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एक सारांश बनाओ: सेना द्वारा किए गए लक्षित हमले को आतंकवादियों के खिलाफ 'पूर्व नियोजित कार्रवाई' बताते हुए केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन के दौरान किसी सीमा का उल्लंघन नहीं हुआ है क्योंकि पीओके भारत का ही हिस्सा है. उन्होंने कहा कि लक्षित हमला सैन्य कार्रवाई नहीं है बल्कि आतंकवाद निरोधक कार्रवाई है और आतंकवाद निरोधक अभियान में एलओसी हमारे लिए कोई बाधा नहीं होगी. उन्होंने कहा कि भारत इस तरह की आक्रामक कार्रवाई 'नहीं चाहता' और काफी धैर्य से काम करता है लेकिन अपने नागरिकों की रक्षा के लिए कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा, "अगर आप बाध्य करेंगे तो हम कार्रवाई करेंगे. अपने देश की रक्षा के लिए हम एक साथ खड़े होंगे और पूर्व नियोजित कार्रवाई करेंगे. पाक अधिकृत कश्मीर भारत का ही हिस्सा है. इसलिए हमने किसी सीमा का उल्लंघन नहीं किया है." एलओसी पर सेना की कार्रवाई के बार में सूचना और प्रसारण राजयमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोस्ती का माहौल बनाने का प्रयास किया 'लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए.' उन्होंने कहा, "अगर हमारे नागरिकों को धमकी दी जाती है तो हम हमला करेंगे." उन्होंने कहा कि यह आतंकवादी विरोधी अभियान था. राठौड़ ने कहा, "आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने वाले थे, भय का माहौल बनाने वाले थे और निर्दोषों की हत्या करने वाले थे. इसलिए यह पूर्व नियोजित कार्रवाई है जिन्हें नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम शिविरों पर अंजाम दिया गया." सेवानिवृत्त कर्नल राठौड़ ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये आतंकवादी उनके देश सहित पूरी मानवता के लिए खतरा हैं. राठौड़ ने कहा, "वे इसे सरकार से इतर तत्व मानते हैं इसलिए अगर वे इस तरह के हमले नहीं रोक सकते तो भारत खुद की रक्षा करेगा. मेरा मानना है कि यह समझना काफी महत्वपूर्ण है कि यह पूरे धैर्य से की गई कार्रवाई है."टिप्पणियां अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि लगता है कि आतंकवादियों के इकट्ठा होने की गोपनीय सूचना थी जिसके बाद सेना ने देश की रक्षा के लिए कार्रवाई की. उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को महसूस होगा कि आतंकवादी उनके लिए भी खतरा हैं और वे उन पर अंकुश लगाएंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि भारत इस तरह की आक्रामक कार्रवाई 'नहीं चाहता' और काफी धैर्य से काम करता है लेकिन अपने नागरिकों की रक्षा के लिए कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा, "अगर आप बाध्य करेंगे तो हम कार्रवाई करेंगे. अपने देश की रक्षा के लिए हम एक साथ खड़े होंगे और पूर्व नियोजित कार्रवाई करेंगे. पाक अधिकृत कश्मीर भारत का ही हिस्सा है. इसलिए हमने किसी सीमा का उल्लंघन नहीं किया है." एलओसी पर सेना की कार्रवाई के बार में सूचना और प्रसारण राजयमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोस्ती का माहौल बनाने का प्रयास किया 'लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए.' उन्होंने कहा, "अगर हमारे नागरिकों को धमकी दी जाती है तो हम हमला करेंगे." उन्होंने कहा कि यह आतंकवादी विरोधी अभियान था. राठौड़ ने कहा, "आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने वाले थे, भय का माहौल बनाने वाले थे और निर्दोषों की हत्या करने वाले थे. इसलिए यह पूर्व नियोजित कार्रवाई है जिन्हें नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम शिविरों पर अंजाम दिया गया." सेवानिवृत्त कर्नल राठौड़ ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये आतंकवादी उनके देश सहित पूरी मानवता के लिए खतरा हैं. राठौड़ ने कहा, "वे इसे सरकार से इतर तत्व मानते हैं इसलिए अगर वे इस तरह के हमले नहीं रोक सकते तो भारत खुद की रक्षा करेगा. मेरा मानना है कि यह समझना काफी महत्वपूर्ण है कि यह पूरे धैर्य से की गई कार्रवाई है."टिप्पणियां अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि लगता है कि आतंकवादियों के इकट्ठा होने की गोपनीय सूचना थी जिसके बाद सेना ने देश की रक्षा के लिए कार्रवाई की. उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को महसूस होगा कि आतंकवादी उनके लिए भी खतरा हैं और वे उन पर अंकुश लगाएंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एलओसी पर सेना की कार्रवाई के बार में सूचना और प्रसारण राजयमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोस्ती का माहौल बनाने का प्रयास किया 'लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए.' उन्होंने कहा, "अगर हमारे नागरिकों को धमकी दी जाती है तो हम हमला करेंगे." उन्होंने कहा कि यह आतंकवादी विरोधी अभियान था. राठौड़ ने कहा, "आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने वाले थे, भय का माहौल बनाने वाले थे और निर्दोषों की हत्या करने वाले थे. इसलिए यह पूर्व नियोजित कार्रवाई है जिन्हें नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम शिविरों पर अंजाम दिया गया." सेवानिवृत्त कर्नल राठौड़ ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये आतंकवादी उनके देश सहित पूरी मानवता के लिए खतरा हैं. राठौड़ ने कहा, "वे इसे सरकार से इतर तत्व मानते हैं इसलिए अगर वे इस तरह के हमले नहीं रोक सकते तो भारत खुद की रक्षा करेगा. मेरा मानना है कि यह समझना काफी महत्वपूर्ण है कि यह पूरे धैर्य से की गई कार्रवाई है."टिप्पणियां अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि लगता है कि आतंकवादियों के इकट्ठा होने की गोपनीय सूचना थी जिसके बाद सेना ने देश की रक्षा के लिए कार्रवाई की. उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को महसूस होगा कि आतंकवादी उनके लिए भी खतरा हैं और वे उन पर अंकुश लगाएंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "अगर हमारे नागरिकों को धमकी दी जाती है तो हम हमला करेंगे." उन्होंने कहा कि यह आतंकवादी विरोधी अभियान था. राठौड़ ने कहा, "आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने वाले थे, भय का माहौल बनाने वाले थे और निर्दोषों की हत्या करने वाले थे. इसलिए यह पूर्व नियोजित कार्रवाई है जिन्हें नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम शिविरों पर अंजाम दिया गया." सेवानिवृत्त कर्नल राठौड़ ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये आतंकवादी उनके देश सहित पूरी मानवता के लिए खतरा हैं. राठौड़ ने कहा, "वे इसे सरकार से इतर तत्व मानते हैं इसलिए अगर वे इस तरह के हमले नहीं रोक सकते तो भारत खुद की रक्षा करेगा. मेरा मानना है कि यह समझना काफी महत्वपूर्ण है कि यह पूरे धैर्य से की गई कार्रवाई है."टिप्पणियां अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि लगता है कि आतंकवादियों के इकट्ठा होने की गोपनीय सूचना थी जिसके बाद सेना ने देश की रक्षा के लिए कार्रवाई की. उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को महसूस होगा कि आतंकवादी उनके लिए भी खतरा हैं और वे उन पर अंकुश लगाएंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सेवानिवृत्त कर्नल राठौड़ ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये आतंकवादी उनके देश सहित पूरी मानवता के लिए खतरा हैं. राठौड़ ने कहा, "वे इसे सरकार से इतर तत्व मानते हैं इसलिए अगर वे इस तरह के हमले नहीं रोक सकते तो भारत खुद की रक्षा करेगा. मेरा मानना है कि यह समझना काफी महत्वपूर्ण है कि यह पूरे धैर्य से की गई कार्रवाई है."टिप्पणियां अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि लगता है कि आतंकवादियों के इकट्ठा होने की गोपनीय सूचना थी जिसके बाद सेना ने देश की रक्षा के लिए कार्रवाई की. उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को महसूस होगा कि आतंकवादी उनके लिए भी खतरा हैं और वे उन पर अंकुश लगाएंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि लगता है कि आतंकवादियों के इकट्ठा होने की गोपनीय सूचना थी जिसके बाद सेना ने देश की रक्षा के लिए कार्रवाई की. उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को महसूस होगा कि आतंकवादी उनके लिए भी खतरा हैं और वे उन पर अंकुश लगाएंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीओके पर सेना की कार्रवाई को 'पूर्व नियोजित कार्रवाई' बताते बताया कहा कि लक्षित हमला सैन्य कार्रवाई नहीं है बल्कि आतंकवाद निरोधक कार्रवाई आतंकवाद निरोधक अभियान में एलओसी हमारे लिए कोई बाधा नहीं होगी
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री करीना कपूर ने इस खबर को बकवास करार दिया, जिसमें कहा गया है वह और उनके प्रेमी सैफ अली खान 10 फरवरी को औपचारिक रूप से मंगनी की रस्म पूरी करने की योजना बना रहे हैं। खबर को सीधे तौर पर खारिज करते हुए बेबो ने कहा, "यह पूरी तरह झूठी है, ऐसी कोई योजना नहीं है।"टिप्पणियां करीना अपनी आने वाली फिल्म 'एक मैं और एक तू' के प्रचार के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी में थीं। यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। साथी कलाकार इमरान खान तथा निर्देशक शकुन बत्रा भी उनके साथ थे। दरअसल, जब से अभिनेता रितेश देशमुख और अभिनेत्री जिनेलिया डिसूजा परिणय-सूत्र में बंधे हैं, करीना से उनके विवाह की योजना के बारे में तरह-तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। सवाल से कतराती हुईं करीना ने कहा, "अभी तक कोई योजना नहीं है। हमारा ध्यान सिर्फ रिलीज होने वाली अगली फिल्म 'एजेंट विनोद' पर है। यह फिल्म मार्च में रिलीज होगी।" वहीं हाजिर जवाब और मजाकिया माने जाने वाले इमरान ने जवाब दिया, "(करीना और सैफ) 'एजेंट विनोद' के रिलीज होने के एक हफ्ता बाद एक अप्रैल यानी मूर्ख दिवस पर शादी रचाएंगे।" उन्होंने करीना की ओर देखा और कहा, "आप जवाब मुझसे ले सकते हैं, यह जरूर सुर्खियां बनेगा।" करीना अपनी आने वाली फिल्म 'एक मैं और एक तू' के प्रचार के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी में थीं। यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। साथी कलाकार इमरान खान तथा निर्देशक शकुन बत्रा भी उनके साथ थे। दरअसल, जब से अभिनेता रितेश देशमुख और अभिनेत्री जिनेलिया डिसूजा परिणय-सूत्र में बंधे हैं, करीना से उनके विवाह की योजना के बारे में तरह-तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। सवाल से कतराती हुईं करीना ने कहा, "अभी तक कोई योजना नहीं है। हमारा ध्यान सिर्फ रिलीज होने वाली अगली फिल्म 'एजेंट विनोद' पर है। यह फिल्म मार्च में रिलीज होगी।" वहीं हाजिर जवाब और मजाकिया माने जाने वाले इमरान ने जवाब दिया, "(करीना और सैफ) 'एजेंट विनोद' के रिलीज होने के एक हफ्ता बाद एक अप्रैल यानी मूर्ख दिवस पर शादी रचाएंगे।" उन्होंने करीना की ओर देखा और कहा, "आप जवाब मुझसे ले सकते हैं, यह जरूर सुर्खियां बनेगा।" सवाल से कतराती हुईं करीना ने कहा, "अभी तक कोई योजना नहीं है। हमारा ध्यान सिर्फ रिलीज होने वाली अगली फिल्म 'एजेंट विनोद' पर है। यह फिल्म मार्च में रिलीज होगी।" वहीं हाजिर जवाब और मजाकिया माने जाने वाले इमरान ने जवाब दिया, "(करीना और सैफ) 'एजेंट विनोद' के रिलीज होने के एक हफ्ता बाद एक अप्रैल यानी मूर्ख दिवस पर शादी रचाएंगे।" उन्होंने करीना की ओर देखा और कहा, "आप जवाब मुझसे ले सकते हैं, यह जरूर सुर्खियां बनेगा।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: करीना कपूर ने उस खबर को बकवास करार दिया, जिसमें कहा गया है वह और सैफ अली खान 10 फरवरी को मंगनी की रस्म पूरी करने की योजना बना रहे हैं।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर अपना रुख और कड़ा करते हुए सरकार से मांग की कि उनके जन लोकपाल विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में ही 30 अगस्त तक पारित किया जाए अन्यथा वह अपना अनशन जारी रखेंगे। तिहाड़ जेल में अपने 67 घंटे के अनशन के बाद रामलीला मैदान पहुंचे हजारे ने कहा, जब तक जन लोकपाल विधेयक पारित नहीं होगा मेरा अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार संसद और स्थायी समिति में बहुमत में है और हम चाहते हैं कि सरकार संसद के इसी सत्र में हमारे जन लोकपाल विधेयक को पेश करे और 30 अगस्त तक उसे पारित कराए। अन्ना ने कहा कि सरकार सोचती है कि मैं हठी हूं लेकिन मैं जनता की संसद में हूं और मैं कुछ भी गलत मांग नहीं कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि लोकपाल को लेकर लड़ाई पिछले 42 साल से जारी है। कई बार यह विधेयक संसद में पेश हुआ लेकिन पारित नहीं हुआ। उन्होंने कहा, नेता हमसे कहते हैं कि वे चुनकर आए हैं। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि वे चुनकर नहीं आए बल्कि हमने उन्हें चुनकर भेजा है। हजारे के साथी अरविंद केजरीवाल ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार संसद और स्थाई समिति को ढाल बना रही है और जनता की आवाज नहीं सुन रही है। हम लोकपाल के बुनियादी मुद्दों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने हजारे पक्ष के सदस्यों के बीच कोई मतभेद होने की बात खारिज करते हुए कहा कि कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने कुछ मुद्दों पर समझौते की संभावना की जो बात कही थी वह उनका निजी नजरिया था। हजारे पक्ष एकजुट है और अपने रुख को लेकर स्पष्ट है।
संक्षिप्त पाठ: अन्ना ने सरकार से मांग की कि उनके जन लोकपाल विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में ही 30 अगस्त तक पारित किया जाए...।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व दिग्गज टेनिस खिलाड़ी जॉन मैकेनरो और मौजूदा महिला टेनिस दिग्गज अमेरिका की सेरेना विलियम्स के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस विवाद को और तूल देते हुए मैकेनरो ने महिला और पुरुष खिलाड़ियों के बीच टेनिस मैच का प्रस्ताव रखा है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सात बार के ग्रैंड स्लैम विजेता मैकेनरो ने कहा, "सेरेना बेशक महिलाओं में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हों, लेकिन पुरुषों के सामने वह दोयम दर्जे की साबित होंगी." इससे पहले उन्‍होंने कहा था कि अगर सेरेना पुरुष वर्ग में टेनिस खेलती हैं तो वह 700वें स्थान पर रहेंगी. जिसके जवाब में सेरेना ने ट्वीट करते हुए मैकेनरो से कहा था कि वह उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें. इसके बाद अब मैकेनरो और आगे बढ़ गए हैं. उन्होंने कहा है, "मेरे पास इस विवाद का निराकरण है. महिला और पुरुष दोनों साथ खेल सकते हैं. इसके बाद हमें कुछ सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मैं निश्चित हूं कि पुरुष इसमें आगे निकलेंगे." पुरुष वर्ग में 701वीं विश्व वरीयता प्राप्त रुस के दिमित्रि तुर्सुनोव ने मंगलवार को कहा था कि वह सेरेना को आसानी से हरा सकते हैं. उन्होंने कहा था, "मैं उम्मीद करता हूं कि मैं सेरेना के खिलाफ जीत सकता हूं." उन्होंने मैकेनरो की टिप्पणी के बारे में कहा था, "मैं नहीं मानता कि जॉन महिला टेनिस को कमतर आंकते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि पुरुष आमतौर पर महिलाओं से ज्यादा मजबूत होते हैं." टिप्पणियां सेरेना ने ट्विटर पर जॉन को जवाब देते हुए लिखा था, "जॉन, मैं आपका सम्मान करती हूं, लेकिन मुझे अपनी टिप्पणियों से दूर रखें, जो तथ्यों पर आधारित न हों." सेरेना ने कहा, "मैंने किसी भी खिलाड़ी की रैंक के साथ कोई मजाक नहीं किया और न ही मेरे पास इसके लिए समय है. मैं गर्भवती हूं. कृपया, मेरा व मेरी निजता का सम्मान करें."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके बाद अब मैकेनरो और आगे बढ़ गए हैं. उन्होंने कहा है, "मेरे पास इस विवाद का निराकरण है. महिला और पुरुष दोनों साथ खेल सकते हैं. इसके बाद हमें कुछ सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मैं निश्चित हूं कि पुरुष इसमें आगे निकलेंगे." पुरुष वर्ग में 701वीं विश्व वरीयता प्राप्त रुस के दिमित्रि तुर्सुनोव ने मंगलवार को कहा था कि वह सेरेना को आसानी से हरा सकते हैं. उन्होंने कहा था, "मैं उम्मीद करता हूं कि मैं सेरेना के खिलाफ जीत सकता हूं." उन्होंने मैकेनरो की टिप्पणी के बारे में कहा था, "मैं नहीं मानता कि जॉन महिला टेनिस को कमतर आंकते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि पुरुष आमतौर पर महिलाओं से ज्यादा मजबूत होते हैं." टिप्पणियां सेरेना ने ट्विटर पर जॉन को जवाब देते हुए लिखा था, "जॉन, मैं आपका सम्मान करती हूं, लेकिन मुझे अपनी टिप्पणियों से दूर रखें, जो तथ्यों पर आधारित न हों." सेरेना ने कहा, "मैंने किसी भी खिलाड़ी की रैंक के साथ कोई मजाक नहीं किया और न ही मेरे पास इसके लिए समय है. मैं गर्भवती हूं. कृपया, मेरा व मेरी निजता का सम्मान करें."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सेरेना ने ट्विटर पर जॉन को जवाब देते हुए लिखा था, "जॉन, मैं आपका सम्मान करती हूं, लेकिन मुझे अपनी टिप्पणियों से दूर रखें, जो तथ्यों पर आधारित न हों." सेरेना ने कहा, "मैंने किसी भी खिलाड़ी की रैंक के साथ कोई मजाक नहीं किया और न ही मेरे पास इसके लिए समय है. मैं गर्भवती हूं. कृपया, मेरा व मेरी निजता का सम्मान करें."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:महिला-पुरुष खिलाड़ि‍यों के बीच मैच का प्रस्‍ताव रखा मैकेनरो बोले-मुझे यकीन है पुरुष इसमें आगे निकलेंगे कहा था, सेरेना पुरुष वर्ग में खेलतीं तो 700 वें नंबर पर होती
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पत्रकार निरूपमा पाठक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले में कोडरमा की एक स्थानीय अदालत ने रविवार को निरूपमा के पिता, भाई और प्रेमी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एन के अग्रवाल ने यह वारंट तब जारी किया है जब चार दिन पहले पुलिस ने अदालत के समक्ष कहा था कि यह आत्महत्या का मामला है और इसके लिए पीड़िता के पिता, भाई और प्रेमी ने उसे उकसाया था। एक मार्च को अदालत के सामने सौंपी गई अपनी जांच रिपोर्ट में पुलिस ने निरूपमा के पिता धमेंद्र पाठक, मां सुधा पाठक, भाई समरेंद्र और प्रेमी प्रियभांशु रंजन के खिलाफ धारा 306:आत्महत्या के लिए उकसाने: के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की थी। गौरतलब है कि निरूपमा की मां सुधा पाठक को हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल जमानत पर हैं। प्रियभांशु रंजन ने निरूपमा के परिवार वालों को उसकी हत्या का दोषी ठहराया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: निरूपमा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले में अदालत ने निरूपमा के पिता, भाई और प्रेमी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब जीतने वाली टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के सह मलिक और पश्चिम बंगाल के ब्रांड एम्बेसडर बालीवुड स्टार शाहरूख खान ने कहा है राज्य सरकार के उनकी टीम का स्वागत करने में ‘‘कुछ गलत’’ नहीं है। गौरतलब है कि आईपीएल की नयी चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स का कल यहां खचाखच भरे ईडन गार्डन मैदान पर राज्य सरकार ने भव्य स्वागत किया। स्टेडियम में प्रवेश मुफ्त रखा गया था और अनधिकृत आंकड़ों के मुताबिक इस भव्य समारोह को देखने के लिए लगभग एक लाख लोग पहुंचे थे।टिप्पणियां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से राइटर्स बिल्डिंग के बीच की लगभग पांच किमी की दूरी के बीच हजारों लोग टीम के खिलाड़ियों की झलक पाने के लिए खड़े थे। इस रास्ते में केकेआर के खिलाड़ी खुली बस में सवार थे। दो खुली बसों पर शुरू हुआ यह विजयी जलूस राइटर्स बिल्डिंग से होते हुए ईडन मैदान पर खत्म हुआ। राइटर्स बिल्डिंग पर मुख्यमंत्री ने टीम का भव्य स्वागत किया। केकेआर टीम के सभी सदस्यों को सोने की चेन आदि भेंट दिये गये। लेकिन इस स्वागत समारोह का आयोजन करने के ममता बनर्जी सरकार के फैसले से कुछ विवाद भी हुआ है क्योंकि दिग्गज राजनीतिक नेता और क्रिकेट विशेषज्ञ एक घरेलू क्लब की जीत पर इतना सरकारी धन खर्च करने की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। केकेआर टीम के मालिक शाहरूख खान ने ममता बनर्जी सरकार का बचाव करते हुए यहां कहा ‘‘एक बड़ी जीत का जश्न मनाना कोई गलती नहीं है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। किसी को इसकी आलोचना नहीं करनी चाहिये। खुश रहना तो ठीक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसे (स्वागत) राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिये। यह इसलिये किया गया कि हम सब खुश हैं। अगर हम शहर को कुछ खुशी दे रहे हैं तो इसमे कुछ भी गलत नहीं है।’’ गौरतलब है कि आईपीएल की नयी चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स का कल यहां खचाखच भरे ईडन गार्डन मैदान पर राज्य सरकार ने भव्य स्वागत किया। स्टेडियम में प्रवेश मुफ्त रखा गया था और अनधिकृत आंकड़ों के मुताबिक इस भव्य समारोह को देखने के लिए लगभग एक लाख लोग पहुंचे थे।टिप्पणियां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से राइटर्स बिल्डिंग के बीच की लगभग पांच किमी की दूरी के बीच हजारों लोग टीम के खिलाड़ियों की झलक पाने के लिए खड़े थे। इस रास्ते में केकेआर के खिलाड़ी खुली बस में सवार थे। दो खुली बसों पर शुरू हुआ यह विजयी जलूस राइटर्स बिल्डिंग से होते हुए ईडन मैदान पर खत्म हुआ। राइटर्स बिल्डिंग पर मुख्यमंत्री ने टीम का भव्य स्वागत किया। केकेआर टीम के सभी सदस्यों को सोने की चेन आदि भेंट दिये गये। लेकिन इस स्वागत समारोह का आयोजन करने के ममता बनर्जी सरकार के फैसले से कुछ विवाद भी हुआ है क्योंकि दिग्गज राजनीतिक नेता और क्रिकेट विशेषज्ञ एक घरेलू क्लब की जीत पर इतना सरकारी धन खर्च करने की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। केकेआर टीम के मालिक शाहरूख खान ने ममता बनर्जी सरकार का बचाव करते हुए यहां कहा ‘‘एक बड़ी जीत का जश्न मनाना कोई गलती नहीं है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। किसी को इसकी आलोचना नहीं करनी चाहिये। खुश रहना तो ठीक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसे (स्वागत) राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिये। यह इसलिये किया गया कि हम सब खुश हैं। अगर हम शहर को कुछ खुशी दे रहे हैं तो इसमे कुछ भी गलत नहीं है।’’ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से राइटर्स बिल्डिंग के बीच की लगभग पांच किमी की दूरी के बीच हजारों लोग टीम के खिलाड़ियों की झलक पाने के लिए खड़े थे। इस रास्ते में केकेआर के खिलाड़ी खुली बस में सवार थे। दो खुली बसों पर शुरू हुआ यह विजयी जलूस राइटर्स बिल्डिंग से होते हुए ईडन मैदान पर खत्म हुआ। राइटर्स बिल्डिंग पर मुख्यमंत्री ने टीम का भव्य स्वागत किया। केकेआर टीम के सभी सदस्यों को सोने की चेन आदि भेंट दिये गये। लेकिन इस स्वागत समारोह का आयोजन करने के ममता बनर्जी सरकार के फैसले से कुछ विवाद भी हुआ है क्योंकि दिग्गज राजनीतिक नेता और क्रिकेट विशेषज्ञ एक घरेलू क्लब की जीत पर इतना सरकारी धन खर्च करने की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। केकेआर टीम के मालिक शाहरूख खान ने ममता बनर्जी सरकार का बचाव करते हुए यहां कहा ‘‘एक बड़ी जीत का जश्न मनाना कोई गलती नहीं है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। किसी को इसकी आलोचना नहीं करनी चाहिये। खुश रहना तो ठीक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसे (स्वागत) राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिये। यह इसलिये किया गया कि हम सब खुश हैं। अगर हम शहर को कुछ खुशी दे रहे हैं तो इसमे कुछ भी गलत नहीं है।’’ लेकिन इस स्वागत समारोह का आयोजन करने के ममता बनर्जी सरकार के फैसले से कुछ विवाद भी हुआ है क्योंकि दिग्गज राजनीतिक नेता और क्रिकेट विशेषज्ञ एक घरेलू क्लब की जीत पर इतना सरकारी धन खर्च करने की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। केकेआर टीम के मालिक शाहरूख खान ने ममता बनर्जी सरकार का बचाव करते हुए यहां कहा ‘‘एक बड़ी जीत का जश्न मनाना कोई गलती नहीं है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। किसी को इसकी आलोचना नहीं करनी चाहिये। खुश रहना तो ठीक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसे (स्वागत) राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिये। यह इसलिये किया गया कि हम सब खुश हैं। अगर हम शहर को कुछ खुशी दे रहे हैं तो इसमे कुछ भी गलत नहीं है।’’
संक्षिप्त पाठ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब जीतने वाली टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के सह मलिक और पश्चिम बंगाल के ब्रांड एम्बेसडर बालीवुड स्टार शाहरूख खान ने कहा है राज्य सरकार के उनकी टीम का स्वागत करने में ‘‘कुछ गलत’’ नहीं है।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इस साल जनवरी माह में सेना की दो टुकड़ियों के सरकार की जानकारी के बिना दिल्ली तक पहुंच जाने से जुड़ी बुधवार को दिल्ली से प्रकाशित एक अंग्रेज़ी दैनिक की रिपोर्ट को प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कतई बेबुनियाद बताते हुए इस रिपोर्ट पर ध्यान नहीं देने के लिए कहा है। इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने भी आज सुबह एक अंग्रेज़ी दैनिक में छपी इस रिपोर्ट को 'आधारहीन और गलत' कहते हुए खारिज कर दिया था, और कहा था कि सेना ऐसी एक्सरसाइज़ समय-समय पर करती ही रहती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कार ने एक बयान में कहा, "अखबार की रिपोर्ट में उठाए गए सवालों पर सेना ने स्थिति साफ कर दी है... सेना ऐसी एक्सरसाइज़ समय-समय पर करती है।" इस बीच, इस रिपोर्ट को लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल मच गई थी, और प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी ने इस पर प्रधानमंत्री से तुरंत जवाब देने को कहा था। दूसरी ओर, रक्षा मामलों के जानकार उदय भाष्कर ने यहां तक कह दिया था कि इस खबर के बाद यह साफ हो गया है कि सरकार और सेना के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उनके अलावा रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पीएन हून ने सेना की यूनिटों की मूवमेंट पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि जब भी सेना की कोई मूवमेंट होती है तो पुलिस को जानकारी ज़रूर दी जाती है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को दिल्ली से प्रकाशित एक अंग्रेज़ी दैनिक के मुताबिक इस साल जनवरी माह में जिस दिन सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह अपनी जन्मतिथि से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे, उसी दिन सेना की दो यूनिट सरकार की जानकारी के बिना दिल्ली तक पहुंच गई थीं, जिन्हें वहां से लौटाया गया था। सेना दिवस के अगले ही दिन, यानि 16 जनवरी को हिसार और आगरा से दिल्ली पहुंचीं इन यूनिटों में से हिसार की इन्फैन्ट्री यूनिट के मूवमेंट के बारे में सेंट्रल इंटेलजेंस एजेंसी ने जानकारी दी, हालांकि उन्हें इस मूवमेंट से चिंता न होकर उत्सुकता हुई थी, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद आगरा में तैनात 50 पैरा ब्रिगेड में भी हलचल देखी गई, तब इसकी जानकारी तुरंत गृह मंत्रालय को दी गई थी।टिप्पणियां समाचारपत्र के मुताबिक इन यूनिटों के मूवमेंट की खबर के बाद रक्षासचिव शशिकांत शर्मा को उनके मलेशिया दौरे से बीच में ही दिल्ली बुला लिया गया था और देर रात ही वह अपने ऑफिस पहुंचे थे, जहां उन्होंने मिलिट्री ऑपरेशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी को बुलाकर मूवमेंट के बारे में जानकारी मांगी। चौधरी ने भी इसे सेना की रूटीन एक्सरसाइज़ बताया था, जो कोहरे के दौरान सेना की ताकत को परखने के लिए की जा रही थी। 17 तारीख को सुबह-सुबह प्रधानमंत्री को भी इसके बारे में जानकारी दी गई। समाचारपत्र के अनुसार चौधरी को इस मूवमेंट के बारे में पहले से पता था। चौधरी द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद रक्षासचिव ने तुरंत दोनों यूनिटों को वापस बैरक में भेजने के लिए कहा था। अखबार के मुताबिक मूवमेंट में कई पहलुओं की अनदेखी की गई थी - जैसे एनसीआर की तरफ सेना की किसी यूनिट की मूवमेंट से पहले रक्षा मंत्रालय अथवा भारतीय वायुसेना को कोई जानकारी नहीं दी गई, विशेष रूप से उस स्थिति में, जबकि सेना की एक टुकड़ी वायुसेना के हिंडन एयरबेस की तरफ मूव कर रही थी। इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने भी आज सुबह एक अंग्रेज़ी दैनिक में छपी इस रिपोर्ट को 'आधारहीन और गलत' कहते हुए खारिज कर दिया था, और कहा था कि सेना ऐसी एक्सरसाइज़ समय-समय पर करती ही रहती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कार ने एक बयान में कहा, "अखबार की रिपोर्ट में उठाए गए सवालों पर सेना ने स्थिति साफ कर दी है... सेना ऐसी एक्सरसाइज़ समय-समय पर करती है।" इस बीच, इस रिपोर्ट को लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल मच गई थी, और प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी ने इस पर प्रधानमंत्री से तुरंत जवाब देने को कहा था। दूसरी ओर, रक्षा मामलों के जानकार उदय भाष्कर ने यहां तक कह दिया था कि इस खबर के बाद यह साफ हो गया है कि सरकार और सेना के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उनके अलावा रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पीएन हून ने सेना की यूनिटों की मूवमेंट पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि जब भी सेना की कोई मूवमेंट होती है तो पुलिस को जानकारी ज़रूर दी जाती है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को दिल्ली से प्रकाशित एक अंग्रेज़ी दैनिक के मुताबिक इस साल जनवरी माह में जिस दिन सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह अपनी जन्मतिथि से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे, उसी दिन सेना की दो यूनिट सरकार की जानकारी के बिना दिल्ली तक पहुंच गई थीं, जिन्हें वहां से लौटाया गया था। सेना दिवस के अगले ही दिन, यानि 16 जनवरी को हिसार और आगरा से दिल्ली पहुंचीं इन यूनिटों में से हिसार की इन्फैन्ट्री यूनिट के मूवमेंट के बारे में सेंट्रल इंटेलजेंस एजेंसी ने जानकारी दी, हालांकि उन्हें इस मूवमेंट से चिंता न होकर उत्सुकता हुई थी, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद आगरा में तैनात 50 पैरा ब्रिगेड में भी हलचल देखी गई, तब इसकी जानकारी तुरंत गृह मंत्रालय को दी गई थी।टिप्पणियां समाचारपत्र के मुताबिक इन यूनिटों के मूवमेंट की खबर के बाद रक्षासचिव शशिकांत शर्मा को उनके मलेशिया दौरे से बीच में ही दिल्ली बुला लिया गया था और देर रात ही वह अपने ऑफिस पहुंचे थे, जहां उन्होंने मिलिट्री ऑपरेशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी को बुलाकर मूवमेंट के बारे में जानकारी मांगी। चौधरी ने भी इसे सेना की रूटीन एक्सरसाइज़ बताया था, जो कोहरे के दौरान सेना की ताकत को परखने के लिए की जा रही थी। 17 तारीख को सुबह-सुबह प्रधानमंत्री को भी इसके बारे में जानकारी दी गई। समाचारपत्र के अनुसार चौधरी को इस मूवमेंट के बारे में पहले से पता था। चौधरी द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद रक्षासचिव ने तुरंत दोनों यूनिटों को वापस बैरक में भेजने के लिए कहा था। अखबार के मुताबिक मूवमेंट में कई पहलुओं की अनदेखी की गई थी - जैसे एनसीआर की तरफ सेना की किसी यूनिट की मूवमेंट से पहले रक्षा मंत्रालय अथवा भारतीय वायुसेना को कोई जानकारी नहीं दी गई, विशेष रूप से उस स्थिति में, जबकि सेना की एक टुकड़ी वायुसेना के हिंडन एयरबेस की तरफ मूव कर रही थी। इस बीच, इस रिपोर्ट को लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल मच गई थी, और प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी ने इस पर प्रधानमंत्री से तुरंत जवाब देने को कहा था। दूसरी ओर, रक्षा मामलों के जानकार उदय भाष्कर ने यहां तक कह दिया था कि इस खबर के बाद यह साफ हो गया है कि सरकार और सेना के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उनके अलावा रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पीएन हून ने सेना की यूनिटों की मूवमेंट पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि जब भी सेना की कोई मूवमेंट होती है तो पुलिस को जानकारी ज़रूर दी जाती है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को दिल्ली से प्रकाशित एक अंग्रेज़ी दैनिक के मुताबिक इस साल जनवरी माह में जिस दिन सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह अपनी जन्मतिथि से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे, उसी दिन सेना की दो यूनिट सरकार की जानकारी के बिना दिल्ली तक पहुंच गई थीं, जिन्हें वहां से लौटाया गया था। सेना दिवस के अगले ही दिन, यानि 16 जनवरी को हिसार और आगरा से दिल्ली पहुंचीं इन यूनिटों में से हिसार की इन्फैन्ट्री यूनिट के मूवमेंट के बारे में सेंट्रल इंटेलजेंस एजेंसी ने जानकारी दी, हालांकि उन्हें इस मूवमेंट से चिंता न होकर उत्सुकता हुई थी, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद आगरा में तैनात 50 पैरा ब्रिगेड में भी हलचल देखी गई, तब इसकी जानकारी तुरंत गृह मंत्रालय को दी गई थी।टिप्पणियां समाचारपत्र के मुताबिक इन यूनिटों के मूवमेंट की खबर के बाद रक्षासचिव शशिकांत शर्मा को उनके मलेशिया दौरे से बीच में ही दिल्ली बुला लिया गया था और देर रात ही वह अपने ऑफिस पहुंचे थे, जहां उन्होंने मिलिट्री ऑपरेशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी को बुलाकर मूवमेंट के बारे में जानकारी मांगी। चौधरी ने भी इसे सेना की रूटीन एक्सरसाइज़ बताया था, जो कोहरे के दौरान सेना की ताकत को परखने के लिए की जा रही थी। 17 तारीख को सुबह-सुबह प्रधानमंत्री को भी इसके बारे में जानकारी दी गई। समाचारपत्र के अनुसार चौधरी को इस मूवमेंट के बारे में पहले से पता था। चौधरी द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद रक्षासचिव ने तुरंत दोनों यूनिटों को वापस बैरक में भेजने के लिए कहा था। अखबार के मुताबिक मूवमेंट में कई पहलुओं की अनदेखी की गई थी - जैसे एनसीआर की तरफ सेना की किसी यूनिट की मूवमेंट से पहले रक्षा मंत्रालय अथवा भारतीय वायुसेना को कोई जानकारी नहीं दी गई, विशेष रूप से उस स्थिति में, जबकि सेना की एक टुकड़ी वायुसेना के हिंडन एयरबेस की तरफ मूव कर रही थी। उल्लेखनीय है कि बुधवार को दिल्ली से प्रकाशित एक अंग्रेज़ी दैनिक के मुताबिक इस साल जनवरी माह में जिस दिन सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह अपनी जन्मतिथि से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे, उसी दिन सेना की दो यूनिट सरकार की जानकारी के बिना दिल्ली तक पहुंच गई थीं, जिन्हें वहां से लौटाया गया था। सेना दिवस के अगले ही दिन, यानि 16 जनवरी को हिसार और आगरा से दिल्ली पहुंचीं इन यूनिटों में से हिसार की इन्फैन्ट्री यूनिट के मूवमेंट के बारे में सेंट्रल इंटेलजेंस एजेंसी ने जानकारी दी, हालांकि उन्हें इस मूवमेंट से चिंता न होकर उत्सुकता हुई थी, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद आगरा में तैनात 50 पैरा ब्रिगेड में भी हलचल देखी गई, तब इसकी जानकारी तुरंत गृह मंत्रालय को दी गई थी।टिप्पणियां समाचारपत्र के मुताबिक इन यूनिटों के मूवमेंट की खबर के बाद रक्षासचिव शशिकांत शर्मा को उनके मलेशिया दौरे से बीच में ही दिल्ली बुला लिया गया था और देर रात ही वह अपने ऑफिस पहुंचे थे, जहां उन्होंने मिलिट्री ऑपरेशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी को बुलाकर मूवमेंट के बारे में जानकारी मांगी। चौधरी ने भी इसे सेना की रूटीन एक्सरसाइज़ बताया था, जो कोहरे के दौरान सेना की ताकत को परखने के लिए की जा रही थी। 17 तारीख को सुबह-सुबह प्रधानमंत्री को भी इसके बारे में जानकारी दी गई। समाचारपत्र के अनुसार चौधरी को इस मूवमेंट के बारे में पहले से पता था। चौधरी द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद रक्षासचिव ने तुरंत दोनों यूनिटों को वापस बैरक में भेजने के लिए कहा था। अखबार के मुताबिक मूवमेंट में कई पहलुओं की अनदेखी की गई थी - जैसे एनसीआर की तरफ सेना की किसी यूनिट की मूवमेंट से पहले रक्षा मंत्रालय अथवा भारतीय वायुसेना को कोई जानकारी नहीं दी गई, विशेष रूप से उस स्थिति में, जबकि सेना की एक टुकड़ी वायुसेना के हिंडन एयरबेस की तरफ मूव कर रही थी। समाचारपत्र के मुताबिक इन यूनिटों के मूवमेंट की खबर के बाद रक्षासचिव शशिकांत शर्मा को उनके मलेशिया दौरे से बीच में ही दिल्ली बुला लिया गया था और देर रात ही वह अपने ऑफिस पहुंचे थे, जहां उन्होंने मिलिट्री ऑपरेशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी को बुलाकर मूवमेंट के बारे में जानकारी मांगी। चौधरी ने भी इसे सेना की रूटीन एक्सरसाइज़ बताया था, जो कोहरे के दौरान सेना की ताकत को परखने के लिए की जा रही थी। 17 तारीख को सुबह-सुबह प्रधानमंत्री को भी इसके बारे में जानकारी दी गई। समाचारपत्र के अनुसार चौधरी को इस मूवमेंट के बारे में पहले से पता था। चौधरी द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद रक्षासचिव ने तुरंत दोनों यूनिटों को वापस बैरक में भेजने के लिए कहा था। अखबार के मुताबिक मूवमेंट में कई पहलुओं की अनदेखी की गई थी - जैसे एनसीआर की तरफ सेना की किसी यूनिट की मूवमेंट से पहले रक्षा मंत्रालय अथवा भारतीय वायुसेना को कोई जानकारी नहीं दी गई, विशेष रूप से उस स्थिति में, जबकि सेना की एक टुकड़ी वायुसेना के हिंडन एयरबेस की तरफ मूव कर रही थी। समाचारपत्र के अनुसार चौधरी को इस मूवमेंट के बारे में पहले से पता था। चौधरी द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद रक्षासचिव ने तुरंत दोनों यूनिटों को वापस बैरक में भेजने के लिए कहा था। अखबार के मुताबिक मूवमेंट में कई पहलुओं की अनदेखी की गई थी - जैसे एनसीआर की तरफ सेना की किसी यूनिट की मूवमेंट से पहले रक्षा मंत्रालय अथवा भारतीय वायुसेना को कोई जानकारी नहीं दी गई, विशेष रूप से उस स्थिति में, जबकि सेना की एक टुकड़ी वायुसेना के हिंडन एयरबेस की तरफ मूव कर रही थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बुधवार को दिल्ली से प्रकाशित एक अंग्रेज़ी दैनिक के मुताबिक इस साल जनवरी माह में सेना की दो यूनिट सरकार की जानकारी के बिना दिल्ली तक पहुंच गई थीं, जिन्हें वहां से लौटाया गया था।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार बिना भेदभाव के सभी के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को खुशहाल बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है. बता दें, मुख्यमंत्री ने दीपावली के अवसर पर गोरखपुर जिले की ग्राम पंचायत तिकोनिया नम्बर-3 में वनटांगिया ग्राम के विकास के लिए लगभग एक करोड़ 32 लाख रुपये की कुल सात परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया. इस मौके पर राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इनमें एक परियोजना का शिलान्यास तथा छह परियोजाओं का लोकार्पण शामिल है. इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए. सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर जिले की चयनित पांच वनटांगिया बस्तियों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया है. मुख्यमंत्री आवास योजनान्तर्गत इन सभी गांवों में कुल 791 आवास निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके तहत 694 आवास का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा 97 निर्माणाधीन है. उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व इन गांवों में पक्का मकान, शौचालय, पेंशन, मालिकाना हक, हैण्डपम्प, सड़क, बिजली आदि की सुविधा नहीं थी. प्रदेश सरकार ने इन गावों में विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा दी हैं. इन ग्रामों के बच्चों को शिक्षा का लाभ मिल रहा है और उन्हें निःशुल्क वर्दी, बैग, स्वेटर आदि भी उपलब्ध हो रहा है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सोच के साथ यदि अच्छा काम किया जाए तो उसका परिणाम भी अच्छा होता है. अयोध्या में शनिवार को ‘दीपोत्सव' का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ. हम सभी को दीपावली का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर, अन्याय से न्याय की ओर और बुराई से अच्छाई की ओर ले जाने का संदेश देता है. यह पर्व हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है. पर्व और त्योहार सामूहिकता के प्रतीक हैं. उन्होंने बताया कि प्रदेश की वनटांगिया समुदाय की 38 बस्तियों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर उन्हें शासकीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिना भेद-भाव सभी के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को खुशहाल बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार निरन्तर कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के माध्यम से बेटा-बेटी में भेदभाव समाप्त करने की दिशा में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इसी कड़ी में अभी 25 अक्टूबर को ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' की शुरुआत की गई है. उन्होंने मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत निर्मित आवासों का फीता काटकर संबंधित का गृह प्रवेश भी कराया.
