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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड के ग्रैंड ओल्डमैन कहे जाने वाले यश चोपड़ा गुरुवार को 80 वर्ष के हो गए। इस मौके पर शाहरुख खान ने एक विशेष टीवी चैट शो का आयोजन किया और उनका इंटरव्यू लिया। यश चोपड़ा ने शाहरुख को लेकर डर, दिल तो पागल है, वीर जारा और फिलहाल 'जब तक है जान' फिल्मों पर काम किया है।
शाहरुख से बात करते हुए यश चोपड़ा ने बताया कि वह अपने परिवार की इच्छा के विरोध में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आए। उनका परिवार चाहता था कि यश इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें। यश के बड़े भाई निर्माता-निर्देशक बीआर चोपड़ा की इच्छा थी कि वह इंजीनियरिंग पढ़ें, लेकिन यश नहीं माने और 200 रुपये लिए और मां का आशीर्वाद लेकर 1950 को मुंबई आ गए।
जब यश मुंबई पहुंच ही गए तब बीआर चोपड़ा ने सबसे पहले उन्हें अपना सहायक बनाया। इसके बाद उन्होंने यश को राज कपूर के आरके फिल्म्स में दो साल के लिए काम करने के लिए भेज दिया। इसी के बाद 1959 में यश चोपड़ा ने अपनी पहली फिल्म 'धूल का फूल' का निर्देशन भी किया।
इस इंटरव्यू में यश चोपड़ा ने अपने कविता प्रेम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मीना कुमारी को अपनी कविता सुनाई थी तब दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए थे। उनका कहना था कि वह एक पंजाबी लड़के थे और मीना कुमारी ने उन्हें सलाह दी कि वह भी एक्टिंग में हाथ आजमाएं। इस पर मीना को यश ने जवाब दिया कि यदि वह फिल्म बनाएंगे तो फिल्म काफी छोटी होगी क्योंकि वह काफी फर्राटे से बोलते हैं।
यश ने बताया कि बड़े भाई बीआर चोपड़ा के साथ 1958 में 'साधना' फिल्म में काम करने के दौरान उनकी पहचान वैजयंतीमाला से हुई और उन्होंने कहा कि निर्देशन के क्षेत्र में मुझे ध्यान लगाना चाहिए। यश चोपड़ा ने कहा कि किस तरह उनके बड़े भाई ने उन्हें पहली फिल्म का ब्रेक दिया। उसके बाद 'नया दौर' और 'साधना' में भी काम दिया।
दिलीप कुमार के साथ काम करने के शाहरुख के प्रश्न पर चोपड़ा ने बताया कि 'मशाल' फिल्म पर काम करने से दिलीप कुमार ने पहले मना कर दिया, वह भी तब जब उन्हें कहानी पसंद आई थी। लेकिन बाद में दिलीप कुमार ने यश चोपड़ा को घर पर बुलाया और पूरी फिल्म के एक-एक सीन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दिलीप कुमार के तमाम सुझावों को उन्होंने सुना और पाया कि वह काफी महत्वपूर्ण थे।
इस दौरान शाहरुख ने बताया कि वह श्रीदेवी को लेकर यश चोपड़ा की बनाई फिल्म 'लम्हे' फिल्म देख रहे थे जब उन्हें फिल्म बीच में छोड़ कर भागना पड़ा। शाहरुख ने बताया, 'मैं फिल्म देख रहा था, मेरा सेक्रेटरी आया और उसने बताया कि यश चोपड़ा तुम्हें फिल्म में लेने के बारे में सोच रहे हैं, मैं उठा और सीधा आपके दफ्तर पहुंच गया। और फिल्म मिली डर...'
आखिर 'वीर जारा' के बाद 'जब तक है जान' बनाने में आठ साल क्यों लगा दिए, के प्रश्न पर चोपड़ा ने कहा कि इस दौरान तमाम अच्छी फिल्में बनाई गईं और उन्होंने सोचा उन्हें कोई बेहतरीन फिल्म बनानी होगी जो इनका मुकाबला कर सके। इसलिए देर लगी।टिप्पणियां
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
शाहरुख से बात करते हुए यश चोपड़ा ने बताया कि वह अपने परिवार की इच्छा के विरोध में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आए। उनका परिवार चाहता था कि यश इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें। यश के बड़े भाई निर्माता-निर्देशक बीआर चोपड़ा की इच्छा थी कि वह इंजीनियरिंग पढ़ें, लेकिन यश नहीं माने और 200 रुपये लिए और मां का आशीर्वाद लेकर 1950 को मुंबई आ गए।
जब यश मुंबई पहुंच ही गए तब बीआर चोपड़ा ने सबसे पहले उन्हें अपना सहायक बनाया। इसके बाद उन्होंने यश को राज कपूर के आरके फिल्म्स में दो साल के लिए काम करने के लिए भेज दिया। इसी के बाद 1959 में यश चोपड़ा ने अपनी पहली फिल्म 'धूल का फूल' का निर्देशन भी किया।
इस इंटरव्यू में यश चोपड़ा ने अपने कविता प्रेम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मीना कुमारी को अपनी कविता सुनाई थी तब दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए थे। उनका कहना था कि वह एक पंजाबी लड़के थे और मीना कुमारी ने उन्हें सलाह दी कि वह भी एक्टिंग में हाथ आजमाएं। इस पर मीना को यश ने जवाब दिया कि यदि वह फिल्म बनाएंगे तो फिल्म काफी छोटी होगी क्योंकि वह काफी फर्राटे से बोलते हैं।
यश ने बताया कि बड़े भाई बीआर चोपड़ा के साथ 1958 में 'साधना' फिल्म में काम करने के दौरान उनकी पहचान वैजयंतीमाला से हुई और उन्होंने कहा कि निर्देशन के क्षेत्र में मुझे ध्यान लगाना चाहिए। यश चोपड़ा ने कहा कि किस तरह उनके बड़े भाई ने उन्हें पहली फिल्म का ब्रेक दिया। उसके बाद 'नया दौर' और 'साधना' में भी काम दिया।
दिलीप कुमार के साथ काम करने के शाहरुख के प्रश्न पर चोपड़ा ने बताया कि 'मशाल' फिल्म पर काम करने से दिलीप कुमार ने पहले मना कर दिया, वह भी तब जब उन्हें कहानी पसंद आई थी। लेकिन बाद में दिलीप कुमार ने यश चोपड़ा को घर पर बुलाया और पूरी फिल्म के एक-एक सीन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दिलीप कुमार के तमाम सुझावों को उन्होंने सुना और पाया कि वह काफी महत्वपूर्ण थे।
इस दौरान शाहरुख ने बताया कि वह श्रीदेवी को लेकर यश चोपड़ा की बनाई फिल्म 'लम्हे' फिल्म देख रहे थे जब उन्हें फिल्म बीच में छोड़ कर भागना पड़ा। शाहरुख ने बताया, 'मैं फिल्म देख रहा था, मेरा सेक्रेटरी आया और उसने बताया कि यश चोपड़ा तुम्हें फिल्म में लेने के बारे में सोच रहे हैं, मैं उठा और सीधा आपके दफ्तर पहुंच गया। और फिल्म मिली डर...'
आखिर 'वीर जारा' के बाद 'जब तक है जान' बनाने में आठ साल क्यों लगा दिए, के प्रश्न पर चोपड़ा ने कहा कि इस दौरान तमाम अच्छी फिल्में बनाई गईं और उन्होंने सोचा उन्हें कोई बेहतरीन फिल्म बनानी होगी जो इनका मुकाबला कर सके। इसलिए देर लगी।टिप्पणियां
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
जब यश मुंबई पहुंच ही गए तब बीआर चोपड़ा ने सबसे पहले उन्हें अपना सहायक बनाया। इसके बाद उन्होंने यश को राज कपूर के आरके फिल्म्स में दो साल के लिए काम करने के लिए भेज दिया। इसी के बाद 1959 में यश चोपड़ा ने अपनी पहली फिल्म 'धूल का फूल' का निर्देशन भी किया।
इस इंटरव्यू में यश चोपड़ा ने अपने कविता प्रेम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मीना कुमारी को अपनी कविता सुनाई थी तब दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए थे। उनका कहना था कि वह एक पंजाबी लड़के थे और मीना कुमारी ने उन्हें सलाह दी कि वह भी एक्टिंग में हाथ आजमाएं। इस पर मीना को यश ने जवाब दिया कि यदि वह फिल्म बनाएंगे तो फिल्म काफी छोटी होगी क्योंकि वह काफी फर्राटे से बोलते हैं।
यश ने बताया कि बड़े भाई बीआर चोपड़ा के साथ 1958 में 'साधना' फिल्म में काम करने के दौरान उनकी पहचान वैजयंतीमाला से हुई और उन्होंने कहा कि निर्देशन के क्षेत्र में मुझे ध्यान लगाना चाहिए। यश चोपड़ा ने कहा कि किस तरह उनके बड़े भाई ने उन्हें पहली फिल्म का ब्रेक दिया। उसके बाद 'नया दौर' और 'साधना' में भी काम दिया।
दिलीप कुमार के साथ काम करने के शाहरुख के प्रश्न पर चोपड़ा ने बताया कि 'मशाल' फिल्म पर काम करने से दिलीप कुमार ने पहले मना कर दिया, वह भी तब जब उन्हें कहानी पसंद आई थी। लेकिन बाद में दिलीप कुमार ने यश चोपड़ा को घर पर बुलाया और पूरी फिल्म के एक-एक सीन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दिलीप कुमार के तमाम सुझावों को उन्होंने सुना और पाया कि वह काफी महत्वपूर्ण थे।
इस दौरान शाहरुख ने बताया कि वह श्रीदेवी को लेकर यश चोपड़ा की बनाई फिल्म 'लम्हे' फिल्म देख रहे थे जब उन्हें फिल्म बीच में छोड़ कर भागना पड़ा। शाहरुख ने बताया, 'मैं फिल्म देख रहा था, मेरा सेक्रेटरी आया और उसने बताया कि यश चोपड़ा तुम्हें फिल्म में लेने के बारे में सोच रहे हैं, मैं उठा और सीधा आपके दफ्तर पहुंच गया। और फिल्म मिली डर...'
आखिर 'वीर जारा' के बाद 'जब तक है जान' बनाने में आठ साल क्यों लगा दिए, के प्रश्न पर चोपड़ा ने कहा कि इस दौरान तमाम अच्छी फिल्में बनाई गईं और उन्होंने सोचा उन्हें कोई बेहतरीन फिल्म बनानी होगी जो इनका मुकाबला कर सके। इसलिए देर लगी।टिप्पणियां
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
इस इंटरव्यू में यश चोपड़ा ने अपने कविता प्रेम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मीना कुमारी को अपनी कविता सुनाई थी तब दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए थे। उनका कहना था कि वह एक पंजाबी लड़के थे और मीना कुमारी ने उन्हें सलाह दी कि वह भी एक्टिंग में हाथ आजमाएं। इस पर मीना को यश ने जवाब दिया कि यदि वह फिल्म बनाएंगे तो फिल्म काफी छोटी होगी क्योंकि वह काफी फर्राटे से बोलते हैं।
यश ने बताया कि बड़े भाई बीआर चोपड़ा के साथ 1958 में 'साधना' फिल्म में काम करने के दौरान उनकी पहचान वैजयंतीमाला से हुई और उन्होंने कहा कि निर्देशन के क्षेत्र में मुझे ध्यान लगाना चाहिए। यश चोपड़ा ने कहा कि किस तरह उनके बड़े भाई ने उन्हें पहली फिल्म का ब्रेक दिया। उसके बाद 'नया दौर' और 'साधना' में भी काम दिया।
दिलीप कुमार के साथ काम करने के शाहरुख के प्रश्न पर चोपड़ा ने बताया कि 'मशाल' फिल्म पर काम करने से दिलीप कुमार ने पहले मना कर दिया, वह भी तब जब उन्हें कहानी पसंद आई थी। लेकिन बाद में दिलीप कुमार ने यश चोपड़ा को घर पर बुलाया और पूरी फिल्म के एक-एक सीन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दिलीप कुमार के तमाम सुझावों को उन्होंने सुना और पाया कि वह काफी महत्वपूर्ण थे।
इस दौरान शाहरुख ने बताया कि वह श्रीदेवी को लेकर यश चोपड़ा की बनाई फिल्म 'लम्हे' फिल्म देख रहे थे जब उन्हें फिल्म बीच में छोड़ कर भागना पड़ा। शाहरुख ने बताया, 'मैं फिल्म देख रहा था, मेरा सेक्रेटरी आया और उसने बताया कि यश चोपड़ा तुम्हें फिल्म में लेने के बारे में सोच रहे हैं, मैं उठा और सीधा आपके दफ्तर पहुंच गया। और फिल्म मिली डर...'
आखिर 'वीर जारा' के बाद 'जब तक है जान' बनाने में आठ साल क्यों लगा दिए, के प्रश्न पर चोपड़ा ने कहा कि इस दौरान तमाम अच्छी फिल्में बनाई गईं और उन्होंने सोचा उन्हें कोई बेहतरीन फिल्म बनानी होगी जो इनका मुकाबला कर सके। इसलिए देर लगी।टिप्पणियां
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
यश ने बताया कि बड़े भाई बीआर चोपड़ा के साथ 1958 में 'साधना' फिल्म में काम करने के दौरान उनकी पहचान वैजयंतीमाला से हुई और उन्होंने कहा कि निर्देशन के क्षेत्र में मुझे ध्यान लगाना चाहिए। यश चोपड़ा ने कहा कि किस तरह उनके बड़े भाई ने उन्हें पहली फिल्म का ब्रेक दिया। उसके बाद 'नया दौर' और 'साधना' में भी काम दिया।
दिलीप कुमार के साथ काम करने के शाहरुख के प्रश्न पर चोपड़ा ने बताया कि 'मशाल' फिल्म पर काम करने से दिलीप कुमार ने पहले मना कर दिया, वह भी तब जब उन्हें कहानी पसंद आई थी। लेकिन बाद में दिलीप कुमार ने यश चोपड़ा को घर पर बुलाया और पूरी फिल्म के एक-एक सीन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दिलीप कुमार के तमाम सुझावों को उन्होंने सुना और पाया कि वह काफी महत्वपूर्ण थे।
इस दौरान शाहरुख ने बताया कि वह श्रीदेवी को लेकर यश चोपड़ा की बनाई फिल्म 'लम्हे' फिल्म देख रहे थे जब उन्हें फिल्म बीच में छोड़ कर भागना पड़ा। शाहरुख ने बताया, 'मैं फिल्म देख रहा था, मेरा सेक्रेटरी आया और उसने बताया कि यश चोपड़ा तुम्हें फिल्म में लेने के बारे में सोच रहे हैं, मैं उठा और सीधा आपके दफ्तर पहुंच गया। और फिल्म मिली डर...'
आखिर 'वीर जारा' के बाद 'जब तक है जान' बनाने में आठ साल क्यों लगा दिए, के प्रश्न पर चोपड़ा ने कहा कि इस दौरान तमाम अच्छी फिल्में बनाई गईं और उन्होंने सोचा उन्हें कोई बेहतरीन फिल्म बनानी होगी जो इनका मुकाबला कर सके। इसलिए देर लगी।टिप्पणियां
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
दिलीप कुमार के साथ काम करने के शाहरुख के प्रश्न पर चोपड़ा ने बताया कि 'मशाल' फिल्म पर काम करने से दिलीप कुमार ने पहले मना कर दिया, वह भी तब जब उन्हें कहानी पसंद आई थी। लेकिन बाद में दिलीप कुमार ने यश चोपड़ा को घर पर बुलाया और पूरी फिल्म के एक-एक सीन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दिलीप कुमार के तमाम सुझावों को उन्होंने सुना और पाया कि वह काफी महत्वपूर्ण थे।
इस दौरान शाहरुख ने बताया कि वह श्रीदेवी को लेकर यश चोपड़ा की बनाई फिल्म 'लम्हे' फिल्म देख रहे थे जब उन्हें फिल्म बीच में छोड़ कर भागना पड़ा। शाहरुख ने बताया, 'मैं फिल्म देख रहा था, मेरा सेक्रेटरी आया और उसने बताया कि यश चोपड़ा तुम्हें फिल्म में लेने के बारे में सोच रहे हैं, मैं उठा और सीधा आपके दफ्तर पहुंच गया। और फिल्म मिली डर...'
आखिर 'वीर जारा' के बाद 'जब तक है जान' बनाने में आठ साल क्यों लगा दिए, के प्रश्न पर चोपड़ा ने कहा कि इस दौरान तमाम अच्छी फिल्में बनाई गईं और उन्होंने सोचा उन्हें कोई बेहतरीन फिल्म बनानी होगी जो इनका मुकाबला कर सके। इसलिए देर लगी।टिप्पणियां
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
इस दौरान शाहरुख ने बताया कि वह श्रीदेवी को लेकर यश चोपड़ा की बनाई फिल्म 'लम्हे' फिल्म देख रहे थे जब उन्हें फिल्म बीच में छोड़ कर भागना पड़ा। शाहरुख ने बताया, 'मैं फिल्म देख रहा था, मेरा सेक्रेटरी आया और उसने बताया कि यश चोपड़ा तुम्हें फिल्म में लेने के बारे में सोच रहे हैं, मैं उठा और सीधा आपके दफ्तर पहुंच गया। और फिल्म मिली डर...'
आखिर 'वीर जारा' के बाद 'जब तक है जान' बनाने में आठ साल क्यों लगा दिए, के प्रश्न पर चोपड़ा ने कहा कि इस दौरान तमाम अच्छी फिल्में बनाई गईं और उन्होंने सोचा उन्हें कोई बेहतरीन फिल्म बनानी होगी जो इनका मुकाबला कर सके। इसलिए देर लगी।टिप्पणियां
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
आखिर 'वीर जारा' के बाद 'जब तक है जान' बनाने में आठ साल क्यों लगा दिए, के प्रश्न पर चोपड़ा ने कहा कि इस दौरान तमाम अच्छी फिल्में बनाई गईं और उन्होंने सोचा उन्हें कोई बेहतरीन फिल्म बनानी होगी जो इनका मुकाबला कर सके। इसलिए देर लगी।टिप्पणियां
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
शाहरुख ने पूछा कि आखिर उनकी फिल्मों में हीरोइन इतनी खूबसूरत क्यों लगती हैं। चोपड़ा ने कहा कि, भगवान ने महिलाओं को सुंदर बनाया है। मैं तमाम महिलाओं की इज्जत करता हूं। मुझे उनमें कोई बुराई नहीं दिखती। मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं और भगवान की कृति को और सुंदर बनाने का प्रयास कर रहा हूं।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी।
इस इंटरव्यू के अंत में यश चोपड़ा ने अपने रिटायरमेंट की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि 'जब तक है जान' उनकी 22वीं और अंतिम फिल्म होगी। | बॉलीवुड के ग्रैंड ओल्डमैन कहे जाने वाले यश चोपड़ा गुरुवार को 80 वर्ष के हो गए। इस मौके पर शाहरुख खान ने एक विशेष टीवी चैट शो का आयोजन किया और उनका इंटरव्यू लिया। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम बाजार में तेजी के मद्देनजर घरेलू सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में आज क्रमश: 1.29 रुपये और 97 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की.
खुदरा बिक्री मूल्यों में यह बढ़ोतरी आज मध्यरात्रि से लागू होगी. विभिन्न राज्यों में लगने वाले शुल्कों के कारण स्थानीय स्तर पर इनके बिक्री मूल्य में वृद्धि कमबेशी हो सकती है. पेट्रोल की कीमत में पिछले एक महीने में यह तीसरी और डीजल में एक पखवाड़े में यह दूसरी वृद्धि है.
दिल्ली में वैट कर सहित पेट्रोल के खुदरा मूल्य में 1.66 रुपये और डीजल के मूल्य में 1.14 रुपये की वृद्धि होगी. दिल्ली में अब पेट्रोल की दर 70.60 रुपये और डीजल की 57.82 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी.टिप्पणियां
इससे पहले 17 दिसंबर को पेट्रोल की कीमत 2.21 रुपये और डीजल की कीमत 1.79 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई थी. तब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.94 रुपये और डीजल की कीमत 56.68 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खुदरा बिक्री मूल्यों में यह बढ़ोतरी आज मध्यरात्रि से लागू होगी. विभिन्न राज्यों में लगने वाले शुल्कों के कारण स्थानीय स्तर पर इनके बिक्री मूल्य में वृद्धि कमबेशी हो सकती है. पेट्रोल की कीमत में पिछले एक महीने में यह तीसरी और डीजल में एक पखवाड़े में यह दूसरी वृद्धि है.
दिल्ली में वैट कर सहित पेट्रोल के खुदरा मूल्य में 1.66 रुपये और डीजल के मूल्य में 1.14 रुपये की वृद्धि होगी. दिल्ली में अब पेट्रोल की दर 70.60 रुपये और डीजल की 57.82 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी.टिप्पणियां
इससे पहले 17 दिसंबर को पेट्रोल की कीमत 2.21 रुपये और डीजल की कीमत 1.79 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई थी. तब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.94 रुपये और डीजल की कीमत 56.68 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली में वैट कर सहित पेट्रोल के खुदरा मूल्य में 1.66 रुपये और डीजल के मूल्य में 1.14 रुपये की वृद्धि होगी. दिल्ली में अब पेट्रोल की दर 70.60 रुपये और डीजल की 57.82 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी.टिप्पणियां
इससे पहले 17 दिसंबर को पेट्रोल की कीमत 2.21 रुपये और डीजल की कीमत 1.79 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई थी. तब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.94 रुपये और डीजल की कीमत 56.68 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले 17 दिसंबर को पेट्रोल की कीमत 2.21 रुपये और डीजल की कीमत 1.79 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई थी. तब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.94 रुपये और डीजल की कीमत 56.68 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: खुदरा बिक्री मूल्यों में यह बढ़ोत्तरी आज मध्यरात्रि से लागू होगी.
दिल्ली में अब पेट्रोल की प्रति लीटर दर 70.60 रुपये हो जाएगी.
पेट्रोल की कीमत में पिछले एक महीने में यह तीसरी वृद्धि है. | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने NDTV से कहा कि 'पीएम ने भरोसा और सभी दलों के नेताओं ने जो विश्वास व्यक्त किया है, मेरी कोशिश होगी कि जो जिम्मेदारी दी है निश्चित रूप से संसदीय मर्यादाओं को रखते हुए निर्बाध रूप से संसद को चलाऊं.'
बिड़ला ने कहा कि 'संख्या के आधार पर सत्ता और विपक्ष के बीच संतुलन नहीं बैठाऊंगा. सबको साथ लेकर इस देश में चलने की आवश्यकता है. जितने भी सदस्य चुनकर आए हैं उनकी नीतियां अलग हो सकती हैं, विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन सबका एक लक्ष्य है भारत खुशहाल हो, देश आगे बढ़े. इसीलिए संसद के अंदर अच्छे वाद-विवाद, तर्क-वितर्क देश को आगे बढ़ाने में कामयाब होंगे.'
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि 'मेरी कोशिश होगी संसदीय परंपरा और नियमों के तहत संसद निर्बाध चले. सबको अपनी बात कहने का अधिकार हो. उनके अधिकारों के संरक्षण की जिम्मेदारी मेरी है.
सबको साथ लेकर चलेंगे.'
जब बिड़ला से उनके अनुभव की कमी पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया.
बीजेपी नेता और कोटा से सांसद ओम बिड़ला (OM Birla) निर्विरोध लोकसभा अध्यक्ष चुने गए हैं. एनडीए के सभी सदस्यों ने और वाईएसआर कांग्रेस ने भी उनका समर्थन किया. विपक्ष ने भी उनकी उम्मीदवारी का विरोध नहीं किया. हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में बिड़ला ने कोटा में कांग्रेस उम्मीदवार रामनारायण मीणा को 2.5 लाख से भी ज्यादा वोटों से हराया था.
ओम बिड़ला दो बार सांसद रहे हैं और कोटा से तीन बार विधायक रहे हैं. उन्हें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) का बहुत करीबी माना जाता है. वे बीजेपी (BJP) युवा मोर्चा में भी रहे हैं और उन्होंने राजस्थान में पार्टी का पुनर्गठन किया था. | कहा- सबको साथ लेकर इस देश में चलने की आवश्यकता
अच्छे वाद-विवाद, तर्क-वितर्क देश को आगे बढ़ाने में कामयाब होंगे
अनुभव की कमी को लेकर सवाल पर चुप्पी साधे रहे बिड़ला | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भोपाल जाने वाली जेट एयरवेज की उड़ान में 'अपहरण जैसी स्थिति' पैदा हो गई जब एयरलाइन की टिकटिंग प्रणाली में तकनीकी खामी आने से इसकी क्षमता से ज्यादा टिकट बुक हो गईं और एक परिवार ने एकसाथ 80 टिकटें बुक करा लीं.
शहर के हवाई अड्डे पर विमान की रवानगी दो घंटे से अधिक समय टली और नाराज यात्रियों का आपस में और एयरलाइन कर्मियों से नोंकझोंक हुई और उन्होंने विमान को रवाना नहीं होने दिया. यह घटना शुक्रवार को भोपाल जाने वाली जेट उड़ान (9डब्ल्यू 7083) को लेकर हुई.टिप्पणियां
यह मामला तब सुलझा जब ज्यादा टिकटें बुक कराने वाले यात्रियों (भोपाल में शादी के लिए जाने की तैयारी कर रहा परिवार) को सवार होने से रोक दिया गया और एयरलाइन ने उन्हें मुआवजा दिया. मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि संबंधित परिवार एक शक्तिशाली राज्यमंत्री से जुड़ा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शहर के हवाई अड्डे पर विमान की रवानगी दो घंटे से अधिक समय टली और नाराज यात्रियों का आपस में और एयरलाइन कर्मियों से नोंकझोंक हुई और उन्होंने विमान को रवाना नहीं होने दिया. यह घटना शुक्रवार को भोपाल जाने वाली जेट उड़ान (9डब्ल्यू 7083) को लेकर हुई.टिप्पणियां
यह मामला तब सुलझा जब ज्यादा टिकटें बुक कराने वाले यात्रियों (भोपाल में शादी के लिए जाने की तैयारी कर रहा परिवार) को सवार होने से रोक दिया गया और एयरलाइन ने उन्हें मुआवजा दिया. मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि संबंधित परिवार एक शक्तिशाली राज्यमंत्री से जुड़ा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह मामला तब सुलझा जब ज्यादा टिकटें बुक कराने वाले यात्रियों (भोपाल में शादी के लिए जाने की तैयारी कर रहा परिवार) को सवार होने से रोक दिया गया और एयरलाइन ने उन्हें मुआवजा दिया. मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि संबंधित परिवार एक शक्तिशाली राज्यमंत्री से जुड़ा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | टिकटिंग प्रणाली में तकनीकी खामी से क्षमता से ज्यादा टिकट बुक हुईं
हवाई अड्डे पर विमान की रवानगी दो घंटे से अधिक समय टली
नाराज यात्रियों की आपस में और एयरलाइन कर्मियों से नोंकझोंक हुई | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एप्पल कंपनी ने अपना 7.9 इंच का नया आई-पैड बाजार में उतारा है। कंपनी ने इस आई-पैड का 'मिनी' नाम दिया है। देर रात कंपनी ने इसे अमेरिका के कैलिफोर्निया में लॉन्च किया। आई-पैड मिनी के बाजार में आने से छोटे टेबलेट के सेंगमेंट में कंपनी ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है।
इस सेगमेंट में आई-पैड मिनी का मुकाबला गूगल और अमेजन से है। आई-पैड मिनी की मोटाई 7.2 मिलीमीटर है और इसका वजन करीब 300 ग्राम है। आई-पैड मिनी को दो वर्जन में उतारा गया है। 16 जीबी मैमोरी और केवल वाईफाई की सुविधा वाले आई-पैड मिनी की कीमत 329 डॉलर यानी लगभग साढ़े 17 हजार रुपये के करीब है। वहीं वाईफाई की सुविधा वाले 16 जीबी के आईपैड मिनी की कीमत 459 डॉलर यानी करीब 24 हजार रुपये के आसपास रखी गई है।
इस सेगमेंट में आई-पैड मिनी का मुकाबला गूगल और अमेजन से है। आई-पैड मिनी की मोटाई 7.2 मिलीमीटर है और इसका वजन करीब 300 ग्राम है। आई-पैड मिनी को दो वर्जन में उतारा गया है। 16 जीबी मैमोरी और केवल वाईफाई की सुविधा वाले आई-पैड मिनी की कीमत 329 डॉलर यानी लगभग साढ़े 17 हजार रुपये के करीब है। वहीं वाईफाई की सुविधा वाले 16 जीबी के आईपैड मिनी की कीमत 459 डॉलर यानी करीब 24 हजार रुपये के आसपास रखी गई है। | यह एक सारांश है: 16 जीबी मैमोरी और केवल वाईफाई की सुविधा वाले आई-पैड मिनी की कीमत 329 डॉलर यानी लगभग साढ़े 17 हजार रुपये के करीब है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आज उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया कि क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) भारतीय टीम के मुख्य कोच को चुनने के लिए उचित रूप से पारिश्रमिक चाहती है. उसने इन रिपोर्टों को ‘आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण’ करार किया. गौरतलब है कि मीडिया के वर्ग की रिपोर्टों में दावा किया गया कि सीएसी -जिसमें महान भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण शामिल हैं, चाहती है कि उन्हें राष्ट्रीय कोच को चुनने के लिए भुगतान किया जाए.
क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने विज्ञप्ति में कहा, ‘बीसीसीआई स्पष्ट करना चाहता है कि ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है और अखबार में आ रही ऐसी खबरें पूरी तरह से आधारहीन हैं और इनमें तथ्यों की कमी है.’ रिपोर्टों के अनुसार तीन पूर्व क्रिकेटरों ने जौहरी को सूचित किया कि वे ‘अपनी सेवायें मानद स्वरूप नहीं देना चाहते.’ बीसीसीआई ने कहा, ‘इस लेख का विषय पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण है और भारतीय क्रिकेट के इन पूर्व महान खिलाड़ियों के योगदान को कम करने और गलत रूप से पेश करने का प्रयास करना पूरी तरह से गलत और निराधार है.’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दोहराना चाहता है कि सीएसी की सिफारिशें और मार्गदर्शन भारतीय क्रिकेट की बेहतरी के लिये बहुमूल्य है और हम इस लेख को हटाने और इसमें उचित संशोधन करने का आग्रह करते हैं.’सीएसी का गठन दिवंगत बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने किया था. अनिल कुंबले का मुख्य कोच के तौर पर कार्यकाल चैंपियंस ट्रॉफी के साथ ही खत्म हो जाएगा और बोर्ड ने पिछले महीने इस पद के लिये आवेदन मंगाए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने विज्ञप्ति में कहा, ‘बीसीसीआई स्पष्ट करना चाहता है कि ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है और अखबार में आ रही ऐसी खबरें पूरी तरह से आधारहीन हैं और इनमें तथ्यों की कमी है.’ रिपोर्टों के अनुसार तीन पूर्व क्रिकेटरों ने जौहरी को सूचित किया कि वे ‘अपनी सेवायें मानद स्वरूप नहीं देना चाहते.’ बीसीसीआई ने कहा, ‘इस लेख का विषय पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण है और भारतीय क्रिकेट के इन पूर्व महान खिलाड़ियों के योगदान को कम करने और गलत रूप से पेश करने का प्रयास करना पूरी तरह से गलत और निराधार है.’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दोहराना चाहता है कि सीएसी की सिफारिशें और मार्गदर्शन भारतीय क्रिकेट की बेहतरी के लिये बहुमूल्य है और हम इस लेख को हटाने और इसमें उचित संशोधन करने का आग्रह करते हैं.’सीएसी का गठन दिवंगत बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने किया था. अनिल कुंबले का मुख्य कोच के तौर पर कार्यकाल चैंपियंस ट्रॉफी के साथ ही खत्म हो जाएगा और बोर्ड ने पिछले महीने इस पद के लिये आवेदन मंगाए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दोहराना चाहता है कि सीएसी की सिफारिशें और मार्गदर्शन भारतीय क्रिकेट की बेहतरी के लिये बहुमूल्य है और हम इस लेख को हटाने और इसमें उचित संशोधन करने का आग्रह करते हैं.’सीएसी का गठन दिवंगत बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने किया था. अनिल कुंबले का मुख्य कोच के तौर पर कार्यकाल चैंपियंस ट्रॉफी के साथ ही खत्म हो जाएगा और बोर्ड ने पिछले महीने इस पद के लिये आवेदन मंगाए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मीडिया के एक वर्ग में आई थी इस तरह की रिपोर्ट
बीसीसीआई के सीईओ बोले, ऐसी खबरें आधारहीन
यह पूर्व महान खिलाड़ियों का योगदान को कम करने की प्रयास | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि 'हम पूरी कर्मठता के साथ और व्यापक तौर पर प्रदेश के कोने-कोने में निगरानी रख रहे हैं. हमने अपनी इंटेलिजेंस मशीनरी को गियर अप कर रखा है. हमारे वॉलेंटियर, हमारे पुलिस कर्मी जगह-जगह सब पर नजर रखे हुए हैं. और यदि जरूरत होगी तो हम अपराधियों के विरुद्ध नेशनल सिक्यूरिटी एक्ट भी लगा सकते हैं.'
जगह-जगह पुलिस रिहर्सल कर रही है कि अगर कहीं दंगा भड़क जाए तो वह दंगाइयों से कैसे निपटे और और जनता को उनसे कैसे बचाए. इसके लिए तमाम जिलों की पुलिस लाइनों में दंगाई बने सादे लिबास में पुलिस वाले वर्दी वाले पुलिस वालों पर पथराव करते हैं...और वर्दी वाले उन्हें काबू में करते हैं.
इटावा के एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि 'हमारी तैयारी अयोध्या का जो डिसीजन आना है, और जो हुमारी चुनौतियां हैं, उसके दृष्टिगत हैं. जनपद इटावा में पुलिस की कानून व्यवस्था के हिसाब से तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं. जितनी भी गाड़ियों की जरूरत है, जितनी भी फोर्स की जरूरत है, वह सारी स्ट्रेटजी बना ली गई है.'
पिछले जुमे को यूपी की तमाम मस्जिदों में पेश इमामों ने अपने अपने ख़ुतबों में अपील की थी कि यह महीना पैगंबर मोहम्मद साहब की पैदाइश का है इसलिए इसके एहतेराम में कुछ गलत न करें. और अगर कोई गलत कर रहा है तो उसका जवाब न दें. लखनऊ में आज भी ईदगाह में एक सर्वधर्म सम्मेलन हुआ जिसमें फ़ैसले के बाद शांति रखने की अपील की गई.
पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य खालिद रशीद ने कहा कि 'न कोई नारेबाज़ी करें, न कोई ऐसा क़दम उठाएं, न कोई ऐसा स्टेटमेंट दें.. जिससे दूसरी कम्युनिटी के रिलीजियस सेंटिमेंट या दूसरी कम्यूनिटी के मज़हबी जज़्बात मजरूह हों या उसको ठेस पहुंचे. जिससे कि पूरे तरीक़े से पूरे मुल्क में अमन-ओ-अमान कायम रहे.'
लेकिन इतने संवेदनशील मुद्दे पर सोशल मीडिया पर तमाम गैर जिम्मेदार और धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली पोस्टें और वीडियो मौजूद हैं. उन पर चेक नहीं लग पाया है. | यह एक सारांश है: दंगाइयों से निपटने के लिए पुलिस लाइनों में चल रही रिहर्सल
सद्भाव बनाने के लिए हर जिले में सम्मेलनों का आयोजन हो रहा
पर्सनल लॉ बोर्ड ने लोगों को संयम बरतने की सलाह दी | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इयान बेल (109) के करियर के 19वें शतक की बदौलत इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स स्टेडियम में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के साथ शुरू हुए एशेज-2013 के दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने तक अपनी पहली पारी में सात विकेट पर 289 रन बना लिए।
खास बात यह है कि इंग्लैंड ने 28 रनों पर तीन विकेट गंवाने के बाद इस शृंखला में दूसरा शतक लगाने वाले बेल, अपने करियर का 17वां अर्द्धशतक लगाने वाले जोनाथन ट्रॉट (58) और चौथा अर्द्धशतक जमाने वाले जॉनी बेयरस्टो (67) की जुझारू पारियों की मदद से न सिर्फ खुद को सम्भाला बल्कि दिन की समाप्ति तक एक सम्मानजनक योग भी हासिल कर लिया।
टिम ब्रेस्नन सात और जेम्स एंडरसन चार रन पर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया को पहले सत्र में तीन, दूसरे सत्र में एक और तीसरे सत्र में तीन सफलता हासिल हुई। रेयान हैरिस और स्टीवन स्मिथ ने तीन-तीन विकेट लिए शेन वॉटसन को एक विकेट मिला। तीसरे सत्र में इंग्लैंड ने चार विकेट पर 271 रन बनाए थे लेकिन अगले 12 रनों पर उसे तीन विकेट गंवाने पड़े और ये तीनों ही विकेट स्मिथ को मिले।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 28 रनों के कुल योग पर ही कप्तान एलिस्टर कुक (12), जोए रूट (6) और स्टार बल्लेबाज केविन पीटरसन (2) के विकेट गंवा दिए थे। मिशेल स्टार्क के स्थान पर टीम में शामिल किए गए रेयान हैरिस ने टीम को मनोवांक्षित शुरुआत दी लेकिन बेल और ट्राट ने चौथे विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी से मेहमान टीम की खुशियों पर पानी फेर दिया।
बेल और ट्राट ने पहला सत्र बिना किसी मुश्किल के निकाल दिया लेकिन पारी के 34वें ओवर की पांचवीं गेंद पर हैरिस ने एक और सफलता हासिल करते हुए ट्रॉट को पैवेलियन की राह दिखाई। ट्रॉट ने 87 गेंदों पर 11 चौके लगाए। उनका विकेट 127 रनों के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद बेयरस्टो और बेल ने पांचवें विकेट के लिए 144 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी के दौरान ही बेल ने अपने करियर का 19वां और इस शृंखला का दूसरा शतक पूरा किया। बेल ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में शतक लगाकर इंग्लैंड के लिए जीत का आधार तय किया था।
बेल काफी संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 271 रनों के कुल योग पर वह अपना संयम खो बैठे और स्मिथ की एक गेंद को प्वाइंट और गली के बीच से निकालने के प्रयास में पहले स्लिप में कप्तान माइकल क्लार्क को कैच थमा बैठे।
बेल की 211 गेंदों की पारी में 16 चौके शामिल हैं। बेल ने 203 गेंदों पर शतक पूरा किया था। कप्तान क्लार्क ने इस सफलता से प्रेरित होकर एक छोर से स्मिथ को आक्रमण पर लगाए रखा। स्मिथ ने अपने कप्तान को निराश नहीं होने दिया और 274 रनों के कुल योग पर बेयरस्टो को भी चलता कर दिया। बेयरस्टो ने 146 गेंदों पर सात चौके लगाए।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
खास बात यह है कि इंग्लैंड ने 28 रनों पर तीन विकेट गंवाने के बाद इस शृंखला में दूसरा शतक लगाने वाले बेल, अपने करियर का 17वां अर्द्धशतक लगाने वाले जोनाथन ट्रॉट (58) और चौथा अर्द्धशतक जमाने वाले जॉनी बेयरस्टो (67) की जुझारू पारियों की मदद से न सिर्फ खुद को सम्भाला बल्कि दिन की समाप्ति तक एक सम्मानजनक योग भी हासिल कर लिया।
टिम ब्रेस्नन सात और जेम्स एंडरसन चार रन पर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया को पहले सत्र में तीन, दूसरे सत्र में एक और तीसरे सत्र में तीन सफलता हासिल हुई। रेयान हैरिस और स्टीवन स्मिथ ने तीन-तीन विकेट लिए शेन वॉटसन को एक विकेट मिला। तीसरे सत्र में इंग्लैंड ने चार विकेट पर 271 रन बनाए थे लेकिन अगले 12 रनों पर उसे तीन विकेट गंवाने पड़े और ये तीनों ही विकेट स्मिथ को मिले।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 28 रनों के कुल योग पर ही कप्तान एलिस्टर कुक (12), जोए रूट (6) और स्टार बल्लेबाज केविन पीटरसन (2) के विकेट गंवा दिए थे। मिशेल स्टार्क के स्थान पर टीम में शामिल किए गए रेयान हैरिस ने टीम को मनोवांक्षित शुरुआत दी लेकिन बेल और ट्राट ने चौथे विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी से मेहमान टीम की खुशियों पर पानी फेर दिया।
बेल और ट्राट ने पहला सत्र बिना किसी मुश्किल के निकाल दिया लेकिन पारी के 34वें ओवर की पांचवीं गेंद पर हैरिस ने एक और सफलता हासिल करते हुए ट्रॉट को पैवेलियन की राह दिखाई। ट्रॉट ने 87 गेंदों पर 11 चौके लगाए। उनका विकेट 127 रनों के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद बेयरस्टो और बेल ने पांचवें विकेट के लिए 144 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी के दौरान ही बेल ने अपने करियर का 19वां और इस शृंखला का दूसरा शतक पूरा किया। बेल ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में शतक लगाकर इंग्लैंड के लिए जीत का आधार तय किया था।
बेल काफी संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 271 रनों के कुल योग पर वह अपना संयम खो बैठे और स्मिथ की एक गेंद को प्वाइंट और गली के बीच से निकालने के प्रयास में पहले स्लिप में कप्तान माइकल क्लार्क को कैच थमा बैठे।
बेल की 211 गेंदों की पारी में 16 चौके शामिल हैं। बेल ने 203 गेंदों पर शतक पूरा किया था। कप्तान क्लार्क ने इस सफलता से प्रेरित होकर एक छोर से स्मिथ को आक्रमण पर लगाए रखा। स्मिथ ने अपने कप्तान को निराश नहीं होने दिया और 274 रनों के कुल योग पर बेयरस्टो को भी चलता कर दिया। बेयरस्टो ने 146 गेंदों पर सात चौके लगाए।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
टिम ब्रेस्नन सात और जेम्स एंडरसन चार रन पर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया को पहले सत्र में तीन, दूसरे सत्र में एक और तीसरे सत्र में तीन सफलता हासिल हुई। रेयान हैरिस और स्टीवन स्मिथ ने तीन-तीन विकेट लिए शेन वॉटसन को एक विकेट मिला। तीसरे सत्र में इंग्लैंड ने चार विकेट पर 271 रन बनाए थे लेकिन अगले 12 रनों पर उसे तीन विकेट गंवाने पड़े और ये तीनों ही विकेट स्मिथ को मिले।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 28 रनों के कुल योग पर ही कप्तान एलिस्टर कुक (12), जोए रूट (6) और स्टार बल्लेबाज केविन पीटरसन (2) के विकेट गंवा दिए थे। मिशेल स्टार्क के स्थान पर टीम में शामिल किए गए रेयान हैरिस ने टीम को मनोवांक्षित शुरुआत दी लेकिन बेल और ट्राट ने चौथे विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी से मेहमान टीम की खुशियों पर पानी फेर दिया।
बेल और ट्राट ने पहला सत्र बिना किसी मुश्किल के निकाल दिया लेकिन पारी के 34वें ओवर की पांचवीं गेंद पर हैरिस ने एक और सफलता हासिल करते हुए ट्रॉट को पैवेलियन की राह दिखाई। ट्रॉट ने 87 गेंदों पर 11 चौके लगाए। उनका विकेट 127 रनों के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद बेयरस्टो और बेल ने पांचवें विकेट के लिए 144 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी के दौरान ही बेल ने अपने करियर का 19वां और इस शृंखला का दूसरा शतक पूरा किया। बेल ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में शतक लगाकर इंग्लैंड के लिए जीत का आधार तय किया था।
बेल काफी संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 271 रनों के कुल योग पर वह अपना संयम खो बैठे और स्मिथ की एक गेंद को प्वाइंट और गली के बीच से निकालने के प्रयास में पहले स्लिप में कप्तान माइकल क्लार्क को कैच थमा बैठे।
बेल की 211 गेंदों की पारी में 16 चौके शामिल हैं। बेल ने 203 गेंदों पर शतक पूरा किया था। कप्तान क्लार्क ने इस सफलता से प्रेरित होकर एक छोर से स्मिथ को आक्रमण पर लगाए रखा। स्मिथ ने अपने कप्तान को निराश नहीं होने दिया और 274 रनों के कुल योग पर बेयरस्टो को भी चलता कर दिया। बेयरस्टो ने 146 गेंदों पर सात चौके लगाए।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 28 रनों के कुल योग पर ही कप्तान एलिस्टर कुक (12), जोए रूट (6) और स्टार बल्लेबाज केविन पीटरसन (2) के विकेट गंवा दिए थे। मिशेल स्टार्क के स्थान पर टीम में शामिल किए गए रेयान हैरिस ने टीम को मनोवांक्षित शुरुआत दी लेकिन बेल और ट्राट ने चौथे विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी से मेहमान टीम की खुशियों पर पानी फेर दिया।
बेल और ट्राट ने पहला सत्र बिना किसी मुश्किल के निकाल दिया लेकिन पारी के 34वें ओवर की पांचवीं गेंद पर हैरिस ने एक और सफलता हासिल करते हुए ट्रॉट को पैवेलियन की राह दिखाई। ट्रॉट ने 87 गेंदों पर 11 चौके लगाए। उनका विकेट 127 रनों के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद बेयरस्टो और बेल ने पांचवें विकेट के लिए 144 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी के दौरान ही बेल ने अपने करियर का 19वां और इस शृंखला का दूसरा शतक पूरा किया। बेल ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में शतक लगाकर इंग्लैंड के लिए जीत का आधार तय किया था।
बेल काफी संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 271 रनों के कुल योग पर वह अपना संयम खो बैठे और स्मिथ की एक गेंद को प्वाइंट और गली के बीच से निकालने के प्रयास में पहले स्लिप में कप्तान माइकल क्लार्क को कैच थमा बैठे।
बेल की 211 गेंदों की पारी में 16 चौके शामिल हैं। बेल ने 203 गेंदों पर शतक पूरा किया था। कप्तान क्लार्क ने इस सफलता से प्रेरित होकर एक छोर से स्मिथ को आक्रमण पर लगाए रखा। स्मिथ ने अपने कप्तान को निराश नहीं होने दिया और 274 रनों के कुल योग पर बेयरस्टो को भी चलता कर दिया। बेयरस्टो ने 146 गेंदों पर सात चौके लगाए।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
बेल और ट्राट ने पहला सत्र बिना किसी मुश्किल के निकाल दिया लेकिन पारी के 34वें ओवर की पांचवीं गेंद पर हैरिस ने एक और सफलता हासिल करते हुए ट्रॉट को पैवेलियन की राह दिखाई। ट्रॉट ने 87 गेंदों पर 11 चौके लगाए। उनका विकेट 127 रनों के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद बेयरस्टो और बेल ने पांचवें विकेट के लिए 144 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी के दौरान ही बेल ने अपने करियर का 19वां और इस शृंखला का दूसरा शतक पूरा किया। बेल ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में शतक लगाकर इंग्लैंड के लिए जीत का आधार तय किया था।
बेल काफी संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 271 रनों के कुल योग पर वह अपना संयम खो बैठे और स्मिथ की एक गेंद को प्वाइंट और गली के बीच से निकालने के प्रयास में पहले स्लिप में कप्तान माइकल क्लार्क को कैच थमा बैठे।
बेल की 211 गेंदों की पारी में 16 चौके शामिल हैं। बेल ने 203 गेंदों पर शतक पूरा किया था। कप्तान क्लार्क ने इस सफलता से प्रेरित होकर एक छोर से स्मिथ को आक्रमण पर लगाए रखा। स्मिथ ने अपने कप्तान को निराश नहीं होने दिया और 274 रनों के कुल योग पर बेयरस्टो को भी चलता कर दिया। बेयरस्टो ने 146 गेंदों पर सात चौके लगाए।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
इसके बाद बेयरस्टो और बेल ने पांचवें विकेट के लिए 144 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी के दौरान ही बेल ने अपने करियर का 19वां और इस शृंखला का दूसरा शतक पूरा किया। बेल ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में शतक लगाकर इंग्लैंड के लिए जीत का आधार तय किया था।
बेल काफी संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 271 रनों के कुल योग पर वह अपना संयम खो बैठे और स्मिथ की एक गेंद को प्वाइंट और गली के बीच से निकालने के प्रयास में पहले स्लिप में कप्तान माइकल क्लार्क को कैच थमा बैठे।
बेल की 211 गेंदों की पारी में 16 चौके शामिल हैं। बेल ने 203 गेंदों पर शतक पूरा किया था। कप्तान क्लार्क ने इस सफलता से प्रेरित होकर एक छोर से स्मिथ को आक्रमण पर लगाए रखा। स्मिथ ने अपने कप्तान को निराश नहीं होने दिया और 274 रनों के कुल योग पर बेयरस्टो को भी चलता कर दिया। बेयरस्टो ने 146 गेंदों पर सात चौके लगाए।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
बेल काफी संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 271 रनों के कुल योग पर वह अपना संयम खो बैठे और स्मिथ की एक गेंद को प्वाइंट और गली के बीच से निकालने के प्रयास में पहले स्लिप में कप्तान माइकल क्लार्क को कैच थमा बैठे।
बेल की 211 गेंदों की पारी में 16 चौके शामिल हैं। बेल ने 203 गेंदों पर शतक पूरा किया था। कप्तान क्लार्क ने इस सफलता से प्रेरित होकर एक छोर से स्मिथ को आक्रमण पर लगाए रखा। स्मिथ ने अपने कप्तान को निराश नहीं होने दिया और 274 रनों के कुल योग पर बेयरस्टो को भी चलता कर दिया। बेयरस्टो ने 146 गेंदों पर सात चौके लगाए।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
बेल की 211 गेंदों की पारी में 16 चौके शामिल हैं। बेल ने 203 गेंदों पर शतक पूरा किया था। कप्तान क्लार्क ने इस सफलता से प्रेरित होकर एक छोर से स्मिथ को आक्रमण पर लगाए रखा। स्मिथ ने अपने कप्तान को निराश नहीं होने दिया और 274 रनों के कुल योग पर बेयरस्टो को भी चलता कर दिया। बेयरस्टो ने 146 गेंदों पर सात चौके लगाए।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
कप्तान क्लार्क ने लगातार स्मिथ और रेयान हैरिस की आक्रमण शक्ति पर भरोसा कायम रखा और इसका नतीजा भी निकला। हैरिस ने जहां मेजबान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका वहीं स्मिथ ने 283 रनों के कुल योग पर मैट प्रायर (6) को ब्रैड हेडिन के हाथों कैच कराकर अपनी टीम की सातवीं सफलता दिलाई। यह स्मिथ की तीसरी सफलता थी।टिप्पणियां
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
इस मैच के लिए इंग्लैंड ने एक परिवर्तन किया। स्टीवन फिन इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनका स्थान ब्रेस्नन ने लिया। दूसरी ओर, पांच मैचों की इस शृंखला में 0-1 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ उतरी।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कोवान और स्टार्क की जगह मध्यक्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और हैरिस को मैदान में उतरने का मौका मिला। | यह एक सारांश है: इयान बेल (109) के करियर के 19वें शतक की बदौलत इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स स्टेडियम में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के साथ शुरू हुए एशेज-2013 के दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने तक अपनी पहली पारी में सात विकेट पर 289 रन बना लिए। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के संदना थाना क्षेत्र में एक युवक ने पांचवीं शादी के लिए पैसे न देने पर अपने पिता की हत्या कर दी और फरार हो गया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक मृगेंद्र सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक, संदना इलाके के देवरी खुर्द गांव निवासी इंदल (70) का सोमवार शाम अपने छोटे बेटे अशोक से विवाद हुआ था. अशोक चार शादियां कर चुका था, लेकिन शराब की लत के चलते कोई शादी सफल नहीं हुई. अब वह पांचवीं शादी करना चाह रहा था, जिसके लिए उसने सोमवार की शाम पिता से पैसे मांगे, लेकिन पिता ने इनकार कर दिया, जिसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ.टिप्पणियां
मामले की सूचना पुलिस को फोन पर दी गई. जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, अशोक घर से भाग निकला था. उस समय मामला शांत हो गया. लेकिन तीन जुलाई की देर रात अशोक शराब के नशे में घर लौटा और पिता से फिर झगड़ने लगा. विरोध करने पर उसने भाई रमेश और उसकी पत्नी रेशमी की पिटाई कर दी. फिर घर में रखी लोहे की रॉड से पिता के सीने और गले पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी. मौके पर पहुंचे एसपी मृगेंद्र सिंह ने घटना के बारे में परिजनों से पूछताछ की. उन्होंने थानाध्यक्ष को जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मामले की सूचना पुलिस को फोन पर दी गई. जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, अशोक घर से भाग निकला था. उस समय मामला शांत हो गया. लेकिन तीन जुलाई की देर रात अशोक शराब के नशे में घर लौटा और पिता से फिर झगड़ने लगा. विरोध करने पर उसने भाई रमेश और उसकी पत्नी रेशमी की पिटाई कर दी. फिर घर में रखी लोहे की रॉड से पिता के सीने और गले पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी. मौके पर पहुंचे एसपी मृगेंद्र सिंह ने घटना के बारे में परिजनों से पूछताछ की. उन्होंने थानाध्यक्ष को जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की घटना
आरोपी चार शादी पहले ही कर चुका है
पिता से मांग रहा था 5 वीं शादी के पैसे | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ की पुलिस ने एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में छापा मार कर मोर्टार और रॉकेट लॉन्चर जैसे भारी हथियार बनाने का सामान बरामद किया है। पुलिस को शक है कि सामान को नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ भेजा है ।
रायपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपांशु काबरा ने बताया कि राजधानी के सरस्वतीनगर थाना क्षेत्र में स्थित आमानाका में आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक टीम ने पाल गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में छापा मारकर भारी मात्रा में मोर्टार और रॉकेट लॉन्चर जैसे भारी हथियार बनाने का सामान बरामद किया है।
काबरा ने बताया कि पिछले दिनों आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल की टीम ने पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। इसमें छत्तीसगढ़ का दीपक कुमार भी शामिल था। दीपक से पूछताछ के लिए छत्तीसगढ़ की पुलिस भी कोलकाता पहुंची थी। दीपक की निशानदेही पर आज रात पाल गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में संयुक्त दल ने छापा मारा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि छापे के दौरान पुलिस को लगभग 75 बक्से में हथियार बनाने का सामान मिला है। इन सामानों में नट बोल्ट से लेकर पाइप आदि शामिल हैं।
काबरा ने बताया कि पाल गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी का मुख्यालय कोलकाता में है और रायपुर में इसकी एक ब्रांच है जिसका संचालन रवि त्रिपाठी करता है। रवि से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि यह सामान कोलकाता से रायपुर भेजा गया है। रायपुर में इसे किसे डिलिवर करना था इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोदाम में मिले बक्से में जो सामान रखा गया है, उससे ऐसा लग रहा है कि इन भारी सामानों को अलग-अलग हिस्सों में यहां भेजा गया तथा इसे छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में जोड़ा जाता लेकिन इससे पहले ही छापा मारकर पुलिस ने इसे जब्त कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रवि त्रिपाठी से पूछताछ की जा रही है लेकिन उसने अभी तक इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी है कि सामान को किसे देना था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी छापे की कार्यवाही चल रही है तथा इसके संबंध में अधिक जानकारी जांच पूरी हो जाने के बाद ही मिल सकेगी। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की पुलिस द्वारा नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद इस बात की जानकारी मिल रही थी कि नक्सली भारी हमलों के लिये रॉकेट लॉन्चरों को टुकड़ों में अलग-अलग राज्यों में भेज रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस त्रिपाठी और गोदाम में काम करने वालों से पूछताछ कर रही है तथा जल्द ही इस मामले में और खुलासा हो सकता है।
रायपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपांशु काबरा ने बताया कि राजधानी के सरस्वतीनगर थाना क्षेत्र में स्थित आमानाका में आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक टीम ने पाल गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में छापा मारकर भारी मात्रा में मोर्टार और रॉकेट लॉन्चर जैसे भारी हथियार बनाने का सामान बरामद किया है।
काबरा ने बताया कि पिछले दिनों आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल की टीम ने पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। इसमें छत्तीसगढ़ का दीपक कुमार भी शामिल था। दीपक से पूछताछ के लिए छत्तीसगढ़ की पुलिस भी कोलकाता पहुंची थी। दीपक की निशानदेही पर आज रात पाल गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में संयुक्त दल ने छापा मारा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि छापे के दौरान पुलिस को लगभग 75 बक्से में हथियार बनाने का सामान मिला है। इन सामानों में नट बोल्ट से लेकर पाइप आदि शामिल हैं।
काबरा ने बताया कि पाल गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी का मुख्यालय कोलकाता में है और रायपुर में इसकी एक ब्रांच है जिसका संचालन रवि त्रिपाठी करता है। रवि से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि यह सामान कोलकाता से रायपुर भेजा गया है। रायपुर में इसे किसे डिलिवर करना था इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोदाम में मिले बक्से में जो सामान रखा गया है, उससे ऐसा लग रहा है कि इन भारी सामानों को अलग-अलग हिस्सों में यहां भेजा गया तथा इसे छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में जोड़ा जाता लेकिन इससे पहले ही छापा मारकर पुलिस ने इसे जब्त कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रवि त्रिपाठी से पूछताछ की जा रही है लेकिन उसने अभी तक इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी है कि सामान को किसे देना था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी छापे की कार्यवाही चल रही है तथा इसके संबंध में अधिक जानकारी जांच पूरी हो जाने के बाद ही मिल सकेगी। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की पुलिस द्वारा नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद इस बात की जानकारी मिल रही थी कि नक्सली भारी हमलों के लिये रॉकेट लॉन्चरों को टुकड़ों में अलग-अलग राज्यों में भेज रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस त्रिपाठी और गोदाम में काम करने वालों से पूछताछ कर रही है तथा जल्द ही इस मामले में और खुलासा हो सकता है।
काबरा ने बताया कि पाल गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी का मुख्यालय कोलकाता में है और रायपुर में इसकी एक ब्रांच है जिसका संचालन रवि त्रिपाठी करता है। रवि से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि यह सामान कोलकाता से रायपुर भेजा गया है। रायपुर में इसे किसे डिलिवर करना था इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोदाम में मिले बक्से में जो सामान रखा गया है, उससे ऐसा लग रहा है कि इन भारी सामानों को अलग-अलग हिस्सों में यहां भेजा गया तथा इसे छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में जोड़ा जाता लेकिन इससे पहले ही छापा मारकर पुलिस ने इसे जब्त कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रवि त्रिपाठी से पूछताछ की जा रही है लेकिन उसने अभी तक इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी है कि सामान को किसे देना था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी छापे की कार्यवाही चल रही है तथा इसके संबंध में अधिक जानकारी जांच पूरी हो जाने के बाद ही मिल सकेगी। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की पुलिस द्वारा नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद इस बात की जानकारी मिल रही थी कि नक्सली भारी हमलों के लिये रॉकेट लॉन्चरों को टुकड़ों में अलग-अलग राज्यों में भेज रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस त्रिपाठी और गोदाम में काम करने वालों से पूछताछ कर रही है तथा जल्द ही इस मामले में और खुलासा हो सकता है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोदाम में मिले बक्से में जो सामान रखा गया है, उससे ऐसा लग रहा है कि इन भारी सामानों को अलग-अलग हिस्सों में यहां भेजा गया तथा इसे छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में जोड़ा जाता लेकिन इससे पहले ही छापा मारकर पुलिस ने इसे जब्त कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रवि त्रिपाठी से पूछताछ की जा रही है लेकिन उसने अभी तक इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी है कि सामान को किसे देना था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी छापे की कार्यवाही चल रही है तथा इसके संबंध में अधिक जानकारी जांच पूरी हो जाने के बाद ही मिल सकेगी। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की पुलिस द्वारा नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद इस बात की जानकारी मिल रही थी कि नक्सली भारी हमलों के लिये रॉकेट लॉन्चरों को टुकड़ों में अलग-अलग राज्यों में भेज रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस त्रिपाठी और गोदाम में काम करने वालों से पूछताछ कर रही है तथा जल्द ही इस मामले में और खुलासा हो सकता है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी छापे की कार्यवाही चल रही है तथा इसके संबंध में अधिक जानकारी जांच पूरी हो जाने के बाद ही मिल सकेगी। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की पुलिस द्वारा नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद इस बात की जानकारी मिल रही थी कि नक्सली भारी हमलों के लिये रॉकेट लॉन्चरों को टुकड़ों में अलग-अलग राज्यों में भेज रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस त्रिपाठी और गोदाम में काम करने वालों से पूछताछ कर रही है तथा जल्द ही इस मामले में और खुलासा हो सकता है। | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में छापा मार कर मोर्टार और रॉकेट लॉन्चर जैसे भारी हथियार बनाने का सामान बरामद किया है। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पटियाला हाउस की विशेष अदालत में 2−जी स्पेक्ट्रम मामले में सोमवार से पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की तरफ से अभियोजन पक्ष के गवाह और दूरसंचार विभाग के पूर्व उपनिदेशक एके श्रीवास्तव को क्रॉस एक्जामिन किया जाएगा।टिप्पणियां
एके श्रीवास्तव की गवाही इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने कहा था कि दूरसंचार मंत्री के रूप में राजा ही नीतिगत मामलों का आखिरी फैसला करते थे।
बता दें कि 2-जी के आवंटन के सिलसिले में सीएजी की रिपोर्ट के बाद कहा गया कि इस आवंटन को नीलामी के जरिये दिया जाता तो देश को एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होती।
एके श्रीवास्तव की गवाही इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने कहा था कि दूरसंचार मंत्री के रूप में राजा ही नीतिगत मामलों का आखिरी फैसला करते थे।
बता दें कि 2-जी के आवंटन के सिलसिले में सीएजी की रिपोर्ट के बाद कहा गया कि इस आवंटन को नीलामी के जरिये दिया जाता तो देश को एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होती।
बता दें कि 2-जी के आवंटन के सिलसिले में सीएजी की रिपोर्ट के बाद कहा गया कि इस आवंटन को नीलामी के जरिये दिया जाता तो देश को एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होती। | यहाँ एक सारांश है:एके श्रीवास्तव की गवाही इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने कहा था कि दूरसंचार मंत्री के रूप में राजा ही नीतिगत मामलों का आखिरी फैसला करते थे। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 17 सालों से टीम इंडिया को सेवाएं दे रहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार मिताली राज की उपलब्धियों की चर्चा उतनी नहीं होती जितनी कि पुरुष खिलाड़ियों की होती है, जबकि उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. वह वर्ल्ड लेवल पर महिला ही नहीं कई पुरुष क्रिकेटरों को भी रिकॉर्ड के मामले में पीछे छोड़ चुकी हैं. यहां तक कि पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान मिस्बाह उल हक को भी उन्होंने वनडे और टी-20 क्रिकेट में पछाड़ चुकी हैं. तभी तो उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम की 'सचिन तेंदुलकर' कहा जाता है. मिताली का शानदार प्रदर्शन अब भी जारी है और वह मंगलवार को जारी ताजा एमआरएफ टायर्स आईसीसी महिला वनडे रैंकिंग में एक पायदान के फायदे से दूसरे स्थान पर पहुंच गईं.
