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इस पाठ का सारांश बनाएं: खाद्य मुद्रास्फीति 10 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान गिरकर 8.84 फीसद पर आ गई जो पिछले सप्ताह 9.47 फीसद दी लेकिन इससे आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली क्योंकि मुख्य जिंसों की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। सरकार द्वारा आज जारी थोकमूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित खाद्यमुद्रास्फीति के आंकड़ों के मुताबिक गेंहू को छोड़कर ज्यादातर जिंसों की कीमतें एक साल पहले की तुलना में महंगी रहीं। विशेषज्ञों के मुताबिक साप्ताहिक आधार पर खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट आंकड़ों का भ्रम है क्योंकि यह गिरावट तुलना के ऊंचे आधार का प्रभाव है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल इसी दौरान खाद्य मुद्रास्फीति 16 फीसद से ऊपर चल रही थी। आंकड़े के मुताबिक गेंहू की कीमतें समीक्षाधीन सप्ताह में पिछले साल की तुलना में 2.72 फीसद कम रहीं। हालांकि इसी दौरान प्याज 29 फीसद और आलू 13.78 फीसद तथा सब्जियों के औसत भाव 12.13 फीसद महंगे रहे। दूध की कीमत में भी एक वर्ष पूर्व इसी दौर की तुलना में 10.38 फीसद का इजाफा हुआ जबकि फल 17.67 फीसद अंडे, मांस और मछली की कीमतें सालना आधार पर 9.28 फीसद ऊंची रहीं। सालना आधार पर अनाज 4.13 फीसद मंहगे रहे। दालें यदि हाल के महीनों में नरम चल रही थीं पर 10 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान इनके दाम पिछले साल से 1.49 फीसद ऊपर थे। दस सितंबर को समापत सप्ताह के दौरान प्राथमिक उत्पादों की मुद्रास्फीति 12.17 फीसद थी जो इसके पिछले सप्ताह 13.04 फीसद थी। खाद्य मूल्य सूचंकांक में प्राथमिक उत्पादों में का भारांश 20 फीसद है। गैर खाद्य उत्पाद की महंगाई दर, जिनमें फाइबर, तिलहन व खनिज शामिल हैं, इसी दौरान 17.42 फीसद रही जो तीन सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 18.49 फीसद थी। ईंधन और बिजली वर्ग की मुद्रास्फीति 10 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान बढ़कर 13.96 फीसद हो गई जो हफ्ता भर पहले 13.01 फीसद थी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद खाद्य कीमत पर दबाव बना रहेगा और सरकार तथा रिजर्व बैंक को सतर्क रहना पड़ेगा। रिजर्व बैंक ने मांग और मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए मार्च 2010 से लेकर अब तक रिण दरों में 12 बार बढ़ोतरी की है।
यह एक सारांश है: खाद्य मुद्रास्फीति 10 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान गिरकर 8.84 फीसद पर आ गई जो पिछले सप्ताह 9.47 फीसद दी।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रसार भारती प्रमुख बीएस लाली और दूरदर्शन महानिदेशक अरुणा शर्मा को राष्ट्रमंडल खेल का प्रसारण अधिकार ब्रिटेन स्थिति कंपनी एसआईएस लाइव को देने के लिए दोषी ठहराने और इनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने संबंधी शुंगलू समिति की रिपोर्ट को सीबीआई को सौंप दिया गया है। मध्यप्रदेश के आईएएस कैडर से संबद्ध शर्मा को उसके गृह राज्य वापस भेज दिया गया है। पूर्व सीएजी वीके शुंगलू के नेतृत्व वाली उच्चस्तरीय समिति ने एक पखवाड़े पहले अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें इस अनुबंध के संदर्भ में 135 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई थी। बहरहाल, प्रधानमंत्री के प्रवक्ता द्वारा गुवाहाटी से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने इस रिपोर्ट को सीबीआई को सौंपने का निर्णय किया है। रिपोर्ट में लाली और शर्मा की जवाबदेही तय करते हुए उनपर एसआईएस लाइव और जूम कम्यूनिकेशन को बेजा फायदा पहुंचाने की बात कही गई है।
यह एक सारांश है: पूर्व सीएजी शुंगलू के नेतृत्व वाली समिति ने एक पखवाड़े पहले अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें 135 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई थी।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: इटली के तटरक्षक अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इटली के सुदूरवर्ती दक्षिणी द्वीप लैम्पेड्यूसा के करीब एक जहाज में आग लगने और डूबने की घटना के बाद काफी शव बरामद किए गए हैं। आशंका है कि 250 से अधिक प्रवासियों की डूबने से मौत हुई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बचाव दल ने दुर्घटना में डूबे 82 लोगों के शव निकाल लिए हैं। जहाज कथित तौर पर उत्तरी अफ्रीका से अवैध तरीके से 500 प्रवासियों को ला रहा था, जिनमें महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल हैं। लैम्पेड्यूसा के मेयर के गियुसी निकोलिनी के अनुसार, तटरक्षक बल के जवानों ने लगभग 150 लोगों को बचा लिया है। स्थानीय मछुआरे जीवित बचे लोगों के साथ ही शवों की तलाश में तटरक्षक बलों की मदद कर रहे हैं। इटली के प्रधानमंत्री एनरिको लेट्टा ने जहाज के डूबने की घटना को एक बड़ी त्रासदी करार दिया और कहा कि गृह मंत्री एंजेलिनो एल्फानो पहले ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। इटली के राष्ट्रपति जियार्जियो नेपोलिटानो ने देश की शरणार्थी नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है। पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक लोगों से गुरुवार की त्रासदी में मृत लोगों के प्रति प्रार्थना करने को कहा है। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। आशंका है कि 250 से अधिक प्रवासियों की डूबने से मौत हुई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बचाव दल ने दुर्घटना में डूबे 82 लोगों के शव निकाल लिए हैं। जहाज कथित तौर पर उत्तरी अफ्रीका से अवैध तरीके से 500 प्रवासियों को ला रहा था, जिनमें महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल हैं। लैम्पेड्यूसा के मेयर के गियुसी निकोलिनी के अनुसार, तटरक्षक बल के जवानों ने लगभग 150 लोगों को बचा लिया है। स्थानीय मछुआरे जीवित बचे लोगों के साथ ही शवों की तलाश में तटरक्षक बलों की मदद कर रहे हैं। इटली के प्रधानमंत्री एनरिको लेट्टा ने जहाज के डूबने की घटना को एक बड़ी त्रासदी करार दिया और कहा कि गृह मंत्री एंजेलिनो एल्फानो पहले ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। इटली के राष्ट्रपति जियार्जियो नेपोलिटानो ने देश की शरणार्थी नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है। पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक लोगों से गुरुवार की त्रासदी में मृत लोगों के प्रति प्रार्थना करने को कहा है। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बचाव दल ने दुर्घटना में डूबे 82 लोगों के शव निकाल लिए हैं। जहाज कथित तौर पर उत्तरी अफ्रीका से अवैध तरीके से 500 प्रवासियों को ला रहा था, जिनमें महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल हैं। लैम्पेड्यूसा के मेयर के गियुसी निकोलिनी के अनुसार, तटरक्षक बल के जवानों ने लगभग 150 लोगों को बचा लिया है। स्थानीय मछुआरे जीवित बचे लोगों के साथ ही शवों की तलाश में तटरक्षक बलों की मदद कर रहे हैं। इटली के प्रधानमंत्री एनरिको लेट्टा ने जहाज के डूबने की घटना को एक बड़ी त्रासदी करार दिया और कहा कि गृह मंत्री एंजेलिनो एल्फानो पहले ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। इटली के राष्ट्रपति जियार्जियो नेपोलिटानो ने देश की शरणार्थी नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है। पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक लोगों से गुरुवार की त्रासदी में मृत लोगों के प्रति प्रार्थना करने को कहा है। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। लैम्पेड्यूसा के मेयर के गियुसी निकोलिनी के अनुसार, तटरक्षक बल के जवानों ने लगभग 150 लोगों को बचा लिया है। स्थानीय मछुआरे जीवित बचे लोगों के साथ ही शवों की तलाश में तटरक्षक बलों की मदद कर रहे हैं। इटली के प्रधानमंत्री एनरिको लेट्टा ने जहाज के डूबने की घटना को एक बड़ी त्रासदी करार दिया और कहा कि गृह मंत्री एंजेलिनो एल्फानो पहले ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। इटली के राष्ट्रपति जियार्जियो नेपोलिटानो ने देश की शरणार्थी नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है। पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक लोगों से गुरुवार की त्रासदी में मृत लोगों के प्रति प्रार्थना करने को कहा है। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। स्थानीय मछुआरे जीवित बचे लोगों के साथ ही शवों की तलाश में तटरक्षक बलों की मदद कर रहे हैं। इटली के प्रधानमंत्री एनरिको लेट्टा ने जहाज के डूबने की घटना को एक बड़ी त्रासदी करार दिया और कहा कि गृह मंत्री एंजेलिनो एल्फानो पहले ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। इटली के राष्ट्रपति जियार्जियो नेपोलिटानो ने देश की शरणार्थी नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है। पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक लोगों से गुरुवार की त्रासदी में मृत लोगों के प्रति प्रार्थना करने को कहा है। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। इटली के प्रधानमंत्री एनरिको लेट्टा ने जहाज के डूबने की घटना को एक बड़ी त्रासदी करार दिया और कहा कि गृह मंत्री एंजेलिनो एल्फानो पहले ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। इटली के राष्ट्रपति जियार्जियो नेपोलिटानो ने देश की शरणार्थी नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है। पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक लोगों से गुरुवार की त्रासदी में मृत लोगों के प्रति प्रार्थना करने को कहा है। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। इटली के राष्ट्रपति जियार्जियो नेपोलिटानो ने देश की शरणार्थी नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है। पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक लोगों से गुरुवार की त्रासदी में मृत लोगों के प्रति प्रार्थना करने को कहा है। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक लोगों से गुरुवार की त्रासदी में मृत लोगों के प्रति प्रार्थना करने को कहा है। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। गर्मियों में जब भूमध्य सागर इतना शांत हो जाता है कि छोटे नाव भी सफर कर सकें, तब हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी इटली के दक्षिणी तट पर पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी लीबिया और ट्यूनीशिया से होते हैं।टिप्पणियां ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। ये प्रवासी यूरोपिय संघ में काम की तलाश में आते हैं, तथा उनमें से अधिकांश इटली में ही रुक जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही तक इटली के दक्षिणी छोर पर लगभग 8,000 प्रवासी एवं शरणार्थी पहुंचे थे।
इटली के तटरक्षक अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इटली के सुदूरवर्ती दक्षिणी द्वीप लैम्पेड्यूसा के करीब एक जहाज में आग लगने और डूबने की घटना के बाद काफी शव बरामद किए गए हैं।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के नागपुर विधानसभा सत्र के दूसरे दिन किसानों की पूरी कर्जमाफी और बेमौसम बारिश से हुये नुकसानों की मदद की मांग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में झड़प हो गई. सत्तारुढ़ महाअघाड़ी विधायकों और विपक्षी बीजेपी के विधायकों के बीच सदन के वेल में धक्का-मुक्की हुई. मंगलवार को विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की सुबह शिवसेना ने बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के लिए 25 हजार प्रति हेक्टर देने की मांग की थी, लेकिन सरकार में आने के बाद भी आज तक दिया नहीं है. जिस पर विपक्ष का कहना है कि जबतक मदद की घोषणा नहीं होगी वो कामकाज चलने नहीं देंगे.  विरोधी दल नेता देवेंद्र फडणवीस ने सभा गृह में घोषणा की कि जब तक 25 हजार रुपये हेक्टेयर मदद का ऐलान नहीं होता है वो कामकाज चलने नही देंगे. इतना ही नहीं, विधानसभा का कामकाज आधे घन्टे के लिए स्थगित कर दिया गया था, लेकिन वापस आने के बाद सत्ता और विपक्ष के विधायकों के बीच धक्का मुक्की हुई.
संक्षिप्त पाठ: महाराष्ट्र विधानसभा में विधायकों में झड़प किसानों के मुद्दों को लेकर हुई धक्का-मुक्की महाअघाड़ी और विपक्ष बीजेपी के विधायकों के बीच का मामला
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय क्रिकेट मैच में लक्ष्य हासिल करने तक रोहित शर्मा के क्रीज पर डटे रहने के लिए इस बल्लेबाज की तारीफ की। 270 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने वेस्टइंडीज पर पांच विकेट की जीत दर्ज की और इस दौरान रोहित ने नाबाद 90 रन की पारी खेली। रोहित ने कम स्कोर वाले पहले वनडे में भी 72 रन की पारी खेली थी, लेकिन वह अंत तक विकेट पर टिके नहीं रह पाए थे, जिसके बाद अंतिम जोड़ी ने भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया। सहवाग ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, मैं उनके (खिलाड़ियों के) प्रदर्शन से काफी खुश हूं, विशेषकर रोहित शर्मा के। कल उसने वादा किया था कि वह हमारे लिए मैच को अंजाम तक पहुंचाएगा और उसने ऐसा ही किया। विराट कोहली ने भी शानदार बल्लेबाजी की। कोहली ने 117 रन की पारी खेलने के अलावा रोहित के साथ चौथे विकेट के लिए 163 रन की साझेदारी की। भारत के कार्यवाहक कप्तान सहवाग ने कहा कि इन दोनों ने ऐसे बल्लेबाजी की, मानो उन्हें 200 मैच खेलने का अनुभव हो।
यह एक सारांश है: भारतीय कप्तान सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में लक्ष्य हासिल करने तक रोहित शर्मा के क्रीज पर डटे रहने के लिए उनकी तारीफ की।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान की संसद नेशनल असेम्बली ने सोमवार शाम को देश में लोकतंत्र के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया। इससे प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने राहत की सांस ली है। सर्वोच्च न्यायालय ने इससे पहले राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए गिलानी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया था, जिसके बाद गिलानी ने इस्तीफे की पेशकश की। पाकिस्तान में जारी राजनीतिक संकट के बीच संसद ने सोमवार को अवामी नेशनल पार्टी की ओर से पेश लोकतंत्र के समर्थन का प्रस्ताव पारित कर दिया। गिलानी ने इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद सांसदों को बधाई दी। गिलानी ने संसद में कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी तरह का टकराव नहीं चाहती और किसी को भी चुनी हुई सरकार के महत्व को कम करने की इजाजत नहीं है। इससे पहले दिन में तेजी से बदलते घटनाक्रम में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद गिलानी ने इस्तीफे की पेशकश की। अदालत ने उन्हें 19 जनवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। भ्रष्टाचार के मसले पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर उसकी ओर से गिलानी को यह अवमानना नोटिस जारी किया गया है। एआरवाई न्यूज के मुताबिक गिलानी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसद को बचाने का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश की। 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। उसके मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" सर्वोच्च न्यायालय ने इससे पहले राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए गिलानी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया था, जिसके बाद गिलानी ने इस्तीफे की पेशकश की। पाकिस्तान में जारी राजनीतिक संकट के बीच संसद ने सोमवार को अवामी नेशनल पार्टी की ओर से पेश लोकतंत्र के समर्थन का प्रस्ताव पारित कर दिया। गिलानी ने इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद सांसदों को बधाई दी। गिलानी ने संसद में कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी तरह का टकराव नहीं चाहती और किसी को भी चुनी हुई सरकार के महत्व को कम करने की इजाजत नहीं है। इससे पहले दिन में तेजी से बदलते घटनाक्रम में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद गिलानी ने इस्तीफे की पेशकश की। अदालत ने उन्हें 19 जनवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। भ्रष्टाचार के मसले पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर उसकी ओर से गिलानी को यह अवमानना नोटिस जारी किया गया है। एआरवाई न्यूज के मुताबिक गिलानी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसद को बचाने का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश की। 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। उसके मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" पाकिस्तान में जारी राजनीतिक संकट के बीच संसद ने सोमवार को अवामी नेशनल पार्टी की ओर से पेश लोकतंत्र के समर्थन का प्रस्ताव पारित कर दिया। गिलानी ने इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद सांसदों को बधाई दी। गिलानी ने संसद में कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी तरह का टकराव नहीं चाहती और किसी को भी चुनी हुई सरकार के महत्व को कम करने की इजाजत नहीं है। इससे पहले दिन में तेजी से बदलते घटनाक्रम में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद गिलानी ने इस्तीफे की पेशकश की। अदालत ने उन्हें 19 जनवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। भ्रष्टाचार के मसले पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर उसकी ओर से गिलानी को यह अवमानना नोटिस जारी किया गया है। एआरवाई न्यूज के मुताबिक गिलानी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसद को बचाने का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश की। 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। उसके मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" गिलानी ने संसद में कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी तरह का टकराव नहीं चाहती और किसी को भी चुनी हुई सरकार के महत्व को कम करने की इजाजत नहीं है। इससे पहले दिन में तेजी से बदलते घटनाक्रम में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद गिलानी ने इस्तीफे की पेशकश की। अदालत ने उन्हें 19 जनवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। भ्रष्टाचार के मसले पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर उसकी ओर से गिलानी को यह अवमानना नोटिस जारी किया गया है। एआरवाई न्यूज के मुताबिक गिलानी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसद को बचाने का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश की। 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। उसके मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" इससे पहले दिन में तेजी से बदलते घटनाक्रम में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद गिलानी ने इस्तीफे की पेशकश की। अदालत ने उन्हें 19 जनवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। भ्रष्टाचार के मसले पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर उसकी ओर से गिलानी को यह अवमानना नोटिस जारी किया गया है। एआरवाई न्यूज के मुताबिक गिलानी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसद को बचाने का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश की। 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। उसके मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" भ्रष्टाचार के मसले पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कार्रवाई करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर उसकी ओर से गिलानी को यह अवमानना नोटिस जारी किया गया है। एआरवाई न्यूज के मुताबिक गिलानी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसद को बचाने का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश की। 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। उसके मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" एआरवाई न्यूज के मुताबिक गिलानी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसद को बचाने का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश की। 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। उसके मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। उसके मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" पाकिस्तान के सत्ताधरी गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने भी आपस में बैठक की और फैसला किया कि गिलानी 19 जनवरी को अदालत के समक्ष हाजिर होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" सर्वोच्च न्यायालय ने गिलानी को निर्देश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) के तहत माफी पाने वाले जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिलानी को न्यायालय ने अपना यह निर्देश न मानने के लिए अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें 19 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया। समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" समाचार पत्र डॉन ने कानून मंत्री मौला बक्स चांडिओ के हवाले से बताया है कि अदालत के नोटिस पर सरकार कानूनविदें की राय लेगी और कानून तथा संविधान के मातहत ही अगला कदम उठाएगी। एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" एनआरओ वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जारी किया था। जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" जरदारी को एनआरओ के तहत आम माफी दी गई थी। यह अध्यादेश वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी का स्वदेश लौटना सरल बनाने के लिए जारी किया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में इसे निरस्त कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने सोमवार को अध्यादेश को लागू किए जाने से सम्बंधित मामले की सुनवाई की, जिसके तहत राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने जरदारी के खिलाफ मामले वापस ले लिए। महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" महान्यायवादी मौलवी अनवारुल हक ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्यायालय द्वारा इस मामले में 10 जनवरी को रखे गए छह विकल्पों के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है। इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" इन छह विकल्पों में राष्ट्रपति के खिलाफ संविधान के उल्लंघन के लिए कार्रवाई, मुख्य कार्यकारी व कानून सचिव के खिलाफ अध्यादेश पर दिए गए निर्णय को लागू नहीं करवाने के लिए अवमानना की कार्रवाई और उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के विकल्प शामिल थे। इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" इससे पहले न्यायालय ने आम माफी के कानून के सम्बंध में अपने निर्णय को 10 जनवरी, 2012 तक लागू नहीं किए जाने पर सरकार को चेतावनी दी थी। इस कानून के तहत राजनेताओं और नौकरशाहों को भ्रष्टाचार के मामलों से मुक्त कर दिया गया था। न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" न्यायालय ने अध्यादेश के तहत बंद किए गए मामले दोबारा खोलने को भी कहा था। न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने का आदेश भी दिया था और इसके लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के निर्णय से दो दिन पहले जरदारी ने कहा था कि वह अगले 12-15 महीने के लिए देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अगली सरकार भ्रष्टाचार के कथित मामले में स्विट्जरलैंड की अदालत को लिख सकती है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?" एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, "मेरी सरकार ऐसा क्यों करे?"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान की संसद नेशनल असेम्बली ने सोमवार शाम को देश में लोकतंत्र के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूरोपीय संसद ने तालिबान के खिलाफ शिथिलता बरतने के लिए पाकिस्तान की खिंचाई की है और यूरोपीय आयोग को निर्देश दिया है कि वह आतंकी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान के प्रयासों की गम्भीरता के आधार पर ही उसे वित्तीय सहायता दे। यूरोपीय संसद ने तालिबान द्वारा उत्पन्न खतरों के बारे में पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए तथा यूरोपीय संघ की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय का आह्वान करते हुए शुक्रवार को दो घोषणा पत्र जारी किए। यूरोपीय संसद ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी इलाके यूरोप और दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा हैं। यूरोपीय संसद ने यूरोपीय आयोग को निर्देश दिया कि "आतंकी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान सरकार के प्रयासों की गम्भीरता के आधार पर अपने वित्तीय सहयोग के आकार एवं उद्देश्यों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए"। यूरोपीय संसद ने पाकिस्तानी सेना, खुफिया और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में तालिबान के साथ सहानुभूति रखने वालों की घुसपैठ पर चिंता जाहिर की। यूरोपी संसद ने शुक्रवार को कहा, "तालिबान आतंकी परमाणु हथियारों पर नियंत्रण करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं, जो यूरोप व दुनिया के लिए स्पष्ट तौर पर एक खतरा है।" संसद ने क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा हालात के नए सिरे से अध्ययन के लिए वरिष्ठ सुरक्षा विशेषज्ञों की नियुक्ति की भी मांग की।
संक्षिप्त सारांश: यूरोपीय संसद ने पाकिस्तानी सेना, खुफिया और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में तालिबान के साथ सहानुभूति रखने वालों की घुसपैठ पर चिंता जाहिर की।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वर्ष 2002 गुलबर्ग सोसायटी दंगे मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर निराशा जताते हुए इस घटना में जान गंवाने वाले पूर्व कांग्रेसी सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी ने मायूसी जताते हुए कहा कि असली अपराधी अब भी छुट्टे घूम रहे हैं। गुलबर्ग हाउसिंग सोसायटी नरसंहार में एहसान जाफरी को जिंदा जला दिया गया था। जकिया ने सूरत में अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, मुझे अब भी उच्चतम न्यायालय पर भरोसा है, लेकिन ऐसा लगता है कि कुछ कमी रह गई। उन्होंने कहा, इस घटना को हुए करीब 10 साल हो गए। लोग गिरफ्तार हुए और उनके खिलाफ सुनवाई जारी है। बहरहाल, इन दंगों के पीछे के असली अपराधी अब भी छुट्टे घूम रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने 2002 दंगों के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित निष्क्रियता पर कोई आदेश देने से आज इनकार कर दिया और फैसले के लिए इस मामले को अहमदाबाद के संबंधित मजिस्ट्रेट को भेज दिया। जकिया ने कहा, मैं लंबी लड़ाई के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि वह अंतिम सांस तक न्याय के लिए अपनी जंग जारी रखेंगी। गौरतलब है कि गोधरा कांड के बाद 28 फरवरी 2002 को गुलबर्ग सोसायटी दंगों में एहसान सहित 68 लोग मारे गए थे। इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों के खिलाफ सुनवाई चल रही है जिसकी जांच उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) ने की। जकिया ने इस संबंध में मोदी और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसके आधार पर उच्चतम न्यायालय ने एसआईटी को जांच करने के लिए कहा था। इस मामले की अंतिम सुनवाई न्यायाधीश बी जे धांडा की नेतृत्व वाली विशेष अदालत में जारी है।
सारांश: पूर्व कांग्रेसी सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी ने मायूसी जताते हुए कहा कि असली अपराधी अब भी छुट्टे घूम रहे हैं।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बेंगलुरु पुलिस ने एटीएम कैश वैन लेकर अपने परिवार के साथ भागे ड्राइवर डोमेनिक रॉय की पत्नी को रविवार देर रात पूर्वी बेंगलुरु के कुलप्पा सर्किल के पास गिरफ्तार करने का दावा किया है. हालांकि डोमेनिक अब भी फरार है. इसके साथ उसका 12 साल का बेटा भी था, जिसे पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के हवाले करने का फैसला किया है. बेंगलुरु के पश्चिम जिले के डीसीपी एमएन अनुचेथ ने इस खबर की शाम में पुष्टि की, हालांकि सुबह में उन्होंने इस गिरफ्तारी से इनकार किया था. डीसीपी अनुचेथ के मुताबिक 2000 रुपये के 79 लाख 8 हजार रुपये आरोपी डोमेनिक की पत्नी के पास से बरामद हुए हैं. डोमेनिक 1.37 करोड़ रुपये के साथ वैन लेकर भागा था. उसने वैन में 45 लाख रुपये छोड़ दिए थे और वैन को सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गया था. यानी फरार डोमेनिक के पास अब भी लगभग 13 लाख रुपये हैं.टिप्पणियां डोमेनिक की पत्नी की गिरफ्तारी को लेकर बेंगलुरु पुलिस के पूर्वी और पश्चिमी जिले के बीच तालमेल की कमी की वजह से इस खबर की काफी देर तक पुष्टि नहीं हो पा रही थी. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बुधवार को डोमेनिक 1 बजकर 10 मिनट पर शहर के केजी रोड से कैश वैन लेकर भाग गया था. हालांकि पुलिस को बुधवार देर रात ही वो वैन मिल गई, जिसे लेकर डोमेनिक फरार हुआ था. वैन मौका-ए- वारदात से लगभग 10 किलोमीटर दूर वसंथनागर में मिली थी. इसके साथ उसका 12 साल का बेटा भी था, जिसे पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के हवाले करने का फैसला किया है. बेंगलुरु के पश्चिम जिले के डीसीपी एमएन अनुचेथ ने इस खबर की शाम में पुष्टि की, हालांकि सुबह में उन्होंने इस गिरफ्तारी से इनकार किया था. डीसीपी अनुचेथ के मुताबिक 2000 रुपये के 79 लाख 8 हजार रुपये आरोपी डोमेनिक की पत्नी के पास से बरामद हुए हैं. डोमेनिक 1.37 करोड़ रुपये के साथ वैन लेकर भागा था. उसने वैन में 45 लाख रुपये छोड़ दिए थे और वैन को सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गया था. यानी फरार डोमेनिक के पास अब भी लगभग 13 लाख रुपये हैं.टिप्पणियां डोमेनिक की पत्नी की गिरफ्तारी को लेकर बेंगलुरु पुलिस के पूर्वी और पश्चिमी जिले के बीच तालमेल की कमी की वजह से इस खबर की काफी देर तक पुष्टि नहीं हो पा रही थी. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बुधवार को डोमेनिक 1 बजकर 10 मिनट पर शहर के केजी रोड से कैश वैन लेकर भाग गया था. हालांकि पुलिस को बुधवार देर रात ही वो वैन मिल गई, जिसे लेकर डोमेनिक फरार हुआ था. वैन मौका-ए- वारदात से लगभग 10 किलोमीटर दूर वसंथनागर में मिली थी. डीसीपी अनुचेथ के मुताबिक 2000 रुपये के 79 लाख 8 हजार रुपये आरोपी डोमेनिक की पत्नी के पास से बरामद हुए हैं. डोमेनिक 1.37 करोड़ रुपये के साथ वैन लेकर भागा था. उसने वैन में 45 लाख रुपये छोड़ दिए थे और वैन को सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गया था. यानी फरार डोमेनिक के पास अब भी लगभग 13 लाख रुपये हैं.टिप्पणियां डोमेनिक की पत्नी की गिरफ्तारी को लेकर बेंगलुरु पुलिस के पूर्वी और पश्चिमी जिले के बीच तालमेल की कमी की वजह से इस खबर की काफी देर तक पुष्टि नहीं हो पा रही थी. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बुधवार को डोमेनिक 1 बजकर 10 मिनट पर शहर के केजी रोड से कैश वैन लेकर भाग गया था. हालांकि पुलिस को बुधवार देर रात ही वो वैन मिल गई, जिसे लेकर डोमेनिक फरार हुआ था. वैन मौका-ए- वारदात से लगभग 10 किलोमीटर दूर वसंथनागर में मिली थी. डोमेनिक की पत्नी की गिरफ्तारी को लेकर बेंगलुरु पुलिस के पूर्वी और पश्चिमी जिले के बीच तालमेल की कमी की वजह से इस खबर की काफी देर तक पुष्टि नहीं हो पा रही थी. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बुधवार को डोमेनिक 1 बजकर 10 मिनट पर शहर के केजी रोड से कैश वैन लेकर भाग गया था. हालांकि पुलिस को बुधवार देर रात ही वो वैन मिल गई, जिसे लेकर डोमेनिक फरार हुआ था. वैन मौका-ए- वारदात से लगभग 10 किलोमीटर दूर वसंथनागर में मिली थी. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बुधवार को डोमेनिक 1 बजकर 10 मिनट पर शहर के केजी रोड से कैश वैन लेकर भाग गया था. हालांकि पुलिस को बुधवार देर रात ही वो वैन मिल गई, जिसे लेकर डोमेनिक फरार हुआ था. वैन मौका-ए- वारदात से लगभग 10 किलोमीटर दूर वसंथनागर में मिली थी.
1.37 करोड़ रुपये के साथ वैन लेकर ड्राइवर फरार हुआ था उसने वैन में 45 लाख रुपये छोड़ दिए थे फरार ड्राइवर के पास अब भी 13 लाख रुपये
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसी ने कहा कि उसके गुप्तचरों ने पुष्टि की है कि शक्तिशाली हक्कानी आतंकवादी नेटवर्क के संस्थापक का पुत्र मारा गया है। एजेंसी के प्रवक्ता शफीकुल्ला ताहिरी ने कहा कि बदरुद्दीन हक्कानी पाकिस्तान में हवाई हमले में मारा गया। उन्होंने बताया कि हमला पिछले हफ्ते हुआ था। उन्होंने और कोई ब्योरा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि क्या एजेंसी के सूत्रों ने शव को देखा है।टिप्पणियां हक्कानी नेटवर्क से जुड़े तालिबान ने कहा है कि हक्कानी अब भी जिंदा है और अफगानिस्तान में है। ताहिरी ने कहा कि अफगान सरकार आश्वस्त है कि उसकी सूचना सही है। एजेंसी के प्रवक्ता शफीकुल्ला ताहिरी ने कहा कि बदरुद्दीन हक्कानी पाकिस्तान में हवाई हमले में मारा गया। उन्होंने बताया कि हमला पिछले हफ्ते हुआ था। उन्होंने और कोई ब्योरा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि क्या एजेंसी के सूत्रों ने शव को देखा है।टिप्पणियां हक्कानी नेटवर्क से जुड़े तालिबान ने कहा है कि हक्कानी अब भी जिंदा है और अफगानिस्तान में है। ताहिरी ने कहा कि अफगान सरकार आश्वस्त है कि उसकी सूचना सही है। हक्कानी नेटवर्क से जुड़े तालिबान ने कहा है कि हक्कानी अब भी जिंदा है और अफगानिस्तान में है। ताहिरी ने कहा कि अफगान सरकार आश्वस्त है कि उसकी सूचना सही है। ताहिरी ने कहा कि अफगान सरकार आश्वस्त है कि उसकी सूचना सही है।
अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसी ने कहा कि उसके गुप्तचरों ने पुष्टि की है कि शक्तिशाली हक्कानी आतंकवादी नेटवर्क के संस्थापक का पुत्र मारा गया है।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले के जंगली इलाके में शनिवार को सुरक्षा बलों की आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ तीसरे आतंकवादी के मारे जाने के बाद शाम में खत्म हो गई. तीसरा आतंकवादी त्राल तहसील के घने जंगल के इलाके में एक गुफा में छिप गया था, जिसे मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया. एक पुलिस अधिकारी ने यहां कहा, "हमने मारे गए आतंकवादियों के पास से तीनों हथियार बरामद कर लिए हैं. आतंकवादियों की पहचान की सही-सही जानकारी का पता नहीं चल पाया है. वे शायद जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन के हैं.'जम्मू-कश्मीर : ग्रेनेड हमले में सीआरपीएफ जवान घायल पुलवामा जिले में शनिवार तड़के आंतकवाद-रोधी अभियान में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादी मारे गए थे, जबकि तीसरा गुफा में छिप गया था. टिप्पणियां पुलिस महानिदेशक एस. पी. वैद ने संवाददाताओं को बताया कि मारे गए आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. वैद ने कहा, 'मृतक आतंकवादी विदेशियों जैसे लग रहे हैं और वे शायद जैश ए मोहम्मद गुट से जुड़े हैं.' अभियान में पैरा कमांडो और हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए. सुरक्षा बलों ने शनिवार तड़के अभियान शुरू किया था. अभियान में आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और विशेष अभियान समूह (एसजी) भी शामिल किया गया.   एक पुलिस अधिकारी ने यहां कहा, "हमने मारे गए आतंकवादियों के पास से तीनों हथियार बरामद कर लिए हैं. आतंकवादियों की पहचान की सही-सही जानकारी का पता नहीं चल पाया है. वे शायद जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन के हैं.'जम्मू-कश्मीर : ग्रेनेड हमले में सीआरपीएफ जवान घायल पुलवामा जिले में शनिवार तड़के आंतकवाद-रोधी अभियान में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादी मारे गए थे, जबकि तीसरा गुफा में छिप गया था. टिप्पणियां पुलिस महानिदेशक एस. पी. वैद ने संवाददाताओं को बताया कि मारे गए आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. वैद ने कहा, 'मृतक आतंकवादी विदेशियों जैसे लग रहे हैं और वे शायद जैश ए मोहम्मद गुट से जुड़े हैं.' अभियान में पैरा कमांडो और हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए. सुरक्षा बलों ने शनिवार तड़के अभियान शुरू किया था. अभियान में आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और विशेष अभियान समूह (एसजी) भी शामिल किया गया.   जम्मू-कश्मीर : ग्रेनेड हमले में सीआरपीएफ जवान घायल पुलवामा जिले में शनिवार तड़के आंतकवाद-रोधी अभियान में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादी मारे गए थे, जबकि तीसरा गुफा में छिप गया था. टिप्पणियां पुलिस महानिदेशक एस. पी. वैद ने संवाददाताओं को बताया कि मारे गए आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. वैद ने कहा, 'मृतक आतंकवादी विदेशियों जैसे लग रहे हैं और वे शायद जैश ए मोहम्मद गुट से जुड़े हैं.' अभियान में पैरा कमांडो और हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए. सुरक्षा बलों ने शनिवार तड़के अभियान शुरू किया था. अभियान में आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और विशेष अभियान समूह (एसजी) भी शामिल किया गया.   पुलवामा जिले में शनिवार तड़के आंतकवाद-रोधी अभियान में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादी मारे गए थे, जबकि तीसरा गुफा में छिप गया था. टिप्पणियां पुलिस महानिदेशक एस. पी. वैद ने संवाददाताओं को बताया कि मारे गए आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. वैद ने कहा, 'मृतक आतंकवादी विदेशियों जैसे लग रहे हैं और वे शायद जैश ए मोहम्मद गुट से जुड़े हैं.' अभियान में पैरा कमांडो और हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए. सुरक्षा बलों ने शनिवार तड़के अभियान शुरू किया था. अभियान में आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और विशेष अभियान समूह (एसजी) भी शामिल किया गया.   पुलिस महानिदेशक एस. पी. वैद ने संवाददाताओं को बताया कि मारे गए आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. वैद ने कहा, 'मृतक आतंकवादी विदेशियों जैसे लग रहे हैं और वे शायद जैश ए मोहम्मद गुट से जुड़े हैं.' अभियान में पैरा कमांडो और हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए. सुरक्षा बलों ने शनिवार तड़के अभियान शुरू किया था. अभियान में आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और विशेष अभियान समूह (एसजी) भी शामिल किया गया.   अभियान में पैरा कमांडो और हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए. सुरक्षा बलों ने शनिवार तड़के अभियान शुरू किया था. अभियान में आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और विशेष अभियान समूह (एसजी) भी शामिल किया गया.
सारांश: त्राल में कई घंटे चली मुठभेड़ तीसरा आतंकी गुफा में छिप था तीनों आतंकियों के शव बरामद
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने श्रद्धालुओं के लिए शारदा पीठ खोलने के पाकिस्तान के निर्णय की सराहना करने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला पर मंगलवार को हमला बोला. उधर, विस्थापित कश्मीरी पंडितों के एक संगठन ने शारदा पीठ खोलने के पाकिस्तान सरकार के कथित फैसले का स्वागत किया है. शारदा पीठ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित है और इस पर पार्टी ने कहा कि क्षेत्र पड़ोसी देश के अवैध कब्जे में है और भारत इसे वापस लेगा. साथ ही पार्टी ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार उल्लंघनों की भी निंदा की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र को दो नाबालिग हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन पर गौर करना चाहिए तथा देश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. इस बीच, विस्थापित कश्मीरी पंडितों के एक संगठन ‘ऑल पार्टीज माइग्रेंट्स कोआर्डीनेशन कमेटी' ने भारत के हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए शारदा पीठ खोलने के पाकिस्तान सरकार के कथित फैसले का स्वागत किया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने यहां संवाददाताओं से कहा, “उमर पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित शारदा पीठ को खोले जाने के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रयास के लिए उनकी प्रशंसा करते नहीं थक रहे. पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है बल्कि जम्मू-कश्मीर की तरह भारत का अभिन्न अंग है.  उन्होंने कहा, “पीओके पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है और हम उसे वापस लेंगे तथा वहां एक मंदिर एवं मठ का निर्माण करेंगे. पाकिस्तान की धुन पर नाच रहे नेताओं को शर्म आनी चाहिए.” इससे पहले दिन में उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि शारदा पीठ गलियारा खोलने का इमरान खान का निर्णय स्वागत योग्य है.
यहाँ एक सारांश है:उमर अब्दुल्ला को बीजेपी ने घेरा पाकिस्तान के निर्णय की सराहना की थी श्रद्धालुओं के लिए पीओके में शारदा पीठ खोलने का फैसला
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सेना पर सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ कराने का आरोप लगाते हुए भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि बिना पाकिस्तानी सेना की मदद और जानकारी के इतनी बड़ी संख्या में घुसपैठ संभव नहीं है। जनरल सिंह ने कहा कि हमारे पास सबूत हैं कि इस तरह की कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना का समर्थन रहता है। जनरल सिंह की राय है कि ठंड से पहले इस तरह घुसपैठ की और गतिविधियों को पाकिस्तानी सेना अंजाम देगी। सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चाचड़ा ने कहा है कि पाक सेना की मदद बिना घुसपैठ संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इलाके में सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है और निगरानी की जा रही है। नियंत्रण रेखा पर केरन सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी घुसपैठ के खिलाफ सेना के अभियान का मंगलवार को पंद्रहवां दिन है। माना जा रहा है कि यह लड़ाई अपने आखिरी दौर में है और सेना बिल्कुल आखिरी सफाये में जुटी हुई है। बीती देर रात जारी एक बयान में सेना ने कहा कि दो हफ्तों के दौरान आतंकियों ने शालाभाटो इलाके के अलग−अलग हिस्सों से चार बार घुसपैठ की कोशिश की। लेकिन, सेना ने घुसपैठियों के मंसूबे नाकाम कर दिए।टिप्पणियां सात आतंकियों को मार गिराया गया है। 13 एके 47 राइफलें, चार डिस्पोजेबल राइफलें, एक स्नाइपर, 42 हथगोले और जंग के दूसरे सामान बरामद किए हैं। कई आतंकी अपने हथियार छोड़ वापस नियंत्रण रेखा के पार भाग गए हैं। सेना ने माना है कि कई आतंकी मारे गए हैं और घुसपैठियों के शव खींच कर सीमा पार ले गए होंगे।   यह पूरा अभियान नौ हजार से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर बहुत घने जंगलों के बीच चल रहा है। सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चाचड़ा ने कहा है कि पाक सेना की मदद बिना घुसपैठ संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इलाके में सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है और निगरानी की जा रही है। नियंत्रण रेखा पर केरन सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी घुसपैठ के खिलाफ सेना के अभियान का मंगलवार को पंद्रहवां दिन है। माना जा रहा है कि यह लड़ाई अपने आखिरी दौर में है और सेना बिल्कुल आखिरी सफाये में जुटी हुई है। बीती देर रात जारी एक बयान में सेना ने कहा कि दो हफ्तों के दौरान आतंकियों ने शालाभाटो इलाके के अलग−अलग हिस्सों से चार बार घुसपैठ की कोशिश की। लेकिन, सेना ने घुसपैठियों के मंसूबे नाकाम कर दिए।टिप्पणियां सात आतंकियों को मार गिराया गया है। 13 एके 47 राइफलें, चार डिस्पोजेबल राइफलें, एक स्नाइपर, 42 हथगोले और जंग के दूसरे सामान बरामद किए हैं। कई आतंकी अपने हथियार छोड़ वापस नियंत्रण रेखा के पार भाग गए हैं। सेना ने माना है कि कई आतंकी मारे गए हैं और घुसपैठियों के शव खींच कर सीमा पार ले गए होंगे।   यह पूरा अभियान नौ हजार से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर बहुत घने जंगलों के बीच चल रहा है। नियंत्रण रेखा पर केरन सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी घुसपैठ के खिलाफ सेना के अभियान का मंगलवार को पंद्रहवां दिन है। माना जा रहा है कि यह लड़ाई अपने आखिरी दौर में है और सेना बिल्कुल आखिरी सफाये में जुटी हुई है। बीती देर रात जारी एक बयान में सेना ने कहा कि दो हफ्तों के दौरान आतंकियों ने शालाभाटो इलाके के अलग−अलग हिस्सों से चार बार घुसपैठ की कोशिश की। लेकिन, सेना ने घुसपैठियों के मंसूबे नाकाम कर दिए।टिप्पणियां सात आतंकियों को मार गिराया गया है। 13 एके 47 राइफलें, चार डिस्पोजेबल राइफलें, एक स्नाइपर, 42 हथगोले और जंग के दूसरे सामान बरामद किए हैं। कई आतंकी अपने हथियार छोड़ वापस नियंत्रण रेखा के पार भाग गए हैं। सेना ने माना है कि कई आतंकी मारे गए हैं और घुसपैठियों के शव खींच कर सीमा पार ले गए होंगे।   यह पूरा अभियान नौ हजार से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर बहुत घने जंगलों के बीच चल रहा है। माना जा रहा है कि यह लड़ाई अपने आखिरी दौर में है और सेना बिल्कुल आखिरी सफाये में जुटी हुई है। बीती देर रात जारी एक बयान में सेना ने कहा कि दो हफ्तों के दौरान आतंकियों ने शालाभाटो इलाके के अलग−अलग हिस्सों से चार बार घुसपैठ की कोशिश की। लेकिन, सेना ने घुसपैठियों के मंसूबे नाकाम कर दिए।टिप्पणियां सात आतंकियों को मार गिराया गया है। 13 एके 47 राइफलें, चार डिस्पोजेबल राइफलें, एक स्नाइपर, 42 हथगोले और जंग के दूसरे सामान बरामद किए हैं। कई आतंकी अपने हथियार छोड़ वापस नियंत्रण रेखा के पार भाग गए हैं। सेना ने माना है कि कई आतंकी मारे गए हैं और घुसपैठियों के शव खींच कर सीमा पार ले गए होंगे।   यह पूरा अभियान नौ हजार से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर बहुत घने जंगलों के बीच चल रहा है। बीती देर रात जारी एक बयान में सेना ने कहा कि दो हफ्तों के दौरान आतंकियों ने शालाभाटो इलाके के अलग−अलग हिस्सों से चार बार घुसपैठ की कोशिश की। लेकिन, सेना ने घुसपैठियों के मंसूबे नाकाम कर दिए।टिप्पणियां सात आतंकियों को मार गिराया गया है। 13 एके 47 राइफलें, चार डिस्पोजेबल राइफलें, एक स्नाइपर, 42 हथगोले और जंग के दूसरे सामान बरामद किए हैं। कई आतंकी अपने हथियार छोड़ वापस नियंत्रण रेखा के पार भाग गए हैं। सेना ने माना है कि कई आतंकी मारे गए हैं और घुसपैठियों के शव खींच कर सीमा पार ले गए होंगे।   यह पूरा अभियान नौ हजार से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर बहुत घने जंगलों के बीच चल रहा है। सात आतंकियों को मार गिराया गया है। 13 एके 47 राइफलें, चार डिस्पोजेबल राइफलें, एक स्नाइपर, 42 हथगोले और जंग के दूसरे सामान बरामद किए हैं। कई आतंकी अपने हथियार छोड़ वापस नियंत्रण रेखा के पार भाग गए हैं। सेना ने माना है कि कई आतंकी मारे गए हैं और घुसपैठियों के शव खींच कर सीमा पार ले गए होंगे।   यह पूरा अभियान नौ हजार से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर बहुत घने जंगलों के बीच चल रहा है। कई आतंकी अपने हथियार छोड़ वापस नियंत्रण रेखा के पार भाग गए हैं। सेना ने माना है कि कई आतंकी मारे गए हैं और घुसपैठियों के शव खींच कर सीमा पार ले गए होंगे।   यह पूरा अभियान नौ हजार से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर बहुत घने जंगलों के बीच चल रहा है।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तानी सेना पर सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ कराने का आरोप लगाते हुए भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि बिना पाकिस्तानी सेना की मदद और जानकारी के इतनी बड़ी संख्या में घुसपैठ संभव नहीं है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला के लिए पहली पसंद के ऑफ स्पिनर पर अपनी राय जाहिर करने से इनकार कर दिया। धोनी से जब भारत की चौथे वनडे में इंग्लैंड पर छह विकेट से जीत के बाद पूछा गया कि क्या रविचंद्रन अश्विन को टेस्ट टीम में भी तरजीह दी जाएगी, उन्होंने कहा कि वह चयन मसले पर बात नहीं करना चाहते हैं। भारतीय कप्तान ने कहा, मैं वास्तव में चयन मामले पर बात नहीं करना चाहता हूं। इस पर चयनकर्ताओं के बीच बातचीत होती है और अभी उसको लेकर बात करने का कोई मतलब नहीं है। देखते हैं क्या होता है। उसने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया है और यह मायने रखता है। अश्विन एकदिवसीय टीम में अकेले ऑफ स्पिनर हैं। चयनकर्ताओं ने अनुभवी हरभजन सिंह पर उन्हें तरजीह दी। हरभजन इंग्लैंड दौरे में खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। इसके बाद उनकी अगुवाई में मुंबई इंडियन्स ने हालांकि चैंपियन्स लीग का खिताब जीता। हरभजन अब भी टेस्ट टीम में जगह बनाने के प्रमुख दावेदार हैं।
धोनी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला के लिए पहली पसंद के ऑफ स्पिनर पर अपनी राय जाहिर करने से इनकार कर दिया।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल के हरफनमौला खिलाड़ी अनिकेत शर्मा ( Aniket Sharma) की मंगलवार को क्रिकेट मैदान (cricket field) पर अचानक गिरकर मौत हो गई. सूत्रों के मुताबिक अनिकेत को संभवत: मैदान पर ही दिल का दौरा पड़ा. उन्‍हें अस्‍पताल भी ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका. अनिकेत मंगलवार को मैदान में अचानक गिर गये और कुछ देर बाद उनका निधन हो गया. आरजी कार मेडिकल अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि 21 साल के अनिकेत को जब अस्पताल लाया गया था तब तक उनकी निधन हो चुका था. खेलते वक्त अचानक हुआ क्रिकेटर के सीने में दर्द, बाद में हो गई मौत अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक उनकी मौत हृदयगति रूकने से हुई है यहां के पाइकपारा क्लब के इस खिलाड़ी के परिवार में मां और पिता हैं. अनिकेत के कोच ने बताया कि यह युवा खिलाड़ी बल्लेबाजी के साथ दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करता था. वह पिछले साल ही क्लब से जुड़ा था और प्रतिभाशाली क्रिकेटर था. INDvsENG मुंबई टेस्ट : भुवनेश्वर का थ्रो अंपायर के सिर में लगा, मैदान पर गिरे, सब हो गए चिंतित
सारांश: मैदान पर अचानक गिर गए अनिकेत शर्मा संभवत: हृदयगति रुकने से हुआ निधन बल्‍लेबाजी के अलावा स्पिन बॉलिंग भी करते थे
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2000 रुपये के नए नोट में स्थान पाने के बाद, भारत के मंगलयान ने एक और कामयाबी को छू लिया है. मंगलयान ने इसी सप्ताह अपने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं. टिप्पणियां भारत के मंगल ग्रह पर पहले मिशन के बाद मंगलयान के कैमरे द्वारा इस लाल ग्रह की फोटो ली गई है. इस फोटो को अपनी उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों के लिए प्रसिद्ध नेशनल जियोग्राफिक मैगजीन के कवर पेज पर स्थान दिया गया है.     मैगजीन में मंगलयान की लगभग एक दर्जन तस्वीरों को जगह दी गई है.  विशेषज्ञ स्वीकार करते हैं कि भारत के मंगलयान ने उम्दा तस्वीरें ली हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि मंगलयान से पहले के 50 से अधिक मिशन इतनी गुणवत्ता वाली संपूर्ण आकार की तस्वीरे लेने में सफल नहीं हुए. भारत के मिशन की लागत 450 करोड़ रुपये थी. गौरतलब है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में तीन प्रमुख देशों के वर्चस्व को तोड़ते हुए भारत ने इतिहास रचते हुए 24 नवंबर 2014 को अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह की कक्षा में मंगलयान सफलतापूर्वक स्थापित किया था. भारत के मंगल ग्रह पर पहले मिशन के बाद मंगलयान के कैमरे द्वारा इस लाल ग्रह की फोटो ली गई है. इस फोटो को अपनी उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों के लिए प्रसिद्ध नेशनल जियोग्राफिक मैगजीन के कवर पेज पर स्थान दिया गया है.     मैगजीन में मंगलयान की लगभग एक दर्जन तस्वीरों को जगह दी गई है.  विशेषज्ञ स्वीकार करते हैं कि भारत के मंगलयान ने उम्दा तस्वीरें ली हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि मंगलयान से पहले के 50 से अधिक मिशन इतनी गुणवत्ता वाली संपूर्ण आकार की तस्वीरे लेने में सफल नहीं हुए. भारत के मिशन की लागत 450 करोड़ रुपये थी. गौरतलब है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में तीन प्रमुख देशों के वर्चस्व को तोड़ते हुए भारत ने इतिहास रचते हुए 24 नवंबर 2014 को अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह की कक्षा में मंगलयान सफलतापूर्वक स्थापित किया था. भारत के मिशन की लागत 450 करोड़ रुपये थी. गौरतलब है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में तीन प्रमुख देशों के वर्चस्व को तोड़ते हुए भारत ने इतिहास रचते हुए 24 नवंबर 2014 को अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह की कक्षा में मंगलयान सफलतापूर्वक स्थापित किया था.
