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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद संगठन में दूसरे नंबर का व्यक्ति अयमान अल जवाहिरी संभवत: उसका उत्तराधिकारी बन सकता है। माना जा रहा है कि मिस्र मूल के अल जवाहिरी को ओसामा के समर्थकों का विश्वास हासिल करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अल जवाहिरी संभवत: ओसामा की जगह ले सकता है लेकिन उसके पास वे खूबियां नहीं हैं जो ओसामा के पास थीं और संगठन में उसे वह सम्मान भी हासिल नहीं है। गौरतलब है कि 11 सितंबर के हमलों के बाद अल जवाहिरी भी भूमिगत है और वह अमेरिका के प्रमुख निशानों में से एक है। अधिकारी ने कहा, गिरफ्तार किए गए अल कायदा के कई नेताओं से पता चला है कि संगठन के एकमात्र नेता के तौर पर ओसामा के प्रभुत्व की सभी अल कायदा सदस्य सराहना करते थे और उसने सभी के साथ बेहतर संबंध भी बना रखे थे लेकिन अल जवाहिरी की चमक संगठन के भीतर काफी कम है और उसका ज्यादा सम्मान भी नहीं होता। ओसामा के समर्थकों का विश्वास जीतने के लिए उसे कड़ी मशक्कत करनी होगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अल कायदा सरगना लादेन की मौत के बाद संगठन में दूसरे नंबर का व्यक्ति अयमान अल जवाहिरी संभवत: उसका उत्तराधिकारी बन सकता है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूलैंड्स मैदान पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया श्रृंखला का आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच बगैर किसी नतीजे के साथ समाप्त हो गया। जीत के लिए 340 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 82 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 166 रन बनाए। आठ ओवरों का खेल बाकी था लेकिन इससे पहले ही दोनों कप्तान मैच समाप्त करने पर सहमत हो गए। मैच समाप्त होने के वक्त मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर 14 और स्टाइलिश बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण 32 रन बनाकर नाबाद थे। सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर ने भारत की ओर से दूसरी पारी में सर्वाधिक 64 रन बनाए। इस पारी के दौरान उन्होंने 184 गेंदों का सामना किया और नौ चौके लगाए। वह तेज गेंदबाज डेल स्टेन की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। कभी भारतीय शीर्षक्रम की रीढ़ समझे जाने वाले राहुल द्रविड़ इस टेस्ट मैच में भी नाकाम रहे। द्रविड़ 31 रन बनाकर दूसरे विकेट के रूप में आउट हुए। द्रविड़ का विकेट 106 रन के कुल योग पर गिरा। तीन मैचों की इस श्रृंखला में बुरी तरह नाकाम रहे राहुल द्रविड़ ने 112 गेंदों पर चार चौके लगाए। वह तीन मैचों की छह पारियों में 14, 43, 25, 2, 5 और 31 रनों की पारियां खेल सके हैं। भारत ने गंभीर और द्रविड़ के अलावा अपने विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का विकेट गंवाया। सहवाग 11 रन बनाकर मोर्न मोर्कल की गेंद पर ग्रीम स्मिथ के हाथों लपके गए। भारत का यह विकेट 27 रन के कुल योग पर गिरा। सहवाग ने अपनी छवि के विपरीत 40 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 362 रन बनाए थे जबकि भारतीय टीम सचिन तेंदुलकर के 146 रनों की बदौलत अपनी पहली पारी में 364 रन बनाकर दो रनों की बढ़त हासिल करने में सफल रही थी। इसके बाद मेजबान टीम ने जैक्स कैलिस (109 नाबाद) के 40वें टेस्ट शतक की बदौलत अपनी दूसरी पारी में 341 रन बनाकर भारत के सामने 340 रनों का लक्ष्य रखा। भारत की ओर से दूसरी पारी में हरभजन सिंह ने सात विकेट लिए।
