inputs
stringlengths
800
163k
targets
stringlengths
20
291
template_id
int64
0
34
template_lang
stringclasses
1 value
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के ट्वेंटी-20 टीम के नए कप्तान जॉर्ज बैले को चुतर और खेल को अच्छी तरह समझने वाला खिलाड़ी बताया है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच दो ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला मुकाबला बुधवार को सिडनी में खेला जाएगा। धोनी का कहना है कि वह नए कप्तान का सामना करने के लिए उत्सुक हैं।टिप्पणियां धोनी और बैले इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हैं। धोनी ने बैले की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं का 29 वर्षीय बैले को भारत के खिलाफ ट्वेंटी-20 सीरीज में कप्तानी सौंपने का फैसला सही है। समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' ने धोनी के हवाले से लिखा है, "कभी-कभी वह काफी रोचक अंदाज में पेश आते हैं और अच्छी क्रिकेट खेलते हैं। वह अपना स्वाभाविक स्ट्रोक खेलते हैं। वह चतुर और खेल को अच्छी तरह समझने वाले खिलाड़ी हैं।" उल्लेखनीय है कि बैली को कैमरन व्हाइट की जगह ट्वेंटी-20 टीम की कप्तानी सौंपी गई है। बैले इस मुकाबले के द्वारा अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज करेंगे। उन्होंने 78 प्रथम श्रेणी मैचों में 39.67 की औसत से 4,999 रन बनाए हैं। धोनी और बैले इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हैं। धोनी ने बैले की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं का 29 वर्षीय बैले को भारत के खिलाफ ट्वेंटी-20 सीरीज में कप्तानी सौंपने का फैसला सही है। समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' ने धोनी के हवाले से लिखा है, "कभी-कभी वह काफी रोचक अंदाज में पेश आते हैं और अच्छी क्रिकेट खेलते हैं। वह अपना स्वाभाविक स्ट्रोक खेलते हैं। वह चतुर और खेल को अच्छी तरह समझने वाले खिलाड़ी हैं।" उल्लेखनीय है कि बैली को कैमरन व्हाइट की जगह ट्वेंटी-20 टीम की कप्तानी सौंपी गई है। बैले इस मुकाबले के द्वारा अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज करेंगे। उन्होंने 78 प्रथम श्रेणी मैचों में 39.67 की औसत से 4,999 रन बनाए हैं। उल्लेखनीय है कि बैली को कैमरन व्हाइट की जगह ट्वेंटी-20 टीम की कप्तानी सौंपी गई है। बैले इस मुकाबले के द्वारा अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज करेंगे। उन्होंने 78 प्रथम श्रेणी मैचों में 39.67 की औसत से 4,999 रन बनाए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के ट्वेंटी-20 टीम के नए कप्तान जॉर्ज बैले को चुतर और खेल को अच्छी तरह समझने वाला खिलाड़ी बताया है।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण में खेल सकते हैं।  गांगुली सहित कई खिलाड़ियों के लिए बेंगलुरु में सम्पन्न हुए 8-9 जनवरी को नीलामी प्रक्रिया में किसी भी आईपीएल फ्रेंचाइजी टीम मालिकों ने बोली नहीं लगाई। वेबसाइट 'क्रिक इंफो डॉट कॉम' के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल फ्रेंचाइजी को एक पत्र लिखकर उनसे पूछा है कि उन्हें नीलामी में नहीं बिक पाए खिलाड़ियों के साथ टीमों के करार पर कोई आपत्ति तो नहीं है। पत्र में विशेष तौर पर गांगुली का जिक्र किया गया है जिन्हें खरीदने में टीमों ने दिलचस्पी दिखाई है। इसके अलावा इनमें दो अन्य भारतीय खिलाड़ी वसीम जाफर और तेज गेंदबाज वीआरवी सिंह का जिक्र किया गया है जिनको नीलामी प्रक्रिया के दौरान कोई खरीदार नहीं मिला था। आईपीएल के मौजूदा नियमों के मुताबिक नीलामी प्रक्रिया में नहीं बिक पाए खिलाड़ियों के साथ करार नहीं किया जा सकता। बीसीसीआई के पत्र का जवाब देने के लिए फ्रेंचाइजी को तीन फरवरी तक का समय दिया गया है। इस मुद्दे पर आईपीएल की संचालन परिषद के चार फरवरी को होने वाली बैठक में फैसला आने की उम्मीद है। गांगुली आईपीएल के पिछले तीन संस्करणों में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेले थे।
यह एक सारांश है: बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी को एक पत्र लिखकर पूछा है कि उन्हें नीलामी में नहीं बिक पाए खिलाड़ियों के साथ टीमों के करार पर कोई आपत्ति तो नहीं है।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को उपचार और व्यवसाय के सिलसिले में विदेश जाने की अनुमति सोमवार को दे दी. लंदन के 12, ब्रायंस्टन स्क्वायर में 19 लाख पाउंड की संपत्ति खरीदने से जुड़े धनशोधन मामले के आरोपों के बाद वाड्रा धनशोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत जांच का सामना कर रहे हैं.  विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने वाड्रा को दो हफ्ते के लिए स्पेन जाने की अनुमति दे दी. अदालत ने उन्हें 25 लाख रुपये की सावधि जमा की रसीद, विदेश में उनका संपर्क ब्योरा और वहां ठहरने का पता सौंपने का निर्देश दिया. अदालत ने जून में उन्हें स्वास्थ्य कारणों से अमेरिका और नीदरलैंड की छह हफ्ते के लिए यात्रा करने की अनुमति दी थी. बहरहाल अदालत ने वाड्रा को ब्रिटेन जाने की अनुमति नहीं दी थी. ईडी ने आशंका जताई थी कि अगर आरोपी को ब्रिटेन जाने की अनुमति दी गई तो वह साक्ष्यों को नष्ट कर सकता है. अदालत ने एक अप्रैल को वाड्रा को सशर्त अग्रिम जमानत देते हुए निर्देश दिया था कि स्थानीय अदालत की पूर्व अनुमति के बगैर वह देश से बाहर नहीं जाएं.
संक्षिप्त सारांश: रोबर्ट वाड्रा ने शनिवार को विदेश जाने के लिए दी थी अर्जी कोर्ट ने मंजूर की वाड्रा की अर्जी दी दो हफ्ते के लिए स्पेन जाने की अनुमति
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आंदोलन को आगे बढ़ाने के पहले टीम अन्ना ने उन 14 केंद्रीय मंत्रियों को नोटिस भेजने और उनके खिलाफ आरोपों पर उनसे स्पष्टीकरण मांगने का फैसला किया जिन्हें उन्होंने ‘भ्रष्ट’ माना है। टीम अन्ना की कोर समिति की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में अन्ना हजारे और टीम के अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हुए।टिप्पणियां वकील प्रशांत भूषण ने कहा, ‘हमने 14 केंद्रीय मंत्रियों को नोटिस भेजने का फैसला किया है जिनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और जिनका हमने 25 मार्च को आंदोलन के दौरान नाम लिया था। हम उनके जवाब की प्रतीक्षा करेंगे और एक सप्ताह के बाद हम ‘प्रेस मीट’ का आयोजन कर उनके खिलाफ सबूतों को सार्वजनिक करें।’ उन्होंने कहा कि हजारे की देशभर की यात्रा अगले महीने महाराष्ट्र से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि यह भी फैसला किया गया कि कोर समिति के सदस्य प्रभावी लोकायुक्त के लिए अपने राज्यों में प्रदर्शनों की अगुवाई करेंगे। टीम की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संसद का सत्र फिर शुरू होने पर सरकार सख्त लोकपाल विधेयक पारित कराएगी। टीम अन्ना की कोर समिति की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में अन्ना हजारे और टीम के अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हुए।टिप्पणियां वकील प्रशांत भूषण ने कहा, ‘हमने 14 केंद्रीय मंत्रियों को नोटिस भेजने का फैसला किया है जिनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और जिनका हमने 25 मार्च को आंदोलन के दौरान नाम लिया था। हम उनके जवाब की प्रतीक्षा करेंगे और एक सप्ताह के बाद हम ‘प्रेस मीट’ का आयोजन कर उनके खिलाफ सबूतों को सार्वजनिक करें।’ उन्होंने कहा कि हजारे की देशभर की यात्रा अगले महीने महाराष्ट्र से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि यह भी फैसला किया गया कि कोर समिति के सदस्य प्रभावी लोकायुक्त के लिए अपने राज्यों में प्रदर्शनों की अगुवाई करेंगे। टीम की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संसद का सत्र फिर शुरू होने पर सरकार सख्त लोकपाल विधेयक पारित कराएगी। वकील प्रशांत भूषण ने कहा, ‘हमने 14 केंद्रीय मंत्रियों को नोटिस भेजने का फैसला किया है जिनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और जिनका हमने 25 मार्च को आंदोलन के दौरान नाम लिया था। हम उनके जवाब की प्रतीक्षा करेंगे और एक सप्ताह के बाद हम ‘प्रेस मीट’ का आयोजन कर उनके खिलाफ सबूतों को सार्वजनिक करें।’ उन्होंने कहा कि हजारे की देशभर की यात्रा अगले महीने महाराष्ट्र से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि यह भी फैसला किया गया कि कोर समिति के सदस्य प्रभावी लोकायुक्त के लिए अपने राज्यों में प्रदर्शनों की अगुवाई करेंगे। टीम की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संसद का सत्र फिर शुरू होने पर सरकार सख्त लोकपाल विधेयक पारित कराएगी। टीम की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संसद का सत्र फिर शुरू होने पर सरकार सख्त लोकपाल विधेयक पारित कराएगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आंदोलन को आगे बढ़ाने के पहले टीम अन्ना ने उन 14 केंद्रीय मंत्रियों को नोटिस भेजने और उनके खिलाफ आरोपों पर उनसे स्पष्टीकरण मांगने का फैसला किया जिन्हें उन्होंने ‘भ्रष्ट’ माना है।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इटली के स्ट्राइकर मारियो बरुवा बालोटेली रातों−रात दुनियाभर के फुटबॉल फैन्स की जुबान पर छा गए हैं। सिर्फ 21 साल के बालोटेली इससे पहले मैदान पर अपने गोल और झगड़ों से भी सुर्खियां बटोरते रहे हैं। जर्मनी के खिलाफ 20वें और 36वें मिनट में उनके गोल ने इटली को तीसरी बार फाइनल तक पहुंचा दिया इसलिए मारियो को उनके साथी सुपर मारियो कहकर बुलाते हैं। गौरतलब है कि बालोटेली ने इससे पहले यूरो 2012 में ही आयरलैंड के खिलाफ शानदार गोल किया है लेकिन मारियो के मुताबिक इटली के खिलाफ जीत उनके जीवन की बेहतरीन रात है। टूर्नामेंट के पांच मैचों में बालोटेली ने तीन गोल किए हैं। यूरो 2012 में गोल करने वालों की लिस्ट में बालोटेली चुनिंदा खिलाड़ियों के साथ सबसे आगे चल रहे हैं। उनके शानदार खेल की बदौलत तीन बार की यूरो चैंपियन जर्मनी के फैन्स स्टैंड्स में आंसूओें से भीगते नजर आए लेकिन इस मैच में बालोटेली ने संयम नहीं खोया शायद इसलिए क्योंकि उनकी मां स्टैंड्स में उनका मैच देख रही थीं। मैनचेस्टर सिटी के 21 साल के खिलाड़ी बालोटेली को झगड़ों से गुरेज नहीं है। अगर उन्हें बात सही लगी तो अपने क्लब के मैनेजर रोबर्टो मैनचिनी से झगड़ा कर लिया यही नहीं वह इंटर मिलान के कोच होसे मोरिन्हो तक से उलझ गए। यहां तक कि मैदान पर ही अपने ही साथियों को भी नहीं बख्शा। बिना वजह झगड़ों और अनुशासन की कमी की वजह से उन्हें क्लब भी छोड़ना पड़ा। गौरतलब मारियो कई बार रेड कार्ड को भी अपने बायोडाटा में शामिल करते रहे और इटालियन फुटबॉल के बैड ब्वॉय के नाम से मशहूर हो गए लेकिन मारिया का हुनर उनके व्यक्तित्व की सही पहचान है। उनके जबरदस्त गोल उनके फैन्स का दिल जीतते रहे हैं।टिप्पणियां बालोटेली ने यूरो की शुरुआत से पहले भी मैदान के बाहर सुर्खियां बटोरीं। बालोटेली ने साफ कहा, अगर किसी ने मैदान पर केले फेंके तो वह इसे नस्ली छेड़छाड़ मानेंगे और ऐसा करने वालों की कतई खैर नहीं। जब मैच से पहले किगकॉन्ग के रूप में उनका कार्टून बनाया गया तो इसका जवाब उन्होंने मैच में गोल करने के बाद जर्सी उतार कर दिया। वैसे, छह फीट दो इंच के मारियो मैदान के बाहर उतने खौफनाक नहीं हैं जितने मैदान पर नजर आते हैं। म्यूजिक वीडियो में नाचते-थिरकते बालोटेली मैदान के बाहर अलग समां बांधते हैं तो मैदान पर सुपर मैन की तरह जलवा बिखेरते हैं। गौरतलब है कि बालोटेली ने इससे पहले यूरो 2012 में ही आयरलैंड के खिलाफ शानदार गोल किया है लेकिन मारियो के मुताबिक इटली के खिलाफ जीत उनके जीवन की बेहतरीन रात है। टूर्नामेंट के पांच मैचों में बालोटेली ने तीन गोल किए हैं। यूरो 2012 में गोल करने वालों की लिस्ट में बालोटेली चुनिंदा खिलाड़ियों के साथ सबसे आगे चल रहे हैं। उनके शानदार खेल की बदौलत तीन बार की यूरो चैंपियन जर्मनी के फैन्स स्टैंड्स में आंसूओें से भीगते नजर आए लेकिन इस मैच में बालोटेली ने संयम नहीं खोया शायद इसलिए क्योंकि उनकी मां स्टैंड्स में उनका मैच देख रही थीं। मैनचेस्टर सिटी के 21 साल के खिलाड़ी बालोटेली को झगड़ों से गुरेज नहीं है। अगर उन्हें बात सही लगी तो अपने क्लब के मैनेजर रोबर्टो मैनचिनी से झगड़ा कर लिया यही नहीं वह इंटर मिलान के कोच होसे मोरिन्हो तक से उलझ गए। यहां तक कि मैदान पर ही अपने ही साथियों को भी नहीं बख्शा। बिना वजह झगड़ों और अनुशासन की कमी की वजह से उन्हें क्लब भी छोड़ना पड़ा। गौरतलब मारियो कई बार रेड कार्ड को भी अपने बायोडाटा में शामिल करते रहे और इटालियन फुटबॉल के बैड ब्वॉय के नाम से मशहूर हो गए लेकिन मारिया का हुनर उनके व्यक्तित्व की सही पहचान है। उनके जबरदस्त गोल उनके फैन्स का दिल जीतते रहे हैं।टिप्पणियां बालोटेली ने यूरो की शुरुआत से पहले भी मैदान के बाहर सुर्खियां बटोरीं। बालोटेली ने साफ कहा, अगर किसी ने मैदान पर केले फेंके तो वह इसे नस्ली छेड़छाड़ मानेंगे और ऐसा करने वालों की कतई खैर नहीं। जब मैच से पहले किगकॉन्ग के रूप में उनका कार्टून बनाया गया तो इसका जवाब उन्होंने मैच में गोल करने के बाद जर्सी उतार कर दिया। वैसे, छह फीट दो इंच के मारियो मैदान के बाहर उतने खौफनाक नहीं हैं जितने मैदान पर नजर आते हैं। म्यूजिक वीडियो में नाचते-थिरकते बालोटेली मैदान के बाहर अलग समां बांधते हैं तो मैदान पर सुपर मैन की तरह जलवा बिखेरते हैं। उनके शानदार खेल की बदौलत तीन बार की यूरो चैंपियन जर्मनी के फैन्स स्टैंड्स में आंसूओें से भीगते नजर आए लेकिन इस मैच में बालोटेली ने संयम नहीं खोया शायद इसलिए क्योंकि उनकी मां स्टैंड्स में उनका मैच देख रही थीं। मैनचेस्टर सिटी के 21 साल के खिलाड़ी बालोटेली को झगड़ों से गुरेज नहीं है। अगर उन्हें बात सही लगी तो अपने क्लब के मैनेजर रोबर्टो मैनचिनी से झगड़ा कर लिया यही नहीं वह इंटर मिलान के कोच होसे मोरिन्हो तक से उलझ गए। यहां तक कि मैदान पर ही अपने ही साथियों को भी नहीं बख्शा। बिना वजह झगड़ों और अनुशासन की कमी की वजह से उन्हें क्लब भी छोड़ना पड़ा। गौरतलब मारियो कई बार रेड कार्ड को भी अपने बायोडाटा में शामिल करते रहे और इटालियन फुटबॉल के बैड ब्वॉय के नाम से मशहूर हो गए लेकिन मारिया का हुनर उनके व्यक्तित्व की सही पहचान है। उनके जबरदस्त गोल उनके फैन्स का दिल जीतते रहे हैं।टिप्पणियां बालोटेली ने यूरो की शुरुआत से पहले भी मैदान के बाहर सुर्खियां बटोरीं। बालोटेली ने साफ कहा, अगर किसी ने मैदान पर केले फेंके तो वह इसे नस्ली छेड़छाड़ मानेंगे और ऐसा करने वालों की कतई खैर नहीं। जब मैच से पहले किगकॉन्ग के रूप में उनका कार्टून बनाया गया तो इसका जवाब उन्होंने मैच में गोल करने के बाद जर्सी उतार कर दिया। वैसे, छह फीट दो इंच के मारियो मैदान के बाहर उतने खौफनाक नहीं हैं जितने मैदान पर नजर आते हैं। म्यूजिक वीडियो में नाचते-थिरकते बालोटेली मैदान के बाहर अलग समां बांधते हैं तो मैदान पर सुपर मैन की तरह जलवा बिखेरते हैं। मैनचेस्टर सिटी के 21 साल के खिलाड़ी बालोटेली को झगड़ों से गुरेज नहीं है। अगर उन्हें बात सही लगी तो अपने क्लब के मैनेजर रोबर्टो मैनचिनी से झगड़ा कर लिया यही नहीं वह इंटर मिलान के कोच होसे मोरिन्हो तक से उलझ गए। यहां तक कि मैदान पर ही अपने ही साथियों को भी नहीं बख्शा। बिना वजह झगड़ों और अनुशासन की कमी की वजह से उन्हें क्लब भी छोड़ना पड़ा। गौरतलब मारियो कई बार रेड कार्ड को भी अपने बायोडाटा में शामिल करते रहे और इटालियन फुटबॉल के बैड ब्वॉय के नाम से मशहूर हो गए लेकिन मारिया का हुनर उनके व्यक्तित्व की सही पहचान है। उनके जबरदस्त गोल उनके फैन्स का दिल जीतते रहे हैं।टिप्पणियां बालोटेली ने यूरो की शुरुआत से पहले भी मैदान के बाहर सुर्खियां बटोरीं। बालोटेली ने साफ कहा, अगर किसी ने मैदान पर केले फेंके तो वह इसे नस्ली छेड़छाड़ मानेंगे और ऐसा करने वालों की कतई खैर नहीं। जब मैच से पहले किगकॉन्ग के रूप में उनका कार्टून बनाया गया तो इसका जवाब उन्होंने मैच में गोल करने के बाद जर्सी उतार कर दिया। वैसे, छह फीट दो इंच के मारियो मैदान के बाहर उतने खौफनाक नहीं हैं जितने मैदान पर नजर आते हैं। म्यूजिक वीडियो में नाचते-थिरकते बालोटेली मैदान के बाहर अलग समां बांधते हैं तो मैदान पर सुपर मैन की तरह जलवा बिखेरते हैं। गौरतलब मारियो कई बार रेड कार्ड को भी अपने बायोडाटा में शामिल करते रहे और इटालियन फुटबॉल के बैड ब्वॉय के नाम से मशहूर हो गए लेकिन मारिया का हुनर उनके व्यक्तित्व की सही पहचान है। उनके जबरदस्त गोल उनके फैन्स का दिल जीतते रहे हैं।टिप्पणियां बालोटेली ने यूरो की शुरुआत से पहले भी मैदान के बाहर सुर्खियां बटोरीं। बालोटेली ने साफ कहा, अगर किसी ने मैदान पर केले फेंके तो वह इसे नस्ली छेड़छाड़ मानेंगे और ऐसा करने वालों की कतई खैर नहीं। जब मैच से पहले किगकॉन्ग के रूप में उनका कार्टून बनाया गया तो इसका जवाब उन्होंने मैच में गोल करने के बाद जर्सी उतार कर दिया। वैसे, छह फीट दो इंच के मारियो मैदान के बाहर उतने खौफनाक नहीं हैं जितने मैदान पर नजर आते हैं। म्यूजिक वीडियो में नाचते-थिरकते बालोटेली मैदान के बाहर अलग समां बांधते हैं तो मैदान पर सुपर मैन की तरह जलवा बिखेरते हैं। बालोटेली ने यूरो की शुरुआत से पहले भी मैदान के बाहर सुर्खियां बटोरीं। बालोटेली ने साफ कहा, अगर किसी ने मैदान पर केले फेंके तो वह इसे नस्ली छेड़छाड़ मानेंगे और ऐसा करने वालों की कतई खैर नहीं। जब मैच से पहले किगकॉन्ग के रूप में उनका कार्टून बनाया गया तो इसका जवाब उन्होंने मैच में गोल करने के बाद जर्सी उतार कर दिया। वैसे, छह फीट दो इंच के मारियो मैदान के बाहर उतने खौफनाक नहीं हैं जितने मैदान पर नजर आते हैं। म्यूजिक वीडियो में नाचते-थिरकते बालोटेली मैदान के बाहर अलग समां बांधते हैं तो मैदान पर सुपर मैन की तरह जलवा बिखेरते हैं। वैसे, छह फीट दो इंच के मारियो मैदान के बाहर उतने खौफनाक नहीं हैं जितने मैदान पर नजर आते हैं। म्यूजिक वीडियो में नाचते-थिरकते बालोटेली मैदान के बाहर अलग समां बांधते हैं तो मैदान पर सुपर मैन की तरह जलवा बिखेरते हैं।
यहाँ एक सारांश है:जर्मनी के खिलाफ 20वें और 36वें मिनट में मारियो बरुवा बालोटेली के गोल ने इटली को तीसरी बार फाइनल तक पहुंचा दिया इसलिए उनके साथी उन्हें सुपर मारियो कहकर बुलाते हैं।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी टीम से बाहर सलामी बल्लेबाज अहमद शहजाद ने इन खबरों को खारिज किया है कि इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मैच के लिए टीम में नहीं चुने जाने से खफा होकर उन्होंने राष्ट्रीय टी20 चैम्पियनशिप छोड़ी है. शहजाद ने कहा,‘मैं निश्चित तौर पर दुखी हूं कि टीम में नहीं चुना जा सका लेकिन टी20 चैम्पियनशिप छोड़ने का यह कारण नहीं था. मैंने कमर की तकलीफ के कारण इसे छोड़ने का फैसला किया.’ उन्होंने कहा कि उन्हें रिहैबिलिटेशन के लिये राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी से बुलावा आ चुका है. शहजाद भारत में इस साल हुए टी20 वर्ल्‍डकप के बाद से टीम से बाहर हैं. उन्होंने कहा,‘हर पेशेवर खिलाड़ी की तरह मुझे भी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना पाने का दुख है लेकिन यह कहना गलत होगा कि इसकी वजह से मैं राष्ट्रीय चैम्पियनशिप नहीं खेल रहा हूं.’टिप्पणियां गौरतलब है कि इंग्‍लैंड के खिलाफ टी20 मैचों के लिए घोषित की गई टीम में शहजाद के अलावा शाहिद अफरीदी और उमर अकमल को भी स्‍थान नहीं मिला है. जहां टी20 टीम के कप्‍तान रहे अफरीदी को घुटने की चोट के कारण टीम में जगह नहीं मिली है, वहीं शहजाद और उमर के प्रदर्शन में स्थिरता नहीं होने के कारण उन्‍हें टीम से बाहर किया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शहजाद ने कहा,‘मैं निश्चित तौर पर दुखी हूं कि टीम में नहीं चुना जा सका लेकिन टी20 चैम्पियनशिप छोड़ने का यह कारण नहीं था. मैंने कमर की तकलीफ के कारण इसे छोड़ने का फैसला किया.’ उन्होंने कहा कि उन्हें रिहैबिलिटेशन के लिये राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी से बुलावा आ चुका है. शहजाद भारत में इस साल हुए टी20 वर्ल्‍डकप के बाद से टीम से बाहर हैं. उन्होंने कहा,‘हर पेशेवर खिलाड़ी की तरह मुझे भी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना पाने का दुख है लेकिन यह कहना गलत होगा कि इसकी वजह से मैं राष्ट्रीय चैम्पियनशिप नहीं खेल रहा हूं.’टिप्पणियां गौरतलब है कि इंग्‍लैंड के खिलाफ टी20 मैचों के लिए घोषित की गई टीम में शहजाद के अलावा शाहिद अफरीदी और उमर अकमल को भी स्‍थान नहीं मिला है. जहां टी20 टीम के कप्‍तान रहे अफरीदी को घुटने की चोट के कारण टीम में जगह नहीं मिली है, वहीं शहजाद और उमर के प्रदर्शन में स्थिरता नहीं होने के कारण उन्‍हें टीम से बाहर किया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शहजाद भारत में इस साल हुए टी20 वर्ल्‍डकप के बाद से टीम से बाहर हैं. उन्होंने कहा,‘हर पेशेवर खिलाड़ी की तरह मुझे भी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना पाने का दुख है लेकिन यह कहना गलत होगा कि इसकी वजह से मैं राष्ट्रीय चैम्पियनशिप नहीं खेल रहा हूं.’टिप्पणियां गौरतलब है कि इंग्‍लैंड के खिलाफ टी20 मैचों के लिए घोषित की गई टीम में शहजाद के अलावा शाहिद अफरीदी और उमर अकमल को भी स्‍थान नहीं मिला है. जहां टी20 टीम के कप्‍तान रहे अफरीदी को घुटने की चोट के कारण टीम में जगह नहीं मिली है, वहीं शहजाद और उमर के प्रदर्शन में स्थिरता नहीं होने के कारण उन्‍हें टीम से बाहर किया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि इंग्‍लैंड के खिलाफ टी20 मैचों के लिए घोषित की गई टीम में शहजाद के अलावा शाहिद अफरीदी और उमर अकमल को भी स्‍थान नहीं मिला है. जहां टी20 टीम के कप्‍तान रहे अफरीदी को घुटने की चोट के कारण टीम में जगह नहीं मिली है, वहीं शहजाद और उमर के प्रदर्शन में स्थिरता नहीं होने के कारण उन्‍हें टीम से बाहर किया गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: टीम ने नहीं चुने जाने के कारण दुखी हैं अहमद शहजाद बोले, रिहैबिलिटेशन के लिये राष्‍ट्रीय अकादमी से बुलावा आ चुका है अफरीदी और उमर अकमल को भी नहीं मिला है टीम में स्‍थान
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड में आइटम सॉन्ग के बढ़ते प्रचलन के बीच रानी मुखर्जी भी अपनी फिल्म 'अय्या' में एक नहीं, बल्कि तीन-तीन आइटम सॉन्ग करती दिखेंगी। इन तीन गानों में से एक में वह बैली डांस करती दिखेंगी। ये तीनों गीत अलग-अलग नृत्य शैलियों पर आधारित हैं। इनमें एक दक्षिण भारतीय नृत्य पर आधारित है, दूसरा मराठी 'लावणी' नृत्य पर आधारित है, जबकि तीसरे में रानी बैली डांस करती दिखेंगी। ये सभी गीत कहानी को आग बढ़ाते हैं।टिप्पणियां रानी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, ये सभी गीत मेरे किरदार के सपनों में आते हैं। सभी गीत उसकी कल्पना का हिस्सा हैं। निर्देशक सचिन ने हमें तीन गानों में काम करने का मौका दिया। ये सभी अलग-अलग तरह के हैं। लोगों को भले ही ये आइटम सॉन्ग लगे, लेकिन ये गाने फिल्म के लिए बहुत जरूरी हैं और कहानी से जुड़े हुए हैं। रानी ने इस आइटम सॉन्ग के लिए खास तौर पर बैली डांस की ट्रेनिंग ली। रानी ने अपने दक्षिण भारतीय नृत्य वाले गाने के आधिकारिक रिलीज के दौरान इस दूसरे गाने के बारे में कहा, बैली डांस वाला गीत 'आग बाई हल्ला मचाए रे' अगले दो हफ्तों में रिलीज किया जाएगा। कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट ने इस गीत के लिए मुझसे बैली डांस सीखने के लिए कहा था। यह फिल्म 12 अक्टूबर को फिल्म रिलीज होगी। ये तीनों गीत अलग-अलग नृत्य शैलियों पर आधारित हैं। इनमें एक दक्षिण भारतीय नृत्य पर आधारित है, दूसरा मराठी 'लावणी' नृत्य पर आधारित है, जबकि तीसरे में रानी बैली डांस करती दिखेंगी। ये सभी गीत कहानी को आग बढ़ाते हैं।टिप्पणियां रानी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, ये सभी गीत मेरे किरदार के सपनों में आते हैं। सभी गीत उसकी कल्पना का हिस्सा हैं। निर्देशक सचिन ने हमें तीन गानों में काम करने का मौका दिया। ये सभी अलग-अलग तरह के हैं। लोगों को भले ही ये आइटम सॉन्ग लगे, लेकिन ये गाने फिल्म के लिए बहुत जरूरी हैं और कहानी से जुड़े हुए हैं। रानी ने इस आइटम सॉन्ग के लिए खास तौर पर बैली डांस की ट्रेनिंग ली। रानी ने अपने दक्षिण भारतीय नृत्य वाले गाने के आधिकारिक रिलीज के दौरान इस दूसरे गाने के बारे में कहा, बैली डांस वाला गीत 'आग बाई हल्ला मचाए रे' अगले दो हफ्तों में रिलीज किया जाएगा। कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट ने इस गीत के लिए मुझसे बैली डांस सीखने के लिए कहा था। यह फिल्म 12 अक्टूबर को फिल्म रिलीज होगी। रानी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, ये सभी गीत मेरे किरदार के सपनों में आते हैं। सभी गीत उसकी कल्पना का हिस्सा हैं। निर्देशक सचिन ने हमें तीन गानों में काम करने का मौका दिया। ये सभी अलग-अलग तरह के हैं। लोगों को भले ही ये आइटम सॉन्ग लगे, लेकिन ये गाने फिल्म के लिए बहुत जरूरी हैं और कहानी से जुड़े हुए हैं। रानी ने इस आइटम सॉन्ग के लिए खास तौर पर बैली डांस की ट्रेनिंग ली। रानी ने अपने दक्षिण भारतीय नृत्य वाले गाने के आधिकारिक रिलीज के दौरान इस दूसरे गाने के बारे में कहा, बैली डांस वाला गीत 'आग बाई हल्ला मचाए रे' अगले दो हफ्तों में रिलीज किया जाएगा। कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट ने इस गीत के लिए मुझसे बैली डांस सीखने के लिए कहा था। यह फिल्म 12 अक्टूबर को फिल्म रिलीज होगी। रानी ने इस आइटम सॉन्ग के लिए खास तौर पर बैली डांस की ट्रेनिंग ली। रानी ने अपने दक्षिण भारतीय नृत्य वाले गाने के आधिकारिक रिलीज के दौरान इस दूसरे गाने के बारे में कहा, बैली डांस वाला गीत 'आग बाई हल्ला मचाए रे' अगले दो हफ्तों में रिलीज किया जाएगा। कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट ने इस गीत के लिए मुझसे बैली डांस सीखने के लिए कहा था। यह फिल्म 12 अक्टूबर को फिल्म रिलीज होगी।
यहाँ एक सारांश है:बॉलीवुड में आइटम सॉन्ग के बढ़ते प्रचलन के बीच रानी मुखर्जी भी अपनी फिल्म 'अय्या' में एक नहीं, बल्कि तीन-तीन आइटम सॉन्ग करती दिखेंगी। इन तीन गानों में से एक में वह बैली डांस करेंगी।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि उसे दोनों देशों की 'अपरिहार्य साझेदारी' पर गर्व है और वह एशिया तथा पूरी दुनिया में शांति के लिए, लोकतंत्र और समृद्धि के लिए एक साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है। अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन केरी ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में चौथी वार्षिक भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता के लिए हुई अपनी भारत यात्रा को याद किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका को भारत के साथ अपरिहार्य साझेदारी पर गर्व है। यह मित्रता साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, हमारे लोगों की उद्यमशीलता और लोगों के बीच समृद्ध संपर्क पर खड़ी है।टिप्पणियां केरी ने कहा कि वह एशिया और पूरी दुनिया में शांति लोकतंत्र और समृद्धि की नींव रखने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण प्रयास करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने महात्मा गांधी सहित उन भारतीय विभूतियों को सम्मानित करने में भारतीयों के साथ खुद को जोड़ा है, जिन्होंने साबित कर दिया कि बिना हिंसा के भी महान परिवर्तन लाए जा सकते हैं। अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन केरी ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में चौथी वार्षिक भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता के लिए हुई अपनी भारत यात्रा को याद किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका को भारत के साथ अपरिहार्य साझेदारी पर गर्व है। यह मित्रता साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, हमारे लोगों की उद्यमशीलता और लोगों के बीच समृद्ध संपर्क पर खड़ी है।टिप्पणियां केरी ने कहा कि वह एशिया और पूरी दुनिया में शांति लोकतंत्र और समृद्धि की नींव रखने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण प्रयास करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने महात्मा गांधी सहित उन भारतीय विभूतियों को सम्मानित करने में भारतीयों के साथ खुद को जोड़ा है, जिन्होंने साबित कर दिया कि बिना हिंसा के भी महान परिवर्तन लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिका को भारत के साथ अपरिहार्य साझेदारी पर गर्व है। यह मित्रता साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, हमारे लोगों की उद्यमशीलता और लोगों के बीच समृद्ध संपर्क पर खड़ी है।टिप्पणियां केरी ने कहा कि वह एशिया और पूरी दुनिया में शांति लोकतंत्र और समृद्धि की नींव रखने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण प्रयास करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने महात्मा गांधी सहित उन भारतीय विभूतियों को सम्मानित करने में भारतीयों के साथ खुद को जोड़ा है, जिन्होंने साबित कर दिया कि बिना हिंसा के भी महान परिवर्तन लाए जा सकते हैं। केरी ने कहा कि वह एशिया और पूरी दुनिया में शांति लोकतंत्र और समृद्धि की नींव रखने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण प्रयास करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने महात्मा गांधी सहित उन भारतीय विभूतियों को सम्मानित करने में भारतीयों के साथ खुद को जोड़ा है, जिन्होंने साबित कर दिया कि बिना हिंसा के भी महान परिवर्तन लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने महात्मा गांधी सहित उन भारतीय विभूतियों को सम्मानित करने में भारतीयों के साथ खुद को जोड़ा है, जिन्होंने साबित कर दिया कि बिना हिंसा के भी महान परिवर्तन लाए जा सकते हैं।
संक्षिप्त सारांश: केरी ने कहा, अमेरिका को भारत के साथ अपरिहार्य साझेदारी पर गर्व है। यह मित्रता साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, हमारे लोगों की उद्यमशीलता और लोगों के बीच समृद्ध संपर्क पर खड़ी है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री मई में 1.9 प्रतिशत बढ़कर 1,04,073 इकाई पर पहुंच गई है। पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 1,02,175 वाहन बेचे थे। कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मई के दौरान घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 3.9 फीसद के इजाफे के साथ 93,519 इकाई रही। पिछले साल मई माह में कंपनी ने घरेलू बाजार में 90,041 कारें बेची थीं। हालांकि माह के दौरान कंपनी का निर्यात 13 प्रतिशत घटकर 12,134 इकाई से 10,554 इकाई पर आ गया। मई में कंपनी के मारुति-800 माडल की बिक्री 11.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,262 इकाई रह गई। पिछले साल मई में कंपनी ने इस माडल की 2,558 कारें बेची थीं। ए 2 वर्ग (अल्टो, वैगन आर, एस्टिलो, स्विफ्ट, ए-स्टार और रिट्ज) में कंपनी की बिक्री 2.6 प्रतिशत घटकर 61,048 इकाई पर आ गई। पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने इस वर्ग में 62,679 कारें बेची थीं। ए 3 वर्ग (एसएक्स 4 और डिजायर) में कंपनी की बिक्री 24.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 13,514 इकाई पर पहुंच गई। पिछले साल के इसी माह में इस वर्ग में कंपनी की बिक्री 10,883 इकाई रही थी। कंपनी ने किजाशी लग्जरी सेडान फरवरी, 2011 में पेश की थी। पिछले महीने कंपनी ने इसकी 50 इकाइयां बेचीं।
यहाँ एक सारांश है:देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री मई में 1.9 प्रतिशत बढ़कर 1,04,073 इकाई पर पहुंच गई है।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तबरेज अंसारी (Tabrez Ansari) की मौत मामले में जमशेदपुर के एक मेडिकल कॉलेज के पांच विभागाध्यक्षों द्वारा हस्ताक्षरित एक दस्तावेज इस बात की पुष्टि करता है कि 24 वर्षीय अंसारी जिस पर झारखंड में एक भीड़ ने हमला किया था, की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई थी, जो संभवतः उसकी गंभीर चोटों से शुरू हुई थी, जिसमें सिर का एक फ्रैक्चर भी शामिल है. दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले लोग एसआईटी के सदस्य हैं और वह तबरेज की मौत के कारणों का पता लगा रहे थे. बता दें कि तबरेज पर झारखंड में भीड़ ने हमला कर दिया था और उसके काफी चोट आई थी. तबरेज (Tabrez Ansari) पर भीड़ ने 17 जून को हमला किया था. घटना झारखंड के सेराईकेला खरश्वान जिले में हुई थी. लोगों ने तबरेज को चोर समझकर उसकी पिटाई कर दी थी. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें लोग उसे धमकाते हुए दिख रहे थे और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए कह रहे थे. पुलिस ने 18 जून की सुबह तबरेज को रेस्क्यू किया था और हॉस्पिटल ले गई थी. यहां डॉक्टर ने उसके पैरों का एक्सरे किया था क्योंकि तबरेज ने पैरों में बहुत दर्द की शिकायत की थी. लेकिन उसके सिर के फ्रैक्चर पर पोस्टमार्टम एक्जामिनेशन तक ध्यान नहीं दिया गया.  इस मामले में डॉक्टरों का कहना है कि तबरेज ने कभी सिर में दर्द की शिकायत नहीं की थी. वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट का कहना है कि मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट है इसलिए आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोपों को हटा दिया गया और 11 लोगों के खिलाफ हत्या की बजाय गैर इरादन हत्या का मामला दर्ज किया गया.  लेकिन डॉक्टरों द्वारा मौत की वजह सामने आने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस के रवैये पर सवाल खड़ा होता है, जिसकी चौतरफा आलोचना भी हुई थी. दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि हड्डी का फ्रैक्चर कठोर और कुंद वस्तु के कारण होने वाली गंभीर चोट है. हड्डी, अंगों और रक्त से भरे दिल के कक्षों के फ्रैक्चर के संयुक्त प्रभाव के परिणामस्वरूप कार्डियक अरेस्ट हुआ.  तबरेज की कार्डियक अरेस्ट से मौत के बारे में जानकारी देने वाले डॉक्टर बी मार्दी ने एनडीटीवी से कहा, 'कार्डियक अरेस्ट स्ट्रेस के कारण भी हो सकता है जोकि कई वजहों से होता है. चोट भी एक वजह है.' चेन्नई के एक डॉक्टर जे अमलोरपवननथन ने कहा कि फ्रैक्चर की वजह से हार्ट अटैक हो सकता है. उन्होंने कहा कि सिर की चोट से भी हार्ट अटैक हो सकता है क्योंकि सिर की चोट सीने पर भी प्रेशर डालती है.  पोस्टमार्टम में ही सिर के फ्रैक्चर का पता क्यों लगा..इस सवाल के जवाब में डॉ मार्दी ने कहा कि वह केवल बारीक फ्रैक्चर (हेयरलाइन) था. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि उसने(तबरेज) कभी सिर में दर्द की शिकायत नहीं की. हो सकता है कि हमारे डॉक्टरों ने इसकी अनदेखी की हो.'  पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आ रही थीं जिसमें पुलिस के रवैये पर सवाल उठाये गये. पुलिस ने कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के साक्ष्य नहीं मिले. वहीं डॉ मार्दी ने एनडीटीवी से कहा, 'यह केवल मेरी रिपोर्ट नहीं है, इसें टीम के डॉक्टरों द्वारा बनाया गया है.'  झारखंड के सीनियर पुलिस अधिकारी कार्थिक एस ने एनडीटीवी से  कहा, 'दो पोस्टमार्टम रिपोर्टों में एक ही बात सामने आई कि तबरेज की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई.'  तबरेज के परिवार ने अपनी शिकायत में कहा था कि उसके सिर के साथ क्रूरता हुई. इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि वह केवल मेडिकल रिपोर्ट के साथ ही आगे बढ़ सकते हैं और उसमें साफ है कि मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट है जोकि मेंटल और फिजिकल स्ट्रेस की वजह से हुआ.  वहीं जुलाई में जो रिपोर्ट सामने आई थी, उसके मुताबिक पुलिस के साथ-साथ तबरेज़ अंसारी की जांच करने वाले डॉक्टरों को उसकी मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया था, जिसकी वजह से सरायकेला-खारवान के उपायुक्त अंजनीयुलु दोड्डे के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने इसकी वजह की जांच की. कहा गया कि 'पुलिस देर से पहुंची और डॉक्टरों ने सिर में लगी चोट का उपचार नहीं किया.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तबरेज पर भीड़ ने 17 जून को हमला किया था लोगों ने तबरेज को चोर समझकर उसकी पिटाई कर दी थी पुलिस ने 18 जून की सुबह तबरेज को रेस्क्यू किया
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की याचिका पर चुनाव आयोग ने हलफनामा दाखिल किया है.चुनाव आयोग ने दो सीटों पर अलग- अलग चुनाव कराने के अपने फैसले को सही ठहराया. हलफनामे में कहा गया है कि अमित शाह और स्मृति ईरानी द्वारा खाली की गई सीटों पर अलग-अलग चुनाव कराना कानून के मुताबिक है. चुनाव आयोग ने कहा है कि वह 57 सालों से दिल्ली हाईकोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसलों के मुताबिक ये चुनाव कराता आया है. चुनाव आयोग पहले से ही कैजुएल रिक्तियों के लिए अलग-अलग चुनाव कराता आया है.जब किसी सदस्य की राज्यसभा सदस्यता का कार्यकाल खत्म होता है तो वह रेगुलर वेकेंसी होती है जिसके लिए एक साथ ही चुनाव कराया जाता है. चुनाव आयोग ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2009 के सत्यपाल मलिक मामले के फैसले का हवाला दिया है जिसमें हाई कोर्ट ने कहा था कि कैजुअल वैकेंसी को अलग-अलग चुनाव से भरा जाएगा. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था. गुजरात कांग्रेस के नेता विपक्ष परेशभाई धनानी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दो सीटों के लिए जारी चुनाव आयोग की अधिसूचना को चुनौती दी है.अमित शाह और स्मृति ईरानी द्वारा खाली की गई सीटों पर एक साथ चुनाव कराने की मांग की गई है.याचिका में कहा गया है कि एक ही दिन दोनों सीटों पर अलग-अलग चुनाव कराना असंवैधानिक और संविधान की भावना के खिलाफ है. गुजरात से राज्यसभा में खाली हुई दो सीटों पर पांच जुलाई को चुनाव होंगे. दरसअल चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक अमित शाह को लोकसभा चुनाव जीतने का प्रमाण-पत्र 23 मई को ही मिल गया था, जबकि स्मृति ईरानी को 24 मई को मिला. इससे दोनों के चुनाव में एक दिन का अंतर हो गया. इसी आधार पर आयोग ने राज्य की दोनों सीटों को अलग-अलग माना है, लेकिन चुनाव एक ही दिन होंगे. ऐसा होने से अब दोनों सीटों पर बीजेपी को जीत मिल जाएगी, क्योंकि वहां प्रथम वरीयता वोट नए सिरे से तय होंगे. एक साथ चुनाव होते तो कांग्रेस को एक सीट मिल जाती. संख्या बल के हिसाब से गुजरात में राज्यसभा का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 61 वोट चाहिए. एक ही बैलट पर चुनाव से उम्मीदवार एक ही वोट डाल पाएगा. इस स्थिति में कांग्रेस एक सीट आसानी से निकाल लेती क्योंकि उसके पास 71 विधायक हैं. लेकिन चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, विधायक अलग-अलग वोट करेंगे. ऐसे में उन्हें दो बार वोट करने का मौका मिलेगा. इस तरह बीजेपी के विधायक जिनकी संख्या 100 से ज्यादा है वे दो बार वोट करके दोनों उम्मीदवारों को जितवा सकते हैं.
यहाँ एक सारांश है:आयोग ने कहा 57 सालों से कोर्टों के फैसलों के मुताबिक चुनाव होता रहा है कैजुएल रिक्तियों के लिए अलग-अलग चुनाव कराया जाता रहा है दिल्ली हाईकोर्ट के 2009 के सत्यपाल मलिक मामले के फैसले का हवाला दिया
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बता दें कि इन परीक्षाओं के परिणामों में हो रही देरी और उनसे अभ्यर्थियों को हो रही परेशानियों का ज़िक्र NDTV इंडिया के रवीश कुमार ने 'Prime Time' में किया था, इसलिए बहुत-से अभ्यर्थी अब उन्हें इस घोषणा का श्रेय देते हुए बधाई संदेश भेज रहे हैं. रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, "SSC CGL 2017 और CHSL 2017 की परीक्षा का नतीजा 15 नवंबर को आएगा... दो साल से अधिक वक्त गुज़र गया... रिज़ल्ट के लिए छात्रों ने कितनी लड़ाई लड़ी... ट्विटर पर कई बार ट्रेंड कराया... ढाई साल से छात्र परेशान थे... उन्होंने मुझे भी इस लायक समझा कि 'Prime Time' में दिखाता रहूं, तो दिखाता रहा... अब जब रिज़ल्ट की तारीख़ का ऐलान हो गया है, छात्र ख़ुशी के मारे मुझे भी श्रेय दे रहे हैं, जबकि मेरा योगदान तो माध्यम मात्र का था... सही बात यह है कि इन छात्रों ने अपने संघर्ष के दम पर रिज़ल्ट की तारीख़ हासिल की है, और SSC को तारीख बतानी पड़ी है..." रवीश कुमार ने आगे कहा, "भारत के लाखों नौजवानों को अब गांधी के बताए सत्याग्रह के लिए तैयार रहना चाहिए... उन्हें आलस्य का त्याग करना होगा और अपनी लड़ाई से मीडिया को बाहर कर लक्ष्य तय करना होगा, सफलता मिलेगी... सभी को शुभकामनाएं... हालांकि रिज़ल्ट आने में दो महीने का भी वक्त नहीं लगना चाहिए... इससे ग़रीब घरों के छात्र और परेशान होंगे, लेकिन फिर भी... इन सभी का दस्तावेज़ परीक्षण हो चुका है... 15 के बाद रिज़ल्ट देखकर ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहेगा... उम्मीद है, सरकार उसी दिन नियुक्ति पत्र भी देगी..." रवीश कुमार ने आगे लिखा, "SSC के छात्रों की परेशानी ख़त्म नहीं हुई है... नवंबर में रिज़ल्ट आएगा, तो 35,000 में से 8,125 चुने जाएंगे... लेकिन इनकी नियुक्ति होते-होते चार से नौ महीने लगेंगे... सोचिए, 2017 की परीक्षा है और ज्वाइनिंग होते-होते जून, 2020 से सितंबर, 2020 हो जाएगा... काश, इन नौजवानों की परेशानी का जल्दी अंत होता... सभी को शुभकामनाएं... मुझे बधाई के लिए ज़्यादा मैसेज न करें... आपका प्यार पहुंच गया है, और वही काफी है..."
सारांश: सीजीएल और सीएचएसएल 2017 फाइनल रिजल्ट की तारीख घोषित हो गई है. सीजीएल रिजल्ट 15 नवंबर 2019 को जारी किया जाएगा. सीएचएसएल रिजल्ट 20 दिसंबर 2019 को जारी किया जाएगा
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्टर नील नितिन मुकेश और रुक्मिणी सहाय की शादी एक आलीशान समारोह के बीच 9 फरवरी को उदयपुर में हुई. शुक्रवार को इन दोनों की शादी का रिसेप्शन 17 फरवरी को मुंबई के प्लश होटल में हुआ. इस रॉयल रिसेप्शन में बॉलीवुड की गई जानी मानी हस्तियां पहुंची. इस नवविवाहित दंपति को आर्शीवाद देने अमिताभ बच्चन अपने पत्‍नी जया बच्चन के साथ, सलमान खान, गायिका अनुराधा पौडवाल, कट्रीना कैफ, बिपाशा बसु व करन सिंह ग्रोवर, सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय पत्नी स्वपना रॉय के साथ, अभिनेता आफताब शिवदसानी पत्नी दुसांज के साथ, मधुर भंडारकर, पूजा हेगड़े और अन्य हस्तियां शुक्रवार रात को हुए भव्य रिसेप्शन में शामिल हुईं.टिप्पणियां नील और रुक्मिणी ने डिजाइनर मानव गंगवानी की डिजाइन की हुई हरे रंग का खूबूसरत ड्रेस पहन रखा था. न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार जोड़े का यह परिधान 'बेगम-ए-जन्नत' संग्रह से लिया गया था. इस ड्रेस के डिजाइनर मानव गंगवानी ने आईएएनएस को बताया, 'नील मेरे बहुत अच्छे मित्र और मैं नवविवाहित जोड़े के लिए परिधान डिजाइन कर बहुत खुश हूं.'  गंगवानी ने बताया कि उन्होंने रुक्मिणी के लिए उनकी सादगी और खूबसूरती को दर्शाने वाला परिधान तैयार किया.   डिजाइनर मानव गंगवानी की ड्रेस में रुक्मिणी और नील.   अमिताभ बच्‍चन अपनी पत्‍नी जया बच्‍चन के साथ वहां पहुंचे.  रेखा हमेशा की तरह अपने कांजीवरम साड़ी वाले लुक में यहां पहुंचीं.   यहां पहुंचे सलमान खान को रिसीव करने नील और उनके पिता नितिन दोनों साथ बाहर आए.   बॉलीवुड की विदेशी गर्ल कैटरीना और लूलिया दोनों इंडियन लुक में पहुंचीं.  एक्‍ट्रेस पूजा हेगड़े अनीता डोंगरा के आउटफिट में दिखीं जबकि श्रेया और सोफिया ने मनीष मल्‍होत्रा का डिजाइनर ड्रेस पहना.   बिपाशा बासु अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ आईं.   एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला और युविका चौधरी दोनों ने ही काल्‍की फैशन का लगभग एक जैसा ड्रेस पहना.   आफताब शिवदसानी अपनी पत्‍नी निया दोसांझ के साथ और जायेद खान पत्‍नी मलाइका पारेख के साथ यहां आए. अपनी शादी के दौरान नील शादी वाली जगह पर रथ से पहुंचेंगे ओर रुक्मिणि हिंदू रिवाज के अनुसार डोली में बैठकर आएंगी. इसके बाद नील अपनी आने वाली फिल्म गोलमाल अंगेन की शूटिंग शुरू करेंगे. नील और रुक्मिणी ने डिजाइनर मानव गंगवानी की डिजाइन की हुई हरे रंग का खूबूसरत ड्रेस पहन रखा था. न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार जोड़े का यह परिधान 'बेगम-ए-जन्नत' संग्रह से लिया गया था. इस ड्रेस के डिजाइनर मानव गंगवानी ने आईएएनएस को बताया, 'नील मेरे बहुत अच्छे मित्र और मैं नवविवाहित जोड़े के लिए परिधान डिजाइन कर बहुत खुश हूं.'  गंगवानी ने बताया कि उन्होंने रुक्मिणी के लिए उनकी सादगी और खूबसूरती को दर्शाने वाला परिधान तैयार किया.   डिजाइनर मानव गंगवानी की ड्रेस में रुक्मिणी और नील.   अमिताभ बच्‍चन अपनी पत्‍नी जया बच्‍चन के साथ वहां पहुंचे.  रेखा हमेशा की तरह अपने कांजीवरम साड़ी वाले लुक में यहां पहुंचीं.   यहां पहुंचे सलमान खान को रिसीव करने नील और उनके पिता नितिन दोनों साथ बाहर आए.   बॉलीवुड की विदेशी गर्ल कैटरीना और लूलिया दोनों इंडियन लुक में पहुंचीं.  एक्‍ट्रेस पूजा हेगड़े अनीता डोंगरा के आउटफिट में दिखीं जबकि श्रेया और सोफिया ने मनीष मल्‍होत्रा का डिजाइनर ड्रेस पहना.   बिपाशा बासु अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ आईं.   एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला और युविका चौधरी दोनों ने ही काल्‍की फैशन का लगभग एक जैसा ड्रेस पहना.   आफताब शिवदसानी अपनी पत्‍नी निया दोसांझ के साथ और जायेद खान पत्‍नी मलाइका पारेख के साथ यहां आए. अपनी शादी के दौरान नील शादी वाली जगह पर रथ से पहुंचेंगे ओर रुक्मिणि हिंदू रिवाज के अनुसार डोली में बैठकर आएंगी. इसके बाद नील अपनी आने वाली फिल्म गोलमाल अंगेन की शूटिंग शुरू करेंगे. अपनी शादी के दौरान नील शादी वाली जगह पर रथ से पहुंचेंगे ओर रुक्मिणि हिंदू रिवाज के अनुसार डोली में बैठकर आएंगी. इसके बाद नील अपनी आने वाली फिल्म गोलमाल अंगेन की शूटिंग शुरू करेंगे.