संक्षिप्त पाठ: 2000 रुपये के नोट में स्थान पाने के बाद मंगलयान की एक और कामयाबी मंगलयान ने इसी सप्ताह अपने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं नेशनल जियोग्राफिक मैग्जीन ने एक दर्जन तस्वीरों को जगह दी है
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान में 1990 में बम हमलों में कथित संलिप्तता के लिए मौत की सजा पाए भारतीय कैदी सरबजीत ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को दया माफी के लिए नई याचिका भेजी है। सरबजीत की ओर से यह पांचवीं दया माफी याचिका दाखिल की गई है। उसे पंजाब में 1990 में कई बम हमलों में कथित रूप से शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा दी गई थी। इन हमलों में 14 लोग मारे गए थे। 49 वर्षीय भारतीय कैदी को इस समय लाहौर की कोट लखपत जेल में रखा गया है। एक लाख भारतीयों के हस्ताक्षर वाली सरबजीत की नई याचिका में जरदारी से अपील की गई है कि वह पाकिस्तानी डॉक्टर खलील चिश्ती को हाल ही में भारत द्वारा रिहा किए जाने के जवाब में सरबजीत की रिहाई का आदेश दें। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में यह खबर प्रकाशित हुई है।टिप्पणियां अजमेर में 1992 में एक व्यक्ति की हत्या में संलिप्तता के लिए दोषी ठहराए गए चिश्ती को भारत के उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में रिहा किया है। अदालत ने रिहाई के बाद चिश्ती को अपने परिवार से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की भी इजाजत दी। सरबजीत की दया माफी याचिका के साथ जरदारी के नाम दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी तथा सैयद मुहम्मद यामीन हाश्मी द्वारा लिखे गए दो पत्रों को नत्थी किया गया है। हाश्मी सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के संरक्षक हैं। सरबजीत की ओर से यह पांचवीं दया माफी याचिका दाखिल की गई है। उसे पंजाब में 1990 में कई बम हमलों में कथित रूप से शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा दी गई थी। इन हमलों में 14 लोग मारे गए थे। 49 वर्षीय भारतीय कैदी को इस समय लाहौर की कोट लखपत जेल में रखा गया है। एक लाख भारतीयों के हस्ताक्षर वाली सरबजीत की नई याचिका में जरदारी से अपील की गई है कि वह पाकिस्तानी डॉक्टर खलील चिश्ती को हाल ही में भारत द्वारा रिहा किए जाने के जवाब में सरबजीत की रिहाई का आदेश दें। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में यह खबर प्रकाशित हुई है।टिप्पणियां अजमेर में 1992 में एक व्यक्ति की हत्या में संलिप्तता के लिए दोषी ठहराए गए चिश्ती को भारत के उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में रिहा किया है। अदालत ने रिहाई के बाद चिश्ती को अपने परिवार से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की भी इजाजत दी। सरबजीत की दया माफी याचिका के साथ जरदारी के नाम दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी तथा सैयद मुहम्मद यामीन हाश्मी द्वारा लिखे गए दो पत्रों को नत्थी किया गया है। हाश्मी सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के संरक्षक हैं। एक लाख भारतीयों के हस्ताक्षर वाली सरबजीत की नई याचिका में जरदारी से अपील की गई है कि वह पाकिस्तानी डॉक्टर खलील चिश्ती को हाल ही में भारत द्वारा रिहा किए जाने के जवाब में सरबजीत की रिहाई का आदेश दें। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में यह खबर प्रकाशित हुई है।टिप्पणियां अजमेर में 1992 में एक व्यक्ति की हत्या में संलिप्तता के लिए दोषी ठहराए गए चिश्ती को भारत के उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में रिहा किया है। अदालत ने रिहाई के बाद चिश्ती को अपने परिवार से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की भी इजाजत दी। सरबजीत की दया माफी याचिका के साथ जरदारी के नाम दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी तथा सैयद मुहम्मद यामीन हाश्मी द्वारा लिखे गए दो पत्रों को नत्थी किया गया है। हाश्मी सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के संरक्षक हैं। अजमेर में 1992 में एक व्यक्ति की हत्या में संलिप्तता के लिए दोषी ठहराए गए चिश्ती को भारत के उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में रिहा किया है। अदालत ने रिहाई के बाद चिश्ती को अपने परिवार से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की भी इजाजत दी। सरबजीत की दया माफी याचिका के साथ जरदारी के नाम दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी तथा सैयद मुहम्मद यामीन हाश्मी द्वारा लिखे गए दो पत्रों को नत्थी किया गया है। हाश्मी सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के संरक्षक हैं। सरबजीत की दया माफी याचिका के साथ जरदारी के नाम दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी तथा सैयद मुहम्मद यामीन हाश्मी द्वारा लिखे गए दो पत्रों को नत्थी किया गया है। हाश्मी सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के संरक्षक हैं।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान में 1990 में बम हमलों में कथित संलिप्तता के लिए मौत की सजा पाए भारतीय कैदी सरबजीत ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को दया माफी के लिए नई याचिका भेजी है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दूरसंचार मंत्रालय (डॉट) दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब सहित छह सर्किलों में आइडिया सेल्युलर के लाइसेंस रद्द कर सकता है। समय पर सेवाएं शुरू करने की प्रतिबद्धता पूरी नहीं करने की वजह से निजी क्षेत्र की इस दूरसंचार कंपनी पर 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।टिप्पणियां मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘डॉट छह सेवा क्षेत्रों कर्नाटक, पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में आइडिया को सेवाएं बंद करने का नोटिस जल्द भेजेगा। सेवाएं शुरू करने की प्रतिबद्धता पूरी नहीं करने की वजह से कंपनी पर 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा।’ इन छह लाइसेंसों में से पंजाब और कर्नाटक के सेवा क्षेत्रों में लाइसेंस आइडिया के हैं, जबकि चार लाइसेंस स्पाइस कम्युनिकेशंस के हैं, जिसका आइडिया ने अधिग्रहण किया था। इससे पहले डॉट ने आइडिया पर 300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ कंपनी दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट में गई थी। टीडीसैट ने कंपनी को 50 फीसद जुर्माना राशि चुकाने को कहा था। दूरसंचार नियामक ट्राई ने पिछले साल कर्नाटक और पंजाब सर्किलों में आइडिया के लाइसेंस रद्द करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा स्पाइस के महाराष्ट्र, हरियाणा और आंध्र प्रदेश सर्किल के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई थी। आइडिया ने 2008 में स्पाइस का अधिग्रहण किया था। लेकिन उसे अभी तक इस विलय के लिए डॉट की मंजूरी नहीं मिली है। समय पर सेवाएं शुरू करने की प्रतिबद्धता पूरी नहीं करने की वजह से निजी क्षेत्र की इस दूरसंचार कंपनी पर 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।टिप्पणियां मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘डॉट छह सेवा क्षेत्रों कर्नाटक, पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में आइडिया को सेवाएं बंद करने का नोटिस जल्द भेजेगा। सेवाएं शुरू करने की प्रतिबद्धता पूरी नहीं करने की वजह से कंपनी पर 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा।’ इन छह लाइसेंसों में से पंजाब और कर्नाटक के सेवा क्षेत्रों में लाइसेंस आइडिया के हैं, जबकि चार लाइसेंस स्पाइस कम्युनिकेशंस के हैं, जिसका आइडिया ने अधिग्रहण किया था। इससे पहले डॉट ने आइडिया पर 300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ कंपनी दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट में गई थी। टीडीसैट ने कंपनी को 50 फीसद जुर्माना राशि चुकाने को कहा था। दूरसंचार नियामक ट्राई ने पिछले साल कर्नाटक और पंजाब सर्किलों में आइडिया के लाइसेंस रद्द करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा स्पाइस के महाराष्ट्र, हरियाणा और आंध्र प्रदेश सर्किल के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई थी। आइडिया ने 2008 में स्पाइस का अधिग्रहण किया था। लेकिन उसे अभी तक इस विलय के लिए डॉट की मंजूरी नहीं मिली है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘डॉट छह सेवा क्षेत्रों कर्नाटक, पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में आइडिया को सेवाएं बंद करने का नोटिस जल्द भेजेगा। सेवाएं शुरू करने की प्रतिबद्धता पूरी नहीं करने की वजह से कंपनी पर 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा।’ इन छह लाइसेंसों में से पंजाब और कर्नाटक के सेवा क्षेत्रों में लाइसेंस आइडिया के हैं, जबकि चार लाइसेंस स्पाइस कम्युनिकेशंस के हैं, जिसका आइडिया ने अधिग्रहण किया था। इससे पहले डॉट ने आइडिया पर 300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ कंपनी दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट में गई थी। टीडीसैट ने कंपनी को 50 फीसद जुर्माना राशि चुकाने को कहा था। दूरसंचार नियामक ट्राई ने पिछले साल कर्नाटक और पंजाब सर्किलों में आइडिया के लाइसेंस रद्द करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा स्पाइस के महाराष्ट्र, हरियाणा और आंध्र प्रदेश सर्किल के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई थी। आइडिया ने 2008 में स्पाइस का अधिग्रहण किया था। लेकिन उसे अभी तक इस विलय के लिए डॉट की मंजूरी नहीं मिली है। दूरसंचार नियामक ट्राई ने पिछले साल कर्नाटक और पंजाब सर्किलों में आइडिया के लाइसेंस रद्द करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा स्पाइस के महाराष्ट्र, हरियाणा और आंध्र प्रदेश सर्किल के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई थी। आइडिया ने 2008 में स्पाइस का अधिग्रहण किया था। लेकिन उसे अभी तक इस विलय के लिए डॉट की मंजूरी नहीं मिली है।
दूरसंचार मंत्रालय (डॉट) दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब सहित छह सर्किलों में आइडिया सेल्युलर के लाइसेंस रद्द कर सकता है।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इलाहाबाद में इश्क में नाकाम रहने पर एक सिरफिरे आशिक ने कथित तौर पर दिन दहाड़े नर्सिंग की एक लड़की को चाकुओं से गोदकर लहूलुहान कर दिया। इक तरफे इश्क में पागल इस प्रेमी की वहशियाना  मुहब्बत की दिल दहला देने वाली यह घटना वहां लगे एक सीसीटीवी में भी कैद हो गई है। लड़की पर कातिलाना हमला करने के बाद इस प्रेमी ने अपने ऊपर भी जानलेवा हमला किया जिसके बाद उसे पास के एक अस्पातल में दाखिल किया गया है। गंभीर हालत में दोनों को शहर के अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि इलाहाबाद के नैनी के जहांगीर अस्पताल में यह लड़की पैरामेडिकल की स्टूडेंट है और रोज सुबह यहां पर अपनी ट्रेनिंग के लिए आती है। आज जब वह घर से निकली तो उसके एकतरफा प्यार में पागल आसिफ ने उस पर जान लेवा हमला कर दिया। आसिफ घर से ही उसके पीछे हो लिया था और जैसे ही पूनम (घायल लड़की का परिवर्तित नाम) अस्पताल के पास पहुंची सिरफिरे आशिक ने रोज की तरह एक बार फिर उससे अपने प्यार का इजहार किया और जब पूनम ने आसिफ को मना कर दिया। इनकार से नाराज आसिफ ने चाकू निकाल कर लड़की के गले पर कई ताबड़तोड़ वार कर दिए। अपने ऊपर हुए इस हमले के बाद किसी तरह उसके चंगुल से आजाद होने के बाद लहू से नहाई लड़की अपने गले को हाथों से ढंके सीधे अस्पताल की ओर भागी और वहां जाकर गिर पड़ी। अपनी कथित  प्रेमिका पर हमला करने के बाद उसी जगह आसिफ ने अपने गले को भी चाकुओं से गोद डाला और उसे भी पहले उसी अस्पताल में ले जाया गया जहां पूनम उसके दिए घाव से जिंदगी की जंग लड़ रही थी लेकिन आसिफ की हालत को देखते हुए उसे शहर के स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाँ पर उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है। नैनी पुलिस चौकी से महज पचास मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात ने पुलिस की नींद उड़ा कर रख दी। पुलिस को समझ नहीं आ रहा है की इस मामले में आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई करे। पुलिस को हमलावर के होश में आने का इन्तजार है। उल्लेखनीय यह भी है कि हमले में घायल लड़की और हमलावर दोनों बीएचयू से एमएससी कर रहे हैं। फिलहाल पूनम इलाहाबाद में नर्सिंग की ट्रेनिंग के लिए आई हुई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इलाहाबाद में इश्क में नाकाम रहने पर एक सिरफिरे आशिक ने कथित तौर पर दिन दहाड़े नर्सिंग की एक लड़की को चाकुओं से गोदकर लहूलुहान कर दिया। इक तरफे इश्क में पागल इस प्रेमी की वहशियाना मुहब्बत की दिल दहला देने वाली यह घटना वहां लगे एक सीसीटीवी में भी कैद हो गई
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीमित कारोबार के बीच सतर्कताभरे माहौल में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स तीन अंक के नुकसान के साथ बंद हुआ। कंपनियों के कमजोर नतीजों को लेकर बाजार में सतर्कता का रुख है। गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बढ़ने की आशंका में भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 4 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के दौरान 17,471.37 अंक से 17,590.61 अंक के सीमित दायरे में नीचे-ऊपर होने के बाद अंत में सेंसेक्स 3.13 अंक की गिरावट के साथ 17,557.74 अंक पर बंद हुआ। इससे पिछले दो सत्रों में सेंसेक्स में 41 अंक की गिरावट आई थी। एसबीआई और सन फार्मा के बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद कमजोर वैश्विक रुख से प्रत्येक बढ़त के दौरान बिकवाली का दौर चला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.55 अंक के नुकसान के साथ 5,320.40 अंक रह गया। आईटी तथा प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जहां लाभ दर्ज हुआ, वहीं टिकाऊ उपभोक्ता सामान, वाहन और बैंकों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टरलाइट, मारुति तथा इन्फोसिस के शेयरों में डेढ़ से दो प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ।टिप्पणियां भारतीय स्टेट बैंक का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 137 प्रतिशत बढ़कर 3,752 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है लेकिन बैंक के फंसे कर्ज में बढ़ोतरी से चिंता बढ़ गई है। सन फार्मा के एकीकृत शुद्ध लाभ में अप्रैल-जून तिमाही में 58.79 प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कंपनी का शेयर 0.20 प्रतिशत के नुकसान में बंद हुआ। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि वे वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नीतिगत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के प्रमुख (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप-रिसर्च) दीपेन शाह ने कहा कि बाजार वित्त मंत्री के बयान के बाद कदमों का इंतजार कर रहा है। बाजार को आगे बढ़ाने के लिए सुधार अनिवार्य हैं। कंपनियों के कमजोर नतीजों को लेकर बाजार में सतर्कता का रुख है। गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बढ़ने की आशंका में भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 4 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के दौरान 17,471.37 अंक से 17,590.61 अंक के सीमित दायरे में नीचे-ऊपर होने के बाद अंत में सेंसेक्स 3.13 अंक की गिरावट के साथ 17,557.74 अंक पर बंद हुआ। इससे पिछले दो सत्रों में सेंसेक्स में 41 अंक की गिरावट आई थी। एसबीआई और सन फार्मा के बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद कमजोर वैश्विक रुख से प्रत्येक बढ़त के दौरान बिकवाली का दौर चला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.55 अंक के नुकसान के साथ 5,320.40 अंक रह गया। आईटी तथा प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जहां लाभ दर्ज हुआ, वहीं टिकाऊ उपभोक्ता सामान, वाहन और बैंकों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टरलाइट, मारुति तथा इन्फोसिस के शेयरों में डेढ़ से दो प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ।टिप्पणियां भारतीय स्टेट बैंक का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 137 प्रतिशत बढ़कर 3,752 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है लेकिन बैंक के फंसे कर्ज में बढ़ोतरी से चिंता बढ़ गई है। सन फार्मा के एकीकृत शुद्ध लाभ में अप्रैल-जून तिमाही में 58.79 प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कंपनी का शेयर 0.20 प्रतिशत के नुकसान में बंद हुआ। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि वे वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नीतिगत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के प्रमुख (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप-रिसर्च) दीपेन शाह ने कहा कि बाजार वित्त मंत्री के बयान के बाद कदमों का इंतजार कर रहा है। बाजार को आगे बढ़ाने के लिए सुधार अनिवार्य हैं। कारोबार के दौरान 17,471.37 अंक से 17,590.61 अंक के सीमित दायरे में नीचे-ऊपर होने के बाद अंत में सेंसेक्स 3.13 अंक की गिरावट के साथ 17,557.74 अंक पर बंद हुआ। इससे पिछले दो सत्रों में सेंसेक्स में 41 अंक की गिरावट आई थी। एसबीआई और सन फार्मा के बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद कमजोर वैश्विक रुख से प्रत्येक बढ़त के दौरान बिकवाली का दौर चला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.55 अंक के नुकसान के साथ 5,320.40 अंक रह गया। आईटी तथा प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जहां लाभ दर्ज हुआ, वहीं टिकाऊ उपभोक्ता सामान, वाहन और बैंकों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टरलाइट, मारुति तथा इन्फोसिस के शेयरों में डेढ़ से दो प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ।टिप्पणियां भारतीय स्टेट बैंक का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 137 प्रतिशत बढ़कर 3,752 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है लेकिन बैंक के फंसे कर्ज में बढ़ोतरी से चिंता बढ़ गई है। सन फार्मा के एकीकृत शुद्ध लाभ में अप्रैल-जून तिमाही में 58.79 प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कंपनी का शेयर 0.20 प्रतिशत के नुकसान में बंद हुआ। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि वे वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नीतिगत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के प्रमुख (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप-रिसर्च) दीपेन शाह ने कहा कि बाजार वित्त मंत्री के बयान के बाद कदमों का इंतजार कर रहा है। बाजार को आगे बढ़ाने के लिए सुधार अनिवार्य हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.55 अंक के नुकसान के साथ 5,320.40 अंक रह गया। आईटी तथा प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जहां लाभ दर्ज हुआ, वहीं टिकाऊ उपभोक्ता सामान, वाहन और बैंकों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टरलाइट, मारुति तथा इन्फोसिस के शेयरों में डेढ़ से दो प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ।टिप्पणियां भारतीय स्टेट बैंक का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 137 प्रतिशत बढ़कर 3,752 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है लेकिन बैंक के फंसे कर्ज में बढ़ोतरी से चिंता बढ़ गई है। सन फार्मा के एकीकृत शुद्ध लाभ में अप्रैल-जून तिमाही में 58.79 प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कंपनी का शेयर 0.20 प्रतिशत के नुकसान में बंद हुआ। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि वे वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नीतिगत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के प्रमुख (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप-रिसर्च) दीपेन शाह ने कहा कि बाजार वित्त मंत्री के बयान के बाद कदमों का इंतजार कर रहा है। बाजार को आगे बढ़ाने के लिए सुधार अनिवार्य हैं। आईटी तथा प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जहां लाभ दर्ज हुआ, वहीं टिकाऊ उपभोक्ता सामान, वाहन और बैंकों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टरलाइट, मारुति तथा इन्फोसिस के शेयरों में डेढ़ से दो प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ।टिप्पणियां भारतीय स्टेट बैंक का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 137 प्रतिशत बढ़कर 3,752 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है लेकिन बैंक के फंसे कर्ज में बढ़ोतरी से चिंता बढ़ गई है। सन फार्मा के एकीकृत शुद्ध लाभ में अप्रैल-जून तिमाही में 58.79 प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कंपनी का शेयर 0.20 प्रतिशत के नुकसान में बंद हुआ। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि वे वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नीतिगत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के प्रमुख (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप-रिसर्च) दीपेन शाह ने कहा कि बाजार वित्त मंत्री के बयान के बाद कदमों का इंतजार कर रहा है। बाजार को आगे बढ़ाने के लिए सुधार अनिवार्य हैं। भारतीय स्टेट बैंक का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 137 प्रतिशत बढ़कर 3,752 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है लेकिन बैंक के फंसे कर्ज में बढ़ोतरी से चिंता बढ़ गई है। सन फार्मा के एकीकृत शुद्ध लाभ में अप्रैल-जून तिमाही में 58.79 प्रतिशत का लाभ दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कंपनी का शेयर 0.20 प्रतिशत के नुकसान में बंद हुआ। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि वे वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नीतिगत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के प्रमुख (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप-रिसर्च) दीपेन शाह ने कहा कि बाजार वित्त मंत्री के बयान के बाद कदमों का इंतजार कर रहा है। बाजार को आगे बढ़ाने के लिए सुधार अनिवार्य हैं। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि वे वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नीतिगत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के प्रमुख (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप-रिसर्च) दीपेन शाह ने कहा कि बाजार वित्त मंत्री के बयान के बाद कदमों का इंतजार कर रहा है। बाजार को आगे बढ़ाने के लिए सुधार अनिवार्य हैं।
संक्षिप्त पाठ: सीमित कारोबार के बीच सतर्कताभरे माहौल में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स तीन अंक के नुकसान के साथ बंद हुआ।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जर्मनी में इस्लामी अतिवादियों ने एक भारतीय छात्र द्वारा अपना धर्म बदलने से इनकार करने के बाद उस पर बड़ी बेरहमी से हमला किया। इस बेरहमी की इंतहा यह रही कि इस 24-वर्षीय युवक की जुबान काट दी गई। बॉन शहर में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर भारतीय युवक पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह अपने आवास की ओर लौट रहा था। मशहूर पत्रिका 'डेर स्पेगल' के अनुसार हमलावरों ने पहले इस युवक से उसका धर्म पूछा और फिर इस्लाम स्वीकार करने के लिए दबाव बनाने लगे।टिप्पणियां इन बेरहम हमलावरों ने धमकी दी कि अगर वह इस्लाम कबूल नहीं करेगा, तो उसकी जुबान काट दी जाएगी। हमलावरों ने उसकी पिटाई की और फिर जुबान काटकर फरार हो गए। ये लोग कार में सवार थे। इस बेरहमी का सामना करने वाले भारतीय युवक की पहचान नहीं बताई गई है। युवक ने पुलिस को बताया कि उस पर दो लोगों ने पीछे से उस समय हमला किया, जब वह उन्हें अनुसना करने का प्रयास करके आगे बढ़ने लगा। पुलिस के प्रवक्ता ने युवक को लगी चोट के बारे में कोई विवरण नहीं दिया, हालांकि उन्होंने यह कहा कि पीड़ित की ओर से दी गई सूचना विश्वसनीय है। मौके से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने एंबुलेंस बुलाई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में युवक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। बॉन शहर में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर भारतीय युवक पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह अपने आवास की ओर लौट रहा था। मशहूर पत्रिका 'डेर स्पेगल' के अनुसार हमलावरों ने पहले इस युवक से उसका धर्म पूछा और फिर इस्लाम स्वीकार करने के लिए दबाव बनाने लगे।टिप्पणियां इन बेरहम हमलावरों ने धमकी दी कि अगर वह इस्लाम कबूल नहीं करेगा, तो उसकी जुबान काट दी जाएगी। हमलावरों ने उसकी पिटाई की और फिर जुबान काटकर फरार हो गए। ये लोग कार में सवार थे। इस बेरहमी का सामना करने वाले भारतीय युवक की पहचान नहीं बताई गई है। युवक ने पुलिस को बताया कि उस पर दो लोगों ने पीछे से उस समय हमला किया, जब वह उन्हें अनुसना करने का प्रयास करके आगे बढ़ने लगा। पुलिस के प्रवक्ता ने युवक को लगी चोट के बारे में कोई विवरण नहीं दिया, हालांकि उन्होंने यह कहा कि पीड़ित की ओर से दी गई सूचना विश्वसनीय है। मौके से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने एंबुलेंस बुलाई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में युवक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इन बेरहम हमलावरों ने धमकी दी कि अगर वह इस्लाम कबूल नहीं करेगा, तो उसकी जुबान काट दी जाएगी। हमलावरों ने उसकी पिटाई की और फिर जुबान काटकर फरार हो गए। ये लोग कार में सवार थे। इस बेरहमी का सामना करने वाले भारतीय युवक की पहचान नहीं बताई गई है। युवक ने पुलिस को बताया कि उस पर दो लोगों ने पीछे से उस समय हमला किया, जब वह उन्हें अनुसना करने का प्रयास करके आगे बढ़ने लगा। पुलिस के प्रवक्ता ने युवक को लगी चोट के बारे में कोई विवरण नहीं दिया, हालांकि उन्होंने यह कहा कि पीड़ित की ओर से दी गई सूचना विश्वसनीय है। मौके से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने एंबुलेंस बुलाई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में युवक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। पुलिस के प्रवक्ता ने युवक को लगी चोट के बारे में कोई विवरण नहीं दिया, हालांकि उन्होंने यह कहा कि पीड़ित की ओर से दी गई सूचना विश्वसनीय है। मौके से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने एंबुलेंस बुलाई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में युवक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जर्मनी में इस्लामी अतिवादियों ने एक भारतीय छात्र द्वारा अपना धर्म बदलने से इनकार करने के बाद उस पर बड़ी बेरहमी से हमला किया। इस बेरहमी की इंतहा यह रही कि इस 24-वर्षीय युवक की जुबान काट दी गई।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संकट से जूझ रहे अर्जेंटीना के फुटबॉल को एक और झटका लगा जब टीम ग्रुप चरणों में होंडुरास से हारकर ओलिंपिक से बाहर हो गई जबकि 2012 के लंदन ओलिंपिक में गोल्‍ड मेडल जीतने वाली मैक्सिको का भी रियो ओलंपिक में सफर थम गया. नील्स पीटरसन के पांच गोल के सहारे जर्मनी ने फिजी को 10-0 से हराकर अंतिम आठ में जगह बना ली और अपने ग्रुप में दक्षिण कोरिया के पीछे रही.दक्षिण कोरिया ने ब्रासीलिया में क्वोन चांग-हून के शानदार गोल की बदौलत मैक्सिको को 1-0 से हराया.टिप्पणियां अर्जेंटीना और होंडुरास दोनों ग्रुप मैचों में पुर्तगाल से हार गए थे और अल्जीरिया को हराया था.अर्जेंटीना के गोल का अंतर होंडुरास से कम था जिस वजह से उसके लिए मैच जीतना जरूरी था.अल्जीरिया से 1-1 से मुकाबला ड्रॉ करने के बाद पुर्तगाल ग्रुप डी में शीर्ष स्थान पर रहा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नील्स पीटरसन के पांच गोल के सहारे जर्मनी ने फिजी को 10-0 से हराकर अंतिम आठ में जगह बना ली और अपने ग्रुप में दक्षिण कोरिया के पीछे रही.दक्षिण कोरिया ने ब्रासीलिया में क्वोन चांग-हून के शानदार गोल की बदौलत मैक्सिको को 1-0 से हराया.टिप्पणियां अर्जेंटीना और होंडुरास दोनों ग्रुप मैचों में पुर्तगाल से हार गए थे और अल्जीरिया को हराया था.अर्जेंटीना के गोल का अंतर होंडुरास से कम था जिस वजह से उसके लिए मैच जीतना जरूरी था.अल्जीरिया से 1-1 से मुकाबला ड्रॉ करने के बाद पुर्तगाल ग्रुप डी में शीर्ष स्थान पर रहा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अर्जेंटीना और होंडुरास दोनों ग्रुप मैचों में पुर्तगाल से हार गए थे और अल्जीरिया को हराया था.अर्जेंटीना के गोल का अंतर होंडुरास से कम था जिस वजह से उसके लिए मैच जीतना जरूरी था.अल्जीरिया से 1-1 से मुकाबला ड्रॉ करने के बाद पुर्तगाल ग्रुप डी में शीर्ष स्थान पर रहा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:दक्षिण कोरिया ने मैक्सिको को 1-0 से हराया होंडुरास के हाथों अर्जेंटीना को झेलनी पड़ी हार जर्मनी ने फिजी को 10-0 से पराजित किया
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 2008-09 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था मौजूदा वित्त वर्ष में नौ प्रतिशत की विकास दर प्राप्त करने में सक्षम है। लोकसभा में वर्ष 2011-12 के बजट प्रस्तावों पर बहस का जवाब देते हुए मुखर्जी ने कहा, "इस साल हम सकल घरेलू उत्पाद में नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल करेंगे।" आर्थिक संकट से पहले वर्ष 2008-09 की पहली तिमाही में दर्ज की गई नौ प्रतिशत की विकास दर का उल्लेख करते हुए मुखर्जी ने कहा कि उस वर्ष की अंतिम तिमाही तक विकास दर घटकर 5.8 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा, "यह सरकार की जिम्मेदारी थी कि दूसरे देशों की तरह घरेलू मांग बढ़ाने के प्रयास किए जाएं लेकिन उस समय यह संभव नहीं था। अगले साल हमने आठ प्रतिशत की विकास दर हासिल की।" अर्थव्यवस्था की विकास दर ऊंची बनाए रखने के सरकार के उद्देश्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "हम ऐसा कर सकते हैं। हम ऐसा करने में सक्षम हैं।"
संक्षिप्त पाठ: प्रणब ने कहा कि वर्ष 2008-09 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था नौ प्रतिशत की विकास दर प्राप्त करने में सक्षम है।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आपने कई बार डार्विन के सिद्धांत 'सर्वावाइवल ऑफ द फिटेस्ट' पढ़ा होगा जिसका मतलब है कि वही जीव जिंदा रह पाते हैं जो खुद को प्रकृति के हिसाब से ढाल पाते हैं. लेकिन आज के दौर में ऐसा लगता है कि इस सिद्धांत से इंसान हो या जीव-जंतु थोड़ा आगे बढ़ गए हैं. अब जिंदा रखने के लिए फिट ही नहीं चालाक होने की भी जरूरत है. अपनी जिंदगी बचाने के लिए एक अफ्रीकी बारहसिंघा ने भी ऐसी चालाकी दिखाई है जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे. दरअसल हुआ यह कि कुछ लोग दक्षिण अफ्रीका के क्रुगर नेशनल पार्क में घूमने गए थे. तभी उन्होंने देखा कि भारी-भरकम अफ्रीकी बारहसिंघा जमीन पर पड़े एक दूसरे बारहसिंघा पर अपनी पैनी सीघों से वार कर रहा था. जमीन पर पड़े बारहसिंघा को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह मर गया है और उसका दुश्मन उसे बार-बार उठाने की कोशिश कर रहा था. बड़ा वाला बारहसिंघा उसे काफी देर से उठाने की कोशिश कर रहा था. इस पूरे नजारे को देख ऐसा लग रहा था कि दोनों में काफी देर से लड़ाई हो रही थी और बड़े वाले ने दूसरे को मार डाला है. लेकिन फिर भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ है. वह उस पर वार पर वार किए जा रहा था. थोड़ी देर बाद अचानक से एक करिश्मा जैसा हुआ....आप वीडियो में देख सकते हैं.....जो बारहसिंघा जमीन पर मरा पड़ा हुआ था उसने मौका देखा और उठकर भाग खड़ा हुआ. इस घटना को कार के अंदर से मोबाइल में कैद कर रहे चश्मदीद वैन व्यक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कि इससे पहले उन्होंने जीवन में कभी नही देखा.    इस पूरे नजारे को देख ऐसा लग रहा था कि दोनों में काफी देर से लड़ाई हो रही थी और बड़े वाले ने दूसरे को मार डाला है. लेकिन फिर भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ है. वह उस पर वार पर वार किए जा रहा था. थोड़ी देर बाद अचानक से एक करिश्मा जैसा हुआ....आप वीडियो में देख सकते हैं.....जो बारहसिंघा जमीन पर मरा पड़ा हुआ था उसने मौका देखा और उठकर भाग खड़ा हुआ. इस घटना को कार के अंदर से मोबाइल में कैद कर रहे चश्मदीद वैन व्यक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कि इससे पहले उन्होंने जीवन में कभी नही देखा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खुद की बचान के लिए बारहसिंघा ने मरने का नाटक किया दक्षिण अफ्रीका के नेशनल पार्क की है ये घटना जिसने भी देखा दंग रह गया
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हमीरपुर जिले की सुमेरपुर कोतवाली में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नाबालिग लड़की ने अपने कथित प्रेमी को छुड़ाने के लिए कोतवाली में खूब हंगामा किया. मामला हमीरपुर जिले की सुमेरपुर कोतवाली के चिन्नौरी गांव से जुड़ा है. एक नाबालिग लड़की की मां ने रविवार शाम डायल 112 सेवा पर फोन कर गांव के ही एक लड़के पर अपनी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ करने की सूचना दी, जिस पर पुलिस ने लड़के को पकड़ कर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया था.  सोमवार को नाबालिग लड़की आरोपी लड़के की मां के साथ थाने पहुंची और वहां मौजूद उपनिरीक्षक हरि नारायण को अपनी प्रेम कहानी सुनाकर उसे छोड़ने का अनुरोध किया. लेकिन जब पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा तो उसने खूब हंगामा किया, जिससे थाने में तमाशबीनों का मजमा लग गया. कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) प्रकाश यादव ने बताया, "लड़की की मां की शिकायत पर आरोपी लड़के को रविवार शाम पकड़ा गया था. सोमवार को लड़की के हंगामा करने के बाद उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मौदहा के न्यायालय में शांतिभंग के आरोप में लड़के का चालान किया गया है, जहां से वह जमानत पर छूट चुका है."
प्रेमी को थाने से छुड़ाने के लिए पुलिस से भिड़ी नाबालिग लड़की प्रेमी को छुड़ाने के लिए कोतवाली में खूब हंगामा किया उपनिरीक्षक को लड़की ने सुनाई अपनी प्रेम कहानी
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'MP अजब है सबसे गजब है'. पुलिस मुख्यालय ने एक मृत पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया. गुरुवार रात जारी हुई ट्रांसफर की सूची को देख जहां लोग हैरान हैं तो वहीं यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि विभाग को क्या अपने ही पुलिसकर्मी के सम्बन्ध में जानकारी नहीं है. दरअसल, पुलिस मुख्यालय ने गुरुवार को उपनिरीक्षकों के थोकबंद तबादले कर दिए. देर रात जारी हुई 87 एसआई के तबादले की सूची में 77 नंबर पर नाम छोटेलाल तोमर का है, जिनका आगर मालवा से ग्वालियर तबादला किया गया है. जबकि एसआई छोटेलाल का पिछले दिनों निधन हो चुका है. बताया जा रहा है कि स्व. छोटेलाल मुरैना के रहने वाले थे और 12 नवंबर को उनकी कैंसर के चलते मौत हो गई थी.  अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि जो व्यक्ति इस दुनिया में नहीं है उसका तबादला कैसे कर दिया गया. क्या विभाग को अपने ही कर्मचारी के संबंध में जानकारी नहीं है. छोटेलाल तोमर आगर मालवा जिले के सोयत में पदस्थ थे. जैसा कि बताया जा रहा है वे कैंसर से पीड़ित थे और पिछले दिनों उनका निधन हो गया. मामले में पुलिस के आला अफसर अब अपनी सफाई देते कह रहे हैं कि मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र उनको 27 नवम्बर को ही प्राप्त हुआ जिसकी जानकारी विभाग को भेज दी गई है.  मामले में एडिशनल एसपी प्रदीप पटेल ने कहा, 'गुरुवार को छोटेलाल तोमर के परिजनों के द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र और आवेदन प्रस्तुत किया तो उन्हें बीमा और अनुग्रह राशि प्रदान की गई है. जानकारी पुलिस मुख्यालय भेजी जा चुकी है, उन्हें कैंसर था हैदराबाद में इलाज चल रहा था.' (आगर मालवा में जफर मुल्तानी के इनपुट के साथ)
संक्षिप्त सारांश: पुलिस मुख्‍यालय ने मृत पुलिसकर्मी का ही कर दिया तबादला 87 एसआई के तबादले की सूची में 77वें नंबर पर छोटेलाल तोमर का नाम एसआई छोटेलाल का पिछले दिनों निधन हो चुका है
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: टिप्पणियां इस फिल्‍म के दो गाने 'हंस मत पगली' और 'ईश्‍क से बड़ा बखेड़ा' पहले ही रिलीज किए जा चुके हैं. 'हंस मत पगली' को सोनू निगम और श्रेया घोषाल की आवाज में गाया गया है और इस गाने को विक्की प्रसाद ने कम्पोज किया है. गाने की लिरिक्स सिद्धार्थ और गरिमा ने लिखी है. स्वच्छ भारत का संदेश देती अक्षय की फिल्‍म के ट्रेलर की तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं. 11 अगस्त को रिलीज होने वाली इस फिल्‍म को 'दम लगा के हइशा' के डायरेक्‍टर श्रीनारायण सिंह ने डायरेक्‍ट किया है. इस फिल्‍म के दो गाने 'हंस मत पगली' और 'ईश्‍क से बड़ा बखेड़ा' पहले ही रिलीज किए जा चुके हैं. 'हंस मत पगली' को सोनू निगम और श्रेया घोषाल की आवाज में गाया गया है और इस गाने को विक्की प्रसाद ने कम्पोज किया है. गाने की लिरिक्स सिद्धार्थ और गरिमा ने लिखी है. स्वच्छ भारत का संदेश देती अक्षय की फिल्‍म के ट्रेलर की तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं. 11 अगस्त को रिलीज होने वाली इस फिल्‍म को 'दम लगा के हइशा' के डायरेक्‍टर श्रीनारायण सिंह ने डायरेक्‍ट किया है. स्वच्छ भारत का संदेश देती अक्षय की फिल्‍म के ट्रेलर की तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं. 11 अगस्त को रिलीज होने वाली इस फिल्‍म को 'दम लगा के हइशा' के डायरेक्‍टर श्रीनारायण सिंह ने डायरेक्‍ट किया है.
सारांश: रिलीज हुआ 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' का नया गाना लट्ठमार होली खेलते नजर आ रहे हैं अक्षय और भूमि सोनू निगम और पलक मुछाल ने गाया यह नया गीत
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पार्टी सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को रेड्डी अकेले शपथ लेंगे जबकि उनकी मंत्रिपरिषद का गठन सात जून को किया जा सकता है. वहीं नई दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन में पहली बार शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण देखने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. रेजीडेंट आयुक्त प्रवीण प्रकाश के अनुसार, आंध्र प्रदेश भवन में कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों, एकपक्षीय एवं बहु पक्षीय एजेंसियों, अंतरराष्ट्रीय दानदाता एजेंसियों, उद्योग संघों, बहु राष्ट्रीय कारपोरेशन तथा अंतरराष्ट्रीय मीडिया के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है. शपथ लेने के बाद रेड्डी के वीडियो लिंक के जरिए आमंत्रित गणमान्यों को विशेष रूप से संबोधित करने तथा नए आंध्र प्रदेश के निर्माण के अपने विजन और मिशन को पेश करने की संभावना है. पार्टी सूत्रों ने बताया कि वह राज्य के लोगों के लिए कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कर सकते हैं खासतौर से नौ मुख्य चुनावी वादों से संबंधित. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन उन गणमान्य लोगों में शामिल हैं जो शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. रेड्डी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के दौरान उन्हें भी आमंत्रित किया था. पार्टी सूत्रों ने बताया कि रेड्डी ने फोन पर चंद्रबाबू नायडू को भी आमंत्रित किया लेकिन नायडू ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है. हालांकि तेदेपा विधायकों का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रेड्डी से मुलाकात करेगा और शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर उन्हें बधाई देगा. रेड्डी ने जन सेना अध्यक्ष पवन कल्याण, तेलुगु फिल्म स्टार के चिरंजीवी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया है. भाकपा और माकपा के राष्ट्रीय महासचिव क्रमश: सुरावरम सुधाकर रेड्डी और सीताराम येचुरी, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के. लक्ष्मीनारायण तथा कई अन्य नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है. शपथ ग्रहण समारोह की पूर्व संध्या पर वाईएसआरसी प्रमुख बुधवार सुबह तिरुमला में प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर मंदिर गए और पूजा-अर्चना की. इसके बाद वह कडपा शहर गए और मशहूर अमीन पीर दरगाह पर चादर चढ़ाई. मनोनीत मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने बाद में अपने गृह नगर पुलिवेंदुला में सीएसआई चर्च में प्रार्थना सभा में भाग लिया. इसके बाद वह इदुपुलापाया में वाईएस परिवार के एस्टेट में गए और अपने दिवंगत पिता तथा पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी की कब्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए. विजयवाड़ा लौटने के रास्ते में वह इंद्राकीलाद्री गए और देवी कनक दुर्गा की पूजा की.  पुलिस आयुक्त सी द्वारका तिरुमला राव के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह के लिए विजयवाड़ा में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. शहर में करीब 5,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. स्टेडियम में 30,000 लोग ही बैठ सकते हैं लेकिन शहर में लोगों के लिए एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई है.
संक्षिप्त सारांश: 7 जून को होगा मंत्रिपरिषद गठन स्टेडियम में 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था दिल्ली के आंध्रा भवन में होगा लाइव प्रसारण
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पहले मैच में आसान जीत के बाद विराट कोहली की अगुवाई वाली युवा भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ शुक्रवार को दूसरे एक-दिवसीय मैच में जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी। दौरे की शानदार शुरुआत करते हुए भारत ने बुधवार को पहले मैच में जिम्बाब्वे को छह विकेट से हराया। भारत की अनुभवहीन गेंदबाजी हालांकि चिंता का सबब रही, क्योंकि जिम्बाब्वे के कुछ बल्लेबाजों ने काफी रन बनाए। सिकंदर रजा शतक के करीब पहुंचे, जबकि एल्टन चिगुंबुरा ने 34 गेंद में 43 रन बनाए, जिसमें छह चौके शामिल थे। भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज विनय कुमार ने नौ ओवर में छह से अधिक की औसत से रन दिए।टिप्पणियां हालांकि स्पिनर अमित मिश्रा ने 10 ओवर में तीन विकेट चटकाए। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन शतकवीर कोहली ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। रोहित शर्मा और शिखर धवन सस्ते में आउट हो गए, लेकिन वनडे क्रिकेट में पदार्पण करने वाले अंबाती रायुडू ने अच्छी पारी खेली। प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज रायुडू को बुधवार को वनडे क्रिकेट में ब्रेक मिला, जिसे भुनाते हुए उसने 63 रन बनाए। यह देखना होगा कि भारत उसी टीम को उतारता है या चेतेश्वर पुजारा और स्पिनर परवेज रसूल को मौका दिया जाता है। जिम्बाब्वे के लिए रजा और चिगुंबुरा ने संयम के साथ खेला। मेजबान टीम ने पूरे 50 ओवर खेले और पूरी टीम आउट भी नहीं हुई, जिससे भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियां उजागर हुई हैं। भारत की अनुभवहीन गेंदबाजी हालांकि चिंता का सबब रही, क्योंकि जिम्बाब्वे के कुछ बल्लेबाजों ने काफी रन बनाए। सिकंदर रजा शतक के करीब पहुंचे, जबकि एल्टन चिगुंबुरा ने 34 गेंद में 43 रन बनाए, जिसमें छह चौके शामिल थे। भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज विनय कुमार ने नौ ओवर में छह से अधिक की औसत से रन दिए।टिप्पणियां हालांकि स्पिनर अमित मिश्रा ने 10 ओवर में तीन विकेट चटकाए। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन शतकवीर कोहली ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। रोहित शर्मा और शिखर धवन सस्ते में आउट हो गए, लेकिन वनडे क्रिकेट में पदार्पण करने वाले अंबाती रायुडू ने अच्छी पारी खेली। प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज रायुडू को बुधवार को वनडे क्रिकेट में ब्रेक मिला, जिसे भुनाते हुए उसने 63 रन बनाए। यह देखना होगा कि भारत उसी टीम को उतारता है या चेतेश्वर पुजारा और स्पिनर परवेज रसूल को मौका दिया जाता है। जिम्बाब्वे के लिए रजा और चिगुंबुरा ने संयम के साथ खेला। मेजबान टीम ने पूरे 50 ओवर खेले और पूरी टीम आउट भी नहीं हुई, जिससे भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियां उजागर हुई हैं। हालांकि स्पिनर अमित मिश्रा ने 10 ओवर में तीन विकेट चटकाए। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन शतकवीर कोहली ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। रोहित शर्मा और शिखर धवन सस्ते में आउट हो गए, लेकिन वनडे क्रिकेट में पदार्पण करने वाले अंबाती रायुडू ने अच्छी पारी खेली। प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज रायुडू को बुधवार को वनडे क्रिकेट में ब्रेक मिला, जिसे भुनाते हुए उसने 63 रन बनाए। यह देखना होगा कि भारत उसी टीम को उतारता है या चेतेश्वर पुजारा और स्पिनर परवेज रसूल को मौका दिया जाता है। जिम्बाब्वे के लिए रजा और चिगुंबुरा ने संयम के साथ खेला। मेजबान टीम ने पूरे 50 ओवर खेले और पूरी टीम आउट भी नहीं हुई, जिससे भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियां उजागर हुई हैं। यह देखना होगा कि भारत उसी टीम को उतारता है या चेतेश्वर पुजारा और स्पिनर परवेज रसूल को मौका दिया जाता है। जिम्बाब्वे के लिए रजा और चिगुंबुरा ने संयम के साथ खेला। मेजबान टीम ने पूरे 50 ओवर खेले और पूरी टीम आउट भी नहीं हुई, जिससे भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियां उजागर हुई हैं।
यह एक सारांश है: पहले मैच में आसान जीत के बाद विराट कोहली की अगुवाई वाली युवा भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ शुक्रवार को दूसरे एक-दिवसीय मैच में जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी। दौरे की शानदार शुरुआत करते हुए भारत ने पहले मैच में जिम्बाब्वे को छह विकेट से हराया था।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड ने सिविल सोसाइटी के सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को मंगलवार को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की आलोचना की है। पुलिस ने जन लोकपाल विधेयक की मांग में अनशन की तैयारी कर रहे अन्ना को उनके कई प्रमुख समर्थकों के साथ हिरासत में लिया है। जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर ने अन्ना को हिरासत में लिए जाने को 'गैरसंवेधानिक' करार दिया है जबकि मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने इस घटना को 'भारतीय गणतंत्र का सबसे दुखद दिन' करार दिया है। इन दोनों के अलावा बॉलीवुड की कई हस्तियों ने पुलिस की इस कार्यवाई की निंदा की है। किन हस्तियों ने क्या कहा : अनुपम खेर : अन्ना हजारे, किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल को जेपी पार्क पहुंचने से पहले हिरासत में ले लिया गया। यह भारतीय गणतंत्र के लिए सबसे काला दिन है। हमें सरकार की इस कार्यवाही का विरोध करना है और अपनी बात शांतिपूर्वक कहनी है। जावेद अख्तर : मैंने अन्ना हजारे के काम करने के तरीके के बारे में कुछ बातें सुनी हैं लेकिन उन्हें हिरासत में लिया जाना असंवैधानिक और अस्वीकार्य है। शेखर कपूर : हिंसा का कोई खतरा नहीं है लेकिन इसके बावजूद सरकार ने अन्ना हजारे को हिरासत में ले लिया। लाखों लोग आज अन्ना के समर्थन में खड़े हैं क्योंकि उनका तंत्र पर से विश्वास मिट गया है। अगर सरकार लोगों का प्रतिनिधित्व करती है तो उसे अन्ना की टीम को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत देनी चाहिए। अनुराग कश्यप : कांग्रेस का कामकाज देखकर लग रहा है कि आपातकाल का दौर लौट आया है। यह सरकार काफी कुछ छुपाने की कोशिश कर रही है। पुलिस बल का प्रयोग करके सरकार अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को एक तरह से स्वीकार कर रही है। शबाना आजमी : हम अन्ना हजारे को हिरासत में लिए जाने का विरोध करते हैं। देश के सभी लोगों को संवेधानिक तौर पर प्रदर्शन का अधिकार है। दिया मिर्जा : यह साफ हो गया है कि सरकार ने अन्ना हजारे को हीरो बना दिया है। उनका कद पहले से काफी अधिक बढ़ गया है। गौरव कपूर : यह तो होना ही था। क्या अन्ना को यह मालूम नहीं था कि हमारे देश में प्रदर्शन का एक ही तरीका प्रचलित है। वह तरीका है दुकानों को नुकसान पहुंचाओ और बसों को जला दो!
