- डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ क्या है मामला... सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है. इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  पढ़ें: कोर्ट कल सुनाएगा फैसला, जानें- डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ क्या है मामला... सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है. इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है. इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.
यहाँ एक सारांश है:डेरा प्रमुख रेप मामले में पंजाब- हरियाणा में कानून व्यवस्था का सवाल दोनों राज्यों ने सेना को चिट्ठी लिखी, तैयार रहने को कहा. डेरा प्रमुख पर रेप मामले में 25 को आना है फैसला.
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई की वांछित आतंकवादियों की सूची से तालिबानी नेता मुल्ला उमर का नाम चुपके से हटा दिया गया है। वहीं एफबीआई ने सफाई दी है कि अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के दौरान प्रमुख नेता रहा मुल्ला उमर कभी भी एफबीआई की वांछितों की सूची में नहीं शामिल किया गया है। हालांकि विदेश विभाग ने उस पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा हुआ है। पाक मीडिया द्वारा एफबीआई पर मुल्ला उमर के नाम को चुपके से हटाए जाने के आरोप के जवाब में एफबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसका नाम कभी शामिल ही नहीं किया गया, तो उसके नाम को सूची से हटाए जाने का सवाल ही नहीं पैदा होता। पाक के समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने ही इस खबर को प्रकाशित किया था, पर अब मुल्ला उमर के नाम को लेकर मची खींचतान के बाद समाचार पत्र ने इस स्टोरी को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है।
संक्षिप्त सारांश: पाक मीडिया का दावा है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई की वांछित आतंकियों की सूची से तालिबानी नेता मुल्ला उमर का नाम हटा दिया गया है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश में इन दिनों अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है. इसी बीच रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैंकों से चुनौतियों सेते लिए तैयार रहने को कहा है. बुधवार को बैंकों से गवर्नर ने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां उनके समक्ष कुछ चुनौतियां खड़ी कर सकती है इसलिये बैंकों को पूरी मुस्तैदी के साथ इनका मुकाबला करने के लिये तैयार रहना चाहिये. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बातचीत में दास ने इस बात पर भी गौर किया कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार आ रहा है और यह मजबूत बना हुआ है. रिजर्व बैंक गवर्नर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जबकि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि वर्ष की दूसरी तिमाही में छह साल के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है.  रिजर्व बैंक ने इसे देखते हुये चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि का अनुमान भी कम करके पांच प्रतिशत कर दिया. रिजर्व बैंक की यहां जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘गवर्नर ने इस बात पर गौर किया है कि बैंकिंग क्षेत्र में कुछ सुधार आया है और मौजूदा आर्थिक स्थिति में कुछ चुनौतियां खड़ी होने की आशंका के बावजूद क्षेत्र में मजबूती बनी हुई है. उन्होंने बैंकों से कहा कि वह उभरती चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये पूरी तरह से मुस्तैद रहें.  इस मामले में उन्होंने खासतौर से दबाव वाली संपत्तियों के समाधान में समन्वित तरीके से काम करने को कहा.'' दास ने इस दौरान बैंक प्रमुखों के साथ मौद्रिक नीति दर में की गई कटौती का लाभ आखिरी लाभार्थी तक पहुंचाने पर भी विचार विमर्श किया. यहां यह गौर करने की बात है कि रिजर्व बैंक ने इस साल पांच द्विमासिक समीक्षाओं में कुल मिलाकर 1.35 प्रतिशत कटौती की है हालांकि केन्द्रीय बैंक ने गत सप्ताह की गई समीक्षा में रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शक्तिकांत दास ने कहा- बैंकिंग क्षेत्र में आ रहा सुधार बैंकों से तैयार रहने के लिए कहा जीडीपी 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को उछाल दर्ज किया गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 110.61 अंकों की तेजी के साथ 17,207.29 पर और निफ्टी 22.05 अंकों की तेजी के साथ 5,222.65 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 58.07 अंकों की तेजी के साथ 17,154.75 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.30 अंकों की तेजी के साथ 5,215.90 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट रही। मिडकैप 8.33 अंकों की गिरावट के साथ 6,301.98 पर और स्मॉलकैप 4.75 अंकों की गिरावट के साथ 6,789.81 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 58.07 अंकों की तेजी के साथ 17,154.75 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.30 अंकों की तेजी के साथ 5,215.90 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट रही। मिडकैप 8.33 अंकों की गिरावट के साथ 6,301.98 पर और स्मॉलकैप 4.75 अंकों की गिरावट के साथ 6,789.81 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट रही। मिडकैप 8.33 अंकों की गिरावट के साथ 6,301.98 पर और स्मॉलकैप 4.75 अंकों की गिरावट के साथ 6,789.81 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स 110.61 अंकों की तेजी के साथ 17,207.29 पर और निफ्टी 22.05 अंकों की तेजी के साथ 5,222.65 पर बंद हुआ।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ग्वालियर में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक लड़की ने अपने भाई पर ही यौन शोषण का आरोप लगाया है। पीड़िता ने जब इसकी शिकायत थाने में की तो उसके साथ बुरा व्यवहार किया गया, जिससे आहत होकर उसने खुदकुशी कर ली। खुदकुशी करने से पहले पीड़िता ने बताया कि उसका भाई पिछले 15 सालों से उसका यौन शोषण कर रहा था और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी देता था, लेकिन एक दिन जब वह इसकी शिकायत करने पुलिस के पास पहुंची तो उन्होंने मामला दर्ज करने के बजाय उसे भला-बुरा कहा, जिससे हताश होकर उसने फांसी लगा ली। पीड़िता की बहन बताती है कि भाई ने उसकी बहन को अपनी हवस का शिकार तभी बना लिया था, जब वह मात्र 11 साल की थी, लेकिन तब लोकलाज के कारण सब चुप रह गए तो यह उसके रोज का खेल हो गया। जैसे-तैसे पीड़िता की शादी हो गई ,तब भी निकम्मे भाई ने अपनी हैवानियत नहीं छोड़ी। मौका लगते ही वह अपनी बहन को अपनी हवस का शिकार बनाता। इस बीच पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दे दिया। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमे एक तीन साल की बेटी भी है, लेकिन कुछ समय पहले उसके पति को उसके भाई की करतूत का पता चल गया तो उसने पीड़िता को घर से निकाल दिया। पीड़िता की बहन बताती है कि उसका भाई उसे भी अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था इसके लिए उसने कई बार कोशिश भी की, लेकिन वह अपनी सूझबूझ से वह बचती रही और उसकी शादी हो गई। ससुराल से निकाले जाने के बाद पीड़िता अपने बच्चों को लेकर बहन के घर ग्वालियर में ही रहने लगी। जब इस बात का पता उसके भाई को चला तो वह उसके घर आ धमका और डरा-धमकाकर वह पीड़िता को अपने साथ घर ले गया।टिप्पणियां रात होते ही उसने उसकी पिटाई करते हुए पुराना घिनौना खेल शुरू कर दिया। घायल पीड़िता जैसे -तैसे बाहर निकली और अपनी बहन के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने उसके साथ बहुत भद्दा मजाक किया। पीड़िता की बहन का आरोप है कि पुलिस वाले जांच के बहाने अंग दिखाने तक की बात कहने लगे। बताने के बाद भी पुलिस ने उसके दरिंदे भाई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया। पीड़िता प्रताड़ित और अपमानित होकर यह कहकर थाने से निकली कि वह फांसी लगा लेगी तब ही कार्रवाई करोगे। बाद में घर जाकर वह फांसी के फंदे पर झूल गई। पुलिस इस मामले में आरोपी भाई की गिरफ्तारी की बात तो कह रही है, लेकिन थाने में पुलिस कर्मचारियों द्वारा पीड़िता के साथ किए गए घिनौने व्यवहार पर सिर्फ इतना कहकर चुप्पी साध रही है कि आरोपों की जांच की जा रही है। खुदकुशी करने से पहले पीड़िता ने बताया कि उसका भाई पिछले 15 सालों से उसका यौन शोषण कर रहा था और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी देता था, लेकिन एक दिन जब वह इसकी शिकायत करने पुलिस के पास पहुंची तो उन्होंने मामला दर्ज करने के बजाय उसे भला-बुरा कहा, जिससे हताश होकर उसने फांसी लगा ली। पीड़िता की बहन बताती है कि भाई ने उसकी बहन को अपनी हवस का शिकार तभी बना लिया था, जब वह मात्र 11 साल की थी, लेकिन तब लोकलाज के कारण सब चुप रह गए तो यह उसके रोज का खेल हो गया। जैसे-तैसे पीड़िता की शादी हो गई ,तब भी निकम्मे भाई ने अपनी हैवानियत नहीं छोड़ी। मौका लगते ही वह अपनी बहन को अपनी हवस का शिकार बनाता। इस बीच पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दे दिया। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमे एक तीन साल की बेटी भी है, लेकिन कुछ समय पहले उसके पति को उसके भाई की करतूत का पता चल गया तो उसने पीड़िता को घर से निकाल दिया। पीड़िता की बहन बताती है कि उसका भाई उसे भी अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था इसके लिए उसने कई बार कोशिश भी की, लेकिन वह अपनी सूझबूझ से वह बचती रही और उसकी शादी हो गई। ससुराल से निकाले जाने के बाद पीड़िता अपने बच्चों को लेकर बहन के घर ग्वालियर में ही रहने लगी। जब इस बात का पता उसके भाई को चला तो वह उसके घर आ धमका और डरा-धमकाकर वह पीड़िता को अपने साथ घर ले गया।टिप्पणियां रात होते ही उसने उसकी पिटाई करते हुए पुराना घिनौना खेल शुरू कर दिया। घायल पीड़िता जैसे -तैसे बाहर निकली और अपनी बहन के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने उसके साथ बहुत भद्दा मजाक किया। पीड़िता की बहन का आरोप है कि पुलिस वाले जांच के बहाने अंग दिखाने तक की बात कहने लगे। बताने के बाद भी पुलिस ने उसके दरिंदे भाई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया। पीड़िता प्रताड़ित और अपमानित होकर यह कहकर थाने से निकली कि वह फांसी लगा लेगी तब ही कार्रवाई करोगे। बाद में घर जाकर वह फांसी के फंदे पर झूल गई। पुलिस इस मामले में आरोपी भाई की गिरफ्तारी की बात तो कह रही है, लेकिन थाने में पुलिस कर्मचारियों द्वारा पीड़िता के साथ किए गए घिनौने व्यवहार पर सिर्फ इतना कहकर चुप्पी साध रही है कि आरोपों की जांच की जा रही है। पीड़िता की बहन बताती है कि भाई ने उसकी बहन को अपनी हवस का शिकार तभी बना लिया था, जब वह मात्र 11 साल की थी, लेकिन तब लोकलाज के कारण सब चुप रह गए तो यह उसके रोज का खेल हो गया। जैसे-तैसे पीड़िता की शादी हो गई ,तब भी निकम्मे भाई ने अपनी हैवानियत नहीं छोड़ी। मौका लगते ही वह अपनी बहन को अपनी हवस का शिकार बनाता। इस बीच पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दे दिया। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमे एक तीन साल की बेटी भी है, लेकिन कुछ समय पहले उसके पति को उसके भाई की करतूत का पता चल गया तो उसने पीड़िता को घर से निकाल दिया। पीड़िता की बहन बताती है कि उसका भाई उसे भी अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था इसके लिए उसने कई बार कोशिश भी की, लेकिन वह अपनी सूझबूझ से वह बचती रही और उसकी शादी हो गई। ससुराल से निकाले जाने के बाद पीड़िता अपने बच्चों को लेकर बहन के घर ग्वालियर में ही रहने लगी। जब इस बात का पता उसके भाई को चला तो वह उसके घर आ धमका और डरा-धमकाकर वह पीड़िता को अपने साथ घर ले गया।टिप्पणियां रात होते ही उसने उसकी पिटाई करते हुए पुराना घिनौना खेल शुरू कर दिया। घायल पीड़िता जैसे -तैसे बाहर निकली और अपनी बहन के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने उसके साथ बहुत भद्दा मजाक किया। पीड़िता की बहन का आरोप है कि पुलिस वाले जांच के बहाने अंग दिखाने तक की बात कहने लगे। बताने के बाद भी पुलिस ने उसके दरिंदे भाई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया। पीड़िता प्रताड़ित और अपमानित होकर यह कहकर थाने से निकली कि वह फांसी लगा लेगी तब ही कार्रवाई करोगे। बाद में घर जाकर वह फांसी के फंदे पर झूल गई। पुलिस इस मामले में आरोपी भाई की गिरफ्तारी की बात तो कह रही है, लेकिन थाने में पुलिस कर्मचारियों द्वारा पीड़िता के साथ किए गए घिनौने व्यवहार पर सिर्फ इतना कहकर चुप्पी साध रही है कि आरोपों की जांच की जा रही है। मौका लगते ही वह अपनी बहन को अपनी हवस का शिकार बनाता। इस बीच पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दे दिया। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमे एक तीन साल की बेटी भी है, लेकिन कुछ समय पहले उसके पति को उसके भाई की करतूत का पता चल गया तो उसने पीड़िता को घर से निकाल दिया। पीड़िता की बहन बताती है कि उसका भाई उसे भी अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था इसके लिए उसने कई बार कोशिश भी की, लेकिन वह अपनी सूझबूझ से वह बचती रही और उसकी शादी हो गई। ससुराल से निकाले जाने के बाद पीड़िता अपने बच्चों को लेकर बहन के घर ग्वालियर में ही रहने लगी। जब इस बात का पता उसके भाई को चला तो वह उसके घर आ धमका और डरा-धमकाकर वह पीड़िता को अपने साथ घर ले गया।टिप्पणियां रात होते ही उसने उसकी पिटाई करते हुए पुराना घिनौना खेल शुरू कर दिया। घायल पीड़िता जैसे -तैसे बाहर निकली और अपनी बहन के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने उसके साथ बहुत भद्दा मजाक किया। पीड़िता की बहन का आरोप है कि पुलिस वाले जांच के बहाने अंग दिखाने तक की बात कहने लगे। बताने के बाद भी पुलिस ने उसके दरिंदे भाई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया। पीड़िता प्रताड़ित और अपमानित होकर यह कहकर थाने से निकली कि वह फांसी लगा लेगी तब ही कार्रवाई करोगे। बाद में घर जाकर वह फांसी के फंदे पर झूल गई। पुलिस इस मामले में आरोपी भाई की गिरफ्तारी की बात तो कह रही है, लेकिन थाने में पुलिस कर्मचारियों द्वारा पीड़िता के साथ किए गए घिनौने व्यवहार पर सिर्फ इतना कहकर चुप्पी साध रही है कि आरोपों की जांच की जा रही है। पीड़िता की बहन बताती है कि उसका भाई उसे भी अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था इसके लिए उसने कई बार कोशिश भी की, लेकिन वह अपनी सूझबूझ से वह बचती रही और उसकी शादी हो गई। ससुराल से निकाले जाने के बाद पीड़िता अपने बच्चों को लेकर बहन के घर ग्वालियर में ही रहने लगी। जब इस बात का पता उसके भाई को चला तो वह उसके घर आ धमका और डरा-धमकाकर वह पीड़िता को अपने साथ घर ले गया।