सारांश: नील और रुक्मिणी ने अपने रिसेप्‍शन में पहना डिजाइनर मानव गंगवानी का ड्रेस रिसेप्‍शन पार्टी में पहुंचे अमिताभ बच्‍चन, जया बच्‍चन, सलमान खान और रेखा कैटरीना और लूलिया दिखीं इंडियन स्‍टाइल में
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिल्म 'ए फ्लाइंग जट्ट' के एक गीत में फिल्म के नायक टाइगर श्रॉफ बच्चों के साथ डांस करते नज़र आएंगे, जिसके लिए निर्देशक रेमो फर्नांडिस ने खासतौर से बच्चों के एक ग्रुप को तैयार किया और टाइगर के साथ उनके डांस को शूट किया। गीत में सभी बच्चे टाइगर की तरह ब्लू कपड़ों में नज़र आएंगे। फिल्म 'ए फ्लाइंग जट्ट' टाइगर एक सुपरहीरो की भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए फिल्म में उनके डांस के अलावा एक्शन का तड़का भी देखने को मिलेगा। फिल्म के एक्शन दृश्यों को फिल्माने के लिए टाइगर ने काफी ट्रेनिंग की है, और कड़ी मेहनत की है।   इस गीत और टाइगर की ट्रेनिंग की तस्वीरों को फिल्म के निर्माता और मार्केटिंग टीम फिल्म के प्रचार में इस्तेमाल कर रही हैं और इन तस्वीरों के माध्यम से बताने की कोशिश की जा रही है कि टाइगर ने कितनी मेहनत कर इन दृश्यों के लिए खुद को तैयार किया है।   फिल्म 'ए फ्लाइंग जट्ट' टाइगर एक सुपरहीरो की भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए फिल्म में उनके डांस के अलावा एक्शन का तड़का भी देखने को मिलेगा। फिल्म के एक्शन दृश्यों को फिल्माने के लिए टाइगर ने काफी ट्रेनिंग की है, और कड़ी मेहनत की है।   इस गीत और टाइगर की ट्रेनिंग की तस्वीरों को फिल्म के निर्माता और मार्केटिंग टीम फिल्म के प्रचार में इस्तेमाल कर रही हैं और इन तस्वीरों के माध्यम से बताने की कोशिश की जा रही है कि टाइगर ने कितनी मेहनत कर इन दृश्यों के लिए खुद को तैयार किया है।
निर्देशक रेमो फर्नांडिस ने खासतौर से बच्चों का ग्रुप बनाकर शूटिंग की फिल्म के एक्शन दृश्यों के लिए भी टाइगर ने कड़ी मेहनत से ट्रेनिंग की गीत, ट्रेनिंग की तस्वीरों को मार्केटिंग टीम प्रचार में इस्तेमाल कर रही है
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कहते हैं तूफान को कई रोक नहीं पाता। वह जब आता है तो बड़े-बड़े बरगद अपनेआप उखड़ जाते हैं। टेनिस की दुनिया में नोवाक जोकोविच तूफान ही साबित हुए हैं। उनके सामने रफायल नडाल और रॉजर फेडरर जैसे दिग्गज उखड़ते दिख रहे रहे हैं। वह कामयाबी का नया इतिहास बना रहे हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन के रॉड लेवर एरीना में खेले गए फ़ाइनल मुकाबले के पहले सेट में एंडी मरे ने जब नोवाक जोकोविच को थाम लिया तो मेरे मन में एक आशंका उठी कि क्या मरे यहां इतिहास बना देंगे। मरे ने जिस तरह से सेमीफ़ाइनल में फ़ेडरर को हराया था उसे देखते हुए इस आशंका के सच होने की संभावना भी थी। लेकिन, नोवाक जोकोविच को मालूम था कि अगर यह मुकाबला लंबा खिंचा तो फायदा उनको ही होना है। एंडी मरे ने दूसरे सेट में जोरदार संघर्ष दिखाया। उसके बाद उनपर थकान भारी होने लगी और तीसरे और चौथे सेट में वह जोकोविच के तूफान को नहीं थाम पाए। तीन घंटे और 40 मिनट के खेल के बाद जोकोविच नया इतिहास बना चुके थे। वह लगातार तीन बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाले पहले टेनिस खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि इस बार उन्हें नडाल और फ़ेडरर के सामने नहीं आना पड़ा लेकिन इससे उनकी कामयाबी का स्तर कम नहीं हो जाता। जोकोविच आज जहां पहुंचे हैं उसकी पहली धमक उन्होंने 2008 में महज 20 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर दिखाई थी। तब उन्होंने सेमीफाइनल में रॉजर फ़ेडरर को हराया था। इन पांच सालों में वह इसके बाद महज पांच ग्रैंड स्लैम ही जीत पाए हैं। कुल छह ग्रैंड स्लैम में जोकोविच ने चार बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता है और एक−एक बार विबंलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब उनके नाम रहा है। यह बताता है कि नडाल और जोकोविच के सामने उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। और जोकोविच यह संघर्ष खूब कर रहे हैं। 2011 में उन्होंने तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीते तो 2012 में महज एक ग्रैंड स्लैम। दो ग्रैंड स्लैम में उन्हें फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 2013 में जोकोविच ने शुरुआत तो शानदार की है। 25 साल के जोकोविच के पास फ़ेडरर और नडाल के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी है और फिटनेस भी। लिहाजा आने वाले समय में उनके कामयाबी का ग्राफ आगे ही बढ़ना है। आज टेनिस की दुनिया में धमाल मचाने वाले जोकोविच का इरादा एक समय फुटबॉल खिलाड़ी बनने का था। फुटबॉल के अलावा स्कीइंग से भी काफी लगाव था। पिता फुटबॉलर थे जो बाद में स्कीइर बन गए। बाद में वह एक रेस्टोरेंट चलाने लगे। घर में कभी किसी ने टेनिस नहीं खेला था लेकिन जोकोविच की किस्मत कुछ ऐसी रही कि उनके घर के समाने ही तीन−तीन टेनिस कोर्ट बन गए। चार साल की उम्र में पहली बार जोकोविच का आकर्षण टेनिस से हुआ। घर के पड़ोस में बने टेनिस कोर्ट की दशर्क दीर्घा से तल्लीनता से मैच देखते हुए उनकी मुलाकात यूगोस्लावियाई टेनिस लीजेंड जेलिना जेनिक से हो गई। तब जोकोविच महज छह साल के थे। उनके आठवें साल तक पहुंचते पहुचे जेनिक को कहना पड़ गया कि मोनिका सेलेस के बाद इतना बड़ा टेनिस टैलेंट मैंने नहीं देखा और वाकई में जोकोविच ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।टिप्पणियां रफायल नडाल और रॉजर फेडरर के बीच में उन्होंने न केवल अपनी पुख्ता जगह बनाई बल्कि नंबर वन खिलाडी भी बन गए। फ़ेडरर और नडाल दोनों के मुकाबले जोकोविच कहीं ज्यादा आक्रमक खिलाड़ी हैं। बेसलाइन पर उनके जैसा आक्रमक खिलाड़ी फिलहाल युवा पीढ़ी में नजर नहीं आ रहा। दोनों साइड खेले गए उनके ग्राउंड स्ट्रोक्स में बला की तेजी होती है। उनके बैकहैंड शाट्स का जवाब तलाशना भी खासा मुश्किल है। खासकर जब वह अपने दोनों हाथों से बैकहैंड शाट्स खेलते हैं तो गेंद की दिशा बदल जाती है और इससे सामने वाला खिलाड़ी अंचभित रह जाता है। आंद्रे आगासी ने उनके इस शाट्स का नया नाम ही दे दिया है− मनी शाट्स। आगासी के मुताबिक इस शाट्स से हमेशा प्वाइंट जीता जा सकता है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है। ऑस्ट्रेलियन ओपन के रॉड लेवर एरीना में खेले गए फ़ाइनल मुकाबले के पहले सेट में एंडी मरे ने जब नोवाक जोकोविच को थाम लिया तो मेरे मन में एक आशंका उठी कि क्या मरे यहां इतिहास बना देंगे। मरे ने जिस तरह से सेमीफ़ाइनल में फ़ेडरर को हराया था उसे देखते हुए इस आशंका के सच होने की संभावना भी थी। लेकिन, नोवाक जोकोविच को मालूम था कि अगर यह मुकाबला लंबा खिंचा तो फायदा उनको ही होना है। एंडी मरे ने दूसरे सेट में जोरदार संघर्ष दिखाया। उसके बाद उनपर थकान भारी होने लगी और तीसरे और चौथे सेट में वह जोकोविच के तूफान को नहीं थाम पाए। तीन घंटे और 40 मिनट के खेल के बाद जोकोविच नया इतिहास बना चुके थे। वह लगातार तीन बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाले पहले टेनिस खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि इस बार उन्हें नडाल और फ़ेडरर के सामने नहीं आना पड़ा लेकिन इससे उनकी कामयाबी का स्तर कम नहीं हो जाता। जोकोविच आज जहां पहुंचे हैं उसकी पहली धमक उन्होंने 2008 में महज 20 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर दिखाई थी। तब उन्होंने सेमीफाइनल में रॉजर फ़ेडरर को हराया था। इन पांच सालों में वह इसके बाद महज पांच ग्रैंड स्लैम ही जीत पाए हैं। कुल छह ग्रैंड स्लैम में जोकोविच ने चार बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता है और एक−एक बार विबंलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब उनके नाम रहा है। यह बताता है कि नडाल और जोकोविच के सामने उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। और जोकोविच यह संघर्ष खूब कर रहे हैं। 2011 में उन्होंने तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीते तो 2012 में महज एक ग्रैंड स्लैम। दो ग्रैंड स्लैम में उन्हें फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 2013 में जोकोविच ने शुरुआत तो शानदार की है। 25 साल के जोकोविच के पास फ़ेडरर और नडाल के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी है और फिटनेस भी। लिहाजा आने वाले समय में उनके कामयाबी का ग्राफ आगे ही बढ़ना है। आज टेनिस की दुनिया में धमाल मचाने वाले जोकोविच का इरादा एक समय फुटबॉल खिलाड़ी बनने का था। फुटबॉल के अलावा स्कीइंग से भी काफी लगाव था। पिता फुटबॉलर थे जो बाद में स्कीइर बन गए। बाद में वह एक रेस्टोरेंट चलाने लगे। घर में कभी किसी ने टेनिस नहीं खेला था लेकिन जोकोविच की किस्मत कुछ ऐसी रही कि उनके घर के समाने ही तीन−तीन टेनिस कोर्ट बन गए। चार साल की उम्र में पहली बार जोकोविच का आकर्षण टेनिस से हुआ। घर के पड़ोस में बने टेनिस कोर्ट की दशर्क दीर्घा से तल्लीनता से मैच देखते हुए उनकी मुलाकात यूगोस्लावियाई टेनिस लीजेंड जेलिना जेनिक से हो गई। तब जोकोविच महज छह साल के थे। उनके आठवें साल तक पहुंचते पहुचे जेनिक को कहना पड़ गया कि मोनिका सेलेस के बाद इतना बड़ा टेनिस टैलेंट मैंने नहीं देखा और वाकई में जोकोविच ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।टिप्पणियां रफायल नडाल और रॉजर फेडरर के बीच में उन्होंने न केवल अपनी पुख्ता जगह बनाई बल्कि नंबर वन खिलाडी भी बन गए। फ़ेडरर और नडाल दोनों के मुकाबले जोकोविच कहीं ज्यादा आक्रमक खिलाड़ी हैं। बेसलाइन पर उनके जैसा आक्रमक खिलाड़ी फिलहाल युवा पीढ़ी में नजर नहीं आ रहा। दोनों साइड खेले गए उनके ग्राउंड स्ट्रोक्स में बला की तेजी होती है। उनके बैकहैंड शाट्स का जवाब तलाशना भी खासा मुश्किल है। खासकर जब वह अपने दोनों हाथों से बैकहैंड शाट्स खेलते हैं तो गेंद की दिशा बदल जाती है और इससे सामने वाला खिलाड़ी अंचभित रह जाता है। आंद्रे आगासी ने उनके इस शाट्स का नया नाम ही दे दिया है− मनी शाट्स। आगासी के मुताबिक इस शाट्स से हमेशा प्वाइंट जीता जा सकता है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है। तीन घंटे और 40 मिनट के खेल के बाद जोकोविच नया इतिहास बना चुके थे। वह लगातार तीन बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाले पहले टेनिस खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि इस बार उन्हें नडाल और फ़ेडरर के सामने नहीं आना पड़ा लेकिन इससे उनकी कामयाबी का स्तर कम नहीं हो जाता। जोकोविच आज जहां पहुंचे हैं उसकी पहली धमक उन्होंने 2008 में महज 20 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर दिखाई थी। तब उन्होंने सेमीफाइनल में रॉजर फ़ेडरर को हराया था। इन पांच सालों में वह इसके बाद महज पांच ग्रैंड स्लैम ही जीत पाए हैं। कुल छह ग्रैंड स्लैम में जोकोविच ने चार बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता है और एक−एक बार विबंलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब उनके नाम रहा है। यह बताता है कि नडाल और जोकोविच के सामने उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। और जोकोविच यह संघर्ष खूब कर रहे हैं। 2011 में उन्होंने तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीते तो 2012 में महज एक ग्रैंड स्लैम। दो ग्रैंड स्लैम में उन्हें फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 2013 में जोकोविच ने शुरुआत तो शानदार की है। 25 साल के जोकोविच के पास फ़ेडरर और नडाल के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी है और फिटनेस भी। लिहाजा आने वाले समय में उनके कामयाबी का ग्राफ आगे ही बढ़ना है। आज टेनिस की दुनिया में धमाल मचाने वाले जोकोविच का इरादा एक समय फुटबॉल खिलाड़ी बनने का था। फुटबॉल के अलावा स्कीइंग से भी काफी लगाव था। पिता फुटबॉलर थे जो बाद में स्कीइर बन गए। बाद में वह एक रेस्टोरेंट चलाने लगे। घर में कभी किसी ने टेनिस नहीं खेला था लेकिन जोकोविच की किस्मत कुछ ऐसी रही कि उनके घर के समाने ही तीन−तीन टेनिस कोर्ट बन गए। चार साल की उम्र में पहली बार जोकोविच का आकर्षण टेनिस से हुआ। घर के पड़ोस में बने टेनिस कोर्ट की दशर्क दीर्घा से तल्लीनता से मैच देखते हुए उनकी मुलाकात यूगोस्लावियाई टेनिस लीजेंड जेलिना जेनिक से हो गई। तब जोकोविच महज छह साल के थे। उनके आठवें साल तक पहुंचते पहुचे जेनिक को कहना पड़ गया कि मोनिका सेलेस के बाद इतना बड़ा टेनिस टैलेंट मैंने नहीं देखा और वाकई में जोकोविच ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।टिप्पणियां रफायल नडाल और रॉजर फेडरर के बीच में उन्होंने न केवल अपनी पुख्ता जगह बनाई बल्कि नंबर वन खिलाडी भी बन गए। फ़ेडरर और नडाल दोनों के मुकाबले जोकोविच कहीं ज्यादा आक्रमक खिलाड़ी हैं। बेसलाइन पर उनके जैसा आक्रमक खिलाड़ी फिलहाल युवा पीढ़ी में नजर नहीं आ रहा। दोनों साइड खेले गए उनके ग्राउंड स्ट्रोक्स में बला की तेजी होती है। उनके बैकहैंड शाट्स का जवाब तलाशना भी खासा मुश्किल है। खासकर जब वह अपने दोनों हाथों से बैकहैंड शाट्स खेलते हैं तो गेंद की दिशा बदल जाती है और इससे सामने वाला खिलाड़ी अंचभित रह जाता है। आंद्रे आगासी ने उनके इस शाट्स का नया नाम ही दे दिया है− मनी शाट्स। आगासी के मुताबिक इस शाट्स से हमेशा प्वाइंट जीता जा सकता है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है। जोकोविच आज जहां पहुंचे हैं उसकी पहली धमक उन्होंने 2008 में महज 20 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर दिखाई थी। तब उन्होंने सेमीफाइनल में रॉजर फ़ेडरर को हराया था। इन पांच सालों में वह इसके बाद महज पांच ग्रैंड स्लैम ही जीत पाए हैं। कुल छह ग्रैंड स्लैम में जोकोविच ने चार बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता है और एक−एक बार विबंलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब उनके नाम रहा है। यह बताता है कि नडाल और जोकोविच के सामने उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। और जोकोविच यह संघर्ष खूब कर रहे हैं। 2011 में उन्होंने तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीते तो 2012 में महज एक ग्रैंड स्लैम। दो ग्रैंड स्लैम में उन्हें फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 2013 में जोकोविच ने शुरुआत तो शानदार की है। 25 साल के जोकोविच के पास फ़ेडरर और नडाल के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी है और फिटनेस भी। लिहाजा आने वाले समय में उनके कामयाबी का ग्राफ आगे ही बढ़ना है। आज टेनिस की दुनिया में धमाल मचाने वाले जोकोविच का इरादा एक समय फुटबॉल खिलाड़ी बनने का था। फुटबॉल के अलावा स्कीइंग से भी काफी लगाव था। पिता फुटबॉलर थे जो बाद में स्कीइर बन गए। बाद में वह एक रेस्टोरेंट चलाने लगे। घर में कभी किसी ने टेनिस नहीं खेला था लेकिन जोकोविच की किस्मत कुछ ऐसी रही कि उनके घर के समाने ही तीन−तीन टेनिस कोर्ट बन गए। चार साल की उम्र में पहली बार जोकोविच का आकर्षण टेनिस से हुआ। घर के पड़ोस में बने टेनिस कोर्ट की दशर्क दीर्घा से तल्लीनता से मैच देखते हुए उनकी मुलाकात यूगोस्लावियाई टेनिस लीजेंड जेलिना जेनिक से हो गई। तब जोकोविच महज छह साल के थे। उनके आठवें साल तक पहुंचते पहुचे जेनिक को कहना पड़ गया कि मोनिका सेलेस के बाद इतना बड़ा टेनिस टैलेंट मैंने नहीं देखा और वाकई में जोकोविच ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।टिप्पणियां रफायल नडाल और रॉजर फेडरर के बीच में उन्होंने न केवल अपनी पुख्ता जगह बनाई बल्कि नंबर वन खिलाडी भी बन गए। फ़ेडरर और नडाल दोनों के मुकाबले जोकोविच कहीं ज्यादा आक्रमक खिलाड़ी हैं। बेसलाइन पर उनके जैसा आक्रमक खिलाड़ी फिलहाल युवा पीढ़ी में नजर नहीं आ रहा। दोनों साइड खेले गए उनके ग्राउंड स्ट्रोक्स में बला की तेजी होती है। उनके बैकहैंड शाट्स का जवाब तलाशना भी खासा मुश्किल है। खासकर जब वह अपने दोनों हाथों से बैकहैंड शाट्स खेलते हैं तो गेंद की दिशा बदल जाती है और इससे सामने वाला खिलाड़ी अंचभित रह जाता है। आंद्रे आगासी ने उनके इस शाट्स का नया नाम ही दे दिया है− मनी शाट्स। आगासी के मुताबिक इस शाट्स से हमेशा प्वाइंट जीता जा सकता है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है। यह बताता है कि नडाल और जोकोविच के सामने उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। और जोकोविच यह संघर्ष खूब कर रहे हैं। 2011 में उन्होंने तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीते तो 2012 में महज एक ग्रैंड स्लैम। दो ग्रैंड स्लैम में उन्हें फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 2013 में जोकोविच ने शुरुआत तो शानदार की है। 25 साल के जोकोविच के पास फ़ेडरर और नडाल के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी है और फिटनेस भी। लिहाजा आने वाले समय में उनके कामयाबी का ग्राफ आगे ही बढ़ना है। आज टेनिस की दुनिया में धमाल मचाने वाले जोकोविच का इरादा एक समय फुटबॉल खिलाड़ी बनने का था। फुटबॉल के अलावा स्कीइंग से भी काफी लगाव था। पिता फुटबॉलर थे जो बाद में स्कीइर बन गए। बाद में वह एक रेस्टोरेंट चलाने लगे। घर में कभी किसी ने टेनिस नहीं खेला था लेकिन जोकोविच की किस्मत कुछ ऐसी रही कि उनके घर के समाने ही तीन−तीन टेनिस कोर्ट बन गए। चार साल की उम्र में पहली बार जोकोविच का आकर्षण टेनिस से हुआ। घर के पड़ोस में बने टेनिस कोर्ट की दशर्क दीर्घा से तल्लीनता से मैच देखते हुए उनकी मुलाकात यूगोस्लावियाई टेनिस लीजेंड जेलिना जेनिक से हो गई। तब जोकोविच महज छह साल के थे। उनके आठवें साल तक पहुंचते पहुचे जेनिक को कहना पड़ गया कि मोनिका सेलेस के बाद इतना बड़ा टेनिस टैलेंट मैंने नहीं देखा और वाकई में जोकोविच ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।टिप्पणियां रफायल नडाल और रॉजर फेडरर के बीच में उन्होंने न केवल अपनी पुख्ता जगह बनाई बल्कि नंबर वन खिलाडी भी बन गए। फ़ेडरर और नडाल दोनों के मुकाबले जोकोविच कहीं ज्यादा आक्रमक खिलाड़ी हैं। बेसलाइन पर उनके जैसा आक्रमक खिलाड़ी फिलहाल युवा पीढ़ी में नजर नहीं आ रहा। दोनों साइड खेले गए उनके ग्राउंड स्ट्रोक्स में बला की तेजी होती है। उनके बैकहैंड शाट्स का जवाब तलाशना भी खासा मुश्किल है। खासकर जब वह अपने दोनों हाथों से बैकहैंड शाट्स खेलते हैं तो गेंद की दिशा बदल जाती है और इससे सामने वाला खिलाड़ी अंचभित रह जाता है। आंद्रे आगासी ने उनके इस शाट्स का नया नाम ही दे दिया है− मनी शाट्स। आगासी के मुताबिक इस शाट्स से हमेशा प्वाइंट जीता जा सकता है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है। आज टेनिस की दुनिया में धमाल मचाने वाले जोकोविच का इरादा एक समय फुटबॉल खिलाड़ी बनने का था। फुटबॉल के अलावा स्कीइंग से भी काफी लगाव था। पिता फुटबॉलर थे जो बाद में स्कीइर बन गए। बाद में वह एक रेस्टोरेंट चलाने लगे। घर में कभी किसी ने टेनिस नहीं खेला था लेकिन जोकोविच की किस्मत कुछ ऐसी रही कि उनके घर के समाने ही तीन−तीन टेनिस कोर्ट बन गए। चार साल की उम्र में पहली बार जोकोविच का आकर्षण टेनिस से हुआ। घर के पड़ोस में बने टेनिस कोर्ट की दशर्क दीर्घा से तल्लीनता से मैच देखते हुए उनकी मुलाकात यूगोस्लावियाई टेनिस लीजेंड जेलिना जेनिक से हो गई। तब जोकोविच महज छह साल के थे। उनके आठवें साल तक पहुंचते पहुचे जेनिक को कहना पड़ गया कि मोनिका सेलेस के बाद इतना बड़ा टेनिस टैलेंट मैंने नहीं देखा और वाकई में जोकोविच ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।टिप्पणियां रफायल नडाल और रॉजर फेडरर के बीच में उन्होंने न केवल अपनी पुख्ता जगह बनाई बल्कि नंबर वन खिलाडी भी बन गए। फ़ेडरर और नडाल दोनों के मुकाबले जोकोविच कहीं ज्यादा आक्रमक खिलाड़ी हैं। बेसलाइन पर उनके जैसा आक्रमक खिलाड़ी फिलहाल युवा पीढ़ी में नजर नहीं आ रहा। दोनों साइड खेले गए उनके ग्राउंड स्ट्रोक्स में बला की तेजी होती है। उनके बैकहैंड शाट्स का जवाब तलाशना भी खासा मुश्किल है। खासकर जब वह अपने दोनों हाथों से बैकहैंड शाट्स खेलते हैं तो गेंद की दिशा बदल जाती है और इससे सामने वाला खिलाड़ी अंचभित रह जाता है। आंद्रे आगासी ने उनके इस शाट्स का नया नाम ही दे दिया है− मनी शाट्स। आगासी के मुताबिक इस शाट्स से हमेशा प्वाइंट जीता जा सकता है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है। चार साल की उम्र में पहली बार जोकोविच का आकर्षण टेनिस से हुआ। घर के पड़ोस में बने टेनिस कोर्ट की दशर्क दीर्घा से तल्लीनता से मैच देखते हुए उनकी मुलाकात यूगोस्लावियाई टेनिस लीजेंड जेलिना जेनिक से हो गई। तब जोकोविच महज छह साल के थे। उनके आठवें साल तक पहुंचते पहुचे जेनिक को कहना पड़ गया कि मोनिका सेलेस के बाद इतना बड़ा टेनिस टैलेंट मैंने नहीं देखा और वाकई में जोकोविच ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।टिप्पणियां रफायल नडाल और रॉजर फेडरर के बीच में उन्होंने न केवल अपनी पुख्ता जगह बनाई बल्कि नंबर वन खिलाडी भी बन गए। फ़ेडरर और नडाल दोनों के मुकाबले जोकोविच कहीं ज्यादा आक्रमक खिलाड़ी हैं। बेसलाइन पर उनके जैसा आक्रमक खिलाड़ी फिलहाल युवा पीढ़ी में नजर नहीं आ रहा। दोनों साइड खेले गए उनके ग्राउंड स्ट्रोक्स में बला की तेजी होती है। उनके बैकहैंड शाट्स का जवाब तलाशना भी खासा मुश्किल है। खासकर जब वह अपने दोनों हाथों से बैकहैंड शाट्स खेलते हैं तो गेंद की दिशा बदल जाती है और इससे सामने वाला खिलाड़ी अंचभित रह जाता है। आंद्रे आगासी ने उनके इस शाट्स का नया नाम ही दे दिया है− मनी शाट्स। आगासी के मुताबिक इस शाट्स से हमेशा प्वाइंट जीता जा सकता है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है। रफायल नडाल और रॉजर फेडरर के बीच में उन्होंने न केवल अपनी पुख्ता जगह बनाई बल्कि नंबर वन खिलाडी भी बन गए। फ़ेडरर और नडाल दोनों के मुकाबले जोकोविच कहीं ज्यादा आक्रमक खिलाड़ी हैं। बेसलाइन पर उनके जैसा आक्रमक खिलाड़ी फिलहाल युवा पीढ़ी में नजर नहीं आ रहा। दोनों साइड खेले गए उनके ग्राउंड स्ट्रोक्स में बला की तेजी होती है। उनके बैकहैंड शाट्स का जवाब तलाशना भी खासा मुश्किल है। खासकर जब वह अपने दोनों हाथों से बैकहैंड शाट्स खेलते हैं तो गेंद की दिशा बदल जाती है और इससे सामने वाला खिलाड़ी अंचभित रह जाता है। आंद्रे आगासी ने उनके इस शाट्स का नया नाम ही दे दिया है− मनी शाट्स। आगासी के मुताबिक इस शाट्स से हमेशा प्वाइंट जीता जा सकता है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है। एंडी मरे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियन ओपन फ़ाइनल में आगासी ने जोकोविच के ही जीतने की भविष्यवाणी की थी। जोकोविच उनके भरोसे पर एकदम खरे उतरे। जोकोविच इस साल बीते साल की भरपाई भी करना चाहेंगे। हालांकि फरवरी में नडाल वापसी करने वाले हैं फ़ेडरर भी जाने का नाम नहीं ले रहे हैं और मरे भी लगातार अच्छा कर रहे हैं। लेकिन इन सब में जोकोविच सबसे आगे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके जलवे में कोई कमी नहीं होने वाली है।
संक्षिप्त सारांश: कहते हैं तूफान को कई रोक नहीं पाता। वह जब आता है तो बड़े-बड़े बरगद अपनेआप उखड़ जाते हैं। टेनिस की दुनिया में नोवाक जोकोविच तूफान ही साबित हुए हैं।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेनाप्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने पाकिस्तानी सेना द्वारा दो सैनिकों की जान लेने की घटना के कारण व्याप्त तनाव की पृष्ठभूमि में पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की भारत यात्रा के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सिंह ने कहा, यह (पाक प्रधानमंत्री की यात्रा) एक राजनीतिक निर्णय है..हमें इसको मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। सरकार को निर्णय करने दी दीजिए। सेनाप्रमुख के तौर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। सेनाप्रमुख से अशरफ की यात्रा पर टिप्पणी करने को कहा गया था। बहरहाल, उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने केन्द्र को संघर्षविराम उल्लंघन तथा जनवरी में पाकिस्तानी सेना द्वारा एक भारतीय सैनिक का सिर काटने एवं एक अन्य सैनिक की नृशंस हत्या करने के मुद्दे पर पहले ही अपनी चिंता से अवगत करा दिया था।टिप्पणियां एक कार्यक्रम में यहां भाग लेने आए सिंह ने कहा, उस समय हमने अपनी चिंता जताई थी। हमने अपनी भावनाओं का इजहार किया (केन्द्र से)। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए जा रहे किसी भी संघषर्विराम उल्लंघन का ‘‘माकूल’’ जवाब देती है। जनरल सिंह ने कहा, यदि वे (पाक सैनिक) संघर्षविराम करते हैं, हम भी चूड़ियां पहनकर नहीं बैठे हैं। हमारे जवान भी गोलीबारी करते हैं। यह काम रणनीतिक स्तर पर किया जाता है और ऐसा होता है। सिंह ने कहा, यह (पाक प्रधानमंत्री की यात्रा) एक राजनीतिक निर्णय है..हमें इसको मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। सरकार को निर्णय करने दी दीजिए। सेनाप्रमुख के तौर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। सेनाप्रमुख से अशरफ की यात्रा पर टिप्पणी करने को कहा गया था। बहरहाल, उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने केन्द्र को संघर्षविराम उल्लंघन तथा जनवरी में पाकिस्तानी सेना द्वारा एक भारतीय सैनिक का सिर काटने एवं एक अन्य सैनिक की नृशंस हत्या करने के मुद्दे पर पहले ही अपनी चिंता से अवगत करा दिया था।टिप्पणियां एक कार्यक्रम में यहां भाग लेने आए सिंह ने कहा, उस समय हमने अपनी चिंता जताई थी। हमने अपनी भावनाओं का इजहार किया (केन्द्र से)। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए जा रहे किसी भी संघषर्विराम उल्लंघन का ‘‘माकूल’’ जवाब देती है। जनरल सिंह ने कहा, यदि वे (पाक सैनिक) संघर्षविराम करते हैं, हम भी चूड़ियां पहनकर नहीं बैठे हैं। हमारे जवान भी गोलीबारी करते हैं। यह काम रणनीतिक स्तर पर किया जाता है और ऐसा होता है। बहरहाल, उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने केन्द्र को संघर्षविराम उल्लंघन तथा जनवरी में पाकिस्तानी सेना द्वारा एक भारतीय सैनिक का सिर काटने एवं एक अन्य सैनिक की नृशंस हत्या करने के मुद्दे पर पहले ही अपनी चिंता से अवगत करा दिया था।टिप्पणियां एक कार्यक्रम में यहां भाग लेने आए सिंह ने कहा, उस समय हमने अपनी चिंता जताई थी। हमने अपनी भावनाओं का इजहार किया (केन्द्र से)। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए जा रहे किसी भी संघषर्विराम उल्लंघन का ‘‘माकूल’’ जवाब देती है। जनरल सिंह ने कहा, यदि वे (पाक सैनिक) संघर्षविराम करते हैं, हम भी चूड़ियां पहनकर नहीं बैठे हैं। हमारे जवान भी गोलीबारी करते हैं। यह काम रणनीतिक स्तर पर किया जाता है और ऐसा होता है। एक कार्यक्रम में यहां भाग लेने आए सिंह ने कहा, उस समय हमने अपनी चिंता जताई थी। हमने अपनी भावनाओं का इजहार किया (केन्द्र से)। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए जा रहे किसी भी संघषर्विराम उल्लंघन का ‘‘माकूल’’ जवाब देती है। जनरल सिंह ने कहा, यदि वे (पाक सैनिक) संघर्षविराम करते हैं, हम भी चूड़ियां पहनकर नहीं बैठे हैं। हमारे जवान भी गोलीबारी करते हैं। यह काम रणनीतिक स्तर पर किया जाता है और ऐसा होता है। जनरल सिंह ने कहा, यदि वे (पाक सैनिक) संघर्षविराम करते हैं, हम भी चूड़ियां पहनकर नहीं बैठे हैं। हमारे जवान भी गोलीबारी करते हैं। यह काम रणनीतिक स्तर पर किया जाता है और ऐसा होता है।
यहाँ एक सारांश है:सेनाप्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने पाकिस्तानी सेना द्वारा दो सैनिकों की जान लेने की घटना के कारण व्याप्त तनाव की पृष्ठभूमि में पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की भारत यात्रा के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अन्ना हजारे ने अलग से सिटीजन चार्टर लाने के सरकार के प्रस्ताव में यह कहते हुए खोट निकाला कि यह संसद की ओर से उन्हें दिए गए आश्वासन के खिलाफ है। हजारे ने इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से अनुरोध किया कि वह लोकपाल के मुद्दे पर यूपीए सरकार पर वैसे ही दबाव बनाएं जैसा कि उन्होंने खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर बनाया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, सिटीजन चार्टर को अलग कानून के रूप में नहीं पेश किया जाना चाहिए। जब संसद ने अपना निर्णय दे दिया है, तो उसके लिए अलग विचार देने की क्या आवश्यकता है। यह सही नहीं है। हजारे की ओर से यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अन्ना पक्ष की कोर कमेटी की बैठक कर रही है। इस बैठक का आयोजन मजबूत लोकपाल विधेयक संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में पारित नहीं होने की स्थिति में रामलीला मैदान मे प्रस्तावित आंदोलन सहित भविष्य की अन्य योजनाएं तय करने के लिए किया गया है। अन्ना हजारे ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उनकी चिंताओं को दूर करने वाला लोकपाल विधेयक पारित नहीं होने की स्थिति में 27 दिसम्बर से अनिश्चित कालीन अनशन पर जाने के उनके निर्णय पर अंतिम विचार-विमर्श किया जाना है।
यह एक सारांश है: अन्ना ने ममता बनर्जी से अनुरोध किया कि वह लोकपाल के मुद्दे पर यूपीए सरकार पर वैसे ही दबाव बनाएं जैसा कि एफडीआई के मुद्दे पर बनाया था।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ भाजपा नेता डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी को 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में रिपोर्ट के मसौदे को लेकर उठे विवाद के बावजूद रविवार को फिर से संसद की लोकलेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। लोकलेखा समिति के अध्यक्ष पद के लिए जोशी को उनकी पार्टी ने नामांकित किया, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त किया। पीएसी विभिन्न विभागों और मंत्रालयों का वित्तीय ऑडिट करती है। पूर्व समिति का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो गया। जोशी की अध्यक्ष पद पर नियुक्ति 1 मई से प्रभावी होगी और उनका कार्यकाल 1 साल का होगा। हाल ही में 77 वर्षीय जोशी 2जी मामले में पीएसी की रिपोर्ट के मसौदे को वितरित करने के बाद विवादों में घिर गए थे। पीएसी में शामिल संप्रग के सदस्यों ने जोशी पर आरोप लगाया था कि रिपोर्ट सरकार को बदनाम और अस्थिर करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से तैयार की गई है। संप्रग सदस्यों ने पीएसी की पूर्व समिति की 28 अप्रैल को संपन्न अंतिम बैठक में खूब हंगामा किया था। जोशी ने संप्रग सदस्यों के आरोपों को खारिज करते हुए शनिवार को रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को भेज दी। वह चाहते हैं कि अध्यक्ष इसे संसद में पेश करें। संवाददाताओं से बातचीत में जोशी ने, रिपोर्ट खारिज करने के 21 सदस्यीय समिति के 11 सांसदों के दावे को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि ऐसी संभावना तब तक नहीं है, जब तक सदस्य रिपोर्ट को पढ़ न लें और उसके प्रत्येक पैराग्राफ पर चर्चा न हो जाए। एक सवाल के जवाब में जोशी ने कहा कि वह रिपोर्ट पर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार करेंगे कि इसे स्वीकार किया जाता है या नहीं।
यह एक सारांश है: भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी को 2जी स्पेक्ट्रम मामले में रिपोर्ट के मसौदे को लेकर उठे विवाद के बावजूद फिर से पीएसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात हाईकोर्ट ने मोदी सरकार को जोरदार झटका देते हुए राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति को सही ठहराया है। मोदी सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति को चुनौती देते हुए कहा था कि राज्य सरकार से बिना पूछे नियुक्ति सही नहीं है। राज्य सरकार अब इस मामले में बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेगी। गुजरात सरकार के प्रवक्ता जय नारायण व्यास ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह किसी की हार या जीत नहीं है, सिर्फ एक फैसला है। उनके अनुसार, सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि जिस तरीके से उसकी नियुक्ति की गई थी, वह उसका विरोध कर रही है।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पिछले साल गवर्नर कमला बेनीवाल ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आरए मेहता को राज्य का लोकायुक्त बना दिया था। यह पद नवंबर, 2003 से बाद से खाली था। राज्य सरकार ने इस फैसले के तुरंत बाद कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक और एकतरफा है। पिछले साल 11 अक्टूबर को दो जजों की डिवीजन बेंच ने मामले में अलग−अलग फैसला दिया था, जिसके बाद चीफ जस्टिस ने मामले को जस्टिस वीएम सहाय को सौंप दिया था, जिन्होंने बुधवार को यह फैसला सुनाया। गुजरात सरकार के प्रवक्ता जय नारायण व्यास ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह किसी की हार या जीत नहीं है, सिर्फ एक फैसला है। उनके अनुसार, सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि जिस तरीके से उसकी नियुक्ति की गई थी, वह उसका विरोध कर रही है।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पिछले साल गवर्नर कमला बेनीवाल ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आरए मेहता को राज्य का लोकायुक्त बना दिया था। यह पद नवंबर, 2003 से बाद से खाली था। राज्य सरकार ने इस फैसले के तुरंत बाद कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक और एकतरफा है। पिछले साल 11 अक्टूबर को दो जजों की डिवीजन बेंच ने मामले में अलग−अलग फैसला दिया था, जिसके बाद चीफ जस्टिस ने मामले को जस्टिस वीएम सहाय को सौंप दिया था, जिन्होंने बुधवार को यह फैसला सुनाया। उल्लेखनीय है कि पिछले साल गवर्नर कमला बेनीवाल ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आरए मेहता को राज्य का लोकायुक्त बना दिया था। यह पद नवंबर, 2003 से बाद से खाली था। राज्य सरकार ने इस फैसले के तुरंत बाद कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक और एकतरफा है। पिछले साल 11 अक्टूबर को दो जजों की डिवीजन बेंच ने मामले में अलग−अलग फैसला दिया था, जिसके बाद चीफ जस्टिस ने मामले को जस्टिस वीएम सहाय को सौंप दिया था, जिन्होंने बुधवार को यह फैसला सुनाया। पिछले साल 11 अक्टूबर को दो जजों की डिवीजन बेंच ने मामले में अलग−अलग फैसला दिया था, जिसके बाद चीफ जस्टिस ने मामले को जस्टिस वीएम सहाय को सौंप दिया था, जिन्होंने बुधवार को यह फैसला सुनाया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मोदी सरकार ने उनसे बिना पूछे नियुक्ति किए जाने के आधार पर राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी थी, और अब वह बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बढ़ापुर थाना क्षेत्र के मुजफ्फरनगर गांव में सौतेली मां ने छह साल की बेटी की सिर में कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार थाना बढापुर के गांव मुजफ्फरनगर में सोमवार को आबिद की पत्नी सबीना ने अपनी 6 साल की बेटी खुशी के सिर में कुल्हाड़ी मारकर उसे घायल कर दिया. उपचार के लिए मेरठ ले जाते समय रास्ते मे उसकी मौत हो गई. यह भी पढ़ें - बदमाशों का कहर, 2 बहनों की गला दबाकर हत्या और लूटपाट                  यूपी के बरेली में कारोबारी की गोली मारकर हत्याटिप्पणियां पुलिस के अनुसार आरोपी सबीना की सास रोशन जहां ने सबीना के विरुद्द रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि आबिद बेंगलुरु में मजदूरी करता है और खुशी आबिद की पहली पत्नी सायमा की बेटी है जिसकी मौत हो जाने पर आबिद ने सबीना से दूसरा निकाह किया था. पुलिस ने सबीना को गिरफ्तार कर लिया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस के अनुसार थाना बढापुर के गांव मुजफ्फरनगर में सोमवार को आबिद की पत्नी सबीना ने अपनी 6 साल की बेटी खुशी के सिर में कुल्हाड़ी मारकर उसे घायल कर दिया. उपचार के लिए मेरठ ले जाते समय रास्ते मे उसकी मौत हो गई. यह भी पढ़ें - बदमाशों का कहर, 2 बहनों की गला दबाकर हत्या और लूटपाट                  यूपी के बरेली में कारोबारी की गोली मारकर हत्याटिप्पणियां पुलिस के अनुसार आरोपी सबीना की सास रोशन जहां ने सबीना के विरुद्द रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि आबिद बेंगलुरु में मजदूरी करता है और खुशी आबिद की पहली पत्नी सायमा की बेटी है जिसकी मौत हो जाने पर आबिद ने सबीना से दूसरा निकाह किया था. पुलिस ने सबीना को गिरफ्तार कर लिया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह भी पढ़ें - बदमाशों का कहर, 2 बहनों की गला दबाकर हत्या और लूटपाट                  यूपी के बरेली में कारोबारी की गोली मारकर हत्याटिप्पणियां पुलिस के अनुसार आरोपी सबीना की सास रोशन जहां ने सबीना के विरुद्द रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि आबिद बेंगलुरु में मजदूरी करता है और खुशी आबिद की पहली पत्नी सायमा की बेटी है जिसकी मौत हो जाने पर आबिद ने सबीना से दूसरा निकाह किया था. पुलिस ने सबीना को गिरफ्तार कर लिया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस के अनुसार आरोपी सबीना की सास रोशन जहां ने सबीना के विरुद्द रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि आबिद बेंगलुरु में मजदूरी करता है और खुशी आबिद की पहली पत्नी सायमा की बेटी है जिसकी मौत हो जाने पर आबिद ने सबीना से दूसरा निकाह किया था. पुलिस ने सबीना को गिरफ्तार कर लिया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बेंगलुरु में मजदूरी करता है लड़की का पिता आबिद पहली पत्नी की मौत के बाद किया था दूसरा निकाह आरोपी सबीना की सास रोशन जहां ने दर्ज कराया मामला
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक महिला की हत्या के आरोप में उसके 29 वर्षीय पति और उसकी लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार किया गया है। महिला का शव दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से बरामद किया गया था। पुलिस ने बुधवार को बताया कि फिरोज खान और उसकी सहयोगी सुमन को खान की पत्नी हलीमा की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।टिप्पणियां पुलिस के अनुसार फिरोज की हलीमा से 10-12 साल पहले शादी हुई थी। पिछले 10 महीनों से फिरोज के संबंध सुमन के साथ थे और दोनों एक साथ रह रहे थे। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) महिला का शव दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से बरामद किया गया था। पुलिस ने बुधवार को बताया कि फिरोज खान और उसकी सहयोगी सुमन को खान की पत्नी हलीमा की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।टिप्पणियां पुलिस के अनुसार फिरोज की हलीमा से 10-12 साल पहले शादी हुई थी। पिछले 10 महीनों से फिरोज के संबंध सुमन के साथ थे और दोनों एक साथ रह रहे थे। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस के अनुसार फिरोज की हलीमा से 10-12 साल पहले शादी हुई थी। पिछले 10 महीनों से फिरोज के संबंध सुमन के साथ थे और दोनों एक साथ रह रहे थे। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
महिला का शव लक्ष्मी नगर इलाके से बरामद किया गया 10-12 साल पहले शादी हुई थी पिछले 10 महीनों से पति के संबंध दूसरी महिला से थे
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्‍वामी ओम ने कई बार यह साफ कर दिया है कि वह 'बिग बॉस' शो की टीआरपी बढ़ाने और इसे हिट कराने के लिए शो में किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. लेकिन अपने इस काम में स्‍वामी ओम इतने ज्‍यादा गंभीर हो गए कि उन्‍होंने सारी सीमाएं पार कर दी हैं. इस बार उन्‍होंने कुछ ऐसा किया कि खुद बिग बॉस को बीच में आना पड़ा.टिप्पणियां मंगलवार को 'बिग बॉस' के घर में लग्‍जरी बजट के लिए एक ऐसा काम दिया जाएगा, जिसके चलते पूरा घर फिर से युद्ध का मैदान बन जाएगा. इस टास्‍क में बिग बॉस पूरे घर को बीबी होस्‍टल में तब्‍दील कर दिया गया. इसके चलते किचिन, लिविंग एरिया और बेडरूम लड़कियों का होस्‍टल बना दिया गया जबकि गार्डन एरिया को गुरुकुल की तरह लड़कों का होस्‍टल बना दिया गया.   इस टास्‍क में प्रियंका जग्‍गा को लड़कियों की कड़क वॉर्डन जबकि स्‍वामी ओम को लड़कों का कड़क वॉर्डन बनने की जिम्‍मेदारी दी गई. इस काम में लड़कों को वॉर्डन से छिपकर लड़कियों को प्रेम-पत्र देने हैं और लड़कियों को यह प्रेम-पत्र छिपा कर रखने हैं.   इस प्‍यार भरे टास्‍क में सभी जोड़‍ियां काफी खुशी से और हंसते हुए भाग ले रही थीं कि तभी स्‍वामी ओम ने कुछ ऐसा कर दिया कि खुद बिग बॉस को भी गुस्‍सा आ गया. स्‍वामी ओम ने देखा कि लोपा और रोहन बाथरूम में प्रेम-पत्र लिख रहे हैं और एक दूसरे को दे रहे हैं. इसपर स्‍वामी ओम ने चिल्‍लाना शुरू किया और वह बाथरूम में लात मारने लगे. स्‍वामी ओम के इस अटैक से गेट का एक हिस्‍सा भी टूट गया. यह सब इतना पहुंच गया कि खुद बिग बॉस को बीच में बोलना पड़ा और सभी को लिविंग एरिया में बुलाया. हमेशा बड़ी शांती से बात करने वाले 'बिग बॉस' की आवाज में गुस्‍सा साफ देख पाएंगें. आखिर में बिग बॉस ने सभी घरवालों से अनुशासन में रहकर यह कार्य पूरा करने की हिदायत दी. मंगलवार को 'बिग बॉस' के घर में लग्‍जरी बजट के लिए एक ऐसा काम दिया जाएगा, जिसके चलते पूरा घर फिर से युद्ध का मैदान बन जाएगा. इस टास्‍क में बिग बॉस पूरे घर को बीबी होस्‍टल में तब्‍दील कर दिया गया. इसके चलते किचिन, लिविंग एरिया और बेडरूम लड़कियों का होस्‍टल बना दिया गया जबकि गार्डन एरिया को गुरुकुल की तरह लड़कों का होस्‍टल बना दिया गया.   इस टास्‍क में प्रियंका जग्‍गा को लड़कियों की कड़क वॉर्डन जबकि स्‍वामी ओम को लड़कों का कड़क वॉर्डन बनने की जिम्‍मेदारी दी गई. इस काम में लड़कों को वॉर्डन से छिपकर लड़कियों को प्रेम-पत्र देने हैं और लड़कियों को यह प्रेम-पत्र छिपा कर रखने हैं.   इस प्‍यार भरे टास्‍क में सभी जोड़‍ियां काफी खुशी से और हंसते हुए भाग ले रही थीं कि तभी स्‍वामी ओम ने कुछ ऐसा कर दिया कि खुद बिग बॉस को भी गुस्‍सा आ गया. स्‍वामी ओम ने देखा कि लोपा और रोहन बाथरूम में प्रेम-पत्र लिख रहे हैं और एक दूसरे को दे रहे हैं. इसपर स्‍वामी ओम ने चिल्‍लाना शुरू किया और वह बाथरूम में लात मारने लगे. स्‍वामी ओम के इस अटैक से गेट का एक हिस्‍सा भी टूट गया. यह सब इतना पहुंच गया कि खुद बिग बॉस को बीच में बोलना पड़ा और सभी को लिविंग एरिया में बुलाया. हमेशा बड़ी शांती से बात करने वाले 'बिग बॉस' की आवाज में गुस्‍सा साफ देख पाएंगें. आखिर में बिग बॉस ने सभी घरवालों से अनुशासन में रहकर यह कार्य पूरा करने की हिदायत दी. हमेशा बड़ी शांती से बात करने वाले 'बिग बॉस' की आवाज में गुस्‍सा साफ देख पाएंगें. आखिर में बिग बॉस ने सभी घरवालों से अनुशासन में रहकर यह कार्य पूरा करने की हिदायत दी.
संक्षिप्त पाठ: स्‍वामी ओम पर भड़केंगे 'बिग बॉस' टास्‍क के दौरान फिर झगड़े घरवालों से स्‍वामी ओम बाथरूम का गेट तोड़ने की कोशिश
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछले आदेश में हमनें कहा था कि जो सीबीआई की टीम जांच कर रही है, उसके सीनियर मोस्ट 'ए के शर्मा' ही होंगे. उनका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा. ए के शर्मा जॉइंट डायरेक्टर सीबीआई थे और उन्हीं की निगरानी में शेल्टर होम की जांच चल रही थी. आगे सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि 17 जनवरी 2019 को कैबिनेट कमिटी की स्वीकृति के बाद उनका ट्रान्सफर किया गया. उनको CRPF में एडिशनल डायरेक्टर बनाया गया.  CBI के वकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि एम. नागेश्वर राव सहित दो अधिकारी मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम कांड के जांच अधिकारी एके शर्मा का स्थानांतरण करने में शामिल थे, तो देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई ने कहा, "हम इसे बहुत-बहुत गंभीरता से लेने वाले हैं... आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खिलवाड़ किया है... भगवान ही आपकी सहायता करें... सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कभी खिलवाड़ नहीं करना..." इससे पहले बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी. गुरुवार की सुबह मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) ने बिहार के नीतीश सरकार को फटकार लगाई और कहा कि आप दुर्भाग्यशाली बच्चों के साथ इस तरह बर्ताव करते हैं. आप इस तरीके की चीजों की इजाजत नहीं दे सकते. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)ने बिहार सरकार से दो बजे सारे सवालों के जवाब देने को कहा था. बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि हम सरकार नहीं चला रहे है लेकिन हम ये जानना चाहते हैं कि आप कैसे सरकार चला रहे हैं? इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले का ट्रायल दिल्ली ट्रांसफर कर दिया. अब दिल्ली की साकेत कोर्ट में इसका ट्रायल होगा. कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते में सारे रिकॉर्ड ट्रांसफर हो जाएं और ट्रायल छह महीने में पूरा हो जाना चाहिए. अब साकेत की POCSO कोर्ट में मामला चलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय के हित में ट्रायल का ट्रांसफर किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम की निगरानी कर रहे ज्वाइंट डायरेक्टर एके शर्मा के ट्रांसफर पर कड़ी नाराजगी जताई. चीफ जस्टिस ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बिना अनुमति के उनका ट्रांसफर नहीं होगा तो यह ट्रांसफर क्यों किया गया. क्या कैबिनेट कमेटी को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर ना करने के आदेश दिए हैं?  अब केंद्र इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब देगा. बता दें, मुजफ्फपुर शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट अहम सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें ठाकुर ने अपने साथ पटियाला की जेल में मारपीट का आरोप लगाया था. इसके अलावा कोर्ट ने ठाकुर की उस याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिसमें उसने बालिका गृह को तोड़े जाने पर रोक लगाने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के बाद बिहार के 16 शेल्टर होम के मामलों को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था.
सारांश: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को लगाई फटकार शीर्ष न्यायालय ने नागेश्वर राव को किया तलब SC ने बिहार सरकार को भी लगाई फटकार
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रोजगार मुद्दे पर विपक्ष की आलोचनाओं का सामना कर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार के शासनकाल में पिछले 55 महीने में सरकार की नीतियों, आधारभूत ढांचे के विकास, परिवहन, टूरिज्म के विस्तार और ग्रामीण इलाकों में तेजी से होते विकास कामों के कारण संगठित और असंगठित, दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है.  लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने दावों के समर्थन में भविष्य निधि के नये खातों, नयी पेंशन योजना में नये पंजीकरण, आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या के अलावा डाक्टरों, चार्टर्ड एकाउंटेंट सहित अन्य पेशे से जुड़े लोगों की संख्या और उनके द्वारा दिये जाने वाले रोजगार का जिक्र किया.  पीएम मोदी ने कहा कि देश में परिवहन क्षेत्र बढ़ रहा है. लाखों की संख्या में कारें बिक रही हैं. बड़े पैमाने पर सड़कें बन रही हैं. आवासों का निर्माण हो रहा है. होटल उद्योग का विस्तार हो रहा है. पर्यटन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया, इतने क्षेत्रों के विस्तार होने के बाद क्या किसी को रोजगार नहीं मिल रहा है? उल्लेखनीय है कि पिछले काफी समय से कांग्रेस सहित विपक्षी दल सरकार पर रोजगार को लेकर निशाना साधते रहे हैं और पूछते रहे हैं कि हर साल एक करोड़ रोजगार देने के वादे का क्या हुआ ? देश में रोजगार के आंकड़ों के संबंध में कोई मानक व्यवस्था नहीं होने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक सौ सेक्टरों में से सात-आठ क्षेत्रों में ही आकलन होता है. लेकिन आज परिदृश्य बदल गया है.  मोदी ने कहा कि देश में असंगठित क्षेत्र करीब 85 से 90 प्रतिशत रोजगार देता है. संगठित क्षेत्र 10 से 15 प्रतिशत ही रोजगार देता है. उन्होंने कहा कि संगठित क्षेत्र में सितंबर 2017 से नवंबर 2018 तक करीब 15 महीने में 1.80 करोड़ लोगों ने पहली बार भविष्य निधि (पीएफ) खाते में पैसा जमा करवाना शुरू किया. इनमें से 64 प्रतिशत लोग 28 साल से कम आयु के हैं.  प्रधानमंत्री ने कहा कि मार्च 2014 में करीब 65 लाख लोगों को नयी पेंशन योजना (एनपीएस) में रजिस्ट्रेशन किया गया. पिछले साल अक्तूबर में यह संख्या बढ़कर एक करोड़ 20 लाख हो गयी. पिछले चार साल में 6.35 लाख नये पेशेवर करदाताओं की सूची में जुड़े हैं. उन्होंने पूछा कि ये डॉक्टर, सीए और अन्य पेशेवर और भी नौकरियां देते होंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में परिवहन क्षेत्र सबसे ज्यादा रोजगार देता है. बीते चार सालों में लाखों लोगों ने वाहन खरीदे . एक अनुमान के मुताबिक, इस क्षेत्र में सवा करोड़ लोगों को रोजगार के नये अवसर मिले हैं. उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना के तहत पहली बार कर्ज पाने वालों की संख्या सवा चार करोड़ से ज्यादा है. इन्होंने भी रोजगार पैदा किये हैं. पीएम मोदी ने कहा कि मेक इन इंडिया, मुद्रा योजना, स्टार्ट अप आदि स्वरोजगार के स्तंभ हैं . सरकार ने देश के जवानों, नौजवानों के साथ किसान की भी चिंता की है.