संक्षिप्त सारांश: बॉलीवुड ने अन्ना हजारे को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की आलोचना की है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस के महासचिवों की बैठक में आज प्रियंका गांधी ने कहा कि यूपी में मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे. बैठक में यह भी मांग उठी कि प्रियंका देश भर में प्रचार करें. इस बारे में प्रियंका और राहुल को तय करना है. प्रियंका ने पूरे यूपी में प्रचार करने की बात कही है. सूत्रों के अनुसार प्रियंका ने कहा कि' कांग्रेस अध्यक्ष का जो भी आदेश होगा वह मानूंगी. मैं सिर्फ 2019 के लिए नहीं लंबे वक्त के लिए जा रही हूं. जिम्मेदारी पूरी करने की पूरी कोशिश करूंगी.' उन्होंने कहा कि 'मैं अभी नई हूं, आप सब सीनियर हैं, सीख रही हूं. आज आप लोगों को सुनूंगी.' कांग्रेस की महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी बनाए जाने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा आगामी 11 फरवरी को अपने भाई एवं पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ लखनऊ जाएंगी. अपने तीन दिनों के प्रवास के दौरान प्रियंका पार्टी के नेताओं और कार्यकताओं से संवाद करेंगी. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक राहुल और प्रियंका के साथ कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया भी होंगे जिनको पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है. प्रियंका और सिंधिया प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में 12,13 और 14 फरवरी को पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे. सूत्रों का कहना है कि इस दौरान प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर पार्टी संगठन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. गौरतलब है कि प्रियंका 23 जनवरी को पार्टी की महासचिव बनने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश दौरे पर जा रही हैं. पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है. प्रियंका और सिंधिया ने बुधवार को पदभार संभाला था. (इनपुट भाषा से भी)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रियंका गांधी द्वारा देश भर में प्रचार कराने की मांग प्रियंका ने कहा- कांग्रेस अध्यक्ष का जो भी आदेश होगा वह मानूंगी आगामी 11 फरवरी को राहुल गांधी के साथ लखनऊ जाएंगी प्रियंका
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया। शिल्प शस्त्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥  ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नही पाई। ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई॥  रोग ग्रस्त राजा ने, जब आश्रय लीना। संकट मोचन बनकर, दूर दुख कीना॥  जब रथकार दम्पती, तुमरी टेर करी। सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी॥  एकानन चतुरानन, पंचानन राजे। द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे॥टिप्पणियां  ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे। मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥ श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥  ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नही पाई। ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई॥  रोग ग्रस्त राजा ने, जब आश्रय लीना। संकट मोचन बनकर, दूर दुख कीना॥  जब रथकार दम्पती, तुमरी टेर करी। सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी॥  एकानन चतुरानन, पंचानन राजे। द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे॥टिप्पणियां  ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे। मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥ श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥  रोग ग्रस्त राजा ने, जब आश्रय लीना। संकट मोचन बनकर, दूर दुख कीना॥  जब रथकार दम्पती, तुमरी टेर करी। सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी॥  एकानन चतुरानन, पंचानन राजे। द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे॥टिप्पणियां  ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे। मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥ श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥  जब रथकार दम्पती, तुमरी टेर करी। सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी॥  एकानन चतुरानन, पंचानन राजे। द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे॥टिप्पणियां  ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे। मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥ श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥  एकानन चतुरानन, पंचानन राजे। द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे॥टिप्पणियां  ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे। मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥ श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥  ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे। मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥ श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥ श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥
आज विश्‍वकर्मा जयंती है भगवान विश्‍वकर्मा को देवताओं का शिल्‍पी माना जाता है मान्‍यता है कि उन्‍होंने देवों के लिए भवनों और हथियारों का निर्माण किया
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) द्वारा व्यक्तिगत निजता में अतिक्रमण सम्बंधी आशंका को दूर करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा है कि आतंकवादी संदिग्धों के बारे में तत्काल जानकारी के लिए तैयार की गई केंद्रीकृत डेटा प्रणाली में उच्च सुरक्षा मानक होंगे। विपक्ष का कहना था कि पिछले सप्ताह  नेटग्रिड के बारे में कैबिनेट की मंजूरी पाने हेतु केंद्रीय गृह मंत्रालय को संघर्ष करना पड़ा था। इस पर चिदम्बरम ने एक बातचीत में कहा, "नए ज्ञान और नई प्रौद्योगिकी को लेकर आशंकाएं हैं। इस कारण लोग सवाल करते हैं।" चिदम्बरम ने कहा, "उसमें डेटा और उससे सम्बंधित व्यक्ति के लिए ढेर सारे सुरक्षा मानक होंगे। नेटग्रिड डेटा संग्रह नहीं करता, बल्कि सिर्फ सूचकांक डेटा संग्रह करता है। डेटा की चोरी और निजता सम्बंधी चिंताएं अनुचित हैं।" चिदम्बरम ने कहा कि नेटग्रिड में या उसके कारण कोई डेटा लीक नहीं होगा, बल्कि यदि डेटा लीक होता है तो डेटा स्वामियों की खराब सुरक्षा प्रणालियों के कारण, जिसे बढ़ाने की जरूरत होगी। चिदम्बरम के दिमाग की उपज नेटग्रिड को कैबिनेट से मंजूरी मिलने में कई महीने लग गए। यह परियोजना दिसम्बर 2010 से ही लटकी पड़ी थी, क्योंकि रक्षा और वित्त मंत्रालयों ने इस पर आपत्ति खड़ी की थी। दोनों मंत्रालयों ने यह आशंका जताई थी कि इससे केंद्रीय गृह मंत्रालय को सभी सूचना तक अबाध पहुंच सुलभ हो जाएगी। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बात से इनकार किया है कि मंजूरी में देरी केंद्रीय गृह, रक्षा और वित्त मंत्रालयों के बीच असहमति के कारण हुआ। "इसके बारे में दूसरों को समझाने में हमें महीनों लग गए। अब हर कोई सहमत हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय नेटग्रिड का मालिक नहीं है, बल्कि मात्र इसका प्रायोजक है।" चिदम्बरम ने उन आलोचनाओं को खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि नेटग्रिड केंद्रीय गृह मंत्रालय को अहंकारी बना देगा। उन्होंने कहा, "मंत्रालय में इसके कुछ ही अधिकृत उपयोगकर्ता होंगे। यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्री भी इसका उपयोग नहीं करेंगे।" चिदम्बरम ने कहा कि 2,800 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 18 महीनों में अपने मूर्तरूप में सामने होगी। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सभी खुफिया जानकारियों को एक केंद्रीकृत ग्रिड में रखे जाने की आलोचना करते हुए कहा था कि इसके गम्भीर परिणाम हो सकते हैं। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने कहा था कि मंत्री महोदय मानते हैं कि उनके जितना बुद्धिमान कोई नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चिदम्बरम ने कहा है कि आतंकवादी संदिग्धों के बारे में तत्काल जानकारी के लिए तैयार की गई केंद्रीकृत डेटा प्रणाली में उच्च सुरक्षा मानक होंगे।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: गुजरात बीजेपी के वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर मंगलवार को दिल्ली पहुंचे हैं। उनका दिल्ली दौरा तीन दिन का है। आज वह सबसे पहले लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात करेंगे और बीजेपी के बाकी नेताओं से मिलकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करेंगे। इस सारी कवायद से इन बातों को भी बल मिल रहा है कि अगर नरेंद्र मोदी के खिलाफ केशूभाई की बात नहीं सुनी गई तब वह अपने दिल्ली दौरे के बाद बीजेपी छोड़ सकते हैं। दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले केशूभाई ने अपने घर पर सुरेश मेहता गोर्धन झाडपिया जैसे नेताओं के साथ भी बातचीत की। इस सारी कवायद से इन बातों को भी बल मिल रहा है कि अगर नरेंद्र मोदी के खिलाफ केशूभाई की बात नहीं सुनी गई तब वह अपने दिल्ली दौरे के बाद बीजेपी छोड़ सकते हैं। दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले केशूभाई ने अपने घर पर सुरेश मेहता गोर्धन झाडपिया जैसे नेताओं के साथ भी बातचीत की।
यह एक सारांश है: आज वह सबसे पहले लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात करेंगे और बीजेपी के बाकी नेताओं से मिलकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करेंगे।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय राजनीति में बुधवार को कांग्रेस की ओर से 'मोस्ट अवेटेड' पॉलिटिकल एंट्री हो गई. लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Polls) से ठीक पहले प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) सक्रिय राजनीति में उतर चुकी हैं और अब वह कांग्रेस (Congress) की महासचिव बनाई गई हैं. प्रियंका गांधी का सक्रिय राजनीति में आने के फैसले पर मुहर पिछले सप्ताह उस वक्त लगी, जब कांग्रेस अध्यक्ष और उनके भाई राहुल गांधी की मुलाकात उनसे अमेरिका में हुई थी. इस तरह से देखा जाए तो प्रियंका गांधी के राजनीति में आने की स्क्रिप्ट अमेरिका में लिखी गई और वहीं पर राहुल गांधी के निर्देशन में इस फैसले पर मुहर लगी. दरअसल, राहुल गांधी दुबई से सीधे अमेरिका एक विशेष मिशन पर गए थे. वह मिशन था कि प्रियंका गांधी वाड्रा को सक्रिय राजनीति में आने के लिए मनाना और यह बताना कि अब उनके राजनीतिक एंट्री का सही समय आ गया है. अब तक प्रियंका गांधी का राजनीति में पूरी तरह इंटरेस्ट नहीं था. क्योंकि इससे पहले वह आंशिक तौर पर अपने भाई राहुल और मां सोनिया के लिए अमेठी और रायबरेली में चुनाव के समय रोड शो और रैलियों में शामिल होती रही हैं.  कांग्रेस के अहम सूत्रों ने एनडीटीवी से बताया कि पिछले दो सालों के दौरान ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने राजनीति में आने का फैसला किया था, मगर इसकी कोई समय-सीमा नहीं थी कि वह कब राजनीति में उतरेंगी. अपने बच्चों के साथ व्यस्त प्रियंका गांधी ने अपनी इस योजना को ओपेन रखा था कि जब वैसी जरूरत होगी, वह अपने फैसले को अमली जामा पहनाएंगी. मगर जब जब उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश यादव की पार्टी बसपा-सपा के साथ गठबंधन की संभावनाएं समाप्त हो गईं, तब जाकर राहुल गांधी ने फैसला किया कि अब प्रियंका गांधी वाला पर दांव चलने का समय आ गया है.  यही वजह है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने संयुक्त राज्य अमेरिका में मुलाकात की और वहीं पर अमेठी की अपनी यात्रा की घोषणा की. बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा फरवरी के पहले सप्ताह में वापस आ जाएंगी.  कांग्रेस के एक अहम नेता ने कहा कि अगर यूपी में मायावती और अखिलेश के साथ गठबंधन हो जाता तो शायद प्रियंका गांधी की एंट्री अभी नहीं होती या फिर उनकी राजनीतिक एंट्री अलग फॉर्मेट में होती और अलग टाइमिंग में. मगर, अब कांग्रेस यूपी की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और उसे ऐसी उम्मीद हो गई है कि वह कम से कम उनमें से 30 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है. इस बड़े ऐलान से पहले कांग्रेस दस सीटों पर जीत दर्ज करने का अनुमान लगा रही थी. पार्टी के सूत्र ने यह बात कही.  प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री के बाद अब कांग्रेस वर्किंग कमेटी में गांधी परिवार से तीन लोग हो गए हैं. राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अब प्रियंका गांधी. हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि प्रियंका गांधी कहां से चुनाव लड़ेंगी. मगर सूत्रों की मानें तो प्रियंका गांधी अपनी मां की परंपरागत सीट रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं. बता दें कि इससे पहले ऐसी चर्चाएं थीं कि सोनिया गांधी पार्टी पॉलिटिक्स से किनारा कर सकती हैं.  पार्टी के अंदर के लोगों का कहना है कि प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की टीम में 90 फीसदी कैंडिडेट 50 साल से कम उम्र के होंगे और उनमें से आधे उम्मीदवार 40 साल से कम के होंगे. उत्तर प्रदेश में इस बार कांग्रेस एक अलग रंग रूप में दिखेगी. कांग्रेस पार्टी यूपी में हर जगह पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है. यही वजह है कि कांग्रेस अभी इस ऑबजेक्टिव के साथ चल रही है कि उसे अपनी पार्टी को वहां काफी मजबूत बनाना है. कांग्रेस के भीतर के लोगों ने कहा कि प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री और पूर्वी यूपी की कमान संभालने के बाद ब्राह्मण वोटरों पर प्रभाव डालेगा. उनकी एंट्री से ब्राह्मणों के वोट कांग्रेस की ओर होंगे. बता दें कि यूपी में 12 फीसदी ब्राह्मण वोट हैं. हालांकि, अब एक बात तो तय है कि प्रियंका गांधी की एंट्री से कांग्रेस पार्टी में एक उम्मीद जगी और उन्हें अब ऐसा लगने लगा है कि यूपी की रण में वह अब बने हुए हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका में लिखी गई प्रियंका की राजनीतिक एंट्री की स्क्रिप्ट राहुल गांधी प्रियंका को मनाने अमेरिका गए थे. फरवरी के पहले सप्ताह प्रियंका गांधी भारत आ जाएंगी.
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश के नलगोंडा जिले में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता और पूर्व शीर्ष नक्सली सांबाशिवुदू की शनिवार देर रात कुछ अज्ञात हमलावरों ने गला काटकर से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक सांबाशिवुदू पर शनिवार देर रात उस समय हमला किया गया जब वह एक सांस्कृतिक समारोह से लौट रहे थे। पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर जिले के वेलिगोंडा में संगम पर 'तेलंगाना धूम धाम' नाम का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पुलिस ने बताया कि लगभग 15 हमलावरों ने सांबाशिवुदू पर हमला कर दिया। उनके साथ पांच समर्थक भी यात्रा कर रहे थे। बचाने के प्रयास में तीन समर्थक भी घायल हो गए।  हमलावरों ने टीआरएस नेता के वाहन को जबरन रुकवा कर उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गम्भीर रूप से घायल सांबाशिवुदू को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। सांबाशिवुदू पर पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और एन.जनार्दन रेड्डी पर कथित तौर पर हमला करने का भी आरोप लग चुका था। उनके शव को गांधी अस्पताल में रखा गया है, जहां रविवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। उधर, सांबाशिवुदू के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की मिलीभगत से उनकी हत्या की गई है। उनका कहना है कि पुलिस ने अपने मुखबिर और पूर्व नक्सली नईम की मदद से उनकी हत्या करवाई है। सांबाशिवुदू पिछले साल ही टीआरएस में शामिल हुए थे और वह पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य थे। वह वर्ष 1990 में नक्सली संगठन में शामिल हुए थे और वह नक्सली हिंसा के 80 मामलों में शामिल थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आंध्र प्रदेश के नलगोंडा जिले में टीआरएस के नेता और पूर्व शीर्ष नक्सली सांबाशिवुदू की कुछ अज्ञात हमलावरों ने गला काटकर से हत्या कर दी।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे बाबा रामदेव ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया। इसके अनुसार उनका व्यावसायिक साम्राज्य 1100 करोड़ रुपये का है। उन्होंने दावा किया कि सब कुछ व्यवस्थित है। अपने अनशन के छठे दिन योग गुरु ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया जिसमें रामदेव के करीबी सहयोगी बालकृष्ण ने बताया कि उनके द्वारा संचालित चार ट्रस्टों की कुल पूंजी 426.19 करोड़ रुपये की है जबकि उन पर 751.02 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बालकृष्ण ने कहा, हम काम और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता में विश्वास करते हैं। हमारे सभी व्यवसाय और कंपनियों का उचित हिसाब-किताब है। नियमों के मुताबिक सरकार हर दो साल में हमारे ट्रस्टों की समीक्षा करती है तब हमारा हिसाब-किताब स्पष्ट होता है। क्या आया है... क्या गया है... किसने दिया है और यह किस तरह खर्च किया गया सब ब्यौरा रखा जाता है। अपनी घोषणा के अनुरूप योगगुरु बाबा रामदेव ने अपने ट्रस्टों के आय-व्यय का ब्यौरा तो दिया मगर कंपनियों का विवरण मांगे जाने पर अपने सहयोगी बालकृष्ण के साथ संवाददाता सम्मेलन को छोड़कर चले गए। घोषणा के अनुसार 1995 से अस्तित्व में आए बाबा रामदेव के पहले ट्रस्ट दिव्य योग मंदिर के पास वर्तमान पूंजी 249 करोड़ रुपये की है और यह ट्रस्ट अब तक 685 करोड़ 25 लाख रुपये जनसेवा के कार्यों पर खर्च कर चुका है। दूसरे ट्रस्ट पतंजलि योग पीठ के पास 164 करोड़ 80 अस्सी लाख रुपये की वर्तमान पूंजी है तथा इस योगपीठ ने अब तक 53 करोड़ 92 लाख रुपये जनसेवा पर खर्च किए हैं। तीसरा ट्रस्ट भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की वर्तमान पूंजी 9 करोड़ 97 लाख है और अब तक 11 करोड़ 51 लाख रुपये जनसेवा पर खर्च किया जा चुके हैं। चौथे ट्रस्ट आचार्य कुल शिक्षण संस्थान की वर्तमान पूंजी एक करोड़ 79 लाख रुपये है तथा ट्रस्ट अब तक 64 लाख रुपये खर्च कर चुका है। इसके अलावा दो अन्य ट्रस्ट जो कि 2011 में शुरू हुए हैं इसलिए उनका ब्यौरा 2012 में इंटरनेट पर डाल दिया जाएगा। वर्तमान में बाबा रामदेव करीब 500 करोड़ की पूंजी वाले चार ट्रस्टों के मालिक है लेकिन बाबा की कितनी कंपनियां हैं उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया।
यह एक सारांश है: वर्तमान में बाबा रामदेव करीब 500 करोड़ की पूंजी वाले चार ट्रस्टों के मालिक है लेकिन बाबा की कितनी कंपनियां हैं, उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान को 'एक शांतिप्रिय देश' करार देते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आज भारत को चेतावनी दी कि यदि 'संघर्षविराम का उल्लंघन' जारी रहा तो इसकी सजा दिए बगैर नहीं रहा जाएगा. रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, एक बयान में शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान ने 'अधिकतम धैर्य' रखा है और स्पष्ट रूप से कहा कि 'संघषर्विराम उल्लंघन' जारी रहने पर उसकी सजा दिए बिना नहीं छोड़ा जाएगा. शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान 'शांति प्रिय देश' है और वह लंबित मुद्दों और विवादों को वार्ता के माध्यम से सुलझाने में यकीन रखता है. रेडियो के अनुसार, शरीफ ने कहा, 'जिम्मेदार राष्ट्र होने के नाते हम दक्षिण एशिया की बेहतरी और समृद्धि के लिए क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व चाहते हैं'. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान की 'पहलों और प्रयासों' का भारत उसी भावना से जवाब नहीं दे रहा है'. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की 'शांति चाहने की इच्छा को उसकी कमजोरी का संकेत नहीं समझा जाना चाहिए'. शरीफ ने कहा कि भारत को 'संघर्षविराम उल्लंघन' के ताजा मामलों की 'जांच' करनी चाहिए और उसके निष्कर्ष पाकिस्तान के साथ साझा करने चाहिए.टिप्पणियां जिओ न्यूज ने कश्मीर मुद्दे पर शरीफ के इस बयान का हवाला दिया. उसके अनुसार, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के न्यायसंगत हल का हम हमेशा बेहिचक और दृढ़ नैतिक, राजनयिक और राजनीतिक समर्थन जारी रखेंगे'. खबर के अनुसार, शरीफ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को 'कानूनन आत्म निर्णय का अधिकार' मिलने तक यह समर्थन जारी रहेगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, एक बयान में शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान ने 'अधिकतम धैर्य' रखा है और स्पष्ट रूप से कहा कि 'संघषर्विराम उल्लंघन' जारी रहने पर उसकी सजा दिए बिना नहीं छोड़ा जाएगा. शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान 'शांति प्रिय देश' है और वह लंबित मुद्दों और विवादों को वार्ता के माध्यम से सुलझाने में यकीन रखता है. रेडियो के अनुसार, शरीफ ने कहा, 'जिम्मेदार राष्ट्र होने के नाते हम दक्षिण एशिया की बेहतरी और समृद्धि के लिए क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व चाहते हैं'. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान की 'पहलों और प्रयासों' का भारत उसी भावना से जवाब नहीं दे रहा है'. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की 'शांति चाहने की इच्छा को उसकी कमजोरी का संकेत नहीं समझा जाना चाहिए'. शरीफ ने कहा कि भारत को 'संघर्षविराम उल्लंघन' के ताजा मामलों की 'जांच' करनी चाहिए और उसके निष्कर्ष पाकिस्तान के साथ साझा करने चाहिए.टिप्पणियां जिओ न्यूज ने कश्मीर मुद्दे पर शरीफ के इस बयान का हवाला दिया. उसके अनुसार, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के न्यायसंगत हल का हम हमेशा बेहिचक और दृढ़ नैतिक, राजनयिक और राजनीतिक समर्थन जारी रखेंगे'. खबर के अनुसार, शरीफ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को 'कानूनन आत्म निर्णय का अधिकार' मिलने तक यह समर्थन जारी रहेगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान 'शांति प्रिय देश' है और वह लंबित मुद्दों और विवादों को वार्ता के माध्यम से सुलझाने में यकीन रखता है. रेडियो के अनुसार, शरीफ ने कहा, 'जिम्मेदार राष्ट्र होने के नाते हम दक्षिण एशिया की बेहतरी और समृद्धि के लिए क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व चाहते हैं'. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान की 'पहलों और प्रयासों' का भारत उसी भावना से जवाब नहीं दे रहा है'. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की 'शांति चाहने की इच्छा को उसकी कमजोरी का संकेत नहीं समझा जाना चाहिए'. शरीफ ने कहा कि भारत को 'संघर्षविराम उल्लंघन' के ताजा मामलों की 'जांच' करनी चाहिए और उसके निष्कर्ष पाकिस्तान के साथ साझा करने चाहिए.टिप्पणियां जिओ न्यूज ने कश्मीर मुद्दे पर शरीफ के इस बयान का हवाला दिया. उसके अनुसार, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के न्यायसंगत हल का हम हमेशा बेहिचक और दृढ़ नैतिक, राजनयिक और राजनीतिक समर्थन जारी रखेंगे'. खबर के अनुसार, शरीफ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को 'कानूनन आत्म निर्णय का अधिकार' मिलने तक यह समर्थन जारी रहेगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेडियो के अनुसार, शरीफ ने कहा, 'जिम्मेदार राष्ट्र होने के नाते हम दक्षिण एशिया की बेहतरी और समृद्धि के लिए क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व चाहते हैं'. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान की 'पहलों और प्रयासों' का भारत उसी भावना से जवाब नहीं दे रहा है'. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की 'शांति चाहने की इच्छा को उसकी कमजोरी का संकेत नहीं समझा जाना चाहिए'. शरीफ ने कहा कि भारत को 'संघर्षविराम उल्लंघन' के ताजा मामलों की 'जांच' करनी चाहिए और उसके निष्कर्ष पाकिस्तान के साथ साझा करने चाहिए.टिप्पणियां जिओ न्यूज ने कश्मीर मुद्दे पर शरीफ के इस बयान का हवाला दिया. उसके अनुसार, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के न्यायसंगत हल का हम हमेशा बेहिचक और दृढ़ नैतिक, राजनयिक और राजनीतिक समर्थन जारी रखेंगे'. खबर के अनुसार, शरीफ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को 'कानूनन आत्म निर्णय का अधिकार' मिलने तक यह समर्थन जारी रहेगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जिओ न्यूज ने कश्मीर मुद्दे पर शरीफ के इस बयान का हवाला दिया. उसके अनुसार, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के न्यायसंगत हल का हम हमेशा बेहिचक और दृढ़ नैतिक, राजनयिक और राजनीतिक समर्थन जारी रखेंगे'. खबर के अनुसार, शरीफ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को 'कानूनन आत्म निर्णय का अधिकार' मिलने तक यह समर्थन जारी रहेगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पाकिस्तान को 'एक शांतिप्रिय देश' करार दिया. पाकिस्तान ने 'अधिकतम धैर्य' रखा है : नवाज शरीफ शरीफ ने कहा, शांति चाहने की इच्छा को कमजोरी का संकेत नहीं समझें.
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के एक प्रमुख सीनेटर ने पाकिस्तान पर विश्वभर में आतंकवादियों को शरण देने का आरोप लगाया और मुंबई हमलों में शामिल दो आतंकवादियों को प्रत्यर्पित नहीं करने का दावा करते हुए कहा कि उसे दी जा रही सहायता पर पुर्नविचार की जरूरत है। सीएनएन को दिए साक्षात्कार में सीनेट की खुफिया समिति की अध्यक्ष सीनेटर डायने फीन्सटीन ने कहा, निश्चित रूप से यह समय मूल्यांकन करने का है। निश्चित तौर पर यह समय इस बात पर गौर करने का है कि क्या विश्वास का स्तर और सहयोग सुधर सकता है। यदि ऐसा संभव है तो निश्चित तौर पर मैं उसे (पाकिस्तान को) एक और मौका देना चाहूंगी। उन्होंने कहा, यदि ऐसा नहीं हो सकता है तो उन लोगों पर अरबों डालर खर्च करने का कोई फायदा नहीं है जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारी मदद नहीं करने जा रहा है। फीन्स्टीन ने कहा कि यह ध्यान रखा जाना चाहिये कि पाकिस्तान क्वेटा में तालिबान को शरण दे रहा है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यदि ऐसा नहीं हो सकता है तो उन लोगों पर अरबों डॉलर खर्च करने का कोई फायदा नहीं है जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारी मदद नहीं करने जा रहा है।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 194.18 अंकों की तेजी के साथ 17,885.26 पर और निफ्टी 54.70 अंकों की तेजी के साथ 5,421.00 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 14.06 अंकों की तेजी के साथ 17,705.14 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.40 अंकों की तेजी के साथ 5,368.70 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 14.88 अंकों की तेजी के साथ 6,172.84 पर और स्मॉलकैप 34.43 अंकों की तेजी के साथ 6,649.68 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 14.06 अंकों की तेजी के साथ 17,705.14 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.40 अंकों की तेजी के साथ 5,368.70 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 14.88 अंकों की तेजी के साथ 6,172.84 पर और स्मॉलकैप 34.43 अंकों की तेजी के साथ 6,649.68 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 14.88 अंकों की तेजी के साथ 6,172.84 पर और स्मॉलकैप 34.43 अंकों की तेजी के साथ 6,649.68 पर बंद हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेंसेक्स 194.18 अंकों की तेजी के साथ 17,885.26 पर और निफ्टी 54.70 अंकों की तेजी के साथ 5,421.00 पर बंद हुआ।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बारिश के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 क्रिकेट मैच में युवराज सिंह की मैदान पर वापसी नहीं हो सकी, लेकिन मंगलवार को होने वाले दूसरे मैच में एक बार फिर सभी की नजरें इस चैम्पियन पर होंगी।टिप्पणियां विशाखापत्तनम में पहले टी-20 मैच में एक भी गेंद फेंकी नहीं जा सकी, जिससे युवराज की वापसी देखने मैदान पर आए हजारों क्रिकेटप्रेमियों के अलावा टीवी के आगे नजरें गड़ाए बैठे दर्शकों को भी निराशा हुई। कैंसर से जंग जीतकर लौटे युवराज पिछले साल विश्वकप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट थे। अमेरिका में कीमोथैरेपी के बाद एनसीए में रिहैबिलिटेशन कराके लौटे युवराज बीमारी से उबरने के बाद पहली बार भारत की जर्सी पहनेंगे। उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच पिछले साल नवंबर में कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। आखिरी टी-20 मैच उन्होंने 9 जनवरी 2011 को दक्षिण अफ्रीका से खेला था। विशाखापत्तनम में पहले टी-20 मैच में एक भी गेंद फेंकी नहीं जा सकी, जिससे युवराज की वापसी देखने मैदान पर आए हजारों क्रिकेटप्रेमियों के अलावा टीवी के आगे नजरें गड़ाए बैठे दर्शकों को भी निराशा हुई। कैंसर से जंग जीतकर लौटे युवराज पिछले साल विश्वकप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट थे। अमेरिका में कीमोथैरेपी के बाद एनसीए में रिहैबिलिटेशन कराके लौटे युवराज बीमारी से उबरने के बाद पहली बार भारत की जर्सी पहनेंगे। उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच पिछले साल नवंबर में कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। आखिरी टी-20 मैच उन्होंने 9 जनवरी 2011 को दक्षिण अफ्रीका से खेला था। अमेरिका में कीमोथैरेपी के बाद एनसीए में रिहैबिलिटेशन कराके लौटे युवराज बीमारी से उबरने के बाद पहली बार भारत की जर्सी पहनेंगे। उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच पिछले साल नवंबर में कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। आखिरी टी-20 मैच उन्होंने 9 जनवरी 2011 को दक्षिण अफ्रीका से खेला था।
संक्षिप्त सारांश: बारिश के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 क्रिकेट मैच में युवराज सिंह की मैदान पर वापसी नहीं हो सकी, लेकिन मंगलवार को होने वाले दूसरे मैच में एक बार फिर सभी की नजरें इस चैम्पियन पर होंगी।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने बाजार नियामक सेबी के आदेश के खिलाफ सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की याचिका पर सुनवाई 20 अप्रैल तक स्थगित कर दी। बाजार नियामक सेबी ने सहारा समूह की दो कंपनियों और सुब्रत रॉय सहित अन्य शीर्ष कार्यकारियों के बैंक खाते और संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया है। सेबी के इसी आदेश के खिलाफ सहारा समूह प्रमुख ने सैट में अपील की है। प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने मामले की प्राथमिक सुनवाई के दौरान मामले पर आगे की सुनवाई 20 अप्रैल तक के लिए टाल दी। सहारा समूह के वकील ने चिकित्सा कारणों से सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया था। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा विभिन्न अवैध तरीकों से निवेशकों से जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये के रिफंड से जुड़ा है। सेबी के खिलाफ सहारा की ओर से सुब्रत रॉय द्वारा खुद एवं समूह की कंपनी सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कार्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल) सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल), अशोक राय चौधरी एवं अन्य की ओर से चार याचिकाएं दाखिल की गई हैं। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये से अधिक धन के रिफंड से जुड़ा है। ये चारों याचिकाएं सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय, सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल), सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और अशोक राय चौधरी एवं अन्य द्वारा दायर की गई हैं। इन याचिकाओं में सेबी के 13 फरवरी के कुर्की के आदेश चुनौती दी गई है। बाजार नियामक ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए आवश्यक धन की वसूली के लिए इन व्यक्तियों और कंपनियों की संपत्तियों की बिक्री हेतु कुर्की की कार्रवाई शुरू की है।टिप्पणियां रॉय ने सेबी द्वारा जारी कुर्की के आदेशों के खिलाफ फरवरी में सैट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद बाकी व्यक्तियों ने अपनी याचिकाएं दायर कीं। न्यायाधिकरण ने इससे पहले 26 मार्च को मामले पर सुनवाई की थी, जिसमें उसने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का फैसला किया था। संयोग से, सेबी ने 26 मार्च को एक अन्य आदेश पारित किया, जिसमें उसने राय एवं अन्य तीन शीर्ष अधिकारियों को 10 अप्रैल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था। रॉय एवं अन्य तीन अधिकारी 10 अप्रैल को सेबी के मुख्यालय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत सरण के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। सेबी में पेशी के बाद राय ने कहा था कि सहारा समूह ने सेबी द्वारा मांगे गए ब्योरे उपलब्ध कराए हैं और उनसे कुछ और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है, जिन्हें वह जल्द ही जमा कर देंगे। बाजार नियामक सेबी ने सहारा समूह की दो कंपनियों और सुब्रत रॉय सहित अन्य शीर्ष कार्यकारियों के बैंक खाते और संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया है। सेबी के इसी आदेश के खिलाफ सहारा समूह प्रमुख ने सैट में अपील की है। प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने मामले की प्राथमिक सुनवाई के दौरान मामले पर आगे की सुनवाई 20 अप्रैल तक के लिए टाल दी। सहारा समूह के वकील ने चिकित्सा कारणों से सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया था। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा विभिन्न अवैध तरीकों से निवेशकों से जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये के रिफंड से जुड़ा है। सेबी के खिलाफ सहारा की ओर से सुब्रत रॉय द्वारा खुद एवं समूह की कंपनी सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कार्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल) सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल), अशोक राय चौधरी एवं अन्य की ओर से चार याचिकाएं दाखिल की गई हैं। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये से अधिक धन के रिफंड से जुड़ा है। ये चारों याचिकाएं सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय, सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल), सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और अशोक राय चौधरी एवं अन्य द्वारा दायर की गई हैं। इन याचिकाओं में सेबी के 13 फरवरी के कुर्की के आदेश चुनौती दी गई है। बाजार नियामक ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए आवश्यक धन की वसूली के लिए इन व्यक्तियों और कंपनियों की संपत्तियों की बिक्री हेतु कुर्की की कार्रवाई शुरू की है।टिप्पणियां रॉय ने सेबी द्वारा जारी कुर्की के आदेशों के खिलाफ फरवरी में सैट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद बाकी व्यक्तियों ने अपनी याचिकाएं दायर कीं। न्यायाधिकरण ने इससे पहले 26 मार्च को मामले पर सुनवाई की थी, जिसमें उसने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का फैसला किया था। संयोग से, सेबी ने 26 मार्च को एक अन्य आदेश पारित किया, जिसमें उसने राय एवं अन्य तीन शीर्ष अधिकारियों को 10 अप्रैल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था। रॉय एवं अन्य तीन अधिकारी 10 अप्रैल को सेबी के मुख्यालय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत सरण के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। सेबी में पेशी के बाद राय ने कहा था कि सहारा समूह ने सेबी द्वारा मांगे गए ब्योरे उपलब्ध कराए हैं और उनसे कुछ और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है, जिन्हें वह जल्द ही जमा कर देंगे। सहारा समूह के वकील ने चिकित्सा कारणों से सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया था। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा विभिन्न अवैध तरीकों से निवेशकों से जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये के रिफंड से जुड़ा है। सेबी के खिलाफ सहारा की ओर से सुब्रत रॉय द्वारा खुद एवं समूह की कंपनी सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कार्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल) सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल), अशोक राय चौधरी एवं अन्य की ओर से चार याचिकाएं दाखिल की गई हैं। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये से अधिक धन के रिफंड से जुड़ा है। ये चारों याचिकाएं सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय, सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल), सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और अशोक राय चौधरी एवं अन्य द्वारा दायर की गई हैं। इन याचिकाओं में सेबी के 13 फरवरी के कुर्की के आदेश चुनौती दी गई है। बाजार नियामक ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए आवश्यक धन की वसूली के लिए इन व्यक्तियों और कंपनियों की संपत्तियों की बिक्री हेतु कुर्की की कार्रवाई शुरू की है।टिप्पणियां रॉय ने सेबी द्वारा जारी कुर्की के आदेशों के खिलाफ फरवरी में सैट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद बाकी व्यक्तियों ने अपनी याचिकाएं दायर कीं। न्यायाधिकरण ने इससे पहले 26 मार्च को मामले पर सुनवाई की थी, जिसमें उसने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का फैसला किया था। संयोग से, सेबी ने 26 मार्च को एक अन्य आदेश पारित किया, जिसमें उसने राय एवं अन्य तीन शीर्ष अधिकारियों को 10 अप्रैल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था। रॉय एवं अन्य तीन अधिकारी 10 अप्रैल को सेबी के मुख्यालय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत सरण के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। सेबी में पेशी के बाद राय ने कहा था कि सहारा समूह ने सेबी द्वारा मांगे गए ब्योरे उपलब्ध कराए हैं और उनसे कुछ और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है, जिन्हें वह जल्द ही जमा कर देंगे। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये से अधिक धन के रिफंड से जुड़ा है। ये चारों याचिकाएं सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय, सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल), सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और अशोक राय चौधरी एवं अन्य द्वारा दायर की गई हैं। इन याचिकाओं में सेबी के 13 फरवरी के कुर्की के आदेश चुनौती दी गई है। बाजार नियामक ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए आवश्यक धन की वसूली के लिए इन व्यक्तियों और कंपनियों की संपत्तियों की बिक्री हेतु कुर्की की कार्रवाई शुरू की है।टिप्पणियां रॉय ने सेबी द्वारा जारी कुर्की के आदेशों के खिलाफ फरवरी में सैट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद बाकी व्यक्तियों ने अपनी याचिकाएं दायर कीं। न्यायाधिकरण ने इससे पहले 26 मार्च को मामले पर सुनवाई की थी, जिसमें उसने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का फैसला किया था। संयोग से, सेबी ने 26 मार्च को एक अन्य आदेश पारित किया, जिसमें उसने राय एवं अन्य तीन शीर्ष अधिकारियों को 10 अप्रैल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था। रॉय एवं अन्य तीन अधिकारी 10 अप्रैल को सेबी के मुख्यालय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत सरण के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। सेबी में पेशी के बाद राय ने कहा था कि सहारा समूह ने सेबी द्वारा मांगे गए ब्योरे उपलब्ध कराए हैं और उनसे कुछ और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है, जिन्हें वह जल्द ही जमा कर देंगे। इन याचिकाओं में सेबी के 13 फरवरी के कुर्की के आदेश चुनौती दी गई है। बाजार नियामक ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए आवश्यक धन की वसूली के लिए इन व्यक्तियों और कंपनियों की संपत्तियों की बिक्री हेतु कुर्की की कार्रवाई शुरू की है।टिप्पणियां रॉय ने सेबी द्वारा जारी कुर्की के आदेशों के खिलाफ फरवरी में सैट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद बाकी व्यक्तियों ने अपनी याचिकाएं दायर कीं। न्यायाधिकरण ने इससे पहले 26 मार्च को मामले पर सुनवाई की थी, जिसमें उसने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का फैसला किया था। संयोग से, सेबी ने 26 मार्च को एक अन्य आदेश पारित किया, जिसमें उसने राय एवं अन्य तीन शीर्ष अधिकारियों को 10 अप्रैल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था। रॉय एवं अन्य तीन अधिकारी 10 अप्रैल को सेबी के मुख्यालय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत सरण के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। सेबी में पेशी के बाद राय ने कहा था कि सहारा समूह ने सेबी द्वारा मांगे गए ब्योरे उपलब्ध कराए हैं और उनसे कुछ और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है, जिन्हें वह जल्द ही जमा कर देंगे। रॉय ने सेबी द्वारा जारी कुर्की के आदेशों के खिलाफ फरवरी में सैट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद बाकी व्यक्तियों ने अपनी याचिकाएं दायर कीं। न्यायाधिकरण ने इससे पहले 26 मार्च को मामले पर सुनवाई की थी, जिसमें उसने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का फैसला किया था। संयोग से, सेबी ने 26 मार्च को एक अन्य आदेश पारित किया, जिसमें उसने राय एवं अन्य तीन शीर्ष अधिकारियों को 10 अप्रैल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था। रॉय एवं अन्य तीन अधिकारी 10 अप्रैल को सेबी के मुख्यालय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत सरण के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। सेबी में पेशी के बाद राय ने कहा था कि सहारा समूह ने सेबी द्वारा मांगे गए ब्योरे उपलब्ध कराए हैं और उनसे कुछ और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है, जिन्हें वह जल्द ही जमा कर देंगे। रॉय एवं अन्य तीन अधिकारी 10 अप्रैल को सेबी के मुख्यालय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत सरण के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। सेबी में पेशी के बाद राय ने कहा था कि सहारा समूह ने सेबी द्वारा मांगे गए ब्योरे उपलब्ध कराए हैं और उनसे कुछ और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है, जिन्हें वह जल्द ही जमा कर देंगे।
सारांश: सेबी ने निवेशकों का धन लौटाने के मामले में सुब्रत रॉय के साथ समूह की दो कंपनियों और उनके शीर्ष अधिकारियों के बैंक खातों व संपत्तियों की कुर्की के आदेश दिए हैं, जिसके खिलाफ सुब्रत रॉय ने यह याचिका दायर की है।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नौहट्टा चौक पर हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 49 बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर प्रमोद कुमार शहीद हो गए. हमला करने वाले दोनों आतंकियों को सीआरपीएफ ने मार गिराया है. हमले में नौ जवान घायल हुए हैं. अचानक हुए आतंकी हमले में प्रमोद कुमार के सिर में गोली लगी. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. 15 अक्टूबर, 1972 में पटना के बख्तियारपुर में जन्मे प्रमोद कुमार ने 1998 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था. देश के अलग-अलग खतरनाक इलाकों में तैनाती के अलावा 2011 से 2014 तक प्रमोद कुमार पीएम की सुरक्षा में तैनात एसपीजी का हिस्सा भी रहे.टिप्पणियां 18 साल की सेवा के बाद उन्हें कुछ महीने पहले ही प्रमोशन के बाद कमांडिंग ऑफिसर का पद मिला था. वह अपने पीछे पत्नी नेहा त्रिपाठी और बेटी आरना को छोड़ गए हैं. जम्मू एवं कश्मीर की आतंरिक सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के लिए यह एक बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई होनी काफी मुश्किल है. बताया गया है कि श्रीनगर में काफी लंबे समय के बाद इस तरह का कोई हमला हुआ है. गौरतलब है कि नौहट्टा उस बख्शी स्टेडियम से ज़्यादा दूर नहीं है, जहां मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा ले रही थीं. हमला उस समय हुआ, जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में ऐतिहसिक लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को लताड़ रहे थे. अचानक हुए आतंकी हमले में प्रमोद कुमार के सिर में गोली लगी. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. 15 अक्टूबर, 1972 में पटना के बख्तियारपुर में जन्मे प्रमोद कुमार ने 1998 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था. देश के अलग-अलग खतरनाक इलाकों में तैनाती के अलावा 2011 से 2014 तक प्रमोद कुमार पीएम की सुरक्षा में तैनात एसपीजी का हिस्सा भी रहे.टिप्पणियां 18 साल की सेवा के बाद उन्हें कुछ महीने पहले ही प्रमोशन के बाद कमांडिंग ऑफिसर का पद मिला था. वह अपने पीछे पत्नी नेहा त्रिपाठी और बेटी आरना को छोड़ गए हैं. जम्मू एवं कश्मीर की आतंरिक सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के लिए यह एक बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई होनी काफी मुश्किल है. बताया गया है कि श्रीनगर में काफी लंबे समय के बाद इस तरह का कोई हमला हुआ है. गौरतलब है कि नौहट्टा उस बख्शी स्टेडियम से ज़्यादा दूर नहीं है, जहां मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा ले रही थीं. हमला उस समय हुआ, जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में ऐतिहसिक लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को लताड़ रहे थे. 18 साल की सेवा के बाद उन्हें कुछ महीने पहले ही प्रमोशन के बाद कमांडिंग ऑफिसर का पद मिला था. वह अपने पीछे पत्नी नेहा त्रिपाठी और बेटी आरना को छोड़ गए हैं. जम्मू एवं कश्मीर की आतंरिक सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के लिए यह एक बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई होनी काफी मुश्किल है. बताया गया है कि श्रीनगर में काफी लंबे समय के बाद इस तरह का कोई हमला हुआ है. गौरतलब है कि नौहट्टा उस बख्शी स्टेडियम से ज़्यादा दूर नहीं है, जहां मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा ले रही थीं. हमला उस समय हुआ, जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में ऐतिहसिक लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को लताड़ रहे थे. बताया गया है कि श्रीनगर में काफी लंबे समय के बाद इस तरह का कोई हमला हुआ है. गौरतलब है कि नौहट्टा उस बख्शी स्टेडियम से ज़्यादा दूर नहीं है, जहां मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा ले रही थीं. हमला उस समय हुआ, जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में ऐतिहसिक लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को लताड़ रहे थे.
हमला करने वाले दोनों आतंकियों को सीआरपीएफ ने मार गिराया आतंकी हमले में हमले में सुरक्षा बल के नौ जवान घायल प्रमोद कुमार ने 1998 में ज्वाइन की थी सीआरपीएफ
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के एक वरिष्ठ सलाहकार जान मोहम्मद खान और उनके घर पर मौजूद एक सांसद की अज्ञात बंदूकधारियों ने रविवार शाम उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम आठ बजे कारताई चार इलाके में स्थित उनके घर में ही खान और एक सांसद हाशिम वातानवल की हत्या कर दी गई। हमलावरों और सुरक्षाकर्मियों के बीच चली मुठभेड़ में एक बंदूकधारी भी मारा गया जबकि एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया। इस घटना के बाद से ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों की संख्या तीन थी। अफगान और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सेनाओं ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। अपने आप को आतंकवादी संगठन तालिबान का प्रवक्ता बताने वाले जबिउल्ला मुहाजिद ने मीडिया को भेजे गए एक ई-मेल में इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने कहा है कि खान की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह तालिबान के खिलाफ अभियान में गठबंधन सेनाओं की सहायता कर रहे थे। गौरतलब है कि खान जनवरी 2002 से मार्च 2006 तक उरुजगन प्रांत के गवर्नर रह चुके थे। राष्ट्रपति हामिद करजई के भाई अहमद वाली करजई की हत्या के एक सप्ताह के भीतर ही तालिबानी आतंकवादियों ने इस घटना को अंजाम दिया है।
संक्षिप्त सारांश: हामिद करजई के सलाहकार जान मोहम्मद खान और उनके घर पर मौजूद सांसद की अज्ञात लोगों ने उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: दरअसल पेंच की शुरुआत तब हुई जब बीजेपी के बाद रविवार देर शाम मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता इबोबी सिंह ने भी राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. कांग्रेस ने एनपीपी के जिन विधायकों के समर्थन का दावा किया न सिर्फ वे बीजेपी के साथ राज्यभवन में दिखे, बल्कि कांग्रेस के श्याम कुमार और तृणमूल कांग्रेस के रोबिंद्र सिंह ने भी अपना पाला बदल लिया है.टिप्पणियां वहीं, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी के साथ आए श्याम कुमार के खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की बात हो रही है, लेकिन बीजेपी उनके साथ खड़ी है. इतना ही नहीं कांग्रेस को जिस एनपीपी से साथ की उम्मीद थी वो भी अब हाथ से फिसलती दिख रही है. फिलहाल बीजेपी ने जिन 32 विधायकों के साथ का दावा पेश किया है उनमें अपने 21 विधायकों के अलावा एनपीपी और एनपीएफ़ के चार-चार, और एलजेपी, टीएमसी और कांग्रेस के 1-1 विधायक शामिल हैं. वहीं, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी के साथ आए श्याम कुमार के खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की बात हो रही है, लेकिन बीजेपी उनके साथ खड़ी है. इतना ही नहीं कांग्रेस को जिस एनपीपी से साथ की उम्मीद थी वो भी अब हाथ से फिसलती दिख रही है. फिलहाल बीजेपी ने जिन 32 विधायकों के साथ का दावा पेश किया है उनमें अपने 21 विधायकों के अलावा एनपीपी और एनपीएफ़ के चार-चार, और एलजेपी, टीएमसी और कांग्रेस के 1-1 विधायक शामिल हैं. फिलहाल बीजेपी ने जिन 32 विधायकों के साथ का दावा पेश किया है उनमें अपने 21 विधायकों के अलावा एनपीपी और एनपीएफ़ के चार-चार, और एलजेपी, टीएमसी और कांग्रेस के 1-1 विधायक शामिल हैं.
संक्षिप्त पाठ: बीजेपी ने अपने पक्ष में 32 विधायकों का समर्थन पत्र पेश इबोबी सिंह ने भी राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है इबोबी सिंह इस्तीफ़े को लेकर आनाकानी करते दिखे
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार में एनडीए  (Bihar NDA) ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. कुल 39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान हुआ है, जिसमें बीजेपी (BJP) के 17 उम्मीदवारों का नाम शामिल है. इस लिस्ट में केंद्र सरकार में 3 मंत्रियों का नाम भी शामिल हैं जो इस बार चुनावी मैदान में सीधा मुकाबला करेंगे. इनमें कृषि और किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह (Radha Mohan Singh), सूक्ष्म-लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री गिराराज सिंह (Giriraj Singh) और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) का नाम शामिल है. साल 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने 30 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 22 को जीत हासिल हुई थी. इसके अलावा एलजेपी ने 7 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें 6 पर उन्हें जीत मिली थी. इसके अलावा 2014 के चुनावों के दौरान रालोसपा भी एनडीए का हिस्सा हुआ करती थी. जिसनें 3 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और तीनों पर जीत दर्ज की थी. पिछले आम चुनावों में जेडीयू, एनडीए से अलग होकर मैदान में उतरी थी. जेडीयू ने 38 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था लेकिन सिर्फ 2 सीटों पर उन्हें जीत मिली थी. ऐसे में कहा जा सकता है कि इस बार का चुनाव दिलचस्प होने वाला है. बीजेपी ने जिन 17 उम्मीदवारों को मौका दिया है. उनकी लिस्ट यहां है.
