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इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार पूर्णो अगितोक संगमा ने शनिवार को पूर्वोत्तर राज्यों से समर्थन मांगा। पूर्वोत्तर में अधिकांश राज्य कांग्रेस शासित हैं, जहां जनजातियों की बहुलता है। संगमा ने जनजाति समुदाय के नेताओं से अपील की कि वे 'बिना किसी संदेह या भय' के उन्हें समर्थन दें। गुवाहाटी के निकट लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक संवाददाता सम्मेलन में संगमा ने कहा, "मैं पूर्वोत्तर का हूं और इस क्षेत्र से एक जनजातीय उम्मीदवार हूं। राष्ट्रपति का चुनाव दलीय राजनीति से ऊपर है और कोई दल आधिकारिक रूप से इसके लिए किसी को सचेत नहीं कर सकता। इसलिए मैं इस चुनाव में मतदान के लिए अधिकृत सभी राज्यों के सभी दलों के सदस्यों से अपील करता हूं कि वे बिना किसी संदेह या भय के मुझे मत दें।" उन्होंने कहा कि वह अपना चुनाव प्रचार अभियान रविवार को तूरा से शुरू करेंगे। संगमा शनिवार को नई दिल्ली से गुवाहाटी पहुंचे। यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन के बाद वह सीधे तूरा के लिए रवाना हो गए। गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कई संगठनों और मेघालय एवं क्षेत्र के अन्य राज्यों के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। टिप्पणियां संगमा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतों का गणित बैठाने और आशंकाएं जताए जाने के लिए मीडिया की खबरों की निंदा की और कहा, "राष्ट्रपति चुनाव के सम्बंध में दलीय आधार पर मतों की गणना और मूल्यांकन करना अत्यंत असंवैधानिक है। राष्ट्रपति का चुनाव दलीय राजनीति से ऊपर है, इसलिए इसमें किसी पार्टी के चुनावचिह्न् का उपयोग नहीं होता है। मतदान भी बहुत गोपनीय ढंग से गुप्त मतपत्र के जरिए किया जाता है।" संगमा ने कहा, "मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मुझे पूर्वोत्तर राज्यों से काफी समर्थन मिल रहा है। मैं असम की असम गण परिषद (अगप), युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), पर्वतीय राज्य मेघालय की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, मिजोरम के मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और समर्थन देने का फैसला लेने वाले अन्य दलों को धन्यवाद देता हूं।" संगमा ने जनजाति समुदाय के नेताओं से अपील की कि वे 'बिना किसी संदेह या भय' के उन्हें समर्थन दें। गुवाहाटी के निकट लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक संवाददाता सम्मेलन में संगमा ने कहा, "मैं पूर्वोत्तर का हूं और इस क्षेत्र से एक जनजातीय उम्मीदवार हूं। राष्ट्रपति का चुनाव दलीय राजनीति से ऊपर है और कोई दल आधिकारिक रूप से इसके लिए किसी को सचेत नहीं कर सकता। इसलिए मैं इस चुनाव में मतदान के लिए अधिकृत सभी राज्यों के सभी दलों के सदस्यों से अपील करता हूं कि वे बिना किसी संदेह या भय के मुझे मत दें।" उन्होंने कहा कि वह अपना चुनाव प्रचार अभियान रविवार को तूरा से शुरू करेंगे। संगमा शनिवार को नई दिल्ली से गुवाहाटी पहुंचे। यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन के बाद वह सीधे तूरा के लिए रवाना हो गए। गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कई संगठनों और मेघालय एवं क्षेत्र के अन्य राज्यों के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। टिप्पणियां संगमा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतों का गणित बैठाने और आशंकाएं जताए जाने के लिए मीडिया की खबरों की निंदा की और कहा, "राष्ट्रपति चुनाव के सम्बंध में दलीय आधार पर मतों की गणना और मूल्यांकन करना अत्यंत असंवैधानिक है। राष्ट्रपति का चुनाव दलीय राजनीति से ऊपर है, इसलिए इसमें किसी पार्टी के चुनावचिह्न् का उपयोग नहीं होता है। मतदान भी बहुत गोपनीय ढंग से गुप्त मतपत्र के जरिए किया जाता है।" संगमा ने कहा, "मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मुझे पूर्वोत्तर राज्यों से काफी समर्थन मिल रहा है। मैं असम की असम गण परिषद (अगप), युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), पर्वतीय राज्य मेघालय की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, मिजोरम के मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और समर्थन देने का फैसला लेने वाले अन्य दलों को धन्यवाद देता हूं।" गुवाहाटी के निकट लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक संवाददाता सम्मेलन में संगमा ने कहा, "मैं पूर्वोत्तर का हूं और इस क्षेत्र से एक जनजातीय उम्मीदवार हूं। राष्ट्रपति का चुनाव दलीय राजनीति से ऊपर है और कोई दल आधिकारिक रूप से इसके लिए किसी को सचेत नहीं कर सकता। इसलिए मैं इस चुनाव में मतदान के लिए अधिकृत सभी राज्यों के सभी दलों के सदस्यों से अपील करता हूं कि वे बिना किसी संदेह या भय के मुझे मत दें।" उन्होंने कहा कि वह अपना चुनाव प्रचार अभियान रविवार को तूरा से शुरू करेंगे। संगमा शनिवार को नई दिल्ली से गुवाहाटी पहुंचे। यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन के बाद वह सीधे तूरा के लिए रवाना हो गए। गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कई संगठनों और मेघालय एवं क्षेत्र के अन्य राज्यों के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। टिप्पणियां संगमा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतों का गणित बैठाने और आशंकाएं जताए जाने के लिए मीडिया की खबरों की निंदा की और कहा, "राष्ट्रपति चुनाव के सम्बंध में दलीय आधार पर मतों की गणना और मूल्यांकन करना अत्यंत असंवैधानिक है। राष्ट्रपति का चुनाव दलीय राजनीति से ऊपर है, इसलिए इसमें किसी पार्टी के चुनावचिह्न् का उपयोग नहीं होता है। मतदान भी बहुत गोपनीय ढंग से गुप्त मतपत्र के जरिए किया जाता है।" संगमा ने कहा, "मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मुझे पूर्वोत्तर राज्यों से काफी समर्थन मिल रहा है। मैं असम की असम गण परिषद (अगप), युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), पर्वतीय राज्य मेघालय की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, मिजोरम के मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और समर्थन देने का फैसला लेने वाले अन्य दलों को धन्यवाद देता हूं।" संगमा शनिवार को नई दिल्ली से गुवाहाटी पहुंचे। यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन के बाद वह सीधे तूरा के लिए रवाना हो गए। गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कई संगठनों और मेघालय एवं क्षेत्र के अन्य राज्यों के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। टिप्पणियां संगमा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतों का गणित बैठाने और आशंकाएं जताए जाने के लिए मीडिया की खबरों की निंदा की और कहा, "राष्ट्रपति चुनाव के सम्बंध में दलीय आधार पर मतों की गणना और मूल्यांकन करना अत्यंत असंवैधानिक है। राष्ट्रपति का चुनाव दलीय राजनीति से ऊपर है, इसलिए इसमें किसी पार्टी के चुनावचिह्न् का उपयोग नहीं होता है। मतदान भी बहुत गोपनीय ढंग से गुप्त मतपत्र के जरिए किया जाता है।" संगमा ने कहा, "मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मुझे पूर्वोत्तर राज्यों से काफी समर्थन मिल रहा है। मैं असम की असम गण परिषद (अगप), युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), पर्वतीय राज्य मेघालय की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, मिजोरम के मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और समर्थन देने का फैसला लेने वाले अन्य दलों को धन्यवाद देता हूं।" संगमा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतों का गणित बैठाने और आशंकाएं जताए जाने के लिए मीडिया की खबरों की निंदा की और कहा, "राष्ट्रपति चुनाव के सम्बंध में दलीय आधार पर मतों की गणना और मूल्यांकन करना अत्यंत असंवैधानिक है। राष्ट्रपति का चुनाव दलीय राजनीति से ऊपर है, इसलिए इसमें किसी पार्टी के चुनावचिह्न् का उपयोग नहीं होता है। मतदान भी बहुत गोपनीय ढंग से गुप्त मतपत्र के जरिए किया जाता है।" संगमा ने कहा, "मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मुझे पूर्वोत्तर राज्यों से काफी समर्थन मिल रहा है। मैं असम की असम गण परिषद (अगप), युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), पर्वतीय राज्य मेघालय की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, मिजोरम के मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और समर्थन देने का फैसला लेने वाले अन्य दलों को धन्यवाद देता हूं।" संगमा ने कहा, "मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मुझे पूर्वोत्तर राज्यों से काफी समर्थन मिल रहा है। मैं असम की असम गण परिषद (अगप), युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), पर्वतीय राज्य मेघालय की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, मिजोरम के मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और समर्थन देने का फैसला लेने वाले अन्य दलों को धन्यवाद देता हूं।"
यह एक सारांश है: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार पूर्णो अगितोक संगमा ने शनिवार को पूर्वोत्तर राज्यों से समर्थन मांगा। पूर्वोत्तर में अधिकांश राज्य कांग्रेस शासित हैं, जहां जनजातियों की बहुलता है।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय टीम में वापसी की कवायद में जुटे गौतम गंभीर की दिलकश पारी से दिल्ली ने बंगाल को 93 गेंद शेष रहते हुए चार विकेट से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। दिल्ली की इस जीत में उसके गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने पहले बल्लेबाजी का न्योता पाने वाले बंगाल को 40.1 ओवर में 156 रन पर ढेर किया। इसके बाद गंभीर ने 78 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 69 रन बनाए, जिससे दिल्ली ने 34.3 ओवर में चार विकेट पर 160 रन बनाकर शान से फाइनल में प्रवेश किया। बंगाल के लिए सुबह से कुछ भी अनुकूल नहीं रहा। दिल्ली के कप्तान रजत भाटिया ने टॉस जीतकर बंगाल को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। उसका शीर्ष क्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया तथा 13वें ओवर और 32 रन तक उसके चार विकेट पैवेलियन लौट गए। इसके बाद मनोज तिवारी (87) और कप्तान लक्ष्मीरतन शुक्ला (30) ने पांचवें विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी की।टिप्पणियां बंगाल की तरफ से केवल तिवारी और शुक्ला ही दोहरे अंक में पहुंचे। भाटिया ने शुक्ला को अपनी ही गेंद पर कैच किया, जिसके बाद दिल्ली के गेंदबाजों को निचले क्रम के बल्लेबाजों को समेटने में परेशानी नहीं हुई। तिवारी ने एक छोर संभाले रखा। वह आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 111 गेंद खेली तथा 10 चौके और दो छक्के लगाए। दिल्ली की तरफ से लेग स्पिनर वरुण सूद सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 48 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा भाटिया, प्रदीप सांगवान और सुमित नारवाल ने दो-दो विकेट लिए। छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरे दिल्ली ने ध्रुव शोरे (10) का विकेट जल्दी गंवा दिया, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए गंभीर ने किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाई और आसानी से रन बटोरे। उन्होंने इस बीच कुछ खूबसूरत शॉट जमाकर बंगाल की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद 22 और मिलिंद कुमार 18 रन बनाकर आउट हो गए, लेकन भाटिया ने बल्ले से भी कमाल दिखाया और 32 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 28 रन की पारी खेली। दिल्ली की इस जीत में उसके गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने पहले बल्लेबाजी का न्योता पाने वाले बंगाल को 40.1 ओवर में 156 रन पर ढेर किया। इसके बाद गंभीर ने 78 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 69 रन बनाए, जिससे दिल्ली ने 34.3 ओवर में चार विकेट पर 160 रन बनाकर शान से फाइनल में प्रवेश किया। बंगाल के लिए सुबह से कुछ भी अनुकूल नहीं रहा। दिल्ली के कप्तान रजत भाटिया ने टॉस जीतकर बंगाल को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। उसका शीर्ष क्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया तथा 13वें ओवर और 32 रन तक उसके चार विकेट पैवेलियन लौट गए। इसके बाद मनोज तिवारी (87) और कप्तान लक्ष्मीरतन शुक्ला (30) ने पांचवें विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी की।टिप्पणियां बंगाल की तरफ से केवल तिवारी और शुक्ला ही दोहरे अंक में पहुंचे। भाटिया ने शुक्ला को अपनी ही गेंद पर कैच किया, जिसके बाद दिल्ली के गेंदबाजों को निचले क्रम के बल्लेबाजों को समेटने में परेशानी नहीं हुई। तिवारी ने एक छोर संभाले रखा। वह आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 111 गेंद खेली तथा 10 चौके और दो छक्के लगाए। दिल्ली की तरफ से लेग स्पिनर वरुण सूद सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 48 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा भाटिया, प्रदीप सांगवान और सुमित नारवाल ने दो-दो विकेट लिए। छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरे दिल्ली ने ध्रुव शोरे (10) का विकेट जल्दी गंवा दिया, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए गंभीर ने किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाई और आसानी से रन बटोरे। उन्होंने इस बीच कुछ खूबसूरत शॉट जमाकर बंगाल की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद 22 और मिलिंद कुमार 18 रन बनाकर आउट हो गए, लेकन भाटिया ने बल्ले से भी कमाल दिखाया और 32 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 28 रन की पारी खेली। दिल्ली के कप्तान रजत भाटिया ने टॉस जीतकर बंगाल को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। उसका शीर्ष क्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया तथा 13वें ओवर और 32 रन तक उसके चार विकेट पैवेलियन लौट गए। इसके बाद मनोज तिवारी (87) और कप्तान लक्ष्मीरतन शुक्ला (30) ने पांचवें विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी की।टिप्पणियां बंगाल की तरफ से केवल तिवारी और शुक्ला ही दोहरे अंक में पहुंचे। भाटिया ने शुक्ला को अपनी ही गेंद पर कैच किया, जिसके बाद दिल्ली के गेंदबाजों को निचले क्रम के बल्लेबाजों को समेटने में परेशानी नहीं हुई। तिवारी ने एक छोर संभाले रखा। वह आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 111 गेंद खेली तथा 10 चौके और दो छक्के लगाए। दिल्ली की तरफ से लेग स्पिनर वरुण सूद सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 48 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा भाटिया, प्रदीप सांगवान और सुमित नारवाल ने दो-दो विकेट लिए। छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरे दिल्ली ने ध्रुव शोरे (10) का विकेट जल्दी गंवा दिया, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए गंभीर ने किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाई और आसानी से रन बटोरे। उन्होंने इस बीच कुछ खूबसूरत शॉट जमाकर बंगाल की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद 22 और मिलिंद कुमार 18 रन बनाकर आउट हो गए, लेकन भाटिया ने बल्ले से भी कमाल दिखाया और 32 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 28 रन की पारी खेली। बंगाल की तरफ से केवल तिवारी और शुक्ला ही दोहरे अंक में पहुंचे। भाटिया ने शुक्ला को अपनी ही गेंद पर कैच किया, जिसके बाद दिल्ली के गेंदबाजों को निचले क्रम के बल्लेबाजों को समेटने में परेशानी नहीं हुई। तिवारी ने एक छोर संभाले रखा। वह आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 111 गेंद खेली तथा 10 चौके और दो छक्के लगाए। दिल्ली की तरफ से लेग स्पिनर वरुण सूद सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 48 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा भाटिया, प्रदीप सांगवान और सुमित नारवाल ने दो-दो विकेट लिए। छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरे दिल्ली ने ध्रुव शोरे (10) का विकेट जल्दी गंवा दिया, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए गंभीर ने किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाई और आसानी से रन बटोरे। उन्होंने इस बीच कुछ खूबसूरत शॉट जमाकर बंगाल की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद 22 और मिलिंद कुमार 18 रन बनाकर आउट हो गए, लेकन भाटिया ने बल्ले से भी कमाल दिखाया और 32 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 28 रन की पारी खेली। दिल्ली की तरफ से लेग स्पिनर वरुण सूद सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 48 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा भाटिया, प्रदीप सांगवान और सुमित नारवाल ने दो-दो विकेट लिए। छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरे दिल्ली ने ध्रुव शोरे (10) का विकेट जल्दी गंवा दिया, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए गंभीर ने किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाई और आसानी से रन बटोरे। उन्होंने इस बीच कुछ खूबसूरत शॉट जमाकर बंगाल की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद 22 और मिलिंद कुमार 18 रन बनाकर आउट हो गए, लेकन भाटिया ने बल्ले से भी कमाल दिखाया और 32 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 28 रन की पारी खेली।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय टीम में वापसी की कवायद में जुटे गौतम गंभीर की दिलकश पारी से दिल्ली ने बंगाल को 93 गेंद शेष रहते हुए चार विकेट से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्तब्ध कर देने वाली एक घटना में एक पाकिस्तानी व्यक्ति ने अपनी छह बेटियों को गोलियों से भून डाला। हत्यारे को शक था कि उसकी दो बेटियों के पड़ोस के लड़कों के साथ संबंध थे। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में प्रकाशित खबर में बताया गया कि आरिफ मुबशिर ने अपनी किशोर बेटियों को अपने कमरे में बुलाया और उनपर गोलियों की बौछार कर दी। उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य इस घटना के गवाह बने। घटना के बाद मुबशिर की पत्नी ने पुलिस को बुलाया। पंजाब प्रांत के मुबशिर ने उन लड़कियों की हत्या कर डाली, क्योंकि उनके भाई ने उसे बताया था कि लड़कियों का कोई प्रेम संबंध चल रहा है। मुबशिर ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उसने अपनी बेटियों की हत्या इसलिए कर डाली, क्योंकि उन्होंने परिवार को अपमानित किया। उस व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी समीना (14) और राजिया (16) के पड़ोस के लड़कों के साथ संबंध थे और बहनों ने इसमें एक-दूसरे की मदद की। उसने कहा, मुझे तत्काल बताया जाना चाहिए था, लेकिन लड़कियों ने एक-दूसरे का पक्ष लिया। वे दोनों भ्रष्ट थीं। पुलिस अधिकारियों ने मुबशिर को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने कहा, उसने जो किया, उसे लेकर उसे कोई पछतावा नहीं है।
सारांश: एक पाकिस्तानी व्यक्ति ने अपनी छह बेटियों को गोलियों से भून डाला। हत्यारे को शक था कि उसकी दो बेटियों के पड़ोस के लड़कों के साथ संबंध थे।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 202.37 अंकों की गिरावट के साथ 19,362.55 पर और निफ्टी 62.90 अंकों की गिरावट के साथ 5,851.20 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 52.95 अंकों की गिरावट के साथ 19,511.97 पर खुला और 202.37 अंकों यानी 1.03 फीसदी की गिरावट के साथ 19,362.55 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,511.97 के ऊपरी और 19,338.52 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 29.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,884.80 पर खुला और 62.90 अंकों यानी 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ 5,851.20 बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,893.85 के ऊपरी और 5,842.25 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 64.68 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.63 पर और स्मॉलकैप 80.01 अंकों की गिरावट के साथ 6,237.64 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से एक सेक्टर तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.50 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 52.95 अंकों की गिरावट के साथ 19,511.97 पर खुला और 202.37 अंकों यानी 1.03 फीसदी की गिरावट के साथ 19,362.55 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,511.97 के ऊपरी और 19,338.52 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 29.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,884.80 पर खुला और 62.90 अंकों यानी 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ 5,851.20 बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,893.85 के ऊपरी और 5,842.25 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 64.68 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.63 पर और स्मॉलकैप 80.01 अंकों की गिरावट के साथ 6,237.64 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से एक सेक्टर तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.50 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 29.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,884.80 पर खुला और 62.90 अंकों यानी 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ 5,851.20 बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,893.85 के ऊपरी और 5,842.25 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 64.68 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.63 पर और स्मॉलकैप 80.01 अंकों की गिरावट के साथ 6,237.64 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से एक सेक्टर तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.50 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 64.68 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.63 पर और स्मॉलकैप 80.01 अंकों की गिरावट के साथ 6,237.64 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से एक सेक्टर तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.50 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। बीएसई के 13 में से एक सेक्टर तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.50 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।
यह एक सारांश है: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 202.37 अंकों की गिरावट के साथ 19,362.55 पर और निफ्टी 62.90 अंकों की गिरावट के साथ 5,851.20 पर बंद हुआ।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह भारत में नागरिकता संशोधन कानून के मामले पर बारिकी से नजर रख रहा है. इसके साथ ही प्रदर्शन करने वालों से हिंसा से दूर रहने और प्रशासन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा और सम्मान करने की अपील की है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'हम लोग नागरिकता संशोधन कानून के मामले पर बारिकी से नजर रख रहे हैं. हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा और सम्मान किया जाना चाहिए. हम प्रदर्शनकारियों से भी हिंसा से दूर रहने की अपील करते हैं.' अमेरिकी विदेश विभाग मंत्रालय ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार हमारे दोनों लोकतंत्र के मूल सिद्धांत हैं. अमेरिका ने भारत से आग्रह किया है कि अपने धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की जाए. वहीं, दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस कार्रवाई और विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ सोमवार को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए. प्रदर्शन का समर्थन नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी करते नजर आए. कहीं-कहीं ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, तो कहीं इसने हिंसक रूप ले लिया.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन प्रदर्शनों को दुखद एवं निराशाजनक बताया और शांति की अपील की. जामिया के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और नागरिकता कानून के खिलाफ गुस्से का असर उत्तर प्रदेश से लेकर केरल और महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक में देखा गया. जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष एकजुट हो गया. कांग्रेस के अलावा चार अन्य राजनीतिक दल के नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर जामिया परिसर में रविवार शाम की घटनाओं की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘केंद्र सरकार एक ऐसा कानून लाकर देश में हिंसा के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है जिसका देशभर में विरोध किया जा रहा है और सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं. अगर सरकार यह कानून नहीं लाती तो कोई हिंसा नहीं होती.' पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस ने इंडिया गेट पर शाम चार बजे से शाम छह बजे तक मूक प्रदर्शन भी किया. प्रियंका ने कहा, ‘‘छात्रों पर हमला भारत की आत्मा पर वार है.'' वहीं उनकी मां और पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने एक बयान जारी कर भाजपा पर देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया.
CAA के खिलाफ प्रदर्शन पर अमेरिका का आया बयान अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा से दूर रहने के लिए कहा भारत सरकार से भी की अपील
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: चीन के एक सरकारी समाचार पत्र में एक अधिकारी के आलीशान जीवन शैली के बारे में एक लेख के प्रकाशन को रोकने के लिए प्रिंटिंग मशीन को बीच में ही रोक दिया जबकि उसके मुख्य संपादक ने मीडिया के कार्य में इस सरकारी हस्तक्षेप पर आपत्ति जताई। यूनान स्थित ‘सिटी टाइम्स’ के अध्यक्ष और संपादक झोउ झिचेन ने कहा, ‘‘हमारे समाचार पत्र के हजारों प्रतियों को बदले जाने के बाद मीडियाकर्मी होने के नाते मैंने इतना गुस्सा और शर्मिंदगी कभी महसूस नहीं किया था जितना कि आज महसूस कर रहा हूं।’’ इस समाचार पत्र की तीन लाख प्रतियां बदल दी गई। उन्होंने इस घटना को सबसे ज्यादा शर्मनाक करार दिया। यूनान स्थित ‘सिटी टाइम्स’ के अध्यक्ष और संपादक झोउ झिचेन ने कहा, ‘‘हमारे समाचार पत्र के हजारों प्रतियों को बदले जाने के बाद मीडियाकर्मी होने के नाते मैंने इतना गुस्सा और शर्मिंदगी कभी महसूस नहीं किया था जितना कि आज महसूस कर रहा हूं।’’ इस समाचार पत्र की तीन लाख प्रतियां बदल दी गई। उन्होंने इस घटना को सबसे ज्यादा शर्मनाक करार दिया।
यह एक सारांश है: चीन के एक सरकारी समाचार पत्र में एक अधिकारी के आलीशान जीवन शैली के बारे में एक लेख के प्रकाशन को रोकने के लिए प्रिंटिंग मशीन को बीच में ही रोक दिया जबकि उसके मुख्य संपादक ने मीडिया के कार्य में इस सरकारी हस्तक्षेप पर आपत्ति जताई।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: सीरिया के राष्ट्रीय सुलह मंत्री अली हैदर ने बुधवार को जोर देकर कहा कि उनका देश रासायनिक हथियारों के भंडार को नष्ट करने में अंतरराष्ट्रीय रासायनिक हथियार विशेषज्ञों को पूर्ण सहयोग करेगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, हैदर ने कहा, "सीरिया रासायनिक हथियारों को नष्ट किए जाने को लेकर दृढ़संकल्पित है।" उल्लेखनीय है कि रासायनिक हथियार निवारक संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) के निरीक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी सीरिया के रासायनिक हथियारों को नष्ट करने के तरीके तय करने के लिए मंगलवार को दमिश्क पहुंच गए हैं। हैदर ने कहा कि सीरिया सरकार संयुक्त राष्ट्र के हालिया प्रस्ताव के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग और सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि इस दल को चाहिए कि वह सीरिया सरकार का विश्वास जीतने के लिए अपने मिशन को उच्च क्षमता और पारदर्शिता के साथ पूरा करे। हैदर ने कहा, "आज निरीक्षकों की ओर से सद्भाव की आवश्यकता है।" संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पिछले सप्ताह अधिकृत ओपीसीडब्ल्यू का अभियान अगले वर्ष के मध्य तक सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के लिए है और उम्मीद है कि यह दल हाल में घोषित सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार के आकार और स्थलों का निर्धारण करेगा। हैदर ने कहा, "सीरिया ने रासायनिक हथियारों से संबंधित अपनी पूरी फाइल, उनके स्थान और आकार और सभी संबंधित दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र और ओपीसीडब्ल्यू को सौंप दिए हैं।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दल सीरिया सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मौजूद जानकारी को जमीन पर मौजूद जानकारी से मिलान करेगा। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, हैदर ने कहा, "सीरिया रासायनिक हथियारों को नष्ट किए जाने को लेकर दृढ़संकल्पित है।" उल्लेखनीय है कि रासायनिक हथियार निवारक संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) के निरीक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी सीरिया के रासायनिक हथियारों को नष्ट करने के तरीके तय करने के लिए मंगलवार को दमिश्क पहुंच गए हैं। हैदर ने कहा कि सीरिया सरकार संयुक्त राष्ट्र के हालिया प्रस्ताव के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग और सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि इस दल को चाहिए कि वह सीरिया सरकार का विश्वास जीतने के लिए अपने मिशन को उच्च क्षमता और पारदर्शिता के साथ पूरा करे। हैदर ने कहा, "आज निरीक्षकों की ओर से सद्भाव की आवश्यकता है।" संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पिछले सप्ताह अधिकृत ओपीसीडब्ल्यू का अभियान अगले वर्ष के मध्य तक सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के लिए है और उम्मीद है कि यह दल हाल में घोषित सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार के आकार और स्थलों का निर्धारण करेगा। हैदर ने कहा, "सीरिया ने रासायनिक हथियारों से संबंधित अपनी पूरी फाइल, उनके स्थान और आकार और सभी संबंधित दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र और ओपीसीडब्ल्यू को सौंप दिए हैं।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दल सीरिया सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मौजूद जानकारी को जमीन पर मौजूद जानकारी से मिलान करेगा। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि रासायनिक हथियार निवारक संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) के निरीक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी सीरिया के रासायनिक हथियारों को नष्ट करने के तरीके तय करने के लिए मंगलवार को दमिश्क पहुंच गए हैं। हैदर ने कहा कि सीरिया सरकार संयुक्त राष्ट्र के हालिया प्रस्ताव के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग और सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि इस दल को चाहिए कि वह सीरिया सरकार का विश्वास जीतने के लिए अपने मिशन को उच्च क्षमता और पारदर्शिता के साथ पूरा करे। हैदर ने कहा, "आज निरीक्षकों की ओर से सद्भाव की आवश्यकता है।" संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पिछले सप्ताह अधिकृत ओपीसीडब्ल्यू का अभियान अगले वर्ष के मध्य तक सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के लिए है और उम्मीद है कि यह दल हाल में घोषित सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार के आकार और स्थलों का निर्धारण करेगा। हैदर ने कहा, "सीरिया ने रासायनिक हथियारों से संबंधित अपनी पूरी फाइल, उनके स्थान और आकार और सभी संबंधित दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र और ओपीसीडब्ल्यू को सौंप दिए हैं।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दल सीरिया सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मौजूद जानकारी को जमीन पर मौजूद जानकारी से मिलान करेगा। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं। हैदर ने कहा कि सीरिया सरकार संयुक्त राष्ट्र के हालिया प्रस्ताव के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग और सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि इस दल को चाहिए कि वह सीरिया सरकार का विश्वास जीतने के लिए अपने मिशन को उच्च क्षमता और पारदर्शिता के साथ पूरा करे। हैदर ने कहा, "आज निरीक्षकों की ओर से सद्भाव की आवश्यकता है।" संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पिछले सप्ताह अधिकृत ओपीसीडब्ल्यू का अभियान अगले वर्ष के मध्य तक सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के लिए है और उम्मीद है कि यह दल हाल में घोषित सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार के आकार और स्थलों का निर्धारण करेगा। हैदर ने कहा, "सीरिया ने रासायनिक हथियारों से संबंधित अपनी पूरी फाइल, उनके स्थान और आकार और सभी संबंधित दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र और ओपीसीडब्ल्यू को सौंप दिए हैं।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दल सीरिया सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मौजूद जानकारी को जमीन पर मौजूद जानकारी से मिलान करेगा। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं। हैदर ने कहा, "आज निरीक्षकों की ओर से सद्भाव की आवश्यकता है।" संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पिछले सप्ताह अधिकृत ओपीसीडब्ल्यू का अभियान अगले वर्ष के मध्य तक सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के लिए है और उम्मीद है कि यह दल हाल में घोषित सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार के आकार और स्थलों का निर्धारण करेगा। हैदर ने कहा, "सीरिया ने रासायनिक हथियारों से संबंधित अपनी पूरी फाइल, उनके स्थान और आकार और सभी संबंधित दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र और ओपीसीडब्ल्यू को सौंप दिए हैं।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दल सीरिया सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मौजूद जानकारी को जमीन पर मौजूद जानकारी से मिलान करेगा। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पिछले सप्ताह अधिकृत ओपीसीडब्ल्यू का अभियान अगले वर्ष के मध्य तक सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के लिए है और उम्मीद है कि यह दल हाल में घोषित सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार के आकार और स्थलों का निर्धारण करेगा। हैदर ने कहा, "सीरिया ने रासायनिक हथियारों से संबंधित अपनी पूरी फाइल, उनके स्थान और आकार और सभी संबंधित दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र और ओपीसीडब्ल्यू को सौंप दिए हैं।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दल सीरिया सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मौजूद जानकारी को जमीन पर मौजूद जानकारी से मिलान करेगा। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं। हैदर ने कहा, "सीरिया ने रासायनिक हथियारों से संबंधित अपनी पूरी फाइल, उनके स्थान और आकार और सभी संबंधित दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र और ओपीसीडब्ल्यू को सौंप दिए हैं।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दल सीरिया सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मौजूद जानकारी को जमीन पर मौजूद जानकारी से मिलान करेगा। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दल सीरिया सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मौजूद जानकारी को जमीन पर मौजूद जानकारी से मिलान करेगा। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि दमिश्क ने सितंबर में स्वीकार किया था कि उसके पास रासायनिक हथियार मौजूद हैं।
यहाँ एक सारांश है:सीरिया के राष्ट्रीय सुलह मंत्री अली हैदर ने बुधवार को जोर देकर कहा कि उनका देश रासायनिक हथियारों के भंडार को नष्ट करने में अंतरराष्ट्रीय रासायनिक हथियार विशेषज्ञों को पूर्ण सहयोग करेगा।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विवाद के बाद अब जाकर मंदिर निर्माण पूर्ण हुआ है और राम, लक्ष्मण, जानकी की 6 फुट की विशाल मूर्ति और हनुमान की लगभग 3 फुट मूर्ति की स्थापना मंगलवार को विधिवत आध्यात्मिक परंपरा के अनुसार की जाएगी.  पंडित राजेंद्र शर्मा नंदनी नगर अछोटी (दुर्ग) मंदिर में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे. ग्राम नर्रा में इस अवसर पर 8 से 15 अप्रैल तक देवी भागवत किया जा रहा है और प्रात: 9 बजे प्रतिदिन यज्ञ होता है. मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा में प्रमुख यजमान सोहन लाल पटेल-फूलेश्वरी पटेल, नवीन पटेल-दुर्गा पटेल होंगे.टिप्पणियां विधायक खल्लारी संरक्षक डॉ. रमेश अग्रवाल, अध्यक्ष महेंद्र कुमार दिवाकर, उपाध्यक्ष अशोक जैन, महामंत्री हरिशंकर निगम, कोषाध्यक्ष सोहनलाल पटेल, सचिव राजेंद्र निगम, कार्यकारिणी सदस्य किसान सिंह दीवान, धनऊराम निषाद, कृष्ण कुमार निगम, मोतीराम पटेल, मांगीलाल पटेल, गोविंदलाल नागपुरे बिंद्रावन, शंभु ब्यौहार, लाल खान, रज्जाक खान, पीली बाई दीवान, शांति देवी निगम और 8 अन्य सदस्यों की समिति बनाई गई, जिन्होंने रोक के विरुद्ध जनांदोलन चलाया था.Video: कोर्ट से बाहर भी अयोध्या विवाद का हल निकालने की कोशिशेंInput: IANS पंडित राजेंद्र शर्मा नंदनी नगर अछोटी (दुर्ग) मंदिर में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे. ग्राम नर्रा में इस अवसर पर 8 से 15 अप्रैल तक देवी भागवत किया जा रहा है और प्रात: 9 बजे प्रतिदिन यज्ञ होता है. मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा में प्रमुख यजमान सोहन लाल पटेल-फूलेश्वरी पटेल, नवीन पटेल-दुर्गा पटेल होंगे.टिप्पणियां विधायक खल्लारी संरक्षक डॉ. रमेश अग्रवाल, अध्यक्ष महेंद्र कुमार दिवाकर, उपाध्यक्ष अशोक जैन, महामंत्री हरिशंकर निगम, कोषाध्यक्ष सोहनलाल पटेल, सचिव राजेंद्र निगम, कार्यकारिणी सदस्य किसान सिंह दीवान, धनऊराम निषाद, कृष्ण कुमार निगम, मोतीराम पटेल, मांगीलाल पटेल, गोविंदलाल नागपुरे बिंद्रावन, शंभु ब्यौहार, लाल खान, रज्जाक खान, पीली बाई दीवान, शांति देवी निगम और 8 अन्य सदस्यों की समिति बनाई गई, जिन्होंने रोक के विरुद्ध जनांदोलन चलाया था.Video: कोर्ट से बाहर भी अयोध्या विवाद का हल निकालने की कोशिशेंInput: IANS विधायक खल्लारी संरक्षक डॉ. रमेश अग्रवाल, अध्यक्ष महेंद्र कुमार दिवाकर, उपाध्यक्ष अशोक जैन, महामंत्री हरिशंकर निगम, कोषाध्यक्ष सोहनलाल पटेल, सचिव राजेंद्र निगम, कार्यकारिणी सदस्य किसान सिंह दीवान, धनऊराम निषाद, कृष्ण कुमार निगम, मोतीराम पटेल, मांगीलाल पटेल, गोविंदलाल नागपुरे बिंद्रावन, शंभु ब्यौहार, लाल खान, रज्जाक खान, पीली बाई दीवान, शांति देवी निगम और 8 अन्य सदस्यों की समिति बनाई गई, जिन्होंने रोक के विरुद्ध जनांदोलन चलाया था.Video: कोर्ट से बाहर भी अयोध्या विवाद का हल निकालने की कोशिशेंInput: IANS Video: कोर्ट से बाहर भी अयोध्या विवाद का हल निकालने की कोशिशेंInput: IANS
छत्तीसगढ़ में एक राम मंदिर का विवाद अब सुलझा गया है इसके लिए ग्रामीणों ने 27 साल तक कड़ी मेहनत की राम-जानकी मंदिर का निर्माण 1991 में शुरू किया गया था
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा की मुहर के साथ ही संसद ने शुक्रवार को भारतीय जन प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक 2013 को पारित कर दिया। यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय के जेल में कैद या पुलिस हिरासत से नेताओं के चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाने वाले फैसले को निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से लाया गया है। राज्यसभा ने 28 अगस्त को ही इस विधेयक को पारित कर दिया था। संसद का सत्र शुरू होने के साथ ही सभी पार्टियों ने एक सुर से सरकार से शीर्ष अदालत के फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए विधेयक लाने की मांग की थी। पार्टियों को इस बात का डर था कि शीर्ष अदालत के फैसले की आड़ में चुनाव के मौके पर झूठे मुकदमे का सहारा लेकर विरोधी किसी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहरा सकते हैं। यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई के उस फैसले को निष्प्रभावी करेगा जिसमें अदालत ने कहा था कि जो लोग जेल में बंद हैं वे चुनाव संबंधी कानून के मुताबिक मतदान में हिस्सा नहीं ले सकते इसलिए वे संसद या राज्य विधानसभाओं का चुनाव भी लड़ने के योग्य नहीं हैं। कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने यह विधेयक पेश किया। उन्होंने सदन से कहा, "कई बार हम चूक करते हैं और कई बार अदालतें चूक जाती हैं। इस मामले में अदालत ने चूक की है और आज हम उसे दुरुस्त कर रहे हैं।" सिब्बल ने इससे पहले कहा था कि देश में एक आम 'नकारात्मक धारणा' बन गई है कि नेता अपराधी होते हैं।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य कीर्ति आजाद और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य दारा सिंह चौहान ने कहा कि कई बार नेता सामाजिक मुद्दों को लेकर आंदोलन में हिस्सा लेते हुए जेल जाते हैं और ऐसी गिरफ्तारी को आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के समतुल्य नहीं माना जा सकता। सरकार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद संशोधन विधेयक पेश किया। संसद का सत्र शुरू होने के साथ ही सभी पार्टियों ने एक सुर से सरकार से शीर्ष अदालत के फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए विधेयक लाने की मांग की थी। पार्टियों को इस बात का डर था कि शीर्ष अदालत के फैसले की आड़ में चुनाव के मौके पर झूठे मुकदमे का सहारा लेकर विरोधी किसी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहरा सकते हैं। यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई के उस फैसले को निष्प्रभावी करेगा जिसमें अदालत ने कहा था कि जो लोग जेल में बंद हैं वे चुनाव संबंधी कानून के मुताबिक मतदान में हिस्सा नहीं ले सकते इसलिए वे संसद या राज्य विधानसभाओं का चुनाव भी लड़ने के योग्य नहीं हैं। कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने यह विधेयक पेश किया। उन्होंने सदन से कहा, "कई बार हम चूक करते हैं और कई बार अदालतें चूक जाती हैं। इस मामले में अदालत ने चूक की है और आज हम उसे दुरुस्त कर रहे हैं।" सिब्बल ने इससे पहले कहा था कि देश में एक आम 'नकारात्मक धारणा' बन गई है कि नेता अपराधी होते हैं।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य कीर्ति आजाद और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य दारा सिंह चौहान ने कहा कि कई बार नेता सामाजिक मुद्दों को लेकर आंदोलन में हिस्सा लेते हुए जेल जाते हैं और ऐसी गिरफ्तारी को आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के समतुल्य नहीं माना जा सकता। सरकार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद संशोधन विधेयक पेश किया। पार्टियों को इस बात का डर था कि शीर्ष अदालत के फैसले की आड़ में चुनाव के मौके पर झूठे मुकदमे का सहारा लेकर विरोधी किसी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहरा सकते हैं। यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई के उस फैसले को निष्प्रभावी करेगा जिसमें अदालत ने कहा था कि जो लोग जेल में बंद हैं वे चुनाव संबंधी कानून के मुताबिक मतदान में हिस्सा नहीं ले सकते इसलिए वे संसद या राज्य विधानसभाओं का चुनाव भी लड़ने के योग्य नहीं हैं। कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने यह विधेयक पेश किया। उन्होंने सदन से कहा, "कई बार हम चूक करते हैं और कई बार अदालतें चूक जाती हैं। इस मामले में अदालत ने चूक की है और आज हम उसे दुरुस्त कर रहे हैं।" सिब्बल ने इससे पहले कहा था कि देश में एक आम 'नकारात्मक धारणा' बन गई है कि नेता अपराधी होते हैं।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य कीर्ति आजाद और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य दारा सिंह चौहान ने कहा कि कई बार नेता सामाजिक मुद्दों को लेकर आंदोलन में हिस्सा लेते हुए जेल जाते हैं और ऐसी गिरफ्तारी को आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के समतुल्य नहीं माना जा सकता। सरकार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद संशोधन विधेयक पेश किया। यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई के उस फैसले को निष्प्रभावी करेगा जिसमें अदालत ने कहा था कि जो लोग जेल में बंद हैं वे चुनाव संबंधी कानून के मुताबिक मतदान में हिस्सा नहीं ले सकते इसलिए वे संसद या राज्य विधानसभाओं का चुनाव भी लड़ने के योग्य नहीं हैं। कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने यह विधेयक पेश किया। उन्होंने सदन से कहा, "कई बार हम चूक करते हैं और कई बार अदालतें चूक जाती हैं। इस मामले में अदालत ने चूक की है और आज हम उसे दुरुस्त कर रहे हैं।" सिब्बल ने इससे पहले कहा था कि देश में एक आम 'नकारात्मक धारणा' बन गई है कि नेता अपराधी होते हैं।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य कीर्ति आजाद और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य दारा सिंह चौहान ने कहा कि कई बार नेता सामाजिक मुद्दों को लेकर आंदोलन में हिस्सा लेते हुए जेल जाते हैं और ऐसी गिरफ्तारी को आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के समतुल्य नहीं माना जा सकता। सरकार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद संशोधन विधेयक पेश किया। सिब्बल ने इससे पहले कहा था कि देश में एक आम 'नकारात्मक धारणा' बन गई है कि नेता अपराधी होते हैं।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य कीर्ति आजाद और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य दारा सिंह चौहान ने कहा कि कई बार नेता सामाजिक मुद्दों को लेकर आंदोलन में हिस्सा लेते हुए जेल जाते हैं और ऐसी गिरफ्तारी को आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के समतुल्य नहीं माना जा सकता। सरकार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद संशोधन विधेयक पेश किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य कीर्ति आजाद और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य दारा सिंह चौहान ने कहा कि कई बार नेता सामाजिक मुद्दों को लेकर आंदोलन में हिस्सा लेते हुए जेल जाते हैं और ऐसी गिरफ्तारी को आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के समतुल्य नहीं माना जा सकता। सरकार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद संशोधन विधेयक पेश किया। सरकार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद संशोधन विधेयक पेश किया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोकसभा की मुहर के साथ ही संसद ने शुक्रवार को भारतीय जन प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक 2013 को पारित कर दिया।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यमन की राजधानी सना में सोमवार को एक सैन्य परेड के पूर्वाभ्यास के दौरान किए गए एक आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 96 सैनिक मारे गए और अन्य 300 घायल हो गए। बीबीसी ने अधिकारियों के हवाले से इस हमले में मरने वालों की संख्या 63 बताई है। हालांकि उसने यह भी कहा कि अपुष्ट खबरों में मृतकों की संख्या 96 बताई गई है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, आत्मघाती हमलावर सेना की वर्दी में था। उसने बटालियन के बीचोबीच विस्फोट किया। उस दौरान सैनिक उत्तरी और दक्षिणी यमन के एकीकरण की 22वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होने वाली परेड का पूर्वाभ्यास कर रहे थे। आत्मघाती हमलावर ने सैनिकों के एक समूह में घुसकर खुद को बम से उड़ा लिया। सैनिक राष्ट्रपति भवन के समीप स्थित अल-सबिन चौराहे पर परेड का पूर्वाभ्यास कर रहे थे।टिप्पणियां सोमवार को हुए हमले को राष्ट्रपति अब्द-रब्बुह मंसूर अल-हैदी के फरवरी में सत्तारूढ़ होने के बाद से यमन की राजधानी में हुए विस्फोटों में से सबसे भयानक माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट में मारे गए सैनिकों के अंग चौराहे पर चारों तरफ बिखरे हुए हैं। दर्जनों घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कई एम्बुलेंसों को घटनास्थल पर भेजा गया है। बीबीसी ने अधिकारियों के हवाले से इस हमले में मरने वालों की संख्या 63 बताई है। हालांकि उसने यह भी कहा कि अपुष्ट खबरों में मृतकों की संख्या 96 बताई गई है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, आत्मघाती हमलावर सेना की वर्दी में था। उसने बटालियन के बीचोबीच विस्फोट किया। उस दौरान सैनिक उत्तरी और दक्षिणी यमन के एकीकरण की 22वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होने वाली परेड का पूर्वाभ्यास कर रहे थे। आत्मघाती हमलावर ने सैनिकों के एक समूह में घुसकर खुद को बम से उड़ा लिया। सैनिक राष्ट्रपति भवन के समीप स्थित अल-सबिन चौराहे पर परेड का पूर्वाभ्यास कर रहे थे।टिप्पणियां सोमवार को हुए हमले को राष्ट्रपति अब्द-रब्बुह मंसूर अल-हैदी के फरवरी में सत्तारूढ़ होने के बाद से यमन की राजधानी में हुए विस्फोटों में से सबसे भयानक माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट में मारे गए सैनिकों के अंग चौराहे पर चारों तरफ बिखरे हुए हैं। दर्जनों घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कई एम्बुलेंसों को घटनास्थल पर भेजा गया है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, आत्मघाती हमलावर सेना की वर्दी में था। उसने बटालियन के बीचोबीच विस्फोट किया। उस दौरान सैनिक उत्तरी और दक्षिणी यमन के एकीकरण की 22वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होने वाली परेड का पूर्वाभ्यास कर रहे थे। आत्मघाती हमलावर ने सैनिकों के एक समूह में घुसकर खुद को बम से उड़ा लिया। सैनिक राष्ट्रपति भवन के समीप स्थित अल-सबिन चौराहे पर परेड का पूर्वाभ्यास कर रहे थे।टिप्पणियां सोमवार को हुए हमले को राष्ट्रपति अब्द-रब्बुह मंसूर अल-हैदी के फरवरी में सत्तारूढ़ होने के बाद से यमन की राजधानी में हुए विस्फोटों में से सबसे भयानक माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट में मारे गए सैनिकों के अंग चौराहे पर चारों तरफ बिखरे हुए हैं। दर्जनों घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कई एम्बुलेंसों को घटनास्थल पर भेजा गया है। आत्मघाती हमलावर ने सैनिकों के एक समूह में घुसकर खुद को बम से उड़ा लिया। सैनिक राष्ट्रपति भवन के समीप स्थित अल-सबिन चौराहे पर परेड का पूर्वाभ्यास कर रहे थे।टिप्पणियां सोमवार को हुए हमले को राष्ट्रपति अब्द-रब्बुह मंसूर अल-हैदी के फरवरी में सत्तारूढ़ होने के बाद से यमन की राजधानी में हुए विस्फोटों में से सबसे भयानक माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट में मारे गए सैनिकों के अंग चौराहे पर चारों तरफ बिखरे हुए हैं। दर्जनों घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कई एम्बुलेंसों को घटनास्थल पर भेजा गया है। सोमवार को हुए हमले को राष्ट्रपति अब्द-रब्बुह मंसूर अल-हैदी के फरवरी में सत्तारूढ़ होने के बाद से यमन की राजधानी में हुए विस्फोटों में से सबसे भयानक माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट में मारे गए सैनिकों के अंग चौराहे पर चारों तरफ बिखरे हुए हैं। दर्जनों घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कई एम्बुलेंसों को घटनास्थल पर भेजा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट में मारे गए सैनिकों के अंग चौराहे पर चारों तरफ बिखरे हुए हैं। दर्जनों घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कई एम्बुलेंसों को घटनास्थल पर भेजा गया है।
यह एक सारांश है: यमन की राजधानी सना में सोमवार को एक सैन्य परेड के पूर्वाभ्यास के दौरान किए गए एक आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 96 सैनिक मारे गए और अन्य 300 घायल हो गए।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत और इंग्‍लैंड के बीच मुंबई में खेले जा रहे पहले टेस्‍ट मैच में कप्‍तान एलिस्‍टेयर कुक और कीटन जेंनिंग्‍स की जोड़ी ने इंग्‍लैंड को बेहतरीन शुरुआत दी. दुर्भाग्‍य से कप्‍तान एलिस्‍टेयर कुक अर्धशतक पूरा नहीं कर पाए और 46 रन के निजी स्‍कोर पर पार्थिव पटेल का शिकार बन गए. इसके साथ ही कुक मुंबई टेस्‍ट की पहली पारी में एक अहम रिकॉर्ड बनाने से चूक गए. बाएं हाथ के आकर्षक बल्‍लेबाज कुक यदि 20 रन और बना लेते तो टेस्‍ट क्रिकेट में 11,000 रन पूरे कर लेते. ऐसा करने वाले वे इंग्‍लैंड के पहले बल्‍लेबाज होते.टिप्पणियां दरअसल, कुक ने ही इंग्‍लैंड की ओर से सर्वाधिक रन बनाए हैं. मुंबई टेस्‍ट के पहले तक 138 मैच में उनके खाते में 46.72 के औसत से 10934 रन दर्ज थे. चौथे टेस्‍ट की पहली पारी में कुक ने 46 रन बनाते हुए अपनी रनसंख्या को 10,980 तक पहुंचा लिया. इस तरह 11,000 के आंकड़े से अब वे महज 20 रन दूर हैं. वैसे कुक इसी टेस्‍ट की दूसरी पारी में इस आंकड़े को छू सकते हैं. इंग्‍लैंड की ओर से इस मामले में दूसरे स्‍थान पर ग्राहम गूच हैं जिन्‍होंने 118 टेस्‍ट मैचों में 42.58 के औसत से 8900 रन बनाए हैं. टेस्‍ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भारत के सचिन तेंदुलकर के नाम पर है. मास्‍टर ब्‍लास्‍टर ने  200 टेस्‍ट में 53.78 के औसत से 15921 रन (51 शतक) बनाए थे. ऑस्‍ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (13378) और दक्षिण अफ्रीका के जैक्‍स कैलिस (13289 ) इस मामले में तीसरे स्‍थान पर हैं. ये तीनों ही बल्‍लेबाज क्रिकेट से संन्‍यास ले चुके हैं. इस समय खेल रहे बल्‍लेबाजों में कुक ने ही टेस्‍ट क्रिकेट में सबसे ज्‍यादा रन बनाए हैं. दरअसल, कुक ने ही इंग्‍लैंड की ओर से सर्वाधिक रन बनाए हैं. मुंबई टेस्‍ट के पहले तक 138 मैच में उनके खाते में 46.72 के औसत से 10934 रन दर्ज थे. चौथे टेस्‍ट की पहली पारी में कुक ने 46 रन बनाते हुए अपनी रनसंख्या को 10,980 तक पहुंचा लिया. इस तरह 11,000 के आंकड़े से अब वे महज 20 रन दूर हैं. वैसे कुक इसी टेस्‍ट की दूसरी पारी में इस आंकड़े को छू सकते हैं. इंग्‍लैंड की ओर से इस मामले में दूसरे स्‍थान पर ग्राहम गूच हैं जिन्‍होंने 118 टेस्‍ट मैचों में 42.58 के औसत से 8900 रन बनाए हैं. टेस्‍ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भारत के सचिन तेंदुलकर के नाम पर है. मास्‍टर ब्‍लास्‍टर ने  200 टेस्‍ट में 53.78 के औसत से 15921 रन (51 शतक) बनाए थे. ऑस्‍ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (13378) और दक्षिण अफ्रीका के जैक्‍स कैलिस (13289 ) इस मामले में तीसरे स्‍थान पर हैं. ये तीनों ही बल्‍लेबाज क्रिकेट से संन्‍यास ले चुके हैं. इस समय खेल रहे बल्‍लेबाजों में कुक ने ही टेस्‍ट क्रिकेट में सबसे ज्‍यादा रन बनाए हैं. टेस्‍ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भारत के सचिन तेंदुलकर के नाम पर है. मास्‍टर ब्‍लास्‍टर ने  200 टेस्‍ट में 53.78 के औसत से 15921 रन (51 शतक) बनाए थे. ऑस्‍ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (13378) और दक्षिण अफ्रीका के जैक्‍स कैलिस (13289 ) इस मामले में तीसरे स्‍थान पर हैं. ये तीनों ही बल्‍लेबाज क्रिकेट से संन्‍यास ले चुके हैं. इस समय खेल रहे बल्‍लेबाजों में कुक ने ही टेस्‍ट क्रिकेट में सबसे ज्‍यादा रन बनाए हैं.