यह एक सारांश है: पीएम मोदी ने बताया 4.5 साल में कितनी नौकरियां लगीं सदन में पेश किए आंकड़ें कांग्रेस पर कसा तंज
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विनोद खन्ना को पेशावर के गर्व के रूप में याद करते हुए गुरुवार को यहां उनके जन्मस्थान पर लोगों ने हिन्दी फिल्मों के महान अभिनेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके सम्मान में कल्चरल हैरिटेज काउंसिल एक समारोह का आयोजन करेगी. पेशावर में जाने-माने फिल्म इतिहासकार मुहम्मद इब्राहिम जिया ने कहा, ‘‘खन्ना का छह अक्तूबर 1946 को पेशावर के छावनी क्षेत्र में आने वाले सरदार इलाके में जन्म हुआ था. उनके पिता मेहरचंद खन्ना एक बड़े कारोबारी और कांग्रेस के पूर्व मंत्री थे.’’ कल्चरल हैरिटेज काउंसिल खबर पख्तूनख्वा के महासचिव शकील वहीदुल्लाह ने बताया कि संस्था जल्द ही खन्ना के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन करेगी.टिप्पणियां विनोद खन्ना का गुरुवार को सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 70 साल के थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पेशावर में जाने-माने फिल्म इतिहासकार मुहम्मद इब्राहिम जिया ने कहा, ‘‘खन्ना का छह अक्तूबर 1946 को पेशावर के छावनी क्षेत्र में आने वाले सरदार इलाके में जन्म हुआ था. उनके पिता मेहरचंद खन्ना एक बड़े कारोबारी और कांग्रेस के पूर्व मंत्री थे.’’ कल्चरल हैरिटेज काउंसिल खबर पख्तूनख्वा के महासचिव शकील वहीदुल्लाह ने बताया कि संस्था जल्द ही खन्ना के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन करेगी.टिप्पणियां विनोद खन्ना का गुरुवार को सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 70 साल के थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विनोद खन्ना का गुरुवार को सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 70 साल के थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: विनोद खन्ना का जन्म पेशावर में हुआ था पेशावर में विनोद खन्ना को श्रद्धांजलि दी गई विनोद खन्ना के पिता कारोबारी हैं
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप ने एक और उपलब्धि हासिल करते हुए शहीद केएल गर्ग-सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन ग्रां प्री के पुरुष एकल वर्ग का खिताब जीत लिया। लंदन ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी कश्यप ने फाइनल में थाईलैंड के तनोंगसाक सारसोमबोनसुक को 21-19, 14-21, 21-17 से पराजित करके खिताब जीत लिया।टिप्पणियां कड़ाके की ठंड में करीब एक घंटे 12 मिनट तक चले मुकाबले के पहले गेम से ही कश्यप और सारसोमबोनसुक के बीच जोरदार संघर्ष देखने को मिला। हालांकि महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त पीवी सिंधु से भारतीयों को निराशा हाथ लगी और वह खिताबी मुकाबले में में इंडोनेशिया की लिंडावेनी फनेत्री के हाथों 21-15, 18-21, 21-18 से हार गई। लंदन ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी कश्यप ने फाइनल में थाईलैंड के तनोंगसाक सारसोमबोनसुक को 21-19, 14-21, 21-17 से पराजित करके खिताब जीत लिया।टिप्पणियां कड़ाके की ठंड में करीब एक घंटे 12 मिनट तक चले मुकाबले के पहले गेम से ही कश्यप और सारसोमबोनसुक के बीच जोरदार संघर्ष देखने को मिला। हालांकि महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त पीवी सिंधु से भारतीयों को निराशा हाथ लगी और वह खिताबी मुकाबले में में इंडोनेशिया की लिंडावेनी फनेत्री के हाथों 21-15, 18-21, 21-18 से हार गई। कड़ाके की ठंड में करीब एक घंटे 12 मिनट तक चले मुकाबले के पहले गेम से ही कश्यप और सारसोमबोनसुक के बीच जोरदार संघर्ष देखने को मिला। हालांकि महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त पीवी सिंधु से भारतीयों को निराशा हाथ लगी और वह खिताबी मुकाबले में में इंडोनेशिया की लिंडावेनी फनेत्री के हाथों 21-15, 18-21, 21-18 से हार गई। हालांकि महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त पीवी सिंधु से भारतीयों को निराशा हाथ लगी और वह खिताबी मुकाबले में में इंडोनेशिया की लिंडावेनी फनेत्री के हाथों 21-15, 18-21, 21-18 से हार गई।
भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप ने एक और उपलब्धि हासिल करते हुए शहीद केएल गर्ग-सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन ग्रां प्री के पुरुष एकल वर्ग का खिताब जीत लिया।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सेंट्रल दिल्ली के देशबन्धु गुप्ता रोड थाना के शिदिपुरा पुलिस चौकी इलाके का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें 5-6 बदमाश एक घर के सामने खुलेआम पिस्टल लहराकर फायरिंग कर रहे हैं. इसमें 6 बदमाशों का ग्रुप है जिनके मुंह कपड़े से ढ़के हैं और इनमें से 3 नकाबपोश एक घर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे हैं. इनके दिल में दिल्ली पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आता. पुलिस का कहना है कि ये सीसीटीवी फुटेज तकरीबन एक हफ्ते पुराना है. दरअसल ये दो परिवारों का आपसी विवाद है, जिसमें एक शालू उर्फ आकाश नाम के बदमाश, जिस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं जेबतराश है, जेल भी जा चुका है. उसका अपने पड़ोसी परिवार से झगड़ा रहता है इसीलिए पुलिस ने दोनों परिवारों की शिकायत मिलने के बाद दो मामले दर्ज किए हैं.  शालू के परिजनों की तरफ से आईपीसी 308 और दूसरे परिवार की तरफ से आईपीसी 324 का मामला दर्ज किया गया है. लेकिन जो वीडियो सामने है वो शालू की तरफ से बनाए जाने का आरोप है. पुलिस इस वीडियो को प्लांटटेड बता रही है जिसे शालू नाम के बदमाश ने अपने साथियों से मिलकर बनवाया और दूसरी पार्टी को फंसाने के लिए बनाया है.  पुलिस ने सफाई दी है कि वीडियो में फायरिंग कर रहे बदमाशों की तलाश की जा रही है. फायरिंग कितनी हुई या नहीं हुई, इसकी भी जांच हो रही है.
सारांश: बदमाशों ने की फायरिंग हवा में पिस्टल लहराकर की फायरिंग घटना का सीसीटीवी फुटेज आया सामने
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जब बाहुबली नेता मो शहाबुद्धीन 11 साल बाद बेल पर जेल से निकलकर आए और मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर अपना विवादित बयान दिया तो उस दिन के फोटोग्राफ और वीडियो फुटेज में उनके पीछे एक कथित शार्पशूटर मो कैफ को देखा गया. इस साल मई में वरिष्‍ठ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्‍या के मामले में पुलिस मो कैफ की तलाश कर रही है और वह तब से फरार है. हालांकि शनिवार को वह न सिर्फ शहाबुद्धीन की रिहाई के वक्‍त भागलपुर जेल के बाहर उनके स्‍वागत के लिए मौजूद था, बल्कि बाहुबली के सीवान तक के 300 कारों के काफिले में भी सवार था. मंगलवार को विपक्ष के नेता बीजेपी के सुशील मोदी ने कहा, ''शहाबुद्धीन और राजदेव रंजन के हत्‍यारों के करीबी संबंधों के बारे में अब इससे ज्‍यादा और आपको किस सबूत की जरूरत है?'' गौरतलब है कि रंजन हत्‍याकांड के बाद उपेंद्र सिंह समेत चार लोगों को पकड़ा गया था. उपेंद्र के तार भी शहाबुद्धीन से जुड़े माने जाते हैं.   दरअसल पिछले साल नीतीश कुमार-लालू यादव गठबंधन सरकार के सत्‍ता में आने के बाद महीनों से विपक्षी बीजेपी आरोप लगाती रही है कि 11 साल से जेल में बंद शहाबुद्धीन की वापसी होगी. विपक्षी पार्टी ने बिहार में ''जंगल राज'' की वापसी का आरोप लगाते हुए शहाबुद्धीन को बेल दिए जाने का विरोध करते हुए राज्‍यपाल से मुलाकात की. विपक्ष का आरोप है कि राज्‍य सरकार में लालू प्रसाद के प्रभाव की वजह से ही शहाबुद्धीन को राहत मिली है.    गौरतलब है कि 2005 में जब शहाबुद्धीन जेल गए थे तब बीजेपी, नीतीश कुमार के साथ थी. सीवान में शहाबुद्धीन के खौफ को खत्‍म करने का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. शहाबुद्धीन के ऊपर तकरीबन 40 आपराधिक मामले दर्ज है.टिप्पणियां नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्‍य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्‍त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्‍ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्‍यमंत्री हैं.'' इस साल मई में वरिष्‍ठ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्‍या के मामले में पुलिस मो कैफ की तलाश कर रही है और वह तब से फरार है. हालांकि शनिवार को वह न सिर्फ शहाबुद्धीन की रिहाई के वक्‍त भागलपुर जेल के बाहर उनके स्‍वागत के लिए मौजूद था, बल्कि बाहुबली के सीवान तक के 300 कारों के काफिले में भी सवार था. मंगलवार को विपक्ष के नेता बीजेपी के सुशील मोदी ने कहा, ''शहाबुद्धीन और राजदेव रंजन के हत्‍यारों के करीबी संबंधों के बारे में अब इससे ज्‍यादा और आपको किस सबूत की जरूरत है?'' गौरतलब है कि रंजन हत्‍याकांड के बाद उपेंद्र सिंह समेत चार लोगों को पकड़ा गया था. उपेंद्र के तार भी शहाबुद्धीन से जुड़े माने जाते हैं.   दरअसल पिछले साल नीतीश कुमार-लालू यादव गठबंधन सरकार के सत्‍ता में आने के बाद महीनों से विपक्षी बीजेपी आरोप लगाती रही है कि 11 साल से जेल में बंद शहाबुद्धीन की वापसी होगी. विपक्षी पार्टी ने बिहार में ''जंगल राज'' की वापसी का आरोप लगाते हुए शहाबुद्धीन को बेल दिए जाने का विरोध करते हुए राज्‍यपाल से मुलाकात की. विपक्ष का आरोप है कि राज्‍य सरकार में लालू प्रसाद के प्रभाव की वजह से ही शहाबुद्धीन को राहत मिली है.    गौरतलब है कि 2005 में जब शहाबुद्धीन जेल गए थे तब बीजेपी, नीतीश कुमार के साथ थी. सीवान में शहाबुद्धीन के खौफ को खत्‍म करने का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. शहाबुद्धीन के ऊपर तकरीबन 40 आपराधिक मामले दर्ज है.टिप्पणियां नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्‍य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्‍त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्‍ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्‍यमंत्री हैं.'' मंगलवार को विपक्ष के नेता बीजेपी के सुशील मोदी ने कहा, ''शहाबुद्धीन और राजदेव रंजन के हत्‍यारों के करीबी संबंधों के बारे में अब इससे ज्‍यादा और आपको किस सबूत की जरूरत है?'' गौरतलब है कि रंजन हत्‍याकांड के बाद उपेंद्र सिंह समेत चार लोगों को पकड़ा गया था. उपेंद्र के तार भी शहाबुद्धीन से जुड़े माने जाते हैं.   दरअसल पिछले साल नीतीश कुमार-लालू यादव गठबंधन सरकार के सत्‍ता में आने के बाद महीनों से विपक्षी बीजेपी आरोप लगाती रही है कि 11 साल से जेल में बंद शहाबुद्धीन की वापसी होगी. विपक्षी पार्टी ने बिहार में ''जंगल राज'' की वापसी का आरोप लगाते हुए शहाबुद्धीन को बेल दिए जाने का विरोध करते हुए राज्‍यपाल से मुलाकात की. विपक्ष का आरोप है कि राज्‍य सरकार में लालू प्रसाद के प्रभाव की वजह से ही शहाबुद्धीन को राहत मिली है.    गौरतलब है कि 2005 में जब शहाबुद्धीन जेल गए थे तब बीजेपी, नीतीश कुमार के साथ थी. सीवान में शहाबुद्धीन के खौफ को खत्‍म करने का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. शहाबुद्धीन के ऊपर तकरीबन 40 आपराधिक मामले दर्ज है.टिप्पणियां नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्‍य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्‍त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्‍ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्‍यमंत्री हैं.'' दरअसल पिछले साल नीतीश कुमार-लालू यादव गठबंधन सरकार के सत्‍ता में आने के बाद महीनों से विपक्षी बीजेपी आरोप लगाती रही है कि 11 साल से जेल में बंद शहाबुद्धीन की वापसी होगी. विपक्षी पार्टी ने बिहार में ''जंगल राज'' की वापसी का आरोप लगाते हुए शहाबुद्धीन को बेल दिए जाने का विरोध करते हुए राज्‍यपाल से मुलाकात की. विपक्ष का आरोप है कि राज्‍य सरकार में लालू प्रसाद के प्रभाव की वजह से ही शहाबुद्धीन को राहत मिली है.    गौरतलब है कि 2005 में जब शहाबुद्धीन जेल गए थे तब बीजेपी, नीतीश कुमार के साथ थी. सीवान में शहाबुद्धीन के खौफ को खत्‍म करने का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. शहाबुद्धीन के ऊपर तकरीबन 40 आपराधिक मामले दर्ज है.टिप्पणियां नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्‍य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्‍त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्‍ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्‍यमंत्री हैं.'' गौरतलब है कि 2005 में जब शहाबुद्धीन जेल गए थे तब बीजेपी, नीतीश कुमार के साथ थी. सीवान में शहाबुद्धीन के खौफ को खत्‍म करने का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. शहाबुद्धीन के ऊपर तकरीबन 40 आपराधिक मामले दर्ज है.टिप्पणियां नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्‍य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्‍त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्‍ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्‍यमंत्री हैं.'' नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद पिछले साल राज्‍य विधानसभा चुनाव से पहले धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया. चुनावों में उनको जबर्दस्‍त सफलता मिली और तब से इस साझेदारी के मजबूत होने के लगातार दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्‍ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्‍यमंत्री हैं.'' लेकिन शहाबुद्धीन ने जेल से रिहा होते ही नीतीश कुमार के खिलाफ यह कहकर राजद के असंतुष्‍ट खेमे को आवाज दी कि गठबंधन समझौते के तहत ''नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्‍यमंत्री हैं.''
संक्षिप्त सारांश: शहाबुद्धीन की रिहाई के वक्‍त वहां मौजूद था शूटर कैफ वह फोटोग्राफ और वीडियो फुटेज में दिखाई दे रहा इस साल मई में हुई थी पत्रकार राजदेव रंजन की हत्‍या
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में पंचायत चुनाव के छठे चरण में राज्य के 38 जिलों के 58 प्रखंडों में शुक्रवार को सात बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। छठे चरण में मुखिया, सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम कचहरी पंच, पंचायत समिति सदस्य तथा जिला परिषद सदस्य के कुल 28,057 पदों के लिए कुल 91,360 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस चरण में 51,42,018 मतदाताओं के लिए 12,683 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नक्सल प्रभावित 11 प्रखंडों में सुबह सात बजे से दिन के तीन बजे तक जबकि शेष प्रखंडों में पांच बजे तक मतदान कार्य चलेगा। पिछले पांच चरणों के मतदान ट्रेंड को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि इस चरण में भी जमकर मतदान होगा। सुबह से ही मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की लम्बी कतारें देखी जा रही हैं। राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राज्यवर्धन शर्मा ने बताया कि नक्सल क्षेत्रों में विशेष चौकसी के लिए सम्बंधित जिले के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है। सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर रखी है। गौरतलब है कि राज्य में अब तक पांच चरणों का चुनाव छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाये तो शांतिपूर्ण संपन्न हुआ है। पंचायत चुनाव 18 मई तक 10 चरणों में होना है।
यहाँ एक सारांश है:बिहार में पंचायत चुनाव के छठे चरण में राज्य के 38 जिलों के 58 प्रखंडों में शुक्रवार को सात बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: दुनिया की सबसे पर्यावरण अनुकूल कम्पनियों की न्यूजवीक की सलाना सूची में 13 भारतीय कम्पनियों को शामिल किया गया है। सूची में देश की दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी कम्पनियां विप्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को क्रमश: दूसरा और 11वां स्थान मिला है। अमेरिका की समाचार पत्रिका ने चौथे सलाना ग्रीन रैंकिंग में कहा कि दुनियाभर में उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में कम्पनियां पर्यावरण अनुकूल पद्धति अपनाती जा रही हैं, लेकिन अमेरिका की कम्पनियां इसमें पीछे छूट रही हैं। सूची में पहले स्थान पर रही बैंको सैंटांडर ब्राजील। सूची में शीर्ष 10 स्थान पर अमेरिका की सिर्फ एक कम्पनी आईबीएम को शामिल किया गया, जिसे अमेरिकी कम्पनियों की सूची में पहला स्थान मिला है। पत्रिका ने दो सर्वेक्षण कम्पनियों ट्रकॉस्ट और सस्टेनैलिटिक्स के माध्यम से दुनिया की 500 सबसे बड़ी कम्पनियों की पर्यावरण अनुकूलता की पड़ताल की। सूची में दूसरे स्थान पर रही विप्रो को 85.4 अंक मिला। कम्पनी 2015 तक अपने पांच परिसरों को जैव विविधता जोन में बदलने वाली है।टिप्पणियां सूची में 11वें स्थान पर रही टीसीएस को 80.4 अंक मिला। सूची में शामिल भारतीय कम्पनियां इस प्रकार हैं। उनकी रैंकिंग भी साथ में कोष्ठक में दी गई हैं : विप्रो (2), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11), इंफोसिस (19),  लार्सन एंड टुब्रो (96), टाटा मोटर्स (282), रिलायंस इंडस्ट्रीज (342), भारतीय स्टेट बैंक (344), एचडीएफसी बैंक (346), ओएनजीसी (386), टाटा स्टील (419), आईसीआईसीआई बैंक (476), एनटीपीसी (497) और कोल इंडिया (499)। सूची में देश की दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी कम्पनियां विप्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को क्रमश: दूसरा और 11वां स्थान मिला है। अमेरिका की समाचार पत्रिका ने चौथे सलाना ग्रीन रैंकिंग में कहा कि दुनियाभर में उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में कम्पनियां पर्यावरण अनुकूल पद्धति अपनाती जा रही हैं, लेकिन अमेरिका की कम्पनियां इसमें पीछे छूट रही हैं। सूची में पहले स्थान पर रही बैंको सैंटांडर ब्राजील। सूची में शीर्ष 10 स्थान पर अमेरिका की सिर्फ एक कम्पनी आईबीएम को शामिल किया गया, जिसे अमेरिकी कम्पनियों की सूची में पहला स्थान मिला है। पत्रिका ने दो सर्वेक्षण कम्पनियों ट्रकॉस्ट और सस्टेनैलिटिक्स के माध्यम से दुनिया की 500 सबसे बड़ी कम्पनियों की पर्यावरण अनुकूलता की पड़ताल की। सूची में दूसरे स्थान पर रही विप्रो को 85.4 अंक मिला। कम्पनी 2015 तक अपने पांच परिसरों को जैव विविधता जोन में बदलने वाली है।टिप्पणियां सूची में 11वें स्थान पर रही टीसीएस को 80.4 अंक मिला। सूची में शामिल भारतीय कम्पनियां इस प्रकार हैं। उनकी रैंकिंग भी साथ में कोष्ठक में दी गई हैं : विप्रो (2), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11), इंफोसिस (19),  लार्सन एंड टुब्रो (96), टाटा मोटर्स (282), रिलायंस इंडस्ट्रीज (342), भारतीय स्टेट बैंक (344), एचडीएफसी बैंक (346), ओएनजीसी (386), टाटा स्टील (419), आईसीआईसीआई बैंक (476), एनटीपीसी (497) और कोल इंडिया (499)। अमेरिका की समाचार पत्रिका ने चौथे सलाना ग्रीन रैंकिंग में कहा कि दुनियाभर में उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में कम्पनियां पर्यावरण अनुकूल पद्धति अपनाती जा रही हैं, लेकिन अमेरिका की कम्पनियां इसमें पीछे छूट रही हैं। सूची में पहले स्थान पर रही बैंको सैंटांडर ब्राजील। सूची में शीर्ष 10 स्थान पर अमेरिका की सिर्फ एक कम्पनी आईबीएम को शामिल किया गया, जिसे अमेरिकी कम्पनियों की सूची में पहला स्थान मिला है। पत्रिका ने दो सर्वेक्षण कम्पनियों ट्रकॉस्ट और सस्टेनैलिटिक्स के माध्यम से दुनिया की 500 सबसे बड़ी कम्पनियों की पर्यावरण अनुकूलता की पड़ताल की। सूची में दूसरे स्थान पर रही विप्रो को 85.4 अंक मिला। कम्पनी 2015 तक अपने पांच परिसरों को जैव विविधता जोन में बदलने वाली है।टिप्पणियां सूची में 11वें स्थान पर रही टीसीएस को 80.4 अंक मिला। सूची में शामिल भारतीय कम्पनियां इस प्रकार हैं। उनकी रैंकिंग भी साथ में कोष्ठक में दी गई हैं : विप्रो (2), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11), इंफोसिस (19),  लार्सन एंड टुब्रो (96), टाटा मोटर्स (282), रिलायंस इंडस्ट्रीज (342), भारतीय स्टेट बैंक (344), एचडीएफसी बैंक (346), ओएनजीसी (386), टाटा स्टील (419), आईसीआईसीआई बैंक (476), एनटीपीसी (497) और कोल इंडिया (499)। सूची में पहले स्थान पर रही बैंको सैंटांडर ब्राजील। सूची में शीर्ष 10 स्थान पर अमेरिका की सिर्फ एक कम्पनी आईबीएम को शामिल किया गया, जिसे अमेरिकी कम्पनियों की सूची में पहला स्थान मिला है। पत्रिका ने दो सर्वेक्षण कम्पनियों ट्रकॉस्ट और सस्टेनैलिटिक्स के माध्यम से दुनिया की 500 सबसे बड़ी कम्पनियों की पर्यावरण अनुकूलता की पड़ताल की। सूची में दूसरे स्थान पर रही विप्रो को 85.4 अंक मिला। कम्पनी 2015 तक अपने पांच परिसरों को जैव विविधता जोन में बदलने वाली है।टिप्पणियां सूची में 11वें स्थान पर रही टीसीएस को 80.4 अंक मिला। सूची में शामिल भारतीय कम्पनियां इस प्रकार हैं। उनकी रैंकिंग भी साथ में कोष्ठक में दी गई हैं : विप्रो (2), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11), इंफोसिस (19),  लार्सन एंड टुब्रो (96), टाटा मोटर्स (282), रिलायंस इंडस्ट्रीज (342), भारतीय स्टेट बैंक (344), एचडीएफसी बैंक (346), ओएनजीसी (386), टाटा स्टील (419), आईसीआईसीआई बैंक (476), एनटीपीसी (497) और कोल इंडिया (499)। पत्रिका ने दो सर्वेक्षण कम्पनियों ट्रकॉस्ट और सस्टेनैलिटिक्स के माध्यम से दुनिया की 500 सबसे बड़ी कम्पनियों की पर्यावरण अनुकूलता की पड़ताल की। सूची में दूसरे स्थान पर रही विप्रो को 85.4 अंक मिला। कम्पनी 2015 तक अपने पांच परिसरों को जैव विविधता जोन में बदलने वाली है।टिप्पणियां सूची में 11वें स्थान पर रही टीसीएस को 80.4 अंक मिला। सूची में शामिल भारतीय कम्पनियां इस प्रकार हैं। उनकी रैंकिंग भी साथ में कोष्ठक में दी गई हैं : विप्रो (2), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11), इंफोसिस (19),  लार्सन एंड टुब्रो (96), टाटा मोटर्स (282), रिलायंस इंडस्ट्रीज (342), भारतीय स्टेट बैंक (344), एचडीएफसी बैंक (346), ओएनजीसी (386), टाटा स्टील (419), आईसीआईसीआई बैंक (476), एनटीपीसी (497) और कोल इंडिया (499)। सूची में दूसरे स्थान पर रही विप्रो को 85.4 अंक मिला। कम्पनी 2015 तक अपने पांच परिसरों को जैव विविधता जोन में बदलने वाली है।टिप्पणियां सूची में 11वें स्थान पर रही टीसीएस को 80.4 अंक मिला। सूची में शामिल भारतीय कम्पनियां इस प्रकार हैं। उनकी रैंकिंग भी साथ में कोष्ठक में दी गई हैं : विप्रो (2), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11), इंफोसिस (19),  लार्सन एंड टुब्रो (96), टाटा मोटर्स (282), रिलायंस इंडस्ट्रीज (342), भारतीय स्टेट बैंक (344), एचडीएफसी बैंक (346), ओएनजीसी (386), टाटा स्टील (419), आईसीआईसीआई बैंक (476), एनटीपीसी (497) और कोल इंडिया (499)। सूची में 11वें स्थान पर रही टीसीएस को 80.4 अंक मिला। सूची में शामिल भारतीय कम्पनियां इस प्रकार हैं। उनकी रैंकिंग भी साथ में कोष्ठक में दी गई हैं : विप्रो (2), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11), इंफोसिस (19),  लार्सन एंड टुब्रो (96), टाटा मोटर्स (282), रिलायंस इंडस्ट्रीज (342), भारतीय स्टेट बैंक (344), एचडीएफसी बैंक (346), ओएनजीसी (386), टाटा स्टील (419), आईसीआईसीआई बैंक (476), एनटीपीसी (497) और कोल इंडिया (499)। सूची में शामिल भारतीय कम्पनियां इस प्रकार हैं। उनकी रैंकिंग भी साथ में कोष्ठक में दी गई हैं : विप्रो (2), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11), इंफोसिस (19),  लार्सन एंड टुब्रो (96), टाटा मोटर्स (282), रिलायंस इंडस्ट्रीज (342), भारतीय स्टेट बैंक (344), एचडीएफसी बैंक (346), ओएनजीसी (386), टाटा स्टील (419), आईसीआईसीआई बैंक (476), एनटीपीसी (497) और कोल इंडिया (499)।
यह एक सारांश है: दुनिया की सबसे पर्यावरण अनुकूल कम्पनियों की न्यूजवीक की सलाना सूची में 13 भारतीय कम्पनियों को शामिल किया गया है। सूची में देश की दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी कम्पनियां विप्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को क्रमश: दूसरा और 11वां स्थान मिला है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विधायक हरिराम चेरो ने मामले की जांच उच्चस्तरीय एजेंसी से कराने की मांग की थी. इसके बावजूद अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की वरना इतनी बड़ी घटना न हो पाती. हरिराम चेरो ने 14 जनवरी 2019 को ही इससे संबंधित पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा था और आरोप लगाया था कि भूमाफिया आदिवासियों की पैतृक भूमि जबरदस्ती हड़पने के चक्कर में हैं. मंगलवार को उनका यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. विधायक ने इस पत्र के सही होने की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पहले ही आगाह किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. विधायक हरिराम ने आरोप लगाया था कि भूमाफिया के दबाव में पुलिस और पीएसी के जवान आदिवासियों को प्रताड़ित करते हैं और महिलाओं का शारीरिक शोषण करते हैं. विधायक ने कहा, 'यह मेरे विधानसभा का मामला नहीं है, लेकिन मैं आदिवासियों का नेता हूं, इसलिए वहां जन चौपाल  लगाकर आदिवासियों ने अपनी समस्या बताई थी. इस दौरान तहसीलदार भी मौजूद थे.' उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई करते तो ऐसी घटना नहीं घटती. विधायक ने कहा कि जिस जाति के आदिवासियों की हत्या हुई है, उसी समाज से मैं भी आता हूं. ये आदिवासी आजादी के बाद से ग्रामसभा की जमीन को जोत-बो रहे थे. विधायक ने पत्र में अनुरोध किया था कि आदिवासियों पर हो रहे अन्याय पर संज्ञान लेते हुए इस प्रकरण की किसी बड़ी एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए. बता दें कि सोनभद्र के उम्भा गांव में 17 जुलाई को जमीन के विवाद में 10 लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिस दौरान कई लोग घायल भी हो गए थे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सोनभद्र नरसंहार मामले में आया नया मोड़ विधायक ने मुख्यमंत्री को पहले ही लिखा था पत्र अपना दल के विधायक हरिराम चेरो का दावा
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने आलोचना का सामना कर रही भारतीय क्रिकेट टीम पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि टीम अब भी दुनिया की किसी भी शीर्ष टीम को परास्त कर सकती है और ऑस्ट्रेलिया में उसे चीजें बदलने के लिये सिर्फ थोड़े भाग्य की जरूरत है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘अब भी यह टीम किसी भी टीम को हराने के लिये काफी अच्छी है। यह हमारी सर्वश्रेष्ठ टीम है।’ बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि टीम के पास सिडनी टेस्ट में जीत दर्ज करने का मौका था लेकिन मेजबान टीम इसमें जीत दर्ज करने में सफल रही। श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के ‘वाक द टाक’ शो में कहा, ‘हमें निश्चित रूप से लगा था कि वे ऑस्ट्रेलिया में अच्छा करेंगे और अगर आप पहले टेस्ट को छोड़ दें तो मुझे लगता है कि हमारे पास ऐसे कई मौके थे जिसमें हम उन पर हावी थे लेकिन कुछ कारणों से ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत दर्ज करने में कामयाब रही।’ उन्होंने यह भी कहा कि टीम इतनी कड़ी आलोचनाओं की हकदार नहीं है जो चारों तरफ से हो रही हैं।टिप्पणियां श्रीनिवासन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि उनकी ऐसी आलोचना नहीं की जा सकती । थोड़े से भाग्य से परिणाम अलग हो सकता था । हम हर मैच नहीं जीत सके, सभी श्रृंखलायें नहीं जीत सकते।’ उन्होंने हालांकि कहा कि वह टीम का बचाव नहीं कर रहे जिसे अभी तक आस्ट्रेलिया में तीनों टेस्ट में करारी शिकस्त मिली है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘मैं भारतीय टीम के प्रदर्शन का बचाव नहीं कर रहा।’ भारत के पास अब अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिये एक टेस्ट, दो ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय और एक त्रिकोणीय श्रृंखला बची है जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘अब भी यह टीम किसी भी टीम को हराने के लिये काफी अच्छी है। यह हमारी सर्वश्रेष्ठ टीम है।’ बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि टीम के पास सिडनी टेस्ट में जीत दर्ज करने का मौका था लेकिन मेजबान टीम इसमें जीत दर्ज करने में सफल रही। श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के ‘वाक द टाक’ शो में कहा, ‘हमें निश्चित रूप से लगा था कि वे ऑस्ट्रेलिया में अच्छा करेंगे और अगर आप पहले टेस्ट को छोड़ दें तो मुझे लगता है कि हमारे पास ऐसे कई मौके थे जिसमें हम उन पर हावी थे लेकिन कुछ कारणों से ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत दर्ज करने में कामयाब रही।’ उन्होंने यह भी कहा कि टीम इतनी कड़ी आलोचनाओं की हकदार नहीं है जो चारों तरफ से हो रही हैं।टिप्पणियां श्रीनिवासन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि उनकी ऐसी आलोचना नहीं की जा सकती । थोड़े से भाग्य से परिणाम अलग हो सकता था । हम हर मैच नहीं जीत सके, सभी श्रृंखलायें नहीं जीत सकते।’ उन्होंने हालांकि कहा कि वह टीम का बचाव नहीं कर रहे जिसे अभी तक आस्ट्रेलिया में तीनों टेस्ट में करारी शिकस्त मिली है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘मैं भारतीय टीम के प्रदर्शन का बचाव नहीं कर रहा।’ भारत के पास अब अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिये एक टेस्ट, दो ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय और एक त्रिकोणीय श्रृंखला बची है जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है। श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के ‘वाक द टाक’ शो में कहा, ‘हमें निश्चित रूप से लगा था कि वे ऑस्ट्रेलिया में अच्छा करेंगे और अगर आप पहले टेस्ट को छोड़ दें तो मुझे लगता है कि हमारे पास ऐसे कई मौके थे जिसमें हम उन पर हावी थे लेकिन कुछ कारणों से ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत दर्ज करने में कामयाब रही।’ उन्होंने यह भी कहा कि टीम इतनी कड़ी आलोचनाओं की हकदार नहीं है जो चारों तरफ से हो रही हैं।टिप्पणियां श्रीनिवासन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि उनकी ऐसी आलोचना नहीं की जा सकती । थोड़े से भाग्य से परिणाम अलग हो सकता था । हम हर मैच नहीं जीत सके, सभी श्रृंखलायें नहीं जीत सकते।’ उन्होंने हालांकि कहा कि वह टीम का बचाव नहीं कर रहे जिसे अभी तक आस्ट्रेलिया में तीनों टेस्ट में करारी शिकस्त मिली है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘मैं भारतीय टीम के प्रदर्शन का बचाव नहीं कर रहा।’ भारत के पास अब अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिये एक टेस्ट, दो ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय और एक त्रिकोणीय श्रृंखला बची है जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि उनकी ऐसी आलोचना नहीं की जा सकती । थोड़े से भाग्य से परिणाम अलग हो सकता था । हम हर मैच नहीं जीत सके, सभी श्रृंखलायें नहीं जीत सकते।’ उन्होंने हालांकि कहा कि वह टीम का बचाव नहीं कर रहे जिसे अभी तक आस्ट्रेलिया में तीनों टेस्ट में करारी शिकस्त मिली है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘मैं भारतीय टीम के प्रदर्शन का बचाव नहीं कर रहा।’ भारत के पास अब अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिये एक टेस्ट, दो ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय और एक त्रिकोणीय श्रृंखला बची है जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘मैं भारतीय टीम के प्रदर्शन का बचाव नहीं कर रहा।’ भारत के पास अब अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिये एक टेस्ट, दो ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय और एक त्रिकोणीय श्रृंखला बची है जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है।
संक्षिप्त पाठ: श्रीनिवासन ने आलोचना का सामना कर रही भारतीय क्रिकेट टीम पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि टीम अब भी दुनिया की किसी भी शीर्ष टीम को परास्त कर सकती है।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी दूसरी पत्नी और दो पुत्रियों की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतकों में गौराडिह थाना अंतर्गत रामनगर गांव वासी जलधर दास की दूसरी पत्नी माला देवी (35), पुत्री शीलम कुमारी (9) और करिश्मा कुमारी (2) शामिल हैं।टिप्पणियां जलधर अपनी पत्नी व बेटियों को लेकर बुधवार को भागलपुर कोर्ट जाने के लिए अपने घर से निकला था और रास्ते में जगदीशपुर थाना अंतर्गत कोला-नारायणपुर के बहियार के समीप उनकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को शनिवार शाम बरामद कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेज दिया। इन शवों के तीन दिनों तक बहियार में पड़े रहने के कारण जानवरों ने उन्हें क्षत-विक्षत कर दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद पूर्णिया जिला फरार हो गए जलधर को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे भागलपुर पुलिस के हवाले कर दिया है। जलधर ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध कबूल कर लिया है। जलधर अपनी पत्नी व बेटियों को लेकर बुधवार को भागलपुर कोर्ट जाने के लिए अपने घर से निकला था और रास्ते में जगदीशपुर थाना अंतर्गत कोला-नारायणपुर के बहियार के समीप उनकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को शनिवार शाम बरामद कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेज दिया। इन शवों के तीन दिनों तक बहियार में पड़े रहने के कारण जानवरों ने उन्हें क्षत-विक्षत कर दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद पूर्णिया जिला फरार हो गए जलधर को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे भागलपुर पुलिस के हवाले कर दिया है। जलधर ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध कबूल कर लिया है। इन शवों के तीन दिनों तक बहियार में पड़े रहने के कारण जानवरों ने उन्हें क्षत-विक्षत कर दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद पूर्णिया जिला फरार हो गए जलधर को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे भागलपुर पुलिस के हवाले कर दिया है। जलधर ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध कबूल कर लिया है।
बिहार के भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी दूसरी पत्नी और दो पुत्रियों की गला रेतकर हत्या कर दी।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान में फांसी की सजा पाने वाले भारतीय कुलभूषण जाधव तक पहुंचने की भारतीय कोशिश लगातार 14वीं बार नाकाम होती दिख रही है, क्योंकि पाकिस्तान सेना ने कुलभूषण जाधव का काउंसलर एक्सेस देने से इनकार कर दिया है. पाक सेना के प्रक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने इस पर कहा है कि जाधव के मसले पर कोई समझौता नहीं हो सकता. कुलभूषण पाक विरोधी गतिविधियों में शामिल था, इसलिए हम जाधव तक राजनयिक पहुंच नहीं दे सकते. इधर दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने अभी तक ऐसी किसी भी आधिकारिक जानकारी मिलने से इनकार किया है. पाक सरकार ने भारत को इस पर जानकारी नहीं दी है, लेकिन पाक सेना के जवाब से साफ है कि सरकार का रुख इससे अलग नहीं होगा. पाक सेना ने भारत के इस दावे को खारिज किया कि जाधव की कानूनी ज़रूरतों को पूरा नहीं किया गया. भारत ने कड़े शब्दों में साफ किया है कि अगर फांसी की सज़ा दी जा ती है तो ये पाकिस्तान द्वारा पूर्व नियोजित हत्या होगी. भारत पाक संबंधों को इससे गहरा नुकसान पहुंचेगा. इस पर कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि आपने उसे फांसी की सजा दी है. इसमें भी लोग अपने रिश्तेदारों से मिलते हैं. ऐसी गुंडागर्दी नहीं चलनी चाहिए. जादव को न्याय दिलाना चाहिए. टिप्पणियां इस पर बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा कि क्या पाकिस्तान वियना कंवेंशन का सेक्रेट्री नहीं है? क्या कोई मानवाधिकार नहीं है. कुलभूषण जाधव का काउंसेलर एक्सेस किस आधार पर मना किया जा रहा है. क्या कहीं पाकिस्तान घबरा तो नहीं रहा है. कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जाधव को काउंसलर एक्सेस और अपील करने की इजाजत न दिया जाने के पीछे सच यह है कि यह पाकिस्तान सेना और सरकार मिलकर हत्या की कोशिश में हैं. इस पर कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि आपने उसे फांसी की सजा दी है. इसमें भी लोग अपने रिश्तेदारों से मिलते हैं. ऐसी गुंडागर्दी नहीं चलनी चाहिए. जादव को न्याय दिलाना चाहिए. टिप्पणियां इस पर बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा कि क्या पाकिस्तान वियना कंवेंशन का सेक्रेट्री नहीं है? क्या कोई मानवाधिकार नहीं है. कुलभूषण जाधव का काउंसेलर एक्सेस किस आधार पर मना किया जा रहा है. क्या कहीं पाकिस्तान घबरा तो नहीं रहा है. कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जाधव को काउंसलर एक्सेस और अपील करने की इजाजत न दिया जाने के पीछे सच यह है कि यह पाकिस्तान सेना और सरकार मिलकर हत्या की कोशिश में हैं. इस पर बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा कि क्या पाकिस्तान वियना कंवेंशन का सेक्रेट्री नहीं है? क्या कोई मानवाधिकार नहीं है. कुलभूषण जाधव का काउंसेलर एक्सेस किस आधार पर मना किया जा रहा है. क्या कहीं पाकिस्तान घबरा तो नहीं रहा है. कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जाधव को काउंसलर एक्सेस और अपील करने की इजाजत न दिया जाने के पीछे सच यह है कि यह पाकिस्तान सेना और सरकार मिलकर हत्या की कोशिश में हैं. कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जाधव को काउंसलर एक्सेस और अपील करने की इजाजत न दिया जाने के पीछे सच यह है कि यह पाकिस्तान सेना और सरकार मिलकर हत्या की कोशिश में हैं.
संक्षिप्त पाठ: ऐसी गुंडागर्दी नहीं चलनी चाहिए : संदीप दीक्षित क्या कहीं पाकिस्तान घबरा तो नहीं रहा : नलिन कोहली पाक सेना और सरकार मिलकर हत्या की कोशिश में हैं.
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व कप्तान सौरव गांगुली नहीं मानते कि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा शृंखला के पहले तीन मैचों के लिए भारतीय टीम से बाहर होने के कारण वीरेंद्र सहवाग का वन-डे करियर खत्म हो गया है। गांगुली ने कहा कि इस सलामी बल्लेबाज में अभी काफी क्रिकेट बचा है। यह पूछने पर कि सहवाग का वन-डे करियर उनके भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद खत्म हो गया है तो गांगुली ने कहा, ‘आप ऐसी चीजें नहीं कह सकते। मुझे लगता है कि उसमें काफी योग्यता है। सहवाग को छोड़ दो, जिन्होंने वन-डे में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, बल्कि आप किसी के भी बारे में ऐसी चीजें नहीं कह सकते। हमें इंतजार करना होगा।’’टिप्पणियां यह पूछने पर कि क्या महेंद्र सिंह धोनी को टेस्ट कप्तान बनाए रखना चाहिए तो गांगुली ने कहा कि इस पर फैसला करना चयनकर्ताओं का काम है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से कहा, ‘‘चयनकर्ताओं को इसके बारे में फैसला करना चाहिए।’’ उनके जब पूछा गया कि क्या भारत के मौजूदा युवा तेज गेंदबाज 2015 तक परिपक्व और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे तो गांगुली ने कहा, ‘‘यह युवा टीम है, एक समय सीमा बताना काफी मुश्किल है। हमें इंतजार कर देखना होगा कि वे कितना समय लेते हैं।’’ गांगुली ने कहा कि इस सलामी बल्लेबाज में अभी काफी क्रिकेट बचा है। यह पूछने पर कि सहवाग का वन-डे करियर उनके भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद खत्म हो गया है तो गांगुली ने कहा, ‘आप ऐसी चीजें नहीं कह सकते। मुझे लगता है कि उसमें काफी योग्यता है। सहवाग को छोड़ दो, जिन्होंने वन-डे में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, बल्कि आप किसी के भी बारे में ऐसी चीजें नहीं कह सकते। हमें इंतजार करना होगा।’’टिप्पणियां यह पूछने पर कि क्या महेंद्र सिंह धोनी को टेस्ट कप्तान बनाए रखना चाहिए तो गांगुली ने कहा कि इस पर फैसला करना चयनकर्ताओं का काम है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से कहा, ‘‘चयनकर्ताओं को इसके बारे में फैसला करना चाहिए।’’ उनके जब पूछा गया कि क्या भारत के मौजूदा युवा तेज गेंदबाज 2015 तक परिपक्व और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे तो गांगुली ने कहा, ‘‘यह युवा टीम है, एक समय सीमा बताना काफी मुश्किल है। हमें इंतजार कर देखना होगा कि वे कितना समय लेते हैं।’’ यह पूछने पर कि सहवाग का वन-डे करियर उनके भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद खत्म हो गया है तो गांगुली ने कहा, ‘आप ऐसी चीजें नहीं कह सकते। मुझे लगता है कि उसमें काफी योग्यता है। सहवाग को छोड़ दो, जिन्होंने वन-डे में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, बल्कि आप किसी के भी बारे में ऐसी चीजें नहीं कह सकते। हमें इंतजार करना होगा।’’टिप्पणियां यह पूछने पर कि क्या महेंद्र सिंह धोनी को टेस्ट कप्तान बनाए रखना चाहिए तो गांगुली ने कहा कि इस पर फैसला करना चयनकर्ताओं का काम है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से कहा, ‘‘चयनकर्ताओं को इसके बारे में फैसला करना चाहिए।’’ उनके जब पूछा गया कि क्या भारत के मौजूदा युवा तेज गेंदबाज 2015 तक परिपक्व और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे तो गांगुली ने कहा, ‘‘यह युवा टीम है, एक समय सीमा बताना काफी मुश्किल है। हमें इंतजार कर देखना होगा कि वे कितना समय लेते हैं।’’ यह पूछने पर कि क्या महेंद्र सिंह धोनी को टेस्ट कप्तान बनाए रखना चाहिए तो गांगुली ने कहा कि इस पर फैसला करना चयनकर्ताओं का काम है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से कहा, ‘‘चयनकर्ताओं को इसके बारे में फैसला करना चाहिए।’’ उनके जब पूछा गया कि क्या भारत के मौजूदा युवा तेज गेंदबाज 2015 तक परिपक्व और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे तो गांगुली ने कहा, ‘‘यह युवा टीम है, एक समय सीमा बताना काफी मुश्किल है। हमें इंतजार कर देखना होगा कि वे कितना समय लेते हैं।’’ उन्होंने एक न्यूज चैनल से कहा, ‘‘चयनकर्ताओं को इसके बारे में फैसला करना चाहिए।’’ उनके जब पूछा गया कि क्या भारत के मौजूदा युवा तेज गेंदबाज 2015 तक परिपक्व और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे तो गांगुली ने कहा, ‘‘यह युवा टीम है, एक समय सीमा बताना काफी मुश्किल है। हमें इंतजार कर देखना होगा कि वे कितना समय लेते हैं।’’
संक्षिप्त सारांश: पूर्व कप्तान सौरव गांगुली नहीं मानते कि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा शृंखला के पहले तीन मैचों के लिए भारतीय टीम से बाहर होने के कारण वीरेंद्र सहवाग का वन-डे करियर खत्म हो गया है।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतवंशी सिख मानवाधिकार वकील पलबिंदर कौर शेरगिल को न्यू वेस्टमिंस्टर स्थित सुप्रीम कोर्ट ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. समाचार पोर्टल 'वॉइस ऑनलाइन' की रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएसओ) ने कहा कि शेरगिल पहली पगड़ीधारी सिख हैं, जिन्हें कनाडा में न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. कनाडा के न्याय मंत्री तथा महान्यायवादी जोडी विल्सन-रेबुल्ड ने बीते साल 20 अक्टूबर को घोषित नए न्यायिक आवेदन प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को पलविंदर की नियुक्ति की घोषणा की. फैसले का स्वागत करते हुए डब्ल्यूएसओ के अध्यक्ष मुखबीर सिंह ने कहा, 'न्यायाधीश शेरगिल की नियुक्ति कनाडा में सिख समुदाय के लिए एक और उपलब्धि है. यह बेहद गौरवान्वित करने वाला पल है कि आज कनाडा में पहले पगड़ीधारी सिख की नियुक्ति की गई है.'टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी, क्योंकि न्यायाधीश शेरगिल ने न्यायाधीश ईए एर्नाल्ड-बेली की जगह ली है, जो 31 मई को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं. नियुक्ति से पहले शेरगिल अपनी कानून कंपनी शेरगिल एंड कंपनी, ट्रायल लायर्स के साथ वकील तथा मध्यस्थ के रूप में काम करती थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कनाडा के न्याय मंत्री तथा महान्यायवादी जोडी विल्सन-रेबुल्ड ने बीते साल 20 अक्टूबर को घोषित नए न्यायिक आवेदन प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को पलविंदर की नियुक्ति की घोषणा की. फैसले का स्वागत करते हुए डब्ल्यूएसओ के अध्यक्ष मुखबीर सिंह ने कहा, 'न्यायाधीश शेरगिल की नियुक्ति कनाडा में सिख समुदाय के लिए एक और उपलब्धि है. यह बेहद गौरवान्वित करने वाला पल है कि आज कनाडा में पहले पगड़ीधारी सिख की नियुक्ति की गई है.'टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी, क्योंकि न्यायाधीश शेरगिल ने न्यायाधीश ईए एर्नाल्ड-बेली की जगह ली है, जो 31 मई को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं. नियुक्ति से पहले शेरगिल अपनी कानून कंपनी शेरगिल एंड कंपनी, ट्रायल लायर्स के साथ वकील तथा मध्यस्थ के रूप में काम करती थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फैसले का स्वागत करते हुए डब्ल्यूएसओ के अध्यक्ष मुखबीर सिंह ने कहा, 'न्यायाधीश शेरगिल की नियुक्ति कनाडा में सिख समुदाय के लिए एक और उपलब्धि है. यह बेहद गौरवान्वित करने वाला पल है कि आज कनाडा में पहले पगड़ीधारी सिख की नियुक्ति की गई है.'टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी, क्योंकि न्यायाधीश शेरगिल ने न्यायाधीश ईए एर्नाल्ड-बेली की जगह ली है, जो 31 मई को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं. नियुक्ति से पहले शेरगिल अपनी कानून कंपनी शेरगिल एंड कंपनी, ट्रायल लायर्स के साथ वकील तथा मध्यस्थ के रूप में काम करती थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रिपोर्ट के मुताबिक, नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी, क्योंकि न्यायाधीश शेरगिल ने न्यायाधीश ईए एर्नाल्ड-बेली की जगह ली है, जो 31 मई को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं. नियुक्ति से पहले शेरगिल अपनी कानून कंपनी शेरगिल एंड कंपनी, ट्रायल लायर्स के साथ वकील तथा मध्यस्थ के रूप में काम करती थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शुक्रवार को पलबिंदर की नियुक्ति की घोषणा की गई कनाडा के वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन ने उनकी नियुक्ति पर खुशी जाहिर की नियुक्ति से पहले शेरगिल वकील तथा मध्यस्थ के रूप में काम कर रही थीं
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले कुछ महीनों से कथित निराशावाद के माहौल को लेकर चिंतित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दीवाली के अवसर पर यह उम्मीद जताई है कि देशवासियों के लिए ‘आशावाद का नया दौर’ शुरू होगा। दीवाली के बधाई संदेश में मनमोहन ने लोगों के लिए शांति एवं समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल प्रकाशपर्व हर देशवासियों के लिए आशावाद के नए दौर का प्रतीक होगा। मनमोहन सरकार भ्रष्टाचार के कई आरोपों से जूझ रही तथा खुदरा क्षेत्र में एफडीआई जैसे आर्थिक फैसलों पर उसे आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री लगातार कह रहे है कि नकारात्मक और निराशावाद के निरर्थक माहौल से देश को नुकसान पहुंचेगा खासकर निवेश संभावनाएं प्रभावित होंगी। शनिवार को उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने निराशा का माहौल दूर किया है। टिप्पणियां इससे पहले, टेलीविजन पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से विभिन्न आर्थिक फैसलों पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार में नहीं आने का आह्वान किया था। देश को 1991 जैसे आर्थिक संकट में फंसने के खिलाफ आगाह करते हुए उन्होंने कहा था देश को उच्च और समग्र वृद्धि के मार्ग पर लाने के लिए कठिन फैसले करने का वक्त आ गया है। दीवाली के बधाई संदेश में मनमोहन ने लोगों के लिए शांति एवं समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल प्रकाशपर्व हर देशवासियों के लिए आशावाद के नए दौर का प्रतीक होगा। मनमोहन सरकार भ्रष्टाचार के कई आरोपों से जूझ रही तथा खुदरा क्षेत्र में एफडीआई जैसे आर्थिक फैसलों पर उसे आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री लगातार कह रहे है कि नकारात्मक और निराशावाद के निरर्थक माहौल से देश को नुकसान पहुंचेगा खासकर निवेश संभावनाएं प्रभावित होंगी। शनिवार को उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने निराशा का माहौल दूर किया है। टिप्पणियां इससे पहले, टेलीविजन पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से विभिन्न आर्थिक फैसलों पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार में नहीं आने का आह्वान किया था। देश को 1991 जैसे आर्थिक संकट में फंसने के खिलाफ आगाह करते हुए उन्होंने कहा था देश को उच्च और समग्र वृद्धि के मार्ग पर लाने के लिए कठिन फैसले करने का वक्त आ गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल प्रकाशपर्व हर देशवासियों के लिए आशावाद के नए दौर का प्रतीक होगा। मनमोहन सरकार भ्रष्टाचार के कई आरोपों से जूझ रही तथा खुदरा क्षेत्र में एफडीआई जैसे आर्थिक फैसलों पर उसे आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री लगातार कह रहे है कि नकारात्मक और निराशावाद के निरर्थक माहौल से देश को नुकसान पहुंचेगा खासकर निवेश संभावनाएं प्रभावित होंगी। शनिवार को उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने निराशा का माहौल दूर किया है। टिप्पणियां इससे पहले, टेलीविजन पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से विभिन्न आर्थिक फैसलों पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार में नहीं आने का आह्वान किया था। देश को 1991 जैसे आर्थिक संकट में फंसने के खिलाफ आगाह करते हुए उन्होंने कहा था देश को उच्च और समग्र वृद्धि के मार्ग पर लाने के लिए कठिन फैसले करने का वक्त आ गया है। मनमोहन सरकार भ्रष्टाचार के कई आरोपों से जूझ रही तथा खुदरा क्षेत्र में एफडीआई जैसे आर्थिक फैसलों पर उसे आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री लगातार कह रहे है कि नकारात्मक और निराशावाद के निरर्थक माहौल से देश को नुकसान पहुंचेगा खासकर निवेश संभावनाएं प्रभावित होंगी। शनिवार को उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने निराशा का माहौल दूर किया है। टिप्पणियां इससे पहले, टेलीविजन पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से विभिन्न आर्थिक फैसलों पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार में नहीं आने का आह्वान किया था। देश को 1991 जैसे आर्थिक संकट में फंसने के खिलाफ आगाह करते हुए उन्होंने कहा था देश को उच्च और समग्र वृद्धि के मार्ग पर लाने के लिए कठिन फैसले करने का वक्त आ गया है। शनिवार को उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने निराशा का माहौल दूर किया है। टिप्पणियां इससे पहले, टेलीविजन पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से विभिन्न आर्थिक फैसलों पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार में नहीं आने का आह्वान किया था। देश को 1991 जैसे आर्थिक संकट में फंसने के खिलाफ आगाह करते हुए उन्होंने कहा था देश को उच्च और समग्र वृद्धि के मार्ग पर लाने के लिए कठिन फैसले करने का वक्त आ गया है। इससे पहले, टेलीविजन पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से विभिन्न आर्थिक फैसलों पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार में नहीं आने का आह्वान किया था। देश को 1991 जैसे आर्थिक संकट में फंसने के खिलाफ आगाह करते हुए उन्होंने कहा था देश को उच्च और समग्र वृद्धि के मार्ग पर लाने के लिए कठिन फैसले करने का वक्त आ गया है। देश को 1991 जैसे आर्थिक संकट में फंसने के खिलाफ आगाह करते हुए उन्होंने कहा था देश को उच्च और समग्र वृद्धि के मार्ग पर लाने के लिए कठिन फैसले करने का वक्त आ गया है।
