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एक सारांश बनाओ: नोएडा में एक इंजीनियर युवती के साथ सोसायटी के गार्ड ने रेप की कोशिश की है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक थाना सूरजपुर के थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि पीड़ित इंजीनियर है और सूरजपुर क्षेत्र में स्थित एवीजे सोसाइटी के एक फ्लैट में रहती है. रात करीब एक बजे सोसाइटी में ही काम करने वाला गार्ड राजकुमार शराब के नशे में उसके घर पहुंचा. गार्ड ने घंटी बजाई तो युवती ने दरवाजा खोला.टिप्पणियां सक्सेना के अनुसार, गार्ड ने जबरन घर में घुस कर युवती से रेप करने की कोशिश करने लगा. युवती के शोर मचाने पर आसपास के लोग आए तो गार्ड घर के बाथरूम में छिप गया. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने करीब एक घंटे की तलाशी के बाद गार्ड को बाथरूम से पकड़ लिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सक्सेना के अनुसार, गार्ड ने जबरन घर में घुस कर युवती से रेप करने की कोशिश करने लगा. युवती के शोर मचाने पर आसपास के लोग आए तो गार्ड घर के बाथरूम में छिप गया. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने करीब एक घंटे की तलाशी के बाद गार्ड को बाथरूम से पकड़ लिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार नोएडा के सूरजपुर इलाके की घटना शोर मचाने पर आरोपी बाथरूम में छिपा
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि दो भारतीय मछुआरों की मौत के आरोपी इतालवी नौसैन्य कर्मियों पर भारतीय कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।टिप्पणियां शनिवार को ही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इतालवी व्यापारिक पोत इनरिका लेक्सी की तलाशी के दौरान कई हथियार जब्त किए हैं। एसआईटी की ओर से यह तलाशी उन दो इतालवी नौसैनिकों द्वारा प्रयुक्त हथियारों की खोज के लिए ली गई जिन्होंने कथित रूप से दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शनिवार को ही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इतालवी व्यापारिक पोत इनरिका लेक्सी की तलाशी के दौरान कई हथियार जब्त किए हैं। एसआईटी की ओर से यह तलाशी उन दो इतालवी नौसैनिकों द्वारा प्रयुक्त हथियारों की खोज के लिए ली गई जिन्होंने कथित रूप से दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। एसआईटी की ओर से यह तलाशी उन दो इतालवी नौसैनिकों द्वारा प्रयुक्त हथियारों की खोज के लिए ली गई जिन्होंने कथित रूप से दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
यहाँ एक सारांश है:रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि दो भारतीय मछुआरों की मौत के आरोपी इतालवी नौसैन्य कर्मियों पर भारतीय कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: जापान के फुकुशिमा परमाणु विद्युत संयंत्र के रिएक्टर संख्या-2 के पानी में रेडियोधर्मी आयोडीन का स्तर सामान्य से 100,000 गुना अधिक है। इसके पहले रविवार को जानकारी दी गई थी रेडियोधर्मी आयोडीन का स्तर सामान्य से एक करोड़ गुना अधिक है। टोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कम्पनी (टेप्को) ने अपनी पूर्व की घोषणा वापस ले ली है। टेप्को ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि आयोडीन-134 की मात्रा का आकलन करने में गलती हुई थी।  सरकारी प्रवक्ता युकियो इदानो ने दिन में इसके पहले कहा कि जापान सरकार ने कम्पनी को आदेश दिया है कि वह संयंत्र में रेडियोधर्मी विकिरण बढ़ने के कारणों का पता लगाए। जापान की नाभिकीय एवं औद्योगिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि संयंत्र के रिएक्टर संख्या-2 के पानी में रेडियोधर्मी आयोडीन-131 की उच्च सघनता को रिएक्टर के एक्टिव जोन से लीक होने के रूप में समझा जा सकता है। रिएक्टर में सभी कार्य रोक दिए गए हैं और कर्मचारियों को वहां से हटा दिया गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टेप्को ने अपनी पूर्व की घोषणा वापस ले ली है। टेप्को ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि आयोडीन-134 की मात्रा का आकलन करने में गलती हुई थी।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के नवादा से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से उनकी ही पार्टी की विचारधारा से जुड़े कुछ लोग नाराज हैं। सोमवार को नवादा में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से ज़ुड़े कुछ लोगों ने इस बात के लिए गिरिराज का पुतला दहन किया कि जब वे 'मंत्रीजी' के सामने समस्‍या लेकर गए तो उनका तेवर न सिर्फ आक्रामक था बल्कि उन्होंने कथित तौर पर अपशब्‍द भी इस्‍तेमाल किये।टिप्पणियां मामला 23 जुलाई का है, जब केंद्रीय मंत्री के पास बजरंग दल और विहिप से ज़ुड़े क़रीब 15 लोग गोशाला चलाने के लिए सांसद निधि से कुछ सहायता राशि की मांग लेकर गए थे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों का आरोप है कि मंत्री उनकी मांग सुनकर नाराज हो गए और अपशब्‍दो का इस्‍तेमाल करते हुए उन्हें कई नसीहतें भी दे डालीं। गिरिराज सिंह के साथ इस बैठक की रिकॉर्डिंग भी कुछ लोगों ने पास है जिसमें केंद्रीय मंत्री, उन लोगों की सक्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। यही नहीं, गिरिराज ने किसी तरह की आर्थिक सहायता देने से भी साफ इनकार कर दिया। घटना के करीब 48 घंटे बाद इस प्रतिनिधिमंडल ने नवादा में बीजेपी सांसद का पुतला भी दहन किया। वैसे,  यह पहली बार नहीं है जब गिरिराज सिंह का नाम विवादों में है। लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी के विरोधियों को पाकिस्‍तान जाने की सलाह देकर भी गिरि‍राज विवादों में रह चुके है। ताज़ा विवाद को लेकर  गिरिराज सिंह की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामला 23 जुलाई का है, जब केंद्रीय मंत्री के पास बजरंग दल और विहिप से ज़ुड़े क़रीब 15 लोग गोशाला चलाने के लिए सांसद निधि से कुछ सहायता राशि की मांग लेकर गए थे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों का आरोप है कि मंत्री उनकी मांग सुनकर नाराज हो गए और अपशब्‍दो का इस्‍तेमाल करते हुए उन्हें कई नसीहतें भी दे डालीं। गिरिराज सिंह के साथ इस बैठक की रिकॉर्डिंग भी कुछ लोगों ने पास है जिसमें केंद्रीय मंत्री, उन लोगों की सक्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। यही नहीं, गिरिराज ने किसी तरह की आर्थिक सहायता देने से भी साफ इनकार कर दिया। घटना के करीब 48 घंटे बाद इस प्रतिनिधिमंडल ने नवादा में बीजेपी सांसद का पुतला भी दहन किया। वैसे,  यह पहली बार नहीं है जब गिरिराज सिंह का नाम विवादों में है। लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी के विरोधियों को पाकिस्‍तान जाने की सलाह देकर भी गिरि‍राज विवादों में रह चुके है। ताज़ा विवाद को लेकर  गिरिराज सिंह की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। घटना के करीब 48 घंटे बाद इस प्रतिनिधिमंडल ने नवादा में बीजेपी सांसद का पुतला भी दहन किया। वैसे,  यह पहली बार नहीं है जब गिरिराज सिंह का नाम विवादों में है। लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी के विरोधियों को पाकिस्‍तान जाने की सलाह देकर भी गिरि‍राज विवादों में रह चुके है। ताज़ा विवाद को लेकर  गिरिराज सिंह की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह एक सारांश है: गोशाला के लिए सांसद निधि से मदद मांगने गया था प्रतिनिधिमंडल प्रतिनिधिमंडल का आरोप, गिरिराज सिंह ने मदद देने से किया इनकार विवाद पर गिरिराज की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भारत के 13वें राष्ट्रपति बने प्रणब मुखर्जी को बधाई देते हुए उन्हें अमेरिका व अमेरिकी लोगों का एक मजबूत सहयोगी बताया।टिप्पणियां प्रणब के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करने के बाद क्लिंटन ने बुधवार को जारी एक वक्तव्य में कहा कि प्रणब ने अपने पूरे करियर में विभिन्न मुद्दों पर भारत-अमेरिका सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम किया। उन्होंने आगे भी भारत सरकार व वहां के लोगों के साथ काम करने की बात की। उन्होंने कहा, हम साथ में अपने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का निर्माण करेंगे और दोनों देशों के लोगों के अच्छे भविष्य के लिए अपने सम्बंध और मजबूत करेंगे। प्रणब के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करने के बाद क्लिंटन ने बुधवार को जारी एक वक्तव्य में कहा कि प्रणब ने अपने पूरे करियर में विभिन्न मुद्दों पर भारत-अमेरिका सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम किया। उन्होंने आगे भी भारत सरकार व वहां के लोगों के साथ काम करने की बात की। उन्होंने कहा, हम साथ में अपने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का निर्माण करेंगे और दोनों देशों के लोगों के अच्छे भविष्य के लिए अपने सम्बंध और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा, हम साथ में अपने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का निर्माण करेंगे और दोनों देशों के लोगों के अच्छे भविष्य के लिए अपने सम्बंध और मजबूत करेंगे।
सारांश: अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भारत के 13वें राष्ट्रपति बने प्रणब मुखर्जी को बधाई देते हुए उन्हें अमेरिका व अमेरिकी लोगों का एक मजबूत सहयोगी बताया।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अक्षय तृतीया के मौके पर चैम्पियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तस्वीर और ऑटोग्राफ वाले खास सोने के सिक्के जारी किए गए हैं। वैल्यूमार्ट गोल्ड एंड ज्वैल्स ने सचिन तेंदुलकर के एक लाख सोने के सिक्के लांच किए जिसमें से प्रत्येक 10 ग्राम का है। इस मौके पर सचिन भी मौजूद थे। चौबीस कैरेट सोने के सिक्के की कीमत 34000 रुपये है और ये वैल्यूमार्टगोल्ड.कॉम और देशभर में प्रमुख ज्वैलरी स्टोर्स पर उपलब्ध हैं।टिप्पणियां कंपनी ने इस साल फरवरी में तेंदुलकर के साथ करार करके उन्हें तीन साल के लिए अपना ब्रांड दूत बनाया था। तेंदुलकर ने इस मौके पर कहा, ‘मैदान पर मेरे कई सुनहरे पल रहे हैं। कई अद्भुत यादें हैं लेकिन यह एकदम अलग है। मैं अक्षय तृतीया पर सभी को शुभकामना देता हूं जो हिंदू कैलेंडर का महत्वपूर्ण दिन है।’ उन्होंने कहा, ‘सोना खिलाड़ियों में भी लोकप्रिय है। मजाक की बात करूं तो वेस्टइंडीज टीम से पूछिए।’ वैल्यूमार्ट गोल्ड एंड ज्वैल्स ने सचिन तेंदुलकर के एक लाख सोने के सिक्के लांच किए जिसमें से प्रत्येक 10 ग्राम का है। इस मौके पर सचिन भी मौजूद थे। चौबीस कैरेट सोने के सिक्के की कीमत 34000 रुपये है और ये वैल्यूमार्टगोल्ड.कॉम और देशभर में प्रमुख ज्वैलरी स्टोर्स पर उपलब्ध हैं।टिप्पणियां कंपनी ने इस साल फरवरी में तेंदुलकर के साथ करार करके उन्हें तीन साल के लिए अपना ब्रांड दूत बनाया था। तेंदुलकर ने इस मौके पर कहा, ‘मैदान पर मेरे कई सुनहरे पल रहे हैं। कई अद्भुत यादें हैं लेकिन यह एकदम अलग है। मैं अक्षय तृतीया पर सभी को शुभकामना देता हूं जो हिंदू कैलेंडर का महत्वपूर्ण दिन है।’ उन्होंने कहा, ‘सोना खिलाड़ियों में भी लोकप्रिय है। मजाक की बात करूं तो वेस्टइंडीज टीम से पूछिए।’ चौबीस कैरेट सोने के सिक्के की कीमत 34000 रुपये है और ये वैल्यूमार्टगोल्ड.कॉम और देशभर में प्रमुख ज्वैलरी स्टोर्स पर उपलब्ध हैं।टिप्पणियां कंपनी ने इस साल फरवरी में तेंदुलकर के साथ करार करके उन्हें तीन साल के लिए अपना ब्रांड दूत बनाया था। तेंदुलकर ने इस मौके पर कहा, ‘मैदान पर मेरे कई सुनहरे पल रहे हैं। कई अद्भुत यादें हैं लेकिन यह एकदम अलग है। मैं अक्षय तृतीया पर सभी को शुभकामना देता हूं जो हिंदू कैलेंडर का महत्वपूर्ण दिन है।’ उन्होंने कहा, ‘सोना खिलाड़ियों में भी लोकप्रिय है। मजाक की बात करूं तो वेस्टइंडीज टीम से पूछिए।’ कंपनी ने इस साल फरवरी में तेंदुलकर के साथ करार करके उन्हें तीन साल के लिए अपना ब्रांड दूत बनाया था। तेंदुलकर ने इस मौके पर कहा, ‘मैदान पर मेरे कई सुनहरे पल रहे हैं। कई अद्भुत यादें हैं लेकिन यह एकदम अलग है। मैं अक्षय तृतीया पर सभी को शुभकामना देता हूं जो हिंदू कैलेंडर का महत्वपूर्ण दिन है।’ उन्होंने कहा, ‘सोना खिलाड़ियों में भी लोकप्रिय है। मजाक की बात करूं तो वेस्टइंडीज टीम से पूछिए।’ तेंदुलकर ने इस मौके पर कहा, ‘मैदान पर मेरे कई सुनहरे पल रहे हैं। कई अद्भुत यादें हैं लेकिन यह एकदम अलग है। मैं अक्षय तृतीया पर सभी को शुभकामना देता हूं जो हिंदू कैलेंडर का महत्वपूर्ण दिन है।’ उन्होंने कहा, ‘सोना खिलाड़ियों में भी लोकप्रिय है। मजाक की बात करूं तो वेस्टइंडीज टीम से पूछिए।’
यह एक सारांश है: अक्षय तृतीया के मौके पर चैम्पियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तस्वीर और ऑटोग्राफ वाले खास सोने के सिक्के जारी किए गए हैं।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: दूध, तेल, सब्जी और ईंधन जैसी रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं के दाम ऊंचे रहने से फरवरी में सकल मुद्रास्फीति एक महीने पहले की तुलना में 0.08 प्रतिशत अंक बढकर 8.31 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे मुद्रास्फीति में गिरावट आने के विशेषज्ञों के अनुमान गड़बड़ाते दिखने लगे हैं। सरकार ने हालांकि, मार्च अंत तक मुद्रास्फीति के सात प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है लेकिन फरवरी में इसमें आई मजबूती के बाद मार्च तक इसके अनुमानित स्तर तक नीचे आने की उम्मीदों पर शंका खड़ी होने लगी है। फरवरी में मुद्रास्फीति में नरमी के बजाय मजबूती आने से रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है। केंद्रीय बैंक इस सप्ताह मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा पेश करने वाला है। जनवरी माह में मुद्रास्फीति 8. 23 फीसद रही थी। दूध, खाद्य तेल, सब्जी और फलों के दाम बढ़ने से मुद्रास्फीति बढ़ी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढने से भी मुद्रास्फीति को बढावा मिला है। थोक मूल्य सूचकांक आंकड़ों के मुताबिक सालाना आधार पर खाद्य, गैर-खाद्य वस्तुओं और खनिज जैसे प्राथमिक वस्तुओं की कीमत 14.79 फीसद चढ़ी। हालांकि कुछ निश्चित खाद्य वस्तुओं की कीमत में सालाना आधार पर कमी दर्ज की गयी है। गेहूं 1.67 फीसद, दाल दलहन 5.10 फीसद तथा आलू के भाव 11.28 फीसद घटे।
संक्षिप्त सारांश: रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं के दाम ऊंचे रहने से फरवरी में सकल मुद्रास्फीति एक महीने पहले की तुलना में बढ़कर 8.31 प्रतिशत हुई।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: चीन के दक्षिण पश्चिम में राजनीतिक रूप से संवेदनशील तिब्बती क्षेत्र में स्थिति शांत है। प्रत्यक्षदर्शियों और कार्यकर्ता समूहों का कहना है कि यहां प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। विदेश में रह रहे एक तिब्बती कार्यकर्ता समूह ने एक बयान में कहा कि कल, सिचुआन प्रांत के गांजी में हजारों तिब्बतियों ने सरकारी कार्यालयों तक जुलूस निकाला और पुलिस ने भीड़ पर गोलीबारी की। ‘‘इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत’’ समूह के अनुसार, लुहुओ कस्बे में हिंसा की इस घटना में तीन तिब्बती मारे गए और नौ घायल हो गए। एक अन्य समूह, लंदन के ‘‘फ्री तिब्बत’’ ने मृतक संख्या एक बताई और ई-मेल से भेजे गए एक बयान में कहा कि तिब्बतियों में ड्रैगो के नाम से चर्चित लुहुओ में करीब 30 अन्य हताहत हुए हैं। कल किए गए प्रदर्शन संबंधी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।टिप्पणियां लुहुओ स्थित शौलिंग मठ के एक तिब्बती भिक्षु ने कहा कि पुलिस गश्त कर रही है लेकिन कस्बे के सरकारी कार्यालयों के सामने करीब 10,000 लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद, आज स्थिति शांतिपूर्ण है। भिक्षु ने बताया कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी स्थानीय तिब्बती थे। इनमें कुछ भिक्षु और चीन के कुछ मूल निवासी (हान चीनी) भी थे। इस भिक्षु ने हालांकि अपना नाम नहीं बताया लेकिन कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और एक तिब्बती किसान की मौत हो गई। उसने बताया कि 32 अन्य घायल भी हुए हैं। गांजी जनसुरक्षा ब्यूरो के ड्यूटी ऑफिस में फोन पर एक व्यक्ति ने इलाके में हिंसा होने से इनकार करते हुए कहा ‘‘यहां कुछ नहीं हुआ .. यह अफवाह है।’’ उसने अपना नाम नहीं बताया। कस्बे की पुलिस के एक कर्मी ने कहा ‘‘कुछ नहीं हुआ।’’ इस व्यक्ति ने फोन कॉल पुलिस कमांड सेंटर के पास भेज दी। वहां के एक कर्मी ने कहा कि उसे मामले की साफ जानकारी नहीं है। अपना नाम किसी ने नहीं बताया। विदेश में रह रहे एक तिब्बती कार्यकर्ता समूह ने एक बयान में कहा कि कल, सिचुआन प्रांत के गांजी में हजारों तिब्बतियों ने सरकारी कार्यालयों तक जुलूस निकाला और पुलिस ने भीड़ पर गोलीबारी की। ‘‘इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत’’ समूह के अनुसार, लुहुओ कस्बे में हिंसा की इस घटना में तीन तिब्बती मारे गए और नौ घायल हो गए। एक अन्य समूह, लंदन के ‘‘फ्री तिब्बत’’ ने मृतक संख्या एक बताई और ई-मेल से भेजे गए एक बयान में कहा कि तिब्बतियों में ड्रैगो के नाम से चर्चित लुहुओ में करीब 30 अन्य हताहत हुए हैं। कल किए गए प्रदर्शन संबंधी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।टिप्पणियां लुहुओ स्थित शौलिंग मठ के एक तिब्बती भिक्षु ने कहा कि पुलिस गश्त कर रही है लेकिन कस्बे के सरकारी कार्यालयों के सामने करीब 10,000 लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद, आज स्थिति शांतिपूर्ण है। भिक्षु ने बताया कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी स्थानीय तिब्बती थे। इनमें कुछ भिक्षु और चीन के कुछ मूल निवासी (हान चीनी) भी थे। इस भिक्षु ने हालांकि अपना नाम नहीं बताया लेकिन कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और एक तिब्बती किसान की मौत हो गई। उसने बताया कि 32 अन्य घायल भी हुए हैं। गांजी जनसुरक्षा ब्यूरो के ड्यूटी ऑफिस में फोन पर एक व्यक्ति ने इलाके में हिंसा होने से इनकार करते हुए कहा ‘‘यहां कुछ नहीं हुआ .. यह अफवाह है।’’ उसने अपना नाम नहीं बताया। कस्बे की पुलिस के एक कर्मी ने कहा ‘‘कुछ नहीं हुआ।’’ इस व्यक्ति ने फोन कॉल पुलिस कमांड सेंटर के पास भेज दी। वहां के एक कर्मी ने कहा कि उसे मामले की साफ जानकारी नहीं है। अपना नाम किसी ने नहीं बताया। एक अन्य समूह, लंदन के ‘‘फ्री तिब्बत’’ ने मृतक संख्या एक बताई और ई-मेल से भेजे गए एक बयान में कहा कि तिब्बतियों में ड्रैगो के नाम से चर्चित लुहुओ में करीब 30 अन्य हताहत हुए हैं। कल किए गए प्रदर्शन संबंधी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।टिप्पणियां लुहुओ स्थित शौलिंग मठ के एक तिब्बती भिक्षु ने कहा कि पुलिस गश्त कर रही है लेकिन कस्बे के सरकारी कार्यालयों के सामने करीब 10,000 लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद, आज स्थिति शांतिपूर्ण है। भिक्षु ने बताया कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी स्थानीय तिब्बती थे। इनमें कुछ भिक्षु और चीन के कुछ मूल निवासी (हान चीनी) भी थे। इस भिक्षु ने हालांकि अपना नाम नहीं बताया लेकिन कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और एक तिब्बती किसान की मौत हो गई। उसने बताया कि 32 अन्य घायल भी हुए हैं। गांजी जनसुरक्षा ब्यूरो के ड्यूटी ऑफिस में फोन पर एक व्यक्ति ने इलाके में हिंसा होने से इनकार करते हुए कहा ‘‘यहां कुछ नहीं हुआ .. यह अफवाह है।’’ उसने अपना नाम नहीं बताया। कस्बे की पुलिस के एक कर्मी ने कहा ‘‘कुछ नहीं हुआ।’’ इस व्यक्ति ने फोन कॉल पुलिस कमांड सेंटर के पास भेज दी। वहां के एक कर्मी ने कहा कि उसे मामले की साफ जानकारी नहीं है। अपना नाम किसी ने नहीं बताया। लुहुओ स्थित शौलिंग मठ के एक तिब्बती भिक्षु ने कहा कि पुलिस गश्त कर रही है लेकिन कस्बे के सरकारी कार्यालयों के सामने करीब 10,000 लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद, आज स्थिति शांतिपूर्ण है। भिक्षु ने बताया कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी स्थानीय तिब्बती थे। इनमें कुछ भिक्षु और चीन के कुछ मूल निवासी (हान चीनी) भी थे। इस भिक्षु ने हालांकि अपना नाम नहीं बताया लेकिन कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और एक तिब्बती किसान की मौत हो गई। उसने बताया कि 32 अन्य घायल भी हुए हैं। गांजी जनसुरक्षा ब्यूरो के ड्यूटी ऑफिस में फोन पर एक व्यक्ति ने इलाके में हिंसा होने से इनकार करते हुए कहा ‘‘यहां कुछ नहीं हुआ .. यह अफवाह है।’’ उसने अपना नाम नहीं बताया। कस्बे की पुलिस के एक कर्मी ने कहा ‘‘कुछ नहीं हुआ।’’ इस व्यक्ति ने फोन कॉल पुलिस कमांड सेंटर के पास भेज दी। वहां के एक कर्मी ने कहा कि उसे मामले की साफ जानकारी नहीं है। अपना नाम किसी ने नहीं बताया। कस्बे की पुलिस के एक कर्मी ने कहा ‘‘कुछ नहीं हुआ।’’ इस व्यक्ति ने फोन कॉल पुलिस कमांड सेंटर के पास भेज दी। वहां के एक कर्मी ने कहा कि उसे मामले की साफ जानकारी नहीं है। अपना नाम किसी ने नहीं बताया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रत्यक्षदर्शियों और कार्यकर्ता समूहों का कहना है कि यहां प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के शिराला नगर में पांच युवकों ने कथित रूप से चलती कार में 19 वर्षीय एक लड़की का बलात्कार किया। पुलिस ने बताया कि चार आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि गत 13 मार्च को रात में मुख्य आरोपी श्रीनिवास राव ने लड़की को फोन किया और उससे कहा कि उसके पिता ने उससे उसे उस इंटरनेट कैफे से लेने को कहा है जहां वह काम करती थी। लड़की युवक पर विश्वास करके कार में बैठ गई। पुलिस ने बताया कि राव ने कथित रूप से उसे कुछ नशीला पदार्थ खिलाया और उसके बाद उसका बलात्कार किया। इसके बाद उसने अपने दोस्तो को भी बुला लिया और उन्होंने भी उसका बलात्कार किया। साथ ही आरोपी ने इस पूरे घटना की वीडियो भी बना ली। पुलिस ने बताया कि इसके बाद बीएससी द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाली लड़की को सड़क किनारे फेंक दिया गया। उसे कल रात होश आया जिसके बाद उसने पुलिस से सम्पर्क किया। पुलिस ने राव सहित चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के शिराला नगर में पांच युवकों ने कथित रूप से चलती कार में 19 वर्षीय एक लड़की का बलात्कार किया।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र बीजेपी के नेता और राज्य सरकार में चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन और 10 पुलिस अधिकारी एक बड़े विवादत में फंस सकते हैं. ये लोग  भगोड़े दाऊद इब्राहिम के एक रिश्तेदार की शादी में हिस्सा लेने गए थे. मिली जानकारी के मुताबिक नाशिक में 19 मई को यह शादी हुई थी. इन पुलिस अधिकारियों में एक असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर हैं और बाकी नौ इंस्पेक्टर लेवल के हैं. जबकि गिरीश महाजन के साथ बीजेपी विधायक देवयानी फरांदे और नाशिक के मेयर रंजना भानसी भी शादी में हिस्सा लेने पहुंचे थे.  इस खबर के मीडिया में आने के बाद नाशिक पुलिस कमिश्नर रवींद्र सिंघल ने इन 10 पुलिस आधिकारियों को लेकर जांच के आदेश दिए हैं. इन सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी सिंघल से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है. रवींद्र सिंघल ने बताया है कि ये शादी दाऊद की भतीजी की थी. उनके मुताबिक लड़की की मां और दाऊद की पत्नी आपस में बहने हैं.टिप्पणियां वहीं इस बारे में गिरीश महाजन ने माना है कि वह शादी में हिस्सा लेने गए थे लेकिन उनको यह जानकारी नहीं थी कि परिवार का दाऊद से भी को रिश्ता है. महाजन ने बताया कि स्थानीय मुस्लिम नेता शहर-ए-खतीब के बेटे के शादी में गए थे. खतीब ने ही शादी का निमंत्रण भेजा था. खतीब नाशिक और आसपास के इलाकों में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. वह मेडिकल के क्षेत्र में चलाए जा रहे सामाजिक कामों में काफी मदद करते हैं. महाजन ने सफाई दी कि वह मंत्री हैं और उनके पास शादी जैसे ढेरों निमंत्रण आते हैं, उनके लिए यह संभव नहीं है कि हर किसी के पिछली जिंदगी और रिश्तों के बारे में जानकारी ले सकें. इस मामले में भी वह सिर्फ इसलिए शादी में गए थे क्योंकि वह खतीब को व्यक्तिगत तौर से जानते हैं. वहीं पुलिस कमिश्नर रवींद्र सिंघल ने का कहना है कि दुल्हन के परिवार के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है और न ही पहले का भी कोई रिकॉर्ड है. पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कोई जांच शुरू नहीं की गई है बस के सामान्य छानबीन है.  इस खबर के मीडिया में आने के बाद नाशिक पुलिस कमिश्नर रवींद्र सिंघल ने इन 10 पुलिस आधिकारियों को लेकर जांच के आदेश दिए हैं. इन सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी सिंघल से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है. रवींद्र सिंघल ने बताया है कि ये शादी दाऊद की भतीजी की थी. उनके मुताबिक लड़की की मां और दाऊद की पत्नी आपस में बहने हैं.टिप्पणियां वहीं इस बारे में गिरीश महाजन ने माना है कि वह शादी में हिस्सा लेने गए थे लेकिन उनको यह जानकारी नहीं थी कि परिवार का दाऊद से भी को रिश्ता है. महाजन ने बताया कि स्थानीय मुस्लिम नेता शहर-ए-खतीब के बेटे के शादी में गए थे. खतीब ने ही शादी का निमंत्रण भेजा था. खतीब नाशिक और आसपास के इलाकों में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. वह मेडिकल के क्षेत्र में चलाए जा रहे सामाजिक कामों में काफी मदद करते हैं. महाजन ने सफाई दी कि वह मंत्री हैं और उनके पास शादी जैसे ढेरों निमंत्रण आते हैं, उनके लिए यह संभव नहीं है कि हर किसी के पिछली जिंदगी और रिश्तों के बारे में जानकारी ले सकें. इस मामले में भी वह सिर्फ इसलिए शादी में गए थे क्योंकि वह खतीब को व्यक्तिगत तौर से जानते हैं. वहीं पुलिस कमिश्नर रवींद्र सिंघल ने का कहना है कि दुल्हन के परिवार के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है और न ही पहले का भी कोई रिकॉर्ड है. पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कोई जांच शुरू नहीं की गई है बस के सामान्य छानबीन है.  वहीं इस बारे में गिरीश महाजन ने माना है कि वह शादी में हिस्सा लेने गए थे लेकिन उनको यह जानकारी नहीं थी कि परिवार का दाऊद से भी को रिश्ता है. महाजन ने बताया कि स्थानीय मुस्लिम नेता शहर-ए-खतीब के बेटे के शादी में गए थे. खतीब ने ही शादी का निमंत्रण भेजा था. खतीब नाशिक और आसपास के इलाकों में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. वह मेडिकल के क्षेत्र में चलाए जा रहे सामाजिक कामों में काफी मदद करते हैं. महाजन ने सफाई दी कि वह मंत्री हैं और उनके पास शादी जैसे ढेरों निमंत्रण आते हैं, उनके लिए यह संभव नहीं है कि हर किसी के पिछली जिंदगी और रिश्तों के बारे में जानकारी ले सकें. इस मामले में भी वह सिर्फ इसलिए शादी में गए थे क्योंकि वह खतीब को व्यक्तिगत तौर से जानते हैं. वहीं पुलिस कमिश्नर रवींद्र सिंघल ने का कहना है कि दुल्हन के परिवार के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है और न ही पहले का भी कोई रिकॉर्ड है. पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कोई जांच शुरू नहीं की गई है बस के सामान्य छानबीन है.  महाजन ने सफाई दी कि वह मंत्री हैं और उनके पास शादी जैसे ढेरों निमंत्रण आते हैं, उनके लिए यह संभव नहीं है कि हर किसी के पिछली जिंदगी और रिश्तों के बारे में जानकारी ले सकें. इस मामले में भी वह सिर्फ इसलिए शादी में गए थे क्योंकि वह खतीब को व्यक्तिगत तौर से जानते हैं. वहीं पुलिस कमिश्नर रवींद्र सिंघल ने का कहना है कि दुल्हन के परिवार के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है और न ही पहले का भी कोई रिकॉर्ड है. पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कोई जांच शुरू नहीं की गई है बस के सामान्य छानबीन है.
सारांश: चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन के साथ बीजेपी के विधायक 10 पुलिस अधिकारी भी गए थे शादी में सीएम फड़नवीस ने नाशिक पुलिस कमिश्नर से मांगी रिपोर्ट
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विवादास्पद ऑस्ट्रेलियाई अंपायर डेरिल हार्पर ने भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान उन्हें धमकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। भारतीयों ने पहले टेस्ट में उनकी खराब अंपायरिंग की आलोचना की थी। भारतीय खिलाड़ियों की आलोचना के बाद हार्पर ने तीसरे टेस्ट से हटने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि धोनी को खराब अंपायरिंग की टिप्पणी करने के लिए सजा मिलनी चाहिए थी। साथ ही हार्पर ने कहा कि उन्होंने आईसीसी द्वारा धोनी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं करने के कारण अपनी चुप्पी तोड़ने के लिये मजबूर होना पड़ा। हार्पर ने कहा कि तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार को लगातार पिच पर दौड़ने के कारण जब गेंदबाजी से हटा दिया गया तो धोनी ने उन्हें डराने की कोशिश की थी। क्रिकइंफो के अनुसार हार्पर ने कहा कि धोनी उनके पास आये और कहा कि डेरिल हमें पहले भी तुमसे परेशानी हो चुकी है जिसे इस अंपायर ने धमकाने का प्रयास करने के तौर पर लिया है। हार्पर ने कहा, मैंने बाद में सोचा कि उसका मतलब क्या था कि मैं ऐसा अंपायर था जिसे कोई भी खिलाड़ी या टीम या बोर्ड प्रभावित नहीं कर पाया था। वह भी मुझे डरा नहीं सका था।हार्पर ने यह भी कहा कि धोनी को मैच के बाद हुई कांफ्रेस में की गई टिप्पणी के लिए सजा मिलनी चाहिए थी। धोनी ने कहा था, अगर मैच में सही फैसले लिए गए होते तो मैच पहले ही खत्म हो गया होता और मैं अब तक होटल में पहुंच गया होता। हार्पर ने कहा, यह मेरी राय है कि उसे सजा मिलनी चाहिए थी। उसकी टिप्पणियां अनुचित थीं। मुझे लगता है कि यह टिप्पणी निश्चित रूप से अनुचित थी। आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक डेविड रिचर्डसन ने भी धोनी द्वारा की गई आलोचना को अनुचित करार किया था लेकिन न ही उन्होंने और न ही मैच रैफरी जेफ क्रो ने भारतीय कप्तान पर आचार संहिता के उल्लघंन का आरोप लगाया। हार्पर ने आईसीसी को लताड़ा क्योंकि वह भारत के खिलाड़ियों और मीडिया के दबाव में ऐसा नहीं कर सकी और इसी के कारण उन्हें कैरेबियाई श्रृंखला में एक मैच पहले ही संन्यास लेना पड़ा। उन्होंने कहा, मैं आईसीसी प्रबंधन से काफी निराश हूं, जिसने ऐसा होने दिया।
सारांश: डेरिल हार्पर ने कहा कि धोनी को खराब अंपायरिंग की टिप्पणी करने के लिए सजा मिलनी चाहिए थी।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 59वें मुकाबले में शनिवार को पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) मैदान पर स्थानीय किंग्स इलेवन पंजाब टीम की टक्कर सनराइजर्स हैदराबाद से होगी। ये दोनों टीमें आज जिस मुकाम पर खड़ी हैं, वह वहां से आगे बढ़ने के लिए दोनों को जीत की सख्त जरूरत है। किंग्स इलेवन की स्थिति उतनी बेहतर नहीं है, जितनी कि सनराइजर्स की है लेकिन दोनों को एक बात बराबरी पर लाती है और वह यही है कि दोनों को अब आगे का सफर जारी रखने के लिए अपना हर मैच जीतना है। सनराइजर्स ने 12 में से सात मैच जीते हैं और पांच हारे हैं। 14 अंकों के साथ यह टीम पांचवें क्रम पर है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के भी इतने ही अंक हैं लेकिन वह बेहतर रन रेट के कारण इससे आगे है। दूसरी ओर, किंग्स इलेवन के खाते में 12 में से पांच जीत हैं और सात हार हैं। इसके पास 10 अंक हैं और यह छठे क्रम पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स के पास भी इतने ही अंक हैं और अब अगर किंग्स इलेवन ने अपने आगे के मैच नहीं जीते तो फिर वह फिसड्डी टीमों की सूची में शामिल हो सकती है। सनराइजर्स और किंग्स इलेवन के प्रदर्शन में अंतर दिखता है। सनराइजर्स ने जहां कई मजबूत टीमों को चौंकाया है वहीं रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ मिली जीत को छोड़ दिया जाए तो किंग्स इलेवन के खाते में बहादुरी की कोई कहानी दर्ज नहीं है।टिप्पणियां दोनों टीमों बराबरी की नहीं कही जा सकतीं लेकिन घर में खेल रहे होने के कारण किंग्स इलेवन बराबरी का माद्दा रखते हैं। वैसे सनराइजर्स के लिए ये बातों कम ही मायने रखती हैं क्योंकि उसके पास जिस स्तर के खिलाड़ी हैं, वे बदले हुए हालात में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने का दमखम रखते हैं। कुल मिलाकर शनिवार को पीसीए मैदान पर दो ऐसी टीमों के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिलेगी, जिन्हें फिलहाल जीत की सख्त दरकार है और जो हालात को बदलते हुए किसी तरह प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जोर आजमाना चाहती हैं। सनराइजर्स के लिए यह बात हालांकि पूरी तरह लागू नहीं होती लेकिन किंग्स इलेवन को काफी हद तक इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। किंग्स इलेवन की स्थिति उतनी बेहतर नहीं है, जितनी कि सनराइजर्स की है लेकिन दोनों को एक बात बराबरी पर लाती है और वह यही है कि दोनों को अब आगे का सफर जारी रखने के लिए अपना हर मैच जीतना है। सनराइजर्स ने 12 में से सात मैच जीते हैं और पांच हारे हैं। 14 अंकों के साथ यह टीम पांचवें क्रम पर है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के भी इतने ही अंक हैं लेकिन वह बेहतर रन रेट के कारण इससे आगे है। दूसरी ओर, किंग्स इलेवन के खाते में 12 में से पांच जीत हैं और सात हार हैं। इसके पास 10 अंक हैं और यह छठे क्रम पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स के पास भी इतने ही अंक हैं और अब अगर किंग्स इलेवन ने अपने आगे के मैच नहीं जीते तो फिर वह फिसड्डी टीमों की सूची में शामिल हो सकती है। सनराइजर्स और किंग्स इलेवन के प्रदर्शन में अंतर दिखता है। सनराइजर्स ने जहां कई मजबूत टीमों को चौंकाया है वहीं रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ मिली जीत को छोड़ दिया जाए तो किंग्स इलेवन के खाते में बहादुरी की कोई कहानी दर्ज नहीं है।टिप्पणियां दोनों टीमों बराबरी की नहीं कही जा सकतीं लेकिन घर में खेल रहे होने के कारण किंग्स इलेवन बराबरी का माद्दा रखते हैं। वैसे सनराइजर्स के लिए ये बातों कम ही मायने रखती हैं क्योंकि उसके पास जिस स्तर के खिलाड़ी हैं, वे बदले हुए हालात में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने का दमखम रखते हैं। कुल मिलाकर शनिवार को पीसीए मैदान पर दो ऐसी टीमों के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिलेगी, जिन्हें फिलहाल जीत की सख्त दरकार है और जो हालात को बदलते हुए किसी तरह प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जोर आजमाना चाहती हैं। सनराइजर्स के लिए यह बात हालांकि पूरी तरह लागू नहीं होती लेकिन किंग्स इलेवन को काफी हद तक इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। सनराइजर्स ने 12 में से सात मैच जीते हैं और पांच हारे हैं। 14 अंकों के साथ यह टीम पांचवें क्रम पर है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के भी इतने ही अंक हैं लेकिन वह बेहतर रन रेट के कारण इससे आगे है। दूसरी ओर, किंग्स इलेवन के खाते में 12 में से पांच जीत हैं और सात हार हैं। इसके पास 10 अंक हैं और यह छठे क्रम पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स के पास भी इतने ही अंक हैं और अब अगर किंग्स इलेवन ने अपने आगे के मैच नहीं जीते तो फिर वह फिसड्डी टीमों की सूची में शामिल हो सकती है। सनराइजर्स और किंग्स इलेवन के प्रदर्शन में अंतर दिखता है। सनराइजर्स ने जहां कई मजबूत टीमों को चौंकाया है वहीं रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ मिली जीत को छोड़ दिया जाए तो किंग्स इलेवन के खाते में बहादुरी की कोई कहानी दर्ज नहीं है।टिप्पणियां दोनों टीमों बराबरी की नहीं कही जा सकतीं लेकिन घर में खेल रहे होने के कारण किंग्स इलेवन बराबरी का माद्दा रखते हैं। वैसे सनराइजर्स के लिए ये बातों कम ही मायने रखती हैं क्योंकि उसके पास जिस स्तर के खिलाड़ी हैं, वे बदले हुए हालात में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने का दमखम रखते हैं। कुल मिलाकर शनिवार को पीसीए मैदान पर दो ऐसी टीमों के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिलेगी, जिन्हें फिलहाल जीत की सख्त दरकार है और जो हालात को बदलते हुए किसी तरह प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जोर आजमाना चाहती हैं। सनराइजर्स के लिए यह बात हालांकि पूरी तरह लागू नहीं होती लेकिन किंग्स इलेवन को काफी हद तक इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। दूसरी ओर, किंग्स इलेवन के खाते में 12 में से पांच जीत हैं और सात हार हैं। इसके पास 10 अंक हैं और यह छठे क्रम पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स के पास भी इतने ही अंक हैं और अब अगर किंग्स इलेवन ने अपने आगे के मैच नहीं जीते तो फिर वह फिसड्डी टीमों की सूची में शामिल हो सकती है। सनराइजर्स और किंग्स इलेवन के प्रदर्शन में अंतर दिखता है। सनराइजर्स ने जहां कई मजबूत टीमों को चौंकाया है वहीं रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ मिली जीत को छोड़ दिया जाए तो किंग्स इलेवन के खाते में बहादुरी की कोई कहानी दर्ज नहीं है।टिप्पणियां दोनों टीमों बराबरी की नहीं कही जा सकतीं लेकिन घर में खेल रहे होने के कारण किंग्स इलेवन बराबरी का माद्दा रखते हैं। वैसे सनराइजर्स के लिए ये बातों कम ही मायने रखती हैं क्योंकि उसके पास जिस स्तर के खिलाड़ी हैं, वे बदले हुए हालात में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने का दमखम रखते हैं। कुल मिलाकर शनिवार को पीसीए मैदान पर दो ऐसी टीमों के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिलेगी, जिन्हें फिलहाल जीत की सख्त दरकार है और जो हालात को बदलते हुए किसी तरह प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जोर आजमाना चाहती हैं। सनराइजर्स के लिए यह बात हालांकि पूरी तरह लागू नहीं होती लेकिन किंग्स इलेवन को काफी हद तक इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। सनराइजर्स और किंग्स इलेवन के प्रदर्शन में अंतर दिखता है। सनराइजर्स ने जहां कई मजबूत टीमों को चौंकाया है वहीं रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ मिली जीत को छोड़ दिया जाए तो किंग्स इलेवन के खाते में बहादुरी की कोई कहानी दर्ज नहीं है।टिप्पणियां दोनों टीमों बराबरी की नहीं कही जा सकतीं लेकिन घर में खेल रहे होने के कारण किंग्स इलेवन बराबरी का माद्दा रखते हैं। वैसे सनराइजर्स के लिए ये बातों कम ही मायने रखती हैं क्योंकि उसके पास जिस स्तर के खिलाड़ी हैं, वे बदले हुए हालात में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने का दमखम रखते हैं। कुल मिलाकर शनिवार को पीसीए मैदान पर दो ऐसी टीमों के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिलेगी, जिन्हें फिलहाल जीत की सख्त दरकार है और जो हालात को बदलते हुए किसी तरह प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जोर आजमाना चाहती हैं। सनराइजर्स के लिए यह बात हालांकि पूरी तरह लागू नहीं होती लेकिन किंग्स इलेवन को काफी हद तक इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। दोनों टीमों बराबरी की नहीं कही जा सकतीं लेकिन घर में खेल रहे होने के कारण किंग्स इलेवन बराबरी का माद्दा रखते हैं। वैसे सनराइजर्स के लिए ये बातों कम ही मायने रखती हैं क्योंकि उसके पास जिस स्तर के खिलाड़ी हैं, वे बदले हुए हालात में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने का दमखम रखते हैं। कुल मिलाकर शनिवार को पीसीए मैदान पर दो ऐसी टीमों के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिलेगी, जिन्हें फिलहाल जीत की सख्त दरकार है और जो हालात को बदलते हुए किसी तरह प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जोर आजमाना चाहती हैं। सनराइजर्स के लिए यह बात हालांकि पूरी तरह लागू नहीं होती लेकिन किंग्स इलेवन को काफी हद तक इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। कुल मिलाकर शनिवार को पीसीए मैदान पर दो ऐसी टीमों के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिलेगी, जिन्हें फिलहाल जीत की सख्त दरकार है और जो हालात को बदलते हुए किसी तरह प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जोर आजमाना चाहती हैं। सनराइजर्स के लिए यह बात हालांकि पूरी तरह लागू नहीं होती लेकिन किंग्स इलेवन को काफी हद तक इसी श्रेणी में रखा जा सकता है।
सारांश: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 59वें मुकाबले में शनिवार को पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) मैदान पर स्थानीय किंग्स इलेवन पंजाब टीम की टक्कर सनराइजर्स हैदराबाद से होगी।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दूरसंचार क्षेत्र पर गठित मंत्रिसमूह ने चार सर्किलों में 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम के लिए आधार मूल्य 30 प्रतिशत तक घटा दिया। इससे सरकारी खजाने में 6,200 करोड़ रुपये आ सकते हैं। ये चार सर्किल दिल्ली, मुंबई, कर्नाटक और राजस्थान हैं। पिछले महीने हुई स्पेक्ट्रम नीलामी में इन चारों सर्किलों के लिए कोई बोली नहीं मिली। एक सूत्र ने कहा, मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) ने 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में चार सर्किलों में स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य 30 प्रतिशत तक घटाने का निर्णय किया है। ये वे सर्किल हैं, जहां स्पेक्ट्रम के लिए बोली नहीं मिली।टिप्पणियां पुरानी दरों पर अगर इन चार सर्किलों में प्रत्येक में 5 मेगाहर्टज स्पेक्ट्रम की बिक्री होती तो सरकार को न्यूनतम 8,843.55 करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते थे। पिछले महीने हुई नीलामी में दिल्ली सर्किल के लिए प्रति ब्लॉक आरक्षित मूल्य 693.06 करोड़ रुपये था, जबकि मुंबई, कर्नाटक और राजस्थान के लिए यह क्रमश: 678.45 करोड़ रुपये, 330.12 करोड़ रुपये और 67.08 करोड़ रुपये तय किया गया। मंत्री समूह ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 1800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बिक्री के साथ-साथ 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम नीलामी करने का भी निर्णय किया है। पिछले महीने हुई स्पेक्ट्रम नीलामी में इन चारों सर्किलों के लिए कोई बोली नहीं मिली। एक सूत्र ने कहा, मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) ने 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में चार सर्किलों में स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य 30 प्रतिशत तक घटाने का निर्णय किया है। ये वे सर्किल हैं, जहां स्पेक्ट्रम के लिए बोली नहीं मिली।टिप्पणियां पुरानी दरों पर अगर इन चार सर्किलों में प्रत्येक में 5 मेगाहर्टज स्पेक्ट्रम की बिक्री होती तो सरकार को न्यूनतम 8,843.55 करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते थे। पिछले महीने हुई नीलामी में दिल्ली सर्किल के लिए प्रति ब्लॉक आरक्षित मूल्य 693.06 करोड़ रुपये था, जबकि मुंबई, कर्नाटक और राजस्थान के लिए यह क्रमश: 678.45 करोड़ रुपये, 330.12 करोड़ रुपये और 67.08 करोड़ रुपये तय किया गया। मंत्री समूह ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 1800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बिक्री के साथ-साथ 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम नीलामी करने का भी निर्णय किया है। पुरानी दरों पर अगर इन चार सर्किलों में प्रत्येक में 5 मेगाहर्टज स्पेक्ट्रम की बिक्री होती तो सरकार को न्यूनतम 8,843.55 करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते थे। पिछले महीने हुई नीलामी में दिल्ली सर्किल के लिए प्रति ब्लॉक आरक्षित मूल्य 693.06 करोड़ रुपये था, जबकि मुंबई, कर्नाटक और राजस्थान के लिए यह क्रमश: 678.45 करोड़ रुपये, 330.12 करोड़ रुपये और 67.08 करोड़ रुपये तय किया गया। मंत्री समूह ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 1800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बिक्री के साथ-साथ 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम नीलामी करने का भी निर्णय किया है। मंत्री समूह ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 1800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बिक्री के साथ-साथ 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम नीलामी करने का भी निर्णय किया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दूरसंचार क्षेत्र पर गठित मंत्रिसमूह ने चार सर्किलों में 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम के लिए आधार मूल्य 30 प्रतिशत तक घटा दिया। इससे सरकारी खजाने में 6,200 करोड़ रुपये आ सकते हैं। ये चार सर्किल दिल्ली, मुंबई, कर्नाटक और राजस्थान हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के उना में कथित तौर पर गाय का चमड़ा उतारने को लेकर कुछ दलितों की बर्बर ढंग से पिटाई के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान भीड़ ने अमरेली कस्बे में पुलिस पर पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पुलिस ने बताया, 'स्थानीय अपराध शाखा में तैनात हेड कांस्टेबल पंकज अमरेली पथराव में घायल हो गए थे। राजकोट के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों सहित 10 अन्य लोग घायल हैं।' इस बीच दलितों को पीटे जाने की घटना को लेकर जूनागढ़ जिले के बटवा कस्बे में तीन लोगों ने आज जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। इससे पहले राजकोट के गोंडाल और जामकांडोरना में सोमवार को सात दलित युवकों ने खुदकुशी का प्रयास किया था। वहीं जूनागढ़, जामनगर और अमरेली जिलों में राज्य परिवहन निगम की कई बसों मे तोड़फोड़ किए जाने और सड़कों को जाम किए जाने की कई घटनाएं हुई हैं। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने राजकोट जिले के धोराजी में एक बस को आग के हवाले कर दिया। सोमवार रात को राजकोट में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए बने शेड में तोड़फोड़ की गई। पुलिस का कहना है, 'उना में दलितों को पीटे जाने की घटना के खिलाफ दिनेश कुमार (21), दिनेश वेगरा (23) और रसिक विंजुरा (40) आज अबेडकरनगर सोसायटी में एकत्र हुए और जहर खा लिया।' इन तीनों की हालत स्थिर बताई गई है। अमरेली कस्बे के चितल रोड इलाके में सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और पुलिस पर पथराव करने लगे जिसके बाद पुलिस ने उनको तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरेंद्रनगर जिले में आंदोलनकारियों ने राजमार्ग के बीचोबीच मरी हुई गाय रखकर जाम लगा दिया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्य सड़क परिवहन विभाग ने पोरबंदर और दूसरे इलाकों से बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीती रात राजकोट में प्रवेश कर रही अहमदाबाद-वेरावल ट्रेन पर भी पथराव किया, जिससे सहायक ड्राइवर घायल हो गया। राजकोट के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने बताया, 'ऐसी खबरें थीं कि बीआरटीएस की बसों में दलित समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। कई सार्वजनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है।' उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है और राजकोट में आज कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।टिप्पणियां मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गिर-सोमनाथ जिले के उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है। दलित युवकों की निर्मम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। पीड़ितों का कहना है कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे और उन्होंने गाय नहीं मारी थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस ने बताया, 'स्थानीय अपराध शाखा में तैनात हेड कांस्टेबल पंकज अमरेली पथराव में घायल हो गए थे। राजकोट के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों सहित 10 अन्य लोग घायल हैं।' इस बीच दलितों को पीटे जाने की घटना को लेकर जूनागढ़ जिले के बटवा कस्बे में तीन लोगों ने आज जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। इससे पहले राजकोट के गोंडाल और जामकांडोरना में सोमवार को सात दलित युवकों ने खुदकुशी का प्रयास किया था। वहीं जूनागढ़, जामनगर और अमरेली जिलों में राज्य परिवहन निगम की कई बसों मे तोड़फोड़ किए जाने और सड़कों को जाम किए जाने की कई घटनाएं हुई हैं। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने राजकोट जिले के धोराजी में एक बस को आग के हवाले कर दिया। सोमवार रात को राजकोट में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए बने शेड में तोड़फोड़ की गई। पुलिस का कहना है, 'उना में दलितों को पीटे जाने की घटना के खिलाफ दिनेश कुमार (21), दिनेश वेगरा (23) और रसिक विंजुरा (40) आज अबेडकरनगर सोसायटी में एकत्र हुए और जहर खा लिया।' इन तीनों की हालत स्थिर बताई गई है। अमरेली कस्बे के चितल रोड इलाके में सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और पुलिस पर पथराव करने लगे जिसके बाद पुलिस ने उनको तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरेंद्रनगर जिले में आंदोलनकारियों ने राजमार्ग के बीचोबीच मरी हुई गाय रखकर जाम लगा दिया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्य सड़क परिवहन विभाग ने पोरबंदर और दूसरे इलाकों से बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीती रात राजकोट में प्रवेश कर रही अहमदाबाद-वेरावल ट्रेन पर भी पथराव किया, जिससे सहायक ड्राइवर घायल हो गया। राजकोट के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने बताया, 'ऐसी खबरें थीं कि बीआरटीएस की बसों में दलित समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। कई सार्वजनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है।' उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है और राजकोट में आज कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।टिप्पणियां मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गिर-सोमनाथ जिले के उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है। दलित युवकों की निर्मम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। पीड़ितों का कहना है कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे और उन्होंने गाय नहीं मारी थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच दलितों को पीटे जाने की घटना को लेकर जूनागढ़ जिले के बटवा कस्बे में तीन लोगों ने आज जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। इससे पहले राजकोट के गोंडाल और जामकांडोरना में सोमवार को सात दलित युवकों ने खुदकुशी का प्रयास किया था। वहीं जूनागढ़, जामनगर और अमरेली जिलों में राज्य परिवहन निगम की कई बसों मे तोड़फोड़ किए जाने और सड़कों को जाम किए जाने की कई घटनाएं हुई हैं। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने राजकोट जिले के धोराजी में एक बस को आग के हवाले कर दिया। सोमवार रात को राजकोट में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए बने शेड में तोड़फोड़ की गई। पुलिस का कहना है, 'उना में दलितों को पीटे जाने की घटना के खिलाफ दिनेश कुमार (21), दिनेश वेगरा (23) और रसिक विंजुरा (40) आज अबेडकरनगर सोसायटी में एकत्र हुए और जहर खा लिया।' इन तीनों की हालत स्थिर बताई गई है। अमरेली कस्बे के चितल रोड इलाके में सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और पुलिस पर पथराव करने लगे जिसके बाद पुलिस ने उनको तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरेंद्रनगर जिले में आंदोलनकारियों ने राजमार्ग के बीचोबीच मरी हुई गाय रखकर जाम लगा दिया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्य सड़क परिवहन विभाग ने पोरबंदर और दूसरे इलाकों से बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीती रात राजकोट में प्रवेश कर रही अहमदाबाद-वेरावल ट्रेन पर भी पथराव किया, जिससे सहायक ड्राइवर घायल हो गया। राजकोट के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने बताया, 'ऐसी खबरें थीं कि बीआरटीएस की बसों में दलित समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। कई सार्वजनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है।' उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है और राजकोट में आज कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।टिप्पणियां मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गिर-सोमनाथ जिले के उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है। दलित युवकों की निर्मम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। पीड़ितों का कहना है कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे और उन्होंने गाय नहीं मारी थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वहीं जूनागढ़, जामनगर और अमरेली जिलों में राज्य परिवहन निगम की कई बसों मे तोड़फोड़ किए जाने और सड़कों को जाम किए जाने की कई घटनाएं हुई हैं। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने राजकोट जिले के धोराजी में एक बस को आग के हवाले कर दिया। सोमवार रात को राजकोट में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए बने शेड में तोड़फोड़ की गई। पुलिस का कहना है, 'उना में दलितों को पीटे जाने की घटना के खिलाफ दिनेश कुमार (21), दिनेश वेगरा (23) और रसिक विंजुरा (40) आज अबेडकरनगर सोसायटी में एकत्र हुए और जहर खा लिया।' इन तीनों की हालत स्थिर बताई गई है। अमरेली कस्बे के चितल रोड इलाके में सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और पुलिस पर पथराव करने लगे जिसके बाद पुलिस ने उनको तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरेंद्रनगर जिले में आंदोलनकारियों ने राजमार्ग के बीचोबीच मरी हुई गाय रखकर जाम लगा दिया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्य सड़क परिवहन विभाग ने पोरबंदर और दूसरे इलाकों से बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीती रात राजकोट में प्रवेश कर रही अहमदाबाद-वेरावल ट्रेन पर भी पथराव किया, जिससे सहायक ड्राइवर घायल हो गया। राजकोट के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने बताया, 'ऐसी खबरें थीं कि बीआरटीएस की बसों में दलित समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। कई सार्वजनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है।' उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है और राजकोट में आज कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।टिप्पणियां मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गिर-सोमनाथ जिले के उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है। दलित युवकों की निर्मम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। पीड़ितों का कहना है कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे और उन्होंने गाय नहीं मारी थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस का कहना है, 'उना में दलितों को पीटे जाने की घटना के खिलाफ दिनेश कुमार (21), दिनेश वेगरा (23) और रसिक विंजुरा (40) आज अबेडकरनगर सोसायटी में एकत्र हुए और जहर खा लिया।' इन तीनों की हालत स्थिर बताई गई है। अमरेली कस्बे के चितल रोड इलाके में सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और पुलिस पर पथराव करने लगे जिसके बाद पुलिस ने उनको तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरेंद्रनगर जिले में आंदोलनकारियों ने राजमार्ग के बीचोबीच मरी हुई गाय रखकर जाम लगा दिया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्य सड़क परिवहन विभाग ने पोरबंदर और दूसरे इलाकों से बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीती रात राजकोट में प्रवेश कर रही अहमदाबाद-वेरावल ट्रेन पर भी पथराव किया, जिससे सहायक ड्राइवर घायल हो गया। राजकोट के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने बताया, 'ऐसी खबरें थीं कि बीआरटीएस की बसों में दलित समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। कई सार्वजनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है।' उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है और राजकोट में आज कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।टिप्पणियां मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गिर-सोमनाथ जिले के उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है। दलित युवकों की निर्मम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। पीड़ितों का कहना है कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे और उन्होंने गाय नहीं मारी थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अमरेली कस्बे के चितल रोड इलाके में सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और पुलिस पर पथराव करने लगे जिसके बाद पुलिस ने उनको तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरेंद्रनगर जिले में आंदोलनकारियों ने राजमार्ग के बीचोबीच मरी हुई गाय रखकर जाम लगा दिया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्य सड़क परिवहन विभाग ने पोरबंदर और दूसरे इलाकों से बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीती रात राजकोट में प्रवेश कर रही अहमदाबाद-वेरावल ट्रेन पर भी पथराव किया, जिससे सहायक ड्राइवर घायल हो गया। राजकोट के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने बताया, 'ऐसी खबरें थीं कि बीआरटीएस की बसों में दलित समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। कई सार्वजनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है।' उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है और राजकोट में आज कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।टिप्पणियां मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गिर-सोमनाथ जिले के उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है। दलित युवकों की निर्मम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। पीड़ितों का कहना है कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे और उन्होंने गाय नहीं मारी थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीती रात राजकोट में प्रवेश कर रही अहमदाबाद-वेरावल ट्रेन पर भी पथराव किया, जिससे सहायक ड्राइवर घायल हो गया। राजकोट के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने बताया, 'ऐसी खबरें थीं कि बीआरटीएस की बसों में दलित समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। कई सार्वजनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है।' उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है और राजकोट में आज कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।टिप्पणियां मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गिर-सोमनाथ जिले के उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है। दलित युवकों की निर्मम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। पीड़ितों का कहना है कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे और उन्होंने गाय नहीं मारी थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने गिर-सोमनाथ जिले के उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है। दलित युवकों की निर्मम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। पीड़ितों का कहना है कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे और उन्होंने गाय नहीं मारी थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: पिछले हफ्ते दलितों को कथित गो-रक्षकों ने कपड़े उतारकर पीटा था इसके विरोध में गुजरात में जगह-जगह हो रहे प्रदर्शन, आत्महत्या की कोशिशें मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने उना की घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार देश में ठेके पर नियुक्ति को समाप्त करने और ठेका कर्मियों को विनियमित करने के लिए संबंधित कानून में संशोधन कर सकती है। श्रम मंत्री मल्लिकाजरुन खरगे ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि सरकार त्रिपक्षीय समूह की एक बैठक बुलाने के लिए प्रयासरत है। समूह से ठेका कर्मियों को विनियमित किए जाने और उनकी सेवा शर्तो के बारे में एक रिपोर्ट देने को कहा गया है। उन्होंने टी रत्नाबाई के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक हुआ तो ठेका श्रमिक विनियमन एवं संशोधन अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। खरगे ने विश्वास जताया कि त्रिपक्षीय समूह की रिपोर्ट से ठेका श्रमिकों को कम मजदूरी दिए जाने तथा अन्य समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। टी राजगोपाल के पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि नियमित कर्मियों की जरूरत होने के बावजूद ठेके पर भर्ती और आउटसोर्सिग का काम जारी है। त्रिपक्षीय समूह की रिपोर्ट मिलने पर ही आवश्यक कार्रवाई के बारे में विचार किया जाएगा। अनुसूइया उइके के पूरक प्रश्न के उत्तर में खरगे ने बताया कि ठेका कर्मियों के लिए अधिनियम में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का प्रावधान है लेकिन इसे लागू न करने के बारे में शिकायतें भी मिल रही हैं। उन्होंने श्रम सचिवों की बैठक में इस मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया। जेसुदासु सीलम के पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि ठेके पर नियुक्तियों में आरक्षण का प्रावधान है लेकिन कई जगहों पर इसका पालन न किए जाने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राज्यों से इस बारे में बात करेगी। बहरहाल, उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिग में आरक्षण लागू करना बहुत मुश्किल है।
संक्षिप्त सारांश: सरकार देश में ठेके पर नियुक्ति को समाप्त करने और ठेका कर्मियों को विनियमित करने के लिए संबंधित कानून में संशोधन कर सकती है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ईद के मौके पर घाटी में क्या चल रहा है, इस पर नजर रखेगी पुलिस की तीसरी आंख, यानी ड्रोन. यह ड्रोन कई इलाकों में उड़ाए जाएंगे ताकि घाटी की सड़कों की ताजा तस्वीरों पर पुलिस नजर रख सके. इस साल तकनीक के जरिए पुलिस लोगों पर पहरा देगी. घाटी में सुरक्षा बल हमेशा भीड़ के निशाने पर रहते हैं. माना जा रहा है कि ड्रोन के जरिए कानून व्यवस्था पर काबू रखने के लिए यह तीसरी आंख पुलिस की बहुत मदद करेगी. ईद पर घाटी के सभी जिलों में मंगलवार को कर्फ्यू लगाया जाएगा. सुरक्षा बलों को आशंका है कि शरारती तत्व कुछ गड़बड़ी कर सकते हैं. अलगाववादी नेताओं ने मंगलवार को यूनाइटेड नेशन चलो का आह्वान किया है. अंदेशा है कि इससे गड़बड़ी हो सकती है.टिप्पणियां घाटी में ईद पर नमाज के दौरान और उसके बाद भीड़ पर चौकसी रखने के लिए सुरक्षा बल ड्रोन का सहारा लेंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि "घाटी में ड्रोन के जरिए भीड़ पर नजर रखी जाएगी. खासकर डाउन टाउन के इलाके में यह ड्रोन उड़ते दिखाई देंगे." ईद पर कुछ गड़बड़ी न हो इसके लिए सुरक्षा को और ज्यादा चौकस की गई है.अधिकारी ने बताया कि "ड्रोन की तस्वीरों  के जरिए उन लोगों की पहचान हो सकेगी जो भीड़ को उकसाएंगे. उन लोगों के खिलाफ सख्त कर्रवाई की जाएगी." यही नहीं लाइव अपडेट के लिए एरियल सर्विलेंस भी किया जाएगा. इससे भीड़ पर रियल टाइम बेसिस पर नजर रखी जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य पुलिस को हिदायत दी है कि जो लोग हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कर्रवाई की जानी चाहिए. वैसे घाटी में कर्फ्यू के साथ साथ इंटरनेट सेवाएं भी बैन कर दी गई हैं. मोबाइल भी अगर बीएसएनएल का है तो चलेगा. बाकी सभी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडरों की सेवाएं बैन कर दी गई हैं. ईद पर घाटी के सभी जिलों में मंगलवार को कर्फ्यू लगाया जाएगा. सुरक्षा बलों को आशंका है कि शरारती तत्व कुछ गड़बड़ी कर सकते हैं. अलगाववादी नेताओं ने मंगलवार को यूनाइटेड नेशन चलो का आह्वान किया है. अंदेशा है कि इससे गड़बड़ी हो सकती है.टिप्पणियां घाटी में ईद पर नमाज के दौरान और उसके बाद भीड़ पर चौकसी रखने के लिए सुरक्षा बल ड्रोन का सहारा लेंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि "घाटी में ड्रोन के जरिए भीड़ पर नजर रखी जाएगी. खासकर डाउन टाउन के इलाके में यह ड्रोन उड़ते दिखाई देंगे." ईद पर कुछ गड़बड़ी न हो इसके लिए सुरक्षा को और ज्यादा चौकस की गई है.अधिकारी ने बताया कि "ड्रोन की तस्वीरों  के जरिए उन लोगों की पहचान हो सकेगी जो भीड़ को उकसाएंगे. उन लोगों के खिलाफ सख्त कर्रवाई की जाएगी." यही नहीं लाइव अपडेट के लिए एरियल सर्विलेंस भी किया जाएगा. इससे भीड़ पर रियल टाइम बेसिस पर नजर रखी जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य पुलिस को हिदायत दी है कि जो लोग हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कर्रवाई की जानी चाहिए. वैसे घाटी में कर्फ्यू के साथ साथ इंटरनेट सेवाएं भी बैन कर दी गई हैं. मोबाइल भी अगर बीएसएनएल का है तो चलेगा. बाकी सभी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडरों की सेवाएं बैन कर दी गई हैं. घाटी में ईद पर नमाज के दौरान और उसके बाद भीड़ पर चौकसी रखने के लिए सुरक्षा बल ड्रोन का सहारा लेंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि "घाटी में ड्रोन के जरिए भीड़ पर नजर रखी जाएगी. खासकर डाउन टाउन के इलाके में यह ड्रोन उड़ते दिखाई देंगे." ईद पर कुछ गड़बड़ी न हो इसके लिए सुरक्षा को और ज्यादा चौकस की गई है.अधिकारी ने बताया कि "ड्रोन की तस्वीरों  के जरिए उन लोगों की पहचान हो सकेगी जो भीड़ को उकसाएंगे. उन लोगों के खिलाफ सख्त कर्रवाई की जाएगी." यही नहीं लाइव अपडेट के लिए एरियल सर्विलेंस भी किया जाएगा. इससे भीड़ पर रियल टाइम बेसिस पर नजर रखी जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य पुलिस को हिदायत दी है कि जो लोग हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कर्रवाई की जानी चाहिए. वैसे घाटी में कर्फ्यू के साथ साथ इंटरनेट सेवाएं भी बैन कर दी गई हैं. मोबाइल भी अगर बीएसएनएल का है तो चलेगा. बाकी सभी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडरों की सेवाएं बैन कर दी गई हैं. यही नहीं लाइव अपडेट के लिए एरियल सर्विलेंस भी किया जाएगा. इससे भीड़ पर रियल टाइम बेसिस पर नजर रखी जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य पुलिस को हिदायत दी है कि जो लोग हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कर्रवाई की जानी चाहिए. वैसे घाटी में कर्फ्यू के साथ साथ इंटरनेट सेवाएं भी बैन कर दी गई हैं. मोबाइल भी अगर बीएसएनएल का है तो चलेगा. बाकी सभी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडरों की सेवाएं बैन कर दी गई हैं.