यहाँ एक सारांश है:गोरखपुर में सात परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया इनमें एक परियोजना का शिलान्यास तथा छह परियोजाओं का लोकार्पण शामिल है ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र दिए गए
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्‍ट्र महिला आयोग ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के 'बलात्कार पीड़िता' संबंधी विवादास्पद बयान पर 29 जून को उन्हें तलब किया है। उल्‍लेखनीय है कि सलमान ने बयान दिया था कि उनकी आगामी फिल्म 'सुल्तान' के एक दृश्य की शूटिंग इतनी थकाने वाली थी कि उसके बाद उन्हें 'बलात्कार का शिकार महिला' जैसा अहसास हुआ। सलमान इस बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं और इस बात की मांग की जा रही है कि सलमान इस बयान को लेकर माफी मांगें।टिप्पणियां आयोग की अध्यक्ष विजया रहटकर ने कहा, 'हमने सलमान या उनके वकील को 29 जून को अपराह्न दो बजे हमारे कार्यालय में पेश होकर बयान पर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।' उन्होंने कहा, 'यदि अभिनेता पेश नहीं होते हैं तो हम यह मान लेंगे कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है और इस मामले में एकपक्षीय कार्यवाही करेंगे।'   50 वर्षीय अभिनेता ने कहा था, 'उस छह घंटे की शूटिंग के दौरान मुझे मैदान पर कई बार उठापटक करनी पड़ी। यह मेरे लिए मुश्किल था क्योंकि अगर मुझे किसी को उठाना था, तो मुझे उसी 120 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को 10 बार 10 तरह से उठाना था और इसी तरह मुझे कई बार पटका गया।' उन्होंने कहा था, 'रिंग में असली मुकाबले के दौरान ऐसा इतनी बार दोहराया नहीं जाता। मैं जब शूट के बाद रिंग से बाहर आता था, तो मुझे बलात्कार का शिकार हुई महिला की तरह महसूस होता था।'   राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी सुपरस्टार के इस 'असंवेदनशील' बयान पर स्वत: संज्ञान लिया और उन्हें एक पत्र लिखकर सात दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें तलब किया जाएगा। सलमान के पिता सलीम खान ने अपने बेटे की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'सलमान ने जो कहा, जो उदाहरण दिया और उसे जिस संदर्भ में पेश किया, वह निस्संदेह गलत था। उनकी मंशा गलत नहीं थी।'   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आयोग की अध्यक्ष विजया रहटकर ने कहा, 'हमने सलमान या उनके वकील को 29 जून को अपराह्न दो बजे हमारे कार्यालय में पेश होकर बयान पर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।' उन्होंने कहा, 'यदि अभिनेता पेश नहीं होते हैं तो हम यह मान लेंगे कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है और इस मामले में एकपक्षीय कार्यवाही करेंगे।'   50 वर्षीय अभिनेता ने कहा था, 'उस छह घंटे की शूटिंग के दौरान मुझे मैदान पर कई बार उठापटक करनी पड़ी। यह मेरे लिए मुश्किल था क्योंकि अगर मुझे किसी को उठाना था, तो मुझे उसी 120 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को 10 बार 10 तरह से उठाना था और इसी तरह मुझे कई बार पटका गया।' उन्होंने कहा था, 'रिंग में असली मुकाबले के दौरान ऐसा इतनी बार दोहराया नहीं जाता। मैं जब शूट के बाद रिंग से बाहर आता था, तो मुझे बलात्कार का शिकार हुई महिला की तरह महसूस होता था।'   राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी सुपरस्टार के इस 'असंवेदनशील' बयान पर स्वत: संज्ञान लिया और उन्हें एक पत्र लिखकर सात दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें तलब किया जाएगा। सलमान के पिता सलीम खान ने अपने बेटे की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'सलमान ने जो कहा, जो उदाहरण दिया और उसे जिस संदर्भ में पेश किया, वह निस्संदेह गलत था। उनकी मंशा गलत नहीं थी।'   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आयोग ने मामले का स्‍वत: संज्ञान लिया सलमान या उनके वकील को बयान देने के लिए बुलाया गया हाजिर नहीं होने पर एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की रविवार को दिल्ली यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के अचूक निशानेबाजों समेत करीब 2000 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। जरदारी आज सुबह दिल्ली पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर जाएंगे। वहां भोज पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत होगी। वहां से वह अजमेर के लिए रवाना होंगे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और हवाई अड्डे से लेकर प्रधानमंत्री के निवास तक के मार्ग पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। उनके अनुसार इस मार्ग पर ऊंची इमारतों पर अचूक निशानेबाज तैनात किए जाएंगे। जरदारी आज सुबह दिल्ली पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर जाएंगे। वहां भोज पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत होगी। वहां से वह अजमेर के लिए रवाना होंगे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और हवाई अड्डे से लेकर प्रधानमंत्री के निवास तक के मार्ग पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। उनके अनुसार इस मार्ग पर ऊंची इमारतों पर अचूक निशानेबाज तैनात किए जाएंगे।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की रविवार को दिल्ली यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में एनएसजी के अचूक निशानेबाजों समेत करीब 2000 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: युवा खिलाड़ियों से भरी भारतीय क्रिकेट टीम ने यहां के क्वींस पार्क ओवल मैदान पर शनिवार को खेले एकमात्र ट्वेंटी-20 मुकाबले में मेजबान वेस्टइंडीज को 16 रन से हरा दिया है। भारत के 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम पांच विकेट खोकर निर्धारित 20 ओवर में 143 रन ही बना सकी। भारतीय पारी को सम्भालने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले एस. बद्रीनाथ को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। बद्रीनाथ ने 47 गेंदों पर शानदार 43 रन बनाए। बद्रीनाथ ने कहा, "मेरा फार्म ठीक है और जिस तरह से हमने शुरुआत की है उससे मैं खुश हूं। यह विकेट करीब-करीब भारतीय विकेट जैसा है। हमने शुरुआत में 140 रनों का लक्ष्य तय करने के बारे में सोचा था।" मैच हारने के बाद मेजबानी टीम के कप्तान डेरेन सैमी ने कहा, "टॉस जीतने के बाद गेंदबाजी का फैसला ठीक था लेकिन पिच को लेकर थोड़ा आश्चर्य हुआ। हमे भारतीय बल्लेबाजों को बांधने में सफलता नहीं मिली।" जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान सुरेश रैना ने कहा, "गेंदबाजों ने योजना को सही तरीके से मूर्त रूप दिया। हम अच्छा खेले। हमारा क्षेत्ररक्षण शानदार रहा।" इससे पहले 22 रन के कुल योग पर वेस्टइंडीज की सलामी जोड़ी के पवेलियन लौटने के बाद मेजबान टीम ने सम्भलने की कोशिश की लेकिन वह रन गति को अपेक्षित दर तक नहीं पहुंचा सकी। सलामी बल्लेबाज आंद्रे फ्लेचर 11 रन बनाकर मुनाफ पटेल का शिकार बने जबकि लेंडल सिमंस सिर्फ नौ रन बनाकर आर अश्विन की गेंद पर कोहली को कैच थमा बैठे। इसके बाद डेरेन ब्रावो (41) और मार्लन सैमुएल्स (27) ने पारी को सम्भालने की कोशिश की, लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद मेजबान टीम दबाव में आ गई। पांचवे विकेट के रूप में कप्तान डेरेन सैमी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। क्रिस्टोफर बार्नवेल (34) और डैन्जा हयात (14) नाबाद लौटे। इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने एस. बद्रीनाथ के शानदार 43 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 159 रन बनाए। विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने 26 और रोहित शर्मा ने भी इतने ही रनों का योगदान दिया। बद्रीनाथ ने संकटमोटक की भूमिका निभाते हुए रोहित के साथ पांचवें विकेट के लिए 71 रन जोड़े। यह साझेदारी उस समय हुई जब भारत ने 56 रन के कुल योग पर अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। बद्रीनाथ ने 37 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। रोहित ने 23 गेंदों की उपयोगी पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन सिंह और यूसुफ पठान ने अंतिम समय में तेजी से बल्ला चलाते हुए 11 गेंदों पर 25 रन बटोरे। दोनों बल्लेबाज 15-15 रन बनाकर नाबाद रहे। भज्जी ने सात गेंदों पर एक चौका और एक छक्का जड़ा जबकि पठान ने अपना रंग दिखाते हुए छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। वेस्टइंडीज की ओर से उसके कप्तान डेरेन सैमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए अपने चार ओवर के कोटे में 16 रन देकर चार विकेट लिए। सैमी ने पार्थिव, शिखर धवन (5), विराट कोहली (14) और सुरेश रैना (2) के विकेट लिए। रोहित का विकेट क्रिस्टोफर बार्नवेल को मिला जबकि बद्रीनाथ को देवेंद्र बीशु ने आउट किया। कैरेबियाई दौरे के इस पहले मैच में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसका पहला विकेट 13 रन के कुल योग पर शिखर धवन के रूप में गिरा था। इसके बाद 48 रन के कुल योग पर विराट कोहली और इसी योग पर पार्थिव भी पवेलियन लौट गए। कोहली ने 14 रन बनाए जबकि पार्थिव के बल्ले से 26 रन निकले। कप्तान सुरेश रैना दो रन बनाकर आउट हुए। पार्थिव के साथ पारी की शुरुआत करने आए धवन पांच रन बनाकर शानदार गेंदबाजी कर रहे कैरेबियाई कप्तान सैमी की गेंद पर विकेटकीपर आंद्र फ्लेचर के हाथों लपके गए। धवन ने 11 गेंदों का सामना किया। इसके बाद पार्थिव और कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। पार्थिव ने अपनी 20 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्का लगाया जबकि कोहली ने 12 गेंदों पर दो चौके लगाए। धवन की तरह कोहली, पार्थिव और रैना को भी कैरेबियाई कप्तान ने आउट किया। रैना छह गेंदों का सामना कर सके।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय क्रिकेट टीम ने क्वींस पार्क ओवल मैदान पर शनिवार को खेले एकमात्र ट्वेंटी-20 मुकाबले में मेजबान वेस्टइंडीज को 16 रन से हरा दिया है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत में श्रीलंका के राजदूत ने अपनी टिप्पणियों के लिए भारतीय सांसदों से माफी मांगी है। श्रीलंकाई राजदूत ने कहा था कि श्रीलंका में तमिल टाइगर्स के मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठाने वालों के लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) से सम्बंधों की जांच की जाए। भारत सरकार ने गुरुवार को इस सम्बंध में पूछताछ के लिए श्रीलंकाई राजदूत को बुलाया था। विदेश मंत्रालय में श्रीलंका सम्बंधी मामलों के संयुक्त सचिव हर्षवर्धन श्रींगला ने श्रीलंकाई उच्चायुक्त प्रसाद करियावासम से मुलाकात की। श्रींगला ने करियावासम की भारतीय सांसदों के सम्बंध में टिप्पणियों पर भारत सरकार की आपत्ति से उन्हें अवगत कराया। मुलाकात के बाद करियावासम ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यदि मैंने तमिलनाडु के सांसदों के मन में किसी प्रकार का असंतोष, चिंता या संकट पैदा किया हो तो मैं उनसे माफी चाहता हूं। मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूं।" एक भारतीय समाचार पत्र के मुताबिक पूर्व में करियावासम ने कहा था कि भारत सरकार को तमिलों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने वाले भारतीय सांसदों की जांच करनी चाहिए। करियावासम ने अपनी टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देने के बाद कहा, "मेरा यह मतलब नहीं था।" उन्होंने कहा, "मेरा मतलब था कि दूसरे देशों में लिट्टे समर्थक समूह सक्रिय हैं और इस क्षेत्र में श्रीलंका के खिलाफ दुष्प्रचार का एक अभियान चला रहे हैं।" उन्होंने कहा कि श्रीलंका में लम्बे समय तक चले युद्ध की 2009 में समाप्ति के बाद शुरू हुई सुलह की प्रक्रिया में बाधा डालने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने जांच की बात कही तो उनका मतलब विदेशों में लिट्टे समर्थक समूहों से था न कि भारतीय सांसदों से। करियावासम ने कहा कि उनसे मुलाकात करने वाले भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने उनकी कथित टिप्पणियों पर स्पष्ट रूप से भारत सरकार की चिंता की बात कही।टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि वह जिनेवा में मानवाधिकार परिषद की बैठक में श्रीलंका में युद्ध अपराधों पर अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव पर भारत के कैसे रुख की उम्मीद करते हैं, तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र है।" तमिलनाडु की पार्टियों ने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा है। दूसरी ओर इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत सावधानी बरत रहा है। केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा के बाद कोई निर्णय लेने की बात कही है। केंद्र सरकार ऐसा निर्णय चाहती है जिससे अविश्वास व टकराव से बचा जा सके। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका पर प्रस्ताव के मसौदे पर टिप्पणी देते हुए बुधवार को कहा, "हम सम्बंधित पक्षों के बीच अविश्वास व टकराव को बढ़ावा देने के बजाए उनके बीच सुलह व जवाबदेही को बढ़ाने वाला परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।" विदेश मंत्रालय में श्रीलंका सम्बंधी मामलों के संयुक्त सचिव हर्षवर्धन श्रींगला ने श्रीलंकाई उच्चायुक्त प्रसाद करियावासम से मुलाकात की। श्रींगला ने करियावासम की भारतीय सांसदों के सम्बंध में टिप्पणियों पर भारत सरकार की आपत्ति से उन्हें अवगत कराया। मुलाकात के बाद करियावासम ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यदि मैंने तमिलनाडु के सांसदों के मन में किसी प्रकार का असंतोष, चिंता या संकट पैदा किया हो तो मैं उनसे माफी चाहता हूं। मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूं।" एक भारतीय समाचार पत्र के मुताबिक पूर्व में करियावासम ने कहा था कि भारत सरकार को तमिलों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने वाले भारतीय सांसदों की जांच करनी चाहिए। करियावासम ने अपनी टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देने के बाद कहा, "मेरा यह मतलब नहीं था।" उन्होंने कहा, "मेरा मतलब था कि दूसरे देशों में लिट्टे समर्थक समूह सक्रिय हैं और इस क्षेत्र में श्रीलंका के खिलाफ दुष्प्रचार का एक अभियान चला रहे हैं।" उन्होंने कहा कि श्रीलंका में लम्बे समय तक चले युद्ध की 2009 में समाप्ति के बाद शुरू हुई सुलह की प्रक्रिया में बाधा डालने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने जांच की बात कही तो उनका मतलब विदेशों में लिट्टे समर्थक समूहों से था न कि भारतीय सांसदों से। करियावासम ने कहा कि उनसे मुलाकात करने वाले भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने उनकी कथित टिप्पणियों पर स्पष्ट रूप से भारत सरकार की चिंता की बात कही।टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि वह जिनेवा में मानवाधिकार परिषद की बैठक में श्रीलंका में युद्ध अपराधों पर अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव पर भारत के कैसे रुख की उम्मीद करते हैं, तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र है।" तमिलनाडु की पार्टियों ने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा है। दूसरी ओर इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत सावधानी बरत रहा है। केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा के बाद कोई निर्णय लेने की बात कही है। केंद्र सरकार ऐसा निर्णय चाहती है जिससे अविश्वास व टकराव से बचा जा सके। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका पर प्रस्ताव के मसौदे पर टिप्पणी देते हुए बुधवार को कहा, "हम सम्बंधित पक्षों के बीच अविश्वास व टकराव को बढ़ावा देने के बजाए उनके बीच सुलह व जवाबदेही को बढ़ाने वाला परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।" मुलाकात के बाद करियावासम ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यदि मैंने तमिलनाडु के सांसदों के मन में किसी प्रकार का असंतोष, चिंता या संकट पैदा किया हो तो मैं उनसे माफी चाहता हूं। मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूं।" एक भारतीय समाचार पत्र के मुताबिक पूर्व में करियावासम ने कहा था कि भारत सरकार को तमिलों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने वाले भारतीय सांसदों की जांच करनी चाहिए। करियावासम ने अपनी टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देने के बाद कहा, "मेरा यह मतलब नहीं था।" उन्होंने कहा, "मेरा मतलब था कि दूसरे देशों में लिट्टे समर्थक समूह सक्रिय हैं और इस क्षेत्र में श्रीलंका के खिलाफ दुष्प्रचार का एक अभियान चला रहे हैं।" उन्होंने कहा कि श्रीलंका में लम्बे समय तक चले युद्ध की 2009 में समाप्ति के बाद शुरू हुई सुलह की प्रक्रिया में बाधा डालने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने जांच की बात कही तो उनका मतलब विदेशों में लिट्टे समर्थक समूहों से था न कि भारतीय सांसदों से। करियावासम ने कहा कि उनसे मुलाकात करने वाले भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने उनकी कथित टिप्पणियों पर स्पष्ट रूप से भारत सरकार की चिंता की बात कही।टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि वह जिनेवा में मानवाधिकार परिषद की बैठक में श्रीलंका में युद्ध अपराधों पर अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव पर भारत के कैसे रुख की उम्मीद करते हैं, तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र है।" तमिलनाडु की पार्टियों ने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा है। दूसरी ओर इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत सावधानी बरत रहा है। केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा के बाद कोई निर्णय लेने की बात कही है। केंद्र सरकार ऐसा निर्णय चाहती है जिससे अविश्वास व टकराव से बचा जा सके। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका पर प्रस्ताव के मसौदे पर टिप्पणी देते हुए बुधवार को कहा, "हम सम्बंधित पक्षों के बीच अविश्वास व टकराव को बढ़ावा देने के बजाए उनके बीच सुलह व जवाबदेही को बढ़ाने वाला परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।" एक भारतीय समाचार पत्र के मुताबिक पूर्व में करियावासम ने कहा था कि भारत सरकार को तमिलों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने वाले भारतीय सांसदों की जांच करनी चाहिए। करियावासम ने अपनी टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देने के बाद कहा, "मेरा यह मतलब नहीं था।" उन्होंने कहा, "मेरा मतलब था कि दूसरे देशों में लिट्टे समर्थक समूह सक्रिय हैं और इस क्षेत्र में श्रीलंका के खिलाफ दुष्प्रचार का एक अभियान चला रहे हैं।" उन्होंने कहा कि श्रीलंका में लम्बे समय तक चले युद्ध की 2009 में समाप्ति के बाद शुरू हुई सुलह की प्रक्रिया में बाधा डालने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने जांच की बात कही तो उनका मतलब विदेशों में लिट्टे समर्थक समूहों से था न कि भारतीय सांसदों से। करियावासम ने कहा कि उनसे मुलाकात करने वाले भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने उनकी कथित टिप्पणियों पर स्पष्ट रूप से भारत सरकार की चिंता की बात कही।टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि वह जिनेवा में मानवाधिकार परिषद की बैठक में श्रीलंका में युद्ध अपराधों पर अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव पर भारत के कैसे रुख की उम्मीद करते हैं, तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र है।" तमिलनाडु की पार्टियों ने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा है। दूसरी ओर इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत सावधानी बरत रहा है। केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा के बाद कोई निर्णय लेने की बात कही है। केंद्र सरकार ऐसा निर्णय चाहती है जिससे अविश्वास व टकराव से बचा जा सके। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका पर प्रस्ताव के मसौदे पर टिप्पणी देते हुए बुधवार को कहा, "हम सम्बंधित पक्षों के बीच अविश्वास व टकराव को बढ़ावा देने के बजाए उनके बीच सुलह व जवाबदेही को बढ़ाने वाला परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "मेरा मतलब था कि दूसरे देशों में लिट्टे समर्थक समूह सक्रिय हैं और इस क्षेत्र में श्रीलंका के खिलाफ दुष्प्रचार का एक अभियान चला रहे हैं।" उन्होंने कहा कि श्रीलंका में लम्बे समय तक चले युद्ध की 2009 में समाप्ति के बाद शुरू हुई सुलह की प्रक्रिया में बाधा डालने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने जांच की बात कही तो उनका मतलब विदेशों में लिट्टे समर्थक समूहों से था न कि भारतीय सांसदों से। करियावासम ने कहा कि उनसे मुलाकात करने वाले भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने उनकी कथित टिप्पणियों पर स्पष्ट रूप से भारत सरकार की चिंता की बात कही।टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि वह जिनेवा में मानवाधिकार परिषद की बैठक में श्रीलंका में युद्ध अपराधों पर अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव पर भारत के कैसे रुख की उम्मीद करते हैं, तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र है।" तमिलनाडु की पार्टियों ने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा है। दूसरी ओर इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत सावधानी बरत रहा है। केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा के बाद कोई निर्णय लेने की बात कही है। केंद्र सरकार ऐसा निर्णय चाहती है जिससे अविश्वास व टकराव से बचा जा सके। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका पर प्रस्ताव के मसौदे पर टिप्पणी देते हुए बुधवार को कहा, "हम सम्बंधित पक्षों के बीच अविश्वास व टकराव को बढ़ावा देने के बजाए उनके बीच सुलह व जवाबदेही को बढ़ाने वाला परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि जब उन्होंने जांच की बात कही तो उनका मतलब विदेशों में लिट्टे समर्थक समूहों से था न कि भारतीय सांसदों से। करियावासम ने कहा कि उनसे मुलाकात करने वाले भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने उनकी कथित टिप्पणियों पर स्पष्ट रूप से भारत सरकार की चिंता की बात कही।टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि वह जिनेवा में मानवाधिकार परिषद की बैठक में श्रीलंका में युद्ध अपराधों पर अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव पर भारत के कैसे रुख की उम्मीद करते हैं, तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र है।" तमिलनाडु की पार्टियों ने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा है। दूसरी ओर इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत सावधानी बरत रहा है। केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा के बाद कोई निर्णय लेने की बात कही है। केंद्र सरकार ऐसा निर्णय चाहती है जिससे अविश्वास व टकराव से बचा जा सके। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका पर प्रस्ताव के मसौदे पर टिप्पणी देते हुए बुधवार को कहा, "हम सम्बंधित पक्षों के बीच अविश्वास व टकराव को बढ़ावा देने के बजाए उनके बीच सुलह व जवाबदेही को बढ़ाने वाला परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।" जब उनसे पूछा गया कि वह जिनेवा में मानवाधिकार परिषद की बैठक में श्रीलंका में युद्ध अपराधों पर अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव पर भारत के कैसे रुख की उम्मीद करते हैं, तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र है।" तमिलनाडु की पार्टियों ने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा है। दूसरी ओर इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत सावधानी बरत रहा है। केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा के बाद कोई निर्णय लेने की बात कही है। केंद्र सरकार ऐसा निर्णय चाहती है जिससे अविश्वास व टकराव से बचा जा सके। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका पर प्रस्ताव के मसौदे पर टिप्पणी देते हुए बुधवार को कहा, "हम सम्बंधित पक्षों के बीच अविश्वास व टकराव को बढ़ावा देने के बजाए उनके बीच सुलह व जवाबदेही को बढ़ाने वाला परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका पर प्रस्ताव के मसौदे पर टिप्पणी देते हुए बुधवार को कहा, "हम सम्बंधित पक्षों के बीच अविश्वास व टकराव को बढ़ावा देने के बजाए उनके बीच सुलह व जवाबदेही को बढ़ाने वाला परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।"
संक्षिप्त पाठ: भारत में श्रीलंका के राजदूत ने अपनी टिप्पणियों के लिए भारतीय सांसदों से माफी मांगी है। श्रीलंकाई राजदूत ने कहा था कि श्रीलंका में तमिल टाइगर्स के मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठाने वालों के लिट्टे से सम्बंधों की जांच की जाए।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल की शानदार 150 रन की पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के तीसरे दिन पहली पारी में छह विकेट के नुकसान पर 442 रन बना लिए।टिप्पणियां न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 351 रन बनाए थे और अब वेस्टइंडीज के पास तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 91 रन की बढ़त हो गई है। गेल के अलावा सलामी बल्लेबाज कीरन पावेल (134) ने भी शतक जड़ा। असद फुदादुन (55) और नरसिंह देवनारायण (नाबाद 54) ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को ठोस स्कोर तक पहुंचाने में मदद की। दिन का खेल समाप्त होने तक देवनारायण 54 और कप्तान डारेन सैमी आठ रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। एक रेडियो साक्षात्कार के दौरान अधिकारियों पर टिप्पणी करने से वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड से विवाद के कारण 18 महीने के बाद टेस्ट मैच खेल रहे गेल ने 206 गेंदों की शतकीय पारी में 17 चौके और चार छक्के लगाए। उन्हें केन विलियमसन ने आउट किया। गेल और पावेल ने पहले विकेट के लिए 254 रन की साझेदारी की। न्यूजीलैंड की ओर से विलियमसन और क्रिस मार्टिन ने दो-दो, जबकि डग ब्रेसवेल और नील वेगनर ने एक एक विकेट लिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 351 रन बनाए थे और अब वेस्टइंडीज के पास तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 91 रन की बढ़त हो गई है। गेल के अलावा सलामी बल्लेबाज कीरन पावेल (134) ने भी शतक जड़ा। असद फुदादुन (55) और नरसिंह देवनारायण (नाबाद 54) ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को ठोस स्कोर तक पहुंचाने में मदद की। दिन का खेल समाप्त होने तक देवनारायण 54 और कप्तान डारेन सैमी आठ रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। एक रेडियो साक्षात्कार के दौरान अधिकारियों पर टिप्पणी करने से वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड से विवाद के कारण 18 महीने के बाद टेस्ट मैच खेल रहे गेल ने 206 गेंदों की शतकीय पारी में 17 चौके और चार छक्के लगाए। उन्हें केन विलियमसन ने आउट किया। गेल और पावेल ने पहले विकेट के लिए 254 रन की साझेदारी की। न्यूजीलैंड की ओर से विलियमसन और क्रिस मार्टिन ने दो-दो, जबकि डग ब्रेसवेल और नील वेगनर ने एक एक विकेट लिया। एक रेडियो साक्षात्कार के दौरान अधिकारियों पर टिप्पणी करने से वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड से विवाद के कारण 18 महीने के बाद टेस्ट मैच खेल रहे गेल ने 206 गेंदों की शतकीय पारी में 17 चौके और चार छक्के लगाए। उन्हें केन विलियमसन ने आउट किया। गेल और पावेल ने पहले विकेट के लिए 254 रन की साझेदारी की। न्यूजीलैंड की ओर से विलियमसन और क्रिस मार्टिन ने दो-दो, जबकि डग ब्रेसवेल और नील वेगनर ने एक एक विकेट लिया।
संक्षिप्त पाठ: क्रिस गेल की शानदार 150 रन की पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के तीसरे दिन पहली पारी में छह विकेट के नुकसान पर 442 रन बना लिए।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान की एक अदालत ने पैगंबर का अपमान करने पर खबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक व्यक्ति को ईशनिंदा कानून का दोषी ठहराने के बाद मौत की सजा सुनाई है। खबरों के अनुसार चित्राल जिले के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजहर खान की अदालत ने हजरत अली शाह को मृत्युदंड सुनाया है। पैगंबर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर उसपर पिछले साल 10 मार्च को विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।टिप्पणियां डॉन की खबर के मुताबिक शाह के गांववालों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। अदालत में कई लोगों ने गवाही दी। शाह की मां और भाई समेत कई रिश्तेदारों ने घोषणा की है कि पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी करने पर उन्होंने उससे नाता तोड़ लिया है। न्यायाधीश ने शाह पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और 10 साल की कैद की सजा भी सुनाई। अधिकारियों ने बताया कि चित्राल में पहली बार किसी व्यक्ति के खिलाफ ईशनिंदा कानून का मामला दर्ज किया गया और दंडित किया गया। खबरों के अनुसार चित्राल जिले के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजहर खान की अदालत ने हजरत अली शाह को मृत्युदंड सुनाया है। पैगंबर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर उसपर पिछले साल 10 मार्च को विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।टिप्पणियां डॉन की खबर के मुताबिक शाह के गांववालों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। अदालत में कई लोगों ने गवाही दी। शाह की मां और भाई समेत कई रिश्तेदारों ने घोषणा की है कि पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी करने पर उन्होंने उससे नाता तोड़ लिया है। न्यायाधीश ने शाह पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और 10 साल की कैद की सजा भी सुनाई। अधिकारियों ने बताया कि चित्राल में पहली बार किसी व्यक्ति के खिलाफ ईशनिंदा कानून का मामला दर्ज किया गया और दंडित किया गया। डॉन की खबर के मुताबिक शाह के गांववालों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। अदालत में कई लोगों ने गवाही दी। शाह की मां और भाई समेत कई रिश्तेदारों ने घोषणा की है कि पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी करने पर उन्होंने उससे नाता तोड़ लिया है। न्यायाधीश ने शाह पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और 10 साल की कैद की सजा भी सुनाई। अधिकारियों ने बताया कि चित्राल में पहली बार किसी व्यक्ति के खिलाफ ईशनिंदा कानून का मामला दर्ज किया गया और दंडित किया गया। न्यायाधीश ने शाह पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और 10 साल की कैद की सजा भी सुनाई। अधिकारियों ने बताया कि चित्राल में पहली बार किसी व्यक्ति के खिलाफ ईशनिंदा कानून का मामला दर्ज किया गया और दंडित किया गया।
पाकिस्तान की एक अदालत ने पैगंबर का अपमान करने पर खबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक व्यक्ति को ईशनिंदा कानून का दोषी ठहराने के बाद मौत की सजा सुनाई है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चार में से तीन पदों पर जीत हासिल की है। चुनाव परिणाम शनिवार को घोषित किए गए। एबीवीपी ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर कब्जा कर लिया जबकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) सिर्फ सचिव पद हासिल कर पाया। एबीवीपी के उम्मीदवार अमन अवाना अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि उत्कर्ष चौधरी ने उपाध्यक्ष और राजू रावत ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की। एनएसयूआई की करिश्मा ठाकुर सचिव चुनी गईं। एबीवीपी के सभी प्रत्याशियों ने अपनी जीत को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा बताया। मोदी को शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 के आम चुनाव के लिए पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशियों ने कहा कि उन लोगों ने अपने प्रचार में लाभ लेने के लिए 'मोदी फैक्टर' का इस्तेमाल किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमन अवाना ने कहा, "बदलाव की अब शुरुआत हो चुकी है, क्योंकि एबीवीपी ने विश्वविद्यालय पर कब्जा कर लिया है। मोदी युवाओं के आदर्श हैं और हमने उनका अपने प्रचार में इस्तेमाल किया और हमें इसका लाभ मिला।" अवाना को 17,879 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई प्रत्याशी विशाल चौधरी को 1,551 मतों से पराजित किया। विश्वविद्यालय के लिए काम करने का वादा करते हुए डूसू के नए उपाध्यक्ष उत्कर्ष चौधरी ने कहा, "हम परिसर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए काम करेंगे, क्योंकि हमने छात्र हितों को ताक पर रखने वाले बदमाशों से विश्वविद्यालय को झटक लिया है।" चौधरी को 14,968 मत मिले। उन्होंने एनएसयूआई प्रत्याशी कपिल शर्मा को 3,691 मतों से पराजित किया। रावत ने 15,643 मत हासिल कर एनएसयूआई के कुशान खत्री को 3,288 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई की नूतन ठाकुर को 14,662 मत मिले और उन्होंने एबीवीपी के अंशू लकड़ा को 2,781 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई ने एबीवीपी पर स्वच्छ आचरण नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रवक्ता अमरीश रंजन ने कहा, "हमें अपने विरोधियों की रणनीति को समझना चाहिए था। हम अपने विरोधियों के मुकाबले स्वच्छ तरीके से चुनाव लड़ रहे थे।" एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। एबीवीपी ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर कब्जा कर लिया जबकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) सिर्फ सचिव पद हासिल कर पाया। एबीवीपी के उम्मीदवार अमन अवाना अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि उत्कर्ष चौधरी ने उपाध्यक्ष और राजू रावत ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की। एनएसयूआई की करिश्मा ठाकुर सचिव चुनी गईं। एबीवीपी के सभी प्रत्याशियों ने अपनी जीत को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा बताया। मोदी को शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 के आम चुनाव के लिए पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशियों ने कहा कि उन लोगों ने अपने प्रचार में लाभ लेने के लिए 'मोदी फैक्टर' का इस्तेमाल किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमन अवाना ने कहा, "बदलाव की अब शुरुआत हो चुकी है, क्योंकि एबीवीपी ने विश्वविद्यालय पर कब्जा कर लिया है। मोदी युवाओं के आदर्श हैं और हमने उनका अपने प्रचार में इस्तेमाल किया और हमें इसका लाभ मिला।" अवाना को 17,879 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई प्रत्याशी विशाल चौधरी को 1,551 मतों से पराजित किया। विश्वविद्यालय के लिए काम करने का वादा करते हुए डूसू के नए उपाध्यक्ष उत्कर्ष चौधरी ने कहा, "हम परिसर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए काम करेंगे, क्योंकि हमने छात्र हितों को ताक पर रखने वाले बदमाशों से विश्वविद्यालय को झटक लिया है।" चौधरी को 14,968 मत मिले। उन्होंने एनएसयूआई प्रत्याशी कपिल शर्मा को 3,691 मतों से पराजित किया। रावत ने 15,643 मत हासिल कर एनएसयूआई के कुशान खत्री को 3,288 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई की नूतन ठाकुर को 14,662 मत मिले और उन्होंने एबीवीपी के अंशू लकड़ा को 2,781 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई ने एबीवीपी पर स्वच्छ आचरण नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रवक्ता अमरीश रंजन ने कहा, "हमें अपने विरोधियों की रणनीति को समझना चाहिए था। हम अपने विरोधियों के मुकाबले स्वच्छ तरीके से चुनाव लड़ रहे थे।" एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। एबीवीपी के उम्मीदवार अमन अवाना अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि उत्कर्ष चौधरी ने उपाध्यक्ष और राजू रावत ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की। एनएसयूआई की करिश्मा ठाकुर सचिव चुनी गईं। एबीवीपी के सभी प्रत्याशियों ने अपनी जीत को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा बताया। मोदी को शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 के आम चुनाव के लिए पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशियों ने कहा कि उन लोगों ने अपने प्रचार में लाभ लेने के लिए 'मोदी फैक्टर' का इस्तेमाल किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमन अवाना ने कहा, "बदलाव की अब शुरुआत हो चुकी है, क्योंकि एबीवीपी ने विश्वविद्यालय पर कब्जा कर लिया है। मोदी युवाओं के आदर्श हैं और हमने उनका अपने प्रचार में इस्तेमाल किया और हमें इसका लाभ मिला।" अवाना को 17,879 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई प्रत्याशी विशाल चौधरी को 1,551 मतों से पराजित किया। विश्वविद्यालय के लिए काम करने का वादा करते हुए डूसू के नए उपाध्यक्ष उत्कर्ष चौधरी ने कहा, "हम परिसर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए काम करेंगे, क्योंकि हमने छात्र हितों को ताक पर रखने वाले बदमाशों से विश्वविद्यालय को झटक लिया है।" चौधरी को 14,968 मत मिले। उन्होंने एनएसयूआई प्रत्याशी कपिल शर्मा को 3,691 मतों से पराजित किया। रावत ने 15,643 मत हासिल कर एनएसयूआई के कुशान खत्री को 3,288 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई की नूतन ठाकुर को 14,662 मत मिले और उन्होंने एबीवीपी के अंशू लकड़ा को 2,781 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई ने एबीवीपी पर स्वच्छ आचरण नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रवक्ता अमरीश रंजन ने कहा, "हमें अपने विरोधियों की रणनीति को समझना चाहिए था। हम अपने विरोधियों के मुकाबले स्वच्छ तरीके से चुनाव लड़ रहे थे।" एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। एबीवीपी के सभी प्रत्याशियों ने अपनी जीत को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा बताया। मोदी को शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 के आम चुनाव के लिए पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशियों ने कहा कि उन लोगों ने अपने प्रचार में लाभ लेने के लिए 'मोदी फैक्टर' का इस्तेमाल किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमन अवाना ने कहा, "बदलाव की अब शुरुआत हो चुकी है, क्योंकि एबीवीपी ने विश्वविद्यालय पर कब्जा कर लिया है। मोदी युवाओं के आदर्श हैं और हमने उनका अपने प्रचार में इस्तेमाल किया और हमें इसका लाभ मिला।" अवाना को 17,879 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई प्रत्याशी विशाल चौधरी को 1,551 मतों से पराजित किया। विश्वविद्यालय के लिए काम करने का वादा करते हुए डूसू के नए उपाध्यक्ष उत्कर्ष चौधरी ने कहा, "हम परिसर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए काम करेंगे, क्योंकि हमने छात्र हितों को ताक पर रखने वाले बदमाशों से विश्वविद्यालय को झटक लिया है।" चौधरी को 14,968 मत मिले। उन्होंने एनएसयूआई प्रत्याशी कपिल शर्मा को 3,691 मतों से पराजित किया। रावत ने 15,643 मत हासिल कर एनएसयूआई के कुशान खत्री को 3,288 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई की नूतन ठाकुर को 14,662 मत मिले और उन्होंने एबीवीपी के अंशू लकड़ा को 2,781 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई ने एबीवीपी पर स्वच्छ आचरण नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रवक्ता अमरीश रंजन ने कहा, "हमें अपने विरोधियों की रणनीति को समझना चाहिए था। हम अपने विरोधियों के मुकाबले स्वच्छ तरीके से चुनाव लड़ रहे थे।" एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। प्रत्याशियों ने कहा कि उन लोगों ने अपने प्रचार में लाभ लेने के लिए 'मोदी फैक्टर' का इस्तेमाल किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमन अवाना ने कहा, "बदलाव की अब शुरुआत हो चुकी है, क्योंकि एबीवीपी ने विश्वविद्यालय पर कब्जा कर लिया है। मोदी युवाओं के आदर्श हैं और हमने उनका अपने प्रचार में इस्तेमाल किया और हमें इसका लाभ मिला।" अवाना को 17,879 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई प्रत्याशी विशाल चौधरी को 1,551 मतों से पराजित किया। विश्वविद्यालय के लिए काम करने का वादा करते हुए डूसू के नए उपाध्यक्ष उत्कर्ष चौधरी ने कहा, "हम परिसर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए काम करेंगे, क्योंकि हमने छात्र हितों को ताक पर रखने वाले बदमाशों से विश्वविद्यालय को झटक लिया है।" चौधरी को 14,968 मत मिले। उन्होंने एनएसयूआई प्रत्याशी कपिल शर्मा को 3,691 मतों से पराजित किया। रावत ने 15,643 मत हासिल कर एनएसयूआई के कुशान खत्री को 3,288 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई की नूतन ठाकुर को 14,662 मत मिले और उन्होंने एबीवीपी के अंशू लकड़ा को 2,781 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई ने एबीवीपी पर स्वच्छ आचरण नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रवक्ता अमरीश रंजन ने कहा, "हमें अपने विरोधियों की रणनीति को समझना चाहिए था। हम अपने विरोधियों के मुकाबले स्वच्छ तरीके से चुनाव लड़ रहे थे।" एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। विश्वविद्यालय के लिए काम करने का वादा करते हुए डूसू के नए उपाध्यक्ष उत्कर्ष चौधरी ने कहा, "हम परिसर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए काम करेंगे, क्योंकि हमने छात्र हितों को ताक पर रखने वाले बदमाशों से विश्वविद्यालय को झटक लिया है।" चौधरी को 14,968 मत मिले। उन्होंने एनएसयूआई प्रत्याशी कपिल शर्मा को 3,691 मतों से पराजित किया। रावत ने 15,643 मत हासिल कर एनएसयूआई के कुशान खत्री को 3,288 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई की नूतन ठाकुर को 14,662 मत मिले और उन्होंने एबीवीपी के अंशू लकड़ा को 2,781 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई ने एबीवीपी पर स्वच्छ आचरण नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रवक्ता अमरीश रंजन ने कहा, "हमें अपने विरोधियों की रणनीति को समझना चाहिए था। हम अपने विरोधियों के मुकाबले स्वच्छ तरीके से चुनाव लड़ रहे थे।" एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। एनएसयूआई की नूतन ठाकुर को 14,662 मत मिले और उन्होंने एबीवीपी के अंशू लकड़ा को 2,781 मतों से पराजित किया। एनएसयूआई ने एबीवीपी पर स्वच्छ आचरण नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रवक्ता अमरीश रंजन ने कहा, "हमें अपने विरोधियों की रणनीति को समझना चाहिए था। हम अपने विरोधियों के मुकाबले स्वच्छ तरीके से चुनाव लड़ रहे थे।" एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। एनएसयूआई ने एबीवीपी पर स्वच्छ आचरण नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रवक्ता अमरीश रंजन ने कहा, "हमें अपने विरोधियों की रणनीति को समझना चाहिए था। हम अपने विरोधियों के मुकाबले स्वच्छ तरीके से चुनाव लड़ रहे थे।" एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए भाजपा की प्रवक्ता ने निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया है, "डूसू में बहुत अच्छा किया एबीवीपी। बधाई।" आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। आरएसएस के मीडिया एवं जन संपर्क प्रबंधक राम माधव ने भी ट्वीट किया है, "डूसू चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी को दिल से बधाई।" दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने विजेताओं से मुलाकात कर बधाई दी और ट्वीट किया है, "डूसू के चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत के लिए बधाई। मैं इन युवकों में भविष्य का नेता की कल्पना करता हूं।" विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। विजेताओं के समर्थकों ने परिणाम घोषित होने के बाद उत्सव मनाया और पटाखे चलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पराजित प्रत्याशी चुपचाप वहां से चले गए।टिप्पणियां मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। मतदान की तरह ही मतगणना के दिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में मतदान हुआ। इस चुनाव में 51,000 मतदाता थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच था। हालांकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी कुछ उम्मीदवार खड़े किए थे।
सारांश: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चार में से तीन पदों पर जीत हासिल की है। चुनाव परिणाम शनिवार को घोषित किए गए।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रानाउत ने किसी तरह का फिल्मी संपर्क न होने के बावजूद बॉलीवुड में अपने दम पर जगह बनाई और उनका कहना है कि अभिनय और दर्शकों की पसंद पर खरा उतरने की वजह से वह यहां अपने कदम जमा सकी। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर में जन्मी कंगना दिल्ली चली गई और मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और जल्द ही एक थियेटर ग्रुप से जुड़ गईं और यहीं से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई। फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने उन्हें एक कैफे में देखा और उसे ‘गैंगस्टर’ फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई और उन्हें काफी सराहना मिली।टिप्पणियां मधुर भंडारकर की फिल्म ‘फैशन’ के लिए कंगना ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया। ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’, ‘राज 2’ और ‘तनु वेड्स मनु’ हिट फिल्मों के बीच उनकी कुछ फिल्में असफल रहीं, लेकिन ‘शूटआउट एड वडाला’ एक बार फिर हिट साबित हुई, हालांकि कंगना अपने करियर की को लेकर खुश हैं। कंगना ने कहा, फिल्मी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होने के बावजूद मैं जिस मुकाम पर पहुंची हूं उसे लेकर खुश हूं। केवल एक चीज जो मुझे यहां पर पहुंचने के दौरान मेरे काम आई, वह मेरा अभिनय है। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर में जन्मी कंगना दिल्ली चली गई और मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और जल्द ही एक थियेटर ग्रुप से जुड़ गईं और यहीं से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई। फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने उन्हें एक कैफे में देखा और उसे ‘गैंगस्टर’ फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई और उन्हें काफी सराहना मिली।टिप्पणियां मधुर भंडारकर की फिल्म ‘फैशन’ के लिए कंगना ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया। ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’, ‘राज 2’ और ‘तनु वेड्स मनु’ हिट फिल्मों के बीच उनकी कुछ फिल्में असफल रहीं, लेकिन ‘शूटआउट एड वडाला’ एक बार फिर हिट साबित हुई, हालांकि कंगना अपने करियर की को लेकर खुश हैं। कंगना ने कहा, फिल्मी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होने के बावजूद मैं जिस मुकाम पर पहुंची हूं उसे लेकर खुश हूं। केवल एक चीज जो मुझे यहां पर पहुंचने के दौरान मेरे काम आई, वह मेरा अभिनय है। फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने उन्हें एक कैफे में देखा और उसे ‘गैंगस्टर’ फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई और उन्हें काफी सराहना मिली।टिप्पणियां मधुर भंडारकर की फिल्म ‘फैशन’ के लिए कंगना ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया। ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’, ‘राज 2’ और ‘तनु वेड्स मनु’ हिट फिल्मों के बीच उनकी कुछ फिल्में असफल रहीं, लेकिन ‘शूटआउट एड वडाला’ एक बार फिर हिट साबित हुई, हालांकि कंगना अपने करियर की को लेकर खुश हैं। कंगना ने कहा, फिल्मी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होने के बावजूद मैं जिस मुकाम पर पहुंची हूं उसे लेकर खुश हूं। केवल एक चीज जो मुझे यहां पर पहुंचने के दौरान मेरे काम आई, वह मेरा अभिनय है। मधुर भंडारकर की फिल्म ‘फैशन’ के लिए कंगना ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया। ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’, ‘राज 2’ और ‘तनु वेड्स मनु’ हिट फिल्मों के बीच उनकी कुछ फिल्में असफल रहीं, लेकिन ‘शूटआउट एड वडाला’ एक बार फिर हिट साबित हुई, हालांकि कंगना अपने करियर की को लेकर खुश हैं। कंगना ने कहा, फिल्मी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होने के बावजूद मैं जिस मुकाम पर पहुंची हूं उसे लेकर खुश हूं। केवल एक चीज जो मुझे यहां पर पहुंचने के दौरान मेरे काम आई, वह मेरा अभिनय है। कंगना ने कहा, फिल्मी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होने के बावजूद मैं जिस मुकाम पर पहुंची हूं उसे लेकर खुश हूं। केवल एक चीज जो मुझे यहां पर पहुंचने के दौरान मेरे काम आई, वह मेरा अभिनय है।
सारांश: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रानाउत ने किसी तरह का फिल्मी संपर्क न होने के बावजूद बॉलीवुड में अपने दम पर जगह बनाई और उनका कहना है कि अभिनय और दर्शकों की पसंद पर खरा उतरने की वजह से वह यहां अपने कदम जमा सकी।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और अफगानिस्तान के सामरिक भागेदारी समझौते का स्वागत करते हुए अमेरिका ने कहा है कि इसे लेकर पाकिस्तानी नेतृत्व को चिंतित या बेचैन नहीं होना चाहिए। हाल के दिनों में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में आए गतिरोध के बीच भारत और अफगानिस्तान के बीच नई दिल्ली में हुई सामरिक भागीदारी के समझौते की घोषणा का पाकिस्तान क्या मतलब निकालेगा, इस पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इसे गणितीय खेल की तरह नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा, हम सभी का एक ही लक्ष्य है और वह अफगानिस्तान में शांतिपूर्ण, स्थायी और आगे बढ़ते लोकतंत्र की स्थापना के लिए काम करना है ताकि शांति और सुरक्षा से सबको लाभ पहुंचे इसलिए अफगानिस्तान के साथ भारत के सहयोग को गणितीय खेल की तरह नहीं देखना। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले सामरिक भागेदारी के समझौते की खबरों पर बात करते हुए कहा कि हमें इसका स्वागत करना चाहिए।
भारत-अफगान के सामरिक भागेदारी समझौते का स्वागत करते हुए अमेरिका ने कहा है कि इसे लेकर पाक नेतृत्व को चिंतित नहीं होना चाहिए।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने विभिन्न उत्पादों के लिए ग्राहकों से उच्च शुल्क लेने को लेकर बैंकों को आज आगाह किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में होने वाले ओम्बड्समैन सम्मेलन में नए दिशा-निर्देश की घोषणा की जाएगी, जिसमें इससे जुड़ी कुछ बातें होगी।टिप्पणियां चक्रवर्ती ने कहा कि अगर बैंक ग्राहकों को विभिन्न उत्पादों के लिए उच्च शुल्क लेते हैं, तब हम हस्तक्षेप करेंगे। ‘‘हमने सूक्ष्म-वित्त संस्थानों के मामले में हस्तक्षेप किया है। ग्राहकों के लिए पेश उत्पादों पर भेदभावपूर्ण कीमत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव की अध्यक्षता में 4 जनवरी को होने वाले ओम्बड्समैन सम्मेलन में नए दिशानिर्देश की घोषणा की जाएगी। ‘कुछ दिशानिर्देश इस बारे में होंगे कि रिजर्व बैंक ग्राहकों के उत्पादों के लिए उच्च शुल्क मामले में और कड़ा कदम कैसे उठा सकता है। उन्होंने कहा, बैंकों को ग्राहकों की जरूरतों को समझना होगा और उसे युक्तिसंगत रखना होगा। चक्रवर्ती ने कहा कि बैंक शिक्षा ऋण पर आवास कर्ज के मुकाबले ज्यादा ब्याज लेता है। उन्होंने कहा, मैं केवल यह प्रश्न उठा रहा हूं कि इसे आखिर क्यों नहीं कम किया जा सकता है। इससे पहले, ‘इंडियन बैंकिंग रिफार्मस एंड आफ्टर’ शीषर्क से पुस्तक जारी करते हुए चक्रवर्ती ने कहा कि बैंकों को अपने कामकाज में कुशलता बनाए रखने की जरूरत है। इस पुस्तक को इंडियन ओवरसीज बैंक के कर्मचारी धर्मलिंगम वेणुगोपाल ने लिखा है। चक्रवर्ती ने कहा कि अगर बैंक ग्राहकों को विभिन्न उत्पादों के लिए उच्च शुल्क लेते हैं, तब हम हस्तक्षेप करेंगे। ‘‘हमने सूक्ष्म-वित्त संस्थानों के मामले में हस्तक्षेप किया है। ग्राहकों के लिए पेश उत्पादों पर भेदभावपूर्ण कीमत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव की अध्यक्षता में 4 जनवरी को होने वाले ओम्बड्समैन सम्मेलन में नए दिशानिर्देश की घोषणा की जाएगी। ‘कुछ दिशानिर्देश इस बारे में होंगे कि रिजर्व बैंक ग्राहकों के उत्पादों के लिए उच्च शुल्क मामले में और कड़ा कदम कैसे उठा सकता है। उन्होंने कहा, बैंकों को ग्राहकों की जरूरतों को समझना होगा और उसे युक्तिसंगत रखना होगा। चक्रवर्ती ने कहा कि बैंक शिक्षा ऋण पर आवास कर्ज के मुकाबले ज्यादा ब्याज लेता है। उन्होंने कहा, मैं केवल यह प्रश्न उठा रहा हूं कि इसे आखिर क्यों नहीं कम किया जा सकता है। इससे पहले, ‘इंडियन बैंकिंग रिफार्मस एंड आफ्टर’ शीषर्क से पुस्तक जारी करते हुए चक्रवर्ती ने कहा कि बैंकों को अपने कामकाज में कुशलता बनाए रखने की जरूरत है। इस पुस्तक को इंडियन ओवरसीज बैंक के कर्मचारी धर्मलिंगम वेणुगोपाल ने लिखा है। चक्रवर्ती ने कहा कि बैंक शिक्षा ऋण पर आवास कर्ज के मुकाबले ज्यादा ब्याज लेता है। उन्होंने कहा, मैं केवल यह प्रश्न उठा रहा हूं कि इसे आखिर क्यों नहीं कम किया जा सकता है। इससे पहले, ‘इंडियन बैंकिंग रिफार्मस एंड आफ्टर’ शीषर्क से पुस्तक जारी करते हुए चक्रवर्ती ने कहा कि बैंकों को अपने कामकाज में कुशलता बनाए रखने की जरूरत है। इस पुस्तक को इंडियन ओवरसीज बैंक के कर्मचारी धर्मलिंगम वेणुगोपाल ने लिखा है।
यह एक सारांश है: रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने विभिन्न उत्पादों के लिए ग्राहकों से उच्च शुल्क लेने को लेकर बैंकों को आज आगाह किया।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी के विधायकों ने गुरुवार को विधानसभा में ही डिनर किया और वहीं हरे कारपेट के ऊपर सोए. दरअसल सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले, भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा (B S Yeddyurappa) ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी के सदस्य रातभर सदन में ही रहेंगे और विश्वास प्रस्ताव पर फैसला होने तक सदन में ही डटे रहेंगे. येदियुरप्पा ने कहा था, 'विश्वास प्रस्ताव पर ठीक तरह से 15 मिनट भी चर्चा नहीं हुई है और सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य अन्य मुद्दों को उठा रहे हैं ताकि विश्वास प्रस्ताव को टाला जा सके. संवैधानिक रूपरेखा का उल्लंघन हुआ है. इसका विरोध करने के लिए हम यहां सोएंगे.' यूपी विधानसभा में अब दिया जाएगा आधा गिलास पानी, जानिए क्या है मामला राजनीतिक गतिरोध के बावजूद कांग्रेस (Congress) नेता और डिप्टी सीएम के जी परमेश्वरा ने बीजेपी के नेताओं के लिए खाने की व्यवस्था की. उन्होंने कहा, 'यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनके लिए खाना और बाकी चीजों की व्यवस्था करें. उनमें से कुछ को डायबिटीज  और ब्लड प्रेशर की समस्या है. इसलिए हमने उनके लिए यहां सारी व्यवस्थाएं कीं. राजनीति से परे हम दोस्त हैं. यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है.'  कर्नाटक विधानसभा में कई विधायक कैजुअल कपड़ों में सोते हुए दिखाई दिए. कुछ नेताओं ने घर से तकिया और बाकी सामान आया था. कर्नाटक बीजेपी के नेता बीएस येदियुरप्पा सदन के बीचों बीच सोते दिखाई दिए.  कर्नाटक संकट: बीएस येदियुरप्पा बोले- कुमारस्वामी आज अपना विदाई भाषण देंगे और हम ध्यान से सुनेंगे येदियुरप्पा ने एनडीटीवी से कहा था, 'इस सरकार ने बहुमत खो दिया है. उन्होंने इस मामले को खींचने और हमें भड़काने की कोशिश की लेकिन हमने धैर्य से काम लिया. हम पूरी रात सदन में धरना देंगे.'
संक्षिप्त पाठ: बीजेपी विधायकों के लिए कांग्रेस ने ऑर्डर किया डिनर डिप्टी सीएम ने कहा- राजनीति से परे हम दोस्त हैं. यह लोकतंत्र की खूबसूरती 'हमारा कर्तव्य है कि हम उनके लिए खाना और बाकी चीजों की व्यवस्था करें'
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस नए कानून में आरक्षण का हकदार होने के लिए जिन शर्तों का उल्लेख था, उनमें से एक यह भी था कि अभ्यर्थी की वार्षिक आय आठ लाख रुपये सालाना से ज़्यादा न हो. लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की कड़ॉी आलोचना की, क्योंकि इनकम टैक्स की मौजूदा दरों के मुताबिक, आठ लाख रुपये की आय वालों से 20 फीसदी आयकर वसूला जाता है. विपक्ष का कहना था कि जो शख्स अपनी कमाई का पांचवां हिस्सा इनकम टैक्स के रूप में सरकार को दे रहा है, वह आर्थिक रूप से कमज़ोर कैसे माना जा सकता है, या दूसरे शब्दों में जिसे सरकार आरक्षण कानून में 'गरीब' बता रही है, उससे वह 20 फीसदी टैक्स कैसे ले सकती है. सूत्रों के अनुसार, इसी आलोचना का सटीक जवाब देने के लिए वित्तमंत्री इस बजट में करमुक्त आय की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर सकते हैं, जो मौजूदा समय में सिर्फ 2.5 लाख रुपये है. इसके अतिरिक्त इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 सी के तहत निवेश पर दी जाने वाली करमुक्त आय की सीमा को भी 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया जा सकता है, ताकि आठ लाख रुपये तक कमाने वालों को किसी तरह का टैक्स नहीं देना पड़े. इसके अलावा, सूत्रों का कहना है, आयकर स्लैब में परिवर्तन की मांग भी लम्बे अरसे से की जा रही हैं, लेकिन फिलहाल उनमें बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि अगर उपरोक्त प्रावधान कर दिए जाते हैं, और करमुक्त आय की सीमा को वास्तव में ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया जाता है, तो सरकारी खजाने पर इसका खासा प्रभाव पड़ने के आसार हैं, सो, फिलहाल इनकम टैक्स स्लैब में किसी तरह का परिवर्तन इस वक्त नहीं किया जाएगा. मौजूदा समय में ढाई लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लिया जाता है, जबकि ढाई से पांच लाख रुपये तक की कमाई पर पांच फीसदी, पांच से 10 लाख रुपये तक की करयोग्य आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से ज़्यादा की आय पर 30 फीसदी इनकम टैक्स देना होता है. अब सूत्रों से मिली ख़बर के मुताबिक, अगर पांच लाख रुपये तक की आय करमुक्त कर दी जाती है, तो भारत में इनकम टैक्स की स्लैब में स्वतः परिवर्तन हो जाएगा, और निम्नतम स्लैब ही 20 फीसदी का हो जाएगा, जो पांच लाख रुपये से अधिक की आय पर देना होता है. सूत्रों ने बताया है कि इसके बाद भी धारा 80 सी के तहत बचत करने वालों को तीन लाख रुपये तक की राशि को करयोग्य आय में से घटाने का हक होगा, ताकि आठ लाख रुपये तक की आय पर कोई कर न देना पड़े.
यहाँ एक सारांश है:अरुण जेटली 1 फरवरी को पेश करेंगे मोदी सरकार का आखिरी बजट सूत्रों के मुताबिक, इस बजट में मध्यम वर्ग को मिल सकती है खासी राहत करमुक्त आय की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जा सकता है
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: श्रीलंका में टीम इंडिया जीत के लिए मैदान पर जमकर पसीना बहा रही है, तो मैदान के बाहर टोटकों का भी सहारा ले रही है। टीम इंडिया ने यह साफ कर दिया है कि वह टी-20 विश्वकप पुरानी जर्सी के साथ ही खेलेगी।टिप्पणियां कुछ दिन पहले ही टीम इंडिया के लिए ट्वेंटी-20 की नई जर्सी को मीडिया के सामने पेश किया गया था। नाइकी की इस ड्रेस के साथ टीम इंडिया को वर्ल्ड टी−20 में हिस्सा लेना था, लेकिन अब कहा गया है कि टीम के खिलाड़ी पुरानी ड्रेस में ही खेलेंगे। अचानक ऐसा क्यों हुआ है, इसको लेकर बीसीसीआई की ओर से कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बोर्ड पुराने ब्लू−कलर की ड्रेस को टीम के लिए कहीं ज्यादा लकी मान रहा है और लकी कलर से तौबा नहीं करना चाहता। कुछ दिन पहले ही टीम इंडिया के लिए ट्वेंटी-20 की नई जर्सी को मीडिया के सामने पेश किया गया था। नाइकी की इस ड्रेस के साथ टीम इंडिया को वर्ल्ड टी−20 में हिस्सा लेना था, लेकिन अब कहा गया है कि टीम के खिलाड़ी पुरानी ड्रेस में ही खेलेंगे। अचानक ऐसा क्यों हुआ है, इसको लेकर बीसीसीआई की ओर से कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बोर्ड पुराने ब्लू−कलर की ड्रेस को टीम के लिए कहीं ज्यादा लकी मान रहा है और लकी कलर से तौबा नहीं करना चाहता। अचानक ऐसा क्यों हुआ है, इसको लेकर बीसीसीआई की ओर से कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बोर्ड पुराने ब्लू−कलर की ड्रेस को टीम के लिए कहीं ज्यादा लकी मान रहा है और लकी कलर से तौबा नहीं करना चाहता।
श्रीलंका में टीम इंडिया जीत के लिए मैदान पर जमकर पसीना बहा रही है, तो मैदान के बाहर टोटकों का भी सहारा ले रही है। टीम इंडिया ने साफ किया कि वह विश्वकप पुरानी जर्सी के साथ ही खेलेगी।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ओला और उबर की तर्ज पर टैक्सी ऐप लॉन्च करने जा रहे हैं ताकि कर्नाटक के टैक्सी ड्राइवरों और मालिकों का शोषण बहुराष्ट्रीय कंपनियां न कर सकें. कुमारस्वामी ने एनडीटीवी को बताया कि ऐप लगभग तैयार है और इसे एक महीने के अंदर लॉन्च किया जाएगा. पिछले कुछ महीनों से ओला और उबर से जुड़े ड्राइवर इन कंपनियों के नियमों को लेकर खासे नाराज हैं और वे हड़ताल भी कर चुके हैं. बेंगलुरु टूरिस्ट टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके होल्ला का आरोप है कि ओला और उबर ने पहले ड्राइवरों को प्रलोभन दिया था. वे हालात अब बदल चुके हैं. पहले की तरह इंसेंटिव भी अब नहीं मिल रहे. ड्राइवरों में इसी निराशा की वजह से हाल में हड़ताल हुई. कुमारस्वामी का टैक्सी ऐप ऐसे में रहत दे सकता है क्योंकि उनका उद्देश्य प्रॉफिट कमाना नहीं है.टिप्पणियां हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष कुमारस्वामी की इस पहल को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. उनकी नजर कर्नाटक के 18 फीसदी वोककालिग्गा वोट बैंक पर है जिसका उनकी पार्टी प्रतिनिधित्व करती है. दरअसल बेंगलुरु के टैक्सी और ऑटो पर इस समुदाय का दबदबा है. ऐसे में कुमारस्वामी छोटे-छोटे मुद्दों को भी अपने से जोड़े रखते हैं ताकि उनकी पकड़ बनी रहे. बेंगलुरु में चलनी वालीं कुल एक लाख 60 हजार के आसपास  टैक्सियों में से आधी यानी लगभग 80 हजार टैक्सियां ओला, उबर से जुड़ी हैं. पिछले कुछ महीनों से ओला और उबर से जुड़े ड्राइवर इन कंपनियों के नियमों को लेकर खासे नाराज हैं और वे हड़ताल भी कर चुके हैं. बेंगलुरु टूरिस्ट टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके होल्ला का आरोप है कि ओला और उबर ने पहले ड्राइवरों को प्रलोभन दिया था. वे हालात अब बदल चुके हैं. पहले की तरह इंसेंटिव भी अब नहीं मिल रहे. ड्राइवरों में इसी निराशा की वजह से हाल में हड़ताल हुई. कुमारस्वामी का टैक्सी ऐप ऐसे में रहत दे सकता है क्योंकि उनका उद्देश्य प्रॉफिट कमाना नहीं है.टिप्पणियां हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष कुमारस्वामी की इस पहल को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. उनकी नजर कर्नाटक के 18 फीसदी वोककालिग्गा वोट बैंक पर है जिसका उनकी पार्टी प्रतिनिधित्व करती है. दरअसल बेंगलुरु के टैक्सी और ऑटो पर इस समुदाय का दबदबा है. ऐसे में कुमारस्वामी छोटे-छोटे मुद्दों को भी अपने से जोड़े रखते हैं ताकि उनकी पकड़ बनी रहे. बेंगलुरु में चलनी वालीं कुल एक लाख 60 हजार के आसपास  टैक्सियों में से आधी यानी लगभग 80 हजार टैक्सियां ओला, उबर से जुड़ी हैं. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष कुमारस्वामी की इस पहल को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. उनकी नजर कर्नाटक के 18 फीसदी वोककालिग्गा वोट बैंक पर है जिसका उनकी पार्टी प्रतिनिधित्व करती है. दरअसल बेंगलुरु के टैक्सी और ऑटो पर इस समुदाय का दबदबा है. ऐसे में कुमारस्वामी छोटे-छोटे मुद्दों को भी अपने से जोड़े रखते हैं ताकि उनकी पकड़ बनी रहे. बेंगलुरु में चलनी वालीं कुल एक लाख 60 हजार के आसपास  टैक्सियों में से आधी यानी लगभग 80 हजार टैक्सियां ओला, उबर से जुड़ी हैं. बेंगलुरु में चलनी वालीं कुल एक लाख 60 हजार के आसपास  टैक्सियों में से आधी यानी लगभग 80 हजार टैक्सियां ओला, उबर से जुड़ी हैं.
संक्षिप्त पाठ: नजरें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव पर 18 फीसदी वोककालिग्गा वोट बैंक, टैक्सी व्यवसायी बेंगलुरु में चलती हैं कुल एक लाख 60 हजार टैक्सियां
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नई दिल्ली से चेन्नई जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस में हुए अग्निकांड में जान गंवाने वाले अधिकतर लोग हादसे के समय सो रहे थे, जबकि कुछ जगकर अपने गंतव्य का इंतजार कर रहे थे, जो महज तीन घंटे में आने वाला था। देश की सबसे भयंकर रेल त्रासदियों में से एक तमिलनाडु एक्सप्रेस अग्निकांड में कम से कम 32 यात्रियों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। आग से बच निकले एक यात्री ने कहा, सब कुछ 15 सेकेंड में समाप्त हो गया। धुआं तेजी से फैला और लोगों को बच निकलने का मौका नहीं मिला। रेलगाड़ी के जिस एस 11 कोच में आग लगी उसमें 72 लोग यात्रा कर रहे थे। जिन यात्रियों का आरक्षण नहीं था और जो दरवाजों के नजदीक बैठे या खड़े थे वे तो अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन सीटों पर सो रहे, खासकर ऊपरी व मध्य सीट पर सो रहे लोगों को उठकर दरवाजे की तरफ निकलने का मौका नहीं मिला। समझा जा रहा है कि बहुत से लोगों की मौत नींद में सोते हुए ही जलकर हो गई। वे समझ भी नहीं पाए कि क्या हो रहा है। राहतकर्मियों ने सीटों पर से जले हुए शव बाहर निकाले। एक व्यक्ति का शव बैठी हुई अवस्था में पाया गया, जिससे लगता है कि वह जान बचाकर निकलने का प्रयास भी नहीं कर पाया।टिप्पणियां विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा, घटना के बारे में बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने एक महिला और उसके बच्चे का शव देखा। शायद वह बच्चे के साथ निकलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन दोनों की मौत हो गई। रेलवे ने हादसे में मारे गए यात्रियों में से प्रत्येक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने व गम्भीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है। देश की सबसे भयंकर रेल त्रासदियों में से एक तमिलनाडु एक्सप्रेस अग्निकांड में कम से कम 32 यात्रियों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। आग से बच निकले एक यात्री ने कहा, सब कुछ 15 सेकेंड में समाप्त हो गया। धुआं तेजी से फैला और लोगों को बच निकलने का मौका नहीं मिला। रेलगाड़ी के जिस एस 11 कोच में आग लगी उसमें 72 लोग यात्रा कर रहे थे। जिन यात्रियों का आरक्षण नहीं था और जो दरवाजों के नजदीक बैठे या खड़े थे वे तो अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन सीटों पर सो रहे, खासकर ऊपरी व मध्य सीट पर सो रहे लोगों को उठकर दरवाजे की तरफ निकलने का मौका नहीं मिला। समझा जा रहा है कि बहुत से लोगों की मौत नींद में सोते हुए ही जलकर हो गई। वे समझ भी नहीं पाए कि क्या हो रहा है। राहतकर्मियों ने सीटों पर से जले हुए शव बाहर निकाले। एक व्यक्ति का शव बैठी हुई अवस्था में पाया गया, जिससे लगता है कि वह जान बचाकर निकलने का प्रयास भी नहीं कर पाया।टिप्पणियां विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा, घटना के बारे में बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने एक महिला और उसके बच्चे का शव देखा। शायद वह बच्चे के साथ निकलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन दोनों की मौत हो गई। रेलवे ने हादसे में मारे गए यात्रियों में से प्रत्येक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने व गम्भीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है। रेलगाड़ी के जिस एस 11 कोच में आग लगी उसमें 72 लोग यात्रा कर रहे थे। जिन यात्रियों का आरक्षण नहीं था और जो दरवाजों के नजदीक बैठे या खड़े थे वे तो अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन सीटों पर सो रहे, खासकर ऊपरी व मध्य सीट पर सो रहे लोगों को उठकर दरवाजे की तरफ निकलने का मौका नहीं मिला। समझा जा रहा है कि बहुत से लोगों की मौत नींद में सोते हुए ही जलकर हो गई। वे समझ भी नहीं पाए कि क्या हो रहा है। राहतकर्मियों ने सीटों पर से जले हुए शव बाहर निकाले। एक व्यक्ति का शव बैठी हुई अवस्था में पाया गया, जिससे लगता है कि वह जान बचाकर निकलने का प्रयास भी नहीं कर पाया।टिप्पणियां विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा, घटना के बारे में बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने एक महिला और उसके बच्चे का शव देखा। शायद वह बच्चे के साथ निकलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन दोनों की मौत हो गई। रेलवे ने हादसे में मारे गए यात्रियों में से प्रत्येक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने व गम्भीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है। समझा जा रहा है कि बहुत से लोगों की मौत नींद में सोते हुए ही जलकर हो गई। वे समझ भी नहीं पाए कि क्या हो रहा है। राहतकर्मियों ने सीटों पर से जले हुए शव बाहर निकाले। एक व्यक्ति का शव बैठी हुई अवस्था में पाया गया, जिससे लगता है कि वह जान बचाकर निकलने का प्रयास भी नहीं कर पाया।टिप्पणियां विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा, घटना के बारे में बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने एक महिला और उसके बच्चे का शव देखा। शायद वह बच्चे के साथ निकलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन दोनों की मौत हो गई। रेलवे ने हादसे में मारे गए यात्रियों में से प्रत्येक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने व गम्भीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है। एक व्यक्ति का शव बैठी हुई अवस्था में पाया गया, जिससे लगता है कि वह जान बचाकर निकलने का प्रयास भी नहीं कर पाया।टिप्पणियां विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा, घटना के बारे में बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने एक महिला और उसके बच्चे का शव देखा। शायद वह बच्चे के साथ निकलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन दोनों की मौत हो गई। रेलवे ने हादसे में मारे गए यात्रियों में से प्रत्येक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने व गम्भीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है। विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा, घटना के बारे में बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने एक महिला और उसके बच्चे का शव देखा। शायद वह बच्चे के साथ निकलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन दोनों की मौत हो गई। रेलवे ने हादसे में मारे गए यात्रियों में से प्रत्येक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने व गम्भीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है। रेलवे ने हादसे में मारे गए यात्रियों में से प्रत्येक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने व गम्भीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश की सबसे भयंकर रेल त्रासदियों में से एक तमिलनाडु एक्सप्रेस अग्निकांड में कम से कम 32 यात्रियों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हो गए।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्वी दिल्ली में गोकलपुरी इलाके के रहने वाले बी.कॉम के एक छात्र के साथ पहले फेसबुक के माध्यम से दोस्ती और फिर पिस्टल की नोंक पर कुकर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने छात्र का एमएमएस भी बनाया, बदनाम करने और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की स्विफ्ट कार बरामद कर ली गई है। आरोपी फरार है। पुलिस का कहना है मुख्य आरोपी अमित (27) मॉडलिंग भी करता है। इधर, पीड़ित अपने परिवार के साथ गोकुलपुरी में रहता है।टिप्पणियां यह छात्र अपने मोबाइल पर फेसबुक का इस्तेमाल करता था। करीब पांच दिन पहले एक अमित राठी उर्फ़ संजय नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट इसको आई। लड़के ने उसे कन्फर्म कर दिया लेकिन वह नही जानता था कि ये सब उसे इतनी बड़ी मुश्किल में डाल देगा। वह लगातार संजय से बात कर रहा था। 29 तारीख को संजय ने उसे मिलने के लिए नरेला बुलाया। पुलिस ने स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। आरोपी ने छात्र का एमएमएस भी बनाया, बदनाम करने और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की स्विफ्ट कार बरामद कर ली गई है। आरोपी फरार है। पुलिस का कहना है मुख्य आरोपी अमित (27) मॉडलिंग भी करता है। इधर, पीड़ित अपने परिवार के साथ गोकुलपुरी में रहता है।टिप्पणियां यह छात्र अपने मोबाइल पर फेसबुक का इस्तेमाल करता था। करीब पांच दिन पहले एक अमित राठी उर्फ़ संजय नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट इसको आई। लड़के ने उसे कन्फर्म कर दिया लेकिन वह नही जानता था कि ये सब उसे इतनी बड़ी मुश्किल में डाल देगा। वह लगातार संजय से बात कर रहा था। 29 तारीख को संजय ने उसे मिलने के लिए नरेला बुलाया। पुलिस ने स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की स्विफ्ट कार बरामद कर ली गई है। आरोपी फरार है। पुलिस का कहना है मुख्य आरोपी अमित (27) मॉडलिंग भी करता है। इधर, पीड़ित अपने परिवार के साथ गोकुलपुरी में रहता है।टिप्पणियां यह छात्र अपने मोबाइल पर फेसबुक का इस्तेमाल करता था। करीब पांच दिन पहले एक अमित राठी उर्फ़ संजय नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट इसको आई। लड़के ने उसे कन्फर्म कर दिया लेकिन वह नही जानता था कि ये सब उसे इतनी बड़ी मुश्किल में डाल देगा। वह लगातार संजय से बात कर रहा था। 29 तारीख को संजय ने उसे मिलने के लिए नरेला बुलाया। पुलिस ने स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है मुख्य आरोपी अमित (27) मॉडलिंग भी करता है। इधर, पीड़ित अपने परिवार के साथ गोकुलपुरी में रहता है।टिप्पणियां यह छात्र अपने मोबाइल पर फेसबुक का इस्तेमाल करता था। करीब पांच दिन पहले एक अमित राठी उर्फ़ संजय नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट इसको आई। लड़के ने उसे कन्फर्म कर दिया लेकिन वह नही जानता था कि ये सब उसे इतनी बड़ी मुश्किल में डाल देगा। वह लगातार संजय से बात कर रहा था। 29 तारीख को संजय ने उसे मिलने के लिए नरेला बुलाया। पुलिस ने स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। यह छात्र अपने मोबाइल पर फेसबुक का इस्तेमाल करता था। करीब पांच दिन पहले एक अमित राठी उर्फ़ संजय नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट इसको आई। लड़के ने उसे कन्फर्म कर दिया लेकिन वह नही जानता था कि ये सब उसे इतनी बड़ी मुश्किल में डाल देगा। वह लगातार संजय से बात कर रहा था। 29 तारीख को संजय ने उसे मिलने के लिए नरेला बुलाया। पुलिस ने स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है।
संक्षिप्त पाठ: पूर्वी दिल्ली में गोकलपुरी इलाके के रहने वाले बी.कॉम के एक छात्र के साथ पहले फेसबुक के माध्यम से दोस्ती और फिर पिस्टल की नोंक पर कुकर्म करने का मामला सामने आया है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से परामर्श के बाद सरकार से लोकपाल विधेयक का एक नया मसौदा तैयार करने का अनुरोध करते हुए वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने गुरुवार को कहा कि गांधीवादी की मांगों पर सरकार का सहमत होना यह दिखाता है कि टीम अन्ना हमेशा तर्कसंगत थी। शांति भूषण ने पत्रकारों से कहा, मैं बहुत खुश हूं कि आखिरकार सरकार में एक अच्छी समझ विकसित हुई और उसने अन्ना हजारे को आमरण अनशन के लिए 15 दिनों की अनुमति दी। सरकार का यह निर्णय बताता है कि अन्ना हजारे कभी भी अपनी मांगों को लेकर अप्रासंगिक नहीं थे। टीम अन्ना के सदस्य भूषण के मुताबिक सामाजिक संगठन की ओर से पेश जन लोकपाल विधेयक का मसौदा संवैधानिक है। उन्होंने कहा, मैं प्रमाणित कर सकता हूं कि जन लोकपाल विधेयक का मसौदा संवैधानिक है और मैं सोचता हूं कि सरकार के लिए यह बुद्धिमानी होगी कि वह संसद में पेश अपने विधेयक को वापस ले और अन्ना हजारे से बातचीत के बाद विधेयक का एक नया मसौदा पेश करे।
यह एक सारांश है: शांति भूषण ने गुरुवार को कहा कि अन्ना हजारे की मांगों पर सरकार का सहमत होना यह दिखाता है कि टीम अन्ना हमेशा तर्कसंगत थी।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दूसरा घर खरीदकर टैक्स में छूट का लाभ लेने वालों को सरकार ने तगड़ा झटका दिया है. केंद्र सरकार ने साफ किया है कि दूसरा घर खरीदने वालों को होम लोन के ब्याज में सालाना दो लाख रुपए तक की टैक्स छूट का ही फायदा मिलेगा. सरकार इससे ज्यादा छूट देने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है. शनिवार को राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने स्पष्ट करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास अतिरिक्त धन है, उनके द्वारा दूसरा घर खरीदे जाने पर टैक्स छूट दिए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे घर के लिए होम लोन पर टैक्स छूट का गलत फायदा उठाया जा रहा है. संसाधनों के सीमित होने का हवाला देते हुए अधिया ने कहा कि जरूरी यह है कि पहली बार खरीदने वालों को टैक्स छूट में प्राथमिकता पर रखा जाए. इसकी बजाय उन लोगों को छूट देना सही नहीं है, जो अपने घर में रहते हैं और दूसरी प्रॉपर्टी खरीदकर उससे कमाई कर रहे हैं. इससे पहले शुक्रवार को खबर थी कि वित्त विधेयक, 2017 में पेश किए गए इस प्रस्ताव को सरकार वापस ले सकती है. लेकिन शनिवार आते-आते यह स्थिति साफ हो गई.  टिप्पणियां मौजूदा नियमों के अनुसार, मकान मालिक किराए पर दी गई प्रॉपर्टी के ब्याज पर पूरी छूट का दावा कर सकता था, जबकि अपने मकान में खुद रहने वाले 2 लाख रुपये तक ही क्लेम करने का हकदार होते थे. लेकिन वित्त मंत्री ने हालिया बजट में जो प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, उसके बाद अब मकान किराए पर दिए जाने पर भी 2 लाख रुपये तक की ही छूट का दावा किया जा सकेगा. यानी, जिसने लोन लेकर मकान बनाया, वह अब हर हाल में (चाहे वह मकान को किराए पर दे दे या उसमें खुद रहे) 2 लाख रु. तक की छूट के लाभ का दावा कर सकेगा, इससे ज्यादा नहीं. उदाहरण के लिए, किसी खास वर्ष में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे क्रेता, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा.   संसाधनों के सीमित होने का हवाला देते हुए अधिया ने कहा कि जरूरी यह है कि पहली बार खरीदने वालों को टैक्स छूट में प्राथमिकता पर रखा जाए. इसकी बजाय उन लोगों को छूट देना सही नहीं है, जो अपने घर में रहते हैं और दूसरी प्रॉपर्टी खरीदकर उससे कमाई कर रहे हैं. इससे पहले शुक्रवार को खबर थी कि वित्त विधेयक, 2017 में पेश किए गए इस प्रस्ताव को सरकार वापस ले सकती है. लेकिन शनिवार आते-आते यह स्थिति साफ हो गई.  टिप्पणियां मौजूदा नियमों के अनुसार, मकान मालिक किराए पर दी गई प्रॉपर्टी के ब्याज पर पूरी छूट का दावा कर सकता था, जबकि अपने मकान में खुद रहने वाले 2 लाख रुपये तक ही क्लेम करने का हकदार होते थे. लेकिन वित्त मंत्री ने हालिया बजट में जो प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, उसके बाद अब मकान किराए पर दिए जाने पर भी 2 लाख रुपये तक की ही छूट का दावा किया जा सकेगा. यानी, जिसने लोन लेकर मकान बनाया, वह अब हर हाल में (चाहे वह मकान को किराए पर दे दे या उसमें खुद रहे) 2 लाख रु. तक की छूट के लाभ का दावा कर सकेगा, इससे ज्यादा नहीं. उदाहरण के लिए, किसी खास वर्ष में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे क्रेता, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा.   मौजूदा नियमों के अनुसार, मकान मालिक किराए पर दी गई प्रॉपर्टी के ब्याज पर पूरी छूट का दावा कर सकता था, जबकि अपने मकान में खुद रहने वाले 2 लाख रुपये तक ही क्लेम करने का हकदार होते थे. लेकिन वित्त मंत्री ने हालिया बजट में जो प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, उसके बाद अब मकान किराए पर दिए जाने पर भी 2 लाख रुपये तक की ही छूट का दावा किया जा सकेगा. यानी, जिसने लोन लेकर मकान बनाया, वह अब हर हाल में (चाहे वह मकान को किराए पर दे दे या उसमें खुद रहे) 2 लाख रु. तक की छूट के लाभ का दावा कर सकेगा, इससे ज्यादा नहीं. उदाहरण के लिए, किसी खास वर्ष में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे क्रेता, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा.   उदाहरण के लिए, किसी खास वर्ष में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे क्रेता, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा.
