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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: साईबाबा के भतीजे आरजे रत्नाकर ने बरामद 35.5 लाख नकदी के बारे में रविवार को कहा कि राशि भक्तों की है लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकरी देने से इनकार कर दिया। रत्नाकर ने कहा, ये 35 लाख रुपये भक्तों के हैं। अब यह मामला अदालत में है और जांच जारी है, इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती।' पुलिस ने शनिवार को उनसे बरामद नकदी के बारे में पूछताछ की थी। यह नकद राशि की बरामदगी साईबाबा के निजी कक्ष यजुर मंदिर खोले जाने के एक दिन बरामद हुआ था। यह पता चला था कि साईबाबा के निजी कक्ष से 11.56 करोड़ के अलावा 98 किलो सोना, 307 किलो चांदी मिला था। रत्नाकर ने उन आरोपों को बिल्कुल झूठा और च़रित्र को धूमिल करने वाला करार दिया कि ट्रस्ट के सदस्य राशि को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हममें से कोई ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। हमने अपना पूरा जीवन भगवान बाबा के पावन चरणों में समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे असंतुष्ट लोग हैं जो ऐसे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्यसाई ट्रस्ट सबसे पारदर्शी ट्रस्ट है और हम सभी संवैधानिक आवश्यकताओं का पालन करते हैं। रत्नाकर ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि ट्रस्ट के सदस्यों के बीच मतभेद थे। | सारांश: आरजे रत्नाकर ने बरामद 35.5 लाख नकदी के बारे में कहा कि राशि भक्तों की है लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकरी देने से इनकार कर दिया। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर शेन वार्न ने कहा कि वह तय नहीं कर सकते कि खेल से कब संन्यास लेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के पांच साल बाद वह घरेलू टी-20 टीम की कप्तानी की तैयारी में जुटे हैं।
43 बरस के लेग स्पिनर वार्न ने 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। वह 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग की राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान बने और खिताब भी जीता।
उन्होंने 2011 में आईपीएल को भी अलविदा कह दिया, लेकिन उसी साल बिग बैश लीग के पहले सत्र में मेलबर्न स्टार्स से जुड़ गए।टिप्पणियां
वार्न ने मेलबर्न में पत्रकारों से कहा, 2007 में मैने कहा था कि मैं कभी क्रिकेट नहीं खेलूंगा, लेकिन 18 महीने बाद आईपीएल आया। मुझे कप्तान और कोच की भूमिका निभाना दिलचस्प लगा। उन्होंने कहा कि हर बार उन्हें लगता है कि यह उनका आखिरी मैच है, लेकिन फिर कोई दिलचस्प टूर्नामेंट आ जाता है।
उन्होंने कहा, मुझे क्रिकेट से प्यार है और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की हर तरह से मैं मदद करना चाहता हूं।
43 बरस के लेग स्पिनर वार्न ने 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। वह 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग की राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान बने और खिताब भी जीता।
उन्होंने 2011 में आईपीएल को भी अलविदा कह दिया, लेकिन उसी साल बिग बैश लीग के पहले सत्र में मेलबर्न स्टार्स से जुड़ गए।टिप्पणियां
वार्न ने मेलबर्न में पत्रकारों से कहा, 2007 में मैने कहा था कि मैं कभी क्रिकेट नहीं खेलूंगा, लेकिन 18 महीने बाद आईपीएल आया। मुझे कप्तान और कोच की भूमिका निभाना दिलचस्प लगा। उन्होंने कहा कि हर बार उन्हें लगता है कि यह उनका आखिरी मैच है, लेकिन फिर कोई दिलचस्प टूर्नामेंट आ जाता है।
उन्होंने कहा, मुझे क्रिकेट से प्यार है और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की हर तरह से मैं मदद करना चाहता हूं।
उन्होंने 2011 में आईपीएल को भी अलविदा कह दिया, लेकिन उसी साल बिग बैश लीग के पहले सत्र में मेलबर्न स्टार्स से जुड़ गए।टिप्पणियां
वार्न ने मेलबर्न में पत्रकारों से कहा, 2007 में मैने कहा था कि मैं कभी क्रिकेट नहीं खेलूंगा, लेकिन 18 महीने बाद आईपीएल आया। मुझे कप्तान और कोच की भूमिका निभाना दिलचस्प लगा। उन्होंने कहा कि हर बार उन्हें लगता है कि यह उनका आखिरी मैच है, लेकिन फिर कोई दिलचस्प टूर्नामेंट आ जाता है।
उन्होंने कहा, मुझे क्रिकेट से प्यार है और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की हर तरह से मैं मदद करना चाहता हूं।
वार्न ने मेलबर्न में पत्रकारों से कहा, 2007 में मैने कहा था कि मैं कभी क्रिकेट नहीं खेलूंगा, लेकिन 18 महीने बाद आईपीएल आया। मुझे कप्तान और कोच की भूमिका निभाना दिलचस्प लगा। उन्होंने कहा कि हर बार उन्हें लगता है कि यह उनका आखिरी मैच है, लेकिन फिर कोई दिलचस्प टूर्नामेंट आ जाता है।
उन्होंने कहा, मुझे क्रिकेट से प्यार है और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की हर तरह से मैं मदद करना चाहता हूं।
उन्होंने कहा, मुझे क्रिकेट से प्यार है और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की हर तरह से मैं मदद करना चाहता हूं। | सारांश: ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर शेन वार्न ने कहा कि वह तय नहीं कर सकते कि खेल से कब संन्यास लेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के पांच साल बाद वह घरेलू टी-20 टीम की कप्तानी की तैयारी में जुटे हैं। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आगामी लोकसभा चुनावों पर चर्चा के लिए गुजरात में मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक होगी. बैठक के बाद गांधीनगर के अडालज में एक रैली होगी जिसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा राजनीति में आने के बाद पहली बार जनसभा को संबोधित कर सकती हैं. कांग्रेस की निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई सीडब्ल्यूसी की बैठक गुजरात में 58 साल बाद हो रही है. इससे पहले 1961 में बैठक हुई थी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल पार्टी में शामिल होंगे. पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख अमित चावड़ा ने बताया कि सरदार पटेल स्मृति भवन में बैठक के बाद राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री जन संकल्प रैली में हिस्सा लेंगे. सीडब्ल्यूसी की बैठक के पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रार्थना सभा में हिस्सा लेने गांधी आश्रम जाएंगे. वहां पर तमाम नेता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे.
वर्ष 1930 में यहां साबरमती आश्रम से 12 मार्च को महात्मा गांधी ने ऐतिहासिक दांडी यात्रा शुरू की थी. वर्ष 2019 को राष्ट्रपिता की 150 वीं जयंती के तौर पर भी मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह के गृह राज्य में आयोजित की जा रही रैली में कांग्रेस को तीन लाख लोगों के आने की आशा है. एक महीने के भीतर राहुल गांधी का गुजरात का यह दूसरा दौरा होगा. इससे पहले उन्होंने 14 फरवरी को वलसाड जिले में रैली को संबोधित किया था. वर्ष 1961 में सीडब्ल्यूसी की बैठक गुजरात के भावनगर में हुई थी.
(इनपुट भाषा से) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक
राहुस गांधी सहित बड़े नेता होंगे मौजूद
राजनीति में एंट्री के बाद प्रियंका गांधी का पहला भाषण | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Healthy Breakfast: सुबह का नाश्ता बहुत ही जरूरी है. आपने सुना ही होगा कि इसके पीछे वजह है कि अगर आप सुबह का नाश्ता हेल्दी (Healthy Morning Breakfast) और पोषण से भरपूर कर लेते हैं तो यह आपको पूरा दिन ऊर्जावान बनाए रखता है. सुबह का नाश्ता वह खाना है जो आप पूरी रात के खाली पेट (Empty Stomach) के बाद खाते हैं. इसलिए आप हेवी ब्रेकफास्ट (Breakfast) कर सकते हैं. लेकिन व्यस्तता के चलते अक्सर लोग ब्रेकफास्ट ही नहीं करते. और अगर करते हैं तो कई बार गलत आहार को चुन लेते हैं. क्या आपको पता है कि कुछ चीजें ऐसी हैं जो आपको खाली पेट नहीं खानी चाहिए. कई लोग नाश्ते की रेसिपी (Breakfast Recipe) के बारे में सवाल करते हैं. हम जो भी खाते हैं उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है. फूड के रिएक्शन (Food Reaction) भी होते हैं. इसलिए अपने आहार में यह बात आपको अच्छी तरह पता होनी चाहिए कि कौन सी चीजें कब खानी हैं. अगर आप भी अपने स्वास्ख्य का ध्यान रखना चाहते हैं तो यहां जानिए ऐसे 4 फूड्स के बारे में जिनको खाली पेट नीह खाना चाहिए.
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खट्टे फल विटामिन सी का अच्छा स्रोत होते हैं. इनमें संतरा, मौसंबी, नींबू, कीवी जैसे फल शामिल हैं. हो सकता है कि आपको यह फल बहुत पसंद हों और हों भी क्यों न इनमे सेहत का खजाना जो है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाली पेट इन्हें लेने से यह आपको फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकते हैं. असल में खट्टे फल यानी साइट्रस फ्रूट्स (Citric Fruit) ऐसिडिक होते हैं. इन्हें खाली पेट लेने से हार्टबर्न और गैस्ट्रिक समस्याएं हो सकती हैं.
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भले ही आपको कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पसंद हों, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए अच्छी नहीं. फिर भी अगर आप इन्हें लेते हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी खाली पेट इनका सेवन न करें.
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टमाटर आपकी पूरी सेहत के लिए अच्छे होते हैं. टमाटर में विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि टमाटर को खाली पेट खाना आपको फायदे के साथ ही नुकसान भी पहुंचा सकता है. असल में टमाटर के एसिडिक नेचर की वजह से यह खाली पेट खाने पर आपके पेट को नुकसान पहुंचा सकता है. खाली पेट टमाटर खाने से पेट में दर्द या अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
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ज्यादा मीठी चीजें खाना वैसे तो हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता लेकिन जब हमारा पेट खाली होता है उस समय मीठी चीजें हमारे शरीर पर कई गुना ज्यादा बुरा असर डालती हैं और खासकर सुबह के समय खाली पेट ज्यादा मीठा खाने से यह हमारे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को तेजी से बढ़ा देते हैं. इससे डायबिटीज होने का खतरा बढ़ सकता है.
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Cardamom: हरी और काली इलायची में से स्वास्थ्य के लिए कौन सी है ज्यादा फायदेमंद, जानें इनके गजब फायदे | यह एक सारांश है: खाली पेट ये 4 चीजें हो सकती हैं नुकसानदायक.
खाली पेट क्या खाने से रहेंगे हेल्दी?
यहां जानें खाली पेट क्या नहीं खाना चाहिए. | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तेजी से बढ़ रहे देश के रोजगार बाजार के लिए नौकरी छोड़ने की ऊंची दर एक बड़ी समस्या बन गयी है। नीदरलैंड स्थित मानव संसाधन समूह रैंडस्टैड के अनुसार, भारतीय बाजार के लिए नौकरी छोड़ने की समस्या गंभीर चिंता का कारण है। लोगों को उच्च वेतन की पेशकश की जा रही है और कंपनियां एक-दूसरे की प्रतिभा को आकर्षित करने में जुटी हैं। रैंडस्टैड की प्रबंध निदेशक (ग्लोबल क्लाइंट सोल्यूशंस) मार्ग्रेट कोल्डिज्क ने कहा कि भारत के रोजगार बाजार में नौकरी छोड़ने की दर आईटी समेत कई क्षेत्रों में दोहरे अंक में पहुंच गयी है। कई क्षेत्रों में वेतन में तीव्र वृद्धि हो रही है। कोल्डिज्क ने कहा कि प्रतिभा के मामले में भारत का बाजार तेजी से फल-फूल रहा है। उच्च दक्षता प्राप्त कार्यबल के लिए कई यूरोपीय कंपनियों की नजर भारतीय बाजार पर है। उन्होंने कहा, प्रतिभा के लिए यूरोप की नजर भारत पर है। विशेषकर आईटी और रसायन इंजीनियरिंग क्षेत्रों में जहां उच्च दक्षता प्राप्त लोगों की जरूरत है। कोल्डिज्क ने कहा कि आने वाले महीनों में एफएमसीजी, आईटी और दूरसंचार क्षेत्रों में रोजगार अवसर बढ़ने की संभावना है। | यहाँ एक सारांश है:तेजी से बढ़ रहे देश के रोजगार बाजार के लिए नौकरी छोड़ने की ऊंची दर एक बड़ी समस्या बन गयी है। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण एशियाई कारोबार में तेल की कीमत में तेजी दर्ज की गई। यूरो को लेकर फ्रांस और जर्मनी की होने वाली बैठक का भी तेल के भाव पर असर पड़ा है। न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध लाइट स्वीट क्रूड का भाव जनवरी डिलीवरी के लिए 33 सेंट्स बढ़कर 101.29 डालर बैरल रहा। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ सी क्रूड की कीमत जनवरी महीने की डिलीवरी के लिए 4 सेंट्स बढ़कर 110.42 डॉलर बैरल रही। फिलिप फ्यूचर्स ने रिपोर्ट में कहा, ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमत चढ़ी है। ईरान की सेना ने अमेरिकी ड्रोन को अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान सीमा के समीप गिराने का दावा किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने घुसपैठ या किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का करारा जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरान के एक समाचार पत्र ने देश के अर्धसैनिक आर्थिक आयोग के उप्रमुख के हवाले से खबर दी है कि अगर संयुक्त राष्ट्र तथा यूरोपीय संघ देश के खिलाफ नई पाबंदी लगाई तो तेल की कीमत 250 डॉलर बैरल हो जाएगी। इधर, कारोबारी फ्रांस तथा जर्मनी के नेताओं की आज होने वाली बैठक को लेकर भी सतर्क हैं। बैठक में यूरो को बचाने के लिये उपायों पर चर्चा की जानी है। | संक्षिप्त पाठ: न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध लाइट स्वीट क्रूड का भाव जनवरी डिलीवरी के लिए 33 सेंट्स बढ़कर 101.29 डालर बैरल रहा। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि यदि इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से व्हाइटवाश रोकना है, तो बल्लेबाजों को चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम अभी तक किसी भी पारी में 300 रन के पार पहुंचने में सफल नहीं रही। धोनी ने इस संदर्भ में कहा, हमारी टीम को हमारी बल्लेबाजी के कारण जाना जाता है। हमारी प्राथमिकता अच्छा स्कोर खड़ा करके विरोधी टीम पर दबाव बनाना होगा। भारत के पास मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है, जिसमें राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण के रूप में तीन चोटी के बल्लेबाज हैं। इन तीनों के नाम पर कुल मिलाकर 100 से अधिक शतक हैं, लेकिन धोनी का मानना है कि ओवल टेस्ट में सलामी बल्लेबाजों को बेहतर खेल दिखाना होगा। धोनी ने मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, हम अपने सलामी बल्लेबाजों पर काफी निर्भर हैं। जब भी हमें अच्छी शुरुआत मिली, हमारे मध्यक्रम ने उसका पूरा फायदा उठाकर बड़ा स्कोर खड़ा किया। भारत की इस शृंखला में सबसे अच्छी शुरुआत 63 रन की रही। अभिनव मुंकुंद और गौतम गंभीर ने लॉर्ड्स में पहले टेस्ट मैच में यह साझेदारी निभाई थी। एजबेस्टन में तीसरे टेस्ट मैच में वीरेंद्र सहवाग की वापसी से भी भारत का भाग्य नहीं बदला और दिल्ली का यह सलामी बल्लेबाज दोनों पारियों में शून्य पर आउट हुआ। धोनी ने कहा, हम कहां खेल रहे हैं, परिस्थितियां कैसी हैं, सहवाग के लिए यह मायने नहीं रखता। वह अपना खेल खेलता है। वह अपने शॉट खेलता है। कभी-कभार वह असफल रहा, लेकिन उसने हमें अधिक मैच जिताने में मदद की। भारतीय कप्तान अब भी यह नहीं कहना चाहते है कि उन्होंने जितनी टीमों का सामना किया है, उनमें इंग्लैंड की यह टीम सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने कहा, हमने दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी कई मजबूत टीमों का सामना किया। इसलिए मैं इस पर (क्या यह सर्वश्रेष्ठ टीम है) अपना फैसला सुरक्षित रखना चाहूंगा। लेकिन इंग्लैंड की टीम बहुत अच्छी है। उनके पास चार गेंदबाज हैं, जो वास्तव में अच्छे हैं। उनकी बल्लेबाजी में भी गहराई है। धोनी ने कहा कि टीम के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह घबराने के बजाय भविष्य पर ध्यान दे। उन्होंने कहा, क्रिकेट में कुछ चीजें नियंत्रण से बाहर हैं। हमारे पास जो संसाधन थे, हमने उनका पूरा उपयोग किया। घबराने के बजाय भविष्य की तरफ देखना महत्वपूर्ण है। हमें करारी हार मिली है, इसका जो भी कारण रहा हो, लेकिन हमें आगे के चमकदार भविष्य को देखने की जरूरत है। उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार पूरी तरह फिट हैं, जो एजबेस्टन टेस्ट में बल्लेबाजी करते हुए चोटिल हो गए थे। प्रवीण ने इस बीच बुधवार को नेट्स पर अभ्यास किया, जिससे लग रहा है कि वह अंतिम टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। इशांत शर्मा, आरपी सिंह और मुनाफ पटेल ने भी गेंदबाजी की, लेकिन श्रीसंत नेट्स पर गेंदबाजी करते हुए नहीं देखे गए। इस बारे में टीम प्रबंधन से कोई जानकारी नहीं मिली है। | सारांश: धोनी ने कहा कि यदि इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से व्हाइटवाश रोकना है, तो बल्लेबाजों को अंतिम टेस्ट मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक ने भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों की बहाली का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत को भी जवाबी दौरा जल्दी करना चाहिए।
इंजमाम ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे खुशी है कि यह सकारात्मक कदम उठाया गया। भारत और पाकिस्तान के लिए एक दूसरे के खिलाफ नियमित आधार पर द्विपक्षीय शृंखला खेलना जरूरी है।’’
पाकिस्तान के लिए 120 टेस्ट और 378 वनडे खेल चुके इंजमाम ने 2007 में संन्यास ले लिया था। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों को वह हमेशा से काफी अहमियत देते आए हैं।
उन्होंने कहा, ‘भारत के खिलाफ खेलना हमेशा से खास होता है। दोनों देशों के क्रिकेटप्रेमी इसका पूरा मजा लेते हैं।’ पूर्व कप्तान ने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि जल्दी ही द्विपक्षीय शृंखला बहाल होगी। इसके लिये पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को श्रेय जाता है।’’ उन्होंने कहा कि भारत पाक मैचों को खास दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘मैं दोनों देशों के बीच पूरी टेस्ट शृंखला देखना चाहता हूं। हमें दोनों देशों के दो महान क्रिकेटरों के नाम एक ट्रॉफी समर्पित करनी चाहिए ताकि लोगों में दिलचस्पी बढ़े।’ टिप्पणियां
इंजमाम ने कहा, ‘यह दुख की बात है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय शृंखलाओं में लगातार ब्रेक आते रहे लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस बार यह आखिरी ब्रेक था। मैं भारत से अनुरोध करूंगा कि वह भी पाकिस्तान का दौरा करके टेस्ट शृंखला खेले।’
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों की बेहतरीन यादें उनके लंबे करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत का 2005 का टेस्ट दौरा खास था जिसमें मैं कप्तान था। हमने बेंगलुरु में मैच जीता। लाहौर में 2004 में भारत के खिलाफ मिली जीत भी यादगार रही। भारत के खिलाफ टेस्ट यादगार रहते हैं।’
इंजमाम ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे खुशी है कि यह सकारात्मक कदम उठाया गया। भारत और पाकिस्तान के लिए एक दूसरे के खिलाफ नियमित आधार पर द्विपक्षीय शृंखला खेलना जरूरी है।’’
पाकिस्तान के लिए 120 टेस्ट और 378 वनडे खेल चुके इंजमाम ने 2007 में संन्यास ले लिया था। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों को वह हमेशा से काफी अहमियत देते आए हैं।
उन्होंने कहा, ‘भारत के खिलाफ खेलना हमेशा से खास होता है। दोनों देशों के क्रिकेटप्रेमी इसका पूरा मजा लेते हैं।’ पूर्व कप्तान ने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि जल्दी ही द्विपक्षीय शृंखला बहाल होगी। इसके लिये पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को श्रेय जाता है।’’ उन्होंने कहा कि भारत पाक मैचों को खास दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘मैं दोनों देशों के बीच पूरी टेस्ट शृंखला देखना चाहता हूं। हमें दोनों देशों के दो महान क्रिकेटरों के नाम एक ट्रॉफी समर्पित करनी चाहिए ताकि लोगों में दिलचस्पी बढ़े।’ टिप्पणियां
इंजमाम ने कहा, ‘यह दुख की बात है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय शृंखलाओं में लगातार ब्रेक आते रहे लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस बार यह आखिरी ब्रेक था। मैं भारत से अनुरोध करूंगा कि वह भी पाकिस्तान का दौरा करके टेस्ट शृंखला खेले।’
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों की बेहतरीन यादें उनके लंबे करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत का 2005 का टेस्ट दौरा खास था जिसमें मैं कप्तान था। हमने बेंगलुरु में मैच जीता। लाहौर में 2004 में भारत के खिलाफ मिली जीत भी यादगार रही। भारत के खिलाफ टेस्ट यादगार रहते हैं।’
पाकिस्तान के लिए 120 टेस्ट और 378 वनडे खेल चुके इंजमाम ने 2007 में संन्यास ले लिया था। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों को वह हमेशा से काफी अहमियत देते आए हैं।
उन्होंने कहा, ‘भारत के खिलाफ खेलना हमेशा से खास होता है। दोनों देशों के क्रिकेटप्रेमी इसका पूरा मजा लेते हैं।’ पूर्व कप्तान ने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि जल्दी ही द्विपक्षीय शृंखला बहाल होगी। इसके लिये पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को श्रेय जाता है।’’ उन्होंने कहा कि भारत पाक मैचों को खास दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘मैं दोनों देशों के बीच पूरी टेस्ट शृंखला देखना चाहता हूं। हमें दोनों देशों के दो महान क्रिकेटरों के नाम एक ट्रॉफी समर्पित करनी चाहिए ताकि लोगों में दिलचस्पी बढ़े।’ टिप्पणियां
इंजमाम ने कहा, ‘यह दुख की बात है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय शृंखलाओं में लगातार ब्रेक आते रहे लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस बार यह आखिरी ब्रेक था। मैं भारत से अनुरोध करूंगा कि वह भी पाकिस्तान का दौरा करके टेस्ट शृंखला खेले।’
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों की बेहतरीन यादें उनके लंबे करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत का 2005 का टेस्ट दौरा खास था जिसमें मैं कप्तान था। हमने बेंगलुरु में मैच जीता। लाहौर में 2004 में भारत के खिलाफ मिली जीत भी यादगार रही। भारत के खिलाफ टेस्ट यादगार रहते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘भारत के खिलाफ खेलना हमेशा से खास होता है। दोनों देशों के क्रिकेटप्रेमी इसका पूरा मजा लेते हैं।’ पूर्व कप्तान ने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि जल्दी ही द्विपक्षीय शृंखला बहाल होगी। इसके लिये पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को श्रेय जाता है।’’ उन्होंने कहा कि भारत पाक मैचों को खास दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘मैं दोनों देशों के बीच पूरी टेस्ट शृंखला देखना चाहता हूं। हमें दोनों देशों के दो महान क्रिकेटरों के नाम एक ट्रॉफी समर्पित करनी चाहिए ताकि लोगों में दिलचस्पी बढ़े।’ टिप्पणियां
इंजमाम ने कहा, ‘यह दुख की बात है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय शृंखलाओं में लगातार ब्रेक आते रहे लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस बार यह आखिरी ब्रेक था। मैं भारत से अनुरोध करूंगा कि वह भी पाकिस्तान का दौरा करके टेस्ट शृंखला खेले।’
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों की बेहतरीन यादें उनके लंबे करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत का 2005 का टेस्ट दौरा खास था जिसमें मैं कप्तान था। हमने बेंगलुरु में मैच जीता। लाहौर में 2004 में भारत के खिलाफ मिली जीत भी यादगार रही। भारत के खिलाफ टेस्ट यादगार रहते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘मैं दोनों देशों के बीच पूरी टेस्ट शृंखला देखना चाहता हूं। हमें दोनों देशों के दो महान क्रिकेटरों के नाम एक ट्रॉफी समर्पित करनी चाहिए ताकि लोगों में दिलचस्पी बढ़े।’ टिप्पणियां
इंजमाम ने कहा, ‘यह दुख की बात है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय शृंखलाओं में लगातार ब्रेक आते रहे लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस बार यह आखिरी ब्रेक था। मैं भारत से अनुरोध करूंगा कि वह भी पाकिस्तान का दौरा करके टेस्ट शृंखला खेले।’
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों की बेहतरीन यादें उनके लंबे करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत का 2005 का टेस्ट दौरा खास था जिसमें मैं कप्तान था। हमने बेंगलुरु में मैच जीता। लाहौर में 2004 में भारत के खिलाफ मिली जीत भी यादगार रही। भारत के खिलाफ टेस्ट यादगार रहते हैं।’
इंजमाम ने कहा, ‘यह दुख की बात है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय शृंखलाओं में लगातार ब्रेक आते रहे लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस बार यह आखिरी ब्रेक था। मैं भारत से अनुरोध करूंगा कि वह भी पाकिस्तान का दौरा करके टेस्ट शृंखला खेले।’
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों की बेहतरीन यादें उनके लंबे करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत का 2005 का टेस्ट दौरा खास था जिसमें मैं कप्तान था। हमने बेंगलुरु में मैच जीता। लाहौर में 2004 में भारत के खिलाफ मिली जीत भी यादगार रही। भारत के खिलाफ टेस्ट यादगार रहते हैं।’
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैचों की बेहतरीन यादें उनके लंबे करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत का 2005 का टेस्ट दौरा खास था जिसमें मैं कप्तान था। हमने बेंगलुरु में मैच जीता। लाहौर में 2004 में भारत के खिलाफ मिली जीत भी यादगार रही। भारत के खिलाफ टेस्ट यादगार रहते हैं।’ | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक ने भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों की बहाली का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत को भी जवाबी दौरा जल्दी करना चाहिए। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने आज यहां एक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से पूछ लिया कि वह बुरहान वानी और अफजल गुरू को आतंकवादी मानती हैं या नहीं? जिसके बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया और महबूबा के समर्थकों ने विरोध जताया. समारोह में केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा भी मौजूद थे.
मिश्रा यह कहते हुए समारोह से चले गए कि उन्हें कुछ श्रोताओं और महबूबा के साथ आए अफसरों के कड़े विरोध के बाद अपने भाषण को रोकने पर मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद वह जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते.टिप्पणियां
इससे पहले मिश्रा ने कहा था कि पर्यटन और आतंकवाद साथ साथ नहीं चल सकते. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मिश्रा यह कहते हुए समारोह से चले गए कि उन्हें कुछ श्रोताओं और महबूबा के साथ आए अफसरों के कड़े विरोध के बाद अपने भाषण को रोकने पर मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद वह जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते.टिप्पणियां
इससे पहले मिश्रा ने कहा था कि पर्यटन और आतंकवाद साथ साथ नहीं चल सकते. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले मिश्रा ने कहा था कि पर्यटन और आतंकवाद साथ साथ नहीं चल सकते. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: सवाल पर महबूबा के समर्थकों ने विरोध जताया.
समारोह में केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा भी मौजूद थे.
मिश्रा ने कहा था कि पर्यटन और आतंकवाद साथ साथ नहीं चल सकते. | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में नाटो की अगुवाई वाली अंतरराष्ट्रीय सेना के पांच सैनिकों की मौत हो गई। नाटो के एक बयान में बताया कि दुर्घटना देश के दक्षिणी हिस्से में हुई।
इस बयान में कहा गया है कि इस दुर्घटना के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है हालांकि शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह मात्र एक दुर्घटना थी ,दुश्मन के किसी हमले का परिणाम नहीं।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) ने मारे गए सैनिकों की नागरिकता उजागर नहीं की है, लेकिन दक्षिणी अफगानिस्तान में अमेरिकी, ब्रिटिश और ऑस्ट्रेलियाई बल ही विद्रहियों से लड़ाई कर रहे हैं।
अफगानिस्तान में मौजूद नाटो सेना के एक लाख जवान यहां मुख्य रूप से हवाई यातायात का ही सहारा लेते रहे हैं और यहां अक्सर हेलीकॉप्टरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें आती रहती हैं।टिप्पणियां
पिछले साल अगस्त में कंधार के दक्षिणी प्रांत में एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सात अमेरिकी सैनिक और चार अफगान नागरिक मारे गए थे। तालिबान आतंकियों ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।
वहीं अगस्त 2011 में तालिबान आतंकियों ने अमेरिकी चिनूक विमान को काबुल के निकट मार गिराया था। इस हमले में 22 नेवी सील सहित 30 अमेरिकी सैनिक और आठ अफगान नागरिक मारे गए थे। इस हमले में मारे गए सैनिक नेवी सील की उसी टुकड़ी के थे जिसने ओसामा बिन लादेन को मारा था।
इस बयान में कहा गया है कि इस दुर्घटना के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है हालांकि शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह मात्र एक दुर्घटना थी ,दुश्मन के किसी हमले का परिणाम नहीं।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) ने मारे गए सैनिकों की नागरिकता उजागर नहीं की है, लेकिन दक्षिणी अफगानिस्तान में अमेरिकी, ब्रिटिश और ऑस्ट्रेलियाई बल ही विद्रहियों से लड़ाई कर रहे हैं।
अफगानिस्तान में मौजूद नाटो सेना के एक लाख जवान यहां मुख्य रूप से हवाई यातायात का ही सहारा लेते रहे हैं और यहां अक्सर हेलीकॉप्टरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें आती रहती हैं।टिप्पणियां
पिछले साल अगस्त में कंधार के दक्षिणी प्रांत में एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सात अमेरिकी सैनिक और चार अफगान नागरिक मारे गए थे। तालिबान आतंकियों ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।
वहीं अगस्त 2011 में तालिबान आतंकियों ने अमेरिकी चिनूक विमान को काबुल के निकट मार गिराया था। इस हमले में 22 नेवी सील सहित 30 अमेरिकी सैनिक और आठ अफगान नागरिक मारे गए थे। इस हमले में मारे गए सैनिक नेवी सील की उसी टुकड़ी के थे जिसने ओसामा बिन लादेन को मारा था।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) ने मारे गए सैनिकों की नागरिकता उजागर नहीं की है, लेकिन दक्षिणी अफगानिस्तान में अमेरिकी, ब्रिटिश और ऑस्ट्रेलियाई बल ही विद्रहियों से लड़ाई कर रहे हैं।
अफगानिस्तान में मौजूद नाटो सेना के एक लाख जवान यहां मुख्य रूप से हवाई यातायात का ही सहारा लेते रहे हैं और यहां अक्सर हेलीकॉप्टरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें आती रहती हैं।टिप्पणियां
पिछले साल अगस्त में कंधार के दक्षिणी प्रांत में एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सात अमेरिकी सैनिक और चार अफगान नागरिक मारे गए थे। तालिबान आतंकियों ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।
वहीं अगस्त 2011 में तालिबान आतंकियों ने अमेरिकी चिनूक विमान को काबुल के निकट मार गिराया था। इस हमले में 22 नेवी सील सहित 30 अमेरिकी सैनिक और आठ अफगान नागरिक मारे गए थे। इस हमले में मारे गए सैनिक नेवी सील की उसी टुकड़ी के थे जिसने ओसामा बिन लादेन को मारा था।
अफगानिस्तान में मौजूद नाटो सेना के एक लाख जवान यहां मुख्य रूप से हवाई यातायात का ही सहारा लेते रहे हैं और यहां अक्सर हेलीकॉप्टरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें आती रहती हैं।टिप्पणियां
पिछले साल अगस्त में कंधार के दक्षिणी प्रांत में एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सात अमेरिकी सैनिक और चार अफगान नागरिक मारे गए थे। तालिबान आतंकियों ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।
वहीं अगस्त 2011 में तालिबान आतंकियों ने अमेरिकी चिनूक विमान को काबुल के निकट मार गिराया था। इस हमले में 22 नेवी सील सहित 30 अमेरिकी सैनिक और आठ अफगान नागरिक मारे गए थे। इस हमले में मारे गए सैनिक नेवी सील की उसी टुकड़ी के थे जिसने ओसामा बिन लादेन को मारा था।
पिछले साल अगस्त में कंधार के दक्षिणी प्रांत में एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सात अमेरिकी सैनिक और चार अफगान नागरिक मारे गए थे। तालिबान आतंकियों ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।
वहीं अगस्त 2011 में तालिबान आतंकियों ने अमेरिकी चिनूक विमान को काबुल के निकट मार गिराया था। इस हमले में 22 नेवी सील सहित 30 अमेरिकी सैनिक और आठ अफगान नागरिक मारे गए थे। इस हमले में मारे गए सैनिक नेवी सील की उसी टुकड़ी के थे जिसने ओसामा बिन लादेन को मारा था।
वहीं अगस्त 2011 में तालिबान आतंकियों ने अमेरिकी चिनूक विमान को काबुल के निकट मार गिराया था। इस हमले में 22 नेवी सील सहित 30 अमेरिकी सैनिक और आठ अफगान नागरिक मारे गए थे। इस हमले में मारे गए सैनिक नेवी सील की उसी टुकड़ी के थे जिसने ओसामा बिन लादेन को मारा था। | संक्षिप्त पाठ: अफगानिस्तान में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में नाटो की अगुवाई वाली अंतरराष्ट्रीय सेना के पांच सैनिकों की मौत हो गई। नाटो के एक बयान में बताया कि दुर्घटना देश के दक्षिणी हिस्से में हुई। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु में 21-वर्षीय एक लड़की ने उसकी मॉर्फ्ड (मूल चित्र से छेड़छाड़ कर बनाई गई) और अश्लील तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट किए जाने के छह दिन बाद घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है।
लड़की का नाम विनुप्रिया बताया गया है, जो सलेम जिले में अपने माता-पिता के साथ रहती थी। उसका शव सोमवार को बरामद हुआ। शव के साथ मिले सुसाइड नोट से लगता है कि उसके माता-पिता ने उसकी इस बात पर यकीन नहीं किया था कि वे अश्लील तस्वीरें उसने खुद ही उसे नहीं भेजी थीं, जिसने भी उन्हें फेसबुक पर पोस्ट किया।
सुसाइड नोट में लिखा है, "जीने से क्या फायदा, अगर मेरे माता और पिता ही मुझ पर विश्वास नहीं करते...?"
पुलिस के अनुसार, पिछले ही साल रसायन विज्ञान (कैमिस्ट्री) में स्नातक की डिग्री हासिल कर चुकी विनुप्रिया की तस्वीरें किसी ने विनुप्रिया के ही नाम से फेसबुक पर पेज बनाकर पोस्ट की थीं।टिप्पणियां
उसके परिवार का आरोप है कि पुलिस ने 23 जून को दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसमें उन अश्लील तस्वीरों को फेसबुक से हटवाने और अपराधी की पहचान कर उसे सज़ा दिलवाने की मांग की गई थी।
मामले की तफ्तीश कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने कहा, "हमने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है, और उस फेसबुक पेज को ब्लॉक करवा दिया है, जिस पर उसकी तस्वीरें पोस्ट की गई थीं..." उन्होंने यह भी बताया कि फेसबुक से उस शख्स के बारे में जानकारी भी मांगी गई है, जिसने वे अश्लील तस्वीरें पोस्ट की थीं।
लड़की का नाम विनुप्रिया बताया गया है, जो सलेम जिले में अपने माता-पिता के साथ रहती थी। उसका शव सोमवार को बरामद हुआ। शव के साथ मिले सुसाइड नोट से लगता है कि उसके माता-पिता ने उसकी इस बात पर यकीन नहीं किया था कि वे अश्लील तस्वीरें उसने खुद ही उसे नहीं भेजी थीं, जिसने भी उन्हें फेसबुक पर पोस्ट किया।
सुसाइड नोट में लिखा है, "जीने से क्या फायदा, अगर मेरे माता और पिता ही मुझ पर विश्वास नहीं करते...?"
पुलिस के अनुसार, पिछले ही साल रसायन विज्ञान (कैमिस्ट्री) में स्नातक की डिग्री हासिल कर चुकी विनुप्रिया की तस्वीरें किसी ने विनुप्रिया के ही नाम से फेसबुक पर पेज बनाकर पोस्ट की थीं।टिप्पणियां
उसके परिवार का आरोप है कि पुलिस ने 23 जून को दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसमें उन अश्लील तस्वीरों को फेसबुक से हटवाने और अपराधी की पहचान कर उसे सज़ा दिलवाने की मांग की गई थी।
मामले की तफ्तीश कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने कहा, "हमने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है, और उस फेसबुक पेज को ब्लॉक करवा दिया है, जिस पर उसकी तस्वीरें पोस्ट की गई थीं..." उन्होंने यह भी बताया कि फेसबुक से उस शख्स के बारे में जानकारी भी मांगी गई है, जिसने वे अश्लील तस्वीरें पोस्ट की थीं।
सुसाइड नोट में लिखा है, "जीने से क्या फायदा, अगर मेरे माता और पिता ही मुझ पर विश्वास नहीं करते...?"
पुलिस के अनुसार, पिछले ही साल रसायन विज्ञान (कैमिस्ट्री) में स्नातक की डिग्री हासिल कर चुकी विनुप्रिया की तस्वीरें किसी ने विनुप्रिया के ही नाम से फेसबुक पर पेज बनाकर पोस्ट की थीं।टिप्पणियां
उसके परिवार का आरोप है कि पुलिस ने 23 जून को दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसमें उन अश्लील तस्वीरों को फेसबुक से हटवाने और अपराधी की पहचान कर उसे सज़ा दिलवाने की मांग की गई थी।
मामले की तफ्तीश कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने कहा, "हमने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है, और उस फेसबुक पेज को ब्लॉक करवा दिया है, जिस पर उसकी तस्वीरें पोस्ट की गई थीं..." उन्होंने यह भी बताया कि फेसबुक से उस शख्स के बारे में जानकारी भी मांगी गई है, जिसने वे अश्लील तस्वीरें पोस्ट की थीं।
उसके परिवार का आरोप है कि पुलिस ने 23 जून को दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसमें उन अश्लील तस्वीरों को फेसबुक से हटवाने और अपराधी की पहचान कर उसे सज़ा दिलवाने की मांग की गई थी।
मामले की तफ्तीश कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने कहा, "हमने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है, और उस फेसबुक पेज को ब्लॉक करवा दिया है, जिस पर उसकी तस्वीरें पोस्ट की गई थीं..." उन्होंने यह भी बताया कि फेसबुक से उस शख्स के बारे में जानकारी भी मांगी गई है, जिसने वे अश्लील तस्वीरें पोस्ट की थीं।
मामले की तफ्तीश कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने कहा, "हमने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है, और उस फेसबुक पेज को ब्लॉक करवा दिया है, जिस पर उसकी तस्वीरें पोस्ट की गई थीं..." उन्होंने यह भी बताया कि फेसबुक से उस शख्स के बारे में जानकारी भी मांगी गई है, जिसने वे अश्लील तस्वीरें पोस्ट की थीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सलेम जिले में माता-पिता के साथ रहने वाली इस लड़की का नाम विनुप्रिया था
सुसाइड नोट में लिखा, "माता-पिता को भरोसा नहीं, तो जीने से क्या फायदा..."
पुलिस ने कहा, "केस दर्ज कर लिया है, फेसबुक पेज को ब्लॉक करवा दिया है..." | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके बच्चों की संलिप्तता वाले हाई-प्रोफाइल पनामागेट मामले में बृहस्पतिवार को फैसला सुनाएगी. यह फैसला देश के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवार को बनाने या बिगाड़ने की ताकत रखता है. इस मामले में फैसला 20 अप्रैल को दोपहर दो बजे सुनाया जाएगा.
इससे पहले बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें समाप्त होने के बाद पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने 23 फरवरी को कहा कि वह पनामागेट मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखती है और विस्तृत फैसला सुनाएगी.टिप्पणियां
यह मुकदमा 1990 के दशक में शरीफ द्वारा धन शोधन कर लंदन में संपत्ति खरीदने का है. शरीफ उस दौरान दो बार प्रधानमंत्री रहे थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें समाप्त होने के बाद पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने 23 फरवरी को कहा कि वह पनामागेट मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखती है और विस्तृत फैसला सुनाएगी.टिप्पणियां
यह मुकदमा 1990 के दशक में शरीफ द्वारा धन शोधन कर लंदन में संपत्ति खरीदने का है. शरीफ उस दौरान दो बार प्रधानमंत्री रहे थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह मुकदमा 1990 के दशक में शरीफ द्वारा धन शोधन कर लंदन में संपत्ति खरीदने का है. शरीफ उस दौरान दो बार प्रधानमंत्री रहे थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: 1990 के दशक में धन शोधन के जरिये पैसा बाहर भेजने का आरोप
यह फैसला नवाज शरीफ के सियासी भविष्य के लिहाज से खासा महत्व रखता है
यह उनके परिवार के सियासी भविष्य को बना या बिगाड़ सकता है | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम में संशोधन करने से संबंधित एक विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया। इस संशोधन के जरिए राजनीतिक दल आरटीआई अधिनियम के दायरे से बाहर हो जाएंगे। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने लोकसभा में विधेयक पेश किया।
यह मुद्दा तब से सुर्खियों में है, जब केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने तीन जून को आदेश दिया कि छह राजनीतिक दल आरटीआई अधिनियम के दायरे में होंगे, क्योंकि वे सार्वजनिक प्राधिकरण हैं, और सरकार से पर्याप्त मात्रा में फंड प्राप्त करते हैं।टिप्पणियां
सरकार को इस विधेयक को पारित कराने में कोई कठिनाई नहीं होगी, क्योंकि अधिकांश पार्टियां सीआईसी के इस आदेश के खिलाफ हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो अगस्त को ही संशोधनों को मंजूरी दे दी थी।
संशोधनों का बचाव करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने उस समय कहा था कि यदि सीआईसी के आदेश का क्रियान्वयन हुआ तो कोई भी राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएगा।
यह मुद्दा तब से सुर्खियों में है, जब केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने तीन जून को आदेश दिया कि छह राजनीतिक दल आरटीआई अधिनियम के दायरे में होंगे, क्योंकि वे सार्वजनिक प्राधिकरण हैं, और सरकार से पर्याप्त मात्रा में फंड प्राप्त करते हैं।टिप्पणियां
सरकार को इस विधेयक को पारित कराने में कोई कठिनाई नहीं होगी, क्योंकि अधिकांश पार्टियां सीआईसी के इस आदेश के खिलाफ हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो अगस्त को ही संशोधनों को मंजूरी दे दी थी।
संशोधनों का बचाव करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने उस समय कहा था कि यदि सीआईसी के आदेश का क्रियान्वयन हुआ तो कोई भी राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएगा।
सरकार को इस विधेयक को पारित कराने में कोई कठिनाई नहीं होगी, क्योंकि अधिकांश पार्टियां सीआईसी के इस आदेश के खिलाफ हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो अगस्त को ही संशोधनों को मंजूरी दे दी थी।
संशोधनों का बचाव करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने उस समय कहा था कि यदि सीआईसी के आदेश का क्रियान्वयन हुआ तो कोई भी राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएगा।
संशोधनों का बचाव करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने उस समय कहा था कि यदि सीआईसी के आदेश का क्रियान्वयन हुआ तो कोई भी राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएगा। | यह एक सारांश है: सरकार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम में संशोधन करने से संबंधित एक विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया। इस संशोधन के जरिए राजनीतिक दल आरटीआई अधिनियम के दायरे से बाहर हो जाएंगे। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशी कलाकारों, टेलीविजन हस्तियों, संगीतकारों व खिलाड़ियों को अब भारत में होने वाली अपनी आय पर 20 प्रतिशत राशि कर के रूप में चुकानी होगी। जिन खिलाड़ियों को यह कर देना होगा उनमें आईपीएल में खेलने वाले विदेशी क्रिकेटर भी हैं।टिप्पणियां
संसद में पेश बजट में यह प्रस्ताव किया गया है। ये प्रस्ताव एक जुलाई 2012 से प्रभाव में आएंगे और इसमें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने वाले विदेशी खिलाड़ी के साथ साथ टीवी शो फिल्म व विज्ञापनों में भाग लेने वाली विदेशी हस्तियां शामिल हैं।
वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने राजस्व बढ़ाने के प्रयासों के तहत यह कदम उठाया है।
संसद में पेश बजट में यह प्रस्ताव किया गया है। ये प्रस्ताव एक जुलाई 2012 से प्रभाव में आएंगे और इसमें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने वाले विदेशी खिलाड़ी के साथ साथ टीवी शो फिल्म व विज्ञापनों में भाग लेने वाली विदेशी हस्तियां शामिल हैं।
वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने राजस्व बढ़ाने के प्रयासों के तहत यह कदम उठाया है।
वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने राजस्व बढ़ाने के प्रयासों के तहत यह कदम उठाया है। | सारांश: विदेशी कलाकारों, टेलीविजन हस्तियों, संगीतकारों व खिलाड़ियों को अब भारत में होने वाली अपनी आय पर 20 प्रतिशत राशि कर के रूप में चुकानी होगी। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 1962 में रिलीज हुई फिल्म 'साहेब बीवी और गुलाम' में छोटी बहू की भूमिका के लिए उन्हें खूब पहचान मिली। इस साल उन्होंने इतिहास रचा और फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड के लिए तीनों नॉमिनेशन (फिल्म 'आरती', 'मैं चुप रहूंगी' व 'साहेब बीवी और गुलाम') मीना कुमारी के ही थे। छोटी बहू की भूमिका के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया।
'दिल एक मंदिर' 1963, 'काजल' 1965, 'फूल और पत्थर' 1966 भी उनकी चुनिंदा सफल फिल्मों में से हैं।
1964 में पति कमाल अमरोही से तलाक के बाद उनकी शराब की लत और भी बढ़ गई। शराब के कारण 1968 में मीना कुमारी बहुत ज्यादा बीमार हो गईं और उन्हें इलाज के लिए लंदन व स्विटजरलैंड ले जाना पड़ा। बाद में ठीक होकर आने पर उन्होंने कैरेक्टर रोल करने लगीं।
मीना कुमारी के पूर्व पति कमाल अमरोही की फिल्म 'पाकीजा' को बनकर रिलीज होने में 14 साल का लंबा वक्त लग गया। पहली बार फिल्म के बारे में 1958 में प्लानिंग की गई और 1964 में फिल्म का निर्माण शुरू हुआ। लेकिन 1964 में ही दोनों के तलाक के कारण आधी से ज्यादा बन चुकी फिल्म रुक कई। 1969 में सुनील दत्त और नर्गिस ने फिल्म के कुछ दृश्य देखे और उन्होंने कमाल अमरोही व मीना कुमारी को फिल्म पूरा करने के लिए मनाया।टिप्पणियां
आखिरकार पाकीजा फरवरी 1972 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर इसे दर्शकों का प्यार नहीं मिला। लेकिन 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी की अचानक मौत के बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और ये सुपरहिट साबित हुई। फिल्मों में काम करने के बावजूद मीना कुमारी का फिल्मों से रिश्ता हमेशा लव-हेट का रहा। अभिनेत्री के साथ ही वो एक अच्छी उर्दू शायरा भी थीं। उन्होंने अपनी शायरी की 'आई राइट, आई रिसाइट' नाम से ख्याम के साथ रिकॉर्ड भी कीं।
फिल्मी दुनिया में इतना नाम कमाने के बाद मीना कुमारी अपनी मौत से पहले एक बार फिर उसी हालात में पहुंच गई थीं, जिन तंगहाली के हालात में उनके जन्म के समय उनके माता-पिता थे। कहा जाता है कि जब मीना कुमारी की एक नर्सिंग होम में मृत्यु हुई तो अस्पताल का बिल चुकाने तक के पैसे नहीं थे।
'दिल एक मंदिर' 1963, 'काजल' 1965, 'फूल और पत्थर' 1966 भी उनकी चुनिंदा सफल फिल्मों में से हैं।
1964 में पति कमाल अमरोही से तलाक के बाद उनकी शराब की लत और भी बढ़ गई। शराब के कारण 1968 में मीना कुमारी बहुत ज्यादा बीमार हो गईं और उन्हें इलाज के लिए लंदन व स्विटजरलैंड ले जाना पड़ा। बाद में ठीक होकर आने पर उन्होंने कैरेक्टर रोल करने लगीं।
मीना कुमारी के पूर्व पति कमाल अमरोही की फिल्म 'पाकीजा' को बनकर रिलीज होने में 14 साल का लंबा वक्त लग गया। पहली बार फिल्म के बारे में 1958 में प्लानिंग की गई और 1964 में फिल्म का निर्माण शुरू हुआ। लेकिन 1964 में ही दोनों के तलाक के कारण आधी से ज्यादा बन चुकी फिल्म रुक कई। 1969 में सुनील दत्त और नर्गिस ने फिल्म के कुछ दृश्य देखे और उन्होंने कमाल अमरोही व मीना कुमारी को फिल्म पूरा करने के लिए मनाया।टिप्पणियां
आखिरकार पाकीजा फरवरी 1972 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर इसे दर्शकों का प्यार नहीं मिला। लेकिन 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी की अचानक मौत के बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और ये सुपरहिट साबित हुई। फिल्मों में काम करने के बावजूद मीना कुमारी का फिल्मों से रिश्ता हमेशा लव-हेट का रहा। अभिनेत्री के साथ ही वो एक अच्छी उर्दू शायरा भी थीं। उन्होंने अपनी शायरी की 'आई राइट, आई रिसाइट' नाम से ख्याम के साथ रिकॉर्ड भी कीं।
फिल्मी दुनिया में इतना नाम कमाने के बाद मीना कुमारी अपनी मौत से पहले एक बार फिर उसी हालात में पहुंच गई थीं, जिन तंगहाली के हालात में उनके जन्म के समय उनके माता-पिता थे। कहा जाता है कि जब मीना कुमारी की एक नर्सिंग होम में मृत्यु हुई तो अस्पताल का बिल चुकाने तक के पैसे नहीं थे।
मीना कुमारी के पूर्व पति कमाल अमरोही की फिल्म 'पाकीजा' को बनकर रिलीज होने में 14 साल का लंबा वक्त लग गया। पहली बार फिल्म के बारे में 1958 में प्लानिंग की गई और 1964 में फिल्म का निर्माण शुरू हुआ। लेकिन 1964 में ही दोनों के तलाक के कारण आधी से ज्यादा बन चुकी फिल्म रुक कई। 1969 में सुनील दत्त और नर्गिस ने फिल्म के कुछ दृश्य देखे और उन्होंने कमाल अमरोही व मीना कुमारी को फिल्म पूरा करने के लिए मनाया।टिप्पणियां
आखिरकार पाकीजा फरवरी 1972 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर इसे दर्शकों का प्यार नहीं मिला। लेकिन 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी की अचानक मौत के बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और ये सुपरहिट साबित हुई। फिल्मों में काम करने के बावजूद मीना कुमारी का फिल्मों से रिश्ता हमेशा लव-हेट का रहा। अभिनेत्री के साथ ही वो एक अच्छी उर्दू शायरा भी थीं। उन्होंने अपनी शायरी की 'आई राइट, आई रिसाइट' नाम से ख्याम के साथ रिकॉर्ड भी कीं।
फिल्मी दुनिया में इतना नाम कमाने के बाद मीना कुमारी अपनी मौत से पहले एक बार फिर उसी हालात में पहुंच गई थीं, जिन तंगहाली के हालात में उनके जन्म के समय उनके माता-पिता थे। कहा जाता है कि जब मीना कुमारी की एक नर्सिंग होम में मृत्यु हुई तो अस्पताल का बिल चुकाने तक के पैसे नहीं थे।
आखिरकार पाकीजा फरवरी 1972 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर इसे दर्शकों का प्यार नहीं मिला। लेकिन 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी की अचानक मौत के बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और ये सुपरहिट साबित हुई। फिल्मों में काम करने के बावजूद मीना कुमारी का फिल्मों से रिश्ता हमेशा लव-हेट का रहा। अभिनेत्री के साथ ही वो एक अच्छी उर्दू शायरा भी थीं। उन्होंने अपनी शायरी की 'आई राइट, आई रिसाइट' नाम से ख्याम के साथ रिकॉर्ड भी कीं।
फिल्मी दुनिया में इतना नाम कमाने के बाद मीना कुमारी अपनी मौत से पहले एक बार फिर उसी हालात में पहुंच गई थीं, जिन तंगहाली के हालात में उनके जन्म के समय उनके माता-पिता थे। कहा जाता है कि जब मीना कुमारी की एक नर्सिंग होम में मृत्यु हुई तो अस्पताल का बिल चुकाने तक के पैसे नहीं थे।
फिल्मी दुनिया में इतना नाम कमाने के बाद मीना कुमारी अपनी मौत से पहले एक बार फिर उसी हालात में पहुंच गई थीं, जिन तंगहाली के हालात में उनके जन्म के समय उनके माता-पिता थे। कहा जाता है कि जब मीना कुमारी की एक नर्सिंग होम में मृत्यु हुई तो अस्पताल का बिल चुकाने तक के पैसे नहीं थे। | यहाँ एक सारांश है:छोटी बहू के किरदार की तरह मीना ने शराब पीना शुरू कर दिया
31 मार्च 1972 को लीवर सिरोसिस के कारण मौत हुई
'बैजू बावरा' से मीना कुमारी को हीरोइन के रूप में पहचान मिली | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रविवार को नीतीश कुमार ने इशारों−इशारों में नरेंद्र मोदी पर जो हमला किया उसकी गूंज अब भी सुनाई दे रही है। सुबह से दोनों तरफ से बयानों के तीर चले। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने प्रवक्ताओॆ को इस मसले पर बोलने को मना किया लेकिन बयानबाज़ी इसके बाद भी हुई।टिप्पणियां
एक तरफ जहां बिहार सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश की भाषा को अपमानजनक बताया वहीं जेडीयू ने कहा कि बीजेपी चाहे तो आरपार के लिए मैदान में आ जाए।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी माना कि बीजेपी और जेडीयू के बीच कुछ समस्या है लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि मुश्किलें दूर हो जाएंगी। राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी के कार्यक्रम इंडियन ऑफ द ईयर-2012 में यह बात कही।
एक तरफ जहां बिहार सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश की भाषा को अपमानजनक बताया वहीं जेडीयू ने कहा कि बीजेपी चाहे तो आरपार के लिए मैदान में आ जाए।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी माना कि बीजेपी और जेडीयू के बीच कुछ समस्या है लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि मुश्किलें दूर हो जाएंगी। राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी के कार्यक्रम इंडियन ऑफ द ईयर-2012 में यह बात कही।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी माना कि बीजेपी और जेडीयू के बीच कुछ समस्या है लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि मुश्किलें दूर हो जाएंगी। राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी के कार्यक्रम इंडियन ऑफ द ईयर-2012 में यह बात कही। | रविवार को नीतीश कुमार ने इशारों−इशारों में नरेंद्र मोदी पर जो हमला किया उसकी गूंज अब भी सुनाई दे रही है। सुबह से दोनों तरफ से बयानों के तीर चले। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने प्रवक्ताओॆ को इस मसले पर बोलने को मना किया लेकिन बयानबाज़ी इसके बाद भी हुई। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक तरफ पूरा देश अन्ना हजारे के समर्थन में उमड़ पड़ा है वहीं राष्ट्रीय लोकमंच के प्रमुख अमर सिंह ने टीम अन्ना की पाकीजगी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब तक शांति भूषण और प्रशांत भूषण जैसे लोग हजारे के बगलगीर रहेंगे तब तक उनके आंदोलन पर प्रश्नचिन्ह लगा रहेगा। सिंह ने आज एक इफ्तार पार्टी से इतर संवाददाताओं से कहा कि हजारे सामाजिक आंदोलन के लिए तो परिपक्व व्यक्ति हैं लेकिन सियासत में सियासी हथियारों की जरूरत होती है। हजारे की जंग सड़कों पर नहीं लड़ी जा सकती, यह लड़ाई संसद में ही मुकम्मल हो सकती है। सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को मैनेज करने का बयान देने वाले टीम अन्ना के सदस्य शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण जैसे लोग जब तक हजारे के साथ रहेंगे तब तक उनके आंदोलन की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा रहेगा। लोकमंच प्रमुख ने एक सवाल पर कहा, हजारे का आंदोलन निर्थक नहीं है लेकिन उस पर दाग जरूर लगा हुआ है। हजारे को अपना दामन साफ कर लेना चाहिए। हम चाहते हैं कि वह बेदाग चांद बनें। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने आजादी की लड़ाई के दौरान देश को एक राजनीतिक विकल्प दिया था, अब हजारे को भी ऐसा ही विकल्प देना होगा। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिये और वह इस मुद्दे पर सरकार के साथ हैं। अगर हम अपने प्रधानमंत्री पर ही शक करने लगेंगे तो देश कैसे चलेगा। | संक्षिप्त पाठ: अमर ने कहा कि जब तक टीम अन्ना के सदस्य शांति भूषण और प्रशांत भूषण जैसे लोग रहेंगे तब तक उनके आंदोलन पर सवालिया निशान लगा रहेगा। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश में लगातार दसवें महीने अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री कम हुई है. वाहन निर्माताओं के संगठन सियाम के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री एक साल पहले इसी माह की तुलना में 31.57 प्रतिशत घटकर 1,96,524 वाहन रह गई. एक साल पहले अगस्त में 2,87,198 वाहनों की बिक्री हुई थी. साल 1997-98 के बाद पहली बार इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
भारतीय आटोमोबाइल विनिर्माता सोसायटी (सियाम) के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 प्रतिशत घटकर 1,15,957 कार रह गई जबकि एक साल पहले अगस्त में 1,96,847 कारें बिकी थी.