यह एक सारांश है: न्यूलैंड्स मैदान पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया श्रृंखला का आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच बगैर किसी नतीजे के साथ समाप्त हो गया।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश की सीमा से लगे बारां ज़िले में भारी बारिश से छबड़ा, छीपाबड़ौद और कवाई में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. बारिश की वजह से 8 लोगों की मौत हो गई. उधर, सेना ने दस स्थानों में फंसे 34 लोगों को बाहर निकाला. भारी बारिश की वजह से 56 गांव टापू बन गए हैं.   बाढ़ के हालात का जायजा लेने के निकले बारां के कलेक्टर एसपी सिंह ने बताया, "शनिवार को छबड़ा, छीपाबड़ौद और कवाई में 250 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है." सेना और वायु सेना राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई है. आरएसी और एसडीआरएफ बारां में जबकि झालावाड़ में एनडीआरएफ की टीम जुटी हुई है.   झालावाड़ जिले के मनोहरथाना में शनिवार को रिकॉर्ड 12.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई. भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई बाढ़ की स्थिति बन गई. टिप्पणियां इसी तरह के कुछ हालात चित्तौड़गढ़ कस्बे में भी बने हुए हैं. भारी बारिश के चलते गंभीरी और घोसुंडा डैम के फाटक खोलने पड़े जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया.   शहर की सड़के जलमग्न हो जाने से यातायात बाधित रहा. बाढ़ से निपटने के लिए चित्तौड़गढ़ में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलाया गया है. हालांकि मौसम विभाग ने अब पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है जिससे मध्य प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में कुछ राहत मिल सकती है.   इसी तरह के कुछ हालात चित्तौड़गढ़ कस्बे में भी बने हुए हैं. भारी बारिश के चलते गंभीरी और घोसुंडा डैम के फाटक खोलने पड़े जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया.   शहर की सड़के जलमग्न हो जाने से यातायात बाधित रहा. बाढ़ से निपटने के लिए चित्तौड़गढ़ में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलाया गया है. हालांकि मौसम विभाग ने अब पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है जिससे मध्य प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में कुछ राहत मिल सकती है.   शहर की सड़के जलमग्न हो जाने से यातायात बाधित रहा. बाढ़ से निपटने के लिए चित्तौड़गढ़ में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलाया गया है. हालांकि मौसम विभाग ने अब पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है जिससे मध्य प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में कुछ राहत मिल सकती है.
यहाँ एक सारांश है:बारां जिले के छबड़ा, छीपाबड़ौद और कवाई में बाढ़ जैसे हालात सेना ने दस स्थानों में फंसे 34 लोगों को बाहर निकाला भारी बारिश से 56 गांव जलमग्न हो गए हैं
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजधानी में 18 दिन पहले 23 वर्षीय युवती से सामूहिक बलात्कार के मामले में दिल्ली पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या, बलात्कार, अपहरण और अन्य आरोप लगाए गए हैं। पैरामेडिकल की छात्रा की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इस युवती से 16 दिसंबर को चलती बस सामूहिक बलात्कार किया गया था और उसकी बर्बरता से पिटाई की गई थी। आरोप पत्र में इस मामले के आरोपी राम सिंह, उसका भाई मुकेश और साथी पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, बलात्कार, हत्या का प्रयास, अपहरण, अप्राकृतिक अपराध, डकैती, लूट के लिए मारपीट, साक्ष्य नष्ट करने, आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में छठवां आरोपी नाबालिग है और उसके खिलाफ नाबालिग न्याय बोर्ड द्वारा ही कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने इस आरोप पत्र में नाबालिग आरोपी की भूमिका का भी जिक्र किया है। टिप्पणियां पुलिस ने कई दस्तावेजों के साथ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सूर्य मलिक ग्रोवर की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। ग्रोवर इस आरोप पत्र पर पांच जनवरी को विचार करेंगे। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित युवती की पहचान गुप्त रखने के इरादे से प्राथमिकी के विवरण का खुलासा नहीं करने और इसे तथा इसके अन्य दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में रखने के बारे में अदालत से निर्देश मांगा है। पैरामेडिकल की छात्रा की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इस युवती से 16 दिसंबर को चलती बस सामूहिक बलात्कार किया गया था और उसकी बर्बरता से पिटाई की गई थी। आरोप पत्र में इस मामले के आरोपी राम सिंह, उसका भाई मुकेश और साथी पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, बलात्कार, हत्या का प्रयास, अपहरण, अप्राकृतिक अपराध, डकैती, लूट के लिए मारपीट, साक्ष्य नष्ट करने, आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में छठवां आरोपी नाबालिग है और उसके खिलाफ नाबालिग न्याय बोर्ड द्वारा ही कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने इस आरोप पत्र में नाबालिग आरोपी की भूमिका का भी जिक्र किया है। टिप्पणियां पुलिस ने कई दस्तावेजों के साथ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सूर्य मलिक ग्रोवर की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। ग्रोवर इस आरोप पत्र पर पांच जनवरी को विचार करेंगे। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित युवती की पहचान गुप्त रखने के इरादे से प्राथमिकी के विवरण का खुलासा नहीं करने और इसे तथा इसके अन्य दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में रखने के बारे में अदालत से निर्देश मांगा है। आरोप पत्र में इस मामले के आरोपी राम सिंह, उसका भाई मुकेश और साथी पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, बलात्कार, हत्या का प्रयास, अपहरण, अप्राकृतिक अपराध, डकैती, लूट के लिए मारपीट, साक्ष्य नष्ट करने, आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में छठवां आरोपी नाबालिग है और उसके खिलाफ नाबालिग न्याय बोर्ड द्वारा ही कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने इस आरोप पत्र में नाबालिग आरोपी की भूमिका का भी जिक्र किया है। टिप्पणियां पुलिस ने कई दस्तावेजों के साथ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सूर्य मलिक ग्रोवर की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। ग्रोवर इस आरोप पत्र पर पांच जनवरी को विचार करेंगे। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित युवती की पहचान गुप्त रखने के इरादे से प्राथमिकी के विवरण का खुलासा नहीं करने और इसे तथा इसके अन्य दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में रखने के बारे में अदालत से निर्देश मांगा है। इस मामले में छठवां आरोपी नाबालिग है और उसके खिलाफ नाबालिग न्याय बोर्ड द्वारा ही कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने इस आरोप पत्र में नाबालिग आरोपी की भूमिका का भी जिक्र किया है। टिप्पणियां पुलिस ने कई दस्तावेजों के साथ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सूर्य मलिक ग्रोवर की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। ग्रोवर इस आरोप पत्र पर पांच जनवरी को विचार करेंगे। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित युवती की पहचान गुप्त रखने के इरादे से प्राथमिकी के विवरण का खुलासा नहीं करने और इसे तथा इसके अन्य दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में रखने के बारे में अदालत से निर्देश मांगा है। पुलिस ने कई दस्तावेजों के साथ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सूर्य मलिक ग्रोवर की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। ग्रोवर इस आरोप पत्र पर पांच जनवरी को विचार करेंगे। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित युवती की पहचान गुप्त रखने के इरादे से प्राथमिकी के विवरण का खुलासा नहीं करने और इसे तथा इसके अन्य दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में रखने के बारे में अदालत से निर्देश मांगा है। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित युवती की पहचान गुप्त रखने के इरादे से प्राथमिकी के विवरण का खुलासा नहीं करने और इसे तथा इसके अन्य दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में रखने के बारे में अदालत से निर्देश मांगा है।