संक्षिप्त सारांश: दूसरा घर खरीदकर टैक्स में छूट का लाभ लेने वालों को तगड़ा झटका सरकार ज्यादा छूट देने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है कहा - दूसरे घर के लिए होम लोन पर टैक्स छूट का गलत फायदा
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म निर्देशक मंसूर खान ने कहा है कि अभिनेता आमिर खान ने साल 2000 में आई फिल्म 'जोश' में शाहरुख खान की भूमिका की वजह से फिल्म में काम करने से मना कर दिया था. साल 1988 की हिट फिल्म 'कयामत से कयामत तक' में आमिर को निर्देशित कर चुके मंसूर खान ने 18वें मुंबई फिल्म फेस्टिवल के दौरान यह बात कही. उन्होंने कहा, "मुझे अब भी लगता है कि आमिर और शाहरुख फिल्म के लिए एकदम सही कास्टिंग थे. हालांकि, आमिर ने यह किरदार निभाने से मना कर दिया. उनकी अपनी पसंद है."टिप्पणियां आमिर को राहुल की भूमिका ऑफर की गई थी जो बाद में चंद्रचूड़ सिंह ने निभाई थी. फिल्म में इस किरदार को शर्ली (ऐश्वर्या राय) से प्यार हो जाता है. मंसूर ने बताया कि आमिर द्वारा ऑफर ठुकराए जाने की दो वजहें थीं, पहली यह कि वह रोमांटिक अभिनेता की अपनी छवि बदलना चाहते थे और दूसरी वजह थी वह शाहरुख खान का किरदार. मंसूर ने कहा, 'मैक्स (शाहरुख का किरदार) एक बहुत ही करिश्माई किरदार है, इस वजह से हर कोई मैक्स का किरदार निभाना चाहता था.' उन्होंने कहा कि अभिनेत्री काजोल भी शाहरुख खान की भूमिका निभाना चाहती थीं. मंसूर ने बताया, 'जब मैंने शाहरुख की बहन का किरदार काजोल को दिया तो उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी और कहा कि वह मैक्स का किरदार करना चाहती हैं.' उन्होंने कहा, "मुझे अब भी लगता है कि आमिर और शाहरुख फिल्म के लिए एकदम सही कास्टिंग थे. हालांकि, आमिर ने यह किरदार निभाने से मना कर दिया. उनकी अपनी पसंद है."टिप्पणियां आमिर को राहुल की भूमिका ऑफर की गई थी जो बाद में चंद्रचूड़ सिंह ने निभाई थी. फिल्म में इस किरदार को शर्ली (ऐश्वर्या राय) से प्यार हो जाता है. मंसूर ने बताया कि आमिर द्वारा ऑफर ठुकराए जाने की दो वजहें थीं, पहली यह कि वह रोमांटिक अभिनेता की अपनी छवि बदलना चाहते थे और दूसरी वजह थी वह शाहरुख खान का किरदार. मंसूर ने कहा, 'मैक्स (शाहरुख का किरदार) एक बहुत ही करिश्माई किरदार है, इस वजह से हर कोई मैक्स का किरदार निभाना चाहता था.' उन्होंने कहा कि अभिनेत्री काजोल भी शाहरुख खान की भूमिका निभाना चाहती थीं. मंसूर ने बताया, 'जब मैंने शाहरुख की बहन का किरदार काजोल को दिया तो उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी और कहा कि वह मैक्स का किरदार करना चाहती हैं.' आमिर को राहुल की भूमिका ऑफर की गई थी जो बाद में चंद्रचूड़ सिंह ने निभाई थी. फिल्म में इस किरदार को शर्ली (ऐश्वर्या राय) से प्यार हो जाता है. मंसूर ने बताया कि आमिर द्वारा ऑफर ठुकराए जाने की दो वजहें थीं, पहली यह कि वह रोमांटिक अभिनेता की अपनी छवि बदलना चाहते थे और दूसरी वजह थी वह शाहरुख खान का किरदार. मंसूर ने कहा, 'मैक्स (शाहरुख का किरदार) एक बहुत ही करिश्माई किरदार है, इस वजह से हर कोई मैक्स का किरदार निभाना चाहता था.' उन्होंने कहा कि अभिनेत्री काजोल भी शाहरुख खान की भूमिका निभाना चाहती थीं. मंसूर ने बताया, 'जब मैंने शाहरुख की बहन का किरदार काजोल को दिया तो उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी और कहा कि वह मैक्स का किरदार करना चाहती हैं.' उन्होंने कहा कि अभिनेत्री काजोल भी शाहरुख खान की भूमिका निभाना चाहती थीं. मंसूर ने बताया, 'जब मैंने शाहरुख की बहन का किरदार काजोल को दिया तो उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी और कहा कि वह मैक्स का किरदार करना चाहती हैं.'
यह एक सारांश है: साल 2000 की हिट फिल्म थी 'जोश', शाहरुख खान थे मुख्य भूमिका में. फिल्म में चंद्रचूड़ सिंह का किरदार पहले आमिर खान को ऑफर किया गया था. शाहरुख का किरदार इतना अच्छा था कि हर कोई वही करना चाहता था- मंसूर खान.
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और चीन के बीच अपने बाजारों को और खोलने और द्विपक्षीय निवेश सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच पहली व्यापक रणनीतिक आर्थिक वार्ता (एसईडी) हुई। भारत के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और चीनी प्रतिनिधिमंडल की चीन के राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के चेयरमैन ज्यांग पिंग ने की। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि अहलूवालिया और पिंग के बीच बातचीत काफी सकारात्मक और सफल रही और दोनों के बीच विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर सहयोग और संयोजन बढ़ाने की सहमति बनी। दोनों पक्ष द्विपक्षीय निवेश सहयोग को और बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। बातचीत में दोनों पक्षों ने अपने बाजारों को और खोलने और निवेश का माहौल सुधारने पर सहमति दी। इसके साथ ही भारत-चीन ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर राजी हुए हैं। सतत विकास के लिए दोनों देशों ने अक्षय ऊर्जा के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही है। अपने संबोधन में अहलूवालिया ने कहा कि भारत और चीन में काफी समानताएं हैं।
संक्षिप्त पाठ: भारत और चीन के बीच अपने बाजारों को और खोलने और द्विपक्षीय निवेश सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा कि भारत और उसके पड़ोसी देशों को मांग और आपूर्ति के असंतुलन से उबरने के लिए खराब होने वाली सामग्रियों के आयात और निर्यात के लिए एक विशेष समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए। सीआईआई ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए 10 सूत्री सिफारिशों को सुझाया है। उसने कहा, खराब होने वाली सामग्रियों के आयात-निर्यात के लिए भारत और पड़ोसी देशों के बीच एक विशेष समझौते पर हस्ताक्षर होना चाहिए। सीआईआई का कहना है कि यह एक विश्वास बहाली का उपाय होगा तथा भारत और पड़ोसी देशों के बीच एक ही सामग्री की मांग आपूर्ति की चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति एक जनवरी को 16.91 प्रतिशत थी। सामान्य मानसून होने के बावजूद चालू वर्ष में मुद्रास्फीति काफी ऊंची बनी हुई है। सीआईआई ने कहा कि मुद्रास्फीति की पुनरावृति गहरे ढांचागत समस्याओं की वजह से है इसलिए अल्पावधि में सरकार को कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क और विभिन्न शुल्कों को कम कर देना चाहिए।
संक्षिप्त पाठ: खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति एक जनवरी को 16.91 प्रतिशत थी। सामान्य मानसून होने के बावजूद चालू वर्ष में मुद्रास्फीति काफी ऊंची बनी हुई है।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने रविवार को कहा कि यह जरूरी नहीं है कि कोई व्यक्ति हमेशा किसी दूसरे व्यक्ति की बातों से सहमत ही हो और ऐसा होने से दोनों एक-दूसरे के दुश्मन नहीं बन जाते हैं. राज्यपाल का यह बयान मुर्शिदाबाद में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद दिए गए उनके बयान के तीन दिन बाद आया है. हत्याकांड पर दिए अपने बयान में उन्होंने कहा था कि मुर्शिदाबाद की घटना राज्य में ‘चिंताजनक' कानून-व्यवस्था को दिखाती है. राज्यपाल का यह बयान सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस को रास नहीं आया था और उनके राज्यपाल पर पलटवार किया था. अब राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने हावड़ा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘यह जरूरी नहीं है कि मुझे आपके हर विचार से सहमत ही होना पड़े और ऐसा होना मुझे आपका विरोधी और दुश्मन नहीं बनाता है.' उन्होंने बिना किसी का नाम लिए हुए कहा कि दो लोगों को एक-दूसरे से असहमत होने का अधिकार है.' बता दें, मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज में एक प्राथमिक शिक्षक, उनकी पत्नी और उनके आठ वर्षीय बेटे की हत्या अज्ञात लोगों ने उनके घर के भीतर मंगलवार को कर दी थी.  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने दावा किया था कि शिक्षक उनके समर्थक थे. वहीं राज भवन ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि यह घटना असहिष्णुता और राज्य में कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति को दिखाती है. बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के महासचिव एवं मंत्री पार्थ चटर्जी ने राज्यपाल पर ‘रोजाना राजनीतिक बयानबाजी' करने का आरोप लगाया था और उन्हें ‘संवैधानिक दायरे' में रहने की याद दिलाई थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जरूरी नहीं है कि कोई व्यक्ति हमेशा दूसरे व्यक्ति की बातों से सहमत ही हो र्शिदाबाद की घटना राज्य में ‘चिंताजनक’ कानून-व्यवस्था को दिखाती है कहा- दो लोगों को एक-दूसरे से असहमत होने का अधिकार है
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अगर आप दूसरा घर खरीदकर टैक्स में छूट लेने की सोच रहे हैं जरा वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट 2017-18 के नए नियम जान लीजिए. अब दूसरे घर पर टैक्स में पहले जैसी छूट नहीं मिलेगी. केंद्र सरकार के नए नियम के मुताबिक दूसरे घर पर लिए गए होम लोन पर अधिकतम 2 लाख रुपए तक टैक्स में छूट पा सकेंगे. यानी सरकार उन लोगों को ढील नहीं देना चाहती है जो एक से ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदकर होम लोन उठा लेते हैं और उसके जरिए टैक्स में छूट पाते हैं. नए नियम में पहली बार घर खरीदने वालों को टैक्स छूट में प्राथमिकता दी जा रही है. इसमें उन लोगों को छूट नहीं दी गई है जो अपने घर में रहते हैं और दूसरी प्रॉपर्टी खरीदकर उससे किराया कमा रहे हैं.  पहले मकान मालिक किराए पर दी गई प्रॉपर्टी के ब्याज पर पूरी छूट का दावा कर सकता था, जबकि अपने मकान में खुद रहने वाले 2  लाख रुपये तक ही क्लेम करने का हकदार होते थे.  हालांकि बजट 2017-18 के नियमों के अनुसार मकान किराए पर दिए जाने पर भी 2 लाख रुपये तक की ही छूट का दावा किया जा सकेगा. यानी, जिसने लोन लेकर मकान बनाया, वह अब हर हाल में (चाहे वह मकान को किराए पर दे दे या उसमें खुद रहे) 2 लाख रुपए तक की छूट के लाभ का दावा कर सकेगा.टिप्पणियां उदाहरण के लिए किसी खास साल में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे खरीदार, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे, लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा. अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी में कर और नियामक निदेशक संदीप सहगल ने बताया कि अब तक लोग किराया कमाने के लिहाज से ही दूसरी प्रॉपर्टी खरीदते थे. इसमें वे एक तो दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोन पर भी टैक्स में छूट पाते थे, साथ ही इससे किराया भी कमाते थे. इससे उन्हें दोनों तरफ से फायदा होता था, वहीं सरकार को दो तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसे रोकने के लिए सरकार ने दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोने पर सालाना अधिकतम 2 लाख रुपए टैक्स छूट का प्रावधान कर दिया है. नए नियम में पहली बार घर खरीदने वालों को टैक्स छूट में प्राथमिकता दी जा रही है. इसमें उन लोगों को छूट नहीं दी गई है जो अपने घर में रहते हैं और दूसरी प्रॉपर्टी खरीदकर उससे किराया कमा रहे हैं.  पहले मकान मालिक किराए पर दी गई प्रॉपर्टी के ब्याज पर पूरी छूट का दावा कर सकता था, जबकि अपने मकान में खुद रहने वाले 2  लाख रुपये तक ही क्लेम करने का हकदार होते थे.  हालांकि बजट 2017-18 के नियमों के अनुसार मकान किराए पर दिए जाने पर भी 2 लाख रुपये तक की ही छूट का दावा किया जा सकेगा. यानी, जिसने लोन लेकर मकान बनाया, वह अब हर हाल में (चाहे वह मकान को किराए पर दे दे या उसमें खुद रहे) 2 लाख रुपए तक की छूट के लाभ का दावा कर सकेगा.टिप्पणियां उदाहरण के लिए किसी खास साल में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे खरीदार, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे, लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा. अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी में कर और नियामक निदेशक संदीप सहगल ने बताया कि अब तक लोग किराया कमाने के लिहाज से ही दूसरी प्रॉपर्टी खरीदते थे. इसमें वे एक तो दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोन पर भी टैक्स में छूट पाते थे, साथ ही इससे किराया भी कमाते थे. इससे उन्हें दोनों तरफ से फायदा होता था, वहीं सरकार को दो तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसे रोकने के लिए सरकार ने दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोने पर सालाना अधिकतम 2 लाख रुपए टैक्स छूट का प्रावधान कर दिया है. पहले मकान मालिक किराए पर दी गई प्रॉपर्टी के ब्याज पर पूरी छूट का दावा कर सकता था, जबकि अपने मकान में खुद रहने वाले 2  लाख रुपये तक ही क्लेम करने का हकदार होते थे.  हालांकि बजट 2017-18 के नियमों के अनुसार मकान किराए पर दिए जाने पर भी 2 लाख रुपये तक की ही छूट का दावा किया जा सकेगा. यानी, जिसने लोन लेकर मकान बनाया, वह अब हर हाल में (चाहे वह मकान को किराए पर दे दे या उसमें खुद रहे) 2 लाख रुपए तक की छूट के लाभ का दावा कर सकेगा.टिप्पणियां उदाहरण के लिए किसी खास साल में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे खरीदार, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे, लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा. अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी में कर और नियामक निदेशक संदीप सहगल ने बताया कि अब तक लोग किराया कमाने के लिहाज से ही दूसरी प्रॉपर्टी खरीदते थे. इसमें वे एक तो दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोन पर भी टैक्स में छूट पाते थे, साथ ही इससे किराया भी कमाते थे. इससे उन्हें दोनों तरफ से फायदा होता था, वहीं सरकार को दो तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसे रोकने के लिए सरकार ने दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोने पर सालाना अधिकतम 2 लाख रुपए टैक्स छूट का प्रावधान कर दिया है. हालांकि बजट 2017-18 के नियमों के अनुसार मकान किराए पर दिए जाने पर भी 2 लाख रुपये तक की ही छूट का दावा किया जा सकेगा. यानी, जिसने लोन लेकर मकान बनाया, वह अब हर हाल में (चाहे वह मकान को किराए पर दे दे या उसमें खुद रहे) 2 लाख रुपए तक की छूट के लाभ का दावा कर सकेगा.टिप्पणियां उदाहरण के लिए किसी खास साल में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे खरीदार, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे, लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा. अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी में कर और नियामक निदेशक संदीप सहगल ने बताया कि अब तक लोग किराया कमाने के लिहाज से ही दूसरी प्रॉपर्टी खरीदते थे. इसमें वे एक तो दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोन पर भी टैक्स में छूट पाते थे, साथ ही इससे किराया भी कमाते थे. इससे उन्हें दोनों तरफ से फायदा होता था, वहीं सरकार को दो तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसे रोकने के लिए सरकार ने दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोने पर सालाना अधिकतम 2 लाख रुपए टैक्स छूट का प्रावधान कर दिया है. उदाहरण के लिए किसी खास साल में दूसरी प्रॉपर्टी पर ईएमआई पर लगने वाला सालाना ब्याज 5 लाख रुपये है. मान लें कोई मकान मालिक 1.5 लाख रुपये की आय साल भर में उस प्रॉपर्टी से लाभ कमाता है. ऐसे खरीदार, पहले के नियम के मुताबिक, कुल 3.5 लाख तक की आय को समायोजित कर सकते थे, लेकिन अब अगले वित्त वर्ष से वे केवल 2 लाख रुपये की छूट ही उठा सकेंगे. शेष 1.5 लाख को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकेगा. अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी में कर और नियामक निदेशक संदीप सहगल ने बताया कि अब तक लोग किराया कमाने के लिहाज से ही दूसरी प्रॉपर्टी खरीदते थे. इसमें वे एक तो दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोन पर भी टैक्स में छूट पाते थे, साथ ही इससे किराया भी कमाते थे. इससे उन्हें दोनों तरफ से फायदा होता था, वहीं सरकार को दो तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसे रोकने के लिए सरकार ने दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोने पर सालाना अधिकतम 2 लाख रुपए टैक्स छूट का प्रावधान कर दिया है. अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी में कर और नियामक निदेशक संदीप सहगल ने बताया कि अब तक लोग किराया कमाने के लिहाज से ही दूसरी प्रॉपर्टी खरीदते थे. इसमें वे एक तो दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोन पर भी टैक्स में छूट पाते थे, साथ ही इससे किराया भी कमाते थे. इससे उन्हें दोनों तरफ से फायदा होता था, वहीं सरकार को दो तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसे रोकने के लिए सरकार ने दूसरी प्रॉपर्टी पर लिए गए होम लोने पर सालाना अधिकतम 2 लाख रुपए टैक्स छूट का प्रावधान कर दिया है.
दूसरा घर खरीदने पर पहले की तरह टैक्स में नहीं मिलेगी छूट. दूसरी बार होम लोन लेने पर अधिकतम 2 लाख पर मिलेगी टैक्स छूट. ज्यादातर लोग किराया कमाने के लिए खरीदते हैं दूसरा घर.
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय टीम से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने बुधवार को यह मानने से इनकार कर दिया कि भारतीय टीम को अत्यधिक क्रिकेट खेलने से हुई थकान के कारण वेस्टइंडीज में चल रही त्रिकोणीय शृंखला में लगातार दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा। गंभीर ने कहा, ‘‘ऐसा बिलकुल नहीं है..अगर आप थकान की बात कर रहे हो तो अन्य टीमों के साथ भी ऐसा होना चाहिए। वे भी इससे प्रभावित होनी चाहिए। श्रीलंका भी भारत के बराबर क्रिकेट खेल रहा है। अगर अन्य टीमें अच्छा खेल रही हैं तो हमें इसे स्वीकार करना चाहिए। उनके प्रयासों को मान्यता दी जानी चाहिए।’’ भारत को त्रिकोणीय शृंखला के अपने दूसरे मैच में कल श्रीलंका के हाथों 161 रन की हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक विकेट पर 348 रन बनाए और फिर भारत को 44.5 ओवर में 187 पर ढेर कर दिया। भारत ही यह लगातार दूसरी हार थी। इससे पहले उसे वेस्टइंडीज के खिलाफ भी एक विकेट की हार का सामना करना पड़ा था। गंभीर ने हार को हालांकि अधिक तवज्जो नहीं दी और कहा कि यह खेल का हिस्सा है। गंभीर ने यहां एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘प्रत्येक खेल में ऐसा होता है। अच्छे और बुरे चरण आते हैं और ऐसी चीजें होती हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है।’’ दिल्ली के इस आक्रामक बल्लेबाज ने विराट कोहली की कप्तानी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया जो नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के पैर की मांसपेशियों में चोट के कारण बाहर होने के बाद टीम की कमान संभाल रहे हैं। गंभीर ने कहा, ‘‘मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.. धन्यवाद।’’ पिछले कुछ समय से गंभीर खराब फार्म में चल रहे हैं और उन्हें चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए भी भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने चैम्पियन्स ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके गंभीर की वापसी की राह मुश्किल कर दी है। गंभीर ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की कवायद के तहत अपने बल्लेबाजी कौशल को निखारने के उद्देश्य से एक हफ्ते के लिए भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रामन की सेवाएं निजी सलाहकार के तौर पर ली हैं। गंभीर ने रणजी प्रारूप में सुधार के लिए तकनीकी समिति के सुझाव लागू करने के बीसीसीआई की दौरा कार्य समिति के फैसले का भी स्वागत किया।टिप्पणियां वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। गंभीर ने कहा, ‘‘ऐसा बिलकुल नहीं है..अगर आप थकान की बात कर रहे हो तो अन्य टीमों के साथ भी ऐसा होना चाहिए। वे भी इससे प्रभावित होनी चाहिए। श्रीलंका भी भारत के बराबर क्रिकेट खेल रहा है। अगर अन्य टीमें अच्छा खेल रही हैं तो हमें इसे स्वीकार करना चाहिए। उनके प्रयासों को मान्यता दी जानी चाहिए।’’ भारत को त्रिकोणीय शृंखला के अपने दूसरे मैच में कल श्रीलंका के हाथों 161 रन की हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक विकेट पर 348 रन बनाए और फिर भारत को 44.5 ओवर में 187 पर ढेर कर दिया। भारत ही यह लगातार दूसरी हार थी। इससे पहले उसे वेस्टइंडीज के खिलाफ भी एक विकेट की हार का सामना करना पड़ा था। गंभीर ने हार को हालांकि अधिक तवज्जो नहीं दी और कहा कि यह खेल का हिस्सा है। गंभीर ने यहां एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘प्रत्येक खेल में ऐसा होता है। अच्छे और बुरे चरण आते हैं और ऐसी चीजें होती हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है।’’ दिल्ली के इस आक्रामक बल्लेबाज ने विराट कोहली की कप्तानी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया जो नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के पैर की मांसपेशियों में चोट के कारण बाहर होने के बाद टीम की कमान संभाल रहे हैं। गंभीर ने कहा, ‘‘मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.. धन्यवाद।’’ पिछले कुछ समय से गंभीर खराब फार्म में चल रहे हैं और उन्हें चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए भी भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने चैम्पियन्स ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके गंभीर की वापसी की राह मुश्किल कर दी है। गंभीर ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की कवायद के तहत अपने बल्लेबाजी कौशल को निखारने के उद्देश्य से एक हफ्ते के लिए भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रामन की सेवाएं निजी सलाहकार के तौर पर ली हैं। गंभीर ने रणजी प्रारूप में सुधार के लिए तकनीकी समिति के सुझाव लागू करने के बीसीसीआई की दौरा कार्य समिति के फैसले का भी स्वागत किया।टिप्पणियां वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। भारत को त्रिकोणीय शृंखला के अपने दूसरे मैच में कल श्रीलंका के हाथों 161 रन की हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक विकेट पर 348 रन बनाए और फिर भारत को 44.5 ओवर में 187 पर ढेर कर दिया। भारत ही यह लगातार दूसरी हार थी। इससे पहले उसे वेस्टइंडीज के खिलाफ भी एक विकेट की हार का सामना करना पड़ा था। गंभीर ने हार को हालांकि अधिक तवज्जो नहीं दी और कहा कि यह खेल का हिस्सा है। गंभीर ने यहां एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘प्रत्येक खेल में ऐसा होता है। अच्छे और बुरे चरण आते हैं और ऐसी चीजें होती हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है।’’ दिल्ली के इस आक्रामक बल्लेबाज ने विराट कोहली की कप्तानी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया जो नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के पैर की मांसपेशियों में चोट के कारण बाहर होने के बाद टीम की कमान संभाल रहे हैं। गंभीर ने कहा, ‘‘मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.. धन्यवाद।’’ पिछले कुछ समय से गंभीर खराब फार्म में चल रहे हैं और उन्हें चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए भी भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने चैम्पियन्स ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके गंभीर की वापसी की राह मुश्किल कर दी है। गंभीर ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की कवायद के तहत अपने बल्लेबाजी कौशल को निखारने के उद्देश्य से एक हफ्ते के लिए भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रामन की सेवाएं निजी सलाहकार के तौर पर ली हैं। गंभीर ने रणजी प्रारूप में सुधार के लिए तकनीकी समिति के सुझाव लागू करने के बीसीसीआई की दौरा कार्य समिति के फैसले का भी स्वागत किया।टिप्पणियां वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। गंभीर ने हार को हालांकि अधिक तवज्जो नहीं दी और कहा कि यह खेल का हिस्सा है। गंभीर ने यहां एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘प्रत्येक खेल में ऐसा होता है। अच्छे और बुरे चरण आते हैं और ऐसी चीजें होती हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है।’’ दिल्ली के इस आक्रामक बल्लेबाज ने विराट कोहली की कप्तानी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया जो नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के पैर की मांसपेशियों में चोट के कारण बाहर होने के बाद टीम की कमान संभाल रहे हैं। गंभीर ने कहा, ‘‘मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.. धन्यवाद।’’ पिछले कुछ समय से गंभीर खराब फार्म में चल रहे हैं और उन्हें चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए भी भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने चैम्पियन्स ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके गंभीर की वापसी की राह मुश्किल कर दी है। गंभीर ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की कवायद के तहत अपने बल्लेबाजी कौशल को निखारने के उद्देश्य से एक हफ्ते के लिए भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रामन की सेवाएं निजी सलाहकार के तौर पर ली हैं। गंभीर ने रणजी प्रारूप में सुधार के लिए तकनीकी समिति के सुझाव लागू करने के बीसीसीआई की दौरा कार्य समिति के फैसले का भी स्वागत किया।टिप्पणियां वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। गंभीर ने यहां एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘प्रत्येक खेल में ऐसा होता है। अच्छे और बुरे चरण आते हैं और ऐसी चीजें होती हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है।’’ दिल्ली के इस आक्रामक बल्लेबाज ने विराट कोहली की कप्तानी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया जो नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के पैर की मांसपेशियों में चोट के कारण बाहर होने के बाद टीम की कमान संभाल रहे हैं। गंभीर ने कहा, ‘‘मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.. धन्यवाद।’’ पिछले कुछ समय से गंभीर खराब फार्म में चल रहे हैं और उन्हें चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए भी भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने चैम्पियन्स ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके गंभीर की वापसी की राह मुश्किल कर दी है। गंभीर ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की कवायद के तहत अपने बल्लेबाजी कौशल को निखारने के उद्देश्य से एक हफ्ते के लिए भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रामन की सेवाएं निजी सलाहकार के तौर पर ली हैं। गंभीर ने रणजी प्रारूप में सुधार के लिए तकनीकी समिति के सुझाव लागू करने के बीसीसीआई की दौरा कार्य समिति के फैसले का भी स्वागत किया।टिप्पणियां वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। गंभीर ने कहा, ‘‘मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.. धन्यवाद।’’ पिछले कुछ समय से गंभीर खराब फार्म में चल रहे हैं और उन्हें चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए भी भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने चैम्पियन्स ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके गंभीर की वापसी की राह मुश्किल कर दी है। गंभीर ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की कवायद के तहत अपने बल्लेबाजी कौशल को निखारने के उद्देश्य से एक हफ्ते के लिए भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रामन की सेवाएं निजी सलाहकार के तौर पर ली हैं। गंभीर ने रणजी प्रारूप में सुधार के लिए तकनीकी समिति के सुझाव लागू करने के बीसीसीआई की दौरा कार्य समिति के फैसले का भी स्वागत किया।टिप्पणियां वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। गंभीर ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की कवायद के तहत अपने बल्लेबाजी कौशल को निखारने के उद्देश्य से एक हफ्ते के लिए भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रामन की सेवाएं निजी सलाहकार के तौर पर ली हैं। गंभीर ने रणजी प्रारूप में सुधार के लिए तकनीकी समिति के सुझाव लागू करने के बीसीसीआई की दौरा कार्य समिति के फैसले का भी स्वागत किया।टिप्पणियां वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। गंभीर ने रणजी प्रारूप में सुधार के लिए तकनीकी समिति के सुझाव लागू करने के बीसीसीआई की दौरा कार्य समिति के फैसले का भी स्वागत किया।टिप्पणियां वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। वर्ष 2013-14 सत्र के रणजी ट्राफी मैच सिर्फ सप्ताहांत के दौरान खेले जाएंगे जबकि तीसरे मैच के बाद मैचों के बीच का अंतर चार दिन का होगा और प्रत्येक टीम लीग चरण में अपने और विरोधी के मैदान पर चार-चार मैच खेलेगी। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। क्रिकेटरों की चोटों के बारे में गंभीर ने कहा कि यह खिलाड़ी को कभी भी लग सकती हैं और इसके लिए अत्यधिक भार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय टीम से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने बुधवार को यह मानने से इनकार कर दिया कि भारतीय टीम को अत्यधिक क्रिकेट खेलने से हुई थकान के कारण वेस्टइंडीज में चल रही त्रिकोणीय शृंखला में लगातार दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने एक बार फिर जोर देकर कहा है कि अफगानिस्तान में आतंकवाद का खतरा बरकरार है और उसे सीमापार से वित्तीय तथा वैचारिक मदद मिल रही है। भारत ने हालांकि पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। साथ ही उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह अफगानिस्तान में पर्याप्त वित्तीय सहायता दे। भारत ने ये बातें यहां अफगानिस्तान पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कही। यह सम्मेलन वर्ष 2014 तक अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद वहां की स्थितियों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण के कार्यो को लेकर भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री कृष्णा ने कहा, "हम अफगानिस्तान को आत्मनिर्भरता हासिल करने में सहायता कर रहे हैं, लेकिन हमें यह भी समझने की जरूरत है कि क्षेत्र में आतंकवाद को वैचारिक, बुनियादी, तार्किक व वित्तीय सहायता अब भी मिल रही है।" पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कृष्णा ने कहा, "अफगानिस्तान आज भी सीमापार से आतंकवाद का खतरा झेल रहा है। सीमापार से आतंकवाद के खतरे से वह प्रतिदिन लड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता के अभाव में इसके पास उसका सामना करने की क्षमता नहीं है।" सम्मेलन में 80 देशों तथा विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वे यहां वर्ष 2012 के बाद और वर्ष 2014 में अफगानिस्तान से अमेरिका के नेतृत्व वाले उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सैनिकों की वापसी तक तथा परिवर्तन दशक (वर्ष 2015-24) के दौरान अफगानिस्तान में सतत विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चर्चा के लिए एकत्र हुए थे।टिप्पणियां विभिन्न देशों तथा समूहों ने अगले चार वर्ष में अफगानिस्तान को विकास कार्य के लिए 16 अरब डॉलर की सहायता राशि देने का वादा किया, ताकि वर्ष 2014 में विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद भी क्षेत्र में अस्थिरता एवं अराजकता की स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके। कृष्णा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा पिछले दशक में यहां के पुरुषों तथा महिलाओं से मिली सहायता को सुरक्षित रखने के लिए भी समर्थन दिए जाने की आवश्यकता है। भारत ने ये बातें यहां अफगानिस्तान पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कही। यह सम्मेलन वर्ष 2014 तक अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद वहां की स्थितियों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण के कार्यो को लेकर भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री कृष्णा ने कहा, "हम अफगानिस्तान को आत्मनिर्भरता हासिल करने में सहायता कर रहे हैं, लेकिन हमें यह भी समझने की जरूरत है कि क्षेत्र में आतंकवाद को वैचारिक, बुनियादी, तार्किक व वित्तीय सहायता अब भी मिल रही है।" पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कृष्णा ने कहा, "अफगानिस्तान आज भी सीमापार से आतंकवाद का खतरा झेल रहा है। सीमापार से आतंकवाद के खतरे से वह प्रतिदिन लड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता के अभाव में इसके पास उसका सामना करने की क्षमता नहीं है।" सम्मेलन में 80 देशों तथा विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वे यहां वर्ष 2012 के बाद और वर्ष 2014 में अफगानिस्तान से अमेरिका के नेतृत्व वाले उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सैनिकों की वापसी तक तथा परिवर्तन दशक (वर्ष 2015-24) के दौरान अफगानिस्तान में सतत विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चर्चा के लिए एकत्र हुए थे।टिप्पणियां विभिन्न देशों तथा समूहों ने अगले चार वर्ष में अफगानिस्तान को विकास कार्य के लिए 16 अरब डॉलर की सहायता राशि देने का वादा किया, ताकि वर्ष 2014 में विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद भी क्षेत्र में अस्थिरता एवं अराजकता की स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके। कृष्णा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा पिछले दशक में यहां के पुरुषों तथा महिलाओं से मिली सहायता को सुरक्षित रखने के लिए भी समर्थन दिए जाने की आवश्यकता है। अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण के कार्यो को लेकर भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री कृष्णा ने कहा, "हम अफगानिस्तान को आत्मनिर्भरता हासिल करने में सहायता कर रहे हैं, लेकिन हमें यह भी समझने की जरूरत है कि क्षेत्र में आतंकवाद को वैचारिक, बुनियादी, तार्किक व वित्तीय सहायता अब भी मिल रही है।" पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कृष्णा ने कहा, "अफगानिस्तान आज भी सीमापार से आतंकवाद का खतरा झेल रहा है। सीमापार से आतंकवाद के खतरे से वह प्रतिदिन लड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता के अभाव में इसके पास उसका सामना करने की क्षमता नहीं है।" सम्मेलन में 80 देशों तथा विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वे यहां वर्ष 2012 के बाद और वर्ष 2014 में अफगानिस्तान से अमेरिका के नेतृत्व वाले उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सैनिकों की वापसी तक तथा परिवर्तन दशक (वर्ष 2015-24) के दौरान अफगानिस्तान में सतत विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चर्चा के लिए एकत्र हुए थे।टिप्पणियां विभिन्न देशों तथा समूहों ने अगले चार वर्ष में अफगानिस्तान को विकास कार्य के लिए 16 अरब डॉलर की सहायता राशि देने का वादा किया, ताकि वर्ष 2014 में विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद भी क्षेत्र में अस्थिरता एवं अराजकता की स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके। कृष्णा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा पिछले दशक में यहां के पुरुषों तथा महिलाओं से मिली सहायता को सुरक्षित रखने के लिए भी समर्थन दिए जाने की आवश्यकता है। पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कृष्णा ने कहा, "अफगानिस्तान आज भी सीमापार से आतंकवाद का खतरा झेल रहा है। सीमापार से आतंकवाद के खतरे से वह प्रतिदिन लड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता के अभाव में इसके पास उसका सामना करने की क्षमता नहीं है।" सम्मेलन में 80 देशों तथा विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वे यहां वर्ष 2012 के बाद और वर्ष 2014 में अफगानिस्तान से अमेरिका के नेतृत्व वाले उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सैनिकों की वापसी तक तथा परिवर्तन दशक (वर्ष 2015-24) के दौरान अफगानिस्तान में सतत विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चर्चा के लिए एकत्र हुए थे।टिप्पणियां विभिन्न देशों तथा समूहों ने अगले चार वर्ष में अफगानिस्तान को विकास कार्य के लिए 16 अरब डॉलर की सहायता राशि देने का वादा किया, ताकि वर्ष 2014 में विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद भी क्षेत्र में अस्थिरता एवं अराजकता की स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके। कृष्णा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा पिछले दशक में यहां के पुरुषों तथा महिलाओं से मिली सहायता को सुरक्षित रखने के लिए भी समर्थन दिए जाने की आवश्यकता है। सम्मेलन में 80 देशों तथा विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वे यहां वर्ष 2012 के बाद और वर्ष 2014 में अफगानिस्तान से अमेरिका के नेतृत्व वाले उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सैनिकों की वापसी तक तथा परिवर्तन दशक (वर्ष 2015-24) के दौरान अफगानिस्तान में सतत विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चर्चा के लिए एकत्र हुए थे।टिप्पणियां विभिन्न देशों तथा समूहों ने अगले चार वर्ष में अफगानिस्तान को विकास कार्य के लिए 16 अरब डॉलर की सहायता राशि देने का वादा किया, ताकि वर्ष 2014 में विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद भी क्षेत्र में अस्थिरता एवं अराजकता की स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके। कृष्णा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा पिछले दशक में यहां के पुरुषों तथा महिलाओं से मिली सहायता को सुरक्षित रखने के लिए भी समर्थन दिए जाने की आवश्यकता है। विभिन्न देशों तथा समूहों ने अगले चार वर्ष में अफगानिस्तान को विकास कार्य के लिए 16 अरब डॉलर की सहायता राशि देने का वादा किया, ताकि वर्ष 2014 में विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद भी क्षेत्र में अस्थिरता एवं अराजकता की स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके। कृष्णा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा पिछले दशक में यहां के पुरुषों तथा महिलाओं से मिली सहायता को सुरक्षित रखने के लिए भी समर्थन दिए जाने की आवश्यकता है। कृष्णा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा पिछले दशक में यहां के पुरुषों तथा महिलाओं से मिली सहायता को सुरक्षित रखने के लिए भी समर्थन दिए जाने की आवश्यकता है।
संक्षिप्त पाठ: भारत ने एक बार फिर जोर देकर कहा है कि अफगानिस्तान में आतंकवाद का खतरा बरकरार है और उसे सीमापार से वित्तीय तथा वैचारिक मदद मिल रही है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी उन 575 लोगों में शामिल हैं, जो करतारपुर गलियारे के जरिए पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने वाले पहले जत्थे का हिस्सा होंगे. बता दें, केंद्र सरकार के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि भारत ने मंगलवार को 575 लोगों की सूची पाकिस्तान के साथ साझा की. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और पंजाब के सांसद और विधायक भी इस समूह का हिस्सा होंगे.  हालांकि इसी बीच ऐसी जानकारी मिली है कि पाकिस्तान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के प्रतिनिधियों के साथ पंजाब सरकार की अगुवाई वाले समग्र प्रतिनिधिमंडल को ‘अखंड पाठ' (पवित्र ग्रंथ का संपूर्ण पाठ) और ननकाना साहिब में ‘नगर कीर्तन' आयोजित करने से मना कर दिया था. इसके साथ ही पंजाब सरकार के 31 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और 450 भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा नहीं दिया गया है, जबकि भारत सरकार ने पाकिस्तानी उच्चायोग को इसके लिए अनुशंसा की थी. यह भी जानकारी मिली है कि पाकिस्तान ने खुद से श्रद्धालु समूह का नेतृत्व करने के लिए परमजीत सिंह सरना को चुनने का फैसला किया है. पाकिस्तान ने भारत द्वारा दिए गए उस प्रस्ताव पर अब तक जवाब नहीं दिया है जिसमें 12 नवंबर को ‘गुरुपर्व' पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1974 के प्रोटोकॉल के तहत 3000 की जगह 10 हजार करने को कहा गया था.
रत ने मंगलवार को 575 लोगों की सूची पाकिस्तान के साथ साझा की 31 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और 450 भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा नहीं दिया गया पूर्व पीएम और सीएम सहित सांसद और विधायक भी जाएंगे करतारपुर
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अन्य कई फीचर से लैस 'मूषक' भारत की सभी भाषाओं में उपलब्ध होगा. यह डिजिटल भारत में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने का सपना रखता है. अनुराग गौड़ का मानना है कि 'ट्विटर' जैसी वेबसाइट अंग्रेजी को ज्यादा महत्व देती हैं और उनकी पहुंच बहुत ही सीमित है. 'मूषक' सही मायने में इस चर्चा को गणतांत्रिक बनाएगा और असली भारत की आवाज बन भारतीय मुद्दों को प्रभावित करने की क्षमता छोटे से छोटे गांव में रह रहे नागरिकों तक पहुंचाएगा. अन्य कई फीचर से लैस 'मूषक' भारत की सभी भाषाओं में उपलब्ध होगा. यह डिजिटल भारत में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने का सपना रखता है. अनुराग गौड़ का मानना है कि 'ट्विटर' जैसी वेबसाइट अंग्रेजी को ज्यादा महत्व देती हैं और उनकी पहुंच बहुत ही सीमित है. 'मूषक' सही मायने में इस चर्चा को गणतांत्रिक बनाएगा और असली भारत की आवाज बन भारतीय मुद्दों को प्रभावित करने की क्षमता छोटे से छोटे गांव में रह रहे नागरिकों तक पहुंचाएगा.
यह एक सारांश है: सोशल नेटवर्किंग साइट 'ट्विटर' के पर कतर रहा है स्वदेशी 'मूषक' 'मूषक' के संस्थापक अनुराग गौड़ इसे नए सिरे से दो जुलाई को लाए स्वामी रामदेव से लेकर कई विख्यात पत्रकार इस सोशल मीडिया से जुड़े
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने कहा है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में वह संविधान के अनुसार कार्य करेंगे।टिप्पणियां टीवी चैनल 'जिओ टीवी' की रपट के अनुसार गिलानी, सर्वोच्च न्यायालय के स्विस अधिकारियों को पत्र लिखने के आदेश के विषय में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश में राष्ट्रपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले को दोबारा खोलने के लिए प्रधानमंत्री को स्विस अधिकारियों को पत्र लिखने के लिए कहा था। गिलानी ने कहा कि वह इस मामले में किसी से सलाह लेने की जगह संविधान के अनुसार कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि स्विस बैंक मामले पर कोई भी जांच संसद को निर्दिष्ट की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने आठ मार्च को राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) पर दिए आदेश को क्रियान्वित करने के लिए गिलानी को निर्देश दिया था। टीवी चैनल 'जिओ टीवी' की रपट के अनुसार गिलानी, सर्वोच्च न्यायालय के स्विस अधिकारियों को पत्र लिखने के आदेश के विषय में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश में राष्ट्रपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले को दोबारा खोलने के लिए प्रधानमंत्री को स्विस अधिकारियों को पत्र लिखने के लिए कहा था। गिलानी ने कहा कि वह इस मामले में किसी से सलाह लेने की जगह संविधान के अनुसार कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि स्विस बैंक मामले पर कोई भी जांच संसद को निर्दिष्ट की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने आठ मार्च को राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) पर दिए आदेश को क्रियान्वित करने के लिए गिलानी को निर्देश दिया था। गिलानी ने कहा कि वह इस मामले में किसी से सलाह लेने की जगह संविधान के अनुसार कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि स्विस बैंक मामले पर कोई भी जांच संसद को निर्दिष्ट की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने आठ मार्च को राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) पर दिए आदेश को क्रियान्वित करने के लिए गिलानी को निर्देश दिया था।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने कहा है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में वह संविधान के अनुसार कार्य करेंगे।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भायखला जेल में महिला कैदी की मौत के बाद हुए दंगे के मामले में एक नया मोड़ आ गया है. जेल अधिकारियों द्वारा दंगा भड़काने और दंगे में शामिल होने के आरोप झेल रही इंद्राणी मुखर्जी ने अपने वकील के ज़रिये सीबीआई अदालत में अर्ज़ी देकर आरोप लगाया है कि जेल अधिकारियों के खिलाफ बोलने के लिए उन्हें जेल में धमकाया जा रहा है. कोर्ट ने इंद्राणी को बुधवार को कोर्ट में पेश किए जाने का आदेश जारी किया है. उधर, जेल में मरी कैदी मंजुला शेट्टे के भाई अनंत ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन को जेल में कैदियों के लिए अंडा-पाव कम पड़ने की शिकायत करने की कीमत चुकानी पड़ी है, हालांकि जेल प्रशासन और पुलिस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं. खास बात यह है कि एफआईआर में साथी कैदी के बयान में भी दो अंडे और पांच पाव को लेकर मंजुला से पूछताछ किए जाने का ज़िक्र है. साथी महिला कैदी ने जेलकर्मियों पर लाठी से मंजुला को पीटने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया है. मुंबई की भायखला जेल में शुक्रवार, 23 जून की शाम को मंजुला शेट्टे की मौत हुई थी, और शनिवार को सैकड़ों महिला कैदियों ने हंगामा कर जेल अधिकारियों पर मंजुला की हत्या का आरोप लगाया. बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मंजुला के शरीर में अंदरूनी ज़ख्मों की पुष्टि होने के बाद नागपाड़ा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया, जिसमें जेलर मनीषा पोखरकर सहित छह जेल कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया. इसके बाद जेल प्रशासन ने भी जेलर सहित सभी छह आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी. इलाके के डीसीपी अखिलेश सिंह के मुताबिक मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. एक एफआईआर मंजुला शेट्टे की हत्या से जुड़ी है, और दूसरी एफआईआर जेल में साजिश के तहत दंगा भड़काने के खिलाफ है, जिसमें इंद्राणी मुखर्जी समेत लगभग 200 महिला कैदियों को आरोपी बनाया गया है.टिप्पणियां इस बीच, मंजुला के भाई अनंत शेट्टे ने एक दूसरी महिला कैदी के हवाले से बताया है कि उनकी बहन वॉर्डन बन चुकी थी, और शुक्रवार को कैदियों के लिए आए अंडे और पाव कम पड़ गए थे. कैदियों ने जब मंजुला से उन्हें अंडे देने की मांग की, तो मंजुला ने जेलर से इसके बारे में कहा. आरोप है कि जेलर ने मंजुला से अपने काम की तरफ ध्यान देने के लिए कहा. मंजुला के भाई का आरोप है कि उसके बाद ही जेलर और बाकी जेलकर्मियों ने मिलकर मंजुला की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई. अपनी भाभी की हत्या करने के लिए उम्रकैद काट रही 31-वर्षीय मंजुला वर्ष 2005 से पुणे की यरवडा जेल में बंद थी, और उसे हाल ही में भायखला जेल में लाया गया था. उधर, जेल में मरी कैदी मंजुला शेट्टे के भाई अनंत ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन को जेल में कैदियों के लिए अंडा-पाव कम पड़ने की शिकायत करने की कीमत चुकानी पड़ी है, हालांकि जेल प्रशासन और पुलिस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं. खास बात यह है कि एफआईआर में साथी कैदी के बयान में भी दो अंडे और पांच पाव को लेकर मंजुला से पूछताछ किए जाने का ज़िक्र है. साथी महिला कैदी ने जेलकर्मियों पर लाठी से मंजुला को पीटने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया है. मुंबई की भायखला जेल में शुक्रवार, 23 जून की शाम को मंजुला शेट्टे की मौत हुई थी, और शनिवार को सैकड़ों महिला कैदियों ने हंगामा कर जेल अधिकारियों पर मंजुला की हत्या का आरोप लगाया. बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मंजुला के शरीर में अंदरूनी ज़ख्मों की पुष्टि होने के बाद नागपाड़ा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया, जिसमें जेलर मनीषा पोखरकर सहित छह जेल कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया. इसके बाद जेल प्रशासन ने भी जेलर सहित सभी छह आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी. इलाके के डीसीपी अखिलेश सिंह के मुताबिक मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. एक एफआईआर मंजुला शेट्टे की हत्या से जुड़ी है, और दूसरी एफआईआर जेल में साजिश के तहत दंगा भड़काने के खिलाफ है, जिसमें इंद्राणी मुखर्जी समेत लगभग 200 महिला कैदियों को आरोपी बनाया गया है.टिप्पणियां इस बीच, मंजुला के भाई अनंत शेट्टे ने एक दूसरी महिला कैदी के हवाले से बताया है कि उनकी बहन वॉर्डन बन चुकी थी, और शुक्रवार को कैदियों के लिए आए अंडे और पाव कम पड़ गए थे. कैदियों ने जब मंजुला से उन्हें अंडे देने की मांग की, तो मंजुला ने जेलर से इसके बारे में कहा. आरोप है कि जेलर ने मंजुला से अपने काम की तरफ ध्यान देने के लिए कहा. मंजुला के भाई का आरोप है कि उसके बाद ही जेलर और बाकी जेलकर्मियों ने मिलकर मंजुला की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई. अपनी भाभी की हत्या करने के लिए उम्रकैद काट रही 31-वर्षीय मंजुला वर्ष 2005 से पुणे की यरवडा जेल में बंद थी, और उसे हाल ही में भायखला जेल में लाया गया था. मुंबई की भायखला जेल में शुक्रवार, 23 जून की शाम को मंजुला शेट्टे की मौत हुई थी, और शनिवार को सैकड़ों महिला कैदियों ने हंगामा कर जेल अधिकारियों पर मंजुला की हत्या का आरोप लगाया. बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मंजुला के शरीर में अंदरूनी ज़ख्मों की पुष्टि होने के बाद नागपाड़ा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया, जिसमें जेलर मनीषा पोखरकर सहित छह जेल कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया. इसके बाद जेल प्रशासन ने भी जेलर सहित सभी छह आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी. इलाके के डीसीपी अखिलेश सिंह के मुताबिक मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. एक एफआईआर मंजुला शेट्टे की हत्या से जुड़ी है, और दूसरी एफआईआर जेल में साजिश के तहत दंगा भड़काने के खिलाफ है, जिसमें इंद्राणी मुखर्जी समेत लगभग 200 महिला कैदियों को आरोपी बनाया गया है.टिप्पणियां इस बीच, मंजुला के भाई अनंत शेट्टे ने एक दूसरी महिला कैदी के हवाले से बताया है कि उनकी बहन वॉर्डन बन चुकी थी, और शुक्रवार को कैदियों के लिए आए अंडे और पाव कम पड़ गए थे. कैदियों ने जब मंजुला से उन्हें अंडे देने की मांग की, तो मंजुला ने जेलर से इसके बारे में कहा. आरोप है कि जेलर ने मंजुला से अपने काम की तरफ ध्यान देने के लिए कहा. मंजुला के भाई का आरोप है कि उसके बाद ही जेलर और बाकी जेलकर्मियों ने मिलकर मंजुला की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई. अपनी भाभी की हत्या करने के लिए उम्रकैद काट रही 31-वर्षीय मंजुला वर्ष 2005 से पुणे की यरवडा जेल में बंद थी, और उसे हाल ही में भायखला जेल में लाया गया था. इसके बाद जेल प्रशासन ने भी जेलर सहित सभी छह आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी. इलाके के डीसीपी अखिलेश सिंह के मुताबिक मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. एक एफआईआर मंजुला शेट्टे की हत्या से जुड़ी है, और दूसरी एफआईआर जेल में साजिश के तहत दंगा भड़काने के खिलाफ है, जिसमें इंद्राणी मुखर्जी समेत लगभग 200 महिला कैदियों को आरोपी बनाया गया है.टिप्पणियां इस बीच, मंजुला के भाई अनंत शेट्टे ने एक दूसरी महिला कैदी के हवाले से बताया है कि उनकी बहन वॉर्डन बन चुकी थी, और शुक्रवार को कैदियों के लिए आए अंडे और पाव कम पड़ गए थे. कैदियों ने जब मंजुला से उन्हें अंडे देने की मांग की, तो मंजुला ने जेलर से इसके बारे में कहा. आरोप है कि जेलर ने मंजुला से अपने काम की तरफ ध्यान देने के लिए कहा. मंजुला के भाई का आरोप है कि उसके बाद ही जेलर और बाकी जेलकर्मियों ने मिलकर मंजुला की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई. अपनी भाभी की हत्या करने के लिए उम्रकैद काट रही 31-वर्षीय मंजुला वर्ष 2005 से पुणे की यरवडा जेल में बंद थी, और उसे हाल ही में भायखला जेल में लाया गया था. इस बीच, मंजुला के भाई अनंत शेट्टे ने एक दूसरी महिला कैदी के हवाले से बताया है कि उनकी बहन वॉर्डन बन चुकी थी, और शुक्रवार को कैदियों के लिए आए अंडे और पाव कम पड़ गए थे. कैदियों ने जब मंजुला से उन्हें अंडे देने की मांग की, तो मंजुला ने जेलर से इसके बारे में कहा. आरोप है कि जेलर ने मंजुला से अपने काम की तरफ ध्यान देने के लिए कहा. मंजुला के भाई का आरोप है कि उसके बाद ही जेलर और बाकी जेलकर्मियों ने मिलकर मंजुला की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई. अपनी भाभी की हत्या करने के लिए उम्रकैद काट रही 31-वर्षीय मंजुला वर्ष 2005 से पुणे की यरवडा जेल में बंद थी, और उसे हाल ही में भायखला जेल में लाया गया था. अपनी भाभी की हत्या करने के लिए उम्रकैद काट रही 31-वर्षीय मंजुला वर्ष 2005 से पुणे की यरवडा जेल में बंद थी, और उसे हाल ही में भायखला जेल में लाया गया था.