इस दौरान दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.24 प्रतिशत घटकर 15,14,196 इकाई रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में देश में 19,47,304 दुपहिया वाहनों की बिक्री की गई. इसमें मोटरसाइकिलों की बिक्री 22.33 प्रतिशत घटकर 9,37,486 मोटरसाइकिल रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में 12,07,005 मोटरसाइकिलें बिकी थीं.
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त माह में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 38.71 प्रतिशत घटकर 51,897 वाहन रही. कुल मिलाकर यदि सभी तरह के वाहनों की बात की जाये तो अगस्त 2019 में कुल वाहन बिक्री 23.55 प्रतिशत घटकर 18,21,490 वाहन रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में कुल 23,82,436 वाहनों की बिक्री हुई थी. | संक्षिप्त पाठ: लगातार दसवें महीने यात्री वाहनों की बिक्री हुई कम
1997-98 के बाद पहली बार इतनी बड़ी गिरावट
भारतीय आटोमोबाइल विनिर्माता सोसायटी ने जारी किए आंकड़े | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: श्रीनगर से 15 किलोमीटर दूर अहमदनगर में पुलिस पर हमला करने वाले आतंकी सुरक्षा बलों के हाथ नहीं लगे हैं हालांकि सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया था। बताया जा रहा है कि आतंकी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भाग खड़े हुए हैं।
इन आतंकवादियों ने पुलिस की एक टीम पर फायरिंग की थी, जिसमें पुलिस के छह जवान घायल हो गए हैं। घायल जवानों को इलाज अस्पताल में चल रहा है।टिप्पणियां
आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच बुधवार शाम से देर रात तक मुठभेड़ चलती रही। यहां एक मकान में आतंकियों के छुपे होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी।
सुरक्षाबलों को खबर मिली थी कि लश्कर−ए−तयैबा का एक बड़ा कमांडर यहां के एक मकान में छिपा हुआ है। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर हथगोले भी फेंके।
इन आतंकवादियों ने पुलिस की एक टीम पर फायरिंग की थी, जिसमें पुलिस के छह जवान घायल हो गए हैं। घायल जवानों को इलाज अस्पताल में चल रहा है।टिप्पणियां
आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच बुधवार शाम से देर रात तक मुठभेड़ चलती रही। यहां एक मकान में आतंकियों के छुपे होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी।
सुरक्षाबलों को खबर मिली थी कि लश्कर−ए−तयैबा का एक बड़ा कमांडर यहां के एक मकान में छिपा हुआ है। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर हथगोले भी फेंके।
आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच बुधवार शाम से देर रात तक मुठभेड़ चलती रही। यहां एक मकान में आतंकियों के छुपे होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी।
सुरक्षाबलों को खबर मिली थी कि लश्कर−ए−तयैबा का एक बड़ा कमांडर यहां के एक मकान में छिपा हुआ है। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर हथगोले भी फेंके।
सुरक्षाबलों को खबर मिली थी कि लश्कर−ए−तयैबा का एक बड़ा कमांडर यहां के एक मकान में छिपा हुआ है। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर हथगोले भी फेंके। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इन आतंकवादियों ने पुलिस की एक टीम पर फायरिंग की थी, जिसमें पुलिस के छह जवान घायल हो गए हैं। घायल जवानों को इलाज अस्पताल में चल रहा है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने अपने मंत्रिमंडल में छह नए मंत्रियों को शामिल किया। इन मंत्रियों को रविवार को यहां के राजभवन में शपथ दिलाई गई।
गोवा के राज्यपाल के. शंकरानारायण ने रमेश तवाडकर, महादेव नाइक, दिलीप पारुलेकर तथा मिलिंद नाइक (सभी भारतीय जनता पार्टी) और पांडुरंग उर्फ दीपक धावलीकर (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी) एवं अवर्टिनो फुटाडो (निर्दलीय) को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
भाजपा के चार मंत्री 40 सदस्यीय विधानसभा के दूसरी बार सदस्य चुने गए हैं जबकि दीपक धावलीकर के भाई सुदिन गोवा सरकार में पहले मंत्री रह चुके हैं। अवर्टिनो फुटाडो उन दो ईसाई उम्मीदवारों में से एक हैं जिन्हें मार्च में हुए चुनाव में भाजपा का समर्थन प्राप्त था।टिप्पणियां
मंत्रिमंडल में इस विस्तार के साथ भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में मंत्रियों की संख्या 11 हो गई जो अधिकतम सीमा से एक कम है।
उल्लेखनीय है कि पर्रिकर ने पांच मंत्रियों के साथ नौ मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन कुछ ही दिनों बाद पर्यटन मंत्री मथानी सल्दन्हा का हृदयाघात के कारण निधन हो गया था।
गोवा के राज्यपाल के. शंकरानारायण ने रमेश तवाडकर, महादेव नाइक, दिलीप पारुलेकर तथा मिलिंद नाइक (सभी भारतीय जनता पार्टी) और पांडुरंग उर्फ दीपक धावलीकर (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी) एवं अवर्टिनो फुटाडो (निर्दलीय) को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
भाजपा के चार मंत्री 40 सदस्यीय विधानसभा के दूसरी बार सदस्य चुने गए हैं जबकि दीपक धावलीकर के भाई सुदिन गोवा सरकार में पहले मंत्री रह चुके हैं। अवर्टिनो फुटाडो उन दो ईसाई उम्मीदवारों में से एक हैं जिन्हें मार्च में हुए चुनाव में भाजपा का समर्थन प्राप्त था।टिप्पणियां
मंत्रिमंडल में इस विस्तार के साथ भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में मंत्रियों की संख्या 11 हो गई जो अधिकतम सीमा से एक कम है।
उल्लेखनीय है कि पर्रिकर ने पांच मंत्रियों के साथ नौ मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन कुछ ही दिनों बाद पर्यटन मंत्री मथानी सल्दन्हा का हृदयाघात के कारण निधन हो गया था।
भाजपा के चार मंत्री 40 सदस्यीय विधानसभा के दूसरी बार सदस्य चुने गए हैं जबकि दीपक धावलीकर के भाई सुदिन गोवा सरकार में पहले मंत्री रह चुके हैं। अवर्टिनो फुटाडो उन दो ईसाई उम्मीदवारों में से एक हैं जिन्हें मार्च में हुए चुनाव में भाजपा का समर्थन प्राप्त था।टिप्पणियां
मंत्रिमंडल में इस विस्तार के साथ भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में मंत्रियों की संख्या 11 हो गई जो अधिकतम सीमा से एक कम है।
उल्लेखनीय है कि पर्रिकर ने पांच मंत्रियों के साथ नौ मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन कुछ ही दिनों बाद पर्यटन मंत्री मथानी सल्दन्हा का हृदयाघात के कारण निधन हो गया था।
मंत्रिमंडल में इस विस्तार के साथ भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में मंत्रियों की संख्या 11 हो गई जो अधिकतम सीमा से एक कम है।
उल्लेखनीय है कि पर्रिकर ने पांच मंत्रियों के साथ नौ मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन कुछ ही दिनों बाद पर्यटन मंत्री मथानी सल्दन्हा का हृदयाघात के कारण निधन हो गया था।
उल्लेखनीय है कि पर्रिकर ने पांच मंत्रियों के साथ नौ मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन कुछ ही दिनों बाद पर्यटन मंत्री मथानी सल्दन्हा का हृदयाघात के कारण निधन हो गया था। | यहाँ एक सारांश है:गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने अपने मंत्रिमंडल में छह नए मंत्रियों को शामिल किया। इन मंत्रियों को रविवार को यहां के राजभवन में शपथ दिलाई गई। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा को आईसीसी की डोपिंग रोधी संहिता के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर क्रिकेट से संबंधित सभी तरह की गतिविधियों से तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया। थरंगा ने 29 मार्च को कोलंबो में श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप सेमीफाइनल के बाद अपने मूत्र का नमूना दिया था। विश्व डोपिंग रोधी संस्था (वाडा) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में इस नमूने की जांच की गई और इसमें प्रेडनिसोन और प्रेडनिसोलोन के रूप में दो प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए। थरंगा ने आईसीसी की विज्ञप्ति में कहा, मैं अंजाने में हुए इस अपराध के लिए प्रशंसकों और श्रीलंका क्रिकेट के समर्थकों से माफी मांगता हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि मेरे साथी खिलाड़ी मेरे इस अनुभव से सबक लेंगे और उपचार कराते समय अधिक सतर्क रहेंगे, जिससे कि उनके करियर को मेरी तरह नुकसान नहीं पहुंचे। टिम केर की अध्यक्षता में स्वतंत्र डोपिंग रोधी पंचाट ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मामले की सुनवाई करने के बाद यह फैसला सुनाया। पंचाट में डॉक्टर एनिक सैक्स और प्रोफेसर पीटर सेवर भी शामिल थे। पंचाट ने थरंगा की इस बात को स्वीकार किया कि लंबे समय से चली आ रही कंधे की चोट से निजात पाने के लिए उन्होंने यह हर्बल दवा ली, जिसमें प्रतिबंधित पदार्थ थे। साथ ही इस सलामी बल्लेबाज का इरादा इस दवा को लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार करने का नहीं था। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट ने कहा, हम स्वीकार करते हैं कि उपुल जानबूझकर धोखाधड़ी का दोषी नहीं पाया गया, लेकिन अपने सभी संबंधित पक्षों की बेहतरी के लिए डोपिंग के प्रति हमारी शून्य सहिष्णुता की नीति है। उन्होंने कहा, इस तरह के मामले सभी खिलाड़ियों के लिए सबक होंगे कि उन्हें कोई भी पदार्थ लेने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। | संक्षिप्त पाठ: श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज थरंगा को आईसीसी की डोपिंग रोधी संहिता के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कन्या भ्रूणहत्या के किस्से हमारे मुल्क में जब-तब सुनने को मिलते रहते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के सीतापुर स्थित बीसीएम अस्पताल में पैदा होने के बाद लड़की को ज़िन्दा दफना दिए जाने का बेहद बर्बर और शर्मनाक किस्सा सामने आया है। पुलिस ने दो दिन की बच्ची को दफन कर दिए जाने के इस मामले में लड़की के नाना तथा दो अन्य परिजनों को गिरफ्तार कर लिया है। सीतापुर जिले के एसपी पीयूष मोरडिया ने बताया कि देवचंद्र की पुत्री संगीता देवी ने सिर्फ सात महीने के गर्भ के बाद 1 मई को जुड़वां लड़का-लड़की को जन्म दिया, जिनमें से लड़का मरा हुआ पैदा हुआ था, तथा लड़की भी बेहद कमज़ोर थी। इसके बाद जो हुआ, वह बेहद बर्बर है। देवचंद्र दोनों बच्चों को अस्पताल के बाहर ले गया, और मुर्दा लड़के के साथ-साथ लड़की को भी दफन कर दिया। उसके दो और परिजन भी उसकी इस हरकत में शामिल थे। पास ही खड़े शरीफ नामक टैक्सी ड्राइवर ने देवचंद्र की हरकत को देख लिया, और उसके जाते ही लड़की को खोदकर निकाल लिया, जो उस वक्त तक भी सांस ले रही थी। शरीफ बच्ची को तुरंत अस्पताल भी ले गया, लेकिन दुर्भाग्य से डॉक्टर उसे नहीं बचा सके। हालांकि देवचंद्र ने पूछताछ के दौरान पुलिस से कहा कि चूंकि लड़की भी बेहद कमज़ोर पैदा हुई थी, और उसे उसके ज़िन्दा रह पाने की कोई उम्मीद नहीं थी, इसलिए उसने मुर्दा लड़के के साथ-साथ उसे भी दफना दिया, जो उसकी गलती थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीतापुर स्थित बीसीएम अस्पताल में पैदा होने के बाद लड़की को ज़िन्दा दफना दिए जाने का बेहद बर्बर और शर्मनाक किस्सा सामने आया है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने पाकिस्तान के जाने माने गायक राहत फतेह अली खान के वीजा की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। खान को 1.24 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि कथित तौर पर रखने के चलते राजस्व प्रवर्तन विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली हवाई अड्डे पर रोक लिया था। गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा, उनके वीजा की अवधि खत्म हो गयी है। उनके वीजा की अवधि को बढ़ाया जायेगा। पिल्लै ने कहा कि खान का पासपोर्ट पहले ही जब्त किया जा चुका है और उन्हें राजस्व खुफिया निदेशालय के समक्ष 17 फरवरी को पेश होने को कहा गया है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि न्यायिक कार्यवाही हो सकती है। हमें उम्मीद है कि मामला सुलझ जायेगा। अधिकारियों ने राहत तथा उनके दल के कुछ अन्य सदस्यों के पास से रविवार को 1.24 लाख अमेरिकी डॉलर तथा 18,600 डॉलर से अधिक मूल्य के दो डिमांड ड्राफ्ट बरामद करने का दावा किया था। जब राहत को रोका गया तब वह कराची जाने के लिये दुबई के विमान में सवार होने वाले थे। सीमा शुल्क नियमों के तहत बिना घोषणा के अत्यधिक मुद्रा अपने पास रखना अपराध है। ऐसा करने से विदेश विनिमय प्रबंधन कानून के तहत आरोप लगाये जा सकते हैं। | यह एक सारांश है: खान को 1.24 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि कथित तौर पर रखने के चलते राजस्व प्रवर्तन विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली पर रोक लिया था। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल नेटवर्किंग साइट की तकनीकी गड़बड़ियों से परेशान हैं और अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा है कि वह स्थिति को सुधार लें नहीं तो वह इससे हट जाएंगे। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘ट्विटर और टंबलर पर लोगों की प्रतिक्रिया पढ़ने में दिक्कत होती है, मैंने इस संदर्भ में सोशल नेटवर्किंग साइट को लिखा है, कि वह इसे सुधार लें, अन्यथा मैं किसी अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट पर चला जाऊंगा।’टिप्पणियां
69 वर्षीय अभिनेता ने लिखा है कि सोशल नेटवर्किंग साइट की तकनीकी गड़बडियों के कारण उन्हें इनसे हटना पड़ रहा है और वह इससे परेशान हैं। उन्होंने लिखा, ‘मुझे प्रतिक्रिया देने में परेशानी होती है... मेरा ब्लॉग गायब हो जाता है और इस प्रकार की असुविधाएं बर्दाश्त नहीं कर सकता।’
बच्चन ने बताया, ‘सोशल नेटवर्किंग को दोबारा खंगाल रहा हूं... मैंने कुछ समय के लिए इनका उपयोग किया.. . इनमें तकनीकी गड़बड़ियां हैं वैसे इस प्रकार की कई अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट भी हैं।’
69 वर्षीय अभिनेता ने लिखा है कि सोशल नेटवर्किंग साइट की तकनीकी गड़बडियों के कारण उन्हें इनसे हटना पड़ रहा है और वह इससे परेशान हैं। उन्होंने लिखा, ‘मुझे प्रतिक्रिया देने में परेशानी होती है... मेरा ब्लॉग गायब हो जाता है और इस प्रकार की असुविधाएं बर्दाश्त नहीं कर सकता।’
बच्चन ने बताया, ‘सोशल नेटवर्किंग को दोबारा खंगाल रहा हूं... मैंने कुछ समय के लिए इनका उपयोग किया.. . इनमें तकनीकी गड़बड़ियां हैं वैसे इस प्रकार की कई अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट भी हैं।’
बच्चन ने बताया, ‘सोशल नेटवर्किंग को दोबारा खंगाल रहा हूं... मैंने कुछ समय के लिए इनका उपयोग किया.. . इनमें तकनीकी गड़बड़ियां हैं वैसे इस प्रकार की कई अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट भी हैं।’ | यह एक सारांश है: मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल नेटवर्किंग साइट की तकनीकी गड़बड़ियों से परेशान हैं और अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा है कि वह स्थिति को सुधार लें नहीं तो वह इससे हट जाएंगे। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पश्चिम बंगाल में अपनी पहली रैली में सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और वाम दलों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने मालदा की एक रैली में कहा कि अब ममता बनर्जी और वाम दलों के बीच कोई खास अंतर नहीं रह गया है. इस दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पीएम मोदी और उनकी नीतियों पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने (Rahul Gandhi) कहा कि केवल अमीर लोग अपने घरों के बाहर चौकीदार रखते हैं, किसानों और गरीबों के घर चौकीदार नहीं होते. वह (मोदी) नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या जैसे भ्रष्ट और भगोड़ों के चौकीदार हैं.
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा कि वह किस तरह की सरकार चला रही हैं जहां केवल उन्हें बोलने का अधिकार है, किसी और को नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीते कई सालों में बंगाल में कुछ नहीं बदला. ममता बनर्जी की सरकार में बंगाल में कोई विकास नहीं हुआ है. उन्होंने भी अपने वादे पूरे नहीं किये. गांधी ने कहा कि वाममोर्चे की सरकार में लोगों को निशाना बनाया जाता था और आतंकित किया जाता था और ममता बनर्जी सरकार के तहत भी यह जारी है.एक समय कांग्रेस का गढ़ रही उत्तर मालदा सीट पर गांधी की रैली को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पार्टी को बड़े पैमाने पर दलबदल का सामना करना पड़ रहा है.
उसे हाल में झटका उस समय लगा जब उसकी वर्तमाऩ सांसद मौसम बेनजीर नूर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई हैं. नूर का नाम लिये बिना गांधी ने कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़कर आपको धोखा दिया है. गांधी ने मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवार इशा खान चौधरी को वोट देने की अपील की. गांधी ने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वह न्यूनतम आय गारंटी योजना लेकर आएगी. गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है कि राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा हो. इससे पहले कांग्रेस ने शुक्रवार को एक खबर का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि कर्नाटक का मुख्यमंत्री रहते हुए बी एस येदियुरप्पाने भाजपा के शीर्ष नेताओं को 1800 करोड़ रुपये की रिश्वत दी जिसकी जांच लोकपाल से होनी चाहिए.
इस मुद्दे पर अब राहुल गांधीभी सामने आ गए हैं. उन्होंने अपने ट्विटर अकांउट पर लिखा था कि बीजेपी के सारे चौकीदार चोर हैं. इस ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का नाम भी लिखा. इससे पहले कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा था कि मोदी को इस मामले में तत्काल जवाब देना चाहिए.
वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा था कि दिन भर इंतजार के बाद राहुल गांधी प्रेस कांफ्रेंस करने नहीं आए क्योंकि उन्हें पता था कि इस आरोप में दम नहीं हैं. रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि कांग्रेस के इस आरोप को देखते हुए एक हिंदी कहावत याद आती है जिसमें कहा गया है कि खोदा पहाड़ और निकली चुहिया.
बता दें कि रणदीप सुरजेवाला ने एक पत्रिका में छपी खबर का हवाला देते हुए कहा था कि येदियुरप्पा की डायरी के रूप में खबर सामने है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री रहने के दौरान 2690 करोड़ रुपये वसूले गए और इसमें से 1800 करोड़ रुपये भाजपा नेतृत्व को पहुंचाये गये. हालांकि NDTV इस डॉक्यूमेंट की पुष्टि नहीं करता है. | यहाँ एक सारांश है:राहुल गांधी ने मालदा में संबोधित की रैली
रैली के दौरान बीजेपी पर भी जमकर बरसे राहुल
राहुल गांधी ने कहा पश्चिम बंगाल में भी नहीं हुआ विकास | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड ने जेसन रॉय की तेजी से खेली गई पारी की बदौलत यहां पाकिस्तान के खिलाफ बारिश से प्रभावित पहले वनडे इंटरनेशनल मैच में में डकवर्थ लुईस पद्धति से 44 रन से जीत दर्ज की.
ओपनर रॉय ने तेजी से 65 रन जोड़े जिससे इंग्लैंड बुधवार को जीत के शुरुआती 261 रन के लक्ष्य की ओर बढ़ा. लेकिन बारिश के कारण तीसरी और अंतिम बाधा के बाद अंपायरों ने इस डे-नाइट मैच को आगे नहीं खेलने का फैसला किया और तब इंग्लैंड को जीत के लिये 34.3 ओवर में 151 रन चाहिए थे और उसने इतने ओवर में 194 रन बना लिये थे. रॉय और जो रूट (61) के साथ दूसरे विकेट के लिये 14 ओवर में 89 रन की भागीदारी निभाकर इंग्लैंड को जीत के करीब पहुंचाया. रॉय ने 56 गेंद में छह चौके और एक छक्के से 65 रन बनाये जबकि रूट ने 72 गेंद का सामना कर अपनी पारी में छह चौके जड़े. इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन नाबाद 33 और बेन स्टोक्स नाबाद 15 रन बनाकर क्रीज पर थे.टिप्पणियां
इससे पहले पाकिस्तान ने टास जीतकर छह विकेट पर 260 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया, जिसमें कप्तान अजहर अली 82 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे. सरफराज अहमद ने 55 और बाबर आजम ने 40 रन बनाये. पाकिस्तानी टीम 35 ओवर के बाद 173 रन पर तीन विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी लेकिन तभी उसने अजहर का विकेट गंवा दिया. इसके बाद बारिश से खेल रुक गया और उनकी रन बनाने की लय टूट गई. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ओपनर रॉय ने तेजी से 65 रन जोड़े जिससे इंग्लैंड बुधवार को जीत के शुरुआती 261 रन के लक्ष्य की ओर बढ़ा. लेकिन बारिश के कारण तीसरी और अंतिम बाधा के बाद अंपायरों ने इस डे-नाइट मैच को आगे नहीं खेलने का फैसला किया और तब इंग्लैंड को जीत के लिये 34.3 ओवर में 151 रन चाहिए थे और उसने इतने ओवर में 194 रन बना लिये थे. रॉय और जो रूट (61) के साथ दूसरे विकेट के लिये 14 ओवर में 89 रन की भागीदारी निभाकर इंग्लैंड को जीत के करीब पहुंचाया. रॉय ने 56 गेंद में छह चौके और एक छक्के से 65 रन बनाये जबकि रूट ने 72 गेंद का सामना कर अपनी पारी में छह चौके जड़े. इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन नाबाद 33 और बेन स्टोक्स नाबाद 15 रन बनाकर क्रीज पर थे.टिप्पणियां
इससे पहले पाकिस्तान ने टास जीतकर छह विकेट पर 260 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया, जिसमें कप्तान अजहर अली 82 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे. सरफराज अहमद ने 55 और बाबर आजम ने 40 रन बनाये. पाकिस्तानी टीम 35 ओवर के बाद 173 रन पर तीन विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी लेकिन तभी उसने अजहर का विकेट गंवा दिया. इसके बाद बारिश से खेल रुक गया और उनकी रन बनाने की लय टूट गई. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले पाकिस्तान ने टास जीतकर छह विकेट पर 260 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया, जिसमें कप्तान अजहर अली 82 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे. सरफराज अहमद ने 55 और बाबर आजम ने 40 रन बनाये. पाकिस्तानी टीम 35 ओवर के बाद 173 रन पर तीन विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी लेकिन तभी उसने अजहर का विकेट गंवा दिया. इसके बाद बारिश से खेल रुक गया और उनकी रन बनाने की लय टूट गई. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए बनाए थे 260 रन
रॉय ने 56 गेंद पर 65 रन की पारी खेली, रूट ने 61 रन बनाए
डकबर्थ लुईस नियम से किया गया मैच का फैसला | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को कांग्रेस के साथ गठबंधन खत्म करने का संकेत दिया और कहा कि उनकी पार्टी राज्य में अकेले ही सरकार चलाने में सक्षम है। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए इसे 'विश्वासघात' बताया और कहा कि लोगों ने गठबंधन को वोट दिया था।
यहां एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए ममता ने कहा, "हम राज्य में अकेले सरकार चलाने में सक्षम हैं। हमारे पास पर्याप्त बहुमत है। हम किसी पर निर्भर नहीं हैं। हम बंगाल में अकेले ही चुनाव लड़ेंगे। हम किसी की दया पर टिके हुए नहीं हैं। यह हमारा अपना संघर्ष है। सरकार चलाने के लिए हमारे पास बहुमत है।" उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्र में हालांकि उनकी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन कायम रहेगा, बशर्ते उनके साथ आदर और गरिमापूर्ण व्यवहार हो।"
ममता के इस बयान पर राज्य कांग्रेस ने पलटवार किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "तृणमूल अकेली रहे और अकेले ही चुनाव लड़े, हमें कोई समस्या नहीं है। हम पहले ही कह चुके हैं कि हमारा रुख पार्टी आलाकमान तय करेगी। लेकिन उनका यह कहना कि उन्हें कांग्रेस की जरूरत नहीं है, न केवल गठबंधन के नियमों के साथ विश्वासघात है, बल्कि बंगाल के लोगों के साथ भी, जिन्होंने गठबंधन को वोट दिया था, तृणमूल को नहीं।"
नाराज भट्टाचार्य ने तृणमूल नेतृत्व पर यह कहकर प्रहार किया, "ममता को पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले ही गठबंधन के खिलाफ जाकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए थी।"
गौरतलब है कि कांग्रेस और तृणमूल का हालांकि राज्य और केंद्र में गठबंधन है, फिर भी विभिन्न मुद्दों पर दोनों में तकरार होती रही है। मुद्दे चाहे राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े हों या लोकपाल विधेयक से या खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मुद्दा हो।
दूसरी ओर, राज्य का कांग्रेस नेतृत्व तृणमूल की अगुवाई वाली राज्य सरकार पर हिंसा व अन्य मामलों में विफल रहने का आरोप लगाता रहा है।
ममता ने कहा, "राज्य के कुछ कांग्रेस नेता माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) समर्थित टेलीविजन चैनलों के स्टूडियो में बैठते हैं और हमारी सरकार की आलोचना करते हुए व्याख्यान देते हैं, जैसे हम उनकी दया पर सरकार चला रहे हों। नहीं, उन्हें पता होना चाहिए कि वे हमारी वजह से यहां हैं। उनका (राज्य कांग्रेस) काम केवल हमें गाली देना है।"
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों के बीच संबंध में हाल के दिनों में कड़वाहट भर गई है। खासकर तब से जब ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का विरोध करने का फैसला लिया। राज्य के नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने तो उन्हें 'बंगाली विरोधी' तक कह दिया।टिप्पणियां
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
यहां एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए ममता ने कहा, "हम राज्य में अकेले सरकार चलाने में सक्षम हैं। हमारे पास पर्याप्त बहुमत है। हम किसी पर निर्भर नहीं हैं। हम बंगाल में अकेले ही चुनाव लड़ेंगे। हम किसी की दया पर टिके हुए नहीं हैं। यह हमारा अपना संघर्ष है। सरकार चलाने के लिए हमारे पास बहुमत है।" उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्र में हालांकि उनकी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन कायम रहेगा, बशर्ते उनके साथ आदर और गरिमापूर्ण व्यवहार हो।"
ममता के इस बयान पर राज्य कांग्रेस ने पलटवार किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "तृणमूल अकेली रहे और अकेले ही चुनाव लड़े, हमें कोई समस्या नहीं है। हम पहले ही कह चुके हैं कि हमारा रुख पार्टी आलाकमान तय करेगी। लेकिन उनका यह कहना कि उन्हें कांग्रेस की जरूरत नहीं है, न केवल गठबंधन के नियमों के साथ विश्वासघात है, बल्कि बंगाल के लोगों के साथ भी, जिन्होंने गठबंधन को वोट दिया था, तृणमूल को नहीं।"
नाराज भट्टाचार्य ने तृणमूल नेतृत्व पर यह कहकर प्रहार किया, "ममता को पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले ही गठबंधन के खिलाफ जाकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए थी।"
गौरतलब है कि कांग्रेस और तृणमूल का हालांकि राज्य और केंद्र में गठबंधन है, फिर भी विभिन्न मुद्दों पर दोनों में तकरार होती रही है। मुद्दे चाहे राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े हों या लोकपाल विधेयक से या खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मुद्दा हो।
दूसरी ओर, राज्य का कांग्रेस नेतृत्व तृणमूल की अगुवाई वाली राज्य सरकार पर हिंसा व अन्य मामलों में विफल रहने का आरोप लगाता रहा है।
ममता ने कहा, "राज्य के कुछ कांग्रेस नेता माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) समर्थित टेलीविजन चैनलों के स्टूडियो में बैठते हैं और हमारी सरकार की आलोचना करते हुए व्याख्यान देते हैं, जैसे हम उनकी दया पर सरकार चला रहे हों। नहीं, उन्हें पता होना चाहिए कि वे हमारी वजह से यहां हैं। उनका (राज्य कांग्रेस) काम केवल हमें गाली देना है।"
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों के बीच संबंध में हाल के दिनों में कड़वाहट भर गई है। खासकर तब से जब ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का विरोध करने का फैसला लिया। राज्य के नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने तो उन्हें 'बंगाली विरोधी' तक कह दिया।टिप्पणियां
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
ममता के इस बयान पर राज्य कांग्रेस ने पलटवार किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "तृणमूल अकेली रहे और अकेले ही चुनाव लड़े, हमें कोई समस्या नहीं है। हम पहले ही कह चुके हैं कि हमारा रुख पार्टी आलाकमान तय करेगी। लेकिन उनका यह कहना कि उन्हें कांग्रेस की जरूरत नहीं है, न केवल गठबंधन के नियमों के साथ विश्वासघात है, बल्कि बंगाल के लोगों के साथ भी, जिन्होंने गठबंधन को वोट दिया था, तृणमूल को नहीं।"
नाराज भट्टाचार्य ने तृणमूल नेतृत्व पर यह कहकर प्रहार किया, "ममता को पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले ही गठबंधन के खिलाफ जाकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए थी।"
गौरतलब है कि कांग्रेस और तृणमूल का हालांकि राज्य और केंद्र में गठबंधन है, फिर भी विभिन्न मुद्दों पर दोनों में तकरार होती रही है। मुद्दे चाहे राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े हों या लोकपाल विधेयक से या खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मुद्दा हो।
दूसरी ओर, राज्य का कांग्रेस नेतृत्व तृणमूल की अगुवाई वाली राज्य सरकार पर हिंसा व अन्य मामलों में विफल रहने का आरोप लगाता रहा है।
ममता ने कहा, "राज्य के कुछ कांग्रेस नेता माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) समर्थित टेलीविजन चैनलों के स्टूडियो में बैठते हैं और हमारी सरकार की आलोचना करते हुए व्याख्यान देते हैं, जैसे हम उनकी दया पर सरकार चला रहे हों। नहीं, उन्हें पता होना चाहिए कि वे हमारी वजह से यहां हैं। उनका (राज्य कांग्रेस) काम केवल हमें गाली देना है।"
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों के बीच संबंध में हाल के दिनों में कड़वाहट भर गई है। खासकर तब से जब ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का विरोध करने का फैसला लिया। राज्य के नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने तो उन्हें 'बंगाली विरोधी' तक कह दिया।टिप्पणियां
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
नाराज भट्टाचार्य ने तृणमूल नेतृत्व पर यह कहकर प्रहार किया, "ममता को पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले ही गठबंधन के खिलाफ जाकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए थी।"
गौरतलब है कि कांग्रेस और तृणमूल का हालांकि राज्य और केंद्र में गठबंधन है, फिर भी विभिन्न मुद्दों पर दोनों में तकरार होती रही है। मुद्दे चाहे राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े हों या लोकपाल विधेयक से या खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मुद्दा हो।
दूसरी ओर, राज्य का कांग्रेस नेतृत्व तृणमूल की अगुवाई वाली राज्य सरकार पर हिंसा व अन्य मामलों में विफल रहने का आरोप लगाता रहा है।
ममता ने कहा, "राज्य के कुछ कांग्रेस नेता माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) समर्थित टेलीविजन चैनलों के स्टूडियो में बैठते हैं और हमारी सरकार की आलोचना करते हुए व्याख्यान देते हैं, जैसे हम उनकी दया पर सरकार चला रहे हों। नहीं, उन्हें पता होना चाहिए कि वे हमारी वजह से यहां हैं। उनका (राज्य कांग्रेस) काम केवल हमें गाली देना है।"
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों के बीच संबंध में हाल के दिनों में कड़वाहट भर गई है। खासकर तब से जब ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का विरोध करने का फैसला लिया। राज्य के नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने तो उन्हें 'बंगाली विरोधी' तक कह दिया।टिप्पणियां
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
गौरतलब है कि कांग्रेस और तृणमूल का हालांकि राज्य और केंद्र में गठबंधन है, फिर भी विभिन्न मुद्दों पर दोनों में तकरार होती रही है। मुद्दे चाहे राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े हों या लोकपाल विधेयक से या खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मुद्दा हो।
दूसरी ओर, राज्य का कांग्रेस नेतृत्व तृणमूल की अगुवाई वाली राज्य सरकार पर हिंसा व अन्य मामलों में विफल रहने का आरोप लगाता रहा है।
ममता ने कहा, "राज्य के कुछ कांग्रेस नेता माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) समर्थित टेलीविजन चैनलों के स्टूडियो में बैठते हैं और हमारी सरकार की आलोचना करते हुए व्याख्यान देते हैं, जैसे हम उनकी दया पर सरकार चला रहे हों। नहीं, उन्हें पता होना चाहिए कि वे हमारी वजह से यहां हैं। उनका (राज्य कांग्रेस) काम केवल हमें गाली देना है।"
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों के बीच संबंध में हाल के दिनों में कड़वाहट भर गई है। खासकर तब से जब ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का विरोध करने का फैसला लिया। राज्य के नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने तो उन्हें 'बंगाली विरोधी' तक कह दिया।टिप्पणियां
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
दूसरी ओर, राज्य का कांग्रेस नेतृत्व तृणमूल की अगुवाई वाली राज्य सरकार पर हिंसा व अन्य मामलों में विफल रहने का आरोप लगाता रहा है।
ममता ने कहा, "राज्य के कुछ कांग्रेस नेता माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) समर्थित टेलीविजन चैनलों के स्टूडियो में बैठते हैं और हमारी सरकार की आलोचना करते हुए व्याख्यान देते हैं, जैसे हम उनकी दया पर सरकार चला रहे हों। नहीं, उन्हें पता होना चाहिए कि वे हमारी वजह से यहां हैं। उनका (राज्य कांग्रेस) काम केवल हमें गाली देना है।"
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों के बीच संबंध में हाल के दिनों में कड़वाहट भर गई है। खासकर तब से जब ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का विरोध करने का फैसला लिया। राज्य के नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने तो उन्हें 'बंगाली विरोधी' तक कह दिया।टिप्पणियां
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
ममता ने कहा, "राज्य के कुछ कांग्रेस नेता माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) समर्थित टेलीविजन चैनलों के स्टूडियो में बैठते हैं और हमारी सरकार की आलोचना करते हुए व्याख्यान देते हैं, जैसे हम उनकी दया पर सरकार चला रहे हों। नहीं, उन्हें पता होना चाहिए कि वे हमारी वजह से यहां हैं। उनका (राज्य कांग्रेस) काम केवल हमें गाली देना है।"
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों के बीच संबंध में हाल के दिनों में कड़वाहट भर गई है। खासकर तब से जब ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का विरोध करने का फैसला लिया। राज्य के नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने तो उन्हें 'बंगाली विरोधी' तक कह दिया।टिप्पणियां
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों के बीच संबंध में हाल के दिनों में कड़वाहट भर गई है। खासकर तब से जब ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का विरोध करने का फैसला लिया। राज्य के नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने तो उन्हें 'बंगाली विरोधी' तक कह दिया।टिप्पणियां
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
ममता ने हालांकि बाद में अपना रुख बदला और प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया, फिर भी दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी होती जा रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है।
इससे पहले कई मौकों पर तृणमूल नेतृत्व राज्य कांग्रेस को विपक्षी माकपा की टीम-बी बताता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि कांग्रेस मार्क्सवादियों के साथ मिलकर राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो में अड़ंगा लगाती रही है। | यहाँ एक सारांश है:तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को कांग्रेस के साथ गठबंधन खत्म करने का संकेत दिया और कहा कि उनकी पार्टी राज्य में अकेले ही सरकार चलाने में सक्षम है। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए इसे 'विश्वासघात' बताया और कहा कि लोगों ने गठबंधन को वोट दिया | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय क्रिकेट टीम को भले ही करारी शिकस्त दी लेकिन बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने बुधवार को कहा कि किसी कड़ी प्रतिक्रिया की कोई जरूरत नहीं है और खिलाड़ियों को दबाव में नहीं लाना चाहिए।
भारत अभी वर्तमान श्रृंखला में 0-3 से पीछे चल रहा है। एडिलेड में चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के सात विकेट पर 604 रन के जवाब में उसने अपनी पहली पारी में दो विकेट गंवा दिये हैं और उस पर वाइटवाश का खतरा मंडरा रहा है। श्रीनिवासन से जब पूछा गया कि भारतीय टीम के प्रदर्शन से क्या उसमें बदलाव की जरूरत है, उन्होंने कहा, ‘किसी तरह की कड़ी प्रतिक्रिया की जरूरत नहीं है। हमें टीम पर भरोसा है।’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘हमें झटके लगे हैं। दौरा अभी चल रहा है और हमें लंबी राह तय करनी है। हमें खिलाड़ियों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। कुछ महीने पहले वे यहां विश्व चैंपियन बने थे।’
भारत अभी वर्तमान श्रृंखला में 0-3 से पीछे चल रहा है। एडिलेड में चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के सात विकेट पर 604 रन के जवाब में उसने अपनी पहली पारी में दो विकेट गंवा दिये हैं और उस पर वाइटवाश का खतरा मंडरा रहा है। श्रीनिवासन से जब पूछा गया कि भारतीय टीम के प्रदर्शन से क्या उसमें बदलाव की जरूरत है, उन्होंने कहा, ‘किसी तरह की कड़ी प्रतिक्रिया की जरूरत नहीं है। हमें टीम पर भरोसा है।’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘हमें झटके लगे हैं। दौरा अभी चल रहा है और हमें लंबी राह तय करनी है। हमें खिलाड़ियों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। कुछ महीने पहले वे यहां विश्व चैंपियन बने थे।’ | यहाँ एक सारांश है:ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय क्रिकेट टीम को भले ही करारी शिकस्त दी लेकिन एन श्रीनिवासन ने कहा कि किसी कड़ी प्रतिक्रिया की कोई जरूरत नहीं है और खिलाड़ियों को दबाव में नहीं लाना चाहिए। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वेस्ट इंडीज़ T20 टीम के नए कप्तान के रूप में धमाकेदार ऑल-राउंडर कार्लोस ब्रेथवेट का नाम तय हो चुका है. हालांकि इस बारे में आधिकारिक ऐलान फिलहाल नहीं हुआ है. माना जा रहा है कि वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड ने कप्तान डैरेन सैमी की छुट्टी करने के बाद ब्रेथवेट को नई ज़िम्मेदारी देने के लिए उनसे बात कर ली है.
सैमी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कप्तानी से हटाए जाने के बारे में बताया है. सैमी ने कहा, 'मेरे पास मुख्य चयनकर्ता का फ़ोन आया जो सिर्फ़ 30 सेकेंड का था. फ़ोन पर मुझे बताया गया कि मैं अब वेस्ट इंडीज़ T20 टीम का कप्तान नहीं रहा. इसके अलावा मेरा प्रदर्शन भी कुछ ख़ास नहीं रहा है कि मेरी टीम में जगह बनी रहे.'
वेस्ट इंडीज़ को दो T20 वर्ल्ड कप जीताने वाले कप्तान ने ये भी कहा, 'मैंने हमेशा इसमें विश्वास किया है कि वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट डैरेन सैमी के बारे में नहीं है. चयनकर्ता भविष्य की तरफ़ देख रहे हैं और मेरी तरफ़ से नए कप्तान को शुभकामनाएं जो विंडीज़ क्रिकेट को आगे ले जाएगा.' टिप्पणियां
सैमी को दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद चयनकर्ता और वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड की आलोचना करने की वजह से कप्तानी से हटाया गया है.
28 साल के ब्रेथवेट इसी साल भारत में हुए T20 वर्ल्ड कप के दौरान सुर्ख़ियों में आए. ब्रेथवेट ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में चार दमदार छक्के लगाकर खूब वाहवाही बटोरी. ब्रेथवेट की सबसे पहली चुनौती टीम इंडिया के ख़िलाफ़ होगी जब भारत और वेस्ट इंडीज़ 27 और 28 अगस्त को फ़्लोरिडा में दो T20 मैच खेलेंगे. ब्रेथवेट के पास कप्तानी का अनुभव नहीं है लेकिन दक्षिण अफ़्रीका में 2018 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप को देखते हुए वेस्ट इंडीज़ बोर्ड ने ये कदम उठाया है.
सैमी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कप्तानी से हटाए जाने के बारे में बताया है. सैमी ने कहा, 'मेरे पास मुख्य चयनकर्ता का फ़ोन आया जो सिर्फ़ 30 सेकेंड का था. फ़ोन पर मुझे बताया गया कि मैं अब वेस्ट इंडीज़ T20 टीम का कप्तान नहीं रहा. इसके अलावा मेरा प्रदर्शन भी कुछ ख़ास नहीं रहा है कि मेरी टीम में जगह बनी रहे.'
वेस्ट इंडीज़ को दो T20 वर्ल्ड कप जीताने वाले कप्तान ने ये भी कहा, 'मैंने हमेशा इसमें विश्वास किया है कि वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट डैरेन सैमी के बारे में नहीं है. चयनकर्ता भविष्य की तरफ़ देख रहे हैं और मेरी तरफ़ से नए कप्तान को शुभकामनाएं जो विंडीज़ क्रिकेट को आगे ले जाएगा.' टिप्पणियां
सैमी को दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद चयनकर्ता और वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड की आलोचना करने की वजह से कप्तानी से हटाया गया है.
28 साल के ब्रेथवेट इसी साल भारत में हुए T20 वर्ल्ड कप के दौरान सुर्ख़ियों में आए. ब्रेथवेट ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में चार दमदार छक्के लगाकर खूब वाहवाही बटोरी. ब्रेथवेट की सबसे पहली चुनौती टीम इंडिया के ख़िलाफ़ होगी जब भारत और वेस्ट इंडीज़ 27 और 28 अगस्त को फ़्लोरिडा में दो T20 मैच खेलेंगे. ब्रेथवेट के पास कप्तानी का अनुभव नहीं है लेकिन दक्षिण अफ़्रीका में 2018 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप को देखते हुए वेस्ट इंडीज़ बोर्ड ने ये कदम उठाया है.
वेस्ट इंडीज़ को दो T20 वर्ल्ड कप जीताने वाले कप्तान ने ये भी कहा, 'मैंने हमेशा इसमें विश्वास किया है कि वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट डैरेन सैमी के बारे में नहीं है. चयनकर्ता भविष्य की तरफ़ देख रहे हैं और मेरी तरफ़ से नए कप्तान को शुभकामनाएं जो विंडीज़ क्रिकेट को आगे ले जाएगा.' टिप्पणियां
सैमी को दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद चयनकर्ता और वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड की आलोचना करने की वजह से कप्तानी से हटाया गया है.
28 साल के ब्रेथवेट इसी साल भारत में हुए T20 वर्ल्ड कप के दौरान सुर्ख़ियों में आए. ब्रेथवेट ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में चार दमदार छक्के लगाकर खूब वाहवाही बटोरी. ब्रेथवेट की सबसे पहली चुनौती टीम इंडिया के ख़िलाफ़ होगी जब भारत और वेस्ट इंडीज़ 27 और 28 अगस्त को फ़्लोरिडा में दो T20 मैच खेलेंगे. ब्रेथवेट के पास कप्तानी का अनुभव नहीं है लेकिन दक्षिण अफ़्रीका में 2018 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप को देखते हुए वेस्ट इंडीज़ बोर्ड ने ये कदम उठाया है.
सैमी को दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद चयनकर्ता और वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड की आलोचना करने की वजह से कप्तानी से हटाया गया है.
28 साल के ब्रेथवेट इसी साल भारत में हुए T20 वर्ल्ड कप के दौरान सुर्ख़ियों में आए. ब्रेथवेट ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में चार दमदार छक्के लगाकर खूब वाहवाही बटोरी. ब्रेथवेट की सबसे पहली चुनौती टीम इंडिया के ख़िलाफ़ होगी जब भारत और वेस्ट इंडीज़ 27 और 28 अगस्त को फ़्लोरिडा में दो T20 मैच खेलेंगे. ब्रेथवेट के पास कप्तानी का अनुभव नहीं है लेकिन दक्षिण अफ़्रीका में 2018 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप को देखते हुए वेस्ट इंडीज़ बोर्ड ने ये कदम उठाया है.
28 साल के ब्रेथवेट इसी साल भारत में हुए T20 वर्ल्ड कप के दौरान सुर्ख़ियों में आए. ब्रेथवेट ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में चार दमदार छक्के लगाकर खूब वाहवाही बटोरी. ब्रेथवेट की सबसे पहली चुनौती टीम इंडिया के ख़िलाफ़ होगी जब भारत और वेस्ट इंडीज़ 27 और 28 अगस्त को फ़्लोरिडा में दो T20 मैच खेलेंगे. ब्रेथवेट के पास कप्तानी का अनुभव नहीं है लेकिन दक्षिण अफ़्रीका में 2018 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप को देखते हुए वेस्ट इंडीज़ बोर्ड ने ये कदम उठाया है. | संक्षिप्त पाठ: कार्लोस ब्रेथवेट बनेंगे वेस्ट इंडीज टी 20 टीम के नए कप्तान.
वेस्ट इंडीज क्रिकेट बोर्ड ने डैरेन सैमी को कप्तानी से हटाया.
