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इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले एक दशक में भारत से 128 अरब डॉलर काला धन बाहर चला गया। एक नए अध्ययन के मुताबिक इस तरह काले धन के देश से बाहर जाने से सबसे अधिक प्रभावित देशों में भारत का स्थान 15वां है। अध्ययन में कहा गया है कि वर्ष 2009 में विकासशील देशों से 903 अरब डॉलर काला धन बाहर गया। देश की सरकार ने काले धन के बाहर जाने के मुद्दे पर एक श्वेत पत्र जारी करने की घोषणा की है। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि काले धन पर रोक लगाने के लिए सरकार जल्दी ही एक विधेयक लाएगी। शोध संगठन ग्लोबल फाइनेंशियल इंटीग्रिटी (जीएफआई) के निदेशक रेमंड बेकर ने कहा, "यह एक विशाल राशि है और विकसित तथा विकासशील देश देानों इससे प्रभावित हैं।" काला धन से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में चीन, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, नाइजीरिया, वेनेजुएला, कतर, पोलैंड, इंडोनेशिया, फिलीपींस, कजाकिस्तान और भारत शामिल हैं।
संक्षिप्त सारांश: पिछले एक दशक में भारत से 128 अरब डॉलर काला धन बाहर चला गया। एक नए अध्ययन के मुताबिक इस तरह काले धन के देश से बाहर जाने से सबसे अधिक प्रभावित देशों में भारत का स्थान 15वां है।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: योगगुरु बाबा रामदेव के दिव्य योग मंदिर में चल रहे आयुर्वेदिक औषधियों के उत्पादन संस्थान पर गुरुवार की दोपहर छापा मारकर कई उत्पादों के नमूने संग्रहित किये। दोपहर लगभग ढ़ाई घंटे तक चली छापामारी की कार्रवाई में खाद्य विभाग के खाद्य निरीक्षक योगेंद्र पांडे सहित पांच सदस्यीय दल ने कई उत्पादों के नमूने लिये। बाबा रामदेव के संस्थान पर पहली बार हुई छापामारी के बारे में बाबा रामदेव ने कहा कि बाबा के उत्पाद पूरी प्रामाणिकता से बनाये जाते हैं। कोई चाहे तो दो चार नमूने नहीं बल्कि पूरे उत्पादों के ट्रक भरकर ले जाये। रामदेव ने छापे की कार्रवाई के तुरंत बाद दिव्य योग मंदिर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘दरअसल ये अभिजात्य वर्ग और सामान्य नागरिक के बीच की लड़ाई है। हम सामान्य नागरिक हैं और अभी हमारी जंग शुरू हुई है।’’ रामदेव ने विदेशी कम्पनियों के नाम गिनाते हुए उन पर कभी छापामारी न होने की बात कही। रामदेव ने बालकृष्ण की रिहाई के आदेश को सत्य की विजय का नाम दिया और आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग करते हुए आचार्य बालकृष्ण पर फर्जी पासपोर्ट मामले में फर्जी मुकदमा चलाकर उनका उत्पीडन किया। टिप्पणियां रामदेव ने कहा, ‘‘हमारी सीधी लड़ाई व्यवस्था से है और व्यवस्था जिनके हाथ है वो ताकतवर हैं, क्योंकि वो अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि अब तक उन्हें 100 से अधिक नोटिस भेजे जा चुके हैं। मगर हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और हम जीतेंगे। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण जल्द ही आश्रम आयेंगे और उन पर हुए जुल्मों का जवाब आगे हिन्दुस्तान देगा। बाबा ने कहा नौ अगस्त से पहले आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या किये जाने और इल्जाम मेरे ऊपर डालने की साजिश रची जा रही थी जो कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि आचार्य बहुत सतर्क थे। दोपहर लगभग ढ़ाई घंटे तक चली छापामारी की कार्रवाई में खाद्य विभाग के खाद्य निरीक्षक योगेंद्र पांडे सहित पांच सदस्यीय दल ने कई उत्पादों के नमूने लिये। बाबा रामदेव के संस्थान पर पहली बार हुई छापामारी के बारे में बाबा रामदेव ने कहा कि बाबा के उत्पाद पूरी प्रामाणिकता से बनाये जाते हैं। कोई चाहे तो दो चार नमूने नहीं बल्कि पूरे उत्पादों के ट्रक भरकर ले जाये। रामदेव ने छापे की कार्रवाई के तुरंत बाद दिव्य योग मंदिर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘दरअसल ये अभिजात्य वर्ग और सामान्य नागरिक के बीच की लड़ाई है। हम सामान्य नागरिक हैं और अभी हमारी जंग शुरू हुई है।’’ रामदेव ने विदेशी कम्पनियों के नाम गिनाते हुए उन पर कभी छापामारी न होने की बात कही। रामदेव ने बालकृष्ण की रिहाई के आदेश को सत्य की विजय का नाम दिया और आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग करते हुए आचार्य बालकृष्ण पर फर्जी पासपोर्ट मामले में फर्जी मुकदमा चलाकर उनका उत्पीडन किया। टिप्पणियां रामदेव ने कहा, ‘‘हमारी सीधी लड़ाई व्यवस्था से है और व्यवस्था जिनके हाथ है वो ताकतवर हैं, क्योंकि वो अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि अब तक उन्हें 100 से अधिक नोटिस भेजे जा चुके हैं। मगर हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और हम जीतेंगे। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण जल्द ही आश्रम आयेंगे और उन पर हुए जुल्मों का जवाब आगे हिन्दुस्तान देगा। बाबा ने कहा नौ अगस्त से पहले आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या किये जाने और इल्जाम मेरे ऊपर डालने की साजिश रची जा रही थी जो कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि आचार्य बहुत सतर्क थे। बाबा रामदेव के संस्थान पर पहली बार हुई छापामारी के बारे में बाबा रामदेव ने कहा कि बाबा के उत्पाद पूरी प्रामाणिकता से बनाये जाते हैं। कोई चाहे तो दो चार नमूने नहीं बल्कि पूरे उत्पादों के ट्रक भरकर ले जाये। रामदेव ने छापे की कार्रवाई के तुरंत बाद दिव्य योग मंदिर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘दरअसल ये अभिजात्य वर्ग और सामान्य नागरिक के बीच की लड़ाई है। हम सामान्य नागरिक हैं और अभी हमारी जंग शुरू हुई है।’’ रामदेव ने विदेशी कम्पनियों के नाम गिनाते हुए उन पर कभी छापामारी न होने की बात कही। रामदेव ने बालकृष्ण की रिहाई के आदेश को सत्य की विजय का नाम दिया और आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग करते हुए आचार्य बालकृष्ण पर फर्जी पासपोर्ट मामले में फर्जी मुकदमा चलाकर उनका उत्पीडन किया। टिप्पणियां रामदेव ने कहा, ‘‘हमारी सीधी लड़ाई व्यवस्था से है और व्यवस्था जिनके हाथ है वो ताकतवर हैं, क्योंकि वो अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि अब तक उन्हें 100 से अधिक नोटिस भेजे जा चुके हैं। मगर हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और हम जीतेंगे। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण जल्द ही आश्रम आयेंगे और उन पर हुए जुल्मों का जवाब आगे हिन्दुस्तान देगा। बाबा ने कहा नौ अगस्त से पहले आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या किये जाने और इल्जाम मेरे ऊपर डालने की साजिश रची जा रही थी जो कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि आचार्य बहुत सतर्क थे। रामदेव ने छापे की कार्रवाई के तुरंत बाद दिव्य योग मंदिर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘दरअसल ये अभिजात्य वर्ग और सामान्य नागरिक के बीच की लड़ाई है। हम सामान्य नागरिक हैं और अभी हमारी जंग शुरू हुई है।’’ रामदेव ने विदेशी कम्पनियों के नाम गिनाते हुए उन पर कभी छापामारी न होने की बात कही। रामदेव ने बालकृष्ण की रिहाई के आदेश को सत्य की विजय का नाम दिया और आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग करते हुए आचार्य बालकृष्ण पर फर्जी पासपोर्ट मामले में फर्जी मुकदमा चलाकर उनका उत्पीडन किया। टिप्पणियां रामदेव ने कहा, ‘‘हमारी सीधी लड़ाई व्यवस्था से है और व्यवस्था जिनके हाथ है वो ताकतवर हैं, क्योंकि वो अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि अब तक उन्हें 100 से अधिक नोटिस भेजे जा चुके हैं। मगर हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और हम जीतेंगे। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण जल्द ही आश्रम आयेंगे और उन पर हुए जुल्मों का जवाब आगे हिन्दुस्तान देगा। बाबा ने कहा नौ अगस्त से पहले आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या किये जाने और इल्जाम मेरे ऊपर डालने की साजिश रची जा रही थी जो कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि आचार्य बहुत सतर्क थे। रामदेव ने विदेशी कम्पनियों के नाम गिनाते हुए उन पर कभी छापामारी न होने की बात कही। रामदेव ने बालकृष्ण की रिहाई के आदेश को सत्य की विजय का नाम दिया और आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग करते हुए आचार्य बालकृष्ण पर फर्जी पासपोर्ट मामले में फर्जी मुकदमा चलाकर उनका उत्पीडन किया। टिप्पणियां रामदेव ने कहा, ‘‘हमारी सीधी लड़ाई व्यवस्था से है और व्यवस्था जिनके हाथ है वो ताकतवर हैं, क्योंकि वो अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि अब तक उन्हें 100 से अधिक नोटिस भेजे जा चुके हैं। मगर हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और हम जीतेंगे। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण जल्द ही आश्रम आयेंगे और उन पर हुए जुल्मों का जवाब आगे हिन्दुस्तान देगा। बाबा ने कहा नौ अगस्त से पहले आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या किये जाने और इल्जाम मेरे ऊपर डालने की साजिश रची जा रही थी जो कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि आचार्य बहुत सतर्क थे। रामदेव ने कहा, ‘‘हमारी सीधी लड़ाई व्यवस्था से है और व्यवस्था जिनके हाथ है वो ताकतवर हैं, क्योंकि वो अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि अब तक उन्हें 100 से अधिक नोटिस भेजे जा चुके हैं। मगर हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और हम जीतेंगे। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण जल्द ही आश्रम आयेंगे और उन पर हुए जुल्मों का जवाब आगे हिन्दुस्तान देगा। बाबा ने कहा नौ अगस्त से पहले आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या किये जाने और इल्जाम मेरे ऊपर डालने की साजिश रची जा रही थी जो कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि आचार्य बहुत सतर्क थे। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण जल्द ही आश्रम आयेंगे और उन पर हुए जुल्मों का जवाब आगे हिन्दुस्तान देगा। बाबा ने कहा नौ अगस्त से पहले आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या किये जाने और इल्जाम मेरे ऊपर डालने की साजिश रची जा रही थी जो कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि आचार्य बहुत सतर्क थे।
यहाँ एक सारांश है:योगगुरु बाबा रामदेव के दिव्य योग मंदिर में चल रहे आयुर्वेदिक औषधियों के उत्पादन संस्थान पर गुरुवार की दोपहर छापा मारकर कई उत्पादों के नमूने संग्रहित किये।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भूल जाइए, उन दवाओं को, जिन्हें निगलने के लिए आपको इन्हें पानी के साथ लेना पड़ता था। अब नपुंसकता के इलाज के लिए मुंह में रखते ही घुल जाने वाली एक गोली बना ली गई है जिसे खाते ही आप कुछ ही सेकंडों में कामोत्तेजित हो सकते हैं। ब्रिटिश समाचार पत्र डेली मेल के अनुसार, जर्मन फार्मास्यूटिकल कंपनी बायर एजी ने मुंह में घुल जाने वाली इस किस्म की पहली दवा ईजाद की है। साढ़े चार पाउंड की इस दवा को नपुंसकता के लिए लिया जा सकेगा। लेवित्रा ओरोडिस्पर्सिबल नामक यह दवा जीभ पर रखते ही कुछ सेकंडों में घुल जाती है। इस दवा को लेकर की गई रिसर्च में पाया गया कि 10 में से चार लोगों ने कहा कि मौजूदा दवाएं असहज करने वाली हैं। लगभग 1000 लोगों पर किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि मुंह में रखते ही घुल जाने वाली नई गोली सुरक्षित और असरदार है। यौन स्वास्थ्य के प्रचारकों की चेतावनी है कि जिन लोगों को उत्थापन समस्या है, उन्हें चिकित्सक की सलाह ले लेनी चाहिए क्योंकि दिल की समस्याओं की शुरुआत का यह एक लक्षण हो सकता है। सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि अधिकांश लोग इंटरनेट के माध्यम से फर्जी उत्पाद तक ही पहुंच बना पाते हैं क्योंकि वे अपनी समस्या के लिए चिकित्सक से संपर्क करने के प्रति बेहद शर्मीले होते हैं।
संक्षिप्त सारांश: अब नपुंसकता के इलाज के लिए मुंह में रखते ही घुल जाने वाली गोली बना ली गई है जिसे खाते ही आप कुछ ही सेकंडों में कामोत्तेजित हो सकते हैं।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: असम के जोरहाट जिले में ओएनजीसी संयंत्र के एक पम्प में आग लग गई। अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि आग दुर्घटनावश हुए विस्फोट की वजह से लगी। इस विस्फोट में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। विद्रोही संगठन उल्फा ने हालांकि इस घटना की जिम्मेदारी ली है। एक प्रवक्ता ने बताया कि तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के जोरहाट जिले के बरखोला में स्थित गैस गैदरिंग स्टेशन संयंत्र में आग शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे लगी। उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी गड़बड़ी की वजह से दुर्घटनावश विस्फोट हुआ और आग लग गई। इस घटना की वजह से हालांकि उत्पादन कार्य प्रभावित नहीं हुआ।   प्रवक्ता ने कहा कि आग की वजह से 50 लाख रुपये नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा, "कच्चा तेल पम्प में जमा कर रखा जाता है और उसे पाइप के जरिए शोधन के लिए भेजा जाता है। पाइप में आग लगने से टैंक में विस्फोट हो गया।" उधर, युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के वार्ता विरोधी गुट ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि यह हमला केंद्र सरकार की शोषण नीति के विरुद्ध संगठन द्वारा चलाए जा रहे अभियान का एक हिस्सा है। संगठन बड़े प्रतिष्ठानों पर हमले का अभियान चला रहा है। टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने हालांकि कहा कि विस्फोट तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुई और इसमें उल्फा के वार्ता विरोधी गुट का हाथ नहीं है। असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ओएनजीसी के अधिकारी घटना की विस्तृत जांच करवा रहे हैं, जिससे विस्फोट के वास्तविक कारण का पता चलेगा।" एक प्रवक्ता ने बताया कि तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के जोरहाट जिले के बरखोला में स्थित गैस गैदरिंग स्टेशन संयंत्र में आग शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे लगी। उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी गड़बड़ी की वजह से दुर्घटनावश विस्फोट हुआ और आग लग गई। इस घटना की वजह से हालांकि उत्पादन कार्य प्रभावित नहीं हुआ।   प्रवक्ता ने कहा कि आग की वजह से 50 लाख रुपये नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा, "कच्चा तेल पम्प में जमा कर रखा जाता है और उसे पाइप के जरिए शोधन के लिए भेजा जाता है। पाइप में आग लगने से टैंक में विस्फोट हो गया।" उधर, युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के वार्ता विरोधी गुट ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि यह हमला केंद्र सरकार की शोषण नीति के विरुद्ध संगठन द्वारा चलाए जा रहे अभियान का एक हिस्सा है। संगठन बड़े प्रतिष्ठानों पर हमले का अभियान चला रहा है। टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने हालांकि कहा कि विस्फोट तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुई और इसमें उल्फा के वार्ता विरोधी गुट का हाथ नहीं है। असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ओएनजीसी के अधिकारी घटना की विस्तृत जांच करवा रहे हैं, जिससे विस्फोट के वास्तविक कारण का पता चलेगा।" प्रवक्ता ने कहा कि आग की वजह से 50 लाख रुपये नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा, "कच्चा तेल पम्प में जमा कर रखा जाता है और उसे पाइप के जरिए शोधन के लिए भेजा जाता है। पाइप में आग लगने से टैंक में विस्फोट हो गया।" उधर, युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के वार्ता विरोधी गुट ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि यह हमला केंद्र सरकार की शोषण नीति के विरुद्ध संगठन द्वारा चलाए जा रहे अभियान का एक हिस्सा है। संगठन बड़े प्रतिष्ठानों पर हमले का अभियान चला रहा है। टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने हालांकि कहा कि विस्फोट तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुई और इसमें उल्फा के वार्ता विरोधी गुट का हाथ नहीं है। असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ओएनजीसी के अधिकारी घटना की विस्तृत जांच करवा रहे हैं, जिससे विस्फोट के वास्तविक कारण का पता चलेगा।" उधर, युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के वार्ता विरोधी गुट ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि यह हमला केंद्र सरकार की शोषण नीति के विरुद्ध संगठन द्वारा चलाए जा रहे अभियान का एक हिस्सा है। संगठन बड़े प्रतिष्ठानों पर हमले का अभियान चला रहा है। टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने हालांकि कहा कि विस्फोट तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुई और इसमें उल्फा के वार्ता विरोधी गुट का हाथ नहीं है। असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ओएनजीसी के अधिकारी घटना की विस्तृत जांच करवा रहे हैं, जिससे विस्फोट के वास्तविक कारण का पता चलेगा।" पुलिस अधिकारियों ने हालांकि कहा कि विस्फोट तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुई और इसमें उल्फा के वार्ता विरोधी गुट का हाथ नहीं है। असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ओएनजीसी के अधिकारी घटना की विस्तृत जांच करवा रहे हैं, जिससे विस्फोट के वास्तविक कारण का पता चलेगा।" असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ओएनजीसी के अधिकारी घटना की विस्तृत जांच करवा रहे हैं, जिससे विस्फोट के वास्तविक कारण का पता चलेगा।"
सारांश: असम के जोरहाट जिले में ओएनजीसी संयंत्र के एक पम्प में आग लग गई। अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि आग दुर्घटनावश हुए विस्फोट की वजह से लगी। इस विस्फोट में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। विद्रोही संगठन उल्फा ने हालांकि इस घटना की जिम्मेदारी ली है।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: विवेक ओबेरॉय सोमवार को उस समय विवादों में घिर गए जब उन्होंने एग्जिट पोल से जुड़ा ऐश्वर्या राय बच्चन का एक ‘मीम' ट्विटर पर साझा कर दिया. इस मामले में जहां महिला आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, वहीं अदाकारा सोनम कपूर, डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालिवाल सहित कई लोगों ने उनकी आलोचना की है. इस पर विवेक ओबरॉय ने सोमवार को कहा कि जब मैंने कुछ गलत नहीं किया तो किस बात के लिए माफी? विवेक ओबेरॉय ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ''मुझे माफी मांगने में कोई समस्या नहीं, लेकिन यह बताइए कि मैंने क्या गलत किया है? यदि मैंने कुछ गलत किया है तो मैं माफी मांगूगा, मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत किया है.'' बता दें, ओबरॉय ने जिस ‘मीम' को साझा किया वह तीन हिस्सों ओपिनियन पोल, एग्जिट पोल और रिजल्ट (नतीजे) में बंटा है. ओपिनियन पोल में ऐश्वर्या सलमान के साथ नजर आ रही हैं, एग्जिट पोल में विवेक ओबरॉय के साथ और नतीजों में वह अभिषेक बच्चन और अराध्या के साथ नजर आ रही हैं.  ओबरॉय ने इसे साझा करते हुए लिखा, ‘‘हा हा, रचनात्मक। कोई राजनीति नहीं...बस जिंदगी.'' अभिनेता के ‘मीम' साझा करते ही चारों ओर से उनकी अलोचना शुरू हो गई.    अदाकरा सोनम कपूर ने लिखा, ''घृणित एवं निम्नस्तरीय...'' अदाकारा एवं कांग्रेस की उम्मीदवार उर्मिला मातोंडकर ने कहा, ‘‘विवेक ओबरॉय इतना खराब पोस्ट करना बेहद अपमानजनक और खराब. अगर उस महिला और उसकी बच्ची से माफी नहीं मांग रहे हो तो कम से कम पोस्ट हटाने की शालीनता तो दिखाएं.'' राष्ट्रीय महिला आयोग ने मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्या राय से जुड़ा एक मीम ट्विटर पर पोस्ट करने के लिए अभिनेता विवेक ओबरॉय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. ओबरॉय को जारी नोटिस में आयोग ने कहा कि वह अपमानजनक और महिला विरोधी पोस्ट को लेकर संतोषजनक स्पष्टीकरण दें. उसने कहा, ‘‘विभिन्न मीडिया माध्यमों से यह जानकारी मिली है कि आपने ट्विट पर एक महिला (ऐश्वर्या) और एक बच्ची (अराध्या) के बारे में अपमानजनक एवं महिला विरोधी पोस्ट किया. खबर में कहा गया है कि आपने चुनाव नतीजों और एक महिला के निजी जीवन को लेकर तुच्छ किस्म की तुलना की.'' आयोग ने कहा, ‘‘आपकी ओर से किया गया पोस्ट बहुत ही अनैतिक है और महिला की गरिमा का अपमान करने वाला है.'' वहीं दिल्ली महिला आयोग की स्वाति मालीवाल ने लिखा, ‘‘इसमें हंसने जैसा कुछ नहीं है. विवेक ओबरॉय यह उसके रचनाकार की मूर्खता, अभद्रता और बीमार मानसिकता दिखाता है.'' महाराष्ट्र महिला आयोग की प्रमुख विजया रहतकर ने कहा कि वह अभिनेता को महिला का निरादार करने वाले ट्वीट पर नोटिस भेजेंगी. राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने भी ओबरॉय से उनके ट्वीट पर माफी मांगने या फिर उसके परिणाम भुगतने की बात कही. फिल्मकार अशोक पंडित सहित ट्विटर पर कई अन्य लोगों ने भी उनकी आलोचना की.    विवेक ओबरॉय इन दिनों फिल्म ‘पीएम नरेन्द्र मोदी' के प्रचार में मसरूफ हैं. इसमें वह नरेन्द्र मोदी की भूमिका में नजर आएंगे.
संक्षिप्त सारांश: विवेक ओबेरॉय को नोटिस महिला आयोग ने भेजा फिर कही ये बात
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केरल की सरकार ने रविवार को कहा कि वध के लिए पशुओं की बिक्री पर केंद्र के प्रतिबंध के विरोध में वह कानून ला सकती है. युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा सरेआम एक बछड़े को काटे जाने पर चल रहे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सरकार की तरफ से ये संकेत दिए गए. केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने कल प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र के निर्णय का विरोध किया था. उन्होंने भाजपा नीत केंद्र सरकार और आरएसएस पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य के लोगों को नयी दिल्ली या नागपुर से खान-पान की आदतों को लेकर सबक सीखने की जरूरत नहीं है. स्थानीय प्रशासन मंत्री के टी जलील ने कहा कि केंद्र के पशु वध से निजात पाने के लिए सरकार नया कानून लाने पर विचार कर सकती है.टिप्पणियां इस बीच विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने प्रतिबंध के खिलाफ कल ‘काला दिवस’ मनाने का निर्णय किया है. इस मुद्दे पर चल रहे वाद-विवाद के बीच पुलिस ने आज युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता रिजिल मुकुलटी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कन्नूर में खुलेआम बछड़ा काटने को लेकर मामला दर्ज किया. केंद्र के प्रतिबंध के खिलाफ कांग्रेस और वामपंथी दलों द्वारा कल पूरे राज्य में आयोजित ‘गोमांस भोज’ के दौरान उन्होंने इस कृत्य को अंजाम दिया था. इस मुद्दे पर केरल में राजग ने मंगलवार को घटना का विरोध करने का निर्णय किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने भाजपा नीत केंद्र सरकार और आरएसएस पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य के लोगों को नयी दिल्ली या नागपुर से खान-पान की आदतों को लेकर सबक सीखने की जरूरत नहीं है. स्थानीय प्रशासन मंत्री के टी जलील ने कहा कि केंद्र के पशु वध से निजात पाने के लिए सरकार नया कानून लाने पर विचार कर सकती है.टिप्पणियां इस बीच विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने प्रतिबंध के खिलाफ कल ‘काला दिवस’ मनाने का निर्णय किया है. इस मुद्दे पर चल रहे वाद-विवाद के बीच पुलिस ने आज युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता रिजिल मुकुलटी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कन्नूर में खुलेआम बछड़ा काटने को लेकर मामला दर्ज किया. केंद्र के प्रतिबंध के खिलाफ कांग्रेस और वामपंथी दलों द्वारा कल पूरे राज्य में आयोजित ‘गोमांस भोज’ के दौरान उन्होंने इस कृत्य को अंजाम दिया था. इस मुद्दे पर केरल में राजग ने मंगलवार को घटना का विरोध करने का निर्णय किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने प्रतिबंध के खिलाफ कल ‘काला दिवस’ मनाने का निर्णय किया है. इस मुद्दे पर चल रहे वाद-विवाद के बीच पुलिस ने आज युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता रिजिल मुकुलटी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कन्नूर में खुलेआम बछड़ा काटने को लेकर मामला दर्ज किया. केंद्र के प्रतिबंध के खिलाफ कांग्रेस और वामपंथी दलों द्वारा कल पूरे राज्य में आयोजित ‘गोमांस भोज’ के दौरान उन्होंने इस कृत्य को अंजाम दिया था. इस मुद्दे पर केरल में राजग ने मंगलवार को घटना का विरोध करने का निर्णय किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने लिख चुके हैं पीएम को पत्र कहा - आदतों को लेकर सबक सीखने की जरूरत नहीं है विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने प्रतिबंध के खिलाफ कल 'काला दिवस' मनाएगा
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों के जखीरे और उनकी गुणवत्ता में लगातार सुधार कर रहा है। ऐसा सुधार वह भारत को लक्ष्य बनाकर कर रहा है और वह ऐसी स्थितियों को बढ़ावा दे सकता है, जिनमें इन परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया जा सके। यह रिपोर्ट अमेरिकी कानून निर्माताओं के लिए कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने बनाई है। सीआरएस के अनुसार, पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से भारत से खतरे की धारणा पर आधारित है। वह ऐसा दिखाने का प्रयास करता है कि वह भारत से डरा हुआ है। इस रिपोर्ट में कहा गया है, पाकिस्तान भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे में संभावित वृद्धि से अपने बचाव के लिए परमाणु सामग्री के उत्पादन को बढ़ा रहा है। साथ ही वह परमाणु हथियारों को ले जाने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ा रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस्लामाबाद परमाणु हथियारों के लिए अपने वर्तमान प्रयासों में और तेजी ला सकता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने हमेशा से कहा है कि उसे एक न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता की ही जरूरत है, लेकिन उसने कभी इस प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह परिभाषित नहीं किया है। भारत 'व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि' (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर चुका है। टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी ऐसा कह चुके हैं कि भारत के परमाणु हथियारों में वृद्धि को देखते हुए पाकिस्तान सरकार को भी ऐसा ही करने की जरूरत पड़ सकती है। परमाणु हथियारों को प्रयोग करने की सीमा रेखा को संकुचित करने के साथ-साथ पाकिस्तान भारत के पारंपरिक सैन्य अभियानों के खिलाफ अपनी परमाणविक प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए गैर-कूटनीतिक परमाणु हथियार भी तैयार कर सकता है। 23 जुलाई को जारी हुई इस रिपोर्ट में सीआरएस ने कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के जखीरे में लगभग 90-110 एटमी हथियार हैं। हालांकि उसने इस जखीरे का आकार इससे ज्यादा बड़ा होने की भी संभावना जताई। सीआरएस ने कहा कि इस्लामाबाद ने कभी अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसकी 'न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' का अभिप्राय यही माना जाता है कि वह अपने खिलाफ भारत के किसी भी सैन्य अभियान को विफल कर सके। यह रिपोर्ट अमेरिकी कानून निर्माताओं के लिए कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने बनाई है। सीआरएस के अनुसार, पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से भारत से खतरे की धारणा पर आधारित है। वह ऐसा दिखाने का प्रयास करता है कि वह भारत से डरा हुआ है। इस रिपोर्ट में कहा गया है, पाकिस्तान भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे में संभावित वृद्धि से अपने बचाव के लिए परमाणु सामग्री के उत्पादन को बढ़ा रहा है। साथ ही वह परमाणु हथियारों को ले जाने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ा रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस्लामाबाद परमाणु हथियारों के लिए अपने वर्तमान प्रयासों में और तेजी ला सकता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने हमेशा से कहा है कि उसे एक न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता की ही जरूरत है, लेकिन उसने कभी इस प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह परिभाषित नहीं किया है। भारत 'व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि' (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर चुका है। टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी ऐसा कह चुके हैं कि भारत के परमाणु हथियारों में वृद्धि को देखते हुए पाकिस्तान सरकार को भी ऐसा ही करने की जरूरत पड़ सकती है। परमाणु हथियारों को प्रयोग करने की सीमा रेखा को संकुचित करने के साथ-साथ पाकिस्तान भारत के पारंपरिक सैन्य अभियानों के खिलाफ अपनी परमाणविक प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए गैर-कूटनीतिक परमाणु हथियार भी तैयार कर सकता है। 23 जुलाई को जारी हुई इस रिपोर्ट में सीआरएस ने कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के जखीरे में लगभग 90-110 एटमी हथियार हैं। हालांकि उसने इस जखीरे का आकार इससे ज्यादा बड़ा होने की भी संभावना जताई। सीआरएस ने कहा कि इस्लामाबाद ने कभी अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसकी 'न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' का अभिप्राय यही माना जाता है कि वह अपने खिलाफ भारत के किसी भी सैन्य अभियान को विफल कर सके। इस रिपोर्ट में कहा गया है, पाकिस्तान भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे में संभावित वृद्धि से अपने बचाव के लिए परमाणु सामग्री के उत्पादन को बढ़ा रहा है। साथ ही वह परमाणु हथियारों को ले जाने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ा रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस्लामाबाद परमाणु हथियारों के लिए अपने वर्तमान प्रयासों में और तेजी ला सकता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने हमेशा से कहा है कि उसे एक न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता की ही जरूरत है, लेकिन उसने कभी इस प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह परिभाषित नहीं किया है। भारत 'व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि' (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर चुका है। टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी ऐसा कह चुके हैं कि भारत के परमाणु हथियारों में वृद्धि को देखते हुए पाकिस्तान सरकार को भी ऐसा ही करने की जरूरत पड़ सकती है। परमाणु हथियारों को प्रयोग करने की सीमा रेखा को संकुचित करने के साथ-साथ पाकिस्तान भारत के पारंपरिक सैन्य अभियानों के खिलाफ अपनी परमाणविक प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए गैर-कूटनीतिक परमाणु हथियार भी तैयार कर सकता है। 23 जुलाई को जारी हुई इस रिपोर्ट में सीआरएस ने कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के जखीरे में लगभग 90-110 एटमी हथियार हैं। हालांकि उसने इस जखीरे का आकार इससे ज्यादा बड़ा होने की भी संभावना जताई। सीआरएस ने कहा कि इस्लामाबाद ने कभी अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसकी 'न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' का अभिप्राय यही माना जाता है कि वह अपने खिलाफ भारत के किसी भी सैन्य अभियान को विफल कर सके। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने हमेशा से कहा है कि उसे एक न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता की ही जरूरत है, लेकिन उसने कभी इस प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह परिभाषित नहीं किया है। भारत 'व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि' (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर चुका है। टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी ऐसा कह चुके हैं कि भारत के परमाणु हथियारों में वृद्धि को देखते हुए पाकिस्तान सरकार को भी ऐसा ही करने की जरूरत पड़ सकती है। परमाणु हथियारों को प्रयोग करने की सीमा रेखा को संकुचित करने के साथ-साथ पाकिस्तान भारत के पारंपरिक सैन्य अभियानों के खिलाफ अपनी परमाणविक प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए गैर-कूटनीतिक परमाणु हथियार भी तैयार कर सकता है। 23 जुलाई को जारी हुई इस रिपोर्ट में सीआरएस ने कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के जखीरे में लगभग 90-110 एटमी हथियार हैं। हालांकि उसने इस जखीरे का आकार इससे ज्यादा बड़ा होने की भी संभावना जताई। सीआरएस ने कहा कि इस्लामाबाद ने कभी अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसकी 'न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' का अभिप्राय यही माना जाता है कि वह अपने खिलाफ भारत के किसी भी सैन्य अभियान को विफल कर सके। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी ऐसा कह चुके हैं कि भारत के परमाणु हथियारों में वृद्धि को देखते हुए पाकिस्तान सरकार को भी ऐसा ही करने की जरूरत पड़ सकती है। परमाणु हथियारों को प्रयोग करने की सीमा रेखा को संकुचित करने के साथ-साथ पाकिस्तान भारत के पारंपरिक सैन्य अभियानों के खिलाफ अपनी परमाणविक प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए गैर-कूटनीतिक परमाणु हथियार भी तैयार कर सकता है। 23 जुलाई को जारी हुई इस रिपोर्ट में सीआरएस ने कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के जखीरे में लगभग 90-110 एटमी हथियार हैं। हालांकि उसने इस जखीरे का आकार इससे ज्यादा बड़ा होने की भी संभावना जताई। सीआरएस ने कहा कि इस्लामाबाद ने कभी अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसकी 'न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' का अभिप्राय यही माना जाता है कि वह अपने खिलाफ भारत के किसी भी सैन्य अभियान को विफल कर सके। 23 जुलाई को जारी हुई इस रिपोर्ट में सीआरएस ने कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के जखीरे में लगभग 90-110 एटमी हथियार हैं। हालांकि उसने इस जखीरे का आकार इससे ज्यादा बड़ा होने की भी संभावना जताई। सीआरएस ने कहा कि इस्लामाबाद ने कभी अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसकी 'न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' का अभिप्राय यही माना जाता है कि वह अपने खिलाफ भारत के किसी भी सैन्य अभियान को विफल कर सके।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान, भारत को लक्ष्य बनाकर अपने परमाणु हथियारों के जखीरे और उनकी गुणवत्ता में लगातार सुधार कर रहा है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपने सबसे मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण के साथ चैंपियंस ट्रॉफी में उतरा ऑस्ट्रेलिया जोश हेजलवुड, पैट कमिन्स, मिशेल स्टार्क और जेम्स पैटिनसन की ‘खौफनाक चौकड़ी’ के दम पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुक्रवार को यहां होने वाले अपने पहले मैच में जीत से आगाज करने की कोशिश करेगा. इन दोनों टीमों के पास प्रेरणादायी कप्तान हैं. ऑस्ट्रेलिया को स्टीव स्मिथ तो न्यूजीलैंड को केन विलियमसन पर काफी निर्भर हैं. दोनों टीमों में कुछ उपयोगी खिलाड़ी शामिल हैं जो अकेले दम पर किसी मैच का पासा पलट सकते हैं लेकिन अगर तेज गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो उसमें आस्ट्रेलिया का पलड़ा थोड़ा भारी लगता है. ऑस्ट्रेलिया के लिए हालांकि चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला आसान नहीं होगा, क्योंकि वे अक्सर चोटों से जूझते रहे हैं और ऐसा बहुत कम समय आया जब वे सभी फिट रहे हों. लेकिन उसके पास जान हेस्टिंग्स के रूप में एक और उपयोगी तेज गेंदबाज है जो कि इंग्लैंड की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं.टिप्पणियां  ऐसे में ऑस्ट्रेलिया चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का जोखिम उठा सकता है. ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिये यह राहत की बात है कि अपने करियर में अधिकतर समय पीठ दर्द के कारण परेशान रहे कमिन्स फिर से फिट हैं. इस 24 वर्षीय गेंदबाज ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था लेकिन उसके बाद वह तीन टेस्ट और 28 वनडे मैच ही खेल पाए हैं. बायें हाथ का तेज गेंदबाज स्टार्क पांव की चोट से उबर गए हैं जिसके कारण वह भारत दौरे के बीच से लौट गये थे. पैटिनसन भी पीठ दर्द से उबर गये हैं. हेजलवुड, कमिन्स, स्टार्क और पैटिनसन की जोड़ी से ऑस्ट्रेलिया को उसी तरह की सफलता की उम्मीद है जैसे 1970 के दशक में एंडी राबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, कोलिन क्राफ्ट और जोएल गार्नर ने वेस्टइंडीज को दिलायी थी. मार्टिन गुप्टिल, कप्तान विलियमसन और आलराउंडर कोरे एंडरसन की शानदार पारियों से न्यूजीलैंड ने श्रीलंका के 357 रन के लक्ष्य को लगभग 46 ओवरों में हासिल कर दिया था. न्यूजीलैंड का मुख्य दारोमदार विलियमसन और एंडरसन पर टिका है क्योंकि गुप्टिल और रोस टेलर निरंतर एक जैसा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी भी न्यूजीलैंड की तुलना में मजबूत दिखती है जिसमें डेविड वार्नर और कप्तान स्मिथ जैसे दो धुरंधर बल्लेबाज शामिल हैं. श्रीलंका के खिलाफ अभ्‍यास मैच में शतक जड़ने वाले आरोन फिंच जब फार्म में होते हैं तो किसी भी तरह के आक्रमण की धज्जियां उड़ाने का माद्दा रखते हैं. इनके अलावा क्रिस लिन ने हाल में समाप्त हुए आईपीएल में अपने विस्फोटक तेवरों से अवगत कराया जबकि मध्यक्रम में ग्लेन मैक्सवेल जैसा तेजतर्रार बल्लेबाज है. न्यूजीलैंड टीम अपने मुख्य तेज गेंदबाजों टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट पर निर्भर है. एडम मिल्ने और कोलिन डि ग्रैंडहोम उसकी तेज गेंदबाजी की चौकड़ी को पूरा करते हैं लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की तरह खौफनाक नहीं माना जा सकता है. एंडरसन और जेम्स नीशाम जैसे आलराउंडर टीम में संतुलन पैदा करते हैं. न्यूजीलैंड हालांकि 2015 वर्ल्‍डकप के लीग चरण में ऑकलैंड में ऑस्ट्रेलिया पर दर्ज की गयी जीत से प्रेरणा लेना चाहेगा. ऑस्ट्रेलिया ने हालांकि तब मेलबर्न में खेले गये फाइनल में इसका बदला चुकता कर दिया था. इन दोनों मैचों में खेलने वाले कई खिलाड़ी कल फिर से आमने सामने होंगे.  ऐसे में ऑस्ट्रेलिया चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का जोखिम उठा सकता है. ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिये यह राहत की बात है कि अपने करियर में अधिकतर समय पीठ दर्द के कारण परेशान रहे कमिन्स फिर से फिट हैं. इस 24 वर्षीय गेंदबाज ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था लेकिन उसके बाद वह तीन टेस्ट और 28 वनडे मैच ही खेल पाए हैं. बायें हाथ का तेज गेंदबाज स्टार्क पांव की चोट से उबर गए हैं जिसके कारण वह भारत दौरे के बीच से लौट गये थे. पैटिनसन भी पीठ दर्द से उबर गये हैं. हेजलवुड, कमिन्स, स्टार्क और पैटिनसन की जोड़ी से ऑस्ट्रेलिया को उसी तरह की सफलता की उम्मीद है जैसे 1970 के दशक में एंडी राबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, कोलिन क्राफ्ट और जोएल गार्नर ने वेस्टइंडीज को दिलायी थी. मार्टिन गुप्टिल, कप्तान विलियमसन और आलराउंडर कोरे एंडरसन की शानदार पारियों से न्यूजीलैंड ने श्रीलंका के 357 रन के लक्ष्य को लगभग 46 ओवरों में हासिल कर दिया था. न्यूजीलैंड का मुख्य दारोमदार विलियमसन और एंडरसन पर टिका है क्योंकि गुप्टिल और रोस टेलर निरंतर एक जैसा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी भी न्यूजीलैंड की तुलना में मजबूत दिखती है जिसमें डेविड वार्नर और कप्तान स्मिथ जैसे दो धुरंधर बल्लेबाज शामिल हैं. श्रीलंका के खिलाफ अभ्‍यास मैच में शतक जड़ने वाले आरोन फिंच जब फार्म में होते हैं तो किसी भी तरह के आक्रमण की धज्जियां उड़ाने का माद्दा रखते हैं. इनके अलावा क्रिस लिन ने हाल में समाप्त हुए आईपीएल में अपने विस्फोटक तेवरों से अवगत कराया जबकि मध्यक्रम में ग्लेन मैक्सवेल जैसा तेजतर्रार बल्लेबाज है. न्यूजीलैंड टीम अपने मुख्य तेज गेंदबाजों टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट पर निर्भर है. एडम मिल्ने और कोलिन डि ग्रैंडहोम उसकी तेज गेंदबाजी की चौकड़ी को पूरा करते हैं लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की तरह खौफनाक नहीं माना जा सकता है. एंडरसन और जेम्स नीशाम जैसे आलराउंडर टीम में संतुलन पैदा करते हैं. न्यूजीलैंड हालांकि 2015 वर्ल्‍डकप के लीग चरण में ऑकलैंड में ऑस्ट्रेलिया पर दर्ज की गयी जीत से प्रेरणा लेना चाहेगा. ऑस्ट्रेलिया ने हालांकि तब मेलबर्न में खेले गये फाइनल में इसका बदला चुकता कर दिया था. इन दोनों मैचों में खेलने वाले कई खिलाड़ी कल फिर से आमने सामने होंगे. मार्टिन गुप्टिल, कप्तान विलियमसन और आलराउंडर कोरे एंडरसन की शानदार पारियों से न्यूजीलैंड ने श्रीलंका के 357 रन के लक्ष्य को लगभग 46 ओवरों में हासिल कर दिया था. न्यूजीलैंड का मुख्य दारोमदार विलियमसन और एंडरसन पर टिका है क्योंकि गुप्टिल और रोस टेलर निरंतर एक जैसा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी भी न्यूजीलैंड की तुलना में मजबूत दिखती है जिसमें डेविड वार्नर और कप्तान स्मिथ जैसे दो धुरंधर बल्लेबाज शामिल हैं. श्रीलंका के खिलाफ अभ्‍यास मैच में शतक जड़ने वाले आरोन फिंच जब फार्म में होते हैं तो किसी भी तरह के आक्रमण की धज्जियां उड़ाने का माद्दा रखते हैं. इनके अलावा क्रिस लिन ने हाल में समाप्त हुए आईपीएल में अपने विस्फोटक तेवरों से अवगत कराया जबकि मध्यक्रम में ग्लेन मैक्सवेल जैसा तेजतर्रार बल्लेबाज है. न्यूजीलैंड टीम अपने मुख्य तेज गेंदबाजों टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट पर निर्भर है. एडम मिल्ने और कोलिन डि ग्रैंडहोम उसकी तेज गेंदबाजी की चौकड़ी को पूरा करते हैं लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की तरह खौफनाक नहीं माना जा सकता है. एंडरसन और जेम्स नीशाम जैसे आलराउंडर टीम में संतुलन पैदा करते हैं. न्यूजीलैंड हालांकि 2015 वर्ल्‍डकप के लीग चरण में ऑकलैंड में ऑस्ट्रेलिया पर दर्ज की गयी जीत से प्रेरणा लेना चाहेगा. ऑस्ट्रेलिया ने हालांकि तब मेलबर्न में खेले गये फाइनल में इसका बदला चुकता कर दिया था. इन दोनों मैचों में खेलने वाले कई खिलाड़ी कल फिर से आमने सामने होंगे.