संक्षिप्त पाठ: इसी टेस्‍ट की दूसरी पारी में छू सकते हैं 11,000 के आंकड़े को इंग्‍लैंड की ओर से सबसे ज्‍यादा टेस्‍ट रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं कुक सचिन तेंदुलकर ने बनाए हैं 200 टेस्‍ट में सर्वाधिक 15921 रन
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा पर निशाना साधते हुए इसकी सहयोगी शिवसेना ने बुधवार को कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी ने जो वादे किये वो महज 'लॉलीपॉप' साबित हुए हैं. शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा, "अगर वादे सिर्फ चुनावी 'जुमलों' के तौर पर किये जायें तो जनता जन सभाओं और नेताओं पर भरोसा नहीं करेगी."  शिवसेना ने भाजपा नीत केंद्र एवं महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "लोग अब यह जानकर हैरत में पड़ सकते हैं कि कर्ज माफी (किसानों की) और नौकरियां पैदा करने के वादे सिर्फ लॉलीपॉप थे." हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब शिवसेना ने अपनी ही सहयोगी पार्टी बीजेपी को निशाने पर लिया हो. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने हालांकि कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों की आखिरी उम्मीद है और इसलिए केंद्र एवं राज्य की सरकार की लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की जवाबदेही बढ़ गयी है. शिवसेना महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार का हिस्सा है.टिप्पणियां इसमें लिखा है, "नितिन गडकरी (भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री) ने हाल में कहा था कि कर्जमाफी संभव नहीं होगा. उनकी पहचान सीधे सीधे सच बोलने वाले व्यक्ति की रही है." शिवसेना ने कहा, "जब हमलोग विपक्ष में थे तो कर्जमाफी की मांग करते थे लकिन यह अब संभव नहीं है." इसमें उन बातों को याद करते हुए कहा गया कि जब भाजपा और शिवसेना विपक्ष में थे तो उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे के उस बयान की आलोचना की थी जिसमें शिंदे ने कहा था कि हर चुनावी वादे को पूरा नहीं किया जा सकता है.   उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने हालांकि कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों की आखिरी उम्मीद है और इसलिए केंद्र एवं राज्य की सरकार की लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की जवाबदेही बढ़ गयी है. शिवसेना महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार का हिस्सा है.टिप्पणियां इसमें लिखा है, "नितिन गडकरी (भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री) ने हाल में कहा था कि कर्जमाफी संभव नहीं होगा. उनकी पहचान सीधे सीधे सच बोलने वाले व्यक्ति की रही है." शिवसेना ने कहा, "जब हमलोग विपक्ष में थे तो कर्जमाफी की मांग करते थे लकिन यह अब संभव नहीं है." इसमें उन बातों को याद करते हुए कहा गया कि जब भाजपा और शिवसेना विपक्ष में थे तो उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे के उस बयान की आलोचना की थी जिसमें शिंदे ने कहा था कि हर चुनावी वादे को पूरा नहीं किया जा सकता है.   इसमें लिखा है, "नितिन गडकरी (भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री) ने हाल में कहा था कि कर्जमाफी संभव नहीं होगा. उनकी पहचान सीधे सीधे सच बोलने वाले व्यक्ति की रही है." शिवसेना ने कहा, "जब हमलोग विपक्ष में थे तो कर्जमाफी की मांग करते थे लकिन यह अब संभव नहीं है." इसमें उन बातों को याद करते हुए कहा गया कि जब भाजपा और शिवसेना विपक्ष में थे तो उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे के उस बयान की आलोचना की थी जिसमें शिंदे ने कहा था कि हर चुनावी वादे को पूरा नहीं किया जा सकता है.
संक्षिप्त सारांश: शिवसेना ने कहा - चुनाव के वादे महज 'लॉलीपॉप' साबित हुए शिवसेना ने भाजपा नीत केंद्र एवं महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा बीजेपी से पूछा कि कर्जमाफी की मांग अब अब संभव क्यों नहीं
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर गतिरोध जारी है. इस बीच शिवसेना ने आज फिर अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिये बीजेपी पर निशाना साधा है और बीजेपी पर विधायकों को खरीदने के लिए पैसे बांटने का भी आरोप लगाया है. शिवसेना ने 'सामना' के संपादकीय में लिखा है, ' राज्य में महायुति की ही सरकार आएगी, ऐसी गर्जना भाजपा के चंद्रकांत दादा पाटील आदि नेताओं ने की है. उनके मुंह में शक्कर क्योंकि सुधीर मुनगंटीवार ने ‘खुश' खबर मिलेगी, ऐसा दावा किया है. अब सवाल इतना है कि वो सरकार कब आएगी और कैसी होगी, ये दादा आदि ने नहीं बताया. भारतीय जनता पार्टी जिस ‘महायुति' की बात कर रही है वो आकार में बड़ी हो फिर भी उसमें शामिल कई दलों के एक भी विधायक नहीं हैं.   ये बगैर विधायकों का ‘महामंडल' परसों राज्यपाल से मिला और सरकार गठन के बारे में चिंता व्यक्त की. ये बिना विधायकों वाले महामंडल कल दूसरी सरकार के आने पर पिछला सब कुछ भुलाकर नई सरकार में शामिल नजर आएंगे. ‘निवर्तमान' कई मंत्री चिंतित हैं. उन्हें भी अपनी सरकारी गाड़ी, घोड़ा, बंगला जाने की चिंता है. उनकी धड़कन बढ़ गई है. पर राज्य की जनता एक सुर में मांग कर रही है कि कुछ भी हो महाराष्ट्र में शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होना चाहिए. जिसके पास आंकड़ा होगा, वो सरकार भी बनाए और मुख्यमंत्री भी बनाए, ये हमारा भी मत है. मुखपत्र में लिखा है, अब महाराष्ट्र की दृष्टि से एक ही खुशखबरी अपेक्षित है और वो है ‘शिवसेना' का नेता मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण करनेवाला है. महाराष्ट्र की किस्मत में एक स्वाभिमानी सरकार आएगी और ऐसा यदि जनता के ललाट पर लिखा होगा तो उस भाग्यरेखा को मिटाने की ताकत किसी में नहीं है.   भारतीय जनता पार्टी चर्चा का दरवाजा बंद करके नहीं बैठी है, ऐसा कहा जा रहा है. हमने भी दरवाजे, खिड़कियां खोल रखी हैं और हवाएं अठखेलियां कर रही हैं. सिर्फ इतनी सतर्कता रखी है कि हवा के साथ कीट-पतंगे अंदर न आ जाएं. हमें चिंता है राज्य की व किसानों की. पिछली सत्ता का उपयोग अगली सत्ता के लिए ‘थैलियां' बांटने में हो रहा है पर किसानों के हाथ कोई दमड़ी भी रखने को तैयार नहीं है इसीलिए किसानों को शिवसेना की सत्ता चाहिए. यह हम सिर्फ मुद्दे की बात कर रहे हैं और मुक्के की बात होगी तो उसका भी उत्तर हम देंगे. महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा धूमिल करके कोई राज्य नहीं कर सकता. शिवसेना वहां तलवार लेकर खड़ी ही है.
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र में जारी है सियासी गतिरोध शिवसेना-बीजेपी के बीच नहीं बन पाई है बात शिवसेना ने बीजेपी पर फिर साधा निशाना
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: शहर के बाहरी इलाके में मेदाचल स्थित टोल गेट के समीप हुए सड़क हादसे में आठ लोग मारे गए, जबकि एक अन्य घायल हो गया. पुलिस ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा बीती रात हुआ. हादसे में कार ने एक खड़े हुए वाहन में टक्कर मार दी और तेज गति से आता एक अन्य वाहन भी कार से पीछे से जा टकराया. इसके परिणामस्वरूप कार दोनों वाहनों के बीच में आकर बुरी तरह पिचक गई और उसमें बैठे आठ लोग मारे गए. मेदाचल पुलिस थाने के इंस्पेक्टर एस राजशेखर रेड्डी ने यह जानकारी दी.टिप्पणियां उन्होंने बताया, 'हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है'. कार में सवार मारे गए लोग 20 से 30 साल की उम्र के थे और वे तेलंगाना के मेडक जिले के सदाशिवपेट के रहने वाले थे. पुलिस ने बताया कि वे कोमपल्ली में एक समारोह में शामिल होने जा रहे थे. मामले की जांच जारी है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा बीती रात हुआ. हादसे में कार ने एक खड़े हुए वाहन में टक्कर मार दी और तेज गति से आता एक अन्य वाहन भी कार से पीछे से जा टकराया. इसके परिणामस्वरूप कार दोनों वाहनों के बीच में आकर बुरी तरह पिचक गई और उसमें बैठे आठ लोग मारे गए. मेदाचल पुलिस थाने के इंस्पेक्टर एस राजशेखर रेड्डी ने यह जानकारी दी.टिप्पणियां उन्होंने बताया, 'हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है'. कार में सवार मारे गए लोग 20 से 30 साल की उम्र के थे और वे तेलंगाना के मेडक जिले के सदाशिवपेट के रहने वाले थे. पुलिस ने बताया कि वे कोमपल्ली में एक समारोह में शामिल होने जा रहे थे. मामले की जांच जारी है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया, 'हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है'. कार में सवार मारे गए लोग 20 से 30 साल की उम्र के थे और वे तेलंगाना के मेडक जिले के सदाशिवपेट के रहने वाले थे. पुलिस ने बताया कि वे कोमपल्ली में एक समारोह में शामिल होने जा रहे थे. मामले की जांच जारी है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: शहर के बाहरी इलाके में मेदाचल स्थित टोल गेट के समीप हुआ सड़क हादसा दो वाहनों के बीच में बुरी तरह पिचक गई कार हादसे में एक व्यक्ति घायल भी हुआ है
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू में 35 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा चुके थे और पूरी घाटी में सेना अलर्ट पर थी. इस पर कयास लग ही रहे थे कि सरकार ने सदियों से चली आ रही अमरनाथ और एक दूसरी धार्मिक यात्रा भी रोक दी. साथ ही अपील की कि जितनी जल्दी हो सके सभी श्रद्धालु और सैलानी जम्मू-कश्मीर छोड़ दें. इसी बीच खबरें आनी शुरू हुईं कि सीमा पार से पाकिस्तानी आतंकवादी हमला करने की फिराक में हैं. सेना की ओर से की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके सबूत दिए गए जिसमें अमेरिका में बनी एक स्नाइपर राइफल भी दिखाई गई. हालांकि दिन बीतते-बीतते अपुष्ट खबरें आने लगीं कि सरकार जम्मू-कश्मीर में कुछ बड़ा करने जा रही है और इस बात को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी अपना शक जाहिर करने लगे. इसी बीच उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में नेशनल कॉन्फ्रेंस का एक प्रतिनिधिमंडल भी राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिला. वहां उन्हें ज्यादा कुछ तो नहीं पता चला लेकिन इस बात का आश्वासन मिला कि केंद्र सरकार अनुच्छेद 370 (Article 370)  हटाने नहीं जा रही है. वहीं दिल्ली में विपक्षी, खासकर कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में अचानक से बढ़ा दिए गए सुरक्षाबलों पर सरकार से जवाब मांगा. पांच अगस्त को सुबह कैबिनेट की बैठक हुई. लेकिन इसमें क्या हुआ इस पर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस टाल दी गई  और खबर आई कि जम्मू-कश्मीर पर गृहमंत्री अमित शाह संसद में जवाब देंगे. सोमवार 5 अगस्त को 11 बजे संसद शुरू हुई तो विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया. वे जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग कर रहे थे. राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाला और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370  (Article 370) हटाने की सिफारिश और राज्य के पुनर्गठन का बिल पेश कर दिया. इस ऐलान के साथ ही पहले से ही तैयार बैठी सरकार ने कश्मीर घाटी के राजनीतिक नेताओं को नजरबंद किया गया, इंटरनेट सहित अन्य संचार सेवाएं रोक दी गईं और पूरे राज्य में धारा 144 लागू कर दी गई. हालांकि इससे पहले ही कई अलगाववादी नेताओं को नजरबंद किया जा चुका था. राज्य पुनर्गठन बिल के मुताबिक जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया था, जिसमें एक लद्दाख का अलग और जम्मू-कश्मीर एक अलग राज्य बनाया गया. लेकिन दोनों को ही दर्जा केंद्र शासित प्रदेश का दिया गया. इस प्रस्ताव के आते ही राज्यसभा में भारी हंगामा शुरू हो गया. विरोध में पीडीपी सांसदों ने अपने कपड़े फाड़ दिए. कांग्रेस ने भी जमकर विरोध किया. हालांकि राज्यसभा में इसके पक्ष में 125 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 61. सरकार के समर्थन में बीएसपी ने भी वोट किया.
सोमवार को घाटी में खुल जाएंगे स्कूल पंचायतों को मजबूत करने का प्लान 31 अक्टूबर को बन जाएंगे दो राज्य
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दाऊद इब्राहीम डर गया है। दुबई से मिल रही जानकारी के अनुसार दाऊद इब्राहीम बुधवार को अपने बेटे मोईन के रिसेप्शन में नहीं जा रहा है। ओसामा के मारे जाने के बाद भारत और अमेरिका की तरफ से दाऊद को पकड़े जाने को लेकर दबाव बढ़ गया है। अमेरिका ने दाऊद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर रखा है। गार्जियन अख़बार ने भी दाऊद को मेक्सिको के ड्रग माफिया जोकिन गुज़मान के बाद दूसरा ख़तरनाक आतंकवादी घोषित किया है। 1993 के मुंबई धमाकों का मास्टर माइंड दाऊद इब्राहीम पर आरोप है कि वो स्मगलिंग के लिए अल कायदा के रूट का इस्तेमाल करता है। दूसरी ओर मंगलवार को भी भारत के गृहसचिव ने कहा कि अगर पाकिस्तान के आतंरिक सुरक्षामंत्री यह कहते हैं कि दाऊद पाकिस्तान में नहीं है तो पाकिस्तान बता दे कि वह कहां है। इसी फरवरी में जब पाकिस्तान और भारत के गृह सचिवों की बैठक हुई थी तब भारत ने 42 आतंकवादियों की लिस्ट दी थी। इसमें दाऊद भी एक था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दाऊद इब्राहीम डर गया है। दुबई से मिल रही जानकारी के अनुसार दाऊद इब्राहीम बुधवार को अपने बेटे मोईन के रिसेप्शन में नहीं जा रहा है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की क्वीन आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) का एक डांस वीडियो सोशल मीडिया पर गदर काटे हुए है. इस डांस वीडियो में दोनों ही एक्ट्रेस ने जबरदस्त डांस का जलवा बिखेरा है. आम्रपाली दुबे और  अक्षरा सिंह को वैसे भी उनकी बेहतरीन डांसिंग और सिंगिंग के लिए जाना जाता है. और इस डांस वीडियो में इन दोनों ही चीजों का तड़का डाला गया है.  आम्रपाली दुबे ने इस डांस वीडियो में कुल मिलाकर अक्षरा सिंह  के साथ धमाल मचा दिया है. आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) के इस डांस वीडियो को यूपी-बिहार के लोग खूब पसंद कर रहे हैं. इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अभी तक लाखों व्यूज मिल चुके हैं. आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) को वैसे भी यूट्यूब (YouTube) क्वीन कहा जाता है. यह दोनों एक्ट्रेस जितनी अपनी डांसिंग के लिए मशहूर हैं उतनी ही लोग इनको इनकी गायकी के लिए भी पहचानते हैं. आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) के इस गाने का टाइटल 'सहेली के होली' है. इस गाने को आम्रपाली दुबे और अक्षरा सिंह दोनों ने ही गाया है. यह गाना होली के मौके पर रिलीज हुआ था. लेकिन इस गाने को लोग अभी भी बहुत प्यार दे रहे हैं. इस वीडियो के अंत में देखा जा सकता है कि पवन सिंह (Pawan Singh) और दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ (Nirahua) भी आम्रपाली दुबे और अक्षरा सिंह को ज्वाइन करते हैं. इस डांस वीडियो ने यूट्यूब पर गरदा उड़ा दिया है.
संक्षिप्त सारांश: आम्रपाली दुबे का नया धमाल अक्षरा सिंह संग मिलकर किया धमाकेदार डांस भोजपुरी वीडियो हुआ वायरल
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने आगामी क्रिकेट विश्व कप के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय भारतीय टीम में लेग स्पिनर पीयूष चावला के चयन का समर्थन किया, लेकिन कहा कि वह रोहित शर्मा को बाहर किए जाने से हैरान हैं। अकरम ने कहा, क्रिकेट की दृष्टि से चावला के चुने जाने का मुख्य कारण यह है कि वह एक लेग स्पिनर है और उपमहाद्वीपिय परिस्थितियों में उसकी गेंदबाजी की विभिन्नता काफी काम आएगी, जिसमें गुगली शामिल है, जो टर्निंग पिच पर मददगार साबित होगी। 2008 में अपना अंतिम वनडे मैच खेलने वाले चावला को प्रज्ञान ओझा को नजरअंदाज करते हुए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया, जबकि ओझा भारतीय टीम में लगातार खेलते रहे हैं। इस 22 वर्षीय को शायद हाल में समाप्त हुई रणजी ट्रॉफी में गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन के कारण टीम में जगह दी गई है और अकरम को लगता है कि उन्हें टीम में शामिल करना उचित है। उन्होंने कहा, ओझा टेस्ट क्रिकेट में अच्छी फॉर्म में है। हालांकि स्पिनर होते हुए चावला की गेंदबाजी में काफी विभिन्नता है, जो बल्ले से भी मदद कर सकता है और वह फुर्तीला क्षेत्ररक्षक भी है। रोहित शर्मा ने 58 एक दिवसीय मैचों में 28.34 के औसत से रन बनाए हैं और अपने करियर में पांच अर्धशतक और दो शतक जमाए हैं। हालांकि वह अपनी प्रतिभा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। अकरम को लगता है कि उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का खामियाजा भुगतना पड़ा है। इस 44 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा, मेरे लिए सबसे हैरानी भरा फैसला रोहित को नहीं चुना जाना था। वह काफी प्रतिभाशाली बल्लेबाज है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से शीर्ष स्तर के क्रिकेट में रन नहीं बनाओगे, तो आपको इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अकरम ने विश्वकप के लिए चुनी गई भारतीय टीम में चावला के चयन का समर्थन किया, लेकिन कहा कि वह रोहित शर्मा को बाहर किए जाने से हैरान हैं।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए दूरसंचार नियामक के ऊंचे रिजर्व मूल्य रखने के सुझाव के एक दिन बाद मंगलवार को प्रमुख दूरसंचार कम्पनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कम्पनी भारती एयरटेल के शेयर 2.02 फीसदी गिरावट के साथ 306.35 रुपये पर बंद हुए। आइडिया सेल्युलर के शेयर 3.72 फीसदी गिरावट के साथ 80.15 रुपये पर बंद हुए। रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर 1.35 फीसदी गिरावट के साथ 80.40 रुपये पर बंद हुए।टिप्पणियां भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में एक मेगाहर्ट्ज के अखिल भारतीय 2जी स्पेक्ट्रम के लिए रिजर्व मूल्य 3,622 करोड़ रुपये रखने का सुझाव दिया, जो 2008 में 380 करोड़ रुपये था। दूरसंचार सेवा प्रदाता और विश्लेषकों के मुताबिक यदि ये सिफारिशें मान ली जाती हैं, तो कम्पनियों की लागत बढ़ जाएगी और उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल सेवा का उपयोग करना महंगा हो जाएगा। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कम्पनी भारती एयरटेल के शेयर 2.02 फीसदी गिरावट के साथ 306.35 रुपये पर बंद हुए। आइडिया सेल्युलर के शेयर 3.72 फीसदी गिरावट के साथ 80.15 रुपये पर बंद हुए। रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर 1.35 फीसदी गिरावट के साथ 80.40 रुपये पर बंद हुए।टिप्पणियां भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में एक मेगाहर्ट्ज के अखिल भारतीय 2जी स्पेक्ट्रम के लिए रिजर्व मूल्य 3,622 करोड़ रुपये रखने का सुझाव दिया, जो 2008 में 380 करोड़ रुपये था। दूरसंचार सेवा प्रदाता और विश्लेषकों के मुताबिक यदि ये सिफारिशें मान ली जाती हैं, तो कम्पनियों की लागत बढ़ जाएगी और उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल सेवा का उपयोग करना महंगा हो जाएगा। रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर 1.35 फीसदी गिरावट के साथ 80.40 रुपये पर बंद हुए।टिप्पणियां भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में एक मेगाहर्ट्ज के अखिल भारतीय 2जी स्पेक्ट्रम के लिए रिजर्व मूल्य 3,622 करोड़ रुपये रखने का सुझाव दिया, जो 2008 में 380 करोड़ रुपये था। दूरसंचार सेवा प्रदाता और विश्लेषकों के मुताबिक यदि ये सिफारिशें मान ली जाती हैं, तो कम्पनियों की लागत बढ़ जाएगी और उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल सेवा का उपयोग करना महंगा हो जाएगा। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में एक मेगाहर्ट्ज के अखिल भारतीय 2जी स्पेक्ट्रम के लिए रिजर्व मूल्य 3,622 करोड़ रुपये रखने का सुझाव दिया, जो 2008 में 380 करोड़ रुपये था। दूरसंचार सेवा प्रदाता और विश्लेषकों के मुताबिक यदि ये सिफारिशें मान ली जाती हैं, तो कम्पनियों की लागत बढ़ जाएगी और उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल सेवा का उपयोग करना महंगा हो जाएगा। दूरसंचार सेवा प्रदाता और विश्लेषकों के मुताबिक यदि ये सिफारिशें मान ली जाती हैं, तो कम्पनियों की लागत बढ़ जाएगी और उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल सेवा का उपयोग करना महंगा हो जाएगा।
सारांश: 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए दूरसंचार नियामक के ऊंचे रिजर्व मूल्य रखने के सुझाव के एक दिन बाद मंगलवार को प्रमुख दूरसंचार कम्पनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यहीं नहीं शरद पवार ने अपनी पार्टी के तीन बड़े नेताओं को अजित पवार से मिलने भेजा. इनमें छगन भुजबल और जयंत पाटिल शामिल थे. ये तो हुई राजनीति की बातें, इस पूरे संकट में पूरा शरद पवार परिवार भी जुटा हुआ था कि कैसे यह संकट जल्द से जल्द हल कर लिया जाए. सुप्रिया सुले जिन्होंने व्हाट्सऐप पर स्टेटस में पहले लिखा था कि 'पार्टी तो टूटा ही परिवार भी टूट गया.' अब शांत हो गई थीं उन्होंने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुप्पी साध ली थी. दूसरी तरफ सुप्रिया सुले की मां ने भी अजित पवार से बात की और उन्हें समझाने की कोशिश की साथ में अजित पवार के बेटे पार्थ को भी इस काम में लगाया गया. पार्थ पवार के राजनैतिक भविष्य को लेकर भी अजित पवार चिंतित बताए जाते हैं, क्योंकि पार्थ लोकसभा का चुनाव इस बार लड़े थे और हार गए. वहीं पवार परिवार का एक और लड़का रोहित पवार इस बार विधानसभा चुनाव जीत गए हैं और कहा जा रहा है कि शरद पवार ने रोहित पवार को तीसरी पीढी की कमान सौंपने की तैयारी कर रहे हैं.  खैर जो भी हो इसे पूरे संकट में एक और पवार का नाम आता है, जिन्हें कोई नहीं जानता है वो हैं शरद पवार के एक और भतीजे जो अजित पवार से उम्र में बड़े हैं, उनका नाम है श्रीनिवास. अजित पवार शपथ लेने के बाद कई घंटों तक श्रीनिवास के घर पर ही थे और इतनी देर में श्रीनिवास अजित पवार को यह समझाने में कामयाब रहे कि उनसे गलती हो गई है और जहां तक उपमुख्यमंत्री का पद है वो उन्हें यहां भी मिल सकता है. वैसे एक बात और है कि अजित पवार एनसीपी की एक बैठक में बीजेपी के साथ सरकार बनाने की वकालत कर चुके थे, जिसे शरद पवार ने नकार दिया था. अब तक अजित पवार परिवार के दबाब में घिरते जा रहे थे. सुप्रिया सुले का बयान आ गया कि 'भाई वापस आ जाओ. पवार अपना संदेशा लगातार भिजवा ही रहे थे साथ में पार्टी की तरफ से कोई कार्रवाई भी नहीं की जा रही थी. अजित पवार के बारे में कहा जाता है कि वो काफी इमोशनल इंसान हैं और तैश में आकर कुछ भी कर जाते हैं. करते वक्त वह सोचते नहीं और बाद में उनको इसका अहसास होता है. जैसा कि वह पहले भी कह चुके हैं कि मैं राजनीति से संन्यास लेना चाहता हूं, उनकी इसी कमजोरी का फायदा पवार परिवार ने उठाया और महिलाओं ने बागडोर संभाली और अजित पवार टूट गए और चुपचार वापिस शरद पवार के पास आ गए. ये शरद पवार का ही कमाल था कि ऐसी चाल चली कि हाथ में सत्ता का रिमोट, बेटी को विरासत, भतीजे की घर वापसी और खुद कहलाए 'चाणक्य'.
संक्षिप्त सारांश: अजित पवार की घर वापसी के पीछे है दिलचस्प कहानी घर की महिलाओं ने अजित की वापसी में निभाई अहम भूमिका नई सरकार में भी डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं अजित पवार
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर में अचानक से रोकी गई अमरनाथ यात्रा, सैलानियों को वापस आने की एडवाइजरी और घाटी में 25 हजार सैनिकों की अतिरिक्त तैनातगी के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की है. इसके साथ ही अफवाह यह भी है कि केंद्र सरकार राज्य में अनुच्छेद 35A हटाने का विचार कर रही है. राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बाहर आकर उमर अब्दुल्ला ने कहा, हमें पता नहीं पता कि क्या हो रहा है. इसलिए एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें में भी शामिल हूं, राज्यपाल से मिलकर पूछा कि यह सब कुछ क्यों हो रहा है. हमने अनुच्छेद 35A और अनुच्छेद 370 को हटाने की खबरों के बारे में भी पूछा है, जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया है कि ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है.' लेकिन इसके उमर अब्दुल्ला ने यह भी जोड़ा कि राज्यपाल के शब्द आखिरी नहीं होते हैं. हम जम्मू-कश्मीर पर सरकार की ओर से संसद में बयान चाहते हैं. आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से जारी निर्देश जारी किए गए हैं कि अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु और सैलानी तुरंत अपनी जगह छोड़कर राज्य से बाहर चले जाएं. इस निर्देश के एक दिन बाद उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल से मुलाकात की है. ऐसे निर्देश के बाद राज्य में भय का माहौल है और श्रद्धालु-पर्यटकों की श्रीनगर में एयरपोर्ट पर भी लग गई है. इसके साथ ही एटीएम, दवा की दुकानों पर भीड़ लग गई है साथ ही लोगों खाने का सामान, पानी और जरूरी सामान भी इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. पेट्रोल पंपों पर भी भारी भीड़ देखी जा सकती है.  गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में उस समय तनाव बढ़ा गया था जब पिछले हफ्ते ही 25 हजार सैनिक कश्मीर घाटी भेजे गए थे. उससे पिछले हफ्ते भी 10 हजार सैनिक भेजे गए थे. सैनिकों की अतिरिक्त तैनातगी पर केंद्र सरकार का कहना है कि यह सुरक्षा को लेकर किया गया फैसला है. गौरतलब है कि इससे पहले उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में एनसीपी का एक प्रतिनिधिमंडल इस सिलसिले में पीएम मोदी से भी मुलाकात कर चुका है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू-कश्मीर से पर्यटकों को वापस आने के निर्देश एयरपोर्ट पर टिकट के लिए भीड़ राज्यपाल से मिले उमर अब्दुल्ला
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Tecno Camon i4 को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। टेक्नो कैमन आई4 तीन रियर कैमरे, एंड्रॉयड 9 पाई, फेस अनलॉक, 6.2 इंच के एचडी+ डिस्प्ले, वाटरड्रॉप डिस्प्ले नॉच, 3,500 एमएएच बैटरी और मीडियाटेक हीलियो पी22 प्रोसेसर के साथ आएगा। मार्केट में Tecno Camon i4 की सीधी भिड़ंत Redmi Note 7 से होगी। आइए आपको Tecno Camon i4 की कीमत, स्पेसिफिकेशन और रिलीज तारीख के बारे में विस्तार से बताते हैं। टेक्नो कैमन आई4 की कीमत 9,599 रुपये से शुरू होती है। यह दाम 2 जीबी रैम/ 32 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज वाले वेरिएंट का है। 3 जीबी रैम/ 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 10,599 रुपये और 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 11,999 रुपये में बेचा जाएगा। इसे एक्वा ब्लू, शैंपेन गोल्ड, मिडनाइट ब्लैक और नेब्यूला ब्लैक रंग में उपलब्ध कराया गया है। Tecno ब्रांड के अन्य स्मार्टफोन की तरह Tecno Camon i4 भी कंपनी के '111' प्रोग्राम का हिस्सा होगा। यह 6 महीने तक एक बार स्क्रीन रिप्लेसमेंट वारंटी, 100 दिनों के मुफ्त रिप्लेसमेंट गारंटी और 1 महीने की एक्सटेंडेड वारंटी के साथ आएगा। स्मार्टफोन देशभर के रिटेल स्टोर में उपलब्ध है। डुअल सिम टेक्नो कैमन आई4 एंड्रॉयड 9.0 पाई पर आधारित हाईओएस पर चलता है। इसमें 6.2 इंच का एचडी+ (720x1520 पिक्सल) डिस्प्ले है। आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। स्क्रीन टू बॉडी रेशियो 88.6 प्रतिशत है। डिस्प्ले में वाटरड्रॉप नॉच है। बता दें कि इस फोन का 2 जीबी और 3 जीबी रैम वेरिएंट क्वाड-कोर मीडियाटेक हीलियो ए22 प्रोसेसर और 4 जीबी रैम वेरिएंट ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी22 प्रोसेसर के साथ आता है। Tecno Camon i4 के तीनों ही वेरिएंट ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। पिछले हिस्से पर 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर (एफ/ 1.8 अपर्चर), 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस (120 डिग्री) और 2 मेगापिक्सल डेप्थ सेंसिंग सेंसर्स हैं। रियर सेटअप के साथ क्वाड फ्लैश मॉड्यूल है। कंपनी ने जानकारी दी है कि बोकेह, एचडीआर, ब्यूटीफिकेशन, एआर स्टीकर्स और सीन डिटेक्शन जैसे फीचर भी मौज़ूद हैं। Tecno Camon i4 में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 16 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। टेक्नो कैमन आई4 के दो स्टोरेज वेरिएंट हैं- 32 जीबी और 64 जीबी। सभी वेरिएंट में 256 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड के लिए सपोर्ट मौज़ूद है। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11 बी/जी/एन, ब्लूटूथ 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, माइक्रो-यूएसबी, एफएम रेडियो और 3.5 एमएम हेडफोन जैक शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। फिंगरप्रिंट सेंसर पिछले हिस्से पर है। स्मार्टफोन में एआई पर आधारित फेस अनलॉक फीचर भी है। Tecno Camon i4 की बैटरी 3,500 एमएएच की है। और यह फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। डाइमेंशन 156.9x75.8x7.96 मिलीमीटर है।
सारांश: रैम और स्टोरेज पर आधारित Tecno Camon i4 के तीन वेरिएंट हैं टेक्नो कैमन आई4 एंड्रॉयड 9.0 पाई पर आधारित हाईओएस पर चलता है Tecno Camon i4 की भिड़ंत Redmi Note 7 से
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['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान रेंजर्स ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए बीएसएफ चौकियों और आम नागरिक इलाकों को निशाना बनाया. सीमा पार से छोटे हथियारों से गोलीबारी की और मोर्टार दागे गए जिसका बीएसएफ ने माकूल जवाब दिया. बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) धर्मेंद्र पारिक ने कहा जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर में रविवार शाम बिना उकसावे के गोलीबारी की गई. इससे पहले गोलाबारी सुबह में रुक गई थी. उन्होंने कहा कि रात आठ बजे पाकिस्तान रेंजर्स ने आरएस पुरा सेक्टर में दो स्थानों पर गोलीबारी करना शुरू कर दी. उन्होंने सुचेतगढ़ इलाके में मोर्टार भी दागे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी गोलीबारी का बीएसएफ ने मुंहतोड़ जवाब दे रही है. जम्मू, सांबा, और कठुआ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रातभर की गोलाबारी के बाद सुबह आठ बजे से शांति थी. पाकिस्तान रेंजर्स ने शनिवार रात जम्मू क्षेत्र के सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में संघषर्विराम का उल्लंघन किया. पारिक ने कहा, 'पाकिस्तान की ओर से आर एस पुरा सेक्टर में रात के नौ बजकर 15 मिनट से गोलीबारी शुरू हुई, जो तड़के तीन बजे तक रुक-रुककर होती रही.' पारिक ने बताया कि रेंजर्स ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की और मोर्टार बम दागे, हालांकि ये गोलीबारी बहुत प्रभावी नहीं थी. उन्होंने साथ ही बताया कि बीएसएफ ने गोलीबारी का माकूल जवाब दिया. उन्होंने कहा कि देर रात दो बजे पाकिस्तान ने हीरानगर और संबा सेक्टर में अंतराल पर गोलीबारी शुरू की जो सुबह छह बजे तक चली. उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने जहां भी जरूरत थी वहां माकूल जवाब दिया.टिप्पणियां अधिकारी ने बताया कि सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के सभी हिस्सों में गोलीबारी रुक गई. कोई हताहत नहीं हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) धर्मेंद्र पारिक ने कहा जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर में रविवार शाम बिना उकसावे के गोलीबारी की गई. इससे पहले गोलाबारी सुबह में रुक गई थी. उन्होंने कहा कि रात आठ बजे पाकिस्तान रेंजर्स ने आरएस पुरा सेक्टर में दो स्थानों पर गोलीबारी करना शुरू कर दी. उन्होंने सुचेतगढ़ इलाके में मोर्टार भी दागे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी गोलीबारी का बीएसएफ ने मुंहतोड़ जवाब दे रही है. जम्मू, सांबा, और कठुआ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रातभर की गोलाबारी के बाद सुबह आठ बजे से शांति थी. पाकिस्तान रेंजर्स ने शनिवार रात जम्मू क्षेत्र के सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में संघषर्विराम का उल्लंघन किया. पारिक ने कहा, 'पाकिस्तान की ओर से आर एस पुरा सेक्टर में रात के नौ बजकर 15 मिनट से गोलीबारी शुरू हुई, जो तड़के तीन बजे तक रुक-रुककर होती रही.' पारिक ने बताया कि रेंजर्स ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की और मोर्टार बम दागे, हालांकि ये गोलीबारी बहुत प्रभावी नहीं थी. उन्होंने साथ ही बताया कि बीएसएफ ने गोलीबारी का माकूल जवाब दिया. उन्होंने कहा कि देर रात दो बजे पाकिस्तान ने हीरानगर और संबा सेक्टर में अंतराल पर गोलीबारी शुरू की जो सुबह छह बजे तक चली. उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने जहां भी जरूरत थी वहां माकूल जवाब दिया.टिप्पणियां अधिकारी ने बताया कि सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के सभी हिस्सों में गोलीबारी रुक गई. कोई हताहत नहीं हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जम्मू, सांबा, और कठुआ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रातभर की गोलाबारी के बाद सुबह आठ बजे से शांति थी. पाकिस्तान रेंजर्स ने शनिवार रात जम्मू क्षेत्र के सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में संघषर्विराम का उल्लंघन किया. पारिक ने कहा, 'पाकिस्तान की ओर से आर एस पुरा सेक्टर में रात के नौ बजकर 15 मिनट से गोलीबारी शुरू हुई, जो तड़के तीन बजे तक रुक-रुककर होती रही.' पारिक ने बताया कि रेंजर्स ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की और मोर्टार बम दागे, हालांकि ये गोलीबारी बहुत प्रभावी नहीं थी. उन्होंने साथ ही बताया कि बीएसएफ ने गोलीबारी का माकूल जवाब दिया. उन्होंने कहा कि देर रात दो बजे पाकिस्तान ने हीरानगर और संबा सेक्टर में अंतराल पर गोलीबारी शुरू की जो सुबह छह बजे तक चली. उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने जहां भी जरूरत थी वहां माकूल जवाब दिया.टिप्पणियां अधिकारी ने बताया कि सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के सभी हिस्सों में गोलीबारी रुक गई. कोई हताहत नहीं हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पारिक ने कहा, 'पाकिस्तान की ओर से आर एस पुरा सेक्टर में रात के नौ बजकर 15 मिनट से गोलीबारी शुरू हुई, जो तड़के तीन बजे तक रुक-रुककर होती रही.' पारिक ने बताया कि रेंजर्स ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की और मोर्टार बम दागे, हालांकि ये गोलीबारी बहुत प्रभावी नहीं थी. उन्होंने साथ ही बताया कि बीएसएफ ने गोलीबारी का माकूल जवाब दिया. उन्होंने कहा कि देर रात दो बजे पाकिस्तान ने हीरानगर और संबा सेक्टर में अंतराल पर गोलीबारी शुरू की जो सुबह छह बजे तक चली. उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने जहां भी जरूरत थी वहां माकूल जवाब दिया.टिप्पणियां अधिकारी ने बताया कि सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के सभी हिस्सों में गोलीबारी रुक गई. कोई हताहत नहीं हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारी ने बताया कि सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के सभी हिस्सों में गोलीबारी रुक गई. कोई हताहत नहीं हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: पाकिस्तान रेंजर्स ने सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में संघर्षविराम तोड़ा पाक ने BSF चौकियों और आम नागरिक इलाकों को निशाना बनाया सीमा पार से गोलीबारी का BSF ने भी माकूल जवाब दिया
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केरल के समुद्रतट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में इटली के दो नाविकों के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही निरस्त कराने के लिए इटली सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। इटली की सरकार और उसके दो नाविकों ने इस याचिका में केरल उच्च न्यायालय के 29 मई के निर्णय को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने इस निर्णय में कहा था कि इटली के जहाज के इन दोनों नाविकों पर भारत की अदालत में ही मुकदमा चलेगा। इटली की सरकार और इतालवी जहाज के इन नाविकों ने कोल्लम की अदालत में लंबित मामले की कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि केरल पुलिस को इस प्रकरण की जांच का अधिकार ही नहीं है। यही नहीं, याचिका में कहा गया है कि भारत की जल सीमा से बाहर हुई घटना के मामले की सुनवाई का अधिकार भारतीय अदालत को नहीं हैं। यह मामला इटली के नौसैनिक अधिकारी चीफ सार्जेन्ट मैसीमिलानो लैटोरे और सार्जेन्ट सल्वेटरो गिरोने द्वारा फरवरी महीने में केरल तट से दूर समुद्री सीमा में दो भारतीय मछुआरों की गोली मार कर हत्या करने से संबंधित है। ‘एनरिक लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेना के इन अधिकारियों ने समुद्री लुटेरों के हमले की आशंका को देखते हुए भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चला दी थी।टिप्पणियां इटली के इन नौसैनिकों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो नौसैनिक इस समय जमानत पर छूटे हैं। इटली की सरकार का कहना है कि रोम स्थित सैन्य अदालत को इन अभियुक्त अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार है। इटली की सरकार ने भारत के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाने के साथ ही इन नाविकों का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे जहाज की सुरक्षा के लिए तैनात थे और सैन्य अधिकारी होने के नाते उन्हें काम के लिए स्वायत्ता मिली हुयी थी। इटली की सरकार और उसके दो नाविकों ने इस याचिका में केरल उच्च न्यायालय के 29 मई के निर्णय को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने इस निर्णय में कहा था कि इटली के जहाज के इन दोनों नाविकों पर भारत की अदालत में ही मुकदमा चलेगा। इटली की सरकार और इतालवी जहाज के इन नाविकों ने कोल्लम की अदालत में लंबित मामले की कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि केरल पुलिस को इस प्रकरण की जांच का अधिकार ही नहीं है। यही नहीं, याचिका में कहा गया है कि भारत की जल सीमा से बाहर हुई घटना के मामले की सुनवाई का अधिकार भारतीय अदालत को नहीं हैं। यह मामला इटली के नौसैनिक अधिकारी चीफ सार्जेन्ट मैसीमिलानो लैटोरे और सार्जेन्ट सल्वेटरो गिरोने द्वारा फरवरी महीने में केरल तट से दूर समुद्री सीमा में दो भारतीय मछुआरों की गोली मार कर हत्या करने से संबंधित है। ‘एनरिक लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेना के इन अधिकारियों ने समुद्री लुटेरों के हमले की आशंका को देखते हुए भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चला दी थी।टिप्पणियां इटली के इन नौसैनिकों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो नौसैनिक इस समय जमानत पर छूटे हैं। इटली की सरकार का कहना है कि रोम स्थित सैन्य अदालत को इन अभियुक्त अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार है। इटली की सरकार ने भारत के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाने के साथ ही इन नाविकों का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे जहाज की सुरक्षा के लिए तैनात थे और सैन्य अधिकारी होने के नाते उन्हें काम के लिए स्वायत्ता मिली हुयी थी। इटली की सरकार और इतालवी जहाज के इन नाविकों ने कोल्लम की अदालत में लंबित मामले की कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि केरल पुलिस को इस प्रकरण की जांच का अधिकार ही नहीं है। यही नहीं, याचिका में कहा गया है कि भारत की जल सीमा से बाहर हुई घटना के मामले की सुनवाई का अधिकार भारतीय अदालत को नहीं हैं। यह मामला इटली के नौसैनिक अधिकारी चीफ सार्जेन्ट मैसीमिलानो लैटोरे और सार्जेन्ट सल्वेटरो गिरोने द्वारा फरवरी महीने में केरल तट से दूर समुद्री सीमा में दो भारतीय मछुआरों की गोली मार कर हत्या करने से संबंधित है। ‘एनरिक लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेना के इन अधिकारियों ने समुद्री लुटेरों के हमले की आशंका को देखते हुए भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चला दी थी।टिप्पणियां इटली के इन नौसैनिकों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो नौसैनिक इस समय जमानत पर छूटे हैं। इटली की सरकार का कहना है कि रोम स्थित सैन्य अदालत को इन अभियुक्त अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार है। इटली की सरकार ने भारत के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाने के साथ ही इन नाविकों का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे जहाज की सुरक्षा के लिए तैनात थे और सैन्य अधिकारी होने के नाते उन्हें काम के लिए स्वायत्ता मिली हुयी थी। यही नहीं, याचिका में कहा गया है कि भारत की जल सीमा से बाहर हुई घटना के मामले की सुनवाई का अधिकार भारतीय अदालत को नहीं हैं। यह मामला इटली के नौसैनिक अधिकारी चीफ सार्जेन्ट मैसीमिलानो लैटोरे और सार्जेन्ट सल्वेटरो गिरोने द्वारा फरवरी महीने में केरल तट से दूर समुद्री सीमा में दो भारतीय मछुआरों की गोली मार कर हत्या करने से संबंधित है। ‘एनरिक लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेना के इन अधिकारियों ने समुद्री लुटेरों के हमले की आशंका को देखते हुए भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चला दी थी।टिप्पणियां इटली के इन नौसैनिकों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो नौसैनिक इस समय जमानत पर छूटे हैं। इटली की सरकार का कहना है कि रोम स्थित सैन्य अदालत को इन अभियुक्त अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार है। इटली की सरकार ने भारत के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाने के साथ ही इन नाविकों का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे जहाज की सुरक्षा के लिए तैनात थे और सैन्य अधिकारी होने के नाते उन्हें काम के लिए स्वायत्ता मिली हुयी थी। यह मामला इटली के नौसैनिक अधिकारी चीफ सार्जेन्ट मैसीमिलानो लैटोरे और सार्जेन्ट सल्वेटरो गिरोने द्वारा फरवरी महीने में केरल तट से दूर समुद्री सीमा में दो भारतीय मछुआरों की गोली मार कर हत्या करने से संबंधित है। ‘एनरिक लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेना के इन अधिकारियों ने समुद्री लुटेरों के हमले की आशंका को देखते हुए भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चला दी थी।टिप्पणियां इटली के इन नौसैनिकों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो नौसैनिक इस समय जमानत पर छूटे हैं। इटली की सरकार का कहना है कि रोम स्थित सैन्य अदालत को इन अभियुक्त अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार है। इटली की सरकार ने भारत के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाने के साथ ही इन नाविकों का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे जहाज की सुरक्षा के लिए तैनात थे और सैन्य अधिकारी होने के नाते उन्हें काम के लिए स्वायत्ता मिली हुयी थी। ‘एनरिक लेक्सी’ जहाज पर सवार नौसेना के इन अधिकारियों ने समुद्री लुटेरों के हमले की आशंका को देखते हुए भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चला दी थी।टिप्पणियां इटली के इन नौसैनिकों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो नौसैनिक इस समय जमानत पर छूटे हैं। इटली की सरकार का कहना है कि रोम स्थित सैन्य अदालत को इन अभियुक्त अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार है। इटली की सरकार ने भारत के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाने के साथ ही इन नाविकों का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे जहाज की सुरक्षा के लिए तैनात थे और सैन्य अधिकारी होने के नाते उन्हें काम के लिए स्वायत्ता मिली हुयी थी। इटली के इन नौसैनिकों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो नौसैनिक इस समय जमानत पर छूटे हैं। इटली की सरकार का कहना है कि रोम स्थित सैन्य अदालत को इन अभियुक्त अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार है। इटली की सरकार ने भारत के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाने के साथ ही इन नाविकों का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे जहाज की सुरक्षा के लिए तैनात थे और सैन्य अधिकारी होने के नाते उन्हें काम के लिए स्वायत्ता मिली हुयी थी। इटली की सरकार ने भारत के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाने के साथ ही इन नाविकों का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे जहाज की सुरक्षा के लिए तैनात थे और सैन्य अधिकारी होने के नाते उन्हें काम के लिए स्वायत्ता मिली हुयी थी।
यह एक सारांश है: केरल के समुद्रतट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में इटली के दो नाविकों के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही निरस्त कराने के लिए इटली सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तुर्की में सैनिकों को ले जा रही एक बस को निशाना बनाकर किए गए कार बम विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई और 50 घायल हुए हैं. यह विस्फोट मध्य तुर्की के कायसेरी शहर में शनिवार तड़के एरकियेस यूनिवर्सिटी के पास हुआ. हादसे के वक्त सैनिक अपनी ड्यूटी समाप्त करके बस द्वारा साप्ताहिकी खरीदारी करने के लिए बाज़ार जा रहे थे. बस जब एरकियेस यूनिवर्सिटी के नजदीक पहुंची, तभी विस्फोटों से भरी एक कार बस से जा टकराई. कार के टकराते ही जोरदार धमाका हुआ. धमाका इतना तेज़ था कि बस के परखच्चे उड़ गए. तुर्की के उपप्रधानमंत्री वेयसी कायनाक ने कहा कि यह कार बम विस्फोट था और इसने सैनिकों को ले जा रहे बस को निशाना बनाया.टिप्पणियां तुर्की के जनरल स्टाफ ने एक बयान में कहा कि घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है. इस हमले में कुछ आम नागरिक भी घायल हुए हैं. एक सप्ताह पहले भी इस्तांबुल में फुटबॉल मैच के बाद हुए एक अन्य धमाके में 44 लोगों की मौत हुई थी. यह धमाका कुर्दिश आतंकियों ने किया था. हादसे के वक्त सैनिक अपनी ड्यूटी समाप्त करके बस द्वारा साप्ताहिकी खरीदारी करने के लिए बाज़ार जा रहे थे. बस जब एरकियेस यूनिवर्सिटी के नजदीक पहुंची, तभी विस्फोटों से भरी एक कार बस से जा टकराई. कार के टकराते ही जोरदार धमाका हुआ. धमाका इतना तेज़ था कि बस के परखच्चे उड़ गए. तुर्की के उपप्रधानमंत्री वेयसी कायनाक ने कहा कि यह कार बम विस्फोट था और इसने सैनिकों को ले जा रहे बस को निशाना बनाया.टिप्पणियां तुर्की के जनरल स्टाफ ने एक बयान में कहा कि घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है. इस हमले में कुछ आम नागरिक भी घायल हुए हैं. एक सप्ताह पहले भी इस्तांबुल में फुटबॉल मैच के बाद हुए एक अन्य धमाके में 44 लोगों की मौत हुई थी. यह धमाका कुर्दिश आतंकियों ने किया था. तुर्की के उपप्रधानमंत्री वेयसी कायनाक ने कहा कि यह कार बम विस्फोट था और इसने सैनिकों को ले जा रहे बस को निशाना बनाया.टिप्पणियां तुर्की के जनरल स्टाफ ने एक बयान में कहा कि घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है. इस हमले में कुछ आम नागरिक भी घायल हुए हैं. एक सप्ताह पहले भी इस्तांबुल में फुटबॉल मैच के बाद हुए एक अन्य धमाके में 44 लोगों की मौत हुई थी. यह धमाका कुर्दिश आतंकियों ने किया था. तुर्की के जनरल स्टाफ ने एक बयान में कहा कि घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है. इस हमले में कुछ आम नागरिक भी घायल हुए हैं. एक सप्ताह पहले भी इस्तांबुल में फुटबॉल मैच के बाद हुए एक अन्य धमाके में 44 लोगों की मौत हुई थी. यह धमाका कुर्दिश आतंकियों ने किया था. एक सप्ताह पहले भी इस्तांबुल में फुटबॉल मैच के बाद हुए एक अन्य धमाके में 44 लोगों की मौत हुई थी. यह धमाका कुर्दिश आतंकियों ने किया था.