ऑल राउंडर खिलाड़ी हैं कार्लोस ब्रेथवेट. | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संसद में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट पेश करने के बाद जब लोग अपने नफे नुकसान का गणित हल कर रहे थे तभी ‘रिकार्डों के शहंशाह’ मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बांग्लादेश की सरजमीं पर अपना बहुप्रतीक्षित ‘शतकों का शतक’ जड़ा और सालाना बजट का गुणा भाग इस महाशतक से बोल्ड हो गया।
सचिन के बल्ले से बरसे रनों की तरह, माइक्रो ब्लॉगिंग साइट्स फेसबुक और ट्विटर पर बधाई संदेश बरसने लगे और दिलचस्प जुमलों का दौर शुरू हो गया है।
एक व्यक्ति ने सचिन के शतक और आम बजट पर चुटकी लेते हुए फेसबुक पर लिखा, ‘प्रणब मुखर्जी का आम बजट धीमे विकास, नीतियों की गतिहीनता और कई अन्य चीजों में फंसने के बाद सचिन तेंदुलकर के हाथों बोल्ड हो गया।’
सचिन के एक प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘आम आदमी को दादा के बजट से ज्यादा सचिन के 100वें शतक से राहत मिली।’ टिप्पणियां
इसी तरह, सचिन के बांग्लादेश में शतकों का शतक बनाने पर भी जुमलों का दौर जारी है। सचिन के एक अन्य प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘सचिन का सौंवा शतक जनरल अरोड़ा को समर्पित। न ही वह बांग्लादेश बनाते और न ही वसचिन इस गंगा में हाथ धो पाते।’
वरिष्ठ पत्रकार जिशान हैदर नकवी ने लिखा, ‘पड़ोसी हो तो बांग्लादेश जैसा। वाह भाई वाह। बांग्लादेश आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। सचिन को 100 वां शतक बनाने में मदद देकर आपने बहुत बड़ी मदद की है। पाकिस्तान को बांग्लादेश से इस बात को समझना चाहिए कि एक पड़ोसी को कितना सहयोगी होना चाहिए।’
सचिन के बल्ले से बरसे रनों की तरह, माइक्रो ब्लॉगिंग साइट्स फेसबुक और ट्विटर पर बधाई संदेश बरसने लगे और दिलचस्प जुमलों का दौर शुरू हो गया है।
एक व्यक्ति ने सचिन के शतक और आम बजट पर चुटकी लेते हुए फेसबुक पर लिखा, ‘प्रणब मुखर्जी का आम बजट धीमे विकास, नीतियों की गतिहीनता और कई अन्य चीजों में फंसने के बाद सचिन तेंदुलकर के हाथों बोल्ड हो गया।’
सचिन के एक प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘आम आदमी को दादा के बजट से ज्यादा सचिन के 100वें शतक से राहत मिली।’ टिप्पणियां
इसी तरह, सचिन के बांग्लादेश में शतकों का शतक बनाने पर भी जुमलों का दौर जारी है। सचिन के एक अन्य प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘सचिन का सौंवा शतक जनरल अरोड़ा को समर्पित। न ही वह बांग्लादेश बनाते और न ही वसचिन इस गंगा में हाथ धो पाते।’
वरिष्ठ पत्रकार जिशान हैदर नकवी ने लिखा, ‘पड़ोसी हो तो बांग्लादेश जैसा। वाह भाई वाह। बांग्लादेश आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। सचिन को 100 वां शतक बनाने में मदद देकर आपने बहुत बड़ी मदद की है। पाकिस्तान को बांग्लादेश से इस बात को समझना चाहिए कि एक पड़ोसी को कितना सहयोगी होना चाहिए।’
एक व्यक्ति ने सचिन के शतक और आम बजट पर चुटकी लेते हुए फेसबुक पर लिखा, ‘प्रणब मुखर्जी का आम बजट धीमे विकास, नीतियों की गतिहीनता और कई अन्य चीजों में फंसने के बाद सचिन तेंदुलकर के हाथों बोल्ड हो गया।’
सचिन के एक प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘आम आदमी को दादा के बजट से ज्यादा सचिन के 100वें शतक से राहत मिली।’ टिप्पणियां
इसी तरह, सचिन के बांग्लादेश में शतकों का शतक बनाने पर भी जुमलों का दौर जारी है। सचिन के एक अन्य प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘सचिन का सौंवा शतक जनरल अरोड़ा को समर्पित। न ही वह बांग्लादेश बनाते और न ही वसचिन इस गंगा में हाथ धो पाते।’
वरिष्ठ पत्रकार जिशान हैदर नकवी ने लिखा, ‘पड़ोसी हो तो बांग्लादेश जैसा। वाह भाई वाह। बांग्लादेश आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। सचिन को 100 वां शतक बनाने में मदद देकर आपने बहुत बड़ी मदद की है। पाकिस्तान को बांग्लादेश से इस बात को समझना चाहिए कि एक पड़ोसी को कितना सहयोगी होना चाहिए।’
सचिन के एक प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘आम आदमी को दादा के बजट से ज्यादा सचिन के 100वें शतक से राहत मिली।’ टिप्पणियां
इसी तरह, सचिन के बांग्लादेश में शतकों का शतक बनाने पर भी जुमलों का दौर जारी है। सचिन के एक अन्य प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘सचिन का सौंवा शतक जनरल अरोड़ा को समर्पित। न ही वह बांग्लादेश बनाते और न ही वसचिन इस गंगा में हाथ धो पाते।’
वरिष्ठ पत्रकार जिशान हैदर नकवी ने लिखा, ‘पड़ोसी हो तो बांग्लादेश जैसा। वाह भाई वाह। बांग्लादेश आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। सचिन को 100 वां शतक बनाने में मदद देकर आपने बहुत बड़ी मदद की है। पाकिस्तान को बांग्लादेश से इस बात को समझना चाहिए कि एक पड़ोसी को कितना सहयोगी होना चाहिए।’
इसी तरह, सचिन के बांग्लादेश में शतकों का शतक बनाने पर भी जुमलों का दौर जारी है। सचिन के एक अन्य प्रशंसक ने फेसबुक पर लिखा, ‘सचिन का सौंवा शतक जनरल अरोड़ा को समर्पित। न ही वह बांग्लादेश बनाते और न ही वसचिन इस गंगा में हाथ धो पाते।’
वरिष्ठ पत्रकार जिशान हैदर नकवी ने लिखा, ‘पड़ोसी हो तो बांग्लादेश जैसा। वाह भाई वाह। बांग्लादेश आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। सचिन को 100 वां शतक बनाने में मदद देकर आपने बहुत बड़ी मदद की है। पाकिस्तान को बांग्लादेश से इस बात को समझना चाहिए कि एक पड़ोसी को कितना सहयोगी होना चाहिए।’
वरिष्ठ पत्रकार जिशान हैदर नकवी ने लिखा, ‘पड़ोसी हो तो बांग्लादेश जैसा। वाह भाई वाह। बांग्लादेश आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। सचिन को 100 वां शतक बनाने में मदद देकर आपने बहुत बड़ी मदद की है। पाकिस्तान को बांग्लादेश से इस बात को समझना चाहिए कि एक पड़ोसी को कितना सहयोगी होना चाहिए।’ | सारांश: संसद में प्रणब के बजट पेश करने के बाद जब लोग अपने नफे-नुकसान का गणित हल कर रहे थे तभी सचिन तेंदुलकर ने बांग्लादेश की सरजमीं पर अपना बहुप्रतीक्षित ‘शतकों का शतक’ जड़ा और बजट का गुणा भाग इस महाशतक से बोल्ड हो गया। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी फिल्म 'बोल' एक हकीम के परिवार पर है जहां लड़के की चाहत में हकीम ढेरों लड़कियां पैदा करता है। चौदहवीं औलाद सैफुद्दीन लड़का और लड़की के बीच का है। जहां हकीम के घर में अनपढ़ लड़कियों का मेला लग जाता है वहीं डॉक्टरों की बढ़ती तादाद के चलते हकीम का धंधा भी ठप हो जाता है। हकीम की गरीबी और गुस्से की मार बेटियों और सैफुद्दीन पर पढ़ती है लेकिन एक हादसा परिवार को सबसे बुरे दिनों में ला खड़ा करता है। 'बोल' पाकिस्तानी डायरेक्टर शोएब मंसूर ने बनाई है जो 'खुदा के लिए' जैसी फिल्म भी बना चुके हैं। फिल्म थोड़ी लंबी जरूर है लेकिन इसमें कमाल का फैमिली ड्रामा है। कहानी में जबर्दस्त मोड़ हैं। हकीम अल्लाह के नाम पर गुनाह करता चला जाता है लेकिन उसी अल्लाह का हवाला देकर उसकी साहसी बेटी जैनब हकीम का मुंह सिल देती है यहीं बाप बेटी के बीच बेहतरीन डायलॉग्स की झड़ी लग जाती है। 'बोल' का संदेश ये है कि अगर आप औलाद की सही परवरिश नहीं कर सकते तो उसे जन्म देना भी उतना बड़ा गुनाह है जितना किसी की हत्या करना क्योंकि बुरे हाल में बच्चे को पालने का मतलब उसे जीते जी मौत देने के समान है। फिल्म और भी कई मुद्दे उठाती है जैसे लड़कियों की अशिक्षा, उन्हें घर में गुलाम बनाकर रखना, घरेलू हिंसा और धार्मिक कट्टरवाद और बढ़ती आबादी जिससे भारत भी जूझ रहा है। हुमैमा मलिक, मंजर सेहबई, आतिफ असलम, माहिरा ख़ान की बेहतरीन एक्टिंग। 'बोल' एक बेहतरीन फिल्म है और इसके लिए मेरी रेटिंग है 4 स्टार। | पाकिस्तानी फिल्म 'बोल' एक हकीम के परिवार पर है जहां लड़के की चाहत में हकीम ढेरों लड़कियां पैदा करता है। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण दिल्ली नगर निगम (SDMC) ने प्लास्टिक विरोधी अभियान को गति देते हुए सोमवार को टैगोर गार्डन फल एवं सब्जी बाजार को "पहला प्लास्टिक मुक्त बाजार" घोषित कर दिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. महापौर सुनीता ने कहा कि एसडीएमसी ने इस बाजार को प्लास्टिक मुक्त बाजार घोषित करके मिसाल कायम की है और "पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा देकर" प्लास्टिक कचरे को कम करने का लक्ष्य रखा गया है. इस मौके पर एसडीएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता, पश्चिमी क्षेत्र समिति के अध्यक्ष कैलाश सांकला, स्थानीय पार्षद सुषमा चोपड़ा, उपायुक्त श्रीश शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.
मालूम हो केंद्र सरकार ने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने के लिए कहा है. साथ ही अब इस पर पूरी तरह से बैन लगने जा रहा है. पर्यावरण बचाने की दिशा में चलाए जा रहे इस अभियान को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती से गति प्रदान की जाएगी. | सिंगल यूज प्लास्टिक बैन की है सरकार की योजना
2 अक्टूबर से अभियान होगा तेज
पर्यावरण के लिए खतरा बन रहा है प्लास्टिक प्रदूषण | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन में एक व्यक्ति ने चलती रेलगाड़ी में एक महिला के ऊपर पेशाब भरी बोतल उड़ेल दी। अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।टिप्पणियां
समाचार पत्र 'द सन' के अनुसार प्लमस्टीड रेलवे स्टेशन पर महिला खिड़की के किनारे वाली सीट पर बैठी थी तभी उस व्यक्ति ने महिला के सिर पर पेशाब भरी बोतल उड़ेल दी। यह घटना दक्षिणी लंदन में 24 मई को शाम 8.46 बजे घटी थी।
ब्रिटेन की यातायात पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी व्यक्ति की तलाश कर रही है। जांच अधिकारी पीसी ट्रेसी मेशर ने कहा, "पीड़िता खुली खिड़की के पास वाली सीट पर बैठकर 8.46 बजे ग्रीनविच सर्विस के रेलगाड़ी के छूटने का इंतजार कर रही थी। तभी उसने महसूस किया कि उसके सिर से होते हुए कपड़ों पर द्रव बह रहा है। भयभीत महिला ने पेशाब के रूप में दुगंर्ध को पहचाना।"
समाचार पत्र 'द सन' के अनुसार प्लमस्टीड रेलवे स्टेशन पर महिला खिड़की के किनारे वाली सीट पर बैठी थी तभी उस व्यक्ति ने महिला के सिर पर पेशाब भरी बोतल उड़ेल दी। यह घटना दक्षिणी लंदन में 24 मई को शाम 8.46 बजे घटी थी।
ब्रिटेन की यातायात पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी व्यक्ति की तलाश कर रही है। जांच अधिकारी पीसी ट्रेसी मेशर ने कहा, "पीड़िता खुली खिड़की के पास वाली सीट पर बैठकर 8.46 बजे ग्रीनविच सर्विस के रेलगाड़ी के छूटने का इंतजार कर रही थी। तभी उसने महसूस किया कि उसके सिर से होते हुए कपड़ों पर द्रव बह रहा है। भयभीत महिला ने पेशाब के रूप में दुगंर्ध को पहचाना।"
ब्रिटेन की यातायात पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी व्यक्ति की तलाश कर रही है। जांच अधिकारी पीसी ट्रेसी मेशर ने कहा, "पीड़िता खुली खिड़की के पास वाली सीट पर बैठकर 8.46 बजे ग्रीनविच सर्विस के रेलगाड़ी के छूटने का इंतजार कर रही थी। तभी उसने महसूस किया कि उसके सिर से होते हुए कपड़ों पर द्रव बह रहा है। भयभीत महिला ने पेशाब के रूप में दुगंर्ध को पहचाना।" | यह एक सारांश है: ब्रिटेन में एक व्यक्ति ने चलती रेलगाड़ी में एक महिला के ऊपर पेशाब भरी बोतल उड़ेल दी। अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कार कंपनी फिएट और टाटा मोटर्स ने वितरण गठबंधन जोड़ने की बुधवार को घोषणा की। दोनों कंपनियों ने 2007 में वाहन वितरण का करार किया था जिसके तहत टाटा के डीलरों द्वारा इतालवी फर्म फिएट के वाहनों की बिक्री और सर्विस उपलब्ध कराई जा रही थी।
दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘फिएट और टाटा मोटर्स इस बात पर सहमत हुई हैं कि भारत में फिएट ब्रांड को और विकसित करने के लिए, फिएट की वाणिज्यिक व वितरण गतिविधियों का प्रबंधन नियंत्रण फिएट समूह के स्वामित्व वाली कंपनी को दे दिया जाएगा।’ ‘अभी तक, टाटा मोटर्स संयुक्त डीलरशिप टाटा.फिएट के जरिए फिएट ब्रांड के उत्पादों का वितरण करती रही हैं।’ पांच साल के परिचालन में, संयुक्त उद्यम ने 1,90,000 कारों और 3,37,00 पावरट्रेन का विनिर्माण किया। इनका विनिर्माण जारी रहेगा क्योंकि ये नए वितरण समझौते के दायरे से बाहर हैं। कारों का सह-विनिर्माण पुणे के निकट रंजनगांव इकाई में किया जाता है।
दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘फिएट और टाटा मोटर्स इस बात पर सहमत हुई हैं कि भारत में फिएट ब्रांड को और विकसित करने के लिए, फिएट की वाणिज्यिक व वितरण गतिविधियों का प्रबंधन नियंत्रण फिएट समूह के स्वामित्व वाली कंपनी को दे दिया जाएगा।’ ‘अभी तक, टाटा मोटर्स संयुक्त डीलरशिप टाटा.फिएट के जरिए फिएट ब्रांड के उत्पादों का वितरण करती रही हैं।’ पांच साल के परिचालन में, संयुक्त उद्यम ने 1,90,000 कारों और 3,37,00 पावरट्रेन का विनिर्माण किया। इनका विनिर्माण जारी रहेगा क्योंकि ये नए वितरण समझौते के दायरे से बाहर हैं। कारों का सह-विनिर्माण पुणे के निकट रंजनगांव इकाई में किया जाता है। | संक्षिप्त सारांश: कार कंपनी फिएट और टाटा मोटर्स ने वितरण गठबंधन जोड़ने की बुधवार को घोषणा की। दोनों कंपनियों ने 2007 में वाहन वितरण का करार किया था जिसके तहत टाटा के डीलरों द्वारा इतालवी फर्म फिएट के वाहनों की बिक्री और सर्विस उपलब्ध कराई जा रही थी। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने आज 600 वाहनों की आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त करने के मामले में एक सेवानिवृत अधिकारी की ओर से उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की कथित पेशकश किए जाने की शिकायत सीबीआई को भेजी।टिप्पणियां
सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि इस विषय पर शिकायत प्राप्त हो गई है और इसकी पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि सिंह ने मीडिया के समक्ष साक्षात्कार में इस संबंध में आरोप लगाया था जिसके बाद रक्षामंत्री एके एंटनी को सीबीआई जांच का आदेश देना पड़ा।
सिंह ने एजेंसी को 30 मार्च को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) तेजेन्दर सिंह ने उन्हें रिश्वत की पेशकश की थी।
सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि इस विषय पर शिकायत प्राप्त हो गई है और इसकी पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि सिंह ने मीडिया के समक्ष साक्षात्कार में इस संबंध में आरोप लगाया था जिसके बाद रक्षामंत्री एके एंटनी को सीबीआई जांच का आदेश देना पड़ा।
सिंह ने एजेंसी को 30 मार्च को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) तेजेन्दर सिंह ने उन्हें रिश्वत की पेशकश की थी।
सिंह ने एजेंसी को 30 मार्च को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) तेजेन्दर सिंह ने उन्हें रिश्वत की पेशकश की थी। | सारांश: सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने एक सेवानिवृत अधिकारी की ओर से उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की कथित पेशकश किए जाने की शिकायत सीबीआई को भेजी। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीमा पर गोलीबारी के बढ़ने के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थिति की समीक्षा की. सीमा पर पाकिस्तानी गोलीबारी में आठ नागरिक मारे गए हैं और 22 लोग घायल हुए है. भारतीय सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के दो सैनिक भी मारे गए हैं.
अंतरराष्ट्रीय सीमा और जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर स्थिति की समीक्षा के लिए हुई बैठक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने गृह मंत्री और रक्षा मंत्री को पाकिस्तानी बलों की ओर से होने वाली गोलीबारी का जवाब देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी.
उल्लेखनीय है कि जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से मोर्टार बम दागे जाने की घटनाओं में आठ नागरिकों की मौत हो गई और 22 अन्य लोग घायल हो गए हैं. भारतीय सेना ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए.
आज तड़के से ही पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगी बस्तियों और सैन्य चौकियों तथा नियंत्रण रेखा पर सांबा, जम्मू, पुंछ और राजौर जिलों में मोर्टार बम दागे.टिप्पणियां
सेना ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने 120 एवं 82 एमएम के मोर्टार बम जैसे भारी कैलिबर हथियारों का इस्तेमाल किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अंतरराष्ट्रीय सीमा और जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर स्थिति की समीक्षा के लिए हुई बैठक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने गृह मंत्री और रक्षा मंत्री को पाकिस्तानी बलों की ओर से होने वाली गोलीबारी का जवाब देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी.
उल्लेखनीय है कि जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से मोर्टार बम दागे जाने की घटनाओं में आठ नागरिकों की मौत हो गई और 22 अन्य लोग घायल हो गए हैं. भारतीय सेना ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए.
आज तड़के से ही पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगी बस्तियों और सैन्य चौकियों तथा नियंत्रण रेखा पर सांबा, जम्मू, पुंछ और राजौर जिलों में मोर्टार बम दागे.टिप्पणियां
सेना ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने 120 एवं 82 एमएम के मोर्टार बम जैसे भारी कैलिबर हथियारों का इस्तेमाल किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने गृह मंत्री और रक्षा मंत्री को पाकिस्तानी बलों की ओर से होने वाली गोलीबारी का जवाब देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी.
उल्लेखनीय है कि जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से मोर्टार बम दागे जाने की घटनाओं में आठ नागरिकों की मौत हो गई और 22 अन्य लोग घायल हो गए हैं. भारतीय सेना ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए.
आज तड़के से ही पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगी बस्तियों और सैन्य चौकियों तथा नियंत्रण रेखा पर सांबा, जम्मू, पुंछ और राजौर जिलों में मोर्टार बम दागे.टिप्पणियां
सेना ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने 120 एवं 82 एमएम के मोर्टार बम जैसे भारी कैलिबर हथियारों का इस्तेमाल किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उल्लेखनीय है कि जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से मोर्टार बम दागे जाने की घटनाओं में आठ नागरिकों की मौत हो गई और 22 अन्य लोग घायल हो गए हैं. भारतीय सेना ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए.
आज तड़के से ही पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगी बस्तियों और सैन्य चौकियों तथा नियंत्रण रेखा पर सांबा, जम्मू, पुंछ और राजौर जिलों में मोर्टार बम दागे.टिप्पणियां
सेना ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने 120 एवं 82 एमएम के मोर्टार बम जैसे भारी कैलिबर हथियारों का इस्तेमाल किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आज तड़के से ही पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगी बस्तियों और सैन्य चौकियों तथा नियंत्रण रेखा पर सांबा, जम्मू, पुंछ और राजौर जिलों में मोर्टार बम दागे.टिप्पणियां
सेना ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने 120 एवं 82 एमएम के मोर्टार बम जैसे भारी कैलिबर हथियारों का इस्तेमाल किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सेना ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने 120 एवं 82 एमएम के मोर्टार बम जैसे भारी कैलिबर हथियारों का इस्तेमाल किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गोलीबारी का जवाब देने के लिए उठाए कदमों के बारे में जानकारी दी गई.
सीमा पर पाकिस्तानी गोलीबारी में 8 नागरिक मारे गए, 22 लोग घायल हुए.
भारतीय सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दो पाक सैनिक भी मारे गए. | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज काएल मिल्स का कहना है कि वेस्टइंडीज टीम का लगातार अच्छा प्रदर्शन न करना उन्हें मुश्किल प्रतिद्वंद्वी बनाता है। न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच 30 जून को पहला ट्वेंटी-20 मुकाबला खेला जाएगा।
30 वर्षीय मिल्स ने इस दौरे के लिए रवाना होने से पहले कहा, मैंने देखा है कि वेस्टइंडीज टीम हमेशा मुश्किल प्रतिद्वंद्वी रही है। यह टीम पाकिस्तान की तरह है। यह कभी या तो बहुत उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं या कभी बेहद खराब। न्यूजीलैंड की टीम इस दौर पर दो ट्वेंटी-20 मैचों की शृंखला खेलेगी। इसके बाद दो टेस्ट और पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शृंखला खेली जाएगी।टिप्पणियां
वेस्टइंडीज की टीम हाल में इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। तीन मैचों की शृंखला वेस्टइंडीज ने 0-2 से गंवाई थी, जबकि एकदिवसीय और एकमात्र ट्वेंटी-20 मुकाबले में भी उसे मुंह की खानी पड़ी थी।
मिल्स को उम्मीद है कि उनकी टीम कैरेबियाई टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेगी। बकौल मिल्स, हमें पहली गेंद से तैयार रहना होगा। पहले मैच के लिए हमारी तैयारी महत्वपूर्ण है। हम लंबे समय से नहीं खेले हैं। हम इस श्रृंखला में तरोताजा होकर उतरेंगे।
30 वर्षीय मिल्स ने इस दौरे के लिए रवाना होने से पहले कहा, मैंने देखा है कि वेस्टइंडीज टीम हमेशा मुश्किल प्रतिद्वंद्वी रही है। यह टीम पाकिस्तान की तरह है। यह कभी या तो बहुत उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं या कभी बेहद खराब। न्यूजीलैंड की टीम इस दौर पर दो ट्वेंटी-20 मैचों की शृंखला खेलेगी। इसके बाद दो टेस्ट और पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शृंखला खेली जाएगी।टिप्पणियां
वेस्टइंडीज की टीम हाल में इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। तीन मैचों की शृंखला वेस्टइंडीज ने 0-2 से गंवाई थी, जबकि एकदिवसीय और एकमात्र ट्वेंटी-20 मुकाबले में भी उसे मुंह की खानी पड़ी थी।
मिल्स को उम्मीद है कि उनकी टीम कैरेबियाई टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेगी। बकौल मिल्स, हमें पहली गेंद से तैयार रहना होगा। पहले मैच के लिए हमारी तैयारी महत्वपूर्ण है। हम लंबे समय से नहीं खेले हैं। हम इस श्रृंखला में तरोताजा होकर उतरेंगे।
वेस्टइंडीज की टीम हाल में इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। तीन मैचों की शृंखला वेस्टइंडीज ने 0-2 से गंवाई थी, जबकि एकदिवसीय और एकमात्र ट्वेंटी-20 मुकाबले में भी उसे मुंह की खानी पड़ी थी।
मिल्स को उम्मीद है कि उनकी टीम कैरेबियाई टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेगी। बकौल मिल्स, हमें पहली गेंद से तैयार रहना होगा। पहले मैच के लिए हमारी तैयारी महत्वपूर्ण है। हम लंबे समय से नहीं खेले हैं। हम इस श्रृंखला में तरोताजा होकर उतरेंगे।
मिल्स को उम्मीद है कि उनकी टीम कैरेबियाई टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेगी। बकौल मिल्स, हमें पहली गेंद से तैयार रहना होगा। पहले मैच के लिए हमारी तैयारी महत्वपूर्ण है। हम लंबे समय से नहीं खेले हैं। हम इस श्रृंखला में तरोताजा होकर उतरेंगे। | न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज काएल मिल्स का कहना है कि वेस्टइंडीज टीम का लगातार अच्छा प्रदर्शन न करना उन्हें मुश्किल प्रतिद्वंद्वी बनाता है। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: क्रिकेट को 'अनिश्चितताओं का खेल' कहा जाता है लेकिन इसके बावजूद कुछ चीजें निश्चित होती हैं। निश्चित यह होता है कि हालात के मुताबिक हर टीम अपना वर्चस्व कायम रखने और उसे बढ़ाने का प्रयास करती है और तीसरे टेस्ट मैच में भारतीय क्रिकेट टीम हर हाल में बीते तीन दिनों से जारी अपना वर्चस्व कायम रखते हुए पारी की जीत के लिए प्रयास करेगी।
उप्पल स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में जारी दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 74 रन बना लिए हैं। उसने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 237 रनों पर घोषित की थी और भारत ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। इस लिहाज से मेहमान टीम अभी भी 192 रनों से पीछे चल रही है।
अब ऐसी स्थिति में भारत को हर लिहाज से पारी की जीत के लिए प्रयास करेगा लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज चेन्नई टेस्ट की तरह इसे टालने का प्रयास करेंगे। वैसे आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की हार पक्की नजर आ रही है क्योंकि जिस अंदाज में ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर गेंदबाजों ने तीसरे दिन सात विकेट लेकर पिच और फिरकी के बीच दोस्ती के संकेत दिए हैं, उसे देखते हुए तो यही कहा जा सकता है कि चौथा दिन भारतीय फिरकी गेंदबाजों का होगा।
चेन्नई में 12 विकेट लेकर भारत की जीत के हीरो रहे रविचंद्रन अश्विन ने तो दो विकेट लेकर इसके संकेत भी दे दिए हैं। अब देखना है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज किस बहादुरी से अश्विन, हरभजन सिंह और रवींद्र जडेजा की फिरकी के साथ-साथ पहली पारी में तीन विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार की स्विंग का सामना कर पाते हैं।
बहरहाल, दिन की समाप्ति तक अश्विन ने डेविड वार्नर (26) और फिल ह्यूज (0) को चलता कर दिया था। वार्नर ने 56 गेंदों की तेज पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर का विकेट 56 के कुल योग पर गिरा और इसी योग पर ह्यूज भी आउट हुए।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान 26 रनों पर नाबाद लौटे जबकि शेन वॉटसन ने नौ रन बनाए हैं। वॉटसन ने 27 गेंदों पर एक छक्का लगाया है। कोवान ने अपनी 100 गेंदों की संयमित पारी में चार चौके जड़े हैं।
इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए। भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 266 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल ने चार विकेट लिए जबकि जेवियर डोर्थी ने तीन विकेट हासिल किए। जेम्स पेटिंसन को दो सफलता मिली। एक विकेट पीटर सिडल को भी मिला।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
उप्पल स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में जारी दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 74 रन बना लिए हैं। उसने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 237 रनों पर घोषित की थी और भारत ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। इस लिहाज से मेहमान टीम अभी भी 192 रनों से पीछे चल रही है।
अब ऐसी स्थिति में भारत को हर लिहाज से पारी की जीत के लिए प्रयास करेगा लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज चेन्नई टेस्ट की तरह इसे टालने का प्रयास करेंगे। वैसे आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की हार पक्की नजर आ रही है क्योंकि जिस अंदाज में ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर गेंदबाजों ने तीसरे दिन सात विकेट लेकर पिच और फिरकी के बीच दोस्ती के संकेत दिए हैं, उसे देखते हुए तो यही कहा जा सकता है कि चौथा दिन भारतीय फिरकी गेंदबाजों का होगा।
चेन्नई में 12 विकेट लेकर भारत की जीत के हीरो रहे रविचंद्रन अश्विन ने तो दो विकेट लेकर इसके संकेत भी दे दिए हैं। अब देखना है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज किस बहादुरी से अश्विन, हरभजन सिंह और रवींद्र जडेजा की फिरकी के साथ-साथ पहली पारी में तीन विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार की स्विंग का सामना कर पाते हैं।
बहरहाल, दिन की समाप्ति तक अश्विन ने डेविड वार्नर (26) और फिल ह्यूज (0) को चलता कर दिया था। वार्नर ने 56 गेंदों की तेज पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर का विकेट 56 के कुल योग पर गिरा और इसी योग पर ह्यूज भी आउट हुए।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान 26 रनों पर नाबाद लौटे जबकि शेन वॉटसन ने नौ रन बनाए हैं। वॉटसन ने 27 गेंदों पर एक छक्का लगाया है। कोवान ने अपनी 100 गेंदों की संयमित पारी में चार चौके जड़े हैं।
इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए। भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 266 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल ने चार विकेट लिए जबकि जेवियर डोर्थी ने तीन विकेट हासिल किए। जेम्स पेटिंसन को दो सफलता मिली। एक विकेट पीटर सिडल को भी मिला।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
अब ऐसी स्थिति में भारत को हर लिहाज से पारी की जीत के लिए प्रयास करेगा लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज चेन्नई टेस्ट की तरह इसे टालने का प्रयास करेंगे। वैसे आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की हार पक्की नजर आ रही है क्योंकि जिस अंदाज में ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर गेंदबाजों ने तीसरे दिन सात विकेट लेकर पिच और फिरकी के बीच दोस्ती के संकेत दिए हैं, उसे देखते हुए तो यही कहा जा सकता है कि चौथा दिन भारतीय फिरकी गेंदबाजों का होगा।
चेन्नई में 12 विकेट लेकर भारत की जीत के हीरो रहे रविचंद्रन अश्विन ने तो दो विकेट लेकर इसके संकेत भी दे दिए हैं। अब देखना है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज किस बहादुरी से अश्विन, हरभजन सिंह और रवींद्र जडेजा की फिरकी के साथ-साथ पहली पारी में तीन विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार की स्विंग का सामना कर पाते हैं।
बहरहाल, दिन की समाप्ति तक अश्विन ने डेविड वार्नर (26) और फिल ह्यूज (0) को चलता कर दिया था। वार्नर ने 56 गेंदों की तेज पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर का विकेट 56 के कुल योग पर गिरा और इसी योग पर ह्यूज भी आउट हुए।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान 26 रनों पर नाबाद लौटे जबकि शेन वॉटसन ने नौ रन बनाए हैं। वॉटसन ने 27 गेंदों पर एक छक्का लगाया है। कोवान ने अपनी 100 गेंदों की संयमित पारी में चार चौके जड़े हैं।
इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए। भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 266 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल ने चार विकेट लिए जबकि जेवियर डोर्थी ने तीन विकेट हासिल किए। जेम्स पेटिंसन को दो सफलता मिली। एक विकेट पीटर सिडल को भी मिला।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
चेन्नई में 12 विकेट लेकर भारत की जीत के हीरो रहे रविचंद्रन अश्विन ने तो दो विकेट लेकर इसके संकेत भी दे दिए हैं। अब देखना है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज किस बहादुरी से अश्विन, हरभजन सिंह और रवींद्र जडेजा की फिरकी के साथ-साथ पहली पारी में तीन विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार की स्विंग का सामना कर पाते हैं।
बहरहाल, दिन की समाप्ति तक अश्विन ने डेविड वार्नर (26) और फिल ह्यूज (0) को चलता कर दिया था। वार्नर ने 56 गेंदों की तेज पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर का विकेट 56 के कुल योग पर गिरा और इसी योग पर ह्यूज भी आउट हुए।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान 26 रनों पर नाबाद लौटे जबकि शेन वॉटसन ने नौ रन बनाए हैं। वॉटसन ने 27 गेंदों पर एक छक्का लगाया है। कोवान ने अपनी 100 गेंदों की संयमित पारी में चार चौके जड़े हैं।
इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए। भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 266 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल ने चार विकेट लिए जबकि जेवियर डोर्थी ने तीन विकेट हासिल किए। जेम्स पेटिंसन को दो सफलता मिली। एक विकेट पीटर सिडल को भी मिला।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
बहरहाल, दिन की समाप्ति तक अश्विन ने डेविड वार्नर (26) और फिल ह्यूज (0) को चलता कर दिया था। वार्नर ने 56 गेंदों की तेज पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर का विकेट 56 के कुल योग पर गिरा और इसी योग पर ह्यूज भी आउट हुए।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान 26 रनों पर नाबाद लौटे जबकि शेन वॉटसन ने नौ रन बनाए हैं। वॉटसन ने 27 गेंदों पर एक छक्का लगाया है। कोवान ने अपनी 100 गेंदों की संयमित पारी में चार चौके जड़े हैं।
इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए। भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 266 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल ने चार विकेट लिए जबकि जेवियर डोर्थी ने तीन विकेट हासिल किए। जेम्स पेटिंसन को दो सफलता मिली। एक विकेट पीटर सिडल को भी मिला।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
सलामी बल्लेबाज एड कोवान 26 रनों पर नाबाद लौटे जबकि शेन वॉटसन ने नौ रन बनाए हैं। वॉटसन ने 27 गेंदों पर एक छक्का लगाया है। कोवान ने अपनी 100 गेंदों की संयमित पारी में चार चौके जड़े हैं।
इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए। भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 266 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल ने चार विकेट लिए जबकि जेवियर डोर्थी ने तीन विकेट हासिल किए। जेम्स पेटिंसन को दो सफलता मिली। एक विकेट पीटर सिडल को भी मिला।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए। भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 266 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल ने चार विकेट लिए जबकि जेवियर डोर्थी ने तीन विकेट हासिल किए। जेम्स पेटिंसन को दो सफलता मिली। एक विकेट पीटर सिडल को भी मिला।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल ने चार विकेट लिए जबकि जेवियर डोर्थी ने तीन विकेट हासिल किए। जेम्स पेटिंसन को दो सफलता मिली। एक विकेट पीटर सिडल को भी मिला।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
भारत ने दूसरे दिन रविवार को स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे। तीसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत मुरली (129) और पुजारा (162) ने की। मुरली ने संयम के साथ खेलते हुए टेस्ट मैचों में अपने सर्वोच्च योग (139) को पार किया लेकिन 387 रनों के कुल योग पर वह मैक्सवेल की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए। मुरली ने अपनी 361 गेंदों की मैराथन पारी में 23 चौके और दो छक्के लगाए।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
मुरली और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए रिकार्ड 370 रनों की साझेदारी की। मुरली के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए। सचिन की मौजूदगी में ही पुजारा ने अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पुजारा ने इससे पहले 2010 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
अपनी इस पारी के दौरान पुजारा ने टेस्ट मैचों में 1000 रन भी पूरे किए। पुजारा ने अपने करियर के 11वें टेस्ट की 18वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। पारी की संख्या के लिहाज से वह 1000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय हैं जबकि टेस्ट मैचों के लिहाज से वह इस मुकाम पर सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
टेस्ट मैचों में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय विनोद काम्बली हैं। काम्बली ने 12 मैचों की 14 पारियों में यह मुकाम हासिल कर लिया था। जहां तक सबसे कम टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने की बात है तो पुजारा से पहले यह रिकार्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 11 मैचों की 21 पारियों में 1000 रन बनाए थे।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
सचिन और पुजारा काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 393 रनों के कुल योग पर पुजारा ने जेम्स पैटिंसन की एक ऊंची उठती गेंद को हुक करने का प्रयास किया और जेवियर डोर्थी के हाथों लपके गए। पुजारा ने अपनी 341 गेंदों की पारी में 30 चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
सचिन लय में थे लेकिन इसके बावजूद वह सात रन बनाकर 404 रनों के कुल योग पर भोजनकाल के ठीक बाद पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। भारत का पांचवां विकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (44) के रूप में गिरा। धोनी ने अपनी 43 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले धोनी ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। गेंद के साथ कमाल दिखा चुके रवींद्र जडेजा (10) ने निराश किया। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन (1) सस्ते में आउट हुए।टिप्पणियां
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
हरभजन सिंह (0) खाता तक नहीं खोल सके। भज्जी के आउट होने के बाद 491 रनों के कुल योग पर भारत ने कोहली (34) का विकेट गंवाया। कोहली ने अपनी 93 गेंदों की संयमित पारी मे तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई।
अपनी इस पारी के दौरान दो रन बनाने के साथ कोहली ने टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे किए। कोहली ने अपने करियर के 16वें टेस्ट की 27वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है। भारत का अंतिम विकेट भुवनेश्वर कुमार (10) के रूप में गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा हुई। | यह एक सारांश है: उप्पल स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में जारी दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 74 रन बना लिए हैं। उसने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 237 रनों पर घोषित की थी और भारत ने अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: टाटा और रिलायंस को छोड़कर देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने अपनी कॉल रेट दोगुनी करने की चेतावनी दी है। कंपनियों ने कहा है कि अगर ट्राई की सिफारिशों मानी गईं तो सस्ती कॉल का दौर खत्म हो जाएगा। गुरुवार को देश की टेलीकॉम कंपनियों ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि अगर सिफारिशें मानी जाती हैं तो उनके पास कॉल रेट बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा।
स्पेक्ट्रम नीलामी के मुद्दे पर ट्राई की ओर से तय की गई राशि का टेलीकॉम कंपनियां शुरू से ही विरोध कर रही हैं हालांकि पहले इन कंपनियों ने कहा था कि कॉल रेट 30 फीसदी तक महंगी हो जाएंगी जबकि उन्होंने ट्राई की दर को 80 फीसदी जयादा बताया था। ट्राई ने 2-जी के 122 स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए जो न्यूनतम बेस प्राइस रखा है वह 3-जी की नीलामी की कीमतों से अधिक है।
स्पेक्ट्रम नीलामी के मुद्दे पर ट्राई की ओर से तय की गई राशि का टेलीकॉम कंपनियां शुरू से ही विरोध कर रही हैं हालांकि पहले इन कंपनियों ने कहा था कि कॉल रेट 30 फीसदी तक महंगी हो जाएंगी जबकि उन्होंने ट्राई की दर को 80 फीसदी जयादा बताया था। ट्राई ने 2-जी के 122 स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए जो न्यूनतम बेस प्राइस रखा है वह 3-जी की नीलामी की कीमतों से अधिक है। | संक्षिप्त पाठ: टाटा और रिलायंस को छोड़कर देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने अपनी कॉल रेट दोगुनी करने की चेतावनी दी है। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में अपना दूसरा शतक जड़ने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि सेंट लूसिया टेस्ट में लगाया गया उनका शतक सीरीज का रुख तय कर सकता है. चार टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय टीम 1-0 से आगे है. पहले मैच में भारत ने मेजबानों को पारी और 92 रनों से हराया था, जबकि दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था.
तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद अश्विन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "यह ऐसी पिच नहीं थी जहां आप फ्रंटफुट पर आकर आसानी से खेलें. कल काफी मुश्किल दिन था और आज का दिन भी किसी तरह उससे अलग नहीं था. हमें उम्मीद है कि हम कल (गुरुवार) अच्छा प्रदर्शन करेंगे और मौकों का फायदा उठा पाएंगे."
अश्विन और साहा ने जल्द ही पांच विकेट गिरने के बाद मोर्चा संभाला था और 353 रनों तक पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभाई थी.
अश्विन ने कहा, "साहा ने अपने विचार सुबह ही बता दिए थे और उन्होंने कुछ अच्छे शॉट खेले. मेरे लिए यह जरूरी था कि मैं उनके साथ खड़ा रहूं क्योंकि विकेट पर जमना जरूरी था. हम जानते थे कि हम 50-60 रन ही दूर हैं इसलिए मेरी योजना काफी साफ थी."टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं जिस तरह से कल खेलने आया उसी तरह मैं आज आया था. मैं शरीर से दूर की गेंद को छोड़ना चाहता था और शरीर के पास की गेंद को खेलना चाहता था. यह शतक लगाने या अपने शॉट खेलने वाली बात नहीं थी. यह बल्लेबाजी के लिए समय देने और साझेदारी की बात थी."
अश्विन ने तीसरे टेस्ट में एक समय मुश्किल में दिख रही भारतीय टीम को अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से न सिर्फ संकट से उबारा बल्कि अपने टेस्ट करियर का चौथा शतक भी पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में ले गए. अश्विन ने 118 रनों की पारी खेली और विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला. साहा ने भी अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया. साहा ने 104 रनों की पारी खेली थी.
तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद अश्विन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "यह ऐसी पिच नहीं थी जहां आप फ्रंटफुट पर आकर आसानी से खेलें. कल काफी मुश्किल दिन था और आज का दिन भी किसी तरह उससे अलग नहीं था. हमें उम्मीद है कि हम कल (गुरुवार) अच्छा प्रदर्शन करेंगे और मौकों का फायदा उठा पाएंगे."
अश्विन और साहा ने जल्द ही पांच विकेट गिरने के बाद मोर्चा संभाला था और 353 रनों तक पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभाई थी.
अश्विन ने कहा, "साहा ने अपने विचार सुबह ही बता दिए थे और उन्होंने कुछ अच्छे शॉट खेले. मेरे लिए यह जरूरी था कि मैं उनके साथ खड़ा रहूं क्योंकि विकेट पर जमना जरूरी था. हम जानते थे कि हम 50-60 रन ही दूर हैं इसलिए मेरी योजना काफी साफ थी."टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं जिस तरह से कल खेलने आया उसी तरह मैं आज आया था. मैं शरीर से दूर की गेंद को छोड़ना चाहता था और शरीर के पास की गेंद को खेलना चाहता था. यह शतक लगाने या अपने शॉट खेलने वाली बात नहीं थी. यह बल्लेबाजी के लिए समय देने और साझेदारी की बात थी."
अश्विन ने तीसरे टेस्ट में एक समय मुश्किल में दिख रही भारतीय टीम को अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से न सिर्फ संकट से उबारा बल्कि अपने टेस्ट करियर का चौथा शतक भी पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में ले गए. अश्विन ने 118 रनों की पारी खेली और विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला. साहा ने भी अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया. साहा ने 104 रनों की पारी खेली थी.
अश्विन और साहा ने जल्द ही पांच विकेट गिरने के बाद मोर्चा संभाला था और 353 रनों तक पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभाई थी.
अश्विन ने कहा, "साहा ने अपने विचार सुबह ही बता दिए थे और उन्होंने कुछ अच्छे शॉट खेले. मेरे लिए यह जरूरी था कि मैं उनके साथ खड़ा रहूं क्योंकि विकेट पर जमना जरूरी था. हम जानते थे कि हम 50-60 रन ही दूर हैं इसलिए मेरी योजना काफी साफ थी."टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं जिस तरह से कल खेलने आया उसी तरह मैं आज आया था. मैं शरीर से दूर की गेंद को छोड़ना चाहता था और शरीर के पास की गेंद को खेलना चाहता था. यह शतक लगाने या अपने शॉट खेलने वाली बात नहीं थी. यह बल्लेबाजी के लिए समय देने और साझेदारी की बात थी."
अश्विन ने तीसरे टेस्ट में एक समय मुश्किल में दिख रही भारतीय टीम को अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से न सिर्फ संकट से उबारा बल्कि अपने टेस्ट करियर का चौथा शतक भी पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में ले गए. अश्विन ने 118 रनों की पारी खेली और विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला. साहा ने भी अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया. साहा ने 104 रनों की पारी खेली थी.
अश्विन ने कहा, "साहा ने अपने विचार सुबह ही बता दिए थे और उन्होंने कुछ अच्छे शॉट खेले. मेरे लिए यह जरूरी था कि मैं उनके साथ खड़ा रहूं क्योंकि विकेट पर जमना जरूरी था. हम जानते थे कि हम 50-60 रन ही दूर हैं इसलिए मेरी योजना काफी साफ थी."टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं जिस तरह से कल खेलने आया उसी तरह मैं आज आया था. मैं शरीर से दूर की गेंद को छोड़ना चाहता था और शरीर के पास की गेंद को खेलना चाहता था. यह शतक लगाने या अपने शॉट खेलने वाली बात नहीं थी. यह बल्लेबाजी के लिए समय देने और साझेदारी की बात थी."
अश्विन ने तीसरे टेस्ट में एक समय मुश्किल में दिख रही भारतीय टीम को अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से न सिर्फ संकट से उबारा बल्कि अपने टेस्ट करियर का चौथा शतक भी पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में ले गए. अश्विन ने 118 रनों की पारी खेली और विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला. साहा ने भी अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया. साहा ने 104 रनों की पारी खेली थी.
उन्होंने कहा, "मैं जिस तरह से कल खेलने आया उसी तरह मैं आज आया था. मैं शरीर से दूर की गेंद को छोड़ना चाहता था और शरीर के पास की गेंद को खेलना चाहता था. यह शतक लगाने या अपने शॉट खेलने वाली बात नहीं थी. यह बल्लेबाजी के लिए समय देने और साझेदारी की बात थी."
अश्विन ने तीसरे टेस्ट में एक समय मुश्किल में दिख रही भारतीय टीम को अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से न सिर्फ संकट से उबारा बल्कि अपने टेस्ट करियर का चौथा शतक भी पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में ले गए. अश्विन ने 118 रनों की पारी खेली और विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला. साहा ने भी अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया. साहा ने 104 रनों की पारी खेली थी.
अश्विन ने तीसरे टेस्ट में एक समय मुश्किल में दिख रही भारतीय टीम को अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से न सिर्फ संकट से उबारा बल्कि अपने टेस्ट करियर का चौथा शतक भी पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में ले गए. अश्विन ने 118 रनों की पारी खेली और विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला. साहा ने भी अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया. साहा ने 104 रनों की पारी खेली थी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आर अश्विन ने अपने सभी 4 टेस्ट शतक विंडीज के खिलाफ बनाए हैं
उन्होंने सीरीज के पहले ही मैच में 113 रन की शानदार पारी खेली थी
सेंट लूसिया में अश्विन ने संकट के समय 117 रनों की पारी खेली | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश में सतना जिले के चित्रकूट से 12 दिन पहले स्कूल बस से अपहृत किए गए छह वर्षीय जुड़वां भाइयों की हत्या कर दी गई है. पुलिस के अनुसार दोनों बच्चों के शव उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में यमुना नदी से मिले हैं. पुलिस ने इस मामले में अभी तक इंजीनियरिंग के दो छात्रों के सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए 2 इंजीनियरिंग छात्रों में से एक इंजीनियरिंग छात्र बजरंग दल के क्षेत्रीय नेता का भाई है. रीवा के पुलिस महानिरीक्षक चंचल शेखर एवं सतना पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर ने चित्रकूट में संवाददाताओं को बताया कि जुड़वां भाइयों के शव उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के बबेरू गांव के पास यमुना नदी में शनिवार देर रात पानी में तैरते मिले. आरोपियों ने 21 फरवरी को इनकी हत्या कर दी थी. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उन्हें आरोपियों ने लोहे की जंजीरों से बांध कर यमुना नदी के उगासी घाट में फेंका था.
उन्होंने कहा कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बांदा अस्पताल भेज दिया गया है. शेखर ने बताया कि इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें इस घटना का मास्टरमाइंड पदम शुक्ला (22), राजू द्विवेदी, लकी सिंह तोमर, रोहित द्विवेदी (24), रामकेश यादव (26) एवं पिन्टू ऊर्फ पिंटा यादव (23) को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी पदम शुक्ला चित्रकूट निवासी है और उसका छोटा भाई विष्णु कांत शुक्ला बजरंग दल का क्षेत्रीय संयोजक है. गिरफ्तार किये गये बाकी पांचों आरोपी उत्तरप्रदेश के बांदा एवं हमीरपुर जिलों के रहने वाले हैं. इस सब के बीचे सवाल उठता है कि आखिर पुलिस ने हत्या में तो बजरंग दल नेता के भाई के शामिल होने की बात तो फौरन साबित कर दी लेकिन आरोपियों ने बच्चों को अपहरण के दो दिन बाद तक एमपी में रखा लेकिन इसकी पता पुलिस के 500 अफसरों की टीम भी नहीं लगा सकी.
उन्होंने बताया कि पदम एवं लकी आईटी से बी.ई. कर रहे हैं, जबकि रामकेश मारे गये दोनों बच्चों को ट्यूश्न पढ़ाता था. पुलिस ने बताया कि अपहर्ताओं ने दोनों भाइयों प्रियांश और श्रेयांश के तेल कारोबारी पिता बृजेश रावत से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी. पिता ने पुलिस को बताए बिना 20 फरवरी को 20 लाख रुपये अपहर्ताओं को दे भी दिए थे. ये दोनों बच्चे उत्तरप्रदेश के कर्वी जिले के रामघाट के रहने वाले थे और वहां से रोजाना बार्डर पार कर मध्यप्रदेश के चित्रकूट में चार किलोमीटर दूर बस से स्कूल आया जाया करते थे. धार्मिक नगरी चित्रकूट के प्रसिद्ध सदगुरु पब्लिक स्कूल में यू.के.जी में पढ़ने वाले इन दोनों भाइयों का अपहरण मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने 12 फरवरी को उस वक्त स्कूल परिसर से ही कर लिया था, जब वे स्कूल की छुट्टी होने के बाद अपने घर वापस आने के लिए अन्य बच्चों के साथ स्कूल बस में बैठे हुए थे.
इस बीच बच्चों के शव मिलने के बाद आक्रोशित लोगों ने सतना जिले के चित्रकूट में प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसके बाद वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. शेखर ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 17.67 लाख रूपये नकद, घटना में प्रयुक्त किया गया कट्टा, 3 मोटरसाइकिल एवं एक बोलेरो जब्त किया है. उन्होंने कहा कि जब्त की गई बोलेरो में भाजपा का झंडा लगा हुआ था, जबकि एक मोटरसाइकिल में ‘राम राज्य' लिखा हुआ था. शेखर ने कहा कि अपहरण करने के बाद शुरुआत में बच्चों को चित्रकूट में एक-दो दिन रखा गया और बाद में उन्हें बांदा जिले में विभिन्न स्थानों पर जगह बदल-बदल कर रखा गया था.
19 फरवरी को अपहरणकर्ताओं ने बच्चों के परिजन से उनकी बात भी कराई थी। शेखर ने बताया कि 13 फरवरी एवं इसके बाद कई बार आरोपियों ने अपहृत बचों के पिता बृजेश के फोन पर 2 करोड़ रूपये की फिरौती की मांग की. फिरौती की मांग ये आरोपी राह चलते हुए लोगों से मोबाइल मांग कर किया करते थे, इसलिए पकड़े नहीं जाते थे. | फिरौती लेने के बाद की गई थी हत्या
यमुना नदी से मिला था बच्चों का शव
पुलिस अभी कर रही है मामले की जांच | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राज्यसभा में आज गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे फिल्म संबंधी एक टिप्पणी के कारण विपक्ष के निशाने पर आ गए और इसके चलते उन्हें प्रख्यात अभिनेत्री एवं सपा सदस्य जया बच्चन से माफी मांगनी पड़ी।
यह मामला उच्च सदन में असम में हुई हिंसा पर अल्पकालिक चर्चा का गृहमंत्री द्वारा दिए गए जवाब के दौरान हुआ। शिंदे जिस समय अपना जवाब दे रहे थे, उसी समय जया ने उनको टोकते हुए उनसे कुछ जानकारी मांगनी चाही।टिप्पणियां
शिंदे ने उन्हें समझाते हुए कहा कि उनकी बात पूरी हो जाने दीजिए, सारे सवालों का जवाब उन्हें मिल जाएगा लेकिन जब जया ने उन्हें फिर टोका तो शिंदे ने कहा, यह कोई फिल्म का मामला नहीं है। असम से जुड़ा गंभीर मामला है। गृह मंत्री की इस टिप्पणी का जया और विपक्षी सदस्यों ने भारी विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि राज्यसभा में आने वाला प्रत्येक सदस्य अपने क्षेत्र की दिग्गज हस्ती होता है। जया बच्चन फिल्मों की प्रख्यात अभिनेत्री हैं लिहाजा उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को वापस ले लेना चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी इस टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से निकाल देना चाहिए।
इसके बाद शिंदे ने कहा, मैं अपनी इस बात के लिए माफी मांगता हूं। जया जी मेरी बहन हैं और उनकी भावना को आहत नहीं करना चाहता। उनके इतना कहने के बाद सदन सामान्य ढंग से चलने लगा।
यह मामला उच्च सदन में असम में हुई हिंसा पर अल्पकालिक चर्चा का गृहमंत्री द्वारा दिए गए जवाब के दौरान हुआ। शिंदे जिस समय अपना जवाब दे रहे थे, उसी समय जया ने उनको टोकते हुए उनसे कुछ जानकारी मांगनी चाही।टिप्पणियां
शिंदे ने उन्हें समझाते हुए कहा कि उनकी बात पूरी हो जाने दीजिए, सारे सवालों का जवाब उन्हें मिल जाएगा लेकिन जब जया ने उन्हें फिर टोका तो शिंदे ने कहा, यह कोई फिल्म का मामला नहीं है। असम से जुड़ा गंभीर मामला है। गृह मंत्री की इस टिप्पणी का जया और विपक्षी सदस्यों ने भारी विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि राज्यसभा में आने वाला प्रत्येक सदस्य अपने क्षेत्र की दिग्गज हस्ती होता है। जया बच्चन फिल्मों की प्रख्यात अभिनेत्री हैं लिहाजा उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को वापस ले लेना चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी इस टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से निकाल देना चाहिए।
इसके बाद शिंदे ने कहा, मैं अपनी इस बात के लिए माफी मांगता हूं। जया जी मेरी बहन हैं और उनकी भावना को आहत नहीं करना चाहता। उनके इतना कहने के बाद सदन सामान्य ढंग से चलने लगा।
शिंदे ने उन्हें समझाते हुए कहा कि उनकी बात पूरी हो जाने दीजिए, सारे सवालों का जवाब उन्हें मिल जाएगा लेकिन जब जया ने उन्हें फिर टोका तो शिंदे ने कहा, यह कोई फिल्म का मामला नहीं है। असम से जुड़ा गंभीर मामला है। गृह मंत्री की इस टिप्पणी का जया और विपक्षी सदस्यों ने भारी विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि राज्यसभा में आने वाला प्रत्येक सदस्य अपने क्षेत्र की दिग्गज हस्ती होता है। जया बच्चन फिल्मों की प्रख्यात अभिनेत्री हैं लिहाजा उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को वापस ले लेना चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी इस टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से निकाल देना चाहिए।
इसके बाद शिंदे ने कहा, मैं अपनी इस बात के लिए माफी मांगता हूं। जया जी मेरी बहन हैं और उनकी भावना को आहत नहीं करना चाहता। उनके इतना कहने के बाद सदन सामान्य ढंग से चलने लगा।
इसके बाद शिंदे ने कहा, मैं अपनी इस बात के लिए माफी मांगता हूं। जया जी मेरी बहन हैं और उनकी भावना को आहत नहीं करना चाहता। उनके इतना कहने के बाद सदन सामान्य ढंग से चलने लगा। | यह एक सारांश है: हालांकि बाद में लोकसभा के नेता शिंदे को उनसे माफी भी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि वह भी मुंबई से हैं और पूरे बच्चन परिवार को जानते हैं, व जया उनकी बहन जैसी हैं। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हॉलीवुड अभिनेत्री नाओमी वॉट्स कहती हैं कि वह तीसरे बच्चे की मां बनना पसंद करेंगी, यदि उन्हें इस बात की गारंटी हो कि उनका अगला बच्चा लड़की होगा।टिप्पणियां
वेबसाइट फीमेलफर्स्ट.को.यूके के अनुसार, 44-वर्षीय नाओमी वॉट्स अपने लंबे समय से चले आ रहे साथी और अभिनेता लीव श्रीबर के दो बेटों - छह-वर्षीय एलेक्जेंडर और पांच-वर्षीय सैम्युअल - की मां हैं। उन्होंने कहा कि यदि अगली बार बेटी की मां बनने की गारंटी हो तो वह तीसरी बार मां बन सकती हैं।
पत्रिका 'ओके' के अनुसार नाओमी वॉट्स ने कहा, "दो बेटों को संभालना आसान काम नहीं है... कभी-कभी लगता है कि इनके बजाए दो बेटियों को संभालने में ज्यादा आसानी रहती... वे बस अपनी गुड़िया और खिलौनों से खेला करतीं... लेकिन लीव (नाओमी के साथी और उनके बच्चों के पिता) को बेटों का पिता होना पसंद है, और मैं सोचती हूं कि अगले बच्चे के बारे में तभी सोचूंगी, यदि इस बात की गारंटी होगी कि अगला बच्चा बेटी होगी..."
वेबसाइट फीमेलफर्स्ट.को.यूके के अनुसार, 44-वर्षीय नाओमी वॉट्स अपने लंबे समय से चले आ रहे साथी और अभिनेता लीव श्रीबर के दो बेटों - छह-वर्षीय एलेक्जेंडर और पांच-वर्षीय सैम्युअल - की मां हैं। उन्होंने कहा कि यदि अगली बार बेटी की मां बनने की गारंटी हो तो वह तीसरी बार मां बन सकती हैं।
पत्रिका 'ओके' के अनुसार नाओमी वॉट्स ने कहा, "दो बेटों को संभालना आसान काम नहीं है... कभी-कभी लगता है कि इनके बजाए दो बेटियों को संभालने में ज्यादा आसानी रहती... वे बस अपनी गुड़िया और खिलौनों से खेला करतीं... लेकिन लीव (नाओमी के साथी और उनके बच्चों के पिता) को बेटों का पिता होना पसंद है, और मैं सोचती हूं कि अगले बच्चे के बारे में तभी सोचूंगी, यदि इस बात की गारंटी होगी कि अगला बच्चा बेटी होगी..."