टिप्पणियां रात होते ही उसने उसकी पिटाई करते हुए पुराना घिनौना खेल शुरू कर दिया। घायल पीड़िता जैसे -तैसे बाहर निकली और अपनी बहन के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने उसके साथ बहुत भद्दा मजाक किया। पीड़िता की बहन का आरोप है कि पुलिस वाले जांच के बहाने अंग दिखाने तक की बात कहने लगे। बताने के बाद भी पुलिस ने उसके दरिंदे भाई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया। पीड़िता प्रताड़ित और अपमानित होकर यह कहकर थाने से निकली कि वह फांसी लगा लेगी तब ही कार्रवाई करोगे। बाद में घर जाकर वह फांसी के फंदे पर झूल गई। पुलिस इस मामले में आरोपी भाई की गिरफ्तारी की बात तो कह रही है, लेकिन थाने में पुलिस कर्मचारियों द्वारा पीड़िता के साथ किए गए घिनौने व्यवहार पर सिर्फ इतना कहकर चुप्पी साध रही है कि आरोपों की जांच की जा रही है। ससुराल से निकाले जाने के बाद पीड़िता अपने बच्चों को लेकर बहन के घर ग्वालियर में ही रहने लगी। जब इस बात का पता उसके भाई को चला तो वह उसके घर आ धमका और डरा-धमकाकर वह पीड़िता को अपने साथ घर ले गया।टिप्पणियां रात होते ही उसने उसकी पिटाई करते हुए पुराना घिनौना खेल शुरू कर दिया। घायल पीड़िता जैसे -तैसे बाहर निकली और अपनी बहन के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने उसके साथ बहुत भद्दा मजाक किया। पीड़िता की बहन का आरोप है कि पुलिस वाले जांच के बहाने अंग दिखाने तक की बात कहने लगे। बताने के बाद भी पुलिस ने उसके दरिंदे भाई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया। पीड़िता प्रताड़ित और अपमानित होकर यह कहकर थाने से निकली कि वह फांसी लगा लेगी तब ही कार्रवाई करोगे। बाद में घर जाकर वह फांसी के फंदे पर झूल गई। पुलिस इस मामले में आरोपी भाई की गिरफ्तारी की बात तो कह रही है, लेकिन थाने में पुलिस कर्मचारियों द्वारा पीड़िता के साथ किए गए घिनौने व्यवहार पर सिर्फ इतना कहकर चुप्पी साध रही है कि आरोपों की जांच की जा रही है। रात होते ही उसने उसकी पिटाई करते हुए पुराना घिनौना खेल शुरू कर दिया। घायल पीड़िता जैसे -तैसे बाहर निकली और अपनी बहन के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने उसके साथ बहुत भद्दा मजाक किया। पीड़िता की बहन का आरोप है कि पुलिस वाले जांच के बहाने अंग दिखाने तक की बात कहने लगे। बताने के बाद भी पुलिस ने उसके दरिंदे भाई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया। पीड़िता प्रताड़ित और अपमानित होकर यह कहकर थाने से निकली कि वह फांसी लगा लेगी तब ही कार्रवाई करोगे। बाद में घर जाकर वह फांसी के फंदे पर झूल गई। पुलिस इस मामले में आरोपी भाई की गिरफ्तारी की बात तो कह रही है, लेकिन थाने में पुलिस कर्मचारियों द्वारा पीड़िता के साथ किए गए घिनौने व्यवहार पर सिर्फ इतना कहकर चुप्पी साध रही है कि आरोपों की जांच की जा रही है। पीड़िता प्रताड़ित और अपमानित होकर यह कहकर थाने से निकली कि वह फांसी लगा लेगी तब ही कार्रवाई करोगे। बाद में घर जाकर वह फांसी के फंदे पर झूल गई। पुलिस इस मामले में आरोपी भाई की गिरफ्तारी की बात तो कह रही है, लेकिन थाने में पुलिस कर्मचारियों द्वारा पीड़िता के साथ किए गए घिनौने व्यवहार पर सिर्फ इतना कहकर चुप्पी साध रही है कि आरोपों की जांच की जा रही है।
संक्षिप्त पाठ: पीड़िता जब भाई की शिकायत लेकर थाने में गई तो उसके साथ बुरा व्यवहार किया गया, जिससे आहत होकर उसने खुदकुशी कर ली।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो (Noida-Greater Noida Metro) की एक विस्तारित लाइन के निर्माण को मंगलवार को मंजूरी दे दी है. अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित 15 किलोमीटर लंबी लाइन में कुल नौ स्टेशन होंगे. साथ ही इस लाइन के निर्माण पर 2,682 करोड़ रुपये की लागत आयेगी.  नोएडा मेट्रो रेल निगम (Noida Metro Rail Corporation) के अधिकारियों ने बताया कि विस्तारित मेट्रो सेवा नोएडा सेक्टर 71 और ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क-पांच के बीच संचालित होगी, जो दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में दो शहरों को जोड़ेगी. इस परियोजना के पहले चरण में नोएडा सेक्टर 122, सेक्टर 123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर चार, इको टेक और ग्रेटर नोएडा दो पांच स्टेशन बनेंगे. वहीं दूसरे चरण में ग्रेटर नोएडा सेक्टर तीन, सेक्टर 10, सेक्टर 12 और नालेज पार्क पांच, चार स्टेशन होंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aadityanath) की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में निर्णय किया गया. औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना (Satish Mahana)  ने पत्रकारों को बताया, ‘‘मंत्रिमंडल ने सेक्टर 71- नोएडा और नॉलेज पार्क पांच -ग्रेटर नोएडा के बीच इस परियोजना को मंजूरी दी. इस पर 2,682 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह 14.95 किलोमीटर लंबी होगी.'' उन्होंने बताया कि इस परियोजना के अगले तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि नये रेल संपर्क से गौर सिटी और नोएडा एक्सटेंशन की घनी आबादी वाले इलाकों को एक्वा लाइन (Aqua Line) और उससे सटी ब्लू लाइन मेट्रो (Blue Line Metro) नेटवर्क से जोड़ने की उम्मीद है. मेट्रो की ब्लू लाइन नोएडा को दिल्ली से जोड़ती है. गौरतलब है कि इस वर्ष जनवरी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली मेट्रो की एक्वा लाइन का उद्घाटन किया गया था.
यह एक सारांश है: इस लाइन के निर्माण पर 2,682 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. गौर सिटी और नोएडा एक्सटेंशन के निवासियों को होगा फायदा. जनवरी में एक्वा लाइन शुरू की गई थी.
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने गुरुवार को भारत से 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के मामले में और सबूतों की मांग की, ताकि वह इस मामले को 'तार्किक अंत' तक पहुंचा सके। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकरिया ने कहा, 'विदेश सचिव ने भारतीय अधिकारियों को मुंबई हमले के मामले में और सबूत मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा है।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान मुंबई हमले के मामले को 'तार्किक अंत' तक पहुंचाना चाहता है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए हाल के साक्षात्कार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जकरिया ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार और सेना की एक ही सोच है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को अपनी सेनाओं पर गर्व है।' पीएम मोदी ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि पाकिस्तान में अलग-अलग ताकतें काम कर रही हैं और किससे बातचीत की जाए, यह पता लगाना मुश्किल है। टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म करने का एक ही तरीका है और वह है बातचीत। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकरिया ने कहा, 'विदेश सचिव ने भारतीय अधिकारियों को मुंबई हमले के मामले में और सबूत मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा है।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान मुंबई हमले के मामले को 'तार्किक अंत' तक पहुंचाना चाहता है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए हाल के साक्षात्कार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जकरिया ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार और सेना की एक ही सोच है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को अपनी सेनाओं पर गर्व है।' पीएम मोदी ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि पाकिस्तान में अलग-अलग ताकतें काम कर रही हैं और किससे बातचीत की जाए, यह पता लगाना मुश्किल है। टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म करने का एक ही तरीका है और वह है बातचीत। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए हाल के साक्षात्कार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जकरिया ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार और सेना की एक ही सोच है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को अपनी सेनाओं पर गर्व है।' पीएम मोदी ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि पाकिस्तान में अलग-अलग ताकतें काम कर रही हैं और किससे बातचीत की जाए, यह पता लगाना मुश्किल है। टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म करने का एक ही तरीका है और वह है बातचीत। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीएम मोदी ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि पाकिस्तान में अलग-अलग ताकतें काम कर रही हैं और किससे बातचीत की जाए, यह पता लगाना मुश्किल है। टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म करने का एक ही तरीका है और वह है बातचीत। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म करने का एक ही तरीका है और वह है बातचीत। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: पाकिस्तान ने मामले में लख्वी सहित 7 लैश्कर आतंकियों को गिरफ्तार किया था वहां इस मामले की सुनवाई बीते छह वर्षों से भी अधिक समय से जारी है पाक अधिकारियों का कहना है कि भारत ने पर्याप्त सबूत मुहैया नहीं कराए हैं
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां सरेराह बार-बार छेड़छाड़ से आजिज 11वीं की एक छात्रा ने युवक को चप्पल से पीट दिया. इस दौरान भीड़ जुट गई. यूपी-100 टीम युवक को पकड़कर थाने ले गई. छात्रा ने आरोपी युवक के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने युवक के खिलाफ मारपीट और छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर लिया है. छात्रा का आरोप है कि युवक पिछले 10 दिनों से उसे सरेराह छेड़ रहा था. वह उससे विवाह करने के लिए दबाव भी बना रहा रहा था. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था. छात्रा के मुताबिक, शुक्रवार को वह डरी-सहमी विद्यालय से घर जा रही थी तो युवक उसके पीछे लग गया. विद्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित शिवमंदिर के पास युवक उसके साथ छेड़खानी करने लगा. इससे तंग आकर छात्रा ने उसकी चप्पल से पिटाई शुरू कर दी. यह देख आसपास के लोग जुट गए. इसी बीच किसी ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। वहां पहुंची डायल 100 की पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया और उसे लेकर थाने चली गई. छात्रा का आरोप है कि जब उसने यह बात विद्यालय के प्रधानाचार्य को बताई तो उन्होंने उल्टे छात्रा का नाम काटकर विद्यालय से निष्कासित कर दिया और उसे टीसी पकड़ाकर घर भेज दिया, जबकि विद्यालय के प्रधानाचार्य का कहना है कि छात्रा से संबंधित जो भी घटना हुई है, वह विद्यालय परिसर से बाहर हुई है.  कुबेरस्थान थाने के एसओ अरुण कुमार मौर्य का कहना है कि पीड़ित छात्रा ने युवक के खिलाफ तहरीर दी थी, उसी आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ मारपीट और छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
सारांश: पिछले 10 दिन से छात्रा से छेड़खानी कर रहा था शख्स छात्रा ने शख्स की कर दी चप्पल से पिटाई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर मौत मामले की जांच अदालत की निगरानी में सीबीआई की अगुवायी वाली एसआईटी से करवाने संबंधी भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर बुधवार को केन्द्र का रूख जानना चाहा. न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और पीएस तेजी की पीठ ने इस मामले में कोई नोटिस जारी नहीं किया. पीठ ने कहा कि उसे याचिका पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय, सीबीआई और दिल्ली पुलिस का पक्ष सुनना है.टिप्पणियां अदालत ने मामले की अगली सुनवायी के लिए 20 जुलाई की तारीख तय की है. स्वामी का आरोप है कि मामले की जांच में असामान्य रूप से देरी हुई है जो ‘न्याय प्रणाली पर धब्बा है.’ कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर का शव 17 जनवरी 2014 को दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के स्वीट से मिला था. न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और पीएस तेजी की पीठ ने इस मामले में कोई नोटिस जारी नहीं किया. पीठ ने कहा कि उसे याचिका पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय, सीबीआई और दिल्ली पुलिस का पक्ष सुनना है.टिप्पणियां अदालत ने मामले की अगली सुनवायी के लिए 20 जुलाई की तारीख तय की है. स्वामी का आरोप है कि मामले की जांच में असामान्य रूप से देरी हुई है जो ‘न्याय प्रणाली पर धब्बा है.’ कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर का शव 17 जनवरी 2014 को दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के स्वीट से मिला था. अदालत ने मामले की अगली सुनवायी के लिए 20 जुलाई की तारीख तय की है. स्वामी का आरोप है कि मामले की जांच में असामान्य रूप से देरी हुई है जो ‘न्याय प्रणाली पर धब्बा है.’ कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर का शव 17 जनवरी 2014 को दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के स्वीट से मिला था. स्वामी का आरोप है कि मामले की जांच में असामान्य रूप से देरी हुई है जो ‘न्याय प्रणाली पर धब्बा है.’ कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर का शव 17 जनवरी 2014 को दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के स्वीट से मिला था.
