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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1971 की लड़ाई के समय लापता सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवलदार सुरजीत सिंह जीवित हैं। लड़ाई के तीन वर्ष बाद भारत सरकार ने उन्हें शहीद घोषित कर दिया था। सुरजीत राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात थे। 40 वर्ष बाद उनके जीवित होने की सूचना पाकर सुरजीत के परिवार में खुशी की लहर दौड़ आई है। सुरजीत के परिजनों के मुताबिक पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी ने इस बात की पुष्टि की है कि सुरजीत पाकिस्तान की एक जेल में हैं। फरीदकोट कस्बे में रहने वाली सुरजीत की पत्नी अंग्रेज कौर (61) ने बताया, "कई लोगों ने मुझे दोबारा शादी करने के लिए कहा लेकिन मुझे विश्वास था कि मेरे पति लौटेंगे। मैं यह जानकर खुश हैं कि मैं विधवा नहीं हूं। अब मैं उस क्षण की प्रतीक्षा कर रही हूं जब मैं उनको देखूंगी।" पेशे से फोटोग्राफर सुरजीत के पुत्र अमरीक (39) ने कहा, "पाकिस्तान की जेल में बंद मलेरकोटला निवासी खुशी मोहम्मद ने वर्ष 2004 में भारत लौटने पर हमें बताया कि मेरे पिता जीवित हैं और वह लाहौर की एक जेल में बंद हैं। इसके बाद हम सरकार और बीएसएफ से मिले लेकिन हमें दोनों जगह से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।" इस दौरान पाकिस्तान से लौटने वाले कई भारतीय कैदियों ने सुरदीप के परिजनों को बताया कि वह जीवित हैं और वह लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद हैं। सुरदीप के परिवार को कई वर्ष के बाद भी जब भारत सरकार से मदद नहीं मिली तो उन्होंने बर्नी से मदद मांगी। अमरीक ने बताया कि वह अपने दोस्त अजय मेहरा के जरिए कुछ महीने पहले बर्नी से मिला था। बर्नी ने भरोसा दिलाया कि वह पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी एवं प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से मिलकर इस मामले पर चर्चा करेंगे। मेहरा ने बताया कि बर्नी लाहौर की जेल में जाकर गत 28 अप्रैल को सुरजीत से मिले और इसके बारे में उन्होंने उसे बताया। आधिकारिक अभिलेखों के मुताबिक तेहना गांव निवासी सुरजीत तीन दिसम्बर 1971 की रात जैसलमेर से लापता हो गए और उन्हें वर्ष 1974 में शहीद घोषित कर दिया गया। इसके बाद से उनकी पत्नी कौर को पेंशन और अन्य लाभ दिए जाने लगे।
यहाँ एक सारांश है:भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1971 की लड़ाई के समय लापता सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवलदार सुरजीत सिंह जीवित हैं।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत-पाक के बीच चल रही तनातनी के बीच पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने बुधवार को मसले को बातचीत से सुलझाने की पेशकश की. सूत्रों के अनुसार भारत सरकार इमरान खान की इस पेशकश पर विचार कर रहा है. सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार सरकार पाकिस्तान से बातचीत को लेकर विचार कर सकती है. इन सब के बीच नियंत्रण रेखा पर तनाव को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दूसरी बार उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. इस बैठक में एनएसए के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी और मोदी कैबिनेट के मंत्री भी मौजूद हैं. बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने एक बार फिर भारत से बातचीत की बात कही थी. इमरान खान ने कहा था कि हम पुलवामा पर बात करने के लिए तैयार हैं. पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा था कि हमने पहले भी कहा था और अब भी कह रहे हैं कि आप हमें सुबूत दें हम उसपर कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा था कि हमारे लिए भी यह सही नहीं कि हमारी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए हो. उन्होंने कहा कि जंग हुई तो यह किसी के काबू में नहीं करेगी. बता दें कि दोनों देशों के बीच तल्खी उस वक्त बढ़ गई जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की सरजमीं में घुसकर जैश के आंतकियों के कैंप (IAF Air Strike) को तबाह कर दिया और करीब 300 आतंकियों को मार गिराया.  इससे पहले सीमा पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों के बीच प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई. बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, रॉ प्रमुख, गृह सचिव और अन्य प्रमुख अधिकारी शामिल हुए. करीब 20 मिनट तक यह बैठक चली. आतंकी कैंपों पर भारतीय वायुसेना के हमले से बौखलाए पाकिस्तान की ओर से 15 से अधिक स्थानों पर सीजफायर उल्लंघन किए जाने की घटना सामने आई है.  इससे पहले 14 फरवरी को पुलवामा में हुए एक आत्‍मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थें. हमले की जिम्‍मेदारी पाकिस्‍तान स्‍थ‍ित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने ली थी. भारत ने इसके अगले दिन ही सेना को खुली छूट देने की बात कही थी और पाकिस्‍तान से 'मोस्‍ट फेवरेट नेशन' दर्जा वापस ले लिया था. इसके बाद घाटी में हुए सर्च ऑपरेशन में जैश के कई आतंकवादी मारे गए थें. 26 फरवरी की रात में वायु सेना ने अपने असैन्‍य कार्रवाई में पाकिस्‍तान के बालाकोट स्‍थ‍ित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के कैंप को ध्‍वस्‍त कर दिया था. भारत के इस कार्रवाई को पूरी दुनिया ने समर्थन किया.
पाक पीएम ने की बातचीत की पेशकश पाक पीएम ने कहा हमनें पहले भी कहा था हम जांच करेंगे पीएम मोदी ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गूगल के कार्यकारी चेयरमैन एरिक श्मिट ने गुरुवार को कहा कि आगामी पांच अरब इंटरनेट उपयोक्ताओं का एक बड़ा हिस्सा भारत से आएगा क्योंकि गणित यही कहता है कि भारत वह देश है जिस पर निगाह रखी जानी चाहिए। श्मिट ने कहा, यह जगह बहुत घटना प्रधान होगी। वे गूगल के कार्य्रकम 'बिग टेंट फोरम' में भाग लेने यहां आए हुए हैं। गार्जियन के प्रधान संपादक एलन रसब्राइजर ने श्मिट से भारत व चीन में से अपनी पसंद बताने को कहा तो उनका जवाब था, फौरी तौर पर चीन लेकिन गणित भारत के पक्ष में है। रसब्राइजर के साथ प्रश्नोत्तर सत्र में श्मिट ने भारत में इंटरनेट व ब्रॉडबैंड उपयोक्ताओं की वृद्धि को लेकर खासी उम्मीद जताई।टिप्पणियां उन्होंने कहा, यहां भारत में लगभग 60 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं, लगभग 13 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता हैं लेकिन केवल दो करोड़ ब्रॉडबैंड उपयोक्ता हैं। तो परिभाषा के तौर पर भारत में संख्या बहुत कम है और हम अगले पांच अरब (उपयोक्ताओं) की संख्या की महत्ता की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में केवल दो अरब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और अगले पांच अरब में से बहुत से भारत से होंगे इसलिए आने वाले पांच दस साल के हालात की कल्पना करिए। श्मिट ने कहा, यह जगह बहुत घटना प्रधान होगी। वे गूगल के कार्य्रकम 'बिग टेंट फोरम' में भाग लेने यहां आए हुए हैं। गार्जियन के प्रधान संपादक एलन रसब्राइजर ने श्मिट से भारत व चीन में से अपनी पसंद बताने को कहा तो उनका जवाब था, फौरी तौर पर चीन लेकिन गणित भारत के पक्ष में है। रसब्राइजर के साथ प्रश्नोत्तर सत्र में श्मिट ने भारत में इंटरनेट व ब्रॉडबैंड उपयोक्ताओं की वृद्धि को लेकर खासी उम्मीद जताई।टिप्पणियां उन्होंने कहा, यहां भारत में लगभग 60 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं, लगभग 13 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता हैं लेकिन केवल दो करोड़ ब्रॉडबैंड उपयोक्ता हैं। तो परिभाषा के तौर पर भारत में संख्या बहुत कम है और हम अगले पांच अरब (उपयोक्ताओं) की संख्या की महत्ता की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में केवल दो अरब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और अगले पांच अरब में से बहुत से भारत से होंगे इसलिए आने वाले पांच दस साल के हालात की कल्पना करिए। गार्जियन के प्रधान संपादक एलन रसब्राइजर ने श्मिट से भारत व चीन में से अपनी पसंद बताने को कहा तो उनका जवाब था, फौरी तौर पर चीन लेकिन गणित भारत के पक्ष में है। रसब्राइजर के साथ प्रश्नोत्तर सत्र में श्मिट ने भारत में इंटरनेट व ब्रॉडबैंड उपयोक्ताओं की वृद्धि को लेकर खासी उम्मीद जताई।टिप्पणियां उन्होंने कहा, यहां भारत में लगभग 60 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं, लगभग 13 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता हैं लेकिन केवल दो करोड़ ब्रॉडबैंड उपयोक्ता हैं। तो परिभाषा के तौर पर भारत में संख्या बहुत कम है और हम अगले पांच अरब (उपयोक्ताओं) की संख्या की महत्ता की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में केवल दो अरब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और अगले पांच अरब में से बहुत से भारत से होंगे इसलिए आने वाले पांच दस साल के हालात की कल्पना करिए। उन्होंने कहा, यहां भारत में लगभग 60 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं, लगभग 13 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता हैं लेकिन केवल दो करोड़ ब्रॉडबैंड उपयोक्ता हैं। तो परिभाषा के तौर पर भारत में संख्या बहुत कम है और हम अगले पांच अरब (उपयोक्ताओं) की संख्या की महत्ता की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में केवल दो अरब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और अगले पांच अरब में से बहुत से भारत से होंगे इसलिए आने वाले पांच दस साल के हालात की कल्पना करिए। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में केवल दो अरब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और अगले पांच अरब में से बहुत से भारत से होंगे इसलिए आने वाले पांच दस साल के हालात की कल्पना करिए।
संक्षिप्त पाठ: गूगल के कार्यकारी चेयरमैन एरिक श्मिट ने गुरुवार को कहा कि आगामी पांच अरब इंटरनेट उपयोक्ताओं का एक बड़ा हिस्सा भारत से आएगा क्योंकि गणित यही कहता है कि भारत वह देश है जिस पर निगाह रखी जानी चाहिए।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा पुलिस ने रोहतक में 21 साल की एक दलित महिला के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना की जांच के लिए बुधवार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रोहतक के एक अस्पताल में भर्ती पीड़िता से बुधवार को मुलाकात करने वाले अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) मोहम्मद अकील ने एसआईटी के गठन का आदेश दिया।टिप्पणियां स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह जानकारी देते हुए यहां राज्य कैबिनेट की बैठक के इतर संवाददाताओं से कहा कि एसआईटी के सदस्यों में दो पुलिस उपाधीक्षक शामिल होंगे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एसआईटी 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रोहतक के एक अस्पताल में भर्ती पीड़िता से बुधवार को मुलाकात करने वाले अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) मोहम्मद अकील ने एसआईटी के गठन का आदेश दिया।टिप्पणियां स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह जानकारी देते हुए यहां राज्य कैबिनेट की बैठक के इतर संवाददाताओं से कहा कि एसआईटी के सदस्यों में दो पुलिस उपाधीक्षक शामिल होंगे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह जानकारी देते हुए यहां राज्य कैबिनेट की बैठक के इतर संवाददाताओं से कहा कि एसआईटी के सदस्यों में दो पुलिस उपाधीक्षक शामिल होंगे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: 21 साल की दलित महिला के साथ गैंगरेप का मामला एसआईटी के सदस्यों में दो पुलिस उपाधीक्षक शामिल होंगे रोहतक के एक अस्पताल में भर्ती है पीड़िता
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेट को भारत में धर्म की तरह माना जाता है, और उस पर भी अगर मैच भारत और पाकिस्‍तान के बीच हो तो मैदान की टेंशन लोगों के टीवी स्‍क्रीन से होती हुई घरों तक पहुंच ही जाती है. ऐसा ही मैच रविवार को लंदन के ओवल मैदान में हुआ जिसमें भारत को शिकस्‍त का सामना करना पड़ा. चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को पाकिस्‍तान से मिली हार से वैसे तो पूरे देश में ही निराशा थी लेकिन इस बीच एक नन्‍हा बच्‍चा कुछ ऐसा निराश हुआ कि उसकी आंखों से आंसू ही नहीं रुके. हालांकि यह बच्‍चा भले ही रो रहा हो, लेकिन इसकी बातें सुनकर आप अपने आप को हंसने से रोक नहीं पाएंगे. दरअसल इस मैच के बाद से ही एक छोटे बच्‍चे का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, जो क्रिकेटर हार्दिक पाड्या के आउट होने और भारतीय टीम के लगभग हारने की कगार पर पहुंचने पर शूट किया गया है. इस वीडियो में बैठा बच्‍चा यह देख कर बुरी तरह रो रहा है कि भारत पाकिस्‍तान से हार रहा है. दरअसल चैंपियंस ट्रॉफी के इस फाइनल मैच में शुरुआत में ही भारतीय टीम के धुरंधर बल्‍लेबाज जैसे विराट कोहली, रोहित शर्मा सस्‍ते में निपट गए थे, लेकिन हार्दिक पांड्या ने आकर जड़े छक्‍के-चौकों से फिर से उम्‍मीद जगा दी थी. में हार्दिक पांड्या 27वें ओवर में हसन अली की गेंद पर रन आउट हुए थे. हार्दिक रन लेने के लिए भाग गए थे लेकिन रवींद्र जडेजा अपनी जगह से नहीं हिले और इसी के चलते हार्दिक आउट हो गए. ऐसे में आदी नाम के इस बच्‍चे से जब उसकी मां ने पूछा कि क्‍या हुआ तो वह गुस्‍से और आंसुओं के साथ बता रहा है कि रवींद्र जडेजा ने हार्दिक पांड्या को आउट क्यों करवाया. यह छोटा बच्‍चा रोते-रोते इस बात की भी चिंता करता नजर आ रहा है कि भारत के अब 8 विकेट गिर गए हैं, अब इंडिया कैसे जीतेगा. देखें आखिर कैसे अपना दुख जता रहा है यह छोटा सा बच्‍चा.टिप्पणियां वीडियो में एक दूसरा छोटा बच्‍चा भी खड़ा है जो आदी के रोने पर हंस भी रहा है लेकिन उसकी तकलीफ को समझ कर उसके पक्ष की बातें भी कर रहा है. ऐसे में यह छोटा बच्‍चा आदि को समझाता है कि तू, चुप हो जा. अभी हार्दिक जाकर विराट कोहली को बताएगा, फिर कोहली जडेजा को थप्पड़ मारेगा. लेकिन फिर भी आदी अपने आप को रोने से नहीं रोक पा रहा है. वीडियो में वह बार-बार कह रहा है कि जडेजा ने हार्दिक पंड्या को आउट कराया है. दरअसल चैंपियंस ट्रॉफी के इस फाइनल मैच में शुरुआत में ही भारतीय टीम के धुरंधर बल्‍लेबाज जैसे विराट कोहली, रोहित शर्मा सस्‍ते में निपट गए थे, लेकिन हार्दिक पांड्या ने आकर जड़े छक्‍के-चौकों से फिर से उम्‍मीद जगा दी थी. में हार्दिक पांड्या 27वें ओवर में हसन अली की गेंद पर रन आउट हुए थे. हार्दिक रन लेने के लिए भाग गए थे लेकिन रवींद्र जडेजा अपनी जगह से नहीं हिले और इसी के चलते हार्दिक आउट हो गए. ऐसे में आदी नाम के इस बच्‍चे से जब उसकी मां ने पूछा कि क्‍या हुआ तो वह गुस्‍से और आंसुओं के साथ बता रहा है कि रवींद्र जडेजा ने हार्दिक पांड्या को आउट क्यों करवाया. यह छोटा बच्‍चा रोते-रोते इस बात की भी चिंता करता नजर आ रहा है कि भारत के अब 8 विकेट गिर गए हैं, अब इंडिया कैसे जीतेगा. देखें आखिर कैसे अपना दुख जता रहा है यह छोटा सा बच्‍चा.टिप्पणियां वीडियो में एक दूसरा छोटा बच्‍चा भी खड़ा है जो आदी के रोने पर हंस भी रहा है लेकिन उसकी तकलीफ को समझ कर उसके पक्ष की बातें भी कर रहा है. ऐसे में यह छोटा बच्‍चा आदि को समझाता है कि तू, चुप हो जा. अभी हार्दिक जाकर विराट कोहली को बताएगा, फिर कोहली जडेजा को थप्पड़ मारेगा. लेकिन फिर भी आदी अपने आप को रोने से नहीं रोक पा रहा है. वीडियो में वह बार-बार कह रहा है कि जडेजा ने हार्दिक पंड्या को आउट कराया है. ऐसे में आदी नाम के इस बच्‍चे से जब उसकी मां ने पूछा कि क्‍या हुआ तो वह गुस्‍से और आंसुओं के साथ बता रहा है कि रवींद्र जडेजा ने हार्दिक पांड्या को आउट क्यों करवाया. यह छोटा बच्‍चा रोते-रोते इस बात की भी चिंता करता नजर आ रहा है कि भारत के अब 8 विकेट गिर गए हैं, अब इंडिया कैसे जीतेगा. देखें आखिर कैसे अपना दुख जता रहा है यह छोटा सा बच्‍चा.टिप्पणियां वीडियो में एक दूसरा छोटा बच्‍चा भी खड़ा है जो आदी के रोने पर हंस भी रहा है लेकिन उसकी तकलीफ को समझ कर उसके पक्ष की बातें भी कर रहा है. ऐसे में यह छोटा बच्‍चा आदि को समझाता है कि तू, चुप हो जा. अभी हार्दिक जाकर विराट कोहली को बताएगा, फिर कोहली जडेजा को थप्पड़ मारेगा. लेकिन फिर भी आदी अपने आप को रोने से नहीं रोक पा रहा है. वीडियो में वह बार-बार कह रहा है कि जडेजा ने हार्दिक पंड्या को आउट कराया है. देखें आखिर कैसे अपना दुख जता रहा है यह छोटा सा बच्‍चा.टिप्पणियां वीडियो में एक दूसरा छोटा बच्‍चा भी खड़ा है जो आदी के रोने पर हंस भी रहा है लेकिन उसकी तकलीफ को समझ कर उसके पक्ष की बातें भी कर रहा है. ऐसे में यह छोटा बच्‍चा आदि को समझाता है कि तू, चुप हो जा. अभी हार्दिक जाकर विराट कोहली को बताएगा, फिर कोहली जडेजा को थप्पड़ मारेगा. लेकिन फिर भी आदी अपने आप को रोने से नहीं रोक पा रहा है. वीडियो में वह बार-बार कह रहा है कि जडेजा ने हार्दिक पंड्या को आउट कराया है. वीडियो में एक दूसरा छोटा बच्‍चा भी खड़ा है जो आदी के रोने पर हंस भी रहा है लेकिन उसकी तकलीफ को समझ कर उसके पक्ष की बातें भी कर रहा है. ऐसे में यह छोटा बच्‍चा आदि को समझाता है कि तू, चुप हो जा. अभी हार्दिक जाकर विराट कोहली को बताएगा, फिर कोहली जडेजा को थप्पड़ मारेगा. लेकिन फिर भी आदी अपने आप को रोने से नहीं रोक पा रहा है. वीडियो में वह बार-बार कह रहा है कि जडेजा ने हार्दिक पंड्या को आउट कराया है. वीडियो में एक दूसरा छोटा बच्‍चा भी खड़ा है जो आदी के रोने पर हंस भी रहा है लेकिन उसकी तकलीफ को समझ कर उसके पक्ष की बातें भी कर रहा है. ऐसे में यह छोटा बच्‍चा आदि को समझाता है कि तू, चुप हो जा. अभी हार्दिक जाकर विराट कोहली को बताएगा, फिर कोहली जडेजा को थप्पड़ मारेगा. लेकिन फिर भी आदी अपने आप को रोने से नहीं रोक पा रहा है. वीडियो में वह बार-बार कह रहा है कि जडेजा ने हार्दिक पंड्या को आउट कराया है.
यह एक सारांश है: चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की हार पर बुरी तरह रो रहा है यह बच्‍चा हार्दिक पांड्या के आउट होने पर जडेजा पर भड़क रहा है यह बच्‍चा दूसरा छोटा बच्‍चा कह रहा है, विराट कोहली निकालेगा जडेजा को टीम से
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के राज्यसभा में मनोनयन के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के रजिस्ट्री विभाग में बुधवार को एक याचिका दाखिल की गई। स्थानीय अधिवक्ता अशोक पाण्डेय द्वारा दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि सचिन का राज्यसभा के लिये मनोनयन कानूनी प्रावधानों के खिलाफ तथा संविधान का खुला उल्लंघन है।टिप्पणियां याचिका में सचिन के साथ-साथ केन्द्र सरकार तथा राज्यसभा के सचिव के मार्फत संसद के उच्च सदन को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘एक मशहूर खिलाड़ी’ के तौर पर सचिन को राज्यसभा के लिये मनोनीत किया जाना संविधान के अनुच्छेद 80 :3: का उल्लंघन है। याची अधिवक्ता की दलील है कि अनुच्छेद 80 :3: के तहत राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किये जाने वाले व्यक्तियों को साहित्य, विज्ञान, कला अथवा सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में विशेष जानकारी या कार्यात्मक अनुभव होना चाहिये। इस याचिका पर आगामी चार मई को सुनवाई होने की सम्भावना है। स्थानीय अधिवक्ता अशोक पाण्डेय द्वारा दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि सचिन का राज्यसभा के लिये मनोनयन कानूनी प्रावधानों के खिलाफ तथा संविधान का खुला उल्लंघन है।टिप्पणियां याचिका में सचिन के साथ-साथ केन्द्र सरकार तथा राज्यसभा के सचिव के मार्फत संसद के उच्च सदन को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘एक मशहूर खिलाड़ी’ के तौर पर सचिन को राज्यसभा के लिये मनोनीत किया जाना संविधान के अनुच्छेद 80 :3: का उल्लंघन है। याची अधिवक्ता की दलील है कि अनुच्छेद 80 :3: के तहत राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किये जाने वाले व्यक्तियों को साहित्य, विज्ञान, कला अथवा सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में विशेष जानकारी या कार्यात्मक अनुभव होना चाहिये। इस याचिका पर आगामी चार मई को सुनवाई होने की सम्भावना है। याचिका में सचिन के साथ-साथ केन्द्र सरकार तथा राज्यसभा के सचिव के मार्फत संसद के उच्च सदन को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘एक मशहूर खिलाड़ी’ के तौर पर सचिन को राज्यसभा के लिये मनोनीत किया जाना संविधान के अनुच्छेद 80 :3: का उल्लंघन है। याची अधिवक्ता की दलील है कि अनुच्छेद 80 :3: के तहत राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किये जाने वाले व्यक्तियों को साहित्य, विज्ञान, कला अथवा सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में विशेष जानकारी या कार्यात्मक अनुभव होना चाहिये। इस याचिका पर आगामी चार मई को सुनवाई होने की सम्भावना है। याची अधिवक्ता की दलील है कि अनुच्छेद 80 :3: के तहत राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किये जाने वाले व्यक्तियों को साहित्य, विज्ञान, कला अथवा सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में विशेष जानकारी या कार्यात्मक अनुभव होना चाहिये। इस याचिका पर आगामी चार मई को सुनवाई होने की सम्भावना है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के राज्यसभा में मनोनयन के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के रजिस्ट्री विभाग में बुधवार को एक याचिका दाखिल की गई।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में तीन भारतीय महिलाएं उन 19 महिलाओं की सूची में शामिल हैं जो अमेरिकी कांग्रेस में नवंबर में चुनाव जीतकर इतिहास बना सकती हैं. यूएस कांग्रेस में महिलाओं की संख्या सिर्फ 19 फीसदी है. लोकप्रिय कॉस्मोपोलिटन पत्रिका के अनुसार दोनों पार्टियों की तरफ से दर्जनों महिलाएं चुनावी दौड़ में हैं. अगर वे नवंबर में होने वाले चुनाव में जीत जाती हैं तो बहुत बड़ी बात होगी. पत्रिका ने महिलाओं की सूची भी जारी की है. प्रमिला जयपाल नाम की महिला हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव वाशिंगटन से लड़ रही हैं. कमला हैरिस कैलिफॉर्निया से सीनेट की दौड़ में हैं. लतिका मेरी थॉमस रिपब्लिकन टिकट से फ्लोरिडा से चुनाव लड़ रही हैं. जयपाल और हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. अगर हैरिस चुनाव जीतती हैं तो वह 1992 में कारूल मासले के बाद सीनेट में जाने वालीं दूसरी अश्वेत महिला होंगी. हैरिस को बराक ओबामा का भी समर्थन प्राप्त है. वह वर्तमान में कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल हैं. नए सर्वेक्षण के अनुसार जयपाल और हैरिस चुनाव जीत सकती हैं. टिप्पणियां अगर जयपाल और लतिका मेरी थॉमस फ्लोरिडा से यूएस हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव जीत लेती हैं तो वह कांग्रेस में जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला होंगी. इसके अलावा पत्रिका में डेनिश गितसम, मिस्टी स्नो और टैमी डकवर्थ आदि महिलाओं के नाम शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोकप्रिय कॉस्मोपोलिटन पत्रिका के अनुसार दोनों पार्टियों की तरफ से दर्जनों महिलाएं चुनावी दौड़ में हैं. अगर वे नवंबर में होने वाले चुनाव में जीत जाती हैं तो बहुत बड़ी बात होगी. पत्रिका ने महिलाओं की सूची भी जारी की है. प्रमिला जयपाल नाम की महिला हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव वाशिंगटन से लड़ रही हैं. कमला हैरिस कैलिफॉर्निया से सीनेट की दौड़ में हैं. लतिका मेरी थॉमस रिपब्लिकन टिकट से फ्लोरिडा से चुनाव लड़ रही हैं. जयपाल और हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. अगर हैरिस चुनाव जीतती हैं तो वह 1992 में कारूल मासले के बाद सीनेट में जाने वालीं दूसरी अश्वेत महिला होंगी. हैरिस को बराक ओबामा का भी समर्थन प्राप्त है. वह वर्तमान में कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल हैं. नए सर्वेक्षण के अनुसार जयपाल और हैरिस चुनाव जीत सकती हैं. टिप्पणियां अगर जयपाल और लतिका मेरी थॉमस फ्लोरिडा से यूएस हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव जीत लेती हैं तो वह कांग्रेस में जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला होंगी. इसके अलावा पत्रिका में डेनिश गितसम, मिस्टी स्नो और टैमी डकवर्थ आदि महिलाओं के नाम शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रमिला जयपाल नाम की महिला हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव वाशिंगटन से लड़ रही हैं. कमला हैरिस कैलिफॉर्निया से सीनेट की दौड़ में हैं. लतिका मेरी थॉमस रिपब्लिकन टिकट से फ्लोरिडा से चुनाव लड़ रही हैं. जयपाल और हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. अगर हैरिस चुनाव जीतती हैं तो वह 1992 में कारूल मासले के बाद सीनेट में जाने वालीं दूसरी अश्वेत महिला होंगी. हैरिस को बराक ओबामा का भी समर्थन प्राप्त है. वह वर्तमान में कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल हैं. नए सर्वेक्षण के अनुसार जयपाल और हैरिस चुनाव जीत सकती हैं. टिप्पणियां अगर जयपाल और लतिका मेरी थॉमस फ्लोरिडा से यूएस हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव जीत लेती हैं तो वह कांग्रेस में जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला होंगी. इसके अलावा पत्रिका में डेनिश गितसम, मिस्टी स्नो और टैमी डकवर्थ आदि महिलाओं के नाम शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जयपाल और हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. अगर हैरिस चुनाव जीतती हैं तो वह 1992 में कारूल मासले के बाद सीनेट में जाने वालीं दूसरी अश्वेत महिला होंगी. हैरिस को बराक ओबामा का भी समर्थन प्राप्त है. वह वर्तमान में कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल हैं. नए सर्वेक्षण के अनुसार जयपाल और हैरिस चुनाव जीत सकती हैं. टिप्पणियां अगर जयपाल और लतिका मेरी थॉमस फ्लोरिडा से यूएस हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव जीत लेती हैं तो वह कांग्रेस में जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला होंगी. इसके अलावा पत्रिका में डेनिश गितसम, मिस्टी स्नो और टैमी डकवर्थ आदि महिलाओं के नाम शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अगर जयपाल और लतिका मेरी थॉमस फ्लोरिडा से यूएस हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव जीत लेती हैं तो वह कांग्रेस में जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला होंगी. इसके अलावा पत्रिका में डेनिश गितसम, मिस्टी स्नो और टैमी डकवर्थ आदि महिलाओं के नाम शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नवंबर में चुनाव, 19 महिलाओं की सूची में तीन भारतीय महिलाएं प्रमिला जयपाल, कमला हैरिस और लतिका मेरी थॉमस चुनावी दौड़ में सर्वेक्षण के अनुसार जयपाल और हैरिस के चुनाव जीतने की संभावना
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी विधायक अब मुलायम की बुलाई मीटिंग में नहीं जाएंगे. आज यानी मंगलवार को विधानमंडल दल की बैठक में उन्हें बताया गया कि वे अखिलेश के अलावा किसी और की बुलाई मीटिंग में नहीं जा सकते.चौंकाने वाली बात यह थी कि बैठक में शिवपाल को नहीं बुलाया गया. नाराज आज़म खान भी अखिलेश की बैठक में शामिल नहीं हुए. उधर, मुलायम ने भी विधायकों की दावत देने के लिए बैठक बुलाई थी लेकिन इस बात की भनक लगते ही मीटिंग रद्द कर दी. यूं तो समाजवादी पार्टी के जन्मदाता मुलायम सिंह यादव ही हैं और पार्टी के 90 फीसदी से ज़्यादा नेता उन्हीं के बनाए हुए हैं लेकिन मुलायम को दुबारा अध्यक्ष बनाने के मुद्दे पर अब उनके क़रीबी भी बोलने से कन्नी काटते हैं. समाजवादी पार्टी दफ़्तर पर विधानमंडल दल की बैठक हुई जिसमें में सभी विधायक और एमएलसी शामिल हुए. उन्हें बताया गया कि अखिलेश के अलावा किसी और के मीटिंग बुलाने पर वे न जाएं क्योंकि विधानमंडल दल का नेता ही उनकी बैठक बुला सकता है. शायद मुलायम को इसकी भनक लग गई थी लिहाजा उन्होंने बुधवार को अपने घर पर बुलाई विधायकों की बैठक और खाने की दावत रद्द कर दी. टिप्पणियां समाजवादी पार्टी एक एमएलसी बक्कल नवाब का कहना है, "ऐसा है कि वो बैठक थी ही नहीं. कल वाली जो बैठक थी. वो थी ही नहीं. हां, बिल्कुल नहीं थी और वो ऐसे ही कह दिया गया था. वो कोई बैठक-वैठक नहीं है. पूर्व मंत्री बलवंत सिंह रामुवालिया से जब पूछा गया कि क्या भविष्य में नेताजी को पद वापस करेंगे? तो वे बोले - मैं कुछ नहीं कह रहा.  मैं कुछ नहीं कह रहा. मेरा कम है जो मैने देखा उतना. जो कम 10 क्विंटल वज़नी है. मैं उठा नहीं सकता. जो 2-4 क्विंटल की बात थी उतना बता दिया. बैठक में आज़म ख़ान नहीं पहुंचे. चर्चा है कि विधानसभा में पार्टी का नेता न बनाए जाने से नाराज़ हैं लेकिन शिवपाल यादव को बुलाया नहीं गया. ऐसा उनके क़रीबी कहते हैं.   विधानसभा में पार्टी के नेता रामगोविंद चौधरी से जब पूछा गया कि आज शिवपाल यादव बैठक में नहीं शामिल हुए.. क्या वो अभी तक नाराज हैं?  अब यह तो....आप सभी लोग हुमारे मित्र हैं, हमारे ऊपर कृपा बनी रहनी चाहिए और सकारात्मक प्रश्न होने चाहिए. सियासत के जानकार कहते हैं कि पार्टी की इस बुरी हार में परिवार के झगड़े का भी बहुत बड़ा रोल है और यह आगे भी जारी रहा तो यह पार्टी के लिए एक शुभ संकेत नहीं होगा. समाजवादी पार्टी दफ़्तर पर विधानमंडल दल की बैठक हुई जिसमें में सभी विधायक और एमएलसी शामिल हुए. उन्हें बताया गया कि अखिलेश के अलावा किसी और के मीटिंग बुलाने पर वे न जाएं क्योंकि विधानमंडल दल का नेता ही उनकी बैठक बुला सकता है. शायद मुलायम को इसकी भनक लग गई थी लिहाजा उन्होंने बुधवार को अपने घर पर बुलाई विधायकों की बैठक और खाने की दावत रद्द कर दी. टिप्पणियां समाजवादी पार्टी एक एमएलसी बक्कल नवाब का कहना है, "ऐसा है कि वो बैठक थी ही नहीं. कल वाली जो बैठक थी. वो थी ही नहीं. हां, बिल्कुल नहीं थी और वो ऐसे ही कह दिया गया था. वो कोई बैठक-वैठक नहीं है. पूर्व मंत्री बलवंत सिंह रामुवालिया से जब पूछा गया कि क्या भविष्य में नेताजी को पद वापस करेंगे? तो वे बोले - मैं कुछ नहीं कह रहा.  मैं कुछ नहीं कह रहा. मेरा कम है जो मैने देखा उतना. जो कम 10 क्विंटल वज़नी है. मैं उठा नहीं सकता. जो 2-4 क्विंटल की बात थी उतना बता दिया. बैठक में आज़म ख़ान नहीं पहुंचे. चर्चा है कि विधानसभा में पार्टी का नेता न बनाए जाने से नाराज़ हैं लेकिन शिवपाल यादव को बुलाया नहीं गया. ऐसा उनके क़रीबी कहते हैं.   विधानसभा में पार्टी के नेता रामगोविंद चौधरी से जब पूछा गया कि आज शिवपाल यादव बैठक में नहीं शामिल हुए.. क्या वो अभी तक नाराज हैं?  अब यह तो....आप सभी लोग हुमारे मित्र हैं, हमारे ऊपर कृपा बनी रहनी चाहिए और सकारात्मक प्रश्न होने चाहिए. सियासत के जानकार कहते हैं कि पार्टी की इस बुरी हार में परिवार के झगड़े का भी बहुत बड़ा रोल है और यह आगे भी जारी रहा तो यह पार्टी के लिए एक शुभ संकेत नहीं होगा. समाजवादी पार्टी एक एमएलसी बक्कल नवाब का कहना है, "ऐसा है कि वो बैठक थी ही नहीं. कल वाली जो बैठक थी. वो थी ही नहीं. हां, बिल्कुल नहीं थी और वो ऐसे ही कह दिया गया था. वो कोई बैठक-वैठक नहीं है. पूर्व मंत्री बलवंत सिंह रामुवालिया से जब पूछा गया कि क्या भविष्य में नेताजी को पद वापस करेंगे? तो वे बोले - मैं कुछ नहीं कह रहा.  मैं कुछ नहीं कह रहा. मेरा कम है जो मैने देखा उतना. जो कम 10 क्विंटल वज़नी है. मैं उठा नहीं सकता. जो 2-4 क्विंटल की बात थी उतना बता दिया. बैठक में आज़म ख़ान नहीं पहुंचे. चर्चा है कि विधानसभा में पार्टी का नेता न बनाए जाने से नाराज़ हैं लेकिन शिवपाल यादव को बुलाया नहीं गया. ऐसा उनके क़रीबी कहते हैं.   विधानसभा में पार्टी के नेता रामगोविंद चौधरी से जब पूछा गया कि आज शिवपाल यादव बैठक में नहीं शामिल हुए.. क्या वो अभी तक नाराज हैं?  अब यह तो....आप सभी लोग हुमारे मित्र हैं, हमारे ऊपर कृपा बनी रहनी चाहिए और सकारात्मक प्रश्न होने चाहिए. सियासत के जानकार कहते हैं कि पार्टी की इस बुरी हार में परिवार के झगड़े का भी बहुत बड़ा रोल है और यह आगे भी जारी रहा तो यह पार्टी के लिए एक शुभ संकेत नहीं होगा. पूर्व मंत्री बलवंत सिंह रामुवालिया से जब पूछा गया कि क्या भविष्य में नेताजी को पद वापस करेंगे? तो वे बोले - मैं कुछ नहीं कह रहा.  मैं कुछ नहीं कह रहा. मेरा कम है जो मैने देखा उतना. जो कम 10 क्विंटल वज़नी है. मैं उठा नहीं सकता. जो 2-4 क्विंटल की बात थी उतना बता दिया. बैठक में आज़म ख़ान नहीं पहुंचे. चर्चा है कि विधानसभा में पार्टी का नेता न बनाए जाने से नाराज़ हैं लेकिन शिवपाल यादव को बुलाया नहीं गया. ऐसा उनके क़रीबी कहते हैं.   विधानसभा में पार्टी के नेता रामगोविंद चौधरी से जब पूछा गया कि आज शिवपाल यादव बैठक में नहीं शामिल हुए.. क्या वो अभी तक नाराज हैं?  अब यह तो....आप सभी लोग हुमारे मित्र हैं, हमारे ऊपर कृपा बनी रहनी चाहिए और सकारात्मक प्रश्न होने चाहिए. सियासत के जानकार कहते हैं कि पार्टी की इस बुरी हार में परिवार के झगड़े का भी बहुत बड़ा रोल है और यह आगे भी जारी रहा तो यह पार्टी के लिए एक शुभ संकेत नहीं होगा.
संक्षिप्त पाठ: समाजवादी पार्टी विधायक अब मुलायम की बुलाई मीटिंग में नहीं जाएंगे अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा किसी और की बुलाई मीटिंग में नहीं जा सकते विधानमंडल दल की बैठक में लिया गया था निर्णय
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब के मानसा में राज्य पुलिस की दरिंदगी का एक और मामला सामने आया है। रविवार शाम पंजाब पुलिस थाने में दो लड़कियों की जमकर पिटाई की। बीस से बाईस साल के बीच की उम्र की इन दोनों लड़कियों को एक शराब ठेकेदार की शिकायत पर पकड़ा गया। ठेकेदार ने शिकायत की थी कि ये दोनों लड़कियां शराब बेच रही हैं जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों लड़कियों से बिना पूछताछ के जमकर पिटाई कर दी। लड़कियों के विरोध करने पर भी वे नहीं रुके। पुलिस की इस करतूत पर समाजसेवी संस्थाओं ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीस से बाईस साल के बीच की उम्र की इन दोनों लड़कियों को एक शराब ठेकेदार की शिकायत पर पकड़ा गया। ठेकेदार ने शिकायत की थी कि ये दोनों लड़कियां शराब बेच रही हैं जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों लड़कियों से बिना पूछताछ के जमकर पिटाई कर दी। लड़कियों के विरोध करने पर भी वे नहीं रुके। पुलिस की इस करतूत पर समाजसेवी संस्थाओं ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सारांश: ठेकेदार ने शिकायत की थी कि ये दोनों लड़कियां शराब बेच रही हैं जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों लड़कियों से बिना पूछताछ के जमकर पिटाई कर दी।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री जयराम रमेश ने पुणे के पास लवासा परियोजना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र के जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि उनके मंत्रालय ने इस परियोजना को अभी तक मंजूरी नहीं दी है। रमेश ने 8 जुलाई को हजारे को लिखे पत्र में कहा है, मैं आपका ध्यान कुछ बातों की ओर दिलाना चाहता हूं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने इस लवासा परियोजना को कार्यालय पत्रक के जरिये मंजूरी प्रदान नहीं की है। इस परियोजना को अभी तक औपचारिक एवं अंतिम पर्यावरणीय मंजूरी नहीं दी गई है। पत्र में कहा गया है, मंत्रालय ने पर्यावरणीय मंजूरी देने पर विचार करने से पहले पांच शर्तें पूरी होने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि मंत्रालय के इस कदम के बारे में गत 30 जून को महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर सूचना दे दी है। परियोजना को पर्यावरणी मंजूरी देने से पहले राज्य सरकार की ओर से कार्रवाई भी एक शर्त है। रमेश ने आदर्श सोसाइटी इमारत को गिराने के आदेश देने तथा लवासा परियोजना के प्रति दोहरे मानक अपनाने के हजारे के आरोप पर कहा, आदर्श और लवासा परियोजना के बीच तुलना नहीं की जा सकती। इसलिए दोहरे मानक अपनाने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा, आदर्श सोसायटी तटवर्ती नियामक उल्लंघन का मामला है। तटवर्ती नियामक मंजूरी एक विशिष्ट क्षेत्र के लिए दी जाती है। वहीं लवासा पर्यावरणीय उल्लंघन का मामला है। हजारे ने सोनिया को लिखे अपने पत्र में उनसे अनुरोध किया था कि वह पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को निर्देश दें कि वह लवासा मामले में कानून के उल्लंघन की जांच करे। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजनीतिक दबाव में सरकार लवासा के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके साथ ही हजारे ने लवासा मामले से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की थी।
सारांश: पर्यावरण एवं वन मंत्री जयराम रमेश ने लवासा परियोजना को लेकर अन्ना हजारे के सोनिया गांधी को लिखे पत्र के जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों को लगता है कि यह उथल पुथल 6 महीने से लेकर 1 साल से अधिक नहीं चलेगी. वहीं खरीददारों को उम्मीद भी है कि प्रॉपर्टी की कीमतें कम होंगी. एक आकलन के मुताबिक, विमुद्रीकरण के बाद से सौदे थम हैं और 20 फीसदी दाम भी घटे हैं.टिप्पणियां प्रोपइक्विटी का मानना है कि नोटबंदी के चलते आने वाले 6-12 महीने में 42 प्रमुख शहरों में में मकानों की कीमत 30 प्रतिशत तक घट सकती हैं. फर्म का कहना है कि इससे 2008 के बाद डेवलपरों द्वारा बेची गईं और वे आवासीय संपत्ति जोकि अनबिकी हैं, उनका बाजार मूल्य 8 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक घट जाएगा. कंपनी ने अपने बयान में पिछले दिनों कहा था,‘भारतीय जमीन जायदाद क्षेत्र पर नोटबंदी के असर के कारण अवासीय संपत्तियों का बाजार मूल्य अगले 6-12 महीने में 8,02,874 करोड़ रुपये घट जाएगा.’ प्रोपइक्विटी का मानना है कि नोटबंदी के चलते आने वाले 6-12 महीने में 42 प्रमुख शहरों में में मकानों की कीमत 30 प्रतिशत तक घट सकती हैं. फर्म का कहना है कि इससे 2008 के बाद डेवलपरों द्वारा बेची गईं और वे आवासीय संपत्ति जोकि अनबिकी हैं, उनका बाजार मूल्य 8 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक घट जाएगा. कंपनी ने अपने बयान में पिछले दिनों कहा था,‘भारतीय जमीन जायदाद क्षेत्र पर नोटबंदी के असर के कारण अवासीय संपत्तियों का बाजार मूल्य अगले 6-12 महीने में 8,02,874 करोड़ रुपये घट जाएगा.’ कंपनी ने अपने बयान में पिछले दिनों कहा था,‘भारतीय जमीन जायदाद क्षेत्र पर नोटबंदी के असर के कारण अवासीय संपत्तियों का बाजार मूल्य अगले 6-12 महीने में 8,02,874 करोड़ रुपये घट जाएगा.’
कालेधन पर लगाम के लिए नोटबंदी के ऐलान का तगड़ा असर रियल एस्टेट में लेकिन खरीददारों के लिए यह नफे का सौदा क्योंकि कीमतें और गिरेंगी ऐसे में एक्सपर्ट्स की क्या राय है, वह इस लेख में पढ़ें
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी पर जोरदार हमला बोला है. तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर दो ट्वीट किए, जिसमें पहले तो नीतीश कुमार को 'अफवाह महाशय' से संबोधित किया और फिर बिहार को गरीब राज्य बताने के लिए नीतीश सरकार द्वारा खुद की विफलता स्वीकार करने की बात कही. वहीं, तेजस्वी ने सुशील मोदी को 'सबसे बड़ा कुतर्क मास्टर' बताया है. उन्होंने सुशील मोदी पर तंज कसा कि इनके बेतुके कुतर्कों का भावार्थ है कि युवा घबराए नहीं अगले 30 वर्ष में नौकरी मिल जाएगी. तेजस्वी यादव ने अपने पहले ट्वीट में नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए लिखा, ''15 साल राज करने के बाद भी अफ़वाह महाशय कह रहे है कि बिहार ग़रीब राज्य है. नीतीश सरकार स्वयं विफलताएं स्वीकार कर अपनी प्रचंड नाकामी की अपनी ही ज़ुबानी गवाही दे रही है. बिहार में लोगों को नून-रोटी नसीब नहीं हो रही है और ये महोदय टीवी पर बिस्कुट-केक खाने की परिकथाएं सुना रहे है.''  इसके बाद अगले ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा, ''बिहार के सबसे बड़े कुतर्क मास्टर सुशील मोदी कभी कहते है सावन-भादो की वजह से मंदी है. कभी कहते है पितृ-पक्ष, कभी खरमास, कभी बाढ़-सुखाड़ तो कभी क़ानून व्यवस्था-प्राकृतिक आपदा की वजह से मंदी है. इनके बेतुके कुतर्कों का भावार्थ है कि युवा घबराए नहीं अगले 30 वर्ष में नौकरी मिल जाएगी.''