पत्रिका 'ओके' के अनुसार नाओमी वॉट्स ने कहा, "दो बेटों को संभालना आसान काम नहीं है... कभी-कभी लगता है कि इनके बजाए दो बेटियों को संभालने में ज्यादा आसानी रहती... वे बस अपनी गुड़िया और खिलौनों से खेला करतीं... लेकिन लीव (नाओमी के साथी और उनके बच्चों के पिता) को बेटों का पिता होना पसंद है, और मैं सोचती हूं कि अगले बच्चे के बारे में तभी सोचूंगी, यदि इस बात की गारंटी होगी कि अगला बच्चा बेटी होगी..." | सारांश: नाओमी वॉट्स ने कहा, "दो बेटों को संभालना आसान काम नहीं है... मैं सोचती हूं कि अगले बच्चे के बारे में तभी सोचूंगी, यदि इस बात की गारंटी होगी कि अगला बच्चा बेटी होगी..." | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण की फिल्मों के अलावा हिन्दी फिल्मों में भी अपने अभिनय के जौहर दिखा चुके अभिनेता जेडी चक्रवर्ती का मानना है कि फिल्म निर्माता एवं निर्देशक रामगोपाल वर्मा डरावनी फिल्मों के बादशाह हैं।टिप्पणियां
प्यार से 'रामू' कहकर पुकारे जाने वाले रामगोपाल वर्मा के साथ 'शिवा', 'सत्या' और 'वास्तुशास्त्र' जैसी फिल्मों में काम कर चुके चक्रवर्ती अब रामू की अगली फिल्म 'भूत रिटर्न्स' में भी नज़र आएंगे, जो 12 अक्टूबर को रिलीज़ होने जा रही है।
रिलीज़ से पहले ही अपने अनूठे पोस्टर में इस्तेमाल किए गए ऑप्टिकल इल्यूज़न को लेकर चर्चा में आ चुकी 'भूत रिटर्न्स' के बारे में बात करते हुए चक्रवर्ती ने कहा, "वर्ष 2003 में आई 'भूत' के इस सीक्वेल में काम करने का अनुभव बहुत शानदार रहा, क्योंकि इसका निर्देशन मेरे बॉस (रामगोपाल वर्मा) ने किया है... रामू जी के साथ यह मेरी 27वीं फिल्म है... यह एक बढ़िया सफर रहा है, और वह (रामगोपाल वर्मा) बहुत शानदार हैं।"
प्यार से 'रामू' कहकर पुकारे जाने वाले रामगोपाल वर्मा के साथ 'शिवा', 'सत्या' और 'वास्तुशास्त्र' जैसी फिल्मों में काम कर चुके चक्रवर्ती अब रामू की अगली फिल्म 'भूत रिटर्न्स' में भी नज़र आएंगे, जो 12 अक्टूबर को रिलीज़ होने जा रही है।
रिलीज़ से पहले ही अपने अनूठे पोस्टर में इस्तेमाल किए गए ऑप्टिकल इल्यूज़न को लेकर चर्चा में आ चुकी 'भूत रिटर्न्स' के बारे में बात करते हुए चक्रवर्ती ने कहा, "वर्ष 2003 में आई 'भूत' के इस सीक्वेल में काम करने का अनुभव बहुत शानदार रहा, क्योंकि इसका निर्देशन मेरे बॉस (रामगोपाल वर्मा) ने किया है... रामू जी के साथ यह मेरी 27वीं फिल्म है... यह एक बढ़िया सफर रहा है, और वह (रामगोपाल वर्मा) बहुत शानदार हैं।"
रिलीज़ से पहले ही अपने अनूठे पोस्टर में इस्तेमाल किए गए ऑप्टिकल इल्यूज़न को लेकर चर्चा में आ चुकी 'भूत रिटर्न्स' के बारे में बात करते हुए चक्रवर्ती ने कहा, "वर्ष 2003 में आई 'भूत' के इस सीक्वेल में काम करने का अनुभव बहुत शानदार रहा, क्योंकि इसका निर्देशन मेरे बॉस (रामगोपाल वर्मा) ने किया है... रामू जी के साथ यह मेरी 27वीं फिल्म है... यह एक बढ़िया सफर रहा है, और वह (रामगोपाल वर्मा) बहुत शानदार हैं।" | प्यार से 'रामू' कहकर पुकारे जाने वाले रामगोपाल वर्मा के साथ 'शिवा', 'सत्या' और 'वास्तुशास्त्र' जैसी फिल्मों में काम कर चुके चक्रवर्ती अब रामू की अगली फिल्म 'भूत रिटर्न्स' में भी नज़र आएंगे। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हालांकि ये भी साफ़ कर दिया गया कि माल्या को कोई ख़ास ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटिश अधिकारियों से भारत के इस रुख से लंदन स्थित अदालत को भी अवगत करा देने को कहा है।
अधिकारी का कहना है कि "हर जेल में अस्पताल भी है, इसीलिए उन्हें ये भी बताया गया कि जैसा फ़िल्मों में जेल की हालत के बारे में दिखाया जाता है, भारत में वैसा नहीं है".
ये इसीलिए अहम है, क्योंकि विजय माल्या ने भारत की खस्ता जेलों का हवाला देकर ब्रिटेन की कोर्ट से प्रत्यर्पण नहीं करने की गुहार लगाई है.टिप्पणियां
इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने 23 जून को महाराष्ट्र के गृह सचिव सुमित मुलिक को एक पत्र लिखकर राज्य में जेलों की स्थिति का जायजा लिया था. सूत्रों की मानें तो विजय माल्या को भारत लाए जाने के बाद मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है.
गौरतलब है कि माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोने देने वाले देश के 17 बैंकों ने जब उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने की अपील के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया तो माल्या मार्च 2016 में इंग्लैंड भाग गए थे. इन बैंकों का माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. भारत में बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी नहीं करने के आरोप में माल्या को भारतीय अदालत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. वह भारत से मार्च 2016 में चोरी छुपे भागकर ब्रिटेन में जा छुपा है.
अधिकारी का कहना है कि "हर जेल में अस्पताल भी है, इसीलिए उन्हें ये भी बताया गया कि जैसा फ़िल्मों में जेल की हालत के बारे में दिखाया जाता है, भारत में वैसा नहीं है".
ये इसीलिए अहम है, क्योंकि विजय माल्या ने भारत की खस्ता जेलों का हवाला देकर ब्रिटेन की कोर्ट से प्रत्यर्पण नहीं करने की गुहार लगाई है.टिप्पणियां
इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने 23 जून को महाराष्ट्र के गृह सचिव सुमित मुलिक को एक पत्र लिखकर राज्य में जेलों की स्थिति का जायजा लिया था. सूत्रों की मानें तो विजय माल्या को भारत लाए जाने के बाद मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है.
गौरतलब है कि माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोने देने वाले देश के 17 बैंकों ने जब उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने की अपील के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया तो माल्या मार्च 2016 में इंग्लैंड भाग गए थे. इन बैंकों का माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. भारत में बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी नहीं करने के आरोप में माल्या को भारतीय अदालत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. वह भारत से मार्च 2016 में चोरी छुपे भागकर ब्रिटेन में जा छुपा है.
ये इसीलिए अहम है, क्योंकि विजय माल्या ने भारत की खस्ता जेलों का हवाला देकर ब्रिटेन की कोर्ट से प्रत्यर्पण नहीं करने की गुहार लगाई है.टिप्पणियां
इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने 23 जून को महाराष्ट्र के गृह सचिव सुमित मुलिक को एक पत्र लिखकर राज्य में जेलों की स्थिति का जायजा लिया था. सूत्रों की मानें तो विजय माल्या को भारत लाए जाने के बाद मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है.
गौरतलब है कि माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोने देने वाले देश के 17 बैंकों ने जब उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने की अपील के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया तो माल्या मार्च 2016 में इंग्लैंड भाग गए थे. इन बैंकों का माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. भारत में बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी नहीं करने के आरोप में माल्या को भारतीय अदालत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. वह भारत से मार्च 2016 में चोरी छुपे भागकर ब्रिटेन में जा छुपा है.
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इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने 23 जून को महाराष्ट्र के गृह सचिव सुमित मुलिक को एक पत्र लिखकर राज्य में जेलों की स्थिति का जायजा लिया था. सूत्रों की मानें तो विजय माल्या को भारत लाए जाने के बाद मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है.
गौरतलब है कि माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोने देने वाले देश के 17 बैंकों ने जब उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने की अपील के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया तो माल्या मार्च 2016 में इंग्लैंड भाग गए थे. इन बैंकों का माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. भारत में बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी नहीं करने के आरोप में माल्या को भारतीय अदालत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. वह भारत से मार्च 2016 में चोरी छुपे भागकर ब्रिटेन में जा छुपा है.
इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने 23 जून को महाराष्ट्र के गृह सचिव सुमित मुलिक को एक पत्र लिखकर राज्य में जेलों की स्थिति का जायजा लिया था. सूत्रों की मानें तो विजय माल्या को भारत लाए जाने के बाद मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है.
गौरतलब है कि माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोने देने वाले देश के 17 बैंकों ने जब उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने की अपील के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया तो माल्या मार्च 2016 में इंग्लैंड भाग गए थे. इन बैंकों का माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. भारत में बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी नहीं करने के आरोप में माल्या को भारतीय अदालत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. वह भारत से मार्च 2016 में चोरी छुपे भागकर ब्रिटेन में जा छुपा है.
गौरतलब है कि माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोने देने वाले देश के 17 बैंकों ने जब उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने की अपील के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया तो माल्या मार्च 2016 में इंग्लैंड भाग गए थे. इन बैंकों का माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. भारत में बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी नहीं करने के आरोप में माल्या को भारतीय अदालत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. वह भारत से मार्च 2016 में चोरी छुपे भागकर ब्रिटेन में जा छुपा है. | भारत की जेलों में सुविधा यूरोप की जेलों से कम नहीं हैं- ब्रिटेन से भारत
भारत की तरफ से ये पक्ष केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने रखा.
भारत की जेलों के सेल यूरोप की जेलों के सेल से बड़े हैं- भारत | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के तीमारपुर से 'आप' के विधायक पंकज पुष्कर ने वजीराबाद वाटर वर्क्स के सामने धरना देने के साथ 'आप' के खिलाफ कुछ तस्वीरों के साथ प्रेस कांफ्रेंस की. उनका आरोप है कि सरकार पानी देने में भेदभाव कर रही है. सबसे कम पानी उत्तरी दिल्ली को दिया जा रहा है, उनके साथ प्रीरेक किया है. पानी की समस्या के लिए सिर्फ हरियाणा ज़िम्मेदार नहीं है. जल बोर्ड सबसे बड़ा दोषी है. कपिल के जाने के बाद मनीष सिसोदिया के पास जल विभाग है. मंगलवार को जल बोर्ड के अंदर जाकर चीफ इंजीनियर के दफ्तर के बाहर लगे बोर्ड की तस्वीर ली है. तस्वीर में लिखा है कि उत्तरी दिल्ली को सिर्फ 9 MGD(मिलियन गैलन प्रतिदिन) पानी मिल रहा है. जबकि 44 MGD मिलना चाहिए. वहीं दक्षिणी दिल्ली को 36 MGD पानी मिल रहा है और मध्य दिल्ली को 39 MGD. दिल्ली सरकार सुनती नहीं है. समस्या के लिए सिर्फ दूसरों को जिम्मेदार ठहराती है. टिप्पणियां
गौरतलब है कि मंगलवार को मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके दिल्ली में हो रही पानी की समस्या के लिए हरियाणा को दोषी ठहराया था. उनका आरोप है कि दिल्ली को प्रतिदिन 900 MGD पानी की आवश्यकता है. हरियाणा से उन्हें लगभग 80 MGD कम पानी मिल रहा है. मनीष ने यह भी कहा था कि अगर पीएमओ (PMO) जल्द दख़ल नहीं देगा तो वे सारे वीआईपी इलाकों का पानी बंद कर देंगे. हरियाणा में बीजेपी की सरकार है.
वहीं हरियाणा सरकार का कहना है कि दिल्ली को हर महीने 725 क्यूसेक पानी देना होता है, जो कि हरियाणा सरकार दे रही है. पिछले कुछ महीनों से लगभग 25 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिल्ली को दिया जा रहा है, जो कि हरियाणा में पानी की ख़पत बढ़ने से बंद कर दिया गया है.
गौरतलब है कि मंगलवार को मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके दिल्ली में हो रही पानी की समस्या के लिए हरियाणा को दोषी ठहराया था. उनका आरोप है कि दिल्ली को प्रतिदिन 900 MGD पानी की आवश्यकता है. हरियाणा से उन्हें लगभग 80 MGD कम पानी मिल रहा है. मनीष ने यह भी कहा था कि अगर पीएमओ (PMO) जल्द दख़ल नहीं देगा तो वे सारे वीआईपी इलाकों का पानी बंद कर देंगे. हरियाणा में बीजेपी की सरकार है.
वहीं हरियाणा सरकार का कहना है कि दिल्ली को हर महीने 725 क्यूसेक पानी देना होता है, जो कि हरियाणा सरकार दे रही है. पिछले कुछ महीनों से लगभग 25 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिल्ली को दिया जा रहा है, जो कि हरियाणा में पानी की ख़पत बढ़ने से बंद कर दिया गया है.
वहीं हरियाणा सरकार का कहना है कि दिल्ली को हर महीने 725 क्यूसेक पानी देना होता है, जो कि हरियाणा सरकार दे रही है. पिछले कुछ महीनों से लगभग 25 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिल्ली को दिया जा रहा है, जो कि हरियाणा में पानी की ख़पत बढ़ने से बंद कर दिया गया है. | संक्षिप्त पाठ: सरकार पानी देने में भेदभाव कर रही है
सबसे कम पानी उत्तरी दिल्ली को दिया जा रहा है
कपिल के जाने के बाद सिसोदिया के पास जलविभाग | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के छपरा में जिस मिड-डे मील को खाने से 23 बच्चों की मौत हुई उसमें भारी मात्रा में जहर मिला हुआ था। यह बात मिड-डे मील खाने से बीमार हुए चार बच्चों की ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद साफ हुई है।
मुंबई में हुई इस जांच के बारे में पटना मेडीकल कालेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने जानकारी दी। बच्चों के ब्लड सैंपल को मुंबई ऑर्गेनो फॉस्फेरस की जांच के लिए भेजा गया था।
इस घटना की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम करेगी। बिहार सरकार ने इसकी जांच को एसआईटी को सौंपने का फैसला लिया है।टिप्पणियां
आठ सदस्यों वाले जांच दल के प्रमुख छपरा के एसपी सुजीत कुमार होंगे। इस बीच पुलिस ने कहा है कि जिस प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील खाने से बच्चों की मौत हुई, वहां की आरोपी प्रिंसिपल मीना देवी को जब भी गिरफ्तार किया जाएगा। उसके बाद उसकी ब्रैन मैपिंग की होगी।
अब तक इस मामले की मुख्य आरोपी स्कूल की प्रिंसिपल और स्कूल में खाने की सप्लाई करने वाले प्रिंसिपल के पति को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
मुंबई में हुई इस जांच के बारे में पटना मेडीकल कालेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने जानकारी दी। बच्चों के ब्लड सैंपल को मुंबई ऑर्गेनो फॉस्फेरस की जांच के लिए भेजा गया था।
इस घटना की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम करेगी। बिहार सरकार ने इसकी जांच को एसआईटी को सौंपने का फैसला लिया है।टिप्पणियां
आठ सदस्यों वाले जांच दल के प्रमुख छपरा के एसपी सुजीत कुमार होंगे। इस बीच पुलिस ने कहा है कि जिस प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील खाने से बच्चों की मौत हुई, वहां की आरोपी प्रिंसिपल मीना देवी को जब भी गिरफ्तार किया जाएगा। उसके बाद उसकी ब्रैन मैपिंग की होगी।
अब तक इस मामले की मुख्य आरोपी स्कूल की प्रिंसिपल और स्कूल में खाने की सप्लाई करने वाले प्रिंसिपल के पति को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
इस घटना की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम करेगी। बिहार सरकार ने इसकी जांच को एसआईटी को सौंपने का फैसला लिया है।टिप्पणियां
आठ सदस्यों वाले जांच दल के प्रमुख छपरा के एसपी सुजीत कुमार होंगे। इस बीच पुलिस ने कहा है कि जिस प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील खाने से बच्चों की मौत हुई, वहां की आरोपी प्रिंसिपल मीना देवी को जब भी गिरफ्तार किया जाएगा। उसके बाद उसकी ब्रैन मैपिंग की होगी।
अब तक इस मामले की मुख्य आरोपी स्कूल की प्रिंसिपल और स्कूल में खाने की सप्लाई करने वाले प्रिंसिपल के पति को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
आठ सदस्यों वाले जांच दल के प्रमुख छपरा के एसपी सुजीत कुमार होंगे। इस बीच पुलिस ने कहा है कि जिस प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील खाने से बच्चों की मौत हुई, वहां की आरोपी प्रिंसिपल मीना देवी को जब भी गिरफ्तार किया जाएगा। उसके बाद उसकी ब्रैन मैपिंग की होगी।
अब तक इस मामले की मुख्य आरोपी स्कूल की प्रिंसिपल और स्कूल में खाने की सप्लाई करने वाले प्रिंसिपल के पति को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
अब तक इस मामले की मुख्य आरोपी स्कूल की प्रिंसिपल और स्कूल में खाने की सप्लाई करने वाले प्रिंसिपल के पति को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। | छपरा मिड-डे मील में हुए 23 बच्चों की मौत की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम करेगी। बिहार सरकार ने इसकी जांच को एसआईटी को सौंपने का फैसला लिया है। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने घोषणा की कि वह चित्राल से आगामी आम चुनाव लड़ेंगे। यह निर्वाचन क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में है। पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में भगोड़ा अपराधी घोषित हैं।टिप्पणियां
‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, 69 वर्षीय मुशर्रफ ने दुबई से वीडियो लिंक के जरिये चित्राल के कबायली सरदारों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।
पाकिस्तान पर 1999 से 2008 के बीच शासन करने वाले पूर्व राष्ट्रपति ने ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग पार्टी का गठन किया है और देश में चुनाव लड़ने के लिए अपना स्व-निर्वासन खत्म करने का संकल्प जताया।
‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, 69 वर्षीय मुशर्रफ ने दुबई से वीडियो लिंक के जरिये चित्राल के कबायली सरदारों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।
पाकिस्तान पर 1999 से 2008 के बीच शासन करने वाले पूर्व राष्ट्रपति ने ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग पार्टी का गठन किया है और देश में चुनाव लड़ने के लिए अपना स्व-निर्वासन खत्म करने का संकल्प जताया।
पाकिस्तान पर 1999 से 2008 के बीच शासन करने वाले पूर्व राष्ट्रपति ने ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग पार्टी का गठन किया है और देश में चुनाव लड़ने के लिए अपना स्व-निर्वासन खत्म करने का संकल्प जताया। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने घोषणा की कि वह चित्राल से आगामी आम चुनाव लड़ेंगे। यह निर्वाचन क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में है। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री पी चिदंबरम के आम बजट ने शेयर बाजार को निराश कर दिया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 291 अंक का गोता खाकर 19,000 अंक से नीचे बंद हुआ।
एफआईआई मुद्दा और एक करोड़ रुपये से अधिक आय वाले उद्यमियों पर अधिभार लगाने के प्रस्ताव ने धारणा कमजोर की।
शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज करने वाला सेंसेक्स 290.87 अंक की गिरावट के साथ 18,861.54 अंक पर बंद हुआ। 27 नवंबर के बाद सेंसेक्स का यह सबसे निचला स्तर है। इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.85 अंक की गिरावट के साथ 5,693.05 अंक पर आ टिका।टिप्पणियां
भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य निवेश अधिकारी संदीप नंदा ने कहा, ‘एफआईआई कराधान पर नई चिंताओं को देखकर बाजार को निराशा हुई और इससे अनिश्चितता की स्थिति बनने की संभावना है।’’
प्रतिभूति लेन-देन कर में कटौती और वैश्विक बाजारों में तेजी के बावजूद कुछ करों में वृद्धि किए जाने से बाजार की धारणा कमजोर हुई। सरकार द्वारा लग्जरी कारों एवं उनके कलपुर्जों पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा से वाहन कंपनियों के शेयर बिकवाली दबाव में आ गए।
एफआईआई मुद्दा और एक करोड़ रुपये से अधिक आय वाले उद्यमियों पर अधिभार लगाने के प्रस्ताव ने धारणा कमजोर की।
शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज करने वाला सेंसेक्स 290.87 अंक की गिरावट के साथ 18,861.54 अंक पर बंद हुआ। 27 नवंबर के बाद सेंसेक्स का यह सबसे निचला स्तर है। इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.85 अंक की गिरावट के साथ 5,693.05 अंक पर आ टिका।टिप्पणियां
भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य निवेश अधिकारी संदीप नंदा ने कहा, ‘एफआईआई कराधान पर नई चिंताओं को देखकर बाजार को निराशा हुई और इससे अनिश्चितता की स्थिति बनने की संभावना है।’’
प्रतिभूति लेन-देन कर में कटौती और वैश्विक बाजारों में तेजी के बावजूद कुछ करों में वृद्धि किए जाने से बाजार की धारणा कमजोर हुई। सरकार द्वारा लग्जरी कारों एवं उनके कलपुर्जों पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा से वाहन कंपनियों के शेयर बिकवाली दबाव में आ गए।
शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज करने वाला सेंसेक्स 290.87 अंक की गिरावट के साथ 18,861.54 अंक पर बंद हुआ। 27 नवंबर के बाद सेंसेक्स का यह सबसे निचला स्तर है। इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.85 अंक की गिरावट के साथ 5,693.05 अंक पर आ टिका।टिप्पणियां
भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य निवेश अधिकारी संदीप नंदा ने कहा, ‘एफआईआई कराधान पर नई चिंताओं को देखकर बाजार को निराशा हुई और इससे अनिश्चितता की स्थिति बनने की संभावना है।’’
प्रतिभूति लेन-देन कर में कटौती और वैश्विक बाजारों में तेजी के बावजूद कुछ करों में वृद्धि किए जाने से बाजार की धारणा कमजोर हुई। सरकार द्वारा लग्जरी कारों एवं उनके कलपुर्जों पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा से वाहन कंपनियों के शेयर बिकवाली दबाव में आ गए।
भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य निवेश अधिकारी संदीप नंदा ने कहा, ‘एफआईआई कराधान पर नई चिंताओं को देखकर बाजार को निराशा हुई और इससे अनिश्चितता की स्थिति बनने की संभावना है।’’
प्रतिभूति लेन-देन कर में कटौती और वैश्विक बाजारों में तेजी के बावजूद कुछ करों में वृद्धि किए जाने से बाजार की धारणा कमजोर हुई। सरकार द्वारा लग्जरी कारों एवं उनके कलपुर्जों पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा से वाहन कंपनियों के शेयर बिकवाली दबाव में आ गए।
प्रतिभूति लेन-देन कर में कटौती और वैश्विक बाजारों में तेजी के बावजूद कुछ करों में वृद्धि किए जाने से बाजार की धारणा कमजोर हुई। सरकार द्वारा लग्जरी कारों एवं उनके कलपुर्जों पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा से वाहन कंपनियों के शेयर बिकवाली दबाव में आ गए। | संक्षिप्त सारांश: आम बजट 2013 से उम्मीद लगाए बैठे शेयर बाजार को वित्तमंत्री पी चिदंबरम के भाषण से निराशा हाथ लगी, जिसके चलते बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 291 अंक लुढ़क गया। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर एक विशेष अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक से दो अरब अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी करने के मामले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी करार दिया है. नीरव मोदी विजय माल्या के बाद दूसरा ऐसा कारोबारी है जिसे नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी करार दिया गया है. यह अधिनियम पिछले साल अगस्त में प्रभाव में आया था.
बता दें, नीरव मोदी और उसका चाचा मेहुल चोकसी पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी है. यह गारंटी पत्र जारी करने में कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है जिसकी वजह से सरकारी बैंक को दो अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा था. नीरव मोदी को लंदन में गिरफ्तार किया गया था और अभी प्रत्यर्पण प्रक्रिया लंबित है.
इससे पहले भगोड़े नीरव मोदी ने यूके की कोर्ट में कहा था कि अगर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया गया तो वह खुद को मार लेगा. उस दौरान ब्रिटेन की अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की नई जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इससे नीरव मोदी को तगड़ा झटका लगा था. नीरव ने मुचलके के तौर पर 40 लाख पाउंड की भारी धनराशि का भुगतान करने के साथ ही संदिग्ध आतंकवादियों के समान निगरानी में रखे जाने की पेशकश की थी, लेकिन अदालत ने उसकी दलील को अनसुना कर दिया. | यहाँ एक सारांश है:हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी करार दिया है
विजय माल्या के बाद भगोड़ा घोषित होने वाले बने दूसरे कारोबारी
यह अधिनियम पिछले साल अगस्त में प्रभाव में आया था | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने का परिणाम मोटे-तौर पर केवल योजना कार्यक्रमों पर ही निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह आर्थिक विकास की गति, क्षेत्रीय गठन, रोजगार जुटाने की गति, जनसंख्या की विभिन्न श्रेणियों और क्षेत्रों के लिए आय अर्जित करने के अवसरों के साथ सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था के कार्य निष्पादन पर भी निर्भर करता है।
राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए अहलूवालिया ने कहा कि ये परिणाम निवेश और निवेश की उत्पादकता पर निर्भर करते हैं। अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र का कुल निवेश का 25 प्रतिशत है जबकि 75 प्रतिशत निजी निवेश से आता है। केंद्र और राज्य दोनों को निवेश के विभिन्न घटकों को प्रोत्साहित करने और उनकी निपुणता बढ़ाने पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि योजना विकल्पों का विश्लेषण करने में हमारे सामने नीति हस्तक्षेप के विशिष्ट क्षेत्र आते हैं जो मुख्य रूप से केंद्र और राज्यों के हाथ में है। राज्य अनेक क्षेत्रों में नवीन कदम उठा रहे हैं, जिसके कारण पिछले दस वर्षों में अधिक वृद्धि हुई है। हमें श्रेष्ठ पद्धति के ज्ञान का विस्तार करने की जरूरत है।
बारहवीं योजना में यह पहचान की गई है कि विकास परिणाम समग्र विकास करने के लिए आवश्यक कठिन निर्णयों पर निर्भर करेंगे। इस संबंध में योजना में 'मजबूत समग्र-विकास' के लिए आकांक्षापूर्ण परिदृश्य की पहचान की गई है। जिसमें लगभग 8.2 प्रतिशत प्रतिवर्ष का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि दूसरा परिदृश्य वह है जिसमें नीतियां ठीक दिशा में चल रही है लेकिन पूरी तरह से लागू नहीं की गई हैं। इस मामले में वृद्धि 6 से 6.5 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। जिसके कारण समग्र विकास कम होगा। तीसरे परि²श्य को (बाधित नीति) कहा गया है, जिसमें पहचान किए गए विभिन्न निर्णयों पर बहुत कम प्रगति हुई है। इस मामले में वृद्धि 5 से 5.5 प्रतिशत तक रहेगी। योजना दस्तावेज में केवल परिदृश्य एक पर ही जोर दिया गया है जो लोगों की आशाओं को पूरा करेगा।
अभी हाल के दो घटनाक्रमों के आलोक में परिदृश्य एक को संशोधित करने की जरूरत है। पहला वित्तमंत्री द्वारा कुछ दिन पहले संसद में प्रस्तुत 2012-13 के विकास अनुमानों को घटाकर 5.7 और 5.9 के मध्य कर दिया गया है।
दूसरे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा जारी नवीनतम समीक्षा के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था में 2012 और 2013 के दौरान वैश्विक आर्थिक संभावनाओं में पहले से व्यक्त संभावनाओं की तुलना में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए परिदृश्य एक से संबंधित वृद्धि दर घटकर 8 प्रतिशत हो सकती है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं के पुनर्गठन की आवश्कता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं। वीके चतुवेर्दी समिति इसकी जांच कर रही है और उसने राज्य सरकारों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है। समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को कम संख्या में समेकित करने तथा इन योजना के परिचालन के दिशा-निर्देशों में लचीलापन लाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए अहलूवालिया ने कहा कि ये परिणाम निवेश और निवेश की उत्पादकता पर निर्भर करते हैं। अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र का कुल निवेश का 25 प्रतिशत है जबकि 75 प्रतिशत निजी निवेश से आता है। केंद्र और राज्य दोनों को निवेश के विभिन्न घटकों को प्रोत्साहित करने और उनकी निपुणता बढ़ाने पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि योजना विकल्पों का विश्लेषण करने में हमारे सामने नीति हस्तक्षेप के विशिष्ट क्षेत्र आते हैं जो मुख्य रूप से केंद्र और राज्यों के हाथ में है। राज्य अनेक क्षेत्रों में नवीन कदम उठा रहे हैं, जिसके कारण पिछले दस वर्षों में अधिक वृद्धि हुई है। हमें श्रेष्ठ पद्धति के ज्ञान का विस्तार करने की जरूरत है।
बारहवीं योजना में यह पहचान की गई है कि विकास परिणाम समग्र विकास करने के लिए आवश्यक कठिन निर्णयों पर निर्भर करेंगे। इस संबंध में योजना में 'मजबूत समग्र-विकास' के लिए आकांक्षापूर्ण परिदृश्य की पहचान की गई है। जिसमें लगभग 8.2 प्रतिशत प्रतिवर्ष का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि दूसरा परिदृश्य वह है जिसमें नीतियां ठीक दिशा में चल रही है लेकिन पूरी तरह से लागू नहीं की गई हैं। इस मामले में वृद्धि 6 से 6.5 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। जिसके कारण समग्र विकास कम होगा। तीसरे परि²श्य को (बाधित नीति) कहा गया है, जिसमें पहचान किए गए विभिन्न निर्णयों पर बहुत कम प्रगति हुई है। इस मामले में वृद्धि 5 से 5.5 प्रतिशत तक रहेगी। योजना दस्तावेज में केवल परिदृश्य एक पर ही जोर दिया गया है जो लोगों की आशाओं को पूरा करेगा।
अभी हाल के दो घटनाक्रमों के आलोक में परिदृश्य एक को संशोधित करने की जरूरत है। पहला वित्तमंत्री द्वारा कुछ दिन पहले संसद में प्रस्तुत 2012-13 के विकास अनुमानों को घटाकर 5.7 और 5.9 के मध्य कर दिया गया है।
दूसरे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा जारी नवीनतम समीक्षा के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था में 2012 और 2013 के दौरान वैश्विक आर्थिक संभावनाओं में पहले से व्यक्त संभावनाओं की तुलना में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए परिदृश्य एक से संबंधित वृद्धि दर घटकर 8 प्रतिशत हो सकती है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं के पुनर्गठन की आवश्कता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं। वीके चतुवेर्दी समिति इसकी जांच कर रही है और उसने राज्य सरकारों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है। समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को कम संख्या में समेकित करने तथा इन योजना के परिचालन के दिशा-निर्देशों में लचीलापन लाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि योजना विकल्पों का विश्लेषण करने में हमारे सामने नीति हस्तक्षेप के विशिष्ट क्षेत्र आते हैं जो मुख्य रूप से केंद्र और राज्यों के हाथ में है। राज्य अनेक क्षेत्रों में नवीन कदम उठा रहे हैं, जिसके कारण पिछले दस वर्षों में अधिक वृद्धि हुई है। हमें श्रेष्ठ पद्धति के ज्ञान का विस्तार करने की जरूरत है।
बारहवीं योजना में यह पहचान की गई है कि विकास परिणाम समग्र विकास करने के लिए आवश्यक कठिन निर्णयों पर निर्भर करेंगे। इस संबंध में योजना में 'मजबूत समग्र-विकास' के लिए आकांक्षापूर्ण परिदृश्य की पहचान की गई है। जिसमें लगभग 8.2 प्रतिशत प्रतिवर्ष का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि दूसरा परिदृश्य वह है जिसमें नीतियां ठीक दिशा में चल रही है लेकिन पूरी तरह से लागू नहीं की गई हैं। इस मामले में वृद्धि 6 से 6.5 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। जिसके कारण समग्र विकास कम होगा। तीसरे परि²श्य को (बाधित नीति) कहा गया है, जिसमें पहचान किए गए विभिन्न निर्णयों पर बहुत कम प्रगति हुई है। इस मामले में वृद्धि 5 से 5.5 प्रतिशत तक रहेगी। योजना दस्तावेज में केवल परिदृश्य एक पर ही जोर दिया गया है जो लोगों की आशाओं को पूरा करेगा।
अभी हाल के दो घटनाक्रमों के आलोक में परिदृश्य एक को संशोधित करने की जरूरत है। पहला वित्तमंत्री द्वारा कुछ दिन पहले संसद में प्रस्तुत 2012-13 के विकास अनुमानों को घटाकर 5.7 और 5.9 के मध्य कर दिया गया है।
दूसरे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा जारी नवीनतम समीक्षा के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था में 2012 और 2013 के दौरान वैश्विक आर्थिक संभावनाओं में पहले से व्यक्त संभावनाओं की तुलना में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए परिदृश्य एक से संबंधित वृद्धि दर घटकर 8 प्रतिशत हो सकती है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं के पुनर्गठन की आवश्कता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं। वीके चतुवेर्दी समिति इसकी जांच कर रही है और उसने राज्य सरकारों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है। समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को कम संख्या में समेकित करने तथा इन योजना के परिचालन के दिशा-निर्देशों में लचीलापन लाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
बारहवीं योजना में यह पहचान की गई है कि विकास परिणाम समग्र विकास करने के लिए आवश्यक कठिन निर्णयों पर निर्भर करेंगे। इस संबंध में योजना में 'मजबूत समग्र-विकास' के लिए आकांक्षापूर्ण परिदृश्य की पहचान की गई है। जिसमें लगभग 8.2 प्रतिशत प्रतिवर्ष का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि दूसरा परिदृश्य वह है जिसमें नीतियां ठीक दिशा में चल रही है लेकिन पूरी तरह से लागू नहीं की गई हैं। इस मामले में वृद्धि 6 से 6.5 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। जिसके कारण समग्र विकास कम होगा। तीसरे परि²श्य को (बाधित नीति) कहा गया है, जिसमें पहचान किए गए विभिन्न निर्णयों पर बहुत कम प्रगति हुई है। इस मामले में वृद्धि 5 से 5.5 प्रतिशत तक रहेगी। योजना दस्तावेज में केवल परिदृश्य एक पर ही जोर दिया गया है जो लोगों की आशाओं को पूरा करेगा।
अभी हाल के दो घटनाक्रमों के आलोक में परिदृश्य एक को संशोधित करने की जरूरत है। पहला वित्तमंत्री द्वारा कुछ दिन पहले संसद में प्रस्तुत 2012-13 के विकास अनुमानों को घटाकर 5.7 और 5.9 के मध्य कर दिया गया है।
दूसरे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा जारी नवीनतम समीक्षा के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था में 2012 और 2013 के दौरान वैश्विक आर्थिक संभावनाओं में पहले से व्यक्त संभावनाओं की तुलना में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए परिदृश्य एक से संबंधित वृद्धि दर घटकर 8 प्रतिशत हो सकती है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं के पुनर्गठन की आवश्कता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं। वीके चतुवेर्दी समिति इसकी जांच कर रही है और उसने राज्य सरकारों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है। समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को कम संख्या में समेकित करने तथा इन योजना के परिचालन के दिशा-निर्देशों में लचीलापन लाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि दूसरा परिदृश्य वह है जिसमें नीतियां ठीक दिशा में चल रही है लेकिन पूरी तरह से लागू नहीं की गई हैं। इस मामले में वृद्धि 6 से 6.5 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। जिसके कारण समग्र विकास कम होगा। तीसरे परि²श्य को (बाधित नीति) कहा गया है, जिसमें पहचान किए गए विभिन्न निर्णयों पर बहुत कम प्रगति हुई है। इस मामले में वृद्धि 5 से 5.5 प्रतिशत तक रहेगी। योजना दस्तावेज में केवल परिदृश्य एक पर ही जोर दिया गया है जो लोगों की आशाओं को पूरा करेगा।
अभी हाल के दो घटनाक्रमों के आलोक में परिदृश्य एक को संशोधित करने की जरूरत है। पहला वित्तमंत्री द्वारा कुछ दिन पहले संसद में प्रस्तुत 2012-13 के विकास अनुमानों को घटाकर 5.7 और 5.9 के मध्य कर दिया गया है।
दूसरे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा जारी नवीनतम समीक्षा के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था में 2012 और 2013 के दौरान वैश्विक आर्थिक संभावनाओं में पहले से व्यक्त संभावनाओं की तुलना में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए परिदृश्य एक से संबंधित वृद्धि दर घटकर 8 प्रतिशत हो सकती है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं के पुनर्गठन की आवश्कता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं। वीके चतुवेर्दी समिति इसकी जांच कर रही है और उसने राज्य सरकारों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है। समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को कम संख्या में समेकित करने तथा इन योजना के परिचालन के दिशा-निर्देशों में लचीलापन लाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
अभी हाल के दो घटनाक्रमों के आलोक में परिदृश्य एक को संशोधित करने की जरूरत है। पहला वित्तमंत्री द्वारा कुछ दिन पहले संसद में प्रस्तुत 2012-13 के विकास अनुमानों को घटाकर 5.7 और 5.9 के मध्य कर दिया गया है।
दूसरे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा जारी नवीनतम समीक्षा के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था में 2012 और 2013 के दौरान वैश्विक आर्थिक संभावनाओं में पहले से व्यक्त संभावनाओं की तुलना में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए परिदृश्य एक से संबंधित वृद्धि दर घटकर 8 प्रतिशत हो सकती है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं के पुनर्गठन की आवश्कता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं। वीके चतुवेर्दी समिति इसकी जांच कर रही है और उसने राज्य सरकारों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है। समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को कम संख्या में समेकित करने तथा इन योजना के परिचालन के दिशा-निर्देशों में लचीलापन लाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
दूसरे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा जारी नवीनतम समीक्षा के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था में 2012 और 2013 के दौरान वैश्विक आर्थिक संभावनाओं में पहले से व्यक्त संभावनाओं की तुलना में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए परिदृश्य एक से संबंधित वृद्धि दर घटकर 8 प्रतिशत हो सकती है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं के पुनर्गठन की आवश्कता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं। वीके चतुवेर्दी समिति इसकी जांच कर रही है और उसने राज्य सरकारों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है। समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को कम संख्या में समेकित करने तथा इन योजना के परिचालन के दिशा-निर्देशों में लचीलापन लाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं के पुनर्गठन की आवश्कता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं। वीके चतुवेर्दी समिति इसकी जांच कर रही है और उसने राज्य सरकारों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है। समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को कम संख्या में समेकित करने तथा इन योजना के परिचालन के दिशा-निर्देशों में लचीलापन लाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैगशिप योजना में विशेष लचीली-निधि खिड़की शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। नई प्रणाली के 1 अप्रैल, 2013 से लागू होने का अनुमान है जिससे मुख्य मंत्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा। | सारांश: राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए अहलूवालिया ने कहा कि ये परिणाम निवेश और निवेश की उत्पादकता पर निर्भर करते हैं। अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र का कुल निवेश का 25 प्रतिशत है जबकि 75 प्रतिशत निजी निवेश से आता है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के बाद अब भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) भी विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद के लिए सिरदर्द बनने जा रही है। किसानों का यह संगठन इस माह के अंत में खुर्शीद के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र फर्रुखाबाद में एक महापंचायत करके उन्हें अपनी तरह से घेरेगा।
खुर्शीद और उनकी पत्नी लुइस द्वारा संचालित डॉक्टर जाकिर हुसैन ट्रस्ट के जरिये विकलांगों का कथित रूप से हक मारने के विरोध में आईएसी नेता अरविंद केजरीवाल की रैली से उठे गुबार के बीच भाकियू भी मैदान में कूद पड़ी है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के मुताबिक संगठन के कुछ कार्यकर्ता केजरीवाल की जनसभा के दौरान उनकी सुरक्षा में लगे यूनियन के लाठीबंद कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कारकुनों के ‘हमले’ तथा संगठन के जिलाध्यक्ष की कार पर पत्थरबाजी का मुद्दा लेकर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के पास गए थे।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि टिकैत ने इसे गम्भीरता से लेते हुए इस माह के अंत में एक महांपचायत बुलाने का ऐलान किया और कहा कि इस महापंचायत में संस्था के सभी राष्ट्रीय नेता फर्रुखाबाद पहुंचकर विदेशमंत्री खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा किए गए ‘घोटाले’ तथा केजरीवाल की रैली के दौरान यूनियन कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कारकुनों द्वारा किए गए अत्याचार के खिलाफ बिगुल फूंकेंगे।
सूत्रों ने बताया कि टिकैत का भी मानना है कि खुर्शीद के ट्रस्ट ने विकलांगों के कल्याण की योजनाओं का धन हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और मोहरों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी की है और वह आईएसी द्वारा शुरू की गई लड़ाई को अपने संगठन के स्तर से भी लड़ना चाहते हैं।
खुर्शीद और उनकी पत्नी लुइस द्वारा संचालित डॉक्टर जाकिर हुसैन ट्रस्ट के जरिये विकलांगों का कथित रूप से हक मारने के विरोध में आईएसी नेता अरविंद केजरीवाल की रैली से उठे गुबार के बीच भाकियू भी मैदान में कूद पड़ी है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के मुताबिक संगठन के कुछ कार्यकर्ता केजरीवाल की जनसभा के दौरान उनकी सुरक्षा में लगे यूनियन के लाठीबंद कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कारकुनों के ‘हमले’ तथा संगठन के जिलाध्यक्ष की कार पर पत्थरबाजी का मुद्दा लेकर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के पास गए थे।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि टिकैत ने इसे गम्भीरता से लेते हुए इस माह के अंत में एक महांपचायत बुलाने का ऐलान किया और कहा कि इस महापंचायत में संस्था के सभी राष्ट्रीय नेता फर्रुखाबाद पहुंचकर विदेशमंत्री खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा किए गए ‘घोटाले’ तथा केजरीवाल की रैली के दौरान यूनियन कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कारकुनों द्वारा किए गए अत्याचार के खिलाफ बिगुल फूंकेंगे।
सूत्रों ने बताया कि टिकैत का भी मानना है कि खुर्शीद के ट्रस्ट ने विकलांगों के कल्याण की योजनाओं का धन हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और मोहरों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी की है और वह आईएसी द्वारा शुरू की गई लड़ाई को अपने संगठन के स्तर से भी लड़ना चाहते हैं।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के मुताबिक संगठन के कुछ कार्यकर्ता केजरीवाल की जनसभा के दौरान उनकी सुरक्षा में लगे यूनियन के लाठीबंद कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कारकुनों के ‘हमले’ तथा संगठन के जिलाध्यक्ष की कार पर पत्थरबाजी का मुद्दा लेकर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के पास गए थे।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि टिकैत ने इसे गम्भीरता से लेते हुए इस माह के अंत में एक महांपचायत बुलाने का ऐलान किया और कहा कि इस महापंचायत में संस्था के सभी राष्ट्रीय नेता फर्रुखाबाद पहुंचकर विदेशमंत्री खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा किए गए ‘घोटाले’ तथा केजरीवाल की रैली के दौरान यूनियन कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कारकुनों द्वारा किए गए अत्याचार के खिलाफ बिगुल फूंकेंगे।
सूत्रों ने बताया कि टिकैत का भी मानना है कि खुर्शीद के ट्रस्ट ने विकलांगों के कल्याण की योजनाओं का धन हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और मोहरों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी की है और वह आईएसी द्वारा शुरू की गई लड़ाई को अपने संगठन के स्तर से भी लड़ना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि टिकैत ने इसे गम्भीरता से लेते हुए इस माह के अंत में एक महांपचायत बुलाने का ऐलान किया और कहा कि इस महापंचायत में संस्था के सभी राष्ट्रीय नेता फर्रुखाबाद पहुंचकर विदेशमंत्री खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा किए गए ‘घोटाले’ तथा केजरीवाल की रैली के दौरान यूनियन कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कारकुनों द्वारा किए गए अत्याचार के खिलाफ बिगुल फूंकेंगे।
सूत्रों ने बताया कि टिकैत का भी मानना है कि खुर्शीद के ट्रस्ट ने विकलांगों के कल्याण की योजनाओं का धन हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और मोहरों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी की है और वह आईएसी द्वारा शुरू की गई लड़ाई को अपने संगठन के स्तर से भी लड़ना चाहते हैं।
सूत्रों ने बताया कि टिकैत का भी मानना है कि खुर्शीद के ट्रस्ट ने विकलांगों के कल्याण की योजनाओं का धन हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और मोहरों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी की है और वह आईएसी द्वारा शुरू की गई लड़ाई को अपने संगठन के स्तर से भी लड़ना चाहते हैं। | किसानों का यह संगठन इस माह के अंत में खुर्शीद के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र फर्रुखाबाद में एक महापंचायत करके उन्हें अपनी तरह से घेरेगा। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मनसे प्रमुख राज ठाकरे धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए है. इसे देखते हुए मुंबई पुलिस ने गुरुवार को दक्षिण मुंबई में ईडी कार्यालय के बाहर सीआरपीसी की धारा 144 (गैरकानूनी सभा पर प्रतिबंध) लगा दी है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है. अधिकारी ने कहा, ‘राज ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से ईडी कार्यालय के बाहर नहीं जाने की अपील की है, लेकिन हम कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते हैं.' अधिकारी ने साथ ही कहा, कि ठाकरे ईएलएंडएफएस जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए सुबह बल्लार्ड पियर स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए.
मनसे के एक कार्यकर्ता ने पड़ोसी ठाणे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली और पार्टी ने बुधवार को दावा किया कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वह अपने नेता को मिले ईडी के नोटिस से परेशान था. राज ठाकरे को मिले ईडी के समन पर उनके चचेरे भाई और शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक दिलचस्प प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें किसी ‘ठोस परिणाम' की उम्मीद नहीं है. उद्धव ने तल्ख जवाब में कहा, ‘मुझे जांच से किसी ठोस नतीजे की उम्मीद नहीं है.'
ठाणे पुलिस का कहना है कि मनसे कार्यकर्ता प्रवीण चौगुले (27) के घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. प्रवीण ने मंगलवार की रात कथित तौर पर आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी.
इससे पहले राज ठाकरे ने कहा कि उन्होंने पहले भी सरकारी एजेंसियों और अदालतों से इस तरह के नोटिसों का सामना किया है और उन्होंने इनका सम्मान किया है और वह इस बार ईडी के नोटिस का सम्मान करने जा रहे है. ईडी ने राज ठाकरे को कोहिनूर सीटीएनएल इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी में आईएलएंडएफएस द्वारा 450 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण और इक्विटी निवेश से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में तलब किया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज ठाकरे आज होंगे ED के सामने पेश
दफ्तर के बाहर लगी धारा-144
चचेरे भाई उद्धव ठाकरे का मिला साथ | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आमिर खान (Aamir Khan) और शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार है. आमिर खान मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहलाते हैं तो शाहरुख खान को बॉलीवुड का किंग खान भी कहा जाता है. आमिर खान और शाहरुख खान को लेकर कई किस्से मशहूर हैं. मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने हाल ही में एक प्रोग्राम शिरकत की, और उन्होंने शाहरुख खान से जुड़ा बहुत ही मजेदार किस्सा भी सुनाया. आमिर खान (Aamir Khan) ने अपनी एक दिलचस्प कहानी सुनाई कि एक बार शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के घर दावत में शामिल होने के लिए जाते समय वह अपना खाना अपने साथ लेकर गए.
आमिर खान (Aamir Khan) ने बताया, 'जब मैं बाहर गया तो मैंने अपना टिफिन लिया और मैं मजाक नहीं कर रहा हूं. आप जब शाहरुख (Shah Rukh Khan) से मिलें तब उनसे पूछना तो वह आपको यह मजेदार कहानी सुनाएंगे. जब एपल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक को भारत आना था तो शाहरुख ने अपने घर पर हमें रात्रिभोज पर आमंत्रित किया था. जब गौरी ने मुझसे खाना खाने के लिए पूछा तो मैंने कहा हां, मैं खाना खाऊंगा और मैं अपना टिफिन लाया हूं और सिर्फ वही खाना खाऊंगा क्योंकि मैं बहुत कठोर डाइट का पालन कर रहा हूं. यह घटना तब की है जब मैं फिल्म 'दंगल' कर रहा था.' आमिर खान ने 'दंगल' के लिए काफी पसीना बहाया था, और उम्र के दो पड़ावों में नजर आने की वजह से उन्हें वजन को लेकर काफी मेहनत करनी पड़ी थी.
फिल्मों की बात करें तो आमिर खान (Aamir Khan) ने अपने जन्मदिन पर अपनी नई परियोजना 'लाल सिंह चड्ढा' की घोषणा की. यह फिल्म हॉलीवुड स्टार टॉम हैंक्स की सुपरहिट फिल्म 'फॉरेस्ट गम्प' से प्रेरित है. आमिर खान इस फिल्म के लिए 20 किलो वजन घटा रहे हैं. | यह एक सारांश है: आमिर खान ने शेयर किया मजेदार किस्सा
शाहरुख के डिनर में टिफिन लेकर पहुंचे थे
'फॉरेस्ट गम्प' का रीमेक बना रहे हैं आमिर | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी में एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा मेडिकल छात्रा की हालत मंगलवार की शाम खराब हो गई जिसके बाद उसे ‘पूरी तरह से कृत्रिम सांस प्रणाली’ पर रखा गया है।
पीड़िता की देखभाल कर रहे चिकित्सकों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़की की हालत कल के मुकाबले आज सुबह बेहतर थी लेकिन दिन ढलने के साथ साथ उसकी हालत में बदलाव होने लगा।
सामूहिक बलात्कार और नृशंस हमले का सामना करने के बाद रविवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद से पीड़िता को गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीडी अथानी ने बताया, ‘‘उसकी हालत नाजुक है। उसकी हालत बेहतर थी लेकिन शाम में उसके स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव होने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई।’’
उन्होंने बताया कि पीड़िता को अब पूरी तरह से कृत्रिम सांस प्रणाली पर रख दिया गया है और वह अब चिकित्सकों की गहन निगरानी में है।
इससे पहले अथानी ने कहा था कि उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए उसे अगले 48 से 72 घंटे तक चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा जाएगा।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि चिकित्सक पीड़िता के स्वास्थ्य की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उसे सर्वश्रेष्ठ उपचार मिले।
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए हम अभी तक उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता सकते।’’
पीड़िता की देखभाल कर रहे चिकित्सकों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़की की हालत कल के मुकाबले आज सुबह बेहतर थी लेकिन दिन ढलने के साथ साथ उसकी हालत में बदलाव होने लगा।
सामूहिक बलात्कार और नृशंस हमले का सामना करने के बाद रविवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद से पीड़िता को गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीडी अथानी ने बताया, ‘‘उसकी हालत नाजुक है। उसकी हालत बेहतर थी लेकिन शाम में उसके स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव होने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई।’’
उन्होंने बताया कि पीड़िता को अब पूरी तरह से कृत्रिम सांस प्रणाली पर रख दिया गया है और वह अब चिकित्सकों की गहन निगरानी में है।
इससे पहले अथानी ने कहा था कि उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए उसे अगले 48 से 72 घंटे तक चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा जाएगा।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि चिकित्सक पीड़िता के स्वास्थ्य की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उसे सर्वश्रेष्ठ उपचार मिले।
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए हम अभी तक उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता सकते।’’
सामूहिक बलात्कार और नृशंस हमले का सामना करने के बाद रविवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद से पीड़िता को गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीडी अथानी ने बताया, ‘‘उसकी हालत नाजुक है। उसकी हालत बेहतर थी लेकिन शाम में उसके स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव होने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई।’’
उन्होंने बताया कि पीड़िता को अब पूरी तरह से कृत्रिम सांस प्रणाली पर रख दिया गया है और वह अब चिकित्सकों की गहन निगरानी में है।
इससे पहले अथानी ने कहा था कि उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए उसे अगले 48 से 72 घंटे तक चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा जाएगा।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि चिकित्सक पीड़िता के स्वास्थ्य की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उसे सर्वश्रेष्ठ उपचार मिले।
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए हम अभी तक उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता सकते।’’
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीडी अथानी ने बताया, ‘‘उसकी हालत नाजुक है। उसकी हालत बेहतर थी लेकिन शाम में उसके स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव होने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई।’’
उन्होंने बताया कि पीड़िता को अब पूरी तरह से कृत्रिम सांस प्रणाली पर रख दिया गया है और वह अब चिकित्सकों की गहन निगरानी में है।
इससे पहले अथानी ने कहा था कि उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए उसे अगले 48 से 72 घंटे तक चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा जाएगा।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि चिकित्सक पीड़िता के स्वास्थ्य की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उसे सर्वश्रेष्ठ उपचार मिले।
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए हम अभी तक उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता सकते।’’
उन्होंने बताया कि पीड़िता को अब पूरी तरह से कृत्रिम सांस प्रणाली पर रख दिया गया है और वह अब चिकित्सकों की गहन निगरानी में है।
इससे पहले अथानी ने कहा था कि उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए उसे अगले 48 से 72 घंटे तक चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा जाएगा।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि चिकित्सक पीड़िता के स्वास्थ्य की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उसे सर्वश्रेष्ठ उपचार मिले।
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए हम अभी तक उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता सकते।’’
इससे पहले अथानी ने कहा था कि उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए उसे अगले 48 से 72 घंटे तक चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा जाएगा।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि चिकित्सक पीड़िता के स्वास्थ्य की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उसे सर्वश्रेष्ठ उपचार मिले।
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए हम अभी तक उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता सकते।’’
उन्होंने बताया कि चिकित्सक पीड़िता के स्वास्थ्य की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उसे सर्वश्रेष्ठ उपचार मिले।
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए हम अभी तक उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता सकते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी चोट की प्रकृति को देखते हुए हम अभी तक उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता सकते।’’ | सारांश: राष्ट्रीय राजधानी में एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा मेडिकल छात्रा की हालत मंगलवार की शाम खराब हो गई जिसके बाद उसे ‘पूरी तरह से कृत्रिम सांस प्रणाली’ पर रखा गया है। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बम्बई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को वर्ष 2003 में मुम्बई के दो बम विस्फोटों के दोषियों एक महिला सहित तीन लोगों की फांसी की सजा बरकरार रखी।
आतंकवाद निरोधी अधिनियम (पोटी) की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2009 में अशरत अंसारी, हनीफ सईद और उसकी पत्नी फहमिदा सईद को फांसी की सजा सुनाई थी।टिप्पणियां
अदालत ने तीनों को दो टैक्सियों में बम लगाने का दोषी पाया था। 25 अगस्त 2003 को इन टैक्सियों में हुए विस्फोट से 52 लोग मारे गए। इनमें से एक टैक्सी में विस्फोट गेटवे ऑफ इंडिया के समीप और दूसरी टैक्सी में विस्फोट दक्षिण मुम्बई के झावेरी बाजार में हुआ।
न्यायाधीश एएम खानविलकर एवं न्यायाधीश पीडी कोडे ने पोटा अदालत के फैसले को सही ठहराया। इसके अलावा न्यायालय ने 28 जुलाई 2003 को मध्य मुम्बई के घाटकोपर में एक बस में हुए विस्फोट के लिए भी इन तीनों को दोषी करार दिया। इस विस्फोट में दो लोगों की जान गई थी।
आतंकवाद निरोधी अधिनियम (पोटी) की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2009 में अशरत अंसारी, हनीफ सईद और उसकी पत्नी फहमिदा सईद को फांसी की सजा सुनाई थी।टिप्पणियां
अदालत ने तीनों को दो टैक्सियों में बम लगाने का दोषी पाया था। 25 अगस्त 2003 को इन टैक्सियों में हुए विस्फोट से 52 लोग मारे गए। इनमें से एक टैक्सी में विस्फोट गेटवे ऑफ इंडिया के समीप और दूसरी टैक्सी में विस्फोट दक्षिण मुम्बई के झावेरी बाजार में हुआ।
न्यायाधीश एएम खानविलकर एवं न्यायाधीश पीडी कोडे ने पोटा अदालत के फैसले को सही ठहराया। इसके अलावा न्यायालय ने 28 जुलाई 2003 को मध्य मुम्बई के घाटकोपर में एक बस में हुए विस्फोट के लिए भी इन तीनों को दोषी करार दिया। इस विस्फोट में दो लोगों की जान गई थी।
अदालत ने तीनों को दो टैक्सियों में बम लगाने का दोषी पाया था। 25 अगस्त 2003 को इन टैक्सियों में हुए विस्फोट से 52 लोग मारे गए। इनमें से एक टैक्सी में विस्फोट गेटवे ऑफ इंडिया के समीप और दूसरी टैक्सी में विस्फोट दक्षिण मुम्बई के झावेरी बाजार में हुआ।
न्यायाधीश एएम खानविलकर एवं न्यायाधीश पीडी कोडे ने पोटा अदालत के फैसले को सही ठहराया। इसके अलावा न्यायालय ने 28 जुलाई 2003 को मध्य मुम्बई के घाटकोपर में एक बस में हुए विस्फोट के लिए भी इन तीनों को दोषी करार दिया। इस विस्फोट में दो लोगों की जान गई थी।
न्यायाधीश एएम खानविलकर एवं न्यायाधीश पीडी कोडे ने पोटा अदालत के फैसले को सही ठहराया। इसके अलावा न्यायालय ने 28 जुलाई 2003 को मध्य मुम्बई के घाटकोपर में एक बस में हुए विस्फोट के लिए भी इन तीनों को दोषी करार दिया। इस विस्फोट में दो लोगों की जान गई थी। | सारांश: बम्बई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को वर्ष 2003 में मुम्बई के दो बम विस्फोटों के दोषियों एक महिला सहित तीन लोगों की फांसी की सजा बरकरार रखी। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीएमसी चुनाव के नतीजों से लगायी जा रही अटकलों पर अब विराम लग गया है. शिवसेना के मन की हुई है. मुम्बई का मेयर अब शिवसेना का हो होगा.