संक्षिप्त सारांश: ड्यूटी खत्म करने के बाद खरीदारी करने जा रहे थे सैनिक विस्फोटक से भरी कार के बस से टकराने से हुआ हादसा पिछले सप्ताह भी इस्तांबुल में हुए धमाके में 44 लोग मारे गए थे
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली में 23-वर्षीय पैरा मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार एवं उसकी हत्या के आरोपियों का मुकदमा लड़ने से वकीलों के इनकार के बीच दो महिला न्यायाधीशों ने मुकदमे की प्रभावी त्वरित सुनवाई के लिए सुझाव दिए हैं। उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्र ने सुझाव दिया है कि अलग-अलग स्तरों पर बयान दर्ज करने से बचने और सुनवाई की पूरी प्रक्रिया को कम करने के लिए साक्ष्य कानून में संशोधन किया जा सकता है। दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति उषा मेहरा ने कहा कि निचली अदालत के न्यायाधीश को आरोपियों को सुनवाई शुरू होते ही वकीलों की सेवा मुहैया कराना सुनिश्चित करना चाहिए। न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, मेरा मानना है कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध के मामलों को आरोपियों और पीड़ित के बयानों के आधार पर चलाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी प्रकृति के मामले अंतत: पुलिस द्वारा एकत्रित सबूतों पर निर्भर होते हैं। उन्होंने कहा, पुलिस को आरोपियों और पीड़ित पक्ष का बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज करना चाहिए। अभियोजन और बचाव पक्ष के बयान विभिन्न स्तरों पर दर्ज क्यों किए जाने चाहिए? हमें भारतीय साक्ष्य कानून में परिवर्तन करना चाहिए। न्यायाधीश मिश्र ने कहा, यदि आरोपियों और पीड़ित के बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज किए जाते हैं, तो एक वकील के लिए उसे दूसरी बार अदालत में दर्ज करने की क्या आवश्यकता है, जैसा कि अब तक किया जाता रहा है। न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, अदालतों के लिए केवल जो चीज बचेगी, वह जिरह और बहस होगी और त्वरित अदालतों में सुनवाई ऐसे ही तेज हो सकेगी। दूसरी बार बयान के अदालत में दर्ज होने से छल-कपट होने की संभावना होती है, गवाह मुकर जाते हैं और कई मामलों में तो मुख्य गवाह की हत्या हो जाती है। सामूहिक बलात्कार मामले की जांच के लिए गठित एक-सदस्यीय जांच आयोग की प्रमुख न्यायमूर्ति मेहरा ने हालांकि पहले भी कहा है कि कई मामलों में वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ने से इनकार कर देते हैं और उन्हें आरोपियों का मुकदमा लड़ने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि निचली अदालत के न्यायाधीश के पास यह अधिकार है कि वह आरोपियों का बचाव करने के लिए विधिक सहायता से वकील मुहैया करा सकते हैं या न्याय मित्र नियुक्त कर सकते हैं। न्यायमूर्ति मेहरा ने कहा, यदि वकील आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का फैसला करते हैं, तो हम उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, यह वह समय है, जब मामले की सुनवाई करने वाले सत्र न्यायाधीश अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आरोपियों के लिए न्याय मित्र नियुक्त करें या दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) से आरोपियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए कहें।टिप्पणियां दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष आरएस गोस्वामी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़ित की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि हालांकि काउंसिल वकीलों से इस मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के लिए कहते हुए कोई नियम नहीं बना सकता, लेकिन वह उनसे ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों की तरफ से पेश नहीं होने का अनुरोध कर सकता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है। उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्र ने सुझाव दिया है कि अलग-अलग स्तरों पर बयान दर्ज करने से बचने और सुनवाई की पूरी प्रक्रिया को कम करने के लिए साक्ष्य कानून में संशोधन किया जा सकता है। दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति उषा मेहरा ने कहा कि निचली अदालत के न्यायाधीश को आरोपियों को सुनवाई शुरू होते ही वकीलों की सेवा मुहैया कराना सुनिश्चित करना चाहिए। न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, मेरा मानना है कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध के मामलों को आरोपियों और पीड़ित के बयानों के आधार पर चलाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी प्रकृति के मामले अंतत: पुलिस द्वारा एकत्रित सबूतों पर निर्भर होते हैं। उन्होंने कहा, पुलिस को आरोपियों और पीड़ित पक्ष का बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज करना चाहिए। अभियोजन और बचाव पक्ष के बयान विभिन्न स्तरों पर दर्ज क्यों किए जाने चाहिए? हमें भारतीय साक्ष्य कानून में परिवर्तन करना चाहिए। न्यायाधीश मिश्र ने कहा, यदि आरोपियों और पीड़ित के बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज किए जाते हैं, तो एक वकील के लिए उसे दूसरी बार अदालत में दर्ज करने की क्या आवश्यकता है, जैसा कि अब तक किया जाता रहा है। न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, अदालतों के लिए केवल जो चीज बचेगी, वह जिरह और बहस होगी और त्वरित अदालतों में सुनवाई ऐसे ही तेज हो सकेगी। दूसरी बार बयान के अदालत में दर्ज होने से छल-कपट होने की संभावना होती है, गवाह मुकर जाते हैं और कई मामलों में तो मुख्य गवाह की हत्या हो जाती है। सामूहिक बलात्कार मामले की जांच के लिए गठित एक-सदस्यीय जांच आयोग की प्रमुख न्यायमूर्ति मेहरा ने हालांकि पहले भी कहा है कि कई मामलों में वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ने से इनकार कर देते हैं और उन्हें आरोपियों का मुकदमा लड़ने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि निचली अदालत के न्यायाधीश के पास यह अधिकार है कि वह आरोपियों का बचाव करने के लिए विधिक सहायता से वकील मुहैया करा सकते हैं या न्याय मित्र नियुक्त कर सकते हैं। न्यायमूर्ति मेहरा ने कहा, यदि वकील आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का फैसला करते हैं, तो हम उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, यह वह समय है, जब मामले की सुनवाई करने वाले सत्र न्यायाधीश अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आरोपियों के लिए न्याय मित्र नियुक्त करें या दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) से आरोपियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए कहें।टिप्पणियां दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष आरएस गोस्वामी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़ित की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि हालांकि काउंसिल वकीलों से इस मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के लिए कहते हुए कोई नियम नहीं बना सकता, लेकिन वह उनसे ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों की तरफ से पेश नहीं होने का अनुरोध कर सकता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है। दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति उषा मेहरा ने कहा कि निचली अदालत के न्यायाधीश को आरोपियों को सुनवाई शुरू होते ही वकीलों की सेवा मुहैया कराना सुनिश्चित करना चाहिए। न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, मेरा मानना है कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध के मामलों को आरोपियों और पीड़ित के बयानों के आधार पर चलाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी प्रकृति के मामले अंतत: पुलिस द्वारा एकत्रित सबूतों पर निर्भर होते हैं। उन्होंने कहा, पुलिस को आरोपियों और पीड़ित पक्ष का बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज करना चाहिए। अभियोजन और बचाव पक्ष के बयान विभिन्न स्तरों पर दर्ज क्यों किए जाने चाहिए? हमें भारतीय साक्ष्य कानून में परिवर्तन करना चाहिए। न्यायाधीश मिश्र ने कहा, यदि आरोपियों और पीड़ित के बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज किए जाते हैं, तो एक वकील के लिए उसे दूसरी बार अदालत में दर्ज करने की क्या आवश्यकता है, जैसा कि अब तक किया जाता रहा है। न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, अदालतों के लिए केवल जो चीज बचेगी, वह जिरह और बहस होगी और त्वरित अदालतों में सुनवाई ऐसे ही तेज हो सकेगी। दूसरी बार बयान के अदालत में दर्ज होने से छल-कपट होने की संभावना होती है, गवाह मुकर जाते हैं और कई मामलों में तो मुख्य गवाह की हत्या हो जाती है। सामूहिक बलात्कार मामले की जांच के लिए गठित एक-सदस्यीय जांच आयोग की प्रमुख न्यायमूर्ति मेहरा ने हालांकि पहले भी कहा है कि कई मामलों में वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ने से इनकार कर देते हैं और उन्हें आरोपियों का मुकदमा लड़ने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि निचली अदालत के न्यायाधीश के पास यह अधिकार है कि वह आरोपियों का बचाव करने के लिए विधिक सहायता से वकील मुहैया करा सकते हैं या न्याय मित्र नियुक्त कर सकते हैं। न्यायमूर्ति मेहरा ने कहा, यदि वकील आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का फैसला करते हैं, तो हम उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, यह वह समय है, जब मामले की सुनवाई करने वाले सत्र न्यायाधीश अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आरोपियों के लिए न्याय मित्र नियुक्त करें या दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) से आरोपियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए कहें।टिप्पणियां दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष आरएस गोस्वामी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़ित की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि हालांकि काउंसिल वकीलों से इस मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के लिए कहते हुए कोई नियम नहीं बना सकता, लेकिन वह उनसे ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों की तरफ से पेश नहीं होने का अनुरोध कर सकता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है। उन्होंने कहा, पुलिस को आरोपियों और पीड़ित पक्ष का बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज करना चाहिए। अभियोजन और बचाव पक्ष के बयान विभिन्न स्तरों पर दर्ज क्यों किए जाने चाहिए? हमें भारतीय साक्ष्य कानून में परिवर्तन करना चाहिए। न्यायाधीश मिश्र ने कहा, यदि आरोपियों और पीड़ित के बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज किए जाते हैं, तो एक वकील के लिए उसे दूसरी बार अदालत में दर्ज करने की क्या आवश्यकता है, जैसा कि अब तक किया जाता रहा है। न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, अदालतों के लिए केवल जो चीज बचेगी, वह जिरह और बहस होगी और त्वरित अदालतों में सुनवाई ऐसे ही तेज हो सकेगी। दूसरी बार बयान के अदालत में दर्ज होने से छल-कपट होने की संभावना होती है, गवाह मुकर जाते हैं और कई मामलों में तो मुख्य गवाह की हत्या हो जाती है। सामूहिक बलात्कार मामले की जांच के लिए गठित एक-सदस्यीय जांच आयोग की प्रमुख न्यायमूर्ति मेहरा ने हालांकि पहले भी कहा है कि कई मामलों में वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ने से इनकार कर देते हैं और उन्हें आरोपियों का मुकदमा लड़ने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि निचली अदालत के न्यायाधीश के पास यह अधिकार है कि वह आरोपियों का बचाव करने के लिए विधिक सहायता से वकील मुहैया करा सकते हैं या न्याय मित्र नियुक्त कर सकते हैं। न्यायमूर्ति मेहरा ने कहा, यदि वकील आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का फैसला करते हैं, तो हम उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, यह वह समय है, जब मामले की सुनवाई करने वाले सत्र न्यायाधीश अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आरोपियों के लिए न्याय मित्र नियुक्त करें या दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) से आरोपियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए कहें।टिप्पणियां दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष आरएस गोस्वामी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़ित की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि हालांकि काउंसिल वकीलों से इस मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के लिए कहते हुए कोई नियम नहीं बना सकता, लेकिन वह उनसे ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों की तरफ से पेश नहीं होने का अनुरोध कर सकता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है। न्यायाधीश मिश्र ने कहा, यदि आरोपियों और पीड़ित के बयान एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज किए जाते हैं, तो एक वकील के लिए उसे दूसरी बार अदालत में दर्ज करने की क्या आवश्यकता है, जैसा कि अब तक किया जाता रहा है। न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, अदालतों के लिए केवल जो चीज बचेगी, वह जिरह और बहस होगी और त्वरित अदालतों में सुनवाई ऐसे ही तेज हो सकेगी। दूसरी बार बयान के अदालत में दर्ज होने से छल-कपट होने की संभावना होती है, गवाह मुकर जाते हैं और कई मामलों में तो मुख्य गवाह की हत्या हो जाती है। सामूहिक बलात्कार मामले की जांच के लिए गठित एक-सदस्यीय जांच आयोग की प्रमुख न्यायमूर्ति मेहरा ने हालांकि पहले भी कहा है कि कई मामलों में वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ने से इनकार कर देते हैं और उन्हें आरोपियों का मुकदमा लड़ने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि निचली अदालत के न्यायाधीश के पास यह अधिकार है कि वह आरोपियों का बचाव करने के लिए विधिक सहायता से वकील मुहैया करा सकते हैं या न्याय मित्र नियुक्त कर सकते हैं। न्यायमूर्ति मेहरा ने कहा, यदि वकील आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का फैसला करते हैं, तो हम उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, यह वह समय है, जब मामले की सुनवाई करने वाले सत्र न्यायाधीश अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आरोपियों के लिए न्याय मित्र नियुक्त करें या दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) से आरोपियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए कहें।टिप्पणियां दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष आरएस गोस्वामी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़ित की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि हालांकि काउंसिल वकीलों से इस मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के लिए कहते हुए कोई नियम नहीं बना सकता, लेकिन वह उनसे ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों की तरफ से पेश नहीं होने का अनुरोध कर सकता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है। सामूहिक बलात्कार मामले की जांच के लिए गठित एक-सदस्यीय जांच आयोग की प्रमुख न्यायमूर्ति मेहरा ने हालांकि पहले भी कहा है कि कई मामलों में वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ने से इनकार कर देते हैं और उन्हें आरोपियों का मुकदमा लड़ने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि निचली अदालत के न्यायाधीश के पास यह अधिकार है कि वह आरोपियों का बचाव करने के लिए विधिक सहायता से वकील मुहैया करा सकते हैं या न्याय मित्र नियुक्त कर सकते हैं। न्यायमूर्ति मेहरा ने कहा, यदि वकील आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का फैसला करते हैं, तो हम उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, यह वह समय है, जब मामले की सुनवाई करने वाले सत्र न्यायाधीश अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आरोपियों के लिए न्याय मित्र नियुक्त करें या दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) से आरोपियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए कहें।टिप्पणियां दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष आरएस गोस्वामी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़ित की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि हालांकि काउंसिल वकीलों से इस मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के लिए कहते हुए कोई नियम नहीं बना सकता, लेकिन वह उनसे ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों की तरफ से पेश नहीं होने का अनुरोध कर सकता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है। न्यायमूर्ति मेहरा ने कहा, यदि वकील आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का फैसला करते हैं, तो हम उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, यह वह समय है, जब मामले की सुनवाई करने वाले सत्र न्यायाधीश अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आरोपियों के लिए न्याय मित्र नियुक्त करें या दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) से आरोपियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए कहें।टिप्पणियां दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष आरएस गोस्वामी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़ित की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि हालांकि काउंसिल वकीलों से इस मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के लिए कहते हुए कोई नियम नहीं बना सकता, लेकिन वह उनसे ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों की तरफ से पेश नहीं होने का अनुरोध कर सकता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है। दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष आरएस गोस्वामी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़ित की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि हालांकि काउंसिल वकीलों से इस मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के लिए कहते हुए कोई नियम नहीं बना सकता, लेकिन वह उनसे ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों की तरफ से पेश नहीं होने का अनुरोध कर सकता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है। साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण राठी ने कहा, साकेत बार एसोसिएशन 23-वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने के अपने संकल्प पर कायम है। सामूहिक बलात्कार मामला साकेत अदालत के न्याय क्षेत्र में ही आता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली में 23-वर्षीय पैरा मेडिकल छात्रा से गैंगरेप एवं उसकी हत्या के आरोपियों का मुकदमा लड़ने से वकीलों के इनकार के बीच दो महिला न्यायाधीशों ने मुकदमे की प्रभावी त्वरित सुनवाई के लिए सुझाव दिए हैं।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीनगर से मुजफ्फ़राबाद के लिए निकली बस 'कारवां ए अमन' अपने तय वक्त पर उरी में उसी रास्ते से गुजरी जहां रविवार को सुबह ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला हुआ था. यहां से मुजफ्फराबाद 70 किलोमीटर है, जबकि पाक अधिकृत कश्मीर सिर्फ 20 किमी बाद चकोठी से शुरू हो जाता है. हालांकि काला पहाड़ ब्रिगेड के कमान पोस्ट से गुजरने वाली यह इकलौती बस रही, जिसमें सिर्फ दो यात्री थे. अन्य स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों को आगे जाने से रोक दिया गया.टिप्पणियां उरी में एनएचपीसी के 500 कर्मचारी के दो पावर स्टेशनों में काम करते हैं. मध्यप्रदेश के रहने वाले संजय वर्मा एनएचपीसी में सिविल इंजीनियर हैं. उन्होंने एनडीटीवी को बताया  "हमारा दफ्तर इस गेट के करीब छह किलोमीटर अंदर है, लेकिन आज हम इसके अंदर जाने से रहे." इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गजानन निंबोली का कहना है कि "हमने हमले के बारे में टीवी में देखा था. अब इस रास्ते से गुजरने में थोड़ा डर लगता है." मैकेनिकल इंजीनियर विनोद कुमार ने बताया कि "वैसे तो डर नहीं है क्योंकि यहां के लोग बहुत अच्छे हैं. लेकिन जब इस तरह के हादसे होते हैं तो कुछ डर लगता है."     दरअसल बीते दिनों घाटी में लगातार रहे कर्फ्यू की वजह से केंद्र सरकार के कई कर्मचारी अपने दफ्तरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसके अलावा बीते 15 सालों से मिडिल स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे शौकत हुसैन को भी सुरक्षा कारणों से जाने की इजाजत नहीं मिली. शौकत हुसैन का कहना है कि "मैं पिछले 15 साल से पढ़ा रहा हूं. बंद का असर इस इलाके पर नहीं पड़ा. अब वैसे भी सरकार ने यह लाज़मी बना दिया है कि सब सरकारी कर्मचारी दफ्तर पहुंचें, लेकिन शायद आज मैं न पहुंच सकूं."   इस इलाके में रहने वाले ज्यादातर पहाड़ी और गूजर हैं. आमतौर पर यहां न सिर्फ शांति होती है बल्कि सेना से उनके रिश्ते भी बेहद दोस्ताना रहे हैं. हमने पास के बाजार में भी कुछ लड़कों से बात की जो बेहतर हालात का इंतजार कर रहे हैं. एक युवक ने कहा कि "मैं डिग्री कॉलेज में पढ़ता हूं. हड़ताल का असर इस इलाके में कम जरूर है."  एक अन्य युवक ने कहा कि "सेना हमारी मदद करती है, हम उसकी करते हैं." हालांकि काला पहाड़ ब्रिगेड के कमान पोस्ट से गुजरने वाली यह इकलौती बस रही, जिसमें सिर्फ दो यात्री थे. अन्य स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों को आगे जाने से रोक दिया गया.टिप्पणियां उरी में एनएचपीसी के 500 कर्मचारी के दो पावर स्टेशनों में काम करते हैं. मध्यप्रदेश के रहने वाले संजय वर्मा एनएचपीसी में सिविल इंजीनियर हैं. उन्होंने एनडीटीवी को बताया  "हमारा दफ्तर इस गेट के करीब छह किलोमीटर अंदर है, लेकिन आज हम इसके अंदर जाने से रहे." इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गजानन निंबोली का कहना है कि "हमने हमले के बारे में टीवी में देखा था. अब इस रास्ते से गुजरने में थोड़ा डर लगता है." मैकेनिकल इंजीनियर विनोद कुमार ने बताया कि "वैसे तो डर नहीं है क्योंकि यहां के लोग बहुत अच्छे हैं. लेकिन जब इस तरह के हादसे होते हैं तो कुछ डर लगता है."     दरअसल बीते दिनों घाटी में लगातार रहे कर्फ्यू की वजह से केंद्र सरकार के कई कर्मचारी अपने दफ्तरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसके अलावा बीते 15 सालों से मिडिल स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे शौकत हुसैन को भी सुरक्षा कारणों से जाने की इजाजत नहीं मिली. शौकत हुसैन का कहना है कि "मैं पिछले 15 साल से पढ़ा रहा हूं. बंद का असर इस इलाके पर नहीं पड़ा. अब वैसे भी सरकार ने यह लाज़मी बना दिया है कि सब सरकारी कर्मचारी दफ्तर पहुंचें, लेकिन शायद आज मैं न पहुंच सकूं."   इस इलाके में रहने वाले ज्यादातर पहाड़ी और गूजर हैं. आमतौर पर यहां न सिर्फ शांति होती है बल्कि सेना से उनके रिश्ते भी बेहद दोस्ताना रहे हैं. हमने पास के बाजार में भी कुछ लड़कों से बात की जो बेहतर हालात का इंतजार कर रहे हैं. एक युवक ने कहा कि "मैं डिग्री कॉलेज में पढ़ता हूं. हड़ताल का असर इस इलाके में कम जरूर है."  एक अन्य युवक ने कहा कि "सेना हमारी मदद करती है, हम उसकी करते हैं." उरी में एनएचपीसी के 500 कर्मचारी के दो पावर स्टेशनों में काम करते हैं. मध्यप्रदेश के रहने वाले संजय वर्मा एनएचपीसी में सिविल इंजीनियर हैं. उन्होंने एनडीटीवी को बताया  "हमारा दफ्तर इस गेट के करीब छह किलोमीटर अंदर है, लेकिन आज हम इसके अंदर जाने से रहे." इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गजानन निंबोली का कहना है कि "हमने हमले के बारे में टीवी में देखा था. अब इस रास्ते से गुजरने में थोड़ा डर लगता है." मैकेनिकल इंजीनियर विनोद कुमार ने बताया कि "वैसे तो डर नहीं है क्योंकि यहां के लोग बहुत अच्छे हैं. लेकिन जब इस तरह के हादसे होते हैं तो कुछ डर लगता है."     दरअसल बीते दिनों घाटी में लगातार रहे कर्फ्यू की वजह से केंद्र सरकार के कई कर्मचारी अपने दफ्तरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसके अलावा बीते 15 सालों से मिडिल स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे शौकत हुसैन को भी सुरक्षा कारणों से जाने की इजाजत नहीं मिली. शौकत हुसैन का कहना है कि "मैं पिछले 15 साल से पढ़ा रहा हूं. बंद का असर इस इलाके पर नहीं पड़ा. अब वैसे भी सरकार ने यह लाज़मी बना दिया है कि सब सरकारी कर्मचारी दफ्तर पहुंचें, लेकिन शायद आज मैं न पहुंच सकूं."   इस इलाके में रहने वाले ज्यादातर पहाड़ी और गूजर हैं. आमतौर पर यहां न सिर्फ शांति होती है बल्कि सेना से उनके रिश्ते भी बेहद दोस्ताना रहे हैं. हमने पास के बाजार में भी कुछ लड़कों से बात की जो बेहतर हालात का इंतजार कर रहे हैं. एक युवक ने कहा कि "मैं डिग्री कॉलेज में पढ़ता हूं. हड़ताल का असर इस इलाके में कम जरूर है."  एक अन्य युवक ने कहा कि "सेना हमारी मदद करती है, हम उसकी करते हैं." इस इलाके में रहने वाले ज्यादातर पहाड़ी और गूजर हैं. आमतौर पर यहां न सिर्फ शांति होती है बल्कि सेना से उनके रिश्ते भी बेहद दोस्ताना रहे हैं. हमने पास के बाजार में भी कुछ लड़कों से बात की जो बेहतर हालात का इंतजार कर रहे हैं. एक युवक ने कहा कि "मैं डिग्री कॉलेज में पढ़ता हूं. हड़ताल का असर इस इलाके में कम जरूर है."  एक अन्य युवक ने कहा कि "सेना हमारी मदद करती है, हम उसकी करते हैं."
संक्षिप्त सारांश: स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को नहीं जाने दिया गया उरी में एनएचपीसी के दो पावर स्टेशनों में 500 कर्मचारी सेना के साथ उरी के नागरिकों के रिश्ते बेहद दोस्ताना
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वीडियो- तेजी से बढ़ रहा है आभासी मुद्रा बिटकोइन का कारोबारटिप्पणियां बता दें कि देश के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जिससे रेपो रेट घटकर 6 प्रतिशत रह गया है जोकि सात साल के सबसे निचले स्तर पर है. ऐसे में यदि बैंकों ने भी इसी अनुपात में अपने ग्राहकों को इस कटौती का लाभ देते हुए ब्याज दरों में कटौती की तो यकीन मानिए यह एक बेहद नफे का सौदा साबित होगा.   बता दें कि देश के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जिससे रेपो रेट घटकर 6 प्रतिशत रह गया है जोकि सात साल के सबसे निचले स्तर पर है. ऐसे में यदि बैंकों ने भी इसी अनुपात में अपने ग्राहकों को इस कटौती का लाभ देते हुए ब्याज दरों में कटौती की तो यकीन मानिए यह एक बेहद नफे का सौदा साबित होगा.
एसबीआई ने सेविंग खातों के लिए ब्याज दरों में कटौती की है एसबीआई के सेविंग खाते में मंथली ऐवरेज बैलेंस न रखने पर पेनल्टी बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी जमा खातों पर घटाई ब्याज दर
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Blood Pressure: ब्लड प्रेशर (BP) अनकंट्रोल होना खतरनाक हो सकता है. बीपी के मरीजों को लगातार अपने ब्लड प्रेशर की जांच करवाने की जरूरत होती है. कई लोगों का बीपी कंट्रोल (Control BP) में नहीं रहता है. काली मिर्च (Black Pepper) ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में फायदेमंद हो सकती है. उनके लिए यहां हम आसान घरेलू नु्स्खा (Home Remedies) लाएं है, जिससे तुरंत आराम मिल सकता है. ये घरेलू नुस्खा बीपी के अलावा कई अन्य बीमारियों में भी काफी कारगर है. बीपी अचानक से बढ़ने पर आधा गिलास पानी में काली मिर्च पाउडर डालकर इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा आयुर्वेद में सलाह दी गई है कि काली मिर्च का सेवन नियमित करना चाहिए. इससे न केवल खाने का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि कई बीमारियों से भी राहत भी मिल सकती है. सर्दी ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों की समस्या को और बढ़ा देती है. तापमान में कमी आने से रक्त धमनियां (Blood Arteries) सिकुड़ने लगती हैं और रक्त गाढ़ा (Thick Blood) हो जाता है, जिससे हृदय (Heart) और मस्तिष्क (Brain) पर रक्त का दबाव (Blood Pressure) बढ़ जाता है. Benefits Of Garlic: ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए कैसे खाएं लहसुन, जानें इसके फायदे Migraine: माइग्रेन में ये चीजें खाना हो सकता है खतरनाक, जानें माइग्रेन के लक्षण ब्लड प्रेशर बढ़ने के लक्षण (Symptoms) तभी सामने आते हैं, जब स्थिति गंभीर होने लगे. जब ब्लड प्रेशर ज्यादा होने लगता है तब इसकी वजह से धमनियों पर ज्यादा दवाब पड़ने लगता हैं, जिससे स्ट्रोक (Stroke) और हार्ट अटैक (Heart Attack) का खतरा बढ़ जाता है. सर्दियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा ज्यादा हो सकता है. ऐसे में आप दवाओं के अलावा घरेलू नुस्खे भी अपना सकते हैं. यहां जानिए बीपी को कंट्रोल करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में...  जानें हाई ब्लड प्रेशर के इफेक्ट्स, कैसे लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसे करा जा सकता है कंट्रोल सर्दियों के दिनों में काली मिर्च के उपयोग के फायदे और बढ़ जाते हैं. सर्दियों में काली मिर्च खांसी, जुकाम और ठंड से बचाने में मदद करती है. इसके अलावा काली मिर्च बवासीर ठीक करने और पेट की अन्य बीमारियों के लिए काफी फायदेमंद होती है. भूख न लगने, कब्ज, बदहजमी और सांस की बीमारियों जैसे दमा आदि में भी काली मिर्च के नियमित प्रयोग से काफी आराम मिलता है. Toothache: दांत-मसूड़ों में दर्द होने पर इन घरेलू उपायों से पाएं राहत, जल्द मिलेगा आराम! Hypertension Diet: हाई ब्लड प्रेशर से रहना है दूर, तो अपनाएं ये तरीके... काली मिर्च में कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं जो हमें कैंसर जैसी बीमारियों से भी बचाने में मदद करते हैं. इसके अलावा मोटापा कम करने में भी ये मददगार होती है। काली मिर्च में विटामिन सी, विटामिन ए, फ्लैवोनॉयड्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, कैरोटीन, थाइमन जैसे पौष्टिक तत्व भी काफी ज्यादा मात्रा में होते हैं. हाई रहता है आपका ब्‍लड प्रेशर? तो ये फ्रूट आज ही करें अपनी डाइट में शामिल High Blood Pressure: ये टॉप 10 खाद्य पदार्थ कंट्रोल कर सकते हैं आपका ब्‍लड प्रेशर Blood Circulation: इन 4 चीजों को खाने से खराब ब्लड सर्कुलेशन होगा ठीक, लक्षण भी जानें   अस्वीकरण : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता. ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें. एनडीटीवी इस जानकारी की प्रमाणिकता की जिम्मेदारी नहीं लेता. और खबरों के लिए यहां क्लिक करें Regulate Blood Pressure Levels: क्या है हाईपरटेंशन, कैसे आहार से करें कंट्रोल अब घर बैठे ही चैक हो सकेंगी गर्भ में पल रहे बच्चे के दिल की धड़कनें... क्या, बस चश्मा लगाते ही पता चलेगा ब्लड प्रेशर... Cold And Cough: सर्दियों में इन 5 कारणों से होता है आपको खांसी-जुकाम! जान जाएंगे तो नहीं करेंगे ये गलतियां सोने से पहले सोची ये 3 बातें, तो पक्का नहीं आएगी नींद... डिलीवरी के बाद रखें ब्लड प्रेशर पर नजर, हो सकता है दिल को खतरा... Weight Loss: लाख कोशिश कर ली नहीं घट रहा मोटापा तो ये हो सकते हैं कारण! जानें वजन घटाने से जुड़े फैक्ट्स
यह एक सारांश है: सर्दियों में काली मिर्च है ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में कमाल! काली मिर्च का घरेलू नुस्खा ब्लड प्रेशर को करेगा कंट्रोल! काली मिर्च के बीपी कंट्रोल करने से लेकर और भी कई फायदे.
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार को कहा कि राज्य में दुष्कर्म, मानव तस्करी और तेजाब हमले के पीड़ितों को 10 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। पर्रिकर ने कहा, हमने हर पीड़ित के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये की राशि निश्चित की है। इस योजना में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भी पालन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह किसी राज्य में इन घटनाओं के पीड़ितों को दिया जाने वाला सम्भवत: सबसे बड़ा मुआवजा है।टिप्पणियां यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बजट में इसके लिए अलग से प्रावधान किया जाएगा। इस योजना को गोवा पीड़ित मुआवजा योजना (2012) नाम दिया गया है। बैठक के दौरान जारी बयान में कहा गया है, इस योजना के तहत सरकार पीड़ित मुआवजा कोष बनाएगी और हर साल इसके लिए बजट में अलग से राशि का प्रावधान किया जाएगा। पीड़ितों को इसी कोष से अदालत की अनुशंसा के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। पर्रिकर ने कहा, हमने हर पीड़ित के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये की राशि निश्चित की है। इस योजना में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भी पालन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह किसी राज्य में इन घटनाओं के पीड़ितों को दिया जाने वाला सम्भवत: सबसे बड़ा मुआवजा है।टिप्पणियां यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बजट में इसके लिए अलग से प्रावधान किया जाएगा। इस योजना को गोवा पीड़ित मुआवजा योजना (2012) नाम दिया गया है। बैठक के दौरान जारी बयान में कहा गया है, इस योजना के तहत सरकार पीड़ित मुआवजा कोष बनाएगी और हर साल इसके लिए बजट में अलग से राशि का प्रावधान किया जाएगा। पीड़ितों को इसी कोष से अदालत की अनुशंसा के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बजट में इसके लिए अलग से प्रावधान किया जाएगा। इस योजना को गोवा पीड़ित मुआवजा योजना (2012) नाम दिया गया है। बैठक के दौरान जारी बयान में कहा गया है, इस योजना के तहत सरकार पीड़ित मुआवजा कोष बनाएगी और हर साल इसके लिए बजट में अलग से राशि का प्रावधान किया जाएगा। पीड़ितों को इसी कोष से अदालत की अनुशंसा के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। बैठक के दौरान जारी बयान में कहा गया है, इस योजना के तहत सरकार पीड़ित मुआवजा कोष बनाएगी और हर साल इसके लिए बजट में अलग से राशि का प्रावधान किया जाएगा। पीड़ितों को इसी कोष से अदालत की अनुशंसा के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
यहाँ एक सारांश है:गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार को कहा कि राज्य में दुष्कर्म, मानव तस्करी और तेजाब हमले के पीड़ितों को 10 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: INX मीडिया मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है. PMLA मामले में ED द्वारा गिरफ्तारी से सरंक्षण की मांग कोर्ट ने ठुकरा दी है. कोर्ट ने कहा कि इससे लंबित केस में असर पड़ेगा. कोर्ट ने ED को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. 8 मार्च को अगली सुनवाई होगी. कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि ED के इस मामले में कोर्ट कार्ति को अंतरिम सरंक्षण दें. कार्ति पहले ही जांच में सहयोग कर रहे हैं और वो जांच में शामिल भी हो चुके हैं. इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं है और उसके बिना गिरफ्तारी नहीं हो सकती. सिब्बल ने कहा कि पिता ने बेटे को लोन दिया और उसी को मनी लांडरिंग का नाम दिया जा रहा है. कार्ति ने सिर्फ इस लोन को चुकाया था और इस बारे में सारे बैंक ट्रांजेक्शन व रिकार्ड मौजूद हैं. सिब्बल ने कहा कि ऐसे में कोर्ट के अंतरिम सरंक्षण देने में कोई हर्ज नहीं है.टिप्पणियां वहीं, ED की ओर से पेश ASG तुषार मेहता ने कहा कि कार्ति को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. अगर कोई अंतरिम सरंक्षण दिया जाता है तो इसका लंबित केस पर असर पड़ेगा. वो अभी सीबीआई हिरासत में है और आगे भी सीबीआई हिरासत की मांग करेगी. फिलहाल किसी नोटिस की जरूरत नहीं है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुनवाई के बाद कहा कि फिलहाल कोई राहत नहीं दे रहे हैं. ED को नोटिस जारी किया जाता है. कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि ED के इस मामले में कोर्ट कार्ति को अंतरिम सरंक्षण दें. कार्ति पहले ही जांच में सहयोग कर रहे हैं और वो जांच में शामिल भी हो चुके हैं. इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं है और उसके बिना गिरफ्तारी नहीं हो सकती. सिब्बल ने कहा कि पिता ने बेटे को लोन दिया और उसी को मनी लांडरिंग का नाम दिया जा रहा है. कार्ति ने सिर्फ इस लोन को चुकाया था और इस बारे में सारे बैंक ट्रांजेक्शन व रिकार्ड मौजूद हैं. सिब्बल ने कहा कि ऐसे में कोर्ट के अंतरिम सरंक्षण देने में कोई हर्ज नहीं है.टिप्पणियां वहीं, ED की ओर से पेश ASG तुषार मेहता ने कहा कि कार्ति को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. अगर कोई अंतरिम सरंक्षण दिया जाता है तो इसका लंबित केस पर असर पड़ेगा. वो अभी सीबीआई हिरासत में है और आगे भी सीबीआई हिरासत की मांग करेगी. फिलहाल किसी नोटिस की जरूरत नहीं है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुनवाई के बाद कहा कि फिलहाल कोई राहत नहीं दे रहे हैं. ED को नोटिस जारी किया जाता है. सिब्बल ने कहा कि पिता ने बेटे को लोन दिया और उसी को मनी लांडरिंग का नाम दिया जा रहा है. कार्ति ने सिर्फ इस लोन को चुकाया था और इस बारे में सारे बैंक ट्रांजेक्शन व रिकार्ड मौजूद हैं. सिब्बल ने कहा कि ऐसे में कोर्ट के अंतरिम सरंक्षण देने में कोई हर्ज नहीं है.टिप्पणियां वहीं, ED की ओर से पेश ASG तुषार मेहता ने कहा कि कार्ति को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. अगर कोई अंतरिम सरंक्षण दिया जाता है तो इसका लंबित केस पर असर पड़ेगा. वो अभी सीबीआई हिरासत में है और आगे भी सीबीआई हिरासत की मांग करेगी. फिलहाल किसी नोटिस की जरूरत नहीं है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुनवाई के बाद कहा कि फिलहाल कोई राहत नहीं दे रहे हैं. ED को नोटिस जारी किया जाता है. सिब्बल ने कहा कि ऐसे में कोर्ट के अंतरिम सरंक्षण देने में कोई हर्ज नहीं है.टिप्पणियां वहीं, ED की ओर से पेश ASG तुषार मेहता ने कहा कि कार्ति को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. अगर कोई अंतरिम सरंक्षण दिया जाता है तो इसका लंबित केस पर असर पड़ेगा. वो अभी सीबीआई हिरासत में है और आगे भी सीबीआई हिरासत की मांग करेगी. फिलहाल किसी नोटिस की जरूरत नहीं है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुनवाई के बाद कहा कि फिलहाल कोई राहत नहीं दे रहे हैं. ED को नोटिस जारी किया जाता है. वहीं, ED की ओर से पेश ASG तुषार मेहता ने कहा कि कार्ति को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. अगर कोई अंतरिम सरंक्षण दिया जाता है तो इसका लंबित केस पर असर पड़ेगा. वो अभी सीबीआई हिरासत में है और आगे भी सीबीआई हिरासत की मांग करेगी. फिलहाल किसी नोटिस की जरूरत नहीं है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुनवाई के बाद कहा कि फिलहाल कोई राहत नहीं दे रहे हैं. ED को नोटिस जारी किया जाता है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुनवाई के बाद कहा कि फिलहाल कोई राहत नहीं दे रहे हैं. ED को नोटिस जारी किया जाता है.
संक्षिप्त पाठ: INX मीडिया से जुड़े मामले की जांच हो रही है कार्ति सीबीआई की हिरासत में है हिरासत से बाहर आने के लिए हो रहा है प्रयास
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया में एक 16 वर्षीय किशोर ने भारतीय छात्र नितिन गर्ग की हत्या का अपना गुनाह कुबूल कर लिया। इस हत्याकांड के चलते भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। इस किशोर की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। वह सुप्रीम कोर्ट में पेश हुआ जहां उसने गर्ग की हत्या तथा उसी से संबंधित सशस्त्र डकैती के प्रयास का अपराध कुबूल कर लिया। पंजाब से ऑस्ट्रेलिया गए 21 वर्षीय गर्ग को पिछले वर्ष जनवरी में मेलबर्न के यारविले के एक क्रुइकशेंक पार्क में चाकुओं से गोद कर बुरी तरह घायल कर दिया था। आरोपी किशोर के दोस्त को पिछले साल उसके खिलाफ गवाही देने पर सहमत होने के बाद 18 महीने की सजा सुनाई गई थी। गर्ग हत्याकांड को भारतीयों पर हमलों की कई घटनाओं के बाद अंजाम दिया गया था। इस हत्याकांड की खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुखिर्यों में रही थी और ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय छात्र काफी तनाव में आ गए थे। घटना की भारत में भी कड़ी आलोचना की गई जिसके चलते पुलिस प्रशासन को इसे सुलझाने को बाध्य होना पड़ा। बताया जाता है कि पुलिस ने आरोपी किशोर के घर में रिकार्डिंग डिवाइस फिट किया था जहां हत्यारे किशोर की मां ने अपने बेटे से कहा,मुझे पता है कि तुमने ये किया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्ट्रेलिया में एक 16 वर्षीय किशोर ने भारतीय छात्र नितिन गर्ग की हत्या का अपना गुनाह कुबूल कर लिया।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्लैकबेरी बनाने वाली रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) ने अपना नया स्मार्टफोन ‘कर्व 9220’ बुधवार को पेश किया जिसकी कीमत 10,990 रुपये है। कंपनी के इस कदम का उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना है।टिप्पणियां ‘कर्व 9220’ ब्लैकबेरी का संभवत: सबसे सस्ता फोन है जिसमें उन्नत ब्लैकबेरी 7.1 आपरेटिंग सिस्टम है। फिलहाल रिम का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल कर्व 8520 है जिसकी कीमत 8,999 रुपये है। यह पहला मौका है जब रिम ने भारत से वैश्विक स्तर पर फोन पेश किया है। रिम के प्रबंध निदेशक (सुनील दत्त) ने कहा कि नया ब्लैकबेरी कर्व 9220 नया मोबाइल अनुभव पेश करता है, जिसे भारतीय युवा पसंद करेंगे। हालांकि, वैश्विक स्तर पर रिम की बाजार हिस्सेदारी स्मार्टफोन श्रेणी में घटी है लेकिन भारत उन कुछ बाजारों में शामिल है जहां उसकी हिस्सेदारी बढ़ रही है। ‘कर्व 9220’ ब्लैकबेरी का संभवत: सबसे सस्ता फोन है जिसमें उन्नत ब्लैकबेरी 7.1 आपरेटिंग सिस्टम है। फिलहाल रिम का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल कर्व 8520 है जिसकी कीमत 8,999 रुपये है। यह पहला मौका है जब रिम ने भारत से वैश्विक स्तर पर फोन पेश किया है। रिम के प्रबंध निदेशक (सुनील दत्त) ने कहा कि नया ब्लैकबेरी कर्व 9220 नया मोबाइल अनुभव पेश करता है, जिसे भारतीय युवा पसंद करेंगे। हालांकि, वैश्विक स्तर पर रिम की बाजार हिस्सेदारी स्मार्टफोन श्रेणी में घटी है लेकिन भारत उन कुछ बाजारों में शामिल है जहां उसकी हिस्सेदारी बढ़ रही है। रिम के प्रबंध निदेशक (सुनील दत्त) ने कहा कि नया ब्लैकबेरी कर्व 9220 नया मोबाइल अनुभव पेश करता है, जिसे भारतीय युवा पसंद करेंगे। हालांकि, वैश्विक स्तर पर रिम की बाजार हिस्सेदारी स्मार्टफोन श्रेणी में घटी है लेकिन भारत उन कुछ बाजारों में शामिल है जहां उसकी हिस्सेदारी बढ़ रही है।
यहाँ एक सारांश है:ब्लैकबेरी बनाने वाली आरआईएम ने अपना नया स्मार्टफोन ‘कर्व 9220’ बुधवार को पेश किया जिसकी कीमत 10,990 रुपये है। कंपनी के इस कदम का उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी बेटी की हत्या के मामले में जेल में बंद पंजाब की पूर्व मंत्री और विधायक बीबी जागीर कौर द्वारा जेल के अंदर एक धार्मिक कार्यक्रम रखने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दरअसल, इस कार्यक्रम में जागीर कौर ने आई जी जेल जगजीत सिंह समेत कई अधिकारियों को सम्मानित किया। गौरतलब है कि बीबी जागीर कौर को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिलने की खबरों के बाद आईजी जेल जगजीत सिंह ने इसकी जांच के आदेश दिए थे और उन्हें किसी भी तरह की स्पेशल सुविधा नहीं देने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब जेल के अंदर एक कार्यक्रम में खुद आई जी को उन्हीं बीबी जागीर कौर के हाथों सम्मानित किए जाने की तस्वीरें सामने आई हैं। दरअसल, इस कार्यक्रम में जागीर कौर ने आई जी जेल जगजीत सिंह समेत कई अधिकारियों को सम्मानित किया। गौरतलब है कि बीबी जागीर कौर को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिलने की खबरों के बाद आईजी जेल जगजीत सिंह ने इसकी जांच के आदेश दिए थे और उन्हें किसी भी तरह की स्पेशल सुविधा नहीं देने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब जेल के अंदर एक कार्यक्रम में खुद आई जी को उन्हीं बीबी जागीर कौर के हाथों सम्मानित किए जाने की तस्वीरें सामने आई हैं।
अपनी बेटी की हत्या के मामले में जेल में बंद पंजाब की पूर्व मंत्री और विधायक बीबी जागीर कौर द्वारा जेल के अंदर एक धार्मिक कार्यक्रम रखने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जीएसटी काउंसिल की बैठक में आज राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई का फार्मूला मान लिया गया. हालांकि जीएसटी दरों को लेकर कई सुझाव आए जिन पर बुधवार को बातचीत होगी. जीएसटी काउंसिल की बैठक ने पहले ही दिन एक और बड़ी बाधा पार कर ली. केंद्र ने कहा कि वह जीएसटी से राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई 14% की दर से करेगा. बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसका ऐलान किया. हालांकि जीएसटी के सबसे अहम मुद्दे पर फैसला अभी बाकी है. अलग-अलग वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स की दर क्या हो. राज्यों का प्रस्ताव 6 फीसदी से 26 फीसदी तक का है. इसके अलावा सेस का भी प्रस्ताव है. बैठक के बाद हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि राज्यों ने अलग-अलग वस्तुओं पर 6%, 12%, 18% और 26% तक टैक्स रेट तय करने की वकालत की.टिप्पणियां उधर केंद्र का कहना है कि टैक्स की दरें तय करते हुए यह ध्यान रखना जरूरी है कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ न पड़े और साथ ही सरकारों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करने लायक साधन जुट सकें. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "सैद्धांतिक तौर पर यह सोच है कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ ज्यादा न पड़े...और राज्य सरकारें और केन्द्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से कर सकें. जीएसटी को टैक्स की दुनिया में गेम चेंजर माना जा रहा है. तरह-तरह के टैक्सों को हटाकर इस एक टैक्स की हिस्सेदारी को लेकर राज्यों के भीतर काफी संशय है. मंगलवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले ही दिन जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के फार्मूले पर आम सहमति बन गई. अब वित्त मंत्री के सामने बड़ी चुनौती राजनीतिक तौर पर संवेदनशील और महत्वपूर्ण जीएटी रेट पर केन्द्र और राज्यों के बीच आम सहमति बनाने की होगी. जीएसटी काउंसिल की बैठक ने पहले ही दिन एक और बड़ी बाधा पार कर ली. केंद्र ने कहा कि वह जीएसटी से राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई 14% की दर से करेगा. बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसका ऐलान किया. हालांकि जीएसटी के सबसे अहम मुद्दे पर फैसला अभी बाकी है. अलग-अलग वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स की दर क्या हो. राज्यों का प्रस्ताव 6 फीसदी से 26 फीसदी तक का है. इसके अलावा सेस का भी प्रस्ताव है. बैठक के बाद हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि राज्यों ने अलग-अलग वस्तुओं पर 6%, 12%, 18% और 26% तक टैक्स रेट तय करने की वकालत की.टिप्पणियां उधर केंद्र का कहना है कि टैक्स की दरें तय करते हुए यह ध्यान रखना जरूरी है कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ न पड़े और साथ ही सरकारों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करने लायक साधन जुट सकें. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "सैद्धांतिक तौर पर यह सोच है कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ ज्यादा न पड़े...और राज्य सरकारें और केन्द्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से कर सकें. जीएसटी को टैक्स की दुनिया में गेम चेंजर माना जा रहा है. तरह-तरह के टैक्सों को हटाकर इस एक टैक्स की हिस्सेदारी को लेकर राज्यों के भीतर काफी संशय है. मंगलवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले ही दिन जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के फार्मूले पर आम सहमति बन गई. अब वित्त मंत्री के सामने बड़ी चुनौती राजनीतिक तौर पर संवेदनशील और महत्वपूर्ण जीएटी रेट पर केन्द्र और राज्यों के बीच आम सहमति बनाने की होगी. हालांकि जीएसटी के सबसे अहम मुद्दे पर फैसला अभी बाकी है. अलग-अलग वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स की दर क्या हो. राज्यों का प्रस्ताव 6 फीसदी से 26 फीसदी तक का है. इसके अलावा सेस का भी प्रस्ताव है. बैठक के बाद हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि राज्यों ने अलग-अलग वस्तुओं पर 6%, 12%, 18% और 26% तक टैक्स रेट तय करने की वकालत की.टिप्पणियां उधर केंद्र का कहना है कि टैक्स की दरें तय करते हुए यह ध्यान रखना जरूरी है कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ न पड़े और साथ ही सरकारों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करने लायक साधन जुट सकें. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "सैद्धांतिक तौर पर यह सोच है कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ ज्यादा न पड़े...और राज्य सरकारें और केन्द्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से कर सकें. जीएसटी को टैक्स की दुनिया में गेम चेंजर माना जा रहा है. तरह-तरह के टैक्सों को हटाकर इस एक टैक्स की हिस्सेदारी को लेकर राज्यों के भीतर काफी संशय है. मंगलवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले ही दिन जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के फार्मूले पर आम सहमति बन गई. अब वित्त मंत्री के सामने बड़ी चुनौती राजनीतिक तौर पर संवेदनशील और महत्वपूर्ण जीएटी रेट पर केन्द्र और राज्यों के बीच आम सहमति बनाने की होगी. उधर केंद्र का कहना है कि टैक्स की दरें तय करते हुए यह ध्यान रखना जरूरी है कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ न पड़े और साथ ही सरकारों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करने लायक साधन जुट सकें. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "सैद्धांतिक तौर पर यह सोच है कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ ज्यादा न पड़े...और राज्य सरकारें और केन्द्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से कर सकें. जीएसटी को टैक्स की दुनिया में गेम चेंजर माना जा रहा है. तरह-तरह के टैक्सों को हटाकर इस एक टैक्स की हिस्सेदारी को लेकर राज्यों के भीतर काफी संशय है. मंगलवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले ही दिन जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के फार्मूले पर आम सहमति बन गई. अब वित्त मंत्री के सामने बड़ी चुनौती राजनीतिक तौर पर संवेदनशील और महत्वपूर्ण जीएटी रेट पर केन्द्र और राज्यों के बीच आम सहमति बनाने की होगी. जीएसटी को टैक्स की दुनिया में गेम चेंजर माना जा रहा है. तरह-तरह के टैक्सों को हटाकर इस एक टैक्स की हिस्सेदारी को लेकर राज्यों के भीतर काफी संशय है. मंगलवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले ही दिन जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के फार्मूले पर आम सहमति बन गई. अब वित्त मंत्री के सामने बड़ी चुनौती राजनीतिक तौर पर संवेदनशील और महत्वपूर्ण जीएटी रेट पर केन्द्र और राज्यों के बीच आम सहमति बनाने की होगी.