सारांश: तेजस्वी यादव ने किया ट्वीट नीतीश कुमार पर साधा निशाना सुशील मोदी पर भी कसा तंज
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्मकार संजय लीला भंसाली मुक्केबाजी में पांच बार की विश्व चैम्पियन एवं लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम पर फिल्म बना रहे हैं। मैरी कॉम को बड़े पर्दे पर उनकी भूमिका निभाने के लिए कोई विशेष अभिनेत्री पसंद नहीं है।टिप्पणियां इस फिल्म को उमंग कुमार निर्देशित करेंगे जबकि भंसाली इसके निर्माता होंगे। मैरी कॉम से जब पूछा गया कि वह किसी अभिनेत्री को अपनी भूमिका निभाते हुए देखना चाहती हैं तो उन्होंने कहा, मुझे इसके बारे में कुछ नहीं मालूम। निर्माता एवं निर्देशक इसके विषय में निर्णय लेंगे। वे सबसे अच्छे का चुनाव करेंगे। मैं उनकी कृतज्ञ हूं। मैरीकॉम ने कहा कि वह बॉलीवुड फिल्में देखती हैं, लेकिन नियमित तौर पर नहीं। फिल्म के बारे में उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि संजय जी मेरे जीवन पर फिल्म बना रहे हैं। पिछले साल निर्देशक उमंग ने मणिपुर में फिल्म के बारे में मुझसे मुलाकात की थी। मैं अत्यधिक आश्चर्यचकित थी। मैरीकॉम का मानना है कि यह फिल्म युवाओं को प्रेरित करेगी। इस फिल्म को उमंग कुमार निर्देशित करेंगे जबकि भंसाली इसके निर्माता होंगे। मैरी कॉम से जब पूछा गया कि वह किसी अभिनेत्री को अपनी भूमिका निभाते हुए देखना चाहती हैं तो उन्होंने कहा, मुझे इसके बारे में कुछ नहीं मालूम। निर्माता एवं निर्देशक इसके विषय में निर्णय लेंगे। वे सबसे अच्छे का चुनाव करेंगे। मैं उनकी कृतज्ञ हूं। मैरीकॉम ने कहा कि वह बॉलीवुड फिल्में देखती हैं, लेकिन नियमित तौर पर नहीं। फिल्म के बारे में उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि संजय जी मेरे जीवन पर फिल्म बना रहे हैं। पिछले साल निर्देशक उमंग ने मणिपुर में फिल्म के बारे में मुझसे मुलाकात की थी। मैं अत्यधिक आश्चर्यचकित थी। मैरीकॉम का मानना है कि यह फिल्म युवाओं को प्रेरित करेगी। मैरीकॉम ने कहा कि वह बॉलीवुड फिल्में देखती हैं, लेकिन नियमित तौर पर नहीं। फिल्म के बारे में उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि संजय जी मेरे जीवन पर फिल्म बना रहे हैं। पिछले साल निर्देशक उमंग ने मणिपुर में फिल्म के बारे में मुझसे मुलाकात की थी। मैं अत्यधिक आश्चर्यचकित थी। मैरीकॉम का मानना है कि यह फिल्म युवाओं को प्रेरित करेगी।
यहाँ एक सारांश है:फिल्मकार संजय लीला भंसाली मुक्केबाजी में पांच बार की विश्व चैम्पियन एवं लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम पर फिल्म बना रहे हैं।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बैंकों और आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (फॉरेक्स) में सोमवार के शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर की तुलना में रुपया तेज गिरावट के साथ 64.33 रुपये प्रति डॉलर तक चला गया। विदेशी विनमय बाजार में पिछले सप्ताहांत रुपया 63.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। आज सुबह रुपया डॉलर दर 63.65 पर खुलने के बाद 10:40 बजे तक 1.58 फीसद अथवा 100 पैसे की गिरावट के साथ 64.20 तक लुढ़क गया था।टिप्पणियां जानकारों का मानना है कि रुपये में अभी और गिरावट दर्ज की जाएगी। आयातकों द्वारा मांग बढ़ने की वजह से रुपये में यह गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले कई सत्रों से लगातार गिर रहे रुपये में शुक्रवार को डॉलर की तुलना में कुछ सुधार आया था। रिजर्व बैंग और वित्तमंत्रालय के कुछ कदमों के असर के परिणामस्वरूप रुपये में यह मजबूती देखी गई थी। विदेशी विनमय बाजार में पिछले सप्ताहांत रुपया 63.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। आज सुबह रुपया डॉलर दर 63.65 पर खुलने के बाद 10:40 बजे तक 1.58 फीसद अथवा 100 पैसे की गिरावट के साथ 64.20 तक लुढ़क गया था।टिप्पणियां जानकारों का मानना है कि रुपये में अभी और गिरावट दर्ज की जाएगी। आयातकों द्वारा मांग बढ़ने की वजह से रुपये में यह गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले कई सत्रों से लगातार गिर रहे रुपये में शुक्रवार को डॉलर की तुलना में कुछ सुधार आया था। रिजर्व बैंग और वित्तमंत्रालय के कुछ कदमों के असर के परिणामस्वरूप रुपये में यह मजबूती देखी गई थी। जानकारों का मानना है कि रुपये में अभी और गिरावट दर्ज की जाएगी। आयातकों द्वारा मांग बढ़ने की वजह से रुपये में यह गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले कई सत्रों से लगातार गिर रहे रुपये में शुक्रवार को डॉलर की तुलना में कुछ सुधार आया था। रिजर्व बैंग और वित्तमंत्रालय के कुछ कदमों के असर के परिणामस्वरूप रुपये में यह मजबूती देखी गई थी। पिछले कई सत्रों से लगातार गिर रहे रुपये में शुक्रवार को डॉलर की तुलना में कुछ सुधार आया था। रिजर्व बैंग और वित्तमंत्रालय के कुछ कदमों के असर के परिणामस्वरूप रुपये में यह मजबूती देखी गई थी।
सारांश: बैंकों और आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (फॉरेक्स) में सोमवार के शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर की तुलना में रुपया तेज गिरावट के साथ 64.33 रुपये प्रति डॉलर तक चला गया।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: ग्वालियर में 200 फीट गहरे बोरवेल में फंसे दो साल के बच्चे को 15 घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी बचाया नहीं जा सका। उस बचाने की कोशिश में लगे बचाव दल को सीसीटीवी कैमरे में बच्चे के पास एक सांप दिखा था।   मृतक बच्चा ग्वालियर के खेरिया गांव का रहने वाला अभय पचौरी है। घटना उस वक्त हुई जब वह अपनी दादी के साथ अपने खेत से वापस आ रहा था, अचानक उसका पैर फिसला और वह बोरवेल में गिर गया। अधिकारियों के मुताबिक बच्चा बोरवेल में 25-30 फीट की गहराई पर फंसा था। बच्चे के नीचे गिरते ही उसकी दादी ने आसपास के लोगों को घटना की सूचना दी, स्थानीय लोगों ने बच्चे को निकालने की कोशिश की, इस बीच पुलिस को सूचना दे दी गई। बच्चे के गिरने की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए और बॉर्डर सिक्यूरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों को रेस्क्यू अभियान की पूरी जिम्मेदारी दी गई।   बचाव दल ने बोरवेल के पास ही दूसरा गड्ढा खोदा और करीब 15 घंटे बाद बच्चे को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना की थी। उन्होंने लिखा, "बच्चे को निकालने के लिए बचाव दल द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टर मौके पर मौजूद हैं। मैं अभय की लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।"   बच्चे के नीचे गिरते ही उसकी दादी ने आसपास के लोगों को घटना की सूचना दी, स्थानीय लोगों ने बच्चे को निकालने की कोशिश की, इस बीच पुलिस को सूचना दे दी गई। बच्चे के गिरने की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए और बॉर्डर सिक्यूरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों को रेस्क्यू अभियान की पूरी जिम्मेदारी दी गई।   बचाव दल ने बोरवेल के पास ही दूसरा गड्ढा खोदा और करीब 15 घंटे बाद बच्चे को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना की थी। उन्होंने लिखा, "बच्चे को निकालने के लिए बचाव दल द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टर मौके पर मौजूद हैं। मैं अभय की लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।"   इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना की थी। उन्होंने लिखा, "बच्चे को निकालने के लिए बचाव दल द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टर मौके पर मौजूद हैं। मैं अभय की लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।"
संक्षिप्त पाठ: 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था दो साल का बच्चा। बोरवेल में 25-30 फीट की गहराई पर फंसा था बच्चा। 15 घंटे बाद बाहर निकाला गया बच्चा, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्व सरकारी दूरसंचार कम्पनी विदेश संचार निगम लिमिटेड (वीएसएनएल) को टाटा समूह को बेचे जाने से सम्बंधित मामलों की जांच दूरसंचार विभाग में अतिरिक्त सचिव एसआर राव करेंगे।  अधिकारियों के मुताबिक 2001 में वीएसएनएल का विनिवेश किए जाने के बाद अतिरिक्त भूमि को अलग करने में हुई देरी और सौदा हासिल करने में टाटा को मिले किसी अनुचित लाभ की जांच की जानी है। जांच रिपोर्ट 31 मार्च तक जमा की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि कम्पनी के पास नई दिल्ली, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में करीब 775 एकड़ अतिरिक्त भूमि है और सरकार ने इसका मूल्यांकन करने के लिए सलाहकारों को आमंत्रित भी किया था। टाटा समूह ने जांच का स्वागत किया है। समूह ने एक बयान जारी कर कहा कि वह ऐसी किसी भी जांच का स्वागत करता है, जिससे अतिरिक्त भूमि को अलग करने के काम में तेजी आए। समूह ने पहले भी कम्पनी और शेयरधारकों के हित में इसके लिए कई बार अनुरोध किया है। बयान में कहा गया कि टाटा समूह इस बात से पूरी तरह इनकार करता है कि टाटा ने अतिरिक्त भूमि से कोई लाभ उठाया है या लाभ उठाना चाहता है।
संक्षिप्त सारांश: वीएसएनएल को टाटा समूह को बेचे जाने से सम्बंधित मामलों की जांच दूरसंचार विभाग में अतिरिक्त सचिव एसआर राव करेंगे।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुत्री और कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी का कहना है कि अगर उत्तर प्रदेश में पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ता है तो इसकी जिम्मेदारी उनके भाई राहुल गांधी की होगी। अपने भाई राहुल और मां के चुनाव क्षेत्रों में प्रचार का जिम्मा संभाल रही प्रियंका ने रविवार को पत्रकारों से खुलकर बात करते हुए 2-जी मामले में विपक्ष के निशाने पर चल रहे केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम और प्रधानमंत्री का बचाव भी किया। प्रियंका ने रायबरेली में कहा, "मैं महसूस करती हूं कि बतौर गृहमंत्री उनकी (चिदम्बरम की) इस देश की जनता के प्रति व्यापक जिम्मेदारी है। मुझे दुख होता है, जब उन्हें कुछ लोगों की ऐसी आलोचना का जवाब देने में अपना समय ज़ाया करना पड़ता है, जो ऐसे मुद्दे नहीं हैं, जिनसे उन्हें निबटना है।" उन्होंने कहा कि केन्द्र की यूपीए सरकार पर हमले के संदर्भ में उन्हें ऐसा ही महसूस होता है। उन्होंने कहा, "मुझे दुख होता है कि सरकार को काम नहीं करने देने के लिए कितना समय बर्बाद किया जाता है, और इससे बहुमूल्य समय बेकार जाता है।"टिप्पणियां अपने भाई के विषय में प्रियंका ने साफ किया कि राहुल का लक्ष्य प्रधानमंत्री बनना नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि राहुल में प्रधानमंत्री बनने की काबिलियत है, लेकिन फिलहाल उनके पीएम बनने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि देश के पास मनमोहन सिंह के रूप में एक काबिल और ईमानदार प्रधानमंत्री मौजूद है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रियंका का कहना था कि पिछले 22 साल से उत्तर प्रदेश में मौकापरस्त सरकारें रही हैं, जो चुनाव के बाद जनता को भूल जाती हैं। एक अन्य दिलचस्प बयान में प्रियंका ने यह भी कबूल किया कि वह स्वयं एक 'बरसाती मेंढक' हैं, जो चुनाव के दौरान ही निकलती हैं। प्रियंका ने रायबरेली में कहा, "मैं महसूस करती हूं कि बतौर गृहमंत्री उनकी (चिदम्बरम की) इस देश की जनता के प्रति व्यापक जिम्मेदारी है। मुझे दुख होता है, जब उन्हें कुछ लोगों की ऐसी आलोचना का जवाब देने में अपना समय ज़ाया करना पड़ता है, जो ऐसे मुद्दे नहीं हैं, जिनसे उन्हें निबटना है।" उन्होंने कहा कि केन्द्र की यूपीए सरकार पर हमले के संदर्भ में उन्हें ऐसा ही महसूस होता है। उन्होंने कहा, "मुझे दुख होता है कि सरकार को काम नहीं करने देने के लिए कितना समय बर्बाद किया जाता है, और इससे बहुमूल्य समय बेकार जाता है।"टिप्पणियां अपने भाई के विषय में प्रियंका ने साफ किया कि राहुल का लक्ष्य प्रधानमंत्री बनना नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि राहुल में प्रधानमंत्री बनने की काबिलियत है, लेकिन फिलहाल उनके पीएम बनने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि देश के पास मनमोहन सिंह के रूप में एक काबिल और ईमानदार प्रधानमंत्री मौजूद है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रियंका का कहना था कि पिछले 22 साल से उत्तर प्रदेश में मौकापरस्त सरकारें रही हैं, जो चुनाव के बाद जनता को भूल जाती हैं। एक अन्य दिलचस्प बयान में प्रियंका ने यह भी कबूल किया कि वह स्वयं एक 'बरसाती मेंढक' हैं, जो चुनाव के दौरान ही निकलती हैं। अपने भाई के विषय में प्रियंका ने साफ किया कि राहुल का लक्ष्य प्रधानमंत्री बनना नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि राहुल में प्रधानमंत्री बनने की काबिलियत है, लेकिन फिलहाल उनके पीएम बनने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि देश के पास मनमोहन सिंह के रूप में एक काबिल और ईमानदार प्रधानमंत्री मौजूद है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रियंका का कहना था कि पिछले 22 साल से उत्तर प्रदेश में मौकापरस्त सरकारें रही हैं, जो चुनाव के बाद जनता को भूल जाती हैं। एक अन्य दिलचस्प बयान में प्रियंका ने यह भी कबूल किया कि वह स्वयं एक 'बरसाती मेंढक' हैं, जो चुनाव के दौरान ही निकलती हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रियंका का कहना था कि पिछले 22 साल से उत्तर प्रदेश में मौकापरस्त सरकारें रही हैं, जो चुनाव के बाद जनता को भूल जाती हैं। एक अन्य दिलचस्प बयान में प्रियंका ने यह भी कबूल किया कि वह स्वयं एक 'बरसाती मेंढक' हैं, जो चुनाव के दौरान ही निकलती हैं।
संक्षिप्त सारांश: प्रियंका ने पत्रकारों से बात करते हुए 2-जी मामले में विपक्ष के निशाने पर चल रहे केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम और प्रधानमंत्री का बचाव भी किया।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: कोई भी शहरी परिवार जिसके पास कार, एयर कंडीशनर और इंटरनेट कनेक्शन के साथ लैपटॉप व कंप्यूटर जैसी कोई भी सुविधा है उसे गरीब नहीं माना जाना चाहिए। योजना आयोग द्वारा नियुक्त एक विशेषज्ञ समूह ने कहा है कि इस तरह के परिवार स्वत: गरीबों की सूची से बाहर हो जाने चाहिए। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एसआर हाशिम की अगुवाई वाले विशेषज्ञ समूह को शहरी गरीबों की पहचान के तौर तरीकों के बारे में दिए अपने सुझाव में यह बात कही है। विशेषज्ञ समूह ने यह भी कहा है कि एक तरीका यह भी हो सकता है कि ऐसे परिवार जिनके पास रेफ्रिजरेटर, दोपहिया, लैंडलाइन फोन या वॉशिंग मशीन इन चार में से कोई भी तीन चीजें है तो उसे भी गरीब नहीं माना जाना चाहिए। समूह ने सुझाव दिया है कि सरकार को शहरी गरीबों की पहचान के लिए तीन स्तरीय मानदंड अपनाने चाहिए। पहला मानदंड जिसके आधार पर शहरी परिवार अपने आप ही गरीबों की सूची से बाहर हो जाएंगे, दूसरा अपने आप ही शामिल मानें जाएंगे और तीसरा एक सामाजिक स्कोर सूचकांक का सुझाव दिया गया है। योजना आयोग ने विशेषज्ञ समूह का गठन 13 मई, 2010 को किया था। समूह को शहरों में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों की पहचान का तरीका सुझाना था।टिप्पणियां समिति के अनुसार ऐसे परिवार जिनके पास उल्लेख वाली संपत्तियों हैं उन्हें अपने आप ही गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की श्रेणी से अलग कर दिया जाना चाहिए। ऐसे परिवार जिनके पास घर नहीं है और समाज और जीविका से वंचित है उन्हें अपनेआप ही गरीबी की श्रेणी में मान लिया जाना चाहिए। समिति ने इन श्रेणियों की पहचान के लिए कई तरह के सुझाव अपनी रिपोर्ट में दिए हैं। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एसआर हाशिम की अगुवाई वाले विशेषज्ञ समूह को शहरी गरीबों की पहचान के तौर तरीकों के बारे में दिए अपने सुझाव में यह बात कही है। विशेषज्ञ समूह ने यह भी कहा है कि एक तरीका यह भी हो सकता है कि ऐसे परिवार जिनके पास रेफ्रिजरेटर, दोपहिया, लैंडलाइन फोन या वॉशिंग मशीन इन चार में से कोई भी तीन चीजें है तो उसे भी गरीब नहीं माना जाना चाहिए। समूह ने सुझाव दिया है कि सरकार को शहरी गरीबों की पहचान के लिए तीन स्तरीय मानदंड अपनाने चाहिए। पहला मानदंड जिसके आधार पर शहरी परिवार अपने आप ही गरीबों की सूची से बाहर हो जाएंगे, दूसरा अपने आप ही शामिल मानें जाएंगे और तीसरा एक सामाजिक स्कोर सूचकांक का सुझाव दिया गया है। योजना आयोग ने विशेषज्ञ समूह का गठन 13 मई, 2010 को किया था। समूह को शहरों में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों की पहचान का तरीका सुझाना था।टिप्पणियां समिति के अनुसार ऐसे परिवार जिनके पास उल्लेख वाली संपत्तियों हैं उन्हें अपने आप ही गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की श्रेणी से अलग कर दिया जाना चाहिए। ऐसे परिवार जिनके पास घर नहीं है और समाज और जीविका से वंचित है उन्हें अपनेआप ही गरीबी की श्रेणी में मान लिया जाना चाहिए। समिति ने इन श्रेणियों की पहचान के लिए कई तरह के सुझाव अपनी रिपोर्ट में दिए हैं। समूह ने सुझाव दिया है कि सरकार को शहरी गरीबों की पहचान के लिए तीन स्तरीय मानदंड अपनाने चाहिए। पहला मानदंड जिसके आधार पर शहरी परिवार अपने आप ही गरीबों की सूची से बाहर हो जाएंगे, दूसरा अपने आप ही शामिल मानें जाएंगे और तीसरा एक सामाजिक स्कोर सूचकांक का सुझाव दिया गया है। योजना आयोग ने विशेषज्ञ समूह का गठन 13 मई, 2010 को किया था। समूह को शहरों में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों की पहचान का तरीका सुझाना था।टिप्पणियां समिति के अनुसार ऐसे परिवार जिनके पास उल्लेख वाली संपत्तियों हैं उन्हें अपने आप ही गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की श्रेणी से अलग कर दिया जाना चाहिए। ऐसे परिवार जिनके पास घर नहीं है और समाज और जीविका से वंचित है उन्हें अपनेआप ही गरीबी की श्रेणी में मान लिया जाना चाहिए। समिति ने इन श्रेणियों की पहचान के लिए कई तरह के सुझाव अपनी रिपोर्ट में दिए हैं। योजना आयोग ने विशेषज्ञ समूह का गठन 13 मई, 2010 को किया था। समूह को शहरों में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों की पहचान का तरीका सुझाना था।टिप्पणियां समिति के अनुसार ऐसे परिवार जिनके पास उल्लेख वाली संपत्तियों हैं उन्हें अपने आप ही गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की श्रेणी से अलग कर दिया जाना चाहिए। ऐसे परिवार जिनके पास घर नहीं है और समाज और जीविका से वंचित है उन्हें अपनेआप ही गरीबी की श्रेणी में मान लिया जाना चाहिए। समिति ने इन श्रेणियों की पहचान के लिए कई तरह के सुझाव अपनी रिपोर्ट में दिए हैं। समिति के अनुसार ऐसे परिवार जिनके पास उल्लेख वाली संपत्तियों हैं उन्हें अपने आप ही गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की श्रेणी से अलग कर दिया जाना चाहिए। ऐसे परिवार जिनके पास घर नहीं है और समाज और जीविका से वंचित है उन्हें अपनेआप ही गरीबी की श्रेणी में मान लिया जाना चाहिए। समिति ने इन श्रेणियों की पहचान के लिए कई तरह के सुझाव अपनी रिपोर्ट में दिए हैं। समिति ने इन श्रेणियों की पहचान के लिए कई तरह के सुझाव अपनी रिपोर्ट में दिए हैं।
कोई भी शहरी परिवार जिसके पास कार, एयर कंडीशनर और इंटरनेट कनेक्शन के साथ लैपटॉप व कंप्यूटर जैसी कोई भी सुविधा है उसे गरीब नहीं माना जाना चाहिए।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक जड़ने वाले रिकॉर्ड के बादशाह सचिन तेंदुलकर रविवार को विश्व कप में भी सबसे अधिक सैकड़े जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए। तेंदुलकर ने इंग्लैंड के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम में 120 रन की लाजवाब पारी खेली जो विश्व कप में उनका पांचवां शतक है। इस तरह से उन्होंने हमवतन सौरव गांगुली तथा ऑस्ट्रेलियाई रिकी पोंटिंग और मार्क वा को पीछे छोड़ा जिनके नाम पर चार-चार शतक दर्ज हैं। वन डे में दोहरा शतक जड़ने वाले एकमात्र बल्लेबाज तेंदुलकर ने विश्व कप में अपना पहला शतक 1996 में कीनिया के खिलाफ कटक में बनाया था। तब उन्होंने नाबाद 127 रन की पारी खेली थी। इसके बाद उन्होंने उसी विश्व कप में दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 137 रन की पारी भी खेली थी जो उस समय उनका सर्वाधिक एकदिवसीय स्कोर भी था। तेंदुलकर ने 1999 विश्व कप में अपने पिता रमेश तेंदुलकर के अंतिम संस्कार में भाग लेकर वापस इंग्लैंड लौटने के बाद कीनिया के खिलाफ नाबाद 140 रन बनाये थे जबकि 2003 में उन्होंने नामीबिया के गेंदबाजों पर बरसते हुए 152 रन की लाजवाब पारी खेली थी जो विश्व कप में उनका सर्वाधिक स्कोर भी है। तेंदुलकर विश्व कप में 2000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बनने के करीब भी पहुंच गए हैं। उनके नाम पर अब 38 मैच में 1944 रन दर्ज हैं। तेंदुलकर ने अपनी 120 रन की पारी के दौरान पांच छक्के भी लगाये और इस तरह से एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के जड़ने के गांगुली के भारतीय रिकार्ड की भी बराबरी की। इन दोनों के नाम पर अब 190 छक्के दर्ज हैं।
यहाँ एक सारांश है:टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक जड़ने वाले तेंदुलकर विश्वकप में भी सबसे अधिक सैकड़े जड़ने वाले बल्लेबाज बने।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में जुहू इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जब एक महिला ने उस समय फांसी लगा ली, जब वह अपने पति से वेबकैम पर चैट कर रही थी, और पति देखता रह गया।टिप्पणियां बताया गया है कि नेहरू नगर की झुग्गियों में रहने वाली 27-वर्षीय शोभना और उसके पति स्वप्निल बुधवार शाम को आपस में वेबकैम पर चैट कर रहे थे और देखते ही देखते शोभना ने पंखे से लटककर जान दे दी। स्वप्निल ने तुरन्त शोभना की बहन को इसकी सूचना दी, लेकिन जब तक वह पहुंची, काफी देर हो चुकी थी। दरअसल, शोभना और स्वप्निल ने वर्ष 2012 में परिवार वालों से छिपकर कोर्ट में शादी कर ली थी, लेकिन वह अपने मां-बाप के घर में रहती रही। बाद में घरवालों को पता चल गया और उसके बाद दोनों के परिजनों ने सबके सामने दोबारा शादी करने के लिए रजामंदी दे दी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद लड़के वालों ने दहेज मांगना शुरू कर दिया, जिससे तनाव पैदा हो गया। जुहू पुलिस ने फिलहाल खुदकुशी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पुलिस ने शोभना का लैपटॉप जांच के लिए जब्त कर लिया है। बताया गया है कि नेहरू नगर की झुग्गियों में रहने वाली 27-वर्षीय शोभना और उसके पति स्वप्निल बुधवार शाम को आपस में वेबकैम पर चैट कर रहे थे और देखते ही देखते शोभना ने पंखे से लटककर जान दे दी। स्वप्निल ने तुरन्त शोभना की बहन को इसकी सूचना दी, लेकिन जब तक वह पहुंची, काफी देर हो चुकी थी। दरअसल, शोभना और स्वप्निल ने वर्ष 2012 में परिवार वालों से छिपकर कोर्ट में शादी कर ली थी, लेकिन वह अपने मां-बाप के घर में रहती रही। बाद में घरवालों को पता चल गया और उसके बाद दोनों के परिजनों ने सबके सामने दोबारा शादी करने के लिए रजामंदी दे दी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद लड़के वालों ने दहेज मांगना शुरू कर दिया, जिससे तनाव पैदा हो गया। जुहू पुलिस ने फिलहाल खुदकुशी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पुलिस ने शोभना का लैपटॉप जांच के लिए जब्त कर लिया है। दरअसल, शोभना और स्वप्निल ने वर्ष 2012 में परिवार वालों से छिपकर कोर्ट में शादी कर ली थी, लेकिन वह अपने मां-बाप के घर में रहती रही। बाद में घरवालों को पता चल गया और उसके बाद दोनों के परिजनों ने सबके सामने दोबारा शादी करने के लिए रजामंदी दे दी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद लड़के वालों ने दहेज मांगना शुरू कर दिया, जिससे तनाव पैदा हो गया। जुहू पुलिस ने फिलहाल खुदकुशी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पुलिस ने शोभना का लैपटॉप जांच के लिए जब्त कर लिया है।
मुंबई में जुहू इलाके के नेहरू नगर में रहने वाले शोभना और उसका पति स्वप्निल आपस में वेबकैम पर बात कर रहे थे और देखते−देखते शोभना ने पंखे से लटककर जान दे दी।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: CBSE 10वीं और 12वीं की परीक्षा का एडमिट कार्ड (CBSE Admit Card) जारी कर चुका है. सीबीएसई (CBSE Board) की परीक्षाएं नजदीक हैं, ऐसे में कई स्टूडेंट्स तैयारी के चलते तनाव में हैं. परीक्षा में तनाव के कई कारण हो सकते हैं जैसे बहुत सारा सिलेबस याद करना होता है, परीक्षा में आने वाले सवालों को लेकर हमेशा अनिश्चतता बनी रहती है. लेकिन तनाव लेने से कुछ नहीं होगा, बल्कि आपने जितना पढ़ा है आप वो भी भूल जाएंगे. ऐसे में स्टूडेंट्स को हसते खेलते परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए. कई बार हम तैयारी तो पूरी करते हैं, लेकिन फिर भी परीक्षा में अच्छे नंबर हासिल नहीं कर सकते है. क्योंकि कुछ न कुछ हमारी तैयारी में छूट ही जाता है. लेकिन आज हम आपको परीक्षा की तैयारी के लिए 5 टिप्स दे रहे हैं, जिनको फॉलों कर आप 90 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल कर सकते हैं.    पढ़ाई छोड़ PUBG खेल रहे लोग इन 5 स्टेप्स से छोड़ें गेमिंग की लत आपको बता दें कि 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 3 अप्रैल तक चलेगी. जबकि 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 29 मार्च तक होगी.
संक्षिप्त पाठ: परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होगी. एडमिट कार्ड जारी हो चुका है. 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 29 मार्च तक होगी.
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र सरकार ने अभिनेता आमिर खान से कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए मदद मांगी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुरेश शेट्टी ने आमिर खान के टीवी शो सत्यमेव जयते कार्यक्रम में महिला भ्रूण हत्या का मामला उठने के बाद एक खत लिखा है।टिप्पणियां इस खत में कहा गया है की ऐसी हत्याएं रोकने के लिए सरकार के उठाए गए कदम कारगर साबित नहीं हो रहे हैं, इसलिए आमिर अगर राज्य सरकार की मुहिम में मदद करेंगे, तो उसे और बल मिलेगा। महाराष्ट्र सरकार की गुजारिश पर अभी आमिर की प्रतिक्रिया नहीं आई है। उधर, हरियाणा के अंबाला में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए आमिर खान के टीवी शो सत्यमेव जयते का सहारा लिया जा रहा है। यहां स्वास्थ्य विभाग उन इलाकों की महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश देने वाला एपिसोड दिखा रहा है, जहां लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले कम है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि ऐसा करने से कन्या भ्रूण हत्या रोकने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इस अपराध को अंजाम देने वालों की जानकारी भी मिल सकेगी। इस काम के लिए आंगनबाड़ी और कुछ एनजीओ की भी मदद ली जा रही है। बराड़ा कस्बे में शो देखने के बाद जागरूक हुईं महिलाओं ने एक रैली भी निकाली। इस खत में कहा गया है की ऐसी हत्याएं रोकने के लिए सरकार के उठाए गए कदम कारगर साबित नहीं हो रहे हैं, इसलिए आमिर अगर राज्य सरकार की मुहिम में मदद करेंगे, तो उसे और बल मिलेगा। महाराष्ट्र सरकार की गुजारिश पर अभी आमिर की प्रतिक्रिया नहीं आई है। उधर, हरियाणा के अंबाला में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए आमिर खान के टीवी शो सत्यमेव जयते का सहारा लिया जा रहा है। यहां स्वास्थ्य विभाग उन इलाकों की महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश देने वाला एपिसोड दिखा रहा है, जहां लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले कम है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि ऐसा करने से कन्या भ्रूण हत्या रोकने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इस अपराध को अंजाम देने वालों की जानकारी भी मिल सकेगी। इस काम के लिए आंगनबाड़ी और कुछ एनजीओ की भी मदद ली जा रही है। बराड़ा कस्बे में शो देखने के बाद जागरूक हुईं महिलाओं ने एक रैली भी निकाली। उधर, हरियाणा के अंबाला में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए आमिर खान के टीवी शो सत्यमेव जयते का सहारा लिया जा रहा है। यहां स्वास्थ्य विभाग उन इलाकों की महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश देने वाला एपिसोड दिखा रहा है, जहां लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले कम है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि ऐसा करने से कन्या भ्रूण हत्या रोकने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इस अपराध को अंजाम देने वालों की जानकारी भी मिल सकेगी। इस काम के लिए आंगनबाड़ी और कुछ एनजीओ की भी मदद ली जा रही है। बराड़ा कस्बे में शो देखने के बाद जागरूक हुईं महिलाओं ने एक रैली भी निकाली।
सारांश: महाराष्ट्र के स्वास्थ्यमंत्री सुरेश शेट्टी ने कहा है कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने के कदम कारगर साबित नहीं हो रहे हैं, इसलिए आमिर अगर राज्य सरकार की मुहिम में मदद करेंगे, तो उसे बल मिलेगा।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईसीसी चैम्पियन्स ट्राफी के वर्षा से प्रभावित मैच में पाकिस्तान पर आठ विकेट की आसान जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया। धोनी ने पाकिस्तान पर आठ विकेट की जीत के बाद कहा, ‘पूरी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। खेल के तीनों विभागों में हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है। फिलहाल क्षेत्ररक्षण के मामले में हम दुनिया की नंबर एक टीम हैं और हमें यह जज्बा बरकरार रखने की जरूरत है।’टिप्पणियां मैच में 19 रन पर दो विकेट चटकाकर 'मैच आफ द मैच' बने तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की तारीफ करते हुए धोनी ने कहा, ‘भुवेनश्वर की गेंदों में काफी गति नहीं है लेकिन वह सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करती है और गेंद को स्विंग कराता है। वह हमें शुरुआत में सफलता दिलाता है जिससे बाकी गेंदबाजों को मदद मिलती है।’ भारत के मध्य क्रम के बल्लेबाजों को तीन ग्रुप मैचों में अधिक मौका नहीं मिला लेकिन धोनी इसे लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘ग्रुप मैचों से पहले दो अभ्यास मैचों में हमारे मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। निचले मध्य क्रम में मैं, रविंद्र जडेजा और सुरेश रैना काफी लंबे समय से खेल रहे हैं। रैना को हालांकि सेमीफाइनल से पहले नेट पर कुछ समय बिताने की जरूरत है।’ धोनी ने पाकिस्तान पर आठ विकेट की जीत के बाद कहा, ‘पूरी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। खेल के तीनों विभागों में हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है। फिलहाल क्षेत्ररक्षण के मामले में हम दुनिया की नंबर एक टीम हैं और हमें यह जज्बा बरकरार रखने की जरूरत है।’टिप्पणियां मैच में 19 रन पर दो विकेट चटकाकर 'मैच आफ द मैच' बने तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की तारीफ करते हुए धोनी ने कहा, ‘भुवेनश्वर की गेंदों में काफी गति नहीं है लेकिन वह सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करती है और गेंद को स्विंग कराता है। वह हमें शुरुआत में सफलता दिलाता है जिससे बाकी गेंदबाजों को मदद मिलती है।’ भारत के मध्य क्रम के बल्लेबाजों को तीन ग्रुप मैचों में अधिक मौका नहीं मिला लेकिन धोनी इसे लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘ग्रुप मैचों से पहले दो अभ्यास मैचों में हमारे मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। निचले मध्य क्रम में मैं, रविंद्र जडेजा और सुरेश रैना काफी लंबे समय से खेल रहे हैं। रैना को हालांकि सेमीफाइनल से पहले नेट पर कुछ समय बिताने की जरूरत है।’ मैच में 19 रन पर दो विकेट चटकाकर 'मैच आफ द मैच' बने तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की तारीफ करते हुए धोनी ने कहा, ‘भुवेनश्वर की गेंदों में काफी गति नहीं है लेकिन वह सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करती है और गेंद को स्विंग कराता है। वह हमें शुरुआत में सफलता दिलाता है जिससे बाकी गेंदबाजों को मदद मिलती है।’ भारत के मध्य क्रम के बल्लेबाजों को तीन ग्रुप मैचों में अधिक मौका नहीं मिला लेकिन धोनी इसे लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘ग्रुप मैचों से पहले दो अभ्यास मैचों में हमारे मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। निचले मध्य क्रम में मैं, रविंद्र जडेजा और सुरेश रैना काफी लंबे समय से खेल रहे हैं। रैना को हालांकि सेमीफाइनल से पहले नेट पर कुछ समय बिताने की जरूरत है।’ भारत के मध्य क्रम के बल्लेबाजों को तीन ग्रुप मैचों में अधिक मौका नहीं मिला लेकिन धोनी इसे लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘ग्रुप मैचों से पहले दो अभ्यास मैचों में हमारे मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। निचले मध्य क्रम में मैं, रविंद्र जडेजा और सुरेश रैना काफी लंबे समय से खेल रहे हैं। रैना को हालांकि सेमीफाइनल से पहले नेट पर कुछ समय बिताने की जरूरत है।’
यह एक सारांश है: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईसीसी चैम्पियन्स ट्राफी के वर्षा से प्रभावित मैच में पाकिस्तान पर आठ विकेट की आसान जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: साल 2011 में टीम इंडिया ने जिस खिलाड़ी की अगुवाई में विश्वकप जीता था आज उसका जन्मदिन है....हम बात कर रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी की. धोनी माने एक ऐसा खिलाड़ी जिसके बारे में उनके फैन्स कहते हैं कि अगर वह पत्थर पर ही हाथ रख दे तो वह सोना हो जाता है. कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी ने जब टीम इंडिया में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी तो उनके खेलने का अंदाज बेहद अलग था. वह बहुत ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी करते थे और चौकों-छक्कों की बरसात कर देते थे. धोनी की बल्लेबाजी परंपरागत बल्लेबाजों से एकदम अलग है और वह क्रिकेट की किताब में लिखे शॉट कम अपने ईजाद की हुई तकनीकी का इस्तेमाल करते हैं. श्रीलंका के खिलाफ जब उन्होंने 183 रनों की पारी खेली तो ऐसा लगा कि इस बल्लेबाज के आगे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी भी बेकार है. उन्होंने इस मैच में चमिंडा वास जैसे गेंदबाज की जमकर पिटाई की थी. उनकी क्षमता को देखते हुए सौरव गांगुली के बाद उन्हें टीम इंडिया की कप्तानी सौंप दी गई और उनकी अगुवाई में टीम ने 2007 का टी-20 विश्वकप चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को हराकर जीत लिया. इसके बाद तो धोनी क्रिकेट जगत के सबसे बड़े सितारे बनते चले गए. हालांकि कप्तानी के बाद उनकी बल्लेबाजी में बदलाव आ गया और वह धुआंधार खेलने के बजाए संभलकर मैच जिताऊ पारियां खेलने लगे. कप्तान के रूप में जो भी फैसला लेते वह मैदान में सही साबित होता. धोनी एक के बाद एक टूर्नामेंट जीतते चले गए. फिर साल 2011 में क्रिकेट विश्वकप आया.  टीम इंडिया सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान, आशीष नेहरा जैसे सितारों से सजी थी और उसके कप्तान थे महेंद्र सिंह धोनी. आस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में हराकर टीम इंडिया श्रीलंका खिलाफ फाइनल खेलने उतरी थी. पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने 274 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया था जिसमें महेला जयवर्धने नाबाद शतक लगाया. लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने पहले वीरेंद्र सहवाग और फिर सचिन का तेंदुलकर का विकेट खो दिया....पूरे स्टेडियम में सन्नाटा छा गया...ऐसा लगा 28 सालों बाद विश्वकप जीतने का सपना अधूरा रह जाएगा....इसी बीच गौतम गंभीर और विराट कोहली मैदान में थे...दोनों श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना कर रहे थे....दुनिया भर में करोड़ों लोग टीवी के आगे चिपके थे...तभी एक और विकेट गिर गया....विराट कोहली आउट हो गए.....इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने किया चौंका देने वाला फैसला युवराज को भेजने के बजाए महेंद्र सिंह धोनी ने खुद बल्ला संभाला और मैदान में उतर गए....एक बार तो यह लगा कि धोनी ने यह गलत फैसला कर लिया क्योंकि युवराज सिंह फुलफॉर्म में थे और कई मैच टूर्नामेंट में जीता चुके थे. लेकिन धोनी ने फैसले को गलत नहीं साबित होने दिया और 91 रनों की पारी खेली. इसके बाद छक्का मारकर टीम इंडिया को विश्वकप जिता दिया. इस मैच में गौतम गंभीर ने भी 97 रनों की पारी खेली थी. मैच के बाद कई लोगों के मन में यही सवाल था कि आखिक चौथे नंबर पर उतरने का फैसला किसका धोनी का था या फिर उनको किसी ने सलाह दी थी. इस बात का खुलासा वीरेंद्र सहवाग ने शनिवार को टीम इंडिया और श्रीलंका के अंतिम लीग मैच की कमेंट्री दौरान किया. उन्होंने बताया कि यह सलाह सचिन तेंदुलकर ने दी थी. तेंदुलकर उनसे कहा कि अगर लेफ्ट हैंड बल्लेबाज हो तो उसकी लेफ्ट हैंड वाला या राइट हैंड बल्लेबाज आउट हो तो उसकी जगह राइट हैंड वाला बल्लेबाज जाए. सहवाग ने कहा कि मैंने तेंदुलकर से कहा यह बात आप ही बोलिए...फिर मैंने उनको कहने पर कोच गौरी कस्टर्न को यह बताई और फिर धोनी भी यह बात मान गए. नतीजा सबके सामने था.