सारांश: अलगाववादी नेताओं ने 'यूनाइटेड नेशन चलो' का आह्वान किया घाटी के सभी जिलों में मंगलवार को लगा रहेगा कर्फ्यू ड्रोन कैमरों से नमाज और उसके बाद की स्थिति पर रहेगी नजर
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने BJP के साथ एक बार फिर सरकार बनाई थी तब यह माना जा रहा था कि कम से कम बिहार में BJP के बाहरी नेताओं को प्रचार करने का मौका कम मिलेगा लेकिन लगता है BJP को अब नीतीश कुमार पर उतना भरोसा नहीं रहा. यही कारण है कि बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए पूनिया पहुंचे. यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के काम की सराहना की और उन्हें एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताया. योगी आदित्यनाथ ने BJP के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार जंगल राज से बाहर जा चुका है. पहले नौजवान संकट में थे और कहीं जाने पर अपनी पहचान छिपाते थे. अब नीतीश कुमार के शासन काल में वे अपने आप पर गर्व महसूस करते हैं और बाहर जाने पर कहता हैं कि वे बिहार के निवासी हैं. योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर लोगों को कुंभ में आने का न्यौता भी दिया और कहा कि अब उन्हें इलाहाबाद नहीं प्रयागराज आना है. वे दिन गए जब लोग फैजाबाद जाते थे. अब उन्हें अयोध्या नगरी जाना पड़ता है. योगी ने दावा किया कि इस वर्ष के कुंभ में जनवरी से पांच फरवरी तक ही करीब रिकॉर्ड 14 करोड़ लोगों ने संगम में स्नान किया है. दरअसल BJP की रणनीति है कि वहां के चार लोकसभा क्षेत्रों में से जिन दो लोकसभा क्षेत्रों में वह चुनाव लड़ेगी वहां जब तक साम्प्रदायिक रूप से ध्रुवीकरण नहीं होगा तब तक उनके एक उम्मीदवार के जीतने की आशंका कम है. इसलिए वह चाहती है कि या तो योगी जमकर प्रचार करें या उनके जैसे ध्रुवीकरण कराने वाले नेताओं को वहां सक्रिय कर दिया जाए. इसलिए उनका मानना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ज़्यादा प्रभावी पार्टी योगी आदित्यनाथ को मानती है.
नीतीश कुमार की सराहना की, उन्हें एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताया योगी आदित्यनाथ ने लोगों को कुंभ में आमंत्रित किया साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने के लिए बीजेपी को योगी पर भरोसा
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कनाडा के कप्तान आशीष बगई ने कहा कि क्रिकेट विश्व कप में उनकी टीम की निगाह बड़ा उलटफेर करने की है, ताकि क्वार्टर फाइनल के लिए प्रवेश की संभावना बढ़ाई जा सके। भारतीय मूल के बगई ने संवाददाताओं से कहा, हमने टीम की हैसियत से अपनी उम्मीदों और लक्ष्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, हमने इस दौरान टीम के दूसरे चरण में पहुंचने के बारे में बात की। जिम्बाब्वे और कीनिया के साथ होने वाले मैचों में जीत हासिल करना तथा बाकी चार टीमों में किसी एक के खिलाफ उलटफेर जीत हासिल करना हमारा उद्देश्य है। उन्होंने कहा, हम पूरी तैयारी के साथ आए हैं। हम हाल में दुबई में प्रशिक्षण शिविर से लौटे हैं और श्रीलंका के खिलाफ अपने पहले मैच से पहले हमारा ध्यान दो अभ्यास मैचों पर है। कनाडा विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत आगामी 20 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ हम्बनटोटा में करेगा। ग्रुप ए में अन्य टीमों में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और कीनिया हैं। इसमें से चार शीर्ष टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। बगई ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ पहला मैच महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, हमारे लिए यह एक नया स्थान है, इसलिए यह काफी कठिन होगा। यदि हम उनके कुछ गेंदबाजों पर हावी होने में सफल रहे, तो हमारे लिए जीतने की संभावना बढ़ जाएगी।
संक्षिप्त सारांश: कनाडा के कप्तान आशीष बगई ने कहा कि विश्व कप में उनकी टीम की निगाह बड़ा उलटफेर करने की है, ताकि क्वार्टरफाइनल के लिए प्रवेश की संभावना बढ़े।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ईपीएफओ (EPFO) आपके प्रॉविडेंट फंड (PF) में कंट्रीब्यूशन पर एक महत्वपूर्ण फैसला शनिवार यानी कल ले सकता है. आपके पीएफ में कंट्रीब्यूशन फिलहाल नियमानुसार 12 फीसदी है जिसे लेकर प्रस्ताव है कि यह 10 फीसदी कर दिया जाए. यह 10 फीसदी कंट्रीब्यूशन कर्मी और नियोक्ता, दोनों, पर लागू होगा.टिप्पणियां सरकार टेक होम सैलरी बढ़ाए जाने के तमाम निवेदनों के बाद इस बाबत विचार कर रही है. मौजूदा नियमानुसार, कर्मी की बेसिक पे का 12 फीसदी हिस्सा पूरी तरह से पीएफ खाते में डाला जाता है और इतना ही हिस्सा नियोक्ता द्वारा अपनी ओर से कर्मी के ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई में विभिन्न और तयुशदा हिस्सों में डाल दिया जाता है. सूत्रों का कहना है कि लेबर मिनिस्ट्री को कई निवेदन आए कि ऐसा करने से कर्मियों को खर्च के लिए अधिक पैसा मिलेगा यानी उनकी टेक होम सैलरी बढ़ेगी और नियोक्ता की लायबिलिटी भी अपेक्षाकृत कम होगी जिससे अंतत: देश की अर्थव्यवस्था को ही फायदा होगा.  सूत्र का कहना है  कि ईपीएफओ की 27 मई को होने जा रही बैठक में जिन विषयों पर बातचीत होनी है, उनमें से एक यह भी है. हालांकि ट्रेड यूनियनों ने इस प्रपोजल का विरोध करने का फैसला किया है. उनका कहना है कि इससे इन जन कल्याणकारी योजनाओं को धक्का लगेगा. ईपीएफओ के ट्रस्टी और भारतीय मजदूर संघ के नेता पीजे बानासूरे ने कहा- हम इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे. यह कर्मियों के हित में नहीं है. सरकार टेक होम सैलरी बढ़ाए जाने के तमाम निवेदनों के बाद इस बाबत विचार कर रही है. मौजूदा नियमानुसार, कर्मी की बेसिक पे का 12 फीसदी हिस्सा पूरी तरह से पीएफ खाते में डाला जाता है और इतना ही हिस्सा नियोक्ता द्वारा अपनी ओर से कर्मी के ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई में विभिन्न और तयुशदा हिस्सों में डाल दिया जाता है. सूत्रों का कहना है कि लेबर मिनिस्ट्री को कई निवेदन आए कि ऐसा करने से कर्मियों को खर्च के लिए अधिक पैसा मिलेगा यानी उनकी टेक होम सैलरी बढ़ेगी और नियोक्ता की लायबिलिटी भी अपेक्षाकृत कम होगी जिससे अंतत: देश की अर्थव्यवस्था को ही फायदा होगा.  सूत्र का कहना है  कि ईपीएफओ की 27 मई को होने जा रही बैठक में जिन विषयों पर बातचीत होनी है, उनमें से एक यह भी है. हालांकि ट्रेड यूनियनों ने इस प्रपोजल का विरोध करने का फैसला किया है. उनका कहना है कि इससे इन जन कल्याणकारी योजनाओं को धक्का लगेगा. ईपीएफओ के ट्रस्टी और भारतीय मजदूर संघ के नेता पीजे बानासूरे ने कहा- हम इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे. यह कर्मियों के हित में नहीं है. सूत्र का कहना है  कि ईपीएफओ की 27 मई को होने जा रही बैठक में जिन विषयों पर बातचीत होनी है, उनमें से एक यह भी है. हालांकि ट्रेड यूनियनों ने इस प्रपोजल का विरोध करने का फैसला किया है. उनका कहना है कि इससे इन जन कल्याणकारी योजनाओं को धक्का लगेगा. ईपीएफओ के ट्रस्टी और भारतीय मजदूर संघ के नेता पीजे बानासूरे ने कहा- हम इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे. यह कर्मियों के हित में नहीं है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीएफ में कंट्रीब्यूशन 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किया जा सकता है शनिवार यानी कल इस पर लिया जा सकता है फैसला यह 10 फीसदी कंट्रीब्यूशन कर्मी और नियोक्ता, दोनों, पर लागू होगा
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: फॉरवर्ड मनदीप सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराकर सुल्तान ऑफ जोहार कप हॉकी प्रतियोगिता में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। भारत की शुरुआत काफी अच्छी रही। मनदीप ने सातवें और फिर आठवें मिनट में गोल दागकर उसे 2-0 से आगे कर दिया। एलेक्जेंडर शोलकोफ ने 41वें मिनट में गोल दागकर भारत की बढ़त को कम किया। तालविंदर सिंह ने हालांकि एक मिनट बाद एक और गोल दागकर भारत को 3-1 से आगे कर दिया जो निर्णायक स्कोर साबित हुआ। जर्मनी की टीम ने इसके बाद गोल के कुछ अच्छे मौके बनाए लेकिन भारतीय गोलकीपर सुशांत टिर्की ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया। मनदीप को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत अपने तीसरे लीग मैच में बुधवार को पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारत ने अपने शुरुआती मैच में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। भारत की शुरुआत काफी अच्छी रही। मनदीप ने सातवें और फिर आठवें मिनट में गोल दागकर उसे 2-0 से आगे कर दिया। एलेक्जेंडर शोलकोफ ने 41वें मिनट में गोल दागकर भारत की बढ़त को कम किया। तालविंदर सिंह ने हालांकि एक मिनट बाद एक और गोल दागकर भारत को 3-1 से आगे कर दिया जो निर्णायक स्कोर साबित हुआ। जर्मनी की टीम ने इसके बाद गोल के कुछ अच्छे मौके बनाए लेकिन भारतीय गोलकीपर सुशांत टिर्की ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया। मनदीप को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत अपने तीसरे लीग मैच में बुधवार को पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारत ने अपने शुरुआती मैच में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। तालविंदर सिंह ने हालांकि एक मिनट बाद एक और गोल दागकर भारत को 3-1 से आगे कर दिया जो निर्णायक स्कोर साबित हुआ। जर्मनी की टीम ने इसके बाद गोल के कुछ अच्छे मौके बनाए लेकिन भारतीय गोलकीपर सुशांत टिर्की ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया। मनदीप को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत अपने तीसरे लीग मैच में बुधवार को पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारत ने अपने शुरुआती मैच में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। जर्मनी की टीम ने इसके बाद गोल के कुछ अच्छे मौके बनाए लेकिन भारतीय गोलकीपर सुशांत टिर्की ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया। मनदीप को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत अपने तीसरे लीग मैच में बुधवार को पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारत ने अपने शुरुआती मैच में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। मनदीप को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत अपने तीसरे लीग मैच में बुधवार को पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारत ने अपने शुरुआती मैच में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। भारत अपने तीसरे लीग मैच में बुधवार को पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारत ने अपने शुरुआती मैच में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। भारत ने अपने शुरुआती मैच में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फॉरवर्ड मनदीप सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराकर सुल्तान ऑफ जोहार कप हॉकी प्रतियोगिता में लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मैच के अंतिम दौर में जोस बटलर (नाबाद 65) और बेल स्टोक्स (25) के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे एकदिवसीय मैच में जीत दर्ज करके सीरीज में बराबरी हासिल कर ली।टिप्पणियां इंग्लैंड जब एक और मैच व सीरीज गंवाने के करीब बढ़ रहा था तो ऐसे में बटलर और स्टोक्स की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की नैया पार लगाई। उनके अलावा ओपनर माइकल कारबेरी ने 63 रन और कप्तान इयोन मोर्गन ने 53 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया ने जार्ज बैली के 87 रन की बदौलत इंग्लैंड के सामने 228 रन का लक्ष्य रखा जिसे इंग्लैंड ने सात विकेट गंवाकर 49.3 ओवर में 231 रन बनाकर हासिल कर लिया। इंग्लैंड जब एक और मैच व सीरीज गंवाने के करीब बढ़ रहा था तो ऐसे में बटलर और स्टोक्स की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की नैया पार लगाई। उनके अलावा ओपनर माइकल कारबेरी ने 63 रन और कप्तान इयोन मोर्गन ने 53 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया ने जार्ज बैली के 87 रन की बदौलत इंग्लैंड के सामने 228 रन का लक्ष्य रखा जिसे इंग्लैंड ने सात विकेट गंवाकर 49.3 ओवर में 231 रन बनाकर हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया ने जार्ज बैली के 87 रन की बदौलत इंग्लैंड के सामने 228 रन का लक्ष्य रखा जिसे इंग्लैंड ने सात विकेट गंवाकर 49.3 ओवर में 231 रन बनाकर हासिल कर लिया।
यहाँ एक सारांश है:मैच के अंतिम दौर में जोस बटलर (नाबाद 65) और बेल स्टोक्स (25) के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे एकदिवसीय मैच में जीत दर्ज करके सीरीज में बराबरी हासिल कर ली।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: श्री घटक ने बताया कि जब आठवीं क्लास में पढ़ती थीं, तभी स्कूल में उनकी मुलाकात संजय से हुई. शुरुआत में दोनों दोस्त थे, लेकिन कुछ साल बाद एक-दूसरे को पसंद करने लगे. जब दोनों के बीच प्यार हो गया तो उन्होंने इस रिश्ते को शादी का रूप देने का फैसला किया. उस वक्त दोनों लड़के थे, इसलिए शादी में अड़चन आ रही थी.  काफी सोच विचार के बाद श्री घटक ने साल 2015 में सर्जरी करवाई और अपना सेक्स चेंज करवा लिया. इसके बाद साल 2016 में दोनों ने शादी रचा ली.  पुराने अनुभवों को याद करते हुए श्री घटक कहती हैं, 'मुझे संजय से ठीक उसी तरह प्यार हुआ जैसे किसी लड़की को किसी लड़के से होता है. प्यार शारीरिक बनावट देखकर नहीं दिलों के बीच होता है.'टिप्पणियां वो कहती हैं कि शुरुआत में जब उन्होंने संजय के साथ प्यार की बात घरवालों को बताई तो वे काफी नाराज हो गए. उनकी पिटाई भी हुई. यही हालात संजय के घर में भी थे. इसके बाद भी दोनों ने कभी एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा.  श्री घटक ने कहा कि केवल उनकी मां हमेशा उनके साथ रहीं. संजय कहते हैं कि समाज की उपेक्षा के चलते हम कई बार इस रिश्ते को लेकर कन्फ्यूज भी हुए, लेकिन हमारे प्यारे में कभी भी कमी नहीं आई. इसी का नतीजा है कि हमने इस रिश्ते को शादी तक पहुंचाने में कामयाब हुए. काफी सोच विचार के बाद श्री घटक ने साल 2015 में सर्जरी करवाई और अपना सेक्स चेंज करवा लिया. इसके बाद साल 2016 में दोनों ने शादी रचा ली.  पुराने अनुभवों को याद करते हुए श्री घटक कहती हैं, 'मुझे संजय से ठीक उसी तरह प्यार हुआ जैसे किसी लड़की को किसी लड़के से होता है. प्यार शारीरिक बनावट देखकर नहीं दिलों के बीच होता है.'टिप्पणियां वो कहती हैं कि शुरुआत में जब उन्होंने संजय के साथ प्यार की बात घरवालों को बताई तो वे काफी नाराज हो गए. उनकी पिटाई भी हुई. यही हालात संजय के घर में भी थे. इसके बाद भी दोनों ने कभी एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा.  श्री घटक ने कहा कि केवल उनकी मां हमेशा उनके साथ रहीं. संजय कहते हैं कि समाज की उपेक्षा के चलते हम कई बार इस रिश्ते को लेकर कन्फ्यूज भी हुए, लेकिन हमारे प्यारे में कभी भी कमी नहीं आई. इसी का नतीजा है कि हमने इस रिश्ते को शादी तक पहुंचाने में कामयाब हुए. पुराने अनुभवों को याद करते हुए श्री घटक कहती हैं, 'मुझे संजय से ठीक उसी तरह प्यार हुआ जैसे किसी लड़की को किसी लड़के से होता है. प्यार शारीरिक बनावट देखकर नहीं दिलों के बीच होता है.'टिप्पणियां वो कहती हैं कि शुरुआत में जब उन्होंने संजय के साथ प्यार की बात घरवालों को बताई तो वे काफी नाराज हो गए. उनकी पिटाई भी हुई. यही हालात संजय के घर में भी थे. इसके बाद भी दोनों ने कभी एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा.  श्री घटक ने कहा कि केवल उनकी मां हमेशा उनके साथ रहीं. संजय कहते हैं कि समाज की उपेक्षा के चलते हम कई बार इस रिश्ते को लेकर कन्फ्यूज भी हुए, लेकिन हमारे प्यारे में कभी भी कमी नहीं आई. इसी का नतीजा है कि हमने इस रिश्ते को शादी तक पहुंचाने में कामयाब हुए. वो कहती हैं कि शुरुआत में जब उन्होंने संजय के साथ प्यार की बात घरवालों को बताई तो वे काफी नाराज हो गए. उनकी पिटाई भी हुई. यही हालात संजय के घर में भी थे. इसके बाद भी दोनों ने कभी एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा.  श्री घटक ने कहा कि केवल उनकी मां हमेशा उनके साथ रहीं. संजय कहते हैं कि समाज की उपेक्षा के चलते हम कई बार इस रिश्ते को लेकर कन्फ्यूज भी हुए, लेकिन हमारे प्यारे में कभी भी कमी नहीं आई. इसी का नतीजा है कि हमने इस रिश्ते को शादी तक पहुंचाने में कामयाब हुए. संजय कहते हैं कि समाज की उपेक्षा के चलते हम कई बार इस रिश्ते को लेकर कन्फ्यूज भी हुए, लेकिन हमारे प्यारे में कभी भी कमी नहीं आई. इसी का नतीजा है कि हमने इस रिश्ते को शादी तक पहुंचाने में कामयाब हुए.
यह एक सारांश है: ट्रांसजेंडर महिला श्री घटक ने पिछले साल संजय से शादी रचाई थी. संजय के प्यार की खातिर श्री घटक ने सेक्स चेंज करवाया. आठवीं क्लास में पढ़ने के दौरान दोनों में बढ़ी नजदीकी.
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियांइस फिल्‍म का एक भव्‍य प्रीमियर मुंबई में किया जाना है जिसकी जोरों शोरों से तैयारी चल रही है. फिल्‍म के निर्माता का दावा हैं कि 27 अप्रैल की रात मुंबई में आयोजित होने वाला यह भव्य प्रीमियर अंतर्राष्ट्रीय प्रीमियर को टक्कर देते हुए नजर आएगा. इस भव्य आयोजन में पूरी फिल्म जगत के आने की संभावना है.  निर्देशक एसएस राजमौली के साथ पूरी बाहुबली टीम प्रीमियर में भाग लेने के लिए मुम्बई आएगी. एआरकेए एंटरटेनमेंट इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे है. वही एस एस राजामौली द्वारा निर्देशित इस फिल्म में प्रभास, राणा डग्‍गुबती तमन्ना भाटिया, अनुष्का शेट्टी और सत्यराज लीड रोल में नजर आएंगे. फिल्म 28 अप्रैल को रिलीज हो रही है. इस फिल्‍म का एक भव्‍य प्रीमियर मुंबई में किया जाना है जिसकी जोरों शोरों से तैयारी चल रही है. फिल्‍म के निर्माता का दावा हैं कि 27 अप्रैल की रात मुंबई में आयोजित होने वाला यह भव्य प्रीमियर अंतर्राष्ट्रीय प्रीमियर को टक्कर देते हुए नजर आएगा. इस भव्य आयोजन में पूरी फिल्म जगत के आने की संभावना है.  निर्देशक एसएस राजमौली के साथ पूरी बाहुबली टीम प्रीमियर में भाग लेने के लिए मुम्बई आएगी. एआरकेए एंटरटेनमेंट इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे है. वही एस एस राजामौली द्वारा निर्देशित इस फिल्म में प्रभास, राणा डग्‍गुबती तमन्ना भाटिया, अनुष्का शेट्टी और सत्यराज लीड रोल में नजर आएंगे. फिल्म 28 अप्रैल को रिलीज हो रही है. निर्देशक एसएस राजमौली के साथ पूरी बाहुबली टीम प्रीमियर में भाग लेने के लिए मुम्बई आएगी. एआरकेए एंटरटेनमेंट इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे है. वही एस एस राजामौली द्वारा निर्देशित इस फिल्म में प्रभास, राणा डग्‍गुबती तमन्ना भाटिया, अनुष्का शेट्टी और सत्यराज लीड रोल में नजर आएंगे. फिल्म 28 अप्रैल को रिलीज हो रही है.
यह एक सारांश है: बाहुबली के गाने 'साहोरे बाहुबली' में दिलेर मेंहदी की भी है आवाज 'बाहुबली' में डबर रोल में नजर आएंगे प्रभास 28 अप्रैल को रिलीज होगी बहुप्रतिक्षित फिल्‍म 'बाहुबली 2'
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी वैज्ञानिक खलील चिश्ती भारत में करीब दो दशक का वक्त गुजारने के बाद अपने वतन लौटेंगे। पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने उनकी अगवानी के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की है। और गृहमंत्री रहमान मलिक उनका स्वागत करेंगे। 82 वर्षीय चिश्ती हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और 10 मई को उच्चतम न्यायालय ने उन्हें कुछ दिन के लिए पाकिस्तान जाने की इजाजत दी। इससे पहले, शताब्दी ट्रेन से दिल्ली जाते समय जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे चिश्ती ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘पाकिस्तान लौटने की मुझे बहुत खुशी है। जल्दी से जल्दी अपने घर पहुंचना चाहता हूं। सालों से मैंने अपने परिजनों को नहीं देखा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुसलमान होने के नाते अल्लाह का शुक्रिया अदा करना मेरा फर्ज है। मैं अपने परिजनों, बच्चों, पत्नी और दोस्तों से मिलूंगा। जब मैं पाकिस्तान पहुंच जाऊंगा तो पूरे देश में घूमना चाहूंगा। मैं लाहौर जाकर सरबजीत सिंह से मिलना चाहूंगा।’’ शीर्ष अदालत के दिशानिर्देशानुसार चिश्ती पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करेंगे और एक नवंबर तक भारत लौट आएंगे। टिप्पणियां चिश्ती अपनी बीमार मां को देखने के लिए 1992 में अजमेर आए थे। हालांकि वह कथित तौर पर एक झगड़े में फंस गये जिसमें उनके एक रिश्तेदार की मौत हो गई। शीर्ष अदालत ने अंतत: गत 9 अप्रैल को उन्हें जमानत दी और तब से वह अजमेर में अपने भाई के परिवार के साथ रह रहे थे। 82 वर्षीय चिश्ती हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और 10 मई को उच्चतम न्यायालय ने उन्हें कुछ दिन के लिए पाकिस्तान जाने की इजाजत दी। इससे पहले, शताब्दी ट्रेन से दिल्ली जाते समय जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे चिश्ती ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘पाकिस्तान लौटने की मुझे बहुत खुशी है। जल्दी से जल्दी अपने घर पहुंचना चाहता हूं। सालों से मैंने अपने परिजनों को नहीं देखा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुसलमान होने के नाते अल्लाह का शुक्रिया अदा करना मेरा फर्ज है। मैं अपने परिजनों, बच्चों, पत्नी और दोस्तों से मिलूंगा। जब मैं पाकिस्तान पहुंच जाऊंगा तो पूरे देश में घूमना चाहूंगा। मैं लाहौर जाकर सरबजीत सिंह से मिलना चाहूंगा।’’ शीर्ष अदालत के दिशानिर्देशानुसार चिश्ती पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करेंगे और एक नवंबर तक भारत लौट आएंगे। टिप्पणियां चिश्ती अपनी बीमार मां को देखने के लिए 1992 में अजमेर आए थे। हालांकि वह कथित तौर पर एक झगड़े में फंस गये जिसमें उनके एक रिश्तेदार की मौत हो गई। शीर्ष अदालत ने अंतत: गत 9 अप्रैल को उन्हें जमानत दी और तब से वह अजमेर में अपने भाई के परिवार के साथ रह रहे थे। इससे पहले, शताब्दी ट्रेन से दिल्ली जाते समय जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे चिश्ती ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘पाकिस्तान लौटने की मुझे बहुत खुशी है। जल्दी से जल्दी अपने घर पहुंचना चाहता हूं। सालों से मैंने अपने परिजनों को नहीं देखा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुसलमान होने के नाते अल्लाह का शुक्रिया अदा करना मेरा फर्ज है। मैं अपने परिजनों, बच्चों, पत्नी और दोस्तों से मिलूंगा। जब मैं पाकिस्तान पहुंच जाऊंगा तो पूरे देश में घूमना चाहूंगा। मैं लाहौर जाकर सरबजीत सिंह से मिलना चाहूंगा।’’ शीर्ष अदालत के दिशानिर्देशानुसार चिश्ती पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करेंगे और एक नवंबर तक भारत लौट आएंगे। टिप्पणियां चिश्ती अपनी बीमार मां को देखने के लिए 1992 में अजमेर आए थे। हालांकि वह कथित तौर पर एक झगड़े में फंस गये जिसमें उनके एक रिश्तेदार की मौत हो गई। शीर्ष अदालत ने अंतत: गत 9 अप्रैल को उन्हें जमानत दी और तब से वह अजमेर में अपने भाई के परिवार के साथ रह रहे थे। शीर्ष अदालत के दिशानिर्देशानुसार चिश्ती पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करेंगे और एक नवंबर तक भारत लौट आएंगे। टिप्पणियां चिश्ती अपनी बीमार मां को देखने के लिए 1992 में अजमेर आए थे। हालांकि वह कथित तौर पर एक झगड़े में फंस गये जिसमें उनके एक रिश्तेदार की मौत हो गई। शीर्ष अदालत ने अंतत: गत 9 अप्रैल को उन्हें जमानत दी और तब से वह अजमेर में अपने भाई के परिवार के साथ रह रहे थे। चिश्ती अपनी बीमार मां को देखने के लिए 1992 में अजमेर आए थे। हालांकि वह कथित तौर पर एक झगड़े में फंस गये जिसमें उनके एक रिश्तेदार की मौत हो गई। शीर्ष अदालत ने अंतत: गत 9 अप्रैल को उन्हें जमानत दी और तब से वह अजमेर में अपने भाई के परिवार के साथ रह रहे थे। शीर्ष अदालत ने अंतत: गत 9 अप्रैल को उन्हें जमानत दी और तब से वह अजमेर में अपने भाई के परिवार के साथ रह रहे थे।
यह एक सारांश है: पाकिस्तानी वैज्ञानिक खलील चिश्ती भारत में करीब दो दशक का वक्त गुजारने के बाद अपने वतन लौटेंगे। पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने उनके लिए विशेष विमान की व्यवस्था की है।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्र की विमानन कंपनियों को सीधे जेट ईंधन आयात करने की अनुमति देने से राज्यों को सालाना 2,500 करोड़ रुपए के कर राजस्व का नुकसान होगा। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की समिति के अध्यक्ष और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा ‘विमानन कंपनियों द्वारा जेट ईंधन के सीधे आयात से राज्यों को 2,500 करोड़ रुपए के कर राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि, इस मामले में केंद्र ने अपने राजस्व को सुरक्षित रखा है लेकिन राज्यों को इस पहल से नुकसान होगा।’ पिछले महीने केंद्र ने ऋण संकट में फंसी विमानन कंपनियों को सीधे जेट ईंधन का आयात करने की मंजूरी दी थी जिससे वह राज्यों को बिक्री कर देने से बच जाएंगे। राज्य सरकारें आम तौर पर जेट ईंधन पर चार से 40 फीसद तक कर वसूलती हैं।टिप्पणियां वर्तमान में सभी विमानन कंपनियां इंडियन आयल जैसी घरेलू तेल शोधक कंपनियों से ही जेट इर्ंधन खरीदती हैं, इस समय ज्यादातर एयलाइंस कंपनियां घाटे में चल रही हैं। हालांकि, जेट ईंधन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप तय होती है लेकिन राज्यों के बिक्री कर के कारण विमानन कंपनियों के लिए वास्तविक लागत बढ़ जाती है। भारत में स्थानीय कर के कारण जेट ईंधन की कीमत वैश्विक औसत से 50 फीसद अधिक होती है। कुछ आकलनों में कहा गया है कि सीधे आयात से ईंधन कीमत 20 फीसद तक कम होगी। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की समिति के अध्यक्ष और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा ‘विमानन कंपनियों द्वारा जेट ईंधन के सीधे आयात से राज्यों को 2,500 करोड़ रुपए के कर राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि, इस मामले में केंद्र ने अपने राजस्व को सुरक्षित रखा है लेकिन राज्यों को इस पहल से नुकसान होगा।’ पिछले महीने केंद्र ने ऋण संकट में फंसी विमानन कंपनियों को सीधे जेट ईंधन का आयात करने की मंजूरी दी थी जिससे वह राज्यों को बिक्री कर देने से बच जाएंगे। राज्य सरकारें आम तौर पर जेट ईंधन पर चार से 40 फीसद तक कर वसूलती हैं।टिप्पणियां वर्तमान में सभी विमानन कंपनियां इंडियन आयल जैसी घरेलू तेल शोधक कंपनियों से ही जेट इर्ंधन खरीदती हैं, इस समय ज्यादातर एयलाइंस कंपनियां घाटे में चल रही हैं। हालांकि, जेट ईंधन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप तय होती है लेकिन राज्यों के बिक्री कर के कारण विमानन कंपनियों के लिए वास्तविक लागत बढ़ जाती है। भारत में स्थानीय कर के कारण जेट ईंधन की कीमत वैश्विक औसत से 50 फीसद अधिक होती है। कुछ आकलनों में कहा गया है कि सीधे आयात से ईंधन कीमत 20 फीसद तक कम होगी। पिछले महीने केंद्र ने ऋण संकट में फंसी विमानन कंपनियों को सीधे जेट ईंधन का आयात करने की मंजूरी दी थी जिससे वह राज्यों को बिक्री कर देने से बच जाएंगे। राज्य सरकारें आम तौर पर जेट ईंधन पर चार से 40 फीसद तक कर वसूलती हैं।टिप्पणियां वर्तमान में सभी विमानन कंपनियां इंडियन आयल जैसी घरेलू तेल शोधक कंपनियों से ही जेट इर्ंधन खरीदती हैं, इस समय ज्यादातर एयलाइंस कंपनियां घाटे में चल रही हैं। हालांकि, जेट ईंधन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप तय होती है लेकिन राज्यों के बिक्री कर के कारण विमानन कंपनियों के लिए वास्तविक लागत बढ़ जाती है। भारत में स्थानीय कर के कारण जेट ईंधन की कीमत वैश्विक औसत से 50 फीसद अधिक होती है। कुछ आकलनों में कहा गया है कि सीधे आयात से ईंधन कीमत 20 फीसद तक कम होगी। वर्तमान में सभी विमानन कंपनियां इंडियन आयल जैसी घरेलू तेल शोधक कंपनियों से ही जेट इर्ंधन खरीदती हैं, इस समय ज्यादातर एयलाइंस कंपनियां घाटे में चल रही हैं। हालांकि, जेट ईंधन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप तय होती है लेकिन राज्यों के बिक्री कर के कारण विमानन कंपनियों के लिए वास्तविक लागत बढ़ जाती है। भारत में स्थानीय कर के कारण जेट ईंधन की कीमत वैश्विक औसत से 50 फीसद अधिक होती है। कुछ आकलनों में कहा गया है कि सीधे आयात से ईंधन कीमत 20 फीसद तक कम होगी। भारत में स्थानीय कर के कारण जेट ईंधन की कीमत वैश्विक औसत से 50 फीसद अधिक होती है। कुछ आकलनों में कहा गया है कि सीधे आयात से ईंधन कीमत 20 फीसद तक कम होगी।
यहाँ एक सारांश है:केन्द्र की विमानन कंपनियों को सीधे जेट ईंधन आयात करने की अनुमति देने से राज्यों को सालाना 2,500 करोड़ रुपए के कर राजस्व का नुकसान होगा।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को कहा कि कश्मीर घाटी में अब कोई प्रतिबंध नहीं है और समूचे विश्व ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने का समर्थन किया है. शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) द्वारा पांच अगस्त को लिए गए साहसिक कदम की वजह से जम्मू-कश्मीर अगले 5-7 साल में देश का सबसे विकसित क्षेत्र होगा. गृह मंत्री ने घाटी में दुष्प्रचार फैलाने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की. राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, 'प्रतिबंध कहा हैं? यह सिर्फ आपके दिमाग में है. कोई प्रतिबंध नहीं हैं. सिर्फ दुष्प्रचार किया जा रहा है.' गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में 196 थाना-क्षेत्रों में से हर जगह से कर्फ्यू हटा लिया गया है और सिर्फ आठ थाना-क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत पाबंदियां लगाई गई हैं. इस धारा के तहत पांच या इससे ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठा नहीं हो सकते हैं. उन्होंने हाल में संपन्न संरा महसभा का उल्लेख करते हुए कहा, 'सभी विश्व नेता (न्यूयार्क में) सात दिनों के लिए जमा हुए थे. किसी भी एक नेता ने (जम्मू-कश्मीर का) मुद्दा नहीं उठाया. यह प्रधानमंत्री की बड़ी कूटनीतिक जीत है.' शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में दशकों से आ रहे आतंकवाद ने 41,800 लोगों की जान ली है लेकिन किसी ने भी जवानों, उनकी विधवाओं या उनके अनाथ बच्चों के मानवाधिकार का मुद्दा नहीं उठाया. उन्होंने कहा, 'कुछ दिनों से मोबाइल कनेक्शन नहीं चलने को लेकर लोग हल्ला कर रहे हैं. फोन की कमी से मानवाधिकार उल्लंघन नहीं होता है.' शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 10,000 नए लैंडलाइन कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि बीते दो महीने में छह हजार पीसीओ दिए गए हैं. उन्होंने कहा, 'अनुच्छेद 370 पर फैसला भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करेगा.'
संक्षिप्त पाठ: अमित शाह ने कहा- जम्मू कश्मीर में नहीं है कोई पाबंदी पाबंदी सिर्फ आपके दिमाग में है: अमित शाह सिर्फ दुष्प्रचार किया जा रहा है: अमित शाह
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एमबीबीएस में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) में शामिल हुए कई परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने गुरुवार को गुजरात उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि गुजराती और अंग्रेजी भाषाओं में एक तरह के सवालों के साथ फिर से परीक्षा करायी जाए.छात्रों के 40.45 अभिभावकों के समूह ने अदालत में याचिका दायर कर कहा कि सीबीएसई द्वारा संचालित परीक्षा में गुजराती के प्रश्नपत्र अंग्रेजी के प्रश्नपत्र से ज्यादा कठिन थे.टिप्पणियां याचिका में अदालत से जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया गया. न्यायमूर्ति ए जे शास्त्री की अवकाश पीठ ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया. अब इस याचिका पर 26 मई को सुनवाई होगी.याचिका में कहा गया है कि ज्यादा कठिन प्रश्नपत्र देकर संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्रदत्त समानता के छात्रों के अधिकार का उल्लंघन किया गया है. याचिका में मांग की गयी है कि सात मई को हुयी परीक्षा रद्द की जानी चाहिए और एक जैसे सवालों के साथ फिर से परीक्षा करायी जाए. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि गुजराती भाषा में परीक्षा देने वाले छात्रों को अलग प्रश्नपत्र दिए गए जो ज्यादा कठिन थे. याचिका में अदालत से जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया गया. न्यायमूर्ति ए जे शास्त्री की अवकाश पीठ ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया. अब इस याचिका पर 26 मई को सुनवाई होगी.याचिका में कहा गया है कि ज्यादा कठिन प्रश्नपत्र देकर संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्रदत्त समानता के छात्रों के अधिकार का उल्लंघन किया गया है. याचिका में मांग की गयी है कि सात मई को हुयी परीक्षा रद्द की जानी चाहिए और एक जैसे सवालों के साथ फिर से परीक्षा करायी जाए. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि गुजराती भाषा में परीक्षा देने वाले छात्रों को अलग प्रश्नपत्र दिए गए जो ज्यादा कठिन थे. याचिका में मांग की गयी है कि सात मई को हुयी परीक्षा रद्द की जानी चाहिए और एक जैसे सवालों के साथ फिर से परीक्षा करायी जाए. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि गुजराती भाषा में परीक्षा देने वाले छात्रों को अलग प्रश्नपत्र दिए गए जो ज्यादा कठिन थे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: छात्रों के अभिभावकों ने अदालत में दायर की याचिका कहा : गुजराती और अंग्रेजी भाषाओं में एक तरह के सवालों के साथ हो परिक्षा अवकाश पीठ ने इस अनुरोध को किया स्वीकार
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आरक्षण की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे जाटों को हटाने के आदेश दिए हैं। ये आदेश हरियाणा के गृहसचिव और डीजीपी को दिए गए हैं। आरक्षण के मुद्दे पर अड़े जाटों के प्रदर्शन के चलते पिछले कई दिनों से रेल ट्रैफिक बुरी तरह से प्रभावित रहा है। आज भी 52 ट्रेनों को रद्द किया गया है। जाटों के आंदोलन को लेकर आम जनता को हो रही परेशानी का मामला सुप्रीम कोर्ट में आया। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों से कहा है कि वह सुनिश्चित करें कि ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई पर कोई असर न पड़े। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और यूपी के मंख्यमंत्रियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि दो राज्यों के मुख्यमंत्री आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं जिससे मुश्किल पैदा हो रही है। सवाल यह है कि ऐसे में इन राज्यों की सरकार आदेश को कैसे लागू करेंगी?