सारांश: जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया गया फैसला राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई का फार्मूला मान लिया गया अलग-अलग वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स की दर तय होना बाकी
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: वर्ष 1965 की लड़ाई के दौरान भूलवश भारतीय नागरिक विमान को मार गिराने के करीब आधी शताब्दी बाद पाकिस्तानी वायुसेना के एक पायलट ने उक्त विमान के पायलट की बेटी से इस घटना के लिए माफी मांगी है। दरअसल 1965 के भारत पाक युद्ध के दौरान कैस हुसैन पाक वायुसेना के फ्लाइंग अफसर पद पर नए नए आसीन हुए थे और उन्होंने भारतीय विमान बीचक्राफ्ट को मार गिराया था। उस भारतीय विमान को वायुसेना के पूर्व पायलट जहांगीर इंजीनियर उड़ा रहे थे। उसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता, उनकी पत्नी सरोजबेन मेहता, उनके तीन निजी सहायक और गुजरात समाचार के एक संवाददाता सवार थे। ये सभी इस हमले में मारे गए। दरअसल पाक वायुसेना के पूर्व अधिकारी कैसर तूफैल हाल ही में इस घटना की व्यापक छानबीन के बीच इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने गलत अंदाजा लगाया कि भारतीय विमान निगरानी मिशन पर था। इस निष्कर्ष के बाद इंजीनियर की बेटी को ईमेल भेजने वाले हुसैन ने अपना पक्ष रखने का निर्णय लिया है। हुसैन (70) ने कहा, हम उस समय लड़ाई में थे और जब मैंने विमान को मार गिराया तब प्रारंभिक धारणा यह बनी कि हम एक नये मोर्चे का सफाया करने में कामयाब हुए। हम बहुत खुश थे और मुझे मेरे सहयोगियों ने शाबाशी दी। उन्होंने 19 सितंबर, 1965 की घटना का जिक्र करते हुए कहा, यह शाम करीब चार बजे हुआ। सात बजे आकाशवाणी ने ऐलान किया कि जिस विमान को मार गिराया गया उसमें मुख्यमंत्री सवार थे और हमारा मन खराब हो गया। हम सभी को अफसोस हुआ कि यह क्या हो गया। उन्होंने कहा कि जब एयर कमोडोर (सेवानिवृत) कैसर तूफैल ने इस घटना की छानबीन की और अप्रैल में अपने ब्लॉग पर इसके संबंध में एक आलेख पेश किया, तो वह उन लोगों के परिवारों के प्रति शोक प्रकट करने के लिए उत्साहित हुए जो इस हमले में मारे गए थे। हुसैन ने कहा, मैंने सोचा देर आयद दुरूस्त आयद। मुझे खुशी है कि मैं कुछ (सफाई) कर पा रहा हूं। मैं कहना चाहता हूं कि मैं खून खराबा पसंद करने वाला व्यक्ति नहीं हूं और यह लड़ाई में भ्रम के कारण हुआ।
भूलवश भारतीय नागरिक विमान को मार गिराने के करीब आधी शताब्दी बाद पाकिस्तानी वायुसेना के एक पायलट ने उक्त विमान के पायलट की बेटी से इस घटना के लिए माफी मांगी है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिल्ली पुलिस के एक दल ने क्रिकेट के एक कथित सट्टेबाज को शुक्रवार तड़के गिरफ्तार कर लिया।टिप्पणियां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, क्रिकेट में सट्टेबाजी के रैकेट के संबंध में दिल्ली पुलिस के एक दल ने यहां राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से याहया मोहम्मद नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि जिस समय याहया को गिरफ्तार किया गया, वह दुबई जाने वाले विमान पर सवार होने की कोशिश में था। क्रिकेट की दुनिया को हिलाकर रख देने वाले आईपीएल के इस स्पॉट फिक्सिंग मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें आईपीएल के तीन खिलाड़ी श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा चार पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और 11 सटोरिये शामिल हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, क्रिकेट में सट्टेबाजी के रैकेट के संबंध में दिल्ली पुलिस के एक दल ने यहां राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से याहया मोहम्मद नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि जिस समय याहया को गिरफ्तार किया गया, वह दुबई जाने वाले विमान पर सवार होने की कोशिश में था। क्रिकेट की दुनिया को हिलाकर रख देने वाले आईपीएल के इस स्पॉट फिक्सिंग मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें आईपीएल के तीन खिलाड़ी श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा चार पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और 11 सटोरिये शामिल हैं। क्रिकेट की दुनिया को हिलाकर रख देने वाले आईपीएल के इस स्पॉट फिक्सिंग मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें आईपीएल के तीन खिलाड़ी श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा चार पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और 11 सटोरिये शामिल हैं।
क्रिकेट में सट्टेबाजी के रैकेट के संबंध में दिल्ली पुलिस के एक दल ने हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से याहया मोहम्मद नामक शख्स को गिरफ्तार किया है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉक्सिंग डे के दिन ब्रिटेन के साल्फोर्ड में बिना उकसावे के एक भारतीय छात्र अनुज बिदवे की हत्या करने के आरोपी 21 वर्षीय कथित 'मनोरोगी' किआरन स्टापल्टन ने मानव वध की बात स्वीकार की, लेकिन हत्या के आरोप को नहीं माना। मैनचेस्टर क्राउन अदालत में हुई सुनवाई में हिस्सा लेने के लिए बिदवे के परिवार के सदस्य भारत से आए थे। इससे पहले स्टापलटन ने जनवरी में सुनवाई के दौरान खुद को 'साइकोट यानी मनोरोगी बताया था। उसने सुनवाई के दौरान याचिका में कहा कि वह अनुज बिदवे के मानव वध का दोषी है, लेकिन हत्या का दोषी नहीं है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि क्राउन ने याचिका को स्वीकार नहीं किया था, इसलिए 25 जून, 2012 से हत्या का मुकदमा शुरू होगा। 23 साल का बिदवे लंकास्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक का छात्र था और वह अपने दोस्तों के साथ साल्फोर्ड में जा रहा था, तभी उसे नजदीक से सिर में गोली मार दी गई। बिदवे परिवार ने एक बयान जारी कर कहा, हम भारत से यहां ब्रिटेन आए हैं, क्योंकि स्टापलटन की याचिका को निजी रूप से सुनना उनके लिये बहुत महत्वपूर्ण है। बिदवे के परिवार वालों ने कहा, पिछले साल बॉक्सिंग डे के दिन अनुज की हत्या के बाद से हम पहली बार ब्रिटेन आए हैं और हमने हत्या के आरोपी को पहली देखा। इसलिए यह हमारे लिए स्पष्ट रूप से बहुत भावनात्मक और कठिन समय है। टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमने सुना कि स्टपलटन ने अनुज के हत्या की बात स्वीकार की। हम जानते हैं कि बड़ी संख्या में भारत और ब्रिटेन की मीडिया इस मामले पर नजरे गड़ाए हुए हैं, क्योंकि इस महीने के अंतिम दिनों में सुनवाई शुरू होगी, इसलिए हम इस समय कुछ भी नहीं कह सकते हैं। हम मीडिया से अनुरोध करेंगे कि वे हमारी निजता और अदालत की प्रक्रिया के प्रति हमारी सत्यनिष्ठा का सम्मान करें। स्वीकारोक्ति याचिका पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ लेबर सांसद कीथ वाज ने कहा, मैं इस भयानक अपराध के लिए स्टपलटन की इस स्वीकारोक्ति का स्वागत करता हूं। बिदवे परिवार के दर्द को किसी भी तरह से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन अनुज के हत्यारे को न्याय के कटघरे में लाये जाने से यह दुखद मामला बंद हो जाएगा। मैनचेस्टर क्राउन अदालत में हुई सुनवाई में हिस्सा लेने के लिए बिदवे के परिवार के सदस्य भारत से आए थे। इससे पहले स्टापलटन ने जनवरी में सुनवाई के दौरान खुद को 'साइकोट यानी मनोरोगी बताया था। उसने सुनवाई के दौरान याचिका में कहा कि वह अनुज बिदवे के मानव वध का दोषी है, लेकिन हत्या का दोषी नहीं है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि क्राउन ने याचिका को स्वीकार नहीं किया था, इसलिए 25 जून, 2012 से हत्या का मुकदमा शुरू होगा। 23 साल का बिदवे लंकास्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक का छात्र था और वह अपने दोस्तों के साथ साल्फोर्ड में जा रहा था, तभी उसे नजदीक से सिर में गोली मार दी गई। बिदवे परिवार ने एक बयान जारी कर कहा, हम भारत से यहां ब्रिटेन आए हैं, क्योंकि स्टापलटन की याचिका को निजी रूप से सुनना उनके लिये बहुत महत्वपूर्ण है। बिदवे के परिवार वालों ने कहा, पिछले साल बॉक्सिंग डे के दिन अनुज की हत्या के बाद से हम पहली बार ब्रिटेन आए हैं और हमने हत्या के आरोपी को पहली देखा। इसलिए यह हमारे लिए स्पष्ट रूप से बहुत भावनात्मक और कठिन समय है। टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमने सुना कि स्टपलटन ने अनुज के हत्या की बात स्वीकार की। हम जानते हैं कि बड़ी संख्या में भारत और ब्रिटेन की मीडिया इस मामले पर नजरे गड़ाए हुए हैं, क्योंकि इस महीने के अंतिम दिनों में सुनवाई शुरू होगी, इसलिए हम इस समय कुछ भी नहीं कह सकते हैं। हम मीडिया से अनुरोध करेंगे कि वे हमारी निजता और अदालत की प्रक्रिया के प्रति हमारी सत्यनिष्ठा का सम्मान करें। स्वीकारोक्ति याचिका पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ लेबर सांसद कीथ वाज ने कहा, मैं इस भयानक अपराध के लिए स्टपलटन की इस स्वीकारोक्ति का स्वागत करता हूं। बिदवे परिवार के दर्द को किसी भी तरह से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन अनुज के हत्यारे को न्याय के कटघरे में लाये जाने से यह दुखद मामला बंद हो जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि क्राउन ने याचिका को स्वीकार नहीं किया था, इसलिए 25 जून, 2012 से हत्या का मुकदमा शुरू होगा। 23 साल का बिदवे लंकास्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक का छात्र था और वह अपने दोस्तों के साथ साल्फोर्ड में जा रहा था, तभी उसे नजदीक से सिर में गोली मार दी गई। बिदवे परिवार ने एक बयान जारी कर कहा, हम भारत से यहां ब्रिटेन आए हैं, क्योंकि स्टापलटन की याचिका को निजी रूप से सुनना उनके लिये बहुत महत्वपूर्ण है। बिदवे के परिवार वालों ने कहा, पिछले साल बॉक्सिंग डे के दिन अनुज की हत्या के बाद से हम पहली बार ब्रिटेन आए हैं और हमने हत्या के आरोपी को पहली देखा। इसलिए यह हमारे लिए स्पष्ट रूप से बहुत भावनात्मक और कठिन समय है। टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमने सुना कि स्टपलटन ने अनुज के हत्या की बात स्वीकार की। हम जानते हैं कि बड़ी संख्या में भारत और ब्रिटेन की मीडिया इस मामले पर नजरे गड़ाए हुए हैं, क्योंकि इस महीने के अंतिम दिनों में सुनवाई शुरू होगी, इसलिए हम इस समय कुछ भी नहीं कह सकते हैं। हम मीडिया से अनुरोध करेंगे कि वे हमारी निजता और अदालत की प्रक्रिया के प्रति हमारी सत्यनिष्ठा का सम्मान करें। स्वीकारोक्ति याचिका पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ लेबर सांसद कीथ वाज ने कहा, मैं इस भयानक अपराध के लिए स्टपलटन की इस स्वीकारोक्ति का स्वागत करता हूं। बिदवे परिवार के दर्द को किसी भी तरह से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन अनुज के हत्यारे को न्याय के कटघरे में लाये जाने से यह दुखद मामला बंद हो जाएगा। बिदवे परिवार ने एक बयान जारी कर कहा, हम भारत से यहां ब्रिटेन आए हैं, क्योंकि स्टापलटन की याचिका को निजी रूप से सुनना उनके लिये बहुत महत्वपूर्ण है। बिदवे के परिवार वालों ने कहा, पिछले साल बॉक्सिंग डे के दिन अनुज की हत्या के बाद से हम पहली बार ब्रिटेन आए हैं और हमने हत्या के आरोपी को पहली देखा। इसलिए यह हमारे लिए स्पष्ट रूप से बहुत भावनात्मक और कठिन समय है। टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमने सुना कि स्टपलटन ने अनुज के हत्या की बात स्वीकार की। हम जानते हैं कि बड़ी संख्या में भारत और ब्रिटेन की मीडिया इस मामले पर नजरे गड़ाए हुए हैं, क्योंकि इस महीने के अंतिम दिनों में सुनवाई शुरू होगी, इसलिए हम इस समय कुछ भी नहीं कह सकते हैं। हम मीडिया से अनुरोध करेंगे कि वे हमारी निजता और अदालत की प्रक्रिया के प्रति हमारी सत्यनिष्ठा का सम्मान करें। स्वीकारोक्ति याचिका पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ लेबर सांसद कीथ वाज ने कहा, मैं इस भयानक अपराध के लिए स्टपलटन की इस स्वीकारोक्ति का स्वागत करता हूं। बिदवे परिवार के दर्द को किसी भी तरह से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन अनुज के हत्यारे को न्याय के कटघरे में लाये जाने से यह दुखद मामला बंद हो जाएगा। उन्होंने कहा, हमने सुना कि स्टपलटन ने अनुज के हत्या की बात स्वीकार की। हम जानते हैं कि बड़ी संख्या में भारत और ब्रिटेन की मीडिया इस मामले पर नजरे गड़ाए हुए हैं, क्योंकि इस महीने के अंतिम दिनों में सुनवाई शुरू होगी, इसलिए हम इस समय कुछ भी नहीं कह सकते हैं। हम मीडिया से अनुरोध करेंगे कि वे हमारी निजता और अदालत की प्रक्रिया के प्रति हमारी सत्यनिष्ठा का सम्मान करें। स्वीकारोक्ति याचिका पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ लेबर सांसद कीथ वाज ने कहा, मैं इस भयानक अपराध के लिए स्टपलटन की इस स्वीकारोक्ति का स्वागत करता हूं। बिदवे परिवार के दर्द को किसी भी तरह से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन अनुज के हत्यारे को न्याय के कटघरे में लाये जाने से यह दुखद मामला बंद हो जाएगा। स्वीकारोक्ति याचिका पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ लेबर सांसद कीथ वाज ने कहा, मैं इस भयानक अपराध के लिए स्टपलटन की इस स्वीकारोक्ति का स्वागत करता हूं। बिदवे परिवार के दर्द को किसी भी तरह से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन अनुज के हत्यारे को न्याय के कटघरे में लाये जाने से यह दुखद मामला बंद हो जाएगा।
यह एक सारांश है: बॉक्सिंग डे के दिन ब्रिटेन के साल्फोर्ड में बिना उकसावे के भारतीय छात्र अनुज बिदवे की हत्या करने के आरोपी 21 वर्षीय 'मनोरोगी' किआरन स्टापल्टन ने मानव वध की बात स्वीकार की, लेकिन हत्या के आरोप को नहीं माना।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन के युन्नान प्रांत में आए 5.5 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 30 लोग घायल हुए हैं और 3,200 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ की खबर के अनुसार, म्यांमा से सटे युन्नान प्रांत में आए भूकंप में 30 लोग घायल हो गए हैं। भूकंप के कारण 3,200 घरों को नुकसान पहुंचा है और इनमें से 700 पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि भूकंप से एर्यूआन में करीब 55,000 लोग प्रभावित हुए हैं। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि उसने प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए 6,000 टेंट, कंबल और कोर्ट भेजे हैं।टिप्पणियां प्रांत के भूकंप विभाग ने ‘तीसरे दर्जे’ की अपातस्थिति घोषित की है। भूकंप के बाद भी करीब 34 झटके महसूस किए गए। सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ की खबर के अनुसार, म्यांमा से सटे युन्नान प्रांत में आए भूकंप में 30 लोग घायल हो गए हैं। भूकंप के कारण 3,200 घरों को नुकसान पहुंचा है और इनमें से 700 पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि भूकंप से एर्यूआन में करीब 55,000 लोग प्रभावित हुए हैं। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि उसने प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए 6,000 टेंट, कंबल और कोर्ट भेजे हैं।टिप्पणियां प्रांत के भूकंप विभाग ने ‘तीसरे दर्जे’ की अपातस्थिति घोषित की है। भूकंप के बाद भी करीब 34 झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण 3,200 घरों को नुकसान पहुंचा है और इनमें से 700 पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि भूकंप से एर्यूआन में करीब 55,000 लोग प्रभावित हुए हैं। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि उसने प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए 6,000 टेंट, कंबल और कोर्ट भेजे हैं।टिप्पणियां प्रांत के भूकंप विभाग ने ‘तीसरे दर्जे’ की अपातस्थिति घोषित की है। भूकंप के बाद भी करीब 34 झटके महसूस किए गए। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि भूकंप से एर्यूआन में करीब 55,000 लोग प्रभावित हुए हैं। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि उसने प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए 6,000 टेंट, कंबल और कोर्ट भेजे हैं।टिप्पणियां प्रांत के भूकंप विभाग ने ‘तीसरे दर्जे’ की अपातस्थिति घोषित की है। भूकंप के बाद भी करीब 34 झटके महसूस किए गए। ‘युन्नान प्रोविन्सियल सिविल अफयर्स डिपार्टमेंट’ का कहना है कि उसने प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए 6,000 टेंट, कंबल और कोर्ट भेजे हैं।टिप्पणियां प्रांत के भूकंप विभाग ने ‘तीसरे दर्जे’ की अपातस्थिति घोषित की है। भूकंप के बाद भी करीब 34 झटके महसूस किए गए। प्रांत के भूकंप विभाग ने ‘तीसरे दर्जे’ की अपातस्थिति घोषित की है। भूकंप के बाद भी करीब 34 झटके महसूस किए गए। भूकंप के बाद भी करीब 34 झटके महसूस किए गए।
यहाँ एक सारांश है:चीन के युन्नान प्रांत में आए 5.5 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 30 लोग घायल हुए हैं और 3,200 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समलैंगिता के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अपने बयान पर चारों ओर आलोचना झेल रही केंद्र सरकार ने शाम को एक प्रेस नोट के जरिए कहा कि वह एडिश्नल सोलिसिटर जनरल की राय से इत्तेफाक नहीं रखती। सरकार ने आज कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती नहीं देगी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में समलैंगिकता को अपराधमुक्त करार दिया था। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा था कि वह समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के पक्ष में नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि बाल यौन शोषण एवं दूसरे 'अप्राकृतिक अपराधों' को रोकने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को बनाए रखना चाहिए। दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने रखे गए दृष्टिकोण को दोहराते हुए गुरुवार को मंत्रालय ने कहा कि समलैंगिकता अनैतिक है और इससे देश में एड्स का संक्रमण होता है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने धारा 377 को रद्द कर दिया था। टिप्पणियां न्यायामूर्ति जीएस सिंघवी की पीठ के समक्ष सहायक महाधिवक्ता पीपी मल्होत्रा ने समलैंगिकता एवं एड्स के प्रसार के बीच कड़ी जोड़नी चाही, तो इस पर पीठ ने इसके समर्थन में आंकड़े मांगे। न्यायालय ने पाया कि गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार एचआईवी/एड्स संक्रमण के सिर्फ आठ फीसदी मामले समलैंगिकता से सम्बधित हो सकते हैं। मल्होत्रा ने कहा कि समलैंगिकता के कारण एचआईवी या एड्स के संक्रमण की आशंका अधिक रहती है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा था कि वह समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के पक्ष में नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि बाल यौन शोषण एवं दूसरे 'अप्राकृतिक अपराधों' को रोकने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को बनाए रखना चाहिए। दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने रखे गए दृष्टिकोण को दोहराते हुए गुरुवार को मंत्रालय ने कहा कि समलैंगिकता अनैतिक है और इससे देश में एड्स का संक्रमण होता है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने धारा 377 को रद्द कर दिया था। टिप्पणियां न्यायामूर्ति जीएस सिंघवी की पीठ के समक्ष सहायक महाधिवक्ता पीपी मल्होत्रा ने समलैंगिकता एवं एड्स के प्रसार के बीच कड़ी जोड़नी चाही, तो इस पर पीठ ने इसके समर्थन में आंकड़े मांगे। न्यायालय ने पाया कि गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार एचआईवी/एड्स संक्रमण के सिर्फ आठ फीसदी मामले समलैंगिकता से सम्बधित हो सकते हैं। मल्होत्रा ने कहा कि समलैंगिकता के कारण एचआईवी या एड्स के संक्रमण की आशंका अधिक रहती है। दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने रखे गए दृष्टिकोण को दोहराते हुए गुरुवार को मंत्रालय ने कहा कि समलैंगिकता अनैतिक है और इससे देश में एड्स का संक्रमण होता है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने धारा 377 को रद्द कर दिया था। टिप्पणियां न्यायामूर्ति जीएस सिंघवी की पीठ के समक्ष सहायक महाधिवक्ता पीपी मल्होत्रा ने समलैंगिकता एवं एड्स के प्रसार के बीच कड़ी जोड़नी चाही, तो इस पर पीठ ने इसके समर्थन में आंकड़े मांगे। न्यायालय ने पाया कि गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार एचआईवी/एड्स संक्रमण के सिर्फ आठ फीसदी मामले समलैंगिकता से सम्बधित हो सकते हैं। मल्होत्रा ने कहा कि समलैंगिकता के कारण एचआईवी या एड्स के संक्रमण की आशंका अधिक रहती है। न्यायामूर्ति जीएस सिंघवी की पीठ के समक्ष सहायक महाधिवक्ता पीपी मल्होत्रा ने समलैंगिकता एवं एड्स के प्रसार के बीच कड़ी जोड़नी चाही, तो इस पर पीठ ने इसके समर्थन में आंकड़े मांगे। न्यायालय ने पाया कि गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार एचआईवी/एड्स संक्रमण के सिर्फ आठ फीसदी मामले समलैंगिकता से सम्बधित हो सकते हैं। मल्होत्रा ने कहा कि समलैंगिकता के कारण एचआईवी या एड्स के संक्रमण की आशंका अधिक रहती है। न्यायालय ने पाया कि गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार एचआईवी/एड्स संक्रमण के सिर्फ आठ फीसदी मामले समलैंगिकता से सम्बधित हो सकते हैं। मल्होत्रा ने कहा कि समलैंगिकता के कारण एचआईवी या एड्स के संक्रमण की आशंका अधिक रहती है।
सरकार ने आज कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती नहीं देगी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में समलैंगिकता को अपराधमुक्त करार दिया था।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार विधानसभा ने बुधवार को ध्वनिमत से लोकायुक्त विधेयक 2011 को पारित कर दिया। बिहार लोकायुक्त विधेयक 2011 में कुछ संशोधन किए जाने और उसे आगामी मार्च में बजट सत्र के दौरान पेश किए जाने के विपक्ष के अनुरोध को विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा पेश विधेयक को ध्वनिमत से पारित किए जाने की घोषणा की। इससे पूर्व लोकायुक्त विधेयक को लेकर सदन में विपक्षी सदस्यों द्वारा अपनी राय रखे जाने के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस विधेयक को आदर्श, सशक्त और प्रभावशाली बताते हुए कहा कि इसमें किसी के निकल बचने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें वह सारे प्रावधान किए गए जिसके तहत लोकायुक्त स्वतंत्रता के साथ न्यायसंगत ढंग से बिना किसी रागद्वेष के वह अपना काम निष्पादित कर सकेंगे और उन्हें हर प्रकार के संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। नीतीश ने कहा इससे ज्यादा सशक्त लोकायुक्त नहीं है, उनकी समझ से संसद को अपना कानून अगर उसमें लोकायुक्त का प्रवाधान कर रहे हैं तो उन्हें हमारे इस विधानमंडल के द्वारा पारित किए जाने वाले कानून को भी एक नजर देख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में लोकायुक्त के चयन अथवा बहिर्गमन में कार्यपालिका (नौकरशाह और मंत्री) की कोई भूमिका नहीं और इसके अगले तीस दिनों के बाद प्रभावी हो जाने से हम सभी एक नये पारदर्शिता के युग में प्रवेश कर रहे हैं।नीतीश ने कहा, राजनीति करने वालों को भी स्वयं को जांच के दायरे में लाना चाहिए और इस विधेयक के जरिए ऐसा कर दिया गया है।...हम लोग तो अपना काम करेंगे जनता की सेवा करेंगे, यदि कोई पाप किया है तो सजा दे दो ताकि जनता की सेवा करने वाली जमात बदनाम न हो। उन्होंने कहा एक सीमा के भीतर हम एक-दूसरे पर वार करेंगे लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं। हम लोगों को संयुक्त रूप से सोचना चाहिए वह है राजनीति की बिगडती और गिरती हुई स्थिति, विश्वसनीयता का संकट। नीतीश ने कहा मैंने इसलिए किया है कि आज राजनीति करने वाले की जमात बदनाम न हो और यहीं (बिहार) से इसकी शुरूआत होगी कि राजनीति करने वाले लोग भी इस तरह का काम कर सकते हैं, अपने को भी जांच के दायरे में ला सकते हैं तो फिर से विश्वास जागेगा कि लोकतंत्र से बेहतर कोई शासनतंत्र नहीं हो सकता है। लोकायुक्त विधेयक 2011 की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि बिहार में लोकायुक्त की संस्था बहुत पुरानी है। वह यहां लोकायुक्त को व्यापक और मजबूत बनाकर उसके दायरे में मुख्यमंत्री को लाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इसको लेकर आधिकारिक रूप से तैयार ड्राफ्ट को आम राय हासिल करने के लिए वेबसाइट पर डाला गया और 130 राय प्राप्त हुई, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रियों का एक समूह गठित किया गया जो इन सारी चीजों को देखें तथा सर्वदलीय बैठक के बाद प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष लाया गया उसे स्वीकृति प्रदान की गयी। सिद्दीकी द्वारा लोकायुक्त की चयन समिति में बिहार विधान परिषद के सभापति और बिहार विधानसभा के अध्यक्ष को शामिल किए जाने गलत ठहराये जाने पर नीतीश ने कहा कि चयन समिति में सभापति और अध्यक्ष विधायिका के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा हमने पूरी कार्यपालिका (नौकरशाह एवं मंत्री) को उससे अलग कर दिया है, उनका चयन एवं बहिर्गमन में कोई भुमिका नहीं है। नीतीश ने कहा कि बिहार के लोकायुक्त को विधानमंडल से संबंधित मामलों को छोड़कर सभी मामलों को सुनने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके दायरे में मुख्यमंत्री से लेकर मुखिया को इसको दायरे में लाया गया है। इसे संविधान के दायरे में बहुत ही कठोर बनाया गया है, जिससे किसी के बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं है। नीतीश ने कहा कि बिहार के लोकायुक्त को यह भी अधिकार होगा कि वह किसी ठेका अथवा लाइसेंस की जांच कर सकते हैं और अगर ठीक नहीं मानते तो उसे वे रद्द कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में लोकायुक्त के चयन से लेकर उन्हें हटाए जाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है और उम्मीदवारों के चयन में हेरफेर की कोई आशंका नहीं है, क्योंकि सारी जानकारी को वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। नीतीश ने कहा कि लोकायुक्त के लिए सर्च कमेटी से चयन समिति तक की पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी तथा चयन में सर्च कमेटी के जो भी सदस्य एतराज करेंगे उस पर विचार किया जाएगा। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी द्वारा यह कहे जाने कि पिछले छह सालों से सरकार क्या कर रही थी जो आज उसे पारित किए जाने में जल्दीबाजी कर रही है, इस पर मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा ऐसा नहीं है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आज ही जगे हैं, जो भी उपलब्ध साधन है उसके जरिए भ्रष्टाचार पर रोका है। उन्होंने कहा, हम लोगों ने भ्रष्टाचार के मामले में कतई नहीं सहने की नीति अख्तयार की है, पिछले कार्यकाल के दौरान 2009 में इसी सदन ने विशेष न्यायालय अधिनियम पारित किया था और कानून बनने के बाद वर्तमान कार्यकाल में इसके तहत अब कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस विधेयक को आदर्श, सशक्त और प्रभावशाली बताते हुए कहा कि इसमें किसी के निकल बचने की कोई गुंजाइश नहीं है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में एक बम के साथ खेल रहे चार बच्चों की उस समय मौत हो गई, जब यह बम अचानक फट गया। चारों बच्चे एक ही परिवार के हैं। इस घटना में एक अन्य बच्चा घायल हो गया है। समाचार एजेंसी ईएफई के मुताबिक, यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है। राज्य सरकार के प्रवक्ता जावेद फैजल ने बताया कि यह घटना मारूफ जिले के रसकाई जोन में अपराह्न् लगभग 2 बजे हुई। अधिकारी ने कहा, बम से खेलने के दौरान एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। एक अन्य परिवार का एक बच्चा घायल हो गया।टिप्पणियां फैजल के मुताबिक, सभी मृतकों की उम्र 10 साल से कम थी और उन्होंने इस घटना के लिए तालिबानी आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है। तालिबान, अफगानी एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों को परेशान करने के लिए अक्सर बमों का सहारा लेते हैं। समाचार एजेंसी ईएफई के मुताबिक, यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है। राज्य सरकार के प्रवक्ता जावेद फैजल ने बताया कि यह घटना मारूफ जिले के रसकाई जोन में अपराह्न् लगभग 2 बजे हुई। अधिकारी ने कहा, बम से खेलने के दौरान एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। एक अन्य परिवार का एक बच्चा घायल हो गया।टिप्पणियां फैजल के मुताबिक, सभी मृतकों की उम्र 10 साल से कम थी और उन्होंने इस घटना के लिए तालिबानी आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है। तालिबान, अफगानी एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों को परेशान करने के लिए अक्सर बमों का सहारा लेते हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता जावेद फैजल ने बताया कि यह घटना मारूफ जिले के रसकाई जोन में अपराह्न् लगभग 2 बजे हुई। अधिकारी ने कहा, बम से खेलने के दौरान एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। एक अन्य परिवार का एक बच्चा घायल हो गया।टिप्पणियां फैजल के मुताबिक, सभी मृतकों की उम्र 10 साल से कम थी और उन्होंने इस घटना के लिए तालिबानी आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है। तालिबान, अफगानी एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों को परेशान करने के लिए अक्सर बमों का सहारा लेते हैं। अधिकारी ने कहा, बम से खेलने के दौरान एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। एक अन्य परिवार का एक बच्चा घायल हो गया।टिप्पणियां फैजल के मुताबिक, सभी मृतकों की उम्र 10 साल से कम थी और उन्होंने इस घटना के लिए तालिबानी आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है। तालिबान, अफगानी एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों को परेशान करने के लिए अक्सर बमों का सहारा लेते हैं। फैजल के मुताबिक, सभी मृतकों की उम्र 10 साल से कम थी और उन्होंने इस घटना के लिए तालिबानी आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है। तालिबान, अफगानी एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों को परेशान करने के लिए अक्सर बमों का सहारा लेते हैं। तालिबान, अफगानी एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों को परेशान करने के लिए अक्सर बमों का सहारा लेते हैं।
सारांश: अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में एक बम के साथ खेल रहे चार बच्चों की उस समय मौत हो गई, जब यह बम अचानक फट गया। चारों बच्चे एक ही परिवार के हैं। इस घटना में एक अन्य बच्चा घायल हो गया है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्टेफेनी टेलर (75) की शानदार पारी की बदौलत वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट टीम ने बाराबती स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए आईसीसी विश्वकप के सुपर-6 चरण के एक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका टीम को दो विकेट से हरा दिया। टेलर को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दक्षिण अफ्रीकी टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 230 रन बनाए थे। इसके जबाव में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम ने 231 रनों के लक्ष्य को 27 गेंद शेष रहते आठ विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसका पहला विकेट 15 रनों के कुल योग पर नताशा मैक्लीन (5) के रूप में गिरा। उनके आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आई स्टेफेनी और किसिया नाइट ने शानदार खेल दिखाया। दोनों के बीच 126 रनों की साझेदारी हुई।   किसिया 141 के कुल योग पर डेन वैन नैकेर्क की गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठी। उनके कुछ देर बाद ही डेन वैन नैकेर्क ने टेलर को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। टेलर ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का जमाया। देआंद्रा डॉटिन (24) और शेमाने कैम्पबैले (33) ने भी टीम को जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्य बल्लेबाजों में कायशोना नाइट (4), मेरिसा एगीलीरा (9), शाकुआना कुइनटाइने 9 रन बनाकर आउट हुईं, वहीं शैनेल डेले चार और ट्रेमायने स्मार्ट बिना कोई रन बनाए नाबाद लौटीं। इससे पहले, अफ्रीकी टीम का पहला विकेट 22 के कुल योग पर योलांडी पॉटगीटर (7) के रूप में गिरा। उन्हें डेले ने टेलर के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं मिग्नॉन डू प्रीज और सलामी बल्लेबाज त्रिशा चेट्टी ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। 26वें ओवर में प्रीज 31 रन के निजी योग पर कुइनटाइने की गेंद पर डॉटिन को कैच दे बैठीं। इस वक्त टीम का कुल योग 84 रन था। इसके कुछ ही देर बाद चेट्टी भी डोटिंग की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। टीम का कुल स्कोर 140 था कि मारिज्ने काप (14) भी कैच आउट होकर चलती बनीं। क्रि-जेल्डा ब्रिट्स 44 के निजी योग पर रन आउट हो गईं।टिप्पणियां अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। दक्षिण अफ्रीकी टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 230 रन बनाए थे। इसके जबाव में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम ने 231 रनों के लक्ष्य को 27 गेंद शेष रहते आठ विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसका पहला विकेट 15 रनों के कुल योग पर नताशा मैक्लीन (5) के रूप में गिरा। उनके आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आई स्टेफेनी और किसिया नाइट ने शानदार खेल दिखाया। दोनों के बीच 126 रनों की साझेदारी हुई।   किसिया 141 के कुल योग पर डेन वैन नैकेर्क की गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठी। उनके कुछ देर बाद ही डेन वैन नैकेर्क ने टेलर को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। टेलर ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का जमाया। देआंद्रा डॉटिन (24) और शेमाने कैम्पबैले (33) ने भी टीम को जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्य बल्लेबाजों में कायशोना नाइट (4), मेरिसा एगीलीरा (9), शाकुआना कुइनटाइने 9 रन बनाकर आउट हुईं, वहीं शैनेल डेले चार और ट्रेमायने स्मार्ट बिना कोई रन बनाए नाबाद लौटीं। इससे पहले, अफ्रीकी टीम का पहला विकेट 22 के कुल योग पर योलांडी पॉटगीटर (7) के रूप में गिरा। उन्हें डेले ने टेलर के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं मिग्नॉन डू प्रीज और सलामी बल्लेबाज त्रिशा चेट्टी ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। 26वें ओवर में प्रीज 31 रन के निजी योग पर कुइनटाइने की गेंद पर डॉटिन को कैच दे बैठीं। इस वक्त टीम का कुल योग 84 रन था। इसके कुछ ही देर बाद चेट्टी भी डोटिंग की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। टीम का कुल स्कोर 140 था कि मारिज्ने काप (14) भी कैच आउट होकर चलती बनीं। क्रि-जेल्डा ब्रिट्स 44 के निजी योग पर रन आउट हो गईं।टिप्पणियां अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। वेस्टइंडीज टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसका पहला विकेट 15 रनों के कुल योग पर नताशा मैक्लीन (5) के रूप में गिरा। उनके आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आई स्टेफेनी और किसिया नाइट ने शानदार खेल दिखाया। दोनों के बीच 126 रनों की साझेदारी हुई।   किसिया 141 के कुल योग पर डेन वैन नैकेर्क की गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठी। उनके कुछ देर बाद ही डेन वैन नैकेर्क ने टेलर को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। टेलर ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का जमाया। देआंद्रा डॉटिन (24) और शेमाने कैम्पबैले (33) ने भी टीम को जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्य बल्लेबाजों में कायशोना नाइट (4), मेरिसा एगीलीरा (9), शाकुआना कुइनटाइने 9 रन बनाकर आउट हुईं, वहीं शैनेल डेले चार और ट्रेमायने स्मार्ट बिना कोई रन बनाए नाबाद लौटीं। इससे पहले, अफ्रीकी टीम का पहला विकेट 22 के कुल योग पर योलांडी पॉटगीटर (7) के रूप में गिरा। उन्हें डेले ने टेलर के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं मिग्नॉन डू प्रीज और सलामी बल्लेबाज त्रिशा चेट्टी ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। 26वें ओवर में प्रीज 31 रन के निजी योग पर कुइनटाइने की गेंद पर डॉटिन को कैच दे बैठीं। इस वक्त टीम का कुल योग 84 रन था। इसके कुछ ही देर बाद चेट्टी भी डोटिंग की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। टीम का कुल स्कोर 140 था कि मारिज्ने काप (14) भी कैच आउट होकर चलती बनीं। क्रि-जेल्डा ब्रिट्स 44 के निजी योग पर रन आउट हो गईं।टिप्पणियां अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। किसिया 141 के कुल योग पर डेन वैन नैकेर्क की गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठी। उनके कुछ देर बाद ही डेन वैन नैकेर्क ने टेलर को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। टेलर ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का जमाया। देआंद्रा डॉटिन (24) और शेमाने कैम्पबैले (33) ने भी टीम को जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्य बल्लेबाजों में कायशोना नाइट (4), मेरिसा एगीलीरा (9), शाकुआना कुइनटाइने 9 रन बनाकर आउट हुईं, वहीं शैनेल डेले चार और ट्रेमायने स्मार्ट बिना कोई रन बनाए नाबाद लौटीं। इससे पहले, अफ्रीकी टीम का पहला विकेट 22 के कुल योग पर योलांडी पॉटगीटर (7) के रूप में गिरा। उन्हें डेले ने टेलर के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं मिग्नॉन डू प्रीज और सलामी बल्लेबाज त्रिशा चेट्टी ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। 26वें ओवर में प्रीज 31 रन के निजी योग पर कुइनटाइने की गेंद पर डॉटिन को कैच दे बैठीं। इस वक्त टीम का कुल योग 84 रन था। इसके कुछ ही देर बाद चेट्टी भी डोटिंग की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। टीम का कुल स्कोर 140 था कि मारिज्ने काप (14) भी कैच आउट होकर चलती बनीं। क्रि-जेल्डा ब्रिट्स 44 के निजी योग पर रन आउट हो गईं।टिप्पणियां अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। देआंद्रा डॉटिन (24) और शेमाने कैम्पबैले (33) ने भी टीम को जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्य बल्लेबाजों में कायशोना नाइट (4), मेरिसा एगीलीरा (9), शाकुआना कुइनटाइने 9 रन बनाकर आउट हुईं, वहीं शैनेल डेले चार और ट्रेमायने स्मार्ट बिना कोई रन बनाए नाबाद लौटीं। इससे पहले, अफ्रीकी टीम का पहला विकेट 22 के कुल योग पर योलांडी पॉटगीटर (7) के रूप में गिरा। उन्हें डेले ने टेलर के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं मिग्नॉन डू प्रीज और सलामी बल्लेबाज त्रिशा चेट्टी ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। 26वें ओवर में प्रीज 31 रन के निजी योग पर कुइनटाइने की गेंद पर डॉटिन को कैच दे बैठीं। इस वक्त टीम का कुल योग 84 रन था। इसके कुछ ही देर बाद चेट्टी भी डोटिंग की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। टीम का कुल स्कोर 140 था कि मारिज्ने काप (14) भी कैच आउट होकर चलती बनीं। क्रि-जेल्डा ब्रिट्स 44 के निजी योग पर रन आउट हो गईं।टिप्पणियां अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। इससे पहले, अफ्रीकी टीम का पहला विकेट 22 के कुल योग पर योलांडी पॉटगीटर (7) के रूप में गिरा। उन्हें डेले ने टेलर के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं मिग्नॉन डू प्रीज और सलामी बल्लेबाज त्रिशा चेट्टी ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। 26वें ओवर में प्रीज 31 रन के निजी योग पर कुइनटाइने की गेंद पर डॉटिन को कैच दे बैठीं। इस वक्त टीम का कुल योग 84 रन था। इसके कुछ ही देर बाद चेट्टी भी डोटिंग की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। टीम का कुल स्कोर 140 था कि मारिज्ने काप (14) भी कैच आउट होकर चलती बनीं। क्रि-जेल्डा ब्रिट्स 44 के निजी योग पर रन आउट हो गईं।टिप्पणियां अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं मिग्नॉन डू प्रीज और सलामी बल्लेबाज त्रिशा चेट्टी ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। 26वें ओवर में प्रीज 31 रन के निजी योग पर कुइनटाइने की गेंद पर डॉटिन को कैच दे बैठीं। इस वक्त टीम का कुल योग 84 रन था। इसके कुछ ही देर बाद चेट्टी भी डोटिंग की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। टीम का कुल स्कोर 140 था कि मारिज्ने काप (14) भी कैच आउट होकर चलती बनीं। क्रि-जेल्डा ब्रिट्स 44 के निजी योग पर रन आउट हो गईं।टिप्पणियां अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। इसके कुछ ही देर बाद चेट्टी भी डोटिंग की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। टीम का कुल स्कोर 140 था कि मारिज्ने काप (14) भी कैच आउट होकर चलती बनीं। क्रि-जेल्डा ब्रिट्स 44 के निजी योग पर रन आउट हो गईं।टिप्पणियां अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। अन्य बल्लेबाजों में सुसान बेनाडे (3), शानद्रे फ्रिट्ज (19) रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेन वैन नैकेर्क 33 और शबनम इस्माइल 9 रनों पर नाबाद लौटीं। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली। वेस्टइंडीज की ओर से स्मार्ट ने दो विकेट चटकाए, जबकि डेले, टेलर, कुइनटाइने और डॉटिन को एक-एक सफलता मिली।
सारांश: स्टेफेनी टेलर (75) की शानदार पारी की बदौलत वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट टीम ने बाराबती स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए आईसीसी विश्वकप के सुपर-6 चरण के एक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका टीम को दो विकेट से हरा दिया। टेलर को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुन
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानिए) फॉर्म को भरने की समयसीमा 15 दिन और बढ़ाकर 30 नवंबर तक कर दी है। एलपीजी के कई कनेक्शन या दूसरे नामों से कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं का पता लगाने के लिए सरकार ने केवाईसी फॉर्म भराने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पहले भी समयसीमा 15 दिन बढ़ाकर 15 नवंबर की गई थी। तेल उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि इस भारी-भरकम प्रक्रिया को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियों के आग्रह पर इसकी समयसीमा बढ़ाकर 30 नवंबर की जा रही है। अधिकारी ने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियां ‘एक घर एक कनेक्शन’ की नीति को लागू कर रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं से कहा गया है कि जिनके पास एक से ज्यादा कनेक्शन हैं वे उसे स्वैच्छिक तौर पर लौटा दें। एक की पते पर एक ही नाम से कई कनेक्शन या एक ही पते पर पति-पत्नी दोनों के नाम से यदि कनेक्शन हुआ तो उसे काट दिया जाएगा। यदि एक ही पते पर अलग-अलग नामों से कई कनेक्शन हैं तो ऐसे में डिस्ट्रिब्यूटरों से कहा गया है कि वे सही उपभोक्ता की पहचान के लिए केवाईसी फॉर्म जुटाएं।टिप्पणियां केवाईसी फॉर्म में उपभोक्ता को सभी आवश्यक जानकारियां मसलन नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मां का नाम, पति या पत्नी का नाम, पिनकोड के साथ पते के अलावा वैकल्पिक रूप से बैंक की जानकारी देने होगी। उपभोक्ताओं को फॉर्म का पता तथा आईडी प्रमाण जमा कराना होगा। नए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन केवाईसी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 तक सभी एलपीजी ग्राहक तीन सब्सिडी वाले सिलेंडरों के पात्र हैं। अगले साल 1 अप्रैल से एलपीजी उपभोक्ता एक वित्त वर्ष में सब्सिडी वाले छह सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। एलपीजी के कई कनेक्शन या दूसरे नामों से कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं का पता लगाने के लिए सरकार ने केवाईसी फॉर्म भराने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पहले भी समयसीमा 15 दिन बढ़ाकर 15 नवंबर की गई थी। तेल उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि इस भारी-भरकम प्रक्रिया को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियों के आग्रह पर इसकी समयसीमा बढ़ाकर 30 नवंबर की जा रही है। अधिकारी ने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियां ‘एक घर एक कनेक्शन’ की नीति को लागू कर रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं से कहा गया है कि जिनके पास एक से ज्यादा कनेक्शन हैं वे उसे स्वैच्छिक तौर पर लौटा दें। एक की पते पर एक ही नाम से कई कनेक्शन या एक ही पते पर पति-पत्नी दोनों के नाम से यदि कनेक्शन हुआ तो उसे काट दिया जाएगा। यदि एक ही पते पर अलग-अलग नामों से कई कनेक्शन हैं तो ऐसे में डिस्ट्रिब्यूटरों से कहा गया है कि वे सही उपभोक्ता की पहचान के लिए केवाईसी फॉर्म जुटाएं।टिप्पणियां केवाईसी फॉर्म में उपभोक्ता को सभी आवश्यक जानकारियां मसलन नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मां का नाम, पति या पत्नी का नाम, पिनकोड के साथ पते के अलावा वैकल्पिक रूप से बैंक की जानकारी देने होगी। उपभोक्ताओं को फॉर्म का पता तथा आईडी प्रमाण जमा कराना होगा। नए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन केवाईसी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 तक सभी एलपीजी ग्राहक तीन सब्सिडी वाले सिलेंडरों के पात्र हैं। अगले साल 1 अप्रैल से एलपीजी उपभोक्ता एक वित्त वर्ष में सब्सिडी वाले छह सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। तेल उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि इस भारी-भरकम प्रक्रिया को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियों के आग्रह पर इसकी समयसीमा बढ़ाकर 30 नवंबर की जा रही है। अधिकारी ने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियां ‘एक घर एक कनेक्शन’ की नीति को लागू कर रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं से कहा गया है कि जिनके पास एक से ज्यादा कनेक्शन हैं वे उसे स्वैच्छिक तौर पर लौटा दें। एक की पते पर एक ही नाम से कई कनेक्शन या एक ही पते पर पति-पत्नी दोनों के नाम से यदि कनेक्शन हुआ तो उसे काट दिया जाएगा। यदि एक ही पते पर अलग-अलग नामों से कई कनेक्शन हैं तो ऐसे में डिस्ट्रिब्यूटरों से कहा गया है कि वे सही उपभोक्ता की पहचान के लिए केवाईसी फॉर्म जुटाएं।टिप्पणियां केवाईसी फॉर्म में उपभोक्ता को सभी आवश्यक जानकारियां मसलन नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मां का नाम, पति या पत्नी का नाम, पिनकोड के साथ पते के अलावा वैकल्पिक रूप से बैंक की जानकारी देने होगी। उपभोक्ताओं को फॉर्म का पता तथा आईडी प्रमाण जमा कराना होगा। नए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन केवाईसी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 तक सभी एलपीजी ग्राहक तीन सब्सिडी वाले सिलेंडरों के पात्र हैं। अगले साल 1 अप्रैल से एलपीजी उपभोक्ता एक वित्त वर्ष में सब्सिडी वाले छह सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। अधिकारी ने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियां ‘एक घर एक कनेक्शन’ की नीति को लागू कर रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं से कहा गया है कि जिनके पास एक से ज्यादा कनेक्शन हैं वे उसे स्वैच्छिक तौर पर लौटा दें। एक की पते पर एक ही नाम से कई कनेक्शन या एक ही पते पर पति-पत्नी दोनों के नाम से यदि कनेक्शन हुआ तो उसे काट दिया जाएगा। यदि एक ही पते पर अलग-अलग नामों से कई कनेक्शन हैं तो ऐसे में डिस्ट्रिब्यूटरों से कहा गया है कि वे सही उपभोक्ता की पहचान के लिए केवाईसी फॉर्म जुटाएं।टिप्पणियां केवाईसी फॉर्म में उपभोक्ता को सभी आवश्यक जानकारियां मसलन नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मां का नाम, पति या पत्नी का नाम, पिनकोड के साथ पते के अलावा वैकल्पिक रूप से बैंक की जानकारी देने होगी। उपभोक्ताओं को फॉर्म का पता तथा आईडी प्रमाण जमा कराना होगा। नए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन केवाईसी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 तक सभी एलपीजी ग्राहक तीन सब्सिडी वाले सिलेंडरों के पात्र हैं। अगले साल 1 अप्रैल से एलपीजी उपभोक्ता एक वित्त वर्ष में सब्सिडी वाले छह सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। एक की पते पर एक ही नाम से कई कनेक्शन या एक ही पते पर पति-पत्नी दोनों के नाम से यदि कनेक्शन हुआ तो उसे काट दिया जाएगा। यदि एक ही पते पर अलग-अलग नामों से कई कनेक्शन हैं तो ऐसे में डिस्ट्रिब्यूटरों से कहा गया है कि वे सही उपभोक्ता की पहचान के लिए केवाईसी फॉर्म जुटाएं।टिप्पणियां केवाईसी फॉर्म में उपभोक्ता को सभी आवश्यक जानकारियां मसलन नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मां का नाम, पति या पत्नी का नाम, पिनकोड के साथ पते के अलावा वैकल्पिक रूप से बैंक की जानकारी देने होगी। उपभोक्ताओं को फॉर्म का पता तथा आईडी प्रमाण जमा कराना होगा। नए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन केवाईसी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 तक सभी एलपीजी ग्राहक तीन सब्सिडी वाले सिलेंडरों के पात्र हैं। अगले साल 1 अप्रैल से एलपीजी उपभोक्ता एक वित्त वर्ष में सब्सिडी वाले छह सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। यदि एक ही पते पर अलग-अलग नामों से कई कनेक्शन हैं तो ऐसे में डिस्ट्रिब्यूटरों से कहा गया है कि वे सही उपभोक्ता की पहचान के लिए केवाईसी फॉर्म जुटाएं।टिप्पणियां केवाईसी फॉर्म में उपभोक्ता को सभी आवश्यक जानकारियां मसलन नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मां का नाम, पति या पत्नी का नाम, पिनकोड के साथ पते के अलावा वैकल्पिक रूप से बैंक की जानकारी देने होगी। उपभोक्ताओं को फॉर्म का पता तथा आईडी प्रमाण जमा कराना होगा। नए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन केवाईसी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 तक सभी एलपीजी ग्राहक तीन सब्सिडी वाले सिलेंडरों के पात्र हैं। अगले साल 1 अप्रैल से एलपीजी उपभोक्ता एक वित्त वर्ष में सब्सिडी वाले छह सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। केवाईसी फॉर्म में उपभोक्ता को सभी आवश्यक जानकारियां मसलन नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मां का नाम, पति या पत्नी का नाम, पिनकोड के साथ पते के अलावा वैकल्पिक रूप से बैंक की जानकारी देने होगी। उपभोक्ताओं को फॉर्म का पता तथा आईडी प्रमाण जमा कराना होगा। नए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन केवाईसी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 तक सभी एलपीजी ग्राहक तीन सब्सिडी वाले सिलेंडरों के पात्र हैं। अगले साल 1 अप्रैल से एलपीजी उपभोक्ता एक वित्त वर्ष में सब्सिडी वाले छह सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 तक सभी एलपीजी ग्राहक तीन सब्सिडी वाले सिलेंडरों के पात्र हैं। अगले साल 1 अप्रैल से एलपीजी उपभोक्ता एक वित्त वर्ष में सब्सिडी वाले छह सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे।
यहाँ एक सारांश है:सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानिए) फॉर्म को भरने की समयसीमा 15 दिन और बढ़ाकर 30 नवंबर तक कर दी है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्टार स्ट्राइकर सुनील छेत्री को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में शुरू हो रहे नेहरू कप अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम का कप्तान घोषित किया गया है।टिप्पणियां राष्ट्रीय कोच विम कोवरमैन्स ने जेपी ग्रीन्स ग्राउंड पर टीम के अभ्यास सत्र के बाद छेत्री को कप्तान बनाए जाने की घोषणा की। पुर्तगाल की प्रतिष्ठित टीम स्पोर्टिंग लिस्बन में रिजर्व के तौर पर शामिल रहे छेत्री ने कहा, देश की अगुआई करना बड़े सम्मान की बात है। छेत्री ने कहा, नेहरू कप का यह सत्र विशेष है, क्योंकि इसका आयोजन एआईएफएफ के प्लेटिनम जयंती वर्ष में किया जा रहा है। देश की टीम की कप्तानी करना और वह भी अपने ही देश की राजधानी में, यह किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने कहा, साथ ही यह अतिरिक्त भार भी है, क्योंकि आप कभी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते। राष्ट्रीय कोच विम कोवरमैन्स ने जेपी ग्रीन्स ग्राउंड पर टीम के अभ्यास सत्र के बाद छेत्री को कप्तान बनाए जाने की घोषणा की। पुर्तगाल की प्रतिष्ठित टीम स्पोर्टिंग लिस्बन में रिजर्व के तौर पर शामिल रहे छेत्री ने कहा, देश की अगुआई करना बड़े सम्मान की बात है। छेत्री ने कहा, नेहरू कप का यह सत्र विशेष है, क्योंकि इसका आयोजन एआईएफएफ के प्लेटिनम जयंती वर्ष में किया जा रहा है। देश की टीम की कप्तानी करना और वह भी अपने ही देश की राजधानी में, यह किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने कहा, साथ ही यह अतिरिक्त भार भी है, क्योंकि आप कभी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते। पुर्तगाल की प्रतिष्ठित टीम स्पोर्टिंग लिस्बन में रिजर्व के तौर पर शामिल रहे छेत्री ने कहा, देश की अगुआई करना बड़े सम्मान की बात है। छेत्री ने कहा, नेहरू कप का यह सत्र विशेष है, क्योंकि इसका आयोजन एआईएफएफ के प्लेटिनम जयंती वर्ष में किया जा रहा है। देश की टीम की कप्तानी करना और वह भी अपने ही देश की राजधानी में, यह किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने कहा, साथ ही यह अतिरिक्त भार भी है, क्योंकि आप कभी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते।
संक्षिप्त पाठ: स्टार स्ट्राइकर सुनील छेत्री को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में शुरू हो रहे नेहरू कप अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम का कप्तान घोषित किया गया है।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बुलंदशहर के जिला अस्पताल में एक मरीज की मौत हो गई है, क्योंकि वहां इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टर ने मरीज का इलाज करने से मना कर दिया था। यहां की खस्ताहाल मेडिकल सुविधाओं पर एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट पर सरकार ने कार्रवाई की है।टिप्पणियां गौरतलब है कि इस अस्पताल में स्वीपरों और वॉर्ड ब्वॉय,  डॉक्टरों की जगह मरीजों को टांके और टीके लगाते दिखाए गए थे। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को हटा दिया है और उस वॉर्ड ब्वॉय को सस्पेंड कर दिया है। इसी से नाराज होकर डॉक्टरों ने यहां मरीजों को देखना बंद कर दिया। यही नहीं मीडिया ने जब डॉक्टरों से सवाल किया तो वे उल्टे मीडिया पर ही बरस पड़े और तू-तड़ाक पर उतर आए। गौरतलब है कि इस अस्पताल में स्वीपरों और वॉर्ड ब्वॉय,  डॉक्टरों की जगह मरीजों को टांके और टीके लगाते दिखाए गए थे। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को हटा दिया है और उस वॉर्ड ब्वॉय को सस्पेंड कर दिया है। इसी से नाराज होकर डॉक्टरों ने यहां मरीजों को देखना बंद कर दिया। यही नहीं मीडिया ने जब डॉक्टरों से सवाल किया तो वे उल्टे मीडिया पर ही बरस पड़े और तू-तड़ाक पर उतर आए। इसी से नाराज होकर डॉक्टरों ने यहां मरीजों को देखना बंद कर दिया। यही नहीं मीडिया ने जब डॉक्टरों से सवाल किया तो वे उल्टे मीडिया पर ही बरस पड़े और तू-तड़ाक पर उतर आए।
संक्षिप्त सारांश: बुलंदशहर के जिला अस्पताल में एक मरीज की मौत हो गई, क्योंकि इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टर ने उसका इलाज करने से मना कर दिया। मीडिया ने जब डॉक्टर से सवाल गया, तो वह भड़क गया और तू-तड़ाक पर उतर आया।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वायुसेना के लापता हुए सुखोई -30 लड़ाकू विमान और इसके पायलटों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है. खोज और बचाव अभियान गुरुवार को भी जारी रहा. सुखोई -30, सी -130 और एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर भी इस अभियान में लगे हुए हैं. बुधवार के मुकाबले गुरुवार को मौसम बेहतर था लेकिन घने जंगल होने की वजह से तलाशी अभियान अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. आसमान से तलाशी अभियान के अलावा जमीन पर वायुसेना की चार टुकड़ियां, थल सेना की नौ और राज्य सरकार दो टुकड़ियां अलग अलग इलाकों में खोज में लगी हुई हैं.      मंगलवार को असम के तेजपुर एयर बेस ये दो सीटों वाले इस विमान ने सुबह 10.30  बजे उड़ान भरी थी, लेकिन 11.10 बजे के बाद इसका रेडियो और राडार संपर्क टूट गया. विमान ने तेजपुर से 60 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में उड़ान भरी थी और उसके बाद से ही लापता हो गया. यहां से चीन की सीमा करीब 200 से 250 किलोमीटर की दूरी पर है. सुखोई वायुसेना की अग्रिम पंक्ति का लड़ाकू विमान है. इसमें वे सारे यंत्र लगे हैं जिससे इस बात का पता लगाया जा सकता है कि विमान  कहां है? बावजूद इसके अभी तक कुछ पता न चल पाना बड़ी बात है. इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं. इसका खुलासा विमान के पता लगने पर ही हो सकेगा.जैसे-जैसे विमान और पायलटों के बारे में जानकारी मिलने में देरी हो रही है वैसे-वैसे किसी अनहोनी की आशंका बढ़ती जा रही है. सुखोई वायुसेना की अग्रिम पंक्ति का लड़ाकू विमान है. इसमें वे सारे यंत्र लगे हैं जिससे इस बात का पता लगाया जा सकता है कि विमान  कहां है? बावजूद इसके अभी तक कुछ पता न चल पाना बड़ी बात है. इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं. इसका खुलासा विमान के पता लगने पर ही हो सकेगा.जैसे-जैसे विमान और पायलटों के बारे में जानकारी मिलने में देरी हो रही है वैसे-वैसे किसी अनहोनी की आशंका बढ़ती जा रही है.