जोधपुर की रहने वाली भारतीय महिला क्रिकेट की इस स्टार ने 1999 में वनडे क्रिकेट में कदम रखा था, जबकि उन्होंने पहला टेस्ट 2002 में, तो अंतिम टेस्ट 2014 में खेला था. फिलहाल वह वनडे और टी-20 क्रिकेट में जलवा दिखा रही हैं. एशिया कप टी-20, 2016 में वह 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहीं और फाइनल में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' खिताब मिला था.
इस सूची में शामिल अन्य भारतीयों महिला क्रिकेटरों में दीप्ति शर्मा और थिरूष कामिनी की सलामी जोड़ी भी शामिल है, जो अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल करने में सफल रहीं. दीप्ति ने 17 पायदान की छलांग लगाई जिससे वह 38वें स्थान पर जबकि कामिनी 11 पायदान के फायदे से 41वें स्थान पर पहुंची.
बांग्लादेश की कप्तान रूमाना अहमद को भी चार पायदान का लाभ हुआ जिससे वह 31वें स्थान पर जबकि पाकिस्तान की नैन आबिदी दो पायदान के फायदे से 26वें स्थान पर पहुंच गईं.टिप्पणियां
गेंदबाजों में सना मीर दो पायदान की छलांग से सातवें स्थान पर हैं जबकि भारत की बाएं हाथ की स्पिनर एकता बिष्ट (तीन पायदान के लाभ से 11वें स्थान), दक्षिण अफ्रीका की लेग स्पिनर सुन लुस (छह पायदान के फायदे से 28वें स्थान), रूमाना अहमद (चार पायदान का फायदा, 29वें स्थान) और श्रीलंका की कप्तान इनोका रणवीर (पांच पायदान का लाभ, 33वां स्थान) ने अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की.
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान वान निकर्क ने बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान उपर कदम बढ़ाये जिससे वह 12वें स्थान पर जबकि अपनी लेग स्पिन से गेंदबाजों में दो पायदान के लाभ से 15वें स्थान पर पहुंची.
जोधपुर की रहने वाली भारतीय महिला क्रिकेट की इस स्टार ने 1999 में वनडे क्रिकेट में कदम रखा था, जबकि उन्होंने पहला टेस्ट 2002 में, तो अंतिम टेस्ट 2014 में खेला था. फिलहाल वह वनडे और टी-20 क्रिकेट में जलवा दिखा रही हैं. एशिया कप टी-20, 2016 में वह 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहीं और फाइनल में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' खिताब मिला था.
इस सूची में शामिल अन्य भारतीयों महिला क्रिकेटरों में दीप्ति शर्मा और थिरूष कामिनी की सलामी जोड़ी भी शामिल है, जो अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल करने में सफल रहीं. दीप्ति ने 17 पायदान की छलांग लगाई जिससे वह 38वें स्थान पर जबकि कामिनी 11 पायदान के फायदे से 41वें स्थान पर पहुंची.
बांग्लादेश की कप्तान रूमाना अहमद को भी चार पायदान का लाभ हुआ जिससे वह 31वें स्थान पर जबकि पाकिस्तान की नैन आबिदी दो पायदान के फायदे से 26वें स्थान पर पहुंच गईं.टिप्पणियां
गेंदबाजों में सना मीर दो पायदान की छलांग से सातवें स्थान पर हैं जबकि भारत की बाएं हाथ की स्पिनर एकता बिष्ट (तीन पायदान के लाभ से 11वें स्थान), दक्षिण अफ्रीका की लेग स्पिनर सुन लुस (छह पायदान के फायदे से 28वें स्थान), रूमाना अहमद (चार पायदान का फायदा, 29वें स्थान) और श्रीलंका की कप्तान इनोका रणवीर (पांच पायदान का लाभ, 33वां स्थान) ने अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की.
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान वान निकर्क ने बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान उपर कदम बढ़ाये जिससे वह 12वें स्थान पर जबकि अपनी लेग स्पिन से गेंदबाजों में दो पायदान के लाभ से 15वें स्थान पर पहुंची.
इस सूची में शामिल अन्य भारतीयों महिला क्रिकेटरों में दीप्ति शर्मा और थिरूष कामिनी की सलामी जोड़ी भी शामिल है, जो अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल करने में सफल रहीं. दीप्ति ने 17 पायदान की छलांग लगाई जिससे वह 38वें स्थान पर जबकि कामिनी 11 पायदान के फायदे से 41वें स्थान पर पहुंची.
बांग्लादेश की कप्तान रूमाना अहमद को भी चार पायदान का लाभ हुआ जिससे वह 31वें स्थान पर जबकि पाकिस्तान की नैन आबिदी दो पायदान के फायदे से 26वें स्थान पर पहुंच गईं.टिप्पणियां
गेंदबाजों में सना मीर दो पायदान की छलांग से सातवें स्थान पर हैं जबकि भारत की बाएं हाथ की स्पिनर एकता बिष्ट (तीन पायदान के लाभ से 11वें स्थान), दक्षिण अफ्रीका की लेग स्पिनर सुन लुस (छह पायदान के फायदे से 28वें स्थान), रूमाना अहमद (चार पायदान का फायदा, 29वें स्थान) और श्रीलंका की कप्तान इनोका रणवीर (पांच पायदान का लाभ, 33वां स्थान) ने अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की.
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान वान निकर्क ने बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान उपर कदम बढ़ाये जिससे वह 12वें स्थान पर जबकि अपनी लेग स्पिन से गेंदबाजों में दो पायदान के लाभ से 15वें स्थान पर पहुंची.
बांग्लादेश की कप्तान रूमाना अहमद को भी चार पायदान का लाभ हुआ जिससे वह 31वें स्थान पर जबकि पाकिस्तान की नैन आबिदी दो पायदान के फायदे से 26वें स्थान पर पहुंच गईं.टिप्पणियां
गेंदबाजों में सना मीर दो पायदान की छलांग से सातवें स्थान पर हैं जबकि भारत की बाएं हाथ की स्पिनर एकता बिष्ट (तीन पायदान के लाभ से 11वें स्थान), दक्षिण अफ्रीका की लेग स्पिनर सुन लुस (छह पायदान के फायदे से 28वें स्थान), रूमाना अहमद (चार पायदान का फायदा, 29वें स्थान) और श्रीलंका की कप्तान इनोका रणवीर (पांच पायदान का लाभ, 33वां स्थान) ने अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की.
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान वान निकर्क ने बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान उपर कदम बढ़ाये जिससे वह 12वें स्थान पर जबकि अपनी लेग स्पिन से गेंदबाजों में दो पायदान के लाभ से 15वें स्थान पर पहुंची.
गेंदबाजों में सना मीर दो पायदान की छलांग से सातवें स्थान पर हैं जबकि भारत की बाएं हाथ की स्पिनर एकता बिष्ट (तीन पायदान के लाभ से 11वें स्थान), दक्षिण अफ्रीका की लेग स्पिनर सुन लुस (छह पायदान के फायदे से 28वें स्थान), रूमाना अहमद (चार पायदान का फायदा, 29वें स्थान) और श्रीलंका की कप्तान इनोका रणवीर (पांच पायदान का लाभ, 33वां स्थान) ने अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की.
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान वान निकर्क ने बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान उपर कदम बढ़ाये जिससे वह 12वें स्थान पर जबकि अपनी लेग स्पिन से गेंदबाजों में दो पायदान के लाभ से 15वें स्थान पर पहुंची.
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान वान निकर्क ने बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान उपर कदम बढ़ाये जिससे वह 12वें स्थान पर जबकि अपनी लेग स्पिन से गेंदबाजों में दो पायदान के लाभ से 15वें स्थान पर पहुंची. | मिताली राज ने वनडे में 5000 से अधिक रन बनाए हैं
उनके नाम 5 शतक और 41 फिफ्टी दर्ज हैं
मिताली राज ने टेस्ट क्रिकेट खेलना छोड़ दिया है | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: थोक मूल्य आधारित महंगाई दर मई महीने में घटकर 4.7 फीसदी हो गई, जो पिछले 43 महीने का निचला स्तर है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस गिरावट में विनिर्मित वस्तुओं और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि का प्रमुख योगदान है।
थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित यह दर पिछले महीने 4.89 फीसदी और पिछले साल मई में 7.55 फीसदी थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने की महंगाई दर में नीचे की ओर संशोधित कर इसे 5.96 फीसदी से 5.65 फीसदी किया गया।
महंगाई दर में लगातार चौथे महीने नरमी दर्ज की गई है। महंगाई का दबाव कम होने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सोमवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद जगी है।
आंकड़ों पर प्रतिक्रिया में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि मासिक आंकड़े सरकार की उम्मीद से बेहतर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मुझे लगता है कि महंगाई में काफी कमी आई है, जो स्वागतयोग्य है।"
दर कटौती पर उन्होंने कहा, "उन्हें (आरबीआई) निश्चित रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महंगाई का दबाव कम हुआ है।"
आरबीआई 17 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषण करने वाली है। इससे पहले की सभी तीन समीक्षाओं में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित यह दर पिछले महीने 4.89 फीसदी और पिछले साल मई में 7.55 फीसदी थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने की महंगाई दर में नीचे की ओर संशोधित कर इसे 5.96 फीसदी से 5.65 फीसदी किया गया।
महंगाई दर में लगातार चौथे महीने नरमी दर्ज की गई है। महंगाई का दबाव कम होने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सोमवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद जगी है।
आंकड़ों पर प्रतिक्रिया में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि मासिक आंकड़े सरकार की उम्मीद से बेहतर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मुझे लगता है कि महंगाई में काफी कमी आई है, जो स्वागतयोग्य है।"
दर कटौती पर उन्होंने कहा, "उन्हें (आरबीआई) निश्चित रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महंगाई का दबाव कम हुआ है।"
आरबीआई 17 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषण करने वाली है। इससे पहले की सभी तीन समीक्षाओं में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने की महंगाई दर में नीचे की ओर संशोधित कर इसे 5.96 फीसदी से 5.65 फीसदी किया गया।
महंगाई दर में लगातार चौथे महीने नरमी दर्ज की गई है। महंगाई का दबाव कम होने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सोमवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद जगी है।
आंकड़ों पर प्रतिक्रिया में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि मासिक आंकड़े सरकार की उम्मीद से बेहतर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मुझे लगता है कि महंगाई में काफी कमी आई है, जो स्वागतयोग्य है।"
दर कटौती पर उन्होंने कहा, "उन्हें (आरबीआई) निश्चित रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महंगाई का दबाव कम हुआ है।"
आरबीआई 17 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषण करने वाली है। इससे पहले की सभी तीन समीक्षाओं में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
महंगाई दर में लगातार चौथे महीने नरमी दर्ज की गई है। महंगाई का दबाव कम होने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सोमवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद जगी है।
आंकड़ों पर प्रतिक्रिया में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि मासिक आंकड़े सरकार की उम्मीद से बेहतर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मुझे लगता है कि महंगाई में काफी कमी आई है, जो स्वागतयोग्य है।"
दर कटौती पर उन्होंने कहा, "उन्हें (आरबीआई) निश्चित रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महंगाई का दबाव कम हुआ है।"
आरबीआई 17 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषण करने वाली है। इससे पहले की सभी तीन समीक्षाओं में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
आंकड़ों पर प्रतिक्रिया में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि मासिक आंकड़े सरकार की उम्मीद से बेहतर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मुझे लगता है कि महंगाई में काफी कमी आई है, जो स्वागतयोग्य है।"
दर कटौती पर उन्होंने कहा, "उन्हें (आरबीआई) निश्चित रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महंगाई का दबाव कम हुआ है।"
आरबीआई 17 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषण करने वाली है। इससे पहले की सभी तीन समीक्षाओं में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
दर कटौती पर उन्होंने कहा, "उन्हें (आरबीआई) निश्चित रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महंगाई का दबाव कम हुआ है।"
आरबीआई 17 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषण करने वाली है। इससे पहले की सभी तीन समीक्षाओं में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
आरबीआई 17 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषण करने वाली है। इससे पहले की सभी तीन समीक्षाओं में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।टिप्पणियां
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया। | थोक मूल्य आधारित महंगाई दर मई महीने में घटकर 4.7 फीसदी हो गई, जो पिछले 43 महीने का निचला स्तर है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस गिरावट में विनिर्मित वस्तुओं और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि का प्रमुख योगदान है। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए बनी समिति में शामिल गांधीवादी अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले सामाजिक संगठन के सदस्यों ने सरकार के प्रतिनिधियों के साथ सोमवार की बैठक को सौहार्दपूर्ण तो बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच उभरे मतभेद ज्यों के त्यों बने हुए हैं। वकील प्रशांत भूषण ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हमने दो नए मुद्दों पर चर्चा की। एक लोकपाल चयन समिति की नियुक्ति और दूसरा लोकपाल को हटाने से सम्बंधित था।" उन्होंने कहा, "मतभेद अभी भी बरकरार हैं। लेकिन बैठक का माहौल बहुत सौहार्दपूर्ण था।" सामाजिक संगठन के ही अन्य प्रतिनिधि अरविंद केजरीवाल ने कहा, "लोकपाल चयन समिति में गैर राजनीतिक और स्वतंत्र लोगों को शामिल करने की बात अपने मसौदे में की है जबकि सरकार के मसौदे में नियुक्ति समिति में राजनीतिक लोगों को शामिल करने का प्रस्ताव है।" केजरीवाल ने कहा, "दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर असहमति थी लेकिन सभी के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।" इससे पहले प्रशांत भूषण ने कहा कि अगली बैठक मंगलवार को होगी। "दोनों पक्ष एक दूसरे के समक्ष अपना-अपना मसौदा रखेंगे। मंत्रिमंडल को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में दोनों पक्षों की बातें होंगी।" | सारांश: वकील प्रशांत भूषण ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हमने दो नए मुद्दों पर चर्चा की। मतभेद अभी भी बरकरार हैं। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में नाटो के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में छह संदिग्ध तालिबान समर्थक आतंकवादी मार गिरा गए, जबकि पांच अन्य को हिरासत में लिया गया है। यह जानकारी सेना के अधिकारियों ने बुधवार को दी है।
नाटो नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएफ) ने एक वक्तव्य में कहा है, अफगान नेशनल सिक्योरिटी और गठबंधन सेना ने छह आतंकवादियों को मार गिराया है तथा पांच संदिग्ध आतंकवादियों को हिरासत में ले लिया है।
आईएसएफ के मुताबिक, सेना ने पिछले 24 घंटों के इस अभियान के दौरान हथियार एवं पांच देसी बम (आईईडीएस) भी बरामद किए हैं।
बयान के मुताबिक, यह अभियान गजनी, नांगरहार, नूरिस्तान, पकतिया, पकतिका और परवान प्रांतों में चलाया गया।टिप्पणियां
हाल में आईएसएएफ और अफगानिस्तान की सेना ने तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान तेज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में बुधवार को एक आईईडी में विस्फोट हो जाने से एक अफगानी पुलिसकर्मी की मौत हो गई तथा एक पुलिसकर्मी एवं सात नागरिक घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।
नाटो नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएफ) ने एक वक्तव्य में कहा है, अफगान नेशनल सिक्योरिटी और गठबंधन सेना ने छह आतंकवादियों को मार गिराया है तथा पांच संदिग्ध आतंकवादियों को हिरासत में ले लिया है।
आईएसएफ के मुताबिक, सेना ने पिछले 24 घंटों के इस अभियान के दौरान हथियार एवं पांच देसी बम (आईईडीएस) भी बरामद किए हैं।
बयान के मुताबिक, यह अभियान गजनी, नांगरहार, नूरिस्तान, पकतिया, पकतिका और परवान प्रांतों में चलाया गया।टिप्पणियां
हाल में आईएसएएफ और अफगानिस्तान की सेना ने तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान तेज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में बुधवार को एक आईईडी में विस्फोट हो जाने से एक अफगानी पुलिसकर्मी की मौत हो गई तथा एक पुलिसकर्मी एवं सात नागरिक घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।
आईएसएफ के मुताबिक, सेना ने पिछले 24 घंटों के इस अभियान के दौरान हथियार एवं पांच देसी बम (आईईडीएस) भी बरामद किए हैं।
बयान के मुताबिक, यह अभियान गजनी, नांगरहार, नूरिस्तान, पकतिया, पकतिका और परवान प्रांतों में चलाया गया।टिप्पणियां
हाल में आईएसएएफ और अफगानिस्तान की सेना ने तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान तेज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में बुधवार को एक आईईडी में विस्फोट हो जाने से एक अफगानी पुलिसकर्मी की मौत हो गई तथा एक पुलिसकर्मी एवं सात नागरिक घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, यह अभियान गजनी, नांगरहार, नूरिस्तान, पकतिया, पकतिका और परवान प्रांतों में चलाया गया।टिप्पणियां
हाल में आईएसएएफ और अफगानिस्तान की सेना ने तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान तेज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में बुधवार को एक आईईडी में विस्फोट हो जाने से एक अफगानी पुलिसकर्मी की मौत हो गई तथा एक पुलिसकर्मी एवं सात नागरिक घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।
हाल में आईएसएएफ और अफगानिस्तान की सेना ने तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान तेज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में बुधवार को एक आईईडी में विस्फोट हो जाने से एक अफगानी पुलिसकर्मी की मौत हो गई तथा एक पुलिसकर्मी एवं सात नागरिक घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में बुधवार को एक आईईडी में विस्फोट हो जाने से एक अफगानी पुलिसकर्मी की मौत हो गई तथा एक पुलिसकर्मी एवं सात नागरिक घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। | यहाँ एक सारांश है:अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में नाटो के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में छह संदिग्ध तालिबान समर्थक आतंकवादी मार गिरा गए, जबकि पांच अन्य को हिरासत में लिया गया है। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रानी मुखर्जी अपनी आने वाली फिल्म 'अय्या' के ट्रेलर को आधिकारिक तौर पर जारी करने के लिए मम्मी की स्वीकृति चाहती हैं। रानी ने बताया कि इस फिल्म में उन्होंने आनंद लेते हुए काम किया। एक सूत्र के अनुसार रानी इस फिल्म में जो किरदार निभा रही हैं, वैसा इससे पहले किसी ने नहीं निभाया होगा।टिप्पणियां
ऐसा कहा जा रहा है कि रानी के हिसाब से इस फिल्म में अंगप्रदर्शन अधिक है और इसीलिए वह अपनी मां कृष्णा मुखर्जी की अनुमति चाहती हैं।
'अय्या' फिल्म में रानी ऐसी मराठी लड़की की भूमिका निभा रही हैं, जो महक अच्छी लगने के कारण एक युवक को पसंद करती है। इस फिल्म में रानी के साथ दक्षिण के स्टार पृथ्वी राज भी हैं। यह फिल्म 26 अक्टूबर को प्रदर्शित होगी।
ऐसा कहा जा रहा है कि रानी के हिसाब से इस फिल्म में अंगप्रदर्शन अधिक है और इसीलिए वह अपनी मां कृष्णा मुखर्जी की अनुमति चाहती हैं।
'अय्या' फिल्म में रानी ऐसी मराठी लड़की की भूमिका निभा रही हैं, जो महक अच्छी लगने के कारण एक युवक को पसंद करती है। इस फिल्म में रानी के साथ दक्षिण के स्टार पृथ्वी राज भी हैं। यह फिल्म 26 अक्टूबर को प्रदर्शित होगी।
'अय्या' फिल्म में रानी ऐसी मराठी लड़की की भूमिका निभा रही हैं, जो महक अच्छी लगने के कारण एक युवक को पसंद करती है। इस फिल्म में रानी के साथ दक्षिण के स्टार पृथ्वी राज भी हैं। यह फिल्म 26 अक्टूबर को प्रदर्शित होगी। | यह एक सारांश है: रानी मुखर्जी अपनी आने वाली फिल्म 'अय्या' के ट्रेलर को आधिकारिक तौर पर जारी करने के लिए मम्मी की स्वीकृति चाहती हैं। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त पुरुष टेनिस स्टार एंडी मरे के नेतृत्व में ब्रिटेन ने क्रोएशिया के खिलाफ 3-1 की अजेय बढ़त कायम करते हुए डेविस कप वर्ल्ड ग्रुप में वापसी की है।
ब्रिटिश टीम ने 2008 के बाद पहली बार वर्ल्ड ग्रुप में प्रवेश किया है। इसका श्रेय मरे को जाता है, जिन्होंने विश्व के 35वें वरीय क्रोएशियाई खिलाड़ी इवान डोडिग को 6-4, 6-2, 6-4 से पराजित किया।टिप्पणियां
मरे ने डोडिग के खिलाफ शानदार खेल दिखाया और उनका खेल देखकर एक बार भी नहीं लगा कि अभी-अभी वह पीठ में दर्द की तकलीफ से उबरे हैं।
मरे ने दो साल में पहली बार डेविस कप मैच खेला। वह अपने हिस्से के दोनों एकल मैच जीतने में सफल रहे। यही नहीं, उन्होंने केलिन फ्लेमिंग के साथ युगल मैच भी जीता।
ब्रिटिश टीम ने 2008 के बाद पहली बार वर्ल्ड ग्रुप में प्रवेश किया है। इसका श्रेय मरे को जाता है, जिन्होंने विश्व के 35वें वरीय क्रोएशियाई खिलाड़ी इवान डोडिग को 6-4, 6-2, 6-4 से पराजित किया।टिप्पणियां
मरे ने डोडिग के खिलाफ शानदार खेल दिखाया और उनका खेल देखकर एक बार भी नहीं लगा कि अभी-अभी वह पीठ में दर्द की तकलीफ से उबरे हैं।
मरे ने दो साल में पहली बार डेविस कप मैच खेला। वह अपने हिस्से के दोनों एकल मैच जीतने में सफल रहे। यही नहीं, उन्होंने केलिन फ्लेमिंग के साथ युगल मैच भी जीता।
मरे ने डोडिग के खिलाफ शानदार खेल दिखाया और उनका खेल देखकर एक बार भी नहीं लगा कि अभी-अभी वह पीठ में दर्द की तकलीफ से उबरे हैं।
मरे ने दो साल में पहली बार डेविस कप मैच खेला। वह अपने हिस्से के दोनों एकल मैच जीतने में सफल रहे। यही नहीं, उन्होंने केलिन फ्लेमिंग के साथ युगल मैच भी जीता।
मरे ने दो साल में पहली बार डेविस कप मैच खेला। वह अपने हिस्से के दोनों एकल मैच जीतने में सफल रहे। यही नहीं, उन्होंने केलिन फ्लेमिंग के साथ युगल मैच भी जीता। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त पुरुष टेनिस स्टार एंडी मरे के नेतृत्व में ब्रिटेन ने क्रोएशिया के खिलाफ 3-1 की अजेय बढ़त कायम करते हुए डेविस कप वर्ल्ड ग्रुप में वापसी की है। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 19 दिसंबर को कानपुर में रैली करेंगे. भाजपा नेताओं का दावा है कि रैली में कानपुर और उसके आसपास के जिलो के करीब पांच लाख लोग शामिल होंगे.
रैली में शहर के व्यापारियों को शामिल करने के लिये भाजपा नेताओं की टोलियां शहर के बाजारों मे दौरा कर रही हैं. ऐसा माना जा रहा है कि नोटबंदी से कारोबार ठप होने से नाराज व्यापारियों को मनाने की हरसंभव कोशिश पार्टी नेताओं द्वारा की जा रही है.
शहर के बाहरी इलाके में स्थित निराला नगर मैदान में इस रैली की व्यापक तैयारियां जोर-शोर से चल रही है तथा एसपीजी और जिला प्रशासन रैली की तैयारियों की समीक्षा कर रहे है. रैली स्थल पर कौशल विकास की एक प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है. भाजपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने आज बताया कि परिवर्तन यात्रा के तहत प्रधानमंत्री मोदी की रैली 19 दिसंबर को दोपहर करीब 12 बजे होगी.
उन्होंने बताया कि रैली में लोगों को बुलाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापारियों को निमंत्रण दे रहे हैं. इसके अलावा रैली के प्रचार के लिये शहर के विभिन्न इलाकों में परिवर्तन रथ भी घूम रहे है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि रैली में कानपुर के अलावा आसपास के जिलों जैसे कानपुर देहात, कन्नौज, फतेहपुर, औरैया, इटावा आदि से पार्टी के कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि रैली में पांच लाख से अधिक लोग आएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रैली में शहर के व्यापारियों को शामिल करने के लिये भाजपा नेताओं की टोलियां शहर के बाजारों मे दौरा कर रही हैं. ऐसा माना जा रहा है कि नोटबंदी से कारोबार ठप होने से नाराज व्यापारियों को मनाने की हरसंभव कोशिश पार्टी नेताओं द्वारा की जा रही है.
शहर के बाहरी इलाके में स्थित निराला नगर मैदान में इस रैली की व्यापक तैयारियां जोर-शोर से चल रही है तथा एसपीजी और जिला प्रशासन रैली की तैयारियों की समीक्षा कर रहे है. रैली स्थल पर कौशल विकास की एक प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है. भाजपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने आज बताया कि परिवर्तन यात्रा के तहत प्रधानमंत्री मोदी की रैली 19 दिसंबर को दोपहर करीब 12 बजे होगी.
उन्होंने बताया कि रैली में लोगों को बुलाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापारियों को निमंत्रण दे रहे हैं. इसके अलावा रैली के प्रचार के लिये शहर के विभिन्न इलाकों में परिवर्तन रथ भी घूम रहे है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि रैली में कानपुर के अलावा आसपास के जिलों जैसे कानपुर देहात, कन्नौज, फतेहपुर, औरैया, इटावा आदि से पार्टी के कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि रैली में पांच लाख से अधिक लोग आएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शहर के बाहरी इलाके में स्थित निराला नगर मैदान में इस रैली की व्यापक तैयारियां जोर-शोर से चल रही है तथा एसपीजी और जिला प्रशासन रैली की तैयारियों की समीक्षा कर रहे है. रैली स्थल पर कौशल विकास की एक प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है. भाजपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने आज बताया कि परिवर्तन यात्रा के तहत प्रधानमंत्री मोदी की रैली 19 दिसंबर को दोपहर करीब 12 बजे होगी.
उन्होंने बताया कि रैली में लोगों को बुलाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापारियों को निमंत्रण दे रहे हैं. इसके अलावा रैली के प्रचार के लिये शहर के विभिन्न इलाकों में परिवर्तन रथ भी घूम रहे है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि रैली में कानपुर के अलावा आसपास के जिलों जैसे कानपुर देहात, कन्नौज, फतेहपुर, औरैया, इटावा आदि से पार्टी के कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि रैली में पांच लाख से अधिक लोग आएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि रैली में लोगों को बुलाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापारियों को निमंत्रण दे रहे हैं. इसके अलावा रैली के प्रचार के लिये शहर के विभिन्न इलाकों में परिवर्तन रथ भी घूम रहे है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि रैली में कानपुर के अलावा आसपास के जिलों जैसे कानपुर देहात, कन्नौज, फतेहपुर, औरैया, इटावा आदि से पार्टी के कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि रैली में पांच लाख से अधिक लोग आएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि रैली में कानपुर के अलावा आसपास के जिलों जैसे कानपुर देहात, कन्नौज, फतेहपुर, औरैया, इटावा आदि से पार्टी के कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि रैली में पांच लाख से अधिक लोग आएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:कानपुर में 19 तारीख को पीएम मोदी की रैली
रैली मं पांच लाख लोगों के आने की संभावना
नोटबंदी से नाराज व्यापारियों को मनाने की हो रही कोशिशें | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने रविवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में वामपंथी उम्मीदवारों की जीत ऐसे छात्रों की वजह से हुई जो वामपंथी नेताओं द्वारा ''रूमानी बना दी गई'' और ''खारिज की जा चुकी विचारधारा'' से प्रभावित हैं .
रिजिजू ने कहा कि जेएनयू के उलट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को चुनने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में छात्र ''ताजातरीन दिमाग'' वाले हैं और ''बेकार'' हो चुकी वाम विचारधारा से दूर हैं. दिल्ली की दो प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी-जेएनयू और डीयू में हुए छात्र संघ चुनावों के नतीजों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाजपा नेता रिजीजू ने यह टिप्पणी की.
रिजिजू ने ट्वीट किया, ''हां, क्योंकि ताजातरीन दिमाग वाले डीयू के छात्र एक दोषपूर्ण, बेकार और खारिज की जा चुकी विचारधारा से रोमांचित होने से दूर हैं.''
केंद्रीय मंत्री ने एक अखबार की हेडलाइन की तस्वीर भी साझा की, जिसमें कहा गया कि डीयू के छात्रों ने दक्षिणपंथी एबीवीपी, जो आरएसएस-भाजपा की छात्र शाखा है, को गले लगाया और जेएनयू के छात्रों ने वाम एकता (आइसा-एसएफआई गठबंधन) की जीत सुनिश्चित की .आइसा भाकपा (माले) जबकि एसएफआई माकपा का छात्र संगठन है.टिप्पणियां
डीयू में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के पद पर एबीवीपी को जीत मिली जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की. एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है. जेएनयू में चारों अहम पद वाम एकता के उम्मीदवारों ने जीते.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिजिजू ने कहा कि जेएनयू के उलट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को चुनने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में छात्र ''ताजातरीन दिमाग'' वाले हैं और ''बेकार'' हो चुकी वाम विचारधारा से दूर हैं. दिल्ली की दो प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी-जेएनयू और डीयू में हुए छात्र संघ चुनावों के नतीजों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाजपा नेता रिजीजू ने यह टिप्पणी की.
रिजिजू ने ट्वीट किया, ''हां, क्योंकि ताजातरीन दिमाग वाले डीयू के छात्र एक दोषपूर्ण, बेकार और खारिज की जा चुकी विचारधारा से रोमांचित होने से दूर हैं.''
केंद्रीय मंत्री ने एक अखबार की हेडलाइन की तस्वीर भी साझा की, जिसमें कहा गया कि डीयू के छात्रों ने दक्षिणपंथी एबीवीपी, जो आरएसएस-भाजपा की छात्र शाखा है, को गले लगाया और जेएनयू के छात्रों ने वाम एकता (आइसा-एसएफआई गठबंधन) की जीत सुनिश्चित की .आइसा भाकपा (माले) जबकि एसएफआई माकपा का छात्र संगठन है.टिप्पणियां
डीयू में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के पद पर एबीवीपी को जीत मिली जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की. एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है. जेएनयू में चारों अहम पद वाम एकता के उम्मीदवारों ने जीते.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिजिजू ने ट्वीट किया, ''हां, क्योंकि ताजातरीन दिमाग वाले डीयू के छात्र एक दोषपूर्ण, बेकार और खारिज की जा चुकी विचारधारा से रोमांचित होने से दूर हैं.''
केंद्रीय मंत्री ने एक अखबार की हेडलाइन की तस्वीर भी साझा की, जिसमें कहा गया कि डीयू के छात्रों ने दक्षिणपंथी एबीवीपी, जो आरएसएस-भाजपा की छात्र शाखा है, को गले लगाया और जेएनयू के छात्रों ने वाम एकता (आइसा-एसएफआई गठबंधन) की जीत सुनिश्चित की .आइसा भाकपा (माले) जबकि एसएफआई माकपा का छात्र संगठन है.टिप्पणियां
डीयू में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के पद पर एबीवीपी को जीत मिली जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की. एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है. जेएनयू में चारों अहम पद वाम एकता के उम्मीदवारों ने जीते.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय मंत्री ने एक अखबार की हेडलाइन की तस्वीर भी साझा की, जिसमें कहा गया कि डीयू के छात्रों ने दक्षिणपंथी एबीवीपी, जो आरएसएस-भाजपा की छात्र शाखा है, को गले लगाया और जेएनयू के छात्रों ने वाम एकता (आइसा-एसएफआई गठबंधन) की जीत सुनिश्चित की .आइसा भाकपा (माले) जबकि एसएफआई माकपा का छात्र संगठन है.टिप्पणियां
डीयू में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के पद पर एबीवीपी को जीत मिली जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की. एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है. जेएनयू में चारों अहम पद वाम एकता के उम्मीदवारों ने जीते.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डीयू में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के पद पर एबीवीपी को जीत मिली जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की. एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है. जेएनयू में चारों अहम पद वाम एकता के उम्मीदवारों ने जीते.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: जेएनयू और डीयू में हुए चुनावों पर की टिप्पणी
लेफ्ट राजनीति को खारिज विचारधारा कहा
बीजेपी की छात्र इकाई एबीवीपी की प्रशंसा की | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार ने बहुजन समाज पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर पर होने वाले सार्वजनिक अवकाश को रद्द कर दिया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को इस सिलसिले में पत्र भेज दिया गया है।टिप्पणियां
आजमगढ़ के जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने कांशीराम की पुण्यतिथि पर होने वाला सार्वजनिक अवकाश खत्म कर दिया है।
प्रदेश की पूर्ववर्ती बसपा सरकार ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को इस सिलसिले में पत्र भेज दिया गया है।टिप्पणियां
आजमगढ़ के जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने कांशीराम की पुण्यतिथि पर होने वाला सार्वजनिक अवकाश खत्म कर दिया है।
प्रदेश की पूर्ववर्ती बसपा सरकार ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।
आजमगढ़ के जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने कांशीराम की पुण्यतिथि पर होने वाला सार्वजनिक अवकाश खत्म कर दिया है।
प्रदेश की पूर्ववर्ती बसपा सरकार ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।
प्रदेश की पूर्ववर्ती बसपा सरकार ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। | यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश सरकार ने बहुजन समाज पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर पर होने वाले सार्वजनिक अवकाश को रद्द कर दिया। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पहली भारतीय विश्व सुपरबाइक टीम माही रेसिंग ने विश्व सुपरस्पोर्ट चैंपियन के अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत की। इस टीम के तुर्की के राइडर कीनन सोफोग्लु ने इस सत्र की पहली रेस में आसानी से जीत दर्ज की।
सोफोग्लु की इस जीत से माही रेसिंग 15 दौर की चैंपियनशिप में खिताब की प्रबल दावेदार बन गई है। तीन बार के विश्व चैंपियन सोफोग्लु ने यानिक मोटरस्पोर्ट के सैम लोवेस के बाद दूसरे स्थान से शुरुआत की। उन्होंने कावास्की जेडएक्स-6आर की तेजी का जानदार नमूना पेश करके लोवेस को 1.899 सेकेंड से पीछे छोड़ा।टिप्पणियां
सोफोग्लु ने कुल 23 मिनट 32.480 सेकेंड का समय निकाला और इस बीच 15वें और आखिरी लैप में उन्होंने एक मिनट 33.283 सेकेंड का समय तेज लैप भी निकाला। तुर्की के राइडर को 12वें लैप तक लोवेस की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा लेकिन एक बार आगे निकलने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सोफोग्लु ने रेस के बाद कहा, ‘‘यह हमारे लिए अच्छी रेस रही। मैं बहुत खुश हूं कि मैंने और टीम ने जीत के साथ शुरुआत की।’’ सोफोग्लु के साथी फैबियन फोरेट हालांकि पोडियम तक पहुंचने में नाकाम रहे। इस फ्रांसीसी राइडर ने तीसरे स्थान से शुरुआत की लेकिन वह रेस के दौरान चौथे स्थान पर खिसक गए। उन्होंने कुल 23 मिनट 43.575 सेकेंड का समय निकाला।
सोफोग्लु की इस जीत से माही रेसिंग 15 दौर की चैंपियनशिप में खिताब की प्रबल दावेदार बन गई है। तीन बार के विश्व चैंपियन सोफोग्लु ने यानिक मोटरस्पोर्ट के सैम लोवेस के बाद दूसरे स्थान से शुरुआत की। उन्होंने कावास्की जेडएक्स-6आर की तेजी का जानदार नमूना पेश करके लोवेस को 1.899 सेकेंड से पीछे छोड़ा।टिप्पणियां
सोफोग्लु ने कुल 23 मिनट 32.480 सेकेंड का समय निकाला और इस बीच 15वें और आखिरी लैप में उन्होंने एक मिनट 33.283 सेकेंड का समय तेज लैप भी निकाला। तुर्की के राइडर को 12वें लैप तक लोवेस की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा लेकिन एक बार आगे निकलने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सोफोग्लु ने रेस के बाद कहा, ‘‘यह हमारे लिए अच्छी रेस रही। मैं बहुत खुश हूं कि मैंने और टीम ने जीत के साथ शुरुआत की।’’ सोफोग्लु के साथी फैबियन फोरेट हालांकि पोडियम तक पहुंचने में नाकाम रहे। इस फ्रांसीसी राइडर ने तीसरे स्थान से शुरुआत की लेकिन वह रेस के दौरान चौथे स्थान पर खिसक गए। उन्होंने कुल 23 मिनट 43.575 सेकेंड का समय निकाला।
सोफोग्लु ने कुल 23 मिनट 32.480 सेकेंड का समय निकाला और इस बीच 15वें और आखिरी लैप में उन्होंने एक मिनट 33.283 सेकेंड का समय तेज लैप भी निकाला। तुर्की के राइडर को 12वें लैप तक लोवेस की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा लेकिन एक बार आगे निकलने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सोफोग्लु ने रेस के बाद कहा, ‘‘यह हमारे लिए अच्छी रेस रही। मैं बहुत खुश हूं कि मैंने और टीम ने जीत के साथ शुरुआत की।’’ सोफोग्लु के साथी फैबियन फोरेट हालांकि पोडियम तक पहुंचने में नाकाम रहे। इस फ्रांसीसी राइडर ने तीसरे स्थान से शुरुआत की लेकिन वह रेस के दौरान चौथे स्थान पर खिसक गए। उन्होंने कुल 23 मिनट 43.575 सेकेंड का समय निकाला।
सोफोग्लु ने रेस के बाद कहा, ‘‘यह हमारे लिए अच्छी रेस रही। मैं बहुत खुश हूं कि मैंने और टीम ने जीत के साथ शुरुआत की।’’ सोफोग्लु के साथी फैबियन फोरेट हालांकि पोडियम तक पहुंचने में नाकाम रहे। इस फ्रांसीसी राइडर ने तीसरे स्थान से शुरुआत की लेकिन वह रेस के दौरान चौथे स्थान पर खिसक गए। उन्होंने कुल 23 मिनट 43.575 सेकेंड का समय निकाला। | यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पहली भारतीय विश्व सुपरबाइक टीम माही रेसिंग ने विश्व सुपरस्पोर्ट चैंपियन के अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत की। इस टीम के तुर्की के राइडर कीनन सोफोग्लु ने इस सत्र की पहली रेस में आसानी से जीत दर्ज की। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अकादमिक सेशन 2020-21 के लिए मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की नीट 2020 परीक्षा (NEET 2020) 3 मई को आयोजित की जाएगी. NEET के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज शाम 4 बजे से शुरू हो जाएगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अंग्रेजी और 10 अन्य भारतीय भाषाओं में इस परीक्षा को संपन्न कराएगी. आपको बता दें कि हर साल OMR फॉर्मेट में NEET परीक्षा का आयोजन किया जाता है.
जिन स्टूडेंट्स ने फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी विषयों के साथ 12वीं पास की है वे इस परीक्षा में बैठ सकते हैं. जो उम्मीदवार इस वक्त 12वीं में है वे भी इस परीक्षा को दे सकते हैं. इस परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम उम्र सीमा 17 साल है, जबकि अधिकतम 25 वर्ष तक के उम्मीदवार इस परीक्षा को दे सकते हैं. वहीं एससी/ एसटी/ ओबीसी-एनसीएल और पीडब्ल्यूडी वर्ग के उम्मीदवारों को उम्र सीमा में 5 वर्ष की छूट मिलेगी.
आपको बता दें कि पिछले साल नीट की परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी, जबकि 6 जून को रिजल्ट घोषित कर दिया गया था. तब राजस्थान के छात्र नलिन खंडेलवाल ने परीक्षा टॉप की थी.
वहीं, एमडी/ एमएस और पीजी डिप्लोमा कोर्सेज में एडमिशन के लिए नीट पीजी एंट्रेंस एग्जाम (NEET PG entrance Exam) 5 जनवरी को होगा. परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है. इस परीक्षा को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) आयोजित कर रहा है, जो कि कम्प्यूटर आधारित होगी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नीट की परीक्षा 3 मई को आयोजित की जाएगी
परीक्षा अंग्रेजी और 10 अन्य भारतीय भाषाओं में होगी
परीक्षा का आयोजन एनटीए करेगा | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टाटा सोशल वेलफेयर ट्रस्ट (टीएसडब्ल्यूटी) ने सोमवार को कहा कि उसने अरविंद केजरीवाल के पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन, गाजियाबाद को किसी राजनीतिक गतिविधि के लिए कोई पैसा नहीं दिया है।
टीएसडब्ल्यूटी की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि उसे इन्फोसिस के पूर्व प्रमुख एनआर नारायणमूर्ति के अक्टूबर 2008 में सिफारिश मिली थी कि केजरीवाल को सूचना के अधिकार के विषय में जागरुकता बढ़ाने के लिए मदद की जाए। उसके बाद पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन ने अनुदान के लिए टीएसडब्ल्यूटी से आवेदन किया था। 1.25 करोड़ रुपये के लिए यह आवेदन लोक सूचना अधिकारियों, सूचना आयुक्तों और नागरिकों द्वारा सूचना के अधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य पर पांच साल तक राष्ट्रीय आरटीआई पुरस्कार देने के मकसद से था।
टीएसडब्ल्यूटी ने आवेदन स्वीकार कर लिया और वर्ष 2009 से हर साल 25.25 लाख रुपये देने की स्वीकृति प्रदान की। संगठन को वर्ष 2009 वर्ष 2010 के लिए 25.25 लाख रुपये की राशि भी दी गई। टिप्पणियां
वर्ष 2011 में टीएसडब्ल्यूटी ने 25 लाख रुपये जारी कर दिए थे पर केजरीवाल के संगठन ने यह राशि हासिल करने के बाद जब यह लिखा कि वह 2011 के लिए आरटीआई अवार्ड नहीं दे सकेगा और ऐसी स्थिति में क्या उस राशि को जनलोकपाल बिल पर खर्च किया जा सकता है तो टाटा समूह के ट्रस्ट ने उसे जवाब दिया कि यह सहायता राशि केवल आरटीआई अवार्ड के लिए थी जिसे किसी और उद्देश्य पर खर्च नहीं किया जा सकता। इसके बाद केजरीवाल के संगठन ने यह पैसा उसी साल लौटा दिया था।
ट्रस्ट ने टीएसडब्ल्यूटी में उसके बाद फाउंडेशन को कोई अनुदान सहायता जारी नहीं की।
टीएसडब्ल्यूटी की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि उसे इन्फोसिस के पूर्व प्रमुख एनआर नारायणमूर्ति के अक्टूबर 2008 में सिफारिश मिली थी कि केजरीवाल को सूचना के अधिकार के विषय में जागरुकता बढ़ाने के लिए मदद की जाए। उसके बाद पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन ने अनुदान के लिए टीएसडब्ल्यूटी से आवेदन किया था। 1.25 करोड़ रुपये के लिए यह आवेदन लोक सूचना अधिकारियों, सूचना आयुक्तों और नागरिकों द्वारा सूचना के अधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य पर पांच साल तक राष्ट्रीय आरटीआई पुरस्कार देने के मकसद से था।
टीएसडब्ल्यूटी ने आवेदन स्वीकार कर लिया और वर्ष 2009 से हर साल 25.25 लाख रुपये देने की स्वीकृति प्रदान की। संगठन को वर्ष 2009 वर्ष 2010 के लिए 25.25 लाख रुपये की राशि भी दी गई। टिप्पणियां
वर्ष 2011 में टीएसडब्ल्यूटी ने 25 लाख रुपये जारी कर दिए थे पर केजरीवाल के संगठन ने यह राशि हासिल करने के बाद जब यह लिखा कि वह 2011 के लिए आरटीआई अवार्ड नहीं दे सकेगा और ऐसी स्थिति में क्या उस राशि को जनलोकपाल बिल पर खर्च किया जा सकता है तो टाटा समूह के ट्रस्ट ने उसे जवाब दिया कि यह सहायता राशि केवल आरटीआई अवार्ड के लिए थी जिसे किसी और उद्देश्य पर खर्च नहीं किया जा सकता। इसके बाद केजरीवाल के संगठन ने यह पैसा उसी साल लौटा दिया था।
ट्रस्ट ने टीएसडब्ल्यूटी में उसके बाद फाउंडेशन को कोई अनुदान सहायता जारी नहीं की।
टीएसडब्ल्यूटी ने आवेदन स्वीकार कर लिया और वर्ष 2009 से हर साल 25.25 लाख रुपये देने की स्वीकृति प्रदान की। संगठन को वर्ष 2009 वर्ष 2010 के लिए 25.25 लाख रुपये की राशि भी दी गई। टिप्पणियां
वर्ष 2011 में टीएसडब्ल्यूटी ने 25 लाख रुपये जारी कर दिए थे पर केजरीवाल के संगठन ने यह राशि हासिल करने के बाद जब यह लिखा कि वह 2011 के लिए आरटीआई अवार्ड नहीं दे सकेगा और ऐसी स्थिति में क्या उस राशि को जनलोकपाल बिल पर खर्च किया जा सकता है तो टाटा समूह के ट्रस्ट ने उसे जवाब दिया कि यह सहायता राशि केवल आरटीआई अवार्ड के लिए थी जिसे किसी और उद्देश्य पर खर्च नहीं किया जा सकता। इसके बाद केजरीवाल के संगठन ने यह पैसा उसी साल लौटा दिया था।
ट्रस्ट ने टीएसडब्ल्यूटी में उसके बाद फाउंडेशन को कोई अनुदान सहायता जारी नहीं की।
वर्ष 2011 में टीएसडब्ल्यूटी ने 25 लाख रुपये जारी कर दिए थे पर केजरीवाल के संगठन ने यह राशि हासिल करने के बाद जब यह लिखा कि वह 2011 के लिए आरटीआई अवार्ड नहीं दे सकेगा और ऐसी स्थिति में क्या उस राशि को जनलोकपाल बिल पर खर्च किया जा सकता है तो टाटा समूह के ट्रस्ट ने उसे जवाब दिया कि यह सहायता राशि केवल आरटीआई अवार्ड के लिए थी जिसे किसी और उद्देश्य पर खर्च नहीं किया जा सकता। इसके बाद केजरीवाल के संगठन ने यह पैसा उसी साल लौटा दिया था।
ट्रस्ट ने टीएसडब्ल्यूटी में उसके बाद फाउंडेशन को कोई अनुदान सहायता जारी नहीं की।
ट्रस्ट ने टीएसडब्ल्यूटी में उसके बाद फाउंडेशन को कोई अनुदान सहायता जारी नहीं की। | यह एक सारांश है: टीएसडब्ल्यूटी ने केजरीवाल की संस्था का आवेदन स्वीकार कर लिया और वर्ष 2009 से हर साल 25.25 लाख रुपये देने की स्वीकृति प्रदान की। संगठन को वर्ष 2009 वर्ष 2010 के लिए 25.25 लाख रुपये की राशि भी दी गई। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से संबंधित एक कार्टून इंटरनेट पर डालने के मामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा अंबिकेश महापात्रा ने खुद की जान को खतरा बताया है।
जादवपुर विश्वविद्यालय में रसायन शास्त्र के प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि कार्टून डालने के कारण गुरुवार की रात तृणमूल कांग्रेस के 15 समर्थकों पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जब मैं विश्वविद्यालय से वापस आ रहा था तो करीब 15 लोगों ने मेरा पीछा किया और मुझसे पूछा कि मैंने यह मैसेज क्यों भेजा था। मुझे खींचकर वे कार्यालय ले गए।’टिप्पणियां
महापात्रा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने उन्हें एक कार्टून दिखाया और अपनी नेता के प्रति असम्मान दिखाने का आरोप लगाया।
प्रोफेसर ने कहा, ‘उन्होंने कहा कि मैं माकपा का कार्यकर्ता हूं। उन्होंने मेरी पिटाई की। मैं बहुत डरा हुआ था, मैंने उनसे कहा कि तस्वीर भेजने के लिए मैंने पहले ही माफी मांग ली है। यह एक कार्टून है। यह एक मजाक था और उसे उसी तरह लेना चाहिए था।’
जादवपुर विश्वविद्यालय में रसायन शास्त्र के प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि कार्टून डालने के कारण गुरुवार की रात तृणमूल कांग्रेस के 15 समर्थकों पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जब मैं विश्वविद्यालय से वापस आ रहा था तो करीब 15 लोगों ने मेरा पीछा किया और मुझसे पूछा कि मैंने यह मैसेज क्यों भेजा था। मुझे खींचकर वे कार्यालय ले गए।’टिप्पणियां
महापात्रा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने उन्हें एक कार्टून दिखाया और अपनी नेता के प्रति असम्मान दिखाने का आरोप लगाया।
प्रोफेसर ने कहा, ‘उन्होंने कहा कि मैं माकपा का कार्यकर्ता हूं। उन्होंने मेरी पिटाई की। मैं बहुत डरा हुआ था, मैंने उनसे कहा कि तस्वीर भेजने के लिए मैंने पहले ही माफी मांग ली है। यह एक कार्टून है। यह एक मजाक था और उसे उसी तरह लेना चाहिए था।’
महापात्रा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने उन्हें एक कार्टून दिखाया और अपनी नेता के प्रति असम्मान दिखाने का आरोप लगाया।
प्रोफेसर ने कहा, ‘उन्होंने कहा कि मैं माकपा का कार्यकर्ता हूं। उन्होंने मेरी पिटाई की। मैं बहुत डरा हुआ था, मैंने उनसे कहा कि तस्वीर भेजने के लिए मैंने पहले ही माफी मांग ली है। यह एक कार्टून है। यह एक मजाक था और उसे उसी तरह लेना चाहिए था।’
प्रोफेसर ने कहा, ‘उन्होंने कहा कि मैं माकपा का कार्यकर्ता हूं। उन्होंने मेरी पिटाई की। मैं बहुत डरा हुआ था, मैंने उनसे कहा कि तस्वीर भेजने के लिए मैंने पहले ही माफी मांग ली है। यह एक कार्टून है। यह एक मजाक था और उसे उसी तरह लेना चाहिए था।’ | मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से संबंधित एक कार्टून इंटरनेट पर डालने के मामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा अंबिकेश महापात्रा ने खुद की जान को खतरा बताया है। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में करदाता इकाइयों पर अधिकार क्षेत्र के बंटवारे को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच मतभेद अब भी बरकरार है. इस मुद्दे पर रविवार को यहां वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ हुई अनौपचारिक बैठक में इस उलझन से निकलने का कोई रास्ता तय नहीं हो सका. बैठक में शामिल विभिन्न मंत्रियों ने बातचीत में कहा कि राज्य सरकारें इस मांग पर जोर दे रही हैं कि सालाना 1.5 करोड़ रुपयेतक के कारोबार वाली इकाइयों के आकलन और जांच अधिकार राज्यों के हाथ में हो.