यहाँ एक सारांश है:पिछले कुछ महीनों से कथित निराशावाद के माहौल को लेकर चिंतित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दीवाली के अवसर पर यह उम्मीद जताई है कि देशवासियों के लिए ‘आशावाद का नया दौर’ शुरू होगा।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: ओलिंपिक कांस्य पदकधारी बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने जापान की मिनात्सु मितानी को सीधे गेम में हराकर डेनमार्क ओपन सुपर सीरीज के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जबकि सौरभ वर्मा ने पुरुष एकल स्पर्धा से बाहर होने से पहले दुनिया के आठवें नंबर के खिलाड़ी को शिकस्त देकर उलटफेर किया। दो महीने के ब्रेक के बाद कोर्ट पर वापसी कर रही साइना ने दुनिया की 28वें नंबर की जापान की खिलाड़ी को महिला एकल के दूसरे दौर में 20 मिनट में 21-15, 21-14 से हराया। भारत की यह 22 वर्षीय खिलाड़ी अगले दौर में क्वालीफायर लोक यान पून और पांचवीं वरीय टाइन बाउन के बीच होने वाले एक अन्य प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले की विजेता से भिड़ेंगी। साइना ने धीमी शुरुआत की, लेकिन लय में आने के बाद विरोधी खिलाड़ी का कोई मौका नहीं दिया। वह पहले गेम में शुरुआत में पिछड़ रही थी, लेकिन इसे जीतने में सफल रही। टिप्पणियां दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने 4-0 की बढ़त बनाई और फिर इसे 11-4 तक पहुंचाया। मितानी ने वापसी करते हुए स्कोर 10- 11 किया, लेकिन साइना ने धैर्य बरकरार रखते हुए बाजी मार ली। साइना ने 27 स्मैश विनर लगाए जबकि उनकी विरोधी 19 स्मैश विनर ही लगा पाई। भारतीय खिलाड़ी की मितानी के खिलाफ यह तीसरी जीत है। दो महीने के ब्रेक के बाद कोर्ट पर वापसी कर रही साइना ने दुनिया की 28वें नंबर की जापान की खिलाड़ी को महिला एकल के दूसरे दौर में 20 मिनट में 21-15, 21-14 से हराया। भारत की यह 22 वर्षीय खिलाड़ी अगले दौर में क्वालीफायर लोक यान पून और पांचवीं वरीय टाइन बाउन के बीच होने वाले एक अन्य प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले की विजेता से भिड़ेंगी। साइना ने धीमी शुरुआत की, लेकिन लय में आने के बाद विरोधी खिलाड़ी का कोई मौका नहीं दिया। वह पहले गेम में शुरुआत में पिछड़ रही थी, लेकिन इसे जीतने में सफल रही। टिप्पणियां दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने 4-0 की बढ़त बनाई और फिर इसे 11-4 तक पहुंचाया। मितानी ने वापसी करते हुए स्कोर 10- 11 किया, लेकिन साइना ने धैर्य बरकरार रखते हुए बाजी मार ली। साइना ने 27 स्मैश विनर लगाए जबकि उनकी विरोधी 19 स्मैश विनर ही लगा पाई। भारतीय खिलाड़ी की मितानी के खिलाफ यह तीसरी जीत है। भारत की यह 22 वर्षीय खिलाड़ी अगले दौर में क्वालीफायर लोक यान पून और पांचवीं वरीय टाइन बाउन के बीच होने वाले एक अन्य प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले की विजेता से भिड़ेंगी। साइना ने धीमी शुरुआत की, लेकिन लय में आने के बाद विरोधी खिलाड़ी का कोई मौका नहीं दिया। वह पहले गेम में शुरुआत में पिछड़ रही थी, लेकिन इसे जीतने में सफल रही। टिप्पणियां दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने 4-0 की बढ़त बनाई और फिर इसे 11-4 तक पहुंचाया। मितानी ने वापसी करते हुए स्कोर 10- 11 किया, लेकिन साइना ने धैर्य बरकरार रखते हुए बाजी मार ली। साइना ने 27 स्मैश विनर लगाए जबकि उनकी विरोधी 19 स्मैश विनर ही लगा पाई। भारतीय खिलाड़ी की मितानी के खिलाफ यह तीसरी जीत है। साइना ने धीमी शुरुआत की, लेकिन लय में आने के बाद विरोधी खिलाड़ी का कोई मौका नहीं दिया। वह पहले गेम में शुरुआत में पिछड़ रही थी, लेकिन इसे जीतने में सफल रही। टिप्पणियां दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने 4-0 की बढ़त बनाई और फिर इसे 11-4 तक पहुंचाया। मितानी ने वापसी करते हुए स्कोर 10- 11 किया, लेकिन साइना ने धैर्य बरकरार रखते हुए बाजी मार ली। साइना ने 27 स्मैश विनर लगाए जबकि उनकी विरोधी 19 स्मैश विनर ही लगा पाई। भारतीय खिलाड़ी की मितानी के खिलाफ यह तीसरी जीत है। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने 4-0 की बढ़त बनाई और फिर इसे 11-4 तक पहुंचाया। मितानी ने वापसी करते हुए स्कोर 10- 11 किया, लेकिन साइना ने धैर्य बरकरार रखते हुए बाजी मार ली। साइना ने 27 स्मैश विनर लगाए जबकि उनकी विरोधी 19 स्मैश विनर ही लगा पाई। भारतीय खिलाड़ी की मितानी के खिलाफ यह तीसरी जीत है। साइना ने 27 स्मैश विनर लगाए जबकि उनकी विरोधी 19 स्मैश विनर ही लगा पाई। भारतीय खिलाड़ी की मितानी के खिलाफ यह तीसरी जीत है।
यहाँ एक सारांश है:साइना ने जापान की मिनात्सु मितानी को सीधे गेम में हराकर डेनमार्क ओपन सुपर सीरीज के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जबकि सौरभ वर्मा ने पुरुष एकल स्पर्धा से बाहर होने से पहले दुनिया के आठवें नंबर के खिलाड़ी को शिकस्त देकर उलटफेर किया।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उधर, सुरेन्द्रनगर में सैकड़ों दलितों ने एक मृत गाय के साथ जिला कलक्टर के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। उन्होंने उना कांड के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कलक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। गुजरात के दूसरे हिस्सों में भी उना कांड के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित किए गए। वहीं, मुख्यमंत्री ने एक ट्विटर संदेश में आश्वासन दिया कि उनकी सरकार दलितों की रक्षा के प्रति वचनबद्ध है। आनंदीबेन ने ट्विटर संदेश में कहा, ''हम पीड़ितों को हर सहायता देना जारी रखेंगे। गुजरात सरकार समाज के कमजोर तबकों की सुरक्षा और विकास के प्रति वचनबद्ध है।'' मुख्यमंत्री ने बताया कि एक मंत्री और एक संसदीय सचिव ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही एक पुलिस निरीक्षक और तीन कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है।टिप्पणियां इस बीच, उना कांड के दलित पीड़ितों से मुलाकात कर चुके राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य राजू परमार ने इस मामले को निबटाने के पुलिस के तौर-तरीके पर नाराजगी जताई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वहीं, मुख्यमंत्री ने एक ट्विटर संदेश में आश्वासन दिया कि उनकी सरकार दलितों की रक्षा के प्रति वचनबद्ध है। आनंदीबेन ने ट्विटर संदेश में कहा, ''हम पीड़ितों को हर सहायता देना जारी रखेंगे। गुजरात सरकार समाज के कमजोर तबकों की सुरक्षा और विकास के प्रति वचनबद्ध है।'' मुख्यमंत्री ने बताया कि एक मंत्री और एक संसदीय सचिव ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही एक पुलिस निरीक्षक और तीन कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है।टिप्पणियां इस बीच, उना कांड के दलित पीड़ितों से मुलाकात कर चुके राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य राजू परमार ने इस मामले को निबटाने के पुलिस के तौर-तरीके पर नाराजगी जताई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री ने बताया कि एक मंत्री और एक संसदीय सचिव ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही एक पुलिस निरीक्षक और तीन कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है।टिप्पणियां इस बीच, उना कांड के दलित पीड़ितों से मुलाकात कर चुके राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य राजू परमार ने इस मामले को निबटाने के पुलिस के तौर-तरीके पर नाराजगी जताई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच, उना कांड के दलित पीड़ितों से मुलाकात कर चुके राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य राजू परमार ने इस मामले को निबटाने के पुलिस के तौर-तरीके पर नाराजगी जताई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: मामले के त्‍वरित निपटारे के लिए विशेष अदालत का गठन किया गया पीड़ितों को मुआवजे के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा इस मामले में गाय की हत्या के आरोप में दलित युवकों की पिटाई हुई थी
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस साल करीब 16 प्रतिशत की बढ़त हासिल करने के बाद सोने की कीमतों के निकट भविष्य में 32,000 का स्तर पार कर पाने की संभावना नहीं दिखती। बाजार विशेषज्ञों ने कहा है कि साल के अंत में मुनाफावसूली और अमेरिका में राजकोषीय स्थिति मजबूत करने को लेकर जारी वार्ता के बीच निवेशकों द्वारा सतर्कता बरतने से सोने में तेज उछाल आने की संभावना नहीं है।टिप्पणियां कोटक कमोडिटी सर्विसेज की विश्लेषक माधवी मेहता ने बताया, पिछले दो सप्ताह के दौरान सोने में कुछ गिरावट देखी गई। मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए सोने का भाव 30,500 से 31,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहने की संभावना है। शुक्रवार को मुंबई सर्राफा बाजार में शुद्ध सोने (99.9 शुद्धता) का भाव 60 रुपये मजबूत होकर 31,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए कामट्रेंड्ज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा कि यह साल खत्म होने को है, इसलिए मुनाफावसूली के चलते भाव में कुछ तकनीकी कमजोरी रहेगी। उन्होंने कहा कि साल के दौरान सोने की कीमतें 15.16 प्रतिशत तक मजबूत हो चुकी हैं, इसलिए कीमतें अब टूट रही हैं। बाजार विशेषज्ञों ने कहा है कि साल के अंत में मुनाफावसूली और अमेरिका में राजकोषीय स्थिति मजबूत करने को लेकर जारी वार्ता के बीच निवेशकों द्वारा सतर्कता बरतने से सोने में तेज उछाल आने की संभावना नहीं है।टिप्पणियां कोटक कमोडिटी सर्विसेज की विश्लेषक माधवी मेहता ने बताया, पिछले दो सप्ताह के दौरान सोने में कुछ गिरावट देखी गई। मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए सोने का भाव 30,500 से 31,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहने की संभावना है। शुक्रवार को मुंबई सर्राफा बाजार में शुद्ध सोने (99.9 शुद्धता) का भाव 60 रुपये मजबूत होकर 31,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए कामट्रेंड्ज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा कि यह साल खत्म होने को है, इसलिए मुनाफावसूली के चलते भाव में कुछ तकनीकी कमजोरी रहेगी। उन्होंने कहा कि साल के दौरान सोने की कीमतें 15.16 प्रतिशत तक मजबूत हो चुकी हैं, इसलिए कीमतें अब टूट रही हैं। कोटक कमोडिटी सर्विसेज की विश्लेषक माधवी मेहता ने बताया, पिछले दो सप्ताह के दौरान सोने में कुछ गिरावट देखी गई। मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए सोने का भाव 30,500 से 31,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहने की संभावना है। शुक्रवार को मुंबई सर्राफा बाजार में शुद्ध सोने (99.9 शुद्धता) का भाव 60 रुपये मजबूत होकर 31,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए कामट्रेंड्ज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा कि यह साल खत्म होने को है, इसलिए मुनाफावसूली के चलते भाव में कुछ तकनीकी कमजोरी रहेगी। उन्होंने कहा कि साल के दौरान सोने की कीमतें 15.16 प्रतिशत तक मजबूत हो चुकी हैं, इसलिए कीमतें अब टूट रही हैं। शुक्रवार को मुंबई सर्राफा बाजार में शुद्ध सोने (99.9 शुद्धता) का भाव 60 रुपये मजबूत होकर 31,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए कामट्रेंड्ज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा कि यह साल खत्म होने को है, इसलिए मुनाफावसूली के चलते भाव में कुछ तकनीकी कमजोरी रहेगी। उन्होंने कहा कि साल के दौरान सोने की कीमतें 15.16 प्रतिशत तक मजबूत हो चुकी हैं, इसलिए कीमतें अब टूट रही हैं।
संक्षिप्त सारांश: बाजार विशेषज्ञों ने कहा है कि साल के अंत में मुनाफावसूली और अमेरिका में राजकोषीय स्थिति मजबूत करने को लेकर जारी वार्ता के बीच निवेशकों द्वारा सतर्कता बरतने से सोने में तेज उछाल आने की संभावना नहीं है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विश्वभर के नेताओं की अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर भारतीय नेताओं की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ती जा रही है। ट्विटर मिनिस्टिर के नाम से मशहूर शशि थरूर के बाद अब भाजपा नेता सुषमा स्वराज के फालोवर्स की संख्या एक लाख के जादुई आंकड़े को पार कर गई है, हालांकि अभी वह उनसे काफी पीछे हैं। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, खेल मंत्री अजय माकन और जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी के ट्विटर से जुड़ने के बाद भी कांग्रेस के चर्चित नेता शशि थरूर फालोवर्स के मामले में सबसे आगे बने हुए हैं। देश में ट्विटर को लोकप्रियता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर के ग्यारह लाख एक हजार 166 फालोवर हैं। अपने प्रशंसको से सीधे जुडने के लिए ट्विटर से जुड़ने वाली भाजपा नेता सुषमा स्वराज फालोवरों के लिहाज से दूसरी सबसे लोकप्रिय भारतीय राजनेता हैं जिनके एक लाख तेरह हजार 688 फालोवर हैं। सुषमा ट्विटर पर बेहद सक्रिय हैं और उन्होंने अब तक 1151 ट्वीट किए हैं। वह अक्सर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर त्वरित टिप्पणी के लिये ट्विटर का सहारा लेती हैं। सुषमा स्वराज को फालो करने वालों में पूर्व विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर, स्टार निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और उमर अब्दुल्ला शामिल हैं। हालांकि खुद सुषमा किसी को फालो नहीं करतीं। इस क्रम में जम्मू कश्मीर के विदेश मंत्री उमर अब्दुल्ला तीसरे नंबर पर आते हैं जिनके 41,540 फालोवर हैं। उमर अब्दुल्ला अक्सर आम जनता से सीधे जुड़ने के लिये ट्विटर का सहारा लेते हैं। उन्होंने अब तक 3,791 ट्वीट किए हैं। अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिये पहचाने जाने वाले जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी के 18,794 फालोवर हैं और उन्होंने अब तक 6,072 ट्वीट किये हैं। इसी तरह खेल मंत्री अजय माकन के 2916 और कांग्रेस नेता अनिल शास्त्री के मात्र 577 फालोवर हैं। ट्विटर पर विश्व के कई बड़े राजनेता सक्रिय हैं जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और यूनान के प्रधानमंत्री जार्ज ए पापेन्द्रू आदि शामिल हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शशि थरूर के बाद अब भाजपा नेता सुषमा स्वराज के फालोवर्स की संख्या एक लाख के जादुई आंकड़े को पार कर गई है, हालांकि अभी वह उनसे काफी पीछे हैं।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कहा कि केवल सरबजीत सिंह के मुद्दे पर भारत, पाकिस्तान के साथ वार्ता प्रक्रिया को नहीं तोड़ सकता है, क्योंकि इससे कोई उद्देश्य हासिल नहीं होगा। सरबजीत के मुद्दे पर एक प्रश्न के उत्तर में सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा, हम क्षुब्ध हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि जमीनी स्तर पर हमें पाकिस्तान के साथ वार्ता प्रक्रिया समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सरबजीत सिंह का संरक्षण करना चाहिए था, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहा।टिप्पणियां सिब्बल ने कहा, आपको (पाकिस्तान को) सरबजीत का संरक्षण करना चाहिए था, क्योंकि वह आपकी जेल में था, जैसा कि हमने कसाब के साथ किया। उन्होंने कहा कि भारत ने कसाब का तब तक संरक्षण किया, जब तक सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निर्णय नहीं सुना दिया। सिब्बल ने कहा कि सरबजीत सिंह से जैसा बर्ताव हुआ, उससे सरकार और देश की जनता अप्रसन्न है और इससे पाकिस्तान के साथ भारत के वार्ता प्रक्रिया पर आगे कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन भारत केवल इस आधार पर पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं तोड़ सकता है। गौरतलब है कि सिब्बल की प्रतिक्रिया तब सामने आई है, जब बीजेपी ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ने की मांग की है। सरबजीत के मुद्दे पर एक प्रश्न के उत्तर में सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा, हम क्षुब्ध हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि जमीनी स्तर पर हमें पाकिस्तान के साथ वार्ता प्रक्रिया समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सरबजीत सिंह का संरक्षण करना चाहिए था, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहा।टिप्पणियां सिब्बल ने कहा, आपको (पाकिस्तान को) सरबजीत का संरक्षण करना चाहिए था, क्योंकि वह आपकी जेल में था, जैसा कि हमने कसाब के साथ किया। उन्होंने कहा कि भारत ने कसाब का तब तक संरक्षण किया, जब तक सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निर्णय नहीं सुना दिया। सिब्बल ने कहा कि सरबजीत सिंह से जैसा बर्ताव हुआ, उससे सरकार और देश की जनता अप्रसन्न है और इससे पाकिस्तान के साथ भारत के वार्ता प्रक्रिया पर आगे कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन भारत केवल इस आधार पर पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं तोड़ सकता है। गौरतलब है कि सिब्बल की प्रतिक्रिया तब सामने आई है, जब बीजेपी ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ने की मांग की है। सिब्बल ने कहा, आपको (पाकिस्तान को) सरबजीत का संरक्षण करना चाहिए था, क्योंकि वह आपकी जेल में था, जैसा कि हमने कसाब के साथ किया। उन्होंने कहा कि भारत ने कसाब का तब तक संरक्षण किया, जब तक सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निर्णय नहीं सुना दिया। सिब्बल ने कहा कि सरबजीत सिंह से जैसा बर्ताव हुआ, उससे सरकार और देश की जनता अप्रसन्न है और इससे पाकिस्तान के साथ भारत के वार्ता प्रक्रिया पर आगे कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन भारत केवल इस आधार पर पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं तोड़ सकता है। गौरतलब है कि सिब्बल की प्रतिक्रिया तब सामने आई है, जब बीजेपी ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ने की मांग की है। सिब्बल ने कहा कि सरबजीत सिंह से जैसा बर्ताव हुआ, उससे सरकार और देश की जनता अप्रसन्न है और इससे पाकिस्तान के साथ भारत के वार्ता प्रक्रिया पर आगे कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन भारत केवल इस आधार पर पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं तोड़ सकता है। गौरतलब है कि सिब्बल की प्रतिक्रिया तब सामने आई है, जब बीजेपी ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ने की मांग की है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सिब्बल ने कहा कि सरबजीत से जैसा बर्ताव हुआ, उससे सरकार और देश की जनता अप्रसन्न है और इससे पाकिस्तान के साथ भारत के वार्ता प्रक्रिया पर आगे कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन भारत केवल इस आधार पर पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं तोड़ सकता है।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: हो सकता है कि जल्द ही उन लोगों की पहचान संभव हो सके, जिन्हें भविष्य में हृदयाघात हो सकता है। भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक के नेतृत्व में अनुसंधानकर्ताओं ने दर्जन भर से अधिक ऐसे जीनों की पहचान की है, जिनका संबंध हृदय की बीमारी से है। ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के प्रो निलेश समानी की अगुवाई में एक अंतरराष्ट्रीय दल ने हृदयाघात की आशंका वाले लोगों में डीएनए में खामी का पता लगाने के लिए 1,40,000 लोगों की जीन संरचना का अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने हृदय की बीमारी से संबंध रखने वाले 13 नए जीनों की पहचान की। यह संख्या अब तक हृदयाघात से जुड़े ज्ञात जीनों की संख्या से दोगुनी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि उनकी यह खोज हृदयाघात का नया इलाज खोजने में मददगार हो सकती है और उन लोगों का पता लगाने में भी कारगर हो सकती है, जिन्हें भविष्य में हृदयाघात की आशंका हो। प्रो समानी का कहना है कि चिह्नित किए गए ज्यादातर जीनों के बारे में यह जानकारी नहीं थी कि इनका संबंध कोरोनरी धमनी की समस्या से है, जो कि हृदयाघात का मुख्य कारण है। डेली टेलीग्राफ में उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया गया है, अब हम अध्ययन करेंगे कि ये जीन कैसे काम करते हैं। निश्चित रूप से तब हम पता लगा सकेंगे कि यह बीमारी कैसे होती है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है।
यह एक सारांश है: हो सकता है कि जल्द ही उन लोगों की पहचान संभव हो सके, जिन्हें भविष्य में हृदयाघात हो सकता है। भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक के नेतृत्व में अनुसंधानकर्ताओं ने दर्जन भर से अधिक ऐसे जीनों की पहचान की है, जिनका संबंध हृदय की बीमारी से है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के लाहौर में सैकड़ों लोगों की भीड़ ने कथित ईशनिंदक की तलाश करते हुए ईसाई बहुल एक इलाके पर हमला कर दिया और कई मकानों में आग लगा दी जिससे तकरीबन 150 परिवारों के सैकड़ों लोगों को वहां से भागना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने शुक्रवार को दोपहर नूर रोड पर जोसफ कालोनी को घेर लिया और वे मकानों पर पथराव करने लगे। कॉलोनी में करीब 150 ईसाई परिवार हैं। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शफीक अहमद ने दावा कि वह सैवन मसीह को ढूंढ़ा जा रहा है क्योंकि उसने कथित रूप से ईशनिंदा की है। भीड़ को सैवन नहीं मिला। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उसके पिता 65 वर्षीय चमन मसीह की पिटाई की। उन्होंने उसका और अन्य लोगों के घर जला दिए जिसके बाद वहां से लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग गए। दोपहर एक बजे शुरू हुई यह हिंसा शाम में तब जाकर समाप्त हुई जब बड़ी संख्या में वहां पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सैवन के खिलाफ विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज कर लोगों को शांत किया। पुलिस ने सैवन के पिता को हिरासत में ले लिया। बाद में सैवन को भी गिरफ्तार किया गया। प्राथमिकी में शिकायत करने वाले शाहिद इमरान ने आरोप लगाया कि सैवन ने कई बार पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है। उसने शफीक को इस बारे में बताया था। सुबह के समय करीब 3,000 लोगों ने जोसेफ कालोनी पर हमला कर दिया। इस कालोनी के अधिकतर बाशिंदे ईसाई हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने कई घरों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमलावर भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। टेलीविजन की फुटेज में दिखाया गया है कि जोसेफ कालोनी में घरों और कारों में आग लगाई गई है।टिप्पणियां कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने शुक्रवार को दोपहर नूर रोड पर जोसफ कालोनी को घेर लिया और वे मकानों पर पथराव करने लगे। कॉलोनी में करीब 150 ईसाई परिवार हैं। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शफीक अहमद ने दावा कि वह सैवन मसीह को ढूंढ़ा जा रहा है क्योंकि उसने कथित रूप से ईशनिंदा की है। भीड़ को सैवन नहीं मिला। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उसके पिता 65 वर्षीय चमन मसीह की पिटाई की। उन्होंने उसका और अन्य लोगों के घर जला दिए जिसके बाद वहां से लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग गए। दोपहर एक बजे शुरू हुई यह हिंसा शाम में तब जाकर समाप्त हुई जब बड़ी संख्या में वहां पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सैवन के खिलाफ विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज कर लोगों को शांत किया। पुलिस ने सैवन के पिता को हिरासत में ले लिया। बाद में सैवन को भी गिरफ्तार किया गया। प्राथमिकी में शिकायत करने वाले शाहिद इमरान ने आरोप लगाया कि सैवन ने कई बार पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है। उसने शफीक को इस बारे में बताया था। सुबह के समय करीब 3,000 लोगों ने जोसेफ कालोनी पर हमला कर दिया। इस कालोनी के अधिकतर बाशिंदे ईसाई हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने कई घरों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमलावर भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। टेलीविजन की फुटेज में दिखाया गया है कि जोसेफ कालोनी में घरों और कारों में आग लगाई गई है।टिप्पणियां कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शफीक अहमद ने दावा कि वह सैवन मसीह को ढूंढ़ा जा रहा है क्योंकि उसने कथित रूप से ईशनिंदा की है। भीड़ को सैवन नहीं मिला। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उसके पिता 65 वर्षीय चमन मसीह की पिटाई की। उन्होंने उसका और अन्य लोगों के घर जला दिए जिसके बाद वहां से लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग गए। दोपहर एक बजे शुरू हुई यह हिंसा शाम में तब जाकर समाप्त हुई जब बड़ी संख्या में वहां पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सैवन के खिलाफ विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज कर लोगों को शांत किया। पुलिस ने सैवन के पिता को हिरासत में ले लिया। बाद में सैवन को भी गिरफ्तार किया गया। प्राथमिकी में शिकायत करने वाले शाहिद इमरान ने आरोप लगाया कि सैवन ने कई बार पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है। उसने शफीक को इस बारे में बताया था। सुबह के समय करीब 3,000 लोगों ने जोसेफ कालोनी पर हमला कर दिया। इस कालोनी के अधिकतर बाशिंदे ईसाई हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने कई घरों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमलावर भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। टेलीविजन की फुटेज में दिखाया गया है कि जोसेफ कालोनी में घरों और कारों में आग लगाई गई है।टिप्पणियां कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भीड़ को सैवन नहीं मिला। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उसके पिता 65 वर्षीय चमन मसीह की पिटाई की। उन्होंने उसका और अन्य लोगों के घर जला दिए जिसके बाद वहां से लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग गए। दोपहर एक बजे शुरू हुई यह हिंसा शाम में तब जाकर समाप्त हुई जब बड़ी संख्या में वहां पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सैवन के खिलाफ विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज कर लोगों को शांत किया। पुलिस ने सैवन के पिता को हिरासत में ले लिया। बाद में सैवन को भी गिरफ्तार किया गया। प्राथमिकी में शिकायत करने वाले शाहिद इमरान ने आरोप लगाया कि सैवन ने कई बार पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है। उसने शफीक को इस बारे में बताया था। सुबह के समय करीब 3,000 लोगों ने जोसेफ कालोनी पर हमला कर दिया। इस कालोनी के अधिकतर बाशिंदे ईसाई हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने कई घरों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमलावर भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। टेलीविजन की फुटेज में दिखाया गया है कि जोसेफ कालोनी में घरों और कारों में आग लगाई गई है।टिप्पणियां कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोपहर एक बजे शुरू हुई यह हिंसा शाम में तब जाकर समाप्त हुई जब बड़ी संख्या में वहां पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सैवन के खिलाफ विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज कर लोगों को शांत किया। पुलिस ने सैवन के पिता को हिरासत में ले लिया। बाद में सैवन को भी गिरफ्तार किया गया। प्राथमिकी में शिकायत करने वाले शाहिद इमरान ने आरोप लगाया कि सैवन ने कई बार पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है। उसने शफीक को इस बारे में बताया था। सुबह के समय करीब 3,000 लोगों ने जोसेफ कालोनी पर हमला कर दिया। इस कालोनी के अधिकतर बाशिंदे ईसाई हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने कई घरों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमलावर भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। टेलीविजन की फुटेज में दिखाया गया है कि जोसेफ कालोनी में घरों और कारों में आग लगाई गई है।टिप्पणियां कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने सैवन के खिलाफ विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज कर लोगों को शांत किया। पुलिस ने सैवन के पिता को हिरासत में ले लिया। बाद में सैवन को भी गिरफ्तार किया गया। प्राथमिकी में शिकायत करने वाले शाहिद इमरान ने आरोप लगाया कि सैवन ने कई बार पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है। उसने शफीक को इस बारे में बताया था। सुबह के समय करीब 3,000 लोगों ने जोसेफ कालोनी पर हमला कर दिया। इस कालोनी के अधिकतर बाशिंदे ईसाई हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने कई घरों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमलावर भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। टेलीविजन की फुटेज में दिखाया गया है कि जोसेफ कालोनी में घरों और कारों में आग लगाई गई है।टिप्पणियां कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्राथमिकी में शिकायत करने वाले शाहिद इमरान ने आरोप लगाया कि सैवन ने कई बार पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है। उसने शफीक को इस बारे में बताया था। सुबह के समय करीब 3,000 लोगों ने जोसेफ कालोनी पर हमला कर दिया। इस कालोनी के अधिकतर बाशिंदे ईसाई हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने कई घरों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमलावर भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। टेलीविजन की फुटेज में दिखाया गया है कि जोसेफ कालोनी में घरों और कारों में आग लगाई गई है।टिप्पणियां कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमलावर भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। टेलीविजन की फुटेज में दिखाया गया है कि जोसेफ कालोनी में घरों और कारों में आग लगाई गई है।टिप्पणियां कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कई मकानों से धुंआ उठता देखा गया और सड़क पर लोग बड़ी संख्या में जमा थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईशनिंदा के आरोप में 26 साल के सैवन मसीह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पंजाब प्रांत की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा कि मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान के लाहौर में सैकड़ों लोगों की भीड़ ने कथित ईशनिंदक की तलाश करते हुए ईसाई बहुल एक इलाके पर हमला कर दिया और कई मकानों में आग लगा दी जिससे तकरीबन 150 परिवारों के सैकड़ों लोगों को वहां से भागना पड़ा।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना ने संजय दत्त की सजा माफी का खुलकर विरोध किया है। महाराष्ट्र विधान परिषद में शिवसेना नेता नीलम गोरे ने कहा कि  संजय की सजा माफ करने से गलत संदेश जाएगा, वह अपनी पूरी सजा काटें। दरअसल, कई राजनीतिक पार्टियों ने संजय दत्त की सजा माफ करने की वकालत की है, लेकिन शिवसेना का रुख यहां मायने रखता है। उधर, शिवसेना भले ही संजय दत्त की सजा माफी के खिलाफ हो पर एनसीपी से लेकर एसपी और कई दल इस मामले में नरमी बरतने की वकालत कर चुके हैं। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने संजय की भूल को माफ करने लायक बताया है। एनसीपी पहले ही सजा माफी की बात कर चुकी है, लेकिन आरएसएस और बीजेपी का रुख इस पर अलग है। वे संजय दत्त की सजा को उनके जुर्म के मुकाबले कम मान रहे हैं।टिप्पणियां वहीं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी संजय दत्त की सजा माफ किए जाने के पक्ष में हैं। दिग्विजय का कहना है कि संजय दत्त आतंकवादी नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का एक और मौका मिल गया। बीजेपी नेता बलबीर पुंज के मुताबिक, दिग्विजय की सहानुभूति हमेशा से आतंक के शिकार लोगों के बजाय आतंकी घटना में शामिल लोगों के साथ दिखती है लेकिन दिग्विजय के बयान से उनकी पार्टी ही सहमत नहीं दिख रही है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने तो दिग्वजिय के बयान पर टिप्पणी करने से ही इनकार कर दिया। इधर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी संजय दत्त की सजा माफ किए जाने के पक्ष में नहीं है। वैसे, संजय दत्त की सजा माफ किए जाने की अपील सबसे पहले प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने की थी, जिसके बाद से बयानों का सिलसिला जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने संजय को सरेंडर करने के लिए चार हफ्तों तक का वक्त दिया है, लेकिन इन चार हफ्तों  में संजय को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती ही नजर आ रही हैं। दरअसल, कई राजनीतिक पार्टियों ने संजय दत्त की सजा माफ करने की वकालत की है, लेकिन शिवसेना का रुख यहां मायने रखता है। उधर, शिवसेना भले ही संजय दत्त की सजा माफी के खिलाफ हो पर एनसीपी से लेकर एसपी और कई दल इस मामले में नरमी बरतने की वकालत कर चुके हैं। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने संजय की भूल को माफ करने लायक बताया है। एनसीपी पहले ही सजा माफी की बात कर चुकी है, लेकिन आरएसएस और बीजेपी का रुख इस पर अलग है। वे संजय दत्त की सजा को उनके जुर्म के मुकाबले कम मान रहे हैं।टिप्पणियां वहीं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी संजय दत्त की सजा माफ किए जाने के पक्ष में हैं। दिग्विजय का कहना है कि संजय दत्त आतंकवादी नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का एक और मौका मिल गया। बीजेपी नेता बलबीर पुंज के मुताबिक, दिग्विजय की सहानुभूति हमेशा से आतंक के शिकार लोगों के बजाय आतंकी घटना में शामिल लोगों के साथ दिखती है लेकिन दिग्विजय के बयान से उनकी पार्टी ही सहमत नहीं दिख रही है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने तो दिग्वजिय के बयान पर टिप्पणी करने से ही इनकार कर दिया। इधर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी संजय दत्त की सजा माफ किए जाने के पक्ष में नहीं है। वैसे, संजय दत्त की सजा माफ किए जाने की अपील सबसे पहले प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने की थी, जिसके बाद से बयानों का सिलसिला जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने संजय को सरेंडर करने के लिए चार हफ्तों तक का वक्त दिया है, लेकिन इन चार हफ्तों  में संजय को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती ही नजर आ रही हैं। उधर, शिवसेना भले ही संजय दत्त की सजा माफी के खिलाफ हो पर एनसीपी से लेकर एसपी और कई दल इस मामले में नरमी बरतने की वकालत कर चुके हैं। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने संजय की भूल को माफ करने लायक बताया है। एनसीपी पहले ही सजा माफी की बात कर चुकी है, लेकिन आरएसएस और बीजेपी का रुख इस पर अलग है। वे संजय दत्त की सजा को उनके जुर्म के मुकाबले कम मान रहे हैं।टिप्पणियां वहीं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी संजय दत्त की सजा माफ किए जाने के पक्ष में हैं। दिग्विजय का कहना है कि संजय दत्त आतंकवादी नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का एक और मौका मिल गया। बीजेपी नेता बलबीर पुंज के मुताबिक, दिग्विजय की सहानुभूति हमेशा से आतंक के शिकार लोगों के बजाय आतंकी घटना में शामिल लोगों के साथ दिखती है लेकिन दिग्विजय के बयान से उनकी पार्टी ही सहमत नहीं दिख रही है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने तो दिग्वजिय के बयान पर टिप्पणी करने से ही इनकार कर दिया। इधर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी संजय दत्त की सजा माफ किए जाने के पक्ष में नहीं है। वैसे, संजय दत्त की सजा माफ किए जाने की अपील सबसे पहले प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने की थी, जिसके बाद से बयानों का सिलसिला जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने संजय को सरेंडर करने के लिए चार हफ्तों तक का वक्त दिया है, लेकिन इन चार हफ्तों  में संजय को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती ही नजर आ रही हैं। वहीं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी संजय दत्त की सजा माफ किए जाने के पक्ष में हैं। दिग्विजय का कहना है कि संजय दत्त आतंकवादी नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का एक और मौका मिल गया। बीजेपी नेता बलबीर पुंज के मुताबिक, दिग्विजय की सहानुभूति हमेशा से आतंक के शिकार लोगों के बजाय आतंकी घटना में शामिल लोगों के साथ दिखती है लेकिन दिग्विजय के बयान से उनकी पार्टी ही सहमत नहीं दिख रही है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने तो दिग्वजिय के बयान पर टिप्पणी करने से ही इनकार कर दिया। इधर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी संजय दत्त की सजा माफ किए जाने के पक्ष में नहीं है। वैसे, संजय दत्त की सजा माफ किए जाने की अपील सबसे पहले प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने की थी, जिसके बाद से बयानों का सिलसिला जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने संजय को सरेंडर करने के लिए चार हफ्तों तक का वक्त दिया है, लेकिन इन चार हफ्तों  में संजय को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती ही नजर आ रही हैं। वैसे, संजय दत्त की सजा माफ किए जाने की अपील सबसे पहले प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने की थी, जिसके बाद से बयानों का सिलसिला जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने संजय को सरेंडर करने के लिए चार हफ्तों तक का वक्त दिया है, लेकिन इन चार हफ्तों  में संजय को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती ही नजर आ रही हैं।
यहाँ एक सारांश है:शिवसेना ने संजय दत्त की सजा माफी का खुलकर विरोध किया है। संजय की सजा माफ करने से गलत संदेश जाएगा, वह अपनी पूरी सजा काटें।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के शहर लाहौर में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूईटी) के प्रबंधन ने कड़े विरोध के बाद अपने उस आदेश को वापस ले लिया है जिसमें विश्वविद्यालय की कैंटीन में छात्र और छात्राओं को एक साथ बैठने से रोक दिया गया था. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यूईटी ने छह सितम्बर को नोटिस जारी कर कहा कि 'सूचित किया जाता है कि कुलपति ने उचित पार्टिशन के साथ छात्र और छात्राओं के अलग-अलग बैठने का आदेश जारी किया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.' इस आदेश का व्यापक विरोध हुआ. सोशल मीडिया साइट पर इसके खिलाफ ट्वीट शुरू हो गए. एक यूजर ने तंज किया, "भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मंगल ग्रह और चांद पर प्रोब्स और लैंडर भेज रहे हैं. जबकि, पाकिस्तान इससे कहीं अधिक जरूरी बातों (छात्र-छात्राओं के एक साथ बैठने पर पाबंदी लगाने) में व्यस्त है." एक यूजर ने धार्मिक शिक्षा देने वाले मदरसों की तरफ इशारा करते हुए लिखा, "दारुल उलूम ए इंजीनियरिंग लाहौर." एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया, "त्रासद. हमारे विश्वविद्यालय इन्हीं सब बातों में लगे हुए हैं. ऐसे में हम अभी जिस हालत में हैं, इसमें भला ताज्जुब की क्या बात?" एक अन्य यूजर ने लिखा, "नए पाकिस्तान में भी छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर नहीं बल्कि लड़के और लड़कियों को अलग-अलग बैठाने पर ध्यान दिया जा रहा है." इस विरोध के बाद छात्र-छात्राओं पर कैंटीन में साथ बैठने पर प्रतिबंध लगाने वाले आदेश को वापस ले लिया गया. विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एक नया बयान जारी कर कहा कि छात्र-छात्राओं के एक साथ कैंटीन में बैठने पर प्रतिबंध लगाने वाला आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जा रहा है. बयान में यह भी कहा गया कि प्रतिबंध लगाने वाला आदेश कुलपति की जानकारी के बिना जारी कर दिया गया था. मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पंजाब प्रांत के राज्यपाल ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है.
संक्षिप्त पाठ: UET ने लगाई थी पाबंदी सोशल मीडिया पर हुआ विरोध जांच के लिए बनी समिति
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा है कि उन्हें इस बात की पीड़ा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के मुद्दे पर बार-बार सफाई देनी पड़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता मल्लिका साराभाई को मंगलवार को लिखे एक पत्र में हजारे ने कहा, मुझे यह कहने दीजिए कि मैं बिल्कुल अराजनीतिक हूं और सांप्रदायिकता के खिलाफ हूं। हजारे के मोदी की तारीफ करने पर साराभाई ने उन्हें एक ई-मेल भेजकर कहा था कि वे इससे स्तब्ध हैं। महाराष्ट्र के अहमदाबाद जिले के रालेगान सिद्धी के अपने गांव से लिखे खत में हजारे ने कहा, मुझे इस बात की पीड़ा है कि मुझे मोदी पर बार-बार सफाई देनी पड़ रही है। संवाददाता सम्मेलन में मुझसे बिहार और गुजरात के मुख्यमंत्रियों के किए विकास कार्यों के बारे में पूछा गया और मीडिया की रिपोर्टों के आधार पर मैंने कहा कि बिहार और गुजरात में ग्रामीण विकास की दिशा में अच्छे काम किए गए हैं। उन्होंने कहा, इसके साथ ही मैंने 2002 के दंगों और सांप्रदायिकता की भी आलोचना की। हजारे ने अपने खत में कहा, मैंने अपनी जिंदगी भ्रष्टाचार को मिटाने में लगा दी। यह एक लंबा संघर्ष है और मुझे आप :साराभाई: जैसे लोगों पर भरोसा है जिन्होंने जन अधिकारों के लिए लड़ाई की है। वे इस आंदोलन की भावना को समझेंगे। दिल्ली में रविवार को जारी वक्तव्य में हजारे ने कहा था, संवाददाता सम्मेलन में पूछ गए सवाल में मैनें केवल नरेंद्र मोदी और नीतिश कुमार के ग्रामीण इलाकों में किए कामों की सराहना की। इसके साथ ही मैंने किसी भी तरह की सांप्रदायिकता का विरोध किया। मैं धर्म और जाति के नाम पर सांप्रदायिकता के घोर खिलाफ हूं। इस बीच वडोदरा के कार्यकर्ताओं ने हजारे के वक्तव्य पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। वडोदरा स्थित रोहित प्रजापति और तृप्ति शाह ने कहा, आपकी अस्पष्ट सफाई केवल सांप्रदायिक सौहाद्र और राजनीति से जुड़ी है। हम आपको बताना चाहते हैं कि विकास पर मोदी की तारीफ बिल्कुल असंगत थी। मोदी ने हजारे को सोमवार को एक खुला खत लिखा था जिसमें कहा था कि उनकी (मोदी की) और प्रदेश की तारीफ करने के बाद हजारे को अपमानित किए जाने का डर है।
सारांश: मल्लिका साराभाई को लिखे एक पत्र में हजारे ने कहा, मुझे यह कहने दीजिए कि मैं बिल्कुल अराजनीतिक हूं और सांप्रदायिकता के खिलाफ हूं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को भारतीय रेलवे को एक ऐसी सूखी गाय करार दिया जो न तो दूध दे सकती है और न ही बछड़े को जन्म दे सकती है। बुधवार को संसद में पेश रेल बजट को 'राजनीति से प्रेरित' बताए जाने को लेकर कुछ बोलने से इंकार करने वाले लालू ने कहा, "रेल देश की जीवन रेखा है। मेरे कार्यकाल में यह मुनाफे में चल रही थी लेकिन अब यह सूखी गाय बन चुकी है। यह न तो दूध दे सकती है और न ही बछड़े को जन्म दे सकती है।" लालू ने कहा कि यात्री किराया नहीं बढ़ाने के बावजूद उन्होंने अपने कार्यकाल में रेलवे को 7000 करोड़ रुपये का मुनाफा दिलाया था।टिप्पणियां बकौल लालू, "मैंने अपने कार्यकाल के दौरान पेश बजट में लोगों को हमेशा राहत दी। यहां तक कि ममता बनर्जी ने यह स्वीकार किया है।" लालू की यह प्रतिक्रिया रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा विभिन्न श्रेणियों का किराया दो पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 30 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ाने के बाद आया। बुधवार को संसद में पेश रेल बजट को 'राजनीति से प्रेरित' बताए जाने को लेकर कुछ बोलने से इंकार करने वाले लालू ने कहा, "रेल देश की जीवन रेखा है। मेरे कार्यकाल में यह मुनाफे में चल रही थी लेकिन अब यह सूखी गाय बन चुकी है। यह न तो दूध दे सकती है और न ही बछड़े को जन्म दे सकती है।" लालू ने कहा कि यात्री किराया नहीं बढ़ाने के बावजूद उन्होंने अपने कार्यकाल में रेलवे को 7000 करोड़ रुपये का मुनाफा दिलाया था।टिप्पणियां बकौल लालू, "मैंने अपने कार्यकाल के दौरान पेश बजट में लोगों को हमेशा राहत दी। यहां तक कि ममता बनर्जी ने यह स्वीकार किया है।" लालू की यह प्रतिक्रिया रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा विभिन्न श्रेणियों का किराया दो पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 30 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ाने के बाद आया। लालू ने कहा कि यात्री किराया नहीं बढ़ाने के बावजूद उन्होंने अपने कार्यकाल में रेलवे को 7000 करोड़ रुपये का मुनाफा दिलाया था।टिप्पणियां बकौल लालू, "मैंने अपने कार्यकाल के दौरान पेश बजट में लोगों को हमेशा राहत दी। यहां तक कि ममता बनर्जी ने यह स्वीकार किया है।" लालू की यह प्रतिक्रिया रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा विभिन्न श्रेणियों का किराया दो पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 30 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ाने के बाद आया। बकौल लालू, "मैंने अपने कार्यकाल के दौरान पेश बजट में लोगों को हमेशा राहत दी। यहां तक कि ममता बनर्जी ने यह स्वीकार किया है।" लालू की यह प्रतिक्रिया रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा विभिन्न श्रेणियों का किराया दो पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 30 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ाने के बाद आया। लालू की यह प्रतिक्रिया रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा विभिन्न श्रेणियों का किराया दो पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 30 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ाने के बाद आया।
यहाँ एक सारांश है:पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को भारतीय रेलवे को एक ऐसी सूखी गाय करार दिया जो न तो दूध दे सकती है और न ही बछड़े को जन्म दे सकती है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली विकास प्राधिकरण की आवास योजना 2016 दिवाली के आसपास लाए जाने की संभावना है जिसमें 12,000 फ्लैट्स की पेशकश की जाएगी. यह दिल्ली में अपने घर का सपना देखने वाले लोगों के लिए त्योहारी तोहफा हो सकता है. कुल फ्लैटों में से ज्यादातर रोहिणी, द्वारका, नरेला, वसंत कुंज और जसोला में हैं, जबकि इसमें 10,000 फ्लैट 2014 स्कीम के हैं, जिनपर कब्जा नहीं लिया गया. वहीं 2,000 अन्य फ्लैट्स खाली पड़े रहे.टिप्पणियां डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हाउसिंग डिवीजन में हमने इसे दिवाली के समय (अक्तूबर के अंत) में लॉन्च करने की योजना बनाई है. इस निर्णय पर प्राधिकरण की मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है जो अगली बैठक में संभावित है." सूत्रों ने कहा कि ज्यादातर फ्लैट पिछली हाउसिंग स्कीम से वन बेडरूम एलआईजी फ्लैट हैं और इस बार कोई नया फ्लैट पेशकश में शामिल नहीं है. अधिकारी ने कहा, "2014 डीडीए स्कीम से करीब 10,000 एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार के ईडब्ल्यूएस :आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग: की तरह इस बार इस तरह का कोई वर्ग नहीं होगा." वहीं पंजीकरण शुल्क बढ़ा दिया गया है. उन्होंने कहा, "एलआईजी वर्ग के लिए शुल्क डेढ़ लाख रपये होगा, जबकि एमआईजी के लिए यह पांच लाख रपये होगा." यह बिचौलियों को हटाने के लिए है. कुल फ्लैटों में से ज्यादातर रोहिणी, द्वारका, नरेला, वसंत कुंज और जसोला में हैं, जबकि इसमें 10,000 फ्लैट 2014 स्कीम के हैं, जिनपर कब्जा नहीं लिया गया. वहीं 2,000 अन्य फ्लैट्स खाली पड़े रहे.टिप्पणियां डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हाउसिंग डिवीजन में हमने इसे दिवाली के समय (अक्तूबर के अंत) में लॉन्च करने की योजना बनाई है. इस निर्णय पर प्राधिकरण की मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है जो अगली बैठक में संभावित है." सूत्रों ने कहा कि ज्यादातर फ्लैट पिछली हाउसिंग स्कीम से वन बेडरूम एलआईजी फ्लैट हैं और इस बार कोई नया फ्लैट पेशकश में शामिल नहीं है. अधिकारी ने कहा, "2014 डीडीए स्कीम से करीब 10,000 एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार के ईडब्ल्यूएस :आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग: की तरह इस बार इस तरह का कोई वर्ग नहीं होगा." वहीं पंजीकरण शुल्क बढ़ा दिया गया है. उन्होंने कहा, "एलआईजी वर्ग के लिए शुल्क डेढ़ लाख रपये होगा, जबकि एमआईजी के लिए यह पांच लाख रपये होगा." यह बिचौलियों को हटाने के लिए है. डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हाउसिंग डिवीजन में हमने इसे दिवाली के समय (अक्तूबर के अंत) में लॉन्च करने की योजना बनाई है. इस निर्णय पर प्राधिकरण की मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है जो अगली बैठक में संभावित है." सूत्रों ने कहा कि ज्यादातर फ्लैट पिछली हाउसिंग स्कीम से वन बेडरूम एलआईजी फ्लैट हैं और इस बार कोई नया फ्लैट पेशकश में शामिल नहीं है. अधिकारी ने कहा, "2014 डीडीए स्कीम से करीब 10,000 एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार के ईडब्ल्यूएस :आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग: की तरह इस बार इस तरह का कोई वर्ग नहीं होगा." वहीं पंजीकरण शुल्क बढ़ा दिया गया है. उन्होंने कहा, "एलआईजी वर्ग के लिए शुल्क डेढ़ लाख रपये होगा, जबकि एमआईजी के लिए यह पांच लाख रपये होगा." यह बिचौलियों को हटाने के लिए है. अधिकारी ने कहा, "2014 डीडीए स्कीम से करीब 10,000 एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार के ईडब्ल्यूएस :आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग: की तरह इस बार इस तरह का कोई वर्ग नहीं होगा." वहीं पंजीकरण शुल्क बढ़ा दिया गया है. उन्होंने कहा, "एलआईजी वर्ग के लिए शुल्क डेढ़ लाख रपये होगा, जबकि एमआईजी के लिए यह पांच लाख रपये होगा." यह बिचौलियों को हटाने के लिए है.