आसमान के साथ-साथ जमीन पर भी तलाश में जुटीं सेना की टुकड़ियां चीन की सीमा से करीब 250 किलोमीटर की दूरी पर हुआ लापता वायुसेना की अग्रिम पंक्ति का लड़ाकू विमान है सुखोई
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व के नंबर एक खिलाड़ी राफेल नडाल बीमारी से अब भी पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं और दुनिया के इस नंबर एक खिलाड़ी का मानना है कि यदि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई ओपन के रूप में लगातार चौथा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतना है, तो उन्हें जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होना होगा। ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ी बर्नार्ड टोमिच के खिलाफ शनिवार को नडाल को ढाई घंटे तक चले मैच में काफी पसीना बहाना पड़ा था। नडाल ने टोमिच के खिलाफ खेलते हुए दो बार अपनी शर्ट बदली। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया आते समय वायरस संबंधी बीमारी ने जकड़ लिया था और वह अब भी उससे पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं। उन्होंने कहा, दोहा में मुझे परेशानी हुई थी। मैं अच्छा महसूस नहीं कर रहा था। मुझे बुखार था। ऐसा लग रहा है कि मैं अब भी उससे पूरी तरह नहीं उबरा हूं। मुझे बहुत अधिक पसीना आ रहा है और मैं अधिक थकान महसूस कर रहा हूं। नडाल ने स्वीकार किया कि टोमिच के खिलाफ वह अच्छा नहीं खेल नहीं दिखा पाए। उन्होंने कहा, मैं अच्छा नहीं खेला। मेरा मूवमेंट अच्छा नहीं था तथा कोर्ट पर पोजीशन भी अच्छी नहीं थी। सकारात्मक पहलू यह रहा कि मेरा रवैया हमेशा सही रहा। लेकिन यदि मुझे अगला मैच जीतना है, तो वास्तव में कुछ चीजों में बदलाव करना होगा। नडाल का अगला मुकाबला 15वीं वरीय क्रोएशियाई मारिन सिलिच से होगा।
दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी का मानना है कि यदि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई ओपन के रूप में लगातार चौथा ग्रैंडस्लैम जीतना है, तो उन्हें जल्द स्वस्थ होना होगा।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म 'शीरीं फरहाद की तो निकल पड़ी' 40- 45 साल की उम्र तक कुंवारे बैठे शीरीं और फरहाद के प्यार पर है। दोनों पारसी हैं। फरहाद अंडर गारमेंट्स की दुकान पर सेल्समैन है और ये जानते ही लड़कियां उसे रिजेक्ट कर देती हैं, लेकिन शीरीं फुग्गावाला फरहाद में छिपे एक सेंसिटिव, इमोशनल, टेलेंटेड और ईमानदार इंसान को पहचान लेती है। हल्के-फुल्के कॉमिक सीन्स के साथ धीरे-धीरे लव स्टोरी आगे बढ़ जाती है, लेकिन तभी फरहाद की मां और शीरीं के बीच एक मजेदार खुन्नस निकल आती है।   राइटर संजय लीला भंसाली ने बोमन ईरानी और फराह खान की उम्र और व्यक्तित्व को देखते हुए अच्छी कहानी और करेक्टर तैयार किए। फिर कहानी में कॉमेडी डाल दी ताकि बड़ी उम्र के कुंवारों की लव स्टोरी बोरिंग न लगे।   नतीजा अच्छा रहा। कई सीन्स देखकर आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे। पारसी समाज में कुंवारों की बढ़ती तादाद पर मजेदार जोक्स गढ़े गए, खासकर तब जब एक लड़की से शादी करने के लिए पारसी लड़कों में झगड़ा हो जाता है, लेकिन इस सबके बीच शीरीं और फरहाद के प्यार की मासूमियत कहीं नहीं खोती। न ही बढ़ती उम्र उनकी मासूमियत और संवेदनशीलता छीनती है।   पहली बार एक्टिंग कर रही फराह खान ने चुलबुली शीरीं का रोल बड़े कॉन्फिडेंस से अदा किया। बोमन ईरानी इमोशनल सीन्स में दिल छू गए। डेजी ईरानी और शम्मी के रूप में बेहतरीन सपोर्टिंग कास्ट है सो अलग। बढ़ती उम्र के अकेलेपन और उस पर….पहले प्यार की उमंगों पर अच्छे गाने हैं हालांकि गाने कुछ कम होते तो यह फिल्म कहीं-कहीं स्लो होने से बच जाती। डायरेक्टर के तौर पर बेला भंसाली सहगल की ये हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्म देखने लायक है और इसके लिए मेरी रेटिंग है 3 स्टार।
यहाँ एक सारांश है:45 साल का फरहाद एक अंडर गारमेंट्स दुकान पर सेल्समैन है, जिसकी शादी नहीं हुई है। उसकी जिंदगी में 40 साल की शीरीं आती है और फिर शुरू होती है एक रोमांटिक, इमोशनल और कॉमेडी से भरपूर कहानी...
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यह मामला CEC में गया. CEC ने 2009 में आश्रम के अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया, लेकिन आश्रम तोड़ा नहीं जा सका. मामला सुप्रीम कोर्ट में गया. सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त तक आश्रम हटाने का आदेश दिया है. मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश एक्स पार्टी था क्योंकि उनका काउंसिल उस समय अदालत में मौजूद नहीं था. मंदिर की तरफ से रिव्यू याचिका दायर की जा रही है. इस बीच इलाके में किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. हालांकि आश्रम के सचिव गुरुनाथ भोईर ने एनडीटीवी को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हुए आश्रम खुद ही कई निर्माणों को तोड़ने में लगा है. भोईर के मुताबिक आश्रम की तरफ से वन विभाग को पत्र और तोड़े जाने की तस्वीर भी भेजी गई है. इस बीच पता चला है कि भीमा कोरेगांव हिंसा के आरोपी मिलिंद एकबोटे ने भी एक दिन पहले आश्रम का दौरा किया और आश्रम तोड़े जाने के विरोध में इकठ्ठा होने की अपील की है. हालांकि आश्रम की तरफ से खुद ही निर्माण तोड़े जाने की शुरुआत कर शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है. बालयोगी श्री सदानंद महाराज के बारे में कहा जाता है कि वे 55 से 60 साल पहले बचपन में ही अपने माता-पिता को लेकर जंगल में तपस्या करने आए थे. बाद में माता-पिता की वहीं मौत हो गई. दोनों की समाधि बनाई गई है. बाबा आश्रम में ध्यान, भजन और पूजन के साथ समाजसेवा भी करते हैं. आसपास के इलाके में रहने वाले हजारों निवासी बाबा के अनुयायी हैं. कई नेता भी बाबा के आश्रम में जाते रहते हैं.
सारांश: सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त तक आश्रम हटाने का आदेश दिया वन्य जीवों को नुकसान की शिकायत पर हो रही कार्रवाई सदानंद आश्रम की ओर से खुद तोड़ा जा रहा निर्माण
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी क्रिकेट टीम भले ही श्रीलंका से एकदिवसीय और टेस्ट शृंखला हार गई हो, बावजूद इसके कप्तान मिस्बाह-उल-हक अपने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश हैं। मिस्बाह के मुताबिक, युवा खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितयों में बेहतर प्रदर्शन कर पाकिस्तान के भविष्य को उज्ज्वल बनाया है। हाल में श्रीलंका के साथ खेली गई पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शृंखला में पाकिस्तानी टीम को 1-3 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। जबकि तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में पाकिस्तान को 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था।टिप्पणियां इस शृंखला में पाकिस्तान की ओर से युवा तेज गेंदबाज जुनैद खान ने कुल 14 विकेट अपने नाम किए थे। इसके अलावा बल्लेबाज अजहर अली ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था, उन्होंने कोलम्बो टेस्ट मैच की पहली पारी में 157 रन बनाए थे। असद शफीक ने केंडी टेस्ट मैच की पहली पारी में 75 रन बनाए थे। एक समाचार पत्र ने मिस्बाह के हवाले से लिखा है, जुनैद खान, अजहर अली और असद शफीक जैसे युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह सुनिश्चित कर दिया है कि पाकिस्तान का भविष्य उज्जवल है। मुश्किल परिस्थितयों में इन खिलाड़ियों ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया। हाल में श्रीलंका के साथ खेली गई पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शृंखला में पाकिस्तानी टीम को 1-3 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। जबकि तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में पाकिस्तान को 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था।टिप्पणियां इस शृंखला में पाकिस्तान की ओर से युवा तेज गेंदबाज जुनैद खान ने कुल 14 विकेट अपने नाम किए थे। इसके अलावा बल्लेबाज अजहर अली ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था, उन्होंने कोलम्बो टेस्ट मैच की पहली पारी में 157 रन बनाए थे। असद शफीक ने केंडी टेस्ट मैच की पहली पारी में 75 रन बनाए थे। एक समाचार पत्र ने मिस्बाह के हवाले से लिखा है, जुनैद खान, अजहर अली और असद शफीक जैसे युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह सुनिश्चित कर दिया है कि पाकिस्तान का भविष्य उज्जवल है। मुश्किल परिस्थितयों में इन खिलाड़ियों ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया। इस शृंखला में पाकिस्तान की ओर से युवा तेज गेंदबाज जुनैद खान ने कुल 14 विकेट अपने नाम किए थे। इसके अलावा बल्लेबाज अजहर अली ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था, उन्होंने कोलम्बो टेस्ट मैच की पहली पारी में 157 रन बनाए थे। असद शफीक ने केंडी टेस्ट मैच की पहली पारी में 75 रन बनाए थे। एक समाचार पत्र ने मिस्बाह के हवाले से लिखा है, जुनैद खान, अजहर अली और असद शफीक जैसे युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह सुनिश्चित कर दिया है कि पाकिस्तान का भविष्य उज्जवल है। मुश्किल परिस्थितयों में इन खिलाड़ियों ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया। एक समाचार पत्र ने मिस्बाह के हवाले से लिखा है, जुनैद खान, अजहर अली और असद शफीक जैसे युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह सुनिश्चित कर दिया है कि पाकिस्तान का भविष्य उज्जवल है। मुश्किल परिस्थितयों में इन खिलाड़ियों ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया।
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम भले ही श्रीलंका से एकदिवसीय और टेस्ट शृंखला हार गई हो, बावजूद इसके कप्तान मिस्बाह-उल-हक अपने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश हैं।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में पिछले साल दिसंबर में चलती बस में छात्रा के साथ गैंगरेप के पांच आरोपियों में से एक विनय शर्मा को साकेत के फास्ट ट्रैक कोर्ट में दाहिने हाथ पर पट्टी बांधे हुए पेश किया गया। उसके वकील ने आरोप लगाया कि तिहाड़ जेल में बंद अन्य कैदियों और पुलिसवालों ने उसकी पिटाई की थी। वकील एपी सिंह ने कोर्ट के बाहर यह भी कहा कि विनय को भारतीय वायुसेना की प्रवेश परीक्षा देनी थी। उसका दाहिना हाथ टूट गया है। उसे अस्पताल भेजा गया था और आज वह टूटे हाथ के साथ अदालत में पेश हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस वारदात में शामिल पांच आरोपियों में से मुख्य आरोपी बताया जा रहा राम सिंह पिछले महीने जेल के अपने सेल में रस्सी के सहारे लटका पाया गया था और जेल अधिकारियों ने दावा किया था कि उसने आत्महत्या कर ली, जबकि राम सिंह के परिजनों के मुताबिक उसकी हत्या की गई। छठे आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसका मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है।टिप्पणियां राम सिंह की मौत के बाद तिहाड़ जेल में बंद शेष चार आरोपियों के वकीलों ने कोर्ट से आग्रह किया था कि उनके मुवक्किलों को किसी अन्य जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए, क्योंकि तिहाड़ के अन्य कैदी उन्हें लगातार धमकाते और गालियां देते रहते हैं। कोर्ट ने यह आग्रह ठुकरा दिया था, परंतु पुलिस और जेल अधिकारियों से चारों को पर्याप्त सुरक्षा दिया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि इन छह आरोपियों ने 16 दिसंबर, 2012 की रात को मुनीरका इलाके में 23-वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बेरहमी से मारा-पीटा भी था। पीड़िता के साथ मौजूद युवक को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा था। बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी। उसके वकील ने आरोप लगाया कि तिहाड़ जेल में बंद अन्य कैदियों और पुलिसवालों ने उसकी पिटाई की थी। वकील एपी सिंह ने कोर्ट के बाहर यह भी कहा कि विनय को भारतीय वायुसेना की प्रवेश परीक्षा देनी थी। उसका दाहिना हाथ टूट गया है। उसे अस्पताल भेजा गया था और आज वह टूटे हाथ के साथ अदालत में पेश हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस वारदात में शामिल पांच आरोपियों में से मुख्य आरोपी बताया जा रहा राम सिंह पिछले महीने जेल के अपने सेल में रस्सी के सहारे लटका पाया गया था और जेल अधिकारियों ने दावा किया था कि उसने आत्महत्या कर ली, जबकि राम सिंह के परिजनों के मुताबिक उसकी हत्या की गई। छठे आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसका मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है।टिप्पणियां राम सिंह की मौत के बाद तिहाड़ जेल में बंद शेष चार आरोपियों के वकीलों ने कोर्ट से आग्रह किया था कि उनके मुवक्किलों को किसी अन्य जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए, क्योंकि तिहाड़ के अन्य कैदी उन्हें लगातार धमकाते और गालियां देते रहते हैं। कोर्ट ने यह आग्रह ठुकरा दिया था, परंतु पुलिस और जेल अधिकारियों से चारों को पर्याप्त सुरक्षा दिया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि इन छह आरोपियों ने 16 दिसंबर, 2012 की रात को मुनीरका इलाके में 23-वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बेरहमी से मारा-पीटा भी था। पीड़िता के साथ मौजूद युवक को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा था। बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी। उल्लेखनीय है कि इस वारदात में शामिल पांच आरोपियों में से मुख्य आरोपी बताया जा रहा राम सिंह पिछले महीने जेल के अपने सेल में रस्सी के सहारे लटका पाया गया था और जेल अधिकारियों ने दावा किया था कि उसने आत्महत्या कर ली, जबकि राम सिंह के परिजनों के मुताबिक उसकी हत्या की गई। छठे आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसका मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है।टिप्पणियां राम सिंह की मौत के बाद तिहाड़ जेल में बंद शेष चार आरोपियों के वकीलों ने कोर्ट से आग्रह किया था कि उनके मुवक्किलों को किसी अन्य जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए, क्योंकि तिहाड़ के अन्य कैदी उन्हें लगातार धमकाते और गालियां देते रहते हैं। कोर्ट ने यह आग्रह ठुकरा दिया था, परंतु पुलिस और जेल अधिकारियों से चारों को पर्याप्त सुरक्षा दिया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि इन छह आरोपियों ने 16 दिसंबर, 2012 की रात को मुनीरका इलाके में 23-वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बेरहमी से मारा-पीटा भी था। पीड़िता के साथ मौजूद युवक को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा था। बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी। राम सिंह की मौत के बाद तिहाड़ जेल में बंद शेष चार आरोपियों के वकीलों ने कोर्ट से आग्रह किया था कि उनके मुवक्किलों को किसी अन्य जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए, क्योंकि तिहाड़ के अन्य कैदी उन्हें लगातार धमकाते और गालियां देते रहते हैं। कोर्ट ने यह आग्रह ठुकरा दिया था, परंतु पुलिस और जेल अधिकारियों से चारों को पर्याप्त सुरक्षा दिया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि इन छह आरोपियों ने 16 दिसंबर, 2012 की रात को मुनीरका इलाके में 23-वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बेरहमी से मारा-पीटा भी था। पीड़िता के साथ मौजूद युवक को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा था। बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि इन छह आरोपियों ने 16 दिसंबर, 2012 की रात को मुनीरका इलाके में 23-वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बेरहमी से मारा-पीटा भी था। पीड़िता के साथ मौजूद युवक को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा था। बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी।
यह एक सारांश है: आरोपी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने आरोप लगाया कि तिहाड़ जेल में बंद अन्य कैदियों और पुलिसवालों ने उसकी पिटाई की थी। सिंह ने कहा कि उसे वायुसेना प्रवेश परीक्षा देनी थी, लेकिन उसका दाहिना हाथ टूट गया है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को शुरुआती बढ़त के बावजूद लगातार गलतियों के कारण चीन के लियुजोउ में बीडब्ल्यूएफ की सत्र की आखिरी विश्व सुपर सीरीज के फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी वांग यिहान के हाथों हार झेलनी पड़ी। साइना इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय थीं, लेकिन वह खिताब जीतने में असफल रही। साइना लगभग एक घंटे तक चले मुकाबले में चीन की यिहान से 21-18, 13-21, 13-21 से हार गईं। इस जीत से यिहान ने साइना के खिलाफ अपना शत-प्रतिशत रिकॉर्ड भी बरकरार रखा। वह अब तक साइना को चारों मुकाबलों में हराने में सफल रही हैं। पहले गेम में साइना जब 11-8 से आगे चल रही थी, तब वह यिहान के तीखे ड्राप का अनुमान लगाने में नाकाम रही। यिहान ने अलग-अलग तरह के शॉट लगाकर भारतीय खिलाड़ी को चकमा दिया और जल्द ही स्कोर 14-14 से बराबर कर दिया। साइना ने ताकतवर स्मैश के जरिये 16-14 से बढ़त बनाई, लेकिन नेट पर दो कमजोर शॉट के कारण चीनी खिलाड़ी 18-16 से फिर से उनके करीब पहुंच गई। यिहान ने लंबी रैली के बाद जब शॉट बाहर मारा, तो साइना को 19-16 से बढ़त मिल गई, लेकिन सर्विस मिलने पर यिहान ने इसका फायदा उठाया और 19-18 से अंतर कम कर दिया। साइना आखिर में नेट पर अच्छे खेल और क्रास कोर्ट शॉट के दम पर यह गेम अपने नाम करने में सफल रही, जिससे घरेलू दर्शक सन्न रह गए। साइना ने कोर्ट को भी अच्छी तरह से कवर किया था, लेकिन यिहान तब भी खाली जगह पर शटल मारने में सफल रही। साइना ने तेज ड्राप से स्कोर 8-8 से बराबर किया, लेकिन इसके बाद दो गलतियों के कारण चीनी खिलाड़ी 11-9 से आगे हो गई। साइना ने इसके बाद अच्छा खेल दिखाया और स्कोर 11-11 से बराबर कर दिया। यिहान ने हालांकि यहां से साइना को बेसलाइन तक सीमित रहने दिया और 15-11 से आगे हो गई। साइना की गलतियों के कारण उन्होंने जल्द ही स्कोर 18-11 कर दिया। साइना ने इसके बाद दो अंक हासिल किए, लेकिन वह आगे यही लय बरकरार नहीं रख पाईं। साइना ने तीसरे गेम के शुरू में ही गलतियां कीं, जिससे यिहान 3-0 से आगे हो गई। भारतीय खिलाड़ी ने फिर दो अंक अर्जित किए, लेकिन तब भी यिहान 6-3 से आगे रही, जिसे उन्होंने जल्द ही 9-3 कर दिया। साइना ने फिर से वापसी की कोशिश की और 6-9 से अंतर कम करने की कोशिश की। ब्रेक के समय चीनी खिलाड़ी 11-7 से आगे थी। इसके बाद उन्होंने साइना की गलतियों का जमकर फायदा उठाया और 17-8 की बढ़त पर पहुंच गई, जिसके बाद उन्हें मैच और खिताब जीतने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। यह यिहान का इस साल का छठा खिताब है। साइना साल में तीसरी बार उपविजेता रही।
सारांश: खिताबी मुकाबले में विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त चीन की यिहान वांग ने विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना को 18-21, 21-13, 21-13 से हराया।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पवन का कहना है कि आबिद पर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और एसटीएफ का दबाव है। उसने और उसकी मां ने आबिद का डीएनए परीक्षण कराने की मांग करते हुए कहा है कि इससे सच्‍चाई जाहिर हो जाएगी। महेश देवी का कहना है कि उनका बेटा प्रवीण संविदा पर काम करने वाला वाहन चालक था और वह वर्ष 2006 में अचानक लापता हो गया था। उसने उसकी तलाश के लिये राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से लेकर उच्च न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।टिप्पणियां मालूम हो कि लखनऊ की एक विशेष अदालत ने गत 30 जून को जैश-ए-मुहम्मद के आतंकवादियों मुहम्मद आबिद उर्फ फत्ते, मिर्जा राशिद बेग और सैफुर्रहमान को आतंक का माहौल बनाने के लिये बेगुनाह लोगों की हत्या की साजिश रचने का दोषी करार देते हुए पिछले 14 जुलाई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) महेश देवी का कहना है कि उनका बेटा प्रवीण संविदा पर काम करने वाला वाहन चालक था और वह वर्ष 2006 में अचानक लापता हो गया था। उसने उसकी तलाश के लिये राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से लेकर उच्च न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।टिप्पणियां मालूम हो कि लखनऊ की एक विशेष अदालत ने गत 30 जून को जैश-ए-मुहम्मद के आतंकवादियों मुहम्मद आबिद उर्फ फत्ते, मिर्जा राशिद बेग और सैफुर्रहमान को आतंक का माहौल बनाने के लिये बेगुनाह लोगों की हत्या की साजिश रचने का दोषी करार देते हुए पिछले 14 जुलाई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मालूम हो कि लखनऊ की एक विशेष अदालत ने गत 30 जून को जैश-ए-मुहम्मद के आतंकवादियों मुहम्मद आबिद उर्फ फत्ते, मिर्जा राशिद बेग और सैफुर्रहमान को आतंक का माहौल बनाने के लिये बेगुनाह लोगों की हत्या की साजिश रचने का दोषी करार देते हुए पिछले 14 जुलाई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उम्रकैद की सजा भुगत रहे आतंकी आबिद को अपना बेटा प्रवीण बताया आबिद के इनकार करने पर डीएनए परीक्षण कराने की मांग की कांग्रेस के एक नेता के अपहरण की साजिश के आरोप में 2007 में उसे पकड़ा गया
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि अब नागालैंड (Nagaland) में भी पाकिस्तान प्रोपेगंडा के जरिए गड़बड़ करने की कोशिश में लगा हुआ है. भारत सरकार से जुड़े  सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया, पाकिस्तान के अधिकारी पीओके में वीडियो  बनाने में जुटे हैं जिनमें कुछ लोग सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर आम जनता पर अत्याचार कर रहे हैं. इन वीडियो को सोशल मीडिया में शेयर कर कहा जाता है कि भारतीय सुरक्षा बल कश्मीरियों पर अत्याचार कर रहे हैं'. गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से इन वीडियो को नागालैंड (Nagaland) में विद्रोही समूहों को भी भेजा जा रहा है और उन्हें उकसाने की कोशिश की जा रही है.  एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया, इन संदेशों और वीडियो को विद्रोहियों संगठनों के साथ-साथ उन एक्टिविस्टों को भी भेजा जा रहा है कि जो अलग  नागालैंड बनाने की वकालत कर रहे हैं. वहीं अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे इस प्रोपेगंडा की वजह से भी कश्मीर में अभी तक इंटरनेट शुरू किया जा सका है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन धीरे-धीरे पाबंदियों को हटा रहा है. अधिकारी  ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे जहर की वजह से इंटरनेट जल्दी शुरू नहीं किया जा सकेगा. वह वीडियो के जरिए  लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं जो वास्तव में पाकिस्तान में बनाए गए हैं और यहां तक कि इनको नागालैंड पहुंचा दिया गया है. अगर इंटरनेट शुरू हो गया तो पाकिस्तान नागालैंड की तरह यहां भी लोगों को उकसाने को कोशिश करेगा. गौरतलब है कि इससे पहले वाट्सएप के जरिए जम्मू-कश्मीर में कई बार  सरकार के खिलाफ गलतफहमी फैलाने की कोशिश की गई है.
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान की नापाक हरकत नागालैंड में उकसाने की कोशिश पीओके में बनाए जा रहे हैं वीडियो
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जेट एयरवेज ने बेंगलुरु और सिंगापुर के बीच एक दैनिक सीधी विमान सेवा शुरू करने की घोषणा की. कंपनी की एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह सेवा 14 दिसंबर से शुरू की जाएगी जिससे आसियान क्षेत्र के साथ संपर्क सुविधा और बढ़ेगी.टिप्पणियां इस सेवा से हैदराबाद, मेंगलुरु, कोंयंबटूर और तिरूवनंतपुरम के यात्रियों को बेंगलुरु से सिंगापुर आने जाने की सुविधा होगी. इस मार्ग पर उसकी फ्लाइट 9डब्ल्यू024 प्लाइट बेंगलुरु से 11 बजकर 10 मिनट पर उड़कर वहां के समय से 18 बजकर 10 मिनट पर सिंगापुर पहुंचेगी. वापसी में 9डब्ल्यू023 स्थानीय समय 1915 बजे उड़कर बेंगलुरु (स्थानीय समय) 21 बजकर 15 मिनट पर पहुंचेगी. एयरलाइन इस उड़ान के लिए बोइंग 737-800 श्रेणी का विमान लगा रही है. इस सेवा से हैदराबाद, मेंगलुरु, कोंयंबटूर और तिरूवनंतपुरम के यात्रियों को बेंगलुरु से सिंगापुर आने जाने की सुविधा होगी. इस मार्ग पर उसकी फ्लाइट 9डब्ल्यू024 प्लाइट बेंगलुरु से 11 बजकर 10 मिनट पर उड़कर वहां के समय से 18 बजकर 10 मिनट पर सिंगापुर पहुंचेगी. वापसी में 9डब्ल्यू023 स्थानीय समय 1915 बजे उड़कर बेंगलुरु (स्थानीय समय) 21 बजकर 15 मिनट पर पहुंचेगी. एयरलाइन इस उड़ान के लिए बोइंग 737-800 श्रेणी का विमान लगा रही है. एयरलाइन इस उड़ान के लिए बोइंग 737-800 श्रेणी का विमान लगा रही है.
यह एक सारांश है: बेंगलुरु और सिंगापुर के बीच एक दैनिक सीधी विमान सेवा शुरू करेगी जेट यह सेवा 14 दिसंबर से शुरू की जाएगी इस उड़ान के लिए बोइंग 737-800 श्रेणी का विमान लगा रही है
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति में गिरावट का सिलसिला जनवरी में लगातार चौथे महीने जारी रहा और यह घटकर सात प्रतिशत से नीचे 6.62 फीसदी पर आ गई। हालांकि, इस दौरान सब्जियों, प्याज और चावल के दामों में इजाफा हुआ। दिसंबर, 2012 में मुद्रास्फीति 7.18 फीसदी पर थी, जबकि नवंबर में यह 7.24 प्रतिशत थी। जनवरी, 2012 में मुद्रास्फीति 7.23 फीसदी पर थी। गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार विनिर्मित वस्तुओं की श्रेणी में जनवरी में महंगाई की दर घटकर 4.81 प्रतिशत पर आ गई।टिप्पणियां थोक मूल्य सूचकांक में 14.3 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 11.88 फीसदी हो गई, जो दिसंबर में 11.16 प्रतिशत पर थी। प्याज के दाम चढ़ने से इस वर्ग में महंगाई की दर बढ़ी। जनवरी में प्याज 111.52 फीसदी तक महंगा हुआ, जबकि दिसंबर में इसकी महंगाई की दर 69.24 प्रतिशत थी। इस दौरान चावल 17.31 प्रतिशत महंगा हुई। दिसंबर में यह 17.10 फीसद महंगा था। जनवरी में सब्जियों के दाम 28.45 फीसदी तक अधिक थे, जबकि दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 23.25 फीसदी थी। जनवरी के दौरान गेहूं तथा मोटे अनाज की मुद्रास्फीति क्रमश: 21.39 प्रतिशत और 18.09 प्रतिशत रही। आलू इस दौरान 79.07 फीसदी तथा दालें 16.89 प्रतिशत महंगी थीं। दिसंबर, 2012 में मुद्रास्फीति 7.18 फीसदी पर थी, जबकि नवंबर में यह 7.24 प्रतिशत थी। जनवरी, 2012 में मुद्रास्फीति 7.23 फीसदी पर थी। गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार विनिर्मित वस्तुओं की श्रेणी में जनवरी में महंगाई की दर घटकर 4.81 प्रतिशत पर आ गई।टिप्पणियां थोक मूल्य सूचकांक में 14.3 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 11.88 फीसदी हो गई, जो दिसंबर में 11.16 प्रतिशत पर थी। प्याज के दाम चढ़ने से इस वर्ग में महंगाई की दर बढ़ी। जनवरी में प्याज 111.52 फीसदी तक महंगा हुआ, जबकि दिसंबर में इसकी महंगाई की दर 69.24 प्रतिशत थी। इस दौरान चावल 17.31 प्रतिशत महंगा हुई। दिसंबर में यह 17.10 फीसद महंगा था। जनवरी में सब्जियों के दाम 28.45 फीसदी तक अधिक थे, जबकि दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 23.25 फीसदी थी। जनवरी के दौरान गेहूं तथा मोटे अनाज की मुद्रास्फीति क्रमश: 21.39 प्रतिशत और 18.09 प्रतिशत रही। आलू इस दौरान 79.07 फीसदी तथा दालें 16.89 प्रतिशत महंगी थीं। थोक मूल्य सूचकांक में 14.3 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 11.88 फीसदी हो गई, जो दिसंबर में 11.16 प्रतिशत पर थी। प्याज के दाम चढ़ने से इस वर्ग में महंगाई की दर बढ़ी। जनवरी में प्याज 111.52 फीसदी तक महंगा हुआ, जबकि दिसंबर में इसकी महंगाई की दर 69.24 प्रतिशत थी। इस दौरान चावल 17.31 प्रतिशत महंगा हुई। दिसंबर में यह 17.10 फीसद महंगा था। जनवरी में सब्जियों के दाम 28.45 फीसदी तक अधिक थे, जबकि दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 23.25 फीसदी थी। जनवरी के दौरान गेहूं तथा मोटे अनाज की मुद्रास्फीति क्रमश: 21.39 प्रतिशत और 18.09 प्रतिशत रही। आलू इस दौरान 79.07 फीसदी तथा दालें 16.89 प्रतिशत महंगी थीं। जनवरी में सब्जियों के दाम 28.45 फीसदी तक अधिक थे, जबकि दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 23.25 फीसदी थी। जनवरी के दौरान गेहूं तथा मोटे अनाज की मुद्रास्फीति क्रमश: 21.39 प्रतिशत और 18.09 प्रतिशत रही। आलू इस दौरान 79.07 फीसदी तथा दालें 16.89 प्रतिशत महंगी थीं।
सारांश: थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति में गिरावट का सिलसिला जनवरी में लगातार चौथे महीने जारी रहा और यह घटकर सात प्रतिशत से नीचे 6.62 फीसदी पर आ गई। हालांकि, इस दौरान सब्जियों, प्याज और चावल के दामों में इजाफा हुआ।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में सियासी खींचतान जारी है. शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) के भतीजे अजीत पवार से संपर्क किया है. अपने मुखपत्र सामना में शिवसेना ने आज साफ कर दिया है कि अगर बीजेपी उसकी 50-50 फॉर्मूले की मांग नहीं मानती है तो पार्टी दूसरे विकल्प की ओर देखेगी. दोपहर में पत्रकारों से बात करते हुए अजीत पवार ने कहा, 'मुझे कुछ समय पहले संजय राउत से संदेश मिला है. मैं एक मीटिंग में था इसलिए जवाब नहीं दिया. मुझे नहीं पता कि उन्होंने संदेश क्यों भेजा. नतीजों  के बाद से यह पहली बार है जब उन्होंने संदेश भेजा हो. मैं कुछ समय बाद उन्हें कॉल करूंगा और उनसे बात करूंगा.'  अजीत पवार ने कहा, 'शिवसेना के साथ पार्टनरशिप का कोई भी फैसला केवल शरद पवार के द्वारा लिया जा सकता है.' 78 साल के शरद पवार सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिल सकते हैं. इस खबर से सामना में छपे लेख और शिवसेना के विकल्प वाली बात को भी वजन मिल रहा है.  सामना के आज सुबह के एडीटोरियल में शिवसेना ने बीजेपी को चुनौती दी है कि वह राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए या सदन में बहुमत साबित करे. विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 105 सीटें और शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं. एडीटोरियल के मुताबिक, 'अगर बीजेपी बहुमत को साबित करने में फेल होती है तो शिवसेना दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होगी और वह सरकार बनाने का दावा पेश करेगी.'    एडीटोरियल के मुताबिक, 'एनसीपी के 54 विधायक, कांग्रेस के 44 विधायक और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ हम बहुमत पा सकते हैं. शिवसेना इसके लिए अपना सीएम प्रस्तावित कर सकती है. स्वतंत्र विचारधारा वाले 3 दलों को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो सभी को स्वीकार्य हों.'
यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र की सियासत में खींचतान जारी अजीत पवार बोले- संजय राउत ने मुझे फोन किया मैं एक मीटिंग में था इसलिए जवाब नहीं दिया- अजीत पवार
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अघोषित जेवरात साथ रखने के लिए मुंबई हवाई अड्डे पर 16 घंटे तक हिरासत में रखे जाने के बाद भी मिनिषा लाम्बा के हौसले बुलंद हैं। वह कहती हैं कि अब वह हर वर्ष कान जाएंगी। फिल्म 'वेल डन अब्बा' की अभिनेत्री मिनिषा ने कहा, हमने 16 घंटे का एक बहुत ही जीवंत सत्र बिताया। उन्होंने कहा, मैं क्या कह सकती हूं? मेरे सामने बैठने और रोने या उस विचित्र स्थिति को सर्वोत्तम बनाने की कोशिश करने का ही विकल्प था। यह पूछे जाने पर कि क्या मिनिषा के पास वाकई में 40 लाख रुपये कीमत के अघोषित जेवरात थे, उन्होंने कहा, था, लेकिन इतना नहीं था। उसकी कीमत इस राशि से काफी कम थी। चूंकि इसमें कानूनी पेंच है, लिहाजा मैं आपको उसकी वास्तविक कीमत नहीं बता सकती। मेरे पास उसके पक्ष में कागजात थे। मिनिषा ने बताया कि एक मामूली भूल के कारण उन्हें हिरासत में लिया गया, लेकिन अब वह उसका कारण नहीं बताना चाहतीं। मिनिषा ने कहा कि हवाई अड्डे के अधिकारी बहुत ही मित्रवत थे। उन्होंने मुझे सबसे अच्छा भोजन दिया और मुझे सहज बनाए रखने के लिए वे लगातार मजाक करते रहे। मैंने कान में हुए अनुभवों के बारे में उनसे बातें की। उन्होंने सेलीब्रिटीज के साथ अपने अनुभव बताए। हमने 16 घंटे का एक बहुत ही जीवंत सत्र बिताया। लेकिन मिनिषा इस घटना को खौफनाक भी बताती हैं, क्योंकि राई को पहाड़ बना दिया गया था। उन्होंने कहा कि वह कान से आकर हवाई अड्डे पर उतरी थीं और घर जाकर सोना चाहती थीं। उन्हें यह बिल्कुल पता नहीं था कि ऐसी घटना घटने वाली है। उनके अनुसार जीवन आश्चर्यों से भरा पड़ा है। इसके पहले यात्रा के दौरान नाइस हवाई अड्डे पर उनका सामान गुम हो गया था। कान के बारे में मिनिषा ने बताया कि वह वूडी एलेन की नई फिल्म 'मिडनाइट इन पेरिस' के प्रीमियर में हिस्सा लेने गई थीं। वह एलेन से मिल तो नहीं पाईं, लेकिन उनके प्रबंधन ने लाम्बा से कहा कि वे भारतीय सिनेमा को बहुत गम्भीरता से ले रहे हैं। मिनिषा ने कहा कि कान यात्रा के दौरान उनके साथ यह विवाद संयोगवश पैदा हुआ। यह भी जीवन का एक अनुभव है। लेकिन उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें और मजबूत किया है।
संक्षिप्त पाठ: अघोषित जेवरात साथ रखने के लिए मुंबई हवाई अड्डे पर 16 घंटे तक हिरासत में रखे जाने के बाद भी मिनिषा लाम्बा के हौसले बुलंद हैं।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) प्रशासन ने संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ संस्थान के परिसर में किसी भी तरह का प्रदर्शन करने या हड़ताल करने को लेकर छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों और संकाय सदस्यों तथा स्टाफ को गुरुवार को चेतावनी दी. एम्स प्रशासन ने गुरुवार को जारी किए मेमो में चेतावनी दी है कि किसी भी तरह का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक या अन्य कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें- CAA Protests: दिल्ली के अधिकांश मेट्रो स्टेशन के गेट खुले, दो अब भी बंद... बता दें सीएए और एनआरसी के खिलाफ एम्स के जेएलएन सभागार के सामने मोमबत्ती मार्च और कविता पाठ का आयोजन होना है. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने किसी भी तरह के प्रदर्शन का आह्वान करने से इनकार किया है. इस मेमो में 20 मई 2002 के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया गया है. इसमें कर्मचारियों और संकाय सदस्यों को काम बंद नहीं करने और ऐसा करने के लिए दूसरों को नहीं उकसाने की भी हिदायत दी गई है. मेमो में परिसर के अंदर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं करने और नारेबाज़ी, प्रदर्शन तथा धरना नहीं देने की भी हिदायत दी गई है.
एम्स प्रशासन ने कहा है कि परिसर में प्रदर्शन न किया जाए दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है CAA को लेकर देशभर में हो रहे हैं प्रदर्शन
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: असम के कामरूप जिले में हुए एक ट्रेन हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है, और 50 अन्य के घायल होने का समाचार है।टिप्पणियां शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे न्यू बोंगईगांव से गुवाहाटी जा रही पैसेंजर ट्रेन (55805) अज़ारा और मिर्ज़ा रेलवे स्टेशनों के बीच गोसाईंघाटी में एक मानवरहित क्रॉसिंग पर पटरी पर अटके एक ट्रक से टकरा गई, जिससे उसके सात डिब्बे पटरी से उतर गए। पुलिस के मुताबिक घायलों को मिर्ज़ा पब्लिक हेल्थ सेंटर में ले जाया गया है, तथा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया गया है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे के अधिकारी तथा राहत-बचाव कर्मी मौके पर पहुंच चुके हैं। शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे न्यू बोंगईगांव से गुवाहाटी जा रही पैसेंजर ट्रेन (55805) अज़ारा और मिर्ज़ा रेलवे स्टेशनों के बीच गोसाईंघाटी में एक मानवरहित क्रॉसिंग पर पटरी पर अटके एक ट्रक से टकरा गई, जिससे उसके सात डिब्बे पटरी से उतर गए। पुलिस के मुताबिक घायलों को मिर्ज़ा पब्लिक हेल्थ सेंटर में ले जाया गया है, तथा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया गया है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे के अधिकारी तथा राहत-बचाव कर्मी मौके पर पहुंच चुके हैं। पुलिस के मुताबिक घायलों को मिर्ज़ा पब्लिक हेल्थ सेंटर में ले जाया गया है, तथा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया गया है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे के अधिकारी तथा राहत-बचाव कर्मी मौके पर पहुंच चुके हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मानवरहित क्रॉसिंग पर ट्रक से टकरा जाने के कारण ट्रेन के सात डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में तीन के मरने और 50 लोगों के घायल होने की खबर है।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेट भी बाकी खेलों की तरह ही एक ऐसा खेल है, जिसके उद्भव के बाद से उसमें कई फॉरमैट, नियम, और स्टाइल बदले गए... आजकल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन फॉरमैटों में क्रिकेट खेला जाता है, जिनमें खेलने वाले सभी देशों को अलग-अलग रैंकिंग दी जाती है... इस वक्त टेस्ट और टी-20 फॉरमैटों में दक्षिण अफ्रीका की टीम शीर्ष पर है, और वह एक अभूतपूर्व इतिहास रचने की कगार पर है... सिर्फ एक जीत हासिल करते ही दक्षिण अफ्रीकी टीम एक ही वक्त पर खेल के तीन फॉरमैटों में अव्वल नंबर पर रहने वाली दुनिया की पहली टीम हो जाएगी... मंगलवार को साउथैम्पटन के रोज़ बॉल स्टेडियम में मेज़बान इंग्लैण्ड के खिलाफ खेले जाने वाले शृंखला के दूसरे एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में यदि जीत दक्षिण अफ्रीका ने हासिल कर ली, तो वह वन-डे क्रिकेट में भी नंबर-1 टीम बन जाएगी... उल्लेखनीय है कि क्रमशः 120 और 130 रेटिंग अंकों के साथ दक्षिण अफ्रीकी टीम पहले ही टेस्ट क्रिकेट और टी-20 क्रिकेट में शीर्ष पर है, जबकि वन-डे रैंकिंग में वह 121 अंकों के साथ इंग्लैण्ड से बराबरी पर है... वैसे, टेस्ट और टी-20 रैंकिंग में भी दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी इंग्लैण्ड ही है, और वह क्रमशः 117 और 129 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि तीसरे स्थान पर टेस्ट मैचों में 116 के साथ ऑस्ट्रेलिया मौजूद है, और टी-20 मैचों में 119 अंकों से साथ श्रीलंका तीसरे स्थान पर काबिज है... सो, अब अगर वन-डे में भी दक्षिण अफ्रीका की टीम नंबर-1 हो जाती है, तो यह आईसीसी रैंकिग के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई एक ही टीम एक ही वक्त पर खेल के तीनों फॉरमैटों में शीर्ष पर होगी...टिप्पणियां टीम इंडिया को भी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाने वाले और अपनी अगुवाई में वर्ष 2011 का विश्वकप जिताने वाले दक्षिण अफ्रीकी कोच गैरी कर्स्टन ने एक साल पहले अपने देश की टीम का जिम्मा संभाला था, और तभी टीम को हर फॉरमैट में अव्वल बनाने की रणनीति बनाई थी... उसी रणनीति के तहत टीम में कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया... यही नहीं, कर्स्टन ने दक्षिण अफ्रीकी टीम में ग़ज़ब का आत्मविश्वास भी भर दिया, और वे टेस्ट और टी−20 में अपने मिशन में कामयाब रहे... अब उनकी बारी है वन-डे में बादशाहत कायम करने की, और बहुत साफ दिखाई दे रहा है कि कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान ग्रीम स्मिथ की 'कमाल की जोड़ी' अपने इस मिशन के लिए भी पूरी तरह तैयार है... सिर्फ एक जीत हासिल करते ही दक्षिण अफ्रीकी टीम एक ही वक्त पर खेल के तीन फॉरमैटों में अव्वल नंबर पर रहने वाली दुनिया की पहली टीम हो जाएगी... मंगलवार को साउथैम्पटन के रोज़ बॉल स्टेडियम में मेज़बान इंग्लैण्ड के खिलाफ खेले जाने वाले शृंखला के दूसरे एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में यदि जीत दक्षिण अफ्रीका ने हासिल कर ली, तो वह वन-डे क्रिकेट में भी नंबर-1 टीम बन जाएगी... उल्लेखनीय है कि क्रमशः 120 और 130 रेटिंग अंकों के साथ दक्षिण अफ्रीकी टीम पहले ही टेस्ट क्रिकेट और टी-20 क्रिकेट में शीर्ष पर है, जबकि वन-डे रैंकिंग में वह 121 अंकों के साथ इंग्लैण्ड से बराबरी पर है... वैसे, टेस्ट और टी-20 रैंकिंग में भी दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी इंग्लैण्ड ही है, और वह क्रमशः 117 और 129 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि तीसरे स्थान पर टेस्ट मैचों में 116 के साथ ऑस्ट्रेलिया मौजूद है, और टी-20 मैचों में 119 अंकों से साथ श्रीलंका तीसरे स्थान पर काबिज है... सो, अब अगर वन-डे में भी दक्षिण अफ्रीका की टीम नंबर-1 हो जाती है, तो यह आईसीसी रैंकिग के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई एक ही टीम एक ही वक्त पर खेल के तीनों फॉरमैटों में शीर्ष पर होगी...टिप्पणियां टीम इंडिया को भी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाने वाले और अपनी अगुवाई में वर्ष 2011 का विश्वकप जिताने वाले दक्षिण अफ्रीकी कोच गैरी कर्स्टन ने एक साल पहले अपने देश की टीम का जिम्मा संभाला था, और तभी टीम को हर फॉरमैट में अव्वल बनाने की रणनीति बनाई थी... उसी रणनीति के तहत टीम में कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया... यही नहीं, कर्स्टन ने दक्षिण अफ्रीकी टीम में ग़ज़ब का आत्मविश्वास भी भर दिया, और वे टेस्ट और टी−20 में अपने मिशन में कामयाब रहे... अब उनकी बारी है वन-डे में बादशाहत कायम करने की, और बहुत साफ दिखाई दे रहा है कि कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान ग्रीम स्मिथ की 'कमाल की जोड़ी' अपने इस मिशन के लिए भी पूरी तरह तैयार है... उल्लेखनीय है कि क्रमशः 120 और 130 रेटिंग अंकों के साथ दक्षिण अफ्रीकी टीम पहले ही टेस्ट क्रिकेट और टी-20 क्रिकेट में शीर्ष पर है, जबकि वन-डे रैंकिंग में वह 121 अंकों के साथ इंग्लैण्ड से बराबरी पर है... वैसे, टेस्ट और टी-20 रैंकिंग में भी दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी इंग्लैण्ड ही है, और वह क्रमशः 117 और 129 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि तीसरे स्थान पर टेस्ट मैचों में 116 के साथ ऑस्ट्रेलिया मौजूद है, और टी-20 मैचों में 119 अंकों से साथ श्रीलंका तीसरे स्थान पर काबिज है... सो, अब अगर वन-डे में भी दक्षिण अफ्रीका की टीम नंबर-1 हो जाती है, तो यह आईसीसी रैंकिग के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई एक ही टीम एक ही वक्त पर खेल के तीनों फॉरमैटों में शीर्ष पर होगी...टिप्पणियां टीम इंडिया को भी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाने वाले और अपनी अगुवाई में वर्ष 2011 का विश्वकप जिताने वाले दक्षिण अफ्रीकी कोच गैरी कर्स्टन ने एक साल पहले अपने देश की टीम का जिम्मा संभाला था, और तभी टीम को हर फॉरमैट में अव्वल बनाने की रणनीति बनाई थी... उसी रणनीति के तहत टीम में कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया... यही नहीं, कर्स्टन ने दक्षिण अफ्रीकी टीम में ग़ज़ब का आत्मविश्वास भी भर दिया, और वे टेस्ट और टी−20 में अपने मिशन में कामयाब रहे... अब उनकी बारी है वन-डे में बादशाहत कायम करने की, और बहुत साफ दिखाई दे रहा है कि कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान ग्रीम स्मिथ की 'कमाल की जोड़ी' अपने इस मिशन के लिए भी पूरी तरह तैयार है... सो, अब अगर वन-डे में भी दक्षिण अफ्रीका की टीम नंबर-1 हो जाती है, तो यह आईसीसी रैंकिग के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई एक ही टीम एक ही वक्त पर खेल के तीनों फॉरमैटों में शीर्ष पर होगी...टिप्पणियां टीम इंडिया को भी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाने वाले और अपनी अगुवाई में वर्ष 2011 का विश्वकप जिताने वाले दक्षिण अफ्रीकी कोच गैरी कर्स्टन ने एक साल पहले अपने देश की टीम का जिम्मा संभाला था, और तभी टीम को हर फॉरमैट में अव्वल बनाने की रणनीति बनाई थी... उसी रणनीति के तहत टीम में कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया... यही नहीं, कर्स्टन ने दक्षिण अफ्रीकी टीम में ग़ज़ब का आत्मविश्वास भी भर दिया, और वे टेस्ट और टी−20 में अपने मिशन में कामयाब रहे... अब उनकी बारी है वन-डे में बादशाहत कायम करने की, और बहुत साफ दिखाई दे रहा है कि कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान ग्रीम स्मिथ की 'कमाल की जोड़ी' अपने इस मिशन के लिए भी पूरी तरह तैयार है... टीम इंडिया को भी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाने वाले और अपनी अगुवाई में वर्ष 2011 का विश्वकप जिताने वाले दक्षिण अफ्रीकी कोच गैरी कर्स्टन ने एक साल पहले अपने देश की टीम का जिम्मा संभाला था, और तभी टीम को हर फॉरमैट में अव्वल बनाने की रणनीति बनाई थी... उसी रणनीति के तहत टीम में कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया... यही नहीं, कर्स्टन ने दक्षिण अफ्रीकी टीम में ग़ज़ब का आत्मविश्वास भी भर दिया, और वे टेस्ट और टी−20 में अपने मिशन में कामयाब रहे... अब उनकी बारी है वन-डे में बादशाहत कायम करने की, और बहुत साफ दिखाई दे रहा है कि कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान ग्रीम स्मिथ की 'कमाल की जोड़ी' अपने इस मिशन के लिए भी पूरी तरह तैयार है... अब उनकी बारी है वन-डे में बादशाहत कायम करने की, और बहुत साफ दिखाई दे रहा है कि कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान ग्रीम स्मिथ की 'कमाल की जोड़ी' अपने इस मिशन के लिए भी पूरी तरह तैयार है...