बिहार में NDA ने किया अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान बीजेपी के 17 उम्मीदवार उतरेंगे चुनावी मैदान में गिरिराज सिंह को नवादा की जगह बेगूसराय से मिला टिकट
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री वी नारायणसामी के सीएजी कार्यालय पर दिए बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को विपक्ष और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के झंडाबरदार अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार पर हमला बोल दिया। दोनों का ही कहना है कि सरकार सीएजी कार्यालय की अहमियत कम करना चाहती है। केजरीवाल ने सरकार पर सीएजी को अपना एजेंट बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी नेता वैंकेया नायडू ने आज कांग्रेस पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह पर हमला करते हुए कहा कि अब सरकार सीएजी के कार्यालय पर राजनीति से प्रेरित होने का आरोप लगा रही है।टिप्पणियां नायडू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यह काम पहले भी बोफोर्स के सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट आने के बाद किया था। इतना ही नहीं तमाम मौकों पर सीएजी की रिपोर्ट को सरकार ने  खारिज कर दिया है। वैंकेया नायडू का कहना था कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास यही रहा है कि इसने देश के तमाम महत्वपूर्ण कार्यालयों की महत्ता कम कर दी है। गौरतलब है कि रविवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी ने बयान दिया था कि सरकार सीएजी को कई सदस्यीय संस्था बनाने पर तेजी से विचार कर रही है। 'भाषा' की इस खबर के बाद एक ओर नारायणसामी ने ऐसी कोई बात कहने का खंडन किया है, वहीं 'भाषा' ने दोहराया कि वह अपनी खबर पर कायम है। दोनों का ही कहना है कि सरकार सीएजी कार्यालय की अहमियत कम करना चाहती है। केजरीवाल ने सरकार पर सीएजी को अपना एजेंट बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी नेता वैंकेया नायडू ने आज कांग्रेस पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह पर हमला करते हुए कहा कि अब सरकार सीएजी के कार्यालय पर राजनीति से प्रेरित होने का आरोप लगा रही है।टिप्पणियां नायडू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यह काम पहले भी बोफोर्स के सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट आने के बाद किया था। इतना ही नहीं तमाम मौकों पर सीएजी की रिपोर्ट को सरकार ने  खारिज कर दिया है। वैंकेया नायडू का कहना था कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास यही रहा है कि इसने देश के तमाम महत्वपूर्ण कार्यालयों की महत्ता कम कर दी है। गौरतलब है कि रविवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी ने बयान दिया था कि सरकार सीएजी को कई सदस्यीय संस्था बनाने पर तेजी से विचार कर रही है। 'भाषा' की इस खबर के बाद एक ओर नारायणसामी ने ऐसी कोई बात कहने का खंडन किया है, वहीं 'भाषा' ने दोहराया कि वह अपनी खबर पर कायम है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी नेता वैंकेया नायडू ने आज कांग्रेस पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह पर हमला करते हुए कहा कि अब सरकार सीएजी के कार्यालय पर राजनीति से प्रेरित होने का आरोप लगा रही है।टिप्पणियां नायडू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यह काम पहले भी बोफोर्स के सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट आने के बाद किया था। इतना ही नहीं तमाम मौकों पर सीएजी की रिपोर्ट को सरकार ने  खारिज कर दिया है। वैंकेया नायडू का कहना था कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास यही रहा है कि इसने देश के तमाम महत्वपूर्ण कार्यालयों की महत्ता कम कर दी है। गौरतलब है कि रविवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी ने बयान दिया था कि सरकार सीएजी को कई सदस्यीय संस्था बनाने पर तेजी से विचार कर रही है। 'भाषा' की इस खबर के बाद एक ओर नारायणसामी ने ऐसी कोई बात कहने का खंडन किया है, वहीं 'भाषा' ने दोहराया कि वह अपनी खबर पर कायम है। नायडू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यह काम पहले भी बोफोर्स के सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट आने के बाद किया था। इतना ही नहीं तमाम मौकों पर सीएजी की रिपोर्ट को सरकार ने  खारिज कर दिया है। वैंकेया नायडू का कहना था कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास यही रहा है कि इसने देश के तमाम महत्वपूर्ण कार्यालयों की महत्ता कम कर दी है। गौरतलब है कि रविवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी ने बयान दिया था कि सरकार सीएजी को कई सदस्यीय संस्था बनाने पर तेजी से विचार कर रही है। 'भाषा' की इस खबर के बाद एक ओर नारायणसामी ने ऐसी कोई बात कहने का खंडन किया है, वहीं 'भाषा' ने दोहराया कि वह अपनी खबर पर कायम है। गौरतलब है कि रविवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी ने बयान दिया था कि सरकार सीएजी को कई सदस्यीय संस्था बनाने पर तेजी से विचार कर रही है। 'भाषा' की इस खबर के बाद एक ओर नारायणसामी ने ऐसी कोई बात कहने का खंडन किया है, वहीं 'भाषा' ने दोहराया कि वह अपनी खबर पर कायम है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री वी नारायणसामी के सीएजी कार्यालय पर दिए बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को विपक्ष और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के झंडाबरदार अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार पर हमला बोल दिया।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के रोहन बोपन्ना और उनके पाकिस्तानी जोड़ीदार एहसाम उल हक कुरैशी की जोड़ी की एटीपी रोजर्स कप टूर्नामेंट में चुनौती खत्म हो गई है। 'इंडो-पाक एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी का शुक्रवार को पुरुषों की युगल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में सामना विश्व के शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका के बॉब और माइक ब्रायन की जोड़ी से होना था। क्वार्टर फाइनल मुकाबला शुरू होने के थोड़ी देर बाद बोपन्ना ने बाएं टखने में खिंचाव की शिकायत की और वह रिटायर्ड हर्ट होकर कोर्ट से बाहर चले गए। बोपन्ना जब रिटायर्ड हर्ट हुए उस समय पहले सेट का स्कोर 3-3 था। इस प्रकार से ब्रायन बंधुओं ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। उल्लेखनीय है कि पांचवीं वरीयता प्राप्त बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी। बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी ने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के पॉल हेनले और ब्राजील के ब्रूनो सोआरेस  की जोड़ी को 6-4, 7-6(6) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के रोहन बोपन्ना और उनके पाकिस्तानी जोड़ीदार एहसाम उल हक कुरैशी की जोड़ी की एटीपी रोजर्स कप टूर्नामेंट में चुनौती खत्म हो गई है।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के उपराष्ट्रपति पद के लिए केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सोमवार शाम को बैठक कर अपने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है. केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू इस पद के लिए प्रत्याशी बनाए गए हैं. आज पार्टी की शीर्ष संस्था संसदीय बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगाई गई. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बताया कि उनका नाम सर्वसम्मति से चुना गया है. वेंकैया नायडू कल नामांकन दाखिल करेंगे.  वेंकैया नायडू अभी शहरी विकास और सूचना प्रसारण मंत्री हैं. बीजेपी के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं. वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रहे हैं. दक्षिण भारत से हैं यही बात उनके पक्ष में सबसे ज्यादा गई. पार्टी के भीतरी सूत्रों का कहना है कि वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद का दावेदार बनाए जाने से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पार्टी की पैठ बढ़ेगी. राज्यसभा का गहन अनुभव है. चौथी बार राज्य सभा सांसद है. बचपन से आरएसएस से जुड़े रहे हैं. आपातकाल में मीसाबंदी. पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं. अन्य पार्टी के नेताओं से अच्छे रिश्ते हैं. सदन चलाने की क्षमता है. मोदी सरकार के संकटमोचक की छवि है. संसदीय कार्यमंत्री रहने के नाते संसदीय नियमों की जानकारी है. बीजेपी तथा उसके सलाहकार अपने प्रत्याशी में तीन खासियतें चाह रहे थे - उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी की बीजेपी तथा उसके वैचारिक संरक्षक कहे जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मूल्यों में विश्वास रखने की पृष्ठभूमि होनी चाहिए.  राज्यसभा के सभापति के रूप में सदन के निर्बाध संचालन की क्षमता होनी चाहिए. गौरतलब है कि संसद के उच्च सदन में बीजेपी फिलहाल अल्पमत में है. वह बीजेपी के समर्थक वर्गों में से किसी एक का प्रतिनिधि होना चाहिए, जैसे राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद दलित वर्ग से संबंध रखते हैं. टिप्पणियां इसी साल मई में पत्रकारों द्वारा बातचीत के दौरान सवाल किए जाने पर वेंकैया नायडू ने शब्दों से खेलने की अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए खुद को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर बताया था. उन्होंने कहा था, "न मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, न उपराष्ट्रपति बनना चाहता हूं... मैं 'उषापति' बनकर ही खुश हूं..." गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपनी ओर से प्रत्याशी घोषित किया था. गोपालकृष्ण गांधी राज्यपाल भी रह चुके हैं, और उनके नाम पर राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में भी चर्चा की गई थी. वेंकैया नायडू अभी शहरी विकास और सूचना प्रसारण मंत्री हैं. बीजेपी के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं. वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रहे हैं. दक्षिण भारत से हैं यही बात उनके पक्ष में सबसे ज्यादा गई. पार्टी के भीतरी सूत्रों का कहना है कि वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद का दावेदार बनाए जाने से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पार्टी की पैठ बढ़ेगी. राज्यसभा का गहन अनुभव है. चौथी बार राज्य सभा सांसद है. बचपन से आरएसएस से जुड़े रहे हैं. आपातकाल में मीसाबंदी. पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं. अन्य पार्टी के नेताओं से अच्छे रिश्ते हैं. सदन चलाने की क्षमता है. मोदी सरकार के संकटमोचक की छवि है. संसदीय कार्यमंत्री रहने के नाते संसदीय नियमों की जानकारी है. बीजेपी तथा उसके सलाहकार अपने प्रत्याशी में तीन खासियतें चाह रहे थे - उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी की बीजेपी तथा उसके वैचारिक संरक्षक कहे जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मूल्यों में विश्वास रखने की पृष्ठभूमि होनी चाहिए.  राज्यसभा के सभापति के रूप में सदन के निर्बाध संचालन की क्षमता होनी चाहिए. गौरतलब है कि संसद के उच्च सदन में बीजेपी फिलहाल अल्पमत में है. वह बीजेपी के समर्थक वर्गों में से किसी एक का प्रतिनिधि होना चाहिए, जैसे राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद दलित वर्ग से संबंध रखते हैं. टिप्पणियां इसी साल मई में पत्रकारों द्वारा बातचीत के दौरान सवाल किए जाने पर वेंकैया नायडू ने शब्दों से खेलने की अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए खुद को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर बताया था. उन्होंने कहा था, "न मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, न उपराष्ट्रपति बनना चाहता हूं... मैं 'उषापति' बनकर ही खुश हूं..." गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपनी ओर से प्रत्याशी घोषित किया था. गोपालकृष्ण गांधी राज्यपाल भी रह चुके हैं, और उनके नाम पर राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में भी चर्चा की गई थी. बीजेपी तथा उसके सलाहकार अपने प्रत्याशी में तीन खासियतें चाह रहे थे - उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी की बीजेपी तथा उसके वैचारिक संरक्षक कहे जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मूल्यों में विश्वास रखने की पृष्ठभूमि होनी चाहिए.  राज्यसभा के सभापति के रूप में सदन के निर्बाध संचालन की क्षमता होनी चाहिए. गौरतलब है कि संसद के उच्च सदन में बीजेपी फिलहाल अल्पमत में है. वह बीजेपी के समर्थक वर्गों में से किसी एक का प्रतिनिधि होना चाहिए, जैसे राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद दलित वर्ग से संबंध रखते हैं. टिप्पणियां इसी साल मई में पत्रकारों द्वारा बातचीत के दौरान सवाल किए जाने पर वेंकैया नायडू ने शब्दों से खेलने की अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए खुद को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर बताया था. उन्होंने कहा था, "न मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, न उपराष्ट्रपति बनना चाहता हूं... मैं 'उषापति' बनकर ही खुश हूं..." गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपनी ओर से प्रत्याशी घोषित किया था. गोपालकृष्ण गांधी राज्यपाल भी रह चुके हैं, और उनके नाम पर राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में भी चर्चा की गई थी. इसी साल मई में पत्रकारों द्वारा बातचीत के दौरान सवाल किए जाने पर वेंकैया नायडू ने शब्दों से खेलने की अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए खुद को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर बताया था. उन्होंने कहा था, "न मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, न उपराष्ट्रपति बनना चाहता हूं... मैं 'उषापति' बनकर ही खुश हूं..." गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपनी ओर से प्रत्याशी घोषित किया था. गोपालकृष्ण गांधी राज्यपाल भी रह चुके हैं, और उनके नाम पर राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में भी चर्चा की गई थी. गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपनी ओर से प्रत्याशी घोषित किया था. गोपालकृष्ण गांधी राज्यपाल भी रह चुके हैं, और उनके नाम पर राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में भी चर्चा की गई थी.
संक्षिप्त पाठ: वेकैंया नायडू वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रहे हैं राज्यसभा का गहन अनुभव है, चौथी बार राज्यसभा सांसद है अन्य पार्टी के नेताओं से अच्छे रिश्ते हैं, सदन चलाने की क्षमता है
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जयपुर के भट्टबस्ती थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के चार मंजिला एक मकान के ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां भट्टबस्ती पुलिस थानाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मकान ढहने से मलबे में दबे बिहार निवासी राजू (25 साल) समेत छह लोगों को निकाल कर कांवटिया और सवाई मान सिंह अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने राजू समेत दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। एक मृतक की पहचान नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि घायल चार लोगों में से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। थानाधिकारी ने मलबे में तीन ओर लोगों के दबे होने की आशंका जताई। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन का दल मलबा हटाने में जुटा है। उन्होंने बताया कि मकान जर्जर अवस्था में नहीं था। मकान मालिक की तलाश की जा रही है। भट्टबस्ती पुलिस थानाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मकान ढहने से मलबे में दबे बिहार निवासी राजू (25 साल) समेत छह लोगों को निकाल कर कांवटिया और सवाई मान सिंह अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने राजू समेत दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। एक मृतक की पहचान नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि घायल चार लोगों में से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। थानाधिकारी ने मलबे में तीन ओर लोगों के दबे होने की आशंका जताई। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन का दल मलबा हटाने में जुटा है। उन्होंने बताया कि मकान जर्जर अवस्था में नहीं था। मकान मालिक की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि घायल चार लोगों में से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। थानाधिकारी ने मलबे में तीन ओर लोगों के दबे होने की आशंका जताई। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन का दल मलबा हटाने में जुटा है। उन्होंने बताया कि मकान जर्जर अवस्था में नहीं था। मकान मालिक की तलाश की जा रही है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जयपुर के भट्टबस्ती थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के चार मंजिला एक मकान के ध्वस्त हो जाने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट बिहार सरकार और चंदा बाबू की याचिका पर सुनवाई करते हुए शहाबुद्दीन की जमानत को लेकर फैसला शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रखा. बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बिहार सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा आप ये कह रहे हैं कि मामला बेहद गंभीर है. शहाबुद्दीन के खिलाफ आपने कई आरोप भी लगाये लेकिन ये बताइये आपने उन 45 लंबित मामलों के लिए क्या कदम उठाये जिनमें शहाबुद्दीन को जमानत मिली. क्या इन मामलों में मिली जमानत को आपने चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा आप इस मामले को लेकर गंभीर नहीं थे. जब शहाबुद्दीन की तरफ से कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई तो क्या आपका ये फ़र्ज नहीं बनाता था कि आप हाई कोर्ट को बताये की निचली अदालत में मामले की स्थिति क्या है जबकि आप जानते थे कि हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि मामले का निपटारा 9 महीने की भीतर किया जाये.टिप्पणियां कोर्ट ने कहा एक साधारण आदमी भी यही जानना चाहता है कि शहाबुद्दीन जो 4 बार सांसद दो बार विधायक रहा है उसके खिलाफ अगर इतने मामले लंबित है तो उसमें सरकार ने क्या कदम उठाये हैं. जिन मामलों में शहाबुद्दीन को जमानत दी गई है उसको चुनौती देने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाये, ये सवाल जनता के मन भी होंगें. जिस पर बिहार सरकार ने कहा, इनके खिलाफ कई मामले हैं और लोग डर से इनके खिलाफ गवाही नहीं देना चाहते. तब कोर्ट ने कहा शहाबुद्दीन के खिलाफ इतने मामले में और सभी में जमानत मिली लेकिन आपने चुनौती नहीं दी. ये ऐसे है कि किसी के खिलाफ 10 आपराधिक मुक़दमे हैं, एक में उसको जमानत मिलती है लेकिन आप उसका विरोध नहीं करते लेकिन जब 10 वें मामले में जमानत मिलती है तो आप नींद से जागकर उसे चुनौती देते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा आप इस मामले को लेकर गंभीर नहीं थे. जब शहाबुद्दीन की तरफ से कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई तो क्या आपका ये फ़र्ज नहीं बनाता था कि आप हाई कोर्ट को बताये की निचली अदालत में मामले की स्थिति क्या है जबकि आप जानते थे कि हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि मामले का निपटारा 9 महीने की भीतर किया जाये.टिप्पणियां कोर्ट ने कहा एक साधारण आदमी भी यही जानना चाहता है कि शहाबुद्दीन जो 4 बार सांसद दो बार विधायक रहा है उसके खिलाफ अगर इतने मामले लंबित है तो उसमें सरकार ने क्या कदम उठाये हैं. जिन मामलों में शहाबुद्दीन को जमानत दी गई है उसको चुनौती देने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाये, ये सवाल जनता के मन भी होंगें. जिस पर बिहार सरकार ने कहा, इनके खिलाफ कई मामले हैं और लोग डर से इनके खिलाफ गवाही नहीं देना चाहते. तब कोर्ट ने कहा शहाबुद्दीन के खिलाफ इतने मामले में और सभी में जमानत मिली लेकिन आपने चुनौती नहीं दी. ये ऐसे है कि किसी के खिलाफ 10 आपराधिक मुक़दमे हैं, एक में उसको जमानत मिलती है लेकिन आप उसका विरोध नहीं करते लेकिन जब 10 वें मामले में जमानत मिलती है तो आप नींद से जागकर उसे चुनौती देते हैं. कोर्ट ने कहा एक साधारण आदमी भी यही जानना चाहता है कि शहाबुद्दीन जो 4 बार सांसद दो बार विधायक रहा है उसके खिलाफ अगर इतने मामले लंबित है तो उसमें सरकार ने क्या कदम उठाये हैं. जिन मामलों में शहाबुद्दीन को जमानत दी गई है उसको चुनौती देने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाये, ये सवाल जनता के मन भी होंगें. जिस पर बिहार सरकार ने कहा, इनके खिलाफ कई मामले हैं और लोग डर से इनके खिलाफ गवाही नहीं देना चाहते. तब कोर्ट ने कहा शहाबुद्दीन के खिलाफ इतने मामले में और सभी में जमानत मिली लेकिन आपने चुनौती नहीं दी. ये ऐसे है कि किसी के खिलाफ 10 आपराधिक मुक़दमे हैं, एक में उसको जमानत मिलती है लेकिन आप उसका विरोध नहीं करते लेकिन जब 10 वें मामले में जमानत मिलती है तो आप नींद से जागकर उसे चुनौती देते हैं. तब कोर्ट ने कहा शहाबुद्दीन के खिलाफ इतने मामले में और सभी में जमानत मिली लेकिन आपने चुनौती नहीं दी. ये ऐसे है कि किसी के खिलाफ 10 आपराधिक मुक़दमे हैं, एक में उसको जमानत मिलती है लेकिन आप उसका विरोध नहीं करते लेकिन जब 10 वें मामले में जमानत मिलती है तो आप नींद से जागकर उसे चुनौती देते हैं.
सुप्रीम कोर्ट बिहार सरकार और चंदा बाबू की याचिका पर सुनवाई करेगा बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार को डपट लगाई थी कोर्ट ने ये भी कहा आप इस मामले को लेकर गंभीर नहीं थे
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को शानदार तेजी दर्ज की गई और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 412.21 अंकों की तेजी के साथ 18,979.76 पर और निफ्टी 144.85 अंकों की तेजी के साथ 5,592.95 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 290.05 अंकों की तेजी के साथ 18,857.60 पर खुला और 412.21 अंकों या 2.22 फीसदी तेजी के साथ 18,979.76 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,117.52 के ऊपरी और 18,847.02 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 105.65 अंकों की तेजी के साथ 5,553.75 पर खुला और 144.85 अंकों या 2.66 फीसदी तेजी के साथ 5,592.95 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,625.75 के ऊपरी और 5,552.70 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 90.33 अंकों की तेजी के साथ 5,420.23 पर और स्मॉलकैप 79.35 अंकों की तेजी के साथ 5,310.31 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (9.30 फीसदी), रियल्टी (5.41 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (4.54 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (4.50 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.95 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.19 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में गिरावट रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 290.05 अंकों की तेजी के साथ 18,857.60 पर खुला और 412.21 अंकों या 2.22 फीसदी तेजी के साथ 18,979.76 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,117.52 के ऊपरी और 18,847.02 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 105.65 अंकों की तेजी के साथ 5,553.75 पर खुला और 144.85 अंकों या 2.66 फीसदी तेजी के साथ 5,592.95 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,625.75 के ऊपरी और 5,552.70 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 90.33 अंकों की तेजी के साथ 5,420.23 पर और स्मॉलकैप 79.35 अंकों की तेजी के साथ 5,310.31 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (9.30 फीसदी), रियल्टी (5.41 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (4.54 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (4.50 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.95 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.19 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 105.65 अंकों की तेजी के साथ 5,553.75 पर खुला और 144.85 अंकों या 2.66 फीसदी तेजी के साथ 5,592.95 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,625.75 के ऊपरी और 5,552.70 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 90.33 अंकों की तेजी के साथ 5,420.23 पर और स्मॉलकैप 79.35 अंकों की तेजी के साथ 5,310.31 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (9.30 फीसदी), रियल्टी (5.41 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (4.54 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (4.50 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.95 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.19 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में गिरावट रही। मिडकैप 90.33 अंकों की तेजी के साथ 5,420.23 पर और स्मॉलकैप 79.35 अंकों की तेजी के साथ 5,310.31 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (9.30 फीसदी), रियल्टी (5.41 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (4.54 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (4.50 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.95 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.19 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में गिरावट रही।
सारांश: बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (9.30 फीसदी), रियल्टी (5.41 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (4.54 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (4.50 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अरविंद केजरीवाल ने विरोध का नया तरीका ढूंढ़ निकाला है। इंडिया अगेंस्ट करपशन के अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थक संसद मार्ग थाने में गिरफ़्तारी देने पहुंच गए। इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और उनके कार्यकर्ताओं को बेवजह प्रताड़ित न करने का आश्वासन भी दिया। आश्वासन मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां से चले गए। इससे पहले, इंडिया अगेंस्ट करपशन के अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थकों ने सोमवार को संसद पुलिस थाने के बाहर धरना भी दिया। अरविंद पर 26 अगस्त को पीएम, सोनिया गांधी और नितिन गडकरी के घरों के घेराव के मामले और हंगामे को लेकर पुलिस ने उनके खिलाफ दंगा समेत पांच केस दर्ज किए थे। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि जब से उनके खिलाफ केस दर्ज हुए हैं उनके संगठन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा है। उनकी मांग थी कि 26 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान आईएसी के जिन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था उन्हें पुलिस पूछताछ के नाम पर तंग न करे।टिप्पणियां इस बाबत केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को भी एक चिट्ठी लिखी है। इसमें आरोप है कि करोड़ों के कोयला घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय वह उन लोगों को निशाना बना रही है जो घोटालेबाज़ों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हैं। खत में लिखा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जुर्म है तो हम सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने ख़त में ये भी लिखा है कि किस तरह राजा और कलमाडी पर एफआईआर करने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन जब घोटाले के विरोध में हम सड़कों पर उतरते हैं तो ना सिर्फ पुलिस के डंडे खाने पड़ते हैं, बल्कि झूठे आरोपों को सच साबित करने के लिए पुलिस चुस्ती से कार्रवाई करती है। इससे पहले, इंडिया अगेंस्ट करपशन के अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थकों ने सोमवार को संसद पुलिस थाने के बाहर धरना भी दिया। अरविंद पर 26 अगस्त को पीएम, सोनिया गांधी और नितिन गडकरी के घरों के घेराव के मामले और हंगामे को लेकर पुलिस ने उनके खिलाफ दंगा समेत पांच केस दर्ज किए थे। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि जब से उनके खिलाफ केस दर्ज हुए हैं उनके संगठन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा है। उनकी मांग थी कि 26 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान आईएसी के जिन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था उन्हें पुलिस पूछताछ के नाम पर तंग न करे।टिप्पणियां इस बाबत केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को भी एक चिट्ठी लिखी है। इसमें आरोप है कि करोड़ों के कोयला घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय वह उन लोगों को निशाना बना रही है जो घोटालेबाज़ों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हैं। खत में लिखा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जुर्म है तो हम सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने ख़त में ये भी लिखा है कि किस तरह राजा और कलमाडी पर एफआईआर करने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन जब घोटाले के विरोध में हम सड़कों पर उतरते हैं तो ना सिर्फ पुलिस के डंडे खाने पड़ते हैं, बल्कि झूठे आरोपों को सच साबित करने के लिए पुलिस चुस्ती से कार्रवाई करती है। अरविंद पर 26 अगस्त को पीएम, सोनिया गांधी और नितिन गडकरी के घरों के घेराव के मामले और हंगामे को लेकर पुलिस ने उनके खिलाफ दंगा समेत पांच केस दर्ज किए थे। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि जब से उनके खिलाफ केस दर्ज हुए हैं उनके संगठन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा है। उनकी मांग थी कि 26 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान आईएसी के जिन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था उन्हें पुलिस पूछताछ के नाम पर तंग न करे।टिप्पणियां इस बाबत केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को भी एक चिट्ठी लिखी है। इसमें आरोप है कि करोड़ों के कोयला घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय वह उन लोगों को निशाना बना रही है जो घोटालेबाज़ों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हैं। खत में लिखा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जुर्म है तो हम सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने ख़त में ये भी लिखा है कि किस तरह राजा और कलमाडी पर एफआईआर करने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन जब घोटाले के विरोध में हम सड़कों पर उतरते हैं तो ना सिर्फ पुलिस के डंडे खाने पड़ते हैं, बल्कि झूठे आरोपों को सच साबित करने के लिए पुलिस चुस्ती से कार्रवाई करती है। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि जब से उनके खिलाफ केस दर्ज हुए हैं उनके संगठन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा है। उनकी मांग थी कि 26 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान आईएसी के जिन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था उन्हें पुलिस पूछताछ के नाम पर तंग न करे।टिप्पणियां इस बाबत केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को भी एक चिट्ठी लिखी है। इसमें आरोप है कि करोड़ों के कोयला घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय वह उन लोगों को निशाना बना रही है जो घोटालेबाज़ों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हैं। खत में लिखा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जुर्म है तो हम सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने ख़त में ये भी लिखा है कि किस तरह राजा और कलमाडी पर एफआईआर करने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन जब घोटाले के विरोध में हम सड़कों पर उतरते हैं तो ना सिर्फ पुलिस के डंडे खाने पड़ते हैं, बल्कि झूठे आरोपों को सच साबित करने के लिए पुलिस चुस्ती से कार्रवाई करती है। उनकी मांग थी कि 26 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान आईएसी के जिन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था उन्हें पुलिस पूछताछ के नाम पर तंग न करे।टिप्पणियां इस बाबत केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को भी एक चिट्ठी लिखी है। इसमें आरोप है कि करोड़ों के कोयला घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय वह उन लोगों को निशाना बना रही है जो घोटालेबाज़ों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हैं। खत में लिखा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जुर्म है तो हम सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने ख़त में ये भी लिखा है कि किस तरह राजा और कलमाडी पर एफआईआर करने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन जब घोटाले के विरोध में हम सड़कों पर उतरते हैं तो ना सिर्फ पुलिस के डंडे खाने पड़ते हैं, बल्कि झूठे आरोपों को सच साबित करने के लिए पुलिस चुस्ती से कार्रवाई करती है। इस बाबत केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को भी एक चिट्ठी लिखी है। इसमें आरोप है कि करोड़ों के कोयला घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय वह उन लोगों को निशाना बना रही है जो घोटालेबाज़ों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हैं। खत में लिखा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जुर्म है तो हम सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने ख़त में ये भी लिखा है कि किस तरह राजा और कलमाडी पर एफआईआर करने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन जब घोटाले के विरोध में हम सड़कों पर उतरते हैं तो ना सिर्फ पुलिस के डंडे खाने पड़ते हैं, बल्कि झूठे आरोपों को सच साबित करने के लिए पुलिस चुस्ती से कार्रवाई करती है। खत में लिखा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जुर्म है तो हम सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने ख़त में ये भी लिखा है कि किस तरह राजा और कलमाडी पर एफआईआर करने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन जब घोटाले के विरोध में हम सड़कों पर उतरते हैं तो ना सिर्फ पुलिस के डंडे खाने पड़ते हैं, बल्कि झूठे आरोपों को सच साबित करने के लिए पुलिस चुस्ती से कार्रवाई करती है।
अरविंद केजरीवाल ने विरोध का नया तरीका ढूंढ़ निकाला है। इंडिया अगेंस्ट करपशन के अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थक संसद मार्ग थाने में गिरफ़्तारी देने पहुंचे लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह न्यूयॉर्क में इस महीने के आखिर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात करेंगे या नहीं इस बारे में रहस्य बरकरार रखते हुए भारत ने पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवादी गतिविधियों के संबंध में 'कटु वास्तविकताओं' को रेखांकित किया। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि मुलाकात के संबंध में अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री लेंगे। विदेश सचिव सुजाता सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम अभी अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया में है। उनके मुताबिक वह नहीं बता सकतीं कि मुलाकात होगी या नहीं। संवाददाताओं ने सुजाता से पूछा था कि क्या दोनों प्रधानमंत्री इस महीने के आखिर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मुलाकात करेंगे। मनमोहन सिंह 25 सितंबर को अमेरिका के लिए रवाना होंगे और 27 से 30 सितंबर तक न्यूयॉर्क में रहेंगे। खुर्शीद ने पीटीआई से कहा, हम कई चीजों को लेकर चिंतित हैं, जो हमने पिछले कुछ समय में पाकिस्तान को बता दी हैं। हमें संतोष मिलना चाहिए। हम चाहते हैं कि कुछ काम हो। हम इस बात के संकेत चाहते हैं कि हमने उन्हें जो बताया है, उन पर गंभीरता है। टिप्पणियां विदेश मंत्री से जब पूछा गया कि क्या मनमोहन और शरीफ मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा, आतंकी ढांचे को नेस्तानाबूद करना एक अहम बिंदु है। मुंबई में (26 नवंबर, 2008 को) जो हुआ, उसके लिए जवाबदेही भी एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु है। कम से कम कुछ शुरुआत होनी चाहिए। जब विदेश सचिव सुजाता सिंह के सामने इस बात का जिक्र किया गया कि शरीफ ने हाल ही में सकारात्मक बयान दिए हैं, तो उन्होंने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि अभी कुछ कटु जमीनी वास्तविकताएं हैं। सुजाता ने कहा, कटु जमीनी वास्तविकता से आशय है कि हम पाकिस्तान से गतिविधियां चला रहे संगठनों की ओर से और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवादी गतिविधियों का लगातार सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कई लोग भारत के खिलाफ विरोधी दुष्प्रचार में भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान में खुलेआम घूमते रहते हैं। पाकिस्तान में सर्वोच्च स्तर से बार-बार प्रतिबद्धताओं और बहुत सकारात्मक बयानों के बावजूद मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के प्रयासों में बहुत कम प्रगति हुई है। यह कटु सच्चाई हैं। देखते हैं क्या होता है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि मुलाकात के संबंध में अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री लेंगे। विदेश सचिव सुजाता सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम अभी अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया में है। उनके मुताबिक वह नहीं बता सकतीं कि मुलाकात होगी या नहीं। संवाददाताओं ने सुजाता से पूछा था कि क्या दोनों प्रधानमंत्री इस महीने के आखिर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मुलाकात करेंगे। मनमोहन सिंह 25 सितंबर को अमेरिका के लिए रवाना होंगे और 27 से 30 सितंबर तक न्यूयॉर्क में रहेंगे। खुर्शीद ने पीटीआई से कहा, हम कई चीजों को लेकर चिंतित हैं, जो हमने पिछले कुछ समय में पाकिस्तान को बता दी हैं। हमें संतोष मिलना चाहिए। हम चाहते हैं कि कुछ काम हो। हम इस बात के संकेत चाहते हैं कि हमने उन्हें जो बताया है, उन पर गंभीरता है। टिप्पणियां विदेश मंत्री से जब पूछा गया कि क्या मनमोहन और शरीफ मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा, आतंकी ढांचे को नेस्तानाबूद करना एक अहम बिंदु है। मुंबई में (26 नवंबर, 2008 को) जो हुआ, उसके लिए जवाबदेही भी एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु है। कम से कम कुछ शुरुआत होनी चाहिए। जब विदेश सचिव सुजाता सिंह के सामने इस बात का जिक्र किया गया कि शरीफ ने हाल ही में सकारात्मक बयान दिए हैं, तो उन्होंने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि अभी कुछ कटु जमीनी वास्तविकताएं हैं। सुजाता ने कहा, कटु जमीनी वास्तविकता से आशय है कि हम पाकिस्तान से गतिविधियां चला रहे संगठनों की ओर से और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवादी गतिविधियों का लगातार सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कई लोग भारत के खिलाफ विरोधी दुष्प्रचार में भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान में खुलेआम घूमते रहते हैं। पाकिस्तान में सर्वोच्च स्तर से बार-बार प्रतिबद्धताओं और बहुत सकारात्मक बयानों के बावजूद मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के प्रयासों में बहुत कम प्रगति हुई है। यह कटु सच्चाई हैं। देखते हैं क्या होता है। मनमोहन सिंह 25 सितंबर को अमेरिका के लिए रवाना होंगे और 27 से 30 सितंबर तक न्यूयॉर्क में रहेंगे। खुर्शीद ने पीटीआई से कहा, हम कई चीजों को लेकर चिंतित हैं, जो हमने पिछले कुछ समय में पाकिस्तान को बता दी हैं। हमें संतोष मिलना चाहिए। हम चाहते हैं कि कुछ काम हो। हम इस बात के संकेत चाहते हैं कि हमने उन्हें जो बताया है, उन पर गंभीरता है। टिप्पणियां विदेश मंत्री से जब पूछा गया कि क्या मनमोहन और शरीफ मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा, आतंकी ढांचे को नेस्तानाबूद करना एक अहम बिंदु है। मुंबई में (26 नवंबर, 2008 को) जो हुआ, उसके लिए जवाबदेही भी एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु है। कम से कम कुछ शुरुआत होनी चाहिए। जब विदेश सचिव सुजाता सिंह के सामने इस बात का जिक्र किया गया कि शरीफ ने हाल ही में सकारात्मक बयान दिए हैं, तो उन्होंने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि अभी कुछ कटु जमीनी वास्तविकताएं हैं। सुजाता ने कहा, कटु जमीनी वास्तविकता से आशय है कि हम पाकिस्तान से गतिविधियां चला रहे संगठनों की ओर से और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवादी गतिविधियों का लगातार सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कई लोग भारत के खिलाफ विरोधी दुष्प्रचार में भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान में खुलेआम घूमते रहते हैं। पाकिस्तान में सर्वोच्च स्तर से बार-बार प्रतिबद्धताओं और बहुत सकारात्मक बयानों के बावजूद मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के प्रयासों में बहुत कम प्रगति हुई है। यह कटु सच्चाई हैं। देखते हैं क्या होता है। विदेश मंत्री से जब पूछा गया कि क्या मनमोहन और शरीफ मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा, आतंकी ढांचे को नेस्तानाबूद करना एक अहम बिंदु है। मुंबई में (26 नवंबर, 2008 को) जो हुआ, उसके लिए जवाबदेही भी एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु है। कम से कम कुछ शुरुआत होनी चाहिए। जब विदेश सचिव सुजाता सिंह के सामने इस बात का जिक्र किया गया कि शरीफ ने हाल ही में सकारात्मक बयान दिए हैं, तो उन्होंने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि अभी कुछ कटु जमीनी वास्तविकताएं हैं। सुजाता ने कहा, कटु जमीनी वास्तविकता से आशय है कि हम पाकिस्तान से गतिविधियां चला रहे संगठनों की ओर से और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवादी गतिविधियों का लगातार सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कई लोग भारत के खिलाफ विरोधी दुष्प्रचार में भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान में खुलेआम घूमते रहते हैं। पाकिस्तान में सर्वोच्च स्तर से बार-बार प्रतिबद्धताओं और बहुत सकारात्मक बयानों के बावजूद मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के प्रयासों में बहुत कम प्रगति हुई है। यह कटु सच्चाई हैं। देखते हैं क्या होता है। सुजाता ने कहा, कटु जमीनी वास्तविकता से आशय है कि हम पाकिस्तान से गतिविधियां चला रहे संगठनों की ओर से और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवादी गतिविधियों का लगातार सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कई लोग भारत के खिलाफ विरोधी दुष्प्रचार में भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान में खुलेआम घूमते रहते हैं। पाकिस्तान में सर्वोच्च स्तर से बार-बार प्रतिबद्धताओं और बहुत सकारात्मक बयानों के बावजूद मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के प्रयासों में बहुत कम प्रगति हुई है। यह कटु सच्चाई हैं। देखते हैं क्या होता है।
संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह न्यूयॉर्क में इस महीने के आखिर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात करेंगे या नहीं इस बारे में रहस्य बरकरार रखते हुए भारत ने पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवादी गतिविधियों के संबंध में 'कटु वास्तविकताओं' को रेखांकित क
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['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपीए सरकार 2014 में हर हाथ में मोबाइल का नारा देकर भी चुनाव लड़ सकती है। 15 अगस्त को अपने भाषण में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गरीबी रेखा से नीचे के हर परिवार को मोबाइल देने की घोषणा कर सकते हैं। इसके साथ ही 200 मिनट की लोकल कॉल भी फ्री होंगी। गौरतलब है कि योजना आयोग और दूरसंचार विभाग से इस योजना की रूपरेखा तैयार कर 10 अगस्त तक पेश करने के लिए कहा गया है। इस योजना को लागू करने पर 7 हजार करोड़ का खर्च आएगा और इससे तकरीबन 60 लाख बीपीएल परिवारों को लाभ मिलेगा।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि 'हर हाथ में फोन' नाम की इस योजना की घोषणा स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाषण में की जाएगी। इस योजना के तहत करीब 60 लाख परिवारों को मोबाइल फोन के साथ ही 200 मिनट की कॉल भी मुफ्त दी जाएगी। बीजेपी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 2014 के आम चुनावों से पहले सरकार वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुट गई है। बीजेपी नेता बलबीर पुंज ने कहा कि गांवों में पहली जरूरत बिजली की है। बिना बिजली के मोबाइल की क्या आवश्यकता है? उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी योजना को बिना भ्रष्टाचार के लागू नहीं कर पाई है। गौरतलब है कि योजना आयोग और दूरसंचार विभाग से इस योजना की रूपरेखा तैयार कर 10 अगस्त तक पेश करने के लिए कहा गया है। इस योजना को लागू करने पर 7 हजार करोड़ का खर्च आएगा और इससे तकरीबन 60 लाख बीपीएल परिवारों को लाभ मिलेगा।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि 'हर हाथ में फोन' नाम की इस योजना की घोषणा स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाषण में की जाएगी। इस योजना के तहत करीब 60 लाख परिवारों को मोबाइल फोन के साथ ही 200 मिनट की कॉल भी मुफ्त दी जाएगी। बीजेपी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 2014 के आम चुनावों से पहले सरकार वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुट गई है। बीजेपी नेता बलबीर पुंज ने कहा कि गांवों में पहली जरूरत बिजली की है। बिना बिजली के मोबाइल की क्या आवश्यकता है? उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी योजना को बिना भ्रष्टाचार के लागू नहीं कर पाई है। सूत्रों ने बताया कि 'हर हाथ में फोन' नाम की इस योजना की घोषणा स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाषण में की जाएगी। इस योजना के तहत करीब 60 लाख परिवारों को मोबाइल फोन के साथ ही 200 मिनट की कॉल भी मुफ्त दी जाएगी। बीजेपी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 2014 के आम चुनावों से पहले सरकार वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुट गई है। बीजेपी नेता बलबीर पुंज ने कहा कि गांवों में पहली जरूरत बिजली की है। बिना बिजली के मोबाइल की क्या आवश्यकता है? उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी योजना को बिना भ्रष्टाचार के लागू नहीं कर पाई है। बीजेपी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 2014 के आम चुनावों से पहले सरकार वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुट गई है। बीजेपी नेता बलबीर पुंज ने कहा कि गांवों में पहली जरूरत बिजली की है। बिना बिजली के मोबाइल की क्या आवश्यकता है? उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी योजना को बिना भ्रष्टाचार के लागू नहीं कर पाई है।
संक्षिप्त सारांश: चुनावी माहौल के मद्देनजर 15 अगस्त को अपने भाषण में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गरीबी रेखा से नीचे के हर परिवार को मोबाइल देने की घोषणा कर सकते हैं।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुरु पुर्णिमा के अवसर पर आयोजित गुरु महोत्सव कार्यक्रम में महिलाओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास (Raghubar das) के पैर धोए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि सीएम रघुबर दास एक थाली में खड़े हैं और दो महिलाएं जमीन पर बैठकर उनके पांव धो रही हैं. महिलाएं गुलाब की पंखुड़ियों और पानी को सीएम के पैर पर डालकर उसे धोती दिख रही हैं. यह वीडियो जमशेदपुर के ब्रह्मा लोकधाम में आयोजित कार्यक्रम का है. गुरु महोत्सव के मौके पर कार्यक्रम में 62 वर्षीय सीएम रघुवर दास का स्वागत किया गया था. इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सीएम रघुबर दास ने महिलाओं का अपमान किया है.  रघुबर दास इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. गुरु पूर्णिमा हिंदू महीने आषाढ़ के पूर्ण चंद्रमा वाले दिन के रूप में चिन्हित है. हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म से ताल्लुक रखने वाले अपने गुरु के सम्मान में यह इस पर्व को मनाते हैं, जो कि जीवन में ज्ञान से हमारा मार्गदर्शन करते हैं. गुरु पूर्णिमा का दिन जून और जुलाई महीनों के बीच में आता है.   सीएम रघुबर दास का पैर धोती महिलाएं.टिप्पणियां बेंगलुरु आधारित कार्यकर्ता वृंदा अडिगे (Brinda Adige) ने कहा, 'इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस घटना के बाद किसी को भी मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है.' इस मामले पर कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने कहा, 'जब पैर धोने की बात आती है तो केवल महिलाओं से ऐसा क्यों कराया जाता है.' मालूम हो कि साल 2014 में बीजेपी और आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) गठबंधन ने मिलकर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, जिसके बाद रघुबर दास झारखंड में पहले गैर आदिवासी नेता के रूप में मुख्यमंत्री बने थे. रघुबर दास इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. गुरु पूर्णिमा हिंदू महीने आषाढ़ के पूर्ण चंद्रमा वाले दिन के रूप में चिन्हित है. हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म से ताल्लुक रखने वाले अपने गुरु के सम्मान में यह इस पर्व को मनाते हैं, जो कि जीवन में ज्ञान से हमारा मार्गदर्शन करते हैं. गुरु पूर्णिमा का दिन जून और जुलाई महीनों के बीच में आता है.   सीएम रघुबर दास का पैर धोती महिलाएं.टिप्पणियां बेंगलुरु आधारित कार्यकर्ता वृंदा अडिगे (Brinda Adige) ने कहा, 'इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस घटना के बाद किसी को भी मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है.' इस मामले पर कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने कहा, 'जब पैर धोने की बात आती है तो केवल महिलाओं से ऐसा क्यों कराया जाता है.' मालूम हो कि साल 2014 में बीजेपी और आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) गठबंधन ने मिलकर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, जिसके बाद रघुबर दास झारखंड में पहले गैर आदिवासी नेता के रूप में मुख्यमंत्री बने थे. बेंगलुरु आधारित कार्यकर्ता वृंदा अडिगे (Brinda Adige) ने कहा, 'इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस घटना के बाद किसी को भी मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है.' इस मामले पर कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने कहा, 'जब पैर धोने की बात आती है तो केवल महिलाओं से ऐसा क्यों कराया जाता है.' मालूम हो कि साल 2014 में बीजेपी और आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) गठबंधन ने मिलकर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, जिसके बाद रघुबर दास झारखंड में पहले गैर आदिवासी नेता के रूप में मुख्यमंत्री बने थे. मालूम हो कि साल 2014 में बीजेपी और आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) गठबंधन ने मिलकर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, जिसके बाद रघुबर दास झारखंड में पहले गैर आदिवासी नेता के रूप में मुख्यमंत्री बने थे.