सारांश: मैच में चार गेंदबाजों के साथ उतर सकती है कंगारू टीम ऑस्‍ट्रेलिया का गेंदबाजी आक्रमण ले सकता है न्‍यूजीलैंड की परीक्षा गप्टिल,विलियम्‍सन पर है न्‍यूजीलैंड की बल्‍लेबाजी का दारोमदार
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपी के अलीगढ़ ज़िले में अब मुलायम सिंह का मंदिर बन रहा है। मंदिर में उनकी पांच फुट ऊंची मूर्ति लगेगी।टिप्पणियां मंदिर का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा। मुलायम का मंदिर बनाने वाले उनके समाजवादी भक्तों ने उन्हें भगवान घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव ने मायावती के अपनी मूर्ति लगवाने के फैसले का जमकर विरोध किया था और कहा था कि जीतेजी इस तरह का काम करना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने ऐलान किया था कि जब वह सत्ता में आएंगे तब वह इन मूर्तियों पर बुलडोजर चलवा देंगे। मंदिर का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा। मुलायम का मंदिर बनाने वाले उनके समाजवादी भक्तों ने उन्हें भगवान घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव ने मायावती के अपनी मूर्ति लगवाने के फैसले का जमकर विरोध किया था और कहा था कि जीतेजी इस तरह का काम करना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने ऐलान किया था कि जब वह सत्ता में आएंगे तब वह इन मूर्तियों पर बुलडोजर चलवा देंगे। गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव ने मायावती के अपनी मूर्ति लगवाने के फैसले का जमकर विरोध किया था और कहा था कि जीतेजी इस तरह का काम करना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने ऐलान किया था कि जब वह सत्ता में आएंगे तब वह इन मूर्तियों पर बुलडोजर चलवा देंगे।
संक्षिप्त सारांश: यूपी के अलीगढ़ ज़िले में अब मुलायम सिंह का मंदिर बन रहा है। मंदिर में उनकी पांच फुट ऊंची मूर्ति लगेगी।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह की प्रासंगिकता को लेकर भारत और पाकिस्तान की सुरक्षा परिषद में तीखी बहस हुई। नई दिल्ली ने कहा कि समूह की जगह 1971 के शिमला समझौते ने ले ली है, जबकि इस्लामाबाद ने जोर दिया कि बल की अभी भी भूमिका है। संयुक्त राष्ट्र के 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद का पाकिस्तान फिलहाल अध्यक्ष है और उसने शांतिरक्षण पर चर्चा का आयोजन किया, जिसमें दोनों देशों के बीच गरमागरम बहस हुई । भारत और पाकिसतान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) का गठन 1949 में किया गया था और इसका मकसद नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम की निगरानी करना था। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कठिन आर्थिक समय में पर्यवेक्षक समूह के लिए आवंटित संसाधनों को कहीं और खर्च करना बेहतर होगा। उन्होंने कहा,  यूएनएमओजीआईपी की भूमिका की जगह 1972 के शिमला समझौते ने ले ली है, जिस पर भारत और पाकिस्तान सरकार के प्रमुखों ने दस्तखत किए और दोनों देशों की संसदों ने इसे पारित किया। चर्चा की अध्यक्षता शुरू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ द्वारा किए जाने की संभावना थी। पुरी ने कहा,  मितव्ययिता के दौर में हमें इस सवाल का जवाब देने की जरूरत है कि यूएनएमओजीआईपी पर खर्च हो रहे संसाधनों का कहीं और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। पुरी ने जोर देकर कहा कि शिमला समझौते के तहत दोनों देशों ने मतभेदों को शांतिपूर्वक तरीके से द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सुलझाने का संकल्प लिया था। चर्चा के आखिर में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि मसूद खान ने पुरी की टिप्पणियों का जवाब दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी द्विपक्षीय समझौते ने पर्यवेक्षक समूह की भूमिका या वैधता की जगह नहीं ली।टिप्पणियां चर्चा की अध्यक्षता करते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव अब्बास जिलानी ने कहा कि उनका देश शांतिरक्षा अभियानों में ‘गर्व के साथ’ हिस्सा लेता रहा है। जिलानी ने कहा,  पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सबसे पुराने शांतिरक्षा अभियानों में से एक यूएनएमओजीआईपी का भी मेजबान है । जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शांति की निगरानी में इस अभियान ने अहम भूमिका अदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने संयुक्त राष्ट्र बल के जिक्र को खारिज किया। संयुक्त राष्ट्र के 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद का पाकिस्तान फिलहाल अध्यक्ष है और उसने शांतिरक्षण पर चर्चा का आयोजन किया, जिसमें दोनों देशों के बीच गरमागरम बहस हुई । भारत और पाकिसतान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) का गठन 1949 में किया गया था और इसका मकसद नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम की निगरानी करना था। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कठिन आर्थिक समय में पर्यवेक्षक समूह के लिए आवंटित संसाधनों को कहीं और खर्च करना बेहतर होगा। उन्होंने कहा,  यूएनएमओजीआईपी की भूमिका की जगह 1972 के शिमला समझौते ने ले ली है, जिस पर भारत और पाकिस्तान सरकार के प्रमुखों ने दस्तखत किए और दोनों देशों की संसदों ने इसे पारित किया। चर्चा की अध्यक्षता शुरू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ द्वारा किए जाने की संभावना थी। पुरी ने कहा,  मितव्ययिता के दौर में हमें इस सवाल का जवाब देने की जरूरत है कि यूएनएमओजीआईपी पर खर्च हो रहे संसाधनों का कहीं और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। पुरी ने जोर देकर कहा कि शिमला समझौते के तहत दोनों देशों ने मतभेदों को शांतिपूर्वक तरीके से द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सुलझाने का संकल्प लिया था। चर्चा के आखिर में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि मसूद खान ने पुरी की टिप्पणियों का जवाब दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी द्विपक्षीय समझौते ने पर्यवेक्षक समूह की भूमिका या वैधता की जगह नहीं ली।टिप्पणियां चर्चा की अध्यक्षता करते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव अब्बास जिलानी ने कहा कि उनका देश शांतिरक्षा अभियानों में ‘गर्व के साथ’ हिस्सा लेता रहा है। जिलानी ने कहा,  पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सबसे पुराने शांतिरक्षा अभियानों में से एक यूएनएमओजीआईपी का भी मेजबान है । जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शांति की निगरानी में इस अभियान ने अहम भूमिका अदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने संयुक्त राष्ट्र बल के जिक्र को खारिज किया। भारत और पाकिसतान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) का गठन 1949 में किया गया था और इसका मकसद नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम की निगरानी करना था। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कठिन आर्थिक समय में पर्यवेक्षक समूह के लिए आवंटित संसाधनों को कहीं और खर्च करना बेहतर होगा। उन्होंने कहा,  यूएनएमओजीआईपी की भूमिका की जगह 1972 के शिमला समझौते ने ले ली है, जिस पर भारत और पाकिस्तान सरकार के प्रमुखों ने दस्तखत किए और दोनों देशों की संसदों ने इसे पारित किया। चर्चा की अध्यक्षता शुरू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ द्वारा किए जाने की संभावना थी। पुरी ने कहा,  मितव्ययिता के दौर में हमें इस सवाल का जवाब देने की जरूरत है कि यूएनएमओजीआईपी पर खर्च हो रहे संसाधनों का कहीं और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। पुरी ने जोर देकर कहा कि शिमला समझौते के तहत दोनों देशों ने मतभेदों को शांतिपूर्वक तरीके से द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सुलझाने का संकल्प लिया था। चर्चा के आखिर में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि मसूद खान ने पुरी की टिप्पणियों का जवाब दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी द्विपक्षीय समझौते ने पर्यवेक्षक समूह की भूमिका या वैधता की जगह नहीं ली।टिप्पणियां चर्चा की अध्यक्षता करते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव अब्बास जिलानी ने कहा कि उनका देश शांतिरक्षा अभियानों में ‘गर्व के साथ’ हिस्सा लेता रहा है। जिलानी ने कहा,  पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सबसे पुराने शांतिरक्षा अभियानों में से एक यूएनएमओजीआईपी का भी मेजबान है । जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शांति की निगरानी में इस अभियान ने अहम भूमिका अदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने संयुक्त राष्ट्र बल के जिक्र को खारिज किया। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कठिन आर्थिक समय में पर्यवेक्षक समूह के लिए आवंटित संसाधनों को कहीं और खर्च करना बेहतर होगा। उन्होंने कहा,  यूएनएमओजीआईपी की भूमिका की जगह 1972 के शिमला समझौते ने ले ली है, जिस पर भारत और पाकिस्तान सरकार के प्रमुखों ने दस्तखत किए और दोनों देशों की संसदों ने इसे पारित किया। चर्चा की अध्यक्षता शुरू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ द्वारा किए जाने की संभावना थी। पुरी ने कहा,  मितव्ययिता के दौर में हमें इस सवाल का जवाब देने की जरूरत है कि यूएनएमओजीआईपी पर खर्च हो रहे संसाधनों का कहीं और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। पुरी ने जोर देकर कहा कि शिमला समझौते के तहत दोनों देशों ने मतभेदों को शांतिपूर्वक तरीके से द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सुलझाने का संकल्प लिया था। चर्चा के आखिर में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि मसूद खान ने पुरी की टिप्पणियों का जवाब दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी द्विपक्षीय समझौते ने पर्यवेक्षक समूह की भूमिका या वैधता की जगह नहीं ली।टिप्पणियां चर्चा की अध्यक्षता करते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव अब्बास जिलानी ने कहा कि उनका देश शांतिरक्षा अभियानों में ‘गर्व के साथ’ हिस्सा लेता रहा है। जिलानी ने कहा,  पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सबसे पुराने शांतिरक्षा अभियानों में से एक यूएनएमओजीआईपी का भी मेजबान है । जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शांति की निगरानी में इस अभियान ने अहम भूमिका अदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने संयुक्त राष्ट्र बल के जिक्र को खारिज किया। चर्चा की अध्यक्षता शुरू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ द्वारा किए जाने की संभावना थी। पुरी ने कहा,  मितव्ययिता के दौर में हमें इस सवाल का जवाब देने की जरूरत है कि यूएनएमओजीआईपी पर खर्च हो रहे संसाधनों का कहीं और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। पुरी ने जोर देकर कहा कि शिमला समझौते के तहत दोनों देशों ने मतभेदों को शांतिपूर्वक तरीके से द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सुलझाने का संकल्प लिया था। चर्चा के आखिर में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि मसूद खान ने पुरी की टिप्पणियों का जवाब दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी द्विपक्षीय समझौते ने पर्यवेक्षक समूह की भूमिका या वैधता की जगह नहीं ली।टिप्पणियां चर्चा की अध्यक्षता करते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव अब्बास जिलानी ने कहा कि उनका देश शांतिरक्षा अभियानों में ‘गर्व के साथ’ हिस्सा लेता रहा है। जिलानी ने कहा,  पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सबसे पुराने शांतिरक्षा अभियानों में से एक यूएनएमओजीआईपी का भी मेजबान है । जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शांति की निगरानी में इस अभियान ने अहम भूमिका अदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने संयुक्त राष्ट्र बल के जिक्र को खारिज किया। चर्चा के आखिर में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि मसूद खान ने पुरी की टिप्पणियों का जवाब दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी द्विपक्षीय समझौते ने पर्यवेक्षक समूह की भूमिका या वैधता की जगह नहीं ली।टिप्पणियां चर्चा की अध्यक्षता करते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव अब्बास जिलानी ने कहा कि उनका देश शांतिरक्षा अभियानों में ‘गर्व के साथ’ हिस्सा लेता रहा है। जिलानी ने कहा,  पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सबसे पुराने शांतिरक्षा अभियानों में से एक यूएनएमओजीआईपी का भी मेजबान है । जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शांति की निगरानी में इस अभियान ने अहम भूमिका अदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने संयुक्त राष्ट्र बल के जिक्र को खारिज किया। चर्चा की अध्यक्षता करते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव अब्बास जिलानी ने कहा कि उनका देश शांतिरक्षा अभियानों में ‘गर्व के साथ’ हिस्सा लेता रहा है। जिलानी ने कहा,  पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सबसे पुराने शांतिरक्षा अभियानों में से एक यूएनएमओजीआईपी का भी मेजबान है । जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शांति की निगरानी में इस अभियान ने अहम भूमिका अदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने संयुक्त राष्ट्र बल के जिक्र को खारिज किया। जिलानी ने कहा,  पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सबसे पुराने शांतिरक्षा अभियानों में से एक यूएनएमओजीआईपी का भी मेजबान है । जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शांति की निगरानी में इस अभियान ने अहम भूमिका अदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने संयुक्त राष्ट्र बल के जिक्र को खारिज किया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह की प्रासंगिकता को लेकर भारत और पाकिस्तान की सुरक्षा परिषद में तीखी बहस हुई।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी नागरिक एवं आव्रजन सेवा ने घोषणा की है कि वह एच-1 बी वीजा के लिये आवेदन तब तक स्वीकार करेगा जब तक कि इनकी संख्या अंतिम सीमा तक नहीं पहुंच जाती। इस साल दो अप्रैल से उसके पास आए आवेदनों की संख्या अभी तक 8200 पहुंची जबकि उच्च शिक्षा प्राप्त डिग्रीधारकों के लिए आवेदन की अधिकतम सीमा 20 हजार तक है। संस्था ने बताया कि जब आवेदनों की संख्या अंतिम सीमा तक पहुंच जायेगी तो वह इसके बारे में सूचना जारी कर देगी।टिप्पणियां साथ ही अंतिम तिथि को आये आवेदनों में से संस्था कुछ को अंतिम आवदेनों में शामिल कर सकती है। अंतिम तिथि के बाद आये आवदेनों को स्वीकार नहीं किया जायेगा। संस्था द्वारा जारी बयान में यह भी कहा गया है कि अंतिम तिथि का तात्पर्य संस्था को आवदेन प्राप्त हो जाने की तिथि से है नकि आवेदन भेजे जाने की तिथि। इस साल दो अप्रैल से उसके पास आए आवेदनों की संख्या अभी तक 8200 पहुंची जबकि उच्च शिक्षा प्राप्त डिग्रीधारकों के लिए आवेदन की अधिकतम सीमा 20 हजार तक है। संस्था ने बताया कि जब आवेदनों की संख्या अंतिम सीमा तक पहुंच जायेगी तो वह इसके बारे में सूचना जारी कर देगी।टिप्पणियां साथ ही अंतिम तिथि को आये आवेदनों में से संस्था कुछ को अंतिम आवदेनों में शामिल कर सकती है। अंतिम तिथि के बाद आये आवदेनों को स्वीकार नहीं किया जायेगा। संस्था द्वारा जारी बयान में यह भी कहा गया है कि अंतिम तिथि का तात्पर्य संस्था को आवदेन प्राप्त हो जाने की तिथि से है नकि आवेदन भेजे जाने की तिथि। संस्था ने बताया कि जब आवेदनों की संख्या अंतिम सीमा तक पहुंच जायेगी तो वह इसके बारे में सूचना जारी कर देगी।टिप्पणियां साथ ही अंतिम तिथि को आये आवेदनों में से संस्था कुछ को अंतिम आवदेनों में शामिल कर सकती है। अंतिम तिथि के बाद आये आवदेनों को स्वीकार नहीं किया जायेगा। संस्था द्वारा जारी बयान में यह भी कहा गया है कि अंतिम तिथि का तात्पर्य संस्था को आवदेन प्राप्त हो जाने की तिथि से है नकि आवेदन भेजे जाने की तिथि। साथ ही अंतिम तिथि को आये आवेदनों में से संस्था कुछ को अंतिम आवदेनों में शामिल कर सकती है। अंतिम तिथि के बाद आये आवदेनों को स्वीकार नहीं किया जायेगा। संस्था द्वारा जारी बयान में यह भी कहा गया है कि अंतिम तिथि का तात्पर्य संस्था को आवदेन प्राप्त हो जाने की तिथि से है नकि आवेदन भेजे जाने की तिथि। संस्था द्वारा जारी बयान में यह भी कहा गया है कि अंतिम तिथि का तात्पर्य संस्था को आवदेन प्राप्त हो जाने की तिथि से है नकि आवेदन भेजे जाने की तिथि।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिकी नागरिक एवं आव्रजन सेवा ने घोषणा की है कि वह एच-1 बी वीजा के लिये आवेदन तब तक स्वीकार करेगा जब तक कि इनकी संख्या अंतिम सीमा तक नहीं पहुंच जाती।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इस्रायल की ओर से हमला करने की तैयारी किए जाने की स्थिति में उनका देश पहले ही सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीजादेह ने कहा, ‘ईरान और इस्रायल के बीच सैन्य संघर्ष की स्थिति में कुछ अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। यह तृतीय विश्व युद्ध में तब्दील हो जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘इस्रायल की ओर से हमला करने की तैयारी करने की स्थिति में हम पहले ही हमला कर सकते हैं। फिलहाल इस तरह की स्थिति नजर नहीं आती।’ ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीजादेह ने कहा, ‘ईरान और इस्रायल के बीच सैन्य संघर्ष की स्थिति में कुछ अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। यह तृतीय विश्व युद्ध में तब्दील हो जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘इस्रायल की ओर से हमला करने की तैयारी करने की स्थिति में हम पहले ही हमला कर सकते हैं। फिलहाल इस तरह की स्थिति नजर नहीं आती।’
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इस्रायल की ओर से हमला करने की तैयारी किए जाने की स्थिति में उनका देश पहले ही सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ दायर कई याचिकाओं की सुनवाई के लिए 19 अप्रैल की तारीख तय कर दी, जिसमें सहमति के साथ बनने वाले समलैंगिक सम्बंधों को मान्यता दे दी गई थी। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली की पीठ ने सभी पक्षों को निर्देश दिया कि वे आठ सप्ताह के भीतर अपने-अपने दस्तावेज जमा कराएं। पीठ ने अदालत की रजिस्ट्री को भी निर्देश दिया कि वह सुनवाई सम्बंधी सभी जरूरतें पूरी कर ले। अदालत ने कहा कि वह मामले की सुनवाई के लिए दो दिन तय कर रही है और बहस की सीमा व प्रकृति के आधार पर सुनवाई के दिन बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। न्यायाधीशों ने कहा कि सभी याचियों को अपने विचार रखने का समय दिया जाएगा। पीठ ने एक याची की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मामले में सशस्त्र बलों को पक्ष बनाने की मांग की गई थी। ज्ञात हो कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने दो जुलाई, 2009 को दिए अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि वयस्कों के बीच सहमति के आधार पर बनने वाले समलैंगिक सम्बंध को आपराधिक गतिविधि बताने वाली भारतीय दंड संहिता की धारा 377, मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उच्च न्यायालय ने यह फैसला, गैर सरकारी संगठन, 'नाज फाउंडेशन' व स्वयंसेवी संगठन, 'वायसेस अगेंस्ट 377' द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर दिया था। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि किसी भी तरह का भेदभाव समता के अधिकार का उल्लंघन है। ज्ञात हो कि भारतीय दंड संहिता की धारा 377 किसी भी अप्राकृतिक कार्य को प्रतिबंधित करती है। इस धारा के तहत नियम का उल्लंघन करने वालों के लिए जुर्माने के साथ ही 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
संक्षिप्त सारांश: न्यायमूर्ति सिंघवी और गांगुली की पीठ ने सभी पक्षों को निर्देश दिया कि वे आठ सप्ताह के भीतर अपने-अपने दस्तावेज जमा कराएं।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में शुमार एबी डिविलियर्स की आत्मकथा क्रिकेटप्रेमियों द्वारा हाथोंहाथ लिए जाने की पूरी संभावना है. यह आत्‍मकथा अगले माह बाजार में आएगी. ‘एबी : द आटोबॉयोग्राफी’ में डिविलियर्स के बचपन, स्कूल के दिनों, क्रिकेट में पदार्पण, कैरियर के उतार-चढ़ाव और बतौर कप्तान अनुभव तथा विवादों का वर्णन है. इसमें संगीत के डिविलियर्स के शौक और व्यवसाय में उनकी रुचि के बारे में भी बताया गया है. यह आत्मकथा अंग्रेजी और अफ्रीकन में दक्षिण अफ्रीका में आठ सितंबर को और उसी दिन अंग्रेजी में पेन मैकमिलन द्वारा ब्रिटेन,ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और भारत में लांच होगी. प्रकाशक के अनुसार, आत्‍मकथा बैट के पीछे और हेलमेट लगाए खड़े इस शख्‍स के करियर से जुड़े खास लम्‍हों, मैदान और मैदान के बाहर की घटनाओं और विभिन्‍न मेंटर्स से एबी की संबंधों के बारे में जानकारी उपलब्‍ध कराएगी. यह एबी डिविलियर्स की कहानी, उनकी अपनी जुबानी होगी. यह वार्मबाथ में पले-बढ़े खेल के दीवाने तीन प्रतिभावान भाइयों में से सबसे छोटे भाई की कहानी है जिसे टेनिस, रग्‍बी और क्रिकेट खेलने में महारत हासिल है. इस एक ऐसे युवा की कहानी है जिसने 20 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल पदार्पण किया और फिर अगले 11 सीजन में दक्षिण अफ्रीका की ओर से खेले गए हर टेस्‍ट के लिए चुना गया. एक ऐसा बल्‍लेबाज जो टेस्‍ट, वनडे और टी-20 में दुनिया के सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ि‍यों में शामिल है.टिप्पणियां डिविलियर्स ने कहा, 'मेरे लिए, दक्षिण अफ्रीका के लिए पिछले 11 सीजन से खेलना गौरव की बात है. वेस्‍टइंडीज के खिलाफ मेरे पदार्पण से वर्ष 2015 के न्‍यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्‍डकप के सेमीफाइनल की नाटकीयता तक की कहानी बताने को लेकर मैं बेताब हूं. '(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसमें संगीत के डिविलियर्स के शौक और व्यवसाय में उनकी रुचि के बारे में भी बताया गया है. यह आत्मकथा अंग्रेजी और अफ्रीकन में दक्षिण अफ्रीका में आठ सितंबर को और उसी दिन अंग्रेजी में पेन मैकमिलन द्वारा ब्रिटेन,ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और भारत में लांच होगी. प्रकाशक के अनुसार, आत्‍मकथा बैट के पीछे और हेलमेट लगाए खड़े इस शख्‍स के करियर से जुड़े खास लम्‍हों, मैदान और मैदान के बाहर की घटनाओं और विभिन्‍न मेंटर्स से एबी की संबंधों के बारे में जानकारी उपलब्‍ध कराएगी. यह एबी डिविलियर्स की कहानी, उनकी अपनी जुबानी होगी. यह वार्मबाथ में पले-बढ़े खेल के दीवाने तीन प्रतिभावान भाइयों में से सबसे छोटे भाई की कहानी है जिसे टेनिस, रग्‍बी और क्रिकेट खेलने में महारत हासिल है. इस एक ऐसे युवा की कहानी है जिसने 20 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल पदार्पण किया और फिर अगले 11 सीजन में दक्षिण अफ्रीका की ओर से खेले गए हर टेस्‍ट के लिए चुना गया. एक ऐसा बल्‍लेबाज जो टेस्‍ट, वनडे और टी-20 में दुनिया के सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ि‍यों में शामिल है.टिप्पणियां डिविलियर्स ने कहा, 'मेरे लिए, दक्षिण अफ्रीका के लिए पिछले 11 सीजन से खेलना गौरव की बात है. वेस्‍टइंडीज के खिलाफ मेरे पदार्पण से वर्ष 2015 के न्‍यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्‍डकप के सेमीफाइनल की नाटकीयता तक की कहानी बताने को लेकर मैं बेताब हूं. '(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रकाशक के अनुसार, आत्‍मकथा बैट के पीछे और हेलमेट लगाए खड़े इस शख्‍स के करियर से जुड़े खास लम्‍हों, मैदान और मैदान के बाहर की घटनाओं और विभिन्‍न मेंटर्स से एबी की संबंधों के बारे में जानकारी उपलब्‍ध कराएगी. यह एबी डिविलियर्स की कहानी, उनकी अपनी जुबानी होगी. यह वार्मबाथ में पले-बढ़े खेल के दीवाने तीन प्रतिभावान भाइयों में से सबसे छोटे भाई की कहानी है जिसे टेनिस, रग्‍बी और क्रिकेट खेलने में महारत हासिल है. इस एक ऐसे युवा की कहानी है जिसने 20 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल पदार्पण किया और फिर अगले 11 सीजन में दक्षिण अफ्रीका की ओर से खेले गए हर टेस्‍ट के लिए चुना गया. एक ऐसा बल्‍लेबाज जो टेस्‍ट, वनडे और टी-20 में दुनिया के सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ि‍यों में शामिल है.टिप्पणियां डिविलियर्स ने कहा, 'मेरे लिए, दक्षिण अफ्रीका के लिए पिछले 11 सीजन से खेलना गौरव की बात है. वेस्‍टइंडीज के खिलाफ मेरे पदार्पण से वर्ष 2015 के न्‍यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्‍डकप के सेमीफाइनल की नाटकीयता तक की कहानी बताने को लेकर मैं बेताब हूं. '(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह वार्मबाथ में पले-बढ़े खेल के दीवाने तीन प्रतिभावान भाइयों में से सबसे छोटे भाई की कहानी है जिसे टेनिस, रग्‍बी और क्रिकेट खेलने में महारत हासिल है. इस एक ऐसे युवा की कहानी है जिसने 20 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल पदार्पण किया और फिर अगले 11 सीजन में दक्षिण अफ्रीका की ओर से खेले गए हर टेस्‍ट के लिए चुना गया. एक ऐसा बल्‍लेबाज जो टेस्‍ट, वनडे और टी-20 में दुनिया के सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ि‍यों में शामिल है.टिप्पणियां डिविलियर्स ने कहा, 'मेरे लिए, दक्षिण अफ्रीका के लिए पिछले 11 सीजन से खेलना गौरव की बात है. वेस्‍टइंडीज के खिलाफ मेरे पदार्पण से वर्ष 2015 के न्‍यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्‍डकप के सेमीफाइनल की नाटकीयता तक की कहानी बताने को लेकर मैं बेताब हूं. '(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डिविलियर्स ने कहा, 'मेरे लिए, दक्षिण अफ्रीका के लिए पिछले 11 सीजन से खेलना गौरव की बात है. वेस्‍टइंडीज के खिलाफ मेरे पदार्पण से वर्ष 2015 के न्‍यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्‍डकप के सेमीफाइनल की नाटकीयता तक की कहानी बताने को लेकर मैं बेताब हूं. '(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: अगले माह रिलीज होगी ‘एबी : द आटोबॉयोग्राफी’ टेस्‍ट-वनडे-टी-20 के सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ि‍यों में शामिल हैं एबी डिविलियर्स बोले, मेरे लिए बहुत कुछ नाटकीयता से भरा रहा है
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हवाई यात्रियों के लिए यह खबर खुश कर देने वाली है. किसी कारण से यदि आप हवाई टिकट कैंसल करवाते हैं तो आपको पहले से ज्यादा रिफंड मिलेगा. यही नहीं, टिकट, हर्जाने और रिफंड से संबंधित और भी कुछ नए नियम आपके काम के हैं. इसके अलावा यदि किसी कारणवश एयरलाइन्स की ओर से उड़ान रद्द होने या बोर्डिंग से मना किये जाने पर भी यात्रियों को ज्यादा रिफंड और हर्जाना मिलेगा. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सिविल एविएशन रेगुलेशन (सीएआर) में संशोधन किया है जोकि 1 अगस्त 2016 यानी आज से लागू हो रहा है. तय किए गए नए नियमों के मुताबिक यात्रियों को टिकट कैंसल कराने पर एयरलाइंस सभी वैधानिक कर तथा उपभोक्ता विकास शुल्क, हवाई अड्डा विकास शुल्क समेत यात्री सेवा शुल्क वापस करेंगी. सभी प्रकार के ऑफर्स के तहत बुक कराये गये टिकटों पर भी यह नियम लागू होगा और उन टिकटों पर लागू होगा जिनमें मूल किराया नॉन-रिफंडेबल बताया गया हो.टिप्पणियां एयरलाइन्स रिफंड प्रक्रिया के नाम पर प्रॉसेसिंग फीस भी नहीं मांग सकेंगी. नए नियम के मुताबिक किसी यात्री ने अगर नकद भुगतान टिकट बुक करवाया है तो कैंसल होने पर पैसा हाथों-हाथ मिल जाएगा. अगर क्रेडिट कार्ड से टिकट कराया है तो इसे कैंसल कराने के 7 दिनों में कार्ड अकाउंट में पैसा वापस हो जाएगा. एजेंट या पोर्टल से टिकट से अधिकतम 30 दिन में रिफंड होगा. सीट से ज्यादा बुकिंग करने और इसके बाद बोर्डिंग से मना कर देने पर अब एयरलाइंस को 20 हजार रुपये तक हर्जाना देना होगा. पहले यह सीमा चार हजार रुपए थी. मगर एयरलाइंस बोर्डिंग से मना करने के बाद एक घंटे के भीतर की दूसरी उड़ान में यात्री को सीट मुहैया करवा देती है तो उसे कोई हर्जाना नहीं देना होगा. यदि तय समय से एक घंटे के बाद, लेकिन 24 घंटे से पहले के किसी उड़ान में वह सीट उपलब्ध करवाती है तो मूल किराया और ईंधन सरचार्ज का 200 प्रतिशत हर्जाना देना होगा. हालांकि, यह राशि अधिकतम 10 हजार रुपए होगी.   नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सिविल एविएशन रेगुलेशन (सीएआर) में संशोधन किया है जोकि 1 अगस्त 2016 यानी आज से लागू हो रहा है. तय किए गए नए नियमों के मुताबिक यात्रियों को टिकट कैंसल कराने पर एयरलाइंस सभी वैधानिक कर तथा उपभोक्ता विकास शुल्क, हवाई अड्डा विकास शुल्क समेत यात्री सेवा शुल्क वापस करेंगी. सभी प्रकार के ऑफर्स के तहत बुक कराये गये टिकटों पर भी यह नियम लागू होगा और उन टिकटों पर लागू होगा जिनमें मूल किराया नॉन-रिफंडेबल बताया गया हो.टिप्पणियां एयरलाइन्स रिफंड प्रक्रिया के नाम पर प्रॉसेसिंग फीस भी नहीं मांग सकेंगी. नए नियम के मुताबिक किसी यात्री ने अगर नकद भुगतान टिकट बुक करवाया है तो कैंसल होने पर पैसा हाथों-हाथ मिल जाएगा. अगर क्रेडिट कार्ड से टिकट कराया है तो इसे कैंसल कराने के 7 दिनों में कार्ड अकाउंट में पैसा वापस हो जाएगा. एजेंट या पोर्टल से टिकट से अधिकतम 30 दिन में रिफंड होगा. सीट से ज्यादा बुकिंग करने और इसके बाद बोर्डिंग से मना कर देने पर अब एयरलाइंस को 20 हजार रुपये तक हर्जाना देना होगा. पहले यह सीमा चार हजार रुपए थी. मगर एयरलाइंस बोर्डिंग से मना करने के बाद एक घंटे के भीतर की दूसरी उड़ान में यात्री को सीट मुहैया करवा देती है तो उसे कोई हर्जाना नहीं देना होगा. यदि तय समय से एक घंटे के बाद, लेकिन 24 घंटे से पहले के किसी उड़ान में वह सीट उपलब्ध करवाती है तो मूल किराया और ईंधन सरचार्ज का 200 प्रतिशत हर्जाना देना होगा. हालांकि, यह राशि अधिकतम 10 हजार रुपए होगी.   एयरलाइन्स रिफंड प्रक्रिया के नाम पर प्रॉसेसिंग फीस भी नहीं मांग सकेंगी. नए नियम के मुताबिक किसी यात्री ने अगर नकद भुगतान टिकट बुक करवाया है तो कैंसल होने पर पैसा हाथों-हाथ मिल जाएगा. अगर क्रेडिट कार्ड से टिकट कराया है तो इसे कैंसल कराने के 7 दिनों में कार्ड अकाउंट में पैसा वापस हो जाएगा. एजेंट या पोर्टल से टिकट से अधिकतम 30 दिन में रिफंड होगा. सीट से ज्यादा बुकिंग करने और इसके बाद बोर्डिंग से मना कर देने पर अब एयरलाइंस को 20 हजार रुपये तक हर्जाना देना होगा. पहले यह सीमा चार हजार रुपए थी. मगर एयरलाइंस बोर्डिंग से मना करने के बाद एक घंटे के भीतर की दूसरी उड़ान में यात्री को सीट मुहैया करवा देती है तो उसे कोई हर्जाना नहीं देना होगा. यदि तय समय से एक घंटे के बाद, लेकिन 24 घंटे से पहले के किसी उड़ान में वह सीट उपलब्ध करवाती है तो मूल किराया और ईंधन सरचार्ज का 200 प्रतिशत हर्जाना देना होगा. हालांकि, यह राशि अधिकतम 10 हजार रुपए होगी.   सीट से ज्यादा बुकिंग करने और इसके बाद बोर्डिंग से मना कर देने पर अब एयरलाइंस को 20 हजार रुपये तक हर्जाना देना होगा. पहले यह सीमा चार हजार रुपए थी. मगर एयरलाइंस बोर्डिंग से मना करने के बाद एक घंटे के भीतर की दूसरी उड़ान में यात्री को सीट मुहैया करवा देती है तो उसे कोई हर्जाना नहीं देना होगा. यदि तय समय से एक घंटे के बाद, लेकिन 24 घंटे से पहले के किसी उड़ान में वह सीट उपलब्ध करवाती है तो मूल किराया और ईंधन सरचार्ज का 200 प्रतिशत हर्जाना देना होगा. हालांकि, यह राशि अधिकतम 10 हजार रुपए होगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्लेन से सफर करने वाले यात्रियों को टिकट कैंसल करने पर ज्यादा रिफंड मिलेग एयरलाइन्स की ओर से उड़ान रद्द हो या बोर्डिंग से मना हो तो भी ज्यादा रिफंड कैश भुगतान किया है तो रिफंड हाथोंहाथ मिल जाएगा
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्वागत समारोह में सादगी बरतने की समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव की हिदायतों के बावजूद पार्टी के विधायक शाकिर अली के समर्थक उनका स्वागत करने के लिए रविवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर घोड़ा लेकर पहुंच गए। इतना ही नहीं, विधायक प्लेटफार्म से घोड़े पर सवार होकर रेलवे स्टेशन से बाहर निकले। पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक शाकिर को रविवार दोपहर लखनऊ से अपने गृह जिले देविरया पहुंचना था। सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक स्वागत के लिए प्लेटफॉर्म पर घोड़ा लेकर पहुंचे थे। शाकिर देविरया जिले की पथरदेवा विधानसभा सीट से विधायक हैं। शाकिर रेलगाड़ी से जैसे ही देविरया स्टेशन पहुंचे, वहां मौजूद समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें फूल-मालाओं से लादकर घोड़े पर बिठा दिया। समर्थकों का अभिवादन करते हुए शाकिर घोड़े पर सवार होकर स्टेशन के बाहर तक आए। शाकिर ने इसे जायज ठहराते हुए संवाददाताओं से कहा, "हमारे समर्थक स्वागत करने आए थे। इसमें कोई बुराई नहीं है।" टिप्पणियां विधायक के समर्थकों के जमावड़े के कारण स्टेशन पर यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव कई बार मंत्रियों और पार्टी विधायकों को अपने स्वागत समारोह में हवाई गोलीबारी और आतिशबाजी न करने तथा बेवजह भीड़ एकत्र न करने की हिदायत दे चुके हैं। पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक शाकिर को रविवार दोपहर लखनऊ से अपने गृह जिले देविरया पहुंचना था। सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक स्वागत के लिए प्लेटफॉर्म पर घोड़ा लेकर पहुंचे थे। शाकिर देविरया जिले की पथरदेवा विधानसभा सीट से विधायक हैं। शाकिर रेलगाड़ी से जैसे ही देविरया स्टेशन पहुंचे, वहां मौजूद समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें फूल-मालाओं से लादकर घोड़े पर बिठा दिया। समर्थकों का अभिवादन करते हुए शाकिर घोड़े पर सवार होकर स्टेशन के बाहर तक आए। शाकिर ने इसे जायज ठहराते हुए संवाददाताओं से कहा, "हमारे समर्थक स्वागत करने आए थे। इसमें कोई बुराई नहीं है।" टिप्पणियां विधायक के समर्थकों के जमावड़े के कारण स्टेशन पर यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव कई बार मंत्रियों और पार्टी विधायकों को अपने स्वागत समारोह में हवाई गोलीबारी और आतिशबाजी न करने तथा बेवजह भीड़ एकत्र न करने की हिदायत दे चुके हैं। शाकिर रेलगाड़ी से जैसे ही देविरया स्टेशन पहुंचे, वहां मौजूद समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें फूल-मालाओं से लादकर घोड़े पर बिठा दिया। समर्थकों का अभिवादन करते हुए शाकिर घोड़े पर सवार होकर स्टेशन के बाहर तक आए। शाकिर ने इसे जायज ठहराते हुए संवाददाताओं से कहा, "हमारे समर्थक स्वागत करने आए थे। इसमें कोई बुराई नहीं है।" टिप्पणियां विधायक के समर्थकों के जमावड़े के कारण स्टेशन पर यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव कई बार मंत्रियों और पार्टी विधायकों को अपने स्वागत समारोह में हवाई गोलीबारी और आतिशबाजी न करने तथा बेवजह भीड़ एकत्र न करने की हिदायत दे चुके हैं। शाकिर ने इसे जायज ठहराते हुए संवाददाताओं से कहा, "हमारे समर्थक स्वागत करने आए थे। इसमें कोई बुराई नहीं है।" टिप्पणियां विधायक के समर्थकों के जमावड़े के कारण स्टेशन पर यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव कई बार मंत्रियों और पार्टी विधायकों को अपने स्वागत समारोह में हवाई गोलीबारी और आतिशबाजी न करने तथा बेवजह भीड़ एकत्र न करने की हिदायत दे चुके हैं। विधायक के समर्थकों के जमावड़े के कारण स्टेशन पर यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव कई बार मंत्रियों और पार्टी विधायकों को अपने स्वागत समारोह में हवाई गोलीबारी और आतिशबाजी न करने तथा बेवजह भीड़ एकत्र न करने की हिदायत दे चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव कई बार मंत्रियों और पार्टी विधायकों को अपने स्वागत समारोह में हवाई गोलीबारी और आतिशबाजी न करने तथा बेवजह भीड़ एकत्र न करने की हिदायत दे चुके हैं।
सारांश: स्वागत समारोह में सादगी बरतने की समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव की हिदायतों के बावजूद पार्टी के विधायक शाकिर अली के समर्थक उनका स्वागत करने के लिए रविवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर घोड़ा लेकर पहुंच गए।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेता फरदीन खान अब आजाद हैं। उन पर ड्रग्स से जुड़े एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा नहीं चलेगा। एनडीपीएस कोर्ट ने फरदीन खान को यह राहत उनकी इम्यूनिटी अर्जी पर दी है। इम्यूनिटी के तहत छूट पाने वाले आरोपी को डिटॉक्सीफिकेशन के दौर से गुजरना होता है। डिटॉक्सीफिकेशन यानी नशे की लत छुड़ाने के लिए मेडिकल और सामाजिक दौर से गुजरने की प्रक्रिया। फरदीन खान इस प्रक्रिया से पहले ही गुजर चुके हैं हालांकि फरदीन फिर से नशे के मामले में पकड़े जाएंगे तो यह आजादी छिन जाएगी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 2001 में फरदीन खान को कोकीन खरीदते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। डिटॉक्सीफिकेशन यानी नशे की लत छुड़ाने के लिए मेडिकल और सामाजिक दौर से गुजरने की प्रक्रिया। फरदीन खान इस प्रक्रिया से पहले ही गुजर चुके हैं हालांकि फरदीन फिर से नशे के मामले में पकड़े जाएंगे तो यह आजादी छिन जाएगी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 2001 में फरदीन खान को कोकीन खरीदते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।
संक्षिप्त पाठ: अभिनेता फरदीन खान अब आजाद हैं। उन पर ड्रग्स से जुड़े एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा नहीं चलेगा। एनडीपीएस कोर्ट ने फरदीन खान को यह राहत उनकी इम्यूनिटी अर्जी पर दी है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी ने सरकार के आर्थिक एजेंडे पर अपनी मुहर लगा दी है। बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पार्टी के नेताओं को रीटेल में एफडीआई समेत कड़े आर्थिक फैसले के कारण और फायदे बताए। तेलंगाना के मसले पर पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया है तो दूसरी तरफ बैठक में सोनिया गांधी ने तीन अहम बातें चर्चा के लिए रखी हैं। खासतौर पर आर्थिक सुधारों का एजेंडा सबसे ऊपर रहा। उधर, कांग्रेस वर्किंग कमेटी का मानना था कि बीजेपी में प्रधानमंत्री को निशाना बनाने की रणनीति चल रही है और उसकी भूमिका पूरी तरह नकारात्मक है। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी सुधारों के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिन सुधारों से आम आदमी को तकलीफ हो वह उसे कतई मंजूर नहीं है।टिप्पणियां वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने बैठक में कहा कि दुनियाभर में जो आर्थिक मंदी का दौर है, उससे हमारा देश प्रभावित न हो, इसके लिए हमने जरूरी कदम उठाए हैं। हम अपनी नीतियों के कारण ही अब तक उस प्रभाव से बचे हुए हैं। रुपये की कीमत जिस तरह से घट रही थी, उसके लिए उचित कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि देश में बाहर से पैसा आएगा तो रुपये की कीमत बढ़ेगी, हमारा उत्पादन बढ़ेगा तो महंगाई कम होगी और सब्सिडी का बोझ कम करना भी बेहद जरूरी था। सभी कदम गरीबों को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं, उनके लिए योजनाएं तभी पूरी हो सकती हैं, जबकि हमारी आर्थिक स्थिति ठीक हो। उधर, कांग्रेस वर्किंग कमेटी का मानना था कि बीजेपी में प्रधानमंत्री को निशाना बनाने की रणनीति चल रही है और उसकी भूमिका पूरी तरह नकारात्मक है। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी सुधारों के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिन सुधारों से आम आदमी को तकलीफ हो वह उसे कतई मंजूर नहीं है।टिप्पणियां वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने बैठक में कहा कि दुनियाभर में जो आर्थिक मंदी का दौर है, उससे हमारा देश प्रभावित न हो, इसके लिए हमने जरूरी कदम उठाए हैं। हम अपनी नीतियों के कारण ही अब तक उस प्रभाव से बचे हुए हैं। रुपये की कीमत जिस तरह से घट रही थी, उसके लिए उचित कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि देश में बाहर से पैसा आएगा तो रुपये की कीमत बढ़ेगी, हमारा उत्पादन बढ़ेगा तो महंगाई कम होगी और सब्सिडी का बोझ कम करना भी बेहद जरूरी था। सभी कदम गरीबों को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं, उनके लिए योजनाएं तभी पूरी हो सकती हैं, जबकि हमारी आर्थिक स्थिति ठीक हो। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी सुधारों के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिन सुधारों से आम आदमी को तकलीफ हो वह उसे कतई मंजूर नहीं है।टिप्पणियां वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने बैठक में कहा कि दुनियाभर में जो आर्थिक मंदी का दौर है, उससे हमारा देश प्रभावित न हो, इसके लिए हमने जरूरी कदम उठाए हैं। हम अपनी नीतियों के कारण ही अब तक उस प्रभाव से बचे हुए हैं। रुपये की कीमत जिस तरह से घट रही थी, उसके लिए उचित कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि देश में बाहर से पैसा आएगा तो रुपये की कीमत बढ़ेगी, हमारा उत्पादन बढ़ेगा तो महंगाई कम होगी और सब्सिडी का बोझ कम करना भी बेहद जरूरी था। सभी कदम गरीबों को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं, उनके लिए योजनाएं तभी पूरी हो सकती हैं, जबकि हमारी आर्थिक स्थिति ठीक हो। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने बैठक में कहा कि दुनियाभर में जो आर्थिक मंदी का दौर है, उससे हमारा देश प्रभावित न हो, इसके लिए हमने जरूरी कदम उठाए हैं। हम अपनी नीतियों के कारण ही अब तक उस प्रभाव से बचे हुए हैं। रुपये की कीमत जिस तरह से घट रही थी, उसके लिए उचित कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि देश में बाहर से पैसा आएगा तो रुपये की कीमत बढ़ेगी, हमारा उत्पादन बढ़ेगा तो महंगाई कम होगी और सब्सिडी का बोझ कम करना भी बेहद जरूरी था। सभी कदम गरीबों को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं, उनके लिए योजनाएं तभी पूरी हो सकती हैं, जबकि हमारी आर्थिक स्थिति ठीक हो। उन्होंने कहा कि देश में बाहर से पैसा आएगा तो रुपये की कीमत बढ़ेगी, हमारा उत्पादन बढ़ेगा तो महंगाई कम होगी और सब्सिडी का बोझ कम करना भी बेहद जरूरी था। सभी कदम गरीबों को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं, उनके लिए योजनाएं तभी पूरी हो सकती हैं, जबकि हमारी आर्थिक स्थिति ठीक हो।
यह एक सारांश है: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। बैठक में तेलंगाना मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने बुधवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर से सेना हटाने की कोई योजना नहीं है क्योंकि सुरक्षा बलों को व्यापक सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैनात किया जाता है। गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने इस सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी कि क्या सरकार सीमांत राज्य से सेना को हटाने के बारे में विचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘नहीं। जम्मू कश्मीर से सेना को हटाने की कोई योजना नहीं है।’’ मंत्री ने कहा कि किसी भी समय सुरक्षा बलों की तैनाती की समीक्षा केन्द्र एवं राज्य सरकार के शीर्ष अभियानगत स्तर पर खतरों को देखते हुए की जाती है।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की संख्या और उनकी तैनातगी समग्र सुरक्षा स्थिति के अनुसार बदलती रहती है। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी तरह की विचारधाराओं वाले लोगों के साथ बात करने के लिए तैयार रहती हैं। इनमें हिंसा का रास्ता त्यागने वाले अलगाववादी भी शामिल हैं। गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने इस सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी कि क्या सरकार सीमांत राज्य से सेना को हटाने के बारे में विचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘नहीं। जम्मू कश्मीर से सेना को हटाने की कोई योजना नहीं है।’’ मंत्री ने कहा कि किसी भी समय सुरक्षा बलों की तैनाती की समीक्षा केन्द्र एवं राज्य सरकार के शीर्ष अभियानगत स्तर पर खतरों को देखते हुए की जाती है।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की संख्या और उनकी तैनातगी समग्र सुरक्षा स्थिति के अनुसार बदलती रहती है। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी तरह की विचारधाराओं वाले लोगों के साथ बात करने के लिए तैयार रहती हैं। इनमें हिंसा का रास्ता त्यागने वाले अलगाववादी भी शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि किसी भी समय सुरक्षा बलों की तैनाती की समीक्षा केन्द्र एवं राज्य सरकार के शीर्ष अभियानगत स्तर पर खतरों को देखते हुए की जाती है।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की संख्या और उनकी तैनातगी समग्र सुरक्षा स्थिति के अनुसार बदलती रहती है। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी तरह की विचारधाराओं वाले लोगों के साथ बात करने के लिए तैयार रहती हैं। इनमें हिंसा का रास्ता त्यागने वाले अलगाववादी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की संख्या और उनकी तैनातगी समग्र सुरक्षा स्थिति के अनुसार बदलती रहती है। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी तरह की विचारधाराओं वाले लोगों के साथ बात करने के लिए तैयार रहती हैं। इनमें हिंसा का रास्ता त्यागने वाले अलगाववादी भी शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी तरह की विचारधाराओं वाले लोगों के साथ बात करने के लिए तैयार रहती हैं। इनमें हिंसा का रास्ता त्यागने वाले अलगाववादी भी शामिल हैं।
सरकार ने बुधवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर से सेना हटाने की कोई योजना नहीं है क्योंकि सुरक्षा बलों को व्यापक सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैनात किया जाता है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) ने देश में पुराने बड़े करेंसी नोट का चलन बंद किए जाने से हलकान होकर राज्य में 28 लोगों द्वारा आत्महत्या किए जाने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से गरीबों को हो रही भारी दिक्कतों को दूर करने के उपायों के बारे में विचार का आग्रह किया है. सपा के प्रांतीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अपने एक ‘ट्वीट’ में कहा, ‘‘नकदी न होने से प्रदेश में 28 लोग आत्महत्या कर चुके हैं. यह बहुत दुखद है. प्रधानमंत्री को आम जनता और किसानों के बारे में सोचना चाहिए. प्रचलित नोटों के बंद होने से पूरे देश में अनिश्चितता का माहौल बन गया है.’’ हालांकि शिवपाल ने यह नहीं बताया कि किन-किन जगहों पर लोगों ने आत्महत्या की है. उन्होंने कहा ‘‘समाजवादी पार्टी प्रदेश की जनता से अपील करती है कि निराश न हों. संकट की इस घड़ी में पूरी पार्टी प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है.’’ यादव ने कहा, ‘‘रोजमर्रा की जिंदगी में छोटा-मोटा काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. इन गरीब मजदूरों के पास न तो बैंक खाता होता है और न ही एटीएम कार्ड. इनका जीवन पूरी तरह से नकदी पर ही आधारित होता है. इनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है. साथ ही इनका भविष्य भी अंधकारमय हो गया है. केन्द्र सरकार ने अचानक करेंसी बंद करने का फैसला तो ले लिया लेकिन गरीब मजदूरों के बारे में कुछ नहीं सोचा.’’ शिवपाल का बयान ऐसे वक्त आया है जब 500 और हजार रुपये के पुराने नोटों के विमुद्रीकरण के बाद जनता बैंक शाखाओं और एटीएम केन्द्रों के बाहर खड़ी है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस मसले पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट करते हुए केन्द्र के इस कदम की लगातार आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने कल कहा था कि जिस सरकार ने गरीब को तकलीफ दी, उसे जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. ‘‘इस सरकार (मोदी सरकार) ने आम आदमी को गहरी पीड़ा दी है.’’ अखिलेश का मानना है कि नोटबंदी से काला धन रोकने का उद्देश्य हल नहीं होगा. केवल पांच सौ और हजार के नोट बंद करने से यह समस्या दूर होने वाली नहीं है, जिनके पास हजार और पांच सौ के नोट हैं, वे अब दो हजार रूपये के नोट का इंतजार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पिछले दिनों पत्र लिखकर आग्रह किया था कि निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर पांच सौ और हजार रुपये के नोट 30 नवम्बर तक चलाने की अनुमति दी जाए ताकि गरीबों को चिकित्सकीय सुविधा सुनिश्चित की जा सके.टिप्पणियां उन्होंने इससे पहले सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जनता, खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों को नए करेंसी नोट उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बैंक अधिकारियों से तालमेल कर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा के प्रांतीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अपने एक ‘ट्वीट’ में कहा, ‘‘नकदी न होने से प्रदेश में 28 लोग आत्महत्या कर चुके हैं. यह बहुत दुखद है. प्रधानमंत्री को आम जनता और किसानों के बारे में सोचना चाहिए. प्रचलित नोटों के बंद होने से पूरे देश में अनिश्चितता का माहौल बन गया है.’’ हालांकि शिवपाल ने यह नहीं बताया कि किन-किन जगहों पर लोगों ने आत्महत्या की है. उन्होंने कहा ‘‘समाजवादी पार्टी प्रदेश की जनता से अपील करती है कि निराश न हों. संकट की इस घड़ी में पूरी पार्टी प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है.’’ यादव ने कहा, ‘‘रोजमर्रा की जिंदगी में छोटा-मोटा काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. इन गरीब मजदूरों के पास न तो बैंक खाता होता है और न ही एटीएम कार्ड. इनका जीवन पूरी तरह से नकदी पर ही आधारित होता है. इनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है. साथ ही इनका भविष्य भी अंधकारमय हो गया है. केन्द्र सरकार ने अचानक करेंसी बंद करने का फैसला तो ले लिया लेकिन गरीब मजदूरों के बारे में कुछ नहीं सोचा.’’ शिवपाल का बयान ऐसे वक्त आया है जब 500 और हजार रुपये के पुराने नोटों के विमुद्रीकरण के बाद जनता बैंक शाखाओं और एटीएम केन्द्रों के बाहर खड़ी है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस मसले पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट करते हुए केन्द्र के इस कदम की लगातार आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने कल कहा था कि जिस सरकार ने गरीब को तकलीफ दी, उसे जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. ‘‘इस सरकार (मोदी सरकार) ने आम आदमी को गहरी पीड़ा दी है.’’ अखिलेश का मानना है कि नोटबंदी से काला धन रोकने का उद्देश्य हल नहीं होगा. केवल पांच सौ और हजार के नोट बंद करने से यह समस्या दूर होने वाली नहीं है, जिनके पास हजार और पांच सौ के नोट हैं, वे अब दो हजार रूपये के नोट का इंतजार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पिछले दिनों पत्र लिखकर आग्रह किया था कि निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर पांच सौ और हजार रुपये के नोट 30 नवम्बर तक चलाने की अनुमति दी जाए ताकि गरीबों को चिकित्सकीय सुविधा सुनिश्चित की जा सके.टिप्पणियां उन्होंने इससे पहले सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जनता, खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों को नए करेंसी नोट उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बैंक अधिकारियों से तालमेल कर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा ‘‘समाजवादी पार्टी प्रदेश की जनता से अपील करती है कि निराश न हों. संकट की इस घड़ी में पूरी पार्टी प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है.’’ यादव ने कहा, ‘‘रोजमर्रा की जिंदगी में छोटा-मोटा काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. इन गरीब मजदूरों के पास न तो बैंक खाता होता है और न ही एटीएम कार्ड. इनका जीवन पूरी तरह से नकदी पर ही आधारित होता है. इनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है. साथ ही इनका भविष्य भी अंधकारमय हो गया है. केन्द्र सरकार ने अचानक करेंसी बंद करने का फैसला तो ले लिया लेकिन गरीब मजदूरों के बारे में कुछ नहीं सोचा.’’ शिवपाल का बयान ऐसे वक्त आया है जब 500 और हजार रुपये के पुराने नोटों के विमुद्रीकरण के बाद जनता बैंक शाखाओं और एटीएम केन्द्रों के बाहर खड़ी है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस मसले पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट करते हुए केन्द्र के इस कदम की लगातार आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने कल कहा था कि जिस सरकार ने गरीब को तकलीफ दी, उसे जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. ‘‘इस सरकार (मोदी सरकार) ने आम आदमी को गहरी पीड़ा दी है.’’ अखिलेश का मानना है कि नोटबंदी से काला धन रोकने का उद्देश्य हल नहीं होगा. केवल पांच सौ और हजार के नोट बंद करने से यह समस्या दूर होने वाली नहीं है, जिनके पास हजार और पांच सौ के नोट हैं, वे अब दो हजार रूपये के नोट का इंतजार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पिछले दिनों पत्र लिखकर आग्रह किया था कि निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर पांच सौ और हजार रुपये के नोट 30 नवम्बर तक चलाने की अनुमति दी जाए ताकि गरीबों को चिकित्सकीय सुविधा सुनिश्चित की जा सके.टिप्पणियां उन्होंने इससे पहले सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जनता, खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों को नए करेंसी नोट उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बैंक अधिकारियों से तालमेल कर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवपाल का बयान ऐसे वक्त आया है जब 500 और हजार रुपये के पुराने नोटों के विमुद्रीकरण के बाद जनता बैंक शाखाओं और एटीएम केन्द्रों के बाहर खड़ी है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस मसले पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट करते हुए केन्द्र के इस कदम की लगातार आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने कल कहा था कि जिस सरकार ने गरीब को तकलीफ दी, उसे जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. ‘‘इस सरकार (मोदी सरकार) ने आम आदमी को गहरी पीड़ा दी है.’’ अखिलेश का मानना है कि नोटबंदी से काला धन रोकने का उद्देश्य हल नहीं होगा. केवल पांच सौ और हजार के नोट बंद करने से यह समस्या दूर होने वाली नहीं है, जिनके पास हजार और पांच सौ के नोट हैं, वे अब दो हजार रूपये के नोट का इंतजार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पिछले दिनों पत्र लिखकर आग्रह किया था कि निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर पांच सौ और हजार रुपये के नोट 30 नवम्बर तक चलाने की अनुमति दी जाए ताकि गरीबों को चिकित्सकीय सुविधा सुनिश्चित की जा सके.टिप्पणियां उन्होंने इससे पहले सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जनता, खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों को नए करेंसी नोट उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बैंक अधिकारियों से तालमेल कर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पिछले दिनों पत्र लिखकर आग्रह किया था कि निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर पांच सौ और हजार रुपये के नोट 30 नवम्बर तक चलाने की अनुमति दी जाए ताकि गरीबों को चिकित्सकीय सुविधा सुनिश्चित की जा सके.टिप्पणियां उन्होंने इससे पहले सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जनता, खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों को नए करेंसी नोट उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बैंक अधिकारियों से तालमेल कर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने इससे पहले सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जनता, खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों को नए करेंसी नोट उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बैंक अधिकारियों से तालमेल कर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिवपाल सिंह यादव ने अपने एक ‘ट्वीट’ में किया दावा यह नहीं बताया कि किन-किन जगहों पर लोगों ने आत्महत्या की कहा, सरकार ने आम आदमी को गहरी पीड़ा दी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सतर्कता विभाग को ओडिशा में केन्द्रपाड़ा जिले की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पास से 2.33 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है. सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पास आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी. इसी आधार पर विभाग ने कई स्थानों पर तलाशी ली. अधिकारियों ने तलाशी और छापेमारी के दौरान 1.7 करोड़ रूपए कीमत के 13 भूखंड और कार्यकर्ता के पति के नाम पर 25.18 लाख रूपए कीमत के एक एक मकान का पता चला .टिप्पणियां कार्यकर्ता और उनके परिजनों के नाम पर 18 पॉलिसी हैं, जिनकी कीमत 14,97,701 रुपये है. उनके पास 5,51,745 रुपये कीमत की एक वैन भी है. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने 2008 में 4,500 रुपये मासिक वेतन पर काम शुरू किया. उसको फिलहाल 6,500 रुपये मासिक वेतन मिलता है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कार्यकर्ता और उनके परिजनों के नाम पर 18 पॉलिसी हैं, जिनकी कीमत 14,97,701 रुपये है. उनके पास 5,51,745 रुपये कीमत की एक वैन भी है. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने 2008 में 4,500 रुपये मासिक वेतन पर काम शुरू किया. उसको फिलहाल 6,500 रुपये मासिक वेतन मिलता है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पास से 2.33 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने शिकायत मिली थी कार्यकर्ता और उनके परिजनों के नाम पर 18 पॉलिसी हैं
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में सैन्य शिविर पर 'कायराना' आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को आश्वस्त किया कि इस कुत्सित हमले के पीछे जो भी हैं वे सजा से बच नहीं पाएंगे. उन्होंने उन सैनिकों को सलाम भी किया, जो इस हमले में शहीद हो गए और कहा कि राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा हमेशा स्मरण की जाएगी. पीएम मोदी ने इस घटना पर ट्वीट किया, 'हम उरी में हुए कायराना आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं. मैं राष्ट्र को आश्वस्त करता हूं कि इस कुत्सित हमले के पीछे जो भी हैं वे सजा से बच नहीं पाएंगे.' इस हमले में 17 सैनिक शहीद हुए जबकि 19 अन्य घायल हुए हैं.टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से इस आतंकवादी हमले के बाद की स्थिति के बारे में बातचीत की है. पर्रिकर स्थिति का जायजा लेने के लिए कश्मीर जा रहे हैं. गौरतलब है कि रविवार तड़के उत्तरी कश्मीर के उरी में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सेना के बटालियन मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हो गए और 19 अन्य घायल हुए. सुरक्षाबलों की कार्रवाई में चार आतंकवादी मारे गए. पीएम मोदी ने इस घटना पर ट्वीट किया, 'हम उरी में हुए कायराना आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं. मैं राष्ट्र को आश्वस्त करता हूं कि इस कुत्सित हमले के पीछे जो भी हैं वे सजा से बच नहीं पाएंगे.' इस हमले में 17 सैनिक शहीद हुए जबकि 19 अन्य घायल हुए हैं.टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से इस आतंकवादी हमले के बाद की स्थिति के बारे में बातचीत की है. पर्रिकर स्थिति का जायजा लेने के लिए कश्मीर जा रहे हैं. गौरतलब है कि रविवार तड़के उत्तरी कश्मीर के उरी में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सेना के बटालियन मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हो गए और 19 अन्य घायल हुए. सुरक्षाबलों की कार्रवाई में चार आतंकवादी मारे गए. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से इस आतंकवादी हमले के बाद की स्थिति के बारे में बातचीत की है. पर्रिकर स्थिति का जायजा लेने के लिए कश्मीर जा रहे हैं. गौरतलब है कि रविवार तड़के उत्तरी कश्मीर के उरी में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सेना के बटालियन मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हो गए और 19 अन्य घायल हुए. सुरक्षाबलों की कार्रवाई में चार आतंकवादी मारे गए. गौरतलब है कि रविवार तड़के उत्तरी कश्मीर के उरी में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सेना के बटालियन मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हो गए और 19 अन्य घायल हुए. सुरक्षाबलों की कार्रवाई में चार आतंकवादी मारे गए.