सुब्रमण्यम स्वमी : मामले की जांच में असामान्य रूप से देरी हुई है कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी थी सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल से मिला था शव
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने के पश्चिमी देशों के आरोपों के बीच यहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि उनका देश परमाणु हथियार बनाना नहीं चाहता, लेकिन शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का 'अपना हक' नहीं छोड़ेगा। उन्होंने दुनिया के ऐसे देशों (पश्चिमी देश) की आलोचना भी की, जो परमाणु प्रौद्योगिकी को अपने आप तक सीमित रखना चाहते हैं। गुटनिरपेक्ष आंदोलन के 16वें शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए खामनेई अमेरिका पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया पर धौंस जमाने के लिए संयुक्त राष्ट्र का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान परमाणु एवं रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का विरोध करता है और इसे अक्षम्य पाप के रूप में देखता है। हमने मध्य-पूर्व को परमाणु हथियार मुक्त बनाने का नारा दिया है और हम इसके प्रति प्रतिबद्ध हैं।" खामनेई ने कहा, "लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का अपना हक छोड़ देगा। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, नागरिक परमाणु प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल दुनिया के सभी देशों के लिए सही है। हर किसी को अपने देश के लिए विभिन्न उद्देश्यों के संदर्भ में इस सुरक्षित ऊर्जा के इस्तेमाल का अधिकार मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन वे परमाणु ईंधन उत्पादित करने की क्षमता को अपने आप तक सीमित कर लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इसकी सबसे बड़ी बिडम्बना अमेरिकी प्रशासन है, जिसके पास व्यापक विनाश के सबसे अधिक और सर्वाधिक घातक परमाणु तथा अन्य हथियार हैं, वह एकमात्र देश है जो इनके इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध है। लेकिन आज वही परमाणु प्रसार के खिलाफ झंडा उठाए हुए है।"टिप्पणियां खामनेई ने अमेरिका पर अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना पूरी तरह अतार्किक, अनुचित तथा अलोकतांत्रिक है। यह तनाशाही का स्पष्ट रूप है, जो बेहद पुराना तथा बेकार हो चुका है और इसके समापन की अवधि गुजर चुकी है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।" उन्होंने दुनिया के ऐसे देशों (पश्चिमी देश) की आलोचना भी की, जो परमाणु प्रौद्योगिकी को अपने आप तक सीमित रखना चाहते हैं। गुटनिरपेक्ष आंदोलन के 16वें शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए खामनेई अमेरिका पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया पर धौंस जमाने के लिए संयुक्त राष्ट्र का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान परमाणु एवं रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का विरोध करता है और इसे अक्षम्य पाप के रूप में देखता है। हमने मध्य-पूर्व को परमाणु हथियार मुक्त बनाने का नारा दिया है और हम इसके प्रति प्रतिबद्ध हैं।" खामनेई ने कहा, "लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का अपना हक छोड़ देगा। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, नागरिक परमाणु प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल दुनिया के सभी देशों के लिए सही है। हर किसी को अपने देश के लिए विभिन्न उद्देश्यों के संदर्भ में इस सुरक्षित ऊर्जा के इस्तेमाल का अधिकार मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन वे परमाणु ईंधन उत्पादित करने की क्षमता को अपने आप तक सीमित कर लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इसकी सबसे बड़ी बिडम्बना अमेरिकी प्रशासन है, जिसके पास व्यापक विनाश के सबसे अधिक और सर्वाधिक घातक परमाणु तथा अन्य हथियार हैं, वह एकमात्र देश है जो इनके इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध है। लेकिन आज वही परमाणु प्रसार के खिलाफ झंडा उठाए हुए है।"टिप्पणियां खामनेई ने अमेरिका पर अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना पूरी तरह अतार्किक, अनुचित तथा अलोकतांत्रिक है। यह तनाशाही का स्पष्ट रूप है, जो बेहद पुराना तथा बेकार हो चुका है और इसके समापन की अवधि गुजर चुकी है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।" गुटनिरपेक्ष आंदोलन के 16वें शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए खामनेई अमेरिका पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया पर धौंस जमाने के लिए संयुक्त राष्ट्र का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान परमाणु एवं रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का विरोध करता है और इसे अक्षम्य पाप के रूप में देखता है। हमने मध्य-पूर्व को परमाणु हथियार मुक्त बनाने का नारा दिया है और हम इसके प्रति प्रतिबद्ध हैं।" खामनेई ने कहा, "लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का अपना हक छोड़ देगा। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, नागरिक परमाणु प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल दुनिया के सभी देशों के लिए सही है। हर किसी को अपने देश के लिए विभिन्न उद्देश्यों के संदर्भ में इस सुरक्षित ऊर्जा के इस्तेमाल का अधिकार मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन वे परमाणु ईंधन उत्पादित करने की क्षमता को अपने आप तक सीमित कर लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इसकी सबसे बड़ी बिडम्बना अमेरिकी प्रशासन है, जिसके पास व्यापक विनाश के सबसे अधिक और सर्वाधिक घातक परमाणु तथा अन्य हथियार हैं, वह एकमात्र देश है जो इनके इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध है। लेकिन आज वही परमाणु प्रसार के खिलाफ झंडा उठाए हुए है।"टिप्पणियां खामनेई ने अमेरिका पर अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना पूरी तरह अतार्किक, अनुचित तथा अलोकतांत्रिक है। यह तनाशाही का स्पष्ट रूप है, जो बेहद पुराना तथा बेकार हो चुका है और इसके समापन की अवधि गुजर चुकी है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।" उन्होंने कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान परमाणु एवं रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का विरोध करता है और इसे अक्षम्य पाप के रूप में देखता है। हमने मध्य-पूर्व को परमाणु हथियार मुक्त बनाने का नारा दिया है और हम इसके प्रति प्रतिबद्ध हैं।" खामनेई ने कहा, "लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का अपना हक छोड़ देगा। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, नागरिक परमाणु प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल दुनिया के सभी देशों के लिए सही है। हर किसी को अपने देश के लिए विभिन्न उद्देश्यों के संदर्भ में इस सुरक्षित ऊर्जा के इस्तेमाल का अधिकार मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन वे परमाणु ईंधन उत्पादित करने की क्षमता को अपने आप तक सीमित कर लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इसकी सबसे बड़ी बिडम्बना अमेरिकी प्रशासन है, जिसके पास व्यापक विनाश के सबसे अधिक और सर्वाधिक घातक परमाणु तथा अन्य हथियार हैं, वह एकमात्र देश है जो इनके इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध है। लेकिन आज वही परमाणु प्रसार के खिलाफ झंडा उठाए हुए है।"टिप्पणियां खामनेई ने अमेरिका पर अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना पूरी तरह अतार्किक, अनुचित तथा अलोकतांत्रिक है। यह तनाशाही का स्पष्ट रूप है, जो बेहद पुराना तथा बेकार हो चुका है और इसके समापन की अवधि गुजर चुकी है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।" खामनेई ने कहा, "लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का अपना हक छोड़ देगा। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, नागरिक परमाणु प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल दुनिया के सभी देशों के लिए सही है। हर किसी को अपने देश के लिए विभिन्न उद्देश्यों के संदर्भ में इस सुरक्षित ऊर्जा के इस्तेमाल का अधिकार मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन वे परमाणु ईंधन उत्पादित करने की क्षमता को अपने आप तक सीमित कर लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इसकी सबसे बड़ी बिडम्बना अमेरिकी प्रशासन है, जिसके पास व्यापक विनाश के सबसे अधिक और सर्वाधिक घातक परमाणु तथा अन्य हथियार हैं, वह एकमात्र देश है जो इनके इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध है। लेकिन आज वही परमाणु प्रसार के खिलाफ झंडा उठाए हुए है।"टिप्पणियां खामनेई ने अमेरिका पर अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना पूरी तरह अतार्किक, अनुचित तथा अलोकतांत्रिक है। यह तनाशाही का स्पष्ट रूप है, जो बेहद पुराना तथा बेकार हो चुका है और इसके समापन की अवधि गुजर चुकी है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।" उन्होंने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन वे परमाणु ईंधन उत्पादित करने की क्षमता को अपने आप तक सीमित कर लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इसकी सबसे बड़ी बिडम्बना अमेरिकी प्रशासन है, जिसके पास व्यापक विनाश के सबसे अधिक और सर्वाधिक घातक परमाणु तथा अन्य हथियार हैं, वह एकमात्र देश है जो इनके इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध है। लेकिन आज वही परमाणु प्रसार के खिलाफ झंडा उठाए हुए है।"टिप्पणियां खामनेई ने अमेरिका पर अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना पूरी तरह अतार्किक, अनुचित तथा अलोकतांत्रिक है। यह तनाशाही का स्पष्ट रूप है, जो बेहद पुराना तथा बेकार हो चुका है और इसके समापन की अवधि गुजर चुकी है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।" उन्होंने कहा, "इसकी सबसे बड़ी बिडम्बना अमेरिकी प्रशासन है, जिसके पास व्यापक विनाश के सबसे अधिक और सर्वाधिक घातक परमाणु तथा अन्य हथियार हैं, वह एकमात्र देश है जो इनके इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध है। लेकिन आज वही परमाणु प्रसार के खिलाफ झंडा उठाए हुए है।"टिप्पणियां खामनेई ने अमेरिका पर अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना पूरी तरह अतार्किक, अनुचित तथा अलोकतांत्रिक है। यह तनाशाही का स्पष्ट रूप है, जो बेहद पुराना तथा बेकार हो चुका है और इसके समापन की अवधि गुजर चुकी है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।" खामनेई ने अमेरिका पर अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना पूरी तरह अतार्किक, अनुचित तथा अलोकतांत्रिक है। यह तनाशाही का स्पष्ट रूप है, जो बेहद पुराना तथा बेकार हो चुका है और इसके समापन की अवधि गुजर चुकी है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।" उन्होंने कहा, "अमेरिका तथा इसके सहयोगी 'मानव अधिकारों' की रक्षा के नाम पर पश्चिम के हितों की रक्षा करते हैं। वे 'लोकतंत्र' के नाम पर दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप करते हैं और 'आतंकवाद से लड़ने' के नाम पर विभिन्न देशों के गांवों तथा शहरों में बम व हथियारों से निरीह लोगों को निशाना बनाते हैं।"