यहाँ एक सारांश है:राजधानी में 18 दिन पहले 23 वर्षीय युवती से सामूहिक बलात्कार के मामले में दिल्ली पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या, बलात्कार, अपहरण और अन्य आरोप लगाए गए हैं।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मंगलवार को तीन साल के अविरल राणा की मां दिल्‍ली के पहली मंजिल पर स्थित अपने घर की बालकनी में खड़ी थीं. उन्‍होंने अपने बेटे को स्‍कूल वैन से उतरते हुए देखा. अगले चंद पलों के भीतर गाड़ी को पीछे घुमाते वक्‍त वह उसके नीचे कुचल गया. बच्‍चे की निकटवर्ती सिविल लाइंस एरिया के अस्‍पताल में मौत हो गई. उसके खून के धब्‍बे अभी भी उस मारुति वैन पर मौजूद है. दो किमी दूर उसके प्‍ले स्‍कूल तक ले जाने के लिए एक महीने पहले ही उसके अभिभावकों ने वैन की थी. वह तब इस बात से बिल्‍कुल बेखबर थे कि वह प्राइवेट वैन हर रोज सड़कों पर कई नियमों का उल्‍लंघन करती थी.   प्राइवेट वैन के पास स्‍कूली बच्‍चों को ले जाने का परमिट नहीं था और उस पर यह दर्शाने के लिए कोई साइनबोर्ड नहीं था कि वह स्‍कूल वैन है. नियमों के विपरीत वैन में कोई टीचर या अटेंडेंट मौजूद नहीं था. गाड़ी पर मानकों के अनुरूप पीले रंग की कोई स्ट्रिप नहीं थी और न ही ड्राइवर का पूरा ब्‍योरा प्रमुखता से डिस्‍प्‍ले किया गया था. गाड़ी में आग बुझाने वाला या प्राथमिक उपचार के लिए बॉक्‍स भी नहीं था. सिर्फ इतना ही नहीं गिरफ्तार किए गए ड्राइवर के पास बच्‍चों के इमरजेंसी कांटेक्‍ट का ब्‍योरा भी नहीं था. ड्राइवर राहुल कुमार (28) को पहले भी गैर-जिम्‍मेदाराना ढंग से गाड़ी चलाने के लिए चेतावनी दी गई थी लेकिन किसी ने भी उसको ड्राइविंग करने से नहीं रोका. अविरल को मेन रोड पर छोड़ने के बाद उसने गाड़ी को रिवर्स कर आगे बढ़ा दी. उसने यह भी नहीं देखा कि अविरल अभी भी मेन रोड पर था. उसने तब तक रुकने की जहमत भी नहीं उठाई जब तक कि अविरल के अभिभावक उसको लेने के लिए आते. उसको उसी जगह स्‍थानीय लोगों ने पकड़ लिया और पीटने के बाद पुलिस को सौंपा. टिप्पणियां यद्यपि नियम कहते हैं कि यदि निर्धारित स्‍थल पर अभिभावक मौजूद नहीं होते हैं तो ड्राइवर को उस बच्‍चे को वापस स्‍कूल ले जाना होता है. भारतीय रेलवे में टेक्‍नीशियन के पद पर कार्यरत हितेंद्र राणा ने कहा, ''अभी बस एक महीने से ही हमने उसको वैन में स्‍कूल भेजना शुरू किया था. उसको रोज की तरह हमारे घर से महज चंद कदम दूरी पर उतारा गया था लेकिन रिवर्स के दौरान गाड़ी पर चढ़ गई और कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गई.'' दिल्‍ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. प्‍ले स्‍कूल ने भी इस घटना से दूरी बनाते हुए कहा है कि यदि अभिभावक प्राइवेट अप्रमाणित वैनों को यदि हायर करते हैं तो उसके लिए उन्‍हें जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता. बच्‍चे की निकटवर्ती सिविल लाइंस एरिया के अस्‍पताल में मौत हो गई. उसके खून के धब्‍बे अभी भी उस मारुति वैन पर मौजूद है. दो किमी दूर उसके प्‍ले स्‍कूल तक ले जाने के लिए एक महीने पहले ही उसके अभिभावकों ने वैन की थी. वह तब इस बात से बिल्‍कुल बेखबर थे कि वह प्राइवेट वैन हर रोज सड़कों पर कई नियमों का उल्‍लंघन करती थी.   