पीएम मोदी ने उरी में सैन्य शिविर पर 'कायराना' आतंकवादी हमले की निंदा की इस आतंकी हमले में 17 जवान शहीद हो गए और 19 अन्य घायल हुए पीएम मोदी ने इस आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों को सलाम किया
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और पूर्व कोच अनिल कुंबले के बीच विवाद ने टीम इंडिया को पीछे धकेल दिया है. वेस्टइंडीज़ दौरे पर गई टीम दो वनडे मैच खेल चुकी है. पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया लेकिन दूसरे वनडे में भारत ने 105 रन से बड़ी जीत हासिल की, लेकिन 2019 वर्ल्ड कप को देखते हुए अब भी सवाल बरक़रार है. वेस्ट इंडीज़ टीम के स्टार खिलाड़ी सीरीज़ में नहीं खेल रहे, इसके बावजूद विराट कोहली बेंच स्ट्रेंथ को आज़माने से कतरा रहे हैं. आख़िर कब तक कोहली इस बड़े सवाल से मुंह मोड़ेंगे?टिप्पणियां टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 2019 वर्ल्डकप के बारे में पूछने पर कहा था कि पहले हमें ये देखना होगा कि सभी खिलाड़ी जो वर्ल्डकप में खेलेंगे उन्हें कम से कम 50 से 60 वनडे मैचों का अनुभव हासिल हो जाए. लगता है कप्तान कोहली ने भारत के सबसे सफल कप्तान के बयान को नहीं सुना है.अगर सुना होता तो वे वेस्ट इंडीज़ दौरे पर कई प्रयोग कर चुके होते. टीम इंडिया में सबसे बड़ा सवाल युवराज सिंह और ख़ुद महेंद्र सिंह धोनी को लेकर उठ रहा है. दोनों की उम्र 2019 वर्ल्डकप तक क्रिकेट खेलने की इजाज़त देगी इस पर संदेह हैं, लेकिन इस पर न तो बीसीसीआई और न ही कप्तान कोहली विचार कर रहे हैं. बीसीसीआई के अधिकारी कमेटी ऑफ़ एडमिनेस्ट्रेटर्स (सीओए) से भिड़ने में अपनी ताक़त लगा रहे हैं तो कोहली टीम का कोच कौन बनेगा, इस पर माथापच्ची कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ़ दक्षिण अफ़्रीका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ ने 2019 पर नज़रें जमा रखीं हैं. इस क्रम में दक्षिण अफ़्रीका और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ हाल ही में ख़त्म हुए T20 सीरीज़ में कुल 7 नए चेहरे मैदान पर दिखाई दिए. अफ़्रीकी टीम की ओर से 2 क्रिकेटरों ने डेब्यू किया तो इंग्लिश टीम ने 5 खिलाड़ियों को आज़माया. वेस्ट इंडीज़ ने भारत के साथ होने वाले बाक़ी बचे 3 वनडे मैचों के लिए काइल होप और सुनील एंब्रिस का चयन किया है. हालांकि भारत की तरफ़ से कुलदीप यादव को मौक़ा मिला है लेकिन अब भी विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ब्रेंच पर अपनी बारी के इंतज़ार में हैं... टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 2019 वर्ल्डकप के बारे में पूछने पर कहा था कि पहले हमें ये देखना होगा कि सभी खिलाड़ी जो वर्ल्डकप में खेलेंगे उन्हें कम से कम 50 से 60 वनडे मैचों का अनुभव हासिल हो जाए. लगता है कप्तान कोहली ने भारत के सबसे सफल कप्तान के बयान को नहीं सुना है.अगर सुना होता तो वे वेस्ट इंडीज़ दौरे पर कई प्रयोग कर चुके होते. टीम इंडिया में सबसे बड़ा सवाल युवराज सिंह और ख़ुद महेंद्र सिंह धोनी को लेकर उठ रहा है. दोनों की उम्र 2019 वर्ल्डकप तक क्रिकेट खेलने की इजाज़त देगी इस पर संदेह हैं, लेकिन इस पर न तो बीसीसीआई और न ही कप्तान कोहली विचार कर रहे हैं. बीसीसीआई के अधिकारी कमेटी ऑफ़ एडमिनेस्ट्रेटर्स (सीओए) से भिड़ने में अपनी ताक़त लगा रहे हैं तो कोहली टीम का कोच कौन बनेगा, इस पर माथापच्ची कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ़ दक्षिण अफ़्रीका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ ने 2019 पर नज़रें जमा रखीं हैं. इस क्रम में दक्षिण अफ़्रीका और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ हाल ही में ख़त्म हुए T20 सीरीज़ में कुल 7 नए चेहरे मैदान पर दिखाई दिए. अफ़्रीकी टीम की ओर से 2 क्रिकेटरों ने डेब्यू किया तो इंग्लिश टीम ने 5 खिलाड़ियों को आज़माया. वेस्ट इंडीज़ ने भारत के साथ होने वाले बाक़ी बचे 3 वनडे मैचों के लिए काइल होप और सुनील एंब्रिस का चयन किया है. हालांकि भारत की तरफ़ से कुलदीप यादव को मौक़ा मिला है लेकिन अब भी विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ब्रेंच पर अपनी बारी के इंतज़ार में हैं... बीसीसीआई के अधिकारी कमेटी ऑफ़ एडमिनेस्ट्रेटर्स (सीओए) से भिड़ने में अपनी ताक़त लगा रहे हैं तो कोहली टीम का कोच कौन बनेगा, इस पर माथापच्ची कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ़ दक्षिण अफ़्रीका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ ने 2019 पर नज़रें जमा रखीं हैं. इस क्रम में दक्षिण अफ़्रीका और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ हाल ही में ख़त्म हुए T20 सीरीज़ में कुल 7 नए चेहरे मैदान पर दिखाई दिए. अफ़्रीकी टीम की ओर से 2 क्रिकेटरों ने डेब्यू किया तो इंग्लिश टीम ने 5 खिलाड़ियों को आज़माया. वेस्ट इंडीज़ ने भारत के साथ होने वाले बाक़ी बचे 3 वनडे मैचों के लिए काइल होप और सुनील एंब्रिस का चयन किया है. हालांकि भारत की तरफ़ से कुलदीप यादव को मौक़ा मिला है लेकिन अब भी विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ब्रेंच पर अपनी बारी के इंतज़ार में हैं...
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टीम इंडिया ने अभी केवल कुलदीप यादव को दिया है मौका ऋषभ पंत अभी भी अपनी बारी आने का कर रहे हैं इंतजार वर्ल्‍डकप 2019 तक करीब 37 वर्ष के हो जाएंगे युवी-धोनी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय स्तर का चुनाव है और 2019 का चुनाव  नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच होनेवाला है. ऐसे में देश के साथ-साथ बिहार में भी महागठबंधन का चेहरा राहुल गांधी ही होंगे.  उन्होंने आगे कहा, "इसके लिए कांग्रेस पार्टी अलग-अलग राज्यों में अपने सहयोगी दलों के साथ चुनावी मैदान में जाएगी. बिहार भी इससे अलग नहीं है. बिहार में भी लोकसभा चुनाव में महागठबंधन का चेहरा और प्रधानमंत्री के प्रत्याशी राहुल गांधी ही होंगे. इसे लेकर महागठबंधन में शामिल दलों में कोई विवाद नहीं है." बिहार की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी हालांकि महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के नेता के इस बयान से इत्तेफाक नहीं रखते हैं. आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी कहते हैं कि बिहार में महागठबंधन का चेहरा राहुल गांधी नहीं, बल्कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ही होंगे. राजद का बिहार में अपना वोटबैंक है. आरजेडी यहां सबसे बड़ी पार्टी है. उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ही महागठबंधन अगला लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ेगा और इसके लिए महागठबंधन में दोराय नहीं है.  उधर, महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी आरजेडी नेताओं के ही समर्थन में नजर आते हैं. मांझी ने स्पष्ट तौर पर राहुल के चेहरे को नकारते हुए कहते हैं कि यह चुनाव भले ही केंद्र के लिए होगा, लेकिन चुनाव बिहार में होना है. उन्होंने स्पष्ट कहा, "लालू प्रसाद महागठबंधन का चेहरा हैं, हालांकि वो अभी जेल में हैं, ऐसे में प्रमुख चेहरा तेजस्वी यादव यादव ही होंगे, क्योंकि उन्होंने बेहद कम समय में कई मौके पर अपने नेतृत्व क्षमता को साबित किया है."   इधर, महागठबंधन में चेहरे को लेकर चिकचिक के बीच विरोधी भी तंज कस रहे हैं. जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता नीरज कुमार कहते हैं कि महागठबंधन ही बेमेल है. उन्होंने कहा कि इस महागठबंधन में सबकुछ रांची के होटवार जेल से ही तय होना है. उन्होंने कहा कि राजद जिस लालू प्रसाद के चेहरे पर चुनाव लड़ने की बात कर रहा है, उन्हें खुद न्यायपालिका ने चुनाव लड़ने से ही अयोग्य कर दिया है. ऐसे में जो खुद ही मैदान में जाने की योग्यता नहीं रखता हो वह कप्तानी क्या करेगा? बहरहाल, महागठबंधन में चेहरे को लेकर विवाद शुरू है. अब देखना है कि चुनाव से पहले इस विवाद का अंत महागठबंधन के नेता कैसे कर पाते हैं.
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस और आरजेडी के नेता आमने-सामने जीतनराम मांझी भी लालू प्रसाद यादव के पक्ष में कांग्रेस ने बताया राहुल गांधी को चेहरा
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: जर्मन तानाशाह हिटलर के सीधे आदेश पर आर्कटिक क्षेत्र में एक गुप्‍त नाजी बेस बनाया गया था. वैज्ञानिकों ने अब उस बेस को खोज निकाला है. यह उत्‍तरी ध्रुव से एक हजार किमी दूर है.     दशकों से आकर्टिक सर्किल में अलेक्‍जेंडर भूमि पर रहस्‍यमय स्‍थल 'सात्‍जग्रेबर' या 'ट्रेजर हंटर' की स्थिति अज्ञात बनी रही. शोधकर्ता इस पृथक आइलैंड की खोज कर रहे थे. यह अब रूसी क्षेत्र में है. यहां पर बंकरों के अवशेष, गोलियां, जूते, जर्जर अवस्‍था में पाए गए पेट्रोल कनस्‍टर और पेपर दस्‍तावेज भी पाए गए. इन पर स्‍वास्तिक के निशान भी पाए गए. ये वस्‍तुएं दरअसल इस आइलैंड की बेहद सर्द दशाओं के कारण संरक्षित रह गए.     माना जाता है कि जब हिटलर ने रूस पर हमला किया था उसके एक साल बाद 1942 में हिटलर के सीधे आदेश पर इसे बनाया गया था.  'डेली एक्‍सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक 1943 से यह सेवा में था और जुलाई, 1944 में इसे उस वक्‍त छोड़ दिया गया जब यहां के सदस्‍यों के लिए खाने की आपूर्ति सुचारू ढंग से नहीं हो पाई और उन्‍हें मजबूरी में पोलर बियर का कच्‍चा मीट खाने के लिए विवश होना पड़ा. इसके चलते उनको अपनी जान गंवानी पड़ी.     इस संबंध में रूसी आर्कटिक नेशनल पार्क के एवगेनी एरमोलोव ने कहा, ''अभी तक केवल लिखित स्रोतों में इसकी जानकारी उपलब्‍ध थी लेकिन अब इस संबंध में हमारे पास वास्‍तविक सबूत हैं.''टिप्पणियां इस नेशनल पार्क के प्रेस सेक्रेट्री यूलिया पेट्रोवा ने कहा, ''इस पूर्व ट्रेजर हंटर जर्मन स्‍टेशन से ऐतिहासिक महत्‍व की 500 चीजें मिली हैं. यह स्‍टेशन सितंबर, 1943-जुलाई, 1944 के बीच फ्रांज जोसेफ भूमि के अलेक्‍जेंड्रा लैंड आइलैंड पर ऑपरेट किया गया.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दशकों से आकर्टिक सर्किल में अलेक्‍जेंडर भूमि पर रहस्‍यमय स्‍थल 'सात्‍जग्रेबर' या 'ट्रेजर हंटर' की स्थिति अज्ञात बनी रही. शोधकर्ता इस पृथक आइलैंड की खोज कर रहे थे. यह अब रूसी क्षेत्र में है. यहां पर बंकरों के अवशेष, गोलियां, जूते, जर्जर अवस्‍था में पाए गए पेट्रोल कनस्‍टर और पेपर दस्‍तावेज भी पाए गए. इन पर स्‍वास्तिक के निशान भी पाए गए. ये वस्‍तुएं दरअसल इस आइलैंड की बेहद सर्द दशाओं के कारण संरक्षित रह गए.     माना जाता है कि जब हिटलर ने रूस पर हमला किया था उसके एक साल बाद 1942 में हिटलर के सीधे आदेश पर इसे बनाया गया था.  'डेली एक्‍सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक 1943 से यह सेवा में था और जुलाई, 1944 में इसे उस वक्‍त छोड़ दिया गया जब यहां के सदस्‍यों के लिए खाने की आपूर्ति सुचारू ढंग से नहीं हो पाई और उन्‍हें मजबूरी में पोलर बियर का कच्‍चा मीट खाने के लिए विवश होना पड़ा. इसके चलते उनको अपनी जान गंवानी पड़ी.     इस संबंध में रूसी आर्कटिक नेशनल पार्क के एवगेनी एरमोलोव ने कहा, ''अभी तक केवल लिखित स्रोतों में इसकी जानकारी उपलब्‍ध थी लेकिन अब इस संबंध में हमारे पास वास्‍तविक सबूत हैं.''टिप्पणियां इस नेशनल पार्क के प्रेस सेक्रेट्री यूलिया पेट्रोवा ने कहा, ''इस पूर्व ट्रेजर हंटर जर्मन स्‍टेशन से ऐतिहासिक महत्‍व की 500 चीजें मिली हैं. यह स्‍टेशन सितंबर, 1943-जुलाई, 1944 के बीच फ्रांज जोसेफ भूमि के अलेक्‍जेंड्रा लैंड आइलैंड पर ऑपरेट किया गया.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) माना जाता है कि जब हिटलर ने रूस पर हमला किया था उसके एक साल बाद 1942 में हिटलर के सीधे आदेश पर इसे बनाया गया था.  'डेली एक्‍सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक 1943 से यह सेवा में था और जुलाई, 1944 में इसे उस वक्‍त छोड़ दिया गया जब यहां के सदस्‍यों के लिए खाने की आपूर्ति सुचारू ढंग से नहीं हो पाई और उन्‍हें मजबूरी में पोलर बियर का कच्‍चा मीट खाने के लिए विवश होना पड़ा. इसके चलते उनको अपनी जान गंवानी पड़ी.     इस संबंध में रूसी आर्कटिक नेशनल पार्क के एवगेनी एरमोलोव ने कहा, ''अभी तक केवल लिखित स्रोतों में इसकी जानकारी उपलब्‍ध थी लेकिन अब इस संबंध में हमारे पास वास्‍तविक सबूत हैं.''टिप्पणियां इस नेशनल पार्क के प्रेस सेक्रेट्री यूलिया पेट्रोवा ने कहा, ''इस पूर्व ट्रेजर हंटर जर्मन स्‍टेशन से ऐतिहासिक महत्‍व की 500 चीजें मिली हैं. यह स्‍टेशन सितंबर, 1943-जुलाई, 1944 के बीच फ्रांज जोसेफ भूमि के अलेक्‍जेंड्रा लैंड आइलैंड पर ऑपरेट किया गया.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस संबंध में रूसी आर्कटिक नेशनल पार्क के एवगेनी एरमोलोव ने कहा, ''अभी तक केवल लिखित स्रोतों में इसकी जानकारी उपलब्‍ध थी लेकिन अब इस संबंध में हमारे पास वास्‍तविक सबूत हैं.''टिप्पणियां इस नेशनल पार्क के प्रेस सेक्रेट्री यूलिया पेट्रोवा ने कहा, ''इस पूर्व ट्रेजर हंटर जर्मन स्‍टेशन से ऐतिहासिक महत्‍व की 500 चीजें मिली हैं. यह स्‍टेशन सितंबर, 1943-जुलाई, 1944 के बीच फ्रांज जोसेफ भूमि के अलेक्‍जेंड्रा लैंड आइलैंड पर ऑपरेट किया गया.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस नेशनल पार्क के प्रेस सेक्रेट्री यूलिया पेट्रोवा ने कहा, ''इस पूर्व ट्रेजर हंटर जर्मन स्‍टेशन से ऐतिहासिक महत्‍व की 500 चीजें मिली हैं. यह स्‍टेशन सितंबर, 1943-जुलाई, 1944 के बीच फ्रांज जोसेफ भूमि के अलेक्‍जेंड्रा लैंड आइलैंड पर ऑपरेट किया गया.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: हिटलर ने सीधे तौर पर इसे बनाने का आदेश दिया था आर्कटिक क्षेत्र के एक एकाकी आइलैंड में मिला बेस यह क्षेत्र अब रूसी इलाके में स्थित है
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लखनऊ की सीबीआई की विशेष अदालत में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, पूर्व सीएम उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्यगोपाल दास और अन्य पर बाबरी विध्वंस का मुकदमा चल रहा है. इससे पहले हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि CBI जज एसके यादव जब तक फैसला नहीं देते तब तक उन्हें रिटायर न किया जाए इसके लिए क्या किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि जज एसके यादव के कार्यकाल को कैसे बढ़ाया जा सकता है? साथ ही कानूनी प्रावधान क्या है? CBI जज एसके यादव ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए 6 महीने का और समय मांगा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह बेहद जरूरी है कि CBI जज एसके यादव मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाएं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जज एसके यादव से पूछा था कि वे किस तरीके से ट्रायल को तय वक्त में पूरा करेंगे. कोर्ट ने सील कवर लिफाफे में जानकारी देने को कहा था. 19 अप्रैल 2017 को दो साल में ट्रायल पूरा करने के आदेश दिए गए थे. कोर्ट ने जज की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया था.
सारांश: यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2020 तक फैसला सुनाने को कहा मामले में आडवाणी, जोशी सहित बीजेपी के कई नेता आरोपी
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपराध शाखा ने कहा था कि पुलिस ने उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें आरोपी को किशोर ठहराया गया है. याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर ने कहा, ‘इसकी समय से पहले सुनवाई का मामला नहीं बनाया गया है. इस मामले पर उचित तारीख पर विचार किया जाए.' इस मामले को पांच अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया गया. अपराध शाखा जल्द सुनवाई की दरख्वास्त करते हुए उच्च न्यायालय पहुंची थी क्योंकि किशोर न्याय बोर्ड  ‘अपराधी प्रवृति वाले इस किशोर' के खिलाफ आठ जुलाई को आरोप निर्धारण के बाद अपनी कार्यवाही शुरू कर चुका था. बोर्ड ने अपराध शाखा अभियोजन को इस मामले में अपना सबूत प्रस्तुत करने को कहा था. अपराध शाखा की याचिका में कहा गया है, ‘यदि किशोर न्याय बोर्ड के सामने इस मामले की आगे की कार्यवाही पर इस चरण में रोक नहीं लगायी गयी तो पुनरीक्षण याचिका निष्फल हो जाएगी और अपराधी आरोपी के नाबालिग होने के निर्धारण का मूल प्रश्न धरा का धरा रह जाएगा.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कठुआ मामले में किशोर आरोपी की सोमवार को होगी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड करेगा सुनवाई आरोपी के नाबालिग होने की स्थिति पर अब तक निर्णय नहीं
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल का पांच साल का बच्चा आरिफुल शेख करीब एक साल से बांग्लादेश के कुष्टिया में जेल में बंद है। उसे और उसके दादा-दादी को भारत-बांग्लादेश सीमा को पार करते समय बांग्लादेश के सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार कर लिया था।टिप्पणियां हाशिमुद्दीन शेख, उनकी पत्नी मफरूजा खातून और उनके पांच साल के पोते आरिफुल को पिछले साल 15 अप्रैल को दौलतपुर जिले में पियारपुर सीमा के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश करते समय पकड़ लिया गया था। ये लोग बांग्लादेश में अपने एक रिश्तेदार के घर जा रहे थे, लेकिन उनके पास आवश्यक कागजात नहीं थे, इसलिए इन पर पांच सौ टका का जुर्माना किया गया। चूंकि उनके पास पैसे नहीं थे, इसलिए इन्हें दो महीने जेल में काटने का आदेश दिया गया। लेकिन सजा पूरी होने के महीनों बीत जाने के बाद भी ये लोग भारत नहीं लौट सके हैं। जब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और भारत सरकार ने इन लोगों को गलत तरीके से जेल में रोके रखने की आलोचना की और उनकी शीघ्र रिहाई की मांग की, तो बांग्लादेश के गृहमंत्री ने 15 अप्रैल को उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया, लेकिन अभी तक न तो उस बच्चे और न ही उसके दादा-दादी के बारे में कोई खबर मिल सकी है। हाशिमुद्दीन शेख, उनकी पत्नी मफरूजा खातून और उनके पांच साल के पोते आरिफुल को पिछले साल 15 अप्रैल को दौलतपुर जिले में पियारपुर सीमा के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश करते समय पकड़ लिया गया था। ये लोग बांग्लादेश में अपने एक रिश्तेदार के घर जा रहे थे, लेकिन उनके पास आवश्यक कागजात नहीं थे, इसलिए इन पर पांच सौ टका का जुर्माना किया गया। चूंकि उनके पास पैसे नहीं थे, इसलिए इन्हें दो महीने जेल में काटने का आदेश दिया गया। लेकिन सजा पूरी होने के महीनों बीत जाने के बाद भी ये लोग भारत नहीं लौट सके हैं। जब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और भारत सरकार ने इन लोगों को गलत तरीके से जेल में रोके रखने की आलोचना की और उनकी शीघ्र रिहाई की मांग की, तो बांग्लादेश के गृहमंत्री ने 15 अप्रैल को उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया, लेकिन अभी तक न तो उस बच्चे और न ही उसके दादा-दादी के बारे में कोई खबर मिल सकी है। चूंकि उनके पास पैसे नहीं थे, इसलिए इन्हें दो महीने जेल में काटने का आदेश दिया गया। लेकिन सजा पूरी होने के महीनों बीत जाने के बाद भी ये लोग भारत नहीं लौट सके हैं। जब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और भारत सरकार ने इन लोगों को गलत तरीके से जेल में रोके रखने की आलोचना की और उनकी शीघ्र रिहाई की मांग की, तो बांग्लादेश के गृहमंत्री ने 15 अप्रैल को उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया, लेकिन अभी तक न तो उस बच्चे और न ही उसके दादा-दादी के बारे में कोई खबर मिल सकी है।
यह एक सारांश है: पश्चिम बंगाल के पांच साल के आरिफुल शेख और उसके दादा-दादी को सीमा पार करते समय बांग्लादेश के सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार कर लिया था।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय मंत्री ने एक पूर्व कांग्रेस विधायक तथा करीब 70 ग्राम प्रधानों के भाजपा में शामिल होने का जिक्र करते हुए कहा कि वे सभी अपनी उपेक्षा से नाराज थे. उन लोगों ने विकास की उम्मीद में कांग्रेस को समय दिया. उन्हें खासकर राहुल गांधी के नेतृत्व से आस थी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और अपमान की वजह से अमेठी की जनता का राहुल से मोहभंग हो रहा है. उन्होंने कहा, इससे संकेत मिलता है कि जो व्यक्ति पूरे देश को विकास के सब्जबाग दिखा रहा था, वह अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र तक में विकास करने में नाकाम रहा. यह दिखाता है कि अगर अमेठी के लोग किसी दूसरी पार्टी की तरफ देख रहे हैं, तो वह भाजपा ही है. केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांग्रेसनीत पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की योजनाओं का उद्घाटन किए जाने के राहुल के आरोप पर स्मृति ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहीं ना कहीं यह स्वीकार कर लिया है कि उन्हें सपने दिखाने की आदत है, वहीं भाजपा के पास अपने वादों को पूरा करने की ताकत है. (इनपुट्स भाषा से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राहुल गांधी के पास अमेठी के लिए समय नहीं राहुल गांधी ने किसानों की बात नहीं सुनी भाजपा सरकार विकास को अमेठी के कोने-कोने तक पहुंचाएगी
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: सीबीआई(CBI) के निदेशक पद पर ऋषि कुमार शुक्ला (Rishi Kumar Shukla) की नियुक्ति हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने उन्हें देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी का मुखिया बनाने का फैसला किया. रेस में शामिल 1983, 1984 और 1985 बैच के आईपीएस अफसरों के बीच शुक्ला ने बाजी मारकर सबको चौंका दिया. वजह कि अन्य अफसरों की तुलना में उनका नाम मीडिया की सुर्खियों में नहीं था. टेनिस और बैडमिंटन खेलकर फिटनेस दुरुस्त रखने के शौकीन शुक्ला का चयन करने वाली सेलेक्ट कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई और नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल रहे. खड़गे की आपत्ति के बावजूद कमेटी ने दो-एक से शुक्ला को डायरेक्टर बनाने का फैसला किया. इसी के साथ सेलेक्शन के आखिरी चरण तक पहुंचने के बावजूद आईपीएस जावीद अहमद, राजीव भटनागर, एपी माहेश्वरी और सुदीप लखटकिया पीछे छूट गए. यह वही आईपीएस ऋषि कुमार शुक्ला हैं, जिन्हें अभी पांच दिन पहले ही मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने डीजीपी पद से हटा दिया था. यूं तो कांग्रेस की सरकार बनते के बाद ही उनकी विदाई की अटकलें लगने लगीं थीं, मगर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीते 29 जनवरी को उन्हें डीजीपी पद से हटाकर जहां दोबारा पुलिस हाउसिंग बोर्ड में भेज दिया, वहीं उनकी जगह वीके सिंह को मध्य प्रदेश का नया डीजीपी बनाया था. शिवराज सरकार में डीजीपी बनने से पहले भी वह मप्र पुलिस हाउसिंड कार्पोरेशन के चेयरमैन रहे. नई सरकार बनने के बाद सियासी गलियारे में चर्चा रही कि कमलनाथ और डीजीपी शुक्ला के बीच पट नहीं रही थी. दूसरी प्रमुख बात थी कि शुक्ला को शिवराज सिंह चौहान का बेहद करीबी आईपीएस अफसर माना जाता है. ऐसे में कांग्रेस नेताओं के निशाने पर वह काफी पहले से थे. हालांकि डीजीपी पद से शुक्ला की विदाई के पीछे कांग्रेस आइटी सेल से जुड़े एक युवक की गिरफ्तारी को भी वजह बताया जाता है. जब बीते 24 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश पहुंचकर अभिषेक मिश्रा नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद कांग्रेस नेता भड़क उठे थे. खुद गृहमंत्रा बाला बच्चन ने इस पर हंगामा खड़ा करते हुए कहा था कि बगैर मध्य प्रदेश पुलिस को सूचित किए कैसे दिल्ली की पुलिस यहां आकर किसी को गिरफ्तार कर सकती है. सूत्र बताते हैं कि उस वक्त सीएम कमलनाथ इस बात पर नाराज हुए थे कि सूबे में दिल्ली पुलिस घुस रही है और कैसे मध्य प्रदेश पुलिस को रंचमात्र भनक भी नहीं लग रही. एमपी पुलिस के इंटेलीजेंस पर भी सवाल खड़े हुए थे. सूत्र बता रहे हैं कि इस घटना के बाद से कमलनाथ ने शुक्ला को हटाने का पूरा मन बना लिया. अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर गिरफ्तारी के तरीके को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी जताई थी. 1983 बैच के आईपीएस ऋषि कुमार शुक्ला मूलतः ग्वालियर स्थित लाला बाजार के रहने वाले हैं. काडर भी गृह प्रदेश का ही उन्हें 1983 में मिला था. सबसे चौंकाने वाली बात विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आई थी, जब वह स्वास्थ्य कारणों से करीब डेढ़ महीने की लंबी छुट्टी पर चले गए थे. चुनाव के समय इतनी लंबी छुट्टी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं थीं. उनके इस फैसले से हलकान हुए चुनाव आयोग को उनकी जगह 1984 बैच के आईपीएस वीके सिंह को कार्यवाहक डीजीपी बनाना पड़ा था. विधानसभा चुनाव के बाद जब कांग्रेस की सरकार बनी और सत्ता की बागडोर कमलनाथ के हाथों आई तो शुक्ला के डीजीपी पद से हटने की अटकलें लगने लगीं. पांच दिन पहले 29 जनवरी को कमलनाथ सरकार ने ऋषि शुक्ला को डीजीपी पद से हटाकर हाउसिंग बोर्ड का मुखिया बना दिया. डीजीपी जैसे पद से हटाकर हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष बनाने का मतलब है सरकार की ओर से साइडलाइन किया जाना. उन्हें हटाए जाने के पीछे सरकार के सूत्रों ने कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने का हवाला दिया था.  शिवराज के माने जाते हैं करीबी अगर मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार न बनती तो ऋषि कुमार शुक्ला के नाम एक रिकॉर्ड जुड़ता. यह रिकॉर्ड चार साल तक डीजीपी रहने का बनता. दरअसल, शुक्ला अगस्त 2020 में रिटायर होने वाले हैं. शिवराज सिंह चौहान सरकार ने उन्हें 18 जून 2016 को डीजीपी बनाया था. इस प्रकार अगर वह चार साल तक डीजीपी पद पर रह सकते थे. हालांकि सूबे में निजाम के बदलने पर उन्हें पद से हटना पड़ा. सीबीआई में उनकी नियुक्ति दो साल के लिए हुई है. मध्य प्रदेश में वह यह  डीजीपी सुरेंद्र सिंह के रिटायरमेंट के बाद पुलिस महानिदेशक बने थे. बताया जाता है कि बीजेपी की सरकार में वह इतने भरोसेमंद हैं कि डीजीपी बनने से पहले भी वह कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर शिवराज सिंह चौहान के सलाहकार की भूमिका निभाते थे. पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का चेयरमैन रहते हुए शुक्ला ने आवास की समस्या हल करने की दिशा में जोर दिया था. उनके बारे में कहा जाता है कि वह अपने मातहत अफसरों और कर्मियों के हितों के लिए नेताओं से भी टकराने से नहीं हिचकते. उनके अंडर में काम कर चुके अफसर उन्हें मीठी बोली में कड़ी नसीहत देने वाला पुलिस अफसर मानते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 1983 बैच के एमपी काडर के आईपीएस ऋषि शुक्ला बने सीबीआई चीफ शिवराज सिंह चौहान सरकार ने 2016 में बनाया था एमपी का डीजीपी एमपी की नई कमलनाथ सरकार ने 29 जनवरी को पद से हटाया था
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लखनऊ जिले की दो विधानसभा सीटों मोहनलालगंज और सरोजनीनगर के चुनाव में इस्तेमाल हुई इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन रखे जाने के ‘स्ट्रांगरूम’ में पानी घुस जाने की आशंका के मद्देनजर चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें नुकसान पहुंचने की बेहद कम संभावना है और वह उम्मीदवारों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में मशीनों की जांच कराएगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए चौथे चरण में 19 फरवरी को हुए मतदान के बाद मोहनलालगंज और सरोजनीनगर सीटों की ईवीएम राजधानी के राजकीय पालीटेक्निक संस्थान स्थित स्ट्रांगरूम में रखे गए हैं, जिसके पास कल पानी फैला दिखने के बाद संबंधित उम्मीदवारों ने हंगामा करके स्ट्रांगरूम खुलवाकर मतदान मशीनों की जांच कराने की मांग की थी।टिप्पणियां चुनाव आयोग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि स्ट्रांग रूम में ईवीएम को क्षति पहुंचने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘पानी फैलने के कारण ईवीएम को नुकसान पहुंचने की बेहद कम संभावना है।’ उन्होंने कहा कि स्ट्रांगरूम को उम्मीदवारों और विधानसभा क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में खोला जाएगा। उन्होंने कहा, ‘संबद्ध उम्मीदवारों को पहले ही नोटिस भेजा जा चुका है।’ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए चौथे चरण में 19 फरवरी को हुए मतदान के बाद मोहनलालगंज और सरोजनीनगर सीटों की ईवीएम राजधानी के राजकीय पालीटेक्निक संस्थान स्थित स्ट्रांगरूम में रखे गए हैं, जिसके पास कल पानी फैला दिखने के बाद संबंधित उम्मीदवारों ने हंगामा करके स्ट्रांगरूम खुलवाकर मतदान मशीनों की जांच कराने की मांग की थी।टिप्पणियां चुनाव आयोग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि स्ट्रांग रूम में ईवीएम को क्षति पहुंचने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘पानी फैलने के कारण ईवीएम को नुकसान पहुंचने की बेहद कम संभावना है।’ उन्होंने कहा कि स्ट्रांगरूम को उम्मीदवारों और विधानसभा क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में खोला जाएगा। उन्होंने कहा, ‘संबद्ध उम्मीदवारों को पहले ही नोटिस भेजा जा चुका है।’ चुनाव आयोग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि स्ट्रांग रूम में ईवीएम को क्षति पहुंचने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘पानी फैलने के कारण ईवीएम को नुकसान पहुंचने की बेहद कम संभावना है।’ उन्होंने कहा कि स्ट्रांगरूम को उम्मीदवारों और विधानसभा क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में खोला जाएगा। उन्होंने कहा, ‘संबद्ध उम्मीदवारों को पहले ही नोटिस भेजा जा चुका है।’ चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘पानी फैलने के कारण ईवीएम को नुकसान पहुंचने की बेहद कम संभावना है।’ उन्होंने कहा कि स्ट्रांगरूम को उम्मीदवारों और विधानसभा क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में खोला जाएगा। उन्होंने कहा, ‘संबद्ध उम्मीदवारों को पहले ही नोटिस भेजा जा चुका है।’
लखनऊ जिले की दो विधानसभा सीटों मोहनलालगंज और सरोजनीनगर के चुनाव में इस्तेमाल हुई इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन रखे जाने के ‘स्ट्रांगरूम’ में पानी घुस जाने की आशंका के मद्देनजर चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें नुकसान पहुंचने की बेहद कम संभावना है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान की जेल में भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर हमला किए जाने को बहुत दुखद घटना बताया है। इस घटना के बारे में संवाददाताओं द्वारा पूछे जाने पर मनमोहन सिंह ने कहा, यह बहुत दुखद है। जेल में कुछ कैदियों ने उन पर हमला किया। यह बहुत दुखद है।टिप्पणियां पाकिस्तान की जेल में कैदियों के एक समूह के हमले के बाद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह कोमा में है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। वहां के चिकित्सकों ने शनिवार को बताया कि सरबजीत (49) की हालत स्थिर होने तक वे उनकी सर्जरी करने में सक्षम नहीं होंगे। लाहौर के जिन्ना हॉस्पिटल में उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। कोट लखपत जेल के बैरक में कम से कम छह कैदियों द्वारा निर्ममता से पीटे जाने के बाद उन्हें शुक्रवार को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरबजीत 'गहन बेहोशी' में हैं और सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने के चलते चिकित्सक शुक्रवार को सर्जरी करने में सक्षम नहीं थे। एक सूत्र ने बताया, उनकी हालत स्थिर होने तक किसी तरह की सर्जरी नहीं की जा सकती। पाकिस्तान की जेल में कैदियों के एक समूह के हमले के बाद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह कोमा में है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। वहां के चिकित्सकों ने शनिवार को बताया कि सरबजीत (49) की हालत स्थिर होने तक वे उनकी सर्जरी करने में सक्षम नहीं होंगे। लाहौर के जिन्ना हॉस्पिटल में उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। कोट लखपत जेल के बैरक में कम से कम छह कैदियों द्वारा निर्ममता से पीटे जाने के बाद उन्हें शुक्रवार को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरबजीत 'गहन बेहोशी' में हैं और सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने के चलते चिकित्सक शुक्रवार को सर्जरी करने में सक्षम नहीं थे। एक सूत्र ने बताया, उनकी हालत स्थिर होने तक किसी तरह की सर्जरी नहीं की जा सकती। कोट लखपत जेल के बैरक में कम से कम छह कैदियों द्वारा निर्ममता से पीटे जाने के बाद उन्हें शुक्रवार को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरबजीत 'गहन बेहोशी' में हैं और सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने के चलते चिकित्सक शुक्रवार को सर्जरी करने में सक्षम नहीं थे। एक सूत्र ने बताया, उनकी हालत स्थिर होने तक किसी तरह की सर्जरी नहीं की जा सकती।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान की जेल में कैदियों के एक समूह के हमले के बाद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह कोमा में है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मैक्सिको की अभिनेत्री सलमा हायेक अगर फिल्मी दुनिया में काम नहीं कर रही होतीं तो शायद आज वह एक अंतरिक्ष यात्री होतीं।टिप्पणियां यूएस मैग्जीन की खबरों के मुताबिक, 46 वर्षीय अभिनेत्री अपनी नई फिल्म ‘हियर कम्स द बूम’ में एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं। बहरहाल, वैकल्पिक करियर के लिए भी उनके पास कुछ आइडिया हैं। हायेक ने बताया कि उन्हें लगता है कि उनके लिए अंतरिक्ष में जाना अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा, मैं अतिसंवेदनशील व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन अगर मैं अभिनय नहीं कर रही होती तो शायद मैं एक अंतरिक्ष यात्री या एक फूलों की एक दुकान की मालकिन होती। यूएस मैग्जीन की खबरों के मुताबिक, 46 वर्षीय अभिनेत्री अपनी नई फिल्म ‘हियर कम्स द बूम’ में एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं। बहरहाल, वैकल्पिक करियर के लिए भी उनके पास कुछ आइडिया हैं। हायेक ने बताया कि उन्हें लगता है कि उनके लिए अंतरिक्ष में जाना अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा, मैं अतिसंवेदनशील व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन अगर मैं अभिनय नहीं कर रही होती तो शायद मैं एक अंतरिक्ष यात्री या एक फूलों की एक दुकान की मालकिन होती। उन्होंने कहा, मैं अतिसंवेदनशील व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन अगर मैं अभिनय नहीं कर रही होती तो शायद मैं एक अंतरिक्ष यात्री या एक फूलों की एक दुकान की मालकिन होती।
संक्षिप्त पाठ: मैक्सिको की अभिनेत्री सलमा हायेक अगर फिल्मी दुनिया में काम नहीं कर रही होतीं तो शायद आज वह एक अंतरिक्ष यात्री होतीं।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मंगलवार से शुरु होने वाले कर्नाटक विधानसभा के बजट सत्र में हंगामें के आसार हैं। बीजेपी की अंदरुनी खींचतान के चलते विपक्ष चौतरफा हमला बोलने की तैयारी में है।टिप्पणियां 30 मार्च तक चलने वाला कर्नाटक का यह बजट सत्र उस समय हो रहा है जब पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा फिर से गद्दी पाने के लिए तरह−तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। येदियुरप्पा ने पार्टी के खिलाफ जाते हुए अपने एक समर्थक बीजे पुट्टास्वामी को राज्यसभा का नामांकन भी करवा दिया। बाद में बीजेपी ने पुट्टास्वामी को पार्टी से निलंबित कर दिया। 30 मार्च तक चलने वाला कर्नाटक का यह बजट सत्र उस समय हो रहा है जब पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा फिर से गद्दी पाने के लिए तरह−तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। येदियुरप्पा ने पार्टी के खिलाफ जाते हुए अपने एक समर्थक बीजे पुट्टास्वामी को राज्यसभा का नामांकन भी करवा दिया। बाद में बीजेपी ने पुट्टास्वामी को पार्टी से निलंबित कर दिया। येदियुरप्पा ने पार्टी के खिलाफ जाते हुए अपने एक समर्थक बीजे पुट्टास्वामी को राज्यसभा का नामांकन भी करवा दिया। बाद में बीजेपी ने पुट्टास्वामी को पार्टी से निलंबित कर दिया।
मंगलवार से शुरु होने वाले कर्नाटक विधानसभा के बजट सत्र में हंगामें के आसार हैं। बीजेपी की अंदरुनी खींचतान के चलते विपक्ष चौतरफा हमला बोलने की तैयारी में है।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्पेक्ट्रम आवंटन नीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि अब दूरसंचार सेवा लाइसेंस के साथ रेडियो स्पेक्ट्रम नहीं दिया जाएगा। दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि अब सभी ऑपरेटरों को शुरुआती के साथ अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए बाजार कीमत चुकानी होगी। नीति में इस बदलाव से मोबाइल सेवाएं महंगी हो सकती हैं। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कथित घोटाले के मद्देनजर सरकार ने स्पेक्ट्रम और लाइसेंस को अलग-अलग करने की यह घोषणा की है। सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा, भविष्य में लाइसेंस के साथ स्पेक्ट्रम नहीं दिया जाएगा। दूरसंचार ऑपरेटरों जारी किया जाने वाला लाइसेंस, एकीकृत सेवा लाइसेंस होगा। लाइसेंसधारक को इसके जरिये चाहे जिस प्रकार भी दूरसंचार सेवा देने की अनुमति होगी। मंत्री ने कहा कि यदि लाइसेंस धारक वायरलेस सेवाएं देना चाहेगा, तो उसे बाजार आधारित प्रक्रिया के जरिये स्पेक्ट्रम हासिल करना होगा। अभी तक ऑपरेटरों को दूरसंचार लाइसेंसों के साथ ही स्पेक्ट्रम भी दिया जा रहा था, जिससे कॉल दरें काफी निचले स्तर पर आ गई हैं और सेवाप्रदाताओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा छिड़ी हुई है। इसका मतलब यह हुआ कि यदि नए ऑपरेटरों का लाइसेंस वैध रहता है, तो उन्हें 1.8 मेगाहर्ट्ज के अतिरिक्त 2जी स्पेक्ट्रम के लिए बाजार मूल्य चुकाना होगा। इससे उनके लिए परिचालन वित्तीय दृष्टि से व्यावहारिक नहीं रह जाएगा। वहीं पुराने ऑपरेटरों, जिनके पास 6.2 मेगाहर्ट्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम है, उन्हें इसके लिए बाजार मूल्य के आधार पर कीमत चुकानी होगी। सिब्बल ने कहा कि ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगे। संपर्क किए जाने पर एक नए ऑपरेटर ने कहा कि नई व्यवस्था पुराने ऑपरेटरों के लिए फायदे की स्थिति है। पुराने ऑपरेटरों को 6.2 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम रखने की अनुमति दी गई है, जबकि नए ऑपरेटरों को 1.8 मेगाहर्ट्ज के अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए बाजार कीमत चुकानी होगी। ट्राई ने पिछले साल 2जी स्पेक्ट्रम की कीमतों को 3जी स्पेक्ट्रम के मूल्य से जोड़ने का सुझाव दिया था। दूरसंचार नियामक का यह प्रस्ताव उस समय आया था, जब सरकार ने 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से 67,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई थी। हालांकि जीएसएम ऑपरेटरों के विरोध के मद्देनजर ट्राई ने कहा था कि वह इस मसले पर नए सिरे से विचार करेगा और उसके बाद प्रस्ताव को अंतिम रूप देगा। ट्राई की पूर्व की सिफारिशों में ऑपरेटरों पर 6.2 मेगाहर्ट्ज से अतिरिक्त 2जी स्पेक्ट्रम पर एकमुश्त शुल्क लगाने का सुझाव दिया गया था।
सारांश: स्पेक्ट्रम आवंटन नीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने घोषणा की कि अब दूरसंचार सेवा लाइसेंस के साथ रेडियो स्पेक्ट्रम नहीं दिया जाएगा।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने मारन परिवार के स्वामित्व वाले सन टीवी नेटवर्क को मलेशिया की एक कंपनी से रिश्वत लेने के आरोपों की खबरों के बाद केंद्रीय कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन का इस्तीफा मांगा है। जयललिता ने कहा, मारन को इस्तीफा दे देना चाहिए और कानूनी कार्यवाही का सामना करना चाहिए। जयललिता ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हस्तक्षेप की भी मांग की। उन्होंने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री जानते हैं कि क्या किया जाना चाहिए और मुझे भरोसा है कि वह ऐसा करेंगे। प्रधानमंत्री को कैबिनेट से मारन का इस्तीफा मांगना चाहिए। मुझे भरोसा है कि प्रधानमंत्री ऐसा करेंगे, यदि उन्होंने पहले ऐसा नहीं किया है। संप्रग सरकार ने जहां इस मुद्दे पर मौन साध रखा है वहीं विपक्षी भाजपा ने मंगलवार को इन आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने इस संबंध में एक खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, संप्रग सरकार में हर रोज नए घोटाले सामने आ रहे हैं। एक नए घोटाले का खुलासा होने वाला है। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के भ्रष्टाचार का घड़ा भर गया है। कांग्रेस ने आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उधर मारन ने राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के बाद सोमवार रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लंबी बातचीत की। मारन ने इस मुद्दे पर खबर प्रकाशित करने पर साप्ताहिक पत्रिका तहलका को एक कानूनी नोटिस भी जारी किया है। मारन ने खबर को पूरी तरह गलत, निराधार और अपमानजनक कहा।
यहाँ एक सारांश है:जयललिता ने रिश्वतखोरी से लाभ के आरोपों के चलते दयानिधि मारन का इस्तीफा मांगा और प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यात्रियों के सफर को संगीतमय बनाने के लिए रेलवे ने राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों के डिब्बों में शास्त्रीय संगीत एवं धुन सुनाने की योजना बनाई है। योजना के मुताबिक शास्त्रीय संगीत की धुनों के लिए उस्ताद बिस्मिल्ला खान, टीएन राजरत्नम् पिल्लई और पंडित पन्नालाल घोष जैसे महान संगीतकारों का चयन किया गया है। राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में यात्रियों के मनोरंजन के लिए इन उस्तादों की धुनों को सार्वजनिक घोषणा प्रणाली के जरिए सुनाया जाएगा। रेलवे ने ऐसे उस्तादों के संगीत के लिए ऑल इंडिया रेडियो को अपना स्रोत बनाया है। रेलवे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हमने ऑल इंडिया रेडिया की लाइब्रेरी से ऐसे चुनिंदा संगीत एवं धुनों को मांगा है। रेडियो ने हमें राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में इन धुनों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा उस्ताद बिस्मिल्ला खान का शहनाई वादन, उस्ताद अलाउद्दीन खान का सरोद वादन और द्वाराम वेंकटस्वामी नायडू के वायलिन पर आधारित दुर्लभ राग, टीएन राजरत्नम पिल्लई का नादस्वरम और टीआर महालिंगम एवं पन्नालाल घोष के बांसुरी वादन को भी यात्रियों को सफर के दौरान सुनाया जाएगा।टिप्पणियां इसके साथ ही उस्ताद अलमान जान का थिरकवा, डागर बंधुओं का ध्रुपद गायन, निखिल बनर्जी का सितार वादन एवं राधिका मोहन मित्रा एवं शरन रानी बाकलीवाल के सरोद वादन को भी शामिल किया गया है। मंत्रालय ने सभी संभागीय रेलवे कार्यालयों को सफर के मुताबिक ही संगीत सुनाने संबंधी निर्देश भी जारी किए हैं। रेलवे अधिकारी ने बताया कि हम दिल्ली से चलने वाली शताब्दी ट्रेन में लाइव टीवी की सुविधा मुहैया कराने के बारे में प्रयास कर रहे हैं। योजना के मुताबिक शास्त्रीय संगीत की धुनों के लिए उस्ताद बिस्मिल्ला खान, टीएन राजरत्नम् पिल्लई और पंडित पन्नालाल घोष जैसे महान संगीतकारों का चयन किया गया है। राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में यात्रियों के मनोरंजन के लिए इन उस्तादों की धुनों को सार्वजनिक घोषणा प्रणाली के जरिए सुनाया जाएगा। रेलवे ने ऐसे उस्तादों के संगीत के लिए ऑल इंडिया रेडियो को अपना स्रोत बनाया है। रेलवे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हमने ऑल इंडिया रेडिया की लाइब्रेरी से ऐसे चुनिंदा संगीत एवं धुनों को मांगा है। रेडियो ने हमें राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में इन धुनों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा उस्ताद बिस्मिल्ला खान का शहनाई वादन, उस्ताद अलाउद्दीन खान का सरोद वादन और द्वाराम वेंकटस्वामी नायडू के वायलिन पर आधारित दुर्लभ राग, टीएन राजरत्नम पिल्लई का नादस्वरम और टीआर महालिंगम एवं पन्नालाल घोष के बांसुरी वादन को भी यात्रियों को सफर के दौरान सुनाया जाएगा।टिप्पणियां इसके साथ ही उस्ताद अलमान जान का थिरकवा, डागर बंधुओं का ध्रुपद गायन, निखिल बनर्जी का सितार वादन एवं राधिका मोहन मित्रा एवं शरन रानी बाकलीवाल के सरोद वादन को भी शामिल किया गया है। मंत्रालय ने सभी संभागीय रेलवे कार्यालयों को सफर के मुताबिक ही संगीत सुनाने संबंधी निर्देश भी जारी किए हैं। रेलवे अधिकारी ने बताया कि हम दिल्ली से चलने वाली शताब्दी ट्रेन में लाइव टीवी की सुविधा मुहैया कराने के बारे में प्रयास कर रहे हैं। रेलवे ने ऐसे उस्तादों के संगीत के लिए ऑल इंडिया रेडियो को अपना स्रोत बनाया है। रेलवे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हमने ऑल इंडिया रेडिया की लाइब्रेरी से ऐसे चुनिंदा संगीत एवं धुनों को मांगा है। रेडियो ने हमें राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में इन धुनों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा उस्ताद बिस्मिल्ला खान का शहनाई वादन, उस्ताद अलाउद्दीन खान का सरोद वादन और द्वाराम वेंकटस्वामी नायडू के वायलिन पर आधारित दुर्लभ राग, टीएन राजरत्नम पिल्लई का नादस्वरम और टीआर महालिंगम एवं पन्नालाल घोष के बांसुरी वादन को भी यात्रियों को सफर के दौरान सुनाया जाएगा।टिप्पणियां इसके साथ ही उस्ताद अलमान जान का थिरकवा, डागर बंधुओं का ध्रुपद गायन, निखिल बनर्जी का सितार वादन एवं राधिका मोहन मित्रा एवं शरन रानी बाकलीवाल के सरोद वादन को भी शामिल किया गया है। मंत्रालय ने सभी संभागीय रेलवे कार्यालयों को सफर के मुताबिक ही संगीत सुनाने संबंधी निर्देश भी जारी किए हैं। रेलवे अधिकारी ने बताया कि हम दिल्ली से चलने वाली शताब्दी ट्रेन में लाइव टीवी की सुविधा मुहैया कराने के बारे में प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही उस्ताद अलमान जान का थिरकवा, डागर बंधुओं का ध्रुपद गायन, निखिल बनर्जी का सितार वादन एवं राधिका मोहन मित्रा एवं शरन रानी बाकलीवाल के सरोद वादन को भी शामिल किया गया है। मंत्रालय ने सभी संभागीय रेलवे कार्यालयों को सफर के मुताबिक ही संगीत सुनाने संबंधी निर्देश भी जारी किए हैं। रेलवे अधिकारी ने बताया कि हम दिल्ली से चलने वाली शताब्दी ट्रेन में लाइव टीवी की सुविधा मुहैया कराने के बारे में प्रयास कर रहे हैं। मंत्रालय ने सभी संभागीय रेलवे कार्यालयों को सफर के मुताबिक ही संगीत सुनाने संबंधी निर्देश भी जारी किए हैं। रेलवे अधिकारी ने बताया कि हम दिल्ली से चलने वाली शताब्दी ट्रेन में लाइव टीवी की सुविधा मुहैया कराने के बारे में प्रयास कर रहे हैं।
संक्षिप्त पाठ: यात्रियों के सफर को संगीतमय बनाने के लिए रेलवे ने राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों के डिब्बों में शास्त्रीय संगीत एवं धुन सुनाने की योजना बनाई है।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) अपनी क्रिएटिविटी के साथ एक पायदान ऊपर चल रहे है. इस बार सलमान खान 'नच बलिए' सीजन 9 (Nach Baliye 9) के लिए प्रतियोगियों की पुरानी पलटन को वापस लाने के लिए तैयारी कर रहें हैं. नच बलिए एक ऐसा शो है जिसमें रियल जोड़ी 'बेस्ट डांसर' के खिताब को जीतने के लिए खून-पसीना बहाती है. लेकिन इस बार शो बेहद ही रोमांचक होने वाला है क्योंकि इस बार कंटेस्टेंटट अपने एक्स के साथ हाथ मिलाकर 9वें सीजन के लिए जोड़े में हिस्सा लेंगे. इस शो के लिए तैयारियां भी शुरु हो गई हैं. हालांकि, मेकर्स का ये आइडिया कितना सफल होगा ये तो शो के रिलीज होने के बाद ही पता चलेगा. बता दें स्टार प्लस पर आने वाले इस शो का प्रोमो रिलीज हो गया है. इस प्रोमो के रिलीज होने से फैन्स के अंदर एक्साइटमेंट बढ़ गया है. अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इस बार शो में जज की कुर्सी पर कौन विराजमान होगा लेकिन इस सीजन के होस्ट जेनिफर विंगेट (Jennifer Winget) और सुनील ग्रोवर (Sunil Grover) करेंगे.
संक्षिप्त पाठ: सलमान खान प्रोड्यूस करेंगे 'नच बलिए' सीजन 9 'नच बलिए' जल्द ही टीवी पर आएगा नजर 'नच बलिए' सीजन 9 में एक्स कपल आएंगे एक साथ!