संक्षिप्त पाठ: इंद्राणी मुखर्जी ने जेल प्रशासन पर उन्हें धमकाने का आरोप लगाया है इंद्राणी ने वकील के ज़रिये सीबीआई अदालत में अर्ज़ी दाखिल की कोर्ट ने इंद्राणी को बुधवार को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकारी नौकरियों के सफल और इसे पाने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी है। केंद्र ने चरित्र प्रमाणपत्र और पृष्ठभूमि सत्यापन की मांग को लेकर नियुक्ति पत्र नहीं रोकने का फैसला किया है और कहा है कि वह उनकी स्वघोषणा (सेल्फ डिकलेयरेशन) पर भरोसा करेगा। लेकिन जो उम्मीदवार गलत सूचना देंगे, उन्हें फौजदारी और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कार्मिक मंत्रालय ने कहा है ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि नियुक्ति पत्र सफल उम्मीदवारों के चरित्र एवं पृष्ठभूमि के सत्यापन के लंबित रहने को लेकर रोककर रखने की जरूरत नहीं है। नियुक्ति प्राधिकार उम्मीदवार से सत्यापन और स्वघोषणा प्राप्त करने के बाद अंतरिम नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।’’  मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार नियुक्ति पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख होगा कि यदि उम्मीदवार का चरित्र एवं अन्य पृष्ठभूमि सत्यापित नहीं होती है, या उसकी स्वघोषणा में गलत सूचना दी जाती है तो अंतरिम नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी और फलस्वरूप फौजदारी एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘इस फैसले का लक्ष्य सरकार के ‘न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ के विजन को हासिल करना है और नागरिक केंद्रित सुशासन प्रदान करना है।’’ यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में बहुत देरी इसलिए हो जाती है क्योंकि पुलिस सत्यापन में दो महीने से लेकर छह महीने तक का समय लग रहा है।टिप्पणियां वर्तमान प्रावधानों के अनुसार सफल उम्मीदवारों को औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करने से पहले नियुक्ति प्राधिकार उनके चरित्र और पृष्ठभूमि का सत्यापन करते हैं। विज्ञप्ति कहती है, ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि अब चरित्र एवं पृष्ठभूमि का सत्यापन होगा लेकिन नियुक्ति पत्र ऐसे सत्यापन के चलते रोककर रखने की जरूरत नहीं है।’’   लेकिन जो उम्मीदवार गलत सूचना देंगे, उन्हें फौजदारी और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कार्मिक मंत्रालय ने कहा है ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि नियुक्ति पत्र सफल उम्मीदवारों के चरित्र एवं पृष्ठभूमि के सत्यापन के लंबित रहने को लेकर रोककर रखने की जरूरत नहीं है। नियुक्ति प्राधिकार उम्मीदवार से सत्यापन और स्वघोषणा प्राप्त करने के बाद अंतरिम नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।’’  मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार नियुक्ति पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख होगा कि यदि उम्मीदवार का चरित्र एवं अन्य पृष्ठभूमि सत्यापित नहीं होती है, या उसकी स्वघोषणा में गलत सूचना दी जाती है तो अंतरिम नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी और फलस्वरूप फौजदारी एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘इस फैसले का लक्ष्य सरकार के ‘न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ के विजन को हासिल करना है और नागरिक केंद्रित सुशासन प्रदान करना है।’’ यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में बहुत देरी इसलिए हो जाती है क्योंकि पुलिस सत्यापन में दो महीने से लेकर छह महीने तक का समय लग रहा है।टिप्पणियां वर्तमान प्रावधानों के अनुसार सफल उम्मीदवारों को औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करने से पहले नियुक्ति प्राधिकार उनके चरित्र और पृष्ठभूमि का सत्यापन करते हैं। विज्ञप्ति कहती है, ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि अब चरित्र एवं पृष्ठभूमि का सत्यापन होगा लेकिन नियुक्ति पत्र ऐसे सत्यापन के चलते रोककर रखने की जरूरत नहीं है।’’   कार्मिक मंत्रालय ने कहा है ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि नियुक्ति पत्र सफल उम्मीदवारों के चरित्र एवं पृष्ठभूमि के सत्यापन के लंबित रहने को लेकर रोककर रखने की जरूरत नहीं है। नियुक्ति प्राधिकार उम्मीदवार से सत्यापन और स्वघोषणा प्राप्त करने के बाद अंतरिम नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।’’  मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार नियुक्ति पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख होगा कि यदि उम्मीदवार का चरित्र एवं अन्य पृष्ठभूमि सत्यापित नहीं होती है, या उसकी स्वघोषणा में गलत सूचना दी जाती है तो अंतरिम नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी और फलस्वरूप फौजदारी एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘इस फैसले का लक्ष्य सरकार के ‘न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ के विजन को हासिल करना है और नागरिक केंद्रित सुशासन प्रदान करना है।’’ यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में बहुत देरी इसलिए हो जाती है क्योंकि पुलिस सत्यापन में दो महीने से लेकर छह महीने तक का समय लग रहा है।टिप्पणियां वर्तमान प्रावधानों के अनुसार सफल उम्मीदवारों को औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करने से पहले नियुक्ति प्राधिकार उनके चरित्र और पृष्ठभूमि का सत्यापन करते हैं। विज्ञप्ति कहती है, ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि अब चरित्र एवं पृष्ठभूमि का सत्यापन होगा लेकिन नियुक्ति पत्र ऐसे सत्यापन के चलते रोककर रखने की जरूरत नहीं है।’’   मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार नियुक्ति पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख होगा कि यदि उम्मीदवार का चरित्र एवं अन्य पृष्ठभूमि सत्यापित नहीं होती है, या उसकी स्वघोषणा में गलत सूचना दी जाती है तो अंतरिम नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी और फलस्वरूप फौजदारी एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘इस फैसले का लक्ष्य सरकार के ‘न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ के विजन को हासिल करना है और नागरिक केंद्रित सुशासन प्रदान करना है।’’ यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में बहुत देरी इसलिए हो जाती है क्योंकि पुलिस सत्यापन में दो महीने से लेकर छह महीने तक का समय लग रहा है।टिप्पणियां वर्तमान प्रावधानों के अनुसार सफल उम्मीदवारों को औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करने से पहले नियुक्ति प्राधिकार उनके चरित्र और पृष्ठभूमि का सत्यापन करते हैं। विज्ञप्ति कहती है, ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि अब चरित्र एवं पृष्ठभूमि का सत्यापन होगा लेकिन नियुक्ति पत्र ऐसे सत्यापन के चलते रोककर रखने की जरूरत नहीं है।’’   विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘इस फैसले का लक्ष्य सरकार के ‘न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ के विजन को हासिल करना है और नागरिक केंद्रित सुशासन प्रदान करना है।’’ यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में बहुत देरी इसलिए हो जाती है क्योंकि पुलिस सत्यापन में दो महीने से लेकर छह महीने तक का समय लग रहा है।टिप्पणियां वर्तमान प्रावधानों के अनुसार सफल उम्मीदवारों को औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करने से पहले नियुक्ति प्राधिकार उनके चरित्र और पृष्ठभूमि का सत्यापन करते हैं। विज्ञप्ति कहती है, ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि अब चरित्र एवं पृष्ठभूमि का सत्यापन होगा लेकिन नियुक्ति पत्र ऐसे सत्यापन के चलते रोककर रखने की जरूरत नहीं है।’’   वर्तमान प्रावधानों के अनुसार सफल उम्मीदवारों को औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करने से पहले नियुक्ति प्राधिकार उनके चरित्र और पृष्ठभूमि का सत्यापन करते हैं। विज्ञप्ति कहती है, ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि अब चरित्र एवं पृष्ठभूमि का सत्यापन होगा लेकिन नियुक्ति पत्र ऐसे सत्यापन के चलते रोककर रखने की जरूरत नहीं है।’’   विज्ञप्ति कहती है, ‘‘सरकार ने फैसला किया है कि अब चरित्र एवं पृष्ठभूमि का सत्यापन होगा लेकिन नियुक्ति पत्र ऐसे सत्यापन के चलते रोककर रखने की जरूरत नहीं है।’’
सारांश: सेल्फ डिकलेयरेशन पर भरोसा करेगी सरकार गलत सूचना दी तो होगी कानूनी कार्रवाई नियुक्तियों में हो रही देरी के चलते लिया गया फैसला
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनसे अध्यक्ष टोल प्लाजाओं के खिलाफ आंदोलन की आड़ में हफ्ता वसूली कर रहे हैं।   उद्धव ने आरोप लगाया कि उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं बचा है इसलिए उन्होंने टोल चुंगियों पर हफ्ता वसूली शुरू कर दी है। अपने चचेरे भाई को शिवसेना के रास्ते में नहीं आने की चेतावनी देते हुए उद्धव ने कहा कि राज अपनी ही पार्टी में खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।   कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल की प्रणब मुखर्जी की राष्ट्रपति पद की दावेदारी के सिलसिले में एक होटल में शिवसेना नेताओं से मुलाकात होने के राज के दावे पर उद्धव ने कहा कि वह इसे साबित करके दिखाएं।   उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘वह साबित करें कि किस शिवसेना नेता ने और कहां अहमद पटेल से मुलाकात की। उन्हें लोगों के मनोरंजन के लिए इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए। उनके बयानों से उनका ही मजाक बनता है।’’ उद्धव ने कहा, ‘‘बीएमसी चुनावों के नतीजों के बाद वह गुस्से में हैं और उन्होंने इल्जाम लगाने शुरू कर दिये हैं।’’
संक्षिप्त सारांश: शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनसे अध्यक्ष टोल प्लाजाओं के खिलाफ आंदोलन की आड़ में हफ्ता वसूली कर रहे हैं।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजनाथ सिंह बीजेपी के अगले अध्यक्ष होंगे। सूत्रों के मुताबिक उनके नाम पर बीजेपी में सहमति बन गई है। इसके साथ ही नितिन गडकरी ने साफ़ कर दिया है कि वह दोबारा अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। बताया जा रहा है कि लालकृष्ण आडवाणी ने नितिन गडकरी को दोबारा बीजेपी अध्यक्ष बनाने से साफ़ मना कर दिया। दोनों ही मंगलवार को मुंबई के क़रीब ठाणे के एक कायर्क्रम में एक साथ थे। जानकारी के मुताबिक कायर्क्रम से पहले हुई बैठक में आडवाणी नितिन गडकरी के नाम पर सहमत नहीं हुए। इसपर नितिन गडकरी ने कहा कि अगर वह नहीं बनेंगे तो राजनाथ सिंह को अध्यक्ष बनाया जाए। राजनाथ सिंह के नाम पर आडवाणी भी सहमत हो गए। इसके अलावा आरएसएस ने भी राजनाथ के नाम पर एतराज़ नहीं किया। आरएसएस की ओर से उसके सर कार्यवाह भैयाजी जोशी ने इस बैठक में हिस्सा लिया। इधर, दिल्ली में देर शाम अरुण जेटली के घर हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी राजनाथ के नाम पर मुहर लगा दी गई। इस बैठक में सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार भाजपा के तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच शाम को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के दौरान गडकरी की जगह किसी और को अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। इसके बाद गडकरी ने पद से इस्तीफा दे दिया। गडकरी ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके खिलाफ आरोपों का पार्टी के हितों पर प्रतिकूल असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘...इसलिए मैंने भाजपा अध्यक्ष पद के दूसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करने का फैसला किया है।’ इस बीच बुधवार सुबह 9:30 बजे भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस सारे नए घटनाक्रम पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को ही भाजपा के नए अध्यक्ष के बारे में अंतिम फैसला होना था और गडकरी द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी का शीर्ष पद संभालना लगभग तय था। लेकिन भाजपा अध्यक्ष की कंपनी पूर्ति समूह से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे मारे जाने के बाद पार्टी ने फैसला किया कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए गडकरी का इस पद पर बने रहना ठीक नहीं होगा और इससे कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ प्रचार करने में सहायता मिलेगी। इससे पहले, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में तब एक नया मोड़ आ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के स्वामित्व वाले पूर्ति समूह के खिलाफ आयकर विभाग की जांच तेज हो गई और अध्यक्ष पद पर पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की दावेदारी पर सवालिया निशान लग गया। इस सिलसिले में पार्टी नेता अरुण जेटली के आवास पर अहम बैठक हुई।टिप्पणियां आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि लालकृष्ण आडवाणी ने नितिन गडकरी को दोबारा बीजेपी अध्यक्ष बनाने से साफ़ मना कर दिया। दोनों ही मंगलवार को मुंबई के क़रीब ठाणे के एक कायर्क्रम में एक साथ थे। जानकारी के मुताबिक कायर्क्रम से पहले हुई बैठक में आडवाणी नितिन गडकरी के नाम पर सहमत नहीं हुए। इसपर नितिन गडकरी ने कहा कि अगर वह नहीं बनेंगे तो राजनाथ सिंह को अध्यक्ष बनाया जाए। राजनाथ सिंह के नाम पर आडवाणी भी सहमत हो गए। इसके अलावा आरएसएस ने भी राजनाथ के नाम पर एतराज़ नहीं किया। आरएसएस की ओर से उसके सर कार्यवाह भैयाजी जोशी ने इस बैठक में हिस्सा लिया। इधर, दिल्ली में देर शाम अरुण जेटली के घर हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी राजनाथ के नाम पर मुहर लगा दी गई। इस बैठक में सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार भाजपा के तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच शाम को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के दौरान गडकरी की जगह किसी और को अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। इसके बाद गडकरी ने पद से इस्तीफा दे दिया। गडकरी ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके खिलाफ आरोपों का पार्टी के हितों पर प्रतिकूल असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘...इसलिए मैंने भाजपा अध्यक्ष पद के दूसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करने का फैसला किया है।’ इस बीच बुधवार सुबह 9:30 बजे भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस सारे नए घटनाक्रम पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को ही भाजपा के नए अध्यक्ष के बारे में अंतिम फैसला होना था और गडकरी द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी का शीर्ष पद संभालना लगभग तय था। लेकिन भाजपा अध्यक्ष की कंपनी पूर्ति समूह से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे मारे जाने के बाद पार्टी ने फैसला किया कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए गडकरी का इस पद पर बने रहना ठीक नहीं होगा और इससे कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ प्रचार करने में सहायता मिलेगी। इससे पहले, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में तब एक नया मोड़ आ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के स्वामित्व वाले पूर्ति समूह के खिलाफ आयकर विभाग की जांच तेज हो गई और अध्यक्ष पद पर पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की दावेदारी पर सवालिया निशान लग गया। इस सिलसिले में पार्टी नेता अरुण जेटली के आवास पर अहम बैठक हुई।टिप्पणियां आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। जानकारी के मुताबिक कायर्क्रम से पहले हुई बैठक में आडवाणी नितिन गडकरी के नाम पर सहमत नहीं हुए। इसपर नितिन गडकरी ने कहा कि अगर वह नहीं बनेंगे तो राजनाथ सिंह को अध्यक्ष बनाया जाए। राजनाथ सिंह के नाम पर आडवाणी भी सहमत हो गए। इसके अलावा आरएसएस ने भी राजनाथ के नाम पर एतराज़ नहीं किया। आरएसएस की ओर से उसके सर कार्यवाह भैयाजी जोशी ने इस बैठक में हिस्सा लिया। इधर, दिल्ली में देर शाम अरुण जेटली के घर हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी राजनाथ के नाम पर मुहर लगा दी गई। इस बैठक में सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार भाजपा के तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच शाम को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के दौरान गडकरी की जगह किसी और को अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। इसके बाद गडकरी ने पद से इस्तीफा दे दिया। गडकरी ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके खिलाफ आरोपों का पार्टी के हितों पर प्रतिकूल असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘...इसलिए मैंने भाजपा अध्यक्ष पद के दूसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करने का फैसला किया है।’ इस बीच बुधवार सुबह 9:30 बजे भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस सारे नए घटनाक्रम पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को ही भाजपा के नए अध्यक्ष के बारे में अंतिम फैसला होना था और गडकरी द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी का शीर्ष पद संभालना लगभग तय था। लेकिन भाजपा अध्यक्ष की कंपनी पूर्ति समूह से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे मारे जाने के बाद पार्टी ने फैसला किया कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए गडकरी का इस पद पर बने रहना ठीक नहीं होगा और इससे कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ प्रचार करने में सहायता मिलेगी। इससे पहले, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में तब एक नया मोड़ आ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के स्वामित्व वाले पूर्ति समूह के खिलाफ आयकर विभाग की जांच तेज हो गई और अध्यक्ष पद पर पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की दावेदारी पर सवालिया निशान लग गया। इस सिलसिले में पार्टी नेता अरुण जेटली के आवास पर अहम बैठक हुई।टिप्पणियां आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। इधर, दिल्ली में देर शाम अरुण जेटली के घर हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी राजनाथ के नाम पर मुहर लगा दी गई। इस बैठक में सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार भाजपा के तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच शाम को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के दौरान गडकरी की जगह किसी और को अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। इसके बाद गडकरी ने पद से इस्तीफा दे दिया। गडकरी ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके खिलाफ आरोपों का पार्टी के हितों पर प्रतिकूल असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘...इसलिए मैंने भाजपा अध्यक्ष पद के दूसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करने का फैसला किया है।’ इस बीच बुधवार सुबह 9:30 बजे भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस सारे नए घटनाक्रम पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को ही भाजपा के नए अध्यक्ष के बारे में अंतिम फैसला होना था और गडकरी द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी का शीर्ष पद संभालना लगभग तय था। लेकिन भाजपा अध्यक्ष की कंपनी पूर्ति समूह से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे मारे जाने के बाद पार्टी ने फैसला किया कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए गडकरी का इस पद पर बने रहना ठीक नहीं होगा और इससे कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ प्रचार करने में सहायता मिलेगी। इससे पहले, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में तब एक नया मोड़ आ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के स्वामित्व वाले पूर्ति समूह के खिलाफ आयकर विभाग की जांच तेज हो गई और अध्यक्ष पद पर पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की दावेदारी पर सवालिया निशान लग गया। इस सिलसिले में पार्टी नेता अरुण जेटली के आवास पर अहम बैठक हुई।टिप्पणियां आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच शाम को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के दौरान गडकरी की जगह किसी और को अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। इसके बाद गडकरी ने पद से इस्तीफा दे दिया। गडकरी ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके खिलाफ आरोपों का पार्टी के हितों पर प्रतिकूल असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘...इसलिए मैंने भाजपा अध्यक्ष पद के दूसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करने का फैसला किया है।’ इस बीच बुधवार सुबह 9:30 बजे भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस सारे नए घटनाक्रम पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को ही भाजपा के नए अध्यक्ष के बारे में अंतिम फैसला होना था और गडकरी द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी का शीर्ष पद संभालना लगभग तय था। लेकिन भाजपा अध्यक्ष की कंपनी पूर्ति समूह से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे मारे जाने के बाद पार्टी ने फैसला किया कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए गडकरी का इस पद पर बने रहना ठीक नहीं होगा और इससे कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ प्रचार करने में सहायता मिलेगी। इससे पहले, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में तब एक नया मोड़ आ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के स्वामित्व वाले पूर्ति समूह के खिलाफ आयकर विभाग की जांच तेज हो गई और अध्यक्ष पद पर पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की दावेदारी पर सवालिया निशान लग गया। इस सिलसिले में पार्टी नेता अरुण जेटली के आवास पर अहम बैठक हुई।टिप्पणियां आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। गडकरी ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके खिलाफ आरोपों का पार्टी के हितों पर प्रतिकूल असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘...इसलिए मैंने भाजपा अध्यक्ष पद के दूसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करने का फैसला किया है।’ इस बीच बुधवार सुबह 9:30 बजे भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस सारे नए घटनाक्रम पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को ही भाजपा के नए अध्यक्ष के बारे में अंतिम फैसला होना था और गडकरी द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी का शीर्ष पद संभालना लगभग तय था। लेकिन भाजपा अध्यक्ष की कंपनी पूर्ति समूह से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे मारे जाने के बाद पार्टी ने फैसला किया कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए गडकरी का इस पद पर बने रहना ठीक नहीं होगा और इससे कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ प्रचार करने में सहायता मिलेगी। इससे पहले, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में तब एक नया मोड़ आ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के स्वामित्व वाले पूर्ति समूह के खिलाफ आयकर विभाग की जांच तेज हो गई और अध्यक्ष पद पर पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की दावेदारी पर सवालिया निशान लग गया। इस सिलसिले में पार्टी नेता अरुण जेटली के आवास पर अहम बैठक हुई।टिप्पणियां आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि बुधवार को ही भाजपा के नए अध्यक्ष के बारे में अंतिम फैसला होना था और गडकरी द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी का शीर्ष पद संभालना लगभग तय था। लेकिन भाजपा अध्यक्ष की कंपनी पूर्ति समूह से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे मारे जाने के बाद पार्टी ने फैसला किया कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए गडकरी का इस पद पर बने रहना ठीक नहीं होगा और इससे कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ प्रचार करने में सहायता मिलेगी। इससे पहले, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में तब एक नया मोड़ आ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के स्वामित्व वाले पूर्ति समूह के खिलाफ आयकर विभाग की जांच तेज हो गई और अध्यक्ष पद पर पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की दावेदारी पर सवालिया निशान लग गया। इस सिलसिले में पार्टी नेता अरुण जेटली के आवास पर अहम बैठक हुई।टिप्पणियां आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। इससे पहले, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में तब एक नया मोड़ आ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के स्वामित्व वाले पूर्ति समूह के खिलाफ आयकर विभाग की जांच तेज हो गई और अध्यक्ष पद पर पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की दावेदारी पर सवालिया निशान लग गया। इस सिलसिले में पार्टी नेता अरुण जेटली के आवास पर अहम बैठक हुई।टिप्पणियां आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया, हम कंपनियों के पतों का, उनके काम की प्रकृति का और इस बात का सत्यापन कर रहे हैं कि क्या सचमुच ये कंपनियां हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग की पुणे शाखा ने जांच के बारे में जब मुंबई शाखा से बात की तो अपने कुछ संदेहों के बारे में भी बताया, जिसके बाद जांच की गई। उन्होंने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर कहा, कंपनियों के निदेशक के तौर पर जिन लोगों के नाम हैं, जरूरत पड़ने पर हम उनके बयान दर्ज करेंगे। गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। उन्हें आयकर विभाग ने ‘पूर्ति ग्रुप ऑफ कंपनीज़’ में कथित संदिग्ध निवेश की जांच के सिलसिले में सोमवार को पेश होने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी संबंधी कार्यों के चलते आयकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और उनसे कुछ समय देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, गडकरी से 1 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है।
सारांश: राजनाथ सिंह बीजेपी के अगले अध्यक्ष होंगे। सूत्रों के मुताबिक उनके नाम पर बीजेपी में सहमति बन गई है। इसके साथ ही नितिन गडकरी ने साफ़ कर दिया है कि वह दोबारा अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फादर्स डे के एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक पिता ने शराब के नशे में अपनी बेटी को जिंदा जला दिया। पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया है। बिलासपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के पेंड्रा कस्बे के भांडी गांव में एक पिता ने अपनी 16 साल की बेटी पर केरोसिन उड़ेलकर उसे जिंदा जला दिया। धुर आदिवासी इलाके में हुई इस हृदय विदारक घटना के आरोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पेंड्रा के भांडी गांव के सलामटोला में मदन सिंह गोंड अपनी पत्नी और पुत्री के साथ रहता था। शनिवार की दोपहर मदन की बेटी तिलेश्वरी अपने घर में अकेली थी और उसकी मां गांव में ही एक कार्यक्रम में शामिल होने गई हुई थी। इसी दौरान मदन शराब के नशे में घर पहुंचा। दिन में शराब पीकर घर आने को लेकर जब तिलेश्वरी ने मदन को डांटा, तब मदन ने गुस्से में आकर तिलेश्वरी के ऊपर केरोसिन उड़ेल दिया और आग लगा दी। इसके बाद मदन ने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। आग की लपटों से घिरी तिलेश्वरी चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन मदन का दिल नहीं पसीजा। बाद में तिलेश्वरी किसी तरह दरवाजा तोड़कर बाहर आई, लेकिन तब तक वह 90 प्रतिशत जल चुकी थी।
संक्षिप्त पाठ: फादर्स डे के एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक पिता ने शराब के नशे में अपनी बेटी को जिंदा जला दिया।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फिलीपींस की राजधानी मनीला के पास एक विमान के स्कूल भवन पर गिर जाने के कारण दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों और रेडक्रॉस ने बताया कि विमान के चालक ने उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान को आपातकालीन परिस्थिति में उतारने की अनुमति मांगी थी। परानक्यू शहर के मेयर फ्लोरेंसियों बेर्नाबे ने बताया कि एफ. सेरानो एलिमेंटरी स्कूल में गिरने के तुरंत बाद विमान में आग लग गई। उन्होंने कहा कि हादसे के वक्त स्कूल में कक्षाएं नहीं चल रही थीं। अधिकारी यह पता करने में जुटे हुए हैं कि हादसे में जमीन पर मौजूद कितने लोग हताहत हुए हैं। पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक डेनिस सिरिलान ने बताया कि विमान के गिरने के तुरंत बाद आग आसपास के घरों में भी फैल गई। उन्होंने बताया कि अभी इस बारे में कोई सूचना नहीं है कि विमान में कितने लोग सवार थे, लेकिन पायलट और सह-पायलट लापता हैं। फिलीपींस रेडक्रॉस के महासचिव ग्वेन पांग ने कहा है कि अभी तक 11 शव निकाले गए हैं, जिनमें एक नवजात और एक बच्चा भी शामिल है।
संक्षिप्त सारांश: फिलीपींस की राजधानी मनीला के पास एक विमान के स्कूल भवन पर गिर जाने के कारण दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिल्म आई एम में चार कहानियां हैं। पहली आफिया की जिसका बेवफा पति से तलाक हुआ है। मर्दों से भरोसा उठा। अब आफिया को बच्चा चाहिए लेकिन कन्वेन्शनल नहीं बल्कि आर्टिफिशल इनसेमिनेशन से। आफिया उलझन में है क्योंकि वह नियम के खिलाफ स्पर्म डोनर से मिलना चाहती है ताकि बच्चे के रंग-रूप का अंदाज़ ले सके। दूसरी कहानी मेघा उर्फ जूही चावला की। दिल्ली में सेटल ये कश्मीरी पंडित लड़की, बरसों बाद कश्मीर लौटती है अपनी प्रॉपर्टी बेचने के लिए मगर कश्मीर के दिए ज़ख्म हरे हो जाते हैं। कड़वाहट का असर मेघा और उसकी मुस्लिम सहेली रूबीना के रिश्तों पर भी पड़ा है। तीसरी कहानी है अभिमन्यु संजय सूरी की जो बचपन में सौतेले पिता के यौन शोषण का शिकार होता है लेकिन बड़े होने पर वो इस शोषण का फायदा अपने पिता को ब्लैकमेल करके उठाने लगता है। चौथी कहानी ओमार और जय की है जब समलैंगिगता अपराध थी। एक ही मुलाकात में जय और ओमार के इतने करीब आ जाते हैं कि पुलिस जय को ब्लैकमेल कर लेती है। सारी कहानियों के सब्जेक्ट बेहद बोल्ड हैं जिन्हें डायरेक्टर ओनिर ने बड़ी गंभीरता से फिल्माया है। नंदिता दास के चेहरे पर बेवफाई का दर्द जूही के दिल में कश्मीर के लिए तल्खी। मन मसोसकर कश्मीर में रहती मनीषा दोस्ती से भरोसा खाकर तिलमिलाते राहुल बोस। क्या शानदार परफॉरमेंस हैं इस फिल्म में।  अखरने वाली बात है जय और ओमार की कहानी में पुलिस अफसर की गालियां। मेरे लिए ये गालियां सुनना दुश्वार हो गया। आईएम…इंटरटेनमेंट की फिल्म नहीं बल्कि ये सोचने पर मजबूर करती है। आई एम के लिए मेरी रेटिंग है 3 स्टार।
संक्षिप्त पाठ: फिल्म आई एम में चार कहानियां हैं। सारी कहानियों के सब्जेक्ट बेहद बोल्ड हैं जिन्हें डायरेक्टर ओनिर ने बड़ी गंभीरता से फिल्माया है।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में गत वर्ष 16 दिसंबर को 23-वर्षीय एक लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना में कथित तौर पर शामिल एक किशोर आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) ने गुरुवार को अपना फैसला 5 अगस्त तक स्थगित कर दिया। आरोपी के वकील राजेश तिवारी ने कहा कि प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल ने इस बात के मद्देनजर 5 अगस्त तक फैसला स्थगित कर दिया कि उच्चतम न्यायालय 'किशोर' शब्द की व्याख्या से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लूटपाट के मामले में भी सजा 5 अगस्त तक टाल दी गई है। उस मामले में बोर्ड उसे पहले ही दोषी ठहरा चुका है। बोर्ड के आदेश को जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया। स्वामी ने 'किशोर' शब्द की नए सिरे से व्याख्या करने की मांग की है। इस मुद्दे को उन्होंने दक्षिण दिल्ली में चलती बस में गत वर्ष 16 दिसंबर को 23-वर्षीय लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना के मद्देनजर उठाया है। पीड़िता की सिंगापुर के अस्पताल में गत वर्ष 29 दिसंबर को मौत हो गई थी।टिप्पणियां स्वामी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए उच्चतम न्यायालय ने 23 जुलाई को स्वामी से शीर्ष अदालत में उनकी याचिका लंबित होने के बारे में किशोर न्याय बोर्ड को सूचित करने का निर्देश दिया था। स्वामी ने शीर्ष अदालत के निर्देश की जानकारी बोर्ड को दे दी थी। स्वामी से बोर्ड ने इस संबंध में एक हलफनामा मांगा था। स्वामी की याचिका 31 जुलाई को शीर्ष अदालत के पास सुनवाई के लिए आएगी। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता पर विचार किया जाना चाहिए। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय ‘‘मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता’’ पर विचार किया जाना चाहिए। आरोपी के वकील राजेश तिवारी ने कहा कि प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल ने इस बात के मद्देनजर 5 अगस्त तक फैसला स्थगित कर दिया कि उच्चतम न्यायालय 'किशोर' शब्द की व्याख्या से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लूटपाट के मामले में भी सजा 5 अगस्त तक टाल दी गई है। उस मामले में बोर्ड उसे पहले ही दोषी ठहरा चुका है। बोर्ड के आदेश को जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया। स्वामी ने 'किशोर' शब्द की नए सिरे से व्याख्या करने की मांग की है। इस मुद्दे को उन्होंने दक्षिण दिल्ली में चलती बस में गत वर्ष 16 दिसंबर को 23-वर्षीय लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना के मद्देनजर उठाया है। पीड़िता की सिंगापुर के अस्पताल में गत वर्ष 29 दिसंबर को मौत हो गई थी।टिप्पणियां स्वामी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए उच्चतम न्यायालय ने 23 जुलाई को स्वामी से शीर्ष अदालत में उनकी याचिका लंबित होने के बारे में किशोर न्याय बोर्ड को सूचित करने का निर्देश दिया था। स्वामी ने शीर्ष अदालत के निर्देश की जानकारी बोर्ड को दे दी थी। स्वामी से बोर्ड ने इस संबंध में एक हलफनामा मांगा था। स्वामी की याचिका 31 जुलाई को शीर्ष अदालत के पास सुनवाई के लिए आएगी। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता पर विचार किया जाना चाहिए। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय ‘‘मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता’’ पर विचार किया जाना चाहिए। बोर्ड के आदेश को जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया। स्वामी ने 'किशोर' शब्द की नए सिरे से व्याख्या करने की मांग की है। इस मुद्दे को उन्होंने दक्षिण दिल्ली में चलती बस में गत वर्ष 16 दिसंबर को 23-वर्षीय लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना के मद्देनजर उठाया है। पीड़िता की सिंगापुर के अस्पताल में गत वर्ष 29 दिसंबर को मौत हो गई थी।टिप्पणियां स्वामी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए उच्चतम न्यायालय ने 23 जुलाई को स्वामी से शीर्ष अदालत में उनकी याचिका लंबित होने के बारे में किशोर न्याय बोर्ड को सूचित करने का निर्देश दिया था। स्वामी ने शीर्ष अदालत के निर्देश की जानकारी बोर्ड को दे दी थी। स्वामी से बोर्ड ने इस संबंध में एक हलफनामा मांगा था। स्वामी की याचिका 31 जुलाई को शीर्ष अदालत के पास सुनवाई के लिए आएगी। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता पर विचार किया जाना चाहिए। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय ‘‘मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता’’ पर विचार किया जाना चाहिए। स्वामी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए उच्चतम न्यायालय ने 23 जुलाई को स्वामी से शीर्ष अदालत में उनकी याचिका लंबित होने के बारे में किशोर न्याय बोर्ड को सूचित करने का निर्देश दिया था। स्वामी ने शीर्ष अदालत के निर्देश की जानकारी बोर्ड को दे दी थी। स्वामी से बोर्ड ने इस संबंध में एक हलफनामा मांगा था। स्वामी की याचिका 31 जुलाई को शीर्ष अदालत के पास सुनवाई के लिए आएगी। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता पर विचार किया जाना चाहिए। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय ‘‘मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता’’ पर विचार किया जाना चाहिए। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह के अपराधियों की अपराधिता निर्धारित करने के लिए 18 साल की उम्र सीमा निर्धारित करने की बजाय ‘‘मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता’’ पर विचार किया जाना चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली गैंगरेप के मामले में पुलिस ने दावा किया था कि नाबालिग न केवल रेप में शामिल था, बल्कि उसने युवती के साथ सबसे ज्यादा हैवानियत की थी।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तुर्की के राष्ट्रपति रेसीप तैयब एरदोगन ने आज कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण कश्मीरी परेशान हो रहे हैं, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने दोनों देशों से वार्ता के जरिए कश्मीर मुद्दा सुलझाने की अपील की. एरदोगन कल यहां पहुंचे. उन्होंने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ विस्तृत वार्ता के बाद टिप्पणियां कीं. संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री शरीफ के साथ उनकी बैठक में कश्मीर के हालात के बारे में चर्चा हुई. एरदोगन ने कहा, ‘‘नियंत्रण रेखा पर और कश्मीर में तनाव बढ़ने से कश्मीर में हमारे भाई बहन परेशान हैं, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’ उन्होंने इस पेचीदा मुद्दे के हल के लिए वार्ता की अहमियत पर जोर दिया.टिप्पणियां एरदोगन ने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच वार्ता के बाद कश्मीर मुद्दे का हल खुद के लिए निकाले जाने की जरूरत है.’’ इस साल की शुरूआत में तुर्की में तख्तापलट की एक नाकाम कोशिश के दौरान सरकार के पक्ष में खड़े रहने को लेकर उन्होंने पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एरदोगन कल यहां पहुंचे. उन्होंने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ विस्तृत वार्ता के बाद टिप्पणियां कीं. संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री शरीफ के साथ उनकी बैठक में कश्मीर के हालात के बारे में चर्चा हुई. एरदोगन ने कहा, ‘‘नियंत्रण रेखा पर और कश्मीर में तनाव बढ़ने से कश्मीर में हमारे भाई बहन परेशान हैं, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’ उन्होंने इस पेचीदा मुद्दे के हल के लिए वार्ता की अहमियत पर जोर दिया.टिप्पणियां एरदोगन ने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच वार्ता के बाद कश्मीर मुद्दे का हल खुद के लिए निकाले जाने की जरूरत है.’’ इस साल की शुरूआत में तुर्की में तख्तापलट की एक नाकाम कोशिश के दौरान सरकार के पक्ष में खड़े रहने को लेकर उन्होंने पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एरदोगन ने कहा, ‘‘नियंत्रण रेखा पर और कश्मीर में तनाव बढ़ने से कश्मीर में हमारे भाई बहन परेशान हैं, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’ उन्होंने इस पेचीदा मुद्दे के हल के लिए वार्ता की अहमियत पर जोर दिया.टिप्पणियां एरदोगन ने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच वार्ता के बाद कश्मीर मुद्दे का हल खुद के लिए निकाले जाने की जरूरत है.’’ इस साल की शुरूआत में तुर्की में तख्तापलट की एक नाकाम कोशिश के दौरान सरकार के पक्ष में खड़े रहने को लेकर उन्होंने पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एरदोगन ने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच वार्ता के बाद कश्मीर मुद्दे का हल खुद के लिए निकाले जाने की जरूरत है.’’ इस साल की शुरूआत में तुर्की में तख्तापलट की एक नाकाम कोशिश के दौरान सरकार के पक्ष में खड़े रहने को लेकर उन्होंने पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पाकिस्तान की यात्रा पर हैं रेसीप तैयब एरदोगन दोनों देशों से वार्ता के जरिए कश्मीर मुद्दा सुलझाने की अपील की कहा, कश्मीरी परेशान, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने पाकिस्तान से किर्गिस्तान के बिश्केक जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के विमान को अपने वायु क्षेत्र से गुजरने देने का अनुरोध किया है. बता दें कि पीएम मोदी (PM Modi) को बिश्केक में 13 जून और 14 जून को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने जाना है.पाकिस्तान ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविर पर भारतीय वायु सेना के हमले के बाद 26 फरवरी को अपना वायु क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया था. तब से उसने कुल 11 में से केवल दो वायु मार्ग खोले हैं और दोनों दक्षिण पाकिस्तान से होकर गुजरते हैं. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि हमने पाकिस्तान से प्रधानमंत्री के विमान को अपने एक मार्ग से होकर गुजरने देने का अनुरोध किया है जो अभी तक खुला नहीं है. प्रधानमंत्री को 13 जून और 14 जून को एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेना है. पाकिस्तान ने 21 मई को भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तानी वायु क्षेत्र से सीधे उड़ान भरने की खास अनुमति दी थी. दक्षिण पाकिस्तान में दो मार्गों के अलावा पड़ोसी देश का वायु क्षेत्र वाणिज्यिक विमानों के लिए अब भी बंद है. भारतीय वायु सेना ने 31 मई को घोषणा की थी कि बालाकोट हवाई हमले के बाद भारतीय वायु क्षेत्र पर लगाए सभी अस्थायी प्रतिबंध हटा लिए गए हैं. हालांकि इससे किसी भी वाणिज्यिक एयरलाइन को फायदा मिलने की संभावना नहीं है जब तक पाकिस्तान अपना वायु क्षेत्र नहीं खोलता. पाकिस्तानी वायु क्षेत्र के बंद होने से एयर इंडिया और इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हैं.
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान से मांगी इजाजत बीते लंबे समय से बंद है पाक का एयर स्पेस शंघाई सम्मेलन में शामिल होने जाएंगे पीएम मोदी
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश में सिवनी जिले के तहसील मुख्यालय लगखनादौन में एक व्यक्ति ने अपनी ही 11 वर्षीय पुत्री को कथित रूप से हवस का शिकार बना डाला। थाना प्रभारी पीएस बालरे ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लक्ष्मी प्रसाद रजक की पत्नी 2 फरवरी की रात किसी विवाह में शामिल होने गई थी। उसकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पिता ने अपनी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बना डाला। उन्होंने बताया कि अगले दिन भुक्तभोगी ने अपने पिता की हरकत अपने अन्य परिजनों को बताई, जिसके आधार पर आरोपी के विरुद्ध धारा 376 का मामला पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लक्ष्मी प्रसाद को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पिता ने अपनी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बना डाला। उन्होंने बताया कि अगले दिन भुक्तभोगी ने अपने पिता की हरकत अपने अन्य परिजनों को बताई, जिसके आधार पर आरोपी के विरुद्ध धारा 376 का मामला पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लक्ष्मी प्रसाद को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
यह एक सारांश है: मध्य प्रदेश में सिवनी जिले के तहसील मुख्यालय लगखनादौन में एक व्यक्ति ने अपनी ही 11 वर्षीय पुत्री को कथित रूप से हवस का शिकार बना डाला।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम सबीना पार्क मैदान पर वेस्टइंडीज के साथ जारी पहले टेस्ट मैच में जीत के करीब पहुंच गई है। 326 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम ने तीसरे दिन बुधवार को स्टम्प्स तक तीन विकेट के नुकसान पर 131 रन बना लिए थे। अब सारा दारोमदार भारतीय गेंदबाजों पर है क्योंकि जीत के लिए जरूरी सात विकेट उन्हें ही झटकने हैं। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक कैरेबियाई टीम लक्ष्य से 195 रन दूर थी। उसे जीत की दहलीज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डेरेन ब्रावो और शिवनारायण चंद्रपॉल पर है। चंद्रपॉल 24 और ब्रावो 30 रन बनाकर खेल रहे हैं। 80 रन पर अपनी टीम का तीसरा विकेट गिरने के बाद दोनों बल्लेबाज चौथे विकेट के लिए नाबाद 51 रनों की साझेदारी कर चुके हैं। ब्रावो ने 67 गेंदों पर छह चौके लगाए हैं जबकि अपना 'आखिरी' टेस्ट श्रृंखला खेल रहे चंद्रपॉल ने 52 गेंदों पर तीन चौके जड़े हैं। कैरेबियाई टीम ने एड्रियन बाराथ (38), लेंडल सिमंस (27) और रामनरेश सरवन (0) के विकेट गंवाए हैं। बाराथ और सिमंस ने कैरेबियाई टीम को तेज शुरुआत दी थी। दोनों ने 11 ओवरों में 62 रन जोड़े। बाराथ ने अपनी 36 गेंदों की तूफानी पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए जबकि सिमंस 41 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाने के बाद इशांत शर्मा की गेंद पर आउट हुए। बाराथ को प्रवीण कुमार ने स्लिप में सुरेश रैना के हाथों कैच कराया। प्रवीण ने अपना चौथा विकेट झटका। इसके बाद शर्मा ने सरवन को शून्य पर आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। इससे पहले, भारत ने दूसरे दिन के अपने स्कोर तीन विकेट पर 91 रन के आगे खेलना शुरू किया। दूसरे दिन 45 रनों पर नाबाद लौटने वाले राहुल द्रविड़ ने शानदार 112 रन बनाकर टीम के कुल योग को 252 रनों तक पहुंचाया। अंतिम समय में अमित मिश्रा (28) ने द्रविड़ का अच्छा साथ दिया। इसी की बदौलत वह अपना 32वां टेस्ट शतक पूरा कर सके। द्रविड़ ने अपनी 274 गेंदों की मैराथन पारी में 10 चौके और एक छक्का लगाया जबकि मिश्रा ने 60 गेंदों पर चार चौके लगाए। मिश्रा और द्रविड़ ने नौवें विकेट के लिए उपयोगी 56 रन जोड़े। दूसरे दिन द्रविड़ के साथ 14 रन पर नाबाद लौटने वाले विराट कोहली ने एक बार फिर निराश किया और एक रन जोड़कर फिडेल एडवडर्स की गेंद पर आउट हो गए। पहली पारी में सर्वाधिक 82 रन बनाने वाले रैना ने दूसरी पारी में 27 रनों की संक्षिप्त पारी खेली और दरविड़ के साथ पांचवें विकेट के लिए 48 रन जोड़े। एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान आराम करने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धौनी पहली पारी की तरह इस पारी में भी नाकाम रहे और 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। यही हाल पहली पारी में 70 रन बनाकर रैना के साथ इस मैच की अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी को अंजाम देने वाले हरभजन सिंह का रहा। हरभजन पांच रन बना सके। गेंदबाजी में जलवा दिखाने वाले प्रवीण बल्ले के साथ कोई कमाल नहीं कर सके और खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। इशांत पांच रन  बनाकर नाबाद रहे। वेस्टइंडीज की ओर से कप्तान डेरेन सैमी और देवेंद्र बीशु ने चार-चार विकेट लिए जबकि रवि रामपॉल और एडवडर्स को एक-एक सफलता मिली।
सारांश: 326 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने तीसरे दिन बुधवार को स्टम्प्स तक तीन विकेट के नुकसान पर 131 रन बना लिए थे।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बहुत सालों से अपना अच्छा और नजदीकी मित्र बताते हुए उनके शराबबंदी के निर्णय की प्रशंसा की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क में पवित्र आनंद बोधिवृक्ष लगाने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दलाई लामा ने नीतीश से मिलने पर काफी अच्छा लगा है. बहुत सालों से हम अच्छे एवं नजदीकी मित्र हैं. इनकी उपस्थिति यहां उनके लिए सराहनीय है. दलाई लामा ने कहा कि आज के दौर में लोगों के मन में काफी गुस्सा एवं तनाव है. इसे दूर करने के लिए ड्रग्स एवं शराब का इस्तेमाल करना अच्छी चीज नहीं है. ट्रेनिंग ऑफ माइंड से मानसिक तनाव एवं गुस्सा दूर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बौद्ध भिक्षु के रुप में बोधगया आना उनके लिए गर्व की बात है. बुद्ध स्मृति पार्क का निर्माण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कराया है. दो हजार साल पूर्व भगवान बद्ध का संदेश आज भी जीवंत है. भगवान बुद्ध ने अहिंसा महाकरुणा का संदेश दिया था. न सिर्फ प्रार्थना बल्कि ट्रेनिंग ऑफ माइंड भी आवश्यक है. भगवान बुद्ध का एक अनुयायी होने पर उन्हें गर्व है. दलाई लामा ने भारत के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत एक गुरु के समान है. हमारा सारा ज्ञान भारत से आता है. हम उसके शिष्य है. भारत से संबंध गुरु शिष्य के समान है. उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने इतिहास एवं दर्शन से सीखें. आज वैज्ञानिक भी भारत के प्राचीन ज्ञान एवं दर्शन से सीख ले रहे हैं'. दलाई लामा ने कहा कि अलग-अलग देशों में रहने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों के बीच आपसी प्रेम का रिश्ता रहना चाहिए. तिब्बती धर्म गुरू ने बुद्ध स्मृति पार्क के पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में जाकर पूजा अर्चना की. इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ कर विश्व शांति, आपसी भाईचारा, प्रेम सदभाव के रिश्तों को मजबूत करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की.टिप्पणियां बाद में दलाई लामा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की विशाल प्रतिमा के समक्ष पूजा की तथा पवित्र आनंद बोधि वृद्ध का वृक्षारोपण किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क में पवित्र आनंद बोधिवृक्ष लगाने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दलाई लामा ने नीतीश से मिलने पर काफी अच्छा लगा है. बहुत सालों से हम अच्छे एवं नजदीकी मित्र हैं. इनकी उपस्थिति यहां उनके लिए सराहनीय है. दलाई लामा ने कहा कि आज के दौर में लोगों के मन में काफी गुस्सा एवं तनाव है. इसे दूर करने के लिए ड्रग्स एवं शराब का इस्तेमाल करना अच्छी चीज नहीं है. ट्रेनिंग ऑफ माइंड से मानसिक तनाव एवं गुस्सा दूर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बौद्ध भिक्षु के रुप में बोधगया आना उनके लिए गर्व की बात है. बुद्ध स्मृति पार्क का निर्माण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कराया है. दो हजार साल पूर्व भगवान बद्ध का संदेश आज भी जीवंत है. भगवान बुद्ध ने अहिंसा महाकरुणा का संदेश दिया था. न सिर्फ प्रार्थना बल्कि ट्रेनिंग ऑफ माइंड भी आवश्यक है. भगवान बुद्ध का एक अनुयायी होने पर उन्हें गर्व है. दलाई लामा ने भारत के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत एक गुरु के समान है. हमारा सारा ज्ञान भारत से आता है. हम उसके शिष्य है. भारत से संबंध गुरु शिष्य के समान है. उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने इतिहास एवं दर्शन से सीखें. आज वैज्ञानिक भी भारत के प्राचीन ज्ञान एवं दर्शन से सीख ले रहे हैं'. दलाई लामा ने कहा कि अलग-अलग देशों में रहने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों के बीच आपसी प्रेम का रिश्ता रहना चाहिए. तिब्बती धर्म गुरू ने बुद्ध स्मृति पार्क के पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में जाकर पूजा अर्चना की. इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ कर विश्व शांति, आपसी भाईचारा, प्रेम सदभाव के रिश्तों को मजबूत करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की.टिप्पणियां बाद में दलाई लामा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की विशाल प्रतिमा के समक्ष पूजा की तथा पवित्र आनंद बोधि वृद्ध का वृक्षारोपण किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दलाई लामा ने कहा कि आज के दौर में लोगों के मन में काफी गुस्सा एवं तनाव है. इसे दूर करने के लिए ड्रग्स एवं शराब का इस्तेमाल करना अच्छी चीज नहीं है. ट्रेनिंग ऑफ माइंड से मानसिक तनाव एवं गुस्सा दूर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बौद्ध भिक्षु के रुप में बोधगया आना उनके लिए गर्व की बात है. बुद्ध स्मृति पार्क का निर्माण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कराया है. दो हजार साल पूर्व भगवान बद्ध का संदेश आज भी जीवंत है. भगवान बुद्ध ने अहिंसा महाकरुणा का संदेश दिया था. न सिर्फ प्रार्थना बल्कि ट्रेनिंग ऑफ माइंड भी आवश्यक है. भगवान बुद्ध का एक अनुयायी होने पर उन्हें गर्व है. दलाई लामा ने भारत के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत एक गुरु के समान है. हमारा सारा ज्ञान भारत से आता है. हम उसके शिष्य है. भारत से संबंध गुरु शिष्य के समान है. उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने इतिहास एवं दर्शन से सीखें. आज वैज्ञानिक भी भारत के प्राचीन ज्ञान एवं दर्शन से सीख ले रहे हैं'. दलाई लामा ने कहा कि अलग-अलग देशों में रहने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों के बीच आपसी प्रेम का रिश्ता रहना चाहिए. तिब्बती धर्म गुरू ने बुद्ध स्मृति पार्क के पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में जाकर पूजा अर्चना की. इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ कर विश्व शांति, आपसी भाईचारा, प्रेम सदभाव के रिश्तों को मजबूत करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की.टिप्पणियां बाद में दलाई लामा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की विशाल प्रतिमा के समक्ष पूजा की तथा पवित्र आनंद बोधि वृद्ध का वृक्षारोपण किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि बौद्ध भिक्षु के रुप में बोधगया आना उनके लिए गर्व की बात है. बुद्ध स्मृति पार्क का निर्माण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कराया है. दो हजार साल पूर्व भगवान बद्ध का संदेश आज भी जीवंत है. भगवान बुद्ध ने अहिंसा महाकरुणा का संदेश दिया था. न सिर्फ प्रार्थना बल्कि ट्रेनिंग ऑफ माइंड भी आवश्यक है. भगवान बुद्ध का एक अनुयायी होने पर उन्हें गर्व है. दलाई लामा ने भारत के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत एक गुरु के समान है. हमारा सारा ज्ञान भारत से आता है. हम उसके शिष्य है. भारत से संबंध गुरु शिष्य के समान है. उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने इतिहास एवं दर्शन से सीखें. आज वैज्ञानिक भी भारत के प्राचीन ज्ञान एवं दर्शन से सीख ले रहे हैं'. दलाई लामा ने कहा कि अलग-अलग देशों में रहने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों के बीच आपसी प्रेम का रिश्ता रहना चाहिए. तिब्बती धर्म गुरू ने बुद्ध स्मृति पार्क के पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में जाकर पूजा अर्चना की. इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ कर विश्व शांति, आपसी भाईचारा, प्रेम सदभाव के रिश्तों को मजबूत करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की.टिप्पणियां बाद में दलाई लामा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की विशाल प्रतिमा के समक्ष पूजा की तथा पवित्र आनंद बोधि वृद्ध का वृक्षारोपण किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दलाई लामा ने भारत के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत एक गुरु के समान है. हमारा सारा ज्ञान भारत से आता है. हम उसके शिष्य है. भारत से संबंध गुरु शिष्य के समान है. उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने इतिहास एवं दर्शन से सीखें. आज वैज्ञानिक भी भारत के प्राचीन ज्ञान एवं दर्शन से सीख ले रहे हैं'. दलाई लामा ने कहा कि अलग-अलग देशों में रहने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों के बीच आपसी प्रेम का रिश्ता रहना चाहिए. तिब्बती धर्म गुरू ने बुद्ध स्मृति पार्क के पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में जाकर पूजा अर्चना की. इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ कर विश्व शांति, आपसी भाईचारा, प्रेम सदभाव के रिश्तों को मजबूत करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की.टिप्पणियां बाद में दलाई लामा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की विशाल प्रतिमा के समक्ष पूजा की तथा पवित्र आनंद बोधि वृद्ध का वृक्षारोपण किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने इतिहास एवं दर्शन से सीखें. आज वैज्ञानिक भी भारत के प्राचीन ज्ञान एवं दर्शन से सीख ले रहे हैं'. दलाई लामा ने कहा कि अलग-अलग देशों में रहने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों के बीच आपसी प्रेम का रिश्ता रहना चाहिए. तिब्बती धर्म गुरू ने बुद्ध स्मृति पार्क के पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में जाकर पूजा अर्चना की. इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ कर विश्व शांति, आपसी भाईचारा, प्रेम सदभाव के रिश्तों को मजबूत करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की.टिप्पणियां बाद में दलाई लामा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की विशाल प्रतिमा के समक्ष पूजा की तथा पवित्र आनंद बोधि वृद्ध का वृक्षारोपण किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तिब्बती धर्म गुरू ने बुद्ध स्मृति पार्क के पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में जाकर पूजा अर्चना की. इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ कर विश्व शांति, आपसी भाईचारा, प्रेम सदभाव के रिश्तों को मजबूत करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की.टिप्पणियां बाद में दलाई लामा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की विशाल प्रतिमा के समक्ष पूजा की तथा पवित्र आनंद बोधि वृद्ध का वृक्षारोपण किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बाद में दलाई लामा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की विशाल प्रतिमा के समक्ष पूजा की तथा पवित्र आनंद बोधि वृद्ध का वृक्षारोपण किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: दलाई लामा ने नीतीश कुमार को नजदीकी मित्र भी बताया. दलाई लामा ने बुद्ध स्मृति पार्क में पवित्र आनंद बोधिवृक्ष भी लगाया. आज के दौर में लोगों के मन में काफी गुस्सा एवं तनाव है- तिब्बती धर्म गुरू
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केन्द्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। इसके तहत खाद्य सुरक्षा बिल में संशोधन को मंजूर किया गया है।टिप्पणियां साथ ही जनप्रतिनिधि कानून में संशोधन को कैबिनेट ने मान लिया है। संशोधन के तहत सजा पाने के बाद भी सांसद−विधायक पद पर बने रहेंगे, हालांकि सदन में वोट नहीं दे पाएंगे, सैलरी नहीं मिलेगी। जेल में बंद व्यक्ति को भी मतदान का अधिकार होगा, यानी चुनाव लड़ने का भी। इसके अलावा एक और अहम फैसले के तहत जज नियुक्ति आयोग को हरी झंडी दी गई है। हालांकि डायरेक्ट टैक्स कोड बिल पर फैसला टाल दिया गया है। साथ ही जनप्रतिनिधि कानून में संशोधन को कैबिनेट ने मान लिया है। संशोधन के तहत सजा पाने के बाद भी सांसद−विधायक पद पर बने रहेंगे, हालांकि सदन में वोट नहीं दे पाएंगे, सैलरी नहीं मिलेगी। जेल में बंद व्यक्ति को भी मतदान का अधिकार होगा, यानी चुनाव लड़ने का भी। इसके अलावा एक और अहम फैसले के तहत जज नियुक्ति आयोग को हरी झंडी दी गई है। हालांकि डायरेक्ट टैक्स कोड बिल पर फैसला टाल दिया गया है। इसके अलावा एक और अहम फैसले के तहत जज नियुक्ति आयोग को हरी झंडी दी गई है। हालांकि डायरेक्ट टैक्स कोड बिल पर फैसला टाल दिया गया है।
जनप्रतिनिधि कानून में संशोधन को कैबिनेट ने मान लिया है। संशोधन के तहत सजा पाने के बाद भी सांसद−विधायक पद पर बने रहेंगे, हालांकि सदन में वोट नहीं दे पाएंगे, सैलरी नहीं मिलेगी। जेल में बंद व्यक्ति को भी मतदान का अधिकार होगा, यानी चुनाव लड़ने का भी।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को सुपर ओवर में पछाड़कर आईपीएल में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। आईपीएल छह का यह पहला मैच था जो सुपर ओवर तक खिंचा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के आठ विकेट पर 130 रन के जवाब में सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में सात विकेट पर 130 रन बना लिए थे जिसकी वजह से मैच का फैसला सुपर ओवर में किया गया। सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे हैदराबाद के कैमरून व्हाइट और तिसारा परेरा का सामना बेंगलुरू के तेज गेंदबाज आर विनय कुमार से था। विनय ने पहली ही गेंद नोबाल फेंकी। इसके बाद तीसरी और पांचवीं गेंद पर व्हाइट ने दो गगनभेदी छक्के लगाए और इस ओवर में कुल 20 रन बने। हैदराबाद के लिए सुपर ओवर आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक पर काबिज दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज डेल स्टेन ने फेंका। सामने क्रिस गेल और बेंगलुरू के कप्तान विराट कोहली थे। पहले सिर्फ एक रन पर आउट हुए गेल ने पहली गेंद पर दो रन लिए। दूसरी गेंद पर सिर्फ एक रन ले सके। तीसरी गेंद पर कोहली ने चौका लगाया। अगली गेंद पर एक रन लेने के बाद स्ट्राइक गेल को सौंपी। गेल ने पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया लेकिन इसे दोहरा नहीं सके। बेंगलुरू सुपर ओवर में 15 रन ही बना सका। हैदराबाद की यह लगातार दूसरी जीत है जिसने पिछले मैच में पुणे वारियर्स को हराया था जबकि बेंगलुरू ने मुंबई इंडियंस पर दो रन से रोमांचक जीत दर्ज की थी। इससे पहले, रॉयल चैलेंजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 130 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली ने 46 और मोएसिस हेनरिक्स ने 44 रनों का योगदान दिया। बैंगलुरू की शुरुआत खराब रही और कप्तान कोहली हेनरिक्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं सका। कोहली ने 44 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का जड़ा जबकि हेनरिक्स ने 40 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। डेन क्रिस्टियन के स्थान पर हेनरिक्स को इस मैच के लिए टीम में जगह दी गई थी। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। आईपीएल छह का यह पहला मैच था जो सुपर ओवर तक खिंचा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के आठ विकेट पर 130 रन के जवाब में सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में सात विकेट पर 130 रन बना लिए थे जिसकी वजह से मैच का फैसला सुपर ओवर में किया गया। सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे हैदराबाद के कैमरून व्हाइट और तिसारा परेरा का सामना बेंगलुरू के तेज गेंदबाज आर विनय कुमार से था। विनय ने पहली ही गेंद नोबाल फेंकी। इसके बाद तीसरी और पांचवीं गेंद पर व्हाइट ने दो गगनभेदी छक्के लगाए और इस ओवर में कुल 20 रन बने। हैदराबाद के लिए सुपर ओवर आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक पर काबिज दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज डेल स्टेन ने फेंका। सामने क्रिस गेल और बेंगलुरू के कप्तान विराट कोहली थे। पहले सिर्फ एक रन पर आउट हुए गेल ने पहली गेंद पर दो रन लिए। दूसरी गेंद पर सिर्फ एक रन ले सके। तीसरी गेंद पर कोहली ने चौका लगाया। अगली गेंद पर एक रन लेने के बाद स्ट्राइक गेल को सौंपी। गेल ने पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया लेकिन इसे दोहरा नहीं सके। बेंगलुरू सुपर ओवर में 15 रन ही बना सका। हैदराबाद की यह लगातार दूसरी जीत है जिसने पिछले मैच में पुणे वारियर्स को हराया था जबकि बेंगलुरू ने मुंबई इंडियंस पर दो रन से रोमांचक जीत दर्ज की थी। इससे पहले, रॉयल चैलेंजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 130 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली ने 46 और मोएसिस हेनरिक्स ने 44 रनों का योगदान दिया। बैंगलुरू की शुरुआत खराब रही और कप्तान कोहली हेनरिक्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं सका। कोहली ने 44 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का जड़ा जबकि हेनरिक्स ने 40 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। डेन क्रिस्टियन के स्थान पर हेनरिक्स को इस मैच के लिए टीम में जगह दी गई थी। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे हैदराबाद के कैमरून व्हाइट और तिसारा परेरा का सामना बेंगलुरू के तेज गेंदबाज आर विनय कुमार से था। विनय ने पहली ही गेंद नोबाल फेंकी। इसके बाद तीसरी और पांचवीं गेंद पर व्हाइट ने दो गगनभेदी छक्के लगाए और इस ओवर में कुल 20 रन बने। हैदराबाद के लिए सुपर ओवर आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक पर काबिज दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज डेल स्टेन ने फेंका। सामने क्रिस गेल और बेंगलुरू के कप्तान विराट कोहली थे। पहले सिर्फ एक रन पर आउट हुए गेल ने पहली गेंद पर दो रन लिए। दूसरी गेंद पर सिर्फ एक रन ले सके। तीसरी गेंद पर कोहली ने चौका लगाया। अगली गेंद पर एक रन लेने के बाद स्ट्राइक गेल को सौंपी। गेल ने पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया लेकिन इसे दोहरा नहीं सके। बेंगलुरू सुपर ओवर में 15 रन ही बना सका। हैदराबाद की यह लगातार दूसरी जीत है जिसने पिछले मैच में पुणे वारियर्स को हराया था जबकि बेंगलुरू ने मुंबई इंडियंस पर दो रन से रोमांचक जीत दर्ज की थी। इससे पहले, रॉयल चैलेंजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 130 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली ने 46 और मोएसिस हेनरिक्स ने 44 रनों का योगदान दिया। बैंगलुरू की शुरुआत खराब रही और कप्तान कोहली हेनरिक्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं सका। कोहली ने 44 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का जड़ा जबकि हेनरिक्स ने 40 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। डेन क्रिस्टियन के स्थान पर हेनरिक्स को इस मैच के लिए टीम में जगह दी गई थी। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। हैदराबाद के लिए सुपर ओवर आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक पर काबिज दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज डेल स्टेन ने फेंका। सामने क्रिस गेल और बेंगलुरू के कप्तान विराट कोहली थे। पहले सिर्फ एक रन पर आउट हुए गेल ने पहली गेंद पर दो रन लिए। दूसरी गेंद पर सिर्फ एक रन ले सके। तीसरी गेंद पर कोहली ने चौका लगाया। अगली गेंद पर एक रन लेने के बाद स्ट्राइक गेल को सौंपी। गेल ने पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया लेकिन इसे दोहरा नहीं सके। बेंगलुरू सुपर ओवर में 15 रन ही बना सका। हैदराबाद की यह लगातार दूसरी जीत है जिसने पिछले मैच में पुणे वारियर्स को हराया था जबकि बेंगलुरू ने मुंबई इंडियंस पर दो रन से रोमांचक जीत दर्ज की थी। इससे पहले, रॉयल चैलेंजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 130 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली ने 46 और मोएसिस हेनरिक्स ने 44 रनों का योगदान दिया। बैंगलुरू की शुरुआत खराब रही और कप्तान कोहली हेनरिक्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं सका। कोहली ने 44 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का जड़ा जबकि हेनरिक्स ने 40 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। डेन क्रिस्टियन के स्थान पर हेनरिक्स को इस मैच के लिए टीम में जगह दी गई थी। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। गेल ने पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया लेकिन इसे दोहरा नहीं सके। बेंगलुरू सुपर ओवर में 15 रन ही बना सका। हैदराबाद की यह लगातार दूसरी जीत है जिसने पिछले मैच में पुणे वारियर्स को हराया था जबकि बेंगलुरू ने मुंबई इंडियंस पर दो रन से रोमांचक जीत दर्ज की थी। इससे पहले, रॉयल चैलेंजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 130 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली ने 46 और मोएसिस हेनरिक्स ने 44 रनों का योगदान दिया। बैंगलुरू की शुरुआत खराब रही और कप्तान कोहली हेनरिक्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं सका। कोहली ने 44 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का जड़ा जबकि हेनरिक्स ने 40 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। डेन क्रिस्टियन के स्थान पर हेनरिक्स को इस मैच के लिए टीम में जगह दी गई थी। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। हैदराबाद की यह लगातार दूसरी जीत है जिसने पिछले मैच में पुणे वारियर्स को हराया था जबकि बेंगलुरू ने मुंबई इंडियंस पर दो रन से रोमांचक जीत दर्ज की थी। इससे पहले, रॉयल चैलेंजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 130 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली ने 46 और मोएसिस हेनरिक्स ने 44 रनों का योगदान दिया। बैंगलुरू की शुरुआत खराब रही और कप्तान कोहली हेनरिक्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं सका। कोहली ने 44 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का जड़ा जबकि हेनरिक्स ने 40 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। डेन क्रिस्टियन के स्थान पर हेनरिक्स को इस मैच के लिए टीम में जगह दी गई थी। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। इससे पहले, रॉयल चैलेंजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 130 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली ने 46 और मोएसिस हेनरिक्स ने 44 रनों का योगदान दिया। बैंगलुरू की शुरुआत खराब रही और कप्तान कोहली हेनरिक्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं सका। कोहली ने 44 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का जड़ा जबकि हेनरिक्स ने 40 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। डेन क्रिस्टियन के स्थान पर हेनरिक्स को इस मैच के लिए टीम में जगह दी गई थी। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। बैंगलुरू की शुरुआत खराब रही और कप्तान कोहली हेनरिक्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं सका। कोहली ने 44 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का जड़ा जबकि हेनरिक्स ने 40 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। डेन क्रिस्टियन के स्थान पर हेनरिक्स को इस मैच के लिए टीम में जगह दी गई थी। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। पिछले मैच के हीरो रहे क्रिस गेल केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। गेल को स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी ने विकेट के पीछे पार्थिव पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। 22 रनों के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (6) को ईशांत शर्मा ने क्लीन बोल्ड कर दिया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। बैंगलुरू को करुण नायर (9) के रूप में 42 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। ईशांत शर्मा की अगुवाई में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने बैंगलुरू के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और लगातार क्रम पर विकेट चटकाते रहे।टिप्पणियां बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। बैंगलुरू का चौथा विकेट 14वें ओवर में, पांचवां विकेट 17वें ओवर में, छठा विकेट 18वें ओवर में तथा आखिरी ओवर में सातवां और आठवां, दो विकेट गिरे। इस तरह बैंगलुरू ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 130 रन का स्कोर खड़ा किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया। हैदराबाद की तरफ से शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर बैंगलुरू के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। शर्मा के अलावा स्पिनर अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी से बैंगलुरू के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बनाया तथा चार ओवरों में मात्र 3.75 के औसत से 15 रन देकर एक विकेट भी हासिल किया।
संक्षिप्त सारांश: रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को सुपर ओवर में पछाड़कर आईपीएल में लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने रविवार को घोषणा की कि अब आगे से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए खिलाड़ियों के एजेंटों को भी मान्यता (एक्रीडेशन) दिया जाएगा और प्रत्येक टीम के साथ भ्रष्टाचार निरोधी इकाई के अधिकारी सफर किया करेंगे।टिप्पणियां स्पॉट फिक्सिंग मामले को लेकर बीसीसीआई की कार्यकारिणी की आपात बैठक के बाद श्रीनिवासन ने यह बात कही। उन्होंने कहा, कार्यकारिणी में फैसला लिया गया कि हर एक खिलाड़ी के एजेंट को बीसीसीआई के साथ पंजीकरण कराना होगा। इन्हें मान्यता पत्र दिया जाएगा और प्रत्येक टीम के साथ भ्रष्टाचार निरोधी इकाई के अधिकारी रहा करेंगे। खिलाड़ियों तक पहुंचने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने बुधवार देर रात राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के तीन खिलाड़ियों-शांताकुमारन श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया। इस मामले में गुरुवार को 11 सटोरिये भी दबोचे गए। इन सबको गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने इन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दिल्ली पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान इस मामले में मुम्बई अंडरवर्ल्ड का हाथ होने का संकेत मिला है। स्पॉट फिक्सिंग मामले को लेकर बीसीसीआई की कार्यकारिणी की आपात बैठक के बाद श्रीनिवासन ने यह बात कही। उन्होंने कहा, कार्यकारिणी में फैसला लिया गया कि हर एक खिलाड़ी के एजेंट को बीसीसीआई के साथ पंजीकरण कराना होगा। इन्हें मान्यता पत्र दिया जाएगा और प्रत्येक टीम के साथ भ्रष्टाचार निरोधी इकाई के अधिकारी रहा करेंगे। खिलाड़ियों तक पहुंचने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने बुधवार देर रात राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के तीन खिलाड़ियों-शांताकुमारन श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया। इस मामले में गुरुवार को 11 सटोरिये भी दबोचे गए। इन सबको गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने इन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दिल्ली पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान इस मामले में मुम्बई अंडरवर्ल्ड का हाथ होने का संकेत मिला है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने बुधवार देर रात राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के तीन खिलाड़ियों-शांताकुमारन श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया। इस मामले में गुरुवार को 11 सटोरिये भी दबोचे गए। इन सबको गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने इन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दिल्ली पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान इस मामले में मुम्बई अंडरवर्ल्ड का हाथ होने का संकेत मिला है।
बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन ने घोषणा की कि आगे से आईपीएल के लिए खिलाड़ियों के एजेंटों को भी मान्यता दिया जाएगा और प्रत्येक टीम के साथ भ्रष्टाचार निरोधी इकाई के अधिकारी सफर किया करेंगे।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: Immunity: बार-बार बीमार होने के पीछे का कारण हमारी इम्यूनिटी का कमजोर होना है. रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें कई बीमारियों से बचा के रखती है. छोटी-मोटी ऐसी कई बीमारियां होती हैं जिनसे हमारा शरीर खुद ही निपट लेता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है. ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार (Sick) पड़ने लगते हैं. कुछ बच्चे बहुत जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं. इसका कारण उनकी इम्यूनिटी का कमजोर होना है. कमजोर इम्यून सिस्टम (Weak Immune System) वाले बच्चों को मौसम बदलते ही सर्दी (Cold), खांसी (Cough), जुकाम, बुखार (Fever) जैसी समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं. रोग प्रतिरोधक क्षमता कई तरह के बैक्टीरियल संक्रमण (Bacterial Infection), फंगस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है. इन बातों से यह तो स्पष्ट हो जाता है कि इम्यून पावर के कमजोर होने पर बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है. बच्चों को संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है. Blood Pressure: सर्दियों में बढ़ जाती है दिल की बीमारियां और ब्लड प्रेशर की समस्या, जानें कारण और उपाय  Deadly Diseases 2019: इस साल सबसे घातक और जानलेवा रोगों में शुमार रहीं ये 10 बीमारियां  ऐसे में बच्चे संक्रामक रोगों, जैसे डेंगू (Dengue), मलेरिया (Malaria), चिकनगुनिया (Chikungunya) का शिकार भी बहुत जल्दी होते हैं. अगर आप भी बच्चों के लगातार बीमार रहने से परेशान हैं तो हम यहां बता रहे हैं ऐसे उपाय जिससे आप अपने बच्चों की इम्यूनिटी पावर बढ़ा पाएंगे. Sleeping Disorder: कम सोने से बढ़ सकता है मोटापा और ब्लड प्रेशर, होते हैं कई गंभीर नुकसान Weight Loss: पिएंगे ये 3 चाय तो तेजी से घटेगी पेट की चर्बी, वजन भी होगा कम!  समय से पहले जन्म होना भी कमजोर इम्यूनिटी का एक कारण साथ ही बचपन में मां का दूध न पीना, गलत खानपान की आदत भी कमजोर इम्यूनिटी का कारण हो सकते हैं. यहां आपको बता रहे हैं ऐसे 4 टिप्स जिनसे आप अपने बच्चे की इम्यूनिटी पावर को बढ़ा सकते हैं.  Swelling: खतरनाक हो सकती है शरीर की सूजन, जानें कारण और सूजन घटाने के घरेलू नुस्खे Diabetes: मीठा खाने से नहीं बढ़ता ब्लड शुगर लेवल! जानें क्या होती है डायबिटीज और इसके कारण Weight Loss: रनिंग और जॉगिंग वजन घटाने में मददगार हैं या बढ़ाने में? जानें दोनों में से कौन सी ज्यादा फायदेमंद Diabetes: करेला है ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए अचूक रामबाण! जानें इस सुपरफूड के गजब फायदे Eyesight: आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए खाएं ये फूड्स, बुढा़पे में भी कमजोर नहीं होंगी आंखें!  और खबरों के लिए क्लिक करें Weight Loss In Winter: सर्दियों में तेजी से वजन कैसे घटाएं? डाइट में शामिल करें ये 3 चीजें Controlling Blood Sugar: डायबिटीज डाइट में शामिल करें यह एक चीज, कंट्रोल होगा ब्लड शुगर लेवल Blood Pressure: सर्दियों में बढ़ जाती है दिल की बीमारियां और ब्लड प्रेशर की समस्या, जानें कारण और उपाय  Walking Benefits: भागने-दौड़ने के साथ पैदल चलने से होते हैं ये कमाल के फायदे! जानें क्यों है वॉक करना जरूरी Skin Care Tips: रात में सोने से पहले आजमाएं ये ट्रिक्स, अगले ही दिन स्किन पर दिख जाएगा असर! Hair Care Tips: ये 5 आसान ट्रिक बनाएंगे बालों को मजबूत और घना! भीड़ में दिखेंगे अलग
यहाँ एक सारांश है:इन तरीकों से बढ़ाएं बच्चों की इम्यूनिटी. करेंगे ये काम तो, बच्चे रहेंगे हमेशा स्वस्थ. जानें कैसे बढ़ाएं बच्चों की इम्यूनिटी.