भाजपा का ये कदम एक बेहद नपा-तुला राजनीतिक फ़ैसला है. महाराष्ट्र में सरकार बनाने में शिवसेना को भाजपा का समर्थन प्राप्त है. ऐसे में शिवेसना के ख़िलाफ़ मेयर पद के उम्मीदवार को खड़ा करने पर भाजपा को राज्य सरकार में शिवसेना का समर्थन खो देने का डर था. देवेन्द्र फडणवीस की ये घोषणा राज्य में अपनी सरकार बचाये रखने की कोशिश है. शिवसेना को समर्थन और मुंबई के लिए उप-लोकायुक्त की नियुक्ति का फ़ैसला. भाजपा और देवेन्द्र फडणवीस ने इस ऐलान के ज़रिये ना सिर्फ़ महाराष्ट्र में अपनी सरकार बचायी, लेकिन साथ ही जिस तरह राज्य में शिवसेना भाजपा पर दबाव बनाए रखती है, उसका जवाब भी दिया गया. भाजपा शिवसेना को समर्थन भले ही दे रही हो लेकिन साथ ही शिवसेना पर नकेल कसने का इंतज़ाम भी कर चुकी है.
भाजपा का ये कदम एक बेहद नपा-तुला राजनीतिक फ़ैसला है. महाराष्ट्र में सरकार बनाने में शिवसेना को भाजपा का समर्थन प्राप्त है. ऐसे में शिवेसना के ख़िलाफ़ मेयर पद के उम्मीदवार को खड़ा करने पर भाजपा को राज्य सरकार में शिवसेना का समर्थन खो देने का डर था. देवेन्द्र फडणवीस की ये घोषणा राज्य में अपनी सरकार बचाये रखने की कोशिश है. शिवसेना को समर्थन और मुंबई के लिए उप-लोकायुक्त की नियुक्ति का फ़ैसला. भाजपा और देवेन्द्र फडणवीस ने इस ऐलान के ज़रिये ना सिर्फ़ महाराष्ट्र में अपनी सरकार बचायी, लेकिन साथ ही जिस तरह राज्य में शिवसेना भाजपा पर दबाव बनाए रखती है, उसका जवाब भी दिया गया. भाजपा शिवसेना को समर्थन भले ही दे रही हो लेकिन साथ ही शिवसेना पर नकेल कसने का इंतज़ाम भी कर चुकी है. | संक्षिप्त सारांश: शिवसेना ने मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए
बीएमसी के इन दोनों पदों पर अब शिवसेना का कब्जा होना तय है
227-सदस्यीय बीएमसी में शिवसेना को 84, बीजेपी को 82 सीटें मिली हैं | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राहतकर्मियों को शनिवार को उत्तराखंड की विनाशलीला का सबसे ज्यादा असर झेलने वाले केदारनाथ मंदिर परिसर से 123 शव मिले, जिसे मिलाकर इस पर्वतीय हादसे में मरने वालों की तादाद बढ़कर 680 हो गई।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने संवाददाताओं को बताया, केदारनाथ को अब तीर्थयात्रियों से पूरी तरह से खाली करा लिया गया है और अब बद्रीनाथ से तीर्थयात्रियों को निकाला जाएगा, जहां तकरीबन 8,000 लोग फंसे हुए हैं। राज्य में बारिश और बाढ़ के इस कहर से बहुत बड़े नुकसान की बात स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरने वालों का आंकड़ा एक हजार तक हो सकता है।
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केदारनाथ परिसर से 123 शव मिले हैं। विशेषज्ञों का एक दल पूरे इलाके में फैले शवों को एकत्र करने के लिए वहां गया था। अधिकारी, जो अपना नाम नहीं बताना चाहते थे, ने कहा कि अगले एक दो दिन में कुछ और शव निकल सकते हैं, जब इलाके में पड़ा कीचड़ और मलबा साफ होगा।
बहुगुणा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए यथासंभव प्रयास कर रही हैं। राहत अभियानों में 44 हेलीकॉप्टर और बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को लगाया गया है। टिप्पणियां
बहुगुणा ने कहा कि केदारनाथ मंदिर को फिर से खोलना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सिफारिशों के अनुरूप इसका पुराना स्वरूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड के निकट जंगलचट्टी इलाके में देखे गए एक हजार तीर्थयात्रियों में से 400 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। करीब 600 तीर्थयात्री अभी भी वहीं फंसे हुए हैं, उन्हें वहां से निकालने तक खाने का पर्याप्त सामान और दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, अब हमारा ध्यान बद्रीनाथ पर है, जहां से शनिवार को 500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहां फंसे लोगों की तादाद 7,000 से 8,000 के बीच है।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने संवाददाताओं को बताया, केदारनाथ को अब तीर्थयात्रियों से पूरी तरह से खाली करा लिया गया है और अब बद्रीनाथ से तीर्थयात्रियों को निकाला जाएगा, जहां तकरीबन 8,000 लोग फंसे हुए हैं। राज्य में बारिश और बाढ़ के इस कहर से बहुत बड़े नुकसान की बात स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरने वालों का आंकड़ा एक हजार तक हो सकता है।
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केदारनाथ परिसर से 123 शव मिले हैं। विशेषज्ञों का एक दल पूरे इलाके में फैले शवों को एकत्र करने के लिए वहां गया था। अधिकारी, जो अपना नाम नहीं बताना चाहते थे, ने कहा कि अगले एक दो दिन में कुछ और शव निकल सकते हैं, जब इलाके में पड़ा कीचड़ और मलबा साफ होगा।
बहुगुणा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए यथासंभव प्रयास कर रही हैं। राहत अभियानों में 44 हेलीकॉप्टर और बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को लगाया गया है। टिप्पणियां
बहुगुणा ने कहा कि केदारनाथ मंदिर को फिर से खोलना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सिफारिशों के अनुरूप इसका पुराना स्वरूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड के निकट जंगलचट्टी इलाके में देखे गए एक हजार तीर्थयात्रियों में से 400 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। करीब 600 तीर्थयात्री अभी भी वहीं फंसे हुए हैं, उन्हें वहां से निकालने तक खाने का पर्याप्त सामान और दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, अब हमारा ध्यान बद्रीनाथ पर है, जहां से शनिवार को 500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहां फंसे लोगों की तादाद 7,000 से 8,000 के बीच है।
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केदारनाथ परिसर से 123 शव मिले हैं। विशेषज्ञों का एक दल पूरे इलाके में फैले शवों को एकत्र करने के लिए वहां गया था। अधिकारी, जो अपना नाम नहीं बताना चाहते थे, ने कहा कि अगले एक दो दिन में कुछ और शव निकल सकते हैं, जब इलाके में पड़ा कीचड़ और मलबा साफ होगा।
बहुगुणा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए यथासंभव प्रयास कर रही हैं। राहत अभियानों में 44 हेलीकॉप्टर और बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को लगाया गया है। टिप्पणियां
बहुगुणा ने कहा कि केदारनाथ मंदिर को फिर से खोलना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सिफारिशों के अनुरूप इसका पुराना स्वरूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड के निकट जंगलचट्टी इलाके में देखे गए एक हजार तीर्थयात्रियों में से 400 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। करीब 600 तीर्थयात्री अभी भी वहीं फंसे हुए हैं, उन्हें वहां से निकालने तक खाने का पर्याप्त सामान और दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, अब हमारा ध्यान बद्रीनाथ पर है, जहां से शनिवार को 500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहां फंसे लोगों की तादाद 7,000 से 8,000 के बीच है।
बहुगुणा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए यथासंभव प्रयास कर रही हैं। राहत अभियानों में 44 हेलीकॉप्टर और बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को लगाया गया है। टिप्पणियां
बहुगुणा ने कहा कि केदारनाथ मंदिर को फिर से खोलना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सिफारिशों के अनुरूप इसका पुराना स्वरूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड के निकट जंगलचट्टी इलाके में देखे गए एक हजार तीर्थयात्रियों में से 400 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। करीब 600 तीर्थयात्री अभी भी वहीं फंसे हुए हैं, उन्हें वहां से निकालने तक खाने का पर्याप्त सामान और दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, अब हमारा ध्यान बद्रीनाथ पर है, जहां से शनिवार को 500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहां फंसे लोगों की तादाद 7,000 से 8,000 के बीच है।
बहुगुणा ने कहा कि केदारनाथ मंदिर को फिर से खोलना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सिफारिशों के अनुरूप इसका पुराना स्वरूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड के निकट जंगलचट्टी इलाके में देखे गए एक हजार तीर्थयात्रियों में से 400 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। करीब 600 तीर्थयात्री अभी भी वहीं फंसे हुए हैं, उन्हें वहां से निकालने तक खाने का पर्याप्त सामान और दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, अब हमारा ध्यान बद्रीनाथ पर है, जहां से शनिवार को 500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहां फंसे लोगों की तादाद 7,000 से 8,000 के बीच है।
मुख्यमंत्री ने कहा, अब हमारा ध्यान बद्रीनाथ पर है, जहां से शनिवार को 500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहां फंसे लोगों की तादाद 7,000 से 8,000 के बीच है। | संक्षिप्त पाठ: राहतकर्मियों को शनिवार को उत्तराखंड की विनाशलीला का सबसे ज्यादा असर झेलने वाले केदारनाथ मंदिर परिसर से 123 शव मिले, जिसे मिलाकर इस पर्वतीय हादसे में मरने वालों की तादाद बढ़कर 680 हो गई। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड के मैनचेस्टर में रविवार को हुए नैटवेस्ट शृंखला के दूसरे एकदिवसीय मैच में ओल्ड ट्रेफोर्ड में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इंग्लैंड को 88 रन के अंतर से हरा दिया है।
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान माइकल क्लार्क (105) के शानदार शतक की बदौलत इंग्लैंड के सामने 316 का विशाल लक्ष्य रखा, फिर बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए पूरी इंग्लैंड टीम को 44.2 ओवरों में 227 रनों पर ध्वस्त कर दिया। ऑस्ट्रेलिया की जीत के नायक रहे क्लार्क ने 102 गेंदों की पारी में 14 चौके लगाए।
ऑस्ट्रेलिया से मिले विशाल लक्ष्य का दबाव इंग्लैंड पर शुरू से दिखाई दिया और इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने अतिरिक्त सजगता बरतते हुए बेहद धीमी शुरुआत की। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज पहले दो ओवर में खाता भी नहीं खोल सके, तथा चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर माइकल कारबेरी (4) के रूप में पहला विकेट गंवा बैठे।
अगली ही गेंद पर जोनाथन ट्रॉट भी शून्य को निजी स्कोर पर विकेट के पीछे लपके गए। 11वें ओवर तक इंग्लैंड का तीसरा विकेट भी गिर चुका था।
इसके बाद बेहद मुश्किल परिस्थितियों में केविन पीटरसन (60) और कप्तान इयान मोर्गन (54) ने अपनी अर्द्धशतकीय पारियों की बदौलत टीम को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस बीच आवश्यक रन रेट बढ़ता चला गया।
पीटरसन को 22वें ओवर की पहली गेंद पर शेन वाटसन ने जेम्स फॉकनर के हाथों कैच आउट करवाया। पीटरसन ने 66 गेंदों का सामना कर छह चौके और दो छक्का लगाया। वहीं मोर्गन ने क्लिंट मैके की गेंद पर क्लार्क को कैच थमाने से पहले 69 गेंदों का सामना कर चार चौके लगाए।
इंग्लैंड के लिए अगली संघर्षभरी पारी विकेटकीपर जोश बटलर (75) ने खेली। बटलर ने स्टुअर्ट फिन (16) के साथ नौंवें विकेट की साझेदारी में 47 रन जोड़े। 47 रनों की इस साझेदारी में बटलर ने अकेले 41 रनों का योगदान दिया। बटलर को फवाह अहमद ने 44वें ओवर की दूसरी गेंद पर मिशेल जॉन्सन के हाथों कैच आउट करवाया। बटलर ने 65 गेंदों में पांच चौके और तीन छक्के लगाए। इंग्लैंड का आखिरी विकेट 45वें ओवर की दूसरी गेंद पर फिन के रूप में गिरा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मैके ने तीन, जॉन्सन ने दो तथा फॉक्नर, एडम वोग्स, अहमद और वाटसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान माइकल क्लार्क (105) के शानदार शतक की बदौलत इंग्लैंड के सामने 316 का विशाल लक्ष्य रखा, फिर बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए पूरी इंग्लैंड टीम को 44.2 ओवरों में 227 रनों पर ध्वस्त कर दिया। ऑस्ट्रेलिया की जीत के नायक रहे क्लार्क ने 102 गेंदों की पारी में 14 चौके लगाए।
ऑस्ट्रेलिया से मिले विशाल लक्ष्य का दबाव इंग्लैंड पर शुरू से दिखाई दिया और इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने अतिरिक्त सजगता बरतते हुए बेहद धीमी शुरुआत की। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज पहले दो ओवर में खाता भी नहीं खोल सके, तथा चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर माइकल कारबेरी (4) के रूप में पहला विकेट गंवा बैठे।
अगली ही गेंद पर जोनाथन ट्रॉट भी शून्य को निजी स्कोर पर विकेट के पीछे लपके गए। 11वें ओवर तक इंग्लैंड का तीसरा विकेट भी गिर चुका था।
इसके बाद बेहद मुश्किल परिस्थितियों में केविन पीटरसन (60) और कप्तान इयान मोर्गन (54) ने अपनी अर्द्धशतकीय पारियों की बदौलत टीम को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस बीच आवश्यक रन रेट बढ़ता चला गया।
पीटरसन को 22वें ओवर की पहली गेंद पर शेन वाटसन ने जेम्स फॉकनर के हाथों कैच आउट करवाया। पीटरसन ने 66 गेंदों का सामना कर छह चौके और दो छक्का लगाया। वहीं मोर्गन ने क्लिंट मैके की गेंद पर क्लार्क को कैच थमाने से पहले 69 गेंदों का सामना कर चार चौके लगाए।
इंग्लैंड के लिए अगली संघर्षभरी पारी विकेटकीपर जोश बटलर (75) ने खेली। बटलर ने स्टुअर्ट फिन (16) के साथ नौंवें विकेट की साझेदारी में 47 रन जोड़े। 47 रनों की इस साझेदारी में बटलर ने अकेले 41 रनों का योगदान दिया। बटलर को फवाह अहमद ने 44वें ओवर की दूसरी गेंद पर मिशेल जॉन्सन के हाथों कैच आउट करवाया। बटलर ने 65 गेंदों में पांच चौके और तीन छक्के लगाए। इंग्लैंड का आखिरी विकेट 45वें ओवर की दूसरी गेंद पर फिन के रूप में गिरा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मैके ने तीन, जॉन्सन ने दो तथा फॉक्नर, एडम वोग्स, अहमद और वाटसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
ऑस्ट्रेलिया से मिले विशाल लक्ष्य का दबाव इंग्लैंड पर शुरू से दिखाई दिया और इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने अतिरिक्त सजगता बरतते हुए बेहद धीमी शुरुआत की। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज पहले दो ओवर में खाता भी नहीं खोल सके, तथा चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर माइकल कारबेरी (4) के रूप में पहला विकेट गंवा बैठे।
अगली ही गेंद पर जोनाथन ट्रॉट भी शून्य को निजी स्कोर पर विकेट के पीछे लपके गए। 11वें ओवर तक इंग्लैंड का तीसरा विकेट भी गिर चुका था।
इसके बाद बेहद मुश्किल परिस्थितियों में केविन पीटरसन (60) और कप्तान इयान मोर्गन (54) ने अपनी अर्द्धशतकीय पारियों की बदौलत टीम को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस बीच आवश्यक रन रेट बढ़ता चला गया।
पीटरसन को 22वें ओवर की पहली गेंद पर शेन वाटसन ने जेम्स फॉकनर के हाथों कैच आउट करवाया। पीटरसन ने 66 गेंदों का सामना कर छह चौके और दो छक्का लगाया। वहीं मोर्गन ने क्लिंट मैके की गेंद पर क्लार्क को कैच थमाने से पहले 69 गेंदों का सामना कर चार चौके लगाए।
इंग्लैंड के लिए अगली संघर्षभरी पारी विकेटकीपर जोश बटलर (75) ने खेली। बटलर ने स्टुअर्ट फिन (16) के साथ नौंवें विकेट की साझेदारी में 47 रन जोड़े। 47 रनों की इस साझेदारी में बटलर ने अकेले 41 रनों का योगदान दिया। बटलर को फवाह अहमद ने 44वें ओवर की दूसरी गेंद पर मिशेल जॉन्सन के हाथों कैच आउट करवाया। बटलर ने 65 गेंदों में पांच चौके और तीन छक्के लगाए। इंग्लैंड का आखिरी विकेट 45वें ओवर की दूसरी गेंद पर फिन के रूप में गिरा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मैके ने तीन, जॉन्सन ने दो तथा फॉक्नर, एडम वोग्स, अहमद और वाटसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
अगली ही गेंद पर जोनाथन ट्रॉट भी शून्य को निजी स्कोर पर विकेट के पीछे लपके गए। 11वें ओवर तक इंग्लैंड का तीसरा विकेट भी गिर चुका था।
इसके बाद बेहद मुश्किल परिस्थितियों में केविन पीटरसन (60) और कप्तान इयान मोर्गन (54) ने अपनी अर्द्धशतकीय पारियों की बदौलत टीम को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस बीच आवश्यक रन रेट बढ़ता चला गया।
पीटरसन को 22वें ओवर की पहली गेंद पर शेन वाटसन ने जेम्स फॉकनर के हाथों कैच आउट करवाया। पीटरसन ने 66 गेंदों का सामना कर छह चौके और दो छक्का लगाया। वहीं मोर्गन ने क्लिंट मैके की गेंद पर क्लार्क को कैच थमाने से पहले 69 गेंदों का सामना कर चार चौके लगाए।
इंग्लैंड के लिए अगली संघर्षभरी पारी विकेटकीपर जोश बटलर (75) ने खेली। बटलर ने स्टुअर्ट फिन (16) के साथ नौंवें विकेट की साझेदारी में 47 रन जोड़े। 47 रनों की इस साझेदारी में बटलर ने अकेले 41 रनों का योगदान दिया। बटलर को फवाह अहमद ने 44वें ओवर की दूसरी गेंद पर मिशेल जॉन्सन के हाथों कैच आउट करवाया। बटलर ने 65 गेंदों में पांच चौके और तीन छक्के लगाए। इंग्लैंड का आखिरी विकेट 45वें ओवर की दूसरी गेंद पर फिन के रूप में गिरा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मैके ने तीन, जॉन्सन ने दो तथा फॉक्नर, एडम वोग्स, अहमद और वाटसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
इसके बाद बेहद मुश्किल परिस्थितियों में केविन पीटरसन (60) और कप्तान इयान मोर्गन (54) ने अपनी अर्द्धशतकीय पारियों की बदौलत टीम को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस बीच आवश्यक रन रेट बढ़ता चला गया।
पीटरसन को 22वें ओवर की पहली गेंद पर शेन वाटसन ने जेम्स फॉकनर के हाथों कैच आउट करवाया। पीटरसन ने 66 गेंदों का सामना कर छह चौके और दो छक्का लगाया। वहीं मोर्गन ने क्लिंट मैके की गेंद पर क्लार्क को कैच थमाने से पहले 69 गेंदों का सामना कर चार चौके लगाए।
इंग्लैंड के लिए अगली संघर्षभरी पारी विकेटकीपर जोश बटलर (75) ने खेली। बटलर ने स्टुअर्ट फिन (16) के साथ नौंवें विकेट की साझेदारी में 47 रन जोड़े। 47 रनों की इस साझेदारी में बटलर ने अकेले 41 रनों का योगदान दिया। बटलर को फवाह अहमद ने 44वें ओवर की दूसरी गेंद पर मिशेल जॉन्सन के हाथों कैच आउट करवाया। बटलर ने 65 गेंदों में पांच चौके और तीन छक्के लगाए। इंग्लैंड का आखिरी विकेट 45वें ओवर की दूसरी गेंद पर फिन के रूप में गिरा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मैके ने तीन, जॉन्सन ने दो तथा फॉक्नर, एडम वोग्स, अहमद और वाटसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
पीटरसन को 22वें ओवर की पहली गेंद पर शेन वाटसन ने जेम्स फॉकनर के हाथों कैच आउट करवाया। पीटरसन ने 66 गेंदों का सामना कर छह चौके और दो छक्का लगाया। वहीं मोर्गन ने क्लिंट मैके की गेंद पर क्लार्क को कैच थमाने से पहले 69 गेंदों का सामना कर चार चौके लगाए।
इंग्लैंड के लिए अगली संघर्षभरी पारी विकेटकीपर जोश बटलर (75) ने खेली। बटलर ने स्टुअर्ट फिन (16) के साथ नौंवें विकेट की साझेदारी में 47 रन जोड़े। 47 रनों की इस साझेदारी में बटलर ने अकेले 41 रनों का योगदान दिया। बटलर को फवाह अहमद ने 44वें ओवर की दूसरी गेंद पर मिशेल जॉन्सन के हाथों कैच आउट करवाया। बटलर ने 65 गेंदों में पांच चौके और तीन छक्के लगाए। इंग्लैंड का आखिरी विकेट 45वें ओवर की दूसरी गेंद पर फिन के रूप में गिरा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मैके ने तीन, जॉन्सन ने दो तथा फॉक्नर, एडम वोग्स, अहमद और वाटसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
इंग्लैंड के लिए अगली संघर्षभरी पारी विकेटकीपर जोश बटलर (75) ने खेली। बटलर ने स्टुअर्ट फिन (16) के साथ नौंवें विकेट की साझेदारी में 47 रन जोड़े। 47 रनों की इस साझेदारी में बटलर ने अकेले 41 रनों का योगदान दिया। बटलर को फवाह अहमद ने 44वें ओवर की दूसरी गेंद पर मिशेल जॉन्सन के हाथों कैच आउट करवाया। बटलर ने 65 गेंदों में पांच चौके और तीन छक्के लगाए। इंग्लैंड का आखिरी विकेट 45वें ओवर की दूसरी गेंद पर फिन के रूप में गिरा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मैके ने तीन, जॉन्सन ने दो तथा फॉक्नर, एडम वोग्स, अहमद और वाटसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मैके ने तीन, जॉन्सन ने दो तथा फॉक्नर, एडम वोग्स, अहमद और वाटसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत विकेट के साथ हुई, लेकिन मध्यक्रम की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत उसने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
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इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श बिना खाता खोले शून्य के कुल योग पर विकेट के पीछे लपके गए। इसके बाद आरोन फिंच (45) और वाटसन (38) ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 60 रन जोड़कर टीम को स्थिरता प्रदान की। फिंच-वाट्सन की जोड़ी को रवि बोपारा ने तोड़ा।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
वाट्सन, बोपारा की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर के हाथों लपके गए। वाट्सन के जाने के बाद फिंच ने कप्तान क्लार्क के साथ भी 56 रनों की साझेदारी निभाई। फिंच को जेम्स ट्रेडवेल ने 22वें ओवर की पांचवी गेंद पर जोए रूट के हाथों लपकवाया।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
फिंच पांच रन से अर्द्धशतक से चूक गए। उन्होंने इतनी ही गेंदों में चार चौके और एक छक्का जड़ा।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
फिंच के जाने के बाद चौथे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल साझेदारी हुई। क्लार्क ने जॉर्ज बैले (82) के साथ 130 गेंदों में तेज 155 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
बैले हालांकि शतक नहीं बना सके और बोपारा की गेंद पर ट्रेडवेल को कैच थमा बैठे, लेकिन टीम के लिए उन्होंने तेजी से रन जुटाए। बैले ने 67 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा चार छक्का लगाया।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
बैले के जाने के कुछ ही देर बाद क्लार्क भी बॉयड रैनकिन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे।टिप्पणियां
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
इंग्लैंड के लिए बोपारा, रैनकिन और स्टुअर्ट फिन ने दो-दो विकेट, तथा ट्रेडवेल ने एक विकेट हासिल किया।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है।
पांच मैचों की इस शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, और इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है। | यह एक सारांश है: इंग्लैंड के मैनचेस्टर में रविवार को हुए नैटवेस्ट शृंखला के दूसरे एकदिवसीय मैच में ओल्ड ट्रेफोर्ड में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इंग्लैंड को 88 रन के अंतर से हरा दिया है। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के पहले संस्करण का फाइनल विश्व हॉकी की दो सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी टीमों-भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को खेला जाएगा। शुक्रवार को जापान पर मलेशिया की शानदार जीत के साथ भारत के फाइनल में पहुंचने का रास्ता साफ हुआ था। इससे पहले, भारत ने अपने अंतिम लीग मैच में पाकिस्तान को 2-2 से बराबरी पर रोक लिया था। भारत को बराबरी पर रोकने के साथ पाकिस्तान की टीम कुल 10 अंकों के साथ फाइनल में पहुंच गई थी लेकिन नौ अंकों के साथ भारत को जापान और मलेशिया तथा कोरिया और चीन के बीच होने वाले मुकाबलों के परिणाम का इंतजार करना था। पूरे टूर्नामेंट में जीत के लिए तरसती दिखी चीनी टीम ने अपने अंतिम मुकाबले में कोरिया को 1-1 की बराबरी पर रोक लिया। इसी के साथ कोरिया के फाइनल में पहुंचने का रास्ता बंद हो गया था। अब भारत की निगाह मलेशिया पर थी। मध्यांतर तक जापान के खिलाफ मलेशिया के 0-2 से पिछड़ रहे होने के दौरान भारत के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें धूमिल होती दिख रहीं थीं लेकिन मलेशिया ने मध्यांतर के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की। जापान और मलेशिया की टीमें कांस्य पदक के लिए भिड़ेंगी जबकि कोरिया पांचवें और छठे स्थान के लिए होने वाले प्लेऑफ मुकाबले में रविवार को ही चीन से भिड़ेगा। रविवार को शुक्रवार को खेले गए तीनों लीग मुकाबलों की पुनरावृत्ति होगी। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय है। अजेय क्रम बनाए रखने वाली वह एकमात्र टीम है। उसने अपने पहले मुकाबले में चीन को 5-0 से हराया था। इसके बाद उसे जापान के साथ 1-1 से ड्रॉ खेलना पड़ा था। तीसरे मुकाबले में भारत ने कोरिया को 5-3 से हराया लेकिन मलेशिया के खिलाफ उसने 2-2 से ड्रॉ खेला था। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने कुल पांच मैच खेले, जिनमें से एक में उसे ड्रॉ खेलना पड़ा जबकि तीन में उसे जीत मिली। एशियाई चैम्पियन पाकिस्तान को एक मैच में हार का सामना करना पड़ा था। खिताबी मुकाबले के माध्यम से भारत के पास इस वर्ष मई में मलेशिया में खेले गए सुल्तान अलजान शाह हॉकी टूर्नामेंट में मिली 1-3 की हार का हिसाब बराबर करने का मौका है। इस वर्ष दोनों टीमों की यह दूसरी भिड़ंत है। | एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के पहले संस्करण का फाइनल विश्व हॉकी की दो सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी टीमों-भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को खेला जाएगा। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक स्थानीय अदालत ने पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पार्टी के दो अन्य नेता संजय सिंह एवं आशीष खेतान के खिलाफ आरोप तय किए.
न्यायमूर्ति रविंदर कौर की अदालत ने आरोप तय किए. बाद में मजीठिया ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'यह लड़ाई पूरी तरह से एक इंसान के अपने सम्मान के लिए खड़े होने की है. मेरे रुख की आखिरकार पुष्टि हुई'.टिप्पणियां
उन्होंने साथ ही दावा किया कि आप के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ आरोप तय करना पंजाबियों की भी जीत है, जिन्हें उनका सम्मान वापस मिल गया और आप को अब पंजाबियों का प्रतिनिधित्व करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायमूर्ति रविंदर कौर की अदालत ने आरोप तय किए. बाद में मजीठिया ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'यह लड़ाई पूरी तरह से एक इंसान के अपने सम्मान के लिए खड़े होने की है. मेरे रुख की आखिरकार पुष्टि हुई'.टिप्पणियां
उन्होंने साथ ही दावा किया कि आप के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ आरोप तय करना पंजाबियों की भी जीत है, जिन्हें उनका सम्मान वापस मिल गया और आप को अब पंजाबियों का प्रतिनिधित्व करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने साथ ही दावा किया कि आप के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ आरोप तय करना पंजाबियों की भी जीत है, जिन्हें उनका सम्मान वापस मिल गया और आप को अब पंजाबियों का प्रतिनिधित्व करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में आरोप तय.
संजय सिंह एवं आशीष खेतान के खिलाफ भी आरोप तय किए गए.
यह लड़ाई एक इंसान के अपने सम्मान के लिए खड़े होने की है- मजीठिया | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार को यहां कहा कि नोटबंदी के बाद देश में नसबंदी के लिए कानून बनने की अत्यंत जरूरत है. गिरिराज बिहार के दूसरे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने नोटबंदी के बाद नसबंदी की वकालत की है.
गत सप्ताह पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय पासवान ने कहा था कि नसबंदी देश की जनसंख्या नियंत्रण में मददगार साबित होगी. उन्होंने कहा था कि देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए समाज के हर वर्ग के लोगों को इसे अपनाना चाहिए. गिरिराज ने कहा कि भारत की जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का 16 प्रतिशत है और हर साल ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर इसमें बढ़ोतरी होती है. उन्होंने कहा, "देश जनसंख्या विस्फोट से जूझ रहा है, जिसे तुरंत नियंत्रित करने की जरूरत है."
इस साल अक्टूबर महीने में गिरिराज सिंह ने कहा था कि हिन्दुओं को अधिक बच्चा पैदा कर देश में उनकी जनसंख्या बढ़ाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए. तब उन्होंने याद करते हुए कहा था कि यह उक्ति किसी और की नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत की है, जिन्होंने गत साल अगस्त महीने में हिन्दुओं को अधिक बच्चा पैदा करने की सलाह दी थी. टिप्पणियां
गिरिराज बिहार के नवादा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक और हिन्दुत्व की राजनीति के चैंपियन के रूप में मशहूर हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गत सप्ताह पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय पासवान ने कहा था कि नसबंदी देश की जनसंख्या नियंत्रण में मददगार साबित होगी. उन्होंने कहा था कि देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए समाज के हर वर्ग के लोगों को इसे अपनाना चाहिए. गिरिराज ने कहा कि भारत की जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का 16 प्रतिशत है और हर साल ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर इसमें बढ़ोतरी होती है. उन्होंने कहा, "देश जनसंख्या विस्फोट से जूझ रहा है, जिसे तुरंत नियंत्रित करने की जरूरत है."
इस साल अक्टूबर महीने में गिरिराज सिंह ने कहा था कि हिन्दुओं को अधिक बच्चा पैदा कर देश में उनकी जनसंख्या बढ़ाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए. तब उन्होंने याद करते हुए कहा था कि यह उक्ति किसी और की नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत की है, जिन्होंने गत साल अगस्त महीने में हिन्दुओं को अधिक बच्चा पैदा करने की सलाह दी थी. टिप्पणियां
गिरिराज बिहार के नवादा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक और हिन्दुत्व की राजनीति के चैंपियन के रूप में मशहूर हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस साल अक्टूबर महीने में गिरिराज सिंह ने कहा था कि हिन्दुओं को अधिक बच्चा पैदा कर देश में उनकी जनसंख्या बढ़ाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए. तब उन्होंने याद करते हुए कहा था कि यह उक्ति किसी और की नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत की है, जिन्होंने गत साल अगस्त महीने में हिन्दुओं को अधिक बच्चा पैदा करने की सलाह दी थी. टिप्पणियां
गिरिराज बिहार के नवादा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक और हिन्दुत्व की राजनीति के चैंपियन के रूप में मशहूर हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गिरिराज बिहार के नवादा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक और हिन्दुत्व की राजनीति के चैंपियन के रूप में मशहूर हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:कहा-देश जनसंख्या विस्फोट की स्थिति से जूझ रहा
इसके लिए कानून बनाने की वकालत की
वैश्विक जनसंख्या में भारत की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: खबर सुनते ही उपनगर मलाड में एसबी खान चाल में रहने वाले ऑटोरिक्शा चालक की बेटी प्रेमा के घर के अंदर मेला लग गया है। प्रेमा अपने भाई और पिता के साथ एक सम्मान से लौटी हैं। उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कैसे इन सबको हैंडल करे। उनका भाई भी सीए कर चुका है।
एक तमिल परिवार होने के चलते डीएमके पार्टी के कार्यकर्ता एक लाख रुपये के साथ आए। प्रेमा को मिलने वाले मीडिया और नेताओं का रेला लग गया है। घर की इस भीड़भाड़ के बीच उनके पिता सोसायटी में मिठाई बांट रहे हैं।
आज सभी की जुबान पर उपनगर मलाड में एसबी खान चाल में रहने वाले ऑटोरिक्शा चालक की बेटी प्रेमा का नाम है जिसने ऑल इंडिया चार्टर्ड एकाउंटेंसी (सीए) परीक्षा न केवल पास की है बल्कि शीर्ष स्थान हासिल किया है।टिप्पणियां
प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया द्वारा नवंबर 2012 में कराई गई परीक्षा में 24 वर्षीय प्रेमा अपनी इस सफलता पर बेहद खुश है। इस परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित किया गया।
देश में सर्वाधिक कड़ी परीक्षा समझे जाने वाले इम्तिहान में शीर्ष स्थान पाने के बाद प्रतिक्रिया पूछे जाने पर प्रेमा ने कहा, ‘यह मेरी जीवनभर की उपलब्धि है। मेरे लिए मेहनत ही सफलता की कुंजी है।’ स्वभाव से विनम्र प्रेमा चार्टर्ड एकाउंटेंसी कंपनी किशोर सेठ एंड कंपनी में अपनी इंटर्नशिप के दौरान छह हजार रूपये प्रतिमाह कमा रही थी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता जयकुमार पेरूमल तथा मां लिंगाम्मल को देती है।
एक तमिल परिवार होने के चलते डीएमके पार्टी के कार्यकर्ता एक लाख रुपये के साथ आए। प्रेमा को मिलने वाले मीडिया और नेताओं का रेला लग गया है। घर की इस भीड़भाड़ के बीच उनके पिता सोसायटी में मिठाई बांट रहे हैं।
आज सभी की जुबान पर उपनगर मलाड में एसबी खान चाल में रहने वाले ऑटोरिक्शा चालक की बेटी प्रेमा का नाम है जिसने ऑल इंडिया चार्टर्ड एकाउंटेंसी (सीए) परीक्षा न केवल पास की है बल्कि शीर्ष स्थान हासिल किया है।टिप्पणियां
प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया द्वारा नवंबर 2012 में कराई गई परीक्षा में 24 वर्षीय प्रेमा अपनी इस सफलता पर बेहद खुश है। इस परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित किया गया।
देश में सर्वाधिक कड़ी परीक्षा समझे जाने वाले इम्तिहान में शीर्ष स्थान पाने के बाद प्रतिक्रिया पूछे जाने पर प्रेमा ने कहा, ‘यह मेरी जीवनभर की उपलब्धि है। मेरे लिए मेहनत ही सफलता की कुंजी है।’ स्वभाव से विनम्र प्रेमा चार्टर्ड एकाउंटेंसी कंपनी किशोर सेठ एंड कंपनी में अपनी इंटर्नशिप के दौरान छह हजार रूपये प्रतिमाह कमा रही थी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता जयकुमार पेरूमल तथा मां लिंगाम्मल को देती है।
आज सभी की जुबान पर उपनगर मलाड में एसबी खान चाल में रहने वाले ऑटोरिक्शा चालक की बेटी प्रेमा का नाम है जिसने ऑल इंडिया चार्टर्ड एकाउंटेंसी (सीए) परीक्षा न केवल पास की है बल्कि शीर्ष स्थान हासिल किया है।टिप्पणियां
प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया द्वारा नवंबर 2012 में कराई गई परीक्षा में 24 वर्षीय प्रेमा अपनी इस सफलता पर बेहद खुश है। इस परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित किया गया।
देश में सर्वाधिक कड़ी परीक्षा समझे जाने वाले इम्तिहान में शीर्ष स्थान पाने के बाद प्रतिक्रिया पूछे जाने पर प्रेमा ने कहा, ‘यह मेरी जीवनभर की उपलब्धि है। मेरे लिए मेहनत ही सफलता की कुंजी है।’ स्वभाव से विनम्र प्रेमा चार्टर्ड एकाउंटेंसी कंपनी किशोर सेठ एंड कंपनी में अपनी इंटर्नशिप के दौरान छह हजार रूपये प्रतिमाह कमा रही थी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता जयकुमार पेरूमल तथा मां लिंगाम्मल को देती है।
प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया द्वारा नवंबर 2012 में कराई गई परीक्षा में 24 वर्षीय प्रेमा अपनी इस सफलता पर बेहद खुश है। इस परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित किया गया।
देश में सर्वाधिक कड़ी परीक्षा समझे जाने वाले इम्तिहान में शीर्ष स्थान पाने के बाद प्रतिक्रिया पूछे जाने पर प्रेमा ने कहा, ‘यह मेरी जीवनभर की उपलब्धि है। मेरे लिए मेहनत ही सफलता की कुंजी है।’ स्वभाव से विनम्र प्रेमा चार्टर्ड एकाउंटेंसी कंपनी किशोर सेठ एंड कंपनी में अपनी इंटर्नशिप के दौरान छह हजार रूपये प्रतिमाह कमा रही थी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता जयकुमार पेरूमल तथा मां लिंगाम्मल को देती है।
देश में सर्वाधिक कड़ी परीक्षा समझे जाने वाले इम्तिहान में शीर्ष स्थान पाने के बाद प्रतिक्रिया पूछे जाने पर प्रेमा ने कहा, ‘यह मेरी जीवनभर की उपलब्धि है। मेरे लिए मेहनत ही सफलता की कुंजी है।’ स्वभाव से विनम्र प्रेमा चार्टर्ड एकाउंटेंसी कंपनी किशोर सेठ एंड कंपनी में अपनी इंटर्नशिप के दौरान छह हजार रूपये प्रतिमाह कमा रही थी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता जयकुमार पेरूमल तथा मां लिंगाम्मल को देती है। | संक्षिप्त पाठ: खबर सुनते ही उपनगर मलाड में एसबी खान चाल में रहने वाले ऑटोरिक्शा चालक की बेटी प्रेमा के घर के अंदर मेला लग गया है। प्रेमा अपने भाई और पिता के साथ एक सम्मान से लौटी हैं। उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कैसे इन सबको हैंडल करे। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे अपने राजनैतिक दल 'हमरो सिक्किम पार्टी' (HSP) के लिए चंदा जुटाने की खातिर रविवार को अपनी दो पसंदीदा जर्सियों को नीलाम किया. इन जर्सियों में से एक वह है, जो बाईचुंग भूटिया ने यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम द्वारा आयोजित 'मैच अगेन्स्ट पॉवर्टी' के दौरान पहनी थी, और दूसरी जर्सी वह है, जिसे बाईचुंग भूटिया ने बायर्न म्यूनिख के खिलाफ वर्ष 2012 में अपने फेयरवेल मैच में पहना था. इन जर्सियों पर फुटबॉल के दिग्गजों - फ्रांस के ज़िनेडिन ज़िडान तथा पुर्तगाल के फिगो - जैसे कई खिलाड़ियों के ऑटोग्राफ हैं.
माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर फुटबॉल सितारे से राजनेता बने बाईचुंग भूटिया ने लिखा, "प्रिय फुटबॉल प्रेमियों तथा साथी भारतीयों, हमने सिक्किम में एक राजनैतिक पार्टी की शुरुआत की है... अन्य राज्यों की तरह, यहां भी भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, किसानों का संकट जैसी बहुत-सी समस्याएं हैं... इस लड़ाई में हमें आपका समर्थन चाहिए..." इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर सारी जानकारी विस्तार से दी, और कहा कि चंदा जुटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी.
पिछले साल 31 मार्च को गठित की गई बाईचुंग भूटिया की HSP ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि पार्टी अगले पांच साल में 'खुशहाल सिक्किम' के लिए नीतियों को लागू करने पर काम करेगी. उन्होंने कहा, "हमारे पास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें झंडों-नारों की राजनीति से दूर रखने के लिए कार्यक्रम है... हम चाहते हैं कि सिक्किम के युवा सम्मान के साथ अपनी ज़िन्दगी जिएं..."
भारत का यह छोटा-सा पहाड़ी राज्य सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) का गढ़ माना जाता है, और यहां से सिर्फ एक सांसद लोकसभा पहुंचता है. वर्ष 2009 तथा 2014 में SDF ने ही आम चुनाव में जीत हासिल की थी.