संक्षिप्त सारांश: धोनी एक के बाद एक टूर्नामेंट जीतते चले गए 2011 में सचिन ने दी थी धोनी को पहले उतरने की सलाह कप्तान के रूप में धोनी के ज्‍यादातर फैसले सही साबित हुए
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के एक अधिकारी को एक खनन परियोजना को मंजूरी देने के लिए सात लाख रुपये लेते गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक अधिकारी ने यह जानकारी गुरुवार को दी। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान मंत्रालय में उपनिदेशक नीरज कुमार (45) के रूप में की गई है। उन्हें बुधवार को दक्षिणी दिल्ली के महरौली इलाके से भुवनेश्वर के रहने वाले चंदन नामक एक एजेंट से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। एजेंट को भी गिरफ्तार किया गया है।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा, "गुप्त सूचना के आधार पर नीरज कुमार को एक कार में रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ और हरियाणा स्थित उनके चार फ्लैटों में तलाशी के दौरान एक करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। कुमार के गुड़गांव में दो और रोहतक तथा सोनीपत में एक-एक फ्लैट है।" अधिकारी के अनुसार, नीरज कुमार खनन परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति का बंदोबस्त करने के लिए रिश्वत लिया करते थे। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान मंत्रालय में उपनिदेशक नीरज कुमार (45) के रूप में की गई है। उन्हें बुधवार को दक्षिणी दिल्ली के महरौली इलाके से भुवनेश्वर के रहने वाले चंदन नामक एक एजेंट से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। एजेंट को भी गिरफ्तार किया गया है।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा, "गुप्त सूचना के आधार पर नीरज कुमार को एक कार में रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ और हरियाणा स्थित उनके चार फ्लैटों में तलाशी के दौरान एक करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। कुमार के गुड़गांव में दो और रोहतक तथा सोनीपत में एक-एक फ्लैट है।" अधिकारी के अनुसार, नीरज कुमार खनन परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति का बंदोबस्त करने के लिए रिश्वत लिया करते थे। अधिकारी ने कहा, "गुप्त सूचना के आधार पर नीरज कुमार को एक कार में रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ और हरियाणा स्थित उनके चार फ्लैटों में तलाशी के दौरान एक करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। कुमार के गुड़गांव में दो और रोहतक तथा सोनीपत में एक-एक फ्लैट है।" अधिकारी के अनुसार, नीरज कुमार खनन परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति का बंदोबस्त करने के लिए रिश्वत लिया करते थे। अधिकारी के अनुसार, नीरज कुमार खनन परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति का बंदोबस्त करने के लिए रिश्वत लिया करते थे।
संक्षिप्त पाठ: पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के एक अधिकारी को एक खनन परियोजना को मंजूरी देने के लिए सात लाख रुपये लेते गिरफ्तार किया गया। सीबीआई के एक अधिकारी ने यह जानकारी गुरुवार को दी।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान दिलीप वेंगसरकर और अजित वाडेकर ने बुधवार को मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का बचाव किया जिन्हें टीम के खराब प्रदर्शन को लेकर काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। वेंगसरकर, अजित वाडेकर के साथ शहर के स्पोर्ट्स क्लब के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। वेंगसरकर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस समय केवल धोनी ही फॉर्म में हैं। उसे बरकरार रहना चाहिए। भारत के पास कोई विकल्प नहीं है।’’ पाकिस्तान के प्रदर्शन के बारे में वेंगसरकर ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी टीम काफी अच्छा खेली। मुझे लगता है कि वे खेल के सभी विभागों में काफी अच्छा खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत को काफी सुधार की जरूरत है क्योंकि इंग्लैंड के साथ आगामी मैच काफी महत्वपूर्ण हैं।’’ भारतीय कोच डंकन फ्लेचर को ‘औसत से कम’ करार करते हुए उन्होंने कहा कि टीम तब से ही हार रही है जब से जिम्बाब्वे का यह कोच टीम से जुड़ा है। चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष वेंगसरकर ने भारतीय टीम की हालिया असफलताओं के लिए अत्यधिक क्रिकेट को भी एक कारण माना।टिप्पणियां वेंगसरकर ने कहा, ‘‘कुछ हद तक अत्यधिक मैच जैसे विश्व कप, टेस्ट, वन-डे और टी20 भी इसके लिये जिम्मेदार हैं।’’ वाडेकर ने भी धोनी की उनके प्रदर्शन के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘उसने कई मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है।’’ एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भी यहां इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। वेंगसरकर, अजित वाडेकर के साथ शहर के स्पोर्ट्स क्लब के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। वेंगसरकर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस समय केवल धोनी ही फॉर्म में हैं। उसे बरकरार रहना चाहिए। भारत के पास कोई विकल्प नहीं है।’’ पाकिस्तान के प्रदर्शन के बारे में वेंगसरकर ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी टीम काफी अच्छा खेली। मुझे लगता है कि वे खेल के सभी विभागों में काफी अच्छा खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत को काफी सुधार की जरूरत है क्योंकि इंग्लैंड के साथ आगामी मैच काफी महत्वपूर्ण हैं।’’ भारतीय कोच डंकन फ्लेचर को ‘औसत से कम’ करार करते हुए उन्होंने कहा कि टीम तब से ही हार रही है जब से जिम्बाब्वे का यह कोच टीम से जुड़ा है। चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष वेंगसरकर ने भारतीय टीम की हालिया असफलताओं के लिए अत्यधिक क्रिकेट को भी एक कारण माना।टिप्पणियां वेंगसरकर ने कहा, ‘‘कुछ हद तक अत्यधिक मैच जैसे विश्व कप, टेस्ट, वन-डे और टी20 भी इसके लिये जिम्मेदार हैं।’’ वाडेकर ने भी धोनी की उनके प्रदर्शन के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘उसने कई मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है।’’ एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भी यहां इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘‘भारत को काफी सुधार की जरूरत है क्योंकि इंग्लैंड के साथ आगामी मैच काफी महत्वपूर्ण हैं।’’ भारतीय कोच डंकन फ्लेचर को ‘औसत से कम’ करार करते हुए उन्होंने कहा कि टीम तब से ही हार रही है जब से जिम्बाब्वे का यह कोच टीम से जुड़ा है। चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष वेंगसरकर ने भारतीय टीम की हालिया असफलताओं के लिए अत्यधिक क्रिकेट को भी एक कारण माना।टिप्पणियां वेंगसरकर ने कहा, ‘‘कुछ हद तक अत्यधिक मैच जैसे विश्व कप, टेस्ट, वन-डे और टी20 भी इसके लिये जिम्मेदार हैं।’’ वाडेकर ने भी धोनी की उनके प्रदर्शन के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘उसने कई मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है।’’ एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भी यहां इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष वेंगसरकर ने भारतीय टीम की हालिया असफलताओं के लिए अत्यधिक क्रिकेट को भी एक कारण माना।टिप्पणियां वेंगसरकर ने कहा, ‘‘कुछ हद तक अत्यधिक मैच जैसे विश्व कप, टेस्ट, वन-डे और टी20 भी इसके लिये जिम्मेदार हैं।’’ वाडेकर ने भी धोनी की उनके प्रदर्शन के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘उसने कई मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है।’’ एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भी यहां इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। वेंगसरकर ने कहा, ‘‘कुछ हद तक अत्यधिक मैच जैसे विश्व कप, टेस्ट, वन-डे और टी20 भी इसके लिये जिम्मेदार हैं।’’ वाडेकर ने भी धोनी की उनके प्रदर्शन के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘उसने कई मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है।’’ एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भी यहां इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘‘उसने कई मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है।’’ एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भी यहां इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान दिलीप वेंगसरकर और अजित वाडेकर ने बुधवार को मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का बचाव किया जिन्हें टीम के खराब प्रदर्शन को लेकर काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबी के खिलाफ जंग के लिए शनिवार को नए नारे की घोषणा किए जाने की संभावना है. यह कांग्रेस के जमाने में इंदिरा गांधी के प्रसिद्ध ''गरीबी हटाओ'' की जगह पर पेश किया जाएगा. वह केरल के इस शहर में वह बीजेपी के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे जहां रविवार को आयोजित होने जा रही पार्टी की राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक में शीर्ष नेता शिरकत करेंगे. दरअसल उत्‍तर प्रदेश, पंजाब और उत्‍तराखंड के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी के शीर्ष नेताओं का मानना है कि पार्टी को गरीबी के खिलाफ जंग की अगुआई करते दिखने चाहिए. 1970 के दशक में कांग्रेस शासन के दौर में इंदिरा गांधी के ''गरीबी हटाओ'' नारे के साथ ही काफी वर्षों तक कांग्रेस इस मुहिम की अगुआई करती रही. अब बीजेपी का मानना है कि कांग्रेस उस पोजीशन से हट गई है और उस स्‍थान की भरपाई अब पीएम मोदी करना चाहते हैं. उल्‍लेखनीय है कि इस साल की शुरुआत में ही बीजेपी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए गरीबी हटाने के मकसद वाली कई प्रमुख योजनाओं की घोषणा की. इसे कांग्रेस के नेतृत्‍व में विपक्ष के बीजेपी पर गरीब विरोधी, कारपोरेट समर्थक होने के आरोपों के जवाब के रूप में देखा गया. नया गरीबी विरोधी अभियान दीन दयाल उपाध्‍याय के नाम के इर्द-गिर्द रखा जाएगा जोकि जनसंघ के प्रमुख रहे और इसी से बीजेपी अस्तित्‍व में आई. गौरतलब है कि इस साल बीजेपी उनकी जन्‍मशती मना रही है और गरीबों के लिए कई योजनाएं उनके नाम पर शुरू की गई हैं.टिप्पणियां कभी कालीकट के नाम से पहचाने जाने वाले कोझिकोड का इस राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए चुनाव इसलिए किया गया क्‍योंकि दिसंबर 1967 में यहीं पर दीन दयाल उपाध्‍याय, जनसंघ के अध्‍यक्ष बने थे. इस चुनाव के 41 दिन बाद ही उनका निधन हो गया था. यह इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि इस साल केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पहली बार खाता खुला है. पहली बार पार्टी ने यहां पर एक सीट ऐसे समय में जीती है जब पार्टी ऐसी जगहों पर अपना सियासी विस्‍तार करने का प्रयास कर रही है जहां पर उसका आधार परंपरागत रूप से कमजोर रहा है.   राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए बीजेपी ने कोझिकोड शहर के बीचोंबीच बड़े-बड़े हॉलों, लाउंज के साथ एक एसी टाउनशिप बनाई है और इसे दीन दयाल उपाध्‍याय नगरी नाम दिया है. कोझिकोड की सड़कें बीजेपी नेताओं के बड़े-बड़े कटआउट से अटी पड़ी हैं. पार्टी के केंद्रीय मंत्री, मुख्‍यमंत्री और शीर्ष नेता इस आयोजन में हिस्‍सा लेंगे. बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह गुरुवार को यहां पहुंचे और उनका केरल के परंपरागत अंदाज में स्‍वागत किया गया. दरअसल उत्‍तर प्रदेश, पंजाब और उत्‍तराखंड के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी के शीर्ष नेताओं का मानना है कि पार्टी को गरीबी के खिलाफ जंग की अगुआई करते दिखने चाहिए. 1970 के दशक में कांग्रेस शासन के दौर में इंदिरा गांधी के ''गरीबी हटाओ'' नारे के साथ ही काफी वर्षों तक कांग्रेस इस मुहिम की अगुआई करती रही. अब बीजेपी का मानना है कि कांग्रेस उस पोजीशन से हट गई है और उस स्‍थान की भरपाई अब पीएम मोदी करना चाहते हैं. उल्‍लेखनीय है कि इस साल की शुरुआत में ही बीजेपी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए गरीबी हटाने के मकसद वाली कई प्रमुख योजनाओं की घोषणा की. इसे कांग्रेस के नेतृत्‍व में विपक्ष के बीजेपी पर गरीब विरोधी, कारपोरेट समर्थक होने के आरोपों के जवाब के रूप में देखा गया. नया गरीबी विरोधी अभियान दीन दयाल उपाध्‍याय के नाम के इर्द-गिर्द रखा जाएगा जोकि जनसंघ के प्रमुख रहे और इसी से बीजेपी अस्तित्‍व में आई. गौरतलब है कि इस साल बीजेपी उनकी जन्‍मशती मना रही है और गरीबों के लिए कई योजनाएं उनके नाम पर शुरू की गई हैं.टिप्पणियां कभी कालीकट के नाम से पहचाने जाने वाले कोझिकोड का इस राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए चुनाव इसलिए किया गया क्‍योंकि दिसंबर 1967 में यहीं पर दीन दयाल उपाध्‍याय, जनसंघ के अध्‍यक्ष बने थे. इस चुनाव के 41 दिन बाद ही उनका निधन हो गया था. यह इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि इस साल केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पहली बार खाता खुला है. पहली बार पार्टी ने यहां पर एक सीट ऐसे समय में जीती है जब पार्टी ऐसी जगहों पर अपना सियासी विस्‍तार करने का प्रयास कर रही है जहां पर उसका आधार परंपरागत रूप से कमजोर रहा है.   राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए बीजेपी ने कोझिकोड शहर के बीचोंबीच बड़े-बड़े हॉलों, लाउंज के साथ एक एसी टाउनशिप बनाई है और इसे दीन दयाल उपाध्‍याय नगरी नाम दिया है. कोझिकोड की सड़कें बीजेपी नेताओं के बड़े-बड़े कटआउट से अटी पड़ी हैं. पार्टी के केंद्रीय मंत्री, मुख्‍यमंत्री और शीर्ष नेता इस आयोजन में हिस्‍सा लेंगे. बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह गुरुवार को यहां पहुंचे और उनका केरल के परंपरागत अंदाज में स्‍वागत किया गया. उल्‍लेखनीय है कि इस साल की शुरुआत में ही बीजेपी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए गरीबी हटाने के मकसद वाली कई प्रमुख योजनाओं की घोषणा की. इसे कांग्रेस के नेतृत्‍व में विपक्ष के बीजेपी पर गरीब विरोधी, कारपोरेट समर्थक होने के आरोपों के जवाब के रूप में देखा गया. नया गरीबी विरोधी अभियान दीन दयाल उपाध्‍याय के नाम के इर्द-गिर्द रखा जाएगा जोकि जनसंघ के प्रमुख रहे और इसी से बीजेपी अस्तित्‍व में आई. गौरतलब है कि इस साल बीजेपी उनकी जन्‍मशती मना रही है और गरीबों के लिए कई योजनाएं उनके नाम पर शुरू की गई हैं.टिप्पणियां कभी कालीकट के नाम से पहचाने जाने वाले कोझिकोड का इस राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए चुनाव इसलिए किया गया क्‍योंकि दिसंबर 1967 में यहीं पर दीन दयाल उपाध्‍याय, जनसंघ के अध्‍यक्ष बने थे. इस चुनाव के 41 दिन बाद ही उनका निधन हो गया था. यह इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि इस साल केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पहली बार खाता खुला है. पहली बार पार्टी ने यहां पर एक सीट ऐसे समय में जीती है जब पार्टी ऐसी जगहों पर अपना सियासी विस्‍तार करने का प्रयास कर रही है जहां पर उसका आधार परंपरागत रूप से कमजोर रहा है.   राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए बीजेपी ने कोझिकोड शहर के बीचोंबीच बड़े-बड़े हॉलों, लाउंज के साथ एक एसी टाउनशिप बनाई है और इसे दीन दयाल उपाध्‍याय नगरी नाम दिया है. कोझिकोड की सड़कें बीजेपी नेताओं के बड़े-बड़े कटआउट से अटी पड़ी हैं. पार्टी के केंद्रीय मंत्री, मुख्‍यमंत्री और शीर्ष नेता इस आयोजन में हिस्‍सा लेंगे. बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह गुरुवार को यहां पहुंचे और उनका केरल के परंपरागत अंदाज में स्‍वागत किया गया. नया गरीबी विरोधी अभियान दीन दयाल उपाध्‍याय के नाम के इर्द-गिर्द रखा जाएगा जोकि जनसंघ के प्रमुख रहे और इसी से बीजेपी अस्तित्‍व में आई. गौरतलब है कि इस साल बीजेपी उनकी जन्‍मशती मना रही है और गरीबों के लिए कई योजनाएं उनके नाम पर शुरू की गई हैं.टिप्पणियां कभी कालीकट के नाम से पहचाने जाने वाले कोझिकोड का इस राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए चुनाव इसलिए किया गया क्‍योंकि दिसंबर 1967 में यहीं पर दीन दयाल उपाध्‍याय, जनसंघ के अध्‍यक्ष बने थे. इस चुनाव के 41 दिन बाद ही उनका निधन हो गया था. यह इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि इस साल केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पहली बार खाता खुला है. पहली बार पार्टी ने यहां पर एक सीट ऐसे समय में जीती है जब पार्टी ऐसी जगहों पर अपना सियासी विस्‍तार करने का प्रयास कर रही है जहां पर उसका आधार परंपरागत रूप से कमजोर रहा है.   राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए बीजेपी ने कोझिकोड शहर के बीचोंबीच बड़े-बड़े हॉलों, लाउंज के साथ एक एसी टाउनशिप बनाई है और इसे दीन दयाल उपाध्‍याय नगरी नाम दिया है. कोझिकोड की सड़कें बीजेपी नेताओं के बड़े-बड़े कटआउट से अटी पड़ी हैं. पार्टी के केंद्रीय मंत्री, मुख्‍यमंत्री और शीर्ष नेता इस आयोजन में हिस्‍सा लेंगे. बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह गुरुवार को यहां पहुंचे और उनका केरल के परंपरागत अंदाज में स्‍वागत किया गया. कभी कालीकट के नाम से पहचाने जाने वाले कोझिकोड का इस राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए चुनाव इसलिए किया गया क्‍योंकि दिसंबर 1967 में यहीं पर दीन दयाल उपाध्‍याय, जनसंघ के अध्‍यक्ष बने थे. इस चुनाव के 41 दिन बाद ही उनका निधन हो गया था. यह इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि इस साल केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पहली बार खाता खुला है. पहली बार पार्टी ने यहां पर एक सीट ऐसे समय में जीती है जब पार्टी ऐसी जगहों पर अपना सियासी विस्‍तार करने का प्रयास कर रही है जहां पर उसका आधार परंपरागत रूप से कमजोर रहा है.   राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए बीजेपी ने कोझिकोड शहर के बीचोंबीच बड़े-बड़े हॉलों, लाउंज के साथ एक एसी टाउनशिप बनाई है और इसे दीन दयाल उपाध्‍याय नगरी नाम दिया है. कोझिकोड की सड़कें बीजेपी नेताओं के बड़े-बड़े कटआउट से अटी पड़ी हैं. पार्टी के केंद्रीय मंत्री, मुख्‍यमंत्री और शीर्ष नेता इस आयोजन में हिस्‍सा लेंगे. बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह गुरुवार को यहां पहुंचे और उनका केरल के परंपरागत अंदाज में स्‍वागत किया गया. यह इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि इस साल केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पहली बार खाता खुला है. पहली बार पार्टी ने यहां पर एक सीट ऐसे समय में जीती है जब पार्टी ऐसी जगहों पर अपना सियासी विस्‍तार करने का प्रयास कर रही है जहां पर उसका आधार परंपरागत रूप से कमजोर रहा है.   राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक के लिए बीजेपी ने कोझिकोड शहर के बीचोंबीच बड़े-बड़े हॉलों, लाउंज के साथ एक एसी टाउनशिप बनाई है और इसे दीन दयाल उपाध्‍याय नगरी नाम दिया है. कोझिकोड की सड़कें बीजेपी नेताओं के बड़े-बड़े कटआउट से अटी पड़ी हैं. पार्टी के केंद्रीय मंत्री, मुख्‍यमंत्री और शीर्ष नेता इस आयोजन में हिस्‍सा लेंगे. बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह गुरुवार को यहां पहुंचे और उनका केरल के परंपरागत अंदाज में स्‍वागत किया गया.
शनिवार को इस संबंध में नई घोषणा की संभावना केरल में बीजेपी की राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक होगी आयोजित नए अभियान की घोषणा दीन दयाल उपाध्‍याय पर की जा सकती है
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: RRB Recruitment: Group C की भर्ती परीक्षा के लिए 5 अगस्त को जारी होगा एडमिट कार्ड, ऐसे कर पाएंगे चेकटिप्पणियां आपको बता दें कि ग्रुप सी की भर्ती परीक्षा (RRB Group C Exam) 9 अगस्त को आयोजित होगी. परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड (RRB Admit Card) 5 अगस्त को जारी कर दिया जाएगा. रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) ने फरवरी माह में ग्रुप डी के 62 हजार पदों और ग्रुप सी के 26 हजार 502 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे.RRB Group C Exam: परीक्षा केंद्र दूर होने पर कांग्रेस ने संसद में उठाए सवाल, रेलवे ने दी सफाई आपको बता दें कि ग्रुप सी की भर्ती परीक्षा (RRB Group C Exam) 9 अगस्त को आयोजित होगी. परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड (RRB Admit Card) 5 अगस्त को जारी कर दिया जाएगा. रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) ने फरवरी माह में ग्रुप डी के 62 हजार पदों और ग्रुप सी के 26 हजार 502 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे.RRB Group C Exam: परीक्षा केंद्र दूर होने पर कांग्रेस ने संसद में उठाए सवाल, रेलवे ने दी सफाई RRB Group C Exam: परीक्षा केंद्र दूर होने पर कांग्रेस ने संसद में उठाए सवाल, रेलवे ने दी सफाई
सारांश: ग्रुप डी के 62 हजार पदों पर भर्ती होनी है. आज फोटो सही करने की आखिरी तारीख है. एडमिट कार्ड जल्द ही जारी कर दिया जाएगा.
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के कटिहार जिला के डंडखोरा प्रखंड अंतर्गत कंदरबेली गांव में बीती रात छठ के दीये से एक फूंस के घर में आग लग गई, जिसमें दो बहनों की झुलसकर मौत हो गई। डंडखोरा थाना अध्यक्ष बासकीनाथ झा ने बताया कि मृतकों में कंदरबेली गांव निवासी राजकुमार ठाकुर की आठ वर्षीय पुत्री नीता कुमारी और दस वर्षीय पुत्री जूली कुमारी शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि राजकुमार ठाकुर दोनों बच्चों को एक कमरे में सुलाकर अपने परिवार के साथ पास में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने चले गए थे। कमरे में छठ का दीया जल रहा था। झा ने बताया कि इसी दौरान छठ दीया से घर में आग लग गई और जिससे वहां सो रही बच्चियों की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस ने बच्चियों के शवों के अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेज दिया है। डंडखोरा थाना अध्यक्ष बासकीनाथ झा ने बताया कि मृतकों में कंदरबेली गांव निवासी राजकुमार ठाकुर की आठ वर्षीय पुत्री नीता कुमारी और दस वर्षीय पुत्री जूली कुमारी शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि राजकुमार ठाकुर दोनों बच्चों को एक कमरे में सुलाकर अपने परिवार के साथ पास में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने चले गए थे। कमरे में छठ का दीया जल रहा था। झा ने बताया कि इसी दौरान छठ दीया से घर में आग लग गई और जिससे वहां सो रही बच्चियों की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस ने बच्चियों के शवों के अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेज दिया है। उन्होंने बताया कि राजकुमार ठाकुर दोनों बच्चों को एक कमरे में सुलाकर अपने परिवार के साथ पास में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने चले गए थे। कमरे में छठ का दीया जल रहा था। झा ने बताया कि इसी दौरान छठ दीया से घर में आग लग गई और जिससे वहां सो रही बच्चियों की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस ने बच्चियों के शवों के अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने बच्चियों के शवों के अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेज दिया है।
बिहार के कटिहार जिला के डंडखोरा प्रखंड अंतर्गत कंदरबेली गांव में बीती रात छठ के दीये से एक फूंस के घर में आग लग गई, जिसमें दो बहनों की झुलसकर मौत हो गई।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कंधार में शनिवार को पुलिस मुख्यालय पर तालिबान लड़ाकों ने हमला किया, जिसमें कम से कम 15 पुलिस अधिकारियों समेत 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इस दौरान विस्फोट और गोलीबारी की भी खबर है। हमलावरों का एक दस्ता दोपहर के करीब एक बारातघर में घुसा और पुलिस इमारत पर गोलीबारी शुरू की। रिपोर्ट है कि कंधार में छह विस्फोट हुए। प्रांतीय गवर्नर तोरियालाइ वेसा ने बताया मृतकों में से 15 अफगान पुलिस अधिकारी हैं। उधर, आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता जमीरी बशरी ने बताया कि इस हमे में तीन अफगान सैनिक, दो असैनिक और एक खुफिया एजेंट भी मारे गए हैं। हमलावरों ने पहले दोपहर के करीब हमला किया। उन्होंने सिलसिलेवार विस्फोट किए। इससे प्रांतीय पुलिस मुख्यालय के इर्द-गिर्द का इलाका दहल उठा। यह गवर्नर के दफ्तर के नजदीक है। प्राथमिक रिपोर्ट में बताया गया था कि पुलिस परिसर के बाहर एक कार बम हमला हुआ है और उसके तत्काल बाद दो आत्मघाती हमलावरों ने मुख्यालय में घुसने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बाहर ही खुद को उड़ा लिया।
सारांश: कंधार में पुलिस मुख्यालय पर तालिबान लड़ाकों ने हमला किया, जिसमें कम से कम 15 पुलिस अधिकारियों समेत 21 लोगों की मौत हो गई।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री एवं बसपा मुखिया मायावती ने कांग्रेस पर अंग्रेजों की तरह ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पार्टी आरक्षण के कोटे में ‘उप कोटा’ स्वीकार नहीं करेगी।टिप्पणियां मायावती ने शहर के गेंदघर मैदान पर एक चुनाव जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘कांग्रेस पिछड़े वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे में नौ प्रतिशत कोटा (अल्पसंख्यक) अलग करने की घोषणा करके अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चल रही है मगर बसपा आरक्षण के भीतर आरक्षण को स्वीकार नहीं करेगी।’ बसपा मुखिया ने केन्द्र में सत्तारूढ़ संप्रग सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए कहा कि उसकी सरकार ने प्रदेश सरकार के साथ सौतेला व्यवहार किया और प्रदेश के पिछड़े इलाकों के विकास के लिए मांगे गए 80 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की अनदेखी कर दी। उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनने पर पांच साल में प्रदेश की तस्वीर बदल देने के उसके महासचिव राहुल गांधी के दावे पर प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में चालीस साल तक शासन में रही कांग्रेस ने तब अगर विकास का काम किया होता तो गरीबों और दलितों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ता। मायावती ने शहर के गेंदघर मैदान पर एक चुनाव जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘कांग्रेस पिछड़े वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे में नौ प्रतिशत कोटा (अल्पसंख्यक) अलग करने की घोषणा करके अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चल रही है मगर बसपा आरक्षण के भीतर आरक्षण को स्वीकार नहीं करेगी।’ बसपा मुखिया ने केन्द्र में सत्तारूढ़ संप्रग सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए कहा कि उसकी सरकार ने प्रदेश सरकार के साथ सौतेला व्यवहार किया और प्रदेश के पिछड़े इलाकों के विकास के लिए मांगे गए 80 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की अनदेखी कर दी। उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनने पर पांच साल में प्रदेश की तस्वीर बदल देने के उसके महासचिव राहुल गांधी के दावे पर प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में चालीस साल तक शासन में रही कांग्रेस ने तब अगर विकास का काम किया होता तो गरीबों और दलितों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ता। बसपा मुखिया ने केन्द्र में सत्तारूढ़ संप्रग सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए कहा कि उसकी सरकार ने प्रदेश सरकार के साथ सौतेला व्यवहार किया और प्रदेश के पिछड़े इलाकों के विकास के लिए मांगे गए 80 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की अनदेखी कर दी। उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनने पर पांच साल में प्रदेश की तस्वीर बदल देने के उसके महासचिव राहुल गांधी के दावे पर प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में चालीस साल तक शासन में रही कांग्रेस ने तब अगर विकास का काम किया होता तो गरीबों और दलितों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ता।
संक्षिप्त पाठ: मायावती ने कांग्रेस पर अंग्रेजों की तरह ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पार्टी आरक्षण के कोटे में ‘उप कोटा’ स्वीकार नहीं करेगी।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: योगगुरु बाबा रामदेव के अनशन की चौथी रात को रविवार (छुट्टी का दिन) होने के बावजूद अनशनस्थल पर समर्थकों की संख्या में गिरावट आई। आयोजकों को उम्मीद थी कि सप्ताहांत में स्थानीय लोग अनशन को समर्थन देने के लिए उमड़ेंगे लेकिन जैसे-जैसे शाम ढली, समर्थकों की संख्या कम होते गई। योग गुरु के समर्थकों में बड़ी संख्या दिल्ली के बाहर से आए लोगों की है। पहले दिन जहां 20-22 हजार समर्थक थे वहीं रविवार को उनकी संख्या सिमट कर आठ से 10 हजार के बीच रह गई। रामदेव ने नौ अगस्त को काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत तीन दिनों के सांकेतिक उपवास से की थी और कई समर्थकों को उम्मीद थी कि तीन दिनों में आंदोलन का नतीजा आ जाएगा लेकिन चार रातों के बाद अब समर्थकों में संशय की स्थिति देखी जा रही है।टिप्पणियां अनशन की पहली रात महिलाओं के बनाए दीर्घा में उनकी अच्छी खासी संख्या थी, वहीं रविवार को दीर्घा में काफी जगह खाली दिखी। ऐसा ही नजारा लगभग पूरे अनशनस्थल पर देखने को मिला। अन्ना हजारे के पिछले साल हुए हुए अनशन और हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए उपवास में सप्ताहांतों में शहरी मध्यवर्ग की मौजूदगी अच्छी खासी संख्या में देखी गई थी, वहीं रामदेव के आंदोलन में उनकी संख्या नाममात्र ही रही। आयोजकों को उम्मीद थी कि सप्ताहांत में स्थानीय लोग अनशन को समर्थन देने के लिए उमड़ेंगे लेकिन जैसे-जैसे शाम ढली, समर्थकों की संख्या कम होते गई। योग गुरु के समर्थकों में बड़ी संख्या दिल्ली के बाहर से आए लोगों की है। पहले दिन जहां 20-22 हजार समर्थक थे वहीं रविवार को उनकी संख्या सिमट कर आठ से 10 हजार के बीच रह गई। रामदेव ने नौ अगस्त को काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत तीन दिनों के सांकेतिक उपवास से की थी और कई समर्थकों को उम्मीद थी कि तीन दिनों में आंदोलन का नतीजा आ जाएगा लेकिन चार रातों के बाद अब समर्थकों में संशय की स्थिति देखी जा रही है।टिप्पणियां अनशन की पहली रात महिलाओं के बनाए दीर्घा में उनकी अच्छी खासी संख्या थी, वहीं रविवार को दीर्घा में काफी जगह खाली दिखी। ऐसा ही नजारा लगभग पूरे अनशनस्थल पर देखने को मिला। अन्ना हजारे के पिछले साल हुए हुए अनशन और हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए उपवास में सप्ताहांतों में शहरी मध्यवर्ग की मौजूदगी अच्छी खासी संख्या में देखी गई थी, वहीं रामदेव के आंदोलन में उनकी संख्या नाममात्र ही रही। रामदेव ने नौ अगस्त को काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत तीन दिनों के सांकेतिक उपवास से की थी और कई समर्थकों को उम्मीद थी कि तीन दिनों में आंदोलन का नतीजा आ जाएगा लेकिन चार रातों के बाद अब समर्थकों में संशय की स्थिति देखी जा रही है।टिप्पणियां अनशन की पहली रात महिलाओं के बनाए दीर्घा में उनकी अच्छी खासी संख्या थी, वहीं रविवार को दीर्घा में काफी जगह खाली दिखी। ऐसा ही नजारा लगभग पूरे अनशनस्थल पर देखने को मिला। अन्ना हजारे के पिछले साल हुए हुए अनशन और हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए उपवास में सप्ताहांतों में शहरी मध्यवर्ग की मौजूदगी अच्छी खासी संख्या में देखी गई थी, वहीं रामदेव के आंदोलन में उनकी संख्या नाममात्र ही रही। अनशन की पहली रात महिलाओं के बनाए दीर्घा में उनकी अच्छी खासी संख्या थी, वहीं रविवार को दीर्घा में काफी जगह खाली दिखी। ऐसा ही नजारा लगभग पूरे अनशनस्थल पर देखने को मिला। अन्ना हजारे के पिछले साल हुए हुए अनशन और हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए उपवास में सप्ताहांतों में शहरी मध्यवर्ग की मौजूदगी अच्छी खासी संख्या में देखी गई थी, वहीं रामदेव के आंदोलन में उनकी संख्या नाममात्र ही रही। अन्ना हजारे के पिछले साल हुए हुए अनशन और हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए उपवास में सप्ताहांतों में शहरी मध्यवर्ग की मौजूदगी अच्छी खासी संख्या में देखी गई थी, वहीं रामदेव के आंदोलन में उनकी संख्या नाममात्र ही रही।
संक्षिप्त सारांश: योगगुरु बाबा रामदेव के अनशन की चौथी रात को रविवार (छुट्टी का दिन) होने के बावजूद अनशनस्थल पर समर्थकों की संख्या में गिरावट आई।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की भतीजी दीपा ने रविवार को आरोप लगाया कि उनको पोएस गार्डन स्थित पूर्व मुख्यमंत्री के आवास में प्रवेश से रोका गया और सुरक्षा बलों ने उनके साथ हाथापाई की. दीपा ने दावा किया कि वह अपने भाई दीपक के निमंत्रण पर वहां गयी थी. उन्होंने ‘आज की घटनाओं की साजिश रचने के लिए’ अपने भाई पर अन्नाद्रमुक (अम्मा) प्रमुख वी के शशिकला और उपमहासचिव टीटीवी दिनाकरण के साथ ‘सांठगांठ’ करने का आरोप लगाया. इन घटनाओं के बाद पॉश इलाके में तनाव फैल गया, जिसके बाद पुलिस को सुरक्षा कड़ी करनी पड़ी. दीपा ने कहा, ‘‘दीपक ने बार-बार फोन करके मुझे बुलाया. मेरा आज यहां आने का कोई कार्यक्रम नहीं था लेकिन उन्होंने (जयललिता की) तस्वीर पर माल्यार्पण के लिए मुझे आने को कहा.’’ उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि दीपक ने जयललिता की मौत की ‘साजिश रचने के लिए’ शशिकला के साथ ‘गुप्त समझौता’ किया. आवास पर मौजूद अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े के सूत्रों ने दीपा पर हमले की बात से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि दीपा बिना किसी कार्यक्रम के वहां आयीं और अपनी दिवंगत बुआ की तस्वीर पर माल्यार्पण करने की इच्छा जाहिर की. सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में दीपा को तस्वीर पर माल्यार्पण  की अनुमति दी गयी, जिसके बाद उन्होंने घर में प्रवेश करने की इच्छा जाहिर की लेकिन उन्हें इस बात की अनुमति नहीं दी गयी. दीपा का दावा है कि वह उनके साथ हाथापाई करने वाले लोगों को पहचान सकती हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि आवास पर मौजूद टीवी कैमरा दल पर भी सुरक्षा गार्ड ने हमला किया. उन्होंने इस घटना के लिए बार-बार दीपक पर निशाना साधा और कहा कि वह उनके और शशिकला के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगी.टिप्पणियां दीपा को अपने भाई से पोएस गार्डन बुलाने को लेकर बहस करते हुए देखा गया. दीपा के पति माधवन भी उनके पक्ष में दिखे. उनके पहुंचने के समय दीपक मौजूद थे. दिवंगत नेता की भतीजी ने कहा कि उन्होंने स्थिति से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा है. हालांकि दीपा के आरोपों को लेकर दीपक से संपर्क नहीं किया जा सका. इससे पहले संवाददाताओं के एक धड़े को दीपा के दौरे को कवर करने से कथित तौर पर रोका गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि दीपक ने जयललिता की मौत की ‘साजिश रचने के लिए’ शशिकला के साथ ‘गुप्त समझौता’ किया. आवास पर मौजूद अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े के सूत्रों ने दीपा पर हमले की बात से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि दीपा बिना किसी कार्यक्रम के वहां आयीं और अपनी दिवंगत बुआ की तस्वीर पर माल्यार्पण करने की इच्छा जाहिर की. सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में दीपा को तस्वीर पर माल्यार्पण  की अनुमति दी गयी, जिसके बाद उन्होंने घर में प्रवेश करने की इच्छा जाहिर की लेकिन उन्हें इस बात की अनुमति नहीं दी गयी. दीपा का दावा है कि वह उनके साथ हाथापाई करने वाले लोगों को पहचान सकती हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि आवास पर मौजूद टीवी कैमरा दल पर भी सुरक्षा गार्ड ने हमला किया. उन्होंने इस घटना के लिए बार-बार दीपक पर निशाना साधा और कहा कि वह उनके और शशिकला के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगी.टिप्पणियां दीपा को अपने भाई से पोएस गार्डन बुलाने को लेकर बहस करते हुए देखा गया. दीपा के पति माधवन भी उनके पक्ष में दिखे. उनके पहुंचने के समय दीपक मौजूद थे. दिवंगत नेता की भतीजी ने कहा कि उन्होंने स्थिति से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा है. हालांकि दीपा के आरोपों को लेकर दीपक से संपर्क नहीं किया जा सका. इससे पहले संवाददाताओं के एक धड़े को दीपा के दौरे को कवर करने से कथित तौर पर रोका गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में दीपा को तस्वीर पर माल्यार्पण  की अनुमति दी गयी, जिसके बाद उन्होंने घर में प्रवेश करने की इच्छा जाहिर की लेकिन उन्हें इस बात की अनुमति नहीं दी गयी. दीपा का दावा है कि वह उनके साथ हाथापाई करने वाले लोगों को पहचान सकती हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि आवास पर मौजूद टीवी कैमरा दल पर भी सुरक्षा गार्ड ने हमला किया. उन्होंने इस घटना के लिए बार-बार दीपक पर निशाना साधा और कहा कि वह उनके और शशिकला के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगी.टिप्पणियां दीपा को अपने भाई से पोएस गार्डन बुलाने को लेकर बहस करते हुए देखा गया. दीपा के पति माधवन भी उनके पक्ष में दिखे. उनके पहुंचने के समय दीपक मौजूद थे. दिवंगत नेता की भतीजी ने कहा कि उन्होंने स्थिति से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा है. हालांकि दीपा के आरोपों को लेकर दीपक से संपर्क नहीं किया जा सका. इससे पहले संवाददाताओं के एक धड़े को दीपा के दौरे को कवर करने से कथित तौर पर रोका गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दीपा को अपने भाई से पोएस गार्डन बुलाने को लेकर बहस करते हुए देखा गया. दीपा के पति माधवन भी उनके पक्ष में दिखे. उनके पहुंचने के समय दीपक मौजूद थे. दिवंगत नेता की भतीजी ने कहा कि उन्होंने स्थिति से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा है. हालांकि दीपा के आरोपों को लेकर दीपक से संपर्क नहीं किया जा सका. इससे पहले संवाददाताओं के एक धड़े को दीपा के दौरे को कवर करने से कथित तौर पर रोका गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े के सूत्रों ने दीपा पर हमले की बात से इनकार किया दीपक ने जयललिता की मौत की ‘साजिश रचने के लिए’ ‘गुप्त समझौता’ किया 'मैंने स्थिति से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से समय मांगा है'
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पीएम ने उदाहरण दिया कि हमने एक गांव शौचालय बनाए बाद में वहां जाकर देखा तो  लोगों ने उनमें बकरियां बांध रखी थी, लेकिन इसके बावजूद हमें काम करना है. समाज का सहयोग जरूरी है. सरकार सोचे कि हम इमारतें बना देंगे और टीचर दे देंगे तो सब कुछ ठीक हो जाएगा तो ऐसा नहीं है. घरवाले अगर बच्चे को स्कूल नहीं भजेंगे तो शिक्षा का प्रसार कैसे होगा. समाज की भागीदारी बहुत जरूरी है. पीएम ने कहा-बच्चे स्वच्छता के सबसे बड़े एम्बैसेडर हैं. जो बात बच्चों के गले उतर गई है वह हमें समझ क्यों नहीं आती. पीएम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हाथ धोने की कहते हैं तो कहते हैं, पानी तो है नहीं. पीएम मोदी को गाली देने के हजार विषय हैं, मैं हर दिन कुछ न कुछ देता हूं, तो देते रहें, लेकिन अपना दायित्व निभाएं.टिप्पणियां पीएम मोदी ने कहा कि आज से चार पांच साल पहले टीवी पर कई स्टोरी बनती थी कि स्कूल में बच्चों से सफाई करवाते हैं. आज बदलाव आया है कि किसी स्कूल के बच्चे स्वच्छता अभियान में हिस्सा ले रहे हैं तो टीवी की मेन खबर बन जाती है.  उन्होंने कहा कि स्वच्छता का आंकड़ा तेजी से सुधरा है. उस हिसाब से गति तो ठीक है, लेकिन स्वच्छता के विषय को जब तक एक महिला के नजरिये से नहीं देखेंगे तब तक नहीं समझेंगे. एक घर में सबको कूड़ा-करकट फैलाने का अधिकार है, लेकिन एक मां उसको साफ करती रहती है. उस महिला का दर्द समझें और गंदगी न फैलाएं. कल्पना करें कि गांव में रहने वाली माताएं-बहनें प्राकृतिक कार्य के लिए अंधेरे में जाती हैं. उजाला हो गया और शौच जाने की इच्छा हुई तो वह रात तक अंधेरे का इंतजार करती हैं. अपने शरीर के साथ दमन करती हैं. आप उन माताओं और बहनों का दर्द समझेंगे तो इस कार्य को करेंगे. मैं जबसे प्रधानमंत्री बना हूं तो बहुत से लोग मुझसे मिलते हैं. चलते-चलते बायोडाटा मुझे पकड़ा देते हैं कि मेरे लायक कोई सेवा हो तो बता देना, मैं धीरे से कहता हूं कि स्वच्छता के लिए थोड़ा समय दीजिए. पीएम ने कहा-बच्चे स्वच्छता के सबसे बड़े एम्बैसेडर हैं. जो बात बच्चों के गले उतर गई है वह हमें समझ क्यों नहीं आती. पीएम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हाथ धोने की कहते हैं तो कहते हैं, पानी तो है नहीं. पीएम मोदी को गाली देने के हजार विषय हैं, मैं हर दिन कुछ न कुछ देता हूं, तो देते रहें, लेकिन अपना दायित्व निभाएं.टिप्पणियां पीएम मोदी ने कहा कि आज से चार पांच साल पहले टीवी पर कई स्टोरी बनती थी कि स्कूल में बच्चों से सफाई करवाते हैं. आज बदलाव आया है कि किसी स्कूल के बच्चे स्वच्छता अभियान में हिस्सा ले रहे हैं तो टीवी की मेन खबर बन जाती है.  उन्होंने कहा कि स्वच्छता का आंकड़ा तेजी से सुधरा है. उस हिसाब से गति तो ठीक है, लेकिन स्वच्छता के विषय को जब तक एक महिला के नजरिये से नहीं देखेंगे तब तक नहीं समझेंगे. एक घर में सबको कूड़ा-करकट फैलाने का अधिकार है, लेकिन एक मां उसको साफ करती रहती है. उस महिला का दर्द समझें और गंदगी न फैलाएं. कल्पना करें कि गांव में रहने वाली माताएं-बहनें प्राकृतिक कार्य के लिए अंधेरे में जाती हैं. उजाला हो गया और शौच जाने की इच्छा हुई तो वह रात तक अंधेरे का इंतजार करती हैं. अपने शरीर के साथ दमन करती हैं. आप उन माताओं और बहनों का दर्द समझेंगे तो इस कार्य को करेंगे. मैं जबसे प्रधानमंत्री बना हूं तो बहुत से लोग मुझसे मिलते हैं. चलते-चलते बायोडाटा मुझे पकड़ा देते हैं कि मेरे लायक कोई सेवा हो तो बता देना, मैं धीरे से कहता हूं कि स्वच्छता के लिए थोड़ा समय दीजिए. पीएम मोदी ने कहा कि आज से चार पांच साल पहले टीवी पर कई स्टोरी बनती थी कि स्कूल में बच्चों से सफाई करवाते हैं. आज बदलाव आया है कि किसी स्कूल के बच्चे स्वच्छता अभियान में हिस्सा ले रहे हैं तो टीवी की मेन खबर बन जाती है.  उन्होंने कहा कि स्वच्छता का आंकड़ा तेजी से सुधरा है. उस हिसाब से गति तो ठीक है, लेकिन स्वच्छता के विषय को जब तक एक महिला के नजरिये से नहीं देखेंगे तब तक नहीं समझेंगे. एक घर में सबको कूड़ा-करकट फैलाने का अधिकार है, लेकिन एक मां उसको साफ करती रहती है. उस महिला का दर्द समझें और गंदगी न फैलाएं. कल्पना करें कि गांव में रहने वाली माताएं-बहनें प्राकृतिक कार्य के लिए अंधेरे में जाती हैं. उजाला हो गया और शौच जाने की इच्छा हुई तो वह रात तक अंधेरे का इंतजार करती हैं. अपने शरीर के साथ दमन करती हैं. आप उन माताओं और बहनों का दर्द समझेंगे तो इस कार्य को करेंगे. मैं जबसे प्रधानमंत्री बना हूं तो बहुत से लोग मुझसे मिलते हैं. चलते-चलते बायोडाटा मुझे पकड़ा देते हैं कि मेरे लायक कोई सेवा हो तो बता देना, मैं धीरे से कहता हूं कि स्वच्छता के लिए थोड़ा समय दीजिए. उन्होंने कहा कि स्वच्छता का आंकड़ा तेजी से सुधरा है. उस हिसाब से गति तो ठीक है, लेकिन स्वच्छता के विषय को जब तक एक महिला के नजरिये से नहीं देखेंगे तब तक नहीं समझेंगे. एक घर में सबको कूड़ा-करकट फैलाने का अधिकार है, लेकिन एक मां उसको साफ करती रहती है. उस महिला का दर्द समझें और गंदगी न फैलाएं. कल्पना करें कि गांव में रहने वाली माताएं-बहनें प्राकृतिक कार्य के लिए अंधेरे में जाती हैं. उजाला हो गया और शौच जाने की इच्छा हुई तो वह रात तक अंधेरे का इंतजार करती हैं. अपने शरीर के साथ दमन करती हैं. आप उन माताओं और बहनों का दर्द समझेंगे तो इस कार्य को करेंगे. मैं जबसे प्रधानमंत्री बना हूं तो बहुत से लोग मुझसे मिलते हैं. चलते-चलते बायोडाटा मुझे पकड़ा देते हैं कि मेरे लायक कोई सेवा हो तो बता देना, मैं धीरे से कहता हूं कि स्वच्छता के लिए थोड़ा समय दीजिए.
स्वच्छता देश के सामान्य आदमी का सपना बन चुका है. स्वच्छ भारत अभियान से दूर भागने वालों की छपेंगी तस्वीरें जो देश मान रहा है, उसे अपनाना ही होगा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सिन्हा बोले- नोटबंदी ने गिरती जीडीपी को और कमजोर करने में अहम भूमिका अदा की. तंज कसते हुए सिन्हा ने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी करीब से देखा है, अब जिस तरीके से उनके वित्त मंत्री काम कर रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि वे सभी भारतीयों को गरीबी पास से दिखाएं. आज के समय में न ही नौकरी मिल रही है और न ही विकास तेज़ हो रहा है, जिसका सीधा असर इन्वेस्टमेंट और जीडीपी पर पड़ा है. यशवंत सिन्हा के मुताबिक- सरकार ने जीएसटी को जिस तरह लागू किया उसका भी नकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. जीडीपी अभी 5.7 फीसदी है, जबकि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने का तरीका बदला था. अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखा जाए तो आज जीडीपी 3.7 फीसदी है.   यशवंत सिन्हा के मुताबिक- सरकार ने जीएसटी को जिस तरह लागू किया उसका भी नकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. जीडीपी अभी 5.7 फीसदी है, जबकि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने का तरीका बदला था. अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखा जाए तो आज जीडीपी 3.7 फीसदी है.
संक्षिप्त सारांश: लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद जेटली को अहम मंत्रालय गिरती जीडीपी में नोटबंदी ने आग में घी का काम किया सभी भारतीयों को करीब से गरीबी दिखाने में लगे जेटली
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मेघालय की अवैध खदान (Meghalaya Mine) में फंसे 15 मजदूरों में से एक मजदूर का शव नेवी गोताखोरों (Navy Divers) को मिल गया है. नौसेना के जवानों के एक दल ने मेघालय की पूर्वी जयंतिया हिल्स में एक कोयला खदान में एक खनिक का शव गुरुवार को बरामद कर लिया. नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि शव को ‘रेट होल' खदान के मुहाने तक लाया गया. वहीं, स्वच्छ कुंभ का दावा करते हुए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र सरकार ने यहां 1,20,000 शौचालय बनाने की बात का व्यापक रूप से प्रचार किया था, लेकिन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक समागम के पहले ही दिन हजारों शौचालय बेकार पड़े मिले और कई श्रद्धालु खुले शौच करते दिखाई दिए.  कुंभ प्रशासन ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा, "इस बार कुंभ मेले में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है.उधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) इलाज के लिए अमेरिका गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अरुण जेटली नियमित जांच के लिए अमेरिका गए हैं. इस खबर के बाद कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi), नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah)और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) सहित विपक्ष के कई नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. वहीं, केंद्र ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा) के उद्घाटन समारोह के लिए मीडिया में प्रचार पर 2.64 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसे खर्च किए. एक आरटीआई जवाब में बुधवार को यह खुलासा हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को प्रतिमा का उद्घाटन किया था, जो अब विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है. बॉलीवुड (Bollywood) की पॉपुलर सिंगर नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) अपने सिंगिंग और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाती हैं. नेहा कक्कड़ अपने इसी अंदाज से सोशल मीडिया (Social Media) पर छाई रहती हैं. नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) के वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं. बॉलीवुड की इस मशहूर सिंगर का फिर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो बेहद ही फनी अंदाज में नजर आ रही है.      मेघालय की अवैध खदान (Meghalaya Mine) में फंसे 15 मजदूरों में से एक मजदूर का शव नेवी गोताखोरों (Navy Divers) को मिल गया है. नौसेना के जवानों के एक दल ने मेघालय की पूर्वी जयंतिया हिल्स में एक कोयला खदान में एक खनिक का शव गुरुवार को बरामद कर लिया. नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि शव को ‘रेट होल' खदान के मुहाने तक लाया गया. बाकी फंसे 14 मजदूरों की खोज में बचाव कार्य जारी है. अधिकारियों ने बताया कि खदान के भीतर शव दिखने के बाद नौसेना के गोताखोर इसे इसके मुहाने तक लाए.ये मजदूर मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में एक अवैध रैटहोल खदान में अचानक पानी भर जाने से फंस गए थे. अब तक के बचाव संबंधी प्रयासों के लगातार विफल होने के बाद यह उम्मीद बेहद कम हो गई थी कि इन खनिकों को सही सलामत बाहर निकाला जा सकेगा. खदानों में अपने काम के लिये महारत रखने वाले वैज्ञानिकों की एक शीर्ष टीम बचाव अभियान में लगी हुई है. इस बचाव अभियान को देश का सबसे लंबा चलने वाला बचाव अभियान बताया जा रहा है.    स्वच्छ कुंभ का दावा करते हुए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र सरकार ने यहां 1,20,000 शौचालय बनाने की बात का व्यापक रूप से प्रचार किया था, लेकिन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक समागम के पहले ही दिन हजारों शौचालय बेकार पड़े मिले और कई श्रद्धालु खुले शौच करते दिखाई दिए.  कुंभ प्रशासन ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा, "इस बार कुंभ मेले में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है. बीते सालों में शौचालय की कमी के चलते लोगों को मजबूर होकर खुले शौच करना पड़ रहा था, लेकिन इस बार 1,20,000 शौचालय बनाए गए हैं और स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाईकर्मियों की संख्या दोगुनी कर दी गई है. पिछले कुंभ मेले में सिर्फ 34,000 शौचालय थे." स्वच्छता के यह दावे मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की अहमियत के मद्देनजर किए गए हैं और विज्ञापनों के माध्यम से इसका खूब प्रचार किया गया था. लेकिन, मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर मंगलवार को कुंभ के प्रथम शाही स्नान के दौरान बड़ी संख्या में लोग खुले में शौच करते देखे गए.      वित्त मंत्रीअरुण जेटली (Arun Jaitley)इलाज के लिए अमेरिका गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अरुण जेटली नियमित जांच के लिए अमेरिका गए हैं. इस खबर के बाद कांग्रेस (Congress) अध्यक्षराहुल गांधी (Rahul Gandhi), नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah)और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) सहित विपक्ष के कई नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. विपक्ष के नेताओं में सबसे पहले राहुल ने जेटली के ठीक होने की कामना की. कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा, ‘यह सुनकर दुखी हूं कि जेटली जी अस्वस्थ हैं. हम उनके विचारों को लेकर उनसे रोजाना लड़ते हैं. बहरहाल, मैं और कांग्रेस पार्टी की तरफ से कामना करता हूं कि वह शीघ्र स्वस्थ हों. जेटली जी, इस मुश्किल घड़ी में हम आपके और आपके परिवार के साथ हैं.'     केंद्र ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा) के उद्घाटन समारोह के लिए मीडिया में प्रचार पर 2.64 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसे खर्च किए. एक आरटीआई जवाब में बुधवार को यह खुलासा हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को प्रतिमा का उद्घाटन किया था, जो अब विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है. प्रधानमंत्री ने पटेल की 143वीं जयंती पर प्रतिमा का उद्घाटन किया था.अब गुजरात के सभी स्कूलों और कॉलेजों में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' दिखेगी. मुंबई के सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता जतिन देसाई ने प्रतिमा के उद्घाटन पर विभिन्न मीडिया में खर्च हुई राशि की जानकारी आरटीआई के तहत मांगते हुए सूचना व प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखा था. मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन ने 9 जनवरी को जवाब में कहा कि सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कुल 2,62,48,463 रुपये और अन्य 1,68,415 रुपये प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों पर खर्च किया.   बॉलीवुड (Bollywood) की पॉपुलर सिंगर नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) अपने सिंगिंग और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाती हैं. नेहा कक्कड़ अपने इसी अंदाज से सोशल मीडिया (Social Media) पर छाई रहती हैं. नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) के वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं. बॉलीवुड की इस मशहूर सिंगर का फिर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो बेहद ही फनी अंदाज में नजर आ रही है. नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) अपने कथित ब्रेकअप के बाद से ही चर्चा में बनी हुई हैं. इस वायरल वीडियो में नेहा कक्कड़ फिल्म 'सिंबा' के फेमस सॉन्ग 'लड़की आंख मारे' पर काफी फनी अंदाज में नजर आ रही हैं. उनका यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है.