यहाँ एक सारांश है:डीडीए की आवास योजना 2016 दिवाली के आसपास आ सकती है 12,000 फ्लैट्स की पेशकश की जा सकती है प्राधिकरण की मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीलंका में 1970 के दशक के बाद की सबसे जबरदस्त बारिश के चलते आई भारी बाढ़ और भूस्खलन से 90 से ज्यादा लोगों की मौतें हुई है जबकि 110 लोग लापता हो गए हैं. सात जिलों में 20,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं. दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने श्रीलंका में भारी तबाही मचा दी है, सैकड़ों मकान नष्ट हो गए हैं और कई सड़कें टूट गई हैं. यहां का गाले सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है जहां 7,157 लोग इससे प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के उप मंत्री दुनेश गनकानदा ने कहा, ‘हमने 1970 के दशक के बाद से सबसे जबरदस्त बारिश देखी है. हम कुछ इलाकों में राहत कार्य कर रहे हैं जबकि हम प्रभावित इलाकों में कुछ मकानों तक नहीं पहुंच सकते.’ गनकानदा ने बताया कि सरकार ने राहत के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को सतर्क कर दिया है. उप मंत्री करूणारत्ने परनाविताना ने कहा कि विदेश मंत्रालय हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरत के मुताबिक सहायता मांगेगा. श्रीलंकाई वायु सेना और नौसेना बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टरों और नौकाओं के जरिए राहत मुहैया करने के लिए काम कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून की उम्मीद तो थी लेकिन जितनी बारिश दर्ज की गई उसकी उम्मीद नहीं थी. कुछ इलाकों में 600 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, वहीं बुरी तरह से प्रभावित अन्य इलाकों में 300 से 500 मिमी बारिश दर्ज की गई है.  मौसम विभाग प्रमुख आरएस जयशेखर ने बताया कि मॉनसून का चरम पार हो गया लेकिन अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश होने की उम्मीद है. यह 30 मई को फिर से तेज होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि कलुतारा में भूस्खलन से और रत्नापुरा जिले में बाढ़ से ज्यादातर लोग मारे गए हैं. आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक श्रीलंका के कई हिस्सों में कल से हो रही मुसलाधार बारिश की वजह से पश्चिमी और दक्षिणी प्रांत के सबारागामुवा में 2,811 परिवारों के कुल 7,856 लोग प्रभावित हुए हैं. कालूतारा जिला सचिवालय के फील्ड अफसर ने कहा कि सिर्फ इसी जिले से 38 लोगों की मौत की खबर है. सरकार ने लोगों से बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने को कहा है और अस्थिर ढलान वाली जगहों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है. नकदी फसलों के लिए श्रीलंका में वनों की बड़े पैमाने पर कटाई हुई है. इसलिए, देश में मॉनसून के दौरान अक्सर भूस्खलन होता है. पिछले साल देश में एक भीषण भूस्खलन में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बाढ़ एवं भूस्खलनों के कारण भारी तबाही झेल रहे श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत सामग्री के साथ जलपोतों को वहां भेजा जा रहा है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने श्रीलंका में भारी तबाही मचा दी है, सैकड़ों मकान नष्ट हो गए हैं और कई सड़कें टूट गई हैं. यहां का गाले सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है जहां 7,157 लोग इससे प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के उप मंत्री दुनेश गनकानदा ने कहा, ‘हमने 1970 के दशक के बाद से सबसे जबरदस्त बारिश देखी है. हम कुछ इलाकों में राहत कार्य कर रहे हैं जबकि हम प्रभावित इलाकों में कुछ मकानों तक नहीं पहुंच सकते.’ गनकानदा ने बताया कि सरकार ने राहत के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को सतर्क कर दिया है. उप मंत्री करूणारत्ने परनाविताना ने कहा कि विदेश मंत्रालय हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरत के मुताबिक सहायता मांगेगा. श्रीलंकाई वायु सेना और नौसेना बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टरों और नौकाओं के जरिए राहत मुहैया करने के लिए काम कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून की उम्मीद तो थी लेकिन जितनी बारिश दर्ज की गई उसकी उम्मीद नहीं थी. कुछ इलाकों में 600 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, वहीं बुरी तरह से प्रभावित अन्य इलाकों में 300 से 500 मिमी बारिश दर्ज की गई है.  मौसम विभाग प्रमुख आरएस जयशेखर ने बताया कि मॉनसून का चरम पार हो गया लेकिन अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश होने की उम्मीद है. यह 30 मई को फिर से तेज होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि कलुतारा में भूस्खलन से और रत्नापुरा जिले में बाढ़ से ज्यादातर लोग मारे गए हैं. आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक श्रीलंका के कई हिस्सों में कल से हो रही मुसलाधार बारिश की वजह से पश्चिमी और दक्षिणी प्रांत के सबारागामुवा में 2,811 परिवारों के कुल 7,856 लोग प्रभावित हुए हैं. कालूतारा जिला सचिवालय के फील्ड अफसर ने कहा कि सिर्फ इसी जिले से 38 लोगों की मौत की खबर है. सरकार ने लोगों से बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने को कहा है और अस्थिर ढलान वाली जगहों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है. नकदी फसलों के लिए श्रीलंका में वनों की बड़े पैमाने पर कटाई हुई है. इसलिए, देश में मॉनसून के दौरान अक्सर भूस्खलन होता है. पिछले साल देश में एक भीषण भूस्खलन में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बाढ़ एवं भूस्खलनों के कारण भारी तबाही झेल रहे श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत सामग्री के साथ जलपोतों को वहां भेजा जा रहा है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गनकानदा ने बताया कि सरकार ने राहत के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को सतर्क कर दिया है. उप मंत्री करूणारत्ने परनाविताना ने कहा कि विदेश मंत्रालय हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरत के मुताबिक सहायता मांगेगा. श्रीलंकाई वायु सेना और नौसेना बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टरों और नौकाओं के जरिए राहत मुहैया करने के लिए काम कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून की उम्मीद तो थी लेकिन जितनी बारिश दर्ज की गई उसकी उम्मीद नहीं थी. कुछ इलाकों में 600 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, वहीं बुरी तरह से प्रभावित अन्य इलाकों में 300 से 500 मिमी बारिश दर्ज की गई है.  मौसम विभाग प्रमुख आरएस जयशेखर ने बताया कि मॉनसून का चरम पार हो गया लेकिन अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश होने की उम्मीद है. यह 30 मई को फिर से तेज होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि कलुतारा में भूस्खलन से और रत्नापुरा जिले में बाढ़ से ज्यादातर लोग मारे गए हैं. आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक श्रीलंका के कई हिस्सों में कल से हो रही मुसलाधार बारिश की वजह से पश्चिमी और दक्षिणी प्रांत के सबारागामुवा में 2,811 परिवारों के कुल 7,856 लोग प्रभावित हुए हैं. कालूतारा जिला सचिवालय के फील्ड अफसर ने कहा कि सिर्फ इसी जिले से 38 लोगों की मौत की खबर है. सरकार ने लोगों से बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने को कहा है और अस्थिर ढलान वाली जगहों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है. नकदी फसलों के लिए श्रीलंका में वनों की बड़े पैमाने पर कटाई हुई है. इसलिए, देश में मॉनसून के दौरान अक्सर भूस्खलन होता है. पिछले साल देश में एक भीषण भूस्खलन में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बाढ़ एवं भूस्खलनों के कारण भारी तबाही झेल रहे श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत सामग्री के साथ जलपोतों को वहां भेजा जा रहा है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) श्रीलंकाई वायु सेना और नौसेना बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टरों और नौकाओं के जरिए राहत मुहैया करने के लिए काम कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून की उम्मीद तो थी लेकिन जितनी बारिश दर्ज की गई उसकी उम्मीद नहीं थी. कुछ इलाकों में 600 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, वहीं बुरी तरह से प्रभावित अन्य इलाकों में 300 से 500 मिमी बारिश दर्ज की गई है.  मौसम विभाग प्रमुख आरएस जयशेखर ने बताया कि मॉनसून का चरम पार हो गया लेकिन अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश होने की उम्मीद है. यह 30 मई को फिर से तेज होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि कलुतारा में भूस्खलन से और रत्नापुरा जिले में बाढ़ से ज्यादातर लोग मारे गए हैं. आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक श्रीलंका के कई हिस्सों में कल से हो रही मुसलाधार बारिश की वजह से पश्चिमी और दक्षिणी प्रांत के सबारागामुवा में 2,811 परिवारों के कुल 7,856 लोग प्रभावित हुए हैं. कालूतारा जिला सचिवालय के फील्ड अफसर ने कहा कि सिर्फ इसी जिले से 38 लोगों की मौत की खबर है. सरकार ने लोगों से बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने को कहा है और अस्थिर ढलान वाली जगहों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है. नकदी फसलों के लिए श्रीलंका में वनों की बड़े पैमाने पर कटाई हुई है. इसलिए, देश में मॉनसून के दौरान अक्सर भूस्खलन होता है. पिछले साल देश में एक भीषण भूस्खलन में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बाढ़ एवं भूस्खलनों के कारण भारी तबाही झेल रहे श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत सामग्री के साथ जलपोतों को वहां भेजा जा रहा है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मौसम विभाग प्रमुख आरएस जयशेखर ने बताया कि मॉनसून का चरम पार हो गया लेकिन अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश होने की उम्मीद है. यह 30 मई को फिर से तेज होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि कलुतारा में भूस्खलन से और रत्नापुरा जिले में बाढ़ से ज्यादातर लोग मारे गए हैं. आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक श्रीलंका के कई हिस्सों में कल से हो रही मुसलाधार बारिश की वजह से पश्चिमी और दक्षिणी प्रांत के सबारागामुवा में 2,811 परिवारों के कुल 7,856 लोग प्रभावित हुए हैं. कालूतारा जिला सचिवालय के फील्ड अफसर ने कहा कि सिर्फ इसी जिले से 38 लोगों की मौत की खबर है. सरकार ने लोगों से बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने को कहा है और अस्थिर ढलान वाली जगहों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है. नकदी फसलों के लिए श्रीलंका में वनों की बड़े पैमाने पर कटाई हुई है. इसलिए, देश में मॉनसून के दौरान अक्सर भूस्खलन होता है. पिछले साल देश में एक भीषण भूस्खलन में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बाढ़ एवं भूस्खलनों के कारण भारी तबाही झेल रहे श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत सामग्री के साथ जलपोतों को वहां भेजा जा रहा है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक श्रीलंका के कई हिस्सों में कल से हो रही मुसलाधार बारिश की वजह से पश्चिमी और दक्षिणी प्रांत के सबारागामुवा में 2,811 परिवारों के कुल 7,856 लोग प्रभावित हुए हैं. कालूतारा जिला सचिवालय के फील्ड अफसर ने कहा कि सिर्फ इसी जिले से 38 लोगों की मौत की खबर है. सरकार ने लोगों से बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने को कहा है और अस्थिर ढलान वाली जगहों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है. नकदी फसलों के लिए श्रीलंका में वनों की बड़े पैमाने पर कटाई हुई है. इसलिए, देश में मॉनसून के दौरान अक्सर भूस्खलन होता है. पिछले साल देश में एक भीषण भूस्खलन में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बाढ़ एवं भूस्खलनों के कारण भारी तबाही झेल रहे श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत सामग्री के साथ जलपोतों को वहां भेजा जा रहा है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नकदी फसलों के लिए श्रीलंका में वनों की बड़े पैमाने पर कटाई हुई है. इसलिए, देश में मॉनसून के दौरान अक्सर भूस्खलन होता है. पिछले साल देश में एक भीषण भूस्खलन में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बाढ़ एवं भूस्खलनों के कारण भारी तबाही झेल रहे श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत सामग्री के साथ जलपोतों को वहां भेजा जा रहा है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बाढ़ एवं भूस्खलनों के कारण भारी तबाही झेल रहे श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत सामग्री के साथ जलपोतों को वहां भेजा जा रहा है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बाढ़ और भूस्खलन से सात जिलों के 20000 लोग प्रभावित हुए हैं 90 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 100 से ज्यादा लापता हैं PM नरेंद्र मोदी ने जताया दुख और राहत के लिए भेजे जहाज
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कनिमोई की गिरफ्तारी के बाद डीएमके के साथ गठबंधन के बारे में पहली बार सार्वजनिक बयान देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस समय डीएमके हमारा सहयोगी है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। इथोपिया और तंजानिया के छह दिवसीय दौरे के बाद स्वदेश लौटते हुए प्रधानमंत्री अपने विशेष विमान में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। कांग्रेस द्वारा अन्नाद्रमुक को संप्रग में शामिल किए जाने पर विचार किए जाने के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा, इस समय डीएमके हमारा सहयोगी है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के बारे में पूछे जाने पर मनमोहन ने कहा कि फिलहाल यह मामला अदालत के विचाराधीन है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं रहेगा। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में डीएमके अध्यक्ष एम करुणानिधि की सांसद पुत्री कनिमोई की गिरफ्तारी हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा, जहां तक 2जी स्पेक्ट्रम का सवाल है, उसको लेकर सीबीआई अपना काम कर रही है और मामला अदालत में है। जांच की प्रगति के बारे में मेरी ओर से कोई टिप्पणी करना उचित नहीं रहेगा।
संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस समय डीएमके हमारा सहयोगी है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) के आह्वान पर रेल मंत्रालय के दिनांक 30 जनवरी, 2017 के आदेश के पैरा 4 मे पारित आदेश, जिसमें कि रेलवे के सभी सुरक्षा कोटे में ग्रेड-पे रुपये 4200 व उससे ऊपर के ग्रेडों में कार्यरत सुपरवाईजर्स, 31 मार्च 2017 के बाद अब यूनियन के पदाधिकारी नहीं रह सकते को अभी तक निरस्त न किए जाने तथा रेलकर्मियों की जायज लम्बित मांगों को लेकर एआईआरएफ के संबद्ध सभी यूनियनों ने आगे की रणनीति की कड़ी में 23 मार्च को पूरे भारतीय रेलवे के सभी मंडल मुख्यालयों, पर  रेल प्रषासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया.टिप्पणियां एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि 30 जनवरी 2017 के तुगलकी फरमान को अभी तक वापस न लिए जाने, ‘‘ट्रेड यूनियन एक्ट‘‘ का उल्लंघन करने तथा रेलकर्मियों की जायज मांगों जिनपर एआईआरएफ के साथ पूर्व में पूर्ण सहमति बन चुकी थी, उनको भी लागू करने में टाल-मटोल का रवैया अपनाये जाने से रेलकर्मियों में काफी रोष है जिसकी वजह से एआईआरएफ के सभी संबद्ध यूनियनों ने 16 मार्च को पूरे भारतीय रेलवे की सभी शाखा मुख्यालयों, पर रेल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विशाल धरना एवं प्रदर्शन का आयोजन किया था और आज 23 मार्च को उसी कड़ी मे लिए गए निर्णय के अनुपालन में पूरे भारतीय रेलवे के सभी मंडल मुख्यालयों पर विशाल और प्रचंड धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है. मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के आह्वान पर रेल कर्मियों के उग्र तेवर को देखते हुए रेल मंत्रालय ने फिलहाल 30 जनवरी 2017 के आदेश को 31 मार्च से लागू करने के अपने निर्णय को तीन महीने के लिए टाल दिया है और इस बीच बात-चीत से रास्ता निकालने का विकल्प तलाशने के लिए कहा गया है. एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि 30 जनवरी 2017 के तुगलकी फरमान को अभी तक वापस न लिए जाने, ‘‘ट्रेड यूनियन एक्ट‘‘ का उल्लंघन करने तथा रेलकर्मियों की जायज मांगों जिनपर एआईआरएफ के साथ पूर्व में पूर्ण सहमति बन चुकी थी, उनको भी लागू करने में टाल-मटोल का रवैया अपनाये जाने से रेलकर्मियों में काफी रोष है जिसकी वजह से एआईआरएफ के सभी संबद्ध यूनियनों ने 16 मार्च को पूरे भारतीय रेलवे की सभी शाखा मुख्यालयों, पर रेल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विशाल धरना एवं प्रदर्शन का आयोजन किया था और आज 23 मार्च को उसी कड़ी मे लिए गए निर्णय के अनुपालन में पूरे भारतीय रेलवे के सभी मंडल मुख्यालयों पर विशाल और प्रचंड धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है. मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के आह्वान पर रेल कर्मियों के उग्र तेवर को देखते हुए रेल मंत्रालय ने फिलहाल 30 जनवरी 2017 के आदेश को 31 मार्च से लागू करने के अपने निर्णय को तीन महीने के लिए टाल दिया है और इस बीच बात-चीत से रास्ता निकालने का विकल्प तलाशने के लिए कहा गया है. मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के आह्वान पर रेल कर्मियों के उग्र तेवर को देखते हुए रेल मंत्रालय ने फिलहाल 30 जनवरी 2017 के आदेश को 31 मार्च से लागू करने के अपने निर्णय को तीन महीने के लिए टाल दिया है और इस बीच बात-चीत से रास्ता निकालने का विकल्प तलाशने के लिए कहा गया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 31 मार्च 2017 के बाद अब यूनियन के पदाधिकारी पद पर कुछ रोक लगी थी धरना एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया था. रेल ने अपने निर्णय को तीन महीने के लिए टाल दिया है
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद का मानसून सत्र 8 अगस्त से शुरू होगा। संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने यह जानकारी दी है। बंसल ने बताया, सरकार राष्ट्रपति से संसद का मानसून सत्र 8 अगस्त से 7 सितंबर तक चलाए जाने की सिफारिश करेगी।टिप्पणियां गौरतलब है कि सरकार अन्ना और रामदेव के अनशन को देखते हुए इस सत्र में लोकपाल बिल ला सकती है। इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने की खातिर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने अन्ना हजारे को पत्र लिखकर उनका समर्थन मांगा है। इसमें कहा गया है कि सरकार का प्रस्ताव है कि राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए लोकपाल विधेयक में एक आदर्श कानून का प्रावधान होगा। पत्र में हालांकि, इस बारे में अधिक ब्योरा नहीं दिया गया है कि क्या यह प्रावधान प्रवर समिति के समक्ष लोकपाल विधेयक में संशोधन के रूप में सुझाया गया है या इस पर सदन में चर्चा होगी। मंत्री ने जोर दिया कि सरकार संसद की भावनाओं के अनुरूप कानून को पारित करने के लिए कटिबद्ध है। गौरतलब है कि सरकार अन्ना और रामदेव के अनशन को देखते हुए इस सत्र में लोकपाल बिल ला सकती है। इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने की खातिर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने अन्ना हजारे को पत्र लिखकर उनका समर्थन मांगा है। इसमें कहा गया है कि सरकार का प्रस्ताव है कि राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए लोकपाल विधेयक में एक आदर्श कानून का प्रावधान होगा। पत्र में हालांकि, इस बारे में अधिक ब्योरा नहीं दिया गया है कि क्या यह प्रावधान प्रवर समिति के समक्ष लोकपाल विधेयक में संशोधन के रूप में सुझाया गया है या इस पर सदन में चर्चा होगी। मंत्री ने जोर दिया कि सरकार संसद की भावनाओं के अनुरूप कानून को पारित करने के लिए कटिबद्ध है। पत्र में हालांकि, इस बारे में अधिक ब्योरा नहीं दिया गया है कि क्या यह प्रावधान प्रवर समिति के समक्ष लोकपाल विधेयक में संशोधन के रूप में सुझाया गया है या इस पर सदन में चर्चा होगी। मंत्री ने जोर दिया कि सरकार संसद की भावनाओं के अनुरूप कानून को पारित करने के लिए कटिबद्ध है।
सारांश: बंसल ने बताया, सरकार राष्ट्रपति से संसद का मानसून सत्र 8 अगस्त से 7 सितंबर तक चलाए जाने की सिफारिश करेगी।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एन. श्रीनिवासन को उम्मीद के मुताबिक तीसरे साल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का अध्यक्ष नियुक्त कर लिया गया। रविवार को बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में श्रीनिवासन खेमे का बोलबाला रहा क्योकि उनके लम्बे समय के वफादार रंजीब बिस्वाल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का नया प्रमुख चुना गया। बहरहाल यह सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद पता चलेगा कि श्रीनिवासन अपना पद भार ग्रहण कर पाएंगे या नहीं। बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) के सचिव आदित्य वर्मा द्वारा दायर एक याचिका पर सर्वोच्च अपना फैसला देगा। बीसीसीआई के सीनियर सदस्य राजीव शुक्ला, जिन्हें कि उपाध्यक्ष चुना गया है, ने कहा कि श्रीनिवासन का चयन निर्विरोध किया गया है। शुक्ला ने कहा, "उनका चयन निर्विरोध हुआ है।" श्रीनिवासन दक्षिण क्षेत्र से अध्यक्ष पद के एक ही उम्मीदवार थे। दक्षिण क्षेत्र ने श्रीनिवासन को हाल के दिनों में बेहद शक्तिशाली बना दिया है। संजय पटेल को बोर्ड का सचिव चुना गया है। संजय जगदाले के इस्तीफा के बाद से पटेल ही कार्यकारी सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। शुक्ला के अलावा दिल्ली के स्नेह बंसल और मुम्बई के रवि सावंत को उपाध्यक्ष चुना गया है। बंसल के लिए अरुण जेटली और सावंत के लिए निरंजन शाह ने कुर्सी खाली की है। जेटली और शाह विवादों से घिरी बीसीसीआई के साथ फिलहाल नहीं जुड़े रहना चाहते थे। हरियाणा क्रिकेट संघ के सचिव अनिरुद्ध चौधरी को नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। वह सावंत का स्थान लेंगे। हिमाचल के अनिरुद्ध ठाकुर संयुक्त सचिव बने रहेंगे। ओडिशा से सम्बंध रखने वाले बिस्वाल आईपीएल प्रमुख के तौर पर राजीव शुक्ला का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद स्वेच्छा से यह पद छोड़ दिया था।टिप्पणियां बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। बहरहाल यह सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद पता चलेगा कि श्रीनिवासन अपना पद भार ग्रहण कर पाएंगे या नहीं। बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) के सचिव आदित्य वर्मा द्वारा दायर एक याचिका पर सर्वोच्च अपना फैसला देगा। बीसीसीआई के सीनियर सदस्य राजीव शुक्ला, जिन्हें कि उपाध्यक्ष चुना गया है, ने कहा कि श्रीनिवासन का चयन निर्विरोध किया गया है। शुक्ला ने कहा, "उनका चयन निर्विरोध हुआ है।" श्रीनिवासन दक्षिण क्षेत्र से अध्यक्ष पद के एक ही उम्मीदवार थे। दक्षिण क्षेत्र ने श्रीनिवासन को हाल के दिनों में बेहद शक्तिशाली बना दिया है। संजय पटेल को बोर्ड का सचिव चुना गया है। संजय जगदाले के इस्तीफा के बाद से पटेल ही कार्यकारी सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। शुक्ला के अलावा दिल्ली के स्नेह बंसल और मुम्बई के रवि सावंत को उपाध्यक्ष चुना गया है। बंसल के लिए अरुण जेटली और सावंत के लिए निरंजन शाह ने कुर्सी खाली की है। जेटली और शाह विवादों से घिरी बीसीसीआई के साथ फिलहाल नहीं जुड़े रहना चाहते थे। हरियाणा क्रिकेट संघ के सचिव अनिरुद्ध चौधरी को नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। वह सावंत का स्थान लेंगे। हिमाचल के अनिरुद्ध ठाकुर संयुक्त सचिव बने रहेंगे। ओडिशा से सम्बंध रखने वाले बिस्वाल आईपीएल प्रमुख के तौर पर राजीव शुक्ला का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद स्वेच्छा से यह पद छोड़ दिया था।टिप्पणियां बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। बीसीसीआई के सीनियर सदस्य राजीव शुक्ला, जिन्हें कि उपाध्यक्ष चुना गया है, ने कहा कि श्रीनिवासन का चयन निर्विरोध किया गया है। शुक्ला ने कहा, "उनका चयन निर्विरोध हुआ है।" श्रीनिवासन दक्षिण क्षेत्र से अध्यक्ष पद के एक ही उम्मीदवार थे। दक्षिण क्षेत्र ने श्रीनिवासन को हाल के दिनों में बेहद शक्तिशाली बना दिया है। संजय पटेल को बोर्ड का सचिव चुना गया है। संजय जगदाले के इस्तीफा के बाद से पटेल ही कार्यकारी सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। शुक्ला के अलावा दिल्ली के स्नेह बंसल और मुम्बई के रवि सावंत को उपाध्यक्ष चुना गया है। बंसल के लिए अरुण जेटली और सावंत के लिए निरंजन शाह ने कुर्सी खाली की है। जेटली और शाह विवादों से घिरी बीसीसीआई के साथ फिलहाल नहीं जुड़े रहना चाहते थे। हरियाणा क्रिकेट संघ के सचिव अनिरुद्ध चौधरी को नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। वह सावंत का स्थान लेंगे। हिमाचल के अनिरुद्ध ठाकुर संयुक्त सचिव बने रहेंगे। ओडिशा से सम्बंध रखने वाले बिस्वाल आईपीएल प्रमुख के तौर पर राजीव शुक्ला का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद स्वेच्छा से यह पद छोड़ दिया था।टिप्पणियां बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। श्रीनिवासन दक्षिण क्षेत्र से अध्यक्ष पद के एक ही उम्मीदवार थे। दक्षिण क्षेत्र ने श्रीनिवासन को हाल के दिनों में बेहद शक्तिशाली बना दिया है। संजय पटेल को बोर्ड का सचिव चुना गया है। संजय जगदाले के इस्तीफा के बाद से पटेल ही कार्यकारी सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। शुक्ला के अलावा दिल्ली के स्नेह बंसल और मुम्बई के रवि सावंत को उपाध्यक्ष चुना गया है। बंसल के लिए अरुण जेटली और सावंत के लिए निरंजन शाह ने कुर्सी खाली की है। जेटली और शाह विवादों से घिरी बीसीसीआई के साथ फिलहाल नहीं जुड़े रहना चाहते थे। हरियाणा क्रिकेट संघ के सचिव अनिरुद्ध चौधरी को नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। वह सावंत का स्थान लेंगे। हिमाचल के अनिरुद्ध ठाकुर संयुक्त सचिव बने रहेंगे। ओडिशा से सम्बंध रखने वाले बिस्वाल आईपीएल प्रमुख के तौर पर राजीव शुक्ला का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद स्वेच्छा से यह पद छोड़ दिया था।टिप्पणियां बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। संजय पटेल को बोर्ड का सचिव चुना गया है। संजय जगदाले के इस्तीफा के बाद से पटेल ही कार्यकारी सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। शुक्ला के अलावा दिल्ली के स्नेह बंसल और मुम्बई के रवि सावंत को उपाध्यक्ष चुना गया है। बंसल के लिए अरुण जेटली और सावंत के लिए निरंजन शाह ने कुर्सी खाली की है। जेटली और शाह विवादों से घिरी बीसीसीआई के साथ फिलहाल नहीं जुड़े रहना चाहते थे। हरियाणा क्रिकेट संघ के सचिव अनिरुद्ध चौधरी को नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। वह सावंत का स्थान लेंगे। हिमाचल के अनिरुद्ध ठाकुर संयुक्त सचिव बने रहेंगे। ओडिशा से सम्बंध रखने वाले बिस्वाल आईपीएल प्रमुख के तौर पर राजीव शुक्ला का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद स्वेच्छा से यह पद छोड़ दिया था।टिप्पणियां बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। बंसल के लिए अरुण जेटली और सावंत के लिए निरंजन शाह ने कुर्सी खाली की है। जेटली और शाह विवादों से घिरी बीसीसीआई के साथ फिलहाल नहीं जुड़े रहना चाहते थे। हरियाणा क्रिकेट संघ के सचिव अनिरुद्ध चौधरी को नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। वह सावंत का स्थान लेंगे। हिमाचल के अनिरुद्ध ठाकुर संयुक्त सचिव बने रहेंगे। ओडिशा से सम्बंध रखने वाले बिस्वाल आईपीएल प्रमुख के तौर पर राजीव शुक्ला का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद स्वेच्छा से यह पद छोड़ दिया था।टिप्पणियां बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। हरियाणा क्रिकेट संघ के सचिव अनिरुद्ध चौधरी को नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। वह सावंत का स्थान लेंगे। हिमाचल के अनिरुद्ध ठाकुर संयुक्त सचिव बने रहेंगे। ओडिशा से सम्बंध रखने वाले बिस्वाल आईपीएल प्रमुख के तौर पर राजीव शुक्ला का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद स्वेच्छा से यह पद छोड़ दिया था।टिप्पणियां बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। ओडिशा से सम्बंध रखने वाले बिस्वाल आईपीएल प्रमुख के तौर पर राजीव शुक्ला का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद स्वेच्छा से यह पद छोड़ दिया था।टिप्पणियां बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। बिस्वाल के अलावा आईपीएल प्रमुख के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और बीसीसीआई के कार्यकारी प्रमुख जगमोहन डालमिया दौड़ में थे। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है। मौजूदा समय में बिस्वाल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे । उनके आईपीएल से जुड़ने के बाद राष्ट्रीय अकादमी का जिम्मा केरल के टीसी मैथ्यू को दिया गया है।
यहाँ एक सारांश है:एन. श्रीनिवासन को उम्मीद के मुताबिक तीसरे साल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का अध्यक्ष नियुक्त कर लिया गया।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत दौरे पर आई वेस्टइंडीज-ए क्रिकेट टीम ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में गुरुवार को हुए तीसरे अनाधिकारिक एकदिवसीय मैच में भारत-ए को 45 रन से मात देकर तीन मैचों की शृंखला 2-1 से जीत ली। किर्क एडवर्ड्स (104) वेस्टइंडीज-ए की जीत के नायक रहे। वेस्टइंडीज-ए से मिले 313 के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत-ए टीम निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 267 रन ही बना सकी। बड़े स्कोर का दबाव हालांकि भारत-ए पर शुरुआत में नहीं दिखा लेकिन रॉबिन उथप्पा (27) के कुल योग 46 पर रन आउट होने और इसी स्कोर पर नमन ओझा के बिना खाता खोले पवेलियन लौटने के कारण जरूर दबाव कुछ बढ़ गया। इसके बाद हालांकि बाबा अपराजित (78) और कप्तान युवराज सिंह (61) के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 112 रनों की साझेदारी से भारत-ए मजबूत स्थिति में आता लग रहा था। लेकिन युवराज और अपराजित के बाद कोई भी अन्य बल्लेबाज भारत-ए के लिए विजयी पारी नहीं खेल सका। युवराज 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर एश्ले नर्स का शिकार हुए। युवराज ने 59 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। युवराज अपनी कप्तानी में भारत-ए को शृंखला तो नहीं जिता पाए, लेकिन युवराज के बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन से जरूर उनके प्रशंसक काफी खुश हैं। अपराजित को 33वें ओवर की आखिरी गेंद पर वीरासामी परमौल ने क्लीन बोल्ड कर दिया। अपराजित ने 96 गेंदों पर छह चौके और एक छक्का लगाया। विनय कुमार (नाबाद 37) ने आखिरी ओवरों में भारत-ए के लिए संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन आखिर में विशाल हो चुके रन रेट को वह भी पार नहीं कर सके। भारत-ए के लिए आवश्यक रन गति एक समय 20 पर पहुंच गई तथा उसे आखिरी तीन ओवरों में जीत के लिए 62 रनों की दरकार थी। वेस्टइंडीज-ए के लिए परमौल ने तीन और कुमिंस ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज-ए ने सधी हुई शुरुआत की। शतक लगाने वाले एडवर्ड्स ने 104 गेंदों की पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। भारत की ओर से जयदेव उनादकत ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए लेकिन वह न तो एडवर्ड्स को शतक से रोक सके और न ही लियोन जानसन (54) को तेज अर्द्धशतक लगाने से। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। वेस्टइंडीज-ए से मिले 313 के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत-ए टीम निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 267 रन ही बना सकी। बड़े स्कोर का दबाव हालांकि भारत-ए पर शुरुआत में नहीं दिखा लेकिन रॉबिन उथप्पा (27) के कुल योग 46 पर रन आउट होने और इसी स्कोर पर नमन ओझा के बिना खाता खोले पवेलियन लौटने के कारण जरूर दबाव कुछ बढ़ गया। इसके बाद हालांकि बाबा अपराजित (78) और कप्तान युवराज सिंह (61) के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 112 रनों की साझेदारी से भारत-ए मजबूत स्थिति में आता लग रहा था। लेकिन युवराज और अपराजित के बाद कोई भी अन्य बल्लेबाज भारत-ए के लिए विजयी पारी नहीं खेल सका। युवराज 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर एश्ले नर्स का शिकार हुए। युवराज ने 59 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। युवराज अपनी कप्तानी में भारत-ए को शृंखला तो नहीं जिता पाए, लेकिन युवराज के बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन से जरूर उनके प्रशंसक काफी खुश हैं। अपराजित को 33वें ओवर की आखिरी गेंद पर वीरासामी परमौल ने क्लीन बोल्ड कर दिया। अपराजित ने 96 गेंदों पर छह चौके और एक छक्का लगाया। विनय कुमार (नाबाद 37) ने आखिरी ओवरों में भारत-ए के लिए संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन आखिर में विशाल हो चुके रन रेट को वह भी पार नहीं कर सके। भारत-ए के लिए आवश्यक रन गति एक समय 20 पर पहुंच गई तथा उसे आखिरी तीन ओवरों में जीत के लिए 62 रनों की दरकार थी। वेस्टइंडीज-ए के लिए परमौल ने तीन और कुमिंस ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज-ए ने सधी हुई शुरुआत की। शतक लगाने वाले एडवर्ड्स ने 104 गेंदों की पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। भारत की ओर से जयदेव उनादकत ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए लेकिन वह न तो एडवर्ड्स को शतक से रोक सके और न ही लियोन जानसन (54) को तेज अर्द्धशतक लगाने से। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। बड़े स्कोर का दबाव हालांकि भारत-ए पर शुरुआत में नहीं दिखा लेकिन रॉबिन उथप्पा (27) के कुल योग 46 पर रन आउट होने और इसी स्कोर पर नमन ओझा के बिना खाता खोले पवेलियन लौटने के कारण जरूर दबाव कुछ बढ़ गया। इसके बाद हालांकि बाबा अपराजित (78) और कप्तान युवराज सिंह (61) के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 112 रनों की साझेदारी से भारत-ए मजबूत स्थिति में आता लग रहा था। लेकिन युवराज और अपराजित के बाद कोई भी अन्य बल्लेबाज भारत-ए के लिए विजयी पारी नहीं खेल सका। युवराज 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर एश्ले नर्स का शिकार हुए। युवराज ने 59 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। युवराज अपनी कप्तानी में भारत-ए को शृंखला तो नहीं जिता पाए, लेकिन युवराज के बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन से जरूर उनके प्रशंसक काफी खुश हैं। अपराजित को 33वें ओवर की आखिरी गेंद पर वीरासामी परमौल ने क्लीन बोल्ड कर दिया। अपराजित ने 96 गेंदों पर छह चौके और एक छक्का लगाया। विनय कुमार (नाबाद 37) ने आखिरी ओवरों में भारत-ए के लिए संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन आखिर में विशाल हो चुके रन रेट को वह भी पार नहीं कर सके। भारत-ए के लिए आवश्यक रन गति एक समय 20 पर पहुंच गई तथा उसे आखिरी तीन ओवरों में जीत के लिए 62 रनों की दरकार थी। वेस्टइंडीज-ए के लिए परमौल ने तीन और कुमिंस ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज-ए ने सधी हुई शुरुआत की। शतक लगाने वाले एडवर्ड्स ने 104 गेंदों की पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। भारत की ओर से जयदेव उनादकत ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए लेकिन वह न तो एडवर्ड्स को शतक से रोक सके और न ही लियोन जानसन (54) को तेज अर्द्धशतक लगाने से। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। इसके बाद हालांकि बाबा अपराजित (78) और कप्तान युवराज सिंह (61) के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 112 रनों की साझेदारी से भारत-ए मजबूत स्थिति में आता लग रहा था। लेकिन युवराज और अपराजित के बाद कोई भी अन्य बल्लेबाज भारत-ए के लिए विजयी पारी नहीं खेल सका। युवराज 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर एश्ले नर्स का शिकार हुए। युवराज ने 59 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। युवराज अपनी कप्तानी में भारत-ए को शृंखला तो नहीं जिता पाए, लेकिन युवराज के बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन से जरूर उनके प्रशंसक काफी खुश हैं। अपराजित को 33वें ओवर की आखिरी गेंद पर वीरासामी परमौल ने क्लीन बोल्ड कर दिया। अपराजित ने 96 गेंदों पर छह चौके और एक छक्का लगाया। विनय कुमार (नाबाद 37) ने आखिरी ओवरों में भारत-ए के लिए संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन आखिर में विशाल हो चुके रन रेट को वह भी पार नहीं कर सके। भारत-ए के लिए आवश्यक रन गति एक समय 20 पर पहुंच गई तथा उसे आखिरी तीन ओवरों में जीत के लिए 62 रनों की दरकार थी। वेस्टइंडीज-ए के लिए परमौल ने तीन और कुमिंस ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज-ए ने सधी हुई शुरुआत की। शतक लगाने वाले एडवर्ड्स ने 104 गेंदों की पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। भारत की ओर से जयदेव उनादकत ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए लेकिन वह न तो एडवर्ड्स को शतक से रोक सके और न ही लियोन जानसन (54) को तेज अर्द्धशतक लगाने से। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। युवराज 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर एश्ले नर्स का शिकार हुए। युवराज ने 59 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। युवराज अपनी कप्तानी में भारत-ए को शृंखला तो नहीं जिता पाए, लेकिन युवराज के बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन से जरूर उनके प्रशंसक काफी खुश हैं। अपराजित को 33वें ओवर की आखिरी गेंद पर वीरासामी परमौल ने क्लीन बोल्ड कर दिया। अपराजित ने 96 गेंदों पर छह चौके और एक छक्का लगाया। विनय कुमार (नाबाद 37) ने आखिरी ओवरों में भारत-ए के लिए संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन आखिर में विशाल हो चुके रन रेट को वह भी पार नहीं कर सके। भारत-ए के लिए आवश्यक रन गति एक समय 20 पर पहुंच गई तथा उसे आखिरी तीन ओवरों में जीत के लिए 62 रनों की दरकार थी। वेस्टइंडीज-ए के लिए परमौल ने तीन और कुमिंस ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज-ए ने सधी हुई शुरुआत की। शतक लगाने वाले एडवर्ड्स ने 104 गेंदों की पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। भारत की ओर से जयदेव उनादकत ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए लेकिन वह न तो एडवर्ड्स को शतक से रोक सके और न ही लियोन जानसन (54) को तेज अर्द्धशतक लगाने से। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। अपराजित को 33वें ओवर की आखिरी गेंद पर वीरासामी परमौल ने क्लीन बोल्ड कर दिया। अपराजित ने 96 गेंदों पर छह चौके और एक छक्का लगाया। विनय कुमार (नाबाद 37) ने आखिरी ओवरों में भारत-ए के लिए संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन आखिर में विशाल हो चुके रन रेट को वह भी पार नहीं कर सके। भारत-ए के लिए आवश्यक रन गति एक समय 20 पर पहुंच गई तथा उसे आखिरी तीन ओवरों में जीत के लिए 62 रनों की दरकार थी। वेस्टइंडीज-ए के लिए परमौल ने तीन और कुमिंस ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज-ए ने सधी हुई शुरुआत की। शतक लगाने वाले एडवर्ड्स ने 104 गेंदों की पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। भारत की ओर से जयदेव उनादकत ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए लेकिन वह न तो एडवर्ड्स को शतक से रोक सके और न ही लियोन जानसन (54) को तेज अर्द्धशतक लगाने से। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। विनय कुमार (नाबाद 37) ने आखिरी ओवरों में भारत-ए के लिए संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन आखिर में विशाल हो चुके रन रेट को वह भी पार नहीं कर सके। भारत-ए के लिए आवश्यक रन गति एक समय 20 पर पहुंच गई तथा उसे आखिरी तीन ओवरों में जीत के लिए 62 रनों की दरकार थी। वेस्टइंडीज-ए के लिए परमौल ने तीन और कुमिंस ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज-ए ने सधी हुई शुरुआत की। शतक लगाने वाले एडवर्ड्स ने 104 गेंदों की पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। भारत की ओर से जयदेव उनादकत ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए लेकिन वह न तो एडवर्ड्स को शतक से रोक सके और न ही लियोन जानसन (54) को तेज अर्द्धशतक लगाने से। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज-ए ने सधी हुई शुरुआत की। शतक लगाने वाले एडवर्ड्स ने 104 गेंदों की पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। भारत की ओर से जयदेव उनादकत ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए लेकिन वह न तो एडवर्ड्स को शतक से रोक सके और न ही लियोन जानसन (54) को तेज अर्द्धशतक लगाने से। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। लियोन ने 42 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान कीरन पॉवेल ने 40 रनों की आकर्षक पारी खेली। 3 गेंदों पर चार चौका और एक छक्का लगाने वाले कीरन ने आंद्रे फ्लेचर (28) के साथ पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की।टिप्पणियां दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत तय करने वाले जोनाथन कार्टर ने भी 35 रनों की उपयोगी पारी खेली। कार्टर और एडवर्ड्स ने चौथे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी निभाई। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए। कार्टर ने 38 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। ड्वेन थामस ने 13 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए। भारत-ए की ओर से शाहबाज नदीम ने भी दो विकेट हासिल किए।
संक्षिप्त सारांश: भारत दौरे पर आई वेस्टइंडीज-ए क्रिकेट टीम ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में गुरुवार को हुए तीसरे अनाधिकारिक एकदिवसीय मैच में भारत-ए को 45 रन से मात देकर तीन मैचों की शृंखला 2-1 से जीत ली। किर्क एडवर्ड्स (104) वेस्टइंडीज-ए की जीत के नायक रहे।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये ने गिरावट का अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया और एक डॉलर की कीमत 56.38 रुपये हो गई।टिप्पणियां काराबोर शुरू होने के वक्त अमेरिकी मुद्रा की तुलना में रुपया 21 पैसे टूटकर 56.21 पर खुला था। गिरावट का सिलसिला जारी रहने से यह नए निम्नतम स्तर तक पहुंच गया। कारोबारियों का कहना है कि आयातकों की भारी डॉलर मांग का असर रुपये की धारणा पर देखने को मिल रहा है। रुपये में गिरावट का आज लगातार सातवां कारोबारी सत्र है। कल यह 56.22 रुपये तक लुढ़कने के बाद 56.00 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। काराबोर शुरू होने के वक्त अमेरिकी मुद्रा की तुलना में रुपया 21 पैसे टूटकर 56.21 पर खुला था। गिरावट का सिलसिला जारी रहने से यह नए निम्नतम स्तर तक पहुंच गया। कारोबारियों का कहना है कि आयातकों की भारी डॉलर मांग का असर रुपये की धारणा पर देखने को मिल रहा है। रुपये में गिरावट का आज लगातार सातवां कारोबारी सत्र है। कल यह 56.22 रुपये तक लुढ़कने के बाद 56.00 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। रुपये में गिरावट का आज लगातार सातवां कारोबारी सत्र है। कल यह 56.22 रुपये तक लुढ़कने के बाद 56.00 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये ने गिरावट का अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया और एक डॉलर की कीमत 56.38 रुपये हो गई।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र एटीएस ने आइएस जॉइन करने के लिए उकसाने और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में रिज़वान ख़ान नाम के शख़्स को गिरफ़्तार किया है। इस मामले में ये दूसरी गिरफ़्तारी है। इससे पहले ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का गेस्ट रिलेशन ऑफ़िसर अर्शी कुरैशी भी गिरफ़्तार हो चुका है। कल्याण के रहने वाला रिज़वान ख़ान केरल से IS में भर्ती होने गए 21 युवकों में से बस्टिन और मेरिन उर्फ़ मरियम की शादी का गवाह है। वैसे उसे भी अर्शी के साथ हिरासत में लिया गया था लेकिन बाद में रिज़वान को छोड़ दिया गया था। लेकिन,धर्म परिवर्तन और शादी के काग़जात पर उसके हस्ताक्षर मिलने पर उसको दुबारा बुलाया गया और पूछताछ के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया। कल्याण के रहने वाला रिज़वान ख़ान केरल से IS में भर्ती होने गए 21 युवकों में से बस्टिन और मेरिन उर्फ़ मरियम की शादी का गवाह है। वैसे उसे भी अर्शी के साथ हिरासत में लिया गया था लेकिन बाद में रिज़वान को छोड़ दिया गया था। लेकिन,धर्म परिवर्तन और शादी के काग़जात पर उसके हस्ताक्षर मिलने पर उसको दुबारा बुलाया गया और पूछताछ के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया।
यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र एटीएस ने IS जॉइन करने के लिए उकसाने के मामले में की गिरफ्तारी रिजवान खान नामक शख्स को गिरफ्तार किया गया इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी, कुर्शी नामक शख्स पहले ही अरेस्ट
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने तेलंगाना राज्य बनाने में विलंब करने के लिए संप्रग की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि नए राज्यों के गठन की मांगों पर विचार करने के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन किया जाना चाहिए। सिंह ने कहा, ‘‘काश, जिन युवाओं ने पृथक तेलंगाना राज्य के लिए अपनी कुर्बानी दी वे भी इसके गठन को देख पाते। हमें इसका दुख है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि यह निर्णय समय पर नहीं किया गया।’’ विभिन्न समूहों द्वारा विभिन्न पृथक राज्य बनाए जाने की मांगों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि नए राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर गठन होना चाहिए जो सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट दे। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से बात करके केन्द्र को राज्य पुनर्गठन आयोग गठन करने के बारे में निर्णय करना चाहिए। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को कहा था, ‘‘जहां तक हमारा संबंध है, हमारी पार्टी का संबंध है, अगर हमारे द्वारा तीन राज्य गठित किए जाते समय तेलंगाना राज्य नहीं बन सका तो इसलिए कि हमने अपने गठबंधन सहयोगी का सम्मान किया। अन्यथा हमने तब ही ऐसा कर दिया होता।’’ उनका आशय तेलंगाना राज्य बनाने को लेकर तेलगु देशम पार्टी के विरोध से था जो उस समय राजग सरकार का समर्थन कर रही थी। पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी यहां मांग की कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन करके ‘बुंदेलखंड राज्य’ सहित पृथक राज्य बनाने के सभी प्रस्तावों पर विचार किया जाए। उमा ने कहा, ‘‘राज्य पुनर्गठन आयोग को फिर से बनाया जाए और अलग राज्य बनाने के जितने भी अन्य प्रस्ताव फैसले से वंचित रह गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। सिंह ने कहा, ‘‘काश, जिन युवाओं ने पृथक तेलंगाना राज्य के लिए अपनी कुर्बानी दी वे भी इसके गठन को देख पाते। हमें इसका दुख है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि यह निर्णय समय पर नहीं किया गया।’’ विभिन्न समूहों द्वारा विभिन्न पृथक राज्य बनाए जाने की मांगों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि नए राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर गठन होना चाहिए जो सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट दे। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से बात करके केन्द्र को राज्य पुनर्गठन आयोग गठन करने के बारे में निर्णय करना चाहिए। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को कहा था, ‘‘जहां तक हमारा संबंध है, हमारी पार्टी का संबंध है, अगर हमारे द्वारा तीन राज्य गठित किए जाते समय तेलंगाना राज्य नहीं बन सका तो इसलिए कि हमने अपने गठबंधन सहयोगी का सम्मान किया। अन्यथा हमने तब ही ऐसा कर दिया होता।’’ उनका आशय तेलंगाना राज्य बनाने को लेकर तेलगु देशम पार्टी के विरोध से था जो उस समय राजग सरकार का समर्थन कर रही थी। पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी यहां मांग की कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन करके ‘बुंदेलखंड राज्य’ सहित पृथक राज्य बनाने के सभी प्रस्तावों पर विचार किया जाए। उमा ने कहा, ‘‘राज्य पुनर्गठन आयोग को फिर से बनाया जाए और अलग राज्य बनाने के जितने भी अन्य प्रस्ताव फैसले से वंचित रह गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। विभिन्न समूहों द्वारा विभिन्न पृथक राज्य बनाए जाने की मांगों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि नए राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर गठन होना चाहिए जो सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट दे। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से बात करके केन्द्र को राज्य पुनर्गठन आयोग गठन करने के बारे में निर्णय करना चाहिए। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को कहा था, ‘‘जहां तक हमारा संबंध है, हमारी पार्टी का संबंध है, अगर हमारे द्वारा तीन राज्य गठित किए जाते समय तेलंगाना राज्य नहीं बन सका तो इसलिए कि हमने अपने गठबंधन सहयोगी का सम्मान किया। अन्यथा हमने तब ही ऐसा कर दिया होता।’’ उनका आशय तेलंगाना राज्य बनाने को लेकर तेलगु देशम पार्टी के विरोध से था जो उस समय राजग सरकार का समर्थन कर रही थी। पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी यहां मांग की कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन करके ‘बुंदेलखंड राज्य’ सहित पृथक राज्य बनाने के सभी प्रस्तावों पर विचार किया जाए। उमा ने कहा, ‘‘राज्य पुनर्गठन आयोग को फिर से बनाया जाए और अलग राज्य बनाने के जितने भी अन्य प्रस्ताव फैसले से वंचित रह गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से बात करके केन्द्र को राज्य पुनर्गठन आयोग गठन करने के बारे में निर्णय करना चाहिए। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को कहा था, ‘‘जहां तक हमारा संबंध है, हमारी पार्टी का संबंध है, अगर हमारे द्वारा तीन राज्य गठित किए जाते समय तेलंगाना राज्य नहीं बन सका तो इसलिए कि हमने अपने गठबंधन सहयोगी का सम्मान किया। अन्यथा हमने तब ही ऐसा कर दिया होता।’’ उनका आशय तेलंगाना राज्य बनाने को लेकर तेलगु देशम पार्टी के विरोध से था जो उस समय राजग सरकार का समर्थन कर रही थी। पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी यहां मांग की कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन करके ‘बुंदेलखंड राज्य’ सहित पृथक राज्य बनाने के सभी प्रस्तावों पर विचार किया जाए। उमा ने कहा, ‘‘राज्य पुनर्गठन आयोग को फिर से बनाया जाए और अलग राज्य बनाने के जितने भी अन्य प्रस्ताव फैसले से वंचित रह गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को कहा था, ‘‘जहां तक हमारा संबंध है, हमारी पार्टी का संबंध है, अगर हमारे द्वारा तीन राज्य गठित किए जाते समय तेलंगाना राज्य नहीं बन सका तो इसलिए कि हमने अपने गठबंधन सहयोगी का सम्मान किया। अन्यथा हमने तब ही ऐसा कर दिया होता।’’ उनका आशय तेलंगाना राज्य बनाने को लेकर तेलगु देशम पार्टी के विरोध से था जो उस समय राजग सरकार का समर्थन कर रही थी। पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी यहां मांग की कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन करके ‘बुंदेलखंड राज्य’ सहित पृथक राज्य बनाने के सभी प्रस्तावों पर विचार किया जाए। उमा ने कहा, ‘‘राज्य पुनर्गठन आयोग को फिर से बनाया जाए और अलग राज्य बनाने के जितने भी अन्य प्रस्ताव फैसले से वंचित रह गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। उनका आशय तेलंगाना राज्य बनाने को लेकर तेलगु देशम पार्टी के विरोध से था जो उस समय राजग सरकार का समर्थन कर रही थी। पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी यहां मांग की कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन करके ‘बुंदेलखंड राज्य’ सहित पृथक राज्य बनाने के सभी प्रस्तावों पर विचार किया जाए। उमा ने कहा, ‘‘राज्य पुनर्गठन आयोग को फिर से बनाया जाए और अलग राज्य बनाने के जितने भी अन्य प्रस्ताव फैसले से वंचित रह गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी यहां मांग की कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन करके ‘बुंदेलखंड राज्य’ सहित पृथक राज्य बनाने के सभी प्रस्तावों पर विचार किया जाए। उमा ने कहा, ‘‘राज्य पुनर्गठन आयोग को फिर से बनाया जाए और अलग राज्य बनाने के जितने भी अन्य प्रस्ताव फैसले से वंचित रह गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। उमा ने कहा, ‘‘राज्य पुनर्गठन आयोग को फिर से बनाया जाए और अलग राज्य बनाने के जितने भी अन्य प्रस्ताव फैसले से वंचित रह गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर उसे पृथक राज्य बनाने और उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने के बसपा प्रमुख मायावती के प्रस्ताव सहित ऐसी सभी मांगों पर विचार हो। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। मायावती की मांग को हालांकि उन्होंने ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए कहा कि जब चुनाव करीब होते हैं, तभी वह ऐसी मांग उठाती हैं। लोकसभा चुनाव करीब आता देख उन्होंने यह मांग की है और इससे पहले यूपी के अपने शासन के अंतिम दिनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड’ में बांटने का प्रस्ताव पारित कराया था।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। बीजेपी नेता ने कहा, बहरहाल जिस भी उद्देश्य से पृथक राज्यों की मांग की गई हों, अच्छा यही होगा कि राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन हो और उसमें अलग राज्यों के सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद संसद में उन पर व्यापक चर्चा से अंतिम फैसला किया जाए। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है। तेलंगाना राज्य बनाने के संप्रग के निर्णय पर उमा ने कहा, ‘‘इस फैसले से बीजेपी को प्रसन्नता के साथ शंका और चिंता भी है, क्योंकि एक तो कांग्रेस में ही इसे लेकर फूट है और दूसरे यह कि इस मुद्दे पर यह पार्टी बार-बार धोखाधड़ी करती आई है।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने तेलंगाना राज्य बनाने में विलंब करने के लिए संप्रग की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि नए राज्यों के गठन की मांगों पर विचार करने के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग का फिर से गठन किया जाना चाहिए।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाशिवरात्रि की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। रविवार सुबह से ही भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। सुरक्षा के लिए भारी संख्या पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। मंदिरों में लाखों भक्तों की भीड़ जुटने की संभावना है। पुलिस इसके मद्देनजर तैयारियां पूरी कर चुकी है। रविवार तड़के से ही पुलिस बल क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के बाहर तैनात हो जाएगा।टिप्पणियां एसपी सिटी शिवशंकर यादव ने बताया कि सभी थानों की पुलिस को मंदिरों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के आदेश दिए गए हैं। महिलाओं व बुजुर्ग भक्तों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। दुधेश्वरनाथ मंदिर व मोहन नगर मंदिर को महाशिवरात्रि पर विशेष रूप से सजाया गया है और जलाभिषेक के लिए विशेष इंतजाम किया गया है। दुधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि का कहना है कि इस बार विशेष तौर पर जलाभिषेक के लिए तीन ट्रक फूलों की व्यवस्था व प्रसाद स्वरूप 111 भोग की व्यवस्था मंदिर में रहेगी। मंदिरों में लाखों भक्तों की भीड़ जुटने की संभावना है। पुलिस इसके मद्देनजर तैयारियां पूरी कर चुकी है। रविवार तड़के से ही पुलिस बल क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के बाहर तैनात हो जाएगा।टिप्पणियां एसपी सिटी शिवशंकर यादव ने बताया कि सभी थानों की पुलिस को मंदिरों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के आदेश दिए गए हैं। महिलाओं व बुजुर्ग भक्तों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। दुधेश्वरनाथ मंदिर व मोहन नगर मंदिर को महाशिवरात्रि पर विशेष रूप से सजाया गया है और जलाभिषेक के लिए विशेष इंतजाम किया गया है। दुधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि का कहना है कि इस बार विशेष तौर पर जलाभिषेक के लिए तीन ट्रक फूलों की व्यवस्था व प्रसाद स्वरूप 111 भोग की व्यवस्था मंदिर में रहेगी। एसपी सिटी शिवशंकर यादव ने बताया कि सभी थानों की पुलिस को मंदिरों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के आदेश दिए गए हैं। महिलाओं व बुजुर्ग भक्तों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। दुधेश्वरनाथ मंदिर व मोहन नगर मंदिर को महाशिवरात्रि पर विशेष रूप से सजाया गया है और जलाभिषेक के लिए विशेष इंतजाम किया गया है। दुधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि का कहना है कि इस बार विशेष तौर पर जलाभिषेक के लिए तीन ट्रक फूलों की व्यवस्था व प्रसाद स्वरूप 111 भोग की व्यवस्था मंदिर में रहेगी। दुधेश्वरनाथ मंदिर व मोहन नगर मंदिर को महाशिवरात्रि पर विशेष रूप से सजाया गया है और जलाभिषेक के लिए विशेष इंतजाम किया गया है। दुधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि का कहना है कि इस बार विशेष तौर पर जलाभिषेक के लिए तीन ट्रक फूलों की व्यवस्था व प्रसाद स्वरूप 111 भोग की व्यवस्था मंदिर में रहेगी।
संक्षिप्त पाठ: महाशिवरात्रि की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। रविवार सुबह से ही भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। सुरक्षा के लिए भारी संख्या पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और पांच बार की विश्व चैम्पियन मुक्केबाज एम सी मैरीकाम को ब्रिटिश मासिक पत्रिका ने दुनिया में बाजार के सबसे पसंदीदा खिलाड़ियों की सूची में क्रमश: 16वें और 38वें नंबर पर रखा है। यह ब्रिटिश पत्रिका ‘स्पोर्ट्सप्रो’ खेलों में व्यवसाय और वित्तीय पहलूओं की रिपोर्ट रखती है। इस पत्रिका ने दुनिया के खिलाड़ियों को अगले तीन साल में बाजार में उनकी पसंद के आधार पर रैंकिंग दी है जिसमें उनकी उम्र, घरेलू बाजार, उनका खेल प्रदर्शन और विदेशों में उनको पसंद किया जाना शामिल है।टिप्पणियां मैरीकाम लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की एकमात्र महिला मुक्केबाज है। वह धोनी के अलावा सूची में शामिल होने वाली देश की एकमात्र एथलीट है जिसमें ब्राजीली फुटबॉलर नेमार शीर्ष पर हैं। इस सूची में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी जैसे लियोनल मेस्सी (तीसरे), उसेन बोल्ड (चौथे), क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पांचवें), रोरी मैकलोरी (दूसरे), मारिया शारापोवा नोवाक जोकोविच, लुईस हैमिल्टन और अन्य कई एथलीट शामिल हैं। यह ब्रिटिश पत्रिका ‘स्पोर्ट्सप्रो’ खेलों में व्यवसाय और वित्तीय पहलूओं की रिपोर्ट रखती है। इस पत्रिका ने दुनिया के खिलाड़ियों को अगले तीन साल में बाजार में उनकी पसंद के आधार पर रैंकिंग दी है जिसमें उनकी उम्र, घरेलू बाजार, उनका खेल प्रदर्शन और विदेशों में उनको पसंद किया जाना शामिल है।टिप्पणियां मैरीकाम लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की एकमात्र महिला मुक्केबाज है। वह धोनी के अलावा सूची में शामिल होने वाली देश की एकमात्र एथलीट है जिसमें ब्राजीली फुटबॉलर नेमार शीर्ष पर हैं। इस सूची में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी जैसे लियोनल मेस्सी (तीसरे), उसेन बोल्ड (चौथे), क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पांचवें), रोरी मैकलोरी (दूसरे), मारिया शारापोवा नोवाक जोकोविच, लुईस हैमिल्टन और अन्य कई एथलीट शामिल हैं। मैरीकाम लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की एकमात्र महिला मुक्केबाज है। वह धोनी के अलावा सूची में शामिल होने वाली देश की एकमात्र एथलीट है जिसमें ब्राजीली फुटबॉलर नेमार शीर्ष पर हैं। इस सूची में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी जैसे लियोनल मेस्सी (तीसरे), उसेन बोल्ड (चौथे), क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पांचवें), रोरी मैकलोरी (दूसरे), मारिया शारापोवा नोवाक जोकोविच, लुईस हैमिल्टन और अन्य कई एथलीट शामिल हैं। इस सूची में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी जैसे लियोनल मेस्सी (तीसरे), उसेन बोल्ड (चौथे), क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पांचवें), रोरी मैकलोरी (दूसरे), मारिया शारापोवा नोवाक जोकोविच, लुईस हैमिल्टन और अन्य कई एथलीट शामिल हैं।
टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और पांच बार की विश्व चैम्पियन मुक्केबाज एम सी मैरीकाम को ब्रिटिश मासिक पत्रिका ने दुनिया में बाजार के सबसे पसंदीदा खिलाड़ियों की सूची में क्रमश: 16वें और 38वें नंबर पर रखा है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने सेवानिवृत्ति के बाद पुणे में अपने आवास के विचार को त्याग दिया है। भूमि हड़पने के आरोपों और गलत तथ्य पेश किए जाने पर राष्ट्रपति की ओर से यह फैसला किया गया है। राष्ट्रपति भवन से शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया, "जिस बात ने राष्ट्रपति को सर्वाधिक पीड़ा पहुंचाई है, वह यह है कि कुछ लोगों ने राष्ट्रपति को इस तरह से पेश किया है कि उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद आवास के लिए एक रक्षा भूमि को स्वीकार करने पर अपनी सहमति देकर वीरांगनाओं एवं पूर्व सैन्यकर्मियों के प्रति असंवेदनशीलता दिखाई है।" बयान के मुताबिक, "लेकिन तथ्य इसके विपरीत हैं। राष्ट्रपति ने अपने बहादुर जवानों जो देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए अपना बलिदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, उनके प्रति सदा ही गर्व महसूस किया है। वह वीरांगनाओं के लिए सर्वाधिक सम्मान रखती हैं।" उल्लेखनीय है कि पुणे में पूर्व सैन्यकर्मियों के एक संगठन ने दावा किया है कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के सेवानिवृत्ति के बाद के आवास के लिए पांच एकड़ से अधिक भूमि का आवंटन किया गया है। टिप्पणियां बयान में कहा गया, "इन आरोपों पर राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया न देना उचित समझा क्योंकि उन्होंने खुद को देश के संविधान के प्रति जवाबदेह पाया है। यह सोचा गया कि एक बार जब तथ्य सार्वजनिक होंगे तो इससे सम्बंधित लोगों की चिंताएं दूर हो जाएंगी लेकिन राष्ट्रपति सचिवालय से स्पष्टीकरण जारी होने के बावजूद गलत तथ्यों का प्रकाशन जारी है जो दुर्भाग्यपूण है।" बयान के मुताबिक, "उम्मीद है कि अब इस सम्बंध में सभी गलत बातों पर रोक लग जाएगी।" राष्ट्रपति भवन से शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया, "जिस बात ने राष्ट्रपति को सर्वाधिक पीड़ा पहुंचाई है, वह यह है कि कुछ लोगों ने राष्ट्रपति को इस तरह से पेश किया है कि उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद आवास के लिए एक रक्षा भूमि को स्वीकार करने पर अपनी सहमति देकर वीरांगनाओं एवं पूर्व सैन्यकर्मियों के प्रति असंवेदनशीलता दिखाई है।" बयान के मुताबिक, "लेकिन तथ्य इसके विपरीत हैं। राष्ट्रपति ने अपने बहादुर जवानों जो देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए अपना बलिदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, उनके प्रति सदा ही गर्व महसूस किया है। वह वीरांगनाओं के लिए सर्वाधिक सम्मान रखती हैं।" उल्लेखनीय है कि पुणे में पूर्व सैन्यकर्मियों के एक संगठन ने दावा किया है कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के सेवानिवृत्ति के बाद के आवास के लिए पांच एकड़ से अधिक भूमि का आवंटन किया गया है। टिप्पणियां बयान में कहा गया, "इन आरोपों पर राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया न देना उचित समझा क्योंकि उन्होंने खुद को देश के संविधान के प्रति जवाबदेह पाया है। यह सोचा गया कि एक बार जब तथ्य सार्वजनिक होंगे तो इससे सम्बंधित लोगों की चिंताएं दूर हो जाएंगी लेकिन राष्ट्रपति सचिवालय से स्पष्टीकरण जारी होने के बावजूद गलत तथ्यों का प्रकाशन जारी है जो दुर्भाग्यपूण है।" बयान के मुताबिक, "उम्मीद है कि अब इस सम्बंध में सभी गलत बातों पर रोक लग जाएगी।" बयान के मुताबिक, "लेकिन तथ्य इसके विपरीत हैं। राष्ट्रपति ने अपने बहादुर जवानों जो देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए अपना बलिदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, उनके प्रति सदा ही गर्व महसूस किया है। वह वीरांगनाओं के लिए सर्वाधिक सम्मान रखती हैं।" उल्लेखनीय है कि पुणे में पूर्व सैन्यकर्मियों के एक संगठन ने दावा किया है कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के सेवानिवृत्ति के बाद के आवास के लिए पांच एकड़ से अधिक भूमि का आवंटन किया गया है। टिप्पणियां बयान में कहा गया, "इन आरोपों पर राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया न देना उचित समझा क्योंकि उन्होंने खुद को देश के संविधान के प्रति जवाबदेह पाया है। यह सोचा गया कि एक बार जब तथ्य सार्वजनिक होंगे तो इससे सम्बंधित लोगों की चिंताएं दूर हो जाएंगी लेकिन राष्ट्रपति सचिवालय से स्पष्टीकरण जारी होने के बावजूद गलत तथ्यों का प्रकाशन जारी है जो दुर्भाग्यपूण है।" बयान के मुताबिक, "उम्मीद है कि अब इस सम्बंध में सभी गलत बातों पर रोक लग जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पुणे में पूर्व सैन्यकर्मियों के एक संगठन ने दावा किया है कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के सेवानिवृत्ति के बाद के आवास के लिए पांच एकड़ से अधिक भूमि का आवंटन किया गया है। टिप्पणियां बयान में कहा गया, "इन आरोपों पर राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया न देना उचित समझा क्योंकि उन्होंने खुद को देश के संविधान के प्रति जवाबदेह पाया है। यह सोचा गया कि एक बार जब तथ्य सार्वजनिक होंगे तो इससे सम्बंधित लोगों की चिंताएं दूर हो जाएंगी लेकिन राष्ट्रपति सचिवालय से स्पष्टीकरण जारी होने के बावजूद गलत तथ्यों का प्रकाशन जारी है जो दुर्भाग्यपूण है।" बयान के मुताबिक, "उम्मीद है कि अब इस सम्बंध में सभी गलत बातों पर रोक लग जाएगी।" बयान में कहा गया, "इन आरोपों पर राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया न देना उचित समझा क्योंकि उन्होंने खुद को देश के संविधान के प्रति जवाबदेह पाया है। यह सोचा गया कि एक बार जब तथ्य सार्वजनिक होंगे तो इससे सम्बंधित लोगों की चिंताएं दूर हो जाएंगी लेकिन राष्ट्रपति सचिवालय से स्पष्टीकरण जारी होने के बावजूद गलत तथ्यों का प्रकाशन जारी है जो दुर्भाग्यपूण है।" बयान के मुताबिक, "उम्मीद है कि अब इस सम्बंध में सभी गलत बातों पर रोक लग जाएगी।" बयान के मुताबिक, "उम्मीद है कि अब इस सम्बंध में सभी गलत बातों पर रोक लग जाएगी।"
यह एक सारांश है: राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने सेवानिवृत्ति के बाद पुणे में अपने आवास के विचार को त्याग दिया है। भूमि हड़पने के आरोपों और गलत तथ्य पेश किए जाने पर राष्ट्रपति की ओर से यह फैसला किया गया है।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) में अपने आईकान खिलाडी पी कश्यप की अगुवाई में खिलाड़ी के जोरदार प्रदर्शन के बलबूते बंगा बीट्स ने महत्वपूर्ण मुकाबले में अवध वारियर्स को उसके घरेलू मैदान पर 3-। से हराकर लीग में अपनी पहली जीत हासिल की। बीबीडी एकेडमी कोर्ट में खेले गये इस मुकाबले में वारियर्स को अपनी स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु से एक बार फिर निराशा हाथ लगी। पहले मैच में पराजय के कारण पिछड़ चुके वारियर्स को दिन के दूसरे मैच में सिंधु से कमाल की उम्मीद थी, लेकिन वह लगातार दूसरी बार नाकाम रही। मुकाबले के पहले मैच में अपने खिलाड़ी वेंग फेंग चोंग की अपने मजबूत प्रतिद्वन्द्वी बीट्स के हू युन के हाथों 11-21, 20-21 से पराजय के बाद पिछड़े वारियर्स को अगले मैच में सिंधु से प्रेरणादायक प्रदर्शन की उममीद थी,लेकिन वह बीट्स की कैरोलीना मरीन से 21-16, 21-13 से परास्त हो गयी। पहले गेम में दुनिया की 10वें नम्बर की खिलाड़ी सिंधु ने 19वीं पायदान वाली स्पेनिश खिलाड़ी कैरोलीना को तगड़ी टक्कर दी। उस वक्त उम्मीद बंधी कि सिंधु कमाल दिखाएंगी, लेकिन बंगाल की शटलर ने कई स्मैश और ड्रॉप शॉट खेलकर बढ़त ले ली और इस गेम को 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधु ने शुरुआत में जोर दिखाया, लेकिन पहले ब्रेक तक स्कोर 7-4 से कैरोलीना के पक्ष में रहा। उसके बाद बीट्स की खिलाड़ी ने पावर गेम का मुजाहिरा किया, जिससे सिंधु पार नहीं पा सकीं। हालांकि उन्हें अपनी कुछ गलतियों का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और गेम 13-21 से गंवा बैठीं। इस तरह वारियर्स 0-2 से पिछड़ गए। बीट्स के कप्तान विश्व के 14वें नम्बर के खिलाड़ी पी कश्यप ने टीम की जीत की औपचारिकता पूरी करते हुए वारियर्स के के श्रीकांत को संघषर्पूर्ण मैंच में 20-21, 21-11, 9-11 से हराया। इस मैच में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच जोरदार बैडमिंटन देखने को मिला और दोनों ने ही विश्वस्तरीय खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। शुरुआती गेम में जहां कश्यप नजदीकी अंतर से हार गए, वहीं दूसरे गेम में उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और 21-11 से जीत दर्ज की। आखिरी गेम में भी संघषर्पूर्ण रहा, लेकिन अंत में जीत कश्यप की हुई। इसके पूर्व, पहले मैच में दुनिया के आठवें नम्बर के खिलाड़ी बीट्स के हू युन ने 13वीं पायदान के खिलाड़ी वारियर्स के वेई फेंग चोंग को 21-11, 21-20 से पराजित किया। चोंग ने पहला गेम बहुत आसानी से गंवा दिया जबकि दूसरे गेम को जीतने की उन्होंने भरसक कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।टिप्पणियां शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। बीबीडी एकेडमी कोर्ट में खेले गये इस मुकाबले में वारियर्स को अपनी स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु से एक बार फिर निराशा हाथ लगी। पहले मैच में पराजय के कारण पिछड़ चुके वारियर्स को दिन के दूसरे मैच में सिंधु से कमाल की उम्मीद थी, लेकिन वह लगातार दूसरी बार नाकाम रही। मुकाबले के पहले मैच में अपने खिलाड़ी वेंग फेंग चोंग की अपने मजबूत प्रतिद्वन्द्वी बीट्स के हू युन के हाथों 11-21, 20-21 से पराजय के बाद पिछड़े वारियर्स को अगले मैच में सिंधु से प्रेरणादायक प्रदर्शन की उममीद थी,लेकिन वह बीट्स की कैरोलीना मरीन से 21-16, 21-13 से परास्त हो गयी। पहले गेम में दुनिया की 10वें नम्बर की खिलाड़ी सिंधु ने 19वीं पायदान वाली स्पेनिश खिलाड़ी कैरोलीना को तगड़ी टक्कर दी। उस वक्त उम्मीद बंधी कि सिंधु कमाल दिखाएंगी, लेकिन बंगाल की शटलर ने कई स्मैश और ड्रॉप शॉट खेलकर बढ़त ले ली और इस गेम को 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधु ने शुरुआत में जोर दिखाया, लेकिन पहले ब्रेक तक स्कोर 7-4 से कैरोलीना के पक्ष में रहा। उसके बाद बीट्स की खिलाड़ी ने पावर गेम का मुजाहिरा किया, जिससे सिंधु पार नहीं पा सकीं। हालांकि उन्हें अपनी कुछ गलतियों का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और गेम 13-21 से गंवा बैठीं। इस तरह वारियर्स 0-2 से पिछड़ गए। बीट्स के कप्तान विश्व के 14वें नम्बर के खिलाड़ी पी कश्यप ने टीम की जीत की औपचारिकता पूरी करते हुए वारियर्स के के श्रीकांत को संघषर्पूर्ण मैंच में 20-21, 21-11, 9-11 से हराया। इस मैच में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच जोरदार बैडमिंटन देखने को मिला और दोनों ने ही विश्वस्तरीय खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। शुरुआती गेम में जहां कश्यप नजदीकी अंतर से हार गए, वहीं दूसरे गेम में उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और 21-11 से जीत दर्ज की। आखिरी गेम में भी संघषर्पूर्ण रहा, लेकिन अंत में जीत कश्यप की हुई। इसके पूर्व, पहले मैच में दुनिया के आठवें नम्बर के खिलाड़ी बीट्स के हू युन ने 13वीं पायदान के खिलाड़ी वारियर्स के वेई फेंग चोंग को 21-11, 21-20 से पराजित किया। चोंग ने पहला गेम बहुत आसानी से गंवा दिया जबकि दूसरे गेम को जीतने की उन्होंने भरसक कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।टिप्पणियां शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। मुकाबले के पहले मैच में अपने खिलाड़ी वेंग फेंग चोंग की अपने मजबूत प्रतिद्वन्द्वी बीट्स के हू युन के हाथों 11-21, 20-21 से पराजय के बाद पिछड़े वारियर्स को अगले मैच में सिंधु से प्रेरणादायक प्रदर्शन की उममीद थी,लेकिन वह बीट्स की कैरोलीना मरीन से 21-16, 21-13 से परास्त हो गयी। पहले गेम में दुनिया की 10वें नम्बर की खिलाड़ी सिंधु ने 19वीं पायदान वाली स्पेनिश खिलाड़ी कैरोलीना को तगड़ी टक्कर दी। उस वक्त उम्मीद बंधी कि सिंधु कमाल दिखाएंगी, लेकिन बंगाल की शटलर ने कई स्मैश और ड्रॉप शॉट खेलकर बढ़त ले ली और इस गेम को 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधु ने शुरुआत में जोर दिखाया, लेकिन पहले ब्रेक तक स्कोर 7-4 से कैरोलीना के पक्ष में रहा। उसके बाद बीट्स की खिलाड़ी ने पावर गेम का मुजाहिरा किया, जिससे सिंधु पार नहीं पा सकीं। हालांकि उन्हें अपनी कुछ गलतियों का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और गेम 13-21 से गंवा बैठीं। इस तरह वारियर्स 0-2 से पिछड़ गए। बीट्स के कप्तान विश्व के 14वें नम्बर के खिलाड़ी पी कश्यप ने टीम की जीत की औपचारिकता पूरी करते हुए वारियर्स के के श्रीकांत को संघषर्पूर्ण मैंच में 20-21, 21-11, 9-11 से हराया। इस मैच में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच जोरदार बैडमिंटन देखने को मिला और दोनों ने ही विश्वस्तरीय खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। शुरुआती गेम में जहां कश्यप नजदीकी अंतर से हार गए, वहीं दूसरे गेम में उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और 21-11 से जीत दर्ज की। आखिरी गेम में भी संघषर्पूर्ण रहा, लेकिन अंत में जीत कश्यप की हुई। इसके पूर्व, पहले मैच में दुनिया के आठवें नम्बर के खिलाड़ी बीट्स के हू युन ने 13वीं पायदान के खिलाड़ी वारियर्स के वेई फेंग चोंग को 21-11, 21-20 से पराजित किया। चोंग ने पहला गेम बहुत आसानी से गंवा दिया जबकि दूसरे गेम को जीतने की उन्होंने भरसक कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।टिप्पणियां शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। पहले गेम में दुनिया की 10वें नम्बर की खिलाड़ी सिंधु ने 19वीं पायदान वाली स्पेनिश खिलाड़ी कैरोलीना को तगड़ी टक्कर दी। उस वक्त उम्मीद बंधी कि सिंधु कमाल दिखाएंगी, लेकिन बंगाल की शटलर ने कई स्मैश और ड्रॉप शॉट खेलकर बढ़त ले ली और इस गेम को 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधु ने शुरुआत में जोर दिखाया, लेकिन पहले ब्रेक तक स्कोर 7-4 से कैरोलीना के पक्ष में रहा। उसके बाद बीट्स की खिलाड़ी ने पावर गेम का मुजाहिरा किया, जिससे सिंधु पार नहीं पा सकीं। हालांकि उन्हें अपनी कुछ गलतियों का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और गेम 13-21 से गंवा बैठीं। इस तरह वारियर्स 0-2 से पिछड़ गए। बीट्स के कप्तान विश्व के 14वें नम्बर के खिलाड़ी पी कश्यप ने टीम की जीत की औपचारिकता पूरी करते हुए वारियर्स के के श्रीकांत को संघषर्पूर्ण मैंच में 20-21, 21-11, 9-11 से हराया। इस मैच में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच जोरदार बैडमिंटन देखने को मिला और दोनों ने ही विश्वस्तरीय खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। शुरुआती गेम में जहां कश्यप नजदीकी अंतर से हार गए, वहीं दूसरे गेम में उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और 21-11 से जीत दर्ज की। आखिरी गेम में भी संघषर्पूर्ण रहा, लेकिन अंत में जीत कश्यप की हुई। इसके पूर्व, पहले मैच में दुनिया के आठवें नम्बर के खिलाड़ी बीट्स के हू युन ने 13वीं पायदान के खिलाड़ी वारियर्स के वेई फेंग चोंग को 21-11, 21-20 से पराजित किया। चोंग ने पहला गेम बहुत आसानी से गंवा दिया जबकि दूसरे गेम को जीतने की उन्होंने भरसक कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।टिप्पणियां शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। दूसरे गेम में सिंधु ने शुरुआत में जोर दिखाया, लेकिन पहले ब्रेक तक स्कोर 7-4 से कैरोलीना के पक्ष में रहा। उसके बाद बीट्स की खिलाड़ी ने पावर गेम का मुजाहिरा किया, जिससे सिंधु पार नहीं पा सकीं। हालांकि उन्हें अपनी कुछ गलतियों का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और गेम 13-21 से गंवा बैठीं। इस तरह वारियर्स 0-2 से पिछड़ गए। बीट्स के कप्तान विश्व के 14वें नम्बर के खिलाड़ी पी कश्यप ने टीम की जीत की औपचारिकता पूरी करते हुए वारियर्स के के श्रीकांत को संघषर्पूर्ण मैंच में 20-21, 21-11, 9-11 से हराया। इस मैच में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच जोरदार बैडमिंटन देखने को मिला और दोनों ने ही विश्वस्तरीय खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। शुरुआती गेम में जहां कश्यप नजदीकी अंतर से हार गए, वहीं दूसरे गेम में उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और 21-11 से जीत दर्ज की। आखिरी गेम में भी संघषर्पूर्ण रहा, लेकिन अंत में जीत कश्यप की हुई। इसके पूर्व, पहले मैच में दुनिया के आठवें नम्बर के खिलाड़ी बीट्स के हू युन ने 13वीं पायदान के खिलाड़ी वारियर्स के वेई फेंग चोंग को 21-11, 21-20 से पराजित किया। चोंग ने पहला गेम बहुत आसानी से गंवा दिया जबकि दूसरे गेम को जीतने की उन्होंने भरसक कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।टिप्पणियां शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। बीट्स के कप्तान विश्व के 14वें नम्बर के खिलाड़ी पी कश्यप ने टीम की जीत की औपचारिकता पूरी करते हुए वारियर्स के के श्रीकांत को संघषर्पूर्ण मैंच में 20-21, 21-11, 9-11 से हराया। इस मैच में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच जोरदार बैडमिंटन देखने को मिला और दोनों ने ही विश्वस्तरीय खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। शुरुआती गेम में जहां कश्यप नजदीकी अंतर से हार गए, वहीं दूसरे गेम में उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और 21-11 से जीत दर्ज की। आखिरी गेम में भी संघषर्पूर्ण रहा, लेकिन अंत में जीत कश्यप की हुई। इसके पूर्व, पहले मैच में दुनिया के आठवें नम्बर के खिलाड़ी बीट्स के हू युन ने 13वीं पायदान के खिलाड़ी वारियर्स के वेई फेंग चोंग को 21-11, 21-20 से पराजित किया। चोंग ने पहला गेम बहुत आसानी से गंवा दिया जबकि दूसरे गेम को जीतने की उन्होंने भरसक कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।टिप्पणियां शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। इस मैच में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच जोरदार बैडमिंटन देखने को मिला और दोनों ने ही विश्वस्तरीय खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। शुरुआती गेम में जहां कश्यप नजदीकी अंतर से हार गए, वहीं दूसरे गेम में उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और 21-11 से जीत दर्ज की। आखिरी गेम में भी संघषर्पूर्ण रहा, लेकिन अंत में जीत कश्यप की हुई। इसके पूर्व, पहले मैच में दुनिया के आठवें नम्बर के खिलाड़ी बीट्स के हू युन ने 13वीं पायदान के खिलाड़ी वारियर्स के वेई फेंग चोंग को 21-11, 21-20 से पराजित किया। चोंग ने पहला गेम बहुत आसानी से गंवा दिया जबकि दूसरे गेम को जीतने की उन्होंने भरसक कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।टिप्पणियां शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। इसके पूर्व, पहले मैच में दुनिया के आठवें नम्बर के खिलाड़ी बीट्स के हू युन ने 13वीं पायदान के खिलाड़ी वारियर्स के वेई फेंग चोंग को 21-11, 21-20 से पराजित किया। चोंग ने पहला गेम बहुत आसानी से गंवा दिया जबकि दूसरे गेम को जीतने की उन्होंने भरसक कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।टिप्पणियां शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। शून्य के मुकाबले दो मैच से पिछड़े वारियर्स को तीसरे मुकाबले में माथियस बोए और मारकिस किडो की जोड़ी ने राहत दिलाई। उन्होंने बीट्य के कार्स्टन मोगेनसन और अक्षय देवलकर की जोड़ी को लगातार गेम में 21-14, 21-19 से हराया। इस मुकाबले में वारियर्स को बस यही जीत नसीब हुई। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीडी एकेडमी पहुंचकर मैच देखा और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आईबीएल के मैच लखनऊ में होना बहुत गर्व की बात है और इस लीग से भारत में बैउमिंटन की लोकप्रियता में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी होगी।
संक्षिप्त पाठ: आईबीएल में अपने आईकान खिलाडी पी कश्यप की अगुवाई में खिलाड़ी के जोरदार प्रदर्शन के बलबूते बंगा बीट्स ने महत्वपूर्ण मुकाबले में अवध वारियर्स को उसके घरेलू मैदान पर 3-। से हराकर लीग में अपनी पहली जीत हासिल की।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दूरसंचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल ने गुरुवार को कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किया जा रहा है, लेकिन इस तरह के अपराधियों की पहचान अज्ञात होने की वजह से सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ है।टिप्पणियां बीएजी नेटवर्क के डिजिटल अखबार के विमोचन के मौके पर सिब्बल ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया के जरिये मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद फैलाना जैसी कई चीजें हो रही हैं। अब हम किसी के पीछे जाना चाहते हैं, लेकिन व्यक्ति की पहचान का पता नहीं चलने से हम यह नहीं कर सकते।’’ दूरसंचार मंत्री ने कहा कि अगर ऐसे व्यक्ति की पहचान उजागर हो भी जाती है तो सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ है क्योंकि ऐसे लोग अक्सर भारत के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर के होते हैं। बीएजी नेटवर्क के डिजिटल अखबार के विमोचन के मौके पर सिब्बल ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया के जरिये मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद फैलाना जैसी कई चीजें हो रही हैं। अब हम किसी के पीछे जाना चाहते हैं, लेकिन व्यक्ति की पहचान का पता नहीं चलने से हम यह नहीं कर सकते।’’ दूरसंचार मंत्री ने कहा कि अगर ऐसे व्यक्ति की पहचान उजागर हो भी जाती है तो सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ है क्योंकि ऐसे लोग अक्सर भारत के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर के होते हैं। दूरसंचार मंत्री ने कहा कि अगर ऐसे व्यक्ति की पहचान उजागर हो भी जाती है तो सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ है क्योंकि ऐसे लोग अक्सर भारत के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर के होते हैं।
संक्षिप्त सारांश: दूरसंचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल ने गुरुवार को कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किया जा रहा है, लेकिन इस तरह के अपराधियों की पहचान अज्ञात होने की वजह से सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय रक्षा तंत्र में शुक्रवार को एक और कड़ी जुड़ गई. भारतीय नौसेना के एक पोत से शुक्रवार को पहली बार जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र ने बताया, "भारतीय नौसेना के एक टोही पोत से पहली बार जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया गया." नौसेना के युद्धपोत से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया गया. नौसेना के आईएनएस तेग से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस का परीक्षण किया गया. नौसेना के अंग्रिम पंक्ति के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता, रणवीर और तेग क्लास के युद्धपोत इस मिसाइल से पहले ही लैस हैं.    भारतीय नौसेना के एक टोही पोत से पहली बार जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया गया. जमीन पर मार करने ब्रह्मोस मिसाइल के सफल परीक्षण से नौसेना के युद्धपोत की काफी समारिक ताकत बढ़ गई है. अब वह अपने लक्ष्य को किसी द्वीप या फिर समंदर से दूर कहीं भी हो उसको बरबाद कर सकता है. भारतीय नौसेना ने अभी तक ब्रह्मोस के पोत रोधी संस्करण का ही परीक्षण किया था.  इस परीक्षण से भारत इस क्षमता वाले कुछ चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिसके पास ऐसी क्षमता है . टिप्पणियां भारतीय सेना में 2007 से ब्रह्मोस की जमीन पर मार करने वाली मिसाइल शामिल है. ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर है. इस मिसाइल का उसके पास कोई तोड़ नहीं है. भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस सुपरसोनिक है यानी इसकी स्पीड करीब एक किलोमीटर प्रति सेकेंड है. ये एक ऐसी मिसाइल है जो पनडुब्बी, युद्धपोत, लड़ाकू विमान आदि से दागा जा सकता है. भारत और रूस ने इसे संयुक्त रूप से मिलकर तैयार किया है. इसे विश्व की एकमात्र ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है. इसका निशाना अचूक है.  अब दोनों देश मिलकर इसकी रेंज के साथ सात स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहे हैं तब यह और भी घातक हो जाएगा. नौसेना के युद्धपोत से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया गया. नौसेना के आईएनएस तेग से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस का परीक्षण किया गया. नौसेना के अंग्रिम पंक्ति के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता, रणवीर और तेग क्लास के युद्धपोत इस मिसाइल से पहले ही लैस हैं.    भारतीय नौसेना के एक टोही पोत से पहली बार जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया गया. जमीन पर मार करने ब्रह्मोस मिसाइल के सफल परीक्षण से नौसेना के युद्धपोत की काफी समारिक ताकत बढ़ गई है. अब वह अपने लक्ष्य को किसी द्वीप या फिर समंदर से दूर कहीं भी हो उसको बरबाद कर सकता है. भारतीय नौसेना ने अभी तक ब्रह्मोस के पोत रोधी संस्करण का ही परीक्षण किया था.  इस परीक्षण से भारत इस क्षमता वाले कुछ चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिसके पास ऐसी क्षमता है . टिप्पणियां भारतीय सेना में 2007 से ब्रह्मोस की जमीन पर मार करने वाली मिसाइल शामिल है. ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर है. इस मिसाइल का उसके पास कोई तोड़ नहीं है. भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस सुपरसोनिक है यानी इसकी स्पीड करीब एक किलोमीटर प्रति सेकेंड है. ये एक ऐसी मिसाइल है जो पनडुब्बी, युद्धपोत, लड़ाकू विमान आदि से दागा जा सकता है. भारत और रूस ने इसे संयुक्त रूप से मिलकर तैयार किया है. इसे विश्व की एकमात्र ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है. इसका निशाना अचूक है.  अब दोनों देश मिलकर इसकी रेंज के साथ सात स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहे हैं तब यह और भी घातक हो जाएगा. भारतीय नौसेना के एक टोही पोत से पहली बार जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया गया. जमीन पर मार करने ब्रह्मोस मिसाइल के सफल परीक्षण से नौसेना के युद्धपोत की काफी समारिक ताकत बढ़ गई है. अब वह अपने लक्ष्य को किसी द्वीप या फिर समंदर से दूर कहीं भी हो उसको बरबाद कर सकता है. भारतीय नौसेना ने अभी तक ब्रह्मोस के पोत रोधी संस्करण का ही परीक्षण किया था.  इस परीक्षण से भारत इस क्षमता वाले कुछ चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिसके पास ऐसी क्षमता है . टिप्पणियां भारतीय सेना में 2007 से ब्रह्मोस की जमीन पर मार करने वाली मिसाइल शामिल है. ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर है. इस मिसाइल का उसके पास कोई तोड़ नहीं है. भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस सुपरसोनिक है यानी इसकी स्पीड करीब एक किलोमीटर प्रति सेकेंड है. ये एक ऐसी मिसाइल है जो पनडुब्बी, युद्धपोत, लड़ाकू विमान आदि से दागा जा सकता है. भारत और रूस ने इसे संयुक्त रूप से मिलकर तैयार किया है. इसे विश्व की एकमात्र ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है. इसका निशाना अचूक है.  अब दोनों देश मिलकर इसकी रेंज के साथ सात स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहे हैं तब यह और भी घातक हो जाएगा. भारतीय सेना में 2007 से ब्रह्मोस की जमीन पर मार करने वाली मिसाइल शामिल है. ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर है. इस मिसाइल का उसके पास कोई तोड़ नहीं है. भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस सुपरसोनिक है यानी इसकी स्पीड करीब एक किलोमीटर प्रति सेकेंड है. ये एक ऐसी मिसाइल है जो पनडुब्बी, युद्धपोत, लड़ाकू विमान आदि से दागा जा सकता है. भारत और रूस ने इसे संयुक्त रूप से मिलकर तैयार किया है. इसे विश्व की एकमात्र ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है. इसका निशाना अचूक है.  अब दोनों देश मिलकर इसकी रेंज के साथ सात स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहे हैं तब यह और भी घातक हो जाएगा. भारत और रूस ने इसे संयुक्त रूप से मिलकर तैयार किया है. इसे विश्व की एकमात्र ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है. इसका निशाना अचूक है.  अब दोनों देश मिलकर इसकी रेंज के साथ सात स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहे हैं तब यह और भी घातक हो जाएगा.
पहली बार हुआ नौसेना के पोत से किया गया परीक्षण सफल इस क्षमता वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो गया भारत भारत और रूस ने संयुक्त रूप से तैयार की है मिसाइल
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) के लिए NEET 2017-18 परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम आदेश के तहत इस साल के दाखिलों के लिए काउंसलिंग पूरी करने की तारीख बढाने को मंजूरी दे दी.टिप्पणियां अब MBBS की काउंसलिंग 28 अगस्त और BDS की काउंसलिंग 10 सितंबर तक पूरी होंगी. सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के शेडयूल पर मुहर लगाई है. हाईकोर्ट के रोक लगाने के चलते रिजल्ट में देरी हुई थी. सुनवाई के दौरान MCI और DCI की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने शेड्यूल तय किया था. इसी के तहत सात मई को NEET की परीक्षा ली गई, लेकिन इस बीच मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी. इसके चलते एक जून को आने वाला रिजल्ट रूक गया था. 12 जून को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई और 26 जून को रिजल्ट घोषित किया गया. इसकी वजह से काउंसलिंग जून की बजाए तीन जुलाई से शुरु हुई. इसी तरह BDS में भी यही दिक्कत आई है. सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को मानते हुए काउंसलिंग के लिए MCI के दिए शेडयूल को मंजूर कर दिया. अब MBBS की काउंसलिंग 28 अगस्त और BDS की काउंसलिंग 10 सितंबर तक पूरी होंगी. सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के शेडयूल पर मुहर लगाई है. हाईकोर्ट के रोक लगाने के चलते रिजल्ट में देरी हुई थी. सुनवाई के दौरान MCI और DCI की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने शेड्यूल तय किया था. इसी के तहत सात मई को NEET की परीक्षा ली गई, लेकिन इस बीच मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी. इसके चलते एक जून को आने वाला रिजल्ट रूक गया था. 12 जून को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई और 26 जून को रिजल्ट घोषित किया गया. इसकी वजह से काउंसलिंग जून की बजाए तीन जुलाई से शुरु हुई. इसी तरह BDS में भी यही दिक्कत आई है. सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को मानते हुए काउंसलिंग के लिए MCI के दिए शेडयूल को मंजूर कर दिया. सुनवाई के दौरान MCI और DCI की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने शेड्यूल तय किया था. इसी के तहत सात मई को NEET की परीक्षा ली गई, लेकिन इस बीच मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी. इसके चलते एक जून को आने वाला रिजल्ट रूक गया था. 12 जून को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई और 26 जून को रिजल्ट घोषित किया गया. इसकी वजह से काउंसलिंग जून की बजाए तीन जुलाई से शुरु हुई. इसी तरह BDS में भी यही दिक्कत आई है. सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को मानते हुए काउंसलिंग के लिए MCI के दिए शेडयूल को मंजूर कर दिया.
यहाँ एक सारांश है:एमबीबीएस की काउंसलिंग 28 अगस्त तक. बीडीएस की काउंसलिंग 10 सितंबर तक. सुप्रीम कोर्ट ने MCI और DCI के शेडयूल पर मुहर लगाई.
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Chhichhore Box Office Collection Day 5: बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) और एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की फिल्म 'छिछोरे (Chhichhore)' की उड़ान जारी है. खासकर मुहर्रम के दिन छिछोरे ने सिनेमाहॉल में दमदार प्रदर्शन करते हुए ताबड़तोड़ कमाई की है. बॉक्स ऑफिस इंडिया की वेबसाइट के अनुसार सुशांत सिंह राजपूत और श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की फिल्म 'छिछोरे (Chhichhore)' ने बीते मंगलवार को 9.50 से 10 करोड़ रुपये की कमाई की है. ऐसे में फिल्म ने पांच दिनों में ही कुल 52 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है.  'छिछोरे (Chhichhore)' की शानदार कमाई को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि फिल्म पहला हफ्ता पूरा होने तक 65 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी. हालांकि, देखना यह होगा कि छिछोरे आयुष्मान खुराना की फिल्म 'ड्रीम गर्ल' को कड़ी टक्कर दे पाएगी या नहीं. कॉलेज लाइफ पर आधारित इस फिल्म को लेकर यूथ में काफी क्रेज देखने को मिल रहा है, साथ ही लोग इसे पसंद भी खूब कर रहे हैं. बता दें कि छिछोरे ने पहले दिन 7.32 करोड़ रुपये से ओपनिंग करते हुए दूसरे दिन 12 करोड़ रुपये, तीसरे दिन 15 करोड़ रुपये और चौथे दिन 7.25 से 7.50 करोड़ रुपये की कमाई की है. 'छिछोरे (Chhichhore)' की कहानी कॉलेज स्टूडेंट्स पर आधारित है, जो यारी-दोस्ती के साथ ही लूजर न बनने की मानसिकता से दूर रहने का संदेश देती है. फिल्म में कॉलेज के दिन हैं, यारी-दोस्ती का मजा है, हॉस्टेल लाइफ है और खेल में सबकुछ दांव पर लगाना है. इस तरह दंगल फेम डायरेक्टर नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) ने संदेश के साथ ही हल्की-फुल्की फिल्म देने की कोशिश की है.
यहाँ एक सारांश है:'छिछोरे' का तूफान जारी बॉक्स ऑफिस पर सुशांत सिंह राजपूत और श्रद्धा कपूर की फिल्म ने मचाया धमाल फिल्म पहले हफ्ते में ही कर सकती है 65 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: चिदंबरम (P Chidambaram) की तरफ से वरिष्ठ वकील दयानकृष्णन ने पक्ष रखा. चिदंबरम ने कहा कि मैं इनकी पांच दिन की कस्टडी का विरोध करता हूं. ये मुझसे 55 घंटे पूछताछ कर चुके हैं, 400 सवाल पूछे हैं, पर वही सवाल हैं. मुझे एक कागज नहीं दिखाया गया. मुझे एक एकाउंट का कागज नहीं दिखाया. मुझे कस्टडी में रखना गैरकानूनी है. सीबीआई ने कहा कि हमारी जांच चल रही है. इसमें हम दोनों की आपसी समझ नहीं है. हमें आगे इनसे और पूछताछ करनी है. हमारी जांच जारी है. इसके बाद कोर्ट ने चिदंबरम को दो दिन तक और हिरासत में रखने का आदेश दिया. चिदंबरम (P Chidambaram) की चार दिनों की सीबीआई हिरासत समाप्त होने के बाद विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ के समक्ष पेश किया गया था. 73 वर्षीय चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार करके 22 अगस्त को अदालत में पेश किया गया था. इसके बाद से वे सीबीआई हिरासत में हैं. शुक्रवार को सुनवाई के दौरान चिदंबरम के बेटे कार्ति भी अदालत में मौजूद थे.
सीबीआई ने कोर्ट से और पांच दिन की रिमांड मांगी थी कहा- कई बातें पूछताछ में सामने आईं जो पहले नहीं पता थीं जांच जारी है और आगे चिदंबरम से और पूछताछ करनी है
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस रिसर्च को 'करंट बॉयोलॉजी' मैगजीन में पब्‍लिश किया गया है. मैगजीन में कहा गया है कि मच्छर तेजी से सीख सकते हैं और गंध को याद रखते हैं. इस प्रक्रिया में डोपामाइन एक मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाता है. मच्छर इस जानकारी का इस्तेमाल करते हैं और इसे दूसरे उद्दीपकों के साथ विशेष कशेरूकी पोषक जातियों व निश्चित आबादी में इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, शोध से यह भी साबित होता है कि अगर एक व्यक्ति की गंध अच्छी है तो मच्छर अप्रिय गंध के बजाय प्रिय गंध को पसंद करते हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार, 'व्यक्ति जो मच्छरों को ज्यादा मारते हैं या रक्षात्मक रवैया अपनाते हैं, चाहे उनका खून कितना भी मीठा हो मच्छर उनसे दूर रहते हैं.' टिप्पणियांजब सोनपुर में हुआ 40 फुट के मच्‍छर का पुतला दहन अमेरिका के वर्जीनिया टेक के शोध के सहायक प्रोफेसर चोल लाहोंड्रे ने कहा, 'अब हम जानते हैं कि मच्छर गंध पहचानते हैं और उन्हें लेकर ज्यादा रक्षात्मक रहने वालों से बचते हैं.'  Video: ये है मच्‍छर भगाने वाली अनूठी मशीन हालांकि, शोध से यह भी साबित होता है कि अगर एक व्यक्ति की गंध अच्छी है तो मच्छर अप्रिय गंध के बजाय प्रिय गंध को पसंद करते हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार, 'व्यक्ति जो मच्छरों को ज्यादा मारते हैं या रक्षात्मक रवैया अपनाते हैं, चाहे उनका खून कितना भी मीठा हो मच्छर उनसे दूर रहते हैं.' टिप्पणियांजब सोनपुर में हुआ 40 फुट के मच्‍छर का पुतला दहन अमेरिका के वर्जीनिया टेक के शोध के सहायक प्रोफेसर चोल लाहोंड्रे ने कहा, 'अब हम जानते हैं कि मच्छर गंध पहचानते हैं और उन्हें लेकर ज्यादा रक्षात्मक रहने वालों से बचते हैं.'  Video: ये है मच्‍छर भगाने वाली अनूठी मशीन जब सोनपुर में हुआ 40 फुट के मच्‍छर का पुतला दहन अमेरिका के वर्जीनिया टेक के शोध के सहायक प्रोफेसर चोल लाहोंड्रे ने कहा, 'अब हम जानते हैं कि मच्छर गंध पहचानते हैं और उन्हें लेकर ज्यादा रक्षात्मक रहने वालों से बचते हैं.'  Video: ये है मच्‍छर भगाने वाली अनूठी मशीन अमेरिका के वर्जीनिया टेक के शोध के सहायक प्रोफेसर चोल लाहोंड्रे ने कहा, 'अब हम जानते हैं कि मच्छर गंध पहचानते हैं और उन्हें लेकर ज्यादा रक्षात्मक रहने वालों से बचते हैं.'  Video: ये है मच्‍छर भगाने वाली अनूठी मशीन
यह एक सारांश है: वैज्ञान‍िकों का दावा है क‍ि मच्‍छर की याद्दाश्‍त बहुत तेज होती है मच्‍छर इंसान की गंध याद रखते हैं और उसी ह‍िसाब से काटते हैं मच्‍छर उनको काटना पसंद नहीं करते जो उन्‍हें मारते हैं
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश की शीर्ष दस में से चार कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सप्ताह 40,779.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सबसे अधिक नुकसान में सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस रही. टीसीएस, आईटीसी, एचडीएफसी और कोल इंडिया को शुक्रवार को समाप्त सप्ताह के दौरान नुकसान हुआ जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, ओएनजीसी, एसबीआई और हिंदुस्तान यूनिलीवर को लाभ हुआ. उक्त छह कंपनियों को कुल मिलाकर 35,716.85 करोड़ रुपये का लाभ हुआ जो टीसीएस, आईटीसी, एचडीएफसी और कोल इंडिया को हुए कुल नुकसान से कम है. टीसीएस का बाजार मूल्यांकन 31,723.89 करोड़ रुपये घटकर 4,63,543.17 करोड़ रुपये रह गया. सबसे अधिक नुकसान में टीसीएस ही रही. टीसीएस का शेयर गुरवार को पांच प्रतिशत से अधिक टूटा और उसका बाजार मूल्यांकन 24,797 करोड़ रुपये घट गया. आईटीसी का बाजार मूल्यांकन 4,537.36 करोड़ रुपये गिरकर 3,13,017.10 करोड़ रुपये पर आ गया और एचडीएफसी का पूंजीकरण 4,297.64 करोड़ रुपये घटकर 2,23,327.02 करोड़ रुपये रह गया. कोल इंडिया लिमिटेड का मूल्यांकन 221.08 करोड़ रुपये घटकर 2,09,798.04 करोड़ रुपये रह गया. इसके उलट ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 13,303.79 करोड़ रुपये बढ़कर 2,17,651.67 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज का मूल्यांकन 10,004.97 करोड़ रुपये चढ़कर 3,38,482.84 करोड़ रुपये रहा. एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 7,491.08 करोड़ रुपये बढ़कर 2,04,937.31 करोड़ रुपये और हिंद यूनिलीवर का 2,229.2 करोड़ रुपये बढ़कर 2,01,309.87 करोड़ रुपये हो गया. टिप्पणियां एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,550.82 बढ़कर 3,28,100.32 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का मूल्यांकन 1,136.99 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 2,37,963.47 करोड़ रुपये हो गया. शीर्ष 10 कंपनियों में टीसीएस शीर्ष पर बरकरार रही जिसके बाद आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, इन्फोसिस, एचडीएफसी, ओएनजीसी, कोल इंडिया, एसबीआई और हिंद यूनिलीवर का स्थान रहा. पिछले सप्ताह सेंसेक्स 265.14 अंक या 0.92 प्रतिशत चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 57.05 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. दोनों में लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त दर्ज हुई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टीसीएस, आईटीसी, एचडीएफसी और कोल इंडिया को शुक्रवार को समाप्त सप्ताह के दौरान नुकसान हुआ जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, ओएनजीसी, एसबीआई और हिंदुस्तान यूनिलीवर को लाभ हुआ. उक्त छह कंपनियों को कुल मिलाकर 35,716.85 करोड़ रुपये का लाभ हुआ जो टीसीएस, आईटीसी, एचडीएफसी और कोल इंडिया को हुए कुल नुकसान से कम है. टीसीएस का बाजार मूल्यांकन 31,723.89 करोड़ रुपये घटकर 4,63,543.17 करोड़ रुपये रह गया. सबसे अधिक नुकसान में टीसीएस ही रही. टीसीएस का शेयर गुरवार को पांच प्रतिशत से अधिक टूटा और उसका बाजार मूल्यांकन 24,797 करोड़ रुपये घट गया. आईटीसी का बाजार मूल्यांकन 4,537.36 करोड़ रुपये गिरकर 3,13,017.10 करोड़ रुपये पर आ गया और एचडीएफसी का पूंजीकरण 4,297.64 करोड़ रुपये घटकर 2,23,327.02 करोड़ रुपये रह गया. कोल इंडिया लिमिटेड का मूल्यांकन 221.08 करोड़ रुपये घटकर 2,09,798.04 करोड़ रुपये रह गया. इसके उलट ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 13,303.79 करोड़ रुपये बढ़कर 2,17,651.67 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज का मूल्यांकन 10,004.97 करोड़ रुपये चढ़कर 3,38,482.84 करोड़ रुपये रहा. एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 7,491.08 करोड़ रुपये बढ़कर 2,04,937.31 करोड़ रुपये और हिंद यूनिलीवर का 2,229.2 करोड़ रुपये बढ़कर 2,01,309.87 करोड़ रुपये हो गया. टिप्पणियां एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,550.82 बढ़कर 3,28,100.32 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का मूल्यांकन 1,136.99 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 2,37,963.47 करोड़ रुपये हो गया. शीर्ष 10 कंपनियों में टीसीएस शीर्ष पर बरकरार रही जिसके बाद आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, इन्फोसिस, एचडीएफसी, ओएनजीसी, कोल इंडिया, एसबीआई और हिंद यूनिलीवर का स्थान रहा. पिछले सप्ताह सेंसेक्स 265.14 अंक या 0.92 प्रतिशत चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 57.05 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. दोनों में लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त दर्ज हुई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टीसीएस का बाजार मूल्यांकन 31,723.89 करोड़ रुपये घटकर 4,63,543.17 करोड़ रुपये रह गया. सबसे अधिक नुकसान में टीसीएस ही रही. टीसीएस का शेयर गुरवार को पांच प्रतिशत से अधिक टूटा और उसका बाजार मूल्यांकन 24,797 करोड़ रुपये घट गया. आईटीसी का बाजार मूल्यांकन 4,537.36 करोड़ रुपये गिरकर 3,13,017.10 करोड़ रुपये पर आ गया और एचडीएफसी का पूंजीकरण 4,297.64 करोड़ रुपये घटकर 2,23,327.02 करोड़ रुपये रह गया. कोल इंडिया लिमिटेड का मूल्यांकन 221.08 करोड़ रुपये घटकर 2,09,798.04 करोड़ रुपये रह गया. इसके उलट ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 13,303.79 करोड़ रुपये बढ़कर 2,17,651.67 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज का मूल्यांकन 10,004.97 करोड़ रुपये चढ़कर 3,38,482.84 करोड़ रुपये रहा. एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 7,491.08 करोड़ रुपये बढ़कर 2,04,937.31 करोड़ रुपये और हिंद यूनिलीवर का 2,229.2 करोड़ रुपये बढ़कर 2,01,309.87 करोड़ रुपये हो गया. टिप्पणियां एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,550.82 बढ़कर 3,28,100.32 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का मूल्यांकन 1,136.99 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 2,37,963.47 करोड़ रुपये हो गया. शीर्ष 10 कंपनियों में टीसीएस शीर्ष पर बरकरार रही जिसके बाद आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, इन्फोसिस, एचडीएफसी, ओएनजीसी, कोल इंडिया, एसबीआई और हिंद यूनिलीवर का स्थान रहा. पिछले सप्ताह सेंसेक्स 265.14 अंक या 0.92 प्रतिशत चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 57.05 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. दोनों में लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त दर्ज हुई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके उलट ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 13,303.79 करोड़ रुपये बढ़कर 2,17,651.67 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज का मूल्यांकन 10,004.97 करोड़ रुपये चढ़कर 3,38,482.84 करोड़ रुपये रहा. एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 7,491.08 करोड़ रुपये बढ़कर 2,04,937.31 करोड़ रुपये और हिंद यूनिलीवर का 2,229.2 करोड़ रुपये बढ़कर 2,01,309.87 करोड़ रुपये हो गया. टिप्पणियां एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,550.82 बढ़कर 3,28,100.32 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का मूल्यांकन 1,136.99 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 2,37,963.47 करोड़ रुपये हो गया. शीर्ष 10 कंपनियों में टीसीएस शीर्ष पर बरकरार रही जिसके बाद आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, इन्फोसिस, एचडीएफसी, ओएनजीसी, कोल इंडिया, एसबीआई और हिंद यूनिलीवर का स्थान रहा. पिछले सप्ताह सेंसेक्स 265.14 अंक या 0.92 प्रतिशत चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 57.05 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. दोनों में लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त दर्ज हुई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,550.82 बढ़कर 3,28,100.32 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का मूल्यांकन 1,136.99 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 2,37,963.47 करोड़ रुपये हो गया. शीर्ष 10 कंपनियों में टीसीएस शीर्ष पर बरकरार रही जिसके बाद आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, इन्फोसिस, एचडीएफसी, ओएनजीसी, कोल इंडिया, एसबीआई और हिंद यूनिलीवर का स्थान रहा. पिछले सप्ताह सेंसेक्स 265.14 अंक या 0.92 प्रतिशत चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 57.05 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. दोनों में लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त दर्ज हुई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: सबसे अधिक नुकसान टीसीएस को हुआ रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक को लाभ हुआ छह कंपनियों को कुल मिलाकर 35,716.85 करोड़ रुपये का लाभ हुआ
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डॉलर में मजबूती के इन संभावनाओं को और मजबूती मिली है कि रुपया अभी और कमजोर हो सकता है. माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में यह 70 रुपए प्रति डॉलर के के स्तर पर पहुंच सकता है. वहीं सेंसेक्स भी आज 150 अंकों से अधिक की गिरावट पर देखा गया और निफ्टी 7,975 के स्तर के करीब देखा गया.टिप्पणियां सेंसेक्स में गिरावट का भी सीधा सा दबाव रुपए पर पड़ा. तेल कंपनियों की तरफ से डॉलर की डिमांड बढ़ी है और जिस वजह से डॉलर को मजबूत होने में सपोर्ट मिला है. डोनाल्ड ट्रंप की जीत ने भी डॉलर को मजबूत करने की दिशा में सहारा दिया है. मुद्रा कारोबारियों के अनुसार निर्यातकों की ओर से माह के अंत में डॉलर की मजबूत मांग, विदेशी कोषों की सतत निकासी और अमेरिका के केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की संभावना से घरेलू मुद्रा को नुकसान पहुंचा है.   सेंसेक्स में गिरावट का भी सीधा सा दबाव रुपए पर पड़ा. तेल कंपनियों की तरफ से डॉलर की डिमांड बढ़ी है और जिस वजह से डॉलर को मजबूत होने में सपोर्ट मिला है. डोनाल्ड ट्रंप की जीत ने भी डॉलर को मजबूत करने की दिशा में सहारा दिया है. मुद्रा कारोबारियों के अनुसार निर्यातकों की ओर से माह के अंत में डॉलर की मजबूत मांग, विदेशी कोषों की सतत निकासी और अमेरिका के केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की संभावना से घरेलू मुद्रा को नुकसान पहुंचा है.   मुद्रा कारोबारियों के अनुसार निर्यातकों की ओर से माह के अंत में डॉलर की मजबूत मांग, विदेशी कोषों की सतत निकासी और अमेरिका के केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की संभावना से घरेलू मुद्रा को नुकसान पहुंचा है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रुपए में जबरदस्त कमजोरी, अगस्त 2013 के बाद से निचला स्तर सेंसेक्स भी 150 अंकों से अधिक गिरा डॉलर में मजबूती के चलते भी रुपया फिसला
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका के खिलाफ पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच से चोट से वापसी करने वाले सीनियर भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने सोमवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक दौरे के दौरान लचर प्रदर्शन के बाद रन बनाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण था। सहवाग कंधे की चोट से उबरे हैं, उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे लिये रन बनाना और अपनी टीम को अच्छी शुरूआत देना काफी अहम था। मैंने ऑस्ट्रेलिया में रन नहीं बनाये थे और यह पारी मेरे लिये काफी अहम थी क्योंकि हम काफी टेस्ट और वनडे खेलेंगे।’’टिप्पणियां हालांकि वह शतक से चार रन से चूक गये लेकिन उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत उपलब्धि के नहीं बनने से चिंतित नहीं है क्योंकि उनके योगदान ने अंत में परिणाम में अंतर ला दिया। दायें हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि मैं बड़ा स्कोर बनाउं या नहीं लेकिन अगर मैं अच्छी शुरूआत देता हूं और पहले विकेट के लिये करीब 50 से 100 रन बनाता हूं तो इससे टीम को मदद मिलेगी। जहां तक व्यक्तिगत प्रदर्शन का सवाल है तो मुझे उम्मीद है कि मैं अगले मैच में एक और (शतक) बना लूंगा।’’ सहवाग कंधे की चोट से उबरे हैं, उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे लिये रन बनाना और अपनी टीम को अच्छी शुरूआत देना काफी अहम था। मैंने ऑस्ट्रेलिया में रन नहीं बनाये थे और यह पारी मेरे लिये काफी अहम थी क्योंकि हम काफी टेस्ट और वनडे खेलेंगे।’’टिप्पणियां हालांकि वह शतक से चार रन से चूक गये लेकिन उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत उपलब्धि के नहीं बनने से चिंतित नहीं है क्योंकि उनके योगदान ने अंत में परिणाम में अंतर ला दिया। दायें हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि मैं बड़ा स्कोर बनाउं या नहीं लेकिन अगर मैं अच्छी शुरूआत देता हूं और पहले विकेट के लिये करीब 50 से 100 रन बनाता हूं तो इससे टीम को मदद मिलेगी। जहां तक व्यक्तिगत प्रदर्शन का सवाल है तो मुझे उम्मीद है कि मैं अगले मैच में एक और (शतक) बना लूंगा।’’ हालांकि वह शतक से चार रन से चूक गये लेकिन उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत उपलब्धि के नहीं बनने से चिंतित नहीं है क्योंकि उनके योगदान ने अंत में परिणाम में अंतर ला दिया। दायें हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि मैं बड़ा स्कोर बनाउं या नहीं लेकिन अगर मैं अच्छी शुरूआत देता हूं और पहले विकेट के लिये करीब 50 से 100 रन बनाता हूं तो इससे टीम को मदद मिलेगी। जहां तक व्यक्तिगत प्रदर्शन का सवाल है तो मुझे उम्मीद है कि मैं अगले मैच में एक और (शतक) बना लूंगा।’’ दायें हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि मैं बड़ा स्कोर बनाउं या नहीं लेकिन अगर मैं अच्छी शुरूआत देता हूं और पहले विकेट के लिये करीब 50 से 100 रन बनाता हूं तो इससे टीम को मदद मिलेगी। जहां तक व्यक्तिगत प्रदर्शन का सवाल है तो मुझे उम्मीद है कि मैं अगले मैच में एक और (शतक) बना लूंगा।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: श्रीलंका के खिलाफ पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच से चोट से वापसी करने वाले सीनियर भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक दौरे के दौरान लचर प्रदर्शन के बाद रन बनाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण था।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अगर आप सोचते हैं कि आपकी होममेकर मां दिन भर घर में बैठ कर सिर्फ टीवी देखती है, तो आपको जरूरत है, इस सोच को बदल डालने की। एक नए शोध ने साबित किया है कि कोई भी मां एक सप्ताह में 70 घंटे से भी ज्यादा समय घरेलू कामों में बिताती है। इस बारे में ब्रिटेन में लगभग 3,000 मांओं पर सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण के मुताबिक, एक मां दिन में 10 घंटे से भी ज्यादा समय अपने परिवार की गतिविधियों को देती है, जिसमें बच्चों को नहलाना, उनके होमवर्क में मदद करना और सोने से पहले उनके छोटे-बड़े काम निपटाना शामिल है। मोबाइल फोन नेटवर्क थ्री की ओर से किए गए इस सर्वेक्षण में शामिल एक-तिहाई महिलाओं ने कहा कि उन्हें रात में सोने के लिए छह घंटे से भी कम समय मिलता है। वहीं 83 फीसदी ने कहा कि उन्हें हर दिन सिर्फ एक घंटा खुद के लिए मिलता है। सर्वेक्षण के मुताबिक हर छह में से केवल एक महिला ने इस बात को स्वीकार किया कि वह अपनी दिनचर्या से खुश हैं, वहीं आधी से ज्यादा महिलाओं ने कहा कि अगर उन्हें अपने लिए एक और घंटा मिल जाता, तो वे ज्यादा खुश रहतीं। इसमें कहा गया है कि मांओं का सबसे ज्यादा समय घर साफ करने और खाना बनाने में लगता है।
यह एक सारांश है: अगर आप सोचते हैं कि आपकी होममेकर मां दिन भर घर में सिर्फ टीवी देखती है, तो आपको जरूरत है, इस सोच को बदल डालने की। एक नए शोध ने साबित किया है कि कोई भी मां एक सप्ताह में 70 घंटे से भी ज्यादा समय घरेलू कामों में बिताती है।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ पीपीपी नेता की मौत के बाद पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है, जहां पिछले 24 घंटों के दौरान 11 लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए। शनिवार को शुरू हुई हिंसा के इस नए दौरे के पीछे दो घटनाएं जिम्मेदार हैं। देश की सरकारी विमानन कंपनी पीआईए में कामगार संगठन के प्रमुख एवं सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता आमिर शाह और उनके एक दोस्त को गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में गोलियों से भून दिया गया। इसके बाद हिंसा और भड़क उठी। इस घटना के ठीक बाद काची अमन समिति द्वारा निकाली गई एक रैली पर अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियां बरसाईं। इस घटना में कम से कम सात लोग जख्मी हो गए। गोलीबारी की घटना के बाद समिति के क्रुद्ध समर्थकों ने मुख्य मौरीपुर सड़क को अवरूद्ध कर दिया, जिससे कंटेनर और भारी ट्रकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो गई। नाराज लोगों ने सड़कों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया और दुकानों में आग लगा दी। बाद में यह हिंसा अन्य इलाकों में फैल गई और हिंसा प्रभावित बल्दिया शहर में तीन लोगों की मौत सहित विभिन्न इलाकों में देर रात तक हुई गोलीबारी में कम से कम नौ और लोगों के मरने की खबरें मिली हैं।
यहाँ एक सारांश है:वरिष्ठ पीपीपी नेता की मौत के बाद कराची में हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है, जहां पिछले 24 घंटों के दौरान 11 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: निर्देशक रामगोपाल वर्मा फिर आए हैं, एक डरावनी फिल्म 'भूत रिटर्न्स' लेकर, जिसमें इस बार भूत से डरते नज़र आए मनीषा कोइराला, जेडी चक्रवर्ती, मधुशालिनी और अलाएना शर्मा... यह कहानी है एक हॉन्टेड हाउस की, जिसमें पूरा परिवार साथ रहने जाता है... और फिर क्या-क्या हुआ होगा, आप खुद समझदार हैं...टिप्पणियां 'भूत रिटर्न्स' डेढ़ घंटे, यानि 90 मिनट की फिल्म है, और करीब 50 मिनट तक फिल्म के सभी किरदार भूत के साथ लुका-छिपी खेलते दिखते हैं... मुझे तो लगता है, अब हॉरर फिल्मों में यह सब कुछ कम होना चाहिए... मसलन, एक नौकर, जो शायद 'बीस साल बाद' से लेकर अब तक की लगभग सभी हॉरर फिल्मों में सबसे पहले 'बलि का बकरा' बनता है... डरावनी आवाज़ें निकालते दरवाज़े, और भूत को ढूंढने के लम्बे-लम्बे सीन्स, जो वैसे भी किसी भी हॉरर फिल्म में स्पेशल अपीयरेंस में होता है, और हमारी पुलिस की तरह आखिर में ही आता है... खैर, निर्माता नितिन मनमोहन की इस फिल्म की सबसे अच्छी बात है इसकी 3-डी सिनेमाटोग्राफी, जिसकी बदौलत आपको कई जगह कमाल के 3-डी इफेक्ट्स देखने को मिलेंगे... मैं फिर कहूंगा कि एक्टर्स को फिल्म में सिर्फ डरना था, सो, एक्टिंग का ज़िक्र करना भी बेकार है... आखिर में यही कहूंगा कि बेहतर होगा कि अब रामू अपनी हॉरर फिल्मों में कुछ कहानियां भी डालना शुरू करें... सो, लगभग बिना कहानी की 'भूत रिटर्न्स' के लिए मेरी रेटिंग है 1.5 स्टार... 'भूत रिटर्न्स' डेढ़ घंटे, यानि 90 मिनट की फिल्म है, और करीब 50 मिनट तक फिल्म के सभी किरदार भूत के साथ लुका-छिपी खेलते दिखते हैं... मुझे तो लगता है, अब हॉरर फिल्मों में यह सब कुछ कम होना चाहिए... मसलन, एक नौकर, जो शायद 'बीस साल बाद' से लेकर अब तक की लगभग सभी हॉरर फिल्मों में सबसे पहले 'बलि का बकरा' बनता है... डरावनी आवाज़ें निकालते दरवाज़े, और भूत को ढूंढने के लम्बे-लम्बे सीन्स, जो वैसे भी किसी भी हॉरर फिल्म में स्पेशल अपीयरेंस में होता है, और हमारी पुलिस की तरह आखिर में ही आता है... खैर, निर्माता नितिन मनमोहन की इस फिल्म की सबसे अच्छी बात है इसकी 3-डी सिनेमाटोग्राफी, जिसकी बदौलत आपको कई जगह कमाल के 3-डी इफेक्ट्स देखने को मिलेंगे... मैं फिर कहूंगा कि एक्टर्स को फिल्म में सिर्फ डरना था, सो, एक्टिंग का ज़िक्र करना भी बेकार है... आखिर में यही कहूंगा कि बेहतर होगा कि अब रामू अपनी हॉरर फिल्मों में कुछ कहानियां भी डालना शुरू करें... सो, लगभग बिना कहानी की 'भूत रिटर्न्स' के लिए मेरी रेटिंग है 1.5 स्टार... खैर, निर्माता नितिन मनमोहन की इस फिल्म की सबसे अच्छी बात है इसकी 3-डी सिनेमाटोग्राफी, जिसकी बदौलत आपको कई जगह कमाल के 3-डी इफेक्ट्स देखने को मिलेंगे... मैं फिर कहूंगा कि एक्टर्स को फिल्म में सिर्फ डरना था, सो, एक्टिंग का ज़िक्र करना भी बेकार है... आखिर में यही कहूंगा कि बेहतर होगा कि अब रामू अपनी हॉरर फिल्मों में कुछ कहानियां भी डालना शुरू करें... सो, लगभग बिना कहानी की 'भूत रिटर्न्स' के लिए मेरी रेटिंग है 1.5 स्टार...