संक्षिप्त सारांश: मंगलवार को इंग्लैण्ड के खिलाफ वन-डे में जीत हासिल करते ही दक्षिण अफ्रीकी टीम एक ही वक्त पर खेल के तीन फॉरमैटों में अव्वल नंबर पर रहने वाली दुनिया की पहली टीम हो जाएगी...
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में अलगाववादी आतंकवादियों ने शनिवार को एक पुलिसकर्मी को गोली मार दी.टिप्पणियां जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने को बताया, "सेलेक्शन ग्रेड कॉन्स्टेबल खुर्शीद अहमद गनई ड्यूटी के लिए कोइल गांव स्थित अपने घर से निकले ही थे कि आतंकवादी सामने आ गए और काफी करीब से उन्हें गोली मार दी. उनकी घटनास्थल पर ही जान चली गई." दो दिन पहले पुलवामा जिले में ही भीड़ में छिपे आतंकवादियों ने भीड़ नियंत्रित कर रहे सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंके थे, जिसमें 15 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे. जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने को बताया, "सेलेक्शन ग्रेड कॉन्स्टेबल खुर्शीद अहमद गनई ड्यूटी के लिए कोइल गांव स्थित अपने घर से निकले ही थे कि आतंकवादी सामने आ गए और काफी करीब से उन्हें गोली मार दी. उनकी घटनास्थल पर ही जान चली गई." दो दिन पहले पुलवामा जिले में ही भीड़ में छिपे आतंकवादियों ने भीड़ नियंत्रित कर रहे सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंके थे, जिसमें 15 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे. दो दिन पहले पुलवामा जिले में ही भीड़ में छिपे आतंकवादियों ने भीड़ नियंत्रित कर रहे सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंके थे, जिसमें 15 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे.
संक्षिप्त पाठ: दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने पुलिसकर्मी को गोली मारी पुलिसकर्मी खुर्शीद अहमद गनई की मौके पर ही मौत वह अपने घर से निकले ही थे कि आतंकवादी सामने आ गए
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के न्यूहैम्पशायर के शहर लंदनडरी को कुछ दिन पहले गूगल में सर्च किया जाता तो, उसके नॉलेज पैनल में एक फोटो उभरती. उसमें बंदूक तानी महिलाएं खड़ी हैं और बीच में पुरुष हाथ बांधे है. उसकी बजाय सर्च परिणाम में 'वेलकम टू लंदनडेरी' लिखा हुआ बोर्ड दिखाना चाहिए था.टिप्पणियां शहर के छह लोगों ने गूगल कंपनी में संपर्क किया ताकि वह तस्वीर हटाई जा सके, लेकिन कंपनी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. बाद में न्यू हैम्पशायर के यूनियन लीडर ने अखबार में लेख लिखकर पूरी जानकारी सार्वजनिक की. उसके बाद भी गूगल के प्रेस ऑफिस वाले नहीं बता पाए कि शहर की छवि बिगाड़ने वाली तस्वीर कैसे हटेगी. शहर काउंसिल के चेयरमैन जॉन फैरल ने कहा, गूगल अगर किसी शहर की संस्कृति की बात करती है, तो कुछ व्यक्तियों को उदाहरण नहीं मान सकती. उसे शहर की सही तस्वीर दिखानी होगी. वह व्यक्ति भी सामने आ गया, जिसकी शादी (वर्ष 2013) में बंदूक थामी महिलाओं की तस्वीर खींची गई थी. उसने बताया कि इस फोटो के वक्त शादी में विवाद भी हुआ था.   कानूनी जानकार माइकल रेम्सडेल ने गूगल को कानूनी नोटिस भेजा और लिखा कि इस शहर का बंदूक संस्कृति से कोई संबंध नहीं है. शहर की तस्वीर से गलत संदेश जाता है. उन्होंने गूगल के स्टाफ को वहां आकर स्थिति जानने के लिए भी कहा. हालांकि, इसके बाद गूगल ने वह तस्वीर हटा दी और उसके स्थान पर शहर के मानचित्र के साथ वहां की जानकारी दी है. इस तरह छह लोगों के कारण पूरे शहर की जीत हुई. शहर के छह लोगों ने गूगल कंपनी में संपर्क किया ताकि वह तस्वीर हटाई जा सके, लेकिन कंपनी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. बाद में न्यू हैम्पशायर के यूनियन लीडर ने अखबार में लेख लिखकर पूरी जानकारी सार्वजनिक की. उसके बाद भी गूगल के प्रेस ऑफिस वाले नहीं बता पाए कि शहर की छवि बिगाड़ने वाली तस्वीर कैसे हटेगी. शहर काउंसिल के चेयरमैन जॉन फैरल ने कहा, गूगल अगर किसी शहर की संस्कृति की बात करती है, तो कुछ व्यक्तियों को उदाहरण नहीं मान सकती. उसे शहर की सही तस्वीर दिखानी होगी. वह व्यक्ति भी सामने आ गया, जिसकी शादी (वर्ष 2013) में बंदूक थामी महिलाओं की तस्वीर खींची गई थी. उसने बताया कि इस फोटो के वक्त शादी में विवाद भी हुआ था.   कानूनी जानकार माइकल रेम्सडेल ने गूगल को कानूनी नोटिस भेजा और लिखा कि इस शहर का बंदूक संस्कृति से कोई संबंध नहीं है. शहर की तस्वीर से गलत संदेश जाता है. उन्होंने गूगल के स्टाफ को वहां आकर स्थिति जानने के लिए भी कहा. हालांकि, इसके बाद गूगल ने वह तस्वीर हटा दी और उसके स्थान पर शहर के मानचित्र के साथ वहां की जानकारी दी है. इस तरह छह लोगों के कारण पूरे शहर की जीत हुई. शहर काउंसिल के चेयरमैन जॉन फैरल ने कहा, गूगल अगर किसी शहर की संस्कृति की बात करती है, तो कुछ व्यक्तियों को उदाहरण नहीं मान सकती. उसे शहर की सही तस्वीर दिखानी होगी. वह व्यक्ति भी सामने आ गया, जिसकी शादी (वर्ष 2013) में बंदूक थामी महिलाओं की तस्वीर खींची गई थी. उसने बताया कि इस फोटो के वक्त शादी में विवाद भी हुआ था.   कानूनी जानकार माइकल रेम्सडेल ने गूगल को कानूनी नोटिस भेजा और लिखा कि इस शहर का बंदूक संस्कृति से कोई संबंध नहीं है. शहर की तस्वीर से गलत संदेश जाता है. उन्होंने गूगल के स्टाफ को वहां आकर स्थिति जानने के लिए भी कहा. हालांकि, इसके बाद गूगल ने वह तस्वीर हटा दी और उसके स्थान पर शहर के मानचित्र के साथ वहां की जानकारी दी है. इस तरह छह लोगों के कारण पूरे शहर की जीत हुई.
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका के न्यूहैम्पशायर के शहर लंदनडरी शहर की स्टोरी है. गूगल सर्च में शहर की पहचान बंदूक तानी महिलाएं और एक पुरुष के रूप में थी. लोग सर्च में 'वेलकम टू लंदनडेरी' लिखा हुआ बोर्ड दिखाना चाहते थे.
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के वाराणसी से प्रधानमंत्री के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ने के पीछे कई तर्क दिए जा रहे हैं.पहले यह कहा गया कि राहुल गांधी ने यह कह कर मना कर दिया कि बड़े नेताओं के खिलाफ गांधी परिवार के ना लड़ने की परंपरा नेहरू जी ने डाली थी और उसी का पालन किया जाना चाहिए. मगर क्या यही एक वजह है प्रियंका के वाराणसी से ना लड़ने की? तो ऐसा नहीं है, सूत्रों की मानें तो बीएसपी प्रमुख मायावती का प्रियंका की वाराणसी से उम्मीदवारी पर राजी ना होना है, कांग्रेस के रणनीतिकार लगातार मायावती के सलाहकारों से संपर्क में थे कि प्रियंका गांधी के वाराणसी में चुनाव लड़ने की हालत में उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त उम्मीदवार घोषित किया जाए. इस बारे में समाजवादी से बात भी हो गई थी और अखिलेश यादव ने अपनी मूक सहमति भी दे दी थी. मगर इतना जरूर इशारा किया था कि यह सब मायावती जी के हां करने के बाद ही संभव हो सकता है. जब मायावती से संर्पक किया गया तो उन्होंने बाजी ही पलट दी. मायावती ने प्रियंका को विपक्ष का संयुक्त उम्मीदवार बनाने से मना कर दिया. जानकारों का कहना है कि मायावती को लगा कि यदि प्रियंका बनारस से चुनाव लडती हैं तो इससे पुर्वांचल में कांग्रेस के पक्ष में एक माहौल बनेगा जिससे गठबंधन को नुकसान हो सकता है. मायावती यह जोखिम लेने के लिए तैयार नहीं थी वो पहले ही साफ कह चुकी हैं कि कांग्रेस भी बीजेपी की तरह ही दुश्मन है.  हालांकि मायावती को समझाने की कोशिश भी की गई मगर वह नहीं मानी. इसके बाद कांग्रेस की महासचिव और पूर्वांचल की प्रभारी प्रियंका को वाराणसी से वापस लौटना पड़ा. यदि बनारस के गठबंधन की उम्मीदवार को देखें तो दिलचस्प बातें सामने आती हैं. गठबंधन ने शालिनी यादव को टिकट दिया है. शालिनी यादव कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद श्यामलाल यादव के परिवार से जुडी हैं. मेयर का चुनाव भी लड़कर हार चुकी हैं. यही नहीं शालिनी प्रियंका गांधी के गंगा यात्राके यात्रा के दौरान उनके साथ ही थीं. मगर जिस दिन उन्होंने कांग्रेस छोड़ कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा अखिलेश यादव ने उन्हें बनारस से गठबंधन का टिकट थमा दिया. बात ना बनते देख कांग्रेस ने फिर अजय राय को वाराणसी से उम्मीदवार बनाया.  2014 के चुनाव में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी को कुल 5,81,022 वोट मिले थे.  नरेंद्र मोदी अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अरविन्द केजरीवाल से तकरीबन 3 लाख 77हज़ार वोटों से हराया था.  दूसरे स्थान पर रहने वाले आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 वोट मिले. जबकि  कांग्रेस प्रत्याशी के अजय राय को 75,614 वोट, बीएसपी को तकरीबन 60 हज़ार 579 वोट, सपा को 45291 वोट मिले थे. यानि सपा-बसपा और कांग्रेस का वोट जोड़ दे तो 3लाख 90 हज़ार 722 वोट हो जाते हैं. मतलब पीएम मोदी की जीत जो अंतर था वह सभी दलों के संयुक्त वोट बैंक से पीछे हो जाता है. सवाल इस बात का था कि जिस तरह से सपा-बसपा ने रायबरेली और अमेठी में अपने प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया है अगर प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ती हैं तो क्या उनके लिए भी रास्ता खाली कर दिया जाएगा, लेकिन इस पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती नहीं मानीं.
संक्षिप्त पाठ: बीएसपी सुप्रीमो मायावती नहीं मानीं प्रियंका को संयुक्त प्रत्याशी घोषित करने का था प्लान अजय राय को बनाया गया प्रत्याशी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पार्टी से निलम्बन के बाद भी राज्यसभा सांसद ने राम जेठमलानी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी सहित अरुण जेटली एवं सुषमा स्वराज की फिर आलोचना की और कहा कि वह पार्टी से निष्कासित होने के लिए तैयार हैं। जेठमलानी ने नितिन गडकरी को खत लिखकर आरोप लगाया है कि वे सियासी खुदकुशी के रास्ते पर जा रहे हैं और अपने साथ पूरी पार्टी को भी ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप मेरा जो भी करें उससे मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मैं इज्जत के लिए संसद की सदस्यता का मोहताज नहीं हूं। किसी भी मुद्दे पर बोलने के अधिकार का दावा करते हुए जेठमलानी ने कहा, विपक्ष का मतलब विरोध के नाम पर विरोध करना ही नहीं है। मुझे भी वस्तुस्थिति की समझ है। मुझे अपनी बात रखने का अधिकार है। जेठमलानी को औपचारिक तौर पर सोमवार को नोटिस दिया गया और पूछा गया कि उन्हें पार्टी विरोध गतिविधियों के कारण क्यों न भाजपा से निष्कासित कर दिया जाए? गडकरी के मुखर विरोधी रहे जेठमलानी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख रंजीत सिन्हा की नियुक्ति पर पार्टी के नजरिए का विरोध कर भाजपा को असहज स्थिति में ला खड़ा कर दिया। जेटली एवं सुषमा ने सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था। जेठमलानी ने कहा कि वह सिन्हा की नियुक्ति का अभी भी समर्थन करते हैं और सरकार का यह कदम बुद्धिमानी भरा है। उन्होंने कहा, परिवर्तन के लिए ही सही प्रधानमंत्री ने दागी अधिकारी को सीबीआई प्रमुख न बनाकर अच्छा काम किया। जेठमलानी ने कहा कि उनके विरोध का अर्थ जेटली एवं सुषमा की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने कहा, जेटली एवं सुषमा की आलोचना की बात इसमें कहां आ गई? साथ ही जेठमलानी ने सुषमा एवं जेटली पर हमला भी किया और कहा कि वह एकपक्षीय आदेश नहीं मानेंगे। जेठमलानी ने गडकरी, सुषमा एवं जेटली पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। जेठमलानी ने नितिन गडकरी को खत लिखकर आरोप लगाया है कि वे सियासी खुदकुशी के रास्ते पर जा रहे हैं और अपने साथ पूरी पार्टी को भी ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप मेरा जो भी करें उससे मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मैं इज्जत के लिए संसद की सदस्यता का मोहताज नहीं हूं। किसी भी मुद्दे पर बोलने के अधिकार का दावा करते हुए जेठमलानी ने कहा, विपक्ष का मतलब विरोध के नाम पर विरोध करना ही नहीं है। मुझे भी वस्तुस्थिति की समझ है। मुझे अपनी बात रखने का अधिकार है। जेठमलानी को औपचारिक तौर पर सोमवार को नोटिस दिया गया और पूछा गया कि उन्हें पार्टी विरोध गतिविधियों के कारण क्यों न भाजपा से निष्कासित कर दिया जाए? गडकरी के मुखर विरोधी रहे जेठमलानी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख रंजीत सिन्हा की नियुक्ति पर पार्टी के नजरिए का विरोध कर भाजपा को असहज स्थिति में ला खड़ा कर दिया। जेटली एवं सुषमा ने सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था। जेठमलानी ने कहा कि वह सिन्हा की नियुक्ति का अभी भी समर्थन करते हैं और सरकार का यह कदम बुद्धिमानी भरा है। उन्होंने कहा, परिवर्तन के लिए ही सही प्रधानमंत्री ने दागी अधिकारी को सीबीआई प्रमुख न बनाकर अच्छा काम किया। जेठमलानी ने कहा कि उनके विरोध का अर्थ जेटली एवं सुषमा की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने कहा, जेटली एवं सुषमा की आलोचना की बात इसमें कहां आ गई? साथ ही जेठमलानी ने सुषमा एवं जेटली पर हमला भी किया और कहा कि वह एकपक्षीय आदेश नहीं मानेंगे। जेठमलानी ने गडकरी, सुषमा एवं जेटली पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। किसी भी मुद्दे पर बोलने के अधिकार का दावा करते हुए जेठमलानी ने कहा, विपक्ष का मतलब विरोध के नाम पर विरोध करना ही नहीं है। मुझे भी वस्तुस्थिति की समझ है। मुझे अपनी बात रखने का अधिकार है। जेठमलानी को औपचारिक तौर पर सोमवार को नोटिस दिया गया और पूछा गया कि उन्हें पार्टी विरोध गतिविधियों के कारण क्यों न भाजपा से निष्कासित कर दिया जाए? गडकरी के मुखर विरोधी रहे जेठमलानी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख रंजीत सिन्हा की नियुक्ति पर पार्टी के नजरिए का विरोध कर भाजपा को असहज स्थिति में ला खड़ा कर दिया। जेटली एवं सुषमा ने सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था। जेठमलानी ने कहा कि वह सिन्हा की नियुक्ति का अभी भी समर्थन करते हैं और सरकार का यह कदम बुद्धिमानी भरा है। उन्होंने कहा, परिवर्तन के लिए ही सही प्रधानमंत्री ने दागी अधिकारी को सीबीआई प्रमुख न बनाकर अच्छा काम किया। जेठमलानी ने कहा कि उनके विरोध का अर्थ जेटली एवं सुषमा की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने कहा, जेटली एवं सुषमा की आलोचना की बात इसमें कहां आ गई? साथ ही जेठमलानी ने सुषमा एवं जेटली पर हमला भी किया और कहा कि वह एकपक्षीय आदेश नहीं मानेंगे। जेठमलानी ने गडकरी, सुषमा एवं जेटली पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। जेठमलानी को औपचारिक तौर पर सोमवार को नोटिस दिया गया और पूछा गया कि उन्हें पार्टी विरोध गतिविधियों के कारण क्यों न भाजपा से निष्कासित कर दिया जाए? गडकरी के मुखर विरोधी रहे जेठमलानी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख रंजीत सिन्हा की नियुक्ति पर पार्टी के नजरिए का विरोध कर भाजपा को असहज स्थिति में ला खड़ा कर दिया। जेटली एवं सुषमा ने सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था। जेठमलानी ने कहा कि वह सिन्हा की नियुक्ति का अभी भी समर्थन करते हैं और सरकार का यह कदम बुद्धिमानी भरा है। उन्होंने कहा, परिवर्तन के लिए ही सही प्रधानमंत्री ने दागी अधिकारी को सीबीआई प्रमुख न बनाकर अच्छा काम किया। जेठमलानी ने कहा कि उनके विरोध का अर्थ जेटली एवं सुषमा की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने कहा, जेटली एवं सुषमा की आलोचना की बात इसमें कहां आ गई? साथ ही जेठमलानी ने सुषमा एवं जेटली पर हमला भी किया और कहा कि वह एकपक्षीय आदेश नहीं मानेंगे। जेठमलानी ने गडकरी, सुषमा एवं जेटली पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। गडकरी के मुखर विरोधी रहे जेठमलानी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख रंजीत सिन्हा की नियुक्ति पर पार्टी के नजरिए का विरोध कर भाजपा को असहज स्थिति में ला खड़ा कर दिया। जेटली एवं सुषमा ने सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था। जेठमलानी ने कहा कि वह सिन्हा की नियुक्ति का अभी भी समर्थन करते हैं और सरकार का यह कदम बुद्धिमानी भरा है। उन्होंने कहा, परिवर्तन के लिए ही सही प्रधानमंत्री ने दागी अधिकारी को सीबीआई प्रमुख न बनाकर अच्छा काम किया। जेठमलानी ने कहा कि उनके विरोध का अर्थ जेटली एवं सुषमा की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने कहा, जेटली एवं सुषमा की आलोचना की बात इसमें कहां आ गई? साथ ही जेठमलानी ने सुषमा एवं जेटली पर हमला भी किया और कहा कि वह एकपक्षीय आदेश नहीं मानेंगे। जेठमलानी ने गडकरी, सुषमा एवं जेटली पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। जेटली एवं सुषमा ने सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था। जेठमलानी ने कहा कि वह सिन्हा की नियुक्ति का अभी भी समर्थन करते हैं और सरकार का यह कदम बुद्धिमानी भरा है। उन्होंने कहा, परिवर्तन के लिए ही सही प्रधानमंत्री ने दागी अधिकारी को सीबीआई प्रमुख न बनाकर अच्छा काम किया। जेठमलानी ने कहा कि उनके विरोध का अर्थ जेटली एवं सुषमा की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने कहा, जेटली एवं सुषमा की आलोचना की बात इसमें कहां आ गई? साथ ही जेठमलानी ने सुषमा एवं जेटली पर हमला भी किया और कहा कि वह एकपक्षीय आदेश नहीं मानेंगे। जेठमलानी ने गडकरी, सुषमा एवं जेटली पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। जेठमलानी ने कहा कि वह सिन्हा की नियुक्ति का अभी भी समर्थन करते हैं और सरकार का यह कदम बुद्धिमानी भरा है। उन्होंने कहा, परिवर्तन के लिए ही सही प्रधानमंत्री ने दागी अधिकारी को सीबीआई प्रमुख न बनाकर अच्छा काम किया। जेठमलानी ने कहा कि उनके विरोध का अर्थ जेटली एवं सुषमा की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने कहा, जेटली एवं सुषमा की आलोचना की बात इसमें कहां आ गई? साथ ही जेठमलानी ने सुषमा एवं जेटली पर हमला भी किया और कहा कि वह एकपक्षीय आदेश नहीं मानेंगे। जेठमलानी ने गडकरी, सुषमा एवं जेटली पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। उन्होंने कहा, जेटली एवं सुषमा की आलोचना की बात इसमें कहां आ गई? साथ ही जेठमलानी ने सुषमा एवं जेटली पर हमला भी किया और कहा कि वह एकपक्षीय आदेश नहीं मानेंगे। जेठमलानी ने गडकरी, सुषमा एवं जेटली पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। उन्होंने कहा, मैं इस विषय में स्पष्ट हूं कि उनके कार्यों ने भाजपा की छवि को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे पार्टी की क्षति पहुंची है। आज आम आदमी कह रहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है।टिप्पणियां जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। जब जेठमलानी से पूछा गया कि क्या वह गडकरी को निशाना बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, सभी तीनों। गडकरी को खासतौर पर। मैं निष्कासित होने के लिए तैयार हूं। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए। जेठमलानी ने कहा कि उन्हें अभी कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, यदि मुझे उत्तर देने के लिए कुछ ऐसा है तो मैं जवाब दूंगा। नहीं तो मैं इसे फाड़ के फेंक दूंगा। मेरे लिए 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना सम्भव नहीं है। मैं व्यस्त वकील एवं राजनीतिज्ञ हूं। मुझे दिसम्बर अंत तक का समय चाहिए।
राम जेठमलानी ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को खत लिखकर आरोप लगाया है कि वे सियासी खुदकुशी के रास्ते पर जा रहे हैं और अपने साथ पूरी पार्टी को भी ले जा रहे हैं।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान ने शुक्रवार को एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि बागपत में पंचायत ने जो फैसला सुनाया है उसमें कुछ गलत नहीं है। आजाद भारत में सभी को अपनी बात कहने का हक है। लखनऊ में मीडियाकर्मियों से बातचीत में आजम ने कहा, "मैं नहीं समझता कि बागपत में पंचायत ने जो फैसला सुनाया है वह गलत है। पंचायत का यह फैसला फरमान नहीं, बल्कि कुछ लोगों की राय हो सकती है और अपने समाज की बेहतरी के लिए कुछ लोग एक साथ बैठकर राय- मशविरा करते हैं तो इसमें गलत क्या है?" उन्होंने कहा कि पंचायत ने इस तरह का फरमान क्यों सुनाया, इसकी वजह भी जानने की जरूरत है। हो सकता है समाज की बेहतरी के लिए ही ऐसा किया गया हो। आजम ने कहा, "लोग आजाद भारत में जी रहे हैं और सबको अपनी बात कहने का हक है। अगर उनके इस फैसले से कानून-व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ता है तो मैं नहीं समझता कि यह गलत है। यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ेगी, तब की तब देखी जाएगी।" टिप्पणियां जब यह पूछा गया कि पंचायत ने महिलाओं के मोबाइल का उपयोग करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, तो आजम ने कहा, "मैं किसी मोबाइल कम्पनी का एजेंट नहीं हूं। पंचायत ने कोई फैसला लिया है तो सोच-समझकर ही लिया होगा।" उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के आसरा गांव में बुधवार को हुई पंचायत में मुस्लिम बिरादरी के कई लोग शामिल हुए थे। इस दौरान पंचायत ने छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए तुगलकी फरमान सुनाते हुए कहा था कि गांव की 40 साल तक की कोई महिला या युवती बाजार नहीं जाएगी और इस उम्र तक की महिलाएं गांव या उससे बाहर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगी। लखनऊ में मीडियाकर्मियों से बातचीत में आजम ने कहा, "मैं नहीं समझता कि बागपत में पंचायत ने जो फैसला सुनाया है वह गलत है। पंचायत का यह फैसला फरमान नहीं, बल्कि कुछ लोगों की राय हो सकती है और अपने समाज की बेहतरी के लिए कुछ लोग एक साथ बैठकर राय- मशविरा करते हैं तो इसमें गलत क्या है?" उन्होंने कहा कि पंचायत ने इस तरह का फरमान क्यों सुनाया, इसकी वजह भी जानने की जरूरत है। हो सकता है समाज की बेहतरी के लिए ही ऐसा किया गया हो। आजम ने कहा, "लोग आजाद भारत में जी रहे हैं और सबको अपनी बात कहने का हक है। अगर उनके इस फैसले से कानून-व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ता है तो मैं नहीं समझता कि यह गलत है। यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ेगी, तब की तब देखी जाएगी।" टिप्पणियां जब यह पूछा गया कि पंचायत ने महिलाओं के मोबाइल का उपयोग करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, तो आजम ने कहा, "मैं किसी मोबाइल कम्पनी का एजेंट नहीं हूं। पंचायत ने कोई फैसला लिया है तो सोच-समझकर ही लिया होगा।" उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के आसरा गांव में बुधवार को हुई पंचायत में मुस्लिम बिरादरी के कई लोग शामिल हुए थे। इस दौरान पंचायत ने छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए तुगलकी फरमान सुनाते हुए कहा था कि गांव की 40 साल तक की कोई महिला या युवती बाजार नहीं जाएगी और इस उम्र तक की महिलाएं गांव या उससे बाहर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगी। आजम ने कहा, "लोग आजाद भारत में जी रहे हैं और सबको अपनी बात कहने का हक है। अगर उनके इस फैसले से कानून-व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ता है तो मैं नहीं समझता कि यह गलत है। यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ेगी, तब की तब देखी जाएगी।" टिप्पणियां जब यह पूछा गया कि पंचायत ने महिलाओं के मोबाइल का उपयोग करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, तो आजम ने कहा, "मैं किसी मोबाइल कम्पनी का एजेंट नहीं हूं। पंचायत ने कोई फैसला लिया है तो सोच-समझकर ही लिया होगा।" उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के आसरा गांव में बुधवार को हुई पंचायत में मुस्लिम बिरादरी के कई लोग शामिल हुए थे। इस दौरान पंचायत ने छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए तुगलकी फरमान सुनाते हुए कहा था कि गांव की 40 साल तक की कोई महिला या युवती बाजार नहीं जाएगी और इस उम्र तक की महिलाएं गांव या उससे बाहर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगी। जब यह पूछा गया कि पंचायत ने महिलाओं के मोबाइल का उपयोग करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, तो आजम ने कहा, "मैं किसी मोबाइल कम्पनी का एजेंट नहीं हूं। पंचायत ने कोई फैसला लिया है तो सोच-समझकर ही लिया होगा।" उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के आसरा गांव में बुधवार को हुई पंचायत में मुस्लिम बिरादरी के कई लोग शामिल हुए थे। इस दौरान पंचायत ने छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए तुगलकी फरमान सुनाते हुए कहा था कि गांव की 40 साल तक की कोई महिला या युवती बाजार नहीं जाएगी और इस उम्र तक की महिलाएं गांव या उससे बाहर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के आसरा गांव में बुधवार को हुई पंचायत में मुस्लिम बिरादरी के कई लोग शामिल हुए थे। इस दौरान पंचायत ने छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए तुगलकी फरमान सुनाते हुए कहा था कि गांव की 40 साल तक की कोई महिला या युवती बाजार नहीं जाएगी और इस उम्र तक की महिलाएं गांव या उससे बाहर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगी।
उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान ने शुक्रवार को एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि बागपत में पंचायत ने जो फैसला सुनाया है उसमें कुछ गलत नहीं है। आजाद भारत में सभी को अपनी बात कहने का हक है।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: बिहार की राजधानी पटना में घूस लेकर महात्मा गांधी सेतु पर भारी वाहन ख़ासकर ओवरलोडेड ट्रक को पार करने के आरोप में एक साथ 45 पुलिस वालों को निलंबित कर दिया गया हैं. बिहार पुलिस के इतिहास में शायद एक साथ इतनी संख्या में घूस लेने के आरोप में एक साथ इतनी संख्या में पुलिस वालों के खिलाफ कारवाई का ये पहला उदाहरण हैं. यह कारवाई पटना के यातायात पुलिस अधीक्षक अमरकेश डी ने किया हैं. दरअसल छठ पूजा के दौरान भयंकर जाम लगा था, ना केवल ट्रक से पैसे लेकर अनुमति दिए जाने के कारण बल्कि घूस के पैसे में बंदरबांट को लेकर पुलिस वालों में मारपीट की घटना भी हुई थी. जिसके जांच में पूरे घोटाले का पर्दाफ़ाश हुआ. निलंबित पुलिसवालों में छह दारोगा, सात एएसआई और 32 सिपाही शामिल हैं. कार्रवाई करने वाले पुलिस अधीक्षक अमरकेश डी का कहना हैं कि सीसीटीवी की जांच में घूस लेने का आरोप प्रथम दृष्ट्या सही साबित हुआ और उसी आधार पर अब प्राथमिकी दर्ज करने का भी आदेश दिया गया हैं. जो पुलिस अधिकारी हैं उनपर विभागीय जांच का भी आदेश दिया गया हैं. फ़िलहाल महात्मा गांधी सेतु पर अब सभी नये पुलिस बल को तैनात किया गया हैं. साथ ही निगरानी के लिए एक डीएसपी स्तर के अधिकारी भी तैनात रहेंगे. पुलिस विभाग के एक अनुमान के अनुसार भारी ट्रक को पास कराने के इस खेल में हर दिन लाखों की कमाई होती थी. जो पुलिस वाले आपस में बांट लेते थे. ये एक इस कारण था कि यहां जाम की समस्या हमेशा बरक़रार रहती थी. फ़िलहाल इस कारवाई के बाद उम्मीद की जा रही हैं कि अब कुछ समय के लिए जाम की समस्या ख़त्म होगी.
संक्षिप्त पाठ: बिहार में 45 पुलिसवालों पर कड़ी कार्रवाई घूस लेने के आरोप में निलंबित CCTV फुटेज से घोटाले का पर्दाफ़ाश हुआ
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी कांग्रेस के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने बुधवार को एक भारी-भरकम रक्षा बजट को मंजूरी दे दी। बजट में फेरबदल के बाद इसे मंजूरी दी गई है। पूर्व में पेश बजट को आतंकवाद के खिलाफ प्रयासों के लिए अपर्याप्त बताया गया था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक सदन में 283 सांसदों ने 662 अरब डॉलर के रक्षा बजट के पक्ष में वोट डाले तो 136 वोट इसके विरोध में पड़े। बजट में व्हाइट हाउस की मांग के अनुरूप अंतिम समय में संशोधन किया गया था। व्हाइट हाउस ने बजट विधेयक की भाषा में संशोधन की मांग की थी। व्हाइट हाउस की ओर से दो सप्ताह के लिए वीटो का खतरा दिखाए जाने के बाद इस बजट में यह बदलाव किया गया। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्ने ने बुधवार को एक  वक्तव्य जारी कर कहा कि विधेयक की भाषा खतरनाक आतंकवादियों को पकड़ने के लिए खुफिया तंत्र के इस्तेमाल व अमेरिकी लोगों की सुरक्षा की राष्ट्रपति की क्षमता को चुनौती नहीं देती और राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार वीटो की अनुशंसा नहीं करेंगे। इससे पहले व्हाइट हाउस ने संदिग्ध आतंकवादियों को सैन्य प्रतिष्ठानों में हिरासत में लिए जाने की आवश्यकताओं के मद्देनजर विधेयक पर वीटो लाने की धमकी दी थी। इस विधेयक को राष्ट्रपति के अधिकार पर कानूनी रूप से विवादास्पद प्रतिबंध बताया गया था। इस सप्ताह के अंत में सीनेट में भी इस विधेयक को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद इसे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।
यहाँ एक सारांश है:समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक सदन में 283 सांसदों ने 662 अरब डॉलर के रक्षा बजट के पक्ष में वोट डाले तो 136 वोट इसके विरोध में पड़े।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: JEE Main 2020 की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है. इच्छुक स्टूडेंट्स jeemain.nic.in पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (JEE Main 2020 Registration) की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जेईई मेन परीक्षा आयोजित करती है, जो देश में इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक स्क्रीनिंग सह पात्रता परीक्षा है. जेईई मेन परीक्षा (JEE Main Exam) दो बार जनवरी और अप्रैल में आयोजित की जाती है. एनटीए 6 से 11 जनवरी 2020 तक जेईई मेन परीक्षा आयोजित करेगी. जिसके बाद दूसरी जेईई मेन 2020 परीक्षा अप्रैल में 3 से 9 अप्रैल के बीच आयोजित की जाएगी. दूसरी फेज की परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन फरवरी में होंगे.  बीई, बीटेक के लिए परीक्षा कंप्यूटर आधारित है और आर्किटेक्चर का पेन पेपर मोड में होगी. प्रश्न पत्र का माध्यम अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती होगा. जेईई मेन परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवारों के लिए कोई आयु सीमा नहीं है. जिन उम्मीदवारों ने 2018, 2019 में कक्षा 12 वीं/ समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की है या 2020 में वे परीक्षा देने जा रहे हैं वो भी जेईई मेन परीक्षा में भाग ले सकते हैं.
यह एक सारांश है: जेईई मेन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी. एनटीए 6 से 11 जनवरी 2020 तक जेईई मेन परीक्षा आयोजित करेगी.
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश की सियासत में प्रियंका गांधी की एंट्री ने न सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है, बल्कि उसका असर भी दिखने लगा है. बुधवार को महान दल ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया. प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में महान दल के केशव देव मौर्य कांग्रेस में शामिल हो गए. माना जा रहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की कुछ सीटों पर इस पार्टी की अच्छी उपस्थिति है. इसलिए कांग्रेस को दो-तीन सीटों पर इस पार्टी के साथ आने से फायदा हो सकता है. बता दें कि प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान दी गई है, वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इन दोनों को यूपी की राजनीति में उतारना, कांग्रेस का बड़ा दांव माना जा रहा है.  इस दौरान मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल जी ने जो हमें लक्ष्य दिया है हम उस पर काम कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि केंद्र और राज्य में ऐसी सरकार बने जिसमें सभी वर्गों सभी समूदायों का प्रतिनिधित्तव हो. हम आगे बढ़कर मजबूती से लड़ना चाहते हैं. हम 2019 की लड़ाई जी जान से लड़ेंगे.  कांग्रेस में शामिल होने के बाद केशव देव मौर्य ने मीडिया से कहा कि हम पहले भी कांग्रेस के साथ रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में हम अलग हुए थे. हमारी विचारधारा एक ही है. हम पिछड़ों और दलितों के उत्थान के लिए काम करते हैं. हम सबको साथ लेकर चलते हैं. समाजवादी पार्टी और बसपा ने सिर्फ लोगों को बरगलाया है. पिछड़ी और दलितों के लिए कुछ नहीं किया है. इसलिए हम कांग्रेस के साथ आए हैं. इतना ही नहीं, मौजूदा सरकार भी दलितों पर अत्याचार कर रही है. बता दें कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की पार्टी है महान दल. 2014 के लोकसभा चुनाव में भी महान दल कांग्रेस के साथ था. पिछले चुनाव में तीन लोकसभा सीटों पर इस पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे थे. इसके मुखिया अभी केशव देव मौर्य हैं.  इससे पहले लखनऊ में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) ने आगामी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिए प्रचार पर कांग्रेस (Congress) कार्यकर्ताओं के साथ बैठक सुबह 5.30 बजे खत्म की. मीडिया से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, 'यह चुनाव कैसे जीता जाए इस पर मैं उनके (कार्यकर्ताओं) विचार जान रही हूं.' जयपुर से लौटने के बाद मंगलवार की रात प्रियंका ने अलग-अलग आठ लोकसभा क्षेत्रों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इनमें अमेठी और रायबरेली सीट शामिल है. जयपुर से लखनऊ लौटने के बाद मंगलवार दोपहर को प्रियंका गांधी ने मंगलवार कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बैठक शुरू की थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए केशव देव मौर्य. 2014 में भी कांग्रेस के साथ थे केशव मौर्य. प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे.
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस उसे नजरअंदाज कर आग से खेलने का काम कर रही है। पार्टी ने कहा कि लोकपाल विधेयक में लोकायुक्तों के गठन वाले प्रावधान पर वह केंद्र सरकार के साथ समझौता नहीं करेगी क्योंकि यह प्रावधान राज्यों की आजादी पर कुठाराघात करता है। तृणमूल के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा, "यदि मैं गलत नहीं हूं तो हमने 137 संशोधन पेश किए हैं और ये सभी संशोधन लोकपाल विधेयक में मौजूद लोकायुक्तों के गठन वाले प्रारूप से सम्बंधित हैं।" उन्होंने कहा, "सरकार को सभी संशोधनों पर सहमत होना होगा अन्यथा लोकपाल विधेयक पर हम सरकार के साथ नहीं होंगे।" रॉय ने कहा, "लोकपाल विधेयक का यह प्रावधान राज्यों की स्वतंत्रता पर प्रहार करता है जिसकी हम अनुमति नहीं दे सकते। इस बारे में हमें अंधेरे में रखा गया।" रॉय ने कहा, "कांग्रेस आग के साथ खेल रही है और इस तरह की चीजें जारी रहीं तो उन्हें परिणाम भुगतना होगा।"
तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस उसे नजरअंदाज कर आग से खेलने का काम कर रही है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने स्थानीय पुलिस स्टेशन से कहा है वह कोलकाता नाइटराइडर्स के मालिक शाहरुख खान को स्टेडियम में प्रवेश नहीं करने दे।टिप्पणियां केकेआर का मुकाबला मंगलवार को मुंबई इंडियन्स से होगा। एमसीए अध्यक्ष रवि सावंत ने कहा, ‘हमने मैरीन लाइन्स पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर कहा है वह शाहरुख खान को स्टेडियम के अंदर नहीं घुसने दे। पुलिस ने हमें इस संबंध में पत्र लिखने के लिए कहा था।’ बॉलीवुड के इस सुपरस्टार का पिछले साल सुरक्षाकर्मियों के साथ झगड़ा हो गया था जिसके बाद एमसीए ने उनपर एमसीए के स्टेडियमों में घुसने पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया। इनमें वानखेड़े स्टेडियम भी शामिल है। केकेआर का मुकाबला मंगलवार को मुंबई इंडियन्स से होगा। एमसीए अध्यक्ष रवि सावंत ने कहा, ‘हमने मैरीन लाइन्स पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर कहा है वह शाहरुख खान को स्टेडियम के अंदर नहीं घुसने दे। पुलिस ने हमें इस संबंध में पत्र लिखने के लिए कहा था।’ बॉलीवुड के इस सुपरस्टार का पिछले साल सुरक्षाकर्मियों के साथ झगड़ा हो गया था जिसके बाद एमसीए ने उनपर एमसीए के स्टेडियमों में घुसने पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया। इनमें वानखेड़े स्टेडियम भी शामिल है। बॉलीवुड के इस सुपरस्टार का पिछले साल सुरक्षाकर्मियों के साथ झगड़ा हो गया था जिसके बाद एमसीए ने उनपर एमसीए के स्टेडियमों में घुसने पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया। इनमें वानखेड़े स्टेडियम भी शामिल है।
यह एक सारांश है: मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने स्थानीय पुलिस स्टेशन से कहा है वह कोलकाता नाइटराइडर्स के मालिक शाहरुख खान को स्टेडियम में प्रवेश नहीं करने दे।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में तीर्थराज के नाम से मशहूर प्रयाग (इलाहाबाद) शहर में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम तट पर सोमवार यानी मकर संक्रांति से महाकुंभ मेला शुरू हो जाएगा। इसी दिन पहला शाही स्नान भी है, जिसकी सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सोमवार सुबह 5.57 बजे से स्नान शुरू होगा। भारी संख्या में आम लोगों के अलावा साधु संत और नागा मेले में पहुंच चुके हैं। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान ने शनिवार देर शाम महाकुंभ मेला क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि जो छोटी-मोटी तैयारियां बची हैं उन्हें स्नान शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए। सबसे बड़े धार्मिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरकेएस राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 30 कंपनी केंद्रीय बलों के साथ 50 कंपनी प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) और बीस हजार से ज्यादा नागरिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। मेला अधिकारी मणिप्रसाद मिश्रा ने बताया कि 55 दिन चलने वाले इस महाकुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे। पहला 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन, दूसरा 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर, तीसरा 10 फरवरी को मौनी अमावस्या पर, चौथा 15 फरवरी को वसंत पंचमी पर, पांचवां 25 फरवरी माघी पूर्णिमा पर और छठा 10 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होंगे।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि संगम तट पर लगने वाला महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ इससे पहले वर्ष 2000 में लगा था। देश के चार नगरों- इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, समुद्रमंथन के दौरान निकले अमृतकलश से अमृत छिलकने के कारण इन जगहों पर कुंभ मेला लगता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। सोमवार सुबह 5.57 बजे से स्नान शुरू होगा। भारी संख्या में आम लोगों के अलावा साधु संत और नागा मेले में पहुंच चुके हैं। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान ने शनिवार देर शाम महाकुंभ मेला क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि जो छोटी-मोटी तैयारियां बची हैं उन्हें स्नान शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए। सबसे बड़े धार्मिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरकेएस राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 30 कंपनी केंद्रीय बलों के साथ 50 कंपनी प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) और बीस हजार से ज्यादा नागरिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। मेला अधिकारी मणिप्रसाद मिश्रा ने बताया कि 55 दिन चलने वाले इस महाकुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे। पहला 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन, दूसरा 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर, तीसरा 10 फरवरी को मौनी अमावस्या पर, चौथा 15 फरवरी को वसंत पंचमी पर, पांचवां 25 फरवरी माघी पूर्णिमा पर और छठा 10 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होंगे।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि संगम तट पर लगने वाला महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ इससे पहले वर्ष 2000 में लगा था। देश के चार नगरों- इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, समुद्रमंथन के दौरान निकले अमृतकलश से अमृत छिलकने के कारण इन जगहों पर कुंभ मेला लगता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान ने शनिवार देर शाम महाकुंभ मेला क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि जो छोटी-मोटी तैयारियां बची हैं उन्हें स्नान शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए। सबसे बड़े धार्मिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरकेएस राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 30 कंपनी केंद्रीय बलों के साथ 50 कंपनी प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) और बीस हजार से ज्यादा नागरिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। मेला अधिकारी मणिप्रसाद मिश्रा ने बताया कि 55 दिन चलने वाले इस महाकुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे। पहला 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन, दूसरा 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर, तीसरा 10 फरवरी को मौनी अमावस्या पर, चौथा 15 फरवरी को वसंत पंचमी पर, पांचवां 25 फरवरी माघी पूर्णिमा पर और छठा 10 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होंगे।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि संगम तट पर लगने वाला महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ इससे पहले वर्ष 2000 में लगा था। देश के चार नगरों- इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, समुद्रमंथन के दौरान निकले अमृतकलश से अमृत छिलकने के कारण इन जगहों पर कुंभ मेला लगता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। सबसे बड़े धार्मिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरकेएस राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 30 कंपनी केंद्रीय बलों के साथ 50 कंपनी प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) और बीस हजार से ज्यादा नागरिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। मेला अधिकारी मणिप्रसाद मिश्रा ने बताया कि 55 दिन चलने वाले इस महाकुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे। पहला 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन, दूसरा 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर, तीसरा 10 फरवरी को मौनी अमावस्या पर, चौथा 15 फरवरी को वसंत पंचमी पर, पांचवां 25 फरवरी माघी पूर्णिमा पर और छठा 10 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होंगे।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि संगम तट पर लगने वाला महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ इससे पहले वर्ष 2000 में लगा था। देश के चार नगरों- इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, समुद्रमंथन के दौरान निकले अमृतकलश से अमृत छिलकने के कारण इन जगहों पर कुंभ मेला लगता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाकुंभ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरकेएस राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 30 कंपनी केंद्रीय बलों के साथ 50 कंपनी प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) और बीस हजार से ज्यादा नागरिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। मेला अधिकारी मणिप्रसाद मिश्रा ने बताया कि 55 दिन चलने वाले इस महाकुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे। पहला 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन, दूसरा 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर, तीसरा 10 फरवरी को मौनी अमावस्या पर, चौथा 15 फरवरी को वसंत पंचमी पर, पांचवां 25 फरवरी माघी पूर्णिमा पर और छठा 10 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होंगे।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि संगम तट पर लगने वाला महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ इससे पहले वर्ष 2000 में लगा था। देश के चार नगरों- इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, समुद्रमंथन के दौरान निकले अमृतकलश से अमृत छिलकने के कारण इन जगहों पर कुंभ मेला लगता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मेला अधिकारी मणिप्रसाद मिश्रा ने बताया कि 55 दिन चलने वाले इस महाकुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे। पहला 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन, दूसरा 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर, तीसरा 10 फरवरी को मौनी अमावस्या पर, चौथा 15 फरवरी को वसंत पंचमी पर, पांचवां 25 फरवरी माघी पूर्णिमा पर और छठा 10 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होंगे।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि संगम तट पर लगने वाला महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ इससे पहले वर्ष 2000 में लगा था। देश के चार नगरों- इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, समुद्रमंथन के दौरान निकले अमृतकलश से अमृत छिलकने के कारण इन जगहों पर कुंभ मेला लगता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उल्लेखनीय है कि संगम तट पर लगने वाला महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ इससे पहले वर्ष 2000 में लगा था। देश के चार नगरों- इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, समुद्रमंथन के दौरान निकले अमृतकलश से अमृत छिलकने के कारण इन जगहों पर कुंभ मेला लगता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। देश के चार नगरों- इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, समुद्रमंथन के दौरान निकले अमृतकलश से अमृत छिलकने के कारण इन जगहों पर कुंभ मेला लगता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश में तीर्थराज के नाम से मशहूर प्रयाग (इलाहाबाद) शहर में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम तट पर सोमवार यानी मकर संक्रांति से महाकुंभ मेला शुरू हो जाएगा।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ मुलाकात में कहा कि भारत और चीन को चाहिए कि वह अपने द्विपक्षीय संबंधों को मतभेदों के चलते प्रभावित न होने दें. उन्होंने यह बयान बीजिंग में उस वक्त दिया, जब कश्मीर को लेकर उठाए गए कदम पर चीन ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. तीन दिवसीय यात्रा पर चीन गए विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने समकक्ष वांग यी को इस बात को लेकर अवगत कराया कि किसी भी प्रकार के तनाव को कम करने के लिए दोनों पक्षों को सचेत प्रयास करने होंगे, ताकि मतभेदों के चलते द्विपक्षीय संबंध प्रभावित न हों. उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति में भारत-चीन संबंधों का एक अनोखा स्थान है और ये संबंध वैश्विक स्थिरता के कारक होने चाहिए.  दोनों देशों की मुलाकात से पहले नई दिल्ली चीन को अवगत करा चुकी है कि अनुच्छेद 370 को रद्द करना और जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेकर लद्दाख को केंद्रीय शासित प्रदेश बनाना पूर्ण रूप से भारत का आंतरिक मामला है. अपनी टिप्पणी में वांग ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बढ़ते तनाव पर वह नजर बनाए हुए हैं और नई दिल्ली से अपील करते हैं कि शांति व स्थिरता बनाए रखे. विदेश मंत्री वांग से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन के उप-राष्ट्रपति वांग किशान से बीजिंग में मुलाकात की. सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने सोमवार को कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर की यात्रा के दौरान चीन और भारत के बीच कश्मीर मुद्दे पर पर्याप्त संचार होगा.   ग्लोबल टाइम्स ने एक विशेषज्ञ के हवाले से कहा, "भारत अपनी चिंताओं और योजनाओं से चीन को अवगत कराएगा. इसके साथ ही चीन अपनी बात भारत के सामने रखेगा." सिंघुआ विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय रणनीति संस्थान में एक शोधकर्ता किन्ग फेंग के हवाले से समाचारपत्र ने कहा, "चीन भी मुद्दे को लेकर अपने रुख को दोहराते हुए भारत के कदम पर असंतोष और आपत्ति दर्ज कराएगा. वह इस बात को रखेगा कि भारत ने क्षेत्रीय विवादों के लिए तंत्र को दरकिनार कर दिया और एकतरफा ²ष्टिकोण का सहारा लिया."