यहाँ एक सारांश है:मेघालय के खदान में फंसे मजदूरों की तलाश जारी कुंभ में श्रद्धालुओं को हो रही है दिक्कत नेहा कक्कड़ का वीडियो वायरल
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बताया है कि गत शुक्रवार को राज्य के उनके दौरे के समय प्रदेश पुलिस महानिदेशक को एसपीजी के एक अधिकारी ने प्रधानमंत्री के विमान की तरफ बढ़ने से रोका और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। जया ने इस संबंध में दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। जयललिता ने प्रधानमंत्री को 3 अगस्त को इस संबंध में पत्र लिखा, जिसे सरकार ने आज मीडिया में जारी किया। जयललिता ने प्रधानमंत्री के पुदुकोट्टई के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने शुक्रवार को तिरचिरापल्ली हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए जो टीम तैनात की थी उसमें डीजीपी भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने इस दौरे में तिरमायम में पीएसयू भेल की दो परियोजनाओं को हरी झंडी दी थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें सूचित किया गया कि हवाईअड्डे पर जब डीजीपी सिंह के स्वागत के लिए अन्य मंत्रियों के साथ विमान की सीढ़ियों के पास जा रहे थे तो उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और विशेष सुरक्षा बल के एक निचले स्तर के अधिकारी ने उन्हें विमान के पास जाने से रोक दिया। जयललिता ने कहा, ‘‘डीजीपी के वर्दी में होने के बावजूद यह घटना हुई। मुझे बताया गया कि विमान की सीढ़ी के पास सिंह का स्वागत करने वालों की विस्तृत सूची भेजी गई थी और प्रधानमंत्री कार्यालय ने 1 अगस्त को इसकी पुष्टि की थी।’’ जयललिता ने कहा, ‘‘यह ‘सबसे हैरानी’ की बात है कि एसपीजी अधिकारी राज्य के शीर्ष दर्जे के अधिकारी पुलिस महानिदेशक को वर्दी में होने के बाजवूद पहचान नहीं सका।’’टिप्पणियां उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘यह वही पुलिस महानिदेशक हैं, जिन्होंने तमिलनाडु के आपके दौरे के समय शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा प्रबंध किए थे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपके ध्यान में यह मामला लाने के लिए मज़बूर हूं ताकि इसकी जांच की जा सके और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मैं उचित सरकारी नियमों को लागू करने की भी सलाह देती हूं ताकि भविष्य में शिष्टाचार में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो।’’ जयललिता ने प्रधानमंत्री को 3 अगस्त को इस संबंध में पत्र लिखा, जिसे सरकार ने आज मीडिया में जारी किया। जयललिता ने प्रधानमंत्री के पुदुकोट्टई के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने शुक्रवार को तिरचिरापल्ली हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए जो टीम तैनात की थी उसमें डीजीपी भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने इस दौरे में तिरमायम में पीएसयू भेल की दो परियोजनाओं को हरी झंडी दी थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें सूचित किया गया कि हवाईअड्डे पर जब डीजीपी सिंह के स्वागत के लिए अन्य मंत्रियों के साथ विमान की सीढ़ियों के पास जा रहे थे तो उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और विशेष सुरक्षा बल के एक निचले स्तर के अधिकारी ने उन्हें विमान के पास जाने से रोक दिया। जयललिता ने कहा, ‘‘डीजीपी के वर्दी में होने के बावजूद यह घटना हुई। मुझे बताया गया कि विमान की सीढ़ी के पास सिंह का स्वागत करने वालों की विस्तृत सूची भेजी गई थी और प्रधानमंत्री कार्यालय ने 1 अगस्त को इसकी पुष्टि की थी।’’ जयललिता ने कहा, ‘‘यह ‘सबसे हैरानी’ की बात है कि एसपीजी अधिकारी राज्य के शीर्ष दर्जे के अधिकारी पुलिस महानिदेशक को वर्दी में होने के बाजवूद पहचान नहीं सका।’’टिप्पणियां उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘यह वही पुलिस महानिदेशक हैं, जिन्होंने तमिलनाडु के आपके दौरे के समय शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा प्रबंध किए थे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपके ध्यान में यह मामला लाने के लिए मज़बूर हूं ताकि इसकी जांच की जा सके और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मैं उचित सरकारी नियमों को लागू करने की भी सलाह देती हूं ताकि भविष्य में शिष्टाचार में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो।’’ जयललिता ने प्रधानमंत्री के पुदुकोट्टई के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने शुक्रवार को तिरचिरापल्ली हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए जो टीम तैनात की थी उसमें डीजीपी भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने इस दौरे में तिरमायम में पीएसयू भेल की दो परियोजनाओं को हरी झंडी दी थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें सूचित किया गया कि हवाईअड्डे पर जब डीजीपी सिंह के स्वागत के लिए अन्य मंत्रियों के साथ विमान की सीढ़ियों के पास जा रहे थे तो उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और विशेष सुरक्षा बल के एक निचले स्तर के अधिकारी ने उन्हें विमान के पास जाने से रोक दिया। जयललिता ने कहा, ‘‘डीजीपी के वर्दी में होने के बावजूद यह घटना हुई। मुझे बताया गया कि विमान की सीढ़ी के पास सिंह का स्वागत करने वालों की विस्तृत सूची भेजी गई थी और प्रधानमंत्री कार्यालय ने 1 अगस्त को इसकी पुष्टि की थी।’’ जयललिता ने कहा, ‘‘यह ‘सबसे हैरानी’ की बात है कि एसपीजी अधिकारी राज्य के शीर्ष दर्जे के अधिकारी पुलिस महानिदेशक को वर्दी में होने के बाजवूद पहचान नहीं सका।’’टिप्पणियां उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘यह वही पुलिस महानिदेशक हैं, जिन्होंने तमिलनाडु के आपके दौरे के समय शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा प्रबंध किए थे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपके ध्यान में यह मामला लाने के लिए मज़बूर हूं ताकि इसकी जांच की जा सके और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मैं उचित सरकारी नियमों को लागू करने की भी सलाह देती हूं ताकि भविष्य में शिष्टाचार में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो।’’ मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें सूचित किया गया कि हवाईअड्डे पर जब डीजीपी सिंह के स्वागत के लिए अन्य मंत्रियों के साथ विमान की सीढ़ियों के पास जा रहे थे तो उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और विशेष सुरक्षा बल के एक निचले स्तर के अधिकारी ने उन्हें विमान के पास जाने से रोक दिया। जयललिता ने कहा, ‘‘डीजीपी के वर्दी में होने के बावजूद यह घटना हुई। मुझे बताया गया कि विमान की सीढ़ी के पास सिंह का स्वागत करने वालों की विस्तृत सूची भेजी गई थी और प्रधानमंत्री कार्यालय ने 1 अगस्त को इसकी पुष्टि की थी।’’ जयललिता ने कहा, ‘‘यह ‘सबसे हैरानी’ की बात है कि एसपीजी अधिकारी राज्य के शीर्ष दर्जे के अधिकारी पुलिस महानिदेशक को वर्दी में होने के बाजवूद पहचान नहीं सका।’’टिप्पणियां उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘यह वही पुलिस महानिदेशक हैं, जिन्होंने तमिलनाडु के आपके दौरे के समय शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा प्रबंध किए थे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपके ध्यान में यह मामला लाने के लिए मज़बूर हूं ताकि इसकी जांच की जा सके और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मैं उचित सरकारी नियमों को लागू करने की भी सलाह देती हूं ताकि भविष्य में शिष्टाचार में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो।’’ जयललिता ने कहा, ‘‘डीजीपी के वर्दी में होने के बावजूद यह घटना हुई। मुझे बताया गया कि विमान की सीढ़ी के पास सिंह का स्वागत करने वालों की विस्तृत सूची भेजी गई थी और प्रधानमंत्री कार्यालय ने 1 अगस्त को इसकी पुष्टि की थी।’’ जयललिता ने कहा, ‘‘यह ‘सबसे हैरानी’ की बात है कि एसपीजी अधिकारी राज्य के शीर्ष दर्जे के अधिकारी पुलिस महानिदेशक को वर्दी में होने के बाजवूद पहचान नहीं सका।’’टिप्पणियां उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘यह वही पुलिस महानिदेशक हैं, जिन्होंने तमिलनाडु के आपके दौरे के समय शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा प्रबंध किए थे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपके ध्यान में यह मामला लाने के लिए मज़बूर हूं ताकि इसकी जांच की जा सके और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मैं उचित सरकारी नियमों को लागू करने की भी सलाह देती हूं ताकि भविष्य में शिष्टाचार में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो।’’ जयललिता ने कहा, ‘‘यह ‘सबसे हैरानी’ की बात है कि एसपीजी अधिकारी राज्य के शीर्ष दर्जे के अधिकारी पुलिस महानिदेशक को वर्दी में होने के बाजवूद पहचान नहीं सका।’’टिप्पणियां उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘यह वही पुलिस महानिदेशक हैं, जिन्होंने तमिलनाडु के आपके दौरे के समय शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा प्रबंध किए थे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपके ध्यान में यह मामला लाने के लिए मज़बूर हूं ताकि इसकी जांच की जा सके और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मैं उचित सरकारी नियमों को लागू करने की भी सलाह देती हूं ताकि भविष्य में शिष्टाचार में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘यह वही पुलिस महानिदेशक हैं, जिन्होंने तमिलनाडु के आपके दौरे के समय शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा प्रबंध किए थे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपके ध्यान में यह मामला लाने के लिए मज़बूर हूं ताकि इसकी जांच की जा सके और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मैं उचित सरकारी नियमों को लागू करने की भी सलाह देती हूं ताकि भविष्य में शिष्टाचार में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपके ध्यान में यह मामला लाने के लिए मज़बूर हूं ताकि इसकी जांच की जा सके और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मैं उचित सरकारी नियमों को लागू करने की भी सलाह देती हूं ताकि भविष्य में शिष्टाचार में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो।’’
जयललिता ने प्रधानमंत्री को बताया है कि गत शुक्रवार को राज्य के उनके दौरे के समय प्रदेश पुलिस महानिदेशक को एसपीजी के एक अधिकारी ने प्रधानमंत्री के विमान की तरफ बढ़ने से रोका और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। जया ने इस संबंध में दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई क
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नई दिल्‍ली से काबुल जा रहे स्‍पाइस जेट (SpiceJet) के एक विमान को पाकिस्‍तानी वायुसेना (Pakistan Air Force) के लड़ाकू विमानों ने न केवल इंटरसेप्‍ट किया बल्कि बाद में अपने देश के वायुक्षेत्र के बाहर तक एस्‍कॉर्ट भी किया. घटना सितंबर महीने की है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सूत्रों ने आज यह जानकारी दी. विमान में 120 यात्री सवार थे और यह घटना 23 सितंबर की है. DGCA के अधिकारियों के अनुसार, जब बोइंग 737 विमान पाकिस्‍तान के वायुक्षेत्र में घुसा तो उसे दिए गए 'कॉल साइन' को लेकर भ्रम की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई जिसकी वजह से ये नौबत आई. पाकिस्‍तानी वायुसेना के विमानों ने स्‍पाइसजेट के विमान को अपनी ऊंचाई कम करने को कहा. स्‍पाइसजेट के पायलटों ने पाकिस्‍तानी लड़ाकू विमानों से बात की और कमर्शियल विमान के रूप में अपनी पहचान बताई. पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से एयर इंडिया को हो रहा है करोड़ों का नुकसान फिर स्‍पाइसजेट के विमान को यात्रा जारी रखने दी गई और जब तक वो अफगानिस्‍तान के वायुक्षेत्र में प्रवेश नहीं कर गया तब उसे एस्‍कॉर्ट किया गया. स्‍पाइसजेट ने फिल्‍हाल इस मामले पर कोई टिप्‍पणी नहीं की है. पाकिस्‍तान ने 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी कैंपों पर हुए एयर स्‍ट्राइक के बाद से ही अपना वायुक्षेत्र भारत के लिए बंद कर रखा है. लेकिन जुलाई में इसने आंशिक रूप से इसे खोलने का फैसला किया. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार उसके कुछ दिनों बाद पाकिस्‍तान के उड्डयन मंत्री ने माना था कि वायुक्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने की वजह से उनके देश को 50 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा. पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा और राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद की आइसलैंड यात्रा के लिए अपने वायुक्षेत्र का इस्‍तेमाल करने देने से इनकार कर दिया था. पाकिस्‍तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इसके लिए भारत द्वारा जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 को हटाए जाने और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के फैसले को जिम्‍मेदार ठहराया था. भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्‍तान द्वारा वीवीआईपी स्‍पेशल उड़ानों को भी अपने वायुक्षेत्र से नहीं गुजरने देने के इस फैसले पर खेद जताया था और कहा था कि कोई भी सामान्‍य देश नियमित रूप से ऐसी मंजूरी देता ही है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्‍पाइसजेट ने फिल्‍हाल इस मामले पर कोई टिप्‍पणी नहीं की है बालाकोट एयरस्‍ट्राइक के बाद से बंद है पाकिस्‍तान का वायुक्षेत्र पाकिस्‍तान के लड़ाकू विमानों ने स्‍पाइसजेट के विमान को एस्‍कॉर्ट भी किया
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने तेज गेंदबाज एस श्रीसंत के लिए दुख जताया, जिन्हें आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में आजीवन प्रतिबंध की सजा सुनाई गई है।टिप्पणियां सौरव गांगुली ने बंगाल क्रिकेट की कोचिंग समिति की बैठक के इतर कहा, अगर उसने ऐसा किया है, तो मुझे लगता है कि यह सही फैसला है। मुझे उसके लिए दुख है, यह प्रतिभा की बर्बादी है। समिति के अध्यक्ष गांगुली ने आगामी 2013-14 घरेलू सत्र से पहले बंगाल की कमजोर बल्लेबाजी पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा, बल्लेबाजी बंगाल के लिए बड़ी चिंता की बात है। टीम को नियमित कप्तान मनोज तिवारी की सेवाएं नहीं मिलेंगी, जो घुटने की सर्जरी से उबर रहे हैं। गांगुली ने कहा, मैंने कोच (अशोक मल्होत्रा) से इस संबंध में बात की है। खिलाड़ियों को स्थिति को समझना होगा और जिम्मेदारी लेनी होगी। सौरव गांगुली ने बंगाल क्रिकेट की कोचिंग समिति की बैठक के इतर कहा, अगर उसने ऐसा किया है, तो मुझे लगता है कि यह सही फैसला है। मुझे उसके लिए दुख है, यह प्रतिभा की बर्बादी है। समिति के अध्यक्ष गांगुली ने आगामी 2013-14 घरेलू सत्र से पहले बंगाल की कमजोर बल्लेबाजी पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा, बल्लेबाजी बंगाल के लिए बड़ी चिंता की बात है। टीम को नियमित कप्तान मनोज तिवारी की सेवाएं नहीं मिलेंगी, जो घुटने की सर्जरी से उबर रहे हैं। गांगुली ने कहा, मैंने कोच (अशोक मल्होत्रा) से इस संबंध में बात की है। खिलाड़ियों को स्थिति को समझना होगा और जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने कहा, बल्लेबाजी बंगाल के लिए बड़ी चिंता की बात है। टीम को नियमित कप्तान मनोज तिवारी की सेवाएं नहीं मिलेंगी, जो घुटने की सर्जरी से उबर रहे हैं। गांगुली ने कहा, मैंने कोच (अशोक मल्होत्रा) से इस संबंध में बात की है। खिलाड़ियों को स्थिति को समझना होगा और जिम्मेदारी लेनी होगी।
यहाँ एक सारांश है:पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने तेज गेंदबाज श्रीसंत के लिए दुख जताया, जिन्हें आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में आजीवन प्रतिबंध की सजा सुनाई गई है। गांगुली ने कहा, अगर उसने ऐसा किया है, तो मुझे लगता है कि यह सही फैसला है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लंबे समय से बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) को शनिवार की रात को एक बार फिर गोवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, उन्हें उच्च गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. फिलहाल पर्रिकर (Manohar Parrikar) की सेहत स्थिर बनी हुई है और उन्हें करीब 48 घंटे डॉक्टरों की देखरेख में रखा जाएगा. मनोहर पर्रिकर को अस्पताल ले जाने के बाद जीएमसीएच के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. इससे पहले गोवा सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय सरदेसाई ने मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की थी. इसके बाद सरदेसाई ने पर्रिकर (Manohar Parrikar) को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखे जाने की खबरों को खारिज कर दिया. आपको बता दें कि  पर्रिकर पिछले करीब एक साल से अस्वस्थ चल रहे हैं. उन्हें पैंक्रियाज संबंधी समस्या है.
यह एक सारांश है: मनोहर पर्रिकर फिर अस्पताल में भर्ती लंबे समय से बीमार चल रहे हैं पर्रिकर अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: सूत्रों के अनुसार रेलवे, कोल माइंस और कोल फील्ड्स, मेडिकल, हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशन, कस्टम डिपार्टमेंट, फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया, पावर, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, ईएसआईसी, ट्रांसपोर्ट, सीपीब्ल्यूडी, डायरेक्टर्स ऑफ स्टेट, फायर सर्विसेस, सब रजिस्ट्रार ऑफिस, इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट ऑफ एनटीसी, जीएसटी डिपार्टमेंट, नेशनल हाइवेज, बीएवीपी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पब्लिक सेक्टर की ऑइल कंपनी, डीजीएफटी, पब्लिक सेक्टर के बैंक, फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन, एएसआई, एग्रीकल्चर, शिपिंग कोर्पोरेशन बीएसएनएल, माइंस एंड मिनरल्स, केंटोनमेंट बोर्ड जैसे सभी विभागों में यह कार्रवाई की गई. देशभर में 150 स्थानों पर इन विभागों में विजिलेंस अफसरों के साथ मिलकर सीबीआई ने आज ज्वाइंट सरप्राइज जांच की. इसका मकसद इन विभागों में भ्रष्टाचार की सरप्राइज जांच करना और लोगों को जागरूक करना है. यह बताया गया कि लोग कैसे इन सरकारी विभागों में करप्शन की शिकायत कर सकते हैं, कहां से करप्शन की संभावना ज्यादा होती है. सूत्रों के मुताबिक यह सरप्राइज ज्वाइंट चैक्स है रेड नहीं हैं. यह अभियान दिल्ली, जयपुर, जोधपुर, गुवाहाटी, श्रीनगर, शिलांग, चड़ीगढ़, शिमला, चेन्नई, मदुरई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, गांधीनगर, गोवा, जबलपुर, नागपुर, पटना, रांची, गाजियाबाद, देहरादून, लखनऊ आदि शहरों में चला. इसमें 150 से ज्यादा जगहों पर सीबीआई ने इन विभागों में विजिलेंस अफसरों के साथ मिलकर सरप्राइज चैक किया. यह कार्रवाई इस बात को ध्यान में रखकर की गई कि भ्रष्टाचार की वजह से सरकारी तंत्र में आम आदमी और छोटे कारोबारियों को सबसे ज्यादा चोट पहुंचती है.
संक्षिप्त पाठ: सीबीआई ने विजलेंस विभाग के साथ जांच पड़ताल की उन सभी विभागों में जांच हुई जिनसे आम लोगों का वास्ता भ्रष्टाचार की सरप्राइज जांच हुई, लोगों को जागरूक किया गया
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi ) ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रैली में कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) कांग्रेस के प्रति नरम रुख दिखा रही है, लेकिन बसपा प्रमुख मायावती कांग्रेस पर हमला बोल रही हैं. पीएम ने रायबरेली में सपा की बैठक में प्रियंका गांधी की मौजूदगी का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता तो सपा के साथ मंच साझा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि कांग्रेस का पतन तो देखिए, इसका दर्जा घटकर ‘वोट कटवा' पार्टी का हो गया है. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री मोदी लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में सभाएं कर रहे हैं. एक दिन पहले ही पीएम ने राजस्थान के बीकानेर में विपक्ष पर करारा हमला बोला था. इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की. उन्होंने जनता के सामने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की कामयाबी के बारे में बताया. पाकिस्तान और आतंकवाद पर भी जमकर निशाना साधा था. बेनामी संपत्ति कानून लागू और शत्रु संपत्ति कानून का जिक्र किया. इसके अलावा पीएम सेना की बढ़ती ताकत समेत कई मुद्दों पर जोरदार तरीके से गरजे. उन्होंने कहा, 'जब देश में मजबूत सरकार होती है, तब दुनिया भी भारत की बातों को गौर से सुनती है. जब मजबूत सरकार होती है, तब वन रैंक वन पेंशन का दशकों पुराना वादा पूरा किया जाता है. जब मजबूत सरकार होती है, तब ही दशकों से अटका हुआ बेनामी संपत्ति कानून लागू होता है. आतंकवाद पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा, 'सीमापार आतंक के आकाओं को दिन-रात मोदी सपने में आता रहता है'.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीएम मोदी ने प्रतापगढ़ में की रैली सपा-बसपा गठबंधन पर साधा निशाना कांग्रेस को बताया वोट कटवा पार्टी
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश में कॉरपोरेट सेक्टर के विकास को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने नई मैन्युफैक्चरिंग नीति को मंज़ूरी दे दी है। सरकार का इरादा इस नई उत्पादन नीति के तहत कई विशालकाय औद्योगिक क्षेत्र बनाने का है जहां उद्योगों को कई तरह की रियायतें मिलेंगी। फिलहाल भारतीय अथर्व्यवस्था में उत्पादन का हिस्सा पंद्रह−सोलह फ़ीसदी का है जिसे सरकार 25 फ़ीसदी तक लाना चाहती है। यही नहीं सरकार बढ़ती बेरोज़गारी पर काबू पाना भी अपना एक लक्ष्य बता रही है। सरकार का दावा है कि इस नई नीति से अगले दस साल में दस करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी। इसके तहत मेगा इंडस्ट्रियल ज़ोन बनाया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे अगले 10 सालों में 10 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी। साथ ही कैबिनेट ने 15 लाख रुपये तक के होम लोन पर एक फ़ीसदी सब्सिडी देने का फ़ैसला किया है। इस फ़ैसले का फ़ायदा होम लेने वाले लोगों में से 30 फ़ीसदी को होगा। इसके अलावा प्रिंट मीडिया के पत्रकारों और दूसरे कमर्चारियों के लिए वेज बोर्ड की सिफारिशें भी कैबिनेट ने मान ली हैं। वेज बोर्ड ने सैलरी तीन गुना बढ़ाने की सिफारिश की है। साथ ही रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करने का भी प्रस्ताव रखा है।
संक्षिप्त पाठ: सरकार का इरादा इस नई उत्पादन नीति के तहत कई विशालकाय औद्योगिक क्षेत्र बनाने का है जहां उद्योगों को कई तरह की रियायतें मिलेंगी।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: फतेहपुर जिले की बिंदकी कोतवाली क्षेत्र स्थित एक मदरसे में गोमांस होने के संदेह में मंगलवार सुबह कुछ अराजक तत्वों ने उस पर पथराव किया और आगजनी का प्रयास किया. घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस अधीक्षक रमेश ने बताया कि मंगलवार सुबह बिंदकी कोतवाली के बेहटा गांव में गोमांस बरामद होने की अफवाह के बाद कुछ अराजकतत्वों ने एक मदरसे पर हमला कर उस पर पथराव किया और उसकी बाउंड्री गिरा दी. इसके बाद आगजनी की कोशिश भी की गई. घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में मामला दर्ज कर माहौल खराब करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है. गांव में शांति है और भारी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस के कई अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं. हालही उत्तर प्रदेश के बागपत (Baghpat) जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था. जिले के दोघट क्षेत्र में एक मस्जिद के इमाम के साथ कुछ युवकों ने कथित रुप से मारपीट कर उनकी दाढ़ी नोच ली और उनपर 'जय श्री राम' कहने का दबाव बनाया. बागपत (Baghpat) के पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने रविवार को बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला सिर्फ मारपीट का लग रहा है. फिर भी तहरीर के आधार पर पुलिस ने करीब 12 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने दर्ज रिपोर्ट के आधार पर बताया कि मुजफ्फरनगर के जौला के निवासी इमलाकुर्रहमान शनिवार की शाम मोटरसाइकिल से सरधना से अपने गांव जा रहे थे. रास्ते में दोघट थाना क्षेत्र के सरौरा गांव के पास सड़क के किनारे खड़े करीब 12 युवकों ने उन्‍हें रोक लिया और मारपीट कर उनकी दाढ़ी नोच ली.   जानकारी के मुताबिक इमलाकुर्रहमान सरधना की एक मस्जिद में इमामत करते हैं. इमाम का आरोप है कि युवक उनसे जबरन 'जय श्री राम' का नारा लगवाना चाहते थे. इमाम के शोर मचाने पर राहगीर एवं उनके ही गांव के सुहैल तथा नदीम मौके पर पहुंचे और उन्हें हमलावर युवकों के चंगुल से छुड़ाया. तहरीर में आरोप है कि युवक इमाम को यह धमकी देकर चले गए कि यहां दोबारा मत आना. अगर आना है तो दाढ़ी कटवाकर आना होगा. बहरहाल, पुलिस ने तहरीर के आधार पर करीब 12 अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है. पुलिस अधीक्षक के अनुसार अभी तक मारपीट की वजह मालूम नहीं हो सकी है.  वहीं कुछ दिन पहले उन्नाव में एक मदरसे के बच्चों की जय श्री राम के नारे नहीं लगाने पर पिटाई करने का मामला सामने आया था. इस घटना में कई बच्चे जख्मी हो गए थे. मदरसे के लोगों का आरोप था कि हमला करने वाले लोग बजरंग दल (Bajrang Dal) के थे. हमलावरों ने कई बच्चों की साइकिल भी तोड़ दी. फिलहाल इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है. पुलिस ने  कुछ लोग हिरासत में लिए गए हैं और उनसे पूछताछ की गई.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गोमांस के शक में मदरसे पर किया पथराव बाउंड्री गिराकर की आगजनी बाउंड्री गिराकर की आगजनी
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फर्जी निवेश योजनाओं के अनेक मामले सामने आने के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को निवेशकों से कहा कि वे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) सहित अन्य वित्तीय फर्मों में पैसा जमा कराने से पहले अपने फैसले पर सतर्कता से सोच विचार करें। केंद्रीय बैंक ने निवेशकों के लिए इस बारे में परामर्श सारदा घोटाले जैसी उन कई घटनाओं के सामने आने के बीच जारी किया है जिनमें हजारों निवेशकों को चूना लगाया गया है। रिजर्व बैंक ने निवेशकों को बताया है कि किसी वित्तीय फर्म द्वारा गैर कानूनी रूप से पैसे जमा कराने या जमाओं का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत वे कहां कर सकते हैं। बैंक ने कहा है कि निवेशक किसी भी एनबीएफसी में पैसा जमा कराने से पहले उसकी वेबसाइट पर यह देख सकते हैं कि वह उसके यहां पंजीबद्ध है या नहीं। इसके अलावा वे बाजार से 'अनाप शनाप' अधिक ब्याज दर या निवेश पर रिटर्न की पेशकश के प्रति भी सचेत रहें। फिलहाल एनबीएफसी किसी जमाकर्ता को 12.5 प्रतिशत से अधिक ब्याज दर की पेशकश नहीं कर सकती। हालांकि रिजर्व बैंक इस सीमा में बदलाव करता रहता है। टिप्पणियां केंद्रीय बैंक ने अपने परामर्श में जमाकर्ताओं से अपनी हर जमा की सही रसीद लेने जैसी बुनियादी जानकारियां भी दी हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह चिटफंड गतिविधियों या सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआईएस) का नियमन नहीं करता है। केंद्रीय बैंक ने निवेशकों के लिए इस बारे में परामर्श सारदा घोटाले जैसी उन कई घटनाओं के सामने आने के बीच जारी किया है जिनमें हजारों निवेशकों को चूना लगाया गया है। रिजर्व बैंक ने निवेशकों को बताया है कि किसी वित्तीय फर्म द्वारा गैर कानूनी रूप से पैसे जमा कराने या जमाओं का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत वे कहां कर सकते हैं। बैंक ने कहा है कि निवेशक किसी भी एनबीएफसी में पैसा जमा कराने से पहले उसकी वेबसाइट पर यह देख सकते हैं कि वह उसके यहां पंजीबद्ध है या नहीं। इसके अलावा वे बाजार से 'अनाप शनाप' अधिक ब्याज दर या निवेश पर रिटर्न की पेशकश के प्रति भी सचेत रहें। फिलहाल एनबीएफसी किसी जमाकर्ता को 12.5 प्रतिशत से अधिक ब्याज दर की पेशकश नहीं कर सकती। हालांकि रिजर्व बैंक इस सीमा में बदलाव करता रहता है। टिप्पणियां केंद्रीय बैंक ने अपने परामर्श में जमाकर्ताओं से अपनी हर जमा की सही रसीद लेने जैसी बुनियादी जानकारियां भी दी हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह चिटफंड गतिविधियों या सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआईएस) का नियमन नहीं करता है। रिजर्व बैंक ने निवेशकों को बताया है कि किसी वित्तीय फर्म द्वारा गैर कानूनी रूप से पैसे जमा कराने या जमाओं का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत वे कहां कर सकते हैं। बैंक ने कहा है कि निवेशक किसी भी एनबीएफसी में पैसा जमा कराने से पहले उसकी वेबसाइट पर यह देख सकते हैं कि वह उसके यहां पंजीबद्ध है या नहीं। इसके अलावा वे बाजार से 'अनाप शनाप' अधिक ब्याज दर या निवेश पर रिटर्न की पेशकश के प्रति भी सचेत रहें। फिलहाल एनबीएफसी किसी जमाकर्ता को 12.5 प्रतिशत से अधिक ब्याज दर की पेशकश नहीं कर सकती। हालांकि रिजर्व बैंक इस सीमा में बदलाव करता रहता है। टिप्पणियां केंद्रीय बैंक ने अपने परामर्श में जमाकर्ताओं से अपनी हर जमा की सही रसीद लेने जैसी बुनियादी जानकारियां भी दी हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह चिटफंड गतिविधियों या सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआईएस) का नियमन नहीं करता है। इसके अलावा वे बाजार से 'अनाप शनाप' अधिक ब्याज दर या निवेश पर रिटर्न की पेशकश के प्रति भी सचेत रहें। फिलहाल एनबीएफसी किसी जमाकर्ता को 12.5 प्रतिशत से अधिक ब्याज दर की पेशकश नहीं कर सकती। हालांकि रिजर्व बैंक इस सीमा में बदलाव करता रहता है। टिप्पणियां केंद्रीय बैंक ने अपने परामर्श में जमाकर्ताओं से अपनी हर जमा की सही रसीद लेने जैसी बुनियादी जानकारियां भी दी हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह चिटफंड गतिविधियों या सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआईएस) का नियमन नहीं करता है। केंद्रीय बैंक ने अपने परामर्श में जमाकर्ताओं से अपनी हर जमा की सही रसीद लेने जैसी बुनियादी जानकारियां भी दी हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह चिटफंड गतिविधियों या सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआईएस) का नियमन नहीं करता है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह चिटफंड गतिविधियों या सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआईएस) का नियमन नहीं करता है।
यह एक सारांश है: फर्जी निवेश योजनाओं के अनेक मामले सामने आने के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को निवेशकों से कहा कि वे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) सहित अन्य वित्तीय फर्मों में पैसा जमा कराने से पहले अपने फैसले पर सतर्कता से सोच विचार करें।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र (Maharashtra) में बड़े उलटफेर के बाद बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने दोबारा सीएम पद की शपथ ले ली है. वहीं, एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. सुबह करीब आठ बजे राजभवन में राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस उलटफेर के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के नेता व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट करते हुए विपक्ष पार्टियों पर तंज कसा है. राम विलास पासवान ने अपने ट्वीट में लिखा, ''सड़क पर वही जानवर मरता है जो निर्णय नहीं लेता है कि दाएं जाएं या बाएं जाएं.'' इस ट्वीट से साफ जाहिर है कि पासवान ने विपक्ष पर निशाना साधा है कि करीब एक महीने के लंबे समय के अंतराल के बाद भी महाराष्ट्र में सरकार बना पाने में असफल रही, जिसके बाद बीजेपी ने एनसीपी नेता अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बना ली. आपको बता दें कि आज सुबह तक महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही जा रही थी. तीनों दल उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने पर सहमत भी हो गए थे और चर्चा थी कि आज औपचारिक तौर पर वे राज्यपाल से मिलकर दावा पेश करते, लेकिन इसी बीच फडणवीस दोबारा सीएम बन गए. सड़क पर वही जानवर मरता है जो निर्णय नहीं लेता है कि दाएं जाएं या बाएं जाएं। आपको बता दें कि महाराष्ट्र के घटनाक्रम पर शरद पवार ने कहा है कि बीजेपी को समर्थन करना अजित पवार का निजी फैसला है. एनसीपी इसमें शामिल नहीं है. शरद पवार ने कहा, 'मैं उनके इस फैसले का किसी तरह से समर्थन नहीं करता हूं.' दूसरी तरफ, डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के बाद अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में नतीजे आने के बाद कोई सरकार नहीं बना पाया. महाराष्ट्र में कई दिक्कते हैं. हमने निर्णय लिया और स्थिर सरकार बनाई है.
यह एक सारांश है: महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने किया ट्वीट बोले- सड़क पर वही जानवर मरता है जो...
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को पिछले कुछ सालों में अभूतपूर्व कामयाबी मिली, और इस दौरान आई उनकी हर फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्मों के क्लब में जगह बनाई... इस दौरान सलमान खान की कई फिल्में - 'वॉन्टेड', 'बॉडीगार्ड', 'रेडी', 'एक था टाइगर', 'दबंग' और 'दबंग 2' - रिलीज़ हुईं, और बेहद कामयाब रहीं... लेकिन अब इस सुपरस्टार का मानना है कि इस तरह का सिनेमा अब शायद जल्दी ही मरने वाला है...टिप्पणियां सलमान खान ने कहा, "मेरा मानना है कि जब 'वॉन्टेड' और 'दबंग' जैसी फिल्में आई थीं, तब यह एक नया फॉर्मूला था, लेकिन अब इस तरह के सिनेमा की जैसे बाढ़-सी आ गई है... ये फिल्में आज तक हिट ज़रूर रही हैं, लेकिन इनमें क्रिएटिविटी के नाम पर कुछ नहीं था... लगता है, सब फिल्में एक जैसी हैं... अब पता नहीं, कौन-सा फॉर्मूला दर्शकों के बीच हिट होगा..." इन सभी हिट फिल्मों के बाद 'बॉलीवुड के दबंग' और 'चुलबुल पांडे' कहकर पुकारे जाने वाले सलमान खान ने कहा, "मेरी आने वाली सभी फिल्में, चाहे वह 'जय हो' हो, 'किक' हो या फिर सूरज बड़जात्या की 'हीरो' हो, इस तरह की मास एन्टरटेनर फिल्मों की भेड़चाल से बिल्कुल अलग हैं..." सलमान खान ने कहा, "मेरा मानना है कि जब 'वॉन्टेड' और 'दबंग' जैसी फिल्में आई थीं, तब यह एक नया फॉर्मूला था, लेकिन अब इस तरह के सिनेमा की जैसे बाढ़-सी आ गई है... ये फिल्में आज तक हिट ज़रूर रही हैं, लेकिन इनमें क्रिएटिविटी के नाम पर कुछ नहीं था... लगता है, सब फिल्में एक जैसी हैं... अब पता नहीं, कौन-सा फॉर्मूला दर्शकों के बीच हिट होगा..." इन सभी हिट फिल्मों के बाद 'बॉलीवुड के दबंग' और 'चुलबुल पांडे' कहकर पुकारे जाने वाले सलमान खान ने कहा, "मेरी आने वाली सभी फिल्में, चाहे वह 'जय हो' हो, 'किक' हो या फिर सूरज बड़जात्या की 'हीरो' हो, इस तरह की मास एन्टरटेनर फिल्मों की भेड़चाल से बिल्कुल अलग हैं..." इन सभी हिट फिल्मों के बाद 'बॉलीवुड के दबंग' और 'चुलबुल पांडे' कहकर पुकारे जाने वाले सलमान खान ने कहा, "मेरी आने वाली सभी फिल्में, चाहे वह 'जय हो' हो, 'किक' हो या फिर सूरज बड़जात्या की 'हीरो' हो, इस तरह की मास एन्टरटेनर फिल्मों की भेड़चाल से बिल्कुल अलग हैं..."
संक्षिप्त पाठ: इन हिट फिल्मों की बदौलत 'बॉलीवुड के दबंग' कहकर पुकारे जाने वाले सलमान खान ने कहा, "इस तरह का सिनेमा अब शायद जल्दी ही मरने वाला है..."
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की ‘प्रचंड लहर' पर सवार भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद, हिंदू गौरव और ‘नये भारत' के मुद्दों पर लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करके लगातार दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाने जा रही है. चुनाव आयोग से मिल रहे नतीजों के मुताबिक बीजेपी 303 जीती है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल उसके सहयोगी लगभग 350 सीटों पर जीत हासिल करते हुए दिख रहे है. एनडीए ने पिछले लोकसभा चुनाव में 336 सीटों पर विजय हासिल की थी. जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद मोदी देश के तीसरे और पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री है जो लोकसभा में लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायेंगे. इसके साथ ही उन्होंने दूसरी बार इस धारणा को  तोड़ दिया है कि केन्द्र की सत्ता में अब गठबंधन का दौर शायद ही खत्म हो. चुनाव आयोग द्वारा जारी मतगणना के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस के 52 सीटों तक ही सिमटने के ही आसार नजर आ रहे हैं. बीजेपी की लहर इतनी प्रचंड थी कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने परिवार के गढ़ अमेठी में स्मृति ईरानी से हार गए हालांकि वह केरल में वायनाड से जीत गए. इस चुनाव ने 68 बरस के नरेंद्र दामोदरदास मोदी को पिछले कई दशकों में सबसे लोकप्रिय नेता बना दिया.