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आरटीआई कार्यकर्ता शेहला मसूद हत्याकांड की सीबीआई जांच में भोपाल पुलिस की लापरवाही सामने आयी है। सीबीआई ने दो दिन पूर्व इस मामले में कोहेफिजा पुलिस थाने में दर्ज प्रकरण के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करके इस मामले की छानबीन शुरू की थी। सीबीआई सूत्रों के अनुसार कोहेफिजा क्षेत्र में सीबीआई के जांच दल ने हत्या का दृश्य तैयार करके मामले की जांच शुरू की। इसके लिए सीबीआई ने शेहला की पुलिस के कब्जे में रखी कार को उस स्थान पर बुलवाया और हत्या का दृश्य तैयार करके एक महिला कांस्टेबल को कार में बैठाया और हत्या के लिए प्रयुक्त गोली चलने के संभावित कोण की परीक्षा की। इस दौरान भोपाल पुलिस की लापरवाही उस समय उजागर हुई जब सीबीआई ने कार का बारीकी से परीक्षण किया जबकि भोपाल पुलिस उस कार का पहले ही परीक्षण कर चुकी थी। सीबीआई द्वारा किए गए परीक्षण में कार से एक लॉकेट का पेंडल मिला। यह पेंडल शेहला की चेन का था और हत्या के दौरान हुए संघर्ष के दौरान यह कार की नीचे बिछी मेटिंग के नीचे गिर गया होगा। इसके साथ ही सीबीआई ने कार के पीछे से एक फाइल भी बरामद की है। इस फाइल से सीबीआई को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। भोपाल पुलिस ने अपनी जांच में इस पेंडल अथवा फाइल का जिक्र नहीं किया था। इसके अलावा शेहला के मोबाइल कॉल डिटेल से यह भी खुलासा हुआ है कि आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या के बाद भी उसके मोबाइल से चार फोन किए गए थे। इनमें एक कॉल हत्या के छह घंटे बाद किया गया जबकि तीन कॉल हत्या के दूसरे दिन किए गए। अब सीबीआई इस बात की जांच में जुट गयी है कि हत्या के बाद ये फोन किसने किए। दूसरी तरफ सीबीआई के अधिकारियों के जांच दल ने आज शेहला के महाराणा प्रताप नगर स्थित कार्यालय का भी दौरा किया और दस्तावेजों की जांच पड़ताल की। दल ने इस बात की भी जांच की कि हत्या के पहले शेहला ने किस किस प्रकरण में आरटीआई लगा रखी थी। उल्लेखनीय है कि शेहला मसूद की गत 16 अगस्त को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी जब वे अपने घर से निकलकर कार में बैठ रही थीं।
शेहला केस में लापरवाही उस समय उजागर हुई जब सीबीआई ने कार का बारीकी से परीक्षण किया जबकि भोपाल पुलिस उसका पहले ही परीक्षण कर चुकी थी।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भेंट की और वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के दौरान हुए अनुबंधों को लेकर आयकर विभाग की ओर से राज्य सरकार को नोटिस भेजे जाने पर विरोध जताया। आयकर विभाग ने अपने नोटिस में इस सम्मेलन में हुए सभी करारों का ब्यौरा मांगा हैं। इस सम्मेलन में कंपनियों ने गुजरात में 1000 करोड़ रूपए से अधिक का निवेश करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि अहमदाबाद के भारतीय प्रबंधन संस्थान के वार्षिक दीक्षांत समारोह में आए सिंह से मोदी ने सर्किट हाउस में भेंट की और आयकर विभाग के नोटिस को लेकर कड़ा विरोध जताया। सूत्रों ने दावा किया, प्रधानमंत्री मोदी की इस बात से सहमत थे कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने मामले की जांच पड़ताल का वादा किया। यह भेंट प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में निर्धारित नहीं थी। आयकर विभाग ने राज्य को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन, 2011 के सिलसिले में जांच लंबित है और गुजरात सरकार के साथ विभिन्न कोरपोरेट निकायों की ओर से किए गए करारों के ब्यौरों के परीक्षण की जरूरत है।
सारांश: सूत्रों ने दावा किया, प्रधानमंत्री मोदी की इस बात से सहमत थे कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने मामले की जांच पड़ताल का वादा किया।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने आज जम्मू क्षेत्र में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की और कहा कि यह जरूरी है कि हिंसा का बेहूदा कृत्य दोनों देशों को अपनी जनता के लिए बेहतर भविष्य के रास्ते पर आगे बढ़ने से रोक नहीं पाए। यहां पाकिस्तान उच्चायोग ने एक बयान जारी कर कहा, आतंकवाद बहुत ही घातक बुराई है। पाकिस्तान उसका बहुत बड़ा शिकार रहा है। हम अपने समाज एवं अपने क्षेत्र से आतंकवादी हिंसा की इस बुराई का खात्मा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। बयान के अनुसार, पाकिस्तान कड़े शब्दों में हर तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है।टिप्पणियां पाकिस्तान ने बयान में कहा, जम्मू में आतंकवादी हिंसक कृत्य में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। यह जरूरी है कि हिंसा का बेहूदा कृत्य दोनों देशों को अपनी जनता के लिए बेहतर भविष्य के रास्ते पर आगे बढ़ने से रोक नहीं पाए। जम्मू में सैनिकों की वर्दी में आए सशस्त्र आतंकवादियों ने एक थाने और एक सैन्य कैंप पर हमला किया। यह घटना न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच होने वाली भेंट से महज दो दिन पहले हुई है। यहां पाकिस्तान उच्चायोग ने एक बयान जारी कर कहा, आतंकवाद बहुत ही घातक बुराई है। पाकिस्तान उसका बहुत बड़ा शिकार रहा है। हम अपने समाज एवं अपने क्षेत्र से आतंकवादी हिंसा की इस बुराई का खात्मा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। बयान के अनुसार, पाकिस्तान कड़े शब्दों में हर तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है।टिप्पणियां पाकिस्तान ने बयान में कहा, जम्मू में आतंकवादी हिंसक कृत्य में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। यह जरूरी है कि हिंसा का बेहूदा कृत्य दोनों देशों को अपनी जनता के लिए बेहतर भविष्य के रास्ते पर आगे बढ़ने से रोक नहीं पाए। जम्मू में सैनिकों की वर्दी में आए सशस्त्र आतंकवादियों ने एक थाने और एक सैन्य कैंप पर हमला किया। यह घटना न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच होने वाली भेंट से महज दो दिन पहले हुई है। पाकिस्तान ने बयान में कहा, जम्मू में आतंकवादी हिंसक कृत्य में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। यह जरूरी है कि हिंसा का बेहूदा कृत्य दोनों देशों को अपनी जनता के लिए बेहतर भविष्य के रास्ते पर आगे बढ़ने से रोक नहीं पाए। जम्मू में सैनिकों की वर्दी में आए सशस्त्र आतंकवादियों ने एक थाने और एक सैन्य कैंप पर हमला किया। यह घटना न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच होने वाली भेंट से महज दो दिन पहले हुई है। जम्मू में सैनिकों की वर्दी में आए सशस्त्र आतंकवादियों ने एक थाने और एक सैन्य कैंप पर हमला किया। यह घटना न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच होने वाली भेंट से महज दो दिन पहले हुई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान ने आज जम्मू क्षेत्र में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की और कहा कि यह जरूरी है कि हिंसा का बेहूदा कृत्य दोनों देशों को अपनी जनता के लिए बेहतर भविष्य के रास्ते पर आगे बढ़ने से रोक नहीं पाए।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 2जी स्पेक्ट्रम मामले में अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने दिल्ली की एक अदालत में कहा कि स्वान टेलीकॉम रिलायंस टेलीकॉम की ‘मुखौटा कंपनी’ नहीं थी। इस मामले में स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा और अन्य भी आरोपी हैं जिनपर अदालत में मुकदमा चल रहा है।टिप्पणियां गवाह के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, रिलायंस एडीएजी, आरटीएल के तीन प्रमुख कार्यकारी अधिकारी और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र में दावा किया था कि आरटीएल ने 2जी लाइसेंस तथा कीमती रेडियो तरंगें पाने के लिए अयोग्य फर्म स्वान टेलीकॉम को अपनी मुखौटा कंपनी के रूप में इस्तेमाल किया। रिलायंस कम्युनिकेशन के अध्यक्ष हासित शुक्ला ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी की अदालत में जिरह के दौरान कहा कि यह सही है कि आरकॉम, आरटीएल ने कभी भी स्वान कैपीटल, टेलीकॉम में 9.99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी हासिल करने का कभी इरादा नहीं रखा। गवाह के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, रिलायंस एडीएजी, आरटीएल के तीन प्रमुख कार्यकारी अधिकारी और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र में दावा किया था कि आरटीएल ने 2जी लाइसेंस तथा कीमती रेडियो तरंगें पाने के लिए अयोग्य फर्म स्वान टेलीकॉम को अपनी मुखौटा कंपनी के रूप में इस्तेमाल किया। रिलायंस कम्युनिकेशन के अध्यक्ष हासित शुक्ला ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी की अदालत में जिरह के दौरान कहा कि यह सही है कि आरकॉम, आरटीएल ने कभी भी स्वान कैपीटल, टेलीकॉम में 9.99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी हासिल करने का कभी इरादा नहीं रखा। रिलायंस कम्युनिकेशन के अध्यक्ष हासित शुक्ला ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी की अदालत में जिरह के दौरान कहा कि यह सही है कि आरकॉम, आरटीएल ने कभी भी स्वान कैपीटल, टेलीकॉम में 9.99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी हासिल करने का कभी इरादा नहीं रखा।
2जी स्पेक्ट्रम मामले में अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने दिल्ली की एक अदालत में कहा कि स्वान टेलीकॉम रिलायंस टेलीकॉम की ‘मुखौटा कंपनी’ नहीं थी।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश का चुनाव अब अपने पूरे शबाब पर है. लोकतंत्र के इस उत्सव में चुनाव के तरह-तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं.  अब पहले की तरह बैनर पोस्टर और बिल्ले चुनाव अचार संहिता की वजह से नहीं हैं. इन स्थितियों में लोग अपनी पीठ पर ही अपने नेता और पार्टी के चुनाव निशान जहां गोदने से गोदवा ले रहे हैं तो वहीं कई प्रत्याशी ढोल बजाकर नाचते आ रहे हैं. कोई रिक्शा चलाकर इस पर्व में शिरकत करने के लिए आ रहा है.   प्रत्याशियों के साथ-साथ अलग-अलग पार्टियों के समर्थक भी अलग-अलग रंग में हैं. माथे पर मोरपंख की टोपी उस पर लालू यादव का चुनाव निशान लालटेन और गले में कांग्रेसी दुपट्टा डाले यह समर्थक सपा-कांग्रेस गठबंधन में लालू की उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. इससे इतर एकदम निराले अंदाज में विनोद जायसवाल की पीठ पर बने समाजवादी पार्टी के प्रचार पोस्टर को देखकर आप दंग रह जाएंगे. इस पोस्टर में अखिलेश यादव, डिम्पल यादव, मुलायम सिंह और उनकी पार्टी का चुनाव निशान है और यह सब उन्होंने हमेशा के लिए गोदने से गोदवा लिया है. दोनों  हांथ पर भी वैसे ही निशान लिए वे हर सुबह समाजवादी पार्टी का प्रचार करने निकल पड़ते हैं और अपने पीठ पोस्टर से लोगों को रूबरू कराते हैं.  विनोद  कहते हैं ''अचार संहिता का उल्लंघन नहीं करना है, अचार संहिता का अपमान नहीं करना है. पोस्टर तो कहीं लगना नहीं है और भैया ने कहा कि कोई भी ऐसा न करे. जो हमारे को बोले तो हमने अपने शरीर को ही न्यौछावर कर दिया.''   विनोद की तरह ही एक दूसरे विनोद भी हैं पर वे समर्थक नहीं प्रत्याशी हैं जो गले में माला पहनकर और ढोलक बजाकर नाचते हुए पहुंचे. उनके साथ नाच रही महिला भी शिवपुर विधानसभा सीट से नामांकन करने आई हैं. यह दोनों प्रत्याशी 2013 में बनी नव जनक्रांति पार्टी से उम्मीदवारी जता रहे हैं.  इसमें विनोद थाप दे रहे हैं तो उनकी सहयोगी प्रत्याशी सरिता ठुमका लगा रही हैं. विनोद कहते हैं कि "ढोल बजाकर हम जनता को उजागर करना चाहते हैं. उनको ढोल से जगाकर कहेंगे कि क्या विकास चाहते हैं... बताइए. जनता को ढोल नगाड़े से जगाते रहेंगे और विकास करेंगे.   वाराणसी में नामांकन करने पहुंचे विनोद ऐसे अकेले नहीं हैं.  नेता की तरह पैजामा-कुर्ता गले में माला डालकर रिक्शा चला रहे बुधु राम भी नामांकन करने आए हैं.  बुधु रिक्शा चालक हैं.  रिक्शा चालकों की समस्या कोई नहीं सुनता, लिहाजा चुनाव लड़ने का मन बनाया और अपने रिक्शा चालक साथियों को अपने रिक्शे पर बैठाकर पहुंच गए नामांकन करने. इनके साथियों में जोश दिखाई पड़ता है. टिप्पणियां लोकतंत्र के इस पर्व में एक जोश राका का भी है जिन्हें अपनी मूंछ पर नाज है.  वे अपनी लंबी मूंछ के सहारे ही चुनाव मैदान में हैं और जितनी लंबी उनकी मूंछ है उतनी ही लंबी उनकी अपने लिए वोट मांगने की दलील है. राका कहते हैं कि ''जहां ताका वहां है राका, हर जगह है चर्चा और पिंडरा विधानसभा से हम भरत हैं पर्चा, जनता हमें देत हौ खर्चा और दलालन की आखन में मरचा ( पैच ). हमारे साथ है पूरी जनता. जमीनी सोच है और बड़ी-बड़ी मूंछ है. कोई प्रत्याशी के पास न ऐसी सोच है, न जोश, न मूंछ है. जनता बेहोश है. तब सब कहत हैं कि जहां काटा वहीं राका.'' इसे ही देखकर कहा जाता है कि लोकतंत्र में चुनाव एक उत्सव है, पर्व है और यह सारी गतिविधियां उसमें निराले रंग भरती हैं. प्रत्याशियों के साथ-साथ अलग-अलग पार्टियों के समर्थक भी अलग-अलग रंग में हैं. माथे पर मोरपंख की टोपी उस पर लालू यादव का चुनाव निशान लालटेन और गले में कांग्रेसी दुपट्टा डाले यह समर्थक सपा-कांग्रेस गठबंधन में लालू की उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. इससे इतर एकदम निराले अंदाज में विनोद जायसवाल की पीठ पर बने समाजवादी पार्टी के प्रचार पोस्टर को देखकर आप दंग रह जाएंगे. इस पोस्टर में अखिलेश यादव, डिम्पल यादव, मुलायम सिंह और उनकी पार्टी का चुनाव निशान है और यह सब उन्होंने हमेशा के लिए गोदने से गोदवा लिया है. दोनों  हांथ पर भी वैसे ही निशान लिए वे हर सुबह समाजवादी पार्टी का प्रचार करने निकल पड़ते हैं और अपने पीठ पोस्टर से लोगों को रूबरू कराते हैं.  विनोद  कहते हैं ''अचार संहिता का उल्लंघन नहीं करना है, अचार संहिता का अपमान नहीं करना है. पोस्टर तो कहीं लगना नहीं है और भैया ने कहा कि कोई भी ऐसा न करे. जो हमारे को बोले तो हमने अपने शरीर को ही न्यौछावर कर दिया.''   विनोद की तरह ही एक दूसरे विनोद भी हैं पर वे समर्थक नहीं प्रत्याशी हैं जो गले में माला पहनकर और ढोलक बजाकर नाचते हुए पहुंचे. उनके साथ नाच रही महिला भी शिवपुर विधानसभा सीट से नामांकन करने आई हैं. यह दोनों प्रत्याशी 2013 में बनी नव जनक्रांति पार्टी से उम्मीदवारी जता रहे हैं.  इसमें विनोद थाप दे रहे हैं तो उनकी सहयोगी प्रत्याशी सरिता ठुमका लगा रही हैं. विनोद कहते हैं कि "ढोल बजाकर हम जनता को उजागर करना चाहते हैं. उनको ढोल से जगाकर कहेंगे कि क्या विकास चाहते हैं... बताइए. जनता को ढोल नगाड़े से जगाते रहेंगे और विकास करेंगे.   वाराणसी में नामांकन करने पहुंचे विनोद ऐसे अकेले नहीं हैं.  नेता की तरह पैजामा-कुर्ता गले में माला डालकर रिक्शा चला रहे बुधु राम भी नामांकन करने आए हैं.  बुधु रिक्शा चालक हैं.  रिक्शा चालकों की समस्या कोई नहीं सुनता, लिहाजा चुनाव लड़ने का मन बनाया और अपने रिक्शा चालक साथियों को अपने रिक्शे पर बैठाकर पहुंच गए नामांकन करने. इनके साथियों में जोश दिखाई पड़ता है. टिप्पणियां लोकतंत्र के इस पर्व में एक जोश राका का भी है जिन्हें अपनी मूंछ पर नाज है.  वे अपनी लंबी मूंछ के सहारे ही चुनाव मैदान में हैं और जितनी लंबी उनकी मूंछ है उतनी ही लंबी उनकी अपने लिए वोट मांगने की दलील है. राका कहते हैं कि ''जहां ताका वहां है राका, हर जगह है चर्चा और पिंडरा विधानसभा से हम भरत हैं पर्चा, जनता हमें देत हौ खर्चा और दलालन की आखन में मरचा ( पैच ). हमारे साथ है पूरी जनता. जमीनी सोच है और बड़ी-बड़ी मूंछ है. कोई प्रत्याशी के पास न ऐसी सोच है, न जोश, न मूंछ है. जनता बेहोश है. तब सब कहत हैं कि जहां काटा वहीं राका.'' इसे ही देखकर कहा जाता है कि लोकतंत्र में चुनाव एक उत्सव है, पर्व है और यह सारी गतिविधियां उसमें निराले रंग भरती हैं. विनोद की तरह ही एक दूसरे विनोद भी हैं पर वे समर्थक नहीं प्रत्याशी हैं जो गले में माला पहनकर और ढोलक बजाकर नाचते हुए पहुंचे. उनके साथ नाच रही महिला भी शिवपुर विधानसभा सीट से नामांकन करने आई हैं. यह दोनों प्रत्याशी 2013 में बनी नव जनक्रांति पार्टी से उम्मीदवारी जता रहे हैं.  इसमें विनोद थाप दे रहे हैं तो उनकी सहयोगी प्रत्याशी सरिता ठुमका लगा रही हैं. विनोद कहते हैं कि "ढोल बजाकर हम जनता को उजागर करना चाहते हैं. उनको ढोल से जगाकर कहेंगे कि क्या विकास चाहते हैं... बताइए. जनता को ढोल नगाड़े से जगाते रहेंगे और विकास करेंगे.   वाराणसी में नामांकन करने पहुंचे विनोद ऐसे अकेले नहीं हैं.  नेता की तरह पैजामा-कुर्ता गले में माला डालकर रिक्शा चला रहे बुधु राम भी नामांकन करने आए हैं.  बुधु रिक्शा चालक हैं.  रिक्शा चालकों की समस्या कोई नहीं सुनता, लिहाजा चुनाव लड़ने का मन बनाया और अपने रिक्शा चालक साथियों को अपने रिक्शे पर बैठाकर पहुंच गए नामांकन करने. इनके साथियों में जोश दिखाई पड़ता है. टिप्पणियां लोकतंत्र के इस पर्व में एक जोश राका का भी है जिन्हें अपनी मूंछ पर नाज है.  वे अपनी लंबी मूंछ के सहारे ही चुनाव मैदान में हैं और जितनी लंबी उनकी मूंछ है उतनी ही लंबी उनकी अपने लिए वोट मांगने की दलील है. राका कहते हैं कि ''जहां ताका वहां है राका, हर जगह है चर्चा और पिंडरा विधानसभा से हम भरत हैं पर्चा, जनता हमें देत हौ खर्चा और दलालन की आखन में मरचा ( पैच ). हमारे साथ है पूरी जनता. जमीनी सोच है और बड़ी-बड़ी मूंछ है. कोई प्रत्याशी के पास न ऐसी सोच है, न जोश, न मूंछ है. जनता बेहोश है. तब सब कहत हैं कि जहां काटा वहीं राका.'' इसे ही देखकर कहा जाता है कि लोकतंत्र में चुनाव एक उत्सव है, पर्व है और यह सारी गतिविधियां उसमें निराले रंग भरती हैं. लोकतंत्र के इस पर्व में एक जोश राका का भी है जिन्हें अपनी मूंछ पर नाज है.  वे अपनी लंबी मूंछ के सहारे ही चुनाव मैदान में हैं और जितनी लंबी उनकी मूंछ है उतनी ही लंबी उनकी अपने लिए वोट मांगने की दलील है. राका कहते हैं कि ''जहां ताका वहां है राका, हर जगह है चर्चा और पिंडरा विधानसभा से हम भरत हैं पर्चा, जनता हमें देत हौ खर्चा और दलालन की आखन में मरचा ( पैच ). हमारे साथ है पूरी जनता. जमीनी सोच है और बड़ी-बड़ी मूंछ है. कोई प्रत्याशी के पास न ऐसी सोच है, न जोश, न मूंछ है. जनता बेहोश है. तब सब कहत हैं कि जहां काटा वहीं राका.'' इसे ही देखकर कहा जाता है कि लोकतंत्र में चुनाव एक उत्सव है, पर्व है और यह सारी गतिविधियां उसमें निराले रंग भरती हैं. इसे ही देखकर कहा जाता है कि लोकतंत्र में चुनाव एक उत्सव है, पर्व है और यह सारी गतिविधियां उसमें निराले रंग भरती हैं.
पीठ पर गोदना गोदवाकर चुनाव प्रचार प्रचार के लिए प्रत्याशियों का ढोल के साथ डांस लंबी मूंछों के सहारे चुनावी नैया पार करने की जुगत
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: आईआईटी काउंसिल एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके अनुसार अगले तीन वर्षों में 2020 तक 30 हजार अन्य नॉन रेसीडेंट छात्रों को आईआईटी  संस्थानों में पढ़ने की अनुमति दी जाएगी. सूत्रों  की मानें तो आईआईटी परिषद की अगली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसमें नॉन रेसीडेंट छात्रों को लेने का सुझाव है. यह बैठक 23 अगस्त को होने वाली है. एक अन्य सूत्र के अनुसार, 'फिलहाल आईआईटी में स्नातक, स्नातकोत्तर या डॉक्टरेट पाठयक्रमों में 72000 तक छात्रों का दाखिला लिया जाता है, जो रेसीडेंसियल होते हैं. हालांकि, इस बात पर विचार किया जा रहा है कि 'जो छात्र हॉस्टलों में नहीं ठहरेंगे, उनका भी इन संस्थानों में दाखिला होना चाहिए.' योजना प्रतिवर्ष संख्या में 10 हजार की वृद्धि करने की है ताकि आईआईटी में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 2020 तक एक लाख तक पहुंचाई जा सके. सूत्र ने बताया, 30 हजार अतिरिक्त छात्रों के लिए लिए हॉस्टल में ठहरने के लिए आधारभूत संरचना पैदा करने की बजाय यह प्रस्ताव किया जाता है कि नॉन रेसीडेंसियल छात्रों को लेकर अधिक प्रतिभाओं को लेना बढ़ाया जा सके. टिप्पणियां छात्रों की संख्या में वृद्धि शिक्षण प्रक्रिया के साथ समझौता किए बिना होगी और वो पर्याप्त शिक्षण सुविधाओं की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. आईआईटी काउंसिल जिन अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा करने जा रहा है उसमें प्रोजेक्ट 'विश्वजीत' भी शामिल है, जो शीर्ष सात आईआईटी को उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार में सहायता प्रदान करेगा. सूत्रों ने बताया कि एक अन्य कदम आईआईटी से पीएचडी छात्रों की भर्ती से संबंधित है. इसके जरिए रिक्तियों को भरने का लक्ष्य रखा गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों  की मानें तो आईआईटी परिषद की अगली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसमें नॉन रेसीडेंट छात्रों को लेने का सुझाव है. यह बैठक 23 अगस्त को होने वाली है. एक अन्य सूत्र के अनुसार, 'फिलहाल आईआईटी में स्नातक, स्नातकोत्तर या डॉक्टरेट पाठयक्रमों में 72000 तक छात्रों का दाखिला लिया जाता है, जो रेसीडेंसियल होते हैं. हालांकि, इस बात पर विचार किया जा रहा है कि 'जो छात्र हॉस्टलों में नहीं ठहरेंगे, उनका भी इन संस्थानों में दाखिला होना चाहिए.' योजना प्रतिवर्ष संख्या में 10 हजार की वृद्धि करने की है ताकि आईआईटी में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 2020 तक एक लाख तक पहुंचाई जा सके. सूत्र ने बताया, 30 हजार अतिरिक्त छात्रों के लिए लिए हॉस्टल में ठहरने के लिए आधारभूत संरचना पैदा करने की बजाय यह प्रस्ताव किया जाता है कि नॉन रेसीडेंसियल छात्रों को लेकर अधिक प्रतिभाओं को लेना बढ़ाया जा सके. टिप्पणियां छात्रों की संख्या में वृद्धि शिक्षण प्रक्रिया के साथ समझौता किए बिना होगी और वो पर्याप्त शिक्षण सुविधाओं की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. आईआईटी काउंसिल जिन अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा करने जा रहा है उसमें प्रोजेक्ट 'विश्वजीत' भी शामिल है, जो शीर्ष सात आईआईटी को उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार में सहायता प्रदान करेगा. सूत्रों ने बताया कि एक अन्य कदम आईआईटी से पीएचडी छात्रों की भर्ती से संबंधित है. इसके जरिए रिक्तियों को भरने का लक्ष्य रखा गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) योजना प्रतिवर्ष संख्या में 10 हजार की वृद्धि करने की है ताकि आईआईटी में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 2020 तक एक लाख तक पहुंचाई जा सके. सूत्र ने बताया, 30 हजार अतिरिक्त छात्रों के लिए लिए हॉस्टल में ठहरने के लिए आधारभूत संरचना पैदा करने की बजाय यह प्रस्ताव किया जाता है कि नॉन रेसीडेंसियल छात्रों को लेकर अधिक प्रतिभाओं को लेना बढ़ाया जा सके. टिप्पणियां छात्रों की संख्या में वृद्धि शिक्षण प्रक्रिया के साथ समझौता किए बिना होगी और वो पर्याप्त शिक्षण सुविधाओं की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. आईआईटी काउंसिल जिन अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा करने जा रहा है उसमें प्रोजेक्ट 'विश्वजीत' भी शामिल है, जो शीर्ष सात आईआईटी को उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार में सहायता प्रदान करेगा. सूत्रों ने बताया कि एक अन्य कदम आईआईटी से पीएचडी छात्रों की भर्ती से संबंधित है. इसके जरिए रिक्तियों को भरने का लक्ष्य रखा गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) छात्रों की संख्या में वृद्धि शिक्षण प्रक्रिया के साथ समझौता किए बिना होगी और वो पर्याप्त शिक्षण सुविधाओं की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. आईआईटी काउंसिल जिन अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा करने जा रहा है उसमें प्रोजेक्ट 'विश्वजीत' भी शामिल है, जो शीर्ष सात आईआईटी को उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार में सहायता प्रदान करेगा. सूत्रों ने बताया कि एक अन्य कदम आईआईटी से पीएचडी छात्रों की भर्ती से संबंधित है. इसके जरिए रिक्तियों को भरने का लक्ष्य रखा गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: नॉन रेसीडेंट छात्रों को आईआईटी संस्थानों में पढ़ने की अनुमति दी जाएगी 'हॉस्टलों में नहीं ठहरने वाले छात्रों का भी दाखिला होना चाहिए' योजना प्रतिवर्ष छात्रों की संख्या में 10 हजार की वृद्धि करने की है
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान हुई गड़बड़ी के कारण दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ समुद्री उद्यान में चार बम गिरा दिए। अमेरिका के सातवें बेड़े ने शनिवार को एक बयान जारी कर बताया कि मंगलवार को अमेरिकी विमान वाहक पोत यूएसएस बोनहोमे रिचर्ड से उड़ान भरने वाले दो एवी-8बी हैरियर लड़ाकू विमानों ने क्वीन्सलैंड तट के निकट विश्व धरोहर सूची में शामिल समुद्री उद्यान में चार बम गिरा दिए। इन चार बमों में से दो 'इनर्ट बम' और दो 'अनआर्म्ड बम' थे।टिप्पणियां बयान में बताया गया है कि ये बम प्रवालभित्तियों से 50 मीटर (164 फुट) से भी दूर गहरे पानी में गिराए गए, ताकि प्रवाल भित्ति को कम से कम नुकसान पहुंचे। इनमें से किसी भी बम में विस्फोट नहीं हुआ। अमेरिकी नौसेना की 31वीं समुद्री अभियान ईकाई के इन लड़ाकू विमानों को टाउनशेड द्वीप के बॉम्बिंग रेंज में बम गिराना था, लेकिन वह जगह विस्फोट के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होने की सूचना मिलने पर उन्हें ये बम ग्रेट बैरियर रीफ में ही गिराने पड़े। नौसेना ने बताया कि पायलटों को आपात स्थिति में यह फैसला करना पड़ा, क्योंकि विमानों में ईंधन कम था और वे बम के साथ उतर नहीं सकते थे। अमेरिका के सातवें बेड़े ने शनिवार को एक बयान जारी कर बताया कि मंगलवार को अमेरिकी विमान वाहक पोत यूएसएस बोनहोमे रिचर्ड से उड़ान भरने वाले दो एवी-8बी हैरियर लड़ाकू विमानों ने क्वीन्सलैंड तट के निकट विश्व धरोहर सूची में शामिल समुद्री उद्यान में चार बम गिरा दिए। इन चार बमों में से दो 'इनर्ट बम' और दो 'अनआर्म्ड बम' थे।टिप्पणियां बयान में बताया गया है कि ये बम प्रवालभित्तियों से 50 मीटर (164 फुट) से भी दूर गहरे पानी में गिराए गए, ताकि प्रवाल भित्ति को कम से कम नुकसान पहुंचे। इनमें से किसी भी बम में विस्फोट नहीं हुआ। अमेरिकी नौसेना की 31वीं समुद्री अभियान ईकाई के इन लड़ाकू विमानों को टाउनशेड द्वीप के बॉम्बिंग रेंज में बम गिराना था, लेकिन वह जगह विस्फोट के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होने की सूचना मिलने पर उन्हें ये बम ग्रेट बैरियर रीफ में ही गिराने पड़े। नौसेना ने बताया कि पायलटों को आपात स्थिति में यह फैसला करना पड़ा, क्योंकि विमानों में ईंधन कम था और वे बम के साथ उतर नहीं सकते थे। बयान में बताया गया है कि ये बम प्रवालभित्तियों से 50 मीटर (164 फुट) से भी दूर गहरे पानी में गिराए गए, ताकि प्रवाल भित्ति को कम से कम नुकसान पहुंचे। इनमें से किसी भी बम में विस्फोट नहीं हुआ। अमेरिकी नौसेना की 31वीं समुद्री अभियान ईकाई के इन लड़ाकू विमानों को टाउनशेड द्वीप के बॉम्बिंग रेंज में बम गिराना था, लेकिन वह जगह विस्फोट के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होने की सूचना मिलने पर उन्हें ये बम ग्रेट बैरियर रीफ में ही गिराने पड़े। नौसेना ने बताया कि पायलटों को आपात स्थिति में यह फैसला करना पड़ा, क्योंकि विमानों में ईंधन कम था और वे बम के साथ उतर नहीं सकते थे। अमेरिकी नौसेना की 31वीं समुद्री अभियान ईकाई के इन लड़ाकू विमानों को टाउनशेड द्वीप के बॉम्बिंग रेंज में बम गिराना था, लेकिन वह जगह विस्फोट के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होने की सूचना मिलने पर उन्हें ये बम ग्रेट बैरियर रीफ में ही गिराने पड़े। नौसेना ने बताया कि पायलटों को आपात स्थिति में यह फैसला करना पड़ा, क्योंकि विमानों में ईंधन कम था और वे बम के साथ उतर नहीं सकते थे।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के सातवें बेड़े ने बताया कि प्रशिक्षण अभियान के दौरान गड़बड़ी के कारण दो एवी-8बी हैरियर लड़ाकू विमानों ने क्वीन्सलैंड तट के निकट विश्व धरोहर सूची में शामिल समुद्री उद्यान में चार बम गिरा दिए।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इटली के अपने समकक्ष मारियो मोंती को बताया कि देश में हत्या के आरोपों का सामना करने वाले इटली के दो मरीन के मामले से संबंधित विशिष्ट पहलुओं पर जांच पूरा होने तक कोई विचार नही बनाया जा सकता। मोंती ने मनमोहन को टेलीफोन किया और मरीन मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने पिछले महीने दोनों मरीन के भारत लौटने से पहले विदेश मंत्रालय की ओर से इटली को दिए गए स्पष्टीकरण को याद किया। मनमोहन को इटली के प्रधानमंत्री का टेलीफोन ऐसे समय में आया है जब दोनों मरीन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किए जाने के संबंध में इटली में चिंता व्यक्त की गई है जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इटली के प्रधानमंत्री का टेलीफोन कॉल मिला। बातचीत के दौरान भारत में इटली के दो मरीन के विषय पर चर्चा हुई।’ सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भारत के उच्चतम न्यायालय के समक्ष व्यक्त की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने में सहयाता के लिए दोनों मरीन को भारत भेजने के इटली सरकार के निर्णय की सराहना की। मोंती ने मनमोहन को टेलीफोन किया और मरीन मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने पिछले महीने दोनों मरीन के भारत लौटने से पहले विदेश मंत्रालय की ओर से इटली को दिए गए स्पष्टीकरण को याद किया। मनमोहन को इटली के प्रधानमंत्री का टेलीफोन ऐसे समय में आया है जब दोनों मरीन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किए जाने के संबंध में इटली में चिंता व्यक्त की गई है जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इटली के प्रधानमंत्री का टेलीफोन कॉल मिला। बातचीत के दौरान भारत में इटली के दो मरीन के विषय पर चर्चा हुई।’ सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भारत के उच्चतम न्यायालय के समक्ष व्यक्त की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने में सहयाता के लिए दोनों मरीन को भारत भेजने के इटली सरकार के निर्णय की सराहना की। मनमोहन को इटली के प्रधानमंत्री का टेलीफोन ऐसे समय में आया है जब दोनों मरीन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किए जाने के संबंध में इटली में चिंता व्यक्त की गई है जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इटली के प्रधानमंत्री का टेलीफोन कॉल मिला। बातचीत के दौरान भारत में इटली के दो मरीन के विषय पर चर्चा हुई।’ सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भारत के उच्चतम न्यायालय के समक्ष व्यक्त की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने में सहयाता के लिए दोनों मरीन को भारत भेजने के इटली सरकार के निर्णय की सराहना की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इटली के प्रधानमंत्री का टेलीफोन कॉल मिला। बातचीत के दौरान भारत में इटली के दो मरीन के विषय पर चर्चा हुई।’ सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भारत के उच्चतम न्यायालय के समक्ष व्यक्त की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने में सहयाता के लिए दोनों मरीन को भारत भेजने के इटली सरकार के निर्णय की सराहना की। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भारत के उच्चतम न्यायालय के समक्ष व्यक्त की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने में सहयाता के लिए दोनों मरीन को भारत भेजने के इटली सरकार के निर्णय की सराहना की।
सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इटली के अपने समकक्ष मारियो मोंती को बताया कि देश में हत्या के आरोपों का सामना करने वाले इटली के दो मरीन के मामले से संबंधित विशिष्ट पहलुओं पर जांच पूरा होने तक कोई विचार नही बनाया जा सकता।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: A post shared by kesari official (@_kesari_official_) on Mar 16, 2019 at 5:14am PDT अक्षय कुमार (Akshay Kumar) और परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) की फिल्म 'केसरी' (Kesari) ने पहले वीक में 105.86 करोड़, दूसरे वीक में 30 करोड़, तीसरे वीक में 11.69 करोड़, चौथे वीक में 3.70 करोड़ की कमाई कर ली थी. वहीं बात करे बीते हफ्ते की तो शुक्रवार को फिल्म ने 70 लाख, शनिवार को 1.30 करोड़, रविवार को 1.70 और सोमवार को 50 लाख की कमाई की है. फिल्म के रिलीज के इतने दिन बाद भी करोड़ों में कमाई कर रही है. 'केसरी' ने बॉक्स ऑफिस पर पांचवें हफ्ते की शुरुआत भी शानदार तरीके से की है. अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'केसरी' (Kesari) रिलीज के 26 दिन बाद जिस तरह से कमाई कर रही है, उसे देख सभी को हैरानी हो रही है, क्योंकि इन दिनों कई बड़ी फिल्में भी रिलीज हुई हैं. हालांकि, इन फिल्मों का प्रभाव 'केसरी' पर नहीं पड़ा है और अब भी वह धांसू कमाई कर रही है.  फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'केसरी' (Kesari) आने वाले वीकेंड पर और भी ज्यादा कमाई करेगी. फिल्म 'केसरी' (Kesari) को वर्ड टू माउथ से भी अच्छा खासा प्रमोशम मिल रहा है. 'केसरी' (kesari) देश और विदेशों में कुल 4200 स्क्रीन पर रिलीज हुई थी. अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने इस फिल्म में जबरदस्त एक्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया है.अक्षय कुमार और परिणीति चोपड़ा की फिल्म  'केसरी' (Kesari) 'सारागढ़ी के युद्ध (Battle of Saragarhi)' पर आधारित है. उनकी फिल्म को साल 2019 की सबसे बड़ी ओपनिंग भी मिली है. अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की 'केसरी' को आलोचकों की खूब वाहवाही भी मिली और क्रिटिक्स से अच्छी रेटिंग भी मिली. 'केसरी' को अनुराग सिंह ने डायरेक्ट किया है और करण जौहर ने इसे प्रोड्यूस किया है.
सारांश: 'केसरी' ने फिर की धाकड़ कमाई अक्षय कुमार ने बिखेरा जलवा जानें अब तक का कलेक्शन
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस्राइल के हाइफा शहर में प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान शक्तिशाली ओट्टोमन साम्राज्य से शहर की रक्षा करते हुए शहीद हुए भारतीय सैनिकों के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने अपने इस्राइल दौरे के आखिरी दिन इस स्मारक का दौरा किया. स्मारक पर जाने से पहले पीएम मोदी ने कहा, यह उन 44 भारतीय सैनिकों की अंतिम विश्रामस्थली है, जिन्होंने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान शहर को आजाद कराने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी. भारतीय सेना हर साल 23 सितंबर को दो बहादुर इंडियन कैवलरी रेजिमेंट के सम्मान में हाइफा दिवस मनाती है. इस रेजिमेंट की 15वीं इंपीरियल सर्विस कैवलरी ब्रिगेड ने शानदार घुड़सवारी का जौहर दिखाते हुए शहर को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी. 1918 के पतझड़ में भारतीय ब्रिगेड संयुक्त बलों का हिस्सा थी, जो फिलस्तीन के उत्तर से दुश्मनों का सफाया कर रही थीं. इस अभियान को इतिहास के आखिरी महान घुड़सवार अभियान के तौर पर देखा जाता है.टिप्पणियां कैप्टन अमन सिंह बहादुर और दफादार जोर सिंह को इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट (आईओएम) से सम्मानित किया गया जबकि कैप्टन अनूप सिंह और सेकंड लेफ्टिनेंट सागत सिंह को युद्ध में उनकी बहादुरी के लिए मिलिट्री क्रॉस प्रदान या गया. शहर को आजाद कराने में अहम भूमिका के लिए मेजर दलपत सिंह को हीरो ऑफ हाइफा के तौर पर जाना जाता है। उन्हें उनकी बहादुरी के लिए मिलिट्री क्रॉस से सम्मानित किया गया. हाइफा नगरपालिका ने भारतीय सैनिकों के बलिदान को अमर करने के लिए वर्ष 2012 में उनकी बहादुरी के किस्सों को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया था. करीब 402 सालों की तुर्को की गुलामी के बाद शहर को आजाद कराने में भारतीय सेना की भूमिका को याद करते हुए नगरपालिका ने हर वर्ष एक समारोह के आयोजन का भी फैसला किया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) स्मारक पर जाने से पहले पीएम मोदी ने कहा, यह उन 44 भारतीय सैनिकों की अंतिम विश्रामस्थली है, जिन्होंने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान शहर को आजाद कराने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी. भारतीय सेना हर साल 23 सितंबर को दो बहादुर इंडियन कैवलरी रेजिमेंट के सम्मान में हाइफा दिवस मनाती है. इस रेजिमेंट की 15वीं इंपीरियल सर्विस कैवलरी ब्रिगेड ने शानदार घुड़सवारी का जौहर दिखाते हुए शहर को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी. 1918 के पतझड़ में भारतीय ब्रिगेड संयुक्त बलों का हिस्सा थी, जो फिलस्तीन के उत्तर से दुश्मनों का सफाया कर रही थीं. इस अभियान को इतिहास के आखिरी महान घुड़सवार अभियान के तौर पर देखा जाता है.टिप्पणियां कैप्टन अमन सिंह बहादुर और दफादार जोर सिंह को इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट (आईओएम) से सम्मानित किया गया जबकि कैप्टन अनूप सिंह और सेकंड लेफ्टिनेंट सागत सिंह को युद्ध में उनकी बहादुरी के लिए मिलिट्री क्रॉस प्रदान या गया. शहर को आजाद कराने में अहम भूमिका के लिए मेजर दलपत सिंह को हीरो ऑफ हाइफा के तौर पर जाना जाता है। उन्हें उनकी बहादुरी के लिए मिलिट्री क्रॉस से सम्मानित किया गया. हाइफा नगरपालिका ने भारतीय सैनिकों के बलिदान को अमर करने के लिए वर्ष 2012 में उनकी बहादुरी के किस्सों को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया था. करीब 402 सालों की तुर्को की गुलामी के बाद शहर को आजाद कराने में भारतीय सेना की भूमिका को याद करते हुए नगरपालिका ने हर वर्ष एक समारोह के आयोजन का भी फैसला किया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कैप्टन अमन सिंह बहादुर और दफादार जोर सिंह को इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट (आईओएम) से सम्मानित किया गया जबकि कैप्टन अनूप सिंह और सेकंड लेफ्टिनेंट सागत सिंह को युद्ध में उनकी बहादुरी के लिए मिलिट्री क्रॉस प्रदान या गया. शहर को आजाद कराने में अहम भूमिका के लिए मेजर दलपत सिंह को हीरो ऑफ हाइफा के तौर पर जाना जाता है। उन्हें उनकी बहादुरी के लिए मिलिट्री क्रॉस से सम्मानित किया गया. हाइफा नगरपालिका ने भारतीय सैनिकों के बलिदान को अमर करने के लिए वर्ष 2012 में उनकी बहादुरी के किस्सों को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया था. करीब 402 सालों की तुर्को की गुलामी के बाद शहर को आजाद कराने में भारतीय सेना की भूमिका को याद करते हुए नगरपालिका ने हर वर्ष एक समारोह के आयोजन का भी फैसला किया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: पीएम मोदी ने भारतीय जवानों को दी श्रद्धांजलि इस दिन को हाइफा दिवस के तौर पर मनाया जाता है गोला-बारूद के सामने भाला और तलवारों से जीती थी लड़ाई
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के सुमित नागल ने फ्लोरिडा के मियामी के मिकोसुके टेनिस क्लब में आयोजित अंडर-14 अमेरिकन कप टेनिस चैम्पियनशिप का एकल खिताब जीत लिया है। सुमित ने शनिवार को खेले गए फाइनल में कनाडा के खिलाड़ी डेविड वूल्फसन को 1-6, 6-1, 10-6 से पराजित किया। यह मुकाबला लगभग दो घंटे चला। ग्रुप मैचों में सुमित ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पहले दौर में जापान के केनतारो मिजुशीमा को 6-1, 6-3 से हराया था जबकि दूसरे दौर में उन्होंने सर्बिया के डुसान वुकिसेविक को 6-3, 6-4 से पराजित किया था। तीसरे दौर में सुमित ने इजरायल के बेन फाटेल को हराया और क्वार्टर फाइनल में डेनमार्क को बेंजामिन हासेनटाड को 6-3, 6-2 से शिकस्त दी। सेमीफाइनल में सुमित ने रूस के यवगेनी तुर्नोव को 6-2, 3-6, 10-5 से हराया। दिग्गज टेनिस स्टार महेश भूपति ने कहा कि सुमित भारतीय टेनिस के उभरते सितारे हैं। भूपति ने कहा, "यह भारतीय टेनिस के लिए अच्छा संदेश है। मैं मानता हूं कि सुमित के अंदर काफी प्रतिभा है। वह शीर्ष खिलाड़ी बन सकते हैं।"
दिल्ली के सुमित नागल ने फ्लोरिडा के मियामी के मिकोसुके टेनिस क्लब में आयोजित अंडर-14 अमेरिकन कप टेनिस चैम्पियनशिप का एकल खिताब जीत लिया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने पाकिस्तान से नाटो सैनिकों के हवाई हमले में मारे गए 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के लिए माफी मांग ली है। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के मुताबिक उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री से फोन पर हमले के लिए माफी मांगी। ओबामा प्रशासन के मुताबिक इसके बाद ही पाकिस्तान अफगानिस्तान में मौजूद नेटो की सेना के लिए सप्लाई लाइन खोलने को तैयार हुआ। अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने मंगलवार को बताया कि पिछले वर्ष 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में 'गहरी संवेदना' प्रकट करने के बाद पाकिस्तान अफगानिस्तान जाने वाले नाटो के आपूर्ति मार्गो को दोबारा खोलने पर सहमत हो गया है। पिछले वर्ष नवम्बर में नाटो हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने नाटो के आपूर्ति मार्ग को बंद कर दिया था। टिप्पणियां सीएनएन के अनुसार क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार से इस 'त्रासदीपूर्ण घटनाओं' के विषय में 'गहरी संवेदना' जताई। क्लिंटन ने कहा, "सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान का यह महत्वपूर्ण कदम है।" ओबामा प्रशासन के मुताबिक इसके बाद ही पाकिस्तान अफगानिस्तान में मौजूद नेटो की सेना के लिए सप्लाई लाइन खोलने को तैयार हुआ। अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने मंगलवार को बताया कि पिछले वर्ष 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में 'गहरी संवेदना' प्रकट करने के बाद पाकिस्तान अफगानिस्तान जाने वाले नाटो के आपूर्ति मार्गो को दोबारा खोलने पर सहमत हो गया है। पिछले वर्ष नवम्बर में नाटो हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने नाटो के आपूर्ति मार्ग को बंद कर दिया था। टिप्पणियां सीएनएन के अनुसार क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार से इस 'त्रासदीपूर्ण घटनाओं' के विषय में 'गहरी संवेदना' जताई। क्लिंटन ने कहा, "सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान का यह महत्वपूर्ण कदम है।" अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने मंगलवार को बताया कि पिछले वर्ष 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में 'गहरी संवेदना' प्रकट करने के बाद पाकिस्तान अफगानिस्तान जाने वाले नाटो के आपूर्ति मार्गो को दोबारा खोलने पर सहमत हो गया है। पिछले वर्ष नवम्बर में नाटो हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने नाटो के आपूर्ति मार्ग को बंद कर दिया था। टिप्पणियां सीएनएन के अनुसार क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार से इस 'त्रासदीपूर्ण घटनाओं' के विषय में 'गहरी संवेदना' जताई। क्लिंटन ने कहा, "सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान का यह महत्वपूर्ण कदम है।" पिछले वर्ष नवम्बर में नाटो हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने नाटो के आपूर्ति मार्ग को बंद कर दिया था। टिप्पणियां सीएनएन के अनुसार क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार से इस 'त्रासदीपूर्ण घटनाओं' के विषय में 'गहरी संवेदना' जताई। क्लिंटन ने कहा, "सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान का यह महत्वपूर्ण कदम है।" सीएनएन के अनुसार क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार से इस 'त्रासदीपूर्ण घटनाओं' के विषय में 'गहरी संवेदना' जताई। क्लिंटन ने कहा, "सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान का यह महत्वपूर्ण कदम है।" क्लिंटन ने कहा, "सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान का यह महत्वपूर्ण कदम है।"
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका ने पाकिस्तान से नाटो सैनिकों के हवाई हमले में मारे गए 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के लिए माफी मांग ली है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी को कम से कम छह माह तक महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। सरकार ने बुधवार को कहा कि महंगाई की दर दिसंबर तक 9 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी। फिलहाल मुद्रास्फीति 9 प्रतिशत से ऊपर चल रही है। वित्त मंत्रालय के एक नोट में कहा गया है, इस साल के अंतिम महीने में ही महंगाई का आंकड़ा नीचे आने की उम्मीद है। अगस्त-दिसंबर, 2011 के दौरान महंगाई की दर कमोबेश उच्च स्तर पर बनी रहेगी। जून में मुद्रास्फीति 9.44 प्रतिशत के स्तर पर थी, यह भारतीय रिजर्व बैंक के 5-6 प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से कहीं ऊंची है। नोट में कहा गया है कि वर्तमान में महंगाई की वजह मौसमी प्रभाव तथा कच्चे तेल और विनिर्मित उत्पादों के दामों में तेजी है। सरकार ने कहा है कि वह भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर महंगाई को संतोषजनक स्तर पर लाने के लिए काम कर रही है। हालांकि, महंगाई के बोझ को झेलने के बारे में कोई परिभाषा नहीं है, हम निकट भविष्य में महंगाई की दर को 6 से 6.5 प्रतिशत के स्तर पर लाना चाहते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक महंगाई पर अंकुश के लिए नीतिगत दरों में मार्च, 2010 के बाद से 10 बार बढ़ोतरी कर चुका है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय बैंक 26 जुलाई को मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में दरों में एक और वृद्धि कर सकता है।
संक्षिप्त सारांश: आम आदमी को छह माह तक महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। सरकार ने कहा कि महंगाई दर दिसंबर तक 9% के ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के एक पूर्व शीर्ष राजनयिक ने कहा कि ‘हाउडी मोदी' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शामिल होने का अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का फैसला दर्शाता है कि ट्रम्प मोदी को अपना मित्र और सहयोगी मानते हैं. अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने ‘पीटीआई' से कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रम्प यह स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि भले ही उन्होंने (पाकिस्तान के) प्रधानमंत्री इमरान खान की मेजबानी की हो, लेकिन वह अपना मित्र और सहयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मानते हैं.' पाकिस्तान पर कई लोकप्रिय पुस्तकें लिखने वाले हक्कानी इस समय थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट के दक्षिण एवं मध्य एशिया विभाग के निदेशक हैं. व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि ट्रम्प ह्यूस्टन में 22 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘हाउडी मोदी' कार्यक्रम में मोदी के साथ शामिल होंगे जिसमें 50,000 भारतीय अमेरिकी भाग ले रहे हैं. इस घोषणा के एक दिन बाद हक्कानी ने कहा, ‘यह उन लोगों को निश्चित ही निराश करेगा जिनका सोचना था कि खान की वाशिंगटन की हालिया यात्रा अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में एक बड़ी प्रगति को दर्शाती है.' मोदी और ट्रम्प की यह इस साल तीसरी मुलाकात होगी. इससे पहले दोनों ने जापान में जून में जी20 शिखर सम्मेलन के इतर और फ्रांस में जुलाई में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की थी.  समारोह का आयोजन करने वाले साझीदारों में शामिल ‘अमेरिका इंडिया स्ट्रैटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम' (यूएसआईएसपीएफ) ने ट्रम्प के कार्यक्रम में भाग लेने की प्रशंसा की और कहा कि पिछले एक दशक में भारत एवं अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार अत्यंत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा है. यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष मुकेश अग्नि ने कहा, ‘दोनों नेताओं ने जो अभूतपूर्व भाव दर्शाया है, वह भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है और यह बताता है कि दोनों देश क्यूं स्वाभाविक सहयोगी हैं.' उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका की ऊर्जा राजधानी होने के नाते ह्यूस्टन दोनों नेताओं की मुलाकात के लिए उचित जगह है. इस साल ही भारत में अमेरिका का ऊर्जा निर्यात कुल निर्यात का करीब 75 प्रतिशत रहा है. दोनों देशों की कंपनियां दोनों देशों में निवेश और रणनीति साझेदारी पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रही हैं. हमने पिछले एक दशक में हमारे द्विपक्षीय व्यापार में अत्यंत सकारात्मक दिशा में प्रगति देखी है.' ‘सीएनबीसी न्यूज' ने एक रिपोर्ट में कहा कि ‘हाउडी मोदी' में ट्रम्प की मौजूदगी का मकसद अमेरिका-भारत संबंधों को और मजबूती देना है. इसका मकसद दोनों देशों के अधिकारियों के बीच तनावपूर्ण व्यापार वार्ता और कश्मीर मामले को लेकर सरकार की आलोचना के बीच प्रधानमंत्री के प्रति अमेरिका का समर्थन दर्शाना है. सीएनबीसी के एक आंतरिक सूत्र के अनुसार मंच पर मोदी के साथ ट्रम्प की मौजूदगी पाकिस्तान को यह दिखाएगी कि अमेरिका भारत का समर्थन कर रहा है. पूंजी प्रबंधन समूह ‘ब्लैकस्टोन इंडिया' के पूर्व अध्यक्ष अखिल गुप्ता ने सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मोदी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि अमेरिका पाकिस्तान का खुलकर समर्थन नहीं कर रहा है.' इस बीच, टेक्सास के सीनेटर जॉन कोर्बिन ने कहा कि वह रविवार को ट्रम्प-मोदी रैली में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं.