बैठक में तय हुआ कि इस मुद्दे पर अधिकार संपन्न जीएसटी परिषद की 25 नवंबर को होने वाली बैठक से पहले अधिकारियों की एक बैठक कल होगी जिसमें विभिन्न प्रस्तावों के गुण-दोष पर विस्तार से चर्चा हो सकती है.
बैठक के बाद जेटली ने संवाददाताओं से कहा, "आज की बैठक अधूरी रही. 25 नवंबर को बातचीत जारी रहेगी." आज की बैठक करीब तीन घंटे चली. इकाइयों के आकलन और उन पर नियंत्रण के अधिकार का मुद्दा टेढ़ी खीर बना हुआ है. पिछली दो बैठकों में भी इस पर सहमति नहीं हो सकी और अगली बैठक तक इसका रास्ता नहीं निकला तो आगामी एक अप्रैल 2017 से जीएसटी लागू करने की योजना गड़बड़ा सकती है.
जीएसटी मौजूदा अप्रत्यक्ष करों की जगह लेगा जिसमें केंद्र का उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर तथा राज्यों के वैट और बिक्री शुल्क शामिल हैं. जेटली ने इस महीने की शुरूआत में कहा था कि प्रस्तावित जीएसटी प्रणाली 16 सितंबर 2017 तक लागू हो जानी चाहिए क्योंकि उसके बाद इसके लिए संविधान संशोधन की वैधता समाप्त हो जाएगी.
गौरतलब है कि राज्य सरकारों ने इस संविधान संशोधन अनुमोदित करने की औपचारिकता पूरी कर दी है. उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा केरल जैसे राज्य सालाना डेढ़ करोड़ रुपयेसे कम का करोबार करने वाले छोटे कारोबारियों पर विशिष्ट नियंत्रण के लिए जोर दे रहे हैं जिसमें वस्तु एवं सेवा दोनों प्रकार के करों का नियंत्रण शामिल हो. उनका कहना है कि राज्यों के पास जमीनी स्तर पर इसके लिए ढांचा है और करदाता इकाई भी राज्य के अधिकारियों से अधिक सुविधा महसूस करेंगे.
उत्तराखंड की वित्त मंत्री इंदिरा ह्यदेश ने कहा कि राज्य डेढ़ करोड़ और उससे कम के कारोबार वाली इकाइयों के मामले में वस्तु एवं सेवा करदाताओं दोनों का नियंत्रण चाहते हैं. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार वस्तुओं के मामले में इस बात पर सहमत है पर सेवाओं को लेकर तैयार नहीं है. राज्य सरकारों राजस्व को लेकर अपने हित को सुरक्षित रखना चाहती हैं. केंद्र सरकार को केंद्रीय जीएसटी तथा राज्य जीएसटी एवं समन्वित वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) विधेयकों को पारित कराने के लिये राज्यों की बात माननी ही होगी."टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा, "इसमामले पर कोई बीच का रास्ता राजनीतिक स्तर पर निकालने की जरूरत है." केरल के वित्त मंत्री थामस इसाक ने कहा कि मामला अटका हुआ है और राज्य सरकार इस पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है क्योंकि यह उनके लिये कराधान के अधिकार को छोड़ने जैसा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैठक में तय हुआ कि इस मुद्दे पर अधिकार संपन्न जीएसटी परिषद की 25 नवंबर को होने वाली बैठक से पहले अधिकारियों की एक बैठक कल होगी जिसमें विभिन्न प्रस्तावों के गुण-दोष पर विस्तार से चर्चा हो सकती है.
बैठक के बाद जेटली ने संवाददाताओं से कहा, "आज की बैठक अधूरी रही. 25 नवंबर को बातचीत जारी रहेगी." आज की बैठक करीब तीन घंटे चली. इकाइयों के आकलन और उन पर नियंत्रण के अधिकार का मुद्दा टेढ़ी खीर बना हुआ है. पिछली दो बैठकों में भी इस पर सहमति नहीं हो सकी और अगली बैठक तक इसका रास्ता नहीं निकला तो आगामी एक अप्रैल 2017 से जीएसटी लागू करने की योजना गड़बड़ा सकती है.
जीएसटी मौजूदा अप्रत्यक्ष करों की जगह लेगा जिसमें केंद्र का उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर तथा राज्यों के वैट और बिक्री शुल्क शामिल हैं. जेटली ने इस महीने की शुरूआत में कहा था कि प्रस्तावित जीएसटी प्रणाली 16 सितंबर 2017 तक लागू हो जानी चाहिए क्योंकि उसके बाद इसके लिए संविधान संशोधन की वैधता समाप्त हो जाएगी.
गौरतलब है कि राज्य सरकारों ने इस संविधान संशोधन अनुमोदित करने की औपचारिकता पूरी कर दी है. उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा केरल जैसे राज्य सालाना डेढ़ करोड़ रुपयेसे कम का करोबार करने वाले छोटे कारोबारियों पर विशिष्ट नियंत्रण के लिए जोर दे रहे हैं जिसमें वस्तु एवं सेवा दोनों प्रकार के करों का नियंत्रण शामिल हो. उनका कहना है कि राज्यों के पास जमीनी स्तर पर इसके लिए ढांचा है और करदाता इकाई भी राज्य के अधिकारियों से अधिक सुविधा महसूस करेंगे.
उत्तराखंड की वित्त मंत्री इंदिरा ह्यदेश ने कहा कि राज्य डेढ़ करोड़ और उससे कम के कारोबार वाली इकाइयों के मामले में वस्तु एवं सेवा करदाताओं दोनों का नियंत्रण चाहते हैं. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार वस्तुओं के मामले में इस बात पर सहमत है पर सेवाओं को लेकर तैयार नहीं है. राज्य सरकारों राजस्व को लेकर अपने हित को सुरक्षित रखना चाहती हैं. केंद्र सरकार को केंद्रीय जीएसटी तथा राज्य जीएसटी एवं समन्वित वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) विधेयकों को पारित कराने के लिये राज्यों की बात माननी ही होगी."टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा, "इसमामले पर कोई बीच का रास्ता राजनीतिक स्तर पर निकालने की जरूरत है." केरल के वित्त मंत्री थामस इसाक ने कहा कि मामला अटका हुआ है और राज्य सरकार इस पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है क्योंकि यह उनके लिये कराधान के अधिकार को छोड़ने जैसा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैठक के बाद जेटली ने संवाददाताओं से कहा, "आज की बैठक अधूरी रही. 25 नवंबर को बातचीत जारी रहेगी." आज की बैठक करीब तीन घंटे चली. इकाइयों के आकलन और उन पर नियंत्रण के अधिकार का मुद्दा टेढ़ी खीर बना हुआ है. पिछली दो बैठकों में भी इस पर सहमति नहीं हो सकी और अगली बैठक तक इसका रास्ता नहीं निकला तो आगामी एक अप्रैल 2017 से जीएसटी लागू करने की योजना गड़बड़ा सकती है.
जीएसटी मौजूदा अप्रत्यक्ष करों की जगह लेगा जिसमें केंद्र का उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर तथा राज्यों के वैट और बिक्री शुल्क शामिल हैं. जेटली ने इस महीने की शुरूआत में कहा था कि प्रस्तावित जीएसटी प्रणाली 16 सितंबर 2017 तक लागू हो जानी चाहिए क्योंकि उसके बाद इसके लिए संविधान संशोधन की वैधता समाप्त हो जाएगी.
गौरतलब है कि राज्य सरकारों ने इस संविधान संशोधन अनुमोदित करने की औपचारिकता पूरी कर दी है. उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा केरल जैसे राज्य सालाना डेढ़ करोड़ रुपयेसे कम का करोबार करने वाले छोटे कारोबारियों पर विशिष्ट नियंत्रण के लिए जोर दे रहे हैं जिसमें वस्तु एवं सेवा दोनों प्रकार के करों का नियंत्रण शामिल हो. उनका कहना है कि राज्यों के पास जमीनी स्तर पर इसके लिए ढांचा है और करदाता इकाई भी राज्य के अधिकारियों से अधिक सुविधा महसूस करेंगे.
उत्तराखंड की वित्त मंत्री इंदिरा ह्यदेश ने कहा कि राज्य डेढ़ करोड़ और उससे कम के कारोबार वाली इकाइयों के मामले में वस्तु एवं सेवा करदाताओं दोनों का नियंत्रण चाहते हैं. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार वस्तुओं के मामले में इस बात पर सहमत है पर सेवाओं को लेकर तैयार नहीं है. राज्य सरकारों राजस्व को लेकर अपने हित को सुरक्षित रखना चाहती हैं. केंद्र सरकार को केंद्रीय जीएसटी तथा राज्य जीएसटी एवं समन्वित वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) विधेयकों को पारित कराने के लिये राज्यों की बात माननी ही होगी."टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा, "इसमामले पर कोई बीच का रास्ता राजनीतिक स्तर पर निकालने की जरूरत है." केरल के वित्त मंत्री थामस इसाक ने कहा कि मामला अटका हुआ है और राज्य सरकार इस पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है क्योंकि यह उनके लिये कराधान के अधिकार को छोड़ने जैसा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जीएसटी मौजूदा अप्रत्यक्ष करों की जगह लेगा जिसमें केंद्र का उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर तथा राज्यों के वैट और बिक्री शुल्क शामिल हैं. जेटली ने इस महीने की शुरूआत में कहा था कि प्रस्तावित जीएसटी प्रणाली 16 सितंबर 2017 तक लागू हो जानी चाहिए क्योंकि उसके बाद इसके लिए संविधान संशोधन की वैधता समाप्त हो जाएगी.
गौरतलब है कि राज्य सरकारों ने इस संविधान संशोधन अनुमोदित करने की औपचारिकता पूरी कर दी है. उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा केरल जैसे राज्य सालाना डेढ़ करोड़ रुपयेसे कम का करोबार करने वाले छोटे कारोबारियों पर विशिष्ट नियंत्रण के लिए जोर दे रहे हैं जिसमें वस्तु एवं सेवा दोनों प्रकार के करों का नियंत्रण शामिल हो. उनका कहना है कि राज्यों के पास जमीनी स्तर पर इसके लिए ढांचा है और करदाता इकाई भी राज्य के अधिकारियों से अधिक सुविधा महसूस करेंगे.
उत्तराखंड की वित्त मंत्री इंदिरा ह्यदेश ने कहा कि राज्य डेढ़ करोड़ और उससे कम के कारोबार वाली इकाइयों के मामले में वस्तु एवं सेवा करदाताओं दोनों का नियंत्रण चाहते हैं. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार वस्तुओं के मामले में इस बात पर सहमत है पर सेवाओं को लेकर तैयार नहीं है. राज्य सरकारों राजस्व को लेकर अपने हित को सुरक्षित रखना चाहती हैं. केंद्र सरकार को केंद्रीय जीएसटी तथा राज्य जीएसटी एवं समन्वित वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) विधेयकों को पारित कराने के लिये राज्यों की बात माननी ही होगी."टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा, "इसमामले पर कोई बीच का रास्ता राजनीतिक स्तर पर निकालने की जरूरत है." केरल के वित्त मंत्री थामस इसाक ने कहा कि मामला अटका हुआ है और राज्य सरकार इस पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है क्योंकि यह उनके लिये कराधान के अधिकार को छोड़ने जैसा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि राज्य सरकारों ने इस संविधान संशोधन अनुमोदित करने की औपचारिकता पूरी कर दी है. उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा केरल जैसे राज्य सालाना डेढ़ करोड़ रुपयेसे कम का करोबार करने वाले छोटे कारोबारियों पर विशिष्ट नियंत्रण के लिए जोर दे रहे हैं जिसमें वस्तु एवं सेवा दोनों प्रकार के करों का नियंत्रण शामिल हो. उनका कहना है कि राज्यों के पास जमीनी स्तर पर इसके लिए ढांचा है और करदाता इकाई भी राज्य के अधिकारियों से अधिक सुविधा महसूस करेंगे.
उत्तराखंड की वित्त मंत्री इंदिरा ह्यदेश ने कहा कि राज्य डेढ़ करोड़ और उससे कम के कारोबार वाली इकाइयों के मामले में वस्तु एवं सेवा करदाताओं दोनों का नियंत्रण चाहते हैं. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार वस्तुओं के मामले में इस बात पर सहमत है पर सेवाओं को लेकर तैयार नहीं है. राज्य सरकारों राजस्व को लेकर अपने हित को सुरक्षित रखना चाहती हैं. केंद्र सरकार को केंद्रीय जीएसटी तथा राज्य जीएसटी एवं समन्वित वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) विधेयकों को पारित कराने के लिये राज्यों की बात माननी ही होगी."टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा, "इसमामले पर कोई बीच का रास्ता राजनीतिक स्तर पर निकालने की जरूरत है." केरल के वित्त मंत्री थामस इसाक ने कहा कि मामला अटका हुआ है और राज्य सरकार इस पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है क्योंकि यह उनके लिये कराधान के अधिकार को छोड़ने जैसा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उत्तराखंड की वित्त मंत्री इंदिरा ह्यदेश ने कहा कि राज्य डेढ़ करोड़ और उससे कम के कारोबार वाली इकाइयों के मामले में वस्तु एवं सेवा करदाताओं दोनों का नियंत्रण चाहते हैं. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार वस्तुओं के मामले में इस बात पर सहमत है पर सेवाओं को लेकर तैयार नहीं है. राज्य सरकारों राजस्व को लेकर अपने हित को सुरक्षित रखना चाहती हैं. केंद्र सरकार को केंद्रीय जीएसटी तथा राज्य जीएसटी एवं समन्वित वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) विधेयकों को पारित कराने के लिये राज्यों की बात माननी ही होगी."टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा, "इसमामले पर कोई बीच का रास्ता राजनीतिक स्तर पर निकालने की जरूरत है." केरल के वित्त मंत्री थामस इसाक ने कहा कि मामला अटका हुआ है और राज्य सरकार इस पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है क्योंकि यह उनके लिये कराधान के अधिकार को छोड़ने जैसा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने यह भी कहा, "इसमामले पर कोई बीच का रास्ता राजनीतिक स्तर पर निकालने की जरूरत है." केरल के वित्त मंत्री थामस इसाक ने कहा कि मामला अटका हुआ है और राज्य सरकार इस पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है क्योंकि यह उनके लिये कराधान के अधिकार को छोड़ने जैसा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ हुई बैठक में नहीं बनी सहमति
जीएसटी परिषद की 25 नवंबर को फिर से होगी बैठक
अधिकारियों की एक बैठक कल, विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) का 95 साल की उम्र में निधन हो गया है. राम जेठमलानी देश के सबसे तेज-तर्रार और सीनियर वकीलों में से एक थे और उनके बारे में कहा जाता था कि सुप्रीम कोर्ट के कई जज भी उनका बहुत सम्मान करते थे. हालांकि राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) का विवादों से गहरा रिश्ता रहा है और फिर चाहे राजनीति हो या फिर सामाजिक जीवन. लेकिन वकील के तौर पर भी कई केस उन्होंने ऐसे लड़े जिस पर उनकी खूब आलोचना हुई. लेकिन इन आलोचनाओं को वह हमेशा यह कहकर टाल देते थे कि अगर कोई उनके पास मामला लेकर आता तो यह उनकी प्रोफेशनल जिम्मेदारी है जैसे डॉक्टर किसी को इलाज से नहीं मना कर सकता है फिर चाहे वह मरीज कोई भी हो. राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) का वकील के तौर पर करियर 80 सालों से ज्यादा का रहा है. इस दौरान उन्होंने ज्यादातर केस ऐसे लड़े जो बेहद विवादित थे. लेकिन वह हमेशा उनको चुनौती के तौर पर लेते थे. आपको बता दें कि राम जेठमलानी 6 बार राज्यसभा सांसद और 2 बार मुंबई से लोकसभा सांसद रहे हैं. इसके साथ ही वह वाजपेयी सरकार में शहरी विकास मंत्री और कानून मंत्री भी रहे. | संक्षिप्त सारांश: लंबी बीमारी के बाद जेठमलानी का निधन
देश के सबसे तेज-तर्रार और सीनियर वकीलों में से थे एक
रविवार सुबह ली आखिरी सांस | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण-पश्चिमी नेपाल में पहाड़ी मार्ग से बारातियों को ले जा रही एक बस के नदी में गिर जाने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह हादसा बीती रात पालपा जिले के चिदापानी गांव में हुआ।
उन्होंने बताया कि 12 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और तीन अन्य घायलों ने लुम्बिनी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया।टिप्पणियां
इस हादसे में बस चालक की भी मौत हो गई और बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि यह हादसा शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुआ। यह बस 300 मीटर ऊंचे पहाड़ी मार्ग से रात करीब नौ बजकर 30 मिनट पर नदी में गिर गई। इसमें बाराती सवार थे। हादसे में दूल्हा और दुल्हन दोनों घायल हो गए, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह हादसा बीती रात पालपा जिले के चिदापानी गांव में हुआ।
उन्होंने बताया कि 12 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और तीन अन्य घायलों ने लुम्बिनी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया।टिप्पणियां
इस हादसे में बस चालक की भी मौत हो गई और बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि यह हादसा शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुआ। यह बस 300 मीटर ऊंचे पहाड़ी मार्ग से रात करीब नौ बजकर 30 मिनट पर नदी में गिर गई। इसमें बाराती सवार थे। हादसे में दूल्हा और दुल्हन दोनों घायल हो गए, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि 12 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और तीन अन्य घायलों ने लुम्बिनी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया।टिप्पणियां
इस हादसे में बस चालक की भी मौत हो गई और बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि यह हादसा शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुआ। यह बस 300 मीटर ऊंचे पहाड़ी मार्ग से रात करीब नौ बजकर 30 मिनट पर नदी में गिर गई। इसमें बाराती सवार थे। हादसे में दूल्हा और दुल्हन दोनों घायल हो गए, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
इस हादसे में बस चालक की भी मौत हो गई और बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि यह हादसा शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुआ। यह बस 300 मीटर ऊंचे पहाड़ी मार्ग से रात करीब नौ बजकर 30 मिनट पर नदी में गिर गई। इसमें बाराती सवार थे। हादसे में दूल्हा और दुल्हन दोनों घायल हो गए, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
पुलिस ने बताया कि यह हादसा शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुआ। यह बस 300 मीटर ऊंचे पहाड़ी मार्ग से रात करीब नौ बजकर 30 मिनट पर नदी में गिर गई। इसमें बाराती सवार थे। हादसे में दूल्हा और दुल्हन दोनों घायल हो गए, लेकिन वे सुरक्षित हैं। | संक्षिप्त पाठ: दक्षिण-पश्चिमी नेपाल में पहाड़ी मार्ग से बारातियों को ले जा रही एक बस के नदी में गिर जाने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत और पाक के गृहसचिवों की इस्लामाबाद में हुई बैठक में लिबरल वीजा के करार पर दस्तखत नहीं हो रहे हैं। पहले लग रहा था कि इस मुलाकात में दोनों देशों में आवाजाही का रास्ता बनाना आसान होगा लेकिन किसी वजह से यह करार नहीं हो पा रहा है।
पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक का कहना है कि यह राजनीतिक फैसला है जिसके लिए चिदंबरम को यहां होना चाहिए था।
भारतीय गृह सचिव आरके सिंह की अध्यक्षता में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद से करीब 70 किमी दूर भरबन स्थित एक होटल में पाकिस्तानी गृहसचिव ख्वाजा सिद्दिकी अकबर के नेतृत्व में वहां के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
अधिकारियों ने बताया कि वार्ता शुरू होने से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री रहमान मलिक से मुलाकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की।टिप्पणियां
गुरुवार को वार्ता का पहला दिन था और दोनों पक्षों ने आतंकवाद से मुकाबला, घुसपैठ, नशीली दवाओं की तस्करी, आसान शर्तों पर वीजा, फर्जी मुद्रा वितरित करने वाले नेटवर्क से लेकर दोनों देशों की जेलों में बंद मछुआरों और असैन्य बंदियों की रिहाई सहित कई मानवीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
गुरुवार की वार्ता में गृहसचिव सिंह ने कहा कि भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद तथा मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ अतिरिक्त सबूत मुहैया कराए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को चाहिए कि वह इन सबूतों का उपयोग इन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने में करें।
पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक का कहना है कि यह राजनीतिक फैसला है जिसके लिए चिदंबरम को यहां होना चाहिए था।
भारतीय गृह सचिव आरके सिंह की अध्यक्षता में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद से करीब 70 किमी दूर भरबन स्थित एक होटल में पाकिस्तानी गृहसचिव ख्वाजा सिद्दिकी अकबर के नेतृत्व में वहां के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
अधिकारियों ने बताया कि वार्ता शुरू होने से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री रहमान मलिक से मुलाकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की।टिप्पणियां
गुरुवार को वार्ता का पहला दिन था और दोनों पक्षों ने आतंकवाद से मुकाबला, घुसपैठ, नशीली दवाओं की तस्करी, आसान शर्तों पर वीजा, फर्जी मुद्रा वितरित करने वाले नेटवर्क से लेकर दोनों देशों की जेलों में बंद मछुआरों और असैन्य बंदियों की रिहाई सहित कई मानवीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
गुरुवार की वार्ता में गृहसचिव सिंह ने कहा कि भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद तथा मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ अतिरिक्त सबूत मुहैया कराए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को चाहिए कि वह इन सबूतों का उपयोग इन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने में करें।
भारतीय गृह सचिव आरके सिंह की अध्यक्षता में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद से करीब 70 किमी दूर भरबन स्थित एक होटल में पाकिस्तानी गृहसचिव ख्वाजा सिद्दिकी अकबर के नेतृत्व में वहां के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
अधिकारियों ने बताया कि वार्ता शुरू होने से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री रहमान मलिक से मुलाकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की।टिप्पणियां
गुरुवार को वार्ता का पहला दिन था और दोनों पक्षों ने आतंकवाद से मुकाबला, घुसपैठ, नशीली दवाओं की तस्करी, आसान शर्तों पर वीजा, फर्जी मुद्रा वितरित करने वाले नेटवर्क से लेकर दोनों देशों की जेलों में बंद मछुआरों और असैन्य बंदियों की रिहाई सहित कई मानवीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
गुरुवार की वार्ता में गृहसचिव सिंह ने कहा कि भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद तथा मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ अतिरिक्त सबूत मुहैया कराए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को चाहिए कि वह इन सबूतों का उपयोग इन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने में करें।
अधिकारियों ने बताया कि वार्ता शुरू होने से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री रहमान मलिक से मुलाकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की।टिप्पणियां
गुरुवार को वार्ता का पहला दिन था और दोनों पक्षों ने आतंकवाद से मुकाबला, घुसपैठ, नशीली दवाओं की तस्करी, आसान शर्तों पर वीजा, फर्जी मुद्रा वितरित करने वाले नेटवर्क से लेकर दोनों देशों की जेलों में बंद मछुआरों और असैन्य बंदियों की रिहाई सहित कई मानवीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
गुरुवार की वार्ता में गृहसचिव सिंह ने कहा कि भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद तथा मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ अतिरिक्त सबूत मुहैया कराए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को चाहिए कि वह इन सबूतों का उपयोग इन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने में करें।
गुरुवार को वार्ता का पहला दिन था और दोनों पक्षों ने आतंकवाद से मुकाबला, घुसपैठ, नशीली दवाओं की तस्करी, आसान शर्तों पर वीजा, फर्जी मुद्रा वितरित करने वाले नेटवर्क से लेकर दोनों देशों की जेलों में बंद मछुआरों और असैन्य बंदियों की रिहाई सहित कई मानवीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
गुरुवार की वार्ता में गृहसचिव सिंह ने कहा कि भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद तथा मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ अतिरिक्त सबूत मुहैया कराए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को चाहिए कि वह इन सबूतों का उपयोग इन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने में करें।
गुरुवार की वार्ता में गृहसचिव सिंह ने कहा कि भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद तथा मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ अतिरिक्त सबूत मुहैया कराए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को चाहिए कि वह इन सबूतों का उपयोग इन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने में करें। | सारांश: भारत और पाक के गृहसचिवों की इस्लामाबाद में हुई बैठक में लिबरल वीजा के करार पर दस्तखत नहीं हो रहे हैं। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: खराब प्रदर्शन के कारण आस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी बचे श्रृंखला के दो टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम से बाहर किए गए सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के समर्थन में पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण आगे आए हैं।
उन्होंने कहा, इस साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाने वाली टीम की बगैर सहवाग के कल्पना नहीं करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सहवाग की सजगता में कोई खराबी नहीं है और बाकी बचे दो टेस्ट मैचों में शामिल किया जाना चाहिए था।
एक वेबसाइट के अनुसार, लक्ष्मण ने कहा, चयनकर्ता इस बात को भूल गए हैं कि अगला दौरा दक्षिण अफ्रीका का है। इस शृंखला के लिए कोई योजना होनी चाहिए। जब भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका जाए तो उसमें युवा और अनुभव दोनों का मिश्रण होना चाहिए।टिप्पणियां
जिस तरह की परिस्तिथियां वहां होंगी, मैं सहवाग के बिना टीम की कल्पना नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई और हैदराबाद में सहवाग ने तीन पारियों में कुल 27 रन बनाए थे। गुरुवार को उनको खराब प्रदर्शन के चलते सीरीज में बाकी के बचे दो टेस्ट मैचों के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था।
उन्होंने कहा, इस साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाने वाली टीम की बगैर सहवाग के कल्पना नहीं करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सहवाग की सजगता में कोई खराबी नहीं है और बाकी बचे दो टेस्ट मैचों में शामिल किया जाना चाहिए था।
एक वेबसाइट के अनुसार, लक्ष्मण ने कहा, चयनकर्ता इस बात को भूल गए हैं कि अगला दौरा दक्षिण अफ्रीका का है। इस शृंखला के लिए कोई योजना होनी चाहिए। जब भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका जाए तो उसमें युवा और अनुभव दोनों का मिश्रण होना चाहिए।टिप्पणियां
जिस तरह की परिस्तिथियां वहां होंगी, मैं सहवाग के बिना टीम की कल्पना नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई और हैदराबाद में सहवाग ने तीन पारियों में कुल 27 रन बनाए थे। गुरुवार को उनको खराब प्रदर्शन के चलते सीरीज में बाकी के बचे दो टेस्ट मैचों के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था।
एक वेबसाइट के अनुसार, लक्ष्मण ने कहा, चयनकर्ता इस बात को भूल गए हैं कि अगला दौरा दक्षिण अफ्रीका का है। इस शृंखला के लिए कोई योजना होनी चाहिए। जब भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका जाए तो उसमें युवा और अनुभव दोनों का मिश्रण होना चाहिए।टिप्पणियां
जिस तरह की परिस्तिथियां वहां होंगी, मैं सहवाग के बिना टीम की कल्पना नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई और हैदराबाद में सहवाग ने तीन पारियों में कुल 27 रन बनाए थे। गुरुवार को उनको खराब प्रदर्शन के चलते सीरीज में बाकी के बचे दो टेस्ट मैचों के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था।
जिस तरह की परिस्तिथियां वहां होंगी, मैं सहवाग के बिना टीम की कल्पना नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई और हैदराबाद में सहवाग ने तीन पारियों में कुल 27 रन बनाए थे। गुरुवार को उनको खराब प्रदर्शन के चलते सीरीज में बाकी के बचे दो टेस्ट मैचों के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई और हैदराबाद में सहवाग ने तीन पारियों में कुल 27 रन बनाए थे। गुरुवार को उनको खराब प्रदर्शन के चलते सीरीज में बाकी के बचे दो टेस्ट मैचों के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खराब प्रदर्शन के कारण आस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी बचे श्रृंखला के दो टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम से बाहर किए गए सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के समर्थन में पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण आगे आए हैं। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने स्वीकार किया कि 1000 टेस्ट विकेटों के लालच में उन्होंने पिछले साल संन्यास का फैसला टालने का सोचा था, लेकिन बढ़ती उम्र और चोट की आशंका के कारण ऐसा नहीं किया। भारत के खिलाफ पिछले साल गाले में जुलाई में हुए टेस्ट में 800वां विकेट लेने के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने वाले मुरलीधरन ने कहा कि उन्होंने संन्यास के फैसले पर पुनर्विचार का सोचा था, क्योंकि वह ऐसा रिकॉर्ड बनाना चाहते थे, जिसे कोई नहीं तोड़ सके। उन्होंने कहा, मैंने 1000 टेस्ट विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बनने के बारे में काफी सोचा। मैंने भारत के खिलाफ टेस्ट के बाद संन्यास का ऐलान कर दिया था, लेकिन 800 विकेट लेने के बाद पुनर्विचार किया। उन्होंने विजडन क्रिकेटर मैगजीन के ताजा अंक में कहा, मैं हैरान था कि क्या 1000 विकेट ले सकूंगा या संन्यास का फैसला सही है। मैंने सोचा कि क्या खेलना जारी रखकर ऐसा रिकॉर्ड बनाना चाहिए, जो कोई नहीं तोड़ सके। मैं फिट था और अच्छा खेल रहा था। अप्रैल में भारत के खिलाफ विश्व कप फाइनल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले इस गेंदबाज ने कहा कि इस सपने को पूरा करने के लिए उनके शरीर को काफी मेहनत करनी पड़ती। उन्होंने कहा, फिर मैंने सोचा कि यह सपना पूरा करने के लिए मुझे कितने साल और खेलना होगा। यह मेरे शरीर के साथ ज्यादती होती। श्रीलंका हर साल आठ टेस्ट खेलता है और मुझे 43 बरस की उम्र तक खेलना पड़ता। | सारांश: श्रीलंका के महान स्पिनर मुरलीधरन ने स्वीकार किया कि 1000 टेस्ट विकेटों के लालच में उन्होंने पिछले साल संन्यास का फैसला टालने का सोचा था। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दो बस संचालकों में वर्चस्व और वजूद को लेकर चल रहे विवाद के दौरान इंदौर में मंगलवार सुबह नौ बजे सरवटे बस स्टैन्ड पर चार युवकों ने मनोज सोनकर नामक बस चालक की गोली मारकर हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से बस स्टैन्ड में सनसनी फ़ैल गई है।
मृतक मनोज सोनकर के परिजनों को जैसे ही वारदात की सूचना मिली, उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। बस स्टैन्ड पर लगे सीसीटीवी कैमरे ने पूरी वारदात को कैद किया, जिसके सहारे पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।टिप्पणियां
बताया जाता है कि मनोज सोनकर की दो बसें थीं, जो शारदा ट्रैवल्स में अटैच्ड थीं। वहीं आरोपी माधव और गुलाब सोनकर की भी 15 बसें चलती थीं। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लम्बे समय से चलती आ रही थी। मंगलवार को चारों आरोपियों ने पूरे प्लान के साथ घात लगाकर मनोज का बस स्टैन्ड पर इंतजार किया, और जैसे ही मनोज स्टैन्ड में बने मंदिर में हाथ जोड़कर आगे बढ़ा, एक आरोपी बाइक से आया और उसके अन्य तीन साथी स्टैन्ड पर ही पाइप पर बैठे थे (जो सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे हैं)। उसने मनोज को देख अपने साथी को इशारा किया, और आरोपी हाथ में पिस्तौल लिए मनोज के पास पहुंचा और उसके सीने में गोली दाग दी। मनोज ने बचाव में अपने हाथ से पिस्तौल हटाने की भी कोशिश की, लेकिन तब तक गोली मनोज के सीने में समा चुकी थी। पूरी वारदात पुलिस चौकी से चंद कदमों पर ही घटी।
इंदौर के क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी मनोज राय ने घटना के बारे में बताया कि सुबह सरवटे बस स्टैन्ड के पास हुई गोलीबारी में मनोज सोनकर नामक युवक की मौत हो गई है, और परिजनों द्वारा चार आरोपी माधव, गुलाब, निर्मल और राकेश के विरुद्ध धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है। मौके पर सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त हुआ है, जिसमे मुख्य आरोपी द्वारा गोली से फायर करना दिखा। साथ में अन्य लोग भी वहां उपस्थित हैं, फुटेज में आए व्यक्ति और दूसरे लोगों की हम जांच कर रहे हैं।
मृतक मनोज सोनकर के परिजनों को जैसे ही वारदात की सूचना मिली, उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। बस स्टैन्ड पर लगे सीसीटीवी कैमरे ने पूरी वारदात को कैद किया, जिसके सहारे पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।टिप्पणियां
बताया जाता है कि मनोज सोनकर की दो बसें थीं, जो शारदा ट्रैवल्स में अटैच्ड थीं। वहीं आरोपी माधव और गुलाब सोनकर की भी 15 बसें चलती थीं। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लम्बे समय से चलती आ रही थी। मंगलवार को चारों आरोपियों ने पूरे प्लान के साथ घात लगाकर मनोज का बस स्टैन्ड पर इंतजार किया, और जैसे ही मनोज स्टैन्ड में बने मंदिर में हाथ जोड़कर आगे बढ़ा, एक आरोपी बाइक से आया और उसके अन्य तीन साथी स्टैन्ड पर ही पाइप पर बैठे थे (जो सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे हैं)। उसने मनोज को देख अपने साथी को इशारा किया, और आरोपी हाथ में पिस्तौल लिए मनोज के पास पहुंचा और उसके सीने में गोली दाग दी। मनोज ने बचाव में अपने हाथ से पिस्तौल हटाने की भी कोशिश की, लेकिन तब तक गोली मनोज के सीने में समा चुकी थी। पूरी वारदात पुलिस चौकी से चंद कदमों पर ही घटी।
इंदौर के क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी मनोज राय ने घटना के बारे में बताया कि सुबह सरवटे बस स्टैन्ड के पास हुई गोलीबारी में मनोज सोनकर नामक युवक की मौत हो गई है, और परिजनों द्वारा चार आरोपी माधव, गुलाब, निर्मल और राकेश के विरुद्ध धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है। मौके पर सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त हुआ है, जिसमे मुख्य आरोपी द्वारा गोली से फायर करना दिखा। साथ में अन्य लोग भी वहां उपस्थित हैं, फुटेज में आए व्यक्ति और दूसरे लोगों की हम जांच कर रहे हैं।
बताया जाता है कि मनोज सोनकर की दो बसें थीं, जो शारदा ट्रैवल्स में अटैच्ड थीं। वहीं आरोपी माधव और गुलाब सोनकर की भी 15 बसें चलती थीं। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लम्बे समय से चलती आ रही थी। मंगलवार को चारों आरोपियों ने पूरे प्लान के साथ घात लगाकर मनोज का बस स्टैन्ड पर इंतजार किया, और जैसे ही मनोज स्टैन्ड में बने मंदिर में हाथ जोड़कर आगे बढ़ा, एक आरोपी बाइक से आया और उसके अन्य तीन साथी स्टैन्ड पर ही पाइप पर बैठे थे (जो सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे हैं)। उसने मनोज को देख अपने साथी को इशारा किया, और आरोपी हाथ में पिस्तौल लिए मनोज के पास पहुंचा और उसके सीने में गोली दाग दी। मनोज ने बचाव में अपने हाथ से पिस्तौल हटाने की भी कोशिश की, लेकिन तब तक गोली मनोज के सीने में समा चुकी थी। पूरी वारदात पुलिस चौकी से चंद कदमों पर ही घटी।
इंदौर के क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी मनोज राय ने घटना के बारे में बताया कि सुबह सरवटे बस स्टैन्ड के पास हुई गोलीबारी में मनोज सोनकर नामक युवक की मौत हो गई है, और परिजनों द्वारा चार आरोपी माधव, गुलाब, निर्मल और राकेश के विरुद्ध धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है। मौके पर सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त हुआ है, जिसमे मुख्य आरोपी द्वारा गोली से फायर करना दिखा। साथ में अन्य लोग भी वहां उपस्थित हैं, फुटेज में आए व्यक्ति और दूसरे लोगों की हम जांच कर रहे हैं।
इंदौर के क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी मनोज राय ने घटना के बारे में बताया कि सुबह सरवटे बस स्टैन्ड के पास हुई गोलीबारी में मनोज सोनकर नामक युवक की मौत हो गई है, और परिजनों द्वारा चार आरोपी माधव, गुलाब, निर्मल और राकेश के विरुद्ध धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है। मौके पर सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त हुआ है, जिसमे मुख्य आरोपी द्वारा गोली से फायर करना दिखा। साथ में अन्य लोग भी वहां उपस्थित हैं, फुटेज में आए व्यक्ति और दूसरे लोगों की हम जांच कर रहे हैं। | यहाँ एक सारांश है:लम्बे समय से वर्चस्व की लड़ाई में जुटे एक बस चालक ने इंदौर के सरवटे बस स्टैन्ड पर अपने सहकर्मी को साथियों के साथ मिलकर दिनदहाड़े गोली से उड़ा दिया... | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया है कि वह अरूणाचल प्रदेश के किसी अधिकारी को वीजा नहीं देगा और प्रदेश के अन्य नागरिकों को नत्थी वीजा देना जारी रखेगा। चीन, अरूणाचल प्रदेश पर अपना दावा जताता है। पूर्व के चलन के विपरीत अरूणाचल प्रदेश के दो नागरिकों को हाल ही में नत्थी वीजा दिए जाने की रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में चीनी उच्चायोग के एक अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि अरूणाचल प्रदेश के नागरिकों के लिए वीजा नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अधिकारी ने कहा, अरूणाचल प्रदेश के नागरिकों के लिए हमारी वीजा नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। चीन इस प्रदेश के अधिकारियों को वीजा नहीं जारी करता है और आगे भी ऐसा नहीं करेगा। अन्य नागरिकों के लिए हम केवल नत्थी वीजा जारी करते हैं। अरूणाचल प्रदेश के लोगों को नत्थी वीजा जारी करने की घटना उस समय समने आई जब राज्य के दो खिलाड़ियो को आव्रजन अधिकारियों ने रोक दिया क्योंकि चीनी उच्चायोग ने उन्हें नत्थी वीजा जारी किया था। भारतीय भरोत्तोलन संघ के संयुक्त सचिव अव्राहम के टेची के साथ राज्य के एक भारोत्तोलक को नयी दिल्ली स्थित आईजीआई हवाईअड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने रोक दिया था क्योंकि चीनी उच्चायोग ने उन्हें नत्थी वीजा जारी किया था। बहरहाल, चीन के कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और इस बारे में चीनी पक्ष को सूचित कर दिया गया है कि जाति या स्थान से परे भारत के नागरिकों को वीजा जारी करने के लिए समान प्रक्रिया अपनायी जानी चाहिए। इस मामले में मंत्रालय ने नवंबर 2009 में भारतीय नागरिकों को जारी किये गए परामर्श की ओर इशारा किया जिसमें कहा गया था कि पासपोर्ट के साथ नत्थी वीजा मान्य नहीं होंगे। गौरतलब है कि चीन ने जम्मू कश्मीर के लोगों को 2008 से नत्थी वीजा जारी करना शुरू किया था जिसका उद्देश्य इसे विवादित क्षेत्र के रूप में पेश करना था। अरूणाचल प्रदेश के मामले में इस क्षेत्र के लोगों को पहले वीजा जारी नहीं किये गए। | यह एक सारांश है: चीनी अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि अरूणाचल प्रदेश के नागरिकों के लिए वीजा नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुलाम बोदी और नील मैकेंजी की किंग्समीड की उछाल लेती पिच पर रणनीतिक पारियों के बाद क्रिस मौरिस की अगुवाई में गेंदबाजों के जोरदार प्रदर्शन से हाईवेल्ड लायन्स ने गुरुवार को दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रन से हराकर पहली बार चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 के फाइनल में जगह बनाई।
दक्षिण अफ्रीकी टीम हाईवेल्ड लायन्स ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बोदी के 49 गेंद पर 50 रन और मैकेंजी के 28 गेंद पर नाबाद 46 रन की मदद से पांच विकेट पर 139 रन बनाए। अपना 25वां जन्मदिन मना रहे उमेश यादव ने चार ओवर में 20 रन देकर दो विकेट लिये। दिल्ली के लिए यह स्कोर भी एवरेस्ट जैसा बन गया। उसने बीच में 30 गेंद और 30 रन के अंदर छह विकेट गंवाए। इनमें टीम की तरफ से 44 गेंद पर सर्वाधिक 50 रन बनाने वाले केविन पीटरसन भी शामिल थे।
दिल्ली के केवल तीन बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे और आखिर में उसकी टीम नौ विकेट पर 117 रन ही बना पाई। मौरिस ने चार ओवर में केवल सात रन देकर दो विकेट हासिल किए। उनके अलावा एरोन फैंगिसो और डर्क नानेस को भी दो-दो विकेट मिले। इस तरह से चैंपियन्स लीग में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गयी। 2010 के बाद यह पहला अवसर है जबकि आईपीएल की कोई टीम फाइनल में नहीं पहुंच पाई। लायन्स फाइनल में सिडनी सिक्सर्स और नोशुआ टाइटन्स के बीच शुक्रवार को होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा।
अब पीटरसन पर जिम्मेदारी थी लेकिन उन्हें और उन्मुक्त चंद (20 गेंद पर नौ रन) को सामंजस्य बिठाने में परेशानी हो रही थी। छठे से 14वें ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा के पार पहुंची थी। पीटरसन ने तब प्रिटोरियस पर छक्का लगाया था लेकिन इस बीच दिल्ली ने वार्नर, उन्मुक्त, इरफान पठान और कप्तान रोस टेलर के विकेट गंवाए। प्रिटोरियस ने उन्मुक्त की संघर्षपूर्ण पारी का अंत किया। नए बल्लेबाज पठान (1) को स्पिनर फैंगिसो ने और टेलर (1) को नानेस ने आते ही पवेलियन की राह पकड़ाई। ये तीनों शॉर्ट पिच गेंदों के शिकार बने।
नए बल्लेबाज नमन ओझा (7) ने छक्का लगाया लेकिन वह भी गेंदबाज जीन साइमस को वापस कैच देकर दिल्ली की परेशानियां बढ़ा गए। स्कोर छह विकेट पर 85 रन था और टीम को 30 गेंद पर 55 रन चाहिए थे। अब पीटरसन पर पूरा दारोमदार था लेकिन 12वें से 17वें ओवर तक लगातार ओवर में विकेट गंवाने से संकट गहरा गया था।टिप्पणियां
पीटरसन जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाये और 17वें ओवर की पहली गेंद पर मौरिस ने उन्हें आउट करके अपनी गलती में सुधार किया। इसके साथ ही दिल्ली की हार सुनिश्चित हो गई।
नए बल्लेबाज क्विन्टन डि काक (11) ने यादव पर दो चौके लगाने के बाद अगरकर की गेंद पुल की जिसे डीप मिडविकेट पर खड़े उन्मुक्त चंद ने कैच में तब्दील कर दिया। टेलर ने विशेषज्ञ स्पिनर पवन नेगी से पहले केविन पीटरसन के रूप में स्पिन आक्रमण आजमाया लेकिन बोदी ने दो चौकों से उनका स्वागत किया। इसके बाद नेगी को याद किया गया और उन्होंने पहले ओवर में ही ड्वेन प्रिटोरियस (3) को पवेलियन की राह दिखा दी। बोदी ने नेगी पर और मैकेंजी ने मोर्कल पर एक एक छक्का लगाया। बोदी ने इस बीच टूर्नामेंट में 200 रन भी पूरे किए लेकिन अर्द्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद यादव की उठती गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर हवा में तैरकर कैच में तब्दील हो गई। बोदी ने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया।
दक्षिण अफ्रीकी टीम हाईवेल्ड लायन्स ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बोदी के 49 गेंद पर 50 रन और मैकेंजी के 28 गेंद पर नाबाद 46 रन की मदद से पांच विकेट पर 139 रन बनाए। अपना 25वां जन्मदिन मना रहे उमेश यादव ने चार ओवर में 20 रन देकर दो विकेट लिये। दिल्ली के लिए यह स्कोर भी एवरेस्ट जैसा बन गया। उसने बीच में 30 गेंद और 30 रन के अंदर छह विकेट गंवाए। इनमें टीम की तरफ से 44 गेंद पर सर्वाधिक 50 रन बनाने वाले केविन पीटरसन भी शामिल थे।
दिल्ली के केवल तीन बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे और आखिर में उसकी टीम नौ विकेट पर 117 रन ही बना पाई। मौरिस ने चार ओवर में केवल सात रन देकर दो विकेट हासिल किए। उनके अलावा एरोन फैंगिसो और डर्क नानेस को भी दो-दो विकेट मिले। इस तरह से चैंपियन्स लीग में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गयी। 2010 के बाद यह पहला अवसर है जबकि आईपीएल की कोई टीम फाइनल में नहीं पहुंच पाई। लायन्स फाइनल में सिडनी सिक्सर्स और नोशुआ टाइटन्स के बीच शुक्रवार को होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा।
अब पीटरसन पर जिम्मेदारी थी लेकिन उन्हें और उन्मुक्त चंद (20 गेंद पर नौ रन) को सामंजस्य बिठाने में परेशानी हो रही थी। छठे से 14वें ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा के पार पहुंची थी। पीटरसन ने तब प्रिटोरियस पर छक्का लगाया था लेकिन इस बीच दिल्ली ने वार्नर, उन्मुक्त, इरफान पठान और कप्तान रोस टेलर के विकेट गंवाए। प्रिटोरियस ने उन्मुक्त की संघर्षपूर्ण पारी का अंत किया। नए बल्लेबाज पठान (1) को स्पिनर फैंगिसो ने और टेलर (1) को नानेस ने आते ही पवेलियन की राह पकड़ाई। ये तीनों शॉर्ट पिच गेंदों के शिकार बने।
नए बल्लेबाज नमन ओझा (7) ने छक्का लगाया लेकिन वह भी गेंदबाज जीन साइमस को वापस कैच देकर दिल्ली की परेशानियां बढ़ा गए। स्कोर छह विकेट पर 85 रन था और टीम को 30 गेंद पर 55 रन चाहिए थे। अब पीटरसन पर पूरा दारोमदार था लेकिन 12वें से 17वें ओवर तक लगातार ओवर में विकेट गंवाने से संकट गहरा गया था।टिप्पणियां
पीटरसन जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाये और 17वें ओवर की पहली गेंद पर मौरिस ने उन्हें आउट करके अपनी गलती में सुधार किया। इसके साथ ही दिल्ली की हार सुनिश्चित हो गई।
नए बल्लेबाज क्विन्टन डि काक (11) ने यादव पर दो चौके लगाने के बाद अगरकर की गेंद पुल की जिसे डीप मिडविकेट पर खड़े उन्मुक्त चंद ने कैच में तब्दील कर दिया। टेलर ने विशेषज्ञ स्पिनर पवन नेगी से पहले केविन पीटरसन के रूप में स्पिन आक्रमण आजमाया लेकिन बोदी ने दो चौकों से उनका स्वागत किया। इसके बाद नेगी को याद किया गया और उन्होंने पहले ओवर में ही ड्वेन प्रिटोरियस (3) को पवेलियन की राह दिखा दी। बोदी ने नेगी पर और मैकेंजी ने मोर्कल पर एक एक छक्का लगाया। बोदी ने इस बीच टूर्नामेंट में 200 रन भी पूरे किए लेकिन अर्द्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद यादव की उठती गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर हवा में तैरकर कैच में तब्दील हो गई। बोदी ने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया।
दिल्ली के केवल तीन बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे और आखिर में उसकी टीम नौ विकेट पर 117 रन ही बना पाई। मौरिस ने चार ओवर में केवल सात रन देकर दो विकेट हासिल किए। उनके अलावा एरोन फैंगिसो और डर्क नानेस को भी दो-दो विकेट मिले। इस तरह से चैंपियन्स लीग में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गयी। 2010 के बाद यह पहला अवसर है जबकि आईपीएल की कोई टीम फाइनल में नहीं पहुंच पाई। लायन्स फाइनल में सिडनी सिक्सर्स और नोशुआ टाइटन्स के बीच शुक्रवार को होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा।
अब पीटरसन पर जिम्मेदारी थी लेकिन उन्हें और उन्मुक्त चंद (20 गेंद पर नौ रन) को सामंजस्य बिठाने में परेशानी हो रही थी। छठे से 14वें ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा के पार पहुंची थी। पीटरसन ने तब प्रिटोरियस पर छक्का लगाया था लेकिन इस बीच दिल्ली ने वार्नर, उन्मुक्त, इरफान पठान और कप्तान रोस टेलर के विकेट गंवाए। प्रिटोरियस ने उन्मुक्त की संघर्षपूर्ण पारी का अंत किया। नए बल्लेबाज पठान (1) को स्पिनर फैंगिसो ने और टेलर (1) को नानेस ने आते ही पवेलियन की राह पकड़ाई। ये तीनों शॉर्ट पिच गेंदों के शिकार बने।
नए बल्लेबाज नमन ओझा (7) ने छक्का लगाया लेकिन वह भी गेंदबाज जीन साइमस को वापस कैच देकर दिल्ली की परेशानियां बढ़ा गए। स्कोर छह विकेट पर 85 रन था और टीम को 30 गेंद पर 55 रन चाहिए थे। अब पीटरसन पर पूरा दारोमदार था लेकिन 12वें से 17वें ओवर तक लगातार ओवर में विकेट गंवाने से संकट गहरा गया था।टिप्पणियां
पीटरसन जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाये और 17वें ओवर की पहली गेंद पर मौरिस ने उन्हें आउट करके अपनी गलती में सुधार किया। इसके साथ ही दिल्ली की हार सुनिश्चित हो गई।
नए बल्लेबाज क्विन्टन डि काक (11) ने यादव पर दो चौके लगाने के बाद अगरकर की गेंद पुल की जिसे डीप मिडविकेट पर खड़े उन्मुक्त चंद ने कैच में तब्दील कर दिया। टेलर ने विशेषज्ञ स्पिनर पवन नेगी से पहले केविन पीटरसन के रूप में स्पिन आक्रमण आजमाया लेकिन बोदी ने दो चौकों से उनका स्वागत किया। इसके बाद नेगी को याद किया गया और उन्होंने पहले ओवर में ही ड्वेन प्रिटोरियस (3) को पवेलियन की राह दिखा दी। बोदी ने नेगी पर और मैकेंजी ने मोर्कल पर एक एक छक्का लगाया। बोदी ने इस बीच टूर्नामेंट में 200 रन भी पूरे किए लेकिन अर्द्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद यादव की उठती गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर हवा में तैरकर कैच में तब्दील हो गई। बोदी ने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया।
अब पीटरसन पर जिम्मेदारी थी लेकिन उन्हें और उन्मुक्त चंद (20 गेंद पर नौ रन) को सामंजस्य बिठाने में परेशानी हो रही थी। छठे से 14वें ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा के पार पहुंची थी। पीटरसन ने तब प्रिटोरियस पर छक्का लगाया था लेकिन इस बीच दिल्ली ने वार्नर, उन्मुक्त, इरफान पठान और कप्तान रोस टेलर के विकेट गंवाए। प्रिटोरियस ने उन्मुक्त की संघर्षपूर्ण पारी का अंत किया। नए बल्लेबाज पठान (1) को स्पिनर फैंगिसो ने और टेलर (1) को नानेस ने आते ही पवेलियन की राह पकड़ाई। ये तीनों शॉर्ट पिच गेंदों के शिकार बने।
नए बल्लेबाज नमन ओझा (7) ने छक्का लगाया लेकिन वह भी गेंदबाज जीन साइमस को वापस कैच देकर दिल्ली की परेशानियां बढ़ा गए। स्कोर छह विकेट पर 85 रन था और टीम को 30 गेंद पर 55 रन चाहिए थे। अब पीटरसन पर पूरा दारोमदार था लेकिन 12वें से 17वें ओवर तक लगातार ओवर में विकेट गंवाने से संकट गहरा गया था।टिप्पणियां
पीटरसन जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाये और 17वें ओवर की पहली गेंद पर मौरिस ने उन्हें आउट करके अपनी गलती में सुधार किया। इसके साथ ही दिल्ली की हार सुनिश्चित हो गई।
नए बल्लेबाज क्विन्टन डि काक (11) ने यादव पर दो चौके लगाने के बाद अगरकर की गेंद पुल की जिसे डीप मिडविकेट पर खड़े उन्मुक्त चंद ने कैच में तब्दील कर दिया। टेलर ने विशेषज्ञ स्पिनर पवन नेगी से पहले केविन पीटरसन के रूप में स्पिन आक्रमण आजमाया लेकिन बोदी ने दो चौकों से उनका स्वागत किया। इसके बाद नेगी को याद किया गया और उन्होंने पहले ओवर में ही ड्वेन प्रिटोरियस (3) को पवेलियन की राह दिखा दी। बोदी ने नेगी पर और मैकेंजी ने मोर्कल पर एक एक छक्का लगाया। बोदी ने इस बीच टूर्नामेंट में 200 रन भी पूरे किए लेकिन अर्द्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद यादव की उठती गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर हवा में तैरकर कैच में तब्दील हो गई। बोदी ने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया।
पीटरसन जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाये और 17वें ओवर की पहली गेंद पर मौरिस ने उन्हें आउट करके अपनी गलती में सुधार किया। इसके साथ ही दिल्ली की हार सुनिश्चित हो गई।
नए बल्लेबाज क्विन्टन डि काक (11) ने यादव पर दो चौके लगाने के बाद अगरकर की गेंद पुल की जिसे डीप मिडविकेट पर खड़े उन्मुक्त चंद ने कैच में तब्दील कर दिया। टेलर ने विशेषज्ञ स्पिनर पवन नेगी से पहले केविन पीटरसन के रूप में स्पिन आक्रमण आजमाया लेकिन बोदी ने दो चौकों से उनका स्वागत किया। इसके बाद नेगी को याद किया गया और उन्होंने पहले ओवर में ही ड्वेन प्रिटोरियस (3) को पवेलियन की राह दिखा दी। बोदी ने नेगी पर और मैकेंजी ने मोर्कल पर एक एक छक्का लगाया। बोदी ने इस बीच टूर्नामेंट में 200 रन भी पूरे किए लेकिन अर्द्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद यादव की उठती गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर हवा में तैरकर कैच में तब्दील हो गई। बोदी ने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया।
नए बल्लेबाज क्विन्टन डि काक (11) ने यादव पर दो चौके लगाने के बाद अगरकर की गेंद पुल की जिसे डीप मिडविकेट पर खड़े उन्मुक्त चंद ने कैच में तब्दील कर दिया। टेलर ने विशेषज्ञ स्पिनर पवन नेगी से पहले केविन पीटरसन के रूप में स्पिन आक्रमण आजमाया लेकिन बोदी ने दो चौकों से उनका स्वागत किया। इसके बाद नेगी को याद किया गया और उन्होंने पहले ओवर में ही ड्वेन प्रिटोरियस (3) को पवेलियन की राह दिखा दी। बोदी ने नेगी पर और मैकेंजी ने मोर्कल पर एक एक छक्का लगाया। बोदी ने इस बीच टूर्नामेंट में 200 रन भी पूरे किए लेकिन अर्द्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद यादव की उठती गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर हवा में तैरकर कैच में तब्दील हो गई। बोदी ने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। | यहाँ एक सारांश है:गुलाम बोदी और नील मैकेंजी की किंग्समीड की उछाल लेती पिच पर रणनीतिक पारियों के बाद क्रिस मौरिस की अगुवाई में गेंदबाजों के जोरदार प्रदर्शन से हाईवेल्ड लायन्स ने गुरुवार को दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रन से हराकर पहली बार चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 के फाइनल में ज | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत दौरे पर आए इजराइल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन ने मंगलवार को कहा कि आतंक को कोई भी बात उचित नहीं ठहरा सकती. उन्होंने यह भी कहा कि आतंक के खतरे से अपने लोगों और मूल्यों की रक्षा करने के लिए भारत और इजराइल साथ खड़े हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यहां मुलाकात के बाद मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा, "आतंक को कुछ भी उचित नहीं ठहरा सकता. आतंक, आतंक है, आतंक आतंक है और आतंक आतंक है."