सारांश: अयातुल्लाह अली खामनेई ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि उनका देश परमाणु हथियार बनाना नहीं चाहता, लेकिन शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का 'अपना हक' नहीं छोड़ेगा।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप एक ओर जहां वोटरों से पूर्व विश्व सुंदरी के 'सेक्स टेप' देखने को कह रहे हैं, वहीं उनकी डेमोक्रैटिक प्रतिद्वंद्वि हिलेरी क्लिंटन के प्रचार दल का कहना है कि इससे बेहतर वह एडल्ट फिल्म देखना होगा, जिसमें ट्रंप ने खुद अभिनय किया है. दरअसल बजफीड नाम की एक वेबसाइट ने एक छोटी क्लिप डाली है, जिसमें ट्रंप न्यूयॉर्क की एक सड़क पर लड़कियों के झुंड से घिरे हैं और प्लेब्वॉय का नाम छपे लिमोजीन कार पर शैंपेयन डाल रहे हैं. यह क्लिप साल 2000 में आई एक प्लेब्वॉय वीडियो का है, जिसमें ट्रंप ने कैमियो किया था. इस पर क्लिंटन के प्रवक्ता निक मेरिल कहते हैं, 'आज कल सेक्स टेप्स को लेकर काफी बातें की जा रही हैं और अब बस एक ही एडल्ट फिल्म सामने आ रही है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप स्टार हैं.' हालांकि इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि उन्होंने वह फिल्म देखी नहीं है. इससे पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने पूर्व मिस यूनिवर्स एलिसिया मचाडो पर सेक्स टेप में शामिल होने का आरोप लगाया था. ट्रम्प ने 30 सितंबर की रात तीन बजे ट्विटर पर एलिसिया मचाडो पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'क्या धूर्त हिलेरी ने एलिसिया (उनके सेक्स टेप और अतीत में ज़रा झांके) को अमेरिकी नागरिक बनने में इसलिए मदद की ताकि वह उनका इस्तेमाल बहस में कर सके?' हालांकि ट्रंप ने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया. टिप्पणियां बता दें कि हाल ही में दोनों उम्मीदवारों के बीच राष्ट्रपति पद के लिए पहली बहस हुई जिसे अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिबेट बताया जा रहा है. इस बहस में हिलेरी क्लिंटन की ओर से वेनेज़ुएला सुंदरी एलिसिया मचाडो का नाम सामने लाया गया जिन्हें मई 1996 में मिस यूनिवर्स के ताज से नवाज़ा गया था. क्लिंटन ने एलिसिया का नाम लेते हुए कहा था कि 'ट्रंप वह व्यक्ति है, जिन्होंने महिलाओं को किस किस नाम से नहीं पुकारा. उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली एक महिला के बारे में बहुत ही बुरी बात कही थी. उस महिला का नाम एलिसिया मचाडो है और अब वह अमेरिकी नागरिक है जो कि आने वाले नवंबर में शर्तिया वोट डालने वाली है.' डोनाल्ड ट्रंप ने 1996 में एलिसिया के मिस यूनिवर्स खिताब जीतने के बाद उनके बढ़ते वज़न को लेकर सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'मिस पिगी' और 'ईटिंग मशीन' जैसे शब्दों से पुकारा था. ट्रंप उस वक्त मिस यूनिवर्स कार्यक्रम के सह मालिक थे. दरअसल बजफीड नाम की एक वेबसाइट ने एक छोटी क्लिप डाली है, जिसमें ट्रंप न्यूयॉर्क की एक सड़क पर लड़कियों के झुंड से घिरे हैं और प्लेब्वॉय का नाम छपे लिमोजीन कार पर शैंपेयन डाल रहे हैं. यह क्लिप साल 2000 में आई एक प्लेब्वॉय वीडियो का है, जिसमें ट्रंप ने कैमियो किया था. इस पर क्लिंटन के प्रवक्ता निक मेरिल कहते हैं, 'आज कल सेक्स टेप्स को लेकर काफी बातें की जा रही हैं और अब बस एक ही एडल्ट फिल्म सामने आ रही है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप स्टार हैं.' हालांकि इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि उन्होंने वह फिल्म देखी नहीं है. इससे पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने पूर्व मिस यूनिवर्स एलिसिया मचाडो पर सेक्स टेप में शामिल होने का आरोप लगाया था. ट्रम्प ने 30 सितंबर की रात तीन बजे ट्विटर पर एलिसिया मचाडो पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'क्या धूर्त हिलेरी ने एलिसिया (उनके सेक्स टेप और अतीत में ज़रा झांके) को अमेरिकी नागरिक बनने में इसलिए मदद की ताकि वह उनका इस्तेमाल बहस में कर सके?' हालांकि ट्रंप ने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया. टिप्पणियां बता दें कि हाल ही में दोनों उम्मीदवारों के बीच राष्ट्रपति पद के लिए पहली बहस हुई जिसे अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिबेट बताया जा रहा है. इस बहस में हिलेरी क्लिंटन की ओर से वेनेज़ुएला सुंदरी एलिसिया मचाडो का नाम सामने लाया गया जिन्हें मई 1996 में मिस यूनिवर्स के ताज से नवाज़ा गया था. क्लिंटन ने एलिसिया का नाम लेते हुए कहा था कि 'ट्रंप वह व्यक्ति है, जिन्होंने महिलाओं को किस किस नाम से नहीं पुकारा. उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली एक महिला के बारे में बहुत ही बुरी बात कही थी. उस महिला का नाम एलिसिया मचाडो है और अब वह अमेरिकी नागरिक है जो कि आने वाले नवंबर में शर्तिया वोट डालने वाली है.' डोनाल्ड ट्रंप ने 1996 में एलिसिया के मिस यूनिवर्स खिताब जीतने के बाद उनके बढ़ते वज़न को लेकर सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'मिस पिगी' और 'ईटिंग मशीन' जैसे शब्दों से पुकारा था. ट्रंप उस वक्त मिस यूनिवर्स कार्यक्रम के सह मालिक थे. इस पर क्लिंटन के प्रवक्ता निक मेरिल कहते हैं, 'आज कल सेक्स टेप्स को लेकर काफी बातें की जा रही हैं और अब बस एक ही एडल्ट फिल्म सामने आ रही है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप स्टार हैं.' हालांकि इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि उन्होंने वह फिल्म देखी नहीं है. इससे पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने पूर्व मिस यूनिवर्स एलिसिया मचाडो पर सेक्स टेप में शामिल होने का आरोप लगाया था. ट्रम्प ने 30 सितंबर की रात तीन बजे ट्विटर पर एलिसिया मचाडो पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'क्या धूर्त हिलेरी ने एलिसिया (उनके सेक्स टेप और अतीत में ज़रा झांके) को अमेरिकी नागरिक बनने में इसलिए मदद की ताकि वह उनका इस्तेमाल बहस में कर सके?' हालांकि ट्रंप ने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया. टिप्पणियां बता दें कि हाल ही में दोनों उम्मीदवारों के बीच राष्ट्रपति पद के लिए पहली बहस हुई जिसे अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिबेट बताया जा रहा है. इस बहस में हिलेरी क्लिंटन की ओर से वेनेज़ुएला सुंदरी एलिसिया मचाडो का नाम सामने लाया गया जिन्हें मई 1996 में मिस यूनिवर्स के ताज से नवाज़ा गया था. क्लिंटन ने एलिसिया का नाम लेते हुए कहा था कि 'ट्रंप वह व्यक्ति है, जिन्होंने महिलाओं को किस किस नाम से नहीं पुकारा. उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली एक महिला के बारे में बहुत ही बुरी बात कही थी. उस महिला का नाम एलिसिया मचाडो है और अब वह अमेरिकी नागरिक है जो कि आने वाले नवंबर में शर्तिया वोट डालने वाली है.' डोनाल्ड ट्रंप ने 1996 में एलिसिया के मिस यूनिवर्स खिताब जीतने के बाद उनके बढ़ते वज़न को लेकर सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'मिस पिगी' और 'ईटिंग मशीन' जैसे शब्दों से पुकारा था. ट्रंप उस वक्त मिस यूनिवर्स कार्यक्रम के सह मालिक थे. इससे पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने पूर्व मिस यूनिवर्स एलिसिया मचाडो पर सेक्स टेप में शामिल होने का आरोप लगाया था. ट्रम्प ने 30 सितंबर की रात तीन बजे ट्विटर पर एलिसिया मचाडो पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'क्या धूर्त हिलेरी ने एलिसिया (उनके सेक्स टेप और अतीत में ज़रा झांके) को अमेरिकी नागरिक बनने में इसलिए मदद की ताकि वह उनका इस्तेमाल बहस में कर सके?' हालांकि ट्रंप ने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया. टिप्पणियां बता दें कि हाल ही में दोनों उम्मीदवारों के बीच राष्ट्रपति पद के लिए पहली बहस हुई जिसे अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिबेट बताया जा रहा है. इस बहस में हिलेरी क्लिंटन की ओर से वेनेज़ुएला सुंदरी एलिसिया मचाडो का नाम सामने लाया गया जिन्हें मई 1996 में मिस यूनिवर्स के ताज से नवाज़ा गया था. क्लिंटन ने एलिसिया का नाम लेते हुए कहा था कि 'ट्रंप वह व्यक्ति है, जिन्होंने महिलाओं को किस किस नाम से नहीं पुकारा. उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली एक महिला के बारे में बहुत ही बुरी बात कही थी. उस महिला का नाम एलिसिया मचाडो है और अब वह अमेरिकी नागरिक है जो कि आने वाले नवंबर में शर्तिया वोट डालने वाली है.' डोनाल्ड ट्रंप ने 1996 में एलिसिया के मिस यूनिवर्स खिताब जीतने के बाद उनके बढ़ते वज़न को लेकर सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'मिस पिगी' और 'ईटिंग मशीन' जैसे शब्दों से पुकारा था. ट्रंप उस वक्त मिस यूनिवर्स कार्यक्रम के सह मालिक थे. बता दें कि हाल ही में दोनों उम्मीदवारों के बीच राष्ट्रपति पद के लिए पहली बहस हुई जिसे अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिबेट बताया जा रहा है. इस बहस में हिलेरी क्लिंटन की ओर से वेनेज़ुएला सुंदरी एलिसिया मचाडो का नाम सामने लाया गया जिन्हें मई 1996 में मिस यूनिवर्स के ताज से नवाज़ा गया था. क्लिंटन ने एलिसिया का नाम लेते हुए कहा था कि 'ट्रंप वह व्यक्ति है, जिन्होंने महिलाओं को किस किस नाम से नहीं पुकारा. उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली एक महिला के बारे में बहुत ही बुरी बात कही थी. उस महिला का नाम एलिसिया मचाडो है और अब वह अमेरिकी नागरिक है जो कि आने वाले नवंबर में शर्तिया वोट डालने वाली है.' डोनाल्ड ट्रंप ने 1996 में एलिसिया के मिस यूनिवर्स खिताब जीतने के बाद उनके बढ़ते वज़न को लेकर सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'मिस पिगी' और 'ईटिंग मशीन' जैसे शब्दों से पुकारा था. ट्रंप उस वक्त मिस यूनिवर्स कार्यक्रम के सह मालिक थे. डोनाल्ड ट्रंप ने 1996 में एलिसिया के मिस यूनिवर्स खिताब जीतने के बाद उनके बढ़ते वज़न को लेकर सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'मिस पिगी' और 'ईटिंग मशीन' जैसे शब्दों से पुकारा था. ट्रंप उस वक्त मिस यूनिवर्स कार्यक्रम के सह मालिक थे.
यह एक सारांश है: अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं ट्रंप ट्रंप ने पूर्व मिस यूनिवर्स पर सेक्स टेप में शामिल होने का आरोप लगाया था अब एक प्लेब्वॉय वीडियो चर्चा में है, जिसमें ट्रंप ने कैमियो किया था
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के बाद अब राजस्थान किसान आंदोलन का नया केंद्र बन सकता है...आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने 15 जून से राज्य में किसानों की बढ़ती बदहाली के सवाल पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने का एलान कर दिया है.   अब किसान आंदोलन राजस्थान दाखिल होने जा रहा है. आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ यानी बीकेयू के ऑल इंडिया सचिव मोहिनी मोहन मिश्रा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि बीकेयू ने 15 जून यानी आगामी गुरुवार से राजस्थान सरकार के खिलाफ आठ जगहों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है. उनका आरोप है कि राज्य सरकार तुअर, चना, मूंगफली और सरसों के उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने में नाकाम रही है. किसानों के असंतोष से निपटने की फौरी रणनीति के तौर पर राज्य सरकारें कर्ज माफी का एलान कर रही हैं. लेकिन इस नीति पर सवाल भी हैं. वित्त मंत्री का कहना है कि ऐसी माफी के लिए राज्य सरकारों को ही पैसे जुटाने होंगे. सोमवार को सार्वजनिक बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ शब्दों में कहा, "जो सरकारें ऐसी योजना (कर्ज माफी) लाना चाहती हैं उनको इसके साधन भी खुद जुटाने होंगे." टिप्पणियां किसानों की अनदेखी की शिकायत केंद्र सरकार से भी है. किसान संघ के मुताबिक कृषि क्षेत्र में 56% रोजगार मिलता है, जीडीपी में उसका हिस्सा 14 फीसदी है, लेकिन बजट में हिस्सा एक फीसदी से भी कम. देश भर में किसानों की बदहाली का सवाल बड़ा है और महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद जिस तरह से राजस्थान में विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी चल रही है उसके बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों के बढ़ते असंतोष के मामले से निपटने के लिए आगे क्या रणनीति अख्तियार करती है. अब किसान आंदोलन राजस्थान दाखिल होने जा रहा है. आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ यानी बीकेयू के ऑल इंडिया सचिव मोहिनी मोहन मिश्रा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि बीकेयू ने 15 जून यानी आगामी गुरुवार से राजस्थान सरकार के खिलाफ आठ जगहों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है. उनका आरोप है कि राज्य सरकार तुअर, चना, मूंगफली और सरसों के उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने में नाकाम रही है. किसानों के असंतोष से निपटने की फौरी रणनीति के तौर पर राज्य सरकारें कर्ज माफी का एलान कर रही हैं. लेकिन इस नीति पर सवाल भी हैं. वित्त मंत्री का कहना है कि ऐसी माफी के लिए राज्य सरकारों को ही पैसे जुटाने होंगे. सोमवार को सार्वजनिक बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ शब्दों में कहा, "जो सरकारें ऐसी योजना (कर्ज माफी) लाना चाहती हैं उनको इसके साधन भी खुद जुटाने होंगे." टिप्पणियां किसानों की अनदेखी की शिकायत केंद्र सरकार से भी है. किसान संघ के मुताबिक कृषि क्षेत्र में 56% रोजगार मिलता है, जीडीपी में उसका हिस्सा 14 फीसदी है, लेकिन बजट में हिस्सा एक फीसदी से भी कम. देश भर में किसानों की बदहाली का सवाल बड़ा है और महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद जिस तरह से राजस्थान में विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी चल रही है उसके बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों के बढ़ते असंतोष के मामले से निपटने के लिए आगे क्या रणनीति अख्तियार करती है. किसानों के असंतोष से निपटने की फौरी रणनीति के तौर पर राज्य सरकारें कर्ज माफी का एलान कर रही हैं. लेकिन इस नीति पर सवाल भी हैं. वित्त मंत्री का कहना है कि ऐसी माफी के लिए राज्य सरकारों को ही पैसे जुटाने होंगे. सोमवार को