प्राइवेट वैन के पास स्‍कूली बच्‍चों को ले जाने का परमिट नहीं था और उस पर यह दर्शाने के लिए कोई साइनबोर्ड नहीं था कि वह स्‍कूल वैन है. नियमों के विपरीत वैन में कोई टीचर या अटेंडेंट मौजूद नहीं था. गाड़ी पर मानकों के अनुरूप पीले रंग की कोई स्ट्रिप नहीं थी और न ही ड्राइवर का पूरा ब्‍योरा प्रमुखता से डिस्‍प्‍ले किया गया था. गाड़ी में आग बुझाने वाला या प्राथमिक उपचार के लिए बॉक्‍स भी नहीं था. सिर्फ इतना ही नहीं गिरफ्तार किए गए ड्राइवर के पास बच्‍चों के इमरजेंसी कांटेक्‍ट का ब्‍योरा भी नहीं था. ड्राइवर राहुल कुमार (28) को पहले भी गैर-जिम्‍मेदाराना ढंग से गाड़ी चलाने के लिए चेतावनी दी गई थी लेकिन किसी ने भी उसको ड्राइविंग करने से नहीं रोका. अविरल को मेन रोड पर छोड़ने के बाद उसने गाड़ी को रिवर्स कर आगे बढ़ा दी. उसने यह भी नहीं देखा कि अविरल अभी भी मेन रोड पर था. उसने तब तक रुकने की जहमत भी नहीं उठाई जब तक कि अविरल के अभिभावक उसको लेने के लिए आते. उसको उसी जगह स्‍थानीय लोगों ने पकड़ लिया और पीटने के बाद पुलिस को सौंपा. टिप्पणियां यद्यपि नियम कहते हैं कि यदि निर्धारित स्‍थल पर अभिभावक मौजूद नहीं होते हैं तो ड्राइवर को उस बच्‍चे को वापस स्‍कूल ले जाना होता है. भारतीय रेलवे में टेक्‍नीशियन के पद पर कार्यरत हितेंद्र राणा ने कहा, ''अभी बस एक महीने से ही हमने उसको वैन में स्‍कूल भेजना शुरू किया था. उसको रोज की तरह हमारे घर से महज चंद कदम दूरी पर उतारा गया था लेकिन रिवर्स के दौरान गाड़ी पर चढ़ गई और कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गई.'' दिल्‍ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. प्‍ले स्‍कूल ने भी इस घटना से दूरी बनाते हुए कहा है कि यदि अभिभावक प्राइवेट अप्रमाणित वैनों को यदि हायर करते हैं तो उसके लिए उन्‍हें जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता. प्राइवेट वैन के पास स्‍कूली बच्‍चों को ले जाने का परमिट नहीं था और उस पर यह दर्शाने के लिए कोई साइनबोर्ड नहीं था कि वह स्‍कूल वैन है. नियमों के विपरीत वैन में कोई टीचर या अटेंडेंट मौजूद नहीं था. गाड़ी पर मानकों के अनुरूप पीले रंग की कोई स्ट्रिप नहीं थी और न ही ड्राइवर का पूरा ब्‍योरा प्रमुखता से डिस्‍प्‍ले किया गया था. गाड़ी में आग बुझाने वाला या प्राथमिक उपचार के लिए बॉक्‍स भी नहीं था. सिर्फ इतना ही नहीं गिरफ्तार किए गए ड्राइवर के पास बच्‍चों के इमरजेंसी कांटेक्‍ट का ब्‍योरा भी नहीं था. ड्राइवर राहुल कुमार (28) को पहले भी गैर-जिम्‍मेदाराना ढंग से गाड़ी चलाने के लिए चेतावनी दी गई थी लेकिन किसी ने भी उसको ड्राइविंग करने से नहीं रोका. अविरल को मेन रोड पर छोड़ने के बाद उसने गाड़ी को रिवर्स कर आगे बढ़ा दी. उसने यह भी नहीं देखा कि अविरल अभी भी मेन रोड पर था. उसने तब तक रुकने की जहमत भी नहीं उठाई जब तक कि अविरल के अभिभावक उसको लेने के लिए आते. उसको उसी जगह स्‍थानीय लोगों ने पकड़ लिया और पीटने के बाद पुलिस को सौंपा. टिप्पणियां यद्यपि नियम कहते हैं कि यदि निर्धारित स्‍थल पर अभिभावक मौजूद नहीं होते हैं तो ड्राइवर को उस बच्‍चे को वापस स्‍कूल ले जाना होता है. भारतीय रेलवे में टेक्‍नीशियन के पद पर कार्यरत हितेंद्र राणा ने कहा, ''अभी बस एक महीने से ही हमने उसको वैन में स्‍कूल भेजना शुरू किया था. उसको रोज की तरह हमारे घर से महज चंद कदम दूरी पर उतारा गया था लेकिन रिवर्स के दौरान गाड़ी पर चढ़ गई और कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गई.'' दिल्‍ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. प्‍ले स्‍कूल ने भी इस घटना से दूरी बनाते हुए कहा है कि यदि अभिभावक प्राइवेट अप्रमाणित वैनों को यदि हायर करते हैं तो उसके लिए उन्‍हें जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता. ड्राइवर राहुल कुमार (28) को पहले भी गैर-जिम्‍मेदाराना ढंग से गाड़ी चलाने के लिए चेतावनी दी गई थी लेकिन किसी ने भी उसको ड्राइविंग करने से नहीं रोका. अविरल को मेन रोड पर छोड़ने के बाद उसने गाड़ी को रिवर्स कर आगे बढ़ा दी. उसने यह भी नहीं देखा कि अविरल अभी भी मेन रोड पर था. उसने तब तक रुकने की जहमत भी नहीं उठाई जब तक कि अविरल के अभिभावक उसको लेने के लिए आते. उसको उसी जगह स्‍थानीय लोगों ने पकड़ लिया और पीटने के बाद पुलिस को सौंपा. टिप्पणियां यद्यपि नियम कहते हैं कि यदि निर्धारित स्‍थल पर अभिभावक मौजूद नहीं