रिवलिन ने कहा, "इजराइल और भारत को आतंक का खतरा है क्योंकि हम आजादी के मूल्य को मानते हैं. हम अपने लोगों और मूल्यों की रक्षा के लिए साथ खड़े हैं."
रिवलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल आने के लिए निमंत्रण भी दिया. उन्होंने कहा, "आपका जेरुशलम में स्वागत करना हमारा सौभाग्य होगा."
इजराइली राष्ट्रपति एक हफ्ते के भारत के राजकीय दौरे पर सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे. करीब 20 वर्षों में भारत दौरे पर आए वह पहले इजराइली राष्ट्रपति हैं. रिवलिन यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर आए हैं. टिप्पणियां
इससे पहले रिवलिन का राष्ट्रपति भवन में समारोहपूर्वक स्वागत किया गया. उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिवलिन ने कहा, "इजराइल और भारत को आतंक का खतरा है क्योंकि हम आजादी के मूल्य को मानते हैं. हम अपने लोगों और मूल्यों की रक्षा के लिए साथ खड़े हैं."
रिवलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल आने के लिए निमंत्रण भी दिया. उन्होंने कहा, "आपका जेरुशलम में स्वागत करना हमारा सौभाग्य होगा."
इजराइली राष्ट्रपति एक हफ्ते के भारत के राजकीय दौरे पर सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे. करीब 20 वर्षों में भारत दौरे पर आए वह पहले इजराइली राष्ट्रपति हैं. रिवलिन यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर आए हैं. टिप्पणियां
इससे पहले रिवलिन का राष्ट्रपति भवन में समारोहपूर्वक स्वागत किया गया. उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिवलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल आने के लिए निमंत्रण भी दिया. उन्होंने कहा, "आपका जेरुशलम में स्वागत करना हमारा सौभाग्य होगा."
इजराइली राष्ट्रपति एक हफ्ते के भारत के राजकीय दौरे पर सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे. करीब 20 वर्षों में भारत दौरे पर आए वह पहले इजराइली राष्ट्रपति हैं. रिवलिन यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर आए हैं. टिप्पणियां
इससे पहले रिवलिन का राष्ट्रपति भवन में समारोहपूर्वक स्वागत किया गया. उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इजराइली राष्ट्रपति एक हफ्ते के भारत के राजकीय दौरे पर सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे. करीब 20 वर्षों में भारत दौरे पर आए वह पहले इजराइली राष्ट्रपति हैं. रिवलिन यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर आए हैं. टिप्पणियां
इससे पहले रिवलिन का राष्ट्रपति भवन में समारोहपूर्वक स्वागत किया गया. उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले रिवलिन का राष्ट्रपति भवन में समारोहपूर्वक स्वागत किया गया. उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोगों और मूल्यों की रक्षा करने के लिए भारत और इजराइल साथ खड़े
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल आने के लिए निमंत्रण दिया
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर भारत आए रिवलिन | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी एक चिट्ठी में कहा है कि सेना के जवानों को वे सब कुछ मिलना चाहिए जिसके वे हक़दार हैं. गांधी ने इस ख़त में लिखा कि विकलांगों को दी जाने वाली पेंशन हो, मुआवज़ा हो या फिर सामान्य कर्मचारियों के साथ बराबरी का मामला हो, सभी जवानों को उनका हक़ मिलना चाहिए. यही नहीं, वन रैंक वन पेंशन को सही तरीके से लागू किया जाए ताकि पूर्व सैनिकों को किसी तरह की शिकायत न रहे.
राहुल गांधी ने सातवें वेतन आयोग के बारे में भी बात की जिसमें उन्होंने कहा कि इस आयोग में जो गलतियां हैं उन्हें जल्द से जल्द सुधारा जाना चाहिए. चिट्ठी में यह भी कहा गया कि इस दीवाली हमारे जवानों तक यही संदेश पहुंचे कि हम हर लिहाज़ से उनके आभारी हैं.
राहुल गांधी ने सातवें वेतन आयोग के बारे में भी बात की जिसमें उन्होंने कहा कि इस आयोग में जो गलतियां हैं उन्हें जल्द से जल्द सुधारा जाना चाहिए. चिट्ठी में यह भी कहा गया कि इस दीवाली हमारे जवानों तक यही संदेश पहुंचे कि हम हर लिहाज़ से उनके आभारी हैं. | सारांश: राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है
राहुल ने लिखा है कि जवानों को उनका अधिकार मिलना चाहिए
राहुल के मुताबिक ओआरओपी का मसला भी सही तरीके से लागू होना चाहिए | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दक्षिण मुंबई स्थित एक चार मंजिली इमारत के शुक्रवार को ढह जाने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। इस घटना में घायल हुए लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि डॉकयार्ड रोड के नजदीक स्थित यह इमारत 33 साल पुरानी थी, जो नगरनिगम के कर्मचारियों का निवास स्थान थी। इस इमारत में 21 लोग रहते थे, यह शुक्रवार सुबह 5.45 बजे अचानक ढह गई, जिससे इसमें सोए हुए लोग इसकी चपेट में आ गए।
इस इमारत में 28 फ्लैट थे, जिसमें सात खाली पड़े थे, जबकि निचली मंजिल में गोदाम था। इस इमारत को कुछ साल पहले जर्जर घोषित कर दिया गया था।
बीएमसी की टीम ने पिछले महीने इसका निरीक्षण किया था और इसके मरम्मती और यहां रह रहे परिवार वालों को फौरन निकालने की सिफारिश की थी।टिप्पणियां
मुंबई के मेयर सुनील प्रभु बीएमसी और दमकल विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ राहत कार्यो का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक मृतकों के परिवार वालों के लिए 2 लाख रुपये सहायता राशि तथा घायलों का नगरनिगम के अस्पतालों में मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है।
इधर, मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हान ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। इसके साथ ही मृतकों के परिवार वालों को एक लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि डॉकयार्ड रोड के नजदीक स्थित यह इमारत 33 साल पुरानी थी, जो नगरनिगम के कर्मचारियों का निवास स्थान थी। इस इमारत में 21 लोग रहते थे, यह शुक्रवार सुबह 5.45 बजे अचानक ढह गई, जिससे इसमें सोए हुए लोग इसकी चपेट में आ गए।
इस इमारत में 28 फ्लैट थे, जिसमें सात खाली पड़े थे, जबकि निचली मंजिल में गोदाम था। इस इमारत को कुछ साल पहले जर्जर घोषित कर दिया गया था।
बीएमसी की टीम ने पिछले महीने इसका निरीक्षण किया था और इसके मरम्मती और यहां रह रहे परिवार वालों को फौरन निकालने की सिफारिश की थी।टिप्पणियां
मुंबई के मेयर सुनील प्रभु बीएमसी और दमकल विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ राहत कार्यो का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक मृतकों के परिवार वालों के लिए 2 लाख रुपये सहायता राशि तथा घायलों का नगरनिगम के अस्पतालों में मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है।
इधर, मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हान ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। इसके साथ ही मृतकों के परिवार वालों को एक लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की।
इस इमारत में 28 फ्लैट थे, जिसमें सात खाली पड़े थे, जबकि निचली मंजिल में गोदाम था। इस इमारत को कुछ साल पहले जर्जर घोषित कर दिया गया था।
बीएमसी की टीम ने पिछले महीने इसका निरीक्षण किया था और इसके मरम्मती और यहां रह रहे परिवार वालों को फौरन निकालने की सिफारिश की थी।टिप्पणियां
मुंबई के मेयर सुनील प्रभु बीएमसी और दमकल विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ राहत कार्यो का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक मृतकों के परिवार वालों के लिए 2 लाख रुपये सहायता राशि तथा घायलों का नगरनिगम के अस्पतालों में मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है।
इधर, मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हान ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। इसके साथ ही मृतकों के परिवार वालों को एक लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की।
बीएमसी की टीम ने पिछले महीने इसका निरीक्षण किया था और इसके मरम्मती और यहां रह रहे परिवार वालों को फौरन निकालने की सिफारिश की थी।टिप्पणियां
मुंबई के मेयर सुनील प्रभु बीएमसी और दमकल विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ राहत कार्यो का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक मृतकों के परिवार वालों के लिए 2 लाख रुपये सहायता राशि तथा घायलों का नगरनिगम के अस्पतालों में मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है।
इधर, मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हान ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। इसके साथ ही मृतकों के परिवार वालों को एक लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की।
मुंबई के मेयर सुनील प्रभु बीएमसी और दमकल विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ राहत कार्यो का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक मृतकों के परिवार वालों के लिए 2 लाख रुपये सहायता राशि तथा घायलों का नगरनिगम के अस्पतालों में मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है।
इधर, मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हान ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। इसके साथ ही मृतकों के परिवार वालों को एक लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की।
इधर, मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हान ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। इसके साथ ही मृतकों के परिवार वालों को एक लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दक्षिण मुंबई स्थित एक चार मंजिली इमारत के शुक्रवार को ढह जाने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। इस घटना में घायल लोगों का उपचार चल रहा है। मलबे में सभी लोगों को निकाल लिया गया है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी के विश्वासमत हासिल करने के तौर-तरीकों पर सवाल उठने के बाद सुप्रीम कोर्ट में इसकी वैधानिकता पर 11 जुलाई को सुनवाई होनी है. शुक्रवार को अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने केस में पेश होने से खुद को अलग कर लिया. उन्होंने कहा कि वह पहले ही ओ पनीरसेल्वम को कानूनी राय दे चुके हैं. इसलिए केस में कोर्ट की मदद नहीं कर सकते. अब सॉलीसिटर जनरल रंजीत कुमार कोर्ट में पेश होंगे. सर्वोच्च न्यायालय को यह तय करना है कि फरवरी महीने में हुआ विश्ववासमत वैध था या नहीं. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल को मदद के लिए बुलाया था.
इससे पहले मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर फरवरी में हुए मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी के विश्वासमत को चुनौती दी थी. सुनवाई के दौरान पनीरसेल्वम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि विश्वासमत के दौरान सही प्रक्रिया नहीं अपनाई गई. विधायकों को बंधक बना लिया गया था और इसके लिए उनपर दबाव बनाया गया. कोर्ट में कहा गया कि विश्वासमत को दोबारा से कराया जाना चाहिए और इसके लिए सीक्रेट बैलेट से वोटिंग होनी चाहिए. गौरतलब है कि विश्वासमत से पहले 122 विधायकों को एक रिसॉर्ट में रखा गया था.
इससे पहले मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर फरवरी में हुए मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी के विश्वासमत को चुनौती दी थी. सुनवाई के दौरान पनीरसेल्वम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि विश्वासमत के दौरान सही प्रक्रिया नहीं अपनाई गई. विधायकों को बंधक बना लिया गया था और इसके लिए उनपर दबाव बनाया गया. कोर्ट में कहा गया कि विश्वासमत को दोबारा से कराया जाना चाहिए और इसके लिए सीक्रेट बैलेट से वोटिंग होनी चाहिए. गौरतलब है कि विश्वासमत से पहले 122 विधायकों को एक रिसॉर्ट में रखा गया था. | संक्षिप्त सारांश: टॉर्नी जनरल बोले, वह पहले ही पनीरसेल्वम को कानूनी राय दे चुके हैं
अब सॉलीसिटर जनरल रंजीत कुमार कोर्ट में पेश होंगे
सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को करेगा | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक ने मंगलवार को होने वाली मौद्रिक एवं ऋण नीति की पहली तिमाही समीक्षा में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत दिया है। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि आर्थिक वृद्धि में सुस्ती के बावजूद मुद्रास्फीति की ऊंची दर को काबू में लाने के लिये ऋण नीति और सख्त करने की जरूरत है। मौद्रिक नीति की पूर्वसंध्या पर जारी वृहत आर्थिक एवं मौद्रिक विकास रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा है, मुद्रास्फीति को काबू में रखने के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए इसके खिलाफ मौजूदा उपायों को जारी रखने की जरूरत है, हालांकि इसमें आर्थिक वृद्धि में सुस्ती का जोखिम भी है। रिजर्व बैंक ने कहा, जब तक मुद्रास्फीति के रिजर्व बैंक के संतोषजनक क्षेत्र के आसपास आने के स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई देंगे, तब तक बैंक की सख्त मौद्रिक उपायों पर जोर देता रहेगा। उल्लेखनीय है कि जून में मुद्रास्फीति दर 9.44 प्रतिशत रही है। केन्द्रीय बैंक ने वित्त वर्ष की समाप्ति पर इसके 6 प्रतिशत तक नीचे आने का लक्ष्य रखा है। पिछले 15 महीनों के दौरान केन्द्रीय बैंक ने नीतिगत दरों (रेपो और रिवर्स रेपो) में 10 बार वृद्धि की है। इस दौरान रेपो दर बढ़कर 7.5 प्रतिशत और रिवर्स रेपो दर 6.5 प्रतिशत पर पहुंच गई। रिजर्व बैंक ने कहा है कि मानसून, वैश्विक उपभोक्ता मूल्य और यूरोक्षेत्र का संकट इन सभी में कोई भी बदलाव आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के स्तर को बदल सकता है। रिजर्व बैंक ने कहा, मानसून के सामान्य से आगे बढ़ने, वैश्विक बाजार में उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में गिरावट और यूरोक्षेत्र संकट का संकट समाप्त होने से मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि की भविष्यवाणियां में बदलाव आ सकता है। | संक्षिप्त पाठ: रिजर्व बैंक ने मंगलवार को होने वाली मौद्रिक एवं ऋण नीति की पहली तिमाही समीक्षा में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत दिया है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण कोरिया की इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पॉस्को जगतसिंहपुर की 12 अरब डॉलर (50,000 करोड़ रपये से अधिक) की परियोजना जल्द काम शुरू कर सकती है। ओडिशा सरकार ने कहा है कि समूची 2,700 एकड़ जमीन का हस्तांतरण जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
विश्व की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल द्वारा ओडिशा की 12 अरब डॉलर की परियोजना और कर्नाटक में पॉस्को की 6 अरब डॉलर की परियोजना से हटने के कुछ दिन बाद ही यह बयान आया है।
ओडिशा के इस्पात और खान मंत्री रजनी कांत सिंह ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि पॉस्को परियोजना पर जल्द ही काम शुरू करेगा। राज्य सरकार ने परियोजना के पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया है और जल्दी ही इसे शेष करीब 1,000 एकड़ जमीन दी जाएगी।’’
पॉस्को को परियोजना के पहले चरण में काम शुरू करने के लिए 2,700 एकड़ जमीन की जरूरत है। ओड़िशा सरकार ने उसे 1,700 एकड़ जमीन पहले ही हस्तांतरित कर दी है। सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
पॉस्को के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार के पूरी 2,700 एकड़ जमीन सौंपने के बाद परियोजना पर काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि यदि सबकुछ योजना के मुताबिक होता है तो परियोजना का पहला चरण 2018 में चालू हो जाएगा। दूसरा चरण, पहले चरण के पूरा होने के तीन साल बाद और तीसरा चरण इसके तीन साल बाद पूरा होगा।
इस्पात मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि सरकार चाहती है कि लंबे समय से लटकी हुई यह परियोजना आगे बढ़े।
विश्व की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल द्वारा ओडिशा की 12 अरब डॉलर की परियोजना और कर्नाटक में पॉस्को की 6 अरब डॉलर की परियोजना से हटने के कुछ दिन बाद ही यह बयान आया है।
ओडिशा के इस्पात और खान मंत्री रजनी कांत सिंह ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि पॉस्को परियोजना पर जल्द ही काम शुरू करेगा। राज्य सरकार ने परियोजना के पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया है और जल्दी ही इसे शेष करीब 1,000 एकड़ जमीन दी जाएगी।’’
पॉस्को को परियोजना के पहले चरण में काम शुरू करने के लिए 2,700 एकड़ जमीन की जरूरत है। ओड़िशा सरकार ने उसे 1,700 एकड़ जमीन पहले ही हस्तांतरित कर दी है। सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
पॉस्को के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार के पूरी 2,700 एकड़ जमीन सौंपने के बाद परियोजना पर काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि यदि सबकुछ योजना के मुताबिक होता है तो परियोजना का पहला चरण 2018 में चालू हो जाएगा। दूसरा चरण, पहले चरण के पूरा होने के तीन साल बाद और तीसरा चरण इसके तीन साल बाद पूरा होगा।
इस्पात मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि सरकार चाहती है कि लंबे समय से लटकी हुई यह परियोजना आगे बढ़े।
ओडिशा के इस्पात और खान मंत्री रजनी कांत सिंह ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि पॉस्को परियोजना पर जल्द ही काम शुरू करेगा। राज्य सरकार ने परियोजना के पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया है और जल्दी ही इसे शेष करीब 1,000 एकड़ जमीन दी जाएगी।’’
पॉस्को को परियोजना के पहले चरण में काम शुरू करने के लिए 2,700 एकड़ जमीन की जरूरत है। ओड़िशा सरकार ने उसे 1,700 एकड़ जमीन पहले ही हस्तांतरित कर दी है। सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
पॉस्को के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार के पूरी 2,700 एकड़ जमीन सौंपने के बाद परियोजना पर काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि यदि सबकुछ योजना के मुताबिक होता है तो परियोजना का पहला चरण 2018 में चालू हो जाएगा। दूसरा चरण, पहले चरण के पूरा होने के तीन साल बाद और तीसरा चरण इसके तीन साल बाद पूरा होगा।
इस्पात मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि सरकार चाहती है कि लंबे समय से लटकी हुई यह परियोजना आगे बढ़े।
पॉस्को को परियोजना के पहले चरण में काम शुरू करने के लिए 2,700 एकड़ जमीन की जरूरत है। ओड़िशा सरकार ने उसे 1,700 एकड़ जमीन पहले ही हस्तांतरित कर दी है। सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
पॉस्को के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार के पूरी 2,700 एकड़ जमीन सौंपने के बाद परियोजना पर काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि यदि सबकुछ योजना के मुताबिक होता है तो परियोजना का पहला चरण 2018 में चालू हो जाएगा। दूसरा चरण, पहले चरण के पूरा होने के तीन साल बाद और तीसरा चरण इसके तीन साल बाद पूरा होगा।
इस्पात मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि सरकार चाहती है कि लंबे समय से लटकी हुई यह परियोजना आगे बढ़े।
पॉस्को के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार के पूरी 2,700 एकड़ जमीन सौंपने के बाद परियोजना पर काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि यदि सबकुछ योजना के मुताबिक होता है तो परियोजना का पहला चरण 2018 में चालू हो जाएगा। दूसरा चरण, पहले चरण के पूरा होने के तीन साल बाद और तीसरा चरण इसके तीन साल बाद पूरा होगा।
इस्पात मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि सरकार चाहती है कि लंबे समय से लटकी हुई यह परियोजना आगे बढ़े।
अधिकारी ने कहा कि यदि सबकुछ योजना के मुताबिक होता है तो परियोजना का पहला चरण 2018 में चालू हो जाएगा। दूसरा चरण, पहले चरण के पूरा होने के तीन साल बाद और तीसरा चरण इसके तीन साल बाद पूरा होगा।
इस्पात मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि सरकार चाहती है कि लंबे समय से लटकी हुई यह परियोजना आगे बढ़े।
इस्पात मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि सरकार चाहती है कि लंबे समय से लटकी हुई यह परियोजना आगे बढ़े। | सारांश: दक्षिण कोरिया की इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पॉस्को जगतसिंहपुर की 12 अरब डॉलर (50,000 करोड़ रपये से अधिक) की परियोजना जल्द काम शुरू कर सकती है। ओडिशा सरकार ने कहा है कि समूची 2,700 एकड़ जमीन का हस्तांतरण जल्द पूरा होने की उम्मीद है। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अदालत ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की पुलिस हिरासत की याचिका ठुकरा दी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। भट्ट ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर वर्ष 2002 के गुजरात दंगों में संलिप्तता का आरोप लगाया था। पुलिस ने भट्ट के सात दिनों के पुलिस हिरासत की मांग की थी। उन्हें कांस्टेबल केडी पंत की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीजी दोशी ने पुलिस आग्रह खारिज कर दिया और भट्ट को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आज ही भट्ट की पत्नी श्वेता ने कहा था कि उसके पति के जान को खतरा है क्योंकि उन्हें शहर पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। उधर, शहर के पुलिस आयुक्त सुधीर सिन्हा का कहना है कि उनकी आशंका निराधार है। पुलिस आज दिन में भट्ट के घर की तलाशी लेने गई थी मगर ताजा तलाशी वारंट की श्वेता की मांग पर उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। श्वेता ने आरोप लगाया है कि सच बोलने पर पुलिस उनके पति को प्रताड़ित कर रही है। भट्ट को कांस्टेबल पंत की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। भट्ट पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं 341, 342, 195 और 189 के तहत मामला दर्ज किया गया है। | सारांश: अदालत ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की पुलिस हिरासत की याचिका ठुकरा दी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दैनिक जीवन में हास्य-विनोद और व्यंग्य की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हास्य को बेहतरीन मरहम करार दिया है और कहा है कि मुस्कान या हंसी, गाली या किसी अन्य हथियार की तुलना में अधिक ताकतवर है.
दिवंगत चो रामास्वामी द्वारा शुरू की गई तमिल पत्रिका 'तुगलक' की 47वीं जयंती को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खासकर इन मशहूर पत्रकार की हास्य-व्यंग्य की क्षमता का उल्लेख किया तथा दैनिक जीवन में उसकी और मांग की. प्रधानमंत्री ने कहा 'मैं समझता हूं कि हमें और व्यंग्य एवं हास्य-विनोद की ज़रूरत है. हास्य-विनोद हमारे जीवन में खुशी लाता है. हास्य-विनोद बेहतरीन मरहम है. मुस्कान या हंसी की ताकत गाली या किसी भी अन्य हथियार की ताकत से अधिक है.'टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये नई दिल्ली से कहा 'हास्य-विनोद तोड़ने के बजाय जोड़ता है, और आज हमें इसी की ज़रूरत है. लोगों के बीच, समुदायों के बीच, समाजों के बीच सेतु बनाना.' अपने मित्र रामास्वामी की प्रशंसा करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभिनेता-पत्रकार को हास्य-व्यंग्य में महारत हासिल थी और वह एक वाक्य या कार्टून के ज़रिये अपनी बात कहने में माहिर थे.
उन्होंने उनके लिए रामास्वामी द्वारा बनाए गए एक कार्टून को याद किया और कहा कि यह वर्तमान स्थिति को बताने के लिए उचित था. उन्होंने कहा 'यह मुझे चो के एक कार्टून की याद दिलाता है, जहां लोग बंदूक से मुझे निशाना बना रहे हैं और आम लोग मेरे आगे खड़े हैं. चो पूछते हैं, असली निशाना कौन है, मैं या आम लोग...? आज के संदर्भ में यह कार्टून कितना उचित है.' प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दिनों से ही उनके करीबी समझे जाने वाले चो रामास्वामी को श्रद्धांजलि दी.
दिवंगत चो रामास्वामी द्वारा शुरू की गई तमिल पत्रिका 'तुगलक' की 47वीं जयंती को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खासकर इन मशहूर पत्रकार की हास्य-व्यंग्य की क्षमता का उल्लेख किया तथा दैनिक जीवन में उसकी और मांग की. प्रधानमंत्री ने कहा 'मैं समझता हूं कि हमें और व्यंग्य एवं हास्य-विनोद की ज़रूरत है. हास्य-विनोद हमारे जीवन में खुशी लाता है. हास्य-विनोद बेहतरीन मरहम है. मुस्कान या हंसी की ताकत गाली या किसी भी अन्य हथियार की ताकत से अधिक है.'टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये नई दिल्ली से कहा 'हास्य-विनोद तोड़ने के बजाय जोड़ता है, और आज हमें इसी की ज़रूरत है. लोगों के बीच, समुदायों के बीच, समाजों के बीच सेतु बनाना.' अपने मित्र रामास्वामी की प्रशंसा करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभिनेता-पत्रकार को हास्य-व्यंग्य में महारत हासिल थी और वह एक वाक्य या कार्टून के ज़रिये अपनी बात कहने में माहिर थे.
उन्होंने उनके लिए रामास्वामी द्वारा बनाए गए एक कार्टून को याद किया और कहा कि यह वर्तमान स्थिति को बताने के लिए उचित था. उन्होंने कहा 'यह मुझे चो के एक कार्टून की याद दिलाता है, जहां लोग बंदूक से मुझे निशाना बना रहे हैं और आम लोग मेरे आगे खड़े हैं. चो पूछते हैं, असली निशाना कौन है, मैं या आम लोग...? आज के संदर्भ में यह कार्टून कितना उचित है.' प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दिनों से ही उनके करीबी समझे जाने वाले चो रामास्वामी को श्रद्धांजलि दी.
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये नई दिल्ली से कहा 'हास्य-विनोद तोड़ने के बजाय जोड़ता है, और आज हमें इसी की ज़रूरत है. लोगों के बीच, समुदायों के बीच, समाजों के बीच सेतु बनाना.' अपने मित्र रामास्वामी की प्रशंसा करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभिनेता-पत्रकार को हास्य-व्यंग्य में महारत हासिल थी और वह एक वाक्य या कार्टून के ज़रिये अपनी बात कहने में माहिर थे.
उन्होंने उनके लिए रामास्वामी द्वारा बनाए गए एक कार्टून को याद किया और कहा कि यह वर्तमान स्थिति को बताने के लिए उचित था. उन्होंने कहा 'यह मुझे चो के एक कार्टून की याद दिलाता है, जहां लोग बंदूक से मुझे निशाना बना रहे हैं और आम लोग मेरे आगे खड़े हैं. चो पूछते हैं, असली निशाना कौन है, मैं या आम लोग...? आज के संदर्भ में यह कार्टून कितना उचित है.' प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दिनों से ही उनके करीबी समझे जाने वाले चो रामास्वामी को श्रद्धांजलि दी.
उन्होंने उनके लिए रामास्वामी द्वारा बनाए गए एक कार्टून को याद किया और कहा कि यह वर्तमान स्थिति को बताने के लिए उचित था. उन्होंने कहा 'यह मुझे चो के एक कार्टून की याद दिलाता है, जहां लोग बंदूक से मुझे निशाना बना रहे हैं और आम लोग मेरे आगे खड़े हैं. चो पूछते हैं, असली निशाना कौन है, मैं या आम लोग...? आज के संदर्भ में यह कार्टून कितना उचित है.' प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दिनों से ही उनके करीबी समझे जाने वाले चो रामास्वामी को श्रद्धांजलि दी. | तमिल पत्रिका 'तुगलक' की जयंती पर पीएम ने चो रामास्वामी को श्रद्धांजलि दी
पीएम ने कहा, "हास्य-विनोद तोड़ने के बजाय जोड़ता है, उसी की ज़रूरत है..."
प्रधानमंत्री ने कहा, चो रामास्वामी को हास्य-व्यंग्य में महारत हासिल थी | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई में विरार से चर्चगेट जा रही ट्रेन में 20 वर्षीय लड़की से मारपीट करने की आरोपी चार महिलाओं को गुरुवार को हिरासत में ले लिया गया। पीड़िता की पहचान पर उन्हें हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने कहा कि इंजीनियरिंग की छात्रा पीड़िता रितुजा नायक की शिकायत के आधार पर वसई रोड थाने में बुधवार को चार महिलाओं के खिलाफ असंज्ञेय अपराध का मामला दर्ज किया गया। आरोपी नियमित यात्री हैं जिनकी पहचान रितुजा ने विरार स्टेशन पर की। घटना मंगलवार की है।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान दीपाली सावंत, नेहा ठाकुर, नैना ठाकुर और अश्विनी गौरव के रूप में हुई है। पीड़िता मंगवार की सुबह आठ बजकर 40 मिनट पर विरार में रेलगाड़ी पर सवार हुई थी। वसई में उतरने वालों का विरोध कर रही आरोपियों ने पीड़िता की पिटाई कर दी।टिप्पणियां
रितुजा वसई में जैसे ही उतरने लगी आरोपी महिलाओं ने उसे जबरन रोक लिया और उससे मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि घटना के समय उसे अस्थमा का संक्षिप्त दौरा भी पड़ा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने कहा कि इंजीनियरिंग की छात्रा पीड़िता रितुजा नायक की शिकायत के आधार पर वसई रोड थाने में बुधवार को चार महिलाओं के खिलाफ असंज्ञेय अपराध का मामला दर्ज किया गया। आरोपी नियमित यात्री हैं जिनकी पहचान रितुजा ने विरार स्टेशन पर की। घटना मंगलवार की है।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान दीपाली सावंत, नेहा ठाकुर, नैना ठाकुर और अश्विनी गौरव के रूप में हुई है। पीड़िता मंगवार की सुबह आठ बजकर 40 मिनट पर विरार में रेलगाड़ी पर सवार हुई थी। वसई में उतरने वालों का विरोध कर रही आरोपियों ने पीड़िता की पिटाई कर दी।टिप्पणियां
रितुजा वसई में जैसे ही उतरने लगी आरोपी महिलाओं ने उसे जबरन रोक लिया और उससे मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि घटना के समय उसे अस्थमा का संक्षिप्त दौरा भी पड़ा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान दीपाली सावंत, नेहा ठाकुर, नैना ठाकुर और अश्विनी गौरव के रूप में हुई है। पीड़िता मंगवार की सुबह आठ बजकर 40 मिनट पर विरार में रेलगाड़ी पर सवार हुई थी। वसई में उतरने वालों का विरोध कर रही आरोपियों ने पीड़िता की पिटाई कर दी।टिप्पणियां
रितुजा वसई में जैसे ही उतरने लगी आरोपी महिलाओं ने उसे जबरन रोक लिया और उससे मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि घटना के समय उसे अस्थमा का संक्षिप्त दौरा भी पड़ा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रितुजा वसई में जैसे ही उतरने लगी आरोपी महिलाओं ने उसे जबरन रोक लिया और उससे मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि घटना के समय उसे अस्थमा का संक्षिप्त दौरा भी पड़ा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: बुधवार को चार महिलाओं के खिलाफ असंज्ञेय अपराध का मामला दर्ज किया गया
आरोपी नियमित यात्री हैं जिनकी पहचान पीड़ित लड़की ने विरार स्टेशन पर की
पीड़िता का आरोप, घटना के समय उसे अस्थमा का संक्षिप्त दौरा भी पड़ा | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 26/11 के मुम्बई हमले का नियंत्रण कराची के जिस कक्ष से किया जा रहा था, उसमें मौजूद लोगों में एक लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था, जिसकी पहचान 'मेजर जनरल साहेब' के रूप में हुई है। यह बात प्रमुख संदिग्ध अबु जिंदाल ने भारतीय जांच अधिकारियों को दी।
जांच अधिकारी अभी भी लश्कर के आतंकवादी की पहचान स्पष्ट करने में लगे हुए हैं।
जिंदाल ने बताया है कि 26 नवम्बर 2008 को हमले का नियंत्रण करने वाले कक्ष में पाकिस्तान की आधिकारिक खुफिया एजेंसी आईएसआई के कम से कम दो अधिकारी भी मौजूद थे।
एक जांच अधिकारी ने कहा, "जिंदाल ने अब तक नियंत्रण कक्ष में मौजूद कुछ लोगों की जानकारी दी है। एक की पहचान उसने 'मेजर जनरल साहेब' के रूप में की है, जिसका सही नाम का पता नहीं चला है। लगता है कि वह लश्कर-ए-तैयबा का कोई ऊंचा अधिकारी है। इसके अलावा अन्य दो लोगों का नाम जिंदाल ने 'जकी-उर-रहमान लखवी और मुजम्मी उर्फ यूसुफ' बताया।"
जिंदाल को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे 21 जून को भारत लाया गया। अभी वह दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की हिरासत में है। उससे नवम्बर 2008 के मुम्बई हमलों सहित कई अन्य आतंकवादी हमले के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लश्कर-ए-तैयाबा के आतंकवादी जिंदाल से 12 दिनों की पूछताछ के बाद भारतीय अधिकारियों को यह विश्वास हो चला है कि मुम्बई हमला पाकिस्तान सरकार के सहयोग से की गई थी और आईएसआई ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
26/11 के मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और 238 लोग घायल हुए थे।
देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
जांच अधिकारी अभी भी लश्कर के आतंकवादी की पहचान स्पष्ट करने में लगे हुए हैं।
जिंदाल ने बताया है कि 26 नवम्बर 2008 को हमले का नियंत्रण करने वाले कक्ष में पाकिस्तान की आधिकारिक खुफिया एजेंसी आईएसआई के कम से कम दो अधिकारी भी मौजूद थे।
एक जांच अधिकारी ने कहा, "जिंदाल ने अब तक नियंत्रण कक्ष में मौजूद कुछ लोगों की जानकारी दी है। एक की पहचान उसने 'मेजर जनरल साहेब' के रूप में की है, जिसका सही नाम का पता नहीं चला है। लगता है कि वह लश्कर-ए-तैयबा का कोई ऊंचा अधिकारी है। इसके अलावा अन्य दो लोगों का नाम जिंदाल ने 'जकी-उर-रहमान लखवी और मुजम्मी उर्फ यूसुफ' बताया।"
जिंदाल को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे 21 जून को भारत लाया गया। अभी वह दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की हिरासत में है। उससे नवम्बर 2008 के मुम्बई हमलों सहित कई अन्य आतंकवादी हमले के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लश्कर-ए-तैयाबा के आतंकवादी जिंदाल से 12 दिनों की पूछताछ के बाद भारतीय अधिकारियों को यह विश्वास हो चला है कि मुम्बई हमला पाकिस्तान सरकार के सहयोग से की गई थी और आईएसआई ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
26/11 के मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और 238 लोग घायल हुए थे।
देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
जिंदाल ने बताया है कि 26 नवम्बर 2008 को हमले का नियंत्रण करने वाले कक्ष में पाकिस्तान की आधिकारिक खुफिया एजेंसी आईएसआई के कम से कम दो अधिकारी भी मौजूद थे।
एक जांच अधिकारी ने कहा, "जिंदाल ने अब तक नियंत्रण कक्ष में मौजूद कुछ लोगों की जानकारी दी है। एक की पहचान उसने 'मेजर जनरल साहेब' के रूप में की है, जिसका सही नाम का पता नहीं चला है। लगता है कि वह लश्कर-ए-तैयबा का कोई ऊंचा अधिकारी है। इसके अलावा अन्य दो लोगों का नाम जिंदाल ने 'जकी-उर-रहमान लखवी और मुजम्मी उर्फ यूसुफ' बताया।"
जिंदाल को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे 21 जून को भारत लाया गया। अभी वह दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की हिरासत में है। उससे नवम्बर 2008 के मुम्बई हमलों सहित कई अन्य आतंकवादी हमले के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लश्कर-ए-तैयाबा के आतंकवादी जिंदाल से 12 दिनों की पूछताछ के बाद भारतीय अधिकारियों को यह विश्वास हो चला है कि मुम्बई हमला पाकिस्तान सरकार के सहयोग से की गई थी और आईएसआई ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
26/11 के मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और 238 लोग घायल हुए थे।
देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
एक जांच अधिकारी ने कहा, "जिंदाल ने अब तक नियंत्रण कक्ष में मौजूद कुछ लोगों की जानकारी दी है। एक की पहचान उसने 'मेजर जनरल साहेब' के रूप में की है, जिसका सही नाम का पता नहीं चला है। लगता है कि वह लश्कर-ए-तैयबा का कोई ऊंचा अधिकारी है। इसके अलावा अन्य दो लोगों का नाम जिंदाल ने 'जकी-उर-रहमान लखवी और मुजम्मी उर्फ यूसुफ' बताया।"
जिंदाल को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे 21 जून को भारत लाया गया। अभी वह दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की हिरासत में है। उससे नवम्बर 2008 के मुम्बई हमलों सहित कई अन्य आतंकवादी हमले के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लश्कर-ए-तैयाबा के आतंकवादी जिंदाल से 12 दिनों की पूछताछ के बाद भारतीय अधिकारियों को यह विश्वास हो चला है कि मुम्बई हमला पाकिस्तान सरकार के सहयोग से की गई थी और आईएसआई ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
26/11 के मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और 238 लोग घायल हुए थे।
देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
जिंदाल को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे 21 जून को भारत लाया गया। अभी वह दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की हिरासत में है। उससे नवम्बर 2008 के मुम्बई हमलों सहित कई अन्य आतंकवादी हमले के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लश्कर-ए-तैयाबा के आतंकवादी जिंदाल से 12 दिनों की पूछताछ के बाद भारतीय अधिकारियों को यह विश्वास हो चला है कि मुम्बई हमला पाकिस्तान सरकार के सहयोग से की गई थी और आईएसआई ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
26/11 के मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और 238 लोग घायल हुए थे।
देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
लश्कर-ए-तैयाबा के आतंकवादी जिंदाल से 12 दिनों की पूछताछ के बाद भारतीय अधिकारियों को यह विश्वास हो चला है कि मुम्बई हमला पाकिस्तान सरकार के सहयोग से की गई थी और आईएसआई ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
26/11 के मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और 238 लोग घायल हुए थे।
देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
26/11 के मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और 238 लोग घायल हुए थे।
देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
अधिकारियों ने कहा, "जिंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।"
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था।
अधिकारियों के मुताबिक जिंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानता था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 26/11 के मुम्बई हमले का नियंत्रण कराची के जिस कक्ष से किया जा रहा था, उसमें मौजूद लोगों में एक लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था, जिसकी पहचान 'मेजर जनरल साहेब' के रूप में हुई है। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट ने उसके आदेश के बावजूद आइडिया सेल्युलर पर अतिरिक्त जुर्माना लगाने के लिए सरकार की आलोचना करते हुए उसे आदित्य बिड़ला समूह को मुकदमे की लागत का भुगतान करने को कहा है। इसके साथ ही न्यायाधिकरण ने इस अतिरिक्त मांग को खारिज कर दिया है।
टीडीसैट के चेयरमैन एस बी सिन्हा की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि उसने पिछले साल दिसंबर में ही आइडिया सेल्युलर पर जुर्माने के आदेश को रद्द कर दिया था। टीडीसैट ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने यह जुर्माना लगाते समय प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त का पालन नहीं किया।
टीडीसैट ने पूछा कि उसके पहले के आदेश के अनुपालन के बिना डॉट ने आइडिया सेल्युलर पर किस तरह और जुर्माना लगाया है।टिप्पणियां
टीडीसैट ने कहा कि हमें इसकी कोई वजह नजर नहीं आती है कि 5 दिसंबर, 2011 के हमारे आदेश को पूरा किए बिना नई मांग कैसे बनाई गई और इसमें प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त का अनुपालन भी नहीं हुआ। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दा वही है।
टीडीसैट ने कहा, ‘‘ऐसे में हमारा विचार है कि यह नई मांग सही नहीं है। इसे खारिज किया जाता है।’’ साथ ही न्यायाधिकरण ने डॉट से आइडिया को मुकदमा लागत के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करने को कहा है।
टीडीसैट के चेयरमैन एस बी सिन्हा की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि उसने पिछले साल दिसंबर में ही आइडिया सेल्युलर पर जुर्माने के आदेश को रद्द कर दिया था। टीडीसैट ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने यह जुर्माना लगाते समय प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त का पालन नहीं किया।
टीडीसैट ने पूछा कि उसके पहले के आदेश के अनुपालन के बिना डॉट ने आइडिया सेल्युलर पर किस तरह और जुर्माना लगाया है।टिप्पणियां
टीडीसैट ने कहा कि हमें इसकी कोई वजह नजर नहीं आती है कि 5 दिसंबर, 2011 के हमारे आदेश को पूरा किए बिना नई मांग कैसे बनाई गई और इसमें प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त का अनुपालन भी नहीं हुआ। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दा वही है।
टीडीसैट ने कहा, ‘‘ऐसे में हमारा विचार है कि यह नई मांग सही नहीं है। इसे खारिज किया जाता है।’’ साथ ही न्यायाधिकरण ने डॉट से आइडिया को मुकदमा लागत के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करने को कहा है।
टीडीसैट ने पूछा कि उसके पहले के आदेश के अनुपालन के बिना डॉट ने आइडिया सेल्युलर पर किस तरह और जुर्माना लगाया है।टिप्पणियां
टीडीसैट ने कहा कि हमें इसकी कोई वजह नजर नहीं आती है कि 5 दिसंबर, 2011 के हमारे आदेश को पूरा किए बिना नई मांग कैसे बनाई गई और इसमें प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त का अनुपालन भी नहीं हुआ। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दा वही है।
टीडीसैट ने कहा, ‘‘ऐसे में हमारा विचार है कि यह नई मांग सही नहीं है। इसे खारिज किया जाता है।’’ साथ ही न्यायाधिकरण ने डॉट से आइडिया को मुकदमा लागत के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करने को कहा है।
टीडीसैट ने कहा कि हमें इसकी कोई वजह नजर नहीं आती है कि 5 दिसंबर, 2011 के हमारे आदेश को पूरा किए बिना नई मांग कैसे बनाई गई और इसमें प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त का अनुपालन भी नहीं हुआ। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दा वही है।
टीडीसैट ने कहा, ‘‘ऐसे में हमारा विचार है कि यह नई मांग सही नहीं है। इसे खारिज किया जाता है।’’ साथ ही न्यायाधिकरण ने डॉट से आइडिया को मुकदमा लागत के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करने को कहा है।
टीडीसैट ने कहा, ‘‘ऐसे में हमारा विचार है कि यह नई मांग सही नहीं है। इसे खारिज किया जाता है।’’ साथ ही न्यायाधिकरण ने डॉट से आइडिया को मुकदमा लागत के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करने को कहा है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट ने उसके आदेश के बावजूद आइडिया सेल्युलर पर अतिरिक्त जुर्माना लगाने के लिए सरकार की आलोचना करते हुए उसे आदित्य बिड़ला समूह को मुकदमे की लागत का भुगतान करने को कहा है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रेलमंत्री पवन कुमार बंसल द्वारा आज पेश किए गए बजट को संतुलित, सिद्धांतपरक, वहन करने योग्य और सफर को आरामदेह बनाने वाला करार देते हुए सरकार ने कहा कि रेल बजट में आम आदमी की आकांक्षाओं का खास ध्यान रखा गया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पवन कुमार बंसल ने सेवा बढ़ाने की मांग से निपटने और व्यय कम करने के संबंध में प्रशंसनीय कार्य किया है। सिंह ने रेल बुनियादी ढांचा क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में अन्वेषण और क्षमता विस्तार के लिए रास्ता तैयार करने के बंसल को बधाई दी।
उन्होंने रेल बजट के संबंध में कहा, यह सुधारपरक और प्रगतिशील बजट है, जिसने रेलवे की वित्तीय स्थिति की वास्तविक तस्वीर पेश की है। आज पेश 2013-14 के रेल बजट में सवारी किराये में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है हालांकि कुछ अतिरिक्त शुल्क बढ़ाए गए।
रेल बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि यह एक ऐसा रेल बजट है, जिसमें रेल यात्रियों की सुविधाओं और आम लोगों की आकांक्षाओं का खास ध्यान रखा गया है।
आम चुनाव को ध्यान में रखकर रेल बजट के लोकलुभाव होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि लोग इस तरह की बात क्यों करते हैं। यह एक सिद्धांतपरक, वहन करने योग्य एवं रेल सफर को आरामदेह बनाने वाला बजट है। इस तरह के (लोकलुभावन) आरोप लगाने से पहले बजट को पूरा पढ़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव तो होना है। लोकतंत्र में चुनाव का महत्व होता है, लेकिन हम जनता के सामने अपना रिकॉर्ड पेश करेंगे और जनता हमारे रिकॉर्ड को जानती है।टिप्पणियां
माल भाड़ा बढ़ाए जाने से उद्योगों के लिए कारोबार करने में परेशानी आने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि रेल बजट तैयार करते समय सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है। इन विषयों पर उद्योगों से भी सलाह और विचार-विमर्श किया जाता है।
विदेशमंत्री ने कहा, कुल मिलाकर यह रेल बजट संतुलित है, जिसमें उद्योग और आम आदमी की जरूरतों के बीच सामंजस्य बनाया गया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पवन कुमार बंसल ने सेवा बढ़ाने की मांग से निपटने और व्यय कम करने के संबंध में प्रशंसनीय कार्य किया है। सिंह ने रेल बुनियादी ढांचा क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में अन्वेषण और क्षमता विस्तार के लिए रास्ता तैयार करने के बंसल को बधाई दी।
उन्होंने रेल बजट के संबंध में कहा, यह सुधारपरक और प्रगतिशील बजट है, जिसने रेलवे की वित्तीय स्थिति की वास्तविक तस्वीर पेश की है। आज पेश 2013-14 के रेल बजट में सवारी किराये में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है हालांकि कुछ अतिरिक्त शुल्क बढ़ाए गए।
रेल बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि यह एक ऐसा रेल बजट है, जिसमें रेल यात्रियों की सुविधाओं और आम लोगों की आकांक्षाओं का खास ध्यान रखा गया है।
आम चुनाव को ध्यान में रखकर रेल बजट के लोकलुभाव होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि लोग इस तरह की बात क्यों करते हैं। यह एक सिद्धांतपरक, वहन करने योग्य एवं रेल सफर को आरामदेह बनाने वाला बजट है। इस तरह के (लोकलुभावन) आरोप लगाने से पहले बजट को पूरा पढ़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव तो होना है। लोकतंत्र में चुनाव का महत्व होता है, लेकिन हम जनता के सामने अपना रिकॉर्ड पेश करेंगे और जनता हमारे रिकॉर्ड को जानती है।टिप्पणियां
माल भाड़ा बढ़ाए जाने से उद्योगों के लिए कारोबार करने में परेशानी आने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि रेल बजट तैयार करते समय सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है। इन विषयों पर उद्योगों से भी सलाह और विचार-विमर्श किया जाता है।
विदेशमंत्री ने कहा, कुल मिलाकर यह रेल बजट संतुलित है, जिसमें उद्योग और आम आदमी की जरूरतों के बीच सामंजस्य बनाया गया है।
उन्होंने रेल बजट के संबंध में कहा, यह सुधारपरक और प्रगतिशील बजट है, जिसने रेलवे की वित्तीय स्थिति की वास्तविक तस्वीर पेश की है। आज पेश 2013-14 के रेल बजट में सवारी किराये में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है हालांकि कुछ अतिरिक्त शुल्क बढ़ाए गए।
रेल बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि यह एक ऐसा रेल बजट है, जिसमें रेल यात्रियों की सुविधाओं और आम लोगों की आकांक्षाओं का खास ध्यान रखा गया है।
आम चुनाव को ध्यान में रखकर रेल बजट के लोकलुभाव होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि लोग इस तरह की बात क्यों करते हैं। यह एक सिद्धांतपरक, वहन करने योग्य एवं रेल सफर को आरामदेह बनाने वाला बजट है। इस तरह के (लोकलुभावन) आरोप लगाने से पहले बजट को पूरा पढ़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव तो होना है। लोकतंत्र में चुनाव का महत्व होता है, लेकिन हम जनता के सामने अपना रिकॉर्ड पेश करेंगे और जनता हमारे रिकॉर्ड को जानती है।टिप्पणियां
माल भाड़ा बढ़ाए जाने से उद्योगों के लिए कारोबार करने में परेशानी आने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि रेल बजट तैयार करते समय सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है। इन विषयों पर उद्योगों से भी सलाह और विचार-विमर्श किया जाता है।
विदेशमंत्री ने कहा, कुल मिलाकर यह रेल बजट संतुलित है, जिसमें उद्योग और आम आदमी की जरूरतों के बीच सामंजस्य बनाया गया है।
रेल बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि यह एक ऐसा रेल बजट है, जिसमें रेल यात्रियों की सुविधाओं और आम लोगों की आकांक्षाओं का खास ध्यान रखा गया है।
आम चुनाव को ध्यान में रखकर रेल बजट के लोकलुभाव होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि लोग इस तरह की बात क्यों करते हैं। यह एक सिद्धांतपरक, वहन करने योग्य एवं रेल सफर को आरामदेह बनाने वाला बजट है। इस तरह के (लोकलुभावन) आरोप लगाने से पहले बजट को पूरा पढ़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव तो होना है। लोकतंत्र में चुनाव का महत्व होता है, लेकिन हम जनता के सामने अपना रिकॉर्ड पेश करेंगे और जनता हमारे रिकॉर्ड को जानती है।टिप्पणियां
माल भाड़ा बढ़ाए जाने से उद्योगों के लिए कारोबार करने में परेशानी आने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि रेल बजट तैयार करते समय सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है। इन विषयों पर उद्योगों से भी सलाह और विचार-विमर्श किया जाता है।
विदेशमंत्री ने कहा, कुल मिलाकर यह रेल बजट संतुलित है, जिसमें उद्योग और आम आदमी की जरूरतों के बीच सामंजस्य बनाया गया है।
आम चुनाव को ध्यान में रखकर रेल बजट के लोकलुभाव होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि लोग इस तरह की बात क्यों करते हैं। यह एक सिद्धांतपरक, वहन करने योग्य एवं रेल सफर को आरामदेह बनाने वाला बजट है। इस तरह के (लोकलुभावन) आरोप लगाने से पहले बजट को पूरा पढ़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव तो होना है। लोकतंत्र में चुनाव का महत्व होता है, लेकिन हम जनता के सामने अपना रिकॉर्ड पेश करेंगे और जनता हमारे रिकॉर्ड को जानती है।टिप्पणियां
माल भाड़ा बढ़ाए जाने से उद्योगों के लिए कारोबार करने में परेशानी आने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि रेल बजट तैयार करते समय सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है। इन विषयों पर उद्योगों से भी सलाह और विचार-विमर्श किया जाता है।
विदेशमंत्री ने कहा, कुल मिलाकर यह रेल बजट संतुलित है, जिसमें उद्योग और आम आदमी की जरूरतों के बीच सामंजस्य बनाया गया है।
माल भाड़ा बढ़ाए जाने से उद्योगों के लिए कारोबार करने में परेशानी आने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि रेल बजट तैयार करते समय सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है। इन विषयों पर उद्योगों से भी सलाह और विचार-विमर्श किया जाता है।
विदेशमंत्री ने कहा, कुल मिलाकर यह रेल बजट संतुलित है, जिसमें उद्योग और आम आदमी की जरूरतों के बीच सामंजस्य बनाया गया है।
विदेशमंत्री ने कहा, कुल मिलाकर यह रेल बजट संतुलित है, जिसमें उद्योग और आम आदमी की जरूरतों के बीच सामंजस्य बनाया गया है। | यह एक सारांश है: रेलमंत्री पवन कुमार बंसल द्वारा आज पेश किए गए बजट को संतुलित, सिद्धांतपरक, वहन करने योग्य और सफर को आरामदेह बनाने वाला करार देते हुए सरकार ने कहा कि रेल बजट में आम आदमी की आकांक्षाओं का खास ध्यान रखा गया है। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने कहा कि नेशनल साइंस डे के अवसर पर मैं हमारे वैज्ञानिकों और विज्ञान से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूं. हमारी युवा-पीढ़ी, सत्य और ज्ञान की खोज़ के लिए प्रेरित हो, विज्ञान की मदद से समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित हो, इसके लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं.