सार्वजनिक बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ शब्दों में कहा, "जो सरकारें ऐसी योजना (कर्ज माफी) लाना चाहती हैं उनको इसके साधन भी खुद जुटाने होंगे." टिप्पणियां किसानों की अनदेखी की शिकायत केंद्र सरकार से भी है. किसान संघ के मुताबिक कृषि क्षेत्र में 56% रोजगार मिलता है, जीडीपी में उसका हिस्सा 14 फीसदी है, लेकिन बजट में हिस्सा एक फीसदी से भी कम. देश भर में किसानों की बदहाली का सवाल बड़ा है और महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद जिस तरह से राजस्थान में विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी चल रही है उसके बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों के बढ़ते असंतोष के मामले से निपटने के लिए आगे क्या रणनीति अख्तियार करती है. किसानों की अनदेखी की शिकायत केंद्र सरकार से भी है. किसान संघ के मुताबिक कृषि क्षेत्र में 56% रोजगार मिलता है, जीडीपी में उसका हिस्सा 14 फीसदी है, लेकिन बजट में हिस्सा एक फीसदी से भी कम. देश भर में किसानों की बदहाली का सवाल बड़ा है और महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद जिस तरह से राजस्थान में विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी चल रही है उसके बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों के बढ़ते असंतोष के मामले से निपटने के लिए आगे क्या रणनीति अख्तियार करती है. देश भर में किसानों की बदहाली का सवाल बड़ा है और महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद जिस तरह से राजस्थान में विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी चल रही है उसके बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों के बढ़ते असंतोष के मामले से निपटने के लिए आगे क्या रणनीति अख्तियार करती है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार पर किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं दिलाने का आरोप वित्त मंत्री ने कहा, कर्ज माफी को राज्य सरकारों को ही पैसे जुटाने होंगे किसानों की अनदेखी की शिकायत केंद्र सरकार से भी
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: राजधानी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू में छह साल की एक बच्ची दाखिल है, जिसके साथ गंभीर यौन उत्पीड़न किया गया होने की आशंका है। उसकी अंतड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और उसके गुप्तांग में भी गहरी चोटें हैं। उसकी री-कंस्ट्रक्टिव सर्जरी की गई है और इस बात के लिए भी टेस्ट किए गए हैं कि क्या उसके साथ बलात्कार किया गया था।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यह बच्ची संभवत: गुड़गांव की रहने वाली है, क्योंकि वहां के एक जोड़े द्वारा अपनी जिस बेटी के गुमशुदा होने की रिपोर्ट लिखवाई गई है, अस्पताल में भर्ती इस बच्ची का हुलिया उससे मिलता है। यह बच्ची रविवार रात को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर एक राहगीर को मिली थी और उस समय इसके शरीर से खून बह रहा था। उसी आदमी ने पुलिस को सूचना दी थी। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक किसी एनजीओ की देखरेख में उसे संभवत: आज शाम तक छुट्टी दी जा सकती है। उसकी अंतड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और उसके गुप्तांग में भी गहरी चोटें हैं। उसकी री-कंस्ट्रक्टिव सर्जरी की गई है और इस बात के लिए भी टेस्ट किए गए हैं कि क्या उसके साथ बलात्कार किया गया था।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यह बच्ची संभवत: गुड़गांव की रहने वाली है, क्योंकि वहां के एक जोड़े द्वारा अपनी जिस बेटी के गुमशुदा होने की रिपोर्ट लिखवाई गई है, अस्पताल में भर्ती इस बच्ची का हुलिया उससे मिलता है। यह बच्ची रविवार रात को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर एक राहगीर को मिली थी और उस समय इसके शरीर से खून बह रहा था। उसी आदमी ने पुलिस को सूचना दी थी। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक किसी एनजीओ की देखरेख में उसे संभवत: आज शाम तक छुट्टी दी जा सकती है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यह बच्ची संभवत: गुड़गांव की रहने वाली है, क्योंकि वहां के एक जोड़े द्वारा अपनी जिस बेटी के गुमशुदा होने की रिपोर्ट लिखवाई गई है, अस्पताल में भर्ती इस बच्ची का हुलिया उससे मिलता है। यह बच्ची रविवार रात को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर एक राहगीर को मिली थी और उस समय इसके शरीर से खून बह रहा था। उसी आदमी ने पुलिस को सूचना दी थी। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक किसी एनजीओ की देखरेख में उसे संभवत: आज शाम तक छुट्टी दी जा सकती है। यह बच्ची रविवार रात को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर एक राहगीर को मिली थी और उस समय इसके शरीर से खून बह रहा था। उसी आदमी ने पुलिस को सूचना दी थी। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक किसी एनजीओ की देखरेख में उसे संभवत: आज शाम तक छुट्टी दी जा सकती है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू में छह साल की एक बच्ची दाखिल है, जिसके साथ गंभीर यौन उत्पीड़न किया गया होने की आशंका है। उसकी अंतड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और उसके गुप्तांग में भी गहरी चोटें हैं।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने एक बार फिर शनिवार सुबह जम्मू के पुंछ के मेंढ़र में युद्धविराम का उल्लंघन किया. सुबह 5.15 से मेंढ़र सेक्टर मे बिना किसी उकसावे के पाक सेना ने  गोलाबारी शुरू कर दी. छोटे हथियारों से लेकर मोर्टार दागे गए. पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में अब तक 132 आतंकी ढेर, मरने वालों में 6 कमांडर भी शामिल फायरिंग का एलओसी पर तैनात भारतीय सेना ने मजबूती के साथ माकूल जवाब दिया. फायरिंग 6.45 में रुक गई. पाक की ओर गोलाबारी में मेंढ़र इलाके में एक महिला की मौत हो गई. 45 साल की महिला की मौत से परिवार के लोग काफी दुखी है. ये पहली बार नहीं है कि पाक गोलाबारी में आम आदमी की मौत हुई है. इस साल अब तक पाकिस्तान ने करीब 250 बार से ज्यादा युद्धविराम का उल्लंघन किया है जबकि पिछले साल 228 दफा ही पाकिस्तान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया था. अभी जबकि साल खत्म होने मे पांच महीने बचे हैं. टिप्पणियां वीडियो- जम्मू कश्मीर के सोपोर में तीन आतंकी ढेर उधर कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना के कैंप पर आतंकियो ने देर रात दूर से फायर कर भाग निकले. सेना ने जवाबी फायरिंग की लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग निकले. सेना फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रही है.    पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में अब तक 132 आतंकी ढेर, मरने वालों में 6 कमांडर भी शामिल फायरिंग का एलओसी पर तैनात भारतीय सेना ने मजबूती के साथ माकूल जवाब दिया. फायरिंग 6.45 में रुक गई. पाक की ओर गोलाबारी में मेंढ़र इलाके में एक महिला की मौत हो गई. 45 साल की महिला की मौत से परिवार के लोग काफी दुखी है. ये पहली बार नहीं है कि पाक गोलाबारी में आम आदमी की मौत हुई है. इस साल अब तक पाकिस्तान ने करीब 250 बार से ज्यादा युद्धविराम का उल्लंघन किया है जबकि पिछले साल 228 दफा ही पाकिस्तान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया था. अभी जबकि साल खत्म होने मे पांच महीने बचे हैं. टिप्पणियां वीडियो- जम्मू कश्मीर के सोपोर में तीन आतंकी ढेर उधर कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना के कैंप पर आतंकियो ने देर रात दूर से फायर कर भाग निकले. सेना ने जवाबी फायरिंग की लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग निकले. सेना फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रही है.    फायरिंग का एलओसी पर तैनात भारतीय सेना ने मजबूती के साथ माकूल जवाब दिया. फायरिंग 6.45 में रुक गई. पाक की ओर गोलाबारी में मेंढ़र इलाके में एक महिला की मौत हो गई. 45 साल की महिला की मौत से परिवार के लोग काफी दुखी है. ये पहली बार नहीं है कि पाक गोलाबारी में आम आदमी की मौत हुई है. इस साल अब तक पाकिस्तान ने करीब 250 बार से ज्यादा युद्धविराम का उल्लंघन किया है जबकि पिछले साल 228 दफा ही पाकिस्तान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया था. अभी जबकि साल खत्म होने मे पांच महीने बचे हैं. टिप्पणियां वीडियो- जम्मू कश्मीर के सोपोर में तीन आतंकी ढेर उधर कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना के कैंप पर आतंकियो ने देर रात दूर से फायर कर भाग निकले. सेना ने जवाबी फायरिंग की लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग निकले. सेना फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रही है.    इस साल अब तक पाकिस्तान ने करीब 250 बार से ज्यादा युद्धविराम का उल्लंघन किया है जबकि पिछले साल 228 दफा ही पाकिस्तान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया था. अभी जबकि साल खत्म होने मे पांच महीने बचे हैं. टिप्पणियां वीडियो- जम्मू कश्मीर के सोपोर में तीन आतंकी ढेर उधर कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना के कैंप पर आतंकियो ने देर रात दूर से फायर कर भाग निकले. सेना ने जवाबी फायरिंग की लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग निकले. सेना फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रही है.    वीडियो- जम्मू कश्मीर के सोपोर में तीन आतंकी ढेर उधर कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना के कैंप पर आतंकियो ने देर रात दूर से फायर कर भाग निकले. सेना ने जवाबी फायरिंग की लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग निकले. सेना फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रही है.    उधर कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना के कैंप पर आतंकियो ने देर रात दूर से फायर कर भाग निकले. सेना ने जवाबी फायरिंग की लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग निकले. सेना फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रही है.
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान ने एक बार फिर युद्धविराम का उल्लंघन गोलीबारी में एक महिला की मौत सुबह 5.15 से मेंढ़र सेक्टर में हुई गोलाबारी
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महान हरफनमौला कपिल देव (Kapil Dev) जब मैदान में उतरते थे तो दर्शकों के बीच मानो बिजली कौंध जाती थी. कपिल चाहे गेंदबाजी कर रहे हों या बल्‍लेबाजी, दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र होते थे. यह विश्‍व क्रिकेट का सौभाग्‍य ही कहा जाएगा कि चार सर्वश्रेष्‍ठ ऑलराउंडर-इंग्‍लैंड के इयान बॉथम, पाकिस्‍तान के इमरान खान, न्‍यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली और भारत के कपिल देव ने एक ही दौर में क्रिकेट खेला और कई बार अपने एकतरफा प्रदर्शन से मैच का नतीजा पलटकर रख दिया. सौरव गांगुली से बहुत पहले, कप्‍तान के तौर पर कपिल देव को भारतीय टीम में आक्रामक रवैया लाने का श्रेय जाता है. 6 जनवरी 1959 को जन्‍मे कपिल मौका पड़ने पर साहसिक फैसले लेने से नहीं चूकते थे. यह अलग बात है कि उस समय की भारतीय टीम गेंदबाजी के लिहाज से कमजोर थी और उनके यह फैसले ज्‍यादातर मौकों पर टीम के लिए फलदायी साबित नहीं हो पाते थे. अपनी इसी साहसिक कप्‍तानी की बदौलत कपिल ने वर्ल्‍डकप 1983 में टीम इंडिया को चैंपियन बनाकर हर किसी को चौंकाया था. इस वर्ल्‍डकप में कपिल ने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ विषम परिस्थितियों में 175* रन की पारी भी खेली थी.टिप्पणियां भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक केवल चार गेंदबाज ही हैट्रिक (तीन गेंद पर तीन विकेट) दर्ज कर पाए हैं और कपिल उनमें से एक हैं. कपिल ने वर्ष 1991 में कोलकाता के ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में यह कारनामा किया था. कपिल से पहले उनके ही राज्‍य हरियाणा के चेतन शर्मा ने वनडे में हैट्रिक दर्ज की थी. इन दोनों बॉलरों के अलावा टेस्‍ट क्रिकेट में हरभजन सिंह व इरफान पठान हैट्रिक ले चुके हैं.   