सारांश: पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक का बयान मोदी-ट्रंप की दोस्ती पर दिया बयान ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में शामिल होंगे ट्रंप
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर वाम दल गुरुवार को बंटे नजर आये। माकपा और फॉरवर्ड ब्लाक ने जहां संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के समर्थन का फैसला किया है वहीं भाकपा और आरएसपी ने मतदान में भाग नहीं लेना तय किया है। माकपा नेताओं प्रकाश करात, सीताराम येचुरी, एबी बर्धन, टीजे चंद्रचूडन और देबब्रत बिस्वास की घंटे भर चली बैठक में चारों वाम दलों के बीच सहमति नहीं बन पायी। भाकपा नेता बर्धन ने कहा, ‘‘दो दलों ने तय किया है कि वे प्रणब का समर्थन करेंगे जबकि दो अन्य ने मतदान में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।’’ करात ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुखर्जी के समर्थन का फैसला किया है क्योंकि मौजूदा हालात में राष्ट्रपति पद के लिए वही ऐसे उम्मीदवार हैं जिसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को समर्थन का यह मतलब नहीं है कि हम कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। माकपा संप्रग की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। फारवर्ड ब्लाक के महासचिव बिस्वास ने कहा कि उनकी पार्टी 19 जुलाई को होने वाले मतदान में शामिल नहीं होने के पक्ष में नहीं है। आरएसपी महासचिव टी जे चंद्रचूडन ने कहा कि उनकी पार्टी मतदान में शामिल नहीं होगी। बर्धन ने कहा कि वाम दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर भले ही अलग अलग रूख कायम किया हो लेकिन वे एकजुट रहेंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक वाम मोर्चे का सवाल है, वह चलता रहेगा और एकजुट रहेगा। यह केवल एक घटना है, जहां अलग अलग राय है। हम अपना आंदोलन मिलजुलकर जारी रखेंगे।टिप्पणियां प्रणब को समर्थन के लिए माकपा का फैसला आज सुबह पार्टी की पोलितब्यूरो की बैठक के बाद किया गया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी का एक वर्ग मतदान में शामिल नहीं होने का पक्षधर था लेकिन एक अन्य वर्ग प्रणब के पक्ष में था। प्रणब ने करात को फोन कर समर्थन मांगा था। निर्वाचन मंडल में वाम दलों का 51 हजार मत मूल्य है। वाम दलों की बैठक में फारवर्ड ब्लाक ने कहा कि प्रणब की स्वीकार्यता सबसे अधिक है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जी देवराजन ने कहा कि पहले वाम दलों ने तय किया था कि जो भी उम्मीदवार हो, उसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता होनी चाहिए और मौजूदा मामले में प्रणब की सबसे ज्यादा स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को हर ओर से समर्थन है। संप्रग उसके साथ है। राजग के घटक शिवसेना और जदयू उनके साथ हैं। सपा और बसपा प्रणब का समर्थन कर रहे हैं। माकपा नेताओं प्रकाश करात, सीताराम येचुरी, एबी बर्धन, टीजे चंद्रचूडन और देबब्रत बिस्वास की घंटे भर चली बैठक में चारों वाम दलों के बीच सहमति नहीं बन पायी। भाकपा नेता बर्धन ने कहा, ‘‘दो दलों ने तय किया है कि वे प्रणब का समर्थन करेंगे जबकि दो अन्य ने मतदान में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।’’ करात ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुखर्जी के समर्थन का फैसला किया है क्योंकि मौजूदा हालात में राष्ट्रपति पद के लिए वही ऐसे उम्मीदवार हैं जिसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को समर्थन का यह मतलब नहीं है कि हम कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। माकपा संप्रग की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। फारवर्ड ब्लाक के महासचिव बिस्वास ने कहा कि उनकी पार्टी 19 जुलाई को होने वाले मतदान में शामिल नहीं होने के पक्ष में नहीं है। आरएसपी महासचिव टी जे चंद्रचूडन ने कहा कि उनकी पार्टी मतदान में शामिल नहीं होगी। बर्धन ने कहा कि वाम दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर भले ही अलग अलग रूख कायम किया हो लेकिन वे एकजुट रहेंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक वाम मोर्चे का सवाल है, वह चलता रहेगा और एकजुट रहेगा। यह केवल एक घटना है, जहां अलग अलग राय है। हम अपना आंदोलन मिलजुलकर जारी रखेंगे।टिप्पणियां प्रणब को समर्थन के लिए माकपा का फैसला आज सुबह पार्टी की पोलितब्यूरो की बैठक के बाद किया गया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी का एक वर्ग मतदान में शामिल नहीं होने का पक्षधर था लेकिन एक अन्य वर्ग प्रणब के पक्ष में था। प्रणब ने करात को फोन कर समर्थन मांगा था। निर्वाचन मंडल में वाम दलों का 51 हजार मत मूल्य है। वाम दलों की बैठक में फारवर्ड ब्लाक ने कहा कि प्रणब की स्वीकार्यता सबसे अधिक है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जी देवराजन ने कहा कि पहले वाम दलों ने तय किया था कि जो भी उम्मीदवार हो, उसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता होनी चाहिए और मौजूदा मामले में प्रणब की सबसे ज्यादा स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को हर ओर से समर्थन है। संप्रग उसके साथ है। राजग के घटक शिवसेना और जदयू उनके साथ हैं। सपा और बसपा प्रणब का समर्थन कर रहे हैं। भाकपा नेता बर्धन ने कहा, ‘‘दो दलों ने तय किया है कि वे प्रणब का समर्थन करेंगे जबकि दो अन्य ने मतदान में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।’’ करात ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुखर्जी के समर्थन का फैसला किया है क्योंकि मौजूदा हालात में राष्ट्रपति पद के लिए वही ऐसे उम्मीदवार हैं जिसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को समर्थन का यह मतलब नहीं है कि हम कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। माकपा संप्रग की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। फारवर्ड ब्लाक के महासचिव बिस्वास ने कहा कि उनकी पार्टी 19 जुलाई को होने वाले मतदान में शामिल नहीं होने के पक्ष में नहीं है। आरएसपी महासचिव टी जे चंद्रचूडन ने कहा कि उनकी पार्टी मतदान में शामिल नहीं होगी। बर्धन ने कहा कि वाम दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर भले ही अलग अलग रूख कायम किया हो लेकिन वे एकजुट रहेंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक वाम मोर्चे का सवाल है, वह चलता रहेगा और एकजुट रहेगा। यह केवल एक घटना है, जहां अलग अलग राय है। हम अपना आंदोलन मिलजुलकर जारी रखेंगे।टिप्पणियां प्रणब को समर्थन के लिए माकपा का फैसला आज सुबह पार्टी की पोलितब्यूरो की बैठक के बाद किया गया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी का एक वर्ग मतदान में शामिल नहीं होने का पक्षधर था लेकिन एक अन्य वर्ग प्रणब के पक्ष में था। प्रणब ने करात को फोन कर समर्थन मांगा था। निर्वाचन मंडल में वाम दलों का 51 हजार मत मूल्य है। वाम दलों की बैठक में फारवर्ड ब्लाक ने कहा कि प्रणब की स्वीकार्यता सबसे अधिक है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जी देवराजन ने कहा कि पहले वाम दलों ने तय किया था कि जो भी उम्मीदवार हो, उसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता होनी चाहिए और मौजूदा मामले में प्रणब की सबसे ज्यादा स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को हर ओर से समर्थन है। संप्रग उसके साथ है। राजग के घटक शिवसेना और जदयू उनके साथ हैं। सपा और बसपा प्रणब का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रणब को समर्थन का यह मतलब नहीं है कि हम कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। माकपा संप्रग की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। फारवर्ड ब्लाक के महासचिव बिस्वास ने कहा कि उनकी पार्टी 19 जुलाई को होने वाले मतदान में शामिल नहीं होने के पक्ष में नहीं है। आरएसपी महासचिव टी जे चंद्रचूडन ने कहा कि उनकी पार्टी मतदान में शामिल नहीं होगी। बर्धन ने कहा कि वाम दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर भले ही अलग अलग रूख कायम किया हो लेकिन वे एकजुट रहेंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक वाम मोर्चे का सवाल है, वह चलता रहेगा और एकजुट रहेगा। यह केवल एक घटना है, जहां अलग अलग राय है। हम अपना आंदोलन मिलजुलकर जारी रखेंगे।टिप्पणियां प्रणब को समर्थन के लिए माकपा का फैसला आज सुबह पार्टी की पोलितब्यूरो की बैठक के बाद किया गया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी का एक वर्ग मतदान में शामिल नहीं होने का पक्षधर था लेकिन एक अन्य वर्ग प्रणब के पक्ष में था। प्रणब ने करात को फोन कर समर्थन मांगा था। निर्वाचन मंडल में वाम दलों का 51 हजार मत मूल्य है। वाम दलों की बैठक में फारवर्ड ब्लाक ने कहा कि प्रणब की स्वीकार्यता सबसे अधिक है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जी देवराजन ने कहा कि पहले वाम दलों ने तय किया था कि जो भी उम्मीदवार हो, उसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता होनी चाहिए और मौजूदा मामले में प्रणब की सबसे ज्यादा स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को हर ओर से समर्थन है। संप्रग उसके साथ है। राजग के घटक शिवसेना और जदयू उनके साथ हैं। सपा और बसपा प्रणब का समर्थन कर रहे हैं। आरएसपी महासचिव टी जे चंद्रचूडन ने कहा कि उनकी पार्टी मतदान में शामिल नहीं होगी। बर्धन ने कहा कि वाम दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर भले ही अलग अलग रूख कायम किया हो लेकिन वे एकजुट रहेंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक वाम मोर्चे का सवाल है, वह चलता रहेगा और एकजुट रहेगा। यह केवल एक घटना है, जहां अलग अलग राय है। हम अपना आंदोलन मिलजुलकर जारी रखेंगे।टिप्पणियां प्रणब को समर्थन के लिए माकपा का फैसला आज सुबह पार्टी की पोलितब्यूरो की बैठक के बाद किया गया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी का एक वर्ग मतदान में शामिल नहीं होने का पक्षधर था लेकिन एक अन्य वर्ग प्रणब के पक्ष में था। प्रणब ने करात को फोन कर समर्थन मांगा था। निर्वाचन मंडल में वाम दलों का 51 हजार मत मूल्य है। वाम दलों की बैठक में फारवर्ड ब्लाक ने कहा कि प्रणब की स्वीकार्यता सबसे अधिक है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जी देवराजन ने कहा कि पहले वाम दलों ने तय किया था कि जो भी उम्मीदवार हो, उसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता होनी चाहिए और मौजूदा मामले में प्रणब की सबसे ज्यादा स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को हर ओर से समर्थन है। संप्रग उसके साथ है। राजग के घटक शिवसेना और जदयू उनके साथ हैं। सपा और बसपा प्रणब का समर्थन कर रहे हैं। प्रणब को समर्थन के लिए माकपा का फैसला आज सुबह पार्टी की पोलितब्यूरो की बैठक के बाद किया गया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी का एक वर्ग मतदान में शामिल नहीं होने का पक्षधर था लेकिन एक अन्य वर्ग प्रणब के पक्ष में था। प्रणब ने करात को फोन कर समर्थन मांगा था। निर्वाचन मंडल में वाम दलों का 51 हजार मत मूल्य है। वाम दलों की बैठक में फारवर्ड ब्लाक ने कहा कि प्रणब की स्वीकार्यता सबसे अधिक है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जी देवराजन ने कहा कि पहले वाम दलों ने तय किया था कि जो भी उम्मीदवार हो, उसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता होनी चाहिए और मौजूदा मामले में प्रणब की सबसे ज्यादा स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को हर ओर से समर्थन है। संप्रग उसके साथ है। राजग के घटक शिवसेना और जदयू उनके साथ हैं। सपा और बसपा प्रणब का समर्थन कर रहे हैं। प्रणब ने करात को फोन कर समर्थन मांगा था। निर्वाचन मंडल में वाम दलों का 51 हजार मत मूल्य है। वाम दलों की बैठक में फारवर्ड ब्लाक ने कहा कि प्रणब की स्वीकार्यता सबसे अधिक है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जी देवराजन ने कहा कि पहले वाम दलों ने तय किया था कि जो भी उम्मीदवार हो, उसकी सबसे अधिक स्वीकार्यता होनी चाहिए और मौजूदा मामले में प्रणब की सबसे ज्यादा स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि प्रणब को हर ओर से समर्थन है। संप्रग उसके साथ है। राजग के घटक शिवसेना और जदयू उनके साथ हैं। सपा और बसपा प्रणब का समर्थन कर रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर वाम दल गुरुवार को बंटे नजर आये। माकपा और फॉरवर्ड ब्लाक ने जहां संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के समर्थन का फैसला किया है वहीं भाकपा और आरएसपी ने मतदान में भाग नहीं लेना तय किया है।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: नार्थ-वेस्ट दिल्ली (Delhi Police) के शालीमार बाग इलाके में रविवार शाम को एक युवक की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गए. मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस (Delhi Police) ने घायल युवक को पास के अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस (Delhi Police) ने मृतक की पहचान 22 वर्षीय मोहित के रूप में की गई है. पुलिस (Delhi Police)  ने  शव को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है. पुलिस (Delhi Police) मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश कर रही है. मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकाली है. जिसकी जांच के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान करेगी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहित परिवार के साथ लोहिया कैम्प, शालीमार बाग इलाके में रहता था. वह प्राइवेट काम करता था. रविवार को जब वह अपने इलाके में अकेला था. तभी 3 बदमाशों ने उसके पास आकर हाथपाई की और इस बीच उनमें से एक ने मोहित को गोली मार दी. गोली की आवाज सुनकर जब तक लोग मौके पर पहुचे तब तक बदमाश फरार हो गए थे. पुलिस अधिकारी के अनुसार शुरुआती जांच में यह आपसी रंजिश का मामला है. गौरतलब है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले राजधानी दिल्ली के जामिया नगर के बटला हाउस इलाके में मेरठ से जिला पंचायत सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 35 साल का जिला पंचायत सदस्य दिलशाद पेशे से प्रॉपर्टी डीलर था. वह बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) से जुड़ा था. पुलिस के मुताबिक हेलमेट पहने बाइक सवार 2 बदमाशों ने दिलशाद पर 4 गोलियां चलाई और मौके से फरार हो गए थे. दिलशाद खान मेरठ के सठला से जिला पंचायत सदस्य थे. दिलशाद खान के परिवार वालों के मुताबिक रमजान के दौरान दिलशाद का गांव के ही लोगों से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसके ऊपर मुकदमा भी दर्ज हुआ था. वह तिहाड़ जेल भी गया था. तिहाड़ में वह 28 दिन रहा और 10 दिन पहले ही जेल से छूटकर वापस आया था. पुलिस ज़मीन विवाद के एंगल से भी मामले की जांच कर रही थी.
संक्षिप्त सारांश: पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी सरेआम हुई थी युवक की हत्या हत्या करने के बाद मौके से फरार हुए थे आरोपी
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े डेविड कोलमैन हेडली ने बुधवार को एक अमेरिकी अदालत को बताया कि उसने पुणे में जर्मन बेकरी का मुआयना किया था और दिल्ली, पुष्कर और पुणे में बम विस्फोटों के लिए चबाड़ हाउस भवनों की पहचान की थी। मुंबई आतंकी हमलों के सह-आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा पर चल रहे मुकदमे के दौरान बयान देते हुए हैडली ने कहा कि उसने जर्मन बेकरी का वीडियो बनाया था जिस पर 13 फरवरी 2010 को हमला किया गया था और जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी। जर्मन बेकरी पर हमले के वक्त हेडली एफबीआई की हिरासत में था। हेडली ने कहा कि उसने दिल्ली, पुष्कर और पुणे में चबाड हाउस भवनों की सूची तैयार की थी जिन्हें निशाना बनाया जा सकता था। जर्मन बेकरी पुणे में चबाड हाउस और एक ओशो आश्रम के पास स्थित है। जर्मन बेकरी पर विस्फोट कराची प्रोजेक्ट का हिस्सा था जिसमें लश्कर ने इंडियन मुजाहिदीन के साथ साजिश रची थी। इससे पहले हेडली ने एफबीआई को बताया था कि उसने बेकरी का मुआयना नहीं किया था लेकिन बाद में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों के समक्ष कबूल कर लिया कि उसने निगरानी रखी थी। 50 वर्षीय हेडली को 26.11 के आतंकी हमलों तथा अन्य साजिशों के मामले में आतंकवाद के 12 आरोपों में दोषी पाया गया।
सारांश: हेडली ने कहा कि उसने जर्मन बेकरी का वीडियो बनाया था जिस पर 13 फरवरी 2010 को हमला किया गया था और जिसमें 17 लोगों की मौत हुई थी।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मिस्र की सीमा के निकट संदिग्ध इस्लामी आतंकियों द्वारा की गई आठ इस्राइली लोगों की हत्या के प्रतिशोध में गाजा पर किए गए इस्राइली विमानों के हमलों में सात फिलस्तीनी मारे गए हैं, जबकि छह अन्य घायल हो गए हैं। गाजा में मारे गए दो व्यक्तियों का संबंध पॉपुलर रस्सिटेंस कमेटी से है, जो एक उग्र इस्लामी संगठन है। इस संगठन पर इस्रयाल ने गुरुवार को दक्षिणी नेगेव रेगिस्तान में घातक हमला करने का आरोप लगाया था। मारे गए दो अन्य व्यक्तियों का संबंध इस्लामी जिहाद संगठन से है। सीमावर्ती इलाके में मिस्र के पांच पुलिसकर्मियों के मारे जाने की घटना की भी इस्राइली सेना ने जांच करने का वादा किया है। मिस्र के अधिकारियों ने कहा कि काहिरा ने इस संबंध में इस्राइल से शिकायत दर्ज कराई थी। प्रधानमंत्री ईसाम शरफ ने कहा है कि मिस्र के नागरिकों के बहे खून को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।  सेना ने कहा कि इस बीच इस्राइली विमानों ने शुक्रवार को गाजा पर हवाई हमला किया। दूसरी तरफ, फिलस्तीन ने भी दिन की शुरुआत होने के बाद से दक्षिणी इस्राइल पर रॉकेट और मोटार्र से हमला किया। पुलिस ने बताया कि एस्दोद शहर में तीन इस्राइली नागरिक घायल हो गए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मिस्र की सीमा के निकट आठ इस्राइली लोगों की हत्या के प्रतिशोध में गाजा पर किए गए इस्राइली विमानों के हमलों में सात फिलस्तीनी मारे गए हैं।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी की एक अदालत ने कथित तौर पर देश की संवेदनशील खुफिया जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के आरोप में लगभग 21 महीने पहले गिरफ्तार निलंबित भारतीय राजनयिक माधुरी गुप्ता को जमानत दे दी। माधुरी को जमानत देते समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पवन कुमार जैन ने राजनयिक से कहा कि वह अदालत की अनुमति के बिना दिल्ली से बाहर नहीं जा सकतीं। इसके अलावा अदालत ने माधुरी को चेतावनी दी कि वह इस मामले से जुड़े अभियोजन पक्ष के किसी गवाह से संपर्क नहीं साधें। न्यायाधीश ने माधुरी को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि पर जमानत दी। माधुरी ने अपनी याचिका में कहा कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, उसमें दोषी ठहराए जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन साल की कैद की सजा सुनाई जा सकती है और वह 21 महीने की कैद पहले ही काट चुकी हैं।टिप्पणियां निलंबित राजनयिक ने यह भी कहा कि आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता में महिलाओं को जमानत दिए जाने में उदारता का प्रावधान है। माधुरी (55) को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 22 अप्रैल, 2010 को गिरफ्तार किया था। वह इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के पद पर नियुक्त थीं। माधुरी को जमानत देते समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पवन कुमार जैन ने राजनयिक से कहा कि वह अदालत की अनुमति के बिना दिल्ली से बाहर नहीं जा सकतीं। इसके अलावा अदालत ने माधुरी को चेतावनी दी कि वह इस मामले से जुड़े अभियोजन पक्ष के किसी गवाह से संपर्क नहीं साधें। न्यायाधीश ने माधुरी को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि पर जमानत दी। माधुरी ने अपनी याचिका में कहा कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, उसमें दोषी ठहराए जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन साल की कैद की सजा सुनाई जा सकती है और वह 21 महीने की कैद पहले ही काट चुकी हैं।टिप्पणियां निलंबित राजनयिक ने यह भी कहा कि आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता में महिलाओं को जमानत दिए जाने में उदारता का प्रावधान है। माधुरी (55) को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 22 अप्रैल, 2010 को गिरफ्तार किया था। वह इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के पद पर नियुक्त थीं। इसके अलावा अदालत ने माधुरी को चेतावनी दी कि वह इस मामले से जुड़े अभियोजन पक्ष के किसी गवाह से संपर्क नहीं साधें। न्यायाधीश ने माधुरी को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि पर जमानत दी। माधुरी ने अपनी याचिका में कहा कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, उसमें दोषी ठहराए जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन साल की कैद की सजा सुनाई जा सकती है और वह 21 महीने की कैद पहले ही काट चुकी हैं।टिप्पणियां निलंबित राजनयिक ने यह भी कहा कि आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता में महिलाओं को जमानत दिए जाने में उदारता का प्रावधान है। माधुरी (55) को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 22 अप्रैल, 2010 को गिरफ्तार किया था। वह इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के पद पर नियुक्त थीं। न्यायाधीश ने माधुरी को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि पर जमानत दी। माधुरी ने अपनी याचिका में कहा कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, उसमें दोषी ठहराए जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन साल की कैद की सजा सुनाई जा सकती है और वह 21 महीने की कैद पहले ही काट चुकी हैं।टिप्पणियां निलंबित राजनयिक ने यह भी कहा कि आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता में महिलाओं को जमानत दिए जाने में उदारता का प्रावधान है। माधुरी (55) को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 22 अप्रैल, 2010 को गिरफ्तार किया था। वह इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के पद पर नियुक्त थीं। माधुरी ने अपनी याचिका में कहा कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, उसमें दोषी ठहराए जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन साल की कैद की सजा सुनाई जा सकती है और वह 21 महीने की कैद पहले ही काट चुकी हैं।टिप्पणियां निलंबित राजनयिक ने यह भी कहा कि आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता में महिलाओं को जमानत दिए जाने में उदारता का प्रावधान है। माधुरी (55) को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 22 अप्रैल, 2010 को गिरफ्तार किया था। वह इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के पद पर नियुक्त थीं। निलंबित राजनयिक ने यह भी कहा कि आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता में महिलाओं को जमानत दिए जाने में उदारता का प्रावधान है। माधुरी (55) को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 22 अप्रैल, 2010 को गिरफ्तार किया था। वह इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के पद पर नियुक्त थीं। माधुरी (55) को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 22 अप्रैल, 2010 को गिरफ्तार किया था। वह इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव (प्रेस और सूचना) के पद पर नियुक्त थीं।
यहाँ एक सारांश है:राजधानी की एक अदालत ने कथित तौर पर देश की संवेदनशील खुफिया जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के आरोप में लगभग 21 महीने पहले गिरफ्तार निलंबित भारतीय राजनयिक माधुरी गुप्ता को जमानत दे दी।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंटरनेट की इस दुनिया में हर चीज संभव है. आज इंटरनेट के जरिए लोग अपनी-अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन पूरी दुनिया के सामने कर रहे हैं. आपकी प्रतिभा मे कितना दम हैं वह इंटरनेट जरिए ही आपको पता चल जाता है. अगर इंटरनेट यूजर्स को आपकी प्रतिभा पसंद आती है, तो उसे वायरल होने में जरा भी वक्त नहीं लगता. यही वजह है कि आए दिन हमें इंटरनेट पर नए-नए वीडियो देखने को मिलते हैं. इसी क्रम में आज हम आपको एक ऐसा वीडियो दिखाने जा रहे हैं जो इंटरनेट पर काफी वायरल हुआ.टिप्पणियां इस वीडियो में स्रुजाना दोड्डामने नाम की एक लड़की ने फिल्म 'धूम-3' के एक गाने 'कमली' पर जबरदस्त डांस किया है. बता दें, फिल्म में इस गाने में बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ ने डांस किया था. लेकिन स्रुजाना ने 'कमली' पर ऐसा डांस किया है जिसने कैटरीना को जोरदार टक्कर दी है. हालांकि वीडियो में स्रुजाना के बारे में कोई डिटेल नहीं दिया गया है कि यह कौन है और कहां कि है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इस वीडियो अब तक एक करोड़ से ऊपर लोगों ने देखा है और इस वीडियो पर काफी प्रतिक्रियाएं भी मिली हैं. इस वीडियो में स्रुजाना दोड्डामने नाम की एक लड़की ने फिल्म 'धूम-3' के एक गाने 'कमली' पर जबरदस्त डांस किया है. बता दें, फिल्म में इस गाने में बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ ने डांस किया था. लेकिन स्रुजाना ने 'कमली' पर ऐसा डांस किया है जिसने कैटरीना को जोरदार टक्कर दी है. हालांकि वीडियो में स्रुजाना के बारे में कोई डिटेल नहीं दिया गया है कि यह कौन है और कहां कि है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इस वीडियो अब तक एक करोड़ से ऊपर लोगों ने देखा है और इस वीडियो पर काफी प्रतिक्रियाएं भी मिली हैं. इस वीडियो में स्रुजाना दोड्डामने नाम की एक लड़की ने फिल्म 'धूम-3' के एक गाने 'कमली' पर जबरदस्त डांस किया है. बता दें, फिल्म में इस गाने में बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ ने डांस किया था. लेकिन स्रुजाना ने 'कमली' पर ऐसा डांस किया है जिसने कैटरीना को जोरदार टक्कर दी है. हालांकि वीडियो में स्रुजाना के बारे में कोई डिटेल नहीं दिया गया है कि यह कौन है और कहां कि है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इस वीडियो अब तक एक करोड़ से ऊपर लोगों ने देखा है और इस वीडियो पर काफी प्रतिक्रियाएं भी मिली हैं.
यह एक सारांश है: स्रुजाना नाम की एक लड़की ने 'कमली' पर जबरदस्त डांस किया है. इस गाने में बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ ने डांस किया था. इस वीडियो को अब तक एक करोड़ से ऊपर लोगों ने देखा है.
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अब राजनीतिक दलों ने कमर कसना आरम्भ कर दिया है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल उपराष्ट्रपति पद के लिए एक बार फिर हामिद अंसारी पर दांव लगा सकते हैं तो विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उम्मीदवार उतारने की कवायद में जुट गई है। उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान आठ अगस्त को होना है। भाजपा ने हालांकि इस पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने की बात कही है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह किसे अपना उम्मीदवार बनाएगी। उपराष्ट्रपति पद के लिए अंसारी की उम्मीदवारी के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को इस बारे में जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा से चर्चा की। जेडी (एस) के महासचिव दानिश अली ने कहा, "प्रधानमंत्री ने शनिवार को देवगौड़ा से हामिद अंसारी के नाम पर चर्चा की.. हमारी पार्टी उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करती है।" जेडी (एस) नेता के अनुसार, वैसे तो अंसारी को राष्ट्रपति पद के लिए ही उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का स्वागत किया जाना चाहिए। अली ने कहा, "उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल उम्दा रहा। वह प्रख्यात विद्वान भी हैं।" इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि अंसारी का फिर से मनोनयन बुरा खयाल नहीं है। इस बीच, भाजपा ने भी कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह स्वाभाविक है कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारे। हम इस बारे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे।"टिप्पणियां प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान आठ अगस्त को होना है। भाजपा ने हालांकि इस पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने की बात कही है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह किसे अपना उम्मीदवार बनाएगी। उपराष्ट्रपति पद के लिए अंसारी की उम्मीदवारी के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को इस बारे में जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा से चर्चा की। जेडी (एस) के महासचिव दानिश अली ने कहा, "प्रधानमंत्री ने शनिवार को देवगौड़ा से हामिद अंसारी के नाम पर चर्चा की.. हमारी पार्टी उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करती है।" जेडी (एस) नेता के अनुसार, वैसे तो अंसारी को राष्ट्रपति पद के लिए ही उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का स्वागत किया जाना चाहिए। अली ने कहा, "उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल उम्दा रहा। वह प्रख्यात विद्वान भी हैं।" इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि अंसारी का फिर से मनोनयन बुरा खयाल नहीं है। इस बीच, भाजपा ने भी कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह स्वाभाविक है कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारे। हम इस बारे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे।"टिप्पणियां प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" उपराष्ट्रपति पद के लिए अंसारी की उम्मीदवारी के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को इस बारे में जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा से चर्चा की। जेडी (एस) के महासचिव दानिश अली ने कहा, "प्रधानमंत्री ने शनिवार को देवगौड़ा से हामिद अंसारी के नाम पर चर्चा की.. हमारी पार्टी उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करती है।" जेडी (एस) नेता के अनुसार, वैसे तो अंसारी को राष्ट्रपति पद के लिए ही उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का स्वागत किया जाना चाहिए। अली ने कहा, "उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल उम्दा रहा। वह प्रख्यात विद्वान भी हैं।" इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि अंसारी का फिर से मनोनयन बुरा खयाल नहीं है। इस बीच, भाजपा ने भी कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह स्वाभाविक है कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारे। हम इस बारे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे।"टिप्पणियां प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" जेडी (एस) के महासचिव दानिश अली ने कहा, "प्रधानमंत्री ने शनिवार को देवगौड़ा से हामिद अंसारी के नाम पर चर्चा की.. हमारी पार्टी उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करती है।" जेडी (एस) नेता के अनुसार, वैसे तो अंसारी को राष्ट्रपति पद के लिए ही उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का स्वागत किया जाना चाहिए। अली ने कहा, "उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल उम्दा रहा। वह प्रख्यात विद्वान भी हैं।" इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि अंसारी का फिर से मनोनयन बुरा खयाल नहीं है। इस बीच, भाजपा ने भी कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह स्वाभाविक है कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारे। हम इस बारे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे।"टिप्पणियां प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" जेडी (एस) नेता के अनुसार, वैसे तो अंसारी को राष्ट्रपति पद के लिए ही उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब उपराष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का स्वागत किया जाना चाहिए। अली ने कहा, "उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल उम्दा रहा। वह प्रख्यात विद्वान भी हैं।" इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि अंसारी का फिर से मनोनयन बुरा खयाल नहीं है। इस बीच, भाजपा ने भी कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह स्वाभाविक है कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारे। हम इस बारे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे।"टिप्पणियां प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" अली ने कहा, "उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल उम्दा रहा। वह प्रख्यात विद्वान भी हैं।" इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि अंसारी का फिर से मनोनयन बुरा खयाल नहीं है। इस बीच, भाजपा ने भी कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह स्वाभाविक है कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारे। हम इस बारे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे।"टिप्पणियां प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि अंसारी का फिर से मनोनयन बुरा खयाल नहीं है। इस बीच, भाजपा ने भी कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह स्वाभाविक है कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारे। हम इस बारे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे।"टिप्पणियां प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" इस बीच, भाजपा ने भी कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, "यह स्वाभाविक है कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारे। हम इस बारे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे।"टिप्पणियां प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" प्रसाद ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे पीए संगमा का समर्थन कर रही है। राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।" राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे भाजपा का समर्थन हासिल होगा।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति चुनाव दूसरा मसला था। वहां प्रणब मुखर्जी उम्मीदवार थे, जिनके पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। वह देश को भलीभांति समझते हैं। इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।" उन्होंने कहा, "इस बार हम एक संयुक्त प्रयास करेंगे । हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सहमति बने।"
संक्षिप्त पाठ: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अब राजनीतिक दलों ने कमर कसना आरम्भ कर दिया है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल उपराष्ट्रपति पद के लिए एक बार फिर हामिद अंसारी पर दांव लगा सकते हैं तो विपक्षी भाजपा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उम्मीदवार उतारने की कवायद में जुट गई है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लश्कर-ए-तैयबा से ताल्लुक रखने वाला और 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के लिए महत्वपूर्ण स्थलों की तस्वीरें लेने वाला आतंकी डेविड हेडली दरअसल पाकिस्तानी जासूस था जोकि आईएसआई के लिए काम करता था। मीडिया में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा को भारत की आर्थिक राजधानी पर हमले के बारे में संभवत: जानकारी थी। प्रोपब्लिका.कॉम में अमेरिकी पत्रकार सेबस्टियन रोटेला ने लिखा है, मूल रूप से जैसा कि अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों का कहना है कि हेडली आतंकी से कहीं ज्यादा था, वह पाकिस्तानी जासूस था। रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी और भारतीय एजेंसियों की जांच में पहली बार यह बात सामने आई है कि कैसे पाक खुफिया एजेंसी ने दोहरा खेला खेला। एक तरफ वह आतंक के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथी था, वहीं पाकिस्तानी हितों को साधने वाले आतंकी संगठनों को भी वह पोष रहा था। इस वेबसाइट के हाथ लगे मुंबई हमले की जांच से जुड़े दस्तावेजों से यह बात पुख्ता हुई है कि पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों ने मुंबई हमलों में आतंकी संगठन लश्कर का साथ दिया। इन हमलों में 166 लोग मारे गए जिसमें छह अमेरिकी थे। अमेरिकी पत्रकार सेबस्टियन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, भारत और अमेरिका दोनों देशों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बात का विश्वास है कि हेडली को आईएसआई के अधिकारियों ने जासूसी की ट्रेनिंग दी और मुंबई सहित अन्य जगहों पर आतंकी निशानों के बारे में जानकारी लेने के लिए धन और हिदायतें दी। भारतीय अधिकारियों द्वारा हेडली से की गई पूछताछ के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है, हेडली ने जांचकर्ताओं को बताया कि पाक नौसेना के एक अधिकारी ने मुंबई पर समुद्री हमले की योजना बनाने में सहायता की। प्रोपब्लिका की रिपोर्ट में हेडली के हवाले से कहा गया है कि पाक खुफिया एजेंसी में उसके हुक्मरानों ने डेनमार्क के अखबार पर लश्कर के हमले की साजिश के सिलसिले में हुई बैठक में हिस्सा लिया । पाक ने यह सूचना डेनमार्क के अधिकारियों के साथ साझा नहीं की थी। प्रोपब्लिका के अनुसार, पाकिस्तानी प्रशासकों ने इन आरोपों को जहां गलत करार दिया है वहीं अमेरिकी जांचकर्ताओं को हेडली के अधिकांश बयान में सचाई नजर आ रही है। एक बहुत ही महत्वपूर्ण खुलासे में इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हेडली ने कहा कि आईएसआई प्रमुख ले. जनरल पाशा 26/11 हमले के बाद गिरफ्तार किये गये लश्कर प्रमुख जकिउर रहमान लखवी से मिलने गए। बिना किसी विस्तत चर्चा के बताया गया है कि हेडली ने कहा, पाशा उसके पास मुंबई आतंकी हमले की साजिश को समझने के लिए आए थे। मीडिया में आई इस रिपोर्ट में कहा गया है, पाक अधिकारी इस बात से इंकार करते हैं कि आईएसआई प्रमुख जेल में लखवी से मिलने गए लेकिन भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों और विशेषज्ञों को दूसरी वाली कहानी पर भरोसा है। आतंक निरोधी एक भारतीय अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, मेरा मानना है कि पाशा को मुंबई हमले की साजिश के बारे में पहले से जानकारी थी या फिर वह आईएसआई का प्रमुख ही नहीं है। प्रोपब्लिका की रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारी इस बात के सुबूत नहीं देखते कि मुंबई पर हमले के लिए आईएसआई के हुक्मरानों ने संस्थागत फैसला लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ अधिकारी महसूस करते हैं कि हेडली का कभी बारीक तो कभी संदिग्ध बयान आईएसआई के शीर्ष अधिकारियों को दोषमुक्त करने के लिए था। उदाहरण के लिए हेडली ने जांचकर्ताओं को बताया कि मुंबई हमले की आईएसआई प्रमुख ने उम्मीद नहीं की थी। आने वाली पुस्तक स्टोर्मिंग द वर्ल्ड स्टेज : द स्टोरी ऑफ लश्करे तय्यबा के लेखक स्टीफन टंकेल ने कहा, हमें इसपर भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि लश्कर को लेकर आईएसआई की नीतिया है कि संगठन के हर कदम की जानकारी खुफिया एजेंसी के हुक्मरानों को रहनी चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईएसआई प्रमुख पाशा को भारत की आर्थिक राजधानी पर हमले के बारे में संभवत: जानकारी थी।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर एक तरफ होगी अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर की फिल्म 'हाफ गर्लफ्रेंड' तो दूसरी तरफ होगी इरफ़ान खान की फिल्म 'हिंदी मीडियम'. एक कहानी जहां रोमांटिक लव स्‍टोरी है तो दूसरी कहानी, एक हल्‍की-फुल्‍की कॉमेडी फिल्‍म है बच्‍चों के एडमिशन जैसे सवालों से जूझेगी. लेकिन बिलकुल अलग विषय वाली इन दोनों कहानियों के हीरो अपनी-अपनी फिल्‍म में एक ही विलेन से लड़ने वाले हैं और वह है इंग्लिश. फिल्म 'हिंदी मीडियम' एक कॉमेडी फिल्म है जिसमें दिखाया जा रहा है कि किस तरह हिंदी भाषी माता पिता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है उनके बच्चे को इंग्लिश मीडियम स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए. किस तरह अपने बच्‍चों को अच्‍छे स्‍कूल में दाखिल कराने और अच्‍छी शिक्षा देने के लिए अंग्रेजी भाषा कितनी जरूरी हो जाती है.टिप्पणियां वहीं दूसरी 'हाफ गर्लफ्रेंड' का किरदार माधव झा भी अपनी कमजोर अंग्रेजी की वजह से अपने प्यार दे दूर हो रहा है. माधव झा बिहार के शहर पटना का रहने वाला है जो भोजपुरी बोलता है और उसकी हाफ गर्लफ्रेंड यानी श्रद्धा कपूर अंग्रेजी मीडियम से पढ़ी है और फर्राटे से अंग्रेजी बोलती है. भाषा और कल्चर की ये दीवार माधव को रोकती है उसके प्यार को हासिल करने से.   अंग्रेजी से जूझते किरदारों के लिए दोनों ही फिल्में एक साथ रिलीज हो रही हैं. लेकिन फिल्‍म 'हिंदी मीडियम' की टीम को इस बॉक्‍स ऑफिसर भिड़ंत का कोई डर नहीं है. हिंदी मीडियम के एक प्रमोशनल इवेंट पर इरफ़ान खान ने कहा कि हमारे देश में दर्शक की संख्या बहुत बड़ी है और इन दिनों फिल्में 1200 करोड़ का कारोबार भी कर रही हैं. इसलिए 2 फिल्मों को साथ रिलीज़ होने से कोई चिंता की बात नहीं है. हम चाहते हैं कि मेरी फिल्म भी हिट हो और उनकी फिल्म भी सफल हो. 'हिंदी मीडियम' के निर्माता दिनेश विजन ने कहा कि दोनों ही फिल्मों के अलग अलग दर्शक हैं. हिंदी मीडियम एक हल्‍की-फुल्की कॉमेडी फिल्म है जो पूरे परिवार के साथ देखने वाली है. 'हाफ गर्लफ्रेंड' युवाओं के लिए फिल्म है और युवाओं की बड़ी संख्या है जो फिल्‍में देखती है. इसलिए दोनों फिल्मों को साथ रिलीज़ होने से कोई नुकसान या डर की बात नहीं है. वहीं दूसरी 'हाफ गर्लफ्रेंड' का किरदार माधव झा भी अपनी कमजोर अंग्रेजी की वजह से अपने प्यार दे दूर हो रहा है. माधव झा बिहार के शहर पटना का रहने वाला है जो भोजपुरी बोलता है और उसकी हाफ गर्लफ्रेंड यानी श्रद्धा कपूर अंग्रेजी मीडियम से पढ़ी है और फर्राटे से अंग्रेजी बोलती है. भाषा और कल्चर की ये दीवार माधव को रोकती है उसके प्यार को हासिल करने से.   अंग्रेजी से जूझते किरदारों के लिए दोनों ही फिल्में एक साथ रिलीज हो रही हैं. लेकिन फिल्‍म 'हिंदी मीडियम' की टीम को इस बॉक्‍स ऑफिसर भिड़ंत का कोई डर नहीं है. हिंदी मीडियम के एक प्रमोशनल इवेंट पर इरफ़ान खान ने कहा कि हमारे देश में दर्शक की संख्या बहुत बड़ी है और इन दिनों फिल्में 1200 करोड़ का कारोबार भी कर रही हैं. इसलिए 2 फिल्मों को साथ रिलीज़ होने से कोई चिंता की बात नहीं है. हम चाहते हैं कि मेरी फिल्म भी हिट हो और उनकी फिल्म भी सफल हो. 'हिंदी मीडियम' के निर्माता दिनेश विजन ने कहा कि दोनों ही फिल्मों के अलग अलग दर्शक हैं. हिंदी मीडियम एक हल्‍की-फुल्की कॉमेडी फिल्म है जो पूरे परिवार के साथ देखने वाली है. 'हाफ गर्लफ्रेंड' युवाओं के लिए फिल्म है और युवाओं की बड़ी संख्या है जो फिल्‍में देखती है. इसलिए दोनों फिल्मों को साथ रिलीज़ होने से कोई नुकसान या डर की बात नहीं है. 'हिंदी मीडियम' के निर्माता दिनेश विजन ने कहा कि दोनों ही फिल्मों के अलग अलग दर्शक हैं. हिंदी मीडियम एक हल्‍की-फुल्की कॉमेडी फिल्म है जो पूरे परिवार के साथ देखने वाली है. 'हाफ गर्लफ्रेंड' युवाओं के लिए फिल्म है और युवाओं की बड़ी संख्या है जो फिल्‍में देखती है. इसलिए दोनों फिल्मों को साथ रिलीज़ होने से कोई नुकसान या डर की बात नहीं है.
यहाँ एक सारांश है:शुक्रवार को रिलीज हो रही हैं 'हिंदी मीडियम' और 'हाफ गर्लफ्रेंड' 'हाफ गर्लफ्रेंड' के अुर्जन, 'हिंदी मीडियम' के इरफान, दोनों अंग्रेजी दुखी इरफान खान ने कहा, फिल्‍मों के साथ रिलीज होने से नहीं होगा नुकसान
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित कर जिस तरह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चाहती थी, बिल्कुल उसी तरह विपक्ष में दरारें दिखने लगी हैं. खासतौर से बिहार में, जहां कोविंद अगस्त, 2015 से राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं, और जहां सत्ता पर आरूढ़ दोनों साझीदारों - मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव - के बीच अलग-अलग मुद्दों पर असहमति हो जाना कतई आश्चर्यजनक नहीं है. सोमवार को बीजेपी ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुनकर विपक्ष को चारों खाने चित कर डाला है, क्योंकि कोविंद दलित समाज से ताल्लुक रखते हैं, और एनडीए की इस पसंद से असहमति जताना ज़्यादातर विपक्षी दलों के लिए काफी दुरूह कार्य साबित होगा. उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती, जो स्वयं 'दलितों की मसीहा' कही जाती हैं, ने कहा कि वह कोविंद की उम्मीदवारी का विरोध तब तक नहीं करेंगी, जब तक विपक्ष भी किसी दलित को ही प्रत्याशी के रूप में नहीं उतार देता. दिल्ली में मंगलवार को ही विपक्षी दलों की एक बैठक होने जा रही है, जिसमें तय किया जाएगा कि रामनाथ कोविंद को ही समर्थन दे दिया जाए, या मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) नेता सीताराम येचुरी के सुझाव के अनुसार कोई अन्य प्रत्याशी खड़ा कर चुनाव की स्थिति पैदा की जाए. वैसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के इस संयुक्त मोर्चे का काफी अहम हिस्सा हैं, और रामनाथ कोविंद का नाम इसी रिश्ते का इम्तिहान लेने पर तुला हुआ है. सोमवार शाम को मुख्यमंत्री ने पटना स्थित गवर्नर हाउस जाकर रामनाथ कोविंद से मुलाकात की, और उनके नामांकन पर उन्हें बधाई दी. कोविंद की बीजेपी से जुड़ी जड़ों के बावजूद उनके द्वारा बिहार सरकार के साथ 'आदर्श संबंध' बनाए रखने और किसी भी तरह का पक्षपात नहीं करने के लिए के लिए नीतीश ने राज्यपाल की काफी तारीफ की, और कहा कि उनकी पार्टी गुरुवार की बैठक में अपना रुख साफ करेगी. हालांकि नीतीश के करीबी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मानते हैं कि दलितों के कल्याण के लिए काम करने वाली बीजेपी की इकाई के साथ जुड़े रह चुके रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी का विरोध करने का कोई आधार नहीं है. वर्ष 2012 में नीतीश कुमार ने तत्कालीन केंद्र सरकार की पसंद डॉ प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए वोट देने की खातिर विपक्षी पार्टियों के उस गठबंधन से अलग रास्ता अपनाया था, जिसका वह स्वयं भी हिस्सा थे. कहा जाता है कि नीतीश कुमार अब भी विपक्ष द्वारा किसी प्रत्याशी को खड़ा करने के खिलाफ हैं, जबकि राज्य सरकार में उनके प्रमुख सहयोगी लालू प्रसाद यादव तथा कांग्रेस का मानना है कि चुनाव करवाना बेहद ज़रूरी हो गया है, क्योंकि यह संदेश साफ-साफ दिया जाना आवश्यक है कि वे राष्ट्रपति बनने जा रहे किसी बीजेपी नेता के पीछे खड़े नहीं हो सकते. लालू प्रसाद यादव भी ऐसे वक्त में बीजेपी के साथ एक ही पाले में खड़े नहीं दिखना चाहते, जब उनके बच्चों - जिनमें से दो मंत्री हैं और एक सांसद - के खिलाफ फर्ज़ी कंपनियों की मदद से ज़मीन-जायदाद हड़पने के मामले में जांच चल रही है. बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों के पास कुल वोटों में से लगभग 48 फीसदी वोट हैं, तथा नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (बीजेडी) तथा तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन मिलने से एनडीए का चुनाव जीत जाना तय है.टिप्पणियां विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. सोमवार को बीजेपी ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुनकर विपक्ष को चारों खाने चित कर डाला है, क्योंकि कोविंद दलित समाज से ताल्लुक रखते हैं, और एनडीए की इस पसंद से असहमति जताना ज़्यादातर विपक्षी दलों के लिए काफी दुरूह कार्य साबित होगा. उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती, जो स्वयं 'दलितों की मसीहा' कही जाती हैं, ने कहा कि वह कोविंद की उम्मीदवारी का विरोध तब तक नहीं करेंगी, जब तक विपक्ष भी किसी दलित को ही प्रत्याशी के रूप में नहीं उतार देता. दिल्ली में मंगलवार को ही विपक्षी दलों की एक बैठक होने जा रही है, जिसमें तय किया जाएगा कि रामनाथ कोविंद को ही समर्थन दे दिया जाए, या मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) नेता सीताराम येचुरी के सुझाव के अनुसार कोई अन्य प्रत्याशी खड़ा कर चुनाव की स्थिति पैदा की जाए. वैसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के इस संयुक्त मोर्चे का काफी अहम हिस्सा हैं, और रामनाथ कोविंद का नाम इसी रिश्ते का इम्तिहान लेने पर तुला हुआ है. सोमवार शाम को मुख्यमंत्री ने पटना स्थित गवर्नर हाउस जाकर रामनाथ कोविंद से मुलाकात की, और उनके नामांकन पर उन्हें बधाई दी. कोविंद की बीजेपी से जुड़ी जड़ों के बावजूद उनके द्वारा बिहार सरकार के साथ 'आदर्श संबंध' बनाए रखने और किसी भी तरह का पक्षपात नहीं करने के लिए के लिए नीतीश ने राज्यपाल की काफी तारीफ की, और कहा कि उनकी पार्टी गुरुवार की बैठक में अपना रुख साफ करेगी. हालांकि नीतीश के करीबी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मानते हैं कि दलितों के कल्याण के लिए काम करने वाली बीजेपी की इकाई के साथ जुड़े रह चुके रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी का विरोध करने का कोई आधार नहीं है. वर्ष 2012 में नीतीश कुमार ने तत्कालीन केंद्र सरकार की पसंद डॉ प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए वोट देने की खातिर विपक्षी पार्टियों के उस गठबंधन से अलग रास्ता अपनाया था, जिसका वह स्वयं भी हिस्सा थे. कहा जाता है कि नीतीश कुमार अब भी विपक्ष द्वारा किसी प्रत्याशी को खड़ा करने के खिलाफ हैं, जबकि राज्य सरकार में उनके प्रमुख सहयोगी लालू प्रसाद यादव तथा कांग्रेस का मानना है कि चुनाव करवाना बेहद ज़रूरी हो गया है, क्योंकि यह संदेश साफ-साफ दिया जाना आवश्यक है कि वे राष्ट्रपति बनने जा रहे किसी बीजेपी नेता के पीछे खड़े नहीं हो सकते. लालू प्रसाद यादव भी ऐसे वक्त में बीजेपी के साथ एक ही पाले में खड़े नहीं दिखना चाहते, जब उनके बच्चों - जिनमें से दो मंत्री हैं और एक सांसद - के खिलाफ फर्ज़ी कंपनियों की मदद से ज़मीन-जायदाद हड़पने के मामले में जांच चल रही है. बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों के पास कुल वोटों में से लगभग 48 फीसदी वोट हैं, तथा नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (बीजेडी) तथा तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन मिलने से एनडीए का चुनाव जीत जाना तय है.टिप्पणियां विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. दिल्ली में मंगलवार को ही विपक्षी दलों की एक बैठक होने जा रही है, जिसमें तय किया जाएगा कि रामनाथ कोविंद को ही समर्थन दे दिया जाए, या मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) नेता सीताराम येचुरी के सुझाव के अनुसार कोई अन्य प्रत्याशी खड़ा कर चुनाव की स्थिति पैदा की जाए. वैसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के इस संयुक्त मोर्चे का काफी अहम हिस्सा हैं, और रामनाथ कोविंद का नाम इसी रिश्ते का इम्तिहान लेने पर तुला हुआ है. सोमवार शाम को मुख्यमंत्री ने पटना स्थित गवर्नर हाउस जाकर रामनाथ कोविंद से मुलाकात की, और उनके नामांकन पर उन्हें बधाई दी. कोविंद की बीजेपी से जुड़ी जड़ों के बावजूद उनके द्वारा बिहार सरकार के साथ 'आदर्श संबंध' बनाए रखने और किसी भी तरह का पक्षपात नहीं करने के लिए के लिए नीतीश ने राज्यपाल की काफी तारीफ की, और कहा कि उनकी पार्टी गुरुवार की बैठक में अपना रुख साफ करेगी. हालांकि नीतीश के करीबी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मानते हैं कि दलितों के कल्याण के लिए काम करने वाली बीजेपी की इकाई के साथ जुड़े रह चुके रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी का विरोध करने का कोई आधार नहीं है. वर्ष 2012 में नीतीश कुमार ने तत्कालीन केंद्र सरकार की पसंद डॉ प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए वोट देने की खातिर विपक्षी पार्टियों के उस गठबंधन से अलग रास्ता अपनाया था, जिसका वह स्वयं भी हिस्सा थे. कहा जाता है कि नीतीश कुमार अब भी विपक्ष द्वारा किसी प्रत्याशी को खड़ा करने के खिलाफ हैं, जबकि राज्य सरकार में उनके प्रमुख सहयोगी लालू प्रसाद यादव तथा कांग्रेस का मानना है कि चुनाव करवाना बेहद ज़रूरी हो गया है, क्योंकि यह संदेश साफ-साफ दिया जाना आवश्यक है कि वे राष्ट्रपति बनने जा रहे किसी बीजेपी नेता के पीछे खड़े नहीं हो सकते. लालू प्रसाद यादव भी ऐसे वक्त में बीजेपी के साथ एक ही पाले में खड़े नहीं दिखना चाहते, जब उनके बच्चों - जिनमें से दो मंत्री हैं और एक सांसद - के खिलाफ फर्ज़ी कंपनियों की मदद से ज़मीन-जायदाद हड़पने के मामले में जांच चल रही है. बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों के पास कुल वोटों में से लगभग 48 फीसदी वोट हैं, तथा नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (बीजेडी) तथा तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन मिलने से एनडीए का चुनाव जीत जाना तय है.टिप्पणियां विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. वैसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के इस संयुक्त मोर्चे का काफी अहम हिस्सा हैं, और रामनाथ कोविंद का नाम इसी रिश्ते का इम्तिहान लेने पर तुला हुआ है. सोमवार शाम को मुख्यमंत्री ने पटना स्थित गवर्नर हाउस जाकर रामनाथ कोविंद से मुलाकात की, और उनके नामांकन पर उन्हें बधाई दी. कोविंद की बीजेपी से जुड़ी जड़ों के बावजूद उनके द्वारा बिहार सरकार के साथ 'आदर्श संबंध' बनाए रखने और किसी भी तरह का पक्षपात नहीं करने के लिए के लिए नीतीश ने राज्यपाल की काफी तारीफ की, और कहा कि उनकी पार्टी गुरुवार की बैठक में अपना रुख साफ करेगी. हालांकि नीतीश के करीबी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मानते हैं कि दलितों के कल्याण के लिए काम करने वाली बीजेपी की इकाई के साथ जुड़े रह चुके रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी का विरोध करने का कोई आधार नहीं है. वर्ष 2012 में नीतीश कुमार ने तत्कालीन केंद्र सरकार की पसंद डॉ प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए वोट देने की खातिर विपक्षी पार्टियों के उस गठबंधन से अलग रास्ता अपनाया था, जिसका वह स्वयं भी हिस्सा थे. कहा जाता है कि नीतीश कुमार अब भी विपक्ष द्वारा किसी प्रत्याशी को खड़ा करने के खिलाफ हैं, जबकि राज्य सरकार में उनके प्रमुख सहयोगी लालू प्रसाद यादव तथा कांग्रेस का मानना है कि चुनाव करवाना बेहद ज़रूरी हो गया है, क्योंकि यह संदेश साफ-साफ दिया जाना आवश्यक है कि वे राष्ट्रपति बनने जा रहे किसी बीजेपी नेता के पीछे खड़े नहीं हो सकते. लालू प्रसाद यादव भी ऐसे वक्त में बीजेपी के साथ एक ही पाले में खड़े नहीं दिखना चाहते, जब उनके बच्चों - जिनमें से दो मंत्री हैं और एक सांसद - के खिलाफ फर्ज़ी कंपनियों की मदद से ज़मीन-जायदाद हड़पने के मामले में जांच चल रही है. बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों के पास कुल वोटों में से लगभग 48 फीसदी वोट हैं, तथा नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (बीजेडी) तथा तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन मिलने से एनडीए का चुनाव जीत जाना तय है.टिप्पणियां विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. वर्ष 2012 में नीतीश कुमार ने तत्कालीन केंद्र सरकार की पसंद डॉ प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए वोट देने की खातिर विपक्षी पार्टियों के उस गठबंधन से अलग रास्ता अपनाया था, जिसका वह स्वयं भी हिस्सा थे. कहा जाता है कि नीतीश कुमार अब भी विपक्ष द्वारा किसी प्रत्याशी को खड़ा करने के खिलाफ हैं, जबकि राज्य सरकार में उनके प्रमुख सहयोगी लालू प्रसाद यादव तथा कांग्रेस का मानना है कि चुनाव करवाना बेहद ज़रूरी हो गया है, क्योंकि यह संदेश साफ-साफ दिया जाना आवश्यक है कि वे राष्ट्रपति बनने जा रहे किसी बीजेपी नेता के पीछे खड़े नहीं हो सकते. लालू प्रसाद यादव भी ऐसे वक्त में बीजेपी के साथ एक ही पाले में खड़े नहीं दिखना चाहते, जब उनके बच्चों - जिनमें से दो मंत्री हैं और एक सांसद - के खिलाफ फर्ज़ी कंपनियों की मदद से ज़मीन-जायदाद हड़पने के मामले में जांच चल रही है. बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों के पास कुल वोटों में से लगभग 48 फीसदी वोट हैं, तथा नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (बीजेडी) तथा तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन मिलने से एनडीए का चुनाव जीत जाना तय है.टिप्पणियां विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. कहा जाता है कि नीतीश कुमार अब भी विपक्ष द्वारा किसी प्रत्याशी को खड़ा करने के खिलाफ हैं, जबकि राज्य सरकार में उनके प्रमुख सहयोगी लालू प्रसाद यादव तथा कांग्रेस का मानना है कि चुनाव करवाना बेहद ज़रूरी हो गया है, क्योंकि यह संदेश साफ-साफ दिया जाना आवश्यक है कि वे राष्ट्रपति बनने जा रहे किसी बीजेपी नेता के पीछे खड़े नहीं हो सकते. लालू प्रसाद यादव भी ऐसे वक्त में बीजेपी के साथ एक ही पाले में खड़े नहीं दिखना चाहते, जब उनके बच्चों - जिनमें से दो मंत्री हैं और एक सांसद - के खिलाफ फर्ज़ी कंपनियों की मदद से ज़मीन-जायदाद हड़पने के मामले में जांच चल रही है. बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों के पास कुल वोटों में से लगभग 48 फीसदी वोट हैं, तथा नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (बीजेडी) तथा तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन मिलने से एनडीए का चुनाव जीत जाना तय है.टिप्पणियां विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. लालू प्रसाद यादव भी ऐसे वक्त में बीजेपी के साथ एक ही पाले में खड़े नहीं दिखना चाहते, जब उनके बच्चों - जिनमें से दो मंत्री हैं और एक सांसद - के खिलाफ फर्ज़ी कंपनियों की मदद से ज़मीन-जायदाद हड़पने के मामले में जांच चल रही है. बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों के पास कुल वोटों में से लगभग 48 फीसदी वोट हैं, तथा नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (बीजेडी) तथा तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन मिलने से एनडीए का चुनाव जीत जाना तय है.टिप्पणियां विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों के पास कुल वोटों में से लगभग 48 फीसदी वोट हैं, तथा नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (बीजेडी) तथा तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन मिलने से एनडीए का चुनाव जीत जाना तय है.टिप्पणियां विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. विपक्षी दलों की गुरुवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी, और विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के रूप में मीरा कुमार के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो दलित समाज से हैं, तथा लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है. गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव अक्सर अहम मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत होते रहे हैं. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में अचानक की गई नोटबंदी की नीतीश कुमार ने खुलकर तारीफ की, जिससे लालू नाखुश थे. वैसे, नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अपने पुत्रों पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है.
सारांश: नीतीश विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी खड़ा करने के खिलाफ लालू चाहते हैं, रामनाथ कोविंद के विरुद्ध विपक्ष का प्रत्याशी ज़रूर हो कांग्रेस का भी मानना है, चुनाव करवाना बेहद ज़रूरी हो गया है
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['hin']
एक सारांश बनाओ: विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में बीजेपी अब बचाव की मुद्रा में है. उसने अब कहा है कि सरकार चैन से नहीं बैठेगी. विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में अब विभाग को इकाई मानकर आरक्षण देते हुए नियुक्ति करने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद जहां एक और राजद आक्रामक है वहीं बीजेपी अब इस मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में है. इस मुद्दे पर बुधवार को जहां विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा वहीं उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि अनुकूल फैसला नहीं आने पर सरकार चैन से नहीं बैठेगी. तेजस्वी यादव बृहस्पतिवार को दिल्ली में इस मुद्दे पर संसद मार्च में शामिल हो रहे हैं. तेजस्वी का नाम लिए बिना सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि कोर्ट से ज़ुड़े मुद्दे को दिल्ली या पटना की सड़क पर उछालना कुछ लोगों के लिए वंचित वर्गों की हमदर्दी पाने का शॉर्टकट हो सकता है लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है. मोदी ने कहा कि न्यायपालिका पर भरोसा करने की कसमें खाने वालों को हंगामा करने के बजाय सरकार की मंशा पर भरोसा करना चाहिए. सुशील मोदी ने दावा किया कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद बिहार के विश्वविद्यालयों में जो तीन हजार शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है उसमें राज्य सरकार विश्वविद्यालय को ही इकाई मानकर रिज़र्वेशन लागू कर रही है. इसके कारण दलितों-पिछड़ों को इसका लाभ पहले की तरह मिलेगा. लेकिन मोदी ने सवाल पूछा कि राजद अध्यक्ष लालू यादव ने इस मुद्दे पर सवाल पूछा था, उन्होंने बिहार सरकार को बधाई क्यों नहीं दी? निश्चित रूप से राजद इस मुद्दे पर जिस तरह आक्रामक है उसके बाद भाजपा ने भी इस मुद्दे पर तथ्य जनता के सामने रखने की कोशिश शुरू की है. सुशील मोदी ने तेजस्वी के बयान और पत्र के जवाब में कहा कि राजग सरकार ने इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर कर मजबूती के साथ वंचित वर्गों की दलील अदालत के सामने पेश तो की लेकिन इसके बावजूद फैसला अनुकूल नहीं आया तो सरकार चैन से नहीं बैठेगी. इससे साफ हैं कि फिलहाल मोदी इस बात को लेकर अश्वस्त नहीं हैं कि केंद्र सरकार का इस मुद्दे पर अगला रुख क्या होगा.