यहाँ एक सारांश है:पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आरक्षण की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे जाटों को हटाने के आदेश दिए हैं।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ कुमार विश्वास का कहना है कि पंजाब और दिल्ली चुनाव में पार्टी का हार के लिए EVM को दोष देना ठीक नहीं. यह खुद से मुंह चुराने जैसा होगा. NDTV इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा 'EVM में गंभीर गड़बड़ियां हैं, ये हम नही बोल रहे. ये सब तरफ पकड़ी गई हैं और सब राजनीतिक पार्टियां बोल रही हैं लेकिन ये कहना कि हम केवल EVM से हार गए ये अपने से मुंह चुराना होगा.' कुमार विश्वास ने कहा कि - हम केवल EVM की वजह से नहीं हारे बल्कि गड़बड़ी हम में भी है. कुमार विश्वास ने विस्तार से पार्टी के भीतर की समस्या पर बात करते हुए कहा है 'ज़मीन में मुंह देने से सेहरा में तूफान खत्म नहीं हो जाता. पार्टी के कार्यकर्ता को बहुत दुख होता है जब हम कुछ लोग मिलकर बात करके फैसले कर लेते हैं और कार्यकर्ता को संज्ञान में भी नहीं लेते. किसी फैसले पर स्पष्टीकरण नहीं देते, मौन हो जाते हैं. ये गलतियां हमसे पिछले दो साल में हुई है और हमको ये सुधारनी होंगी.' कुमार विश्वास ने लगातार बीजेपी में जाने की खबरों बीच साफ कर दिया है कि वो आम आदमी पार्टी छोड़कर जाने की सोच भी नहीं रहे. कुमार ने कहा कि "मैं क्यों पार्टी छोड़कर जाऊंगा? ये पार्टी मेरी है और ये मेरे घर से पार्टी बनी है इसलिये मेरे कहीं जाने का सवाल ही नहीं उठता." लगातार चुनाव में मिल रही हार के बाद चर्चा चलने लगी है कि क्या अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय संयोजक का पद छोड़कर दिल्ली सरकार पर ध्यान देना चाहिए. इस पर कुमार ने कहा कि "अरविंद राष्ट्रीय संयोजक बने रहने चाहिए, उनके नेतृत्व पर किसी को कोई शंका नहीं है. ऐसा नहीं होता कि एक चुनाव हार गए तो आप लीडर बदल लेंगे, आज हारें है तो कल जीते भी थे." वैसे पार्टी में संजय सिंह, आशीष तलवार, दिलीप पांडेय और दुर्गेश पाठक के इस्तीफे पर कुमार विश्वास ने कहा कि "इस्तीफ़े देने से स्थिति नही बदल जात। क्योंकि आज ये लोग कुछ कर रहे हैं तो कल ये ही लोग कुछ और करेंगे. इससे कुछ नही बदलेगा, ज़रूरत है संगठन, रणनीति, संवाद में बदलाव करने की जिससे हम अपने कार्यकर्ता और जनता को वही लोग दिखाई दें जो जंतर मंतर से करप्शन के खिलाफ लड़ने चले थे.' विश्वास ने पंजाब और दिल्ली नगर निगम चुनाव में बंटे टिकट पर भी सवाल उठाये और कहा कि कहीं ना कहीं हमसे गलती हुई. उन्होंने भविष्य के लिए पार्टी में व्यापक बदलाव की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि पार्टी में संगठन, संवाद, और रणनीति में बदलाव की ज़रूरत है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम लोग TV डिबेट में जाकर गलत बातों का बचाव करते दिखें. आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपनी नाराजगी और पार्टी नेताओं में मतभेद के बीच पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा है कि 'मैं उन सब कार्यकर्ताओं से माफी मांगता हूं जिनको हमारी वजह से कष्ट हुआ और गर्व का मौका नहीं मिला. नेतृत्व हमें ही ने किया न? उनकी मेहनत में कोई कमी नहीं है और मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं उनको जोड़ूं और जंतर मंतर के आंदोलन की उस आग को दोबारा पार्टी के साथ लाकर खड़ा करूं.'टिप्पणियां कुमार विश्वास जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता कितनी बाद ताक़त है इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ टिकट हमने ऐसे दिए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में था. उनकी नाराज़गी थी. पंजाब और दिल्ली में कहां कहां टिकट गलत हुए इसको लेकर हम गंभीर हैं और जांच करवा रहे हैं. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए. कुमार विश्वास ने कहा कि - हम केवल EVM की वजह से नहीं हारे बल्कि गड़बड़ी हम में भी है. कुमार विश्वास ने विस्तार से पार्टी के भीतर की समस्या पर बात करते हुए कहा है 'ज़मीन में मुंह देने से सेहरा में तूफान खत्म नहीं हो जाता. पार्टी के कार्यकर्ता को बहुत दुख होता है जब हम कुछ लोग मिलकर बात करके फैसले कर लेते हैं और कार्यकर्ता को संज्ञान में भी नहीं लेते. किसी फैसले पर स्पष्टीकरण नहीं देते, मौन हो जाते हैं. ये गलतियां हमसे पिछले दो साल में हुई है और हमको ये सुधारनी होंगी.' कुमार विश्वास ने लगातार बीजेपी में जाने की खबरों बीच साफ कर दिया है कि वो आम आदमी पार्टी छोड़कर जाने की सोच भी नहीं रहे. कुमार ने कहा कि "मैं क्यों पार्टी छोड़कर जाऊंगा? ये पार्टी मेरी है और ये मेरे घर से पार्टी बनी है इसलिये मेरे कहीं जाने का सवाल ही नहीं उठता." लगातार चुनाव में मिल रही हार के बाद चर्चा चलने लगी है कि क्या अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय संयोजक का पद छोड़कर दिल्ली सरकार पर ध्यान देना चाहिए. इस पर कुमार ने कहा कि "अरविंद राष्ट्रीय संयोजक बने रहने चाहिए, उनके नेतृत्व पर किसी को कोई शंका नहीं है. ऐसा नहीं होता कि एक चुनाव हार गए तो आप लीडर बदल लेंगे, आज हारें है तो कल जीते भी थे." वैसे पार्टी में संजय सिंह, आशीष तलवार, दिलीप पांडेय और दुर्गेश पाठक के इस्तीफे पर कुमार विश्वास ने कहा कि "इस्तीफ़े देने से स्थिति नही बदल जात। क्योंकि आज ये लोग कुछ कर रहे हैं तो कल ये ही लोग कुछ और करेंगे. इससे कुछ नही बदलेगा, ज़रूरत है संगठन, रणनीति, संवाद में बदलाव करने की जिससे हम अपने कार्यकर्ता और जनता को वही लोग दिखाई दें जो जंतर मंतर से करप्शन के खिलाफ लड़ने चले थे.' विश्वास ने पंजाब और दिल्ली नगर निगम चुनाव में बंटे टिकट पर भी सवाल उठाये और कहा कि कहीं ना कहीं हमसे गलती हुई. उन्होंने भविष्य के लिए पार्टी में व्यापक बदलाव की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि पार्टी में संगठन, संवाद, और रणनीति में बदलाव की ज़रूरत है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम लोग TV डिबेट में जाकर गलत बातों का बचाव करते दिखें. आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपनी नाराजगी और पार्टी नेताओं में मतभेद के बीच पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा है कि 'मैं उन सब कार्यकर्ताओं से माफी मांगता हूं जिनको हमारी वजह से कष्ट हुआ और गर्व का मौका नहीं मिला. नेतृत्व हमें ही ने किया न? उनकी मेहनत में कोई कमी नहीं है और मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं उनको जोड़ूं और जंतर मंतर के आंदोलन की उस आग को दोबारा पार्टी के साथ लाकर खड़ा करूं.'टिप्पणियां कुमार विश्वास जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता कितनी बाद ताक़त है इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ टिकट हमने ऐसे दिए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में था. उनकी नाराज़गी थी. पंजाब और दिल्ली में कहां कहां टिकट गलत हुए इसको लेकर हम गंभीर हैं और जांच करवा रहे हैं. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए. कुमार विश्वास ने लगातार बीजेपी में जाने की खबरों बीच साफ कर दिया है कि वो आम आदमी पार्टी छोड़कर जाने की सोच भी नहीं रहे. कुमार ने कहा कि "मैं क्यों पार्टी छोड़कर जाऊंगा? ये पार्टी मेरी है और ये मेरे घर से पार्टी बनी है इसलिये मेरे कहीं जाने का सवाल ही नहीं उठता." लगातार चुनाव में मिल रही हार के बाद चर्चा चलने लगी है कि क्या अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय संयोजक का पद छोड़कर दिल्ली सरकार पर ध्यान देना चाहिए. इस पर कुमार ने कहा कि "अरविंद राष्ट्रीय संयोजक बने रहने चाहिए, उनके नेतृत्व पर किसी को कोई शंका नहीं है. ऐसा नहीं होता कि एक चुनाव हार गए तो आप लीडर बदल लेंगे, आज हारें है तो कल जीते भी थे." वैसे पार्टी में संजय सिंह, आशीष तलवार, दिलीप पांडेय और दुर्गेश पाठक के इस्तीफे पर कुमार विश्वास ने कहा कि "इस्तीफ़े देने से स्थिति नही बदल जात। क्योंकि आज ये लोग कुछ कर रहे हैं तो कल ये ही लोग कुछ और करेंगे. इससे कुछ नही बदलेगा, ज़रूरत है संगठन, रणनीति, संवाद में बदलाव करने की जिससे हम अपने कार्यकर्ता और जनता को वही लोग दिखाई दें जो जंतर मंतर से करप्शन के खिलाफ लड़ने चले थे.' विश्वास ने पंजाब और दिल्ली नगर निगम चुनाव में बंटे टिकट पर भी सवाल उठाये और कहा कि कहीं ना कहीं हमसे गलती हुई. उन्होंने भविष्य के लिए पार्टी में व्यापक बदलाव की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि पार्टी में संगठन, संवाद, और रणनीति में बदलाव की ज़रूरत है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम लोग TV डिबेट में जाकर गलत बातों का बचाव करते दिखें. आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपनी नाराजगी और पार्टी नेताओं में मतभेद के बीच पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा है कि 'मैं उन सब कार्यकर्ताओं से माफी मांगता हूं जिनको हमारी वजह से कष्ट हुआ और गर्व का मौका नहीं मिला. नेतृत्व हमें ही ने किया न? उनकी मेहनत में कोई कमी नहीं है और मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं उनको जोड़ूं और जंतर मंतर के आंदोलन की उस आग को दोबारा पार्टी के साथ लाकर खड़ा करूं.'टिप्पणियां कुमार विश्वास जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता कितनी बाद ताक़त है इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ टिकट हमने ऐसे दिए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में था. उनकी नाराज़गी थी. पंजाब और दिल्ली में कहां कहां टिकट गलत हुए इसको लेकर हम गंभीर हैं और जांच करवा रहे हैं. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए. लगातार चुनाव में मिल रही हार के बाद चर्चा चलने लगी है कि क्या अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय संयोजक का पद छोड़कर दिल्ली सरकार पर ध्यान देना चाहिए. इस पर कुमार ने कहा कि "अरविंद राष्ट्रीय संयोजक बने रहने चाहिए, उनके नेतृत्व पर किसी को कोई शंका नहीं है. ऐसा नहीं होता कि एक चुनाव हार गए तो आप लीडर बदल लेंगे, आज हारें है तो कल जीते भी थे." वैसे पार्टी में संजय सिंह, आशीष तलवार, दिलीप पांडेय और दुर्गेश पाठक के इस्तीफे पर कुमार विश्वास ने कहा कि "इस्तीफ़े देने से स्थिति नही बदल जात। क्योंकि आज ये लोग कुछ कर रहे हैं तो कल ये ही लोग कुछ और करेंगे. इससे कुछ नही बदलेगा, ज़रूरत है संगठन, रणनीति, संवाद में बदलाव करने की जिससे हम अपने कार्यकर्ता और जनता को वही लोग दिखाई दें जो जंतर मंतर से करप्शन के खिलाफ लड़ने चले थे.' विश्वास ने पंजाब और दिल्ली नगर निगम चुनाव में बंटे टिकट पर भी सवाल उठाये और कहा कि कहीं ना कहीं हमसे गलती हुई. उन्होंने भविष्य के लिए पार्टी में व्यापक बदलाव की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि पार्टी में संगठन, संवाद, और रणनीति में बदलाव की ज़रूरत है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम लोग TV डिबेट में जाकर गलत बातों का बचाव करते दिखें. आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपनी नाराजगी और पार्टी नेताओं में मतभेद के बीच पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा है कि 'मैं उन सब कार्यकर्ताओं से माफी मांगता हूं जिनको हमारी वजह से कष्ट हुआ और गर्व का मौका नहीं मिला. नेतृत्व हमें ही ने किया न? उनकी मेहनत में कोई कमी नहीं है और मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं उनको जोड़ूं और जंतर मंतर के आंदोलन की उस आग को दोबारा पार्टी के साथ लाकर खड़ा करूं.'टिप्पणियां कुमार विश्वास जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता कितनी बाद ताक़त है इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ टिकट हमने ऐसे दिए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में था. उनकी नाराज़गी थी. पंजाब और दिल्ली में कहां कहां टिकट गलत हुए इसको लेकर हम गंभीर हैं और जांच करवा रहे हैं. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए. वैसे पार्टी में संजय सिंह, आशीष तलवार, दिलीप पांडेय और दुर्गेश पाठक के इस्तीफे पर कुमार विश्वास ने कहा कि "इस्तीफ़े देने से स्थिति नही बदल जात। क्योंकि आज ये लोग कुछ कर रहे हैं तो कल ये ही लोग कुछ और करेंगे. इससे कुछ नही बदलेगा, ज़रूरत है संगठन, रणनीति, संवाद में बदलाव करने की जिससे हम अपने कार्यकर्ता और जनता को वही लोग दिखाई दें जो जंतर मंतर से करप्शन के खिलाफ लड़ने चले थे.' विश्वास ने पंजाब और दिल्ली नगर निगम चुनाव में बंटे टिकट पर भी सवाल उठाये और कहा कि कहीं ना कहीं हमसे गलती हुई. उन्होंने भविष्य के लिए पार्टी में व्यापक बदलाव की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि पार्टी में संगठन, संवाद, और रणनीति में बदलाव की ज़रूरत है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम लोग TV डिबेट में जाकर गलत बातों का बचाव करते दिखें. आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपनी नाराजगी और पार्टी नेताओं में मतभेद के बीच पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा है कि 'मैं उन सब कार्यकर्ताओं से माफी मांगता हूं जिनको हमारी वजह से कष्ट हुआ और गर्व का मौका नहीं मिला. नेतृत्व हमें ही ने किया न? उनकी मेहनत में कोई कमी नहीं है और मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं उनको जोड़ूं और जंतर मंतर के आंदोलन की उस आग को दोबारा पार्टी के साथ लाकर खड़ा करूं.'टिप्पणियां कुमार विश्वास जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता कितनी बाद ताक़त है इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ टिकट हमने ऐसे दिए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में था. उनकी नाराज़गी थी. पंजाब और दिल्ली में कहां कहां टिकट गलत हुए इसको लेकर हम गंभीर हैं और जांच करवा रहे हैं. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए. विश्वास ने पंजाब और दिल्ली नगर निगम चुनाव में बंटे टिकट पर भी सवाल उठाये और कहा कि कहीं ना कहीं हमसे गलती हुई. उन्होंने भविष्य के लिए पार्टी में व्यापक बदलाव की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि पार्टी में संगठन, संवाद, और रणनीति में बदलाव की ज़रूरत है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम लोग TV डिबेट में जाकर गलत बातों का बचाव करते दिखें. आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपनी नाराजगी और पार्टी नेताओं में मतभेद के बीच पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा है कि 'मैं उन सब कार्यकर्ताओं से माफी मांगता हूं जिनको हमारी वजह से कष्ट हुआ और गर्व का मौका नहीं मिला. नेतृत्व हमें ही ने किया न? उनकी मेहनत में कोई कमी नहीं है और मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं उनको जोड़ूं और जंतर मंतर के आंदोलन की उस आग को दोबारा पार्टी के साथ लाकर खड़ा करूं.'टिप्पणियां कुमार विश्वास जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता कितनी बाद ताक़त है इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ टिकट हमने ऐसे दिए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में था. उनकी नाराज़गी थी. पंजाब और दिल्ली में कहां कहां टिकट गलत हुए इसको लेकर हम गंभीर हैं और जांच करवा रहे हैं. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए. आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपनी नाराजगी और पार्टी नेताओं में मतभेद के बीच पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा है कि 'मैं उन सब कार्यकर्ताओं से माफी मांगता हूं जिनको हमारी वजह से कष्ट हुआ और गर्व का मौका नहीं मिला. नेतृत्व हमें ही ने किया न? उनकी मेहनत में कोई कमी नहीं है और मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं उनको जोड़ूं और जंतर मंतर के आंदोलन की उस आग को दोबारा पार्टी के साथ लाकर खड़ा करूं.'टिप्पणियां कुमार विश्वास जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता कितनी बाद ताक़त है इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ टिकट हमने ऐसे दिए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में था. उनकी नाराज़गी थी. पंजाब और दिल्ली में कहां कहां टिकट गलत हुए इसको लेकर हम गंभीर हैं और जांच करवा रहे हैं. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए. कुमार विश्वास जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता कितनी बाद ताक़त है इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ टिकट हमने ऐसे दिए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में था. उनकी नाराज़गी थी. पंजाब और दिल्ली में कहां कहां टिकट गलत हुए इसको लेकर हम गंभीर हैं और जांच करवा रहे हैं. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए. विश्वास ने कहा 'बीते दो साल में हम कई बार पटरी से उतरे और फिर चढ़े. कई बार हम भटके. हमें ये याद रखना होगा कि हम चले कहां से थे और क्या करने चले थे. हम करप्शन विरोधी थे, हम कांग्रेस विरोधी थे, हम मोदी विरोधी थे या हम EVM विरोधी थे?' कुमार विश्वास ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिस परसेप्शन के साथ हम राजनीति में आये वो अब टूट रहा है/ अगर हम लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पाए तो सीधी बात हैं हम संवाद नहीं कर पाए.
सारांश: विश्वास ने माना की हार के लिए ईवीएम को दोष देना ठीक नहीं है विश्वास ने पार्टी के भीतर की समस्याओं पर भी बात की विश्वास ने पंजाब और दिल्ली नगर निगम चुनाव में बंटे टिकट पर भी सवाल उठाये
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत करने और ‘संघषरें को कम करने’ के एजेंडे के साथ संभवत  इस साल चीन की यात्रा करेंगे. फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के मार ए लागो रिसॉर्ट में पिछले महीने ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग की पहली बैठक के बाद अमेरिका और चीन के संबंधों में अहम प्रगति दिखाई देने के बीच यह खबर सामने आई है. चिनफिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति से उस समय कहा था कि चीन और अमेरिका के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए ‘हजारों कारण’ है और उन्हें तोड़ने का ‘कोई कारण' नहीं है. उन्होंने इस बैठक के दौरान ट्रंप को चीन की यात्रा का निमंत्रण भी दिया था.   ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप संबंधों को मजबूत करने के लिए आवश्यक उन क्षेत्रों में समझौते करना चाहते हैं जिनमें हम किसी समझौते पर अभी नहीं पहुंच पाए हैं और हम उम्मीद करते हैं कि वह ये समझौते करेंगे. ये समझौते हमें संघर्ष को कम करने और लोगों के लिए और आर्थिक अवसर पैदा करने में मदद करेंगे.' हालांकि इस यात्रा के लिए कोई तिथि तय नहीं की गई है लेकिन इस पर पिछले कुछ समय से चर्चा चल रही है.   अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘हम इस पर कुछ समय से चर्चा कर रहे हैं. हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. मेरा मानना है कि अब इस प्रकार के संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका और चीन के संबंध पहले की तुलना में मजबूत बन रहे हैं.’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत चीन के संबंधों में अहम प्रगति दिखाई देने के बीच यह खबर सामने आई है इस बैठक के दौरान ट्रंप को चीन की यात्रा का निमंत्रण भी दिया था
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बारामूला जिले के सोपोर इलाके में संदिग्ध उग्रवादियों ने गोली मारकर एक महिला पंचायत सदस्य को घायल कर दिया। पुलिस ने बताया कि मोहम्मद रमजान की पत्नी जूना को उग्रवादियों ने उनके घर में गोली मारी। गोली उनके गर्दन में लगी है।टिप्पणियां पंचायत सदस्या को सोपोर के अस्पताल में ले जाया गया था लेकिन वहां से श्रीनगर भेज दिया गया। अभी तक किसी उग्रवादी समूह ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस ने बताया कि मोहम्मद रमजान की पत्नी जूना को उग्रवादियों ने उनके घर में गोली मारी। गोली उनके गर्दन में लगी है।टिप्पणियां पंचायत सदस्या को सोपोर के अस्पताल में ले जाया गया था लेकिन वहां से श्रीनगर भेज दिया गया। अभी तक किसी उग्रवादी समूह ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। पंचायत सदस्या को सोपोर के अस्पताल में ले जाया गया था लेकिन वहां से श्रीनगर भेज दिया गया। अभी तक किसी उग्रवादी समूह ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। अभी तक किसी उग्रवादी समूह ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
यह एक सारांश है: बारामूला जिले के सोपोर इलाके में संदिग्ध उग्रवादियों ने गोली मारकर एक महिला पंचायत सदस्य को घायल कर दिया।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अल कायदा पर नकेल कस जाने के बाद अब अमेरिकी विशेषज्ञ लश्कर-ए-तैयबा को दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन मान रहे हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के एक पूर्व विश्लेषक के मुताबिक पाकिस्तान से मिलने वाले समर्थन के चलते लश्कर अब अल कायदा से ज्यादा ताकतवर और खतरनाक बन गया है। वाशिंगटन में विदेशनीति के एक थिक टैंक ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन से जुड़े एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ब्रूस रिडेल ने  'द डेली बीस्ट' में लिखा है कि लश्कर द्वारा भारतीय शहर मुम्बई में नवम्बर 2008 में कई जगहों पर किया गया आतंकवादी हमला, दुनिया में 9/11 के बाद का सबसे कारगर आतंकवादी हमला था। वह लिखते हैं कि मुम्बई हमलों ने दुनिया को बता दिया कि लश्कर अब महज भारत को निशाना बनाने वाला पाकिस्तानी पंजाब का एक आतंकवादी संगठन नहीं रहा है। वह अब अंतरराष्ट्रीय इस्लामी जिहाद का हिस्सा बन चुका है और वह पश्चिमी देशों, यहूदी इस्रायल और हिन्दू भारत जैसे अलकायदा के दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए तैयार है। उनका मानना है कि मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं में से एक अबू जिंदाल का पकड़ा जाना इन हमलों का जांच में काफी अहम साबित हो सकता है। टिप्पणियां अंसारी के पकड़े जाने में सऊदी अरब की सरकार की भूमिका के बारे में वह लिखते हैं कि अगर सऊदी अरब, लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजी हो गया है तो इससे लश्कर को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी क्योंकि इंग्लैंड और खाड़ी के देशों में रह रही पाकिस्तानी बिरादरी, उसकी आमदनी का बहुत बड़ा जरिया रही है। वह कहते हैं पाकिस्तान में लश्कर के लोग खुलेआम घूमते हैं और वहां के खुफिया और सुरक्षा तंत्र में उनके अच्छे-खास ताल्लुकात भी हैं। ऐसे में संभवत: पस्त होते दिख रहे अलकायदा की बजाय लश्कर ही दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन बन गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के एक पूर्व विश्लेषक के मुताबिक पाकिस्तान से मिलने वाले समर्थन के चलते लश्कर अब अल कायदा से ज्यादा ताकतवर और खतरनाक बन गया है। वाशिंगटन में विदेशनीति के एक थिक टैंक ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन से जुड़े एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ब्रूस रिडेल ने  'द डेली बीस्ट' में लिखा है कि लश्कर द्वारा भारतीय शहर मुम्बई में नवम्बर 2008 में कई जगहों पर किया गया आतंकवादी हमला, दुनिया में 9/11 के बाद का सबसे कारगर आतंकवादी हमला था। वह लिखते हैं कि मुम्बई हमलों ने दुनिया को बता दिया कि लश्कर अब महज भारत को निशाना बनाने वाला पाकिस्तानी पंजाब का एक आतंकवादी संगठन नहीं रहा है। वह अब अंतरराष्ट्रीय इस्लामी जिहाद का हिस्सा बन चुका है और वह पश्चिमी देशों, यहूदी इस्रायल और हिन्दू भारत जैसे अलकायदा के दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए तैयार है। उनका मानना है कि मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं में से एक अबू जिंदाल का पकड़ा जाना इन हमलों का जांच में काफी अहम साबित हो सकता है। टिप्पणियां अंसारी के पकड़े जाने में सऊदी अरब की सरकार की भूमिका के बारे में वह लिखते हैं कि अगर सऊदी अरब, लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजी हो गया है तो इससे लश्कर को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी क्योंकि इंग्लैंड और खाड़ी के देशों में रह रही पाकिस्तानी बिरादरी, उसकी आमदनी का बहुत बड़ा जरिया रही है। वह कहते हैं पाकिस्तान में लश्कर के लोग खुलेआम घूमते हैं और वहां के खुफिया और सुरक्षा तंत्र में उनके अच्छे-खास ताल्लुकात भी हैं। ऐसे में संभवत: पस्त होते दिख रहे अलकायदा की बजाय लश्कर ही दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन बन गया है। वाशिंगटन में विदेशनीति के एक थिक टैंक ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन से जुड़े एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ब्रूस रिडेल ने  'द डेली बीस्ट' में लिखा है कि लश्कर द्वारा भारतीय शहर मुम्बई में नवम्बर 2008 में कई जगहों पर किया गया आतंकवादी हमला, दुनिया में 9/11 के बाद का सबसे कारगर आतंकवादी हमला था। वह लिखते हैं कि मुम्बई हमलों ने दुनिया को बता दिया कि लश्कर अब महज भारत को निशाना बनाने वाला पाकिस्तानी पंजाब का एक आतंकवादी संगठन नहीं रहा है। वह अब अंतरराष्ट्रीय इस्लामी जिहाद का हिस्सा बन चुका है और वह पश्चिमी देशों, यहूदी इस्रायल और हिन्दू भारत जैसे अलकायदा के दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए तैयार है। उनका मानना है कि मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं में से एक अबू जिंदाल का पकड़ा जाना इन हमलों का जांच में काफी अहम साबित हो सकता है। टिप्पणियां अंसारी के पकड़े जाने में सऊदी अरब की सरकार की भूमिका के बारे में वह लिखते हैं कि अगर सऊदी अरब, लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजी हो गया है तो इससे लश्कर को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी क्योंकि इंग्लैंड और खाड़ी के देशों में रह रही पाकिस्तानी बिरादरी, उसकी आमदनी का बहुत बड़ा जरिया रही है। वह कहते हैं पाकिस्तान में लश्कर के लोग खुलेआम घूमते हैं और वहां के खुफिया और सुरक्षा तंत्र में उनके अच्छे-खास ताल्लुकात भी हैं। ऐसे में संभवत: पस्त होते दिख रहे अलकायदा की बजाय लश्कर ही दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन बन गया है। वह लिखते हैं कि मुम्बई हमलों ने दुनिया को बता दिया कि लश्कर अब महज भारत को निशाना बनाने वाला पाकिस्तानी पंजाब का एक आतंकवादी संगठन नहीं रहा है। वह अब अंतरराष्ट्रीय इस्लामी जिहाद का हिस्सा बन चुका है और वह पश्चिमी देशों, यहूदी इस्रायल और हिन्दू भारत जैसे अलकायदा के दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए तैयार है। उनका मानना है कि मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं में से एक अबू जिंदाल का पकड़ा जाना इन हमलों का जांच में काफी अहम साबित हो सकता है। टिप्पणियां अंसारी के पकड़े जाने में सऊदी अरब की सरकार की भूमिका के बारे में वह लिखते हैं कि अगर सऊदी अरब, लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजी हो गया है तो इससे लश्कर को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी क्योंकि इंग्लैंड और खाड़ी के देशों में रह रही पाकिस्तानी बिरादरी, उसकी आमदनी का बहुत बड़ा जरिया रही है। वह कहते हैं पाकिस्तान में लश्कर के लोग खुलेआम घूमते हैं और वहां के खुफिया और सुरक्षा तंत्र में उनके अच्छे-खास ताल्लुकात भी हैं। ऐसे में संभवत: पस्त होते दिख रहे अलकायदा की बजाय लश्कर ही दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन बन गया है। उनका मानना है कि मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं में से एक अबू जिंदाल का पकड़ा जाना इन हमलों का जांच में काफी अहम साबित हो सकता है। टिप्पणियां अंसारी के पकड़े जाने में सऊदी अरब की सरकार की भूमिका के बारे में वह लिखते हैं कि अगर सऊदी अरब, लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजी हो गया है तो इससे लश्कर को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी क्योंकि इंग्लैंड और खाड़ी के देशों में रह रही पाकिस्तानी बिरादरी, उसकी आमदनी का बहुत बड़ा जरिया रही है। वह कहते हैं पाकिस्तान में लश्कर के लोग खुलेआम घूमते हैं और वहां के खुफिया और सुरक्षा तंत्र में उनके अच्छे-खास ताल्लुकात भी हैं। ऐसे में संभवत: पस्त होते दिख रहे अलकायदा की बजाय लश्कर ही दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन बन गया है। अंसारी के पकड़े जाने में सऊदी अरब की सरकार की भूमिका के बारे में वह लिखते हैं कि अगर सऊदी अरब, लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजी हो गया है तो इससे लश्कर को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी क्योंकि इंग्लैंड और खाड़ी के देशों में रह रही पाकिस्तानी बिरादरी, उसकी आमदनी का बहुत बड़ा जरिया रही है। वह कहते हैं पाकिस्तान में लश्कर के लोग खुलेआम घूमते हैं और वहां के खुफिया और सुरक्षा तंत्र में उनके अच्छे-खास ताल्लुकात भी हैं। ऐसे में संभवत: पस्त होते दिख रहे अलकायदा की बजाय लश्कर ही दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन बन गया है। वह कहते हैं पाकिस्तान में लश्कर के लोग खुलेआम घूमते हैं और वहां के खुफिया और सुरक्षा तंत्र में उनके अच्छे-खास ताल्लुकात भी हैं। ऐसे में संभवत: पस्त होते दिख रहे अलकायदा की बजाय लश्कर ही दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन बन गया है।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के एक पूर्व विश्लेषक के मुताबिक पाकिस्तान से मिलने वाले समर्थन के चलते लश्कर अब अल कायदा से ज्यादा ताकतवर और खतरनाक बन गया है।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) ने मुहम्मद अली जिन्ना के दो महत्वपूर्ण भाषणों की रिकॉर्डिग्स पाकिस्तान को सौंप दी है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (पीबीसी) जिन्ना द्वारा तीन जून 1947 और 11 अगस्त 1947 को दिए गए इन भाषणों को प्रसारित करने की योजना बना रही है, लेकिन इससे पहले रिकॉर्डिग्स की गुणवत्ता और प्रमाणिकता की जांच की जाएगी। एआईआर ने नई दिल्ली में रिकॉर्डिग्स पाकिस्तानी उच्चायोग को सौंपी। पीबीसी पिछले चार सालों से भाषण की रिकॉर्डिग्स सौंपे जाने का आग्रह कर रहा था।टिप्पणियां 'द डेली टाइम्स' के मुताबिक, रेडियो पाकिस्तान और पीबीसी के सूत्रों ने कहा कि भारत जिन्ना से संबंधित अन्य रिकॉर्डेड सामग्रियां पाकिस्तान को सौंपने को भी राजी है। 3 जून 1947 को दिया गया जिन्ना का भाषण नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस (अब खबर पख्तूनख्वा) को पाकिस्तान या भारत को दिए जाने के लिए ब्रिटिश राज द्वारा जनमत संग्रह की योजना पर दी गई प्रतिक्रिया है जबकि 11 अगस्त 1947 का भाषण जिन्ना द्वारा पाकिस्तान की संविधान सभा में देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किए जाने के बारे में है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (पीबीसी) जिन्ना द्वारा तीन जून 1947 और 11 अगस्त 1947 को दिए गए इन भाषणों को प्रसारित करने की योजना बना रही है, लेकिन इससे पहले रिकॉर्डिग्स की गुणवत्ता और प्रमाणिकता की जांच की जाएगी। एआईआर ने नई दिल्ली में रिकॉर्डिग्स पाकिस्तानी उच्चायोग को सौंपी। पीबीसी पिछले चार सालों से भाषण की रिकॉर्डिग्स सौंपे जाने का आग्रह कर रहा था।टिप्पणियां 'द डेली टाइम्स' के मुताबिक, रेडियो पाकिस्तान और पीबीसी के सूत्रों ने कहा कि भारत जिन्ना से संबंधित अन्य रिकॉर्डेड सामग्रियां पाकिस्तान को सौंपने को भी राजी है। 3 जून 1947 को दिया गया जिन्ना का भाषण नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस (अब खबर पख्तूनख्वा) को पाकिस्तान या भारत को दिए जाने के लिए ब्रिटिश राज द्वारा जनमत संग्रह की योजना पर दी गई प्रतिक्रिया है जबकि 11 अगस्त 1947 का भाषण जिन्ना द्वारा पाकिस्तान की संविधान सभा में देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किए जाने के बारे में है। एआईआर ने नई दिल्ली में रिकॉर्डिग्स पाकिस्तानी उच्चायोग को सौंपी। पीबीसी पिछले चार सालों से भाषण की रिकॉर्डिग्स सौंपे जाने का आग्रह कर रहा था।टिप्पणियां 'द डेली टाइम्स' के मुताबिक, रेडियो पाकिस्तान और पीबीसी के सूत्रों ने कहा कि भारत जिन्ना से संबंधित अन्य रिकॉर्डेड सामग्रियां पाकिस्तान को सौंपने को भी राजी है। 3 जून 1947 को दिया गया जिन्ना का भाषण नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस (अब खबर पख्तूनख्वा) को पाकिस्तान या भारत को दिए जाने के लिए ब्रिटिश राज द्वारा जनमत संग्रह की योजना पर दी गई प्रतिक्रिया है जबकि 11 अगस्त 1947 का भाषण जिन्ना द्वारा पाकिस्तान की संविधान सभा में देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किए जाने के बारे में है। 'द डेली टाइम्स' के मुताबिक, रेडियो पाकिस्तान और पीबीसी के सूत्रों ने कहा कि भारत जिन्ना से संबंधित अन्य रिकॉर्डेड सामग्रियां पाकिस्तान को सौंपने को भी राजी है। 3 जून 1947 को दिया गया जिन्ना का भाषण नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस (अब खबर पख्तूनख्वा) को पाकिस्तान या भारत को दिए जाने के लिए ब्रिटिश राज द्वारा जनमत संग्रह की योजना पर दी गई प्रतिक्रिया है जबकि 11 अगस्त 1947 का भाषण जिन्ना द्वारा पाकिस्तान की संविधान सभा में देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किए जाने के बारे में है। 3 जून 1947 को दिया गया जिन्ना का भाषण नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस (अब खबर पख्तूनख्वा) को पाकिस्तान या भारत को दिए जाने के लिए ब्रिटिश राज द्वारा जनमत संग्रह की योजना पर दी गई प्रतिक्रिया है जबकि 11 अगस्त 1947 का भाषण जिन्ना द्वारा पाकिस्तान की संविधान सभा में देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किए जाने के बारे में है।
सारांश: ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) ने मुहम्मद अली जिन्ना के दो महत्वपूर्ण भाषणों की रिकॉर्डिग्स पाकिस्तान को सौंप दी है।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कॉमेडियन भारती सिंह (Bharti Singh) टीवी में धमाल मचाने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी छाई रहती हैं. उनके कई वीडियो ऐसे होते हैं, जो काफी मजेदार होते हैं. लेकिन हाल ही में भारती सिंह का एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है. इस वीडियो में भारती सिंह अपने पति हर्ष लिम्बाच्या (Harsh Limbachiya) के बाल खींचते और उनका बुरा हाल करती दिखाई दे रही हैं. दरअसल, भारती सिंह के पति हर्ष लिम्बाच्या एक्ट्रेस प्रिया बनर्जी से फ्लर्ट कर रहे थे, जिसे देखकर कॉमेडियन काफी भड़क गईं. भारती सिंह के इस वीडियो ने लोगों का खूब ध्यान खींचा है, साथ ही उनके फैंस इसपर अपना रिएक्शन भी दे रहे हैं.  भारती सिंह (Bharti Singh) और हर्ष लिम्बाच्या का यह टिकटॉक वीडियो है, जो खूब धमाल मचा रहा है. वीडियो में हर्ष हमें तुमसे प्यार कितना के डायलॉग पर एक्ट्रेस प्रिया बनर्जी के साथ फ्लर्ट करने की कोशिश करते हैं. लेकिन तभी पीछे से भारती सिंह आ जाती हैं और उनके बाल खींचकर पूछती हैं कि यह सब क्या है. इस वीडियो में भारती सिंह और उनके पति के एक्सप्रेशं काफी जबरदस्त लग रहे हैं. भारती के हाव-भाव देखकर कोई भी यही कहेगा कि वह काफी गुस्से में हैं. इससे पहले भी दोनों पति-पत्नी के वीडियो ने सोशल मीडिया पर खूब धमाल मचाया था.  बता दें कि हर्ष लिम्बाच्या (Harsh Limbachiya) और भारती सिंह (Bharti Singh) इन दिनों कलर्स टीवी पर आने वाले शो खतरा खतरा खतरा में नजर आ रहे हैं. शो में रहते हुए दोनों ही खूब मजा करते हैं. इसके अलावा भारती सिंह द कपिल शर्मा शो में भी खूब धमाका करती हैं. अपने अलग-अलग किरदारों से भारती सिंह दर्शकों को तो खूब हंसाती हैं साथ ही वह शो में आए मेहमानों का भी खूब मनोरंजन करती हैं.
यहाँ एक सारांश है:पति को एक्ट्रेस के साथ फ्लर्ट करता देख भड़कीं भारती सिंह कॉमेडियन ने बाल खींचकर किया बुरा हाल भारती सिंह का वीडियो हुआ वायरल
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'बिग बॉस' का यह 10 वां सीजन है और हर बात इस शो में कुछ न कुछ नया आपको देखने को मिलता है. यूं तो इस घर में हर बार किसी न किसी को आपस में प्‍यार जरूर होता है और कई जोड़‍ियां बनती हैं. लेकिन इस बार बिग बॉस के घर में शादी होने जा रही है और वह भी घर में बनी किसी जोड़ी की नहीं बल्कि घर के बाहर की जोड़ी की.टिप्पणियां मंगलवार के एपिसोड में 'बिग बॉस' के घर में मोना के बॉयफ्रेंड एक बार फिर एंट्री लेंगे और इस बार मोना को शादी के लिए प्रपोज करेंगे. सिर्फ प्रजोज ही नहीं, बिग बॉस के घर में मोनालीसा और विक्रांत की शादी भी होने वाली है. यह पहली बार नहीं है जब बिग बॉस अपने घर में किसी जोड़े की शादी करा रहे हैं. बता दें कि इससे पहले बिग बॉस के घर में ही सारा खान और अली मर्चेंट की शादी कराई जा चुकी है. हालांकि वह शादी ज्‍यादा दिन टिक नहीं सकी. जानकारी के अनुसार जैसे ही शो के निर्माताओं ने विक्रांत को इस बारे में कहा तो वह तुरंत तैयार हो गए और इस‍पर काफी खुश भी थे. मंगलवार के एपिसोड में विक्रांत घर अंदर जाएंगे और एक अंगूठी पहनाकर अपने प्‍यार का इजहार मोना के सामने करेंगे.   विक्रांत एक्टिविटी एरिया में मोना का इंतजार करेंगे जबकि बिना कुछ बताए बिग बॉस मोना को वहां जाने को कहेंगे. मोनालीसा विक्रांत को देखकर चौंक जाती हैं और उन्‍हें घरवालों से मिलाना चाहती हैं लेकिन तभी विक्रांत उन्‍हें प्रपोज करेंगे. इसके साथ ही विक्रांत यह खुलासा भी करते हैं अगले 2 दिनों में मोनालीसा और विक्रांत की शादी बिग बॉस के घर में ही होगी.   मोनालीसा इस बात पर भरोसा नहीं करती हैं लेकिन विक्रांत उन्‍हें विश्‍वास दिलाते हैं कि अब पूरी दुनिया उनके इस रिश्‍ते की साक्षी बनेगी. बता दें कि मोना और विक्रांत की शादी का यह जश्‍न दो दिन तक बिग बॉस के घर में ही चलेगा और मंगलवार को घर में मोना की हल्‍दी की रस्‍म भी की जाएगी.   भोजपुरी एक्‍ट्रेस मोनालीसा और उनके बॉयफ्रेंड विक्रांत, जो खुद भी एक बॉलीवुड एक्‍टर हैं, सालों लंबे रिश्‍ते में हैं. लेकिन बिग बॉस के घर में बढ़ी मोनालीसा और मनवीर के बीच की 'दोस्‍ती' से विक्रांत काफी परेशान दिखे और उन्‍होंने इस सब का खुलासा बिग बॉस के सेट पर भी किया था. इसके बाद एक बार फिर घर में आए विक्रांत ने मनु और मनवीर को काफी सुनाया और मोना के लिए अपने प्‍यार का इजहार भी किया. मंगलवार के एपिसोड में 'बिग बॉस' के घर में मोना के बॉयफ्रेंड एक बार फिर एंट्री लेंगे और इस बार मोना को शादी के लिए प्रपोज करेंगे. सिर्फ प्रजोज ही नहीं, बिग बॉस के घर में मोनालीसा और विक्रांत की शादी भी होने वाली है. यह पहली बार नहीं है जब बिग बॉस अपने घर में किसी जोड़े की शादी करा रहे हैं. बता दें कि इससे पहले बिग बॉस के घर में ही सारा खान और अली मर्चेंट की शादी कराई जा चुकी है. हालांकि वह शादी ज्‍यादा दिन टिक नहीं सकी. जानकारी के अनुसार जैसे ही शो के निर्माताओं ने विक्रांत को इस बारे में कहा तो वह तुरंत तैयार हो गए और इस‍पर काफी खुश भी थे. मंगलवार के एपिसोड में विक्रांत घर अंदर जाएंगे और एक अंगूठी पहनाकर अपने प्‍यार का इजहार मोना के सामने करेंगे.   विक्रांत एक्टिविटी एरिया में मोना का इंतजार करेंगे जबकि बिना कुछ बताए बिग बॉस मोना को वहां जाने को कहेंगे. मोनालीसा विक्रांत को देखकर चौंक जाती हैं और उन्‍हें घरवालों से मिलाना चाहती हैं लेकिन तभी विक्रांत उन्‍हें प्रपोज करेंगे. इसके साथ ही विक्रांत यह खुलासा भी करते हैं अगले 2 दिनों में मोनालीसा और विक्रांत की शादी बिग बॉस के घर में ही होगी.   मोनालीसा इस बात पर भरोसा नहीं करती हैं लेकिन विक्रांत उन्‍हें विश्‍वास दिलाते हैं कि अब पूरी दुनिया उनके इस रिश्‍ते की साक्षी बनेगी. बता दें कि मोना और विक्रांत की शादी का यह जश्‍न दो दिन तक बिग बॉस के घर में ही चलेगा और मंगलवार को घर में मोना की हल्‍दी की रस्‍म भी की जाएगी.   भोजपुरी एक्‍ट्रेस मोनालीसा और उनके बॉयफ्रेंड विक्रांत, जो खुद भी एक बॉलीवुड एक्‍टर हैं, सालों लंबे रिश्‍ते में हैं. लेकिन बिग बॉस के घर में बढ़ी मोनालीसा और मनवीर के बीच की 'दोस्‍ती' से विक्रांत काफी परेशान दिखे और उन्‍होंने इस सब का खुलासा बिग बॉस के सेट पर भी किया था. इसके बाद एक बार फिर घर में आए विक्रांत ने मनु और मनवीर को काफी सुनाया और मोना के लिए अपने प्‍यार का इजहार भी किया. जानकारी के अनुसार जैसे ही शो के निर्माताओं ने विक्रांत को इस बारे में कहा तो वह तुरंत तैयार हो गए और इस‍पर काफी खुश भी थे. मंगलवार के एपिसोड में विक्रांत घर अंदर जाएंगे और एक अंगूठी पहनाकर अपने प्‍यार का इजहार मोना के सामने करेंगे.   विक्रांत एक्टिविटी एरिया में मोना का इंतजार करेंगे जबकि बिना कुछ बताए बिग बॉस मोना को वहां जाने को कहेंगे. मोनालीसा विक्रांत को देखकर चौंक जाती हैं और उन्‍हें घरवालों से मिलाना चाहती हैं लेकिन तभी विक्रांत उन्‍हें प्रपोज करेंगे. इसके साथ ही विक्रांत यह खुलासा भी करते हैं अगले 2 दिनों में मोनालीसा और विक्रांत की शादी बिग बॉस के घर में ही होगी.   मोनालीसा इस बात पर भरोसा नहीं करती हैं लेकिन विक्रांत उन्‍हें विश्‍वास दिलाते हैं कि अब पूरी दुनिया उनके इस रिश्‍ते की साक्षी बनेगी. बता दें कि मोना और विक्रांत की शादी का यह जश्‍न दो दिन तक बिग बॉस के घर में ही चलेगा और मंगलवार को घर में मोना की हल्‍दी की रस्‍म भी की जाएगी.   भोजपुरी एक्‍ट्रेस मोनालीसा और उनके बॉयफ्रेंड विक्रांत, जो खुद भी एक बॉलीवुड एक्‍टर हैं, सालों लंबे रिश्‍ते में हैं. लेकिन बिग बॉस के घर में बढ़ी मोनालीसा और मनवीर के बीच की 'दोस्‍ती' से विक्रांत काफी परेशान दिखे और उन्‍होंने इस सब का खुलासा बिग बॉस के सेट पर भी किया था. इसके बाद एक बार फिर घर में आए विक्रांत ने मनु और मनवीर को काफी सुनाया और मोना के लिए अपने प्‍यार का इजहार भी किया.
संक्षिप्त सारांश: मंगलवार को होगी 'बिग बॉस' के घर में होगी मोनालीसा और विक्रांत की शादी भोजपुरी एक्‍टर विक्रांत हैं मोनालीसा के बॉयफ्रेंड विक्रांत जता चुके हैं मोनालीसा और मनु पंजाबी की दोस्‍ती पर एतराज
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: वीके शशिकला ने तमिलनाडु के गवर्नर सी विद्यासागर राव से निवेदन किया है कि वह जल्द से जल्द सीएम पद की कमान उनके हाथों में थमा दें. सोमवार को चेन्नई में कई समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 'हमने पन्नीरसेल्वम जैसे हजारों देखे हैं. मैं डरती नहीं हूं.' पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के अंदाज को अपनाते हुए शशिकला ने अपने भाषण में कहा कि 'पिछले 33 सालों से हम दोनों ने क्या कुछ नहीं देखा है.'टिप्पणियां 61 साल की शशिकला ने पोयस गार्डन के बाहर अपने समर्थकों को संबोधित किया. वहीं उनको चुनौती देने वाले ओ पन्नीरसेल्वम जिन्हें OPS के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने कहा है कि वह मुख्यमंत्री बने रहने के लायक हैं और उन्हें पिछले हफ्ते शशिकला ने जबरन इस्तीफा देने के लिए कहा था. सात दिन के घमासान के बाद सोमवार को भी पन्नीरसेल्वम ने सीएम पद का कामकाज देखा था. इस बीच पार्टी के कुछ और नेताओं ने पन्नीरसेल्वम का साथ पकड़ लिया है - जिनके पास अभी तक करीब 10 सांसद और छह विधायक हैं और उन्होंने जोर देकर कहा है कि अगर सभी विधायकों को छोड़ दिया जाए तो वह सदन में बहुमत साबित कर सकते हैं. उनका इशारा उन 127 विधायकों की तरफ है जिन्हें पिछले बुधवार चेन्नई के बाहर एक होटल में पार्टी प्रमुख शशिकला द्वारा कथित तौर पर नजरबंद करके रखा गया है. 61 साल की शशिकला ने पोयस गार्डन के बाहर अपने समर्थकों को संबोधित किया. वहीं उनको चुनौती देने वाले ओ पन्नीरसेल्वम जिन्हें OPS के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने कहा है कि वह मुख्यमंत्री बने रहने के लायक हैं और उन्हें पिछले हफ्ते शशिकला ने जबरन इस्तीफा देने के लिए कहा था. सात दिन के घमासान के बाद सोमवार को भी पन्नीरसेल्वम ने सीएम पद का कामकाज देखा था. इस बीच पार्टी के कुछ और नेताओं ने पन्नीरसेल्वम का साथ पकड़ लिया है - जिनके पास अभी तक करीब 10 सांसद और छह विधायक हैं और उन्होंने जोर देकर कहा है कि अगर सभी विधायकों को छोड़ दिया जाए तो वह सदन में बहुमत साबित कर सकते हैं. उनका इशारा उन 127 विधायकों की तरफ है जिन्हें पिछले बुधवार चेन्नई के बाहर एक होटल में पार्टी प्रमुख शशिकला द्वारा कथित तौर पर नजरबंद करके रखा गया है. इस बीच पार्टी के कुछ और नेताओं ने पन्नीरसेल्वम का साथ पकड़ लिया है - जिनके पास अभी तक करीब 10 सांसद और छह विधायक हैं और उन्होंने जोर देकर कहा है कि अगर सभी विधायकों को छोड़ दिया जाए तो वह सदन में बहुमत साबित कर सकते हैं. उनका इशारा उन 127 विधायकों की तरफ है जिन्हें पिछले बुधवार चेन्नई के बाहर एक होटल में पार्टी प्रमुख शशिकला द्वारा कथित तौर पर नजरबंद करके रखा गया है.
संक्षिप्त पाठ: पन्नीनसेल्वम के लिए शशिकला ने कहा कि उनके जैसे बहुत देखे हैं शशिकला ने गवर्नर से निवेदन किया है कि वह जल्द से जल्द कार्यवाही करें पन्नीरसेल्वम ने बतौर सीएम सोमवार को भी कामकाज संभाले रखा
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में घटकर 6.1 प्रतिशत पर आ गई जो दो साल की न्यूनतम तिमाही वृद्धि है।टिप्पणियां यह विनिर्माण, खनन व कृषि क्षेत्र के खराब निष्पादन का परिणाम है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीने अप्रैल-दिसंबर 2011-12 के दौरान जीडीपी वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रही, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 8.1 प्रतिशत थी। 31 दिसंबर, 2011 को समाप्त तिमाही के दौरान विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर महज 0.4 प्रतिशत रह गई जो बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 7.8 प्रतिशत थी। इसी तरह, समीक्षाधीन तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर महज 2.7 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 11 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान खनन उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 3.1 प्रतिशत पर आ गई जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 6.1 प्रतिशत थी। वहीं निर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर समीक्षाधीन तिमाही में घटकर 7.2 प्रतिशत पर आ गई जो बीत वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8.7 प्रतिशत थी। इसके अलावा, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार खंड में वृद्धि दर महज 9.2 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 9.8 प्रतिशत थी। हालांकि, बिजली, गैस और जलापूर्ति खंड की वृद्धि दर समीक्षाधीन तिमाही में बढ़कर 9 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 3.8 प्रतिशत थी। यह विनिर्माण, खनन व कृषि क्षेत्र के खराब निष्पादन का परिणाम है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीने अप्रैल-दिसंबर 2011-12 के दौरान जीडीपी वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रही, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 8.1 प्रतिशत थी। 31 दिसंबर, 2011 को समाप्त तिमाही के दौरान विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर महज 0.4 प्रतिशत रह गई जो बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 7.8 प्रतिशत थी। इसी तरह, समीक्षाधीन तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर महज 2.7 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 11 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान खनन उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 3.1 प्रतिशत पर आ गई जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 6.1 प्रतिशत थी। वहीं निर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर समीक्षाधीन तिमाही में घटकर 7.2 प्रतिशत पर आ गई जो बीत वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8.7 प्रतिशत थी। इसके अलावा, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार खंड में वृद्धि दर महज 9.2 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 9.8 प्रतिशत थी। हालांकि, बिजली, गैस और जलापूर्ति खंड की वृद्धि दर समीक्षाधीन तिमाही में बढ़कर 9 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 3.8 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान खनन उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 3.1 प्रतिशत पर आ गई जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 6.1 प्रतिशत थी। वहीं निर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर समीक्षाधीन तिमाही में घटकर 7.2 प्रतिशत पर आ गई जो बीत वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8.7 प्रतिशत थी। इसके अलावा, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार खंड में वृद्धि दर महज 9.2 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 9.8 प्रतिशत थी। हालांकि, बिजली, गैस और जलापूर्ति खंड की वृद्धि दर समीक्षाधीन तिमाही में बढ़कर 9 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 3.8 प्रतिशत थी।
संक्षिप्त पाठ: देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में घटकर 6.1 प्रतिशत पर आ गई जो दो साल की न्यूनतम तिमाही वृद्धि है।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क भारत के खिलाफ महत्वपूर्ण टेस्ट श्रंखला से पहले काफी चिंतित हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके खिलाड़ी टुकड़ों में ही अच्छा प्रदर्शन कर पा रहे हैं और लगातार एक जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण उनकी टीम को नीचा देखना पड़ रहा है। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच 26 दिसंबर से चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला शुरू होगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम को आज दूसरे मैच में न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा जिससे उसकी चिंता बढ़ गयी है। क्लार्क ने मैच के बाद कहा कि भारतीय श्रृंखला से पहले यह अच्छे संकेत नहीं हैं। उन्होंने कहा, आपने हमारे कुछ खिलाड़ियों को बीच बीच में अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखा होगा तथा टीम भी टुकड़ों में वास्तव में अच्छा प्रदर्शन कर रही है लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है। हम कभी बेहद खराब प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे टीम को नीचा देखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, हमारा प्रदर्शन निरंतर एक जैसा नहीं रहा है। एकबारगी हम बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं लेकिन मिनटों में बहुत खराब प्रदर्शन करने लगते हैं जिससे हम सभी को काफी पीड़ा होती है। जारी क्लार्क की कप्तानी में आस्ट्रेलिया ने अब तक आठ टेस्ट मैच में से केवल तीन में जीत दर्ज की है। आस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज फिलिप ह्यूज का लचर प्रदर्शन है और क्लार्क ने कहा कि उन पर बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा, हमने आज जिस तरह से बल्लेबाजी की उससे अन्य बल्लेबाजों की तरह वह भी वास्तव में बहुत निराश था। ह्यूजी शायद अधिक निराश था क्योंकि वह लगातार एक ही गलती करके आउट हो रहा है। उसे कुछ रन बनाने की जरूरत है। यदि वह आस्ट्रेलिया की तरफ से ऐसा नहीं कर सकता तो उसे अपनी फार्म हासिल करने के लिये वापस न्यू साउथ वेल्स जाना होगा।
यह एक सारांश है: उन्हें लगता है कि उनके खिलाड़ी टुकड़ों में ही अच्छा प्रदर्शन कर पा रहे हैं और लगातार एक जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण उनकी टीम को नीचा देखना पड़ रहा है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय हॉकी महासंघ ने कहा कि पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय जवानों की हत्या के विरोध में हॉकी इंडिया लीग से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बाहर कर देना चाहिए।टिप्पणियां आईएचएफ के मुख्य संरक्षक और सलाहकार केपीएस गिल ने एक बयान में कहा, लीग का आयोजन करने और पाक खिलाड़ियों को न्योता देने वाली हॉकी इंडिया ने अभी तक भारतीय जवानों की जघन्य हत्या पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उसने बल्कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों का लीग में स्वागत किया है। उसे चाहिए कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लीग से बाहर करे। उन्होंने कहा, हम सभी खिलाड़ियों, उनके सरकारी महकमों, सेना और पीएसयू से अनुरोध करते हैं कि यदि पाकिस्तानी खिलाड़ी इस लीग में भाग लेते हैं तो वे अपने खिलाड़ियों को इससे वापस ले लें। गिल ने हैरानी जताई कि पाक खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की अनुमति नहीं है, लेकिन वे एचआईएल में खेल रहे हैं। उन्होंने कहा, यह हैरानी की बात है कि पाकिस्तान से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने की पैरवी करने वाले अरुण जेटली हॉकी लीग में पाक खिलाड़ियों की भागीदारी पर चुप क्यो हैं? आईएचएफ के मुख्य संरक्षक और सलाहकार केपीएस गिल ने एक बयान में कहा, लीग का आयोजन करने और पाक खिलाड़ियों को न्योता देने वाली हॉकी इंडिया ने अभी तक भारतीय जवानों की जघन्य हत्या पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उसने बल्कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों का लीग में स्वागत किया है। उसे चाहिए कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लीग से बाहर करे। उन्होंने कहा, हम सभी खिलाड़ियों, उनके सरकारी महकमों, सेना और पीएसयू से अनुरोध करते हैं कि यदि पाकिस्तानी खिलाड़ी इस लीग में भाग लेते हैं तो वे अपने खिलाड़ियों को इससे वापस ले लें। गिल ने हैरानी जताई कि पाक खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की अनुमति नहीं है, लेकिन वे एचआईएल में खेल रहे हैं। उन्होंने कहा, यह हैरानी की बात है कि पाकिस्तान से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने की पैरवी करने वाले अरुण जेटली हॉकी लीग में पाक खिलाड़ियों की भागीदारी पर चुप क्यो हैं? उन्होंने कहा, हम सभी खिलाड़ियों, उनके सरकारी महकमों, सेना और पीएसयू से अनुरोध करते हैं कि यदि पाकिस्तानी खिलाड़ी इस लीग में भाग लेते हैं तो वे अपने खिलाड़ियों को इससे वापस ले लें। गिल ने हैरानी जताई कि पाक खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की अनुमति नहीं है, लेकिन वे एचआईएल में खेल रहे हैं। उन्होंने कहा, यह हैरानी की बात है कि पाकिस्तान से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने की पैरवी करने वाले अरुण जेटली हॉकी लीग में पाक खिलाड़ियों की भागीदारी पर चुप क्यो हैं?
यह एक सारांश है: भारतीय हॉकी महासंघ ने कहा कि पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय जवानों की हत्या के विरोध में हॉकी इंडिया लीग से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बाहर कर देना चाहिए।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ‘विक्की डोनर’ में शुक्राणु दाता की सराहनीय भूमिका निभाने वाले अभिनेता आयुष्मान खुराना ने कहा कि वह निर्देशक सुरजीत सरकार के साथ अगली फिल्म ‘हमारा बजाज’ में काम करने को लेकर उत्साहित हैं। इस अभिनेता ने सरकार की फिल्म ‘विक्की डोनर’ के साथ ही बडे पर्दे पर पदार्पण किया था। उन्होंने कहा कि वह सरकार के साथ सहज महसूस करते हैं।टिप्पणियां आयुष्मान ने कहा, ‘‘वह मेरे पसंदीदा निर्देशक हैं जिनके साथ मैं विशेष सहजता महसूस करता हूं, उन्होंने जिस तरह से विक्की डोनर में भूमिका तैयार की, मुझे वह पसंद आया। उनके साथ अगली फिल्म ‘हमारा बजाज’ में मैं युवा व्यक्ति की भूमिका निभाऊंगा।’’ असल जिंदगी में भी शुक्राणु दान कर चुके आयुष्मान ने कहा कि ‘विक्की डोनर’ के बाद सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे शुक्राणु दाता के रूप में विक्की की भूमिका के लिए ज्यादा पैसा नहीं मिला था। लेकिन एक बार फिर चीजें बदल रही हैं।’’ इस अभिनेता ने शनिवार की शाम डिजायनर जया मिश्रा के फैशन शो में भाग लिया। इस अभिनेता ने सरकार की फिल्म ‘विक्की डोनर’ के साथ ही बडे पर्दे पर पदार्पण किया था। उन्होंने कहा कि वह सरकार के साथ सहज महसूस करते हैं।टिप्पणियां आयुष्मान ने कहा, ‘‘वह मेरे पसंदीदा निर्देशक हैं जिनके साथ मैं विशेष सहजता महसूस करता हूं, उन्होंने जिस तरह से विक्की डोनर में भूमिका तैयार की, मुझे वह पसंद आया। उनके साथ अगली फिल्म ‘हमारा बजाज’ में मैं युवा व्यक्ति की भूमिका निभाऊंगा।’’ असल जिंदगी में भी शुक्राणु दान कर चुके आयुष्मान ने कहा कि ‘विक्की डोनर’ के बाद सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे शुक्राणु दाता के रूप में विक्की की भूमिका के लिए ज्यादा पैसा नहीं मिला था। लेकिन एक बार फिर चीजें बदल रही हैं।’’ इस अभिनेता ने शनिवार की शाम डिजायनर जया मिश्रा के फैशन शो में भाग लिया। आयुष्मान ने कहा, ‘‘वह मेरे पसंदीदा निर्देशक हैं जिनके साथ मैं विशेष सहजता महसूस करता हूं, उन्होंने जिस तरह से विक्की डोनर में भूमिका तैयार की, मुझे वह पसंद आया। उनके साथ अगली फिल्म ‘हमारा बजाज’ में मैं युवा व्यक्ति की भूमिका निभाऊंगा।’’ असल जिंदगी में भी शुक्राणु दान कर चुके आयुष्मान ने कहा कि ‘विक्की डोनर’ के बाद सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे शुक्राणु दाता के रूप में विक्की की भूमिका के लिए ज्यादा पैसा नहीं मिला था। लेकिन एक बार फिर चीजें बदल रही हैं।’’ इस अभिनेता ने शनिवार की शाम डिजायनर जया मिश्रा के फैशन शो में भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे शुक्राणु दाता के रूप में विक्की की भूमिका के लिए ज्यादा पैसा नहीं मिला था। लेकिन एक बार फिर चीजें बदल रही हैं।’’ इस अभिनेता ने शनिवार की शाम डिजायनर जया मिश्रा के फैशन शो में भाग लिया।
संक्षिप्त पाठ: ‘विक्की डोनर’ में शुक्राणु दाता की सराहनीय भूमिका निभाने वाले अभिनेता आयुष्मान खुराना ने कहा कि वह निर्देशक सुरजीत सरकार के साथ अगली फिल्म ‘हमारा बजाज’ में काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में अपनी मनमानी चला रही है. विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार है. और उनकी सरकार देश के संविधान को नहीं मान रही है. मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि अगर राज्यपाल को भी किसी चीज के लिए ममता बनर्जी से अनुमति लेनी पड़े तो इससे यह स्पष्ट होता है कि ममता बनर्जी अपना अलग ही कानून चला रही हैं. बता दें कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने कहा था कि 24 नार्थ परगना के जिले के दौरे को लेकर अधिकारियों को पहले से ही बताया गया था. लेकिन मुझे जिला अधिकारियों ने कहा कि वो कोई भी काम बगैर राज्य सरकार की अनुमति के बिना नहीं करेंगे. यह पूरी तरह से असंवैधानिक है.  ममता सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा था कि बंगाल में लोकतंत्र नहीं है ना भारत का संविधान है, वहां ममता बनर्जी हैं. कहावत है ना खाता ना बही जो ममता कहें वही सही. अराजकता के वातावरण को डेमोक्रेसी में बदल दिया गया है. लेकिन अब मतदाताओं ने भी ममता बनर्जी से विद्रोह कर दिया है.' उन्होंने कहा, 'फ्रस्टेशन में वह कुछ भी कहती हैं कि  वह पीएम को जेल में डाल देंगी, इससे समझ सकते हैं कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है.' विजयवर्गीय ने बंगाल हिंसा पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा, 'बीजेपी का रोड शो शांतिपूर्ण था, टीएमसी ने हस्तक्षेप किया और हिंसा हो गई.'