संक्षिप्त पाठ: बीजेपी को अकेले 303 सीटें बिहार में विपक्ष का सूपड़ा साफ उत्तर प्रदेश में नहीं चला गठबंधन
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: विश्व कप जीतने का सपना पूरा करने के साथ ही गुरु गैरी का भारतीय टीम के साथ यादगार सफर भी वानखेड़े स्टेडियम पर खत्म हो गया। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर गैरी कर्स्टन ऑस्ट्रेलियाई कोच ग्रेग चैपल का विवादित दौर खत्म होने के बाद टीम इंडिया से जुड़े थे। उनके बेहद सफल कार्यकाल में भारत ने टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन का दर्जा हासिल किया और शनिवार को वनडे क्रिकेट का विश्व कप जीता। जीत के बाद सुरेश रैना ने कर्स्टन को कंधे पर उठाकर मैदान का चक्कर लगाया और उनका साथ दिया विराट कोहली ने। पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाले कर्स्टन ही वह रणनीतिकार हैं, जिन्होंने धोनी एंड कंपनी की जीत की गाथा लिखी। विश्व कप 2007 में पहले ही दौर से बाहर होने वाली टीम इंडिया को कर्स्टन जैसे ही किसी शांतचित्त और दृढ कोच की जरूरत थी। गैरी के दौर में ही चैम्पियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने फिटनेस समस्याओं से उबरकर वापसी की। तेज गेंदबाज जहीर खान, विश्व कप के मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने भी खराब दौर से निकलकर वापसी की। विराट कोहली और सुरेश रैना जैसे खिलाड़ियों का उदय भी इसी दौर में हुआ। अब टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि कर्स्टन की जगह कौन लेगा।
संक्षिप्त सारांश: विश्व कप जीतने का सपना पूरा करने के साथ ही गुरु गैरी का भारतीय टीम के साथ यादगार सफर भी वानखेड़े स्टेडियम पर खत्म हो गया।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की कार्रवाई में पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रणबीर सिंह पोरा में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक तस्कर मारा गया। यह जानकारी एक अधिकारी ने यहां बुधवार को दी।  बीएसएफ सूत्रों ने कहा कि मादक पदार्थों के दो तस्करों ने मंगलवार रात एक नदी के रास्ते भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की। बीएसएफ के जवानों ने उन्हें ललकारा। इस पर तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों की कार्रवाई में एक तस्कर मारा गया। बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा, "मारे गए तस्कर के पास से एके श्रेणी की राइफल की एक मैग्जीन और मादक पदार्थों से भरे पांच थैले बरामद हुए हैं।" तस्कर के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। अधिकारी ने कहा, "लगता है कि सीमा पार के तस्कर पकड़े जाने से बचने लिए अब घुसपैठ के लिए जमीन के बदले नदी मार्ग का सहारा ले रहे हैं। लेकिन हम सीमा पर हर जगह नजर रखे हुए हैं।" ज्ञात हो कि जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान के साथ भारत की 198 किलोमीटर लम्बी सीमा लगी हुई है।
यह एक सारांश है: कश्मीर में बीएसएफ के जवानों की कार्रवाई में पाक से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रणबीर सिंह पोरा में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तस्कर मारा गया।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीते दौर के मशहूर अभिनेता दिवंगत राजेश खन्ना ने ह्रदय रोग विशेषज्ञ मुकेश हरियावाला से एक बार पूछा था, "मैं उम्मीद करता हूं कि आप बहुत महंगे ह्रदय रोग सर्जन नहीं होंगे, हो सकता है कि मुझे एक दिन आपकी सेवाएं लेनी पड़े।" राजेश जब प्रख्यात संगीतकर आरडी बर्मन से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे तब उनकी मुलाकात हरिवाला से हुई थी। बर्मन लंदन के एक अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे और राजेश उनसे मुलाकात के लिए वहां पहुंचे थे। लंदन के प्रिंसेस ग्रेस अस्पताल में बर्मन की सर्जरी के पांचवे दिन राजेश उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे। वह अपनी फिल्म 'आराधना' के निर्देशक शक्ती सामंत के साथ वहां पहुंचे थे। हरियावाला ने बोस्टन से दिए एक साक्षात्कार में बताया कि यह वर्ष 1989 की बात है। राजेश ने अस्पताल में पंचम के नाम से मशहूर बर्मन को देखकर कहा था, "मैं आपको रिकॉर्डिग स्टूडियो में ढूंढ़ रहा था लेकिन मुझे बताया गया कि आप यहां लंदन के अस्पताल में हैं।" उन्होंने कहा, "तो पहली फ्लाइट ली, और सीधे यहां चला आया।" पंचम का 1994 में निधन हो गया था और काका नाम से मशहूर राजेश ने भी बीती 18 जुलाई को अंतिम सांसें लीं। हरियावाला ने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि राजेश खन्ना और आर.डी. बर्मन का साथ किस्मत में था। पंचम व काका के बीच का स्नेही सम्बंध मेरे दिल को छू गया था।" दोनों ने साथ में कई सफल फिल्में दीं। पंचम ने राजेश के लिए 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं', 'ओ मेरे दिल के चैन' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुरीले गीत दिए। हरियावाला ने याद करते हुए बताया कि कैसे राजेश पंचम को अस्पताल से समीप के पब में बीयर पीने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।टिप्पणियां उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। राजेश जब प्रख्यात संगीतकर आरडी बर्मन से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे तब उनकी मुलाकात हरिवाला से हुई थी। बर्मन लंदन के एक अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे और राजेश उनसे मुलाकात के लिए वहां पहुंचे थे। लंदन के प्रिंसेस ग्रेस अस्पताल में बर्मन की सर्जरी के पांचवे दिन राजेश उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे। वह अपनी फिल्म 'आराधना' के निर्देशक शक्ती सामंत के साथ वहां पहुंचे थे। हरियावाला ने बोस्टन से दिए एक साक्षात्कार में बताया कि यह वर्ष 1989 की बात है। राजेश ने अस्पताल में पंचम के नाम से मशहूर बर्मन को देखकर कहा था, "मैं आपको रिकॉर्डिग स्टूडियो में ढूंढ़ रहा था लेकिन मुझे बताया गया कि आप यहां लंदन के अस्पताल में हैं।" उन्होंने कहा, "तो पहली फ्लाइट ली, और सीधे यहां चला आया।" पंचम का 1994 में निधन हो गया था और काका नाम से मशहूर राजेश ने भी बीती 18 जुलाई को अंतिम सांसें लीं। हरियावाला ने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि राजेश खन्ना और आर.डी. बर्मन का साथ किस्मत में था। पंचम व काका के बीच का स्नेही सम्बंध मेरे दिल को छू गया था।" दोनों ने साथ में कई सफल फिल्में दीं। पंचम ने राजेश के लिए 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं', 'ओ मेरे दिल के चैन' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुरीले गीत दिए। हरियावाला ने याद करते हुए बताया कि कैसे राजेश पंचम को अस्पताल से समीप के पब में बीयर पीने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।टिप्पणियां उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। लंदन के प्रिंसेस ग्रेस अस्पताल में बर्मन की सर्जरी के पांचवे दिन राजेश उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे। वह अपनी फिल्म 'आराधना' के निर्देशक शक्ती सामंत के साथ वहां पहुंचे थे। हरियावाला ने बोस्टन से दिए एक साक्षात्कार में बताया कि यह वर्ष 1989 की बात है। राजेश ने अस्पताल में पंचम के नाम से मशहूर बर्मन को देखकर कहा था, "मैं आपको रिकॉर्डिग स्टूडियो में ढूंढ़ रहा था लेकिन मुझे बताया गया कि आप यहां लंदन के अस्पताल में हैं।" उन्होंने कहा, "तो पहली फ्लाइट ली, और सीधे यहां चला आया।" पंचम का 1994 में निधन हो गया था और काका नाम से मशहूर राजेश ने भी बीती 18 जुलाई को अंतिम सांसें लीं। हरियावाला ने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि राजेश खन्ना और आर.डी. बर्मन का साथ किस्मत में था। पंचम व काका के बीच का स्नेही सम्बंध मेरे दिल को छू गया था।" दोनों ने साथ में कई सफल फिल्में दीं। पंचम ने राजेश के लिए 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं', 'ओ मेरे दिल के चैन' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुरीले गीत दिए। हरियावाला ने याद करते हुए बताया कि कैसे राजेश पंचम को अस्पताल से समीप के पब में बीयर पीने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।टिप्पणियां उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। राजेश ने अस्पताल में पंचम के नाम से मशहूर बर्मन को देखकर कहा था, "मैं आपको रिकॉर्डिग स्टूडियो में ढूंढ़ रहा था लेकिन मुझे बताया गया कि आप यहां लंदन के अस्पताल में हैं।" उन्होंने कहा, "तो पहली फ्लाइट ली, और सीधे यहां चला आया।" पंचम का 1994 में निधन हो गया था और काका नाम से मशहूर राजेश ने भी बीती 18 जुलाई को अंतिम सांसें लीं। हरियावाला ने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि राजेश खन्ना और आर.डी. बर्मन का साथ किस्मत में था। पंचम व काका के बीच का स्नेही सम्बंध मेरे दिल को छू गया था।" दोनों ने साथ में कई सफल फिल्में दीं। पंचम ने राजेश के लिए 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं', 'ओ मेरे दिल के चैन' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुरीले गीत दिए। हरियावाला ने याद करते हुए बताया कि कैसे राजेश पंचम को अस्पताल से समीप के पब में बीयर पीने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।टिप्पणियां उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। पंचम का 1994 में निधन हो गया था और काका नाम से मशहूर राजेश ने भी बीती 18 जुलाई को अंतिम सांसें लीं। हरियावाला ने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि राजेश खन्ना और आर.डी. बर्मन का साथ किस्मत में था। पंचम व काका के बीच का स्नेही सम्बंध मेरे दिल को छू गया था।" दोनों ने साथ में कई सफल फिल्में दीं। पंचम ने राजेश के लिए 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं', 'ओ मेरे दिल के चैन' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुरीले गीत दिए। हरियावाला ने याद करते हुए बताया कि कैसे राजेश पंचम को अस्पताल से समीप के पब में बीयर पीने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।टिप्पणियां उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। हरियावाला ने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि राजेश खन्ना और आर.डी. बर्मन का साथ किस्मत में था। पंचम व काका के बीच का स्नेही सम्बंध मेरे दिल को छू गया था।" दोनों ने साथ में कई सफल फिल्में दीं। पंचम ने राजेश के लिए 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं', 'ओ मेरे दिल के चैन' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुरीले गीत दिए। हरियावाला ने याद करते हुए बताया कि कैसे राजेश पंचम को अस्पताल से समीप के पब में बीयर पीने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।टिप्पणियां उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। दोनों ने साथ में कई सफल फिल्में दीं। पंचम ने राजेश के लिए 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं', 'ओ मेरे दिल के चैन' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुरीले गीत दिए। हरियावाला ने याद करते हुए बताया कि कैसे राजेश पंचम को अस्पताल से समीप के पब में बीयर पीने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।टिप्पणियां उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। हरियावाला ने याद करते हुए बताया कि कैसे राजेश पंचम को अस्पताल से समीप के पब में बीयर पीने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई।टिप्पणियां उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। उन्होंने बताया, "राजेश इससे निराश हुए थे लेकिन उन्होंने अस्पताल के नियम तोड़ने का सुझाव देने के लिए विनम्रता के साथ माफी मांगी थी।" बाद में उन्होंने अस्पताल में बर्मन के सफल ऑपरेशन का जश्न मनाने की योजना बनाई। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं। अस्पताल में जब बर्मन ने राजेश को बताया कि हरिवाला ने देखा कि उनका दिल सामान्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, पूरी दुनिया जानती है कि पंचम बड़े दिल वाले हैं।
सारांश: राजेश जब प्रख्यात संगीतकर आरडी बर्मन से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे तब उनकी मुलाकात हरिवाला से हुई थी। बर्मन लंदन के एक अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे और राजेश उनसे मुलाकात के लिए वहां पहुंचे थे।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर के तीन राज्यों-त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी। ये चुनाव फरवरी महीने में होंगे। त्रिपुरा में 14 फरवरी को जबकि मेघालय व नागालैंड में 23 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस सम्पत ने यहां शुक्रवार को चुनावी कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि तीनों विधानसभा चुनावों के परिणाम 28 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। त्रिपुरा में 21 जनवरी को चुनावी अधिसूचना जारी होगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 28 जनवरी होगी और नामांकन पत्रों की जांच 29 जनवरी को की जाएगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 31 जनवरी होगी।टिप्पणियां मेघालय और नागालैंड में अधिसूचना 30 जनवरी को जारी की जाएगी। नामांकन भरने की अंतिम तिथि छह फरवरी होगी, और नामांकन पत्रों की जांच सात फरवरी को की जाएगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि नौ फरवरी होगी। इनमें से प्रत्येक राज्य में 60 विधानसभा सीटें हैं। मेघालय में 55 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं, जबकि नागालैंड में अनुसूचित जनजातियों के लिए 59 सीटें आरक्षित हैं। त्रिपुरा में 10 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए और 20 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस सम्पत ने यहां शुक्रवार को चुनावी कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि तीनों विधानसभा चुनावों के परिणाम 28 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। त्रिपुरा में 21 जनवरी को चुनावी अधिसूचना जारी होगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 28 जनवरी होगी और नामांकन पत्रों की जांच 29 जनवरी को की जाएगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 31 जनवरी होगी।टिप्पणियां मेघालय और नागालैंड में अधिसूचना 30 जनवरी को जारी की जाएगी। नामांकन भरने की अंतिम तिथि छह फरवरी होगी, और नामांकन पत्रों की जांच सात फरवरी को की जाएगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि नौ फरवरी होगी। इनमें से प्रत्येक राज्य में 60 विधानसभा सीटें हैं। मेघालय में 55 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं, जबकि नागालैंड में अनुसूचित जनजातियों के लिए 59 सीटें आरक्षित हैं। त्रिपुरा में 10 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए और 20 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। त्रिपुरा में 21 जनवरी को चुनावी अधिसूचना जारी होगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 28 जनवरी होगी और नामांकन पत्रों की जांच 29 जनवरी को की जाएगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 31 जनवरी होगी।टिप्पणियां मेघालय और नागालैंड में अधिसूचना 30 जनवरी को जारी की जाएगी। नामांकन भरने की अंतिम तिथि छह फरवरी होगी, और नामांकन पत्रों की जांच सात फरवरी को की जाएगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि नौ फरवरी होगी। इनमें से प्रत्येक राज्य में 60 विधानसभा सीटें हैं। मेघालय में 55 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं, जबकि नागालैंड में अनुसूचित जनजातियों के लिए 59 सीटें आरक्षित हैं। त्रिपुरा में 10 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए और 20 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। मेघालय और नागालैंड में अधिसूचना 30 जनवरी को जारी की जाएगी। नामांकन भरने की अंतिम तिथि छह फरवरी होगी, और नामांकन पत्रों की जांच सात फरवरी को की जाएगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि नौ फरवरी होगी। इनमें से प्रत्येक राज्य में 60 विधानसभा सीटें हैं। मेघालय में 55 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं, जबकि नागालैंड में अनुसूचित जनजातियों के लिए 59 सीटें आरक्षित हैं। त्रिपुरा में 10 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए और 20 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। इनमें से प्रत्येक राज्य में 60 विधानसभा सीटें हैं। मेघालय में 55 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं, जबकि नागालैंड में अनुसूचित जनजातियों के लिए 59 सीटें आरक्षित हैं। त्रिपुरा में 10 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए और 20 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं।
सारांश: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर के तीन राज्यों-त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी। ये चुनाव फरवरी महीने में होंगे। त्रिपुरा में 14 फरवरी को जबकि मेघालय व नागालैंड में 23 फरवरी को वोट डाले जाएंगे।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एशिया कप के लिए वीरेंद्र सहवाग को भारतीय टीम में शामिल नहीं किये जाने के मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया जब एक मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया कि इस सलामी बल्लेबाज ने बीसीसीआई से खुद आराम की मांग की थी।टिप्पणियां एक अखबार ने सहवाग के हवाले से कहा, ‘मेरी पीठ में दर्द है। मुझे आराम की जरूरत है। मैंने फिटनेस के मामले में कभी अपने टीम प्रबंधन को अंधेरे में नहीं रखा। मेरी चोट सबके सामने है।’ मुख्य चयनकर्ता कृष्णामाचारी श्रीकांत ने कल कहा था कि सहवाग को फिटनेस कारणों से बाहर रखा गया है। जब एक रिपोर्टर ने इस बारे में कुछ सवाल पूछे तो श्रीकांत का जवाब था ‘चुप रहो।’ यदि सहवाग ने आराम मांगा था तो श्रीकांत मीडिया को इसके बारे में बता सकते थे। उन्होंने बुधवार की रात को एक टीवी चैनल से कहा कि सहवाग के कंधे में चोट है जबकि अखबार ने सहवाग के हवाले से कहा कि उसकी पीठ में दर्द है। सहवाग ने कहा, ‘मैंने कभी अपनी चोट या फिटनेस समस्या नहीं छिपाई है। मेरे कंधे का आपरेशन भी तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मशविरे के बाद ही तय किया गया।’ अखबार ने दावा किया कि धोनी और कोच डंकन फ्लेचर ने चयनकर्ताओं को बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौर के बाद सहवाग आराम चाहते हैं। बाद में श्रीकांत ने सहवाग को फोन किया तो सहवाग ने कहा कि उन्हें आराम चाहिए लेकिन चयनकर्ता चाहेंगे तो वह बांग्लादेश खेलने जा सकते हैं। एक अखबार ने सहवाग के हवाले से कहा, ‘मेरी पीठ में दर्द है। मुझे आराम की जरूरत है। मैंने फिटनेस के मामले में कभी अपने टीम प्रबंधन को अंधेरे में नहीं रखा। मेरी चोट सबके सामने है।’ मुख्य चयनकर्ता कृष्णामाचारी श्रीकांत ने कल कहा था कि सहवाग को फिटनेस कारणों से बाहर रखा गया है। जब एक रिपोर्टर ने इस बारे में कुछ सवाल पूछे तो श्रीकांत का जवाब था ‘चुप रहो।’ यदि सहवाग ने आराम मांगा था तो श्रीकांत मीडिया को इसके बारे में बता सकते थे। उन्होंने बुधवार की रात को एक टीवी चैनल से कहा कि सहवाग के कंधे में चोट है जबकि अखबार ने सहवाग के हवाले से कहा कि उसकी पीठ में दर्द है। सहवाग ने कहा, ‘मैंने कभी अपनी चोट या फिटनेस समस्या नहीं छिपाई है। मेरे कंधे का आपरेशन भी तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मशविरे के बाद ही तय किया गया।’ अखबार ने दावा किया कि धोनी और कोच डंकन फ्लेचर ने चयनकर्ताओं को बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौर के बाद सहवाग आराम चाहते हैं। बाद में श्रीकांत ने सहवाग को फोन किया तो सहवाग ने कहा कि उन्हें आराम चाहिए लेकिन चयनकर्ता चाहेंगे तो वह बांग्लादेश खेलने जा सकते हैं। सहवाग ने कहा, ‘मैंने कभी अपनी चोट या फिटनेस समस्या नहीं छिपाई है। मेरे कंधे का आपरेशन भी तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मशविरे के बाद ही तय किया गया।’ अखबार ने दावा किया कि धोनी और कोच डंकन फ्लेचर ने चयनकर्ताओं को बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौर के बाद सहवाग आराम चाहते हैं। बाद में श्रीकांत ने सहवाग को फोन किया तो सहवाग ने कहा कि उन्हें आराम चाहिए लेकिन चयनकर्ता चाहेंगे तो वह बांग्लादेश खेलने जा सकते हैं।
एशिया कप के लिए वीरेंद्र सहवाग को भारतीय टीम में शामिल नहीं किये जाने के मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया जब एक मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया कि इस सलामी बल्लेबाज ने बीसीसीआई से खुद आराम की मांग की थी।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में अवैध निर्माण और सीलिंग के मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में अवैध निर्माण को सरंक्षित करने के लिए बनाए गए स्पेशल एक्ट की संवैधानिकता पर सुनवाई छह महीने टाल दी है. कोर्ट ने आज कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में अनाधिकृत निर्माणों को सील होने से बचाने वाले दिल्ली विधि (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2006 और इसके बाद के कानूनों की वैधता से संबंधित मुद्दों पर अगले साल फरवरी में सुनवाई करेगा. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने केन्द्र की ओर से पेश अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी से कहा कि मामले की अगले साल सुनवाई होगी. नादकर्णी और सीलिंग मामले में अदालत के न्यायमित्र के रूप में मदद कर रहे रंजीत कुमार ने कहा कि इस मामले से संबंधित अन्य मुद्दों पर पीठ द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए.टिप्पणियां कुमार ने अदालत से कहा कि शीर्ष अदालत ने इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने लंबित सीलिंग से संबंधित मामलों को अपने पास स्थानान्तरित किया था. न्यायमूर्ति लोकूर ने कहा, ‘‘हमने गलती की है.’’ नादकर्णी ने पीठ से अनुरोध किया कि कानूनों की वैधता पर दलीलें फरवरी में सुनी जा सकती है लेकिन इस बीच अदालत निगरानी समिति और विशेष कार्य बल सहित अन्य मुद्दों पर सुनवाई कर सकती है. गत 18 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए. अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया जाए. साथ ही सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स केअधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कहा गया था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि अवैध निर्माण के लिए जो भी बिल्डर, ठेकेदार और आर्किटेक्ट जिम्मेदार हैं, उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किया जाए. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने केन्द्र की ओर से पेश अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी से कहा कि मामले की अगले साल सुनवाई होगी. नादकर्णी और सीलिंग मामले में अदालत के न्यायमित्र के रूप में मदद कर रहे रंजीत कुमार ने कहा कि इस मामले से संबंधित अन्य मुद्दों पर पीठ द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए.टिप्पणियां कुमार ने अदालत से कहा कि शीर्ष अदालत ने इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने लंबित सीलिंग से संबंधित मामलों को अपने पास स्थानान्तरित किया था. न्यायमूर्ति लोकूर ने कहा, ‘‘हमने गलती की है.’’ नादकर्णी ने पीठ से अनुरोध किया कि कानूनों की वैधता पर दलीलें फरवरी में सुनी जा सकती है लेकिन इस बीच अदालत निगरानी समिति और विशेष कार्य बल सहित अन्य मुद्दों पर सुनवाई कर सकती है. गत 18 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए. अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया जाए. साथ ही सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स केअधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कहा गया था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि अवैध निर्माण के लिए जो भी बिल्डर, ठेकेदार और आर्किटेक्ट जिम्मेदार हैं, उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किया जाए. कुमार ने अदालत से कहा कि शीर्ष अदालत ने इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने लंबित सीलिंग से संबंधित मामलों को अपने पास स्थानान्तरित किया था. न्यायमूर्ति लोकूर ने कहा, ‘‘हमने गलती की है.’’ नादकर्णी ने पीठ से अनुरोध किया कि कानूनों की वैधता पर दलीलें फरवरी में सुनी जा सकती है लेकिन इस बीच अदालत निगरानी समिति और विशेष कार्य बल सहित अन्य मुद्दों पर सुनवाई कर सकती है. गत 18 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए. अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया जाए. साथ ही सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स केअधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कहा गया था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि अवैध निर्माण के लिए जो भी बिल्डर, ठेकेदार और आर्किटेक्ट जिम्मेदार हैं, उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किया जाए. गत 18 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए. अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया जाए. साथ ही सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स केअधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कहा गया था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि अवैध निर्माण के लिए जो भी बिल्डर, ठेकेदार और आर्किटेक्ट जिम्मेदार हैं, उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किया जाए.
कानून की वैधता पर फरवरी में सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ने हाईकोर्ट में लंबित मामलों को अपने पास स्थानांतरित किया था कोर्ट में पहले निगरानी समिति और कार्य बल सहित अन्य मुद्दों पर सुनवाई
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के जाफराबाद इलाके में बीएसपी विधायक हाजी अलीम की पत्नी रेहाना का कत्ल कर दिया गया है। रेहाना के शरीर पर चाकू के कई निशान हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह हत्या लूटपाट के इरादे से की गई है।टिप्पणियां हाजी अलीम बुलंदशहर से विधायक हैं। बाहुबली माने जाने वाले हाजी अलीम लगातार दूसरी बार बुलंदशहर से चुनकर आए हैं। उन पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। अलीम की तीन पत्नियां हैं, जिसमें एक रेहाना दिल्ली में रहती थी, जबकि दो पत्नियां बुलंदशहर में रहती हैं। अलीम फिलहाल हज यात्रा पर गए हुए हैं। हाजी अलीम बुलंदशहर से विधायक हैं। बाहुबली माने जाने वाले हाजी अलीम लगातार दूसरी बार बुलंदशहर से चुनकर आए हैं। उन पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। अलीम की तीन पत्नियां हैं, जिसमें एक रेहाना दिल्ली में रहती थी, जबकि दो पत्नियां बुलंदशहर में रहती हैं। अलीम फिलहाल हज यात्रा पर गए हुए हैं। अलीम की तीन पत्नियां हैं, जिसमें एक रेहाना दिल्ली में रहती थी, जबकि दो पत्नियां बुलंदशहर में रहती हैं। अलीम फिलहाल हज यात्रा पर गए हुए हैं।
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली के जाफराबाद इलाके में बीएसपी विधायक हाजी अलीम की पत्नी रेहाना का कत्ल कर दिया गया है। रेहाना के शरीर पर चाकू के कई निशान हैं।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नोएडा के सैक्टर-18 स्थित डीएलएफ मॉल में पीवीआर की छत पर एक कर्मचारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है. मृतक की पहचान 48 साल के भूवनचंद्र के रूप में हुई है. भूवनचंद्र दिल्ली के सोनिया विहार का रहने वाला था और पीवीआर सिनेमा में तकनीशियन के पद पर कम कर रहा था. घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-20 की पुलिस मौके पर पहुंच गई. फिलहाल फॉरेंसिक टीम घटना स्थल का मुआयना कर साक्ष्य इक्ट्ठा करने में जुटी है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू कर दी है. घटना के बारे में ने एसपी सिटी विनीत कुमार जायसवाल ने बताया, "सेक्टर-20 थाना इलाके में एक छत पर एक शव मिला है. मृतक इसी मॉल में पीवीआर में नौकरी करता था. पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक टीम बुला ली है और पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है. मृतक के सिर पर चोट का निशान बताया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस बात का खुलासा हो पाएगा कि यह हत्या थी या दुर्घटना."
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डीएलएफ मॉल की छत पर मिला शव. पीवीआर सिनेमा में काम करता था मृतक. पुलिस मामले की जांच में जुटी.
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन समेत राज्य में चल रही सभी विकास परियोजनाओं की समीक्षा के आदेश दिए हैं. बता दें, बुलेट ट्रेन परियोजना को किसानों और आदिवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा जिनकी भूमि अधिग्रहित की जानी है. उन्होंने रविवार देर रात कहा, ‘यह सरकार आम आदमी की है. जैसा कि आपने अभी पूछा, हां, हम बुलेट ट्रेन (परियोजना) की समीक्षा करेंगे. क्या मैंने आरे कार शेड की तरह बुलेट ट्रेन परियोजना को रोका है? नहीं.' ठाकरे ने बताया कि उनकी सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र भी लाएगी. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जिस पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है वह किसानों का बिना शर्त कर्ज माफ करने को लेकर प्रतिबद्ध है. बता दें, यह घोषणाएं तब की गई है जब एक दिन पहले ही शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस की ठाकरे के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (एमवीए) ने 288 सदस्यीय राज्य विधानसभा में 169 विधायकों के समर्थन से विश्वास मत जीत लिया. उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में पूर्ववर्ती भाजपा नीत सरकार की जो प्राथमिकताएं थीं, उन्हें ‘हटाया' नहीं गया है. उन्होंने कहा कि इसमें प्रतिशोध की राजनीति नहीं है.
राज्य में चल रही सभी विकास परियोजनाओं की समीक्षा के आदेश दिए मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की भी की जाएगी समीक्षा बुलेट ट्रेन परियोजना को किसानों और आदिवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद पीए संगमा ने धांधलेबाजी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के पैकेज के बदले प्रणब मुखर्जी को वोट मिले हैं। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए आचार संहिता की मांग भी की। संगमा की राष्ट्रपति बनने की ख्वाहिश भले ही अधूरी रह गई हो लेकिन जिस जिंदादिल तरीके से वह अपनी हार स्वीकार कर मुस्कुराते हुए मीडिया के सम्मुख पेश हुए उसने सबका दिल जीत लिया। चुनावी नतीजों पर उनकी प्रतिक्रिया के दौरान भाजपा या उनको समर्थन देने वाले अन्य पार्टियों के नेताओं की गैरमौजूदगी जरूर खल रही थी। ज्यों-ज्यों वोटों की गिनती परवान चढती गई संगमा की बेटी अगाथा संगमा के आवास पर संवाददाताओं का जमावड़ा जुटने लगा। संगमा ने अपनी बेटी के आवास पर ही संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।टिप्पणियां प्रणब की जीत के कुछ समय बाद प्रतिक्रिया के लिए आए संगमा के साथ भाजपा या अन्य दलों का कोई भी नेता नजर नहीं आया। उनके साथ में चंद करीबी लोग ही थे। संगमा की बेटी और केंद्रीय मंत्री अगाथा संगमा भी सामने नहीं आईं। उनकी बारे में पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। संगमा की राष्ट्रपति बनने की ख्वाहिश भले ही अधूरी रह गई हो लेकिन जिस जिंदादिल तरीके से वह अपनी हार स्वीकार कर मुस्कुराते हुए मीडिया के सम्मुख पेश हुए उसने सबका दिल जीत लिया। चुनावी नतीजों पर उनकी प्रतिक्रिया के दौरान भाजपा या उनको समर्थन देने वाले अन्य पार्टियों के नेताओं की गैरमौजूदगी जरूर खल रही थी। ज्यों-ज्यों वोटों की गिनती परवान चढती गई संगमा की बेटी अगाथा संगमा के आवास पर संवाददाताओं का जमावड़ा जुटने लगा। संगमा ने अपनी बेटी के आवास पर ही संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।टिप्पणियां प्रणब की जीत के कुछ समय बाद प्रतिक्रिया के लिए आए संगमा के साथ भाजपा या अन्य दलों का कोई भी नेता नजर नहीं आया। उनके साथ में चंद करीबी लोग ही थे। संगमा की बेटी और केंद्रीय मंत्री अगाथा संगमा भी सामने नहीं आईं। उनकी बारे में पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। चुनावी नतीजों पर उनकी प्रतिक्रिया के दौरान भाजपा या उनको समर्थन देने वाले अन्य पार्टियों के नेताओं की गैरमौजूदगी जरूर खल रही थी। ज्यों-ज्यों वोटों की गिनती परवान चढती गई संगमा की बेटी अगाथा संगमा के आवास पर संवाददाताओं का जमावड़ा जुटने लगा। संगमा ने अपनी बेटी के आवास पर ही संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।टिप्पणियां प्रणब की जीत के कुछ समय बाद प्रतिक्रिया के लिए आए संगमा के साथ भाजपा या अन्य दलों का कोई भी नेता नजर नहीं आया। उनके साथ में चंद करीबी लोग ही थे। संगमा की बेटी और केंद्रीय मंत्री अगाथा संगमा भी सामने नहीं आईं। उनकी बारे में पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। ज्यों-ज्यों वोटों की गिनती परवान चढती गई संगमा की बेटी अगाथा संगमा के आवास पर संवाददाताओं का जमावड़ा जुटने लगा। संगमा ने अपनी बेटी के आवास पर ही संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।टिप्पणियां प्रणब की जीत के कुछ समय बाद प्रतिक्रिया के लिए आए संगमा के साथ भाजपा या अन्य दलों का कोई भी नेता नजर नहीं आया। उनके साथ में चंद करीबी लोग ही थे। संगमा की बेटी और केंद्रीय मंत्री अगाथा संगमा भी सामने नहीं आईं। उनकी बारे में पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। प्रणब की जीत के कुछ समय बाद प्रतिक्रिया के लिए आए संगमा के साथ भाजपा या अन्य दलों का कोई भी नेता नजर नहीं आया। उनके साथ में चंद करीबी लोग ही थे। संगमा की बेटी और केंद्रीय मंत्री अगाथा संगमा भी सामने नहीं आईं। उनकी बारे में पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। संगमा की बेटी और केंद्रीय मंत्री अगाथा संगमा भी सामने नहीं आईं। उनकी बारे में पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद पीए संगमा ने धांधलेबाजी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के पैकेज के बदले प्रणब मुखर्जी को वोट मिले हैं। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए आचार संहिता की मांग भी की।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में चुनाव के नतीजे आए एक हफ़्ते से ज़्यादा का वक्त बीत गया लेकिन सरकार गठन को लेकर यहीं गतिरोध अभी भी बरकरार है. शिवसेना की ढाई साल के मुख्यमंत्री की मांग पर बीजेपी चुप्पी साधे हुए है. नतीजा शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने बीजेपी के बगैर भी सरकार बनाने की धमकी दे दी है. वहीं दूसरी तरफ़ कहानी में एक ट्विस्ट ये भी है पहले विपक्ष में बैठने का दावा कर रही एनसीपी भी हालात पर नज़र बनाए हुए है. इस बीच खबर है कि शरद पवार सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने जा रहे हैं. दूसरी तरफ़ इस बात पर भी कयास लगाए जा रहे हैं कि उद्धव ठाकरे की शरद पवार से क्या फ़ोन पर कोई बातचीत हुई है.  वहीं इस बीच एक सवाल यह भी उठा क्या शरद पवार किंगमेकर बन सकते हैं. एनडीटीवी से बात करते हुए NCP नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि अगर बीजेपी शिवसेना सरकार नहीं बनी तो उनकी पार्टी अपना कर्तव्य निभाएगी. गौरतलब है कि चुनाव परिणाम को आए काफ़ी दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी भी महाराष्ट्र में सरकार बनती नहीं दिख रही. उसकी वजह है कि शिवसेना और BJP जिन्होंने मिलकर चुनाव लड़ा और अब आपस में ही उलझ गए हैं. मुद्दा यह है कि शिवसेना इस बात पर अड़ गई है कि एक फ़ॉर्मूला तय हुआ था अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच कि यदि शिवसेना और BJP की सरकार बनती है तो ढाई साल शिवसेना और ढाई साल BJP राज करें. दरअसल शिवसेना आदित्‍य ठाकरे को जो कि उद्धव ठाकरे के बेटे हैं और ठाकरे परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने चुनाव लड़ा है, उनको मुख्यमंत्री बनाना चाहती है लेकिन अभी तक इस पर बात बन नहीं पाई है.
सारांश: शरद पवार की उद्धव ठाकरे से बातचीत की खबरें सूत्रों ने किया है दावा सोमवार को सोनिया से मिलेंगे पवार
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एनडीटीवी से बातचीत में साफ किया है कि कांग्रेस में बड़ी भूमिका निभाने के बारे में राहुल गांधी खुद फैसला लेंगे। यह पूछे जाने पर कि 2014 के आम चुनाव से पहले क्या राहुल के कार्यवाहक अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करने की संभावना है, सोनिया ने कहा, यह फैसला राहुल को करना है, वह खुद ही इस बारे में कोई फैसला ले सकते हैं।टिप्पणियां हाल के दिनों में राहुल गांधी के कांग्रेस में नंबर दो की भूमिका में आने के बारे में अटकलें जोर पकड़ती रही हैं। कांग्रेस नेता और केंद्रीय कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद ने भी कहा था कि राहुल गांधी को कांग्रेस में बड़ी भूमिका निभाने के लिए आगे आना चाहिए। इसी सप्ताह पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद राहुल गांधी निश्चित रूप से पार्टी में बड़ी भूमिका निभाएंगे। यह पूछे जाने पर कि 2014 के आम चुनाव से पहले क्या राहुल के कार्यवाहक अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करने की संभावना है, सोनिया ने कहा, यह फैसला राहुल को करना है, वह खुद ही इस बारे में कोई फैसला ले सकते हैं।टिप्पणियां हाल के दिनों में राहुल गांधी के कांग्रेस में नंबर दो की भूमिका में आने के बारे में अटकलें जोर पकड़ती रही हैं। कांग्रेस नेता और केंद्रीय कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद ने भी कहा था कि राहुल गांधी को कांग्रेस में बड़ी भूमिका निभाने के लिए आगे आना चाहिए। इसी सप्ताह पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद राहुल गांधी निश्चित रूप से पार्टी में बड़ी भूमिका निभाएंगे। हाल के दिनों में राहुल गांधी के कांग्रेस में नंबर दो की भूमिका में आने के बारे में अटकलें जोर पकड़ती रही हैं। कांग्रेस नेता और केंद्रीय कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद ने भी कहा था कि राहुल गांधी को कांग्रेस में बड़ी भूमिका निभाने के लिए आगे आना चाहिए। इसी सप्ताह पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद राहुल गांधी निश्चित रूप से पार्टी में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसी सप्ताह पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद राहुल गांधी निश्चित रूप से पार्टी में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
संक्षिप्त सारांश: यह पूछे जाने पर कि 2014 के आम चुनाव से पहले क्या राहुल गांधी के कार्यवाहक अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करने की संभावना है, सोनिया ने कहा, राहुल खुद ही इस बारे में फैसला लेंगे।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने ईद के बाद भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ देशव्यापी अभियान छेड़ने की रविवार को घोषणा की। बर्नी की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब भारत में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जन लोकपाल विधेयक लाने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ा है, जिसे देशव्यापी समर्थन मिल रहा है। ऑन लाइन न्यूजी एजेंसी के मुताबिक बर्नी ने कहा कि वर्तमान में पाकिस्तान अपने इतिहास के सबसे दुखदायी दौर से गुजर रहा है क्योंकि भ्रष्टाचार और आतंकवाद अपने चरम पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, नेताओं ने हाथ मिला लिया है और मिलकर देश को लूट रहे हैं। देश को खात्मे की कगार पर पहुंचा दिया गया है। पूरा खजाना लूटा जा रहा है। राष्ट्रीय संस्थाएं कंगाल हो चुकी हैं और प्राकृतिक संसाधनों, यहां तक कि देश की संप्रुभता को भी बेचा जा रहा है। बर्नी ने कहा, लोगों के पास खाने को भोजन और पीने को पानी नहीं है। न घर है, न बिजली है, न शिक्षा है, न नौकरी है। सुरक्षा भी नहीं है। आवश्यक जरूरत की हर चीज हमसे छीन ली जा रही है, क्योंकि भ्रष्टाचार व्यापक स्तर पर व्याप्त है। बर्नी ने घोषणा की कि देश को बचाने के लिए पहले कदम के रूप में ईद के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ा जाएगा। हम देश की जनता से गुजारिश करते हैं कि वह नेक काम में अपना समर्थन दें।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने ईद के बाद भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ देशव्यापी अभियान छेड़ने की रविवार को घोषणा की।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष सैन्य सलाहकार ने कहा है कि ट्रंप के शासन में रक्षा और आतंकवाद-निरोध भारत-अमेरिका सामरिक संबंध के दो प्रमुख स्तंभ होंगे और ट्रंप की विदेश नीति के लिए भारत ‘‘बेहद अहम’’ होगा. वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और ट्रंप की कई महत्वाकांक्षी रक्षा नीतियां तय करने वाले अलेक्जैंडर ग्रे ने भारत के बारे में कहा, ‘‘यह देश है जो हमारे मूल्यों को साझा करता है, यह एक देश है जो ढेर सारे भू-राजनीतिक हितों को साझा करता है और मैं समझता हूं, उनका (ट्रंप का) काम बुश प्रशासन की परंपरा को आगे बढ़ाना होने जा रहा है जिसने इस संबंध में बहुत प्रगति की.’’ ग्रे ने संभावित ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति नीति के बारे में कहा, ‘‘हम (ट्रंप प्रशासन) न सिर्फ सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं को सुदृढ़ करने की बाट जोह रहे हैं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत के साथ बहुत समान चीजें हैं. एक ऐसे वक्त में, जब भारत की विदेश नीति चीन और पाकिस्तान के वजह से, इस्लामी आतंकवाद के वजह से बदल रही है, हमें खुली बांहों से उनका अभिवादन करने की जरूरत है. मैं समझता हूं कि ट्रंप प्रशासन उसे करने के लिए तैयार है.’’ टिप्पणियां ट्रंप राष्ट्रपति पद के एकमात्र उम्मीदवार हैं जिन्होंने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को संबोधित किया और भारत के साथ अमेरिका के मजबूत रिश्तों के बारे में सीधे बात की. ग्रे ‘ट्रंप कैंपेन’ की रक्षा एवं सैन्य नीतियों के विकास में मुख्य भूमिका निभाने वाले के रूप में उभरे हैं और उनका कहना है कि ट्रंप की विदेश नीति में भारत ‘‘बेहद अहम’’ होगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और ट्रंप की कई महत्वाकांक्षी रक्षा नीतियां तय करने वाले अलेक्जैंडर ग्रे ने भारत के बारे में कहा, ‘‘यह देश है जो हमारे मूल्यों को साझा करता है, यह एक देश है जो ढेर सारे भू-राजनीतिक हितों को साझा करता है और मैं समझता हूं, उनका (ट्रंप का) काम बुश प्रशासन की परंपरा को आगे बढ़ाना होने जा रहा है जिसने इस संबंध में बहुत प्रगति की.’’ ग्रे ने संभावित ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति नीति के बारे में कहा, ‘‘हम (ट्रंप प्रशासन) न सिर्फ सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं को सुदृढ़ करने की बाट जोह रहे हैं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत के साथ बहुत समान चीजें हैं. एक ऐसे वक्त में, जब भारत की विदेश नीति चीन और पाकिस्तान के वजह से, इस्लामी आतंकवाद के वजह से बदल रही है, हमें खुली बांहों से उनका अभिवादन करने की जरूरत है. मैं समझता हूं कि ट्रंप प्रशासन उसे करने के लिए तैयार है.’’ टिप्पणियां ट्रंप राष्ट्रपति पद के एकमात्र उम्मीदवार हैं जिन्होंने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को संबोधित किया और भारत के साथ अमेरिका के मजबूत रिश्तों के बारे में सीधे बात की. ग्रे ‘ट्रंप कैंपेन’ की रक्षा एवं सैन्य नीतियों के विकास में मुख्य भूमिका निभाने वाले के रूप में उभरे हैं और उनका कहना है कि ट्रंप की विदेश नीति में भारत ‘‘बेहद अहम’’ होगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ग्रे ने संभावित ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति नीति के बारे में कहा, ‘‘हम (ट्रंप प्रशासन) न सिर्फ सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं को सुदृढ़ करने की बाट जोह रहे हैं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत के साथ बहुत समान चीजें हैं. एक ऐसे वक्त में, जब भारत की विदेश नीति चीन और पाकिस्तान के वजह से, इस्लामी आतंकवाद के वजह से बदल रही है, हमें खुली बांहों से उनका अभिवादन करने की जरूरत है. मैं समझता हूं कि ट्रंप प्रशासन उसे करने के लिए तैयार है.’’ टिप्पणियां ट्रंप राष्ट्रपति पद के एकमात्र उम्मीदवार हैं जिन्होंने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को संबोधित किया और भारत के साथ अमेरिका के मजबूत रिश्तों के बारे में सीधे बात की. ग्रे ‘ट्रंप कैंपेन’ की रक्षा एवं सैन्य नीतियों के विकास में मुख्य भूमिका निभाने वाले के रूप में उभरे हैं और उनका कहना है कि ट्रंप की विदेश नीति में भारत ‘‘बेहद अहम’’ होगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप राष्ट्रपति पद के एकमात्र उम्मीदवार हैं जिन्होंने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को संबोधित किया और भारत के साथ अमेरिका के मजबूत रिश्तों के बारे में सीधे बात की. ग्रे ‘ट्रंप कैंपेन’ की रक्षा एवं सैन्य नीतियों के विकास में मुख्य भूमिका निभाने वाले के रूप में उभरे हैं और उनका कहना है कि ट्रंप की विदेश नीति में भारत ‘‘बेहद अहम’’ होगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष सैन्य सलाहकार का मत ग्रे ने कहा भारत वह देश है जो हमारे मूल्यों को साझा करता है ट्रंप की विदेश नीति में भारत बेहद अहम होगा
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: नोटबंदी के बाद बहुजन समाज पार्टी के खाते में 104 करोड़ रुपये हुए है. यह रकम दिल्ली के एक बैंक में जमा हुए हैं जिसमें पार्टी का खाता है. इस बैंक की शाखा में बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार का भी खाता है और उनके खाते में भी 1.43 करोड़ रुपये की रकम जमा होने की बात सामने आई है.   जानकारी के अनुसार ईडी की टीम रूटीन जांच के लिए पहुंची बैंक की शाखा में पहुंची थी तब उसे खाते देखने पर यह जानकारी मिली. जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ईडी की टीम नोटबंदी के बाद खातों में जमा हुए रकम की रूटीन जांच के लिए करोलबाग पहुंची थी. जांच में पाया गया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में दो अलग-अलग खातों में बड़ी रकम जमा की गई है. बैंक से जानकारी मांगने पर पता चला कि बसपा के खातों में 102 करोड़ 1000 रुपये के पुराने नोटों की शक्ल में जमा हुए. शेष रकम 500 रुपये के पुराने नोटों की शक्ल में जमा की गई है. यह रकम 5 दिसंबर के बाद से इन खातों में जमा की गई है. जानकारी यह भी मिली है कि हर दूसरे दिन बसपा के खाते में 15-17 करोड़ रुपये जमा हो रहे थे.टिप्पणियां इसी ब्रांच में मायावती के भाई आनंद कुमार का भी खाता पाया गया. उनके खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने का खुलासा हुआ. इनमें से 18.98 लाख रुपये पुराने नोटों की शक्ल में जमा किए जाने की सूचना है. उल्लेखनीय है कि मायावती और आनंद के खिलाफ पहले से जांच चल रही है. मामले के सामने आने के बाद ईडी ने यूनियन बैंक से इन दोनों खातों की पूरी जानकारी मांगी है. आयकर विभाग को भी इस मामले के बारे में बताया गया है. बता दें कि आनंद कुमार को ईडी ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया है. बैंक से जानकारी मांगने पर पता चला कि बसपा के खातों में 102 करोड़ 1000 रुपये के पुराने नोटों की शक्ल में जमा हुए. शेष रकम 500 रुपये के पुराने नोटों की शक्ल में जमा की गई है. यह रकम 5 दिसंबर के बाद से इन खातों में जमा की गई है. जानकारी यह भी मिली है कि हर दूसरे दिन बसपा के खाते में 15-17 करोड़ रुपये जमा हो रहे थे.टिप्पणियां इसी ब्रांच में मायावती के भाई आनंद कुमार का भी खाता पाया गया. उनके खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने का खुलासा हुआ. इनमें से 18.98 लाख रुपये पुराने नोटों की शक्ल में जमा किए जाने की सूचना है. उल्लेखनीय है कि मायावती और आनंद के खिलाफ पहले से जांच चल रही है. मामले के सामने आने के बाद ईडी ने यूनियन बैंक से इन दोनों खातों की पूरी जानकारी मांगी है. आयकर विभाग को भी इस मामले के बारे में बताया गया है. बता दें कि आनंद कुमार को ईडी ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया है. यह रकम 5 दिसंबर के बाद से इन खातों में जमा की गई है. जानकारी यह भी मिली है कि हर दूसरे दिन बसपा के खाते में 15-17 करोड़ रुपये जमा हो रहे थे.टिप्पणियां इसी ब्रांच में मायावती के भाई आनंद कुमार का भी खाता पाया गया. उनके खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने का खुलासा हुआ. इनमें से 18.98 लाख रुपये पुराने नोटों की शक्ल में जमा किए जाने की सूचना है. उल्लेखनीय है कि मायावती और आनंद के खिलाफ पहले से जांच चल रही है. मामले के सामने आने के बाद ईडी ने यूनियन बैंक से इन दोनों खातों की पूरी जानकारी मांगी है. आयकर विभाग को भी इस मामले के बारे में बताया गया है. बता दें कि आनंद कुमार को ईडी ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया है. इसी ब्रांच में मायावती के भाई आनंद कुमार का भी खाता पाया गया. उनके खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने का खुलासा हुआ. इनमें से 18.98 लाख रुपये पुराने नोटों की शक्ल में जमा किए जाने की सूचना है. उल्लेखनीय है कि मायावती और आनंद के खिलाफ पहले से जांच चल रही है. मामले के सामने आने के बाद ईडी ने यूनियन बैंक से इन दोनों खातों की पूरी जानकारी मांगी है. आयकर विभाग को भी इस मामले के बारे में बताया गया है. बता दें कि आनंद कुमार को ईडी ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया है. उल्लेखनीय है कि मायावती और आनंद के खिलाफ पहले से जांच चल रही है. मामले के सामने आने के बाद ईडी ने यूनियन बैंक से इन दोनों खातों की पूरी जानकारी मांगी है. आयकर विभाग को भी इस मामले के बारे में बताया गया है. बता दें कि आनंद कुमार को ईडी ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया है.