गौरतलब है 'मन की बात' आकाशवाणी पर प्रसारित किया जाने वाला एक कार्यक्रम है जिसके जरिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के नागरिकों को संबोधित करते हैं. इस कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया था. जनवरी 2015 में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनके साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया था तथा भारत की जनता के प्रश्नों के उत्तर दिए थे.
गौरतलब है 'मन की बात' आकाशवाणी पर प्रसारित किया जाने वाला एक कार्यक्रम है जिसके जरिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के नागरिकों को संबोधित करते हैं. इस कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया था. जनवरी 2015 में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनके साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया था तथा भारत की जनता के प्रश्नों के उत्तर दिए थे. | विज्ञान का उपयोग मानव-मात्र के कल्याण के लिए होना चाहिए
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फ़सलों की पैदावार बढ़ने में सहायता कर सकती हैं?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से रोबोट्स मशीनें बनायी जाती हैं | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि भारत के साथ सियाचिन मुद्दे को लेकर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और दुनिया के सबसे ऊंचे एवं सर्द मोर्चे से सैनिकों को हटाने की कोई योजना नहीं है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोअज्जम खान ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘सियाचिन के मुद्दे पर पाकिस्तान की नीति अथवा रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।’’ वह सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी की ओर से कल दिए बयान के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। कयानी ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए सियाचिन सहित सभी मुद्दों को हल करना चाहिए।
खान ने कहा, ‘‘हम इस ग्लेशियर से सैनिकों को हटाने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।’’ टिप्पणियां
सूत्रों ने कहा, ‘‘ यह देखना होगा कि टिप्पणी किसने की है, यह कब की गई और इसका स्थान क्या है। यह सब काफी सकारात्मक है।’’ कयानी ने कल उत्तरी पाकिस्तान में स्कार्दू का दौरा किया था जहां पिछले दिनों हिमस्खलन के कारण कई सैनिकों और आम नागरिकों की मौत हो गयी थी। कयानी ने भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दों को सुलझाने और उनके शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पक्ष में बयान दिया था।
उन्होंने अन्य बातों के साथ यह भी कहा था कि सियाचिन मुद्दे के हल हो जाने से दोनों देशों को कीमत नहीं चुकानी होगी।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोअज्जम खान ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘सियाचिन के मुद्दे पर पाकिस्तान की नीति अथवा रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।’’ वह सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी की ओर से कल दिए बयान के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। कयानी ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए सियाचिन सहित सभी मुद्दों को हल करना चाहिए।
खान ने कहा, ‘‘हम इस ग्लेशियर से सैनिकों को हटाने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।’’ टिप्पणियां
सूत्रों ने कहा, ‘‘ यह देखना होगा कि टिप्पणी किसने की है, यह कब की गई और इसका स्थान क्या है। यह सब काफी सकारात्मक है।’’ कयानी ने कल उत्तरी पाकिस्तान में स्कार्दू का दौरा किया था जहां पिछले दिनों हिमस्खलन के कारण कई सैनिकों और आम नागरिकों की मौत हो गयी थी। कयानी ने भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दों को सुलझाने और उनके शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पक्ष में बयान दिया था।
उन्होंने अन्य बातों के साथ यह भी कहा था कि सियाचिन मुद्दे के हल हो जाने से दोनों देशों को कीमत नहीं चुकानी होगी।
खान ने कहा, ‘‘हम इस ग्लेशियर से सैनिकों को हटाने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।’’ टिप्पणियां
सूत्रों ने कहा, ‘‘ यह देखना होगा कि टिप्पणी किसने की है, यह कब की गई और इसका स्थान क्या है। यह सब काफी सकारात्मक है।’’ कयानी ने कल उत्तरी पाकिस्तान में स्कार्दू का दौरा किया था जहां पिछले दिनों हिमस्खलन के कारण कई सैनिकों और आम नागरिकों की मौत हो गयी थी। कयानी ने भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दों को सुलझाने और उनके शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पक्ष में बयान दिया था।
उन्होंने अन्य बातों के साथ यह भी कहा था कि सियाचिन मुद्दे के हल हो जाने से दोनों देशों को कीमत नहीं चुकानी होगी।
सूत्रों ने कहा, ‘‘ यह देखना होगा कि टिप्पणी किसने की है, यह कब की गई और इसका स्थान क्या है। यह सब काफी सकारात्मक है।’’ कयानी ने कल उत्तरी पाकिस्तान में स्कार्दू का दौरा किया था जहां पिछले दिनों हिमस्खलन के कारण कई सैनिकों और आम नागरिकों की मौत हो गयी थी। कयानी ने भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दों को सुलझाने और उनके शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पक्ष में बयान दिया था।
उन्होंने अन्य बातों के साथ यह भी कहा था कि सियाचिन मुद्दे के हल हो जाने से दोनों देशों को कीमत नहीं चुकानी होगी।
उन्होंने अन्य बातों के साथ यह भी कहा था कि सियाचिन मुद्दे के हल हो जाने से दोनों देशों को कीमत नहीं चुकानी होगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि भारत के साथ सियाचिन मुद्दे को लेकर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और दुनिया के सबसे ऊंचे एवं सर्द मोर्चे से सैनिकों को हटाने की कोई योजना नहीं है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: डेविड हेडली को सजा सुनाए जाने के कुछ दिनों बाद अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि मुंबई हमले के गुनाहगारों को न्याय की जद में लाने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है और यह करना अमेरिका की उच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
हिलेरी का यह बयान लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी डेविड हेडली को 35 साल की सजा सुनाए जाने के कुछ दिन बाद आया है। मुंबई हमले और हेडली को सजा सुनाए जाने से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हम भाग नहीं रहे हैं। न्याय दिलाना हमारी उच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।’टिप्पणियां
हिलेरी ने इंटरनेट के जरिए दुनियाभर के दर्शकों से बातचीत के दौरान कहा, ‘मुंबई हमले के गुनाहगारों को न्याय की जद में लाने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।’
मुंबई हमले की साजिश में सूत्रधार रहे हेडली को मिली सजा पर भारत में बड़े पैमाने पर निराशा जताई गई। भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।
हिलेरी का यह बयान लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी डेविड हेडली को 35 साल की सजा सुनाए जाने के कुछ दिन बाद आया है। मुंबई हमले और हेडली को सजा सुनाए जाने से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हम भाग नहीं रहे हैं। न्याय दिलाना हमारी उच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।’टिप्पणियां
हिलेरी ने इंटरनेट के जरिए दुनियाभर के दर्शकों से बातचीत के दौरान कहा, ‘मुंबई हमले के गुनाहगारों को न्याय की जद में लाने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।’
मुंबई हमले की साजिश में सूत्रधार रहे हेडली को मिली सजा पर भारत में बड़े पैमाने पर निराशा जताई गई। भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।
हिलेरी ने इंटरनेट के जरिए दुनियाभर के दर्शकों से बातचीत के दौरान कहा, ‘मुंबई हमले के गुनाहगारों को न्याय की जद में लाने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।’
मुंबई हमले की साजिश में सूत्रधार रहे हेडली को मिली सजा पर भारत में बड़े पैमाने पर निराशा जताई गई। भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।
मुंबई हमले की साजिश में सूत्रधार रहे हेडली को मिली सजा पर भारत में बड़े पैमाने पर निराशा जताई गई। भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। | डेविड हेडली को सजा सुनाए जाने के कुछ दिनों बाद अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि मुंबई हमले के गुनाहगारों को न्याय की जद में लाने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है और यह करना अमेरिका की उच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्पेन के अग्रणी फुटबाल क्लब एफसी बार्सिलोना को अपने अमेरिका दौरे में बुधवार को मेक्सिको के क्लब चिवास के हाथों 1-4 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस रोमांचक मुकाबले को 70 हजार लोगों ने देखा। वेबसाइट 'यूरो स्पोर्ट डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक चिवास की ओर से मार्को फेबियान ने दो मिनट के अंदर दो गोल करके चैम्पियंस लीग विजेता बार्सिलोना को चौंका दिया। बार्सिलोना के कोच पेप गुआडियोला अपनी टीम की इस हार से हैरान हैं लेकिन उन्हें चिवास के इस शानदार खेल से हैरानी नहीं हुई। पेप ने कहा, "मैं चिवास के प्रदर्शन से हैरान नहीं हूं। मैक्सिकन फुटबाल बहुत मनोरंजक और प्रतिस्पर्धी है।" बार्सिलोना ने तीसरे मिनट में डेविड विला के गोल की मदद से 1-0 की बढ़त हासिल की थी। गोल का यह अंतर मध्यांतर तक जारी रहा लेकिन मध्यांतर के बाद चिवास ने 12 मिनट के अंतराल पर तीन गोल करके 3-1 की बढ़त हासिल कर ली। तीन में से दो गोल फेबियान ने किया। फेबियन ने 60वें और 62वें मिनट में जबकि एक गोल जियोवानी कासिलास ने 72वें मिनट में किया। इसके बाद 90वें मिनट में जोस लुइस वर्दुस्को ने चौथा गोल करके बार्सिलोना की हार पक्की कर दी। मैच के बाद फेबियान ने कहा, "यह किसी सपने के पूरा होने जैसा है। बार्सिलोना जैसी सशक्त टीम को हराना अपने आप में अनूठा अनुभव है। इस टीम के खिलाफ एक ही मैच में दो गोल करना और भी अनूठा है। मेरे लिए यह जश्न मनाने का मौका है।" | यह एक सारांश है: बार्सिलोना को अपने अमेरिका दौरे में मेक्सिको के क्लब चिवास के हाथों 1-4 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में भारतीय मूल की एक शिक्षिका को विवादस्पद वीडियो के बाद निलंबित कर दिया गया. वीडियो में शिक्षिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर पर पिचकारी से बौछार करती हुई और ‘मर जाओ’ चिल्लाती हुई दिख रही है. यह वीडियो वायरल हो चुका है. टेक्सास में डलास के एडमसन हाई स्कूल की कला शिक्षिका पायल मोदी को ट्रंप पर पिचकारी चलाते हुए कैमरे में कैद किया गया. शिक्षिका व्हाइट बोर्ड पर दिखाए जा रहे ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह वाले वीडियो में ट्रंप पर पिचकारी चलाती हुई दिखी हैं. आठ सैकंड वाले इस वीडियो को एक निजी इंस्टाग्राम अकाउंट पर 20 जनवरी को पोस्ट किया गया था. इसी दिन ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी.टिप्पणियां
वीडियो में पायल के हाथ में पिचकारी है और व्हाइट बोर्ड पर ट्रंप की तस्वीर पर निशाना साधते हुए ‘मर जाओ’ चिल्ला रही हैं. लाखों लोग अब तक इस वीडियो को देख चुके हैं. इसे बुधवार को पोस्ट किया गया था. इसके बाद डलास इंन्डिपेन्डेंट स्कूल डिस्ट्रिक्ट (डीआईएसडी) ने इस बारे में जांच शुरू कर दी है. डीआईएसडी की महिला प्रवक्ता रोबिन हैरिस को डलास मॉर्निंग न्यूज में यह कहते हुए उद्धृत किया गया कि पायल मोदी को छुट्टी पर भेज दिया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब तक डीआईएसडी जांच नहीं कर लेगा इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वीडियो में पायल के हाथ में पिचकारी है और व्हाइट बोर्ड पर ट्रंप की तस्वीर पर निशाना साधते हुए ‘मर जाओ’ चिल्ला रही हैं. लाखों लोग अब तक इस वीडियो को देख चुके हैं. इसे बुधवार को पोस्ट किया गया था. इसके बाद डलास इंन्डिपेन्डेंट स्कूल डिस्ट्रिक्ट (डीआईएसडी) ने इस बारे में जांच शुरू कर दी है. डीआईएसडी की महिला प्रवक्ता रोबिन हैरिस को डलास मॉर्निंग न्यूज में यह कहते हुए उद्धृत किया गया कि पायल मोदी को छुट्टी पर भेज दिया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब तक डीआईएसडी जांच नहीं कर लेगा इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:पायल, ट्रंप की तस्वीर पर निशाना साधते हुए ‘मर जाओ’ चिल्ला रही है
बुधवार को पोस्ट हुए वीडियो को लाखों लोग अब तक देख चुके हैं
डलास इंन्डिपेन्डेंट स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने इस बारे में जांच शुरू कर दी है | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ सहित 11 जिलों की 56 सीटों पर रविवार को होने वाले चौथे चरण के मतदान के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बीच प्रमुख दलों के नेताओं ने पांचवें चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार तेज कर दिया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शनिवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि 'पुत्र मोह' में फंसकर वह पिछड़ों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।
आगरा में एक संवाददाता सम्मेलन में गडकरी ने कहा, "मुलायम का अंतिम लक्ष्य किसी तरह अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है। इसलिए वह पुत्र मोह में फंसकर मुसलमानों को 18 फीसदी आरक्षण देने की वकालत कर रहे हैं।"
गडकरी ने यह भी कहा कि मुलायम पुत्र मोह में फंसकर पिछड़ों, अतिपिछड़ों और यादव समाज के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। यह सब वह मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए कर रहे हैं।
वहीं भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने शनिवार को प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं। हमीरपुर में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश की भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं और किसानों की खुदकुशी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, "भाजपा पर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन मैं साफ तौर पर कहना चाहती हूं कि भाजपा मुस्लिम विरोधी नहीं, बल्कि मजहब के आधार पर आरक्षण की विरोधी है।"
पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने फिरोजाबाद में एक जनसभा में कहा कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी झूठ की राजनीति कर रहे हैं। राहुल का सपा और बसपा के खिलाफ बयानबाजी महज सियासी नाटकबाजी है। इसी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने बरेली में कहा कि केंद्रीय मंत्री जानबूझकर चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं और यह सब रणनीति के तहत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार बनाने के लिए सपा और बसपा से समझौता नहीं करेगी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस में सबसे अधिक उधार के प्रत्याशी हैं और उधार के प्रत्याशियों के सहारे चुनाव नहीं जीता जाता। महोबा में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बसपा शासन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों के इशारे पर ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या हुई।
उधर, मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यदि भ्रष्टाचार और गुंडाराज से दूर रहना चाहते हैं और विकास चाहते हैं तो एक बार फिर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें और बसपा को सुशासन लाने का मौका दें।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शनिवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि 'पुत्र मोह' में फंसकर वह पिछड़ों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।
आगरा में एक संवाददाता सम्मेलन में गडकरी ने कहा, "मुलायम का अंतिम लक्ष्य किसी तरह अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है। इसलिए वह पुत्र मोह में फंसकर मुसलमानों को 18 फीसदी आरक्षण देने की वकालत कर रहे हैं।"
गडकरी ने यह भी कहा कि मुलायम पुत्र मोह में फंसकर पिछड़ों, अतिपिछड़ों और यादव समाज के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। यह सब वह मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए कर रहे हैं।
वहीं भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने शनिवार को प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं। हमीरपुर में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश की भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं और किसानों की खुदकुशी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, "भाजपा पर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन मैं साफ तौर पर कहना चाहती हूं कि भाजपा मुस्लिम विरोधी नहीं, बल्कि मजहब के आधार पर आरक्षण की विरोधी है।"
पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने फिरोजाबाद में एक जनसभा में कहा कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी झूठ की राजनीति कर रहे हैं। राहुल का सपा और बसपा के खिलाफ बयानबाजी महज सियासी नाटकबाजी है। इसी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने बरेली में कहा कि केंद्रीय मंत्री जानबूझकर चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं और यह सब रणनीति के तहत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार बनाने के लिए सपा और बसपा से समझौता नहीं करेगी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस में सबसे अधिक उधार के प्रत्याशी हैं और उधार के प्रत्याशियों के सहारे चुनाव नहीं जीता जाता। महोबा में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बसपा शासन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों के इशारे पर ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या हुई।
उधर, मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यदि भ्रष्टाचार और गुंडाराज से दूर रहना चाहते हैं और विकास चाहते हैं तो एक बार फिर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें और बसपा को सुशासन लाने का मौका दें।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
आगरा में एक संवाददाता सम्मेलन में गडकरी ने कहा, "मुलायम का अंतिम लक्ष्य किसी तरह अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है। इसलिए वह पुत्र मोह में फंसकर मुसलमानों को 18 फीसदी आरक्षण देने की वकालत कर रहे हैं।"
गडकरी ने यह भी कहा कि मुलायम पुत्र मोह में फंसकर पिछड़ों, अतिपिछड़ों और यादव समाज के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। यह सब वह मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए कर रहे हैं।
वहीं भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने शनिवार को प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं। हमीरपुर में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश की भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं और किसानों की खुदकुशी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, "भाजपा पर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन मैं साफ तौर पर कहना चाहती हूं कि भाजपा मुस्लिम विरोधी नहीं, बल्कि मजहब के आधार पर आरक्षण की विरोधी है।"
पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने फिरोजाबाद में एक जनसभा में कहा कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी झूठ की राजनीति कर रहे हैं। राहुल का सपा और बसपा के खिलाफ बयानबाजी महज सियासी नाटकबाजी है। इसी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने बरेली में कहा कि केंद्रीय मंत्री जानबूझकर चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं और यह सब रणनीति के तहत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार बनाने के लिए सपा और बसपा से समझौता नहीं करेगी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस में सबसे अधिक उधार के प्रत्याशी हैं और उधार के प्रत्याशियों के सहारे चुनाव नहीं जीता जाता। महोबा में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बसपा शासन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों के इशारे पर ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या हुई।
उधर, मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यदि भ्रष्टाचार और गुंडाराज से दूर रहना चाहते हैं और विकास चाहते हैं तो एक बार फिर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें और बसपा को सुशासन लाने का मौका दें।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
गडकरी ने यह भी कहा कि मुलायम पुत्र मोह में फंसकर पिछड़ों, अतिपिछड़ों और यादव समाज के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। यह सब वह मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए कर रहे हैं।
वहीं भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने शनिवार को प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं। हमीरपुर में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश की भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं और किसानों की खुदकुशी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, "भाजपा पर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन मैं साफ तौर पर कहना चाहती हूं कि भाजपा मुस्लिम विरोधी नहीं, बल्कि मजहब के आधार पर आरक्षण की विरोधी है।"
पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने फिरोजाबाद में एक जनसभा में कहा कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी झूठ की राजनीति कर रहे हैं। राहुल का सपा और बसपा के खिलाफ बयानबाजी महज सियासी नाटकबाजी है। इसी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने बरेली में कहा कि केंद्रीय मंत्री जानबूझकर चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं और यह सब रणनीति के तहत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार बनाने के लिए सपा और बसपा से समझौता नहीं करेगी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस में सबसे अधिक उधार के प्रत्याशी हैं और उधार के प्रत्याशियों के सहारे चुनाव नहीं जीता जाता। महोबा में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बसपा शासन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों के इशारे पर ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या हुई।
उधर, मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यदि भ्रष्टाचार और गुंडाराज से दूर रहना चाहते हैं और विकास चाहते हैं तो एक बार फिर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें और बसपा को सुशासन लाने का मौका दें।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
वहीं भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने शनिवार को प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं। हमीरपुर में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश की भ्रष्टतम सरकार के मुखिया हैं और किसानों की खुदकुशी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, "भाजपा पर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन मैं साफ तौर पर कहना चाहती हूं कि भाजपा मुस्लिम विरोधी नहीं, बल्कि मजहब के आधार पर आरक्षण की विरोधी है।"
पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने फिरोजाबाद में एक जनसभा में कहा कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी झूठ की राजनीति कर रहे हैं। राहुल का सपा और बसपा के खिलाफ बयानबाजी महज सियासी नाटकबाजी है। इसी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने बरेली में कहा कि केंद्रीय मंत्री जानबूझकर चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं और यह सब रणनीति के तहत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार बनाने के लिए सपा और बसपा से समझौता नहीं करेगी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस में सबसे अधिक उधार के प्रत्याशी हैं और उधार के प्रत्याशियों के सहारे चुनाव नहीं जीता जाता। महोबा में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बसपा शासन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों के इशारे पर ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या हुई।
उधर, मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यदि भ्रष्टाचार और गुंडाराज से दूर रहना चाहते हैं और विकास चाहते हैं तो एक बार फिर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें और बसपा को सुशासन लाने का मौका दें।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने फिरोजाबाद में एक जनसभा में कहा कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी झूठ की राजनीति कर रहे हैं। राहुल का सपा और बसपा के खिलाफ बयानबाजी महज सियासी नाटकबाजी है। इसी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने बरेली में कहा कि केंद्रीय मंत्री जानबूझकर चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं और यह सब रणनीति के तहत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार बनाने के लिए सपा और बसपा से समझौता नहीं करेगी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस में सबसे अधिक उधार के प्रत्याशी हैं और उधार के प्रत्याशियों के सहारे चुनाव नहीं जीता जाता। महोबा में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बसपा शासन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों के इशारे पर ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या हुई।
उधर, मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यदि भ्रष्टाचार और गुंडाराज से दूर रहना चाहते हैं और विकास चाहते हैं तो एक बार फिर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें और बसपा को सुशासन लाने का मौका दें।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस में सबसे अधिक उधार के प्रत्याशी हैं और उधार के प्रत्याशियों के सहारे चुनाव नहीं जीता जाता। महोबा में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बसपा शासन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों के इशारे पर ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या हुई।
उधर, मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यदि भ्रष्टाचार और गुंडाराज से दूर रहना चाहते हैं और विकास चाहते हैं तो एक बार फिर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें और बसपा को सुशासन लाने का मौका दें।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
उधर, मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यदि भ्रष्टाचार और गुंडाराज से दूर रहना चाहते हैं और विकास चाहते हैं तो एक बार फिर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें और बसपा को सुशासन लाने का मौका दें।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
जालौन में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की जायज मांगों को आज तक नहीं माना। इसके बाद राज्य सरकार ने पिछड़े इलाकों को विकसित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जिसका लाभ भी मिला।"
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने विरोधियों पर लगातार तीखे हमले किए। शनिवार को रमाबाईनगर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्ष से विकास की गाड़ी फंसी हुई है, जिसे इसे आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।टिप्पणियां
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
भोगनीपुर में एक चुनावी जनसभा उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह तीन बार मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें बिजली, पानी और सड़क की याद नहीं आई। अब तो वे मुसलमानों को आरक्षण देने की बात भी करने लगे हैं।"
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे।
चौथे चरण में रविवार को हरदोई, उन्नाव, लखनउ, रायबरेली, फरु खाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में मतदान होगा। इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 1.73 करोड़ मतदाता करेंगे। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ सहित 11 जिलों की 56 सीटों पर रविवार को होने वाले चौथे चरण के मतदान के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हाई कोर्ट ने जेल में बंद कैदियों की याचिका पर चलन से बाहर किये गये नोट उनके बैंक खातों में जमा कराने की प्रक्रिया के बारे में सोमवार को केंद्र और असम सरकार से जवाब तलब किया. केंद्र और राज्य सरकार को दो दिसंबर तक जवाब देना है.
न्यायमूर्ति सुमन श्याम ने गुवाहाटी सेंट्रल जेल के 11 कैदियों की याचिका पर आगे सुनवाई की तारीख निर्धारित करते हुए सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया. इन कैदियों ने अपनी याचिका में करेंसी नोटों की अदला-बदली के लिए जरूरी प्रबंध करने हेतु केंद्र, असम सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और जेल अधिकारियों को उचित निर्देश देने की मांग की है.
आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों ने याचिका में कहा है कि जेल में बंद कैदियों के लिए 50 हजार रुपये से अधिक की पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट की नकदी जमा करने के लिए समस्या पैदा हो गई है.टिप्पणियां
चूंकि उनके परिजन जेल में बंद कैदियों के संबंधित खातों में केवल 50 हजार रुपये ही जमा करा सकते हैं, ऐसे में कैदियों ने अपील की कि उन्हें उनके पास मौजूद नकदी जमा कराने के लिए संबंधित बैंकों में जाने की अनुमति दी जाए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायमूर्ति सुमन श्याम ने गुवाहाटी सेंट्रल जेल के 11 कैदियों की याचिका पर आगे सुनवाई की तारीख निर्धारित करते हुए सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया. इन कैदियों ने अपनी याचिका में करेंसी नोटों की अदला-बदली के लिए जरूरी प्रबंध करने हेतु केंद्र, असम सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और जेल अधिकारियों को उचित निर्देश देने की मांग की है.
आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों ने याचिका में कहा है कि जेल में बंद कैदियों के लिए 50 हजार रुपये से अधिक की पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट की नकदी जमा करने के लिए समस्या पैदा हो गई है.टिप्पणियां
चूंकि उनके परिजन जेल में बंद कैदियों के संबंधित खातों में केवल 50 हजार रुपये ही जमा करा सकते हैं, ऐसे में कैदियों ने अपील की कि उन्हें उनके पास मौजूद नकदी जमा कराने के लिए संबंधित बैंकों में जाने की अनुमति दी जाए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों ने याचिका में कहा है कि जेल में बंद कैदियों के लिए 50 हजार रुपये से अधिक की पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट की नकदी जमा करने के लिए समस्या पैदा हो गई है.टिप्पणियां
चूंकि उनके परिजन जेल में बंद कैदियों के संबंधित खातों में केवल 50 हजार रुपये ही जमा करा सकते हैं, ऐसे में कैदियों ने अपील की कि उन्हें उनके पास मौजूद नकदी जमा कराने के लिए संबंधित बैंकों में जाने की अनुमति दी जाए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चूंकि उनके परिजन जेल में बंद कैदियों के संबंधित खातों में केवल 50 हजार रुपये ही जमा करा सकते हैं, ऐसे में कैदियों ने अपील की कि उन्हें उनके पास मौजूद नकदी जमा कराने के लिए संबंधित बैंकों में जाने की अनुमति दी जाए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: उम्रकैद की सजा काट रहे 11 कैदियों की याचिका
कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को जारी किया नोटिस
दो दिसंबर को इनको देना है जवाब | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अयोध्या मामले में प्रमुख मुद्दई रहे इकबाल अंसारी तथा कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने केंद्र सरकार से वर्ष 1991 में अधिग्रहीत की गई भूमि में से मस्जिद के लिए जमीन देन की मांग की है. विवादित ढांचे के आसपास की 67 एकड़ जमीन 1991 में केंद्र सरकार ने अधिग्रहित कर ली थी. अंसारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार अगर सरकार हमें जमीन देना चाहती है तो वह उसी 67 एकड़ हिस्से में से होनी चाहिए जिसे केंद्र ने अधिग्रहित किया था. हम तभी इसे स्वीकार करेंगे. नहीं तो हम जमीन लेने से इंकार कर देंगे.
मौलाना जमाल अशरफ नामक स्थानीय धर्मगुरु ने कहा कि मुसलमान मस्जिद बनाने के लिए अपने पैसे से जमीन खरीद सकते हैं और वे इसके लिए केंद्र सरकार पर निर्भर नहीं हैं. सरकार अगर हमें कुछ तसल्ली देना चाहती है तो उसे 1991 में अधिग्रहित की गई 67 एकड़ भूमि में से ही कोई जमीन देनी चाहिए. उस जमीन पर कई कब्रिस्तान और सूफी संत काजी कि़दवा समेत कई दरगाहे हैं. मामले के एक अन्य मुद्दई हाजी महबूब ने कहा कि हम झुनझुना स्वीकार नहीं करेंगे. सरकार को साफ तौर पर बताना होगा कि वह हमें कहां जमीन देने जा रही है.
जमीअत उलमा ए हिंद की अयोध्या इकाई के अध्यक्ष मौलाना बादशाह खान ने कहा कि मुसलमान बाबरी मस्जिद का मुकदमा लड़ रहे थे ना कि किसी जमीन का. हमें मस्जिद के बदले कहीं कोई जमीन नहीं चाहिए, बल्कि हम उस जमीन को भी राम मंदिर निर्माण के लिए दे देंगे. इस बीच, सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मस्जिद का निर्माण के लिए अयोध्या के अंदर और उसके आसपास जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि हमसे किसी प्रमुख और आकर्षक स्थान पर मस्जिद के निर्माण के लिए जमीन तलाशने को कहा गया है. हालांकि अयोध्या मामले के प्रमुख पक्षकार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश ने जमीन लेने या ना लेने के संबंध में आगामी 26 नवंबर को होने वाली अपनी बैठक में निर्णय लेने की बात कही है.
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 9 नवंबर को अयोध्या मामले में फैसला सुनाते हुए विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण कराने और मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए किसी प्रमुख स्थान पर 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था. | संक्षिप्त सारांश: अयोध्या केस में आया SC का फैसला
मुस्लिम धर्मगुरु ने की मांग
'67 एकड़ अधिग्रहीत भूमि में से ही दी जाए मस्जिद के लिए जमीन' | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जनलोकपाल विधेयक मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के आमरण अनशन शुरू करने के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस मुद्दे को लेकर कैबिनेट के कुछ सदस्यों के साथ चर्चा की। अब संकेत मिल रहे हैं कि हजारे से बात करने के लिए एक या दो मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि मनमोहन ने कैबिनेट की बैठक के तुरंत बाद कुछ मंत्रियों के साथ इस मामले पर चर्चा की। सू़त्रों ने कहा कि अनौपचारिक बातचीत का सीधा सा मतलब यह है कि आमरण अनशन के कारण पैदा हुई स्थितियों को शांत करने की जरूरत है क्योंकि इस अभियान को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि एक या दो मंत्रियों या प्रतिनिधियों को हजारे से मुलाकात करके उनकी मांगों और अनशन समाप्त करने को लेकर बात करने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह जिम्मेदारी सौंपने का समय अब तक स्पष्ट नहीं है। इससे पहले कानून मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने कहा कि सरकार सुझावों पर गौर करने के लिए तैयार है हालांकि वह संसद के अगले सत्र में विधेयक पेश करने की इच्छुक है। | यहाँ एक सारांश है:बातचीत का सीधा मतलब यह है कि अनशन के कारण पैदा हुई स्थितियों को शांत करने की जरूरत है क्योंकि अभियान को लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सूसन राइस ने अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से बातचीत में उरी आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा कि व्हाइट हाउस को पाकिस्तान की ओर से "यूएन द्वारा चिह्नित आतंकवादी गुटों से लड़ने और उन्हें अवैध घोषित करने की दिशा में प्रभावी कदम" उठाए जाने की उम्मीद है.
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, "राइस ने हमारी उम्मीद को दोहराया कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए आतंकवादियों और आतंकी संगठनों, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके सहयोगी संगठन शामिल हैं, से लड़ने और उन्हें अवैध घोषित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा..."
जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर 18 सितंबर को हुए आतंकवादी हमले के बाद अजीत डोभाल से फोन पर हुई पहली बातचीत में सूसन राइस ने हमले की कड़ी निंदा की, और शहीदों व उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. टिप्पणियां
नेड प्राइस के मुताबिक, "उन्होंने (सूसन राइस ने) राष्ट्रपति (बराक) ओबामा की दुनियाभर में आतंकवाद के साजिश रचने वालों को न्याय के कठघरे में खड़ा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया..."
नेड प्राइस ने यह भी कहा, "राइस ने क्षेत्रीय स्थिरता तथा शांति बनाए रखने के प्रति भारत के साथ मिलीजुली प्रतिबद्धता पर भी चर्चा की, और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और गहरा करने की वचनबद्धता जताई..."
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, "राइस ने हमारी उम्मीद को दोहराया कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए आतंकवादियों और आतंकी संगठनों, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके सहयोगी संगठन शामिल हैं, से लड़ने और उन्हें अवैध घोषित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा..."
जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर 18 सितंबर को हुए आतंकवादी हमले के बाद अजीत डोभाल से फोन पर हुई पहली बातचीत में सूसन राइस ने हमले की कड़ी निंदा की, और शहीदों व उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. टिप्पणियां
नेड प्राइस के मुताबिक, "उन्होंने (सूसन राइस ने) राष्ट्रपति (बराक) ओबामा की दुनियाभर में आतंकवाद के साजिश रचने वालों को न्याय के कठघरे में खड़ा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया..."
नेड प्राइस ने यह भी कहा, "राइस ने क्षेत्रीय स्थिरता तथा शांति बनाए रखने के प्रति भारत के साथ मिलीजुली प्रतिबद्धता पर भी चर्चा की, और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और गहरा करने की वचनबद्धता जताई..."
जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर 18 सितंबर को हुए आतंकवादी हमले के बाद अजीत डोभाल से फोन पर हुई पहली बातचीत में सूसन राइस ने हमले की कड़ी निंदा की, और शहीदों व उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. टिप्पणियां
नेड प्राइस के मुताबिक, "उन्होंने (सूसन राइस ने) राष्ट्रपति (बराक) ओबामा की दुनियाभर में आतंकवाद के साजिश रचने वालों को न्याय के कठघरे में खड़ा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया..."
नेड प्राइस ने यह भी कहा, "राइस ने क्षेत्रीय स्थिरता तथा शांति बनाए रखने के प्रति भारत के साथ मिलीजुली प्रतिबद्धता पर भी चर्चा की, और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और गहरा करने की वचनबद्धता जताई..."
नेड प्राइस के मुताबिक, "उन्होंने (सूसन राइस ने) राष्ट्रपति (बराक) ओबामा की दुनियाभर में आतंकवाद के साजिश रचने वालों को न्याय के कठघरे में खड़ा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया..."
नेड प्राइस ने यह भी कहा, "राइस ने क्षेत्रीय स्थिरता तथा शांति बनाए रखने के प्रति भारत के साथ मिलीजुली प्रतिबद्धता पर भी चर्चा की, और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और गहरा करने की वचनबद्धता जताई..."
नेड प्राइस ने यह भी कहा, "राइस ने क्षेत्रीय स्थिरता तथा शांति बनाए रखने के प्रति भारत के साथ मिलीजुली प्रतिबद्धता पर भी चर्चा की, और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और गहरा करने की वचनबद्धता जताई..." | अमेरिकी NSA सूसन राइस ने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल को किया फोन
सूसन ने उरी में सेना के बेस पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की
सूसन ने कहा, अमेरिका को पाक से आतंक के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की आशा | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मंगलवार को ब्रिटेन के एक अस्पताल में ओपन हार्ट सर्जरी हुई। शरीफ की पार्टी ने कहा कि उनकी सर्जरी ‘‘सफल’’ रही। पिछले पांच वर्षों में यह उनकी दूसरी हार्ट सर्जरी है।
शरीफ एक नियमित चिकित्सकीय जांच के लिए पिछले 22 मई को लंदन गए थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने परेशानी को देखते हुए उन्हें सर्जरी की सलाह दी।
पीएमएल(एन) के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सफल रहा और हम अब उनके कुछ घंटे में होश में आने का इंजार कर रहे हैं।’’ शरीफ की पुत्री मरियम नवाज ने इससे पहले सोशल मीडिया पर सर्जरी के बारे में जानकारी दी थी।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘अल्लाह के रहम से सर्जरी ठीक चल रही है। कुछ और घंटे लगेंगे। दुआओं से चमत्कार हो रहे हैं। एक घंटे पहले नसों की ‘ग्राफ्टिंग’ शुरू हुई।’’ उन्होंने उससे पहले ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री की सर्जरी ब्रिटेन के समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुई। उससे पहले उनसे बात की, वह बहुत ही खुशदिल थे।’’ शरीफ कम से कम एक सप्ताह अस्पताल में रुकेंगे। उसके बाद ही वह स्वदेश पाकिस्तान लौट सकेंगे।
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी सहित विश्व के कई नेताओं ने शरीफ को सर्जरी की सफलता की शुभकामनाएं देते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी।
हालांकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शरीफ ने सर्जरी से पहले केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही बात की। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और आगामी ऑपरेशन और जल्द स्वस्थ होने की प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया।’’टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
शरीफ एक नियमित चिकित्सकीय जांच के लिए पिछले 22 मई को लंदन गए थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने परेशानी को देखते हुए उन्हें सर्जरी की सलाह दी।
पीएमएल(एन) के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सफल रहा और हम अब उनके कुछ घंटे में होश में आने का इंजार कर रहे हैं।’’ शरीफ की पुत्री मरियम नवाज ने इससे पहले सोशल मीडिया पर सर्जरी के बारे में जानकारी दी थी।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘अल्लाह के रहम से सर्जरी ठीक चल रही है। कुछ और घंटे लगेंगे। दुआओं से चमत्कार हो रहे हैं। एक घंटे पहले नसों की ‘ग्राफ्टिंग’ शुरू हुई।’’ उन्होंने उससे पहले ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री की सर्जरी ब्रिटेन के समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुई। उससे पहले उनसे बात की, वह बहुत ही खुशदिल थे।’’ शरीफ कम से कम एक सप्ताह अस्पताल में रुकेंगे। उसके बाद ही वह स्वदेश पाकिस्तान लौट सकेंगे।
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी सहित विश्व के कई नेताओं ने शरीफ को सर्जरी की सफलता की शुभकामनाएं देते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी।
हालांकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शरीफ ने सर्जरी से पहले केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही बात की। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और आगामी ऑपरेशन और जल्द स्वस्थ होने की प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया।’’टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
पीएमएल(एन) के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सफल रहा और हम अब उनके कुछ घंटे में होश में आने का इंजार कर रहे हैं।’’ शरीफ की पुत्री मरियम नवाज ने इससे पहले सोशल मीडिया पर सर्जरी के बारे में जानकारी दी थी।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘अल्लाह के रहम से सर्जरी ठीक चल रही है। कुछ और घंटे लगेंगे। दुआओं से चमत्कार हो रहे हैं। एक घंटे पहले नसों की ‘ग्राफ्टिंग’ शुरू हुई।’’ उन्होंने उससे पहले ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री की सर्जरी ब्रिटेन के समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुई। उससे पहले उनसे बात की, वह बहुत ही खुशदिल थे।’’ शरीफ कम से कम एक सप्ताह अस्पताल में रुकेंगे। उसके बाद ही वह स्वदेश पाकिस्तान लौट सकेंगे।
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी सहित विश्व के कई नेताओं ने शरीफ को सर्जरी की सफलता की शुभकामनाएं देते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी।
हालांकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शरीफ ने सर्जरी से पहले केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही बात की। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और आगामी ऑपरेशन और जल्द स्वस्थ होने की प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया।’’टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘अल्लाह के रहम से सर्जरी ठीक चल रही है। कुछ और घंटे लगेंगे। दुआओं से चमत्कार हो रहे हैं। एक घंटे पहले नसों की ‘ग्राफ्टिंग’ शुरू हुई।’’ उन्होंने उससे पहले ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री की सर्जरी ब्रिटेन के समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुई। उससे पहले उनसे बात की, वह बहुत ही खुशदिल थे।’’ शरीफ कम से कम एक सप्ताह अस्पताल में रुकेंगे। उसके बाद ही वह स्वदेश पाकिस्तान लौट सकेंगे।
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी सहित विश्व के कई नेताओं ने शरीफ को सर्जरी की सफलता की शुभकामनाएं देते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी।
हालांकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शरीफ ने सर्जरी से पहले केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही बात की। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और आगामी ऑपरेशन और जल्द स्वस्थ होने की प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया।’’टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी सहित विश्व के कई नेताओं ने शरीफ को सर्जरी की सफलता की शुभकामनाएं देते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी।
हालांकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शरीफ ने सर्जरी से पहले केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही बात की। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और आगामी ऑपरेशन और जल्द स्वस्थ होने की प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया।’’टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
हालांकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शरीफ ने सर्जरी से पहले केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही बात की। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और आगामी ऑपरेशन और जल्द स्वस्थ होने की प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया।’’टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है) | सारांश: पुत्री मरियम नवाज ने सोशल मीडिया पर सर्जरी के बारे में जानकारी दी
एक सप्ताह अस्पताल में रहने के बाद शरीफ स्वदेश लौटेंगे
ऑपरेशन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई थी उनकी बातचीत | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संघषर्विराम के संकेत के तौर पर पिछले कुछ दिनों के अपने कड़े रुख से पलटते हुए सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि कुछ शरारती तत्व उनके और रक्षा मंत्री एके एंटनी के बीच ‘फूट’ दिखाने का प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सरकार के हिस्सा हैं।
तनाव को कम करते हुए जनरल सिंह ने एक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया और कहा कि उनके और एंटनी के बीच फूट की खबर ‘असत्य’ है और उस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया की ओर से हर मुद्दे को सरकार और सेना प्रमुख के बीच संघर्ष के रूप में पेश करना ‘गुमराह करने वाली बात’ है।
पिछले कुछ दिनों से गरमाए माहौल को और ठंडा करने की सेना प्रमुख की कोशिश ऐसे समय आई है जब महज एक दिन पहले एंटनी ने तीनों अंगों के प्रमुखों पर सरकार का विश्वास व्यक्त किया था।
एंटनी ने उन लोगों को अधिकतम दंड दिलाने की प्रतिबद्धता भी जाहिर की जिनका प्रधानमंत्री को भेजी जनरल सिंह की चिट्ठी के लीक कराने के पीछे हाथ है। इस चिट्ठी में सेना प्रमुख ने रक्षा तैयारी की कमी का जिक्र किया था।
जनरल सिंह ने बयान जारी कर पत्र लीक को राजद्रोह करार दिया और कहा कि उसके सूत्रधार के साथ कड़ाई से पेश आना चाहिए।
उम्र विवाद में कानूनी लड़ाई हार चुके सेना प्रमुख ने हाल ही में यह साक्षात्कार देकर सरकार की परेशानी बढ़ा दी थी कि घटिया सामान का सौदा करने के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को भेजे गए जनरल के पत्र के लीक होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
जनरल सिंह ने कहा, ‘एक के बाद एक कई पत्र लीक हुए हैं और अंतत: माननीय प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी लीक हुई।’
तनाव को कम करते हुए जनरल सिंह ने एक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया और कहा कि उनके और एंटनी के बीच फूट की खबर ‘असत्य’ है और उस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया की ओर से हर मुद्दे को सरकार और सेना प्रमुख के बीच संघर्ष के रूप में पेश करना ‘गुमराह करने वाली बात’ है।
पिछले कुछ दिनों से गरमाए माहौल को और ठंडा करने की सेना प्रमुख की कोशिश ऐसे समय आई है जब महज एक दिन पहले एंटनी ने तीनों अंगों के प्रमुखों पर सरकार का विश्वास व्यक्त किया था।
एंटनी ने उन लोगों को अधिकतम दंड दिलाने की प्रतिबद्धता भी जाहिर की जिनका प्रधानमंत्री को भेजी जनरल सिंह की चिट्ठी के लीक कराने के पीछे हाथ है। इस चिट्ठी में सेना प्रमुख ने रक्षा तैयारी की कमी का जिक्र किया था।
जनरल सिंह ने बयान जारी कर पत्र लीक को राजद्रोह करार दिया और कहा कि उसके सूत्रधार के साथ कड़ाई से पेश आना चाहिए।
उम्र विवाद में कानूनी लड़ाई हार चुके सेना प्रमुख ने हाल ही में यह साक्षात्कार देकर सरकार की परेशानी बढ़ा दी थी कि घटिया सामान का सौदा करने के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को भेजे गए जनरल के पत्र के लीक होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
जनरल सिंह ने कहा, ‘एक के बाद एक कई पत्र लीक हुए हैं और अंतत: माननीय प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी लीक हुई।’
पिछले कुछ दिनों से गरमाए माहौल को और ठंडा करने की सेना प्रमुख की कोशिश ऐसे समय आई है जब महज एक दिन पहले एंटनी ने तीनों अंगों के प्रमुखों पर सरकार का विश्वास व्यक्त किया था।
एंटनी ने उन लोगों को अधिकतम दंड दिलाने की प्रतिबद्धता भी जाहिर की जिनका प्रधानमंत्री को भेजी जनरल सिंह की चिट्ठी के लीक कराने के पीछे हाथ है। इस चिट्ठी में सेना प्रमुख ने रक्षा तैयारी की कमी का जिक्र किया था।
जनरल सिंह ने बयान जारी कर पत्र लीक को राजद्रोह करार दिया और कहा कि उसके सूत्रधार के साथ कड़ाई से पेश आना चाहिए।
उम्र विवाद में कानूनी लड़ाई हार चुके सेना प्रमुख ने हाल ही में यह साक्षात्कार देकर सरकार की परेशानी बढ़ा दी थी कि घटिया सामान का सौदा करने के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को भेजे गए जनरल के पत्र के लीक होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
जनरल सिंह ने कहा, ‘एक के बाद एक कई पत्र लीक हुए हैं और अंतत: माननीय प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी लीक हुई।’
एंटनी ने उन लोगों को अधिकतम दंड दिलाने की प्रतिबद्धता भी जाहिर की जिनका प्रधानमंत्री को भेजी जनरल सिंह की चिट्ठी के लीक कराने के पीछे हाथ है। इस चिट्ठी में सेना प्रमुख ने रक्षा तैयारी की कमी का जिक्र किया था।
जनरल सिंह ने बयान जारी कर पत्र लीक को राजद्रोह करार दिया और कहा कि उसके सूत्रधार के साथ कड़ाई से पेश आना चाहिए।
उम्र विवाद में कानूनी लड़ाई हार चुके सेना प्रमुख ने हाल ही में यह साक्षात्कार देकर सरकार की परेशानी बढ़ा दी थी कि घटिया सामान का सौदा करने के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को भेजे गए जनरल के पत्र के लीक होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
जनरल सिंह ने कहा, ‘एक के बाद एक कई पत्र लीक हुए हैं और अंतत: माननीय प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी लीक हुई।’
जनरल सिंह ने बयान जारी कर पत्र लीक को राजद्रोह करार दिया और कहा कि उसके सूत्रधार के साथ कड़ाई से पेश आना चाहिए।
उम्र विवाद में कानूनी लड़ाई हार चुके सेना प्रमुख ने हाल ही में यह साक्षात्कार देकर सरकार की परेशानी बढ़ा दी थी कि घटिया सामान का सौदा करने के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को भेजे गए जनरल के पत्र के लीक होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
जनरल सिंह ने कहा, ‘एक के बाद एक कई पत्र लीक हुए हैं और अंतत: माननीय प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी लीक हुई।’
उम्र विवाद में कानूनी लड़ाई हार चुके सेना प्रमुख ने हाल ही में यह साक्षात्कार देकर सरकार की परेशानी बढ़ा दी थी कि घटिया सामान का सौदा करने के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को भेजे गए जनरल के पत्र के लीक होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
जनरल सिंह ने कहा, ‘एक के बाद एक कई पत्र लीक हुए हैं और अंतत: माननीय प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी लीक हुई।’
प्रधानमंत्री को भेजे गए जनरल के पत्र के लीक होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
जनरल सिंह ने कहा, ‘एक के बाद एक कई पत्र लीक हुए हैं और अंतत: माननीय प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी लीक हुई।’
जनरल सिंह ने कहा, ‘एक के बाद एक कई पत्र लीक हुए हैं और अंतत: माननीय प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी लीक हुई।’ | संक्षिप्त पाठ: संघर्षविराम के संकेत के तौर पर पिछले कुछ दिनों के अपने कड़े रुख से पलटते हुए सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि कुछ शरारती तत्व उनके और रक्षा मंत्री एके एंटनी के बीच ‘फूट’ दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राहुल द्रविड़ के खेल के पारंपरिक प्रारूप में भारत के एम्बेसडर रहे हैं और अपने क्रिकेट करियर से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कहा कि उनका पहला प्यार ‘टेस्ट क्रिकेट’ ही था।टिप्पणियां
द्रविड़ से जब पूछा गया कि क्या वह राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 फाइनल के दौरान अपने पेशेवर करियर के अंतिम मैच के दौरान भावुक हो गए थे तो उन्होंने कहा, ‘यह कुछ तरीकों से भावनात्मक था। जब आप टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहते तो आप काफी भावुक महसूस करते हो।’
राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करने वाले द्रविड़ ने कहा, ‘इस टीम की अगुवाई करना शानदार था। फ्रेंचाइजी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी है।’
द्रविड़ से जब पूछा गया कि क्या वह राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 फाइनल के दौरान अपने पेशेवर करियर के अंतिम मैच के दौरान भावुक हो गए थे तो उन्होंने कहा, ‘यह कुछ तरीकों से भावनात्मक था। जब आप टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहते तो आप काफी भावुक महसूस करते हो।’
राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करने वाले द्रविड़ ने कहा, ‘इस टीम की अगुवाई करना शानदार था। फ्रेंचाइजी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी है।’
राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करने वाले द्रविड़ ने कहा, ‘इस टीम की अगुवाई करना शानदार था। फ्रेंचाइजी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी है।’ | यह एक सारांश है: राहुल द्रविड़ के खेल के पारंपरिक प्रारूप में भारत के एम्बेसडर रहे हैं और अपने क्रिकेट करियर से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कहा कि उनका पहला प्यार ‘टेस्ट क्रिकेट’ ही था। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी जनसंख्या ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान समय में हर छह में से एक अमेरिकी नागरिक गरीबी से त्रस्त है। ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2009 में जहां गरीबी का स्तर 14.3 प्रतिशत था, वहीं वर्ष 2010 में यह 15.1 प्रतिशत हो गया। रिपोर्ट कहती है कि गरीबी के स्तर में लगातार तीन सालों से वृद्धि जारी है। इनकम, पावर्टी एंड हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज इन दी यूनाइटेड स्टेट्स-2011 नाम की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 में गरीबी में रह रहे लोगों की संख्या चार करोड़ 62 लाख हो गई, जो 2009 में चार करोड़ 36 लाख थी। अमेरिका में पिछले 52 सालों में यह गरीबों की सबसे बड़ी संख्या है। गौरतलब है कि अमेरिका में 22 हजार 314 डॉलर (लगभग 10 लाख रुपये) सालाना से कम आय वाले चार लोगों के परिवार और अकेले व्यक्ति के लिए 11 हजार 139 डॉलर (लगभग पांच लाख रुपये) सालाना आय को गरीब की श्रेणी में रखा जाता है। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी जनसंख्या ब्यूरो के अनुसार हर छह में से एक अमेरिकी नागरिक गरीबी से त्रस्त है। अमेरिका में 52 सालों में यह गरीबों की सबसे बड़ी संख्या है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के लिए बीजेपी में चल रहे नाटक पर आज सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। दरअसल, येदियुरप्पा समर्थकों ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए आलाकमान को आज तक का अल्टीमेटम दिया हुआ है।
वैसे, इसके पहले सदानंद गौड़ा की जगह जगदीश शेट्टर को मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर राज्य के नौ मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था हालांकि जेटली और गडकरी की येदियुरप्पा से बातचीत के बाद इन मंत्रियों ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था और राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए आलाकमान को आज तक का वक्त दिया था।
वैसे, इसके पहले सदानंद गौड़ा की जगह जगदीश शेट्टर को मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर राज्य के नौ मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था हालांकि जेटली और गडकरी की येदियुरप्पा से बातचीत के बाद इन मंत्रियों ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था और राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए आलाकमान को आज तक का वक्त दिया था। | यह एक सारांश है: येदियुरप्पा समर्थकों ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए आलाकमान को आज तक का अल्टीमेटम दिया हुआ है। | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्रिमंडल के रविवार को होने वाले फेरबदल को बेकार की कवायद करार देते हुए बीजेपी ने कहा है कि केंद्र सरकार को इसकी बजाए नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए।टिप्पणियां