संक्षिप्त पाठ: मनीषा कोइराला, जेडी चक्रवर्ती, मधुशालिनी और अलाएना शर्मा... सभी एक्टर्स को फिल्म में सिर्फ डरना था, सो, एक्टिंग का ज़िक्र करना भी बेकार है...
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए कहा गया है. आपातकालीन स्थिति मामलों की देश की शीर्ष संस्था राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने सोमवार को चक्रवात ‘फोनी' से पैदा हुई स्थिति का जायजा लिया और राज्य सरकारों को तूफान से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सभी सहायता मिलने का आश्वासन दिया.  गृह मंत्रालय ने कहा कि एनडीआरएफ और भारतीय तटरक्षक बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है तथा मछुआरों से समुद्र में न जाने को कहा गया है क्योंकि चक्रवात ‘फोनी' के मंगलवार को बहुत तेज तूफान में तबदील होने की आशंका है. आम तौर पर किसी चक्रवाती तूफान की हवाओं की गति 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा होती है जबकि हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ सकती है. 'अत्यंत भयंकर चक्रवाती तूफान' के मामले में, हवा की गति 170-180 किमी प्रति घंटे तक हो जाती है और यह 195 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकती है. गुरुवार को उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण तटीय ओडिशा में कुछ स्थानों पर हल्की व मध्यम बारिश होने की संभावना है. कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा की अध्यक्षता में एनसीएमसी की बैठक हुई और हालात का जायजा लिया गया. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए. बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए. इसमें सभी राज्य सरकारों के अधिकारियों ने चक्रवाती तूफान से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी तैयारी की पुष्टि की. स्थिति पर करीबी नजर रख रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के बाद एनसीएमसी की बैठक हुई.  इस बीच, ओडिशा सरकार के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि संभावित चक्रवात के मद्देनजर राज्य सरकार ने दक्षिणी और तटीय जिलों को सतर्क कर दिया है. हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य में चक्रवात की वजह से भूस्खलन की संभावना नहीं है. अधिकारी ने कहा कि सभी 880 चक्रवात केंद्रों के अलावा ओडीआरएएफ (ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल) की 20 इकाइयों, एनडीआरएफ की 12 इकाइयों और 335 अग्निशमन इकाइयों को भी अलर्ट पर रखा गया है.
यहाँ एक सारांश है:बन सकता है ‘बेहद खतरनाक चक्रवात’ NDRF और भारतीय तटरक्षक बल अलर्ट पर मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए कहा गया
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने आज कहा कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार की समस्या से निपटने के लिए 'लाई-डिटेक्टर' जांच करना अच्छा तरीका होगा।टिप्पणियां वॉ ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा, इस तरह की चीजें होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अंपायरों को जागरूक करने की जरूरत है। इसके अलावा ‘लाई-डिटेक्टर’ जांच करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैच फिक्सिंग या स्पॉट फिक्सिंग के आरोपी खिलाड़ियों को अपने नाम से यह धब्बा हटाने के लिए 'लाई-डिटेक्टर' जांच से गुजरना चाहिए। मौजूदा एशेज शृंखला के बारे में वॉ ने कहा, बदलाव के दौर से गुजर रही टीम (ऑस्ट्रेलिया) के लिए यह काफी मुश्किल है, लेकिन मुझे लगता है कि हमारे पास प्रतिभा है और हमें खुद पर भरोसा करने की जरूरत है। वॉ ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा, इस तरह की चीजें होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अंपायरों को जागरूक करने की जरूरत है। इसके अलावा ‘लाई-डिटेक्टर’ जांच करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैच फिक्सिंग या स्पॉट फिक्सिंग के आरोपी खिलाड़ियों को अपने नाम से यह धब्बा हटाने के लिए 'लाई-डिटेक्टर' जांच से गुजरना चाहिए। मौजूदा एशेज शृंखला के बारे में वॉ ने कहा, बदलाव के दौर से गुजर रही टीम (ऑस्ट्रेलिया) के लिए यह काफी मुश्किल है, लेकिन मुझे लगता है कि हमारे पास प्रतिभा है और हमें खुद पर भरोसा करने की जरूरत है। मौजूदा एशेज शृंखला के बारे में वॉ ने कहा, बदलाव के दौर से गुजर रही टीम (ऑस्ट्रेलिया) के लिए यह काफी मुश्किल है, लेकिन मुझे लगता है कि हमारे पास प्रतिभा है और हमें खुद पर भरोसा करने की जरूरत है।
यहाँ एक सारांश है:आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने आज कहा कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार की समस्या से निपटने के लिए 'लाई-डिटेक्टर' जांच करना अच्छा तरीका होगा।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: वैज्ञानिकों ने काल्पनिक बुद्धि तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने इस बार किसी रोबोट या सिलिकन चिप के रूप में नहीं, बल्कि एक टेस्ट ट्यूब में बुद्धि सृजित की है। 'कैलीफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (कैलटेक) के शोधकर्ताओं ने आपस में वार्तालाप करने वाले अणुओं का एक ऐसा सर्किट तैयार किया है, जो मानव मस्तिष्क की तरह अधूरे डीएनए पैटर्न पर आधारित यादों को याद रख सकते हैं। 'नेचर' पत्रिका के मुताबिक कैल्टेक के शोधकर्ता लुलु क्विन का कहना है, मस्तिष्क अविश्वसनीय है। यह हमें घटनाओं के प्रकारों की पहचान करने, यादें संजोने, निर्णय लेने और कार्य करने की अनुमति देता है। अध्ययकर्ता क्विन ने कहा, इसलिए हमें लगा कि क्या भौतिक रूप से जुड़ी हुई तंत्रिका कोशिकाओं के नेटवर्क की बजाए आपस में क्रिया या वार्तालाप करने वाले अणुओं युक्त द्रव्य में मस्तिष्क जैसे लक्षण हो सकते हैं। शोधकर्ताओं का डीएनए के 112 अलग-अलग टुकड़ों से बनी चार कृत्रिम तंत्रिकाओं का तंत्रिका नेटवर्क दिमाग को पढ़ सकता है। यह एक प्रकार का गेम है जिसमें एक रहस्यमी वैज्ञानिक को पहचानने की कोशिश की जाती है। शोधकर्ताओं ने इस तंत्रिका नेटवर्क को चार वैज्ञानिकों को पहचानने के लिए प्रशिक्षित किया है। इन वैज्ञानिकों में से प्रत्येक की पहचान चार प्रश्नों से की जाती है। काल्पनिक बौद्धिकता वाले जैवरासायनिक तंत्रों का दवाओं, रसायनशास्त्र और जीववैज्ञानिक शोध में महत्वपूर्ण इस्तेमाल हो सकता है।
सारांश: वैज्ञानिकों ने काल्पनिक बुद्धि तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने इस बार एक टेस्ट ट्यूब में बुद्धि सृजित की है।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'बाहुबली 2' को रिलीज हुए 10 दिन से ज्‍यादा हो गया है और इस फिल्‍म ने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सिर्फ देश में ही नहीं, बल्‍कि दुनिया भर में इस फिल्‍म को काफी पसंद किया जा रहा है और यही कारण है कि इस फिल्‍म ने अभी तक 1000 करोड़ की कमाई कर ली है. साउथ इंडिया ही नहीं बल्कि इस फिल्‍म ने बॉलीवुड के भी कई सितारों की नींद उड़ा दी है. लेकिन जहां सभी इस फिल्‍म की सफलता और कमाई के बड़े आंकड़ों से प्रभावित हैं तो वहीं हम आप को बता दें कि इतनी कमाई के बाद भी यह फिल्‍म घाटा झेल रही है.टिप्पणियां बाहुबली को नुकसान पहुंचने की वजह है पायरेसी. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तमिल फिल्म प्रोड्यूसर काउंसिल के नए प्रेजिडेंट और एक्टर विशाल ने एक पायरेसी वेबसाइट के खिलाफ बाहुबली का पायरेटेड वर्जन कई दूसरी साइट्स पर अपलोड करने की शिकायत दर्ज कराई है. फिल्म प्रोड्यूसर्स के एक प्रतिनिधि मंडल ने ऐसे इंटरनेट माफिया पर लगाम कसने की बात उठाई है. इन सदस्यों का कहना है कि पायरेसी के चलते 'बाहुबली 2' के निर्माताओं को खासा नुकसान उठाना पड़ा है.   तमिल फिल्‍म प्रोड्यूसर काउंसिल के मेंबर्स ने मांग रखी है कि फिल्म इंडस्ट्री को हो रहे ऐसे लगातार नुकसान को देखते हुए अवैध रूप से चल रही पायरेट फिल्म दिखाने वाली इन वेबसाइट्स को बंद करना चाहिए. साथ ही इन्हें चलाने वालों पर मुकदमा दायर होना चाहिए. पायरेसी फिल्‍मों के लिए एक बड़ी समस्‍या रही है और अक्‍सर फिल्‍में इसके चलते नुकसान झेलती रही हैं. इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सदस्यों ने बताया है कि उन्होंने 'बाहुबली 2' डाउनलोड करने का ऑप्शन देने वाले IP एड्रेस नोट किए हैं. जानकारी के लिए बता दें कि 28 अप्रैल को रिलीज होते ही बाहुबली 2 के इंटरनेट पर लीक होने की खबरें आ गई थीं. इस फिल्‍म ने रिलीज से पहले ही सैटेलाइट राइट्स बेच कर 500 करोड़ की कमाई कर ली थी. तो वहीं रिलीज से बाद से ही यह फिल्‍म कमाई के हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है. यह फिल्‍म 1000 करोड़ के क्‍लब में शामिल हुई पहली फिल्‍म बन गई है. बाहुबली को नुकसान पहुंचने की वजह है पायरेसी. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तमिल फिल्म प्रोड्यूसर काउंसिल के नए प्रेजिडेंट और एक्टर विशाल ने एक पायरेसी वेबसाइट के खिलाफ बाहुबली का पायरेटेड वर्जन कई दूसरी साइट्स पर अपलोड करने की शिकायत दर्ज कराई है. फिल्म प्रोड्यूसर्स के एक प्रतिनिधि मंडल ने ऐसे इंटरनेट माफिया पर लगाम कसने की बात उठाई है. इन सदस्यों का कहना है कि पायरेसी के चलते 'बाहुबली 2' के निर्माताओं को खासा नुकसान उठाना पड़ा है.   तमिल फिल्‍म प्रोड्यूसर काउंसिल के मेंबर्स ने मांग रखी है कि फिल्म इंडस्ट्री को हो रहे ऐसे लगातार नुकसान को देखते हुए अवैध रूप से चल रही पायरेट फिल्म दिखाने वाली इन वेबसाइट्स को बंद करना चाहिए. साथ ही इन्हें चलाने वालों पर मुकदमा दायर होना चाहिए. पायरेसी फिल्‍मों के लिए एक बड़ी समस्‍या रही है और अक्‍सर फिल्‍में इसके चलते नुकसान झेलती रही हैं. इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सदस्यों ने बताया है कि उन्होंने 'बाहुबली 2' डाउनलोड करने का ऑप्शन देने वाले IP एड्रेस नोट किए हैं. जानकारी के लिए बता दें कि 28 अप्रैल को रिलीज होते ही बाहुबली 2 के इंटरनेट पर लीक होने की खबरें आ गई थीं. इस फिल्‍म ने रिलीज से पहले ही सैटेलाइट राइट्स बेच कर 500 करोड़ की कमाई कर ली थी. तो वहीं रिलीज से बाद से ही यह फिल्‍म कमाई के हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है. यह फिल्‍म 1000 करोड़ के क्‍लब में शामिल हुई पहली फिल्‍म बन गई है. इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सदस्यों ने बताया है कि उन्होंने 'बाहुबली 2' डाउनलोड करने का ऑप्शन देने वाले IP एड्रेस नोट किए हैं. जानकारी के लिए बता दें कि 28 अप्रैल को रिलीज होते ही बाहुबली 2 के इंटरनेट पर लीक होने की खबरें आ गई थीं. इस फिल्‍म ने रिलीज से पहले ही सैटेलाइट राइट्स बेच कर 500 करोड़ की कमाई कर ली थी. तो वहीं रिलीज से बाद से ही यह फिल्‍म कमाई के हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है. यह फिल्‍म 1000 करोड़ के क्‍लब में शामिल हुई पहली फिल्‍म बन गई है.
तमिल फिल्म प्रोड्यूसर काउंसिल के प्रेसिडेंट ने पायरेसी वेबसाइट की शिकायत पायरेसी के चलते 'बाहुबली 2' के निर्माताओं को हो रहा है नुकसान अभी तक 1000 करोड़ से ज्‍यादा की कमाई कर चुकी है 'बाहुबली 2'
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री श्रीदेवी ने देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री के लिए उनका नाम चुने जाने पर परिवार, दोस्तों व प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया है।टिप्पणियां श्रीदेवी ने ट्विटर पर लिखा, मैं पद्मश्री सम्मान पाकर खुद को बहुत सम्मानित और कृतज्ञ महसूस कर रही हूं। मैं अपने सभी शुभचिंतकों को उनके लगातार सहयोग व मुझमें विश्वास जताए जाने के लिए उनका शुक्रिया अदा करना चाहूंगी। पद्म सम्मानों की घोषणा शुक्रवार को की गई थी। 'नगीना', 'मिस्टर इंडिया', 'चांदनी' और 'चालबाज' जैसी फिल्मों में अभिनय के लिए मशहूर श्रीदेवी ने 15 साल के अंतराल के बाद 2012 में फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' से बड़े पर्दे पर वापसी की थी। 'इंग्लिश विंग्लिश' की निर्देशक गौर शिंदे को अपनी फिल्म की तारिका को पद्मश्री के लिए चुने जाने पर गर्व है। शिंदे ने ट्विटर पर लिखा, अंतत: श्रीदेवी को पद्मश्री!! मुझे महसूस होता है कि दुनिया में कहीं न्याय है। यह बहुत अद्भुत है। श्रीदेवी ने ट्विटर पर लिखा, मैं पद्मश्री सम्मान पाकर खुद को बहुत सम्मानित और कृतज्ञ महसूस कर रही हूं। मैं अपने सभी शुभचिंतकों को उनके लगातार सहयोग व मुझमें विश्वास जताए जाने के लिए उनका शुक्रिया अदा करना चाहूंगी। पद्म सम्मानों की घोषणा शुक्रवार को की गई थी। 'नगीना', 'मिस्टर इंडिया', 'चांदनी' और 'चालबाज' जैसी फिल्मों में अभिनय के लिए मशहूर श्रीदेवी ने 15 साल के अंतराल के बाद 2012 में फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' से बड़े पर्दे पर वापसी की थी। 'इंग्लिश विंग्लिश' की निर्देशक गौर शिंदे को अपनी फिल्म की तारिका को पद्मश्री के लिए चुने जाने पर गर्व है। शिंदे ने ट्विटर पर लिखा, अंतत: श्रीदेवी को पद्मश्री!! मुझे महसूस होता है कि दुनिया में कहीं न्याय है। यह बहुत अद्भुत है। 'नगीना', 'मिस्टर इंडिया', 'चांदनी' और 'चालबाज' जैसी फिल्मों में अभिनय के लिए मशहूर श्रीदेवी ने 15 साल के अंतराल के बाद 2012 में फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' से बड़े पर्दे पर वापसी की थी। 'इंग्लिश विंग्लिश' की निर्देशक गौर शिंदे को अपनी फिल्म की तारिका को पद्मश्री के लिए चुने जाने पर गर्व है। शिंदे ने ट्विटर पर लिखा, अंतत: श्रीदेवी को पद्मश्री!! मुझे महसूस होता है कि दुनिया में कहीं न्याय है। यह बहुत अद्भुत है।
संक्षिप्त सारांश: अभिनेत्री श्रीदेवी ने देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' के लिए उनका नाम चुने जाने पर परिवार, दोस्तों व प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया है।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित नहीं होने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि विपक्ष को गरीबों से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें तो केवल कुर्सी नजर आती है। गांधी ने आज यहां सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित सुपर थर्मल पावर स्टेशन की छह सौ साठ मेगावाट की सातवीं और आठवीं दो इकाइयों की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने जनसभा को अपने संबोधन में कहा, हम खाद्य सुरक्षा कानून लाना चाहते हैं, लेकिन कुछ दल राजनीति कर रहे हैं। उनका काम केवल राजनीति करना है। गरीबों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें तो जनहित के कार्यों का विरोध करना है। इससे गरीब की परेशानी और बढ़ जाती है।टिप्पणियां संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस गरीब और कमजोर वर्ग के साथ है तथा महिलाओं एवं किसानों की खुशहाली का हमेशा ध्यान रखा है। उन्होंने कहा, संप्रग सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाकर मनरेगा, मुफ्त शिक्षा, महिलाओं, किसानों के लिए ढेर सारी योजनाएं शुरू की है। उन्होंने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की बुजुर्ग पेंशन योजना, नि:शुल्क दवा योजना, नि:शुल्क जांच योजना, जननी सुरक्षा योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन योजनाओं के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। सोनिया ने कहा कि गरीब लोग बीमार होने पर उपचार नहीं करा पाते थे और काफी तकलीफ उठानी पड़ती थी, लेकिन अब राज्य सरकार के मुफ्त दवा और नि:शुल्क उपचार योजना शुरू करने से उन्हें राहत मिली है। गांधी ने आज यहां सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित सुपर थर्मल पावर स्टेशन की छह सौ साठ मेगावाट की सातवीं और आठवीं दो इकाइयों की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने जनसभा को अपने संबोधन में कहा, हम खाद्य सुरक्षा कानून लाना चाहते हैं, लेकिन कुछ दल राजनीति कर रहे हैं। उनका काम केवल राजनीति करना है। गरीबों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें तो जनहित के कार्यों का विरोध करना है। इससे गरीब की परेशानी और बढ़ जाती है।टिप्पणियां संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस गरीब और कमजोर वर्ग के साथ है तथा महिलाओं एवं किसानों की खुशहाली का हमेशा ध्यान रखा है। उन्होंने कहा, संप्रग सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाकर मनरेगा, मुफ्त शिक्षा, महिलाओं, किसानों के लिए ढेर सारी योजनाएं शुरू की है। उन्होंने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की बुजुर्ग पेंशन योजना, नि:शुल्क दवा योजना, नि:शुल्क जांच योजना, जननी सुरक्षा योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन योजनाओं के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। सोनिया ने कहा कि गरीब लोग बीमार होने पर उपचार नहीं करा पाते थे और काफी तकलीफ उठानी पड़ती थी, लेकिन अब राज्य सरकार के मुफ्त दवा और नि:शुल्क उपचार योजना शुरू करने से उन्हें राहत मिली है। संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस गरीब और कमजोर वर्ग के साथ है तथा महिलाओं एवं किसानों की खुशहाली का हमेशा ध्यान रखा है। उन्होंने कहा, संप्रग सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाकर मनरेगा, मुफ्त शिक्षा, महिलाओं, किसानों के लिए ढेर सारी योजनाएं शुरू की है। उन्होंने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की बुजुर्ग पेंशन योजना, नि:शुल्क दवा योजना, नि:शुल्क जांच योजना, जननी सुरक्षा योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन योजनाओं के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। सोनिया ने कहा कि गरीब लोग बीमार होने पर उपचार नहीं करा पाते थे और काफी तकलीफ उठानी पड़ती थी, लेकिन अब राज्य सरकार के मुफ्त दवा और नि:शुल्क उपचार योजना शुरू करने से उन्हें राहत मिली है। सोनिया ने कहा कि गरीब लोग बीमार होने पर उपचार नहीं करा पाते थे और काफी तकलीफ उठानी पड़ती थी, लेकिन अब राज्य सरकार के मुफ्त दवा और नि:शुल्क उपचार योजना शुरू करने से उन्हें राहत मिली है।
संक्षिप्त पाठ: सोनिया ने कहा कि हम खाद्य सुरक्षा कानून लाना चाहते हैं, लेकिन कुछ दल राजनीति कर रहे हैं। उनका काम केवल राजनीति करना है।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड में कांग्रेस नीत विजय बहुगुणा सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में बहुमत सिद्ध कर दिया। विपक्ष भाजपा ने कल विधानसभा की कार्यवाही बाधित करते हुए राजभवन के समक्ष प्रदर्शन कर सरकार पर सदन में बहुमत हासिल करने के लिए दबाव बढ़ाया था। राज्य विधानसभा में आज जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अपनी सरकार द्वारा सदन में बहुमत सिद्ध करने का एक पंक्ति का प्रस्ताव पेश किया लेकिन भाजपा सदस्यों ने मांग की कि इस प्रस्ताव पर गुप्त मतदान कराया जाये। बहुगुणा ने कहा कि विपक्षी सदस्य पिछले दो दिनों से यह दावा कर रहे हैं कि उनके पास अपेक्षित बहुमत नहीं है जबकि विधानसभा अध्यक्ष चुनाव में जीतकर उनकी सरकार ने साबित कर दिया है कि उनके पास पर्याप्त बहुमत है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार संसदीय परम्पराओं और मर्यादाओं का पूरा पूरा पालन करने के लिये कृतसंकल्प है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल से आग्रह किया कि वह सदस्यों की गिनती करायें। बहुगुणा ने जब विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल से आग्रह किया कि वह उनके प्रस्ताव पर मत विभाजन करायें तो विपक्षी सदस्यों ने इस पर गुप्त मतदान कराने की मांग शुरू कर दी। इस मांग को कुंजवाल ने ठुकराते हुये मत विभाजन कराया। उन्होंने सरकार के पक्ष के सदस्यों से अपने स्थान पर खड़े होने का आग्रह करते हुये उन्हें विश्वासमत के प्रस्ताव पर हाथ खड़े करने को कहा। टिप्पणियां कांग्रेस के सभी सदस्यों के अतिरिक्त बहुजन समाज पार्टी के तीन, उत्तराखंड क्रांति दल के एक, तीन निर्दलीय तथा एक मनोनीत सदस्य आर वी गार्डनर ने सरकार के पक्ष में हाथ खड़े किये। विपक्षी सदस्यों ने विश्वासमत हासिल करने की इस प्रक्रिया के विरोध में सदन से वाकआउट किया और इसे लोकतंत्र विरोधी प्रक्रिया करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों ने कल सदन की कार्यवाही बाधित करते हुये सरकार से मांग की थी कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करे। सदस्यों ने कहा था कि सरकार बहुमत के लिये अलग से प्रस्ताव नहीं लाकर संसदीय परम्पराओं को खुला उल्लंघन कर रही है । सरकार को यह विश्वास ही नहीं है कि उसे सदन में बहुमत प्राप्त है। विपक्ष भाजपा ने कल विधानसभा की कार्यवाही बाधित करते हुए राजभवन के समक्ष प्रदर्शन कर सरकार पर सदन में बहुमत हासिल करने के लिए दबाव बढ़ाया था। राज्य विधानसभा में आज जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अपनी सरकार द्वारा सदन में बहुमत सिद्ध करने का एक पंक्ति का प्रस्ताव पेश किया लेकिन भाजपा सदस्यों ने मांग की कि इस प्रस्ताव पर गुप्त मतदान कराया जाये। बहुगुणा ने कहा कि विपक्षी सदस्य पिछले दो दिनों से यह दावा कर रहे हैं कि उनके पास अपेक्षित बहुमत नहीं है जबकि विधानसभा अध्यक्ष चुनाव में जीतकर उनकी सरकार ने साबित कर दिया है कि उनके पास पर्याप्त बहुमत है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार संसदीय परम्पराओं और मर्यादाओं का पूरा पूरा पालन करने के लिये कृतसंकल्प है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल से आग्रह किया कि वह सदस्यों की गिनती करायें। बहुगुणा ने जब विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल से आग्रह किया कि वह उनके प्रस्ताव पर मत विभाजन करायें तो विपक्षी सदस्यों ने इस पर गुप्त मतदान कराने की मांग शुरू कर दी। इस मांग को कुंजवाल ने ठुकराते हुये मत विभाजन कराया। उन्होंने सरकार के पक्ष के सदस्यों से अपने स्थान पर खड़े होने का आग्रह करते हुये उन्हें विश्वासमत के प्रस्ताव पर हाथ खड़े करने को कहा। टिप्पणियां कांग्रेस के सभी सदस्यों के अतिरिक्त बहुजन समाज पार्टी के तीन, उत्तराखंड क्रांति दल के एक, तीन निर्दलीय तथा एक मनोनीत सदस्य आर वी गार्डनर ने सरकार के पक्ष में हाथ खड़े किये। विपक्षी सदस्यों ने विश्वासमत हासिल करने की इस प्रक्रिया के विरोध में सदन से वाकआउट किया और इसे लोकतंत्र विरोधी प्रक्रिया करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों ने कल सदन की कार्यवाही बाधित करते हुये सरकार से मांग की थी कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करे। सदस्यों ने कहा था कि सरकार बहुमत के लिये अलग से प्रस्ताव नहीं लाकर संसदीय परम्पराओं को खुला उल्लंघन कर रही है । सरकार को यह विश्वास ही नहीं है कि उसे सदन में बहुमत प्राप्त है। बहुगुणा ने कहा कि विपक्षी सदस्य पिछले दो दिनों से यह दावा कर रहे हैं कि उनके पास अपेक्षित बहुमत नहीं है जबकि विधानसभा अध्यक्ष चुनाव में जीतकर उनकी सरकार ने साबित कर दिया है कि उनके पास पर्याप्त बहुमत है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार संसदीय परम्पराओं और मर्यादाओं का पूरा पूरा पालन करने के लिये कृतसंकल्प है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल से आग्रह किया कि वह सदस्यों की गिनती करायें। बहुगुणा ने जब विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल से आग्रह किया कि वह उनके प्रस्ताव पर मत विभाजन करायें तो विपक्षी सदस्यों ने इस पर गुप्त मतदान कराने की मांग शुरू कर दी। इस मांग को कुंजवाल ने ठुकराते हुये मत विभाजन कराया। उन्होंने सरकार के पक्ष के सदस्यों से अपने स्थान पर खड़े होने का आग्रह करते हुये उन्हें विश्वासमत के प्रस्ताव पर हाथ खड़े करने को कहा। टिप्पणियां कांग्रेस के सभी सदस्यों के अतिरिक्त बहुजन समाज पार्टी के तीन, उत्तराखंड क्रांति दल के एक, तीन निर्दलीय तथा एक मनोनीत सदस्य आर वी गार्डनर ने सरकार के पक्ष में हाथ खड़े किये। विपक्षी सदस्यों ने विश्वासमत हासिल करने की इस प्रक्रिया के विरोध में सदन से वाकआउट किया और इसे लोकतंत्र विरोधी प्रक्रिया करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों ने कल सदन की कार्यवाही बाधित करते हुये सरकार से मांग की थी कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करे। सदस्यों ने कहा था कि सरकार बहुमत के लिये अलग से प्रस्ताव नहीं लाकर संसदीय परम्पराओं को खुला उल्लंघन कर रही है । सरकार को यह विश्वास ही नहीं है कि उसे सदन में बहुमत प्राप्त है। बहुगुणा ने जब विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल से आग्रह किया कि वह उनके प्रस्ताव पर मत विभाजन करायें तो विपक्षी सदस्यों ने इस पर गुप्त मतदान कराने की मांग शुरू कर दी। इस मांग को कुंजवाल ने ठुकराते हुये मत विभाजन कराया। उन्होंने सरकार के पक्ष के सदस्यों से अपने स्थान पर खड़े होने का आग्रह करते हुये उन्हें विश्वासमत के प्रस्ताव पर हाथ खड़े करने को कहा। टिप्पणियां कांग्रेस के सभी सदस्यों के अतिरिक्त बहुजन समाज पार्टी के तीन, उत्तराखंड क्रांति दल के एक, तीन निर्दलीय तथा एक मनोनीत सदस्य आर वी गार्डनर ने सरकार के पक्ष में हाथ खड़े किये। विपक्षी सदस्यों ने विश्वासमत हासिल करने की इस प्रक्रिया के विरोध में सदन से वाकआउट किया और इसे लोकतंत्र विरोधी प्रक्रिया करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों ने कल सदन की कार्यवाही बाधित करते हुये सरकार से मांग की थी कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करे। सदस्यों ने कहा था कि सरकार बहुमत के लिये अलग से प्रस्ताव नहीं लाकर संसदीय परम्पराओं को खुला उल्लंघन कर रही है । सरकार को यह विश्वास ही नहीं है कि उसे सदन में बहुमत प्राप्त है। कांग्रेस के सभी सदस्यों के अतिरिक्त बहुजन समाज पार्टी के तीन, उत्तराखंड क्रांति दल के एक, तीन निर्दलीय तथा एक मनोनीत सदस्य आर वी गार्डनर ने सरकार के पक्ष में हाथ खड़े किये। विपक्षी सदस्यों ने विश्वासमत हासिल करने की इस प्रक्रिया के विरोध में सदन से वाकआउट किया और इसे लोकतंत्र विरोधी प्रक्रिया करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों ने कल सदन की कार्यवाही बाधित करते हुये सरकार से मांग की थी कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करे। सदस्यों ने कहा था कि सरकार बहुमत के लिये अलग से प्रस्ताव नहीं लाकर संसदीय परम्पराओं को खुला उल्लंघन कर रही है । सरकार को यह विश्वास ही नहीं है कि उसे सदन में बहुमत प्राप्त है। सदस्यों ने कहा था कि सरकार बहुमत के लिये अलग से प्रस्ताव नहीं लाकर संसदीय परम्पराओं को खुला उल्लंघन कर रही है । सरकार को यह विश्वास ही नहीं है कि उसे सदन में बहुमत प्राप्त है।
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस के सभी सदस्यों के अतिरिक्त बहुजन समाज पार्टी के तीन, उत्तराखंड क्रांति दल के एक, तीन निर्दलीय तथा एक मनोनीत सदस्य आर वी गार्डनर ने सरकार के पक्ष में हाथ खड़े किये।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केन्द्र सरकार ने निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को लेकर यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार ने निलंबन वापस लेने के बजाय एसडीएम को चार्जशीट देने का मन बना लिया है और जवाब तलब किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि नियमानुसार यदि चार्जशीट के जवाब से सरकार संतुष्ट नहीं हुई तब आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में केंद्रीय मंत्री नारायणसामी ने कहा है कि दुर्गा का पक्ष भी सरकार जानेगी। नारायणसामी ने कहा है कि अगर दुर्गा पर गलत कार्रवाई हुई है तब केंद्र दखल देगा। यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में तैनात आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड कर दिया। सरकार ने वजह बताई कि एक मस्जिद की दीवार गिराने में दुर्गा ने लापरवाही बरती, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि दुर्गा को रेत माफिया के दबाव में सस्पेंड किया गया क्योंकि वह रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं। इधर, दुर्गा शक्ति के निलंबन पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। मायावती ने यूपी की अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपी में गुंडा और माफिया राज है। उन्होंने कहा कि माइनिंग माफिया की पोल खोलने की सजा एक ईमानदार आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल को झेलनी पड़ रही है। टिप्पणियां कांग्रेस और बीजेपी ने भी दुर्गा के निलंबन को गलत बताते हुए उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की है। वहीं, यूपी सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव का कहना है कि दुर्गा के निलंबन का माइनिंग माफिया से कोई लेना−देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्हें ईमानदारी की सजा मिली है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री नारायणसामी ने कहा है कि दुर्गा का पक्ष भी सरकार जानेगी। नारायणसामी ने कहा है कि अगर दुर्गा पर गलत कार्रवाई हुई है तब केंद्र दखल देगा। यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में तैनात आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड कर दिया। सरकार ने वजह बताई कि एक मस्जिद की दीवार गिराने में दुर्गा ने लापरवाही बरती, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि दुर्गा को रेत माफिया के दबाव में सस्पेंड किया गया क्योंकि वह रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं। इधर, दुर्गा शक्ति के निलंबन पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। मायावती ने यूपी की अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपी में गुंडा और माफिया राज है। उन्होंने कहा कि माइनिंग माफिया की पोल खोलने की सजा एक ईमानदार आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल को झेलनी पड़ रही है। टिप्पणियां कांग्रेस और बीजेपी ने भी दुर्गा के निलंबन को गलत बताते हुए उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की है। वहीं, यूपी सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव का कहना है कि दुर्गा के निलंबन का माइनिंग माफिया से कोई लेना−देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्हें ईमानदारी की सजा मिली है। यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में तैनात आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड कर दिया। सरकार ने वजह बताई कि एक मस्जिद की दीवार गिराने में दुर्गा ने लापरवाही बरती, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि दुर्गा को रेत माफिया के दबाव में सस्पेंड किया गया क्योंकि वह रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं। इधर, दुर्गा शक्ति के निलंबन पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। मायावती ने यूपी की अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपी में गुंडा और माफिया राज है। उन्होंने कहा कि माइनिंग माफिया की पोल खोलने की सजा एक ईमानदार आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल को झेलनी पड़ रही है। टिप्पणियां कांग्रेस और बीजेपी ने भी दुर्गा के निलंबन को गलत बताते हुए उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की है। वहीं, यूपी सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव का कहना है कि दुर्गा के निलंबन का माइनिंग माफिया से कोई लेना−देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्हें ईमानदारी की सजा मिली है। इधर, दुर्गा शक्ति के निलंबन पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। मायावती ने यूपी की अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपी में गुंडा और माफिया राज है। उन्होंने कहा कि माइनिंग माफिया की पोल खोलने की सजा एक ईमानदार आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल को झेलनी पड़ रही है। टिप्पणियां कांग्रेस और बीजेपी ने भी दुर्गा के निलंबन को गलत बताते हुए उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की है। वहीं, यूपी सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव का कहना है कि दुर्गा के निलंबन का माइनिंग माफिया से कोई लेना−देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्हें ईमानदारी की सजा मिली है। कांग्रेस और बीजेपी ने भी दुर्गा के निलंबन को गलत बताते हुए उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की है। वहीं, यूपी सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव का कहना है कि दुर्गा के निलंबन का माइनिंग माफिया से कोई लेना−देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्हें ईमानदारी की सजा मिली है। वहीं, यूपी सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव का कहना है कि दुर्गा के निलंबन का माइनिंग माफिया से कोई लेना−देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्हें ईमानदारी की सजा मिली है।
सारांश: केन्द्र सरकार ने निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को लेकर यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार ने निलंबन वापस लेने के बजाय एसडीएम को चार्जशीट देने का मन बना लिया है और जवाब तलब किया जाएगा।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बता दें कि बुधवार को गोवा में कांग्रेस के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे. बीते महीने तेलंगाना में भी कांग्रेस के 18 में से 12 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी. इसके अलावा कर्नाटक में पहले से ही सियासी हंगामा चल रहा है. कांग्रेस और जेडीएस के 18 विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं. कांग्रेस ने बीजेपी पर खरीद फरोख्त के आरोप लगाए हैं लेकिन बीजेपी ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि इसमें उसका कोई हाथ नहीं है.  पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी कर्नाटक में जारी सियासी गतिरोध को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा था. उन्होंने बुधवार को बीजेपी पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया और कहा कि बागी कांग्रेस विधायकों को मुंबई में बंद करके रखा गया है. उन्होंने दावा किया, 'संविधान खतरे में है और हम बीजेपी के इस अहंकारी रवैये की निंदा करते हैं.'  ममता ने कहा, 'हमें मीडिया से जानकारी मिली कि कांग्रेस के विधायकों को बंद करके रखा गया है. वे मीडिया को क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक रहे हैं. बीजेपी खरीद फरोख्त की कोशिश कर रही है.' ममता ने आरोप लगाया, 'जिस जगह कांग्रेस विधायकों को बंद किया गया है वहां मीडिया की एंट्री नहीं है और कुछ एजेंसियां सत्ताधारी पार्टी की मदद कर रही हैं.'
यहाँ एक सारांश है:कर्नाटक और गोवा संकट पर गतिरोध जारी सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने किया प्रदर्शन 'बीजेपी पर लगा लोकतंत्र की हत्या का आरोप'
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चुनावी नामांकन हलफनामे पर नोटरी की मुहर में गलत तारीख को लेकर विवाद छिड़ने के एक दिन बाद निर्वाचन अधिकारी के रविवार के स्वीकृति आदेश में भी एक गड़बड़ी मिली है. बता दें कि सीएम फडणवीस ने नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट से शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. निर्वाचन अधिकारी शेखर घाडगे ने अपने आदेश में पहले सीएम के हलफनामे पर नोटरी का नाम पुरुषोत्तम मोरेश्वर सोनटाके लिखा, जबकि उसका असल नाम विवेक पुरुषोत्तम सोनटाके है. हालांकि बाद में निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा गड़बड़ी को दुरुस्त करने के लिए एक प्रत्युत्तर जारी किया गया, जिसमें नाम को लेकर एक अन्य गड़बड़ी हो गई और इस बार नाम का जिक्र करते हुए पुरुषोत्तम नरेंद्र सोनटाके बताया गया और अनुरोध किया गया कि इसे 'वीपी सोनटाके' पढ़ा जाए.  बता दें कि सीएम फडणवीस के हलफनामे में नोटरी की मुहर पर वी पी सोनटाके के नाम का जिक्र है. सीएम फडणवीस के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार आशीष देशमुख ने नाम के इस गोलमाल को 'जालसाजी' करार दिया. साथ ही उन्होंने सीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह कुछ छिपा रहे हैं.
इस बार निर्वाचन अधिकारी के स्वीकृति आदेश में भी एक गड़बड़ी मिली बाद में जारी किए गए प्रत्युत्तर में नाम को लेकर एक अन्य गड़बड़ी हो गई कांग्रेस उम्मीदवार आशीष देशमुख ने नाम के इस गोलमाल को 'जालसाजी' करार दिया
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की पाकिस्तान के हाथों करारी शिकस्त के बाद कथित तौर पर जीत का जश्न मनाने के आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने देशद्रोह की धारा को हटा लिया है, इस मामले में 15 आरोपी 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में हैं.       बुरहानपुर के महोद में कथित तौर पर पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने और पटाखे फोड़ने के आरोप में जेल में बंद 15 लोगों की सजा शायद कम हो जाए, शुरुआती जांच के बाद पुलिस को लगता है कि इनके खिलाफ देशद्रोह नहीं बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का मामला बनता है. बुरहानपुर एसपी आरआर परिहार ने कहा कि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 124 ए हटा दी है. अब उनके खिलाफ धारा 120बी (साजिश) के अलावा 153 ए (धार्मिक वैमनस्यता फैलाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है.        वहीं आरोपियों का परिवार अब चाहता है, पूरे मामले की सही तरीके से निष्पक्ष जांच हो. दस आरोपियों का केस लड़ रहे वकील ओबैद शेख ने कहा कि पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं थे, फिर भी इन बच्चों के खिलाफ 124 का मामला दर्ज कर लिया. अब हम चाहते हैं कि कोई निष्पक्ष एजेंसी पूरे मामले की जांच करे.       आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की हार पर मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में आतिशबाजी कर पाकिस्तान के समर्थन और भारत के खिलाफ नारे लगाने के आरोप में 15 युवकों को गिरफ्तार किया गया था.
यहाँ एक सारांश है:पाक की जीत पर आतिशबाजी की और पाक के समर्थन में नारे लगाए पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सभी को गिरफ्तार किया साजिश रचने व साम्प्रदायिक वैमनस्य पैदा करने का मामला दर्ज
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: अवध वॉरियर्स टीम इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। उसने सोमवार को गॉचीबोली स्टेडियम में मेजबान पुणे पिस्टंस को 3-2 से हराया। वॉरियर्स के खिलाफ अंत के दो मैच जीतकर पिस्टंस ने भी सेमीफाइनल में स्थान पक्का कर लिया है। पिस्टंस के खाते में पांच मैचों से 16 अंक हैं जबकि वॉरियर्स के खाते में भी पांच मैचों से 16 अंक हैं। इसके अलावा हैदराबाद हॉटशॉट्स और मुम्बई मास्टर्स के 15-15 अंक हैं। बाकी के दो स्थानों का चयन हॉटशॉट्स, मास्टर्स और बांगा बीट्स में से होना है। पांच मैचों से 13 अंक जुटाकर क्रिश दिल्ली स्मैशर्स सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी है। बांगा बीट्स के पास चार मैचों से नौ अंक हैं और उसके खाते में एक मैच बचा है। उसे मंगलवार को हॉटशॉट्स से खेलना। अगर यह टीम हॉटशाट्स को 5-0 से हरा देती है तो उसके बोनस सहित कुल 15 अंक हो जाएंगे। इस तरह दो स्थानों के लिए तीन टीमों के बीच टाई होगा और फिर ऐसी स्थिति में यह देखा जाएगा कि किसने किसे कितनी बार हराया। वैसे बीट्स के लिए हॉटशॉट्स को 5-0 से हरा पाना मुश्किल लग रहा है। ऐसी स्थिति में वॉरियर्स और पिस्टंस के साथ-साथ मास्टर्स और हॉटशॉर्ट्स का भी सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय हो गया है। सेमीफाइनल मैच 28 और 29 अगस्त को खेले जाएंगे जबकि फाइनल 31 अगस्त को मुम्बई में होगा। बहरहाल, वॉरियर्स ने पिस्टंस के खिलाफ इस अहम मुकाबले में शुरुआत के तीन मैच जीतकर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी लेकिन बाद में पिस्टंस ने दूसरा पुरुष एकल और फिर अपनी आयकन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा के नेतृत्व में मिश्रित युगल मैच जीतकर स्कोर 2-3 कर दिया। इस तरह इस मुकाबले से उसे दो अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स को बोनस सहित चार अंक मिले। दिन के अंतिम मिश्रित युगल मुकाबले में पिस्टंस के जोएकिम फिशर नील्सन और पोनप्पा ने वॉरियर्स के मार्किस किडो और पिया बेर्नाडेथ को 21-16, 21-14 से हराया। उससे ठीक पहले तेन मिन्ह नुयेन ने दूसरे पुरुष एकल मैच में विपक्षी टीम के गुरुसाई दत्त को 21-12, 21-18 से हराया था। दिन के तीसरे और एकमात्र पुरुष युगल मैच में वॉरियर्स के मार्किस किडो और एम. बोए ने पिस्टंस के सानावे थॉमस और अरुण विष्णु को 21-15, 21-16 से हराया था। इससे पहले, आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु की रोमांचक जीत के साथ वॉरियर्स टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। सिंधु ने जूलियन शेंक को 21-20, 21-20 से हराया।टिप्पणियां दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। पिस्टंस के खाते में पांच मैचों से 16 अंक हैं जबकि वॉरियर्स के खाते में भी पांच मैचों से 16 अंक हैं। इसके अलावा हैदराबाद हॉटशॉट्स और मुम्बई मास्टर्स के 15-15 अंक हैं। बाकी के दो स्थानों का चयन हॉटशॉट्स, मास्टर्स और बांगा बीट्स में से होना है। पांच मैचों से 13 अंक जुटाकर क्रिश दिल्ली स्मैशर्स सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी है। बांगा बीट्स के पास चार मैचों से नौ अंक हैं और उसके खाते में एक मैच बचा है। उसे मंगलवार को हॉटशॉट्स से खेलना। अगर यह टीम हॉटशाट्स को 5-0 से हरा देती है तो उसके बोनस सहित कुल 15 अंक हो जाएंगे। इस तरह दो स्थानों के लिए तीन टीमों के बीच टाई होगा और फिर ऐसी स्थिति में यह देखा जाएगा कि किसने किसे कितनी बार हराया। वैसे बीट्स के लिए हॉटशॉट्स को 5-0 से हरा पाना मुश्किल लग रहा है। ऐसी स्थिति में वॉरियर्स और पिस्टंस के साथ-साथ मास्टर्स और हॉटशॉर्ट्स का भी सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय हो गया है। सेमीफाइनल मैच 28 और 29 अगस्त को खेले जाएंगे जबकि फाइनल 31 अगस्त को मुम्बई में होगा। बहरहाल, वॉरियर्स ने पिस्टंस के खिलाफ इस अहम मुकाबले में शुरुआत के तीन मैच जीतकर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी लेकिन बाद में पिस्टंस ने दूसरा पुरुष एकल और फिर अपनी आयकन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा के नेतृत्व में मिश्रित युगल मैच जीतकर स्कोर 2-3 कर दिया। इस तरह इस मुकाबले से उसे दो अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स को बोनस सहित चार अंक मिले। दिन के अंतिम मिश्रित युगल मुकाबले में पिस्टंस के जोएकिम फिशर नील्सन और पोनप्पा ने वॉरियर्स के मार्किस किडो और पिया बेर्नाडेथ को 21-16, 21-14 से हराया। उससे ठीक पहले तेन मिन्ह नुयेन ने दूसरे पुरुष एकल मैच में विपक्षी टीम के गुरुसाई दत्त को 21-12, 21-18 से हराया था। दिन के तीसरे और एकमात्र पुरुष युगल मैच में वॉरियर्स के मार्किस किडो और एम. बोए ने पिस्टंस के सानावे थॉमस और अरुण विष्णु को 21-15, 21-16 से हराया था। इससे पहले, आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु की रोमांचक जीत के साथ वॉरियर्स टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। सिंधु ने जूलियन शेंक को 21-20, 21-20 से हराया।टिप्पणियां दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। बांगा बीट्स के पास चार मैचों से नौ अंक हैं और उसके खाते में एक मैच बचा है। उसे मंगलवार को हॉटशॉट्स से खेलना। अगर यह टीम हॉटशाट्स को 5-0 से हरा देती है तो उसके बोनस सहित कुल 15 अंक हो जाएंगे। इस तरह दो स्थानों के लिए तीन टीमों के बीच टाई होगा और फिर ऐसी स्थिति में यह देखा जाएगा कि किसने किसे कितनी बार हराया। वैसे बीट्स के लिए हॉटशॉट्स को 5-0 से हरा पाना मुश्किल लग रहा है। ऐसी स्थिति में वॉरियर्स और पिस्टंस के साथ-साथ मास्टर्स और हॉटशॉर्ट्स का भी सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय हो गया है। सेमीफाइनल मैच 28 और 29 अगस्त को खेले जाएंगे जबकि फाइनल 31 अगस्त को मुम्बई में होगा। बहरहाल, वॉरियर्स ने पिस्टंस के खिलाफ इस अहम मुकाबले में शुरुआत के तीन मैच जीतकर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी लेकिन बाद में पिस्टंस ने दूसरा पुरुष एकल और फिर अपनी आयकन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा के नेतृत्व में मिश्रित युगल मैच जीतकर स्कोर 2-3 कर दिया। इस तरह इस मुकाबले से उसे दो अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स को बोनस सहित चार अंक मिले। दिन के अंतिम मिश्रित युगल मुकाबले में पिस्टंस के जोएकिम फिशर नील्सन और पोनप्पा ने वॉरियर्स के मार्किस किडो और पिया बेर्नाडेथ को 21-16, 21-14 से हराया। उससे ठीक पहले तेन मिन्ह नुयेन ने दूसरे पुरुष एकल मैच में विपक्षी टीम के गुरुसाई दत्त को 21-12, 21-18 से हराया था। दिन के तीसरे और एकमात्र पुरुष युगल मैच में वॉरियर्स के मार्किस किडो और एम. बोए ने पिस्टंस के सानावे थॉमस और अरुण विष्णु को 21-15, 21-16 से हराया था। इससे पहले, आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु की रोमांचक जीत के साथ वॉरियर्स टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। सिंधु ने जूलियन शेंक को 21-20, 21-20 से हराया।टिप्पणियां दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। वैसे बीट्स के लिए हॉटशॉट्स को 5-0 से हरा पाना मुश्किल लग रहा है। ऐसी स्थिति में वॉरियर्स और पिस्टंस के साथ-साथ मास्टर्स और हॉटशॉर्ट्स का भी सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय हो गया है। सेमीफाइनल मैच 28 और 29 अगस्त को खेले जाएंगे जबकि फाइनल 31 अगस्त को मुम्बई में होगा। बहरहाल, वॉरियर्स ने पिस्टंस के खिलाफ इस अहम मुकाबले में शुरुआत के तीन मैच जीतकर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी लेकिन बाद में पिस्टंस ने दूसरा पुरुष एकल और फिर अपनी आयकन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा के नेतृत्व में मिश्रित युगल मैच जीतकर स्कोर 2-3 कर दिया। इस तरह इस मुकाबले से उसे दो अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स को बोनस सहित चार अंक मिले। दिन के अंतिम मिश्रित युगल मुकाबले में पिस्टंस के जोएकिम फिशर नील्सन और पोनप्पा ने वॉरियर्स के मार्किस किडो और पिया बेर्नाडेथ को 21-16, 21-14 से हराया। उससे ठीक पहले तेन मिन्ह नुयेन ने दूसरे पुरुष एकल मैच में विपक्षी टीम के गुरुसाई दत्त को 21-12, 21-18 से हराया था। दिन के तीसरे और एकमात्र पुरुष युगल मैच में वॉरियर्स के मार्किस किडो और एम. बोए ने पिस्टंस के सानावे थॉमस और अरुण विष्णु को 21-15, 21-16 से हराया था। इससे पहले, आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु की रोमांचक जीत के साथ वॉरियर्स टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। सिंधु ने जूलियन शेंक को 21-20, 21-20 से हराया।टिप्पणियां दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। बहरहाल, वॉरियर्स ने पिस्टंस के खिलाफ इस अहम मुकाबले में शुरुआत के तीन मैच जीतकर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी लेकिन बाद में पिस्टंस ने दूसरा पुरुष एकल और फिर अपनी आयकन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा के नेतृत्व में मिश्रित युगल मैच जीतकर स्कोर 2-3 कर दिया। इस तरह इस मुकाबले से उसे दो अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स को बोनस सहित चार अंक मिले। दिन के अंतिम मिश्रित युगल मुकाबले में पिस्टंस के जोएकिम फिशर नील्सन और पोनप्पा ने वॉरियर्स के मार्किस किडो और पिया बेर्नाडेथ को 21-16, 21-14 से हराया। उससे ठीक पहले तेन मिन्ह नुयेन ने दूसरे पुरुष एकल मैच में विपक्षी टीम के गुरुसाई दत्त को 21-12, 21-18 से हराया था। दिन के तीसरे और एकमात्र पुरुष युगल मैच में वॉरियर्स के मार्किस किडो और एम. बोए ने पिस्टंस के सानावे थॉमस और अरुण विष्णु को 21-15, 21-16 से हराया था। इससे पहले, आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु की रोमांचक जीत के साथ वॉरियर्स टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। सिंधु ने जूलियन शेंक को 21-20, 21-20 से हराया।टिप्पणियां दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। दिन के अंतिम मिश्रित युगल मुकाबले में पिस्टंस के जोएकिम फिशर नील्सन और पोनप्पा ने वॉरियर्स के मार्किस किडो और पिया बेर्नाडेथ को 21-16, 21-14 से हराया। उससे ठीक पहले तेन मिन्ह नुयेन ने दूसरे पुरुष एकल मैच में विपक्षी टीम के गुरुसाई दत्त को 21-12, 21-18 से हराया था। दिन के तीसरे और एकमात्र पुरुष युगल मैच में वॉरियर्स के मार्किस किडो और एम. बोए ने पिस्टंस के सानावे थॉमस और अरुण विष्णु को 21-15, 21-16 से हराया था। इससे पहले, आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु की रोमांचक जीत के साथ वॉरियर्स टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। सिंधु ने जूलियन शेंक को 21-20, 21-20 से हराया।टिप्पणियां दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। दिन के तीसरे और एकमात्र पुरुष युगल मैच में वॉरियर्स के मार्किस किडो और एम. बोए ने पिस्टंस के सानावे थॉमस और अरुण विष्णु को 21-15, 21-16 से हराया था। इससे पहले, आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु की रोमांचक जीत के साथ वॉरियर्स टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। सिंधु ने जूलियन शेंक को 21-20, 21-20 से हराया।टिप्पणियां दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। इससे पहले, आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु की रोमांचक जीत के साथ वॉरियर्स टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। सिंधु ने जूलियन शेंक को 21-20, 21-20 से हराया।टिप्पणियां दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। दूसरे गेम में एक समय सिंधु 8-14 के अंतर से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने न सिर्फ बराबरी की बल्कि अपने दमदार क्रॉस कोर्ट स्मैश के दम पर जीत भी हासिल की। सिंधु ने 47 मिनट में बाजी अपने हक में की। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। के. श्रीकांत ने पिस्टंस के सौरव वर्मा को पहले पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम  को 1-0 से आगे कर दिया था। श्रीकांत ने पहले पुरुष एकल मैच में सौरव को 21-18, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला।
यहाँ एक सारांश है:अवध वॉरियर्स टीम इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। उसने सोमवार को गॉचीबोली स्टेडियम में मेजबान पुणे पिस्टंस को 3-2 से हराया।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के पुत्र को एक ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी को घूंसा मारने के आरोप में मुंबई में गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।टिप्पणियां मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात को श्रीनिवासन का पुत्र अश्विन मुंबई के बांद्रा स्थित एस्कोबार नामक पब (शराबखाना) में अपने एक मित्र अवि के साथ बैठा था। उन्होंने रात डेढ़ बजे की समयसीमा समाप्त होने के बाद भी शराब परोसे जाने की मांग की, जिसे पब कर्मियों ने ठुकरा दिया। इसके बाद अश्विन और अवि ने कथित रूप से पब कर्मियों से झगड़ा किया, और बिल चुकाने से इनकार कर दिया। इस पर पब कर्मियों ने पुलिस को बुला लिया, लेकिन जब पुलिस वालों ने भी उन्हें बिल चुकाने के लिए कहा तो अश्विन ने वहां पहुंचे पुलिस कॉन्स्टेबल को कथित रूप से घूंसा मारा, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार की रात अश्विन ने पुलिस लॉकअप में बिताई, लेकिन मंगलवार को उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। अश्विन के खिलाफ सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, आपराधिक रूप से किसी को डराने तथा गाली-गलौज करने का मामला दर्ज किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात को श्रीनिवासन का पुत्र अश्विन मुंबई के बांद्रा स्थित एस्कोबार नामक पब (शराबखाना) में अपने एक मित्र अवि के साथ बैठा था। उन्होंने रात डेढ़ बजे की समयसीमा समाप्त होने के बाद भी शराब परोसे जाने की मांग की, जिसे पब कर्मियों ने ठुकरा दिया। इसके बाद अश्विन और अवि ने कथित रूप से पब कर्मियों से झगड़ा किया, और बिल चुकाने से इनकार कर दिया। इस पर पब कर्मियों ने पुलिस को बुला लिया, लेकिन जब पुलिस वालों ने भी उन्हें बिल चुकाने के लिए कहा तो अश्विन ने वहां पहुंचे पुलिस कॉन्स्टेबल को कथित रूप से घूंसा मारा, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार की रात अश्विन ने पुलिस लॉकअप में बिताई, लेकिन मंगलवार को उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। अश्विन के खिलाफ सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, आपराधिक रूप से किसी को डराने तथा गाली-गलौज करने का मामला दर्ज किया गया है। इस पर पब कर्मियों ने पुलिस को बुला लिया, लेकिन जब पुलिस वालों ने भी उन्हें बिल चुकाने के लिए कहा तो अश्विन ने वहां पहुंचे पुलिस कॉन्स्टेबल को कथित रूप से घूंसा मारा, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार की रात अश्विन ने पुलिस लॉकअप में बिताई, लेकिन मंगलवार को उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। अश्विन के खिलाफ सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, आपराधिक रूप से किसी को डराने तथा गाली-गलौज करने का मामला दर्ज किया गया है।
यह एक सारांश है: बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के पुत्र अश्विन को एक ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी को घूंसा मारने के आरोप में मुंबई में गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Bhojpuri Cinema: खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने भोजपुरी सॉन्ग 'झुमका झुलनिया' (Jhumka jhulaniya)  से एक बार फिर यूट्यूब (YouTube) पर कोहराम मचा दिया है. इस वीडियो में खेसारी लाल यादव और भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की पॉपुलर एक्ट्रेस स्मृति सिन्हा (Smrity Sinha) रंग बिखेर रहे हैं. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) का यह वीडियो लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि लोग इसे बार-बार देख रहे हैं. झुमका झुलनिया' (Jhumka jhulaniya) भोजपुरी सॉन्ग में खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के अलावा स्मृति सिन्हा (Smrity Sinha) के डांस ने भी लोगों का दिल जीत लिया है.  खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस वीडियो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अभी 4 करोड़ 93 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. फैन्स की दीवानगी को देखकर ऐसा लग रहा है कि जल्द ही यह भोजपुरी वीडियो 5 करोड़ के पार पहुंच जाएगा. इस गाने को भोजपुरी सिंगर कल्पना ने गाया है. इस गाने को खेसारी लाल यादव और स्मृति सिन्हा (Smrity Sinha) पर फिल्माया गया है.  यूट्यूब (YouTube) पर इस भोजपुरी वीडियो की धूम मची हुई है. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस गाने के बोल विभाकर पांडे ने लिखे हैं, जबकि इसे अविनाश झा उर्फ घुंघरू ने डायरेक्ट किया है. यह भोजपुरी गाना 'साजन चले ससुराल 2' का है. इस फिल्म को विकास कुमार सिंह ने प्रोड्यूस किया है. कुल मिलाकर खेसारी लाल यादव और स्मृति सिन्हा (Smrity Sinha) ने 'झुमका झुलनिया' (Jhumka jhulaniya) सॉन्ग से कहर बरपा दिया है.