संक्षिप्त सारांश: तेजस्वी यादव गुरुवार को दिल्ली में आयोजित संसद मार्च में शामिल होंगे मोदी ने कहा- मुद्दे को उछालना कुछ लोगों के लिए हमदर्दी पाने का शॉर्टकट सुशील मोदी ने कहा- बिहार में विश्वविद्यालय को ही इकाई मानकर रिज़र्वेशन
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['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालाधन रखने वालों को 30 सितंबर के बाद जेल सहित अन्य कड़ी कार्रवाई के प्रति आगाह करते हुए शनिवार को कहा कि अघोषित संपत्ति रखने वाले 'पाक साफ' हों, ताकि वे चैन की नींद सो सकें। उन्होंने कहा कि अघोषित संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा आभूषण और रीयल एस्टेट क्षेत्र में लगा हुआ है। पीएम मोदी ने नई दिल्ली में जौहरियों के एक कार्य्रकम में यह बात कही। यह कार्य्रकम उन्हें सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि वे जानते हैं कि लोग धन से भरे 'थैले' लेकर जौहरियों के पास जाते हैं और उन तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि वे सरकार की एकबारगी अनुपालन खिड़की का इस्तेमाल कर 'पाक साफ' साबित हों। उन्होंने कहा कि टैक्स चोरी के चलते पहले भी लोग जेल गए हैं। सरकार को 30 सितंबर के बाद वही कदम उठाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, '...और उस पाप को करना नहीं चाहता हूं, जो 30 सितंबर के बाद मुझे करना पड़ेगा।' टिप्पणियां आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत कालाधन रखने वाले अपनी अघोषित संपत्ति की घोषणा 30 सितंबर तक कर ‘पाक साफ’ हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें 45 प्रतिशत कर व जुर्माना चुकाना होगा। इस योजना का फायदा नहीं उठाने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना होगा। आयकर विभाग पैन कार्ड का उल्लेख किए बिना 9 लाख बड़े लेनदेन को पहली ही चिन्हित कर चुका है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीएम मोदी ने नई दिल्ली में जौहरियों के एक कार्य्रकम में यह बात कही। यह कार्य्रकम उन्हें सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि वे जानते हैं कि लोग धन से भरे 'थैले' लेकर जौहरियों के पास जाते हैं और उन तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि वे सरकार की एकबारगी अनुपालन खिड़की का इस्तेमाल कर 'पाक साफ' साबित हों। उन्होंने कहा कि टैक्स चोरी के चलते पहले भी लोग जेल गए हैं। सरकार को 30 सितंबर के बाद वही कदम उठाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, '...और उस पाप को करना नहीं चाहता हूं, जो 30 सितंबर के बाद मुझे करना पड़ेगा।' टिप्पणियां आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत कालाधन रखने वाले अपनी अघोषित संपत्ति की घोषणा 30 सितंबर तक कर ‘पाक साफ’ हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें 45 प्रतिशत कर व जुर्माना चुकाना होगा। इस योजना का फायदा नहीं उठाने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना होगा। आयकर विभाग पैन कार्ड का उल्लेख किए बिना 9 लाख बड़े लेनदेन को पहली ही चिन्हित कर चुका है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि टैक्स चोरी के चलते पहले भी लोग जेल गए हैं। सरकार को 30 सितंबर के बाद वही कदम उठाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, '...और उस पाप को करना नहीं चाहता हूं, जो 30 सितंबर के बाद मुझे करना पड़ेगा।' टिप्पणियां आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत कालाधन रखने वाले अपनी अघोषित संपत्ति की घोषणा 30 सितंबर तक कर ‘पाक साफ’ हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें 45 प्रतिशत कर व जुर्माना चुकाना होगा। इस योजना का फायदा नहीं उठाने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना होगा। आयकर विभाग पैन कार्ड का उल्लेख किए बिना 9 लाख बड़े लेनदेन को पहली ही चिन्हित कर चुका है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत कालाधन रखने वाले अपनी अघोषित संपत्ति की घोषणा 30 सितंबर तक कर ‘पाक साफ’ हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें 45 प्रतिशत कर व जुर्माना चुकाना होगा। इस योजना का फायदा नहीं उठाने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना होगा। आयकर विभाग पैन कार्ड का उल्लेख किए बिना 9 लाख बड़े लेनदेन को पहली ही चिन्हित कर चुका है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: अघोषित संपत्ति का बड़ा हिस्सा आभूषण और रीयल इस्टेट क्षेत्र में : पीएम आय घोषणा योजना के तहत 45% टैक्स और जुर्माना भरकर पाक साफ हो सकते हैं आयकर विभाग 9 लाख बड़े लेनदेन को पहली ही चिन्हित कर चुका है
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हैदराबाद से 20 किमी दूर हाईवे किनारे शमिरपेत गांव में अपने पोते के साथ रहने वाले एक गरीब दंपति की मदद के लिए केंद्र सरकार ने हाथ आगे बढ़ाए हैं. दंपति को किसी भी सामजिक कल्याण वाली योजना का लाभ नहीं मिल रहा है क्योंकि उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड नहीं है. शनिवार को NDTV पर रिपोर्ट दिखाए जाने के बाद सरकार ने मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है. रिपोर्ट दिखाए जाने के बाद लोगों की ओर जबर्दस्त समर्थन मिला है. कई लोग भी मदद के लिए आगे आए हैं. अब, केंदीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने अधिकारियों से गरीब दंपति से मिलकर जरूरी कागजात तैयार करने के लिए कहा है ताकि उन्हें सामजिक कल्याण की योजनाओं का लाभ मिल सके.   72 साल के सत्त्तुवा मोतीराम चावन अपनी पत्नी गंगा बाई और अपने पोते के साथ हाईवे किनारे शमिरपेत में रहते हैं. परिवार लोहे के औजार बनाकर किसी तरह से अपना गुजर बसर कर रहा है. कमाई के बारे में पूछे जाने पर सत्तुवा ने बताया "पूरे दिन काम करने के बाद बमुश्किल 100 रुपये की कमाई कर पाते हैं. ऊपर से पोते की देखभाल करनी पड़ती है. ये सौ रुपये भी तब मिल पाते हैं अगर कोई ठेकेदार माल खरीदने आ गया. कई बार वह 3 दिन में आता है और तब तक हमें इंतजार करना पड़ता है."    सत्तुवा दो साल पहले तेलंगाना में महाराष्ट्र के नादेड़ जिले से आए थे. सत्तुवा ने बताया कि वह अपने गांव में बहुत समय पहले स्वर्णकार का काम किया करते थे. बाद में काम की तलाश में कई जगहों पर रहे. यह परिवार सड़क किनारे झुग्गी में रहता है. यहीं पिछले दो वर्षों से उनका ठिकाना है.  टिप्पणियां सत्तुवा ने कल NDTV को बताया था, "आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक अकाउंट नहीं है जिससे पेंशन नहीं मिल पाती." उसने कहा था, "जब भी काम मिल जाता है, तभी हम पेट भर पाते हैं." एनडीटीवी पर खबर प्रसारित होने के बाद कई लोगों ने चैनल को उस गरीब परिवार की मदद के लिए लिखा है. एक दंपति तो बाकायदा उसने मिलने झुग्गी में जा पहुंचा और मदद की पेशकश की. मोहम्मद सुलेहा ने कहा, "जरूरतमंद की मदद करने पर निजी तौर यह बहुत ही संतुष्टि मिलती है." वहीं, गंगाबाई का कहना था, "मुझे बड़ी खुशी हो रही है कि लोग हमारी मदद के लिए आगे आ रहे हैं." जब एनडीटीवी दोबारा मिलने के लिए गरीब दंपति से पहुंचा तो पोता समेत पूरा परिवार खुश नजर आया.  72 साल के सत्त्तुवा मोतीराम चावन अपनी पत्नी गंगा बाई और अपने पोते के साथ हाईवे किनारे शमिरपेत में रहते हैं. परिवार लोहे के औजार बनाकर किसी तरह से अपना गुजर बसर कर रहा है. कमाई के बारे में पूछे जाने पर सत्तुवा ने बताया "पूरे दिन काम करने के बाद बमुश्किल 100 रुपये की कमाई कर पाते हैं. ऊपर से पोते की देखभाल करनी पड़ती है. ये सौ रुपये भी तब मिल पाते हैं अगर कोई ठेकेदार माल खरीदने आ गया. कई बार वह 3 दिन में आता है और तब तक हमें इंतजार करना पड़ता है."    सत्तुवा दो साल पहले तेलंगाना में महाराष्ट्र के नादेड़ जिले से आए थे. सत्तुवा ने बताया कि वह अपने गांव में बहुत समय पहले स्वर्णकार का काम किया करते थे. बाद में काम की तलाश में कई जगहों पर रहे. यह परिवार सड़क किनारे झुग्गी में रहता है. यहीं पिछले दो वर्षों से उनका ठिकाना है.  टिप्पणियां सत्तुवा ने कल NDTV को बताया था, "आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक अकाउंट नहीं है जिससे पेंशन नहीं मिल पाती." उसने कहा था, "जब भी काम मिल जाता है, तभी हम पेट भर पाते हैं." एनडीटीवी पर खबर प्रसारित होने के बाद कई लोगों ने चैनल को उस गरीब परिवार की मदद के लिए लिखा है. एक दंपति तो बाकायदा उसने मिलने झुग्गी में जा पहुंचा और मदद की पेशकश की. मोहम्मद सुलेहा ने कहा, "जरूरतमंद की मदद करने पर निजी तौर यह बहुत ही संतुष्टि मिलती है." वहीं, गंगाबाई का कहना था, "मुझे बड़ी खुशी हो रही है कि लोग हमारी मदद के लिए आगे आ रहे हैं." जब एनडीटीवी दोबारा मिलने के लिए गरीब दंपति से पहुंचा तो पोता समेत पूरा परिवार खुश नजर आया.  सत्तुवा दो साल पहले तेलंगाना में महाराष्ट्र के नादेड़ जिले से आए थे. सत्तुवा ने बताया कि वह अपने गांव में बहुत समय पहले स्वर्णकार का काम किया करते थे. बाद में काम की तलाश में कई जगहों पर रहे. यह परिवार सड़क किनारे झुग्गी में रहता है. यहीं पिछले दो वर्षों से उनका ठिकाना है.  टिप्पणियां सत्तुवा ने कल NDTV को बताया था, "आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक अकाउंट नहीं है जिससे पेंशन नहीं मिल पाती." उसने कहा था, "जब भी काम मिल जाता है, तभी हम पेट भर पाते हैं." एनडीटीवी पर खबर प्रसारित होने के बाद कई लोगों ने चैनल को उस गरीब परिवार की मदद के लिए लिखा है. एक दंपति तो बाकायदा उसने मिलने झुग्गी में जा पहुंचा और मदद की पेशकश की. मोहम्मद सुलेहा ने कहा, "जरूरतमंद की मदद करने पर निजी तौर यह बहुत ही संतुष्टि मिलती है." वहीं, गंगाबाई का कहना था, "मुझे बड़ी खुशी हो रही है कि लोग हमारी मदद के लिए आगे आ रहे हैं." जब एनडीटीवी दोबारा मिलने के लिए गरीब दंपति से पहुंचा तो पोता समेत पूरा परिवार खुश नजर आया.  सत्तुवा ने कल NDTV को बताया था, "आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक अकाउंट नहीं है जिससे पेंशन नहीं मिल पाती." उसने कहा था, "जब भी काम मिल जाता है, तभी हम पेट भर पाते हैं." एनडीटीवी पर खबर प्रसारित होने के बाद कई लोगों ने चैनल को उस गरीब परिवार की मदद के लिए लिखा है. एक दंपति तो बाकायदा उसने मिलने झुग्गी में जा पहुंचा और मदद की पेशकश की. मोहम्मद सुलेहा ने कहा, "जरूरतमंद की मदद करने पर निजी तौर यह बहुत ही संतुष्टि मिलती है." वहीं, गंगाबाई का कहना था, "मुझे बड़ी खुशी हो रही है कि लोग हमारी मदद के लिए आगे आ रहे हैं." जब एनडीटीवी दोबारा मिलने के लिए गरीब दंपति से पहुंचा तो पोता समेत पूरा परिवार खुश नजर आया.  एनडीटीवी पर खबर प्रसारित होने के बाद कई लोगों ने चैनल को उस गरीब परिवार की मदद के लिए लिखा है. एक दंपति तो बाकायदा उसने मिलने झुग्गी में जा पहुंचा और मदद की पेशकश की. मोहम्मद सुलेहा ने कहा, "जरूरतमंद की मदद करने पर निजी तौर यह बहुत ही संतुष्टि मिलती है." वहीं, गंगाबाई का कहना था, "मुझे बड़ी खुशी हो रही है कि लोग हमारी मदद के लिए आगे आ रहे हैं." जब एनडीटीवी दोबारा मिलने के लिए गरीब दंपति से पहुंचा तो पोता समेत पूरा परिवार खुश नजर आया.
यहाँ एक सारांश है:दंपति को सामजिक कल्याण वाली योजना का लाभ नहीं मिल रहा है दंपति के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक खाता नहीं केंदीय श्रम मंत्री बडारू दत्तात्रेय ने मदद दिलाने का भरोसा दिया
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को 16 दिसंबर के गैंगरेप मामले में शामिल किशोर के बारे में फैसला सुनाने की अनुमति दे दी है। हालांकि नाबालिग की उम्र तय करने पर उसने अर्जी मंजूर कर ली है।टिप्पणियां न्यायमूर्ति पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि जघन्य अपराधों में शामिल किशोर आरोपियों को सामान्य कानूनों के तहत मुकदमा चलाने से मुक्ति के बड़े विषय पर अदालत विचार करेगी। अदालत ने कहा कि भाजपा के सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका का विरोध करने वाली सरकारी याचिका इस व्यापक विषय पर विचार के रास्ते में बाधा नहीं बनेगी। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि जघन्य अपराधों में शामिल किशोर आरोपियों को सामान्य कानूनों के तहत मुकदमा चलाने से मुक्ति के बड़े विषय पर अदालत विचार करेगी। अदालत ने कहा कि भाजपा के सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका का विरोध करने वाली सरकारी याचिका इस व्यापक विषय पर विचार के रास्ते में बाधा नहीं बनेगी। अदालत ने कहा कि भाजपा के सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका का विरोध करने वाली सरकारी याचिका इस व्यापक विषय पर विचार के रास्ते में बाधा नहीं बनेगी।
यह एक सारांश है: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को 16 दिसंबर के गैंगरेप मामले में शामिल किशोर के बारे में फैसला सुनाने की अनुमति दे दी है। हालांकि नाबालिग की उम्र तय करने पर उसने अर्जी मंजूर कर ली है।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को नागपुर के मिहान क्षेत्र में योग गुरु रामदेव द्वारा प्रवर्तित पतंजलि मेगा फूड एंड हर्बल पार्क की आधारशिला रखी. रामदेव ने कहा कि यह पार्क 230 एकड़ में फैला होगा. इसमें पतंजलि की उत्पादन इकाइयां लगायी जाएंगी और इससे सीधे 10,000 युवाओं को रोजगार मिलेगा. उन्होंने कहा कि पतंजलि इस क्षेत्र में विभिन्न कृषि उत्पादों का उत्पादन करने के लिए किसानों को आसान दरों पर ऋण देगा. उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि इस पार्क के बनने से इस क्षेत्र के किसानों में समृद्धि आएगी, जो क्षेत्र इस समय किसानों की आत्महत्या को लेकर बदनाम है. इस अवसर पर गडकरी ने कहा कि पतंजलि समूह को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इस क्षेत्र में बेहतर संपर्क को देखते हुए पतंजलि के उत्पादों को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजार प्राप्त होगा और इसमें वर्धा के पास बनने वाले शुष्क बंदरगाह से उन्हें मदद मिलेगी. टिप्पणियां मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जब इस क्षेत्र में फूड पार्क के लिए निविदा मंगाई गई थी, तो पतंजलि एकमात्र आवेदनकर्ता था और उसने सफलतापूर्वक इस निविदा को पाया. उन्होंने कहा कि पतंजलि को अन्य राज्यों ने नि:शुल्क भूमि देने की पेशकश की, लेकिन पतंजलि ने नागपुर को वरीयता दी. उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य पार्क होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रामदेव ने कहा कि यह पार्क 230 एकड़ में फैला होगा. इसमें पतंजलि की उत्पादन इकाइयां लगायी जाएंगी और इससे सीधे 10,000 युवाओं को रोजगार मिलेगा. उन्होंने कहा कि पतंजलि इस क्षेत्र में विभिन्न कृषि उत्पादों का उत्पादन करने के लिए किसानों को आसान दरों पर ऋण देगा. उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि इस पार्क के बनने से इस क्षेत्र के किसानों में समृद्धि आएगी, जो क्षेत्र इस समय किसानों की आत्महत्या को लेकर बदनाम है. इस अवसर पर गडकरी ने कहा कि पतंजलि समूह को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इस क्षेत्र में बेहतर संपर्क को देखते हुए पतंजलि के उत्पादों को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजार प्राप्त होगा और इसमें वर्धा के पास बनने वाले शुष्क बंदरगाह से उन्हें मदद मिलेगी. टिप्पणियां मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जब इस क्षेत्र में फूड पार्क के लिए निविदा मंगाई गई थी, तो पतंजलि एकमात्र आवेदनकर्ता था और उसने सफलतापूर्वक इस निविदा को पाया. उन्होंने कहा कि पतंजलि को अन्य राज्यों ने नि:शुल्क भूमि देने की पेशकश की, लेकिन पतंजलि ने नागपुर को वरीयता दी. उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य पार्क होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस अवसर पर गडकरी ने कहा कि पतंजलि समूह को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इस क्षेत्र में बेहतर संपर्क को देखते हुए पतंजलि के उत्पादों को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजार प्राप्त होगा और इसमें वर्धा के पास बनने वाले शुष्क बंदरगाह से उन्हें मदद मिलेगी. टिप्पणियां मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जब इस क्षेत्र में फूड पार्क के लिए निविदा मंगाई गई थी, तो पतंजलि एकमात्र आवेदनकर्ता था और उसने सफलतापूर्वक इस निविदा को पाया. उन्होंने कहा कि पतंजलि को अन्य राज्यों ने नि:शुल्क भूमि देने की पेशकश की, लेकिन पतंजलि ने नागपुर को वरीयता दी. उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य पार्क होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जब इस क्षेत्र में फूड पार्क के लिए निविदा मंगाई गई थी, तो पतंजलि एकमात्र आवेदनकर्ता था और उसने सफलतापूर्वक इस निविदा को पाया. उन्होंने कहा कि पतंजलि को अन्य राज्यों ने नि:शुल्क भूमि देने की पेशकश की, लेकिन पतंजलि ने नागपुर को वरीयता दी. उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य पार्क होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:230 एकड़ में फैला होगा यह फूड पार्क 10,000 युवाओं को रोजगार मिलेगा : रामदेव यह दुनिया का सबसे बड़ा फूड पार्क होगा : फडणवीस
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: योग गुरु रामदेव ने अपने सहयोगी बालकृष्ण के सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से बचने के लिए भागने की खबरों का खंडन करते हुए गुरुवार को कहा कि बालाकृष्ण भागे नहीं हैं, बल्कि वह पतंजलि योगपीठ में ही मौजूद हैं। रामदेव ने हरिद्वार में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, बालाकृष्ण पूरी तरह भारतीय हैं और अपनी अंतिम सांस तब भारतीय ही रहेंगे व देश छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। उनके भागने की खबरें बिलकुल बेबुनियाद हैं। बालकृष्ण को शुक्रवार को पेश होने के सीबीआई के आदेश पर उन्होंने कहा, वह देश के करोड़ों लोगों की सेवा के लिए आयुर्वेद से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में लगे हुए हैं और उन्हें इस तरह से अचानक पेश होने का आदेश देना गलत है। रामदेव ने कहा कि इस सिलसिले में सीबीआई से और समय की मांग की जाएगी और कानूनी तौर पर उन्हें समय देना होगा। केंद्र सरकार पर उन्हें और बालकृष्ण को बदनाम करने का अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए रामदेव ने कहा कि यह सरकार आतंकियों के मुद्दों पर तो नम्र रवैया अपनाती है, लेकिन उनके और बालकृष्ण के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव अपनाती है। योग गुरु ने कहा कि वह आखिरी सांस तक सरकार के इस दमन चक्र का डट कर मुकाबला करेंगे। गौरतलब है कि रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण के कथित फर्जी पासपोर्ट के मामले में सीबीआई उनकी तलाश कर रही है और उन्हें एजेंसी के समक्ष पेश होने का नोटिस जारी किया गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रामदेव ने बालकृष्ण के सीबीआई से बचने के लिए भागने की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि बालाकृष्ण भागे नहीं हैं, बल्कि पतंजलि योगपीठ में ही मौजूद हैं।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश की साइबर क्राइम पुलिस ने अश्लील वेबसाइट बनाने एवं इसके जरिये देह व्यापार कराने के मामले में भाजपा के एक स्थानीय नेता एवं तीन ग्राहकों सहित नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में एक आरोपी फरार है. साइबर सेल के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया, 'साइबर क्राइम पुलिस भोपाल ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अश्लील वेबसाइट बनाकर कथित रूप से लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए ग्राहकों की बुकिंग करते थे तथा लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बुला कर उन्‍हें देह व्यापार में धकेल देते थे'. उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस ने दिनेश सिंह उर्फ डेविड (23), सुरेश गहलोत (33), रवि प्रजापति (26), हरजीत धनवानी (26), कृष्ण कुमार जयसवाल (21), सुरेश बेलानी (30), मिसवा उद्दीन (22), नीरज शाक्य (33) सभी भोपाल निवासी एवं पन्ना जिले के धरमपुर गांव के रहने वाले मनोज कुमार गुप्ता (39) को गिरफ्तार किया है. इसमें नीरज शाक्य भाजपा का स्थानीय नेता है. प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने बताया, 'इस अनैतिक कृत्य में नीरज शाक्य के शामिल होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने शाक्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया'. चौहान ने कहा, 'साइबर क्राइम पुलिस ने कल मध्यरात्रि के आसपास शहर के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर देह व्यापार में लिप्त नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें तीन ग्राहक हैं, जबकि छह देह व्यापार के सरगना हैं'. उन्होंने कहा कि यह छापा मुखबिर से मिली सूचना पर मारा गया और इन आरोपियों के चंगुल से नौकरी लगवाने के लिए बुलाई गई चार लड़कियों को मुक्त कराया गया है, जिनमें से महाराष्ट्र की दो लड़कियां हैं और मेघालय एवं मध्यप्रदेश के पन्ना की एक-एक लड़कियां हैं. इन सभी लड़कियों को फोन पर कॉल कर इसी फ्लैट में ही बुलाया गया था और नौकरी लगाने का आश्वासन दिया गया था. चौहान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए ये शातिर बदमाश उन लड़कियों की तलाश करते थे, जो नौकरी पाने के लिए अपने बायोडाटा को जॉब दिलाने वाली वेबसाइटों पर लोड करती थीं और नौकरी का आश्वासन देकर कम पढ़ी-लिखी एवं गरीब तबके की लड़कियों को होटल में रिसेप्शनिस्ट, ब्यूटी पार्लर एवं कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर फोन कर बुलाते थे और जाल में फंस जाने पर लड़कियों को देह व्यापार में धकेल देते थे. उन्होंने बताया कि इस मामले में सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी फरार है और उसकी तलाश जारी है. वह मूल रूप से मध्यप्रदेश के सतना जिले का रहने वाला है और वर्तमान में भोपाल में ही रह रहा था. उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत मामला दर्ज किया गया है. चौहान ने बताया कि मनोज इस गिरोह का मैनेजर है तथा मिसवा, सुरेश एवं हरजीत ग्राहक हैं, जबकि अन्य आरोपी लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाते थे. उन्होंने कहा कि यह रैकेट लगभग तीन महीने से चल रहा था. यह वेबसाइट दिल्ली में रजिस्टर्ड है और इसके मालिक को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द ही दिल्ली जाएगी. भोपाल के अलावा भी इनका रैकेट हो सकता है. चौहान ने बताया, 'हो सकता है कि यह गिरोह लड़कियों को होटल में आपूर्ति करता हो. इसके बदले में ग्राहकों से 1,500 रुपये लेते थे. इस गिरोह ने अब तक कितने ग्राहक बनाए हैं, उसका डाटा लेने का प्रयास पुलिस कर रही है.टिप्पणियां साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साइबर सेल के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया, 'साइबर क्राइम पुलिस भोपाल ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अश्लील वेबसाइट बनाकर कथित रूप से लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए ग्राहकों की बुकिंग करते थे तथा लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बुला कर उन्‍हें देह व्यापार में धकेल देते थे'. उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस ने दिनेश सिंह उर्फ डेविड (23), सुरेश गहलोत (33), रवि प्रजापति (26), हरजीत धनवानी (26), कृष्ण कुमार जयसवाल (21), सुरेश बेलानी (30), मिसवा उद्दीन (22), नीरज शाक्य (33) सभी भोपाल निवासी एवं पन्ना जिले के धरमपुर गांव के रहने वाले मनोज कुमार गुप्ता (39) को गिरफ्तार किया है. इसमें नीरज शाक्य भाजपा का स्थानीय नेता है. प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने बताया, 'इस अनैतिक कृत्य में नीरज शाक्य के शामिल होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने शाक्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया'. चौहान ने कहा, 'साइबर क्राइम पुलिस ने कल मध्यरात्रि के आसपास शहर के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर देह व्यापार में लिप्त नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें तीन ग्राहक हैं, जबकि छह देह व्यापार के सरगना हैं'. उन्होंने कहा कि यह छापा मुखबिर से मिली सूचना पर मारा गया और इन आरोपियों के चंगुल से नौकरी लगवाने के लिए बुलाई गई चार लड़कियों को मुक्त कराया गया है, जिनमें से महाराष्ट्र की दो लड़कियां हैं और मेघालय एवं मध्यप्रदेश के पन्ना की एक-एक लड़कियां हैं. इन सभी लड़कियों को फोन पर कॉल कर इसी फ्लैट में ही बुलाया गया था और नौकरी लगाने का आश्वासन दिया गया था. चौहान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए ये शातिर बदमाश उन लड़कियों की तलाश करते थे, जो नौकरी पाने के लिए अपने बायोडाटा को जॉब दिलाने वाली वेबसाइटों पर लोड करती थीं और नौकरी का आश्वासन देकर कम पढ़ी-लिखी एवं गरीब तबके की लड़कियों को होटल में रिसेप्शनिस्ट, ब्यूटी पार्लर एवं कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर फोन कर बुलाते थे और जाल में फंस जाने पर लड़कियों को देह व्यापार में धकेल देते थे. उन्होंने बताया कि इस मामले में सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी फरार है और उसकी तलाश जारी है. वह मूल रूप से मध्यप्रदेश के सतना जिले का रहने वाला है और वर्तमान में भोपाल में ही रह रहा था. उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत मामला दर्ज किया गया है. चौहान ने बताया कि मनोज इस गिरोह का मैनेजर है तथा मिसवा, सुरेश एवं हरजीत ग्राहक हैं, जबकि अन्य आरोपी लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाते थे. उन्होंने कहा कि यह रैकेट लगभग तीन महीने से चल रहा था. यह वेबसाइट दिल्ली में रजिस्टर्ड है और इसके मालिक को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द ही दिल्ली जाएगी. भोपाल के अलावा भी इनका रैकेट हो सकता है. चौहान ने बताया, 'हो सकता है कि यह गिरोह लड़कियों को होटल में आपूर्ति करता हो. इसके बदले में ग्राहकों से 1,500 रुपये लेते थे. इस गिरोह ने अब तक कितने ग्राहक बनाए हैं, उसका डाटा लेने का प्रयास पुलिस कर रही है.टिप्पणियां साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस ने दिनेश सिंह उर्फ डेविड (23), सुरेश गहलोत (33), रवि प्रजापति (26), हरजीत धनवानी (26), कृष्ण कुमार जयसवाल (21), सुरेश बेलानी (30), मिसवा उद्दीन (22), नीरज शाक्य (33) सभी भोपाल निवासी एवं पन्ना जिले के धरमपुर गांव के रहने वाले मनोज कुमार गुप्ता (39) को गिरफ्तार किया है. इसमें नीरज शाक्य भाजपा का स्थानीय नेता है. प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने बताया, 'इस अनैतिक कृत्य में नीरज शाक्य के शामिल होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने शाक्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया'. चौहान ने कहा, 'साइबर क्राइम पुलिस ने कल मध्यरात्रि के आसपास शहर के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर देह व्यापार में लिप्त नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें तीन ग्राहक हैं, जबकि छह देह व्यापार के सरगना हैं'. उन्होंने कहा कि यह छापा मुखबिर से मिली सूचना पर मारा गया और इन आरोपियों के चंगुल से नौकरी लगवाने के लिए बुलाई गई चार लड़कियों को मुक्त कराया गया है, जिनमें से महाराष्ट्र की दो लड़कियां हैं और मेघालय एवं मध्यप्रदेश के पन्ना की एक-एक लड़कियां हैं. इन सभी लड़कियों को फोन पर कॉल कर इसी फ्लैट में ही बुलाया गया था और नौकरी लगाने का आश्वासन दिया गया था. चौहान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए ये शातिर बदमाश उन लड़कियों की तलाश करते थे, जो नौकरी पाने के लिए अपने बायोडाटा को जॉब दिलाने वाली वेबसाइटों पर लोड करती थीं और नौकरी का आश्वासन देकर कम पढ़ी-लिखी एवं गरीब तबके की लड़कियों को होटल में रिसेप्शनिस्ट, ब्यूटी पार्लर एवं कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर फोन कर बुलाते थे और जाल में फंस जाने पर लड़कियों को देह व्यापार में धकेल देते थे. उन्होंने बताया कि इस मामले में सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी फरार है और उसकी तलाश जारी है. वह मूल रूप से मध्यप्रदेश के सतना जिले का रहने वाला है और वर्तमान में भोपाल में ही रह रहा था. उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत मामला दर्ज किया गया है. चौहान ने बताया कि मनोज इस गिरोह का मैनेजर है तथा मिसवा, सुरेश एवं हरजीत ग्राहक हैं, जबकि अन्य आरोपी लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाते थे. उन्होंने कहा कि यह रैकेट लगभग तीन महीने से चल रहा था. यह वेबसाइट दिल्ली में रजिस्टर्ड है और इसके मालिक को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द ही दिल्ली जाएगी. भोपाल के अलावा भी इनका रैकेट हो सकता है. चौहान ने बताया, 'हो सकता है कि यह गिरोह लड़कियों को होटल में आपूर्ति करता हो. इसके बदले में ग्राहकों से 1,500 रुपये लेते थे. इस गिरोह ने अब तक कितने ग्राहक बनाए हैं, उसका डाटा लेने का प्रयास पुलिस कर रही है.टिप्पणियां साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने बताया, 'इस अनैतिक कृत्य में नीरज शाक्य के शामिल होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने शाक्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया'. चौहान ने कहा, 'साइबर क्राइम पुलिस ने कल मध्यरात्रि के आसपास शहर के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर देह व्यापार में लिप्त नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें तीन ग्राहक हैं, जबकि छह देह व्यापार के सरगना हैं'. उन्होंने कहा कि यह छापा मुखबिर से मिली सूचना पर मारा गया और इन आरोपियों के चंगुल से नौकरी लगवाने के लिए बुलाई गई चार लड़कियों को मुक्त कराया गया है, जिनमें से महाराष्ट्र की दो लड़कियां हैं और मेघालय एवं मध्यप्रदेश के पन्ना की एक-एक लड़कियां हैं. इन सभी लड़कियों को फोन पर कॉल कर इसी फ्लैट में ही बुलाया गया था और नौकरी लगाने का आश्वासन दिया गया था. चौहान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए ये शातिर बदमाश उन लड़कियों की तलाश करते थे, जो नौकरी पाने के लिए अपने बायोडाटा को जॉब दिलाने वाली वेबसाइटों पर लोड करती थीं और नौकरी का आश्वासन देकर कम पढ़ी-लिखी एवं गरीब तबके की लड़कियों को होटल में रिसेप्शनिस्ट, ब्यूटी पार्लर एवं कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर फोन कर बुलाते थे और जाल में फंस जाने पर लड़कियों को देह व्यापार में धकेल देते थे. उन्होंने बताया कि इस मामले में सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी फरार है और उसकी तलाश जारी है. वह मूल रूप से मध्यप्रदेश के सतना जिले का रहने वाला है और वर्तमान में भोपाल में ही रह रहा था. उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत मामला दर्ज किया गया है. चौहान ने बताया कि मनोज इस गिरोह का मैनेजर है तथा मिसवा, सुरेश एवं हरजीत ग्राहक हैं, जबकि अन्य आरोपी लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाते थे. उन्होंने कहा कि यह रैकेट लगभग तीन महीने से चल रहा था. यह वेबसाइट दिल्ली में रजिस्टर्ड है और इसके मालिक को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द ही दिल्ली जाएगी. भोपाल के अलावा भी इनका रैकेट हो सकता है. चौहान ने बताया, 'हो सकता है कि यह गिरोह लड़कियों को होटल में आपूर्ति करता हो. इसके बदले में ग्राहकों से 1,500 रुपये लेते थे. इस गिरोह ने अब तक कितने ग्राहक बनाए हैं, उसका डाटा लेने का प्रयास पुलिस कर रही है.टिप्पणियां साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चौहान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए ये शातिर बदमाश उन लड़कियों की तलाश करते थे, जो नौकरी पाने के लिए अपने बायोडाटा को जॉब दिलाने वाली वेबसाइटों पर लोड करती थीं और नौकरी का आश्वासन देकर कम पढ़ी-लिखी एवं गरीब तबके की लड़कियों को होटल में रिसेप्शनिस्ट, ब्यूटी पार्लर एवं कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर फोन कर बुलाते थे और जाल में फंस जाने पर लड़कियों को देह व्यापार में धकेल देते थे. उन्होंने बताया कि इस मामले में सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी फरार है और उसकी तलाश जारी है. वह मूल रूप से मध्यप्रदेश के सतना जिले का रहने वाला है और वर्तमान में भोपाल में ही रह रहा था. उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत मामला दर्ज किया गया है. चौहान ने बताया कि मनोज इस गिरोह का मैनेजर है तथा मिसवा, सुरेश एवं हरजीत ग्राहक हैं, जबकि अन्य आरोपी लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाते थे. उन्होंने कहा कि यह रैकेट लगभग तीन महीने से चल रहा था. यह वेबसाइट दिल्ली में रजिस्टर्ड है और इसके मालिक को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द ही दिल्ली जाएगी. भोपाल के अलावा भी इनका रैकेट हो सकता है. चौहान ने बताया, 'हो सकता है कि यह गिरोह लड़कियों को होटल में आपूर्ति करता हो. इसके बदले में ग्राहकों से 1,500 रुपये लेते थे. इस गिरोह ने अब तक कितने ग्राहक बनाए हैं, उसका डाटा लेने का प्रयास पुलिस कर रही है.टिप्पणियां साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत मामला दर्ज किया गया है. चौहान ने बताया कि मनोज इस गिरोह का मैनेजर है तथा मिसवा, सुरेश एवं हरजीत ग्राहक हैं, जबकि अन्य आरोपी लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाते थे. उन्होंने कहा कि यह रैकेट लगभग तीन महीने से चल रहा था. यह वेबसाइट दिल्ली में रजिस्टर्ड है और इसके मालिक को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द ही दिल्ली जाएगी. भोपाल के अलावा भी इनका रैकेट हो सकता है. चौहान ने बताया, 'हो सकता है कि यह गिरोह लड़कियों को होटल में आपूर्ति करता हो. इसके बदले में ग्राहकों से 1,500 रुपये लेते थे. इस गिरोह ने अब तक कितने ग्राहक बनाए हैं, उसका डाटा लेने का प्रयास पुलिस कर रही है.टिप्पणियां साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि यह रैकेट लगभग तीन महीने से चल रहा था. यह वेबसाइट दिल्ली में रजिस्टर्ड है और इसके मालिक को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द ही दिल्ली जाएगी. भोपाल के अलावा भी इनका रैकेट हो सकता है. चौहान ने बताया, 'हो सकता है कि यह गिरोह लड़कियों को होटल में आपूर्ति करता हो. इसके बदले में ग्राहकों से 1,500 रुपये लेते थे. इस गिरोह ने अब तक कितने ग्राहक बनाए हैं, उसका डाटा लेने का प्रयास पुलिस कर रही है.टिप्पणियां साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चौहान ने बताया, 'हो सकता है कि यह गिरोह लड़कियों को होटल में आपूर्ति करता हो. इसके बदले में ग्राहकों से 1,500 रुपये लेते थे. इस गिरोह ने अब तक कितने ग्राहक बनाए हैं, उसका डाटा लेने का प्रयास पुलिस कर रही है.टिप्पणियां साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साइबर क्राइम पुलिस भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई कि एक अश्लील वेबसाइट 'भोपाल कॉल गर्ल डॉट इन' है, जो वेबसाइट बनाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से ग्राहकों से सम्पर्क करते हैं और लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए बुकिंग करते थे. जब पुलिस ने जांच की तो मालूम चला कि यह गिरोह भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहकर काम कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: भाजपा के एक स्थानीय नेता एवं तीन ग्राहकों सहित नौ व्यक्ति गिरफ्तार. इस मामले में एक आरोपी फरार है. साइबर क्राइम पुलिस भोपाल ने गिरोह का पर्दाफाश किया.
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्रिमंडल के आज हुए विस्तार में शिवसेना को कोई जगह नहीं मिलने के बाद भाजपा और उसके बीच खाई और बढ़ सकती है। शिवसेना ने भाजपा को परोक्ष धमकी दी है कि वह मुंबई नगर निगम के चुनावों और महाराष्ट्र में अन्य स्थानीय निकाय चुनावों में इस बात को ध्यान में रखेगी। शिवसेना ने कहा कि भाजपा ने उसे तवज्जो नहीं दी है। पार्टी ने कहा कि वह अपने साथ हुए बर्ताव से आहत महसूस कर रही है, लेकिन वह किसी से कृपादृष्टि के लिए भीख नहीं मांगेगी। शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कायांदे ने कहा, 'पार्टी की राय है कि हम किसी मंत्री पद के लिए भाजपा से भीख नहीं मांगेंगे। अगर वे हमें सम्मान के साथ और हमारी मांगों के अनुरूप मंत्री पद देते हैं तो ठीक है। हमारी कुछ विशेष मांगें थीं, जिनके लिए हमने कहा था अथवा फिर हमें उनसे कोई मंत्री पद नहीं चाहिए।' उन्होंने कहा कि 'महाराष्ट्र में उनकी पार्टी का आधार और मजबूत हो रहा है तथा दूसरे राजनीतिक दलों के लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। इसका परिणाम अगले साल होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम के तथा अन्य स्थानीय निकाय चुनावों में दिखाई देगा।' मनीषा ने कहा, 'मोदीजी कह रहे हैं कि वह क्षमता और प्रतिभा के आधार पर अपने मंत्रियों का चुनाव करेंगे ताकि वे अच्छा काम कर सकें। क्या उन्हें शिवसेना में कोई प्रतिभाशाली व्यक्ति नहीं दिखाई दिया? हम आज के विस्तार से आहत हैं और हमारे सहयोगी द्वारा हमारे साथ किए गए बर्ताव को भविष्य में होने वाले कई स्थानीय निकाय चुनावों में ध्यान में रखेंगे।' मनीषा ने कहा, 'जब भी शिवसेना और भाजपा के बीच तकरार हुई तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि हमारी समस्याएं आंतरिक हैं, जैसी एक घर में रहने वाले सदस्यों के बीच होती हैं। आज वे अपने ही घर के सदस्यों को भूल गए और हमें महत्व नहीं दिया?' शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कल कहा था कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार पर उनके साथ कोई बातचीत नहीं की है और उनकी पार्टी कृपादृष्टि के लिए किसी के दरवाजे पर जाकर नहीं खड़ी होगी।' शिवसेना अध्यक्ष ने संकेतात्मक अंदाज में कहा था कि '2014 में राजग के सत्ता में आने के बाद भी उनकी पार्टी को उचित जगह नहीं मिली।'टिप्पणियां केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना से एकमात्र प्रतिनिधि अनंत गीते हैं जो भारी उद्योग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। पिछले कुछ महीने से शिवसेना ने भाजपा पर और राजग सरकार की नीतियों पर हमले तेज कर दिए, जिनमें अधिकतर उसके मुखपत्र सामना के माध्यम से किए गए और अक्‍सर उनमें भाजपा पर चुटकी ली जाती है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कायांदे ने कहा, 'पार्टी की राय है कि हम किसी मंत्री पद के लिए भाजपा से भीख नहीं मांगेंगे। अगर वे हमें सम्मान के साथ और हमारी मांगों के अनुरूप मंत्री पद देते हैं तो ठीक है। हमारी कुछ विशेष मांगें थीं, जिनके लिए हमने कहा था अथवा फिर हमें उनसे कोई मंत्री पद नहीं चाहिए।' उन्होंने कहा कि 'महाराष्ट्र में उनकी पार्टी का आधार और मजबूत हो रहा है तथा दूसरे राजनीतिक दलों के लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। इसका परिणाम अगले साल होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम के तथा अन्य स्थानीय निकाय चुनावों में दिखाई देगा।' मनीषा ने कहा, 'मोदीजी कह रहे हैं कि वह क्षमता और प्रतिभा के आधार पर अपने मंत्रियों का चुनाव करेंगे ताकि वे अच्छा काम कर सकें। क्या उन्हें शिवसेना में कोई प्रतिभाशाली व्यक्ति नहीं दिखाई दिया? हम आज के विस्तार से आहत हैं और हमारे सहयोगी द्वारा हमारे साथ किए गए बर्ताव को भविष्य में होने वाले कई स्थानीय निकाय चुनावों में ध्यान में रखेंगे।' मनीषा ने कहा, 'जब भी शिवसेना और भाजपा के बीच तकरार हुई तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि हमारी समस्याएं आंतरिक हैं, जैसी एक घर में रहने वाले सदस्यों के बीच होती हैं। आज वे अपने ही घर के सदस्यों को भूल गए और हमें महत्व नहीं दिया?' शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कल कहा था कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार पर उनके साथ कोई बातचीत नहीं की है और उनकी पार्टी कृपादृष्टि के लिए किसी के दरवाजे पर जाकर नहीं खड़ी होगी।' शिवसेना अध्यक्ष ने संकेतात्मक अंदाज में कहा था कि '2014 में राजग के सत्ता में आने के बाद भी उनकी पार्टी को उचित जगह नहीं मिली।'टिप्पणियां केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना से एकमात्र प्रतिनिधि अनंत गीते हैं जो भारी उद्योग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। पिछले कुछ महीने से शिवसेना ने भाजपा पर और राजग सरकार की नीतियों पर हमले तेज कर दिए, जिनमें अधिकतर उसके मुखपत्र सामना के माध्यम से किए गए और अक्‍सर उनमें भाजपा पर चुटकी ली जाती है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मनीषा ने कहा, 'मोदीजी कह रहे हैं कि वह क्षमता और प्रतिभा के आधार पर अपने मंत्रियों का चुनाव करेंगे ताकि वे अच्छा काम कर सकें। क्या उन्हें शिवसेना में कोई प्रतिभाशाली व्यक्ति नहीं दिखाई दिया? हम आज के विस्तार से आहत हैं और हमारे सहयोगी द्वारा हमारे साथ किए गए बर्ताव को भविष्य में होने वाले कई स्थानीय निकाय चुनावों में ध्यान में रखेंगे।' मनीषा ने कहा, 'जब भी शिवसेना और भाजपा के बीच तकरार हुई तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि हमारी समस्याएं आंतरिक हैं, जैसी एक घर में रहने वाले सदस्यों के बीच होती हैं। आज वे अपने ही घर के सदस्यों को भूल गए और हमें महत्व नहीं दिया?' शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कल कहा था कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार पर उनके साथ कोई बातचीत नहीं की है और उनकी पार्टी कृपादृष्टि के लिए किसी के दरवाजे पर जाकर नहीं खड़ी होगी।' शिवसेना अध्यक्ष ने संकेतात्मक अंदाज में कहा था कि '2014 में राजग के सत्ता में आने के बाद भी उनकी पार्टी को उचित जगह नहीं मिली।'टिप्पणियां केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना से एकमात्र प्रतिनिधि अनंत गीते हैं जो भारी उद्योग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। पिछले कुछ महीने से शिवसेना ने भाजपा पर और राजग सरकार की नीतियों पर हमले तेज कर दिए, जिनमें अधिकतर उसके मुखपत्र सामना के माध्यम से किए गए और अक्‍सर उनमें भाजपा पर चुटकी ली जाती है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मनीषा ने कहा, 'जब भी शिवसेना और भाजपा के बीच तकरार हुई तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि हमारी समस्याएं आंतरिक हैं, जैसी एक घर में रहने वाले सदस्यों के बीच होती हैं। आज वे अपने ही घर के सदस्यों को भूल गए और हमें महत्व नहीं दिया?' शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कल कहा था कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार पर उनके साथ कोई बातचीत नहीं की है और उनकी पार्टी कृपादृष्टि के लिए किसी के दरवाजे पर जाकर नहीं खड़ी होगी।' शिवसेना अध्यक्ष ने संकेतात्मक अंदाज में कहा था कि '2014 में राजग के सत्ता में आने के बाद भी उनकी पार्टी को उचित जगह नहीं मिली।'टिप्पणियां केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना से एकमात्र प्रतिनिधि अनंत गीते हैं जो भारी उद्योग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। पिछले कुछ महीने से शिवसेना ने भाजपा पर और राजग सरकार की नीतियों पर हमले तेज कर दिए, जिनमें अधिकतर उसके मुखपत्र सामना के माध्यम से किए गए और अक्‍सर उनमें भाजपा पर चुटकी ली जाती है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कल कहा था कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार पर उनके साथ कोई बातचीत नहीं की है और उनकी पार्टी कृपादृष्टि के लिए किसी के दरवाजे पर जाकर नहीं खड़ी होगी।' शिवसेना अध्यक्ष ने संकेतात्मक अंदाज में कहा था कि '2014 में राजग के सत्ता में आने के बाद भी उनकी पार्टी को उचित जगह नहीं मिली।'टिप्पणियां केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना से एकमात्र प्रतिनिधि अनंत गीते हैं जो भारी उद्योग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। पिछले कुछ महीने से शिवसेना ने भाजपा पर और राजग सरकार की नीतियों पर हमले तेज कर दिए, जिनमें अधिकतर उसके मुखपत्र सामना के माध्यम से किए गए और अक्‍सर उनमें भाजपा पर चुटकी ली जाती है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना से एकमात्र प्रतिनिधि अनंत गीते हैं जो भारी उद्योग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। पिछले कुछ महीने से शिवसेना ने भाजपा पर और राजग सरकार की नीतियों पर हमले तेज कर दिए, जिनमें अधिकतर उसके मुखपत्र सामना के माध्यम से किए गए और अक्‍सर उनमें भाजपा पर चुटकी ली जाती है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपने साथ हुए बर्ताव से आहत महसूस कर रहे हैं : शिवसेना पार्टी की राय- 'हम किसी मंत्री पद के लिए भाजपा से भीख नहीं मांगेंगे'। क्या मोदी जी को शिवसेना में कोई प्रतिभाशाली व्यक्ति नहीं दिखा : प्रवक्‍ता
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: एएनआई से पारस ने कहा, 'हम लोग वही मांग रहे है जिन पर हमारा अधिकार है. हम लोग एनडीए के ईमानदार पार्टनर हैं. हम उतनी ही सीटें मांग रहे हैं, जितनी पर साल 2014 में चुनाव लड़े थे. हमें झारखंड और उत्तर प्रदेश में सीटें चाहिएं, क्योंकि हमारा वोटबैंक इन राज्यों में भी है. समय निकला जा रहा है. हम चाह रहे हैं कि अमित शाह इस पर 31 दिसंबर तक फैसला करें. हम चाहते हैं कि भाजपा गठबंधन की पवित्रता बनाए रखे.' वहीं सूत्रों के अनुसार लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने बीजेपी को अल्टीमेटम देते हुए किसान और गरीबों के लिए कुछ करने को कहा है. लोजपा ने कहा कि अगर सरकार अगले सप्ताह भर के भीतर कोई फैसला नहीं लेती है तो उनकी पार्टी एनडीए (NDA) से अलग होने पर विचार कर सकती है. पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने जो ट्वीट किया है वह सोच समझकर किया गया है. इस ट्वीट की वजह एनडीए (NDA) के सहयोगी दलों की चिंता को लगातार नजरअंदाज करने को भी बताया जा रहा है. एनडीए (NDA) के सहयोगी दलों को लगता है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ जमीन पर नहीं पहुंच पाया है. आलम यह है कि देश में किसान और गरीब परेशान हैं. लोजपा यह साफ कर देना चाहती है कि बीजेपी (BJP) इस दवाब की राजनीति के तौर पर न ले. अगर देश में हालात ऐसे ही रहे तो वह लोजपा सरकार से बाहर हो सकती है. लोजपा से जुड़े सूत्रों के लिए पार्टी के लिए सीट शेयरिंग मसला नहीं है लेकिन मुद्दा यह है कि वह जनता के बीच सरकार की कौन सी उपलब्धि गिनाए ये समझ नहीं आ रहा है. ध्यान हो कि बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर अभी तक बीजेपी ने अपनी स्थिति साफ नहीं की है. और इसे भी एक वजह बताते हुए बिहार में एनडीए के सहयोगी रहे उपेंद्र कुशवाहा ने कुछ दिन पहले ही एनडीए से अलग होने का ऐलान किया था.  कुशवाहा के अलावा राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा का कहना है. 'वे एनडीए मैं असहज महसूस कर रहे हैं. जब ऐसे ट्वीट और बयान एलजेपी से आएं तो आप समझ लीजिए कि वक्त बदलाव का है.'
एनडीए में एक और बगावत के संकेत! यूपी और झारखंड में मांगी सीटें कहा- इन राज्यों में भी हमारा वोटबैंक
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: काम के दौरान या कार्यस्थल पर सेक्सी जोक सुनाना और फिर यह कहना कि सिर्फ मजाक कर रहे हैं, पुरुष प्रभाव वाले कार्यस्थलों पर काफी देखने को मिलता है। एक नए शोध का कहना है कि यह महिलाओं के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और उनकी सफलता की गुंजाइश कम करता है। ‘मेलबर्न बिजनेस स्कूल’ की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों में यौन प्रताड़ना या उत्पीड़न से निपटने के लिए तो कानून हैं लेकिन ऐसे सेक्सी जोक सुनाने, ऐसी बातें बोलने और ऐसा व्यवहार करने वालों को नियंत्रित करने के लिए कोई नियम नहीं है।टिप्पणियां रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि कंपनियों को ऐसी बातों और घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए ‘जोक नहीं सुनाने या इस तरह का मजाक नहीं करने’ की नीति अपनानी चाहिए। ‘न्यूज डॉट कॉम डॉट एयू’ ने रिपोर्ट के लेखक विक्टर रोजो के हवाले से कहा है, ‘‘सामान्य लोगों के बीच अभी भी यह विचार है कि सेक्सी जोक सुनाने या इस तरह की अन्य बातें करना आम बात है।’’ ‘मेलबर्न बिजनेस स्कूल’ की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों में यौन प्रताड़ना या उत्पीड़न से निपटने के लिए तो कानून हैं लेकिन ऐसे सेक्सी जोक सुनाने, ऐसी बातें बोलने और ऐसा व्यवहार करने वालों को नियंत्रित करने के लिए कोई नियम नहीं है।टिप्पणियां रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि कंपनियों को ऐसी बातों और घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए ‘जोक नहीं सुनाने या इस तरह का मजाक नहीं करने’ की नीति अपनानी चाहिए। ‘न्यूज डॉट कॉम डॉट एयू’ ने रिपोर्ट के लेखक विक्टर रोजो के हवाले से कहा है, ‘‘सामान्य लोगों के बीच अभी भी यह विचार है कि सेक्सी जोक सुनाने या इस तरह की अन्य बातें करना आम बात है।’’ रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि कंपनियों को ऐसी बातों और घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए ‘जोक नहीं सुनाने या इस तरह का मजाक नहीं करने’ की नीति अपनानी चाहिए। ‘न्यूज डॉट कॉम डॉट एयू’ ने रिपोर्ट के लेखक विक्टर रोजो के हवाले से कहा है, ‘‘सामान्य लोगों के बीच अभी भी यह विचार है कि सेक्सी जोक सुनाने या इस तरह की अन्य बातें करना आम बात है।’’ ‘न्यूज डॉट कॉम डॉट एयू’ ने रिपोर्ट के लेखक विक्टर रोजो के हवाले से कहा है, ‘‘सामान्य लोगों के बीच अभी भी यह विचार है कि सेक्सी जोक सुनाने या इस तरह की अन्य बातें करना आम बात है।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नए शोध का कहना है कि यह महिलाओं के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और उनकी सफलता की गुंजाइश कम करता है।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के भावी उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप पर साल 2008 में डेमोक्रेटिक कन्वेंशन में बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा द्वारा दिए गए भाषण के अंशों की चोरी आरोप लगा है। इसके बाद मेलानिया ने इस पर सफाई दी है। एनबीसी न्यूज की मंगलवार की एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। मेलानिया ने एनबीसी के टुडे शो में कहा है कि उन्होंने इस भाषण का अधिकांश हिस्सा खुद लिखा है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने भाषण का अभ्यास किया था, उन्होंने शो के मेजबान मैट लाउर से कहा, 'मैंने उसे एक बार पढ़ा था, बस। मैंने इसे बेहद कम मदद लेकर खुद लिखा था।' सोमवार रात रिपब्लिकन कन्वेंशन के पहले दिन मेलानिया के भाषण का दो पैराग्राफ मिशेल ओबामा द्वारा दिए गए भाषण से मिलता है। भाषण में उन्होंने कड़ी मेहनत के मूल्यों का विकास कर उसे अपने बच्चों में डालने की बात की है, जो मिशेल ओबामा द्वारा साल 2008 में दिए गए भाषण से काफी हद तक मिलती है। एनबीसी के मुताबिक, अपने भाषण में मेलानिया ने कहा, 'मेरे माता-पिता ने मुझे इस बात से प्रभावित किया कि आप जीवन में जो भी बनना चाहते हैं, उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी है। आपका काम ही आपकी पहचान है और आप जो कहते हैं, वही करते हैं। और, अपना वादा हमेशा पूरा करें। आप लोगों के साथ आदर से पेश आएं।' मिशेल ओबामा ने अपने भाषण में कहा था, 'बराक और मैं कुल मिलाकर एक ही मूल्यों के साथ पले बढ़े। आपको अपने जीवन में जो भी बनना है, उसके लिए कड़ी मेहनत करनी है, आपकी बात ही आपकी पहचान है और आप वही करते हैं, जो कहते हैं और वही कहने जा रहे हैं। भले ही आप किसी को नहीं जानते हों या किसी से सहमत नहीं हों, आपको लोगों के साथ सम्मान व आदर से पेश आना चाहिए।' एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और उन्होंने अपनी पत्नी के भाषण की ट्विटर पर प्रशंसा की है।टिप्पणियां तीन दिवसीय कन्वेंशन ओहियो के क्लीवलैंड में सोमवार रात शुरू हुआ, जिसमें देश के 50 राज्यों, कोलंबिया जिला तथा पांच अमेरिकी अधिकार वाले क्षेत्रों के लगभग पांच हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एनबीसी न्यूज की मंगलवार की एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। मेलानिया ने एनबीसी के टुडे शो में कहा है कि उन्होंने इस भाषण का अधिकांश हिस्सा खुद लिखा है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने भाषण का अभ्यास किया था, उन्होंने शो के मेजबान मैट लाउर से कहा, 'मैंने उसे एक बार पढ़ा था, बस। मैंने इसे बेहद कम मदद लेकर खुद लिखा था।' सोमवार रात रिपब्लिकन कन्वेंशन के पहले दिन मेलानिया के भाषण का दो पैराग्राफ मिशेल ओबामा द्वारा दिए गए भाषण से मिलता है। भाषण में उन्होंने कड़ी मेहनत के मूल्यों का विकास कर उसे अपने बच्चों में डालने की बात की है, जो मिशेल ओबामा द्वारा साल 2008 में दिए गए भाषण से काफी हद तक मिलती है। एनबीसी के मुताबिक, अपने भाषण में मेलानिया ने कहा, 'मेरे माता-पिता ने मुझे इस बात से प्रभावित किया कि आप जीवन में जो भी बनना चाहते हैं, उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी है। आपका काम ही आपकी पहचान है और आप जो कहते हैं, वही करते हैं। और, अपना वादा हमेशा पूरा करें। आप लोगों के साथ आदर से पेश आएं।' मिशेल ओबामा ने अपने भाषण में कहा था, 'बराक और मैं कुल मिलाकर एक ही मूल्यों के साथ पले बढ़े। आपको अपने जीवन में जो भी बनना है, उसके लिए कड़ी मेहनत करनी है, आपकी बात ही आपकी पहचान है और आप वही करते हैं, जो कहते हैं और वही कहने जा रहे हैं। भले ही आप किसी को नहीं जानते हों या किसी से सहमत नहीं हों, आपको लोगों के साथ सम्मान व आदर से पेश आना चाहिए।' एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और उन्होंने अपनी पत्नी के भाषण की ट्विटर पर प्रशंसा की है।टिप्पणियां तीन दिवसीय कन्वेंशन ओहियो के क्लीवलैंड में सोमवार रात शुरू हुआ, जिसमें देश के 50 राज्यों, कोलंबिया जिला तथा पांच अमेरिकी अधिकार वाले क्षेत्रों के लगभग पांच हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सोमवार रात रिपब्लिकन कन्वेंशन के पहले दिन मेलानिया के भाषण का दो पैराग्राफ मिशेल ओबामा द्वारा दिए गए भाषण से मिलता है। भाषण में उन्होंने कड़ी मेहनत के मूल्यों का विकास कर उसे अपने बच्चों में डालने की बात की है, जो मिशेल ओबामा द्वारा साल 2008 में दिए गए भाषण से काफी हद तक मिलती है। एनबीसी के मुताबिक, अपने भाषण में मेलानिया ने कहा, 'मेरे माता-पिता ने मुझे इस बात से प्रभावित किया कि आप जीवन में जो भी बनना चाहते हैं, उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी है। आपका काम ही आपकी पहचान है और आप जो कहते हैं, वही करते हैं। और, अपना वादा हमेशा पूरा करें। आप लोगों के साथ आदर से पेश आएं।' मिशेल ओबामा ने अपने भाषण में कहा था, 'बराक और मैं कुल मिलाकर एक ही मूल्यों के साथ पले बढ़े। आपको अपने जीवन में जो भी बनना है, उसके लिए कड़ी मेहनत करनी है, आपकी बात ही आपकी पहचान है और आप वही करते हैं, जो कहते हैं और वही कहने जा रहे हैं। भले ही आप किसी को नहीं जानते हों या किसी से सहमत नहीं हों, आपको लोगों के साथ सम्मान व आदर से पेश आना चाहिए।' एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और उन्होंने अपनी पत्नी के भाषण की ट्विटर पर प्रशंसा की है।टिप्पणियां तीन दिवसीय कन्वेंशन ओहियो के क्लीवलैंड में सोमवार रात शुरू हुआ, जिसमें देश के 50 राज्यों, कोलंबिया जिला तथा पांच अमेरिकी अधिकार वाले क्षेत्रों के लगभग पांच हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एनबीसी के मुताबिक, अपने भाषण में मेलानिया ने कहा, 'मेरे माता-पिता ने मुझे इस बात से प्रभावित किया कि आप जीवन में जो भी बनना चाहते हैं, उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी है। आपका काम ही आपकी पहचान है और आप जो कहते हैं, वही करते हैं। और, अपना वादा हमेशा पूरा करें। आप लोगों के साथ आदर से पेश आएं।' मिशेल ओबामा ने अपने भाषण में कहा था, 'बराक और मैं कुल मिलाकर एक ही मूल्यों के साथ पले बढ़े। आपको अपने जीवन में जो भी बनना है, उसके लिए कड़ी मेहनत करनी है, आपकी बात ही आपकी पहचान है और आप वही करते हैं, जो कहते हैं और वही कहने जा रहे हैं। भले ही आप किसी को नहीं जानते हों या किसी से सहमत नहीं हों, आपको लोगों के साथ सम्मान व आदर से पेश आना चाहिए।' एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और उन्होंने अपनी पत्नी के भाषण की ट्विटर पर प्रशंसा की है।टिप्पणियां तीन दिवसीय कन्वेंशन ओहियो के क्लीवलैंड में सोमवार रात शुरू हुआ, जिसमें देश के 50 राज्यों, कोलंबिया जिला तथा पांच अमेरिकी अधिकार वाले क्षेत्रों के लगभग पांच हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मिशेल ओबामा ने अपने भाषण में कहा था, 'बराक और मैं कुल मिलाकर एक ही मूल्यों के साथ पले बढ़े। आपको अपने जीवन में जो भी बनना है, उसके लिए कड़ी मेहनत करनी है, आपकी बात ही आपकी पहचान है और आप वही करते हैं, जो कहते हैं और वही कहने जा रहे हैं। भले ही आप किसी को नहीं जानते हों या किसी से सहमत नहीं हों, आपको लोगों के साथ सम्मान व आदर से पेश आना चाहिए।' एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और उन्होंने अपनी पत्नी के भाषण की ट्विटर पर प्रशंसा की है।टिप्पणियां तीन दिवसीय कन्वेंशन ओहियो के क्लीवलैंड में सोमवार रात शुरू हुआ, जिसमें देश के 50 राज्यों, कोलंबिया जिला तथा पांच अमेरिकी अधिकार वाले क्षेत्रों के लगभग पांच हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और उन्होंने अपनी पत्नी के भाषण की ट्विटर पर प्रशंसा की है।टिप्पणियां तीन दिवसीय कन्वेंशन ओहियो के क्लीवलैंड में सोमवार रात शुरू हुआ, जिसमें देश के 50 राज्यों, कोलंबिया जिला तथा पांच अमेरिकी अधिकार वाले क्षेत्रों के लगभग पांच हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तीन दिवसीय कन्वेंशन ओहियो के क्लीवलैंड में सोमवार रात शुरू हुआ, जिसमें देश के 50 राज्यों, कोलंबिया जिला तथा पांच अमेरिकी अधिकार वाले क्षेत्रों के लगभग पांच हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: मिशेल ओबामा ने साल 2008 में डेमोक्रेटिक कन्वेंशन में दिया था भाषण रिपब्लिकन कन्वेंशन में मेलानिया के भाषण का दो पैरा मिशेल के भाषण जैसा एनबीसी न्यूज के अनुसार, मेलानिया उस भाषण से मदद की बात स्वीकारी
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अजिंक्य रहाणे के भारत के 13 टेस्ट के आगामी व्यस्त घरेलू दौर में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है लेकिन इस बल्लेबाज ने कहा कि वह काफी आगे के बारे में नहीं सोचना चाहता क्योंकि इससे आपकी मानसिकता प्रभावित हो सकती है. इसके साथ ही रहाणे का मानना है कि मुख्य कोच अनिल कुंबले के जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती. रहाणे ने कहा, ‘मुझे पता है कि हमारे सामने एक काम है लेकिन मैं कभी लक्ष्य पहले से निर्धारित नहीं करता. मेरा मानना है कि लक्ष्य तय करना आपको भविष्य में काफी आगे तक ले जाता है. काफी आगे के बारे में सोचने से आपनी मानसिकता प्रभावित हो सकती है. इसकी जगह मैं एक बार के एक दिन के बारे में सोचता हूं. फिलहाल ध्यान न्यूजीलैंड सीरीज पर है.’ रहाणे ने हमेशा किसी विशेष टीम के खिलाफ होमवर्क करने पर जोर दिया है और इस महीने जब न्यूजीलैंड की टीम तीन टेस्ट और पांच वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारत आएगी तो स्थिति अलग नहीं होगी. रहाणे ने कहा, ‘मैं हमेशा अपनी बल्लेबाजी को लेकर अपने बचपन के कोच प्रवीण आमरे से चर्चा करता हूं. इस बार भी स्थिति अलग नहीं होगी. बेशक हर सीरीज की तैयारी कुछ अलग होती है,  लेकिन आप सीरीज की शुरुआत से पहले कभी अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करते. अहम यह है कि आप हमेशा विरोधी से तीन कदम आगे रहो.’रहाणे ने न्यूजीलैंड के आक्रमण को अच्छा करार दिया. इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘यह अच्छा आक्रमण है. उनके पास ट्रेंट बोल्ट है, मिच सेंटनर अैर ईश सोढ़ी जैसे अच्छे स्पिनर भी हैं. हम कोताही नहीं बरत सकते.’ अलग-अलग भार के बल्लों के इस्तेमाल पर रहाणे ने कहा कि वह हमेशा समान भार के बल्ले का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘मेलबर्न हो या मुंबई, मैं कभी अपने बल्लों के भार से छेड़छाड़ नहीं करता. दुनियाभर की पिचों के अलग-अलग उछाल के बावजूद इसमें बदलाव नहीं करता.’ रहाणे ने वेस्टइंडीज में हाल में संपन्न सीरीज में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से 243 रन बनाए थे. उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा सुधार के लिए कोशिश करता हूं और मैं कैरेबियाई सरजमीं पर अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं. मैं विशेष रूप से ड्यूक की लाल गेंद से खेलने की तैयारी की है.’ रहाणे ने कहा, ‘लाल ड्यूक गेंद से खेलना कूकाबूरा से खेलने से अलग होता है क्योंकि अन्य की तुलना में गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है. इसके लिए आपको शरीर के करीब और जितना देर से संभव हो उतना देर से खेलना होता है. मैं अपने खेल से खुश हूं. अगर हम 3-0 से जीत दर्ज करते तो शानदार होता लेकिन आप मौसम पर नियंत्रण नहीं रख सकते.’टिप्पणियां कोच अनिल कुंबले के बारे में रहाणे ने कहा, ‘उनके (कुंबले के) पास शानदार जानकारी है. वह लगभग आठ साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि कुछ बदला है. उनके जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती. हर मिनट होने वाली चीज पर उनकी नजर होती है. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छा कर रहा हूं और प्रदर्शन में निरंतरता के लिए बेसिक्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रहाणे ने कहा, ‘मुझे पता है कि हमारे सामने एक काम है लेकिन मैं कभी लक्ष्य पहले से निर्धारित नहीं करता. मेरा मानना है कि लक्ष्य तय करना आपको भविष्य में काफी आगे तक ले जाता है. काफी आगे के बारे में सोचने से आपनी मानसिकता प्रभावित हो सकती है. इसकी जगह मैं एक बार के एक दिन के बारे में सोचता हूं. फिलहाल ध्यान न्यूजीलैंड सीरीज पर है.’ रहाणे ने हमेशा किसी विशेष टीम के खिलाफ होमवर्क करने पर जोर दिया है और इस महीने जब न्यूजीलैंड की टीम तीन टेस्ट और पांच वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारत आएगी तो स्थिति अलग नहीं होगी. रहाणे ने कहा, ‘मैं हमेशा अपनी बल्लेबाजी को लेकर अपने बचपन के कोच प्रवीण आमरे से चर्चा करता हूं. इस बार भी स्थिति अलग नहीं होगी. बेशक हर सीरीज की तैयारी कुछ अलग होती है,  लेकिन आप सीरीज की शुरुआत से पहले कभी अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करते. अहम यह है कि आप हमेशा विरोधी से तीन कदम आगे रहो.’रहाणे ने न्यूजीलैंड के आक्रमण को अच्छा करार दिया. इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘यह अच्छा आक्रमण है. उनके पास ट्रेंट बोल्ट है, मिच सेंटनर अैर ईश सोढ़ी जैसे अच्छे स्पिनर भी हैं. हम कोताही नहीं बरत सकते.’ अलग-अलग भार के बल्लों के इस्तेमाल पर रहाणे ने कहा कि वह हमेशा समान भार के बल्ले का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘मेलबर्न हो या मुंबई, मैं कभी अपने बल्लों के भार से छेड़छाड़ नहीं करता. दुनियाभर की पिचों के अलग-अलग उछाल के बावजूद इसमें बदलाव नहीं करता.’ रहाणे ने वेस्टइंडीज में हाल में संपन्न सीरीज में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से 243 रन बनाए थे. उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा सुधार के लिए कोशिश करता हूं और मैं कैरेबियाई सरजमीं पर अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं. मैं विशेष रूप से ड्यूक की लाल गेंद से खेलने की तैयारी की है.’ रहाणे ने कहा, ‘लाल ड्यूक गेंद से खेलना कूकाबूरा से खेलने से अलग होता है क्योंकि अन्य की तुलना में गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है. इसके लिए आपको शरीर के करीब और जितना देर से संभव हो उतना देर से खेलना होता है. मैं अपने खेल से खुश हूं. अगर हम 3-0 से जीत दर्ज करते तो शानदार होता लेकिन आप मौसम पर नियंत्रण नहीं रख सकते.’टिप्पणियां कोच अनिल कुंबले के बारे में रहाणे ने कहा, ‘उनके (कुंबले के) पास शानदार जानकारी है. वह लगभग आठ साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि कुछ बदला है. उनके जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती. हर मिनट होने वाली चीज पर उनकी नजर होती है. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छा कर रहा हूं और प्रदर्शन में निरंतरता के लिए बेसिक्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रहाणे ने कहा, ‘मैं हमेशा अपनी बल्लेबाजी को लेकर अपने बचपन के कोच प्रवीण आमरे से चर्चा करता हूं. इस बार भी स्थिति अलग नहीं होगी. बेशक हर सीरीज की तैयारी कुछ अलग होती है,  लेकिन आप सीरीज की शुरुआत से पहले कभी अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करते. अहम यह है कि आप हमेशा विरोधी से तीन कदम आगे रहो.’रहाणे ने न्यूजीलैंड के आक्रमण को अच्छा करार दिया. इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘यह अच्छा आक्रमण है. उनके पास ट्रेंट बोल्ट है, मिच सेंटनर अैर ईश सोढ़ी जैसे अच्छे स्पिनर भी हैं. हम कोताही नहीं बरत सकते.’ अलग-अलग भार के बल्लों के इस्तेमाल पर रहाणे ने कहा कि वह हमेशा समान भार के बल्ले का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘मेलबर्न हो या मुंबई, मैं कभी अपने बल्लों के भार से छेड़छाड़ नहीं करता. दुनियाभर की पिचों के अलग-अलग उछाल के बावजूद इसमें बदलाव नहीं करता.’ रहाणे ने वेस्टइंडीज में हाल में संपन्न सीरीज में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से 243 रन बनाए थे. उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा सुधार के लिए कोशिश करता हूं और मैं कैरेबियाई सरजमीं पर अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं. मैं विशेष रूप से ड्यूक की लाल गेंद से खेलने की तैयारी की है.’ रहाणे ने कहा, ‘लाल ड्यूक गेंद से खेलना कूकाबूरा से खेलने से अलग होता है क्योंकि अन्य की तुलना में गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है. इसके लिए आपको शरीर के करीब और जितना देर से संभव हो उतना देर से खेलना होता है. मैं अपने खेल से खुश हूं. अगर हम 3-0 से जीत दर्ज करते तो शानदार होता लेकिन आप मौसम पर नियंत्रण नहीं रख सकते.’टिप्पणियां कोच अनिल कुंबले के बारे में रहाणे ने कहा, ‘उनके (कुंबले के) पास शानदार जानकारी है. वह लगभग आठ साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि कुछ बदला है. उनके जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती. हर मिनट होने वाली चीज पर उनकी नजर होती है. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छा कर रहा हूं और प्रदर्शन में निरंतरता के लिए बेसिक्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘यह अच्छा आक्रमण है. उनके पास ट्रेंट बोल्ट है, मिच सेंटनर अैर ईश सोढ़ी जैसे अच्छे स्पिनर भी हैं. हम कोताही नहीं बरत सकते.’ अलग-अलग भार के बल्लों के इस्तेमाल पर रहाणे ने कहा कि वह हमेशा समान भार के बल्ले का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘मेलबर्न हो या मुंबई, मैं कभी अपने बल्लों के भार से छेड़छाड़ नहीं करता. दुनियाभर की पिचों के अलग-अलग उछाल के बावजूद इसमें बदलाव नहीं करता.’ रहाणे ने वेस्टइंडीज में हाल में संपन्न सीरीज में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से 243 रन बनाए थे. उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा सुधार के लिए कोशिश करता हूं और मैं कैरेबियाई सरजमीं पर अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं. मैं विशेष रूप से ड्यूक की लाल गेंद से खेलने की तैयारी की है.’ रहाणे ने कहा, ‘लाल ड्यूक गेंद से खेलना कूकाबूरा से खेलने से अलग होता है क्योंकि अन्य की तुलना में गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है. इसके लिए आपको शरीर के करीब और जितना देर से संभव हो उतना देर से खेलना होता है. मैं अपने खेल से खुश हूं. अगर हम 3-0 से जीत दर्ज करते तो शानदार होता लेकिन आप मौसम पर नियंत्रण नहीं रख सकते.’टिप्पणियां कोच अनिल कुंबले के बारे में रहाणे ने कहा, ‘उनके (कुंबले के) पास शानदार जानकारी है. वह लगभग आठ साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि कुछ बदला है. उनके जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती. हर मिनट होने वाली चीज पर उनकी नजर होती है. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छा कर रहा हूं और प्रदर्शन में निरंतरता के लिए बेसिक्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा सुधार के लिए कोशिश करता हूं और मैं कैरेबियाई सरजमीं पर अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं. मैं विशेष रूप से ड्यूक की लाल गेंद से खेलने की तैयारी की है.’ रहाणे ने कहा, ‘लाल ड्यूक गेंद से खेलना कूकाबूरा से खेलने से अलग होता है क्योंकि अन्य की तुलना में गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है. इसके लिए आपको शरीर के करीब और जितना देर से संभव हो उतना देर से खेलना होता है. मैं अपने खेल से खुश हूं. अगर हम 3-0 से जीत दर्ज करते तो शानदार होता लेकिन आप मौसम पर नियंत्रण नहीं रख सकते.’टिप्पणियां कोच अनिल कुंबले के बारे में रहाणे ने कहा, ‘उनके (कुंबले के) पास शानदार जानकारी है. वह लगभग आठ साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि कुछ बदला है. उनके जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती. हर मिनट होने वाली चीज पर उनकी नजर होती है. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छा कर रहा हूं और प्रदर्शन में निरंतरता के लिए बेसिक्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोच अनिल कुंबले के बारे में रहाणे ने कहा, ‘उनके (कुंबले के) पास शानदार जानकारी है. वह लगभग आठ साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि कुछ बदला है. उनके जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती. हर मिनट होने वाली चीज पर उनकी नजर होती है. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छा कर रहा हूं और प्रदर्शन में निरंतरता के लिए बेसिक्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: रहाणे बोले, मैं कभी भी अपने लक्ष्‍य पहले से निर्धारित नहीं करता बैटिंग के बारे में बचपन के कोच आमरे से करता रहता हूं चर्चा भारत दौरे पर आने वाली न्‍यूजीलैंड टीम के आक्रमण को सराहा
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से एक माह पहले भारत ने द्विपक्षीय सम्बंधों में किसी तरह के तनाव से इनकार करते हुए कहा कि भारतीय विदेश नीति के लिए रूस शीर्ष प्राथमिकता है और भारत रूस के साथ अधिक व्यापक आर्थिक सम्बंध चाहता है। विदेश सचिव रंजन मथाई ने इस सप्ताह की शुरुआत में छठे भारत-रूस संवाद में कहा था कि वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव के बावजूद रूस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी सम्भवत: अधिक महत्वपूर्ण और निर्णायक है।टिप्पणियां भारत के नागरिक परमाणु उत्तरदायित्व कानून को लेकर रूस के साथ मतभेदों के बाजवूद मथाई ने रूस को देश के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में रूस को भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी करार दिया। थिंक टैंक ऑबजर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित परिचर्चा में मथाई ने कहा कि कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केएनपीपी) का इकाई-एक जल्द शुरू होगा और यह हमारे परमाणु सहयोग के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र की सुरक्षा को लेकर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए गए। वैज्ञानिकों ने इसकी सुरक्षा को लेकर विश्वसनीय आश्वासन दिए हैं। विदेश सचिव रंजन मथाई ने इस सप्ताह की शुरुआत में छठे भारत-रूस संवाद में कहा था कि वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव के बावजूद रूस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी सम्भवत: अधिक महत्वपूर्ण और निर्णायक है।टिप्पणियां भारत के नागरिक परमाणु उत्तरदायित्व कानून को लेकर रूस के साथ मतभेदों के बाजवूद मथाई ने रूस को देश के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में रूस को भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी करार दिया। थिंक टैंक ऑबजर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित परिचर्चा में मथाई ने कहा कि कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केएनपीपी) का इकाई-एक जल्द शुरू होगा और यह हमारे परमाणु सहयोग के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र की सुरक्षा को लेकर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए गए। वैज्ञानिकों ने इसकी सुरक्षा को लेकर विश्वसनीय आश्वासन दिए हैं। भारत के नागरिक परमाणु उत्तरदायित्व कानून को लेकर रूस के साथ मतभेदों के बाजवूद मथाई ने रूस को देश के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में रूस को भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी करार दिया। थिंक टैंक ऑबजर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित परिचर्चा में मथाई ने कहा कि कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केएनपीपी) का इकाई-एक जल्द शुरू होगा और यह हमारे परमाणु सहयोग के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र की सुरक्षा को लेकर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए गए। वैज्ञानिकों ने इसकी सुरक्षा को लेकर विश्वसनीय आश्वासन दिए हैं। थिंक टैंक ऑबजर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित परिचर्चा में मथाई ने कहा कि कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केएनपीपी) का इकाई-एक जल्द शुरू होगा और यह हमारे परमाणु सहयोग के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र की सुरक्षा को लेकर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए गए। वैज्ञानिकों ने इसकी सुरक्षा को लेकर विश्वसनीय आश्वासन दिए हैं।
संक्षिप्त पाठ: रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से एक माह पहले भारत ने द्विपक्षीय सम्बंधों में किसी तरह के तनाव से इनकार करते हुए कहा कि भारतीय विदेश नीति के लिए रूस शीर्ष प्राथमिकता है और भारत रूस के साथ अधिक व्यापक आर्थिक सम्बंध चाहता है।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव को एक और ‘स्वतंत्रता संग्राम' मानें. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में उम्मीद की एकमात्र किरण है. पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के साथ ही आगामी चुनाव की तैयारियों की शुरुआत करने वाले केजरीवाल ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय राजधानी की सभी 70 सीटों पर जीत हासिल करनी है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आगामी विधानसभा चुनावों को एक और "स्वतंत्रता संग्राम" मानें. केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से कहा, "आगामी विधानसभा चुनाव आम आदमी पार्टी (आप) या केजरीवाल के लिये न लड़ें. इन चुनावों को एक स्वतंत्रता संग्राम की भावना के साथ लड़ें क्योंकि आप देश में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में उम्मीद की एकमात्र किरण है." केजरीवाल ने द्वारका में एक सभा में कहा, "अगर हम चुनाव हार गए तो लोगों को मिलने वाले सभी लाभ वापस ले लिये जाएंगे." केजरीवाल ने अन्ना हजारे का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई के अगुवा कहा करते थे कि निजी हमलों से परेशान होने की जरूरत नहीं है." उन्होंने कहा, "अगर मुझे इस बात की चिंता होने लगी कि विपक्ष मेरे बारे में क्या कहता है तो मैं 24 घंटे में अवसाद में चला जाऊंगा. व्यक्तिगत हमलों से घबराएं नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करें कि आप किसी भी कीमत पर देश के सम्मान की रक्षा करें."