बीजेपी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने संवाददाताओं से कहा, तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार की विश्वसनीयता समाप्त हो गई है। बीजेपी मानती है कि यह (मंत्रिमंडल में फेरबदल) बेकार की कवायद है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसके स्थान पर नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए। एक प्रश्न के जवाब में रूडी ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलती है, तब बीजेपी संसद सत्र में कामकाज बाधित करने से परहेज नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि 2जी स्पेक्ट्रम मुद्दे पर शीतकालीन सत्र बाधित करने से देश को दो लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ।
बीजेपी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने संवाददाताओं से कहा, तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार की विश्वसनीयता समाप्त हो गई है। बीजेपी मानती है कि यह (मंत्रिमंडल में फेरबदल) बेकार की कवायद है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसके स्थान पर नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए। एक प्रश्न के जवाब में रूडी ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलती है, तब बीजेपी संसद सत्र में कामकाज बाधित करने से परहेज नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि 2जी स्पेक्ट्रम मुद्दे पर शीतकालीन सत्र बाधित करने से देश को दो लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसके स्थान पर नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए। एक प्रश्न के जवाब में रूडी ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलती है, तब बीजेपी संसद सत्र में कामकाज बाधित करने से परहेज नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि 2जी स्पेक्ट्रम मुद्दे पर शीतकालीन सत्र बाधित करने से देश को दो लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ। | केंद्रीय मंत्रिमंडल के रविवार को होने वाले फेरबदल को बेकार की कवायद करार देते हुए बीजेपी ने कहा है कि केंद्र सरकार को इसकी बजाए नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने दो साल बाद पहला टेस्ट शतक जड़कर भारत को पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में बेहतरीन शुरुआत दिलाई, लेकिन ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान चार विकेट लेकर इंग्लैंड को कुछ हद तक वापसी दिलाने में सफल रहे।
भारत ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआती दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 323 रन बनाए। चेतेश्वर पुजारा अपने दूसरे टेस्ट शतक से केवल दो रन दूर हैं, जबकि कैंसर को मात देने के बाद अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे युवराज सिंह 24 रन बनाकर खेल रहे हैं।
अपना 99वां टेस्ट मैच खेल रहे सहवाग ने 117 गेंद पर 117 रन बनाए, जो उनका 23वां शतक है। उन्होंने अपने सदाबहार अंदाज में बल्लेबाजी करते 16 चौके और एक छक्का लगाया। सहवाग ने अपना पिछला शतक नवंबर, 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी मैदान पर बनाया था। पुजारा ने फिर से खुद को मध्यक्रम की मजबूत कड़ी साबित किया। वह 98 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं।
सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज ने अपने क्रिकेट कौशल का बेजोड़ नमूना पेश किया। उन्होंने अभी तक 181 गेंद का सामना करके 13 चौके लगाए हैं। सहवाग ने गौतम गंभीर (111 गेंद पर 45 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 134 और पुजारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की।
सचिन तेंदुलकर हालांकि नहीं चल पाए और केवल 13 रन बनाकर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में पैवेलियन लौटे। विराट कोहली (19) जीवनदान का फायदा उठाने में नाकाम रहे। इंग्लैंड की तरफ से चारों विकेट स्वान ने लिए। उन्होंने गंभीर, सहवाग और कोहली को बोल्ड किया, जबकि तेंदुलकर को सीमा रेखा पर कैच कराया। उन्होंने अब तक 85 रन देकर चार विकेट लिए हैं।
भारत ने पहले सत्र में बिना किसी नुकसान के 120 रन बनाए। दूसरे सत्र में भारतीय टीम ने 130 रन जोड़े लेकिन इस बीच उसने तीन विकेट गंवाये। तीसरे सत्र में इंग्लैंड के गेंदबाज दबाव बनाने में सफल रहे। भारत ने हालांकि इस बीच 32 ओवर में केवल 73 रन जोड़े और कोहली का विकेट गंवाया। इंग्लैंड को पहले सत्र में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन लंच के बाद दूसरे ओवर में ही स्वान ने गंभीर को बोल्ड करके अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई।
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने उनकी अंदर आती गेंद कट करने के प्रयास में विकेट गंवाया। यह छठा अवसर है, जबकि स्वान ने गंभीर को आउट किया। इससे कुछ गेंद पहले स्वान की गेंद पर ही विकेटकीपर मैट प्रायर उन्हें स्टंप आउट करने से चूक गए थे। इस मैच से पहले उत्तर प्रदेश के खिलाफ गाजियाबाद में रणजी ट्रॉफी मैच से फॉर्म में लौटने वाले सहवाग ने दूसरे छोर से हालांकि गेंदबाजों के प्रति कोई रहम नहीं दिखाया, जबकि पुजारा ने भी कई आकर्षक शॉट खेले। सहवाग जब 97 रन पर थे, तब स्वान की गेंद उन्होंने गेंदबाज की तरफ खेली थी, लेकिन वह कैच में नहीं बदल पाई।
पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग और गंभीर ने 11वीं और दो साल में पहली शतकीय साझेदारी की। इससे पहले उन्होंने शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन पार्क में निभाई थी। उस समय उन्होंने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे। गंभीर के आउट होने के बाद चेतेश्वर पुजारा मैदान पर उतरे और उन्होंने सहवाग का बखूबी साथ निभाया।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
भारत ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआती दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 323 रन बनाए। चेतेश्वर पुजारा अपने दूसरे टेस्ट शतक से केवल दो रन दूर हैं, जबकि कैंसर को मात देने के बाद अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे युवराज सिंह 24 रन बनाकर खेल रहे हैं।
अपना 99वां टेस्ट मैच खेल रहे सहवाग ने 117 गेंद पर 117 रन बनाए, जो उनका 23वां शतक है। उन्होंने अपने सदाबहार अंदाज में बल्लेबाजी करते 16 चौके और एक छक्का लगाया। सहवाग ने अपना पिछला शतक नवंबर, 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी मैदान पर बनाया था। पुजारा ने फिर से खुद को मध्यक्रम की मजबूत कड़ी साबित किया। वह 98 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं।
सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज ने अपने क्रिकेट कौशल का बेजोड़ नमूना पेश किया। उन्होंने अभी तक 181 गेंद का सामना करके 13 चौके लगाए हैं। सहवाग ने गौतम गंभीर (111 गेंद पर 45 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 134 और पुजारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की।
सचिन तेंदुलकर हालांकि नहीं चल पाए और केवल 13 रन बनाकर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में पैवेलियन लौटे। विराट कोहली (19) जीवनदान का फायदा उठाने में नाकाम रहे। इंग्लैंड की तरफ से चारों विकेट स्वान ने लिए। उन्होंने गंभीर, सहवाग और कोहली को बोल्ड किया, जबकि तेंदुलकर को सीमा रेखा पर कैच कराया। उन्होंने अब तक 85 रन देकर चार विकेट लिए हैं।
भारत ने पहले सत्र में बिना किसी नुकसान के 120 रन बनाए। दूसरे सत्र में भारतीय टीम ने 130 रन जोड़े लेकिन इस बीच उसने तीन विकेट गंवाये। तीसरे सत्र में इंग्लैंड के गेंदबाज दबाव बनाने में सफल रहे। भारत ने हालांकि इस बीच 32 ओवर में केवल 73 रन जोड़े और कोहली का विकेट गंवाया। इंग्लैंड को पहले सत्र में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन लंच के बाद दूसरे ओवर में ही स्वान ने गंभीर को बोल्ड करके अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई।
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने उनकी अंदर आती गेंद कट करने के प्रयास में विकेट गंवाया। यह छठा अवसर है, जबकि स्वान ने गंभीर को आउट किया। इससे कुछ गेंद पहले स्वान की गेंद पर ही विकेटकीपर मैट प्रायर उन्हें स्टंप आउट करने से चूक गए थे। इस मैच से पहले उत्तर प्रदेश के खिलाफ गाजियाबाद में रणजी ट्रॉफी मैच से फॉर्म में लौटने वाले सहवाग ने दूसरे छोर से हालांकि गेंदबाजों के प्रति कोई रहम नहीं दिखाया, जबकि पुजारा ने भी कई आकर्षक शॉट खेले। सहवाग जब 97 रन पर थे, तब स्वान की गेंद उन्होंने गेंदबाज की तरफ खेली थी, लेकिन वह कैच में नहीं बदल पाई।
पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग और गंभीर ने 11वीं और दो साल में पहली शतकीय साझेदारी की। इससे पहले उन्होंने शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन पार्क में निभाई थी। उस समय उन्होंने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे। गंभीर के आउट होने के बाद चेतेश्वर पुजारा मैदान पर उतरे और उन्होंने सहवाग का बखूबी साथ निभाया।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
अपना 99वां टेस्ट मैच खेल रहे सहवाग ने 117 गेंद पर 117 रन बनाए, जो उनका 23वां शतक है। उन्होंने अपने सदाबहार अंदाज में बल्लेबाजी करते 16 चौके और एक छक्का लगाया। सहवाग ने अपना पिछला शतक नवंबर, 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी मैदान पर बनाया था। पुजारा ने फिर से खुद को मध्यक्रम की मजबूत कड़ी साबित किया। वह 98 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं।
सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज ने अपने क्रिकेट कौशल का बेजोड़ नमूना पेश किया। उन्होंने अभी तक 181 गेंद का सामना करके 13 चौके लगाए हैं। सहवाग ने गौतम गंभीर (111 गेंद पर 45 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 134 और पुजारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की।
सचिन तेंदुलकर हालांकि नहीं चल पाए और केवल 13 रन बनाकर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में पैवेलियन लौटे। विराट कोहली (19) जीवनदान का फायदा उठाने में नाकाम रहे। इंग्लैंड की तरफ से चारों विकेट स्वान ने लिए। उन्होंने गंभीर, सहवाग और कोहली को बोल्ड किया, जबकि तेंदुलकर को सीमा रेखा पर कैच कराया। उन्होंने अब तक 85 रन देकर चार विकेट लिए हैं।
भारत ने पहले सत्र में बिना किसी नुकसान के 120 रन बनाए। दूसरे सत्र में भारतीय टीम ने 130 रन जोड़े लेकिन इस बीच उसने तीन विकेट गंवाये। तीसरे सत्र में इंग्लैंड के गेंदबाज दबाव बनाने में सफल रहे। भारत ने हालांकि इस बीच 32 ओवर में केवल 73 रन जोड़े और कोहली का विकेट गंवाया। इंग्लैंड को पहले सत्र में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन लंच के बाद दूसरे ओवर में ही स्वान ने गंभीर को बोल्ड करके अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई।
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने उनकी अंदर आती गेंद कट करने के प्रयास में विकेट गंवाया। यह छठा अवसर है, जबकि स्वान ने गंभीर को आउट किया। इससे कुछ गेंद पहले स्वान की गेंद पर ही विकेटकीपर मैट प्रायर उन्हें स्टंप आउट करने से चूक गए थे। इस मैच से पहले उत्तर प्रदेश के खिलाफ गाजियाबाद में रणजी ट्रॉफी मैच से फॉर्म में लौटने वाले सहवाग ने दूसरे छोर से हालांकि गेंदबाजों के प्रति कोई रहम नहीं दिखाया, जबकि पुजारा ने भी कई आकर्षक शॉट खेले। सहवाग जब 97 रन पर थे, तब स्वान की गेंद उन्होंने गेंदबाज की तरफ खेली थी, लेकिन वह कैच में नहीं बदल पाई।
पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग और गंभीर ने 11वीं और दो साल में पहली शतकीय साझेदारी की। इससे पहले उन्होंने शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन पार्क में निभाई थी। उस समय उन्होंने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे। गंभीर के आउट होने के बाद चेतेश्वर पुजारा मैदान पर उतरे और उन्होंने सहवाग का बखूबी साथ निभाया।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज ने अपने क्रिकेट कौशल का बेजोड़ नमूना पेश किया। उन्होंने अभी तक 181 गेंद का सामना करके 13 चौके लगाए हैं। सहवाग ने गौतम गंभीर (111 गेंद पर 45 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 134 और पुजारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की।
सचिन तेंदुलकर हालांकि नहीं चल पाए और केवल 13 रन बनाकर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में पैवेलियन लौटे। विराट कोहली (19) जीवनदान का फायदा उठाने में नाकाम रहे। इंग्लैंड की तरफ से चारों विकेट स्वान ने लिए। उन्होंने गंभीर, सहवाग और कोहली को बोल्ड किया, जबकि तेंदुलकर को सीमा रेखा पर कैच कराया। उन्होंने अब तक 85 रन देकर चार विकेट लिए हैं।
भारत ने पहले सत्र में बिना किसी नुकसान के 120 रन बनाए। दूसरे सत्र में भारतीय टीम ने 130 रन जोड़े लेकिन इस बीच उसने तीन विकेट गंवाये। तीसरे सत्र में इंग्लैंड के गेंदबाज दबाव बनाने में सफल रहे। भारत ने हालांकि इस बीच 32 ओवर में केवल 73 रन जोड़े और कोहली का विकेट गंवाया। इंग्लैंड को पहले सत्र में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन लंच के बाद दूसरे ओवर में ही स्वान ने गंभीर को बोल्ड करके अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई।
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने उनकी अंदर आती गेंद कट करने के प्रयास में विकेट गंवाया। यह छठा अवसर है, जबकि स्वान ने गंभीर को आउट किया। इससे कुछ गेंद पहले स्वान की गेंद पर ही विकेटकीपर मैट प्रायर उन्हें स्टंप आउट करने से चूक गए थे। इस मैच से पहले उत्तर प्रदेश के खिलाफ गाजियाबाद में रणजी ट्रॉफी मैच से फॉर्म में लौटने वाले सहवाग ने दूसरे छोर से हालांकि गेंदबाजों के प्रति कोई रहम नहीं दिखाया, जबकि पुजारा ने भी कई आकर्षक शॉट खेले। सहवाग जब 97 रन पर थे, तब स्वान की गेंद उन्होंने गेंदबाज की तरफ खेली थी, लेकिन वह कैच में नहीं बदल पाई।
पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग और गंभीर ने 11वीं और दो साल में पहली शतकीय साझेदारी की। इससे पहले उन्होंने शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन पार्क में निभाई थी। उस समय उन्होंने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे। गंभीर के आउट होने के बाद चेतेश्वर पुजारा मैदान पर उतरे और उन्होंने सहवाग का बखूबी साथ निभाया।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
सचिन तेंदुलकर हालांकि नहीं चल पाए और केवल 13 रन बनाकर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में पैवेलियन लौटे। विराट कोहली (19) जीवनदान का फायदा उठाने में नाकाम रहे। इंग्लैंड की तरफ से चारों विकेट स्वान ने लिए। उन्होंने गंभीर, सहवाग और कोहली को बोल्ड किया, जबकि तेंदुलकर को सीमा रेखा पर कैच कराया। उन्होंने अब तक 85 रन देकर चार विकेट लिए हैं।
भारत ने पहले सत्र में बिना किसी नुकसान के 120 रन बनाए। दूसरे सत्र में भारतीय टीम ने 130 रन जोड़े लेकिन इस बीच उसने तीन विकेट गंवाये। तीसरे सत्र में इंग्लैंड के गेंदबाज दबाव बनाने में सफल रहे। भारत ने हालांकि इस बीच 32 ओवर में केवल 73 रन जोड़े और कोहली का विकेट गंवाया। इंग्लैंड को पहले सत्र में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन लंच के बाद दूसरे ओवर में ही स्वान ने गंभीर को बोल्ड करके अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई।
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने उनकी अंदर आती गेंद कट करने के प्रयास में विकेट गंवाया। यह छठा अवसर है, जबकि स्वान ने गंभीर को आउट किया। इससे कुछ गेंद पहले स्वान की गेंद पर ही विकेटकीपर मैट प्रायर उन्हें स्टंप आउट करने से चूक गए थे। इस मैच से पहले उत्तर प्रदेश के खिलाफ गाजियाबाद में रणजी ट्रॉफी मैच से फॉर्म में लौटने वाले सहवाग ने दूसरे छोर से हालांकि गेंदबाजों के प्रति कोई रहम नहीं दिखाया, जबकि पुजारा ने भी कई आकर्षक शॉट खेले। सहवाग जब 97 रन पर थे, तब स्वान की गेंद उन्होंने गेंदबाज की तरफ खेली थी, लेकिन वह कैच में नहीं बदल पाई।
पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग और गंभीर ने 11वीं और दो साल में पहली शतकीय साझेदारी की। इससे पहले उन्होंने शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन पार्क में निभाई थी। उस समय उन्होंने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे। गंभीर के आउट होने के बाद चेतेश्वर पुजारा मैदान पर उतरे और उन्होंने सहवाग का बखूबी साथ निभाया।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
भारत ने पहले सत्र में बिना किसी नुकसान के 120 रन बनाए। दूसरे सत्र में भारतीय टीम ने 130 रन जोड़े लेकिन इस बीच उसने तीन विकेट गंवाये। तीसरे सत्र में इंग्लैंड के गेंदबाज दबाव बनाने में सफल रहे। भारत ने हालांकि इस बीच 32 ओवर में केवल 73 रन जोड़े और कोहली का विकेट गंवाया। इंग्लैंड को पहले सत्र में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन लंच के बाद दूसरे ओवर में ही स्वान ने गंभीर को बोल्ड करके अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई।
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने उनकी अंदर आती गेंद कट करने के प्रयास में विकेट गंवाया। यह छठा अवसर है, जबकि स्वान ने गंभीर को आउट किया। इससे कुछ गेंद पहले स्वान की गेंद पर ही विकेटकीपर मैट प्रायर उन्हें स्टंप आउट करने से चूक गए थे। इस मैच से पहले उत्तर प्रदेश के खिलाफ गाजियाबाद में रणजी ट्रॉफी मैच से फॉर्म में लौटने वाले सहवाग ने दूसरे छोर से हालांकि गेंदबाजों के प्रति कोई रहम नहीं दिखाया, जबकि पुजारा ने भी कई आकर्षक शॉट खेले। सहवाग जब 97 रन पर थे, तब स्वान की गेंद उन्होंने गेंदबाज की तरफ खेली थी, लेकिन वह कैच में नहीं बदल पाई।
पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग और गंभीर ने 11वीं और दो साल में पहली शतकीय साझेदारी की। इससे पहले उन्होंने शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन पार्क में निभाई थी। उस समय उन्होंने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे। गंभीर के आउट होने के बाद चेतेश्वर पुजारा मैदान पर उतरे और उन्होंने सहवाग का बखूबी साथ निभाया।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने उनकी अंदर आती गेंद कट करने के प्रयास में विकेट गंवाया। यह छठा अवसर है, जबकि स्वान ने गंभीर को आउट किया। इससे कुछ गेंद पहले स्वान की गेंद पर ही विकेटकीपर मैट प्रायर उन्हें स्टंप आउट करने से चूक गए थे। इस मैच से पहले उत्तर प्रदेश के खिलाफ गाजियाबाद में रणजी ट्रॉफी मैच से फॉर्म में लौटने वाले सहवाग ने दूसरे छोर से हालांकि गेंदबाजों के प्रति कोई रहम नहीं दिखाया, जबकि पुजारा ने भी कई आकर्षक शॉट खेले। सहवाग जब 97 रन पर थे, तब स्वान की गेंद उन्होंने गेंदबाज की तरफ खेली थी, लेकिन वह कैच में नहीं बदल पाई।
पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग और गंभीर ने 11वीं और दो साल में पहली शतकीय साझेदारी की। इससे पहले उन्होंने शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन पार्क में निभाई थी। उस समय उन्होंने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे। गंभीर के आउट होने के बाद चेतेश्वर पुजारा मैदान पर उतरे और उन्होंने सहवाग का बखूबी साथ निभाया।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग और गंभीर ने 11वीं और दो साल में पहली शतकीय साझेदारी की। इससे पहले उन्होंने शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन पार्क में निभाई थी। उस समय उन्होंने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे। गंभीर के आउट होने के बाद चेतेश्वर पुजारा मैदान पर उतरे और उन्होंने सहवाग का बखूबी साथ निभाया।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के साथ सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेले जा रहे चार मैचों की शृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। भारत ने भोजनावकाश तक अपनी पहली पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन बना लिए थे।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज और दो स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी है जबकि इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश टीम में तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। इंग्लैंड टीम में ग्रीम स्वान के रूप में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर शामिल हैं।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शृंखला गंवानी पड़ी थी। ऐसे में भारत के पास इंग्लिश टीम से हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 103 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 19 में भारत को जीत मिली है, जबकि 38 मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है। 46 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।टिप्पणियां
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
भारतीय टीम इस प्रकार है- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जहीर खान, उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन।
इंग्लैंड टीम : एलिस्टर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयन बेल, समित पटेल, मैट प्रॉयर, स्टुअर्ट ब्रॉड, टिम ब्रेस्नन, ग्रीम स्वान और जेम्स एंडरसन। | इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में सहवाग ने दो साल बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक जमाया। दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने चार विकेट पर 323 रन बनाए। पुजारा 98 रन बनाकर नाबाद लौटे। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन ने दलाई लामा के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दलाई लामा ने कहा था कि चीन उनकी हत्या के लिए उन्हें महिलाओं के द्वारा जहर दिए जाने की साजिश कर रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दलाई लामा ने जो भी आरोप लगाए हैं वह झूठे हैं और वह अक्सर इस तरह की झूठी बातें चीन के बारे में कहते आए हैं।टिप्पणियां
दलाई लामा ने ब्रिटेन के अखबार संडे टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में कहा था कि चीन उन्हें मारने के लिए एक साजिश में लगा हुआ है जिसके तहत चीन महिलाओं के बालों में जहर लगाकर उन्हें मेरे पास भेजेगा और जब में उन्हें आशीर्वाद देने के लिए उनके सिर पर हाथ रखूंगा तो उस जहर का असर मेरे ऊपर हो जाएगा।
वहीं अमेरिका ने सभी संबंधित लोगों का आह्वान किया कि वे तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा की सुरक्षा करें।
दलाई लामा ने ब्रिटेन के अखबार संडे टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में कहा था कि चीन उन्हें मारने के लिए एक साजिश में लगा हुआ है जिसके तहत चीन महिलाओं के बालों में जहर लगाकर उन्हें मेरे पास भेजेगा और जब में उन्हें आशीर्वाद देने के लिए उनके सिर पर हाथ रखूंगा तो उस जहर का असर मेरे ऊपर हो जाएगा।
वहीं अमेरिका ने सभी संबंधित लोगों का आह्वान किया कि वे तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा की सुरक्षा करें।
वहीं अमेरिका ने सभी संबंधित लोगों का आह्वान किया कि वे तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा की सुरक्षा करें। | यह एक सारांश है: चीन ने दलाई लामा के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दलाई लामा ने कहा था कि चीन उनकी हत्या के लिए उन्हें महिलाओं के द्वारा जहर दिए जाने की साजिश कर रहा है। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में कम से कम 50 मौलवियों ने फतवा जारी कर कहा है कि ट्रांसजेंडर शादियां कानूनन जायज हैं। ‘तंजीम इत्तेहाद-ए-उम्मत’ से जुड़े इन मौलवियों ने रविवार को फतवा जारी किया।
समाचार चैनल ‘डॉन न्यूज’ के अनुसार, फतवे में कहा गया है कि ‘पुरुष होने की निशानी रखने वाले’ ट्रांसजेंडर व्यक्ति ‘महिला होने की निशानी रखने वाले’ ट्रांसजेंडर से शादी कर सकते हैं और इसी तरह ‘महिला होने की निशानी रखने वाली’ ट्रांसजेंडर ‘पुरुष होने की निशानी रखने वाले’ ट्रांसजेंडर व्यक्ति से शादी कर सकती हैं।
इन धर्मगुरुओं ने ट्रांसजेंडर को उनकी पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी से दूर रखने को गैरकानूनी करार दिया और कहा कि जो मां-बाप अपने ट्रांसजेंडर बच्चों को संपत्ति से महरूम करते हैं वे ‘खुदा के खौफ’ को दावत देते हैं। मौलवियों ने सरकार से आह्वान किया कि ऐसे मां-बाप के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस फतवे में ट्रांसजेंडर लोगों को सामाजिक स्तर पर सम्मान दिए जाने की भी पैरवी की गई है। इसमें कहा गया है कि ट्रांसजेंडर लोगों को ‘अपमानित करना और उनका मजाक बनाना’ हराम है। टिप्पणियां
धर्मगुरुओं ने कहा कि ट्रांसजेंडर लोगों की मौत होने पर उनकी अंत्येष्टि से जुड़ी उन्हीं रस्मों की अदायगी होगी जो दूसरे मुस्लिम पुरुष या महिला की मौत पर होती है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
समाचार चैनल ‘डॉन न्यूज’ के अनुसार, फतवे में कहा गया है कि ‘पुरुष होने की निशानी रखने वाले’ ट्रांसजेंडर व्यक्ति ‘महिला होने की निशानी रखने वाले’ ट्रांसजेंडर से शादी कर सकते हैं और इसी तरह ‘महिला होने की निशानी रखने वाली’ ट्रांसजेंडर ‘पुरुष होने की निशानी रखने वाले’ ट्रांसजेंडर व्यक्ति से शादी कर सकती हैं।
इन धर्मगुरुओं ने ट्रांसजेंडर को उनकी पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी से दूर रखने को गैरकानूनी करार दिया और कहा कि जो मां-बाप अपने ट्रांसजेंडर बच्चों को संपत्ति से महरूम करते हैं वे ‘खुदा के खौफ’ को दावत देते हैं। मौलवियों ने सरकार से आह्वान किया कि ऐसे मां-बाप के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस फतवे में ट्रांसजेंडर लोगों को सामाजिक स्तर पर सम्मान दिए जाने की भी पैरवी की गई है। इसमें कहा गया है कि ट्रांसजेंडर लोगों को ‘अपमानित करना और उनका मजाक बनाना’ हराम है। टिप्पणियां
धर्मगुरुओं ने कहा कि ट्रांसजेंडर लोगों की मौत होने पर उनकी अंत्येष्टि से जुड़ी उन्हीं रस्मों की अदायगी होगी जो दूसरे मुस्लिम पुरुष या महिला की मौत पर होती है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इन धर्मगुरुओं ने ट्रांसजेंडर को उनकी पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी से दूर रखने को गैरकानूनी करार दिया और कहा कि जो मां-बाप अपने ट्रांसजेंडर बच्चों को संपत्ति से महरूम करते हैं वे ‘खुदा के खौफ’ को दावत देते हैं। मौलवियों ने सरकार से आह्वान किया कि ऐसे मां-बाप के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस फतवे में ट्रांसजेंडर लोगों को सामाजिक स्तर पर सम्मान दिए जाने की भी पैरवी की गई है। इसमें कहा गया है कि ट्रांसजेंडर लोगों को ‘अपमानित करना और उनका मजाक बनाना’ हराम है। टिप्पणियां
धर्मगुरुओं ने कहा कि ट्रांसजेंडर लोगों की मौत होने पर उनकी अंत्येष्टि से जुड़ी उन्हीं रस्मों की अदायगी होगी जो दूसरे मुस्लिम पुरुष या महिला की मौत पर होती है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस फतवे में ट्रांसजेंडर लोगों को सामाजिक स्तर पर सम्मान दिए जाने की भी पैरवी की गई है। इसमें कहा गया है कि ट्रांसजेंडर लोगों को ‘अपमानित करना और उनका मजाक बनाना’ हराम है। टिप्पणियां
धर्मगुरुओं ने कहा कि ट्रांसजेंडर लोगों की मौत होने पर उनकी अंत्येष्टि से जुड़ी उन्हीं रस्मों की अदायगी होगी जो दूसरे मुस्लिम पुरुष या महिला की मौत पर होती है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
धर्मगुरुओं ने कहा कि ट्रांसजेंडर लोगों की मौत होने पर उनकी अंत्येष्टि से जुड़ी उन्हीं रस्मों की अदायगी होगी जो दूसरे मुस्लिम पुरुष या महिला की मौत पर होती है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ट्रांसजेंडर लोगों को सामाजिक स्तर पर सम्मान मिले
पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी मिले
मौत होने पर अंत्येष्टि की रस्मों की अदायगी | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पिछले हफ्ते के अपने रुख को पलटते हुए सोमवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मौजूदा मुख्यमंत्री तथा उनके पुत्र अखिलेश यादव की पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे.
लंबे अरसे से पार्टी के भीतर ही मुलायम के मुख्यमंत्री पुत्र तथा अब पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भाई शिवपाल यादव के बीच जारी 'जंग' के दौरान पिछले सप्ताह मुलायम सिंह ने कहा था विधानसभा चुनाव 2017 के लिए मुख्यमंत्री का तेहरा तय नहीं किया गया है, और उसका फैसला जीत के बाद पार्टी विधायक करेंगे.
पिछले काफी अरसे मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री और अपने छोटे भाई कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के बीच चल रही 'जंग' को सुलझाने में लगे हुए हैं. अब तक उन्होंने अपने भाई की तरफ झुकाव के संकेत दिए थे, और पिछले हफ्ते भी वह इस बात को लेकर गोलमोल बात करते सुनाई दिए थे कि अगले चुनाव में अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी की ओर पेश किए जाने वाला चेहरा होंगे या नहीं.टिप्पणियां
उधर, अपने पिता का 'साथ' न हासिल कर पाने वाले अखिलेश यादव की तरफदारी उनके चाचा रामगोपाल यादव ने जमकर की, और मुलायम को खत लिखकर चेताया भी. रामगोपाल यादव ने खत में लिखा, "अखिलेश निःसंदेह इस समय राज्य के सबसे लोकप्रिय नेता हैं, और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व विकास परियोजनाओं को फलीभूत होते देखा है... यदि पार्टी को चुनाव में जीत हासिल करनी है, अखिलेश को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करना ही चाहिए..."
कुछ ही हफ्ते पहले शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री की साफ-साफ जताई आपत्ति को दरकिनार करते हुए एक पूर्व अपराधी के नेतृत्व में चलने वाली एक छोटी राजनैतिक पार्टी का विलय समाजवादी पार्टी में करवाया था, क्योंकि उस नेता की मुस्लिमों में खासी पकड़ है, और राज्य की 18 फीसदी आबादी मुस्लिम ही है. सितंबर के मध्य में मुलायम सिंह यादव ने पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के रूप में अखिलेश को हटाकर शिवपाल को बिठाया था. इस कदम से विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन का अधिकार शिवपाल को मिल गया था, और इस कदम से हाशिये पर सरका दिए गए अखिलेश यादव ने अपने चाचा से महत्वपूर्ण मंत्रालय वापस ले लिए, जिन्होंने इसके बाद सरकार और पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया. फिर 'संधि' भी मुलायम सिंह यादव की कोशिशों से ही हुई थी. शिवपाल मंत्री के रूप में वापस आ गए, और अखिलेश को आश्वासन दिया गया कि चुनावी प्रत्याशियों के चयन में उनकी अहम भूमिका रहेगी.
लंबे अरसे से पार्टी के भीतर ही मुलायम के मुख्यमंत्री पुत्र तथा अब पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भाई शिवपाल यादव के बीच जारी 'जंग' के दौरान पिछले सप्ताह मुलायम सिंह ने कहा था विधानसभा चुनाव 2017 के लिए मुख्यमंत्री का तेहरा तय नहीं किया गया है, और उसका फैसला जीत के बाद पार्टी विधायक करेंगे.
पिछले काफी अरसे मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री और अपने छोटे भाई कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के बीच चल रही 'जंग' को सुलझाने में लगे हुए हैं. अब तक उन्होंने अपने भाई की तरफ झुकाव के संकेत दिए थे, और पिछले हफ्ते भी वह इस बात को लेकर गोलमोल बात करते सुनाई दिए थे कि अगले चुनाव में अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी की ओर पेश किए जाने वाला चेहरा होंगे या नहीं.टिप्पणियां
उधर, अपने पिता का 'साथ' न हासिल कर पाने वाले अखिलेश यादव की तरफदारी उनके चाचा रामगोपाल यादव ने जमकर की, और मुलायम को खत लिखकर चेताया भी. रामगोपाल यादव ने खत में लिखा, "अखिलेश निःसंदेह इस समय राज्य के सबसे लोकप्रिय नेता हैं, और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व विकास परियोजनाओं को फलीभूत होते देखा है... यदि पार्टी को चुनाव में जीत हासिल करनी है, अखिलेश को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करना ही चाहिए..."
कुछ ही हफ्ते पहले शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री की साफ-साफ जताई आपत्ति को दरकिनार करते हुए एक पूर्व अपराधी के नेतृत्व में चलने वाली एक छोटी राजनैतिक पार्टी का विलय समाजवादी पार्टी में करवाया था, क्योंकि उस नेता की मुस्लिमों में खासी पकड़ है, और राज्य की 18 फीसदी आबादी मुस्लिम ही है. सितंबर के मध्य में मुलायम सिंह यादव ने पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के रूप में अखिलेश को हटाकर शिवपाल को बिठाया था. इस कदम से विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन का अधिकार शिवपाल को मिल गया था, और इस कदम से हाशिये पर सरका दिए गए अखिलेश यादव ने अपने चाचा से महत्वपूर्ण मंत्रालय वापस ले लिए, जिन्होंने इसके बाद सरकार और पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया. फिर 'संधि' भी मुलायम सिंह यादव की कोशिशों से ही हुई थी. शिवपाल मंत्री के रूप में वापस आ गए, और अखिलेश को आश्वासन दिया गया कि चुनावी प्रत्याशियों के चयन में उनकी अहम भूमिका रहेगी.
पिछले काफी अरसे मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री और अपने छोटे भाई कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के बीच चल रही 'जंग' को सुलझाने में लगे हुए हैं. अब तक उन्होंने अपने भाई की तरफ झुकाव के संकेत दिए थे, और पिछले हफ्ते भी वह इस बात को लेकर गोलमोल बात करते सुनाई दिए थे कि अगले चुनाव में अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी की ओर पेश किए जाने वाला चेहरा होंगे या नहीं.टिप्पणियां
उधर, अपने पिता का 'साथ' न हासिल कर पाने वाले अखिलेश यादव की तरफदारी उनके चाचा रामगोपाल यादव ने जमकर की, और मुलायम को खत लिखकर चेताया भी. रामगोपाल यादव ने खत में लिखा, "अखिलेश निःसंदेह इस समय राज्य के सबसे लोकप्रिय नेता हैं, और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व विकास परियोजनाओं को फलीभूत होते देखा है... यदि पार्टी को चुनाव में जीत हासिल करनी है, अखिलेश को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करना ही चाहिए..."
कुछ ही हफ्ते पहले शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री की साफ-साफ जताई आपत्ति को दरकिनार करते हुए एक पूर्व अपराधी के नेतृत्व में चलने वाली एक छोटी राजनैतिक पार्टी का विलय समाजवादी पार्टी में करवाया था, क्योंकि उस नेता की मुस्लिमों में खासी पकड़ है, और राज्य की 18 फीसदी आबादी मुस्लिम ही है. सितंबर के मध्य में मुलायम सिंह यादव ने पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के रूप में अखिलेश को हटाकर शिवपाल को बिठाया था. इस कदम से विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन का अधिकार शिवपाल को मिल गया था, और इस कदम से हाशिये पर सरका दिए गए अखिलेश यादव ने अपने चाचा से महत्वपूर्ण मंत्रालय वापस ले लिए, जिन्होंने इसके बाद सरकार और पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया. फिर 'संधि' भी मुलायम सिंह यादव की कोशिशों से ही हुई थी. शिवपाल मंत्री के रूप में वापस आ गए, और अखिलेश को आश्वासन दिया गया कि चुनावी प्रत्याशियों के चयन में उनकी अहम भूमिका रहेगी.
उधर, अपने पिता का 'साथ' न हासिल कर पाने वाले अखिलेश यादव की तरफदारी उनके चाचा रामगोपाल यादव ने जमकर की, और मुलायम को खत लिखकर चेताया भी. रामगोपाल यादव ने खत में लिखा, "अखिलेश निःसंदेह इस समय राज्य के सबसे लोकप्रिय नेता हैं, और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व विकास परियोजनाओं को फलीभूत होते देखा है... यदि पार्टी को चुनाव में जीत हासिल करनी है, अखिलेश को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करना ही चाहिए..."
कुछ ही हफ्ते पहले शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री की साफ-साफ जताई आपत्ति को दरकिनार करते हुए एक पूर्व अपराधी के नेतृत्व में चलने वाली एक छोटी राजनैतिक पार्टी का विलय समाजवादी पार्टी में करवाया था, क्योंकि उस नेता की मुस्लिमों में खासी पकड़ है, और राज्य की 18 फीसदी आबादी मुस्लिम ही है. सितंबर के मध्य में मुलायम सिंह यादव ने पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के रूप में अखिलेश को हटाकर शिवपाल को बिठाया था. इस कदम से विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन का अधिकार शिवपाल को मिल गया था, और इस कदम से हाशिये पर सरका दिए गए अखिलेश यादव ने अपने चाचा से महत्वपूर्ण मंत्रालय वापस ले लिए, जिन्होंने इसके बाद सरकार और पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया. फिर 'संधि' भी मुलायम सिंह यादव की कोशिशों से ही हुई थी. शिवपाल मंत्री के रूप में वापस आ गए, और अखिलेश को आश्वासन दिया गया कि चुनावी प्रत्याशियों के चयन में उनकी अहम भूमिका रहेगी.
कुछ ही हफ्ते पहले शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री की साफ-साफ जताई आपत्ति को दरकिनार करते हुए एक पूर्व अपराधी के नेतृत्व में चलने वाली एक छोटी राजनैतिक पार्टी का विलय समाजवादी पार्टी में करवाया था, क्योंकि उस नेता की मुस्लिमों में खासी पकड़ है, और राज्य की 18 फीसदी आबादी मुस्लिम ही है. सितंबर के मध्य में मुलायम सिंह यादव ने पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के रूप में अखिलेश को हटाकर शिवपाल को बिठाया था. इस कदम से विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन का अधिकार शिवपाल को मिल गया था, और इस कदम से हाशिये पर सरका दिए गए अखिलेश यादव ने अपने चाचा से महत्वपूर्ण मंत्रालय वापस ले लिए, जिन्होंने इसके बाद सरकार और पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया. फिर 'संधि' भी मुलायम सिंह यादव की कोशिशों से ही हुई थी. शिवपाल मंत्री के रूप में वापस आ गए, और अखिलेश को आश्वासन दिया गया कि चुनावी प्रत्याशियों के चयन में उनकी अहम भूमिका रहेगी. | यहाँ एक सारांश है:पिछले हफ्ते मुलायम ने कहा था, 2017 के चुनाव के लिए सीएम का चेहरा तय नहीं
'घरेलू जंग' में अब तक मुलायम छोटे भाई शिवपाल यादव का पक्ष लेते दिख रहे थे
अखिलेश के अन्य चाचा रामगोपाल यादव ने खत लिखकर मुलायम को चेताया था | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के समक्ष टेलीफोन पंजीकरण शुल्क, टेलीफोन कॉल दरों और किराये को कम करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री मिलिंद देवड़ा ने शुक्रवार को राज्यसभा को एए जिन्ना के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि देश के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधाओं को सुधारने के लिए सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ) से वित्तीय सहायता प्राप्त कर विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है।टिप्पणियां
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री कृपारानी किल्ली ने झरना दास वैद्य के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारत संचार निगम लिमिटेड से मिली सूचना के अनुसार, टेलीफोन एक्सचेंजों में पर्याप्त अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध है।
वर्तमान में उपलब्ध क्षमता और मांग को ध्यान में रखते हुए बीएसएनएल का वर्ष 2012-13 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नए टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री मिलिंद देवड़ा ने शुक्रवार को राज्यसभा को एए जिन्ना के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि देश के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधाओं को सुधारने के लिए सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ) से वित्तीय सहायता प्राप्त कर विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है।टिप्पणियां
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री कृपारानी किल्ली ने झरना दास वैद्य के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारत संचार निगम लिमिटेड से मिली सूचना के अनुसार, टेलीफोन एक्सचेंजों में पर्याप्त अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध है।
वर्तमान में उपलब्ध क्षमता और मांग को ध्यान में रखते हुए बीएसएनएल का वर्ष 2012-13 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नए टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
उन्होंने बताया कि देश के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधाओं को सुधारने के लिए सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ) से वित्तीय सहायता प्राप्त कर विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है।टिप्पणियां
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री कृपारानी किल्ली ने झरना दास वैद्य के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारत संचार निगम लिमिटेड से मिली सूचना के अनुसार, टेलीफोन एक्सचेंजों में पर्याप्त अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध है।
वर्तमान में उपलब्ध क्षमता और मांग को ध्यान में रखते हुए बीएसएनएल का वर्ष 2012-13 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नए टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री कृपारानी किल्ली ने झरना दास वैद्य के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारत संचार निगम लिमिटेड से मिली सूचना के अनुसार, टेलीफोन एक्सचेंजों में पर्याप्त अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध है।
वर्तमान में उपलब्ध क्षमता और मांग को ध्यान में रखते हुए बीएसएनएल का वर्ष 2012-13 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नए टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
वर्तमान में उपलब्ध क्षमता और मांग को ध्यान में रखते हुए बीएसएनएल का वर्ष 2012-13 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नए टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। | संक्षिप्त सारांश: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के समक्ष टेलीफोन पंजीकरण शुल्क, टेलीफोन कॉल दरों और किराये को कम करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय कोच अनिल कुंबले ने वेस्टइंडीज के लिए दूसरा टेस्ट ड्रॉ कराने वाले रोस्टन चेस के शतक की तारीफ की लेकिन यह भी कहा कि बारिश के कारण 100 से अधिक ओवर गंवाना उनकी टीम के लिए भारी पड़ा.
कुंबले ने मैच ड्रॉ रहने के बाद कहा, हम यह मैच जीतना चाहते थे. हम कल अच्छी स्थिति में थे लेकिन कैरेबियाई बल्लेबाजों को इसका श्रेय देना होगा जिन्होंने उम्दा बल्लेबाजी की. उन्होंने कहा, कल का दिन काफी अहम था क्योंकि हमने अच्छी लय बना ली थी और अगर हमें अधिक ओवर गेंदबाजी के लिए मिले होते तो हालात कुछ और होते. इस टेस्ट में सौ ओवर से अधिक नहीं फेंके जा सके लिहाजा यह सब मायने रखता है. आखिर में कैरेबियाई बल्लेबाजों को श्रेय दिया जाना चाहिए जिन्होंने उम्दा बल्लेबाजी की. चेस के बारे में उन्होंने कहा, अपने दूसरे ही टेस्ट में इस तरह सारा दिन बल्लेबाजी करके मैच बचाना वाकई काबिलेतारीफ है. चेस का प्रदर्शन बेहतरीन रहा. उसने हमारे गेंदबाजों को दबाव में रखा जो काफी निराशाजनक था. उन्होंने कहा, उनके सभी गेंदबाजों जर्मेइन ब्लैकवुड, जासन होल्डर और शेन डोरिच सभी ने अच्छी पारियां खेलीं. हमें यह देखना होगा कि आखिरी पांच विकेट कैसे लेने हैं, क्योंकि इस श्रृंखला में उनके आखिरी पांच बल्लेबाजों ने उम्दा प्रदर्शन किया है. भारत ने पहली पारी में वेस्टइंडीज को सिर्फ 196 रन पर आउट कर दिया था जिसके जवाब में भारतीय टीम ने पहली पारी नौ विकेट पर 500 रन पर घोषित की थी.
कुंबले ने कहा, आप मौसम के अनुमान पर फैसले नहीं ले सकते. तीसरे दिन बारिश होने की आशंका थी और चौथे दिन भी यह अनुमान लगाया गया था, लेकिन आप इन भविष्यवाणियों के आधार पर रणनीति नहीं बना सकते. उन्होंने कहा, हम सिर्फ 160 रन की बढ़त पर पारी घोषित नहीं करना चाहते थे और हमारा मकसद और बल्लेबाजी करने का था. हमने अच्छी क्रिकेट खेली और दबाव बनाए रखा. सिर्फ आज लय खो दी और इसका श्रेय कैरेबियाई बल्लेबाजों को जाता है. भारतीय कोच ने हालांकि स्वीकार किया कि उनकी टीम यह मैच जीतने की स्थिति में थी . टिप्पणियां
उन्होंने कहा, हमें यह टेस्ट मैच जीतना चाहिए था क्योंकि हम उस स्थिति में थे. कई बार विरोधी टीम साहसिक चुनौती देती है और इस मैच में यही हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुंबले ने मैच ड्रॉ रहने के बाद कहा, हम यह मैच जीतना चाहते थे. हम कल अच्छी स्थिति में थे लेकिन कैरेबियाई बल्लेबाजों को इसका श्रेय देना होगा जिन्होंने उम्दा बल्लेबाजी की. उन्होंने कहा, कल का दिन काफी अहम था क्योंकि हमने अच्छी लय बना ली थी और अगर हमें अधिक ओवर गेंदबाजी के लिए मिले होते तो हालात कुछ और होते. इस टेस्ट में सौ ओवर से अधिक नहीं फेंके जा सके लिहाजा यह सब मायने रखता है. आखिर में कैरेबियाई बल्लेबाजों को श्रेय दिया जाना चाहिए जिन्होंने उम्दा बल्लेबाजी की. चेस के बारे में उन्होंने कहा, अपने दूसरे ही टेस्ट में इस तरह सारा दिन बल्लेबाजी करके मैच बचाना वाकई काबिलेतारीफ है. चेस का प्रदर्शन बेहतरीन रहा. उसने हमारे गेंदबाजों को दबाव में रखा जो काफी निराशाजनक था. उन्होंने कहा, उनके सभी गेंदबाजों जर्मेइन ब्लैकवुड, जासन होल्डर और शेन डोरिच सभी ने अच्छी पारियां खेलीं. हमें यह देखना होगा कि आखिरी पांच विकेट कैसे लेने हैं, क्योंकि इस श्रृंखला में उनके आखिरी पांच बल्लेबाजों ने उम्दा प्रदर्शन किया है. भारत ने पहली पारी में वेस्टइंडीज को सिर्फ 196 रन पर आउट कर दिया था जिसके जवाब में भारतीय टीम ने पहली पारी नौ विकेट पर 500 रन पर घोषित की थी.
कुंबले ने कहा, आप मौसम के अनुमान पर फैसले नहीं ले सकते. तीसरे दिन बारिश होने की आशंका थी और चौथे दिन भी यह अनुमान लगाया गया था, लेकिन आप इन भविष्यवाणियों के आधार पर रणनीति नहीं बना सकते. उन्होंने कहा, हम सिर्फ 160 रन की बढ़त पर पारी घोषित नहीं करना चाहते थे और हमारा मकसद और बल्लेबाजी करने का था. हमने अच्छी क्रिकेट खेली और दबाव बनाए रखा. सिर्फ आज लय खो दी और इसका श्रेय कैरेबियाई बल्लेबाजों को जाता है. भारतीय कोच ने हालांकि स्वीकार किया कि उनकी टीम यह मैच जीतने की स्थिति में थी . टिप्पणियां
उन्होंने कहा, हमें यह टेस्ट मैच जीतना चाहिए था क्योंकि हम उस स्थिति में थे. कई बार विरोधी टीम साहसिक चुनौती देती है और इस मैच में यही हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुंबले ने कहा, आप मौसम के अनुमान पर फैसले नहीं ले सकते. तीसरे दिन बारिश होने की आशंका थी और चौथे दिन भी यह अनुमान लगाया गया था, लेकिन आप इन भविष्यवाणियों के आधार पर रणनीति नहीं बना सकते. उन्होंने कहा, हम सिर्फ 160 रन की बढ़त पर पारी घोषित नहीं करना चाहते थे और हमारा मकसद और बल्लेबाजी करने का था. हमने अच्छी क्रिकेट खेली और दबाव बनाए रखा. सिर्फ आज लय खो दी और इसका श्रेय कैरेबियाई बल्लेबाजों को जाता है. भारतीय कोच ने हालांकि स्वीकार किया कि उनकी टीम यह मैच जीतने की स्थिति में थी . टिप्पणियां
उन्होंने कहा, हमें यह टेस्ट मैच जीतना चाहिए था क्योंकि हम उस स्थिति में थे. कई बार विरोधी टीम साहसिक चुनौती देती है और इस मैच में यही हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, हमें यह टेस्ट मैच जीतना चाहिए था क्योंकि हम उस स्थिति में थे. कई बार विरोधी टीम साहसिक चुनौती देती है और इस मैच में यही हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | 100 से अधिक ओवर गंवाना उनकी टीम के लिए भारी पड़ा
हम यह मैच जीतना चाहते थे
अनिल कुंबले ने की चेस की तारीफ | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने गुरुवार को भारतीय बाजार में अपने गैलेक्सी नोट-2 लांच करने की घोषणा की। गैलेक्सी नोट-2 की कीमत 39,990 रुपये है और एक सप्ताह के भीतर यह सैमसंग के स्टोरों में उपलब्ध हो जाएगी।
कम्पनी के दक्षिण पश्चिम एशिया कारोबार के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी डी पार्क ने संवाददाताओं से यहां कहा कि इस उपकरण ने गैलेक्सी नोट वर्ग में अन्वेषण को एक नई ऊंचाई दी है।
एंड्रायड 4.1 जेली बीन ऑपरेटिंग सिस्टम वाले उपकरण में 1.6 गीगा हर्ट्ज क्वोड-कोर प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा 2जीबी रैम, 5.5 इंच का एचडी सुपर एमोल्ड स्क्रीन भी है।
इसमें आठ मेगापिक्सल रियर कैमरा और 1.9 मेगापिक्सल सामने वाला कैमरा और हाईडिफिनिशन विडियो रिकार्डिग सुविधा मौजूद है।टिप्पणियां
सैमसंग मोबाइल के उपाध्यक्ष असीम वारसी ने भारतीय बाजार के बारे में कहा कि यह एक अग्रणी बाजार है और यहां के स्मार्ट फोन बाजार में सैमसंग का 49 फीसदी प्रभुत्व है। मौके पर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली भी थे उन्होंने गैलेक्सी नोट-2 के अपने अनुभव बताए।
इस अवसर पर वारसी ने सैमसंग गैलेक्सी स्मार्ट कैमरा भी पेश किया, जो एक महीने के भीतर भारत में लांच होगी।
कम्पनी के दक्षिण पश्चिम एशिया कारोबार के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी डी पार्क ने संवाददाताओं से यहां कहा कि इस उपकरण ने गैलेक्सी नोट वर्ग में अन्वेषण को एक नई ऊंचाई दी है।
एंड्रायड 4.1 जेली बीन ऑपरेटिंग सिस्टम वाले उपकरण में 1.6 गीगा हर्ट्ज क्वोड-कोर प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा 2जीबी रैम, 5.5 इंच का एचडी सुपर एमोल्ड स्क्रीन भी है।
इसमें आठ मेगापिक्सल रियर कैमरा और 1.9 मेगापिक्सल सामने वाला कैमरा और हाईडिफिनिशन विडियो रिकार्डिग सुविधा मौजूद है।टिप्पणियां
सैमसंग मोबाइल के उपाध्यक्ष असीम वारसी ने भारतीय बाजार के बारे में कहा कि यह एक अग्रणी बाजार है और यहां के स्मार्ट फोन बाजार में सैमसंग का 49 फीसदी प्रभुत्व है। मौके पर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली भी थे उन्होंने गैलेक्सी नोट-2 के अपने अनुभव बताए।
इस अवसर पर वारसी ने सैमसंग गैलेक्सी स्मार्ट कैमरा भी पेश किया, जो एक महीने के भीतर भारत में लांच होगी।
एंड्रायड 4.1 जेली बीन ऑपरेटिंग सिस्टम वाले उपकरण में 1.6 गीगा हर्ट्ज क्वोड-कोर प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा 2जीबी रैम, 5.5 इंच का एचडी सुपर एमोल्ड स्क्रीन भी है।
इसमें आठ मेगापिक्सल रियर कैमरा और 1.9 मेगापिक्सल सामने वाला कैमरा और हाईडिफिनिशन विडियो रिकार्डिग सुविधा मौजूद है।टिप्पणियां
सैमसंग मोबाइल के उपाध्यक्ष असीम वारसी ने भारतीय बाजार के बारे में कहा कि यह एक अग्रणी बाजार है और यहां के स्मार्ट फोन बाजार में सैमसंग का 49 फीसदी प्रभुत्व है। मौके पर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली भी थे उन्होंने गैलेक्सी नोट-2 के अपने अनुभव बताए।
इस अवसर पर वारसी ने सैमसंग गैलेक्सी स्मार्ट कैमरा भी पेश किया, जो एक महीने के भीतर भारत में लांच होगी।
इसमें आठ मेगापिक्सल रियर कैमरा और 1.9 मेगापिक्सल सामने वाला कैमरा और हाईडिफिनिशन विडियो रिकार्डिग सुविधा मौजूद है।टिप्पणियां
सैमसंग मोबाइल के उपाध्यक्ष असीम वारसी ने भारतीय बाजार के बारे में कहा कि यह एक अग्रणी बाजार है और यहां के स्मार्ट फोन बाजार में सैमसंग का 49 फीसदी प्रभुत्व है। मौके पर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली भी थे उन्होंने गैलेक्सी नोट-2 के अपने अनुभव बताए।
इस अवसर पर वारसी ने सैमसंग गैलेक्सी स्मार्ट कैमरा भी पेश किया, जो एक महीने के भीतर भारत में लांच होगी।
सैमसंग मोबाइल के उपाध्यक्ष असीम वारसी ने भारतीय बाजार के बारे में कहा कि यह एक अग्रणी बाजार है और यहां के स्मार्ट फोन बाजार में सैमसंग का 49 फीसदी प्रभुत्व है। मौके पर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली भी थे उन्होंने गैलेक्सी नोट-2 के अपने अनुभव बताए।
इस अवसर पर वारसी ने सैमसंग गैलेक्सी स्मार्ट कैमरा भी पेश किया, जो एक महीने के भीतर भारत में लांच होगी।
इस अवसर पर वारसी ने सैमसंग गैलेक्सी स्मार्ट कैमरा भी पेश किया, जो एक महीने के भीतर भारत में लांच होगी। | सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारतीय बाजार में अपने गैलेक्सी नोट-2 लांच करने की घोषणा की। गैलेक्सी नोट-2 की कीमत 39,990 रुपये है और एक सप्ताह के भीतर यह सैमसंग के स्टोरों में उपलब्ध हो जाएगी। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मितव्यतता को लेकर नाराज यूनानवासी रविवार को देश में नये नेतृत्व के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। यह मतदान इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि बाहरी देश यूनानी जनता से कट्टरपंथी वामपंथी गठबंधन के पक्ष में मतदान ना करने की अभूतपूर्व अपील कर चुके हैं। इस वजह से यूरो जोन में दूसरे देशों से सहायता को लेकर यूनान का भविष्य इस चुनाव पर निर्भर करता है।
जर्मनी की चासंलर एंजेला मार्केल ने कहा कि यूनानवासियों को ऐसे सांसदों को चुनना चाहिए जो विवादास्पद बेल आउट पैकेज का समर्थन करते हो। इससे पहले सोमवार को वामपंथी सीरिजा गठबंधन के नेता एलेक्सिस तसिप्रास ने कहा था कि उनकी जीत के साथ बेलआउट पैकेज गुजरे जमाने की बात हो जाएगी।
यूरोसमूह के प्रमुख जयां-क्लोड जंकर ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि सीरिजा की जीत का यूरोजोन और अंतर्रारूष्ट्रीय बाजार पर अप्रत्याशित प्रभाव पड़ेगा। यूनान में छह मई को हुए चुनाव में सरकार के गठन के लिए किसी गठबंधन को बहुमत ना मिलने पर दोबारा मतदान हो रहे हैं। टिप्पणियां
जर्मनी के बिल्ड समाचारपत्र ने तनाव और बढ़ाते हुए एक खुला पत्र प्रकाशित करते हुए कहा कि यूनानवासी अपने एटीएम का प्रयोग इस वजह से कर पा रहे हैं क्योंकि हम उनमें यूरो डाल रहे हैं। अगर मितव्यता और सुधारों का विरोध करने वाले और इन्हें रोकने की बात करने वाले दल जीत जाते हैं तो हम यूनानवासियों को पैसे देना बंद कर देंगे।
इन चुनावों में मुख्य लड़ाई सीरिजा गठबंधन के 317 वर्षीय नेता तसिप्रास और रूढ़िवादी दल न्यू डेमोकेसी पार्टी के 61 वर्षीय नेता एंटोनिस समारास के बीच है।
जर्मनी की चासंलर एंजेला मार्केल ने कहा कि यूनानवासियों को ऐसे सांसदों को चुनना चाहिए जो विवादास्पद बेल आउट पैकेज का समर्थन करते हो। इससे पहले सोमवार को वामपंथी सीरिजा गठबंधन के नेता एलेक्सिस तसिप्रास ने कहा था कि उनकी जीत के साथ बेलआउट पैकेज गुजरे जमाने की बात हो जाएगी।
यूरोसमूह के प्रमुख जयां-क्लोड जंकर ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि सीरिजा की जीत का यूरोजोन और अंतर्रारूष्ट्रीय बाजार पर अप्रत्याशित प्रभाव पड़ेगा। यूनान में छह मई को हुए चुनाव में सरकार के गठन के लिए किसी गठबंधन को बहुमत ना मिलने पर दोबारा मतदान हो रहे हैं। टिप्पणियां
जर्मनी के बिल्ड समाचारपत्र ने तनाव और बढ़ाते हुए एक खुला पत्र प्रकाशित करते हुए कहा कि यूनानवासी अपने एटीएम का प्रयोग इस वजह से कर पा रहे हैं क्योंकि हम उनमें यूरो डाल रहे हैं। अगर मितव्यता और सुधारों का विरोध करने वाले और इन्हें रोकने की बात करने वाले दल जीत जाते हैं तो हम यूनानवासियों को पैसे देना बंद कर देंगे।
इन चुनावों में मुख्य लड़ाई सीरिजा गठबंधन के 317 वर्षीय नेता तसिप्रास और रूढ़िवादी दल न्यू डेमोकेसी पार्टी के 61 वर्षीय नेता एंटोनिस समारास के बीच है।
यूरोसमूह के प्रमुख जयां-क्लोड जंकर ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि सीरिजा की जीत का यूरोजोन और अंतर्रारूष्ट्रीय बाजार पर अप्रत्याशित प्रभाव पड़ेगा। यूनान में छह मई को हुए चुनाव में सरकार के गठन के लिए किसी गठबंधन को बहुमत ना मिलने पर दोबारा मतदान हो रहे हैं। टिप्पणियां
जर्मनी के बिल्ड समाचारपत्र ने तनाव और बढ़ाते हुए एक खुला पत्र प्रकाशित करते हुए कहा कि यूनानवासी अपने एटीएम का प्रयोग इस वजह से कर पा रहे हैं क्योंकि हम उनमें यूरो डाल रहे हैं। अगर मितव्यता और सुधारों का विरोध करने वाले और इन्हें रोकने की बात करने वाले दल जीत जाते हैं तो हम यूनानवासियों को पैसे देना बंद कर देंगे।
इन चुनावों में मुख्य लड़ाई सीरिजा गठबंधन के 317 वर्षीय नेता तसिप्रास और रूढ़िवादी दल न्यू डेमोकेसी पार्टी के 61 वर्षीय नेता एंटोनिस समारास के बीच है।
जर्मनी के बिल्ड समाचारपत्र ने तनाव और बढ़ाते हुए एक खुला पत्र प्रकाशित करते हुए कहा कि यूनानवासी अपने एटीएम का प्रयोग इस वजह से कर पा रहे हैं क्योंकि हम उनमें यूरो डाल रहे हैं। अगर मितव्यता और सुधारों का विरोध करने वाले और इन्हें रोकने की बात करने वाले दल जीत जाते हैं तो हम यूनानवासियों को पैसे देना बंद कर देंगे।
इन चुनावों में मुख्य लड़ाई सीरिजा गठबंधन के 317 वर्षीय नेता तसिप्रास और रूढ़िवादी दल न्यू डेमोकेसी पार्टी के 61 वर्षीय नेता एंटोनिस समारास के बीच है।
इन चुनावों में मुख्य लड़ाई सीरिजा गठबंधन के 317 वर्षीय नेता तसिप्रास और रूढ़िवादी दल न्यू डेमोकेसी पार्टी के 61 वर्षीय नेता एंटोनिस समारास के बीच है। | सारांश: यह मतदान इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि बाहरी देश यूनानी जनता से कट्टरपंथी वामपंथी गठबंधन के पक्ष में मतदान ना करने की अभूतपूर्व अपील कर चुके हैं। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के नेताओं ने एक सरकारी अस्पताल में नौ नर्सों को कथित तौर पर जहर दिए जाने की घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। रविवार की रात कराची के एक सरकारी अस्पताल की नौ नर्सें अपने छात्रावास में तैयार कथित जहरीली चाय पीने के बाद बीमार हो गई थीं।टिप्पणियां
समुदाय का दावा है कि इन नर्सों को उनकी आस्था के चलते जानबूझकर जहर दिया गया। एक प्रभावित नर्स के अनुसार, उनकी एक सहयोगी ने रात 10 बजे के बाद चाय बनाई, जिसे पीने के बाद वह लोग बीमार हो गईं। नर्सों को सरकारी अस्पताल के इमरजेन्सी वार्ड ले जाया गया और इलाज के बाद वापस भेज दिया गया। अगली सुबह उन्हें फिर समस्या हुई, जिसके बाद पुन: उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
सांसद सलीम खोखर ने 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया कि सरकार और पुलिस को जहर दिए जाने का असली कारण पता करने के लिए संयुक्त रूप से जांच करानी चाहिए। शुरू में अफवाहें थीं कि जहर इसलिए दिया गया, क्योंकि नर्सें चाय पी रही थीं, जबकि उनकी मुस्लिम सहयोगी नर्सें रमजान के पवित्र माह के दौरान रोजा रखे हुए थीं।
समुदाय का दावा है कि इन नर्सों को उनकी आस्था के चलते जानबूझकर जहर दिया गया। एक प्रभावित नर्स के अनुसार, उनकी एक सहयोगी ने रात 10 बजे के बाद चाय बनाई, जिसे पीने के बाद वह लोग बीमार हो गईं। नर्सों को सरकारी अस्पताल के इमरजेन्सी वार्ड ले जाया गया और इलाज के बाद वापस भेज दिया गया। अगली सुबह उन्हें फिर समस्या हुई, जिसके बाद पुन: उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
सांसद सलीम खोखर ने 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया कि सरकार और पुलिस को जहर दिए जाने का असली कारण पता करने के लिए संयुक्त रूप से जांच करानी चाहिए। शुरू में अफवाहें थीं कि जहर इसलिए दिया गया, क्योंकि नर्सें चाय पी रही थीं, जबकि उनकी मुस्लिम सहयोगी नर्सें रमजान के पवित्र माह के दौरान रोजा रखे हुए थीं।
सांसद सलीम खोखर ने 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया कि सरकार और पुलिस को जहर दिए जाने का असली कारण पता करने के लिए संयुक्त रूप से जांच करानी चाहिए। शुरू में अफवाहें थीं कि जहर इसलिए दिया गया, क्योंकि नर्सें चाय पी रही थीं, जबकि उनकी मुस्लिम सहयोगी नर्सें रमजान के पवित्र माह के दौरान रोजा रखे हुए थीं। | यह एक सारांश है: पाकिस्तान के अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के नेताओं ने एक सरकारी अस्पताल में नौ नर्सों को कथित तौर पर जहर दिए जाने की घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लालू प्रसाद की सात बेटियों के बाद उनके बड़े बेटे का विवाह हो रहा है, इस कारण इस विवाह में कुछ भी कमी न रहे इसका खास ख्याल रखा जा रहा है. विवाह के पहले चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू को छह सप्ताह के लिए मिली सर्शत जमानत ने भी शादी की खुाशियों को बढ़ा दिया है। परिवार, रिश्तेदार एवं राजद समर्थकों की खुशियां बढ़ी नजर आ रही हैं. तेजप्रताप के परिणय सूत्र में बंधने के पूर्व शुक्रवार को हल्दी और मटकोर के कार्यक्रम का आयोजन किया गया. तेजप्रताप को सभी बड़े-बुजुगरे ने हल्दी लगाई और फिर मटकोर किया गया.