संक्षिप्त पाठ: कैलाश विजयवर्गीय ने कहा - ममता बनर्जी संविधान नहीं मान रही हैं 'ममता बनर्जी चला रही है राज्य में अपना कानून' राज्य में कुछ महीने बाद होने हैं चुनाव
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की यूट्यूब क्वीन आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) का एक वीडियो फिर से खूब धमाल मचा रहा है. इस वीडियो में उनका मुंबइया अवतार देखने को मिल रहा है.  आम्रपाली दुबे के इस वीडियो ने यूट्यूब (YouTube) पर धूम मचा दी है. इस सॉन्ग का नाम 'चिकन बिरयानी चंपा की जवानी' है. हालांकि यह गाना पुराना है, लेकिन अभी भी इसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं.  इस गाने में  आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey Dance Video) की अदाएं देखते ही बन रही है. वैसे, आम्रपाली दुबे जिस भी फिल्म में होती हैं, दर्शकों में उत्साह काफी ज्यादा होता है. इस नए गाने में भी आम्रपाली का अंदाज वाकई कातिलाना है.  'चिकन बिरयानी चम्पा की जवानी' (Chicken Biryani Champa Ki Jawani) गाने  में आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) का मुंबइया स्टाइल दिख रहा है. आम्रपाली दुबे का यह गाना फिल्म 'निरहुआ हिंदुस्तानी 3' का है. इस फिल्म में वो मुंबइया भाजीवाली बनी हुई हैं. निरहुआ हिंदुस्तानी 3' में दिनेश लाल यादव (Dinesh Lal Yadav) ने भी अपनी एक्टिंग से खूब धूम मचाई थी.  आम्रपाली दुबे  के इस गाने को अभी तक 51 लाख 78 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है. आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) उन्होंने भवन कॉलेज, मुंबई से स्नातक की उपाधि प्राप्त की. अपनी पढ़ाई के दौरान प्रारंभ में वह एक डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने करियर को अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ाया. उन्होंने 'रहना है तेरी पलकों की छांव में' में सुमन के रूप में मुख्य भूमिका निभाई. उन्हें 2014 में भोजपुरी सिनेमा में दिनेश लाल यादव की फिल्म 'निरहुआ रिक्शावाला' से प्रसिद्धि मिली. वर्ष 2015 में उन्हें भोजपुरी इंटरनेशनल फिल्म अवार्डस (बीआईएफए) में फिल्म 'निरहुआ हिंदुस्तानी' के लिए सर्वश्रेष्ठ डेब्यू अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आम्रपाली दुबे ने मचाई धूम उनका डांस वीडियो हो रहा है वायरल लोगों को खूब पसंद आ रहा है उनका डांस
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरचार्ज के नाम पर दुगना पैसा वसूल करने वाले ओला-उबर टैक्सी कंपनियों पर न्याय भूमि नामक संस्था ने 9000 करोड़ रुपए का हर्जाना नेशनल कंज्यूमर कमीशन में ठोंका है. इस मामले पर न्याय भूमि संस्था को आम आदमी पार्टी से निष्कासित विधायक कैप्टन देवेंद्र सहरावत का साथ भी मिला है. कैप्टन सहरावत का कहना है कि दिल्ली सरकार की मिलीभगत से ये एप आधारित टैक्सी कंपनियां दिल्ली में मोटा मुनाफा कमा रही हैं. शिकायत में दिल्ली सरकार के उस नोटिफिकेशन का हवाला दिया गया है जिसमें रेडियो टैक्सी के लिए 23 रुपए प्रति किमी और किफायती टैक्सी के लिए साढ़े बारह रुपए प्रति किमी तय किया गया है. शिकायत में हाई कोर्ट के उस फैसले का भी जिक्र किया गया है जिसमें निर्देश दिया गया था कि सरकारी तयशुदा रकम से ज्यादा टैक्सी कंपनियां लोगों से पैसा नहीं वसूल सकती है.टिप्पणियां न्याय भूमि के सचिव राकेश अग्रवाल बताते हैं कि बीते तीन साल में ओला और उबर ने सरचार्ज के नाम पर 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि वसूल की है. इसी के चलते हमने याचिका दायर करके लोगों का ये पैसा लौटाने को कहा है. इसमें ये भी कहा गया है कि ओला-उबर के आने से देशभर के एक करोड़ ऑटो टैक्सी ड्राइवरों की रोजी-रोटी भी खतरे में पड़ गई है. हालांकि ओला-उबर लोगों को बेहतर और सस्ती सुविधाएं दे रही हैं. इस सवाल के जवाब में न्याय भूमि संस्था का कहना है कि फिलहाल कंपटीशन को खत्म करने के लिए उबर बाजार में पच्चीस हजार करोड़ रुपए झोंक रहा है, लेकिन जैसे ही टैक्सी व्यवसाय में उसका एकाधिकार हो जाएगा. चीन की तर्ज पर लोगों को सस्ती टैक्सी सुविधाएं खत्म हो जाएगी. कैप्टन सहरावत का कहना है कि दिल्ली सरकार की मिलीभगत से ये एप आधारित टैक्सी कंपनियां दिल्ली में मोटा मुनाफा कमा रही हैं. शिकायत में दिल्ली सरकार के उस नोटिफिकेशन का हवाला दिया गया है जिसमें रेडियो टैक्सी के लिए 23 रुपए प्रति किमी और किफायती टैक्सी के लिए साढ़े बारह रुपए प्रति किमी तय किया गया है. शिकायत में हाई कोर्ट के उस फैसले का भी जिक्र किया गया है जिसमें निर्देश दिया गया था कि सरकारी तयशुदा रकम से ज्यादा टैक्सी कंपनियां लोगों से पैसा नहीं वसूल सकती है.टिप्पणियां न्याय भूमि के सचिव राकेश अग्रवाल बताते हैं कि बीते तीन साल में ओला और उबर ने सरचार्ज के नाम पर 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि वसूल की है. इसी के चलते हमने याचिका दायर करके लोगों का ये पैसा लौटाने को कहा है. इसमें ये भी कहा गया है कि ओला-उबर के आने से देशभर के एक करोड़ ऑटो टैक्सी ड्राइवरों की रोजी-रोटी भी खतरे में पड़ गई है. हालांकि ओला-उबर लोगों को बेहतर और सस्ती सुविधाएं दे रही हैं. इस सवाल के जवाब में न्याय भूमि संस्था का कहना है कि फिलहाल कंपटीशन को खत्म करने के लिए उबर बाजार में पच्चीस हजार करोड़ रुपए झोंक रहा है, लेकिन जैसे ही टैक्सी व्यवसाय में उसका एकाधिकार हो जाएगा. चीन की तर्ज पर लोगों को सस्ती टैक्सी सुविधाएं खत्म हो जाएगी. शिकायत में हाई कोर्ट के उस फैसले का भी जिक्र किया गया है जिसमें निर्देश दिया गया था कि सरकारी तयशुदा रकम से ज्यादा टैक्सी कंपनियां लोगों से पैसा नहीं वसूल सकती है.टिप्पणियां न्याय भूमि के सचिव राकेश अग्रवाल बताते हैं कि बीते तीन साल में ओला और उबर ने सरचार्ज के नाम पर 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि वसूल की है. इसी के चलते हमने याचिका दायर करके लोगों का ये पैसा लौटाने को कहा है. इसमें ये भी कहा गया है कि ओला-उबर के आने से देशभर के एक करोड़ ऑटो टैक्सी ड्राइवरों की रोजी-रोटी भी खतरे में पड़ गई है. हालांकि ओला-उबर लोगों को बेहतर और सस्ती सुविधाएं दे रही हैं. इस सवाल के जवाब में न्याय भूमि संस्था का कहना है कि फिलहाल कंपटीशन को खत्म करने के लिए उबर बाजार में पच्चीस हजार करोड़ रुपए झोंक रहा है, लेकिन जैसे ही टैक्सी व्यवसाय में उसका एकाधिकार हो जाएगा. चीन की तर्ज पर लोगों को सस्ती टैक्सी सुविधाएं खत्म हो जाएगी. न्याय भूमि के सचिव राकेश अग्रवाल बताते हैं कि बीते तीन साल में ओला और उबर ने सरचार्ज के नाम पर 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि वसूल की है. इसी के चलते हमने याचिका दायर करके लोगों का ये पैसा लौटाने को कहा है. इसमें ये भी कहा गया है कि ओला-उबर के आने से देशभर के एक करोड़ ऑटो टैक्सी ड्राइवरों की रोजी-रोटी भी खतरे में पड़ गई है. हालांकि ओला-उबर लोगों को बेहतर और सस्ती सुविधाएं दे रही हैं. इस सवाल के जवाब में न्याय भूमि संस्था का कहना है कि फिलहाल कंपटीशन को खत्म करने के लिए उबर बाजार में पच्चीस हजार करोड़ रुपए झोंक रहा है, लेकिन जैसे ही टैक्सी व्यवसाय में उसका एकाधिकार हो जाएगा. चीन की तर्ज पर लोगों को सस्ती टैक्सी सुविधाएं खत्म हो जाएगी. हालांकि ओला-उबर लोगों को बेहतर और सस्ती सुविधाएं दे रही हैं. इस सवाल के जवाब में न्याय भूमि संस्था का कहना है कि फिलहाल कंपटीशन को खत्म करने के लिए उबर बाजार में पच्चीस हजार करोड़ रुपए झोंक रहा है, लेकिन जैसे ही टैक्सी व्यवसाय में उसका एकाधिकार हो जाएगा. चीन की तर्ज पर लोगों को सस्ती टैक्सी सुविधाएं खत्म हो जाएगी.
सारांश: सर्जचार्ज के नाम पर दुगना पैसा वसूला न्याय भूमि नामक संस्था ने 9000 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा न्याय भूमि नामक संस्था ने 9000 करोड़ रुपए का किया केस
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों (Maharashtra Assembly Election Results 2019) में सत्तारूढ़ बीजेपी और शिवसेना (BJP-Shiv Sena) बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है. बीजेपी और शिवसेना राज्य की कुल 288 सीटों में से 161 पर जीत दर्ज करने में सफल रही. चुनाव आयोग के मुताबिक बीजेपी ने 105 सीटों पर जीत दर्ज की. इसी तरह शिवसेना के खाते में 56 सीटें गई हैं. कांग्रेस की बात करें तो पार्टी को 44 सीटों पर जीत मिली है. इसी तरह एनसीपी ने 53 सीटों पर जीत हासिल की है और 01 सीट पर पार्टी के उम्मीदवार आगे है. इसी तरह, निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में 13 सीटें गई हैं. वहीं, राज ठाकरे की पार्टी मनसे (महाराष्ट्र नव निर्माण सेना) भी एक सीट जीतने में सफल रही है.  दूसरी तरफ, हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों (Haryana Assembly Elections 2019) की बात करें तो सत्तारूढ़ बीजेपी को कुल 40 सीटें मिली हैं. हालांकि पार्टी बहुमत के लिए जरूरी 46 सीटों के आंकड़े से पीछे रह गई है. इसी तरह मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को 31 सीटें मिली हैं. इन चुनावों में पिछली बार के मुकाबले कांग्रेस को 16 सीटों का फायदा हुआ है. पिछली बार कांग्रेस को सिर्फ 15 सीटें ही मिली थीं.  हरियाणा में सत्ता की चाबी जेजेपी (JJP) के हाथों में जाती दिखाई दे रही है. पार्टी ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की है. इसी तरह राज्य में 7 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई हैं.
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना को बहुमत हरियाणा में फंसी सत्तारूढ़ बीजेपी की गाड़ी हरियाणा में अबतक किसी को बहुमत नहीं
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['hin']
एक सारांश बनाओ: मणिपुर में सेना द्वारा फर्जी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एलओसी पर कौन फायर करेगा, यह कोर्ट फैसला नहीं कर सकता. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को संसद द्वारा दिए गए अधिकारों से ज्यादा अधिकार देना एक तरह से न्यायिक कानून बनाना होगा. केंद्र की ओर से  एटार्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने यह दलील उस मुद्दे पर दी जिसमें कहा गया कि एनकाउंटरों की जांच एसआईटी से कराई जाए या फिर एनएचआरसी से. एजी ने कहा कि मणिपुर एनकाउंटर की जांच  मानवाधिकार आयोग से नहीं कराई जा सकती और ना ही उसकी सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य किया जा सकता है. वहीं मानवाधिकार आयोग की ओर से कहा गया कि वह एनकाउंटर की जांच करने को तैयार है भले ही उसके पास लोगों की कमी है. साथ ही यह भी कहा गया कि उसकी सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी हैं. सुप्रीम कोर्ट इस मामले की 26 और 27 सितंबर को सुनवाई करेगा. मणिपुर में सेना द्वारा फर्जी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने  फैसला देते हुए कहा था कि अगर 'आफ्सपा' लगा है और इलाका डिस्टर्ब एरिया के तहत क्लासीफाइड भी है तो भी सेना या पुलिस अत्याधिक फोर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकते. कोर्ट ने यह भी कहा था कि क्रिमिनल कोर्ट को एनकाउंटर मामलों के ट्रायल का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेना और पुलिस के ज्यादा फोर्स और एनकाउंटरों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. कौन सी एजेंसी यह जांच करेगी, यह कोर्ट बाद में तय करेगा.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के 1528 एनकाउंटरों की विस्तृत जानकारी भी मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 'अमाइक्स क्यूरी' से उन सब 62 मामलों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी जिन्हें जस्टिस संतोष हेगड़े या एनएचआरसी ने फर्जी बताया था. कोर्ट ने कहा था सेना हर केस में कोर्ट आफ इंक्वायरी करने को स्वतंत्र है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में एनकाउंटर मामलों की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग की गई थी. सेना पर 2000 से 2012 के बीच करीब 1500 लोगों का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है. हालांकि सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत यह एनकाउंटर किए थे. यह कार्रवाई सेना को विदेशी ताकतों को रोकने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए करनी पड़ी. वर्ष 2013 में बनाई गई जस्टिस संतोष हेगड़े की कमेटी ने 1500 एनकाउंटरों की जांच की सिफारिश की थी. केंद्र ने इस रिपोर्ट को रद्द करने की मांग की है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने करीब आठ मामलो की जांच के आदेश दिए थे. केंद्र की ओर से  एटार्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने यह दलील उस मुद्दे पर दी जिसमें कहा गया कि एनकाउंटरों की जांच एसआईटी से कराई जाए या फिर एनएचआरसी से. एजी ने कहा कि मणिपुर एनकाउंटर की जांच  मानवाधिकार आयोग से नहीं कराई जा सकती और ना ही उसकी सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य किया जा सकता है. वहीं मानवाधिकार आयोग की ओर से कहा गया कि वह एनकाउंटर की जांच करने को तैयार है भले ही उसके पास लोगों की कमी है. साथ ही यह भी कहा गया कि उसकी सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी हैं. सुप्रीम कोर्ट इस मामले की 26 और 27 सितंबर को सुनवाई करेगा. मणिपुर में सेना द्वारा फर्जी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने  फैसला देते हुए कहा था कि अगर 'आफ्सपा' लगा है और इलाका डिस्टर्ब एरिया के तहत क्लासीफाइड भी है तो भी सेना या पुलिस अत्याधिक फोर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकते. कोर्ट ने यह भी कहा था कि क्रिमिनल कोर्ट को एनकाउंटर मामलों के ट्रायल का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेना और पुलिस के ज्यादा फोर्स और एनकाउंटरों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. कौन सी एजेंसी यह जांच करेगी, यह कोर्ट बाद में तय करेगा.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के 1528 एनकाउंटरों की विस्तृत जानकारी भी मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 'अमाइक्स क्यूरी' से उन सब 62 मामलों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी जिन्हें जस्टिस संतोष हेगड़े या एनएचआरसी ने फर्जी बताया था. कोर्ट ने कहा था सेना हर केस में कोर्ट आफ इंक्वायरी करने को स्वतंत्र है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में एनकाउंटर मामलों की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग की गई थी. सेना पर 2000 से 2012 के बीच करीब 1500 लोगों का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है. हालांकि सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत यह एनकाउंटर किए थे. यह कार्रवाई सेना को विदेशी ताकतों को रोकने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए करनी पड़ी. वर्ष 2013 में बनाई गई जस्टिस संतोष हेगड़े की कमेटी ने 1500 एनकाउंटरों की जांच की सिफारिश की थी. केंद्र ने इस रिपोर्ट को रद्द करने की मांग की है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने करीब आठ मामलो की जांच के आदेश दिए थे. वहीं मानवाधिकार आयोग की ओर से कहा गया कि वह एनकाउंटर की जांच करने को तैयार है भले ही उसके पास लोगों की कमी है. साथ ही यह भी कहा गया कि उसकी सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी हैं. सुप्रीम कोर्ट इस मामले की 26 और 27 सितंबर को सुनवाई करेगा. मणिपुर में सेना द्वारा फर्जी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने  फैसला देते हुए कहा था कि अगर 'आफ्सपा' लगा है और इलाका डिस्टर्ब एरिया के तहत क्लासीफाइड भी है तो भी सेना या पुलिस अत्याधिक फोर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकते. कोर्ट ने यह भी कहा था कि क्रिमिनल कोर्ट को एनकाउंटर मामलों के ट्रायल का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेना और पुलिस के ज्यादा फोर्स और एनकाउंटरों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. कौन सी एजेंसी यह जांच करेगी, यह कोर्ट बाद में तय करेगा.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के 1528 एनकाउंटरों की विस्तृत जानकारी भी मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 'अमाइक्स क्यूरी' से उन सब 62 मामलों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी जिन्हें जस्टिस संतोष हेगड़े या एनएचआरसी ने फर्जी बताया था. कोर्ट ने कहा था सेना हर केस में कोर्ट आफ इंक्वायरी करने को स्वतंत्र है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में एनकाउंटर मामलों की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग की गई थी. सेना पर 2000 से 2012 के बीच करीब 1500 लोगों का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है. हालांकि सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत यह एनकाउंटर किए थे. यह कार्रवाई सेना को विदेशी ताकतों को रोकने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए करनी पड़ी. वर्ष 2013 में बनाई गई जस्टिस संतोष हेगड़े की कमेटी ने 1500 एनकाउंटरों की जांच की सिफारिश की थी. केंद्र ने इस रिपोर्ट को रद्द करने की मांग की है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने करीब आठ मामलो की जांच के आदेश दिए थे. मणिपुर में सेना द्वारा फर्जी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने  फैसला देते हुए कहा था कि अगर 'आफ्सपा' लगा है और इलाका डिस्टर्ब एरिया के तहत क्लासीफाइड भी है तो भी सेना या पुलिस अत्याधिक फोर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकते. कोर्ट ने यह भी कहा था कि क्रिमिनल कोर्ट को एनकाउंटर मामलों के ट्रायल का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेना और पुलिस के ज्यादा फोर्स और एनकाउंटरों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. कौन सी एजेंसी यह जांच करेगी, यह कोर्ट बाद में तय करेगा.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के 1528 एनकाउंटरों की विस्तृत जानकारी भी मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 'अमाइक्स क्यूरी' से उन सब 62 मामलों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी जिन्हें जस्टिस संतोष हेगड़े या एनएचआरसी ने फर्जी बताया था. कोर्ट ने कहा था सेना हर केस में कोर्ट आफ इंक्वायरी करने को स्वतंत्र है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में एनकाउंटर मामलों की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग की गई थी. सेना पर 2000 से 2012 के बीच करीब 1500 लोगों का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है. हालांकि सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत यह एनकाउंटर किए थे. यह कार्रवाई सेना को विदेशी ताकतों को रोकने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए करनी पड़ी. वर्ष 2013 में बनाई गई जस्टिस संतोष हेगड़े की कमेटी ने 1500 एनकाउंटरों की जांच की सिफारिश की थी. केंद्र ने इस रिपोर्ट को रद्द करने की मांग की है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने करीब आठ मामलो की जांच के आदेश दिए थे. सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के 1528 एनकाउंटरों की विस्तृत जानकारी भी मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 'अमाइक्स क्यूरी' से उन सब 62 मामलों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी जिन्हें जस्टिस संतोष हेगड़े या एनएचआरसी ने फर्जी बताया था. कोर्ट ने कहा था सेना हर केस में कोर्ट आफ इंक्वायरी करने को स्वतंत्र है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में एनकाउंटर मामलों की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग की गई थी. सेना पर 2000 से 2012 के बीच करीब 1500 लोगों का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है. हालांकि सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत यह एनकाउंटर किए थे. यह कार्रवाई सेना को विदेशी ताकतों को रोकने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए करनी पड़ी. वर्ष 2013 में बनाई गई जस्टिस संतोष हेगड़े की कमेटी ने 1500 एनकाउंटरों की जांच की सिफारिश की थी. केंद्र ने इस रिपोर्ट को रद्द करने की मांग की है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने करीब आठ मामलो की जांच के आदेश दिए थे. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में एनकाउंटर मामलों की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग की गई थी. सेना पर 2000 से 2012 के बीच करीब 1500 लोगों का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है. हालांकि सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत यह एनकाउंटर किए थे. यह कार्रवाई सेना को विदेशी ताकतों को रोकने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए करनी पड़ी. वर्ष 2013 में बनाई गई जस्टिस संतोष हेगड़े की कमेटी ने 1500 एनकाउंटरों की जांच की सिफारिश की थी. केंद्र ने इस रिपोर्ट को रद्द करने की मांग की है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने करीब आठ मामलो की जांच के आदेश दिए थे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मणिपुर में सेना द्वारा फर्जी एनकाउंटर मामले पर याचिका की सुनवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से नहीं कराई जा सकती जांच सेना पर करीब 1500 लोगों का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय खेलमंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार सुबह राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से जुड़ी फाइल को मंजूरी दे दी और इस बारे में एक आधिकारिक घोषणा शाम तक होने की उम्मीद है। पूर्व बिलियर्ड्स चैंपियन माइकल फरेरा की अध्यक्षता में बनाई गई समिति द्वारा जिस सूची को अंतिम रूप दिया गया था, उसमें अटकलों के बावजूद कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस फैसले से उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जिनके मुताबिक कहा जा रहा था कि खेल मंत्रालय निशानेबाज रोंजन सिंह सोढी के साथ-साथ राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार एथलीट कृष्णा पूनिया को भी देने पर विचार कर रहा है।टिप्पणियां मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति ने इस महीने के शुरू में जो सिफारिश की थी, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया और विकलांग खिलाड़ी एचएन गिरीश द्वारा मंत्रालय में की गई शिकायत के बाद उसकी घोषणा में थोड़ा विलंब हुआ। अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, "हमने उनकी शिकायतों पर विचार किया और इसी कारण पुरस्कारों की घोषणा में विलंब हुआ... लेकिन हमने पाया कि केवल एक ही खिलाड़ी को पुरस्कार दिया जा सकता है, इसलिए समिति की सिफारिशों में कोई बदलाव नहीं किया गया और इसकी घोषणा आज (गुरुवार को) होगी..." पूर्व बिलियर्ड्स चैंपियन माइकल फरेरा की अध्यक्षता में बनाई गई समिति द्वारा जिस सूची को अंतिम रूप दिया गया था, उसमें अटकलों के बावजूद कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस फैसले से उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जिनके मुताबिक कहा जा रहा था कि खेल मंत्रालय निशानेबाज रोंजन सिंह सोढी के साथ-साथ राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार एथलीट कृष्णा पूनिया को भी देने पर विचार कर रहा है।टिप्पणियां मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति ने इस महीने के शुरू में जो सिफारिश की थी, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया और विकलांग खिलाड़ी एचएन गिरीश द्वारा मंत्रालय में की गई शिकायत के बाद उसकी घोषणा में थोड़ा विलंब हुआ। अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, "हमने उनकी शिकायतों पर विचार किया और इसी कारण पुरस्कारों की घोषणा में विलंब हुआ... लेकिन हमने पाया कि केवल एक ही खिलाड़ी को पुरस्कार दिया जा सकता है, इसलिए समिति की सिफारिशों में कोई बदलाव नहीं किया गया और इसकी घोषणा आज (गुरुवार को) होगी..." इस फैसले से उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जिनके मुताबिक कहा जा रहा था कि खेल मंत्रालय निशानेबाज रोंजन सिंह सोढी के साथ-साथ राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार एथलीट कृष्णा पूनिया को भी देने पर विचार कर रहा है।टिप्पणियां मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति ने इस महीने के शुरू में जो सिफारिश की थी, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया और विकलांग खिलाड़ी एचएन गिरीश द्वारा मंत्रालय में की गई शिकायत के बाद उसकी घोषणा में थोड़ा विलंब हुआ। अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, "हमने उनकी शिकायतों पर विचार किया और इसी कारण पुरस्कारों की घोषणा में विलंब हुआ... लेकिन हमने पाया कि केवल एक ही खिलाड़ी को पुरस्कार दिया जा सकता है, इसलिए समिति की सिफारिशों में कोई बदलाव नहीं किया गया और इसकी घोषणा आज (गुरुवार को) होगी..." मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति ने इस महीने के शुरू में जो सिफारिश की थी, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया और विकलांग खिलाड़ी एचएन गिरीश द्वारा मंत्रालय में की गई शिकायत के बाद उसकी घोषणा में थोड़ा विलंब हुआ। अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, "हमने उनकी शिकायतों पर विचार किया और इसी कारण पुरस्कारों की घोषणा में विलंब हुआ... लेकिन हमने पाया कि केवल एक ही खिलाड़ी को पुरस्कार दिया जा सकता है, इसलिए समिति की सिफारिशों में कोई बदलाव नहीं किया गया और इसकी घोषणा आज (गुरुवार को) होगी..." अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, "हमने उनकी शिकायतों पर विचार किया और इसी कारण पुरस्कारों की घोषणा में विलंब हुआ... लेकिन हमने पाया कि केवल एक ही खिलाड़ी को पुरस्कार दिया जा सकता है, इसलिए समिति की सिफारिशों में कोई बदलाव नहीं किया गया और इसकी घोषणा आज (गुरुवार को) होगी..."
संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय खेलमंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार सुबह राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से जुड़ी फाइल को मंजूरी दे दी और इस बारे में एक आधिकारिक घोषणा शाम तक होने की उम्मीद है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यहां स्थित बांबे हाउस में टाटा संस के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री की फोटो लेने की कोशिश कर रहे फोटोग्राफरों तथा सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्कामुक्की हो गई. इसमें एक फोटोग्राफर को चोटें आईं. बांबे हाउस टाटा ग्रुप का मुख्यालय है. मिस्त्री यहां समूह की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड की बोर्ड बैठक में भाग लेने आए थे. जैसे ही वह मुख्यालय पहुंचे फोटोग्राफर उनकी फोटो लेने के लिए तय घेरे से आगे चले गए. इस पर वहां मौजूदा सुरक्षाकर्मियों से उनकी धक्कामुक्की हो गई. इस दौरान एक अंग्रेजी दैनिक अखबार से जुड़ा एक फोटोग्राफर चोटिल हुआ व उसके कैमरे आदि को नुकसान पहुंचा. इसके अलावा कई अन्‍य मीडिया संस्‍थानों से जुड़े फोटोग्राफर के कैमरों को भी नुकसान हुआ. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से हालात पर काबू पाया गया. चार सुरक्षाकर्मियों व तीन फोटोग्राफर की चिकित्सकीय जांच करवाई गई. इस बीच लंदन से मिले एक समाचार के अनुसार, टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह के साथ बनाए रखना चाहते हैं और इस बारे में कोई फैसला चार सप्ताह में कर लिया जाएगा.टिप्पणियां गार्डियन अखबार ने इस बारे में एक रपट प्रकाशित की है. इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रतन टाटा, ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह में ही बनाए रखना चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बांबे हाउस टाटा ग्रुप का मुख्यालय है. मिस्त्री यहां समूह की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड की बोर्ड बैठक में भाग लेने आए थे. जैसे ही वह मुख्यालय पहुंचे फोटोग्राफर उनकी फोटो लेने के लिए तय घेरे से आगे चले गए. इस पर वहां मौजूदा सुरक्षाकर्मियों से उनकी धक्कामुक्की हो गई. इस दौरान एक अंग्रेजी दैनिक अखबार से जुड़ा एक फोटोग्राफर चोटिल हुआ व उसके कैमरे आदि को नुकसान पहुंचा. इसके अलावा कई अन्‍य मीडिया संस्‍थानों से जुड़े फोटोग्राफर के कैमरों को भी नुकसान हुआ. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से हालात पर काबू पाया गया. चार सुरक्षाकर्मियों व तीन फोटोग्राफर की चिकित्सकीय जांच करवाई गई. इस बीच लंदन से मिले एक समाचार के अनुसार, टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह के साथ बनाए रखना चाहते हैं और इस बारे में कोई फैसला चार सप्ताह में कर लिया जाएगा.टिप्पणियां गार्डियन अखबार ने इस बारे में एक रपट प्रकाशित की है. इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रतन टाटा, ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह में ही बनाए रखना चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जैसे ही वह मुख्यालय पहुंचे फोटोग्राफर उनकी फोटो लेने के लिए तय घेरे से आगे चले गए. इस पर वहां मौजूदा सुरक्षाकर्मियों से उनकी धक्कामुक्की हो गई. इस दौरान एक अंग्रेजी दैनिक अखबार से जुड़ा एक फोटोग्राफर चोटिल हुआ व उसके कैमरे आदि को नुकसान पहुंचा. इसके अलावा कई अन्‍य मीडिया संस्‍थानों से जुड़े फोटोग्राफर के कैमरों को भी नुकसान हुआ. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से हालात पर काबू पाया गया. चार सुरक्षाकर्मियों व तीन फोटोग्राफर की चिकित्सकीय जांच करवाई गई. इस बीच लंदन से मिले एक समाचार के अनुसार, टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह के साथ बनाए रखना चाहते हैं और इस बारे में कोई फैसला चार सप्ताह में कर लिया जाएगा.टिप्पणियां गार्डियन अखबार ने इस बारे में एक रपट प्रकाशित की है. इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रतन टाटा, ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह में ही बनाए रखना चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से हालात पर काबू पाया गया. चार सुरक्षाकर्मियों व तीन फोटोग्राफर की चिकित्सकीय जांच करवाई गई. इस बीच लंदन से मिले एक समाचार के अनुसार, टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह के साथ बनाए रखना चाहते हैं और इस बारे में कोई फैसला चार सप्ताह में कर लिया जाएगा.टिप्पणियां गार्डियन अखबार ने इस बारे में एक रपट प्रकाशित की है. इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रतन टाटा, ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह में ही बनाए रखना चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच लंदन से मिले एक समाचार के अनुसार, टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह के साथ बनाए रखना चाहते हैं और इस बारे में कोई फैसला चार सप्ताह में कर लिया जाएगा.टिप्पणियां गार्डियन अखबार ने इस बारे में एक रपट प्रकाशित की है. इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रतन टाटा, ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह में ही बनाए रखना चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गार्डियन अखबार ने इस बारे में एक रपट प्रकाशित की है. इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रतन टाटा, ब्रिटेन में कंपनी के इस्पात कारोबार को समूह में ही बनाए रखना चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फोटोग्राफरों के मिस्त्री की फोटो लेने की कोशिश के दौरान हुई घटना. एक अंग्रेजी दैनिक से जुड़ा फोटोग्राफर चोटिल हुआ, कैमरे को नुकसान पहुंचा. चार सुरक्षाकर्मियों व तीन फोटोग्राफरों की चिकित्सकीय जांच करवाई गई.
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ओपन युग में ग्रैंडस्लैम जीतने वाले उम्रदराज खिलाड़ी भारत के शीर्ष टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने 'स्वस्थ जीवनशैली' अपनाकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लंबा करने का श्रेय अपनी पूर्व मिश्रित युगल जोड़ीदार मार्टिना नवरातिलोवा को दिया। पेस ने अमेरिकी ओपन में पुरुष युगल ट्रॉफी जीतकर लौटने के बाद पत्रकारों से कहा, मार्टिना के साथ इतने साल तक खेलकर मैंने काफी कुछ सीखा। वह निश्चित रूप से मेरे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा रही, जिससे मैं अपने खेल को बेहतर कर सका और स्वस्थ्य रह सका। मैंने उनसे स्वस्थ जीवन शैली और टेनिस को बेहतर करने के बारे में सीखा। पेस और नवरातिलोवा की जोड़ी दो ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम करने के अलावा दो बार उप विजेता भी रह चुकी है। वह रविवार को अमेरिकी ओपन में चेक गणराज्य के जोड़ीदार राडेक स्टेपनेक के साथ मिलकर युगल खिताब जीतने से ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले उम्रदराज खिलाड़ी बन गए।टिप्पणियां पेस ने कहा, मुझे पता नहीं था कि मैं 40 साल की उम्र में ग्रैंडस्लैम जीतने वाला ओपन युग का पहला व्यक्ति था। मैं सिर्फ इतना जानता था कि यह पूरा साल कोर्ट के बाहर और अंदर काफी खराब रहा। यह काफी कठिन वर्ष रहा है। उन्होंने कहा, मांट्रियल में कनाडा ओपन में मेरा पहला हफ्ता अच्छा नहीं रहा और सिनसिनाटी में भी यह हफ्ता औसत रहा (जिसमें मैं क्वार्टरफाइनल में पहुंचा)। इसलिए मैंने अतिरिक्त टूर्नामेंट (विंस्टन-सलेम ओपन) जोड़ा और नए जोड़ीदार डेनियल नेस्टर के साथ खेला, जिसमें हमने जीत दर्ज की। ऐसा लगता है कि इससे ही लय शुरू हुई। पेस ने अमेरिकी ओपन में पुरुष युगल ट्रॉफी जीतकर लौटने के बाद पत्रकारों से कहा, मार्टिना के साथ इतने साल तक खेलकर मैंने काफी कुछ सीखा। वह निश्चित रूप से मेरे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा रही, जिससे मैं अपने खेल को बेहतर कर सका और स्वस्थ्य रह सका। मैंने उनसे स्वस्थ जीवन शैली और टेनिस को बेहतर करने के बारे में सीखा। पेस और नवरातिलोवा की जोड़ी दो ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम करने के अलावा दो बार उप विजेता भी रह चुकी है। वह रविवार को अमेरिकी ओपन में चेक गणराज्य के जोड़ीदार राडेक स्टेपनेक के साथ मिलकर युगल खिताब जीतने से ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले उम्रदराज खिलाड़ी बन गए।टिप्पणियां पेस ने कहा, मुझे पता नहीं था कि मैं 40 साल की उम्र में ग्रैंडस्लैम जीतने वाला ओपन युग का पहला व्यक्ति था। मैं सिर्फ इतना जानता था कि यह पूरा साल कोर्ट के बाहर और अंदर काफी खराब रहा। यह काफी कठिन वर्ष रहा है। उन्होंने कहा, मांट्रियल में कनाडा ओपन में मेरा पहला हफ्ता अच्छा नहीं रहा और सिनसिनाटी में भी यह हफ्ता औसत रहा (जिसमें मैं क्वार्टरफाइनल में पहुंचा)। इसलिए मैंने अतिरिक्त टूर्नामेंट (विंस्टन-सलेम ओपन) जोड़ा और नए जोड़ीदार डेनियल नेस्टर के साथ खेला, जिसमें हमने जीत दर्ज की। ऐसा लगता है कि इससे ही लय शुरू हुई। पेस और नवरातिलोवा की जोड़ी दो ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम करने के अलावा दो बार उप विजेता भी रह चुकी है। वह रविवार को अमेरिकी ओपन में चेक गणराज्य के जोड़ीदार राडेक स्टेपनेक के साथ मिलकर युगल खिताब जीतने से ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले उम्रदराज खिलाड़ी बन गए।टिप्पणियां पेस ने कहा, मुझे पता नहीं था कि मैं 40 साल की उम्र में ग्रैंडस्लैम जीतने वाला ओपन युग का पहला व्यक्ति था। मैं सिर्फ इतना जानता था कि यह पूरा साल कोर्ट के बाहर और अंदर काफी खराब रहा। यह काफी कठिन वर्ष रहा है। उन्होंने कहा, मांट्रियल में कनाडा ओपन में मेरा पहला हफ्ता अच्छा नहीं रहा और सिनसिनाटी में भी यह हफ्ता औसत रहा (जिसमें मैं क्वार्टरफाइनल में पहुंचा)। इसलिए मैंने अतिरिक्त टूर्नामेंट (विंस्टन-सलेम ओपन) जोड़ा और नए जोड़ीदार डेनियल नेस्टर के साथ खेला, जिसमें हमने जीत दर्ज की। ऐसा लगता है कि इससे ही लय शुरू हुई। पेस ने कहा, मुझे पता नहीं था कि मैं 40 साल की उम्र में ग्रैंडस्लैम जीतने वाला ओपन युग का पहला व्यक्ति था। मैं सिर्फ इतना जानता था कि यह पूरा साल कोर्ट के बाहर और अंदर काफी खराब रहा। यह काफी कठिन वर्ष रहा है। उन्होंने कहा, मांट्रियल में कनाडा ओपन में मेरा पहला हफ्ता अच्छा नहीं रहा और सिनसिनाटी में भी यह हफ्ता औसत रहा (जिसमें मैं क्वार्टरफाइनल में पहुंचा)। इसलिए मैंने अतिरिक्त टूर्नामेंट (विंस्टन-सलेम ओपन) जोड़ा और नए जोड़ीदार डेनियल नेस्टर के साथ खेला, जिसमें हमने जीत दर्ज की। ऐसा लगता है कि इससे ही लय शुरू हुई। उन्होंने कहा, मांट्रियल में कनाडा ओपन में मेरा पहला हफ्ता अच्छा नहीं रहा और सिनसिनाटी में भी यह हफ्ता औसत रहा (जिसमें मैं क्वार्टरफाइनल में पहुंचा)। इसलिए मैंने अतिरिक्त टूर्नामेंट (विंस्टन-सलेम ओपन) जोड़ा और नए जोड़ीदार डेनियल नेस्टर के साथ खेला, जिसमें हमने जीत दर्ज की। ऐसा लगता है कि इससे ही लय शुरू हुई।
ओपन युग में ग्रैंडस्लैम जीतने वाले उम्रदराज खिलाड़ी भारत के शीर्ष टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने 'स्वस्थ जीवनशैली' अपनाकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लंबा करने का श्रेय अपनी पूर्व मिश्रित युगल जोड़ीदार मार्टिना नवरातिलोवा को दिया।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: कोच्चि टस्कर्स को उसी के घरेलू मैदान पर हराने के बाद डेक्कन चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा ने अपने गेंदबाजों को जीत का श्रेय दिया। संगकारा ने कहा, डेल स्टेन और ईशांत दोनों ने पहले छह ओवर में शानदार गेंदबाजी की। डेक्कन चार्जर्स ने कोच्चि को बुधवार को यहां खेले गए आईपीएल मैच में 55 रन से हरा दिया जिसमें जीत के नायक तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा रहे जिन्होंने पांच विकेट लिए। संगकारा ने कोच डेरेन लीमैन की तारीफ करते हुए कहा, लीमैन को क्रिकेट की जबर्दस्त समझ है। हमने जब बल्लेबाजी की तो लगा 130.140 अच्छा स्कोर होगा। बाद में लीमैन ने गेंदबाजों से सही लाइन और लैंग्थ पर ध्यान देने के लिए कहा और नतीजा सामने है। चार मैच हारने के बाद मिली जीत पर उन्होंने कहा, हमें लगातार अच्छा खेलते रहना होगा। वहीं कोच्चि के कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि ईशांत ने उनसे मैच छीन लिया। उन्होंने कहा, गेंदबाजों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। हमें पता था कि उनके पास अच्छे गेंदबाज है और ईशांत ने तो जबर्दस्त गेंदबाजी की। पिच से गेंदबाजों को अपेक्षा से अधिक उछाल मिला।
कोच्चि टस्कर्स को उसी के घरेलू मैदान पर हराने के बाद डेक्कन चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा ने अपने गेंदबाजों को जीत का श्रेय दिया।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आर्थिक सुधारों की गाड़ी अटकने को लेकर बढ़ती आशंकाओं को दरकिनार करते हुए वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि सरकार संसद के आगामी सत्र में कई आर्थिक विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है। मुखर्जी ने संवाददाताओं के पूछने पर कहा, हमने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खाद्य सुरक्षा विधेयक और खनन और खनिज विकास एवं नियमन विधेयक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा संसद के पिछले सत्र में मैंने बीमा, बैंकिंग संशोधन विधेयक और जीएसटी के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किए हैं। संसद का मॉनसून सत्र 1 अगस्त से शुरू होने की उम्मीद है और इसके हंगामी रहने की आशंका बनी हुई है। मुखर्जी ने विश्वास व्यक्त किया कि अर्थव्यवस्था जल्द ही वैश्विक वित्तीय संकट से पूर्व की स्थिति में आ जाएगी और 9 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ने लगेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऊंची मुद्रास्फीति लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। मुखर्जी ने इस प्रकार के भी संकेत दिए कि महंगाई पर अंकुश के लिए रिजर्व बैंक प्रमुख नीतिगत दरों में और वृद्धि कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि अंतिम नहीं हो सकती, ऐसा नहीं लगता है कि यह अंतिम छोर पर पहुंच चुकी है। वित्तमंत्री से जब यह पूछा गया कि वह रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में आधा प्रतिशत अंक वृद्धि से हैरान हैं, तो उन्होंने जवाब में कहा, मैं नहीं कह सकता कि इससे मुझे आश्चर्य हुआ, इसमें कोई शंका नहीं कि वृद्धि ज्यादा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह जरूरी भी थी।
आर्थिक सुधारों के अटकने की आशंकाओं को खारिज करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार आगामी सत्र में कई आर्थिक बिलों को पेश करने की तैयारी में है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: होंडुरास की एक जेल में लगी आग में 300 से ज्यादा कैदियों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य झुलस गये हैं। राष्ट्रीय जेल प्रणाली के प्रमुख डेनिलो आरेलान्डा ने बताया कि आग कामायागुआ कस्बे की एक जेल में मंगलवार की रात लगी। अधिकारी आग लगने के कारण का पता लगा रहे हैं लेकिन दो बातें सामने आ रही हैं। एक यह कि यह दंगाई कैदियों ने लगाई और दूसरी वजह बिजली का शार्ट सर्किट है। मध्य अमेरिकी देश की राजधानी तेगुसिगाल्पा से 140 किलोमीटर उत्तर में स्थित जेल में कम से कम 800 कैदी थे।टिप्पणियां सरकार के प्रवक्ता हेक्टर इवान मेजिया ने आशंका जतायी है कि आग लगने के दौरान कई कैदी भाग निकले हैं। कामायागुआ से रेडियो ग्लोबो स्टेशन से मिली खबरों में कहा गया है कि कोठरियों में फंस गये दर्जनों कैदी इस कदर झुलस गये हैं कि उनकी शिनाख्त मुश्किल है। उसके अनुसार मरने वालों की संख्या 200 को पार कर गयी है लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार आग से जेल तबाह हो गयी है। राष्ट्रीय जेल प्रणाली के प्रमुख डेनिलो आरेलान्डा ने बताया कि आग कामायागुआ कस्बे की एक जेल में मंगलवार की रात लगी। अधिकारी आग लगने के कारण का पता लगा रहे हैं लेकिन दो बातें सामने आ रही हैं। एक यह कि यह दंगाई कैदियों ने लगाई और दूसरी वजह बिजली का शार्ट सर्किट है। मध्य अमेरिकी देश की राजधानी तेगुसिगाल्पा से 140 किलोमीटर उत्तर में स्थित जेल में कम से कम 800 कैदी थे।टिप्पणियां सरकार के प्रवक्ता हेक्टर इवान मेजिया ने आशंका जतायी है कि आग लगने के दौरान कई कैदी भाग निकले हैं। कामायागुआ से रेडियो ग्लोबो स्टेशन से मिली खबरों में कहा गया है कि कोठरियों में फंस गये दर्जनों कैदी इस कदर झुलस गये हैं कि उनकी शिनाख्त मुश्किल है। उसके अनुसार मरने वालों की संख्या 200 को पार कर गयी है लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार आग से जेल तबाह हो गयी है। अधिकारी आग लगने के कारण का पता लगा रहे हैं लेकिन दो बातें सामने आ रही हैं। एक यह कि यह दंगाई कैदियों ने लगाई और दूसरी वजह बिजली का शार्ट सर्किट है। मध्य अमेरिकी देश की राजधानी तेगुसिगाल्पा से 140 किलोमीटर उत्तर में स्थित जेल में कम से कम 800 कैदी थे।टिप्पणियां सरकार के प्रवक्ता हेक्टर इवान मेजिया ने आशंका जतायी है कि आग लगने के दौरान कई कैदी भाग निकले हैं। कामायागुआ से रेडियो ग्लोबो स्टेशन से मिली खबरों में कहा गया है कि कोठरियों में फंस गये दर्जनों कैदी इस कदर झुलस गये हैं कि उनकी शिनाख्त मुश्किल है। उसके अनुसार मरने वालों की संख्या 200 को पार कर गयी है लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार आग से जेल तबाह हो गयी है। सरकार के प्रवक्ता हेक्टर इवान मेजिया ने आशंका जतायी है कि आग लगने के दौरान कई कैदी भाग निकले हैं। कामायागुआ से रेडियो ग्लोबो स्टेशन से मिली खबरों में कहा गया है कि कोठरियों में फंस गये दर्जनों कैदी इस कदर झुलस गये हैं कि उनकी शिनाख्त मुश्किल है। उसके अनुसार मरने वालों की संख्या 200 को पार कर गयी है लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार आग से जेल तबाह हो गयी है। कामायागुआ से रेडियो ग्लोबो स्टेशन से मिली खबरों में कहा गया है कि कोठरियों में फंस गये दर्जनों कैदी इस कदर झुलस गये हैं कि उनकी शिनाख्त मुश्किल है। उसके अनुसार मरने वालों की संख्या 200 को पार कर गयी है लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार आग से जेल तबाह हो गयी है।
सारांश: होंडुरास की एक जेल में लगी आग में 300 से ज्यादा कैदियों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य झुलस गये हैं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जोधपुर में काले हिरणों के शिकार के आरोपी सलमान खान पर आर्म्स एक्ट के मामले का फैसला 18 जनवरी को होगा. इसके सात दिन बाद ही 25 जनवरी को उनको फिर जोधपुर की सीजेएम डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में हाजिर होकर बतौर मुलजिम अपना बयान दर्ज कराना होगा.टिप्पणियां सलमान के साथ काले हिरणों के शिकार के आरोपी सैफ अली खान, नीलम, तब्बू और सोनाली बेंद्रे को भी अदालत में हाजिर होकर बयान दर्ज कराना होगा. सन 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान सलमान पर हिरण के शिकार का आरोप लगा था. उस समय राजश्री प्रोडक्शन की इस फिल्म की शूटिंग जोधपुर और आस-पास की लोकेशन में हो रही थी. सलमान पर हिरण शिकार के तीन मामलों समेत कुल चार मामले दर्ज किए गए थे. इनमें से हिरण शिकार के दो मामलों में सलमान को निचली अदालतों से सजा सुनाई गई थी. उस समय सलमान को जेल यात्रा करनी पड़ी थी. बाद में उच्च न्यायालय ने सलमान को दोनों मामलों में बरी कर दिया. सलमान के खिलाफ तीसरा शिकार का मामला जोधपुर-पाली रोड पर कांकाणी गांव का है. इसकी सुनवाई भी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसमें 25 जनवरी को मुलजिमों यानि सलमान, सैफ, तब्बू, नीलम और सोनाली बेन्द्रे के बयान होंगे. सलमान के साथ काले हिरणों के शिकार के आरोपी सैफ अली खान, नीलम, तब्बू और सोनाली बेंद्रे को भी अदालत में हाजिर होकर बयान दर्ज कराना होगा. सन 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान सलमान पर हिरण के शिकार का आरोप लगा था. उस समय राजश्री प्रोडक्शन की इस फिल्म की शूटिंग जोधपुर और आस-पास की लोकेशन में हो रही थी. सलमान पर हिरण शिकार के तीन मामलों समेत कुल चार मामले दर्ज किए गए थे. इनमें से हिरण शिकार के दो मामलों में सलमान को निचली अदालतों से सजा सुनाई गई थी. उस समय सलमान को जेल यात्रा करनी पड़ी थी. बाद में उच्च न्यायालय ने सलमान को दोनों मामलों में बरी कर दिया. सलमान के खिलाफ तीसरा शिकार का मामला जोधपुर-पाली रोड पर कांकाणी गांव का है. इसकी सुनवाई भी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसमें 25 जनवरी को मुलजिमों यानि सलमान, सैफ, तब्बू, नीलम और सोनाली बेन्द्रे के बयान होंगे. सन 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान सलमान पर हिरण के शिकार का आरोप लगा था. उस समय राजश्री प्रोडक्शन की इस फिल्म की शूटिंग जोधपुर और आस-पास की लोकेशन में हो रही थी. सलमान पर हिरण शिकार के तीन मामलों समेत कुल चार मामले दर्ज किए गए थे. इनमें से हिरण शिकार के दो मामलों में सलमान को निचली अदालतों से सजा सुनाई गई थी. उस समय सलमान को जेल यात्रा करनी पड़ी थी. बाद में उच्च न्यायालय ने सलमान को दोनों मामलों में बरी कर दिया. सलमान के खिलाफ तीसरा शिकार का मामला जोधपुर-पाली रोड पर कांकाणी गांव का है. इसकी सुनवाई भी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसमें 25 जनवरी को मुलजिमों यानि सलमान, सैफ, तब्बू, नीलम और सोनाली बेन्द्रे के बयान होंगे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कोर्ट में हाजिर होकर बतौर मुलजिम बयान दर्ज कराना होगा सलमान खान पर आर्म्स एक्ट के मामले का फैसला 18 जनवरी को सन 1998 में शूटिंग के दौरान सलमान पर हिरण के शिकार का आरोप
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: एक्जिट पोल के बाद जिस तरह विपक्षी खेमे में खलबली मची है उसी तरह सट्टा बाज़ार भी सकते में है. बड़े नुकसान से बचने के लिए सटोरिये चुनाव के दौरान खुले भावों को बंद कर अब सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस की सीटों पर ही सट्टा ले रहे हैं. सभी चैनलों के एग्जिट पोल में एक बार फिर मोदी सरकार के आसार दिखते ही बीजेपी ने जहां लड्डू बनवाने शुरू कर दिए वहीं विपक्ष की तरह सट्टा बाज़ार भी सकते में है. इसलिए अब पहले के सभी सट्टों पर बोली बंद कर सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस को कितनी सीटें मिलेंगी उस पर सट्टा लग रहा है. सट्टा बाजार के मुताबिक बीजेपी 260 से 262 के करीब सीट ला सकती है तो कांग्रेस जो 80 से 90 तक सीटें ला रही थी अब घट कर 68 से 70 तक हो गई है. जबकि इसके पहले सट्टाबाजार में भाजपा का भाव अकेले दम पर सरकार बनाने पर भी खुला था जो 3 रुपये 50 पैसे था. जबकि एनडीए की सरकार बनाने पर सिर्फ 12 पैसे का भाव था. वहीं कांग्रेस को 272 सीटें मिलने पर 100 रुपए का भाव तो यूपीए के सरकार बनाने पर 50 रुपए का भाव था. महागठबंधन का भाव 80 रुपए था. किसकी सरकार बना रहा है सट्टा बाजार, जानें- BJP और कांग्रेस को मिलेंगी कितनी सीटें लेकिन एग्जिट पोल आने के बाद अब ये सब सट्टे बंद कर दिए गए हैं. मुंबई पुलिस के पूर्व एसीपी का दावा है कि सटोरियों का अंदाज ज्यादा भरोसेमंद होता है क्योंकि उसमें उनका खुद का पैसा लगा होता है. इसलिए वो अपना नफा नुकसान देख कर ही भाव खोलते हैं. सिर्फ महागठबंधन ही नहीं प्रधानमंत्री पद के लिए खुला सट्टा भी अब बंद कर दिया गया है क्योंकि सटोरियों को भी लगता है कि नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना तय है. जबकि एग्जिट पोल के पहले प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी का भाव 15 पैसे, राहुल गांधी का 60 रुपए, मायावती का 110 रुपए तो ममता बनर्जी के लिए 150 रुपए का भाव खुला था. बता दें, NDTV ने सभी एक्जिट पोल्स (Exit Polls) को मिलाकर पोल ऑफ पोल्स (Poll Of Polls) बनाया. NDTV के पोल ऑफ पोल्स के अनुसार केंद्र में एक बार फिर मोदी सरकार की वापसी हो रही है. पोल ऑफ पोल्स के अनुसार बीजेपी गठबंधन को 300 से अधिक सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं, यूपीए 122 और अन्य 118 सीटों पर सिमटते दिख रहे हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 435 सीटों पर लड़ी है और बाकी सीटें उसने सहयोगियों के साथ बांटी हैं. जबकि कांग्रेस कुल 420 सीटों पर चुनाव लड़ी है. बीजेपी की अगुवाई में एनडीए में इस बार 21 पार्टियां शामिल हैं. बिहार में उसको नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के आने से मजबूती मिली है और वोट प्रतिशत के हिसाब से उसका पलड़ा भारी है. वहीं यूपीए में इस बार कांग्रेस की अगुवाई में 25 पार्टियां शामिल हैं.
यहाँ एक सारांश है:एग्जिट पोल ने एनडीए की सरकार बनने का अनुमान पहले PM पद के लिए नरेंद्र मोदी का भाव 15 पैसे था यूपीए के सरकार बनाने पर 50 रुपए का भाव था
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पृथक तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर इस्तीफे की मांग करते हुए तेलंगाना समर्थकों ने बुधवार को वारंगल जिले में एक मंत्री के काफिले पर हमला कर दिया। यह घटना जिले के हनामकोंडा शहर की है जहां हथकरघा और कपड़ा मंत्री शंकर राव तेलंगाना के विचारक के. जयशंकर राव को श्रद्धांजलि देने आए थे। राव का मंगलवार को निधन हो गया था। पुलिस ने कहा कि जय तेलंगाना के नारे लगाते हुए छात्रों और तेलंगाना समर्थक समूहों के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के काफिले पर पत्थर और जूते-चप्पल फेंके। पुलिस अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंत्री को सुरक्षित बचा लिया। हमले में मंत्री की कार के शीशे टूट गए। इससे पहले राव को श्रद्धांजलि देने आए सांसद एस. राजैह और जी. विवेक पर भी मंगलवार को तेलंगाना समर्थकों ने हमले किए थे। आक्रोशित तेलंगाना समर्थकों ने अपने नेता के अंतिम संस्कार में कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी के नेताओं को हिस्सा नहीं लेने की चेतावनी दी है। राव का अंतिम संस्कार बुधवार को होने वाला है।
यहाँ एक सारांश है:पृथक तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर इस्तीफे की मांग करते हुए तेलंगाना समर्थकों ने बुधवार को वारंगल जिले में एक मंत्री के काफिले पर हमला कर दिया।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोल ब्लॉक आवंटन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि क्या यह महज इत्तेफाक है कि कई कोल ब्लॉक्स उन लोगों को आवंटित किए गए, जिनका संबंध राजनीतिक दलों या लोगों से है।टिप्पणियां कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती है। कोर्ट ने सरकार को आठ हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। शीर्ष अदालत ने केंद्र की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा था कि चूंकि इस मामले को संसदीय समिति देख रही है, इसलिए अदालत को इस मुद्दे पर विचार नहीं करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा, यह अगल अलग कार्य है। शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति आरएम लोढा और न्यायमूर्ति एआर दवे की पीठ ने कहा कि याचिका में गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं और इस पर सरकार को स्पष्टीकरण देने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती है। कोर्ट ने सरकार को आठ हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। शीर्ष अदालत ने केंद्र की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा था कि चूंकि इस मामले को संसदीय समिति देख रही है, इसलिए अदालत को इस मुद्दे पर विचार नहीं करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा, यह अगल अलग कार्य है। शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति आरएम लोढा और न्यायमूर्ति एआर दवे की पीठ ने कहा कि याचिका में गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं और इस पर सरकार को स्पष्टीकरण देने की जरूरत है। शीर्ष अदालत ने केंद्र की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा था कि चूंकि इस मामले को संसदीय समिति देख रही है, इसलिए अदालत को इस मुद्दे पर विचार नहीं करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा, यह अगल अलग कार्य है। शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति आरएम लोढा और न्यायमूर्ति एआर दवे की पीठ ने कहा कि याचिका में गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं और इस पर सरकार को स्पष्टीकरण देने की जरूरत है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि क्या यह महज इत्तेफाक है कि कई कोल ब्लॉक्स उन लोगों को आवंटित किए गए, जिनका संबंध राजनीतिक दलों या लोगों से है?