बाईचुंग भूटिया ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल होकर वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव पश्चिम बंगाल की दार्जीलिंग संसदीय सीट से लड़ा था, और वर्ष 2016 में उन्होंने पश्चिम बंगाल की ही सिलिगुड़ी विधानसभा सीट से भी किस्मत आज़माई थी, लेकिन दोनों चुनाव में उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था. सिक्किम में इस बार 32 विधानसभा सीटों तथा एकमात्र लोकसभा सीट पर एक साथ पहले ही चरण में 11 अप्रैल को मतदान होने जा रहा है. चुनाव परिणाम समूचे देश के साथ 23 मई को घोषित किए जाएंगे. | पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे भाईचुंग भूटिया
भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान हैं भाईचुंग
नीलाम कर दीं पसंदीदा जर्सियां | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया के नंबर एक वनडे गेंदबाज ग्रीम स्वान ने कहा कि वह भारत के खिलाफ एक दिवसीय श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने के लिए आशावादी हैं लेकिन वह इस बात से वाकिफ हैं कि मेहमान टीम के युवा उनके सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं । स्वान ने कल ओवल में यहां शुरू होने वाले तीसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच की पूर्व संध्या पर कहा, मुझे उम्मीद है कि हम क्लीन स्वीप कर सकते हैं क्योंकि हमने इन गर्मियों में अविश्वसनीय क्रिकेट खेला है । अगर क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में आगे बढ़ना है तो हमारे लिए इस लय को जारी रखना महत्वपूर्ण होगा। इस ऑफ स्पिनर ने कहा कि भारत की एक दिवसीय टीम अच्छी चुनौती पेश कर रही है लेकिन उनकी टीम अपने प्रदर्शन से प्रेरित है। भारत ने टेस्ट श्रृंखला में काफी खराब प्रदर्शन किया था जिसमें उन्हें 0.4 से हार का मुंह देखना पड़ा था। स्वान ने कहा, कुछ युवा खिलाड़ी टीम में शामिल हुए हैं जो ज्यादा परवाह नहीं करते और यही रवैया उनके लिए कारगर साबित हो रहा है। पार्थिव पटेल और अजिंक्या (रहाणे) इस समय शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और जब वे बल्लेबाजी करते हैं तो वे परवाह नहीं करते। | यह एक सारांश है: दुनिया के नंबर एक वनडे गेंदबाज ग्रीम स्वान ने कहा कि वह भारत के खिलाफ एक दिवसीय श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने के लिए आशावादी हैं। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में बीजेपी की रैली में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह की नीतियों की जमकर आलोचना की।
मोदी ने केंद्र सरकार के तीन साल पूरा होने पर जश्न और दावत मनाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र को आम लोगों की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्र सिर्फ राजनीति कर रहा है। लोगों की संवेदना की चिंता न मनमोहन सिंह को है और ना ही सोनिया गांधी को।
इससे पहले, पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के बाद हुई जनसभा में लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज शामिल नहीं हुए। हालांकि वजह बताई जा रही है कि अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार ही दोनों नेता इस जनसभा में उपस्थित नहीं हो पाए, लेकिन माना जा रहा है कि कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष के पद पर एक ही व्यक्ति के लगातार दो कार्यकालों को मंजूरी देने के प्रस्ताव को पारित किए जाने से आडवाणी खिन्न हैं, क्योंकि इससे नितिन गडकरी के दूसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया।
आडवाणी पिछले कई दशकों से पार्टी की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और कभी भी ऐसा मौका नहीं आया, जब इतनी अहम रैली में उन्होंने शिरकत नहीं की हो।
गौरतलब है कि पार्टी कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से पहले ही रूठने-मनाने का दौर बना रहा और पार्टी में अपने विरोधी संजय जोशी के इस्तीफे के बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शिरकत की। वहीं, येदियुरप्पा भी शुरू में बैठक में शामिल होने से साफ मना कर चुके थे, लेकिन मोदी के वहां पहुंचने के बाद उन्होंने भी अपना इरादा बदल लिया और बैठक में शामिल होने पहुंच गए।
दिन में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर हमला बोला गया। साथ ही हाल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए आत्म विश्लेषण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिह आजादी के बाद देश की सबसे भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें कहा गया है, "भ्रष्टाचार करना और ऐसा करने वालों को संरक्षण देना मनमोहन सिंह सरकार की विशेषता बन गई है। गठबंधन के सहयोगियों और कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों की भ्रष्टाचार में संलिप्ततता को लेकर अलग-अलग मानदंड बना दिए गए हैं। मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम जब वित्त मंत्री थे तो उस समय 2जी घोटाला हुआ। इसमें स्वयं उनकी भूमिका संदेहास्पद है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता है। फिर भी वह प्रधानमंत्री के निर्विवाद विश्वासपात्र बने हुए हैं।"
प्रस्ताव के मुताबिक आदर्श घोटाले में महाराष्ट्र के अनेक कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सामने आए हैं और हैरानी की बात यह है कि उनमें से कई केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं। इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मामले की जांच के लिए खुद प्रधानमंत्री द्वारा गठित शुंगलू समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर गम्भीर टिप्पणी की गई है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
मोदी ने केंद्र सरकार के तीन साल पूरा होने पर जश्न और दावत मनाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र को आम लोगों की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्र सिर्फ राजनीति कर रहा है। लोगों की संवेदना की चिंता न मनमोहन सिंह को है और ना ही सोनिया गांधी को।
इससे पहले, पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के बाद हुई जनसभा में लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज शामिल नहीं हुए। हालांकि वजह बताई जा रही है कि अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार ही दोनों नेता इस जनसभा में उपस्थित नहीं हो पाए, लेकिन माना जा रहा है कि कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष के पद पर एक ही व्यक्ति के लगातार दो कार्यकालों को मंजूरी देने के प्रस्ताव को पारित किए जाने से आडवाणी खिन्न हैं, क्योंकि इससे नितिन गडकरी के दूसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया।
आडवाणी पिछले कई दशकों से पार्टी की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और कभी भी ऐसा मौका नहीं आया, जब इतनी अहम रैली में उन्होंने शिरकत नहीं की हो।
गौरतलब है कि पार्टी कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से पहले ही रूठने-मनाने का दौर बना रहा और पार्टी में अपने विरोधी संजय जोशी के इस्तीफे के बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शिरकत की। वहीं, येदियुरप्पा भी शुरू में बैठक में शामिल होने से साफ मना कर चुके थे, लेकिन मोदी के वहां पहुंचने के बाद उन्होंने भी अपना इरादा बदल लिया और बैठक में शामिल होने पहुंच गए।
दिन में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर हमला बोला गया। साथ ही हाल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए आत्म विश्लेषण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिह आजादी के बाद देश की सबसे भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें कहा गया है, "भ्रष्टाचार करना और ऐसा करने वालों को संरक्षण देना मनमोहन सिंह सरकार की विशेषता बन गई है। गठबंधन के सहयोगियों और कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों की भ्रष्टाचार में संलिप्ततता को लेकर अलग-अलग मानदंड बना दिए गए हैं। मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम जब वित्त मंत्री थे तो उस समय 2जी घोटाला हुआ। इसमें स्वयं उनकी भूमिका संदेहास्पद है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता है। फिर भी वह प्रधानमंत्री के निर्विवाद विश्वासपात्र बने हुए हैं।"
प्रस्ताव के मुताबिक आदर्श घोटाले में महाराष्ट्र के अनेक कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सामने आए हैं और हैरानी की बात यह है कि उनमें से कई केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं। इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मामले की जांच के लिए खुद प्रधानमंत्री द्वारा गठित शुंगलू समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर गम्भीर टिप्पणी की गई है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
इससे पहले, पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के बाद हुई जनसभा में लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज शामिल नहीं हुए। हालांकि वजह बताई जा रही है कि अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार ही दोनों नेता इस जनसभा में उपस्थित नहीं हो पाए, लेकिन माना जा रहा है कि कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष के पद पर एक ही व्यक्ति के लगातार दो कार्यकालों को मंजूरी देने के प्रस्ताव को पारित किए जाने से आडवाणी खिन्न हैं, क्योंकि इससे नितिन गडकरी के दूसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया।
आडवाणी पिछले कई दशकों से पार्टी की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और कभी भी ऐसा मौका नहीं आया, जब इतनी अहम रैली में उन्होंने शिरकत नहीं की हो।
गौरतलब है कि पार्टी कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से पहले ही रूठने-मनाने का दौर बना रहा और पार्टी में अपने विरोधी संजय जोशी के इस्तीफे के बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शिरकत की। वहीं, येदियुरप्पा भी शुरू में बैठक में शामिल होने से साफ मना कर चुके थे, लेकिन मोदी के वहां पहुंचने के बाद उन्होंने भी अपना इरादा बदल लिया और बैठक में शामिल होने पहुंच गए।
दिन में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर हमला बोला गया। साथ ही हाल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए आत्म विश्लेषण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिह आजादी के बाद देश की सबसे भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें कहा गया है, "भ्रष्टाचार करना और ऐसा करने वालों को संरक्षण देना मनमोहन सिंह सरकार की विशेषता बन गई है। गठबंधन के सहयोगियों और कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों की भ्रष्टाचार में संलिप्ततता को लेकर अलग-अलग मानदंड बना दिए गए हैं। मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम जब वित्त मंत्री थे तो उस समय 2जी घोटाला हुआ। इसमें स्वयं उनकी भूमिका संदेहास्पद है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता है। फिर भी वह प्रधानमंत्री के निर्विवाद विश्वासपात्र बने हुए हैं।"
प्रस्ताव के मुताबिक आदर्श घोटाले में महाराष्ट्र के अनेक कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सामने आए हैं और हैरानी की बात यह है कि उनमें से कई केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं। इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मामले की जांच के लिए खुद प्रधानमंत्री द्वारा गठित शुंगलू समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर गम्भीर टिप्पणी की गई है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
आडवाणी पिछले कई दशकों से पार्टी की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और कभी भी ऐसा मौका नहीं आया, जब इतनी अहम रैली में उन्होंने शिरकत नहीं की हो।
गौरतलब है कि पार्टी कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से पहले ही रूठने-मनाने का दौर बना रहा और पार्टी में अपने विरोधी संजय जोशी के इस्तीफे के बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शिरकत की। वहीं, येदियुरप्पा भी शुरू में बैठक में शामिल होने से साफ मना कर चुके थे, लेकिन मोदी के वहां पहुंचने के बाद उन्होंने भी अपना इरादा बदल लिया और बैठक में शामिल होने पहुंच गए।
दिन में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर हमला बोला गया। साथ ही हाल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए आत्म विश्लेषण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिह आजादी के बाद देश की सबसे भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें कहा गया है, "भ्रष्टाचार करना और ऐसा करने वालों को संरक्षण देना मनमोहन सिंह सरकार की विशेषता बन गई है। गठबंधन के सहयोगियों और कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों की भ्रष्टाचार में संलिप्ततता को लेकर अलग-अलग मानदंड बना दिए गए हैं। मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम जब वित्त मंत्री थे तो उस समय 2जी घोटाला हुआ। इसमें स्वयं उनकी भूमिका संदेहास्पद है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता है। फिर भी वह प्रधानमंत्री के निर्विवाद विश्वासपात्र बने हुए हैं।"
प्रस्ताव के मुताबिक आदर्श घोटाले में महाराष्ट्र के अनेक कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सामने आए हैं और हैरानी की बात यह है कि उनमें से कई केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं। इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मामले की जांच के लिए खुद प्रधानमंत्री द्वारा गठित शुंगलू समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर गम्भीर टिप्पणी की गई है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
गौरतलब है कि पार्टी कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से पहले ही रूठने-मनाने का दौर बना रहा और पार्टी में अपने विरोधी संजय जोशी के इस्तीफे के बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शिरकत की। वहीं, येदियुरप्पा भी शुरू में बैठक में शामिल होने से साफ मना कर चुके थे, लेकिन मोदी के वहां पहुंचने के बाद उन्होंने भी अपना इरादा बदल लिया और बैठक में शामिल होने पहुंच गए।
दिन में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर हमला बोला गया। साथ ही हाल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए आत्म विश्लेषण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिह आजादी के बाद देश की सबसे भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें कहा गया है, "भ्रष्टाचार करना और ऐसा करने वालों को संरक्षण देना मनमोहन सिंह सरकार की विशेषता बन गई है। गठबंधन के सहयोगियों और कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों की भ्रष्टाचार में संलिप्ततता को लेकर अलग-अलग मानदंड बना दिए गए हैं। मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम जब वित्त मंत्री थे तो उस समय 2जी घोटाला हुआ। इसमें स्वयं उनकी भूमिका संदेहास्पद है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता है। फिर भी वह प्रधानमंत्री के निर्विवाद विश्वासपात्र बने हुए हैं।"
प्रस्ताव के मुताबिक आदर्श घोटाले में महाराष्ट्र के अनेक कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सामने आए हैं और हैरानी की बात यह है कि उनमें से कई केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं। इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मामले की जांच के लिए खुद प्रधानमंत्री द्वारा गठित शुंगलू समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर गम्भीर टिप्पणी की गई है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
दिन में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर हमला बोला गया। साथ ही हाल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए आत्म विश्लेषण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिह आजादी के बाद देश की सबसे भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें कहा गया है, "भ्रष्टाचार करना और ऐसा करने वालों को संरक्षण देना मनमोहन सिंह सरकार की विशेषता बन गई है। गठबंधन के सहयोगियों और कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों की भ्रष्टाचार में संलिप्ततता को लेकर अलग-अलग मानदंड बना दिए गए हैं। मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम जब वित्त मंत्री थे तो उस समय 2जी घोटाला हुआ। इसमें स्वयं उनकी भूमिका संदेहास्पद है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता है। फिर भी वह प्रधानमंत्री के निर्विवाद विश्वासपात्र बने हुए हैं।"
प्रस्ताव के मुताबिक आदर्श घोटाले में महाराष्ट्र के अनेक कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सामने आए हैं और हैरानी की बात यह है कि उनमें से कई केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं। इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मामले की जांच के लिए खुद प्रधानमंत्री द्वारा गठित शुंगलू समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर गम्भीर टिप्पणी की गई है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिह आजादी के बाद देश की सबसे भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें कहा गया है, "भ्रष्टाचार करना और ऐसा करने वालों को संरक्षण देना मनमोहन सिंह सरकार की विशेषता बन गई है। गठबंधन के सहयोगियों और कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों की भ्रष्टाचार में संलिप्ततता को लेकर अलग-अलग मानदंड बना दिए गए हैं। मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम जब वित्त मंत्री थे तो उस समय 2जी घोटाला हुआ। इसमें स्वयं उनकी भूमिका संदेहास्पद है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता है। फिर भी वह प्रधानमंत्री के निर्विवाद विश्वासपात्र बने हुए हैं।"
प्रस्ताव के मुताबिक आदर्श घोटाले में महाराष्ट्र के अनेक कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सामने आए हैं और हैरानी की बात यह है कि उनमें से कई केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं। इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मामले की जांच के लिए खुद प्रधानमंत्री द्वारा गठित शुंगलू समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर गम्भीर टिप्पणी की गई है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
प्रस्ताव के मुताबिक आदर्श घोटाले में महाराष्ट्र के अनेक कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सामने आए हैं और हैरानी की बात यह है कि उनमें से कई केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं। इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मामले की जांच के लिए खुद प्रधानमंत्री द्वारा गठित शुंगलू समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर गम्भीर टिप्पणी की गई है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
"काले धन का पता लगाने के लिए प्रभावी और अर्थपूर्ण समयबद्घ कार्यक्रम चलाने तथा विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम जनता के सामने लाने के लिए सरकार में राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव है। सरकार जानती है कि यदि ये नाम उजागर हो जाएं तो उसकी फजीहत होगी।" प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गम्भीर नहीं है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
हाल में कई राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, "पंजाब में अकाली दल, भाजपा गठबंधन भारी बहुमत से विजयी रहा। पिछले 40 वर्ष में पंजाब में वह ऐसी पहली सरकार थी जो सत्ता में रहते हुए दोबारा चुनी गई। जाहिर है कि लोगों ने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों पर भरोसा किया। इसी तरह गोवा में भाजपा की जीत काबिले तारीफ है।"टिप्पणियां
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
उत्तराखण्ड के बारे में कहा गया है, "राज्य में एक सीट कम रहने के कारण हम अपनी सरकार नहीं बना पाए। हमें इससे सबक लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। हमें गम्भीरता से आत्म विश्लेषण करने, सुधार करने और पार्टी के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को प्रेरित तथा उत्साहित करने की जरूरत है।"
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है।
भाजपा के प्रस्ताव में संप्रग सरकार पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) की स्थापना के प्रयास और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में सुरक्षा संबंधी अधिकार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से केंद्र व राज्यों के बीच अविश्वास तथा संदेह बढ़ा है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इससे पहले, पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के बाद हुई जनसभा में लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज शामिल नहीं हुए। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली प्रदेश निर्वाचन आयोग को शहर की एक अदालत ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित रिकॉर्ड लाने को कहा है जिनके खिलाफ कथित तौर पर चुनाव आयोग के हलफनामों में गलत जानकारी देने के मामले में शिकायत दर्ज की गई थी।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने ये निर्देश जारी किये। उन्हें एक अधिकारी ने सूचित किया था कि स्मृति ईरानी द्वारा उनकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दाखिल दस्तावेजों का पता नहीं चल रहा। चुनाव आयोग से मूल दस्तावेज रिकॉर्ड लाने को कहा गया था क्योंकि शिकायतकर्ता का आरोप था कि 2004 में चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए आयोग के समक्ष दाखिल स्मृति के हलफनामे में उन्हें स्नातक बताया गया था।
अधिकारी ने अदालत में कहा कि स्मृति की शैक्षणिक योग्यता के संबंध में उनके द्वारा दाखिल मूल दस्तावेजों का पता नहीं चल रहा लेकिन इस संबंध में जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके बाद अदालत ने अधिकारी को मामले में उसके समक्ष एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले में अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की।
उल्लेखनीय है कि अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को फ्रीलांस लेखक और फरियादी अहमर खान की याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया था जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों को स्मृति की योग्यता से संबंधित रिकॉर्ड लाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।टिप्पणियां
शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि स्मृति ने जानबूझकर 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल अपने हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में भिन्न-भिन्न जानकारी दी थी और इस मुद्दे के उठने के बावजूद कोई सफाई नहीं दी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने ये निर्देश जारी किये। उन्हें एक अधिकारी ने सूचित किया था कि स्मृति ईरानी द्वारा उनकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दाखिल दस्तावेजों का पता नहीं चल रहा। चुनाव आयोग से मूल दस्तावेज रिकॉर्ड लाने को कहा गया था क्योंकि शिकायतकर्ता का आरोप था कि 2004 में चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए आयोग के समक्ष दाखिल स्मृति के हलफनामे में उन्हें स्नातक बताया गया था।
अधिकारी ने अदालत में कहा कि स्मृति की शैक्षणिक योग्यता के संबंध में उनके द्वारा दाखिल मूल दस्तावेजों का पता नहीं चल रहा लेकिन इस संबंध में जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके बाद अदालत ने अधिकारी को मामले में उसके समक्ष एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले में अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की।
उल्लेखनीय है कि अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को फ्रीलांस लेखक और फरियादी अहमर खान की याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया था जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों को स्मृति की योग्यता से संबंधित रिकॉर्ड लाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।टिप्पणियां
शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि स्मृति ने जानबूझकर 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल अपने हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में भिन्न-भिन्न जानकारी दी थी और इस मुद्दे के उठने के बावजूद कोई सफाई नहीं दी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने अदालत में कहा कि स्मृति की शैक्षणिक योग्यता के संबंध में उनके द्वारा दाखिल मूल दस्तावेजों का पता नहीं चल रहा लेकिन इस संबंध में जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके बाद अदालत ने अधिकारी को मामले में उसके समक्ष एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले में अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की।
उल्लेखनीय है कि अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को फ्रीलांस लेखक और फरियादी अहमर खान की याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया था जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों को स्मृति की योग्यता से संबंधित रिकॉर्ड लाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।टिप्पणियां
शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि स्मृति ने जानबूझकर 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल अपने हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में भिन्न-भिन्न जानकारी दी थी और इस मुद्दे के उठने के बावजूद कोई सफाई नहीं दी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उल्लेखनीय है कि अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को फ्रीलांस लेखक और फरियादी अहमर खान की याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया था जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों को स्मृति की योग्यता से संबंधित रिकॉर्ड लाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।टिप्पणियां
शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि स्मृति ने जानबूझकर 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल अपने हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में भिन्न-भिन्न जानकारी दी थी और इस मुद्दे के उठने के बावजूद कोई सफाई नहीं दी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि स्मृति ने जानबूझकर 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल अपने हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में भिन्न-भिन्न जानकारी दी थी और इस मुद्दे के उठने के बावजूद कोई सफाई नहीं दी।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: स्मृति पर चुनाव आयोग के हलफनामों में गलत जानकारी देने का आरोप
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 23 जुलाई तय की
पिछले साल इनके खिलाफ याचिका दायर की गई थी | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व महासचिव अमर सिंह ने सोमवार को कहा कि उन्होंने उस सीडी से छेड़छाड़ नहीं कराई है, जिसमें शांति भूषण के साथ कथित तौर पर उनकी और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की बातचीत दर्ज है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता एवं लोकपाल विधेयक मसौदा समिति के सह-अध्यक्ष को अपनी आवाज का नमूना विश्लेषण के लिए देना चाहिए। सिंह ने कहा, "उस सीडी को मैं क्यों बनवाऊंगा, जिसमें मेरी भी आवाज है? मैं पहले ही दिन से कह रहा हूं कि सीडी से छेड़छाड़ हुई है, उसमें कुछ जोड़ा गया है।" अमर सिंह ने कहा, "शांति भूषण को अपनी आवाज का नमूना देना चाहिए।" शांति भूषण के बेटे एवं लोकपाल मसौदा समिति के सदस्य प्रशांत भूषण ने यह प्रमाणित करने के लिए कि सीडी फर्जी है, दो फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में ऑडियो सीडी की जांच कराई है। सीडी में कथित तौर पर शांति भूषण, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और अब निष्कासित पार्टी नेता अमर सिंह की बातचीत दर्ज है। प्रशांत भूषण ने रविवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सामाजिक संगठनों के आंदोलन और सर्वोच्च न्यायालय में दो महत्वपूर्ण मामलों पर हुई कार्यवाही को पटरी से उतारने के लिए सीडी से छेड़छाड़ की गई है। अमर सिंह ने भूषण के खिलाफ मानहानि का मुकदमा शुरू करने तथा अदालत की अवमानना सम्बंधी एक याचिका भी दायर करने की चेतावनी दी। सिंह ने कहा कि प्रशांत भूषण को सीडी पहले नहीं चलानी चाहिए थी, क्योंकि यह अदालती मामला है। भूषण ने दावा किया था कि नवीनतम सीडी में पूरी बातचीत काट दी गई है और पहले की ऑडियो डिस्क से इसमें कुछ जोड़ा गया है। यह दावा करते हुए कि वह भूषण के खिलाफ अदालत की अवमानना सम्बंधी याचिका दायर करेंगे, सिंह ने कहा, "इसकी बजाय (विचाराधीन मामला एवं प्रामाणिकता विवाद) प्रशांत भूषण ने सीडी से उद्धरण पढ़ा था (संवाददाता सम्मेलन में)। मैं उनसे कहूंगा कि वह प्रवचन न दें।" अमर सिंह ने यह दावा करते हुए कि भूषण ने कहा था कि वह सीडी के निर्माता हैं, कहा, "मैं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा।" सीडी में दर्ज कथित बातचीत में पूर्व विधि मंत्री शांति भूषण मुलायम सिंह यादव से वादा कर रहे हैं कि पैसे के लिए वह एक न्यायाधीश पर दबाव देंगे तथा सलाह दे रहे हैं कि प्रशांत भूषण 'सौदा' तय करेंगे। अमर सिंह ने कहा कि जब उनकी और मुलायम सिंह की आवाज पहले की रिकार्डिंग से जोड़ी गई, उन्हें ताज्जुब हुआ कि उसमें से शांति भूषण की आवाज गायब थी। इससे पता चलता है कि उसमें बड़ी रकम का जिक्र था। | सारांश: "उस सीडी को मैं क्यों बनवाऊंगा, जिसमें मेरी भी आवाज है? मैं पहले ही दिन से कह रहा हूं कि सीडी से छेड़छाड़ हुई है, उसमें कुछ जोड़ा गया है।" | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अगस्ता वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर मामले में दायर आरोप पत्र में आये नाम 'एपी' और 'फैम' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया. देहरादून में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बोफोर्स तोपें, हेलीकॉप्टर या हथियारों से संबंधित ऐसा सौदा खोजना मुश्किल है जिसमें इस पार्टी द्वारा कमीशन लेने की खबरें न आती हों. उत्तराखंड की पांचों सीटों पर पहले चरण में 11 अप्रैल को हो रहे चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कथित हेलीकॉप्टर घोटाले में दुबई से गिरफ्तार दलालों से पूछताछ में उन्होंने 'एपी' और 'फैम' का नाम लिया है. उन्होंने कहा, ''इटली के मिशेल मामा और दूसरे दलालों से एजेंसियों ने कई हफ्ते पूछताछ की है जिसके आधार पर अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया है. इन दलालों ने जिन लोगों को घूस देने की बात कही है उनमें से एक 'एपी' है और दूसरा 'फैम'. इसी में कहा गया है कि एपी का मतलब है अहमद पटेल और फैम का मतलब है फैमिली.'' मोदी ने जनता से सवालिया लहजे में कहा कि सबको पता है कि अहमद पटेल कौन हैं और किस फैमिली के निकट हैं और हेलीकॉप्टर की दलाली किसने खाई.
इससे पहले देहरादून रैली में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'देवभूमि में बसे देवी देवताओं को नमन करते हुए, उत्तराखंड के आप सभी साथियों का आपके समर्थन और सहयोग के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं. बाबा केदार के आशीर्वाद से और आपकी सहभागिता से ही बीते 5 वर्ष में देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में आपका ये प्रधानसेवक सफल हो पाया है. ये आपका ही आशीर्वाद था कि हम सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत का आरक्षण देने में हम सफल हो पाए. वरना कांग्रेस तो अपने ढकोसला पत्रों से इसको बाहर निकालने की हिम्मत ही नहीं कर पाई. मेरे साथ आप हमेशा से चट्टान की तरह खड़े रहे, इसलिए 40 वर्ष से लटका वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा हल कर पाया. वरना जिनकी नीयत सिर्फ वोट बटोरने की रही, उन्होंने तो इसको लटकाने और भटकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी.'
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कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'करप्शन और कांग्रेस का साथ अटूट है. कांग्रेस के राज की पहचान है कि उसमें भ्रष्टाचार एक्सीलेटर पर रहता है और विकास वेंटीलेटर पर. कांग्रेस सरकारों में एक होड़ सी मची रहती है कि कौन कितना ज्यादा भ्रष्टाचार करे. 2G हो, कोयला हो, कॉमनवेल्थ हो, कर्जमाफी घोटाला हो, जमीन, पाताल, आकाश, जल, थल, नभ... देश का ऐसा कोई संसाधन नहीं जो इनकी लूट से बच पाया हो. इसमें भी नामदार परिवार का नाम सबसे ऊपर रहा है. आपने हाल ही में मीडिया में देखा होगा कि बड़े-बड़े फार्म हाउस से भी कैसे घोटाले किए गए. इन्होंने देश की सेना को नहीं छोड़ा, हमारे सैनिकों को नहीं छोड़ा. बोफोर्स तोप या फिर हेलिकॉप्टर, हथियार का ऐसा सौदा खोजना मुश्किल हो जाता है जिसमें कांग्रेस द्वारा कमीशन की खबरें न आती हों.'
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पीएम ने आगे कहा, 'एक जमाना था जिस परिवार की एयरपोर्ट तक पर तलाशी की हिम्मत कोई नहीं कर सकता था वो आज बेल पर बाहर है. जो परिवार खुद को भारत का भाग्यविधाता समझता था, वो जेल जाने से बचने के लिए सारी तिकड़में लगा रहा है. करप्शन के साथ-साथ कांग्रेस ने देशद्रोहियों और पाकिस्तान को खुश करने का भी अभियान छेड़ रखा है. अगर आप उनके ढकोसला पत्र को पढ़ेंगे, तो पता चलेगा कि कांग्रेस का हाथ किसके साथ है. कांग्रेस, जम्मू कश्मीर में आतंकियों और पत्थरबाज़ों का सामना कर रहे हमारे सेना और अर्धसैनिक बलों को दिया गया विशेष अधिकार हटाना चाहती है. जान दांव पर लगाने वाले हमारे सैनिक फर्ज़ी मुकदमों के कुचक्र में फंसे रहें, ये व्यवस्था करना चाहती है. पाकिस्तान से पैसा लेकर जो पत्थरबाज़ों को भड़काते हैं ऐसे लोगों से कांग्रेस बातचीत करना चाहती है. जो भारत के खिलाफ साजिश रचता है, टुकड़े-टुकड़े करने की बात करता है, ऐसे लोगों के लिए बने देशद्रोह को कानून को कांग्रेस हटाना चाहती है. कांग्रेस के ढकोसलापत्र से टुकड़े-टुकड़े गैंग खुश है, पाकिस्तान में बैठे कुछ लोग भी खुश हैं. वहीं जम्मू कश्मीर में इनके साथी, हर रोज़ कश्मीर को अलग करने की धमकी दे रहे हैं. वो कश्मीर का अलग प्रधानमंत्री चाहते हैं.'
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उन्होंने कहा, 'जबतक देश का बच्चा-बच्चा चौकीदार बना रहेगा, तब तक भारत की एक इंच ज़मीन पर भी आंच नहीं आएगी. मैं शहीद मोहन लाल रातूरी, शहीद वीरेंद्र सिंह राणा, शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट, शहीद मेजर विभूति ढौंढियाल समेत देश के हर शहीद परिवार को विश्वास दिलाता हूं कि टुकड़े-टुकड़े गैंग की इस साजिश के सामने ये चौकीदार दीवार बनकर खड़ा है. कांग्रेस देश की सुरक्षा पर ही नहीं हमारे गरीबों और मध्यम वर्ग पर प्रहार करने के सपने भी पाल रही है. एक दो दिन पहले ही नामदारों के गुरु, इनके मार्गदर्शक ने गलती से अपनी साजिश टीवी के कैमरे के सामने बता दी है. उन्होंने कहा मिडिल क्लास स्वार्थी है, लालची है.'
आज करीब 50 करोड़ गरीबों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है, तो उसके पीछे हमारा ईमानदार करदाता ही है. देश के करीब 12 करोड़ किसान परिवारों को हर वर्ष 75 हज़ार करोड़ रुपए बैंक खाते में पहुंचने शुरू हो गए हैं, तो वो भी हुआ है ईमानदार करदाताओं के कारण. 7 करोड़ से अधिक गरीब बहनों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर मिला है तो ईमानदार करदाताओं के कारण. डेढ़ करोड़ से अधिक परिवारों को अपना पक्का घर, 10 करोड़ से अधिक परिवारों को शौचालय मिला है, ईमानदार करदाताओं के कारण. करोड़ों गरीब परिवारों को सस्ता राशन मिल पाता है तो, इन्हीं ईमानदार करदाताओं के कारण. चारधाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड हो, बाबा केदार के पावन पवित्र धाम का पुनर्निमाण हो, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण हो, ऐसे हर काम हो रहे हैं ईमानदार करदाताओं के कारण.'
'आपका ये चौकीदार, भाजपा और एनडीए की सरकार एक-एक ईमानदार करदाता की आभारी है. इसलिए हमने 5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम को ज़ीरो कर दिया है. अगर ज़रा सी भी चूक हुई तो ये छूट तो जाएगी ही और आप पर बोझ पड़ना भी तय है. भारतीय जनता पार्टी की और आपके इस सेवक की सोच बिल्कुल स्पष्ट है. कांग्रेस ने पहाड़ को पलायन से जोड़ा, हम पहाड़ को पर्यटन से जोड़ने का काम कर रहे हैं. पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी, पहाड़ के भी काम आए, ये इस चौकीदार की, हम सब की प्रतिबद्धता है. आपका एक- एक वोट महा मिलावटी लोगों को करारा जवाब होगा. आपके विश्वास के कारण ईमानदार आज आश्वस्त है और भ्रष्टाचारी त्रस्त है.' | यह एक सारांश है: 'करप्शन और कांग्रेस का साथ अटूट है'
'कांग्रेस ने पाक को खुश करने का भी अभियान छेड़ रखा है'
'आपका वोट महा मिलावटी लोगों को करारा जवाब होगा' | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Breakfast For Weight Loss: तेजी से वजन घटाना चाहते हैं, तो आपको वजन कम (Weight Loss) करने के लिए भोजन पर खास ध्यान देना होगा. आप वजन कम करने के लिए डाइट प्लान (Diet Plan) करते होंगे. लेकिन तेजी से वजन घटाने (Weight Loss Fast) की कई सलाहों के बाद भी जब आपको यह समझ ही नहीं आता कि डाइट प्लान या डाइट चार्ट (Diet Chart) में किस चीज को शामिल किया जाए और किसे नहीं. अगर आप इस बात को लेकर दुविधा में रहते हैं कि मोटापा घटाने (Reduce Obesity) के लिए क्या खाएं और क्या नहीं, तो इसका जवाब आज हम आपको बता रहे हैं. अगर आप सुबह नाश्ता (Morning Breakfast) नहीं करते हैं तो भी आपका वजन बढ़ सकता है. ऐसे में सुबह का ब्रेकफास्ट आपके लिए काफी जरूरी है. खासकर जब आप पेट की चर्बी (Belly Fat) घटाने की कोशिश कर रहे हों. तो यहां जानें ब्रेकफास्ट में ऐसी कौन सी चीजें खाएं जो आपका वजन कम करने के साथ पेट की चर्बी को भी कम करने में मदद कर सकती हैं...
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इस बात का खास ध्यान रखने की जरूरत है कि आप कम तेल का नाश्ता अपनाएं. ऐसे नाश्ते को सबसे अच्छा नाश्ता माना जाता है जो मसालेदान न हो और पोषण से भरपूर हो. सूजी का नाश्ता इसके लिए बेहतर माना जाता है. इसके साथ ही साथ अगर आप वजन कम (Weight Loss) करने के अपने लक्ष्य को जल्दी पाना चाहते हैं तो आपको सुबह का हेल्दी नाश्ता लेना होगा.
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अगर आपको सुबह भूख लगती है, तो बिना नाश्ता किए घर से न निकलें. हेल्दी ब्रेकफास्ट करें. नाश्ते में प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें. मौसमी फल, दूध, ओट्स, अंडा, जूस, दलिया, अंकुरित अनाज आदि नाश्ते में जरूर खाएं. इससे आप दिन भर ऊर्जावान और तरोताजा महसूस करेंगे. साथ ही वजन भी घटेगा सकता है.
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नाश्ता न करना बहुत हद तक वजन बढ़ने का कारण भी हो सकता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि नाश्ता नहीं करने पर आपको दिन में अचानक तेज भूख लगती है. ऐसे में आपको जो भी खाने को मिलता है, उसे हद से ज्यादा आप खा लेते हैं. आपको अपना रुटीन बनाने की जरूरत है. जहां तक एक्सरसाइज करने की बात है तो आपको नाश्ता करने से पहले एक्सरसाइज करनी चाहिए. हालांकि आप प्री वर्कआउट डाइट ले सकते हैं.
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इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने गुरुवार को आरोप लगाया कि संप्रग शासन का मॉडल त्रुटिपूर्ण है क्योंकि उसके मुखिया (प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह) के पास निर्णय करने की शक्ति नहीं है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भारतीय उद्योग परिसंघ
(सीआईआई) में सुबह हुए भाषण के बाद उसी सभा में शाम को जेटली ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘सरकार के निर्वाचित मुखिया को निर्णय करने का अंतिम अधिकार होना चाहिए। लेकिन प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) को पार्टी (सोनिया गांधी) की हिदायतों का पालन करना होता है।’’ उन्होंने कहा कि संप्रग शासन ‘‘तीन टांग के नेतृत्व’’ वाला है और ऐसा नेतृत्व देश के लिए त्रासदी है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि आठ प्रतिशत की विकास वृद्धि दर को दोबारा पाया जा सकता है, लेकिन इस वृद्धि दर को पाने के लिए उन्होंने क्या कार्ययोजना तैयार की है? प्रधानमंत्री ने बुधवार को सीआईआई की सभा में ही कहा था कि देश आठ प्रतिशत की विकास दर को पुन: पा सकता है। टिप्पणियां
जेटली ने सीबीआई सहित देश की अपराध जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस इन एजेंसियों का इस बात के लिए इस्तेमाल कर रही है कि संप्रग सरकार को समर्थन दे रहे दल उससे समर्थन वापस न लेने पाएं।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो सीबीआई और एनआईए जैसी जांच एजेंसियों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी जांच एजेंसियों को पूरी तरह स्वतंत्र होने की आवश्यकता है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भारतीय उद्योग परिसंघ
(सीआईआई) में सुबह हुए भाषण के बाद उसी सभा में शाम को जेटली ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘सरकार के निर्वाचित मुखिया को निर्णय करने का अंतिम अधिकार होना चाहिए। लेकिन प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) को पार्टी (सोनिया गांधी) की हिदायतों का पालन करना होता है।’’ उन्होंने कहा कि संप्रग शासन ‘‘तीन टांग के नेतृत्व’’ वाला है और ऐसा नेतृत्व देश के लिए त्रासदी है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि आठ प्रतिशत की विकास वृद्धि दर को दोबारा पाया जा सकता है, लेकिन इस वृद्धि दर को पाने के लिए उन्होंने क्या कार्ययोजना तैयार की है? प्रधानमंत्री ने बुधवार को सीआईआई की सभा में ही कहा था कि देश आठ प्रतिशत की विकास दर को पुन: पा सकता है। टिप्पणियां
जेटली ने सीबीआई सहित देश की अपराध जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस इन एजेंसियों का इस बात के लिए इस्तेमाल कर रही है कि संप्रग सरकार को समर्थन दे रहे दल उससे समर्थन वापस न लेने पाएं।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो सीबीआई और एनआईए जैसी जांच एजेंसियों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी जांच एजेंसियों को पूरी तरह स्वतंत्र होने की आवश्यकता है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि आठ प्रतिशत की विकास वृद्धि दर को दोबारा पाया जा सकता है, लेकिन इस वृद्धि दर को पाने के लिए उन्होंने क्या कार्ययोजना तैयार की है? प्रधानमंत्री ने बुधवार को सीआईआई की सभा में ही कहा था कि देश आठ प्रतिशत की विकास दर को पुन: पा सकता है। टिप्पणियां
जेटली ने सीबीआई सहित देश की अपराध जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस इन एजेंसियों का इस बात के लिए इस्तेमाल कर रही है कि संप्रग सरकार को समर्थन दे रहे दल उससे समर्थन वापस न लेने पाएं।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो सीबीआई और एनआईए जैसी जांच एजेंसियों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी जांच एजेंसियों को पूरी तरह स्वतंत्र होने की आवश्यकता है।
जेटली ने सीबीआई सहित देश की अपराध जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस इन एजेंसियों का इस बात के लिए इस्तेमाल कर रही है कि संप्रग सरकार को समर्थन दे रहे दल उससे समर्थन वापस न लेने पाएं।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो सीबीआई और एनआईए जैसी जांच एजेंसियों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी जांच एजेंसियों को पूरी तरह स्वतंत्र होने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो सीबीआई और एनआईए जैसी जांच एजेंसियों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी जांच एजेंसियों को पूरी तरह स्वतंत्र होने की आवश्यकता है। | संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सीआईआई में सुबह हुए भाषण के बाद उसी सभा में शाम को जेटली ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘सरकार के निर्वाचित मुखिया को निर्णय करने का अंतिम अधिकार होना चाहिए। लेकिन प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) को पार्टी (सोनिया गांधी) की हिदायतों | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बल्लेबाजी में भाग्य और गेंदबाजी में अनुशासन के अनोखे मिश्रण से भारत ने बुधवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को विश्व कप 2011 के महामुकाबले में 29 रन से चित करके सह मेजबान श्रीलंका से खिताबी मुकाबले में भिड़ने का हक पाया। क्रिकेट कूटनीति का गवाह बना यह मैच दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों और कई दिग्गज हस्तियों ने भी देखा। महेंद्र सिंह धोनी के रणबांकुरों ने मनमोहन सिंह और उनकी टीम में खूब जोश भरा और पाकिस्तान पर विश्व कप में अपना शत-प्रतिशत रिकॉर्ड बरकरार रखा। भारत तीसरी बार फाइनल में पहुंचा है। 1983 के चैंपियन को दूसरी बार खिताब जीतने के लिए अब 2 अप्रैल को मुंबई में श्रीलंकाई चुनौती तोड़नी होगी। पीसीए स्टेडियम में भाग्य भारत के साथ था। सचिन तेंदुलकर ने चार जीवनदान और रेफरल का फायदा उठाकर 115 गेंद पर 85 रन बनाए। वीरेंद्र सहवाग (38) ने टीम को तूफानी शुरुआत दिलाई, लेकिन वहाब रियाज (46 रन देकर पांच विकेट) के झटकों से रन गति धीमी पड़ गई। सुरेश रैना ने आखिर में 36 रन की अच्छी पारी खेली, जिससे भारत ने नौ विकेट पर 260 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। मैच में गेंदबाजों ने अंतर पैदा किया। भारतीय गेंदबाजों ने बेहद अनुशासित खेल दिखाया और नियमित अंतराल में विकेट लेकर पाकिस्तान को बड़ी साझेदारी नहीं निभाने दी। मिस्बाह उल हक ने 76 गेंद पर 56 रन बनाए पर पाकिस्तान 49.5 ओवर में 231 रन ही बना पाया। भारत की तरफ से पांचों गेंदबाजों- जहीर खान, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट लिए। भारत को सहवाग ने तूफानी शुरुआत दिलाई और तब लग रहा था कि टीम 300 रन के पार पहुंचेगी, लेकिन बीच में नियमित अंतराल में विकेट गंवाने से रन गति धीमी पड़ी। आलम यह था कि एक समय 15 ओवर तक गेंद सीमा रेखा के पार ही नहीं गई। सहवाग ने फिर से चौका जड़कर खाता खोला। उनके निशाने पर उमर गुल थे, जिनके खिलाफ उन्होंने 19 गेंद पर आठ चौके जमाकर पाकिस्तानी आक्रमण को थर्रा दिया। उन्होंने गुल के दूसरे ओवर में पांच चौके जड़कर स्ट्रोक प्ले का बेमिसाल नजारा पेश किया, लेकिन जैसे ही वह चूके, आउट हो गए। रियाज की पहले ओवर में ही मिडिल और लेग स्टंप पर पिच की गई गेंद उन्हें पगबाधा कर गई और रेफरल भी उनके खिलाफ गया। तेंदुलकर का भाग्य ने पूरा साथ दिया। उन्होंने अपनी कलात्मकता और प्लेसमेंट का अच्छा नजारा पेश किया, लेकिन इस बीच छह बार वह पैवेलियन जाने से बचे। तेंदुलकर जब 23 रन पर थे तो अंपायर इयान गोल्ड ने अजमल की अपील पर उन्हें पगबाधा दे दिया था। गेंद लाइन में थी, लेकिन रीप्ले से लग रहा था कि वह लेग स्टंप छोड़ रही थी। गोल्ड को फैसला बदलना पड़ा। अगली गेंद पर स्टम्पिंग की अपील पर तेंदुलकर को संदेह का फायदा मिला। मास्टर ब्लास्टर को इसके बाद 27 रन पर मिस्बाह, 45 रन पर यूनुस खान और 70 रन पर कामरान अकमल ने जीवनदान दिया। तीनों अवसरों पर दुर्भाग्यशाली गेंदबाज आफरीदी रहे। तेंदुलकर जब 81 रन पर थे, तब मोहम्मद हफीज की गेंद पर उमर अकमल ने उनका कैच टपकाया। इस बीच दूसरे छोर पर लगातार तीन विकेट गिरने से भी तेंदुलकर पर दबाव बना। गंभीर कुछ आकर्षक शॉट लगाने के बाद हफीज की फ्लाइट लेती गेंद पर चूक गए और बाकी काम विकेटकीपर ने पूरा कर दिया, लेकिन वह रियाज थे, जिन्होंने भारतीयों को हिला कर रखा। मैच के 26वें ओवर में पासा पलटा। रियाज ने तब विराट कोहली :9: और युवराज को लगातार गेंद पर आउट किया। तालियों की गूंज के साथ क्रीज पर कदम रखने वाले युवराज थोड़ी सी स्विंग लेती नीची रहती फुलटास पर बोल्ड हुए। दर्शकों का दिल टूट गया। उनकी धड़कने बढ़ गई थी। धोनी ने रियाज की हैट्रिक नहीं बनने दी, लेकिन भारतीय टीम दबाव में आ चुकी थी और पाकिस्तानी गेंदबाजी हावी हो गये थे। आलम यह था कि 30वें ओवर के बाद गेंद को सीमा रेखा के दर्शन करने के लिए 45वें ओवर तक का इंतजार करना पड़ा और इस बीच टीम ने तेंदुलकर और धोनी के विकेट गंवाए। धोनी को भी जीवनदान मिला लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाये। रियाज की गेंद पर कामरान ने उनका कैच छोड़ा लेकिन इसी ओवर में भारतीय कप्तान पगबाधा आउट हो गये। रेफरल भी धोनी को नहीं बचा पाया। गुल ने अपने पहले चार ओवर में 41 रन दिये थे और बाद में भी उनकी नहीं चली। बल्लेबाजी पावरप्ले के पहले ओवर में रैना ने उन पर तीन चौके जड़े । इस बीच दूसरा के धनी हरभजन सिंह (12) को अजमल ने दूसरा पर अपना शिकार बनाया, जबकि रियाज ने जहीर खान (9) के रूप में पांचवां विकेट लिया। पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिये विकेट निकालना जरूरी था और ऐसे में युवराज ने गेंदबाजी में कमाल दिखाया। बायें हाथ की उनकी स्पिन गेंदबाजी इस टूर्नामेंट में विरोधी बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूटी है और मोहाली की पिच भी अपवाद नहीं रही। अपने घरेलू दर्शकों के सामने युवराज ने पहले असद शाफिक (30) का मिडिल स्टंप उखाड़ा जो सीधी गेंद को कट करना चाहते थे। अगले ओवर में उन्होंने अनुभवी यूनुस खान (13) को लाफ्टेड कवर ड्राइव के लिए ललचाकर कैच कराया। उमर अकमल (29) ने युवराज के लगातार ओवरों में एक- एक छक्का जड़कर उनकी लय बिगाड़ने और रन रेट बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन धोनी की चतुराई भरी कप्तानी की तारीफ करनी होगी। उन्होंने तब हरभजन को गेंद सौंपी, जिनकी आर्म बॉल जैसी सीधी गेंद पर उमर बोल्ड हो गए। हरभजन ने यदि उमर को हैरान किया तो मुनाफ ने यही काम अब्दुल रज्जाक (3) के लिए किया। उनकी लेग कटर पर रज्जाक कट करना चाहते थे, लेकिन वह कुछ समझ पाते इससे पहले गेंद ऑफ स्टंप की गिल्ली उड़ा चुकी थी। भारतीयों की अनुशासित गेंदबाजी का आलम यह था कि 37वें ओवर में पहला अतिरिक्त रन गया। पाकिस्तान की उम्मीद कप्तान शाहिद ऑफरीदी पर टिकी थी, लेकिन हरभजन की फुलटॉस को हवा में लहराकर जैसे ही वह पैवेलियन लौटे, भारतीय जीत औपचारिकता मात्र रह गई। मिस्बाह के अंतिम विकेट के रूप में आउट होते ही पीसीए स्टेडियम में दीवाली का माहौल बन गया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मोहाली में विश्व कप क्रिकेट के रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 29 रन से पराजित कर फाइनल में जगह पक्की कर ली। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर के विश्वासपात्र ने शनिवार को कथित रूप से आत्महत्या कर ली. पुलिस ने यह जानकारी दी. आयकर विभाग के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री के आवास, कार्यालय और शिक्षा संस्थानों पर छापे मारे थे. पुलिस ने बताया कि सुबह भारतीय खेल प्राधिकरण के मैदान के निकट एक पेड़ से रमेश का शव लटकता हुआ पाया गया. उन्होंने बताया कि रमेश रामनगर में मेल्लईहल्ली के रहने वाले थे. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार रमेश ने एक टाइपिस्ट के रूप में कांग्रेस के साथ अपना कार्यकाल शुरू किया था और वह परमेश्वर के करीबी बन गये थे.
सूत्रों ने दावा किया कि विभाग के अधिकारियों ने दो दिन पहले परमेश्वर के आवास, कार्यालय और सिद्धार्थ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स में छापे मारे थे और रमेश से भी पूछताछ की थी. इस बीच आयकर विभाग के अधिकारियों ने परमेश्वर को मंगलवार को उनके समक्ष पेश होने के लिए कहा है.
रमेश का शव जहां लटका मिला है वहां से एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें लिखा है, ‘‘मैं अपने घर में आयकर के छापों से परेशान हूं और अपने सम्मान की रक्षा के लिए मैंने आत्महत्या करने का फैसला किया है.'' पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में आईटी अधिकारियों से उसकी पत्नी और बच्चों को परेशान नहीं किये जाने की अपील की गई है.
परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने रमेश को साहसी बनने और स्थिति का निडरतापूर्वक सामना करने के लिए कहा था. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘पता नहीं उन्होंने क्यों आत्महत्या कर ली. आज सुबह भी मैंने उनसे बात की और उनसे निडर बने रहने को कहा था.''
कांग्रेस की राज्य इकाई ने रमेश की आत्महत्या को पार्टी से उनके पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दूर रखने के ‘‘लक्षित उत्पीड़न'' का परिणाम बताया. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि केवल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ ही छापे की कार्रवाई क्यों की जा रही है.
उन्होंने कहा, ‘‘क्या मकसद है? उनका एकमात्र एजेंडा उन लोगों को निशाना बनाना और परेशान करना है जो उनके (भाजपा) खिलाफ लिखते और बोलते हैं.'' पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान दो-तीन दिनों तक रमेश को प्रताड़ित किया गया.
इस बीच आयकर विभाग के अधिकारियों ने परमेश्वर को उनके समक्ष पेश होने के लिए मंगलवार को बुलाया है. परमेश्वर ने बताया कि आईटी अधिकारियों ने उन्हें मंगलवार को बुलाया है. उन्होंने यहां कहा, ‘‘इसलिए मैं मंगलवार को वहां जाऊंगा.''
कांग्रेस नेता ने कहा कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनसे कहा है कि कुछ छात्रों की शिकायतों के बाद छापे की कार्रवाई की गई थी. उन्होंने कहा कि वह आयकर अधिकारियों के निष्कर्षों का जवाब तैयार कर रहे हैं. आयकर विभाग ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि उसने कर्नाटक में नौ अक्टूबर को एक प्रमुख व्यवसाय समूह के परिसरों पर छापे मारे थे और यह समूह कई शैक्षणिक संस्थानों का संचालन करता है. | सारांश: कर्नाटक के पूर्व डिप्टी सीएम के सहयोगी ने की आत्महत्या
2 दिन पहले आयकर विभाग ने की थी पूछताछ
एक पेड़ से रमेश का शव लटकता हुआ पाया गया | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिकी कंपनियों को कुशल और शिक्षित श्रमिकों के लिए भारत और चीन की ओर नहीं देखना चाहिए। हालांकि, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और विज्ञान जैसे क्षेत्रों की कंपनियों में इस तरह का चलन दिखाई दे रहा है।
ओबामा ने कहा कि इससे बचने के लिए वह स्कूलों और शिक्षकों को ऐसे संसाधन उपलब्ध कराना चाहते हैं, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा सके।टिप्पणियां
वित्त वर्ष 2013 के लिए संसद को सालाना बजटीय प्रस्ताव भेजने के बाद ओबामा ने कहा, ‘‘आज की कंपनियां सबसे ज्यादा दक्ष और शिक्षित कर्मचारी चाहती हैं। मैं नहीं चाहता कि वे उन्हें भारत और चीन में ढूंढें। मैं चाहता हैं कि नियोक्ता इस तरह के श्रमिकों को यहीं अमेरिका में ही तलाशें।’’ उन्होंने कहा कि नियोक्ता जिस तरह की कुशलता और शिक्षा चाहते हैं, वह उन पुरुषों और महिलाओं से शुरू होती है जो हमारे बच्चों को शिक्षित करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह चाहते हैं कि संसद स्कूलों को संसाधन उपलब्ध कराए और अच्छे शिक्षकों को पुरस्कृत करें।
ओबामा ने कहा कि इसके साथ ही स्कूलों को इस तरह की छूट भी दी जानी चाहिए कि वे सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को सिखाएं भी। ‘‘हम यह कर सकते हैं।’’
ओबामा ने कहा कि इससे बचने के लिए वह स्कूलों और शिक्षकों को ऐसे संसाधन उपलब्ध कराना चाहते हैं, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा सके।टिप्पणियां
वित्त वर्ष 2013 के लिए संसद को सालाना बजटीय प्रस्ताव भेजने के बाद ओबामा ने कहा, ‘‘आज की कंपनियां सबसे ज्यादा दक्ष और शिक्षित कर्मचारी चाहती हैं। मैं नहीं चाहता कि वे उन्हें भारत और चीन में ढूंढें। मैं चाहता हैं कि नियोक्ता इस तरह के श्रमिकों को यहीं अमेरिका में ही तलाशें।’’ उन्होंने कहा कि नियोक्ता जिस तरह की कुशलता और शिक्षा चाहते हैं, वह उन पुरुषों और महिलाओं से शुरू होती है जो हमारे बच्चों को शिक्षित करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह चाहते हैं कि संसद स्कूलों को संसाधन उपलब्ध कराए और अच्छे शिक्षकों को पुरस्कृत करें।
ओबामा ने कहा कि इसके साथ ही स्कूलों को इस तरह की छूट भी दी जानी चाहिए कि वे सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को सिखाएं भी। ‘‘हम यह कर सकते हैं।’’
वित्त वर्ष 2013 के लिए संसद को सालाना बजटीय प्रस्ताव भेजने के बाद ओबामा ने कहा, ‘‘आज की कंपनियां सबसे ज्यादा दक्ष और शिक्षित कर्मचारी चाहती हैं। मैं नहीं चाहता कि वे उन्हें भारत और चीन में ढूंढें। मैं चाहता हैं कि नियोक्ता इस तरह के श्रमिकों को यहीं अमेरिका में ही तलाशें।’’ उन्होंने कहा कि नियोक्ता जिस तरह की कुशलता और शिक्षा चाहते हैं, वह उन पुरुषों और महिलाओं से शुरू होती है जो हमारे बच्चों को शिक्षित करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह चाहते हैं कि संसद स्कूलों को संसाधन उपलब्ध कराए और अच्छे शिक्षकों को पुरस्कृत करें।
ओबामा ने कहा कि इसके साथ ही स्कूलों को इस तरह की छूट भी दी जानी चाहिए कि वे सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को सिखाएं भी। ‘‘हम यह कर सकते हैं।’’
ओबामा ने कहा कि इसके साथ ही स्कूलों को इस तरह की छूट भी दी जानी चाहिए कि वे सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को सिखाएं भी। ‘‘हम यह कर सकते हैं।’’ | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिकी कंपनियों को कुशल और शिक्षित श्रमिकों के लिए भारत और चीन की ओर नहीं देखना चाहिए। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बता दें कि ओवैसी ने शुक्रवार को कहा था, 'देश के मुसलमानों को बीजेपी के सत्ता में आने से डरना नहीं चाहिए क्योंकि संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है.' मक्का मस्जिद में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, 'भारत का कानून, संविधान हमें इस बात की इजाजत देता है कि हम अपने धर्म का पालन करें.' उन्होंने कहा था, 'जब भारत के प्रधानमंत्री मंदिर जा सकते हैं तो हम भी गर्व के साथ मस्जिद जा सकते हैं.' इससे पहले ओवैसी ने योग गुरु रामदेव पर उनके उस बयान पर तंज कसा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की आबादी नियंत्रित करने के लिए 'तीसरे बच्चे को वोट का अधिकार छीन लेना चाहिए.' ओवैसी ने तंज भरा ट्वीट करते हुए रामदेव पर निशाना साधा था और कहा था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल इसलिए अपना वोट का अधिकार नहीं खोना चाहिए क्योंकि वह अपने माता-पिता के तीसरे बच्चे हैं.' | सारांश: ओवैसी के बयान पर मुख्तार अब्बास नकवी ने किया पलटवार
कहा- ये धर्म, जाति और क्षेत्र के आधार पर अनावश्यक बातें हैं
'कुछ लोग ऐसी बातें इसलिए कहते हैं क्योंकि उनका जीवन चलता रहे' | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों की स्वतंत्रता निरंतर खतरे में है क्योंकि सत्तारूढ़ शासन भड़काऊ बयानबाजी कर रहा है, जो न तो आकस्मिक है न भूलवश बल्कि 'एक खतरनाक डिजाइन का हिस्सा है.' कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने यहां इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपने संबोधन में कहा कि इतिहास को फिर से लिखने, तथ्यों को झूठलाने और राष्ट्र निर्माताओं पर हमला करने का प्रयास किया जा रहा है.
सोनिया ने कहा, "हमारा समाज, हमारी आजादी निरंतर हमले के साए में हैं. इस बारे में कोई गलती नहीं करें. यह भारत के विचार में फेरबदल करने को लेकर एक लंबे समय से तैयार योजना है." उन्होंने कहा,"सत्तारूढ़ सरकार की ओर से भड़काऊ बयानबाजी न तो आकस्मिक है और न भूलवश है. ये एक खतरनाक डिजायन का हिस्सा हैं."
सोनिया ने कहा कि देश के संविधान को बदलने के बारे में निराशाजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जो भारत के सार को जानबूझकर नष्ट करने के प्रयास का संकेत है. उन्होंने कहा, "संसदीय बहुमत को सदन में बहस व चर्चा न होने देने का लाइसेंस माना जा रहा है. हमारी आजादी हमले के साए में है. हमारे लोग अधीर हो रहे हैं."
सोनिया ने कहा कि निराशाजनक बातें करना उनका स्वभाव नहीं है लेकिन हमें चीजों को वैसे ही देखने की जरूरत है, जैसी वे हैं. उन्होंने कहा कि भय और धमकी के खिलाफ उठने वाली आवाजों को चुप कराया जा रहा है. सोनिया ने दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, "दलितों पर अत्याचार को लेकर असंवेदनशीलता हैरान करने वाली है."टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के मकसद से समाज का ध्रुवीकरण किया जा रहा है. धार्मिक तनाव बढ़ रहे हैं. सोनिया ने सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के नामों का संक्षेपीकरण करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "हमें तेजी से बढ़ने की जरूरत है. लेकिन फास्ट, एफ.ए.एस.टी पहले काम करना और फिर विचार करना नहीं हो सकता है."
सोनिया ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपने भाषण का अंत करते हुए कहा कि भारत एक महान और शानदार देश है. चलो हम इसकी सुरक्षा करें, इसे सहेजकर रखें.
सोनिया ने कहा, "हमारा समाज, हमारी आजादी निरंतर हमले के साए में हैं. इस बारे में कोई गलती नहीं करें. यह भारत के विचार में फेरबदल करने को लेकर एक लंबे समय से तैयार योजना है." उन्होंने कहा,"सत्तारूढ़ सरकार की ओर से भड़काऊ बयानबाजी न तो आकस्मिक है और न भूलवश है. ये एक खतरनाक डिजायन का हिस्सा हैं."
सोनिया ने कहा कि देश के संविधान को बदलने के बारे में निराशाजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जो भारत के सार को जानबूझकर नष्ट करने के प्रयास का संकेत है. उन्होंने कहा, "संसदीय बहुमत को सदन में बहस व चर्चा न होने देने का लाइसेंस माना जा रहा है. हमारी आजादी हमले के साए में है. हमारे लोग अधीर हो रहे हैं."
सोनिया ने कहा कि निराशाजनक बातें करना उनका स्वभाव नहीं है लेकिन हमें चीजों को वैसे ही देखने की जरूरत है, जैसी वे हैं. उन्होंने कहा कि भय और धमकी के खिलाफ उठने वाली आवाजों को चुप कराया जा रहा है. सोनिया ने दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, "दलितों पर अत्याचार को लेकर असंवेदनशीलता हैरान करने वाली है."टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के मकसद से समाज का ध्रुवीकरण किया जा रहा है. धार्मिक तनाव बढ़ रहे हैं. सोनिया ने सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के नामों का संक्षेपीकरण करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "हमें तेजी से बढ़ने की जरूरत है. लेकिन फास्ट, एफ.ए.एस.टी पहले काम करना और फिर विचार करना नहीं हो सकता है."
सोनिया ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपने भाषण का अंत करते हुए कहा कि भारत एक महान और शानदार देश है. चलो हम इसकी सुरक्षा करें, इसे सहेजकर रखें.
सोनिया ने कहा कि देश के संविधान को बदलने के बारे में निराशाजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जो भारत के सार को जानबूझकर नष्ट करने के प्रयास का संकेत है. उन्होंने कहा, "संसदीय बहुमत को सदन में बहस व चर्चा न होने देने का लाइसेंस माना जा रहा है. हमारी आजादी हमले के साए में है. हमारे लोग अधीर हो रहे हैं."
सोनिया ने कहा कि निराशाजनक बातें करना उनका स्वभाव नहीं है लेकिन हमें चीजों को वैसे ही देखने की जरूरत है, जैसी वे हैं. उन्होंने कहा कि भय और धमकी के खिलाफ उठने वाली आवाजों को चुप कराया जा रहा है. सोनिया ने दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, "दलितों पर अत्याचार को लेकर असंवेदनशीलता हैरान करने वाली है."टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के मकसद से समाज का ध्रुवीकरण किया जा रहा है. धार्मिक तनाव बढ़ रहे हैं. सोनिया ने सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के नामों का संक्षेपीकरण करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "हमें तेजी से बढ़ने की जरूरत है. लेकिन फास्ट, एफ.ए.एस.टी पहले काम करना और फिर विचार करना नहीं हो सकता है."
सोनिया ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपने भाषण का अंत करते हुए कहा कि भारत एक महान और शानदार देश है. चलो हम इसकी सुरक्षा करें, इसे सहेजकर रखें.
सोनिया ने कहा कि निराशाजनक बातें करना उनका स्वभाव नहीं है लेकिन हमें चीजों को वैसे ही देखने की जरूरत है, जैसी वे हैं. उन्होंने कहा कि भय और धमकी के खिलाफ उठने वाली आवाजों को चुप कराया जा रहा है. सोनिया ने दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, "दलितों पर अत्याचार को लेकर असंवेदनशीलता हैरान करने वाली है."टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के मकसद से समाज का ध्रुवीकरण किया जा रहा है. धार्मिक तनाव बढ़ रहे हैं. सोनिया ने सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के नामों का संक्षेपीकरण करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "हमें तेजी से बढ़ने की जरूरत है. लेकिन फास्ट, एफ.ए.एस.टी पहले काम करना और फिर विचार करना नहीं हो सकता है."
सोनिया ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपने भाषण का अंत करते हुए कहा कि भारत एक महान और शानदार देश है. चलो हम इसकी सुरक्षा करें, इसे सहेजकर रखें.
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के मकसद से समाज का ध्रुवीकरण किया जा रहा है. धार्मिक तनाव बढ़ रहे हैं. सोनिया ने सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के नामों का संक्षेपीकरण करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "हमें तेजी से बढ़ने की जरूरत है. लेकिन फास्ट, एफ.ए.एस.टी पहले काम करना और फिर विचार करना नहीं हो सकता है."
सोनिया ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपने भाषण का अंत करते हुए कहा कि भारत एक महान और शानदार देश है. चलो हम इसकी सुरक्षा करें, इसे सहेजकर रखें.