ईडी की टीम रूटीन जांच के लिए पहुंची बैंक की शाखा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में दो अलग-अलग खातों में बड़ी रकम जमा 1000 रुपये के पुराने नोटों की शक्ल में जमा हुए रुपये
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यह अलग बात है कि आप बचपन से सुनते आए हैं कि सच का फल मीठा होता है पर अब शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि झूठ बोलने से व्यक्ति अधिक संतुष्ट रहता है। सिडनी यूनिवर्सिटी द्वारा एक अध्ययन में यह सामने आया है कि लोग यदि झूठ बोलकर कुछ पाते हैं तो ज्यादा संतुष्ट रहते हैं। शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि जिन लोगों को झूठ बोलने पर कुछ मिलता है तो वे बहुत तीव्र प्रतिक्रियाएं देते हैं।टिप्पणियां इस शोध से पहले किए गए शोध में सामने आया था कि लोग एक दिन में एक या दो बार झूठ बोलते हैं। यह आंकड़ा 60 साल की उम्र तक 42 हजार झूठ तक पहुंच जाता है। इस शोध दल का नेतृत्व करने वाली डॉ-क्रिस्टीना एंथोनी का कहना है कि झूठ बोलना भी एक मेहनत का काम है। वह कहती हैं, ‘‘जब आप बीमा राशि या भुगतान वापसी के लिए झूठ बोलते हैं और आप सफल हो जाते हैं तो आप ज्यादा संतुष्ट होते हैं। इसके लिए शोधकर्ताओं ने कुछ लोगों के साथ प्रयोग किए जिसमें उनको कुछ जवाबों के सच्चे या झूठे जवाब देने थे। इसके बाद आधे लोगों को बताया गया कि उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। उनको मालूम था कि वह इसके योग्य नहीं हैं पर उन्होंने इसे पाने के लिए झूठ बोला था। पुरस्कार मिलने की सूचना पर वह बहुत उत्साहित थे। सिडनी यूनिवर्सिटी द्वारा एक अध्ययन में यह सामने आया है कि लोग यदि झूठ बोलकर कुछ पाते हैं तो ज्यादा संतुष्ट रहते हैं। शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि जिन लोगों को झूठ बोलने पर कुछ मिलता है तो वे बहुत तीव्र प्रतिक्रियाएं देते हैं।टिप्पणियां इस शोध से पहले किए गए शोध में सामने आया था कि लोग एक दिन में एक या दो बार झूठ बोलते हैं। यह आंकड़ा 60 साल की उम्र तक 42 हजार झूठ तक पहुंच जाता है। इस शोध दल का नेतृत्व करने वाली डॉ-क्रिस्टीना एंथोनी का कहना है कि झूठ बोलना भी एक मेहनत का काम है। वह कहती हैं, ‘‘जब आप बीमा राशि या भुगतान वापसी के लिए झूठ बोलते हैं और आप सफल हो जाते हैं तो आप ज्यादा संतुष्ट होते हैं। इसके लिए शोधकर्ताओं ने कुछ लोगों के साथ प्रयोग किए जिसमें उनको कुछ जवाबों के सच्चे या झूठे जवाब देने थे। इसके बाद आधे लोगों को बताया गया कि उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। उनको मालूम था कि वह इसके योग्य नहीं हैं पर उन्होंने इसे पाने के लिए झूठ बोला था। पुरस्कार मिलने की सूचना पर वह बहुत उत्साहित थे। इस शोध से पहले किए गए शोध में सामने आया था कि लोग एक दिन में एक या दो बार झूठ बोलते हैं। यह आंकड़ा 60 साल की उम्र तक 42 हजार झूठ तक पहुंच जाता है। इस शोध दल का नेतृत्व करने वाली डॉ-क्रिस्टीना एंथोनी का कहना है कि झूठ बोलना भी एक मेहनत का काम है। वह कहती हैं, ‘‘जब आप बीमा राशि या भुगतान वापसी के लिए झूठ बोलते हैं और आप सफल हो जाते हैं तो आप ज्यादा संतुष्ट होते हैं। इसके लिए शोधकर्ताओं ने कुछ लोगों के साथ प्रयोग किए जिसमें उनको कुछ जवाबों के सच्चे या झूठे जवाब देने थे। इसके बाद आधे लोगों को बताया गया कि उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। उनको मालूम था कि वह इसके योग्य नहीं हैं पर उन्होंने इसे पाने के लिए झूठ बोला था। पुरस्कार मिलने की सूचना पर वह बहुत उत्साहित थे। इसके लिए शोधकर्ताओं ने कुछ लोगों के साथ प्रयोग किए जिसमें उनको कुछ जवाबों के सच्चे या झूठे जवाब देने थे। इसके बाद आधे लोगों को बताया गया कि उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। उनको मालूम था कि वह इसके योग्य नहीं हैं पर उन्होंने इसे पाने के लिए झूठ बोला था। पुरस्कार मिलने की सूचना पर वह बहुत उत्साहित थे।
संक्षिप्त पाठ: सिडनी यूनिवर्सिटी द्वारा एक अध्ययन में यह सामने आया है कि लोग यदि झूठ बोलकर कुछ पाते हैं तो ज्यादा संतुष्ट रहते हैं।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुबह के 10 बज रहे थे। विक्रोली रेलवे स्टेशन पर रोज की तरह उस दिन भी यात्रियों की भीड़ थी। उस भीड़ में हाथ में छाता लिए एक शख्स भी खड़ा था। जैसे ही लोकल ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आई, वह शख्स अचानक कूदकर पटरी पर लेट गया। मोटरमैन कुछ समझ पाता, तब तक उसके शरीर के दो टुकड़े हो चुके थे। मुंबई में इन दिनों ऐसी घटनाएं आम हो चुकी हैं, और बोरीवली आरपीएफ थाना इंचार्ज राजीव सिंह के मुताबिक इस साल जनवरी माह से अब तक 40 लोग ख़ुदकुशी कर चुके हैं। राजीव सिंह के मुताबिक, ख़ुदकुशी करने वालों में युवा से लेकर बुजुर्ग तक हैं और ज्यादातर की वजह बेरोजगारी, निजी समस्या, कर्ज का बोझ और लंबी बीमारी रही है।टिप्पणियां मुंबई में ख़ुदकुशी प्वाइंट बनते जा रहे रहे मुंबई लोकल के स्टेशन, रेलवे प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। रेलवे से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक सालभर में अमूमन 30 से 32 लोग रेलगाड़ियों के नीचे आकर ख़ुदकुशी करते हैं, लेकिन इस बार सात महीने के भीतर ही अब तक 40 लोग ख़ुदकुशी कर चुके हैं। वैसे साल 2013 में भी ख़ुदकुशी का आंकड़ा 62 तक पहुंचा था, जबकि 2014 में यह आंकड़ा 33 था, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं, और साल 2015 में कुल 32 लोगों ने जान दी, जिनमें दो महिलाएं थीं। मुंबई में इन दिनों ऐसी घटनाएं आम हो चुकी हैं, और बोरीवली आरपीएफ थाना इंचार्ज राजीव सिंह के मुताबिक इस साल जनवरी माह से अब तक 40 लोग ख़ुदकुशी कर चुके हैं। राजीव सिंह के मुताबिक, ख़ुदकुशी करने वालों में युवा से लेकर बुजुर्ग तक हैं और ज्यादातर की वजह बेरोजगारी, निजी समस्या, कर्ज का बोझ और लंबी बीमारी रही है।टिप्पणियां मुंबई में ख़ुदकुशी प्वाइंट बनते जा रहे रहे मुंबई लोकल के स्टेशन, रेलवे प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। रेलवे से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक सालभर में अमूमन 30 से 32 लोग रेलगाड़ियों के नीचे आकर ख़ुदकुशी करते हैं, लेकिन इस बार सात महीने के भीतर ही अब तक 40 लोग ख़ुदकुशी कर चुके हैं। वैसे साल 2013 में भी ख़ुदकुशी का आंकड़ा 62 तक पहुंचा था, जबकि 2014 में यह आंकड़ा 33 था, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं, और साल 2015 में कुल 32 लोगों ने जान दी, जिनमें दो महिलाएं थीं। राजीव सिंह के मुताबिक, ख़ुदकुशी करने वालों में युवा से लेकर बुजुर्ग तक हैं और ज्यादातर की वजह बेरोजगारी, निजी समस्या, कर्ज का बोझ और लंबी बीमारी रही है।टिप्पणियां मुंबई में ख़ुदकुशी प्वाइंट बनते जा रहे रहे मुंबई लोकल के स्टेशन, रेलवे प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। रेलवे से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक सालभर में अमूमन 30 से 32 लोग रेलगाड़ियों के नीचे आकर ख़ुदकुशी करते हैं, लेकिन इस बार सात महीने के भीतर ही अब तक 40 लोग ख़ुदकुशी कर चुके हैं। वैसे साल 2013 में भी ख़ुदकुशी का आंकड़ा 62 तक पहुंचा था, जबकि 2014 में यह आंकड़ा 33 था, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं, और साल 2015 में कुल 32 लोगों ने जान दी, जिनमें दो महिलाएं थीं। मुंबई में ख़ुदकुशी प्वाइंट बनते जा रहे रहे मुंबई लोकल के स्टेशन, रेलवे प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। रेलवे से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक सालभर में अमूमन 30 से 32 लोग रेलगाड़ियों के नीचे आकर ख़ुदकुशी करते हैं, लेकिन इस बार सात महीने के भीतर ही अब तक 40 लोग ख़ुदकुशी कर चुके हैं। वैसे साल 2013 में भी ख़ुदकुशी का आंकड़ा 62 तक पहुंचा था, जबकि 2014 में यह आंकड़ा 33 था, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं, और साल 2015 में कुल 32 लोगों ने जान दी, जिनमें दो महिलाएं थीं। रेलवे से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक सालभर में अमूमन 30 से 32 लोग रेलगाड़ियों के नीचे आकर ख़ुदकुशी करते हैं, लेकिन इस बार सात महीने के भीतर ही अब तक 40 लोग ख़ुदकुशी कर चुके हैं। वैसे साल 2013 में भी ख़ुदकुशी का आंकड़ा 62 तक पहुंचा था, जबकि 2014 में यह आंकड़ा 33 था, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं, और साल 2015 में कुल 32 लोगों ने जान दी, जिनमें दो महिलाएं थीं।
यहाँ एक सारांश है:बोरीवली RPF थाना इंचार्ज के मुताबिक जनवरी से अब तक खुदकुशी के 40 मामले मुंबई लोकल के स्टेशन, प्रशासन-पुलिस के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं 2013 में खुदकुशी का आंकड़ा 62, 2014 में 33, और 2015 में 32 रहा था
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तेजाब की खरीद−बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती कुछ रंग लाती लग रही है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि उसने इसको लेकर कुछ मॉडल कायदे बनाए हैं।टिप्पणियां इनके मुताबिक सिर्फ लाइसेंसधारी दुकानदार ही तेजाब बेच पाएंगे। सिर्फ वही लोग खरीद पाएंगे जिनके पास पते सहित फोटो वाला पहचान-पत्र होगा और फोन नंबर होगा। 18 साल के कम उम्र के लड़के तेजाब नहीं खरीद पाएंगे। केंद्र ने कहा कि इस पर कानून बनाने का हक राज्यों का है। उसकी कुछ राज्यों से बात हुई है जिन्होंने अपने कायदे बनाए हैं। अदालत इस पर संतुष्ट दिखी। अब गुरुवार को इस मामले में फैसला आएगा। इनके मुताबिक सिर्फ लाइसेंसधारी दुकानदार ही तेजाब बेच पाएंगे। सिर्फ वही लोग खरीद पाएंगे जिनके पास पते सहित फोटो वाला पहचान-पत्र होगा और फोन नंबर होगा। 18 साल के कम उम्र के लड़के तेजाब नहीं खरीद पाएंगे। केंद्र ने कहा कि इस पर कानून बनाने का हक राज्यों का है। उसकी कुछ राज्यों से बात हुई है जिन्होंने अपने कायदे बनाए हैं। अदालत इस पर संतुष्ट दिखी। अब गुरुवार को इस मामले में फैसला आएगा। केंद्र ने कहा कि इस पर कानून बनाने का हक राज्यों का है। उसकी कुछ राज्यों से बात हुई है जिन्होंने अपने कायदे बनाए हैं। अदालत इस पर संतुष्ट दिखी। अब गुरुवार को इस मामले में फैसला आएगा।
संक्षिप्त पाठ: तेजाब की खरीद−बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती कुछ रंग लाती लग रही है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि उसने इसको लेकर कुछ मॉडल कायदे बनाए हैं।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में पंजाब में एक लड़की की पिटाई और पटना में शिक्षकों पर पुलिस लाठी चार्ज की घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस सुधार के लिए दिए गए निर्देशों पर अमल के बारे में सोमवार को केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों से जवाब तलब किया। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इन घटनाओं के लिए पंजाब और बिहार सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उन्हें निहत्थे लोगों के साथ कथित बर्बर रवैया अपनाने के मामले में सात दिन के भीतर हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया। न्यायाधीशों ने अपने आदेश में कहा, ‘‘गृह मंत्रालय के सचिव के माध्यम से केन्द्र सरकार के साथ ही सभी राज्य सरकारों, केन्द्र शासित प्रदेशों, मुख्य सचिवों, गृह सचिवों और सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और केन्द्र शासित प्रदेशों में पुलिस आयोगों पुलिस सुधार के बारे में प्रकाश सिंह प्रकरण में दिए गए निर्देशों पर अमल के संबंध में नोटिस जारी किया जाए।’’ न्यायालय ने पंजाब के तरणतारण में लड़की की पुलिस द्वारा कथित पिटाई और बिहार की राजधानी पटना में संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज के बारे में प्रकाशित मीडिया खबरों का स्वत: ही संज्ञान लेते हुए पिछले सप्ताह ही इन राज्य सरकारों से जवाब मांगा था। टिप्पणियां तरणतारण की घटना में चार मार्च को एक ट्रक ड्राइवर और उसके साथियों द्वारा परेशान किए जाने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत करने वाली लड़की की ही पुलिस के जवानों ने कथित रूप से पिटाई कर दी थी। दूसरी घटना में 5 मार्च को बिहार पुलिस ने पटना में विधानसभा के बाहर नौकरी में नियमित करने और समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज करने के बाद आंसू गैस के गोले दागे थे। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इन घटनाओं के लिए पंजाब और बिहार सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उन्हें निहत्थे लोगों के साथ कथित बर्बर रवैया अपनाने के मामले में सात दिन के भीतर हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया। न्यायाधीशों ने अपने आदेश में कहा, ‘‘गृह मंत्रालय के सचिव के माध्यम से केन्द्र सरकार के साथ ही सभी राज्य सरकारों, केन्द्र शासित प्रदेशों, मुख्य सचिवों, गृह सचिवों और सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और केन्द्र शासित प्रदेशों में पुलिस आयोगों पुलिस सुधार के बारे में प्रकाश सिंह प्रकरण में दिए गए निर्देशों पर अमल के संबंध में नोटिस जारी किया जाए।’’ न्यायालय ने पंजाब के तरणतारण में लड़की की पुलिस द्वारा कथित पिटाई और बिहार की राजधानी पटना में संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज के बारे में प्रकाशित मीडिया खबरों का स्वत: ही संज्ञान लेते हुए पिछले सप्ताह ही इन राज्य सरकारों से जवाब मांगा था। टिप्पणियां तरणतारण की घटना में चार मार्च को एक ट्रक ड्राइवर और उसके साथियों द्वारा परेशान किए जाने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत करने वाली लड़की की ही पुलिस के जवानों ने कथित रूप से पिटाई कर दी थी। दूसरी घटना में 5 मार्च को बिहार पुलिस ने पटना में विधानसभा के बाहर नौकरी में नियमित करने और समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज करने के बाद आंसू गैस के गोले दागे थे। न्यायाधीशों ने अपने आदेश में कहा, ‘‘गृह मंत्रालय के सचिव के माध्यम से केन्द्र सरकार के साथ ही सभी राज्य सरकारों, केन्द्र शासित प्रदेशों, मुख्य सचिवों, गृह सचिवों और सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और केन्द्र शासित प्रदेशों में पुलिस आयोगों पुलिस सुधार के बारे में प्रकाश सिंह प्रकरण में दिए गए निर्देशों पर अमल के संबंध में नोटिस जारी किया जाए।’’ न्यायालय ने पंजाब के तरणतारण में लड़की की पुलिस द्वारा कथित पिटाई और बिहार की राजधानी पटना में संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज के बारे में प्रकाशित मीडिया खबरों का स्वत: ही संज्ञान लेते हुए पिछले सप्ताह ही इन राज्य सरकारों से जवाब मांगा था। टिप्पणियां तरणतारण की घटना में चार मार्च को एक ट्रक ड्राइवर और उसके साथियों द्वारा परेशान किए जाने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत करने वाली लड़की की ही पुलिस के जवानों ने कथित रूप से पिटाई कर दी थी। दूसरी घटना में 5 मार्च को बिहार पुलिस ने पटना में विधानसभा के बाहर नौकरी में नियमित करने और समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज करने के बाद आंसू गैस के गोले दागे थे। न्यायालय ने पंजाब के तरणतारण में लड़की की पुलिस द्वारा कथित पिटाई और बिहार की राजधानी पटना में संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज के बारे में प्रकाशित मीडिया खबरों का स्वत: ही संज्ञान लेते हुए पिछले सप्ताह ही इन राज्य सरकारों से जवाब मांगा था। टिप्पणियां तरणतारण की घटना में चार मार्च को एक ट्रक ड्राइवर और उसके साथियों द्वारा परेशान किए जाने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत करने वाली लड़की की ही पुलिस के जवानों ने कथित रूप से पिटाई कर दी थी। दूसरी घटना में 5 मार्च को बिहार पुलिस ने पटना में विधानसभा के बाहर नौकरी में नियमित करने और समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज करने के बाद आंसू गैस के गोले दागे थे। तरणतारण की घटना में चार मार्च को एक ट्रक ड्राइवर और उसके साथियों द्वारा परेशान किए जाने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत करने वाली लड़की की ही पुलिस के जवानों ने कथित रूप से पिटाई कर दी थी। दूसरी घटना में 5 मार्च को बिहार पुलिस ने पटना में विधानसभा के बाहर नौकरी में नियमित करने और समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज करने के बाद आंसू गैस के गोले दागे थे। दूसरी घटना में 5 मार्च को बिहार पुलिस ने पटना में विधानसभा के बाहर नौकरी में नियमित करने और समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा शिक्षकों पर लाठी चार्ज करने के बाद आंसू गैस के गोले दागे थे।
सारांश: उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में पंजाब में एक लड़की की पिटाई और पटना में शिक्षकों पर पुलिस लाठी चार्ज की घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस सुधार के लिए दिए गए निर्देशों पर अमल के बारे में सोमवार को केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों से जवाब तलब किया।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि नोटबंदी के बाद नक्सलियों की समस्याएं बढ़ गई हैं और वे कमजोर हुए हैं. उन्होंने इसके लिए खुफिया जानकारी को उद्धृत किया, लेकिन नक्सलियों को इससे कितना नुकसान हुआ है, इसको लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया. हालांकि उन्होंने यह कहा कि जानकारी मिल रही है कि नोटबंदी के बाद उनको बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. सिंह ने कहा, 'यह सही है कि नोटबंदी के बाद नक्सली कमजोर हुए हैं..हमें प्राप्त खुफिया जानकारी के मुताबिक उनकी समस्याएं बढ़ी हैं. उनकी ताकत कम हुई है'. गौरतलब है कि पिछले वर्ष के आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने 1,000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था. नववर्ष की पूर्व संध्या पर बेंगलुरु में महिलाओं पर हमले के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, 'हर मुद्दे पर राज्य से रिपोर्ट मांगना संभव नहीं है. मेरा मानना है कि महिलाओं के शील की रक्षा हर राज्य सरकार का कर्तव्य है और उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए'. पश्चिम बंगाल में दंगे से जुड़े सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि मंत्रालय सभी बड़ी समस्याओं से अवगत है. टिप्पणियां ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच टकराव से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हम टकराव की राजनीति नहीं करते. हम इस पर बात करेंगे'. सिंह ने कहा कि दाऊद इब्राहिम को वापस भारत लाने के लिए प्रयास जारी हैं, लेकिन इससे जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने इसके लिए खुफिया जानकारी को उद्धृत किया, लेकिन नक्सलियों को इससे कितना नुकसान हुआ है, इसको लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया. हालांकि उन्होंने यह कहा कि जानकारी मिल रही है कि नोटबंदी के बाद उनको बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. सिंह ने कहा, 'यह सही है कि नोटबंदी के बाद नक्सली कमजोर हुए हैं..हमें प्राप्त खुफिया जानकारी के मुताबिक उनकी समस्याएं बढ़ी हैं. उनकी ताकत कम हुई है'. गौरतलब है कि पिछले वर्ष के आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने 1,000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था. नववर्ष की पूर्व संध्या पर बेंगलुरु में महिलाओं पर हमले के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, 'हर मुद्दे पर राज्य से रिपोर्ट मांगना संभव नहीं है. मेरा मानना है कि महिलाओं के शील की रक्षा हर राज्य सरकार का कर्तव्य है और उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए'. पश्चिम बंगाल में दंगे से जुड़े सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि मंत्रालय सभी बड़ी समस्याओं से अवगत है. टिप्पणियां ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच टकराव से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हम टकराव की राजनीति नहीं करते. हम इस पर बात करेंगे'. सिंह ने कहा कि दाऊद इब्राहिम को वापस भारत लाने के लिए प्रयास जारी हैं, लेकिन इससे जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिंह ने कहा, 'यह सही है कि नोटबंदी के बाद नक्सली कमजोर हुए हैं..हमें प्राप्त खुफिया जानकारी के मुताबिक उनकी समस्याएं बढ़ी हैं. उनकी ताकत कम हुई है'. गौरतलब है कि पिछले वर्ष के आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने 1,000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था. नववर्ष की पूर्व संध्या पर बेंगलुरु में महिलाओं पर हमले के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, 'हर मुद्दे पर राज्य से रिपोर्ट मांगना संभव नहीं है. मेरा मानना है कि महिलाओं के शील की रक्षा हर राज्य सरकार का कर्तव्य है और उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए'. पश्चिम बंगाल में दंगे से जुड़े सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि मंत्रालय सभी बड़ी समस्याओं से अवगत है. टिप्पणियां ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच टकराव से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हम टकराव की राजनीति नहीं करते. हम इस पर बात करेंगे'. सिंह ने कहा कि दाऊद इब्राहिम को वापस भारत लाने के लिए प्रयास जारी हैं, लेकिन इससे जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नववर्ष की पूर्व संध्या पर बेंगलुरु में महिलाओं पर हमले के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, 'हर मुद्दे पर राज्य से रिपोर्ट मांगना संभव नहीं है. मेरा मानना है कि महिलाओं के शील की रक्षा हर राज्य सरकार का कर्तव्य है और उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए'. पश्चिम बंगाल में दंगे से जुड़े सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि मंत्रालय सभी बड़ी समस्याओं से अवगत है. टिप्पणियां ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच टकराव से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हम टकराव की राजनीति नहीं करते. हम इस पर बात करेंगे'. सिंह ने कहा कि दाऊद इब्राहिम को वापस भारत लाने के लिए प्रयास जारी हैं, लेकिन इससे जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच टकराव से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हम टकराव की राजनीति नहीं करते. हम इस पर बात करेंगे'. सिंह ने कहा कि दाऊद इब्राहिम को वापस भारत लाने के लिए प्रयास जारी हैं, लेकिन इससे जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नोटबंदी के बाद नक्सलियों की समस्याएं बढ़ीं : राजनाथ सिंह हालांकि नक्सलियों को कितना नुकसान हुआ, इसका कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया. खुफिया जानकारी के मुताबिक नक्‍सलियों की समस्याएं बढ़ी हैं- राजनाथ
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने डीजल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने की वकालत की है, क्योंकि इससे दीर्घ काल में महंगाई नीचे आएगी। बसु ने बृहस्पतिवार शाम बंगाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स में आयोजित एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा, "मैं व्यक्तिगत तौर पर मानता हूं कि डीजल की कीमतें अधिक देर किए बगैर नियंत्रण मुक्त कर दी जानी चाहिए। लेकिन ऐसा तत्काल किया जाना चाहिए या इसके लिए हमें कोई बेहतर समय चुनना चाहिए, यह एक अलग प्रश्न है।"बसु ने कहा, "जैसे ही आप डीजल कीमतों को नियंत्रण मुक्त करेंगे, आपको थोड़े समय के लिए महंगाई में वृद्धि दिखाई देगी। लेकिन यदि आप डीजल कीमतों को नियंत्रण मुक्त करते हैं तो लम्बी अवधि के लिए महंगाई नीचे जाएगी।"बसु ने आगे कहा, "देश के दीर्घकालिक हित में हमें डीजल कीमतों को नियंत्रण मुक्त कर देना चाहिए। लेकिन चूंकि थोड़े समय के लिए इससे महंगाई बढ़ेगी, लिहाजा हम इसके लिए उस समय का चुनाव कर सकते हैं, जब महंगाई थोड़ी नीचे हो। लोगों के लाभ के लिए डीजल कीमतों को नियंत्रण मुक्त कर दिया जाना चाहिए।" बसु ने कहा कि किरोसिन, खाना पकाने की गैस और उर्वरक प्रत्यक्ष सब्सिडी के दायरे में शामिल होने जा रहे हैं, जैसा कि वित्त वर्ष 2011-12 के बजट में कहा गया है। लोगों को प्रत्यक्ष सब्सिडी मुहैया कराने की प्रक्रिया के बारे में पूछे जाने पर बसु ने कहा, "हम किरोसिन की कीमत के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करने जा रहे। लाभ उन लोगों को दिया जाएगा, जो इसके पात्र हैं। यह स्मार्ट कार्ड, कूपन या नकदी कार्ड के रूप में होगा।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने डीजल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने की वकालत की है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सिद्धू के आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चा है। इस मुद्दे पर अटकलों का बाजार गर्म रहने के बीच आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में कहा कि यदि सिद्धू आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं, तो वह बाहें फैलाकर उनका स्वागत करेगी। इस्तीफे पर संक्षिप्त बयान में सिद्धू ने अपनी भावी योजना के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया, लेकिन संकेत हैं कि वह अपनी पार्टी में राज्य में चल रही चीजों से नाखुश थे। टिप्पणियां सिद्धू ने अपने बयान में कहा, 'सम्मानीय प्रधानमंत्री के कहने पर मैंने पंजाब के कल्याण के लिए राज्यसभा का मनोयन स्वीकार कर लिया था।' उन्होंने कहा, 'पंजाब के लिए हर खिड़की बंद होने के साथ उद्देश्य धराशायी हो गया। अब यह महज बोझ रह गया। मैंने इसे नहीं ढोना सही समझा।' उन्होंने कहा, 'सही और गलत की लड़ाई में आप आत्मकेंद्रित होने के बजाय तटस्थ नहीं रह सकते। पंजाब का हित सर्वोपरि है।' नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली के लिए छोड़ी थी, तब से वह पार्टी से नाखुश थे। सिद्धू पार्टी से काफी दिनों से नाराज चल रहे थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने कभी भी खुलकर यह नहीं कहा था। सिद्धू ने अपने बयान में कहा, 'सम्मानीय प्रधानमंत्री के कहने पर मैंने पंजाब के कल्याण के लिए राज्यसभा का मनोयन स्वीकार कर लिया था।' उन्होंने कहा, 'पंजाब के लिए हर खिड़की बंद होने के साथ उद्देश्य धराशायी हो गया। अब यह महज बोझ रह गया। मैंने इसे नहीं ढोना सही समझा।' उन्होंने कहा, 'सही और गलत की लड़ाई में आप आत्मकेंद्रित होने के बजाय तटस्थ नहीं रह सकते। पंजाब का हित सर्वोपरि है।' नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली के लिए छोड़ी थी, तब से वह पार्टी से नाखुश थे। सिद्धू पार्टी से काफी दिनों से नाराज चल रहे थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने कभी भी खुलकर यह नहीं कहा था। नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली के लिए छोड़ी थी, तब से वह पार्टी से नाखुश थे। सिद्धू पार्टी से काफी दिनों से नाराज चल रहे थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने कभी भी खुलकर यह नहीं कहा था।
संक्षिप्त सारांश: नवजोत सिंह सिद्धू के आप पार्टी में जाने की संभावना अगले साल पंजाब में हैं विधानसभा चुनाव पत्नी अभी भी भारतीय जनता पार्टी में
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने लोक सेवक पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने संबंधी 2जी फैसले पर केन्द्र की पुनर्विचार याचिका को भी खारिज किया।  उच्चतम न्यायालय ने 2जी के 122 लाइसेंस रद्द किये जाने के फैसले पर सात दूरसंचार कंपनियों द्वारा दायर पुनर्विचार याचिकाएं खारिज।टिप्पणियां गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 2जी के 122 स्पेक्ट्रम लाइसेंसों को रद्द कर दिया था। ये लाइसेंस राजा द्वारा पहले आओ, पहले पाओ की नीति के तहत आवंटित किए गए थे। न्यायालय ने कहा था कि प्राकृतिक संसाधनों के आवंटन के लिए इस नीति का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने राजा के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की भी खिंचाई की थी। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद केन्द्र, दूरसंचार कंपनियों, एनजीओ और राजा द्वारा पुनरीक्षण याचिकाएं दायर की गई थीं। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 2जी के 122 स्पेक्ट्रम लाइसेंसों को रद्द कर दिया था। ये लाइसेंस राजा द्वारा पहले आओ, पहले पाओ की नीति के तहत आवंटित किए गए थे। न्यायालय ने कहा था कि प्राकृतिक संसाधनों के आवंटन के लिए इस नीति का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने राजा के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की भी खिंचाई की थी। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद केन्द्र, दूरसंचार कंपनियों, एनजीओ और राजा द्वारा पुनरीक्षण याचिकाएं दायर की गई थीं। न्यायालय ने राजा के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की भी खिंचाई की थी। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद केन्द्र, दूरसंचार कंपनियों, एनजीओ और राजा द्वारा पुनरीक्षण याचिकाएं दायर की गई थीं।
उच्चतम न्यायालय ने लोक सेवक पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने संबंधी 2जी फैसले पर केन्द्र की पुनर्विचार याचिका को भी खारिज किया।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रूस का दक्षिणी क्षेत्र क्रासनोदोर इन दिनों भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है। इस क्षेत्र में बाढ़ के कहर से मरने वालों की संख्या 146 पहुंच गई है और करीब 29 हजार लोग बिजली की किल्लत की वजह से अंधेरे में रहने को विवश हैं।टिप्पणियां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बाढ़ प्रभावित कुछ इलाकों का दौरा किया। कई इलाकों में लोग पूरी रात पानी में फंसे रहे और सड़कें एवं रेल पटिरयां जलमग्न हैं। क्षेत्रीय जांच विभाग के प्रवक्ता इवान सेनगेरोव ने बताया कि कम से कम 146 लोग मारे गए हैं। क्रीमस्क सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इस शहर में 134 शव बरामद किए गए हैं। क्रीमस्क काला सागर रिजॉर्ट सोचि से करीब 200 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में है। सोचि में रूस 2014 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन करेगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बाढ़ प्रभावित कुछ इलाकों का दौरा किया। कई इलाकों में लोग पूरी रात पानी में फंसे रहे और सड़कें एवं रेल पटिरयां जलमग्न हैं। क्षेत्रीय जांच विभाग के प्रवक्ता इवान सेनगेरोव ने बताया कि कम से कम 146 लोग मारे गए हैं। क्रीमस्क सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इस शहर में 134 शव बरामद किए गए हैं। क्रीमस्क काला सागर रिजॉर्ट सोचि से करीब 200 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में है। सोचि में रूस 2014 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन करेगा। क्रीमस्क सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इस शहर में 134 शव बरामद किए गए हैं। क्रीमस्क काला सागर रिजॉर्ट सोचि से करीब 200 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में है। सोचि में रूस 2014 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन करेगा।
संक्षिप्त सारांश: रूस का दक्षिणी क्षेत्र क्रासनोदोर भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है। बाढ़ से मरने वालों की संख्या 146 पहुंच गई है और हजारों लोग बिजली की किल्लत से अंधेरे में रहने को विवश हैं।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: क्रिकेट कूटनीति से उत्साहित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को अपनी पुरानी दुश्मनियों को पीछे छोड़कर अपनी समस्याओं के लिए स्थायी मेल-मिलाप और सहयोगात्मक समाधान का रास्ता ढूंढ़ना चाहिए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के लिए बुधवार की रात आयोजित रात्रिभोज में सिंह ने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों को सहयोगात्मक समाधान ढूंढ़ने के लिए मिलकर काम करना चाहिए और सम्मान के साथ जीने के लिए तरीके तलाशने चाहिए। उन्होंने कहा, हमें अपने देश की समस्याओं के समाधान के लिए पुरानी दुश्मनी को पीछे छोड़ देना चाहिए। बाद में सिंह ने कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों को साथ लाने में क्रिकेट के खूबसूरत खेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने एक टीवी चैनल से कहा कि क्रिकेट हमारे साथ आने का कारक बना है। यह दोनों प्रधानमंत्रियों को साथ लाया है और मैं कह सकता हूं कि यह बहुत अच्छी शुरुआत है। सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच चाहे जो भी मतभेद हों, हमें उनके समाधान का तरीका ढूंढ़ना होगा। उन्होंने कहा, गिलानी साहब और मैंने सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की और हम इस बात पर सहमत हुए कि रास्ते में कठिनाईयां हैं लेकिन इन कठिनाईयों से पार पाने में हम सभी ईमानदार कोशिश करेंगे।  जानजुआ ने कहा कि पाकिस्तान चल रही प्रक्रिया में सार्थक प्रगति की उम्मीद कर रहा है। जानजुआ ने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम कठिनाइयों को कम करके नहीं आंकते हैं लेकिन हमें हमारी क्षेत्र की जनता के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा है। उन्होंने कहा, रचनात्मक बातचीत जरूरी है ताकि हम अच्छे पड़ोसी का और सहयोगी संबंध स्थापित करने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ें। जानजुआ ने कहा, प्रधानमंत्री गिलानी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आश्वस्त किया कि वास्तव में सरकार और पाकिस्तान की जनता यही चाहती है। दोनों नेताओं के बीच बैठक के बारे में उन्होंने बताया कि गिलानी ने सिंह से कहा, दोनों पक्षों को क्षेत्र में स्थिरता और शांति के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, क्षेत्र में स्थिरता और शांति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने तथा क्ष़ेत्र की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने की दृष्टि से दक्षिण एशिया का दो महत्वपूर्ण देश होने के नाते पाकिस्तान और भारत को अपने मामलों का दायित्व लेने का यत्न करना चाहिए। गिलानी ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान समानता, पारस्परिक विश्वास, पारस्परिक हित और पारस्परिक सम्मान के आधार पर भारत के साथ व्यापक वार्ता की दिशा में बढ़ना चाहता है। गिलानी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के न्योता पर मोहाली में भारत और पाकिस्तान के बीच सेमीफाइनल मुकाबला देखने पहुंचे थे। दोनों नेताओं के एकसाथ मैच का आनंद उठाया और सिंह ने गिलानी के सम्मान में रात्रिभोज का भी आयोजन किया। उस मैच में भारत को जीत मिली। गिलानी ने सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पाकिस्तान आने का न्योता दिया। जानजुआ ने कहा कि गिलानी की पाकिस्तान भारत संबंधों की स्थिति और दुनिया के हालात पर मैत्रीपूर्ण वार्ता हुई। उन्होंने कहा कि गिलानी ने वार्ता प्रक्रिया की बहाली पर भी संतोष जताया और उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रक्रिया निर्बाध रहेगी। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ रचनात्मक, निरंतर और परिणामोन्मुखी बातचीत की प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि उसका मानना है कि बातचीत ही एकमात्र उपाय है।
सिंह ने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों को सहयोगात्मक समाधान ढूंढ़ने के लिए मिलकर काम करना चाहिए और सम्मान के साथ जीने के लिए तरीके तलाशने चाहिए।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आजमगढ़ से सांसद अखिलेश यादव का इन दिनों कुछ अता-पता नहीं है. वे चुनाव के बाद से ही कम दिखाई दिए हैं और सिर्फ 3 बार संसद पहुंचे हैं. एनडीटीवी जब इस बात की पड़ताल करने उनके लखनऊ स्थित आवास पर पहुंचा तो वहां तो मौजूद कर्मचारियों ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. वहीं समाजवादी पार्टी के दफ्तर में समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने उनके दिल्ली में होने की संभवना जताई.  अखिलेश यादव  सांसद पद की शपथ लेने के बाद अब तक कुल तीन दिन ही सदन में आए हैं.  दिल्ली में संसद के बाहर जब उनकी पार्टी के कुछ नेताओं से उनके बारे में जानकारी मांगी गई तो एक अलग ही जवाब निकलकर सामने आया. नेताओं ने बताया कि वे किसी निजी काम से देश से बाहर गए हुए हैं और बुधवार को आ जाएंगे.  बता दें मायावती समाजवादी पार्टी से गठबंधन तोड़ने के बाद कई बैठकें कर चुकीं हैं और उपचुनाव की तैयारियों में व्यस्त हैं. वहीं इस मामले में अखिलेश की क्या रणनीनीति क्या होगी इसका पार्टी कार्यकर्ताओं का अब भी इंतजार है.
संक्षिप्त पाठ: सिर्फ 3 बार संसद में रहे उपस्थित पार्टी नेताओं ने बताया कि विदेश गए हैं अखिलेश कार्यकर्ताओं को उपचुनाव की रणनीति का इंतजार
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पहले अपने बल्लेबाजों और फिर अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बूते जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रविवार को खेले गए आईसीसी विश्व कप-2011 के ग्रुप 'ए' के अपने अंतिम लीग मैच में केन्या को 161 रनों से हरा दिया। 66 रनों की शानदार पारी खेलने वाले जिम्बाब्वे के क्रेग एर्विन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। ग्रुप 'ए' के इस अंतिम मुकाबले में जिम्बाब्वे की ओर से रखे गए 309 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए केन्याई टीम 36 ओवरों में 147 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। केन्या की ओर से नेहेमिया ओधियाम्बो ने सर्वाधिक 44 रन बनाए। इसके अलावा राकेप पटेल ने 24 और एलेक्स ओबान्दा ने 23 रन जोड़े। जिम्बाब्वे की ओर से ग्रीम क्रेमर, ग्रेग लैम्ब और रे प्राइस ने दो-दो सफलता हासिल की। प्रास्पर उत्सेया और क्रिस मोफू को भी एक-एक विकेट मिला। इस तरह जिम्बाब्वे ने 2011 विश्व कप में दो जीत के साथ अपना सफर समाप्त किया। उसने इससे पहले कनाडा को 175 रनों से पराजित किया था। ग्रुप की सभी बड़ी टीमों-न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और श्रीलंका से उसे हार मिली थी। केन्या को अपने सभी छह लीग मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 308 रन बनाए। जिम्बाब्वे की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज तातेंदा ताएबू, वीशू सिबांडा और एर्विन ने शानदार अर्द्धशतक लगाए। ताएबू ने 74 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 53 रन बनाए जबकि सिबान्दा के बल्ले से 57 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्के की सहायता से 61 रन निकले। एर्विन ने 54 गेंदों पर नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 66 बेहतरीन रन जुटाए। इसके अलावा कप्तान एल्टन चिगुम्बुरा ने 38 रन बनाए। चिगुम्बुरा ने 41 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के जड़े। केन्या की ओर से एलिजाह ओटिएनो ने सर्वाधिक दो विकेट झटके जबकि पीटर ओनगोन्डो, नेहमिया औधियाम्बो और जेम्स नगोचे को एक-एक विकेट से संतोष करना पड़ा।
यहाँ एक सारांश है:जिम्बाब्वे ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में आईसीसी विश्व कप-2011 के ग्रुप 'ए' के अपने अंतिम लीग मैच में केन्या को 161 रन से हरा दिया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में सीबीआई पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और उनके कई करीबी सहयोगियों के खिलाफ इस सप्ताह पहला आरोपपत्र दायर करने वाली है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि इस आरोपपत्र में राजकोष को पहुंचे नुकसान को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण :ट्राइ: को अब तक इस नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया पूरी करना शेष है। सूत्रों ने बताया कि आरोपपत्र में राजा द्वारा 2007 से 2008 के दौरान स्पेक्ट्रम आवंटन में रची गई कथित आपराधिक साजिश को भी शामिल किया जाएगा। यह आरोपपत्र न्यायमूर्ति ओपी सैनी की विशेष अदालत में दायर किया जाएगा। इस अदालत के मंगलवार से काम शुरू करने की संभावना है क्योंकि केंद्र ने इस बारे में उच्चतम न्यायालय को पहले ही बता दिया है। सीबीआई ने पिछले साल उच्चतम न्यायालय को बताया था कि वह 31 मार्च तक पहला आरोपपत्र दायर कर देगी, जिसमें इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की जांच का विवरण शामिल होगा। यह आरोपपत्र ऐसे समय में दायर किया जा रहा है, जब तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और राजा वहां सत्ताधारी द्रमुक का एक भाग हैं। प्रदेश में कांग्रेस और द्रमुक का गठबंधन है। इस बात की भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि सीबीआई आरोपपत्र दायर करने के बाद इस मामले में अदालत से जांच जारी रखने की अनुमति मांगे क्योंकि एजेंसी को अभी इस मामले में कई और पहलुओं की भी जांच करनी शेष है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपपत्र में राजा के अलावा उनके व्यक्तिगत सहयोगी आर के चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, एटिसैलेट डीबी के पूर्व प्रबंध निदेशक शाहिद उस्मान बलवा और एक अन्य सांसद का नाम भी शामिल किया जाए। इनका नाम एक कंपनी के भाग के तौर पर शामिल किया जा सकता है, जिसे इस घोटाले में कथित तौर पर लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि इस आरोपपत्र में रियल एस्टेट संबंधी व्यापार से जुड़ी कम से कम दो कंपनियों के नाम भी शामिल किए जाएंगे। इन पर कथित तौर पर आपराधिक साजिश में शामिल होने और सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है। राजकोष को हुए नुकसान के संदर्भ में सीबीआई संभवत: अदालत को बताएगी कि उसने इस बारे में ट्राइ से संपर्क साधा है। सूत्रों के मुताबिक ट्राइ को अभी इस बारे में आंकड़े पेश करने शेष हैं।
यह एक सारांश है: सीबीआई सूत्रों ने बताया कि इस आरोपपत्र में राजकोष को पहुंचे नुकसान को शामिल नहीं किया गया है।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: बीजेपी पिछले दस साल से सत्ता में थी, लेकिन उसके दुष्प्रभाव से बचकर तीसरी बार उसने निगम के सिंहासन पर कब्जा जमाने जा रही है. रुझानों में तीनों निगमों में बीजेपी का कब्जा हो गया है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पीएम मोदी की लहर को बताया जा रहा है. यूपी में हुई दमदार जीत के बाद सीधे एमसीडी चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर बाजी मार ली है. आइये जानते हैं बीजेपी की जीत के 5 कारण. पुराने सभी पार्षदों के टिकट काटकर बीजेपी ने सत्ता में रहने के साइड इफेक्ट को खत्म किया. कहा जाता है ये सूरत मॉडल था. सूरत निगम के पार्षदों का भी टिकट एक बार काट दिया था. बीजेपी ने निगम की उपलब्धि पर कम और मोदी सरकार के कामकाज पर ज्यादा वोट मांगे.स्थानीय चुनाव को राष्ट्रीय मुद्दे पर लड़ा.मुख्य विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस बीजेपी की निगम में नाकामयाबी को सही तरीके से लोगों के बीच गिना नहीं सकी.मनोज तिवारी, रवि किशन समेत तमाम केंद्रीय मंत्री और विधायकों की फौज ने तीन हजार से ज्यादा सभा करके पीएम मोदी सरकार के कामकाज और अरविंद केजरीवाल सरकार की जमकर नाकामयाबी गिनाई.दिल्ली बीजेपी में पहले मनोज तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष और फिर निगम चुनाव में 38 पूर्वांचली उम्मीदवारों को टिकट देकर पूर्वांचली वोटर को गोलबंद किया.21 नेताओं को निष्कासित करके बीजेपी ने बगावती तेवर वाले नेताओं को सख्त संदेश दिया. सतीश उपाध्याय, रादेश भाटिया और रवींद्र गुप्ता जैसे निगम के दिग्गज पार्षद रहे नेताओं को ओहदा देकर बगावत को दबाने में कामयाब रही. दिल्ली सरकार जानबूझकर निगम को उसके हिस्से का पैसा नहीं दे रही है. इसका प्रचार जोरशोर से किया.