संक्षिप्त सारांश: जमशेदपुर के ब्रह्मा लोकधाम में आयोजित कार्यक्रम का वीडियो कार्यक्रम में सीएम रघुबर दास का किया गया था स्वागत स्वागत के दौरान महिलाओं ने गुलाब और पानी से धोए थे उनके पैर
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पंजाब के पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे पर हमला करने वाले एक आतंकवादी ने पाकिस्तान में अपनी मां को मोबाइल फोन पर अपनी अंतिम इच्छा जताते हुए कहा था कि उसकी मौत के बाद उसके दोस्तों को दावत पर बुलाया जाए. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सूचनाओं के इंटरसेप्शन के आधार पर यह बात कही है. एनआईए द्वारा सोमवार को दाखिल आरोप-पत्र में कहा गया है कि भारतीय वायु सेना अड्डे की तरफ जाते समय आतंकवादियों के समूह ने रास्ते में दो स्थानीय लोगों से मोबाइल फोन छीने थे, जिनसे पाकिस्तान के वेहारी के निवासी नासिर हुसैन ने अपने आकाओं तथा परिजनों को कई बार कॉल किया. आरोप पत्र में कहा गया है कि 18 मिनट की बातचीत के दौरान अम्मा कहकर संबोधित की जाने वाली महिला से उसने मोबाइल में उसकी बातचीत को रिकॉर्ड करने को कहा था. एजेंसी ने कहा कि उसने महिला से कहा कि उसकी मौत के बाद वह उसके डेरावाला के दोस्तों को दावत दे. हुसैन ने अपने परिवार के कुछ सदस्यों व रिश्तेदारों के नाम (मुदस्सिर, मरियम तथा अल्तमाश) भी लिए. उसने अपनी मां से कहा कि समूह 30 दिसंबर, 2015 को भारतीय सीमा में रात दो बजे घुसपैठ कर दाखिल हो गया. इसके तीन दिन बाद उन्होंने वायुसेना अड्डे पर हमला किया, जिस दौरान हुई मुठभेड़ में सात सैनिक शहीद हो गए.  आरोप पत्र के मुताबिक, "उसने अपने सहोदर या चचेरे भाई से भी बातचीत की, जिसे वह मुन्ना कहकर बुला रहा था. साथ ही उसने मुन्ना नामक एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात की." आरोप पत्र में कहा गया, "अपनी मां के साथ हुई बातचीत के दौरान हुसैन ने एक व्यक्ति 'उस्ताद' का जिक्र किया, जो उसके (मां) पास उसकी 'वसीहत' (अंतिम इच्छा) लेकर आने वाला था." एनआईए ने अपने आरोप पत्र में पठानकोट हमले के साजिशकर्ता के रूप में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर तथा तीन अन्य व्यक्तियों का भी नाम लिया है. ये टेलीफोन कॉल तब किए गए, जब आतंकवादी वायुसेना अड्डे में छिपे हुए थे, क्योंकि उसने अपनी मां से कहा था कि वह बस हमला करने ही वाले हैं.टिप्पणियां ये कॉल एक जनवरी, 2016 को सुबह 9.20 बजे पाकिस्तान के 923000957212 नंबर पर किए गए. एनआईए ने कहा कि यह नंबर खयाम भट्टी नामक व्यक्ति का है, जिसे बाबर भट्टी के नाम से भी जाना जाता है. यह पाकिस्तान के सियालकोट में एक स्थानीय दुकानदार है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एनआईए द्वारा सोमवार को दाखिल आरोप-पत्र में कहा गया है कि भारतीय वायु सेना अड्डे की तरफ जाते समय आतंकवादियों के समूह ने रास्ते में दो स्थानीय लोगों से मोबाइल फोन छीने थे, जिनसे पाकिस्तान के वेहारी के निवासी नासिर हुसैन ने अपने आकाओं तथा परिजनों को कई बार कॉल किया. आरोप पत्र में कहा गया है कि 18 मिनट की बातचीत के दौरान अम्मा कहकर संबोधित की जाने वाली महिला से उसने मोबाइल में उसकी बातचीत को रिकॉर्ड करने को कहा था. एजेंसी ने कहा कि उसने महिला से कहा कि उसकी मौत के बाद वह उसके डेरावाला के दोस्तों को दावत दे. हुसैन ने अपने परिवार के कुछ सदस्यों व रिश्तेदारों के नाम (मुदस्सिर, मरियम तथा अल्तमाश) भी लिए. उसने अपनी मां से कहा कि समूह 30 दिसंबर, 2015 को भारतीय सीमा में रात दो बजे घुसपैठ कर दाखिल हो गया. इसके तीन दिन बाद उन्होंने वायुसेना अड्डे पर हमला किया, जिस दौरान हुई मुठभेड़ में सात सैनिक शहीद हो गए.  आरोप पत्र के मुताबिक, "उसने अपने सहोदर या चचेरे भाई से भी बातचीत की, जिसे वह मुन्ना कहकर बुला रहा था. साथ ही उसने मुन्ना नामक एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात की." आरोप पत्र में कहा गया, "अपनी मां के साथ हुई बातचीत के दौरान हुसैन ने एक व्यक्ति 'उस्ताद' का जिक्र किया, जो उसके (मां) पास उसकी 'वसीहत' (अंतिम इच्छा) लेकर आने वाला था." एनआईए ने अपने आरोप पत्र में पठानकोट हमले के साजिशकर्ता के रूप में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर तथा तीन अन्य व्यक्तियों का भी नाम लिया है. ये टेलीफोन कॉल तब किए गए, जब आतंकवादी वायुसेना अड्डे में छिपे हुए थे, क्योंकि उसने अपनी मां से कहा था कि वह बस हमला करने ही वाले हैं.टिप्पणियां ये कॉल एक जनवरी, 2016 को सुबह 9.20 बजे पाकिस्तान के 923000957212 नंबर पर किए गए. एनआईए ने कहा कि यह नंबर खयाम भट्टी नामक व्यक्ति का है, जिसे बाबर भट्टी के नाम से भी जाना जाता है. यह पाकिस्तान के सियालकोट में एक स्थानीय दुकानदार है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एजेंसी ने कहा कि उसने महिला से कहा कि उसकी मौत के बाद वह उसके डेरावाला के दोस्तों को दावत दे. हुसैन ने अपने परिवार के कुछ सदस्यों व रिश्तेदारों के नाम (मुदस्सिर, मरियम तथा अल्तमाश) भी लिए. उसने अपनी मां से कहा कि समूह 30 दिसंबर, 2015 को भारतीय सीमा में रात दो बजे घुसपैठ कर दाखिल हो गया. इसके तीन दिन बाद उन्होंने वायुसेना अड्डे पर हमला किया, जिस दौरान हुई मुठभेड़ में सात सैनिक शहीद हो गए.  आरोप पत्र के मुताबिक, "उसने अपने सहोदर या चचेरे भाई से भी बातचीत की, जिसे वह मुन्ना कहकर बुला रहा था. साथ ही उसने मुन्ना नामक एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात की." आरोप पत्र में कहा गया, "अपनी मां के साथ हुई बातचीत के दौरान हुसैन ने एक व्यक्ति 'उस्ताद' का जिक्र किया, जो उसके (मां) पास उसकी 'वसीहत' (अंतिम इच्छा) लेकर आने वाला था." एनआईए ने अपने आरोप पत्र में पठानकोट हमले के साजिशकर्ता के रूप में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर तथा तीन अन्य व्यक्तियों का भी नाम लिया है. ये टेलीफोन कॉल तब किए गए, जब आतंकवादी वायुसेना अड्डे में छिपे हुए थे, क्योंकि उसने अपनी मां से कहा था कि वह बस हमला करने ही वाले हैं.टिप्पणियां ये कॉल एक जनवरी, 2016 को सुबह 9.20 बजे पाकिस्तान के 923000957212 नंबर पर किए गए. एनआईए ने कहा कि यह नंबर खयाम भट्टी नामक व्यक्ति का है, जिसे बाबर भट्टी के नाम से भी जाना जाता है. यह पाकिस्तान के सियालकोट में एक स्थानीय दुकानदार है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आरोप पत्र के मुताबिक, "उसने अपने सहोदर या चचेरे भाई से भी बातचीत की, जिसे वह मुन्ना कहकर बुला रहा था. साथ ही उसने मुन्ना नामक एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात की." आरोप पत्र में कहा गया, "अपनी मां के साथ हुई बातचीत के दौरान हुसैन ने एक व्यक्ति 'उस्ताद' का जिक्र किया, जो उसके (मां) पास उसकी 'वसीहत' (अंतिम इच्छा) लेकर आने वाला था." एनआईए ने अपने आरोप पत्र में पठानकोट हमले के साजिशकर्ता के रूप में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर तथा तीन अन्य व्यक्तियों का भी नाम लिया है. ये टेलीफोन कॉल तब किए गए, जब आतंकवादी वायुसेना अड्डे में छिपे हुए थे, क्योंकि उसने अपनी मां से कहा था कि वह बस हमला करने ही वाले हैं.टिप्पणियां ये कॉल एक जनवरी, 2016 को सुबह 9.20 बजे पाकिस्तान के 923000957212 नंबर पर किए गए. एनआईए ने कहा कि यह नंबर खयाम भट्टी नामक व्यक्ति का है, जिसे बाबर भट्टी के नाम से भी जाना जाता है. यह पाकिस्तान के सियालकोट में एक स्थानीय दुकानदार है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एनआईए ने अपने आरोप पत्र में पठानकोट हमले के साजिशकर्ता के रूप में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर तथा तीन अन्य व्यक्तियों का भी नाम लिया है. ये टेलीफोन कॉल तब किए गए, जब आतंकवादी वायुसेना अड्डे में छिपे हुए थे, क्योंकि उसने अपनी मां से कहा था कि वह बस हमला करने ही वाले हैं.टिप्पणियां ये कॉल एक जनवरी, 2016 को सुबह 9.20 बजे पाकिस्तान के 923000957212 नंबर पर किए गए. एनआईए ने कहा कि यह नंबर खयाम भट्टी नामक व्यक्ति का है, जिसे बाबर भट्टी के नाम से भी जाना जाता है. यह पाकिस्तान के सियालकोट में एक स्थानीय दुकानदार है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ये कॉल एक जनवरी, 2016 को सुबह 9.20 बजे पाकिस्तान के 923000957212 नंबर पर किए गए. एनआईए ने कहा कि यह नंबर खयाम भट्टी नामक व्यक्ति का है, जिसे बाबर भट्टी के नाम से भी जाना जाता है. यह पाकिस्तान के सियालकोट में एक स्थानीय दुकानदार है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: एक आतंकवादी ने पाकिस्तान में अपनी मां से की थी मोबाइल पर बात एनआईए ने सूचनाओं के इंटरसेप्शन के आधार पर यह बात कही है मां से उसने मोबाइल में उसकी बातचीत को रिकॉर्ड करने को कहा था
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के कारोबारियों के मुताबिक अप्रैल से पहले भारतीय रिजर्व बैंक मुख्य नीतिगत दरों में कटौती नहीं करेगा। कारोबारियों ने साथ ही एक सर्वेक्षण में आर्थिक वृद्धि दर सात फीसदी रहने का अनुमान जताया। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की सोमवार को जारी सर्वेक्षण रपट में यह बात कही गई।टिप्पणियां फिक्की के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया, "सवालों का जवाब देने वाले 33 फीसदी अधिकारियों ने कहा कि कारोबारी साल 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसदी से 6.9 फीसदी रह सकती है, जबकि शेष 67 फीसदी अधिकारियों ने कहा कि विकास दर सात फीसदी तक पहुंच सकती है।" किसी भी अधिकारी ने विकास दर के 7.5 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान नहीं जताया। सर्वेक्षण में शामिल कम्पनियों ने यह भी कहा कि उन्हें रिजर्व बैंक द्वारा तीसरी तिमाही समीक्षा में दरों में कटौती का अनुमान नहीं है। फिक्की ने कहा, "महंगाई में कुछ कमी के बाद भी अधिकतर कम्पनी अधिकारियों का मानना है कि रिजर्व बैंक 24 जनवरी को मौद्रिक समीक्षा में दर में कटौती नहीं करेगा।" अधिकारियों ने हालांकि कहा कि रेपो दर में कटौती की तुलना में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में कमी करना एक बेहतर विकल्प है। सर्वेक्षण में महंगाई दर के भी मार्च अंत तक सात फीसदी तक रहने का अनुमान जताया गया। साथ ही कहा गया कि साल 2012-13 में यह घटकर 6.5 फीसदी तक आ सकती है। उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2011 में वार्षिक महंगाई दर 7.47 फीसदी रही, जो दो साल का निचला स्तर है। फिक्की के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया, "सवालों का जवाब देने वाले 33 फीसदी अधिकारियों ने कहा कि कारोबारी साल 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसदी से 6.9 फीसदी रह सकती है, जबकि शेष 67 फीसदी अधिकारियों ने कहा कि विकास दर सात फीसदी तक पहुंच सकती है।" किसी भी अधिकारी ने विकास दर के 7.5 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान नहीं जताया। सर्वेक्षण में शामिल कम्पनियों ने यह भी कहा कि उन्हें रिजर्व बैंक द्वारा तीसरी तिमाही समीक्षा में दरों में कटौती का अनुमान नहीं है। फिक्की ने कहा, "महंगाई में कुछ कमी के बाद भी अधिकतर कम्पनी अधिकारियों का मानना है कि रिजर्व बैंक 24 जनवरी को मौद्रिक समीक्षा में दर में कटौती नहीं करेगा।" अधिकारियों ने हालांकि कहा कि रेपो दर में कटौती की तुलना में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में कमी करना एक बेहतर विकल्प है। सर्वेक्षण में महंगाई दर के भी मार्च अंत तक सात फीसदी तक रहने का अनुमान जताया गया। साथ ही कहा गया कि साल 2012-13 में यह घटकर 6.5 फीसदी तक आ सकती है। उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2011 में वार्षिक महंगाई दर 7.47 फीसदी रही, जो दो साल का निचला स्तर है। सर्वेक्षण में महंगाई दर के भी मार्च अंत तक सात फीसदी तक रहने का अनुमान जताया गया। साथ ही कहा गया कि साल 2012-13 में यह घटकर 6.5 फीसदी तक आ सकती है। उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2011 में वार्षिक महंगाई दर 7.47 फीसदी रही, जो दो साल का निचला स्तर है।
देश के कारोबारियों के मुताबिक अप्रैल से पहले भारतीय रिजर्व बैंक मुख्य नीतिगत दरों में कटौती नहीं करेगा।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूरोप की प्रमुख मनोरंजन नेटवर्क कंपनी आरटीएल ग्रुप अगले सप्ताह भारत के टेलीविजन बाजार में उतर रही है। कंपनी का पहला टीवी चैनल अगले सप्ताह शुरू होगा। जर्मन के अखबार हांडेलसबलाट ने सोमवार को खबर दी है कि यह चैनल 'बिग आरटीएल थ्रिल' मुंबई से शुरू हो रहा है। यह चैनल आरटीएल ग्रुप तथा रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क का संयुक्त उद्यम है।टिप्पणियां रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलांयस ग्रुप की मनोरंजन कंपनी है। रपट के अनुसार नए चैनल को उन 70 लाख घरों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया जा रहा है जहां हिंदी बोली जाती है। चैनल 5 नवंबर से शुरू हो रहा है और इसे केबल या सैटेलाइट के जरिए देखा जा सकेगा। जर्मन के अखबार हांडेलसबलाट ने सोमवार को खबर दी है कि यह चैनल 'बिग आरटीएल थ्रिल' मुंबई से शुरू हो रहा है। यह चैनल आरटीएल ग्रुप तथा रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क का संयुक्त उद्यम है।टिप्पणियां रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलांयस ग्रुप की मनोरंजन कंपनी है। रपट के अनुसार नए चैनल को उन 70 लाख घरों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया जा रहा है जहां हिंदी बोली जाती है। चैनल 5 नवंबर से शुरू हो रहा है और इसे केबल या सैटेलाइट के जरिए देखा जा सकेगा। रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलांयस ग्रुप की मनोरंजन कंपनी है। रपट के अनुसार नए चैनल को उन 70 लाख घरों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया जा रहा है जहां हिंदी बोली जाती है। चैनल 5 नवंबर से शुरू हो रहा है और इसे केबल या सैटेलाइट के जरिए देखा जा सकेगा। रपट के अनुसार नए चैनल को उन 70 लाख घरों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया जा रहा है जहां हिंदी बोली जाती है। चैनल 5 नवंबर से शुरू हो रहा है और इसे केबल या सैटेलाइट के जरिए देखा जा सकेगा।
संक्षिप्त पाठ: यूरोप की प्रमुख मनोरंजन नेटवर्क कंपनी आरटीएल ग्रुप अगले सप्ताह भारत के टेलीविजन बाजार में उतर रही है। कंपनी का पहला टीवी चैनल अगले सप्ताह शुरू होगा।
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कपिल शर्मा (Kapil Sharma) का धमाकेदार कार्यक्रम द कपिल शर्मा शो अपने कंटेंट और ढेर सारी मस्ती के लिए खूब जाना जाता है. हाल ही में 'द कपिल शर्मा शो' (The Kapil Sharma) से जुड़ा एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस अरुणा ईरानी (Aruna Irani) ने अपने फिल्मी करियर से जुड़ा एक राज खोला है. अरुणा ईरानी ने बताया कि अपनी पहली फिल्म के दौरान वह बॉलीवुड के मशहूर विलेन प्राण से बुरी तरह डर गई थीं. हालांकि, उन्हें बाद में एहसास हुआ कि वह गलत थीं, जिस पर बाद में अरुणा ईरानी को रोना भी आया था. द कपिल शर्मा शो का यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है.  द कपिल शर्मा शो में अरुणा ईरानी (Aruna Irani) से कॉमेडी किंग ने पूछा कि आप इतनी खूबसूरत हैं तो आपके साथ किसी ने फ्लर्ट नहीं किया. इस पर अरुणा ईरानी ने कहा, 'नैचुरली. लेकिन एक बार को मुझे लगा कि मेरा रेप हो जाएगा.' अरुणा ईरानी ने इस बारे में बताया कि उन्हें किसी फिल्म के सिलसिले में हॉन्ग कॉन्ग जाना था. लेकिन काम जल्दी खत्म होने की वजह से टीम ने उन्हें मशहूर विलेन प्राण के साथ वापस भेज दिया. उस दौर में विलेन के रूप में मशहूर प्राण को देखकर अरुणा ईरानी काफी डर गई थीं और उन्हें ख्याल आने लगे थे कि कहीं वह उनके साथ कुछ गलत न कर दें. अरुणा ईरानी ने 'द कपिल शर्मा शो' में बताया, "जब प्राण साहब ने होटल में रूम का गेट खोला तो मैं काफी डर गई. लेकिन उन्होंने मुझसे कहा 'तुम अंदर जाओ और दरवाजा बंद कर लेना. मैं साथ वाले रूम में ही हूं.' यह सुनकर मुझे एहसास हुआ कि मैं कितनी गलत थी और मैं काफी रोई भी थी." इसके अलावा भी शो में अरुणा ईरानी (Aruna Irani) और एक्ट्रेस बिंदू ने कॉमेडी का खूब तड़का लगाया. एक्ट्रेस बिंदू ने बताया कि जिस तरह रंजित और प्रेम चोपड़ा को देखकर लोग अपनी बहू बेटियों को छिपाने लगते थे, उसी प्रकार कई महिलाएं हमें देखकर भी घबरा जाती थीं कि कहीं वह उनके पति को हड़प न लें. बता दें कि कॉमेडी किंग कपिल शर्मा के शो में हर हफ्ते कोई न कोई धमाल जरूर होता है. अपने कंटेंट और कलाकारों के वजह से द कपिल शर्मा शो टीआरपी की रेस में भी हमेशा आगे रहता है.
यह एक सारांश है: कपिल शर्मा के शो में अरुणा ईरानी ने खोला राज मशहूर एक्टर प्राण को देखकर डर गई थीं एक्ट्रेस 'द कपिल शर्मा शो' का वीडियो हुआ वायरल
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चिन्मयानंद प्रकरण में आरोपों की जांच एवं दर्ज अभियोगों की निष्पक्ष विवेचना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विशेष जांच टीम 'एसआईटी' का गठन कर दिया. गृह विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के सुखदेवा नन्द विधि महाविद्यालय में अध्ययनरत विधि छात्रा एवं उसके भाई द्वारा प्रबंधन तंत्र पर लगाये गये आरोपों को देखते हुए उनकी जांच और निष्पक्ष विवेचना के लिए विशेष जांच टीम 'एसआईटी' का गठन कर दिया गया है. प्रवक्ता ने बताया कि एसआईटी गठित करने तथा छात्रा व उसके भाई की पढ़ाई किसी अन्य कॉलेज से कराये जाने तथा छात्रा व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं.  उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक 'लोक शिकायत' नवीन अरोड़ा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का निर्णय लिया गया है, जिसमें सेनानायक, 41वीं वाहिनी, पीएसी, गाजियाबाद श्रीमती भारती सिंह को भी नामित किया गया है. प्रवक्ता के अनुसार शासन द्वारा यह भी निर्देश दिये गये हैं कि नवीन अरोड़ा इस दल में स्वच्छ छवि के अन्य पुलिस अधिकारियों को सम्मिलित करेंगे. यह एसआईटी शाहजहांपुर प्रकरण में लगाये गये आरोपों की जांच एवं दर्ज अभियोगों की निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करेगी.   उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा आयुक्त, बरेली मण्डल व कुलपति, महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली को पीड़ित विधि छात्रा व उसके भाई का प्रवेश महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली अथवा उससे संबद्ध किसी महाविद्यालय में कराने के संबंध में भी तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये गये. प्रवक्ता ने बताया कि शासन द्वारा उक्त विधि छात्रा, उसके माता-पिता एवं परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के वास्ते शाहजहांपुर जनपद के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये गये हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूपी सरकार ने किया SIT का गठन चिन्मयानंद प्रकरण में आरोपों की जांच के लिए SIT का गठन लड़की और उसके भाई का दूसरे कॉलेज में एडमिशन
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय के 2जी घोटाला मामले में जिन विभिन्न कंपनियों के 122 लाइसेंस रद्द किए गए हैं उनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का इन कंपनियों पर 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज है जिसमें से 7,500 करोड़ रुपये का कर्ज विभिन्न परिसंपत्तियों के एवज में दिया गया है।’ अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय शेष 2,500 करोड़ रुपये के कर्ज की गारंटी के बारे में भी जानकारी जुटा रहा है। उच्चतम न्यायालय के आदेश से रद्द हुए लाइसेंस सूची में शामिल कंपनियों को दिए कर्ज के बारे में समुचित जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कुल परिसंपत्तियों के आकार को देखते हुए इन दूरसंचार कंपनियों को दिए गए कर्ज का आकार बहुत छोटा है। उच्चतम न्यायालय ने एक फैसले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के कार्यकाल में दिए 122 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस का आवंटन रद्द कर दिया था। न्यायालय ने आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह असंवैधानिक और मनमाना बताया। भारतीय स्टेट बैंक का इन कंपनियों में 4,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने भी उन कंपनियों को कर्ज दिया है जिनके लाइसेंस रद्द हुए हैं।टिप्पणियां पीएनबी ने समूचे दूरसंचार क्षेत्र को 10,923 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। 2जी सेवाओं के लिए इसमें से 508 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। हालांकि बैंक के अनुसार लाइसेंस के लिए उसने कोई कर्ज नहीं दिया। कॉरपोरेशन बैंक का फैसले से प्रभावित एक कंपनी में 146 करोड़ रुपये का कर्ज है। वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का इन कंपनियों पर 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज है जिसमें से 7,500 करोड़ रुपये का कर्ज विभिन्न परिसंपत्तियों के एवज में दिया गया है।’ अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय शेष 2,500 करोड़ रुपये के कर्ज की गारंटी के बारे में भी जानकारी जुटा रहा है। उच्चतम न्यायालय के आदेश से रद्द हुए लाइसेंस सूची में शामिल कंपनियों को दिए कर्ज के बारे में समुचित जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कुल परिसंपत्तियों के आकार को देखते हुए इन दूरसंचार कंपनियों को दिए गए कर्ज का आकार बहुत छोटा है। उच्चतम न्यायालय ने एक फैसले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के कार्यकाल में दिए 122 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस का आवंटन रद्द कर दिया था। न्यायालय ने आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह असंवैधानिक और मनमाना बताया। भारतीय स्टेट बैंक का इन कंपनियों में 4,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने भी उन कंपनियों को कर्ज दिया है जिनके लाइसेंस रद्द हुए हैं।टिप्पणियां पीएनबी ने समूचे दूरसंचार क्षेत्र को 10,923 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। 2जी सेवाओं के लिए इसमें से 508 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। हालांकि बैंक के अनुसार लाइसेंस के लिए उसने कोई कर्ज नहीं दिया। कॉरपोरेशन बैंक का फैसले से प्रभावित एक कंपनी में 146 करोड़ रुपये का कर्ज है। अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कुल परिसंपत्तियों के आकार को देखते हुए इन दूरसंचार कंपनियों को दिए गए कर्ज का आकार बहुत छोटा है। उच्चतम न्यायालय ने एक फैसले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के कार्यकाल में दिए 122 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस का आवंटन रद्द कर दिया था। न्यायालय ने आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह असंवैधानिक और मनमाना बताया। भारतीय स्टेट बैंक का इन कंपनियों में 4,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने भी उन कंपनियों को कर्ज दिया है जिनके लाइसेंस रद्द हुए हैं।टिप्पणियां पीएनबी ने समूचे दूरसंचार क्षेत्र को 10,923 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। 2जी सेवाओं के लिए इसमें से 508 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। हालांकि बैंक के अनुसार लाइसेंस के लिए उसने कोई कर्ज नहीं दिया। कॉरपोरेशन बैंक का फैसले से प्रभावित एक कंपनी में 146 करोड़ रुपये का कर्ज है। उच्चतम न्यायालय ने एक फैसले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के कार्यकाल में दिए 122 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस का आवंटन रद्द कर दिया था। न्यायालय ने आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह असंवैधानिक और मनमाना बताया। भारतीय स्टेट बैंक का इन कंपनियों में 4,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने भी उन कंपनियों को कर्ज दिया है जिनके लाइसेंस रद्द हुए हैं।टिप्पणियां पीएनबी ने समूचे दूरसंचार क्षेत्र को 10,923 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। 2जी सेवाओं के लिए इसमें से 508 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। हालांकि बैंक के अनुसार लाइसेंस के लिए उसने कोई कर्ज नहीं दिया। कॉरपोरेशन बैंक का फैसले से प्रभावित एक कंपनी में 146 करोड़ रुपये का कर्ज है। भारतीय स्टेट बैंक का इन कंपनियों में 4,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने भी उन कंपनियों को कर्ज दिया है जिनके लाइसेंस रद्द हुए हैं।टिप्पणियां पीएनबी ने समूचे दूरसंचार क्षेत्र को 10,923 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। 2जी सेवाओं के लिए इसमें से 508 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। हालांकि बैंक के अनुसार लाइसेंस के लिए उसने कोई कर्ज नहीं दिया। कॉरपोरेशन बैंक का फैसले से प्रभावित एक कंपनी में 146 करोड़ रुपये का कर्ज है। पीएनबी ने समूचे दूरसंचार क्षेत्र को 10,923 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। 2जी सेवाओं के लिए इसमें से 508 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। हालांकि बैंक के अनुसार लाइसेंस के लिए उसने कोई कर्ज नहीं दिया। कॉरपोरेशन बैंक का फैसले से प्रभावित एक कंपनी में 146 करोड़ रुपये का कर्ज है। कॉरपोरेशन बैंक का फैसले से प्रभावित एक कंपनी में 146 करोड़ रुपये का कर्ज है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उच्चतम न्यायालय के 2जी घोटाला मामले में जिन विभिन्न कंपनियों के 122 लाइसेंस रद्द किए गए हैं उनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एशिया और प्रशांत क्षेत्र में हालांकि दुनिया की सर्वाधिक स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाएं हैं, लेकिन भारत और चीन का नाम स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाओं में शुमार नहीं है। 'वाल स्ट्रीट जर्नल' और 'द हेरीटेज फाउंडेशन' की ओर से वर्ष 2013 के लिए जारी दुनिया की स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत का 119वां और चीन का 136वां स्थान है। 'वाल स्ट्रीट जर्नल' और 'द हेरीटेज फाउंडेशन' की गुरुवार को जारी स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाओं की सूची में हांगकांग लगातार 19वीं बार शीर्ष स्थान पर है, जबकि उत्तर कोरिया सबसे निचले स्थान पर है। सूची में हालांकि एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र बताया गया है, लेकिन यह भी कहा गया है कि यहां दीर्घकालिक आर्थिक विकास का आधार प्रभावी कार्यात्मक कानूनी ढांचे के बगैर अब भी अस्थाई है। सूची के सम्पादकों के अनुसार, "बाजारोन्मुखी सुधार के साथ विकास अनियमित है और यथास्थिति बहाल रखने वालों के राजनीतिक दबाव में कभी-कभी इन्हें वापस भी लेना पड़ता है।" सूची में हांगकांग के बाद दूसरे स्थान पर सिंगापुर, तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया और चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड है, जबकि अमेरिका का इसमें 10वां स्थान है। सूची तैयार करने के लिए विभिन्न देशों का अध्ययन चार प्रमुख दृष्टिकोण- कानून के शासन, नियामक प्रभाव, सरकार की सीमा तथा खुले बाजार के संदर्भ में किया गया। सूची में 177 देशों को शामिल किया गया है। यूरोप को दूसरा सर्वाधिक स्वतंत्र क्षेत्र बताया गया है तो उत्तरी अमेरिका को आर्थिक स्वतंत्रता की दृष्टि से सर्वाधिक बेहतर क्षेत्र बताया गया है।टिप्पणियां इसमें 32 देशों की आर्थिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार बताया गया है तो केवल नौ देशों द्वारा आर्थिक स्वतंत्रता खोने की बात कही गई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड को एकमात्र 'स्वतंत्र' अर्थव्यवस्था बताया गया है, जबकि यूक्रेन तथा बेलारुस की गिनती 'दबावयुक्त' अर्थव्यवस्थाओं में की गई है। 'वाल स्ट्रीट जर्नल' और 'द हेरीटेज फाउंडेशन' की गुरुवार को जारी स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाओं की सूची में हांगकांग लगातार 19वीं बार शीर्ष स्थान पर है, जबकि उत्तर कोरिया सबसे निचले स्थान पर है। सूची में हालांकि एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र बताया गया है, लेकिन यह भी कहा गया है कि यहां दीर्घकालिक आर्थिक विकास का आधार प्रभावी कार्यात्मक कानूनी ढांचे के बगैर अब भी अस्थाई है। सूची के सम्पादकों के अनुसार, "बाजारोन्मुखी सुधार के साथ विकास अनियमित है और यथास्थिति बहाल रखने वालों के राजनीतिक दबाव में कभी-कभी इन्हें वापस भी लेना पड़ता है।" सूची में हांगकांग के बाद दूसरे स्थान पर सिंगापुर, तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया और चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड है, जबकि अमेरिका का इसमें 10वां स्थान है। सूची तैयार करने के लिए विभिन्न देशों का अध्ययन चार प्रमुख दृष्टिकोण- कानून के शासन, नियामक प्रभाव, सरकार की सीमा तथा खुले बाजार के संदर्भ में किया गया। सूची में 177 देशों को शामिल किया गया है। यूरोप को दूसरा सर्वाधिक स्वतंत्र क्षेत्र बताया गया है तो उत्तरी अमेरिका को आर्थिक स्वतंत्रता की दृष्टि से सर्वाधिक बेहतर क्षेत्र बताया गया है।टिप्पणियां इसमें 32 देशों की आर्थिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार बताया गया है तो केवल नौ देशों द्वारा आर्थिक स्वतंत्रता खोने की बात कही गई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड को एकमात्र 'स्वतंत्र' अर्थव्यवस्था बताया गया है, जबकि यूक्रेन तथा बेलारुस की गिनती 'दबावयुक्त' अर्थव्यवस्थाओं में की गई है। सूची में हालांकि एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र बताया गया है, लेकिन यह भी कहा गया है कि यहां दीर्घकालिक आर्थिक विकास का आधार प्रभावी कार्यात्मक कानूनी ढांचे के बगैर अब भी अस्थाई है। सूची के सम्पादकों के अनुसार, "बाजारोन्मुखी सुधार के साथ विकास अनियमित है और यथास्थिति बहाल रखने वालों के राजनीतिक दबाव में कभी-कभी इन्हें वापस भी लेना पड़ता है।" सूची में हांगकांग के बाद दूसरे स्थान पर सिंगापुर, तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया और चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड है, जबकि अमेरिका का इसमें 10वां स्थान है। सूची तैयार करने के लिए विभिन्न देशों का अध्ययन चार प्रमुख दृष्टिकोण- कानून के शासन, नियामक प्रभाव, सरकार की सीमा तथा खुले बाजार के संदर्भ में किया गया। सूची में 177 देशों को शामिल किया गया है। यूरोप को दूसरा सर्वाधिक स्वतंत्र क्षेत्र बताया गया है तो उत्तरी अमेरिका को आर्थिक स्वतंत्रता की दृष्टि से सर्वाधिक बेहतर क्षेत्र बताया गया है।टिप्पणियां इसमें 32 देशों की आर्थिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार बताया गया है तो केवल नौ देशों द्वारा आर्थिक स्वतंत्रता खोने की बात कही गई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड को एकमात्र 'स्वतंत्र' अर्थव्यवस्था बताया गया है, जबकि यूक्रेन तथा बेलारुस की गिनती 'दबावयुक्त' अर्थव्यवस्थाओं में की गई है। सूची के सम्पादकों के अनुसार, "बाजारोन्मुखी सुधार के साथ विकास अनियमित है और यथास्थिति बहाल रखने वालों के राजनीतिक दबाव में कभी-कभी इन्हें वापस भी लेना पड़ता है।" सूची में हांगकांग के बाद दूसरे स्थान पर सिंगापुर, तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया और चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड है, जबकि अमेरिका का इसमें 10वां स्थान है। सूची तैयार करने के लिए विभिन्न देशों का अध्ययन चार प्रमुख दृष्टिकोण- कानून के शासन, नियामक प्रभाव, सरकार की सीमा तथा खुले बाजार के संदर्भ में किया गया। सूची में 177 देशों को शामिल किया गया है। यूरोप को दूसरा सर्वाधिक स्वतंत्र क्षेत्र बताया गया है तो उत्तरी अमेरिका को आर्थिक स्वतंत्रता की दृष्टि से सर्वाधिक बेहतर क्षेत्र बताया गया है।टिप्पणियां इसमें 32 देशों की आर्थिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार बताया गया है तो केवल नौ देशों द्वारा आर्थिक स्वतंत्रता खोने की बात कही गई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड को एकमात्र 'स्वतंत्र' अर्थव्यवस्था बताया गया है, जबकि यूक्रेन तथा बेलारुस की गिनती 'दबावयुक्त' अर्थव्यवस्थाओं में की गई है। सूची में हांगकांग के बाद दूसरे स्थान पर सिंगापुर, तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया और चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड है, जबकि अमेरिका का इसमें 10वां स्थान है। सूची तैयार करने के लिए विभिन्न देशों का अध्ययन चार प्रमुख दृष्टिकोण- कानून के शासन, नियामक प्रभाव, सरकार की सीमा तथा खुले बाजार के संदर्भ में किया गया। सूची में 177 देशों को शामिल किया गया है। यूरोप को दूसरा सर्वाधिक स्वतंत्र क्षेत्र बताया गया है तो उत्तरी अमेरिका को आर्थिक स्वतंत्रता की दृष्टि से सर्वाधिक बेहतर क्षेत्र बताया गया है।टिप्पणियां इसमें 32 देशों की आर्थिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार बताया गया है तो केवल नौ देशों द्वारा आर्थिक स्वतंत्रता खोने की बात कही गई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड को एकमात्र 'स्वतंत्र' अर्थव्यवस्था बताया गया है, जबकि यूक्रेन तथा बेलारुस की गिनती 'दबावयुक्त' अर्थव्यवस्थाओं में की गई है। यूरोप को दूसरा सर्वाधिक स्वतंत्र क्षेत्र बताया गया है तो उत्तरी अमेरिका को आर्थिक स्वतंत्रता की दृष्टि से सर्वाधिक बेहतर क्षेत्र बताया गया है।टिप्पणियां इसमें 32 देशों की आर्थिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार बताया गया है तो केवल नौ देशों द्वारा आर्थिक स्वतंत्रता खोने की बात कही गई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड को एकमात्र 'स्वतंत्र' अर्थव्यवस्था बताया गया है, जबकि यूक्रेन तथा बेलारुस की गिनती 'दबावयुक्त' अर्थव्यवस्थाओं में की गई है। इसमें 32 देशों की आर्थिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार बताया गया है तो केवल नौ देशों द्वारा आर्थिक स्वतंत्रता खोने की बात कही गई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड को एकमात्र 'स्वतंत्र' अर्थव्यवस्था बताया गया है, जबकि यूक्रेन तथा बेलारुस की गिनती 'दबावयुक्त' अर्थव्यवस्थाओं में की गई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड को एकमात्र 'स्वतंत्र' अर्थव्यवस्था बताया गया है, जबकि यूक्रेन तथा बेलारुस की गिनती 'दबावयुक्त' अर्थव्यवस्थाओं में की गई है।
सारांश: 'वाल स्ट्रीट जर्नल' और 'द हेरीटेज फाउंडेशन' की ओर से वर्ष 2013 के लिए जारी दुनिया की स्वतंत्र अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत का 119वां और चीन का 136वां स्थान है।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में भ्रष्टाचार को देश के गरीब लोगों के साथ बड़ा अन्याय बताते हुए भरोसा दिलाया कि इसे दूर करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। इसे भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए योजना को सूचना के अधिकार कानून के तहत लाने का वायदा किया गया। मनरेगा के पांच साल पूरे होने के अवसर पर यहां विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने वायदा किया कि इस योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने लिए इसके तंत्र में सुधार लाया जाएगा और ऐसी प्रौद्योगिकी को उपयोग में लाया जाएगा जिससे इसे भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जा सके।टिप्पणियां सिंह ने 15 दिन के भीतर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों का बायोमीट्रिक डाटा (अंगुलियों और पुतलियों के फोटो पहचान) तैयार कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति और उन्हें किए जाने वाले वेतन भुगतान को लेकर धांधलियों को रोका जा सकेगा। इस अवसर पर सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मनरेगा में भ्रष्टाचार न सिर्फ देश के गरीबों के प्रति अन्याय है बल्कि महात्मा गांधी के नाम पर अपराध करने जैसा भी है।’’ उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों, खासकर ऐसे राज्य जो अपेक्षाकृत गरीब माने जाते हैं, वहां मनरेगा को लागू करने को लेकर उदासीनता साफ दिख रही है। सिंह ने 15 दिन के भीतर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों का बायोमीट्रिक डाटा (अंगुलियों और पुतलियों के फोटो पहचान) तैयार कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति और उन्हें किए जाने वाले वेतन भुगतान को लेकर धांधलियों को रोका जा सकेगा। इस अवसर पर सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मनरेगा में भ्रष्टाचार न सिर्फ देश के गरीबों के प्रति अन्याय है बल्कि महात्मा गांधी के नाम पर अपराध करने जैसा भी है।’’ उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों, खासकर ऐसे राज्य जो अपेक्षाकृत गरीब माने जाते हैं, वहां मनरेगा को लागू करने को लेकर उदासीनता साफ दिख रही है। इस अवसर पर सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मनरेगा में भ्रष्टाचार न सिर्फ देश के गरीबों के प्रति अन्याय है बल्कि महात्मा गांधी के नाम पर अपराध करने जैसा भी है।’’ उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों, खासकर ऐसे राज्य जो अपेक्षाकृत गरीब माने जाते हैं, वहां मनरेगा को लागू करने को लेकर उदासीनता साफ दिख रही है।
यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने मनरेगा में भ्रष्टाचार को देश के गरीब लोगों के साथ बड़ा अन्याय बताते हुए भरोसा दिलाया कि इसे दूर करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर ने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार को लेकर पैदा हुए जनाक्रोश की पृष्ठभूमि में कहा है कि इस घटना के गुनाहगारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।टिप्पणियां इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध के खिलाफ प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए क्योंकि इससे हिंसक प्रदर्शनों की तुलना में अधिक नतीजे देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बीते 16 दिसंबर को चलती बस में हुआ सामूहिक बलात्कार एक बहुत खराब घटना थी और इसकी निंदा करने के लिए उनके पा शब्द नहीं है। कौर ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘हम सभी इस घटना से बहुत दुखी हैं लेकिन अगर लोग शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करेंगे तो इसके अधिक नतीजे आएंगे।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध के खिलाफ प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए क्योंकि इससे हिंसक प्रदर्शनों की तुलना में अधिक नतीजे देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बीते 16 दिसंबर को चलती बस में हुआ सामूहिक बलात्कार एक बहुत खराब घटना थी और इसकी निंदा करने के लिए उनके पा शब्द नहीं है। कौर ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘हम सभी इस घटना से बहुत दुखी हैं लेकिन अगर लोग शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करेंगे तो इसके अधिक नतीजे आएंगे।’ कौर ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘हम सभी इस घटना से बहुत दुखी हैं लेकिन अगर लोग शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करेंगे तो इसके अधिक नतीजे आएंगे।’
यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर ने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार को लेकर पैदा हुए जनाक्रोश की पृष्ठभूमि में कहा है कि इस घटना के गुनाहगारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शेयर बाजार के खिलाड़ियों की निगाह अगले सप्ताह कम्पनियों के दूसरी तिमाही के परिणामों पर टिकी रहेगी। इसके अलावा अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव भी बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। अगले सप्ताह कई प्रमुख कम्पनियां अपने परिणाम घोषित करेंगी। सोमवार पांच नवम्बर को परिणाम घोषित करने वाले प्रमुख कम्पनियों में रिलायंस पॉवर, टेक महिंद्रा, विजया बैंक और वोल्टास हैं। मंगलवार को परिणाम घोषित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, एडविस फायनेंशियल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, इंडियन होटल्स, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और टाटा पावर। बुधवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में होंगी कैंटाबिल रिटेल, इंद्रप्रस्थ गैस, किंगफिशर एयरलाइंस, एनएमडीसी, श्री अष्टविनायक, टाटा मोटर्स और यूको बैंक। किंगफिशर के शेयरों पर नजर टिकी रहेगी, क्योंकि कम्पनी के प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन के मुद्दे पर समझौता हो गया है। कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है। गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पार्श्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा। शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है। अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। सोमवार पांच नवम्बर को परिणाम घोषित करने वाले प्रमुख कम्पनियों में रिलायंस पॉवर, टेक महिंद्रा, विजया बैंक और वोल्टास हैं। मंगलवार को परिणाम घोषित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, एडविस फायनेंशियल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, इंडियन होटल्स, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और टाटा पावर। बुधवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में होंगी कैंटाबिल रिटेल, इंद्रप्रस्थ गैस, किंगफिशर एयरलाइंस, एनएमडीसी, श्री अष्टविनायक, टाटा मोटर्स और यूको बैंक। किंगफिशर के शेयरों पर नजर टिकी रहेगी, क्योंकि कम्पनी के प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन के मुद्दे पर समझौता हो गया है। कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है। गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पार्श्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा। शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है। अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। मंगलवार को परिणाम घोषित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, एडविस फायनेंशियल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, इंडियन होटल्स, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और टाटा पावर। बुधवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में होंगी कैंटाबिल रिटेल, इंद्रप्रस्थ गैस, किंगफिशर एयरलाइंस, एनएमडीसी, श्री अष्टविनायक, टाटा मोटर्स और यूको बैंक। किंगफिशर के शेयरों पर नजर टिकी रहेगी, क्योंकि कम्पनी के प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन के मुद्दे पर समझौता हो गया है। कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है। गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पार्श्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा। शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है। अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। बुधवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में होंगी कैंटाबिल रिटेल, इंद्रप्रस्थ गैस, किंगफिशर एयरलाइंस, एनएमडीसी, श्री अष्टविनायक, टाटा मोटर्स और यूको बैंक। किंगफिशर के शेयरों पर नजर टिकी रहेगी, क्योंकि कम्पनी के प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन के मुद्दे पर समझौता हो गया है। कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है। गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पार्श्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा। शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है। अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पार्श्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा। शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है। अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है। अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है। अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
यह एक सारांश है: शेयर बाजार के खिलाड़ियों की निगाह अगले सप्ताह कम्पनियों के दूसरी तिमाही के परिणामों पर टिकी रहेगी। इसके अलावा अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव भी बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। अगले सप्ताह कई प्रमुख कम्पनियां अपने परिणाम घोषित करेंगी।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई ने डीडीए की आवासीय योजना के लॉटरी ड्रॉ में गड़बड़ी का आरोप लगाया और इसकी सीबीआई जांच की मांग की है। इस लॉटरी के माध्यम से 16100 लकी आवेदनकर्ता डीडीए के फ्लैटों के लिए चुने गए। प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, भरोसेमंद सूत्र से मुझे पता चला है कि इस ड्रॉ में गड़बड़ी हुई है। आवेदन संख्या 821900 के आवेदक सुनील कुमार जैन थे। जैन इस ड्रॉ में चुने गए। उनके चार बेटे समीर जैन, भानु जैन, गौरव जैन और विवके जैन (फार्म संख्या क्रमश: 337382, 715419, 1007146 तथा 1294180) भी इस ड्रॉ में सफल घोषित किए गए। गुप्ता ने आरोप लगाया कि इसी प्रकार सुरेंद्र कुमार की संतान पूनम गौतम, राहुल गौतम, प्रीति गौतम को इस ड्रॉ में फ्लैट आवंटित किया गया। उन्होंने कहा, इन आवेदनों की संख्या 1070441, 1070442 और 1070443 है। क्या एक ही परिवार के तीनों आवेदकों को क्रम संख्या में फ्लैट आवंटित किए जा सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई ने डीडीए की आवासीय योजना के लॉटरी ड्रॉ में गड़बड़ी का आरोप लगाया और इसकी सीबीआई जांच की मांग की है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: औद्योगिक शहर कानपुर के प्रमुख चमड़ा उद्योग के करीब 50 हजार कर्मचारियों मजदूरों को वेतन के लाले पड़ गए हैं क्योंकि टेनरी मालिकों के पास नए नोट नहीं हैं और कर्मचारी पुराने 500 और 1000 के नोट लेने को तैयार नहीं हैं. आज भी शहर की कई टेनरी के कर्मचारियों ने वेतन के लिए टेनरियों के बाहर भीड़ लगाए रखी और कर्मचारियों ने काम नहीं किया. शहर के जाजमउ इलाके में करीब चार सौ टेनरियां हैं जहां करीब 50 हजार मजदूर कर्मचारी काम करते हैं. टेनरियों में वेतन तारीख महीने की नौ से दस तारीख होती है. लेकिन अचानक आठ नवंबर को पांच सौ हजार के नोट बंद हो जाने से टेनरी मालिकों के सामने संकट खड़ा हो गया है कि वे इतने कर्मचारियों को नकदी में कहां से वेतन बांटें क्योंकि कर्मचारी 500 और 1000 के नोट लेने से मना कर रहे हैं. तलत लेदर इंडस्ट्रीज के मालिक आसिफ खान ने आज बताया कि आज हमारी टेनरी के कार्यालय के सामने सैकड़ों मजदूर वेतन लेने के लिए खड़े हैं लेकिन हम उन्हें वेतन नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि हमारे पास नए नोट ही नहीं हैं. बैंक से भी दस हजार रूपए से अधिक नहीं निकल पा रहे हैं. इसलिए कर्मचारियों को वेतन दे पा रहे हैं. जब वेतन नहीं दे पा रहे हैं तो मजदूर काम नहीं कर रहे हैं और काम बंद पड़ा है. सुपर टेनरी के निदेशक इमरान सिद्दीकी ने बताया कि उनकी टेनरी में भी काम नहीं हो पा रहा है क्योंकि मजदूर आफिस का घेराव किए खड़े हैं और पिछले महीने के वेतन की मांग कर रहे हैं. अब हमारे पास पांच सौ, हजार के नोट हैं जो कर्मचारी लेने को तैयार नहीं हैं. अब कर्मचारियों मजदूरों को यह दिलासा दिया है कि टेनरी के एकाउंटेंट को बैंक भेजा है वह जैसे ही पैसे लेकर आता है वेतन दे दिया जाएगा लेकिन हम सच्चाई जानते हैं कि बैंक से दस हजार रूपये से ज्यादा नहीं मिलेगा जिससे हम अपने 120 मजदूरों, कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाएंगे .टिप्पणियां कमोबेश ऐसा ही आलम पूरे जाजमउ इलाके में है जहां टेनरी कर्मचारी मजदूर अपनी अपनी टेनरी के सामने वेतन मिलने की आस में खड़े हैं. चार पांच हजार रूपये प्रति माह कमाने वाले मजदूर इसी वेतन से अपने परिवार का पेट भरते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शहर के जाजमउ इलाके में करीब चार सौ टेनरियां हैं जहां करीब 50 हजार मजदूर कर्मचारी काम करते हैं. टेनरियों में वेतन तारीख महीने की नौ से दस तारीख होती है. लेकिन अचानक आठ नवंबर को पांच सौ हजार के नोट बंद हो जाने से टेनरी मालिकों के सामने संकट खड़ा हो गया है कि वे इतने कर्मचारियों को नकदी में कहां से वेतन बांटें क्योंकि कर्मचारी 500 और 1000 के नोट लेने से मना कर रहे हैं. तलत लेदर इंडस्ट्रीज के मालिक आसिफ खान ने आज बताया कि आज हमारी टेनरी के कार्यालय के सामने सैकड़ों मजदूर वेतन लेने के लिए खड़े हैं लेकिन हम उन्हें वेतन नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि हमारे पास नए नोट ही नहीं हैं. बैंक से भी दस हजार रूपए से अधिक नहीं निकल पा रहे हैं. इसलिए कर्मचारियों को वेतन दे पा रहे हैं. जब वेतन नहीं दे पा रहे हैं तो मजदूर काम नहीं कर रहे हैं और काम बंद पड़ा है. सुपर टेनरी के निदेशक इमरान सिद्दीकी ने बताया कि उनकी टेनरी में भी काम नहीं हो पा रहा है क्योंकि मजदूर आफिस का घेराव किए खड़े हैं और पिछले महीने के वेतन की मांग कर रहे हैं. अब हमारे पास पांच सौ, हजार के नोट हैं जो कर्मचारी लेने को तैयार नहीं हैं. अब कर्मचारियों मजदूरों को यह दिलासा दिया है कि टेनरी के एकाउंटेंट को बैंक भेजा है वह जैसे ही पैसे लेकर आता है वेतन दे दिया जाएगा लेकिन हम सच्चाई जानते हैं कि बैंक से दस हजार रूपये से ज्यादा नहीं मिलेगा जिससे हम अपने 120 मजदूरों, कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाएंगे .टिप्पणियां कमोबेश ऐसा ही आलम पूरे जाजमउ इलाके में है जहां टेनरी कर्मचारी मजदूर अपनी अपनी टेनरी के सामने वेतन मिलने की आस में खड़े हैं. चार पांच हजार रूपये प्रति माह कमाने वाले मजदूर इसी वेतन से अपने परिवार का पेट भरते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तलत लेदर इंडस्ट्रीज के मालिक आसिफ खान ने आज बताया कि आज हमारी टेनरी के कार्यालय के सामने सैकड़ों मजदूर वेतन लेने के लिए खड़े हैं लेकिन हम उन्हें वेतन नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि हमारे पास नए नोट ही नहीं हैं. बैंक से भी दस हजार रूपए से अधिक नहीं निकल पा रहे हैं. इसलिए कर्मचारियों को वेतन दे पा रहे हैं. जब वेतन नहीं दे पा रहे हैं तो मजदूर काम नहीं कर रहे हैं और काम बंद पड़ा है. सुपर टेनरी के निदेशक इमरान सिद्दीकी ने बताया कि उनकी टेनरी में भी काम नहीं हो पा रहा है क्योंकि मजदूर आफिस का घेराव किए खड़े हैं और पिछले महीने के वेतन की मांग कर रहे हैं. अब हमारे पास पांच सौ, हजार के नोट हैं जो कर्मचारी लेने को तैयार नहीं हैं. अब कर्मचारियों मजदूरों को यह दिलासा दिया है कि टेनरी के एकाउंटेंट को बैंक भेजा है वह जैसे ही पैसे लेकर आता है वेतन दे दिया जाएगा लेकिन हम सच्चाई जानते हैं कि बैंक से दस हजार रूपये से ज्यादा नहीं मिलेगा जिससे हम अपने 120 मजदूरों, कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाएंगे .टिप्पणियां कमोबेश ऐसा ही आलम पूरे जाजमउ इलाके में है जहां टेनरी कर्मचारी मजदूर अपनी अपनी टेनरी के सामने वेतन मिलने की आस में खड़े हैं. चार पांच हजार रूपये प्रति माह कमाने वाले मजदूर इसी वेतन से अपने परिवार का पेट भरते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुपर टेनरी के निदेशक इमरान सिद्दीकी ने बताया कि उनकी टेनरी में भी काम नहीं हो पा रहा है क्योंकि मजदूर आफिस का घेराव किए खड़े हैं और पिछले महीने के वेतन की मांग कर रहे हैं. अब हमारे पास पांच सौ, हजार के नोट हैं जो कर्मचारी लेने को तैयार नहीं हैं. अब कर्मचारियों मजदूरों को यह दिलासा दिया है कि टेनरी के एकाउंटेंट को बैंक भेजा है वह जैसे ही पैसे लेकर आता है वेतन दे दिया जाएगा लेकिन हम सच्चाई जानते हैं कि बैंक से दस हजार रूपये से ज्यादा नहीं मिलेगा जिससे हम अपने 120 मजदूरों, कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाएंगे .टिप्पणियां कमोबेश ऐसा ही आलम पूरे जाजमउ इलाके में है जहां टेनरी कर्मचारी मजदूर अपनी अपनी टेनरी के सामने वेतन मिलने की आस में खड़े हैं. चार पांच हजार रूपये प्रति माह कमाने वाले मजदूर इसी वेतन से अपने परिवार का पेट भरते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कमोबेश ऐसा ही आलम पूरे जाजमउ इलाके में है जहां टेनरी कर्मचारी मजदूर अपनी अपनी टेनरी के सामने वेतन मिलने की आस में खड़े हैं. चार पांच हजार रूपये प्रति माह कमाने वाले मजदूर इसी वेतन से अपने परिवार का पेट भरते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: कर्मचारी और श्रमिक 500 व 1000 के नोट लेने को तैयार नहीं वेतन न मिलने से मजदूरों के परिवारों में खाने के लाले पड़े टेनरियों के बाहर भीड़, कर्मचारियों ने काम नहीं किया
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी से बच्चों की मौत के मामले एक के बाद एक आते ही जा रहे हैं. पहले गोरखपुर और अब फर्रुखाबाद से यह बुरी खबर आई है. यूपी के फर्रुखाबाद में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया ज़िला अस्पताल में एक महीने में 30 बच्चों की मौत के बाद डीएम ने तीन डॉक्टरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है. हालांकि अस्पताल में पिछले एक महीने में कुल 49 बच्चों की मौत हुई है जिनमें 19 बच्चे मृत पैदा हुए थे. इसके बाद DM, CMO और CMS हटा दिए गए हैं. पढ़ें-  गोरखपुर हादसा : डॉक्टर कफील को भी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार मृत बच्चों के रिश्तेदारों का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन और दवा की कमी की वजह से बच्चों की मौत हुई है. इस मामले के चर्चा में आने के बाद जिलाधिकारी रबिन्द्र कुमार ने मामले पर तुरंत पैनल के द्वारा जाच करने का आदेश जारी कर दिया था जिसकी जांच जिले के सदर एस डी एम सिटी मजिस्ट्रे तहसीलदार सदर कर रहे थे. पढ़ें-  क्या बच्चों का सही तरीके से इलाज नहीं होता है? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम जांच प्रक्रिया को 3 दिनों के अन्दर सामने आने के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ और जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली सदर में जाच के दौरान दोषी पाए गए सीएमओ, सीएमएस जिला अस्पताल लोहिया और अन्य डॉक्टर के खिलाफ केस रजिस्टर करवा दिया गया है.  जांच के दौरान जांच अधिकारियों ने मौतों की जांच की तो पता चला कि ज्यादातर मौतें ऑक्सीजन की कमी और दवाओं की कमी से हुई हैं. इस पूरे मामले पर 176, 188, 304 जैसी संगीन धाराओ में केस दर्ज किया गया है. ​बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत के मामले में हाल ही में डॉक्टर कफील को भी गिरफ्तार किया गया हैटिप्पणियां वीडियो- गोरखपुर हादसा- डॉ कफील गिरफ्तार बीआरडी कॉलेज में 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 409, 308, 120 बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, सूचना तकनीकी अधिनियम सन 2000 के सेक्शन 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से वह फरार चल रहे थे. उनके ऊपर बच्चों की मौत में गैरजिम्मेदारी बरतने, निजी प्रैक्टिस न करने का झूठा हलफानामा देने गबन करने और साजिश के आरोप हैं. पढ़ें-  गोरखपुर हादसा : डॉक्टर कफील को भी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार मृत बच्चों के रिश्तेदारों का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन और दवा की कमी की वजह से बच्चों की मौत हुई है. इस मामले के चर्चा में आने के बाद जिलाधिकारी रबिन्द्र कुमार ने मामले पर तुरंत पैनल के द्वारा जाच करने का आदेश जारी कर दिया था जिसकी जांच जिले के सदर एस डी एम सिटी मजिस्ट्रे तहसीलदार सदर कर रहे थे. पढ़ें-  क्या बच्चों का सही तरीके से इलाज नहीं होता है? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम जांच प्रक्रिया को 3 दिनों के अन्दर सामने आने के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ और जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली सदर में जाच के दौरान दोषी पाए गए सीएमओ, सीएमएस जिला अस्पताल लोहिया और अन्य डॉक्टर के खिलाफ केस रजिस्टर करवा दिया गया है.  जांच के दौरान जांच अधिकारियों ने मौतों की जांच की तो पता चला कि ज्यादातर मौतें ऑक्सीजन की कमी और दवाओं की कमी से हुई हैं. इस पूरे मामले पर 176, 188, 304 जैसी संगीन धाराओ में केस दर्ज किया गया है. ​बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत के मामले में हाल ही में डॉक्टर कफील को भी गिरफ्तार किया गया हैटिप्पणियां वीडियो- गोरखपुर हादसा- डॉ कफील गिरफ्तार बीआरडी कॉलेज में 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 409, 308, 120 बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, सूचना तकनीकी अधिनियम सन 2000 के सेक्शन 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से वह फरार चल रहे थे. उनके ऊपर बच्चों की मौत में गैरजिम्मेदारी बरतने, निजी प्रैक्टिस न करने का झूठा हलफानामा देने गबन करने और साजिश के आरोप हैं. मृत बच्चों के रिश्तेदारों का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन और दवा की कमी की वजह से बच्चों की मौत हुई है. इस मामले के चर्चा में आने के बाद जिलाधिकारी रबिन्द्र कुमार ने मामले पर तुरंत पैनल के द्वारा जाच करने का आदेश जारी कर दिया था जिसकी जांच जिले के सदर एस डी एम सिटी मजिस्ट्रे तहसीलदार सदर कर रहे थे. पढ़ें-  क्या बच्चों का सही तरीके से इलाज नहीं होता है? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम जांच प्रक्रिया को 3 दिनों के अन्दर सामने आने के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ और जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली सदर में जाच के दौरान दोषी पाए गए सीएमओ, सीएमएस जिला अस्पताल लोहिया और अन्य डॉक्टर के खिलाफ केस रजिस्टर करवा दिया गया है.  जांच के दौरान जांच अधिकारियों ने मौतों की जांच की तो पता चला कि ज्यादातर मौतें ऑक्सीजन की कमी और दवाओं की कमी से हुई हैं. इस पूरे मामले पर 176, 188, 304 जैसी संगीन धाराओ में केस दर्ज किया गया है. ​बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत के मामले में हाल ही में डॉक्टर कफील को भी गिरफ्तार किया गया हैटिप्पणियां वीडियो- गोरखपुर हादसा- डॉ कफील गिरफ्तार बीआरडी कॉलेज में 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 409, 308, 120 बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, सूचना तकनीकी अधिनियम सन 2000 के सेक्शन 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से वह फरार चल रहे थे. उनके ऊपर बच्चों की मौत में गैरजिम्मेदारी बरतने, निजी प्रैक्टिस न करने का झूठा हलफानामा देने गबन करने और साजिश के आरोप हैं. पढ़ें-  क्या बच्चों का सही तरीके से इलाज नहीं होता है? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम जांच प्रक्रिया को 3 दिनों के अन्दर सामने आने के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ और जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली सदर में जाच के दौरान दोषी पाए गए सीएमओ, सीएमएस जिला अस्पताल लोहिया और अन्य डॉक्टर के खिलाफ केस रजिस्टर करवा दिया गया है.  जांच के दौरान जांच अधिकारियों ने मौतों की जांच की तो पता चला कि ज्यादातर मौतें ऑक्सीजन की कमी और दवाओं की कमी से हुई हैं. इस पूरे मामले पर 176, 188, 304 जैसी संगीन धाराओ में केस दर्ज किया गया है. ​बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत के मामले में हाल ही में डॉक्टर कफील को भी गिरफ्तार किया गया हैटिप्पणियां वीडियो- गोरखपुर हादसा- डॉ कफील गिरफ्तार बीआरडी कॉलेज में 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 409, 308, 120 बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, सूचना तकनीकी अधिनियम सन 2000 के सेक्शन 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से वह फरार चल रहे थे. उनके ऊपर बच्चों की मौत में गैरजिम्मेदारी बरतने, निजी प्रैक्टिस न करने का झूठा हलफानामा देने गबन करने और साजिश के आरोप हैं. जांच प्रक्रिया को 3 दिनों के अन्दर सामने आने के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ और जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली सदर में जाच के दौरान दोषी पाए गए सीएमओ, सीएमएस जिला अस्पताल लोहिया और अन्य डॉक्टर के खिलाफ केस रजिस्टर करवा दिया गया है.  जांच के दौरान जांच अधिकारियों ने मौतों की जांच की तो पता चला कि ज्यादातर मौतें ऑक्सीजन की कमी और दवाओं की कमी से हुई हैं. इस पूरे मामले पर 176, 188, 304 जैसी संगीन धाराओ में केस दर्ज किया गया है. ​बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत के मामले में हाल ही में डॉक्टर कफील को भी गिरफ्तार किया गया हैटिप्पणियां वीडियो- गोरखपुर हादसा- डॉ कफील गिरफ्तार बीआरडी कॉलेज में 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 409, 308, 120 बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, सूचना तकनीकी अधिनियम सन 2000 के सेक्शन 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से वह फरार चल रहे थे. उनके ऊपर बच्चों की मौत में गैरजिम्मेदारी बरतने, निजी प्रैक्टिस न करने का झूठा हलफानामा देने गबन करने और साजिश के आरोप हैं. जांच के दौरान जांच अधिकारियों ने मौतों की जांच की तो पता चला कि ज्यादातर मौतें ऑक्सीजन की कमी और दवाओं की कमी से हुई हैं. इस पूरे मामले पर 176, 188, 304 जैसी संगीन धाराओ में केस दर्ज किया गया है. ​बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत के मामले में हाल ही में डॉक्टर कफील को भी गिरफ्तार किया गया हैटिप्पणियां वीडियो- गोरखपुर हादसा- डॉ कफील गिरफ्तार बीआरडी कॉलेज में 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 409, 308, 120 बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, सूचना तकनीकी अधिनियम सन 2000 के सेक्शन 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से वह फरार चल रहे थे. उनके ऊपर बच्चों की मौत में गैरजिम्मेदारी बरतने, निजी प्रैक्टिस न करने का झूठा हलफानामा देने गबन करने और साजिश के आरोप हैं. वीडियो- गोरखपुर हादसा- डॉ कफील गिरफ्तार बीआरडी कॉलेज में 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 409, 308, 120 बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, सूचना तकनीकी अधिनियम सन 2000 के सेक्शन 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से वह फरार चल रहे थे. उनके ऊपर बच्चों की मौत में गैरजिम्मेदारी बरतने, निजी प्रैक्टिस न करने का झूठा हलफानामा देने गबन करने और साजिश के आरोप हैं. बीआरडी कॉलेज में 100 बेड वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 409, 308, 120 बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15, सूचना तकनीकी अधिनियम सन 2000 के सेक्शन 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से वह फरार चल रहे थे. उनके ऊपर बच्चों की मौत में गैरजिम्मेदारी बरतने, निजी प्रैक्टिस न करने का झूठा हलफानामा देने गबन करने और साजिश के आरोप हैं.