होते हैं तो ड्राइवर को उस बच्‍चे को वापस स्‍कूल ले जाना होता है. भारतीय रेलवे में टेक्‍नीशियन के पद पर कार्यरत हितेंद्र राणा ने कहा, ''अभी बस एक महीने से ही हमने उसको वैन में स्‍कूल भेजना शुरू किया था. उसको रोज की तरह हमारे घर से महज चंद कदम दूरी पर उतारा गया था लेकिन रिवर्स के दौरान गाड़ी पर चढ़ गई और कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गई.'' दिल्‍ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. प्‍ले स्‍कूल ने भी इस घटना से दूरी बनाते हुए कहा है कि यदि अभिभावक प्राइवेट अप्रमाणित वैनों को यदि हायर करते हैं तो उसके लिए उन्‍हें जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता. यद्यपि नियम कहते हैं कि यदि निर्धारित स्‍थल पर अभिभावक मौजूद नहीं होते हैं तो ड्राइवर को उस बच्‍चे को वापस स्‍कूल ले जाना होता है. भारतीय रेलवे में टेक्‍नीशियन के पद पर कार्यरत हितेंद्र राणा ने कहा, ''अभी बस एक महीने से ही हमने उसको वैन में स्‍कूल भेजना शुरू किया था. उसको रोज की तरह हमारे घर से महज चंद कदम दूरी पर उतारा गया था लेकिन रिवर्स के दौरान गाड़ी पर चढ़ गई और कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गई.'' दिल्‍ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. प्‍ले स्‍कूल ने भी इस घटना से दूरी बनाते हुए कहा है कि यदि अभिभावक प्राइवेट अप्रमाणित वैनों को यदि हायर करते हैं तो उसके लिए उन्‍हें जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता. दिल्‍ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. प्‍ले स्‍कूल ने भी इस घटना से दूरी बनाते हुए कहा है कि यदि अभिभावक प्राइवेट अप्रमाणित वैनों को यदि हायर करते हैं तो उसके लिए उन्‍हें जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
संक्षिप्त सारांश: मंगलवार को दिल्‍ली में घटित हुई घटना बच्‍चा प्‍ले स्‍कूल से घर लौट रहा था गाड़ी रिवर्स करते वक्‍त हुआ हादसा
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 3.15 करोड़ डॉलर की कमाई से 'फोर्ब्स' पत्रिका की 100 सबसे ज्यादा राशि हासिल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में 16वें स्थान पर हैं, जबकि भारतीय मास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सूची में 2.2 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ 51वें नंबर पर हैं। सूची में शीर्ष स्थान गोल्फर टाइगर वुड्स का है। पत्रिका में लिखा गया है कि धोनी ने इस साल 15 पायदान की छलांग लगाई है, क्योंकि वर्ष 2012 की सूची में वह 31वें स्थान पर थे। पत्रिका के अनुसार धोनी ने पिछले साल इनामी राशि और विज्ञापनों से 3.15 करोड़ डॉलर की कमाई की। इस तरह धोनी ने टेनिस स्टार नोवाक जोकोविक, राफेल नडाल और 'फर्राटा किंग' उसैन बोल्ट को पीछे छोड़ दिया है। सूची में जोकोविक 28वें (2.69 करोड़ डॉलर), नडाल 30वें (2.64 करोड़ डॉलर) और बोल्ट 40वें (2.42 करोड़ डॉलर) स्थान पर हैं।टिप्पणियां अमेरिका के 37-वर्षीय गोल्फर वुड्स 7.18 करोड़ डॉलर की कमाई से सूची में शीर्ष पर हैं, जबकि स्विस टेनिस स्टार रोजर फेडरर 7.15 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अमेरिका के पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबी ब्रायंट 6.19 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ सूची में तीसरे नंबर पर हैं। इस साल की सूची में केवल तीन महिला एथलीट शामिल हैं, जिनकी अगुवाई टेनिस की शीर्ष स्टार मारिया शारापोवा कर रही हैं, जो 22वें नंबर पर हैं और उनकी कमाई 2.9 करोड़ डॉलर है। शारापोवा के बाद सेरेना विलियम्स 2.05 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ 68वें, जबकि चीन की ली ना 1.82 करोड़ डॉलर की कमाई करके सूची में 85वें नंबर पर हैं। पत्रिका में लिखा गया है कि धोनी ने इस साल 15 पायदान की छलांग लगाई है, क्योंकि वर्ष 2012 की सूची में वह 31वें स्थान पर थे। पत्रिका के अनुसार धोनी ने पिछले साल इनामी राशि और विज्ञापनों से 3.15 करोड़ डॉलर की कमाई की। इस तरह धोनी ने टेनिस स्टार नोवाक जोकोविक, राफेल नडाल और 'फर्राटा किंग' उसैन बोल्ट को पीछे छोड़ दिया है। सूची में जोकोविक 28वें (2.69 करोड़ डॉलर), नडाल 30वें (2.64 करोड़ डॉलर) और बोल्ट 40वें (2.42 करोड़ डॉलर) स्थान पर हैं।