संक्षिप्त सारांश: पुराने सभी पार्षदों के टिकट काटकर साइड इफेक्ट किया खत्म मोदी सरकार के कामकाज पर वोट मांगे बीजेपी के नेताओं ने तीन हजार से ज्यादा सभाएं कीं
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज पाकिस्तान से द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों के दोबारा शुरू करने के विचार का समर्थन किया। धोनी ने कहा, ‘‘अगर पाकिस्तान यहां आकर खेलता है तो हमारे लिए यह अच्छा है लेकिन मैं कार्यक्रम के बारे में नहीं जानता कि इन मैचों को कैसे कार्यक्रम में फिट किया जाएगा। हम उनसे खेलने को तैयार हैं।’’ वर्ष 2008 में मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों और क्रिकेट संबंधों में भी खटास आ गई थी लेकिन बीसीसीआई द्वारा पीसीबी प्रमुख जका अशरफ को आईपीएल के फाइनल के लिए आमंत्रित करने और चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 में पाकिस्तानी टीम को शामिल करने से संकेत मिला है कि चीजें अब ठीक हो रही हैं। धोनी इंग्लैंड के केविन पीटरसन के ट्वेंटी20 और वनडे प्रारूप से संन्यास लेने की घोषणा से काफी हैरान थे। उन्होंने यहां जिम ‘स्पोर्ट्स फिट बाय एमएस धोनी’ लॉन्च करने के मौके पर कहा, ‘‘यह हैरान करने वाली खबर है। इसका मतलब है कि वह आईपीएल का हिस्सा नहीं होगा। वह शानदार क्रिकेटर हैं। उसने आईपीएल में बेहतरीन खेल दिखाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया है। उम्मीद करता हूं कि वह टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखे।’’ विश्वनाथन आनंद के मॉस्को में पांचवीं बार विश्व चैम्पियनशिप का खिताब जीतने की उपलब्धि के बारे में धोनी ने कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली हूं जो उनसे एक बार मिल चुका हूं। वह शानदार व्यक्ति हैं और वह पिछले कुछ वर्षों में जो कुछ कर रहे हैं, शानदार है। प्रत्येक भारतीय को उन पर गर्व है।’’ धोनी ने आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर की आक्रामक कप्तानी के बारे में कहा, ‘‘वह मुझसे थोड़ा ज्यादा आक्रामक है।’’ फिटनेस के बारे में धोनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम में फुटबॉल ने उनकी काफी मदद की है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बतौर फुटबॉलर शुरुआत की थी और इसने मुझे मजबूत करने में काफी मदद की है। मैं खुश हूं कि 2004 में शुरुआत करने के बाद मुझे कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। उम्मीद करता हूं कि भविष्य में भी कुछ गंभीर नहीं हो।’’ भारतीय क्रिकेट टीम का अगले डेढ़ महीने तक कोई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है और धोनी को उम्मीद है कि वे अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को इस दौरान पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास काफी पूर्व प्रतिबद्धताएं हैं। मुझे ‘सेव द टाइगर कैंपेन’ के साथ और सेना के साथ कुछ समय बिताना है। मैं परिवार के साथ भी कुछ समय बिताऊंगा और उम्मीद है कि छुट्टी पर जाऊंगा।" धोनी ने कहा, ‘‘अगर पाकिस्तान यहां आकर खेलता है तो हमारे लिए यह अच्छा है लेकिन मैं कार्यक्रम के बारे में नहीं जानता कि इन मैचों को कैसे कार्यक्रम में फिट किया जाएगा। हम उनसे खेलने को तैयार हैं।’’ वर्ष 2008 में मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों और क्रिकेट संबंधों में भी खटास आ गई थी लेकिन बीसीसीआई द्वारा पीसीबी प्रमुख जका अशरफ को आईपीएल के फाइनल के लिए आमंत्रित करने और चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 में पाकिस्तानी टीम को शामिल करने से संकेत मिला है कि चीजें अब ठीक हो रही हैं। धोनी इंग्लैंड के केविन पीटरसन के ट्वेंटी20 और वनडे प्रारूप से संन्यास लेने की घोषणा से काफी हैरान थे। उन्होंने यहां जिम ‘स्पोर्ट्स फिट बाय एमएस धोनी’ लॉन्च करने के मौके पर कहा, ‘‘यह हैरान करने वाली खबर है। इसका मतलब है कि वह आईपीएल का हिस्सा नहीं होगा। वह शानदार क्रिकेटर हैं। उसने आईपीएल में बेहतरीन खेल दिखाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया है। उम्मीद करता हूं कि वह टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखे।’’ विश्वनाथन आनंद के मॉस्को में पांचवीं बार विश्व चैम्पियनशिप का खिताब जीतने की उपलब्धि के बारे में धोनी ने कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली हूं जो उनसे एक बार मिल चुका हूं। वह शानदार व्यक्ति हैं और वह पिछले कुछ वर्षों में जो कुछ कर रहे हैं, शानदार है। प्रत्येक भारतीय को उन पर गर्व है।’’ धोनी ने आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर की आक्रामक कप्तानी के बारे में कहा, ‘‘वह मुझसे थोड़ा ज्यादा आक्रामक है।’’ फिटनेस के बारे में धोनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम में फुटबॉल ने उनकी काफी मदद की है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बतौर फुटबॉलर शुरुआत की थी और इसने मुझे मजबूत करने में काफी मदद की है। मैं खुश हूं कि 2004 में शुरुआत करने के बाद मुझे कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। उम्मीद करता हूं कि भविष्य में भी कुछ गंभीर नहीं हो।’’ भारतीय क्रिकेट टीम का अगले डेढ़ महीने तक कोई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है और धोनी को उम्मीद है कि वे अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को इस दौरान पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास काफी पूर्व प्रतिबद्धताएं हैं। मुझे ‘सेव द टाइगर कैंपेन’ के साथ और सेना के साथ कुछ समय बिताना है। मैं परिवार के साथ भी कुछ समय बिताऊंगा और उम्मीद है कि छुट्टी पर जाऊंगा।" धोनी इंग्लैंड के केविन पीटरसन के ट्वेंटी20 और वनडे प्रारूप से संन्यास लेने की घोषणा से काफी हैरान थे। उन्होंने यहां जिम ‘स्पोर्ट्स फिट बाय एमएस धोनी’ लॉन्च करने के मौके पर कहा, ‘‘यह हैरान करने वाली खबर है। इसका मतलब है कि वह आईपीएल का हिस्सा नहीं होगा। वह शानदार क्रिकेटर हैं। उसने आईपीएल में बेहतरीन खेल दिखाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया है। उम्मीद करता हूं कि वह टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखे।’’ विश्वनाथन आनंद के मॉस्को में पांचवीं बार विश्व चैम्पियनशिप का खिताब जीतने की उपलब्धि के बारे में धोनी ने कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली हूं जो उनसे एक बार मिल चुका हूं। वह शानदार व्यक्ति हैं और वह पिछले कुछ वर्षों में जो कुछ कर रहे हैं, शानदार है। प्रत्येक भारतीय को उन पर गर्व है।’’ धोनी ने आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर की आक्रामक कप्तानी के बारे में कहा, ‘‘वह मुझसे थोड़ा ज्यादा आक्रामक है।’’ फिटनेस के बारे में धोनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम में फुटबॉल ने उनकी काफी मदद की है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बतौर फुटबॉलर शुरुआत की थी और इसने मुझे मजबूत करने में काफी मदद की है। मैं खुश हूं कि 2004 में शुरुआत करने के बाद मुझे कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। उम्मीद करता हूं कि भविष्य में भी कुछ गंभीर नहीं हो।’’ भारतीय क्रिकेट टीम का अगले डेढ़ महीने तक कोई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है और धोनी को उम्मीद है कि वे अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को इस दौरान पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास काफी पूर्व प्रतिबद्धताएं हैं। मुझे ‘सेव द टाइगर कैंपेन’ के साथ और सेना के साथ कुछ समय बिताना है। मैं परिवार के साथ भी कुछ समय बिताऊंगा और उम्मीद है कि छुट्टी पर जाऊंगा।" विश्वनाथन आनंद के मॉस्को में पांचवीं बार विश्व चैम्पियनशिप का खिताब जीतने की उपलब्धि के बारे में धोनी ने कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली हूं जो उनसे एक बार मिल चुका हूं। वह शानदार व्यक्ति हैं और वह पिछले कुछ वर्षों में जो कुछ कर रहे हैं, शानदार है। प्रत्येक भारतीय को उन पर गर्व है।’’ धोनी ने आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर की आक्रामक कप्तानी के बारे में कहा, ‘‘वह मुझसे थोड़ा ज्यादा आक्रामक है।’’ फिटनेस के बारे में धोनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम में फुटबॉल ने उनकी काफी मदद की है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बतौर फुटबॉलर शुरुआत की थी और इसने मुझे मजबूत करने में काफी मदद की है। मैं खुश हूं कि 2004 में शुरुआत करने के बाद मुझे कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। उम्मीद करता हूं कि भविष्य में भी कुछ गंभीर नहीं हो।’’ भारतीय क्रिकेट टीम का अगले डेढ़ महीने तक कोई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है और धोनी को उम्मीद है कि वे अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को इस दौरान पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास काफी पूर्व प्रतिबद्धताएं हैं। मुझे ‘सेव द टाइगर कैंपेन’ के साथ और सेना के साथ कुछ समय बिताना है। मैं परिवार के साथ भी कुछ समय बिताऊंगा और उम्मीद है कि छुट्टी पर जाऊंगा।" उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बतौर फुटबॉलर शुरुआत की थी और इसने मुझे मजबूत करने में काफी मदद की है। मैं खुश हूं कि 2004 में शुरुआत करने के बाद मुझे कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। उम्मीद करता हूं कि भविष्य में भी कुछ गंभीर नहीं हो।’’ भारतीय क्रिकेट टीम का अगले डेढ़ महीने तक कोई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है और धोनी को उम्मीद है कि वे अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को इस दौरान पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास काफी पूर्व प्रतिबद्धताएं हैं। मुझे ‘सेव द टाइगर कैंपेन’ के साथ और सेना के साथ कुछ समय बिताना है। मैं परिवार के साथ भी कुछ समय बिताऊंगा और उम्मीद है कि छुट्टी पर जाऊंगा।" उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास काफी पूर्व प्रतिबद्धताएं हैं। मुझे ‘सेव द टाइगर कैंपेन’ के साथ और सेना के साथ कुछ समय बिताना है। मैं परिवार के साथ भी कुछ समय बिताऊंगा और उम्मीद है कि छुट्टी पर जाऊंगा।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज पाकिस्तान से द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों के दोबारा शुरू करने के विचार का समर्थन किया।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिलायंस जियो और बाकी बड़ी दूरसंचार कंपनी के बीच भले ही प्राइस वार छिड़ा हुआ है. एक दूसरे के खिलाफ कड़ी प्रतिस्पर्धा के साथ कानूनी और जुबानी जंग में चल रही है. वेलेंटाइंस डे पर मंगलवार को दूरसंचार कंपनियों ने एक दूसरे को 'प्रेम संदेश' भेजे और शुभकामनाएं दीं. इसका जरिया बना सोशल मीडिया मंच ट्विटर. ट्विटर पर सभी कंपनियों ने अपने-अपनी पंच लाइन से जवाब दिया.    दरअसल इसकी शुरआत मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलांयस जियो ने की. जियो ने सुबह-सुबह अप्रत्याशित ढंग से अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘प्रिय एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर, आपको जियो की ओर से प्रेम भरा ‘हैप्पी वेलेंटाइंस डे’.’ कंपनी ने इसके साथ ही हैशटैग विदलव्रफॉमजियो लिखा. छह घंटे में इस संदेश को 3,000 से अधिक बार रिट्वीट किया गया. एयरटेल ने इस संदेश का जवाब देते हुए लिखा, "हमारी भी ऐसी ही भावना है रिलायंस जियो. क्योंकि हर इक फ्रेंड जरूरी होता है." इस ट्वीट में वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर को भी जोड़ा गया. आइडिया ने भी ट्विटर का जवाब देते हुए लिखा, "रिलायंस जियो आपको भी मुबारक. जानकर खुशी हुई कि आज फिजाओं में मुहब्बत है." वहीं एयरसेल ने आइडिया को एक तरह से रिझाते हुए लिखा, "सरजी, कहीं न कहीं हमने करोड़ों लोगों के जीवन में ‘सबसे बड़ा छोटा बदलाव’ किया है." यह अलग बात है कि वास्तविकता में इन कंपनियों विशेषकर रिलायंस जियो व बाकी कंपनियों की कहीं बन नहीं रही है. बल्कि आपस में ठनी हुई है और वे जुबानी जंग के साथ साथ अदालतों व अन्य मंचों पर एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं.टिप्पणियां रिलायंस जियो बाजार में अपनी शुरूआत के साथ ही एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर जैसी पुरानी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों के साथ उलझी हुई है. एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने रिलायंस जियो की मुफ्त सेवाओं की शिकायत दूरसंचार विभाग और दूरसंचार नियामक ट्राई समेत कई मंचों पर की है.   दरअसल इसकी शुरआत मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलांयस जियो ने की. जियो ने सुबह-सुबह अप्रत्याशित ढंग से अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘प्रिय एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर, आपको जियो की ओर से प्रेम भरा ‘हैप्पी वेलेंटाइंस डे’.’ कंपनी ने इसके साथ ही हैशटैग विदलव्रफॉमजियो लिखा. छह घंटे में इस संदेश को 3,000 से अधिक बार रिट्वीट किया गया. एयरटेल ने इस संदेश का जवाब देते हुए लिखा, "हमारी भी ऐसी ही भावना है रिलायंस जियो. क्योंकि हर इक फ्रेंड जरूरी होता है." इस ट्वीट में वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर को भी जोड़ा गया. आइडिया ने भी ट्विटर का जवाब देते हुए लिखा, "रिलायंस जियो आपको भी मुबारक. जानकर खुशी हुई कि आज फिजाओं में मुहब्बत है." वहीं एयरसेल ने आइडिया को एक तरह से रिझाते हुए लिखा, "सरजी, कहीं न कहीं हमने करोड़ों लोगों के जीवन में ‘सबसे बड़ा छोटा बदलाव’ किया है." यह अलग बात है कि वास्तविकता में इन कंपनियों विशेषकर रिलायंस जियो व बाकी कंपनियों की कहीं बन नहीं रही है. बल्कि आपस में ठनी हुई है और वे जुबानी जंग के साथ साथ अदालतों व अन्य मंचों पर एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं.टिप्पणियां रिलायंस जियो बाजार में अपनी शुरूआत के साथ ही एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर जैसी पुरानी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों के साथ उलझी हुई है. एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने रिलायंस जियो की मुफ्त सेवाओं की शिकायत दूरसंचार विभाग और दूरसंचार नियामक ट्राई समेत कई मंचों पर की है.   एयरटेल ने इस संदेश का जवाब देते हुए लिखा, "हमारी भी ऐसी ही भावना है रिलायंस जियो. क्योंकि हर इक फ्रेंड जरूरी होता है." इस ट्वीट में वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर को भी जोड़ा गया. आइडिया ने भी ट्विटर का जवाब देते हुए लिखा, "रिलायंस जियो आपको भी मुबारक. जानकर खुशी हुई कि आज फिजाओं में मुहब्बत है." वहीं एयरसेल ने आइडिया को एक तरह से रिझाते हुए लिखा, "सरजी, कहीं न कहीं हमने करोड़ों लोगों के जीवन में ‘सबसे बड़ा छोटा बदलाव’ किया है." यह अलग बात है कि वास्तविकता में इन कंपनियों विशेषकर रिलायंस जियो व बाकी कंपनियों की कहीं बन नहीं रही है. बल्कि आपस में ठनी हुई है और वे जुबानी जंग के साथ साथ अदालतों व अन्य मंचों पर एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं.टिप्पणियां रिलायंस जियो बाजार में अपनी शुरूआत के साथ ही एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर जैसी पुरानी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों के साथ उलझी हुई है. एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने रिलायंस जियो की मुफ्त सेवाओं की शिकायत दूरसंचार विभाग और दूरसंचार नियामक ट्राई समेत कई मंचों पर की है.   आइडिया ने भी ट्विटर का जवाब देते हुए लिखा, "रिलायंस जियो आपको भी मुबारक. जानकर खुशी हुई कि आज फिजाओं में मुहब्बत है." वहीं एयरसेल ने आइडिया को एक तरह से रिझाते हुए लिखा, "सरजी, कहीं न कहीं हमने करोड़ों लोगों के जीवन में ‘सबसे बड़ा छोटा बदलाव’ किया है." यह अलग बात है कि वास्तविकता में इन कंपनियों विशेषकर रिलायंस जियो व बाकी कंपनियों की कहीं बन नहीं रही है. बल्कि आपस में ठनी हुई है और वे जुबानी जंग के साथ साथ अदालतों व अन्य मंचों पर एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं.टिप्पणियां रिलायंस जियो बाजार में अपनी शुरूआत के साथ ही एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर जैसी पुरानी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों के साथ उलझी हुई है. एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने रिलायंस जियो की मुफ्त सेवाओं की शिकायत दूरसंचार विभाग और दूरसंचार नियामक ट्राई समेत कई मंचों पर की है.   रिलायंस जियो बाजार में अपनी शुरूआत के साथ ही एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर जैसी पुरानी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों के साथ उलझी हुई है. एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने रिलायंस जियो की मुफ्त सेवाओं की शिकायत दूरसंचार विभाग और दूरसंचार नियामक ट्राई समेत कई मंचों पर की है.
संक्षिप्त सारांश: रिलायंस जियो और बाकी दूरसंचार कंपनी के बीच छिड़ा है प्राइस वार एक दूसरे के खिलाफ कानूनी और जुबानी जंग चल रही है वैलेंटाइंस डे पर एक दूसरे को 'प्रेम संदेश' भेजे और शुभकामनाएं दीं
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने निशानेबाज गगन नारंग को लंदन ओलिंपिक खेलों में कांस्य पदक जीतने पर बधाई देते हुए उन्हें एक करोड़ रुपये की इनामी राशि देने की घोषणा की है।टिप्पणियां हुड्डा ने कहा कि नारंग के पदक ने राज्य और देश का नाम रोशन किया है तथा लंदन ओलिंपिक में भारत को पहला पदक मिलने पर प्रत्येक भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहा है। नारंग के पूर्वज पानीपत जिले के शिमला गांव के रहने वाले थे। हुड्डा ने उम्मीद जताई कि उनके खिलाड़ी ओलिंपिक में अभी और पदक जीतेंगे। हुड्डा ने कहा कि ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाड़ी को 2.5 करोड़, रजत पदक विजेता को 1.50 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नारंग ने सोमवार को पुरुषों की दस मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता। हुड्डा ने कहा कि नारंग के पदक ने राज्य और देश का नाम रोशन किया है तथा लंदन ओलिंपिक में भारत को पहला पदक मिलने पर प्रत्येक भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहा है। नारंग के पूर्वज पानीपत जिले के शिमला गांव के रहने वाले थे। हुड्डा ने उम्मीद जताई कि उनके खिलाड़ी ओलिंपिक में अभी और पदक जीतेंगे। हुड्डा ने कहा कि ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाड़ी को 2.5 करोड़, रजत पदक विजेता को 1.50 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नारंग ने सोमवार को पुरुषों की दस मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता। हुड्डा ने उम्मीद जताई कि उनके खिलाड़ी ओलिंपिक में अभी और पदक जीतेंगे। हुड्डा ने कहा कि ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाड़ी को 2.5 करोड़, रजत पदक विजेता को 1.50 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नारंग ने सोमवार को पुरुषों की दस मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता।
हुड्डा ने कहा कि नारंग के पदक ने राज्य और देश का नाम रोशन किया है तथा लंदन ओलिंपिक में भारत को पहला पदक मिलने पर प्रत्येक भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो रही फिल्‍मों में एक है 'इरादा'. अपर्णा सिंह द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अहम भूमिका में नसीरउद्दीन शाह, अरशद वारसी, दिव्या दत्ता, सागरिका घाटगे, शरद केलकर और दिवाकर कुमार हैं.  'इरादा' के निर्माता फाल्गुनी पटेल और प्रिन्स सोनी हैं. इस फिल्‍म के निर्माता और निर्देशक दोनों ही 'इरादा' से अपने फिल्‍मी सफर की शुरुआत कर रहे हैं. ये फिल्म एक ईको-थ्रिलर है यानी वातावरण को मद्दे नजर रखते हुए कहानी को थ्रिलर का जामा पहनाया गया है. 'इरादा' की कहानी भठिंडा में घटती है जहां रिटायर्ड आर्मी अफसर परबजीत सिंह (नसीरउद्दीन शाह) अपनी बेटी रिया (रोमाना मोल्ला) के साथ रहता है और वो उसे सीडीएस की परीक्षा के लिए तैयार कर रहा है. लेकिन एक दिन उसे पता चलता है की रिया को कैंसर है जिसकी वजह इस प्रदेश का पानी, जो रिवर्स बोरिंग की वजह से यहां के पीने के पानी को दूषित कर रहा है. उन्‍हें पता चलता है कि रिया ही नही बल्की इस प्रदेश में ये बीमारी बुरी तरह से फैल चुकी है और फिल्म में इसके खिलाफ कई लोग खड़े होते हैं. लेकिन कौन हैं ये लोग और यह कैसे इस मुश्किल से निपटते हैं और इससे जुड़े कोर्पोरेट जगत और राजनीति का सामना कैसे करते हैं, यही देखने के लिए आपको ये फिल्म देखनी चाहिए. ये फिल्‍म मनोरंजन के साथ-साथ आपको रिवर्स बोरिंग जैसे मुद्दों और उसके परिणाम से भी अवगत कराती है. साथ ही मैं इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक की तारीफ भी करना चाहूंगा जो फिल्म जगत के मायाजाल में नहीं फंसे और उन्होंने एक मुद्दे पर आधारित फिल्म बनाई. अच्‍छी बात यह है कि उन्‍होंने इसे पुरी ईमानदारी से अंजाम दिया है. अब बात करते हैं इस फिल्‍म की खामियों और खूबियों की. पहले इस फिल्‍म की खामियों की बात करें तो, मध्यांतर से पहले फिल्म की लिखाइ मुझे कमजोर लगी फिर चाहे वो स्क्रिप्ट हो या स्क्रिनप्ले. खासतौर पर दिवाकर और सागरिका घाटगे वाला ट्रैक. इनके किरदार और दृश्य पैर जमाने से पहले ही उखड़ जाते हैं. दर्शक इन किरदारों से जुड़ ही नही पाते और न ही उनसे साहनभुति कर पाते हैं और इसी बीच दिवाकर का किरदार खत्म भी हो जाता है. ऐसे में दर्शक किरदार से जुड़ नहीं पाते. इसके अलावा फर्स्‍ट हाफ में कई सीन्स हैं जो चरम पर पहुंचने से पहले ही कट जाते है जिसकी वजह से वो पूरा दृश्य प्रभावहीन हो जाता है. कुछ जगह ऐसा लगता है कि लेखक और निर्देशक बिना भाव के अपनी बात कहने की जल्दी में हैं. इस सब के अलावा जहां-जहां फिल्म में स्पेशल इफेक्ट का इस्तेमाल हुआ है वहां साफ पता चलता है की यहां वीएफएक्स का इस्तेमाल हुआ है. मुझे यह भी लगता है कि 'रिवर्स बोरिंग' और बाकी तकनीकी शब्दों को आसान करने की जरुरत थी, ताकी जो लोग अंग्रेजी नहीं जानते उन्हें रिवर्स बोरिंग की पूरी प्रक्रिया बेहतर तरीके से समझ आ जाए. ये थी इस फिल्‍म कमी खामियां और अब बात खूबियों की.टिप्पणियां इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है इसका विषय जो फिल्म जगत के लिए तो नया है ही साथ ही ये दर्शकों को एक नए खतरे से सावधान करता है. ये फिल्म और इसका विषय रिवर्स बोरिंग जैसे खतरे की ओर सिस्टम-सरकार दोनों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करती है और यह भी बताती हैं कि अगर इस तरफ समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य भयावह हो सकता है. फिल्म की दूसरी खूबी हैं अरशद वारसी जो एनआईए ऑफिसर अर्जुन मिश्रा के किरदार में हैं. अरशद अपने अभिनय के दम पर बड़ी खूबसूरती से इस संजीदा विषय में भी हल्का कॉमेडी का तड़का लगा रहे हैं और इस फिल्‍म को बोझिल होने से बचा रहे हैं. लेकिन कॉमेडी के हल्‍के पुट के बाद भी वह कहानी या मुद्दे से कहीं नहीं भटके हैं. नसीर एक बार फिर अपने बहतरीन अभिनय से फिल्म में जान डालते हैं, उनकी और अरशद की जोड़ी 'इश्किया' और 'डेढ़ इश्कियां' की तरह मज़ाहिया तो नहीं है पर इन दोनों के सीन्स बेहद प्रभावशाली हैं. वहीं दिव्या दत्ता और शरद केलकर का भी उम्दा अभिनय है. इन दोनों ने फिल्म के निगेटिव किरदारों को खूबसरती के साथ पर्दे पर उतारा है. मध्यातंर के पहले के आधे हिस्से के बाद फिल्म की लिखाई और निर्देशन दोनों में धार नजर आती है और फिल्म असरदार हो जाती है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के मर्म और विषय को और सहारा देती है. साथ ही मैं यहां एक और दृश्य का जिक्र करना चाहूंगा जिसमें कैंसर के मरीजों को रेल में ले जाते दर्शाया गया है. ये सीन आपका दिल दहला देता है. इसका फिल्मांकन काबिल-ए तारिफ है. तो जाएं और ये फिल्म जरुर देखे, इसके विषय के लिए और इसके संदेश के लिए. मेरी तरफ से इसे तीन स्टार्स. 'इरादा' की कहानी भठिंडा में घटती है जहां रिटायर्ड आर्मी अफसर परबजीत सिंह (नसीरउद्दीन शाह) अपनी बेटी रिया (रोमाना मोल्ला) के साथ रहता है और वो उसे सीडीएस की परीक्षा के लिए तैयार कर रहा है. लेकिन एक दिन उसे पता चलता है की रिया को कैंसर है जिसकी वजह इस प्रदेश का पानी, जो रिवर्स बोरिंग की वजह से यहां के पीने के पानी को दूषित कर रहा है. उन्‍हें पता चलता है कि रिया ही नही बल्की इस प्रदेश में ये बीमारी बुरी तरह से फैल चुकी है और फिल्म में इसके खिलाफ कई लोग खड़े होते हैं. लेकिन कौन हैं ये लोग और यह कैसे इस मुश्किल से निपटते हैं और इससे जुड़े कोर्पोरेट जगत और राजनीति का सामना कैसे करते हैं, यही देखने के लिए आपको ये फिल्म देखनी चाहिए. ये फिल्‍म मनोरंजन के साथ-साथ आपको रिवर्स बोरिंग जैसे मुद्दों और उसके परिणाम से भी अवगत कराती है. साथ ही मैं इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक की तारीफ भी करना चाहूंगा जो फिल्म जगत के मायाजाल में नहीं फंसे और उन्होंने एक मुद्दे पर आधारित फिल्म बनाई. अच्‍छी बात यह है कि उन्‍होंने इसे पुरी ईमानदारी से अंजाम दिया है. अब बात करते हैं इस फिल्‍म की खामियों और खूबियों की. पहले इस फिल्‍म की खामियों की बात करें तो, मध्यांतर से पहले फिल्म की लिखाइ मुझे कमजोर लगी फिर चाहे वो स्क्रिप्ट हो या स्क्रिनप्ले. खासतौर पर दिवाकर और सागरिका घाटगे वाला ट्रैक. इनके किरदार और दृश्य पैर जमाने से पहले ही उखड़ जाते हैं. दर्शक इन किरदारों से जुड़ ही नही पाते और न ही उनसे साहनभुति कर पाते हैं और इसी बीच दिवाकर का किरदार खत्म भी हो जाता है. ऐसे में दर्शक किरदार से जुड़ नहीं पाते. इसके अलावा फर्स्‍ट हाफ में कई सीन्स हैं जो चरम पर पहुंचने से पहले ही कट जाते है जिसकी वजह से वो पूरा दृश्य प्रभावहीन हो जाता है. कुछ जगह ऐसा लगता है कि लेखक और निर्देशक बिना भाव के अपनी बात कहने की जल्दी में हैं. इस सब के अलावा जहां-जहां फिल्म में स्पेशल इफेक्ट का इस्तेमाल हुआ है वहां साफ पता चलता है की यहां वीएफएक्स का इस्तेमाल हुआ है. मुझे यह भी लगता है कि 'रिवर्स बोरिंग' और बाकी तकनीकी शब्दों को आसान करने की जरुरत थी, ताकी जो लोग अंग्रेजी नहीं जानते उन्हें रिवर्स बोरिंग की पूरी प्रक्रिया बेहतर तरीके से समझ आ जाए. ये थी इस फिल्‍म कमी खामियां और अब बात खूबियों की.टिप्पणियां इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है इसका विषय जो फिल्म जगत के लिए तो नया है ही साथ ही ये दर्शकों को एक नए खतरे से सावधान करता है. ये फिल्म और इसका विषय रिवर्स बोरिंग जैसे खतरे की ओर सिस्टम-सरकार दोनों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करती है और यह भी बताती हैं कि अगर इस तरफ समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य भयावह हो सकता है. फिल्म की दूसरी खूबी हैं अरशद वारसी जो एनआईए ऑफिसर अर्जुन मिश्रा के किरदार में हैं. अरशद अपने अभिनय के दम पर बड़ी खूबसूरती से इस संजीदा विषय में भी हल्का कॉमेडी का तड़का लगा रहे हैं और इस फिल्‍म को बोझिल होने से बचा रहे हैं. लेकिन कॉमेडी के हल्‍के पुट के बाद भी वह कहानी या मुद्दे से कहीं नहीं भटके हैं. नसीर एक बार फिर अपने बहतरीन अभिनय से फिल्म में जान डालते हैं, उनकी और अरशद की जोड़ी 'इश्किया' और 'डेढ़ इश्कियां' की तरह मज़ाहिया तो नहीं है पर इन दोनों के सीन्स बेहद प्रभावशाली हैं. वहीं दिव्या दत्ता और शरद केलकर का भी उम्दा अभिनय है. इन दोनों ने फिल्म के निगेटिव किरदारों को खूबसरती के साथ पर्दे पर उतारा है. मध्यातंर के पहले के आधे हिस्से के बाद फिल्म की लिखाई और निर्देशन दोनों में धार नजर आती है और फिल्म असरदार हो जाती है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के मर्म और विषय को और सहारा देती है. साथ ही मैं यहां एक और दृश्य का जिक्र करना चाहूंगा जिसमें कैंसर के मरीजों को रेल में ले जाते दर्शाया गया है. ये सीन आपका दिल दहला देता है. इसका फिल्मांकन काबिल-ए तारिफ है. तो जाएं और ये फिल्म जरुर देखे, इसके विषय के लिए और इसके संदेश के लिए. मेरी तरफ से इसे तीन स्टार्स. ये फिल्‍म मनोरंजन के साथ-साथ आपको रिवर्स बोरिंग जैसे मुद्दों और उसके परिणाम से भी अवगत कराती है. साथ ही मैं इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक की तारीफ भी करना चाहूंगा जो फिल्म जगत के मायाजाल में नहीं फंसे और उन्होंने एक मुद्दे पर आधारित फिल्म बनाई. अच्‍छी बात यह है कि उन्‍होंने इसे पुरी ईमानदारी से अंजाम दिया है. अब बात करते हैं इस फिल्‍म की खामियों और खूबियों की. पहले इस फिल्‍म की खामियों की बात करें तो, मध्यांतर से पहले फिल्म की लिखाइ मुझे कमजोर लगी फिर चाहे वो स्क्रिप्ट हो या स्क्रिनप्ले. खासतौर पर दिवाकर और सागरिका घाटगे वाला ट्रैक. इनके किरदार और दृश्य पैर जमाने से पहले ही उखड़ जाते हैं. दर्शक इन किरदारों से जुड़ ही नही पाते और न ही उनसे साहनभुति कर पाते हैं और इसी बीच दिवाकर का किरदार खत्म भी हो जाता है. ऐसे में दर्शक किरदार से जुड़ नहीं पाते. इसके अलावा फर्स्‍ट हाफ में कई सीन्स हैं जो चरम पर पहुंचने से पहले ही कट जाते है जिसकी वजह से वो पूरा दृश्य प्रभावहीन हो जाता है. कुछ जगह ऐसा लगता है कि लेखक और निर्देशक बिना भाव के अपनी बात कहने की जल्दी में हैं. इस सब के अलावा जहां-जहां फिल्म में स्पेशल इफेक्ट का इस्तेमाल हुआ है वहां साफ पता चलता है की यहां वीएफएक्स का इस्तेमाल हुआ है. मुझे यह भी लगता है कि 'रिवर्स बोरिंग' और बाकी तकनीकी शब्दों को आसान करने की जरुरत थी, ताकी जो लोग अंग्रेजी नहीं जानते उन्हें रिवर्स बोरिंग की पूरी प्रक्रिया बेहतर तरीके से समझ आ जाए. ये थी इस फिल्‍म कमी खामियां और अब बात खूबियों की.टिप्पणियां इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है इसका विषय जो फिल्म जगत के लिए तो नया है ही साथ ही ये दर्शकों को एक नए खतरे से सावधान करता है. ये फिल्म और इसका विषय रिवर्स बोरिंग जैसे खतरे की ओर सिस्टम-सरकार दोनों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करती है और यह भी बताती हैं कि अगर इस तरफ समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य भयावह हो सकता है. फिल्म की दूसरी खूबी हैं अरशद वारसी जो एनआईए ऑफिसर अर्जुन मिश्रा के किरदार में हैं. अरशद अपने अभिनय के दम पर बड़ी खूबसूरती से इस संजीदा विषय में भी हल्का कॉमेडी का तड़का लगा रहे हैं और इस फिल्‍म को बोझिल होने से बचा रहे हैं. लेकिन कॉमेडी के हल्‍के पुट के बाद भी वह कहानी या मुद्दे से कहीं नहीं भटके हैं. नसीर एक बार फिर अपने बहतरीन अभिनय से फिल्म में जान डालते हैं, उनकी और अरशद की जोड़ी 'इश्किया' और 'डेढ़ इश्कियां' की तरह मज़ाहिया तो नहीं है पर इन दोनों के सीन्स बेहद प्रभावशाली हैं. वहीं दिव्या दत्ता और शरद केलकर का भी उम्दा अभिनय है. इन दोनों ने फिल्म के निगेटिव किरदारों को खूबसरती के साथ पर्दे पर उतारा है. मध्यातंर के पहले के आधे हिस्से के बाद फिल्म की लिखाई और निर्देशन दोनों में धार नजर आती है और फिल्म असरदार हो जाती है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के मर्म और विषय को और सहारा देती है. साथ ही मैं यहां एक और दृश्य का जिक्र करना चाहूंगा जिसमें कैंसर के मरीजों को रेल में ले जाते दर्शाया गया है. ये सीन आपका दिल दहला देता है. इसका फिल्मांकन काबिल-ए तारिफ है. तो जाएं और ये फिल्म जरुर देखे, इसके विषय के लिए और इसके संदेश के लिए. मेरी तरफ से इसे तीन स्टार्स. पहले इस फिल्‍म की खामियों की बात करें तो, मध्यांतर से पहले फिल्म की लिखाइ मुझे कमजोर लगी फिर चाहे वो स्क्रिप्ट हो या स्क्रिनप्ले. खासतौर पर दिवाकर और सागरिका घाटगे वाला ट्रैक. इनके किरदार और दृश्य पैर जमाने से पहले ही उखड़ जाते हैं. दर्शक इन किरदारों से जुड़ ही नही पाते और न ही उनसे साहनभुति कर पाते हैं और इसी बीच दिवाकर का किरदार खत्म भी हो जाता है. ऐसे में दर्शक किरदार से जुड़ नहीं पाते. इसके अलावा फर्स्‍ट हाफ में कई सीन्स हैं जो चरम पर पहुंचने से पहले ही कट जाते है जिसकी वजह से वो पूरा दृश्य प्रभावहीन हो जाता है. कुछ जगह ऐसा लगता है कि लेखक और निर्देशक बिना भाव के अपनी बात कहने की जल्दी में हैं. इस सब के अलावा जहां-जहां फिल्म में स्पेशल इफेक्ट का इस्तेमाल हुआ है वहां साफ पता चलता है की यहां वीएफएक्स का इस्तेमाल हुआ है. मुझे यह भी लगता है कि 'रिवर्स बोरिंग' और बाकी तकनीकी शब्दों को आसान करने की जरुरत थी, ताकी जो लोग अंग्रेजी नहीं जानते उन्हें रिवर्स बोरिंग की पूरी प्रक्रिया बेहतर तरीके से समझ आ जाए. ये थी इस फिल्‍म कमी खामियां और अब बात खूबियों की.टिप्पणियां इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है इसका विषय जो फिल्म जगत के लिए तो नया है ही साथ ही ये दर्शकों को एक नए खतरे से सावधान करता है. ये फिल्म और इसका विषय रिवर्स बोरिंग जैसे खतरे की ओर सिस्टम-सरकार दोनों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करती है और यह भी बताती हैं कि अगर इस तरफ समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य भयावह हो सकता है. फिल्म की दूसरी खूबी हैं अरशद वारसी जो एनआईए ऑफिसर अर्जुन मिश्रा के किरदार में हैं. अरशद अपने अभिनय के दम पर बड़ी खूबसूरती से इस संजीदा विषय में भी हल्का कॉमेडी का तड़का लगा रहे हैं और इस फिल्‍म को बोझिल होने से बचा रहे हैं. लेकिन कॉमेडी के हल्‍के पुट के बाद भी वह कहानी या मुद्दे से कहीं नहीं भटके हैं. नसीर एक बार फिर अपने बहतरीन अभिनय से फिल्म में जान डालते हैं, उनकी और अरशद की जोड़ी 'इश्किया' और 'डेढ़ इश्कियां' की तरह मज़ाहिया तो नहीं है पर इन दोनों के सीन्स बेहद प्रभावशाली हैं. वहीं दिव्या दत्ता और शरद केलकर का भी उम्दा अभिनय है. इन दोनों ने फिल्म के निगेटिव किरदारों को खूबसरती के साथ पर्दे पर उतारा है. मध्यातंर के पहले के आधे हिस्से के बाद फिल्म की लिखाई और निर्देशन दोनों में धार नजर आती है और फिल्म असरदार हो जाती है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के मर्म और विषय को और सहारा देती है. साथ ही मैं यहां एक और दृश्य का जिक्र करना चाहूंगा जिसमें कैंसर के मरीजों को रेल में ले जाते दर्शाया गया है. ये सीन आपका दिल दहला देता है. इसका फिल्मांकन काबिल-ए तारिफ है. तो जाएं और ये फिल्म जरुर देखे, इसके विषय के लिए और इसके संदेश के लिए. मेरी तरफ से इसे तीन स्टार्स. इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है इसका विषय जो फिल्म जगत के लिए तो नया है ही साथ ही ये दर्शकों को एक नए खतरे से सावधान करता है. ये फिल्म और इसका विषय रिवर्स बोरिंग जैसे खतरे की ओर सिस्टम-सरकार दोनों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करती है और यह भी बताती हैं कि अगर इस तरफ समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य भयावह हो सकता है. फिल्म की दूसरी खूबी हैं अरशद वारसी जो एनआईए ऑफिसर अर्जुन मिश्रा के किरदार में हैं. अरशद अपने अभिनय के दम पर बड़ी खूबसूरती से इस संजीदा विषय में भी हल्का कॉमेडी का तड़का लगा रहे हैं और इस फिल्‍म को बोझिल होने से बचा रहे हैं. लेकिन कॉमेडी के हल्‍के पुट के बाद भी वह कहानी या मुद्दे से कहीं नहीं भटके हैं. नसीर एक बार फिर अपने बहतरीन अभिनय से फिल्म में जान डालते हैं, उनकी और अरशद की जोड़ी 'इश्किया' और 'डेढ़ इश्कियां' की तरह मज़ाहिया तो नहीं है पर इन दोनों के सीन्स बेहद प्रभावशाली हैं. वहीं दिव्या दत्ता और शरद केलकर का भी उम्दा अभिनय है. इन दोनों ने फिल्म के निगेटिव किरदारों को खूबसरती के साथ पर्दे पर उतारा है. मध्यातंर के पहले के आधे हिस्से के बाद फिल्म की लिखाई और निर्देशन दोनों में धार नजर आती है और फिल्म असरदार हो जाती है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के मर्म और विषय को और सहारा देती है. साथ ही मैं यहां एक और दृश्य का जिक्र करना चाहूंगा जिसमें कैंसर के मरीजों को रेल में ले जाते दर्शाया गया है. ये सीन आपका दिल दहला देता है. इसका फिल्मांकन काबिल-ए तारिफ है. तो जाएं और ये फिल्म जरुर देखे, इसके विषय के लिए और इसके संदेश के लिए. मेरी तरफ से इसे तीन स्टार्स. वहीं दिव्या दत्ता और शरद केलकर का भी उम्दा अभिनय है. इन दोनों ने फिल्म के निगेटिव किरदारों को खूबसरती के साथ पर्दे पर उतारा है. मध्यातंर के पहले के आधे हिस्से के बाद फिल्म की लिखाई और निर्देशन दोनों में धार नजर आती है और फिल्म असरदार हो जाती है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के मर्म और विषय को और सहारा देती है. साथ ही मैं यहां एक और दृश्य का जिक्र करना चाहूंगा जिसमें कैंसर के मरीजों को रेल में ले जाते दर्शाया गया है. ये सीन आपका दिल दहला देता है. इसका फिल्मांकन काबिल-ए तारिफ है. तो जाएं और ये फिल्म जरुर देखे, इसके विषय के लिए और इसके संदेश के लिए. मेरी तरफ से इसे तीन स्टार्स.
संक्षिप्त पाठ: रिवर्स बोरिंग जैसे मुद्दे को छूकर बनी बॉलीवुड की पहली फिल्‍म इरादा में अरशद वारसी और नसीरुद्दीन शाह के अभिनय ने डाली जान इस फिल्‍म को हमारी तरफ से मिलते हैं 3 स्‍टार्स
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 में हुई एक लूट की तफ्तीश के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. लूट के आरोप में पकड़े गए 3 बदमाशों और आरोपी से पूछताछ में नोएडा में सोशल मीडिया के माध्यम से चल रहे 'समलैंगिक सेक्स रैकेट' का पर्दाफाश हुआ है. आरोपी और पीड़ित ग्रेंडर नाम के एक ऐप से जुड़े हुए थे जो समलैंगिकों को जोड़ता है. लेकिन तीनों आरोपी ऐप के माध्यम से लोगों को अपने झांसे में फंसाकर उनके साथ लूटपाट करते थे. पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई चेन, घड़ी, नगदी और मोबाइल के साथ वारदात में इस्तेमाल हुई सेंट्रों कार भी बरामद की है.  आरोपियों की पहचान विशाल, शहजाद और राहुल हैं, जो समलैंगिक सेक्स रैकेट से ग्रेंडर नाम के एक ऐप से जुड़े हुए हैं. विशाल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह समलैंगिक संबंध रखने का शौकीन है. अपने शौक को पूरा करने के लिए एक साल पहले उसने अपने मोबाइल फोन में ऐप डाउनलोड किया था.  नोएडा के सिटी एसपी विनीत जायसवाल ने बताया, 'इसी ऐप के जरिए करीब पांच महीने पहले स्टोर मैनेजर से संपर्क हुआ था और सहमति से संबंध बनाए थे. 4 सितम्बर को पीड़ित को फोन करके उसे मौके पर बुलाया गया था. उस समय उसके साथ शहजाद, राहुल और अंकुर भी थे. इस दौरान दोनों के बीच कुछ लेनदेन की बात बिगड़ी और चारों ने मारपीट कर पीड़ित का एटीएम कार्ड छीन लिया. उसके बाद इलेक्‍ट्रॉनिक टॉर्च से करंट लगा कर पिन पूछ कर उससे पैसे निकाले गए और पीड़ि‍त का मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए.  फेज-2 थाना पुलिस ने इस मामले में तीनों को गिरफ्तार कर लिया है. लूटी गई सभी चीजें बरामद कर ली गई हैं. एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए बनाई गई टीम ने रविवार की सुबह दादरी रोड स्थित फेज-दो बस स्टैंड से तीन आरोपियों विशाल, शहजाद और राहुल को गिरफ्तार किया जबकि चौथा आरोपी अंकुर मौके से फरार हो गया.
संक्षिप्त सारांश: ग्रेंजर ऐप के जरिए जुड़े थे आरोपी और पीड़ित ऐप के जरिए संपर्क कर की ती लूटपाट पुलिस ने नोएडा फेज-2 से किया 3 लोगों को गिरफ्तार
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष 2009 में रिलीज़ हुई सलमान खान की सुपरहिट फिल्म 'वॉन्टेड' में काम करने से मना कर देने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री इलियाना डी'क्रूज़ को उम्मीद है कि बड़े पर्दे के मौजूदा 'सबसे बड़े सुपरस्टार' सलमान के साथ काम करने, यानि बड़े पर्दे पर सल्लू भाई के साथ रोमांस करने का कोई न कोई मौका उन्हें मिल ही जाएगा। तेलुगू भाषा की वर्ष 2006 की हिट फिल्म 'पोकिरी' में महेश के साथ काम कर चुकीं इलियाना डी'क्रूज़ ने उसके रीमेक 'वॉन्टेड' में काम करने का मौका गंवा दिया था, लेकिन अब वह फिल्म 'बर्फी' में रणबीर कपूर के साथ बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने जा रही हैं।टिप्पणियां इस पर बात करते हुए इलियाना ने बताया, "जी हां, मुझे 'पोकिरी' के तमिल और हिन्दी संस्करणों में काम करने की पेशकश हुई थी। मैंने तेलुगू में आई 'पोकिरी' में काम किया था, जिसने काफी कमाई की, लेकिन मैंने 'पोकिरी' के हिन्दी संस्करण 'वॉन्टेड' में काम करने की पेशकश स्वीकार नहीं की थी, क्योंकि मुझे लगता था कि मैं बॉलीवुड में प्रवेश के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हुई हूं।" उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं था कि मैं फिल्म नहीं करना चाहती थी, मैं तो सिर्फ आधे दिल से काम नहीं करना चाहती थी। मैंने 'वॉन्टेड' में सलमान के साथ काम करने का मौका गंवा दिया, लेकिन मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि मुझे लगता है कि 'बर्फी' बॉलीवुड में उतरने के लिए बिल्कुल सही फिल्म है।" तेलुगू भाषा की वर्ष 2006 की हिट फिल्म 'पोकिरी' में महेश के साथ काम कर चुकीं इलियाना डी'क्रूज़ ने उसके रीमेक 'वॉन्टेड' में काम करने का मौका गंवा दिया था, लेकिन अब वह फिल्म 'बर्फी' में रणबीर कपूर के साथ बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने जा रही हैं।टिप्पणियां इस पर बात करते हुए इलियाना ने बताया, "जी हां, मुझे 'पोकिरी' के तमिल और हिन्दी संस्करणों में काम करने की पेशकश हुई थी। मैंने तेलुगू में आई 'पोकिरी' में काम किया था, जिसने काफी कमाई की, लेकिन मैंने 'पोकिरी' के हिन्दी संस्करण 'वॉन्टेड' में काम करने की पेशकश स्वीकार नहीं की थी, क्योंकि मुझे लगता था कि मैं बॉलीवुड में प्रवेश के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हुई हूं।" उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं था कि मैं फिल्म नहीं करना चाहती थी, मैं तो सिर्फ आधे दिल से काम नहीं करना चाहती थी। मैंने 'वॉन्टेड' में सलमान के साथ काम करने का मौका गंवा दिया, लेकिन मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि मुझे लगता है कि 'बर्फी' बॉलीवुड में उतरने के लिए बिल्कुल सही फिल्म है।" इस पर बात करते हुए इलियाना ने बताया, "जी हां, मुझे 'पोकिरी' के तमिल और हिन्दी संस्करणों में काम करने की पेशकश हुई थी। मैंने तेलुगू में आई 'पोकिरी' में काम किया था, जिसने काफी कमाई की, लेकिन मैंने 'पोकिरी' के हिन्दी संस्करण 'वॉन्टेड' में काम करने की पेशकश स्वीकार नहीं की थी, क्योंकि मुझे लगता था कि मैं बॉलीवुड में प्रवेश के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हुई हूं।" उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं था कि मैं फिल्म नहीं करना चाहती थी, मैं तो सिर्फ आधे दिल से काम नहीं करना चाहती थी। मैंने 'वॉन्टेड' में सलमान के साथ काम करने का मौका गंवा दिया, लेकिन मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि मुझे लगता है कि 'बर्फी' बॉलीवुड में उतरने के लिए बिल्कुल सही फिल्म है।" उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं था कि मैं फिल्म नहीं करना चाहती थी, मैं तो सिर्फ आधे दिल से काम नहीं करना चाहती थी। मैंने 'वॉन्टेड' में सलमान के साथ काम करने का मौका गंवा दिया, लेकिन मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि मुझे लगता है कि 'बर्फी' बॉलीवुड में उतरने के लिए बिल्कुल सही फिल्म है।"
लेकिन 'बर्फी' से बॉलीवुड करियर शुरू करने जा रही इलियाना को उम्मीद है कि सलमान के साथ काम करने, यानि बड़े पर्दे पर उनके साथ रोमांस का कोई न कोई मौका उन्हें मिल ही जाएगा।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: एक विशेष अदालत ने सोमवार को आरुषि तलवार के अभिभावकों की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह इस स्तर पर सुनवाई योग्य नहीं है। अदालत ने हालांकि सीबीआई से कहा कि क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की ऐसी जल्दी क्या थी। तलवार दंपति ने दोहरे हत्याकांड के मामले को बंद न करने की याचिका दायर की थी। विशेष न्यायाधीश प्रीति सिंह ने सीबीआई की विवादास्पद रिपोर्ट का निरीक्षण करने संबंधी सुनवाई के लिए 7 जनवरी की तारीख निर्धारित की है। न्यायाधीश ने सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच अधिकारी को आदेश दिया कि वह 7 जनवरी को केस डायरी के साथ पेश हों। अदालत में सोमवार को यह मामला सुनवाई के लिए आया। सुनवाई शुरू होते ही विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीबीआई के वकील एके सैनी से पूछा कि देश को हिलाकर रख देने वाले इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने में जांच एजेंसी को ऐसी जल्दी क्या थी। अदालत ने पूछा, (क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने में) ऐसी जल्दी क्या थी? क्लोजर रिपोर्ट के दस्तावेज कहां हैं? इस पर एजेंसी के वकील ने अदालत को बताया कि सीबीआई की प्रक्रिया के मुताबिक हम क्लोजर रिपोर्ट तब दाखिल करते हैं, जब इस बारे में कोई फैसला हो जाता है। माना जा रहा है कि न्यायाधीश इस जवाब से सहमत थे। इसके बाद न्यायाधीश ने वकील से कहा, अब अदालत जांच अधिकारी को क्लोजर रिपोर्ट के संलग्नक दर्ज करने के लिए समय देगी। न्यायाधीश ने इस दौरान आरुषि के अभिभावकों राजेश और नूपुर तलवार के आवेदन को भी पढ़ा। उन्होंने सीबीआई के इस कदम का विरोध करते हुए आवेदन दायर किया था। हालांकि अदालत ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनकी याचिका इस स्तर पर सुनवाई योग्य नहीं है और उन्हें अदालत के सामने 7 जनवरी को पेश होने को कहा। तलवार की याचिका में कहा गया है कि यह जघन्य मामला है और न्याय के हित में इसे बंद नहीं करना चाहिए। सीबीआई ने इस मामले में 29 दिसंबर को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी।
संक्षिप्त पाठ: एक विशेष अदालत ने आरुषि तलवार के अभिभावकों की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह इस स्तर पर सुनवाई योग्य नहीं है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बीजिंग पर हमला बोलते हुए चीन (China) की ओर से नए शुल्क लगाने की योजना पर त्वरित जवाबी कार्रवाई का संकल्प लिया. ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों से चीन छोड़ने को भी कहा. ट्रंप ने कहा, 'हमें चीन की जरूरत नहीं है. अगर ईमानदारी से कहूं तो हम उनके बिना बहुत बेहतर होंगे.' व्यापार युद्ध पहले ही अमेरिका की प्रगति की रफ्तार कम कर चुका है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमज़ोर किया है और शेयर बाजारों की भी हालात खराब की है. ट्रंप ने कहा, 'हमारे देश को इतने सालों में चीन में खरबों डॉलरों का नुकसान हुआ है. उन्होंने एक साल में अरबों डॉलर की कीमत पर हमारी बौद्धिक संपदा को चुराया है और वे यह जारी रखना चाहते हैं, लेकिन मैं यह नहीं होने दूंगा.' उन्होंने कहा, 'हमारी महान अमेरिकी कंपनियों को आदेश दिया जाता है कि वे चीन का विकल्प देखना शुरू कर दें और वे वापस देश आने का भी विकल्प रखें और अमेरिका में अपने उत्पाद बनाएं. इससे पहले चीन ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह अमेरिका से आयात किए जाने वाले 75 अरब डॉलर के उत्पादों पर दस प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाएगा.'