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'बुद्धू बक्सा' या 'इडियट बॉक्स' कहे जाने वाले टीवी के चाहने वाले दुनियाभर में भले ही दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हों, लेकिन उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि टीवी से चिपके रहने की आदत उनकी अकाल मौत की वजह भी बन सकती है। हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (एचएसपीएच) द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार ज्यादा समय तक, यानि घंटों तक लगातार टेलीविजन देखने वालों को टाइप-2 मधुमेह, हृदय रोग होने तथा समयपूर्व मौत का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययन में शामिल रहे अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि रोजाना दो घंटे से अधिक समय तक टीवी देखने से मधुमेह होने का खतरा 20 प्रतिशत, और हृदय संबंधी रोग होने का खतरा 15 प्रतिशत तक बढ़ जाता है और रोजाना तीन घंटे से ज्यादा टीवी देखने पर समयपूर्व मौत के आसार 13 फीसदी तक बढ़ जाते हैं। एचएसपीएच में आहार एवं रोग विज्ञान के प्रोफेसर एवं अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले फ्रैंक हू ने कहा, "संदेश स्पष्ट है। टीवी देखना कम कीजिए, और टाइप-2 मधुमेह, हृदय रोग तथा समयपूर्व मौत के खतरे से बचिए।" हू ने कहा, "हमें न सिर्फ अपनी शारीरिक गतिविधियों का स्तर बढ़ाना चाहिए, बल्कि शरीर को गतिहीन बनाने वाली आदतों, खासकर लंबे समय तक टीवी देखने, से बचना चाहिए।" अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार विश्व में ज़्यादातर लोग अपने दिन को काम, नींद और टेलीविजन देखने में बांटकर रखते हैं। यूरोपीय और ऑस्ट्रेलियाई लोग टेलीविजन देखने में तीन से चार घंटे का समय गुजारते हैं, जबकि अमेरिकी बुद्धू बक्से पर रोज़ाना औसतन पांच घंटे खर्च करते हैं।
सारांश: हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार घंटों लगातार टीवी देखने वालों को मधुमेह, हृदय रोग तथा समयपूर्व मौत का खतरा बढ़ जाता है।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 2-जी घोटाले के मामले में सीबीआई ने करुणानिधि की बेटी कनिमोई को सहआरोपी बनाया है लेकिन इस चार्जशीट में करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल का नाम नहीं है। कनिमोई डीएमके सांसद हैं और कलाईगनार टीवी में उनकी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सीबीआई ने यह चार्जशीट पटियाला हाउस कोर्ट में दायर की है।सीबीआई का कहना है कि 2−जी घोटाले में फंसे स्वान टेलीकॉम ने डीएमके के टीवी चैनल कलाईगनार के खाते में 214 करोड़ रुपये पहुंचाए। ये पैसा डीबी रियलिटी ग्रुप की कंपनी कुसेगांव फ्रूट्स लिमिटेड और सिनेयुग फ़िल्म्स लिमिटेड के जरिये चैनल तक पहुंचा। दूसरी ओर कलाईगनार टीवी का कहना है कि ये रिश्वत नहीं, बल्कि लोन था, जिसे ब्याज के साथ बाद में लौटा दिया गया। कनिमोई ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने एनडीटीवी से कहा है कि अगर डीएमके के कुछ और सदस्यों के नाम आते हैं तो भी वह केन्द्र के सामने कोई मुश्किलें नहीं खड़ी करेंगे।
यह एक सारांश है: 2-जी घोटाले में सीबीआई ने करुणानिधि की बेटी कनिमोई को सहआरोपी बनाया है लेकिन इस चार्जशीट में पत्नी दयालु अम्मल का नाम नहीं है।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: यात्रियों से खचाखच भरी एक बस के हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में सड़क से फिसलकर 300 फुट गहरी एक खाई में गिरने से 18 महिलाओं सहित कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई और 46 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस ने दी। प्रभावितों में से अधिकतर लोग मिंजर में हिस्सा लेने के लिए चम्बा शहर जा रहे थे। मिंजर हिंदुओं का एक मेला है, जो मक्के में फूल लगने के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। आधिकारिक तौर पर मेला पांच अगस्त को समाप्त हो चुका है, लेकिन व्यापार और प्रदर्शनी 12 अगस्त तक जारी है। निजी बस दुलारो गांव से चम्बा जा रही थी। तभी वह शहर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर गगाला के निकट 300 फुट गहरी एक खाई में जा गिरी। यह दुर्घटना राजधानी से करीब 475 किलोमीटर की दूरी पर हुई। चम्बा के उपायुक्त सुनील चौधरी ने बताया, "40 सीटों वाली बस खचाखच भरी हुई थी। बस की छत पर भी लोग बैठे हुए थे।" उन्होंने बताया कि चालक सहित 37 यात्रियों की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई। अधिकतर घायलों को चम्बा के जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। नौ गम्भीर घायलों को कांगड़ा जिले के तांडा के राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया है। एक सवार अशोक कुमार ने कहा कि उसने अचानक एक तेज आवाज सुनी और उसके बाद बस खाई में पलटने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी बस से मृतकों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय अधिकारियों के दुर्घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही उस क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ज्यादातर मृतक चम्बा से हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। प्रभावितों में से अधिकतर लोग मिंजर में हिस्सा लेने के लिए चम्बा शहर जा रहे थे। मिंजर हिंदुओं का एक मेला है, जो मक्के में फूल लगने के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। आधिकारिक तौर पर मेला पांच अगस्त को समाप्त हो चुका है, लेकिन व्यापार और प्रदर्शनी 12 अगस्त तक जारी है। निजी बस दुलारो गांव से चम्बा जा रही थी। तभी वह शहर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर गगाला के निकट 300 फुट गहरी एक खाई में जा गिरी। यह दुर्घटना राजधानी से करीब 475 किलोमीटर की दूरी पर हुई। चम्बा के उपायुक्त सुनील चौधरी ने बताया, "40 सीटों वाली बस खचाखच भरी हुई थी। बस की छत पर भी लोग बैठे हुए थे।" उन्होंने बताया कि चालक सहित 37 यात्रियों की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई। अधिकतर घायलों को चम्बा के जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। नौ गम्भीर घायलों को कांगड़ा जिले के तांडा के राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया है। एक सवार अशोक कुमार ने कहा कि उसने अचानक एक तेज आवाज सुनी और उसके बाद बस खाई में पलटने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी बस से मृतकों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय अधिकारियों के दुर्घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही उस क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ज्यादातर मृतक चम्बा से हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। निजी बस दुलारो गांव से चम्बा जा रही थी। तभी वह शहर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर गगाला के निकट 300 फुट गहरी एक खाई में जा गिरी। यह दुर्घटना राजधानी से करीब 475 किलोमीटर की दूरी पर हुई। चम्बा के उपायुक्त सुनील चौधरी ने बताया, "40 सीटों वाली बस खचाखच भरी हुई थी। बस की छत पर भी लोग बैठे हुए थे।" उन्होंने बताया कि चालक सहित 37 यात्रियों की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई। अधिकतर घायलों को चम्बा के जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। नौ गम्भीर घायलों को कांगड़ा जिले के तांडा के राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया है। एक सवार अशोक कुमार ने कहा कि उसने अचानक एक तेज आवाज सुनी और उसके बाद बस खाई में पलटने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी बस से मृतकों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय अधिकारियों के दुर्घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही उस क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ज्यादातर मृतक चम्बा से हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। चम्बा के उपायुक्त सुनील चौधरी ने बताया, "40 सीटों वाली बस खचाखच भरी हुई थी। बस की छत पर भी लोग बैठे हुए थे।" उन्होंने बताया कि चालक सहित 37 यात्रियों की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई। अधिकतर घायलों को चम्बा के जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। नौ गम्भीर घायलों को कांगड़ा जिले के तांडा के राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया है। एक सवार अशोक कुमार ने कहा कि उसने अचानक एक तेज आवाज सुनी और उसके बाद बस खाई में पलटने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी बस से मृतकों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय अधिकारियों के दुर्घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही उस क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ज्यादातर मृतक चम्बा से हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। अधिकतर घायलों को चम्बा के जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। नौ गम्भीर घायलों को कांगड़ा जिले के तांडा के राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया है। एक सवार अशोक कुमार ने कहा कि उसने अचानक एक तेज आवाज सुनी और उसके बाद बस खाई में पलटने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी बस से मृतकों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय अधिकारियों के दुर्घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही उस क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ज्यादातर मृतक चम्बा से हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। एक सवार अशोक कुमार ने कहा कि उसने अचानक एक तेज आवाज सुनी और उसके बाद बस खाई में पलटने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी बस से मृतकों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय अधिकारियों के दुर्घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही उस क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ज्यादातर मृतक चम्बा से हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी बस से मृतकों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय अधिकारियों के दुर्घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही उस क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ज्यादातर मृतक चम्बा से हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। स्थानीय अधिकारियों के दुर्घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही उस क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ज्यादातर मृतक चम्बा से हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा की। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। सरकार ने मृतक के निकट सम्बंधियों के लिए एक लाख रुपये और घायलों के परिजन को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। राज्यपाल उर्मिला सिंह, विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। राज्य सरकार के आदेश पर दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। पुलिस ने इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए निजी बसों के ऑपरेटर्स के लापरवाह व बिना प्रशिक्षण प्राप्त ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराया है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। चम्बा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में से है। इस क्षेत्र के लिए बसों की कम संख्या व उनके कम फेरों की वजह से उनमें क्षमता से अधिक यात्री सवार रहते हैं।टिप्पणियां बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यात्राएं सामान्य हैं। खासतौर पर त्योहारों के दिनों में ऐसा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइवरों द्वारा मोबाइल फोन व म्यूजिक सिस्टम लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यात्रियों से खचाखच भरी एक बस के हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में सड़क से फिसलकर 300 फुट गहरी एक खाई में गिरने से 18 महिलाओं सहित कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई और 46 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस ने दी।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अध्यक्ष सी रंगराजन ने कहा कि अमेरिका में संकट तथा उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर के बावजूद परिषद 2011-12 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहने के अपने अनुमान पर कायम है। रंगराजन ने संवाददाताओं से कहा, हम जानते हैं कि अमेरिका में पहली छमाही में वृद्धि दर सिर्फ 1.8 प्रतिशत रही है। मौजूदा वित्तवर्ष में 8.2 प्रतिशत वृद्धि दर का हमारा अनुमान, इसी आधार पर था कि विकसित देशों में वृद्धि बहुत हल्की रहेगी। पीएमईएसी ने इसी माह जारी आर्थिक परिदृश्य (2011-12) में मौजूदा वित्तवर्ष में वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। 2010-11 में वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रही थी। उल्लेखनीय है कि स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने अमेरिकी की ऋण साख रेटिंग को घटा दिया है, जिसका असर दुनिया भर के शेयर तथा अन्य बाजारों पर देखा जा रहा है।
सारांश: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष रंगराजन ने कहा कि अमेरिका में संकट के बावजूद परिषद जीडीपी वृद्धि दर 8.2% रहने पर कायम है।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश पुलिस के एंटी टेरटिस्ट स्क्वाड ने नोएडा और चंदौली में छापेमारी कर 10 संदिग्ध नक्सलियों को गिरफ्तार किया है और इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं. अपराध के जरिए फंड जुटाने के बाद इनकी योजना दिल्ली और एनसीआर में बड़े हमले करने की थी.   नोएडा के सेक्टर 49 के हिंडन अपार्टमेंट से एक अलर्ट नागरिक की सूचना पर शनिवार रात यूपी एटीएस की टीमों ने छापा मारकर नौ संदिग्ध नक्सलियों को गिरफ़्तार किया. इनके पास भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद हुए. पकड़े गये लोगों की निशानदेही पर यूपी के चंदौली में भी एक संदिग्ध नक्सली पकड़ा गया. यूपी एटीएस का दावा है कि ये सभी पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के नक्सली हैं जो दिल्ली एनसीआर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फ़िराक़ में थे.   एटीएस के आईजी असीम अरुण के मुताबिक ये लोग दिल्ली एनसीआर में एटीएम और बैंक लूटने के अलावा कुछ अपहरण करने की फिराक में थे क्योंकि इन्हें लग रहा था कि पश्चिम बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौजूद संशाधनों से इनकी गतिविधियां ठीक तरह से संचालित नहीं हो पा रहीं हैं.    टिप्पणियां जो लोग गिरफ्तार हुए हैं उनमें चंदौली का रंजीत पासवान और सुनील रविदास, बिहार का कृष्ण कुमार, पवन कुमार, सुनील कुमार यादव और शैलेंद्र कुमार हैं. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा का सचिन कुमार, बुलंदशहर का सूरज, अलीगढ़ के आशीष सारस्वत और ब्रज किशोर हैं.   पुलिस के मुताबिक हिंडन अपार्टमेंट से गिरफ़्तार रंजीत पासवान बिहार के सासाराम में पीपुल्स वॉर ग्रुप का एरिया कमांडर है और वो 9 साल की सजा भी काट चुका है. रंजीत बम बनाने में भी माहिर है. वहीं चंदौली से गिरफ्तार सुनील रविदास भी कुख्यात नक्सली है जो फिलहाल इस नये ग्रुप का सरगना है. इनके पास से जो हथियार बरामद हुए हैं उनमें 45 जिलेटिन छड़ें, 125 डेटोनेटर, 7 पिस्तौल, 3 राइफलें, और 600 से ज़्यादा कारतूस हैं. पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में इनका किसी आतंकी संगठन से कनेक्शन सामने नहीं आया है. लेकिन जैसे हथियार और विस्फोटक मिले हैं उससे ऐसा लगता है कि ये लोग दिल्ली एनसीआर में बड़ा हमला करने की फिराक में थे. रंजीत पासवान अपने साथियों के साथ हिंडन अपार्टमेंट में पिछले 11 महीने से रह रहा था. उसने सभी का पहचान पत्र भी फ़र्ज़ी दिया था. नोएडा में दो फ़्लैट और एक दुकान उसने किराए पर ली हुई थी. पड़ोसियों को उसकी गतिविधियों की भनक तक नहीं थी. जो लोग गिरफ्तार हुए हैं उनमें चंदौली का रंजीत पासवान और सुनील रविदास, बिहार का कृष्ण कुमार, पवन कुमार, सुनील कुमार यादव और शैलेंद्र कुमार हैं. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा का सचिन कुमार, बुलंदशहर का सूरज, अलीगढ़ के आशीष सारस्वत और ब्रज किशोर हैं.   पुलिस के मुताबिक हिंडन अपार्टमेंट से गिरफ़्तार रंजीत पासवान बिहार के सासाराम में पीपुल्स वॉर ग्रुप का एरिया कमांडर है और वो 9 साल की सजा भी काट चुका है. रंजीत बम बनाने में भी माहिर है. वहीं चंदौली से गिरफ्तार सुनील रविदास भी कुख्यात नक्सली है जो फिलहाल इस नये ग्रुप का सरगना है. इनके पास से जो हथियार बरामद हुए हैं उनमें 45 जिलेटिन छड़ें, 125 डेटोनेटर, 7 पिस्तौल, 3 राइफलें, और 600 से ज़्यादा कारतूस हैं. पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में इनका किसी आतंकी संगठन से कनेक्शन सामने नहीं आया है. लेकिन जैसे हथियार और विस्फोटक मिले हैं उससे ऐसा लगता है कि ये लोग दिल्ली एनसीआर में बड़ा हमला करने की फिराक में थे. रंजीत पासवान अपने साथियों के साथ हिंडन अपार्टमेंट में पिछले 11 महीने से रह रहा था. उसने सभी का पहचान पत्र भी फ़र्ज़ी दिया था. नोएडा में दो फ़्लैट और एक दुकान उसने किराए पर ली हुई थी. पड़ोसियों को उसकी गतिविधियों की भनक तक नहीं थी. पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में इनका किसी आतंकी संगठन से कनेक्शन सामने नहीं आया है. लेकिन जैसे हथियार और विस्फोटक मिले हैं उससे ऐसा लगता है कि ये लोग दिल्ली एनसीआर में बड़ा हमला करने की फिराक में थे. रंजीत पासवान अपने साथियों के साथ हिंडन अपार्टमेंट में पिछले 11 महीने से रह रहा था. उसने सभी का पहचान पत्र भी फ़र्ज़ी दिया था. नोएडा में दो फ़्लैट और एक दुकान उसने किराए पर ली हुई थी. पड़ोसियों को उसकी गतिविधियों की भनक तक नहीं थी.
ये दिल्ली में बड़ी वारदात को अंजाम देना चाहते थे ये लोग कमांडो की ड्रेस में थे इनके पास से छह हथियार और विस्फोटक बरामद
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सीबीआई ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को कंप्यूटरों की खरीद में 50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में राजेंद्र कुमार के अलावा चार अन्य लोगों - संदीप कुमार, दिनेश कुमार, तरुण शर्मा और अशोक कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई इस घोटाले में राजेंद्र कुमार को 'किंगपिन' बता रही है। सीबीआई का आरोप है कि राजेंद्र कुमार ने अलग-अलग महकमों की जिम्मेदारी संभालते हुए अपनों के नाम बनाई कई फर्जी कंपनियों को फायदा पहुंचाया। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी की एफआईआर में कहा गया है कि 2006 में एंडेवर्स सिस्टम्स नाम की कंपनी बनाई गई। ये राजेंद्र कुमार और अशोक कुमार की फ्रंट कंपनी है। दिनेश कुमार गुप्ता और संदीप कुमार इसके निदेशक थे। ये कंपनी सॉफ्टवेयर और सॉल्यूशन मुहैया कराती थी। 2007 में राजेंद्र कुमार ने दिल्ली सरकार की ओर से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए ICSIL का एक पैनल बनाने की प्रक्रिया शुरू की। 2007 में राजेंद्र कुमार दिल्ली ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के सचिव बनाए गए। बिना उचित टेंडर के वे ठेके बांटते रहे। यह कुल मिलाकर 50 करोड़ रुपये का घोटाला है। राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पर दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार निचले स्तर पर उतर आई है। यह दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश है। दिल्ली सरकार के काम करने वाले अधिकारियों को हटाया जा रहा है। सिसोदिया ने कहा कि राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पूरे सीएम दफ्तर को पंगु बनाने के मकसद से किया गया है। केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कदम उठा रही है।टिप्पणियां पिछले साल 15 दिसंबर को सीबीआई ने मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के करीब राजेंद्र कुमार के दफ्तर में छापा मारा था। राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई के छापे के बाद 'आप' सरकार और केंद्र सरकार के बीच तीखा आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर चला था। राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं और अरविंद केजरीवाल के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया। केजरीवाल की तरह राजेंद्र कुमार भी आईआईटी के छात्र रह चुके हैं। सीबीआई का आरोप है कि राजेंद्र कुमार ने अलग-अलग महकमों की जिम्मेदारी संभालते हुए अपनों के नाम बनाई कई फर्जी कंपनियों को फायदा पहुंचाया। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी की एफआईआर में कहा गया है कि 2006 में एंडेवर्स सिस्टम्स नाम की कंपनी बनाई गई। ये राजेंद्र कुमार और अशोक कुमार की फ्रंट कंपनी है। दिनेश कुमार गुप्ता और संदीप कुमार इसके निदेशक थे। ये कंपनी सॉफ्टवेयर और सॉल्यूशन मुहैया कराती थी। 2007 में राजेंद्र कुमार ने दिल्ली सरकार की ओर से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए ICSIL का एक पैनल बनाने की प्रक्रिया शुरू की। 2007 में राजेंद्र कुमार दिल्ली ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के सचिव बनाए गए। बिना उचित टेंडर के वे ठेके बांटते रहे। यह कुल मिलाकर 50 करोड़ रुपये का घोटाला है। राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पर दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार निचले स्तर पर उतर आई है। यह दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश है। दिल्ली सरकार के काम करने वाले अधिकारियों को हटाया जा रहा है। सिसोदिया ने कहा कि राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पूरे सीएम दफ्तर को पंगु बनाने के मकसद से किया गया है। केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कदम उठा रही है।टिप्पणियां पिछले साल 15 दिसंबर को सीबीआई ने मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के करीब राजेंद्र कुमार के दफ्तर में छापा मारा था। राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई के छापे के बाद 'आप' सरकार और केंद्र सरकार के बीच तीखा आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर चला था। राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं और अरविंद केजरीवाल के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया। केजरीवाल की तरह राजेंद्र कुमार भी आईआईटी के छात्र रह चुके हैं। 2007 में राजेंद्र कुमार ने दिल्ली सरकार की ओर से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए ICSIL का एक पैनल बनाने की प्रक्रिया शुरू की। 2007 में राजेंद्र कुमार दिल्ली ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के सचिव बनाए गए। बिना उचित टेंडर के वे ठेके बांटते रहे। यह कुल मिलाकर 50 करोड़ रुपये का घोटाला है। राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पर दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार निचले स्तर पर उतर आई है। यह दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश है। दिल्ली सरकार के काम करने वाले अधिकारियों को हटाया जा रहा है। सिसोदिया ने कहा कि राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पूरे सीएम दफ्तर को पंगु बनाने के मकसद से किया गया है। केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कदम उठा रही है।टिप्पणियां पिछले साल 15 दिसंबर को सीबीआई ने मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के करीब राजेंद्र कुमार के दफ्तर में छापा मारा था। राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई के छापे के बाद 'आप' सरकार और केंद्र सरकार के बीच तीखा आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर चला था। राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं और अरविंद केजरीवाल के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया। केजरीवाल की तरह राजेंद्र कुमार भी आईआईटी के छात्र रह चुके हैं। राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पर दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार निचले स्तर पर उतर आई है। यह दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश है। दिल्ली सरकार के काम करने वाले अधिकारियों को हटाया जा रहा है। सिसोदिया ने कहा कि राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पूरे सीएम दफ्तर को पंगु बनाने के मकसद से किया गया है। केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कदम उठा रही है।टिप्पणियां पिछले साल 15 दिसंबर को सीबीआई ने मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के करीब राजेंद्र कुमार के दफ्तर में छापा मारा था। राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई के छापे के बाद 'आप' सरकार और केंद्र सरकार के बीच तीखा आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर चला था। राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं और अरविंद केजरीवाल के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया। केजरीवाल की तरह राजेंद्र कुमार भी आईआईटी के छात्र रह चुके हैं। पिछले साल 15 दिसंबर को सीबीआई ने मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के करीब राजेंद्र कुमार के दफ्तर में छापा मारा था। राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई के छापे के बाद 'आप' सरकार और केंद्र सरकार के बीच तीखा आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर चला था। राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं और अरविंद केजरीवाल के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया। केजरीवाल की तरह राजेंद्र कुमार भी आईआईटी के छात्र रह चुके हैं। राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं और अरविंद केजरीवाल के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया। केजरीवाल की तरह राजेंद्र कुमार भी आईआईटी के छात्र रह चुके हैं।
संक्षिप्त सारांश: 50 करोड़ के कथित घोटाले में राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पिछले साल सीबीआई ने उनके दफ्तर पर मारा था छापा प्रधान सचिव की गिरफ्तारी पर 'आप' सरकार ने केंद्र पर बोला तीखा हमला
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: नाइजीरिया के दो शहरों दमतुरू और कदुना में तीन दिन में गुटीय झड़पों तथा आतंकियों और सरकारी सैनिकों के बीच गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 101 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले रविवार को तीन गिरजाघरों पर आत्मघाती बम हमले किए गए थे। कदुना शहर में इसाइयों ने इस्लामी कट्टरपंथी गुट बोको हराम के संदिग्ध सदस्यों द्वारा किए गए बम हमलों के बदले में मस्जिद जलाई और मुसलमानों को कथित तौर पर मारा। नाइजीरिया के उत्तरी राज्य योबे के दमतुरू शहर में सैनिकों तथा आतंकवादियों के बीच गोलीबारी में छह सुरक्षाकर्मियों सहित 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई। राज्य पुलिस के प्रवक्ता पैट्रिक एजबनाइवे ने बताया कि मृतकों में से 34 आतंकी संगठन बोको हराम के सदस्य थे। एक अन्य सूत्र ने दावा किया कि दमतुरू के सैनी अबाचा अस्पताल में आठ पुलिसकर्मियों और तीन सैनिकों के शव लाए गए। योबे और कदुना के प्रशासन ने फिर से जानलेवा टकराव टालने के लिए 24 घंटे के कर्फ्यू की घोषणा की है। घरों से बाहर न निकल पाने की वजह से नागरिकों को खाद्यान्न और पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कदुना में आत्मघाती हमले के बाद हुई हिंसा में 61 से अधिक लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए। कई लोग छिपकर समीपवर्ती एटीएम काउंटरों तक गए, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी, क्योंकि मशीनों से नकदी नहीं निकली। इस बीच, डिफेन्स स्टाफ एयर मार्शल ओलुसी पेतुरिन सहित देश के सर्वोच्च रक्षा प्रमुख हिंसाग्रस्त इलाकों की ओर रवाना हो गए हैं। उन्होंने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।टिप्पणियां माइदुगुरी शहर में आतंकियों के ठिकाने हैं और इस शहर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना की एक प्रभारी यूनिट संयुक्त कार्य बल ने नागरिकों को इस्लामी आतंकवादी समूह बोको हराम की आत्मघाती हमले करने की साजिश के बारे में चेतावनी दी है। कट्टरपंथी गुट बोको हराम ने अफ्रीका के इस सबसे बड़े तेल उत्पादक देश में इस्लामी सरकार बनाने और शरीया कानून लागू करने के लिए युद्ध छेड़ रखा है। नाइजीरिया में बोको हराम की हिंसा लगातार बढ़ रही है। उत्तरी शहर कानो में 20 जनवरी को कई बम हमलों और गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 185 लोग मारे गए थे। अबुजा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में पिछले साल बोको हराम के आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 15 करोड़ की आबादी वाले नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई दोनों रहते हैं। उत्तरी क्षेत्र में जहां मुसलमानों की आबादी अधिक है, वहीं ईसाई मुख्य रूप से दक्षिण में बसे हैं। कदुना शहर में इसाइयों ने इस्लामी कट्टरपंथी गुट बोको हराम के संदिग्ध सदस्यों द्वारा किए गए बम हमलों के बदले में मस्जिद जलाई और मुसलमानों को कथित तौर पर मारा। नाइजीरिया के उत्तरी राज्य योबे के दमतुरू शहर में सैनिकों तथा आतंकवादियों के बीच गोलीबारी में छह सुरक्षाकर्मियों सहित 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई। राज्य पुलिस के प्रवक्ता पैट्रिक एजबनाइवे ने बताया कि मृतकों में से 34 आतंकी संगठन बोको हराम के सदस्य थे। एक अन्य सूत्र ने दावा किया कि दमतुरू के सैनी अबाचा अस्पताल में आठ पुलिसकर्मियों और तीन सैनिकों के शव लाए गए। योबे और कदुना के प्रशासन ने फिर से जानलेवा टकराव टालने के लिए 24 घंटे के कर्फ्यू की घोषणा की है। घरों से बाहर न निकल पाने की वजह से नागरिकों को खाद्यान्न और पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कदुना में आत्मघाती हमले के बाद हुई हिंसा में 61 से अधिक लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए। कई लोग छिपकर समीपवर्ती एटीएम काउंटरों तक गए, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी, क्योंकि मशीनों से नकदी नहीं निकली। इस बीच, डिफेन्स स्टाफ एयर मार्शल ओलुसी पेतुरिन सहित देश के सर्वोच्च रक्षा प्रमुख हिंसाग्रस्त इलाकों की ओर रवाना हो गए हैं। उन्होंने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।टिप्पणियां माइदुगुरी शहर में आतंकियों के ठिकाने हैं और इस शहर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना की एक प्रभारी यूनिट संयुक्त कार्य बल ने नागरिकों को इस्लामी आतंकवादी समूह बोको हराम की आत्मघाती हमले करने की साजिश के बारे में चेतावनी दी है। कट्टरपंथी गुट बोको हराम ने अफ्रीका के इस सबसे बड़े तेल उत्पादक देश में इस्लामी सरकार बनाने और शरीया कानून लागू करने के लिए युद्ध छेड़ रखा है। नाइजीरिया में बोको हराम की हिंसा लगातार बढ़ रही है। उत्तरी शहर कानो में 20 जनवरी को कई बम हमलों और गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 185 लोग मारे गए थे। अबुजा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में पिछले साल बोको हराम के आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 15 करोड़ की आबादी वाले नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई दोनों रहते हैं। उत्तरी क्षेत्र में जहां मुसलमानों की आबादी अधिक है, वहीं ईसाई मुख्य रूप से दक्षिण में बसे हैं। एक अन्य सूत्र ने दावा किया कि दमतुरू के सैनी अबाचा अस्पताल में आठ पुलिसकर्मियों और तीन सैनिकों के शव लाए गए। योबे और कदुना के प्रशासन ने फिर से जानलेवा टकराव टालने के लिए 24 घंटे के कर्फ्यू की घोषणा की है। घरों से बाहर न निकल पाने की वजह से नागरिकों को खाद्यान्न और पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कदुना में आत्मघाती हमले के बाद हुई हिंसा में 61 से अधिक लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए। कई लोग छिपकर समीपवर्ती एटीएम काउंटरों तक गए, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी, क्योंकि मशीनों से नकदी नहीं निकली। इस बीच, डिफेन्स स्टाफ एयर मार्शल ओलुसी पेतुरिन सहित देश के सर्वोच्च रक्षा प्रमुख हिंसाग्रस्त इलाकों की ओर रवाना हो गए हैं। उन्होंने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।टिप्पणियां माइदुगुरी शहर में आतंकियों के ठिकाने हैं और इस शहर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना की एक प्रभारी यूनिट संयुक्त कार्य बल ने नागरिकों को इस्लामी आतंकवादी समूह बोको हराम की आत्मघाती हमले करने की साजिश के बारे में चेतावनी दी है। कट्टरपंथी गुट बोको हराम ने अफ्रीका के इस सबसे बड़े तेल उत्पादक देश में इस्लामी सरकार बनाने और शरीया कानून लागू करने के लिए युद्ध छेड़ रखा है। नाइजीरिया में बोको हराम की हिंसा लगातार बढ़ रही है। उत्तरी शहर कानो में 20 जनवरी को कई बम हमलों और गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 185 लोग मारे गए थे। अबुजा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में पिछले साल बोको हराम के आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 15 करोड़ की आबादी वाले नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई दोनों रहते हैं। उत्तरी क्षेत्र में जहां मुसलमानों की आबादी अधिक है, वहीं ईसाई मुख्य रूप से दक्षिण में बसे हैं। कदुना में आत्मघाती हमले के बाद हुई हिंसा में 61 से अधिक लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए। कई लोग छिपकर समीपवर्ती एटीएम काउंटरों तक गए, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी, क्योंकि मशीनों से नकदी नहीं निकली। इस बीच, डिफेन्स स्टाफ एयर मार्शल ओलुसी पेतुरिन सहित देश के सर्वोच्च रक्षा प्रमुख हिंसाग्रस्त इलाकों की ओर रवाना हो गए हैं। उन्होंने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।टिप्पणियां माइदुगुरी शहर में आतंकियों के ठिकाने हैं और इस शहर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना की एक प्रभारी यूनिट संयुक्त कार्य बल ने नागरिकों को इस्लामी आतंकवादी समूह बोको हराम की आत्मघाती हमले करने की साजिश के बारे में चेतावनी दी है। कट्टरपंथी गुट बोको हराम ने अफ्रीका के इस सबसे बड़े तेल उत्पादक देश में इस्लामी सरकार बनाने और शरीया कानून लागू करने के लिए युद्ध छेड़ रखा है। नाइजीरिया में बोको हराम की हिंसा लगातार बढ़ रही है। उत्तरी शहर कानो में 20 जनवरी को कई बम हमलों और गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 185 लोग मारे गए थे। अबुजा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में पिछले साल बोको हराम के आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 15 करोड़ की आबादी वाले नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई दोनों रहते हैं। उत्तरी क्षेत्र में जहां मुसलमानों की आबादी अधिक है, वहीं ईसाई मुख्य रूप से दक्षिण में बसे हैं। माइदुगुरी शहर में आतंकियों के ठिकाने हैं और इस शहर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना की एक प्रभारी यूनिट संयुक्त कार्य बल ने नागरिकों को इस्लामी आतंकवादी समूह बोको हराम की आत्मघाती हमले करने की साजिश के बारे में चेतावनी दी है। कट्टरपंथी गुट बोको हराम ने अफ्रीका के इस सबसे बड़े तेल उत्पादक देश में इस्लामी सरकार बनाने और शरीया कानून लागू करने के लिए युद्ध छेड़ रखा है। नाइजीरिया में बोको हराम की हिंसा लगातार बढ़ रही है। उत्तरी शहर कानो में 20 जनवरी को कई बम हमलों और गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 185 लोग मारे गए थे। अबुजा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में पिछले साल बोको हराम के आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 15 करोड़ की आबादी वाले नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई दोनों रहते हैं। उत्तरी क्षेत्र में जहां मुसलमानों की आबादी अधिक है, वहीं ईसाई मुख्य रूप से दक्षिण में बसे हैं। नाइजीरिया में बोको हराम की हिंसा लगातार बढ़ रही है। उत्तरी शहर कानो में 20 जनवरी को कई बम हमलों और गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 185 लोग मारे गए थे। अबुजा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में पिछले साल बोको हराम के आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 15 करोड़ की आबादी वाले नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई दोनों रहते हैं। उत्तरी क्षेत्र में जहां मुसलमानों की आबादी अधिक है, वहीं ईसाई मुख्य रूप से दक्षिण में बसे हैं।
संक्षिप्त पाठ: नाइजीरिया के दो शहरों दमतुरू और कदुना में तीन दिन में गुटीय झड़पों तथा आतंकियों और सरकारी सैनिकों के बीच गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 101 लोगों की मौत हो गई।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में गैंगरेप के एक नया मामला सामने आया है। ये मामला 1 जनवरी का है जब पांच लोगों ने एक शादीशुदा महिला को अगवा करके उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। मेडिकल रिपोर्ट में महिला के साथ बलात्कार पुष्टि हो गई है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ़्तार भी किया है जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस ने अब तक केस को दबाकर रखा था। अब जब दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों गिरफ्तार किया है तब जाकर पुलिस ने यह जानकारी मीडिया को दी है। राहुल, सुनील और योगेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की कई आरोपियों को जानती है। बताया जा रहा है कि पीड़िता आगरा की रहने वाली है। वह अपने मित्र के घर दिल्ली में आई थी। लड़की का कहना है कि पांच लड़कों ने उसे एक कार में अगवा किया। बाहरी दिल्ली के अलीपुर इलाके की घटना है। मेडिकल रिपोर्ट में महिला के साथ बलात्कार पुष्टि हो गई है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ़्तार भी किया है जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस ने अब तक केस को दबाकर रखा था। अब जब दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों गिरफ्तार किया है तब जाकर पुलिस ने यह जानकारी मीडिया को दी है। राहुल, सुनील और योगेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की कई आरोपियों को जानती है। बताया जा रहा है कि पीड़िता आगरा की रहने वाली है। वह अपने मित्र के घर दिल्ली में आई थी। लड़की का कहना है कि पांच लड़कों ने उसे एक कार में अगवा किया। बाहरी दिल्ली के अलीपुर इलाके की घटना है। दिल्ली पुलिस ने अब तक केस को दबाकर रखा था। अब जब दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों गिरफ्तार किया है तब जाकर पुलिस ने यह जानकारी मीडिया को दी है। राहुल, सुनील और योगेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की कई आरोपियों को जानती है। बताया जा रहा है कि पीड़िता आगरा की रहने वाली है। वह अपने मित्र के घर दिल्ली में आई थी। लड़की का कहना है कि पांच लड़कों ने उसे एक कार में अगवा किया। बाहरी दिल्ली के अलीपुर इलाके की घटना है। बताया जा रहा है कि पीड़िता आगरा की रहने वाली है। वह अपने मित्र के घर दिल्ली में आई थी। लड़की का कहना है कि पांच लड़कों ने उसे एक कार में अगवा किया। बाहरी दिल्ली के अलीपुर इलाके की घटना है।
सारांश: दिल्ली में गैंगरेप के एक नया मामला सामने आया है। ये मामला 1 जनवरी का है जब पांच लोगों ने एक शादीशुदा महिला को अगवा करके उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी रविवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के समय उन्हें वर्ष के अंत में अपने देश आने का न्योता देंगे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने इस्लामाबाद में पत्रकारों से कहा, "राष्ट्रपति जरदारी वर्ष के अंत तक मनमोहन सिंह को पाकिस्तान आने का न्योता देंगे।" यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान के नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री को अपने यहां आने का न्योता दिया गया है लेकिन मनमोहन सिंह की यात्रा को लेकर एक समय सीमा की पेशकश पहली बार की गई है। इन सबके बीच रविवार को दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि बातचीत में कुछ ऐसा निकल सकता है जो मनमोहन सिंह की पाकिस्तान यात्रा को सुनिश्चित करेगा। ज्ञात हो कि दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन से इतर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मनमोहन सिंह के साथ हुई संक्षिप्त बैठक के दौरान उन्हें अपने देश आने का न्योता दिया था। इस पर मनमोहन सिंह ने कहा था कि कुछ ठोस नतीजे निकलने पर ही वह पाकिस्तान का दौरा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि बैठक के बाद दोनों नेताओं की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी होने की उम्मीद कम है और किसी समझौते की घोषणा भी नहीं के बराबर है। दोनों नेता तथाकथित संवेदशनशील मुद्दों पर अविश्वास को दूर करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत करेंगे। वहीं, इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जरदारी की भारत यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की इस यात्रा के लिए हालांकि, कोई एजेंडा तय नहीं है लेकिन उम्मीद है कि दोनों नेता सभी द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बासित ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत की यह प्रक्रिया जून-जुलाई में पूरी हो जाएगी और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आने वाले हैं।" नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने इस्लामाबाद में पत्रकारों से कहा, "राष्ट्रपति जरदारी वर्ष के अंत तक मनमोहन सिंह को पाकिस्तान आने का न्योता देंगे।" यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान के नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री को अपने यहां आने का न्योता दिया गया है लेकिन मनमोहन सिंह की यात्रा को लेकर एक समय सीमा की पेशकश पहली बार की गई है। इन सबके बीच रविवार को दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि बातचीत में कुछ ऐसा निकल सकता है जो मनमोहन सिंह की पाकिस्तान यात्रा को सुनिश्चित करेगा। ज्ञात हो कि दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन से इतर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मनमोहन सिंह के साथ हुई संक्षिप्त बैठक के दौरान उन्हें अपने देश आने का न्योता दिया था। इस पर मनमोहन सिंह ने कहा था कि कुछ ठोस नतीजे निकलने पर ही वह पाकिस्तान का दौरा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि बैठक के बाद दोनों नेताओं की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी होने की उम्मीद कम है और किसी समझौते की घोषणा भी नहीं के बराबर है। दोनों नेता तथाकथित संवेदशनशील मुद्दों पर अविश्वास को दूर करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत करेंगे। वहीं, इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जरदारी की भारत यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की इस यात्रा के लिए हालांकि, कोई एजेंडा तय नहीं है लेकिन उम्मीद है कि दोनों नेता सभी द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बासित ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत की यह प्रक्रिया जून-जुलाई में पूरी हो जाएगी और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आने वाले हैं।" नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान के नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री को अपने यहां आने का न्योता दिया गया है लेकिन मनमोहन सिंह की यात्रा को लेकर एक समय सीमा की पेशकश पहली बार की गई है। इन सबके बीच रविवार को दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि बातचीत में कुछ ऐसा निकल सकता है जो मनमोहन सिंह की पाकिस्तान यात्रा को सुनिश्चित करेगा। ज्ञात हो कि दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन से इतर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मनमोहन सिंह के साथ हुई संक्षिप्त बैठक के दौरान उन्हें अपने देश आने का न्योता दिया था। इस पर मनमोहन सिंह ने कहा था कि कुछ ठोस नतीजे निकलने पर ही वह पाकिस्तान का दौरा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि बैठक के बाद दोनों नेताओं की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी होने की उम्मीद कम है और किसी समझौते की घोषणा भी नहीं के बराबर है। दोनों नेता तथाकथित संवेदशनशील मुद्दों पर अविश्वास को दूर करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत करेंगे। वहीं, इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जरदारी की भारत यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की इस यात्रा के लिए हालांकि, कोई एजेंडा तय नहीं है लेकिन उम्मीद है कि दोनों नेता सभी द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बासित ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत की यह प्रक्रिया जून-जुलाई में पूरी हो जाएगी और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आने वाले हैं।" नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। इन सबके बीच रविवार को दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि बातचीत में कुछ ऐसा निकल सकता है जो मनमोहन सिंह की पाकिस्तान यात्रा को सुनिश्चित करेगा। ज्ञात हो कि दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन से इतर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मनमोहन सिंह के साथ हुई संक्षिप्त बैठक के दौरान उन्हें अपने देश आने का न्योता दिया था। इस पर मनमोहन सिंह ने कहा था कि कुछ ठोस नतीजे निकलने पर ही वह पाकिस्तान का दौरा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि बैठक के बाद दोनों नेताओं की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी होने की उम्मीद कम है और किसी समझौते की घोषणा भी नहीं के बराबर है। दोनों नेता तथाकथित संवेदशनशील मुद्दों पर अविश्वास को दूर करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत करेंगे। वहीं, इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जरदारी की भारत यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की इस यात्रा के लिए हालांकि, कोई एजेंडा तय नहीं है लेकिन उम्मीद है कि दोनों नेता सभी द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बासित ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत की यह प्रक्रिया जून-जुलाई में पूरी हो जाएगी और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आने वाले हैं।" नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। ज्ञात हो कि दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन से इतर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मनमोहन सिंह के साथ हुई संक्षिप्त बैठक के दौरान उन्हें अपने देश आने का न्योता दिया था। इस पर मनमोहन सिंह ने कहा था कि कुछ ठोस नतीजे निकलने पर ही वह पाकिस्तान का दौरा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि बैठक के बाद दोनों नेताओं की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी होने की उम्मीद कम है और किसी समझौते की घोषणा भी नहीं के बराबर है। दोनों नेता तथाकथित संवेदशनशील मुद्दों पर अविश्वास को दूर करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत करेंगे। वहीं, इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जरदारी की भारत यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की इस यात्रा के लिए हालांकि, कोई एजेंडा तय नहीं है लेकिन उम्मीद है कि दोनों नेता सभी द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बासित ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत की यह प्रक्रिया जून-जुलाई में पूरी हो जाएगी और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आने वाले हैं।" नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। सूत्रों ने बताया कि बैठक के बाद दोनों नेताओं की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी होने की उम्मीद कम है और किसी समझौते की घोषणा भी नहीं के बराबर है। दोनों नेता तथाकथित संवेदशनशील मुद्दों पर अविश्वास को दूर करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत करेंगे। वहीं, इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जरदारी की भारत यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की इस यात्रा के लिए हालांकि, कोई एजेंडा तय नहीं है लेकिन उम्मीद है कि दोनों नेता सभी द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बासित ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत की यह प्रक्रिया जून-जुलाई में पूरी हो जाएगी और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आने वाले हैं।" नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। वहीं, इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जरदारी की भारत यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की इस यात्रा के लिए हालांकि, कोई एजेंडा तय नहीं है लेकिन उम्मीद है कि दोनों नेता सभी द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बासित ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत की यह प्रक्रिया जून-जुलाई में पूरी हो जाएगी और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आने वाले हैं।" नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। बासित ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत की यह प्रक्रिया जून-जुलाई में पूरी हो जाएगी और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आने वाले हैं।" नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। नई दिल्ली में जानकार सूत्रों ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी कश्मीर एवं आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। पिछले सात वर्ष में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। जरदारी के साथ 40 से अधिक सदस्यों का एक शिष्टमंडल भी भारत आएगा।टिप्पणियां जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। जरदारी अपने विशेष विमान से रविवार सुबह 11.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और बातचीत के लिए वह हवाईअड्डे से सीधे 7 रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास जाएंगे। बातचीत के बाद जरदारी शिष्टमंडल के साथ भोज में शामिल होंगे। दोपहर बाद वह अजमेर स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो जाएंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे। जरदारी के साथ उनके पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी, आंतरिक मंत्री रहमान मलिक, विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर और राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी भी होंगे।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी रविवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के समय उन्हें वर्ष के अंत में अपने देश आने का न्योता देंगे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोलकाता में 11 साल की एक लड़की की मौत को लेकर बच्चों के माता−पिता ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। पांचवीं क्लास में पढ़ने वाली लड़की के घरवालों का आरोप है कि उसकी मौत रैगिंग की वजह से हुई है। उत्तरी कोलकाता के क्राइस्ट चर्च स्कूल की सीनियर छात्राओं ने कथित तौर पर आठ दिन पहले बच्ची की रैगिंग की और उसे बाथरूम में घंटों बंद रखा। इससे बच्ची डिप्रेशन में आ गई और बीमार पड़ गई। अभिभावकों ने प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग की, वहीं स्कूल प्रिंसिपल ने भरोसा दिलाया है कि वह उन लड़कियों पर कार्रवाई करेंगी जिन्होंने बच्ची की रैगिंग की और उसे बाथरूम में बंद किया। लड़की के घरवाले अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं और वे प्रिंसिपल से मिलना चाहते हैं, लेकिन पुलिस सुरक्षा कारणों से प्रिंसिपल से मुलाकात नहीं करने दे रही है।टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि घरवालों की शिकायत पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का यह भी कहना है कि समय आने पर प्रिंसिपल को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। इस पूरी घटना के बाद स्कूल की प्रिंसिपल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उत्तरी कोलकाता के क्राइस्ट चर्च स्कूल की सीनियर छात्राओं ने कथित तौर पर आठ दिन पहले बच्ची की रैगिंग की और उसे बाथरूम में घंटों बंद रखा। इससे बच्ची डिप्रेशन में आ गई और बीमार पड़ गई। अभिभावकों ने प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग की, वहीं स्कूल प्रिंसिपल ने भरोसा दिलाया है कि वह उन लड़कियों पर कार्रवाई करेंगी जिन्होंने बच्ची की रैगिंग की और उसे बाथरूम में बंद किया। लड़की के घरवाले अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं और वे प्रिंसिपल से मिलना चाहते हैं, लेकिन पुलिस सुरक्षा कारणों से प्रिंसिपल से मुलाकात नहीं करने दे रही है।टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि घरवालों की शिकायत पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का यह भी कहना है कि समय आने पर प्रिंसिपल को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। इस पूरी घटना के बाद स्कूल की प्रिंसिपल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। अभिभावकों ने प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग की, वहीं स्कूल प्रिंसिपल ने भरोसा दिलाया है कि वह उन लड़कियों पर कार्रवाई करेंगी जिन्होंने बच्ची की रैगिंग की और उसे बाथरूम में बंद किया। लड़की के घरवाले अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं और वे प्रिंसिपल से मिलना चाहते हैं, लेकिन पुलिस सुरक्षा कारणों से प्रिंसिपल से मुलाकात नहीं करने दे रही है।टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि घरवालों की शिकायत पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का यह भी कहना है कि समय आने पर प्रिंसिपल को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। इस पूरी घटना के बाद स्कूल की प्रिंसिपल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। लड़की के घरवाले अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं और वे प्रिंसिपल से मिलना चाहते हैं, लेकिन पुलिस सुरक्षा कारणों से प्रिंसिपल से मुलाकात नहीं करने दे रही है।टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि घरवालों की शिकायत पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का यह भी कहना है कि समय आने पर प्रिंसिपल को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। इस पूरी घटना के बाद स्कूल की प्रिंसिपल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। पुलिस का कहना है कि घरवालों की शिकायत पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का यह भी कहना है कि समय आने पर प्रिंसिपल को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। इस पूरी घटना के बाद स्कूल की प्रिंसिपल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस पूरी घटना के बाद स्कूल की प्रिंसिपल ने पद से इस्तीफा दे दिया है।
यहाँ एक सारांश है:कोलकाता में 11 साल की एक लड़की की मौत को लेकर बच्चों के माता−पिता ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। पांचवीं क्लास में पढ़ने वाली लड़की के घरवालों का आरोप है कि उसकी मौत रैगिंग की वजह से हुई है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पेट्रोल-डीजल की खुदरा बिक्री करने वाली सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल कीमतों में 3.14 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है। कच्चे तेल की आयातित लागत बढ़ने की वजह से कंपनियों ने यह कदम उठाया है। इन कंपनियों में से एक के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में आज मध्यरात्रि से पेट्रोल का दाम 3.14 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 66.84 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। अभी तक पेट्रोल का दाम 63.70 रुपये प्रति लीटर था, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 103 डालर प्रति बैरल के अनुरूप था। अधिकारी ने बताया कि आज की तारीख में कच्चा तेल 110-111 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसके साथ ही रुपये की विनिमय दर डालर की तुलना में कमजोर पड़कर दो साल के निचले स्तर के आस पास चली गयी है। यह चार माह में पेट्रोल कीमतों में दूसरी वृद्धि है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। अधिकारी ने कहा, हमें पेट्रोल की बिक्री पर प्रति लीटर 2.61 रुपये या प्रतिदिन 15 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। वैट या बिक्रीकर को जोड़ने के बाद कीमतों को अंतरराष्ट्रीय भाव के अनुरूप लाने के लिए 3.14 रुपये की वृद्धि की जरूरत थी। वैट और अन्य स्थानीय करों की वजह से विभिन्न शहरों में पेट्रोल का दाम अलग-अलग होता है। पिछले साल जून में सरकार ने पेट्रोल को नियंत्रणमुक्त कर दिया था। पर महंगाई के अनुरूप पेट्रोल कीमतों में इजाफा नहीं किया जा सका, क्योंकि मुद्रास्फीति की उंची दर को देखते हुए कंपनियों के सामने पेट्रोलियम मंत्रालय से सलाह लेने की मजबूरी आ गयी। आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को इस वित्त वर्ष में पेट्रोल की आयातित मूल्य से कम की बिक्री पर 2,450 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। पेट्रोल के अलावा इन तीनों कंपनियों को डीजल, एलपीजी तथा मिट्टी के तेल की लागत से कम मूल्य पर बिक्री से प्रतिदिन 263 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। ये कंपनियां डीजल 6.05 रुपये प्रति लीटर के घाटे पर बेच रही हैं, जबकि केरोसिन पर उन्हें प्रति लीटर 23.25 रुपये का नुकसान सहना पड़ रहा है। एलपीजी पर उन्हें प्रति सिलेंडर 267 रुपये का नुकसान हो रहा है। अधिकारी ने कहा कि सितंबर, 2009 के बाद कल रुपया गिरकर 48 प्रति डालर पर आ गया। रुपये में प्रत्येक एक रुपये की कमजोरी से कंपनियों को सालाना घाटा 9,000 करोड़ रुपये बढ़ता है।