टिप्पणियां अमेरिका के 37-वर्षीय गोल्फर वुड्स 7.18 करोड़ डॉलर की कमाई से सूची में शीर्ष पर हैं, जबकि स्विस टेनिस स्टार रोजर फेडरर 7.15 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अमेरिका के पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबी ब्रायंट 6.19 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ सूची में तीसरे नंबर पर हैं। इस साल की सूची में केवल तीन महिला एथलीट शामिल हैं, जिनकी अगुवाई टेनिस की शीर्ष स्टार मारिया शारापोवा कर रही हैं, जो 22वें नंबर पर हैं और उनकी कमाई 2.9 करोड़ डॉलर है। शारापोवा के बाद सेरेना विलियम्स 2.05 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ 68वें, जबकि चीन की ली ना 1.82 करोड़ डॉलर की कमाई करके सूची में 85वें नंबर पर हैं। अमेरिका के 37-वर्षीय गोल्फर वुड्स 7.18 करोड़ डॉलर की कमाई से सूची में शीर्ष पर हैं, जबकि स्विस टेनिस स्टार रोजर फेडरर 7.15 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अमेरिका के पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबी ब्रायंट 6.19 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ सूची में तीसरे नंबर पर हैं। इस साल की सूची में केवल तीन महिला एथलीट शामिल हैं, जिनकी अगुवाई टेनिस की शीर्ष स्टार मारिया शारापोवा कर रही हैं, जो 22वें नंबर पर हैं और उनकी कमाई 2.9 करोड़ डॉलर है। शारापोवा के बाद सेरेना विलियम्स 2.05 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ 68वें, जबकि चीन की ली ना 1.82 करोड़ डॉलर की कमाई करके सूची में 85वें नंबर पर हैं। इस साल की सूची में केवल तीन महिला एथलीट शामिल हैं, जिनकी अगुवाई टेनिस की शीर्ष स्टार मारिया शारापोवा कर रही हैं, जो 22वें नंबर पर हैं और उनकी कमाई 2.9 करोड़ डॉलर है। शारापोवा के बाद सेरेना विलियम्स 2.05 करोड़ डॉलर की कमाई के साथ 68वें, जबकि चीन की ली ना 1.82 करोड़ डॉलर की कमाई करके सूची में 85वें नंबर पर हैं।
संक्षिप्त पाठ: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 3.15 करोड़ डॉलर की कमाई से 'फोर्ब्स' पत्रिका की 100 सबसे ज्यादा राशि हासिल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में 16वें स्थान पर हैं।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा (Usman Khawaja) के भाई पर शुक्रवार को उस मामले में एक गवाह को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया, जिसमें उसने प्रेम त्रिकोण के अपने प्रतिद्वंद्वी को कथित तौर पर एक फर्जी आतंकी साजिश (fake terror plot) में फंसाया था. अर्सलान ख्वाजा को दिसंबर के शुरू में जालसाजी और न्याय में विघ्न डालने के आरोप में सिडनी की एक अदालत में पेश किया गया था और बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था. गौरतलब है कि ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सदस्‍य उस्‍मान ख्‍वाजा का जन्‍म पाकिस्‍तान के इस्‍लामाबाद शहर में हुआ था. बाद में उनका परिवार ऑस्‍ट्रेलिया शिफ्ट हो गया था. Cricket Poll: आपकी नजर में वर्ष 2018 के लिए कौन है पसंदीदा क्रिकेटर?  न्यू साउथ वेल्स पुलिस की प्रवक्ता ने एएफपी से कहा कि उसे आतंकवाद निरोधक जांच में ‘‘गवाह को प्रभावित करने के कथित प्रयास' के बाद गुरुवार को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया. ख्वाजा के 39 वर्षीय भाई पर जमानत की अपनी शर्तों का उल्लंघन करने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है. उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया. अगस्त में पुलिस ने श्रीलंकाई छात्र मोहम्मद कमर निजामुद्दीन को सिडनी में गिरफ्तार किया था.