अमेरिका के राष्ट्रपति बोले- हमें चीन की जरूरत नहीं उनके बिना भी हम होंगे बेहतर: डोनाल्ड ट्रंप ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों से चीन छोड़ने को भी कहा
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समूचे उत्तर भारत में एक बार फिर से ठंड बढ़ गई है। पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से ठंड फिर से लौट आई है। मौसम के बदले मिजाज का असर दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी देखा जा सकता है। दिल्ली में आज सुबह पारा 4 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले पांच साल में फरवरी में बुधवार की रात सबसे ठंडी रात रही। इससे पहले 2007 में फरवरी माह में दिल्ली का तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया था। दिल्ली में कल सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं। हालांकि दिन में धूप तो निकल रही है, लेकिन इसका असर होता नहीं दिखाई दे रहा है।टिप्पणियां हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात से हो रही बर्फबारी से पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है। शिमला, कुल्लू और मंडी समेत कई जिलों में बर्फबारी से जनजीवन ठहर गया है। यही हाल उत्तराखंड के कई जिलों का भी है। उत्तरकाशी में बर्फबारी से गंगोत्री घाटी के करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। उधर, मुंबई में भी ठंड एक बार फिर से लौट आई है। रात में मुबंई के सांताक्रूज उपनगर में पारा लुढ़ककर 8.8 डिग्री तक पंहुच गया। मुंबईकरों के लिए यह तापमान बहुत कम है। अमूमन मुबंई में इतनी ठंड नहीं होती, जितनी कि इस बार पड़ रही है। इससे पहले 2008 में यहां पारा 8.5 डिग्री तक चला गया था। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात से हो रही बर्फबारी से पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है। शिमला, कुल्लू और मंडी समेत कई जिलों में बर्फबारी से जनजीवन ठहर गया है। यही हाल उत्तराखंड के कई जिलों का भी है। उत्तरकाशी में बर्फबारी से गंगोत्री घाटी के करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। उधर, मुंबई में भी ठंड एक बार फिर से लौट आई है। रात में मुबंई के सांताक्रूज उपनगर में पारा लुढ़ककर 8.8 डिग्री तक पंहुच गया। मुंबईकरों के लिए यह तापमान बहुत कम है। अमूमन मुबंई में इतनी ठंड नहीं होती, जितनी कि इस बार पड़ रही है। इससे पहले 2008 में यहां पारा 8.5 डिग्री तक चला गया था। उधर, मुंबई में भी ठंड एक बार फिर से लौट आई है। रात में मुबंई के सांताक्रूज उपनगर में पारा लुढ़ककर 8.8 डिग्री तक पंहुच गया। मुंबईकरों के लिए यह तापमान बहुत कम है। अमूमन मुबंई में इतनी ठंड नहीं होती, जितनी कि इस बार पड़ रही है। इससे पहले 2008 में यहां पारा 8.5 डिग्री तक चला गया था।
संक्षिप्त सारांश: समूचे उत्तर भारत में एक बार फिर से ठंड बढ़ गई है। पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से ठंड फिर से लौट आई है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के बीच फोन पर कहासुनी की बात सामने आ रही है. सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल (Mamata Banerjee)  के कांथी में बीजेपी रेलै के बाद हुई हिंसा को लेकर राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को फोन किया था. राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने फोन पर राज्य में लचर होती कानून व्यवस्था और भाजपा की रैली के बाद हुई हिंसा को लेकर चिंता जताई थी. सूत्रों की मानें इसपर मुख्यमंत्री (Mamata Banerjee) ने सिंह को जवाब दिया कि आप पहले अपने नेता और कार्यकर्ताओं को संभाल लीजिए. ध्यान हो कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मंगलवार को कांथी में रैली थी. इस रैली के खत्म होने के ठीक बाद बसों पर हमला किया गया, मोटरसाइकिलों को जलाया गया यहां तक कि तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर पर भी हमला किया गया. बिगड़ते हालात को देखते हुए घटनास्थल के आसपास बड़ी तादाद में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के नेता एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे. जहां तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह पूरी घटना पहले से ही निर्धारित थी तो वहीं बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने टीएमसी को तालिबान मामातर करमो से बताया. रैली के बाद फैली हिंसा की सूचना मिलने के बाद ही केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने शाम में सीएम को फोन किया था. इसी दौरान दोनों के बीच तीखी बहस की बात कही जा रही है. गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बीते कुछ समय से पश्चिम बंगाल सरकार और खासकर ममता बनर्जी पर तीखे हमले कर रहे हैं. कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि ममता दीदी को डर था कि अगर हमारी यात्रा राज्य में निकलती है तो उनकी सरकार की अंतिम यात्रा निकल जाएगी. रैली को संबोधित करते हुए शाह (Amit Shah) ने कहा था कि यह चुनाव पार्टियों के बीच का चुनाव है. यह बंगाल की संस्कृति को समाप्त करने वाली टीएमसी को हराने का चुनाव है. यह बंगाल की जनता को निर्णय लेना है कि संस्कृति को बचाने वाली बीजेपी को लाएंगे या उनकी संस्कृति को खत्म करने वाली टीएमसी को. सुभाष चंद्र को भुलाने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी. लेकिन पीएम मोदी सुभाष बाबू के जीवन, देशभक्ति और उनके बंगाल को अमर करने के लिए अंडमान के टापू का नाम सुभाष जी के नाम पर रखने का फैसला किया है. साथ ही उन्होंने कहा था कि देश के आजाद होने के बाद पश्चिम बंगाल हर जगह देश का नेतृत्व करता था. कला, संस्कृति और हर क्षेत्र में बंगालियों का नाम था. एक लंबे के समय कम्युनिस्ट शासन और ममता दीदी के शोषण के बाद आज बंगाल जहां है, उसकी कल्पना आप नहीं कर सकते. एक समय बंगाल का औद्योगिक उत्पादन दर 27 फीसदी था जो आज 3.3 फीसदी रह गया है. बंगाल को टीएमसी ने कंगाल बना दिया. पहले 100 में 32 रोजगार बंगाल देता था, आज यह आंकड़ा महज चार का है. कम्युनिस्ट तो बुरे थे ही, बंगाल की जनता ने इन्हें निकालने के लिए परिवर्तन किया और टीएमसी को लाया. लेकिन आज जनता कहती है की टीएमसी से तो कम्युनिस्ट अच्छे थे. हर पांचवा व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे जी रहा है.' इसके अलावा शाह ने कहा था कि बंगाल में टीएमसी की सरकार ने लोकतंत्र को समाप्त कर दिया है. हम बंगाल में रथ यात्रा निकालने वाले थे लेकिन हमें राज्य सरकार ने रोक दिया. उन्हें लगा कि यह यात्रा उनके लिए अंतिम यात्रा न हो जाए. कोई बात नहीं दीदी हम ज्यादा मेहनत करेंगे लेकिन इस बार आपको बंगाल से हटाकर रहने वाले हैं. मैं आपको बताता हूं कि पंचायत चुनाव हुए थे, उस दौरान बड़ी संख्या में हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या हुई. आपको कहता हूं और टीएमसी को भी कहता हूं कि पंचायत चुनाव वाली गलती लोकसभा चुनाव में मत करना. वर्ना हम ईंट से ईंट बजा देंगे. यह चुनाव बंगाल सरकार के अंडर नहीं होने वाला है. यह चुनाव आयोग के अंडर होगा, यहां पैरामिलिट्री होगी.'
यह एक सारांश है: अमित शाह की रैली के बाद हुई थी हिंसा तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर पर भी हुआ था हमला राजनाथ सिंह ने हालात पर की थी सीएम से बात
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार की नीतीश सरकार (Nitish Kumar)  ने होली के मौके पर राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बहुत बड़ा तोहफा दिया है. बिहार मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की यहां मंगलवार को हुई बैठक में राज्य सरकार के कर्मियों के महंगाई भत्ते (DA) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 49 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. उन्होंने बताया, "वित्त विभाग के तहत पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन, पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों व पेंशनभोगियों ने इस साल एक जनवरी से नौ प्रतिशत के स्थान पर 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता की स्वीकृति दी गई है."  इसके अलावा वित्त विभाग के अंतर्गत वित्तीय संस्थान निदेशालय को पुनर्गठित कर सांस्थिक वित्त निदेशालय का गठन करने तथा इसके संचालन के लिए पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई है. उन्होंने बताया कि विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के तहत पटना में नवसृजित अभियंत्रण महाविद्यालय, राजकीय पोलिटेक्निक संस्थान को संचालित किए जाने के कारण बढ़ते कार्यबोझ के मद्देनजर कई पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.  इसके अलावा पटना शहर में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए भी कैबिनेट की बैठक में राशि को मंजूरी दे दी गई है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकारी कर्मचारियों को नीतीश कुमार ने दिया होली का तोहफा महंगाई भत्ते में की तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी बिहार मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रस्ताव को दी मंजूरी
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के करीबी सहयोगी संजय महेंद्रू की जमानत स्वीकार कर ली। महेंद्रू को 2009 में लंदन में क्वींस बैटन रिले घोटाले में कथित भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया था। आयोजन समिति के संयुक्त महानिदेशक महेंद्रू को उनके सहयोगी टीएस दरबारी के साथ गिरफ्तार किया गया था। महेंद्रू 15 नवंबर से जेल में थे। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने महेंद्रू को इसलिए जमानत दे दी, क्योंकि सीबीआई निर्धारित 60 दिन के भीतर जांच पूरी करने और आरोपपत्र दायर करने में असफल रही। अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को भी ध्यान में रखा, जिसने शुक्रवार को इस मामले में सह आरोपी टीएस दरबारी को जमानत दे दी थी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने कहा, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर, आरोपी को जमानत दे दी जाती है, क्योंकि सीबीआई निर्धारित 60 दिन में आरोपपत्र नहीं दायर कर सकी। दरबारी को भी इसी आधार पर जमानत दे दी गई थी कि सीबीआई निर्धारित 60 दिन में आरोपपत्र नहीं दाखिल कर सकी। अदालत ने महेंद्रू को 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है। उन्हें इस शर्त पर जमानत दी गई है कि वह अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़ कर नहीं जाएंगे। अदालत ने महेंद्रू को चेतावनी भी दी है कि वह जमानत पर रहने के दौरान न तो अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे और न ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करेंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दरबारी को जमानत दे दी थी और दूसरे आरोपी एम जयचंद्रन की जमानत याचिका पर सुनवाई 17 जनवरी तक के लिए टाल दी। सीबीआई के पास जयचंद्रन के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के लिए 20 जनवरी तक का समय है, ऐसा न होने पर भी उन्हें भी जमानत मिल जाएगी।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के करीबी सहयोगी संजय महेंद्रू की जमानत स्वीकार कर ली।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका के बॉब और माइक ब्रायन की जोड़ी ने भारत के डेविस कप खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और उनके पाकिस्तानी जोड़ीदार एसाम उल हक कुरैशी की जोड़ी को हराकर वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन से बाहर कर दिया है। बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी को बुधवार को खेले गए पुरुषों के युगल वर्ग में ब्रायन बंधुओं ने 6-7 (2-7), 6-3, 7-6 (7-3) से मात दी। इससे पहले, पांचवीं वरीयता प्राप्त बोपन्ना और कुरैशी ने तीसरे दौर में कजाकिस्तान के आंद्रे गोलूबेव और उज्बेकिस्तान के डेनिस इस्तोमिन की जोड़ी को 6-3, 7-5 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। दूसरी ओर मिश्रित युगल में स्लोवाकिया की कटरीना श्रेबोतनिक और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी  फाइनल में पहुंच गई है। श्रेबोतनिक और जिमोनजिक की जोड़ी ने मिश्रित युगल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में रूस के नादिया पेत्रोवा और ब्रिटेन के जेमी मरे की जोड़ी को 7-6 (7-4), 7-6 (7-5) से हरा दिया। इससे पहले, श्रेबोतनिक और जिमोनजिक की जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चेक गणराज्य की इवेता बेनेसोवा और भारत के लिएंडर पेस की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को 7-6 (7-3), 6-3  से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
यह एक सारांश है: बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी को बुधवार को खेले गए पुरुषों के युगल वर्ग में ब्रायन बंधुओं ने 6-7 (2-7), 6-3, 7-6 (7-3) से मात दी।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'द कपिल शर्मा शो' की मुसीबतें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहीं. पहले कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच विवाद, फिर कलाकारों का बायकॉट और अब नवजोत सिंह सिद्धू पर भी मुसीबत आ गई है. खबरों की मानें तो शो में एक आपत्तिजनक चुटकुला बोलने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है और इस वजह से पिछले दिनों एक एपिसोड की शूटिंग का हिस्सा भी नहीं बन पाए थे.इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार एक वकील ने पंजाब के मुख्य सचिव करण ए सिंह के पास शिकायत की है कि सिद्धू ने शो में एक डबल मीनिंग चुटकुला बोला था. इस शिकायत के बाद सिद्धू को एक एपिसोड की शूटिंग मिस करनी पड़ी, इस एपिसोड में सोनाक्षी सिन्हा अपनी फिल्म 'नूर' के प्रचार के लिए मेहमान के तौर पर पहुंची थीं.टिप्पणियांइंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार वकील ने अपनी शिकायत में लिखा, "मैंने शनिवार को रात 9 से 10:15 के बीच 'द कपिल शर्मा शो' देखा. कपिल शर्मा की कॉमेडी, खासतौर पर नवजोत सिंह सिद्धू के जोक आपत्तिजनक और डबल मीनिंग थे. इसने भारतीय दंड संहिता 1860 की कई धाराओं और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट का उल्लंघन किया है. यह शो मैं अपनी पत्नी और बेटियों के साथ देख रहा था जिसमें उनके डायलॉग काफी आपत्तिजनक थे. हालांकि मैंने अभी शो की रिकॉर्डिंग प्रस्तुत नहीं की है, पर जो भी मुझे याद है उसके आधार पर सिद्धू ने कपिल से कहा, 'कपिल आप जल्दी शादी कर लो, वरना 40 साल के होने के बाद आपकी रिप्रोडक्टिव कैपेसिटी कम हो जाएगी'." नवजोत सिंह सिद्धू हाल ही में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री बने हैं और मंत्री रहते हुए अपने टीवी करियर को जारी रखने को लेकर उन्होंने कानूनी सलाह मांग है. इस बीच कपिल शर्मा द्वारा ऑस्ट्रेलिया से भारत की फ्लाइट में बदसलूकी के बाद शो ने सुनील ग्रोवर जैसा चर्चित सितारा खो दिया है. उनके साथ-साथ अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने भी शो छोड़ दिया है. कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव कपिल की टीम में शामिल हुए हैं.   इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार एक वकील ने पंजाब के मुख्य सचिव करण ए सिंह के पास शिकायत की है कि सिद्धू ने शो में एक डबल मीनिंग चुटकुला बोला था. इस शिकायत के बाद सिद्धू को एक एपिसोड की शूटिंग मिस करनी पड़ी, इस एपिसोड में सोनाक्षी सिन्हा अपनी फिल्म 'नूर' के प्रचार के लिए मेहमान के तौर पर पहुंची थीं.टिप्पणियांइंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार वकील ने अपनी शिकायत में लिखा, "मैंने शनिवार को रात 9 से 10:15 के बीच 'द कपिल शर्मा शो' देखा. कपिल शर्मा की कॉमेडी, खासतौर पर नवजोत सिंह सिद्धू के जोक आपत्तिजनक और डबल मीनिंग थे. इसने भारतीय दंड संहिता 1860 की कई धाराओं और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट का उल्लंघन किया है. यह शो मैं अपनी पत्नी और बेटियों के साथ देख रहा था जिसमें उनके डायलॉग काफी आपत्तिजनक थे. हालांकि मैंने अभी शो की रिकॉर्डिंग प्रस्तुत नहीं की है, पर जो भी मुझे याद है उसके आधार पर सिद्धू ने कपिल से कहा, 'कपिल आप जल्दी शादी कर लो, वरना 40 साल के होने के बाद आपकी रिप्रोडक्टिव कैपेसिटी कम हो जाएगी'." नवजोत सिंह सिद्धू हाल ही में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री बने हैं और मंत्री रहते हुए अपने टीवी करियर को जारी रखने को लेकर उन्होंने कानूनी सलाह मांग है. इस बीच कपिल शर्मा द्वारा ऑस्ट्रेलिया से भारत की फ्लाइट में बदसलूकी के बाद शो ने सुनील ग्रोवर जैसा चर्चित सितारा खो दिया है. उनके साथ-साथ अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने भी शो छोड़ दिया है. कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव कपिल की टीम में शामिल हुए हैं.   इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार वकील ने अपनी शिकायत में लिखा, "मैंने शनिवार को रात 9 से 10:15 के बीच 'द कपिल शर्मा शो' देखा. कपिल शर्मा की कॉमेडी, खासतौर पर नवजोत सिंह सिद्धू के जोक आपत्तिजनक और डबल मीनिंग थे. इसने भारतीय दंड संहिता 1860 की कई धाराओं और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट का उल्लंघन किया है. यह शो मैं अपनी पत्नी और बेटियों के साथ देख रहा था जिसमें उनके डायलॉग काफी आपत्तिजनक थे. हालांकि मैंने अभी शो की रिकॉर्डिंग प्रस्तुत नहीं की है, पर जो भी मुझे याद है उसके आधार पर सिद्धू ने कपिल से कहा, 'कपिल आप जल्दी शादी कर लो, वरना 40 साल के होने के बाद आपकी रिप्रोडक्टिव कैपेसिटी कम हो जाएगी'." नवजोत सिंह सिद्धू हाल ही में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री बने हैं और मंत्री रहते हुए अपने टीवी करियर को जारी रखने को लेकर उन्होंने कानूनी सलाह मांग है. इस बीच कपिल शर्मा द्वारा ऑस्ट्रेलिया से भारत की फ्लाइट में बदसलूकी के बाद शो ने सुनील ग्रोवर जैसा चर्चित सितारा खो दिया है. उनके साथ-साथ अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने भी शो छोड़ दिया है. कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव कपिल की टीम में शामिल हुए हैं.   नवजोत सिंह सिद्धू हाल ही में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री बने हैं और मंत्री रहते हुए अपने टीवी करियर को जारी रखने को लेकर उन्होंने कानूनी सलाह मांग है. इस बीच कपिल शर्मा द्वारा ऑस्ट्रेलिया से भारत की फ्लाइट में बदसलूकी के बाद शो ने सुनील ग्रोवर जैसा चर्चित सितारा खो दिया है. उनके साथ-साथ अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने भी शो छोड़ दिया है. कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव कपिल की टीम में शामिल हुए हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नवजोत सिंह सिद्धू कथित तौर पर एक एपिसोड की शूटिंग से गायब थे खबरों के मुताबिक सिद्धू के खिलाफ एक शिकायत दर्ज की गई है नवजोत ने कथित तौर पर शो में एक आपत्तिजनक चुटकुला सुनाया था
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तान में छुपे भारत के 'मोस्ट वांटेड' मुजरिम दाऊद इब्राहिम पर भारत की नज़र है। भारत ने कहा कि अपने बेटे की शादी की तैयारी में लगा दाऊद पाकिस्तान में ही है। भारत ने पाकिस्तान को फिर याद दिलाया है कि उसके मुजरिम पाकिस्तान की ज़मीन पर हैं और पाकिस्तान कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान अब भी मदद का दावा कर रहा है। उसके गृह मंत्री रहमान मलिक का दावा है उनकी सरकार 26/11 की जांच में पूरी मदद कर रही है। लेकिन भारत ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने कोई आतंकी कैंप बंद नहीं किया है। आतंकियों की घुसपैठ में कोई कमी नहीं आई है। मांगने के बावजूद भारत को आवाज़ के नमूने नहीं दिए गए हैं। यहां तक कि मुंबई हमलों में प्रयोग में लाई गई कुबेर नाव के जीपीएस सेट का बॉक्स कराची पुलिस के पास है जो भारत को नहीं दिया जा रहा है।
ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तान में छुपे भारत के 'मोस्ट वांटेड' मुजरिम दाऊद इब्राहिम पर भारत की नज़र है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व पाकिस्तानी कप्तान वसीम अकरम ने भारतीय टीम के इंग्लैंड में लचर प्रदर्शन की जांच के बीसीसीआई के फैसले का स्वागत किया है लेकिन साथ ही कहा कि यह एकतरफा जांच नहीं होनी चाहिए। अकरम ने ईएसपीएनस्टार डाट काम पर अपने कालम में लिखा है, मैं समझ सकता हूं कि बीसीसीआई टेस्ट मैचों की शर्मनाक हार के कारणों का पता लगाना चाह रहा है। यह स्वागतयोग्य कदम है। मुझे उम्मीद है कि यह एकतरफा जांच नहीं होगी। बीसीसीआई की हाल में कार्यकारी समिति की बैठक में फैसला किया गया कि निवर्तमान अध्यक्ष शशांक मनोहर और भावी अध्यक्ष एन श्रीनिवासन हार के कारणों की जांच करेंगे। अकरम ने थकान, चोट, जज्बे की कमी आदि की बात मानी लेकिन उनको इसके साथ ही लगता है कि भारत के पास सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की जगह भरने के लिये कोई ढंग का खिलाड़ी नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे एक बात ने चिंतित किया कि क्या भारत के पास तेंदुलकर, द्रविड़, लक्ष्मण और सहवाग जैसे खिलाड़ियों की जगह भरने के लिये कुशल खिलाड़ी हैं। रैना, कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को अभी मीलों दूरी तय करनी है। चयनकर्ताओं के लिये यह बड़ा मुश्किल काम होगा।
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान वसीम अकरम ने भारतीय टीम के इंग्लैंड में लचर प्रदर्शन की जांच के बीसीसीआई के फैसले का स्वागत किया है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन अत्यधिक क्षमाप्रार्थी लोगों का देश है। यहां के लोग दिनभर में कम से कम आठ बार 'सॉरी' कहते हैं। एक सर्वेक्षण में पता चला है कि वे जितनी बार सॉरी बोलते हैं, उसमें से ज्यादातर समय तो उनकी कोई गलती ही नहीं होती है। 'न्यूयॉर्क बेकरी को' द्वारा किया गया यह शोध बताता है ब्रिटेनवासी अक्सर किसी और की गलती की प्रतिक्रिया के रूप में माफी मांगते हैं। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के मुताबिक कम से कम 43 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने ऐसे व्यक्तियों से माफी मांगी है, जिनसे उन्हें ठोकर लगी, जबकि 17 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पैरों की अंगुलियां कुचले जाने पर माफी मांगी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि एक औसत ब्रिटेनवासी सालभर में 2,920 दफा सॉरी बोलता है या अपने जीवनकाल में लगभग 23 लाख बार यह शब्द दोहराता है। इनमें से 30 प्रतिशत मामले ऐसे हैं, जहां लोग 'एक्सक्यूज मी' के स्थान पर सॉरी का इस्तेमाल करते हैं और किसी के किसी कार्य में बाधा पहुंचाने पर 67 प्रतिशत मामलों में सॉरी कहा जाता है।
यह एक सारांश है: एक सर्वेक्षण में पता चला है कि ये लोग जितनी बार सॉरी बोलते हैं, उसमें से ज्यादातर समय तो उनकी कोई गलती ही नहीं होती है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देशभर से आए भूमिहीन सत्याग्राहियों ने भारत सरकार के साथ अगले दौर की बातचीत से पहले शर्तें रखीं हैं। इनका कहना है कि आंदोलनकारियों की जमीनें इन्हें वापस दी जानी चाहिए और इस मुद्दे पर वह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। सोमवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश अगले दौर की बातचीत करेंगे। इस मीटिंग में एक परिषद की तरफ से लोग शामिल होंगे। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे पीवी राजगोपाल इस मीटिंग में शामिल होंगे या नहीं।टिप्पणियां केंद्र ने इस मामले में बातचीत के लिए जयराम रमेश और ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुना है जो पहले भी आंदोलनकारियों से बातचीत कर चुके हैं। लेकिन, ग्वालियर में हुई यह बातचीत बेनतीजा रही थी। अपनी जमीन से जुड़े हक की मांग कर रहे सत्याग्रहियों का एक हुजूम 3 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली के लिए निकला था। इस हुजूम में करीब 50 हजार भूमिहीन लोग शामिल हैं। सोमवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश अगले दौर की बातचीत करेंगे। इस मीटिंग में एक परिषद की तरफ से लोग शामिल होंगे। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे पीवी राजगोपाल इस मीटिंग में शामिल होंगे या नहीं।टिप्पणियां केंद्र ने इस मामले में बातचीत के लिए जयराम रमेश और ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुना है जो पहले भी आंदोलनकारियों से बातचीत कर चुके हैं। लेकिन, ग्वालियर में हुई यह बातचीत बेनतीजा रही थी। अपनी जमीन से जुड़े हक की मांग कर रहे सत्याग्रहियों का एक हुजूम 3 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली के लिए निकला था। इस हुजूम में करीब 50 हजार भूमिहीन लोग शामिल हैं। केंद्र ने इस मामले में बातचीत के लिए जयराम रमेश और ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुना है जो पहले भी आंदोलनकारियों से बातचीत कर चुके हैं। लेकिन, ग्वालियर में हुई यह बातचीत बेनतीजा रही थी। अपनी जमीन से जुड़े हक की मांग कर रहे सत्याग्रहियों का एक हुजूम 3 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली के लिए निकला था। इस हुजूम में करीब 50 हजार भूमिहीन लोग शामिल हैं। अपनी जमीन से जुड़े हक की मांग कर रहे सत्याग्रहियों का एक हुजूम 3 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली के लिए निकला था। इस हुजूम में करीब 50 हजार भूमिहीन लोग शामिल हैं।
देशभर से आए भूमिहीन सत्याग्राहियों ने भारत सरकार के साथ अगले दौर की बातचीत से पहले शर्तें रखीं हैं। इनका कहना है कि आंदोलनकारियों की जमीनें इन्हें वापस दी जानी चाहिए और इस मुद्दे पर वह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने भारतीय क्रिकेट टीम में मतभेद के लिए परोक्ष रूप से बीसीसीआई को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि महेंद्र सिंह धोनी को गुमराह किया गया है। बेदी ने कहा, ‘‘मैं नहीं मानता कि सीनियर खिलाड़ियों का क्षेत्ररक्षण खराब है। सचिन, सहवाग और गंभीर का अपना रुतबा है। लगता है कि धोनी को गुमराह किया गया है। कौन जानता है कि वह बीसीसीआई की राय ही व्यक्त कर रहा हो।’’ अपने जमाने के इस दिग्गज स्पिनर ने यह टिप्पणी धोनी के उस बयान को लेकर की, जो उन्होंने हाल में रोटेशन नीति को लेकर की थी। भारतीय कप्तान ने कहा था कि सीनियर खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर का क्षेत्ररक्षण ढीला है, जिससे टीम को लगभग 20 रन गंवाने पड़ते हैं। सहवाग ने हालांकि बाद में यह कहकर इसे नया मोड़ दे दिया था कि उन्हें रोटेशन का यह कारण नहीं बताया गया है। बेदी ने इसके साथ ही खिलाड़ियों से मीडिया से दूरी बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि हमारे जमाने में मीडिया इतना हावी नहीं था। खिलाड़ियों को मीडिया से दूरी बनाए रखनी चाहिए। सभी को मीडिया के पास आने की जरूरत नहीं है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि खिलाड़ियों को ही बोलना है, तो फिर मीडिया मैनेजर का क्या काम है। वे (खिलाड़ी) बच्चे नहीं हैं। वे लंबे समय से खेल रहे हैं और जानते हैं कि मीडिया किस तरह की प्रतिक्रिया कर सकता है। ड्रेसिंग रूम की बातों को बाहर नहीं आना चाहिए।’’ टिप्पणियां बेदी ने साथ ही कहा कि वह सचिन तेंदुलकर को संन्यास लेने की सलाह देने संबंधी कपिल देव के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते और इसका फैसला इस स्टार बल्लेबाज पर ही छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘यह कपिल का मानना है। मैं समझता हूं कि कोई भी ऐसी स्थिति में नहीं है, जो कि तेंदुलकर को संन्यास लेने के लिए कहे। यह उनका एकाधिकार है। यह उनका फैसला होगा, किसी अन्य को उस पर बोलने का अधिकार नहीं होना चाहिए।’’ बेदी ने कहा, ‘‘आखिर उनके महाशतक का इंतजार किसे नहीं है। सभी उनके महाशतक की बात कर रहे हैं और साथ में उन पर तलवार भी तान रहे हैं। इस शतक का बोझ केवल सचिन पर ही नहीं, सारे देश पर है। बेहतरी इसी में है कि हम उन्हें अकेला छोड़ दें।’’ धोनी की रोटेशन नीति की कड़ी आलोचना करने वाले बेदी ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भारतीय टीम हर विभाग में असफल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तो दौरा समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। टीम का आत्मविश्वास बुरी तरह हिल गया है।’’ अपने जमाने के इस दिग्गज स्पिनर ने यह टिप्पणी धोनी के उस बयान को लेकर की, जो उन्होंने हाल में रोटेशन नीति को लेकर की थी। भारतीय कप्तान ने कहा था कि सीनियर खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर का क्षेत्ररक्षण ढीला है, जिससे टीम को लगभग 20 रन गंवाने पड़ते हैं। सहवाग ने हालांकि बाद में यह कहकर इसे नया मोड़ दे दिया था कि उन्हें रोटेशन का यह कारण नहीं बताया गया है। बेदी ने इसके साथ ही खिलाड़ियों से मीडिया से दूरी बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि हमारे जमाने में मीडिया इतना हावी नहीं था। खिलाड़ियों को मीडिया से दूरी बनाए रखनी चाहिए। सभी को मीडिया के पास आने की जरूरत नहीं है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि खिलाड़ियों को ही बोलना है, तो फिर मीडिया मैनेजर का क्या काम है। वे (खिलाड़ी) बच्चे नहीं हैं। वे लंबे समय से खेल रहे हैं और जानते हैं कि मीडिया किस तरह की प्रतिक्रिया कर सकता है। ड्रेसिंग रूम की बातों को बाहर नहीं आना चाहिए।’’ टिप्पणियां बेदी ने साथ ही कहा कि वह सचिन तेंदुलकर को संन्यास लेने की सलाह देने संबंधी कपिल देव के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते और इसका फैसला इस स्टार बल्लेबाज पर ही छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘यह कपिल का मानना है। मैं समझता हूं कि कोई भी ऐसी स्थिति में नहीं है, जो कि तेंदुलकर को संन्यास लेने के लिए कहे। यह उनका एकाधिकार है। यह उनका फैसला होगा, किसी अन्य को उस पर बोलने का अधिकार नहीं होना चाहिए।’’ बेदी ने कहा, ‘‘आखिर उनके महाशतक का इंतजार किसे नहीं है। सभी उनके महाशतक की बात कर रहे हैं और साथ में उन पर तलवार भी तान रहे हैं। इस शतक का बोझ केवल सचिन पर ही नहीं, सारे देश पर है। बेहतरी इसी में है कि हम उन्हें अकेला छोड़ दें।’’ धोनी की रोटेशन नीति की कड़ी आलोचना करने वाले बेदी ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भारतीय टीम हर विभाग में असफल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तो दौरा समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। टीम का आत्मविश्वास बुरी तरह हिल गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि हमारे जमाने में मीडिया इतना हावी नहीं था। खिलाड़ियों को मीडिया से दूरी बनाए रखनी चाहिए। सभी को मीडिया के पास आने की जरूरत नहीं है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि खिलाड़ियों को ही बोलना है, तो फिर मीडिया मैनेजर का क्या काम है। वे (खिलाड़ी) बच्चे नहीं हैं। वे लंबे समय से खेल रहे हैं और जानते हैं कि मीडिया किस तरह की प्रतिक्रिया कर सकता है। ड्रेसिंग रूम की बातों को बाहर नहीं आना चाहिए।’’ टिप्पणियां बेदी ने साथ ही कहा कि वह सचिन तेंदुलकर को संन्यास लेने की सलाह देने संबंधी कपिल देव के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते और इसका फैसला इस स्टार बल्लेबाज पर ही छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘यह कपिल का मानना है। मैं समझता हूं कि कोई भी ऐसी स्थिति में नहीं है, जो कि तेंदुलकर को संन्यास लेने के लिए कहे। यह उनका एकाधिकार है। यह उनका फैसला होगा, किसी अन्य को उस पर बोलने का अधिकार नहीं होना चाहिए।’’ बेदी ने कहा, ‘‘आखिर उनके महाशतक का इंतजार किसे नहीं है। सभी उनके महाशतक की बात कर रहे हैं और साथ में उन पर तलवार भी तान रहे हैं। इस शतक का बोझ केवल सचिन पर ही नहीं, सारे देश पर है। बेहतरी इसी में है कि हम उन्हें अकेला छोड़ दें।’’ धोनी की रोटेशन नीति की कड़ी आलोचना करने वाले बेदी ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भारतीय टीम हर विभाग में असफल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तो दौरा समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। टीम का आत्मविश्वास बुरी तरह हिल गया है।’’ बेदी ने साथ ही कहा कि वह सचिन तेंदुलकर को संन्यास लेने की सलाह देने संबंधी कपिल देव के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते और इसका फैसला इस स्टार बल्लेबाज पर ही छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘यह कपिल का मानना है। मैं समझता हूं कि कोई भी ऐसी स्थिति में नहीं है, जो कि तेंदुलकर को संन्यास लेने के लिए कहे। यह उनका एकाधिकार है। यह उनका फैसला होगा, किसी अन्य को उस पर बोलने का अधिकार नहीं होना चाहिए।’’ बेदी ने कहा, ‘‘आखिर उनके महाशतक का इंतजार किसे नहीं है। सभी उनके महाशतक की बात कर रहे हैं और साथ में उन पर तलवार भी तान रहे हैं। इस शतक का बोझ केवल सचिन पर ही नहीं, सारे देश पर है। बेहतरी इसी में है कि हम उन्हें अकेला छोड़ दें।’’ धोनी की रोटेशन नीति की कड़ी आलोचना करने वाले बेदी ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भारतीय टीम हर विभाग में असफल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तो दौरा समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। टीम का आत्मविश्वास बुरी तरह हिल गया है।’’ बेदी ने कहा, ‘‘आखिर उनके महाशतक का इंतजार किसे नहीं है। सभी उनके महाशतक की बात कर रहे हैं और साथ में उन पर तलवार भी तान रहे हैं। इस शतक का बोझ केवल सचिन पर ही नहीं, सारे देश पर है। बेहतरी इसी में है कि हम उन्हें अकेला छोड़ दें।’’ धोनी की रोटेशन नीति की कड़ी आलोचना करने वाले बेदी ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भारतीय टीम हर विभाग में असफल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तो दौरा समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। टीम का आत्मविश्वास बुरी तरह हिल गया है।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने भारतीय टीम में मतभेद के लिए बीसीसीआई को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि महेंद्र सिंह धोनी को गुमराह किया गया है।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: गुजरात के राजकोट में आज से बीजेपी की दो दिन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह सम्मेलन वैसे तो आने वाले चुनावों की रणनीति तय करने के लिए हो रहा है, लेकिन क्योंकि यह बैठक बीजेपी के नेता संजय जोशी के पार्टी से इस्तीफे के बाद अचानक बुलाई गई है, इसलिए इसे कई और तरीकों से भी देखा जा रहा है।टिप्पणियां संजय जोशी 10 साल से गुजरात बीजेपी में काम कर रहे थे और वह पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़े हुए थे। इसके अलावा गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलने से भी पार्टी में अंदरूनी मतभेद बढ़ गए हैं। बीजेपी की इस दो दिवसीय बैठक को मिशन 2012 नाम दिया गया है और दिलचस्प बात यह भी है कि बैठक केशुभाई पटेल के गृह नगर में हो रही है। यह सम्मेलन वैसे तो आने वाले चुनावों की रणनीति तय करने के लिए हो रहा है, लेकिन क्योंकि यह बैठक बीजेपी के नेता संजय जोशी के पार्टी से इस्तीफे के बाद अचानक बुलाई गई है, इसलिए इसे कई और तरीकों से भी देखा जा रहा है।टिप्पणियां संजय जोशी 10 साल से गुजरात बीजेपी में काम कर रहे थे और वह पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़े हुए थे। इसके अलावा गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलने से भी पार्टी में अंदरूनी मतभेद बढ़ गए हैं। बीजेपी की इस दो दिवसीय बैठक को मिशन 2012 नाम दिया गया है और दिलचस्प बात यह भी है कि बैठक केशुभाई पटेल के गृह नगर में हो रही है। संजय जोशी 10 साल से गुजरात बीजेपी में काम कर रहे थे और वह पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़े हुए थे। इसके अलावा गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलने से भी पार्टी में अंदरूनी मतभेद बढ़ गए हैं। बीजेपी की इस दो दिवसीय बैठक को मिशन 2012 नाम दिया गया है और दिलचस्प बात यह भी है कि बैठक केशुभाई पटेल के गृह नगर में हो रही है। बीजेपी की इस दो दिवसीय बैठक को मिशन 2012 नाम दिया गया है और दिलचस्प बात यह भी है कि बैठक केशुभाई पटेल के गृह नगर में हो रही है।
यहाँ एक सारांश है:यह सम्मेलन वैसे तो आने वाले चुनावों की रणनीति तय करने के लिए हो रहा है, लेकिन क्योंकि यह बैठक बीजेपी के नेता संजय जोशी के पार्टी से इस्तीफे के बाद अचानक बुलाई गई है, इसलिए इसे कई और तरीकों से भी देखा जा रहा है।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि देश के करीब 21 प्रतिशत हिस्से में 31 जुलाई तक ‘कम’ बारिश हुई है. मौसम विभाग ने अगस्त और सितंबर के लिए अनुमान जारी किया जिसमें ‘सामान्य से अधिक’ बारिश होने की उम्मीद है. मौसम विभाग के मुताबिक, सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश की कमी 49 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि गुजरात क्षेत्र में 39 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 27 प्रतिशत, असम और मेघालय में 26 प्रतिशत, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और केरल में 25 प्रतिशत व ओडि‍शा में 20 प्रतिशत कम बारिश हुई. वहीं दूसरी ओर, लगातार दो बार सूखा का सामना करने वाले विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में अभी तक सामान्य बारिश हुई है. हालांकि अच्छी खबर यह है कि अगले दो महीनों में अच्छी बारिश हो सकती है.टिप्पणियां मौसम विभाग ने कहा, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से (अगस्त और सितंबर) के दौरान देश में बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मौसम विभाग के मुताबिक, सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश की कमी 49 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि गुजरात क्षेत्र में 39 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 27 प्रतिशत, असम और मेघालय में 26 प्रतिशत, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और केरल में 25 प्रतिशत व ओडि‍शा में 20 प्रतिशत कम बारिश हुई. वहीं दूसरी ओर, लगातार दो बार सूखा का सामना करने वाले विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में अभी तक सामान्य बारिश हुई है. हालांकि अच्छी खबर यह है कि अगले दो महीनों में अच्छी बारिश हो सकती है.टिप्पणियां मौसम विभाग ने कहा, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से (अगस्त और सितंबर) के दौरान देश में बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वहीं दूसरी ओर, लगातार दो बार सूखा का सामना करने वाले विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में अभी तक सामान्य बारिश हुई है. हालांकि अच्छी खबर यह है कि अगले दो महीनों में अच्छी बारिश हो सकती है.टिप्पणियां मौसम विभाग ने कहा, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से (अगस्त और सितंबर) के दौरान देश में बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मौसम विभाग ने कहा, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से (अगस्त और सितंबर) के दौरान देश में बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: अगस्त और सितंबर में ‘सामान्य से अधिक’ बारिश होने की उम्मीद है विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में अभी तक सामान्य बारिश हुई है मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से में सामान्‍य से अधिक हो सकती है बारिश
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, सूफियों और ब्लॉगरों पर हमलों की कड़ी में अज्ञात हमलावरों के एक सूफी आध्यात्मिक गुरू और उसकी बेटी की बर्बर तरीके से हत्या करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने बताया कि खानकाह में गत रात फरहाद हुसैन चौधरी (55) और उसकी गोद ली हुई बेटी रूपाली बेगम के शव मिले. उनकी हत्या की गई थी. खानकाह सूफी लोगों के एकत्रित होने के लिए विशेष रूप से बनायी गयी इमारत है जो दिनाजपुर के बोचागंज उपजिले में मृत व्यक्ति के घर के करीब है. ढाका ट्रिब्यून ने अपनी खबर में कहा, दोनों के शव पर गोलियों के निशान हैं और धारदार हथियार से युवती की गर्दन काटी गयी है.' पुलिस ने बताया कि जब यह घटना हुई तब इलाके की बिजली गुल थी. पीर या सूफी आध्यात्मिक गुरू फरहाद विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सेताबगंज म्युनिसिपैलिटी इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी थे. बोचागंज पुलिस थाना प्रभारी हबीबुल हक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. हक ने कहा कि अभी हत्या के मकसद का पता नहीं चला है. उन्होंने संदेह जताया कि यह इस्लामिक चरमपंथी हमला या राजनीतिक और निजी रंजिश का नतीजा हो सकता है.टिप्पणियां बांग्लादेश में हाल ही के वर्षों में अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, बुद्धिजीवियों और विदेशियों पर हमले बढ़ गये हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ढाका ट्रिब्यून ने अपनी खबर में कहा, दोनों के शव पर गोलियों के निशान हैं और धारदार हथियार से युवती की गर्दन काटी गयी है.' पुलिस ने बताया कि जब यह घटना हुई तब इलाके की बिजली गुल थी. पीर या सूफी आध्यात्मिक गुरू फरहाद विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सेताबगंज म्युनिसिपैलिटी इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी थे. बोचागंज पुलिस थाना प्रभारी हबीबुल हक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. हक ने कहा कि अभी हत्या के मकसद का पता नहीं चला है. उन्होंने संदेह जताया कि यह इस्लामिक चरमपंथी हमला या राजनीतिक और निजी रंजिश का नतीजा हो सकता है.टिप्पणियां बांग्लादेश में हाल ही के वर्षों में अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, बुद्धिजीवियों और विदेशियों पर हमले बढ़ गये हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीर या सूफी आध्यात्मिक गुरू फरहाद विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सेताबगंज म्युनिसिपैलिटी इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी थे. बोचागंज पुलिस थाना प्रभारी हबीबुल हक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. हक ने कहा कि अभी हत्या के मकसद का पता नहीं चला है. उन्होंने संदेह जताया कि यह इस्लामिक चरमपंथी हमला या राजनीतिक और निजी रंजिश का नतीजा हो सकता है.टिप्पणियां बांग्लादेश में हाल ही के वर्षों में अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, बुद्धिजीवियों और विदेशियों पर हमले बढ़ गये हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बोचागंज पुलिस थाना प्रभारी हबीबुल हक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. हक ने कहा कि अभी हत्या के मकसद का पता नहीं चला है. उन्होंने संदेह जताया कि यह इस्लामिक चरमपंथी हमला या राजनीतिक और निजी रंजिश का नतीजा हो सकता है.टिप्पणियां बांग्लादेश में हाल ही के वर्षों में अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, बुद्धिजीवियों और विदेशियों पर हमले बढ़ गये हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बांग्लादेश में हाल ही के वर्षों में अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, बुद्धिजीवियों और विदेशियों पर हमले बढ़ गये हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खानकाह में रहते थे फरहाद हुसैन चौधरी और उनकी बेटी रूपाली बेगम. हत्यारों ने गोली चलाने के साथ धारदार हथियार का भी प्रयोग किया. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों की लगातार हो रही हत्या
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के वर्तमान संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों के गिरफ्तार होने की खबर पाकर गुरुवार को रॉयल्स के कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि वह बहुत ही चकित, हताश और व्यथित हैं।टिप्पणियां आईपीएल का ग्रुप चरण में हैदराबाद के उप्पल मैदान पर अपना अंतिम मुकाबला खेलने से पहले गुरुवार की शाम द्रविड़ ने एक वक्तव्य में कहा, "मैं इस घटना से बेहद आश्चर्यचकित, हताश तथा दुखी हूं। रॉयल्स आईपीएल की खास टीम है तथा हम एक-दूसरे के साथ एक परिवार जैसा व्यवहार करते हैं। इसलिए यह घटना सदमे के समान है।" द्रविड़ ने आगे कहा, "क्रिकेट के खेल में स्पॉट फिक्सिंग तथा भ्रष्टाचार का खतरा हमेशा बना रहता है, जो कि खेल के लिए बहुत ही दुखद और खतरनाक है।" आईपीएल का ग्रुप चरण में हैदराबाद के उप्पल मैदान पर अपना अंतिम मुकाबला खेलने से पहले गुरुवार की शाम द्रविड़ ने एक वक्तव्य में कहा, "मैं इस घटना से बेहद आश्चर्यचकित, हताश तथा दुखी हूं। रॉयल्स आईपीएल की खास टीम है तथा हम एक-दूसरे के साथ एक परिवार जैसा व्यवहार करते हैं। इसलिए यह घटना सदमे के समान है।" द्रविड़ ने आगे कहा, "क्रिकेट के खेल में स्पॉट फिक्सिंग तथा भ्रष्टाचार का खतरा हमेशा बना रहता है, जो कि खेल के लिए बहुत ही दुखद और खतरनाक है।" द्रविड़ ने आगे कहा, "क्रिकेट के खेल में स्पॉट फिक्सिंग तथा भ्रष्टाचार का खतरा हमेशा बना रहता है, जो कि खेल के लिए बहुत ही दुखद और खतरनाक है।"
संक्षिप्त सारांश: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के वर्तमान संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों के गिरफ्तार होने की खबर पाकर गुरुवार को रॉयल्स के कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि वह बहुत ही चकित, हताश और व्यथित हैं।
10
['hin']