यहाँ एक सारांश है:अरविंद केजरीवाल ने चुनाव के लिए कसी कमर दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं से की अपील कहा- चुनाव को एक और ‘स्वतंत्रता संग्राम’ मानें
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक स्थानीय कार्यालय के पास कार बम विस्फोट में 24 लोग मारे गए जबकि 130 से अधिक घायल हो गए। प्रांतीय पुलिस प्रमुख आफताब चीमा ने बताया कि विस्फोटकों से लदी कार को सीएनजी स्टेशन के पास पार्क किया गया था क्योंकि हमलावर कड़ी सुरक्षा वाले खुफिया एजेंसी के कार्यालय के और निकट नहीं जा सकते थे। चीमा का कहना है, यह तय होना बाकी है कि हमलावर कार को सीएनजी पंप के पास छोड़कर भागे थे या उन्होंने उसे जानबूझ कर वहां पार्क किया था। स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 11.30 बजे हुए इस विस्फोट में सीएनजी स्टेशन और कम से कम तीन इमारतें नष्ट हो गईं। विस्फोट में 24 लोगों की मौत हो गई जबकि घायलों की संख्या 132 बताई गई है। धमाके में गिरी इमारतों के मलबे से कई घायलों और शवों को निकाला गया है। घायलों को पास के कई अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। उनमें से 13 की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने आठ घायलों की अपातकाल में सर्जरी की है। जिला प्रशासन प्रमुख नसीम सदिक ने भी कार बम से विस्फोट होने की पुष्टि की।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के फैसलाबाद में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक स्थानीय कार्यालय के पास कार बम विस्फोट में 24 लोग मारे गए।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के खिलाफ भले ही देशभर में प्रदर्शन हो रहे हों, लेकिन इनमें कोई कमी आती नहीं दिख रही है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 40 किलोमीटर दूर बारासात इलाके में 45 साल की एक महिला की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। मृतक महिला अपने पति के साथ शाम को काम से लौट रही थी, तभी आठ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और महिला के साथ बदतमीजी करने लगे। जब महिला के पति ने इसका विरोध किया, तो सभी आरोपियों ने उन्हें पीट−पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया और फिर महिला के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर दी। जब महिला के पति को होश आया, तो वह लोगों को मदद के लिए बुलाने के लिए ले गया, जिसके बाद महिला की तलाश शुरू की गई। कुछ देर बाद महिला का शरीर एक तालाब से बरामद किया गया।टिप्पणियां उधर, गुजरात के अहमदाबाद में गैंगरेप की शिकार 14 साल की नाबालिग लड़की ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। पीड़ित की हालत बेहद नाजुक है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। दो आरोपियों की पहचान की गई है और उनकी तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित लड़की को ढोलका इलाके से किडनैप कर एक कार में दो आरोपी ले गए थे और फिर 6 दिसंबर को उसके साथ बलात्कार किया गया था। 14 दिसंबर को पीड़ित के परिवार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित लड़की पिछले दो दिनों से अपने पिता से शिकायत कर रही थी कि उसके पेट में असहनीय दर्द हो रहा है और जब उससे दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ, तो उसने जहर खा लिया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 40 किलोमीटर दूर बारासात इलाके में 45 साल की एक महिला की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। मृतक महिला अपने पति के साथ शाम को काम से लौट रही थी, तभी आठ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और महिला के साथ बदतमीजी करने लगे। जब महिला के पति ने इसका विरोध किया, तो सभी आरोपियों ने उन्हें पीट−पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया और फिर महिला के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर दी। जब महिला के पति को होश आया, तो वह लोगों को मदद के लिए बुलाने के लिए ले गया, जिसके बाद महिला की तलाश शुरू की गई। कुछ देर बाद महिला का शरीर एक तालाब से बरामद किया गया।टिप्पणियां उधर, गुजरात के अहमदाबाद में गैंगरेप की शिकार 14 साल की नाबालिग लड़की ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। पीड़ित की हालत बेहद नाजुक है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। दो आरोपियों की पहचान की गई है और उनकी तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित लड़की को ढोलका इलाके से किडनैप कर एक कार में दो आरोपी ले गए थे और फिर 6 दिसंबर को उसके साथ बलात्कार किया गया था। 14 दिसंबर को पीड़ित के परिवार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित लड़की पिछले दो दिनों से अपने पिता से शिकायत कर रही थी कि उसके पेट में असहनीय दर्द हो रहा है और जब उससे दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ, तो उसने जहर खा लिया। जब महिला के पति ने इसका विरोध किया, तो सभी आरोपियों ने उन्हें पीट−पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया और फिर महिला के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर दी। जब महिला के पति को होश आया, तो वह लोगों को मदद के लिए बुलाने के लिए ले गया, जिसके बाद महिला की तलाश शुरू की गई। कुछ देर बाद महिला का शरीर एक तालाब से बरामद किया गया।टिप्पणियां उधर, गुजरात के अहमदाबाद में गैंगरेप की शिकार 14 साल की नाबालिग लड़की ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। पीड़ित की हालत बेहद नाजुक है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। दो आरोपियों की पहचान की गई है और उनकी तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित लड़की को ढोलका इलाके से किडनैप कर एक कार में दो आरोपी ले गए थे और फिर 6 दिसंबर को उसके साथ बलात्कार किया गया था। 14 दिसंबर को पीड़ित के परिवार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित लड़की पिछले दो दिनों से अपने पिता से शिकायत कर रही थी कि उसके पेट में असहनीय दर्द हो रहा है और जब उससे दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ, तो उसने जहर खा लिया। उधर, गुजरात के अहमदाबाद में गैंगरेप की शिकार 14 साल की नाबालिग लड़की ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। पीड़ित की हालत बेहद नाजुक है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। दो आरोपियों की पहचान की गई है और उनकी तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित लड़की को ढोलका इलाके से किडनैप कर एक कार में दो आरोपी ले गए थे और फिर 6 दिसंबर को उसके साथ बलात्कार किया गया था। 14 दिसंबर को पीड़ित के परिवार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित लड़की पिछले दो दिनों से अपने पिता से शिकायत कर रही थी कि उसके पेट में असहनीय दर्द हो रहा है और जब उससे दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ, तो उसने जहर खा लिया। पुलिस के मुताबिक पीड़ित लड़की को ढोलका इलाके से किडनैप कर एक कार में दो आरोपी ले गए थे और फिर 6 दिसंबर को उसके साथ बलात्कार किया गया था। 14 दिसंबर को पीड़ित के परिवार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित लड़की पिछले दो दिनों से अपने पिता से शिकायत कर रही थी कि उसके पेट में असहनीय दर्द हो रहा है और जब उससे दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ, तो उसने जहर खा लिया।
संक्षिप्त पाठ: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 40 किलोमीटर दूर बारासात इलाके में 45 साल की एक महिला की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। उधर, गुजरात के अहमदाबाद में गैंगरेप की शिकार 14 साल की लड़की ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: क्रिकेटर गौतम गंभीर ने स्‍पष्‍ट किया है कि टीम इंडिया की वनडे टीम के कप्‍तान एमएस धोनी के साथ उनके मतभेद रहे हैं लेकिन दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता कभी नहीं रही. दिल्‍ली रणजी टीम के कप्‍तान ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर प्रशंसकों के साथ लाइव वीडियो चेट में यह खुलासा किया. गौरतलब है कि गंभीर और धोनी के बीच मतभेद की खबरें जब-तब मीडिया में सुर्खियों में रही हैं. गंभीर ने माना कि कई मुद्दों पर उनकी और धोनी की अलग-अलग राय रही है. गंभीर और धोनी, दोनों उस भारतीय टीम का हिस्‍सा थे जिसने सीमित ओवर के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया. गंभीर ने कहा, 'मेरे और धोनी के बीच कभी प्रतिद्वंद्विता नहीं रही. जब हम टीम इंडिया के लिए खेले तो विचारों में भिन्‍नता के बावजूद जीत ही हमारा एकमात्र उद्देश्‍य रहा. वैसे भी जिंदगी में अलग-अलग राय होना कोई बड़ी बात नहीं है. मेरा मानना है कि धोनी एक बेहतरीन खिलाड़ी और बेहतरीन इंसान हैं.' ----------------------------------------ये भी पढ़ें-------------  युवराज सिंह और हेजल कीच के हनीमून की तस्वीरें सामने आईं, आप भी देखिए ------------------------------------------------------- टिप्पणियां 34 वर्षीय गंभीर ने यह भी कहा कि अपने पेशेवर जीवन के कुछ सर्वश्रेष्‍ठ पल उन्‍होंने धोनी के साथ ही बिताए हैं. उन्‍होंने कहा कि पेशेवर जीवन के अपने सर्वश्रेष्‍ठ पलों का हम दोनों ने मिलकर लुत्‍फ लिया. फिर यह 2007 में टी20 वर्ल्‍डकप या 2011 का वर्ल्‍डकप जीतना हो या फिर टेस्‍ट में दुनिया की नंबर एक टीम होना. हमारा उद्देश्‍य और लक्ष्‍य हमेशा एक ही रहा. धोनी की कप्‍तानी में इन दोनों ही वर्ल्‍डकप में गंभीर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और टीम इंडिया इसमें चैंपियन बनी थी. पाकिस्‍तान के खिलाफ टी20 वर्ल्‍डकप के फाइनल में गंभीर 75 रन की पारी के साथ टॉप स्‍कोरर रहे थे. 2011 के 50 ओवर के वर्ल्‍डकप में भी बाएं हाथ के इस बल्‍लेबाज ने 97 रन की पारी खेली थी. उस समय टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका का स्‍कोर सफलतापूर्वक चेज किया था. गौरतलब है कि केएल राहुल और शिखर धवन के चोटग्रस्‍त होने के बाद गंभीर ने हाल ही में टेस्‍ट में टीम इंडिया में  वापसी की थी, लेकिन राहुल के फिट होने के बाद वे अपना स्‍थान कायम नहीं रख सके. गंभीर ने माना कि कई मुद्दों पर उनकी और धोनी की अलग-अलग राय रही है. गंभीर और धोनी, दोनों उस भारतीय टीम का हिस्‍सा थे जिसने सीमित ओवर के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया. गंभीर ने कहा, 'मेरे और धोनी के बीच कभी प्रतिद्वंद्विता नहीं रही. जब हम टीम इंडिया के लिए खेले तो विचारों में भिन्‍नता के बावजूद जीत ही हमारा एकमात्र उद्देश्‍य रहा. वैसे भी जिंदगी में अलग-अलग राय होना कोई बड़ी बात नहीं है. मेरा मानना है कि धोनी एक बेहतरीन खिलाड़ी और बेहतरीन इंसान हैं.' ----------------------------------------ये भी पढ़ें-------------  युवराज सिंह और हेजल कीच के हनीमून की तस्वीरें सामने आईं, आप भी देखिए ------------------------------------------------------- टिप्पणियां 34 वर्षीय गंभीर ने यह भी कहा कि अपने पेशेवर जीवन के कुछ सर्वश्रेष्‍ठ पल उन्‍होंने धोनी के साथ ही बिताए हैं. उन्‍होंने कहा कि पेशेवर जीवन के अपने सर्वश्रेष्‍ठ पलों का हम दोनों ने मिलकर लुत्‍फ लिया. फिर यह 2007 में टी20 वर्ल्‍डकप या 2011 का वर्ल्‍डकप जीतना हो या फिर टेस्‍ट में दुनिया की नंबर एक टीम होना. हमारा उद्देश्‍य और लक्ष्‍य हमेशा एक ही रहा. धोनी की कप्‍तानी में इन दोनों ही वर्ल्‍डकप में गंभीर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और टीम इंडिया इसमें चैंपियन बनी थी. पाकिस्‍तान के खिलाफ टी20 वर्ल्‍डकप के फाइनल में गंभीर 75 रन की पारी के साथ टॉप स्‍कोरर रहे थे. 2011 के 50 ओवर के वर्ल्‍डकप में भी बाएं हाथ के इस बल्‍लेबाज ने 97 रन की पारी खेली थी. उस समय टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका का स्‍कोर सफलतापूर्वक चेज किया था. गौरतलब है कि केएल राहुल और शिखर धवन के चोटग्रस्‍त होने के बाद गंभीर ने हाल ही में टेस्‍ट में टीम इंडिया में  वापसी की थी, लेकिन राहुल के फिट होने के बाद वे अपना स्‍थान कायम नहीं रख सके. ----------------------------------------ये भी पढ़ें-------------  युवराज सिंह और हेजल कीच के हनीमून की तस्वीरें सामने आईं, आप भी देखिए ------------------------------------------------------- टिप्पणियां 34 वर्षीय गंभीर ने यह भी कहा कि अपने पेशेवर जीवन के कुछ सर्वश्रेष्‍ठ पल उन्‍होंने धोनी के साथ ही बिताए हैं. उन्‍होंने कहा कि पेशेवर जीवन के अपने सर्वश्रेष्‍ठ पलों का हम दोनों ने मिलकर लुत्‍फ लिया. फिर यह 2007 में टी20 वर्ल्‍डकप या 2011 का वर्ल्‍डकप जीतना हो या फिर टेस्‍ट में दुनिया की नंबर एक टीम होना. हमारा उद्देश्‍य और लक्ष्‍य हमेशा एक ही रहा. धोनी की कप्‍तानी में इन दोनों ही वर्ल्‍डकप में गंभीर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और टीम इंडिया इसमें चैंपियन बनी थी. पाकिस्‍तान के खिलाफ टी20 वर्ल्‍डकप के फाइनल में गंभीर 75 रन की पारी के साथ टॉप स्‍कोरर रहे थे. 2011 के 50 ओवर के वर्ल्‍डकप में भी बाएं हाथ के इस बल्‍लेबाज ने 97 रन की पारी खेली थी. उस समय टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका का स्‍कोर सफलतापूर्वक चेज किया था. गौरतलब है कि केएल राहुल और शिखर धवन के चोटग्रस्‍त होने के बाद गंभीर ने हाल ही में टेस्‍ट में टीम इंडिया में  वापसी की थी, लेकिन राहुल के फिट होने के बाद वे अपना स्‍थान कायम नहीं रख सके. 34 वर्षीय गंभीर ने यह भी कहा कि अपने पेशेवर जीवन के कुछ सर्वश्रेष्‍ठ पल उन्‍होंने धोनी के साथ ही बिताए हैं. उन्‍होंने कहा कि पेशेवर जीवन के अपने सर्वश्रेष्‍ठ पलों का हम दोनों ने मिलकर लुत्‍फ लिया. फिर यह 2007 में टी20 वर्ल्‍डकप या 2011 का वर्ल्‍डकप जीतना हो या फिर टेस्‍ट में दुनिया की नंबर एक टीम होना. हमारा उद्देश्‍य और लक्ष्‍य हमेशा एक ही रहा. धोनी की कप्‍तानी में इन दोनों ही वर्ल्‍डकप में गंभीर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और टीम इंडिया इसमें चैंपियन बनी थी. पाकिस्‍तान के खिलाफ टी20 वर्ल्‍डकप के फाइनल में गंभीर 75 रन की पारी के साथ टॉप स्‍कोरर रहे थे. 2011 के 50 ओवर के वर्ल्‍डकप में भी बाएं हाथ के इस बल्‍लेबाज ने 97 रन की पारी खेली थी. उस समय टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका का स्‍कोर सफलतापूर्वक चेज किया था. गौरतलब है कि केएल राहुल और शिखर धवन के चोटग्रस्‍त होने के बाद गंभीर ने हाल ही में टेस्‍ट में टीम इंडिया में  वापसी की थी, लेकिन राहुल के फिट होने के बाद वे अपना स्‍थान कायम नहीं रख सके. पाकिस्‍तान के खिलाफ टी20 वर्ल्‍डकप के फाइनल में गंभीर 75 रन की पारी के साथ टॉप स्‍कोरर रहे थे. 2011 के 50 ओवर के वर्ल्‍डकप में भी बाएं हाथ के इस बल्‍लेबाज ने 97 रन की पारी खेली थी. उस समय टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका का स्‍कोर सफलतापूर्वक चेज किया था. गौरतलब है कि केएल राहुल और शिखर धवन के चोटग्रस्‍त होने के बाद गंभीर ने हाल ही में टेस्‍ट में टीम इंडिया में  वापसी की थी, लेकिन राहुल के फिट होने के बाद वे अपना स्‍थान कायम नहीं रख सके.
संक्षिप्त पाठ: लाइव वीडियो चेट में गौतम गंभीर ने किया यह खुलासा कहा-विचारों में भिन्‍नता के बावजूद जीत ही हमारा उद्देश्‍य रहा पेशेवर जीवन के कई सर्वश्रेष्‍ठ पल धोनी के साथ बिताए
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को एक निजी कम्पनी के निदेशक मनोज जायसवाल से पूछताछ की और उनके भाई अरविंद जायसवाल से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ जारी रखी। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि मनोज जायसवाल को सोमवार को सम्मन भेजा गया था। वह नई दिल्ली स्थित जांच एजेंसी मुख्यालय में मंगलवार को शाम करीब छह बजे पहुंचे। उन्होंने कहा, 'मनोज के भाई अरविंद जायसवाल से सोमवार को यहां सीबीआई मुख्यालय में लगभग आठ घंटे पूछताछ की गई थी और उनसे मंगलवार को भी उनकी कम्पनी एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2008 में महाराष्ट्र में बांदर कोयला ब्लॉक हासिल करने के लिए कथितरूप से गलत प्रस्तुति व तथ्यों को छुपाने के लिए पूछताछ की जा रही है।' मनोज जायसवाल कम्पनी के निदेशकों में से एक हैं और एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी में उनका नाम शामिल है। टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि सीबीआई कांग्रेस सांसद विजय दर्डा के पुत्र देवेंद्र दर्डा सहित कम्पनी के अन्य निदेशकों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। देवेंद्र भी मामले में एक आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में निजी कम्पनियों को हुए 142 कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये नुकसान का अनुमान लगाया था। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि मनोज जायसवाल को सोमवार को सम्मन भेजा गया था। वह नई दिल्ली स्थित जांच एजेंसी मुख्यालय में मंगलवार को शाम करीब छह बजे पहुंचे। उन्होंने कहा, 'मनोज के भाई अरविंद जायसवाल से सोमवार को यहां सीबीआई मुख्यालय में लगभग आठ घंटे पूछताछ की गई थी और उनसे मंगलवार को भी उनकी कम्पनी एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2008 में महाराष्ट्र में बांदर कोयला ब्लॉक हासिल करने के लिए कथितरूप से गलत प्रस्तुति व तथ्यों को छुपाने के लिए पूछताछ की जा रही है।' मनोज जायसवाल कम्पनी के निदेशकों में से एक हैं और एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी में उनका नाम शामिल है। टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि सीबीआई कांग्रेस सांसद विजय दर्डा के पुत्र देवेंद्र दर्डा सहित कम्पनी के अन्य निदेशकों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। देवेंद्र भी मामले में एक आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में निजी कम्पनियों को हुए 142 कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये नुकसान का अनुमान लगाया था। मनोज जायसवाल कम्पनी के निदेशकों में से एक हैं और एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी में उनका नाम शामिल है। टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि सीबीआई कांग्रेस सांसद विजय दर्डा के पुत्र देवेंद्र दर्डा सहित कम्पनी के अन्य निदेशकों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। देवेंद्र भी मामले में एक आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में निजी कम्पनियों को हुए 142 कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये नुकसान का अनुमान लगाया था। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई कांग्रेस सांसद विजय दर्डा के पुत्र देवेंद्र दर्डा सहित कम्पनी के अन्य निदेशकों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। देवेंद्र भी मामले में एक आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में निजी कम्पनियों को हुए 142 कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये नुकसान का अनुमान लगाया था। उल्लेखनीय है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में निजी कम्पनियों को हुए 142 कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये नुकसान का अनुमान लगाया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को एक निजी कम्पनी के निदेशक मनोज जायसवाल से पूछताछ की और उनके भाई अरविंद जायसवाल से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ जारी रखी।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: पत्रकार जे डे की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार जिग्ना वोरा को पहले से जे डे को मारे जाने के प्लॉट के बारे में पता था। जे डे की चार बाइक सवार हमालावरों ने जून 2011 में उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी। जे डे की हत्या से पहले के 3 महीनों में जिग्ना की अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन से 36 बार फोन पर बात हुई थी। जे डे की मौत से हैरान पत्रकारों ने आपस में कई बार बातचीत की लेकिन जिग्ना वोरा के मोबाइल पर न कोई फोन आया और न कोई फोन किया गया। डे की हत्या के वक्त वोरा सिक्किम और दार्जिलिंग की यात्रा पर थीं और अपना फोन इस्तेमाल भी नहीं कर रही थीं। पुलिस का कहना है कि डे और वोरा की आपस में प्रोफेशनल रंजिश थी। डे की हत्या के बाद एक पत्रकार ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि छोटा राजन ने उसे फोन किया और कहा कि हत्या के पीछे जिग्ना वोरा का हाथ है। डे की हत्या के वक्त वोरा सिक्किम और दार्जिलिंग की यात्रा पर थीं और अपना फोन इस्तेमाल भी नहीं कर रही थीं। पुलिस का कहना है कि डे और वोरा की आपस में प्रोफेशनल रंजिश थी। डे की हत्या के बाद एक पत्रकार ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि छोटा राजन ने उसे फोन किया और कहा कि हत्या के पीछे जिग्ना वोरा का हाथ है।
यहाँ एक सारांश है:जे डे की हत्या से पहले के 3 महीनों में जिग्ना की अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन से 36 बार फोन पर बात हुई थी।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपने पूर्ववर्ती बीएस येदियुरप्पा से चुनौती का सामना कर रहे कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा अपनी सरकार बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से मिलने रविवार को नई दिल्ली पहुंचे। बेंगलुरू में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा द्वारा उन्हें 'धोखेबाज' कहे जाने और उनकी तुलना शास्त्रों में वर्णित शैतान से किए जाने के सवाल पर गौड़ा ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। गौड़ा ने येदियुरप्पा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रशंसा किए जाने को भी तवज्जो नहीं दी। येदियुरप्पा ने कहा है कि सोनिया में एक महान गुण है। वह अपने पार्टी नेताओं के खिलाफ कोई आरोप लगने पर उनका बचाव करती हैं। येदियुरप्पा ने अपनी पार्टी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने नेताओं को नीचा दिखाने के लिए आरोपों का इस्तेमाल किया। नई दिल्ली पहुंचने पर गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, "मुझे नहीं लगता कि येदियुरप्पा ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की।" गौड़ा ने शनिवार को बेंगलुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा पर निशाना साधा। गौड़ा ने बिना उनका नाम लिए मंदिरों में अक्सर जाने और धार्मिक प्रमुखों से मुलाकात को लेकर येदियुरप्पा का मजाक उड़ाया था। गौड़ा ने कहा, "पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे। लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं।" गौड़ा संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। हालांकि, उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है। गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे। येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। बेंगलुरू में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा द्वारा उन्हें 'धोखेबाज' कहे जाने और उनकी तुलना शास्त्रों में वर्णित शैतान से किए जाने के सवाल पर गौड़ा ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। गौड़ा ने येदियुरप्पा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रशंसा किए जाने को भी तवज्जो नहीं दी। येदियुरप्पा ने कहा है कि सोनिया में एक महान गुण है। वह अपने पार्टी नेताओं के खिलाफ कोई आरोप लगने पर उनका बचाव करती हैं। येदियुरप्पा ने अपनी पार्टी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने नेताओं को नीचा दिखाने के लिए आरोपों का इस्तेमाल किया। नई दिल्ली पहुंचने पर गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, "मुझे नहीं लगता कि येदियुरप्पा ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की।" गौड़ा ने शनिवार को बेंगलुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा पर निशाना साधा। गौड़ा ने बिना उनका नाम लिए मंदिरों में अक्सर जाने और धार्मिक प्रमुखों से मुलाकात को लेकर येदियुरप्पा का मजाक उड़ाया था। गौड़ा ने कहा, "पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे। लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं।" गौड़ा संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। हालांकि, उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है। गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे। येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। गौड़ा ने येदियुरप्पा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रशंसा किए जाने को भी तवज्जो नहीं दी। येदियुरप्पा ने कहा है कि सोनिया में एक महान गुण है। वह अपने पार्टी नेताओं के खिलाफ कोई आरोप लगने पर उनका बचाव करती हैं। येदियुरप्पा ने अपनी पार्टी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने नेताओं को नीचा दिखाने के लिए आरोपों का इस्तेमाल किया। नई दिल्ली पहुंचने पर गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, "मुझे नहीं लगता कि येदियुरप्पा ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की।" गौड़ा ने शनिवार को बेंगलुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा पर निशाना साधा। गौड़ा ने बिना उनका नाम लिए मंदिरों में अक्सर जाने और धार्मिक प्रमुखों से मुलाकात को लेकर येदियुरप्पा का मजाक उड़ाया था। गौड़ा ने कहा, "पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे। लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं।" गौड़ा संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। हालांकि, उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है। गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे। येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। येदियुरप्पा ने अपनी पार्टी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने नेताओं को नीचा दिखाने के लिए आरोपों का इस्तेमाल किया। नई दिल्ली पहुंचने पर गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, "मुझे नहीं लगता कि येदियुरप्पा ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की।" गौड़ा ने शनिवार को बेंगलुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा पर निशाना साधा। गौड़ा ने बिना उनका नाम लिए मंदिरों में अक्सर जाने और धार्मिक प्रमुखों से मुलाकात को लेकर येदियुरप्पा का मजाक उड़ाया था। गौड़ा ने कहा, "पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे। लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं।" गौड़ा संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। हालांकि, उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है। गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे। येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। नई दिल्ली पहुंचने पर गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, "मुझे नहीं लगता कि येदियुरप्पा ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की।" गौड़ा ने शनिवार को बेंगलुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा पर निशाना साधा। गौड़ा ने बिना उनका नाम लिए मंदिरों में अक्सर जाने और धार्मिक प्रमुखों से मुलाकात को लेकर येदियुरप्पा का मजाक उड़ाया था। गौड़ा ने कहा, "पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे। लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं।" गौड़ा संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। हालांकि, उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है। गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे। येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। गौड़ा ने शनिवार को बेंगलुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा पर निशाना साधा। गौड़ा ने बिना उनका नाम लिए मंदिरों में अक्सर जाने और धार्मिक प्रमुखों से मुलाकात को लेकर येदियुरप्पा का मजाक उड़ाया था। गौड़ा ने कहा, "पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे। लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं।" गौड़ा संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। हालांकि, उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है। गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे। येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। गौड़ा ने कहा, "पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे। लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं।" गौड़ा संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। हालांकि, उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है। गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे। येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे। येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की। येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं। गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं। इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं।
संक्षिप्त पाठ: अपने पूर्ववर्ती बीएस येदियुरप्पा से चुनौती का सामना कर रहे कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा अपनी सरकार बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से मिलने रविवार को नई दिल्ली पहुंचे।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के मधुबनी में पुलिस फायरिंग के विरोध में सम्पूर्ण विपक्षी दलों के सोमवार को बिहार बंद के आह्वान का यातायात पर व्यापक असर दिखा। बंद के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव व लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान सहित राज्य में 350 से ज्यादा बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया है।   राजद, लोजपा और वाम दलों के कार्यकर्ता पटना सहित राज्य के सभी इलाकों में सुबह से ही सड़कों पर निकल गए। कई ने रेलवे स्टेशनों पर रेल ट्रैक जाम किए। पुलिस के अनुसार पटना में बंद समर्थकों ने सभी प्रमुख सड़कें जाम कर दीं। बंद समर्थकों का उत्साह बढ़ाने के लिए निकले लालू और पासवान को भी पटना के छाकबंगला चौराहे से हिरासत में ले लिया गया। पटना में बंद को लेकर अधिकांश व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे व सरकारी प्रतिष्ठानों में भी उपस्थिति अन्य दिनों की अपेक्षा कम देखी गई। बंद के दौरान कई स्थानों पर बंद समर्थकों और पुलिस में झड़पें होने की भी सूचना है। इधर, लालू और पासवान ने बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए इसे जनता का बंद बताया। पटना की सभी मुख्य सड़कों पर बंद समर्थक झंडे, बैनरों के साथ उतरे। पटना के सभी निजी विद्यालयों में बंद को देखते हुए सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया था।टिप्पणियां इधर, रेलवे विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बंद समर्थकों ने जहानाबाद में पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस रोकी और बिहारशरीफ  में श्रमजीवी एक्सपप्रेस पर पत्थराव किया। लहेरियासराय स्टेशन पर पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को घंटों रोके रखा गया। सीवान, सासाराम, गया, कैमूर, मुजफ्फरपुर जिले में भी बंद समर्थकों ने सड़कें जाम कीं और यहां भी दुकानें बंद करवा दी गई। मुजफ्फरपुर में पुलिस के साथ बंद समर्थकों की झड़प भी हो गई। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए गए हैं। सभी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बंद के दौरान अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मधुबनी में पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। राजद, लोजपा और वाम दलों के कार्यकर्ता पटना सहित राज्य के सभी इलाकों में सुबह से ही सड़कों पर निकल गए। कई ने रेलवे स्टेशनों पर रेल ट्रैक जाम किए। पुलिस के अनुसार पटना में बंद समर्थकों ने सभी प्रमुख सड़कें जाम कर दीं। बंद समर्थकों का उत्साह बढ़ाने के लिए निकले लालू और पासवान को भी पटना के छाकबंगला चौराहे से हिरासत में ले लिया गया। पटना में बंद को लेकर अधिकांश व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे व सरकारी प्रतिष्ठानों में भी उपस्थिति अन्य दिनों की अपेक्षा कम देखी गई। बंद के दौरान कई स्थानों पर बंद समर्थकों और पुलिस में झड़पें होने की भी सूचना है। इधर, लालू और पासवान ने बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए इसे जनता का बंद बताया। पटना की सभी मुख्य सड़कों पर बंद समर्थक झंडे, बैनरों के साथ उतरे। पटना के सभी निजी विद्यालयों में बंद को देखते हुए सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया था।टिप्पणियां इधर, रेलवे विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बंद समर्थकों ने जहानाबाद में पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस रोकी और बिहारशरीफ  में श्रमजीवी एक्सपप्रेस पर पत्थराव किया। लहेरियासराय स्टेशन पर पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को घंटों रोके रखा गया। सीवान, सासाराम, गया, कैमूर, मुजफ्फरपुर जिले में भी बंद समर्थकों ने सड़कें जाम कीं और यहां भी दुकानें बंद करवा दी गई। मुजफ्फरपुर में पुलिस के साथ बंद समर्थकों की झड़प भी हो गई। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए गए हैं। सभी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बंद के दौरान अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मधुबनी में पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार पटना में बंद समर्थकों ने सभी प्रमुख सड़कें जाम कर दीं। बंद समर्थकों का उत्साह बढ़ाने के लिए निकले लालू और पासवान को भी पटना के छाकबंगला चौराहे से हिरासत में ले लिया गया। पटना में बंद को लेकर अधिकांश व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे व सरकारी प्रतिष्ठानों में भी उपस्थिति अन्य दिनों की अपेक्षा कम देखी गई। बंद के दौरान कई स्थानों पर बंद समर्थकों और पुलिस में झड़पें होने की भी सूचना है। इधर, लालू और पासवान ने बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए इसे जनता का बंद बताया। पटना की सभी मुख्य सड़कों पर बंद समर्थक झंडे, बैनरों के साथ उतरे। पटना के सभी निजी विद्यालयों में बंद को देखते हुए सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया था।टिप्पणियां इधर, रेलवे विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बंद समर्थकों ने जहानाबाद में पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस रोकी और बिहारशरीफ  में श्रमजीवी एक्सपप्रेस पर पत्थराव किया। लहेरियासराय स्टेशन पर पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को घंटों रोके रखा गया। सीवान, सासाराम, गया, कैमूर, मुजफ्फरपुर जिले में भी बंद समर्थकों ने सड़कें जाम कीं और यहां भी दुकानें बंद करवा दी गई। मुजफ्फरपुर में पुलिस के साथ बंद समर्थकों की झड़प भी हो गई। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए गए हैं। सभी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बंद के दौरान अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मधुबनी में पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इधर, लालू और पासवान ने बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए इसे जनता का बंद बताया। पटना की सभी मुख्य सड़कों पर बंद समर्थक झंडे, बैनरों के साथ उतरे। पटना के सभी निजी विद्यालयों में बंद को देखते हुए सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया था।टिप्पणियां इधर, रेलवे विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बंद समर्थकों ने जहानाबाद में पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस रोकी और बिहारशरीफ  में श्रमजीवी एक्सपप्रेस पर पत्थराव किया। लहेरियासराय स्टेशन पर पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को घंटों रोके रखा गया। सीवान, सासाराम, गया, कैमूर, मुजफ्फरपुर जिले में भी बंद समर्थकों ने सड़कें जाम कीं और यहां भी दुकानें बंद करवा दी गई। मुजफ्फरपुर में पुलिस के साथ बंद समर्थकों की झड़प भी हो गई। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए गए हैं। सभी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बंद के दौरान अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मधुबनी में पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। पटना की सभी मुख्य सड़कों पर बंद समर्थक झंडे, बैनरों के साथ उतरे। पटना के सभी निजी विद्यालयों में बंद को देखते हुए सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया था।टिप्पणियां इधर, रेलवे विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बंद समर्थकों ने जहानाबाद में पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस रोकी और बिहारशरीफ  में श्रमजीवी एक्सपप्रेस पर पत्थराव किया। लहेरियासराय स्टेशन पर पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को घंटों रोके रखा गया। सीवान, सासाराम, गया, कैमूर, मुजफ्फरपुर जिले में भी बंद समर्थकों ने सड़कें जाम कीं और यहां भी दुकानें बंद करवा दी गई। मुजफ्फरपुर में पुलिस के साथ बंद समर्थकों की झड़प भी हो गई। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए गए हैं। सभी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बंद के दौरान अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मधुबनी में पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इधर, रेलवे विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बंद समर्थकों ने जहानाबाद में पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस रोकी और बिहारशरीफ  में श्रमजीवी एक्सपप्रेस पर पत्थराव किया। लहेरियासराय स्टेशन पर पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को घंटों रोके रखा गया। सीवान, सासाराम, गया, कैमूर, मुजफ्फरपुर जिले में भी बंद समर्थकों ने सड़कें जाम कीं और यहां भी दुकानें बंद करवा दी गई। मुजफ्फरपुर में पुलिस के साथ बंद समर्थकों की झड़प भी हो गई। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए गए हैं। सभी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बंद के दौरान अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मधुबनी में पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए गए हैं। सभी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बंद के दौरान अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मधुबनी में पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी।
संक्षिप्त पाठ: बिहार के मधुबनी में पुलिस फायरिंग के विरोध में सम्पूर्ण विपक्षी दलों के सोमवार को बिहार बंद के आह्वान का यातायात पर व्यापक असर दिखा।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत पुणे वॉरियर्स को सस्ते में समेटने के बाद मिले 113 रनों के आसान लक्ष्य को मुम्बई इंडियंस ने धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी कर 18.5 ओवरों में हासिल कर लिया। इसके साथ ही मुम्बई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 58वें मुकाबले में सुब्रत रॉय सहारा स्टेडियम में शनिवार को पुणे वॉरियर्स पर पांच विकेट से जीत दर्जकर अंकतालिका में दूसरे स्थान पर कब्जा कर लिया। मुम्बई के तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन को प्लेअर ऑफ द मैच चुना गया। जॉनसन ने दो के औसत से आठ रन देकर दो विकेट भी चटकाए। मुम्बई ने पहली गेंद पर ही ड्वेन स्मिथ का विकेट गंवाने के बाद संभलते हुए दूसरे विकेट के लिए सचिन तेंदुलकर (15) तथा दिनेश कार्तिक (17) की साझेदारी में 25 रन जोड़ लिए। अभी यह जोड़ी जम भी नहीं पाई थी कि पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर अजंथा मेंडिस ने तेंदुलकर को मनीष पांडेय के हाथों कैच आउट करवा दिया। तेंदुलकर ने 13 गेंदों का सामना कर तीन चौके लगाए। कार्तिक भी आठवें ओवर की दूसरी गेंद पर पांडेय के हाथों लपके गए। पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे अम्बाती रायडू (26) ने कप्तान रोहित शर्मा (37) के साथ चौथे विकेट के लिए 54 रनों की महती साझेदारी की। रायडू ने 23 गेंदों का सामना कर दौ चौके और एक छक्का लगाया तथा रोहित ने 41 गेंदों में तीन चौके जड़े। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर जब रोहित आउट हुए तब तक मुम्बई जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। छठे विकेट के लिए ग्लेन मैक्सवेल (13) तथा हरभजन सिंह की जोड़ी ने जीत के लिए आवश्यक रन जुटा लिए। पुणे के लिए मेंडिस तथा युवराज सिंह ने भी अच्छी गेंदबाजी की लेकिन जीत के लिए आसान लक्ष्य को हासिल करने से वे मुम्बई को रोक नहीं सके। डिंडा को दो विकेट हासिल हुए। इससे पहले, जॉनसन तथा हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी से लाचार पुणे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। इसके साथ ही मुम्बई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 58वें मुकाबले में सुब्रत रॉय सहारा स्टेडियम में शनिवार को पुणे वॉरियर्स पर पांच विकेट से जीत दर्जकर अंकतालिका में दूसरे स्थान पर कब्जा कर लिया। मुम्बई के तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन को प्लेअर ऑफ द मैच चुना गया। जॉनसन ने दो के औसत से आठ रन देकर दो विकेट भी चटकाए। मुम्बई ने पहली गेंद पर ही ड्वेन स्मिथ का विकेट गंवाने के बाद संभलते हुए दूसरे विकेट के लिए सचिन तेंदुलकर (15) तथा दिनेश कार्तिक (17) की साझेदारी में 25 रन जोड़ लिए। अभी यह जोड़ी जम भी नहीं पाई थी कि पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर अजंथा मेंडिस ने तेंदुलकर को मनीष पांडेय के हाथों कैच आउट करवा दिया। तेंदुलकर ने 13 गेंदों का सामना कर तीन चौके लगाए। कार्तिक भी आठवें ओवर की दूसरी गेंद पर पांडेय के हाथों लपके गए। पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे अम्बाती रायडू (26) ने कप्तान रोहित शर्मा (37) के साथ चौथे विकेट के लिए 54 रनों की महती साझेदारी की। रायडू ने 23 गेंदों का सामना कर दौ चौके और एक छक्का लगाया तथा रोहित ने 41 गेंदों में तीन चौके जड़े। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर जब रोहित आउट हुए तब तक मुम्बई जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। छठे विकेट के लिए ग्लेन मैक्सवेल (13) तथा हरभजन सिंह की जोड़ी ने जीत के लिए आवश्यक रन जुटा लिए। पुणे के लिए मेंडिस तथा युवराज सिंह ने भी अच्छी गेंदबाजी की लेकिन जीत के लिए आसान लक्ष्य को हासिल करने से वे मुम्बई को रोक नहीं सके। डिंडा को दो विकेट हासिल हुए। इससे पहले, जॉनसन तथा हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी से लाचार पुणे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। मुम्बई के तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन को प्लेअर ऑफ द मैच चुना गया। जॉनसन ने दो के औसत से आठ रन देकर दो विकेट भी चटकाए। मुम्बई ने पहली गेंद पर ही ड्वेन स्मिथ का विकेट गंवाने के बाद संभलते हुए दूसरे विकेट के लिए सचिन तेंदुलकर (15) तथा दिनेश कार्तिक (17) की साझेदारी में 25 रन जोड़ लिए। अभी यह जोड़ी जम भी नहीं पाई थी कि पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर अजंथा मेंडिस ने तेंदुलकर को मनीष पांडेय के हाथों कैच आउट करवा दिया। तेंदुलकर ने 13 गेंदों का सामना कर तीन चौके लगाए। कार्तिक भी आठवें ओवर की दूसरी गेंद पर पांडेय के हाथों लपके गए। पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे अम्बाती रायडू (26) ने कप्तान रोहित शर्मा (37) के साथ चौथे विकेट के लिए 54 रनों की महती साझेदारी की। रायडू ने 23 गेंदों का सामना कर दौ चौके और एक छक्का लगाया तथा रोहित ने 41 गेंदों में तीन चौके जड़े। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर जब रोहित आउट हुए तब तक मुम्बई जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। छठे विकेट के लिए ग्लेन मैक्सवेल (13) तथा हरभजन सिंह की जोड़ी ने जीत के लिए आवश्यक रन जुटा लिए। पुणे के लिए मेंडिस तथा युवराज सिंह ने भी अच्छी गेंदबाजी की लेकिन जीत के लिए आसान लक्ष्य को हासिल करने से वे मुम्बई को रोक नहीं सके। डिंडा को दो विकेट हासिल हुए। इससे पहले, जॉनसन तथा हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी से लाचार पुणे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। मुम्बई ने पहली गेंद पर ही ड्वेन स्मिथ का विकेट गंवाने के बाद संभलते हुए दूसरे विकेट के लिए सचिन तेंदुलकर (15) तथा दिनेश कार्तिक (17) की साझेदारी में 25 रन जोड़ लिए। अभी यह जोड़ी जम भी नहीं पाई थी कि पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर अजंथा मेंडिस ने तेंदुलकर को मनीष पांडेय के हाथों कैच आउट करवा दिया। तेंदुलकर ने 13 गेंदों का सामना कर तीन चौके लगाए। कार्तिक भी आठवें ओवर की दूसरी गेंद पर पांडेय के हाथों लपके गए। पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे अम्बाती रायडू (26) ने कप्तान रोहित शर्मा (37) के साथ चौथे विकेट के लिए 54 रनों की महती साझेदारी की। रायडू ने 23 गेंदों का सामना कर दौ चौके और एक छक्का लगाया तथा रोहित ने 41 गेंदों में तीन चौके जड़े। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर जब रोहित आउट हुए तब तक मुम्बई जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। छठे विकेट के लिए ग्लेन मैक्सवेल (13) तथा हरभजन सिंह की जोड़ी ने जीत के लिए आवश्यक रन जुटा लिए। पुणे के लिए मेंडिस तथा युवराज सिंह ने भी अच्छी गेंदबाजी की लेकिन जीत के लिए आसान लक्ष्य को हासिल करने से वे मुम्बई को रोक नहीं सके। डिंडा को दो विकेट हासिल हुए। इससे पहले, जॉनसन तथा हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी से लाचार पुणे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे अम्बाती रायडू (26) ने कप्तान रोहित शर्मा (37) के साथ चौथे विकेट के लिए 54 रनों की महती साझेदारी की। रायडू ने 23 गेंदों का सामना कर दौ चौके और एक छक्का लगाया तथा रोहित ने 41 गेंदों में तीन चौके जड़े। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर जब रोहित आउट हुए तब तक मुम्बई जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। छठे विकेट के लिए ग्लेन मैक्सवेल (13) तथा हरभजन सिंह की जोड़ी ने जीत के लिए आवश्यक रन जुटा लिए। पुणे के लिए मेंडिस तथा युवराज सिंह ने भी अच्छी गेंदबाजी की लेकिन जीत के लिए आसान लक्ष्य को हासिल करने से वे मुम्बई को रोक नहीं सके। डिंडा को दो विकेट हासिल हुए। इससे पहले, जॉनसन तथा हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी से लाचार पुणे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर जब रोहित आउट हुए तब तक मुम्बई जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। छठे विकेट के लिए ग्लेन मैक्सवेल (13) तथा हरभजन सिंह की जोड़ी ने जीत के लिए आवश्यक रन जुटा लिए। पुणे के लिए मेंडिस तथा युवराज सिंह ने भी अच्छी गेंदबाजी की लेकिन जीत के लिए आसान लक्ष्य को हासिल करने से वे मुम्बई को रोक नहीं सके। डिंडा को दो विकेट हासिल हुए। इससे पहले, जॉनसन तथा हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी से लाचार पुणे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। पुणे के लिए मेंडिस तथा युवराज सिंह ने भी अच्छी गेंदबाजी की लेकिन जीत के लिए आसान लक्ष्य को हासिल करने से वे मुम्बई को रोक नहीं सके। डिंडा को दो विकेट हासिल हुए। इससे पहले, जॉनसन तथा हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी से लाचार पुणे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। इससे पहले, जॉनसन तथा हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी से लाचार पुणे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। पुणे को पहला झटका एरॉन फिंच (10) के रूप में लगा। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर फिंच 13 के कुल योग पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। पुणे के योग में 12 रन ही जोड़कर सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (11) भी लसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए मनीष (29) ने युवराज सिंह के साथ महत्वपूर्ण 59 रनों की साझेदारी की। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मलिंगा ने तोड़ा। मनीष पांडेय ने 29 गेंदों का सामना कर एक चौका और एक छक्का लगाया। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। अगले ही ओवर में पुणे को करारा झटका देते हुए तेंदुलकर ने पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए एंजेला मैथ्यूज को खाता भी नहीं खोलने दिया और रन आउट कर दिया। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। इसी ओवर में पुणे को दूसरा झटका युवराज (33) के रूप में लगा। हरभजन सिंह ने उन्हें पगबाधा कर दिया। युवराज ने 29 गेंदों में एक चौका तथा दो छक्के लगाए। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। इसके बाद पुणे का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पुणे अंतिम 42 गेंदों में पांच विकेट खोकर 28 रन ही बना सका।टिप्पणियां मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। मुंबई के लिए हरभजन ने भी 3.5 के औसत से 14 रन देकर एक विकेट चटकाया। अबू अहमद तथा मलिंगा ने भी दो-दो विकेट झटके। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई। इस जीत के सात ही मुम्बई के 13 मैचों में 18 अंक हो गए हैं तथा अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ पुणे की 14 मैचों में यह 12वीं हार हुई।
बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत पुणे वॉरियर्स को सस्ते में समेटने के बाद मिले 113 रनों के आसान लक्ष्य को मुम्बई इंडियंस ने धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी कर 18.5 ओवरों में हासिल कर लिया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में ऑटो टैक्सी हड़ताल का दूसरा दिन है। आज फिर दिल्ली वालों को तगड़ी परेशानी हो सकती है। कल हड़ताल के कारण दिल्ली के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, आज सरकार ने ऑटो और टैक्सी यूनियनों को बातचीत के लिए बुलाया है। आज कुछ यूनियन के सदस्य दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन भी कर सकते हैं। दरअसल, ऐप बेस्ड कैब सर्विस पर रोक की मांग को लेकर हड़ताल की जा रही है। ऑटो-टैक्सी वालों की मांग है कि बिना लाइसेंस के चल रही कैब सेवाएं बंद हों और अवैध ई-रिक्शाओं पर कार्रवाई हो। दिल्ली में नए टैक्सी परमिट जारी न हों। दूसरे राज्यों के ऑटो-टैक्सी पर दिल्ली में लगे रोक। बता दें कि दिल्ली में करीब 85 हज़ार ऑटो हैं और तकरीबन 15 हज़ार काली-पीली टैक्सी हैं। दरअसल, ऐप बेस्ड कैब सर्विस पर रोक की मांग को लेकर हड़ताल की जा रही है। ऑटो-टैक्सी वालों की मांग है कि बिना लाइसेंस के चल रही कैब सेवाएं बंद हों और अवैध ई-रिक्शाओं पर कार्रवाई हो। दिल्ली में नए टैक्सी परमिट जारी न हों। दूसरे राज्यों के ऑटो-टैक्सी पर दिल्ली में लगे रोक। बता दें कि दिल्ली में करीब 85 हज़ार ऑटो हैं और तकरीबन 15 हज़ार काली-पीली टैक्सी हैं।
सारांश: कल से शुरू हुए ऑटो टैक्सी हड़ताल आज भी जारी रहेगी यूनियनों को सरकार ने आज बातचीत के लिए बुलाया है केजरीवाल के घर के बाहर आज किया जा सकता है प्रदर्शन
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