कपिल की यह हैट्रिक तीन अन्‍य भारतीय गेंदबाजों (टेस्‍ट और वनडे) के मुकाबले इस मायने में अलग रही कि उन्‍होंने दो ओवर में यह 'तिकड़ी' पूरी की थी. जनवरी 1991 को कोलकाता के ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में कपिलदेव ने अपने एक ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंका के रोशन महानामा को विकेटकीपर किरण मोरे से कैच कराया. इसके बाद अगले ओवर की पहली दो गेंदो पर रुमेश रत्‍नायके और सनथ जयसूर्या के विकेट झटके. दो ओवरों की लगातार तीन गेंदों पर यह हैट्रिक इस अंदाज में दर्ज हुई थी कि मैदान पर मौजूद दर्शक और टीवी देख रहे क्रिकेटप्रेमियों को भी काफी देर तक इसका अहसास नहीं हो पाया था. कपिल के अलावा तीन अन्‍य भारतीय गेंदबाजों चेतन शर्मा (वनडे) और हरभजन सिंह व इरफान पठान (टेस्‍ट) ने अपनी हैट्रिक एक ही ओवर की लगातार तीन गेंदों पर बनाई थी. चेतन शर्मा ने अपनी हैट्रिक न्‍यूजीलैंड के खिलाफ रिलायंस वर्ल्‍डकप-1987 में नागपुर में दर्ज की थी. इसी तरह टेस्‍ट में हरभजन ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वर्ष 2001 में कोलकाता में और इरफान पठान ने पाकिस्‍तान के खिलाफ वर्ष 2006 में कराची में हैट्रिक ली थी. सौरव गांगुली से बहुत पहले, कप्‍तान के तौर पर कपिल देव को भारतीय टीम में आक्रामक रवैया लाने का श्रेय जाता है. 6 जनवरी 1959 को जन्‍मे कपिल मौका पड़ने पर साहसिक फैसले लेने से नहीं चूकते थे. यह अलग बात है कि उस समय की भारतीय टीम गेंदबाजी के लिहाज से कमजोर थी और उनके यह फैसले ज्‍यादातर मौकों पर टीम के लिए फलदायी साबित नहीं हो पाते थे. अपनी इसी साहसिक कप्‍तानी की बदौलत कपिल ने वर्ल्‍डकप 1983 में टीम इंडिया को चैंपियन बनाकर हर किसी को चौंकाया था. इस वर्ल्‍डकप में कपिल ने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ विषम परिस्थितियों में 175* रन की पारी भी खेली थी.टिप्पणियां भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक केवल चार गेंदबाज ही हैट्रिक (तीन गेंद पर तीन विकेट) दर्ज कर पाए हैं और कपिल उनमें से एक हैं. कपिल ने वर्ष 1991 में कोलकाता के ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में यह कारनामा किया था. कपिल से पहले उनके ही राज्‍य हरियाणा के चेतन शर्मा ने वनडे में हैट्रिक दर्ज की थी. इन दोनों बॉलरों के अलावा टेस्‍ट क्रिकेट में हरभजन सिंह व इरफान पठान हैट्रिक ले चुके हैं.   कपिल की यह हैट्रिक तीन अन्‍य भारतीय गेंदबाजों (टेस्‍ट और वनडे) के मुकाबले इस मायने में अलग रही कि उन्‍होंने दो ओवर में यह 'तिकड़ी' पूरी की थी. जनवरी 1991 को कोलकाता के ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में कपिलदेव ने अपने एक ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंका के रोशन महानामा को विकेटकीपर किरण मोरे से कैच कराया. इसके बाद अगले ओवर की पहली दो गेंदो पर रुमेश रत्‍नायके और सनथ जयसूर्या के विकेट झटके. दो ओवरों की लगातार तीन गेंदों पर यह हैट्रिक इस अंदाज में दर्ज हुई थी कि मैदान पर मौजूद दर्शक और टीवी देख रहे क्रिकेटप्रेमियों को भी काफी देर तक इसका अहसास नहीं हो पाया था. कपिल के अलावा तीन अन्‍य भारतीय गेंदबाजों चेतन शर्मा (वनडे) और हरभजन सिंह व इरफान पठान (टेस्‍ट) ने अपनी हैट्रिक एक ही ओवर की लगातार तीन गेंदों पर बनाई थी. चेतन शर्मा ने अपनी हैट्रिक न्‍यूजीलैंड के खिलाफ रिलायंस वर्ल्‍डकप-1987 में नागपुर में दर्ज की थी. इसी तरह टेस्‍ट में हरभजन ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वर्ष 2001 में कोलकाता में और इरफान पठान ने पाकिस्‍तान के खिलाफ वर्ष 2006 में कराची में हैट्रिक ली थी. भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक केवल चार गेंदबाज ही हैट्रिक (तीन गेंद पर तीन विकेट) दर्ज कर पाए हैं और कपिल उनमें से एक हैं. कपिल ने वर्ष 1991 में कोलकाता के ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में यह कारनामा किया था. कपिल से पहले उनके ही राज्‍य हरियाणा के चेतन शर्मा ने वनडे में हैट्रिक दर्ज की थी. इन दोनों बॉलरों के अलावा टेस्‍ट क्रिकेट में हरभजन सिंह व इरफान पठान हैट्रिक ले चुके हैं.   कपिल की यह हैट्रिक तीन अन्‍य भारतीय गेंदबाजों (टेस्‍ट और वनडे) के मुकाबले इस मायने में अलग रही कि उन्‍होंने दो ओवर में यह 'तिकड़ी' पूरी की थी. जनवरी 1991 को कोलकाता के ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में कपिलदेव ने अपने एक ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंका के रोशन महानामा को विकेटकीपर किरण मोरे से कैच कराया. इसके बाद अगले ओवर की पहली दो गेंदो पर रुमेश रत्‍नायके और सनथ जयसूर्या के विकेट झटके. दो ओवरों की लगातार तीन गेंदों पर यह हैट्रिक इस अंदाज में दर्ज हुई थी कि मैदान पर मौजूद दर्शक और टीवी देख रहे क्रिकेटप्रेमियों को भी काफी देर तक इसका अहसास नहीं हो पाया था. कपिल के अलावा तीन अन्‍य भारतीय गेंदबाजों चेतन शर्मा (वनडे) और हरभजन सिंह व इरफान पठान (टेस्‍ट) ने अपनी हैट्रिक एक ही ओवर की लगातार तीन गेंदों पर बनाई थी. चेतन शर्मा ने अपनी हैट्रिक न्‍यूजीलैंड के खिलाफ रिलायंस वर्ल्‍डकप-1987 में नागपुर में दर्ज की थी. इसी तरह टेस्‍ट में हरभजन ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वर्ष 2001 में कोलकाता में और इरफान पठान ने पाकिस्‍तान के खिलाफ वर्ष 2006 में कराची में हैट्रिक ली थी. दो ओवरों की लगातार तीन गेंदों पर यह हैट्रिक इस अंदाज में दर्ज हुई थी कि मैदान पर मौजूद दर्शक और टीवी देख रहे क्रिकेटप्रेमियों को भी काफी देर तक इसका अहसास नहीं हो पाया था. कपिल के अलावा तीन अन्‍य भारतीय गेंदबाजों चेतन शर्मा (वनडे) और हरभजन सिंह व इरफान पठान (टेस्‍ट) ने अपनी हैट्रिक एक ही ओवर की लगातार तीन गेंदों पर बनाई थी. चेतन शर्मा ने अपनी हैट्रिक न्‍यूजीलैंड के खिलाफ रिलायंस वर्ल्‍डकप-1987 में नागपुर में दर्ज की थी. इसी तरह टेस्‍ट में हरभजन ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वर्ष 2001 में कोलकाता में और इरफान पठान ने पाकिस्‍तान के खिलाफ वर्ष 2006 में कराची में हैट्रिक ली थी.
संक्षिप्त पाठ: श्रीलंका के खिलाफ दो ओवरों में बनी थी कपिल देव की यह हैट्रिक कप्‍तानी के दौरान साहसिक फैसले लेने से नहीं कतराते थे वर्ल्‍डकप-1983 में जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ खेली थी 175* रन की पारी
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: हाईवे के 500 मीटर इलाके में शराब पर रोक के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई हाईवे सिटी के बीच से होकर गुजरता है तो अगर उसे डिनोटिफाई किया जाता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है. इस संबंध में कोर्ट ने कहा कि सिटी के अंदर के हाईवे और बिना सिटी के हाईवे में बहुत अंतर है. हाईवे का मतलब है जहां तेज रफ्तार में गाडि़यां चलती हों. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईवे के 500 मीटर दायरे में शराब की बिक्री पर रोक के पीछे सोच ये है कि लोग शराब पीकर तेज रफ्तार में गाड़ी ना चलाए लेकिन लेकिन सिटी में इस तरह की रफ्तार देखने को नहीं मिलती. CJI ने याचिकाकर्ता को कहा कि वो सवालों के जवाब दें और फिर 11 जुलाई को सुनवाई कर आदेश जारी करेंगे. दरअसल चंडीगढ़ में हाईवे को डिनोटिफाई करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इस मामले में याचिकाकर्ता का कहना है कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए ये कदम उठाया गया है. सो सुप्रीम कोर्ट अब ये तय करेगा कि क्या इस तरह हाईवे को डिनोटिफाई किया जा सकता है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाईवे को डिनोटिफाई सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि शराब की दुकाने बंद ना हों और राज्यों को पैसा मिल सके. बड़ी सड़कों को जिला सड़क का नाम दिया जा रहा है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के हाईवे पर शराबबंदी के फैसले के बाद कई राज्यों में हाईवे को डिनोटिफाई करने की कार्रवाई की जा रही है. दरअसल चंडीगढ़ में कई जगह हाईवे का नाम बदलकर 'मेजर डिस्ट्रिक रोड' का नाम कर दिया गया है. इसी को लेकर एराइव सेफ इंडिया NGO ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला जनहित में लिया था क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्‍प्रभावी करने के लिए 16 मार्च 2017 का नोटिफिकेशन अवैध है और रद्द किया जाना चाहिए. हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट इस याचिका को खारिज कर चुका है.टिप्पणियां राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के मामले में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि हाईवे पर शराब की दुकानों पर रोक जारी रहेगी. हालांकि हाईवे के किनारे किसी कस्बे में 20 हजार से कम जनसंख्या वाले इलाकों में 220 मीटर तक दुकानें नहीं होंगी. हाईवे किनारे बार और रेस्तरां में भी शराब नहीं बिकेगी. जिन राज्यों में शराब के लाइसेंस 15 दिसंबर से पहले दिए गए, वहां लाइसेंस 30 सितंबर तक चल जाएंगे. दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं वो खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, तक इस तरह की दुकानें चल सकती हैं. CJI ने याचिकाकर्ता को कहा कि वो सवालों के जवाब दें और फिर 11 जुलाई को सुनवाई कर आदेश जारी करेंगे. दरअसल चंडीगढ़ में हाईवे को डिनोटिफाई करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इस मामले में याचिकाकर्ता का कहना है कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए ये कदम उठाया गया है. सो सुप्रीम कोर्ट अब ये तय करेगा कि क्या इस तरह हाईवे को डिनोटिफाई किया जा सकता है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाईवे को डिनोटिफाई सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि शराब की दुकाने बंद ना हों और राज्यों को पैसा मिल सके. बड़ी सड़कों को जिला सड़क का नाम दिया जा रहा है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के हाईवे पर शराबबंदी के फैसले के बाद कई राज्यों में हाईवे को डिनोटिफाई करने की कार्रवाई की जा रही है. दरअसल चंडीगढ़ में कई जगह हाईवे का नाम बदलकर 'मेजर डिस्ट्रिक रोड' का नाम कर दिया गया है. इसी को लेकर एराइव सेफ इंडिया NGO ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला जनहित में लिया था क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्‍प्रभावी करने के लिए 16 मार्च 2017 का नोटिफिकेशन अवैध है और रद्द किया जाना चाहिए. हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट इस याचिका को खारिज कर चुका है.टिप्पणियां राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के मामले में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि हाईवे पर शराब की दुकानों पर रोक जारी रहेगी. हालांकि हाईवे के किनारे किसी कस्बे में 20 हजार से कम जनसंख्या वाले इलाकों में 220 मीटर तक दुकानें नहीं होंगी. हाईवे किनारे बार और रेस्तरां में भी शराब नहीं बिकेगी. जिन राज्यों में शराब के लाइसेंस 15 दिसंबर से पहले दिए गए, वहां लाइसेंस 30 सितंबर तक चल जाएंगे. दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं वो खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, तक इस तरह की दुकानें चल सकती हैं. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाईवे को डिनोटिफाई सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि शराब की दुकाने बंद ना हों और राज्यों को पैसा मिल सके. बड़ी सड़कों को जिला सड़क का नाम दिया जा रहा है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के हाईवे पर शराबबंदी के फैसले के बाद कई राज्यों में हाईवे को डिनोटिफाई करने की कार्रवाई की जा रही है. दरअसल चंडीगढ़ में कई जगह हाईवे का नाम बदलकर 'मेजर डिस्ट्रिक रोड' का नाम कर दिया गया है. इसी को लेकर एराइव सेफ इंडिया NGO ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला जनहित में लिया था क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्‍प्रभावी करने के लिए 16 मार्च 2017 का नोटिफिकेशन अवैध है और रद्द किया जाना चाहिए. हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट इस याचिका को खारिज कर चुका है.टिप्पणियां राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के मामले में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि हाईवे पर शराब की दुकानों पर रोक जारी रहेगी. हालांकि हाईवे के किनारे किसी कस्बे में 20 हजार से कम जनसंख्या वाले इलाकों में 220 मीटर तक दुकानें नहीं होंगी. हाईवे किनारे बार और रेस्तरां में भी शराब नहीं बिकेगी. जिन राज्यों में शराब के लाइसेंस 15 दिसंबर से पहले दिए गए, वहां लाइसेंस 30 सितंबर तक चल जाएंगे. दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं वो खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, तक इस तरह की दुकानें चल सकती हैं. दरअसल चंडीगढ़ में कई जगह हाईवे का नाम बदलकर 'मेजर डिस्ट्रिक रोड' का नाम कर दिया गया है. इसी को लेकर एराइव सेफ इंडिया NGO ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला जनहित में लिया था क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्‍प्रभावी करने के लिए 16 मार्च 2017 का नोटिफिकेशन अवैध है और रद्द किया जाना चाहिए. हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट इस याचिका को खारिज कर चुका है.टिप्पणियां राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के मामले में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि हाईवे पर शराब की दुकानों पर रोक जारी रहेगी. हालांकि हाईवे के किनारे किसी कस्बे में 20 हजार से कम जनसंख्या वाले इलाकों में 220 मीटर तक दुकानें नहीं होंगी. हाईवे किनारे बार और रेस्तरां में भी शराब नहीं बिकेगी. जिन राज्यों में शराब के लाइसेंस 15 दिसंबर से पहले दिए गए, वहां लाइसेंस 30 सितंबर तक चल जाएंगे. दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं वो खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, तक इस तरह की दुकानें चल सकती हैं. राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के मामले में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि हाईवे पर शराब की दुकानों पर रोक जारी रहेगी. हालांकि हाईवे के किनारे किसी कस्बे में 20 हजार से कम जनसंख्या वाले इलाकों में 220 मीटर तक दुकानें नहीं होंगी. हाईवे किनारे बार और रेस्तरां में भी शराब नहीं बिकेगी. जिन राज्यों में शराब के लाइसेंस 15 दिसंबर से पहले दिए गए, वहां लाइसेंस 30 सितंबर तक चल जाएंगे. दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं वो खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, तक इस तरह की दुकानें चल सकती हैं. दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं वो खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, तक इस तरह की दुकानें चल सकती हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कोर्ट ने कहा कि सिटी के भीतर और बाहर के हाईवे में अंतर हाईवे का मतलब है, जहां तेज रफ्तार में गाडि़यां चलती हों सिटी में तेज रफ्तार देखने को नहीं मिलती