यहाँ एक सारांश है:विदेश मंत्री ने अपने चीनी समकक्ष से की मुलाकात कहा- मतभेदों के चलते संबंध नहीं बिगाड़ना चाहिए बोले, वैश्विक राजनीति में भारत-चीन संबंधों का एक अनोखा स्थान
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पढ़ें: राजनाथ सिंह का सवाल, विदेश यात्रा को लेकर क्या छिपाना चाहते हैं राहुल गांधी मंत्रालय के मुताबिक- राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले कौशल किशोर विद्यार्थी ने पूर्व एसपीजी निदेशक विवेक श्रीवास्तव को चिट्ठी लिखकर कहा था कि सरकार उन्हें सुरक्षा के नाम पर टाटा सफारी बुलेट प्रूफ़ गाड़ी देती है, लेकिन उसमें राहुल गांधी अपने आप को महफूज महसूस नहीं करते. इस चिट्ठी में यह भी लिखा हुआ है कि इन गाड़ियों में हवा भी ठीक से पास नहीं होती. यह चिट्ठी एसपीजी को राहुल गांधी के दफ्तर ने पिछले साल लिखी थी.चिट्ठी में लिखा है कि ना इन गाड़ियों की खिड़की खुलती है ना ही हवा पास होती है. खिड़की सिर्फ़ कुछ सेंटीमीटर ही खुलती है, जिसके कारण राहुल गांधी अपने कार्यकर्ताओं से मिल नहीं पाते. साथ ही अगर रास्ता लंबा हो तो ऑक्सीजन की भी कमी हो जाती है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. पढ़ें: राजनाथ ने लोकसभा में कहा-कांग्रेस नेता ने बुलेटप्रूफ गाड़ी की पेशकश ठुकराईटिप्पणियां केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बात का खंडन किया है. मंत्रालय के मुताबिक़- उसी तरह की टाटा सफ़ारी न सिर्फ़ गृहमंत्री राजनाथ सिंह बल्कि वित्तमंत्री अरुण जेटली भी इस्तेमाल करते हैं यानी उसी तरह की गाड़ी में सफ़र करते हैं.  मंत्रालय का कहना है उसी तरह की गाड़ियां उन सभी वीआईपी को दी जा रही है, जिन्हें सरकार की तरफ़ से Z प्लस सुरक्षा दी हुई है. मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्री ने ख़ुद संसद में कहा था कि पिछले दो सालों में कांग्रेस नेता ने 121 दौरे किए हैं, लेकिन 100 बार बुलेट प्रूफ़ गाड़ी इस्तेमाल करने से इंकार किया है. यही नहीं गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे विदेशी दौरे में जाते हैं तो एसपीजी को आखिरी वक्त तक इतलाह नहीं देते हैं और इसके कारण सुरक्षाकर्मियों को काफी दिक्कतें आती हैं.  मंत्रालय के मुताबिक- राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले कौशल किशोर विद्यार्थी ने पूर्व एसपीजी निदेशक विवेक श्रीवास्तव को चिट्ठी लिखकर कहा था कि सरकार उन्हें सुरक्षा के नाम पर टाटा सफारी बुलेट प्रूफ़ गाड़ी देती है, लेकिन उसमें राहुल गांधी अपने आप को महफूज महसूस नहीं करते. इस चिट्ठी में यह भी लिखा हुआ है कि इन गाड़ियों में हवा भी ठीक से पास नहीं होती. यह चिट्ठी एसपीजी को राहुल गांधी के दफ्तर ने पिछले साल लिखी थी.चिट्ठी में लिखा है कि ना इन गाड़ियों की खिड़की खुलती है ना ही हवा पास होती है. खिड़की सिर्फ़ कुछ सेंटीमीटर ही खुलती है, जिसके कारण राहुल गांधी अपने कार्यकर्ताओं से मिल नहीं पाते. साथ ही अगर रास्ता लंबा हो तो ऑक्सीजन की भी कमी हो जाती है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. पढ़ें: राजनाथ ने लोकसभा में कहा-कांग्रेस नेता ने बुलेटप्रूफ गाड़ी की पेशकश ठुकराईटिप्पणियां केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बात का खंडन किया है. मंत्रालय के मुताबिक़- उसी तरह की टाटा सफ़ारी न सिर्फ़ गृहमंत्री राजनाथ सिंह बल्कि वित्तमंत्री अरुण जेटली भी इस्तेमाल करते हैं यानी उसी तरह की गाड़ी में सफ़र करते हैं.  मंत्रालय का कहना है उसी तरह की गाड़ियां उन सभी वीआईपी को दी जा रही है, जिन्हें सरकार की तरफ़ से Z प्लस सुरक्षा दी हुई है. मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्री ने ख़ुद संसद में कहा था कि पिछले दो सालों में कांग्रेस नेता ने 121 दौरे किए हैं, लेकिन 100 बार बुलेट प्रूफ़ गाड़ी इस्तेमाल करने से इंकार किया है. यही नहीं गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे विदेशी दौरे में जाते हैं तो एसपीजी को आखिरी वक्त तक इतलाह नहीं देते हैं और इसके कारण सुरक्षाकर्मियों को काफी दिक्कतें आती हैं.  पढ़ें: राजनाथ ने लोकसभा में कहा-कांग्रेस नेता ने बुलेटप्रूफ गाड़ी की पेशकश ठुकराईटिप्पणियां केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बात का खंडन किया है. मंत्रालय के मुताबिक़- उसी तरह की टाटा सफ़ारी न सिर्फ़ गृहमंत्री राजनाथ सिंह बल्कि वित्तमंत्री अरुण जेटली भी इस्तेमाल करते हैं यानी उसी तरह की गाड़ी में सफ़र करते हैं.  मंत्रालय का कहना है उसी तरह की गाड़ियां उन सभी वीआईपी को दी जा रही है, जिन्हें सरकार की तरफ़ से Z प्लस सुरक्षा दी हुई है. मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्री ने ख़ुद संसद में कहा था कि पिछले दो सालों में कांग्रेस नेता ने 121 दौरे किए हैं, लेकिन 100 बार बुलेट प्रूफ़ गाड़ी इस्तेमाल करने से इंकार किया है. यही नहीं गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे विदेशी दौरे में जाते हैं तो एसपीजी को आखिरी वक्त तक इतलाह नहीं देते हैं और इसके कारण सुरक्षाकर्मियों को काफी दिक्कतें आती हैं.  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बात का खंडन किया है. मंत्रालय के मुताबिक़- उसी तरह की टाटा सफ़ारी न सिर्फ़ गृहमंत्री राजनाथ सिंह बल्कि वित्तमंत्री अरुण जेटली भी इस्तेमाल करते हैं यानी उसी तरह की गाड़ी में सफ़र करते हैं.  मंत्रालय का कहना है उसी तरह की गाड़ियां उन सभी वीआईपी को दी जा रही है, जिन्हें सरकार की तरफ़ से Z प्लस सुरक्षा दी हुई है. मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्री ने ख़ुद संसद में कहा था कि पिछले दो सालों में कांग्रेस नेता ने 121 दौरे किए हैं, लेकिन 100 बार बुलेट प्रूफ़ गाड़ी इस्तेमाल करने से इंकार किया है. यही नहीं गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे विदेशी दौरे में जाते हैं तो एसपीजी को आखिरी वक्त तक इतलाह नहीं देते हैं और इसके कारण सुरक्षाकर्मियों को काफी दिक्कतें आती हैं.  मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्री ने ख़ुद संसद में कहा था कि पिछले दो सालों में कांग्रेस नेता ने 121 दौरे किए हैं, लेकिन 100 बार बुलेट प्रूफ़ गाड़ी इस्तेमाल करने से इंकार किया है. यही नहीं गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे विदेशी दौरे में जाते हैं तो एसपीजी को आखिरी वक्त तक इतलाह नहीं देते हैं और इसके कारण सुरक्षाकर्मियों को काफी दिक्कतें आती हैं.
यह एक सारांश है: इन बुलेट प्रूफ गाड़ियों में बेहद घुटन गृहमंत्रालय ने हालांकि इसे ठीक नहीं बताया राजनाथ और अरुण जेटली भी करते हैं इस्तेमाल
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक की एक समिति ने तीस साल तक की अवधि के लिए निश्चित (फिक्स्ड) ब्याज दर वाले ऋण शुरू करने का समर्थन किया है। समिति ने बैंकों से कहा है कि वे ऋण की केवल बकाया राशि पर उचित पूर्व भुगतान जुर्माना वसूलने पर विचार करें।टिप्पणियां समिति ने कहा है कि बैंक आवधिक ब्याज दर पुनर्निर्धारण (जैसे कि हर 7-10 साल पर) के साथ निश्चित दर वाले दीर्घकालिक ऋणों की पेशकश कर सकते हैं। यह पेशकश स्थायी या स्थिर दर वाले ऋण उत्पादों के अतिरिक्त होगी। जमाओं के मोर्चे पर समिति ने सुझाव दिया है कि बैंकों को पांच साल से अधिक अवधि वाली सावधि जमा योजनाओं को लोकप्रिय बनाना चाहिए, क्योंकि उन पर कुछ कर छूट मिलती है। इस समिति का गठन केंद्रीय बैंक के मुख्य महाप्रबंधक केके वोहरा की अध्यक्षता में पिछले साल किया गया था। समिति ने अपनी मसौदा रपट 9 नवंबर 2012 को सौंपी। समिति ने कहा है कि बैंक आवधिक ब्याज दर पुनर्निर्धारण (जैसे कि हर 7-10 साल पर) के साथ निश्चित दर वाले दीर्घकालिक ऋणों की पेशकश कर सकते हैं। यह पेशकश स्थायी या स्थिर दर वाले ऋण उत्पादों के अतिरिक्त होगी। जमाओं के मोर्चे पर समिति ने सुझाव दिया है कि बैंकों को पांच साल से अधिक अवधि वाली सावधि जमा योजनाओं को लोकप्रिय बनाना चाहिए, क्योंकि उन पर कुछ कर छूट मिलती है। इस समिति का गठन केंद्रीय बैंक के मुख्य महाप्रबंधक केके वोहरा की अध्यक्षता में पिछले साल किया गया था। समिति ने अपनी मसौदा रपट 9 नवंबर 2012 को सौंपी। जमाओं के मोर्चे पर समिति ने सुझाव दिया है कि बैंकों को पांच साल से अधिक अवधि वाली सावधि जमा योजनाओं को लोकप्रिय बनाना चाहिए, क्योंकि उन पर कुछ कर छूट मिलती है। इस समिति का गठन केंद्रीय बैंक के मुख्य महाप्रबंधक केके वोहरा की अध्यक्षता में पिछले साल किया गया था। समिति ने अपनी मसौदा रपट 9 नवंबर 2012 को सौंपी।
यह एक सारांश है: भारतीय रिजर्व बैंक की एक समिति ने तीस साल तक की अवधि के लिए निश्चित (फिक्स्ड) ब्याज दर वाले ऋण शुरू करने का समर्थन किया है।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका ने पाकिस्तान को आगाह किया है कि अगर वह ईरान के साथ 7.5 अरब डॉलर लागत वाली गैस पाइपलाइन के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ता है तो पाबंदियां लगाई जाएंगी। हालांकि पाइपलाइन परियोजना के एक हिस्से का सोमवार को उद्घाटन भी कर दिया गया।टिप्पणियां विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने कहा, ‘‘हमारी गंभीर चिंता है कि अगर यह परियोजना वाकई आगे बढ़ती है तो ईरान प्रतिबंध अधिनियम लागू किया जाएगा। इन चिंताओं को लेकर हमने पाकिस्तानियों से अपना रुख साफ किया है। जैसा कि मैंने पिछले हफ्ते कहा था कि हम पाकिस्तान को उसके लिए जरूरी ऊर्जा के बाबत वैकल्पिक परियोजनाओं में सहयोग देने के लिहाज से द्विपक्षीय तरीके से काम कर रहे हैं।’’ नुलैंड ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘हमने इस पाइपलाइन के बारे में पहले भी 10 से 15 बार घोषणा सुनी है। इसलिए हमें देखना है कि वाकई क्या होता है। अगर यह परियोजना वाकई आगे बढ़ती है तो लागू होने वाली पाबंदियों को लेकर हमें गंभीर चिंता है।’’ विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने कहा, ‘‘हमारी गंभीर चिंता है कि अगर यह परियोजना वाकई आगे बढ़ती है तो ईरान प्रतिबंध अधिनियम लागू किया जाएगा। इन चिंताओं को लेकर हमने पाकिस्तानियों से अपना रुख साफ किया है। जैसा कि मैंने पिछले हफ्ते कहा था कि हम पाकिस्तान को उसके लिए जरूरी ऊर्जा के बाबत वैकल्पिक परियोजनाओं में सहयोग देने के लिहाज से द्विपक्षीय तरीके से काम कर रहे हैं।’’ नुलैंड ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘हमने इस पाइपलाइन के बारे में पहले भी 10 से 15 बार घोषणा सुनी है। इसलिए हमें देखना है कि वाकई क्या होता है। अगर यह परियोजना वाकई आगे बढ़ती है तो लागू होने वाली पाबंदियों को लेकर हमें गंभीर चिंता है।’’ नुलैंड ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘हमने इस पाइपलाइन के बारे में पहले भी 10 से 15 बार घोषणा सुनी है। इसलिए हमें देखना है कि वाकई क्या होता है। अगर यह परियोजना वाकई आगे बढ़ती है तो लागू होने वाली पाबंदियों को लेकर हमें गंभीर चिंता है।’’
यहाँ एक सारांश है:अमेरिका ने पाकिस्तान को आगाह किया है कि अगर वह ईरान के साथ 7.5 अरब डॉलर लागत वाली गैस पाइपलाइन के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ता है तो पाबंदियां लगाई जाएंगी। हालांकि पाइपलाइन परियोजना के एक हिस्से का सोमवार को उद्घाटन भी कर दिया गया।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पटेल आरक्षण के लिए आंदोलन करने वाले हार्दिक पटेल ने मांग की है कि राज्य में 2002 के दंगों के विभिन्न मामलों में दोषी ठहराए गए पटेल समुदाय के युवाओं को रिहा किया जाए. इसके अलावा हार्दिक ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि वो इन युवाओं को रिहा नहीं करवाएंगे, क्योंकि पीएम मोदी दुनिया के सामने खुद को धर्मनिरपेक्ष नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं. पटेल ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पटेल समुदाय के उन 102 लोगों के नाम शामिल किए हैं, जिन्हें 2002 के दंगों के विभिन्न मामलों में दोषी साबित किया गया है और उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. पटेल ने पत्र में लिखा है, 'सभी जानते हैं कि मोदी 2002 दंगे का लाभ उठाकर पहले मुख्यमंत्री और बाद में देश के प्रधानमंत्री बने हैं'. पटेल फिलहाल उदयपुर में रह रहे हैं, क्योंकि गुजरात उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते समय कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा. पत्र में लिखा है, 'ये सभी पटेल युवा गुजरात की में सड़ रहे हैं. मोदीजी अभी प्रधानमंत्री हैं. वो फिलहाल राष्ट्रपति से सिफारिश कर सकते हैं कि पटेल युवाओं को छोड़ दिया जाए'. पटेल ने आगे लिखा है, 'लेकिन मैं जानता हूं कि मोदी जी ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि वो देश और दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वो धर्मनिरपेक्ष नेता हैं. मोदीजी ने गुजरातियों खासकर पाटीदारों का गलत इस्तेमाल किया है'. एक साल हो चुका है जब हार्दिक ने पटेलों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू किया था. पिछले साल 25 अगस्त को पाटीदारों की एक बड़ी रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करोड़ों रुपयों की निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। यही नहीं एक पुलिसकर्मी समेत 11 लोगों भी मारे गए थे.टिप्पणियां बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पटेल ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पटेल समुदाय के उन 102 लोगों के नाम शामिल किए हैं, जिन्हें 2002 के दंगों के विभिन्न मामलों में दोषी साबित किया गया है और उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. पटेल ने पत्र में लिखा है, 'सभी जानते हैं कि मोदी 2002 दंगे का लाभ उठाकर पहले मुख्यमंत्री और बाद में देश के प्रधानमंत्री बने हैं'. पटेल फिलहाल उदयपुर में रह रहे हैं, क्योंकि गुजरात उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते समय कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा. पत्र में लिखा है, 'ये सभी पटेल युवा गुजरात की में सड़ रहे हैं. मोदीजी अभी प्रधानमंत्री हैं. वो फिलहाल राष्ट्रपति से सिफारिश कर सकते हैं कि पटेल युवाओं को छोड़ दिया जाए'. पटेल ने आगे लिखा है, 'लेकिन मैं जानता हूं कि मोदी जी ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि वो देश और दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वो धर्मनिरपेक्ष नेता हैं. मोदीजी ने गुजरातियों खासकर पाटीदारों का गलत इस्तेमाल किया है'. एक साल हो चुका है जब हार्दिक ने पटेलों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू किया था. पिछले साल 25 अगस्त को पाटीदारों की एक बड़ी रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करोड़ों रुपयों की निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। यही नहीं एक पुलिसकर्मी समेत 11 लोगों भी मारे गए थे.टिप्पणियां बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पटेल ने पत्र में लिखा है, 'सभी जानते हैं कि मोदी 2002 दंगे का लाभ उठाकर पहले मुख्यमंत्री और बाद में देश के प्रधानमंत्री बने हैं'. पटेल फिलहाल उदयपुर में रह रहे हैं, क्योंकि गुजरात उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते समय कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा. पत्र में लिखा है, 'ये सभी पटेल युवा गुजरात की में सड़ रहे हैं. मोदीजी अभी प्रधानमंत्री हैं. वो फिलहाल राष्ट्रपति से सिफारिश कर सकते हैं कि पटेल युवाओं को छोड़ दिया जाए'. पटेल ने आगे लिखा है, 'लेकिन मैं जानता हूं कि मोदी जी ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि वो देश और दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वो धर्मनिरपेक्ष नेता हैं. मोदीजी ने गुजरातियों खासकर पाटीदारों का गलत इस्तेमाल किया है'. एक साल हो चुका है जब हार्दिक ने पटेलों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू किया था. पिछले साल 25 अगस्त को पाटीदारों की एक बड़ी रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करोड़ों रुपयों की निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। यही नहीं एक पुलिसकर्मी समेत 11 लोगों भी मारे गए थे.टिप्पणियां बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पटेल फिलहाल उदयपुर में रह रहे हैं, क्योंकि गुजरात उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते समय कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा. पत्र में लिखा है, 'ये सभी पटेल युवा गुजरात की में सड़ रहे हैं. मोदीजी अभी प्रधानमंत्री हैं. वो फिलहाल राष्ट्रपति से सिफारिश कर सकते हैं कि पटेल युवाओं को छोड़ दिया जाए'. पटेल ने आगे लिखा है, 'लेकिन मैं जानता हूं कि मोदी जी ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि वो देश और दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वो धर्मनिरपेक्ष नेता हैं. मोदीजी ने गुजरातियों खासकर पाटीदारों का गलत इस्तेमाल किया है'. एक साल हो चुका है जब हार्दिक ने पटेलों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू किया था. पिछले साल 25 अगस्त को पाटीदारों की एक बड़ी रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करोड़ों रुपयों की निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। यही नहीं एक पुलिसकर्मी समेत 11 लोगों भी मारे गए थे.टिप्पणियां बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पत्र में लिखा है, 'ये सभी पटेल युवा गुजरात की में सड़ रहे हैं. मोदीजी अभी प्रधानमंत्री हैं. वो फिलहाल राष्ट्रपति से सिफारिश कर सकते हैं कि पटेल युवाओं को छोड़ दिया जाए'. पटेल ने आगे लिखा है, 'लेकिन मैं जानता हूं कि मोदी जी ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि वो देश और दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वो धर्मनिरपेक्ष नेता हैं. मोदीजी ने गुजरातियों खासकर पाटीदारों का गलत इस्तेमाल किया है'. एक साल हो चुका है जब हार्दिक ने पटेलों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू किया था. पिछले साल 25 अगस्त को पाटीदारों की एक बड़ी रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करोड़ों रुपयों की निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। यही नहीं एक पुलिसकर्मी समेत 11 लोगों भी मारे गए थे.टिप्पणियां बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पटेल ने आगे लिखा है, 'लेकिन मैं जानता हूं कि मोदी जी ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि वो देश और दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वो धर्मनिरपेक्ष नेता हैं. मोदीजी ने गुजरातियों खासकर पाटीदारों का गलत इस्तेमाल किया है'. एक साल हो चुका है जब हार्दिक ने पटेलों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू किया था. पिछले साल 25 अगस्त को पाटीदारों की एक बड़ी रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करोड़ों रुपयों की निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। यही नहीं एक पुलिसकर्मी समेत 11 लोगों भी मारे गए थे.टिप्पणियां बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक साल हो चुका है जब हार्दिक ने पटेलों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू किया था. पिछले साल 25 अगस्त को पाटीदारों की एक बड़ी रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करोड़ों रुपयों की निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। यही नहीं एक पुलिसकर्मी समेत 11 लोगों भी मारे गए थे.टिप्पणियां बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: हार्दिक का आरोप, पीएम इन युवाओं को रिहा नहीं करवाएंगे. इस बाबत पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा है. हार्दिक पटेल फिलहाल उदयपुर में रह रहे हैं.
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्टार फुटबाल लियोनल मेस्सी के जादू से युवा भारतीय क्रीडांगन परिसर मेस्सीमय हो गया जिन्होंने पूरे 90 मिनट खेलकर फुटबाल क्रेजी दर्शकों को रोमांचित किया और अर्जेंटीना ने फीफा अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में वेनेजुएला पर 1-0 से जीत दर्ज की। हालांकि 1,20,000 दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम पूरा भर नहीं सका लेकिन मौजूद 75,000 दर्शकों के साथ देश और विदेश में टीवी पर लोगों ने मेस्सी के खेल का पूरा लुत्फ उठाया। अर्जेंटीना का सुपरस्टार खिलाड़ी मेस्सी पूरे मैच में जोश में दिखा, हालांकि वेनेजुएला की टीम ने अर्जेंटीना को दबाव में भी बनाए रखा। दूसरे हाफ में 67वें मिनट में मेस्सी के कार्नर से निकोलस ओटामेंडी ने शानदार गोल कर अर्जेंटीना के लिए जीत सुनिश्चित की। अर्जेंटीना के नए कोच एलेजांद्रो साबेला ने अपनी अगुवाई वाले पहले मैच में पूरा जोर फुटबाल अपने पास रखने और पास करने पर दिया। उन्होंने मेस्सी के फुटवर्क से मिडफील्ड पर दबदबा बनाया लेकिन वे इसे गोल में तब्दील नहीं कर सके क्योंकि फाइनल पास या शॉट में उतनी धार नहीं दिखी। लेकिन दर्शकों के लिए यह पल जीवनभर याद रहने वाला रहा जिसमें उन्होंने मेस्सी को यहां अपने मैदान पर खेलते हुए देखा।
सारांश: मेस्सी के जादू से युवा भारतीय क्रीडांगन परिसर मेस्सीमय हो गया जिन्होंने पूरे 90 मिनट खेलकर फुटबाल क्रेजी दर्शकों को रोमांचित किया।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जयपुर में एक पुलिस थाने के सामने आत्माहत्या का प्रयास करने वाली महिला की सोमवार को जयपुर के एक अस्पताल में मृत्यु हो गई. महिला ने रविवार को खुद को आग लगा ली थी. उसे बचाने के लिए भागे पुलिस कर्मियों में से एक बुरी तरह जल गया. महिला ने इसी पुलिस थाने में पांच जून को एक एफआईआर दर्ज कराई थी. महिला ने अपने देवर पर चार साल पहले बलात्कार करने का आरोप लगाया था. पुलिस ने मामला दर्ज करके तफ्तीश भी की थी लेकिन उसमें सामने आया कि महिला का आरोपी से काफी लंबे समय से रिश्ता था. जब देवर की सगाई कहीं और होने लगी तब यह केस दर्ज हुआ. अब पुलिस मामले में आत्माहत्या का केस जोड़कर आगे तफ्तीश करेगी. पीड़ित 38 साल की महिला की आज जयपुर के एक अस्पताल में मौत हो गई. महिला का पुलिस पर आरोप है कि उसने पांच जून को दर्ज मामले में कार्रवाई नहीं की. भाजपा के पूर्व विधायक राजपाल सिंह शेखावत ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि "एक महिला इतनी परेशान होती है कि वह पुलिस थाने के सामने आत्माहत्या करती है. इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या है कि पुलिस ने उसकी सही तरह से सुनवाई नहीं की." पुलिस का कहना है कि जैसे ही मामला दर्ज हुआ था वह इसकी जांच में जुट गई थी. जांच में पता चला कि महिला और आरोपी के बीच सहमति से चार साल से संबंध थे. इसके चलते महिला का अपने पति से भी इसी साल तलाक हो गया. जब आरोपी के परिवार वालों ने उसका रिश्ता कहीं और करने की कोशिश की तो यह मोड़ आया. जयपुर के डीसीपी बजरंग सिंह ने कहा कि "पुलिस ने लापरवाही नहीं की है. इसमें लगतार जांच हो रही थी. इस पूरे मामले में मौका मुआयना करवाया गया है. महिला के साथ जबरदस्ती जैसे कोई बात सामने नहीं आई है." महिला ने रविवार को पुलिस थाने के सामने आत्मादाह की कोशिश की. उसे बचाने पहुंचे पुलिस कर्मियों में से एक का हाथ झुलस गया. ज्यादा जलने से महिला की आज मौत हो गई.
यह एक सारांश है: रविवार को आत्मदाह किया, सोमवार को अस्पताल में हुई मौत पुलिस पर आरोप- पांच जून को दर्ज मामले पर कार्रवाई नहीं की पुलिस जांच में पता चला महिला के देवर से चार साल से संबध थे
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पॉन्टी चड्ढा गोलीबारी कांड में गिरफ्तार किए गए उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के बर्खास्त अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी ने पॉन्टी के भाई हरदीप पर गोली चलाने की बात कबूल की है। दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नामधारी को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। नामधारी के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है। नामधारी को शुक्रवार को उत्तराखंड के बाजपुर से गिरफ्तार किया गया था।टिप्पणियां गौरतलब है कि नामधारी छतरपुर स्थित फार्महाउस पर चड्ढा की हत्या के वक्त उनके साथ मौजूद थे। यहां पॉन्टी और उनके भाई हरदीप, दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में मारे गए थे। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि इस बात की संभावना है कि नामधारी के लोगों ने इस विवादित फार्महाउस पर नियंत्रण के लिए पॉन्टी की मदद की। हालांकि नामधारी ने इन खबरों का खंडन किया था कि घटना के बाद से वह छिपे हुए हैं। उन्होंने बाजपुर में कहा, मैंने गोलीबारी की घटना में प्राथमिकी दर्ज कराई और पुलिस की जांच में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार हूं। पुलिस के पास उनके बारे में जानकारी नहीं होने की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, मैंने खुद दिल्ली पुलिस के दल से मेरे घर आने को कहा। दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नामधारी को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। नामधारी के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है। नामधारी को शुक्रवार को उत्तराखंड के बाजपुर से गिरफ्तार किया गया था।टिप्पणियां गौरतलब है कि नामधारी छतरपुर स्थित फार्महाउस पर चड्ढा की हत्या के वक्त उनके साथ मौजूद थे। यहां पॉन्टी और उनके भाई हरदीप, दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में मारे गए थे। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि इस बात की संभावना है कि नामधारी के लोगों ने इस विवादित फार्महाउस पर नियंत्रण के लिए पॉन्टी की मदद की। हालांकि नामधारी ने इन खबरों का खंडन किया था कि घटना के बाद से वह छिपे हुए हैं। उन्होंने बाजपुर में कहा, मैंने गोलीबारी की घटना में प्राथमिकी दर्ज कराई और पुलिस की जांच में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार हूं। पुलिस के पास उनके बारे में जानकारी नहीं होने की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, मैंने खुद दिल्ली पुलिस के दल से मेरे घर आने को कहा। गौरतलब है कि नामधारी छतरपुर स्थित फार्महाउस पर चड्ढा की हत्या के वक्त उनके साथ मौजूद थे। यहां पॉन्टी और उनके भाई हरदीप, दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में मारे गए थे। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि इस बात की संभावना है कि नामधारी के लोगों ने इस विवादित फार्महाउस पर नियंत्रण के लिए पॉन्टी की मदद की। हालांकि नामधारी ने इन खबरों का खंडन किया था कि घटना के बाद से वह छिपे हुए हैं। उन्होंने बाजपुर में कहा, मैंने गोलीबारी की घटना में प्राथमिकी दर्ज कराई और पुलिस की जांच में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार हूं। पुलिस के पास उनके बारे में जानकारी नहीं होने की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, मैंने खुद दिल्ली पुलिस के दल से मेरे घर आने को कहा। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि इस बात की संभावना है कि नामधारी के लोगों ने इस विवादित फार्महाउस पर नियंत्रण के लिए पॉन्टी की मदद की। हालांकि नामधारी ने इन खबरों का खंडन किया था कि घटना के बाद से वह छिपे हुए हैं। उन्होंने बाजपुर में कहा, मैंने गोलीबारी की घटना में प्राथमिकी दर्ज कराई और पुलिस की जांच में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार हूं। पुलिस के पास उनके बारे में जानकारी नहीं होने की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, मैंने खुद दिल्ली पुलिस के दल से मेरे घर आने को कहा।
यह एक सारांश है: पॉन्टी चड्ढा हत्याकांड में गिरफ्तार नामधारी को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। नामधारी के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राज्यों में समुचित योग्यता के बगैर प्राइमरी स्कूलों में एड हॉक बेसिस यानी अस्थायी तौर पर शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त ऐतराज जताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना पूरी योग्यता के इस तरह शिक्षकों की नियुक्ति देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक ऐसी नीति शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रही है। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने इस व्यवस्था से असहमति व्यक्त करते हुए जानना चाहा कि शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद इस नीति को कैसे आगे बढ़ाया जा सकेगा। न्यायाधीशों ने गुजरात के प्राथमिक स्कूलों में 'विद्या सहायक' की नियुक्ति से संबंधित मामले में राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी करते हुए कहा कि हम ऐसे शिक्षकों की योग्यता के बारे में जानना चाहते हैं।टिप्पणियां न्यायाधीशों ने ऐसे शिक्षकों की योग्यता और नियुक्तियों से संबंधित विवरण तैयार करने का राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा, अनुच्छेद 21-क के अस्तित्व में होने के बाद आप इस तरह की नीति कैसे तैयार कर सकते हैं। यह हतप्रभ करने वाला है। उत्तर प्रदेश में भी इस तरह की नियुक्तियां हैं। ये शिक्षा सहायक, तो शिक्षा शत्रु हैं। न्यायालय ने कहा कि कई राज्यों में प्राथमिक शिक्षकों की तदर्थ (एड हॉक) नियुक्तियां की जा रही हैं और इसके लिए उन्हें नियमित शिक्षकों की तुलना में एक-चौथाई वेतन मिलता है। न्यायाधीशों ने कहा, जब हमने अनुच्छेद 21-क पर अमल कर दिया है, तो क्या हम इस व्यवस्था को अनुमति दे सकते हैं? हमारी चिंता शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर है। हम प्रदान की जा रही शिक्षा के प्रति काफी गंभीर हैं। हम समुचित योग्यता नहीं रखने वालों को तदर्थ शिक्षक नियुक्त करके पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही चौपट कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक ऐसी नीति शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रही है। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने इस व्यवस्था से असहमति व्यक्त करते हुए जानना चाहा कि शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद इस नीति को कैसे आगे बढ़ाया जा सकेगा। न्यायाधीशों ने गुजरात के प्राथमिक स्कूलों में 'विद्या सहायक' की नियुक्ति से संबंधित मामले में राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी करते हुए कहा कि हम ऐसे शिक्षकों की योग्यता के बारे में जानना चाहते हैं।टिप्पणियां न्यायाधीशों ने ऐसे शिक्षकों की योग्यता और नियुक्तियों से संबंधित विवरण तैयार करने का राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा, अनुच्छेद 21-क के अस्तित्व में होने के बाद आप इस तरह की नीति कैसे तैयार कर सकते हैं। यह हतप्रभ करने वाला है। उत्तर प्रदेश में भी इस तरह की नियुक्तियां हैं। ये शिक्षा सहायक, तो शिक्षा शत्रु हैं। न्यायालय ने कहा कि कई राज्यों में प्राथमिक शिक्षकों की तदर्थ (एड हॉक) नियुक्तियां की जा रही हैं और इसके लिए उन्हें नियमित शिक्षकों की तुलना में एक-चौथाई वेतन मिलता है। न्यायाधीशों ने कहा, जब हमने अनुच्छेद 21-क पर अमल कर दिया है, तो क्या हम इस व्यवस्था को अनुमति दे सकते हैं? हमारी चिंता शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर है। हम प्रदान की जा रही शिक्षा के प्रति काफी गंभीर हैं। हम समुचित योग्यता नहीं रखने वालों को तदर्थ शिक्षक नियुक्त करके पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही चौपट कर रहे हैं। न्यायाधीशों ने गुजरात के प्राथमिक स्कूलों में 'विद्या सहायक' की नियुक्ति से संबंधित मामले में राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी करते हुए कहा कि हम ऐसे शिक्षकों की योग्यता के बारे में जानना चाहते हैं।टिप्पणियां न्यायाधीशों ने ऐसे शिक्षकों की योग्यता और नियुक्तियों से संबंधित विवरण तैयार करने का राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा, अनुच्छेद 21-क के अस्तित्व में होने के बाद आप इस तरह की नीति कैसे तैयार कर सकते हैं। यह हतप्रभ करने वाला है। उत्तर प्रदेश में भी इस तरह की नियुक्तियां हैं। ये शिक्षा सहायक, तो शिक्षा शत्रु हैं। न्यायालय ने कहा कि कई राज्यों में प्राथमिक शिक्षकों की तदर्थ (एड हॉक) नियुक्तियां की जा रही हैं और इसके लिए उन्हें नियमित शिक्षकों की तुलना में एक-चौथाई वेतन मिलता है। न्यायाधीशों ने कहा, जब हमने अनुच्छेद 21-क पर अमल कर दिया है, तो क्या हम इस व्यवस्था को अनुमति दे सकते हैं? हमारी चिंता शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर है। हम प्रदान की जा रही शिक्षा के प्रति काफी गंभीर हैं। हम समुचित योग्यता नहीं रखने वालों को तदर्थ शिक्षक नियुक्त करके पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही चौपट कर रहे हैं। न्यायाधीशों ने ऐसे शिक्षकों की योग्यता और नियुक्तियों से संबंधित विवरण तैयार करने का राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा, अनुच्छेद 21-क के अस्तित्व में होने के बाद आप इस तरह की नीति कैसे तैयार कर सकते हैं। यह हतप्रभ करने वाला है। उत्तर प्रदेश में भी इस तरह की नियुक्तियां हैं। ये शिक्षा सहायक, तो शिक्षा शत्रु हैं। न्यायालय ने कहा कि कई राज्यों में प्राथमिक शिक्षकों की तदर्थ (एड हॉक) नियुक्तियां की जा रही हैं और इसके लिए उन्हें नियमित शिक्षकों की तुलना में एक-चौथाई वेतन मिलता है। न्यायाधीशों ने कहा, जब हमने अनुच्छेद 21-क पर अमल कर दिया है, तो क्या हम इस व्यवस्था को अनुमति दे सकते हैं? हमारी चिंता शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर है। हम प्रदान की जा रही शिक्षा के प्रति काफी गंभीर हैं। हम समुचित योग्यता नहीं रखने वालों को तदर्थ शिक्षक नियुक्त करके पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही चौपट कर रहे हैं। न्यायाधीशों ने कहा, जब हमने अनुच्छेद 21-क पर अमल कर दिया है, तो क्या हम इस व्यवस्था को अनुमति दे सकते हैं? हमारी चिंता शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर है। हम प्रदान की जा रही शिक्षा के प्रति काफी गंभीर हैं। हम समुचित योग्यता नहीं रखने वालों को तदर्थ शिक्षक नियुक्त करके पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही चौपट कर रहे हैं।
संक्षिप्त पाठ: राज्यों में समुचित योग्यता के बगैर प्राइमरी स्कूलों में एड हॉक बेसिस यानी अस्थायी तौर पर शिक्षकों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना पूरी योग्यता के इस तरह शिक्षकों की नियुक्ति देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बब्बर खालसा के आतंकवादी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। अकाली दल ने बलवंत सिंह की फांसी को माफ करवाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाने का फैसला किया है। अकाली दल की कोर कमेटी ने एसजीपीसी से कहा है कि वह बलवंत सिंह की फांसी को रुकवाने के लिए राष्ट्रपति के पास अपील करें। इस मामले में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी आज विधानसभा में बयान देंगे। पटियाला जेल प्रशासन ने बलवंत सिंह का डेथ वॉरंट एक बार फिर चंडीगढ़ कोर्ट को लौटा दिया है। जेल के सुपरिटेंडेंट ने कहा है कि बेअंत सिंह हत्याकांड के एक आरोपी लखविंदर सिंह की अपील अभी सुप्रीम कोर्ट में है।टिप्पणियां जेल सुपरिटेंडेंट के मुताबिक लखविंदर लक्खा के मामले में फैसला आने तक बलवंत सिंह के डेथ वॉरंट की तामील नहीं की जा सकती। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी को माफ करने के मुद्दे पर अपना समर्थन दिया है। उन्होंने बेअंत सिहं के परिवार द्वारा सजा माफी के रवैये की सराहना की है।  अमरिंदर के मुताबिक वह कानूनी तौर पर या फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने से जुड़े हर कदम में सरकार का साथ देंगे। कांग्रेस बलंवत सिंह की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने के हक में हैं। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में पटियाला में सैकड़ों की तादाद में लोगों ने एक मार्च में हिस्सा लिया मार्च में शामिल होने के लिए पंजाब के अलग−अलग क्षेत्र से लोग आए थे। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में नारे लगाते हुए ये लोग सेंट्रल जेल की ओर बढ़ रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें जेल तक जाने नहीं दिया तो विरोध में लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे। अकाली दल की कोर कमेटी ने एसजीपीसी से कहा है कि वह बलवंत सिंह की फांसी को रुकवाने के लिए राष्ट्रपति के पास अपील करें। इस मामले में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी आज विधानसभा में बयान देंगे। पटियाला जेल प्रशासन ने बलवंत सिंह का डेथ वॉरंट एक बार फिर चंडीगढ़ कोर्ट को लौटा दिया है। जेल के सुपरिटेंडेंट ने कहा है कि बेअंत सिंह हत्याकांड के एक आरोपी लखविंदर सिंह की अपील अभी सुप्रीम कोर्ट में है।टिप्पणियां जेल सुपरिटेंडेंट के मुताबिक लखविंदर लक्खा के मामले में फैसला आने तक बलवंत सिंह के डेथ वॉरंट की तामील नहीं की जा सकती। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी को माफ करने के मुद्दे पर अपना समर्थन दिया है। उन्होंने बेअंत सिहं के परिवार द्वारा सजा माफी के रवैये की सराहना की है।  अमरिंदर के मुताबिक वह कानूनी तौर पर या फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने से जुड़े हर कदम में सरकार का साथ देंगे। कांग्रेस बलंवत सिंह की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने के हक में हैं। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में पटियाला में सैकड़ों की तादाद में लोगों ने एक मार्च में हिस्सा लिया मार्च में शामिल होने के लिए पंजाब के अलग−अलग क्षेत्र से लोग आए थे। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में नारे लगाते हुए ये लोग सेंट्रल जेल की ओर बढ़ रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें जेल तक जाने नहीं दिया तो विरोध में लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे। पटियाला जेल प्रशासन ने बलवंत सिंह का डेथ वॉरंट एक बार फिर चंडीगढ़ कोर्ट को लौटा दिया है। जेल के सुपरिटेंडेंट ने कहा है कि बेअंत सिंह हत्याकांड के एक आरोपी लखविंदर सिंह की अपील अभी सुप्रीम कोर्ट में है।टिप्पणियां जेल सुपरिटेंडेंट के मुताबिक लखविंदर लक्खा के मामले में फैसला आने तक बलवंत सिंह के डेथ वॉरंट की तामील नहीं की जा सकती। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी को माफ करने के मुद्दे पर अपना समर्थन दिया है। उन्होंने बेअंत सिहं के परिवार द्वारा सजा माफी के रवैये की सराहना की है।  अमरिंदर के मुताबिक वह कानूनी तौर पर या फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने से जुड़े हर कदम में सरकार का साथ देंगे। कांग्रेस बलंवत सिंह की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने के हक में हैं। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में पटियाला में सैकड़ों की तादाद में लोगों ने एक मार्च में हिस्सा लिया मार्च में शामिल होने के लिए पंजाब के अलग−अलग क्षेत्र से लोग आए थे। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में नारे लगाते हुए ये लोग सेंट्रल जेल की ओर बढ़ रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें जेल तक जाने नहीं दिया तो विरोध में लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे। जेल सुपरिटेंडेंट के मुताबिक लखविंदर लक्खा के मामले में फैसला आने तक बलवंत सिंह के डेथ वॉरंट की तामील नहीं की जा सकती। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी को माफ करने के मुद्दे पर अपना समर्थन दिया है। उन्होंने बेअंत सिहं के परिवार द्वारा सजा माफी के रवैये की सराहना की है।  अमरिंदर के मुताबिक वह कानूनी तौर पर या फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने से जुड़े हर कदम में सरकार का साथ देंगे। कांग्रेस बलंवत सिंह की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने के हक में हैं। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में पटियाला में सैकड़ों की तादाद में लोगों ने एक मार्च में हिस्सा लिया मार्च में शामिल होने के लिए पंजाब के अलग−अलग क्षेत्र से लोग आए थे। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में नारे लगाते हुए ये लोग सेंट्रल जेल की ओर बढ़ रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें जेल तक जाने नहीं दिया तो विरोध में लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे। अमरिंदर के मुताबिक वह कानूनी तौर पर या फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने से जुड़े हर कदम में सरकार का साथ देंगे। कांग्रेस बलंवत सिंह की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने के हक में हैं। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में पटियाला में सैकड़ों की तादाद में लोगों ने एक मार्च में हिस्सा लिया मार्च में शामिल होने के लिए पंजाब के अलग−अलग क्षेत्र से लोग आए थे। बलवंत सिंह की फांसी के विरोध में नारे लगाते हुए ये लोग सेंट्रल जेल की ओर बढ़ रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें जेल तक जाने नहीं दिया तो विरोध में लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे।
संक्षिप्त पाठ: अकाली दल ने बब्बर खालसा के आतंकी बलवंत सिंह की फांसी को माफ करवाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाने का फैसला किया है।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों से लोकपाल विधेयक पारित कराने में मदद की अपील करते हुए कहा कि कोई ऐसी चीज न बनने दें कि वह सब कुछ तबाह हो जाए, जिसपर हम गर्व करते हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई के नाम पर अराजकता फैले। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश लोकपाल विधेयक संसद की भावना के अनुरूप है और कानून बनाने का अधिकार केवल संसद के पास है। लोकसभा में केंद्र सरकार द्वारा पेश लोकपाल विधेयक पर चल रही चर्चा के बीच मनमोहन सिंह ने कहा कि कानून बनाने का अधिकार सिर्फ संसद के पास है और बाकी लोग केवल अपनी राय दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक को तैयार करने में हर वर्ग की राय ली गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल लोकपाल विधेयक से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई खत्म नहीं होगी। इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने अभूतपूर्व फैसले लिए हैं। मनमोहन सिंह ने राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि लोकपाल विधेयक गम्भीर मुद्दा है और वे इसे कानूनी दांवपेंच में न उलझाएं। उन्होंने कहा कि जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त और नाराज है और लोकपाल संस्था के बनने से उसकी नाराजगी कम होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का मानना है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को लोकपाल के तहत काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि यह संविधान के दायरे से बाहर होगा। उन्होंने कहा कि देश की हर इकाई को संविधान के तहत ही काम करना होगा और उसे संसद के प्रति अपनी जवाबदेही रखनी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार राज्यों के स्तर पर है और बिना लोकायुक्त के भ्रष्टाचार देश से पूरी तरह खत्म नहीं होगा। मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लोकपाल विधेयक को पारित करने में सरकार की मदद करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने सूचना का अधिकार, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून, शिक्षा का अधिकार और खाद्य सुरक्षा अधिकार जैसे कानूनों से जनता के हित में काम किया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि लोकसभा में हो रही इस चर्चा को पूरा देश गम्भीरता से देख रहा है और इस विधेयक को संसद को पारित करना चाहिए।
संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि कोई ऐसी चीज न बनने दें कि वह सब कुछ तबाह हो जाए, जिसपर हम गर्व करते हैं।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पशुपति कुमार पारस ने ग्रामीणों के बीच दवाओं का वितरण किया और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया.  लेकिन ग्रामीण राजकुमार साह को देखकर क्रोधित हो गए और उनसे पूछा कि वह उस वक्त कहां थे जब वे लोग ऐसी विकट स्थिति से जूझ रहे थे कि उनके पास पानी भी नहीं था.  पशुपति कुमार पारस ने एईएस के कारण मरने वाले उन बच्चों के परिवारों को 5,000 रु. की आर्थिक सहायता प्रदान की है.    एक ग्रामीण ने कहा, "वह हमारे विधायक हैं. उनके पास हमारी शिकायतों को सुनने के लिए भी समय नहीं था.  जब कुछ लोग उन्हें परिस्थितियों के बारे में बताने के लिए उसके निवास पर गए, तो उनके बेटे ने उन्हें दरवाजे से धक्का दे दिया"  शनिवार को हरिवंशपुर गांव के निवासियों ने अपने विधायक को खोजने के लिए 5000 और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को ढूंढने के लिए 15000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी. बता दें बीजेपी की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रमुख केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को बिहार से एनडीए के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ग्रामीणों ने विधायक के खिलाफ की नारेबाजी सांसद ने पीड़ित परिवारों को दी 5000 की मदद लापता के पोस्टर लगाकर ग्रामीणों ने की थी इनाम की घोषणा
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के लाहौर में दो सशस्त्र पाकिस्तानियों को गोली चलाकर मार डालने के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी राजनयिक रेमंड डेविस के तालिबान के साथ घनिष्ठ संबंध थे और वह इस आतंकी समूह के लिए युवाओं की भर्ती कराने के काम में काफी सक्रिय था। तालिबान के साथ डेविस के संबंधों के बारे में एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया। दूसरी ओर, पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा ने डेविस को मौत की सजा देने की मांग की है। उसने अमेरिका पर देशभर में बम विस्फोट कराने का आरोप लगाया, जिनमें बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं। अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पंजाब प्रांत पुलिस के अज्ञात अधिकारियों के हवाले से खबर दी कि डेविस के तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से संबंध थे। इससे एक दिन पूर्व अमेरिकी मीडिया ने कहा था कि अमेरिकी अधिकारी सीआईए के सुरक्षा ठेकेदार के रूप में काम कर रहा था। अखबार ने पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा, लाहौर में हुई हत्याएं एक तरह से हमारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए वरदान हैं, जिन्हें शक था कि डेविस लाहौर और पंजाब के अन्य हिस्सों में आतंकी गतिविधियों की योजना तैयार करता है। अधिकारी ने कहा, पूछताछ के दौरान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के साथ उसके संबंधों का खुलासा हुआ...डेविस तालिबान के लिए पंजाब के युवाओं की भर्ती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था, ताकि खूनी विद्रोह को बढ़ावा दिया जा सके।'
सारांश: लाहौर में दो सशस्त्र पाकिस्तानियों को गोली चलाकर मार डालने के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी राजनयिक रेमंड डेविस के तालिबान के साथ घनिष्ठ संबंध थे और वह इस आतंकी समूह के लिए युवाओं की भर्ती कराने के काम में काफी सक्रिय था।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 1. व्हाइट हाउस का डिजाइन आयरलैंड में पैदा हुए जेम्स होबन ने तैयार किया था. व्हाइट हाउस का निर्माण 1792 से 1800 के बीच पूरा हो गया. इस तरह से पहली आधारशिला 1792 के अक्टूबर महीने में रखी गई, जिसे पूरा होने में आठ साल का वक्त लगा था. 2. व्हाइट हाउस आज जहां पर खड़ा है वहां पर एक जमाने में जंगल-पहाड़ था. अमेरिका की आजादी के करीब 15 साल बाद वाशिंगटन शहर पहाड़ी और जंगल के बीच गिनती के कुछ लोगों का बसेरा था. 1789 में अमेरिकी कांग्रेस ने नई राजधानी बसाने का फैसला किया.  3. हालांकि 200 से अधिक साल के इतिहास में व्हाइट हाउस के नक्शे में कुछ बदलाव जरूर हुए हैं, लेकिन मोटे तौर पर व्हाइट हाउस का नक्शा आज भी वही है जैसा कभी एक जमाने में हुआ करता था. इस नक्शे के मुताबिक व्हाइट हाउस के पूरब की तरफ मनोरंजन के लिए एक इमारत है. दक्षिण की तरफ तीन पार्लर हैं ग्रीन, ब्लू और रेड पार्लर. इन्हीं पार्लरों में व्हाइट हाउस की पहचान ओवल डिजायन वाला दफ्तर है. पश्चिम की तरफ राजकीय डाइनिंग हॉल है. उत्तर की तरफ वो इमारतें हैं जहां राष्ट्रपति का परिवार रहता है.   4. 1812 के युद्ध में ब्रिटिश फौज ने वाशिंगटन पर कब्जा कर लिया था, इसके बाद उसने व्हाइट हाउस को भी आग के हवाले कर दिया था. आग के वो निशान आज भी व्हाइट हाउस पर पुती कई परतों के नीचे मिल जाते हैं, जब इसका रंग रोगन किया जाता है. व्हाइट हाउस के विध्वंस के फौरन बाद ही राष्ट्रपति जेम्स मरोन ने व्हाइट हाउस के पुनिर्माण का आदेश दिया था. इसके बाद से व्हाइट हाउस अमेरिकी राष्ट्रपतियों का स्थाई निवास है.  5. सफेद बलुआ पत्थर से जॉर्जियन शैली में बना है वाइट हाउस. जॉन ऐडम्स के कार्यकाल से ही यह अमेरिकन राष्ट्रपति का सरकारी आवास है. 6. व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति और प्रथम महिला को उनके भोजन, प्रसाधन, ड्राई क्लीनिंग सहित अन्य सभी चीजों के लिए चार्ज किया जाता है. व्हाइट हाउस देखने के लिए भले ही कोई चार्ज नहीं लगता, लेकिन इसके लिए 'छह महीने' पहले ही आवेदन करना होता है. 7. व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं. इसके अलावा 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट शामिल है. 8. व्हाइट हाउस वास्तव में 55,000 वर्ग फीट क्षेत्र में बना है. जमीन ने इसकी ऊंचाई 70 फीट है, जबकि चौड़ाई 170 फीट और गहराई 85 फीट है यह 18 एकड़ जमीन पर स्थित है. निर्माणाधीन व्हाइट हाउस के दौरान राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन अपने कार्यालय में होते थे. बता दें, कि वॉशिंगटन कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं रहे.टिप्पणियां 9. व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं. भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था. 2. व्हाइट हाउस आज जहां पर खड़ा है वहां पर एक जमाने में जंगल-पहाड़ था. अमेरिका की आजादी के करीब 15 साल बाद वाशिंगटन शहर पहाड़ी और जंगल के बीच गिनती के कुछ लोगों का बसेरा था. 1789 में अमेरिकी कांग्रेस ने नई राजधानी बसाने का फैसला किया.  3. हालांकि 200 से अधिक साल के इतिहास में व्हाइट हाउस के नक्शे में कुछ बदलाव जरूर हुए हैं, लेकिन मोटे तौर पर व्हाइट हाउस का नक्शा आज भी वही है जैसा कभी एक जमाने में हुआ करता था. इस नक्शे के मुताबिक व्हाइट हाउस के पूरब की तरफ मनोरंजन के लिए एक इमारत है. दक्षिण की तरफ तीन पार्लर हैं ग्रीन, ब्लू और रेड पार्लर. इन्हीं पार्लरों में व्हाइट हाउस की पहचान ओवल डिजायन वाला दफ्तर है. पश्चिम की तरफ राजकीय डाइनिंग हॉल है. उत्तर की तरफ वो इमारतें हैं जहां राष्ट्रपति का परिवार रहता है.   4. 1812 के युद्ध में ब्रिटिश फौज ने वाशिंगटन पर कब्जा कर लिया था, इसके बाद उसने व्हाइट हाउस को भी आग के हवाले कर दिया था. आग के वो निशान आज भी व्हाइट हाउस पर पुती कई परतों के नीचे मिल जाते हैं, जब इसका रंग रोगन किया जाता है. व्हाइट हाउस के विध्वंस के फौरन बाद ही राष्ट्रपति जेम्स मरोन ने व्हाइट हाउस के पुनिर्माण का आदेश दिया था. इसके बाद से व्हाइट हाउस अमेरिकी राष्ट्रपतियों का स्थाई निवास है.  5. सफेद बलुआ पत्थर से जॉर्जियन शैली में बना है वाइट हाउस. जॉन ऐडम्स के कार्यकाल से ही यह अमेरिकन राष्ट्रपति का सरकारी आवास है. 6. व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति और प्रथम महिला को उनके भोजन, प्रसाधन, ड्राई क्लीनिंग सहित अन्य सभी चीजों के लिए चार्ज किया जाता है. व्हाइट हाउस देखने के लिए भले ही कोई चार्ज नहीं लगता, लेकिन इसके लिए 'छह महीने' पहले ही आवेदन करना होता है. 7. व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं. इसके अलावा 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट शामिल है. 8. व्हाइट हाउस वास्तव में 55,000 वर्ग फीट क्षेत्र में बना है. जमीन ने इसकी ऊंचाई 70 फीट है, जबकि चौड़ाई 170 फीट और गहराई 85 फीट है यह 18 एकड़ जमीन पर स्थित है. निर्माणाधीन व्हाइट हाउस के दौरान राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन अपने कार्यालय में होते थे. बता दें, कि वॉशिंगटन कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं रहे.टिप्पणियां 9. व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं. भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था. 3. हालांकि 200 से अधिक साल के इतिहास में व्हाइट हाउस के नक्शे में कुछ बदलाव जरूर हुए हैं, लेकिन मोटे तौर पर व्हाइट हाउस का नक्शा आज भी वही है जैसा कभी एक जमाने में हुआ करता था. इस नक्शे के मुताबिक व्हाइट हाउस के पूरब की तरफ मनोरंजन के लिए एक इमारत है. दक्षिण की तरफ तीन पार्लर हैं ग्रीन, ब्लू और रेड पार्लर. इन्हीं पार्लरों में व्हाइट हाउस की पहचान ओवल डिजायन वाला दफ्तर है. पश्चिम की तरफ राजकीय डाइनिंग हॉल है. उत्तर की तरफ वो इमारतें हैं जहां राष्ट्रपति का परिवार रहता है.   4. 1812 के युद्ध में ब्रिटिश फौज ने वाशिंगटन पर कब्जा कर लिया था, इसके बाद उसने व्हाइट हाउस को भी आग के हवाले कर दिया था. आग के वो निशान आज भी व्हाइट हाउस पर पुती कई परतों के नीचे मिल जाते हैं, जब इसका रंग रोगन किया जाता है. व्हाइट हाउस के विध्वंस के फौरन बाद ही राष्ट्रपति जेम्स मरोन ने व्हाइट हाउस के पुनिर्माण का आदेश दिया था. इसके बाद से व्हाइट हाउस अमेरिकी राष्ट्रपतियों का स्थाई निवास है.  5. सफेद बलुआ पत्थर से जॉर्जियन शैली में बना है वाइट हाउस. जॉन ऐडम्स के कार्यकाल से ही यह अमेरिकन राष्ट्रपति का सरकारी आवास है. 6. व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति और प्रथम महिला को उनके भोजन, प्रसाधन, ड्राई क्लीनिंग सहित अन्य सभी चीजों के लिए चार्ज किया जाता है. व्हाइट हाउस देखने के लिए भले ही कोई चार्ज नहीं लगता, लेकिन इसके लिए 'छह महीने' पहले ही आवेदन करना होता है. 7. व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं. इसके अलावा 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट शामिल है. 8. व्हाइट हाउस वास्तव में 55,000 वर्ग फीट क्षेत्र में बना है. जमीन ने इसकी ऊंचाई 70 फीट है, जबकि चौड़ाई 170 फीट और गहराई 85 फीट है यह 18 एकड़ जमीन पर स्थित है. निर्माणाधीन व्हाइट हाउस के दौरान राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन अपने कार्यालय में होते थे. बता दें, कि वॉशिंगटन कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं रहे.टिप्पणियां 9. व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं. भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था. 5. सफेद बलुआ पत्थर से जॉर्जियन शैली में बना है वाइट हाउस. जॉन ऐडम्स के कार्यकाल से ही यह अमेरिकन राष्ट्रपति का सरकारी आवास है. 6. व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति और प्रथम महिला को उनके भोजन, प्रसाधन, ड्राई क्लीनिंग सहित अन्य सभी चीजों के लिए चार्ज किया जाता है. व्हाइट हाउस देखने के लिए भले ही कोई चार्ज नहीं लगता, लेकिन इसके लिए 'छह महीने' पहले ही आवेदन करना होता है. 7. व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं. इसके अलावा 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट शामिल है. 8. व्हाइट हाउस वास्तव में 55,000 वर्ग फीट क्षेत्र में बना है. जमीन ने इसकी ऊंचाई 70 फीट है, जबकि चौड़ाई 170 फीट और गहराई 85 फीट है यह 18 एकड़ जमीन पर स्थित है. निर्माणाधीन व्हाइट हाउस के दौरान राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन अपने कार्यालय में होते थे. बता दें, कि वॉशिंगटन कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं रहे.टिप्पणियां 9. व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं. भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था. 6. व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति और प्रथम महिला को उनके भोजन, प्रसाधन, ड्राई क्लीनिंग सहित अन्य सभी चीजों के लिए चार्ज किया जाता है. व्हाइट हाउस देखने के लिए भले ही कोई चार्ज नहीं लगता, लेकिन इसके लिए 'छह महीने' पहले ही आवेदन करना होता है. 7. व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं. इसके अलावा 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट शामिल है. 8. व्हाइट हाउस वास्तव में 55,000 वर्ग फीट क्षेत्र में बना है. जमीन ने इसकी ऊंचाई 70 फीट है, जबकि चौड़ाई 170 फीट और गहराई 85 फीट है यह 18 एकड़ जमीन पर स्थित है. निर्माणाधीन व्हाइट हाउस के दौरान राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन अपने कार्यालय में होते थे. बता दें, कि वॉशिंगटन कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं रहे.टिप्पणियां 9. व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं. भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था. 7. व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं. इसके अलावा 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट शामिल है. 8. व्हाइट हाउस वास्तव में 55,000 वर्ग फीट क्षेत्र में बना है. जमीन ने इसकी ऊंचाई 70 फीट है, जबकि चौड़ाई 170 फीट और गहराई 85 फीट है यह 18 एकड़ जमीन पर स्थित है. निर्माणाधीन व्हाइट हाउस के दौरान राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन अपने कार्यालय में होते थे. बता दें, कि वॉशिंगटन कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं रहे.टिप्पणियां 9. व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं. भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था. 8. व्हाइट हाउस वास्तव में 55,000 वर्ग फीट क्षेत्र में बना है. जमीन ने इसकी ऊंचाई 70 फीट है, जबकि चौड़ाई 170 फीट और गहराई 85 फीट है यह 18 एकड़ जमीन पर स्थित है. निर्माणाधीन व्हाइट हाउस के दौरान राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन अपने कार्यालय में होते थे. बता दें, कि वॉशिंगटन कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं रहे.टिप्पणियां 9. व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं. भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था. 9. व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं. भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था. 10. राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है, जिसमें दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है. व्हाइट हाउस के बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है. गौरतलब है, कि 1994 में पेंट का खर्च “2,83,000 डॉलर” यानी एक करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा था.