संक्षिप्त पाठ: डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर दो साल के निचले स्तर तक चले जाने से तेल कंपनियों को पेट्रोल के दाम तीन रुपये लीटर तक बढ़ाने पड़े हैं।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फिरोजशाह कोटला मैदान पर बीते एक साल में क्रिकेट रोमांच की उस पराकाष्ठा तक कभी नहीं पहुंचा, जिस पराकाष्ठा को उसने शनिवार को छुआ। राजस्थान रॉयल्स पर 18.3 ओवरों तक हावी रहने के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स टीम को एक नाटकीय परिवर्तन के बाद आखिरकार इंडियन प्रीयिमर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के अपने दूसरे मुकाबले में पांच रनों से हार मिली। आईपीएल के इस संस्करण में डेयरडेविल्स की यह लगातार दूसरी हार है जबकि 2008 की चैम्पियन राजस्थान ने जीत के साथ आगाज किया है। दिल्ली को उद्घाटन मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पराजित किया था। इस तरह कोटला में दिल्ली की टीम राजस्थान पर लगातार दूसरी जीत से चूक गई। इससे पहले आईपीएल-5 के दौरान इस मैदान पर जब दोनों टीमों के बीच अंतिम भिडंत हुई थी, तब दिल्ली ने जीत हासिल की थी लेकिन अब राजस्थान ने हार का हिसाब बराबर कर लिया। राजस्थान की जीत के हीरो रहे कप्तान राहुल द्रविड़ (65) और केविन कूपर (30/3)। द्रविड़ की शानदार पारी के बाद कूपर द्वारा फेंके गए हैरतअंगेज अंतिम ओवर की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली से अंतिम नौ गेंदों में मैच छीन लिया। डेयरडेविल्स की पारी के 19वें ओवर की दूसरी गेंद तक मेजबान टीम की जीत पक्की नजर आ रही थी लेकिन ब्रैड हॉज द्वारा 153 रनों के कुल योग पर डेविड वार्नर (77) को रन आउट करने के साथ ही हालात बदल गए। राजस्थान के पास मैच में वापसी का मौका था और उसने उसे जमकर भुनाया। 19वें ओवर में राहुल शुक्ला ने सात रन दिए और दिल्ली ने उस ओवर में एक विकेट गंवाया। वार्नर के रूप में दिल्ली ने चौथा विकेट गंवाया था। अंतिम ओवर में उसे 10 रनों की दरकार थी लेकिन कूपर ने अपने इस बेहतरीन ओवर में सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट झटके। यह ओवर दिल्ली के लिए हार का कारण बना। जोहान बोथा (2) और आंद्र रसेल (7) इस ओवर में आउट हुए जबकि इरफान पठान (नाबाद 1) और नमन ओझा (नाबाद 0) अपनी टीम की हार के साथ पवेलियन लौटे। ऐसा लग रहा था कि कोलकाता नाइट राइर्ड्स के हाथों उद्घाटन मुकाबले में मिली शर्मनाक हार के बाद दिल्ली ने जोरदार वापसी के साथ बड़ी जीत हासिल कर लेगी लेकिन हॉज द्वारा वार्नर को रन आउट किए जाने के बाद सारा सीन बदल गया। इसका कारण था कि 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम 19वें ओवर की तीसरी गेंद तक कभी भी असहज नहीं दिखी लेकिन अंत में वह 20 ओवरों में छह विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी। दिल्ली की जीत के नायक बनते दिख रहे ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज वार्नर अपनी शानदार अर्द्धशतकीय पारी में 59 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर ने पहले विकेट के लिए उन्मुक्त चंद (23) के साथ 39 रन जोड़े और फिर कप्तान माहेला जयवर्धने (19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद वार्नर ने मनप्रीत जुनेजा के साथ (20) के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े जिसमें अधिकांश योगदान वार्नर का ही रहा। नाइट राइर्ड्स के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त ने अपने घरेलू मैदान पर खुलकर हाथ दिखाए और 19 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शांताकुमारन श्रीसंत ने 39 के कुल योग पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। आईपीएल के इस संस्करण में डेयरडेविल्स की यह लगातार दूसरी हार है जबकि 2008 की चैम्पियन राजस्थान ने जीत के साथ आगाज किया है। दिल्ली को उद्घाटन मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पराजित किया था। इस तरह कोटला में दिल्ली की टीम राजस्थान पर लगातार दूसरी जीत से चूक गई। इससे पहले आईपीएल-5 के दौरान इस मैदान पर जब दोनों टीमों के बीच अंतिम भिडंत हुई थी, तब दिल्ली ने जीत हासिल की थी लेकिन अब राजस्थान ने हार का हिसाब बराबर कर लिया। राजस्थान की जीत के हीरो रहे कप्तान राहुल द्रविड़ (65) और केविन कूपर (30/3)। द्रविड़ की शानदार पारी के बाद कूपर द्वारा फेंके गए हैरतअंगेज अंतिम ओवर की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली से अंतिम नौ गेंदों में मैच छीन लिया। डेयरडेविल्स की पारी के 19वें ओवर की दूसरी गेंद तक मेजबान टीम की जीत पक्की नजर आ रही थी लेकिन ब्रैड हॉज द्वारा 153 रनों के कुल योग पर डेविड वार्नर (77) को रन आउट करने के साथ ही हालात बदल गए। राजस्थान के पास मैच में वापसी का मौका था और उसने उसे जमकर भुनाया। 19वें ओवर में राहुल शुक्ला ने सात रन दिए और दिल्ली ने उस ओवर में एक विकेट गंवाया। वार्नर के रूप में दिल्ली ने चौथा विकेट गंवाया था। अंतिम ओवर में उसे 10 रनों की दरकार थी लेकिन कूपर ने अपने इस बेहतरीन ओवर में सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट झटके। यह ओवर दिल्ली के लिए हार का कारण बना। जोहान बोथा (2) और आंद्र रसेल (7) इस ओवर में आउट हुए जबकि इरफान पठान (नाबाद 1) और नमन ओझा (नाबाद 0) अपनी टीम की हार के साथ पवेलियन लौटे। ऐसा लग रहा था कि कोलकाता नाइट राइर्ड्स के हाथों उद्घाटन मुकाबले में मिली शर्मनाक हार के बाद दिल्ली ने जोरदार वापसी के साथ बड़ी जीत हासिल कर लेगी लेकिन हॉज द्वारा वार्नर को रन आउट किए जाने के बाद सारा सीन बदल गया। इसका कारण था कि 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम 19वें ओवर की तीसरी गेंद तक कभी भी असहज नहीं दिखी लेकिन अंत में वह 20 ओवरों में छह विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी। दिल्ली की जीत के नायक बनते दिख रहे ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज वार्नर अपनी शानदार अर्द्धशतकीय पारी में 59 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर ने पहले विकेट के लिए उन्मुक्त चंद (23) के साथ 39 रन जोड़े और फिर कप्तान माहेला जयवर्धने (19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद वार्नर ने मनप्रीत जुनेजा के साथ (20) के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े जिसमें अधिकांश योगदान वार्नर का ही रहा। नाइट राइर्ड्स के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त ने अपने घरेलू मैदान पर खुलकर हाथ दिखाए और 19 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शांताकुमारन श्रीसंत ने 39 के कुल योग पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। राजस्थान की जीत के हीरो रहे कप्तान राहुल द्रविड़ (65) और केविन कूपर (30/3)। द्रविड़ की शानदार पारी के बाद कूपर द्वारा फेंके गए हैरतअंगेज अंतिम ओवर की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली से अंतिम नौ गेंदों में मैच छीन लिया। डेयरडेविल्स की पारी के 19वें ओवर की दूसरी गेंद तक मेजबान टीम की जीत पक्की नजर आ रही थी लेकिन ब्रैड हॉज द्वारा 153 रनों के कुल योग पर डेविड वार्नर (77) को रन आउट करने के साथ ही हालात बदल गए। राजस्थान के पास मैच में वापसी का मौका था और उसने उसे जमकर भुनाया। 19वें ओवर में राहुल शुक्ला ने सात रन दिए और दिल्ली ने उस ओवर में एक विकेट गंवाया। वार्नर के रूप में दिल्ली ने चौथा विकेट गंवाया था। अंतिम ओवर में उसे 10 रनों की दरकार थी लेकिन कूपर ने अपने इस बेहतरीन ओवर में सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट झटके। यह ओवर दिल्ली के लिए हार का कारण बना। जोहान बोथा (2) और आंद्र रसेल (7) इस ओवर में आउट हुए जबकि इरफान पठान (नाबाद 1) और नमन ओझा (नाबाद 0) अपनी टीम की हार के साथ पवेलियन लौटे। ऐसा लग रहा था कि कोलकाता नाइट राइर्ड्स के हाथों उद्घाटन मुकाबले में मिली शर्मनाक हार के बाद दिल्ली ने जोरदार वापसी के साथ बड़ी जीत हासिल कर लेगी लेकिन हॉज द्वारा वार्नर को रन आउट किए जाने के बाद सारा सीन बदल गया। इसका कारण था कि 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम 19वें ओवर की तीसरी गेंद तक कभी भी असहज नहीं दिखी लेकिन अंत में वह 20 ओवरों में छह विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी। दिल्ली की जीत के नायक बनते दिख रहे ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज वार्नर अपनी शानदार अर्द्धशतकीय पारी में 59 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर ने पहले विकेट के लिए उन्मुक्त चंद (23) के साथ 39 रन जोड़े और फिर कप्तान माहेला जयवर्धने (19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद वार्नर ने मनप्रीत जुनेजा के साथ (20) के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े जिसमें अधिकांश योगदान वार्नर का ही रहा। नाइट राइर्ड्स के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त ने अपने घरेलू मैदान पर खुलकर हाथ दिखाए और 19 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शांताकुमारन श्रीसंत ने 39 के कुल योग पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। डेयरडेविल्स की पारी के 19वें ओवर की दूसरी गेंद तक मेजबान टीम की जीत पक्की नजर आ रही थी लेकिन ब्रैड हॉज द्वारा 153 रनों के कुल योग पर डेविड वार्नर (77) को रन आउट करने के साथ ही हालात बदल गए। राजस्थान के पास मैच में वापसी का मौका था और उसने उसे जमकर भुनाया। 19वें ओवर में राहुल शुक्ला ने सात रन दिए और दिल्ली ने उस ओवर में एक विकेट गंवाया। वार्नर के रूप में दिल्ली ने चौथा विकेट गंवाया था। अंतिम ओवर में उसे 10 रनों की दरकार थी लेकिन कूपर ने अपने इस बेहतरीन ओवर में सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट झटके। यह ओवर दिल्ली के लिए हार का कारण बना। जोहान बोथा (2) और आंद्र रसेल (7) इस ओवर में आउट हुए जबकि इरफान पठान (नाबाद 1) और नमन ओझा (नाबाद 0) अपनी टीम की हार के साथ पवेलियन लौटे। ऐसा लग रहा था कि कोलकाता नाइट राइर्ड्स के हाथों उद्घाटन मुकाबले में मिली शर्मनाक हार के बाद दिल्ली ने जोरदार वापसी के साथ बड़ी जीत हासिल कर लेगी लेकिन हॉज द्वारा वार्नर को रन आउट किए जाने के बाद सारा सीन बदल गया। इसका कारण था कि 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम 19वें ओवर की तीसरी गेंद तक कभी भी असहज नहीं दिखी लेकिन अंत में वह 20 ओवरों में छह विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी। दिल्ली की जीत के नायक बनते दिख रहे ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज वार्नर अपनी शानदार अर्द्धशतकीय पारी में 59 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर ने पहले विकेट के लिए उन्मुक्त चंद (23) के साथ 39 रन जोड़े और फिर कप्तान माहेला जयवर्धने (19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद वार्नर ने मनप्रीत जुनेजा के साथ (20) के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े जिसमें अधिकांश योगदान वार्नर का ही रहा। नाइट राइर्ड्स के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त ने अपने घरेलू मैदान पर खुलकर हाथ दिखाए और 19 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शांताकुमारन श्रीसंत ने 39 के कुल योग पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। वार्नर के रूप में दिल्ली ने चौथा विकेट गंवाया था। अंतिम ओवर में उसे 10 रनों की दरकार थी लेकिन कूपर ने अपने इस बेहतरीन ओवर में सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट झटके। यह ओवर दिल्ली के लिए हार का कारण बना। जोहान बोथा (2) और आंद्र रसेल (7) इस ओवर में आउट हुए जबकि इरफान पठान (नाबाद 1) और नमन ओझा (नाबाद 0) अपनी टीम की हार के साथ पवेलियन लौटे। ऐसा लग रहा था कि कोलकाता नाइट राइर्ड्स के हाथों उद्घाटन मुकाबले में मिली शर्मनाक हार के बाद दिल्ली ने जोरदार वापसी के साथ बड़ी जीत हासिल कर लेगी लेकिन हॉज द्वारा वार्नर को रन आउट किए जाने के बाद सारा सीन बदल गया। इसका कारण था कि 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम 19वें ओवर की तीसरी गेंद तक कभी भी असहज नहीं दिखी लेकिन अंत में वह 20 ओवरों में छह विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी। दिल्ली की जीत के नायक बनते दिख रहे ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज वार्नर अपनी शानदार अर्द्धशतकीय पारी में 59 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर ने पहले विकेट के लिए उन्मुक्त चंद (23) के साथ 39 रन जोड़े और फिर कप्तान माहेला जयवर्धने (19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद वार्नर ने मनप्रीत जुनेजा के साथ (20) के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े जिसमें अधिकांश योगदान वार्नर का ही रहा। नाइट राइर्ड्स के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त ने अपने घरेलू मैदान पर खुलकर हाथ दिखाए और 19 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शांताकुमारन श्रीसंत ने 39 के कुल योग पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। ऐसा लग रहा था कि कोलकाता नाइट राइर्ड्स के हाथों उद्घाटन मुकाबले में मिली शर्मनाक हार के बाद दिल्ली ने जोरदार वापसी के साथ बड़ी जीत हासिल कर लेगी लेकिन हॉज द्वारा वार्नर को रन आउट किए जाने के बाद सारा सीन बदल गया। इसका कारण था कि 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम 19वें ओवर की तीसरी गेंद तक कभी भी असहज नहीं दिखी लेकिन अंत में वह 20 ओवरों में छह विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी। दिल्ली की जीत के नायक बनते दिख रहे ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज वार्नर अपनी शानदार अर्द्धशतकीय पारी में 59 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर ने पहले विकेट के लिए उन्मुक्त चंद (23) के साथ 39 रन जोड़े और फिर कप्तान माहेला जयवर्धने (19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद वार्नर ने मनप्रीत जुनेजा के साथ (20) के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े जिसमें अधिकांश योगदान वार्नर का ही रहा। नाइट राइर्ड्स के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त ने अपने घरेलू मैदान पर खुलकर हाथ दिखाए और 19 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शांताकुमारन श्रीसंत ने 39 के कुल योग पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। दिल्ली की जीत के नायक बनते दिख रहे ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज वार्नर अपनी शानदार अर्द्धशतकीय पारी में 59 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया। वार्नर ने पहले विकेट के लिए उन्मुक्त चंद (23) के साथ 39 रन जोड़े और फिर कप्तान माहेला जयवर्धने (19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद वार्नर ने मनप्रीत जुनेजा के साथ (20) के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े जिसमें अधिकांश योगदान वार्नर का ही रहा। नाइट राइर्ड्स के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त ने अपने घरेलू मैदान पर खुलकर हाथ दिखाए और 19 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शांताकुमारन श्रीसंत ने 39 के कुल योग पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। नाइट राइर्ड्स के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त ने अपने घरेलू मैदान पर खुलकर हाथ दिखाए और 19 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शांताकुमारन श्रीसंत ने 39 के कुल योग पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। इसके बाद 82 के कुल योग पर जयवर्धने राहुल शुक्ला की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच हुए। जयवर्धने ने 16 गेंदों पर एक चौका लगाया। जुनेजा का विकेट 149 रनों के कुल योग पर गिरा। जुनेजा ने अपनी 18 गेंदों की पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया। उनका विकेट कूपर ने लिया। कूपर की गेंद पर ब्रैड हॉज ने एक बेहतरीन कैच लपका। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। इससे पहले, कप्तान द्रविड़ और स्टुअर्ट बिन्नी (40) की शानदार पारियों की मदद से राजस्थान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 165 रन बनाए। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। द्रविड़ ने 51 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए ने अपनी 20 गेंदों की तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। बिन्नी और कप्तान द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 55 रनों की साझेदारी की। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। रहाणे (28) और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती दी थी। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने चार विकेट हासिल किए। आशीष नेहरा को दो विकेट मिले। नेहरा ने पारी के अंतिम ओवर में दोनों विकेट हासिल किए। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। रहाणे के साथ पारी शुरू करने आए श्रीलंका के कुशल परेरा (14) ने 12 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। उनका विकेट 22 रन के कुल योग पर गिरा। यादव की गेंद पर इरफान पठान ने परेरा का कैच लिया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। कोटला में अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए नाकामी झेलने वाले रहाणे ने 24 गेंदों पर तीन चौके लगाए। रहाणे का विकेट 87 रन के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट शाहबाज नदीम ने लिया।टिप्पणियां रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। रहाणे का स्थान लेने आए बिन्नी ने मैदान के चारो ओर जमकर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। बिन्नी अपनी आकर्षक पारी के बाद 142 रनों के कुल योग पर आउट हुए। यादव ने उनकी पारी का अंत किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया। द्रविड़ का विकेट 161 रनों के कुल योग पर गिरा। इसी योग पर हॉज भी आउट हुए। द्रविड़ और हॉज को यादव ने आउट किया। इसके बाद नेहरा ने अंतिम ओवर में कूपर (2) और अशोक मेनारिया (1) को आउट किया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फिरोजशाह कोटला मैदान पर बीते एक साल में क्रिकेट रोमांच की उस पराकाष्ठा तक कभी नहीं पहुंचा, जिस पराकाष्ठा को उसने शनिवार को छुआ।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: भोपाल पुलिस ने एयरफोर्स की पूर्व फ्लाइंग ऑफिसर अंजलि गुप्ता को खुदकुशी करने के लिए उकसाने के आरोप में ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। एयरफोर्स की पूर्व फ्लाइंग ऑफिसर अंजलि गुप्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुदकुशी की पुष्टि हो गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि दम घुटने से अंजलि की मौत हुई है। वहीं, एयरफोर्स ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। एयरफोर्स के विंग कमांडर आरजी नाटिल की अगुवाई में चार सदस्यों की टीम ने भोपाल आकर अमित गुप्ता से पूछताछ पूरी कर ली है। वहीं भोपाल की पुलिस ने अमित गुप्ता और अंजलि गुप्ता के परिवार को शाहपुरा पुलिस स्टेशन बुलाया था। अंजलि की खुदकुशी के लिए उनकी मां ने उनके मित्र अमित गुप्ता को ज़िम्मेदार ठहराया है। अंजलि की मां ने कहा कि अमित ने अंजलि से शादी का वादा किया था। 35 साल की अंजलि ने भोपाल में अमित गुप्ता के घर में फांसी लगा ली। तब अमित अपने परिवार के साथ भोपाल के बाहर गए हुए थे तभी अंजलि ने फांसी लगाई।
संक्षिप्त पाठ: पुलिस ने पूर्व फ्लाइंग ऑफिसर अंजलि गुप्ता को खुदकुशी करने के लिए उकसाने के आरोप में ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: साल 2004 में ‘जूली’ नाम से इरॉटिक फिल्म आई थी. जिसने नेहा धूपिया को रातोरात सनसनी बना दिया था. फिल्म में उनका बोल्ड अंदाज काफी सुर्खियों में रहा था. अब इसका सीक्वल भी आ रहा है. ‘जूली-2’ नाम की इस फिल्म में नेहा धूपिया तो नजर नहीं आएंगी लेकिन साउथ की सनसनी जरूर इसमें अपनी अदाओं का जादू बिखरेंगी. ‘जूली-2’ का टीजर रिलीज हो गया है, और पर्दा उठ गया है कि यह साउथ की सनसनी कौन है. फिल्म में साउथ की एक्ट्रेस राय लक्ष्मी लीड रोल में हैं. वे इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं. टिप्पणियां फिल्म का ट्रेलर देखकर इस बात का इशारा मिल जाता है कि फिल्म में भरपूर बोल्डनेस का इस्तेमाल किया गया है और राई भी बड़े ही बिंदास अंदाज में जो काम मिला है, उसे करती नजर आ रही हैं. वैसे भी जूली का पहला पार्ट भी अपनी बोल्डनेस की वजह से ही चर्चाओं में रहा था. ‘जूली-2’ को दीपक शिवदासानी ने डायरेक्ट किया है और इसके प्रोड्यूसर विजय नायर हैं. राय इससे पहले भी बॉलीवुड में नजर आ चुकी हैं लेकिन वे गेस्ट अपियरेंस थी. फिल्म थी सोनाक्षी सिन्हा की ‘अकीरा’. उन्होंने चिरंजीवी की खैदी नं.150 में आइटम सॉन्ग भी किया था. वे मलयालम, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम कर चुकी हैं. 28 वर्षीया राय ने 15 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था.   राई लक्ष्मी   फिल्म का ट्रेलर देखकर इस बात का इशारा मिल जाता है कि फिल्म में भरपूर बोल्डनेस का इस्तेमाल किया गया है और राई भी बड़े ही बिंदास अंदाज में जो काम मिला है, उसे करती नजर आ रही हैं. वैसे भी जूली का पहला पार्ट भी अपनी बोल्डनेस की वजह से ही चर्चाओं में रहा था. ‘जूली-2’ को दीपक शिवदासानी ने डायरेक्ट किया है और इसके प्रोड्यूसर विजय नायर हैं. राय इससे पहले भी बॉलीवुड में नजर आ चुकी हैं लेकिन वे गेस्ट अपियरेंस थी. फिल्म थी सोनाक्षी सिन्हा की ‘अकीरा’. उन्होंने चिरंजीवी की खैदी नं.150 में आइटम सॉन्ग भी किया था. वे मलयालम, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम कर चुकी हैं. 28 वर्षीया राय ने 15 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था.   राई लक्ष्मी   फिल्म का ट्रेलर देखकर इस बात का इशारा मिल जाता है कि फिल्म में भरपूर बोल्डनेस का इस्तेमाल किया गया है और राई भी बड़े ही बिंदास अंदाज में जो काम मिला है, उसे करती नजर आ रही हैं. वैसे भी जूली का पहला पार्ट भी अपनी बोल्डनेस की वजह से ही चर्चाओं में रहा था. ‘जूली-2’ को दीपक शिवदासानी ने डायरेक्ट किया है और इसके प्रोड्यूसर विजय नायर हैं. राय इससे पहले भी बॉलीवुड में नजर आ चुकी हैं लेकिन वे गेस्ट अपियरेंस थी. फिल्म थी सोनाक्षी सिन्हा की ‘अकीरा’. उन्होंने चिरंजीवी की खैदी नं.150 में आइटम सॉन्ग भी किया था. वे मलयालम, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम कर चुकी हैं. 28 वर्षीया राय ने 15 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था.   राई लक्ष्मी
संक्षिप्त पाठ: 2004 में आई थी जूली नेहा धूपिया थीं लीड में बोल्डनेस के लिए पहचानी जाती है फ्रेंचाइजी
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है और जम्मू-कश्मीर के लेह में पारा शून्य से 23.6 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। ठंड की वजह से आठ लोगों की जान चली गई है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, लेह में न्यूनतम तापमान शून्य से 23.6 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चल गया जो इस जाड़े में सर्वाधिक ठंड दर्शाता है। जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में भंयकर ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से राज्य में तीन लोगों के मरने की खबर है। हांलाकि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोतरफा तरफ से यातायात बहाल हो गया है। उधर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री नीचे गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक है। इस मौसम में पहली बार राजधानी में अधिकतम तापमान 15 से नीचे गया है। मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, दिल्ली में आज का दिन इस मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा। उत्तर प्रदेश में भयंकर ठंड से पांच और लोगों के मरने की खबर है जिसे मिला कर अबतक राज्य में 24 लोग ठंड की वजह से अपनी जान गवां चुके हैं। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब हरियाणा में तेज ठंड रही।
यहाँ एक सारांश है:राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री नीचे गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेट के सबसे शालीन और गंभीर क्रिकेटर्स में से एक राहुल द्रविड़ ने भी डे−नाइट टेस्ट मैचों का साथ दिया है। द्रविड़ कहते हैं कि फैन्स को दोबारा मैदान तक लाने के लिए खेल के इस फॉरमेट को तरजीह मिलनी चाहिए। हालांकि द्रविड़ की राय में टेस्ट क्रिकेट को बचाना भी एक बड़ा मुद्दा है जो किसी बीच के रास्ते से ही किया जा सकता है। राहुल क्रिकेट के शानदार दूत हैं। ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर उन्हें कैनबरा में सर डॉनल्ड ब्रैडमैन ओरेशन पर बोलने का मौका मिला तो उन्होंने वहां भी शानदार पारी खेली। द्रविड़ ने कहा कि क्रिकेट सीरीज के लिए जंग और युद्ध जैसे शब्दों का इस्तेमाल सही नहीं है। ऑस्ट्रेलिया के बाहर द्रविड़ अकेले ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्हें ब्रैडमेन ओरेशन पर बोलने का मौका मिला है। अपने लम्बे भाषण में राहुल द्रविड़ ने यह भी कहा कि उनमें और ब्रैडमैन में कम से कम एक बात एक जैसी है कि दोनों तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते रहे और इस बात का उन्हें फ्रख है।  राहुल द्रविड़ ने डोपिंग को रोकने के लिए क्रिकेटरों की जिम्मेदारी पर जोर दिया है। वाडा के वेयर अबाउट नियम को लेकर खासकर भारतीय क्रिकेटरों ने आपत्ति जताई है लेकिन राहुल द्रविड़ का कहना है कि अगर डोपिंग को रोकने के लिए क्रिकेटरों की निजी आजादी में खलल पड़ता है तो इसे मसला नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इसे रोकने के लिए लाइ डिटेक्टर टेस्ट का इस्तेमाल होता है तब भी कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राहुल द्रविड़ का कहना है कि अगर डोपिंग को रोकने के लिए क्रिकेटरों की निजी आजादी में खलल पड़ता है तो इसे मसला नहीं बनाना चाहिए।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और अपने सहयोगी दलों के सड़क पर उतरने की घोषणा से दबाव में आई सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले कुछ दिनों में मूल्य वृद्धि वापसी की समीक्षा कर सकती है। मूल्य वृद्धि के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी जहां शनिवार को सड़क पर उतरेंगी, वहीं डीएमके 30 मई को तमिलनाडु में प्रदर्शन करेगी। जबकि उड़ीसा में बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सोमवार तक मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाए जाने का संकेत दिया है। मूल्य वृद्धि के खिलाफ हो रहे व्यापक प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने कहा, "पेट्रोल की कीमत में इजाफा होने के बाद उपभोक्ताओं में आई नाराजगी के प्रति हम सचेत हैं।" रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, "मैं अगले कुछ दिनों में आप लोगों के समक्ष एक स्पष्ट रुख के साथ उपस्थित होउंगा।" रेड्डी ने कहा कि उन्होंने इस मसले पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत की है और करों में कटौती की सम्भावनाएं तलाशने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ सलाह-मशविरा करेंगे ताकि आम आदमी पर बोझ कम किया जा सके। रेड्डी ने कहा कि मूल्य बढ़ाने का फैसला तेल विपणन कम्पनियों ने लिया था और इस फैसले में सरकार शामिल नहीं थी। पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताएंगी। उनके इस कदम की हालांकि तृणमूल की सहयोगी कांग्रेस और विपक्षी वाम मोर्चे ने आलोचना की है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" मूल्य वृद्धि के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी जहां शनिवार को सड़क पर उतरेंगी, वहीं डीएमके 30 मई को तमिलनाडु में प्रदर्शन करेगी। जबकि उड़ीसा में बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सोमवार तक मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाए जाने का संकेत दिया है। मूल्य वृद्धि के खिलाफ हो रहे व्यापक प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने कहा, "पेट्रोल की कीमत में इजाफा होने के बाद उपभोक्ताओं में आई नाराजगी के प्रति हम सचेत हैं।" रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, "मैं अगले कुछ दिनों में आप लोगों के समक्ष एक स्पष्ट रुख के साथ उपस्थित होउंगा।" रेड्डी ने कहा कि उन्होंने इस मसले पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत की है और करों में कटौती की सम्भावनाएं तलाशने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ सलाह-मशविरा करेंगे ताकि आम आदमी पर बोझ कम किया जा सके। रेड्डी ने कहा कि मूल्य बढ़ाने का फैसला तेल विपणन कम्पनियों ने लिया था और इस फैसले में सरकार शामिल नहीं थी। पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताएंगी। उनके इस कदम की हालांकि तृणमूल की सहयोगी कांग्रेस और विपक्षी वाम मोर्चे ने आलोचना की है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सोमवार तक मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाए जाने का संकेत दिया है। मूल्य वृद्धि के खिलाफ हो रहे व्यापक प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने कहा, "पेट्रोल की कीमत में इजाफा होने के बाद उपभोक्ताओं में आई नाराजगी के प्रति हम सचेत हैं।" रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, "मैं अगले कुछ दिनों में आप लोगों के समक्ष एक स्पष्ट रुख के साथ उपस्थित होउंगा।" रेड्डी ने कहा कि उन्होंने इस मसले पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत की है और करों में कटौती की सम्भावनाएं तलाशने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ सलाह-मशविरा करेंगे ताकि आम आदमी पर बोझ कम किया जा सके। रेड्डी ने कहा कि मूल्य बढ़ाने का फैसला तेल विपणन कम्पनियों ने लिया था और इस फैसले में सरकार शामिल नहीं थी। पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताएंगी। उनके इस कदम की हालांकि तृणमूल की सहयोगी कांग्रेस और विपक्षी वाम मोर्चे ने आलोचना की है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" मूल्य वृद्धि के खिलाफ हो रहे व्यापक प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने कहा, "पेट्रोल की कीमत में इजाफा होने के बाद उपभोक्ताओं में आई नाराजगी के प्रति हम सचेत हैं।" रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, "मैं अगले कुछ दिनों में आप लोगों के समक्ष एक स्पष्ट रुख के साथ उपस्थित होउंगा।" रेड्डी ने कहा कि उन्होंने इस मसले पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत की है और करों में कटौती की सम्भावनाएं तलाशने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ सलाह-मशविरा करेंगे ताकि आम आदमी पर बोझ कम किया जा सके। रेड्डी ने कहा कि मूल्य बढ़ाने का फैसला तेल विपणन कम्पनियों ने लिया था और इस फैसले में सरकार शामिल नहीं थी। पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताएंगी। उनके इस कदम की हालांकि तृणमूल की सहयोगी कांग्रेस और विपक्षी वाम मोर्चे ने आलोचना की है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, "मैं अगले कुछ दिनों में आप लोगों के समक्ष एक स्पष्ट रुख के साथ उपस्थित होउंगा।" रेड्डी ने कहा कि उन्होंने इस मसले पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत की है और करों में कटौती की सम्भावनाएं तलाशने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ सलाह-मशविरा करेंगे ताकि आम आदमी पर बोझ कम किया जा सके। रेड्डी ने कहा कि मूल्य बढ़ाने का फैसला तेल विपणन कम्पनियों ने लिया था और इस फैसले में सरकार शामिल नहीं थी। पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताएंगी। उनके इस कदम की हालांकि तृणमूल की सहयोगी कांग्रेस और विपक्षी वाम मोर्चे ने आलोचना की है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" रेड्डी ने कहा कि उन्होंने इस मसले पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत की है और करों में कटौती की सम्भावनाएं तलाशने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ सलाह-मशविरा करेंगे ताकि आम आदमी पर बोझ कम किया जा सके। रेड्डी ने कहा कि मूल्य बढ़ाने का फैसला तेल विपणन कम्पनियों ने लिया था और इस फैसले में सरकार शामिल नहीं थी। पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताएंगी। उनके इस कदम की हालांकि तृणमूल की सहयोगी कांग्रेस और विपक्षी वाम मोर्चे ने आलोचना की है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" रेड्डी ने कहा कि मूल्य बढ़ाने का फैसला तेल विपणन कम्पनियों ने लिया था और इस फैसले में सरकार शामिल नहीं थी। पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताएंगी। उनके इस कदम की हालांकि तृणमूल की सहयोगी कांग्रेस और विपक्षी वाम मोर्चे ने आलोचना की है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताएंगी। उनके इस कदम की हालांकि तृणमूल की सहयोगी कांग्रेस और विपक्षी वाम मोर्चे ने आलोचना की है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ममता शनिवार को शहर में एक रैली का नेतृत्व करेंगी। इसमें तृणमूल के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" सूत्रों के अनुसार, ममता शाम करीब पांच बजे जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपना विरोध जताएंगी। ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" ममता के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "किसी को भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" लेकिन उन्होंने इस मामले को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया, "यह सम्बंधित दलों की आंतरिक नीति है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नीत सरकार को पेट्रोल की कीमत बढ़ने के बाद अब बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा कीमत में वृद्धि को वापस लेने की मांग के साथ राज्यभर में शनिवार से रैलियां निकालेगा। वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" वाम मोर्चा के साझेदारों की बैठक के बाद बोस ने कहा, "विपक्षी नेता के रूप में ममता बनर्जी ने कई बार राज्य सरकार से बिक्री कर घटाने की मांग की थी। अब जबकि वह मुख्यमंत्री है, तो उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" सरकार की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ वह 30 मई को तमिलनाडु में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने एक बयान में कहा कि 30 मई को पार्टी केंद्र सरकार के कार्यालयों अथवा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करेगी। डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" डीएमके के मुताबिक वह 30 मई के प्रदर्शन में केंद्र सरकार से मूल्य वृद्धि में पूरी नहीं तो आंशिक वापसी की मांग करेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सोमवार तक पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया जा सकता है। दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "पिछली बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ी थी, तो हमने इस पर वैट घटाया था। हम ऐसा ही इस बार भी सोच रहे हैं और सोमवार को इस बारे में आपको बताएंगे।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" ज्ञात हो कि तेल कम्पनियों ने बुधवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये बढ़ा दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 73.18 रुपये हो गई। पहले यह 65.64 रुपये प्रति लीटर थी। इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" इस बीच, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में पेट्रोल से सस्ती शराब हो गई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने लिखा, "वाह रे कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू पर महंगा तेल।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" पिछले तीन साल में 16 बार तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'आम आदमी' की सुरक्षा के बजाय कांग्रेस ने गरीबों का गला घोंटने का काम किया है। पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने 31 मई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।टिप्पणियां पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" पार्टी के पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।" बीजद के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा, "हम राजग या वाम दलों के साथ नहीं हैं। हमारा विरोध अलग है।"
संक्षिप्त सारांश: पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और अपने सहयोगी दलों के सड़क पर उतरने की घोषणा से दबाव में आई सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले कुछ दिनों में मूल्य वृद्धि वापसी की समीक्षा कर सकती है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: संयुक्त प्रगतिशील गठबंध (संप्रग) के एक महत्वपूर्ण घटक डीएमके के गठबंधन से बाहर होने की घोषणा के बाद उपजी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजारों में तीव्र गिरावट देखी गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स दोपहर करीब तीन बजे 135.72 अंकों या 0.71 फीसदी गिरावट के साथ 18,872.38 पर कारोबार करता देखा गया। सेंसेक्स सुबह तेजी के साथ 19,026.46 पर खुला था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी लगभग इसी वक्त 55.10 अंकों या 0.96 फीसदी गिरावट के साथ 5,690.85 पर कारोबार करते देखा गया। श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।टिप्पणियां भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर सधी हुई चाल से भी बाजार में निराशा छाई। मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की, लेकिन वाहन, आवास और वाणिज्यिक ऋण के लिए उपलब्ध रहने वाली राशि को प्रभावित करने वाले नकद आरक्षी अनुपात को अपरिवर्तित रखा। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स दोपहर करीब तीन बजे 135.72 अंकों या 0.71 फीसदी गिरावट के साथ 18,872.38 पर कारोबार करता देखा गया। सेंसेक्स सुबह तेजी के साथ 19,026.46 पर खुला था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी लगभग इसी वक्त 55.10 अंकों या 0.96 फीसदी गिरावट के साथ 5,690.85 पर कारोबार करते देखा गया। श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।टिप्पणियां भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर सधी हुई चाल से भी बाजार में निराशा छाई। मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की, लेकिन वाहन, आवास और वाणिज्यिक ऋण के लिए उपलब्ध रहने वाली राशि को प्रभावित करने वाले नकद आरक्षी अनुपात को अपरिवर्तित रखा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी लगभग इसी वक्त 55.10 अंकों या 0.96 फीसदी गिरावट के साथ 5,690.85 पर कारोबार करते देखा गया। श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।टिप्पणियां भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर सधी हुई चाल से भी बाजार में निराशा छाई। मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की, लेकिन वाहन, आवास और वाणिज्यिक ऋण के लिए उपलब्ध रहने वाली राशि को प्रभावित करने वाले नकद आरक्षी अनुपात को अपरिवर्तित रखा। श्रीलंका में तमिलों के जनसंहार के मुद्दे पर संप्रग के प्रमुख घटक और लोकसभा में 18 सांसदों वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सरकार से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को भी बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली हुई थी।टिप्पणियां भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर सधी हुई चाल से भी बाजार में निराशा छाई। मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की, लेकिन वाहन, आवास और वाणिज्यिक ऋण के लिए उपलब्ध रहने वाली राशि को प्रभावित करने वाले नकद आरक्षी अनुपात को अपरिवर्तित रखा। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर सधी हुई चाल से भी बाजार में निराशा छाई। मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की, लेकिन वाहन, आवास और वाणिज्यिक ऋण के लिए उपलब्ध रहने वाली राशि को प्रभावित करने वाले नकद आरक्षी अनुपात को अपरिवर्तित रखा। मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की, लेकिन वाहन, आवास और वाणिज्यिक ऋण के लिए उपलब्ध रहने वाली राशि को प्रभावित करने वाले नकद आरक्षी अनुपात को अपरिवर्तित रखा।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंध (संप्रग) के एक महत्वपूर्ण घटक डीएमके के गठबंधन से बाहर होने की घोषणा के बाद उपजी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजारों में तीव्र गिरावट देखी गई।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में पदयात्रा कर रहे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने यूपीए सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर किसानों के सवालों का दो टूक जबाव दिया। राहुल गांधी ने कहा कि अखबार पढ़िए सारे लोग जेल में हैं। महाराष्ट्र वाले भी जेल में हैं। राहुल ने शुक्रवार को यह भी कहा कि दिल्ली और लखनऊ में बैठकर जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। अलीगढ़ के गरोला गांव में किसानों से बात करते हुए राहुल ने कहा कि उनके बीच आकर उन्होंने लोकसभा से ज्यादा सीखा है। राहुल गांधी की पदयात्रा का आज चौथा दिन है। राहुल गांधी अलीगढ़ के कच्चे रास्तों से होकर गांव−गांव घूम रहे हैं। बारिश का मौसम होने से उन्हें पानी और कीचड़ भरे रास्तों से भी गुजरना पड़ रहा है। इसी दौरान उनकी सुरक्षा में लगी एसपीजी की गाड़ी कीचड़ में फंस गई। काफी मशक्कत के बाद भी जब गाड़ी नहीं निकली, तो उसे ट्रैक्टर में बांधकर बाहर निकाला गया। उधर, अलीगढ़ के प्रदर्शनी मैदान में 9 जुलाई को होने वाली किसान महापंचायत की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने गुरुवार को पंचायत को लेकर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। इस महापंचायत के मुख्य अतिथि राहुल गांधी होंगे। महापंचायत में देशभर से किसान नेताओं की पहुंचने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस पूरे कार्यक्रम के दौरान किसान नेता साढ़े तीन घंटे तक और राहुल केवल आधा घंटा बोलेंगे। पार्टी ने यह भी साफ किया कि इस महापंचायत को कोई राजनैतिक रंग नहीं दिया जा सके, इसके लिए मंच और पंचायत स्थल के आसपास कहीं भी कांग्रेसी झंडे नहीं लगे होंगे।
यह एक सारांश है: यूपी में पदयात्रा कर रहे राहुल ने यूपीए सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर किसानों के सवालों का दो टूक जबाव दिया और कहा, अखबार पढ़िए सारे लोग जेल में हैं।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड के शो मैन राजकपूर के प्रपौत्र और कपूर खानदान से नई पीढ़ी के अभिनेता रणबीर कपूर ने सिने जगत में अपने करियर की शुरुआत में हासिल की गई कामयाबी का श्रेय कड़ी मेहनत एवं पक्के इरादे को दिया है। रणबीर ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि फिल्मी परिवार से जुड़े होने के बावजूद बॉलीवुड में जगह बनाने के लिए आपको कड़ी मेहनत करने की जरूरत होती है। रणबीर ने कहा कि फिल्मी दुनिया में आज वह जिस किसी मुकाम पर हैं, अपनी कड़ी मेहनत और पक्के इरादे की वजह से हैं। उन्होंने कहा, आज मैं जहां कहीं भी हूं, यह सब मेरी मेहनत और सूझबूझ का नतीजा है। जब मैंने अपना फिल्मी करियर शुरू किया था, तब लोग मुझे मेरे परिवार के नाम से जानते थे, लेकिन आज मेरी खुद की एक पहचान है। उन्होंने कहा कि उनके करियर की शुरुआत में लोग कहा करते थे कि वह ऋषि कपूर और नीतू कपूर के बेटे और राज कपूर के पोते हैं। लेकिन अब मेरी खुद की एक पहचान है। लोग मुझे अब रणबीर कपूर के रूप में जानते हैं। रणबीर ने कहा कि जब आप अपना काम दिलो दिमाग से करते हैं, तो कामयाबी आपके कदम चूमती है और सही दिशा में मेहनत कर सपनों का साकार किया जा सकता है। गौरतलब है कि उन्होंने 'राजनीति', 'रॉकेट सिंह' और 'वेक अप सिड' जैसी फिल्मों में अभिनय किया है, जिसमें उनके अभिनय की फिल्म समीक्षकों ने काफी सराहना की थी।
संक्षिप्त पाठ: रणबीर ने सिने जगत में अपने करियर की शुरुआत में हासिल की गई कामयाबी का श्रेय कड़ी मेहनत एवं पक्के इरादे को दिया है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह ने शिरीष कुन्दर की आने वाली फिल्म 'जोकर' के लिए पहली बार एक आइटम सॉन्ग किया है, लेकिन उनका कहना है कि इसके जरिये वह अपनी इमेज बदलने की कोशिश नहीं कर रही हैं। एक साक्षात्कार में चित्रांगदा ने कहा, "न मैंने अपनी इमेज बदलने की कोशिश की है और न ही मैं किसी दायरे में सीमित होने जा रही हूं। मेरे विचार से, यह रोल मैंने इसलिए किया, क्योंकि यह मुझे करने लायक लगा। मैं तो सिर्फ कुछ नया करना चाहती हूं। यह एक मौका था और एक तरह से जोखिम भी।" अब तक गंभीर भूमिकाएं ही करती रहीं 36-वर्षीय चित्रांगदा ने फिल्म 'देसी ब्वॉयज़' में पहली बार ग्लैमरस भूमिका में आकर दर्शकों को चौंका दिया था। उन्होंने कहा, "कभी-कभी अपना ही फैसला नुकसानदायक हो जाता है, लेकिन मुझे लगता है कि कुछ मामलों में जोखिम उठाना ठीक है।" चित्रांगदा ने यह भी माना कि उन्होंने खुद कभी कल्पना नहीं की थी कि वह कभी आइटम सॉन्ग करेंगी। उन्होंने कहा, "ऐसा कभी नहीं सोचा था, हालांकि मैं गानों और नृत्य को हमारी फिल्मों का अभिन्न हिस्सा मानती हूं, और भारतीय इसका जमकर आनंद लेते हैं।" चित्रांगदा ने कहा कि परंपरागत संगीत के लिए वह माधुरी दीक्षित को प्रेरणास्रोत मानती हैं। उन्होंने कहा, "माधुरी ऐसी आइटम गर्ल हैं, जिन पर हमेशा मेरी नज़र जाती है। इस गाने में भी मैंने माधुरी को ध्यान में रखा। इसकी तैयारी के दौरान मैं बहुत रोमांचित थी, लेकिन सेट पर मैंने देखा कि गाने की शूटिंग कितनी उंचाई पर की जाएगी, तो मैं घबरा गई। लेकिन कुल मिलाकर सब ठीक रहा।"टिप्पणियां चित्रांगदा ने कहा, "रेखा जी और माधुरी के गीतों की तरह मैं भी मानती हूं कि सबसे महत्वपूर्ण बात चेहरा और दर्शाए गए हावभाव होते हैं। निश्चित रूप से नृत्य के स्टेप्स और भाव-भंगिमा भी कम मायने नहीं रखते।" इस गाने की कोरियाग्राफी शिरीष की पत्नी और प्रख्यात कोरियाग्राफर फराह खान ने की है। चित्रांगदा ने बताया, "सबसे अच्छी बात यह है कि फराह ने कोरियाग्राफी की, लेकिन मेरे घुटने में चोट लगने के कारण तेज दर्द हो रहा था, और सूजन भी थी। फराह ने इसे देखते हुए स्टेप्स में परिवर्तन भी किए।" एक साक्षात्कार में चित्रांगदा ने कहा, "न मैंने अपनी इमेज बदलने की कोशिश की है और न ही मैं किसी दायरे में सीमित होने जा रही हूं। मेरे विचार से, यह रोल मैंने इसलिए किया, क्योंकि यह मुझे करने लायक लगा। मैं तो सिर्फ कुछ नया करना चाहती हूं। यह एक मौका था और एक तरह से जोखिम भी।" अब तक गंभीर भूमिकाएं ही करती रहीं 36-वर्षीय चित्रांगदा ने फिल्म 'देसी ब्वॉयज़' में पहली बार ग्लैमरस भूमिका में आकर दर्शकों को चौंका दिया था। उन्होंने कहा, "कभी-कभी अपना ही फैसला नुकसानदायक हो जाता है, लेकिन मुझे लगता है कि कुछ मामलों में जोखिम उठाना ठीक है।" चित्रांगदा ने यह भी माना कि उन्होंने खुद कभी कल्पना नहीं की थी कि वह कभी आइटम सॉन्ग करेंगी। उन्होंने कहा, "ऐसा कभी नहीं सोचा था, हालांकि मैं गानों और नृत्य को हमारी फिल्मों का अभिन्न हिस्सा मानती हूं, और भारतीय इसका जमकर आनंद लेते हैं।" चित्रांगदा ने कहा कि परंपरागत संगीत के लिए वह माधुरी दीक्षित को प्रेरणास्रोत मानती हैं। उन्होंने कहा, "माधुरी ऐसी आइटम गर्ल हैं, जिन पर हमेशा मेरी नज़र जाती है। इस गाने में भी मैंने माधुरी को ध्यान में रखा। इसकी तैयारी के दौरान मैं बहुत रोमांचित थी, लेकिन सेट पर मैंने देखा कि गाने की शूटिंग कितनी उंचाई पर की जाएगी, तो मैं घबरा गई। लेकिन कुल मिलाकर सब ठीक रहा।"टिप्पणियां चित्रांगदा ने कहा, "रेखा जी और माधुरी के गीतों की तरह मैं भी मानती हूं कि सबसे महत्वपूर्ण बात चेहरा और दर्शाए गए हावभाव होते हैं। निश्चित रूप से नृत्य के स्टेप्स और भाव-भंगिमा भी कम मायने नहीं रखते।" इस गाने की कोरियाग्राफी शिरीष की पत्नी और प्रख्यात कोरियाग्राफर फराह खान ने की है। चित्रांगदा ने बताया, "सबसे अच्छी बात यह है कि फराह ने कोरियाग्राफी की, लेकिन मेरे घुटने में चोट लगने के कारण तेज दर्द हो रहा था, और सूजन भी थी। फराह ने इसे देखते हुए स्टेप्स में परिवर्तन भी किए।" अब तक गंभीर भूमिकाएं ही करती रहीं 36-वर्षीय चित्रांगदा ने फिल्म 'देसी ब्वॉयज़' में पहली बार ग्लैमरस भूमिका में आकर दर्शकों को चौंका दिया था। उन्होंने कहा, "कभी-कभी अपना ही फैसला नुकसानदायक हो जाता है, लेकिन मुझे लगता है कि कुछ मामलों में जोखिम उठाना ठीक है।" चित्रांगदा ने यह भी माना कि उन्होंने खुद कभी कल्पना नहीं की थी कि वह कभी आइटम सॉन्ग करेंगी। उन्होंने कहा, "ऐसा कभी नहीं सोचा था, हालांकि मैं गानों और नृत्य को हमारी फिल्मों का अभिन्न हिस्सा मानती हूं, और भारतीय इसका जमकर आनंद लेते हैं।" चित्रांगदा ने कहा कि परंपरागत संगीत के लिए वह माधुरी दीक्षित को प्रेरणास्रोत मानती हैं। उन्होंने कहा, "माधुरी ऐसी आइटम गर्ल हैं, जिन पर हमेशा मेरी नज़र जाती है। इस गाने में भी मैंने माधुरी को ध्यान में रखा। इसकी तैयारी के दौरान मैं बहुत रोमांचित थी, लेकिन सेट पर मैंने देखा कि गाने की शूटिंग कितनी उंचाई पर की जाएगी, तो मैं घबरा गई। लेकिन कुल मिलाकर सब ठीक रहा।"टिप्पणियां चित्रांगदा ने कहा, "रेखा जी और माधुरी के गीतों की तरह मैं भी मानती हूं कि सबसे महत्वपूर्ण बात चेहरा और दर्शाए गए हावभाव होते हैं। निश्चित रूप से नृत्य के स्टेप्स और भाव-भंगिमा भी कम मायने नहीं रखते।" इस गाने की कोरियाग्राफी शिरीष की पत्नी और प्रख्यात कोरियाग्राफर फराह खान ने की है। चित्रांगदा ने बताया, "सबसे अच्छी बात यह है कि फराह ने कोरियाग्राफी की, लेकिन मेरे घुटने में चोट लगने के कारण तेज दर्द हो रहा था, और सूजन भी थी। फराह ने इसे देखते हुए स्टेप्स में परिवर्तन भी किए।" चित्रांगदा ने यह भी माना कि उन्होंने खुद कभी कल्पना नहीं की थी कि वह कभी आइटम सॉन्ग करेंगी। उन्होंने कहा, "ऐसा कभी नहीं सोचा था, हालांकि मैं गानों और नृत्य को हमारी फिल्मों का अभिन्न हिस्सा मानती हूं, और भारतीय इसका जमकर आनंद लेते हैं।" चित्रांगदा ने कहा कि परंपरागत संगीत के लिए वह माधुरी दीक्षित को प्रेरणास्रोत मानती हैं। उन्होंने कहा, "माधुरी ऐसी आइटम गर्ल हैं, जिन पर हमेशा मेरी नज़र जाती है। इस गाने में भी मैंने माधुरी को ध्यान में रखा। इसकी तैयारी के दौरान मैं बहुत रोमांचित थी, लेकिन सेट पर मैंने देखा कि गाने की शूटिंग कितनी उंचाई पर की जाएगी, तो मैं घबरा गई। लेकिन कुल मिलाकर सब ठीक रहा।"टिप्पणियां चित्रांगदा ने कहा, "रेखा जी और माधुरी के गीतों की तरह मैं भी मानती हूं कि सबसे महत्वपूर्ण बात चेहरा और दर्शाए गए हावभाव होते हैं। निश्चित रूप से नृत्य के स्टेप्स और भाव-भंगिमा भी कम मायने नहीं रखते।" इस गाने की कोरियाग्राफी शिरीष की पत्नी और प्रख्यात कोरियाग्राफर फराह खान ने की है। चित्रांगदा ने बताया, "सबसे अच्छी बात यह है कि फराह ने कोरियाग्राफी की, लेकिन मेरे घुटने में चोट लगने के कारण तेज दर्द हो रहा था, और सूजन भी थी। फराह ने इसे देखते हुए स्टेप्स में परिवर्तन भी किए।" चित्रांगदा ने कहा कि परंपरागत संगीत के लिए वह माधुरी दीक्षित को प्रेरणास्रोत मानती हैं। उन्होंने कहा, "माधुरी ऐसी आइटम गर्ल हैं, जिन पर हमेशा मेरी नज़र जाती है। इस गाने में भी मैंने माधुरी को ध्यान में रखा। इसकी तैयारी के दौरान मैं बहुत रोमांचित थी, लेकिन सेट पर मैंने देखा कि गाने की शूटिंग कितनी उंचाई पर की जाएगी, तो मैं घबरा गई। लेकिन कुल मिलाकर सब ठीक रहा।"टिप्पणियां चित्रांगदा ने कहा, "रेखा जी और माधुरी के गीतों की तरह मैं भी मानती हूं कि सबसे महत्वपूर्ण बात चेहरा और दर्शाए गए हावभाव होते हैं। निश्चित रूप से नृत्य के स्टेप्स और भाव-भंगिमा भी कम मायने नहीं रखते।" इस गाने की कोरियाग्राफी शिरीष की पत्नी और प्रख्यात कोरियाग्राफर फराह खान ने की है। चित्रांगदा ने बताया, "सबसे अच्छी बात यह है कि फराह ने कोरियाग्राफी की, लेकिन मेरे घुटने में चोट लगने के कारण तेज दर्द हो रहा था, और सूजन भी थी। फराह ने इसे देखते हुए स्टेप्स में परिवर्तन भी किए।" चित्रांगदा ने कहा, "रेखा जी और माधुरी के गीतों की तरह मैं भी मानती हूं कि सबसे महत्वपूर्ण बात चेहरा और दर्शाए गए हावभाव होते हैं। निश्चित रूप से नृत्य के स्टेप्स और भाव-भंगिमा भी कम मायने नहीं रखते।" इस गाने की कोरियाग्राफी शिरीष की पत्नी और प्रख्यात कोरियाग्राफर फराह खान ने की है। चित्रांगदा ने बताया, "सबसे अच्छी बात यह है कि फराह ने कोरियाग्राफी की, लेकिन मेरे घुटने में चोट लगने के कारण तेज दर्द हो रहा था, और सूजन भी थी। फराह ने इसे देखते हुए स्टेप्स में परिवर्तन भी किए।" चित्रांगदा ने बताया, "सबसे अच्छी बात यह है कि फराह ने कोरियाग्राफी की, लेकिन मेरे घुटने में चोट लगने के कारण तेज दर्द हो रहा था, और सूजन भी थी। फराह ने इसे देखते हुए स्टेप्स में परिवर्तन भी किए।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चित्रांगदा सिंह ने कहा, "न मैंने अपनी इमेज बदलने की कोशिश की है और न मैं किसी दायरे में सीमित होने जा रही हूं। मैंने यह रोल इसलिए किया, क्योंकि यह मुझे करने लायक लगा।"
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसान आंदोलनों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों की उपज के लिए अपर्याप्त और कम खरीद मूल्य वर्तमान कृषि संकट का आधार है. नीतीश ने कहा कि कर्ज माफी किसानों और कृषि क्षेत्र की समस्या का समाधान नहीं है. जब तक किसानों को उनकी लागत का 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय नहीं किया जाता है, तब उनकी समस्या का स्थायी हल नहीं हो सका है. सोमवार को अपने 'जन संवाद' कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नीतीश ने मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में किसानों के प्रदर्शन पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कर्ज लेने वाले और कर्ज न लेने वाले दोनों तरह के किसानों की असली समस्या उनकी फसलों का सही मूल्य न मिल पाना है. नीतीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर पहल करने की मांग की कि और कहा कि पीएम मोदी को चुनाव पूर्व अपने द्वारा और अपनी पार्टी (बीजेपी) के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करना चाहिए. नीतीश ने कहा कि पूरे देश में कृषि क्षेत्र में संकट जारी है. फसलों की लागत बढ़ी है और किसान संकट में हैं. कर्ज माफी एक मुद्दा है, लेकिन यह किसानों की सभी समस्याओं का हल नहीं है. असली समस्या यह है कि किसानों को लागत के अनुसार वाजिब कीमत नहीं मिल रही है.टिप्पणियां बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले वादा किया था और इसे बीजेपी के घोषणा पत्र में भी शामिल किया गया था, उसके अनुसार किसानों को उनके लागत मूल्य के ऊपर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए. किसानों की समस्याओं का इसी से निदान निकल सकता है. नीतीश ने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए कारगर नहीं है. बिहार का आंकड़ा देख लीजिए कि मुआवजे के रूप में कितने का भुगतान किया है. केवल प्रचार-प्रसार से नहीं चलने वाला है. कर्ज माफी होनी चाहिए, लेकिन यह भी तथ्य है कि जिन किसानों ने कर्ज नहीं लिया, वो भी संकट में हैं. बिहार में क्या किसानों की कर्ज माफ़ी के लिए उनकी सरकार कोई पहल करेगी, इस पर नीतीश ने कहा कि यहां किसानों में कर्ज लेने की प्रवृत्ति नहीं है. नीतीश ने कहा कि जो भी खेती का काम करता है, वो सब किसान हैं. किसानों की आमदनी बढ़े, इसके लिए केंद्र को पहल करना होगा. सिर्फ कृषि मंत्रालय का नाम बदल देने से किसानों का कल्याण नहीं हो पाएगा. नीतीश ने केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह पर भी जमकर चुटकी ली. राधामोहन सिंह पिछले सप्ताह अपने संसदीय क्षेत्र मोतिहारी में एक योग शिविर में भाग ले रहे थे. नीतीश ने कहा कि योग करते हुए उनकी तस्वीरें देखकर मुझे हंसी आ गई, कम से कम योग का आसन तो ठीक से करना चाहिए. सोमवार को अपने 'जन संवाद' कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नीतीश ने मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में किसानों के प्रदर्शन पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कर्ज लेने वाले और कर्ज न लेने वाले दोनों तरह के किसानों की असली समस्या उनकी फसलों का सही मूल्य न मिल पाना है. नीतीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर पहल करने की मांग की कि और कहा कि पीएम मोदी को चुनाव पूर्व अपने द्वारा और अपनी पार्टी (बीजेपी) के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करना चाहिए. नीतीश ने कहा कि पूरे देश में कृषि क्षेत्र में संकट जारी है. फसलों की लागत बढ़ी है और किसान संकट में हैं. कर्ज माफी एक मुद्दा है, लेकिन यह किसानों की सभी समस्याओं का हल नहीं है. असली समस्या यह है कि किसानों को लागत के अनुसार वाजिब कीमत नहीं मिल रही है.टिप्पणियां बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले वादा किया था और इसे बीजेपी के घोषणा पत्र में भी शामिल किया गया था, उसके अनुसार किसानों को उनके लागत मूल्य के ऊपर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए. किसानों की समस्याओं का इसी से निदान निकल सकता है. नीतीश ने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए कारगर नहीं है. बिहार का आंकड़ा देख लीजिए कि मुआवजे के रूप में कितने का भुगतान किया है. केवल प्रचार-प्रसार से नहीं चलने वाला है. कर्ज माफी होनी चाहिए, लेकिन यह भी तथ्य है कि जिन किसानों ने कर्ज नहीं लिया, वो भी संकट में हैं. बिहार में क्या किसानों की कर्ज माफ़ी के लिए उनकी सरकार कोई पहल करेगी, इस पर नीतीश ने कहा कि यहां किसानों में कर्ज लेने की प्रवृत्ति नहीं है. नीतीश ने कहा कि जो भी खेती का काम करता है, वो सब किसान हैं. किसानों की आमदनी बढ़े, इसके लिए केंद्र को पहल करना होगा. सिर्फ कृषि मंत्रालय का नाम बदल देने से किसानों का कल्याण नहीं हो पाएगा. नीतीश ने केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह पर भी जमकर चुटकी ली. राधामोहन सिंह पिछले सप्ताह अपने संसदीय क्षेत्र मोतिहारी में एक योग शिविर में भाग ले रहे थे. नीतीश ने कहा कि योग करते हुए उनकी तस्वीरें देखकर मुझे हंसी आ गई, कम से कम योग का आसन तो ठीक से करना चाहिए. बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले वादा किया था और इसे बीजेपी के घोषणा पत्र में भी शामिल किया गया था, उसके अनुसार किसानों को उनके लागत मूल्य के ऊपर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए. किसानों की समस्याओं का इसी से निदान निकल सकता है. नीतीश ने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए कारगर नहीं है. बिहार का आंकड़ा देख लीजिए कि मुआवजे के रूप में कितने का भुगतान किया है. केवल प्रचार-प्रसार से नहीं चलने वाला है. कर्ज माफी होनी चाहिए, लेकिन यह भी तथ्य है कि जिन किसानों ने कर्ज नहीं लिया, वो भी संकट में हैं. बिहार में क्या किसानों की कर्ज माफ़ी के लिए उनकी सरकार कोई पहल करेगी, इस पर नीतीश ने कहा कि यहां किसानों में कर्ज लेने की प्रवृत्ति नहीं है. नीतीश ने कहा कि जो भी खेती का काम करता है, वो सब किसान हैं. किसानों की आमदनी बढ़े, इसके लिए केंद्र को पहल करना होगा. सिर्फ कृषि मंत्रालय का नाम बदल देने से किसानों का कल्याण नहीं हो पाएगा. नीतीश ने केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह पर भी जमकर चुटकी ली. राधामोहन सिंह पिछले सप्ताह अपने संसदीय क्षेत्र मोतिहारी में एक योग शिविर में भाग ले रहे थे. नीतीश ने कहा कि योग करते हुए उनकी तस्वीरें देखकर मुझे हंसी आ गई, कम से कम योग का आसन तो ठीक से करना चाहिए. नीतीश ने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए कारगर नहीं है. बिहार का आंकड़ा देख लीजिए कि मुआवजे के रूप में कितने का भुगतान किया है. केवल प्रचार-प्रसार से नहीं चलने वाला है. कर्ज माफी होनी चाहिए, लेकिन यह भी तथ्य है कि जिन किसानों ने कर्ज नहीं लिया, वो भी संकट में हैं. बिहार में क्या किसानों की कर्ज माफ़ी के लिए उनकी सरकार कोई पहल करेगी, इस पर नीतीश ने कहा कि यहां किसानों में कर्ज लेने की प्रवृत्ति नहीं है. नीतीश ने कहा कि जो भी खेती का काम करता है, वो सब किसान हैं. किसानों की आमदनी बढ़े, इसके लिए केंद्र को पहल करना होगा. सिर्फ कृषि मंत्रालय का नाम बदल देने से किसानों का कल्याण नहीं हो पाएगा. नीतीश ने केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह पर भी जमकर चुटकी ली. राधामोहन सिंह पिछले सप्ताह अपने संसदीय क्षेत्र मोतिहारी में एक योग शिविर में भाग ले रहे थे. नीतीश ने कहा कि योग करते हुए उनकी तस्वीरें देखकर मुझे हंसी आ गई, कम से कम योग का आसन तो ठीक से करना चाहिए.