यहाँ एक सारांश है:यूपी के फर्रुखाबाद में 30 बच्चों की 1 महीने में मौत हो गई डॉक्टर राम मनोहर लोहिया ज़िला अस्पताल में हुई कुल 49 मौतें 19 बच्चे मृत पैदा हुए थे
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व पाकिस्तानी कप्तान सलमान बट ने दावा किया कि उन्होंने तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को पैसों के लिए जानबूझकर नोबॉल करने के लिये नहीं कहा था, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने एजेंट और कथित सट्टेबाज मजहर मजीद के जरिये कुछ विज्ञापन अनुबंध हासिल किए थे। बट ने पुलिस की पूछताछ में यह बात कही थी, जिसका टेप यहां स्पॉट फिक्सिंग ट्रायल के दौरान ज्यूरी के सामने सुनाया गया। बट ने पुलिस की पूछताछ में कहा था, मेरा आमिर और आसिफ को नोबॉल करने के लिए कहने का मतलब ही पैदा नहीं होता। वे दोनों ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें अधिकतर टीमें अपने पास रखना चाहेंगी। जब हमने अपनी टीम का चयन किया, तो ये पहले दो नाम थे, जिन्हें हमने लिखा था। उथवर्क क्राउन कोर्ट में ज्यूरी ने बट को दावा करते हुए सुना कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान नोबॉल महज संयोग था और ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया था। न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के मजीद के स्टिंग ऑपरेशन में यह मामला प्रकाश में आया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्व पाकिस्तानी कप्तान सलमान बट ने दावा किया कि उन्होंने आसिफ और आमिर को पैसों के लिए जानबूझकर नोबॉल करने के लिए नहीं कहा था।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बुधवार को कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने व बलात्कारियों से निपटने के लिए नए व कड़े कानून की आवश्यकता है। कुमार ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून लाया जाना चाहिए और इसे अवश्य पारित कराया जाना चाहिए। वर्तमान कानून पर्याप्त नहीं हैं, हमें कड़े कानूनों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति सुधारने खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसा किया जाना त्वरित आवश्यकता है। कुमार ने रविवार की रात सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनी 23 वर्षीया पीड़िता को उसके द्वारा बलात्कारियों का विरोध करने के लिए उसे साहसी बताया। उन्होंने कहा कि हर कोई उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम सभी पीड़िता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। वह साहसी है। हम सब चिंतित हैं, क्योंकि इस तरह की घटनाएं एक ऐसे समाज में हो रही हैं, जहां महिलाओं को पूजा जाता है। पीड़िता दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। चलती हुई बस में कम से कम छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे व उसके पुरुष मित्र को सड़क पर फेंक दिया। आरोपियों में से चार को गिरफ्तार किया गया है। कुमार ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून लाया जाना चाहिए और इसे अवश्य पारित कराया जाना चाहिए। वर्तमान कानून पर्याप्त नहीं हैं, हमें कड़े कानूनों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति सुधारने खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसा किया जाना त्वरित आवश्यकता है। कुमार ने रविवार की रात सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनी 23 वर्षीया पीड़िता को उसके द्वारा बलात्कारियों का विरोध करने के लिए उसे साहसी बताया। उन्होंने कहा कि हर कोई उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम सभी पीड़िता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। वह साहसी है। हम सब चिंतित हैं, क्योंकि इस तरह की घटनाएं एक ऐसे समाज में हो रही हैं, जहां महिलाओं को पूजा जाता है। पीड़िता दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। चलती हुई बस में कम से कम छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे व उसके पुरुष मित्र को सड़क पर फेंक दिया। आरोपियों में से चार को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति सुधारने खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसा किया जाना त्वरित आवश्यकता है। कुमार ने रविवार की रात सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनी 23 वर्षीया पीड़िता को उसके द्वारा बलात्कारियों का विरोध करने के लिए उसे साहसी बताया। उन्होंने कहा कि हर कोई उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम सभी पीड़िता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। वह साहसी है। हम सब चिंतित हैं, क्योंकि इस तरह की घटनाएं एक ऐसे समाज में हो रही हैं, जहां महिलाओं को पूजा जाता है। पीड़िता दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। चलती हुई बस में कम से कम छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे व उसके पुरुष मित्र को सड़क पर फेंक दिया। आरोपियों में से चार को गिरफ्तार किया गया है। कुमार ने रविवार की रात सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनी 23 वर्षीया पीड़िता को उसके द्वारा बलात्कारियों का विरोध करने के लिए उसे साहसी बताया। उन्होंने कहा कि हर कोई उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम सभी पीड़िता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। वह साहसी है। हम सब चिंतित हैं, क्योंकि इस तरह की घटनाएं एक ऐसे समाज में हो रही हैं, जहां महिलाओं को पूजा जाता है। पीड़िता दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। चलती हुई बस में कम से कम छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे व उसके पुरुष मित्र को सड़क पर फेंक दिया। आरोपियों में से चार को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, हम सभी पीड़िता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। वह साहसी है। हम सब चिंतित हैं, क्योंकि इस तरह की घटनाएं एक ऐसे समाज में हो रही हैं, जहां महिलाओं को पूजा जाता है। पीड़िता दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। चलती हुई बस में कम से कम छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे व उसके पुरुष मित्र को सड़क पर फेंक दिया। आरोपियों में से चार को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। चलती हुई बस में कम से कम छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे व उसके पुरुष मित्र को सड़क पर फेंक दिया। आरोपियों में से चार को गिरफ्तार किया गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बुधवार को कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने व बलात्कारियों से निपटने के लिए नए व कड़े कानून की आवश्यकता है।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: भूकंप और सुनामी के कारण क्षतिग्रस्त जापान के फुकुशिमा स्थित परमाणु संयंत्र से विकिरण की चपेट में संयंत्र के तीन कर्मचारियों के आने की खबर है जबकि विकिरण के खतरे के मद्देनजर कई देशों ने जापान से खाद्य पदाथरें के आयात पर रोक लगा दी है। उधर, जापानी अधिकारियों द्वारा बोतलबंद पानी का निर्देश जारी करने के बाद देश की राजधानी तोक्यो में बोतलबंद पानी की कमी हो गई है और अधिकारी इसके आयात पर विचार कर रहे हैं। जापान के डेयरी उत्पादों और सब्जियों के आयात पर अमेरिकी प्रतिबंध के बाद ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, हांगकांग, फिलीपींस, कनाडा और रूस ने भी यहां से खाद्य पदाथरें के आयात पर रोक लगा दी है। दक्षिण कोरिया जैसे कुछ अन्य देशों ने कहा है कि वे भी ऐसे ही किसी कदम पर विचार कर रहे हैं। फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के ये तीन कर्मचारी आज उस समय उच्च परमाणु विकिरण प्रभाव में तब आए जब वे संयंत्र के रिएक्टर संख्या तीन स्थित टर्बाइन भवन में तार बिछा रहे थे।
यह एक सारांश है: जापानी अधिकारियों द्वारा बोतलबंद पानी का निर्देश जारी करने के बाद देश की राजधानी तोक्यो में बोतलबंद पानी की कमी हो गई है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने कहा है कि वह शीर्ष पर पहुंचकर बहुत अकेला महसूस कर रहे हैं और अपने खालीपन से लड़ रहे हैं। गोवा के सालाना समारोह के मौके पर शाहरुख ने कहा, मुझमें कुछ गड़बड़ है। मुझे ऐसा महसूस होता है, लेकिन मुझे यह नहीं मालूम कि वास्तव में यह क्या है। उन्होंने कहा, मेरे पास बहुत अच्छा परिवार है। मेरे पास कुछ अच्छे दोस्त हैं, जिनके साथ मैं बहुत समय गुजारता हूं। मैं अपने पिता की तरह मौत नहीं चाहता और गुमनाम नहीं रहना चाहता। मैं केवल सफल रहना चाहता हूं और विश्वास करें तो शीर्ष पर अकेलेपन का एहसास होता है। 47 वर्षीय शाहरुख अपनी आत्मकथा लिख रहे हैं और आत्मकथा को अंतिम रूप दे रहे हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, किसी तरह का खालीपन का एहसास है और यह लगातार मुझे परेशान करता है, जिसे मैं अपने अभिनय से पूरा करता हूं। शाहरुख के सिर से 15 वर्ष की उम्र में उनके पिता का साया उठ गया था। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि उनके परिवार को हमेशा पैसों की तंगी झेलनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, एक बार मेरे पिता मुझे एक सिनेमा दिखाने दिल्ली ले गए। उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। तक हम कामाती ऑडिटोरियम के करीब बैठ गए और उन्होंने मुझे बताया कि सड़क पर गुजरते हुए वाहनों को देखना भी काफी दिलचस्प है। शाहरुख ने कहा, जब मैं अपने पुत्र को कोई फिल्म दिखाने ले जाता हूं, तो मैं उसे फिल्म दिखाता हूं कार नहीं। गोवा के सालाना समारोह के मौके पर शाहरुख ने कहा, मुझमें कुछ गड़बड़ है। मुझे ऐसा महसूस होता है, लेकिन मुझे यह नहीं मालूम कि वास्तव में यह क्या है। उन्होंने कहा, मेरे पास बहुत अच्छा परिवार है। मेरे पास कुछ अच्छे दोस्त हैं, जिनके साथ मैं बहुत समय गुजारता हूं। मैं अपने पिता की तरह मौत नहीं चाहता और गुमनाम नहीं रहना चाहता। मैं केवल सफल रहना चाहता हूं और विश्वास करें तो शीर्ष पर अकेलेपन का एहसास होता है। 47 वर्षीय शाहरुख अपनी आत्मकथा लिख रहे हैं और आत्मकथा को अंतिम रूप दे रहे हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, किसी तरह का खालीपन का एहसास है और यह लगातार मुझे परेशान करता है, जिसे मैं अपने अभिनय से पूरा करता हूं। शाहरुख के सिर से 15 वर्ष की उम्र में उनके पिता का साया उठ गया था। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि उनके परिवार को हमेशा पैसों की तंगी झेलनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, एक बार मेरे पिता मुझे एक सिनेमा दिखाने दिल्ली ले गए। उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। तक हम कामाती ऑडिटोरियम के करीब बैठ गए और उन्होंने मुझे बताया कि सड़क पर गुजरते हुए वाहनों को देखना भी काफी दिलचस्प है। शाहरुख ने कहा, जब मैं अपने पुत्र को कोई फिल्म दिखाने ले जाता हूं, तो मैं उसे फिल्म दिखाता हूं कार नहीं। उन्होंने कहा, किसी तरह का खालीपन का एहसास है और यह लगातार मुझे परेशान करता है, जिसे मैं अपने अभिनय से पूरा करता हूं। शाहरुख के सिर से 15 वर्ष की उम्र में उनके पिता का साया उठ गया था। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि उनके परिवार को हमेशा पैसों की तंगी झेलनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, एक बार मेरे पिता मुझे एक सिनेमा दिखाने दिल्ली ले गए। उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। तक हम कामाती ऑडिटोरियम के करीब बैठ गए और उन्होंने मुझे बताया कि सड़क पर गुजरते हुए वाहनों को देखना भी काफी दिलचस्प है। शाहरुख ने कहा, जब मैं अपने पुत्र को कोई फिल्म दिखाने ले जाता हूं, तो मैं उसे फिल्म दिखाता हूं कार नहीं। उन्होंने कहा, एक बार मेरे पिता मुझे एक सिनेमा दिखाने दिल्ली ले गए। उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। तक हम कामाती ऑडिटोरियम के करीब बैठ गए और उन्होंने मुझे बताया कि सड़क पर गुजरते हुए वाहनों को देखना भी काफी दिलचस्प है। शाहरुख ने कहा, जब मैं अपने पुत्र को कोई फिल्म दिखाने ले जाता हूं, तो मैं उसे फिल्म दिखाता हूं कार नहीं।
संक्षिप्त पाठ: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने कहा है कि वह शीर्ष पर पहुंचकर बहुत अकेला महसूस कर रहे हैं और अपने खालीपन से लड़ रहे हैं।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: बंबई शेयर बाजार में चले भारी बिकवाली के दौर से निवेशकों की कुल पूंजी एक लाख करोड़ रुपये घट गई। प्रत्येक तीन में से दो शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 430.65 अंक की भारी गिरावट के साथ 19,691.67 अंक पर आ गया। यह 27 फरवरी, 2012 के बाद सेंसेक्स की सबसे बड़ी गिरावट है।टिप्पणियां सेंसेक्स की सभी 30 शेयर नुकसान दर्शाते बंद हुए। आईटीसी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कंपनी के शेयर में 5 फीसद से अधिक की गिरावट आई। बिकवाली के दौर के बीच निवेशकों की बाजार हैसियत एक लाख करोड़ रुपये घटकर 67,03,388.59 करोड़ रुपये रह गई। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 430.65 अंक की भारी गिरावट के साथ 19,691.67 अंक पर आ गया। यह 27 फरवरी, 2012 के बाद सेंसेक्स की सबसे बड़ी गिरावट है।टिप्पणियां सेंसेक्स की सभी 30 शेयर नुकसान दर्शाते बंद हुए। आईटीसी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कंपनी के शेयर में 5 फीसद से अधिक की गिरावट आई। बिकवाली के दौर के बीच निवेशकों की बाजार हैसियत एक लाख करोड़ रुपये घटकर 67,03,388.59 करोड़ रुपये रह गई। सेंसेक्स की सभी 30 शेयर नुकसान दर्शाते बंद हुए। आईटीसी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कंपनी के शेयर में 5 फीसद से अधिक की गिरावट आई। बिकवाली के दौर के बीच निवेशकों की बाजार हैसियत एक लाख करोड़ रुपये घटकर 67,03,388.59 करोड़ रुपये रह गई। बिकवाली के दौर के बीच निवेशकों की बाजार हैसियत एक लाख करोड़ रुपये घटकर 67,03,388.59 करोड़ रुपये रह गई।
बंबई शेयर बाजार में चले भारी बिकवाली के दौर से निवेशकों की कुल पूंजी एक लाख करोड़ रुपये घट गई। प्रत्येक तीन में से दो शेयर नुकसान के साथ बंद हुए।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नेपाल में मूसलाधार बारिश के कारण हुई भूस्खलन की घटनाओं और बाढ़ में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई और 12 हजार लोग बेघर हो गए हैं।टिप्पणियां गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘देश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है।’’ मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि 19 लोग अब भी लापता हैं और उन्हें बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में अभी कोई सफलता नहीं मिली है। मंत्रालय का कहना है कि करीब 12 हजार लोगों को बेघर होना पड़ा है और लगभग 900 मकान ध्वस्त हो गए। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘देश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है।’’ मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि 19 लोग अब भी लापता हैं और उन्हें बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में अभी कोई सफलता नहीं मिली है। मंत्रालय का कहना है कि करीब 12 हजार लोगों को बेघर होना पड़ा है और लगभग 900 मकान ध्वस्त हो गए। मंत्रालय का कहना है कि करीब 12 हजार लोगों को बेघर होना पड़ा है और लगभग 900 मकान ध्वस्त हो गए।
यहाँ एक सारांश है:नेपाल में मूसलाधार बारिश के कारण हुई भूस्खलन की घटनाओं और बाढ़ में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई और 12 हजार लोग बेघर हो गए हैं।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मेक्सिको में सोमवार को भूकम्प के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई। भूकम्प रात एक बजे से कुछ ही समय पहले आया जिसने कुछ सेकेंड के लिए इमारतों को हिला कर रख दिया और लोगों को घरों से सड़कों की ओर भागने पर मजबूर कर दिया।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, भूकम्प से घरों की लाइट्स भी झिलमिलाने लगी तथा घर में रखे फर्नीचर हिलने लगे। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर भूकम्प की तीव्रता 6.3 मापी गई। भूकम्प का केंद्र ग्युरेरो राज्य में ओमेटेपेक से 27 किलोमीटर दूर और जमीन में 12.3 किलोमीटर की गहराई पर था। मेक्सिको सिटी के मेयर मार्सेलो एबरार्ड ने ट्विटर पर लिखा, "हेलीकॉप्टर के माध्यम से पूरे शहर का जायजा लिया गया। इसमें जान-माल का कोई नुकसान नही हुआ है।" भूकम्प रात एक बजे से कुछ ही समय पहले आया जिसने कुछ सेकेंड के लिए इमारतों को हिला कर रख दिया और लोगों को घरों से सड़कों की ओर भागने पर मजबूर कर दिया।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, भूकम्प से घरों की लाइट्स भी झिलमिलाने लगी तथा घर में रखे फर्नीचर हिलने लगे। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर भूकम्प की तीव्रता 6.3 मापी गई। भूकम्प का केंद्र ग्युरेरो राज्य में ओमेटेपेक से 27 किलोमीटर दूर और जमीन में 12.3 किलोमीटर की गहराई पर था। मेक्सिको सिटी के मेयर मार्सेलो एबरार्ड ने ट्विटर पर लिखा, "हेलीकॉप्टर के माध्यम से पूरे शहर का जायजा लिया गया। इसमें जान-माल का कोई नुकसान नही हुआ है।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, भूकम्प से घरों की लाइट्स भी झिलमिलाने लगी तथा घर में रखे फर्नीचर हिलने लगे। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर भूकम्प की तीव्रता 6.3 मापी गई। भूकम्प का केंद्र ग्युरेरो राज्य में ओमेटेपेक से 27 किलोमीटर दूर और जमीन में 12.3 किलोमीटर की गहराई पर था। मेक्सिको सिटी के मेयर मार्सेलो एबरार्ड ने ट्विटर पर लिखा, "हेलीकॉप्टर के माध्यम से पूरे शहर का जायजा लिया गया। इसमें जान-माल का कोई नुकसान नही हुआ है।" मेक्सिको सिटी के मेयर मार्सेलो एबरार्ड ने ट्विटर पर लिखा, "हेलीकॉप्टर के माध्यम से पूरे शहर का जायजा लिया गया। इसमें जान-माल का कोई नुकसान नही हुआ है।"
संक्षिप्त पाठ: मेक्सिको में सोमवार को भूकम्प के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: ठाणे जिले के पालघर में शिवसेना ने बंद का आह्वान किया है। यह बंद बाल ठाकरे के निधन के बाद फेसबुक पर टिप्पणी करने वाली युवतियों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारियों के निलंबन के विरोध में बुलाया गया है।टिप्पणियां शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे ने कहा कि पार्टी की स्थानीय इकाई ने बंद का आह्वान किया है। पुलिस अधिकारियों के निलंबन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने हालात के अनुरूप काम किया। गिरफ्तार की गईं युवतियों ने भी पुलिस के खिलाफ शिकायत नहीं की है। गौरतलब है कि इस मामले में राज्य सरकार ने ठाणे के एसपी रवींद्र शेंगांवकर और पालघर के पुलिस इंस्पेक्टर श्रीकांत पिंगले को निलंबित करते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही एडिश्नल एसपी संग्राम निशानदार को भी नाराजगी का खत भेजा है। इस बीच पालघर में दोनों लड़कियों के घरों के बाहर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे ने कहा कि पार्टी की स्थानीय इकाई ने बंद का आह्वान किया है। पुलिस अधिकारियों के निलंबन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने हालात के अनुरूप काम किया। गिरफ्तार की गईं युवतियों ने भी पुलिस के खिलाफ शिकायत नहीं की है। गौरतलब है कि इस मामले में राज्य सरकार ने ठाणे के एसपी रवींद्र शेंगांवकर और पालघर के पुलिस इंस्पेक्टर श्रीकांत पिंगले को निलंबित करते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही एडिश्नल एसपी संग्राम निशानदार को भी नाराजगी का खत भेजा है। इस बीच पालघर में दोनों लड़कियों के घरों के बाहर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। गौरतलब है कि इस मामले में राज्य सरकार ने ठाणे के एसपी रवींद्र शेंगांवकर और पालघर के पुलिस इंस्पेक्टर श्रीकांत पिंगले को निलंबित करते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही एडिश्नल एसपी संग्राम निशानदार को भी नाराजगी का खत भेजा है। इस बीच पालघर में दोनों लड़कियों के घरों के बाहर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
यह एक सारांश है: बाल ठाकरे के निधन के बाद फेसबुक पर टिप्पणी करने वाली युवतियों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारियों के निलंबन के विरोध में शिवसेना ने ठाणे जिले के पालघर में बंद का आह्वान किया है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फरीदाबाद के टाउन नंबर 5 इलाके में 12वीं क्लास की छात्रा की गला रेत कर हत्या कर दी गई। इस छात्रा की ह्त्या इसी इलाके के सिमरन पीजी - गेस्ट हाउस के एक कमरे में की गई। फ़िलहाल गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव किया हुआ है और नीलम पुल को जाम कर दिया गया है। लोगों में इतना गुस्सा था कि वह आरोपी के घर पर पहुंच गए और पत्थराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पूरा मामला कुछ यूं है कि टाउन नंबर 5 इलाके में एक शादीशुदा व्यक्ति सोनू एसजीएम नगर की रहने वाली 12वी क्लास की छात्रा से एक तरफा प्यार करता था। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार को तीन बजे उक्त छात्रा ट्यूशन के लिए घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। देर शाम तक घर वाले उसे तलाश करते रहे। घरवालों के होश तब उड़ गए जब पुलिस ने रात को इसी इलाके के सिमरन पीजी - गेस्ट हाउस के एक कमरे में छात्रा की लाश बरामद की। इस छात्रा की गला रेतकर ह्त्या की गई थी।टिप्पणियां सुबह होते ही सैकड़ों की तादाद में इकट्ठा हुए लोगों ने थाने का घेराव कर दिया और नीलम पुल भी जाम कर दिया। नाराज़ लोग आरोपी के घर जा पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। परिजन इस बात से खफा हैं कि पुलिस हत्या के बारे में पता चलने के बाद भी उन्हें गुमराह करती रही उन्हें यह नहीं बताया गया की उनकी बेटी की हत्या  की गई। फ़िलहाल गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव किया हुआ है और नीलम पुल को जाम कर दिया गया है। लोगों में इतना गुस्सा था कि वह आरोपी के घर पर पहुंच गए और पत्थराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पूरा मामला कुछ यूं है कि टाउन नंबर 5 इलाके में एक शादीशुदा व्यक्ति सोनू एसजीएम नगर की रहने वाली 12वी क्लास की छात्रा से एक तरफा प्यार करता था। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार को तीन बजे उक्त छात्रा ट्यूशन के लिए घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। देर शाम तक घर वाले उसे तलाश करते रहे। घरवालों के होश तब उड़ गए जब पुलिस ने रात को इसी इलाके के सिमरन पीजी - गेस्ट हाउस के एक कमरे में छात्रा की लाश बरामद की। इस छात्रा की गला रेतकर ह्त्या की गई थी।टिप्पणियां सुबह होते ही सैकड़ों की तादाद में इकट्ठा हुए लोगों ने थाने का घेराव कर दिया और नीलम पुल भी जाम कर दिया। नाराज़ लोग आरोपी के घर जा पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। परिजन इस बात से खफा हैं कि पुलिस हत्या के बारे में पता चलने के बाद भी उन्हें गुमराह करती रही उन्हें यह नहीं बताया गया की उनकी बेटी की हत्या  की गई। लोगों में इतना गुस्सा था कि वह आरोपी के घर पर पहुंच गए और पत्थराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पूरा मामला कुछ यूं है कि टाउन नंबर 5 इलाके में एक शादीशुदा व्यक्ति सोनू एसजीएम नगर की रहने वाली 12वी क्लास की छात्रा से एक तरफा प्यार करता था। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार को तीन बजे उक्त छात्रा ट्यूशन के लिए घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। देर शाम तक घर वाले उसे तलाश करते रहे। घरवालों के होश तब उड़ गए जब पुलिस ने रात को इसी इलाके के सिमरन पीजी - गेस्ट हाउस के एक कमरे में छात्रा की लाश बरामद की। इस छात्रा की गला रेतकर ह्त्या की गई थी।टिप्पणियां सुबह होते ही सैकड़ों की तादाद में इकट्ठा हुए लोगों ने थाने का घेराव कर दिया और नीलम पुल भी जाम कर दिया। नाराज़ लोग आरोपी के घर जा पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। परिजन इस बात से खफा हैं कि पुलिस हत्या के बारे में पता चलने के बाद भी उन्हें गुमराह करती रही उन्हें यह नहीं बताया गया की उनकी बेटी की हत्या  की गई। पूरा मामला कुछ यूं है कि टाउन नंबर 5 इलाके में एक शादीशुदा व्यक्ति सोनू एसजीएम नगर की रहने वाली 12वी क्लास की छात्रा से एक तरफा प्यार करता था। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार को तीन बजे उक्त छात्रा ट्यूशन के लिए घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। देर शाम तक घर वाले उसे तलाश करते रहे। घरवालों के होश तब उड़ गए जब पुलिस ने रात को इसी इलाके के सिमरन पीजी - गेस्ट हाउस के एक कमरे में छात्रा की लाश बरामद की। इस छात्रा की गला रेतकर ह्त्या की गई थी।टिप्पणियां सुबह होते ही सैकड़ों की तादाद में इकट्ठा हुए लोगों ने थाने का घेराव कर दिया और नीलम पुल भी जाम कर दिया। नाराज़ लोग आरोपी के घर जा पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। परिजन इस बात से खफा हैं कि पुलिस हत्या के बारे में पता चलने के बाद भी उन्हें गुमराह करती रही उन्हें यह नहीं बताया गया की उनकी बेटी की हत्या  की गई। सुबह होते ही सैकड़ों की तादाद में इकट्ठा हुए लोगों ने थाने का घेराव कर दिया और नीलम पुल भी जाम कर दिया। नाराज़ लोग आरोपी के घर जा पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। परिजन इस बात से खफा हैं कि पुलिस हत्या के बारे में पता चलने के बाद भी उन्हें गुमराह करती रही उन्हें यह नहीं बताया गया की उनकी बेटी की हत्या  की गई। नाराज़ लोग आरोपी के घर जा पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक को भी आग लगा दी। परिजन इस बात से खफा हैं कि पुलिस हत्या के बारे में पता चलने के बाद भी उन्हें गुमराह करती रही उन्हें यह नहीं बताया गया की उनकी बेटी की हत्या  की गई।
सारांश: फरीदाबाद के टाउन नंबर 5 इलाके में 12वीं क्लास की छात्रा की गला रेत कर हत्या कर दी गई। इस छात्रा की ह्त्या इसी इलाके के सिमरन पीजी - गेस्ट हाउस के एक कमरे में की गई।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उन्होंने कहा, 'मोदी-बाबू, हमले (पुलवामा हमला) के समय आप कहां थे?' पार्टी की विस्तारित कोर कमेटी बैठक में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ने कहा, 'आपको पहले से पता था कि यह घटना होगी. आपके पास पहले से जानकारी थी.' उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार के पास इस संबंध में खुफिया जानकारी थी. फिर जवानों को उस दिन हवाई मार्ग से क्यों नहीं जाने दिया गया? काफिले के मार्ग की नाका जांच क्यों नहीं की गई?' उन्होंने कहा, 'जवानों को मरने के लिए क्यों छोड़ दिया? यह इसलिए क्योंकि आप चुनावों से पहले मामले का राजनीतिकरण करना चाहते थे. हमारे जवानों के खून का इस तरह राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.' ममता बनर्जी ने मोदी को ताना मारते हुए दावा किया कि वे (मोदी) शांति के संदेशवाहक होने का नाटक करते हैं, वहीं उनकी पार्टी गुप्त रूप से देश में युद्ध समान परिस्थितियां पैदा करना चाहती हैं और दंगा शुरू कर देती है. उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोकसभा चुनावों में अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए पश्चिम बंगाल सहित देश भर में ईवीएम मशीनों के साथ छेड़खानी करने की कोशिश कर सकती है. मुख्यमंत्री ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तीन सदस्यीय समिति बनाई है जो बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की कार्यप्रणाली समझाने के लिए प्रशिक्षण देगी. उन्होंने कहा, 'भाजपा ईवीएम से छेड़खानी करने की कोशिश करेगी. मैंने सुना है कि उन्होंने बंगाल में ईवीएम से छेड़खानी करने के लिए किसी निजी कंपनी से संपर्क किया है.' उन्होंने कहा, 'हमें अपने कार्यकर्ताओं को समझाने की जरूरत है कि ईवीएम और वीवीपैट कैसे काम करती हैं. इस संबंध में मैं एक औपचारिक समिति बना रही हूं. इस समिति में पार्टी नेता दिनेश त्रिवेदी, सौगत रॉय और पार्थ चटर्जी हैं जो जिला स्तरीय नेताओं को ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली समझाएंगे.'
यहाँ एक सारांश है:पुलवामा हमले को लेकर ममता का मोदी सरकार पर हमला 'मोदी, केंद्र को पुलवामा हमले की जानकारी पहले से थी' शहीद जवानों के खून से राजनीति करने का लगाया आरोप
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूरोपीय संसद का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कश्मीर के जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए श्रीनगर पहुंचा. बता दें, हिंसा की छिटपुट घटनाओं और बंद के कारण क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण है. पांच अगस्त को धारा-370 के हटने के बाद कश्मीर का दौरा करने वाला यह पहला विदेशी प्रतिनिधिमंडल है. प्रतिनिधिमंडल यहां के एक पांच सितारा होटल में पहुंचा. इसके बाद उन्हें बादामी बाग में सेना के 15-कोर मुख्यालय में ले जाया गया, जहां सेना के शीर्ष कमांडरों ने उन्हें कश्मीर की स्थिति के बारे में जानकारी दी. बता दें, इस प्रतिनिधिमंडल की आलोचना की जा रही है, क्योंकि यह सामने आया है कि इनमें से कई सदस्य इटली, फ्रांस और जर्मनी में दक्षिणपंथी पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती, जो अपनी मां के ट्विटर अकाउंट का संचालन करती हैं, ने पोस्ट किया, "श्रीनगर में आज पथराव और बड़े पैमाने पर बंद होने की रिपोर्ट है. आश्चर्य है कि ज्यादातर दक्षिणपंथी झुकाव वाले इस्लामोफोबिक ईयूएमपी के एक समूह को कश्मीर भेजने से भारत सरकार को क्या परिणाम मिलने की उम्मीद है? आप 90 लाख उत्पीड़ित कश्मीरियों से उम्मीद करते हैं कि वे उनके लिए रेड कॉर्पेट बिछाएंगे?"  प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पुलिस से भी जानकारी लेनी है. इस यात्रा से हालांकि कश्मीर में हिंसा भड़क उठी है. श्रीनगर के कई इलाकों से पथराव और झड़प की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें चनपोरा, रामबाग, मैसूमा और अन्य क्षेत्र शामिल हैं. इन झड़पों में छह लोग घायल हुए हैं. इस दौरान दुकानें और व्यवसाय बंद रहे और यहां तक कि निजी परिवहन सुविधाएं भी तनाव के मद्देनजर आम दिनों की तुलना में प्रभावित रहीं. कुछ क्षेत्रों में यातायात की गति को रोकने के लिए युवाओं ने सड़क पर जाम लगा दिया. दक्षिण कश्मीर के पुलवामा स्थित द्रुबगांव में एक सुरक्षा गश्ती दल पर गोलीबारी की भी खबरें आई हैं, लेकिन अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. अतिरिक्त बलों के साथ गोलीबारी के बाद क्षेत्र को बंद कर दिया गया है. इस बीच 10वीं कक्षा की परीक्षा के लिए घाटी के 4,000 केंद्रों पर 60,000 छात्र उपस्थित हुए.