इसके एक दिन पूर्व महिला संगीत के कार्यक्रम में दोनों परिवारों के सदस्यों ने जमकर मस्ती की. इधर, शादी के दौरान दोनों घर मंगल गीतों से गूंजायमान हो रहे हैं. तेजप्रताप की बारात शाम सात बजे लालू के आवास से पटना हवाई अड्डे के नजदीक वेटनरी कॉलेज के खेल मैदान के लिए निकलेगी. वेटनरी मैदान में बने मंच पर जयमाला की रस्म होगी और यहीं मेहमानों के लिए प्रीतिभोज का आयोजन किया जाएगा. इस समारोह में 10 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना हैं. तेजप्रताप की शादी चंद्रिका राय के सरकारी आवास 5 सर्कुलर रोड में होगी. उल्लेखनीय है कि तेजप्रताप और चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय की सगाई 18 अप्रैल को पटना के होटल मौर्या में हुई थी. टिप्पणियां (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके एक दिन पूर्व महिला संगीत के कार्यक्रम में दोनों परिवारों के सदस्यों ने जमकर मस्ती की. इधर, शादी के दौरान दोनों घर मंगल गीतों से गूंजायमान हो रहे हैं. तेजप्रताप की बारात शाम सात बजे लालू के आवास से पटना हवाई अड्डे के नजदीक वेटनरी कॉलेज के खेल मैदान के लिए निकलेगी. वेटनरी मैदान में बने मंच पर जयमाला की रस्म होगी और यहीं मेहमानों के लिए प्रीतिभोज का आयोजन किया जाएगा. इस समारोह में 10 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना हैं. तेजप्रताप की शादी चंद्रिका राय के सरकारी आवास 5 सर्कुलर रोड में होगी. उल्लेखनीय है कि तेजप्रताप और चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय की सगाई 18 अप्रैल को पटना के होटल मौर्या में हुई थी. टिप्पणियां (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: आज है तेज प्रताप की शादी
ऐश्वर्या राय के साथ है शादी
आरजेडी के बड़े नेता मौजूद | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) अपने मिशन के 95 प्रतिशत उद्देश्यों में सफल रहा है. अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव एवं अंतरिक्ष आयोग के पूर्व अध्यक्ष नायर ने कहा कि ऑर्बिटर सही है चंद्रमा की कक्षा में सामान्य रूप से काम कर रहा है. वहीं चंद्रयान-2 के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने सहित कई अन्य उद्देश्य थे. चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) के लैंडर ‘विक्रम' का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने पर नायर ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है... मैं कहूंगा कि मिशन के 95 प्रतिशत से अधिक उद्देश्य पूरे हुए हैं.''
उन्होंने कहा, ‘‘आर्बिटर अंतरिक्ष में पहुंच गया है और उसे मानचित्रण का काम अच्छे से करना चाहिए.'' करीब एक दशक पहले चंद्रयान-1 मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद चंद्रयान-2 मिशन शुरू किया गया, जिसमें एक ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल था.
नायर ने हालांकि कहा कि लैंडर से संपर्क टूट जाना बेहद निराशाजनक है और उन्होंने इसकी कल्पना कभी नहीं की थी.उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सभी के लिए निराशाजनक है. पूरे देश को इससे उम्मीद थे.''
पूर्व इसरो प्रमुख ने कहा, ‘‘जब 2.1 किलोमीटर तक दूरी बची थी, उस समय अभियान बेहद जटिल था. हममें से आधे लोग हाथ थामकर बैठे थे क्योंकि कई यंत्रों और थ्रस्टर को सही तरह से काम करना था. तभी अंतिम उद्देश्य को पाया जा सकता था.''
नायर ने कहा कि कम से कम 10 ऐसे बिंदु हैं, जहां गलती गलती हो सकती थी, हालांकि वास्तव में गलती कहां हुई इसके बारे में अभी अनुमान लगाना कठिन होगा. उन्होंने कहा कि अभी तक उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर उन्हें भरोसा है कि इसरो गलती कहां हुई इसकी पहचान कर लेगा.
गौरतलब है कि चंद्रयान -2 के लैंडर ‘विक्रम' का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. संपर्क तब टूटा, जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था. लैंडर को शुक्रवार देर रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया. | संक्षिप्त पाठ: इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा- 95 फीसदी उद्देश्यों में सफल रहा चंद्रयान-2
'ऑर्बिटर सही है, चंद्रमा की कक्षा में सामान्य रूप से काम कर रहा है'
'मुझे लगता है कि हमें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है' | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व अभिनेत्री और कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी उर्मिला मातोंडकर ने मुम्बई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को पत्र लिखकर अपनी हार के लिए स्थानीय नेताओं की काबिलियत, कमजोर प्लानिंग, कार्यकर्ताओं से बेरुखी और पैसों की कमी पर रोने की शिकायत की है. पत्र के उर्मिला ने अपने चुनाव प्रचार के लिए नियुक्त चीफ कॉर्डिनेटर सन्देश कोंडविलकर और दूसरे पदाधिकारी भूषण पाटिल और जिला अध्यक्ष अशोक सूत्राले को जिम्मेदार ठहराया है. 16 मई को लिखे पत्र में उर्मिला मातोंडकर ने कहा है कि उन्होंने जीत के लिए कड़ी मेहनत की लेकिन कांग्रेस संगठन से अपेक्षित सहयोग नही मिला खासकर ऊपर नाम लिखे नेताओं से. आपको बता दें कि राजनीति में पहली बार हाथ आजमा रहीं उर्मिला को कांग्रेस ने नॉर्थ मुंबई से टिकट दिया था. लेकिन उनको बीजेपी के गोपाल शेट्टी ने हरा दिया.
फिलहाल लोकसभा में हार को लेकर कांग्रेस में मंथन जारी है. राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद से कांग्रेस के पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिया है. इसी कड़ी में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष से मिलिंद देवड़ा ने इस्तीफा दे दिया है. देवड़ा ने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका निभाने की आशा करते हैं. देवड़ा ने इस साल के आखिर में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव तक नगर पार्टी इकाई के कामकाज की देखरेख के लिए कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं की सदस्यता वाला एक अस्थायी सामूहिक नेतृत्व (समिति) गठित करने की सिफारिश की है.
कांग्रेस में जारी इस्तीफे का दौर, नए कांग्रेस अध्यक्ष तलाश और कर्नाटक में जारी संकट के बीच उर्मिला मातोंडकर की यह चिट्ठी पार्टी के नेताओं के लिए सिरदर्द से कम नहीं है. क्योंकि यह शायद पहला मौका है जब किसी प्रत्याशी ने हार का ठीकरा पार्टी के संगठन और नेताओं पर फोड़ा है. | यहाँ एक सारांश है:उर्मिला मातोंडकर ने लिखी चिट्ठी
मिलिंद देवड़ा से की शिकायत
हार के लिए कांग्रेस नेताओं को बताया जिम्मेदार | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने 'दक्षिण भारतीय शिक्षा समाज' (एसआईईएस) द्वारा पुरस्कार में मिले ढाई लाख रुपये को दिल्ली पुलिस के दिवंगत कॉन्सटेबल सुभाष चंद तोमर के परिजनों को दान में देने का फैसला किया है।टिप्पणियां
एक छात्रा से सामूहिक बलात्कार के विरोध में इंडिया गेट पर हुए प्रदर्शन में कांस्टेबल सुभाष तोमर घायल हो गए थे और मंगलवार को उनकी मौत हो गई। साथ ही अमिताभ ने कहा कि दिल्ली में पीड़ित लड़की के साथ जो भी हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अमिताभ ने दुआ की कि पीड़ित लड़की जल्द से जल्द ठीक हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बलात्कार के लिए बने कानूनों में बदलाव की जरूरत है और कानून ऐसे बनाए जाने चाहिए, जिनसे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
एक छात्रा से सामूहिक बलात्कार के विरोध में इंडिया गेट पर हुए प्रदर्शन में कांस्टेबल सुभाष तोमर घायल हो गए थे और मंगलवार को उनकी मौत हो गई। साथ ही अमिताभ ने कहा कि दिल्ली में पीड़ित लड़की के साथ जो भी हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अमिताभ ने दुआ की कि पीड़ित लड़की जल्द से जल्द ठीक हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बलात्कार के लिए बने कानूनों में बदलाव की जरूरत है और कानून ऐसे बनाए जाने चाहिए, जिनसे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
अमिताभ ने दुआ की कि पीड़ित लड़की जल्द से जल्द ठीक हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बलात्कार के लिए बने कानूनों में बदलाव की जरूरत है और कानून ऐसे बनाए जाने चाहिए, जिनसे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। | यह एक सारांश है: अमिताभ बच्चन ने 'दक्षिण भारतीय शिक्षा समाज' (एसआईईएस) द्वारा पुरस्कार में मिले ढाई लाख रुपये को दिल्ली पुलिस के दिवंगत कॉन्सटेबल सुभाष चंद तोमर के परिजनों को दान में देने का फैसला किया है। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा में दबे-छिपे उठ रही मांगों को आवाज देते हुए पार्टी नेता यशवंत सिन्हा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की खुलकर वकालत की। इसपर राजग के प्रमुख घटक दल जद (यू) ने साफ तौर पर नाखुशी जताई है।
वर्ष 2002 के गुजरात दंगों का हवाला देते हुए मोदी के खिलाफ विरोध दर्ज कराने वाली जद (यू) को सिन्हा ने सलाह दी कि मोदी पर निशाना नहीं साधें।टिप्पणियां
सिन्हा ने कहा, ‘कई दिन से चर्चा हो रही है। जब मैं यात्रा करता हूं तो आम आदमी और कार्यकर्ताओं की ओर से पुरजोर मांग उठती है कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाया जाना चाहिए क्योंकि इससे पार्टी को लाभ होगा।’ उन्होंने कहा, ‘गंभीरता से विचार करने के बाद मैंने महसूस किया है कि अगर भाजपा मोदी को अपना प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करती है तो भाजपा को चुनाव में बड़े स्तर पर फायदा होगा। मतदाताओं पर इसका व्यापक असर पड़ेगा। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है।’ सिन्हा ने कहा कि ऐसा हुआ तो भाजपा को फिलहाल अनुमानित सीटों से भी अधिक संख्या में सीटें मिलेंगी।
पूर्व विदेश मंत्री सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में निर्णय पार्टी को लेना है लेकिन कार्यकर्ताओं और जनता की भावना यही है। उन्होंने कहा कि हालिया सर्वेक्षणों में मोदी को प्रधानमंत्री पद के अन्य सभी दावेदारों से काफी आगे बताया गया है और उन्हें इस तरह पेश करने का यह सही वक्त है।
वर्ष 2002 के गुजरात दंगों का हवाला देते हुए मोदी के खिलाफ विरोध दर्ज कराने वाली जद (यू) को सिन्हा ने सलाह दी कि मोदी पर निशाना नहीं साधें।टिप्पणियां
सिन्हा ने कहा, ‘कई दिन से चर्चा हो रही है। जब मैं यात्रा करता हूं तो आम आदमी और कार्यकर्ताओं की ओर से पुरजोर मांग उठती है कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाया जाना चाहिए क्योंकि इससे पार्टी को लाभ होगा।’ उन्होंने कहा, ‘गंभीरता से विचार करने के बाद मैंने महसूस किया है कि अगर भाजपा मोदी को अपना प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करती है तो भाजपा को चुनाव में बड़े स्तर पर फायदा होगा। मतदाताओं पर इसका व्यापक असर पड़ेगा। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है।’ सिन्हा ने कहा कि ऐसा हुआ तो भाजपा को फिलहाल अनुमानित सीटों से भी अधिक संख्या में सीटें मिलेंगी।
पूर्व विदेश मंत्री सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में निर्णय पार्टी को लेना है लेकिन कार्यकर्ताओं और जनता की भावना यही है। उन्होंने कहा कि हालिया सर्वेक्षणों में मोदी को प्रधानमंत्री पद के अन्य सभी दावेदारों से काफी आगे बताया गया है और उन्हें इस तरह पेश करने का यह सही वक्त है।
सिन्हा ने कहा, ‘कई दिन से चर्चा हो रही है। जब मैं यात्रा करता हूं तो आम आदमी और कार्यकर्ताओं की ओर से पुरजोर मांग उठती है कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाया जाना चाहिए क्योंकि इससे पार्टी को लाभ होगा।’ उन्होंने कहा, ‘गंभीरता से विचार करने के बाद मैंने महसूस किया है कि अगर भाजपा मोदी को अपना प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करती है तो भाजपा को चुनाव में बड़े स्तर पर फायदा होगा। मतदाताओं पर इसका व्यापक असर पड़ेगा। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है।’ सिन्हा ने कहा कि ऐसा हुआ तो भाजपा को फिलहाल अनुमानित सीटों से भी अधिक संख्या में सीटें मिलेंगी।
पूर्व विदेश मंत्री सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में निर्णय पार्टी को लेना है लेकिन कार्यकर्ताओं और जनता की भावना यही है। उन्होंने कहा कि हालिया सर्वेक्षणों में मोदी को प्रधानमंत्री पद के अन्य सभी दावेदारों से काफी आगे बताया गया है और उन्हें इस तरह पेश करने का यह सही वक्त है।
पूर्व विदेश मंत्री सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में निर्णय पार्टी को लेना है लेकिन कार्यकर्ताओं और जनता की भावना यही है। उन्होंने कहा कि हालिया सर्वेक्षणों में मोदी को प्रधानमंत्री पद के अन्य सभी दावेदारों से काफी आगे बताया गया है और उन्हें इस तरह पेश करने का यह सही वक्त है। | संक्षिप्त पाठ: भाजपा में दबे-छिपे उठ रही मांगों को आवाज देते हुए पार्टी नेता यशवंत सिन्हा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की खुलकर वकालत की। इसपर राजग के प्रमुख घटक दल जद (यू) ने साफ तौर पर नाखुशी जताई है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर बम रखने वाले दो संदिग्धों का स्केच जारी किया है जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक घायल हो गए। जिन संदिग्धों के स्केच जारी किये गए हैं, समझा जाता है कि उनमें से एक की उम्र 50 वर्ष के आसपास और दूसरे की उम्र 20 वर्ष से अधिक है। ये दोनों स्केच घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के ब्यौरे के आधार पर तैयार किए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, हमने दो संदिग्धों के स्केच जारी किये हैं जो प्रत्यक्षदर्शियों के ब्यौरे के आधार पर तैयार की गई है। दोनों संदिग्धों में छोटे की लम्बाई छह फुट से कम होने का अनुमान व्यक्त किया गया है, उसके बारे समझा जाता है कि उसने बीच से मांग (बाल) निकाल रखी थी। दूसरे व्यक्ति ने संभवत: छोटी दाढ़ी रखी थी। अधिकारियों ने कहा, हम प्रत्यक्षदर्शियों के ब्यौरे के आधार पर तीसरा स्केच भी जारी कर सकते हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जिन संदिग्धों के स्केच जारी किये गए हैं, समझा जाता है कि उनमें से एक की उम्र 50 वर्ष के आसपास और दूसरे की उम्र 20 वर्ष से अधिक है। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम ने हाल ही में समाप्त पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में बेशक भारत को पराजित कर दिया हो लेकिन उसके कप्तान ग्रीम स्मिथ की नजर में भारत की 2011 विश्व कप का सम्भावित विजेता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक स्मिथ ने आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड रेडियो शो के ताजातरीन अंक में स्वीकार किया कि घरेलू परिस्थितियों में मेजबान टीमों को हराना बेहद कठिन काम है और इस लिहाज से भारत का पलड़ा काफी भारी है। इस सप्ताह प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान स्मिथ ने कहा,"आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में घरेलू टीमों को हमेशा फायदा पहुंचता है। इन टीमों को हराना मुश्किल होता है। ऐसे में भारत और श्रीलंका को हराना बेहद कठिन काम होगा। भारतीय टीम जिस तरह की लय में है,उसे देखते हुए मैं उसे संभावित चैम्पियन मानकर चल रहा हूं।" अपनी टीम के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर स्मिथ ने कहा कि उनकी टीम को सावधानी के साथ हर क्षेत्र में अच्छा खेल दिखाना होगा। स्मिथ ने कहा,"हमें हमेशा सजग और 100 फीसदी प्रदर्शन करना होगा। मेजबान भारत और श्रीलंका के अलावा चार टीमें ऐसी हैं, जिनमें विश्व कप जीतने का माद्दा है। इस कारण यह विश्व कप काफी रोमांचक होगा।" विश्व कप का आयोजन 19 फरवरी से होना है। इस बार इसकी मेजबानी भारत के अलावा श्रीलंका और बांग्लादेश के पास भी है। पाकिस्तान भी संयुक्त मेजबान था लेकिन आतंकवादी घटनाओं के कारण 2009 में उससे मेजबानी छीन ली गई थी। विश्व कप का उद्घाटन ढाका में होगा जबकि खिताबी मुकाबला मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्मिथ ने आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड रेडियो शो के अंक में स्वीकार किया कि घरेलू परिस्थितियों में मेजबान टीमों को हराना बेहद कठिन काम है। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हरियाणा के गुरुग्राम में दो महिला बैंक कर्मचारियों की बहादुरी के किस्से इन दिनों चर्चा में हैं. इन महिलाओं ने दो हथियारबंद बदमाशों के छक्के छुड़ाते हुए बैंक लूट की एक बड़ी कोशिश को विफल कर दिया.
45 साल की विमला देवी और 28 साल की पूनम गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की मनी ट्रांसफर शाखा में काम करती हैं. सोमवार को हथियारों से लैस दो बदमाश बैंक में घुस आए और बैंक लूटने की कोशिश की. लेकिन ये दोनों महिला कर्मचारियों उन बदमाशों से निहत्थे ही भिड़ गईं और उन्हें दबोच लिया.टिप्पणियां
पुलिस ने मंगलवार को इस घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया, जिसमें साफ दिख रहा है कि महिलाओं ने किस दिलेरी से उन बदमाशों का सामना किया. ये बदमाश सोमवार दोपहर बाद बैंक में घुसे और अपने बैग से पिस्तौल निकाल लिया. बैंक में तभी ये दो महिला कर्मचारी ही थीं.
दोनों महिला कर्मचारियों ने बदमाशों की पिस्तौलें छीनकर खतरे का अलार्म बजा दिया
बदमाशों ने विमला और पूनम को निशाने पर लेने की कोशिश की. लेकिन ये दोनों सरेंडर करने की बजाय तुरंत ही बदमाशों पर झपट पड़ीं और उनकी पिस्तौलें छीनकर खतरे का अलार्म बजा दिया. इसके बाद आसपास के लोग वहां पहुंच गए और बदमाशों को दबोच लिया. पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवाड़ ने कहा है कि दोनों महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें पुरस्कार भी दिए जाएंगे.
45 साल की विमला देवी और 28 साल की पूनम गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की मनी ट्रांसफर शाखा में काम करती हैं. सोमवार को हथियारों से लैस दो बदमाश बैंक में घुस आए और बैंक लूटने की कोशिश की. लेकिन ये दोनों महिला कर्मचारियों उन बदमाशों से निहत्थे ही भिड़ गईं और उन्हें दबोच लिया.टिप्पणियां
पुलिस ने मंगलवार को इस घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया, जिसमें साफ दिख रहा है कि महिलाओं ने किस दिलेरी से उन बदमाशों का सामना किया. ये बदमाश सोमवार दोपहर बाद बैंक में घुसे और अपने बैग से पिस्तौल निकाल लिया. बैंक में तभी ये दो महिला कर्मचारी ही थीं.
दोनों महिला कर्मचारियों ने बदमाशों की पिस्तौलें छीनकर खतरे का अलार्म बजा दिया
बदमाशों ने विमला और पूनम को निशाने पर लेने की कोशिश की. लेकिन ये दोनों सरेंडर करने की बजाय तुरंत ही बदमाशों पर झपट पड़ीं और उनकी पिस्तौलें छीनकर खतरे का अलार्म बजा दिया. इसके बाद आसपास के लोग वहां पहुंच गए और बदमाशों को दबोच लिया. पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवाड़ ने कहा है कि दोनों महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें पुरस्कार भी दिए जाएंगे.
पुलिस ने मंगलवार को इस घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया, जिसमें साफ दिख रहा है कि महिलाओं ने किस दिलेरी से उन बदमाशों का सामना किया. ये बदमाश सोमवार दोपहर बाद बैंक में घुसे और अपने बैग से पिस्तौल निकाल लिया. बैंक में तभी ये दो महिला कर्मचारी ही थीं.
दोनों महिला कर्मचारियों ने बदमाशों की पिस्तौलें छीनकर खतरे का अलार्म बजा दिया
बदमाशों ने विमला और पूनम को निशाने पर लेने की कोशिश की. लेकिन ये दोनों सरेंडर करने की बजाय तुरंत ही बदमाशों पर झपट पड़ीं और उनकी पिस्तौलें छीनकर खतरे का अलार्म बजा दिया. इसके बाद आसपास के लोग वहां पहुंच गए और बदमाशों को दबोच लिया. पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवाड़ ने कहा है कि दोनों महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें पुरस्कार भी दिए जाएंगे.
बदमाशों ने विमला और पूनम को निशाने पर लेने की कोशिश की. लेकिन ये दोनों सरेंडर करने की बजाय तुरंत ही बदमाशों पर झपट पड़ीं और उनकी पिस्तौलें छीनकर खतरे का अलार्म बजा दिया. इसके बाद आसपास के लोग वहां पहुंच गए और बदमाशों को दबोच लिया. पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवाड़ ने कहा है कि दोनों महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें पुरस्कार भी दिए जाएंगे. | यह एक सारांश है: गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में स्थित SBI की मनी ट्रांसफर शाखा की घटना
बैंक के दो महिला कर्मचारी निहत्थे ही भिड़ गईं बदमाशों से
पुलिस दोनों महिलाओं को करेगी सम्मानित | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप के साथ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं का रिश्ता होने का आरोप लगाते हुए चिटफंड कंपनी के डूबने की जांच सीबीआई से कराने की बुधवार को मांग की जिसने कथित रूप से हजारों लोगों को धोखा दिया है।
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘यह कहा जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस नेताओं का एक हिस्सा शारदा ग्रुप के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है और उसके हितों की रक्षा की है।’’टिप्पणियां
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘दूसरी पार्टियों के नेताओं की संलिप्तता की भी चर्चा है।’’ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया में रिपोर्ट आई हैं कि शारदा ग्रुप अध्यक्ष सुदिप्त सेन ने सीबीआई को तृणमूल कांग्रेस नेताओं की कथित संलिप्तता के बारे में लिखा था।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सीबीआई जांच से सचाई सामने आने दें।’’ भट्टाचार्य से जब पूछा गया कि क्या वह सोचते हैं कि कुणाल घोष की संलिप्तता है तो उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद का नाम मीडिया में आया है। ‘‘लेकिन मैं बिना सबूत के कुछ नहीं कहूंगा।’’
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘यह कहा जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस नेताओं का एक हिस्सा शारदा ग्रुप के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है और उसके हितों की रक्षा की है।’’टिप्पणियां
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘दूसरी पार्टियों के नेताओं की संलिप्तता की भी चर्चा है।’’ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया में रिपोर्ट आई हैं कि शारदा ग्रुप अध्यक्ष सुदिप्त सेन ने सीबीआई को तृणमूल कांग्रेस नेताओं की कथित संलिप्तता के बारे में लिखा था।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सीबीआई जांच से सचाई सामने आने दें।’’ भट्टाचार्य से जब पूछा गया कि क्या वह सोचते हैं कि कुणाल घोष की संलिप्तता है तो उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद का नाम मीडिया में आया है। ‘‘लेकिन मैं बिना सबूत के कुछ नहीं कहूंगा।’’
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘दूसरी पार्टियों के नेताओं की संलिप्तता की भी चर्चा है।’’ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया में रिपोर्ट आई हैं कि शारदा ग्रुप अध्यक्ष सुदिप्त सेन ने सीबीआई को तृणमूल कांग्रेस नेताओं की कथित संलिप्तता के बारे में लिखा था।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सीबीआई जांच से सचाई सामने आने दें।’’ भट्टाचार्य से जब पूछा गया कि क्या वह सोचते हैं कि कुणाल घोष की संलिप्तता है तो उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद का नाम मीडिया में आया है। ‘‘लेकिन मैं बिना सबूत के कुछ नहीं कहूंगा।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सीबीआई जांच से सचाई सामने आने दें।’’ भट्टाचार्य से जब पूछा गया कि क्या वह सोचते हैं कि कुणाल घोष की संलिप्तता है तो उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद का नाम मीडिया में आया है। ‘‘लेकिन मैं बिना सबूत के कुछ नहीं कहूंगा।’’ | यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस ने चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप के साथ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं का रिश्ता होने का आरोप लगाते हुए चिटफंड कंपनी के डूबने की जांच सीबीआई से कराने की बुधवार को मांग की जिसने कथित रूप से हजारों लोगों को धोखा दिया है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के खिलाफ चल रहे चौथे टैस्ट में करियर की सर्वश्रेष्ठ 235 रन की पारी खेलने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज इयान बेल ने कहा कि टीम के खिलाड़ियों में बड़ा स्कोर बनाने के लिए स्वस्थ और रचनात्मक प्रतिस्पर्धा है। इस शानदार पारी से बेल साल में सबसे ज्यादा 950 रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने टीम के साथी एलिस्टेयर कुक को पछाड़ दिया, जिन्होंने वर्ष में 927 रन बना लिए हैं। बेल ने कहा, हमारी टीम के हर खिलाड़ी में प्रतिस्पर्धा है। अगर कोई बड़ा स्कोर बनाता है, तो आपका दिमाग कहता है कि इससे बड़ा स्कोर बनाओ। टीम में प्रतिस्पर्धा है, लेकिन यह स्वस्थ और रचनात्मक है। हम आपस में मिलकर बात करते हैं कि गेंदबाज को किस तरह से खेला जाए। हम टेस्ट मैच की तैयारी के लिए आपस में इस पर विचार बांटते हैं। इंग्लैंड की तरफ से एलिस्टेयर कुक, केविन पीटरसन और एंड्रयू स्ट्रास 19-19 शतक शतक जड़ चुके हैं, जबकि बेल के 235 रन की पारी से अब 16 सैकड़े हैं। बेल ने कहा, जब मैंने शुरू किया था तब बल्लेबाजों के नाम चार-पांच शतक होते थे। अब हम सभी इनकी संख्या बढ़ा रहे हैं और यह इंग्लिश क्रिकेट के लिए बेहतरीन है। | यहाँ एक सारांश है:चौथे टैस्ट में 235 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज बेल ने कहा कि टीम के खिलाड़ियों में बड़ा स्कोर बनाने के लिए स्वस्थ और रचनात्मक प्रतिस्पर्धा है। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में जीडीपी का 5 फीसदी पर आना दिखाता है कि अर्थव्यवस्था एक गहरी मंदी की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि भारत के पास तेजी से विकास दर की संभावना है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रंधन की वजह से मंदी आई है. उन्होंने कहा कि यह परेशान करने वाला है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ रेट 0.6 फीसदी पर लड़खड़ा रही है. इससे साफ जाहिर होता है कि हमारी अर्थव्यवस्था अभी तक नोटबंदी और हड़बड़ी में लागू किए गए जीएसटी से उबर नहीं पाई है.
डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत इस लगातार मंदी को झेल नहीं सकता है. इसलिए हम सरकार से गुजारिश करते हैं कि अपनी राजनीतिक बदले के एजेंडे को किनारे रखे और समझदार लोगों से बात कर हमारी अर्थव्यवस्था को नई राह दिखाए जो पैदा किए गए संकट में फंस गई है.
गौरतलब है कि इस साल की पहली तिमाही में आए जीडीपी की दर 5 फीसदी पर सिमट गई है और माना जा रहा है कि देश एक बड़ी मंदी की ओर जा रहा है. हालांकि सरकार की ओर से कई उपाय किए गए हैं लेकिन इनको नाकाफी बताया जा रहा है. वहीं देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि जीडीपी में गिरावट का प्रमुख कारण वैश्विक मंदी है लेकिन हमारी विकास दर कई देशों की तुलना में ठीक है. | सारांश: गिरती अर्थव्यवस्था पर पूर्व पीएम ने जताई चिंता
मोदी सरकार पर साधा निशाना
कहा-कुप्रंधन का नतीजा | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुजरात में वर्ष 2004 में इशरत जहां एवं तीन अन्य की फर्जी मुठभेड़ करने वाले दो दलों में शरीक रहे दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पहले से ही कथित सादिक जमाल फर्जी मुठभेड़ मामले में न्यायिक हिरासत में थे।
दोनों की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब जांच एजेंसी इस सिलसिले में पुलिस अधीक्षक (अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) गिरीश सिंघल को पकड़ चुकी है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक के रूप में सेवानिवृत्त होने वाले जेजी परमार को शुक्रवार रात पकड़ा गया, जबकि मेहसाणा के पुलिस उपाधीक्षक तरुण बरोट को शनिवार दोपहर पकड़ा गया।टिप्पणियां
परमार इशरत फर्जी मुठभेड़ मामले में शिकायतकर्ता भी हैं। परमार और बरौर उस दो दल के हिस्से हैं, जिन्होंने इशरत जहां और तीन अन्य को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों उन दिनों पुलिस इंसपेक्टर थे।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को दोनों के सिलसिले में अदालत से ट्रांसफर वारंट मिल गया है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2004 में अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सुनसान स्थान पर इशरत और उसके सहयोगियों - प्रणेश पिल्लै उर्फ जावेद शेख, जीशान जोहर और अमजद अली को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया था।
दोनों की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब जांच एजेंसी इस सिलसिले में पुलिस अधीक्षक (अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) गिरीश सिंघल को पकड़ चुकी है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक के रूप में सेवानिवृत्त होने वाले जेजी परमार को शुक्रवार रात पकड़ा गया, जबकि मेहसाणा के पुलिस उपाधीक्षक तरुण बरोट को शनिवार दोपहर पकड़ा गया।टिप्पणियां
परमार इशरत फर्जी मुठभेड़ मामले में शिकायतकर्ता भी हैं। परमार और बरौर उस दो दल के हिस्से हैं, जिन्होंने इशरत जहां और तीन अन्य को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों उन दिनों पुलिस इंसपेक्टर थे।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को दोनों के सिलसिले में अदालत से ट्रांसफर वारंट मिल गया है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2004 में अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सुनसान स्थान पर इशरत और उसके सहयोगियों - प्रणेश पिल्लै उर्फ जावेद शेख, जीशान जोहर और अमजद अली को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया था।
परमार इशरत फर्जी मुठभेड़ मामले में शिकायतकर्ता भी हैं। परमार और बरौर उस दो दल के हिस्से हैं, जिन्होंने इशरत जहां और तीन अन्य को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों उन दिनों पुलिस इंसपेक्टर थे।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को दोनों के सिलसिले में अदालत से ट्रांसफर वारंट मिल गया है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2004 में अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सुनसान स्थान पर इशरत और उसके सहयोगियों - प्रणेश पिल्लै उर्फ जावेद शेख, जीशान जोहर और अमजद अली को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को दोनों के सिलसिले में अदालत से ट्रांसफर वारंट मिल गया है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2004 में अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सुनसान स्थान पर इशरत और उसके सहयोगियों - प्रणेश पिल्लै उर्फ जावेद शेख, जीशान जोहर और अमजद अली को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई ने गुजरात में वर्ष 2004 में इशरत जहां एवं तीन अन्य की फर्जी मुठभेड़ करने वाले दो दलों में शरीक रहे दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पहले से ही कथित सादिक जमाल फर्जी मुठभेड़ मामले में न्यायिक हिरासत में थे। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (Allahabad University) ने अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन के लिए हुई प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट (AU Entrance Result 2019) जारी कर दिया है. यूजीएटी के अंतर्गत बीए, बीएसससी, बीकॉम और बीएससी होम सांइस का रिजल्ट (Allahabad University Result) कर जारी कर दिया गया है. प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट (Allahabad University Entrance Result) इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट allduniv.ac.in पर जारी किया गया है. स्टूडेंट्स इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर ही रिजल्ट देख सकते हैं. रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को लॉग इन करना होगा. बीए में ऐश्वर्या, बीकॉम में प्रखर, बीएससी में प्रिया सिंह और बीएससी होम सांइस में प्रेरणा सिंह ने टॉप किया है. बता दें कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने अलग-अलग स्ट्रीम की परीक्षाएं अलग-अलग दिन आयोजित की थी.
उम्मीदवार नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर अपना रिजल्ट देख सकते हैं.AU Entrance Result 2019 | सारांश: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है.
रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट allduniv.ac.in पर जारी हुआ है.
अलग-अलग कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा अलग-अलग दिन आयोजित की गई थी. | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लगता है कि ऑफ स्पिनर रविंदर जडेजा ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों के लिए कुछ खास रणनीति बनाई है। तभी तो चार मैचों की अब तक खेली गई सात पारियों में से छह अवसरों पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को पवेलियन की राह दिखाई।
पहले जडेजा के निशाने पर माइकल क्लार्क थे। वह आज पीठ दर्द के कारण नहीं खेल पाये तो जडेजा ने नए कप्तान शेन वाटसन को अपना शिकार बनाया। जडेजा ने वाटसन (17) को आगे आने के लिए ललचाया और फिर बड़ी खूबसूरती से गेंद उनके बल्ले और शरीर के करीब से निकालकर धोनी को आसान स्टंप आउट करने का मौका दे दिया।
वाटसन की कप्तान के रूप में पहली पारी 63 मिनट तक ही चल पाई। जडेजा ने इससे पहले क्लार्क को लगातार अपने जाल में फंसाया था। उन्होंने चेन्नई में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में क्लार्क को भुवनेश्वर कुमार के हाथों कैच कराया। क्लार्क ने तब 130 रन बनाए।टिप्पणियां
दूसरी पारी में उन्हें आर अश्विन ने आउट किया था। इसके बाद हैदराबाद और मोहाली टेस्ट मैचों की दोनों पारियों में क्लार्क को जडेजा ने पवेलियन भेजा। हैदराबाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को दोनों पारियों में बोल्ड किया। इनमें से पहली पारी में क्लार्क (91) को उन्होंने शतक नहीं बनाने दिया था।
मोहाली में जडेजा ने क्लार्क को पहली गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टंप कराया और दूसरी पारी में जब वह पीठ दर्द के बावजूद बल्लेबाजी के लिए उतरे तो जडेजा ने उन्हें चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच करा दिया था।
पहले जडेजा के निशाने पर माइकल क्लार्क थे। वह आज पीठ दर्द के कारण नहीं खेल पाये तो जडेजा ने नए कप्तान शेन वाटसन को अपना शिकार बनाया। जडेजा ने वाटसन (17) को आगे आने के लिए ललचाया और फिर बड़ी खूबसूरती से गेंद उनके बल्ले और शरीर के करीब से निकालकर धोनी को आसान स्टंप आउट करने का मौका दे दिया।
वाटसन की कप्तान के रूप में पहली पारी 63 मिनट तक ही चल पाई। जडेजा ने इससे पहले क्लार्क को लगातार अपने जाल में फंसाया था। उन्होंने चेन्नई में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में क्लार्क को भुवनेश्वर कुमार के हाथों कैच कराया। क्लार्क ने तब 130 रन बनाए।टिप्पणियां
दूसरी पारी में उन्हें आर अश्विन ने आउट किया था। इसके बाद हैदराबाद और मोहाली टेस्ट मैचों की दोनों पारियों में क्लार्क को जडेजा ने पवेलियन भेजा। हैदराबाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को दोनों पारियों में बोल्ड किया। इनमें से पहली पारी में क्लार्क (91) को उन्होंने शतक नहीं बनाने दिया था।
मोहाली में जडेजा ने क्लार्क को पहली गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टंप कराया और दूसरी पारी में जब वह पीठ दर्द के बावजूद बल्लेबाजी के लिए उतरे तो जडेजा ने उन्हें चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच करा दिया था।
वाटसन की कप्तान के रूप में पहली पारी 63 मिनट तक ही चल पाई। जडेजा ने इससे पहले क्लार्क को लगातार अपने जाल में फंसाया था। उन्होंने चेन्नई में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में क्लार्क को भुवनेश्वर कुमार के हाथों कैच कराया। क्लार्क ने तब 130 रन बनाए।टिप्पणियां
दूसरी पारी में उन्हें आर अश्विन ने आउट किया था। इसके बाद हैदराबाद और मोहाली टेस्ट मैचों की दोनों पारियों में क्लार्क को जडेजा ने पवेलियन भेजा। हैदराबाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को दोनों पारियों में बोल्ड किया। इनमें से पहली पारी में क्लार्क (91) को उन्होंने शतक नहीं बनाने दिया था।
मोहाली में जडेजा ने क्लार्क को पहली गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टंप कराया और दूसरी पारी में जब वह पीठ दर्द के बावजूद बल्लेबाजी के लिए उतरे तो जडेजा ने उन्हें चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच करा दिया था।
दूसरी पारी में उन्हें आर अश्विन ने आउट किया था। इसके बाद हैदराबाद और मोहाली टेस्ट मैचों की दोनों पारियों में क्लार्क को जडेजा ने पवेलियन भेजा। हैदराबाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को दोनों पारियों में बोल्ड किया। इनमें से पहली पारी में क्लार्क (91) को उन्होंने शतक नहीं बनाने दिया था।
मोहाली में जडेजा ने क्लार्क को पहली गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टंप कराया और दूसरी पारी में जब वह पीठ दर्द के बावजूद बल्लेबाजी के लिए उतरे तो जडेजा ने उन्हें चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच करा दिया था।
मोहाली में जडेजा ने क्लार्क को पहली गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टंप कराया और दूसरी पारी में जब वह पीठ दर्द के बावजूद बल्लेबाजी के लिए उतरे तो जडेजा ने उन्हें चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच करा दिया था। | संक्षिप्त सारांश: लगता है कि ऑफ स्पिनर रविंदर जडेजा ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों के लिए कुछ खास रणनीति बनाई है। तभी तो चार मैचों की अब तक खेली गई सात पारियों में से छह अवसरों पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को पवेलियन की राह दिखाई। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को 12 हजार करोड़ की लागत से मध्य प्रदेश के बीना में बनी भारत-ओमान रिफायनरी लिमिटेड को राष्ट्र को समर्पित कर दिया। इस अवसर पर बीना में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना पूरे देश तथा खासकर मध्य प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह भारत पेट्रोलियम लिमिटेड, ओमान ऑयल कम्पनी तथा मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों से बनी विश्व स्तरीय परियोजना है। यह भारत तथा ओमान के बीच कई क्षेत्रों में हो रहे सहयोग का उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत तथा ओमान के रिश्ते और मजबूत होंगे। इससे पहले सिंह विशेष विमान से दिल्ली से सुबह 9.30 बजे भोपाल में राजा भोज विमानतल पहुंचे, जहां राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, राज्य के जनसम्पर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा तथा गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने उनकी अगवानी की। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी पहले ही भोपाल पहुंच चुके थे। इसके बाद प्रधानमंत्री वायुसेना के हेलीकॉप्टर से राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के साथ बीना पहुंचे। | प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 12 हजार करोड़ की लागत से मध्य प्रदेश के बीना में बनी भारत-ओमान रिफायनरी को राष्ट्र को समर्पित कर दिया। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई बम धमाकों के आरोपी अबु सलेम के खिलाफ टाडा के दो मामलों पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पुर्तगाल की अदालत के फैसले को देखते हुए सिर्फ टाडा के तहत चल रहे दो मामलों पर रोक लगाने के आदेश दिए जबकि बाकी मामलों पर रोक लगाने की मांग पर केन्द्र सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी करके चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
सलेम को नवंबर 2005 में भारत लाया गया था। उसने प्रत्यर्पण की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देकर पुर्तगाली कोर्ट में याचिका दी थी जिसके बाद पुर्तगाल का सुप्रीम कोर्ट उसका प्रत्यर्पण रद्द करने के वहां की निचली अदालत के फैसले पर मुहर लगा चुका है। इसके बाद सलेम ने अपने खिलाफ चल रहे सभी मामलों पर रोक लगाने की याचिका दी थी।
सलेम को नवंबर 2005 में भारत लाया गया था। उसने प्रत्यर्पण की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देकर पुर्तगाली कोर्ट में याचिका दी थी जिसके बाद पुर्तगाल का सुप्रीम कोर्ट उसका प्रत्यर्पण रद्द करने के वहां की निचली अदालत के फैसले पर मुहर लगा चुका है। इसके बाद सलेम ने अपने खिलाफ चल रहे सभी मामलों पर रोक लगाने की याचिका दी थी। | यह एक सारांश है: अबू सलेम का भारत प्रत्यर्पण रद्द करने के पुर्तगाल की अदालत के आदेश को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ दो मामलों में टाडा के अंतर्गत मामलों की सुनवाई पर आज रोक लगा दी। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुणे में एनसीसी कैंप में दुर्घटनावश चली गोली से घायल 13 वर्षीय छात्र पराग इनाले की हालत गंभीर बनी हुई है। वह फिलहाल जीवन रक्षक प्रणाली पर है।
गौरतलब है कि पराग लॉयोला स्कूल के उन 45 बच्चों में शामिल था, जो फायरिंग अभ्यास के लिए गए थे।टिप्पणियां
हालांकि प्रशिक्षक ने बच्चों को समझाया था कि फायरिंग के दौरान बच्चे लेट जाएं, लेकिन जैसे ही 0.22 राइफल से फायर किया गया, वह खड़ा हो गया और उसके गोली उसके सिर में जा लगी।
पराग के पिता पुणे महानगर पालिका में इंजीनियर हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें पराग छोटा है। उधर, अभी एनसीसी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
गौरतलब है कि पराग लॉयोला स्कूल के उन 45 बच्चों में शामिल था, जो फायरिंग अभ्यास के लिए गए थे।टिप्पणियां
हालांकि प्रशिक्षक ने बच्चों को समझाया था कि फायरिंग के दौरान बच्चे लेट जाएं, लेकिन जैसे ही 0.22 राइफल से फायर किया गया, वह खड़ा हो गया और उसके गोली उसके सिर में जा लगी।
पराग के पिता पुणे महानगर पालिका में इंजीनियर हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें पराग छोटा है। उधर, अभी एनसीसी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
हालांकि प्रशिक्षक ने बच्चों को समझाया था कि फायरिंग के दौरान बच्चे लेट जाएं, लेकिन जैसे ही 0.22 राइफल से फायर किया गया, वह खड़ा हो गया और उसके गोली उसके सिर में जा लगी।
पराग के पिता पुणे महानगर पालिका में इंजीनियर हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें पराग छोटा है। उधर, अभी एनसीसी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
पराग के पिता पुणे महानगर पालिका में इंजीनियर हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें पराग छोटा है। उधर, अभी एनसीसी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। | यहाँ एक सारांश है:पुणे में एनसीसी कैंप में दुर्घटनावश चली गोली से घायल 13 वर्षीय छात्र पराग इनाले की हालत गंभीर बनी हुई है। वह फिलहाल जीवन रक्षक प्रणाली पर है। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डीजल मूल्यवृद्धि व रियायती दर पर साल में मात्र छह रसोई गैस सिलेंडर देने की केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ शुक्रवार को देशभर में सभी विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस को कोसते हुए रैलियां निकालीं और सड़कों को जाम किया। वहीं कांग्रेस ने फैसले को उचित बताते हुए कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के 'नाखुश' सहयोगियों को मना लिया जाएगा।
विभिन्न दलों ने सरकार के इस कदम को आम आदमी पर भारी बोझ बताया और इसे अविलम्ब वापस लेने की मांग की। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने जहां सभी राज्यों में प्रदर्शन किया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अनंत कुमार ने भोपाल में घोषणा की कि पार्टी 17 से 24 सितम्बर तक देशव्यापी आंदोलन करेगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। लखनऊ में जहां सांसद लालजी टंडन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया वहीं कानपुर में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने भी लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के सभी शहरों में प्रदर्शन किया और रेलगाड़ियां रोकीं।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने एक बयान जारी कहा कि महंगाई से पूरी जनता परेशान है। केंद्र अपना फैसला वापस ले नहीं तो बसपा इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी और रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित किए जाने की घोर निंदा करते हुए फैसला वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से अन्य सभी कीमतों में और आग लगेगी।
इंदौर में भाजपा महिला मोर्चा ने सड़क पर चूल्हा जलाकर रोटियां सेंकी। साथ ही अचार रोटी भी खाने को बांटी और कहा कि महंगाई के चलते आने वाले दिनों में आम आदमी का भोजन भी यही होने वाला है। पार्टी की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (युनाटेड) नेता नीतीश कुमार ने भी डीजल मूल्य में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग को आम लोगों के लिए 'क्रूर मजाक' बताया है। नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने पटना में 'आक्रोश रैली' निकाली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर में नेतृत्व में निकाली गई यह रैली भाजपा कार्यालय से डाक बंगला चौराहा पहुंची, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
विभिन्न दलों ने सरकार के इस कदम को आम आदमी पर भारी बोझ बताया और इसे अविलम्ब वापस लेने की मांग की। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने जहां सभी राज्यों में प्रदर्शन किया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अनंत कुमार ने भोपाल में घोषणा की कि पार्टी 17 से 24 सितम्बर तक देशव्यापी आंदोलन करेगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। लखनऊ में जहां सांसद लालजी टंडन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया वहीं कानपुर में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने भी लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के सभी शहरों में प्रदर्शन किया और रेलगाड़ियां रोकीं।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने एक बयान जारी कहा कि महंगाई से पूरी जनता परेशान है। केंद्र अपना फैसला वापस ले नहीं तो बसपा इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी और रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित किए जाने की घोर निंदा करते हुए फैसला वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से अन्य सभी कीमतों में और आग लगेगी।
इंदौर में भाजपा महिला मोर्चा ने सड़क पर चूल्हा जलाकर रोटियां सेंकी। साथ ही अचार रोटी भी खाने को बांटी और कहा कि महंगाई के चलते आने वाले दिनों में आम आदमी का भोजन भी यही होने वाला है। पार्टी की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (युनाटेड) नेता नीतीश कुमार ने भी डीजल मूल्य में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग को आम लोगों के लिए 'क्रूर मजाक' बताया है। नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने पटना में 'आक्रोश रैली' निकाली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर में नेतृत्व में निकाली गई यह रैली भाजपा कार्यालय से डाक बंगला चौराहा पहुंची, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। लखनऊ में जहां सांसद लालजी टंडन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया वहीं कानपुर में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने भी लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के सभी शहरों में प्रदर्शन किया और रेलगाड़ियां रोकीं।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने एक बयान जारी कहा कि महंगाई से पूरी जनता परेशान है। केंद्र अपना फैसला वापस ले नहीं तो बसपा इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी और रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित किए जाने की घोर निंदा करते हुए फैसला वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से अन्य सभी कीमतों में और आग लगेगी।
इंदौर में भाजपा महिला मोर्चा ने सड़क पर चूल्हा जलाकर रोटियां सेंकी। साथ ही अचार रोटी भी खाने को बांटी और कहा कि महंगाई के चलते आने वाले दिनों में आम आदमी का भोजन भी यही होने वाला है। पार्टी की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (युनाटेड) नेता नीतीश कुमार ने भी डीजल मूल्य में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग को आम लोगों के लिए 'क्रूर मजाक' बताया है। नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने पटना में 'आक्रोश रैली' निकाली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर में नेतृत्व में निकाली गई यह रैली भाजपा कार्यालय से डाक बंगला चौराहा पहुंची, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने भी लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के सभी शहरों में प्रदर्शन किया और रेलगाड़ियां रोकीं।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने एक बयान जारी कहा कि महंगाई से पूरी जनता परेशान है। केंद्र अपना फैसला वापस ले नहीं तो बसपा इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी और रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित किए जाने की घोर निंदा करते हुए फैसला वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से अन्य सभी कीमतों में और आग लगेगी।
इंदौर में भाजपा महिला मोर्चा ने सड़क पर चूल्हा जलाकर रोटियां सेंकी। साथ ही अचार रोटी भी खाने को बांटी और कहा कि महंगाई के चलते आने वाले दिनों में आम आदमी का भोजन भी यही होने वाला है। पार्टी की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (युनाटेड) नेता नीतीश कुमार ने भी डीजल मूल्य में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग को आम लोगों के लिए 'क्रूर मजाक' बताया है। नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने पटना में 'आक्रोश रैली' निकाली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर में नेतृत्व में निकाली गई यह रैली भाजपा कार्यालय से डाक बंगला चौराहा पहुंची, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने एक बयान जारी कहा कि महंगाई से पूरी जनता परेशान है। केंद्र अपना फैसला वापस ले नहीं तो बसपा इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी और रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित किए जाने की घोर निंदा करते हुए फैसला वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से अन्य सभी कीमतों में और आग लगेगी।
इंदौर में भाजपा महिला मोर्चा ने सड़क पर चूल्हा जलाकर रोटियां सेंकी। साथ ही अचार रोटी भी खाने को बांटी और कहा कि महंगाई के चलते आने वाले दिनों में आम आदमी का भोजन भी यही होने वाला है। पार्टी की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (युनाटेड) नेता नीतीश कुमार ने भी डीजल मूल्य में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग को आम लोगों के लिए 'क्रूर मजाक' बताया है। नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने पटना में 'आक्रोश रैली' निकाली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर में नेतृत्व में निकाली गई यह रैली भाजपा कार्यालय से डाक बंगला चौराहा पहुंची, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी और रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित किए जाने की घोर निंदा करते हुए फैसला वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से अन्य सभी कीमतों में और आग लगेगी।
इंदौर में भाजपा महिला मोर्चा ने सड़क पर चूल्हा जलाकर रोटियां सेंकी। साथ ही अचार रोटी भी खाने को बांटी और कहा कि महंगाई के चलते आने वाले दिनों में आम आदमी का भोजन भी यही होने वाला है। पार्टी की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (युनाटेड) नेता नीतीश कुमार ने भी डीजल मूल्य में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग को आम लोगों के लिए 'क्रूर मजाक' बताया है। नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने पटना में 'आक्रोश रैली' निकाली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर में नेतृत्व में निकाली गई यह रैली भाजपा कार्यालय से डाक बंगला चौराहा पहुंची, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
इंदौर में भाजपा महिला मोर्चा ने सड़क पर चूल्हा जलाकर रोटियां सेंकी। साथ ही अचार रोटी भी खाने को बांटी और कहा कि महंगाई के चलते आने वाले दिनों में आम आदमी का भोजन भी यही होने वाला है। पार्टी की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (युनाटेड) नेता नीतीश कुमार ने भी डीजल मूल्य में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग को आम लोगों के लिए 'क्रूर मजाक' बताया है। नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने पटना में 'आक्रोश रैली' निकाली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर में नेतृत्व में निकाली गई यह रैली भाजपा कार्यालय से डाक बंगला चौराहा पहुंची, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (युनाटेड) नेता नीतीश कुमार ने भी डीजल मूल्य में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग को आम लोगों के लिए 'क्रूर मजाक' बताया है। नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने पटना में 'आक्रोश रैली' निकाली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर में नेतृत्व में निकाली गई यह रैली भाजपा कार्यालय से डाक बंगला चौराहा पहुंची, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
बिहार के मजदूर संगठनों ने भी केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया है। यहां जारी संयुक्त बयान पर कुल नौ मजदूर संगठनों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इन संगठनों में बीएमएस, इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और सेवा शामिल हैं।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
बीजद उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "डीजल मूल्य में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा।"
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी और सरकार पर डीजल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा, "हम वामपंथी दलों तथा समान सोच वाली पार्टियों के साथ मिलकर इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार यह निर्णय वापस लेने पर विवश हो जाए।"
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
समूचे आंध्र प्रदेश में भी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीएसआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा, भाजपा तथा अन्य दलों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
राजधानी हैदराबाद में तेदेपा ने पार्टी मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन से एक रैली निकाली जो जुबली हिल्स पुलिस चौकी पर जाकर खत्म हुई। रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने किया।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
इस बीच, संप्रग में शामिल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तथा तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के इस फैसले पर नाराजगी जताई है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीद है कि वह अपने नाखुश घटकों को मनाने में कामयाब हो जाएगी। कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने डीजल की कीमत में वृद्धि के फैसले को 'अप्रिय पर अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें सहयोगियों को इस निर्णय के बारे में आश्वस्त कर लेने का भरोसा है।टिप्पणियां
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
चाको के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से यह निर्णय लेने के लिए नहीं कहा था, लेकिन यह अपरिहार्य था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि बहुत से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की महंगाई दर अगस्त माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.87 फीसदी थी। कहा गया है कि महंगाई दर में अप्रत्याशित वृद्धि में दलहन, गेहूं, आलू और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल ने प्रमुख भूमिका निभाई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डीजल मूल्यवृद्धि व रियायती दर पर साल में मात्र छह रसोई गैस सिलेंडर देने की केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ शुक्रवार को देशभर में सभी विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस को कोसते हुए रैलियां निकालीं और सड़कों को जाम किया। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के घर पर सोमवार को यूपी के 'यादव खानदान' के झगड़े की 'पंचायत' हुई. इस पंचायत में जमीनों पर पार्टी नेताओं के कब्जे, यादव लैंड कहलाने वाले इटावा, एटा, मैनपुरी में नकली शराब के कारोबार और मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय के मुद्दे पर बात हुई.