यह एक सारांश है: 'किसानों की असली समस्या फसलों की वाजिब कीमत नहीं मिलना है' 'लागत मूल्य पर 50% मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो' 'पीएम मोदी किसानों से किए वादे को पूरा करें'
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी चाहें तो रात 12 बजे वह पीएम बन सकते हैं। जायसवाल ने एक रैली में राहुल गांधी के महिमामंडन में कोई कसर नहीं छोड़ी और कहा कि वह चाहें तो रात 12 बजे भी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। वह वृंदावन में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।टिप्पणियां इतना ही नहीं वह यह ऐलान करने से भी नहीं हिचके कि मथुरा के उम्मीदवार विधायक ही नहीं बने रहेंगे, मंत्री भी बनेंगे और वो भी चमकदार विभाग के। यह पहला वाकया नहीं है जब जायसवाल अपने विवादों को लेकर सुर्खियों में है इससे पहले उन्हें यूपी में राष्ट्रपति शासन की बात कहने पर चुनाव आयोग का नोटिस भी मिल चुका है। जायसवाल ने एक रैली में राहुल गांधी के महिमामंडन में कोई कसर नहीं छोड़ी और कहा कि वह चाहें तो रात 12 बजे भी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। वह वृंदावन में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।टिप्पणियां इतना ही नहीं वह यह ऐलान करने से भी नहीं हिचके कि मथुरा के उम्मीदवार विधायक ही नहीं बने रहेंगे, मंत्री भी बनेंगे और वो भी चमकदार विभाग के। यह पहला वाकया नहीं है जब जायसवाल अपने विवादों को लेकर सुर्खियों में है इससे पहले उन्हें यूपी में राष्ट्रपति शासन की बात कहने पर चुनाव आयोग का नोटिस भी मिल चुका है। इतना ही नहीं वह यह ऐलान करने से भी नहीं हिचके कि मथुरा के उम्मीदवार विधायक ही नहीं बने रहेंगे, मंत्री भी बनेंगे और वो भी चमकदार विभाग के। यह पहला वाकया नहीं है जब जायसवाल अपने विवादों को लेकर सुर्खियों में है इससे पहले उन्हें यूपी में राष्ट्रपति शासन की बात कहने पर चुनाव आयोग का नोटिस भी मिल चुका है। यह पहला वाकया नहीं है जब जायसवाल अपने विवादों को लेकर सुर्खियों में है इससे पहले उन्हें यूपी में राष्ट्रपति शासन की बात कहने पर चुनाव आयोग का नोटिस भी मिल चुका है।
केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी चाहें तो रात 12 बजे वह पीएम बन सकते हैं।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हॉकी इंडिया ने अनुशासनहीनता के कारण राष्ट्रीय टीम के दो खिलाड़ियों संदीप सिंह और सरदारा सिंह पर शनिवार को दो साल का प्रतिबंध लगा दिया। दोनों मंगलवार को शिविर से अनुपस्थित थे। इससे पहले इस साल दोनों को दो बार अनुशासनहीनता के लिए फटकार लगाई जा चुकी है। हॉकी इंडिया की शनिवार को लम्बे समय तक चली बैठक में मुख्य कोच माइकल नॉब्स और चयनकर्ता भी मौजूद थे। दोनों खिलाड़ियों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। दो सालों के प्रतिबंध के दौरान दोनों खिलाड़ी हॉकी इंडिया और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन के खेलों में शामिल नहीं हो पाएंगे। हॉकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों बेहतरीन खिलाड़ी हैं। लेकिन माना यह जा रहा था कि दोनों की अनुशासनहीनता का टीम पर बुरा असर हो रहा था।" उन्होंने कहा कि 30 दिनों के भीतर दोनों खिलाड़ी फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं। उन्हें सुनने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। संदीप और सरदारा ने फैसले पर आश्चर्य जताया। सरदारा ने कहा, "मैंने घर जाने के लिए कोच से अनुमति ली थी। मुझे नहीं पता कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया।" बत्रा ने कहा, "वे अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि उनकी किसी भी मनमानी को बर्दाश्त कर लिया जाएगा।"
यहाँ एक सारांश है:हॉकी इंडिया ने अनुशासनहीनता के कारण राष्ट्रीय टीम के दो खिलाड़ियों संदीप सिंह और सरदारा सिंह पर शनिवार को दो साल का प्रतिबंध लगा दिया।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए केवल इसलिए चुनाव नहीं लड़ा था कि अमेरिका को वापस वहां पहुंचाना है, जहां वह था, बल्कि अमेरिका को फिर से नई बुलंदियों पर पहुंचाना चाहते हैं। ओबामा ने वर्जीनिया के पीटर्सबर्ग में रोल्स रायस क्रासप्वाइंट में शुक्रवार को कहा, ‘‘मैंने इस पद के लिए इसलिए चुनाव नहीं लड़ा था कि हम वहां पहुंच सके, जहां हम थे। मैंने इस पद के लिए चुनाव इसलिए लड़ा था कि हम वहां पहुंच सकें, जहां हमें होना चाहिये, और मैं वादा करता हूं कि आप वहां होंगे।’’टिप्पणियां ओबामा नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में फिर से उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हो सकता है कुछ चुनौतियों से निपटने में साल भर लग जाए, कुछ में एक पूरा कार्यकाल लग सकता है और कुछ चुनौतियों से निपटने में एक दशक भी लग सकता है। लेकिन हम वहां (लक्ष्य तक) पहुंचेंगे जरूर, क्योंकि जब हम मिलकर काम करते हैं तो हमें पता होता है कि हम क्या कर सकते हैं। हमें तरीका पता है। हममें इससे उबरने की ताकत है।’’ ओबामा ने कहा, ‘‘और जब हम एकजुट होते हैं और अपनी रचनात्मकता, आशावाद व कड़ी मेहनत को जोड़ते हैं और अपनी मानसिक ताकत को साथ लेकर काम करते हैं, तो मैं आपसे वादा करता हूं कि हम फिर से अपनी पुरानी ताकत प्राप्त करेंगे, वहां पहुंचेंगे जहां हमें होना चाहिये और यथास्थिति से आगे निकलेंगे। हम इसे दूसरी अमेरिकी सदी बनाएंगे।’’ ओबामा ने वर्जीनिया के पीटर्सबर्ग में रोल्स रायस क्रासप्वाइंट में शुक्रवार को कहा, ‘‘मैंने इस पद के लिए इसलिए चुनाव नहीं लड़ा था कि हम वहां पहुंच सके, जहां हम थे। मैंने इस पद के लिए चुनाव इसलिए लड़ा था कि हम वहां पहुंच सकें, जहां हमें होना चाहिये, और मैं वादा करता हूं कि आप वहां होंगे।’’टिप्पणियां ओबामा नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में फिर से उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हो सकता है कुछ चुनौतियों से निपटने में साल भर लग जाए, कुछ में एक पूरा कार्यकाल लग सकता है और कुछ चुनौतियों से निपटने में एक दशक भी लग सकता है। लेकिन हम वहां (लक्ष्य तक) पहुंचेंगे जरूर, क्योंकि जब हम मिलकर काम करते हैं तो हमें पता होता है कि हम क्या कर सकते हैं। हमें तरीका पता है। हममें इससे उबरने की ताकत है।’’ ओबामा ने कहा, ‘‘और जब हम एकजुट होते हैं और अपनी रचनात्मकता, आशावाद व कड़ी मेहनत को जोड़ते हैं और अपनी मानसिक ताकत को साथ लेकर काम करते हैं, तो मैं आपसे वादा करता हूं कि हम फिर से अपनी पुरानी ताकत प्राप्त करेंगे, वहां पहुंचेंगे जहां हमें होना चाहिये और यथास्थिति से आगे निकलेंगे। हम इसे दूसरी अमेरिकी सदी बनाएंगे।’’ ओबामा नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में फिर से उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हो सकता है कुछ चुनौतियों से निपटने में साल भर लग जाए, कुछ में एक पूरा कार्यकाल लग सकता है और कुछ चुनौतियों से निपटने में एक दशक भी लग सकता है। लेकिन हम वहां (लक्ष्य तक) पहुंचेंगे जरूर, क्योंकि जब हम मिलकर काम करते हैं तो हमें पता होता है कि हम क्या कर सकते हैं। हमें तरीका पता है। हममें इससे उबरने की ताकत है।’’ ओबामा ने कहा, ‘‘और जब हम एकजुट होते हैं और अपनी रचनात्मकता, आशावाद व कड़ी मेहनत को जोड़ते हैं और अपनी मानसिक ताकत को साथ लेकर काम करते हैं, तो मैं आपसे वादा करता हूं कि हम फिर से अपनी पुरानी ताकत प्राप्त करेंगे, वहां पहुंचेंगे जहां हमें होना चाहिये और यथास्थिति से आगे निकलेंगे। हम इसे दूसरी अमेरिकी सदी बनाएंगे।’’ ओबामा ने कहा, ‘‘और जब हम एकजुट होते हैं और अपनी रचनात्मकता, आशावाद व कड़ी मेहनत को जोड़ते हैं और अपनी मानसिक ताकत को साथ लेकर काम करते हैं, तो मैं आपसे वादा करता हूं कि हम फिर से अपनी पुरानी ताकत प्राप्त करेंगे, वहां पहुंचेंगे जहां हमें होना चाहिये और यथास्थिति से आगे निकलेंगे। हम इसे दूसरी अमेरिकी सदी बनाएंगे।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओबामा ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए केवल इसलिए चुनाव नहीं लड़ा था कि अमेरिका को वापस वहां पहुंचाना है, जहां वह था, बल्कि अमेरिका को नई बुलंदियों पर पहुंचाना चाहते हैं।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उम्र विवाद पर खींचतान के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह को मनाने का प्रयास किया और उनसे पद न छोड़ने की अपील की। जनरल सिंह ने जब वह याचिका वापस ले ली जिसमें उन्होंने आधिकारिक रिकार्डों में अपनी जन्मतिथि में सुधार कर 10 मई 1951 रखने की मांग की थी, तब महान्यायवादी जीई वाहनवती ने सर्वोच्च न्यायालय में उनसे पद न छोड़ने की अपील की।टिप्पणियां वाहनवती ने अदालत से कहा कि सरकार को किसी भी स्थिति में सेना प्रमुख की सत्यनिष्ठा और योग्यता पर संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख की याचिका का विरोध करने का सरकार का निर्णय उनकी नेतृत्व क्षमता पर संदेह को प्रतिबिंबित नहीं करता। वाहनवती ने कहा, "हमें सेना का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर पूरा विश्वास और आस्था है और हम आशा तथा प्रार्थना करते हैं कि वह देश को अपनी सेवा से वंचित न करें।" जनरल सिंह ने जब वह याचिका वापस ले ली जिसमें उन्होंने आधिकारिक रिकार्डों में अपनी जन्मतिथि में सुधार कर 10 मई 1951 रखने की मांग की थी, तब महान्यायवादी जीई वाहनवती ने सर्वोच्च न्यायालय में उनसे पद न छोड़ने की अपील की।टिप्पणियां वाहनवती ने अदालत से कहा कि सरकार को किसी भी स्थिति में सेना प्रमुख की सत्यनिष्ठा और योग्यता पर संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख की याचिका का विरोध करने का सरकार का निर्णय उनकी नेतृत्व क्षमता पर संदेह को प्रतिबिंबित नहीं करता। वाहनवती ने कहा, "हमें सेना का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर पूरा विश्वास और आस्था है और हम आशा तथा प्रार्थना करते हैं कि वह देश को अपनी सेवा से वंचित न करें।" वाहनवती ने अदालत से कहा कि सरकार को किसी भी स्थिति में सेना प्रमुख की सत्यनिष्ठा और योग्यता पर संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख की याचिका का विरोध करने का सरकार का निर्णय उनकी नेतृत्व क्षमता पर संदेह को प्रतिबिंबित नहीं करता। वाहनवती ने कहा, "हमें सेना का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर पूरा विश्वास और आस्था है और हम आशा तथा प्रार्थना करते हैं कि वह देश को अपनी सेवा से वंचित न करें।" वाहनवती ने कहा, "हमें सेना का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर पूरा विश्वास और आस्था है और हम आशा तथा प्रार्थना करते हैं कि वह देश को अपनी सेवा से वंचित न करें।"
सारांश: उम्र विवाद पर खींचतान के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह को मनाने का प्रयास किया और उनसे पद न छोड़ने की अपील की।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा है कि पाकिस्तान नाटो बमबारी की अमेरिका नीत जांच में शामिल होने से इनकार कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते अफगानिस्तान की सीमा से लगती पाकिस्तान की सैन्य चौकियों पर नाटो के हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉर्ज लिटिल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तानियों को जांच में शामिल होने के लिए निश्चित तौर पर आमंत्रित किया गया है। हमें विश्वास है कि उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने आज की तारीख तक इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया है, लेकिन हम उनकी भागीदारी का स्वागत करेंगे। पिछले हफ्ते हुई नाटो बमबारी की घटना से पाकिस्तान में रोष फूट पड़ा था और अमेरिकी मध्य कमान ने एक शीर्ष अधिकारी के नेतृत्व में इसकी जांच गठित कर दी है तथा पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों को इसमें शामिल होने का आमंत्रण दिया है। अफगानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सहायता बल (आईएसएएफ) भी जांच का हिस्सा होगा। यह जांच 23 दिसंबर तक पूरी की जानी है।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा है कि पाकिस्तान नाटो बमबारी की अमेरिका नीत जांच में शामिल होने से इनकार कर रहा है।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व केंद्रीय गृह सचिव और बिहार के आरा से भाजपा सांसद आरके सिंह ने भारत विरोधी नारा लगाने वालों के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सोमवार को कहा कि अगर हम किसी को भारत विरोधी नारेबाजी करते हुए देखेंगे तो उसके हाथ-पैर तोड़ देंगे. मीडियाकर्मियों द्वारा आदित्यनाथ योगी के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री चुने जाने के बारे में पूछे जने पर उनके चयन को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि वह एक अच्छे आदमी हैं और राष्ट्रभक्त हैं. सिंह कल आरा में रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का निरीक्षण करने के क्रम में मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे. इससे पहले बीते रविवार को मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा सीट बीजेपी विधायक विक्रम सैनी ने भी धमकी भरे अंदाज में कहा था जो लोग गाय का वध करेंगे और उसका अपमान करेंगे उनकी टांगे तोड़ देंगे.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे लगाना सुनने वालों की तरह हम चुप नहीं रहेंगे. हम राष्ट्रभक्त हैं और अगर कोई किसी को भारत विरोधी नारेबाजी करते हुए देखेंगे तो उसके हाथ-पैर तोड़ देंगे. सिंह ने हालांकि पिछले साल जेएनयू के उक्त वीडियो जिसमें कुछ पदर्शनकारियों के ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे का उल्लेख नहीं किया लेकिन उनकी प्रतिक्रिया प्रत्यक्ष रूप से उसी परिप्रेक्ष्य में थी. उल्लेखनीय है कि जेएनयू की इस घटना के बाद राष्ट्रीय स्तर परलोगों का इस ओर ध्यान आकृष्ट होने पर उक्त विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया था. अपनी पार्टी के सांसद के कड़े शब्दों के इस्तेमाल के बारे में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कौन कहेगा कि देश को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और इस बात को उन्होंने अपने शब्दों में कहा है.   सिंह कल आरा में रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का निरीक्षण करने के क्रम में मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे. इससे पहले बीते रविवार को मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा सीट बीजेपी विधायक विक्रम सैनी ने भी धमकी भरे अंदाज में कहा था जो लोग गाय का वध करेंगे और उसका अपमान करेंगे उनकी टांगे तोड़ देंगे.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे लगाना सुनने वालों की तरह हम चुप नहीं रहेंगे. हम राष्ट्रभक्त हैं और अगर कोई किसी को भारत विरोधी नारेबाजी करते हुए देखेंगे तो उसके हाथ-पैर तोड़ देंगे. सिंह ने हालांकि पिछले साल जेएनयू के उक्त वीडियो जिसमें कुछ पदर्शनकारियों के ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे का उल्लेख नहीं किया लेकिन उनकी प्रतिक्रिया प्रत्यक्ष रूप से उसी परिप्रेक्ष्य में थी. उल्लेखनीय है कि जेएनयू की इस घटना के बाद राष्ट्रीय स्तर परलोगों का इस ओर ध्यान आकृष्ट होने पर उक्त विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया था. अपनी पार्टी के सांसद के कड़े शब्दों के इस्तेमाल के बारे में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कौन कहेगा कि देश को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और इस बात को उन्होंने अपने शब्दों में कहा है.   उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे लगाना सुनने वालों की तरह हम चुप नहीं रहेंगे. हम राष्ट्रभक्त हैं और अगर कोई किसी को भारत विरोधी नारेबाजी करते हुए देखेंगे तो उसके हाथ-पैर तोड़ देंगे. सिंह ने हालांकि पिछले साल जेएनयू के उक्त वीडियो जिसमें कुछ पदर्शनकारियों के ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे का उल्लेख नहीं किया लेकिन उनकी प्रतिक्रिया प्रत्यक्ष रूप से उसी परिप्रेक्ष्य में थी. उल्लेखनीय है कि जेएनयू की इस घटना के बाद राष्ट्रीय स्तर परलोगों का इस ओर ध्यान आकृष्ट होने पर उक्त विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया था. अपनी पार्टी के सांसद के कड़े शब्दों के इस्तेमाल के बारे में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कौन कहेगा कि देश को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और इस बात को उन्होंने अपने शब्दों में कहा है.   उल्लेखनीय है कि जेएनयू की इस घटना के बाद राष्ट्रीय स्तर परलोगों का इस ओर ध्यान आकृष्ट होने पर उक्त विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया था. अपनी पार्टी के सांसद के कड़े शब्दों के इस्तेमाल के बारे में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कौन कहेगा कि देश को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और इस बात को उन्होंने अपने शब्दों में कहा है.
संक्षिप्त सारांश: कहा - 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाने वालों की तरह हम चुप नहीं रह इससे पहले बीजेपी विधायक विक्रम सैनी ने भी इसी अंदाज में दी थी धमकी कहा था जो लोग गाय का वध करेंगे, उनकी टांगे तोड़ देंगे
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्या आपने कभी पुरुषों द्वारा संतान उत्पन्न करने की घटना के बारे में सुना है? शायद नहीं। राजस्थान के स्वास्थ्य केंद्र पर ऐसी एक नहीं 32 घटनाएं दर्ज हैं। यहीं नहीं यहां एक महिला ने एक साल में 24 बार संतान उत्पन्न किया है। गिनीज बुक के विश्व रिकार्ड को तोड़ देने वाले इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि यह हकीकत नहीं बल्कि एक नया घोटाला है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि कोटड़ा कस्बे के गोगुंडा सामुदायिक केंद्र में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को इस घोटाले का पता लगाया। इस केंद्र की गर्भावस्था सहायिकाओं ने केंद्र सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे की गर्भवती महिलाओं के लिए निर्धारित सहायता राशि को हड़पने के लिए गलत रिपोर्ट पेश की। जननी सुरक्षा योजना के तहत पहले दो बच्चों के जन्म के लिए गरीबी रेखा से नीचे की महिला को 1700 रुपये और प्रत्येक प्रसव पर मिडवाइफ को इसके लिए 200 रुपये मिलते हैं। योजना का मकसद प्रसव के दौरान जच्चे और बच्चे की होने वाली मृत्यु को रोकना है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले कई तरह की सेवाएं और सुविधाएं दी जाती हैं। अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के रिकार्ड में ऐसे 32 पुरुषों के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने संतान को जन्म दिया। इनमें से कुछ के नाम कई बार दर्ज हैं। रिकार्ड के अनुसार 60 साल की महिला ने साल में दो बार संतान उत्पन्न किया और सीता नाम की महिला ने तो साल में 24 संतान उत्पन्न किए। अधिकारी ने बताया कि गर्भवास्था वार्ड की प्रमुख ने खुद भी एक साल में 11 बार संतान उत्पन्न किए। अधिकारी ने बताया कि घोटालों के उजागर होने के बाद वार्ड प्रमुख को पद से हटा दिया गया है और वह इस समय फरार है। उसने बताया कि विभागीय जांच के बाद शिकायत दर्ज कराई जाएगी। जांच के लिए तीन वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गठित कर दिया गया है।
यहाँ एक सारांश है:क्या आपने कभी पुरुषों द्वारा संतान उत्पन्न करने की घटना के बारे में सुना है? शायद नहीं। राजस्थान के स्वास्थ्य केंद्र पर ऐसी एक नहीं 32 घटनाएं दर्ज हैं। यहीं नहीं यहां एक महिला ने एक साल में 24 बार संतान उत्पन्न किया है।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं या फिर आपने किसी प्रकार का बीमा करवाया हुआ है, तो यह खबर आपके लिए है. बैंकों और बीमा कंपनियों ने लोगों को चेताना शुरू कर दिया है कि जीएसटी के बाद क्रेडिट कार्ड और बीमा प्रीमियम के क्रमश: बिल व पेमेंट अब के मुकाबले महंगी पड़ सकती हैं. क्रेडिट कार्ड प्रदाता, बैंक तथा बीमा कंपनियों ने अपने ग्राहकों को एक जुलाई से माल एवं सेवा कर (GST) के क्रियान्वयन के बाद अधिक कर लगने के बारे में सावधान करना शुरू कर दिया है.  SBI, HDFC बैंक से लेकर ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस अपने ग्राहकों को मेसेज भेजकर इस बाबत पूर्व सूचना दे रहे हैं. फिलहाल ग्राहक ऐसी सेवाओं के लिये 15 प्रतिशत सेवा कर देते हैं. एक जुलाई 2017 से जीएसटी सेवा कर और वैट जैसे सभी अप्रत्यक्ष कर को समाहित करेगा. वित्तीय सेवा तथा दूरसंचार को 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है. एसबीआई कार्ड ने अपने ग्राहकों को एसएमएस भेजकर उच्च कर प्रभाव के बारे में सावधान किया है. एसबीआई कार्ड के एसएमएस के अनुसार, भारत सरकार ने जीएसटी लागू करने करने का प्रस्ताव किया है. यह संभवत: एक जुलाई 2017 से लागू हो सकता है. परिणामस्वरूप 15 प्रतिशत मौजूदा सेवा कर के स्थान पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. स्टैंडर्ड चार्टर्ड तथा एचडीएफसी ने भी अपने ग्राहकों को जीएसटी से संबंधित संदेश भेजे हैं. टिप्पणियां आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने ई-मेल संदेश में अपने ग्राहकों से कहा कि नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के क्रियान्वयन के बाद -टर्म पॉलिसी- के लिये दिये जाने वाले प्रीमियम तथा -यूनिट लिंक्ड- बीमा पालिसी पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. इन उत्पादों पर फिलहाल 15 प्रतिशत जीएसटी लगता है. जीएसटी एंडाउमेंट पालिसी के लिये प्रीमियम भुगतान पर 2.25 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. फिलहाल ग्राहकों को 1.88 प्रतिशत सेवा कर एंडोमांट पालिसी पर देना होता है.  (न्यूज एजेंसी पीटीआई से इनपुट)   SBI, HDFC बैंक से लेकर ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस अपने ग्राहकों को मेसेज भेजकर इस बाबत पूर्व सूचना दे रहे हैं. फिलहाल ग्राहक ऐसी सेवाओं के लिये 15 प्रतिशत सेवा कर देते हैं. एक जुलाई 2017 से जीएसटी सेवा कर और वैट जैसे सभी अप्रत्यक्ष कर को समाहित करेगा. वित्तीय सेवा तथा दूरसंचार को 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है. एसबीआई कार्ड ने अपने ग्राहकों को एसएमएस भेजकर उच्च कर प्रभाव के बारे में सावधान किया है. एसबीआई कार्ड के एसएमएस के अनुसार, भारत सरकार ने जीएसटी लागू करने करने का प्रस्ताव किया है. यह संभवत: एक जुलाई 2017 से लागू हो सकता है. परिणामस्वरूप 15 प्रतिशत मौजूदा सेवा कर के स्थान पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. स्टैंडर्ड चार्टर्ड तथा एचडीएफसी ने भी अपने ग्राहकों को जीएसटी से संबंधित संदेश भेजे हैं. टिप्पणियां आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने ई-मेल संदेश में अपने ग्राहकों से कहा कि नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के क्रियान्वयन के बाद -टर्म पॉलिसी- के लिये दिये जाने वाले प्रीमियम तथा -यूनिट लिंक्ड- बीमा पालिसी पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. इन उत्पादों पर फिलहाल 15 प्रतिशत जीएसटी लगता है. जीएसटी एंडाउमेंट पालिसी के लिये प्रीमियम भुगतान पर 2.25 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. फिलहाल ग्राहकों को 1.88 प्रतिशत सेवा कर एंडोमांट पालिसी पर देना होता है.  (न्यूज एजेंसी पीटीआई से इनपुट)   एसबीआई कार्ड ने अपने ग्राहकों को एसएमएस भेजकर उच्च कर प्रभाव के बारे में सावधान किया है. एसबीआई कार्ड के एसएमएस के अनुसार, भारत सरकार ने जीएसटी लागू करने करने का प्रस्ताव किया है. यह संभवत: एक जुलाई 2017 से लागू हो सकता है. परिणामस्वरूप 15 प्रतिशत मौजूदा सेवा कर के स्थान पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. स्टैंडर्ड चार्टर्ड तथा एचडीएफसी ने भी अपने ग्राहकों को जीएसटी से संबंधित संदेश भेजे हैं. टिप्पणियां आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने ई-मेल संदेश में अपने ग्राहकों से कहा कि नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के क्रियान्वयन के बाद -टर्म पॉलिसी- के लिये दिये जाने वाले प्रीमियम तथा -यूनिट लिंक्ड- बीमा पालिसी पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. इन उत्पादों पर फिलहाल 15 प्रतिशत जीएसटी लगता है. जीएसटी एंडाउमेंट पालिसी के लिये प्रीमियम भुगतान पर 2.25 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. फिलहाल ग्राहकों को 1.88 प्रतिशत सेवा कर एंडोमांट पालिसी पर देना होता है.  (न्यूज एजेंसी पीटीआई से इनपुट)   आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने ई-मेल संदेश में अपने ग्राहकों से कहा कि नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के क्रियान्वयन के बाद -टर्म पॉलिसी- के लिये दिये जाने वाले प्रीमियम तथा -यूनिट लिंक्ड- बीमा पालिसी पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. इन उत्पादों पर फिलहाल 15 प्रतिशत जीएसटी लगता है. जीएसटी एंडाउमेंट पालिसी के लिये प्रीमियम भुगतान पर 2.25 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. फिलहाल ग्राहकों को 1.88 प्रतिशत सेवा कर एंडोमांट पालिसी पर देना होता है.  (न्यूज एजेंसी पीटीआई से इनपुट)   (न्यूज एजेंसी पीटीआई से इनपुट)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: SBI, HDFC बैंक से लेकर ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस भेज रहे SMS बैंक व बीमा कंपनियां लोगों को कुल बिल महंगा होने को लेकर कर रहीं आगाह 1 जुलाई से देश भर में जीएसटी लागू किया जाना है
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी न्यूज चैनल ‘सीएनएन’ के राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक पीटर बर्गन ने ओसामा बिन लादेन को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है। बर्गन के मुताबिक, अपने आखिरी दिनों में ओसामा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को मारने और अमेरिका में एक और आतंकी हमले की योजना बना रहा था। बर्गन के मुताबिक, ‘‘ऐबटाबाद के उपनगरीय परिसर में बरामद हुए कंप्यूटर को खंगालने के दौरान पता चला कि लादेन ने कुछ मेमो लिखे थे, जिसमें उसने अपने लोगों से अपील की थी कि वे अमेरिका पर हमले की कोशिशें जारी रखें। उसने नजीर के तौर पर सुझाया था कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और जनरल डेविड पैट्रियस के खिलाफ हमले की कोशिश करें।’’ जिस वक्त ओसामा ने अपने लोगों को यह खत लिखा था, उस वक्त जनरल पैट्रियस अफगानिस्तान में नाटो बलों की अगुवाई कर रहे थे। ऐबटाबाद स्थित ओसामा के ठिकाने से बरामद हुए दस्तावेजों तक पहुंच रखने वाले ओबामा प्रशासन के अधिकारियों की ओर से इस हफ्ते दी गई जानकारी के आधार पर बर्गन ने लिखा, ‘‘बिन लादेन का मानना था कि ओबामा के मारे जाने से उप-राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए राष्ट्रपति बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। अल कायदा नेता ने कहा कि बाइडेन इस पद के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है।’’ अधिकारियों के मुताबिक, ओसामा ने अक्टूबर, 2010 में अपने एक मातहत को 48 पन्नों का खत लिखा था, जिसमें उसके संगठन की हालत का जिक्र था। वह इस बात को लेकर खास तौर पर चिंतित था कि पाकिस्तान के कबाइली इलाके वजीरिस्तान में अल कायदा का लंबे समय से रहा ठिकाना अमेरिकी ड्रोन हमलों की वजह से अब काफी खतरनाक हो गया है।टिप्पणियां बर्गन के मुताबिक, इन हमलों में अपने कई वरिष्ठ सदस्यों को गंवा देने के कारण ओसामा इस बात को लेकर चिंतित था। उनके अनुसार, ‘‘बिन लादेन ने अपने लोगों से कहा कि वे कबाइली इलाकों की तरफ न जाएं। वे तभी कबाइली इलाकों की ओर जाएं, जब मौसम ठीक न हो, ताकि अमेरिकी उपग्रह और ड्रोन से उन्हें कोई नुकसान न हो। उसने अपने लोगों से गुजारिश की थी कि वे गजनी, जाबुल जैसे सुदूर अफगान प्रांत की ओर चले जाएं। उसने खास तौर पर कुनार का रुख करने को कहा, ताकि वहां के ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सके।’’ ओसामा खास तौर पर अपने 20 साल के बेटे हमजा की हिफाजत को लेकर चिंतित था। उसे कुछ ही दिन पहले नजरबंदी से रिहा किया गया था। बिन लादेन ने अपने मातहत को निर्देश दिया कि वह उसके बेटे से वजीरिस्तान छोड़कर चले जाने को कहे। बर्गन के मुताबिक, ‘‘ऐबटाबाद के उपनगरीय परिसर में बरामद हुए कंप्यूटर को खंगालने के दौरान पता चला कि लादेन ने कुछ मेमो लिखे थे, जिसमें उसने अपने लोगों से अपील की थी कि वे अमेरिका पर हमले की कोशिशें जारी रखें। उसने नजीर के तौर पर सुझाया था कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और जनरल डेविड पैट्रियस के खिलाफ हमले की कोशिश करें।’’ जिस वक्त ओसामा ने अपने लोगों को यह खत लिखा था, उस वक्त जनरल पैट्रियस अफगानिस्तान में नाटो बलों की अगुवाई कर रहे थे। ऐबटाबाद स्थित ओसामा के ठिकाने से बरामद हुए दस्तावेजों तक पहुंच रखने वाले ओबामा प्रशासन के अधिकारियों की ओर से इस हफ्ते दी गई जानकारी के आधार पर बर्गन ने लिखा, ‘‘बिन लादेन का मानना था कि ओबामा के मारे जाने से उप-राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए राष्ट्रपति बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। अल कायदा नेता ने कहा कि बाइडेन इस पद के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है।’’ अधिकारियों के मुताबिक, ओसामा ने अक्टूबर, 2010 में अपने एक मातहत को 48 पन्नों का खत लिखा था, जिसमें उसके संगठन की हालत का जिक्र था। वह इस बात को लेकर खास तौर पर चिंतित था कि पाकिस्तान के कबाइली इलाके वजीरिस्तान में अल कायदा का लंबे समय से रहा ठिकाना अमेरिकी ड्रोन हमलों की वजह से अब काफी खतरनाक हो गया है।टिप्पणियां बर्गन के मुताबिक, इन हमलों में अपने कई वरिष्ठ सदस्यों को गंवा देने के कारण ओसामा इस बात को लेकर चिंतित था। उनके अनुसार, ‘‘बिन लादेन ने अपने लोगों से कहा कि वे कबाइली इलाकों की तरफ न जाएं। वे तभी कबाइली इलाकों की ओर जाएं, जब मौसम ठीक न हो, ताकि अमेरिकी उपग्रह और ड्रोन से उन्हें कोई नुकसान न हो। उसने अपने लोगों से गुजारिश की थी कि वे गजनी, जाबुल जैसे सुदूर अफगान प्रांत की ओर चले जाएं। उसने खास तौर पर कुनार का रुख करने को कहा, ताकि वहां के ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सके।’’ ओसामा खास तौर पर अपने 20 साल के बेटे हमजा की हिफाजत को लेकर चिंतित था। उसे कुछ ही दिन पहले नजरबंदी से रिहा किया गया था। बिन लादेन ने अपने मातहत को निर्देश दिया कि वह उसके बेटे से वजीरिस्तान छोड़कर चले जाने को कहे। जिस वक्त ओसामा ने अपने लोगों को यह खत लिखा था, उस वक्त जनरल पैट्रियस अफगानिस्तान में नाटो बलों की अगुवाई कर रहे थे। ऐबटाबाद स्थित ओसामा के ठिकाने से बरामद हुए दस्तावेजों तक पहुंच रखने वाले ओबामा प्रशासन के अधिकारियों की ओर से इस हफ्ते दी गई जानकारी के आधार पर बर्गन ने लिखा, ‘‘बिन लादेन का मानना था कि ओबामा के मारे जाने से उप-राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए राष्ट्रपति बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। अल कायदा नेता ने कहा कि बाइडेन इस पद के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है।’’ अधिकारियों के मुताबिक, ओसामा ने अक्टूबर, 2010 में अपने एक मातहत को 48 पन्नों का खत लिखा था, जिसमें उसके संगठन की हालत का जिक्र था। वह इस बात को लेकर खास तौर पर चिंतित था कि पाकिस्तान के कबाइली इलाके वजीरिस्तान में अल कायदा का लंबे समय से रहा ठिकाना अमेरिकी ड्रोन हमलों की वजह से अब काफी खतरनाक हो गया है।टिप्पणियां बर्गन के मुताबिक, इन हमलों में अपने कई वरिष्ठ सदस्यों को गंवा देने के कारण ओसामा इस बात को लेकर चिंतित था। उनके अनुसार, ‘‘बिन लादेन ने अपने लोगों से कहा कि वे कबाइली इलाकों की तरफ न जाएं। वे तभी कबाइली इलाकों की ओर जाएं, जब मौसम ठीक न हो, ताकि अमेरिकी उपग्रह और ड्रोन से उन्हें कोई नुकसान न हो। उसने अपने लोगों से गुजारिश की थी कि वे गजनी, जाबुल जैसे सुदूर अफगान प्रांत की ओर चले जाएं। उसने खास तौर पर कुनार का रुख करने को कहा, ताकि वहां के ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सके।’’ ओसामा खास तौर पर अपने 20 साल के बेटे हमजा की हिफाजत को लेकर चिंतित था। उसे कुछ ही दिन पहले नजरबंदी से रिहा किया गया था। बिन लादेन ने अपने मातहत को निर्देश दिया कि वह उसके बेटे से वजीरिस्तान छोड़कर चले जाने को कहे। अधिकारियों के मुताबिक, ओसामा ने अक्टूबर, 2010 में अपने एक मातहत को 48 पन्नों का खत लिखा था, जिसमें उसके संगठन की हालत का जिक्र था। वह इस बात को लेकर खास तौर पर चिंतित था कि पाकिस्तान के कबाइली इलाके वजीरिस्तान में अल कायदा का लंबे समय से रहा ठिकाना अमेरिकी ड्रोन हमलों की वजह से अब काफी खतरनाक हो गया है।टिप्पणियां बर्गन के मुताबिक, इन हमलों में अपने कई वरिष्ठ सदस्यों को गंवा देने के कारण ओसामा इस बात को लेकर चिंतित था। उनके अनुसार, ‘‘बिन लादेन ने अपने लोगों से कहा कि वे कबाइली इलाकों की तरफ न जाएं। वे तभी कबाइली इलाकों की ओर जाएं, जब मौसम ठीक न हो, ताकि अमेरिकी उपग्रह और ड्रोन से उन्हें कोई नुकसान न हो। उसने अपने लोगों से गुजारिश की थी कि वे गजनी, जाबुल जैसे सुदूर अफगान प्रांत की ओर चले जाएं। उसने खास तौर पर कुनार का रुख करने को कहा, ताकि वहां के ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सके।’’ ओसामा खास तौर पर अपने 20 साल के बेटे हमजा की हिफाजत को लेकर चिंतित था। उसे कुछ ही दिन पहले नजरबंदी से रिहा किया गया था। बिन लादेन ने अपने मातहत को निर्देश दिया कि वह उसके बेटे से वजीरिस्तान छोड़कर चले जाने को कहे। बर्गन के मुताबिक, इन हमलों में अपने कई वरिष्ठ सदस्यों को गंवा देने के कारण ओसामा इस बात को लेकर चिंतित था। उनके अनुसार, ‘‘बिन लादेन ने अपने लोगों से कहा कि वे कबाइली इलाकों की तरफ न जाएं। वे तभी कबाइली इलाकों की ओर जाएं, जब मौसम ठीक न हो, ताकि अमेरिकी उपग्रह और ड्रोन से उन्हें कोई नुकसान न हो। उसने अपने लोगों से गुजारिश की थी कि वे गजनी, जाबुल जैसे सुदूर अफगान प्रांत की ओर चले जाएं। उसने खास तौर पर कुनार का रुख करने को कहा, ताकि वहां के ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सके।’’ ओसामा खास तौर पर अपने 20 साल के बेटे हमजा की हिफाजत को लेकर चिंतित था। उसे कुछ ही दिन पहले नजरबंदी से रिहा किया गया था। बिन लादेन ने अपने मातहत को निर्देश दिया कि वह उसके बेटे से वजीरिस्तान छोड़कर चले जाने को कहे। ओसामा खास तौर पर अपने 20 साल के बेटे हमजा की हिफाजत को लेकर चिंतित था। उसे कुछ ही दिन पहले नजरबंदी से रिहा किया गया था। बिन लादेन ने अपने मातहत को निर्देश दिया कि वह उसके बेटे से वजीरिस्तान छोड़कर चले जाने को कहे।
सारांश: सीएनएन के सुरक्षा विश्लेषक पीटर बर्गन के मुताबिक अपने आखिरी दिनों में लादेन अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा को मारने और अमेरिका में एक और हमले की योजना बना रहा था।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विकसित देशों में सुधार के कमजोर रुख के बावजूद वैश्विक स्तर पर जिंसों में तेजी बरकरार है और इसके परिणामस्वरूप देश में मुद्रास्फीति का दबाव बना हुआ है। यह जानकारी संसद को दी गई। वित्त राज्यमंत्री नमो नारायण मीणा ने राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में बताया, 'विकसित अर्थव्यवस्थाओं में कमजोर सुधार के बावजूद वैश्विक स्तर पर जिंस कीमतों में उतनी नरमी नहीं आई है जितनी उम्मीद की जा रही थी। इसके परिणामस्वरूप घरेलू मुद्रास्फीति पर आपूर्ति पक्ष का दबाव कायम है।' उन्होंने कहा कि सरकार वैश्विक आर्थिक स्थिति पर निगाह रखे है और देख रही है कि इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर हो सकता है। मीणा का यह उत्तर ऐसे समय आया है जब सरकार मूल्यवृद्धि का सामना कर रही है। मुद्रास्फीति की दर दिसंबर 2010 से नौ प्रतिशत से अधिक बनी हुई है और इस वर्ष जुलाई में यह 9.22 प्रतिशत रही। थोड़े समय की नरमी के बाद खाद्य मुद्रास्फीति दहाई अंक से ऊपर निकल गई। 20 अगस्त को समाप्त सप्ताह में यह 10.05 प्रतिशत हो गई। मुद्रास्फीति को कम करने के लिए मौद्रिक सख्ती की नीति के तहत मार्च 2010 के बाद से भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 11 बार वृद्धि की है। भारतीय उद्योगों का कहना है कि अधिक ब्याज दरों के कारण उधारी की लागत बढ़ी है और इस प्रकार ताजा निवेश बाधित हो रहा है जिसके कारण औद्योगिक गतिविधियां मंद हुई हैं।
यह एक सारांश है: विकसित देशों में सुधार के कमजोर रुख के बावजूद वैश्विक स्तर पर जिंसों में तेजी बरकरार है और परिणामस्वरूप देश में मुद्रास्फीति का दबाव बना हुआ है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात विधानसभा की 182 और हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों के लिए गुरुवार को होने वाली मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना की व्यवस्था की गई हैं। दोनों राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से मतदान होने के कारण दोपहर तक तस्वीर साफ हो जाएगी और यह पता चल जाएगा कि इन राज्यों के मुख्य प्रतिद्वन्द्वी दल भाजपा और कांग्रेस-दोनों को कहां किस्मत ने साथ दिया और कहां निराशा हाथ लगी। गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में हुए चुनावों में कल जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत तय होगी उनमें मुख्यमंत्री मोदी के अलावा भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास, उद्योग राज्य मंत्री सौरभ पटेल और पूर्व गृह राज्यमंत्री अमित शाह, कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला, उनके बेटे महेंद्र वाघेला और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल, कांग्रेस के अर्जुन मोढवाडिया, गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) के अध्यक्ष केशुभाई पटेल शामिल हैं।टिप्पणियां हिमाचल प्रदेश में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है जिन्होंने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। बहुजन समाज पार्टी 66 सीटों पर, हिमाचल लोकहित पार्टी ने 36 सीटों पर, तृणमूल कांग्रेस 25 सीटों पर, समाजवादी पार्टी 16 सीटों पर, माकपा 15 सीटों पर, राकांपा और स्वभिमान पार्टी 12-12 सीटों पर, भाकपा सात सीटों पर और शिवसेना चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। 105 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का कल फैसला होना है उनमें इनमें मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सभी 10 कैबिनेट मंत्री, विपक्षी नेता विद्या स्टोक्स, मौजूदा विधायक और काफी संख्या में पूर्व मंत्री एवं विधायक शामिल हैं। दोनों राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से मतदान होने के कारण दोपहर तक तस्वीर साफ हो जाएगी और यह पता चल जाएगा कि इन राज्यों के मुख्य प्रतिद्वन्द्वी दल भाजपा और कांग्रेस-दोनों को कहां किस्मत ने साथ दिया और कहां निराशा हाथ लगी। गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में हुए चुनावों में कल जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत तय होगी उनमें मुख्यमंत्री मोदी के अलावा भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास, उद्योग राज्य मंत्री सौरभ पटेल और पूर्व गृह राज्यमंत्री अमित शाह, कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला, उनके बेटे महेंद्र वाघेला और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल, कांग्रेस के अर्जुन मोढवाडिया, गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) के अध्यक्ष केशुभाई पटेल शामिल हैं।टिप्पणियां हिमाचल प्रदेश में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है जिन्होंने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। बहुजन समाज पार्टी 66 सीटों पर, हिमाचल लोकहित पार्टी ने 36 सीटों पर, तृणमूल कांग्रेस 25 सीटों पर, समाजवादी पार्टी 16 सीटों पर, माकपा 15 सीटों पर, राकांपा और स्वभिमान पार्टी 12-12 सीटों पर, भाकपा सात सीटों पर और शिवसेना चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। 105 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का कल फैसला होना है उनमें इनमें मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सभी 10 कैबिनेट मंत्री, विपक्षी नेता विद्या स्टोक्स, मौजूदा विधायक और काफी संख्या में पूर्व मंत्री एवं विधायक शामिल हैं। गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में हुए चुनावों में कल जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत तय होगी उनमें मुख्यमंत्री मोदी के अलावा भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास, उद्योग राज्य मंत्री सौरभ पटेल और पूर्व गृह राज्यमंत्री अमित शाह, कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला, उनके बेटे महेंद्र वाघेला और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल, कांग्रेस के अर्जुन मोढवाडिया, गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) के अध्यक्ष केशुभाई पटेल शामिल हैं।टिप्पणियां हिमाचल प्रदेश में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है जिन्होंने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। बहुजन समाज पार्टी 66 सीटों पर, हिमाचल लोकहित पार्टी ने 36 सीटों पर, तृणमूल कांग्रेस 25 सीटों पर, समाजवादी पार्टी 16 सीटों पर, माकपा 15 सीटों पर, राकांपा और स्वभिमान पार्टी 12-12 सीटों पर, भाकपा सात सीटों पर और शिवसेना चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। 105 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का कल फैसला होना है उनमें इनमें मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सभी 10 कैबिनेट मंत्री, विपक्षी नेता विद्या स्टोक्स, मौजूदा विधायक और काफी संख्या में पूर्व मंत्री एवं विधायक शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है जिन्होंने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। बहुजन समाज पार्टी 66 सीटों पर, हिमाचल लोकहित पार्टी ने 36 सीटों पर, तृणमूल कांग्रेस 25 सीटों पर, समाजवादी पार्टी 16 सीटों पर, माकपा 15 सीटों पर, राकांपा और स्वभिमान पार्टी 12-12 सीटों पर, भाकपा सात सीटों पर और शिवसेना चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। 105 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का कल फैसला होना है उनमें इनमें मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सभी 10 कैबिनेट मंत्री, विपक्षी नेता विद्या स्टोक्स, मौजूदा विधायक और काफी संख्या में पूर्व मंत्री एवं विधायक शामिल हैं। जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का कल फैसला होना है उनमें इनमें मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सभी 10 कैबिनेट मंत्री, विपक्षी नेता विद्या स्टोक्स, मौजूदा विधायक और काफी संख्या में पूर्व मंत्री एवं विधायक शामिल हैं।
संक्षिप्त सारांश: गुजरात विधानसभा की 182 और हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों के लिए गुरुवार को होने वाली मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना की व्यवस्था की गई हैं।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीयूष गोयल ने कहा कि भाजपा तमिलनाडु की 21 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भी AIADMK का समर्थन करेगी. उन्होंने कहा कि हम राज्य में ओ पनीरसेल्वम और ई पलानीसामी के नेतृत्व में और केंद्र में मोदी जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे. बता दें कि इससे पहले सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने आगामी संसदीय चुनावों के लिए व्यापक आधार वाले मोर्चे को पेश करने की दिशा में पहला कदम उठाते हुए पट्टाली मक्कल कत्ची (PMK) के साथ राजनीतिक गठबंधन की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री के पलानीसामी की मौजूदगी में गठबंधन की घोषणा करते हुए अन्नाद्रमुक के समन्वयक एवं उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने कहा था कि पीएमके लोकसभा की 7 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पीएमके को राज्यसभा की भी एक सीट दिए जाने का निर्णय किया गया है.  पनीरसेल्वम ने बताया कि समझौते के तहत पीएमके तमिलनाडु में 21 विधानसभा क्षेत्रों में संभावित उपचुनाव में अन्नाद्रमुक का समर्थन करेगी. पीएमके के साथ यह समझौता होना अन्नाद्रमुक के लिए एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है.