सोनिया ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपने भाषण का अंत करते हुए कहा कि भारत एक महान और शानदार देश है. चलो हम इसकी सुरक्षा करें, इसे सहेजकर रखें. | यहाँ एक सारांश है:सोनिया गांधी ने इंडिया टुडे कनक्लेव में ये बात कही
मोदी सरकार पर निशाना साधा
कई मुद्दों पर रखी अपने मन की बात. | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को पेश आम बजट 2012-13 में खुदरा निवेशकों को पूंजी बाजार में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक नई कर छूट योजना 'राजीव गांधी शेयर बचत योजना' का प्रस्ताव रखा।
मुखर्जी ने कहा, "वित्तीय साधनों में बचत प्रवाह बढ़ाने व घरेलू पूंजी बाजार का आधार बढ़ाने के लिए एक नई योजना, राजीव गांधी शेयर बचत योजना की शुरुआत का प्रस्ताव है।" उन्होंने कहा, "यह योजना शेयरों में 50,000 रुपये तक का सीधा निवेश करने वाले व 10 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले नए खुदरा निवेशकों को 50 प्रतिशत आय कर छूट की अनुमति देती है।"
इस योजना के सम्बंध में विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी। योजना में तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी।टिप्पणियां
मुखर्जी ने शेयरों की खरीद-बिक्री पर लगने वाले शुल्क को भी 0.125 फीसदी से घटाकर 0.1 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा।
कम्पनियों को छोटे शहरों में छोटे निवेशकों तक पहुंचने में मदद करने के लिए मुखर्जी ने योग्य विदेशी निवेशकों (क्यूएफआई) की भारतीय कारपोरेट बांड में निवेश की अनुमति देने तथा प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की प्रक्रिया सरल बनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कम्पनियों के लिए शेयर बाजारों के राष्ट्रव्यापी ब्रोकर नेटवर्क के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप में 10 करोड़ रुपये या इससे अधिक का प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम लाना आवश्यक होगा।
मुखर्जी ने कहा, "वित्तीय साधनों में बचत प्रवाह बढ़ाने व घरेलू पूंजी बाजार का आधार बढ़ाने के लिए एक नई योजना, राजीव गांधी शेयर बचत योजना की शुरुआत का प्रस्ताव है।" उन्होंने कहा, "यह योजना शेयरों में 50,000 रुपये तक का सीधा निवेश करने वाले व 10 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले नए खुदरा निवेशकों को 50 प्रतिशत आय कर छूट की अनुमति देती है।"
इस योजना के सम्बंध में विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी। योजना में तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी।टिप्पणियां
मुखर्जी ने शेयरों की खरीद-बिक्री पर लगने वाले शुल्क को भी 0.125 फीसदी से घटाकर 0.1 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा।
कम्पनियों को छोटे शहरों में छोटे निवेशकों तक पहुंचने में मदद करने के लिए मुखर्जी ने योग्य विदेशी निवेशकों (क्यूएफआई) की भारतीय कारपोरेट बांड में निवेश की अनुमति देने तथा प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की प्रक्रिया सरल बनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कम्पनियों के लिए शेयर बाजारों के राष्ट्रव्यापी ब्रोकर नेटवर्क के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप में 10 करोड़ रुपये या इससे अधिक का प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम लाना आवश्यक होगा।
इस योजना के सम्बंध में विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी। योजना में तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी।टिप्पणियां
मुखर्जी ने शेयरों की खरीद-बिक्री पर लगने वाले शुल्क को भी 0.125 फीसदी से घटाकर 0.1 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा।
कम्पनियों को छोटे शहरों में छोटे निवेशकों तक पहुंचने में मदद करने के लिए मुखर्जी ने योग्य विदेशी निवेशकों (क्यूएफआई) की भारतीय कारपोरेट बांड में निवेश की अनुमति देने तथा प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की प्रक्रिया सरल बनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कम्पनियों के लिए शेयर बाजारों के राष्ट्रव्यापी ब्रोकर नेटवर्क के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप में 10 करोड़ रुपये या इससे अधिक का प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम लाना आवश्यक होगा।
मुखर्जी ने शेयरों की खरीद-बिक्री पर लगने वाले शुल्क को भी 0.125 फीसदी से घटाकर 0.1 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा।
कम्पनियों को छोटे शहरों में छोटे निवेशकों तक पहुंचने में मदद करने के लिए मुखर्जी ने योग्य विदेशी निवेशकों (क्यूएफआई) की भारतीय कारपोरेट बांड में निवेश की अनुमति देने तथा प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की प्रक्रिया सरल बनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कम्पनियों के लिए शेयर बाजारों के राष्ट्रव्यापी ब्रोकर नेटवर्क के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप में 10 करोड़ रुपये या इससे अधिक का प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम लाना आवश्यक होगा।
कम्पनियों को छोटे शहरों में छोटे निवेशकों तक पहुंचने में मदद करने के लिए मुखर्जी ने योग्य विदेशी निवेशकों (क्यूएफआई) की भारतीय कारपोरेट बांड में निवेश की अनुमति देने तथा प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की प्रक्रिया सरल बनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कम्पनियों के लिए शेयर बाजारों के राष्ट्रव्यापी ब्रोकर नेटवर्क के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप में 10 करोड़ रुपये या इससे अधिक का प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम लाना आवश्यक होगा। | संक्षिप्त सारांश: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को पेश आम बजट 2012-13 में खुदरा निवेशकों को पूंजी बाजार में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक नई कर छूट योजना 'राजीव गांधी शेयर बचत योजना' का प्रस्ताव रखा। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के सीएम उम्मीदवार पर अपना स्टैंड बदल दिया है. अब वे अखिलेश को पार्टी का सीएम चेहरा बनाने के लिए फिर तैयार हो गए हैं. चंद दिनों पहले उन्होंने कहा था कि चुनाव जीतने के बाद विधायक तय करेंगे कि कौन सीएम होगा. सियासी हलकों में यह भी अफवाहें थीं कि अखिलेश अब अपनी अलग पार्टी बनाने वाले हैं. माना जा रहा है कि इस तरह डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू हो गई है.
समाजवादी पार्टी के स्टेट आफिस के ऑडिटोरियम में आज ठीक उस जगह औेर उसी कुर्सी पर बैठकर मुलायम के दूत औेर पार्टी के राज्यसभा सदस्य कृष्णमय नंदा ने मुलायम की तरफ से ऐलान किया कि अखिलेश ही सीएम कैंडिडेट हैं... जहां से तीन रोज पहले मुलायम ने खुद कहा था कि सीएम कौन होगा यह चुनाव के बाद विधायक तय करेंगे. कृष्णमय नंदा ने कहा, “अगली सरकार समाजवादी पार्टी की ही होगी..और अखिलेश यादव ही उसका चेहरा हैं. जो देश के सबसे बेहतरीन मुख्यमंत्री हैं. यही मुलायम सिंह का संदेश है, जो मैं आपको देने आया हूं.”टिप्पणियां
बाप-बेटे की जंग में पिछले दिनों लगा कि अखिलेश अकेले पड़ते जा रहे हैं, क्योंकि अखिलेश की मर्जी के खिलाफ मुलायम ने गायत्री प्रजापति को फिर मंत्री बनवा दिया... अमर सिंह को महासचिव बना दिया...अखिलेश के करीबी सात युवा नेताओं को पार्टी से निकाल दिया...कौमी एकता दल का सपा में विलय कर दिया...और मुख्तार अंसारी का टिकट तय कर दिया.
उधर अखिलेश अपने उन युवा दोस्तों के साथ सार्वजनिक प्रोग्राम में नजर आए जिन्हें मुलायम सिंह यादव ने पार्टी से बर्खास्त कर दिया था. और तब तो हंगामा ही हो गया जब अखिलेश ने एक इंटरव्यू में कह दिया कि वे अकेले चुनाव प्रचार में चले जाएंगे, उन्होंने तो अपना नाम भी बचपन में खुद ही रख लिया था. शायद 75 साल के बाप को जवान बेटे की यह बात दिल को लग गई और उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में कह दिया कि “अगला सीएम कौन होगा यह चुनाव जीतने के बाद विधायक तय करेंगे. ”
इसके बाद अफवाहों ने जोर पकड़ा कि अखिलेश यादव अपनी नई पार्टी बना रहे हैं... वे कांग्रेस के साथ जा सकते हैं... वगैरह..वगैरह. लेकिन आज मुलायम सिंह ने अखिलेश को मीटिंग के लिए घर बुलाया.
समाजवादी पार्टी के स्टेट आफिस के ऑडिटोरियम में आज ठीक उस जगह औेर उसी कुर्सी पर बैठकर मुलायम के दूत औेर पार्टी के राज्यसभा सदस्य कृष्णमय नंदा ने मुलायम की तरफ से ऐलान किया कि अखिलेश ही सीएम कैंडिडेट हैं... जहां से तीन रोज पहले मुलायम ने खुद कहा था कि सीएम कौन होगा यह चुनाव के बाद विधायक तय करेंगे. कृष्णमय नंदा ने कहा, “अगली सरकार समाजवादी पार्टी की ही होगी..और अखिलेश यादव ही उसका चेहरा हैं. जो देश के सबसे बेहतरीन मुख्यमंत्री हैं. यही मुलायम सिंह का संदेश है, जो मैं आपको देने आया हूं.”टिप्पणियां
बाप-बेटे की जंग में पिछले दिनों लगा कि अखिलेश अकेले पड़ते जा रहे हैं, क्योंकि अखिलेश की मर्जी के खिलाफ मुलायम ने गायत्री प्रजापति को फिर मंत्री बनवा दिया... अमर सिंह को महासचिव बना दिया...अखिलेश के करीबी सात युवा नेताओं को पार्टी से निकाल दिया...कौमी एकता दल का सपा में विलय कर दिया...और मुख्तार अंसारी का टिकट तय कर दिया.
उधर अखिलेश अपने उन युवा दोस्तों के साथ सार्वजनिक प्रोग्राम में नजर आए जिन्हें मुलायम सिंह यादव ने पार्टी से बर्खास्त कर दिया था. और तब तो हंगामा ही हो गया जब अखिलेश ने एक इंटरव्यू में कह दिया कि वे अकेले चुनाव प्रचार में चले जाएंगे, उन्होंने तो अपना नाम भी बचपन में खुद ही रख लिया था. शायद 75 साल के बाप को जवान बेटे की यह बात दिल को लग गई और उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में कह दिया कि “अगला सीएम कौन होगा यह चुनाव जीतने के बाद विधायक तय करेंगे. ”
इसके बाद अफवाहों ने जोर पकड़ा कि अखिलेश यादव अपनी नई पार्टी बना रहे हैं... वे कांग्रेस के साथ जा सकते हैं... वगैरह..वगैरह. लेकिन आज मुलायम सिंह ने अखिलेश को मीटिंग के लिए घर बुलाया.
बाप-बेटे की जंग में पिछले दिनों लगा कि अखिलेश अकेले पड़ते जा रहे हैं, क्योंकि अखिलेश की मर्जी के खिलाफ मुलायम ने गायत्री प्रजापति को फिर मंत्री बनवा दिया... अमर सिंह को महासचिव बना दिया...अखिलेश के करीबी सात युवा नेताओं को पार्टी से निकाल दिया...कौमी एकता दल का सपा में विलय कर दिया...और मुख्तार अंसारी का टिकट तय कर दिया.
उधर अखिलेश अपने उन युवा दोस्तों के साथ सार्वजनिक प्रोग्राम में नजर आए जिन्हें मुलायम सिंह यादव ने पार्टी से बर्खास्त कर दिया था. और तब तो हंगामा ही हो गया जब अखिलेश ने एक इंटरव्यू में कह दिया कि वे अकेले चुनाव प्रचार में चले जाएंगे, उन्होंने तो अपना नाम भी बचपन में खुद ही रख लिया था. शायद 75 साल के बाप को जवान बेटे की यह बात दिल को लग गई और उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में कह दिया कि “अगला सीएम कौन होगा यह चुनाव जीतने के बाद विधायक तय करेंगे. ”
इसके बाद अफवाहों ने जोर पकड़ा कि अखिलेश यादव अपनी नई पार्टी बना रहे हैं... वे कांग्रेस के साथ जा सकते हैं... वगैरह..वगैरह. लेकिन आज मुलायम सिंह ने अखिलेश को मीटिंग के लिए घर बुलाया.
इसके बाद अफवाहों ने जोर पकड़ा कि अखिलेश यादव अपनी नई पार्टी बना रहे हैं... वे कांग्रेस के साथ जा सकते हैं... वगैरह..वगैरह. लेकिन आज मुलायम सिंह ने अखिलेश को मीटिंग के लिए घर बुलाया. | सपा के राज्यसभा सदस्य कृष्णमय नंदा ने दी जानकारी
अखिलेश के दूसरी पार्टी बनाने की थीं अफवाहें
मुलायम सिंह ने अखिलेश को मीटिंग के लिए घर बुलाया | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शाहजहांपुर में कानून की पढ़ाई कर रही एक छात्रा का पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद (Chinmayananda) द्वारा कथित तौर पर यौन शोषण किए जाने के मामले की विशेष जांच दल (SIT) की प्रगति रिपोर्ट पर सोमवार को संतोष जताया. इस मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया. अदालत ने आगे की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 22 अक्तूबर, 2019 की तारीख तय की.
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न के इस मामले की सुनवाई के समय पीड़ित युवती भी अदालत में मौजूद थी. पीड़ित युवती ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए एक आवेदन किया था, लेकिन अदालत ने उसे किसी तरह की राहत देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि यदि पीड़ित युवती इस संबंध में कोई राहत चाहती है तो वह उचित पीठ के समक्ष नए सिरे से एक याचिका दायर कर सकती है. अदालत ने कहा कि यह पीठ इस मामले में केवल जांच की निगरानी करने के लिए नामित की गई है और गिरफ्तारी के मामले में रोक लगाने का कोई आदेश पारित करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है.
बता दें कि इससे पहले खराब स्वास्थ्य के चलते चिन्मयानंद को किंग्स जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर किया गया था. जेल के सूत्रों ने बताया कि डॉक्टरों ने जिला कारागार में बंद चिन्मयानंद को एंजियोग्राफी के लिए लखनऊ के KGMU रेफर किया. स्वामी के वकील ओम सिंह ने बताया कि भाजपा नेता की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने महसूस किया कि उन्हें एंजियोग्राफी की आवश्यकता है इसलिए उन्हें KGMU रेफर किया गया. सिंह ने बताया कि चिन्मयानंद के समर्थन में आये भाजपा नेता एवं पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद भी स्वामी के साथ लखनऊ गए हैं. प्रसाद ने स्वामी से जेल में रविवार को मुलाकात की थी. उन्होंने 72 वर्षीय स्वामी की गिरती सेहत पर चिन्ता व्यक्त की थी. | यहाँ एक सारांश है:SIT की प्रगति रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने जताया संतोष
अदालत ने आगे की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 22 अक्तूबर, 2019 की दी तारीख
गिरफ्तारी के मामले में रोक लगाने का आदेश पारित करना उसके अधिकार में नहीं | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कजाखिस्तान के गृह मंत्रालय ने बताया कि देश के सबसे बड़े शहर अलमाटी में एक थाने और सुरक्षा सेवा कार्यालय पर सशस्त्र हमलों के बाद सोमवार को तीन पुलिस अधिकारियों और एक नागरिक की मौत हो गई।
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घटना के बाद शहर के कुछ हिस्सों में बंद की स्थिति रही। हमले का एक संदिग्ध हिरासत में है और उसके दूसरे फरार साथी की तलाश जारी है।
बयान के अनुसार जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, उस पर स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे एक थाने पर हमला करने, एक पुलिस अधिकारी को गोली मारने और उसकी बंदूक ले जाने का आरोप है। इस दौरान एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई।टिप्पणियां
संदिग्ध ने फिर दो अधिकारियों पर गोली चलाई। स्थानीय मीडिया के अनुसार कम से कम सात पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। देश की आतंकवाद निरोधक सेवा ने हमलों के बाद रेड अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से घरों में रहने को कहा गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घटना के बाद शहर के कुछ हिस्सों में बंद की स्थिति रही। हमले का एक संदिग्ध हिरासत में है और उसके दूसरे फरार साथी की तलाश जारी है।
बयान के अनुसार जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, उस पर स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे एक थाने पर हमला करने, एक पुलिस अधिकारी को गोली मारने और उसकी बंदूक ले जाने का आरोप है। इस दौरान एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई।टिप्पणियां
संदिग्ध ने फिर दो अधिकारियों पर गोली चलाई। स्थानीय मीडिया के अनुसार कम से कम सात पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। देश की आतंकवाद निरोधक सेवा ने हमलों के बाद रेड अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से घरों में रहने को कहा गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बयान के अनुसार जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, उस पर स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे एक थाने पर हमला करने, एक पुलिस अधिकारी को गोली मारने और उसकी बंदूक ले जाने का आरोप है। इस दौरान एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई।टिप्पणियां
संदिग्ध ने फिर दो अधिकारियों पर गोली चलाई। स्थानीय मीडिया के अनुसार कम से कम सात पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। देश की आतंकवाद निरोधक सेवा ने हमलों के बाद रेड अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से घरों में रहने को कहा गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संदिग्ध ने फिर दो अधिकारियों पर गोली चलाई। स्थानीय मीडिया के अनुसार कम से कम सात पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। देश की आतंकवाद निरोधक सेवा ने हमलों के बाद रेड अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से घरों में रहने को कहा गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | हमले में तीन पुलिस अधिकारियों और एक नागरिक की मौत
हमले का एक संदिग्ध हिरासत में है और उसका दूसरा साथी फरार
आतंकवाद निरोधक सेवा ने हमलों के बाद रेड अलर्ट जारी किया | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी. मंगलवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन कोर्ट को बताएंगे कि ऐसे कौन से अधिकारी हैं जो उनकी बात नहीं सुनते. वहीं दिल्ली सरकार के हेल्थ सेक्रेट्री अपना हलफनामा दाखिल करेंगे.
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन की तरफ से हलफनामा दाखिल न करने पर कोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा जब लोग मर रहे हों तो आपको 24 घंटे का वक्त क्यों चाहिए? यह आपकी मंशा थी कि आपने मामले को हल्के में लिया और शनिवार को हलफनामा दाखिल नहीं किया.आपको पूरी रात जागकर हलफनामा तैयार कर दाखिल करना चाहिए था. हमने आपको हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त दिया था कि आप अधिकारियों के नाम बता सकें जो आपकी बात नहीं मान रहे.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को एक और झटका देते हुए दिल्ली सरकार के हेल्थ सेक्रेट्री को हलफनामा दाखिल करने की इजाजत दे दी. हालांकि दिल्ली सरकार ने इसका विरोध किया क्योंकि हेल्थ सेक्रेट्री की ओर से एसजी रंजीत कुमार ने यह इजाजत मांगी थी.
दरअसल दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, इसको लेकर अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना था. सरकार को यह भी बताना था कि ऐसे कौन से अधिकारी हैं जो उसकी बात नहीं सुनते.टिप्पणियां
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा था कि 'आखिर सरकार यह कैसे कह सकती है कि कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है.' कोर्ट ने कहा था कि 'यह बेहद गंभीर आरोप है. लिहाजा कोर्ट के सामने उन अधिकारियों के नाम बताएं जिन्होंने जिम्मेदारी लेने से मना किया है. लेकिन अधिकारी का नाम बंद लिफाफे में नहीं बल्कि कोर्ट में सबके सामने बताया जाएं.' कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली की जनता को इस तरह नहीं छोड़ सकते.
इससे पहले दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 26 सितंबर को दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक जवाब मांगा था. एजी ने कोर्ट में कहा था कि अगर दिल्ली सरकार सही तरीके से चिकनगुनिया को रोकने में नाकाम रहती है तो कोर्ट को बताए, फिर यह काम केंद्र सरकार करेगी.
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन की तरफ से हलफनामा दाखिल न करने पर कोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा जब लोग मर रहे हों तो आपको 24 घंटे का वक्त क्यों चाहिए? यह आपकी मंशा थी कि आपने मामले को हल्के में लिया और शनिवार को हलफनामा दाखिल नहीं किया.आपको पूरी रात जागकर हलफनामा तैयार कर दाखिल करना चाहिए था. हमने आपको हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त दिया था कि आप अधिकारियों के नाम बता सकें जो आपकी बात नहीं मान रहे.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को एक और झटका देते हुए दिल्ली सरकार के हेल्थ सेक्रेट्री को हलफनामा दाखिल करने की इजाजत दे दी. हालांकि दिल्ली सरकार ने इसका विरोध किया क्योंकि हेल्थ सेक्रेट्री की ओर से एसजी रंजीत कुमार ने यह इजाजत मांगी थी.
दरअसल दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, इसको लेकर अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना था. सरकार को यह भी बताना था कि ऐसे कौन से अधिकारी हैं जो उसकी बात नहीं सुनते.टिप्पणियां
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा था कि 'आखिर सरकार यह कैसे कह सकती है कि कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है.' कोर्ट ने कहा था कि 'यह बेहद गंभीर आरोप है. लिहाजा कोर्ट के सामने उन अधिकारियों के नाम बताएं जिन्होंने जिम्मेदारी लेने से मना किया है. लेकिन अधिकारी का नाम बंद लिफाफे में नहीं बल्कि कोर्ट में सबके सामने बताया जाएं.' कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली की जनता को इस तरह नहीं छोड़ सकते.
इससे पहले दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 26 सितंबर को दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक जवाब मांगा था. एजी ने कोर्ट में कहा था कि अगर दिल्ली सरकार सही तरीके से चिकनगुनिया को रोकने में नाकाम रहती है तो कोर्ट को बताए, फिर यह काम केंद्र सरकार करेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को एक और झटका देते हुए दिल्ली सरकार के हेल्थ सेक्रेट्री को हलफनामा दाखिल करने की इजाजत दे दी. हालांकि दिल्ली सरकार ने इसका विरोध किया क्योंकि हेल्थ सेक्रेट्री की ओर से एसजी रंजीत कुमार ने यह इजाजत मांगी थी.
दरअसल दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, इसको लेकर अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना था. सरकार को यह भी बताना था कि ऐसे कौन से अधिकारी हैं जो उसकी बात नहीं सुनते.टिप्पणियां
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा था कि 'आखिर सरकार यह कैसे कह सकती है कि कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है.' कोर्ट ने कहा था कि 'यह बेहद गंभीर आरोप है. लिहाजा कोर्ट के सामने उन अधिकारियों के नाम बताएं जिन्होंने जिम्मेदारी लेने से मना किया है. लेकिन अधिकारी का नाम बंद लिफाफे में नहीं बल्कि कोर्ट में सबके सामने बताया जाएं.' कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली की जनता को इस तरह नहीं छोड़ सकते.
इससे पहले दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 26 सितंबर को दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक जवाब मांगा था. एजी ने कोर्ट में कहा था कि अगर दिल्ली सरकार सही तरीके से चिकनगुनिया को रोकने में नाकाम रहती है तो कोर्ट को बताए, फिर यह काम केंद्र सरकार करेगी.
दरअसल दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, इसको लेकर अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना था. सरकार को यह भी बताना था कि ऐसे कौन से अधिकारी हैं जो उसकी बात नहीं सुनते.टिप्पणियां
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा था कि 'आखिर सरकार यह कैसे कह सकती है कि कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है.' कोर्ट ने कहा था कि 'यह बेहद गंभीर आरोप है. लिहाजा कोर्ट के सामने उन अधिकारियों के नाम बताएं जिन्होंने जिम्मेदारी लेने से मना किया है. लेकिन अधिकारी का नाम बंद लिफाफे में नहीं बल्कि कोर्ट में सबके सामने बताया जाएं.' कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली की जनता को इस तरह नहीं छोड़ सकते.
इससे पहले दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 26 सितंबर को दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक जवाब मांगा था. एजी ने कोर्ट में कहा था कि अगर दिल्ली सरकार सही तरीके से चिकनगुनिया को रोकने में नाकाम रहती है तो कोर्ट को बताए, फिर यह काम केंद्र सरकार करेगी.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा था कि 'आखिर सरकार यह कैसे कह सकती है कि कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है.' कोर्ट ने कहा था कि 'यह बेहद गंभीर आरोप है. लिहाजा कोर्ट के सामने उन अधिकारियों के नाम बताएं जिन्होंने जिम्मेदारी लेने से मना किया है. लेकिन अधिकारी का नाम बंद लिफाफे में नहीं बल्कि कोर्ट में सबके सामने बताया जाएं.' कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली की जनता को इस तरह नहीं छोड़ सकते.
इससे पहले दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 26 सितंबर को दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक जवाब मांगा था. एजी ने कोर्ट में कहा था कि अगर दिल्ली सरकार सही तरीके से चिकनगुनिया को रोकने में नाकाम रहती है तो कोर्ट को बताए, फिर यह काम केंद्र सरकार करेगी.
इससे पहले दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 26 सितंबर को दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक जवाब मांगा था. एजी ने कोर्ट में कहा था कि अगर दिल्ली सरकार सही तरीके से चिकनगुनिया को रोकने में नाकाम रहती है तो कोर्ट को बताए, फिर यह काम केंद्र सरकार करेगी. | सारांश: दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू की रोकथाम के मामले की सुनवाई
दिल्ली सरकार के हेल्थ सेक्रेट्री हलफनामा दाखिल करेंगे
अधिकारियों के नाम कोर्ट में सबके सामने बताने के लिए कहा | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजधानी दिल्ली, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों सहित पूरे देश में प्रभू यीशू का जन्म दिवस पूरे धूमधाम से क्रिसमस के रूप में मनाया जा रहा है। सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन किया गया।
नई दिल्ली के बीचोंबीच स्थित सेक्रेड हार्ट कैथ्रेडल गिरिजाघर को बेहद सुंदर तरीके से सजाया गया है और वहां प्रभु यीशु के जन्म को दर्शाती झांकियां प्रदर्शित की गयी हैं।
तमिलनाडु स्थित ईसाईयों के तीर्थ स्थल वेलन्कणी में हजारों की संख्या में लोग क्रिसमस का त्योहार मनाने पहुंचे हैं। सोमवार की मध्य रात्रि में जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए गिरजाघरों के पादरियों ने प्रभू यीशू के जन्म की घोषणा की। हाथों में बाइबल और मोमबती लिए बच्चों ने जन्म की खुशी में गीत गाए और सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी।
इसी तरह वर्ष 1718 में बने तरंगमबाड़ी स्थित एशिया के सबसे पुराने प्रोटेस्टेंट गिरजाघर ‘यरूशलम गिरजाघर’ में सैकड़ों लोगों ने विशेष प्रार्थना की।
क्रिसमस मनाने के लिए मेघालय में स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक भी जुटे हैं। गिरजाघरों में कल रात से विशेष मास और प्रार्थनाओं का आयोजन किया जा रहा है। कल मध्य रात्रि में प्रभू यीशू के जन्म के बाद से लोग एक-दूसरे को बधाईयां दे रहे हैं और दोस्तों, रिश्तेदारों में तोहफे बांट रहे हैं।
मेघालय की राजधानी शिलांग क्रिसमस और नया साल के उत्सव के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि पूरा शहर क्रिसमस ट्री और रंग-बिरंबे बल्बों से सजा हुआ है।
पारंपरिक क्रिसमस कैरोल और रंग-बिरंगी झांकियों के अलावा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
दक्षिण भारत में केरल में लोग पूरी भक्ति, श्रद्धा और विश्वास के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संख्या पर पैटोम स्थित संत मेरी मलांकरा सीरियन कैथेलिक कैथ्रेडल बसीलिका में कार्डिनल मार बसेलियस क्लीमीस ने क्रिसमस मास कराया। प्रार्थनाओं के बाद बारी आयी स्वादिष्ट पकवानों की। लोगों ने जमकर केक खाए और खिलाए।टिप्पणियां
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
नई दिल्ली के बीचोंबीच स्थित सेक्रेड हार्ट कैथ्रेडल गिरिजाघर को बेहद सुंदर तरीके से सजाया गया है और वहां प्रभु यीशु के जन्म को दर्शाती झांकियां प्रदर्शित की गयी हैं।
तमिलनाडु स्थित ईसाईयों के तीर्थ स्थल वेलन्कणी में हजारों की संख्या में लोग क्रिसमस का त्योहार मनाने पहुंचे हैं। सोमवार की मध्य रात्रि में जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए गिरजाघरों के पादरियों ने प्रभू यीशू के जन्म की घोषणा की। हाथों में बाइबल और मोमबती लिए बच्चों ने जन्म की खुशी में गीत गाए और सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी।
इसी तरह वर्ष 1718 में बने तरंगमबाड़ी स्थित एशिया के सबसे पुराने प्रोटेस्टेंट गिरजाघर ‘यरूशलम गिरजाघर’ में सैकड़ों लोगों ने विशेष प्रार्थना की।
क्रिसमस मनाने के लिए मेघालय में स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक भी जुटे हैं। गिरजाघरों में कल रात से विशेष मास और प्रार्थनाओं का आयोजन किया जा रहा है। कल मध्य रात्रि में प्रभू यीशू के जन्म के बाद से लोग एक-दूसरे को बधाईयां दे रहे हैं और दोस्तों, रिश्तेदारों में तोहफे बांट रहे हैं।
मेघालय की राजधानी शिलांग क्रिसमस और नया साल के उत्सव के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि पूरा शहर क्रिसमस ट्री और रंग-बिरंबे बल्बों से सजा हुआ है।
पारंपरिक क्रिसमस कैरोल और रंग-बिरंगी झांकियों के अलावा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
दक्षिण भारत में केरल में लोग पूरी भक्ति, श्रद्धा और विश्वास के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संख्या पर पैटोम स्थित संत मेरी मलांकरा सीरियन कैथेलिक कैथ्रेडल बसीलिका में कार्डिनल मार बसेलियस क्लीमीस ने क्रिसमस मास कराया। प्रार्थनाओं के बाद बारी आयी स्वादिष्ट पकवानों की। लोगों ने जमकर केक खाए और खिलाए।टिप्पणियां
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
तमिलनाडु स्थित ईसाईयों के तीर्थ स्थल वेलन्कणी में हजारों की संख्या में लोग क्रिसमस का त्योहार मनाने पहुंचे हैं। सोमवार की मध्य रात्रि में जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए गिरजाघरों के पादरियों ने प्रभू यीशू के जन्म की घोषणा की। हाथों में बाइबल और मोमबती लिए बच्चों ने जन्म की खुशी में गीत गाए और सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी।
इसी तरह वर्ष 1718 में बने तरंगमबाड़ी स्थित एशिया के सबसे पुराने प्रोटेस्टेंट गिरजाघर ‘यरूशलम गिरजाघर’ में सैकड़ों लोगों ने विशेष प्रार्थना की।
क्रिसमस मनाने के लिए मेघालय में स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक भी जुटे हैं। गिरजाघरों में कल रात से विशेष मास और प्रार्थनाओं का आयोजन किया जा रहा है। कल मध्य रात्रि में प्रभू यीशू के जन्म के बाद से लोग एक-दूसरे को बधाईयां दे रहे हैं और दोस्तों, रिश्तेदारों में तोहफे बांट रहे हैं।
मेघालय की राजधानी शिलांग क्रिसमस और नया साल के उत्सव के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि पूरा शहर क्रिसमस ट्री और रंग-बिरंबे बल्बों से सजा हुआ है।
पारंपरिक क्रिसमस कैरोल और रंग-बिरंगी झांकियों के अलावा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
दक्षिण भारत में केरल में लोग पूरी भक्ति, श्रद्धा और विश्वास के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संख्या पर पैटोम स्थित संत मेरी मलांकरा सीरियन कैथेलिक कैथ्रेडल बसीलिका में कार्डिनल मार बसेलियस क्लीमीस ने क्रिसमस मास कराया। प्रार्थनाओं के बाद बारी आयी स्वादिष्ट पकवानों की। लोगों ने जमकर केक खाए और खिलाए।टिप्पणियां
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
इसी तरह वर्ष 1718 में बने तरंगमबाड़ी स्थित एशिया के सबसे पुराने प्रोटेस्टेंट गिरजाघर ‘यरूशलम गिरजाघर’ में सैकड़ों लोगों ने विशेष प्रार्थना की।
क्रिसमस मनाने के लिए मेघालय में स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक भी जुटे हैं। गिरजाघरों में कल रात से विशेष मास और प्रार्थनाओं का आयोजन किया जा रहा है। कल मध्य रात्रि में प्रभू यीशू के जन्म के बाद से लोग एक-दूसरे को बधाईयां दे रहे हैं और दोस्तों, रिश्तेदारों में तोहफे बांट रहे हैं।
मेघालय की राजधानी शिलांग क्रिसमस और नया साल के उत्सव के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि पूरा शहर क्रिसमस ट्री और रंग-बिरंबे बल्बों से सजा हुआ है।
पारंपरिक क्रिसमस कैरोल और रंग-बिरंगी झांकियों के अलावा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
दक्षिण भारत में केरल में लोग पूरी भक्ति, श्रद्धा और विश्वास के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संख्या पर पैटोम स्थित संत मेरी मलांकरा सीरियन कैथेलिक कैथ्रेडल बसीलिका में कार्डिनल मार बसेलियस क्लीमीस ने क्रिसमस मास कराया। प्रार्थनाओं के बाद बारी आयी स्वादिष्ट पकवानों की। लोगों ने जमकर केक खाए और खिलाए।टिप्पणियां
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
क्रिसमस मनाने के लिए मेघालय में स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक भी जुटे हैं। गिरजाघरों में कल रात से विशेष मास और प्रार्थनाओं का आयोजन किया जा रहा है। कल मध्य रात्रि में प्रभू यीशू के जन्म के बाद से लोग एक-दूसरे को बधाईयां दे रहे हैं और दोस्तों, रिश्तेदारों में तोहफे बांट रहे हैं।
मेघालय की राजधानी शिलांग क्रिसमस और नया साल के उत्सव के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि पूरा शहर क्रिसमस ट्री और रंग-बिरंबे बल्बों से सजा हुआ है।
पारंपरिक क्रिसमस कैरोल और रंग-बिरंगी झांकियों के अलावा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
दक्षिण भारत में केरल में लोग पूरी भक्ति, श्रद्धा और विश्वास के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संख्या पर पैटोम स्थित संत मेरी मलांकरा सीरियन कैथेलिक कैथ्रेडल बसीलिका में कार्डिनल मार बसेलियस क्लीमीस ने क्रिसमस मास कराया। प्रार्थनाओं के बाद बारी आयी स्वादिष्ट पकवानों की। लोगों ने जमकर केक खाए और खिलाए।टिप्पणियां
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
मेघालय की राजधानी शिलांग क्रिसमस और नया साल के उत्सव के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि पूरा शहर क्रिसमस ट्री और रंग-बिरंबे बल्बों से सजा हुआ है।
पारंपरिक क्रिसमस कैरोल और रंग-बिरंगी झांकियों के अलावा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
दक्षिण भारत में केरल में लोग पूरी भक्ति, श्रद्धा और विश्वास के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संख्या पर पैटोम स्थित संत मेरी मलांकरा सीरियन कैथेलिक कैथ्रेडल बसीलिका में कार्डिनल मार बसेलियस क्लीमीस ने क्रिसमस मास कराया। प्रार्थनाओं के बाद बारी आयी स्वादिष्ट पकवानों की। लोगों ने जमकर केक खाए और खिलाए।टिप्पणियां
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
पारंपरिक क्रिसमस कैरोल और रंग-बिरंगी झांकियों के अलावा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
दक्षिण भारत में केरल में लोग पूरी भक्ति, श्रद्धा और विश्वास के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संख्या पर पैटोम स्थित संत मेरी मलांकरा सीरियन कैथेलिक कैथ्रेडल बसीलिका में कार्डिनल मार बसेलियस क्लीमीस ने क्रिसमस मास कराया। प्रार्थनाओं के बाद बारी आयी स्वादिष्ट पकवानों की। लोगों ने जमकर केक खाए और खिलाए।टिप्पणियां
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
दक्षिण भारत में केरल में लोग पूरी भक्ति, श्रद्धा और विश्वास के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संख्या पर पैटोम स्थित संत मेरी मलांकरा सीरियन कैथेलिक कैथ्रेडल बसीलिका में कार्डिनल मार बसेलियस क्लीमीस ने क्रिसमस मास कराया। प्रार्थनाओं के बाद बारी आयी स्वादिष्ट पकवानों की। लोगों ने जमकर केक खाए और खिलाए।टिप्पणियां
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
पूरे राज्य में होटलों और रेस्तरां को क्रिसमस ट्री, घंटियों और सांता के पुतलों से सजाया है। तमिलनाडु में भी क्रिसमस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल के रोसैया सहित नेताओं ने राज्य के लोगों को इस त्योहार की बधाई दी।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों से प्रभू यीशू के महान सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की की सीख दी। द्रमुक नेता एम करूणानिधि ने भी लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं। | यहाँ एक सारांश है:राजधानी दिल्ली, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों सहित पूरे देश में प्रभू यीशू का जन्म दिवस पूरे धूमधाम से क्रिसमस के रूप में मनाया जा रहा है। सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन किया गया। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश में लगातार होती रेप की घटनाओं से विचलित होकर समाज के कई हिस्सों ने कई स्तरों पर कई कदम उठाए, और कई उपाय सुझाए, लेकिन चेन्नई के कुछ इंजीनियरिंग छात्रों ने खासतौर पर तैयार किए गए अंडरगारमेंट के रूप में एक उपाय पेश कर दिया है, जो बलात्कार की कोशिश करने वाले या वालों को बिजली के झटके देगा...
यह अंडरगारमेंट तैयार करने वालों का कहना है कि सामान्य इस्तेमाल के लिए इसे री-डिज़ाइन किए जाने के बाद यह बिल्कुल आम ब्रा जैसी ही होगी, जिसे पहनने के लिए कोई खास तैयारी नहीं करनी पड़ेगी, या अधिक समय नहीं लगाना पड़ेगा...
यह खास ब्रा बनाने वालों में से एक मनीषा मोहन के मुताबिक, "इसमें (ब्रा में) लगा स्पेशल इन्सुलेशन पहनने वाली को किसी भी तरह के झटके से बचाएगा... यहां तक कि पहनने वाली को तब भी बिजली का झटका नहीं लगेगा, जब अपराधी उसे छुएगा..."
दूसरी ओर, रेप करने की कोशिश करने वाले को इससे बिजली के 82 झटके लगेंगे, और इसमें लगा जीपीएस पुलिस को वारदात की बिल्कुल सटीक जगह के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ पहले से तय किए गए एक परिजन को भी वारदात के बारे में सूचना दे देगा...
यह पूछे जाने पर कि अंडरगारमेंट में लगा सिस्टम हमले की पहचान कैसे करेगा, टीम की एक अन्य सदस्य रिम्पी त्रिपाठी ने बताया, "हमने किसी हमलावर द्वारा चिकोटी काटे जाने, दबाए जाने या दबोचे जाने से पड़ने वाले दबाव का हिसाब लगाया है, और अगर अंडरगारमेंट पर पड़ने वाला दबाव उससे बढ़ गया, तो वह बिजली के झटके देना शुरू कर देगा... हालांकि सुरक्षित जगह पर पहुंचकर इस सिस्टम को बंद कर देने की सुविधा भी ब्रा में उपलब्ध है..."
टीम के अनुसार, उनका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है, और वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह अंडरगारमेंट देश की प्रत्येक महिला तक पहुंचे... उनके मुताबिक कई कम्पनियों ने उनसे कम्पर्क किया है...
टीम में शामिल एकमात्र पुरुष सदस्य नीलाद्रि बसु बल के अनुसार, "हम लोग सावधानी से उन्हीं कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, जो इसकी कीमतें न बढ़ाएं... इसके अलावा हम सरकार से भी सब्सिडी देने का आग्रह करेंगे..."टिप्पणियां
वैसे अंडरगारमेंट तैयार करने वाली टीम को पहले ही 'द आइडिया' तथा 'गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन' अवार्ड मिल चुके हैं... अब चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी के ये छात्र अपने आविष्कार को पेटेन्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं...
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?"
यह अंडरगारमेंट तैयार करने वालों का कहना है कि सामान्य इस्तेमाल के लिए इसे री-डिज़ाइन किए जाने के बाद यह बिल्कुल आम ब्रा जैसी ही होगी, जिसे पहनने के लिए कोई खास तैयारी नहीं करनी पड़ेगी, या अधिक समय नहीं लगाना पड़ेगा...
यह खास ब्रा बनाने वालों में से एक मनीषा मोहन के मुताबिक, "इसमें (ब्रा में) लगा स्पेशल इन्सुलेशन पहनने वाली को किसी भी तरह के झटके से बचाएगा... यहां तक कि पहनने वाली को तब भी बिजली का झटका नहीं लगेगा, जब अपराधी उसे छुएगा..."
दूसरी ओर, रेप करने की कोशिश करने वाले को इससे बिजली के 82 झटके लगेंगे, और इसमें लगा जीपीएस पुलिस को वारदात की बिल्कुल सटीक जगह के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ पहले से तय किए गए एक परिजन को भी वारदात के बारे में सूचना दे देगा...
यह पूछे जाने पर कि अंडरगारमेंट में लगा सिस्टम हमले की पहचान कैसे करेगा, टीम की एक अन्य सदस्य रिम्पी त्रिपाठी ने बताया, "हमने किसी हमलावर द्वारा चिकोटी काटे जाने, दबाए जाने या दबोचे जाने से पड़ने वाले दबाव का हिसाब लगाया है, और अगर अंडरगारमेंट पर पड़ने वाला दबाव उससे बढ़ गया, तो वह बिजली के झटके देना शुरू कर देगा... हालांकि सुरक्षित जगह पर पहुंचकर इस सिस्टम को बंद कर देने की सुविधा भी ब्रा में उपलब्ध है..."
टीम के अनुसार, उनका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है, और वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह अंडरगारमेंट देश की प्रत्येक महिला तक पहुंचे... उनके मुताबिक कई कम्पनियों ने उनसे कम्पर्क किया है...
टीम में शामिल एकमात्र पुरुष सदस्य नीलाद्रि बसु बल के अनुसार, "हम लोग सावधानी से उन्हीं कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, जो इसकी कीमतें न बढ़ाएं... इसके अलावा हम सरकार से भी सब्सिडी देने का आग्रह करेंगे..."टिप्पणियां
वैसे अंडरगारमेंट तैयार करने वाली टीम को पहले ही 'द आइडिया' तथा 'गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन' अवार्ड मिल चुके हैं... अब चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी के ये छात्र अपने आविष्कार को पेटेन्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं...
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?"
यह खास ब्रा बनाने वालों में से एक मनीषा मोहन के मुताबिक, "इसमें (ब्रा में) लगा स्पेशल इन्सुलेशन पहनने वाली को किसी भी तरह के झटके से बचाएगा... यहां तक कि पहनने वाली को तब भी बिजली का झटका नहीं लगेगा, जब अपराधी उसे छुएगा..."
दूसरी ओर, रेप करने की कोशिश करने वाले को इससे बिजली के 82 झटके लगेंगे, और इसमें लगा जीपीएस पुलिस को वारदात की बिल्कुल सटीक जगह के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ पहले से तय किए गए एक परिजन को भी वारदात के बारे में सूचना दे देगा...
यह पूछे जाने पर कि अंडरगारमेंट में लगा सिस्टम हमले की पहचान कैसे करेगा, टीम की एक अन्य सदस्य रिम्पी त्रिपाठी ने बताया, "हमने किसी हमलावर द्वारा चिकोटी काटे जाने, दबाए जाने या दबोचे जाने से पड़ने वाले दबाव का हिसाब लगाया है, और अगर अंडरगारमेंट पर पड़ने वाला दबाव उससे बढ़ गया, तो वह बिजली के झटके देना शुरू कर देगा... हालांकि सुरक्षित जगह पर पहुंचकर इस सिस्टम को बंद कर देने की सुविधा भी ब्रा में उपलब्ध है..."
टीम के अनुसार, उनका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है, और वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह अंडरगारमेंट देश की प्रत्येक महिला तक पहुंचे... उनके मुताबिक कई कम्पनियों ने उनसे कम्पर्क किया है...
टीम में शामिल एकमात्र पुरुष सदस्य नीलाद्रि बसु बल के अनुसार, "हम लोग सावधानी से उन्हीं कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, जो इसकी कीमतें न बढ़ाएं... इसके अलावा हम सरकार से भी सब्सिडी देने का आग्रह करेंगे..."टिप्पणियां
वैसे अंडरगारमेंट तैयार करने वाली टीम को पहले ही 'द आइडिया' तथा 'गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन' अवार्ड मिल चुके हैं... अब चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी के ये छात्र अपने आविष्कार को पेटेन्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं...
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?"
दूसरी ओर, रेप करने की कोशिश करने वाले को इससे बिजली के 82 झटके लगेंगे, और इसमें लगा जीपीएस पुलिस को वारदात की बिल्कुल सटीक जगह के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ पहले से तय किए गए एक परिजन को भी वारदात के बारे में सूचना दे देगा...
यह पूछे जाने पर कि अंडरगारमेंट में लगा सिस्टम हमले की पहचान कैसे करेगा, टीम की एक अन्य सदस्य रिम्पी त्रिपाठी ने बताया, "हमने किसी हमलावर द्वारा चिकोटी काटे जाने, दबाए जाने या दबोचे जाने से पड़ने वाले दबाव का हिसाब लगाया है, और अगर अंडरगारमेंट पर पड़ने वाला दबाव उससे बढ़ गया, तो वह बिजली के झटके देना शुरू कर देगा... हालांकि सुरक्षित जगह पर पहुंचकर इस सिस्टम को बंद कर देने की सुविधा भी ब्रा में उपलब्ध है..."
टीम के अनुसार, उनका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है, और वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह अंडरगारमेंट देश की प्रत्येक महिला तक पहुंचे... उनके मुताबिक कई कम्पनियों ने उनसे कम्पर्क किया है...
टीम में शामिल एकमात्र पुरुष सदस्य नीलाद्रि बसु बल के अनुसार, "हम लोग सावधानी से उन्हीं कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, जो इसकी कीमतें न बढ़ाएं... इसके अलावा हम सरकार से भी सब्सिडी देने का आग्रह करेंगे..."टिप्पणियां
वैसे अंडरगारमेंट तैयार करने वाली टीम को पहले ही 'द आइडिया' तथा 'गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन' अवार्ड मिल चुके हैं... अब चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी के ये छात्र अपने आविष्कार को पेटेन्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं...
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?"
यह पूछे जाने पर कि अंडरगारमेंट में लगा सिस्टम हमले की पहचान कैसे करेगा, टीम की एक अन्य सदस्य रिम्पी त्रिपाठी ने बताया, "हमने किसी हमलावर द्वारा चिकोटी काटे जाने, दबाए जाने या दबोचे जाने से पड़ने वाले दबाव का हिसाब लगाया है, और अगर अंडरगारमेंट पर पड़ने वाला दबाव उससे बढ़ गया, तो वह बिजली के झटके देना शुरू कर देगा... हालांकि सुरक्षित जगह पर पहुंचकर इस सिस्टम को बंद कर देने की सुविधा भी ब्रा में उपलब्ध है..."
टीम के अनुसार, उनका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है, और वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह अंडरगारमेंट देश की प्रत्येक महिला तक पहुंचे... उनके मुताबिक कई कम्पनियों ने उनसे कम्पर्क किया है...
टीम में शामिल एकमात्र पुरुष सदस्य नीलाद्रि बसु बल के अनुसार, "हम लोग सावधानी से उन्हीं कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, जो इसकी कीमतें न बढ़ाएं... इसके अलावा हम सरकार से भी सब्सिडी देने का आग्रह करेंगे..."टिप्पणियां
वैसे अंडरगारमेंट तैयार करने वाली टीम को पहले ही 'द आइडिया' तथा 'गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन' अवार्ड मिल चुके हैं... अब चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी के ये छात्र अपने आविष्कार को पेटेन्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं...
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?"
टीम के अनुसार, उनका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है, और वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह अंडरगारमेंट देश की प्रत्येक महिला तक पहुंचे... उनके मुताबिक कई कम्पनियों ने उनसे कम्पर्क किया है...
टीम में शामिल एकमात्र पुरुष सदस्य नीलाद्रि बसु बल के अनुसार, "हम लोग सावधानी से उन्हीं कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, जो इसकी कीमतें न बढ़ाएं... इसके अलावा हम सरकार से भी सब्सिडी देने का आग्रह करेंगे..."टिप्पणियां
वैसे अंडरगारमेंट तैयार करने वाली टीम को पहले ही 'द आइडिया' तथा 'गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन' अवार्ड मिल चुके हैं... अब चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी के ये छात्र अपने आविष्कार को पेटेन्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं...
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?"
टीम में शामिल एकमात्र पुरुष सदस्य नीलाद्रि बसु बल के अनुसार, "हम लोग सावधानी से उन्हीं कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, जो इसकी कीमतें न बढ़ाएं... इसके अलावा हम सरकार से भी सब्सिडी देने का आग्रह करेंगे..."टिप्पणियां
वैसे अंडरगारमेंट तैयार करने वाली टीम को पहले ही 'द आइडिया' तथा 'गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन' अवार्ड मिल चुके हैं... अब चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी के ये छात्र अपने आविष्कार को पेटेन्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं...
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?"
वैसे अंडरगारमेंट तैयार करने वाली टीम को पहले ही 'द आइडिया' तथा 'गांधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन' अवार्ड मिल चुके हैं... अब चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी के ये छात्र अपने आविष्कार को पेटेन्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं...
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?"