यह एक सारांश है: 'व्हाइट हाउस' अमेरिका की ऐतिहासिक विरासत का भी एक उत्कृष्ट नमूना है व्हाइट हाउस परिसर में एक बंकर भी मौजूद है व्हाइट हाउस का निर्माण 1792 से 1800 के बीच पूरा हो गया
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ज़्यादातर इलाके में धारा 144 है. हालांकि हालात सुधर रहे हैं. शुक्रवार को जुमे की नमाज़ से पहले घाटी और पूरे कश्मीर में धारा 144 में ढील दी गई, लेकिन एक बार फिर श्रीनगर में फिर धारा 144 लगा दी गई है. पुलिस इलाके में घुम-घुमकर लोगों को घर में रहने की हिदायत दे रही है. जो दुकानें खुली हैं उन दुकानदारों से भी पुलिसवाले दुकान बंद करने की अपील कर रहे हैं. घाटी में एक समस्या फोन को लेकर भी है. डीसी ऑफिस में लोग फोन करने आ रहे हैं, लेकिन कम फोन होने की वजह से उनका नंबर देर से आ रहा है.   कल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अनंतनाग में लोगों से मुलाक़ात की. उन्होंने हालात को लेकर उनसे बातचीत की. कई लोगों ने उनसे मिलकर अपनी बात रखी. अजीत डोभाल  कश्मीर में हैं और लोगों से मिल रहे हैं, इससे पहले शोपियां में लोगों से मिलने की उनकी तस्वीरें आई थीं. इन सब के बीच घाटी में अलग-अलग जगहों पर धारा 144 में ढील के बाद हालात सामान्य होते नज़र आ रहे हैं. लोग ईद की ख़रीदारी के लिए अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं.
यहाँ एक सारांश है:ईद पर दिक्कत से बचने के लिए खास इंतजाम छुट्टी के दिन भी खुले रहे बैंक, सैलरी हुई ट्रांसफर राशन समेत जरूरी सामान घर तक पहुंचाये जा रहे
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के अंतर्गत राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार को पुणे वॉरियर्स और डेक्कन चार्जर्स के बीच लीग मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें इस मुकाबले को जीतकर अंक तालिका में एक-दूसरे को पीछे छोड़कर आगे निकलने की कोशिश करेंगी। लगातार सात हार के बाद पुणे वॉरियर्स अपने पिछले मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को पांच विकेट से पटखनी देकर एक बार फिर जीत की राह पर लौट आई है। आईपीएल-4 की नई नवेली टीम पुणे वॉरियर्स ने इस प्रतियोगिता में अब तक 10 मुकाबले खेले हैं जिनमें तीन में उसे जीत मिली है जबकि सात मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। छह अंकों के साथ पुणे वॉरियर्स अंक तालिका में आठवें स्थान पर है। डेक्कन चार्जर्स को पिछले तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में उसकी कोशिश इस मुकाबले में जीत दर्ज करने की होगी। वर्ष 2009 में आईपीएल के दूसरे संस्करण का खिताब जीत चुकी डेक्कन चार्जर्स ने भी 10 मुकाबले खेले हैं जिनमें तीन में उसे भी जीत मिली है और सात मुकाबलों में उसे हार का मुंह देखना पड़ा है। डेक्कन चार्जर्स छह अंकों के साथ नेट रनरेट के आधार पर पुणे वॉरियर्स से एक स्थान नीचे नौंवे स्थान पर है। पुणे वॉरियर्स को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी सलामी बल्लेबाज जेसी राइडर और मनीष पांडेय के कंधों पर होगी जबकि रोबिन उथप्पा, कप्तान युवराज सिंह, कैलम फग्र्यूसन और अभिषेक झुनझुनवाला मध्यक्रम की बागडोर सम्भालेंगे। युवराज को राहुल शर्मा से काफी उम्मीदें होंगी। स्पिन गेंदबाज राहुल इन दिनों बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने पिछले मैच में किंग्स इलेवन के खिलाफ 17 रन खर्च कर दो विकेट झटकने में सफलता पाई थी। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी वायने पर्नेल, श्रीकांत वाघ और भुवनेश्वर कुमार की तिकड़ी सम्भालेगी। दूसरी ओर, कप्तान कुमार संगकारा लगातार चौथी हार से बचना चाहेंगे। संगकारा को ज्यां पॉल ड्यूमिनी से काफी उम्मीदें होंगी जिन्होंने पिछले मैच में दिल्ली डेयर डेविल्स के खिलाफ 55 रन बनाए थे। इसके अलावा शिखर धवन, रवि तेजा, संगकारा, हरफनमौला डेनियल क्रिस्टियन और भरत चिपली को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। तेज गेंदबाजी का आक्रमण डेल स्टेन, इशांत शर्मा के कंधों पर होगा वहीं स्पिन की जिम्मेदारी अमित मिश्रा सम्भालेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आईपीएल के अंतर्गत राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार को पुणे वॉरियर्स और डेक्कन चार्जर्स के बीच लीग मुकाबला खेला जाएगा।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शनिवार को यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो रहा है जिसमें पश्चिमी यूपी के 73 निर्वाचन क्षेत्र की किस्मत का फैसला होगा. इसमें नोएडा, शामली, गाजियाबाद और मेरठ जैसी सीटें शामिल है जो बीजेपी, कांग्रेस-सपा और बहुजन समाज पार्टी के लिए अहम हैं. जहां मायावती की बहुजन समाज पार्टी पांच साल बाद एक बार फिर सत्ता में लौटना चाहेगी, वहीं बीजेपी को उम्मीद है कि वह 2014 के लोकसभा चुनाव की जीत को दोहरा सके जब उसने यूपी में 80 में से 71 सीटों को जीता था.टिप्पणियां यह चुनाव मौजूदा सीएम अखिलेश यादव के लिए अहम है जिन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव से खींचतान कर पार्टी की कमान अपने हाथ में ली है. इसके साथ ही इस बार के चुनाव के लिए सपा ने कांग्रेस से हाथ भी मिलाया है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफोर्म्स (ADR) के मुताबिक पहले चरण में खड़े हुए बीजेपी उम्मीदवारों में 40 प्रतिशत के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसके बाद नंबर है बीएसपी का जिसके 39 प्रतिशत और फिर सपा-कांग्रेस का जिसके मिलाकर 28 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है. जानकारों का कहना है कि यूपी चुनाव के नतीजों से ही 2019 के लोकसभा चुनाव का रोडमैप तैयार होगा. अगर आप भी अपने पोलिंग स्टेशन और निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से वोटर लिस्ट देखना चाहते हैं तो यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं. इस वेबसाइट से आप मोबाइल एप भी डाउनलोड कर सकते हैं. यह चुनाव मौजूदा सीएम अखिलेश यादव के लिए अहम है जिन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव से खींचतान कर पार्टी की कमान अपने हाथ में ली है. इसके साथ ही इस बार के चुनाव के लिए सपा ने कांग्रेस से हाथ भी मिलाया है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफोर्म्स (ADR) के मुताबिक पहले चरण में खड़े हुए बीजेपी उम्मीदवारों में 40 प्रतिशत के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसके बाद नंबर है बीएसपी का जिसके 39 प्रतिशत और फिर सपा-कांग्रेस का जिसके मिलाकर 28 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है. जानकारों का कहना है कि यूपी चुनाव के नतीजों से ही 2019 के लोकसभा चुनाव का रोडमैप तैयार होगा. अगर आप भी अपने पोलिंग स्टेशन और निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से वोटर लिस्ट देखना चाहते हैं तो यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं. इस वेबसाइट से आप मोबाइल एप भी डाउनलोड कर सकते हैं. जानकारों का कहना है कि यूपी चुनाव के नतीजों से ही 2019 के लोकसभा चुनाव का रोडमैप तैयार होगा. अगर आप भी अपने पोलिंग स्टेशन और निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से वोटर लिस्ट देखना चाहते हैं तो यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं. इस वेबसाइट से आप मोबाइल एप भी डाउनलोड कर सकते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वोटर लिस्ट और उम्मीदवारों की जानकारी यूपी चुनाव अधिकारी की वेबसाइट से लें यूपी में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान हो रहे हैं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 15 जिलों की 73 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: साल भर से चल रही अन्ना की मुहिम और भ्रष्टाचार के खिलाफ आम आदमी के असंतोष का राजनीतिक दलों पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है।टिप्पणियां नेशनल एलेक्शन वॉच के मुताबिक अब तक यूपी के जिन उम्मीदवारों के बारे में जानकारी मिली है। उसमें कांग्रेस के 75 में से 26 उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड हैं। समाजवादी पार्टी के 77 में से 24 के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले चल रहे हैं। इसके अलावा बीजेपी के 91 में से 26 उम्मीदवारों का आपराधिक रिकॉर्ड है यानी हर पार्टी जीत के लिए दागियों पर दांव खेलने से कोई परहेज नहीं कर रही है। नेशनल एलेक्शन वॉच के मुताबिक अब तक यूपी के जिन उम्मीदवारों के बारे में जानकारी मिली है। उसमें कांग्रेस के 75 में से 26 उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड हैं। समाजवादी पार्टी के 77 में से 24 के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले चल रहे हैं। इसके अलावा बीजेपी के 91 में से 26 उम्मीदवारों का आपराधिक रिकॉर्ड है यानी हर पार्टी जीत के लिए दागियों पर दांव खेलने से कोई परहेज नहीं कर रही है। समाजवादी पार्टी के 77 में से 24 के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले चल रहे हैं। इसके अलावा बीजेपी के 91 में से 26 उम्मीदवारों का आपराधिक रिकॉर्ड है यानी हर पार्टी जीत के लिए दागियों पर दांव खेलने से कोई परहेज नहीं कर रही है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस के 75 में से 26 उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड हैं। समाजवादी पार्टी के 77 में से 24 के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले चल रहे हैं। इसके अलावा बीजेपी के 91 में से 26 उम्मीदवारों का आपराधिक रिकॉर्ड हैं।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 72 साल के चिन्मयानंद का शाहजहांपुर में एक आश्रम है और कस्बे में पांच कॉलेज हैं. वह हरिद्वार और ऋषिकेश में आश्रम भी चलाते हैं. माना जाता है कि उनका साम्राज्य करोड़ों का है, हालांकि इसका कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ उनके आश्रम के बाहर पोस्टर, पार्टी में उनके प्रभाव को दर्शाता है. बता दें कि चिन्मयानंद ने आखिरी बार 1999 में चुनाव जीता था. लड़की के पिता ने कहा कि FIR दर्ज होने के बाद से पुलिस ने हमसे अब तक कोई संपर्क नहीं किया है. न तो एसपी साहब का फोन आया है और न ही डीएम की तरफ से कोई फोन आया है. उन्होंने कहा कि कल हमें अचानक बुलाया गया कुछ क्लिपिंग दिखाई, वो वीडियो क्लिप संदिग्ध थी. मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि ये मेरी लड़की है या नहीं. डीएम और एसपी हम पर प्रेशर डाल रहे थे कि हम तहरीर बदल दें. उन्होंने कहा कि कुछ धाराओं में उन्हें बचाया भी गया है. उन्होंने कहा कि हमने पुलिस में जो तहरीर दी उसमें से कई धाराओं को लगाया भी नहीं गया है.   उधर, चिन्मयानंद के वकील ने आरोप लगाया है कि महिला और उसके पिता स्वामी जी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. लड़की के पिता ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी मिल जाए. मैं क्या कर सकता हूं? मैं थक गया हूं. मैं पांच दिनों से भाग रहा हूं.' बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल चिन्मयानंद के शाहजहांपुर आश्रम का दौरा किया था. बाद में, यूपी सरकार ने चिन्मयानंद के खिलाफ पहले से दर्ज बलात्कार का मुकदमा वापस लेने की कोशिश की थी. चिन्मयानंद पर 2011 में बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था और यह मामला 2012 में अदालत में गया था. उनके आश्रम में रहने वाली एक महिला ने उन पर दुर्व्यवहार और यौन शोषण का आरोप लगाया था. जुलाई में, एक स्थानीय अदालत ने यूपी सरकार को चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार के मामले को वापस लेने की अपील को अस्वीकार कर दिया था.
संक्षिप्त पाठ: पूर्व गृह राज्य मंत्री हैं स्वामी चिन्मयानंद शाहजहांपुर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की गायब लड़की के पिता ने लगाया आरोप
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: छह साल के अंतराल के बाद, अमेरिका ने भारत को मानव तस्करी की निगरानी सूची (वॉच लिस्ट) से बाहर कर दिया है। भारत को मानव तस्करी से निपटने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास करने के कारण इस सूची से हटाया गया है। अपनी वार्षिक ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स रिपोर्ट में विदेश मंत्रालय ने भारत को छह साल तक निगरानी सूची में रखने के बाद टियर 2 देशों में शामिल कर दिया है। निगरानी सूची में ऐसे देशों को शामिल किया जाता है, जहां मानव तस्करी के शिकार लोगों की संख्या बहुत ज्यादा होती है, यह संख्या लगातार बढ़ती जाती है और ये देश इससे निपटने के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों के सबूत नहीं दे रहे होते । टियर 2 में ऐसे देश शामिल होते हैं, जहां की सरकारें हालांकि ट्रैफिकिंग विक्टिम्स प्रोटेक्शन एक्ट(टीवीपीए) के न्यूनतम मानकों को पूरी तरह नहीं मान रही होतीं, लेकिन वे देश इस संबंध में उल्लेखनीय प्रयास करते हैं। भारत के स्तर को बढ़ाने के पीछे अपने कारण बताते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा है, भारत सरकार हालांकि तस्करी की समस्या मिटाने के लिए न्यूनतम मानकों का पूरी तरह पालन नहीं कर रही है, लेकिन वह इस दिशा में उल्लेखनीय प्रयास कर रही है। इस रिपोर्ट में 184 देशों की स्थितियों का विश्लेषण कर मानव तस्करी से निपटने के उनके प्रयासों के आधार पर उन्हें विभिन्न स्तरों पर रखा गया है। इस सूची में 23 देशों की पहचान ऐसे देशों के तौर पर की गई है, जो इस समस्या से निपटने में न्यूनतम अंतरराष्ट्रीय मानकों का भी पालन नहीं कर रहे हैं । 2010 में ऐसे देशों की संख्या 13 थी । अन्य 41 देशों को निगरानी सूची में रखा गया है, जो अगर अपना रिकॉर्ड नहीं सुधारते, तो उन पर प्रतिबंध लग सकते हैं। विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने यह रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, सभी देशों को इससे निपटने के लिए और प्रयास करने की जरूरत है। इस समय जितने लोगों का शोषण हो रहा है, उतना इसके पहले कभी नहीं हुआ। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में कहा है, भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने कांप्रिहेन्सिव स्कीम फॉर स्ट्रैंथनिंग लॉ एनफोर्समेंट रेस्पांस इन इंडिया शुरू की है, जो बंधुआ मजदूरी समेत तस्करी के हर रूपों के मामले में कानून नियमन में सुधार के लिए है। इसके अलावा कम से कम 87 नई एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स भी बनाई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने 2000 के यूएनटीआईपी प्रोटोकॉल का अनुमोदन भी किया है। सरकार ने बंधुआ मजदूरी कराने के आरोप में कई आरोपियों को पांच से 14 साल की कैद की सजा दी है और बंधुआ मजदूरों के बचाव और पुनर्वास के प्रयास भी किए हैं। मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में महिलाओं और बच्चियों की तस्करी वेश्यावृत्ति के लिए की जाती है । धार्मिक शहर और पर्यटन की दृष्टि से लोकप्रिय शहर बाल यौन शोषण के प्रति सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, भारतीय नागरिक अपने देश में और विदेशों में भी बाल यौन शोषण में शामिल हैं। कई बड़े शहरों में यौन शोषण के लिए तस्करी रेड लाइट क्षेत्रों से सड़क किनारे बने होटलों और निजी अपार्टमेंट्स तक पहुंच गई है। नेपाल और बांग्लादेश की महिलाओं की भी भारत में तस्करी हो रही है। माओवादी सशस्त्र गुट भी बच्चों को अपने गुटों में शामिल कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने श्रीलंका और फिजी को भी निगरानी सूची से बाहर कर दिया है। काली सूची में क्यूबा, ईरान, म्यामां, उत्तरी कोरिया, सूडान, इरीट्रिया, लीबिया, जिम्बाब्वे, कुवैत और सउदी अरब को डाला गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: छह साल के अंतराल के बाद, अमेरिका ने भारत को मानव तस्करी की निगरानी सूची से बाहर कर दिया है।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के अब तक के सबसे बड़े रक्षा ठेके में फ्रांसीसी विमानन कम्पनी दसॉ राफेल ने चार साल से अधिक समय तक चली प्रतिस्पर्धा में जीत हासिल कर ली। दसॉ ने भारतीय वायु सेना को 52 हजार करोड़ रुपये (10.4 अरब डॉलर) में 126 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति करने का ठेका हासिल किया। इस ठेके के लिए बोली की अंतिम प्रक्रिया में दसॉ के मुकाबले यूरोपीय कम्पनी ईएडीएस कासेडियन यूरोफाइटर रह गई थी, लेकिन कम राशि की बोली के बल पर दसॉ के रफाल लड़ाकू विमान ने यूरोफाइटर के टाइफून को पछाड़ दिया। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने दसॉ द्वारा लगाई गई सबसे कम बोली का हवाला देते हुए कहा, "दसॉ को बता दिया गया है कि वह 126 बहुउद्देश्यीय विमानों की आपूर्ति का ठेका जीत चुका है।" अधिकारी ने हालांकि कहा कि इस सौदे पर अगले कारोबारी साल में ही हस्ताक्षर हो सकेगा। दो इंजनों वाले रफाल विमान में डेल्टा आकार के डैने हैं। इसका निर्माण वर्ष 2000 में हुआ था। इसके बाद से इसका उत्पादन फ्रांस की वायु सेना और नौ सेना के लिए होता रहा है। कम्पनी हालांकि इस विमान का निर्यात करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अभी तक कोई विदेशी ठेका नहीं मिला। ठेके के प्रावधान के मुताबिक इसे हासिल करने वाली कम्पनी को कुल राशि का आधा वापस भारतीय रक्षा उद्योग में निवेश करना है। ठेके की शर्तों के मुताबिक 18 विमानों को तैयार अवस्था में उड़ाकर देश लाया जाएगा, जबकि 108 विमानों का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत हिंदुस्तान एरॉनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। पहले 18 विमानों की आपूर्ति 36 महीनों में की जाएगी। ठेके की शर्तो के तहत विमानों की संख्या को बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है और इसके लिए कीमत बढ़ाई नहीं जाएगी। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। इस ठेके के लिए बोली की अंतिम प्रक्रिया में दसॉ के मुकाबले यूरोपीय कम्पनी ईएडीएस कासेडियन यूरोफाइटर रह गई थी, लेकिन कम राशि की बोली के बल पर दसॉ के रफाल लड़ाकू विमान ने यूरोफाइटर के टाइफून को पछाड़ दिया। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने दसॉ द्वारा लगाई गई सबसे कम बोली का हवाला देते हुए कहा, "दसॉ को बता दिया गया है कि वह 126 बहुउद्देश्यीय विमानों की आपूर्ति का ठेका जीत चुका है।" अधिकारी ने हालांकि कहा कि इस सौदे पर अगले कारोबारी साल में ही हस्ताक्षर हो सकेगा। दो इंजनों वाले रफाल विमान में डेल्टा आकार के डैने हैं। इसका निर्माण वर्ष 2000 में हुआ था। इसके बाद से इसका उत्पादन फ्रांस की वायु सेना और नौ सेना के लिए होता रहा है। कम्पनी हालांकि इस विमान का निर्यात करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अभी तक कोई विदेशी ठेका नहीं मिला। ठेके के प्रावधान के मुताबिक इसे हासिल करने वाली कम्पनी को कुल राशि का आधा वापस भारतीय रक्षा उद्योग में निवेश करना है। ठेके की शर्तों के मुताबिक 18 विमानों को तैयार अवस्था में उड़ाकर देश लाया जाएगा, जबकि 108 विमानों का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत हिंदुस्तान एरॉनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। पहले 18 विमानों की आपूर्ति 36 महीनों में की जाएगी। ठेके की शर्तो के तहत विमानों की संख्या को बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है और इसके लिए कीमत बढ़ाई नहीं जाएगी। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने दसॉ द्वारा लगाई गई सबसे कम बोली का हवाला देते हुए कहा, "दसॉ को बता दिया गया है कि वह 126 बहुउद्देश्यीय विमानों की आपूर्ति का ठेका जीत चुका है।" अधिकारी ने हालांकि कहा कि इस सौदे पर अगले कारोबारी साल में ही हस्ताक्षर हो सकेगा। दो इंजनों वाले रफाल विमान में डेल्टा आकार के डैने हैं। इसका निर्माण वर्ष 2000 में हुआ था। इसके बाद से इसका उत्पादन फ्रांस की वायु सेना और नौ सेना के लिए होता रहा है। कम्पनी हालांकि इस विमान का निर्यात करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अभी तक कोई विदेशी ठेका नहीं मिला। ठेके के प्रावधान के मुताबिक इसे हासिल करने वाली कम्पनी को कुल राशि का आधा वापस भारतीय रक्षा उद्योग में निवेश करना है। ठेके की शर्तों के मुताबिक 18 विमानों को तैयार अवस्था में उड़ाकर देश लाया जाएगा, जबकि 108 विमानों का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत हिंदुस्तान एरॉनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। पहले 18 विमानों की आपूर्ति 36 महीनों में की जाएगी। ठेके की शर्तो के तहत विमानों की संख्या को बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है और इसके लिए कीमत बढ़ाई नहीं जाएगी। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। अधिकारी ने हालांकि कहा कि इस सौदे पर अगले कारोबारी साल में ही हस्ताक्षर हो सकेगा। दो इंजनों वाले रफाल विमान में डेल्टा आकार के डैने हैं। इसका निर्माण वर्ष 2000 में हुआ था। इसके बाद से इसका उत्पादन फ्रांस की वायु सेना और नौ सेना के लिए होता रहा है। कम्पनी हालांकि इस विमान का निर्यात करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अभी तक कोई विदेशी ठेका नहीं मिला। ठेके के प्रावधान के मुताबिक इसे हासिल करने वाली कम्पनी को कुल राशि का आधा वापस भारतीय रक्षा उद्योग में निवेश करना है। ठेके की शर्तों के मुताबिक 18 विमानों को तैयार अवस्था में उड़ाकर देश लाया जाएगा, जबकि 108 विमानों का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत हिंदुस्तान एरॉनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। पहले 18 विमानों की आपूर्ति 36 महीनों में की जाएगी। ठेके की शर्तो के तहत विमानों की संख्या को बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है और इसके लिए कीमत बढ़ाई नहीं जाएगी। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। दो इंजनों वाले रफाल विमान में डेल्टा आकार के डैने हैं। इसका निर्माण वर्ष 2000 में हुआ था। इसके बाद से इसका उत्पादन फ्रांस की वायु सेना और नौ सेना के लिए होता रहा है। कम्पनी हालांकि इस विमान का निर्यात करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अभी तक कोई विदेशी ठेका नहीं मिला। ठेके के प्रावधान के मुताबिक इसे हासिल करने वाली कम्पनी को कुल राशि का आधा वापस भारतीय रक्षा उद्योग में निवेश करना है। ठेके की शर्तों के मुताबिक 18 विमानों को तैयार अवस्था में उड़ाकर देश लाया जाएगा, जबकि 108 विमानों का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत हिंदुस्तान एरॉनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। पहले 18 विमानों की आपूर्ति 36 महीनों में की जाएगी। ठेके की शर्तो के तहत विमानों की संख्या को बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है और इसके लिए कीमत बढ़ाई नहीं जाएगी। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। ठेके के प्रावधान के मुताबिक इसे हासिल करने वाली कम्पनी को कुल राशि का आधा वापस भारतीय रक्षा उद्योग में निवेश करना है। ठेके की शर्तों के मुताबिक 18 विमानों को तैयार अवस्था में उड़ाकर देश लाया जाएगा, जबकि 108 विमानों का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत हिंदुस्तान एरॉनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। पहले 18 विमानों की आपूर्ति 36 महीनों में की जाएगी। ठेके की शर्तो के तहत विमानों की संख्या को बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है और इसके लिए कीमत बढ़ाई नहीं जाएगी। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। ठेके की शर्तों के मुताबिक 18 विमानों को तैयार अवस्था में उड़ाकर देश लाया जाएगा, जबकि 108 विमानों का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत हिंदुस्तान एरॉनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। पहले 18 विमानों की आपूर्ति 36 महीनों में की जाएगी। ठेके की शर्तो के तहत विमानों की संख्या को बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है और इसके लिए कीमत बढ़ाई नहीं जाएगी। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। पहले 18 विमानों की आपूर्ति 36 महीनों में की जाएगी। ठेके की शर्तो के तहत विमानों की संख्या को बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है और इसके लिए कीमत बढ़ाई नहीं जाएगी। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। अब अगले 10 से 15 दिनों में कम्पनी के साथ कीमत पर फैसला किया जाएगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। जानकार सूत्रों के मुताबिक महंगाई के असर के कारण कीमत बढ़कर 15 अबर डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें प्रशिक्षण तथा रखरखाव का खर्च भी शामिल है।टिप्पणियां ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। ठेके के लिए प्रतियोगिता कर रही चार अन्य कम्पनियों के विमानों में अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टीन का एफ-16, बोइंग का एफ/ए-18, रूसी युनाईटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन का मिग-35 और स्वीडन की कम्पनी साब का ग्रिपेन शामिल हैं। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है। इसके अलावा दसॉ ने वायु सेना के फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बेड़े के आधुनिकीकरण का ठेका भी जीत लिया है। यह ठेका 1.4 अरब डॉलर का है।
सारांश: फ्रांस की डासॉल्ट राफेल कंपनी को भारतीय वायुसेना के लिए 10.4 अरब अमेरिकी डॉलर का करार मिला है, जिसके तहत कंपनी से 126 विमान खरीदे जाएंगे।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया की जोई लैमोर को लीक से हटकर चीजें करना पसंद है. उन्हें लोग जोई एलिस के नाम से भी जानते हैं. बस इसी चाहत ने उन्हें स्टंटवूमन बना दिया. उन्होंने सर्कस में 15 वर्ष तक काम किया है. जोई ने कई सर्कस में काम किया है. पूरी दुनिया में कई खतरनाक स्टंट के शो किए हैं. जोई के स्टंट में  आग, चाबुक, तलवार, ग्लास और विद्युत के उपकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं. वह हमेशा नई और आकर्षक थीम पर काम करती हैं.  तेजी से चलते हुए पंखे को अपनी जीभ से रोक दिया. उन्‍होंने ये वर्ल्‍ड रिकॉर्ड एक इटेलियन गेम शो के दौरान बनाया. जिसका नाम ला शो दि रिकार्ड है. जोई ने ये कारनामा करने के बाद अपने ही एक वर्ल्‍ड रिकॉर्ड को तोड़ दिया. जोई कितना भी तेज पंखा क्‍यों न हो उसे अपनी जीभ से रोक लेती हैं. जोई ने इलेक्ट्रिक फैन अपने दोनो हाथों में पकड़े. फैन अपनी सबसे तेज गति पर थे इसके बाद भी जोई ने अपनी जीभ से एक के बाद एक लगातार कई बार फैन की स्‍पीड को जीरो कर दिया. 1 मिनट में उन्‍होंने 32 बार पंखे की स्‍पीड को कम किया. इससे पहले उन्‍हों एक मिनट में 20 बार पंखे की स्‍पीड को जीरो किया था.   तेजी से चलते हुए पंखे को अपनी जीभ से रोक दिया. उन्‍होंने ये वर्ल्‍ड रिकॉर्ड एक इटेलियन गेम शो के दौरान बनाया. जिसका नाम ला शो दि रिकार्ड है. जोई ने ये कारनामा करने के बाद अपने ही एक वर्ल्‍ड रिकॉर्ड को तोड़ दिया. जोई कितना भी तेज पंखा क्‍यों न हो उसे अपनी जीभ से रोक लेती हैं. जोई ने इलेक्ट्रिक फैन अपने दोनो हाथों में पकड़े. फैन अपनी सबसे तेज गति पर थे इसके बाद भी जोई ने अपनी जीभ से एक के बाद एक लगातार कई बार फैन की स्‍पीड को जीरो कर दिया. 1 मिनट में उन्‍होंने 32 बार पंखे की स्‍पीड को कम किया. इससे पहले उन्‍हों एक मिनट में 20 बार पंखे की स्‍पीड को जीरो किया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चलते हुए टेबल फैन को जीभ से रोक देता है यह शख्स टेबल फैन को अपने सिर से भी रोक देता है यह शख्स पावरफुल ईंजन वाले फैन के साथ करता है हैरतअंगजे कारनामे
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में भारत के मध्यक्रम के बल्लेबाज रोहित शर्मा ने जहां सर्वाधिक रन बनाए वहीं भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा सबसे सफल गेंदबाज रहे। रोहित ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए पांच मैचों में तीन बार नाबाद रहते हुए 128.00 के औसत से कुल 257 रन बटोरे। इसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। इस श्रृंखला में उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत योग 86 (नाबाद) रहा। दूसरी ओर, विश्व कप के लिए टीम में जगह नहीं बना पाने वाले लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने अपने सीनियर साथी हरभजन सिंह को पीछे छोड़ते हुए पांच मैचों में सर्वाधिक 11 विकेट अपने नाम किए। हरभजन तीन मैचों में चार विकेट ले सके। गेंदबाजों की सूची में वेस्टइंडीज के आंद्रे रसेल (8) दूसरे और भारत के मुनाफ पटेल (8) तीसरे और वेस्टइंडीज के ही एंथोनी मार्टिन्स (8) चौथे स्थान पर रहे। रसेल औसत के मामले में पटेल और मार्टिन्स से बेहतर रहे। उन्होंने अंतिम मैच में चार विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। बल्लेबाजों में रोहित के अलावा भारत के लिए विराट कोहली (199) और वेस्टइंडीज के लिए रामनरेश सरवन (216) ने चमक बिखेरी। इसके अलावा वेस्टइंडीज के लेंडल सिमंस (177) ने भी कुछ उपयोगी पारियों की मदद से अच्छे रन बटोरे। यह श्रृंखला बल्लेबाजों के व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से निराशाजनक साबित हुई क्योंकि इसमें केवल 10 बल्लेबाज ही 100 या उससे अधिक रन बना सके। एक भी बल्लेबाज शतक नहीं लगा सका। कोहली ने सर्वाधिक बड़ी व्यक्तिगत पारी खेली। कोहली ने पांचवें मैच में 94 रन बनाए।
सारांश: भारत-वेस्टइंडीज श्रृंखला में भारत के मध्यक्रम के बल्लेबाज रोहित शर्मा ने जहां सर्वाधिक रन बनाए वहीं अमित मिश्रा सबसे सफल गेंदबाज रहे।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेरते ने कहा है कि जब वह देश एक दक्षिणी शहर के मेयर थे, तब पुलिस के सामने मिसाल कायम करने के लिए उन्होंने खुद संदिग्ध अपराधियों की हत्या की थी. दुतेरते ने ये टिप्पणियां सोमवार रात को उद्योगपतियों के समक्ष दिए एक भाषण में कीं. यहां वह अवैध नशीले पदार्थों के उन्मूलन के अपने अभियान पर चर्चा कर रहे थे. दुतेरते के 30 जून को राष्ट्रपति बनने के बाद से अब तक इस अभियान के तहत पुलिस और अज्ञात हमलावरों ने हजारों लोगों की हत्या की है. मौजूदा आपराधिक युद्ध के दौरान पुलिस द्वारा संदिग्धों को मारे जाने के मुद्दे पर बोलने के बाद दुतेरते ने कहा कि जब वह दक्षिणी शहर दवाओ के मेयर थे, तब उन्होंने ऐसे ही प्रयासों का नेतृत्व किया था. इस बड़े शहर पर उन्होंने लगभग 20 साल तक शासन किया था. फिलीपींस के राष्ट्रपति भवन में भाषण देते हुए दुतेरते ने कहा, ‘दवाओ में मैं इसे खुद अंजाम दिया करता था. मैं ऐसा पुलिस को यह दिखाने के लिए करता था कि जब मैं इसे कर सकता हूं तो आप क्यों नहीं कर सकते?’ उन्होंने कहा, ‘मैं मोटरसाइकिल पर बैठकर दवाओ में जाता था और सड़कों पर गश्त करता था और विवादों को खोजता था. मैं वाकई विवादों की तलाश में रहता था ताकि मैं किसी की हत्या कर सकूं.’ टिप्पणियां दुतेरते ने अपनी अपराध-रोधी क्रूर तरकीबों के लिए मानवाधिकार समूहों और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा की जाने वाली उनकी आलोचना का भी जवाब दिया और अपनी कार्रवाई को जारी रखने का संकल्प लिया. उन्होंने अंग्रेजी में कहा, ‘यदि वे कहते हैं कि मैं मानवाधिकारों की वजह से और ओबामा समेत लोगों के डर से अभियान को रोक दूंगा, तो माफ कीजिएगा, मैं ऐसा नहीं करने वाला.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दुतेरते ने ये टिप्पणियां सोमवार रात को उद्योगपतियों के समक्ष दिए एक भाषण में कीं. यहां वह अवैध नशीले पदार्थों के उन्मूलन के अपने अभियान पर चर्चा कर रहे थे. दुतेरते के 30 जून को राष्ट्रपति बनने के बाद से अब तक इस अभियान के तहत पुलिस और अज्ञात हमलावरों ने हजारों लोगों की हत्या की है. मौजूदा आपराधिक युद्ध के दौरान पुलिस द्वारा संदिग्धों को मारे जाने के मुद्दे पर बोलने के बाद दुतेरते ने कहा कि जब वह दक्षिणी शहर दवाओ के मेयर थे, तब उन्होंने ऐसे ही प्रयासों का नेतृत्व किया था. इस बड़े शहर पर उन्होंने लगभग 20 साल तक शासन किया था. फिलीपींस के राष्ट्रपति भवन में भाषण देते हुए दुतेरते ने कहा, ‘दवाओ में मैं इसे खुद अंजाम दिया करता था. मैं ऐसा पुलिस को यह दिखाने के लिए करता था कि जब मैं इसे कर सकता हूं तो आप क्यों नहीं कर सकते?’ उन्होंने कहा, ‘मैं मोटरसाइकिल पर बैठकर दवाओ में जाता था और सड़कों पर गश्त करता था और विवादों को खोजता था. मैं वाकई विवादों की तलाश में रहता था ताकि मैं किसी की हत्या कर सकूं.’ टिप्पणियां दुतेरते ने अपनी अपराध-रोधी क्रूर तरकीबों के लिए मानवाधिकार समूहों और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा की जाने वाली उनकी आलोचना का भी जवाब दिया और अपनी कार्रवाई को जारी रखने का संकल्प लिया. उन्होंने अंग्रेजी में कहा, ‘यदि वे कहते हैं कि मैं मानवाधिकारों की वजह से और ओबामा समेत लोगों के डर से अभियान को रोक दूंगा, तो माफ कीजिएगा, मैं ऐसा नहीं करने वाला.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मौजूदा आपराधिक युद्ध के दौरान पुलिस द्वारा संदिग्धों को मारे जाने के मुद्दे पर बोलने के बाद दुतेरते ने कहा कि जब वह दक्षिणी शहर दवाओ के मेयर थे, तब उन्होंने ऐसे ही प्रयासों का नेतृत्व किया था. इस बड़े शहर पर उन्होंने लगभग 20 साल तक शासन किया था. फिलीपींस के राष्ट्रपति भवन में भाषण देते हुए दुतेरते ने कहा, ‘दवाओ में मैं इसे खुद अंजाम दिया करता था. मैं ऐसा पुलिस को यह दिखाने के लिए करता था कि जब मैं इसे कर सकता हूं तो आप क्यों नहीं कर सकते?’ उन्होंने कहा, ‘मैं मोटरसाइकिल पर बैठकर दवाओ में जाता था और सड़कों पर गश्त करता था और विवादों को खोजता था. मैं वाकई विवादों की तलाश में रहता था ताकि मैं किसी की हत्या कर सकूं.’ टिप्पणियां दुतेरते ने अपनी अपराध-रोधी क्रूर तरकीबों के लिए मानवाधिकार समूहों और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा की जाने वाली उनकी आलोचना का भी जवाब दिया और अपनी कार्रवाई को जारी रखने का संकल्प लिया. उन्होंने अंग्रेजी में कहा, ‘यदि वे कहते हैं कि मैं मानवाधिकारों की वजह से और ओबामा समेत लोगों के डर से अभियान को रोक दूंगा, तो माफ कीजिएगा, मैं ऐसा नहीं करने वाला.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फिलीपींस के राष्ट्रपति भवन में भाषण देते हुए दुतेरते ने कहा, ‘दवाओ में मैं इसे खुद अंजाम दिया करता था. मैं ऐसा पुलिस को यह दिखाने के लिए करता था कि जब मैं इसे कर सकता हूं तो आप क्यों नहीं कर सकते?’ उन्होंने कहा, ‘मैं मोटरसाइकिल पर बैठकर दवाओ में जाता था और सड़कों पर गश्त करता था और विवादों को खोजता था. मैं वाकई विवादों की तलाश में रहता था ताकि मैं किसी की हत्या कर सकूं.’ टिप्पणियां दुतेरते ने अपनी अपराध-रोधी क्रूर तरकीबों के लिए मानवाधिकार समूहों और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा की जाने वाली उनकी आलोचना का भी जवाब दिया और अपनी कार्रवाई को जारी रखने का संकल्प लिया. उन्होंने अंग्रेजी में कहा, ‘यदि वे कहते हैं कि मैं मानवाधिकारों की वजह से और ओबामा समेत लोगों के डर से अभियान को रोक दूंगा, तो माफ कीजिएगा, मैं ऐसा नहीं करने वाला.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दुतेरते ने अपनी अपराध-रोधी क्रूर तरकीबों के लिए मानवाधिकार समूहों और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा की जाने वाली उनकी आलोचना का भी जवाब दिया और अपनी कार्रवाई को जारी रखने का संकल्प लिया. उन्होंने अंग्रेजी में कहा, ‘यदि वे कहते हैं कि मैं मानवाधिकारों की वजह से और ओबामा समेत लोगों के डर से अभियान को रोक दूंगा, तो माफ कीजिएगा, मैं ऐसा नहीं करने वाला.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: दुतेरते ने कहा, ‘मैं ऐसा पुलिस को यह दिखाने के लिए करता था' 'मैं मानवाधिकारों की वजह से और लोगों के डर से इसे नहीं रोकने वाला' रोड्रिगो दुतेरते ने अपनी कार्रवाई को जारी रखने का संकल्‍प लिया
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि हिलेरी 'आईएसआईएस की संस्थापक' हैं. ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली के दौरान कहा, 'उन्हें (हिलेरी को) आईएसआईएस की संस्थापक के तौर पर उनकी (आतंकी संगठन) की ओर से पुरस्कार मिलना चाहिए.' 70 वर्षीय ट्रंप ने कहा, 'जरा ओरलैंडो को देखिए, सन बर्नार्डिनो को देखिए. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को देखिए. देखिए चल क्या रहा है...और फिर पूरी दुनिया को देखिए. हमने आईएसआईएस को इस स्थिति में आने दिया.' उन्होंने कहा कि हिलेरी से हार जाना शर्मनाक होगा.टिप्पणियां ट्रंप ने कहा, 'धूर्त हिलेरी क्लिंटन से हार जाना शर्मनाक नहीं होगा? यह भयावह होगा.' रिपब्लिकन पार्टी में उथल-पुथल की खबरों को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा कि पार्टी एकजुट है. ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि वह राष्ट्रपति होते तो 9:11 का हमला नहीं हुआ होता. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली के दौरान कहा, 'उन्हें (हिलेरी को) आईएसआईएस की संस्थापक के तौर पर उनकी (आतंकी संगठन) की ओर से पुरस्कार मिलना चाहिए.' 70 वर्षीय ट्रंप ने कहा, 'जरा ओरलैंडो को देखिए, सन बर्नार्डिनो को देखिए. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को देखिए. देखिए चल क्या रहा है...और फिर पूरी दुनिया को देखिए. हमने आईएसआईएस को इस स्थिति में आने दिया.' उन्होंने कहा कि हिलेरी से हार जाना शर्मनाक होगा.टिप्पणियां ट्रंप ने कहा, 'धूर्त हिलेरी क्लिंटन से हार जाना शर्मनाक नहीं होगा? यह भयावह होगा.' रिपब्लिकन पार्टी में उथल-पुथल की खबरों को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा कि पार्टी एकजुट है. ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि वह राष्ट्रपति होते तो 9:11 का हमला नहीं हुआ होता. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने कहा, 'धूर्त हिलेरी क्लिंटन से हार जाना शर्मनाक नहीं होगा? यह भयावह होगा.' रिपब्लिकन पार्टी में उथल-पुथल की खबरों को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा कि पार्टी एकजुट है. ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि वह राष्ट्रपति होते तो 9:11 का हमला नहीं हुआ होता. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हिलेरी क्लिंटन से हार जाना शर्मनाक होगा : डोनाल्‍ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी में उथल-पुथल की खबरों को ट्रंप ने किया खारिज. यदि मैं राष्ट्रपति होता तो 9:11 का हमला नहीं हुआ होता : ट्रंप
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर ‘टाइम’ पत्रिका के आगामी अंक के आवरण पृष्ठ पर प्रकाशित हुई है और पत्रिका ने अपने आलेख में उनके शासन वाले राज्य में विकास को लेकर उनकी सराहना की है, लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर हैरानगी जताई है। टाइम पत्रिका के 26 मार्च के अंक के आवरण पृष्ठ पर मोदी की तस्वीर के साथ लिखा हुआ है, ‘मोदी का मतलब है कारोबार लेकिन क्या वह भारत का नेतृत्व कर सकते हैं।’ इस अमेरिकी पत्रिका के आगामी अंक के ‘ब्वॉय फ्राम द बैकयार्ड’ शीषर्क वाले आलेख में मोदी को ‘विवादास्पद, महात्वाकांक्षी और चतुर’ बताया गया है। राज्य के लोगों से संपर्क साधने को लेकर सिलसिलेवार तरीके से किए गए उनके दिनभर के सद्भावना उपवास का भी इसमें जिक्र किया गया है।टिप्पणियां आलेख में कहा गया है, ‘यह मोदी का बदलता रूप है। यह आत्मशुद्धिकरण, नम्रता और ऐसे राज्य में खाई को पाटने का कार्य है, जो 10 साल पहले के हिंदू नेतृत्व वाले मुस्लिम विरोधी नरसंहार से अब तक सदमे में है।’ आलेख में कहा गया है कि मोदी एक दृढ़ नेता हैं। वह बेकार नेता नहीं हैं। वह भ्रष्टाचार और अक्षमता के दलदल से भारत को बाहर कर सकते हैं। टाइम पत्रिका के 26 मार्च के अंक के आवरण पृष्ठ पर मोदी की तस्वीर के साथ लिखा हुआ है, ‘मोदी का मतलब है कारोबार लेकिन क्या वह भारत का नेतृत्व कर सकते हैं।’ इस अमेरिकी पत्रिका के आगामी अंक के ‘ब्वॉय फ्राम द बैकयार्ड’ शीषर्क वाले आलेख में मोदी को ‘विवादास्पद, महात्वाकांक्षी और चतुर’ बताया गया है। राज्य के लोगों से संपर्क साधने को लेकर सिलसिलेवार तरीके से किए गए उनके दिनभर के सद्भावना उपवास का भी इसमें जिक्र किया गया है।टिप्पणियां आलेख में कहा गया है, ‘यह मोदी का बदलता रूप है। यह आत्मशुद्धिकरण, नम्रता और ऐसे राज्य में खाई को पाटने का कार्य है, जो 10 साल पहले के हिंदू नेतृत्व वाले मुस्लिम विरोधी नरसंहार से अब तक सदमे में है।’ आलेख में कहा गया है कि मोदी एक दृढ़ नेता हैं। वह बेकार नेता नहीं हैं। वह भ्रष्टाचार और अक्षमता के दलदल से भारत को बाहर कर सकते हैं। इस अमेरिकी पत्रिका के आगामी अंक के ‘ब्वॉय फ्राम द बैकयार्ड’ शीषर्क वाले आलेख में मोदी को ‘विवादास्पद, महात्वाकांक्षी और चतुर’ बताया गया है। राज्य के लोगों से संपर्क साधने को लेकर सिलसिलेवार तरीके से किए गए उनके दिनभर के सद्भावना उपवास का भी इसमें जिक्र किया गया है।टिप्पणियां आलेख में कहा गया है, ‘यह मोदी का बदलता रूप है। यह आत्मशुद्धिकरण, नम्रता और ऐसे राज्य में खाई को पाटने का कार्य है, जो 10 साल पहले के हिंदू नेतृत्व वाले मुस्लिम विरोधी नरसंहार से अब तक सदमे में है।’ आलेख में कहा गया है कि मोदी एक दृढ़ नेता हैं। वह बेकार नेता नहीं हैं। वह भ्रष्टाचार और अक्षमता के दलदल से भारत को बाहर कर सकते हैं। आलेख में कहा गया है, ‘यह मोदी का बदलता रूप है। यह आत्मशुद्धिकरण, नम्रता और ऐसे राज्य में खाई को पाटने का कार्य है, जो 10 साल पहले के हिंदू नेतृत्व वाले मुस्लिम विरोधी नरसंहार से अब तक सदमे में है।’ आलेख में कहा गया है कि मोदी एक दृढ़ नेता हैं। वह बेकार नेता नहीं हैं। वह भ्रष्टाचार और अक्षमता के दलदल से भारत को बाहर कर सकते हैं। आलेख में कहा गया है कि मोदी एक दृढ़ नेता हैं। वह बेकार नेता नहीं हैं। वह भ्रष्टाचार और अक्षमता के दलदल से भारत को बाहर कर सकते हैं।
यहाँ एक सारांश है:गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर ‘टाइम’ पत्रिका के आगामी अंक के आवरण पृष्ठ पर प्रकाशित हुई है और पत्रिका ने अपने आलेख में उनके शासन वाले राज्य में विकास को लेकर उनकी सराहना की है, लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर हैरानगी जताई है।
15
['hin']