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात का नया मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया को गति देते हुए बीजेपी ने बुधवार को राज्य की मौजूदा मुख्यमंत्री आनंदीबेन को इस्तीफा देने की अनुमति दे दी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को विधायक दल के साथ विमर्श करके आनंदीबेन का उत्तराधिकारी चुनने का काम सौंपा. अमित शाह के अहमदाबाद पहुंचने पर गुरुवार को विधायक दल की बैठक हो सकती है. पार्टी के वरिष्ठ नेता वैंकेया नायडू ने बुधवार को प्रधानमंत्री आवास पर बीजेपी के संसदीय दल की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि आनंदीबेन राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगी. बोर्ड ने विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पार्टी महासचिव सरोज पांडे को केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया है. इस बैठक में नए नेता का चयन औपचारिक तौर पर किया जाएगा. गुजरात विधानसभा के विधायक शाह भी इस बैठक में शिरकत करेंगे. नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि आनंदीबेन का उत्तराधिकारी पार्टी के विधायकों में से ही होगा. नायडू ने इन खबरों को भी खारिज कर दिया कि खुद अमित शाह आनंदीबेन पटेल की जगह ले सकते हैं. नायडू ने कहा कि पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है, क्योंकि वह पार्टी को 'बहुत ऊंचाइयों' तक लेकर गए हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी को कई सफलताएं मिली हैं. उन्होंने कहा कि बोर्ड बठक में आनंदीबेन के उत्तराधिकारी के नाम की चर्चा नहीं हुई. नायडू ने कहा, 'संसदीय बोर्ड ने आनंदीबेन पटेल की पद छोड़ने की इच्छा को मंजूरी दे दी है. उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से निवृत्त होने की इच्छा जताई थी, क्योंकि वे जल्दी ही 75 साल की होने वाली हैं. उन्होंने पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के लिए एक मिसाल पेश की है. एक मुख्यमंत्री के रूप में और उससे पहले एक मंत्री के रूप में उनका अच्छे कामों का रिकॉर्ड रहा है. आनंदीबेन 18 साल से अधिक समय से राज्य सरकार में रही हैं। नायडू ने कहा कि यह एक बीजेपी नेता के लिए शायद अभूतपूर्व है. नायडू ने कहा कि नए नेता के चयन से पहले अमित शाह विधायी दल के साथ विचार-विमर्श करेंगे. उन्होंने कहा, 'हमारे अध्यक्ष भी एक विधायक हैं। वह बैठक में मौजूद रहेंगे। वह विचार-विमर्श करेंगे और इसके बाद उत्तराधिकारी पर फैसला किया जाएगा. पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि बोर्ड ने शाह को मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है.टिप्पणियां जब नायडू से अमित शाह के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ऐसा सवाल ही नहीं उठता. वह पार्टी के अध्यक्ष हैं और बने रहेंगे। पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है. राज्य कैबिनेट में दूसरे नंबर के नेता नितिन पटेल और गुजरात पार्टी के प्रमुख एवं मंत्री विजय रूपानी को आनंदीबेन पटेल के उत्तराधिकारी की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पार्टी के वरिष्ठ नेता वैंकेया नायडू ने बुधवार को प्रधानमंत्री आवास पर बीजेपी के संसदीय दल की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि आनंदीबेन राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगी. बोर्ड ने विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पार्टी महासचिव सरोज पांडे को केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया है. इस बैठक में नए नेता का चयन औपचारिक तौर पर किया जाएगा. गुजरात विधानसभा के विधायक शाह भी इस बैठक में शिरकत करेंगे. नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि आनंदीबेन का उत्तराधिकारी पार्टी के विधायकों में से ही होगा. नायडू ने इन खबरों को भी खारिज कर दिया कि खुद अमित शाह आनंदीबेन पटेल की जगह ले सकते हैं. नायडू ने कहा कि पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है, क्योंकि वह पार्टी को 'बहुत ऊंचाइयों' तक लेकर गए हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी को कई सफलताएं मिली हैं. उन्होंने कहा कि बोर्ड बठक में आनंदीबेन के उत्तराधिकारी के नाम की चर्चा नहीं हुई. नायडू ने कहा, 'संसदीय बोर्ड ने आनंदीबेन पटेल की पद छोड़ने की इच्छा को मंजूरी दे दी है. उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से निवृत्त होने की इच्छा जताई थी, क्योंकि वे जल्दी ही 75 साल की होने वाली हैं. उन्होंने पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के लिए एक मिसाल पेश की है. एक मुख्यमंत्री के रूप में और उससे पहले एक मंत्री के रूप में उनका अच्छे कामों का रिकॉर्ड रहा है. आनंदीबेन 18 साल से अधिक समय से राज्य सरकार में रही हैं। नायडू ने कहा कि यह एक बीजेपी नेता के लिए शायद अभूतपूर्व है. नायडू ने कहा कि नए नेता के चयन से पहले अमित शाह विधायी दल के साथ विचार-विमर्श करेंगे. उन्होंने कहा, 'हमारे अध्यक्ष भी एक विधायक हैं। वह बैठक में मौजूद रहेंगे। वह विचार-विमर्श करेंगे और इसके बाद उत्तराधिकारी पर फैसला किया जाएगा. पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि बोर्ड ने शाह को मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है.टिप्पणियां जब नायडू से अमित शाह के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ऐसा सवाल ही नहीं उठता. वह पार्टी के अध्यक्ष हैं और बने रहेंगे। पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है. राज्य कैबिनेट में दूसरे नंबर के नेता नितिन पटेल और गुजरात पार्टी के प्रमुख एवं मंत्री विजय रूपानी को आनंदीबेन पटेल के उत्तराधिकारी की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नायडू ने इन खबरों को भी खारिज कर दिया कि खुद अमित शाह आनंदीबेन पटेल की जगह ले सकते हैं. नायडू ने कहा कि पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है, क्योंकि वह पार्टी को 'बहुत ऊंचाइयों' तक लेकर गए हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी को कई सफलताएं मिली हैं. उन्होंने कहा कि बोर्ड बठक में आनंदीबेन के उत्तराधिकारी के नाम की चर्चा नहीं हुई. नायडू ने कहा, 'संसदीय बोर्ड ने आनंदीबेन पटेल की पद छोड़ने की इच्छा को मंजूरी दे दी है. उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से निवृत्त होने की इच्छा जताई थी, क्योंकि वे जल्दी ही 75 साल की होने वाली हैं. उन्होंने पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के लिए एक मिसाल पेश की है. एक मुख्यमंत्री के रूप में और उससे पहले एक मंत्री के रूप में उनका अच्छे कामों का रिकॉर्ड रहा है. आनंदीबेन 18 साल से अधिक समय से राज्य सरकार में रही हैं। नायडू ने कहा कि यह एक बीजेपी नेता के लिए शायद अभूतपूर्व है. नायडू ने कहा कि नए नेता के चयन से पहले अमित शाह विधायी दल के साथ विचार-विमर्श करेंगे. उन्होंने कहा, 'हमारे अध्यक्ष भी एक विधायक हैं। वह बैठक में मौजूद रहेंगे। वह विचार-विमर्श करेंगे और इसके बाद उत्तराधिकारी पर फैसला किया जाएगा. पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि बोर्ड ने शाह को मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है.टिप्पणियां जब नायडू से अमित शाह के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ऐसा सवाल ही नहीं उठता. वह पार्टी के अध्यक्ष हैं और बने रहेंगे। पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है. राज्य कैबिनेट में दूसरे नंबर के नेता नितिन पटेल और गुजरात पार्टी के प्रमुख एवं मंत्री विजय रूपानी को आनंदीबेन पटेल के उत्तराधिकारी की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नायडू ने कहा, 'संसदीय बोर्ड ने आनंदीबेन पटेल की पद छोड़ने की इच्छा को मंजूरी दे दी है. उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से निवृत्त होने की इच्छा जताई थी, क्योंकि वे जल्दी ही 75 साल की होने वाली हैं. उन्होंने पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के लिए एक मिसाल पेश की है. एक मुख्यमंत्री के रूप में और उससे पहले एक मंत्री के रूप में उनका अच्छे कामों का रिकॉर्ड रहा है. आनंदीबेन 18 साल से अधिक समय से राज्य सरकार में रही हैं। नायडू ने कहा कि यह एक बीजेपी नेता के लिए शायद अभूतपूर्व है. नायडू ने कहा कि नए नेता के चयन से पहले अमित शाह विधायी दल के साथ विचार-विमर्श करेंगे. उन्होंने कहा, 'हमारे अध्यक्ष भी एक विधायक हैं। वह बैठक में मौजूद रहेंगे। वह विचार-विमर्श करेंगे और इसके बाद उत्तराधिकारी पर फैसला किया जाएगा. पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि बोर्ड ने शाह को मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है.टिप्पणियां जब नायडू से अमित शाह के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ऐसा सवाल ही नहीं उठता. वह पार्टी के अध्यक्ष हैं और बने रहेंगे। पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है. राज्य कैबिनेट में दूसरे नंबर के नेता नितिन पटेल और गुजरात पार्टी के प्रमुख एवं मंत्री विजय रूपानी को आनंदीबेन पटेल के उत्तराधिकारी की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नायडू ने कहा कि नए नेता के चयन से पहले अमित शाह विधायी दल के साथ विचार-विमर्श करेंगे. उन्होंने कहा, 'हमारे अध्यक्ष भी एक विधायक हैं। वह बैठक में मौजूद रहेंगे। वह विचार-विमर्श करेंगे और इसके बाद उत्तराधिकारी पर फैसला किया जाएगा. पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि बोर्ड ने शाह को मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है.टिप्पणियां जब नायडू से अमित शाह के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ऐसा सवाल ही नहीं उठता. वह पार्टी के अध्यक्ष हैं और बने रहेंगे। पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है. राज्य कैबिनेट में दूसरे नंबर के नेता नितिन पटेल और गुजरात पार्टी के प्रमुख एवं मंत्री विजय रूपानी को आनंदीबेन पटेल के उत्तराधिकारी की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जब नायडू से अमित शाह के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ऐसा सवाल ही नहीं उठता. वह पार्टी के अध्यक्ष हैं और बने रहेंगे। पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व की जरूरत है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है. राज्य कैबिनेट में दूसरे नंबर के नेता नितिन पटेल और गुजरात पार्टी के प्रमुख एवं मंत्री विजय रूपानी को आनंदीबेन पटेल के उत्तराधिकारी की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमित शाह के अहमदाबाद पहुंचने पर गुरुवार को विधायक दल की बैठक संभव विधायक दल की बैठक में नितिन गडकरी और सरोज पांडे होंगे केंद्रीय पर्यवेक्षक नितिन पटेल और विजय रूपानी नए सीएम के प्रमुख दावेदारों में शामिल
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['hin']
एक सारांश बनाओ: एक के बाद एक आरोपों से घिरे बीजेपी के अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर आरएसएस ने साफ किया है कि गडकरी को  दोबारा अध्यक्ष बनाने पर फैसला बीजेपी ही लेगी। गौरतलब है कि गडकरी आरएसएस की विजयादशमी और शस्त्रपूजा में हिस्सा लेने के लिए  बाकायदा संघ की ड्रेस में पहुंचे। इस बीच नितिन गडकरी की पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड को लेकर नए खुलासों का सिलसिला जारी है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि राजेश खान्जोडे नाम के एक कर्मचारी को भी पीपीएसएल का एक निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा मुंबई के एक ज्योतिषी का नाम भी निदेशकों की सूची में है। अखबार का यह भी कहना है कि गडकरी के जिस ड्राइवर मनोहर पंसे को डायरेक्टर बनाया गया है, उसे इस फैसले की जानकारी भी नहीं है। खान्जोडे को भी नहीं मालूम कि वह कंपनी का एक निदेशक है। अपनी कंपनी में फर्जी निवेशकों की वजह से सुर्खियों में आए बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर आरएसएस भी दबाव में आ गया है। इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम को झटका लग रहा है। टिप्पणियां उधर, बीजेपी के पास भी अब गडकरी के बचाव में ज्यादा कुछ कहने को नहीं है, सिवाए इसके कि गडकरी खुद जांच को तैयार हैं। गौरतलब है कि एनडीटीवी ने गडकरी के पूर्ति ग्रुप के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों का खुलासा किया है। पता चला है कि गडकरी के पूर्ति ग्रुप में भारी निवेश करने वाली ज्यादातर कंपनियां फर्जी हैं। अब केन्द्र सरकार इसकी जांच करवाने की बात कह रही है। गौरतलब है कि गडकरी आरएसएस की विजयादशमी और शस्त्रपूजा में हिस्सा लेने के लिए  बाकायदा संघ की ड्रेस में पहुंचे। इस बीच नितिन गडकरी की पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड को लेकर नए खुलासों का सिलसिला जारी है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि राजेश खान्जोडे नाम के एक कर्मचारी को भी पीपीएसएल का एक निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा मुंबई के एक ज्योतिषी का नाम भी निदेशकों की सूची में है। अखबार का यह भी कहना है कि गडकरी के जिस ड्राइवर मनोहर पंसे को डायरेक्टर बनाया गया है, उसे इस फैसले की जानकारी भी नहीं है। खान्जोडे को भी नहीं मालूम कि वह कंपनी का एक निदेशक है। अपनी कंपनी में फर्जी निवेशकों की वजह से सुर्खियों में आए बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर आरएसएस भी दबाव में आ गया है। इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम को झटका लग रहा है। टिप्पणियां उधर, बीजेपी के पास भी अब गडकरी के बचाव में ज्यादा कुछ कहने को नहीं है, सिवाए इसके कि गडकरी खुद जांच को तैयार हैं। गौरतलब है कि एनडीटीवी ने गडकरी के पूर्ति ग्रुप के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों का खुलासा किया है। पता चला है कि गडकरी के पूर्ति ग्रुप में भारी निवेश करने वाली ज्यादातर कंपनियां फर्जी हैं। अब केन्द्र सरकार इसकी जांच करवाने की बात कह रही है। इस बीच नितिन गडकरी की पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड को लेकर नए खुलासों का सिलसिला जारी है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि राजेश खान्जोडे नाम के एक कर्मचारी को भी पीपीएसएल का एक निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा मुंबई के एक ज्योतिषी का नाम भी निदेशकों की सूची में है। अखबार का यह भी कहना है कि गडकरी के जिस ड्राइवर मनोहर पंसे को डायरेक्टर बनाया गया है, उसे इस फैसले की जानकारी भी नहीं है। खान्जोडे को भी नहीं मालूम कि वह कंपनी का एक निदेशक है। अपनी कंपनी में फर्जी निवेशकों की वजह से सुर्खियों में आए बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर आरएसएस भी दबाव में आ गया है। इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम को झटका लग रहा है। टिप्पणियां उधर, बीजेपी के पास भी अब गडकरी के बचाव में ज्यादा कुछ कहने को नहीं है, सिवाए इसके कि गडकरी खुद जांच को तैयार हैं। गौरतलब है कि एनडीटीवी ने गडकरी के पूर्ति ग्रुप के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों का खुलासा किया है। पता चला है कि गडकरी के पूर्ति ग्रुप में भारी निवेश करने वाली ज्यादातर कंपनियां फर्जी हैं। अब केन्द्र सरकार इसकी जांच करवाने की बात कह रही है। अखबार का यह भी कहना है कि गडकरी के जिस ड्राइवर मनोहर पंसे को डायरेक्टर बनाया गया है, उसे इस फैसले की जानकारी भी नहीं है। खान्जोडे को भी नहीं मालूम कि वह कंपनी का एक निदेशक है। अपनी कंपनी में फर्जी निवेशकों की वजह से सुर्खियों में आए बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर आरएसएस भी दबाव में आ गया है। इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम को झटका लग रहा है। टिप्पणियां उधर, बीजेपी के पास भी अब गडकरी के बचाव में ज्यादा कुछ कहने को नहीं है, सिवाए इसके कि गडकरी खुद जांच को तैयार हैं। गौरतलब है कि एनडीटीवी ने गडकरी के पूर्ति ग्रुप के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों का खुलासा किया है। पता चला है कि गडकरी के पूर्ति ग्रुप में भारी निवेश करने वाली ज्यादातर कंपनियां फर्जी हैं। अब केन्द्र सरकार इसकी जांच करवाने की बात कह रही है। अपनी कंपनी में फर्जी निवेशकों की वजह से सुर्खियों में आए बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर आरएसएस भी दबाव में आ गया है। इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम को झटका लग रहा है। टिप्पणियां उधर, बीजेपी के पास भी अब गडकरी के बचाव में ज्यादा कुछ कहने को नहीं है, सिवाए इसके कि गडकरी खुद जांच को तैयार हैं। गौरतलब है कि एनडीटीवी ने गडकरी के पूर्ति ग्रुप के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों का खुलासा किया है। पता चला है कि गडकरी के पूर्ति ग्रुप में भारी निवेश करने वाली ज्यादातर कंपनियां फर्जी हैं। अब केन्द्र सरकार इसकी जांच करवाने की बात कह रही है। उधर, बीजेपी के पास भी अब गडकरी के बचाव में ज्यादा कुछ कहने को नहीं है, सिवाए इसके कि गडकरी खुद जांच को तैयार हैं। गौरतलब है कि एनडीटीवी ने गडकरी के पूर्ति ग्रुप के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों का खुलासा किया है। पता चला है कि गडकरी के पूर्ति ग्रुप में भारी निवेश करने वाली ज्यादातर कंपनियां फर्जी हैं। अब केन्द्र सरकार इसकी जांच करवाने की बात कह रही है। गौरतलब है कि एनडीटीवी ने गडकरी के पूर्ति ग्रुप के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों का खुलासा किया है। पता चला है कि गडकरी के पूर्ति ग्रुप में भारी निवेश करने वाली ज्यादातर कंपनियां फर्जी हैं। अब केन्द्र सरकार इसकी जांच करवाने की बात कह रही है।
यह एक सारांश है: गौरतलब है कि गडकरी आरएसएस की विजयादशमी और शस्त्रपूजा में हिस्सा लेने के लिए बाकायदा संघ की ड्रेस में पहुंचे। यहां वह पत्रकारों से बात करने से बचे।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीन हिन्दू महिलाओं को अपने भविष्य में बारे में स्वयं निर्णय करने और अपना जीवन अपनी इच्छा के मुताबिक जीने की अनुमति दी जिसके बाद तीनों ने कहा कि वे अपने पतियों के साथ ही रहना चाहती हैं। तीनों महिलाओं का कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन करा कर उनका निकाह मुस्लिम समुदाय में कराया गया था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी के नेतृत्व वाली तीन न्यायाधीशों के पीठ ने रिंकल कुमारी उर्फ फरयाल बीबी, लता कुमारी उर्फ हफ्सा बीबी और आशा कुमारी उर्फ हलीमा बीबी से कहा कि वे अदालत के रजिस्ट्रार को इस बाबत सूचित करें कि तीनों अपने पति के साथ रहना चाहती हैं या अपने परिवार के साथ। पीठ ने पुलिस को आदेश दिया कि वह तीनों महिलाओं को पूरी सुरक्षा प्रदान करे और अगर उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो अधिकारियों को सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अदालत ने कहा कि महिलाओं की इतनी उम्र हो गई है कि वे अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं ले सकती हैं। बाद में महिलाओं का बयान दर्ज करने के लिए उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया जहां उन्होंने कहा कि वे अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे इस सिलसिले में न्यायालय के आदेशों के पालन के संबंध में दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें। तीनों महिलाओं के माता-पिता ने न्याय पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला है। टीवी फुटेज में बुर्का पहनी हुई महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में सुप्रीम कोर्ट जाते हुए दिखाया गया है। सिंध प्रांत में कथित तौर पर अपहरण करके जबरन हिन्दू महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराने के मामले में तीनों महिलाएं खूब चर्चा में रही हैं। इस मामले में 19 वर्षीय रिंकल कुमारी के बारे में मानवाधिकार समूहों और समाज के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिमहामेधा से जुड़े व्यक्ति ने उसका अपहरण किया था।टिप्पणियां मिमहामेधा और उसके भाई पर सिंध प्रांत के घोत्की इलाके की कई हिन्दू लड़कियों को अगवा करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीनों महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम पुरुषों से करायी गई है। रिंकल द्वारा संवाददाता सम्मेलन और अदालत में दिए गए बयान में अंतर आने के कारण मामला और पेचिदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई। तीनों महिलाओं का कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन करा कर उनका निकाह मुस्लिम समुदाय में कराया गया था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी के नेतृत्व वाली तीन न्यायाधीशों के पीठ ने रिंकल कुमारी उर्फ फरयाल बीबी, लता कुमारी उर्फ हफ्सा बीबी और आशा कुमारी उर्फ हलीमा बीबी से कहा कि वे अदालत के रजिस्ट्रार को इस बाबत सूचित करें कि तीनों अपने पति के साथ रहना चाहती हैं या अपने परिवार के साथ। पीठ ने पुलिस को आदेश दिया कि वह तीनों महिलाओं को पूरी सुरक्षा प्रदान करे और अगर उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो अधिकारियों को सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अदालत ने कहा कि महिलाओं की इतनी उम्र हो गई है कि वे अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं ले सकती हैं। बाद में महिलाओं का बयान दर्ज करने के लिए उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया जहां उन्होंने कहा कि वे अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे इस सिलसिले में न्यायालय के आदेशों के पालन के संबंध में दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें। तीनों महिलाओं के माता-पिता ने न्याय पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला है। टीवी फुटेज में बुर्का पहनी हुई महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में सुप्रीम कोर्ट जाते हुए दिखाया गया है। सिंध प्रांत में कथित तौर पर अपहरण करके जबरन हिन्दू महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराने के मामले में तीनों महिलाएं खूब चर्चा में रही हैं। इस मामले में 19 वर्षीय रिंकल कुमारी के बारे में मानवाधिकार समूहों और समाज के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिमहामेधा से जुड़े व्यक्ति ने उसका अपहरण किया था।टिप्पणियां मिमहामेधा और उसके भाई पर सिंध प्रांत के घोत्की इलाके की कई हिन्दू लड़कियों को अगवा करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीनों महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम पुरुषों से करायी गई है। रिंकल द्वारा संवाददाता सम्मेलन और अदालत में दिए गए बयान में अंतर आने के कारण मामला और पेचिदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई। पीठ ने पुलिस को आदेश दिया कि वह तीनों महिलाओं को पूरी सुरक्षा प्रदान करे और अगर उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो अधिकारियों को सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अदालत ने कहा कि महिलाओं की इतनी उम्र हो गई है कि वे अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं ले सकती हैं। बाद में महिलाओं का बयान दर्ज करने के लिए उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया जहां उन्होंने कहा कि वे अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे इस सिलसिले में न्यायालय के आदेशों के पालन के संबंध में दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें। तीनों महिलाओं के माता-पिता ने न्याय पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला है। टीवी फुटेज में बुर्का पहनी हुई महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में सुप्रीम कोर्ट जाते हुए दिखाया गया है। सिंध प्रांत में कथित तौर पर अपहरण करके जबरन हिन्दू महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराने के मामले में तीनों महिलाएं खूब चर्चा में रही हैं। इस मामले में 19 वर्षीय रिंकल कुमारी के बारे में मानवाधिकार समूहों और समाज के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिमहामेधा से जुड़े व्यक्ति ने उसका अपहरण किया था।टिप्पणियां मिमहामेधा और उसके भाई पर सिंध प्रांत के घोत्की इलाके की कई हिन्दू लड़कियों को अगवा करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीनों महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम पुरुषों से करायी गई है। रिंकल द्वारा संवाददाता सम्मेलन और अदालत में दिए गए बयान में अंतर आने के कारण मामला और पेचिदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई। अदालत ने कहा कि महिलाओं की इतनी उम्र हो गई है कि वे अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं ले सकती हैं। बाद में महिलाओं का बयान दर्ज करने के लिए उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया जहां उन्होंने कहा कि वे अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे इस सिलसिले में न्यायालय के आदेशों के पालन के संबंध में दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें। तीनों महिलाओं के माता-पिता ने न्याय पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला है। टीवी फुटेज में बुर्का पहनी हुई महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में सुप्रीम कोर्ट जाते हुए दिखाया गया है। सिंध प्रांत में कथित तौर पर अपहरण करके जबरन हिन्दू महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराने के मामले में तीनों महिलाएं खूब चर्चा में रही हैं। इस मामले में 19 वर्षीय रिंकल कुमारी के बारे में मानवाधिकार समूहों और समाज के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिमहामेधा से जुड़े व्यक्ति ने उसका अपहरण किया था।टिप्पणियां मिमहामेधा और उसके भाई पर सिंध प्रांत के घोत्की इलाके की कई हिन्दू लड़कियों को अगवा करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीनों महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम पुरुषों से करायी गई है। रिंकल द्वारा संवाददाता सम्मेलन और अदालत में दिए गए बयान में अंतर आने के कारण मामला और पेचिदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे इस सिलसिले में न्यायालय के आदेशों के पालन के संबंध में दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें। तीनों महिलाओं के माता-पिता ने न्याय पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला है। टीवी फुटेज में बुर्का पहनी हुई महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में सुप्रीम कोर्ट जाते हुए दिखाया गया है। सिंध प्रांत में कथित तौर पर अपहरण करके जबरन हिन्दू महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराने के मामले में तीनों महिलाएं खूब चर्चा में रही हैं। इस मामले में 19 वर्षीय रिंकल कुमारी के बारे में मानवाधिकार समूहों और समाज के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिमहामेधा से जुड़े व्यक्ति ने उसका अपहरण किया था।टिप्पणियां मिमहामेधा और उसके भाई पर सिंध प्रांत के घोत्की इलाके की कई हिन्दू लड़कियों को अगवा करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीनों महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम पुरुषों से करायी गई है। रिंकल द्वारा संवाददाता सम्मेलन और अदालत में दिए गए बयान में अंतर आने के कारण मामला और पेचिदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई। टीवी फुटेज में बुर्का पहनी हुई महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में सुप्रीम कोर्ट जाते हुए दिखाया गया है। सिंध प्रांत में कथित तौर पर अपहरण करके जबरन हिन्दू महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराने के मामले में तीनों महिलाएं खूब चर्चा में रही हैं। इस मामले में 19 वर्षीय रिंकल कुमारी के बारे में मानवाधिकार समूहों और समाज के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिमहामेधा से जुड़े व्यक्ति ने उसका अपहरण किया था।टिप्पणियां मिमहामेधा और उसके भाई पर सिंध प्रांत के घोत्की इलाके की कई हिन्दू लड़कियों को अगवा करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीनों महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम पुरुषों से करायी गई है। रिंकल द्वारा संवाददाता सम्मेलन और अदालत में दिए गए बयान में अंतर आने के कारण मामला और पेचिदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई। इस मामले में 19 वर्षीय रिंकल कुमारी के बारे में मानवाधिकार समूहों और समाज के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिमहामेधा से जुड़े व्यक्ति ने उसका अपहरण किया था।टिप्पणियां मिमहामेधा और उसके भाई पर सिंध प्रांत के घोत्की इलाके की कई हिन्दू लड़कियों को अगवा करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीनों महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम पुरुषों से करायी गई है। रिंकल द्वारा संवाददाता सम्मेलन और अदालत में दिए गए बयान में अंतर आने के कारण मामला और पेचिदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई। मिमहामेधा और उसके भाई पर सिंध प्रांत के घोत्की इलाके की कई हिन्दू लड़कियों को अगवा करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीनों महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम पुरुषों से करायी गई है। रिंकल द्वारा संवाददाता सम्मेलन और अदालत में दिए गए बयान में अंतर आने के कारण मामला और पेचिदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल कुमारी और लता कुमारी को कराची के महिला आश्रम भेज दिया था ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस मामले में रिंकल और लता के परिवार के सदस्यों ने कहा था कि उनका अपहरण कर, धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से की गई।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीन हिन्दू महिलाओं को अपने भविष्य में बारे में स्वयं निर्णय करने और अपना जीवन अपनी इच्छा के मुताबिक जीने की अनुमति दी जिसके बाद तीनों ने कहा कि वे अपने पतियों के साथ ही रहना चाहती हैं।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से जो कर्जमाफी कर रही है उससे किसानों की परेशानी दूर नहीं हुई है. सरकार कर्जमाफी के तौर पर दी जा रही रकम से ज्यादा धन तो उसके वितरण सम्बन्धी आयोजनों पर खर्च कर रही है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) छोड़ चुके कुछ वरिष्ठ नेताओं के सपा में आने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि सपा में जो भी आना चाहेगा, उसके लिये दरवाजे खुले हैं. आगामी पांच अक्तूबर को आगरा में होने वाले सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के नए अध्यक्ष के तौर पर पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह का नाम भी सामने आने की संभावना के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि अब वह इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे. पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता उनके साथ हैं। पार्टी में अच्छा संतुलन है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: राहुल गांधी ने बर्कले यूनिवर्सिटी में दिया था बयान अखिलेश यादव ने किया वंशवाद के बयान का बचाव अमेरिका के राष्ट्रपतियों का दिया उदाहरण
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टोयोटा यूनिवर्सिटी चैम्पियनशिप के तहत जामिया मिलिया की टीम ने लगातार तीसरा मैच जीतकर सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली है। दो मैचों में जीत हासिल करने के बाद जामिया की टीम ज़बरदस्त लय में थी। नतीजा यह कि रीवा की कोई भी कोशिश उन्हें नहीं रोक पाई। रीवा ने टॉस जीतकर पहले बैीटग ज़रूर की लेकिन जामिया के गेंदबाज़ों ने उनपर आसानी से पकड़ बना ली। दूसरे ओवर में ही टीम को पहला झटका लगा... हालांकि अजय तिवारी के बल्ले से बाउंड्री निकल रहे थे…। पहले दस ओवर में रीवा का स्कोर एक विकेट पर 48 रन था। रन गति तेज करने के दबाव में अजय तिवारी 43 रन बनाकर आउट हुए। टीम के कप्तान नवीन तिवारी ने भी आते ही तेजी से रन बटोरने की कोशिश की लेकिन यहां उनके पार्टनर शशांक तिवारी ने रन लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नवीन रन आउट हो गए। जामिया के छात्रों ने अपने सुपरस्टार और टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप के ब्रांड एंबैसडर शाह रुख खान को भी खूब याद किया। अंतिम 5 ओवरों में एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा की टीम महज 32 रन ही बना सकी। 20 ओवरों में टीम का स्कोर पांच विकेट पर 117 रन था। जामिया की टीम इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड टीम साबित हो रही है। ऐसे में 118 रन का लक्ष्य उनके लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था। घरेलू मैदान पर महज 117 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला विकेट दूसरे ओवर में ही गिर गया। जामिया की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बना चुके अमित वर्मा महज पांच रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद शिवम शर्मा और कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने पारी को संभाल लिया।टिप्पणियां दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। दो मैचों में जीत हासिल करने के बाद जामिया की टीम ज़बरदस्त लय में थी। नतीजा यह कि रीवा की कोई भी कोशिश उन्हें नहीं रोक पाई। रीवा ने टॉस जीतकर पहले बैीटग ज़रूर की लेकिन जामिया के गेंदबाज़ों ने उनपर आसानी से पकड़ बना ली। दूसरे ओवर में ही टीम को पहला झटका लगा... हालांकि अजय तिवारी के बल्ले से बाउंड्री निकल रहे थे…। पहले दस ओवर में रीवा का स्कोर एक विकेट पर 48 रन था। रन गति तेज करने के दबाव में अजय तिवारी 43 रन बनाकर आउट हुए। टीम के कप्तान नवीन तिवारी ने भी आते ही तेजी से रन बटोरने की कोशिश की लेकिन यहां उनके पार्टनर शशांक तिवारी ने रन लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नवीन रन आउट हो गए। जामिया के छात्रों ने अपने सुपरस्टार और टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप के ब्रांड एंबैसडर शाह रुख खान को भी खूब याद किया। अंतिम 5 ओवरों में एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा की टीम महज 32 रन ही बना सकी। 20 ओवरों में टीम का स्कोर पांच विकेट पर 117 रन था। जामिया की टीम इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड टीम साबित हो रही है। ऐसे में 118 रन का लक्ष्य उनके लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था। घरेलू मैदान पर महज 117 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला विकेट दूसरे ओवर में ही गिर गया। जामिया की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बना चुके अमित वर्मा महज पांच रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद शिवम शर्मा और कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने पारी को संभाल लिया।टिप्पणियां दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। दूसरे ओवर में ही टीम को पहला झटका लगा... हालांकि अजय तिवारी के बल्ले से बाउंड्री निकल रहे थे…। पहले दस ओवर में रीवा का स्कोर एक विकेट पर 48 रन था। रन गति तेज करने के दबाव में अजय तिवारी 43 रन बनाकर आउट हुए। टीम के कप्तान नवीन तिवारी ने भी आते ही तेजी से रन बटोरने की कोशिश की लेकिन यहां उनके पार्टनर शशांक तिवारी ने रन लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नवीन रन आउट हो गए। जामिया के छात्रों ने अपने सुपरस्टार और टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप के ब्रांड एंबैसडर शाह रुख खान को भी खूब याद किया। अंतिम 5 ओवरों में एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा की टीम महज 32 रन ही बना सकी। 20 ओवरों में टीम का स्कोर पांच विकेट पर 117 रन था। जामिया की टीम इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड टीम साबित हो रही है। ऐसे में 118 रन का लक्ष्य उनके लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था। घरेलू मैदान पर महज 117 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला विकेट दूसरे ओवर में ही गिर गया। जामिया की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बना चुके अमित वर्मा महज पांच रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद शिवम शर्मा और कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने पारी को संभाल लिया।टिप्पणियां दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। टीम के कप्तान नवीन तिवारी ने भी आते ही तेजी से रन बटोरने की कोशिश की लेकिन यहां उनके पार्टनर शशांक तिवारी ने रन लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नवीन रन आउट हो गए। जामिया के छात्रों ने अपने सुपरस्टार और टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप के ब्रांड एंबैसडर शाह रुख खान को भी खूब याद किया। अंतिम 5 ओवरों में एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा की टीम महज 32 रन ही बना सकी। 20 ओवरों में टीम का स्कोर पांच विकेट पर 117 रन था। जामिया की टीम इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड टीम साबित हो रही है। ऐसे में 118 रन का लक्ष्य उनके लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था। घरेलू मैदान पर महज 117 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला विकेट दूसरे ओवर में ही गिर गया। जामिया की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बना चुके अमित वर्मा महज पांच रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद शिवम शर्मा और कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने पारी को संभाल लिया।टिप्पणियां दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। जामिया के छात्रों ने अपने सुपरस्टार और टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप के ब्रांड एंबैसडर शाह रुख खान को भी खूब याद किया। अंतिम 5 ओवरों में एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा की टीम महज 32 रन ही बना सकी। 20 ओवरों में टीम का स्कोर पांच विकेट पर 117 रन था। जामिया की टीम इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड टीम साबित हो रही है। ऐसे में 118 रन का लक्ष्य उनके लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था। घरेलू मैदान पर महज 117 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला विकेट दूसरे ओवर में ही गिर गया। जामिया की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बना चुके अमित वर्मा महज पांच रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद शिवम शर्मा और कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने पारी को संभाल लिया।टिप्पणियां दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। अंतिम 5 ओवरों में एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा की टीम महज 32 रन ही बना सकी। 20 ओवरों में टीम का स्कोर पांच विकेट पर 117 रन था। जामिया की टीम इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड टीम साबित हो रही है। ऐसे में 118 रन का लक्ष्य उनके लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था। घरेलू मैदान पर महज 117 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला विकेट दूसरे ओवर में ही गिर गया। जामिया की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बना चुके अमित वर्मा महज पांच रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद शिवम शर्मा और कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने पारी को संभाल लिया।टिप्पणियां दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। जामिया की टीम इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड टीम साबित हो रही है। ऐसे में 118 रन का लक्ष्य उनके लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था। घरेलू मैदान पर महज 117 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला विकेट दूसरे ओवर में ही गिर गया। जामिया की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बना चुके अमित वर्मा महज पांच रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद शिवम शर्मा और कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने पारी को संभाल लिया।टिप्पणियां दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। घरेलू मैदान पर महज 117 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला विकेट दूसरे ओवर में ही गिर गया। जामिया की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बना चुके अमित वर्मा महज पांच रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद शिवम शर्मा और कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने पारी को संभाल लिया।टिप्पणियां दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। दसवें ओवर के बाद जामिया ने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। प्रवीण यादव 21 रन बनाकर आउट हुए लेकिन मैच जामिया की मुठ्ठी में था। जामिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। टूर्नामेंट में लगतार तीन मैच जीतकर जामिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टोयोटा यूनिवर्सिटी चैम्पियनशिप के तहत जामिया मिलिया की टीम ने लगातार तीसरा मैच जीतकर सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली है।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: जुलाई से आप एसएमएस भेजकर ट्रेन का टिकट बुक कर सकेंगे। भारत में बढ़ते मोबाइल फोन बाजार पर निगाह रख कर आईआरसीटीसी 1 जुलाई से एसएमएस आधारित रेल टिकट बुकिंग शुरू करेगी और इसके लिए समर्पित एक नंबर की घोषणा जल्द की जाएगी। आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मोबाइल आधारित बुकिंग के तहत कहीं से भी और किसी भी समय टिकट बुक करने की आसान सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए किसी प्रिंटआउट की कोई आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि टिकटिंग संदेश को सफर के दौरान वैध माना जाएगा।टिप्पणियां इसके तहत लोगों को अपना मोबाइल नंबर आईआरसीटीसी और साथ ही अपने बैंक में रजिस्टर कराना होगा। बैंक धनराशि के भुगतान प्राधिकृत करने के लिए एमएमआईडी (मोबाइल मनी आइडेंटीफायर) और ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) जारी करेगा। अधिकारी ने बताया कि एसएमएस बुकिंग बहुत आसान, है क्योंकि किसी यात्री को सिर्फ ट्रेन संख्या, गंतव्य, यात्रा तिथि, क्लास और नाम, उम्र, एवं लिंग जैसे यात्री विवरण अपने एसएमएस बॉक्स में टाइप करना है। उन्होंने बताया कि उसे ट्रांजैक्शन आईडी मिलेगा और उसके बाद वह एक दूसरे एसएमएस से भुगतान करेगा। आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मोबाइल आधारित बुकिंग के तहत कहीं से भी और किसी भी समय टिकट बुक करने की आसान सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए किसी प्रिंटआउट की कोई आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि टिकटिंग संदेश को सफर के दौरान वैध माना जाएगा।टिप्पणियां इसके तहत लोगों को अपना मोबाइल नंबर आईआरसीटीसी और साथ ही अपने बैंक में रजिस्टर कराना होगा। बैंक धनराशि के भुगतान प्राधिकृत करने के लिए एमएमआईडी (मोबाइल मनी आइडेंटीफायर) और ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) जारी करेगा। अधिकारी ने बताया कि एसएमएस बुकिंग बहुत आसान, है क्योंकि किसी यात्री को सिर्फ ट्रेन संख्या, गंतव्य, यात्रा तिथि, क्लास और नाम, उम्र, एवं लिंग जैसे यात्री विवरण अपने एसएमएस बॉक्स में टाइप करना है। उन्होंने बताया कि उसे ट्रांजैक्शन आईडी मिलेगा और उसके बाद वह एक दूसरे एसएमएस से भुगतान करेगा। इसके तहत लोगों को अपना मोबाइल नंबर आईआरसीटीसी और साथ ही अपने बैंक में रजिस्टर कराना होगा। बैंक धनराशि के भुगतान प्राधिकृत करने के लिए एमएमआईडी (मोबाइल मनी आइडेंटीफायर) और ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) जारी करेगा। अधिकारी ने बताया कि एसएमएस बुकिंग बहुत आसान, है क्योंकि किसी यात्री को सिर्फ ट्रेन संख्या, गंतव्य, यात्रा तिथि, क्लास और नाम, उम्र, एवं लिंग जैसे यात्री विवरण अपने एसएमएस बॉक्स में टाइप करना है। उन्होंने बताया कि उसे ट्रांजैक्शन आईडी मिलेगा और उसके बाद वह एक दूसरे एसएमएस से भुगतान करेगा। अधिकारी ने बताया कि एसएमएस बुकिंग बहुत आसान, है क्योंकि किसी यात्री को सिर्फ ट्रेन संख्या, गंतव्य, यात्रा तिथि, क्लास और नाम, उम्र, एवं लिंग जैसे यात्री विवरण अपने एसएमएस बॉक्स में टाइप करना है। उन्होंने बताया कि उसे ट्रांजैक्शन आईडी मिलेगा और उसके बाद वह एक दूसरे एसएमएस से भुगतान करेगा।
सारांश: आईआरसीटीसी 1 जुलाई से एसएमएस आधारित रेल टिकट बुकिंग शुरू करेगी और इसके लिए समर्पित एक नंबर की घोषणा जल्द की जाएगी।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: वैज्ञानिकों ने सिजोफ्रेनिया की अनुवांशिक वजहों को खोज निकालने के बेहद करीब होने का दावा किया है। इस बीमारी से जुड़े जीनोम स्थानों की अब तक की सबसे बड़ी खोज उन्होंने की है। नेचर जेनेटिक्स जर्नल के मुताबिक, 135 संस्थाओं के 190 वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने इंसानी जीनोम में सिजोफ्रेनिया से जुड़े पांच नए और दो पहले से पता लगाए जा चुके स्थानों की खोज की। बहुत पहले इस बात का पता लगाया जा चुका है कि सिजोफ्रेनिया वंशानुगत है। हालांकि इस नए अध्ययन ने इंसानी जीनोम के उन स्थानों का पता लगाया जो इस बीमारी से अहम तौर पर जुड़े हैं। अनुसंधान दल से जुड़े प्रो. ब्रायन मोवरी ने कहा कि व्यापक अध्ययन होने के कारण ही ये खोज संभव हो पाए, जिसमें 50,000 लोगों को शामिल किया गया। सिजोफ्रेनिया हर 100 में एक व्यक्ति को प्रभावित करता है और किशोरावस्था या शुरुआती वयस्कता के वक्त आमतौर पर दस्तक देता है। मनोविकृति इसका प्रमुख लक्षण है।
सारांश: वैज्ञानिकों ने सिजोफ्रेनिया की अनुवांशिक वजहों को खोज निकालने के बेहद करीब होने का दावा किया है।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश के चित्तूर में सुबह से जारी पुलिस और संदिग्ध आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो पुलिसवाले घायल हुए हैं, जिनमें से एक ही हालत गंभीर बताई जा रही है। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया है, जिसका नाम बिलाल मलिक बताया जा रहा है। इन संदिग्ध आतंकियों का संबंध अल−उमा नाम के संगठन से हो सकता है। 17 अप्रैल को बीजेपी ऑफिस के बाहर हुए धमाके में भी इस संगठन का नाम आया था।टिप्पणियां फिलहाल मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने एक घर को चारों तरफ से घेर रखा है, क्योंकि घर के अंदर से लगातार फायरिंग हो रही है। गौरतलब है कि आंध्र पुलिस को खबर मिली थी कि बीजेपी नेता रमेश के हत्यारे इसी घर में छुपे हैं। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया है, जिसका नाम बिलाल मलिक बताया जा रहा है। इन संदिग्ध आतंकियों का संबंध अल−उमा नाम के संगठन से हो सकता है। 17 अप्रैल को बीजेपी ऑफिस के बाहर हुए धमाके में भी इस संगठन का नाम आया था।टिप्पणियां फिलहाल मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने एक घर को चारों तरफ से घेर रखा है, क्योंकि घर के अंदर से लगातार फायरिंग हो रही है। गौरतलब है कि आंध्र पुलिस को खबर मिली थी कि बीजेपी नेता रमेश के हत्यारे इसी घर में छुपे हैं। फिलहाल मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने एक घर को चारों तरफ से घेर रखा है, क्योंकि घर के अंदर से लगातार फायरिंग हो रही है। गौरतलब है कि आंध्र पुलिस को खबर मिली थी कि बीजेपी नेता रमेश के हत्यारे इसी घर में छुपे हैं। गौरतलब है कि आंध्र पुलिस को खबर मिली थी कि बीजेपी नेता रमेश के हत्यारे इसी घर में छुपे हैं।
संक्षिप्त सारांश: आंध्र प्रदेश के चित्तूर में सुबह से जारी पुलिस और संदिग्ध आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो पुलिसवाले घायल हुए हैं, जिनमें से एक ही हालत गंभीर बताई जा रही है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सरकार के उस वरिष्ठ अधिकारी से सहमत हैं जिन्होंने कहा था कि उनकी भारत यात्रा को ‘‘विफल बनाने के लिए भारत सरकार के भीतर के धड़ों’’ द्वारा एक औपचारिक रात्रिभोज में एक दोषी सिख आतंकवादी की उपस्थिति की व्यवस्था की गई. ‘द स्टार’ ने खबर दी कि कनाडा वापस आने के बाद विपक्षी सांसदों ने ट्रूडो से भारत में उनके दो कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जसपाल अटवाल को जारी आमंत्रण के बारे में पूछा. अटवाल 1986 में भारत के एक कैबिनेट मंत्री की हत्या के प्रयास के मामले में दोषी है. खबर में कहा गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत सरकार के भीतर के धड़ों ने अटवाल की उपस्थिति का इंतजाम किया क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऐसी किसी विदेशी सरकार के साथ ज्यादा सहज स्थिति में दिखने से रोकना चाहते थे जिनके बारे में उनका मानना है कि वह एकीकृत भारत के लिए प्रतिबद्ध नहीं है. इसमें कहा गया कि कंजरवेटिव्स ने अधिकारी की पहचान ट्रूडो के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डेनियल जियान के रूप में की और उन्होंने ट्रूडो से पूछा कि वह जियान की ‘‘साजिश की बात’’ से सहमत हैं या नहीं. विपक्षी नेता एंड्रयू शीर ने पूछा, ‘‘एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने ये आरोप लगाए हैं. क्या प्रधानमंत्री इससे सहमत हैं या इन आरोपों को खारिज करते हैं?’’  खबर के अनुसार, ट्रूडो ने अधिकारी का बचाव गुणवत्तापूर्ण सलाह देने वाली पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा के सदस्य के रूप में की. उन्होंने पिछली कंजरवेटिव सरकार पर लोक सेवा का प्रयोग पार्टी के हितों के लिए करने का आरोप लगाया.टिप्पणियां ट्रूडो ने कहा कि वे (पिछली सरकार) यह नहीं समझते हैं कि हमारी पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा उच्च स्तर का कार्य करती है. जब हमारा कोई शीर्ष राजनयिक और सुरक्षा अधिकारी कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो यह इसलिए है क्योंकि वे जानते हैं कि यह सच है. ट्रूडो के कार्यालय का कहना है कि नई दिल्ली में एक पार्टी के लिए अटवाल का न्यौता उनका नाम अतिथि सूची में आने के तुरंत बाद हटा दिया गया था. हालांकि अटवाल इससे पहले मुंबई में एक रिसेप्शन में नजर आए थे और प्रधानमंत्री की पत्नी सोफी ग्रेगोयर ट्रूडो के साथ उनकी तस्वीर सामने आई थी. खबर में कहा गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत सरकार के भीतर के धड़ों ने अटवाल की उपस्थिति का इंतजाम किया क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऐसी किसी विदेशी सरकार के साथ ज्यादा सहज स्थिति में दिखने से रोकना चाहते थे जिनके बारे में उनका मानना है कि वह एकीकृत भारत के लिए प्रतिबद्ध नहीं है. इसमें कहा गया कि कंजरवेटिव्स ने अधिकारी की पहचान ट्रूडो के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डेनियल जियान के रूप में की और उन्होंने ट्रूडो से पूछा कि वह जियान की ‘‘साजिश की बात’’ से सहमत हैं या नहीं. विपक्षी नेता एंड्रयू शीर ने पूछा, ‘‘एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने ये आरोप लगाए हैं. क्या प्रधानमंत्री इससे सहमत हैं या इन आरोपों को खारिज करते हैं?’’  खबर के अनुसार, ट्रूडो ने अधिकारी का बचाव गुणवत्तापूर्ण सलाह देने वाली पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा के सदस्य के रूप में की. उन्होंने पिछली कंजरवेटिव सरकार पर लोक सेवा का प्रयोग पार्टी के हितों के लिए करने का आरोप लगाया.टिप्पणियां ट्रूडो ने कहा कि वे (पिछली सरकार) यह नहीं समझते हैं कि हमारी पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा उच्च स्तर का कार्य करती है. जब हमारा कोई शीर्ष राजनयिक और सुरक्षा अधिकारी कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो यह इसलिए है क्योंकि वे जानते हैं कि यह सच है. ट्रूडो के कार्यालय का कहना है कि नई दिल्ली में एक पार्टी के लिए अटवाल का न्यौता उनका नाम अतिथि सूची में आने के तुरंत बाद हटा दिया गया था. हालांकि अटवाल इससे पहले मुंबई में एक रिसेप्शन में नजर आए थे और प्रधानमंत्री की पत्नी सोफी ग्रेगोयर ट्रूडो के साथ उनकी तस्वीर सामने आई थी. इसमें कहा गया कि कंजरवेटिव्स ने अधिकारी की पहचान ट्रूडो के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डेनियल जियान के रूप में की और उन्होंने ट्रूडो से पूछा कि वह जियान की ‘‘साजिश की बात’’ से सहमत हैं या नहीं. विपक्षी नेता एंड्रयू शीर ने पूछा, ‘‘एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने ये आरोप लगाए हैं. क्या प्रधानमंत्री इससे सहमत हैं या इन आरोपों को खारिज करते हैं?’’  खबर के अनुसार, ट्रूडो ने अधिकारी का बचाव गुणवत्तापूर्ण सलाह देने वाली पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा के सदस्य के रूप में की. उन्होंने पिछली कंजरवेटिव सरकार पर लोक सेवा का प्रयोग पार्टी के हितों के लिए करने का आरोप लगाया.टिप्पणियां ट्रूडो ने कहा कि वे (पिछली सरकार) यह नहीं समझते हैं कि हमारी पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा उच्च स्तर का कार्य करती है. जब हमारा कोई शीर्ष राजनयिक और सुरक्षा अधिकारी कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो यह इसलिए है क्योंकि वे जानते हैं कि यह सच है. ट्रूडो के कार्यालय का कहना है कि नई दिल्ली में एक पार्टी के लिए अटवाल का न्यौता उनका नाम अतिथि सूची में आने के तुरंत बाद हटा दिया गया था. हालांकि अटवाल इससे पहले मुंबई में एक रिसेप्शन में नजर आए थे और प्रधानमंत्री की पत्नी सोफी ग्रेगोयर ट्रूडो के साथ उनकी तस्वीर सामने आई थी. विपक्षी नेता एंड्रयू शीर ने पूछा, ‘‘एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने ये आरोप लगाए हैं. क्या प्रधानमंत्री इससे सहमत हैं या इन आरोपों को खारिज करते हैं?’’  खबर के अनुसार, ट्रूडो ने अधिकारी का बचाव गुणवत्तापूर्ण सलाह देने वाली पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा के सदस्य के रूप में की. उन्होंने पिछली कंजरवेटिव सरकार पर लोक सेवा का प्रयोग पार्टी के हितों के लिए करने का आरोप लगाया.टिप्पणियां ट्रूडो ने कहा कि वे (पिछली सरकार) यह नहीं समझते हैं कि हमारी पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा उच्च स्तर का कार्य करती है. जब हमारा कोई शीर्ष राजनयिक और सुरक्षा अधिकारी कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो यह इसलिए है क्योंकि वे जानते हैं कि यह सच है. ट्रूडो के कार्यालय का कहना है कि नई दिल्ली में एक पार्टी के लिए अटवाल का न्यौता उनका नाम अतिथि सूची में आने के तुरंत बाद हटा दिया गया था. हालांकि अटवाल इससे पहले मुंबई में एक रिसेप्शन में नजर आए थे और प्रधानमंत्री की पत्नी सोफी ग्रेगोयर ट्रूडो के साथ उनकी तस्वीर सामने आई थी. खबर के अनुसार, ट्रूडो ने अधिकारी का बचाव गुणवत्तापूर्ण सलाह देने वाली पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा के सदस्य के रूप में की. उन्होंने पिछली कंजरवेटिव सरकार पर लोक सेवा का प्रयोग पार्टी के हितों के लिए करने का आरोप लगाया.टिप्पणियां ट्रूडो ने कहा कि वे (पिछली सरकार) यह नहीं समझते हैं कि हमारी पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा उच्च स्तर का कार्य करती है. जब हमारा कोई शीर्ष राजनयिक और सुरक्षा अधिकारी कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो यह इसलिए है क्योंकि वे जानते हैं कि यह सच है. ट्रूडो के कार्यालय का कहना है कि नई दिल्ली में एक पार्टी के लिए अटवाल का न्यौता उनका नाम अतिथि सूची में आने के तुरंत बाद हटा दिया गया था. हालांकि अटवाल इससे पहले मुंबई में एक रिसेप्शन में नजर आए थे और प्रधानमंत्री की पत्नी सोफी ग्रेगोयर ट्रूडो के साथ उनकी तस्वीर सामने आई थी. ट्रूडो ने कहा कि वे (पिछली सरकार) यह नहीं समझते हैं कि हमारी पेशेवर, गैरदलगत लोक सेवा उच्च स्तर का कार्य करती है. जब हमारा कोई शीर्ष राजनयिक और सुरक्षा अधिकारी कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो यह इसलिए है क्योंकि वे जानते हैं कि यह सच है. ट्रूडो के कार्यालय का कहना है कि नई दिल्ली में एक पार्टी के लिए अटवाल का न्यौता उनका नाम अतिथि सूची में आने के तुरंत बाद हटा दिया गया था. हालांकि अटवाल इससे पहले मुंबई में एक रिसेप्शन में नजर आए थे और प्रधानमंत्री की पत्नी सोफी ग्रेगोयर ट्रूडो के साथ उनकी तस्वीर सामने आई थी. ट्रूडो के कार्यालय का कहना है कि नई दिल्ली में एक पार्टी के लिए अटवाल का न्यौता उनका नाम अतिथि सूची में आने के तुरंत बाद हटा दिया गया था. हालांकि अटवाल इससे पहले मुंबई में एक रिसेप्शन में नजर आए थे और प्रधानमंत्री की पत्नी सोफी ग्रेगोयर ट्रूडो के साथ उनकी तस्वीर सामने आई थी.
संक्षिप्त सारांश: भारत दौरे पर आए थे कनाडा के पीएम ट्रूडो इस बीच डिनर में खालिस्तानी आतंकी को था निमंत्रण भारत ने इसके लिए कनाडा से विरोध दर्ज करवाया था.
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अगले सप्ताह लाहौर में होने वाले सैन्य अभ्‍यास में 16 देश भाग लेंगे. इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस के (आईएसपीआर) के हवाले से 'द न्यूज इंटरनेशनल' ने खबर दी है कि छह दिन तक चलने वाले 'फिजिकल एजिलिटी एंड कॉम्बैट एफिशिएंसी सिस्टम' सैन्य अभ्‍यास के लिए 25 सदस्यीय श्रीलंकाई सेना का दल कल यहां पहुंचा. खबर के अनुसार, सैनिकों की शारीरिक और सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लक्ष्य से हो रहे इस अभ्‍यास में 16 देश भाग लेंगे. हालांकि, रिपोर्ट में भागीदार देशों के नाम नहीं दिए गए हैं.टिप्पणियां पाकिस्तान और रूस के बीच पहला संयुक्त सैन्य अभ्‍यास इसी सप्ताह समाप्त हुआ है. अभ्‍यास 27 सितंबर से 10 अक्तूबर तक चला. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस के (आईएसपीआर) के हवाले से 'द न्यूज इंटरनेशनल' ने खबर दी है कि छह दिन तक चलने वाले 'फिजिकल एजिलिटी एंड कॉम्बैट एफिशिएंसी सिस्टम' सैन्य अभ्‍यास के लिए 25 सदस्यीय श्रीलंकाई सेना का दल कल यहां पहुंचा. खबर के अनुसार, सैनिकों की शारीरिक और सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लक्ष्य से हो रहे इस अभ्‍यास में 16 देश भाग लेंगे. हालांकि, रिपोर्ट में भागीदार देशों के नाम नहीं दिए गए हैं.टिप्पणियां पाकिस्तान और रूस के बीच पहला संयुक्त सैन्य अभ्‍यास इसी सप्ताह समाप्त हुआ है. अभ्‍यास 27 सितंबर से 10 अक्तूबर तक चला. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) खबर के अनुसार, सैनिकों की शारीरिक और सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लक्ष्य से हो रहे इस अभ्‍यास में 16 देश भाग लेंगे. हालांकि, रिपोर्ट में भागीदार देशों के नाम नहीं दिए गए हैं.टिप्पणियां पाकिस्तान और रूस के बीच पहला संयुक्त सैन्य अभ्‍यास इसी सप्ताह समाप्त हुआ है. अभ्‍यास 27 सितंबर से 10 अक्तूबर तक चला. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान और रूस के बीच पहला संयुक्त सैन्य अभ्‍यास इसी सप्ताह समाप्त हुआ है. अभ्‍यास 27 सितंबर से 10 अक्तूबर तक चला. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 6 दिन चलेगा फिजिकल एजिलिटी एंड कॉम्बैट एफिशिएंसी सिस्टम' सैन्य अभ्‍यास. 25 सदस्यीय श्रीलंकाई सेना का दल कल यहां पहुंचा. सैनिकों की शारीरिक और सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लक्ष्य से हो रहा अभ्‍यास.