यहाँ एक सारांश है:जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए श्रीनगर पहुंचा यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल हिंसा की छिटपुट घटनाओं और बंद के कारण क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण प्रतिनिधिमंडल यहां के एक पांच सितारा होटल में पहुंचा
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के ठाणे की विक्रमगढ़ तहसील में 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने साथ हो रही लगातार छेड़छाड़ के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आत्महत्या करने वाली छात्रा के परिवार के मुताबिक 23 साल का यह युवक पिछले कई दिनों से इस छात्रा के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। गुरुवार को जब वह स्कूल से घर लौट रही थी, तो उस दौरान आरोपी युवक ने फिर उसके साथ छेड़छाड़ की।अपने साथ हर रोज होने वाली इस छेड़छाड़ से परेशान होकर छात्रा ने घर में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या करने वाली छात्रा के परिवार के मुताबिक 23 साल का यह युवक पिछले कई दिनों से इस छात्रा के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। गुरुवार को जब वह स्कूल से घर लौट रही थी, तो उस दौरान आरोपी युवक ने फिर उसके साथ छेड़छाड़ की।अपने साथ हर रोज होने वाली इस छेड़छाड़ से परेशान होकर छात्रा ने घर में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महाराष्ट्र के ठाणे की विक्रमगढ़ तहसील में 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने साथ हो रही लगातार छेड़छाड़ के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के अंतर्गत रविवार को फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में खेले गए दिन के पहले लीग मुकाबले में दिल्ली डेयरडेविल्स ने राजस्थान रॉयल्स टीम को आखिरी गेंद तक चले करीबी संघर्ष में एक रन से पराजित कर दिया। डेयरडेविल्स की ओर से जीत के लिए रखे गए 153 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉयल्स की टीम निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 151 रन ही बना सकी। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 12 और बाद में आखिरी गेंद में दो रन बनाने थे लेकिन वह एक रन भी नहीं बना पाई और इस प्रकार जीत उसके मुंह से निकल गई। आखिरी गेंद में एक रन चुराने के प्रयास में राजस्थान के ओवैस शाह रन आउट हो गए। इससे पहले राजस्थान के सलामी बल्लेबाजों राहुल द्रविड़ और अंजिक्य रहाणे ने पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। कप्तान राहुल द्रविड़ के रूप में राजस्थान का पहला विकेट गिरा। उन्होंने 38 गेंदों पर 40 रनों की पारी खेली। द्रविड़ ने इस दौरान पांच चौके लगाए। वह 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। दूसरी छोर पर रहाणे डटे रहे। द्रविड़ की जगह लेने आए ब्रेड हॉज ने उनका अच्छा साथ दिया। हॉज ने 18 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 22 रन बनाए। वह 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 12 रन बनाने थे और उस वक्त रहाणे और शाह क्रीज पर मौजूद थे। सहवाग ने इस आखिरी ओवर में उमेश यादव पर भरोसा जताया और गेंद उन्हें थमाई। पहले पांच गेंदों पर राजस्थान ने 10 रन बना लिए थे। अब उसे आखिरी गेंद में जीत के लिए दो और मैच टाई करने के लिए एक रन बनाना था। बल्लेबाजी छोर पर रहाणे थे। उमेश की शार्ट पिच गेंद को रहाणे छू भी नहीं सके और एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े लेकिन विकेटकीपर नमन ओझा ने गिल्लियां बिखेर कर शाह को रन आउट कर दिया और राजस्थान के हाथों से मैच छीन लिया। रहाणे ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 63 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। डेयरडेविल्स की ओर से जीत के लिए रखे गए 153 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉयल्स की टीम निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 151 रन ही बना सकी। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 12 और बाद में आखिरी गेंद में दो रन बनाने थे लेकिन वह एक रन भी नहीं बना पाई और इस प्रकार जीत उसके मुंह से निकल गई। आखिरी गेंद में एक रन चुराने के प्रयास में राजस्थान के ओवैस शाह रन आउट हो गए। इससे पहले राजस्थान के सलामी बल्लेबाजों राहुल द्रविड़ और अंजिक्य रहाणे ने पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। कप्तान राहुल द्रविड़ के रूप में राजस्थान का पहला विकेट गिरा। उन्होंने 38 गेंदों पर 40 रनों की पारी खेली। द्रविड़ ने इस दौरान पांच चौके लगाए। वह 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। दूसरी छोर पर रहाणे डटे रहे। द्रविड़ की जगह लेने आए ब्रेड हॉज ने उनका अच्छा साथ दिया। हॉज ने 18 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 22 रन बनाए। वह 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 12 रन बनाने थे और उस वक्त रहाणे और शाह क्रीज पर मौजूद थे। सहवाग ने इस आखिरी ओवर में उमेश यादव पर भरोसा जताया और गेंद उन्हें थमाई। पहले पांच गेंदों पर राजस्थान ने 10 रन बना लिए थे। अब उसे आखिरी गेंद में जीत के लिए दो और मैच टाई करने के लिए एक रन बनाना था। बल्लेबाजी छोर पर रहाणे थे। उमेश की शार्ट पिच गेंद को रहाणे छू भी नहीं सके और एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े लेकिन विकेटकीपर नमन ओझा ने गिल्लियां बिखेर कर शाह को रन आउट कर दिया और राजस्थान के हाथों से मैच छीन लिया। रहाणे ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 63 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। इससे पहले राजस्थान के सलामी बल्लेबाजों राहुल द्रविड़ और अंजिक्य रहाणे ने पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। कप्तान राहुल द्रविड़ के रूप में राजस्थान का पहला विकेट गिरा। उन्होंने 38 गेंदों पर 40 रनों की पारी खेली। द्रविड़ ने इस दौरान पांच चौके लगाए। वह 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। दूसरी छोर पर रहाणे डटे रहे। द्रविड़ की जगह लेने आए ब्रेड हॉज ने उनका अच्छा साथ दिया। हॉज ने 18 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 22 रन बनाए। वह 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 12 रन बनाने थे और उस वक्त रहाणे और शाह क्रीज पर मौजूद थे। सहवाग ने इस आखिरी ओवर में उमेश यादव पर भरोसा जताया और गेंद उन्हें थमाई। पहले पांच गेंदों पर राजस्थान ने 10 रन बना लिए थे। अब उसे आखिरी गेंद में जीत के लिए दो और मैच टाई करने के लिए एक रन बनाना था। बल्लेबाजी छोर पर रहाणे थे। उमेश की शार्ट पिच गेंद को रहाणे छू भी नहीं सके और एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े लेकिन विकेटकीपर नमन ओझा ने गिल्लियां बिखेर कर शाह को रन आउट कर दिया और राजस्थान के हाथों से मैच छीन लिया। रहाणे ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 63 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। कप्तान राहुल द्रविड़ के रूप में राजस्थान का पहला विकेट गिरा। उन्होंने 38 गेंदों पर 40 रनों की पारी खेली। द्रविड़ ने इस दौरान पांच चौके लगाए। वह 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। दूसरी छोर पर रहाणे डटे रहे। द्रविड़ की जगह लेने आए ब्रेड हॉज ने उनका अच्छा साथ दिया। हॉज ने 18 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 22 रन बनाए। वह 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 12 रन बनाने थे और उस वक्त रहाणे और शाह क्रीज पर मौजूद थे। सहवाग ने इस आखिरी ओवर में उमेश यादव पर भरोसा जताया और गेंद उन्हें थमाई। पहले पांच गेंदों पर राजस्थान ने 10 रन बना लिए थे। अब उसे आखिरी गेंद में जीत के लिए दो और मैच टाई करने के लिए एक रन बनाना था। बल्लेबाजी छोर पर रहाणे थे। उमेश की शार्ट पिच गेंद को रहाणे छू भी नहीं सके और एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े लेकिन विकेटकीपर नमन ओझा ने गिल्लियां बिखेर कर शाह को रन आउट कर दिया और राजस्थान के हाथों से मैच छीन लिया। रहाणे ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 63 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। दूसरी छोर पर रहाणे डटे रहे। द्रविड़ की जगह लेने आए ब्रेड हॉज ने उनका अच्छा साथ दिया। हॉज ने 18 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 22 रन बनाए। वह 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 12 रन बनाने थे और उस वक्त रहाणे और शाह क्रीज पर मौजूद थे। सहवाग ने इस आखिरी ओवर में उमेश यादव पर भरोसा जताया और गेंद उन्हें थमाई। पहले पांच गेंदों पर राजस्थान ने 10 रन बना लिए थे। अब उसे आखिरी गेंद में जीत के लिए दो और मैच टाई करने के लिए एक रन बनाना था। बल्लेबाजी छोर पर रहाणे थे। उमेश की शार्ट पिच गेंद को रहाणे छू भी नहीं सके और एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े लेकिन विकेटकीपर नमन ओझा ने गिल्लियां बिखेर कर शाह को रन आउट कर दिया और राजस्थान के हाथों से मैच छीन लिया। रहाणे ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 63 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 12 रन बनाने थे और उस वक्त रहाणे और शाह क्रीज पर मौजूद थे। सहवाग ने इस आखिरी ओवर में उमेश यादव पर भरोसा जताया और गेंद उन्हें थमाई। पहले पांच गेंदों पर राजस्थान ने 10 रन बना लिए थे। अब उसे आखिरी गेंद में जीत के लिए दो और मैच टाई करने के लिए एक रन बनाना था। बल्लेबाजी छोर पर रहाणे थे। उमेश की शार्ट पिच गेंद को रहाणे छू भी नहीं सके और एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े लेकिन विकेटकीपर नमन ओझा ने गिल्लियां बिखेर कर शाह को रन आउट कर दिया और राजस्थान के हाथों से मैच छीन लिया। रहाणे ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 63 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। पहले पांच गेंदों पर राजस्थान ने 10 रन बना लिए थे। अब उसे आखिरी गेंद में जीत के लिए दो और मैच टाई करने के लिए एक रन बनाना था। बल्लेबाजी छोर पर रहाणे थे। उमेश की शार्ट पिच गेंद को रहाणे छू भी नहीं सके और एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े लेकिन विकेटकीपर नमन ओझा ने गिल्लियां बिखेर कर शाह को रन आउट कर दिया और राजस्थान के हाथों से मैच छीन लिया। रहाणे ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 63 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। रहाणे ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 63 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने सहवाग के 63 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाए थे। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। सहवाग ने 39 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रनों की पारी खेली जबकि योगेश नागर ने 27 और रॉस टेलर ने 25 रनों की पारी खेली। नागर ने 20 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के  लगाए जबकि टेलर ने 35 गेंदों का सामना किया पर कोई भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। इस प्रतियोगिता में सहवाग का यह लगातार चौथा अर्द्धशतक है। आईपीएल में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी हैं। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की थी। स्कोरबोर्ड में अभी 13 ही रन जुड़े थे कि जयवर्धने छह रन के निजी योग पर आउट हो गए। पंकज सिंह की गेंद पर ब्रेड हॉग ने उनका कैच लपका। जयवर्धने ने पांच गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। अगले ही ओवर में पीटरसन भी पवेलियन लौट गए। वह पांच गेंदों पर पांच रन ही बना सके। उन्होंने एक चौका लगाया। अंकित चव्हाण की गेंद पर कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका कैच लपका। उस समय टीम का स्कोर 19 रन था। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। चौदहवें ओवर में सहवाग के रूप में डेयरडेविल्स का तीसरा विकेट गिरा। हॉग की गेंद पर अशोक मेनारिया ने उनका शानदार कैच लपका। अगले ही ओवर में टेलर भी चलते बने। वह पंकज सिंह के दूसरे शिकार बने और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। तीसरे विकेट के लिए सहवाग और टेलर ने 80 रनों की साझेदारी की। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। नागर 27 रन बनाकर अमित सिंह का शिकार बने जबकि नमन ओझा को 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्होंने ही आउट किया। इरफान पठान सात रन बनाकर नाबाद लौटे। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। रॉयल्स की ओर से पंकज सिंह और अमित सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि हॉग और चव्हाण को एक-एक विकेट मिले।टिप्पणियां सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। सहवाग की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने अब तक नौ मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सात में जीत जबकि दो मुकाबलों में हार मिली है। 14 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है। राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली रॉयल्स ने भी अब तक इतने ही मुकाबले खेले हैं जिनमें से उसे चार में जीत जबकि पांच में हार मिली है। आठ अंक लेकर बेहतर नेट रनरेट के आधार पर रॉयल्स तालिका में पांचवें स्थान पर है।
यहाँ एक सारांश है:इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के अंतर्गत रविवार को फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में खेले गए दिन के पहले लीग मुकाबले में दिल्ली डेयरडेविल्स ने राजस्थान रॉयल्स टीम को आखिरी गेंद तक चले करीबी संघर्ष में एक रन से पराजित कर दिया।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में वाराणसी जिले के एक छोटे से गांव भाभोरा में किसान रामबदन सिंह और गुजराती देवी के घर में जन्मे राजनाथ सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में फिज़िक्स में आचार्य की उपाधि प्राप्त की। 13 साल की बेहद छोटी उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ने वाले राजनाथ मिर्ज़ापुर में फिज़िक्स के लेक्चरर बन जाने के बावजूद संघ से जुड़े रहे, और वर्ष 1972 में उन्हें मिर्ज़ापुर शहर का संघ कार्यवाह (जनरल सेक्रेटरी) बना दिया गया। वर्ष 1974 में उन्हें जनसंघ में भी जिला सचिव बनाया गया। वैसे इससे पहले छात्र राजनीति में भी दखल रखने वाले राजनाथ वर्ष 1969 से 1971 के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की गोरखपुर डिवीजन के संगठन सचिव भी रहे। सक्रिय राजनीति में प्रवेश के बाद पहली बार वह वर्ष 1977 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में चुने गए, और फिर भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद वर्ष 1983 में उन्हें भाजपा का सचिव बनाया गया। वर्ष 1986 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव चुना गया, और वर्ष 1988 में वह इस युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिए गए। इसी वर्ष वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी चुने गए। राज्य सरकार में उन्हें पहली बार शिक्षामंत्री के रूप में वर्ष 1991 में शामिल किया गया। उत्तर प्रदेश के शिक्षामंत्री के रूप में उन्हें कुछ खास कामों के लिए अब तक याद किया जाता है, जिनमें नकल विरोधी अधिनियम, पाठ्यक्रम में वैदिक गणित को शामिल करवाना और इतिहास की पुस्तकों के कई हिस्सों को दुरुस्त करवाना शामिल रहा। वर्ष 1994 में वह पार्टी की ओर से राज्यसभा में चुनकर भेजे गए, और उन्हें मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। मार्च, 1997 में राजनाथ सिंह को राज्य भाजपा की कमान सौंपी गई। इस कार्यकाल के दौरान न सिर्फ उन्हें संगठन को मजबूती और विस्तार देने के लिए याद किया जाता है, बल्कि राज्य की भाजपा-नीत सरकार को संकट के समय में दो बार बचाने का श्रेय भी उन्हीं को है। संगठन को बेहतर करने के इनाम के रूप में वर्ष 1999 में भाजपा की केंद्र सरकार बनने पर उन्हें नवम्बर माह में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री बना दिया गया, और इस कार्यकाल में भी उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम की शुरुआत की, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता है।टिप्पणियां वर्ष 2000 में उन्हें एक बार राज्य में भेजा गया, और प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए। इसी दौरान उन्होंने दो बार बाराबंकी में हैदरगढ़ सीट से दो बार विधानसभा चुनाव भी जीता, और दो ही साल बाद उन्हें वर्ष 2002 में पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। अगले ही साल वह केंद्र सरकार में कृषि मंत्री के रूप में वापस चले गए, और किसान कॉल सेंटर तथा फार्म इनकम इंश्योरेंस स्कीम जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं। इसके बाद उन्हें वर्ष 2006 में पार्टी के सर्वोच्च पद पर आसीन किया गया, और वर्ष 2009 तक वह पद पर बने रहे। अब वह एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बने हैं। सक्रिय राजनीति में प्रवेश के बाद पहली बार वह वर्ष 1977 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में चुने गए, और फिर भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद वर्ष 1983 में उन्हें भाजपा का सचिव बनाया गया। वर्ष 1986 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव चुना गया, और वर्ष 1988 में वह इस युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिए गए। इसी वर्ष वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी चुने गए। राज्य सरकार में उन्हें पहली बार शिक्षामंत्री के रूप में वर्ष 1991 में शामिल किया गया। उत्तर प्रदेश के शिक्षामंत्री के रूप में उन्हें कुछ खास कामों के लिए अब तक याद किया जाता है, जिनमें नकल विरोधी अधिनियम, पाठ्यक्रम में वैदिक गणित को शामिल करवाना और इतिहास की पुस्तकों के कई हिस्सों को दुरुस्त करवाना शामिल रहा। वर्ष 1994 में वह पार्टी की ओर से राज्यसभा में चुनकर भेजे गए, और उन्हें मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। मार्च, 1997 में राजनाथ सिंह को राज्य भाजपा की कमान सौंपी गई। इस कार्यकाल के दौरान न सिर्फ उन्हें संगठन को मजबूती और विस्तार देने के लिए याद किया जाता है, बल्कि राज्य की भाजपा-नीत सरकार को संकट के समय में दो बार बचाने का श्रेय भी उन्हीं को है। संगठन को बेहतर करने के इनाम के रूप में वर्ष 1999 में भाजपा की केंद्र सरकार बनने पर उन्हें नवम्बर माह में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री बना दिया गया, और इस कार्यकाल में भी उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम की शुरुआत की, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता है।टिप्पणियां वर्ष 2000 में उन्हें एक बार राज्य में भेजा गया, और प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए। इसी दौरान उन्होंने दो बार बाराबंकी में हैदरगढ़ सीट से दो बार विधानसभा चुनाव भी जीता, और दो ही साल बाद उन्हें वर्ष 2002 में पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। अगले ही साल वह केंद्र सरकार में कृषि मंत्री के रूप में वापस चले गए, और किसान कॉल सेंटर तथा फार्म इनकम इंश्योरेंस स्कीम जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं। इसके बाद उन्हें वर्ष 2006 में पार्टी के सर्वोच्च पद पर आसीन किया गया, और वर्ष 2009 तक वह पद पर बने रहे। अब वह एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बने हैं। राज्य सरकार में उन्हें पहली बार शिक्षामंत्री के रूप में वर्ष 1991 में शामिल किया गया। उत्तर प्रदेश के शिक्षामंत्री के रूप में उन्हें कुछ खास कामों के लिए अब तक याद किया जाता है, जिनमें नकल विरोधी अधिनियम, पाठ्यक्रम में वैदिक गणित को शामिल करवाना और इतिहास की पुस्तकों के कई हिस्सों को दुरुस्त करवाना शामिल रहा। वर्ष 1994 में वह पार्टी की ओर से राज्यसभा में चुनकर भेजे गए, और उन्हें मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। मार्च, 1997 में राजनाथ सिंह को राज्य भाजपा की कमान सौंपी गई। इस कार्यकाल के दौरान न सिर्फ उन्हें संगठन को मजबूती और विस्तार देने के लिए याद किया जाता है, बल्कि राज्य की भाजपा-नीत सरकार को संकट के समय में दो बार बचाने का श्रेय भी उन्हीं को है। संगठन को बेहतर करने के इनाम के रूप में वर्ष 1999 में भाजपा की केंद्र सरकार बनने पर उन्हें नवम्बर माह में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री बना दिया गया, और इस कार्यकाल में भी उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम की शुरुआत की, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता है।टिप्पणियां वर्ष 2000 में उन्हें एक बार राज्य में भेजा गया, और प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए। इसी दौरान उन्होंने दो बार बाराबंकी में हैदरगढ़ सीट से दो बार विधानसभा चुनाव भी जीता, और दो ही साल बाद उन्हें वर्ष 2002 में पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। अगले ही साल वह केंद्र सरकार में कृषि मंत्री के रूप में वापस चले गए, और किसान कॉल सेंटर तथा फार्म इनकम इंश्योरेंस स्कीम जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं। इसके बाद उन्हें वर्ष 2006 में पार्टी के सर्वोच्च पद पर आसीन किया गया, और वर्ष 2009 तक वह पद पर बने रहे। अब वह एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बने हैं। मार्च, 1997 में राजनाथ सिंह को राज्य भाजपा की कमान सौंपी गई। इस कार्यकाल के दौरान न सिर्फ उन्हें संगठन को मजबूती और विस्तार देने के लिए याद किया जाता है, बल्कि राज्य की भाजपा-नीत सरकार को संकट के समय में दो बार बचाने का श्रेय भी उन्हीं को है। संगठन को बेहतर करने के इनाम के रूप में वर्ष 1999 में भाजपा की केंद्र सरकार बनने पर उन्हें नवम्बर माह में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री बना दिया गया, और इस कार्यकाल में भी उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम की शुरुआत की, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता है।टिप्पणियां वर्ष 2000 में उन्हें एक बार राज्य में भेजा गया, और प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए। इसी दौरान उन्होंने दो बार बाराबंकी में हैदरगढ़ सीट से दो बार विधानसभा चुनाव भी जीता, और दो ही साल बाद उन्हें वर्ष 2002 में पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। अगले ही साल वह केंद्र सरकार में कृषि मंत्री के रूप में वापस चले गए, और किसान कॉल सेंटर तथा फार्म इनकम इंश्योरेंस स्कीम जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं। इसके बाद उन्हें वर्ष 2006 में पार्टी के सर्वोच्च पद पर आसीन किया गया, और वर्ष 2009 तक वह पद पर बने रहे। अब वह एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बने हैं। संगठन को बेहतर करने के इनाम के रूप में वर्ष 1999 में भाजपा की केंद्र सरकार बनने पर उन्हें नवम्बर माह में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री बना दिया गया, और इस कार्यकाल में भी उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम की शुरुआत की, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता है।टिप्पणियां वर्ष 2000 में उन्हें एक बार राज्य में भेजा गया, और प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए। इसी दौरान उन्होंने दो बार बाराबंकी में हैदरगढ़ सीट से दो बार विधानसभा चुनाव भी जीता, और दो ही साल बाद उन्हें वर्ष 2002 में पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। अगले ही साल वह केंद्र सरकार में कृषि मंत्री के रूप में वापस चले गए, और किसान कॉल सेंटर तथा फार्म इनकम इंश्योरेंस स्कीम जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं। इसके बाद उन्हें वर्ष 2006 में पार्टी के सर्वोच्च पद पर आसीन किया गया, और वर्ष 2009 तक वह पद पर बने रहे। अब वह एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बने हैं। वर्ष 2000 में उन्हें एक बार राज्य में भेजा गया, और प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए। इसी दौरान उन्होंने दो बार बाराबंकी में हैदरगढ़ सीट से दो बार विधानसभा चुनाव भी जीता, और दो ही साल बाद उन्हें वर्ष 2002 में पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। अगले ही साल वह केंद्र सरकार में कृषि मंत्री के रूप में वापस चले गए, और किसान कॉल सेंटर तथा फार्म इनकम इंश्योरेंस स्कीम जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं। इसके बाद उन्हें वर्ष 2006 में पार्टी के सर्वोच्च पद पर आसीन किया गया, और वर्ष 2009 तक वह पद पर बने रहे। अब वह एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बने हैं। इसके बाद उन्हें वर्ष 2006 में पार्टी के सर्वोच्च पद पर आसीन किया गया, और वर्ष 2009 तक वह पद पर बने रहे। अब वह एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बने हैं।
सक्रिय राजनीति में प्रवेश के बाद पहली बार वह वर्ष 1977 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में चुने गए, और फिर भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद वर्ष 1983 में उन्हें भाजपा का सचिव बनाया गया।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: झारखंड के सिमडेगा जिले के नक्सल प्रभावित महाबुआंग थाना क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में बानो थाना प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए. यह मुठभेड़ शनिवार की आधी रात के आसपास हुई. शहीद थाना प्रभारी का नाम विद्यापति सिंह है, जबकि जवान का नाम तरुण बुराली है. शहीद थाना प्रभारी मूल रूप से डालटनगंज के रहने वाले थे. जानकारी के अनुसार शनिवार को जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर महाबुआंग में प्रशासन ने जनता दरबार का आयोजन किया था. यहां 11 अप्रैल को मुख्य सचिव राजबाला वर्मा का कार्यक्रम होने वाला है. जनता दरबार और मुख्य सचिव के कार्यक्रम की तैयारी के सिलसिले में थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उस इलाके में गए थे.टिप्पणियां वहां से लौटते समय पहले से घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. पुलिस दल की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई, लेकिन नक्सली अंधेरे का फायदा उठा कर भाग निकले. पुलिस दल में शामिल जिला बल के जवान तरुण बुराली की गोली लगने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि थाना प्रभारी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. थाना प्रभारी को आनन-फानन में जिला मुख्यालय स्थित बीरू अस्पताल लाया गया. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. चिकित्सकों के अनुसार थाना प्रभारी की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई. कुछ अन्य पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी है, लेकिन वे सभी खतरे से बाहर हैं. मुठभेड़ की सूचना मिलते ही एसपी राजीव रंजन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी बीरू अस्पताल पहुंच गए. एसपी ने थाना प्रभारी और एक जवान के शहीद होने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल के आसपास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है. वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों को कांबिंग आपरेशन के लिए भेजा गया है. जानकारी के अनुसार शनिवार को जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर महाबुआंग में प्रशासन ने जनता दरबार का आयोजन किया था. यहां 11 अप्रैल को मुख्य सचिव राजबाला वर्मा का कार्यक्रम होने वाला है. जनता दरबार और मुख्य सचिव के कार्यक्रम की तैयारी के सिलसिले में थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उस इलाके में गए थे.टिप्पणियां वहां से लौटते समय पहले से घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. पुलिस दल की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई, लेकिन नक्सली अंधेरे का फायदा उठा कर भाग निकले. पुलिस दल में शामिल जिला बल के जवान तरुण बुराली की गोली लगने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि थाना प्रभारी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. थाना प्रभारी को आनन-फानन में जिला मुख्यालय स्थित बीरू अस्पताल लाया गया. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. चिकित्सकों के अनुसार थाना प्रभारी की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई. कुछ अन्य पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी है, लेकिन वे सभी खतरे से बाहर हैं. मुठभेड़ की सूचना मिलते ही एसपी राजीव रंजन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी बीरू अस्पताल पहुंच गए. एसपी ने थाना प्रभारी और एक जवान के शहीद होने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल के आसपास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है. वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों को कांबिंग आपरेशन के लिए भेजा गया है. वहां से लौटते समय पहले से घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. पुलिस दल की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई, लेकिन नक्सली अंधेरे का फायदा उठा कर भाग निकले. पुलिस दल में शामिल जिला बल के जवान तरुण बुराली की गोली लगने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि थाना प्रभारी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. थाना प्रभारी को आनन-फानन में जिला मुख्यालय स्थित बीरू अस्पताल लाया गया. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. चिकित्सकों के अनुसार थाना प्रभारी की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई. कुछ अन्य पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी है, लेकिन वे सभी खतरे से बाहर हैं. मुठभेड़ की सूचना मिलते ही एसपी राजीव रंजन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी बीरू अस्पताल पहुंच गए. एसपी ने थाना प्रभारी और एक जवान के शहीद होने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल के आसपास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है. वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों को कांबिंग आपरेशन के लिए भेजा गया है. थाना प्रभारी को आनन-फानन में जिला मुख्यालय स्थित बीरू अस्पताल लाया गया. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. चिकित्सकों के अनुसार थाना प्रभारी की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई. कुछ अन्य पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी है, लेकिन वे सभी खतरे से बाहर हैं. मुठभेड़ की सूचना मिलते ही एसपी राजीव रंजन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी बीरू अस्पताल पहुंच गए. एसपी ने थाना प्रभारी और एक जवान के शहीद होने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल के आसपास के इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है. वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों को कांबिंग आपरेशन के लिए भेजा गया है.
सारांश: नक्सल प्रभावित महाबुआंग थाना क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ यह मुठभेड़ शनिवार की आधी रात के आसपास हुई जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर महाबुआंग
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उन्होंने कहा ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि आपमें से ज्यादातर लोग कार्ड और ई वालेट का नियमित उपयोग कर रहे हैं और मुझे लगता है कि आपके साथ उन तरीकों को साझा करना चाहिए जिनसे नकदीविहीन लेनदेन में यथासंभव वृद्धि हुई है.’’ मोदी ने कहा कि आठ नवंबर को किए गए फैसले ने भारत के आर्थिक बदलाव में केंद्रीय भूमिका रखने वाले छोटे व्यापारियों को एक ‘‘दुर्लभ अवसर’’ दिया है. उन्होंने कहा ‘‘आज, हमारे व्यापारी समुदाय के पास खुद को अद्यतन करने तथा और अधिक प्रौद्योगिकी अपनाने का ऐतिहासिक अवसर है जो उनके लिए अधिक समृद्धि लाएगा.’’टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने नोटबंदी की घोषणा की, तब वह जानते थे कि भारतवासियों को असुविधा होगी लेकिन ‘‘मैंने भारतवासियों से अनुरोध किया कि दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त करें. मैं यह देख कर खुश हूं कि देशवासी दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त कर रहे हैं.’’ मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गोवा और पंजाब के ग्रामीण तथा शहरी इलाकों का दौरा करने का अवसर मिला. ‘‘मैं जहां भी गया, मैंने लोगों से पूछा .. क्या भ्रष्टाचार और काले धन को खत्म किया जाना चाहिए? क्या गरीबों, नव-मध्यम वर्ग तथा मध्यम वर्ग को उनका हक मिलना चाहिए? हर जगह मुझे एक ही जवाब मिला और वह जवाब था ‘हां.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा ‘‘आज, हमारे व्यापारी समुदाय के पास खुद को अद्यतन करने तथा और अधिक प्रौद्योगिकी अपनाने का ऐतिहासिक अवसर है जो उनके लिए अधिक समृद्धि लाएगा.’’टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने नोटबंदी की घोषणा की, तब वह जानते थे कि भारतवासियों को असुविधा होगी लेकिन ‘‘मैंने भारतवासियों से अनुरोध किया कि दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त करें. मैं यह देख कर खुश हूं कि देशवासी दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त कर रहे हैं.’’ मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गोवा और पंजाब के ग्रामीण तथा शहरी इलाकों का दौरा करने का अवसर मिला. ‘‘मैं जहां भी गया, मैंने लोगों से पूछा .. क्या भ्रष्टाचार और काले धन को खत्म किया जाना चाहिए? क्या गरीबों, नव-मध्यम वर्ग तथा मध्यम वर्ग को उनका हक मिलना चाहिए? हर जगह मुझे एक ही जवाब मिला और वह जवाब था ‘हां.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने नोटबंदी की घोषणा की, तब वह जानते थे कि भारतवासियों को असुविधा होगी लेकिन ‘‘मैंने भारतवासियों से अनुरोध किया कि दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त करें. मैं यह देख कर खुश हूं कि देशवासी दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त कर रहे हैं.’’ मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गोवा और पंजाब के ग्रामीण तथा शहरी इलाकों का दौरा करने का अवसर मिला. ‘‘मैं जहां भी गया, मैंने लोगों से पूछा .. क्या भ्रष्टाचार और काले धन को खत्म किया जाना चाहिए? क्या गरीबों, नव-मध्यम वर्ग तथा मध्यम वर्ग को उनका हक मिलना चाहिए? हर जगह मुझे एक ही जवाब मिला और वह जवाब था ‘हां.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: भ्रष्टाचार विकास की गति धीमी करता है नकदीरहित लेनदेन की ओर बदलाव करें प्रौद्योगिकी हमारे जीवन में गति और सुविधा ले कर आई
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुधीर मिश्रा की फिल्म 'इंकार' में मुख्य भूमिका में हैं अर्जुन रामपाल, जो एक एडवरटाइजिंग एजेंसी के सीईओ का रोल निभा रहे हैं और फिल्म में उनके किरदार का नाम है राहुल। दूसरी तरफ हैं चित्रांगदा सिंह, जिनके किरदार का नाम है माया और वह अर्जुन की ही कंपनी में काम करती हैं। राहुल, माया को आगे बढ़ाने के लिए काफी प्रोत्साहन देते हैं और माया को हर वो हुनर सिखाते हैं, जो एक एडवरटाइजिंग एजेंसी के लिए जरूरी होता है। इसी दौरान दोनों के बीच एक रिश्ता पनपता है, लेकिन जैसे-जैसे माया का कंपनी में ओहदा बढ़ता जाता है, वह राहुल को भूलने लगती है। वह यह भी भूल जाती है कि उनकी तरक्की राहुल की ही देन है। इसके चलते दोनों में होते हैं कई झगड़े और माया, राहुल पर यौन शोषण का आरोप लगा देती हैं।टिप्पणियां इस मामले की छानबीन करने के लिए बुलाया जाता है मिसेज कामदार यानी दिप्ती नवल को। अब सवाल यह है कि माया का आरोप सही है या ग़लत। इसका जवाब आपको फ़िल्म देखकर ही मिलेगा…लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि सुधीर मिश्रा ने बहुत ही अच्छा विषय चुना है, जो बताता है कि यौन शोषण की सीमा कहां से शुरू होती है और कहां खत्म। वहीं, फिल्म की बात करें तो विषय सही ढंग से निकलकर पर्दे पर नहीं दिखता। फ़िल्म में छानबीन ज्यादा नज़र आती है। बार-बार फ्लैशबैक में जाना पड़ता है, जो दर्शकों का कुछ हद तक मनोरंजन नहीं कर पाता। अर्जुन का अभिनय कहीं-कहीं बेहतरीन लगता है, पर चित्रांगदा अपनी एक्टिंग से खास प्रभाव नहीं छोड़ पातीं। फिल्म का संगीत कहानी के साथ नहीं जाता, जिसकी वजह से फ़िल्म की कहानी के साथ आप भावनात्मक सफ़र नहीं तय कर पाते, बल्कि दर्शक बनकर मुद्दे की जड़ तक पहुंचने का इंतज़ार करते रहते हैं और इंतज़ार किसी खास अंजाम तक नहीं पहुंचाता। लेकिन मैं कहूंगा कि सुधीर मिश्रा ने एक ईमानदार कोशिश की है। फ़िल्म कुछ ऐसे सवाल उठाती है, जिसके बारे में आप गहराई तक सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। फ़िल्म के लिए मेरी रेटिंग है- 2.5 स्टार... राहुल, माया को आगे बढ़ाने के लिए काफी प्रोत्साहन देते हैं और माया को हर वो हुनर सिखाते हैं, जो एक एडवरटाइजिंग एजेंसी के लिए जरूरी होता है। इसी दौरान दोनों के बीच एक रिश्ता पनपता है, लेकिन जैसे-जैसे माया का कंपनी में ओहदा बढ़ता जाता है, वह राहुल को भूलने लगती है। वह यह भी भूल जाती है कि उनकी तरक्की राहुल की ही देन है। इसके चलते दोनों में होते हैं कई झगड़े और माया, राहुल पर यौन शोषण का आरोप लगा देती हैं।टिप्पणियां इस मामले की छानबीन करने के लिए बुलाया जाता है मिसेज कामदार यानी दिप्ती नवल को। अब सवाल यह है कि माया का आरोप सही है या ग़लत। इसका जवाब आपको फ़िल्म देखकर ही मिलेगा…लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि सुधीर मिश्रा ने बहुत ही अच्छा विषय चुना है, जो बताता है कि यौन शोषण की सीमा कहां से शुरू होती है और कहां खत्म। वहीं, फिल्म की बात करें तो विषय सही ढंग से निकलकर पर्दे पर नहीं दिखता। फ़िल्म में छानबीन ज्यादा नज़र आती है। बार-बार फ्लैशबैक में जाना पड़ता है, जो दर्शकों का कुछ हद तक मनोरंजन नहीं कर पाता। अर्जुन का अभिनय कहीं-कहीं बेहतरीन लगता है, पर चित्रांगदा अपनी एक्टिंग से खास प्रभाव नहीं छोड़ पातीं। फिल्म का संगीत कहानी के साथ नहीं जाता, जिसकी वजह से फ़िल्म की कहानी के साथ आप भावनात्मक सफ़र नहीं तय कर पाते, बल्कि दर्शक बनकर मुद्दे की जड़ तक पहुंचने का इंतज़ार करते रहते हैं और इंतज़ार किसी खास अंजाम तक नहीं पहुंचाता। लेकिन मैं कहूंगा कि सुधीर मिश्रा ने एक ईमानदार कोशिश की है। फ़िल्म कुछ ऐसे सवाल उठाती है, जिसके बारे में आप गहराई तक सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। फ़िल्म के लिए मेरी रेटिंग है- 2.5 स्टार... इस मामले की छानबीन करने के लिए बुलाया जाता है मिसेज कामदार यानी दिप्ती नवल को। अब सवाल यह है कि माया का आरोप सही है या ग़लत। इसका जवाब आपको फ़िल्म देखकर ही मिलेगा…लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि सुधीर मिश्रा ने बहुत ही अच्छा विषय चुना है, जो बताता है कि यौन शोषण की सीमा कहां से शुरू होती है और कहां खत्म। वहीं, फिल्म की बात करें तो विषय सही ढंग से निकलकर पर्दे पर नहीं दिखता। फ़िल्म में छानबीन ज्यादा नज़र आती है। बार-बार फ्लैशबैक में जाना पड़ता है, जो दर्शकों का कुछ हद तक मनोरंजन नहीं कर पाता। अर्जुन का अभिनय कहीं-कहीं बेहतरीन लगता है, पर चित्रांगदा अपनी एक्टिंग से खास प्रभाव नहीं छोड़ पातीं। फिल्म का संगीत कहानी के साथ नहीं जाता, जिसकी वजह से फ़िल्म की कहानी के साथ आप भावनात्मक सफ़र नहीं तय कर पाते, बल्कि दर्शक बनकर मुद्दे की जड़ तक पहुंचने का इंतज़ार करते रहते हैं और इंतज़ार किसी खास अंजाम तक नहीं पहुंचाता। लेकिन मैं कहूंगा कि सुधीर मिश्रा ने एक ईमानदार कोशिश की है। फ़िल्म कुछ ऐसे सवाल उठाती है, जिसके बारे में आप गहराई तक सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। फ़िल्म के लिए मेरी रेटिंग है- 2.5 स्टार... अर्जुन का अभिनय कहीं-कहीं बेहतरीन लगता है, पर चित्रांगदा अपनी एक्टिंग से खास प्रभाव नहीं छोड़ पातीं। फिल्म का संगीत कहानी के साथ नहीं जाता, जिसकी वजह से फ़िल्म की कहानी के साथ आप भावनात्मक सफ़र नहीं तय कर पाते, बल्कि दर्शक बनकर मुद्दे की जड़ तक पहुंचने का इंतज़ार करते रहते हैं और इंतज़ार किसी खास अंजाम तक नहीं पहुंचाता। लेकिन मैं कहूंगा कि सुधीर मिश्रा ने एक ईमानदार कोशिश की है। फ़िल्म कुछ ऐसे सवाल उठाती है, जिसके बारे में आप गहराई तक सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। फ़िल्म के लिए मेरी रेटिंग है- 2.5 स्टार...
सुधीर मिश्रा ने अच्छा विषय चुना है, जो बताता है कि यौन शोषण की सीमा कहां से शुरू होती है और कहां खत्म। फ़िल्म ऐसे सवाल उठाती है, जिसके बारे में आप गहराई तक सोचने पर मजबूर हो जाएंगे।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: दक्षिणी नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली के विकास के लिए एक चीनी संगठन और संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के बीच हुआ विवादास्पद समझौता, वास्तव में सत्ताधारी माओवादी पार्टी के साथ हुए एक गुप्त समझौते का परिणाम है। नेपाल में चीनी राजदूत यांग हौलान द्वारा नेपाल के तराई क्षेत्र के नेताओं को उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार, यद्यपि माओवादी, लुम्बिनी को विकसित करने की तीन अरब डॉलर की प्रस्तावित परियोजना के बारे में चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके नेता इस समझौते पर राजी हैं और उन्होंने समझौते पर हस्ताक्षर भी किए हैं। दरअसल, राजदूत ने मंगलवार को तराई की तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष महंथ ठाकुर से सद्भावना मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पार्टी के एक प्रमुख सांसद, हृदयेश त्रिपाठी ने इस विवाद के बारे में उनसे लगे हाथ पूछ लिया। यह विवाद पिछले महीने उस समय खड़ा हुआ था, जब चीनी मीडिया ने खबर प्रकाशित की थी कि हांगकांग स्थित एक संगठन, 'एशिया पैसिफिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन फाउंडेशन' ने लुम्बिनी को 'बौद्ध मक्का' के रूप में विकसित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन के साथ तीन अरब डॉलर के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। नेपाल के तत्कालीन सांस्कृतिक सचिव मोदराज दोतेल ने इस खबर का खण्डन किया था। उन्होंने कहा था कि मेजबान देश की सहभागिता के बगैर कोई समझौता अवैध है और नेपाल इसकी इजाजत नहीं देगा। लुम्बिनी का प्रबंधन, लुम्बिनी विकास न्यास करता है। यह न्यास संस्कृति मंत्रालय के अधीन आता है। न्यास ने भी कहा है कि उसे इस तरह के किसी समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन चीनी राजदूत ने तराई पार्टी के नेताओं से मंगलवार को कहा कि मौजूदा सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने फाउंडेशन के साथ एक आपसी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। त्रिपाठी ने कहा, "राजदूत ने कहा कि वित्त, विदेश और संस्कृति मंत्रालयों को आपसी समझौते के बारे में सूचित नहीं किया गया था।" त्रिपाठी ने कहा, "राजदूत ने यह भी कहा कि फाउंडेशन एक गैर सरकारी संगठन था और इसके सहअध्यक्ष माओवादियों के प्रमुख पुष्प कमल दहाल प्रचंड थे।"
यहाँ एक सारांश है:भगवान बुद्ध की जन्मस्थली के विकास के लिए एक चीनी संगठन और संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के बीच हुआ विवादास्पद समझौता, वास्तव में सत्ताधारी माओवादी पार्टी के साथ हुए एक गुप्त समझौते का परिणाम है।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी-जेडीयू का 17 वर्ष पुराना गठबंधन खत्म होना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए जोरदार झटका है। 2004 में गठबंधन के सत्ता से बाहर होने के बाद इसके कई सहयोगियों ने साथ छोड़ दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए के संस्थापक सदस्यों में रहे, जिन्होंने बीजेपी में नरेंद्र मोदी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद गठबंधन तोड़ने की पटकथा लिखी। वर्ष 1996 में समता पार्टी एनडीए में शामिल हुई थी, जिसके मुख्य नेता नीतीश और जॉर्ज फर्नांडिस थे। समता पार्टी के नेता बाद में जेडीयू में शामिल हो गए थे। एनडीए की सरकार में फर्नांडिस रक्षामंत्री थे, जबकि नीतीश कुमार को रेलवे का प्रभार दिया गया था। रविवार को एनडीए का संयोजक पद छोड़ने वाले शरद यादव को अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उड्डयन मंत्रालय का प्रभार दिया गया था। फर्नांडिस तब एनडीए के संयोजक हुआ करते थे और सरकार के नीति नियंताओं में शामिल थे। दिलचस्प बात है कि नीतीश ने गोधरा बाद के दंगों की आलोचना नहीं की थी और एनडीए सरकार में बने रहे। 2003 में उन्होंने नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी और कहा था कि भविष्य में वह राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने 2002 के गुजरात दंगों के बाद एनडीए कैबिनेट छोड़ दिया था। इससे पहले वर्ष 2000 में नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन खंडित जनादेश और बहुमत साबित नहीं करने के कारण उन्हें सात दिनों के अंदर इस्तीफा देना पड़ा था। बीजेपी और जेडीयू ने 2004 का लोकसभा चुनाव गठबंधन के तौर पर लड़ा था और बिहार में उन्हें क्रमश: पांच और छह सीटें मिली थीं। वर्ष 2005 में जेडीयू-बीजेपी ने बिहार में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और नीतीश मुख्यमंत्री बने। गठबंधन ने आरजेडी, लोजपा और कांग्रेस को 2010 के चुनावों में करारी शिकस्त दी। जेडीयू ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को 91 सीटें मिलीं। गठबंधन ने 2009 के लोकसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और जेडीयू को जहां 20 सीटें मिलीं, वहीं बीजेपी को 12 सीटों पर जीत मिली। बहरहाल पहले भी ऐसे क्षण आए जब गठबंधन में तनाव हुआ और कई लोगों ने संभावना जताई कि यह टूट सकता है। 2009 में बीजेपी विधायकों ने अपने नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ ही बगावत कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाए कि वह काफी विनम्र हैं और हमेशा नीतीश के इशारे पर नाचते हैं। उन्होंने मांग की कि गठबंधन तोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्रीय नेताओं ने उन्हें मना लिया और मामला शांत हो गया।टिप्पणियां गठबंधन जून, 2010 में फिर खतरे में पड़ गया, जब पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और स्थानीय अखबारों में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक ही मंच पर हाथ मिलाकर खड़े होने के विज्ञापन छपे। नीतीश कुमार तब तक मोदी और हिंदुत्व की उनकी छवि को लेकर आपत्ति जताने लगे थे और नाखुशी जताने के लिए बीजेपी नेताओं का रात्रिभोज रद्द कर दिया था। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए के संस्थापक सदस्यों में रहे, जिन्होंने बीजेपी में नरेंद्र मोदी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद गठबंधन तोड़ने की पटकथा लिखी। वर्ष 1996 में समता पार्टी एनडीए में शामिल हुई थी, जिसके मुख्य नेता नीतीश और जॉर्ज फर्नांडिस थे। समता पार्टी के नेता बाद में जेडीयू में शामिल हो गए थे। एनडीए की सरकार में फर्नांडिस रक्षामंत्री थे, जबकि नीतीश कुमार को रेलवे का प्रभार दिया गया था। रविवार को एनडीए का संयोजक पद छोड़ने वाले शरद यादव को अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उड्डयन मंत्रालय का प्रभार दिया गया था। फर्नांडिस तब एनडीए के संयोजक हुआ करते थे और सरकार के नीति नियंताओं में शामिल थे। दिलचस्प बात है कि नीतीश ने गोधरा बाद के दंगों की आलोचना नहीं की थी और एनडीए सरकार में बने रहे। 2003 में उन्होंने नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी और कहा था कि भविष्य में वह राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने 2002 के गुजरात दंगों के बाद एनडीए कैबिनेट छोड़ दिया था। इससे पहले वर्ष 2000 में नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन खंडित जनादेश और बहुमत साबित नहीं करने के कारण उन्हें सात दिनों के अंदर इस्तीफा देना पड़ा था। बीजेपी और जेडीयू ने 2004 का लोकसभा चुनाव गठबंधन के तौर पर लड़ा था और बिहार में उन्हें क्रमश: पांच और छह सीटें मिली थीं। वर्ष 2005 में जेडीयू-बीजेपी ने बिहार में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और नीतीश मुख्यमंत्री बने। गठबंधन ने आरजेडी, लोजपा और कांग्रेस को 2010 के चुनावों में करारी शिकस्त दी। जेडीयू ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को 91 सीटें मिलीं। गठबंधन ने 2009 के लोकसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और जेडीयू को जहां 20 सीटें मिलीं, वहीं बीजेपी को 12 सीटों पर जीत मिली। बहरहाल पहले भी ऐसे क्षण आए जब गठबंधन में तनाव हुआ और कई लोगों ने संभावना जताई कि यह टूट सकता है। 2009 में बीजेपी विधायकों ने अपने नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ ही बगावत कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाए कि वह काफी विनम्र हैं और हमेशा नीतीश के इशारे पर नाचते हैं। उन्होंने मांग की कि गठबंधन तोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्रीय नेताओं ने उन्हें मना लिया और मामला शांत हो गया।टिप्पणियां गठबंधन जून, 2010 में फिर खतरे में पड़ गया, जब पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और स्थानीय अखबारों में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक ही मंच पर हाथ मिलाकर खड़े होने के विज्ञापन छपे। नीतीश कुमार तब तक मोदी और हिंदुत्व की उनकी छवि को लेकर आपत्ति जताने लगे थे और नाखुशी जताने के लिए बीजेपी नेताओं का रात्रिभोज रद्द कर दिया था। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। वर्ष 1996 में समता पार्टी एनडीए में शामिल हुई थी, जिसके मुख्य नेता नीतीश और जॉर्ज फर्नांडिस थे। समता पार्टी के नेता बाद में जेडीयू में शामिल हो गए थे। एनडीए की सरकार में फर्नांडिस रक्षामंत्री थे, जबकि नीतीश कुमार को रेलवे का प्रभार दिया गया था। रविवार को एनडीए का संयोजक पद छोड़ने वाले शरद यादव को अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उड्डयन मंत्रालय का प्रभार दिया गया था। फर्नांडिस तब एनडीए के संयोजक हुआ करते थे और सरकार के नीति नियंताओं में शामिल थे। दिलचस्प बात है कि नीतीश ने गोधरा बाद के दंगों की आलोचना नहीं की थी और एनडीए सरकार में बने रहे। 2003 में उन्होंने नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी और कहा था कि भविष्य में वह राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने 2002 के गुजरात दंगों के बाद एनडीए कैबिनेट छोड़ दिया था। इससे पहले वर्ष 2000 में नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन खंडित जनादेश और बहुमत साबित नहीं करने के कारण उन्हें सात दिनों के अंदर इस्तीफा देना पड़ा था। बीजेपी और जेडीयू ने 2004 का लोकसभा चुनाव गठबंधन के तौर पर लड़ा था और बिहार में उन्हें क्रमश: पांच और छह सीटें मिली थीं। वर्ष 2005 में जेडीयू-बीजेपी ने बिहार में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और नीतीश मुख्यमंत्री बने। गठबंधन ने आरजेडी, लोजपा और कांग्रेस को 2010 के चुनावों में करारी शिकस्त दी। जेडीयू ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को 91 सीटें मिलीं। गठबंधन ने 2009 के लोकसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और जेडीयू को जहां 20 सीटें मिलीं, वहीं बीजेपी को 12 सीटों पर जीत मिली। बहरहाल पहले भी ऐसे क्षण आए जब गठबंधन में तनाव हुआ और कई लोगों ने संभावना जताई कि यह टूट सकता है। 2009 में बीजेपी विधायकों ने अपने नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ ही बगावत कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाए कि वह काफी विनम्र हैं और हमेशा नीतीश के इशारे पर नाचते हैं। उन्होंने मांग की कि गठबंधन तोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्रीय नेताओं ने उन्हें मना लिया और मामला शांत हो गया।टिप्पणियां गठबंधन जून, 2010 में फिर खतरे में पड़ गया, जब पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और स्थानीय अखबारों में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक ही मंच पर हाथ मिलाकर खड़े होने के विज्ञापन छपे। नीतीश कुमार तब तक मोदी और हिंदुत्व की उनकी छवि को लेकर आपत्ति जताने लगे थे और नाखुशी जताने के लिए बीजेपी नेताओं का रात्रिभोज रद्द कर दिया था। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। दिलचस्प बात है कि नीतीश ने गोधरा बाद के दंगों की आलोचना नहीं की थी और एनडीए सरकार में बने रहे। 2003 में उन्होंने नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी और कहा था कि भविष्य में वह राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने 2002 के गुजरात दंगों के बाद एनडीए कैबिनेट छोड़ दिया था। इससे पहले वर्ष 2000 में नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन खंडित जनादेश और बहुमत साबित नहीं करने के कारण उन्हें सात दिनों के अंदर इस्तीफा देना पड़ा था। बीजेपी और जेडीयू ने 2004 का लोकसभा चुनाव गठबंधन के तौर पर लड़ा था और बिहार में उन्हें क्रमश: पांच और छह सीटें मिली थीं। वर्ष 2005 में जेडीयू-बीजेपी ने बिहार में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और नीतीश मुख्यमंत्री बने। गठबंधन ने आरजेडी, लोजपा और कांग्रेस को 2010 के चुनावों में करारी शिकस्त दी। जेडीयू ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को 91 सीटें मिलीं। गठबंधन ने 2009 के लोकसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और जेडीयू को जहां 20 सीटें मिलीं, वहीं बीजेपी को 12 सीटों पर जीत मिली। बहरहाल पहले भी ऐसे क्षण आए जब गठबंधन में तनाव हुआ और कई लोगों ने संभावना जताई कि यह टूट सकता है। 2009 में बीजेपी विधायकों ने अपने नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ ही बगावत कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाए कि वह काफी विनम्र हैं और हमेशा नीतीश के इशारे पर नाचते हैं। उन्होंने मांग की कि गठबंधन तोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्रीय नेताओं ने उन्हें मना लिया और मामला शांत हो गया।टिप्पणियां गठबंधन जून, 2010 में फिर खतरे में पड़ गया, जब पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और स्थानीय अखबारों में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक ही मंच पर हाथ मिलाकर खड़े होने के विज्ञापन छपे। नीतीश कुमार तब तक मोदी और हिंदुत्व की उनकी छवि को लेकर आपत्ति जताने लगे थे और नाखुशी जताने के लिए बीजेपी नेताओं का रात्रिभोज रद्द कर दिया था। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। इससे पहले वर्ष 2000 में नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन खंडित जनादेश और बहुमत साबित नहीं करने के कारण उन्हें सात दिनों के अंदर इस्तीफा देना पड़ा था। बीजेपी और जेडीयू ने 2004 का लोकसभा चुनाव गठबंधन के तौर पर लड़ा था और बिहार में उन्हें क्रमश: पांच और छह सीटें मिली थीं। वर्ष 2005 में जेडीयू-बीजेपी ने बिहार में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और नीतीश मुख्यमंत्री बने। गठबंधन ने आरजेडी, लोजपा और कांग्रेस को 2010 के चुनावों में करारी शिकस्त दी। जेडीयू ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को 91 सीटें मिलीं। गठबंधन ने 2009 के लोकसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और जेडीयू को जहां 20 सीटें मिलीं, वहीं बीजेपी को 12 सीटों पर जीत मिली। बहरहाल पहले भी ऐसे क्षण आए जब गठबंधन में तनाव हुआ और कई लोगों ने संभावना जताई कि यह टूट सकता है। 2009 में बीजेपी विधायकों ने अपने नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ ही बगावत कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाए कि वह काफी विनम्र हैं और हमेशा नीतीश के इशारे पर नाचते हैं। उन्होंने मांग की कि गठबंधन तोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्रीय नेताओं ने उन्हें मना लिया और मामला शांत हो गया।टिप्पणियां गठबंधन जून, 2010 में फिर खतरे में पड़ गया, जब पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और स्थानीय अखबारों में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक ही मंच पर हाथ मिलाकर खड़े होने के विज्ञापन छपे। नीतीश कुमार तब तक मोदी और हिंदुत्व की उनकी छवि को लेकर आपत्ति जताने लगे थे और नाखुशी जताने के लिए बीजेपी नेताओं का रात्रिभोज रद्द कर दिया था। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। वर्ष 2005 में जेडीयू-बीजेपी ने बिहार में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और नीतीश मुख्यमंत्री बने। गठबंधन ने आरजेडी, लोजपा और कांग्रेस को 2010 के चुनावों में करारी शिकस्त दी। जेडीयू ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को 91 सीटें मिलीं। गठबंधन ने 2009 के लोकसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और जेडीयू को जहां 20 सीटें मिलीं, वहीं बीजेपी को 12 सीटों पर जीत मिली। बहरहाल पहले भी ऐसे क्षण आए जब गठबंधन में तनाव हुआ और कई लोगों ने संभावना जताई कि यह टूट सकता है। 2009 में बीजेपी विधायकों ने अपने नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ ही बगावत कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाए कि वह काफी विनम्र हैं और हमेशा नीतीश के इशारे पर नाचते हैं। उन्होंने मांग की कि गठबंधन तोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्रीय नेताओं ने उन्हें मना लिया और मामला शांत हो गया।टिप्पणियां गठबंधन जून, 2010 में फिर खतरे में पड़ गया, जब पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और स्थानीय अखबारों में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक ही मंच पर हाथ मिलाकर खड़े होने के विज्ञापन छपे। नीतीश कुमार तब तक मोदी और हिंदुत्व की उनकी छवि को लेकर आपत्ति जताने लगे थे और नाखुशी जताने के लिए बीजेपी नेताओं का रात्रिभोज रद्द कर दिया था। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। बहरहाल पहले भी ऐसे क्षण आए जब गठबंधन में तनाव हुआ और कई लोगों ने संभावना जताई कि यह टूट सकता है। 2009 में बीजेपी विधायकों ने अपने नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ ही बगावत कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाए कि वह काफी विनम्र हैं और हमेशा नीतीश के इशारे पर नाचते हैं। उन्होंने मांग की कि गठबंधन तोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्रीय नेताओं ने उन्हें मना लिया और मामला शांत हो गया।टिप्पणियां गठबंधन जून, 2010 में फिर खतरे में पड़ गया, जब पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और स्थानीय अखबारों में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक ही मंच पर हाथ मिलाकर खड़े होने के विज्ञापन छपे। नीतीश कुमार तब तक मोदी और हिंदुत्व की उनकी छवि को लेकर आपत्ति जताने लगे थे और नाखुशी जताने के लिए बीजेपी नेताओं का रात्रिभोज रद्द कर दिया था। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। गठबंधन जून, 2010 में फिर खतरे में पड़ गया, जब पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और स्थानीय अखबारों में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक ही मंच पर हाथ मिलाकर खड़े होने के विज्ञापन छपे। नीतीश कुमार तब तक मोदी और हिंदुत्व की उनकी छवि को लेकर आपत्ति जताने लगे थे और नाखुशी जताने के लिए बीजेपी नेताओं का रात्रिभोज रद्द कर दिया था। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। पटना सम्मेलन में मोदी छाए रहे, जिससे नीतीश और नाराज हो गए। मोदी ने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के साथ ही एनडीए की सभाओं में भी हमेशा नीतीश से संपर्क के लिए कदम बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश ने हमेशा अनिच्छा वाली मुस्कुराहट से जवाब दिया। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन तभी से टूटता दिखाई देने लगा था, जब नीतीश बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहने लगे कि क्या मोदी उनकी तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
सारांश: अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रेलमंत्री के रूप में नीतीश ने गोधरा बाद के दंगों की आलोचना नहीं की थी और एनडीए सरकार में बने रहे। 2003 में उन्होंने नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी और कहा कि भविष्य में वह राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं का आतंक है. आलम यह है कि आवारा पशुओं से परेशान किसान अब इनसे निजात पाने के लिए नेताओं के घर या सरकारी इमारतों में सैकड़ों की तादाद में इन्हें घेर कर बंद करना शुरू कर दिया है. रविवार को जहां महवाड़ गांव के लोगों ने इन पशुओं (Stray Cattle) को स्कूल में बंद किया, वहीं मंगलवार को गाजियाबाद के इनायतपुर गांव के लोगों ने पशुओं को अपने प्रधान के घर में ही बंद कर दिया है. किसानों का कहना है ये लोग जनप्रतिनिधि हैं और यही आवारा पशुओं की समस्या का हल ढूंढे, क्योंकि आवारा पशुओं (Stray Cattle) का आतंक ऐसा ही कि एक साथ-साथ बीघे के बीघे खेत चट कर जा रहे हैं. एनडीटीवी से बातचीत में किसानों ने कहा कि पिछली बार भी फसल नाम-मात्र की ही थी और इस बार भी दो बार बुवाई करनी पड़ी है. दर्जनों आवारा पशु झुंड में एक साथ निकलते हैं और पूरी फसल साफ कर जाते हैं.  किसानों का कहना है कि आवारा पशुओं से तंग आकर बड़े-बूढ़ों ने पंचायत की और तय किया कि इन्हें सरकारी इमारतों और जनप्रतिनिधियों के यहां बंद किया जाए, क्योंकि सरकार इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है. किसान कहते हैं कि, नगर निगम के लोग आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए आने वाले थे, लेकिन कोई नहीं आया. मजबूरी में हम लोगों ने खुद आवारा पशुओं (Stray Cattle) को पकड़ा. फिलहाल तो अभी इनके चारा-पानी की व्यवस्था भी खुद ही कर रहे हैं. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही अवैध बूचड़खाने बंद कराने का ऐलान किया. इस घोषणा के बाद गौवंश के वध पर सख्त कानून जारी किया. चूंकि योगी आदित्यनाथ पहले से ही कट्टर हिन्दूवादी और फायर ब्रांड नेता के रूप में जाने जाते रहे हैं, लिहाजा नए सीएम के फरमान पर सरकारी मशीनरी ने फौरन 'कड़ाई' से अमल किया और गाय-बछड़ों के ट्रकों के पहिये जाम कर दिए. गौरक्षकों ने भी खूब तांडव मचाया. इसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं से परेशान हैं किसान खेत के खेत चट कर जा रहे हैं आवारा पशु अब किसानों ने खुद आवारा पशुओं को पकड़ना शुरू किया है
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अगर आप भी यह मानते हैं कि मोटापा सिर्फ अत्याधिक खाने से बढ़ता है, तो आपको एक बार फिर सोचने की जरूरत है।टिप्पणियां अमेरिका के ‘दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय’ के एक नए अध्ययन के अनुसार वसायुक्त खाने की चीजों की तस्वीर भी मोटापा बढ़ाने में योगदान देती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन तस्वीरों से लोगों में खाने की इच्छा और प्रबल हो जाती है। ‘डेली मेल’ ने इस अध्ययन के अगुवा डॉ. कैथलीन पेज के हवाले से बताया कि इन तस्वीरों से दिमाग का वह हिस्सा सक्रिय हो जाता है, जो भूख बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है। अमेरिका के ‘दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय’ के एक नए अध्ययन के अनुसार वसायुक्त खाने की चीजों की तस्वीर भी मोटापा बढ़ाने में योगदान देती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन तस्वीरों से लोगों में खाने की इच्छा और प्रबल हो जाती है। ‘डेली मेल’ ने इस अध्ययन के अगुवा डॉ. कैथलीन पेज के हवाले से बताया कि इन तस्वीरों से दिमाग का वह हिस्सा सक्रिय हो जाता है, जो भूख बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है। ‘डेली मेल’ ने इस अध्ययन के अगुवा डॉ. कैथलीन पेज के हवाले से बताया कि इन तस्वीरों से दिमाग का वह हिस्सा सक्रिय हो जाता है, जो भूख बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है।
सारांश: अमेरिका के ‘दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय’ के एक नए अध्ययन के अनुसार वसायुक्त खाने की चीजों की तस्वीर भी मोटापा बढ़ाने में योगदान देती है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेना ने इंजीनिरिंग के लिए यह कोचिंग सेंटर 2013 में शुरू किया था. इस सेंटर का यह चौथा बैच है. सेना यह कोचिंग सेंटर एक एनजीओ और पैट्रोनेट-एलएनजी कंपनी के साथ मिलकर चलाती है. कड़े इम्तिहान के बाद सेना पूरे जम्मू-कश्मीर के करीब दो हजार बच्चों में से 40 चुनिंदा बच्चों का चयन करती है. इन बच्चों को 11 महीने आवास, भोजन और कोचिंग सेना द्वारा मुहैया कराई जाती है.     क्लास रूम में अध्ययनरत सुपर 40 के विद्यार्थी. इस बार चुने गए 28 छात्रों में से नौ दक्षिण कश्मीर से, 10 उत्तरी कश्मीर से हैं. इनके अलावा सात लद्दाख और दो छात्र जम्मू इलाके से हैं. कश्मीर में जारी हिंसा और आतंक के बीच जो तनाव फैला हुआ है उस दौरान इससे अच्छी खबर शायद ही कुछ और हो सकती है. सेना को उम्मीद है कि उसके ऐसे प्रयासों से न केवल युवाओं का भविष्य बेहतर होगा बल्कि लोगों में उसकी साख और भी मजबूत होगी. इस बार चुने गए 28 छात्रों में से नौ दक्षिण कश्मीर से, 10 उत्तरी कश्मीर से हैं. इनके अलावा सात लद्दाख और दो छात्र जम्मू इलाके से हैं. कश्मीर में जारी हिंसा और आतंक के बीच जो तनाव फैला हुआ है उस दौरान इससे अच्छी खबर शायद ही कुछ और हो सकती है. सेना को उम्मीद है कि उसके ऐसे प्रयासों से न केवल युवाओं का भविष्य बेहतर होगा बल्कि लोगों में उसकी साख और भी मजबूत होगी.