मुलायम के बंगले 5, विक्रमादित्य मार्ग पर यादव परिवार की पंचायत सुबह 11 बजे शुरू हुई और करीब दो बजे तक चलती रही. सबसे बड़ा मुद्दा मैनपुरी और आसपास जमीनों के कब्जे का था. पिछले दिनों मुलायम के भाई शिवपाल यादव ने कहा था कि प्रशासन उनके कहने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहा है. अगर यही हाल रहा तो वे इस्तीफा देकर विपक्ष में बैठेंगे. इसके बाद इस पर हंगामा हो गया और मुलायम सिंह यादव ने कह दिया कि शिवपाल के खिलाफ साजिश हो रही है.
सोमवार की बैठक में शिवपाल यादव कब्जों की पूरी लिस्ट लेकर पहुंचे. साथ ही वे अर्जियां भी, जिनमें लोगों ने अपनी जमीन पर पार्टी के कब्जे की शिकायत की है. सूत्रों के मुताबिक मुलायम सिंह ने अपने चचेरे भाई रामगोपाल यादव से कहा कि ऐसी शिकायत मिली है कि लोग आपका नाम लेकर कब्जा कर रहे हैं. इससे आपकी, परिवार की और पार्टी की - तीनों की बदनामी हो रही है. इसे रोकना चाहिए. साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव से हर मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा.
बैठक में बात कौमी एकता दल के विलय की भी हुई. पता चला है कि रामगोपाल और शिवपाल इस पर राजी थे, लेकिन अखिलेश यादव का कहना था कि मुख्तार अंसारी की इमेज बहुत खराब है, इसलिए इस विलय से नुकसान होगा. अखिलेश को बताया गया कि पार्टी मुख्तार से दूर रहेगी और उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा. लेकिन इस पर भी अखिलेश तैयार नहीं हुए. ऐसे में मामला मुलायम सिंह यादव को सौंप दिया गया.टिप्पणियां
मुलायम ने रामगोपाल और शिवपाल से कहा कि बाहर कोई भी ऐसा बयान नहीं देगा, जिससे लगे कि परिवार में फूट है. बाद में रामगोपाल यादव ने मीडिया से कहा कि उनके और शिवपाल के बीच कोई मतभेद नहीं हैं और जमीनों पर कब्जे बीजेपी और बीएसपी के लोग कर रहे हैं. उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुलायम के बंगले 5, विक्रमादित्य मार्ग पर यादव परिवार की पंचायत सुबह 11 बजे शुरू हुई और करीब दो बजे तक चलती रही. सबसे बड़ा मुद्दा मैनपुरी और आसपास जमीनों के कब्जे का था. पिछले दिनों मुलायम के भाई शिवपाल यादव ने कहा था कि प्रशासन उनके कहने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहा है. अगर यही हाल रहा तो वे इस्तीफा देकर विपक्ष में बैठेंगे. इसके बाद इस पर हंगामा हो गया और मुलायम सिंह यादव ने कह दिया कि शिवपाल के खिलाफ साजिश हो रही है.
सोमवार की बैठक में शिवपाल यादव कब्जों की पूरी लिस्ट लेकर पहुंचे. साथ ही वे अर्जियां भी, जिनमें लोगों ने अपनी जमीन पर पार्टी के कब्जे की शिकायत की है. सूत्रों के मुताबिक मुलायम सिंह ने अपने चचेरे भाई रामगोपाल यादव से कहा कि ऐसी शिकायत मिली है कि लोग आपका नाम लेकर कब्जा कर रहे हैं. इससे आपकी, परिवार की और पार्टी की - तीनों की बदनामी हो रही है. इसे रोकना चाहिए. साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव से हर मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा.
बैठक में बात कौमी एकता दल के विलय की भी हुई. पता चला है कि रामगोपाल और शिवपाल इस पर राजी थे, लेकिन अखिलेश यादव का कहना था कि मुख्तार अंसारी की इमेज बहुत खराब है, इसलिए इस विलय से नुकसान होगा. अखिलेश को बताया गया कि पार्टी मुख्तार से दूर रहेगी और उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा. लेकिन इस पर भी अखिलेश तैयार नहीं हुए. ऐसे में मामला मुलायम सिंह यादव को सौंप दिया गया.टिप्पणियां
मुलायम ने रामगोपाल और शिवपाल से कहा कि बाहर कोई भी ऐसा बयान नहीं देगा, जिससे लगे कि परिवार में फूट है. बाद में रामगोपाल यादव ने मीडिया से कहा कि उनके और शिवपाल के बीच कोई मतभेद नहीं हैं और जमीनों पर कब्जे बीजेपी और बीएसपी के लोग कर रहे हैं. उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सोमवार की बैठक में शिवपाल यादव कब्जों की पूरी लिस्ट लेकर पहुंचे. साथ ही वे अर्जियां भी, जिनमें लोगों ने अपनी जमीन पर पार्टी के कब्जे की शिकायत की है. सूत्रों के मुताबिक मुलायम सिंह ने अपने चचेरे भाई रामगोपाल यादव से कहा कि ऐसी शिकायत मिली है कि लोग आपका नाम लेकर कब्जा कर रहे हैं. इससे आपकी, परिवार की और पार्टी की - तीनों की बदनामी हो रही है. इसे रोकना चाहिए. साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव से हर मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा.
बैठक में बात कौमी एकता दल के विलय की भी हुई. पता चला है कि रामगोपाल और शिवपाल इस पर राजी थे, लेकिन अखिलेश यादव का कहना था कि मुख्तार अंसारी की इमेज बहुत खराब है, इसलिए इस विलय से नुकसान होगा. अखिलेश को बताया गया कि पार्टी मुख्तार से दूर रहेगी और उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा. लेकिन इस पर भी अखिलेश तैयार नहीं हुए. ऐसे में मामला मुलायम सिंह यादव को सौंप दिया गया.टिप्पणियां
मुलायम ने रामगोपाल और शिवपाल से कहा कि बाहर कोई भी ऐसा बयान नहीं देगा, जिससे लगे कि परिवार में फूट है. बाद में रामगोपाल यादव ने मीडिया से कहा कि उनके और शिवपाल के बीच कोई मतभेद नहीं हैं और जमीनों पर कब्जे बीजेपी और बीएसपी के लोग कर रहे हैं. उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैठक में बात कौमी एकता दल के विलय की भी हुई. पता चला है कि रामगोपाल और शिवपाल इस पर राजी थे, लेकिन अखिलेश यादव का कहना था कि मुख्तार अंसारी की इमेज बहुत खराब है, इसलिए इस विलय से नुकसान होगा. अखिलेश को बताया गया कि पार्टी मुख्तार से दूर रहेगी और उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा. लेकिन इस पर भी अखिलेश तैयार नहीं हुए. ऐसे में मामला मुलायम सिंह यादव को सौंप दिया गया.टिप्पणियां
मुलायम ने रामगोपाल और शिवपाल से कहा कि बाहर कोई भी ऐसा बयान नहीं देगा, जिससे लगे कि परिवार में फूट है. बाद में रामगोपाल यादव ने मीडिया से कहा कि उनके और शिवपाल के बीच कोई मतभेद नहीं हैं और जमीनों पर कब्जे बीजेपी और बीएसपी के लोग कर रहे हैं. उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुलायम ने रामगोपाल और शिवपाल से कहा कि बाहर कोई भी ऐसा बयान नहीं देगा, जिससे लगे कि परिवार में फूट है. बाद में रामगोपाल यादव ने मीडिया से कहा कि उनके और शिवपाल के बीच कोई मतभेद नहीं हैं और जमीनों पर कब्जे बीजेपी और बीएसपी के लोग कर रहे हैं. उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा जमीनों पर कब्जे का था
शिवपाल यादव कब्जों की पूरी लिस्ट लेकर पहुंचे थे
मुख्तार की पार्टी के विलय का मामला मुलायम को सौंपा गया | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आम आदमी पार्टी (आप) को नोटिस भेजकर विदेशों से मिलने वाले चंदे का ब्यौरा मांगा है. विदेशी योगदान विनियम अधिनियम (FCRA) कानून के तहत राजनीतिक पार्टियां विदेशी कंपनियों से चंदा नहीं ले सकती हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि आप को कई विदेशी कंपनियों से पैसे मिले हैं, जिनका राजनीतिक कार्यों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. यह गैरकानूनी है. बीजेपी और कांग्रेस जैसी कंपनियों को उन भारतीय कंपनियों से पैसे मिले हैं, जिसमें विदेशी निवेश हैं. 2015 में गृह मंत्रालय ने कोर्ट को हलफनामा दिया था. आप का कहना है कि हलफनामा में उन्हें क्लीन चिट मिली है, पर गृह मंत्रालय का कहना है कि कोई क्लीन चिट नहीं दी गई थी.
2015 में आप ने अपने जवाब में बताया था कि उन्हें विदेशी निवेश वाली भारतीय कंपनियों से पैसा मिला था जो FCRA का उल्लंघन नहीं है. वहीं गृह मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने 'आप' का जवाब स्वीकार नहीं किया था और कोर्ट से आगे जांच करने की बात कही थी. उसी आधार पर ये नोटिस कुछ और जानकारी के लिए आम आदमी पार्टी को भेजा गया है.
मालूम हो कि दिल्ली सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिस भेजा है. इसमें आप को विदेशों से मिल रहे चंदे की डिटेल मांगी गई है. मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को विदेशी सहायता नियमन कानून 2010 (एफसीआरए) के तहत आप को जारी नोटिस में पार्टी को विभिन्न देशों से मिले चंदे की जानकारी मांगी गई है. सूत्रों के अनुसार, नोटिस में मंत्रालय द्वारा पार्टी को इस बाबत विस्तृत जानकारी देने के लिए 16 मई तक का समय दिया गया है.टिप्पणियां
आप के एक नेता ने नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि हाल ही में पंजाब सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान आप को मिले चंदे का पूरा ब्यौरा चुनाव आयोग के समक्ष पेश किया गया था. नोटिस में विदेशी दानदाताओं और अंशधारकों की सूची तथा उनके द्वारा दी गई राशि का ब्यौरा मांगा गया है.
पार्टी की दलील है कि सामान्य तौर पर एफसीआरए के तहत दानदाताओं के नाम और पैन नंबर की जानकारी मांगी जाती है. इसके अलावा पार्टी ने राजनीतिक दलों को दान देने वालों की सूची देना भी व्यवहारिक नहीं होने का हवाला देते हुए इसे केंद्र सरकार का आप के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया बताया है.
2015 में आप ने अपने जवाब में बताया था कि उन्हें विदेशी निवेश वाली भारतीय कंपनियों से पैसा मिला था जो FCRA का उल्लंघन नहीं है. वहीं गृह मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने 'आप' का जवाब स्वीकार नहीं किया था और कोर्ट से आगे जांच करने की बात कही थी. उसी आधार पर ये नोटिस कुछ और जानकारी के लिए आम आदमी पार्टी को भेजा गया है.
मालूम हो कि दिल्ली सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिस भेजा है. इसमें आप को विदेशों से मिल रहे चंदे की डिटेल मांगी गई है. मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को विदेशी सहायता नियमन कानून 2010 (एफसीआरए) के तहत आप को जारी नोटिस में पार्टी को विभिन्न देशों से मिले चंदे की जानकारी मांगी गई है. सूत्रों के अनुसार, नोटिस में मंत्रालय द्वारा पार्टी को इस बाबत विस्तृत जानकारी देने के लिए 16 मई तक का समय दिया गया है.टिप्पणियां
आप के एक नेता ने नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि हाल ही में पंजाब सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान आप को मिले चंदे का पूरा ब्यौरा चुनाव आयोग के समक्ष पेश किया गया था. नोटिस में विदेशी दानदाताओं और अंशधारकों की सूची तथा उनके द्वारा दी गई राशि का ब्यौरा मांगा गया है.
पार्टी की दलील है कि सामान्य तौर पर एफसीआरए के तहत दानदाताओं के नाम और पैन नंबर की जानकारी मांगी जाती है. इसके अलावा पार्टी ने राजनीतिक दलों को दान देने वालों की सूची देना भी व्यवहारिक नहीं होने का हवाला देते हुए इसे केंद्र सरकार का आप के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया बताया है.
मालूम हो कि दिल्ली सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिस भेजा है. इसमें आप को विदेशों से मिल रहे चंदे की डिटेल मांगी गई है. मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को विदेशी सहायता नियमन कानून 2010 (एफसीआरए) के तहत आप को जारी नोटिस में पार्टी को विभिन्न देशों से मिले चंदे की जानकारी मांगी गई है. सूत्रों के अनुसार, नोटिस में मंत्रालय द्वारा पार्टी को इस बाबत विस्तृत जानकारी देने के लिए 16 मई तक का समय दिया गया है.टिप्पणियां
आप के एक नेता ने नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि हाल ही में पंजाब सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान आप को मिले चंदे का पूरा ब्यौरा चुनाव आयोग के समक्ष पेश किया गया था. नोटिस में विदेशी दानदाताओं और अंशधारकों की सूची तथा उनके द्वारा दी गई राशि का ब्यौरा मांगा गया है.
पार्टी की दलील है कि सामान्य तौर पर एफसीआरए के तहत दानदाताओं के नाम और पैन नंबर की जानकारी मांगी जाती है. इसके अलावा पार्टी ने राजनीतिक दलों को दान देने वालों की सूची देना भी व्यवहारिक नहीं होने का हवाला देते हुए इसे केंद्र सरकार का आप के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया बताया है.
आप के एक नेता ने नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि हाल ही में पंजाब सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान आप को मिले चंदे का पूरा ब्यौरा चुनाव आयोग के समक्ष पेश किया गया था. नोटिस में विदेशी दानदाताओं और अंशधारकों की सूची तथा उनके द्वारा दी गई राशि का ब्यौरा मांगा गया है.
पार्टी की दलील है कि सामान्य तौर पर एफसीआरए के तहत दानदाताओं के नाम और पैन नंबर की जानकारी मांगी जाती है. इसके अलावा पार्टी ने राजनीतिक दलों को दान देने वालों की सूची देना भी व्यवहारिक नहीं होने का हवाला देते हुए इसे केंद्र सरकार का आप के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया बताया है.
पार्टी की दलील है कि सामान्य तौर पर एफसीआरए के तहत दानदाताओं के नाम और पैन नंबर की जानकारी मांगी जाती है. इसके अलावा पार्टी ने राजनीतिक दलों को दान देने वालों की सूची देना भी व्यवहारिक नहीं होने का हवाला देते हुए इसे केंद्र सरकार का आप के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया बताया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गृह मंत्रालय ने कहा विदेशी योगदान विनियम अधिनियम का उल्लंघन कर रही 'आप'
कहा, विदेशी कंपनियों से राजनीतिक दल का चंदा लेना गैरकानूनी
बीजेपी-कांग्रेस विदेशी निवेश वाली भारतीय कंपनियों से लेती है चंदा | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय मूल के अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञ विक्रम जे सिंह को पेंटागन में एक प्रमुख पद पर नियुक्त किया गया है। सिंह को दक्षिण व दक्षिण पूर्व एशिया के लिए उप सहायक रक्षा मंत्री की पद पर तैनाती की गई है।
रक्षा विभाग की एक घोषणा के मुताबिक सिंह इसके पहले रक्षा उपमंत्री (नीति) के कार्यालय में विशेष सहायक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा सिंह की वरिष्ठ कार्यकारी सेवा के पद पर भी नियुक्ति हुई है।
सिंह रॉबर्ट शेर की जगह लेंगे। रॉबर्ट को उप सहायक रक्षा मंत्री (योजना) के पद पर नियुक्त किया गया है। सिंह इसके पहले स्थिरता अभियान, आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं, आपदा अनुक्रिया एवं मानवीय सहायता सहित नीतिगत मसलों पर काम कर चुके हैं।टिप्पणियां
सिंह अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड हालब्रुक के वरिष्ठ रक्षा सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके हैं। हालब्रुक कार्यालय में शामिल होने से पहले सिंह पेंटागन स्थित आतंकवाद-विरोधी नीति में वरिष्ठ निदेशक रह चुके हैं।
सिंह वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फार ए न्यू अमेरिकी सेक्युरिटी' (सीएनएस) में दो वर्ष बिताने के बाद फरवरी 2009 में सरकारी सेवा में वापस लौटे। सीएनएएस में उन्होंने अफगानिस्तान, पाकिस्तान एवं एशिया के लिए नीतिगत मुद्दों एवं रक्षा रणनीति एवं योजना परियोजनाओं पर काम किया।
रक्षा विभाग की एक घोषणा के मुताबिक सिंह इसके पहले रक्षा उपमंत्री (नीति) के कार्यालय में विशेष सहायक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा सिंह की वरिष्ठ कार्यकारी सेवा के पद पर भी नियुक्ति हुई है।
सिंह रॉबर्ट शेर की जगह लेंगे। रॉबर्ट को उप सहायक रक्षा मंत्री (योजना) के पद पर नियुक्त किया गया है। सिंह इसके पहले स्थिरता अभियान, आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं, आपदा अनुक्रिया एवं मानवीय सहायता सहित नीतिगत मसलों पर काम कर चुके हैं।टिप्पणियां
सिंह अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड हालब्रुक के वरिष्ठ रक्षा सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके हैं। हालब्रुक कार्यालय में शामिल होने से पहले सिंह पेंटागन स्थित आतंकवाद-विरोधी नीति में वरिष्ठ निदेशक रह चुके हैं।
सिंह वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फार ए न्यू अमेरिकी सेक्युरिटी' (सीएनएस) में दो वर्ष बिताने के बाद फरवरी 2009 में सरकारी सेवा में वापस लौटे। सीएनएएस में उन्होंने अफगानिस्तान, पाकिस्तान एवं एशिया के लिए नीतिगत मुद्दों एवं रक्षा रणनीति एवं योजना परियोजनाओं पर काम किया।
सिंह रॉबर्ट शेर की जगह लेंगे। रॉबर्ट को उप सहायक रक्षा मंत्री (योजना) के पद पर नियुक्त किया गया है। सिंह इसके पहले स्थिरता अभियान, आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं, आपदा अनुक्रिया एवं मानवीय सहायता सहित नीतिगत मसलों पर काम कर चुके हैं।टिप्पणियां
सिंह अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड हालब्रुक के वरिष्ठ रक्षा सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके हैं। हालब्रुक कार्यालय में शामिल होने से पहले सिंह पेंटागन स्थित आतंकवाद-विरोधी नीति में वरिष्ठ निदेशक रह चुके हैं।
सिंह वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फार ए न्यू अमेरिकी सेक्युरिटी' (सीएनएस) में दो वर्ष बिताने के बाद फरवरी 2009 में सरकारी सेवा में वापस लौटे। सीएनएएस में उन्होंने अफगानिस्तान, पाकिस्तान एवं एशिया के लिए नीतिगत मुद्दों एवं रक्षा रणनीति एवं योजना परियोजनाओं पर काम किया।
सिंह अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड हालब्रुक के वरिष्ठ रक्षा सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके हैं। हालब्रुक कार्यालय में शामिल होने से पहले सिंह पेंटागन स्थित आतंकवाद-विरोधी नीति में वरिष्ठ निदेशक रह चुके हैं।
सिंह वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फार ए न्यू अमेरिकी सेक्युरिटी' (सीएनएस) में दो वर्ष बिताने के बाद फरवरी 2009 में सरकारी सेवा में वापस लौटे। सीएनएएस में उन्होंने अफगानिस्तान, पाकिस्तान एवं एशिया के लिए नीतिगत मुद्दों एवं रक्षा रणनीति एवं योजना परियोजनाओं पर काम किया।
सिंह वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फार ए न्यू अमेरिकी सेक्युरिटी' (सीएनएस) में दो वर्ष बिताने के बाद फरवरी 2009 में सरकारी सेवा में वापस लौटे। सीएनएएस में उन्होंने अफगानिस्तान, पाकिस्तान एवं एशिया के लिए नीतिगत मुद्दों एवं रक्षा रणनीति एवं योजना परियोजनाओं पर काम किया। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय मूल के अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञ विक्रम जे सिंह को पेंटागन में एक प्रमुख पद पर नियुक्त किया गया है। सिंह को दक्षिण व दक्षिण पूर्व एशिया के लिए उप सहायक रक्षा मंत्री की पद पर तैनाती की गई है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: साथी प्रतिभागियों के साथ लड़ाई के बाद ‘बिग बॉस’ के घर से बाहर निकाले गए इमाम सिद्दीकी, इस कार्यक्रम में दोबारा वापसी कर रहे हैं। इमाम द्वारा अपने गलत बर्ताव के लिए माफी मांगने के बाद आज बिग बॉस के घर में उनकी वापसी होगी।
इमाम ने कहा, ‘मैं अपने बर्ताव के लिए शर्मिंदा हूं। मैं अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाया। टीवी पर जो कुछ भी दिखाया गया, मैं असल में वैसा नहीं हूं। पता नहीं उस समय मुझे क्या हो गया था। मेरा नकारात्मक प्रचार पाने का कोई इरादा नहीं था।’ इमाम, ‘बिग बॉस’ सीजन छह कार्यक्रम के मूल घर के पास बनाए गए एक नए मिट्टी के घर में प्रतिभागी के तौर पर रहने आए थे। यहां उन्होंने टीवी कलाकार आश्का से जोरदार झगड़ा किया। इसके बाद उन्हें यहां से निकाल दिया गया।
नए घर में दुनिया की सबसे छोटी महिला का दर्जा पाई ज्योति अम्गे, ‘चंद्रकांता’ धारावाहिक के अभिनेता संतोष शुक्ला, आश्का गोरड़िया और भोजपुरी अभिनेता दिनेश यादव ‘निरहुआ’ पहले से मौजूद हैं। टिप्पणियां
इमाम ने कहा, ‘मैने दोबारा यहां आने का फैसला इसलिए किया क्योंकि मैं लोगों को यह बताना चाहता हूं कि मैं सनकी नहीं हूं। मैं अति आत्मविश्वास का शिकार हो गया था और इससे मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ। मैं अब अधिक शांत-संयत रहूंगा और अपने दो नए दोस्तों को अपने परिवार के सदस्य की तरफ मानूंगा।’
आश्का से झगड़े की बात पर इमाम ने कहा, ‘मैंने बाद में उनके साथ अपने झगड़े का वीडियो देखा और मुझे समझ में आ गया कि मैंने ज्यादा ही तेज प्रतिक्रिया दे दी। आश्का एक प्यारी लड़की हैं। वह घर में सबके लिए खाना बनाती हैं।’
इमाम ने कहा, ‘मैं अपने बर्ताव के लिए शर्मिंदा हूं। मैं अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाया। टीवी पर जो कुछ भी दिखाया गया, मैं असल में वैसा नहीं हूं। पता नहीं उस समय मुझे क्या हो गया था। मेरा नकारात्मक प्रचार पाने का कोई इरादा नहीं था।’ इमाम, ‘बिग बॉस’ सीजन छह कार्यक्रम के मूल घर के पास बनाए गए एक नए मिट्टी के घर में प्रतिभागी के तौर पर रहने आए थे। यहां उन्होंने टीवी कलाकार आश्का से जोरदार झगड़ा किया। इसके बाद उन्हें यहां से निकाल दिया गया।
नए घर में दुनिया की सबसे छोटी महिला का दर्जा पाई ज्योति अम्गे, ‘चंद्रकांता’ धारावाहिक के अभिनेता संतोष शुक्ला, आश्का गोरड़िया और भोजपुरी अभिनेता दिनेश यादव ‘निरहुआ’ पहले से मौजूद हैं। टिप्पणियां
इमाम ने कहा, ‘मैने दोबारा यहां आने का फैसला इसलिए किया क्योंकि मैं लोगों को यह बताना चाहता हूं कि मैं सनकी नहीं हूं। मैं अति आत्मविश्वास का शिकार हो गया था और इससे मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ। मैं अब अधिक शांत-संयत रहूंगा और अपने दो नए दोस्तों को अपने परिवार के सदस्य की तरफ मानूंगा।’
आश्का से झगड़े की बात पर इमाम ने कहा, ‘मैंने बाद में उनके साथ अपने झगड़े का वीडियो देखा और मुझे समझ में आ गया कि मैंने ज्यादा ही तेज प्रतिक्रिया दे दी। आश्का एक प्यारी लड़की हैं। वह घर में सबके लिए खाना बनाती हैं।’
नए घर में दुनिया की सबसे छोटी महिला का दर्जा पाई ज्योति अम्गे, ‘चंद्रकांता’ धारावाहिक के अभिनेता संतोष शुक्ला, आश्का गोरड़िया और भोजपुरी अभिनेता दिनेश यादव ‘निरहुआ’ पहले से मौजूद हैं। टिप्पणियां
इमाम ने कहा, ‘मैने दोबारा यहां आने का फैसला इसलिए किया क्योंकि मैं लोगों को यह बताना चाहता हूं कि मैं सनकी नहीं हूं। मैं अति आत्मविश्वास का शिकार हो गया था और इससे मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ। मैं अब अधिक शांत-संयत रहूंगा और अपने दो नए दोस्तों को अपने परिवार के सदस्य की तरफ मानूंगा।’
आश्का से झगड़े की बात पर इमाम ने कहा, ‘मैंने बाद में उनके साथ अपने झगड़े का वीडियो देखा और मुझे समझ में आ गया कि मैंने ज्यादा ही तेज प्रतिक्रिया दे दी। आश्का एक प्यारी लड़की हैं। वह घर में सबके लिए खाना बनाती हैं।’
इमाम ने कहा, ‘मैने दोबारा यहां आने का फैसला इसलिए किया क्योंकि मैं लोगों को यह बताना चाहता हूं कि मैं सनकी नहीं हूं। मैं अति आत्मविश्वास का शिकार हो गया था और इससे मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ। मैं अब अधिक शांत-संयत रहूंगा और अपने दो नए दोस्तों को अपने परिवार के सदस्य की तरफ मानूंगा।’
आश्का से झगड़े की बात पर इमाम ने कहा, ‘मैंने बाद में उनके साथ अपने झगड़े का वीडियो देखा और मुझे समझ में आ गया कि मैंने ज्यादा ही तेज प्रतिक्रिया दे दी। आश्का एक प्यारी लड़की हैं। वह घर में सबके लिए खाना बनाती हैं।’
आश्का से झगड़े की बात पर इमाम ने कहा, ‘मैंने बाद में उनके साथ अपने झगड़े का वीडियो देखा और मुझे समझ में आ गया कि मैंने ज्यादा ही तेज प्रतिक्रिया दे दी। आश्का एक प्यारी लड़की हैं। वह घर में सबके लिए खाना बनाती हैं।’ | संक्षिप्त पाठ: साथी प्रतिभागियों के साथ लड़ाई के बाद ‘बिग बॉस’ के घर से बाहर निकाले गए इमाम सिद्दीकी, इस कार्यक्रम में दोबारा वापसी कर रहे हैं। इमाम द्वारा अपने गलत बर्ताव के लिए माफी मांगने के बाद आज बिग बॉस के घर में उनकी वापसी होगी। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में भाजपा के एक आदिवासी विधायक ने बुधवार को आरोप लगाया कि उनकी गर्भवती बेटी को जिला अस्पताल में लगभग 12 घंटे तक ‘इंतजार' करना पड़ा. उनकी बेटी को प्रसव के लिए सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. श्योपुर में विजयपुर से विधायक सीताराम आदिवासी ने कहा कि अस्पताल के अधिकारियों ने उनसे कहा कि उनकी बेटी का ऑपरेशन किया जाना आवश्यक है, लेकिन सर्जरी में मदद के लिए उस समय कोई विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं था. विधायक ने कहा कि उनकी बेटी धोदीबाई (26) ने यहां से लगभग 119 किलोमीटर दूर शिवपुरी के एक निजी अस्पताल में मंगलवार को सामान्य प्रसव के जरिए एक बच्ची को जन्म दिया.
विधायक ने कहा, ‘मेरी गर्भवती बेटी को सोमवार को सुबह लगभग साढ़े 10 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन चिकित्सकों ने परिवार के सदस्यों को 12 घंटे तक इंतजार कराया. इसके बाद परिवार ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया.' उनके अनुसार, यहां तक कि उनकी बेटी की सोनोग्राफी भी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी की सिफारिश पर की गई थी. उन्होंने कहा, ‘जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने सामान्य तरीके से प्रसव करने से इनकार करते हुए कहा कि गर्भाशय के अंदर ‘फ्लूइड' की मात्रा अपर्याप्त है. विधायक ने कहा कि इसके बाद चिकित्सकों ने उनकी बेटी को शिवपुरी के लिए रेफर करते हुए कहा कि उनके पास एनेस्थीसिया देने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं. प्रसव की निगरानी करने वाला डाक्टर भी अस्पताल नहीं पहुंच सका.
उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि प्रसव में देरी के कारण ‘चाइल्ड रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट' में ‘फ्लूइड' इकट्ठा हो गया. नवजात का शिवपुरी के एक अस्पताल की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में इलाज किया जा रहा है. श्योपुर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा. आर बी गोयल ने बताया कि गर्भाशय में अपर्याप्त फ्लूइड के कारण विधायक की बेटी की ऑपरेशन के जरिए डिलिवरी किए जाने की जरूरत थी.
गोयल ने कहा, ‘विधायक की बेटी की जांच स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा की गई थी. जिस डॉक्टर को ऑपरेशन करना था, वह स्वास्थ्य विभाग के शिविर के लिए गए हुए थे.' उनके अनुसार अस्पताल ने सुरक्षित प्रसव के लिए उन्हें शिवपुरी के लिए रेफर किया था और विधायक ने भी इस पर सहमति जताई थी. गोयल ने दावा किया, ‘हालांकि, दो घंटे बाद जब एंबुलेंस अस्पताल पहुंची तो परिवार के सदस्यों ने जाने से इनकार कर दिया. अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे जबरदस्ती महिला को एक निजी अस्पताल में ले गए.' | यहाँ एक सारांश है:गर्भवती बेटी को जिला अस्पताल में लगभग 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ा
प्रसव के लिए सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था बेटी को
सर्जरी में मदद के लिए उस समय कोई विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं था | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कीरोन पोलार्ड ने पहले बल्ले से जौहर दिखाते हुए आक्रामक अर्द्धशतक जड़ा और फिर निर्णायक क्षणों में सीमारेखा पर महेंद्र सिंह धोनी का अद्भुत कैच लपककर मुंबई इंडियंस को आईपीएल छह में चेन्नई सुपर किंग्स पर नौ रन से जीत दिलाई।
मुंबई के छह विकेट पर 148 रन के जवाब में चेन्नई नौ विकेट पर 139 रन ही बना सका।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से पिछला मैच आखिरी गेंद हारने वाली पर मुंबई की यह टूर्नामेंट में पहली जीत है। इसके नायक कैरेबियाई धुरंधर पोलार्ड रहे जिन्होंने मुनाफ पटेल के आखिरी ओवर की पहली ही गेंद पर धोनी को आउट करके पासा पलट दिया। उस समय चेन्नई को छह गेंद में 12 रन चाहिए थे और धोनी जबर्दस्त बल्लेबाजी कर रहे थे।टिप्पणियां
धोनी ने 26 गेंद में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 51 रन बनाए लेकिन टीम को जीत नही दिला सके। मुंबई के लिए मुनाफ पटेल ने तीन जबकि हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा ने दो-दो विकेट लिए।
पांच विकेट 66 रन पर गिरने के बाद आए धोनी ने मैच पर से मुंबई की पकड़ ढीली की और चेन्नई की जीत लगभग तय कर दी थी। मुनाफ के आखिरी ओवर फेंकने से पहले मुंबई के कप्तान रिकी पोंटिंग और सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर उन्हें सलाह देते नजर आए।
मुंबई के छह विकेट पर 148 रन के जवाब में चेन्नई नौ विकेट पर 139 रन ही बना सका।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से पिछला मैच आखिरी गेंद हारने वाली पर मुंबई की यह टूर्नामेंट में पहली जीत है। इसके नायक कैरेबियाई धुरंधर पोलार्ड रहे जिन्होंने मुनाफ पटेल के आखिरी ओवर की पहली ही गेंद पर धोनी को आउट करके पासा पलट दिया। उस समय चेन्नई को छह गेंद में 12 रन चाहिए थे और धोनी जबर्दस्त बल्लेबाजी कर रहे थे।टिप्पणियां
धोनी ने 26 गेंद में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 51 रन बनाए लेकिन टीम को जीत नही दिला सके। मुंबई के लिए मुनाफ पटेल ने तीन जबकि हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा ने दो-दो विकेट लिए।
पांच विकेट 66 रन पर गिरने के बाद आए धोनी ने मैच पर से मुंबई की पकड़ ढीली की और चेन्नई की जीत लगभग तय कर दी थी। मुनाफ के आखिरी ओवर फेंकने से पहले मुंबई के कप्तान रिकी पोंटिंग और सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर उन्हें सलाह देते नजर आए।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से पिछला मैच आखिरी गेंद हारने वाली पर मुंबई की यह टूर्नामेंट में पहली जीत है। इसके नायक कैरेबियाई धुरंधर पोलार्ड रहे जिन्होंने मुनाफ पटेल के आखिरी ओवर की पहली ही गेंद पर धोनी को आउट करके पासा पलट दिया। उस समय चेन्नई को छह गेंद में 12 रन चाहिए थे और धोनी जबर्दस्त बल्लेबाजी कर रहे थे।टिप्पणियां
धोनी ने 26 गेंद में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 51 रन बनाए लेकिन टीम को जीत नही दिला सके। मुंबई के लिए मुनाफ पटेल ने तीन जबकि हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा ने दो-दो विकेट लिए।
पांच विकेट 66 रन पर गिरने के बाद आए धोनी ने मैच पर से मुंबई की पकड़ ढीली की और चेन्नई की जीत लगभग तय कर दी थी। मुनाफ के आखिरी ओवर फेंकने से पहले मुंबई के कप्तान रिकी पोंटिंग और सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर उन्हें सलाह देते नजर आए।
धोनी ने 26 गेंद में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 51 रन बनाए लेकिन टीम को जीत नही दिला सके। मुंबई के लिए मुनाफ पटेल ने तीन जबकि हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा ने दो-दो विकेट लिए।
पांच विकेट 66 रन पर गिरने के बाद आए धोनी ने मैच पर से मुंबई की पकड़ ढीली की और चेन्नई की जीत लगभग तय कर दी थी। मुनाफ के आखिरी ओवर फेंकने से पहले मुंबई के कप्तान रिकी पोंटिंग और सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर उन्हें सलाह देते नजर आए।
पांच विकेट 66 रन पर गिरने के बाद आए धोनी ने मैच पर से मुंबई की पकड़ ढीली की और चेन्नई की जीत लगभग तय कर दी थी। मुनाफ के आखिरी ओवर फेंकने से पहले मुंबई के कप्तान रिकी पोंटिंग और सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर उन्हें सलाह देते नजर आए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कीरोन पोलार्ड ने पहले बल्ले से जौहर दिखाते हुए आक्रामक अर्द्धशतक जड़ा और फिर निर्णायक क्षणों में सीमारेखा पर धोनी का अद्भुत कैच लपककर मुंबई इंडियंस को आईपीएल छह में चेन्नई सुपर किंग्स पर नौ रन से जीत दिलाई। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बसपा प्रमुख मायावती ने आज कहा कि मुसलमानों के हित सपा में सुरक्षित नहीं हैं और सपा को वोट देने का मतलब भाजपा की जीत सुनिश्चित करना है.
मायावती ने एक बयान में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के सर्वसमाज के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय को यह समझना बहुत जरूरी है कि उनका हित सपा में बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं .. अब दो खेमों में बंटी सपा को वोट देने का मतलब है भाजपा को मजबूत करना और उसे जिताना.’’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब से सपा सरकार बनी है, तब से कानून का राज समाप्त हो गया है और उसकी जगह गुंडों, बदमाशों, माफियाओं, अराजक, भ्रष्ट और सांप्रदायिक तत्वों का जंगलराज चल रहा है.टिप्पणियां
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा परिवार में आपसी वर्चस्व को लेकर मचे घमासान की वजह से कानून व्यवस्था की स्थिति और दयनीय हो गई है. उन्होंने कहा कि सपा सरकार की ड्रामेबाजी और ढुलमुल नीति एवं भाजपा से उसकी मिली-भगत के कारण ही प्रदेश में अनेक छोटे बड़े सांप्रदायिक दंगे हुए और लाखों लोग प्रभावित हुए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मायावती ने एक बयान में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के सर्वसमाज के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय को यह समझना बहुत जरूरी है कि उनका हित सपा में बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं .. अब दो खेमों में बंटी सपा को वोट देने का मतलब है भाजपा को मजबूत करना और उसे जिताना.’’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब से सपा सरकार बनी है, तब से कानून का राज समाप्त हो गया है और उसकी जगह गुंडों, बदमाशों, माफियाओं, अराजक, भ्रष्ट और सांप्रदायिक तत्वों का जंगलराज चल रहा है.टिप्पणियां
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा परिवार में आपसी वर्चस्व को लेकर मचे घमासान की वजह से कानून व्यवस्था की स्थिति और दयनीय हो गई है. उन्होंने कहा कि सपा सरकार की ड्रामेबाजी और ढुलमुल नीति एवं भाजपा से उसकी मिली-भगत के कारण ही प्रदेश में अनेक छोटे बड़े सांप्रदायिक दंगे हुए और लाखों लोग प्रभावित हुए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा परिवार में आपसी वर्चस्व को लेकर मचे घमासान की वजह से कानून व्यवस्था की स्थिति और दयनीय हो गई है. उन्होंने कहा कि सपा सरकार की ड्रामेबाजी और ढुलमुल नीति एवं भाजपा से उसकी मिली-भगत के कारण ही प्रदेश में अनेक छोटे बड़े सांप्रदायिक दंगे हुए और लाखों लोग प्रभावित हुए. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: सपा की सरकार बनने के बाद से कानून का राज समाप्त हो गया
सपा सरकार की नीतियां ढुलमुल एवं भाजपा से मिली-भगत
सपा को वोट देने का मतलब भाजपा की जीत सुनिश्चित करना | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यू-ट्यूब पर आए एक वीडियो से पाकिस्तान के एक और झूठ का पर्दाफाश हुआ है। इस वीडियो में करगिल वार से ठीक पहले भारतीय सेना के कैप्टन सौरव कालिया और पांच दूसरे भारतीय जवानों की हत्या का सच सामने आया है। वीडियो में पाकिस्तान के एक सैनिक ने पूरी घटना को सिलसिलेवार ढंग से बताया है।
दरअसल, कैप्टन कालिया और दूसरे सैनिकों की पाकिस्तानी सेना ने हत्या कर दी थी और उनके शव को काफी बुरी हालत में भारत को लौटाया था हालांकि पाक सरकार अपनी सेना के इस काम को हमेशा नकारती रही है। कैप्टन कालिया के पिता काफी वक्त से पाकिस्तान के इस सच को सामने लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अब इस वीडियो को वे अदालत में साक्ष्य के तौर पर पेश करने की तैयारी में हैं।
दरअसल, कैप्टन कालिया और दूसरे सैनिकों की पाकिस्तानी सेना ने हत्या कर दी थी और उनके शव को काफी बुरी हालत में भारत को लौटाया था हालांकि पाक सरकार अपनी सेना के इस काम को हमेशा नकारती रही है। कैप्टन कालिया के पिता काफी वक्त से पाकिस्तान के इस सच को सामने लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अब इस वीडियो को वे अदालत में साक्ष्य के तौर पर पेश करने की तैयारी में हैं। | सारांश: यू-ट्यूब के वीडियो में करगिल वार से ठीक पहले भारतीय सेना के कैप्टन सौरव कालिया और पांच दूसरे भारतीय जवानों की हत्या का सच सामने आया है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक ही परिवार की पांच किशोरियों के साथ भूस्वामी और उसके साथियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। दरअसल, लड़कियों के एक रिश्तेदार ने भूस्वामी से मजदूरी चुकाने को कहा था जिसकी रंजिश में यह किया गया।
मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि शेखूपुरा जिले में सोमवार को भूस्वामी मारा जाट, जहीर जाट तथा उसके साथियों ने मजूदर मोहम्मद बूटा और उसकी पत्नी को बांध दिया और उसकी बेटियों के साथ दुष्कर्म किया।
बूटा के परिजनों ने बताया कि लड़कियों को अगवा कर एक खेत ले जाया गया जहां उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सारी लड़कियां अविवाहित हैं।टिप्पणियां
दो सप्ताह पहले खेतों में काम करने के लिए गए बूटा ने भूस्वामी से मजदूरी मांगी थी। पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज कर लिया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने बूटा के घर का दौरा किया और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने को कहा। पुलिस अधिकारी चौधरी मुहम्मद इकबाल ने बताया कि प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में लड़कियों से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि शेखूपुरा जिले में सोमवार को भूस्वामी मारा जाट, जहीर जाट तथा उसके साथियों ने मजूदर मोहम्मद बूटा और उसकी पत्नी को बांध दिया और उसकी बेटियों के साथ दुष्कर्म किया।
बूटा के परिजनों ने बताया कि लड़कियों को अगवा कर एक खेत ले जाया गया जहां उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सारी लड़कियां अविवाहित हैं।टिप्पणियां
दो सप्ताह पहले खेतों में काम करने के लिए गए बूटा ने भूस्वामी से मजदूरी मांगी थी। पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज कर लिया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने बूटा के घर का दौरा किया और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने को कहा। पुलिस अधिकारी चौधरी मुहम्मद इकबाल ने बताया कि प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में लड़कियों से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
बूटा के परिजनों ने बताया कि लड़कियों को अगवा कर एक खेत ले जाया गया जहां उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सारी लड़कियां अविवाहित हैं।टिप्पणियां
दो सप्ताह पहले खेतों में काम करने के लिए गए बूटा ने भूस्वामी से मजदूरी मांगी थी। पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज कर लिया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने बूटा के घर का दौरा किया और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने को कहा। पुलिस अधिकारी चौधरी मुहम्मद इकबाल ने बताया कि प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में लड़कियों से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
दो सप्ताह पहले खेतों में काम करने के लिए गए बूटा ने भूस्वामी से मजदूरी मांगी थी। पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज कर लिया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने बूटा के घर का दौरा किया और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने को कहा। पुलिस अधिकारी चौधरी मुहम्मद इकबाल ने बताया कि प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में लड़कियों से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने बूटा के घर का दौरा किया और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने को कहा। पुलिस अधिकारी चौधरी मुहम्मद इकबाल ने बताया कि प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में लड़कियों से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक ही परिवार की पांच किशोरियों के साथ भूस्वामी और उसके साथियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इस नाले की मरम्मत करने के लिए पुरातत्व विभाग लगातार तीन साल से दक्षिणी नगर निगम को चिट्ठी पर चिट्ठी लिख रहा है लेकिन निगम के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है.
इसी साल अप्रैल में पुरातत्व विभाग ने पत्र लिखकर कहा कि इस नाले की वजह से कुतुब मीनार स्मारक में पानी भर रहा है जिससे देशी-विदेशी सैलानियों को तो परेशानी हो रही है, स्मारक की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो रही है. शिकायतों के के बावजूद नगर निगम इस नाले की मरम्मत करने को तैयार नहीं है.
गौरतलब है कि सन 2016 में भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) ने कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत कुतुब मीनार की जिम्मेदारी ली थी और वह स्वच्छता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है.
आईटीडीसी ने सीएसआर के तहत कुतुब मीनार की जिम्मेदारी ली है और वहां वह सभी शौचालयों की मरम्मत, संकेतकों को लगाने, कचरों के डब्बे प्रदान करने, लाइट कवर की मरम्मत और रेलिंग की पेंटिंग आदि पर काम कर रहा है. | यह एक सारांश है: कुतुब मीनार की बुनियाद कमजोर कर रहा नाला
देशी-विदेशी पर्यटक नाले के कारण परेशान
गुलाम राजवंश के दौर में बनी थी कुतुब मीनार | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बुल्गेरिया की रहने वाली क्रिमीना 2 सालों से सिर्फ कीड़े खा रही हैं. ऐसा करना है उनके लिए कोई मजबूरी नहीं है, यह कीड़े उनको लजीज लगते हैं. पहले लोगों को लगा कि वह डिस्कवरी पर आने वाले एक कार्यक्रम को देखकर ऐसा कर रही हैं लेकिन ऐसा नहीं है अब उनको कीड़ों के सिवाए कुछ और खाना अच्छा नहीं लगता है और अभी तक उनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा है.
क्रिमिना कहती हैं कि वह नए-नए स्वाद वाले कीड़ों की तलाश में पूरी दुनिया घूमती रहती हैं. इससे उनको यह भी पता लग जाता है कि कीड़ों से बनने वाले व्यंजन कहां-कहां बनाए जाते हैं. क्रिमीना ने बताया कि ये कीड़े प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत होते हैं. उन्होंने कहा कि यह प्रोटीन का ऐसा स्त्रोत होते हैं जिसमें हार्मोन, एंटीबायोटिक, पेस्टीसाइड नहीं पाए जाते हैं
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जब उनसे पूछा गया कि पूरी दुनिया में कीड़ों की करोड़ों प्रजाति पाई जाती है उनको कौन सा कीड़ा पसंद है तो उनका जवाब था कि उनको खाने में टिड्डे पसंद हैं. क्रिमीन ने कहा कि टिड्डे के पैर और पंख तोड़ कर अलग कर दिए जाएं तो उसके स्वाद बढ़ जाता है.
इसके अलावा खाने में पड़े कीड़े, भैंस के कीड़े और रेशम के कीड़े उनके मुंह में ला देते हैं. इन कीड़ों को वह यूरोप और थाईलैंड से मंगवाती हैं. क्रिमीना ने बताया कि एक किलो बीफ के मुकाबले एक किलो झींगुर में कई गुना पानी और दूसरी सामाने कम लगती हैं. आपको बता दें कि क्रिमीना इन कीड़ों को खाने से पहले सलाह भी लेती हैं क्योंकि पर्यावरण में कई कीड़े ऐसे पाए जाते हैं जो जहरीले होते हैं.
इसके अलावा खाने में पड़े कीड़े, भैंस के कीड़े और रेशम के कीड़े उनके मुंह में ला देते हैं. इन कीड़ों को वह यूरोप और थाईलैंड से मंगवाती हैं. क्रिमीना ने बताया कि एक किलो बीफ के मुकाबले एक किलो झींगुर में कई गुना पानी और दूसरी सामाने कम लगती हैं. आपको बता दें कि क्रिमीना इन कीड़ों को खाने से पहले सलाह भी लेती हैं क्योंकि पर्यावरण में कई कीड़े ऐसे पाए जाते हैं जो जहरीले होते हैं. | सारांश: क्रिमीना 2 सालों से सिर्फ कीड़े खा रही हैं
यह कीड़े उनको लजीज लगते हैं
खाने में पड़े कीड़े, भैंस के कीड़े उनके मुंह में ला देते हैं | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और मौजूदा चयन समिति प्रमुख इंजमाम उल हक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के निर्देश पर राष्ट्रीय और ए टीम के प्रदर्शन को देखने के लिए इंग्लैंड जाएंगे। इंजमाम को शुरूआत में पूरे ढाई महीने के दौरे के दौरान टीम के साथ रहना था लेकिन बोर्ड ने गैरजरूरी खर्चे से बचने के लिए अब योजना में बदलाव किया है।
बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, यह इंजमाम अब तीसरे टेस्ट के बाद इंग्लैंड जाएंगे और ओवल में अंतिम टेस्ट, एकदिवसीय श्रृंखला और एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए वहां रहेंगे। अधिकारी ने बताया कि मुख्य चयकर्ता को तीसरे टेस्ट के बाद भेजने का उद्देश्य यह है कि पांच वनडे और टी20 मैचों के लिए टीम की घोषणा से पहले उन्हें मैच देखने और दौरा चयन समिति से बात करने का मौका मिले।
बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, यह इंजमाम अब तीसरे टेस्ट के बाद इंग्लैंड जाएंगे और ओवल में अंतिम टेस्ट, एकदिवसीय श्रृंखला और एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए वहां रहेंगे। अधिकारी ने बताया कि मुख्य चयकर्ता को तीसरे टेस्ट के बाद भेजने का उद्देश्य यह है कि पांच वनडे और टी20 मैचों के लिए टीम की घोषणा से पहले उन्हें मैच देखने और दौरा चयन समिति से बात करने का मौका मिले। | यह एक सारांश है: पाक राष्ट्रीय और ए टीम के प्रदर्शन को देखने के लिए इंग्लैंड जाएंगे
पहले पूरे ढाई महीने के दौरे के लिए इंग्लैंड जाने वाले थे
अब खर्चे कम करने के चलते तीसरे टेस्ट के बाद ही जाएंगे | 16 | ['hin'] |
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