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: राजस्थान रॉयल्स के कप्तान राहुल द्रविड़ ने रविवार को कहा कि 17वें ओवर में मुंबई इंडियंस के ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह द्वारा तीन विकेट झटक लेने से चैंपियंस लीग ट्वेंटी-20 का फाइनल मैच मुंबई इंडियंस के पक्ष में चला गया।टिप्पणियां राजस्थान रॉयल्स के 33 रनों से मैच हार जाने के बाद द्रविड़ ने कहा, ‘मुंबई की टीम का खेल बढ़िया था। लेकिन हमारी टीम ने भी बेहतरीन कोशिश की। आखिर तक टक्कर काफी कड़ी थी और यह फाइनल मैच काफी शानदार रहा।’ आज अपने करियर का आखिरी ट्वेंटी-20 मैच खेलने वाले द्रविड़ ने गर्मजोशी से विदाई देने के लिए दोनों टीमों और फिरोजशाह कोटला मैदान में जुटे लोगों का शुक्रिया अदा किया। राजस्थान रॉयल्स के 33 रनों से मैच हार जाने के बाद द्रविड़ ने कहा, ‘मुंबई की टीम का खेल बढ़िया था। लेकिन हमारी टीम ने भी बेहतरीन कोशिश की। आखिर तक टक्कर काफी कड़ी थी और यह फाइनल मैच काफी शानदार रहा।’ आज अपने करियर का आखिरी ट्वेंटी-20 मैच खेलने वाले द्रविड़ ने गर्मजोशी से विदाई देने के लिए दोनों टीमों और फिरोजशाह कोटला मैदान में जुटे लोगों का शुक्रिया अदा किया। आज अपने करियर का आखिरी ट्वेंटी-20 मैच खेलने वाले द्रविड़ ने गर्मजोशी से विदाई देने के लिए दोनों टीमों और फिरोजशाह कोटला मैदान में जुटे लोगों का शुक्रिया अदा किया।
यहाँ एक सारांश है:राजस्थान रॉयल्स के कप्तान राहुल द्रविड़ ने रविवार को कहा कि 17वें ओवर में मुंबई इंडियंस के ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह द्वारा तीन विकेट झटक लेने से चैंपियंस लीग ट्वेंटी-20 का फाइनल मैच मुंबई इंडियंस के पक्ष में चला गया।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिखा शर्मा ने कहा है कि कुछ कर्मचारियों ने संगठन की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि कुछ कर्मचारियों के बर्ताव से हमें शर्मिंदगी और परेशानी उठानी पड़ी है. शर्मा ने बताया कि बैंक ने अधिक सेफगार्ड्स सुनिश्चित करने और जांच पड़ताल को बढ़ाने के लिए केपीएमजी को फॉरेंसिंक ऑडिट नियुक्त किया है. एक्सिस बैंक के ग्राहकों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि बैंक की बुनियाद मजबूत है. खातों की गतिविधियों में अचानक आई तेजी के मद्देनजर बैंक ने खुद ही आगे बढ़कर संदिग्ध खातों की पहचान की है. उन्होंने कहा, 'हमारे कुछ कर्मचारियों की गतिविधियों पर हालिया मीडिया रिपोर्टों से मुझे शर्मिंदगी और निराशा हुई है. कुछ लोगों ने हमारी तरह अनुपालन वाली ठोस प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिसकी वजह से हम अपनी उम्मीदों पर ही खरे नहीं उतर पाए. हमने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और हमारी आचार संहिता से अलग हटकर काम करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसे ही कदम उठाए जाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गड़बड़ियों से हमारे 55,000 से अधिक कर्मचारियों की मेहनत पर पानी फिर गया, जिसका मुझे खेद है. आयकर विभाग ने पिछले सप्ताह एक्सिस बैंक की नोएडा शाखा पर छापेमारी कर 20 फर्जी कंपनियों के खातों से करीब 60 करोड़ रुपये की राशि पकड़ी थी. शर्मा ने कहा कि बैंक ने खुद पहल करते हुए संदिग्ध खातों की पहचान कर इसके बारे में नियामकीय प्राधिकरणों को आगे की जांच के लिए सूचना दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शर्मा ने बताया कि बैंक ने अधिक सेफगार्ड्स सुनिश्चित करने और जांच पड़ताल को बढ़ाने के लिए केपीएमजी को फॉरेंसिंक ऑडिट नियुक्त किया है. एक्सिस बैंक के ग्राहकों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि बैंक की बुनियाद मजबूत है. खातों की गतिविधियों में अचानक आई तेजी के मद्देनजर बैंक ने खुद ही आगे बढ़कर संदिग्ध खातों की पहचान की है. उन्होंने कहा, 'हमारे कुछ कर्मचारियों की गतिविधियों पर हालिया मीडिया रिपोर्टों से मुझे शर्मिंदगी और निराशा हुई है. कुछ लोगों ने हमारी तरह अनुपालन वाली ठोस प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिसकी वजह से हम अपनी उम्मीदों पर ही खरे नहीं उतर पाए. हमने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और हमारी आचार संहिता से अलग हटकर काम करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसे ही कदम उठाए जाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गड़बड़ियों से हमारे 55,000 से अधिक कर्मचारियों की मेहनत पर पानी फिर गया, जिसका मुझे खेद है. आयकर विभाग ने पिछले सप्ताह एक्सिस बैंक की नोएडा शाखा पर छापेमारी कर 20 फर्जी कंपनियों के खातों से करीब 60 करोड़ रुपये की राशि पकड़ी थी. शर्मा ने कहा कि बैंक ने खुद पहल करते हुए संदिग्ध खातों की पहचान कर इसके बारे में नियामकीय प्राधिकरणों को आगे की जांच के लिए सूचना दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक्सिस बैंक के ग्राहकों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि बैंक की बुनियाद मजबूत है. खातों की गतिविधियों में अचानक आई तेजी के मद्देनजर बैंक ने खुद ही आगे बढ़कर संदिग्ध खातों की पहचान की है. उन्होंने कहा, 'हमारे कुछ कर्मचारियों की गतिविधियों पर हालिया मीडिया रिपोर्टों से मुझे शर्मिंदगी और निराशा हुई है. कुछ लोगों ने हमारी तरह अनुपालन वाली ठोस प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिसकी वजह से हम अपनी उम्मीदों पर ही खरे नहीं उतर पाए. हमने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और हमारी आचार संहिता से अलग हटकर काम करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसे ही कदम उठाए जाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गड़बड़ियों से हमारे 55,000 से अधिक कर्मचारियों की मेहनत पर पानी फिर गया, जिसका मुझे खेद है. आयकर विभाग ने पिछले सप्ताह एक्सिस बैंक की नोएडा शाखा पर छापेमारी कर 20 फर्जी कंपनियों के खातों से करीब 60 करोड़ रुपये की राशि पकड़ी थी. शर्मा ने कहा कि बैंक ने खुद पहल करते हुए संदिग्ध खातों की पहचान कर इसके बारे में नियामकीय प्राधिकरणों को आगे की जांच के लिए सूचना दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'हमारे कुछ कर्मचारियों की गतिविधियों पर हालिया मीडिया रिपोर्टों से मुझे शर्मिंदगी और निराशा हुई है. कुछ लोगों ने हमारी तरह अनुपालन वाली ठोस प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिसकी वजह से हम अपनी उम्मीदों पर ही खरे नहीं उतर पाए. हमने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और हमारी आचार संहिता से अलग हटकर काम करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसे ही कदम उठाए जाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गड़बड़ियों से हमारे 55,000 से अधिक कर्मचारियों की मेहनत पर पानी फिर गया, जिसका मुझे खेद है. आयकर विभाग ने पिछले सप्ताह एक्सिस बैंक की नोएडा शाखा पर छापेमारी कर 20 फर्जी कंपनियों के खातों से करीब 60 करोड़ रुपये की राशि पकड़ी थी. शर्मा ने कहा कि बैंक ने खुद पहल करते हुए संदिग्ध खातों की पहचान कर इसके बारे में नियामकीय प्राधिकरणों को आगे की जांच के लिए सूचना दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गड़बड़ियों से हमारे 55,000 से अधिक कर्मचारियों की मेहनत पर पानी फिर गया, जिसका मुझे खेद है. आयकर विभाग ने पिछले सप्ताह एक्सिस बैंक की नोएडा शाखा पर छापेमारी कर 20 फर्जी कंपनियों के खातों से करीब 60 करोड़ रुपये की राशि पकड़ी थी. शर्मा ने कहा कि बैंक ने खुद पहल करते हुए संदिग्ध खातों की पहचान कर इसके बारे में नियामकीय प्राधिकरणों को आगे की जांच के लिए सूचना दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: 'कुछ लोगों की गड़बड़ियों से 55000 से अधिक कर्मियों की मेहनत पर पानी फिरा' 'बैंक ने खुद ही आगे बढ़कर संदिग्ध खातों की पहचान की है' 'केपीएमजी को फॉरेंसिंक ऑडिट नियुक्त किया गया है'
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने मंगलवार को कहा कि उसने चीन को सीमा पर 15 अप्रैल से पहले की स्थिति बहाल रखने के लिए कहा है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि इस मुद्दे के समाधान के लिए कूटनीतिक स्तर की वार्ता की कोई जरूरत नहीं है। उधर, भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने चीन के प्रति नरम रुख का त्याग करने और सख्त कदम उठाने की मांग की है। बताया जाता है कि 15 अप्रैल को चीनी सैनिकों ने भारत-चीन सीमा के पश्चिमी सेक्टर के देपसांग इलाके में अतिक्रमण कर लिया। खुर्शीद ने कहा, "कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोई आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्ष पहले की तरह ही फ्लैग मीटिंग के जरिए समाधान निकालने के लिए चर्चा करेंगे।" विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि देपसांग इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर चीन और भारत के बीच 'भिन्न नजरिया' है और चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के कारण दोनों देशों के बीच आमना-सामना की स्थिति पैदा हो गई है। प्रवक्ता ने कहा, "एलएसी पर उनके एकत्रीकरण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद के कारण हम इसे दोनों देशों के समारक्षकों के बीच आमने-सामने की स्थिति का सामना करने के रूप में देखते हैं। हमने चीन से इस सेक्टर में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। यथास्थिति का मतलब इस घटना से पहले की स्थिति बहाल करना है।" 'आमने-सामने' का इशारा एलएसी पर आपसी विश्वास बहाली लागू करने के लिए 2005 में लागू प्रोटोकॉल की तरफ था। प्रोटोकॉल के मुताबिक जब दोनों पक्ष के सीमा रक्षक आमने-सामने की स्थिति में आ जाएंगे तब उन्हें आत्मसंयम बनाए रखना होगा और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वे सभी जरूरी कदम उठाएंगे। इस घटना को स्थानीय घटना करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा, "कुल मिलाकर भारत-चीन सीमा पर शांति कायम है। इस तरह की घटनाओं को इससे पहले शांतिपूर्वक सुलझाया जा चुका है और हमें आशा है कि इस घटना को भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा।" खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। उधर, भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने चीन के प्रति नरम रुख का त्याग करने और सख्त कदम उठाने की मांग की है। बताया जाता है कि 15 अप्रैल को चीनी सैनिकों ने भारत-चीन सीमा के पश्चिमी सेक्टर के देपसांग इलाके में अतिक्रमण कर लिया। खुर्शीद ने कहा, "कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोई आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्ष पहले की तरह ही फ्लैग मीटिंग के जरिए समाधान निकालने के लिए चर्चा करेंगे।" विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि देपसांग इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर चीन और भारत के बीच 'भिन्न नजरिया' है और चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के कारण दोनों देशों के बीच आमना-सामना की स्थिति पैदा हो गई है। प्रवक्ता ने कहा, "एलएसी पर उनके एकत्रीकरण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद के कारण हम इसे दोनों देशों के समारक्षकों के बीच आमने-सामने की स्थिति का सामना करने के रूप में देखते हैं। हमने चीन से इस सेक्टर में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। यथास्थिति का मतलब इस घटना से पहले की स्थिति बहाल करना है।" 'आमने-सामने' का इशारा एलएसी पर आपसी विश्वास बहाली लागू करने के लिए 2005 में लागू प्रोटोकॉल की तरफ था। प्रोटोकॉल के मुताबिक जब दोनों पक्ष के सीमा रक्षक आमने-सामने की स्थिति में आ जाएंगे तब उन्हें आत्मसंयम बनाए रखना होगा और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वे सभी जरूरी कदम उठाएंगे। इस घटना को स्थानीय घटना करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा, "कुल मिलाकर भारत-चीन सीमा पर शांति कायम है। इस तरह की घटनाओं को इससे पहले शांतिपूर्वक सुलझाया जा चुका है और हमें आशा है कि इस घटना को भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा।" खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। बताया जाता है कि 15 अप्रैल को चीनी सैनिकों ने भारत-चीन सीमा के पश्चिमी सेक्टर के देपसांग इलाके में अतिक्रमण कर लिया। खुर्शीद ने कहा, "कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोई आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्ष पहले की तरह ही फ्लैग मीटिंग के जरिए समाधान निकालने के लिए चर्चा करेंगे।" विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि देपसांग इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर चीन और भारत के बीच 'भिन्न नजरिया' है और चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के कारण दोनों देशों के बीच आमना-सामना की स्थिति पैदा हो गई है। प्रवक्ता ने कहा, "एलएसी पर उनके एकत्रीकरण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद के कारण हम इसे दोनों देशों के समारक्षकों के बीच आमने-सामने की स्थिति का सामना करने के रूप में देखते हैं। हमने चीन से इस सेक्टर में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। यथास्थिति का मतलब इस घटना से पहले की स्थिति बहाल करना है।" 'आमने-सामने' का इशारा एलएसी पर आपसी विश्वास बहाली लागू करने के लिए 2005 में लागू प्रोटोकॉल की तरफ था। प्रोटोकॉल के मुताबिक जब दोनों पक्ष के सीमा रक्षक आमने-सामने की स्थिति में आ जाएंगे तब उन्हें आत्मसंयम बनाए रखना होगा और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वे सभी जरूरी कदम उठाएंगे। इस घटना को स्थानीय घटना करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा, "कुल मिलाकर भारत-चीन सीमा पर शांति कायम है। इस तरह की घटनाओं को इससे पहले शांतिपूर्वक सुलझाया जा चुका है और हमें आशा है कि इस घटना को भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा।" खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। खुर्शीद ने कहा, "कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोई आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्ष पहले की तरह ही फ्लैग मीटिंग के जरिए समाधान निकालने के लिए चर्चा करेंगे।" विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि देपसांग इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर चीन और भारत के बीच 'भिन्न नजरिया' है और चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के कारण दोनों देशों के बीच आमना-सामना की स्थिति पैदा हो गई है। प्रवक्ता ने कहा, "एलएसी पर उनके एकत्रीकरण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद के कारण हम इसे दोनों देशों के समारक्षकों के बीच आमने-सामने की स्थिति का सामना करने के रूप में देखते हैं। हमने चीन से इस सेक्टर में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। यथास्थिति का मतलब इस घटना से पहले की स्थिति बहाल करना है।" 'आमने-सामने' का इशारा एलएसी पर आपसी विश्वास बहाली लागू करने के लिए 2005 में लागू प्रोटोकॉल की तरफ था। प्रोटोकॉल के मुताबिक जब दोनों पक्ष के सीमा रक्षक आमने-सामने की स्थिति में आ जाएंगे तब उन्हें आत्मसंयम बनाए रखना होगा और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वे सभी जरूरी कदम उठाएंगे। इस घटना को स्थानीय घटना करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा, "कुल मिलाकर भारत-चीन सीमा पर शांति कायम है। इस तरह की घटनाओं को इससे पहले शांतिपूर्वक सुलझाया जा चुका है और हमें आशा है कि इस घटना को भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा।" खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि देपसांग इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर चीन और भारत के बीच 'भिन्न नजरिया' है और चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के कारण दोनों देशों के बीच आमना-सामना की स्थिति पैदा हो गई है। प्रवक्ता ने कहा, "एलएसी पर उनके एकत्रीकरण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद के कारण हम इसे दोनों देशों के समारक्षकों के बीच आमने-सामने की स्थिति का सामना करने के रूप में देखते हैं। हमने चीन से इस सेक्टर में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। यथास्थिति का मतलब इस घटना से पहले की स्थिति बहाल करना है।" 'आमने-सामने' का इशारा एलएसी पर आपसी विश्वास बहाली लागू करने के लिए 2005 में लागू प्रोटोकॉल की तरफ था। प्रोटोकॉल के मुताबिक जब दोनों पक्ष के सीमा रक्षक आमने-सामने की स्थिति में आ जाएंगे तब उन्हें आत्मसंयम बनाए रखना होगा और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वे सभी जरूरी कदम उठाएंगे। इस घटना को स्थानीय घटना करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा, "कुल मिलाकर भारत-चीन सीमा पर शांति कायम है। इस तरह की घटनाओं को इससे पहले शांतिपूर्वक सुलझाया जा चुका है और हमें आशा है कि इस घटना को भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा।" खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। प्रवक्ता ने कहा, "एलएसी पर उनके एकत्रीकरण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद के कारण हम इसे दोनों देशों के समारक्षकों के बीच आमने-सामने की स्थिति का सामना करने के रूप में देखते हैं। हमने चीन से इस सेक्टर में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। यथास्थिति का मतलब इस घटना से पहले की स्थिति बहाल करना है।" 'आमने-सामने' का इशारा एलएसी पर आपसी विश्वास बहाली लागू करने के लिए 2005 में लागू प्रोटोकॉल की तरफ था। प्रोटोकॉल के मुताबिक जब दोनों पक्ष के सीमा रक्षक आमने-सामने की स्थिति में आ जाएंगे तब उन्हें आत्मसंयम बनाए रखना होगा और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वे सभी जरूरी कदम उठाएंगे। इस घटना को स्थानीय घटना करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा, "कुल मिलाकर भारत-चीन सीमा पर शांति कायम है। इस तरह की घटनाओं को इससे पहले शांतिपूर्वक सुलझाया जा चुका है और हमें आशा है कि इस घटना को भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा।" खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। 'आमने-सामने' का इशारा एलएसी पर आपसी विश्वास बहाली लागू करने के लिए 2005 में लागू प्रोटोकॉल की तरफ था। प्रोटोकॉल के मुताबिक जब दोनों पक्ष के सीमा रक्षक आमने-सामने की स्थिति में आ जाएंगे तब उन्हें आत्मसंयम बनाए रखना होगा और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वे सभी जरूरी कदम उठाएंगे। इस घटना को स्थानीय घटना करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा, "कुल मिलाकर भारत-चीन सीमा पर शांति कायम है। इस तरह की घटनाओं को इससे पहले शांतिपूर्वक सुलझाया जा चुका है और हमें आशा है कि इस घटना को भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा।" खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। इस घटना को स्थानीय घटना करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा, "कुल मिलाकर भारत-चीन सीमा पर शांति कायम है। इस तरह की घटनाओं को इससे पहले शांतिपूर्वक सुलझाया जा चुका है और हमें आशा है कि इस घटना को भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा।" खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। खबरों के अनुसार, चीनी सैनिक कथित तौर पर लद्दाख में भारतीय सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और वहां उन्होंने अस्थायी चौकी बना ली है। खबर यह भी है कि भारतीय सेना ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है। बीजिंग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास किसी भी घुसपैठ से इंकार किया है। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। मंगलवार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी हुई।टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए 'बहुत सख्त कदम' उठाने की आवश्यकता है। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा। इसे बेहद 'गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यशवंत ने कहा, "भारत सरकार को इस दिशा में बहुत सख्त कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर चीन के प्रति नरम नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे काम नहीं चलेगा।
यह एक सारांश है: भारत ने मंगलवार को कहा कि उसने चीन को सीमा पर 15 अप्रैल से पहले की स्थिति बहाल रखने के लिए कहा है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि इस मुद्दे के समाधान के लिए कूटनीतिक स्तर की वार्ता की कोई जरूरत नहीं है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के बर्खास्त प्रमुख सुरेश कलमाडी को सोमवार को केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने खेलों संबंधी कुछ ठेके दिए जाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया। और उधर, सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस ने समय गंवाएं बिना अपने इस लोकसभा सांसद को पार्टी से निलंबित कर दिया। विवादों और घोटालों से घिरे नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की समाप्ति के छह महीने बाद सीबीआई ने आखिरकार 66 वर्षीय कलमाड़ी को अपनी गिरफ्त में ले ही लिया जो राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान कई प्रकार की सुखिर्यों में रहे थे। उन्हें खेलों के संबंध में टाइमिंग स्कोरिंग रिजल्ट (टीएसआर) सिस्टम के लिए एक निजी स्विस कंपनी को कथित रूप से गैर कानूनी ठेका दिया जिससे सरकारी खजाने को 95 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सीबीआई मुख्यालय में चार घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ के बाद कलमाडी की गिरफ्तारी की घोषणा की गई। टीएसआर तथा क्वीन्स बैटन रिले (क्यूबीआर) मामले में दिसंबर से लेकर अब तक सीबीआई उनसे चार बार पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी ने आयोजन समिति के दो अन्य अधिकारियों सुरजीत लाल (उप महानिदेशक, खरीद) तथा एएसवी प्रसाद (संयुक्त महानिदेशक, खेल) को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया है। सुबह सीबीआई मुख्यालय पहुंचे कलमाडी को शाम करीब साढ़े तीन बजे गिरफ्तार किया गया। एक वरिष्ठ सीबीआई अधिकारी ने यह जानकारी दी।
संक्षिप्त सारांश: सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस ने समय गंवाएं बिना लोकसभा सांसद सुरेश कलमाडी को पार्टी से निलंबित कर दिया।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: माइक और बाब ब्रायन ने युगल टीम के तौर पर एक और रिकॉर्ड अपने नाम लिखाया, हालांकि यह इस जोड़ी के लिए सबसे विशेष होगा। बाब और माइक ब्रायन की जोड़ी ऑस्ट्रेलियाई ओपन में 13वां मेजर खिताब जीतकर ग्रैंडस्लैम इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाली युगल टीम बन गई। ब्रायन बंधुओं ने 53 मिनट में रोबिन हासे और इगोर सिजस्लिंग की हालैंड की गैर वरीय जोड़ी को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी।टिप्पणियां यह अमेरिकी जोड़ी ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी जान न्यूकांबे और टोनी रोचे के बराबर थी, जिन्होंने 12 ग्रैंडस्लैम युगल खिताब हासिल किए हैं। माइक ब्रायन ने कहा, ‘इस रिकॉर्ड को बनाकर सचमुच काफी अच्छा महसूस हो रहा है। इतिहास का हिस्सा बनना सचमुच विशेष है। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे थे लेकिन अब यह हमारे नाम हो गया है। मुड़कर अपने करियर को देखकर यह कहना कि हमने सबसे ज्यादा युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं, शानदार होगा।’ बाब और माइक ब्रायन की जोड़ी ऑस्ट्रेलियाई ओपन में 13वां मेजर खिताब जीतकर ग्रैंडस्लैम इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाली युगल टीम बन गई। ब्रायन बंधुओं ने 53 मिनट में रोबिन हासे और इगोर सिजस्लिंग की हालैंड की गैर वरीय जोड़ी को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी।टिप्पणियां यह अमेरिकी जोड़ी ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी जान न्यूकांबे और टोनी रोचे के बराबर थी, जिन्होंने 12 ग्रैंडस्लैम युगल खिताब हासिल किए हैं। माइक ब्रायन ने कहा, ‘इस रिकॉर्ड को बनाकर सचमुच काफी अच्छा महसूस हो रहा है। इतिहास का हिस्सा बनना सचमुच विशेष है। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे थे लेकिन अब यह हमारे नाम हो गया है। मुड़कर अपने करियर को देखकर यह कहना कि हमने सबसे ज्यादा युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं, शानदार होगा।’ यह अमेरिकी जोड़ी ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी जान न्यूकांबे और टोनी रोचे के बराबर थी, जिन्होंने 12 ग्रैंडस्लैम युगल खिताब हासिल किए हैं। माइक ब्रायन ने कहा, ‘इस रिकॉर्ड को बनाकर सचमुच काफी अच्छा महसूस हो रहा है। इतिहास का हिस्सा बनना सचमुच विशेष है। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे थे लेकिन अब यह हमारे नाम हो गया है। मुड़कर अपने करियर को देखकर यह कहना कि हमने सबसे ज्यादा युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं, शानदार होगा।’ माइक ब्रायन ने कहा, ‘इस रिकॉर्ड को बनाकर सचमुच काफी अच्छा महसूस हो रहा है। इतिहास का हिस्सा बनना सचमुच विशेष है। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे थे लेकिन अब यह हमारे नाम हो गया है। मुड़कर अपने करियर को देखकर यह कहना कि हमने सबसे ज्यादा युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं, शानदार होगा।’
यहाँ एक सारांश है:माइक और बाब ब्रायन ने युगल टीम के तौर पर एक और रिकॉर्ड अपने नाम लिखाया, हालांकि यह इस जोड़ी के लिए सबसे विशेष होगा।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपने तेज गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद सलामी बल्लेबाज शेन वाटसन और ब्राड हाडिन के अर्धशतकीय प्रहारों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप ग्रुप ए के मैच में न्यूजीलैंड को सात विकेट से हरा दिया। पहले मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ कड़ी मशक्कत के बाद जीत दर्ज करने वाली चार बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने अंतर तस्मानियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पहली ही गेंद से मैच पर शिकंजा कस लिया था। मिशेल जानसन और शान टैट की शानदार गेंदबाजी के दम पर उसे 45.1 ओवर में सिर्फ 206 रन पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने जीत का लक्ष्य 34 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। वाटसन और हाडिन ने टीम को शानदार शुरुआत देते हुए पहले विकेट के लिए 133 रन जोड़े। वाटसन ने 61 गेंद में छह चौकों और एक छक्के की मदद से 62 रन बनाए। वहीं हाडिन ने 50 गेंद में 55 रन की पारी खेली, जिसमें आठ चौके शामिल थे। कप्तान रिकी पोंटिंग (12) सस्ते में आउट हो गए, लेकिन माइकल क्लार्क (नाबाद 24) और कैमरून व्हाइट (नाबाद 22) ने टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। इससे पहले जानसन और टैट की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 206 रन पर समेट दिया। हालांकि नाथन मैकुलम ने जुझारू अर्धशतकीय खेलकर टीम को शर्मनाक स्कोर पर आउट होने से बचाया।
यहाँ एक सारांश है:तेज गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद वाटसन और हाडिन के अर्धशतकीय प्रहारों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हरा दिया।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब के लुधियाना में एक नवजात बच्चे को बेचने के आरोप में एक नर्स समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए लोगों में बच्चे का नाना भी शामिल है। पुलिस ने बच्चे को बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया है। पकड़े गए लोगों ने बताया कि दिल्ली के एक व्यापारी को 8 लाख रुपये में इस बच्चे को बेचे जाने से पहले भी दो बार बच्चे को बेचा जा चुका था। बच्चे के नाना ने बताया कि उसने 45 हजार रुपये में बच्चा एक नर्स को बेचा था, उसने आगे बच्चे को तीन लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद तीसरे व्यक्ति ने इसे आठ लाख रुपये में दिल्ली के एक व्यापारी को बेच दिया। इस डील के लिए आरोपियों ने सोशल साइट फेसबुक की भी मदद ली थी। इसी वेबसाइट के जरिये सौदा हुआ था। पुलिस ने बच्चे को बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया है। पकड़े गए लोगों ने बताया कि दिल्ली के एक व्यापारी को 8 लाख रुपये में इस बच्चे को बेचे जाने से पहले भी दो बार बच्चे को बेचा जा चुका था। बच्चे के नाना ने बताया कि उसने 45 हजार रुपये में बच्चा एक नर्स को बेचा था, उसने आगे बच्चे को तीन लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद तीसरे व्यक्ति ने इसे आठ लाख रुपये में दिल्ली के एक व्यापारी को बेच दिया। इस डील के लिए आरोपियों ने सोशल साइट फेसबुक की भी मदद ली थी। इसी वेबसाइट के जरिये सौदा हुआ था।
यहाँ एक सारांश है:पंजाब के लुधियाना में एक नवजात बच्चे को बेचने के आरोप में एक नर्स समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए लोगों में बच्चे का नाना भी शामिल है।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब गौसेवा आयोग ने कहा है कि राज्य में सड़कों पर भटकती आवारा अथवा लावारिस गायों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार सूबे के सभी 22 जिलों में औसतन दो-दो करोड़ रुपये की लागत से एक-एक गौशाला का निर्माण करवा रही है जो अगले तीन महीने में बन कर तैयार हो जाएंगी और इस समय अवधि के बाद राज्य की सड़कों पर किसी भी गायों को नहीं भटकने दिया जाएगा. पंजाब गौसेवा आयोग के चेयरमैन कीमती लाल भगत ने कहा, ‘‘पंजाब सरकार आयोग की देख रेख में राज्य के सभी 22 जिलों में एक एक गौशाला का निर्माण करवा रही है. इस पर 44 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे और राज्य सरकार ने ये राशि जारी कर दी है.’’ भगत ने बताया, ‘‘सड़कों पर भटकते एक लाख छह हजार से अधिक गायों के पुनर्वास के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मैंने गौशाला के बारे में पंजाब सरकार के पास अपनी योजना रखी थी जिस पर मुख्यमंत्री ने न केवल मुहर लगायी बल्कि इसके लिए 22 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी.’’ उन्होंने बताया, ‘‘रविवार को दोबारा मेरी मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई और गौशाला निर्माण की प्रगति रिपोर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त भी जारी कर दी. इस तरह प्रदेश के सभी 22 जिलों में औसतन दो-दो करोड़ रुपये खर्च कर गौशाला का निर्माण कार्य करवया जा रहा है. चेयरमैन ने बताया कि अगले तीन महीने में यह पूरी तरह बन कर न केवल तैयार हो जाएगी बल्कि सड़कों पर भटकती गायों को भी वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा. एक अन्य सवाल पर भगत ने बताया, ‘‘गौशाला के लिए हमने राज्य सरकार से प्रत्येक जिले के लिए 25-25 एकड़ भूमि की मांग की थी. कुछ जिलों में 25 एकड़ भूमि में गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है और कुछ जिलों में भूमि की अनुपलब्धता होने के कारण इसका निर्माण 15 से 25 एकड़ क्षेत्र में करवाया जा रहा है. दरअसल, पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने इस साल बिजली, पेट्रोलियम पदार्थ और शराब सहित अन्य वस्तुओं पर काउ सेस लगाने का ऐलान किया था, जिसकी वसूली अब शुरू हो चुकी है और फिर भी गायें सड़कों पर घूम रही हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है. इसी बारे में पूछने पर आयोग का यह बयान आया है. आयोग के चेयरमैन ने यह भी बताया, ‘‘बठिंडा और मोहाली में पाइलट योजना के तौर पर सेस की वसूली शुरू की जा चुकी है और जालंधर सहित अन्य जिलों में अब शुरू की गयी है. इन स्थानों से धन आने में अभी दो तीन महीने लगेंगे. इसके बाद सब ठीक हो जाएगा.’’टिप्पणियां भगत ने कहा, ‘‘तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी. सड़कों पर घूमने वाली एक लाख छह हजार से अधिक लावारिस गायों तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में शेल्टर में रहने वाली तकरीबन ढाई लाख से अधिक गायों को इन गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि पिछले दो साल में सड़क पर भटकने वाले मवेशियों के चलते हुए हादसों में तकरीबन 285 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवायी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पंजाब गौसेवा आयोग के चेयरमैन कीमती लाल भगत ने कहा, ‘‘पंजाब सरकार आयोग की देख रेख में राज्य के सभी 22 जिलों में एक एक गौशाला का निर्माण करवा रही है. इस पर 44 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे और राज्य सरकार ने ये राशि जारी कर दी है.’’ भगत ने बताया, ‘‘सड़कों पर भटकते एक लाख छह हजार से अधिक गायों के पुनर्वास के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मैंने गौशाला के बारे में पंजाब सरकार के पास अपनी योजना रखी थी जिस पर मुख्यमंत्री ने न केवल मुहर लगायी बल्कि इसके लिए 22 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी.’’ उन्होंने बताया, ‘‘रविवार को दोबारा मेरी मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई और गौशाला निर्माण की प्रगति रिपोर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त भी जारी कर दी. इस तरह प्रदेश के सभी 22 जिलों में औसतन दो-दो करोड़ रुपये खर्च कर गौशाला का निर्माण कार्य करवया जा रहा है. चेयरमैन ने बताया कि अगले तीन महीने में यह पूरी तरह बन कर न केवल तैयार हो जाएगी बल्कि सड़कों पर भटकती गायों को भी वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा. एक अन्य सवाल पर भगत ने बताया, ‘‘गौशाला के लिए हमने राज्य सरकार से प्रत्येक जिले के लिए 25-25 एकड़ भूमि की मांग की थी. कुछ जिलों में 25 एकड़ भूमि में गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है और कुछ जिलों में भूमि की अनुपलब्धता होने के कारण इसका निर्माण 15 से 25 एकड़ क्षेत्र में करवाया जा रहा है. दरअसल, पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने इस साल बिजली, पेट्रोलियम पदार्थ और शराब सहित अन्य वस्तुओं पर काउ सेस लगाने का ऐलान किया था, जिसकी वसूली अब शुरू हो चुकी है और फिर भी गायें सड़कों पर घूम रही हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है. इसी बारे में पूछने पर आयोग का यह बयान आया है. आयोग के चेयरमैन ने यह भी बताया, ‘‘बठिंडा और मोहाली में पाइलट योजना के तौर पर सेस की वसूली शुरू की जा चुकी है और जालंधर सहित अन्य जिलों में अब शुरू की गयी है. इन स्थानों से धन आने में अभी दो तीन महीने लगेंगे. इसके बाद सब ठीक हो जाएगा.’’टिप्पणियां भगत ने कहा, ‘‘तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी. सड़कों पर घूमने वाली एक लाख छह हजार से अधिक लावारिस गायों तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में शेल्टर में रहने वाली तकरीबन ढाई लाख से अधिक गायों को इन गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि पिछले दो साल में सड़क पर भटकने वाले मवेशियों के चलते हुए हादसों में तकरीबन 285 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवायी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भगत ने बताया, ‘‘सड़कों पर भटकते एक लाख छह हजार से अधिक गायों के पुनर्वास के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मैंने गौशाला के बारे में पंजाब सरकार के पास अपनी योजना रखी थी जिस पर मुख्यमंत्री ने न केवल मुहर लगायी बल्कि इसके लिए 22 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी.’’ उन्होंने बताया, ‘‘रविवार को दोबारा मेरी मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई और गौशाला निर्माण की प्रगति रिपोर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त भी जारी कर दी. इस तरह प्रदेश के सभी 22 जिलों में औसतन दो-दो करोड़ रुपये खर्च कर गौशाला का निर्माण कार्य करवया जा रहा है. चेयरमैन ने बताया कि अगले तीन महीने में यह पूरी तरह बन कर न केवल तैयार हो जाएगी बल्कि सड़कों पर भटकती गायों को भी वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा. एक अन्य सवाल पर भगत ने बताया, ‘‘गौशाला के लिए हमने राज्य सरकार से प्रत्येक जिले के लिए 25-25 एकड़ भूमि की मांग की थी. कुछ जिलों में 25 एकड़ भूमि में गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है और कुछ जिलों में भूमि की अनुपलब्धता होने के कारण इसका निर्माण 15 से 25 एकड़ क्षेत्र में करवाया जा रहा है. दरअसल, पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने इस साल बिजली, पेट्रोलियम पदार्थ और शराब सहित अन्य वस्तुओं पर काउ सेस लगाने का ऐलान किया था, जिसकी वसूली अब शुरू हो चुकी है और फिर भी गायें सड़कों पर घूम रही हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है. इसी बारे में पूछने पर आयोग का यह बयान आया है. आयोग के चेयरमैन ने यह भी बताया, ‘‘बठिंडा और मोहाली में पाइलट योजना के तौर पर सेस की वसूली शुरू की जा चुकी है और जालंधर सहित अन्य जिलों में अब शुरू की गयी है. इन स्थानों से धन आने में अभी दो तीन महीने लगेंगे. इसके बाद सब ठीक हो जाएगा.’’टिप्पणियां भगत ने कहा, ‘‘तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी. सड़कों पर घूमने वाली एक लाख छह हजार से अधिक लावारिस गायों तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में शेल्टर में रहने वाली तकरीबन ढाई लाख से अधिक गायों को इन गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि पिछले दो साल में सड़क पर भटकने वाले मवेशियों के चलते हुए हादसों में तकरीबन 285 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवायी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया, ‘‘रविवार को दोबारा मेरी मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई और गौशाला निर्माण की प्रगति रिपोर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त भी जारी कर दी. इस तरह प्रदेश के सभी 22 जिलों में औसतन दो-दो करोड़ रुपये खर्च कर गौशाला का निर्माण कार्य करवया जा रहा है. चेयरमैन ने बताया कि अगले तीन महीने में यह पूरी तरह बन कर न केवल तैयार हो जाएगी बल्कि सड़कों पर भटकती गायों को भी वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा. एक अन्य सवाल पर भगत ने बताया, ‘‘गौशाला के लिए हमने राज्य सरकार से प्रत्येक जिले के लिए 25-25 एकड़ भूमि की मांग की थी. कुछ जिलों में 25 एकड़ भूमि में गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है और कुछ जिलों में भूमि की अनुपलब्धता होने के कारण इसका निर्माण 15 से 25 एकड़ क्षेत्र में करवाया जा रहा है. दरअसल, पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने इस साल बिजली, पेट्रोलियम पदार्थ और शराब सहित अन्य वस्तुओं पर काउ सेस लगाने का ऐलान किया था, जिसकी वसूली अब शुरू हो चुकी है और फिर भी गायें सड़कों पर घूम रही हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है. इसी बारे में पूछने पर आयोग का यह बयान आया है. आयोग के चेयरमैन ने यह भी बताया, ‘‘बठिंडा और मोहाली में पाइलट योजना के तौर पर सेस की वसूली शुरू की जा चुकी है और जालंधर सहित अन्य जिलों में अब शुरू की गयी है. इन स्थानों से धन आने में अभी दो तीन महीने लगेंगे. इसके बाद सब ठीक हो जाएगा.’’टिप्पणियां भगत ने कहा, ‘‘तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी. सड़कों पर घूमने वाली एक लाख छह हजार से अधिक लावारिस गायों तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में शेल्टर में रहने वाली तकरीबन ढाई लाख से अधिक गायों को इन गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि पिछले दो साल में सड़क पर भटकने वाले मवेशियों के चलते हुए हादसों में तकरीबन 285 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवायी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक अन्य सवाल पर भगत ने बताया, ‘‘गौशाला के लिए हमने राज्य सरकार से प्रत्येक जिले के लिए 25-25 एकड़ भूमि की मांग की थी. कुछ जिलों में 25 एकड़ भूमि में गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है और कुछ जिलों में भूमि की अनुपलब्धता होने के कारण इसका निर्माण 15 से 25 एकड़ क्षेत्र में करवाया जा रहा है. दरअसल, पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने इस साल बिजली, पेट्रोलियम पदार्थ और शराब सहित अन्य वस्तुओं पर काउ सेस लगाने का ऐलान किया था, जिसकी वसूली अब शुरू हो चुकी है और फिर भी गायें सड़कों पर घूम रही हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है. इसी बारे में पूछने पर आयोग का यह बयान आया है. आयोग के चेयरमैन ने यह भी बताया, ‘‘बठिंडा और मोहाली में पाइलट योजना के तौर पर सेस की वसूली शुरू की जा चुकी है और जालंधर सहित अन्य जिलों में अब शुरू की गयी है. इन स्थानों से धन आने में अभी दो तीन महीने लगेंगे. इसके बाद सब ठीक हो जाएगा.’’टिप्पणियां भगत ने कहा, ‘‘तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी. सड़कों पर घूमने वाली एक लाख छह हजार से अधिक लावारिस गायों तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में शेल्टर में रहने वाली तकरीबन ढाई लाख से अधिक गायों को इन गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि पिछले दो साल में सड़क पर भटकने वाले मवेशियों के चलते हुए हादसों में तकरीबन 285 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवायी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दरअसल, पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने इस साल बिजली, पेट्रोलियम पदार्थ और शराब सहित अन्य वस्तुओं पर काउ सेस लगाने का ऐलान किया था, जिसकी वसूली अब शुरू हो चुकी है और फिर भी गायें सड़कों पर घूम रही हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है. इसी बारे में पूछने पर आयोग का यह बयान आया है. आयोग के चेयरमैन ने यह भी बताया, ‘‘बठिंडा और मोहाली में पाइलट योजना के तौर पर सेस की वसूली शुरू की जा चुकी है और जालंधर सहित अन्य जिलों में अब शुरू की गयी है. इन स्थानों से धन आने में अभी दो तीन महीने लगेंगे. इसके बाद सब ठीक हो जाएगा.’’टिप्पणियां भगत ने कहा, ‘‘तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी. सड़कों पर घूमने वाली एक लाख छह हजार से अधिक लावारिस गायों तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में शेल्टर में रहने वाली तकरीबन ढाई लाख से अधिक गायों को इन गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि पिछले दो साल में सड़क पर भटकने वाले मवेशियों के चलते हुए हादसों में तकरीबन 285 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवायी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आयोग के चेयरमैन ने यह भी बताया, ‘‘बठिंडा और मोहाली में पाइलट योजना के तौर पर सेस की वसूली शुरू की जा चुकी है और जालंधर सहित अन्य जिलों में अब शुरू की गयी है. इन स्थानों से धन आने में अभी दो तीन महीने लगेंगे. इसके बाद सब ठीक हो जाएगा.’’टिप्पणियां भगत ने कहा, ‘‘तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी. सड़कों पर घूमने वाली एक लाख छह हजार से अधिक लावारिस गायों तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में शेल्टर में रहने वाली तकरीबन ढाई लाख से अधिक गायों को इन गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि पिछले दो साल में सड़क पर भटकने वाले मवेशियों के चलते हुए हादसों में तकरीबन 285 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवायी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भगत ने कहा, ‘‘तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी. सड़कों पर घूमने वाली एक लाख छह हजार से अधिक लावारिस गायों तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में शेल्टर में रहने वाली तकरीबन ढाई लाख से अधिक गायों को इन गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि पिछले दो साल में सड़क पर भटकने वाले मवेशियों के चलते हुए हादसों में तकरीबन 285 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवायी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: राज्य के सभी 22 जिलों में एक-एक गौशाला का हो रहा है निर्माण तीन महीने बाद कोई भी गाय सड़कों पर लावारिस हालात में नहीं घूमेगी मवेशियों के चलते हुए हादसों में 285 से अधिक लोगों ने जान गंवायी है
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इससे पहले ओ. पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के खिलाफ खुलकर बगावत कर दी. पन्नीरसेल्वम ने कहा कि जयललिता चाहती थीं कि अगर उन्हें कुछ हो जाए तो मैं मुख्यमंत्री बनूं. उन्होंने कहा कि अम्मा (जयललिता) के सपनों पूरा करने के लिए मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया. पन्नीरसेल्वम ने कहा, जो राज्य के हितों की रक्षा कर सकता है, उसे ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए. पन्नीरसेल्वम ने कहा कि यदि जनता चाहेगी तो वह तमिलनाडु सीएम के पद से अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं. वहीं, पन्नीरसेल्वम की खुली बगावत के बाद शशिकला के आवास पर विधायकों की आपात बैठक बुलाई गई.   पन्नीरसेल्वम मंगलवार रात को जयललिता की समाधि पर गए और वहां अकेले में कुछ देर तक ध्यान किया. वह वहां करीब 40 मिनट तक रहे. इस दौरान बड़ी तादाद में अन्नाद्रमुक कार्यकर्ता और अन्य लोग उन्हें देखने के लिए जमा हो गए. बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए आत्मा कचोट रही थी, इसलिए यहां आया. उन्होंने कहा कि देश को और अपनी पार्टी के सदस्यों को कुछ सच्चाई बताना चाहता हूं.