संक्षिप्त पाठ: बीजेपी और AIADMK के बीच गठजोड़ लोकसभा चुनावों के लिए हुआ गठबंधन भारतीय जनता पार्टी 5 सीटों पर लड़ेगी
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: नॉर्वे की टेलीकॉम कंपनी टेलीनॉर ने भारत में किए निवेश को बचाने के लिए कमर कस ली है। कंपनी कानूनी लड़ाई के साथ−साथ कूटनीति का भी सहारा ले रही है। यूनिटेक वायरलेस में टेलीनॉर की 67 फीसदी की हिस्सेदारी है, जिसके 22 टेलीकॉम लाइसेंस सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिए थे। आज नॉर्वे के मंत्री रिगमॉर असरुद दिल्ली में होंगे। इस दौरान वह सरकार के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री भी दिल्ली में अधिकारियों से इस मामले में चर्चा करेंगे। नॉर्वे सरकार से समर्थन मिलने के पीछे एक मुख्य वजह यह है कि टेलीनॉर में नॉर्वे सरकार की 54 फीसदी की हिस्सेदारी है। वहीं टेलीनॉर कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने वाला है। कंपनी की दलील है कि स्पेक्ट्रम मिलने के बाद उसने यूनिटेक वायरलेस में हिस्सेदारी खरीदी थी। इसलिए वह घोटले में भागीदार नहीं हैं। टेलीनॉर ने नए लाइसेंस के लिए भी बोली लगाने वाला है।टिप्पणियां इसके अलावा टेलीनॉर की साझा कंपनी 'यूनीनॉर' ने आज कहा कि 2जी लाइसेंस के लिए दोबारा होने वाली नीलामी में उन्हीं प्रतिभागियों को शामिल किया जाना चाहिए जिन्हें वर्ष 2008 में लाइसेंस आवंटित किए गए थे। यूनीनॉर के प्रबंध निदेशक सिग्वे ब्रेक्के  ने संवाददाताओं से कहा, "नीलामी में उन्हीं नए प्रतिभागियों को शामिल किया जाए, जो वर्ष 2008 में थे।" उन्होंने कहा, "पिछली बार यह बिल्कुल साफ था कि सरकार की नीति प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की थी। इसलिए उस वक्त बाजार में स्थापित कम्पनियों को आमंत्रित नहीं किया गया। इस वक्त भी उसी नीति की आवश्यकता है। स्थापित कम्पनियों को आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए।" ब्रेक्के  ने कहा कि कम्पनी का संचालन ठीक से चल रहा है। लेकिन सेवाओं को बंद किए जाने की अफवाह से यूनीनॉर परेशान है। आज नॉर्वे के मंत्री रिगमॉर असरुद दिल्ली में होंगे। इस दौरान वह सरकार के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री भी दिल्ली में अधिकारियों से इस मामले में चर्चा करेंगे। नॉर्वे सरकार से समर्थन मिलने के पीछे एक मुख्य वजह यह है कि टेलीनॉर में नॉर्वे सरकार की 54 फीसदी की हिस्सेदारी है। वहीं टेलीनॉर कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने वाला है। कंपनी की दलील है कि स्पेक्ट्रम मिलने के बाद उसने यूनिटेक वायरलेस में हिस्सेदारी खरीदी थी। इसलिए वह घोटले में भागीदार नहीं हैं। टेलीनॉर ने नए लाइसेंस के लिए भी बोली लगाने वाला है।टिप्पणियां इसके अलावा टेलीनॉर की साझा कंपनी 'यूनीनॉर' ने आज कहा कि 2जी लाइसेंस के लिए दोबारा होने वाली नीलामी में उन्हीं प्रतिभागियों को शामिल किया जाना चाहिए जिन्हें वर्ष 2008 में लाइसेंस आवंटित किए गए थे। यूनीनॉर के प्रबंध निदेशक सिग्वे ब्रेक्के  ने संवाददाताओं से कहा, "नीलामी में उन्हीं नए प्रतिभागियों को शामिल किया जाए, जो वर्ष 2008 में थे।" उन्होंने कहा, "पिछली बार यह बिल्कुल साफ था कि सरकार की नीति प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की थी। इसलिए उस वक्त बाजार में स्थापित कम्पनियों को आमंत्रित नहीं किया गया। इस वक्त भी उसी नीति की आवश्यकता है। स्थापित कम्पनियों को आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए।" ब्रेक्के  ने कहा कि कम्पनी का संचालन ठीक से चल रहा है। लेकिन सेवाओं को बंद किए जाने की अफवाह से यूनीनॉर परेशान है। इसके अलावा टेलीनॉर की साझा कंपनी 'यूनीनॉर' ने आज कहा कि 2जी लाइसेंस के लिए दोबारा होने वाली नीलामी में उन्हीं प्रतिभागियों को शामिल किया जाना चाहिए जिन्हें वर्ष 2008 में लाइसेंस आवंटित किए गए थे। यूनीनॉर के प्रबंध निदेशक सिग्वे ब्रेक्के  ने संवाददाताओं से कहा, "नीलामी में उन्हीं नए प्रतिभागियों को शामिल किया जाए, जो वर्ष 2008 में थे।" उन्होंने कहा, "पिछली बार यह बिल्कुल साफ था कि सरकार की नीति प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की थी। इसलिए उस वक्त बाजार में स्थापित कम्पनियों को आमंत्रित नहीं किया गया। इस वक्त भी उसी नीति की आवश्यकता है। स्थापित कम्पनियों को आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए।" ब्रेक्के  ने कहा कि कम्पनी का संचालन ठीक से चल रहा है। लेकिन सेवाओं को बंद किए जाने की अफवाह से यूनीनॉर परेशान है। उन्होंने कहा, "पिछली बार यह बिल्कुल साफ था कि सरकार की नीति प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की थी। इसलिए उस वक्त बाजार में स्थापित कम्पनियों को आमंत्रित नहीं किया गया। इस वक्त भी उसी नीति की आवश्यकता है। स्थापित कम्पनियों को आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए।" ब्रेक्के  ने कहा कि कम्पनी का संचालन ठीक से चल रहा है। लेकिन सेवाओं को बंद किए जाने की अफवाह से यूनीनॉर परेशान है।
संक्षिप्त सारांश: नॉर्वे की टेलीकॉम कंपनी टेलीनॉर ने भारत में किए निवेश को बचाने के लिए कमर कस ली है। कंपनी कानूनी लड़ाई के साथ−साथ कूटनीति का सहारा ले रही है।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा और राटले पनबिजली परियाजनाओं को लेकर पाकिस्तान द्वारा की गई शिकायत पर ध्यान देने के लिए एक पंचाट का गठन और निष्पक्ष विशेषज्ञ को नियुक्त करने के विश्व बैंक के 'अस्पष्ट' फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई. भारत ने विश्व बैंक से एक निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने की मांग की थी, जबकि पाकिस्तान ने पंचाट के गठन की मांग की थी. निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने के विश्व बैंक के फैसले से हैरान भारत ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे बढ़ना 'कानूनी रूप से असमर्थनीय' है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, 'विश्व बैंक ने अस्पष्ट तरीके से एक साथ दो समानांतर तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. भारत उन कार्रवाइयों का हिस्सा नहीं हो सकता जो सिंधु जल संधि के अनुरूप नहीं हैं.' उन्होंने कहा, 'सरकार और विकल्पों पर विचार करेगी और इसी के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे.' भारत और पाकिस्तान ने 1960 में सिंधु जल संधि की थी और विश्व बैंक भी इसका हिस्सा है. संधि के तहत विश्व बैंक की, मतभेदों एवं विवादों के हल की प्रक्रिया में विशिष्ट भूमिका है. प्रवक्ता ने, सिंधु जल संधि के तहत किशनगंगा और राटले पनबिजली परियोजनाओं को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के मुद्दे पर कहा कि भारत ने तकनीकी प्रकृति के मतभेदों के हल के लिए विश्व बैंक से एक निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने को कहा था. ये मतभेद एक निष्पक्ष तकनीकी विशेषज्ञ के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. पाकिस्तान ने पंचाट अदालत के गठन की मांग की थी जो आम तौर पर संधि से संबंधित विवादों के हल की प्रक्रिया में उठाया जाने वाला अगला तार्किक कदम है. पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में पनबिजली परियोजना की संरचना को लेकर आपत्तियां जतायी हैं. उसका कहना है कि यह दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत तय किए गए मानदंड के अनुरूप नहीं है. इस पर स्वरूप ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ इस बात का भी निर्धारण कर सकते हैं कि तकनीकी मतभेदों से इतर भी समस्याएं हैं. उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक ने एक साथ दोनों तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. सरकार ने विश्व बैंक से कह दिया था कि मतभेद-विवाद के हल के लिए दो समानांतर तंत्र - एक निष्पक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति और पंचाट का गठन - पर आगे बढ़ना कानूनी रूप से अतार्किक है.'टिप्पणियां स्वरूप ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे ना बढ़ने की भारत की सलाह के बावजूद विश्व बैंक ने इसके उलट फैसला किया जिससे 56 साल पहले हुई संधि की 'व्यवहारिकता एवं सुकार्यता' पर सवाल उठ रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत ने विश्व बैंक से एक निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने की मांग की थी, जबकि पाकिस्तान ने पंचाट के गठन की मांग की थी. निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने के विश्व बैंक के फैसले से हैरान भारत ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे बढ़ना 'कानूनी रूप से असमर्थनीय' है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, 'विश्व बैंक ने अस्पष्ट तरीके से एक साथ दो समानांतर तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. भारत उन कार्रवाइयों का हिस्सा नहीं हो सकता जो सिंधु जल संधि के अनुरूप नहीं हैं.' उन्होंने कहा, 'सरकार और विकल्पों पर विचार करेगी और इसी के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे.' भारत और पाकिस्तान ने 1960 में सिंधु जल संधि की थी और विश्व बैंक भी इसका हिस्सा है. संधि के तहत विश्व बैंक की, मतभेदों एवं विवादों के हल की प्रक्रिया में विशिष्ट भूमिका है. प्रवक्ता ने, सिंधु जल संधि के तहत किशनगंगा और राटले पनबिजली परियोजनाओं को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के मुद्दे पर कहा कि भारत ने तकनीकी प्रकृति के मतभेदों के हल के लिए विश्व बैंक से एक निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने को कहा था. ये मतभेद एक निष्पक्ष तकनीकी विशेषज्ञ के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. पाकिस्तान ने पंचाट अदालत के गठन की मांग की थी जो आम तौर पर संधि से संबंधित विवादों के हल की प्रक्रिया में उठाया जाने वाला अगला तार्किक कदम है. पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में पनबिजली परियोजना की संरचना को लेकर आपत्तियां जतायी हैं. उसका कहना है कि यह दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत तय किए गए मानदंड के अनुरूप नहीं है. इस पर स्वरूप ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ इस बात का भी निर्धारण कर सकते हैं कि तकनीकी मतभेदों से इतर भी समस्याएं हैं. उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक ने एक साथ दोनों तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. सरकार ने विश्व बैंक से कह दिया था कि मतभेद-विवाद के हल के लिए दो समानांतर तंत्र - एक निष्पक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति और पंचाट का गठन - पर आगे बढ़ना कानूनी रूप से अतार्किक है.'टिप्पणियां स्वरूप ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे ना बढ़ने की भारत की सलाह के बावजूद विश्व बैंक ने इसके उलट फैसला किया जिससे 56 साल पहले हुई संधि की 'व्यवहारिकता एवं सुकार्यता' पर सवाल उठ रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, 'विश्व बैंक ने अस्पष्ट तरीके से एक साथ दो समानांतर तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. भारत उन कार्रवाइयों का हिस्सा नहीं हो सकता जो सिंधु जल संधि के अनुरूप नहीं हैं.' उन्होंने कहा, 'सरकार और विकल्पों पर विचार करेगी और इसी के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे.' भारत और पाकिस्तान ने 1960 में सिंधु जल संधि की थी और विश्व बैंक भी इसका हिस्सा है. संधि के तहत विश्व बैंक की, मतभेदों एवं विवादों के हल की प्रक्रिया में विशिष्ट भूमिका है. प्रवक्ता ने, सिंधु जल संधि के तहत किशनगंगा और राटले पनबिजली परियोजनाओं को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के मुद्दे पर कहा कि भारत ने तकनीकी प्रकृति के मतभेदों के हल के लिए विश्व बैंक से एक निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने को कहा था. ये मतभेद एक निष्पक्ष तकनीकी विशेषज्ञ के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. पाकिस्तान ने पंचाट अदालत के गठन की मांग की थी जो आम तौर पर संधि से संबंधित विवादों के हल की प्रक्रिया में उठाया जाने वाला अगला तार्किक कदम है. पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में पनबिजली परियोजना की संरचना को लेकर आपत्तियां जतायी हैं. उसका कहना है कि यह दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत तय किए गए मानदंड के अनुरूप नहीं है. इस पर स्वरूप ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ इस बात का भी निर्धारण कर सकते हैं कि तकनीकी मतभेदों से इतर भी समस्याएं हैं. उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक ने एक साथ दोनों तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. सरकार ने विश्व बैंक से कह दिया था कि मतभेद-विवाद के हल के लिए दो समानांतर तंत्र - एक निष्पक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति और पंचाट का गठन - पर आगे बढ़ना कानूनी रूप से अतार्किक है.'टिप्पणियां स्वरूप ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे ना बढ़ने की भारत की सलाह के बावजूद विश्व बैंक ने इसके उलट फैसला किया जिससे 56 साल पहले हुई संधि की 'व्यवहारिकता एवं सुकार्यता' पर सवाल उठ रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत और पाकिस्तान ने 1960 में सिंधु जल संधि की थी और विश्व बैंक भी इसका हिस्सा है. संधि के तहत विश्व बैंक की, मतभेदों एवं विवादों के हल की प्रक्रिया में विशिष्ट भूमिका है. प्रवक्ता ने, सिंधु जल संधि के तहत किशनगंगा और राटले पनबिजली परियोजनाओं को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के मुद्दे पर कहा कि भारत ने तकनीकी प्रकृति के मतभेदों के हल के लिए विश्व बैंक से एक निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने को कहा था. ये मतभेद एक निष्पक्ष तकनीकी विशेषज्ञ के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. पाकिस्तान ने पंचाट अदालत के गठन की मांग की थी जो आम तौर पर संधि से संबंधित विवादों के हल की प्रक्रिया में उठाया जाने वाला अगला तार्किक कदम है. पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में पनबिजली परियोजना की संरचना को लेकर आपत्तियां जतायी हैं. उसका कहना है कि यह दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत तय किए गए मानदंड के अनुरूप नहीं है. इस पर स्वरूप ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ इस बात का भी निर्धारण कर सकते हैं कि तकनीकी मतभेदों से इतर भी समस्याएं हैं. उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक ने एक साथ दोनों तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. सरकार ने विश्व बैंक से कह दिया था कि मतभेद-विवाद के हल के लिए दो समानांतर तंत्र - एक निष्पक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति और पंचाट का गठन - पर आगे बढ़ना कानूनी रूप से अतार्किक है.'टिप्पणियां स्वरूप ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे ना बढ़ने की भारत की सलाह के बावजूद विश्व बैंक ने इसके उलट फैसला किया जिससे 56 साल पहले हुई संधि की 'व्यवहारिकता एवं सुकार्यता' पर सवाल उठ रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रवक्ता ने, सिंधु जल संधि के तहत किशनगंगा और राटले पनबिजली परियोजनाओं को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के मुद्दे पर कहा कि भारत ने तकनीकी प्रकृति के मतभेदों के हल के लिए विश्व बैंक से एक निष्पक्ष विशेषज्ञ नियुक्त करने को कहा था. ये मतभेद एक निष्पक्ष तकनीकी विशेषज्ञ के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. पाकिस्तान ने पंचाट अदालत के गठन की मांग की थी जो आम तौर पर संधि से संबंधित विवादों के हल की प्रक्रिया में उठाया जाने वाला अगला तार्किक कदम है. पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में पनबिजली परियोजना की संरचना को लेकर आपत्तियां जतायी हैं. उसका कहना है कि यह दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत तय किए गए मानदंड के अनुरूप नहीं है. इस पर स्वरूप ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ इस बात का भी निर्धारण कर सकते हैं कि तकनीकी मतभेदों से इतर भी समस्याएं हैं. उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक ने एक साथ दोनों तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. सरकार ने विश्व बैंक से कह दिया था कि मतभेद-विवाद के हल के लिए दो समानांतर तंत्र - एक निष्पक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति और पंचाट का गठन - पर आगे बढ़ना कानूनी रूप से अतार्किक है.'टिप्पणियां स्वरूप ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे ना बढ़ने की भारत की सलाह के बावजूद विश्व बैंक ने इसके उलट फैसला किया जिससे 56 साल पहले हुई संधि की 'व्यवहारिकता एवं सुकार्यता' पर सवाल उठ रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान ने पंचाट अदालत के गठन की मांग की थी जो आम तौर पर संधि से संबंधित विवादों के हल की प्रक्रिया में उठाया जाने वाला अगला तार्किक कदम है. पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में पनबिजली परियोजना की संरचना को लेकर आपत्तियां जतायी हैं. उसका कहना है कि यह दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत तय किए गए मानदंड के अनुरूप नहीं है. इस पर स्वरूप ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ इस बात का भी निर्धारण कर सकते हैं कि तकनीकी मतभेदों से इतर भी समस्याएं हैं. उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक ने एक साथ दोनों तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. सरकार ने विश्व बैंक से कह दिया था कि मतभेद-विवाद के हल के लिए दो समानांतर तंत्र - एक निष्पक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति और पंचाट का गठन - पर आगे बढ़ना कानूनी रूप से अतार्किक है.'टिप्पणियां स्वरूप ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे ना बढ़ने की भारत की सलाह के बावजूद विश्व बैंक ने इसके उलट फैसला किया जिससे 56 साल पहले हुई संधि की 'व्यवहारिकता एवं सुकार्यता' पर सवाल उठ रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस पर स्वरूप ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ इस बात का भी निर्धारण कर सकते हैं कि तकनीकी मतभेदों से इतर भी समस्याएं हैं. उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक ने एक साथ दोनों तंत्रों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. सरकार ने विश्व बैंक से कह दिया था कि मतभेद-विवाद के हल के लिए दो समानांतर तंत्र - एक निष्पक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति और पंचाट का गठन - पर आगे बढ़ना कानूनी रूप से अतार्किक है.'टिप्पणियां स्वरूप ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे ना बढ़ने की भारत की सलाह के बावजूद विश्व बैंक ने इसके उलट फैसला किया जिससे 56 साल पहले हुई संधि की 'व्यवहारिकता एवं सुकार्यता' पर सवाल उठ रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) स्वरूप ने कहा कि दोनों पर एक साथ आगे ना बढ़ने की भारत की सलाह के बावजूद विश्व बैंक ने इसके उलट फैसला किया जिससे 56 साल पहले हुई संधि की 'व्यवहारिकता एवं सुकार्यता' पर सवाल उठ रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: भारत-पाक के बीच 1960 में हुए सिंधु जल समझौते का विश्व बैंक भी हिस्सा है पाक ने जम्मू-कश्मीर में पनबिजली परियोजना की संरचना को लेकर आपत्तियां जताई भारत ने इस पर निष्पक्ष विशेषज्ञ, तो पाक ने पंचाट गठन की मांग की थी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में हर चार में से तीन उद्योगपतियों का मानना है कि बड़ी कंपनियों में शीर्ष कार्यकारियों को जितना दिया जाना चाहिए उससे ‘कहीं अधिक’ वेतन दिया जाता है। ग्रांट थार्नटन इंटरनेशनल बिजनेस रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योगपतियों ने सीईओ का वेतन तय करने के निर्णय में शेयरधारकों की भूमिका बढ़ाने का समर्थन किया है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी हो सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 70 प्रतिशत भारतीय उद्योगपतियों का मानना है कि बड़ी सार्वजनिक कंपनियों में वरिष्ठ कार्यकारियों के लिए पारिश्रमिक नीति में शेयरधारकों की अधिक भागीदारी होनी चाहिए। वैश्विक स्तर पर ऐसे उद्यमियों का अनुपात 67 प्रतिशत है।टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, ‘करीब 78 प्रतिशत उद्योगपतियों का मानना है कि वरिष्ठ कार्यकारियों को ‘जरूरत से कहीं अधिक’ तनख्वाह दी जाती है। ग्रांट थार्नटन इंडिया के साझीदार विनम्र शास्त्री ने कहा, ‘वरिष्ठ कार्यकारियों को स्पष्ट तौर पर निष्पादन की कसौटी पर खरा उतरना होगा क्योंकि यह ज्यादातर शेयरधारकों के लिए सबसे अधिक मायने रखता है।’ ग्रांट थार्नटन इंटरनेशनल बिजनेस रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योगपतियों ने सीईओ का वेतन तय करने के निर्णय में शेयरधारकों की भूमिका बढ़ाने का समर्थन किया है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी हो सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 70 प्रतिशत भारतीय उद्योगपतियों का मानना है कि बड़ी सार्वजनिक कंपनियों में वरिष्ठ कार्यकारियों के लिए पारिश्रमिक नीति में शेयरधारकों की अधिक भागीदारी होनी चाहिए। वैश्विक स्तर पर ऐसे उद्यमियों का अनुपात 67 प्रतिशत है।टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, ‘करीब 78 प्रतिशत उद्योगपतियों का मानना है कि वरिष्ठ कार्यकारियों को ‘जरूरत से कहीं अधिक’ तनख्वाह दी जाती है। ग्रांट थार्नटन इंडिया के साझीदार विनम्र शास्त्री ने कहा, ‘वरिष्ठ कार्यकारियों को स्पष्ट तौर पर निष्पादन की कसौटी पर खरा उतरना होगा क्योंकि यह ज्यादातर शेयरधारकों के लिए सबसे अधिक मायने रखता है।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 70 प्रतिशत भारतीय उद्योगपतियों का मानना है कि बड़ी सार्वजनिक कंपनियों में वरिष्ठ कार्यकारियों के लिए पारिश्रमिक नीति में शेयरधारकों की अधिक भागीदारी होनी चाहिए। वैश्विक स्तर पर ऐसे उद्यमियों का अनुपात 67 प्रतिशत है।टिप्पणियां रिपोर्ट के मुताबिक, ‘करीब 78 प्रतिशत उद्योगपतियों का मानना है कि वरिष्ठ कार्यकारियों को ‘जरूरत से कहीं अधिक’ तनख्वाह दी जाती है। ग्रांट थार्नटन इंडिया के साझीदार विनम्र शास्त्री ने कहा, ‘वरिष्ठ कार्यकारियों को स्पष्ट तौर पर निष्पादन की कसौटी पर खरा उतरना होगा क्योंकि यह ज्यादातर शेयरधारकों के लिए सबसे अधिक मायने रखता है।’ रिपोर्ट के मुताबिक, ‘करीब 78 प्रतिशत उद्योगपतियों का मानना है कि वरिष्ठ कार्यकारियों को ‘जरूरत से कहीं अधिक’ तनख्वाह दी जाती है। ग्रांट थार्नटन इंडिया के साझीदार विनम्र शास्त्री ने कहा, ‘वरिष्ठ कार्यकारियों को स्पष्ट तौर पर निष्पादन की कसौटी पर खरा उतरना होगा क्योंकि यह ज्यादातर शेयरधारकों के लिए सबसे अधिक मायने रखता है।’ ग्रांट थार्नटन इंडिया के साझीदार विनम्र शास्त्री ने कहा, ‘वरिष्ठ कार्यकारियों को स्पष्ट तौर पर निष्पादन की कसौटी पर खरा उतरना होगा क्योंकि यह ज्यादातर शेयरधारकों के लिए सबसे अधिक मायने रखता है।’
संक्षिप्त पाठ: भारत में हर चार में से तीन उद्योगपतियों का मानना है कि बड़ी कंपनियों में शीर्ष कार्यकारियों को जितना दिया जाना चाहिए उससे ‘कहीं अधिक’ वेतन दिया जाता है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत का विदेशी ऋण मार्च 2016 की समाप्ति पर एक साल पहले के मुकाबले 10.6 अरब डॉलर यानी 2.2 प्रतिशत बढ़कर 485.6 अरब डॉलर हो गया. विदेशी ऋण में यह वृद्धि विशेषतौर पर प्रवासी भारतीय जमा और दीर्घकालिक कर्ज बढ़ने की वजह से हुई. मार्च 2016 की समाप्ति पर दीर्घकालिक विदेशी ऋण 402.2 अरब डॉलर था. एक साल पहले के मुकाबले यह 3.3 प्रतिशत अधिक रहा. कुल विदेशी ऋण में दीर्घकालिक कर्ज का हिस्सा 82.8 प्रतिशत रहा. मार्च 2015 में यह 82 प्रतिशत था. ‘भारत का विदेशी ऋण: 2015-16 की स्थिति’ नामक सालाना स्थिति रिपोर्ट के 22वें इश्यू में यह जानकारी दी गई है. आर्थिक मामले विभाग द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है. दीर्घकालिक ऋण विशेषतौर पर प्रवासी भारतीयों की जमा राशि बढ़ने से विदेशी ऋण में वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक अल्पकालिक विदेशी ऋण इस दौरान 2.5 प्रतिशत घटकर 83.4 अरब डॉलर रह गया. एक साल पहले मार्च में यह 84.7 अरब डॉलर पर था.टिप्पणियां अल्पकालिक कर्ज में कमी आने की मुख्य वजह व्यापार से जुड़े कर्ज में कमी आना रहा है. कुल विदेशी कर्ज में अल्पकालिक विदेशी ऋण का हिस्सा 18 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत रह गया. देश के विदेशी ऋण में बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक कर्ज का है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक साल पहले के मुकाबले यह 3.3 प्रतिशत अधिक रहा. कुल विदेशी ऋण में दीर्घकालिक कर्ज का हिस्सा 82.8 प्रतिशत रहा. मार्च 2015 में यह 82 प्रतिशत था. ‘भारत का विदेशी ऋण: 2015-16 की स्थिति’ नामक सालाना स्थिति रिपोर्ट के 22वें इश्यू में यह जानकारी दी गई है. आर्थिक मामले विभाग द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है. दीर्घकालिक ऋण विशेषतौर पर प्रवासी भारतीयों की जमा राशि बढ़ने से विदेशी ऋण में वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक अल्पकालिक विदेशी ऋण इस दौरान 2.5 प्रतिशत घटकर 83.4 अरब डॉलर रह गया. एक साल पहले मार्च में यह 84.7 अरब डॉलर पर था.टिप्पणियां अल्पकालिक कर्ज में कमी आने की मुख्य वजह व्यापार से जुड़े कर्ज में कमी आना रहा है. कुल विदेशी कर्ज में अल्पकालिक विदेशी ऋण का हिस्सा 18 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत रह गया. देश के विदेशी ऋण में बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक कर्ज का है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आर्थिक मामले विभाग द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है. दीर्घकालिक ऋण विशेषतौर पर प्रवासी भारतीयों की जमा राशि बढ़ने से विदेशी ऋण में वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक अल्पकालिक विदेशी ऋण इस दौरान 2.5 प्रतिशत घटकर 83.4 अरब डॉलर रह गया. एक साल पहले मार्च में यह 84.7 अरब डॉलर पर था.टिप्पणियां अल्पकालिक कर्ज में कमी आने की मुख्य वजह व्यापार से जुड़े कर्ज में कमी आना रहा है. कुल विदेशी कर्ज में अल्पकालिक विदेशी ऋण का हिस्सा 18 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत रह गया. देश के विदेशी ऋण में बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक कर्ज का है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अल्पकालिक कर्ज में कमी आने की मुख्य वजह व्यापार से जुड़े कर्ज में कमी आना रहा है. कुल विदेशी कर्ज में अल्पकालिक विदेशी ऋण का हिस्सा 18 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत रह गया. देश के विदेशी ऋण में बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक कर्ज का है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: विदेशी ऋण में बढ़ोतरी प्रवासी भारतीय जमा और दीर्घकालिक कर्ज बढ़ने से हुई मार्च 2016 की समाप्ति पर दीर्घकालिक विदेशी ऋण 402.2 अरब डॉलर था कुल विदेशी ऋण में दीर्घकालिक कर्ज का हिस्सा 82.8 प्रतिशत रहा
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: काफी समय से लंबित जीएसटी विधेयक कल राज्य सभा में पारित हो गया है। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कहा है कि जीएसटी का कार्यान्वयन देश की आर्थिक वृद्धि के लिए सकारात्मक रहेगा जिसका मुद्रास्फीति पर कोई खास असर नहीं होगा। हालांकि साथ ही यह भी आगाह किया गया है कि बाकी‘विवादास्पद सुधार प्रक्रियाओं’की प्रगति धीमी रह सकती है। मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस की उपाध्यक्ष मारी दिरों ने कहा कि जीएसटी का पारित होना उस आकलन के अनुरूप है कि सुधार धीरे-धीरे होगा और यह तदर्थ राजनीतिक समर्थन पर निर्भर करेगा।टिप्पणियां दिरों ने कहा कि अन्य सुधार क्षेत्रों में जहां कुछ विशेष नीतियों के समर्थन में बहुमत है ऐसी सुधार प्रक्रियाओं का कार्यान्वयन होगा। ज्यादा विवादास्पद सुधार प्रक्रियाओं में प्रगति धीमी रहेगी। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिरों ने कहा कि अन्य सुधार क्षेत्रों में जहां कुछ विशेष नीतियों के समर्थन में बहुमत है ऐसी सुधार प्रक्रियाओं का कार्यान्वयन होगा। ज्यादा विवादास्पद सुधार प्रक्रियाओं में प्रगति धीमी रहेगी। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: मूडीज़ के मुताबिक जीएसटी से आर्थिक वृद्धि अच्छी रहेगी काफी समय से लंबित जीएसटी राज्यसभा में पास हो गया विवादास्पद सुधार प्रक्रियाओं में समय लगेगा
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कॉलेज में लड़कियों की ड्रेस कोड को लेकर झगड़ा पुराना है. अक्सर उनसे कहा जाता है कि जीन्स न पहनो, पश्चिमी लिबास न पहनो, पारंपरिक पहनावे में रहो, लेकिन यूपी के फिरोज़ाबाद में एक नया अजूबा देखने को मिल रहा है. वहां एसआरके डिग्री कॉलेज ने बुर्क़े पर पाबंदी लगा दी है. कॉलेज का एक वीडियो सामने आया है जिसमें प्रिंसिपल छड़ी लेकर बुर्क़े में आई छात्राओं को कॉलेज से भगाते नज़र आ रहे हैं. इन छात्राओं का कहना है कि उनसे कहा जा रहा है, वो बस स्टॉप पर बुर्क़ा उतार कर कॉलेज में दाखिल हों. बुर्का पहनना किसी कॉलेज के ड्रेस कोड के खिलाफ हो सकता है. इसे औरत की आजादी के भी खिलाफ माना जा सकता है. इसे पिछड़ेपन की निशानी भी कह सकते हैं पर यह देश के किसी कानून के खिलाफ नहीं है. फिलहाल यह चौंकाने वाला है कि कॉलेज के प्रिसिंपल छड़ी लेकर बुर्का पहनने वाली लड़कियों को किस तरह दुतकार के कॉलेज से भगा रहे हैं. एआसके डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल प्रभासकर राय का कहना है कि यह नियम पुराना है कि लड़कों को यूनिफॉर्म में आना है, चूंकि अभी एडमिशन चल रहे थे इसलिए इसका सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा था. अब एडमिशन प्रॉसेस पूरा हो गया है इसलिए 11 तारीख के बाद से बिना परिचय पत्र और बिना यूनिफॉर्म के प्रवेश कर दिया गया है. उन्होंने कहा, बुर्का ड्रेस के अंतर्गत नहीं आता. ड्रेस में जो कॉलेज द्वारा निर्धारित ड्रेस है उसे ही अनुमति दी जाएगी. कॉलेज में पुलिस का पहरा है. पुलिस बुर्का पहनने वाली लड़कियों से कह रही है कि वो बाहर बस स्टैंड पर जाकर बुर्का उतार कर आए. क्लास के अंदर बुर्का उतारने की इजाजत नहीं है. तमाम बुर्का वाली लड़कियों का कहना है कि वह हमेशा बुर्का में कॉलेज आती हैं, लेकिन अचानक यह नियम लागू कर दिया गया.
यह एक सारांश है: प्रिंसिपल ने ड्रेस कोड का दिया हवाला छात्राओं को रोकने छड़ी लेकर पहुंचे प्रिंसिपल यूपी के एसआरके डिग्री कॉलेज का मामला
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीयूष गोयल ने लिखा कि जब भी ऐसी पार्टी जिनकी कोई विचारधारा नहीं है, जिनका कोई कॉमन अजेंडा नहीं है, जिनकी सोच भी मिलती नहीं है, जब ऐसी पार्टी मिलजुल के सरकार बनाती है तो उसमें देश का आजतक नुक़सान ही हुआ है. उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा और शिवसेना ने Pre-Poll Alliance में चुनाव लड़ा था, इसलिये हमने उन्हें भी कई सीटों पर लड़ने का मौका दिया. यदि हम सभी सीटों पर लड़ते तो हम बहुमत में आते. उन्होंने कहा कि Pre-Poll Alliance को तोड़कर शिवसेना ने अपना धर्म नही निभाया, अपने मूल सिद्धांत जिसकी वजह से भाजपा के साथ उनकी साझेदारी थी, उन सब सिद्धांतों को उन्होंने पानी में डाल दिया.  महाराष्ट्र और हरियाणा के सियासी गठबंधनों की बात करते हुए पीयूष गोयल ने लिखा कि महाराष्ट्र में भाजपा की विजय हुई है, बाकि तीनो पार्टी हारी है, हम 105 सीट यानि कि 70% सीट जीते है. शिवसेना के जो भी मेंबर जीत कर आये हैं, हमने स्वयं उनकी जीत के लिये प्रचार किया है, लोग उन्हें वोट नही देना चाहते थे. हमें नही पता था कि हमारे साथ दगाबाजी होगी. जबकि हरियाणा में बहुमत किसी को नही मिला था, एक फ्रैक्चर मेंडेट था, तीनो एक दूसरे के विरुद्ध लड़े थे, उसके बाद दुष्यंत चौटाला जी को लगा कि पीएम मोदी अच्छी सरकार चला रहे हैं, जनता के मेंडेट में थोडी कमी थी, उसे उन्होंने आ कर पूरा कर दिया.  इसी कड़ी में उन्होंने NRC और CAB का भी जिक्र किया और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि NRC में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा. पीयूष गोयल ने कहा कि जो NRC पहले हुआ वो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुआ, हम जब NRC लेकर आएंगे तो हम उसमे सबको मौका देंगे. जो भारत का नागरिक है, या CAB के द्वारा उसे सिटिजनशिप मिली है, हम उनमे से किसी के साथ अन्याय नही होने देंगे. उन्होंने कहा कि विश्व में हर देश के नागरिकता के कानून होते हैं, उनके अनुसार नागरिकता मिलती है. देश कानून व्यवस्था से चलता है, जो शरणार्थी देश में सिटिजनशिप के हकदार हैं उन्हें सिटिजनशिप मिलेगी, जो हकदार नही है, उन्हें अनुमति नही देनी चाहिये.
यह एक सारांश है: पीयूष गोयल ने एक साथ कई ट्वीट कर शिवसेना पर निशाना साधा कहा- शिवसेना ने अपने मूल सिद्धांतों पर पानी डाल दिया हमें नहीं पता था कि हमारे साथ दगाबाजी होगी: गोयल
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया के सर्वाधिक विस्फोटक बल्लेबाज़ों में शुमार किए जाने वाले भारतीय सलामी बल्लेबाज़ वीरेन्द्र सहवाग ने एक बार फिर अपने तमगे को सार्थक कर दिखाया, जब आतिशबाज़ी की तरह छक्के और चौके बरसाते हुए उसने अपने आदर्श और साथी खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का एक-दिवसीय पारी में सर्वाधिक रनों (200*) का विश्व रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। सहवाग ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में मेहमान वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ शृंखला के चौथे वन-डे मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बेहद तेज़ गति से सिर्फ 149 गेंदों का सामना कर 146.97 के स्ट्राइक रेट से 25 चौकों और सात छक्कों की मदद से 219 रन बनाए। उल्लेखनीय है कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में 24 फरवरी, 2010 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शृंखला के दूसरे मैच में 147 गेंदों पर 136.05 की स्ट्राइक रेट से नाबाद रहते हुए 200 रन बनाए थे, जिनमें रिकॉर्ड 25 चौके और तीन छक्के शामिल थे। वैसे इस पारी में सहवाग ने एक ही पारी में सर्वाधिक 25 चौकों के सचिन के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली, और एक कप्तान के तौर पर भी यह सहवाग का रिकॉर्ड स्कोर रहेगा। वीरू का विकेट पोलार्ड को मिला, जब उसने स्थानापन्न मार्टिन के हाथों लपकवाकर उसे पैवेलियन वापस भेजा। इस धुआंधार पारी की मदद से हिन्दुस्तान ने रिकॉर्ड चौथी बार एक पारी में 400 रनों का आंकड़ा पार करते हुए 50 ओवर में 418 रन बनाए। अब तक एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 10 बार किसी टीम ने 400 या अधिक रन बनाए हैं। एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चार बार भारत के अलावा, दो बार दक्षिण अफ्रीका ने, दो बार श्रीलंका ने तथा एक-एक बार ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूज़ीलैण्ड ने 400 रनों का आंकड़ा पार किया है।
यह एक सारांश है: वीरू ने 200* रनों का विश्वरिकॉर्ड तोड़ने के लिए आउट होने से पहले सिर्फ 149 गेंदों का सामना कर 25 चौकों व सात छक्कों की मदद से 219 रन बनाए।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश (सीमांध्र) में चार लाख से अधिक कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का फैसला वापस लेने की मांग की है। सीमांध्र के 13 जिलों में सामान्य जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है। यहां दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। सोमवार आधी रात के बाद से 12,000 बसों का परिचालन थम जाने से यहां सड़क यातायात ठप हो गया है। आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) के कर्मचारियों ने भी इस हड़तालमें हिस्सा लिया है। 30 जून को कांग्रेस कार्य समिति और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन द्वारा पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को मंजूरी देने के बाद से विरोध और बंद शुरू हो गए। हड़ताल का आह्वान करने वाले आंध्र प्रदेश अराजपत्रित अधिकारी (एपीएनजीओ) संघ ने आपात सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा है। स्वास्थ्य, नगरपालिका प्रशासन और विद्युत विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। सीमांध्र क्षेत्र के कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से हैदराबाद स्थित सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार मध्य रात्रि से पेट्रोल पंपों ने भी 24 घंटे तक बंद रखने का फैसला लिया है। वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार किया है। एपीएनजीओ ने यह बंद सीमांध्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफा न दिए जाने पर बुलाया है। एपीएनजीओ के अध्यक्ष पी. अशोक बाबू ने कहा कि हड़ताल में 4.25 लाख कर्मचारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव पीके मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। सीमांध्र के 13 जिलों में सामान्य जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है। यहां दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। सोमवार आधी रात के बाद से 12,000 बसों का परिचालन थम जाने से यहां सड़क यातायात ठप हो गया है। आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) के कर्मचारियों ने भी इस हड़तालमें हिस्सा लिया है। 30 जून को कांग्रेस कार्य समिति और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन द्वारा पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को मंजूरी देने के बाद से विरोध और बंद शुरू हो गए। हड़ताल का आह्वान करने वाले आंध्र प्रदेश अराजपत्रित अधिकारी (एपीएनजीओ) संघ ने आपात सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा है। स्वास्थ्य, नगरपालिका प्रशासन और विद्युत विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। सीमांध्र क्षेत्र के कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से हैदराबाद स्थित सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार मध्य रात्रि से पेट्रोल पंपों ने भी 24 घंटे तक बंद रखने का फैसला लिया है। वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार किया है। एपीएनजीओ ने यह बंद सीमांध्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफा न दिए जाने पर बुलाया है। एपीएनजीओ के अध्यक्ष पी. अशोक बाबू ने कहा कि हड़ताल में 4.25 लाख कर्मचारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव पीके मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। सोमवार आधी रात के बाद से 12,000 बसों का परिचालन थम जाने से यहां सड़क यातायात ठप हो गया है। आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) के कर्मचारियों ने भी इस हड़तालमें हिस्सा लिया है। 30 जून को कांग्रेस कार्य समिति और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन द्वारा पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को मंजूरी देने के बाद से विरोध और बंद शुरू हो गए। हड़ताल का आह्वान करने वाले आंध्र प्रदेश अराजपत्रित अधिकारी (एपीएनजीओ) संघ ने आपात सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा है। स्वास्थ्य, नगरपालिका प्रशासन और विद्युत विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। सीमांध्र क्षेत्र के कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से हैदराबाद स्थित सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार मध्य रात्रि से पेट्रोल पंपों ने भी 24 घंटे तक बंद रखने का फैसला लिया है। वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार किया है। एपीएनजीओ ने यह बंद सीमांध्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफा न दिए जाने पर बुलाया है। एपीएनजीओ के अध्यक्ष पी. अशोक बाबू ने कहा कि हड़ताल में 4.25 लाख कर्मचारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव पीके मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। 30 जून को कांग्रेस कार्य समिति और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन द्वारा पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को मंजूरी देने के बाद से विरोध और बंद शुरू हो गए। हड़ताल का आह्वान करने वाले आंध्र प्रदेश अराजपत्रित अधिकारी (एपीएनजीओ) संघ ने आपात सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा है। स्वास्थ्य, नगरपालिका प्रशासन और विद्युत विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। सीमांध्र क्षेत्र के कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से हैदराबाद स्थित सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार मध्य रात्रि से पेट्रोल पंपों ने भी 24 घंटे तक बंद रखने का फैसला लिया है। वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार किया है। एपीएनजीओ ने यह बंद सीमांध्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफा न दिए जाने पर बुलाया है। एपीएनजीओ के अध्यक्ष पी. अशोक बाबू ने कहा कि हड़ताल में 4.25 लाख कर्मचारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव पीके मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। हड़ताल का आह्वान करने वाले आंध्र प्रदेश अराजपत्रित अधिकारी (एपीएनजीओ) संघ ने आपात सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा है। स्वास्थ्य, नगरपालिका प्रशासन और विद्युत विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। सीमांध्र क्षेत्र के कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से हैदराबाद स्थित सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार मध्य रात्रि से पेट्रोल पंपों ने भी 24 घंटे तक बंद रखने का फैसला लिया है। वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार किया है। एपीएनजीओ ने यह बंद सीमांध्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफा न दिए जाने पर बुलाया है। एपीएनजीओ के अध्यक्ष पी. अशोक बाबू ने कहा कि हड़ताल में 4.25 लाख कर्मचारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव पीके मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। सीमांध्र क्षेत्र के कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से हैदराबाद स्थित सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार मध्य रात्रि से पेट्रोल पंपों ने भी 24 घंटे तक बंद रखने का फैसला लिया है। वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार किया है। एपीएनजीओ ने यह बंद सीमांध्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफा न दिए जाने पर बुलाया है। एपीएनजीओ के अध्यक्ष पी. अशोक बाबू ने कहा कि हड़ताल में 4.25 लाख कर्मचारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव पीके मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। एपीएनजीओ ने यह बंद सीमांध्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफा न दिए जाने पर बुलाया है। एपीएनजीओ के अध्यक्ष पी. अशोक बाबू ने कहा कि हड़ताल में 4.25 लाख कर्मचारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव पीके मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव पीके मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। 30 जुलाई से अपने दफ्तर से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री सोमवार और मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और चित्तूर जिले के कलेक्टर को तिरुपति स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा।टिप्पणियां चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। चार दशकों में पहली बार तिरुपति और तिरुमला हिल्स के बीच बस सेवा बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक एके खान ने संवाददाताओं से कहा कि हड़ताल से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण निगम को 98 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
सारांश: रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश (सीमांध्र) में चार लाख से अधिक कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का फैसला वापस लेने की मांग की है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विश्व की पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिकी महिला टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने शानदार जीत दर्ज कर डब्ल्यूटीए स्टैनफोर्ड क्लासिक टूर्नामेंट का एकल खिताब जीत लिया है। रविवार को खेले गए महिलाओं की एकल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में टूर्नामेंट की गैरवरीयता प्राप्त सेरेना ने शीर्ष वरीयता प्राप्त फ्रांस की मरियन बर्तोली को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। इस खिताब को जीतने के साथ सेरेना ने वर्ष के चौथे और अंतिम ग्रैंड स्लैम अमेरिकी ओपन के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। सेरेना ने इससे पहले वर्ष 2010 में विम्बलडन का खिताब अंतिम बार जीता था। इससे पहले, सेरेना ने सेमीफाइनल मुकाबले में जर्मनी की सबीने लिसिकी को 6-1, 6-2 से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया था जबकि दूसरे सेमीफाइनल में बर्तोली को डोमिनिका सिबुल्कोवा पर वॉकओवर मिला था। उल्लेखनीय है कि 13 बार की ग्रैंड स्लैम विजेता सेरेना ने हाल में चोट और बीमारी के बाद लगभग एक वर्ष के अंतराल पर टेनिस कोर्ट पर वापसी की है। चोट और बीमारी से उबरने के बाद सेरेना का यह तीसरा टूर्नामेंट था।
संक्षिप्त सारांश: सेरेना विलियम्स ने शानदार जीत दर्ज कर डब्ल्यूटीए स्टैनफोर्ड क्लासिक टूर्नामेंट का एकल खिताब जीत लिया है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है। ऐसे में उनके परिवार ने जश्न की तैयारियां भी कर ली हैं। उनकी बेटी शर्मिष्ठा ने रविवार को बताया कि परिवार 25 जुलाई को जश्न मनाएगा, जब मुखर्जी औपचारिक रूप से राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण कर लेंगे। प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना शर्मिष्ठा ने 'एनडीटीवी' को बताया, मैं समझती हूं कि 25 जुलाई तक कोई समारोह नहीं होगा। जब वह औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लेंगे, हम निश्चित तौर पर जश्न मनाएंगे... परिवार के सभी सदस्य एकत्र होंगे और वही जश्न का वास्तविक समय होगा।टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी राष्ट्रपति बनने के बाद भी दुर्गा पूजा करेंगे या पूजा राष्ट्रपति भवन में की जाएगी, शर्मिष्ठा ने कहा, ऐसा नहीं है, वह धर्मनिरिपेक्ष भारत के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूजा पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मिराती गांव स्थित मुखर्जी के पैतृक घर में ही होगी। यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी की पत्नी सुवरा देश की प्रथम महिला के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, शर्मिष्ठा ने कहा कि उनकी मां का स्वास्थ्य पिछले काफी समय से ठीक नहीं है और ऐसे में संभव है कि वह राष्ट्रपति की पत्नी के रूप में सक्रिय भूमिका का निर्वाह न कर पाएं। प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना शर्मिष्ठा ने 'एनडीटीवी' को बताया, मैं समझती हूं कि 25 जुलाई तक कोई समारोह नहीं होगा। जब वह औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लेंगे, हम निश्चित तौर पर जश्न मनाएंगे... परिवार के सभी सदस्य एकत्र होंगे और वही जश्न का वास्तविक समय होगा।टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी राष्ट्रपति बनने के बाद भी दुर्गा पूजा करेंगे या पूजा राष्ट्रपति भवन में की जाएगी, शर्मिष्ठा ने कहा, ऐसा नहीं है, वह धर्मनिरिपेक्ष भारत के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूजा पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मिराती गांव स्थित मुखर्जी के पैतृक घर में ही होगी। यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी की पत्नी सुवरा देश की प्रथम महिला के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, शर्मिष्ठा ने कहा कि उनकी मां का स्वास्थ्य पिछले काफी समय से ठीक नहीं है और ऐसे में संभव है कि वह राष्ट्रपति की पत्नी के रूप में सक्रिय भूमिका का निर्वाह न कर पाएं। यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी राष्ट्रपति बनने के बाद भी दुर्गा पूजा करेंगे या पूजा राष्ट्रपति भवन में की जाएगी, शर्मिष्ठा ने कहा, ऐसा नहीं है, वह धर्मनिरिपेक्ष भारत के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूजा पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मिराती गांव स्थित मुखर्जी के पैतृक घर में ही होगी। यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी की पत्नी सुवरा देश की प्रथम महिला के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, शर्मिष्ठा ने कहा कि उनकी मां का स्वास्थ्य पिछले काफी समय से ठीक नहीं है और ऐसे में संभव है कि वह राष्ट्रपति की पत्नी के रूप में सक्रिय भूमिका का निर्वाह न कर पाएं। यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी की पत्नी सुवरा देश की प्रथम महिला के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, शर्मिष्ठा ने कहा कि उनकी मां का स्वास्थ्य पिछले काफी समय से ठीक नहीं है और ऐसे में संभव है कि वह राष्ट्रपति की पत्नी के रूप में सक्रिय भूमिका का निर्वाह न कर पाएं।
संक्षिप्त सारांश: प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने कहा कि प्रणब जब 25 जुलाई को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लेंगे, तो परिवार के सभी सदस्य एकत्र होंगे और वही जश्न का वास्तविक समय होगा।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के पूर्व उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा है कि उनकी समलैंगिक बेटी मैरी ने लंबे समय तक अपनी दोस्त रहीं हीथर पोए से शादी की है और वह इससे बहुत खुश हैं। चेनी की बेटी की शादी ऐसे समय में हुई, जब अमेरिका में समलैंगिक विवाहों को लेकर गर्मागर्म बहस चल रही है।टिप्पणियां राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में इनका पक्ष लिया था, वहीं राष्ट्रपति पद की दौड़ में उनके संभावित रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने समलैंगिकों की शादी का विरोध किया था। खबरों के मुताबिक मेरी ने पोए से वाशिंगटन डीसी में शादी की, जहां 2010 से इस तरह के विवाहों को कानूनन अनुमति है। चेनी के परिवार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, "मैरी और हीथर के रिश्ते कई साल से हैं और हम इस बात से खुश हैं कि वे अपने रिश्ते को मान्यता देने में सफल रहे हैं।" 43 साल की मैरी ने अपने फेसबुक पेज पर भी इस खबर की पुष्टि की है। एक पत्रिका के अनुसार, "आज सुबह यह खबर देते हुए बहुत खुश हूं कि हीथर और मैं कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं।" राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में इनका पक्ष लिया था, वहीं राष्ट्रपति पद की दौड़ में उनके संभावित रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने समलैंगिकों की शादी का विरोध किया था। खबरों के मुताबिक मेरी ने पोए से वाशिंगटन डीसी में शादी की, जहां 2010 से इस तरह के विवाहों को कानूनन अनुमति है। चेनी के परिवार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, "मैरी और हीथर के रिश्ते कई साल से हैं और हम इस बात से खुश हैं कि वे अपने रिश्ते को मान्यता देने में सफल रहे हैं।" 43 साल की मैरी ने अपने फेसबुक पेज पर भी इस खबर की पुष्टि की है। एक पत्रिका के अनुसार, "आज सुबह यह खबर देते हुए बहुत खुश हूं कि हीथर और मैं कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं।" चेनी के परिवार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, "मैरी और हीथर के रिश्ते कई साल से हैं और हम इस बात से खुश हैं कि वे अपने रिश्ते को मान्यता देने में सफल रहे हैं।" 43 साल की मैरी ने अपने फेसबुक पेज पर भी इस खबर की पुष्टि की है। एक पत्रिका के अनुसार, "आज सुबह यह खबर देते हुए बहुत खुश हूं कि हीथर और मैं कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं।"