संक्षिप्त सारांश: खेसारी लाल यादव के भोजपुरी सॉन्ग की धूम स्मृति सिन्हा संग खूब जमी जोड़ी लोगों को खूब पसंद आ रहा है वीडियो
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका प्रीमियर लीग (एसएलपीएल) का दूसरा चरण आयोजित नहीं किया जाएगा क्योंकि सभी फ्रेंचाइजी टीमें टूर्नामेंट की फीस का भुगतान करने में असफल रही हैं जबकि इसके शुरू होने में एक महीने से भी कम समय बचा है। श्रीलंका क्रिकेट ने इस साल 10 अगस्त से 7 सितंबर तक होने वाली श्रीलंकाई प्रीमियर लीग के बारे में बयान जारी किया और कहा कि इसका आयोजन नहीं किया जाएगा क्योंकि टीमों ने फीस का भुगतान नहीं किया है, इसके अलावा टीमें खिलाड़ियों के भुगतान सुरक्षित करने के लिए बोर्ड को बैंक गारंटी भी जमा करने में असफल रही हैं। श्रीलंका क्रिकेट ने बयान में कहा, ‘श्रीलंका क्रिकेट को यह घोषणा करते हुए दुख हो रहा है कि 10 अगस्त से शुरू होने वाली महिंद्रा एसएलपीएल 2013 का आयोजन नहीं किया जाएगा क्योंकि फ्रेंचाइजी टीमें इस साल का भुगतान नहीं कर पाई हैं।’ बयान के अनुसार, ‘सबसे महत्वपूर्ण है कि वे श्रीलंका क्रिकेट को बैंक गांरटी भी जमा करने में असफल रही हैं जो खिलाड़ियों के भुगतान सुरक्षित करने के लिए है। ऐसे हालात में महिंद्रा एसएलपीएल 2013 का आयोजन नहीं किया जाएगा।’ इससे पहले आई रिपोर्टों के अनुसार आयोजकों ने टूर्नामेंट का मसौदा भी स्थगित कर दिया था जो 14 से 20 जुलाई तक का था ताकि फ्रेंचाइजी मालिकों को भुगतान करने का और समय मिल जाए। ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट काम’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘समरसेट एंटरटेनमेंट वेंचर्स (एसईवी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप भामर ने पुष्टि की कि सभी फ्रैंचाइजी ने टूर्नामेंट की अपनी फीस का भुगतान नहीं किया है जबकि वे दो बार अंतिम तारीख का उल्लंघन कर चुके हैं।’’टिप्पणियां एसईवी टूर्नामेंट की मार्केटिंग साझीदार है। लीग में भाग लेने के लिए प्रत्येक आठ फ्रेंचाइजी टीमों को श्रीलंका क्रिकेट को साल में औसतन 43.3 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा। भामर ने कहा, ‘‘एसएलसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फ्रेंचाइजी इस राशि का भुगतान नहीं करतीं उन्हें मसौदे में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा।’’ श्रीलंका क्रिकेट ने इस साल 10 अगस्त से 7 सितंबर तक होने वाली श्रीलंकाई प्रीमियर लीग के बारे में बयान जारी किया और कहा कि इसका आयोजन नहीं किया जाएगा क्योंकि टीमों ने फीस का भुगतान नहीं किया है, इसके अलावा टीमें खिलाड़ियों के भुगतान सुरक्षित करने के लिए बोर्ड को बैंक गारंटी भी जमा करने में असफल रही हैं। श्रीलंका क्रिकेट ने बयान में कहा, ‘श्रीलंका क्रिकेट को यह घोषणा करते हुए दुख हो रहा है कि 10 अगस्त से शुरू होने वाली महिंद्रा एसएलपीएल 2013 का आयोजन नहीं किया जाएगा क्योंकि फ्रेंचाइजी टीमें इस साल का भुगतान नहीं कर पाई हैं।’ बयान के अनुसार, ‘सबसे महत्वपूर्ण है कि वे श्रीलंका क्रिकेट को बैंक गांरटी भी जमा करने में असफल रही हैं जो खिलाड़ियों के भुगतान सुरक्षित करने के लिए है। ऐसे हालात में महिंद्रा एसएलपीएल 2013 का आयोजन नहीं किया जाएगा।’ इससे पहले आई रिपोर्टों के अनुसार आयोजकों ने टूर्नामेंट का मसौदा भी स्थगित कर दिया था जो 14 से 20 जुलाई तक का था ताकि फ्रेंचाइजी मालिकों को भुगतान करने का और समय मिल जाए। ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट काम’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘समरसेट एंटरटेनमेंट वेंचर्स (एसईवी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप भामर ने पुष्टि की कि सभी फ्रैंचाइजी ने टूर्नामेंट की अपनी फीस का भुगतान नहीं किया है जबकि वे दो बार अंतिम तारीख का उल्लंघन कर चुके हैं।’’टिप्पणियां एसईवी टूर्नामेंट की मार्केटिंग साझीदार है। लीग में भाग लेने के लिए प्रत्येक आठ फ्रेंचाइजी टीमों को श्रीलंका क्रिकेट को साल में औसतन 43.3 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा। भामर ने कहा, ‘‘एसएलसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फ्रेंचाइजी इस राशि का भुगतान नहीं करतीं उन्हें मसौदे में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा।’’ श्रीलंका क्रिकेट ने बयान में कहा, ‘श्रीलंका क्रिकेट को यह घोषणा करते हुए दुख हो रहा है कि 10 अगस्त से शुरू होने वाली महिंद्रा एसएलपीएल 2013 का आयोजन नहीं किया जाएगा क्योंकि फ्रेंचाइजी टीमें इस साल का भुगतान नहीं कर पाई हैं।’ बयान के अनुसार, ‘सबसे महत्वपूर्ण है कि वे श्रीलंका क्रिकेट को बैंक गांरटी भी जमा करने में असफल रही हैं जो खिलाड़ियों के भुगतान सुरक्षित करने के लिए है। ऐसे हालात में महिंद्रा एसएलपीएल 2013 का आयोजन नहीं किया जाएगा।’ इससे पहले आई रिपोर्टों के अनुसार आयोजकों ने टूर्नामेंट का मसौदा भी स्थगित कर दिया था जो 14 से 20 जुलाई तक का था ताकि फ्रेंचाइजी मालिकों को भुगतान करने का और समय मिल जाए। ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट काम’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘समरसेट एंटरटेनमेंट वेंचर्स (एसईवी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप भामर ने पुष्टि की कि सभी फ्रैंचाइजी ने टूर्नामेंट की अपनी फीस का भुगतान नहीं किया है जबकि वे दो बार अंतिम तारीख का उल्लंघन कर चुके हैं।’’टिप्पणियां एसईवी टूर्नामेंट की मार्केटिंग साझीदार है। लीग में भाग लेने के लिए प्रत्येक आठ फ्रेंचाइजी टीमों को श्रीलंका क्रिकेट को साल में औसतन 43.3 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा। भामर ने कहा, ‘‘एसएलसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फ्रेंचाइजी इस राशि का भुगतान नहीं करतीं उन्हें मसौदे में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा।’’ इससे पहले आई रिपोर्टों के अनुसार आयोजकों ने टूर्नामेंट का मसौदा भी स्थगित कर दिया था जो 14 से 20 जुलाई तक का था ताकि फ्रेंचाइजी मालिकों को भुगतान करने का और समय मिल जाए। ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट काम’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘समरसेट एंटरटेनमेंट वेंचर्स (एसईवी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप भामर ने पुष्टि की कि सभी फ्रैंचाइजी ने टूर्नामेंट की अपनी फीस का भुगतान नहीं किया है जबकि वे दो बार अंतिम तारीख का उल्लंघन कर चुके हैं।’’टिप्पणियां एसईवी टूर्नामेंट की मार्केटिंग साझीदार है। लीग में भाग लेने के लिए प्रत्येक आठ फ्रेंचाइजी टीमों को श्रीलंका क्रिकेट को साल में औसतन 43.3 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा। भामर ने कहा, ‘‘एसएलसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फ्रेंचाइजी इस राशि का भुगतान नहीं करतीं उन्हें मसौदे में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा।’’ ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट काम’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘समरसेट एंटरटेनमेंट वेंचर्स (एसईवी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप भामर ने पुष्टि की कि सभी फ्रैंचाइजी ने टूर्नामेंट की अपनी फीस का भुगतान नहीं किया है जबकि वे दो बार अंतिम तारीख का उल्लंघन कर चुके हैं।’’टिप्पणियां एसईवी टूर्नामेंट की मार्केटिंग साझीदार है। लीग में भाग लेने के लिए प्रत्येक आठ फ्रेंचाइजी टीमों को श्रीलंका क्रिकेट को साल में औसतन 43.3 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा। भामर ने कहा, ‘‘एसएलसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फ्रेंचाइजी इस राशि का भुगतान नहीं करतीं उन्हें मसौदे में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा।’’ एसईवी टूर्नामेंट की मार्केटिंग साझीदार है। लीग में भाग लेने के लिए प्रत्येक आठ फ्रेंचाइजी टीमों को श्रीलंका क्रिकेट को साल में औसतन 43.3 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा। भामर ने कहा, ‘‘एसएलसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फ्रेंचाइजी इस राशि का भुगतान नहीं करतीं उन्हें मसौदे में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा।’’ भामर ने कहा, ‘‘एसएलसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फ्रेंचाइजी इस राशि का भुगतान नहीं करतीं उन्हें मसौदे में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा।’’
यहाँ एक सारांश है:श्रीलंका क्रिकेट ने इस साल 10 अगस्त से 7 सितंबर तक होने वाली श्रीलंकाई प्रीमियर लीग के बारे में बयान जारी किया और कहा कि इसका आयोजन नहीं किया जाएगा क्योंकि टीमों ने फीस का भुगतान नहीं किया है, इसके अलावा टीमें खिलाड़ियों के भुगतान सुरक्षित करने के लिए बोर
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने कहा, " जनता ने बीजेपी को बहुमत देकर अपना फैसला साफ तौर पर रख दिया कि वो चाहते थे कि बीजेपी वापस सत्ता में लौटे और अपना दूसरा टर्म पूरा करे. बीजेपी को इस जीत के लिए सैल्यूट." उन्होंने आगे  कहा, "अब जब चुनाव खत्म हो गए हैं, तो कड़वाहट भी खत्म हो गई है. अब ध्यान उन मुद्दों पर होना चाहिए जिसका देश सामना कर रहा है. जैसे- बैंकिंग, तनाव से गुजर रही कंपनियां, ग्रामीण संकट आदि." बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में कांग्रेस पार्टी 543 में से सिर्फ 52 सीट ही जीत पाई. नॉर्थ ईस्ट में जहां कांग्रेस का लगभग सफाया हो गया. वहीं,  गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) कांग्रेस के उन प्रत्याशियों में से हैं, जिन्होंने जीत दर्ज की है. उन्होंने कलियाबोर लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की है. उन्होंने यहां असम गण परिषद् के उम्मीदवार मोनी माधव महंत को हराया. असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई (Tarun Gogoi) के बेटे गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने साल 2014 में भी जीत दर्ज की थी. उन्होंने एनडीटीवी से आगे बीतचीत में कहा, " कांग्रेस ने कुछ महीने पहले ही मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में सरकार बनाई थी. साथ ही कुछ महीने पहले कर्नाटक में भी जनता दल सेक्युलर (JDs) के साथ मिलकर सरकार बनाई. हमने मध्यप्रदेश में हुए उपचुनाव में भी जीत दर्ज की थी और गुजरात सहित अन्य राज्यों में शानदार प्रदर्शन किया था. तरुण गोगोई (Tarun Gogoi) ने कहा, हमारे बेहतरीन इरादों, ठोस अभियान, मुद्दा आधारित रणनीति के बावजूद हमने देखा कि 2019 में लोगों का उन राज्यों में बहुत अलग नजरिया था. पार्टी अभी भी राष्ट्र की नब्ज को महसूस करने में विफल है. हमें इसपर गहरा मंथन और इन फैसलों से सबक लेने की आवश्यकता है."
यह एक सारांश है: कांग्रेस के नेता ने किया BJP को सैल्यूट हार के बाद कांग्रेस के लिए कही यह बात उन्होंने कहा, देश का नब्ज टटोलने में नाकाम रही कांग्रेस
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने विवादास्पद नेशनल रिकंसिलिएशन ऑर्डिनेंस (एनआरओ) के कारण हुए नुकसान की भरपाई से जुड़े एक मामले पर सुनवाई करते हुए पूर्व राष्ट्रपतियों परवेज मुशर्रफ और आसिफ अली जरदारी की संपत्तियों का ब्यौरा मांगा. उच्चतम न्यायालय ने सभी प्रतिवादियों को आदेश दिया कि वे अदालत में हलफनामा दायर कर विदेशों में अपनी संपत्तियों के साथ ही विदेशों में अगर उनकी कोई कंपनी है तो उसका ब्यौरा दें. तत्कालीन राष्ट्रपति मुशर्रफ की सरकार ने अक्तूबर 2007 में एनआरओ लागू किया था.  यह भी पढ़ें: अमेरिका : भारतीय मूल के अमेरिकी उत्तम ढिल्लों बने संघीय एजेंसी के प्रमुख अध्यादेश के तहत नेताओं के खिलाफ मामलों को हटा लिया गया जिससे कई नेताओं की स्वदेश वापसी का रास्ता साफ हो गया. मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने आदेश दिया कि पूर्व अटॉर्नी जनरल मलिक कय्यूम भी अपनी संपत्तियों का ब्यौरा सौंपें. मुख्य न्यायाधीश वाली तीन सदस्यीय पीठ ने लॉयर्स फाउंडेशन फॉर जस्टिस के अध्यक्ष वकील फिरोज शाह गिलानी की याचिका पर सुनवाई की.  टिप्पणियां यह भी पढ़ें:  इस्लामिक स्टेट सरगना अबू बकर अल-बगदादी का बेटा मारा गया एनआरओ लागू होने के बाद पाकिस्तान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए याचिका दायर की गई थी.   यह भी पढ़ें: अमेरिका : भारतीय मूल के अमेरिकी उत्तम ढिल्लों बने संघीय एजेंसी के प्रमुख अध्यादेश के तहत नेताओं के खिलाफ मामलों को हटा लिया गया जिससे कई नेताओं की स्वदेश वापसी का रास्ता साफ हो गया. मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने आदेश दिया कि पूर्व अटॉर्नी जनरल मलिक कय्यूम भी अपनी संपत्तियों का ब्यौरा सौंपें. मुख्य न्यायाधीश वाली तीन सदस्यीय पीठ ने लॉयर्स फाउंडेशन फॉर जस्टिस के अध्यक्ष वकील फिरोज शाह गिलानी की याचिका पर सुनवाई की.  टिप्पणियां यह भी पढ़ें:  इस्लामिक स्टेट सरगना अबू बकर अल-बगदादी का बेटा मारा गया एनआरओ लागू होने के बाद पाकिस्तान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए याचिका दायर की गई थी.   अध्यादेश के तहत नेताओं के खिलाफ मामलों को हटा लिया गया जिससे कई नेताओं की स्वदेश वापसी का रास्ता साफ हो गया. मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने आदेश दिया कि पूर्व अटॉर्नी जनरल मलिक कय्यूम भी अपनी संपत्तियों का ब्यौरा सौंपें. मुख्य न्यायाधीश वाली तीन सदस्यीय पीठ ने लॉयर्स फाउंडेशन फॉर जस्टिस के अध्यक्ष वकील फिरोज शाह गिलानी की याचिका पर सुनवाई की.  टिप्पणियां यह भी पढ़ें:  इस्लामिक स्टेट सरगना अबू बकर अल-बगदादी का बेटा मारा गया एनआरओ लागू होने के बाद पाकिस्तान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए याचिका दायर की गई थी.   यह भी पढ़ें:  इस्लामिक स्टेट सरगना अबू बकर अल-बगदादी का बेटा मारा गया एनआरओ लागू होने के बाद पाकिस्तान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए याचिका दायर की गई थी.   एनआरओ लागू होने के बाद पाकिस्तान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए याचिका दायर की गई थी.
सारांश: कोर्ट ने मुशर्रफ और जरदारी की संपत्तियों का ब्यौरा मांगा पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने मांगा ब्यौरा नुकसान की भरपाई से जुड़े एक मामले पर सुनवाई हुई
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नए मंत्रियों का शपथग्रहण दोपहर तीन बजे होने की संभावना है. सावंत मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए सहयोगी दल गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के तीन सदस्यों और एक निर्दलीय सदस्य को मंत्री पद से हटाएंगे.  बता दें कि कांग्रेस के 10 विधायक बुधवार को बीजेपी में शामिल हो गए थे और इसके साथ ही 40 सदस्यीय सदन में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है. उनके समर्थन के बाद सावंत ने जीएफपी के मंत्रियों को हटाने का फैसला किया. क्षेत्रीय पार्टी जीएफपी ने साल 2017 में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाई थी.   मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने जीएफपी के तीन विधायकों और एक निर्दलीय विधायक रोहन खुंटे से अपने-अपने मंत्री पदों से इस्तीफा देने को कहा है. बुधवार को भाजपा में शामिल होने वाले चंद्रकांत कावलेकर, फिलिप नेरी रोड्रिग्ज, एतानासियो मोन्सेराते तथा विधानसभा उपाध्यक्ष माइकल लोबो दोपहर बाद राजभवन में शपथ लेंगे. (इनपुट: भाषा)
यह एक सारांश है: गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष माइकल लोबो ने पद से इस्तीफा दे दिया दोपहर को अध्यक्ष राजेश पाटणेकर को अपना इस्तीफा सौंपा दिन में मंत्रिमंडल में शामिल किए जाएंगे माइकल लोबो
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: करीना दो दिन पहले मां बनी. गुरुवार को मुंबई के ब्रीच केंडी अस्‍पतला से डिसचार्ज होने के बाद सैफ और करीना अपने बेटे को लेकर गुरुवार दोपहर अपने घर पहुंचे. करीना और सैफ ने अपने बेटे का नाम तैमूर अली खान पटौदी रखा है. इस मौके पर परिवार के और भी सदस्‍य उनके साथ थे. बेटे के जन्‍म पर करीना और सैफ की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, 'हम आपके साथ हमारे बेटे के जन्म की खबर साझा करते हुए बहुत खुशी महसूस कर रहे हैं. 20 दिसंबर 2016 को तैमूर अली खान पटौदी ने जन्म लिया है.' उन्होंने कहा, 'हम पिछले नौ महीनों में दिए गए प्यार के लिए मीडिया और खासतौर पर लगातार प्यार देने के लिए हमारे प्रशंसकों और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं. आपको क्रिसमस और नए साल की बहुत शुभकामनाएं.'   घर पहुंचते ही करीना और सैफ ने घर के बाहर खड़े फोटोग्राफर्स की तरफ एक नजर की और सभी का हाथ हिला कर अभिवादन किया. अस्‍पताल से डिसचार्ज हुई करीना काफी खुश लग रही थीं. करीना ने बेबी ग्रे रंग का स्‍वेट शर्ट पहन रखा था और साथ  ही काले चश्‍मे में वह काफी तरोताजा दिख रही थीं. वहीं तैमूर इस समय अपने पिता सैफ अली खान की गोद में था.   खबरों के मुताबिक इस नन्‍हें खान के लिए एक रॉयल नर्सरी बनाई गई है. इस बीच करीना ओर तैमूर से मिलने कपूर और खान परिवार के कई लोग पहुंचे. बुधवार की शाम करीना के माता-पिता बबीता और रणधीर कपूर, चाचा ऋषि कपूर के साथ ब्रीच केंडी अस्‍पताल पहुंचे. वहीं करीना की सबसे खास सहेली अमृता अरोड़ा अस्‍पताल में कई बार देखी गई हैं. बेटे के जन्‍म पर करीना और सैफ की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, 'हम आपके साथ हमारे बेटे के जन्म की खबर साझा करते हुए बहुत खुशी महसूस कर रहे हैं. 20 दिसंबर 2016 को तैमूर अली खान पटौदी ने जन्म लिया है.' उन्होंने कहा, 'हम पिछले नौ महीनों में दिए गए प्यार के लिए मीडिया और खासतौर पर लगातार प्यार देने के लिए हमारे प्रशंसकों और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं. आपको क्रिसमस और नए साल की बहुत शुभकामनाएं.'   घर पहुंचते ही करीना और सैफ ने घर के बाहर खड़े फोटोग्राफर्स की तरफ एक नजर की और सभी का हाथ हिला कर अभिवादन किया. अस्‍पताल से डिसचार्ज हुई करीना काफी खुश लग रही थीं. करीना ने बेबी ग्रे रंग का स्‍वेट शर्ट पहन रखा था और साथ  ही काले चश्‍मे में वह काफी तरोताजा दिख रही थीं. वहीं तैमूर इस समय अपने पिता सैफ अली खान की गोद में था.   खबरों के मुताबिक इस नन्‍हें खान के लिए एक रॉयल नर्सरी बनाई गई है. इस बीच करीना ओर तैमूर से मिलने कपूर और खान परिवार के कई लोग पहुंचे. बुधवार की शाम करीना के माता-पिता बबीता और रणधीर कपूर, चाचा ऋषि कपूर के साथ ब्रीच केंडी अस्‍पताल पहुंचे. वहीं करीना की सबसे खास सहेली अमृता अरोड़ा अस्‍पताल में कई बार देखी गई हैं.
संक्षिप्त पाठ: ब्रीच केंडी अस्‍पताल से डिसचार्ज हुईं करीना करीना और सैफ बेटे तैमूर को लेकर पहुंचे घर माता-पिता रणधीर सिंह और बबीता के साथ ऋषि कपूर भी पहुंचे अस्‍पताल
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में एक कप चाय का रहस्य सब जानना चाहते हैं. पिछले दो दिन से बिहार में ये चाय सदन से सड़क तक चर्चा का विषय बनी हुआ है. दरअसल, रविवार को बाढ़ राहत कैम्पों का दौरा करने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीक़ी के गांव पहुंच गए, जहां उनका स्वागत एक प्याली चाय से किया गया. लेकिन इसके बाद इस चाय पीने और पिलाने का हर व्यक्ति अपने हिसाब से मायने निकाल रहा है. वहीं, मेजबान सिद्दीकी और मेहमान नीतीश कुमार मौन साधे हुए हैं कि इस चाय पर क्या चर्चा हुई. वहीं दूसरी ओर सोमवार को उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान बिहार विधान परिषद में कहा  कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही एनडीए लड़ेगा. लेकिन यह समझ में किसी को नहीं आया कि आखिर सुशील मोदी को ऐसी क्या जरूरत पड़ गई कि चर्चा राज्य के वित पर हो और मुख्य मुद्दा नीतीश कुमार का नेतृत्व. इसके बाद विधान परिषद में राजद की नेता रबड़ी देवी ने कहा कि लगता हैं मुख्य मंत्री नीतीश कुमार चाय पीने क्या गये, उससे भाजपा वाले खासकर सुशील मोदी डर गए. मंगलवार को जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा में मौजूद थे, तब खुद अब्दुल बारी सिद्दीक़ी ने सुशील मोदी से पूछा कि ऐसा क्या दबाव था कि वितिय मामलों में राजनीतिक विषय मतलब नेतृत्व का मामला उठाना पड़ रहा है. इस पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी ने चुटकी भी ली कि कहीं परेशानी का कारण आप तो नहीं हैं? फिलहाल चाय पर चर्चा जारी है. भाजपा निश्चित रूप से राजद नेताओं के नीतीश कुमार के प्रति सार्वजनिक प्रेम से परेशान दिख रही है. लेकिन जनता दल यूनाइटेड के नेता खुश हैं कि एक प्याली चाय पी लेने से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ना केवल भाजपा ने आनन-फानन में 2020 का नेता मान लिया.
सारांश: बिहार की सियासत में हंगामा RJD नेता के घर गए थे नीतीश कुमार बाढ़ शिविरों का कर रहे थे दौरा
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत करीब 90 प्रतिशत नर्स और 50 प्रतिशत ऑपरेशन थियेटरकर्मी ऑपरेशन के दौरान मदद करते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं, जबकि 10 प्रतिशत चिकित्सक ऑपरेशन के दौरान अपने एसएमएस पढ़ते हैं।टिप्पणियां हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) ने गत फरवरी से अप्रैल तक सर्वेक्षण किया, जिसमें दिल्ली के 87 चिकित्सकों के अलावा 25 नर्सों और ऑपरेशन थियेटरकर्मियों को भी शामिल किया गया। यह सर्वेक्षण मोबाइल इस्तेमाल से मनोवैज्ञानिक स्तर पर और व्यवहार में होने वाले बदलाव का पता लगाने के लिए किया गया था। एचसीएफआई अध्यक्ष केके अग्रवाल ने सर्वेक्षण के परिणामों का मसौदा जारी करते हुए कहा, लोग मोबाइल फोन खासकर स्मार्ट फोन से कैंसर के खतरे को लेकर चिंतित है जो अब भी विवादास्पद मुद्दा है। मोबाइल फोन के देर तक इस्तेमाल से गर्दन में दर्द, आंखों में नमी की कमी हो जाने, चिंता, भय और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल चिकित्सकों में 43 प्रतिशत चिकित्सक उस समय चिंता, दबाव और असुरक्षा की समस्या से जूझते हैं जब उनके पास उनका मोबाइल नहीं होता और इतने ही प्रतिशत चिकित्सकों को मोबाइल फोन खोने का डर बना रहता है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) ने गत फरवरी से अप्रैल तक सर्वेक्षण किया, जिसमें दिल्ली के 87 चिकित्सकों के अलावा 25 नर्सों और ऑपरेशन थियेटरकर्मियों को भी शामिल किया गया। यह सर्वेक्षण मोबाइल इस्तेमाल से मनोवैज्ञानिक स्तर पर और व्यवहार में होने वाले बदलाव का पता लगाने के लिए किया गया था। एचसीएफआई अध्यक्ष केके अग्रवाल ने सर्वेक्षण के परिणामों का मसौदा जारी करते हुए कहा, लोग मोबाइल फोन खासकर स्मार्ट फोन से कैंसर के खतरे को लेकर चिंतित है जो अब भी विवादास्पद मुद्दा है। मोबाइल फोन के देर तक इस्तेमाल से गर्दन में दर्द, आंखों में नमी की कमी हो जाने, चिंता, भय और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल चिकित्सकों में 43 प्रतिशत चिकित्सक उस समय चिंता, दबाव और असुरक्षा की समस्या से जूझते हैं जब उनके पास उनका मोबाइल नहीं होता और इतने ही प्रतिशत चिकित्सकों को मोबाइल फोन खोने का डर बना रहता है। एचसीएफआई अध्यक्ष केके अग्रवाल ने सर्वेक्षण के परिणामों का मसौदा जारी करते हुए कहा, लोग मोबाइल फोन खासकर स्मार्ट फोन से कैंसर के खतरे को लेकर चिंतित है जो अब भी विवादास्पद मुद्दा है। मोबाइल फोन के देर तक इस्तेमाल से गर्दन में दर्द, आंखों में नमी की कमी हो जाने, चिंता, भय और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल चिकित्सकों में 43 प्रतिशत चिकित्सक उस समय चिंता, दबाव और असुरक्षा की समस्या से जूझते हैं जब उनके पास उनका मोबाइल नहीं होता और इतने ही प्रतिशत चिकित्सकों को मोबाइल फोन खोने का डर बना रहता है।
यह एक सारांश है: दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत करीब 90 प्रतिशत नर्स और 50 प्रतिशत ऑपरेशन थियेटरकर्मी ऑपरेशन के दौरान मदद करते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं, जबकि 10 प्रतिशत चिकित्सक ऑपरेशन के दौरान अपने एसएमएस पढ़ते हैं।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लगातार दो मैचों में शिकस्त के बाद किंग्स इलेवन पंजाब गत चैम्पियन कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ होने वाले आईपीएल छह के मैच में जीत के साथ टूर्नामेंट में वापसी करने के इरादे से उतरेंगे। अब तक प्रभावी प्रदर्शन करने में नाकाम रही किंग्स इलेवन पंजाब की टीम कोलकाता की मजबूत टीम के खिलाफ घरेलू हालात का फायदा उठाने के इरादे से उतरेगी। केकेआर की टीम हालांकि कल सनराइजर्स हैदराबाद पर 48 रन की जीत के बाद आत्मविश्वास से भरी होगी। किंग्स इलेवन ने अपने अभियान की शुरुआत पुणे वारियर्स के खिलाफ जीत के साथ की थी, लेकिन चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम लय बरकरार नहीं रख सकी। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ कल हुए मैच में तो किंग्स इलेवन ने आसानी से घुटने टेक दिए और उसे छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। एडम गिलक्रिस्ट की अगुआई वाली टीम के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उसके बल्लेबाज पिछले दो मैचों में टीम के कोटे के पूरे 20 ओवर खेलने में भी नाकाम रहे हैं। टीम ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 20वें ओवर में अपने सभी विकेट गंवा दिए जबकि राजस्थान के खिलाफ टीम 19वें ओवर में ही ढेर हो गई। पीसीए स्टेडियम में कल होने वाले मैच में केकेआर की टीम प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी और अगर किंग्स इलेवन को विरोधी टीम को चुनौती देनी है तो उसे गिलक्रिस्ट, डेविड हसी, मनदीप सिंह, गुरकीरत सिंह और आर सतीश जैसे खिलाड़ियों से संयुक्त रूप से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। जहां तक किंग्स इलेवन की गेंदबाजी का सवाल है तो प्रवीण कुमार आक्रमण की अगुआई करेंगे जबकि उसके पास रेयान हैरिस, अजहर महमूद और परविंदर अवाना जैसे गेंदबाज भी हैं। स्पिनर पीयूष चावला हालांकि अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी तरफ केकेआर के पास अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। अब तक प्रभावी प्रदर्शन करने में नाकाम रही किंग्स इलेवन पंजाब की टीम कोलकाता की मजबूत टीम के खिलाफ घरेलू हालात का फायदा उठाने के इरादे से उतरेगी। केकेआर की टीम हालांकि कल सनराइजर्स हैदराबाद पर 48 रन की जीत के बाद आत्मविश्वास से भरी होगी। किंग्स इलेवन ने अपने अभियान की शुरुआत पुणे वारियर्स के खिलाफ जीत के साथ की थी, लेकिन चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम लय बरकरार नहीं रख सकी। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ कल हुए मैच में तो किंग्स इलेवन ने आसानी से घुटने टेक दिए और उसे छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। एडम गिलक्रिस्ट की अगुआई वाली टीम के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उसके बल्लेबाज पिछले दो मैचों में टीम के कोटे के पूरे 20 ओवर खेलने में भी नाकाम रहे हैं। टीम ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 20वें ओवर में अपने सभी विकेट गंवा दिए जबकि राजस्थान के खिलाफ टीम 19वें ओवर में ही ढेर हो गई। पीसीए स्टेडियम में कल होने वाले मैच में केकेआर की टीम प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी और अगर किंग्स इलेवन को विरोधी टीम को चुनौती देनी है तो उसे गिलक्रिस्ट, डेविड हसी, मनदीप सिंह, गुरकीरत सिंह और आर सतीश जैसे खिलाड़ियों से संयुक्त रूप से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। जहां तक किंग्स इलेवन की गेंदबाजी का सवाल है तो प्रवीण कुमार आक्रमण की अगुआई करेंगे जबकि उसके पास रेयान हैरिस, अजहर महमूद और परविंदर अवाना जैसे गेंदबाज भी हैं। स्पिनर पीयूष चावला हालांकि अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी तरफ केकेआर के पास अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। किंग्स इलेवन ने अपने अभियान की शुरुआत पुणे वारियर्स के खिलाफ जीत के साथ की थी, लेकिन चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम लय बरकरार नहीं रख सकी। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ कल हुए मैच में तो किंग्स इलेवन ने आसानी से घुटने टेक दिए और उसे छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। एडम गिलक्रिस्ट की अगुआई वाली टीम के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उसके बल्लेबाज पिछले दो मैचों में टीम के कोटे के पूरे 20 ओवर खेलने में भी नाकाम रहे हैं। टीम ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 20वें ओवर में अपने सभी विकेट गंवा दिए जबकि राजस्थान के खिलाफ टीम 19वें ओवर में ही ढेर हो गई। पीसीए स्टेडियम में कल होने वाले मैच में केकेआर की टीम प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी और अगर किंग्स इलेवन को विरोधी टीम को चुनौती देनी है तो उसे गिलक्रिस्ट, डेविड हसी, मनदीप सिंह, गुरकीरत सिंह और आर सतीश जैसे खिलाड़ियों से संयुक्त रूप से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। जहां तक किंग्स इलेवन की गेंदबाजी का सवाल है तो प्रवीण कुमार आक्रमण की अगुआई करेंगे जबकि उसके पास रेयान हैरिस, अजहर महमूद और परविंदर अवाना जैसे गेंदबाज भी हैं। स्पिनर पीयूष चावला हालांकि अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी तरफ केकेआर के पास अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ कल हुए मैच में तो किंग्स इलेवन ने आसानी से घुटने टेक दिए और उसे छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। एडम गिलक्रिस्ट की अगुआई वाली टीम के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उसके बल्लेबाज पिछले दो मैचों में टीम के कोटे के पूरे 20 ओवर खेलने में भी नाकाम रहे हैं। टीम ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 20वें ओवर में अपने सभी विकेट गंवा दिए जबकि राजस्थान के खिलाफ टीम 19वें ओवर में ही ढेर हो गई। पीसीए स्टेडियम में कल होने वाले मैच में केकेआर की टीम प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी और अगर किंग्स इलेवन को विरोधी टीम को चुनौती देनी है तो उसे गिलक्रिस्ट, डेविड हसी, मनदीप सिंह, गुरकीरत सिंह और आर सतीश जैसे खिलाड़ियों से संयुक्त रूप से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। जहां तक किंग्स इलेवन की गेंदबाजी का सवाल है तो प्रवीण कुमार आक्रमण की अगुआई करेंगे जबकि उसके पास रेयान हैरिस, अजहर महमूद और परविंदर अवाना जैसे गेंदबाज भी हैं। स्पिनर पीयूष चावला हालांकि अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी तरफ केकेआर के पास अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। एडम गिलक्रिस्ट की अगुआई वाली टीम के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उसके बल्लेबाज पिछले दो मैचों में टीम के कोटे के पूरे 20 ओवर खेलने में भी नाकाम रहे हैं। टीम ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 20वें ओवर में अपने सभी विकेट गंवा दिए जबकि राजस्थान के खिलाफ टीम 19वें ओवर में ही ढेर हो गई। पीसीए स्टेडियम में कल होने वाले मैच में केकेआर की टीम प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी और अगर किंग्स इलेवन को विरोधी टीम को चुनौती देनी है तो उसे गिलक्रिस्ट, डेविड हसी, मनदीप सिंह, गुरकीरत सिंह और आर सतीश जैसे खिलाड़ियों से संयुक्त रूप से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। जहां तक किंग्स इलेवन की गेंदबाजी का सवाल है तो प्रवीण कुमार आक्रमण की अगुआई करेंगे जबकि उसके पास रेयान हैरिस, अजहर महमूद और परविंदर अवाना जैसे गेंदबाज भी हैं। स्पिनर पीयूष चावला हालांकि अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी तरफ केकेआर के पास अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। टीम ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 20वें ओवर में अपने सभी विकेट गंवा दिए जबकि राजस्थान के खिलाफ टीम 19वें ओवर में ही ढेर हो गई। पीसीए स्टेडियम में कल होने वाले मैच में केकेआर की टीम प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी और अगर किंग्स इलेवन को विरोधी टीम को चुनौती देनी है तो उसे गिलक्रिस्ट, डेविड हसी, मनदीप सिंह, गुरकीरत सिंह और आर सतीश जैसे खिलाड़ियों से संयुक्त रूप से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। जहां तक किंग्स इलेवन की गेंदबाजी का सवाल है तो प्रवीण कुमार आक्रमण की अगुआई करेंगे जबकि उसके पास रेयान हैरिस, अजहर महमूद और परविंदर अवाना जैसे गेंदबाज भी हैं। स्पिनर पीयूष चावला हालांकि अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी तरफ केकेआर के पास अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। पीसीए स्टेडियम में कल होने वाले मैच में केकेआर की टीम प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी और अगर किंग्स इलेवन को विरोधी टीम को चुनौती देनी है तो उसे गिलक्रिस्ट, डेविड हसी, मनदीप सिंह, गुरकीरत सिंह और आर सतीश जैसे खिलाड़ियों से संयुक्त रूप से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। जहां तक किंग्स इलेवन की गेंदबाजी का सवाल है तो प्रवीण कुमार आक्रमण की अगुआई करेंगे जबकि उसके पास रेयान हैरिस, अजहर महमूद और परविंदर अवाना जैसे गेंदबाज भी हैं। स्पिनर पीयूष चावला हालांकि अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी तरफ केकेआर के पास अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। दूसरी तरफ केकेआर के पास अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। टीम कल रात सनराइजर्स के खिलाफ किए अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को दोहराना चहेगी। सनराइजर्स के खिलाफ कप्तान गौतम गंभीर ने 53 रन की पारी खेली जबकि इयोन मोर्गन और जाक कैलिस ने क्रमश: 47 और 41 रन का योगदान दिया जिससे केकेआर ने धीमे विकेट पर चार विकेट पर 180 रन का स्कोर खड़ा किया। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। केकेआर को मोहाली की तेज और उछाल भरी पिच पर ब्रेट ली और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे गेंदबाजों से काफी उम्मीद होगी जबकि रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने में सक्षम हैं।टिप्पणियां टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। टीमें : कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), ब्राड हाडिन, ब्रेट ली, देबब्रत दास, ईयोग मोर्गन, इकबाल अब्दुल्ला, जाक कैलिस, जेम्स पेटिंसन, लक्ष्मीपति बालाजी, लक्ष्मीरतन शुक्ला, मनोज तिवारी, मानविंदर बिस्ला, शमी अहमद, प्रदीप सांगवान, रजत भाटिया, रियान मैकलारेन, रियान टेन डोइशे, सचित्रा सेनानायके, सरबजीत लड्ढा, सुनील नारायण और युसूफ पठान। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह। किंग्स इलेवन पंजाब : एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), अजहर महमूद, ल्यूक पोमेरबाश, डेविड हस्सी, डेविड मिलर, दमित्री मस्कारेंहास, मनप्रीत गोनी, नितिन सैनी, परविंदर अवाना, पाल वलथाटी, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, राजगोपाल सतीश, रियान हैरिस, भार्गव भट्ट, बिपुल शर्मा, गुरकीरत मान सिंह, हरमीत सिंह बंसल, मनन वोहरा , अनिकेत चौधरी, मनदीप सिंह, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ चिटणिस, सनी सिंह।
यह एक सारांश है: लगातार दो मैचों में शिकस्त के बाद किंग्स इलेवन पंजाब गत चैम्पियन कोलकाता नाइटराडर्स के खिलाफ होने वाले आईपीएल छह के मैच में जीत के साथ टूर्नामेंट में वापसी करने के इरादे से उतरेंगे।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मौसम विभाग के मुताबिक भारत के अधिकांश हिस्सों में गर्मी से कुछ खास राहत की उम्मीद नहीं है. हालांकि आने वाले दिनों में कुछ सुधार हो सकता है. दिल्ली के सफदरगंज में मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.5 दर्ज किया गया था वहीं न्यूनतम तापमान 28.7 रहा. वहीं मुंबई में लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली थी. यहां अधिकतम तापमान 34.4 दर्ज किया गया था और न्यूनतम तापमान 28.7 रहा. हैदराबाद में भी लोगों को गर्मी से राहत मिली थी. अधिकतम तापमान 36.8 और न्यूनतम 24.1 रहा था. इससे पहले भारत के कई हिस्सों में सोमवार को भी लू से राहत नहीं मिली थी. हालांकि, दिल्ली में सोमवार को गर्मी के प्रकोप में कमी आई थी, लेकिन आर्द्रता के उच्च स्तर ने लोगों की बेचैनी अवश्य बढ़ा दी. दिल्ली का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा था कि आर्द्रता का स्तर 39 से 62 प्रतिशत के मध्य रहा. मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा था कि पारे में गिरावट का श्रेय बंगाल की खाड़ी से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाली तेज हवाओं को दिया जा सकता है. श्रीवास्तव ने कहा था, 'तापमान तो सामान्य हो गया है, पर उच्च आर्द्रता ने लोगों की दिक्कतों में इजाफा किया है.' विभाग के अनुसार मंगलवार को आसमान में बादल छाये रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी. विभाग ने 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई थी.
अधिकांश हिस्सों में गर्मी से कुछ खास राहत की उम्मीद नहीं दिल्ली में मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.5 दर्ज मुंबई में लोगों को गर्मी से मिली कुछ राहत
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से कहा है कि भीड़ पर काबू पाने के उपाय के तौर पर अगर पैलेट गन पर रोक लगाई जाती है, तो मुश्किल हालात में जवानों को मजबूरन गोलियां चलानी पड़ेंगी, जिससे और ज्यादा मौतें हो सकती हैं. हाईकोर्ट को दिए गए हलफनामे में सीआरपीएफ ने कहा है, 'सीआरपीएफ के पास मौजूद विकल्पों में से अगर इसे (पैलेट बंदूक) हटा लिया जाता है, तो कठिन परिस्थितियों में सीआरपीएफ के जवानों को राइफल से गोली चलानी पड़ेगी. इससे और ज्यादा मौंते होने की आशंका है.' अर्धसैनिक बल का यह हलफनामा अदालत में दायर उस याचिका के जवाब में आया है, जिसमें घाटी में भीड़ नियंत्रण के उपाय के तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई थी. बल का कहना है कि पैलेट गन का इस्तेमाल साल 2010 में शुरू किया गया था और दंगा नियंत्रण का यह स्वीकार्य हथियार है. हलफनामे में कहा गया है कि जब कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई हो और लक्ष्य चलते, फिरते, दौड़ते और घूमते-मुड़ते हों तो ऐसी स्थिति में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन मुश्किल हो जाता है. अनियंत्रित परिस्थितियों में भीड़ पर नियंत्रण के एसओपी के मुताबिक हथियार का निशाना कमर के नीचे का हिस्सा होना चाहिए. हलफनामे में कहा गया है, 'सड़कों पर कानून-व्यवस्था से जुड़े जो हालात बन रहे हैं वे अस्थिर और गतिशील हैं. ऐसी स्थिति में हिलते-डुलते, दौड़ते और घूमते लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाना कभी कभार मुश्किल हो जाता है.'टिप्पणियां सीआरपीएफ ने बताया है कि 9 जुलाई से 11 अगस्त के बीच घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान उसकी ओर से लगभग 3,500 पैलेट कारतूस चलाए गए. यह यचिका हाईकोर्ट के बार संघ ने 30 जुलाई को दायर की थी. सीआरपीएफ और बीएसएफ ने अपने जवाब दे दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है. अब मामले की अगली सुनवााई शनिवार को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हाईकोर्ट को दिए गए हलफनामे में सीआरपीएफ ने कहा है, 'सीआरपीएफ के पास मौजूद विकल्पों में से अगर इसे (पैलेट बंदूक) हटा लिया जाता है, तो कठिन परिस्थितियों में सीआरपीएफ के जवानों को राइफल से गोली चलानी पड़ेगी. इससे और ज्यादा मौंते होने की आशंका है.' अर्धसैनिक बल का यह हलफनामा अदालत में दायर उस याचिका के जवाब में आया है, जिसमें घाटी में भीड़ नियंत्रण के उपाय के तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई थी. बल का कहना है कि पैलेट गन का इस्तेमाल साल 2010 में शुरू किया गया था और दंगा नियंत्रण का यह स्वीकार्य हथियार है. हलफनामे में कहा गया है कि जब कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई हो और लक्ष्य चलते, फिरते, दौड़ते और घूमते-मुड़ते हों तो ऐसी स्थिति में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन मुश्किल हो जाता है. अनियंत्रित परिस्थितियों में भीड़ पर नियंत्रण के एसओपी के मुताबिक हथियार का निशाना कमर के नीचे का हिस्सा होना चाहिए. हलफनामे में कहा गया है, 'सड़कों पर कानून-व्यवस्था से जुड़े जो हालात बन रहे हैं वे अस्थिर और गतिशील हैं. ऐसी स्थिति में हिलते-डुलते, दौड़ते और घूमते लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाना कभी कभार मुश्किल हो जाता है.'टिप्पणियां सीआरपीएफ ने बताया है कि 9 जुलाई से 11 अगस्त के बीच घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान उसकी ओर से लगभग 3,500 पैलेट कारतूस चलाए गए. यह यचिका हाईकोर्ट के बार संघ ने 30 जुलाई को दायर की थी. सीआरपीएफ और बीएसएफ ने अपने जवाब दे दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है. अब मामले की अगली सुनवााई शनिवार को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अर्धसैनिक बल का यह हलफनामा अदालत में दायर उस याचिका के जवाब में आया है, जिसमें घाटी में भीड़ नियंत्रण के उपाय के तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई थी. बल का कहना है कि पैलेट गन का इस्तेमाल साल 2010 में शुरू किया गया था और दंगा नियंत्रण का यह स्वीकार्य हथियार है. हलफनामे में कहा गया है कि जब कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई हो और लक्ष्य चलते, फिरते, दौड़ते और घूमते-मुड़ते हों तो ऐसी स्थिति में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन मुश्किल हो जाता है. अनियंत्रित परिस्थितियों में भीड़ पर नियंत्रण के एसओपी के मुताबिक हथियार का निशाना कमर के नीचे का हिस्सा होना चाहिए. हलफनामे में कहा गया है, 'सड़कों पर कानून-व्यवस्था से जुड़े जो हालात बन रहे हैं वे अस्थिर और गतिशील हैं. ऐसी स्थिति में हिलते-डुलते, दौड़ते और घूमते लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाना कभी कभार मुश्किल हो जाता है.'टिप्पणियां सीआरपीएफ ने बताया है कि 9 जुलाई से 11 अगस्त के बीच घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान उसकी ओर से लगभग 3,500 पैलेट कारतूस चलाए गए. यह यचिका हाईकोर्ट के बार संघ ने 30 जुलाई को दायर की थी. सीआरपीएफ और बीएसएफ ने अपने जवाब दे दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है. अब मामले की अगली सुनवााई शनिवार को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हलफनामे में कहा गया है कि जब कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई हो और लक्ष्य चलते, फिरते, दौड़ते और घूमते-मुड़ते हों तो ऐसी स्थिति में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन मुश्किल हो जाता है. अनियंत्रित परिस्थितियों में भीड़ पर नियंत्रण के एसओपी के मुताबिक हथियार का निशाना कमर के नीचे का हिस्सा होना चाहिए. हलफनामे में कहा गया है, 'सड़कों पर कानून-व्यवस्था से जुड़े जो हालात बन रहे हैं वे अस्थिर और गतिशील हैं. ऐसी स्थिति में हिलते-डुलते, दौड़ते और घूमते लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाना कभी कभार मुश्किल हो जाता है.'टिप्पणियां सीआरपीएफ ने बताया है कि 9 जुलाई से 11 अगस्त के बीच घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान उसकी ओर से लगभग 3,500 पैलेट कारतूस चलाए गए. यह यचिका हाईकोर्ट के बार संघ ने 30 जुलाई को दायर की थी. सीआरपीएफ और बीएसएफ ने अपने जवाब दे दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है. अब मामले की अगली सुनवााई शनिवार को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हलफनामे में कहा गया है, 'सड़कों पर कानून-व्यवस्था से जुड़े जो हालात बन रहे हैं वे अस्थिर और गतिशील हैं. ऐसी स्थिति में हिलते-डुलते, दौड़ते और घूमते लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाना कभी कभार मुश्किल हो जाता है.'टिप्पणियां सीआरपीएफ ने बताया है कि 9 जुलाई से 11 अगस्त के बीच घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान उसकी ओर से लगभग 3,500 पैलेट कारतूस चलाए गए. यह यचिका हाईकोर्ट के बार संघ ने 30 जुलाई को दायर की थी. सीआरपीएफ और बीएसएफ ने अपने जवाब दे दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है. अब मामले की अगली सुनवााई शनिवार को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीआरपीएफ ने बताया है कि 9 जुलाई से 11 अगस्त के बीच घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान उसकी ओर से लगभग 3,500 पैलेट कारतूस चलाए गए. यह यचिका हाईकोर्ट के बार संघ ने 30 जुलाई को दायर की थी. सीआरपीएफ और बीएसएफ ने अपने जवाब दे दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है. अब मामले की अगली सुनवााई शनिवार को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: घाटी में भीड़ नियंत्रण के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक की थी याचिका CRPF ने हलफनामे में पैलेट गन को दंगा नियंत्रण का स्वीकार्य हथियार बताया पैलेट गन पर रोक लगी, तो मुश्किल हालात में मजबूरन गोलियां चलानी पड़ेंगी
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले 23 साल से अधिक समय से टेस्ट क्रिकेट खेल रहे सचिन तेंदुलकर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दौरान यहां अपने करियर में दूसरी बार बल्लेबाजी की अपनी बारी के लिए सात घंटे से से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा। चेतेश्वर पुजारा के रविवार को क्रीज पर कदम रखने के साथ ही तेंदुलकर ने भी पैड बांध दिए थे, लेकिन इसके बाद उन्हें सात घंटे 15 मिनट तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। पुजारा और मुरली विजय ने दूसरे विकेट के लिये 370 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। इस बीच कुल 109.4 ओवर फेंके गए। तेंदुलकर को अपने करियर में पहली बार इतने अधिक ओवर तक पैड बांधकर ड्रेसिंग रूप में बैठना पड़ा। इससे पहले तेंदुलकर को इंग्लैंड के खिलाफ दिसंबर 2008 में मोहाली में सात घंटे 40 मिनट तक पैड बांधकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस बीच हालांकि 108 ओवर ही किए गये थे। लंबे इंतजार का तेंदुलकर की बल्लेबाजी पर भी प्रभाव पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली मैच में वह केवल 11 रन बना पाए जबकि आज सात रन बनाकर पैवेलियन लौटे। उनका आउट होना हालांकि विवादास्पद रहा क्योंकि टीवी रीप्ले से भी साफ नहीं हो रहा था गेंद उनके बल्ले से लगकर गई है या नहीं। पुजारा और मुरली विजय ने दूसरे विकेट के लिये 370 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। इस बीच कुल 109.4 ओवर फेंके गए। तेंदुलकर को अपने करियर में पहली बार इतने अधिक ओवर तक पैड बांधकर ड्रेसिंग रूप में बैठना पड़ा। इससे पहले तेंदुलकर को इंग्लैंड के खिलाफ दिसंबर 2008 में मोहाली में सात घंटे 40 मिनट तक पैड बांधकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस बीच हालांकि 108 ओवर ही किए गये थे। लंबे इंतजार का तेंदुलकर की बल्लेबाजी पर भी प्रभाव पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली मैच में वह केवल 11 रन बना पाए जबकि आज सात रन बनाकर पैवेलियन लौटे। उनका आउट होना हालांकि विवादास्पद रहा क्योंकि टीवी रीप्ले से भी साफ नहीं हो रहा था गेंद उनके बल्ले से लगकर गई है या नहीं।
संक्षिप्त सारांश: पिछले 23 साल से अधिक समय से टेस्ट क्रिकेट खेल रहे सचिन तेंदुलकर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दौरान यहां अपने करियर में दूसरी बार बल्लेबाजी की अपनी बारी के लिए सात घंटे से से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के लिये 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड की मंजूरी में विलंब की वजह से अर्धसैनिक बल को इस महीने अपने जवानों को दिये जाने वाले राशन राशि भत्ता (आरएमए) को रोकने का आदेश देना पड़ा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.  केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपुब) ने इस बीच उन खबरों को खारिज किया है कि जवानों के पास इस वजह से राशन की राशि खत्म हो गई है और कहा कि सितंबर के भत्ते का भुगतान जल्द ही किया जाएगा. यह भत्ता बल के जवानों और गैर-राजपत्रित अधिकारियों को उनके दैनिक भोजन के लिये दिया जाता है और यह उनके मासिक वेतन में शामिल रहता है. केरिपुब ने कहा कि मुद्दा इसलिए आया क्योंकि 3.25 लाख कर्मियों वाले बल के लिये सरकार द्वारा हाल ही में आरएमए का पुनरीक्षण किया गया था. बल ने एक बयान में कहा, 'गृह मंत्रालय द्वारा राशन राशि भत्ते के 12 जुलाई को पुनरीक्षण के मद्देनजर करीब दो लाख केरिपुब कर्मियों को जुलाई में प्रति व्यक्ति 22,194 रुपये की दर से राशन राशि का भुगतान किया गया.'  इसमें कहा गया कि यह रकम जवानों और अन्य गैर राजपत्रित अधिकारियों को दिये जाने वाले मासिक राशन भत्ते से छह गुना से ज्यादा है. इसमें कहा गया, 'इस महीने राशन राशि (करीब 3600 रुपये) के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है और इसे जल्द ही अदा किया जाएगा. ऐसे में यह कहना कि जवानों की राशन राशि खत्म हो गई है, गलत, निराधार और निर्रथक है तथा ऐसा कोई संकट नहीं है.' केरिपुब द्वारा इस महीने के शुरू में अपनी इकाइयों को जारी पत्राचार के मुताबिक, बल ने गृह मंत्रालय से जवानों को संशोधित आरएमए के भुगतान के लिये 800 करोड़ रुपये के 'आरक्षित फंड' की मंजूरी मांगी थी. बल द्वारा मंत्रालय से इस संबंध में पूर्व में कम से कम तीन बार पत्राचार किया जा चुका है.
CRPF ने सरकार से मांगे 800 करोड़ CRPF ने सैनिकों के राशन के लिए पैसों की मांग की इस महीने जवानों को दिया जाने वाला राशन राशि भत्ता रोका गया
6
['hin']