यहाँ एक सारांश है:तमिलनाडु में एआईएडीएमके में अंतर्कलह बढ़ती जा रही है मंगलवार देर शाम से शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा देर रात तक जारी रहा ओ. पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के खिलाफ बगावत कर दी है
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस्लाम विरोधी फिल्म को लेकर मुस्लिम जगत में अंसतोष पर मिस्र में सुन्नी सम्प्रदाय की एक प्रमुख हस्ती ने शांति बनाए रखने और संयम व समझदारी का परिचय देने का आह्वान किया। वहीं पाकिस्तान सरकार ने रेल मंत्री के उस बयान से खुद को अलग कर लिया है, जिसमें उन्होंने इस फिल्म के निर्माता को जान से मारने के लिए एक लाख डॉलर इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। फिल्म के कारण उपजे असंतोष से हॉलीवुड फिल्मकार और भी सशंकित हैं क्योंकि अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मुठभेड़ पर कई फिल्में बन रही हैं। उन्हें डर है कि इससे मुस्लिम कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना बना सकते हैं। 'बीबीसी' के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता शफकत जलील ने कहा कि सरकार रेल मंत्री गुलाम अहमद बिलौर के बयान से खुद को पूरी तरह अलग करती है। जलील ने कहा, "बिलौर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नहीं, बल्कि एएनपी के सदस्य हैं। इसलिए प्रधानमंत्री इस सम्बंध में अगला कदम उठाने के लिए एएनपी से बातचीत करेंगे।" वहीं, एएनपी ने कहा कि बिलौर का बयान उनका निजी है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। यह पार्टी की नीति नहीं है। लेकिन पार्टी ने यह भी कहा कि बिलौर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। बिलौर ने फिल्म के विरोध में पाकिस्तान में प्रदर्शन के दौरान झड़प में करीब 20 लोगों के मारे जाने के बाद फिल्म निर्माता को मारने वाले को एक लाख डॉलर इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, रावलपिंडी, कराची और लाहौर की अदालत ने प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने के लिए कम से कम 185 लोगों को शनिवार को रिमांड पर भेज दिया। पाकिस्तान में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भड़के दंगे के कारण कराची और पेशावर में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। फिल्म के कारण उपजे असंतोष से हॉलीवुड फिल्मकार और भी सशंकित हैं क्योंकि अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मुठभेड़ पर कई फिल्में बन रही हैं। उन्हें डर है कि इससे मुस्लिम कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना बना सकते हैं। 'बीबीसी' के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता शफकत जलील ने कहा कि सरकार रेल मंत्री गुलाम अहमद बिलौर के बयान से खुद को पूरी तरह अलग करती है। जलील ने कहा, "बिलौर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नहीं, बल्कि एएनपी के सदस्य हैं। इसलिए प्रधानमंत्री इस सम्बंध में अगला कदम उठाने के लिए एएनपी से बातचीत करेंगे।" वहीं, एएनपी ने कहा कि बिलौर का बयान उनका निजी है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। यह पार्टी की नीति नहीं है। लेकिन पार्टी ने यह भी कहा कि बिलौर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। बिलौर ने फिल्म के विरोध में पाकिस्तान में प्रदर्शन के दौरान झड़प में करीब 20 लोगों के मारे जाने के बाद फिल्म निर्माता को मारने वाले को एक लाख डॉलर इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, रावलपिंडी, कराची और लाहौर की अदालत ने प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने के लिए कम से कम 185 लोगों को शनिवार को रिमांड पर भेज दिया। पाकिस्तान में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भड़के दंगे के कारण कराची और पेशावर में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। 'बीबीसी' के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता शफकत जलील ने कहा कि सरकार रेल मंत्री गुलाम अहमद बिलौर के बयान से खुद को पूरी तरह अलग करती है। जलील ने कहा, "बिलौर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नहीं, बल्कि एएनपी के सदस्य हैं। इसलिए प्रधानमंत्री इस सम्बंध में अगला कदम उठाने के लिए एएनपी से बातचीत करेंगे।" वहीं, एएनपी ने कहा कि बिलौर का बयान उनका निजी है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। यह पार्टी की नीति नहीं है। लेकिन पार्टी ने यह भी कहा कि बिलौर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। बिलौर ने फिल्म के विरोध में पाकिस्तान में प्रदर्शन के दौरान झड़प में करीब 20 लोगों के मारे जाने के बाद फिल्म निर्माता को मारने वाले को एक लाख डॉलर इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, रावलपिंडी, कराची और लाहौर की अदालत ने प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने के लिए कम से कम 185 लोगों को शनिवार को रिमांड पर भेज दिया। पाकिस्तान में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भड़के दंगे के कारण कराची और पेशावर में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। जलील ने कहा, "बिलौर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नहीं, बल्कि एएनपी के सदस्य हैं। इसलिए प्रधानमंत्री इस सम्बंध में अगला कदम उठाने के लिए एएनपी से बातचीत करेंगे।" वहीं, एएनपी ने कहा कि बिलौर का बयान उनका निजी है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। यह पार्टी की नीति नहीं है। लेकिन पार्टी ने यह भी कहा कि बिलौर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। बिलौर ने फिल्म के विरोध में पाकिस्तान में प्रदर्शन के दौरान झड़प में करीब 20 लोगों के मारे जाने के बाद फिल्म निर्माता को मारने वाले को एक लाख डॉलर इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, रावलपिंडी, कराची और लाहौर की अदालत ने प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने के लिए कम से कम 185 लोगों को शनिवार को रिमांड पर भेज दिया। पाकिस्तान में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भड़के दंगे के कारण कराची और पेशावर में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। वहीं, एएनपी ने कहा कि बिलौर का बयान उनका निजी है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। यह पार्टी की नीति नहीं है। लेकिन पार्टी ने यह भी कहा कि बिलौर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। बिलौर ने फिल्म के विरोध में पाकिस्तान में प्रदर्शन के दौरान झड़प में करीब 20 लोगों के मारे जाने के बाद फिल्म निर्माता को मारने वाले को एक लाख डॉलर इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, रावलपिंडी, कराची और लाहौर की अदालत ने प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने के लिए कम से कम 185 लोगों को शनिवार को रिमांड पर भेज दिया। पाकिस्तान में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भड़के दंगे के कारण कराची और पेशावर में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। बिलौर ने फिल्म के विरोध में पाकिस्तान में प्रदर्शन के दौरान झड़प में करीब 20 लोगों के मारे जाने के बाद फिल्म निर्माता को मारने वाले को एक लाख डॉलर इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, रावलपिंडी, कराची और लाहौर की अदालत ने प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने के लिए कम से कम 185 लोगों को शनिवार को रिमांड पर भेज दिया। पाकिस्तान में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भड़के दंगे के कारण कराची और पेशावर में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, रावलपिंडी, कराची और लाहौर की अदालत ने प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने के लिए कम से कम 185 लोगों को शनिवार को रिमांड पर भेज दिया। पाकिस्तान में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भड़के दंगे के कारण कराची और पेशावर में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। पाकिस्तान में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भड़के दंगे के कारण कराची और पेशावर में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म और एक फ्रेंच पत्रिका में चित्रित कार्टून के खिलाफ मुस्लिम देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएनएन से बातचीत करते हुए मिस्र के सदर मुफ्ती अली गोम्मा ने यह अपील की। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। मुफ्ती ने कहा, "ये कार्टून घृणा फैलाते हैं, और हम शांति का आह्वान करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़ाई-झगड़ा, किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम एकसाथ रहते हैं और हमें अपने पड़ोसियों का हर हाल में आदर करना चाहिए।" ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। ज्ञात हो कि 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म का 14 मिनट का एक अंश पिछले जून में ही यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। लेकिन आठ सितम्बर तक इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। उसके बाद मिस्र में एक टेलीविजन नेटवर्क द्वारा फिल्म के इस अंश का प्रसारण किए जाने के बाद मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और अन्य मुस्लिम बहुल देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। उधर, लादेन पर बन रही दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है और इनका प्रदर्शन क्रिसमस से पहले प्रस्तावित है जबकि तीसरी फिल्म की शूटिंग चल रही है। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन फिल्मों पर विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां एक स्टूडियो ने तो अपनी फिल्म को किसी भी विवाद से बचाने के लिए मौलवी की शरण ली है। एक अन्य स्टूडियो के अधिकारी तो अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। फिल्मकारों को चिंता इस बात की है कि कहीं कट्टरपंथी उनकी फिल्मों को निशाना न बना दें। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार लीबिया के शहर बेंगाझी में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने एवं इस्लामिक देशों में प्रदर्शन के बाद इन 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सारांश: इस्लाम विरोधी फिल्म को लेकर मुस्लिम जगत में अंसतोष पर मिस्र में सुन्नी सम्प्रदाय की एक प्रमुख हस्ती ने शांति बनाए रखने और संयम व समझदारी का परिचय देने का आह्वान किया।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रत्येक टीम अपनी सरजमीं पर मजबूत और दावेदार होती है इसलिए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डीन जोंस ने सुझाव दिया कि अगर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पता करना है कि कौन सी टीम बेहतर है तो दोनों टीमों को तटस्थ स्थल पर खेलना चाहिए। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि उछाल भरी और तेज पिचें हमेशा ही ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए मददगार होगी तथा भारत को एशियाई देशों में स्पिन की मुफीद पिचों पर हराना मुश्किल होगा इसलिए तटस्थ और संतुलित पिचों पर मुकाबला ही सही फैसला कर सकता है। भारतीय टीम मौजूदा चार टेस्ट मैचों की सीरीज में चेन्नई और हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया को हराकर 2-0 से बढ़त बनाए है।टिप्पणियां जोन्स ने कहा कि तटस्थ स्थल पर मुकाबले के लिए बारबाडोस का केनसिंगटन ओवल और आकलैंड दो अच्छे मैदान हैं। जोन्स ने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ में अपने कालम में लिखा, ‘‘अगर बारबाडोस के केनसिंगटन में मैच खेला जायेगा तो यह काफी दिलचस्प होगा। यह पिच शुरू में तेज गेंदबाजों की मदद करती है और फिर तीसरे दिन से स्पिनरों के मुफीद हो जाती है। इस स्थल पर फैसला हो सकता है कि कौन सी टीम बेहतर है।’’ पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि उछाल भरी और तेज पिचें हमेशा ही ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए मददगार होगी तथा भारत को एशियाई देशों में स्पिन की मुफीद पिचों पर हराना मुश्किल होगा इसलिए तटस्थ और संतुलित पिचों पर मुकाबला ही सही फैसला कर सकता है। भारतीय टीम मौजूदा चार टेस्ट मैचों की सीरीज में चेन्नई और हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया को हराकर 2-0 से बढ़त बनाए है।टिप्पणियां जोन्स ने कहा कि तटस्थ स्थल पर मुकाबले के लिए बारबाडोस का केनसिंगटन ओवल और आकलैंड दो अच्छे मैदान हैं। जोन्स ने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ में अपने कालम में लिखा, ‘‘अगर बारबाडोस के केनसिंगटन में मैच खेला जायेगा तो यह काफी दिलचस्प होगा। यह पिच शुरू में तेज गेंदबाजों की मदद करती है और फिर तीसरे दिन से स्पिनरों के मुफीद हो जाती है। इस स्थल पर फैसला हो सकता है कि कौन सी टीम बेहतर है।’’ भारतीय टीम मौजूदा चार टेस्ट मैचों की सीरीज में चेन्नई और हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया को हराकर 2-0 से बढ़त बनाए है।टिप्पणियां जोन्स ने कहा कि तटस्थ स्थल पर मुकाबले के लिए बारबाडोस का केनसिंगटन ओवल और आकलैंड दो अच्छे मैदान हैं। जोन्स ने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ में अपने कालम में लिखा, ‘‘अगर बारबाडोस के केनसिंगटन में मैच खेला जायेगा तो यह काफी दिलचस्प होगा। यह पिच शुरू में तेज गेंदबाजों की मदद करती है और फिर तीसरे दिन से स्पिनरों के मुफीद हो जाती है। इस स्थल पर फैसला हो सकता है कि कौन सी टीम बेहतर है।’’ जोन्स ने कहा कि तटस्थ स्थल पर मुकाबले के लिए बारबाडोस का केनसिंगटन ओवल और आकलैंड दो अच्छे मैदान हैं। जोन्स ने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ में अपने कालम में लिखा, ‘‘अगर बारबाडोस के केनसिंगटन में मैच खेला जायेगा तो यह काफी दिलचस्प होगा। यह पिच शुरू में तेज गेंदबाजों की मदद करती है और फिर तीसरे दिन से स्पिनरों के मुफीद हो जाती है। इस स्थल पर फैसला हो सकता है कि कौन सी टीम बेहतर है।’’ जोन्स ने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ में अपने कालम में लिखा, ‘‘अगर बारबाडोस के केनसिंगटन में मैच खेला जायेगा तो यह काफी दिलचस्प होगा। यह पिच शुरू में तेज गेंदबाजों की मदद करती है और फिर तीसरे दिन से स्पिनरों के मुफीद हो जाती है। इस स्थल पर फैसला हो सकता है कि कौन सी टीम बेहतर है।’’
संक्षिप्त सारांश: प्रत्येक टीम अपनी सरजमीं पर मजबूत और दावेदार होती है इसलिए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डीन जोंस ने सुझाव दिया कि अगर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पता करना है कि कौन सी टीम बेहतर है तो दोनों टीमों को तटस्थ स्थल पर खेलना चाहिए।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: दक्षिणवर्ती कोलंबिया में भूस्खलन में घरों के बह जाने से कम से कम 206 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल एवं लापता हैं. अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोग हाल में दक्षिण अमेरिका के प्रशांत की ओर आई बाढ़ के पीड़ित हैं. इससे पेरू और इक्वाडोर में भी कई लोगों की जान गई है. सेना की आरे से पेश की गई इलाके की तस्वीरों में दक्षिणवर्ती कोलंबिया के मोकोआ शहर में घर, पुल, वाहन और पेड़ों के बह जाने के बाद लकड़ी एवं मिट्टी के मलबे के ढेर दिख रहे हैं. भूस्खलन 40,000 की आबादी वाले एमेजन बेसिन क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद शुक्रवार को देर रात आया था. कोलंबिया के रेड क्रास प्रमुख सीजर यूरूएना ने एएफपी को बताया, ‘‘ताजा मिली रिपोर्ट के अनुसार 206 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, 202 घायल हैं, 220 लापता और 17 इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.’’टिप्पणियां कोलंबिया के राष्ट्रपति हुआन मनुएल सांतोस ने शनिवार को मोकोआ को दौरा कर घने वन क्षेत्र में चल रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भूस्खलन 40,000 की आबादी वाले एमेजन बेसिन क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद शुक्रवार को देर रात आया था. कोलंबिया के रेड क्रास प्रमुख सीजर यूरूएना ने एएफपी को बताया, ‘‘ताजा मिली रिपोर्ट के अनुसार 206 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, 202 घायल हैं, 220 लापता और 17 इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.’’टिप्पणियां कोलंबिया के राष्ट्रपति हुआन मनुएल सांतोस ने शनिवार को मोकोआ को दौरा कर घने वन क्षेत्र में चल रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोलंबिया के राष्ट्रपति हुआन मनुएल सांतोस ने शनिवार को मोकोआ को दौरा कर घने वन क्षेत्र में चल रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: मारे गए लोग दक्षिण अमेरिका के प्रशांत की ओर आई बाढ़ के पीड़ित हैं. भूस्खलन एमेजन बेसिन क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद आया था. अब तक 202 लोग घायल हैं, 220 लापता और 17 इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: बीते साल कई सफलताएं अर्जित करने के बाद साइना नेहवाल नए साल की शुरुआत सोल में शुरू हो रही कोरिया सुपर सीरिज में जीत के जरिये करना चाहेगी। साइना ने पिछले साल लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता, जो बैडमिंटन में भारत का पहला ओलिंपिक पदक है। अब उसकी नजरें ऑल इंग्लैंड और विश्व चैम्पियनशिप खिताब पर है। दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी साइना को कोरिया ओपन में अच्छा ड्रॉ मिला है। उसे पहले दौर में थाईलैंड की सेपसिरी ताएरात्तनाचाइ से खेलना है। क्वार्टर फाइनल में उसकी टक्कर छठी वरीयता प्राप्त रेत्चानोक इंतानोन से हो सकती है। उसे हराने पर उनका सामना सेमीफाइनल में ओलिंपिक चैम्पियन और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की ली शुरूइ से होगा।टिप्पणियां अन्य खिलाड़ियों में दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी पी कश्यप की टक्कर इंग्लैंड के राजीव ओसेफ से होगी। राजीव ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में कश्यप को हराया था। कश्यप ने हालांकि 2011 चाइना मास्टर्स में बदला चुकता कर दिया। सैयद मोदी टूर्नामेंट जीत चुके कश्यप अच्छे फॉर्म में हैं। भारत की उदीयमान खिलाड़ी पीवी सिंधू का सामना पहले दौर में लिंडावेनी फानेत्री से होगा। दूसरे दौर में वह ली शुरूइ से भिड़ सकती हैं। साइना ने पिछले साल लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता, जो बैडमिंटन में भारत का पहला ओलिंपिक पदक है। अब उसकी नजरें ऑल इंग्लैंड और विश्व चैम्पियनशिप खिताब पर है। दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी साइना को कोरिया ओपन में अच्छा ड्रॉ मिला है। उसे पहले दौर में थाईलैंड की सेपसिरी ताएरात्तनाचाइ से खेलना है। क्वार्टर फाइनल में उसकी टक्कर छठी वरीयता प्राप्त रेत्चानोक इंतानोन से हो सकती है। उसे हराने पर उनका सामना सेमीफाइनल में ओलिंपिक चैम्पियन और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की ली शुरूइ से होगा।टिप्पणियां अन्य खिलाड़ियों में दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी पी कश्यप की टक्कर इंग्लैंड के राजीव ओसेफ से होगी। राजीव ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में कश्यप को हराया था। कश्यप ने हालांकि 2011 चाइना मास्टर्स में बदला चुकता कर दिया। सैयद मोदी टूर्नामेंट जीत चुके कश्यप अच्छे फॉर्म में हैं। भारत की उदीयमान खिलाड़ी पीवी सिंधू का सामना पहले दौर में लिंडावेनी फानेत्री से होगा। दूसरे दौर में वह ली शुरूइ से भिड़ सकती हैं। दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी साइना को कोरिया ओपन में अच्छा ड्रॉ मिला है। उसे पहले दौर में थाईलैंड की सेपसिरी ताएरात्तनाचाइ से खेलना है। क्वार्टर फाइनल में उसकी टक्कर छठी वरीयता प्राप्त रेत्चानोक इंतानोन से हो सकती है। उसे हराने पर उनका सामना सेमीफाइनल में ओलिंपिक चैम्पियन और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की ली शुरूइ से होगा।टिप्पणियां अन्य खिलाड़ियों में दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी पी कश्यप की टक्कर इंग्लैंड के राजीव ओसेफ से होगी। राजीव ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में कश्यप को हराया था। कश्यप ने हालांकि 2011 चाइना मास्टर्स में बदला चुकता कर दिया। सैयद मोदी टूर्नामेंट जीत चुके कश्यप अच्छे फॉर्म में हैं। भारत की उदीयमान खिलाड़ी पीवी सिंधू का सामना पहले दौर में लिंडावेनी फानेत्री से होगा। दूसरे दौर में वह ली शुरूइ से भिड़ सकती हैं। क्वार्टर फाइनल में उसकी टक्कर छठी वरीयता प्राप्त रेत्चानोक इंतानोन से हो सकती है। उसे हराने पर उनका सामना सेमीफाइनल में ओलिंपिक चैम्पियन और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की ली शुरूइ से होगा।टिप्पणियां अन्य खिलाड़ियों में दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी पी कश्यप की टक्कर इंग्लैंड के राजीव ओसेफ से होगी। राजीव ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में कश्यप को हराया था। कश्यप ने हालांकि 2011 चाइना मास्टर्स में बदला चुकता कर दिया। सैयद मोदी टूर्नामेंट जीत चुके कश्यप अच्छे फॉर्म में हैं। भारत की उदीयमान खिलाड़ी पीवी सिंधू का सामना पहले दौर में लिंडावेनी फानेत्री से होगा। दूसरे दौर में वह ली शुरूइ से भिड़ सकती हैं। अन्य खिलाड़ियों में दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी पी कश्यप की टक्कर इंग्लैंड के राजीव ओसेफ से होगी। राजीव ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में कश्यप को हराया था। कश्यप ने हालांकि 2011 चाइना मास्टर्स में बदला चुकता कर दिया। सैयद मोदी टूर्नामेंट जीत चुके कश्यप अच्छे फॉर्म में हैं। भारत की उदीयमान खिलाड़ी पीवी सिंधू का सामना पहले दौर में लिंडावेनी फानेत्री से होगा। दूसरे दौर में वह ली शुरूइ से भिड़ सकती हैं। सैयद मोदी टूर्नामेंट जीत चुके कश्यप अच्छे फॉर्म में हैं। भारत की उदीयमान खिलाड़ी पीवी सिंधू का सामना पहले दौर में लिंडावेनी फानेत्री से होगा। दूसरे दौर में वह ली शुरूइ से भिड़ सकती हैं।
यहाँ एक सारांश है:बीते साल कई सफलताएं अर्जित करने के बाद साइना नेहवाल नए साल की शुरुआत सोल में शुरू हो रही कोरिया सुपर सीरिज में जीत के जरिये करना चाहेगी।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: व्हार्टन इंडिया इकॉनामिक फोरम में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वक्ता के रूप में बुलाए जाने का आमंत्रण रद्द किए जाने के खिलाफ भारतीय मूल के करीब 200 अमेरिकी नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। अमेरिकन फॉर फ्री स्पीच के बैनर तले विरोध करने वाले समूह ने 'वी वांट मोदी' के नारे लगाए। फोरम ने फिलाडेल्फिया में यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सल्वेनियां म्यूजियम ऑफ आर्केलॉजी एंड एंथ्रोपोलॉजी में शनिवार दोपहर को कान्फ्रेंस शुरू कर दिया। पेन्सल्वेनियां दैनिक के मुताबिक कान्फ्रेंस स्थल के चारों ओर प्रदर्शन के अलावा अतिथि वक्ताओं के भाषण भी हुए। विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकाभर से प्रदर्शनकारी जमा हुए। एक बस न्यू जर्सी से और एक न्यूयार्क के क्वींस से आई बस में सवार हो कर प्रदर्शनकारी आए थे। प्रदर्शन के दौरान कान्फ्रेंस हॉल के बाहर एक प्रतीक लगाया गया था जिसमें लिखा था, 'फ्री स्पीच 1776-2013 की याद में। अंग्रेजी विभाग द्वारा व्हार्टन में हत्या की गई।' इस मौके पर भाषण देने वाले नाराइन कटारिया ने कहा कि यह प्रदर्शन 'फ्री स्पीच की शव यात्रा है।'टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों ने तख्ती थाम रखी थी जिस पर अकादमिक जेहाद बंद करो और अन्य नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के आयोजकों में से एक ने कहा कि यह प्रदर्शन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर हैं।   गुजरात दंगों में कथित भूमिका के आरोप में मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया। पेन्सल्वेनियां विवि के छात्रों के एक दल की अर्जी पर उन्हें वीडियो के जरिए संबोधन का भी मौका नहीं दिया गया। मोदी से छिना यह अवसर बाद में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल को दिया गया। केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। अमेरिकन फॉर फ्री स्पीच के बैनर तले विरोध करने वाले समूह ने 'वी वांट मोदी' के नारे लगाए। फोरम ने फिलाडेल्फिया में यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सल्वेनियां म्यूजियम ऑफ आर्केलॉजी एंड एंथ्रोपोलॉजी में शनिवार दोपहर को कान्फ्रेंस शुरू कर दिया। पेन्सल्वेनियां दैनिक के मुताबिक कान्फ्रेंस स्थल के चारों ओर प्रदर्शन के अलावा अतिथि वक्ताओं के भाषण भी हुए। विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकाभर से प्रदर्शनकारी जमा हुए। एक बस न्यू जर्सी से और एक न्यूयार्क के क्वींस से आई बस में सवार हो कर प्रदर्शनकारी आए थे। प्रदर्शन के दौरान कान्फ्रेंस हॉल के बाहर एक प्रतीक लगाया गया था जिसमें लिखा था, 'फ्री स्पीच 1776-2013 की याद में। अंग्रेजी विभाग द्वारा व्हार्टन में हत्या की गई।' इस मौके पर भाषण देने वाले नाराइन कटारिया ने कहा कि यह प्रदर्शन 'फ्री स्पीच की शव यात्रा है।'टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों ने तख्ती थाम रखी थी जिस पर अकादमिक जेहाद बंद करो और अन्य नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के आयोजकों में से एक ने कहा कि यह प्रदर्शन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर हैं।   गुजरात दंगों में कथित भूमिका के आरोप में मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया। पेन्सल्वेनियां विवि के छात्रों के एक दल की अर्जी पर उन्हें वीडियो के जरिए संबोधन का भी मौका नहीं दिया गया। मोदी से छिना यह अवसर बाद में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल को दिया गया। केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। पेन्सल्वेनियां दैनिक के मुताबिक कान्फ्रेंस स्थल के चारों ओर प्रदर्शन के अलावा अतिथि वक्ताओं के भाषण भी हुए। विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकाभर से प्रदर्शनकारी जमा हुए। एक बस न्यू जर्सी से और एक न्यूयार्क के क्वींस से आई बस में सवार हो कर प्रदर्शनकारी आए थे। प्रदर्शन के दौरान कान्फ्रेंस हॉल के बाहर एक प्रतीक लगाया गया था जिसमें लिखा था, 'फ्री स्पीच 1776-2013 की याद में। अंग्रेजी विभाग द्वारा व्हार्टन में हत्या की गई।' इस मौके पर भाषण देने वाले नाराइन कटारिया ने कहा कि यह प्रदर्शन 'फ्री स्पीच की शव यात्रा है।'टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों ने तख्ती थाम रखी थी जिस पर अकादमिक जेहाद बंद करो और अन्य नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के आयोजकों में से एक ने कहा कि यह प्रदर्शन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर हैं।   गुजरात दंगों में कथित भूमिका के आरोप में मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया। पेन्सल्वेनियां विवि के छात्रों के एक दल की अर्जी पर उन्हें वीडियो के जरिए संबोधन का भी मौका नहीं दिया गया। मोदी से छिना यह अवसर बाद में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल को दिया गया। केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकाभर से प्रदर्शनकारी जमा हुए। एक बस न्यू जर्सी से और एक न्यूयार्क के क्वींस से आई बस में सवार हो कर प्रदर्शनकारी आए थे। प्रदर्शन के दौरान कान्फ्रेंस हॉल के बाहर एक प्रतीक लगाया गया था जिसमें लिखा था, 'फ्री स्पीच 1776-2013 की याद में। अंग्रेजी विभाग द्वारा व्हार्टन में हत्या की गई।' इस मौके पर भाषण देने वाले नाराइन कटारिया ने कहा कि यह प्रदर्शन 'फ्री स्पीच की शव यात्रा है।'टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों ने तख्ती थाम रखी थी जिस पर अकादमिक जेहाद बंद करो और अन्य नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के आयोजकों में से एक ने कहा कि यह प्रदर्शन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर हैं।   गुजरात दंगों में कथित भूमिका के आरोप में मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया। पेन्सल्वेनियां विवि के छात्रों के एक दल की अर्जी पर उन्हें वीडियो के जरिए संबोधन का भी मौका नहीं दिया गया। मोदी से छिना यह अवसर बाद में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल को दिया गया। केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। प्रदर्शन के दौरान कान्फ्रेंस हॉल के बाहर एक प्रतीक लगाया गया था जिसमें लिखा था, 'फ्री स्पीच 1776-2013 की याद में। अंग्रेजी विभाग द्वारा व्हार्टन में हत्या की गई।' इस मौके पर भाषण देने वाले नाराइन कटारिया ने कहा कि यह प्रदर्शन 'फ्री स्पीच की शव यात्रा है।'टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों ने तख्ती थाम रखी थी जिस पर अकादमिक जेहाद बंद करो और अन्य नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के आयोजकों में से एक ने कहा कि यह प्रदर्शन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर हैं।   गुजरात दंगों में कथित भूमिका के आरोप में मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया। पेन्सल्वेनियां विवि के छात्रों के एक दल की अर्जी पर उन्हें वीडियो के जरिए संबोधन का भी मौका नहीं दिया गया। मोदी से छिना यह अवसर बाद में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल को दिया गया। केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। इस मौके पर भाषण देने वाले नाराइन कटारिया ने कहा कि यह प्रदर्शन 'फ्री स्पीच की शव यात्रा है।'टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों ने तख्ती थाम रखी थी जिस पर अकादमिक जेहाद बंद करो और अन्य नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के आयोजकों में से एक ने कहा कि यह प्रदर्शन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर हैं।   गुजरात दंगों में कथित भूमिका के आरोप में मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया। पेन्सल्वेनियां विवि के छात्रों के एक दल की अर्जी पर उन्हें वीडियो के जरिए संबोधन का भी मौका नहीं दिया गया। मोदी से छिना यह अवसर बाद में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल को दिया गया। केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। प्रदर्शनकारियों ने तख्ती थाम रखी थी जिस पर अकादमिक जेहाद बंद करो और अन्य नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के आयोजकों में से एक ने कहा कि यह प्रदर्शन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर हैं।   गुजरात दंगों में कथित भूमिका के आरोप में मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया। पेन्सल्वेनियां विवि के छात्रों के एक दल की अर्जी पर उन्हें वीडियो के जरिए संबोधन का भी मौका नहीं दिया गया। मोदी से छिना यह अवसर बाद में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल को दिया गया। केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। प्रदर्शन के आयोजकों में से एक ने कहा कि यह प्रदर्शन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर हैं।   गुजरात दंगों में कथित भूमिका के आरोप में मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया। पेन्सल्वेनियां विवि के छात्रों के एक दल की अर्जी पर उन्हें वीडियो के जरिए संबोधन का भी मौका नहीं दिया गया। मोदी से छिना यह अवसर बाद में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल को दिया गया। केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया।
यहाँ एक सारांश है:व्हार्टन इंडिया इकॉनामिक फोरम में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वक्ता के रूप में बुलाए जाने का आमंत्रण रद्द किए जाने के खिलाफ भारतीय मूल के करीब 200 अमेरिकी नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: किसी ने एक शख्स से पूछा कि अगर तुम्हारे कान काट लिए जाएं तो क्या होगा, उसने जवाब दिया कि ऐसा हुआ तो मैं देख नहीं पाऊंगा, सवाल करने वाले ने हैरत से पूछा, क्यों? तो जवाब मिला कि तब मैं चश्मा कहां टिकाऊंगा। कहने को तो यह लतीफा है, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे एक अलग अंदाज में सच साबित कर दिया है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा क्रांतिकारी उपकरण बनाने का दावा किया है, जिसकी मदद से नेत्रहीन लोग अपने कानों की मदद से देख सकेंगे। दरअसल, सेंसर युक्त यह उपकरण दिमाग को इस बात के लिए प्रशिक्षित करेगा कि वह किसी चीज का नाम सुनकर उसकी छवि बना दे और ऐसा होने पर नेत्रहीन और आंशिक रूप से दृष्टिबाधित लोगों को ध्वनियों के माध्यम से छवियां दिख सकेंगी।टिप्पणियां ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के अनुसंधानकर्ताओं के एक दल ने डॉ. माइकल प्राक्स की रहनुमाई में इस बात का पता लगाया कि इस उपकरण की मदद से आंखों की जांच के दौरान दृष्टिबाधित लोगों ने किस तरह से प्रतिक्रिया दी। इस परीक्षण में भाग लेने वालों ने इस विशेष उपकरण की मदद से छवियों को बेहतर तरीके से पहचान लिया और वह भी तब जब उन्हें इस उपकरण के इस्तेमाल का अधिक प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस उपकरण के इस्तेमाल का पर्याप्त प्रशिक्षण दिए जाने के बाद यह नेत्रहीनों को कानों से ‘देखने’ की क्षमता प्रदान कर सकता है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा क्रांतिकारी उपकरण बनाने का दावा किया है, जिसकी मदद से नेत्रहीन लोग अपने कानों की मदद से देख सकेंगे। दरअसल, सेंसर युक्त यह उपकरण दिमाग को इस बात के लिए प्रशिक्षित करेगा कि वह किसी चीज का नाम सुनकर उसकी छवि बना दे और ऐसा होने पर नेत्रहीन और आंशिक रूप से दृष्टिबाधित लोगों को ध्वनियों के माध्यम से छवियां दिख सकेंगी।टिप्पणियां ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के अनुसंधानकर्ताओं के एक दल ने डॉ. माइकल प्राक्स की रहनुमाई में इस बात का पता लगाया कि इस उपकरण की मदद से आंखों की जांच के दौरान दृष्टिबाधित लोगों ने किस तरह से प्रतिक्रिया दी। इस परीक्षण में भाग लेने वालों ने इस विशेष उपकरण की मदद से छवियों को बेहतर तरीके से पहचान लिया और वह भी तब जब उन्हें इस उपकरण के इस्तेमाल का अधिक प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस उपकरण के इस्तेमाल का पर्याप्त प्रशिक्षण दिए जाने के बाद यह नेत्रहीनों को कानों से ‘देखने’ की क्षमता प्रदान कर सकता है। दरअसल, सेंसर युक्त यह उपकरण दिमाग को इस बात के लिए प्रशिक्षित करेगा कि वह किसी चीज का नाम सुनकर उसकी छवि बना दे और ऐसा होने पर नेत्रहीन और आंशिक रूप से दृष्टिबाधित लोगों को ध्वनियों के माध्यम से छवियां दिख सकेंगी।टिप्पणियां ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के अनुसंधानकर्ताओं के एक दल ने डॉ. माइकल प्राक्स की रहनुमाई में इस बात का पता लगाया कि इस उपकरण की मदद से आंखों की जांच के दौरान दृष्टिबाधित लोगों ने किस तरह से प्रतिक्रिया दी। इस परीक्षण में भाग लेने वालों ने इस विशेष उपकरण की मदद से छवियों को बेहतर तरीके से पहचान लिया और वह भी तब जब उन्हें इस उपकरण के इस्तेमाल का अधिक प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस उपकरण के इस्तेमाल का पर्याप्त प्रशिक्षण दिए जाने के बाद यह नेत्रहीनों को कानों से ‘देखने’ की क्षमता प्रदान कर सकता है। ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के अनुसंधानकर्ताओं के एक दल ने डॉ. माइकल प्राक्स की रहनुमाई में इस बात का पता लगाया कि इस उपकरण की मदद से आंखों की जांच के दौरान दृष्टिबाधित लोगों ने किस तरह से प्रतिक्रिया दी। इस परीक्षण में भाग लेने वालों ने इस विशेष उपकरण की मदद से छवियों को बेहतर तरीके से पहचान लिया और वह भी तब जब उन्हें इस उपकरण के इस्तेमाल का अधिक प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस उपकरण के इस्तेमाल का पर्याप्त प्रशिक्षण दिए जाने के बाद यह नेत्रहीनों को कानों से ‘देखने’ की क्षमता प्रदान कर सकता है। इस परीक्षण में भाग लेने वालों ने इस विशेष उपकरण की मदद से छवियों को बेहतर तरीके से पहचान लिया और वह भी तब जब उन्हें इस उपकरण के इस्तेमाल का अधिक प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस उपकरण के इस्तेमाल का पर्याप्त प्रशिक्षण दिए जाने के बाद यह नेत्रहीनों को कानों से ‘देखने’ की क्षमता प्रदान कर सकता है।
यहाँ एक सारांश है:वैज्ञानिकों ने एक ऐसा क्रांतिकारी उपकरण बनाने का दावा किया है, जिसकी मदद से नेत्रहीन लोग अपने कानों की मदद से देख सकेंगे।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नीले रंग की मशहूर वैगन आर कार के चोरी हो जाने की खबर है, वो भी दिल्‍ली सचिवायल के सामने से.टिप्पणियां सीएम की यह कार 'आप मोबाइल' भी कहा जाता था और 2014 में यह कार खूब सुर्खियों में रही थी जब दिल्‍ली पुलिस के विवादास्‍पद खिलाफ प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल इस कार का इस्‍तेमाल कैंप करने और सोने के लिए भी करते थे. केजरीवाल की ‘आम आदमी’ की छवि से जुड़ चुकी नीले रंग की कार इन दिनों आप का एक कार्यकर्ता इस्तेमाल करता था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘कार दिल्ली सचिवालय के बाहर खड़ी की गई थी. रात करीब एक बजे यह गायब हो गई.’’ सॉफ्टवेयर इंजीनियर कुंदन शर्मा ने जनवरी 2013 में केजरीवाल को यह कार उपहार में दी थी. सीएम की यह कार 'आप मोबाइल' भी कहा जाता था और 2014 में यह कार खूब सुर्खियों में रही थी जब दिल्‍ली पुलिस के विवादास्‍पद खिलाफ प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल इस कार का इस्‍तेमाल कैंप करने और सोने के लिए भी करते थे. केजरीवाल की ‘आम आदमी’ की छवि से जुड़ चुकी नीले रंग की कार इन दिनों आप का एक कार्यकर्ता इस्तेमाल करता था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘कार दिल्ली सचिवालय के बाहर खड़ी की गई थी. रात करीब एक बजे यह गायब हो गई.’’ सॉफ्टवेयर इंजीनियर कुंदन शर्मा ने जनवरी 2013 में केजरीवाल को यह कार उपहार में दी थी. केजरीवाल की ‘आम आदमी’ की छवि से जुड़ चुकी नीले रंग की कार इन दिनों आप का एक कार्यकर्ता इस्तेमाल करता था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘कार दिल्ली सचिवालय के बाहर खड़ी की गई थी. रात करीब एक बजे यह गायब हो गई.’’ सॉफ्टवेयर इंजीनियर कुंदन शर्मा ने जनवरी 2013 में केजरीवाल को यह कार उपहार में दी थी.
इन दिनों आप का एक कार्यकर्ता कार का इस्तेमाल करता था. कार दिल्ली सचिवालय के बाहर खड़ी की गई थी. रात करीब एक बजे यह गायब हो गई.
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में पारित राज्य के चार भागों में विभाजन के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार को लौटाते हुए उससे इसमें प्रस्तावित राजधानियों, सीमाओं और बढ़ते कर्ज के बोझ जैसे मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगे हैं। केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, हमने उत्तर प्रदेश के राज्य के विभाजन के प्रस्ताव को वापस भेज दिया है और आठ से नौ प्रश्नों पर जवाब मांगे हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश को प्रस्ताव वापस करते हुए कहा है कि उसे प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर कार्रवाई से पहले कई प्रमुख मुद्दों पर स्पष्टीकरण की जरूरत है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नवंबर में मुख्यमंत्री मायावती ने विपक्ष को अचरज में डालते हुए राज्य को अवध प्रदेश, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिम प्रदेश में विभाजिन करने संबंधी प्रस्ताव रखा था। मायावती के विरोधियों ने इसे प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चली गई राजनीतिक चाल करार दिया था। अधिकारियों के अनुसार गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से ये स्पष्ट करने को कहा है कि प्रस्तावित चारों राज्यों की राजधानियां कहां होंगी, उनकी सीमाएं कहां होंगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्र ने उप्र विधानसभा में पारित राज्य के विभाजन प्रस्ताव को प्रदेश सरकार को लौटाते हुए उससे कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के औराई क्षेत्र में आज स्कूल बस चालक का ईयरफोन पर गाने सुनते हुए गाड़ी चलाना आठ बच्चों की मौत का कारण बन गया। फाटकरहित रेलवे क्रॉसिंग पार करते वक्त ट्रेन की जबर्दस्त टक्कर से बस सवार आठ बच्चों की मृत्यु हो गयी तथा चालक समेत 14 अन्य घायल हो गये। पुलिस अधीक्षक अरविन्द भूषण पाण्डेय ने यहां बताया कि घोसिया कस्बे में स्थित टेंडर हार्ट स्कूल की एक बस छह गांवों से 21 छात्र-छात्राओं को लेकर स्कूल जा रही थी। रास्ते में कटका और माधोसिंहगढ़ रेलवे स्टेशनों के बीच फाटकरहित रेलवे क्रॉसिंग संख्या 26 को पार करते वक्त वाराणसी-इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन ने बस को टक्कर मार दी। पाण्डेय ने बताया कि इस हादसे में नैतिक (छह), अभिषेक (10), शुभम (छह), प्रद्युम्न (14), स्वाति (10), सोनाक्षी (सात) तथा रिंकू (आठ) की मृत्यु हो गई और चालक समेत 14 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि इस मामले में स्कूल प्रबन्धन के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा। इस बीच जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि स्कूल बस का चालक ईयरफोन लगाकर गाने सुनते हुए गाड़ी चला रहा था। संभवत: इसी वजह से वह ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका और यह हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल बस उछलकर खेत में जा गिरी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल चालक तथा कई बच्चों को वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृत बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने तथा घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।   टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस अधीक्षक अरविन्द भूषण पाण्डेय ने यहां बताया कि घोसिया कस्बे में स्थित टेंडर हार्ट स्कूल की एक बस छह गांवों से 21 छात्र-छात्राओं को लेकर स्कूल जा रही थी। रास्ते में कटका और माधोसिंहगढ़ रेलवे स्टेशनों के बीच फाटकरहित रेलवे क्रॉसिंग संख्या 26 को पार करते वक्त वाराणसी-इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन ने बस को टक्कर मार दी। पाण्डेय ने बताया कि इस हादसे में नैतिक (छह), अभिषेक (10), शुभम (छह), प्रद्युम्न (14), स्वाति (10), सोनाक्षी (सात) तथा रिंकू (आठ) की मृत्यु हो गई और चालक समेत 14 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि इस मामले में स्कूल प्रबन्धन के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा। इस बीच जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि स्कूल बस का चालक ईयरफोन लगाकर गाने सुनते हुए गाड़ी चला रहा था। संभवत: इसी वजह से वह ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका और यह हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल बस उछलकर खेत में जा गिरी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल चालक तथा कई बच्चों को वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृत बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने तथा घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।   टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाण्डेय ने बताया कि इस हादसे में नैतिक (छह), अभिषेक (10), शुभम (छह), प्रद्युम्न (14), स्वाति (10), सोनाक्षी (सात) तथा रिंकू (आठ) की मृत्यु हो गई और चालक समेत 14 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि इस मामले में स्कूल प्रबन्धन के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा। इस बीच जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि स्कूल बस का चालक ईयरफोन लगाकर गाने सुनते हुए गाड़ी चला रहा था। संभवत: इसी वजह से वह ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका और यह हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल बस उछलकर खेत में जा गिरी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल चालक तथा कई बच्चों को वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृत बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने तथा घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।   टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि स्कूल बस का चालक ईयरफोन लगाकर गाने सुनते हुए गाड़ी चला रहा था। संभवत: इसी वजह से वह ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका और यह हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल बस उछलकर खेत में जा गिरी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल चालक तथा कई बच्चों को वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृत बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने तथा घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।   टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल चालक तथा कई बच्चों को वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृत बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने तथा घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।   टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृत बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने तथा घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।   टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: मडुआडीह-इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन मिनी स्कूल वैन टकरा गई सात बच्चों की मौत, 19 थे सवार घटनास्थल पर चारों तरफ बच्चों की किताबें बिखरी पड़ी हैं।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: जयंत तालुकदार, राहुल बनर्जी और तरुणदीप राय से सुसज्जित पुरुषों की भारतीय तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को लंदन ओलिंपिक के लिए क्वोलीफाई कर लिया। उताह के ओगडेन में चल रहे ओलिंपिक की अंतिम क्वोलीफाई प्रतियोगिता विश्व कप तीरंदाजी के सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर भारतीय खिलाड़ियों ने यह मुकाम हासिल किया।टिप्पणियां फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला अब अमेरिका से रविवार को होगा। सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 221-209 अंकों से पराजित किया। भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, "प्रतिभावान और इस अनुभवी टीम ने शनदार प्रदर्शन किया है। उनकी उपलब्धियों के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।" उताह के ओगडेन में चल रहे ओलिंपिक की अंतिम क्वोलीफाई प्रतियोगिता विश्व कप तीरंदाजी के सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर भारतीय खिलाड़ियों ने यह मुकाम हासिल किया।टिप्पणियां फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला अब अमेरिका से रविवार को होगा। सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 221-209 अंकों से पराजित किया। भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, "प्रतिभावान और इस अनुभवी टीम ने शनदार प्रदर्शन किया है। उनकी उपलब्धियों के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।" फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला अब अमेरिका से रविवार को होगा। सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 221-209 अंकों से पराजित किया। भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, "प्रतिभावान और इस अनुभवी टीम ने शनदार प्रदर्शन किया है। उनकी उपलब्धियों के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।" भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, "प्रतिभावान और इस अनुभवी टीम ने शनदार प्रदर्शन किया है। उनकी उपलब्धियों के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।"
यह एक सारांश है: जयंत तालुकदार, राहुल बनर्जी और तरुणदीप राय से सुसज्जित पुरुषों की भारतीय तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को लंदन ओलिंपिक के लिए क्वोलीफाई कर लिया।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार में नियुक्त हुए 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति मामले में चुनाव आयोग ने दिल्ली सरकार से 11 सवाल पूछे हैं। चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर पूछा है किटिप्पणियां 1-किन नियमों के तहत इनकी नियुक्ति हुई 2-संसदीय सचिवों की नियुक्ति पत्र की कॉपी दी जाए 3-क्या इन्हें आफिस स्पेस दिया गया था 4-क्या इन्हें कैंप आफिस के लिए कोई जगह दी गई थी 5-क्या इन्हें कोई फोन की सुविधा दी गई थी 6-क्या इन्हें कोई सैलरी ऑफर की गई थी 7-क्या इन्हें कोई ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी गई 8-क्या इन्हें कोई घर दिया गया था 9-कितने सपोर्टिव स्टाफ दिए गए थे 10- उन्हें किस तरह का काम दिया गया था 11- हरेक संसदीय सचिव का क्या काम था आम आदमी पार्टी के 21 विधायक मार्च 2015 में केजरीवाल सरकार में संसदीय सचिव बनाये गए जिनपर लाभ के पद पर होने के आरोप में चुनाव आयोग में मामला चल रहा है, जिसमे 14 जुलाई से सुनवाई शुरू होगी 1-किन नियमों के तहत इनकी नियुक्ति हुई 2-संसदीय सचिवों की नियुक्ति पत्र की कॉपी दी जाए 3-क्या इन्हें आफिस स्पेस दिया गया था 4-क्या इन्हें कैंप आफिस के लिए कोई जगह दी गई थी 5-क्या इन्हें कोई फोन की सुविधा दी गई थी 6-क्या इन्हें कोई सैलरी ऑफर की गई थी 7-क्या इन्हें कोई ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी गई 8-क्या इन्हें कोई घर दिया गया था 9-कितने सपोर्टिव स्टाफ दिए गए थे 10- उन्हें किस तरह का काम दिया गया था 11- हरेक संसदीय सचिव का क्या काम था आम आदमी पार्टी के 21 विधायक मार्च 2015 में केजरीवाल सरकार में संसदीय सचिव बनाये गए जिनपर लाभ के पद पर होने के आरोप में चुनाव आयोग में मामला चल रहा है, जिसमे 14 जुलाई से सुनवाई शुरू होगी आम आदमी पार्टी के 21 विधायक मार्च 2015 में केजरीवाल सरकार में संसदीय सचिव बनाये गए जिनपर लाभ के पद पर होने के आरोप में चुनाव आयोग में मामला चल रहा है, जिसमे 14 जुलाई से सुनवाई शुरू होगी
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: क्या इन्हें आफिस स्पेस दिया गया था इन्हें कोई सैलरी ऑफर की गई थी कितने सपोर्टिव स्टाफ दिए गए थे
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: निवेश की गाड़ी को फिर गति देने के लिए निवेश संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीआई) ने कुल 1.83 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली तीन दर्जन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह बात वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आज कही। सीसीआई द्वारा कल मंजूर परियोजनाओं में 83,772 करोड़ रुपये के निवेश वाली 18 बिजली परियोजनाएं और 14,084 करोड़ रुपये की ढांचा क्षेत्र की नौ परियोजनाएं शामिल हैं। सीसीआई ने 85,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली नौ और परियोजनाओं की समीक्षा की। चिदंबरम ने कहा कि सीसीआई ने कुल 1.83 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी। बिजली परियोजनाओं के लिए ईंधन आपूर्ति समझौते (एफएसए) के संबंध में वित्तमंत्री ने कहा कि सभी समझौतों पर 6 सितंबर तक हस्ताक्षर किए जाएंगे। पहले इसके लिए 31 अगस्त की सीमा रखी गई थी।टिप्पणियां चिदंबरम ने कहा कि इन फैसलों का संदेश है कि निवेश चक्र को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम यह संदेश दे रहे हें कि हम निवेश चक्र फिर से शुरू करने के इच्छुक हैं। यह चक्र शुरू हो गया है और हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि बैंकों ने बिजली क्षेत्र की इन परियोजनाओं के लिए 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज का वितरण कर दिया है और मंजूरी मिलने के साथ वे इन परियोजनाओं के लिए और धन मुहैया कराएंगे। सीसीआई द्वारा कल मंजूर परियोजनाओं में 83,772 करोड़ रुपये के निवेश वाली 18 बिजली परियोजनाएं और 14,084 करोड़ रुपये की ढांचा क्षेत्र की नौ परियोजनाएं शामिल हैं। सीसीआई ने 85,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली नौ और परियोजनाओं की समीक्षा की। चिदंबरम ने कहा कि सीसीआई ने कुल 1.83 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी। बिजली परियोजनाओं के लिए ईंधन आपूर्ति समझौते (एफएसए) के संबंध में वित्तमंत्री ने कहा कि सभी समझौतों पर 6 सितंबर तक हस्ताक्षर किए जाएंगे। पहले इसके लिए 31 अगस्त की सीमा रखी गई थी।टिप्पणियां चिदंबरम ने कहा कि इन फैसलों का संदेश है कि निवेश चक्र को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम यह संदेश दे रहे हें कि हम निवेश चक्र फिर से शुरू करने के इच्छुक हैं। यह चक्र शुरू हो गया है और हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि बैंकों ने बिजली क्षेत्र की इन परियोजनाओं के लिए 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज का वितरण कर दिया है और मंजूरी मिलने के साथ वे इन परियोजनाओं के लिए और धन मुहैया कराएंगे। चिदंबरम ने कहा कि सीसीआई ने कुल 1.83 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी। बिजली परियोजनाओं के लिए ईंधन आपूर्ति समझौते (एफएसए) के संबंध में वित्तमंत्री ने कहा कि सभी समझौतों पर 6 सितंबर तक हस्ताक्षर किए जाएंगे। पहले इसके लिए 31 अगस्त की सीमा रखी गई थी।टिप्पणियां चिदंबरम ने कहा कि इन फैसलों का संदेश है कि निवेश चक्र को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम यह संदेश दे रहे हें कि हम निवेश चक्र फिर से शुरू करने के इच्छुक हैं। यह चक्र शुरू हो गया है और हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि बैंकों ने बिजली क्षेत्र की इन परियोजनाओं के लिए 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज का वितरण कर दिया है और मंजूरी मिलने के साथ वे इन परियोजनाओं के लिए और धन मुहैया कराएंगे। चिदंबरम ने कहा कि इन फैसलों का संदेश है कि निवेश चक्र को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम यह संदेश दे रहे हें कि हम निवेश चक्र फिर से शुरू करने के इच्छुक हैं। यह चक्र शुरू हो गया है और हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि बैंकों ने बिजली क्षेत्र की इन परियोजनाओं के लिए 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज का वितरण कर दिया है और मंजूरी मिलने के साथ वे इन परियोजनाओं के लिए और धन मुहैया कराएंगे। उन्होंने कहा, हम यह संदेश दे रहे हें कि हम निवेश चक्र फिर से शुरू करने के इच्छुक हैं। यह चक्र शुरू हो गया है और हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि बैंकों ने बिजली क्षेत्र की इन परियोजनाओं के लिए 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज का वितरण कर दिया है और मंजूरी मिलने के साथ वे इन परियोजनाओं के लिए और धन मुहैया कराएंगे।
संक्षिप्त पाठ: निवेश की गाड़ी को फिर गति देने के लिए निवेश संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीआई) ने कुल 1.83 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली तीन दर्जन परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी :भाजपा: ने रविवार को कहा कि विदेशी बैंकों में भारत के 600 अरब करोड़ रुपए कालेधन के रूप में जमा हैं और केन्द्र में भाजपा की सरकार बनने पर उस धन को वापस लाकर मुल्क की गरीबी को दूर किया जाएगा। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती के अहिराघासी में भ्रष्टाचार, महंगाई और आतंकवाद विरोधी भाजपा की रैली को सम्बोधित करते हुए कहा विदेशी बैंकों में देश का 600 अरब करोड़ रुपए कालाधन जमा है। केन्द्र में हमारी सरकार बनी तो उसे डेढ़ वर्षों में वापस लाया जाएगा और उससे देश की गरीबी दूर की जाएगी। उन्होंने कहा केन्द्र में सरकार बनने पर कालाधन वापस लाया जाएगा और अगले तीस वर्षों तक कोई कर नहीं लगेगा। साथ ही किसानों और व्यापारियों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। सिंह ने कहा कि कांग्रेस देश को लूट रही है जबकि सपा और बसपा उसे समर्थन देकर इस लूट में बराबर के भागीदार हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद सूबे में भाजपा की सरकार बनने पर किसानों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर कर्ज दिया जाएगा। मुसलमानों के बीच भाजपा के जनाधार के बारे में सिंह ने कहा कि विपक्षी दल मुसलमानों के बीच डर पैदा करके उन्हें भाजपा से दूर करने की कोशिश करते आए हैं जबकि केन्द्र में भाजपा की अगुवाई वाली अटल बिहारी वाजपेयी के छह वष्रो के कार्यकाल ने इस डर को निर्मूल सिद्ध कर दिया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भाजपा ने कहा कि विदेशी बैंकों में भारत के 600 अरब करोड़ रुपए कालेधन के रूप में जमा हैं।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पिछले हफ्ते दिए अपने उस विवादित आदेश को वापस ले लिया है, जिसके तहत होस्टल में रहने वाली लड़कियों के जीन्स पहनने पर पाबंदी लगा दी गई थी। उक्त आदेश में कहा गया था कि लड़कियों को होस्टर के बाहर और अंदर 'उचित और सभ्य दिखने वाले कपड़े (सलवार कमीज के साथ दुपट्टा) पहनने होंगे। लड़कियों को अब्दुल्ला हॉल के आदेश में आगे कहा गया था कि लड़कियों को सिर्फ एक मोबाइल का इस्तेमाल करना चाहिए और उन्हें बाहर खान-पान से भी बचना चाहिए। इसके अलावा अपने बाहर आने जाने के बारे में भी गेट के बाहर रखे रजिस्टर में सूचना इंगित करनी होगी। इतना ही नहीं इस आदेश का पालन न होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पांच सौ रुपये तक के जुर्माने की चेतावनी दी गई थी। विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने आज इस आदेश का विरोध किया। आएशा मुनिरा ने एनडीटीवी से कहा कि लड़कियों को केवल रविवार को बाहर जाने की छूट थी, जो भी नियम बनें वे लड़के व लड़कियों के लिए समान होने चाहिए। कहा जा रहा है कि लड़कियों के ज्यादा घूमने से लड़कों का मन भटकता है। महिला महाविद्यालय के प्रशासन ने इस आदेश के बचाव में यह भी तर्क दिया है कि लड़कियों के हॉस्टल में तमाम पुरुष कर्मचारी भी काम करते हैं। वहीं, इतिहास की प्रोफेसर चांदनी बी ने पूछा है कि क्यों नहीं इन पुरुष कर्मचारियों के स्थान पर महिला कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है।टिप्पणियां उनका कहना है कि हॉस्टल लड़कियों का घर है, ऐसे में लड़कियां वहां आरामदेह कैसे महसूस करेंगी। इससे पहले भी एएमयू के वीसी ले. जनरल जमीरुद्दीन शाह ने एक खत जारी कर उनसे मिलने आने वाले लड़कों से शेरवानी पहनकर आने का आदेश दिया था। लड़कियों को अब्दुल्ला हॉल के आदेश में आगे कहा गया था कि लड़कियों को सिर्फ एक मोबाइल का इस्तेमाल करना चाहिए और उन्हें बाहर खान-पान से भी बचना चाहिए। इसके अलावा अपने बाहर आने जाने के बारे में भी गेट के बाहर रखे रजिस्टर में सूचना इंगित करनी होगी। इतना ही नहीं इस आदेश का पालन न होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पांच सौ रुपये तक के जुर्माने की चेतावनी दी गई थी। विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने आज इस आदेश का विरोध किया। आएशा मुनिरा ने एनडीटीवी से कहा कि लड़कियों को केवल रविवार को बाहर जाने की छूट थी, जो भी नियम बनें वे लड़के व लड़कियों के लिए समान होने चाहिए। कहा जा रहा है कि लड़कियों के ज्यादा घूमने से लड़कों का मन भटकता है। महिला महाविद्यालय के प्रशासन ने इस आदेश के बचाव में यह भी तर्क दिया है कि लड़कियों के हॉस्टल में तमाम पुरुष कर्मचारी भी काम करते हैं। वहीं, इतिहास की प्रोफेसर चांदनी बी ने पूछा है कि क्यों नहीं इन पुरुष कर्मचारियों के स्थान पर महिला कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है।टिप्पणियां उनका कहना है कि हॉस्टल लड़कियों का घर है, ऐसे में लड़कियां वहां आरामदेह कैसे महसूस करेंगी। इससे पहले भी एएमयू के वीसी ले. जनरल जमीरुद्दीन शाह ने एक खत जारी कर उनसे मिलने आने वाले लड़कों से शेरवानी पहनकर आने का आदेश दिया था। इतना ही नहीं इस आदेश का पालन न होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पांच सौ रुपये तक के जुर्माने की चेतावनी दी गई थी। विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने आज इस आदेश का विरोध किया। आएशा मुनिरा ने एनडीटीवी से कहा कि लड़कियों को केवल रविवार को बाहर जाने की छूट थी, जो भी नियम बनें वे लड़के व लड़कियों के लिए समान होने चाहिए। कहा जा रहा है कि लड़कियों के ज्यादा घूमने से लड़कों का मन भटकता है। महिला महाविद्यालय के प्रशासन ने इस आदेश के बचाव में यह भी तर्क दिया है कि लड़कियों के हॉस्टल में तमाम पुरुष कर्मचारी भी काम करते हैं। वहीं, इतिहास की प्रोफेसर चांदनी बी ने पूछा है कि क्यों नहीं इन पुरुष कर्मचारियों के स्थान पर महिला कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है।टिप्पणियां उनका कहना है कि हॉस्टल लड़कियों का घर है, ऐसे में लड़कियां वहां आरामदेह कैसे महसूस करेंगी। इससे पहले भी एएमयू के वीसी ले. जनरल जमीरुद्दीन शाह ने एक खत जारी कर उनसे मिलने आने वाले लड़कों से शेरवानी पहनकर आने का आदेश दिया था। विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने आज इस आदेश का विरोध किया। आएशा मुनिरा ने एनडीटीवी से कहा कि लड़कियों को केवल रविवार को बाहर जाने की छूट थी, जो भी नियम बनें वे लड़के व लड़कियों के लिए समान होने चाहिए। कहा जा रहा है कि लड़कियों के ज्यादा घूमने से लड़कों का मन भटकता है। महिला महाविद्यालय के प्रशासन ने इस आदेश के बचाव में यह भी तर्क दिया है कि लड़कियों के हॉस्टल में तमाम पुरुष कर्मचारी भी काम करते हैं। वहीं, इतिहास की प्रोफेसर चांदनी बी ने पूछा है कि क्यों नहीं इन पुरुष कर्मचारियों के स्थान पर महिला कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है।टिप्पणियां उनका कहना है कि हॉस्टल लड़कियों का घर है, ऐसे में लड़कियां वहां आरामदेह कैसे महसूस करेंगी। इससे पहले भी एएमयू के वीसी ले. जनरल जमीरुद्दीन शाह ने एक खत जारी कर उनसे मिलने आने वाले लड़कों से शेरवानी पहनकर आने का आदेश दिया था। महिला महाविद्यालय के प्रशासन ने इस आदेश के बचाव में यह भी तर्क दिया है कि लड़कियों के हॉस्टल में तमाम पुरुष कर्मचारी भी काम करते हैं। वहीं, इतिहास की प्रोफेसर चांदनी बी ने पूछा है कि क्यों नहीं इन पुरुष कर्मचारियों के स्थान पर महिला कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है।टिप्पणियां उनका कहना है कि हॉस्टल लड़कियों का घर है, ऐसे में लड़कियां वहां आरामदेह कैसे महसूस करेंगी। इससे पहले भी एएमयू के वीसी ले. जनरल जमीरुद्दीन शाह ने एक खत जारी कर उनसे मिलने आने वाले लड़कों से शेरवानी पहनकर आने का आदेश दिया था। उनका कहना है कि हॉस्टल लड़कियों का घर है, ऐसे में लड़कियां वहां आरामदेह कैसे महसूस करेंगी। इससे पहले भी एएमयू के वीसी ले. जनरल जमीरुद्दीन शाह ने एक खत जारी कर उनसे मिलने आने वाले लड़कों से शेरवानी पहनकर आने का आदेश दिया था। इससे पहले भी एएमयू के वीसी ले. जनरल जमीरुद्दीन शाह ने एक खत जारी कर उनसे मिलने आने वाले लड़कों से शेरवानी पहनकर आने का आदेश दिया था।
यहाँ एक सारांश है:एएमयू प्रशासन के आदेश में आगे कहा गया था कि लड़कियों को सिर्फ एक मोबाइल का इस्तेमाल करना चाहिए और उन्हें बाहर खान-पान से भी बचना चाहिए।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मऊ विधानसभा क्षेत्र में बाहुबली मुख्तार अंसारी ने भाजपा और सपा की तगड़ी घेराबंदी को ध्वस्त करते हुए विधानसभा पहुंच गए हैं. सपा से बेआबरू होने के बाद अपनी प्रतिष्ठा बचाने का उन पर भारी दबाव था. जेल में रहते हुए उन्होंने अपनी सीट को बरकारार रखा है. इस बार बीजेपी ने भी उन्हें बहुत ज्यादा घेरने की कोशिश की थी लेकिन उसके मंसूबे सफल नहीं हो पाए. खुद प्रधानमंत्री ने मऊ की जनसभा में उन्हें 'बाहुबली' कहते हुए कहा था इस 'बाहुबली' के खात्मे के लिए उन्होंने अपना 'कटप्पा' मैदान में उतारा है. पीएम मोदी ने 'कटप्पा' इसलिए कहा था क्योंकि इस सीट पर भाजपा ने राजभरों की पार्टी भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार को गठबंधन के तहत उतारा था. भासपा से महेंद्र राजभर मैदान में थे. महेंद्र 2012 के चुनाव में मुख्तार के साथ थे और उन्होंने अपनी बिरादरी के वोट दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. पर इस बार वे खुद उनके सामने थे. मोदी ने इसलिए उन्हें 'कटप्पा' की संज्ञा दी थी. बसपा के 'बाहुबली' मुख्तार ने उन्हें 7464 मतों से हराया. मुख्तार अंसारी ने यह चुनाव जेल से लड़ा था. वे पूरे चुनाव में नहीं आ सके लिहाजा प्रचार की कमान उनके छोटे बेटे उमर अंसारी ने संभाली. पहले उमर और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि मुख्तार को पेरोल मिल जाएगी, पर ऐसा नहीं हुआ. मुख्तार के प्रचार की कमान संभालने वालों का पहले से ही दावा था कि विपक्षी पार्टियां चाहे जितनी कोशिश कर ले और उन्हें क्षेत्र में न आने दे पर जनता उन्हें भारी वोटों से जीत दिलाएगी और ऐसा ही हुआ.टिप्पणियां मुख्तार मऊ से पिछले दो चुनाव में अपनी पार्टी कौमी एकता दल के बैनर से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं. इस बार जीत पक्की करने के लिहाज से समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय तक कर लिया, लेकिन यादव परिवार में मची महाभारत के बाद अलग हो गए और हाथी के साथी बन गए. मायावाती ने मुख्तार के पक्ष में न सिर्फ विशाल रैली की बल्कि पीएम मोदी के बयानों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया था. मायावती ने मऊ की रैली में तकरीबन दो घंटे का लंबा भाषण दिया था.   दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस के गठबंधन ने मुख्तार की जीत की मुश्किल बना दिया था. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने 'कटप्पा' को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा लेकिन ऐसा न हो सका. भासपा से महेंद्र राजभर मैदान में थे. महेंद्र 2012 के चुनाव में मुख्तार के साथ थे और उन्होंने अपनी बिरादरी के वोट दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. पर इस बार वे खुद उनके सामने थे. मोदी ने इसलिए उन्हें 'कटप्पा' की संज्ञा दी थी. बसपा के 'बाहुबली' मुख्तार ने उन्हें 7464 मतों से हराया. मुख्तार अंसारी ने यह चुनाव जेल से लड़ा था. वे पूरे चुनाव में नहीं आ सके लिहाजा प्रचार की कमान उनके छोटे बेटे उमर अंसारी ने संभाली. पहले उमर और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि मुख्तार को पेरोल मिल जाएगी, पर ऐसा नहीं हुआ. मुख्तार के प्रचार की कमान संभालने वालों का पहले से ही दावा था कि विपक्षी पार्टियां चाहे जितनी कोशिश कर ले और उन्हें क्षेत्र में न आने दे पर जनता उन्हें भारी वोटों से जीत दिलाएगी और ऐसा ही हुआ.टिप्पणियां मुख्तार मऊ से पिछले दो चुनाव में अपनी पार्टी कौमी एकता दल के बैनर से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं. इस बार जीत पक्की करने के लिहाज से समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय तक कर लिया, लेकिन यादव परिवार में मची महाभारत के बाद अलग हो गए और हाथी के साथी बन गए. मायावाती ने मुख्तार के पक्ष में न सिर्फ विशाल रैली की बल्कि पीएम मोदी के बयानों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया था. मायावती ने मऊ की रैली में तकरीबन दो घंटे का लंबा भाषण दिया था.   दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस के गठबंधन ने मुख्तार की जीत की मुश्किल बना दिया था. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने 'कटप्पा' को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा लेकिन ऐसा न हो सका. मुख्तार अंसारी ने यह चुनाव जेल से लड़ा था. वे पूरे चुनाव में नहीं आ सके लिहाजा प्रचार की कमान उनके छोटे बेटे उमर अंसारी ने संभाली. पहले उमर और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि मुख्तार को पेरोल मिल जाएगी, पर ऐसा नहीं हुआ. मुख्तार के प्रचार की कमान संभालने वालों का पहले से ही दावा था कि विपक्षी पार्टियां चाहे जितनी कोशिश कर ले और उन्हें क्षेत्र में न आने दे पर जनता उन्हें भारी वोटों से जीत दिलाएगी और ऐसा ही हुआ.टिप्पणियां मुख्तार मऊ से पिछले दो चुनाव में अपनी पार्टी कौमी एकता दल के बैनर से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं. इस बार जीत पक्की करने के लिहाज से समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय तक कर लिया, लेकिन यादव परिवार में मची महाभारत के बाद अलग हो गए और हाथी के साथी बन गए. मायावाती ने मुख्तार के पक्ष में न सिर्फ विशाल रैली की बल्कि पीएम मोदी के बयानों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया था. मायावती ने मऊ की रैली में तकरीबन दो घंटे का लंबा भाषण दिया था.   दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस के गठबंधन ने मुख्तार की जीत की मुश्किल बना दिया था. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने 'कटप्पा' को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा लेकिन ऐसा न हो सका. मुख्तार मऊ से पिछले दो चुनाव में अपनी पार्टी कौमी एकता दल के बैनर से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं. इस बार जीत पक्की करने के लिहाज से समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय तक कर लिया, लेकिन यादव परिवार में मची महाभारत के बाद अलग हो गए और हाथी के साथी बन गए. मायावाती ने मुख्तार के पक्ष में न सिर्फ विशाल रैली की बल्कि पीएम मोदी के बयानों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया था. मायावती ने मऊ की रैली में तकरीबन दो घंटे का लंबा भाषण दिया था.   दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस के गठबंधन ने मुख्तार की जीत की मुश्किल बना दिया था. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने 'कटप्पा' को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा लेकिन ऐसा न हो सका. दरअसल मुख्तार के लिए इस बार सहारे की जरूरत इस वजह से पड़ी क्योंकि बीजेपी इलाके में असर रखने वाली जातियों के वोट बैंक में अपनी पैठ बना रही थी. मुख्तार के मुकाबले में उसने राजभर समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिनकी यहां अच्छी आबादी है. सपा और कांग्रेस के गठबंधन ने मुख्तार की जीत की मुश्किल बना दिया था. इस रोड़े को ज़्यादा धार देते हुए प्रधानमंत्री ने यहां की जनसभा में ऐलान भी किया कि बाहुबली के खिलाफ हमने 'कटप्पा' को उतारा है, जो बाहुबली को खत्म कर देगा लेकिन ऐसा न हो सका.