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'नंबर वही कंपनी नई' या एमएनपी सुविधा का सबसे बड़ा फायदा वोडाफोन एस्सार को मिलता नजर आ रहा है। इस सुविधा की शुरुआत के बाद से कंपनी को 1.9 लाख नए ग्राहक मिले हैं वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल को अन्य कंपनियों से जितने ग्राहक मिले उससे ज्यादा तो उससे हट गए। एमएनपी सेवाओं की शुरुआत के बाद लगभग 20 लाख मोबाइल ग्राहकों ने अपनी कंपनी बदली है। इस सेवा में ग्राहक अपने नंबर को रखते हुए कंपनी बदल सकता है। दूरसंचार विभाग ने राज्य सभा में जो आंकड़े उपलब्ध कराये हैं उनके अनुसार, अब तक कुल मिलाकर 19,79,600 नंबरों पर एमएनएपी सुविधा ली गई है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एमएनपी सेवा की देशव्यापी शुरुआत 20 जनवरी को की थी। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वोडाफोन एस्सार को 1.9 लाख ग्राहक मिले जबकि आइडिया सेल्यूलर को 1.5 लाख ग्राहक मिले। इस लिहाज से एयरटेल तीसरे नंबर पर है। इस सुविधा का सबसे अधिक नुकसान आरकाम, टाटा टेलीसर्विसेज तथा बीएसएनएल जैसी सीडीएमए कंपनियों को हो रहा है। आरकाम :सीडीएमए: के 1.34 लाख ग्राहक ने कंपनी की सेवाएं छोड़ीं जबकि टीटीएसएल :सीडीएमए: के 1.04 लाख ग्राहक नयी कंपनी में चले गए। जबकि इन्हें मिलने वाले ग्राहकों की संख्या क्रमश: 5,717 और 8,298 है।
संक्षिप्त सारांश: इस सुविधा का सबसे अधिक नुकसान आरकाम, टाटा टेलीसर्विसेज तथा बीएसएनएल जैसी सीडीएमए कंपनियों को हो रहा है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी ऋण संकट को लेकर बढ़ती चिंता के कारण एशियाई कारोबार में कच्चे तेल के भाव में गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और सांसद देश के लिए कर्ज सीमा बढ़ाने के लिए समझौता करने में विफल रहते हैं तो इससे कर्ज लौटाने में चूक की आशंका है। न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध वेस्ट टेक्सॉस इंटरमीडिएट लाइट स्वीट क्रूड का भाव सितंबर महीने के लिये 1.08 डॉलर गिरकर 98.79 डॉलर बैरल रहा। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ सी कच्चे तेल का भाव सितंबर डिलीवरी के लिये 60 सेंट गिरकर 118.07 डॉलर बैरल पर आ गया। ऊर्जा परामर्श कंपनी पुरविन एंड गेट्ज के विश्लेषक विक्ट शुम ने कहा, अमेरिकी ऋण को लेकर जारी अनिश्चितता से तेल बाजार में चिंता है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका कर्ज के मामले में चूक करता है तो इसका असर आर्थिक वृद्धि पर पड़ेगा और अन्य देश भी इससे प्रभावित होंगे।
सारांश: अमेरिकी ऋण संकट को लेकर बढ़ती चिंता के कारण एशियाई कारोबार में कच्चे तेल के भाव में गिरावट दर्ज की गई है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार खाद्य सुरक्षा बिल को लेकर एक बार फिर से जोर लगा रही है और इसे लेकर सहयोगी दलों और विपक्ष को साथ लेने की कोशिश की जाएगी।टिप्पणियां इस मामले पर शनिवार को हुई कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में सोमवार को यूपीए कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक का फैसला लिया गया। इसके बाद एक सवर्दलीय बैठक भी बुलाई जाएगी जो 7 जून को हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ को सभी पार्टियों को राजी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मामले पर शनिवार को हुई कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में सोमवार को यूपीए कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक का फैसला लिया गया। इसके बाद एक सवर्दलीय बैठक भी बुलाई जाएगी जो 7 जून को हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ को सभी पार्टियों को राजी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ को सभी पार्टियों को राजी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सारांश: केंद्र सरकार खाद्य सुरक्षा बिल को लेकर एक बार फिर से जोर लगा रही है और इसे लेकर सहयोगी दलों और विपक्ष को साथ लेने की कोशिश की जाएगी।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई हड़ताल का राज्य में कोई असर नहीं होगा. केंद्र सरकार की ‘जन-विरोधी' नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए मंगलवार से 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 48 घंटे के राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है. ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मैं इस पर एक शब्द भी नहीं बोलना चाहती हूं. हमने किसी भी बंद को समर्थन नहीं देने का फैसला किया है. अब बहुत हो गया. पिछले 34 वर्षों में वाम मोर्चे ने बंद का आह्वान कर पूरे राज्य को बर्बाद कर दिया. अब कोई बंद नहीं होगा.'' राज्य सरकार ने घोषणा की है कि वह मंगलवार और बुधवार को अपने कर्मचारियों के आधे दिन की छुट्टी या आकस्मिक अवकाश लेने पर रोक लगाएगी.  गौरतलब है कि सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देश भर में 8 और 9 जनवरी को हड़ताल बुलाई है. इस हड़ताल का असर पश्चिम बंगाल सहित देश के सभी राज्यों में पड़ सकता है. इस हड़ताल में देशभर के किसान शामिल होंगे. इस संबंध में माकपा से संबंधित ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव हन्नन मुल्ला ने कहा, ‘‘एआईकेएस और भूमि अधिकार आंदोलन 8-9 जनवरी को ‘ग्रामीण हड़ताल', रेल रोको और मार्ग रोको अभियान चलायेगा. इसी दिन ट्रेड यूनियन राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आयोजन कर रहे हैं. यह कदम ग्रामीण संकट से जुड़े मुद्दों से निपटने, ग्रामीण किसानों की जमीनों को उद्योगपतियों से बचाने में मोदी सरकार की नाकामी के खिलाफ उठाया गया है. आगामी आम हड़ताल को किसानों का पूर्ण समर्थन होगा.''  बता दें कि दस ट्रेड यूनियनों आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी, टीयूसीसी, एलपीएफ और सेवा ने संयुक्त रूप से आम हड़ताल का आह्वान किया है.
यह एक सारांश है: ट्रेड यूनियनों की हड़ताल पर ममता बनर्जी सख्त बोलीं- बहुत हो गया, अब बंगाल में कोई 'बंद' नहीं होगा केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल बुलाई
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भीड़ नहीं जुटने और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए अन्ना हजारे ने अपना अनशन दूसरे दिन ही तोड़ दिया। यह अनशन तीन दिन तक चलने वाला था। इसके साथ ही उन्होंने जेल भरो आंदोलन और सांसदों के आवासों के घेराव सहित अन्य योजनाओं को भी रद्द कर दिया है। एमएमआरडीए मैदान में तीन दिन तक चलने वाले अनशन को बीच में ही तोड़ने की 74 वर्षीय गांधीवादी नेता ने घोषणा कर दी। इसी वर्ष पहले दिल्ली के जंतर-मंतर और फिर रामलीला मैदान में हुए अनशन के दौरान अन्ना के लोकपाल आंदोलन को जितना जबर्दस्त जनसमर्थन मिला था वह इस बार न तो दिल्ली में दिखा और न ही मुंबई में। दोपहर में अपेक्षा से काफी कम संख्या में जमा लोगों के बीच में उन्होंने कहा, हम संसद में आज जो कुछ देख रहे हैं वह दुखद है। इसलिए मैंने आज ही उपवास तोड़ने का फैसला किया। अब एक ही रास्ता है। हम कार्यक्रम बनाएंगे और पांच राज्यों में जाकर जनजागरण करेंगे। मैं उनसे कहूंगा कि वे विश्वासघातियों को वोट नहीं दें। अन्ना हजारे ने कहा, अब आम चुनाव होने में सिर्फ दो वर्ष बाकी हैं। इस बीच मैं देश के विभिन्न हिस्सों में जाऊंगा और अगले चुनाव तक लोगों को जागृत करता रहूंगा। पिछली रात से ही बुखार से पीड़ित अन्ना को आज भी सौ डिग्री फारेनहाइट ज्वर था। उन्हें चिकित्सकों ने चेताया कि उपवास नहीं तोड़ने पर उनकी किडनी फेल हो सकती है। इसके बाद ही उन्होंने अनशन तोड़ा। गांधीवादी नेता ने कहा कि वह इस औपचारिक अनशन के चार दिन पहले से ही उपवास पर थे। अन्ना हजारे और उनकी टीम के सदस्य पिछले दो दिन से कम भीड़ जुटने और लोकपाल मुद्दे पर सोनिया और राहुल गांधी को निशाना बनाने के सवालों पर असहज दिखे। अपने भाषण में हजारे ने कहा कि जेल भरो आंदोलन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है क्योंकि अब इस योजना के साथ आगे बढ़ना उपयुक्त नहीं लग रहा है। उन्होंने कहा कि जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां वे मतदाताओं को जगाने के लिए अभियान चलाएंगे। जब एक संवाददाता ने पूछा कि क्या कम भीड़ के कारण वह अपना अनशन तोड़ रहे हैं और वह बड़ी संख्या में लोगों को क्यों नहीं आकर्षित कर पाए, तो हजारे ने कहा, यह सही नहीं है। मेरे पास न तो सत्ता है और न ही धन। लोग अब भी काफी संख्या में आ रहे हैं और चुनावों के दौरान जब हम आंदोलन चलाएंगे तो आप फिर देखिएगा। यह पूछने पर कि सीबीआई को सशक्त बनाने की उनकी मांग को भाजपा ने समर्थन नहीं दिया तो क्या वह भाजपा सांसदों के घर के बाहर भी धरना देंगे। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जेल भरो आंदोलन और धरना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। केजरीवाल ने कहा, सब कुछ स्थगित कर दिया गया है। यह पूछने पर कि क्या कांग्रेस को खलनायक बनाया जा रहा था तो हजारे ने कहा कि दूसरी पार्टियों का विरोध करने का उनके पास कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा, पिछले पांच महीने में संप्रग सरकार ने हमें धोखा दिया। वे पिछले एक साल से हमें बार-बार धोखा दे रहे हैं।
भीड़ नहीं जुटने और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए अन्ना हजारे ने अपना अनशन दूसरे दिन ही तोड़ दिया। यह अनशन तीन दिन तक चलने वाला था।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चार प्रमुख नागर विमानन कंपनियों ने पिछले कुछ दिनों में गोवा के डाबोलिम हवाईअड्डे के लिए 8 से 10 दैनिक उड़ानों का संचालन कर डीजीसीए के सुरक्षा संबंधी निर्देशों का उल्लंघन किया है। किंगफिशर, गो-एयर, जेटलाइट और जेट एयरवेज ने पिछले कुछ दिनों में कर्फ्यू घंटों के दौरान उड़ानों का संचालन किया। डाबोलिम हवाईअड्डे पर 4 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे और दोपहर तीन बजे से शाम 7 बजे तक उड़ानों पर रोक लगाई गई है क्योंकि इस दौरान मरम्मत के लिए राडार प्रणाली बंद रखी जा रही है। गोवा हवाई अड्डे पर विमानों को उतरने मदद करने वाली राडार प्रणाली-पीएपीआई की मरम्मत के दौरान विमानन कंपनियों को उड़ानों का परिचालन नहीं करने का निर्देश जारी किया गया था। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी नोटैम (नोटिस टु एयरमेन) में इस तरह की पाबंदी के बावजूद वहां उड़ानों का संचालन किया गया। डीजीसीए प्रमुख ईके भारत भूषण ने बताया, कर्फ्यू अवधि का ध्यान रखने की हमारी चेतावनी के बावजूद कुछ विमानन कंपनियों ने इस दिशानिर्देश का उल्लंघन किया। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस मामले में डीजीसीए किंगफिशर, गो-एयर, जेटलाइट और जेट एयरवेज को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू घंटों के दौरान विमान उतारने वाले पायलटों को कुछ समय के लिए छुट्टी की जा सकती है। भारत भूषण ने कहा, सभी विमानन कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक बैठक में मैंने उन्हें बताया था कि इन कर्फ्यू घंटों का पूरी तरह से ध्यान रखा जाना चाहिए। मैंने उन्हें चेतावनी भी दी थी कि निर्देश का उल्लंघन होने पर हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।