इस नए आविष्कार को लेकर टीम बेहद उत्साहित है, लेकिन जनता से इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं... एक छात्रा जिनी ने एनडीटीवी को बताया, "इसे पहनकर मैं अधिक सुरक्षित महसूस करूंगी, क्योंकि मुझे बसों और ट्रेनों में सफर करते हुए इस प्रकार की जबरदस्ती का सामना अक्सर करना पड़ता है..." उधर, एक नौकरीपेशा युवती नन्दिनी के अनुसार, "मैं ऐसा अंतःवस्त्र पहनकर सहज महसूस नहीं कर सकती, जिसमें इलेक्ट्रिकल सर्किट मौजूद हों... अगर मुझे ही करंट लग गया तो...?" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रेप करने की कोशिश करने वाले को इससे बिजली के 82 झटके लगेंगे, और इसमें लगा जीपीएस पुलिस को वारदात की सटीक जगह के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ एक परिजन को भी सूचना दे देगा... | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रतिबंधित पूर्व कप्तान सलमान बट ने स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में पकड़े जाने के लिए अपने साथी खिलाड़ी मुहम्मद आसिफ और मुहम्मद आमिर को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वह अपने देश में खुद के खिलाफ सुनवाई के लिए तैयार हैं।
बट ने सट्टेबाज मजहर मजीद की भी आलोचना की और कहा कि वह स्विट्जरलैंड में खेलों की पंचाट में आईसीसी के प्रतिबंध के खिलाफ अपील करेंगे।टिप्पणियां
बट ने लंदन में जेल से रिहा होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘अगर आप मामले को देखो तो आप देख सकते हो कि मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। मुझे लगता है कि पाकिस्तान में मुख्य न्यायाधीश द्वारा मेरे खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए और मुझे पूरा भरोसा है कि मैं निर्दोष पाया जाऊंगा।’
बट ने कहा कि उन्हें पिछले साल लंदन में सुनवाई के दौरान न्याय नहीं मिला जिसमें बट, आसिफ, आमिर और मजीद को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के लिए अलग-अलग जेल की सजा दी गई थी।
बट ने सट्टेबाज मजहर मजीद की भी आलोचना की और कहा कि वह स्विट्जरलैंड में खेलों की पंचाट में आईसीसी के प्रतिबंध के खिलाफ अपील करेंगे।टिप्पणियां
बट ने लंदन में जेल से रिहा होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘अगर आप मामले को देखो तो आप देख सकते हो कि मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। मुझे लगता है कि पाकिस्तान में मुख्य न्यायाधीश द्वारा मेरे खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए और मुझे पूरा भरोसा है कि मैं निर्दोष पाया जाऊंगा।’
बट ने कहा कि उन्हें पिछले साल लंदन में सुनवाई के दौरान न्याय नहीं मिला जिसमें बट, आसिफ, आमिर और मजीद को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के लिए अलग-अलग जेल की सजा दी गई थी।
बट ने लंदन में जेल से रिहा होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘अगर आप मामले को देखो तो आप देख सकते हो कि मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। मुझे लगता है कि पाकिस्तान में मुख्य न्यायाधीश द्वारा मेरे खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए और मुझे पूरा भरोसा है कि मैं निर्दोष पाया जाऊंगा।’
बट ने कहा कि उन्हें पिछले साल लंदन में सुनवाई के दौरान न्याय नहीं मिला जिसमें बट, आसिफ, आमिर और मजीद को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के लिए अलग-अलग जेल की सजा दी गई थी।
बट ने कहा कि उन्हें पिछले साल लंदन में सुनवाई के दौरान न्याय नहीं मिला जिसमें बट, आसिफ, आमिर और मजीद को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के लिए अलग-अलग जेल की सजा दी गई थी। | सारांश: पाकिस्तान के प्रतिबंधित पूर्व कप्तान सलमान बट ने स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में पकड़े जाने के लिए अपने साथी खिलाड़ी मुहम्मद आसिफ और मुहम्मद आमिर को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वह अपने देश में खुद के खिलाफ सुनवाई के लिए तैयार हैं। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका, सीरिया में युद्ध को लेकर जल्दबाजी में नहीं है, जैसा कि इसने इसके पहले इस क्षेत्र में किया है। इसके बदले अमेरिका स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए है।
व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ, डेनिस मैक्डोनफ ने रविवार को कहा, हमें यह देखना होगा कि हमारे हित में क्या है और हमारे लिए क्या बेहतर होगा। साथ ही यह भी कि इसके लिए हमें क्या कीमत चुकानी होगी।टिप्पणियां
डेनिस ने कहा, हम इस क्षेत्र में इसके पहले युद्ध की जल्दबाजी कर चुके हैं, लेकिन यहां हम ऐसा कुछ नहीं करने जा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने पिछले सप्ताह कहा था कि सीरिया के सरकारी सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है। ओबामा प्रशासन ने सीरियाई विपक्ष को सैन्य सहायता मुहैया कराने की बात भी कही थी।
व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ, डेनिस मैक्डोनफ ने रविवार को कहा, हमें यह देखना होगा कि हमारे हित में क्या है और हमारे लिए क्या बेहतर होगा। साथ ही यह भी कि इसके लिए हमें क्या कीमत चुकानी होगी।टिप्पणियां
डेनिस ने कहा, हम इस क्षेत्र में इसके पहले युद्ध की जल्दबाजी कर चुके हैं, लेकिन यहां हम ऐसा कुछ नहीं करने जा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने पिछले सप्ताह कहा था कि सीरिया के सरकारी सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है। ओबामा प्रशासन ने सीरियाई विपक्ष को सैन्य सहायता मुहैया कराने की बात भी कही थी।
डेनिस ने कहा, हम इस क्षेत्र में इसके पहले युद्ध की जल्दबाजी कर चुके हैं, लेकिन यहां हम ऐसा कुछ नहीं करने जा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने पिछले सप्ताह कहा था कि सीरिया के सरकारी सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है। ओबामा प्रशासन ने सीरियाई विपक्ष को सैन्य सहायता मुहैया कराने की बात भी कही थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने पिछले सप्ताह कहा था कि सीरिया के सरकारी सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है। ओबामा प्रशासन ने सीरियाई विपक्ष को सैन्य सहायता मुहैया कराने की बात भी कही थी। | सारांश: अमेरिका, सीरिया में युद्ध को लेकर जल्दबाजी में नहीं है, जैसा कि इसने इसके पहले इस क्षेत्र में किया है। इसके बदले अमेरिका स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए है। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता शाहरूख खान के आलीशान बंगले ‘मन्नत’ पर उठा विवाद उच्चतम न्यायालय पहुंच गया है, जहां एक याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने सपनों का महल बनाने में नियमों का उल्लंघन किया।
यचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘मन्नत’ का निर्माण करने में पुरातात्विक कानूनों और तटीय क्षेत्र नियम का उल्लंघन किया गया।
मुंबई के सिमप्रीत सिंह और अमित मरौंद ने शीर्ष न्यायालय का रूख कर बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके जरिए खान के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने इन दोनों लोगों की ओर से दायर जनहित याचिका को 28 जनवरी को खारिज कर दिया और उन पर 20,000 रूपये का जुर्माना लगाते हुए कहा था कि प्रचार पाने के लिए यह याचिका दायर की गई।टिप्पणियां
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि अभिनेता ने पर्यावरण एवं धरोहर कानूनों का उल्लंघन कर अपने बंगला परिसर के अंदर भवन का निर्माण किया।
हालांकि, खान ने दलील दी थी कि नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है और नगर निकाय ने निर्माण कार्य की इजाजत दी थी।
यचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘मन्नत’ का निर्माण करने में पुरातात्विक कानूनों और तटीय क्षेत्र नियम का उल्लंघन किया गया।
मुंबई के सिमप्रीत सिंह और अमित मरौंद ने शीर्ष न्यायालय का रूख कर बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके जरिए खान के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने इन दोनों लोगों की ओर से दायर जनहित याचिका को 28 जनवरी को खारिज कर दिया और उन पर 20,000 रूपये का जुर्माना लगाते हुए कहा था कि प्रचार पाने के लिए यह याचिका दायर की गई।टिप्पणियां
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि अभिनेता ने पर्यावरण एवं धरोहर कानूनों का उल्लंघन कर अपने बंगला परिसर के अंदर भवन का निर्माण किया।
हालांकि, खान ने दलील दी थी कि नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है और नगर निकाय ने निर्माण कार्य की इजाजत दी थी।
मुंबई के सिमप्रीत सिंह और अमित मरौंद ने शीर्ष न्यायालय का रूख कर बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके जरिए खान के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने इन दोनों लोगों की ओर से दायर जनहित याचिका को 28 जनवरी को खारिज कर दिया और उन पर 20,000 रूपये का जुर्माना लगाते हुए कहा था कि प्रचार पाने के लिए यह याचिका दायर की गई।टिप्पणियां
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि अभिनेता ने पर्यावरण एवं धरोहर कानूनों का उल्लंघन कर अपने बंगला परिसर के अंदर भवन का निर्माण किया।
हालांकि, खान ने दलील दी थी कि नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है और नगर निकाय ने निर्माण कार्य की इजाजत दी थी।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने इन दोनों लोगों की ओर से दायर जनहित याचिका को 28 जनवरी को खारिज कर दिया और उन पर 20,000 रूपये का जुर्माना लगाते हुए कहा था कि प्रचार पाने के लिए यह याचिका दायर की गई।टिप्पणियां
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि अभिनेता ने पर्यावरण एवं धरोहर कानूनों का उल्लंघन कर अपने बंगला परिसर के अंदर भवन का निर्माण किया।
हालांकि, खान ने दलील दी थी कि नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है और नगर निकाय ने निर्माण कार्य की इजाजत दी थी।
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि अभिनेता ने पर्यावरण एवं धरोहर कानूनों का उल्लंघन कर अपने बंगला परिसर के अंदर भवन का निर्माण किया।
हालांकि, खान ने दलील दी थी कि नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है और नगर निकाय ने निर्माण कार्य की इजाजत दी थी।
हालांकि, खान ने दलील दी थी कि नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है और नगर निकाय ने निर्माण कार्य की इजाजत दी थी। | यहाँ एक सारांश है:बॉलीवुड अभिनेता शाहरूख खान के आलीशान बंगले ‘मन्नत’ पर उठा विवाद उच्चतम न्यायालय पहुंच गया है, जहां एक याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने सपनों का महल बनाने में नियमों का उल्लंघन किया। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वेस्टइंडीज के क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर का यहां के दौरे पर नहीं आने का फैसला सही है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्वीन्स पार्क ओवल में पहले दो वन डे मैच का टिकट खरीदने के लिये आए एक प्रशंसक ने कहा, वेस्टइंडीज क्रिकेट की जो दुर्गति है वैसे में वह यहां अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक और शायद दो शतक और बना सकते थे। इसके बजाय उन्होंने इसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड के खिलाफ हासिल करना उचित समझा जहां क्रिकेट प्रेमी उन्हें वहां आखिरी बार देखने के लिये काफी संख्या में स्टेडियम पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा, अड़तीस साल की उम्र में अधिकतर बल्लेबाज कमजोर टीमों के खिलाफ खेलना चाहते हैं लेकिन सचिन वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने के बजाय भारत को प्रतिष्ठित श्रृंखला में मदद पहुंचाना चाहते हैं। तेंदुलकर ने अपने परिवार के साथ कुछ समय बिताने के लिये वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं आने का फैसला किया। वह इंग्लैंड दौरे के लिये उपलब्ध रहेंगे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, उनका शायद यह मानना है कि भारत की दूसरे दर्जे की टीम भी वेस्टइंडीज को हरा सकती है। भारत को वेस्टइंडीज दौरे में एक ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय, पांच एकदिवीय मैच और तीन टेस्ट मैच खेलने हैं। श्रृंखला चार जून से शुरू होगी। | यहाँ एक सारांश है:वेस्टइंडीज के क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर का यहां के दौरे पर नहीं आने का फैसला सही है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी इंडिया के मानेसर संयंत्र में 13 दिनों से चली आ रही हड़ताल गुरुवार देर रात समाप्त हो गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच समझौता कराया, जिसके बाद हड़ताल खत्म हो गई। समझौते के तहत कंपनी सभी बर्खास्त 11 कर्मचारियों को दोबारा बहाल करेगी और हड़ताल के हर दिन के हिसाब से आठ दिन का वेतन काटने के नियम पर नर्म रुख रखेगी। दूसरी ओर कर्मचारी भी प्रबंधन की इस मांग के सामने झुक गए हैं कि कंपनी में दूसरी यूनियन नहीं बनेगी। हरियाणा के श्रम सचिव सरबन सिंह ने बताया, समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं और कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। वे शुक्रवार से काम पर लौटेंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी ने सभी 11 बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल करने का फैसला किया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू की जाएगी। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हुड्डा ने मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी समेत कई आला अधिकारियों से बात की, जिसके बाद यह रास्ता निकला। कंपनी के अधिकारियों से इस बारे में टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका। हड़ताल खत्म करने के लिए हुए समझौते के तहत प्रबंधन हड़ताल के दौरान काम नहीं तो दाम नहीं के नियम को लचीला बनाते हुए इसे आठ दिन से कम करते हुए तीन दिन करने पर सहमत हो गया है। सूत्रों ने बताया कि अगले कुछ महीने में कर्मचारियों के व्यवहार और उनकी उत्पादकता को देखते हुए इसे और कम करते हुए सिर्फ एक दिन किया जा सकता है। दूसरी ओर, कर्मचारी इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे एक नई यूनियन को मान्यता देने के लिए प्रबंधन पर दबाव नहीं डालेंगे। | यहाँ एक सारांश है:सरकार ने घोषणा की है कि बाहर निकाले गए कर्मचारी वापस लिए जाएंगे। हालांकि हरियाणा सरकार की मध्यस्थता में एक समझौता हुआ। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में मजबूत विपक्ष की भूमिका अदा करते हुए हर मुद्दे पर राज्य सरकार को लगातार घेर रही है.
योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के कामों की जांच के बहाने योगी सरकार ने तीन महीने बर्बाद कर दिए.टिप्पणियां
पार्टी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं लोगों को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार कुछ तो करे, ताकि विकास हो और जनहित के काम आगे बढ़ सके. अभी तो उन्होंने समाजवादी सरकार के कार्यों की जांच के बहाने तीन महीने बर्बाद कर दिए हैं. प्रदेश का विकास रुका हुआ है. समाजवादी सरकार ने जो कदम उठाए थे, वही विकास का रास्ता है.
उन्होंने कहा कि भाजपा समाज को बांटने और नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है. वह विकास को सांप्रदायिकता के चश्मे से देखना चाहती है. अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के काम काज पर कहा कि अब तक जनहित की किसी नई योजना की शुरुआत तक नहीं की है. जो योजनाएं समाजवादी सरकार ने चलाई थीं, उनका ही नाम बदलकर अपनी विकास योजना बताना कहां की नैतिकता है.
(इनपुट आईएएनएस से)
पार्टी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं लोगों को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार कुछ तो करे, ताकि विकास हो और जनहित के काम आगे बढ़ सके. अभी तो उन्होंने समाजवादी सरकार के कार्यों की जांच के बहाने तीन महीने बर्बाद कर दिए हैं. प्रदेश का विकास रुका हुआ है. समाजवादी सरकार ने जो कदम उठाए थे, वही विकास का रास्ता है.
उन्होंने कहा कि भाजपा समाज को बांटने और नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है. वह विकास को सांप्रदायिकता के चश्मे से देखना चाहती है. अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के काम काज पर कहा कि अब तक जनहित की किसी नई योजना की शुरुआत तक नहीं की है. जो योजनाएं समाजवादी सरकार ने चलाई थीं, उनका ही नाम बदलकर अपनी विकास योजना बताना कहां की नैतिकता है.
(इनपुट आईएएनएस से)
उन्होंने कहा कि भाजपा समाज को बांटने और नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है. वह विकास को सांप्रदायिकता के चश्मे से देखना चाहती है. अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के काम काज पर कहा कि अब तक जनहित की किसी नई योजना की शुरुआत तक नहीं की है. जो योजनाएं समाजवादी सरकार ने चलाई थीं, उनका ही नाम बदलकर अपनी विकास योजना बताना कहां की नैतिकता है.
(इनपुट आईएएनएस से) | यह एक सारांश है: सपा सरकार के कामों को नाम बदलकर इस्तेमाल करने का आरोप
अखिलेश ने कहा योगी सरकार सिर्फ जांच कर रही है काम नहीं
सपा अध्यक्ष ने कहा कि योगी सरकार केवर टाइम पास कर रही है | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भाजपा ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध जघन्य अपराधों को रोकने सम्बंधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का देश के नाम दिया गया संदेश जनता में विश्वास उत्पन्न नहीं कर पाया और सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाए।
लोकसभा में विपक्ष की नेता और पार्टी की नेता सदन सुषमा स्वराज ने पीएम के बयान को नाकाफी बताते हुए आज पार्टी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक कर कहा कि राष्ट्रपति संसद का विशेष सत्र बुलाएं ताकि कानून को और कड़ा किया जा सके।
इससे पहले, पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, जनता कड़े कानून और समयबद्ध कार्रवाई चाहती है। सरकार जनता के मन का वेग समझने में असफल रही है। प्रधानमंत्री का बयान जनता में किसी तरह का विश्वास पैदा नहीं कर पाया है। यह बहुत देर से आया, बहुत कम भरोसा दिलाने वाला बयान है। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने के वास्ते संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाने की विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की मांग को उन्होंने दोहराया।
उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष की ओर से रखे गए ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ सुझावों पर प्रधानमंत्री ने ध्यान क्यों नहीं दिया। टिप्पणियां
इससे पहले सुषमा ने इंडिया गेट और विजय चौक पर आंदोलनकारी छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से फोन पर बात भी की।
भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी शिंदे से बात करके सुझाव दिया था कि छात्रों पर लाठी चार्ज करने की बजाय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शकारियों से बात करनी चाहिए थी।
लोकसभा में विपक्ष की नेता और पार्टी की नेता सदन सुषमा स्वराज ने पीएम के बयान को नाकाफी बताते हुए आज पार्टी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक कर कहा कि राष्ट्रपति संसद का विशेष सत्र बुलाएं ताकि कानून को और कड़ा किया जा सके।
इससे पहले, पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, जनता कड़े कानून और समयबद्ध कार्रवाई चाहती है। सरकार जनता के मन का वेग समझने में असफल रही है। प्रधानमंत्री का बयान जनता में किसी तरह का विश्वास पैदा नहीं कर पाया है। यह बहुत देर से आया, बहुत कम भरोसा दिलाने वाला बयान है। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने के वास्ते संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाने की विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की मांग को उन्होंने दोहराया।
उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष की ओर से रखे गए ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ सुझावों पर प्रधानमंत्री ने ध्यान क्यों नहीं दिया। टिप्पणियां
इससे पहले सुषमा ने इंडिया गेट और विजय चौक पर आंदोलनकारी छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से फोन पर बात भी की।
भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी शिंदे से बात करके सुझाव दिया था कि छात्रों पर लाठी चार्ज करने की बजाय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शकारियों से बात करनी चाहिए थी।
इससे पहले, पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, जनता कड़े कानून और समयबद्ध कार्रवाई चाहती है। सरकार जनता के मन का वेग समझने में असफल रही है। प्रधानमंत्री का बयान जनता में किसी तरह का विश्वास पैदा नहीं कर पाया है। यह बहुत देर से आया, बहुत कम भरोसा दिलाने वाला बयान है। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने के वास्ते संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाने की विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की मांग को उन्होंने दोहराया।
उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष की ओर से रखे गए ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ सुझावों पर प्रधानमंत्री ने ध्यान क्यों नहीं दिया। टिप्पणियां
इससे पहले सुषमा ने इंडिया गेट और विजय चौक पर आंदोलनकारी छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से फोन पर बात भी की।
भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी शिंदे से बात करके सुझाव दिया था कि छात्रों पर लाठी चार्ज करने की बजाय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शकारियों से बात करनी चाहिए थी।
उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष की ओर से रखे गए ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ सुझावों पर प्रधानमंत्री ने ध्यान क्यों नहीं दिया। टिप्पणियां
इससे पहले सुषमा ने इंडिया गेट और विजय चौक पर आंदोलनकारी छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से फोन पर बात भी की।
भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी शिंदे से बात करके सुझाव दिया था कि छात्रों पर लाठी चार्ज करने की बजाय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शकारियों से बात करनी चाहिए थी।
इससे पहले सुषमा ने इंडिया गेट और विजय चौक पर आंदोलनकारी छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से फोन पर बात भी की।
भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी शिंदे से बात करके सुझाव दिया था कि छात्रों पर लाठी चार्ज करने की बजाय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शकारियों से बात करनी चाहिए थी।
भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी शिंदे से बात करके सुझाव दिया था कि छात्रों पर लाठी चार्ज करने की बजाय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शकारियों से बात करनी चाहिए थी। | भाजपा ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध जघन्य अपराधों को रोकने सम्बंधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का देश के नाम दिया गया संदेश जनता में विश्वास उत्पन्न नहीं कर पाया और सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाए। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) का पहला म्यूजिक वीडिया 'प्राडा (Prada)' रिलीज हो चुका है. इस गाने में आलिया भट्ट अपने जबरदस्त डांस से खूब कहर बरपा रही हैं. एक्ट्रेस आलिया भट्ट का ये पहला म्यूजिक एलबम है, जिसमें उन्होंने The Doorbeen Boys के साथ मिलकर बनाया है. उनका ये वीडियो यूट्यूब पर खूब ट्रेंड कर रहा है. 'प्राडा' गाने के लिरिक्स काफी आकर्षक है. आलिया का ये गाना फैन्स को इतना पसंद आ रहा है कि रिलीज होने के कुछ घंटों में ही इस अब तक 20 लाख व्यूज मिल चुके हैं. आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने गाने का वीडियो अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से शेयर किया है.
फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर (Student Of The Year)' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) का Prada Song यूट्यूब पर काफी कोहराम मचा रहा है. इस गाने में आलिया भट्ट के डांस मूव्स काफी जबरदस्त लग रहे हैं. बता दें आलिया भट्ट को हमेशा से ही गाने का शौक रहा है. उन्होंने अपनी फिल्मों में कई गाने गाए हैं, जो काफी सुपरहिट भी रहे हैं. आलिया भट्ट ने 'उड़ता पंजाब (Udta Punjab)' फिल्म में 'इक कुड़ी' गाना गाया था, जो काफी फेमस हुआ था. इसके अलावा उन्होंने 'हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया' फिल्म में 'समझावां' गाना गाया.
अगर वर्क फ्रंट की बात करें तो जल्द ही आलिया भट्ट (Alia Bhatt) अपने पापा महेश भट्ट के निर्देशन में बनी फिल्म 'सड़क 2 (Sadak 2)' में नजर आएंगी. ये फिल्म अगले साल जुलाई में रिलीज होगी. इसके अलावा आलिया भट्ट, रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) के साथ फिल्म 'ब्रह्मास्त्र (Brahmastra)' में भी नजर आएंगी. अयान मुखर्जी के डायरेक्शन में बन रही ये फिल्म अगले साल रिलीज होगी. आलिया भट्ट और रणबीर कपूर की इस फिल्म को करण जौहर प्रोड्यूस कर रहे हैं. | संक्षिप्त पाठ: आलिया भट्ट का नया म्यूजिक वीडियो हुआ रिलीज
'प्राडा' गाने में अपने डांस मूव्स से आलिया भट्ट ने बरपाया कहर
यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहा है वीडियो | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब के मशहूर सिंगर मनकीर्त औलख (Mankirt Aulakh) ने अपने दमदार गानों से पंजाब के साथ-साथ पूरे भारत में अपनी जबरदस्त पहचान बनाई है. मनकीर्त औलख ने 'गल्ला मीट्ठियां', 'जुगाड़ी जट्ट', 'जट्ट दा ब्लड', 'बदनाम' और कई जबरदस्त गानों से खूब पहचान बनाई. मनकीर्त औलख के गानों ने लोगों का दिल जीतने के साथ-साथ उन्हें थिरकने पर भी मजबूर कर दिया. खास यह है कि मनकीर्त औलख ने एक बार फिर अपने शानदार गाने से यूट्यूब पर धमाल मचाकर रख दिया है. दरअसल, पंजाबी सिंगर मनकीर्त औलख का सॉन्ग 'ग्लॉक (Glock)' हाल ही में रिलीज हुआ है, जो सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है.
मनकीर्त औलख (Mankirt Aulakh) का गाना 'ग्लॉक' (Glock) यूट्यूब पर भी खूब ट्रेंड कर रहा है, साथ ही लोग इसे काफी पंसद भी कर रहे हैं. बीते दिन ही रिलीज हुए ग्लॉक पर अभी तक 40 लाख से ज्यादा व्यूज और नौ हजार से भी ज्यादा कमेंट्स आ गए हैं. कुछ ही देर पहले रिलीज हुए इस गाने को लेकर लोगों का यह रिएक्शन काफी जबरदस्त है. गीत एमपी3 के यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज हुए इस गाने को खुद मनकीरत औलख ने गाया है, जबकि इसके लिरिक्स सबी भिंडर ने लिखे हैं. गाने में मनकीरत की आवाज के अलावा उनका अंदाज भी तारीफ के लायक है.
मनकीर्त औलख (Mankirt Aulakh) पंजाबी गायक, संगीतकार एंव संगीत निर्माता है. उनका जन्म हरियाणा के फतेहाबाद में हुआ था. 'दर्शन करके' से डेब्यू करने के बाद मनकीर्त औलख ने 2014 में 'काका जी' सॉन्ग गाया, जिसने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी खूब धूम मचाई. इसके बाद वह 'पब च बोलियां', 'डिस्को च भांगड़ा', 'तेरे बिना', 'अग्गी तेरी मां', 'जुगाड़ी जट्ट', 'गल्ला मिठियां', 'जट्ट दा ब्लड', 'हार्ले सात लख दा', 'चढ़दा सियाल', 'चूड़े वाली बाह', 'कदर', 'बदनाम', 'डांग', 'ख्याल', 'कुंवारी और चंडीगढ़' जैसे गाने भी गा चुके हैं. | यह एक सारांश है: मनकीर्त औलख के गाने 'ग्लॉक' का धमाल
गाने में दिखा सिंगर का धमाकेदार अंदाज
यूट्यूब पर खूब ट्रेंड कर रहा वीडियो | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में गुरुवार को एक पुलिस कांस्टेबल ने कथित तौर पर चलती बस में कॉलेज की एक छात्रा के साथ छेड़खानी की जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राजमार्ग जामकर उसकी गिरफ्तारी की मांग की।टिप्पणियां
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर कोट भालवल केंद्रीय कारागर में तैनात राजिंदर सिंह नाम के इस कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस कांस्टेबल ने लड़की को घर लौटते वक्त बस में छेड़ा और छात्रों के एक समूह की ओर से विरोध जताने पर उन्हें भगा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर कोट भालवल केंद्रीय कारागर में तैनात राजिंदर सिंह नाम के इस कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस कांस्टेबल ने लड़की को घर लौटते वक्त बस में छेड़ा और छात्रों के एक समूह की ओर से विरोध जताने पर उन्हें भगा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस कांस्टेबल ने लड़की को घर लौटते वक्त बस में छेड़ा और छात्रों के एक समूह की ओर से विरोध जताने पर उन्हें भगा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। | जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में गुरुवार को एक पुलिस कांस्टेबल ने कथित तौर पर चलती बस में कॉलेज की एक छात्रा के साथ छेड़खानी की जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राजमार्ग जामकर उसकी गिरफ्तारी की मांग की। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिका के हाल में कराए गए सर्वे में दो तिहाई से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का मानना है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड आईसीसी की निर्णय प्रणाली में अनुचित प्रभाव डालता है। लेकिन इनमें से 40 प्रतिशत खिलाड़ी बीसीसीआई की इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल नहीं होने की भी इच्छा रखते हैं। यह पूछने पर कि क्या आईसीसी की निर्णय प्रणाली पर बीसीसीआई की ताकत का अनुचित प्रभाव पड़ता है, 69 प्रतिशत खिलाड़ियों ने हां में जवाब दिया जबकि 31 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें नहीं पता। उपमहाद्वीप में हाल में हुए विश्व कप के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स संघों के महासंघ (फिका) ने जिन 45 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच सर्वे कराया उनमें से किसी ने भी स्पष्ट नहीं में जवाब नहीं दिया। कोई भी भारतीय खिलाड़ी फिका का सदस्य नहीं है। सर्वे के नतीजे जारी करने वाले फिका मुख्य कार्यकारी टिम मे ने कहा कि नतीजों से अहम मुद्दे सामने आये हैं। उन्होंने बताया कि 46 प्रतिशत खिलाड़ियों ने कहा है कि आईसीसी के कार्यकारी बोर्ड के ढांचे और संयोजन की समीक्षा की जानी चाहिए। | संक्षिप्त सारांश: 40 प्रतिशत खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल नहीं होने की भी इच्छा रखते हैं। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वॉलमार्ट लाबिंग (जनसंपर्क गतिविधियां) मुद्दे पर जारी हंगामे के बीच केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी लॉबिंग घोषणा कानून की तरह भारत में भी इस प्रकार की सांविधिक व्यवस्था बनाने का समय आ गया है।
तिवारी ने कहा कि ऐसे कानून के तहत राजनीतिक लॉबिस्ट को पंजीकरण कराने तथा इस मद में किए गए खर्च के बारे में समय-समय पर घोषणा करने का प्रावधान होना चाहिए। बहरहाल, मंत्री ने यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत आधार पर यह सुझाव दे रहे हैं।
एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘‘समय आ गया है। हमें ऐसा कोई सांविधिक व्यवस्था करने की जरूरत है जिसमें इस प्रकार की घोषणा किया जाना अनिवार्य हो..।’’ वॉलमार्ट लॉबिंग मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में तिवारी ने यह बात कही।
साथ ही उन्होंने लाबिंग तथा अवैध तरीके से दिए जाने वाले धन में अंतर किए जाने पर जोर दिया। तिवारी ने कहा कि अगर जांच में यह साबित हुआ कि वॉलमार्ट ने भारतीय बाजार में प्रवेश करने के प्रयासों में नियमों का कोई उल्लंघन किया है तो कानून अपना काम करेगा। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच में यह साबित होता है कि भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया गया है तो कानून अपना काम करेगा।’’ वॉलमार्ट पर आरोप है कि उसने भारत सरकार द्वारा खुदरा में एफडीआई पर नीतिगत निर्णय किए जाने से पहले ही भारत में निवेश किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने वॉलमार्ट द्वारा भारतीय बाजार में प्रवेश पाने के लिए लॉबिंग पर धन खर्च करने के आरोपों की जांच एक पूर्व जज द्वारा कराने की घोषणा पहले ही कर दी है।
तिवारी ने कहा कि ऐसे कानून के तहत राजनीतिक लॉबिस्ट को पंजीकरण कराने तथा इस मद में किए गए खर्च के बारे में समय-समय पर घोषणा करने का प्रावधान होना चाहिए। बहरहाल, मंत्री ने यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत आधार पर यह सुझाव दे रहे हैं।
एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘‘समय आ गया है। हमें ऐसा कोई सांविधिक व्यवस्था करने की जरूरत है जिसमें इस प्रकार की घोषणा किया जाना अनिवार्य हो..।’’ वॉलमार्ट लॉबिंग मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में तिवारी ने यह बात कही।
साथ ही उन्होंने लाबिंग तथा अवैध तरीके से दिए जाने वाले धन में अंतर किए जाने पर जोर दिया। तिवारी ने कहा कि अगर जांच में यह साबित हुआ कि वॉलमार्ट ने भारतीय बाजार में प्रवेश करने के प्रयासों में नियमों का कोई उल्लंघन किया है तो कानून अपना काम करेगा। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच में यह साबित होता है कि भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया गया है तो कानून अपना काम करेगा।’’ वॉलमार्ट पर आरोप है कि उसने भारत सरकार द्वारा खुदरा में एफडीआई पर नीतिगत निर्णय किए जाने से पहले ही भारत में निवेश किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने वॉलमार्ट द्वारा भारतीय बाजार में प्रवेश पाने के लिए लॉबिंग पर धन खर्च करने के आरोपों की जांच एक पूर्व जज द्वारा कराने की घोषणा पहले ही कर दी है।
एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘‘समय आ गया है। हमें ऐसा कोई सांविधिक व्यवस्था करने की जरूरत है जिसमें इस प्रकार की घोषणा किया जाना अनिवार्य हो..।’’ वॉलमार्ट लॉबिंग मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में तिवारी ने यह बात कही।
साथ ही उन्होंने लाबिंग तथा अवैध तरीके से दिए जाने वाले धन में अंतर किए जाने पर जोर दिया। तिवारी ने कहा कि अगर जांच में यह साबित हुआ कि वॉलमार्ट ने भारतीय बाजार में प्रवेश करने के प्रयासों में नियमों का कोई उल्लंघन किया है तो कानून अपना काम करेगा। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच में यह साबित होता है कि भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया गया है तो कानून अपना काम करेगा।’’ वॉलमार्ट पर आरोप है कि उसने भारत सरकार द्वारा खुदरा में एफडीआई पर नीतिगत निर्णय किए जाने से पहले ही भारत में निवेश किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने वॉलमार्ट द्वारा भारतीय बाजार में प्रवेश पाने के लिए लॉबिंग पर धन खर्च करने के आरोपों की जांच एक पूर्व जज द्वारा कराने की घोषणा पहले ही कर दी है।
साथ ही उन्होंने लाबिंग तथा अवैध तरीके से दिए जाने वाले धन में अंतर किए जाने पर जोर दिया। तिवारी ने कहा कि अगर जांच में यह साबित हुआ कि वॉलमार्ट ने भारतीय बाजार में प्रवेश करने के प्रयासों में नियमों का कोई उल्लंघन किया है तो कानून अपना काम करेगा। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच में यह साबित होता है कि भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया गया है तो कानून अपना काम करेगा।’’ वॉलमार्ट पर आरोप है कि उसने भारत सरकार द्वारा खुदरा में एफडीआई पर नीतिगत निर्णय किए जाने से पहले ही भारत में निवेश किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने वॉलमार्ट द्वारा भारतीय बाजार में प्रवेश पाने के लिए लॉबिंग पर धन खर्च करने के आरोपों की जांच एक पूर्व जज द्वारा कराने की घोषणा पहले ही कर दी है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच में यह साबित होता है कि भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया गया है तो कानून अपना काम करेगा।’’ वॉलमार्ट पर आरोप है कि उसने भारत सरकार द्वारा खुदरा में एफडीआई पर नीतिगत निर्णय किए जाने से पहले ही भारत में निवेश किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने वॉलमार्ट द्वारा भारतीय बाजार में प्रवेश पाने के लिए लॉबिंग पर धन खर्च करने के आरोपों की जांच एक पूर्व जज द्वारा कराने की घोषणा पहले ही कर दी है।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने वॉलमार्ट द्वारा भारतीय बाजार में प्रवेश पाने के लिए लॉबिंग पर धन खर्च करने के आरोपों की जांच एक पूर्व जज द्वारा कराने की घोषणा पहले ही कर दी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वॉलमार्ट लाबिंग (जनसंपर्क गतिविधियां) मुद्दे पर जारी हंगामे के बीच केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी लॉबिंग घोषणा कानून की तरह भारत में भी इस प्रकार की सांविधिक व्यवस्था बनाने का समय आ गया है। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने सरकार से सरकार के बीच होने वाले विदेशी सैन्य बिक्री करार के तहत छह अतिरिक्त लॉकहीड मार्टिन सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमानों के लिए अमेरिका से आग्रह किया है। अमेरिका को हाल ही में इस आग्रह से अवगत कराया गया था और वाशिंगटन के रक्षा विभाग ने कांग्रेस से इसकी मंजूरी हासिल करने के लिए 27 अक्टूबर को उसे इस बारे में सूचित कर दिया है, क्योंकि दूसरे देशों को होने वाली किसी भी सैन्य बिक्री के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य है। इस प्रस्ताव के महीने भर के अंदर पारित होने की सम्भावना है, क्योंकि डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन, दोनों दलों ने भारत-अमेरिका सम्बंधों को मजबूत बनाने का समर्थन किया है। भारतीय वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल नार्मन अनिल कुमार ब्राउन ने रक्षा पत्रिका 'इंडिया स्ट्रेटजिक' के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि वह अमेरिका के साथ जनवरी 2012 तक एक औपचारिक समझौते की उम्मीद करते हैं। उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि 2008 में जिन छह सी-130जे विमानों के आर्डर दिए गए थे, उनमें से पांच की आपूर्ति समय पर या समय से पहले प्राप्त हो चुकी है। और छठे व अंतिम विमान की आपूर्ति 11 नवम्बर से पहले होने की सम्भावना है। पहला विमान फरवरी 2011 में पहुंचा था और उसके पहले ही पायलट प्रशिक्षण का काम पूरा हो गया था। रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह सौदा लगभग 1.2 अरब डॉलर का हो सकता है। फुटबाल के आकार वाले बिना रनवे वाले मैदानों या घास के मैदानों से उड़ान भरने और वहां उतरने में सक्षम इन विमानों में चार रॉयस एई 2100डी3 इंजन लगे हुए हैं। प्रथम छह विमानों को 1.1 अरब डॉलर में खरीदा गया था और इसमें प्रशिक्षण, मदद पैकेज, स्पेयर, कुछ विशेष उपकरण और भारत में 30 प्रतिशत शुरुआती निवेश शामिल था। इसके तहत लॉकहीड मार्टिन ने वायु सेना के हिंडन हवाईअड्डे पर एक उन्नत नमूना स्थापित किया है। सी 130जे विमानों को यहीं पर रखा गया है। विमानों के दूसरे दस्ते को ओडिशा के चारबतिया में रखा जाएगा। ये विमान यहां से देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को अपनी सेवाएं मुहैया कराएंगे। बहरहाल, एजेंसी ने अधिसूचना में कहा है, "यह प्रस्तावित बिक्री एक महत्वपूर्ण साझेदार की सुरक्षा बढ़ाने में मदद करते हुए और अमेरिका-भारत के रणनीतिक रिश्ते को मजबूत करते हुए अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान करेगी।" एजेंसी ने कहा है, "प्रस्तावित बिक्री भारत सरकार को एक विश्वसनीय सामरिक विमानन क्षमता उपलब्ध कराएगी, जो क्षेत्र में आक्रमण को रोकने में मददगार होगा और मानवीय सहायता तथा आपदा राहत मुहैया कराएगा।" एजेंसी ने आगे कहा है कि इस प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन पर कोई असर नहीं होगा। एजेंसी ने कहा है, "इस प्रस्तावित बिक्री के परिणामस्वरूप अमेरिका की रक्षा तैयारियों पर कोई विपरीत असर नहीं होगा।" एजेंसी ने कहा है कि प्रस्तावित बिक्री से सम्बंधित कई अन्य नए समझौतों की भी सम्भावना है, लेकिन फिलहाल इस समय खास नए समझौते तय नहीं हो पाए हैं और खरीदार तथा ठेकेदार के बीच बातचीत के दौरान इन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा। इस उपकरण में छह रॉल्स रॉयस एई 2100डी3 अतिरिक्त इंजन, आठ एएन/एएआर-47 प्रक्षेपास्त्र चेतावनी प्रणाली (दो स्पेयर), आठ एएन/एएलआर-56एम एडवांस्ड राडार वार्निग रिसीवर्स (दो स्पेयर), आठ एएन/एएलई-47 काउंटर-मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम (दो स्पेयर), आठ एएक्यू-22 स्टार एसएएफआईआरई-3 स्पेशल ऑपरेशन सूट (दो स्पेयर), आठ एआरसी-210 रेडियो और 3200 फ्लेयर कारतूस शामिल हैं। | संक्षिप्त सारांश: भारत ने छह अतिरिक्त लॉकहीड मार्टिन सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमानों के लिए अमेरिका से आग्रह किया है। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कालाधन और नोटबंदी के मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के बीच अलिखित समझौता सा हो गया है. दोनों दल कालेधन के खिलाफ मुहिम और नोटबंदी का समर्थन करेंगे, लेकिन जहां इस मुद्दे पर किसी विरोध प्रदर्शन, धरना या आलोचना से नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के नेता दूर रहेंगे, वहीं लालू प्रसाद यादव ने अपने पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को हरी झंडी दिखा दी हैं कि वो जनता की मुश्किलों के मद्देनजर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोलें.
गुरुवार को बिहार विधानसभा में विनियोग विधेयक पर जवाब देते हुए वित्तमंत्री अब्दुल बारी सिद्दीक़ी ने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की. सिद्दीक़ी ने नोटबंदी और कालाधन के खिलाफ अभियान का नीतिगत रूप से समर्थन किया, लेकिन इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए. सिद्दीकी के भाषण के दौरान मुख्य मंत्री नीतीश कुमार मौजूद थे.टिप्पणियां
सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ सदस्य और वित मंत्री ने हाल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में 609 ज़िला मुख्यालय में ज़मीन की ख़रीद पर आरोप लगाया कि ये एक घोटाला है क्योंकि नोटबंदी के ठीक पहले इतने बड़े स्तर पर ज़मीन की ख़रीददरी कैसे हुई और इसकी जांच सप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज से कराने की मांग कर डाली.
सिद्दीकी ने ये भी कहा कि सब जानते हैं कि 15 लाख का देकर झांसा, पूरे देश कैसे फांसा'. राज्य की विकास दर में कमी की भविष्यवाणी करते हुए ये भी कह डाला कि 'अच्छे दिन की यही पहचान, लाइन में खड़ा है हिंदुस्तान.'
गुरुवार को बिहार विधानसभा में विनियोग विधेयक पर जवाब देते हुए वित्तमंत्री अब्दुल बारी सिद्दीक़ी ने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की. सिद्दीक़ी ने नोटबंदी और कालाधन के खिलाफ अभियान का नीतिगत रूप से समर्थन किया, लेकिन इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए. सिद्दीकी के भाषण के दौरान मुख्य मंत्री नीतीश कुमार मौजूद थे.टिप्पणियां
सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ सदस्य और वित मंत्री ने हाल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में 609 ज़िला मुख्यालय में ज़मीन की ख़रीद पर आरोप लगाया कि ये एक घोटाला है क्योंकि नोटबंदी के ठीक पहले इतने बड़े स्तर पर ज़मीन की ख़रीददरी कैसे हुई और इसकी जांच सप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज से कराने की मांग कर डाली.
सिद्दीकी ने ये भी कहा कि सब जानते हैं कि 15 लाख का देकर झांसा, पूरे देश कैसे फांसा'. राज्य की विकास दर में कमी की भविष्यवाणी करते हुए ये भी कह डाला कि 'अच्छे दिन की यही पहचान, लाइन में खड़ा है हिंदुस्तान.'
सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ सदस्य और वित मंत्री ने हाल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में 609 ज़िला मुख्यालय में ज़मीन की ख़रीद पर आरोप लगाया कि ये एक घोटाला है क्योंकि नोटबंदी के ठीक पहले इतने बड़े स्तर पर ज़मीन की ख़रीददरी कैसे हुई और इसकी जांच सप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज से कराने की मांग कर डाली.
सिद्दीकी ने ये भी कहा कि सब जानते हैं कि 15 लाख का देकर झांसा, पूरे देश कैसे फांसा'. राज्य की विकास दर में कमी की भविष्यवाणी करते हुए ये भी कह डाला कि 'अच्छे दिन की यही पहचान, लाइन में खड़ा है हिंदुस्तान.'
सिद्दीकी ने ये भी कहा कि सब जानते हैं कि 15 लाख का देकर झांसा, पूरे देश कैसे फांसा'. राज्य की विकास दर में कमी की भविष्यवाणी करते हुए ये भी कह डाला कि 'अच्छे दिन की यही पहचान, लाइन में खड़ा है हिंदुस्तान.' | यहाँ एक सारांश है:विनियोग विधेयक पर वित्तमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की
सिद्दीक़ी ने नोटबंदी लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आरोप लगाया है कि मनमोहन सिंह ने मंत्रिपरिषद् गठित करने के प्रधानमंत्री के विशेषाधिकार का पहले सोनिया गांधी और अब उनके बेटे राहुल गांधी के आगे समर्पण कर दिया है।
संघ ने कहा, ‘‘मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने तक, कैबिनेट के सहयोगियों को चुनना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार हुआ करता था। उन्होंने इस विशेषाधिकार का ना केवल सोनिया गांधी के आगे समर्पण कर दिया बल्कि उनके बेटे के आगे भी।’’
प्रधानमंत्री की ओर से रविवार को मंत्रिपरिषद में किए गए बड़े फेरबदल के अवसर पर संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइज़र के ताजा अंक के संपादकीय में कहा गया है कि राहुल गांधी को मंत्रिमंडल में लिए जाने या नहीं लिए जाने की खूब अटकलें लगाई जा रही थीं। अंत में कहा गया कि राहुल कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे और केवल अनुभवी परामर्शदाता की भूमिका निभाएंगे।
इसी क्रम में संघ ने कटाक्ष किया, ‘‘सवाल यह है कि क्या राहुल इतने बड़े हो गए हैं कि एक अनुभवी परामर्शदाता की भूमिका निभा सकें?’’ संपादकीय में यह आरोप भी लगाया गया कि कैबिनेट में फेरबदल के सिलसिले में प्रधानमंत्री को ना केवल स्वतंत्र रूप से फैसला नहीं लेने दिया जाता है, बल्कि इस सिलसिले में उन्हें राष्ट्रपति से भी अकेले नहीं मिलने दिया जाता है। टिप्पणियां
इसमें कहा गया, ‘‘हद तो यह है कि प्रधानमंत्री खुद राष्ट्रपति से नहीं मिल सकते हैं। सोनिया उनके साथ जाती हैं। लोकतांत्रिक भारत के दो शीर्ष संवैधानिक व्यक्ति एक विदेशी मूल के व्यक्ति और बिना संवैधानिक अधिकारों और जिसकी जनता तथा देश के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है, उसके हस्तक्षेप के बिना आपस में मिल नहीं सकते हैं।’’
कैबिनेट फेरबदल को ‘दिखावटी’ बताते हुए संघ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एक बार फिर अपनी स्थिति को कमतर किया और देश की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।’’
संघ ने कहा, ‘‘मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने तक, कैबिनेट के सहयोगियों को चुनना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार हुआ करता था। उन्होंने इस विशेषाधिकार का ना केवल सोनिया गांधी के आगे समर्पण कर दिया बल्कि उनके बेटे के आगे भी।’’
प्रधानमंत्री की ओर से रविवार को मंत्रिपरिषद में किए गए बड़े फेरबदल के अवसर पर संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइज़र के ताजा अंक के संपादकीय में कहा गया है कि राहुल गांधी को मंत्रिमंडल में लिए जाने या नहीं लिए जाने की खूब अटकलें लगाई जा रही थीं। अंत में कहा गया कि राहुल कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे और केवल अनुभवी परामर्शदाता की भूमिका निभाएंगे।
इसी क्रम में संघ ने कटाक्ष किया, ‘‘सवाल यह है कि क्या राहुल इतने बड़े हो गए हैं कि एक अनुभवी परामर्शदाता की भूमिका निभा सकें?’’ संपादकीय में यह आरोप भी लगाया गया कि कैबिनेट में फेरबदल के सिलसिले में प्रधानमंत्री को ना केवल स्वतंत्र रूप से फैसला नहीं लेने दिया जाता है, बल्कि इस सिलसिले में उन्हें राष्ट्रपति से भी अकेले नहीं मिलने दिया जाता है। टिप्पणियां
इसमें कहा गया, ‘‘हद तो यह है कि प्रधानमंत्री खुद राष्ट्रपति से नहीं मिल सकते हैं। सोनिया उनके साथ जाती हैं। लोकतांत्रिक भारत के दो शीर्ष संवैधानिक व्यक्ति एक विदेशी मूल के व्यक्ति और बिना संवैधानिक अधिकारों और जिसकी जनता तथा देश के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है, उसके हस्तक्षेप के बिना आपस में मिल नहीं सकते हैं।’’
कैबिनेट फेरबदल को ‘दिखावटी’ बताते हुए संघ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एक बार फिर अपनी स्थिति को कमतर किया और देश की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।’’
प्रधानमंत्री की ओर से रविवार को मंत्रिपरिषद में किए गए बड़े फेरबदल के अवसर पर संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइज़र के ताजा अंक के संपादकीय में कहा गया है कि राहुल गांधी को मंत्रिमंडल में लिए जाने या नहीं लिए जाने की खूब अटकलें लगाई जा रही थीं। अंत में कहा गया कि राहुल कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे और केवल अनुभवी परामर्शदाता की भूमिका निभाएंगे।
इसी क्रम में संघ ने कटाक्ष किया, ‘‘सवाल यह है कि क्या राहुल इतने बड़े हो गए हैं कि एक अनुभवी परामर्शदाता की भूमिका निभा सकें?’’ संपादकीय में यह आरोप भी लगाया गया कि कैबिनेट में फेरबदल के सिलसिले में प्रधानमंत्री को ना केवल स्वतंत्र रूप से फैसला नहीं लेने दिया जाता है, बल्कि इस सिलसिले में उन्हें राष्ट्रपति से भी अकेले नहीं मिलने दिया जाता है। टिप्पणियां
इसमें कहा गया, ‘‘हद तो यह है कि प्रधानमंत्री खुद राष्ट्रपति से नहीं मिल सकते हैं। सोनिया उनके साथ जाती हैं। लोकतांत्रिक भारत के दो शीर्ष संवैधानिक व्यक्ति एक विदेशी मूल के व्यक्ति और बिना संवैधानिक अधिकारों और जिसकी जनता तथा देश के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है, उसके हस्तक्षेप के बिना आपस में मिल नहीं सकते हैं।’’
कैबिनेट फेरबदल को ‘दिखावटी’ बताते हुए संघ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एक बार फिर अपनी स्थिति को कमतर किया और देश की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।’’
इसी क्रम में संघ ने कटाक्ष किया, ‘‘सवाल यह है कि क्या राहुल इतने बड़े हो गए हैं कि एक अनुभवी परामर्शदाता की भूमिका निभा सकें?’’ संपादकीय में यह आरोप भी लगाया गया कि कैबिनेट में फेरबदल के सिलसिले में प्रधानमंत्री को ना केवल स्वतंत्र रूप से फैसला नहीं लेने दिया जाता है, बल्कि इस सिलसिले में उन्हें राष्ट्रपति से भी अकेले नहीं मिलने दिया जाता है। टिप्पणियां
इसमें कहा गया, ‘‘हद तो यह है कि प्रधानमंत्री खुद राष्ट्रपति से नहीं मिल सकते हैं। सोनिया उनके साथ जाती हैं। लोकतांत्रिक भारत के दो शीर्ष संवैधानिक व्यक्ति एक विदेशी मूल के व्यक्ति और बिना संवैधानिक अधिकारों और जिसकी जनता तथा देश के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है, उसके हस्तक्षेप के बिना आपस में मिल नहीं सकते हैं।’’
कैबिनेट फेरबदल को ‘दिखावटी’ बताते हुए संघ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एक बार फिर अपनी स्थिति को कमतर किया और देश की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।’’
इसमें कहा गया, ‘‘हद तो यह है कि प्रधानमंत्री खुद राष्ट्रपति से नहीं मिल सकते हैं। सोनिया उनके साथ जाती हैं। लोकतांत्रिक भारत के दो शीर्ष संवैधानिक व्यक्ति एक विदेशी मूल के व्यक्ति और बिना संवैधानिक अधिकारों और जिसकी जनता तथा देश के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है, उसके हस्तक्षेप के बिना आपस में मिल नहीं सकते हैं।’’
कैबिनेट फेरबदल को ‘दिखावटी’ बताते हुए संघ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एक बार फिर अपनी स्थिति को कमतर किया और देश की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।’’
कैबिनेट फेरबदल को ‘दिखावटी’ बताते हुए संघ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एक बार फिर अपनी स्थिति को कमतर किया और देश की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।’’ | संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आरोप लगाया है कि मनमोहन सिंह ने मंत्रिपरिषद् गठित करने के प्रधानमंत्री के विशेषाधिकार का पहले सोनिया गांधी और अब उनके बेटे राहुल गांधी के आगे समर्पण कर दिया है। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आज दोबारा फायरिंग शुरू हो गई. इसमें एक आतंकी मार गिराया गया है. जबकि दो की तलाश जारी है. यह फायरिंग उसी इलाके में हुई जहां कल मुठभेड़ हुई थी. यहां रविवार को हुए एनकाउंटर में तीन आतंकी मारे गए थे.रविवार से अब तक अलग-अलग जगह हुई मुठभेड़ों में कुल आठ आतंकी मारे गए हैं.टिप्पणियां
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में रविवार को हुई अलग-अलग जगहों पर सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सात आतंकवादी मारे गए, जबकि एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया. पहली मुठभेड़ नियंत्रण रेखा के पास कुपवाड़ा के नौगाम सेक्टर में हुई. यहां सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे चार आतंकियों को मार गिराया.
मारे गए आतंकियों के पास से से चार एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुए हैं. 19वीं डिविजन के कमांडर मेजर जनरल जेएस नैन ने कहा कि आतंकी जिस तरह से हथियार और गोला-बारूद लेकर आए थे, उससे लगता है कि बकरीद से पहले वो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया.
दूसरी मुठभेड़ नियंत्रण रेखा के पास पुंछ शहर में हुई. यहां निर्माणाधीन मिनी सचिवालय में कुछ आतंकी घुस गए. पुलिस के साथ इनकी मुठभेड़ शुरू हुई, जिसके बाद ये आतंकी दो गुटों में बंट गए. एक आतंकी बगल के घर में घुसकर बीमार बुजुर्ग दंपति को बंधक बना लिया था. हालांकि सेना ने बाद में दंपति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस दंपति को सुरक्षित निकालने की कोशिश में यह मुठभेड़ लंबी चली.
इस मुठभेड़ में दो अलग-अलग मकानों में छिपे कुल तीन आतंकी मार गिराए गए. यह मुठभेड़ पहले पुलिस और आतंकियों के बीच शुरू हुई, बाद में सेना की टीम मौके पर पहुंची और उसने इलाके को घेर लिया. उधर गुरेज और तंगधार में भी आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई.
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में रविवार को हुई अलग-अलग जगहों पर सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सात आतंकवादी मारे गए, जबकि एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया. पहली मुठभेड़ नियंत्रण रेखा के पास कुपवाड़ा के नौगाम सेक्टर में हुई. यहां सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे चार आतंकियों को मार गिराया.
मारे गए आतंकियों के पास से से चार एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुए हैं. 19वीं डिविजन के कमांडर मेजर जनरल जेएस नैन ने कहा कि आतंकी जिस तरह से हथियार और गोला-बारूद लेकर आए थे, उससे लगता है कि बकरीद से पहले वो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया.
दूसरी मुठभेड़ नियंत्रण रेखा के पास पुंछ शहर में हुई. यहां निर्माणाधीन मिनी सचिवालय में कुछ आतंकी घुस गए. पुलिस के साथ इनकी मुठभेड़ शुरू हुई, जिसके बाद ये आतंकी दो गुटों में बंट गए. एक आतंकी बगल के घर में घुसकर बीमार बुजुर्ग दंपति को बंधक बना लिया था. हालांकि सेना ने बाद में दंपति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस दंपति को सुरक्षित निकालने की कोशिश में यह मुठभेड़ लंबी चली.
इस मुठभेड़ में दो अलग-अलग मकानों में छिपे कुल तीन आतंकी मार गिराए गए. यह मुठभेड़ पहले पुलिस और आतंकियों के बीच शुरू हुई, बाद में सेना की टीम मौके पर पहुंची और उसने इलाके को घेर लिया. उधर गुरेज और तंगधार में भी आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई.
दूसरी मुठभेड़ नियंत्रण रेखा के पास पुंछ शहर में हुई. यहां निर्माणाधीन मिनी सचिवालय में कुछ आतंकी घुस गए. पुलिस के साथ इनकी मुठभेड़ शुरू हुई, जिसके बाद ये आतंकी दो गुटों में बंट गए. एक आतंकी बगल के घर में घुसकर बीमार बुजुर्ग दंपति को बंधक बना लिया था. हालांकि सेना ने बाद में दंपति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस दंपति को सुरक्षित निकालने की कोशिश में यह मुठभेड़ लंबी चली.
इस मुठभेड़ में दो अलग-अलग मकानों में छिपे कुल तीन आतंकी मार गिराए गए. यह मुठभेड़ पहले पुलिस और आतंकियों के बीच शुरू हुई, बाद में सेना की टीम मौके पर पहुंची और उसने इलाके को घेर लिया. उधर गुरेज और तंगधार में भी आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई. | संक्षिप्त पाठ: कल पुंछ तीन आतंकी हुए थे ढेर
अलग-अलग जगह हुई मुठभेड़ में 7 आतंकी ढेर, एक पुलिसकर्मी शहीद
पुंछ में फायरिंग जारी, एक आतंकी के छिपे होने की सूचना | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यह भी पढ़ें- NEET 2020: 3 मई को होगी नीट की परीक्षा, आज शाम से शुरू हो जाएगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
नीट रजिस्ट्रेशन (NEET 2020 registration) को लेकर एनटीए द्वारा जारी बयान में कहा गया है, "ये स्पष्ट किया जाता है कि सभी उम्मीदवार इस कोटे के लिए योग्य होंगे और स्टेट ऑफ एलिजिबिलिटी में भरी गई च्वॉइस का इस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. इसलिए उम्मीदवार किसी भी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को चुन सकते हैं." टेस्टिंग एजेंसी ने ये साफ किया है कि जम्मू-कश्मीर के उम्मीदवार इस कोटे के लिए योग्य नहीं होंगे क्योंकि जम्मू-कश्मीर ने राज्य रहते हुए खुद को इससे दूर रखा था.
बता दें कि कोटे के लिए योग्यता साबित करने के लिए सेल्फ डिक्लेयरेशन जमा करना होगा. फॉर्म में कन्फर्मेशन पेज के साथ ही सेल्फ डिक्लेयरेशन पेज जनरेट हो जाएगा. उम्मीदवार को एडमिशन या काउंसिलिंग के दौरान ये डिक्लेयरेशन दिखाना होगा. नीट 2020 के नोटिफिकेशन में सेल्फ डिक्लेयरेशन का कंटेंट और फॉरमेट दिया जा चुका है.
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में आरक्षित सीटों पर राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के नियम लागू होंगे. जो उम्मीदवार केंद्र की आरक्षण श्रेणी में न आकर राज्य की श्रेणी में आते हैं उनको फॉर्म में सामान्य श्रेणी ही चुनना होगा. | यहाँ एक सारांश है:NTA ने छात्रों की शंकाओं को दूर किया है
'स्टेट ऑफ एलिजिब्लिटी' को लेकर सवाल किए थे छात्रों ने
ntaneet.nic.in पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है | 18 | ['hin'] |
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