यह एक सारांश है: अमेरिका के पूर्व उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा है कि उनकी समलैंगिक बेटी मैरी ने लंबे समय तक अपनी दोस्त रहीं हीथर पोए से शादी की है और वह इससे बहुत खुश हैं।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ग्रीम स्मिथ 100 टेस्ट मैच खेलने वाले दुनिया के 52वें और दक्षिण अफ्रीका के छठे क्रिकेटर बन गये हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ गुरूवार को ओवल में पहले टेस्ट क्रिकेट में उतरकर यह उपलब्धि हासिल की।टिप्पणियां स्मिथ ने 99 टेस्ट मैच में 24 शतक की मदद से 8042 रन बनाये हैं। उन्होंने अपना एक टेस्ट मैच आईसीसी एकादश की तरफ से भी खेला है। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से सर्वाधिक टेस्ट मैच जाक कैलिस के नाम पर दर्ज हैं जो अपना 153वां मैच खेल रहे हैं। उनके बाद मार्क बाउचर (147), शान पोलाक (108), गैरी कर्स्टन और मखाया एनटीनी (दोनों 101 ) का नंबर आता है। टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने का रिकार्ड सचिन तेंदुलकर (188) के नाम पर दर्ज है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान अली बाकर ने स्मिथ को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उन्हें आन साइड का सबसे मजबूत बल्लेबाज करार दिया। बाकर ने दक्षिण अफ्रीकी समाचार पत्र ‘द स्टार’ में अपने कालम में लिखा, ‘मैंने जितने भी बल्लेबाज देखे उनमें वह संभवतः आन साइड का सबसे मजबूत बल्लेबाज हैं। वह अक्सर ‘अक्रास द लाइन’ भी खेल लेते हैं जिसके कारण उनकी आलोचना भी होती रही है। स्मिथ ने 99 टेस्ट मैच में 24 शतक की मदद से 8042 रन बनाये हैं। उन्होंने अपना एक टेस्ट मैच आईसीसी एकादश की तरफ से भी खेला है। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से सर्वाधिक टेस्ट मैच जाक कैलिस के नाम पर दर्ज हैं जो अपना 153वां मैच खेल रहे हैं। उनके बाद मार्क बाउचर (147), शान पोलाक (108), गैरी कर्स्टन और मखाया एनटीनी (दोनों 101 ) का नंबर आता है। टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने का रिकार्ड सचिन तेंदुलकर (188) के नाम पर दर्ज है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान अली बाकर ने स्मिथ को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उन्हें आन साइड का सबसे मजबूत बल्लेबाज करार दिया। बाकर ने दक्षिण अफ्रीकी समाचार पत्र ‘द स्टार’ में अपने कालम में लिखा, ‘मैंने जितने भी बल्लेबाज देखे उनमें वह संभवतः आन साइड का सबसे मजबूत बल्लेबाज हैं। वह अक्सर ‘अक्रास द लाइन’ भी खेल लेते हैं जिसके कारण उनकी आलोचना भी होती रही है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान अली बाकर ने स्मिथ को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उन्हें आन साइड का सबसे मजबूत बल्लेबाज करार दिया। बाकर ने दक्षिण अफ्रीकी समाचार पत्र ‘द स्टार’ में अपने कालम में लिखा, ‘मैंने जितने भी बल्लेबाज देखे उनमें वह संभवतः आन साइड का सबसे मजबूत बल्लेबाज हैं। वह अक्सर ‘अक्रास द लाइन’ भी खेल लेते हैं जिसके कारण उनकी आलोचना भी होती रही है।
यह एक सारांश है: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान अली बाकर ने ग्रेम स्मिथ को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उन्हें ऑन साइड का सबसे मजबूत बल्लेबाज करार दिया।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने पाकिस्तान में उन आशंकाओं को खारिज कर दिया कि जिसमें समझा जा रहा है कि वह दोनों देशों के बीच सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा नहीं करेगा। भारत ने कहा कि अगर अविश्वास की खाई पाट दी जाती है तो वह चरणबद्ध तरीके से सभी मामलों पर चर्चा करने को तैयार है। पाकिस्तानी पत्रकारों के एक समूह से बातचीत करते हुए विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना विकास दोनों देशों की प्रमुख आवश्यकता हैं और विकास के एजेंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हमें कुछ मतभेदों को दरकिनार करना चाहिए। उन्होंने कहा, पाकिस्तान में कुछ आशंका हो सकती है कि भारत सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है जो हमारे संबंधों को कठिन बनाता है और हमारे संबंधों में तनाव पैदा करता है। मंत्री ने उन रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए ये बातें कहीं जिसमें कहा गया था कि इस साल की पहली तिमाही में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान भारत दोनों देशों के बीच लंबित सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत ने कहा कि अगर अविश्वास की खाई पाट दी जाती है तो वह चरणबद्ध तरीके से सभी मामलों पर चर्चा करने को तैयार है।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में शुक्रवार को आई चार प्रतिशत की भारी गिरावट के लिए वैश्विक कारणों को जिम्मेदार ठहराते हुए वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि घरेलू बाजारों को अमेरिका से आने वाले आंकड़ों के प्रति इतना संवेदनशील नहीं होना चाहिए। चिदंबरम ने कहा कि भारतीय बाजार में स्थानीय परिस्थितियां झलकनी चाहिए। वित्तमंत्री ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से अलग से बातचीत में कहा, मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि घरेलू बाजारों में शांति बहाल होगी, लोग यह समझने लगेंगे कि भारतीय बाजार सूचकांकों में मूलरूप से भारतीय बाजारों की परिस्थितियों की झलक मिलनी चाहिए। उन्हें अमेरिका से आने वाले आंकड़ों के प्रति इतना संवेदनशील नहीं होना चाहिए। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुक्रवार को करीब 769 अंक यानी चार प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि रुपया भी नए सर्वकालिक निम्न स्तर 62 रुपये प्रति डॉलर को छू गया। इस दौरान सोने का भाव 1,310 रुपये उछलकर 31,010 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। बाजारों के इस घटनाक्रम से चिंतित वित्तमंत्री ने कहा, मेरा मानना है कि यह शांत रहने का समय है, यह चिंतन का समय है, बहरहाल, देखते हैं कि अब अगले सप्ताह क्या होता है। उन्होंने कहा कि बुधवार से शुक्रवार सुबह तक भारतीय अर्थव्यवस्था में कोई ऐसी घटना नहीं हुई, जिससे बाजार में कोई हलचल हो। चिदंबरम ने कहा, बावजूद इसके, बाजारों को तेज झटका लगा, यह रुपये में भी दिखा। हमने कई उपाय किए हैं... कई उपाय किए जा रहे हैं, बहरहाल, देखते हैं कि अब पहली तिमाही के आर्थिक वृद्धि के आंकड़े क्या रहते हैं। अमेरिका में बेरोजगारी में गिरावट के आंकड़ों का पूरी दुनिया के बाजारों पर असर देखा गया। चिदंबरम ने कहा, अमेरिका में अब पहले से कम लोग रोजगार पाने की प्रतीक्षा में हैं या फिर अमेरिका में कुछ ज्यादा लोग रोजगार मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसका भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति पर किस प्रकार प्रभाव पड़ेगा। ऐसा नहीं होगा, इसका असर नहीं होगा, मेरा मानना है कि यह साधारण सी बात है... यदि ये आंकड़े नीचे आते हैं और ऊपर जाते हैं, तो इनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर वास्तव में कोई संबंध नहीं है अथवा कोई असर नहीं होगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसके बावजूद बाजार ने हमेशा ही इन संकेतों पर, जब भी ये आंकड़े अमेरिका से बाहर आते हैं, प्रतिक्रिया दिखाई है। बाजारों ने 22 मई को भी इसी तरह प्रतिक्रिया दिखाई, जब अमेरिका के फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नान्नके ने एक बयान दिया था। अमेरिका में बेराजगारी के आंकड़ों पर भी बाजार ने उसी तरह की प्रतिक्रिया दिखाई है, कभी-कभी मुझे आश्चर्य होता है, कि बाजार में ऐसी प्रतिक्रिया क्यों होती है। भारत के मामले में चिदंबरम ने कहा, जहां तक भारत की बात है, गुरुवार को अवकाश था, इसलिए शुक्रवार को भारतीय बाजारों पर दो दिन का असर एक साथ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह गिरावट ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही है। चिदंबरम ने कहा कि भारतीय बाजार में स्थानीय परिस्थितियां झलकनी चाहिए। वित्तमंत्री ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से अलग से बातचीत में कहा, मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि घरेलू बाजारों में शांति बहाल होगी, लोग यह समझने लगेंगे कि भारतीय बाजार सूचकांकों में मूलरूप से भारतीय बाजारों की परिस्थितियों की झलक मिलनी चाहिए। उन्हें अमेरिका से आने वाले आंकड़ों के प्रति इतना संवेदनशील नहीं होना चाहिए। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुक्रवार को करीब 769 अंक यानी चार प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि रुपया भी नए सर्वकालिक निम्न स्तर 62 रुपये प्रति डॉलर को छू गया। इस दौरान सोने का भाव 1,310 रुपये उछलकर 31,010 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। बाजारों के इस घटनाक्रम से चिंतित वित्तमंत्री ने कहा, मेरा मानना है कि यह शांत रहने का समय है, यह चिंतन का समय है, बहरहाल, देखते हैं कि अब अगले सप्ताह क्या होता है। उन्होंने कहा कि बुधवार से शुक्रवार सुबह तक भारतीय अर्थव्यवस्था में कोई ऐसी घटना नहीं हुई, जिससे बाजार में कोई हलचल हो। चिदंबरम ने कहा, बावजूद इसके, बाजारों को तेज झटका लगा, यह रुपये में भी दिखा। हमने कई उपाय किए हैं... कई उपाय किए जा रहे हैं, बहरहाल, देखते हैं कि अब पहली तिमाही के आर्थिक वृद्धि के आंकड़े क्या रहते हैं। अमेरिका में बेरोजगारी में गिरावट के आंकड़ों का पूरी दुनिया के बाजारों पर असर देखा गया। चिदंबरम ने कहा, अमेरिका में अब पहले से कम लोग रोजगार पाने की प्रतीक्षा में हैं या फिर अमेरिका में कुछ ज्यादा लोग रोजगार मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसका भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति पर किस प्रकार प्रभाव पड़ेगा। ऐसा नहीं होगा, इसका असर नहीं होगा, मेरा मानना है कि यह साधारण सी बात है... यदि ये आंकड़े नीचे आते हैं और ऊपर जाते हैं, तो इनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर वास्तव में कोई संबंध नहीं है अथवा कोई असर नहीं होगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसके बावजूद बाजार ने हमेशा ही इन संकेतों पर, जब भी ये आंकड़े अमेरिका से बाहर आते हैं, प्रतिक्रिया दिखाई है। बाजारों ने 22 मई को भी इसी तरह प्रतिक्रिया दिखाई, जब अमेरिका के फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नान्नके ने एक बयान दिया था। अमेरिका में बेराजगारी के आंकड़ों पर भी बाजार ने उसी तरह की प्रतिक्रिया दिखाई है, कभी-कभी मुझे आश्चर्य होता है, कि बाजार में ऐसी प्रतिक्रिया क्यों होती है। भारत के मामले में चिदंबरम ने कहा, जहां तक भारत की बात है, गुरुवार को अवकाश था, इसलिए शुक्रवार को भारतीय बाजारों पर दो दिन का असर एक साथ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह गिरावट ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही है। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुक्रवार को करीब 769 अंक यानी चार प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि रुपया भी नए सर्वकालिक निम्न स्तर 62 रुपये प्रति डॉलर को छू गया। इस दौरान सोने का भाव 1,310 रुपये उछलकर 31,010 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। बाजारों के इस घटनाक्रम से चिंतित वित्तमंत्री ने कहा, मेरा मानना है कि यह शांत रहने का समय है, यह चिंतन का समय है, बहरहाल, देखते हैं कि अब अगले सप्ताह क्या होता है। उन्होंने कहा कि बुधवार से शुक्रवार सुबह तक भारतीय अर्थव्यवस्था में कोई ऐसी घटना नहीं हुई, जिससे बाजार में कोई हलचल हो। चिदंबरम ने कहा, बावजूद इसके, बाजारों को तेज झटका लगा, यह रुपये में भी दिखा। हमने कई उपाय किए हैं... कई उपाय किए जा रहे हैं, बहरहाल, देखते हैं कि अब पहली तिमाही के आर्थिक वृद्धि के आंकड़े क्या रहते हैं। अमेरिका में बेरोजगारी में गिरावट के आंकड़ों का पूरी दुनिया के बाजारों पर असर देखा गया। चिदंबरम ने कहा, अमेरिका में अब पहले से कम लोग रोजगार पाने की प्रतीक्षा में हैं या फिर अमेरिका में कुछ ज्यादा लोग रोजगार मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसका भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति पर किस प्रकार प्रभाव पड़ेगा। ऐसा नहीं होगा, इसका असर नहीं होगा, मेरा मानना है कि यह साधारण सी बात है... यदि ये आंकड़े नीचे आते हैं और ऊपर जाते हैं, तो इनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर वास्तव में कोई संबंध नहीं है अथवा कोई असर नहीं होगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसके बावजूद बाजार ने हमेशा ही इन संकेतों पर, जब भी ये आंकड़े अमेरिका से बाहर आते हैं, प्रतिक्रिया दिखाई है। बाजारों ने 22 मई को भी इसी तरह प्रतिक्रिया दिखाई, जब अमेरिका के फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नान्नके ने एक बयान दिया था। अमेरिका में बेराजगारी के आंकड़ों पर भी बाजार ने उसी तरह की प्रतिक्रिया दिखाई है, कभी-कभी मुझे आश्चर्य होता है, कि बाजार में ऐसी प्रतिक्रिया क्यों होती है। भारत के मामले में चिदंबरम ने कहा, जहां तक भारत की बात है, गुरुवार को अवकाश था, इसलिए शुक्रवार को भारतीय बाजारों पर दो दिन का असर एक साथ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह गिरावट ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि बुधवार से शुक्रवार सुबह तक भारतीय अर्थव्यवस्था में कोई ऐसी घटना नहीं हुई, जिससे बाजार में कोई हलचल हो। चिदंबरम ने कहा, बावजूद इसके, बाजारों को तेज झटका लगा, यह रुपये में भी दिखा। हमने कई उपाय किए हैं... कई उपाय किए जा रहे हैं, बहरहाल, देखते हैं कि अब पहली तिमाही के आर्थिक वृद्धि के आंकड़े क्या रहते हैं। अमेरिका में बेरोजगारी में गिरावट के आंकड़ों का पूरी दुनिया के बाजारों पर असर देखा गया। चिदंबरम ने कहा, अमेरिका में अब पहले से कम लोग रोजगार पाने की प्रतीक्षा में हैं या फिर अमेरिका में कुछ ज्यादा लोग रोजगार मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसका भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति पर किस प्रकार प्रभाव पड़ेगा। ऐसा नहीं होगा, इसका असर नहीं होगा, मेरा मानना है कि यह साधारण सी बात है... यदि ये आंकड़े नीचे आते हैं और ऊपर जाते हैं, तो इनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर वास्तव में कोई संबंध नहीं है अथवा कोई असर नहीं होगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसके बावजूद बाजार ने हमेशा ही इन संकेतों पर, जब भी ये आंकड़े अमेरिका से बाहर आते हैं, प्रतिक्रिया दिखाई है। बाजारों ने 22 मई को भी इसी तरह प्रतिक्रिया दिखाई, जब अमेरिका के फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नान्नके ने एक बयान दिया था। अमेरिका में बेराजगारी के आंकड़ों पर भी बाजार ने उसी तरह की प्रतिक्रिया दिखाई है, कभी-कभी मुझे आश्चर्य होता है, कि बाजार में ऐसी प्रतिक्रिया क्यों होती है। भारत के मामले में चिदंबरम ने कहा, जहां तक भारत की बात है, गुरुवार को अवकाश था, इसलिए शुक्रवार को भारतीय बाजारों पर दो दिन का असर एक साथ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह गिरावट ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही है। चिदंबरम ने कहा, अमेरिका में अब पहले से कम लोग रोजगार पाने की प्रतीक्षा में हैं या फिर अमेरिका में कुछ ज्यादा लोग रोजगार मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसका भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति पर किस प्रकार प्रभाव पड़ेगा। ऐसा नहीं होगा, इसका असर नहीं होगा, मेरा मानना है कि यह साधारण सी बात है... यदि ये आंकड़े नीचे आते हैं और ऊपर जाते हैं, तो इनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर वास्तव में कोई संबंध नहीं है अथवा कोई असर नहीं होगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसके बावजूद बाजार ने हमेशा ही इन संकेतों पर, जब भी ये आंकड़े अमेरिका से बाहर आते हैं, प्रतिक्रिया दिखाई है। बाजारों ने 22 मई को भी इसी तरह प्रतिक्रिया दिखाई, जब अमेरिका के फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नान्नके ने एक बयान दिया था। अमेरिका में बेराजगारी के आंकड़ों पर भी बाजार ने उसी तरह की प्रतिक्रिया दिखाई है, कभी-कभी मुझे आश्चर्य होता है, कि बाजार में ऐसी प्रतिक्रिया क्यों होती है। भारत के मामले में चिदंबरम ने कहा, जहां तक भारत की बात है, गुरुवार को अवकाश था, इसलिए शुक्रवार को भारतीय बाजारों पर दो दिन का असर एक साथ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह गिरावट ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, इसके बावजूद बाजार ने हमेशा ही इन संकेतों पर, जब भी ये आंकड़े अमेरिका से बाहर आते हैं, प्रतिक्रिया दिखाई है। बाजारों ने 22 मई को भी इसी तरह प्रतिक्रिया दिखाई, जब अमेरिका के फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नान्नके ने एक बयान दिया था। अमेरिका में बेराजगारी के आंकड़ों पर भी बाजार ने उसी तरह की प्रतिक्रिया दिखाई है, कभी-कभी मुझे आश्चर्य होता है, कि बाजार में ऐसी प्रतिक्रिया क्यों होती है। भारत के मामले में चिदंबरम ने कहा, जहां तक भारत की बात है, गुरुवार को अवकाश था, इसलिए शुक्रवार को भारतीय बाजारों पर दो दिन का असर एक साथ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह गिरावट ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही है। भारत के मामले में चिदंबरम ने कहा, जहां तक भारत की बात है, गुरुवार को अवकाश था, इसलिए शुक्रवार को भारतीय बाजारों पर दो दिन का असर एक साथ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह गिरावट ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही है।
यह एक सारांश है: सेंसेक्स में शुक्रवार को आई चार प्रतिशत की भारी गिरावट के लिए वैश्विक कारणों को जिम्मेदार ठहराते हुए चिदंबरम ने कहा कि घरेलू बाजारों को अमेरिका से आने वाले आंकड़ों के प्रति इतना संवेदनशील नहीं होना चाहिए।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार का कहना है कि पाकिस्तानी संसद अभी ज्यादा पुरानी नहीं है और उनके मुल्क में थोड़ी गड़बड़ चल रही है, लेकिन जल्द ही सबकुछ सामान्य हो जाएगा। विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में हिस्सा लेने दावोस पहुंची हिना रब्बानी ने गुरुवार को कहा, ‘‘पाकिस्तान में वैसा नहीं है, जैसा बाहरी दुनिया को दिखाई पड़ता है। पाकिस्तान में संसद काफी नई है। अभी लोगों को इसे अपनाना बाकी है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘थोड़ी खींचतान चल रही है, लेकिन यह बहुत खराब स्थिति नहीं है। चीजें बहुत जल्द ठीक हो जाएंगी।’’ सम्मेलन में ‘लोकतंत्र’ पर आयोजित बहस के दौरान पाकिस्तानी विदेशमंत्री ने विकसित देशों पर निशाना साधा और कहा कि इन्हीं लोगों ने पाकिस्तान में सैन्य तानाशाही का समर्थन किया था। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के कुछ बेहद परिपक्व और बड़े लोकतांत्रिक देशों ने पाकिस्तान में सैन्य सरकारों का समर्थन किया। दुनिया के कई देशों में आज भी अलोकतांत्रिक व्यवस्था बनी हुई है। विकसित दुनिया से पाकिस्तान में सैन्य नेतृत्व के लिए समर्थन आता रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘थोड़ी खींचतान चल रही है, लेकिन यह बहुत खराब स्थिति नहीं है। चीजें बहुत जल्द ठीक हो जाएंगी।’’ सम्मेलन में ‘लोकतंत्र’ पर आयोजित बहस के दौरान पाकिस्तानी विदेशमंत्री ने विकसित देशों पर निशाना साधा और कहा कि इन्हीं लोगों ने पाकिस्तान में सैन्य तानाशाही का समर्थन किया था। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के कुछ बेहद परिपक्व और बड़े लोकतांत्रिक देशों ने पाकिस्तान में सैन्य सरकारों का समर्थन किया। दुनिया के कई देशों में आज भी अलोकतांत्रिक व्यवस्था बनी हुई है। विकसित दुनिया से पाकिस्तान में सैन्य नेतृत्व के लिए समर्थन आता रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के कुछ बेहद परिपक्व और बड़े लोकतांत्रिक देशों ने पाकिस्तान में सैन्य सरकारों का समर्थन किया। दुनिया के कई देशों में आज भी अलोकतांत्रिक व्यवस्था बनी हुई है। विकसित दुनिया से पाकिस्तान में सैन्य नेतृत्व के लिए समर्थन आता रहा है।’’
सारांश: पाकिस्तान की विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार का कहना है कि पाकिस्तानी संसद अभी ज्यादा पुरानी नहीं है और उनके मुल्क में थोड़ी गड़बड़ चल रही है, लेकिन जल्द ही सबकुछ सामान्य हो जाएगा।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम और चेन्नई सुपर किंग्स के हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जडेजा को लेकर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के ट्वीटों की जमात लम्बी और रोचक होती जा रही है। हाल ही में धोनी ने ट्वीट किया है कि 17 अप्रैल को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक घंटे के लिए कोई विमान नहीं उतरा, क्योंकि 'सर' जडेजा पास के एक फार्महाउस में बैडमिंटन खेल रहे थे। धोनी ने अपने ताजातरीन ट्वीट में लिखा है कि जडेजा 17 अप्रैल को जब दिल्ली में हवाई अड्डे के पास स्थित एक फार्महाउस में बैडमिंटन खेल रहे थे, तब शाम 7.30 बजे से लेकर 8.30 बजे तक कोई विमान नहीं उतरा। यही नहीं, धोनी ने आगे ट्वीट किया है कि अगर रजनी सर (रजनीकांत) ने जडेजा 'सर' की गेंदबाजी का सामना किया होता तो उस मुकाबले का नाम 'क्लैश ऑफ टाइटंस' (दिग्गजों की जंग) होता।टिप्पणियां इससे पहले भी धोनी ने जडेजा और दक्षिण के महान फिल्म अभिनेता रजनीकांत को लेकर ट्वीट किया है। जडेजा को 'सर' उपाधि धोनी ने ही दिया है। धोनी के मुताबिक सर जडेजा जब जीप चलाते हैं तो जीप आगे नहीं बढ़ती बल्कि उनके सम्मान में सड़क आगे बढ़ती है। जडेजा को इस मजाक से कोई आपत्ति नहीं है। वह इस मस्ती में खुद भी शामिल हैं और ट्विटर पर धोनी को फॉलो करते हैं। धोनी के साथ-साथ सुरेश रैना और रविचंद्रन अश्विन द्वारा जडेजा को लेकर किए गए ट्वीट भी काफी मजेदार हैं। धोनी ने अपने ताजातरीन ट्वीट में लिखा है कि जडेजा 17 अप्रैल को जब दिल्ली में हवाई अड्डे के पास स्थित एक फार्महाउस में बैडमिंटन खेल रहे थे, तब शाम 7.30 बजे से लेकर 8.30 बजे तक कोई विमान नहीं उतरा। यही नहीं, धोनी ने आगे ट्वीट किया है कि अगर रजनी सर (रजनीकांत) ने जडेजा 'सर' की गेंदबाजी का सामना किया होता तो उस मुकाबले का नाम 'क्लैश ऑफ टाइटंस' (दिग्गजों की जंग) होता।टिप्पणियां इससे पहले भी धोनी ने जडेजा और दक्षिण के महान फिल्म अभिनेता रजनीकांत को लेकर ट्वीट किया है। जडेजा को 'सर' उपाधि धोनी ने ही दिया है। धोनी के मुताबिक सर जडेजा जब जीप चलाते हैं तो जीप आगे नहीं बढ़ती बल्कि उनके सम्मान में सड़क आगे बढ़ती है। जडेजा को इस मजाक से कोई आपत्ति नहीं है। वह इस मस्ती में खुद भी शामिल हैं और ट्विटर पर धोनी को फॉलो करते हैं। धोनी के साथ-साथ सुरेश रैना और रविचंद्रन अश्विन द्वारा जडेजा को लेकर किए गए ट्वीट भी काफी मजेदार हैं। यही नहीं, धोनी ने आगे ट्वीट किया है कि अगर रजनी सर (रजनीकांत) ने जडेजा 'सर' की गेंदबाजी का सामना किया होता तो उस मुकाबले का नाम 'क्लैश ऑफ टाइटंस' (दिग्गजों की जंग) होता।टिप्पणियां इससे पहले भी धोनी ने जडेजा और दक्षिण के महान फिल्म अभिनेता रजनीकांत को लेकर ट्वीट किया है। जडेजा को 'सर' उपाधि धोनी ने ही दिया है। धोनी के मुताबिक सर जडेजा जब जीप चलाते हैं तो जीप आगे नहीं बढ़ती बल्कि उनके सम्मान में सड़क आगे बढ़ती है। जडेजा को इस मजाक से कोई आपत्ति नहीं है। वह इस मस्ती में खुद भी शामिल हैं और ट्विटर पर धोनी को फॉलो करते हैं। धोनी के साथ-साथ सुरेश रैना और रविचंद्रन अश्विन द्वारा जडेजा को लेकर किए गए ट्वीट भी काफी मजेदार हैं। इससे पहले भी धोनी ने जडेजा और दक्षिण के महान फिल्म अभिनेता रजनीकांत को लेकर ट्वीट किया है। जडेजा को 'सर' उपाधि धोनी ने ही दिया है। धोनी के मुताबिक सर जडेजा जब जीप चलाते हैं तो जीप आगे नहीं बढ़ती बल्कि उनके सम्मान में सड़क आगे बढ़ती है। जडेजा को इस मजाक से कोई आपत्ति नहीं है। वह इस मस्ती में खुद भी शामिल हैं और ट्विटर पर धोनी को फॉलो करते हैं। धोनी के साथ-साथ सुरेश रैना और रविचंद्रन अश्विन द्वारा जडेजा को लेकर किए गए ट्वीट भी काफी मजेदार हैं। जडेजा को इस मजाक से कोई आपत्ति नहीं है। वह इस मस्ती में खुद भी शामिल हैं और ट्विटर पर धोनी को फॉलो करते हैं। धोनी के साथ-साथ सुरेश रैना और रविचंद्रन अश्विन द्वारा जडेजा को लेकर किए गए ट्वीट भी काफी मजेदार हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हाल ही में धोनी ने ट्वीट किया है कि 17 अप्रैल को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक घंटे के लिए कोई विमान नहीं उतरा, क्योंकि 'सर' जडेजा पास के एक फार्महाउस में बैडमिंटन खेल रहे थे।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज के बीच तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का दूसरा टेस्ट मैच केनसिंग्टन ओवल मैदान पर मंगलवार से खेला जाएगा। पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद भारतीय टीम के हौंसले बुलंद हैं और वह इस मुकाबले में बढ़े हुए मनोबल के साथ उतरेगी। भारत इस श्रृंखला में 1-0 से आगे है। किंग्सटन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत ने मेजबान टीम को चार दिन के भीतर ही 63 रनों से हरा दिया था। भारत की ओर से इस मुकाबले में अनुभवी बल्लेबाज राहुल द्रविड़, सुरेश रैना, हरभजन सिंह, प्रवीण कुमार, इशांत शर्मा और अमित मिश्रा ने बेहतरीन प्रदर्शन किए थे। केनसिंग्टन ओवल मैदान पर भारतीय टीम अब तक आठ मुकाबले खेल चुकी है जिनमें सात में उसे हार मिली है वहीं एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। भारत को इस मैदान पर अब तक एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। ऐसे में भारतीय टीम इस मैदान पर हार के मिथक को तोड़ना चाहेगी। दूसरे टेस्ट मैच में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को द्रविड़ से काफी उम्मीदें होंगी। पहले टेस्ट मैच में 'मैन ऑफ द मैच' रहे द्रविड़ ने पहली पारी में 40 रन बनाए थे जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 112 रनों की शानदार पारी खेली थी। पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में रैना ने 80 रनों की पारी खेली थी। किंग्सटन टेस्ट मैच में भारतीय सलामी जोड़ी कुछ खास नहीं कर पाई थी। मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने भी पहले टेस्ट मैच में निराश किया था। मुरली विजय, अभिनव मुकुंद और विराट कोहली को इस टेस्ट मैच में बड़ी पारी खेलनी होगी। भारतीय टीम में तेज गेंदबाजी का आक्रमण मध्यम गति के गेंदबाज प्रवीण कुमार और ईशांत शर्मा के कंधों पर होगा। प्रवीण ने किंग्सटन में अपने पदार्पण टेस्ट मैच में छह विकेट झटके थे जबकि दूसरे छोर से इशांत ने उनका बखूबी साथ निभाया था। हरभजन हालांकि गेंदबाजी में कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं लेकिन बल्लेबाजी में वह बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, वेस्टइंडीज के लिए यदि इस श्रृंखला में बने रहना है तो उसे इस मुकाबले को हर हाल में जीतना होगा। एकदिवसीय श्रृंखला गंवा चुकी वेस्टइंडीज पहला टेस्ट मैच भी हार चुकी है। वेस्टइंडीज की सबसे बड़ी समस्या उसकी बल्लेबाजी रही है। पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज दोनों पारियों में 70 ओवर भी नहीं खेल पाए थे। दूसरे टेस्ट मैच के लिए वेस्टइंडीज ने उप कप्तान ब्रैंडन नैश को टीम से बाहर कर दिया है जबकि उनकी जगह किर्क एडवडर्स को शामिल किया है।
सारांश: भारतीय टीम और वेस्टइंडीज के बीच तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का दूसरा टेस्ट मैच केनसिंग्टन ओवल मैदान पर मंगलवार से खेला जाएगा।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एनसीपी के सीनियर नेता अजित पवार ने कहा कि कथित एमएससी बैंक घोटाले में पार्टी प्रमुख शरद पवार का बेवजह नाम लिए जाने से दुखी होकर उन्होंने 'अंतरआत्मा' की आवाज पर विधायक पद से इस्तीफा दिया. महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिये होने वाले मतदान से पहले अजित के इस्तीफे ने हलचल पैदा कर दी है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि वह राजनीति नहीं छोड़़ रहे हैं. वह वही करेंगे जो उनके चाचा उनसे कहेंगे.अजित से जब पूछा गया कि क्या वह बारामती से दोबारा चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने कहा, "पवार साहेब मुझसे जो कहेंगे, मैं वो करूंगा." शरद पवार के साथ बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भावुक अजित ने परिवार के भीतर कलह की अटकलों को भी खारिज किया. उन्होंने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक में 25,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के संबंध में खुद पर लगे आरोपों को लेकर भी सवाल किए.  अजित ने कहा कि शरद पवार किसी भी तरह से बैंक और उसके लेनदेन से दूर-दूर तक नहीं जुड़े हैं फिर भी पिछले दिनों मामले के संबंध में केवल पवार साहब का ही नाम घूम रहा था.  उन्होंने कहा, "मैं शरद पवार की वजह से उपमुख्यमंत्री के पद तक पहुंचा था. मैं परेशान था क्योंकि मुझे लगा कि मेरी वजह से उन्हें इस उम्र में बदनामी झेलनी पड़ी. मैंने अपने विवेक से काम लेते हुए इस्तीफा देने का फैसला किया." उन्होंने कहा, "अगर मेरे इस फैसले से एनसीपी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुईं तो मैं उनसे माफी मांगता हूं."  घोटाले के आरोपों के बारे में अजीत पवार ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेता सहकारी बैंक के बोर्ड के सदस्य थे, और ऋण और अन्य मामलों को मंजूरी देने को लेकर सभी निर्णय सामूहिक रूप से लिए गए थे. उन्होंने कहा कि अगर बैंक के पास जमा राशि 11,500-12,000 करोड़ रुपये थी, तो 25 हजार करोड़ रुपये का घोटाला कैसे हो सकता है. राकांपा नेता ने कहा कि बैंक ने 285 करोड़ रुपये के मुनाफे की जानकारी दी थी. मुंबई पुलिस ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अजित पवार, शरद पवार और अन्य नेताओं के खिलाफ धनशोधन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी.
यह एक सारांश है: प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अजित पवार की आंखों में आए आंसू कहा- शरद पवार का नाम बेवजह घसीटे जाने से दुखी परिवार के भीतर कलह की अटकलों को भी किया खारिज
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्मृति ईरानी दोपहर बाद बरौलिया गांव पहुंचीं और सुरेंद्र सिंह की अंतिम यात्रा में शामिल हुईं. स्मृति ने सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढाये. इस दौरान वह काफी भावुक हो गईं. स्मृति ने सिंह के पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया. इससे पहले वह सिंह के परिवार वालों से मिलीं और उन्हें ढाढस बंधाया. इस बीच लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा, 'हमें पुरानी रंजिश का पता चला है. हम ये भी पता कर रहे हैं कि कहीं कोई राजनीतिक दुश्मनी तो नहीं थी. यूपी पुलिस की टीम सघन जांच कर रही हैं. अब तक हमने सात लोगों को हिरासत में लिया है. हमें इलेक्ट्रानिक सर्विलांस से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य भी मिले हैं.' उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि अगले 12 घंटे में हम हत्या की वजह का पता कर लेंगे. सभी संभावित पहलुओं को देखा जा रहा है.' उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता की मौत अत्यंत दुखद है. वह परिश्रमी कार्यकर्ता थे. भले ही हत्यारे जमीन के भीतर क्यों ना छिपे हों, उन्हें पकड़ लिया जाएगा. इस घटना से पूरी अमेठी दुखी है. उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई गुंजाइश नहीं है. हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री मोहसिन रजा भी पूर्व प्रधान के घर पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. रजा ने बताया कि सिंह की हत्या उस समय हुई, जब वह सो रहे थे. यह अत्यंत जघन्य घटना है. रजा अमेठी के प्रभारी मंत्री भी हैं.
सारांश: अमेठी में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या सहयोगी की हत्या से भावुक हुईं स्मृति ईरानी अमेठी पहुंचकर अर्थी को दिया कंधा
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को मुंबई पुलिस से संपर्क कर श्रीसंत की जब्त वस्तुओं का विवरण प्रदान करने की मांग की। मुंबई पुलिस ने होटल के उस कमरे से, जहां से पिछले गुरुवार को श्रीसंत को गिरफ्तार किया गया था, उनसे जुड़े कई सामान जब्त किए। यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से श्रीसंत के ठहरने वाले होटल की सीसीटीवी फुटेज का विवरण प्रदान करने की मांग की है। मुंबई पुलिस को एक लिखित पत्र के जरिये दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत से संबंधित कुछ और वस्तुओं के बारे में विवरण उपलब्ध कराने की भी मांग की। होटल के कमरे से जब्त वस्तुओं में श्रीसंत का मोबाइल फोन भी शामिल है। मुंबई पुलिस ने होटल के उस कमरे से, जहां से पिछले गुरुवार को श्रीसंत को गिरफ्तार किया गया था, उनसे जुड़े कई सामान जब्त किए। यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से श्रीसंत के ठहरने वाले होटल की सीसीटीवी फुटेज का विवरण प्रदान करने की मांग की है। मुंबई पुलिस को एक लिखित पत्र के जरिये दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत से संबंधित कुछ और वस्तुओं के बारे में विवरण उपलब्ध कराने की भी मांग की। होटल के कमरे से जब्त वस्तुओं में श्रीसंत का मोबाइल फोन भी शामिल है। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से श्रीसंत के ठहरने वाले होटल की सीसीटीवी फुटेज का विवरण प्रदान करने की मांग की है। मुंबई पुलिस को एक लिखित पत्र के जरिये दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत से संबंधित कुछ और वस्तुओं के बारे में विवरण उपलब्ध कराने की भी मांग की। होटल के कमरे से जब्त वस्तुओं में श्रीसंत का मोबाइल फोन भी शामिल है। मुंबई पुलिस को एक लिखित पत्र के जरिये दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत से संबंधित कुछ और वस्तुओं के बारे में विवरण उपलब्ध कराने की भी मांग की। होटल के कमरे से जब्त वस्तुओं में श्रीसंत का मोबाइल फोन भी शामिल है।
संक्षिप्त पाठ: मुंबई पुलिस ने होटल के उस कमरे से, जहां से पिछले गुरुवार को श्रीसंत को गिरफ्तार किया गया था, उनसे जुड़े कई सामान जब्त किए। यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में अगले आम चुनाव को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने कहा कि उनकी सरकार ‘कुछ महीनों के भीतर’ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।टिप्पणियां साझा हित परिषद को संबोधित करते हुए अशरफ ने चुनाव को लेकर सरकार के कार्यक्रम का और कार्यवाहक प्रशासन के गठन का ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने को लेकर प्रतिबद्ध है। साझा हित परिषद को संबोधित करते हुए अशरफ ने चुनाव को लेकर सरकार के कार्यक्रम का और कार्यवाहक प्रशासन के गठन का ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान में अगले आम चुनाव को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने कहा कि उनकी सरकार ‘कुछ महीनों के भीतर’ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिपलानी कटरा स्थित सरोजा पैलेज में गिनती के युवा सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में पहुंचे थे. नतीजा ये हुआ कि जैसे-तैसे सभागार आधा भर पाया. जबकि आधी कुर्सियों से युवा गायब थे. ये देख कार्यक्रम के संयोजकों के पसीने छूटने लगे.सीएम के सामने बेइज्जती होते देख आनन-फानन में संयोजकों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को बुलाना शुरू किया. इसके बाद युवाओं की जगह बीजेपी के बुजुर्ग कार्यकर्ताओं ने ली. हालांकि, सभागार की तस्वीरें देख सीएम भी नाखुश दिखे. इसे लेकर सभागार में तरह-तरह की चर्चा चलती रही. वाराणसी को बीजेपी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है. पीएम नरेंद्र मोदी खुद यहां से सांसद हैं. इसके बावजूद शहर के अंदर बीजेपी का हाल देख राजनीतिक जानकार भी हैरान हैं.   इसके पहले योगी मथुरा में सांसद हेमा मालिनी के नामांकन में गये थे वहां हुई जनसभा में भी कुर्सियां खाली थीं. जिसकी खबरे भी सुर्खियां बनी थीं , गाज़ियाबाद में भी यही हाल था गाज़ियाबाद के बाद 26 मार्च को वाराणसी में विजय संकल्प सभा हुई थी, उसमे भी आधी से ज़्यादा कुर्सियां खाली रह गई थीं.  इस सभा में तो बीजेपी के कार्यकर्ता कुर्सी हटाते और रखते नज़र आये थे.   आखिर योगी की सभा में क्यों खाली रह जा रही हैं कुर्सियां इस पर राजनीति के जानकार अलग अलग नजरिये से देख रहे हैं एक नजरिया ये निकल कर आ रहा है कि योगी आदित्य नाथ हिन्दू युवा वाहिनी के फायर ब्रांड नेता थे जो अपने सीधे, तल्ख़ भाषा से विपक्षियों पर प्रहार करते थे जिसे उनके चाहने वाले पसंद करते थे लेकिन अब वो उत्तर प्रदेश के सीएम हैं लिहाजा वो उसकी मर्यादा में रह कर बोल रहे हैं इसलिये वो भीड़ खिंच कर नहीं आ रही है. ये बात इससे भी पुख्ता होती नज़र आती है कि जब यही योगी किसी दूसरे सूबे में अपनी हिंदुत्व वादी तीखे भाषणों को देते हैं तो वहां उनकी जनता जुटती है.   दूसरा नजरिया ये है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार मोदी लहर दिखाई नहीं दे रही है. आलम ये है कि बीजेपी के बड़े नेताओं को भी सुनने के लिए लोग नहीं पहुंच रहे हैं. ये बताता है कि इस चुनाव में जनता चुप है सिर्फ सभी पार्टियों के कार्यकर्ता ही नज़र आ रहे हैं और कार्यकर्ता कितनी सीटे भर पाएंगे  सभी को पता है. अभी छोटे-छोटे हॉल और छोटी जन सभाओं में कुर्सियां खाली रह जा रहीं हैं तो आने वाले दिनों में बड़े मैदान कैसे भरेंगे ये नेताओं के लिए एक बड़ी चुनौती नज़र आ रही हैं.
संक्षिप्त सारांश: योगी आदित्यनाथ का वाराणसी में फ्लॉप शो सभा में कुर्सियां रही खाली युवाओं की जगह बीजेपी के बुजुर्ग कार्यकर्ता दिखे
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की जीत का दावा करने वाले द्रमुक प्रमुख करुणानिधि ने राज्य में संभावित गठबंधन सरकार के गठन का संकेत दिया है। अपने मताधिकारी का प्रयोग करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, उगते सूर्य (द्रमुक चुनाव निशान) की तरह जीत को लेकर हमारी संभावनाएं उज्ज्वल हैं और सरकार बनाने के लिए जितनी सीटों की दरकार है, उतनी सीटें हम जीतेंगे...इस संख्या को हम अकेले भी हासिल कर सकते हैं या अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर। सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और द्रमुक के बीच चले दांव-पेंच को देखते हुए कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने इसके माध्यम से सत्ता में अपनी भागीदारी को लेकर एक मजबूत आधार तैयार किया है। गौरतलब है कि कांग्रेस 1967 के बाद से तमिलनाडु की सत्ता में नहीं लौटी है। चुनाव आयोग के कथित रूप से पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने के बाबत पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा, जहां तक हमारा संबंध है, वे सख्ती से काम कर रहे हैं, लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि ये पक्षपातपूर्ण है। कुछ लोग जो आयोग से प्रभावित हुए हैं, अगर वे इस बारे में बात करते हैं, तो मुझे नहीं लगता इसमें कुछ गलत है।
सारांश: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की जीत का दावा करने वाले द्रमुक प्रमुख करुणानिधि ने राज्य में संभावित गठबंधन सरकार के गठन का संकेत दिया है।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: भाजपा से बर्खास्त की गईं दक्षिणी दिल्ली की पूर्व महापौर सरिता चौधरी ने सोमवार को पार्टी से ‘न्याय' की गुहार लगाते हुए कि उन्हें बिना किसी गलती के ‘सजा' दी गई है. पूर्व महापौर और उनके पति के बीच हुए झगड़े के बाद भाजपा ने यह निर्णय लिया था. चौधरी का दावा है कि दिल्ली भाजपा नेतृत्व ने बिना उनका पक्ष जाने ही यह फैसला किया. ऐसा आरोप है कि पिछले महीने दिल्ली भाजपा कार्यालय में चौधरी को उनके पति और महरौली जिला के पूर्व अध्यक्ष आजाद सिंह ने थप्पड़ मारा था. इस दौरान पार्टी की बैठक थी और उसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर कर रहे थे. दंपति के बीच तलाक का मामला चल रहा है.  अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सिंह और चौधरी को पार्टी से निकाल दिया था. चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं पार्टी नेताओं से न्याय और मेरा आत्म सम्मान बहाल करने का आग्रह करती हूं.''  दिल्ली के भाजपा नेताओं की तरफ से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके पति के खिलाफ कई मामले दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रही है. चौधरी ने कहा कि मेरे पति पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है और न ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है.
संक्षिप्त पाठ: मनोज तिवारी ने पार्टी से निकाल दिया था अनुशासनहीनता का दिया था हवाला सरिता ने पार्टी नेताओं से वापस लेने की लगाई गुहार
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा के फरीदबाद में मंगलवार को निर्माणाधीन स्कूल की इमारत ढहने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में सात लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में मजदूरों के मलबे में दबे होने की भी आशंका है। अधिकारी के अनुसार सेक्टर 88 में एसआरएस समूह की मार्डन डीएपीएस स्कूल की निर्माणाधीन इमारत दोपहर 12.30 बजे अचानक ढह गई। मृतक में श्रमिक थे। जिला प्रशासन के प्रवक्ता बिजेंद्र कुमार ने कहा, "अब तक 10 लोगों को अस्पताल भेजा गया है जिसमें तीन को मृत घोषित कर दिया गया। इसमें से छह की हालत गम्भीर है।" उपायुक्त बलराज सिंह एवं पुलिस आयुक्त शत्रुजीत सिंह कपूर घटनास्थल पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने कहा, "इमारत लगभग तैयार हो गई थी और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा था। 18 मंजिल वाली इस इमारत का ढांचा ही ठह गया। इसमें रहने वाले लोगों को एहतियातन बाहर निकलने के लिए कह दिया गया है। मलबे में कम से कम 25 लोगों के फंसे होने की आशंका है। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह संख्या 100 हो सकती है।" टिप्पणियां घटना की सूचना मिलते ही 10 से 15 अग्निशमन वाहन एवं 20-25 एम्बुलेंस घटनास्थल पर रवाना हो गए। पुलिस आयुक्त ने कहा, "जैसे ही राहत एवं बचाव कार्य पूरे हो जाएंगे उसके बाद दोषियों के खिलाफ उचित धारा में फौजदारी मामले दर्ज किए जाएंगे।" अधिकारी के अनुसार सेक्टर 88 में एसआरएस समूह की मार्डन डीएपीएस स्कूल की निर्माणाधीन इमारत दोपहर 12.30 बजे अचानक ढह गई। मृतक में श्रमिक थे। जिला प्रशासन के प्रवक्ता बिजेंद्र कुमार ने कहा, "अब तक 10 लोगों को अस्पताल भेजा गया है जिसमें तीन को मृत घोषित कर दिया गया। इसमें से छह की हालत गम्भीर है।" उपायुक्त बलराज सिंह एवं पुलिस आयुक्त शत्रुजीत सिंह कपूर घटनास्थल पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने कहा, "इमारत लगभग तैयार हो गई थी और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा था। 18 मंजिल वाली इस इमारत का ढांचा ही ठह गया। इसमें रहने वाले लोगों को एहतियातन बाहर निकलने के लिए कह दिया गया है। मलबे में कम से कम 25 लोगों के फंसे होने की आशंका है। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह संख्या 100 हो सकती है।" टिप्पणियां घटना की सूचना मिलते ही 10 से 15 अग्निशमन वाहन एवं 20-25 एम्बुलेंस घटनास्थल पर रवाना हो गए। पुलिस आयुक्त ने कहा, "जैसे ही राहत एवं बचाव कार्य पूरे हो जाएंगे उसके बाद दोषियों के खिलाफ उचित धारा में फौजदारी मामले दर्ज किए जाएंगे।" जिला प्रशासन के प्रवक्ता बिजेंद्र कुमार ने कहा, "अब तक 10 लोगों को अस्पताल भेजा गया है जिसमें तीन को मृत घोषित कर दिया गया। इसमें से छह की हालत गम्भीर है।" उपायुक्त बलराज सिंह एवं पुलिस आयुक्त शत्रुजीत सिंह कपूर घटनास्थल पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने कहा, "इमारत लगभग तैयार हो गई थी और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा था। 18 मंजिल वाली इस इमारत का ढांचा ही ठह गया। इसमें रहने वाले लोगों को एहतियातन बाहर निकलने के लिए कह दिया गया है। मलबे में कम से कम 25 लोगों के फंसे होने की आशंका है। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह संख्या 100 हो सकती है।" टिप्पणियां घटना की सूचना मिलते ही 10 से 15 अग्निशमन वाहन एवं 20-25 एम्बुलेंस घटनास्थल पर रवाना हो गए। पुलिस आयुक्त ने कहा, "जैसे ही राहत एवं बचाव कार्य पूरे हो जाएंगे उसके बाद दोषियों के खिलाफ उचित धारा में फौजदारी मामले दर्ज किए जाएंगे।" उपायुक्त बलराज सिंह एवं पुलिस आयुक्त शत्रुजीत सिंह कपूर घटनास्थल पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने कहा, "इमारत लगभग तैयार हो गई थी और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा था। 18 मंजिल वाली इस इमारत का ढांचा ही ठह गया। इसमें रहने वाले लोगों को एहतियातन बाहर निकलने के लिए कह दिया गया है। मलबे में कम से कम 25 लोगों के फंसे होने की आशंका है। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह संख्या 100 हो सकती है।" टिप्पणियां घटना की सूचना मिलते ही 10 से 15 अग्निशमन वाहन एवं 20-25 एम्बुलेंस घटनास्थल पर रवाना हो गए। पुलिस आयुक्त ने कहा, "जैसे ही राहत एवं बचाव कार्य पूरे हो जाएंगे उसके बाद दोषियों के खिलाफ उचित धारा में फौजदारी मामले दर्ज किए जाएंगे।" अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने कहा, "इमारत लगभग तैयार हो गई थी और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा था। 18 मंजिल वाली इस इमारत का ढांचा ही ठह गया। इसमें रहने वाले लोगों को एहतियातन बाहर निकलने के लिए कह दिया गया है। मलबे में कम से कम 25 लोगों के फंसे होने की आशंका है। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह संख्या 100 हो सकती है।" टिप्पणियां घटना की सूचना मिलते ही 10 से 15 अग्निशमन वाहन एवं 20-25 एम्बुलेंस घटनास्थल पर रवाना हो गए। पुलिस आयुक्त ने कहा, "जैसे ही राहत एवं बचाव कार्य पूरे हो जाएंगे उसके बाद दोषियों के खिलाफ उचित धारा में फौजदारी मामले दर्ज किए जाएंगे।" घटना की सूचना मिलते ही 10 से 15 अग्निशमन वाहन एवं 20-25 एम्बुलेंस घटनास्थल पर रवाना हो गए। पुलिस आयुक्त ने कहा, "जैसे ही राहत एवं बचाव कार्य पूरे हो जाएंगे उसके बाद दोषियों के खिलाफ उचित धारा में फौजदारी मामले दर्ज किए जाएंगे।" पुलिस आयुक्त ने कहा, "जैसे ही राहत एवं बचाव कार्य पूरे हो जाएंगे उसके बाद दोषियों के खिलाफ उचित धारा में फौजदारी मामले दर्ज किए जाएंगे।"
सारांश: हरियाणा के फरीदबाद में मंगलवार को निर्माणाधीन स्कूल की इमारत ढहने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में सात लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में मजदूरों के मलबे में दबे होने की भी आशंका है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात बुधवार शाम साढ़े चार बजे होनी है. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा, ‘‘मैं अमूमन दिल्ली नहीं जाती हूं. मैं कहीं भी इसलिए नहीं जाती हूं, क्योंकि यहां पर मेरे पर कुछ जिम्मेदारियां हैं. हमें कुछ प्रशासनिक कारणों से नई दिल्ली जाना पड़ रहा है, क्योंकि यह राजधानी है और वहीं पर संसद है, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री वहीं रहते हैं. इसलिए हमें वहां जाने की जरूरत है. यह नियमित काम का हिस्सा है.'' बनर्जी ने कहा, ‘‘इस बार मैं उस पैसे के बारे में बात करने जा रही हूं जो पश्चिम बंगाल को मिलना चाहिए. मैं पश्चिम बंगाल का नाम बदलने जैसे मुद्दे भी उठाऊंगी.'' उन्होंने कहा, ‘‘ संकट से जूझ रहे एयर इंडिया, बीएसएनएल और रेलवे का मुद्दा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय जैसे मुद्दों को उठाएंगी. इन लोगों (इन संगठनों के कर्मचारी) की सुनवाई जब कहीं नहीं हुई तो वे हमारे पास आए. '' केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था. केंद्र ने कहा था कि इस कदम के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता है. इसके बाद बनर्जी ने जुलाई में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुद्दे को उठाया था और उनसे मामले में शीघ्रता बरतने की अपील की थी. पत्र में कहा गया था, ‘‘ मैं आपसे से फिर से अनुरोध करती हूं कि राज्य का नाम अंग्रेजी, हिन्दी और बंगाली में ‘बांग्ला' करने के पश्चिम बंगाल के लोगों की इच्छाओं को स्वीकार कर लें. यही बात पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रस्ताव और पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में भी उल्लेखित है.'' गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा को सूचित किया था कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलने को मंजूरी नहीं दी है. इसके बाद बनर्जी ने पत्र लिखा था. बनर्जी ने मोदी के 69वें जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं. मोदी और बनर्जी की यह मुलाकात राजनीतिक सरगर्मी की पृष्ठभूमि में हो रही है, क्योंकि बनर्जी संसदीय चुनाव के वक्त से ही मोदी और भाजपा की कड़ी आलोचक रही हैं. उन्होंने मई में मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भी हिस्सा नहीं लिया था और जून में नीति आयोग की बैठक से भी दूर रही थीं. बनर्जी और मोदी की पिछली मुलाकात 25 मई 2018 को शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हुई थी. यह बैठक ऐसे वक्त में हो रही है जब बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कई नेता और कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार सारदा और पोंजी योजना के घोटाले के सिलसिले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं.
संक्षिप्त सारांश: राज्य के नाम में परिवर्तन, बैंकों के विलय जैसे मुद्दे उठाएंगी कहा- उस पैसे के बारे में बात करने जा रही हूं जो बंगाल को मिलना चाहिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात बुधवार शाम साढ़े चार बजे होगी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पार्थिल पटेल और विराट कोहली के अर्द्धशतक और दोनों के बीच 103 रन की साझेदारी की मदद से मजबूत स्कोर खड़ा करने वाले भारत को गेंदबाजी में शुरुआती सफलता के बावजूद बारिश के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में संभावित जीत से महरूम होना पड़ा। पार्थिव (95) और विराट कोहली (55) के अर्द्धशतकों की मदद से भारत ने सात विकेट पर 274 रन बनाए जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने जब 7.2 ओवर में दो विकेट पर 27 रन बनाए थे तब बारिश आ गई और फिर खेल दोबारा शुरू नहीं हो सका। बीच में 32 ओवर में 224 रन और 20 ओवर में 164 रन के लक्ष्य के साथ मैच दोबारा शुरू करने की कोशिश की गई लेकिन लगातार बारिश होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। ये दोनों ही लक्ष्य संभवत: भारत के पक्ष में थे। दोनों टीमों के बीच दूसरा वनडे अब छह सितंबर को साउथम्पटन में खेला जाएगा। मौजूदा दौरे पर अब तक जीत से महरूम रहे भारत को मैच शुरू होने से पहले ही झटका लगा जब स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर पैर के अंगूठे की अपनी पुरानी चोट के उभरने के कारण मैच से बाहर हो गए। भारतीय पारी के 38वें ओवर में रोहित शर्मा की अंगुली में भी स्टुअर्ट ब्राड की गेंद लगने से फ्रेक्चर हो गया और वह अब श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड की शुरुआत काफी खराब रही। कप्तान और सलामी बल्लेबाज एलिस्टेयर कुक (04) ने प्रवीण कुमार की गेंद को विकेटों पर खेलकर पवेलियन लौटे। प्रवीण ने अपने चौथे और पारी के सातवें ओवर में दूसरे सलामी बल्लेबाज क्रेग कीस्वेटर (06) को भी पगबाधा आउट करके इंग्लैंड का स्कोर 21 रन पर दो विकेट कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद बारिश आने लगी और मैच बीच में ही रोकना पड़ा जो दोबारा शुरू नहीं हो सका। इस समय जोनाथन ट्राट 14 और इयान बेल दो रन बनाकर खेल रहे थे।
सारांश: भारत को गेंदबाजी में शुरुआती सफलता के बावजूद बारिश के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में संभावित जीत से महरूम होना पड़ा।
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