संक्षिप्त सारांश: मऊ सीट में बाहुबली मुख्तार अंसारी ने तगड़ी घेराबंदी को ध्वस्त किया सपा से बेआबरू होने के बाद अपनी प्रतिष्ठा बचाने का दबाव था बीजेपी ने उन्हेंघेरने की बहुत कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाई
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऐसा नहीं है कि आम नागरिक ही अपने मौलिक अधिकारों के हनन के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंचते हैं. खुद जजों को भी कभी-कभी इसकी जरूरत पड़ जाती है. ऐसे ही मामले में उत्तराखंड के तीन सिविल जजों ने अपने अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई और कोर्ट से उन्हें राहत भी मिली. सुप्रीम कोर्ट ने रुद्रपुर के एडिशनल सिविल जज राहुल कुमार श्रीवास्तव, कोटद्वार के सिविल जज भवदीप रावत्रे और कोटद्वार के ही सिविल जज योगेंद्र कुमार सागर को हाईकोर्ट के नियम पर रोक लगाते हुए उत्तराखंड हायर ज्यूडिशियल सर्विस की परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी है. हालांकि उनका परिणाम सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक होल्ड पर रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जजों की याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. गौरतलब है कि तीनों जजों ने हाईकोर्ट के उस नियम को चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि उच्च न्यायिक सेवा की परीक्षा के लिए सात साल के अनुभव वाले वकील ही आवेदन कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों के वकील रजत शर्मा और राम किशोर यादव ने कहा कि इन जजों के पास वकालत का अनुभव नहीं है लेकिन वे इससे ज्यादा वक्त से जज रहे हैं और उन्हें कानून का अनुभव है. ऐसे में अगर वे इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते तो यह उनके मौलिक अधिकारों का हनन होगा. टिप्पणियां उन्होंने दलील दी कि इससे पहले हैदराबाद के एक जज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट नियम पर रोक लगा चुका है. कई हाईकोर्ट नियमों में बदलाव कर चुके हैं और जजों को भी इसमें शामिल कर चुके हैं. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट के नियम पर रोक लगा दी और तीनों जजों को 25 जून को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा और 29-30 जुलाई को होने वाली मेन परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कहा है कि अगले आदेश तक जजों की परीक्षा का परिणाम होल्ड पर रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने रुद्रपुर के एडिशनल सिविल जज राहुल कुमार श्रीवास्तव, कोटद्वार के सिविल जज भवदीप रावत्रे और कोटद्वार के ही सिविल जज योगेंद्र कुमार सागर को हाईकोर्ट के नियम पर रोक लगाते हुए उत्तराखंड हायर ज्यूडिशियल सर्विस की परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी है. हालांकि उनका परिणाम सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक होल्ड पर रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जजों की याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. गौरतलब है कि तीनों जजों ने हाईकोर्ट के उस नियम को चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि उच्च न्यायिक सेवा की परीक्षा के लिए सात साल के अनुभव वाले वकील ही आवेदन कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों के वकील रजत शर्मा और राम किशोर यादव ने कहा कि इन जजों के पास वकालत का अनुभव नहीं है लेकिन वे इससे ज्यादा वक्त से जज रहे हैं और उन्हें कानून का अनुभव है. ऐसे में अगर वे इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते तो यह उनके मौलिक अधिकारों का हनन होगा. टिप्पणियां उन्होंने दलील दी कि इससे पहले हैदराबाद के एक जज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट नियम पर रोक लगा चुका है. कई हाईकोर्ट नियमों में बदलाव कर चुके हैं और जजों को भी इसमें शामिल कर चुके हैं. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट के नियम पर रोक लगा दी और तीनों जजों को 25 जून को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा और 29-30 जुलाई को होने वाली मेन परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कहा है कि अगले आदेश तक जजों की परीक्षा का परिणाम होल्ड पर रहेगा. गौरतलब है कि तीनों जजों ने हाईकोर्ट के उस नियम को चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि उच्च न्यायिक सेवा की परीक्षा के लिए सात साल के अनुभव वाले वकील ही आवेदन कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों के वकील रजत शर्मा और राम किशोर यादव ने कहा कि इन जजों के पास वकालत का अनुभव नहीं है लेकिन वे इससे ज्यादा वक्त से जज रहे हैं और उन्हें कानून का अनुभव है. ऐसे में अगर वे इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते तो यह उनके मौलिक अधिकारों का हनन होगा. टिप्पणियां उन्होंने दलील दी कि इससे पहले हैदराबाद के एक जज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट नियम पर रोक लगा चुका है. कई हाईकोर्ट नियमों में बदलाव कर चुके हैं और जजों को भी इसमें शामिल कर चुके हैं. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट के नियम पर रोक लगा दी और तीनों जजों को 25 जून को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा और 29-30 जुलाई को होने वाली मेन परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कहा है कि अगले आदेश तक जजों की परीक्षा का परिणाम होल्ड पर रहेगा. उन्होंने दलील दी कि इससे पहले हैदराबाद के एक जज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट नियम पर रोक लगा चुका है. कई हाईकोर्ट नियमों में बदलाव कर चुके हैं और जजों को भी इसमें शामिल कर चुके हैं. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट के नियम पर रोक लगा दी और तीनों जजों को 25 जून को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा और 29-30 जुलाई को होने वाली मेन परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कहा है कि अगले आदेश तक जजों की परीक्षा का परिणाम होल्ड पर रहेगा. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट के नियम पर रोक लगा दी और तीनों जजों को 25 जून को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा और 29-30 जुलाई को होने वाली मेन परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कहा है कि अगले आदेश तक जजों की परीक्षा का परिणाम होल्ड पर रहेगा.
संक्षिप्त सारांश: उत्तराखंड के तीन सिविल जजों ने हाईकोर्ट के नियम को चुनौती दी उत्तराखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जजों के पास वकालत का अनुभव नहीं लेकिन कानून का अनुभव
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर रघुराम राजन ने अपने कार्यकाल की आखिरी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. आरबीआई ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा है. नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को भी चार प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है. रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अल्पावधि के लिए रिजर्व बैंक से उधार लेते हैं. आरबीआई ने पिछली बार सात जून को भी नीतिगत समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था. राजन ने कहा, हाल ही में खाद्य कीमतों में अनुमान से अधिक बढ़ोतरी से महंगाई पर अनुमान बाकी वर्ष के लिए बढ़ गया है. मौजूदा जोखिमों को देखते हुए यह ठीक है कि नीतिगत दरों में किसी तरह का बदलाव न किया जाए. यह मौद्रिक नीति समीक्षा ऐसे समय में पेश हुई है, जब सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुद्रास्फीति का लक्ष्य शुक्रवार को लगभग चार प्रतिशत निर्धारित किया. इस काम के लिए जल्द ही एक मौद्रिक नीति समिति (एमसीपी) गठित की जाएगी, जिसे नीतिगत दरें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि अक्टूबर में होने वाली अगली द्विमाही नीतिगत समीक्षा से पहले समिति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. यह समिति मौद्रिक नीति की रूपरेखा तैयार करने का काम करेगी. मुद्रास्फीति दर का लक्ष्य अधिसूचित होने के बाद वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, 'एमपीसी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वह मुद्रास्फीति की दर निर्धारित लक्ष्य पर बनाए रखने के लिए आवश्यक बेंचमार्क दर (रेपो दर) तय करे.'टिप्पणियां समिति के अध्यक्ष आरबीआई के गवर्नर होंगे. समिति में आरबीआई के दो और प्रतिनिधि होंगे. जबकि समिति के तीन अन्य सदस्यों का चयन सरकार एक समिति की सिफारिश के आधार पर करेगी. जनवरी, 2015 से भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 150 आधार अंकों की कटौती की थी. इसमें अंतिम कटौती 25 आधार अंकों की इस साल पांच अप्रैल को की गई थी. जहां तक राजन का सवाल है तो जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से नीतिगत दर में तीन बार वृद्धि की गई है और पांच बार कटौती की गई है. रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अल्पावधि के लिए रिजर्व बैंक से उधार लेते हैं. आरबीआई ने पिछली बार सात जून को भी नीतिगत समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था. राजन ने कहा, हाल ही में खाद्य कीमतों में अनुमान से अधिक बढ़ोतरी से महंगाई पर अनुमान बाकी वर्ष के लिए बढ़ गया है. मौजूदा जोखिमों को देखते हुए यह ठीक है कि नीतिगत दरों में किसी तरह का बदलाव न किया जाए. यह मौद्रिक नीति समीक्षा ऐसे समय में पेश हुई है, जब सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुद्रास्फीति का लक्ष्य शुक्रवार को लगभग चार प्रतिशत निर्धारित किया. इस काम के लिए जल्द ही एक मौद्रिक नीति समिति (एमसीपी) गठित की जाएगी, जिसे नीतिगत दरें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि अक्टूबर में होने वाली अगली द्विमाही नीतिगत समीक्षा से पहले समिति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. यह समिति मौद्रिक नीति की रूपरेखा तैयार करने का काम करेगी. मुद्रास्फीति दर का लक्ष्य अधिसूचित होने के बाद वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, 'एमपीसी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वह मुद्रास्फीति की दर निर्धारित लक्ष्य पर बनाए रखने के लिए आवश्यक बेंचमार्क दर (रेपो दर) तय करे.'टिप्पणियां समिति के अध्यक्ष आरबीआई के गवर्नर होंगे. समिति में आरबीआई के दो और प्रतिनिधि होंगे. जबकि समिति के तीन अन्य सदस्यों का चयन सरकार एक समिति की सिफारिश के आधार पर करेगी. जनवरी, 2015 से भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 150 आधार अंकों की कटौती की थी. इसमें अंतिम कटौती 25 आधार अंकों की इस साल पांच अप्रैल को की गई थी. जहां तक राजन का सवाल है तो जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से नीतिगत दर में तीन बार वृद्धि की गई है और पांच बार कटौती की गई है. यह मौद्रिक नीति समीक्षा ऐसे समय में पेश हुई है, जब सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुद्रास्फीति का लक्ष्य शुक्रवार को लगभग चार प्रतिशत निर्धारित किया. इस काम के लिए जल्द ही एक मौद्रिक नीति समिति (एमसीपी) गठित की जाएगी, जिसे नीतिगत दरें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि अक्टूबर में होने वाली अगली द्विमाही नीतिगत समीक्षा से पहले समिति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. यह समिति मौद्रिक नीति की रूपरेखा तैयार करने का काम करेगी. मुद्रास्फीति दर का लक्ष्य अधिसूचित होने के बाद वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, 'एमपीसी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वह मुद्रास्फीति की दर निर्धारित लक्ष्य पर बनाए रखने के लिए आवश्यक बेंचमार्क दर (रेपो दर) तय करे.'टिप्पणियां समिति के अध्यक्ष आरबीआई के गवर्नर होंगे. समिति में आरबीआई के दो और प्रतिनिधि होंगे. जबकि समिति के तीन अन्य सदस्यों का चयन सरकार एक समिति की सिफारिश के आधार पर करेगी. जनवरी, 2015 से भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 150 आधार अंकों की कटौती की थी. इसमें अंतिम कटौती 25 आधार अंकों की इस साल पांच अप्रैल को की गई थी. जहां तक राजन का सवाल है तो जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से नीतिगत दर में तीन बार वृद्धि की गई है और पांच बार कटौती की गई है. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि अक्टूबर में होने वाली अगली द्विमाही नीतिगत समीक्षा से पहले समिति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. यह समिति मौद्रिक नीति की रूपरेखा तैयार करने का काम करेगी. मुद्रास्फीति दर का लक्ष्य अधिसूचित होने के बाद वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, 'एमपीसी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वह मुद्रास्फीति की दर निर्धारित लक्ष्य पर बनाए रखने के लिए आवश्यक बेंचमार्क दर (रेपो दर) तय करे.'टिप्पणियां समिति के अध्यक्ष आरबीआई के गवर्नर होंगे. समिति में आरबीआई के दो और प्रतिनिधि होंगे. जबकि समिति के तीन अन्य सदस्यों का चयन सरकार एक समिति की सिफारिश के आधार पर करेगी. जनवरी, 2015 से भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 150 आधार अंकों की कटौती की थी. इसमें अंतिम कटौती 25 आधार अंकों की इस साल पांच अप्रैल को की गई थी. जहां तक राजन का सवाल है तो जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से नीतिगत दर में तीन बार वृद्धि की गई है और पांच बार कटौती की गई है. समिति के अध्यक्ष आरबीआई के गवर्नर होंगे. समिति में आरबीआई के दो और प्रतिनिधि होंगे. जबकि समिति के तीन अन्य सदस्यों का चयन सरकार एक समिति की सिफारिश के आधार पर करेगी. जनवरी, 2015 से भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 150 आधार अंकों की कटौती की थी. इसमें अंतिम कटौती 25 आधार अंकों की इस साल पांच अप्रैल को की गई थी. जहां तक राजन का सवाल है तो जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से नीतिगत दर में तीन बार वृद्धि की गई है और पांच बार कटौती की गई है. जनवरी, 2015 से भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 150 आधार अंकों की कटौती की थी. इसमें अंतिम कटौती 25 आधार अंकों की इस साल पांच अप्रैल को की गई थी. जहां तक राजन का सवाल है तो जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से नीतिगत दर में तीन बार वृद्धि की गई है और पांच बार कटौती की गई है.
यहाँ एक सारांश है:आरबीआई ने आज पेश की मौद्रिक नीति की समीक्षा मुख्य नीतिगत दर 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखी 2016-17 के लिए 7.6% की वृद्धि दर का अनुमान कायम रखा
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: लीबिया के तानाशाह शासक मुअम्मर अल गद्दाफी का शासन देश के एक छोटे हिस्से तक सिमट जाने को ध्यान में रखते हुए व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि लीबिया के विपक्षी नेता से बात करने के लिए अमेरिका अपने राजनयिक को बेंगाजी भेजने को तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डोनिलोन ने कहा, हमने गद्दाफी को अलग-थलग कर दिया है, उन्हें संसाधनों से मरहूम कर दिया है, जिम्मेदारी सुनिश्चित कर रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटा रहे हैं और लीबियाई लोगों की क्षमता बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। डोनिलन ने कहा, गद्दाफी लीबिया के लोगों के प्रयासों से जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं उसके मुताबिक मेरा आकलन है कि लीबिया की आधी आबादी शासन के नियंत्रण में नहीं है बल्कि विपक्ष के नियंत्रण में है। इससे पहले, अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सांसदों से कहा था कि अगले हफ्ते जब वह ट्यूनीशिया और मिस्र का दौरा करेंगी तो लीबिया के विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात करेंगी।
संक्षिप्त पाठ: व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि लीबिया के विपक्षी नेता से बात करने को अमेरिका अपने राजनयिक को बेंगाजी भेजने को तैयार है।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: नोएडा में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कार्रवाई के लिए आलोचना का शिकार हो रही उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ वर्ष 2010-11 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को सर्वाधिक शिकायतें मिली हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2010-11 में उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 8,768 शिकायतें मिलीं। इनमें हिरासत में मौत, प्रताड़ना, अत्याचार, फर्जी मुठभेड़ और कानूनी कार्रवाई करने में नाकामी जैसे मामले हैं। पुलिस के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को मिली शिकायतों के मामले में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली 1,023 शिकायतों के साथ दूसरे स्थान पर है। तीसरे स्थान पर हरियाणा (782 शिकायतें), राजस्थान (571 शिकायतें), बिहार (533 शिकायतें) है। यह सिलसिला वर्ष 2011-12 में जारी है और उत्तर प्रदेश से 25 अप्रैल तक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 619 शिकायतें और दिल्ली से 85 शिकायतें मिल चुकी हैं। पुलिस के खिलाफ दादरा और नागर हवेली से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को एक शिकायत, नगालैंड से दो शिकायतें, मिजोरम तथा त्रिपुरा से तीन-तीन शिकायतें और पुडुचेरी तथा अरुणाचल प्रदेश से सात-सात शिकायतें मिली हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को वर्ष 2010 से 12 में उत्तर प्रदेश से हिरासत में प्रताड़ना की 654 शिकायतें, अनुसूचित जातियों, जनजातियों के खिलाफ ज्यादती की 93 शिकायतें तथा फर्जी मुठभेड़ की 40 शिकायतें मिली हैं। बहरहाल, आंकड़े बताते हैं कि राज्य से मिलने वाली शिकायतों की संख्या घटी है। वर्ष 2009-10 में आयोग को 10,191 शिकायतें और 2008-09 में 10,740 शिकायतें मिली थीं। नक्सल प्रभावित राज्यों में पुलिस संबंधी शिकायतें बढ़ी हैं। उड़ीसा में वर्ष 2009-10 में इनकी संख्या जहां 87 थी, वहीं 2010-11 में यह संख्या बढ़कर 182 हो गई। झारखंड में पुलिस के खिलाफ 2009-10 में 208 और 2010-11 में 254 शिकायतें, छत्तीसगढ़ में 2009-10 में 53 और 2010-11 में 58, मध्यप्रदेश में 2009-10 में 336 और 2010-11 में 355, पश्चिम बंगाल में 2009-10 में 113 और 2010-11 में 161 शिकायतें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को मिलीं। लेकिन महाराष्ट्र में इनकी संख्या कम हुई है। यहां वर्ष 2009-10 में 294 शिकायतें मिली थीं, लेकिन 2010-11 में 260 शिकायतें मिलीं।  उग्रवाद प्रभावित मणिपुर से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को वर्ष 2011-12 के दौरान फर्जी मुठभेड़ की आठ शिकायतें मिलीं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 2010-11 में उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 8,768 शिकायतें मिलीं। इनमें हिरासत में मौत, प्रताड़ना, अत्याचार, फर्जी मुठभेड़ और कानूनी कार्रवाई करने में नाकामी जैसे मामले हैं।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अयोध्या मामले में सुनवाई के दौरान सीजेआई रंजन गोगोई ने एक बार फिर कहा है कि 18 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर चार हफ्ते में हमने फैसला दे दिया तो ये एक चमत्कार की तरह होगा. लेकिन अगर सुनवाई 18 अक्टूबर तक खत्म नहीं हुई तो फैसला संभव नहीं हो पाएगा. साथ ही CJI ने कहा कि आज का दिन मिलाकर 18 अक्टूबर तक हमारे पास साढे दस दिन हैं. सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि 18 अक्टूबर के बाद एक भी दिन अतिरिक्त नहीं है. इसलिए पक्षकार इसी समय सीमा में सुनवाई पूरी करें.  मीनाक्षी अरोडा ने कहा कि वह आज खत्म कर देंगी. हिंदू पक्ष ने कहा कि जवाब देने के लिये 3 से 4 दिन का समय चाहिए. राजीव धवन से कोर्ट ने पूछा कि सूट नं 4 पर बहस करने के लिये 2 दिन पर्याप्त हैं? धवन ने कहा कि हम शनिवार को भी बहस कर सकते हैं. गौरतलब है कि इससे पहले भी सीजेआई रंजन गोगोई का ऐसा ही बयान आया था. 18 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई कहा था कि सभी को संयुक्त प्रयास करना होगा और पक्षकार समझौता कर अदालत को बताए. इसके साथ ही उन्होंने इस केस की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद भी जताई थी.  CJI ने कहा था, ''हमें उम्मीद है कि हम अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी कर लेंगे. इसके लिए हम सभी को संयुक्त प्रयास करना होगा. इसके बाद जजमेंट लिखने के लिए जजों को चार हफ्तों का वक्त मिलेगा.'' सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ''अगर पक्षकार इस मामले को मध्यस्थता समेत अन्य तरीके से सैटल करना चाहते हैं तो कर सकते हैं. पक्षकार समझौता कर अदालत को बताएं.''
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पहले भी दे चुके हैं ऐसा ही बयान सुप्रीम कोर्ट में हो रही है हर रोज सुनवाई 18 अक्टूबर को फैसला आने की जताई उम्मीद
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार ने योग गुरु रामदेव द्वारा चलाए जाने वाले ट्रस्ट योग शिविरों के लिए कथित तौर पर सेवा कर के भुगतान के संबंध में पांच करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने कहा कि हरिद्वार के पतंजलि योग पीठ और दिव्य योग ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिविर वाणिज्यिक गतिविधि है, इसलिए राजस्व विभाग ने योग सीखने वाले व्यक्तियों से आयोजित शुल्क पर 5.14 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, केंद्रीय उत्पाद शुल्क जांच महानिदेशालय ने पिछले महीने के आखिर में कथित तौर पर 5.14 करोड़ रुपये का सेवा कर का नोटिस भेजा। 2007-08 से 2011-12 के बीच अवधि के सेवा कर न चुकाए जाने के संबंध में नोटिस भेजा गया।टिप्पणियां इधर, रामदेव के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने कहा कि ट्रस्ट और इसकी योग शिविर जैसी गतिविधियां सेवा कर के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा, ट्रस्ट की गतिवधियां सेवा कर के दायरे से मुक्त हैं, ताकि गरीबों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सके। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। वित्त मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक पिछले महीने ट्रस्ट द्वारा अर्ध व पूर्ण आवासीय योग शिविरों के आयोजन और सेवा कर न चुकाने के संबंध में उल्लेखनीय दस्तावेजी साक्ष्य हासिल करने के बाद नोटिस जारी किया गया। इन गतिविधियों को धर्मार्थ करार देते हुए ट्रस्ट ने छूट की मांग की थी। अधिकारी ने कहा, ट्रस्ट योग शिविरों में प्रतिभागियों से दान ले रहे थे। वे स्वामी शंकरदेव वानप्रस्थ आश्रम योजना के जरिए आवासीय योग शिविर भी आयोजित कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि हरिद्वार के पतंजलि योग पीठ और दिव्य योग ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिविर वाणिज्यिक गतिविधि है, इसलिए राजस्व विभाग ने योग सीखने वाले व्यक्तियों से आयोजित शुल्क पर 5.14 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, केंद्रीय उत्पाद शुल्क जांच महानिदेशालय ने पिछले महीने के आखिर में कथित तौर पर 5.14 करोड़ रुपये का सेवा कर का नोटिस भेजा। 2007-08 से 2011-12 के बीच अवधि के सेवा कर न चुकाए जाने के संबंध में नोटिस भेजा गया।टिप्पणियां इधर, रामदेव के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने कहा कि ट्रस्ट और इसकी योग शिविर जैसी गतिविधियां सेवा कर के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा, ट्रस्ट की गतिवधियां सेवा कर के दायरे से मुक्त हैं, ताकि गरीबों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सके। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। वित्त मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक पिछले महीने ट्रस्ट द्वारा अर्ध व पूर्ण आवासीय योग शिविरों के आयोजन और सेवा कर न चुकाने के संबंध में उल्लेखनीय दस्तावेजी साक्ष्य हासिल करने के बाद नोटिस जारी किया गया। इन गतिविधियों को धर्मार्थ करार देते हुए ट्रस्ट ने छूट की मांग की थी। अधिकारी ने कहा, ट्रस्ट योग शिविरों में प्रतिभागियों से दान ले रहे थे। वे स्वामी शंकरदेव वानप्रस्थ आश्रम योजना के जरिए आवासीय योग शिविर भी आयोजित कर रहे थे। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, केंद्रीय उत्पाद शुल्क जांच महानिदेशालय ने पिछले महीने के आखिर में कथित तौर पर 5.14 करोड़ रुपये का सेवा कर का नोटिस भेजा। 2007-08 से 2011-12 के बीच अवधि के सेवा कर न चुकाए जाने के संबंध में नोटिस भेजा गया।टिप्पणियां इधर, रामदेव के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने कहा कि ट्रस्ट और इसकी योग शिविर जैसी गतिविधियां सेवा कर के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा, ट्रस्ट की गतिवधियां सेवा कर के दायरे से मुक्त हैं, ताकि गरीबों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सके। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। वित्त मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक पिछले महीने ट्रस्ट द्वारा अर्ध व पूर्ण आवासीय योग शिविरों के आयोजन और सेवा कर न चुकाने के संबंध में उल्लेखनीय दस्तावेजी साक्ष्य हासिल करने के बाद नोटिस जारी किया गया। इन गतिविधियों को धर्मार्थ करार देते हुए ट्रस्ट ने छूट की मांग की थी। अधिकारी ने कहा, ट्रस्ट योग शिविरों में प्रतिभागियों से दान ले रहे थे। वे स्वामी शंकरदेव वानप्रस्थ आश्रम योजना के जरिए आवासीय योग शिविर भी आयोजित कर रहे थे। इधर, रामदेव के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने कहा कि ट्रस्ट और इसकी योग शिविर जैसी गतिविधियां सेवा कर के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा, ट्रस्ट की गतिवधियां सेवा कर के दायरे से मुक्त हैं, ताकि गरीबों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सके। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। वित्त मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक पिछले महीने ट्रस्ट द्वारा अर्ध व पूर्ण आवासीय योग शिविरों के आयोजन और सेवा कर न चुकाने के संबंध में उल्लेखनीय दस्तावेजी साक्ष्य हासिल करने के बाद नोटिस जारी किया गया। इन गतिविधियों को धर्मार्थ करार देते हुए ट्रस्ट ने छूट की मांग की थी। अधिकारी ने कहा, ट्रस्ट योग शिविरों में प्रतिभागियों से दान ले रहे थे। वे स्वामी शंकरदेव वानप्रस्थ आश्रम योजना के जरिए आवासीय योग शिविर भी आयोजित कर रहे थे। वित्त मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक पिछले महीने ट्रस्ट द्वारा अर्ध व पूर्ण आवासीय योग शिविरों के आयोजन और सेवा कर न चुकाने के संबंध में उल्लेखनीय दस्तावेजी साक्ष्य हासिल करने के बाद नोटिस जारी किया गया। इन गतिविधियों को धर्मार्थ करार देते हुए ट्रस्ट ने छूट की मांग की थी। अधिकारी ने कहा, ट्रस्ट योग शिविरों में प्रतिभागियों से दान ले रहे थे। वे स्वामी शंकरदेव वानप्रस्थ आश्रम योजना के जरिए आवासीय योग शिविर भी आयोजित कर रहे थे।
यहाँ एक सारांश है:सरकार ने योग गुरु रामदेव द्वारा चलाए जाने वाले ट्रस्ट योग शिविरों के लिए कथित तौर पर सेवा कर के भुगतान के संबंध में पांच करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस जारी किया है।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पंजाब पुलिस ने गुरुवार को कहा कि वह राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा ओलिंपियन मुक्केबाज विजेंदर के डोप परीक्षण को स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि इसकी कोई वैधता नहीं है। जीरकपुर ड्रग मामले में फंसे विजेंदर ने पंजाब पुलिस को नमूना देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बुधवार को नाडा अधिकारियों को प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण के लिए नमूना दिया था। फतेहपुर साहिब के एसएसपी एचएस मान ने कहा कि पुलिस नाडा परीक्षण की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं कर सकती क्योंकि ‘‘इसकी कोई वैधता नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जांच अधिकारी सीआरपीसी और आईपीसी के कानूनी प्रावधानों के तरह परीक्षण करवाएगा।’’ मान ने कहा कि इस मुक्केबाज का नमूना हासिल करने के लिए पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।टिप्पणियां इस मामले में विजेंदर की संभावित गिरफ्तारी के बारे में उन्होंने कहा कि इस समय वह कुछ नहीं कह सकते। मान ने कहा, ‘‘सब कुछ मामले की जांच और विभिन्न संदिग्धों की भूमिका पर निर्भर करता है।’’ इस बीच बुधवार को गिरफ्तार किए गए विजेंदर के साथी रामसिंह को आज सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पिछले महीने मोहाली के जीरकपुर में कनाडा में रहने वाले अनिवासी भारतीय अनूप सिंह कहलों के घर से 26 किग्रा हेरोइन मिलने के बाद वह 16वें आरोपी हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया। जीरकपुर ड्रग मामले में फंसे विजेंदर ने पंजाब पुलिस को नमूना देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बुधवार को नाडा अधिकारियों को प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण के लिए नमूना दिया था। फतेहपुर साहिब के एसएसपी एचएस मान ने कहा कि पुलिस नाडा परीक्षण की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं कर सकती क्योंकि ‘‘इसकी कोई वैधता नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जांच अधिकारी सीआरपीसी और आईपीसी के कानूनी प्रावधानों के तरह परीक्षण करवाएगा।’’ मान ने कहा कि इस मुक्केबाज का नमूना हासिल करने के लिए पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।टिप्पणियां इस मामले में विजेंदर की संभावित गिरफ्तारी के बारे में उन्होंने कहा कि इस समय वह कुछ नहीं कह सकते। मान ने कहा, ‘‘सब कुछ मामले की जांच और विभिन्न संदिग्धों की भूमिका पर निर्भर करता है।’’ इस बीच बुधवार को गिरफ्तार किए गए विजेंदर के साथी रामसिंह को आज सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पिछले महीने मोहाली के जीरकपुर में कनाडा में रहने वाले अनिवासी भारतीय अनूप सिंह कहलों के घर से 26 किग्रा हेरोइन मिलने के बाद वह 16वें आरोपी हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया। फतेहपुर साहिब के एसएसपी एचएस मान ने कहा कि पुलिस नाडा परीक्षण की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं कर सकती क्योंकि ‘‘इसकी कोई वैधता नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जांच अधिकारी सीआरपीसी और आईपीसी के कानूनी प्रावधानों के तरह परीक्षण करवाएगा।’’ मान ने कहा कि इस मुक्केबाज का नमूना हासिल करने के लिए पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।टिप्पणियां इस मामले में विजेंदर की संभावित गिरफ्तारी के बारे में उन्होंने कहा कि इस समय वह कुछ नहीं कह सकते। मान ने कहा, ‘‘सब कुछ मामले की जांच और विभिन्न संदिग्धों की भूमिका पर निर्भर करता है।’’ इस बीच बुधवार को गिरफ्तार किए गए विजेंदर के साथी रामसिंह को आज सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पिछले महीने मोहाली के जीरकपुर में कनाडा में रहने वाले अनिवासी भारतीय अनूप सिंह कहलों के घर से 26 किग्रा हेरोइन मिलने के बाद वह 16वें आरोपी हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘जांच अधिकारी सीआरपीसी और आईपीसी के कानूनी प्रावधानों के तरह परीक्षण करवाएगा।’’ मान ने कहा कि इस मुक्केबाज का नमूना हासिल करने के लिए पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।टिप्पणियां इस मामले में विजेंदर की संभावित गिरफ्तारी के बारे में उन्होंने कहा कि इस समय वह कुछ नहीं कह सकते। मान ने कहा, ‘‘सब कुछ मामले की जांच और विभिन्न संदिग्धों की भूमिका पर निर्भर करता है।’’ इस बीच बुधवार को गिरफ्तार किए गए विजेंदर के साथी रामसिंह को आज सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पिछले महीने मोहाली के जीरकपुर में कनाडा में रहने वाले अनिवासी भारतीय अनूप सिंह कहलों के घर से 26 किग्रा हेरोइन मिलने के बाद वह 16वें आरोपी हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया। इस मामले में विजेंदर की संभावित गिरफ्तारी के बारे में उन्होंने कहा कि इस समय वह कुछ नहीं कह सकते। मान ने कहा, ‘‘सब कुछ मामले की जांच और विभिन्न संदिग्धों की भूमिका पर निर्भर करता है।’’ इस बीच बुधवार को गिरफ्तार किए गए विजेंदर के साथी रामसिंह को आज सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पिछले महीने मोहाली के जीरकपुर में कनाडा में रहने वाले अनिवासी भारतीय अनूप सिंह कहलों के घर से 26 किग्रा हेरोइन मिलने के बाद वह 16वें आरोपी हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया। पिछले महीने मोहाली के जीरकपुर में कनाडा में रहने वाले अनिवासी भारतीय अनूप सिंह कहलों के घर से 26 किग्रा हेरोइन मिलने के बाद वह 16वें आरोपी हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया।
संक्षिप्त पाठ: पुलिस ने कहा कि वह नाडा द्वारा विजेंदर के डोप परीक्षण को स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि इसकी कोई वैधता नहीं है। जीरकपुर ड्रग मामले में फंसे विजेंदर ने पंजाब पुलिस को नमूना देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बुधवार को नाडा अधिकारियों को प्रतियोगिता से इतर डोप
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार ने सावन (Sawan) महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) को इस बार भव्य तरीके से आयोजित कराने का फैसला किया है. सावन की शुरुआत होते ही 17 जुलाई से कांवड़िए बम-बम भोले (Bam Bam bhole), हर-हर महादेव (Har Har Mahadev) के जयकारे लगाते हुए नजर आने लगेंगे. इस बार सरकार ने यात्रा मार्ग में शराब की बिक्री और बूचड़खानों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है. राज्य सरकार के मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाडेय ने कहा, "यात्रा के पहले जर्जर सड़कें और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी. कांवड़ मार्ग को साफ करने और श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाने के आदेश दिए गए हैं. डीजे पर प्रतिबंध नहीं लगेगा, लेकिन सिर्फ भजन बजने चाहिए, फिल्मी गानों की अनुमति नहीं है. यात्रा के दौरान थर्मोकोल और पॉलीथिन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के आदेश दिए गए हैं." पांडेय ने कहा, "कांवड़ यात्रा में आठ हजार जवानों को तैनात किया जाएगा. कांवड़ मार्ग पर हर पांच किलोमीटर के दायरे में यूपी-100 की पीसीआर खड़ी रहेगी. यूपी-100 का रेस्पांस टाइम पूरे प्रदेश में 23 मिनट से घटाकर 14 मिनट किया गया है. कांवड़ यात्रा में यह रेस्पांस टाइम घटाकर 10 मिनट किया जाएगा." उन्होंने कहा, "कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पुलिस कंट्रोल रूम को उत्तर प्रदेश के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, ताकि इन सभी राज्यों की पुलिस में समन्वय रहे. इसके अलावा विशेष तौर पर उत्तराखंड सरकार से भी विस्तार से चर्चा की गई है, क्योंकि लाखों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार और गोमुख जाते हैं." सरकार ने शिवभक्तों के लिए प्रदेशस्तर पर कांवड़ यात्रा मैनेजमेंट ऐप्‍प तैयार किया है. इस ऐप्‍प में शिवभक्तों के लिए शिविर, एंबुलेंस, पुलिस थाने से लेकर सभी प्रकार की सुविधाओं की जानकारी मौजूद रहेगी. इस ऐप्‍प की निगरानी प्रदेशस्तर पर बैठे उच्चाधिकारी करेंगे. पांडेय ने बताया कि शिव मंदिरों में स्वच्छता, उचित पेयजल, बिजली और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए भीड़ भरे स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. गौरतलब है कि कांवड़ में जल भरने का शुभ समय 18 जुलाई को द्वितीया तिथि के दौरान सुबह सुयरेदय से लेकर सूर्यास्त तक है. इस दौरान 18 जुलाई की रात से एनएच-58 पर भारी वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा. 23 जुलाई से हाईवे पर वन-वे व्यवस्था और 26 जुलाई से राजमार्ग को बंद करना प्रस्तावित है. रोडवेज और प्राइवेट बस अड्डे 19 जुलाई से शिफ्ट करने की योजना है. यह डायवर्जन 31 जुलाई की शाम तक प्रभावी रहेगा. कांवड़ियों की संख्या के आधार पर इसमें बदलाव भी किया जा सकता है. हिंदू धर्म में सावन महीना शिव भक्तों के लिए काफी अहम माना जाता है. इसी महीने में भक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं. शिव भक्त इस दौरान लाखों की संख्या में हरिद्वार और गंगोत्री सहित अनेक धामों की यात्रा करते हैं. सावन का महीना भगवान शिव का महीना होता है, इसलिए भक्तजन इस महीने में विशेष व्रत रखते हैं और शिव की पूजा-अर्चना करते हैं.
संक्षिप्त पाठ: यूपी में कांवड़ यात्रा के लिए विशेष इंतजमा किए गए हैं हेलिकॉप्‍टर और ड्रोन से यात्रा की निगरानी की जाएगी डीजे पर प्रतिबंध नहीं होगा, फिल्‍मी गाने नहीं बजेंगे
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में अगले सप्ताह निवेशकों की निगाह वाहन और सीमेंट कंपनियों के शेयरों पर टिकी रहेगी। शेयर बाजार बुधवार, दो अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर बंद रहेंगे। वाहन और सीमेंट कंपनियां मंगलवार, एक अक्टूबर 2013 से सितंबर माह में हुई बिक्री के आंकड़े जारी करनी शुरू करेंगी। निवेशक इन आंकड़ों से निवेश में निवेश की संभावना ढूंढेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक सोमवार, 30 सितंबर 2013 को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही के आखिर में देश के चालू खाता घाटा से संबंधित आंकड़े जारी करेगा। निवेशकों की निगाह अगले सप्ताह भी रुपये की चाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की चाल पर टिकी रहेगी। एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 13,228.40 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की और 5,922.50 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। 2013 में एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 73,398 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली कर ली, जबकि 2012 में एफआईआई ने कुल 1,28,359.80 करोड़ रुपये की लिवाली की थी। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार, 27 सितंबर को 62.34 पर पहुंच गया, जो 28 अगस्त, 2013 को 68.80 के स्तर पर था। इस साल बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावे आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां दूसरी और तीसरी तिमाही में अच्छा कारोबार कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। वाहन और सीमेंट कंपनियां मंगलवार, एक अक्टूबर 2013 से सितंबर माह में हुई बिक्री के आंकड़े जारी करनी शुरू करेंगी। निवेशक इन आंकड़ों से निवेश में निवेश की संभावना ढूंढेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक सोमवार, 30 सितंबर 2013 को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही के आखिर में देश के चालू खाता घाटा से संबंधित आंकड़े जारी करेगा। निवेशकों की निगाह अगले सप्ताह भी रुपये की चाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की चाल पर टिकी रहेगी। एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 13,228.40 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की और 5,922.50 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। 2013 में एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 73,398 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली कर ली, जबकि 2012 में एफआईआई ने कुल 1,28,359.80 करोड़ रुपये की लिवाली की थी। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार, 27 सितंबर को 62.34 पर पहुंच गया, जो 28 अगस्त, 2013 को 68.80 के स्तर पर था। इस साल बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावे आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां दूसरी और तीसरी तिमाही में अच्छा कारोबार कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक सोमवार, 30 सितंबर 2013 को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही के आखिर में देश के चालू खाता घाटा से संबंधित आंकड़े जारी करेगा। निवेशकों की निगाह अगले सप्ताह भी रुपये की चाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की चाल पर टिकी रहेगी। एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 13,228.40 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की और 5,922.50 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। 2013 में एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 73,398 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली कर ली, जबकि 2012 में एफआईआई ने कुल 1,28,359.80 करोड़ रुपये की लिवाली की थी। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार, 27 सितंबर को 62.34 पर पहुंच गया, जो 28 अगस्त, 2013 को 68.80 के स्तर पर था। इस साल बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावे आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां दूसरी और तीसरी तिमाही में अच्छा कारोबार कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। निवेशकों की निगाह अगले सप्ताह भी रुपये की चाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की चाल पर टिकी रहेगी। एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 13,228.40 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की और 5,922.50 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। 2013 में एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 73,398 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली कर ली, जबकि 2012 में एफआईआई ने कुल 1,28,359.80 करोड़ रुपये की लिवाली की थी। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार, 27 सितंबर को 62.34 पर पहुंच गया, जो 28 अगस्त, 2013 को 68.80 के स्तर पर था। इस साल बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावे आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां दूसरी और तीसरी तिमाही में अच्छा कारोबार कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 13,228.40 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की और 5,922.50 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। 2013 में एफआईआई ने 26 सितंबर तक कुल 73,398 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली कर ली, जबकि 2012 में एफआईआई ने कुल 1,28,359.80 करोड़ रुपये की लिवाली की थी। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार, 27 सितंबर को 62.34 पर पहुंच गया, जो 28 अगस्त, 2013 को 68.80 के स्तर पर था। इस साल बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावे आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां दूसरी और तीसरी तिमाही में अच्छा कारोबार कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार, 27 सितंबर को 62.34 पर पहुंच गया, जो 28 अगस्त, 2013 को 68.80 के स्तर पर था। इस साल बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावे आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां दूसरी और तीसरी तिमाही में अच्छा कारोबार कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। इस साल बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावे आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां दूसरी और तीसरी तिमाही में अच्छा कारोबार कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध हो सकती है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
देश के शेयर बाजारों में अगले सप्ताह निवेशकों की निगाह वाहन और सीमेंट कंपनियों के शेयरों पर टिकी रहेगी। शेयर बाजार बुधवार, दो अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर बंद रहेंगे।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री पी चिदंबम ने कहा है कि सरकार जून अंत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा, कोयला मूल्य और ऊर्जा संयंत्रों को इसके आवंटन जैसे पहलुओं की समीक्षा करेगी। चिदंबरम ने कहा कि पिछले साल सितंबर से सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों को तेज गति देने से संबंधित उपायों के अच्छे परिणाम दिखने लगे हैं और सरकार आने वाले दिनों में इस बाबत और कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की विकास की कहानी में लोगों का विश्वास बरकरार है। हालांकि वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि आर्थिक सुधार पर जारी पहल कोई वनडे मैच नहीं है, जहां हर गेंद पर आप छक्के लगने या विकेट गिरने की उम्मीद करें।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि फिच की इस बात से सहमत है कि और अधिक आर्थिक सुधारों की आवश्यकता है। सरकार बुनियादी मुद्दों को सुलझा रही है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में है, जो अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि रुपये की विनियम दर में गिरावट से घबराने की कोई बात नहीं। यह कुछ दिनों से हुए नुकसान को बराबर कर पुन: अपने स्तर पर आ पहुंच जाएगा। चिदंबरम ने कहा कि स्वर्ण आयात में भारी गिरावट आई है इसमें और कमी से मुझे खुशी होगी। हालांकि उन्होंने सोने पर आयात शुल्क में और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना से इनकार किया। चिदंबरम ने कहा कि पिछले साल सितंबर से सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों को तेज गति देने से संबंधित उपायों के अच्छे परिणाम दिखने लगे हैं और सरकार आने वाले दिनों में इस बाबत और कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की विकास की कहानी में लोगों का विश्वास बरकरार है। हालांकि वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि आर्थिक सुधार पर जारी पहल कोई वनडे मैच नहीं है, जहां हर गेंद पर आप छक्के लगने या विकेट गिरने की उम्मीद करें।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि फिच की इस बात से सहमत है कि और अधिक आर्थिक सुधारों की आवश्यकता है। सरकार बुनियादी मुद्दों को सुलझा रही है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में है, जो अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि रुपये की विनियम दर में गिरावट से घबराने की कोई बात नहीं। यह कुछ दिनों से हुए नुकसान को बराबर कर पुन: अपने स्तर पर आ पहुंच जाएगा। चिदंबरम ने कहा कि स्वर्ण आयात में भारी गिरावट आई है इसमें और कमी से मुझे खुशी होगी। हालांकि उन्होंने सोने पर आयात शुल्क में और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास की कहानी में लोगों का विश्वास बरकरार है। हालांकि वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि आर्थिक सुधार पर जारी पहल कोई वनडे मैच नहीं है, जहां हर गेंद पर आप छक्के लगने या विकेट गिरने की उम्मीद करें।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि फिच की इस बात से सहमत है कि और अधिक आर्थिक सुधारों की आवश्यकता है। सरकार बुनियादी मुद्दों को सुलझा रही है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में है, जो अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि रुपये की विनियम दर में गिरावट से घबराने की कोई बात नहीं। यह कुछ दिनों से हुए नुकसान को बराबर कर पुन: अपने स्तर पर आ पहुंच जाएगा। चिदंबरम ने कहा कि स्वर्ण आयात में भारी गिरावट आई है इसमें और कमी से मुझे खुशी होगी। हालांकि उन्होंने सोने पर आयात शुल्क में और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि फिच की इस बात से सहमत है कि और अधिक आर्थिक सुधारों की आवश्यकता है। सरकार बुनियादी मुद्दों को सुलझा रही है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में है, जो अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि रुपये की विनियम दर में गिरावट से घबराने की कोई बात नहीं। यह कुछ दिनों से हुए नुकसान को बराबर कर पुन: अपने स्तर पर आ पहुंच जाएगा। चिदंबरम ने कहा कि स्वर्ण आयात में भारी गिरावट आई है इसमें और कमी से मुझे खुशी होगी। हालांकि उन्होंने सोने पर आयात शुल्क में और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना से इनकार किया। वित्तमंत्री ने कहा कि रुपये की विनियम दर में गिरावट से घबराने की कोई बात नहीं। यह कुछ दिनों से हुए नुकसान को बराबर कर पुन: अपने स्तर पर आ पहुंच जाएगा। चिदंबरम ने कहा कि स्वर्ण आयात में भारी गिरावट आई है इसमें और कमी से मुझे खुशी होगी। हालांकि उन्होंने सोने पर आयात शुल्क में और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना से इनकार किया।
संक्षिप्त सारांश: चिदंबरम ने कहा कि पिछले साल सितंबर से सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों को तेज गति देने से संबंधित उपायों के अच्छे परिणाम दिखने लगे हैं और सरकार आने वाले दिनों में इस बाबत और कदम उठाने जा रही है।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार किंगफिशर एयरलाइन्स को सीधे तौर पर विमान ईंधन (एटीएफ) का आयात करने की योजना को मंजूरी देने पर विचार कर रही है लेकिन तेल कंपनियों ने इस पहल की यह कहते हुए आलोचना की है कि ज्यादा कर और परिचालन लागत के मद्देनजर इस संकटग्रस्त कंपनी के लिए आर्थिक रूप से गलत फैसला है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि किंगफिशर के सीधे जेट ईंधन आयात के लिए किए गए आवेदन पर दिए जवाब में तेल कंपनियों ने कहा कि भारत में जेट ईंधन का उत्पादन जरूरत से अधिक है और सालाना उत्पाद के आधे हिस्से का निर्यात किया जाता है। तेल कंपनियों ने कहा कि सीधे तौर पर जेट ईंधन के आयात से इस ईंधन का एक साथ आयात-निर्यात होगा और देश के बंदरगाहों पर बेवजह का बोझ पड़ेगा। समझा जाता है कि किंगफिशर सीधे तौर पर जेट ईंधन का आयात कर बिक्री कर की बचत कर सकेगा। उल्लेखनीय है राज्यों में बिक्री कर चार से 30 फीसद लगता है। तेल कंपनियों ने हालांकि कहा कि किंगफिशर को आयातित जेट ईंधन पर 12.83 फीसद शुल्क का भुगतान करना होगा। जबकि किंगफिशर फिलहाल तेल कंपनियों से जेट ईंधन की खरीद पर सिफ 8.24 फीसद का उत्पाद शुल्क देती है।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि सरकारी तेल उपक्रमों ने यह साफ कर दिया कि उनके पास भारत में किसी भी बंदरगाह पर अतिरिक्त बुनियादी ढांचा नहीं है जिसका उपयोग किंगफिशर अपने जेट ईंधन के आयात के लिए कर सकती है। इसके अलावा कंपनी को जेट ईंधन के लिए या तो भंडारण के लिए अपना टैंक बनाना होगा या फिर तेल कंपनियों से किराए पर लेना होगा। इसके बाद हवाईअड्डों तक जेट ईंधन लाने के लिए ट्रकों की व्यवस्था करनी होगी। इतनी कवायद के बाद भी किंगफिशर सिर्फ तीन हवाईअड्डों - दिल्ली हैदराबाद और बेंगलूर - पर ईंधन मुहैया करा सकेगी। बाकी हवाईअड्डों पर तेल कंपनियो का एकाधिकार है और इसके लिए विमानन कंपनियों को बातचीत करने और तेल कंपनियों से विशेष समझौते करने की जरूरत होगी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि किंगफिशर के सीधे जेट ईंधन आयात के लिए किए गए आवेदन पर दिए जवाब में तेल कंपनियों ने कहा कि भारत में जेट ईंधन का उत्पादन जरूरत से अधिक है और सालाना उत्पाद के आधे हिस्से का निर्यात किया जाता है। तेल कंपनियों ने कहा कि सीधे तौर पर जेट ईंधन के आयात से इस ईंधन का एक साथ आयात-निर्यात होगा और देश के बंदरगाहों पर बेवजह का बोझ पड़ेगा। समझा जाता है कि किंगफिशर सीधे तौर पर जेट ईंधन का आयात कर बिक्री कर की बचत कर सकेगा। उल्लेखनीय है राज्यों में बिक्री कर चार से 30 फीसद लगता है। तेल कंपनियों ने हालांकि कहा कि किंगफिशर को आयातित जेट ईंधन पर 12.83 फीसद शुल्क का भुगतान करना होगा। जबकि किंगफिशर फिलहाल तेल कंपनियों से जेट ईंधन की खरीद पर सिफ 8.24 फीसद का उत्पाद शुल्क देती है।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि सरकारी तेल उपक्रमों ने यह साफ कर दिया कि उनके पास भारत में किसी भी बंदरगाह पर अतिरिक्त बुनियादी ढांचा नहीं है जिसका उपयोग किंगफिशर अपने जेट ईंधन के आयात के लिए कर सकती है। इसके अलावा कंपनी को जेट ईंधन के लिए या तो भंडारण के लिए अपना टैंक बनाना होगा या फिर तेल कंपनियों से किराए पर लेना होगा। इसके बाद हवाईअड्डों तक जेट ईंधन लाने के लिए ट्रकों की व्यवस्था करनी होगी। इतनी कवायद के बाद भी किंगफिशर सिर्फ तीन हवाईअड्डों - दिल्ली हैदराबाद और बेंगलूर - पर ईंधन मुहैया करा सकेगी। बाकी हवाईअड्डों पर तेल कंपनियो का एकाधिकार है और इसके लिए विमानन कंपनियों को बातचीत करने और तेल कंपनियों से विशेष समझौते करने की जरूरत होगी। तेल कंपनियों ने कहा कि सीधे तौर पर जेट ईंधन के आयात से इस ईंधन का एक साथ आयात-निर्यात होगा और देश के बंदरगाहों पर बेवजह का बोझ पड़ेगा। समझा जाता है कि किंगफिशर सीधे तौर पर जेट ईंधन का आयात कर बिक्री कर की बचत कर सकेगा। उल्लेखनीय है राज्यों में बिक्री कर चार से 30 फीसद लगता है। तेल कंपनियों ने हालांकि कहा कि किंगफिशर को आयातित जेट ईंधन पर 12.83 फीसद शुल्क का भुगतान करना होगा। जबकि किंगफिशर फिलहाल तेल कंपनियों से जेट ईंधन की खरीद पर सिफ 8.24 फीसद का उत्पाद शुल्क देती है।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि सरकारी तेल उपक्रमों ने यह साफ कर दिया कि उनके पास भारत में किसी भी बंदरगाह पर अतिरिक्त बुनियादी ढांचा नहीं है जिसका उपयोग किंगफिशर अपने जेट ईंधन के आयात के लिए कर सकती है। इसके अलावा कंपनी को जेट ईंधन के लिए या तो भंडारण के लिए अपना टैंक बनाना होगा या फिर तेल कंपनियों से किराए पर लेना होगा। इसके बाद हवाईअड्डों तक जेट ईंधन लाने के लिए ट्रकों की व्यवस्था करनी होगी। इतनी कवायद के बाद भी किंगफिशर सिर्फ तीन हवाईअड्डों - दिल्ली हैदराबाद और बेंगलूर - पर ईंधन मुहैया करा सकेगी। बाकी हवाईअड्डों पर तेल कंपनियो का एकाधिकार है और इसके लिए विमानन कंपनियों को बातचीत करने और तेल कंपनियों से विशेष समझौते करने की जरूरत होगी। समझा जाता है कि किंगफिशर सीधे तौर पर जेट ईंधन का आयात कर बिक्री कर की बचत कर सकेगा। उल्लेखनीय है राज्यों में बिक्री कर चार से 30 फीसद लगता है। तेल कंपनियों ने हालांकि कहा कि किंगफिशर को आयातित जेट ईंधन पर 12.83 फीसद शुल्क का भुगतान करना होगा। जबकि किंगफिशर फिलहाल तेल कंपनियों से जेट ईंधन की खरीद पर सिफ 8.24 फीसद का उत्पाद शुल्क देती है।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि सरकारी तेल उपक्रमों ने यह साफ कर दिया कि उनके पास भारत में किसी भी बंदरगाह पर अतिरिक्त बुनियादी ढांचा नहीं है जिसका उपयोग किंगफिशर अपने जेट ईंधन के आयात के लिए कर सकती है। इसके अलावा कंपनी को जेट ईंधन के लिए या तो भंडारण के लिए अपना टैंक बनाना होगा या फिर तेल कंपनियों से किराए पर लेना होगा। इसके बाद हवाईअड्डों तक जेट ईंधन लाने के लिए ट्रकों की व्यवस्था करनी होगी। इतनी कवायद के बाद भी किंगफिशर सिर्फ तीन हवाईअड्डों - दिल्ली हैदराबाद और बेंगलूर - पर ईंधन मुहैया करा सकेगी। बाकी हवाईअड्डों पर तेल कंपनियो का एकाधिकार है और इसके लिए विमानन कंपनियों को बातचीत करने और तेल कंपनियों से विशेष समझौते करने की जरूरत होगी। तेल कंपनियों ने हालांकि कहा कि किंगफिशर को आयातित जेट ईंधन पर 12.83 फीसद शुल्क का भुगतान करना होगा। जबकि किंगफिशर फिलहाल तेल कंपनियों से जेट ईंधन की खरीद पर सिफ 8.24 फीसद का उत्पाद शुल्क देती है।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि सरकारी तेल उपक्रमों ने यह साफ कर दिया कि उनके पास भारत में किसी भी बंदरगाह पर अतिरिक्त बुनियादी ढांचा नहीं है जिसका उपयोग किंगफिशर अपने जेट ईंधन के आयात के लिए कर सकती है। इसके अलावा कंपनी को जेट ईंधन के लिए या तो भंडारण के लिए अपना टैंक बनाना होगा या फिर तेल कंपनियों से किराए पर लेना होगा। इसके बाद हवाईअड्डों तक जेट ईंधन लाने के लिए ट्रकों की व्यवस्था करनी होगी। इतनी कवायद के बाद भी किंगफिशर सिर्फ तीन हवाईअड्डों - दिल्ली हैदराबाद और बेंगलूर - पर ईंधन मुहैया करा सकेगी। बाकी हवाईअड्डों पर तेल कंपनियो का एकाधिकार है और इसके लिए विमानन कंपनियों को बातचीत करने और तेल कंपनियों से विशेष समझौते करने की जरूरत होगी। सूत्रों ने कहा कि सरकारी तेल उपक्रमों ने यह साफ कर दिया कि उनके पास भारत में किसी भी बंदरगाह पर अतिरिक्त बुनियादी ढांचा नहीं है जिसका उपयोग किंगफिशर अपने जेट ईंधन के आयात के लिए कर सकती है। इसके अलावा कंपनी को जेट ईंधन के लिए या तो भंडारण के लिए अपना टैंक बनाना होगा या फिर तेल कंपनियों से किराए पर लेना होगा। इसके बाद हवाईअड्डों तक जेट ईंधन लाने के लिए ट्रकों की व्यवस्था करनी होगी। इतनी कवायद के बाद भी किंगफिशर सिर्फ तीन हवाईअड्डों - दिल्ली हैदराबाद और बेंगलूर - पर ईंधन मुहैया करा सकेगी। बाकी हवाईअड्डों पर तेल कंपनियो का एकाधिकार है और इसके लिए विमानन कंपनियों को बातचीत करने और तेल कंपनियों से विशेष समझौते करने की जरूरत होगी। इतनी कवायद के बाद भी किंगफिशर सिर्फ तीन हवाईअड्डों - दिल्ली हैदराबाद और बेंगलूर - पर ईंधन मुहैया करा सकेगी। बाकी हवाईअड्डों पर तेल कंपनियो का एकाधिकार है और इसके लिए विमानन कंपनियों को बातचीत करने और तेल कंपनियों से विशेष समझौते करने की जरूरत होगी।
यहाँ एक सारांश है:सरकार किंगफिशर एयरलाइन्स को सीधे तौर पर विमान ईंधन का आयात करने की योजना को मंजूरी देने पर विचार कर रही है लेकिन तेल कंपनियों ने इस पहल की यह कहते हुए आलोचना की।
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['hin']