संक्षिप्त पाठ: चार विमानन कंपनियों ने डाबोलिम हवाईअड्डे के लिए 8 से 10 दैनिक उड़ानों का संचालन कर डीजीसीए के सुरक्षा संबंधी निर्देशों का उल्लंघन किया है।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर बैठ अपनी दुल्हन को लाने का सपना हर किसी का होता है लेकिन अगर दूल्हा दुल्हन की चौखट पर बारात के साथ पहुंचे और दुल्हन ही गायब हो जाए तो हर कोई हैरत में पड़ जाएगा...। ऐसा एक मामला राजस्थान के बाड़मेर में इन दिनों लोगों की जुबान पर चल रहा है।टिप्पणियां बाड़मेर में इन दिनों एक अनोखी बारात ठहरी हुई है जो पिछले सात दिन से दुल्हन के इंतज़ार में है और दूल्हे ने भी सात दिन से अपनी पगड़ी और तलवार अपने साथ से अलग नहीं किए हैं। दुल्हन और ससुराली गायब हैं। घर पर लगा बड़ा ताला बार-बार दूल्हे को चिढ़ा रहा है। इस चक्कर में दूल्हे के परिवारीजन तीन लाख साठ हजार रुपये गंवा बैठे हैं। दूल्हा सदर थाने के सामने बैठा है। जालसाजी का यह मामला थाने में दर्ज़ हो गया है। कई स्थानों पर दबिशें दी गई हैं। पोलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। ऐसा एक मामला राजस्थान के बाड़मेर में इन दिनों लोगों की जुबान पर चल रहा है।टिप्पणियां बाड़मेर में इन दिनों एक अनोखी बारात ठहरी हुई है जो पिछले सात दिन से दुल्हन के इंतज़ार में है और दूल्हे ने भी सात दिन से अपनी पगड़ी और तलवार अपने साथ से अलग नहीं किए हैं। दुल्हन और ससुराली गायब हैं। घर पर लगा बड़ा ताला बार-बार दूल्हे को चिढ़ा रहा है। इस चक्कर में दूल्हे के परिवारीजन तीन लाख साठ हजार रुपये गंवा बैठे हैं। दूल्हा सदर थाने के सामने बैठा है। जालसाजी का यह मामला थाने में दर्ज़ हो गया है। कई स्थानों पर दबिशें दी गई हैं। पोलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाड़मेर में इन दिनों एक अनोखी बारात ठहरी हुई है जो पिछले सात दिन से दुल्हन के इंतज़ार में है और दूल्हे ने भी सात दिन से अपनी पगड़ी और तलवार अपने साथ से अलग नहीं किए हैं। दुल्हन और ससुराली गायब हैं। घर पर लगा बड़ा ताला बार-बार दूल्हे को चिढ़ा रहा है। इस चक्कर में दूल्हे के परिवारीजन तीन लाख साठ हजार रुपये गंवा बैठे हैं। दूल्हा सदर थाने के सामने बैठा है। जालसाजी का यह मामला थाने में दर्ज़ हो गया है। कई स्थानों पर दबिशें दी गई हैं। पोलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस चक्कर में दूल्हे के परिवारीजन तीन लाख साठ हजार रुपये गंवा बैठे हैं। दूल्हा सदर थाने के सामने बैठा है। जालसाजी का यह मामला थाने में दर्ज़ हो गया है। कई स्थानों पर दबिशें दी गई हैं। पोलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
यहाँ एक सारांश है:गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर बैठ अपनी दुल्हन को लाने का सपना हर किसी का होता है लेकिन अगर दूल्हा दुल्हन की चौखट पर बारात के साथ पहुंचे और दुल्हन ही गायब हो जाए तो हर कोई हैरत में पड़ जाएगा...।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी रक्षामंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि करीब दो साल पहले अफगानिस्तान भेजे गए 33,000 अमेरिकी सैनिकों ने युद्ध का मैदान छोड़ दिया है और यह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मील का एक अहम पत्थर है। अब अफगानिस्तान में 68,000 अमेरिकी सैनिक रह गए हैं। पेनेटा ने एक बयान में कहा, इस सप्ताह अफगानिस्तान में चल रही प्रक्रिया एक अहम लक्ष्य तक पहुंच गई। अमेरिकी सेना ने वहां अपने सैनिकों की संख्या कम कर दी है जैसी की राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दिसंबर 2009 में प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान में अपना लक्ष्य पूरा कर लिया और अब अफगान राष्ट्रीय सुरक्षाबलों के आकार तथा उनकी क्षमता में वृद्धि भी हो गई है।टिप्पणियां पेनेटा ने कहा कि अफगान राष्ट्रीय सुरक्षाबलों की संख्या और उनकी क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर अमेरिका और उसके अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल के गठबंधन सहयोगियों ने धीरे-धीरे उनको सुरक्षा दायित्व सौंपना शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया प्रत्येक प्रांत में होगी। उन्होंने कहा, इसी के साथ हमने अलकायदा के नेतृत्व को गहरे झटके भी दिए हैं, उनका नेटवर्क छिन्न भिन्न हो गया और उनको हमने परास्त किया है। पेनेटा ने कहा, हमारे सैनिक घर लौट रहे हैं और अफगानिस्तान में करीब 68,000 अमेरिकी सैनिक वहां हमारे नाटो और अफगान सहयोगियों के साथ हैं। पेनेटा ने एक बयान में कहा, इस सप्ताह अफगानिस्तान में चल रही प्रक्रिया एक अहम लक्ष्य तक पहुंच गई। अमेरिकी सेना ने वहां अपने सैनिकों की संख्या कम कर दी है जैसी की राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दिसंबर 2009 में प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान में अपना लक्ष्य पूरा कर लिया और अब अफगान राष्ट्रीय सुरक्षाबलों के आकार तथा उनकी क्षमता में वृद्धि भी हो गई है।टिप्पणियां पेनेटा ने कहा कि अफगान राष्ट्रीय सुरक्षाबलों की संख्या और उनकी क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर अमेरिका और उसके अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल के गठबंधन सहयोगियों ने धीरे-धीरे उनको सुरक्षा दायित्व सौंपना शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया प्रत्येक प्रांत में होगी। उन्होंने कहा, इसी के साथ हमने अलकायदा के नेतृत्व को गहरे झटके भी दिए हैं, उनका नेटवर्क छिन्न भिन्न हो गया और उनको हमने परास्त किया है। पेनेटा ने कहा, हमारे सैनिक घर लौट रहे हैं और अफगानिस्तान में करीब 68,000 अमेरिकी सैनिक वहां हमारे नाटो और अफगान सहयोगियों के साथ हैं। पेनेटा ने कहा कि अफगान राष्ट्रीय सुरक्षाबलों की संख्या और उनकी क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर अमेरिका और उसके अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल के गठबंधन सहयोगियों ने धीरे-धीरे उनको सुरक्षा दायित्व सौंपना शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया प्रत्येक प्रांत में होगी। उन्होंने कहा, इसी के साथ हमने अलकायदा के नेतृत्व को गहरे झटके भी दिए हैं, उनका नेटवर्क छिन्न भिन्न हो गया और उनको हमने परास्त किया है। पेनेटा ने कहा, हमारे सैनिक घर लौट रहे हैं और अफगानिस्तान में करीब 68,000 अमेरिकी सैनिक वहां हमारे नाटो और अफगान सहयोगियों के साथ हैं। उन्होंने कहा, इसी के साथ हमने अलकायदा के नेतृत्व को गहरे झटके भी दिए हैं, उनका नेटवर्क छिन्न भिन्न हो गया और उनको हमने परास्त किया है। पेनेटा ने कहा, हमारे सैनिक घर लौट रहे हैं और अफगानिस्तान में करीब 68,000 अमेरिकी सैनिक वहां हमारे नाटो और अफगान सहयोगियों के साथ हैं।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी रक्षामंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि करीब दो साल पहले अफगानिस्तान भेजे गए 33,000 अमेरिकी सैनिकों ने युद्ध का मैदान छोड़ दिया है।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: खराब दौर से जूझ रहे बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने संन्यास की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ये सारी रिपोर्ट बेबुनियाद हैं। टीम के अभ्यास सत्र के बाद लक्ष्मण ने इन रपटों को खारिज किया कि वह संन्यास लेने की कगार पर हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘जब एक भारतीय टीवी पत्रकार ने अभ्यास सत्र के बाद लक्ष्मण से इस बारे में पूछा तो उसने कहा कि संन्यास की खबरें गलत हैं।’’ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नाकाम रहने वाले भारतीय बल्लेबाजों में लक्ष्मण अकेले नहीं है। अभी तक छह पारियों में वह सिर्फ 102 रन बना सके हैं। उनके खराब प्रदर्शन, कमर के दर्द और ढीले क्षेत्ररक्षण के कारण ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि वह एडीलेड टेस्ट से पहले संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने लक्ष्मण का बचाव करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में मिली नाकामी के लिए किसी एक बल्लेबाज को कसूरवार नहीं ठहराया जा सकता। एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘जब एक भारतीय टीवी पत्रकार ने अभ्यास सत्र के बाद लक्ष्मण से इस बारे में पूछा तो उसने कहा कि संन्यास की खबरें गलत हैं।’’ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नाकाम रहने वाले भारतीय बल्लेबाजों में लक्ष्मण अकेले नहीं है। अभी तक छह पारियों में वह सिर्फ 102 रन बना सके हैं। उनके खराब प्रदर्शन, कमर के दर्द और ढीले क्षेत्ररक्षण के कारण ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि वह एडीलेड टेस्ट से पहले संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने लक्ष्मण का बचाव करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में मिली नाकामी के लिए किसी एक बल्लेबाज को कसूरवार नहीं ठहराया जा सकता।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खराब दौर से जूझ रहे बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने संन्यास की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ये सारी रिपोर्ट बेबुनियाद हैं।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अजलन शाह कप में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए हॉकी प्रशासन को कसूरवार ठहराते हुए पूर्व मुख्य कोच वासुदेवन भास्करन ने मंगलवार को कहा कि ओलिंपिक क्वालीफायर से पहले भारतीय हॉकी को नए खिलाड़ियों की जरूरत है। पिछली दो बार की चैम्पियन भारतीय टीम इपोह में पांच से 15 मई तक हुए अजलन शाह कप में छठे स्थान पर रही। मास्को ओलिंपिक (1980) में आठवां और आखिरी स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे भास्करन ने चेन्नई से कहा, हमें हर हालत में लंदन ओलिंपिक 2012 के लिए क्वालीफाई करना है। बीजिंग ओलिंपिक 2008 नहीं खेल पाने की शर्मिंदगी दोबारा नहीं झेलनी है लेकिन इसके लिए टीम को युवा खिलाड़ियों की जरूरत है। जर्मनी में हुए 2006 विश्व कप में आखिरी बार भारत के कोच रहे भास्करन ने कहा, जब मैं कोच था तब भी खिलाड़ियों का पूल लगभग यही था और पांच साल में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन हॉकी इंडिया और आईएचएफ के आपसी सत्ता संघर्ष को भुलाकर उन्हें मौका देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, अजलन शाह कप में मिडफील्डर सरदारा सिंह की कमी खली लेकिन हमारे पास हर पोजिशन के लिए तीन चार खिलाड़ियों का बैकअप होना जरूरी है। यह प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। यदि नियमित ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह टीम में होता तो शायद जूनियर टीम से आए रूपिंदर पाल सिंह को मौका नहीं मिल पाता और वह छुपी हुई प्रतिभा ही रह जाता। भास्करन ने कहा, खिलाड़ियों का पूल बड़ा करने के लिये क्षेत्रीय आधार पर टूर्नामेंट कराये जाने जरूरी है। राष्ट्रीय शिविर के लिये खिलाड़ियों का चयन किस आधार पर होता है, कोई नहीं जानता। ट्रायल में अधिक खिलाड़ियों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,मेरी और मेरे बाद जोस ब्रासा की यही शिकायत रही कि चयन के लिए अधिक विकल्प नहीं मिलते। नए कोच (हरेंद्र सिंह) को यह दायरा बढ़ाना चाहिए तभी प्रदर्शन में सुधार आएगा। उन्होंने अजलन शाह कप में खराब प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को भी दोषी ठहराते हुए कहा, हमने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को ड्रा पर रोकने के बाद हम उस लय को कायम नहीं रख पाए। डिफेंस में सुधार की सख्त जरूरत है। वहीं अपनी कप्तानी में भारत को पहली बार अजलन शाह कप खिताब दिलाने वाले मोहम्मद शाहिद ने अजलन शाह कप में खराब प्रदर्शन के लिए टीम में किए गए प्रयोगों को कसूरवार ठहराते हुए कहा कि किसी भी टूर्नामेंट को हलके में नहीं लिया जाना चाहिए। शाहिद ने कहा, टूर्नामेंट हारने के बाद यह बहाना नागवार है कि नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया था। मेरा मानना है कि ओलिंपिक क्वालीफायर से पहले कोई प्रयोग नहीं होना चाहिए। हमें किसी भी तरह लंदन ओलंपिक 2012 के लिये क्वालीफाई करके ओलिंपिक नहीं खेल पाने की शर्मिंदगी से बचना होगा। उन्होंने कहा, इसके लिए जरूरी है कि हर टूर्नामेंट में अपनी मजबूत टीम उतारी जाए ताकि जीत के साथ आत्मविश्वास बढ़े। हिन्दुस्तान की जनता टीम को जीतते देखने के लिए तरस गई है। यदि यही हाल रहा तो एक दिन भारतीय हॉकी खत्म हो जाएगी और ना ही कोई इस खेल को अपनाएगा।
संक्षिप्त सारांश: भास्करन ने कहा कि ओलिंपिक क्वालीफायर से पहले भारतीय हॉकी को नए खिलाड़ियों की जरूरत है।
29
['hin']