संक्षिप्त पाठ: कुल 36 ने दी आईआईटी मेन्स की परीक्षा, 28 हुए पास सेना ने इंजीनिरिंग के लिए कोचिंग सेंटर 2013 में शुरू किया था एक एनजीओ और एक कंपनी के सहयोग से चलता है सेंटर
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि से आया हूं, जिन्होंने अपनी जवानी देश में स्वराज्य के लिए जेलों में बिता दी, और पूरा जीवन उसी प्रयास में खपा दिया। इन्हीं के प्रयासों से हमें स्वराज्य मिला, लेकिन आज आज़ादी के छह दशक से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी देश सुराज्य के लिए इंतज़ार कर रहा है। पूरी दुनिया की नज़रें आज गुजरात के विकास पर हैं, और सभी जगह उसकी चर्चा है। मोदी ने कहा, दरअसल, मेरी सोच हमेशा आशावादी रही है, और मैं उसी दिशा में काम करता हूं, जो हमेशा प्रो-पीपल (जनोन्मुखी) और गुड गवर्नेन्स (सुराज या सुराज्य) के साथ होता है। भारत इस समय दुनिया का सबसे नौजवान देश है, जिसकी 65 प्रतिशत आबादी की उम्र 35 साल से कम है, जबकि इसके विपरीत पूरा यूरोप और चीन लगभग बूढ़े हो चुके हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा अफसोसनाक यह है कि हम इस युवाशक्ति का उचित इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा  कि आज हर तरफ निराशा का माहौल है और हर आदमी उससे बचकर भागना चाहता है, लेकिन मेरी सोच हमेशा आशावादी रही है। मुख्यमंत्री के तौर पर यह मेरा चौथा कार्यकाल है और मैं अपने अनुभव से जानता हूं कि मौजूदा माहौल में भी हम तरक्की कर सकते हैं और इससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकते हैं। मोदी के मुताबिक भारत गरीब देश नहीं है, क्योंकि हमारे पास प्राकृतिक संसाधनों के रूप में अपार संपदा है, लेकिन हम उन संसाधनों का उचित इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और यही हमारी चुनौती है। हमने गुजरात के विकास को तीन स्तंभों - कृषि, उद्योग तथा सेवा क्षेत्र - पर आधारित रखा है और स्थिति ऐसी है कि यदि इनमें से एक स्तंभ गिर भी जाता है, तो बाकी दोनों राज्य की अर्थव्यवस्था को संभाले रहेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, यह हमारी बड़ी उपलब्धि है, कि जो राज्य पानी की कमी से लगातार जूझता रहा है, वह आज आवश्यकता से अधिक कृषि उत्पादन कर इतिहास रच रहा है। हम अपने किसानों को अपना उत्पादन बढ़ाने की तरकीबें सिखाने पर जोर देते हैं। गुजरात के प्रत्येक किसान के पास भूमि स्वास्थ्य कार्ड है, जिससे उसे अपनी जमीन के हिसाब से फसल और खाद तय करने में मदद मिलती है। यह गुजरात की उपलब्धि इसलिए है, क्योंकि दूसरी ओर देश में साधारण नागरिकों के पास खुद के स्वास्थ्य कार्ड भी नहीं है। मोदी ने दावा किया, आज गुजरात इस देश का एकमात्र राज्य है, जहां भूमिगत पानी का स्तर ऊपर उठ रहा है, क्योंकि हमने पानी बचाने के लिए परियोजनाएं चलाई हैं। आज दिल्ली के लोग जो दूध पी रहे हैं, न  सिर्फ वह गुजरात से आता है, बल्कि यूरोप में बिकने वाली भिंडी भी सिर्फ गुजरात से ही जाती है।  भले ही हम सेवा क्षेत्र में बहुत मजबूत नहीं रहे हैं, लेकिन आज गुजरात की पर्यटन से होने वाली आय देश की पर्यटन आय की तुलना में दोगुनी है। उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए भी कहा कि आज वह लोगों को खुद जा-जाकर गुजरात घूमने की सलाह देते हैं। कॉलेज में सुशासन और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के विचार सुनने के लिए लगभग 1,800 छात्रों का भारी जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जबकि कुछ छात्रों ने कॉलेज के बाहर मोदी के विरोध में भी प्रदर्शन किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। पूरी दुनिया की नज़रें आज गुजरात के विकास पर हैं, और सभी जगह उसकी चर्चा है। मोदी ने कहा, दरअसल, मेरी सोच हमेशा आशावादी रही है, और मैं उसी दिशा में काम करता हूं, जो हमेशा प्रो-पीपल (जनोन्मुखी) और गुड गवर्नेन्स (सुराज या सुराज्य) के साथ होता है। भारत इस समय दुनिया का सबसे नौजवान देश है, जिसकी 65 प्रतिशत आबादी की उम्र 35 साल से कम है, जबकि इसके विपरीत पूरा यूरोप और चीन लगभग बूढ़े हो चुके हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा अफसोसनाक यह है कि हम इस युवाशक्ति का उचित इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा  कि आज हर तरफ निराशा का माहौल है और हर आदमी उससे बचकर भागना चाहता है, लेकिन मेरी सोच हमेशा आशावादी रही है। मुख्यमंत्री के तौर पर यह मेरा चौथा कार्यकाल है और मैं अपने अनुभव से जानता हूं कि मौजूदा माहौल में भी हम तरक्की कर सकते हैं और इससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकते हैं। मोदी के मुताबिक भारत गरीब देश नहीं है, क्योंकि हमारे पास प्राकृतिक संसाधनों के रूप में अपार संपदा है, लेकिन हम उन संसाधनों का उचित इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और यही हमारी चुनौती है। हमने गुजरात के विकास को तीन स्तंभों - कृषि, उद्योग तथा सेवा क्षेत्र - पर आधारित रखा है और स्थिति ऐसी है कि यदि इनमें से एक स्तंभ गिर भी जाता है, तो बाकी दोनों राज्य की अर्थव्यवस्था को संभाले रहेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, यह हमारी बड़ी उपलब्धि है, कि जो राज्य पानी की कमी से लगातार जूझता रहा है, वह आज आवश्यकता से अधिक कृषि उत्पादन कर इतिहास रच रहा है। हम अपने किसानों को अपना उत्पादन बढ़ाने की तरकीबें सिखाने पर जोर देते हैं। गुजरात के प्रत्येक किसान के पास भूमि स्वास्थ्य कार्ड है, जिससे उसे अपनी जमीन के हिसाब से फसल और खाद तय करने में मदद मिलती है। यह गुजरात की उपलब्धि इसलिए है, क्योंकि दूसरी ओर देश में साधारण नागरिकों के पास खुद के स्वास्थ्य कार्ड भी नहीं है। मोदी ने दावा किया, आज गुजरात इस देश का एकमात्र राज्य है, जहां भूमिगत पानी का स्तर ऊपर उठ रहा है, क्योंकि हमने पानी बचाने के लिए परियोजनाएं चलाई हैं। आज दिल्ली के लोग जो दूध पी रहे हैं, न  सिर्फ वह गुजरात से आता है, बल्कि यूरोप में बिकने वाली भिंडी भी सिर्फ गुजरात से ही जाती है।  भले ही हम सेवा क्षेत्र में बहुत मजबूत नहीं रहे हैं, लेकिन आज गुजरात की पर्यटन से होने वाली आय देश की पर्यटन आय की तुलना में दोगुनी है। उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए भी कहा कि आज वह लोगों को खुद जा-जाकर गुजरात घूमने की सलाह देते हैं। कॉलेज में सुशासन और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के विचार सुनने के लिए लगभग 1,800 छात्रों का भारी जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जबकि कुछ छात्रों ने कॉलेज के बाहर मोदी के विरोध में भी प्रदर्शन किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। भारत इस समय दुनिया का सबसे नौजवान देश है, जिसकी 65 प्रतिशत आबादी की उम्र 35 साल से कम है, जबकि इसके विपरीत पूरा यूरोप और चीन लगभग बूढ़े हो चुके हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा अफसोसनाक यह है कि हम इस युवाशक्ति का उचित इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा  कि आज हर तरफ निराशा का माहौल है और हर आदमी उससे बचकर भागना चाहता है, लेकिन मेरी सोच हमेशा आशावादी रही है। मुख्यमंत्री के तौर पर यह मेरा चौथा कार्यकाल है और मैं अपने अनुभव से जानता हूं कि मौजूदा माहौल में भी हम तरक्की कर सकते हैं और इससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकते हैं। मोदी के मुताबिक भारत गरीब देश नहीं है, क्योंकि हमारे पास प्राकृतिक संसाधनों के रूप में अपार संपदा है, लेकिन हम उन संसाधनों का उचित इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और यही हमारी चुनौती है। हमने गुजरात के विकास को तीन स्तंभों - कृषि, उद्योग तथा सेवा क्षेत्र - पर आधारित रखा है और स्थिति ऐसी है कि यदि इनमें से एक स्तंभ गिर भी जाता है, तो बाकी दोनों राज्य की अर्थव्यवस्था को संभाले रहेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, यह हमारी बड़ी उपलब्धि है, कि जो राज्य पानी की कमी से लगातार जूझता रहा है, वह आज आवश्यकता से अधिक कृषि उत्पादन कर इतिहास रच रहा है। हम अपने किसानों को अपना उत्पादन बढ़ाने की तरकीबें सिखाने पर जोर देते हैं। गुजरात के प्रत्येक किसान के पास भूमि स्वास्थ्य कार्ड है, जिससे उसे अपनी जमीन के हिसाब से फसल और खाद तय करने में मदद मिलती है। यह गुजरात की उपलब्धि इसलिए है, क्योंकि दूसरी ओर देश में साधारण नागरिकों के पास खुद के स्वास्थ्य कार्ड भी नहीं है। मोदी ने दावा किया, आज गुजरात इस देश का एकमात्र राज्य है, जहां भूमिगत पानी का स्तर ऊपर उठ रहा है, क्योंकि हमने पानी बचाने के लिए परियोजनाएं चलाई हैं। आज दिल्ली के लोग जो दूध पी रहे हैं, न  सिर्फ वह गुजरात से आता है, बल्कि यूरोप में बिकने वाली भिंडी भी सिर्फ गुजरात से ही जाती है।  भले ही हम सेवा क्षेत्र में बहुत मजबूत नहीं रहे हैं, लेकिन आज गुजरात की पर्यटन से होने वाली आय देश की पर्यटन आय की तुलना में दोगुनी है। उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए भी कहा कि आज वह लोगों को खुद जा-जाकर गुजरात घूमने की सलाह देते हैं। कॉलेज में सुशासन और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के विचार सुनने के लिए लगभग 1,800 छात्रों का भारी जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जबकि कुछ छात्रों ने कॉलेज के बाहर मोदी के विरोध में भी प्रदर्शन किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। उन्होंने कहा  कि आज हर तरफ निराशा का माहौल है और हर आदमी उससे बचकर भागना चाहता है, लेकिन मेरी सोच हमेशा आशावादी रही है। मुख्यमंत्री के तौर पर यह मेरा चौथा कार्यकाल है और मैं अपने अनुभव से जानता हूं कि मौजूदा माहौल में भी हम तरक्की कर सकते हैं और इससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकते हैं। मोदी के मुताबिक भारत गरीब देश नहीं है, क्योंकि हमारे पास प्राकृतिक संसाधनों के रूप में अपार संपदा है, लेकिन हम उन संसाधनों का उचित इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और यही हमारी चुनौती है। हमने गुजरात के विकास को तीन स्तंभों - कृषि, उद्योग तथा सेवा क्षेत्र - पर आधारित रखा है और स्थिति ऐसी है कि यदि इनमें से एक स्तंभ गिर भी जाता है, तो बाकी दोनों राज्य की अर्थव्यवस्था को संभाले रहेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, यह हमारी बड़ी उपलब्धि है, कि जो राज्य पानी की कमी से लगातार जूझता रहा है, वह आज आवश्यकता से अधिक कृषि उत्पादन कर इतिहास रच रहा है। हम अपने किसानों को अपना उत्पादन बढ़ाने की तरकीबें सिखाने पर जोर देते हैं। गुजरात के प्रत्येक किसान के पास भूमि स्वास्थ्य कार्ड है, जिससे उसे अपनी जमीन के हिसाब से फसल और खाद तय करने में मदद मिलती है। यह गुजरात की उपलब्धि इसलिए है, क्योंकि दूसरी ओर देश में साधारण नागरिकों के पास खुद के स्वास्थ्य कार्ड भी नहीं है। मोदी ने दावा किया, आज गुजरात इस देश का एकमात्र राज्य है, जहां भूमिगत पानी का स्तर ऊपर उठ रहा है, क्योंकि हमने पानी बचाने के लिए परियोजनाएं चलाई हैं। आज दिल्ली के लोग जो दूध पी रहे हैं, न  सिर्फ वह गुजरात से आता है, बल्कि यूरोप में बिकने वाली भिंडी भी सिर्फ गुजरात से ही जाती है।  भले ही हम सेवा क्षेत्र में बहुत मजबूत नहीं रहे हैं, लेकिन आज गुजरात की पर्यटन से होने वाली आय देश की पर्यटन आय की तुलना में दोगुनी है। उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए भी कहा कि आज वह लोगों को खुद जा-जाकर गुजरात घूमने की सलाह देते हैं। कॉलेज में सुशासन और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के विचार सुनने के लिए लगभग 1,800 छात्रों का भारी जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जबकि कुछ छात्रों ने कॉलेज के बाहर मोदी के विरोध में भी प्रदर्शन किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। मोदी के मुताबिक भारत गरीब देश नहीं है, क्योंकि हमारे पास प्राकृतिक संसाधनों के रूप में अपार संपदा है, लेकिन हम उन संसाधनों का उचित इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और यही हमारी चुनौती है। हमने गुजरात के विकास को तीन स्तंभों - कृषि, उद्योग तथा सेवा क्षेत्र - पर आधारित रखा है और स्थिति ऐसी है कि यदि इनमें से एक स्तंभ गिर भी जाता है, तो बाकी दोनों राज्य की अर्थव्यवस्था को संभाले रहेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, यह हमारी बड़ी उपलब्धि है, कि जो राज्य पानी की कमी से लगातार जूझता रहा है, वह आज आवश्यकता से अधिक कृषि उत्पादन कर इतिहास रच रहा है। हम अपने किसानों को अपना उत्पादन बढ़ाने की तरकीबें सिखाने पर जोर देते हैं। गुजरात के प्रत्येक किसान के पास भूमि स्वास्थ्य कार्ड है, जिससे उसे अपनी जमीन के हिसाब से फसल और खाद तय करने में मदद मिलती है। यह गुजरात की उपलब्धि इसलिए है, क्योंकि दूसरी ओर देश में साधारण नागरिकों के पास खुद के स्वास्थ्य कार्ड भी नहीं है। मोदी ने दावा किया, आज गुजरात इस देश का एकमात्र राज्य है, जहां भूमिगत पानी का स्तर ऊपर उठ रहा है, क्योंकि हमने पानी बचाने के लिए परियोजनाएं चलाई हैं। आज दिल्ली के लोग जो दूध पी रहे हैं, न  सिर्फ वह गुजरात से आता है, बल्कि यूरोप में बिकने वाली भिंडी भी सिर्फ गुजरात से ही जाती है।  भले ही हम सेवा क्षेत्र में बहुत मजबूत नहीं रहे हैं, लेकिन आज गुजरात की पर्यटन से होने वाली आय देश की पर्यटन आय की तुलना में दोगुनी है। उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए भी कहा कि आज वह लोगों को खुद जा-जाकर गुजरात घूमने की सलाह देते हैं। कॉलेज में सुशासन और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के विचार सुनने के लिए लगभग 1,800 छात्रों का भारी जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जबकि कुछ छात्रों ने कॉलेज के बाहर मोदी के विरोध में भी प्रदर्शन किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, यह हमारी बड़ी उपलब्धि है, कि जो राज्य पानी की कमी से लगातार जूझता रहा है, वह आज आवश्यकता से अधिक कृषि उत्पादन कर इतिहास रच रहा है। हम अपने किसानों को अपना उत्पादन बढ़ाने की तरकीबें सिखाने पर जोर देते हैं। गुजरात के प्रत्येक किसान के पास भूमि स्वास्थ्य कार्ड है, जिससे उसे अपनी जमीन के हिसाब से फसल और खाद तय करने में मदद मिलती है। यह गुजरात की उपलब्धि इसलिए है, क्योंकि दूसरी ओर देश में साधारण नागरिकों के पास खुद के स्वास्थ्य कार्ड भी नहीं है। मोदी ने दावा किया, आज गुजरात इस देश का एकमात्र राज्य है, जहां भूमिगत पानी का स्तर ऊपर उठ रहा है, क्योंकि हमने पानी बचाने के लिए परियोजनाएं चलाई हैं। आज दिल्ली के लोग जो दूध पी रहे हैं, न  सिर्फ वह गुजरात से आता है, बल्कि यूरोप में बिकने वाली भिंडी भी सिर्फ गुजरात से ही जाती है।  भले ही हम सेवा क्षेत्र में बहुत मजबूत नहीं रहे हैं, लेकिन आज गुजरात की पर्यटन से होने वाली आय देश की पर्यटन आय की तुलना में दोगुनी है। उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए भी कहा कि आज वह लोगों को खुद जा-जाकर गुजरात घूमने की सलाह देते हैं। कॉलेज में सुशासन और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के विचार सुनने के लिए लगभग 1,800 छात्रों का भारी जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जबकि कुछ छात्रों ने कॉलेज के बाहर मोदी के विरोध में भी प्रदर्शन किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। मोदी ने दावा किया, आज गुजरात इस देश का एकमात्र राज्य है, जहां भूमिगत पानी का स्तर ऊपर उठ रहा है, क्योंकि हमने पानी बचाने के लिए परियोजनाएं चलाई हैं। आज दिल्ली के लोग जो दूध पी रहे हैं, न  सिर्फ वह गुजरात से आता है, बल्कि यूरोप में बिकने वाली भिंडी भी सिर्फ गुजरात से ही जाती है।  भले ही हम सेवा क्षेत्र में बहुत मजबूत नहीं रहे हैं, लेकिन आज गुजरात की पर्यटन से होने वाली आय देश की पर्यटन आय की तुलना में दोगुनी है। उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए भी कहा कि आज वह लोगों को खुद जा-जाकर गुजरात घूमने की सलाह देते हैं। कॉलेज में सुशासन और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के विचार सुनने के लिए लगभग 1,800 छात्रों का भारी जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जबकि कुछ छात्रों ने कॉलेज के बाहर मोदी के विरोध में भी प्रदर्शन किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। कॉलेज में सुशासन और विकास के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के विचार सुनने के लिए लगभग 1,800 छात्रों का भारी जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जबकि कुछ छात्रों ने कॉलेज के बाहर मोदी के विरोध में भी प्रदर्शन किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए पुलिस बैरिकेडों के सामने लगभग 50 छात्र-छात्राएं हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए आ गए, और मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। श्री मोदी को एसआरसीसी के छात्रों ने वक्ता के रूप में एक पोल के जरिये चुना था। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। सुबह नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ गुजरात को लेकर काफी अच्छी बातचीत हुई।टिप्पणियां मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के बाकी राज्यों को जो सहूलियतें केंद्र से मिल रही हैं, वे गुजरात को भी मिलनी चाहिए। मोदी ने गैस की कीमतों में भेदभाव को लेकर प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात भी रखी। हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल वह टाल गए। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद भी जाएंगे। हाल के हफ्तों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए पार्टी में मांग तेज होती जा रही है।
यहाँ एक सारांश है:मोदी ने दावा किया कि आज दिल्ली के लोग जो दूध पी रहे हैं, न सिर्फ वह गुजरात से आता है, बल्कि यूरोप में बिकने वाली भिंडी भी सिर्फ गुजरात से ही जाती है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक: कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद अब क्या करेंगे बागी विधायक, क्या होगा उनका अगला कदम! विधायक के पति पर 17 से अधिक मामले दर्ज हैं और फरारी में भी वह विधानसभा में टहलते नजर आए लेकिन गिरफ्तारी के बजाए उनके ऊपर इनाम हटा दिया गया. दमोह पुलिस ने आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि इनाम पहले ही हटा चुके थे, ऐसे में उनके कहीं आने-जाने पर पाबंदी नहीं है. सत्ता की मजबूरी ऐसी है कि बीजेपी भी खुल कर विरोध नहीं कर रही है. 12 जुलाई को बीएसपी विधायक रामबाई विधानसभा में कांग्रेस नेता देवेन्द्र चौरसिया की हत्या के आरोपी अपने रिश्तेदारों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाना चाहती थीं, स्पीकर ने इजाजत नहीं दी तो आंसू निकल पड़े. 18 जुलाई को हंसी-खुशी वह अपने पति को विधानसभा घुमाने ले आईं, जिनको कुछ दिनों पहले तक पुलिस फरार बता रही थी. जिनपर कांग्रेस नेता देवेन्द्र चौरसिया की हत्या में 25000 का इनाम था, विधानसभा में टहलते हत्या के आरोपी पति ने बता दिया कि मुख्यमंत्री ने मामले में जांच करके खात्मा लगाने का आश्वासन दिया है. कश्मीर मामला: ट्रंप के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा- राष्ट्रपति मनगढ़ंत बातें नहीं करते हैं  अगले दिन विधानसभा में रामबाई के सुर भी बदल गये और उन्होंने मीडिया से सवाल करते हुए कहा कि उन्हें दमोह जाकर हत्या की कड़ियां ढूंढनी चाहिये. 15 मार्च को बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए देवेंद्र चौरसिया की हटा में हत्या कर दी गई थी. इसमें सात मुख्य आरोपी समेत कुल 28 आरोपी बनाए गए थे. इसमें पथरिया से बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह का नाम भी शामिल था. हत्याकांड के बाद से ही गोविंद सिंह फरार चल रहे थे. पुलिस ने उन पर 25 हजार के इनाम का ऐलान किया था. जिसे बाद में एसपी ने हटा दिया और विधायक से जांच आवेदन लेकर गोविंद सिंह का नाम हटा दिया.   अब सरकार के मंत्री भी खुलकर 17 मामलों के आरोपी की वकालत कर रहे हैं. कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा रामबाई जनप्रतिनिधि हैं, उन्होंने कई सबूत दिये हैं कि हत्या वाले दिन मेरे पति इस क्षेत्र में नहीं थे, जिसके पुख्ता प्रमाण तमाम सीसीटीवी फुटेज तमाम सारी बातें जब उन्होंने दी तो पुलिस ने जांच करके नाम हटाया है, 25000 का इनाम भी हटा लिया है. उधर मामले में पति की बेगुनाही के नाम पर बसपा विधायक दूसरों विधायकों के दस्तखत लेने लगीं.  पहले विधायक के समर्थन में खड़ी बीजेपी ने सवालों के बाद सुर बदले. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा आप जो पूछ रहे हैं, वो सही है, मैं दबाने छिपाने के पक्ष में नहीं, जो दोषी हैं उन्हें सजा होना चाहिये, मुख्यमंत्री, पुलिस अधिकारियों का राजधर्म है सत्य का पक्ष लें. जिस तरह का संख्या बल है एक एक विधायक का महत्व है, कुछ ऐसी बातें मानी जा रही हैं जो कभी नहीं मानी गईं. बीजेपी भी इसी के लिये नहीं कर रही. वो मामला लटक जाए इसलिये घूम रही थीं. मैंने दस्तखत करने से मना कर दिया. धोखाधड़ी के आरोप में बिज़नेसमैन लक्ष्मी मित्तल के छोटे भाई गिरफ्तार, हो सकती है 45 साल तक की जेल मध्यप्रदेश विधानसभा में सदस्य संख्या 230 है, कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं. वहीं उसे 4 निर्दलीय, 2 बसपा और 1 सपा के विधायक का समर्थन मिला हुआ है जिसके चलते 230 विधायकों वाली विधानसभा में कमलनाथ सरकार के पास कुल 121 विधायक हैं जो बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 5 विधायक ज्यादा है. वहीं बीजेपी के विधायकों की संख्या 108 है. समझना मुश्किल नहीं है कि सरकार बचाने, बनाने में संख्या बल को लेकर दोनों दल हत्या के 2 मामलों सहित 17 अलग-अलग मामलों के आरोपी के आगे क्यों नतमस्तक दिख रहे हैं. जबकि दो मामलों में उनपर कांग्रेस नेता की हत्या का आरोप है, कांग्रेस नेता राजेन्द्र पाठक की हत्या के मामले में तो निचली अदालत ने गोविंद सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है, फिलहाल उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिली है.
यहाँ एक सारांश है:कमलनाथ पर लगे कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या के आरोपियों को बचाने के आरोप कांग्रेस नेता देवेन्द्र चौरसिया के बेटे ने कमलनाथ पर लगाए गंभीर आरोप कहा- हत्या के आरोपियों को कमलनाथ बचा रहे हैं
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज को दिसंबर, 2010 में समाप्त चालू वित्तवर्ष की तीसरी तिमाही में 9.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही से 74.93 फीसदी कम है। कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही में उसे 36.46 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। हालांकि आलोच्य तिमाही में कंपनी की कुल बिक्री 47 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,174.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले साल की इसी तिमाही में 798.7 करोड़ रुपये थी। कंपनी के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रघुपति सिंघानिया ने कहा, यह तिमाही बहुत चुनौतीपूर्ण रही, क्योंकि इस दौरान प्राकृतिक रबड़ की कीमतों में 100 फीसदी तक की वृद्धि हुई। इसके साथ ही अन्य कच्चे माल के दाम भी 40 प्रतिशत बढ़े। उन्होंने कहा कि यद्यपि कंपनी की बिक्री बढ़ी है, पर लागत में बढ़ोतरी के कारण उसके मुनाफे में भी कमी आई।
संक्षिप्त पाठ: जेके टायर को तीसरी तिमाही में 9.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है, जो पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही से 74.93 फीसदी कम है।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की अदालत ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को जोरदार झटका दिया। अदालत ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष का पद संभाल रहे जरदारी से कहा कि उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधियां रोकनी चाहिए और निष्पक्ष होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश एजाज अहमद चौधरी की अध्यक्षता में लाहौर उच्च न्यायालय की चार न्यायाधीशों की पीठ ने याचिकाओं के जवाब में यह आदेश जारी किया। इन याचिकाओं में जरदारी द्वारा राष्ट्रपति के साथ-साथ पीपीपी प्रमुख के पद पर काबिज होने को चुनौती दी गई थी। मार्च में इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखने वाली अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए। अपने 35 पृष्ठों के फैसले में पीठ ने कहा कि राष्ट्रपति को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए और उसे निष्पक्ष होना चाहिए। पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही फैसला सुना चुका है कि राष्ट्रपति को पूरी तरह तटस्थ, निष्पक्ष और किसी दल के राजनीतिक हित से दूर रहते हुए अपने कर्तव्यों और अधिकारों का निर्वाह करना चाहिए। उच्च न्यायालय ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति कानून का पालन करेंगे और खुद को राजनीतिक पद से दूर रखेंगे। अधिवक्ता एके डोगर जरदारी द्वारा दो पद पर काबिज होने को चुनौती देने वाली याचिकाएं दाखिल करने वालों में शामिल थे। वह जमात उद दावा प्रमुख हफीज मुहम्मद सईद के वकील भी हैं। डोगर ने कहा कि संविधान के अनुसार, राष्ट्र प्रमुख होने के नाते राष्ट्रपति को तटस्थ और गैर राजनीतिज्ञ होना चाहिए। गौरतलब है कि जरदारी राष्ट्रपति होने के बावजूद नियमित रूप से पीपीपी के शीर्ष नेताओं की बैठक की अध्यक्षता करते हैं। जरदारी के बेटे बिलावल पीपीपी के अध्यक्ष हैं लेकिन उन्होंने अभी राजनीतिक गतिविधियां शुरू नहीं की हैं क्योंकि वह ब्रिटेन में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
पाकिस्तान की अदालत ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को जोरदार झटका दिया। पार्टी प्रमुख और राष्ट्रपति बने रहने पर कोर्ट ने ऐतराज किया है।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बीसीसीआई में सुधारों से जुड़ी लोढा कमेटी की सिफारिशों पर सुनवाई 14 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी है. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने ऐसा कोर्ट के पास लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए किया है. सुप्रीम कोर्ट को बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) की उस याचिका पर सुनवाई करनी थी, जिसमें पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लै को पर्यवेक्षक नियुक्त करने तथा लोढा समिति की सिफारिशों का उल्लंघन कर रहे बीसीसीआई के सभी पदाधिकारियों की बर्खास्तगी सहित समिति के सुझावों को लागू करने के लिए क्रिकेट बोर्ड को निर्देश की मांग की गई है.टिप्पणियां यह मामला 5 दिसंबर को भी प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखा जाना था, लेकिन जस्टिस ठाकुर के अस्वस्थ होने के कारण सुनवाई 9 दिसंबर तक टल गई थी. सर्वोच्च अदालत ने 25 नवंबर को बीसीसीआई सुधार पर न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा समिति द्वारा सौंपी गई तीसरी स्थिति रिपोर्ट पढ़ने के बाद सीएबी की याचिका पर सुनवाई पर सहमति जताई थी. चौदह नवंबर को सौंपी गई स्थिति रिपोर्ट में लोढ़ा समिति ने बीसीसीआई को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में ‘‘मार्गदर्शन’’ के लिए पिल्लै को पर्यवेक्षक नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की है. यह मामला 5 दिसंबर को भी प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखा जाना था, लेकिन जस्टिस ठाकुर के अस्वस्थ होने के कारण सुनवाई 9 दिसंबर तक टल गई थी. सर्वोच्च अदालत ने 25 नवंबर को बीसीसीआई सुधार पर न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा समिति द्वारा सौंपी गई तीसरी स्थिति रिपोर्ट पढ़ने के बाद सीएबी की याचिका पर सुनवाई पर सहमति जताई थी. चौदह नवंबर को सौंपी गई स्थिति रिपोर्ट में लोढ़ा समिति ने बीसीसीआई को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में ‘‘मार्गदर्शन’’ के लिए पिल्लै को पर्यवेक्षक नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की है. चौदह नवंबर को सौंपी गई स्थिति रिपोर्ट में लोढ़ा समिति ने बीसीसीआई को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में ‘‘मार्गदर्शन’’ के लिए पिल्लै को पर्यवेक्षक नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की है.
लोढा पैनल ने कहा कि BCCI कोर्ट के आदेशों को लागू नहीं कर रहा है अधिकारियों की उम्र और कार्यकाल के मुद्दे पर अड़ा है बोर्ड 3 राज्य संघों ने लोढा समिति की सिफारिशों को अपना लिया है
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों और कॉलेजों के प्रशासनों से उन्हें सोमवार को ऐहतियातन बंद रखने के लिये कहा है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. जम्मू की उपायुक्त सुषमा चौहान ने रविवार रात कहा कि सभी निजी और सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को ऐतहियातन बंद रखने की सलाह दी गयी है.' अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है, जहां खतरे की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बलों की तैनाती कई गुना बढ़ा दी गई है. उन्होंने कहा कि इससे पहले जम्मू क्षेत्र, विशेषकर सीमावर्ती राजौरी और पुंछ जिलों में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) समेत अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.  इसके अलावा किसी अहम फैसले की संभावना के बीच जम्मू में भी सोमवार सुबह 6 बजे से धारा 144 लागू करने का फैसला लिया गया है. सुषमा चौहान ने कहा कि 5 अगस्त सुबह 6 बजे से धारा 144 लागू हो जाएगी जो अगले आदेश तक जारी रहेगी. अधिकारियों के अनुसार शहर में सचिवालय, पुलिस मुख्यालय, हवाई अड्डे, केंद्र सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठानों जैसे अहम प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है. शहर में आने वाली सड़कों पर बैरीकेड लगाए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की. समझा जाता है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की. घंटे भर चली इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गॉबा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब नियंत्रण रेखा पर भारत और पाकिस्तान के सुरक्षाबलों के बीच ताजा झड़प हुई.
जम्मू और कश्मीर में तनावपूर्ण हालात एतिहातन जम्मू में बंद रहेंगे स्कूल व कॉलेज जम्मू में सुबह 6 बजे से धारा 144 होगी लागू
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेता रणबीर कपूर ने माधुरी दीक्षित के साथ फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के एक गाने में नृत्य किया है और वह उनसे काफी प्रभावित हैं।टिप्पणियां 30 वर्षीय रणबीर ने कहा, माधुरी महान हैं और मुझे इस बात की खुशी है कि मुझे उनके साथ नृत्य करने का अवसर मिला। वह बेहद प्रतिभावान, मेहनती हैं तथा हमेशा समय पर आती थीं। निर्देशन अयान मुखर्जी की फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' 31 मई को प्रदर्शित होगी तथा इसमें रणबीर की नायिका दीपिका पादुकोण हैं। 30 वर्षीय रणबीर ने कहा, माधुरी महान हैं और मुझे इस बात की खुशी है कि मुझे उनके साथ नृत्य करने का अवसर मिला। वह बेहद प्रतिभावान, मेहनती हैं तथा हमेशा समय पर आती थीं। निर्देशन अयान मुखर्जी की फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' 31 मई को प्रदर्शित होगी तथा इसमें रणबीर की नायिका दीपिका पादुकोण हैं। निर्देशन अयान मुखर्जी की फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' 31 मई को प्रदर्शित होगी तथा इसमें रणबीर की नायिका दीपिका पादुकोण हैं।
सारांश: रणबीर ने कहा, माधुरी महान हैं और मुझे इस बात की खुशी है कि मुझे उनके साथ नृत्य करने का अवसर मिला। वह बेहद प्रतिभावान, मेहनती हैं तथा हमेशा समय पर आती थीं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बैंकों में वैध करेंसी नोटों को जमा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने की दिशा में रिजर्व बैंक ने कहा कि वैध करेंसी नोट जमा करने वाले ग्राहक मौजूदा सीमा से अधिक राशि निकाल सकेंगे. आरबीआई ने बैंकिंग तंत्र में नोटों का सर्कुलेशन बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है. उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति 4,000 रुपये की रकम 2,000, 500, 100, 50, 20, 10 और 5 रुपये के वैध नोटों में जमा करता है तो उसके लिए निकासी सीमा 4,000 रुपये तक बढ़ जाएगी, जो 24,000 रुपये की साप्ताहिक निकासी सीमा से ऊपर होगी. चालू खातों के लिए छोटे व्यापारियों के वास्ते निकासी सीमा प्रति सप्ताह 50,000 रुपये है.टिप्पणियां सोमवार देर शाम जारी एक सर्कुलर में आरबीआई ने कहा कि खातों से नकदी निकासी पर मौजूदा सीमा को देखते हुए कुछ जमाकर्ता अपना पैसा बैंक खातों में जमा करने से हिचकिचा रहे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति 4,000 रुपये की रकम 2,000, 500, 100, 50, 20, 10 और 5 रुपये के वैध नोटों में जमा करता है तो उसके लिए निकासी सीमा 4,000 रुपये तक बढ़ जाएगी, जो 24,000 रुपये की साप्ताहिक निकासी सीमा से ऊपर होगी. चालू खातों के लिए छोटे व्यापारियों के वास्ते निकासी सीमा प्रति सप्ताह 50,000 रुपये है.टिप्पणियां सोमवार देर शाम जारी एक सर्कुलर में आरबीआई ने कहा कि खातों से नकदी निकासी पर मौजूदा सीमा को देखते हुए कुछ जमाकर्ता अपना पैसा बैंक खातों में जमा करने से हिचकिचा रहे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सोमवार देर शाम जारी एक सर्कुलर में आरबीआई ने कहा कि खातों से नकदी निकासी पर मौजूदा सीमा को देखते हुए कुछ जमाकर्ता अपना पैसा बैंक खातों में जमा करने से हिचकिचा रहे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बैंकिंग तंत्र में नोटों का सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया 'कुछ जमाकर्ता अपना पैसा खातों में जमा करने से हिचकिचा रहे हैं' 'वैध नोट जमा करने वाले ग्राहक मौजूदा सीमा से अधिक राशि निकाल सकेंगे'
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: अन्ना हजारे के सहयोगी एन संतोष हेगड़े अन्ना के टीम भंग करने के निर्णय से असहमत दिखे और कहा कि यह अनशन के मार्ग को अपनाए बिना भ्रष्टाचार और कुशासन के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने का काम कर सकती थी। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘मैं इस से (टीम भंग करने के निर्णय) दुखी हूं क्योंकि अन्ना की ओर से मजबूत लोकपाल के लिए शुरू किया गया आंदोलन समय की जरूरत थी। यह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। टीम अन्ना को चुनाव में हिस्सा लेना चाहिए या नहीं। इस पर विवाद और विचारों में अंतरसंबंधी चर्चा दुर्भाग्यपूर्ण है और इसी के कारण अन्ना को टीम भंग करना पड़ा होगा।’ हेगड़े ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि अन्ना अभी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व करेंगे। इसे ऐसे ही (बिना टीम भंग किए) बिना अनशन किए और अन्य चीजों के बिना आगे बढ़ाया जाना चाहिए।’टिप्पणियां हेगड़े ने कहा कि उन्होंने अन्ना को विभिन्न स्थानों को दौरा करने और लोगों से भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ संघर्ष करने के लिए तैयार करने का सुझाव दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या टीम अन्ना के राजनीतिक विकल्प तैयार करने की बात कारगर होगी, हेगड़े ने कहा कि वह ऐसा नहीं समझते हैं। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘मैं इस से (टीम भंग करने के निर्णय) दुखी हूं क्योंकि अन्ना की ओर से मजबूत लोकपाल के लिए शुरू किया गया आंदोलन समय की जरूरत थी। यह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। टीम अन्ना को चुनाव में हिस्सा लेना चाहिए या नहीं। इस पर विवाद और विचारों में अंतरसंबंधी चर्चा दुर्भाग्यपूर्ण है और इसी के कारण अन्ना को टीम भंग करना पड़ा होगा।’ हेगड़े ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि अन्ना अभी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व करेंगे। इसे ऐसे ही (बिना टीम भंग किए) बिना अनशन किए और अन्य चीजों के बिना आगे बढ़ाया जाना चाहिए।’टिप्पणियां हेगड़े ने कहा कि उन्होंने अन्ना को विभिन्न स्थानों को दौरा करने और लोगों से भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ संघर्ष करने के लिए तैयार करने का सुझाव दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या टीम अन्ना के राजनीतिक विकल्प तैयार करने की बात कारगर होगी, हेगड़े ने कहा कि वह ऐसा नहीं समझते हैं। इस पर विवाद और विचारों में अंतरसंबंधी चर्चा दुर्भाग्यपूर्ण है और इसी के कारण अन्ना को टीम भंग करना पड़ा होगा।’ हेगड़े ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि अन्ना अभी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व करेंगे। इसे ऐसे ही (बिना टीम भंग किए) बिना अनशन किए और अन्य चीजों के बिना आगे बढ़ाया जाना चाहिए।’टिप्पणियां हेगड़े ने कहा कि उन्होंने अन्ना को विभिन्न स्थानों को दौरा करने और लोगों से भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ संघर्ष करने के लिए तैयार करने का सुझाव दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या टीम अन्ना के राजनीतिक विकल्प तैयार करने की बात कारगर होगी, हेगड़े ने कहा कि वह ऐसा नहीं समझते हैं। हेगड़े ने कहा कि उन्होंने अन्ना को विभिन्न स्थानों को दौरा करने और लोगों से भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ संघर्ष करने के लिए तैयार करने का सुझाव दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या टीम अन्ना के राजनीतिक विकल्प तैयार करने की बात कारगर होगी, हेगड़े ने कहा कि वह ऐसा नहीं समझते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या टीम अन्ना के राजनीतिक विकल्प तैयार करने की बात कारगर होगी, हेगड़े ने कहा कि वह ऐसा नहीं समझते हैं।
संक्षिप्त पाठ: अन्ना हजारे के सहयोगी एन संतोष हेगड़े अन्ना के टीम भंग करने के निर्णय से असहमत दिखे और कहा कि यह अनशन के मार्ग को अपनाए बिना भ्रष्टाचार और कुशासन के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने का काम कर सकती थी।
30
['hin']