सारांश: गवाह को प्रभावित करने के प्रयास में की गई है गिरफ्तारी अर्सलान ने फर्जी आतंकी साजिश मामले में प्रतिद्वंद्वी को फंसाया था अदालत ने उस समय अर्सलान को जमानत पर रिहा कर दिया था
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: INX मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जमानत की अर्जी दी है और दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. इस मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने जल्द सुनवाई की मांग की है. सिब्बल ने कहा कि चिदंबरम पहले से 90 दिनों से जेल में हैं. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार है. CJI बोबड़े ने कहा कि मंगलवार या बुधवार को इस मामले में सुनवाई करेंगे. अर्जी में चिदंबरम ने कहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट का जमानत अर्जी रद्द करने का फैसला गलत है. अर्जी में हाईकोर्ट द्वारा फैसले में रोहित टंडन केस के तथ्य कॉपी केस करने पर भी सवाल उठाए गए हैं.  इससे पहले 15 नवंबर को कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को INX मीडिया मामले में बड़ा झटका लगा था. दिल्ली हाईकोर्ट ने INX मीडिया के ईडी से जुड़े मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसले के दौरान कहा, "आरोप बेहद गंभीर हैं, और आरोपी की मुख्य भूमिका है."  दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सुरेश कैथ ने अपने आदेश में कहा, "अगर इस स्टेज पर चिदम्बरम को ज़मानत दी जाती है, तो 70 बेनामी बैंक एकाउंटों समेत शेल कंपनियों और मनी ट्रेल को साबित करना जांच एजेंसी के लिए मुश्किल हो जाएगा, इसलिए जनहित में ज़मानत अर्जी को ख़ारिज किया जाता है. इस आर्थिक अपराध के चलते देश को आर्थिक रूप से नुकसान हुआ."  वहीं उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि इस मामले में अगर चिदंबरम को जमानत दी जाती है तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा. आपको बता दें कि कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिंदबरम 21 अगस्त से पुलिस की हिरासत में हैं. हालांकि चिदंबरम को CBI से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है.
यह एक सारांश है: INX मीडिया मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम मामले में जल्द सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट कपिल सिब्बल ने जल्द सुनवाई की मांग की थी
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के पुलिस आयुक्त के भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। ऐसे सुझाव भी आए हैं कि उन्हें किसी महत्वपूर्ण पद पर स्थानांतरित किया जा सकता है और विशेष आयुक्त भीम सैन बस्सी से प्रभार संभालने को कहा जा सकता है। घटनाक्रम को देखते हुए उनकी छुट्टी होना लगभग तय है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि 1976 बैच के आईपीएस अधिकारी नीरज कुमार की दिल्ली में पूर्व में घटित कई घटनाओं से निपटने के ढंग को लेकर व्यापक आलोचना हुई है। उन्हें पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो भेजा जा सकता है या फिर अवकाश पर जाने को कहा जा सकता है। कुमार जुलाई के अंत में रिटायर होंगे। समझा जाता है कि जिस ढंग से पांच साल की बच्ची से बलात्कार की घटना से दिल्ली पुलिस निपटी, जिस ढंग से पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा पर कथित हमला हुआ और जिस तरह से जाट प्रदर्शनकारी केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे के घर घुस आए, इन सब चीजों को लेकर शिन्दे नाराज हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी बस्सी ने गृह मंत्री से अलग-अलग मुलाकात की। पिछले साल 16 दिसंबर को सामूहिक बलात्कार की घटना और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कहर को लेकर शीला ने दिल्ली पुलिस की कड़ी निन्दा की थी। टिप्पणियां अटकलों के बारे में पूछने पर शिन्दे ने कहा कि अब तक दिल्ली के पुलिस आयुक्त के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि शिन्दे दिल्ली पुलिस के अलावा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर पर फेरबदल करना चाहते हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि 1976 बैच के आईपीएस अधिकारी नीरज कुमार की दिल्ली में पूर्व में घटित कई घटनाओं से निपटने के ढंग को लेकर व्यापक आलोचना हुई है। उन्हें पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो भेजा जा सकता है या फिर अवकाश पर जाने को कहा जा सकता है। कुमार जुलाई के अंत में रिटायर होंगे। समझा जाता है कि जिस ढंग से पांच साल की बच्ची से बलात्कार की घटना से दिल्ली पुलिस निपटी, जिस ढंग से पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा पर कथित हमला हुआ और जिस तरह से जाट प्रदर्शनकारी केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे के घर घुस आए, इन सब चीजों को लेकर शिन्दे नाराज हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी बस्सी ने गृह मंत्री से अलग-अलग मुलाकात की। पिछले साल 16 दिसंबर को सामूहिक बलात्कार की घटना और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कहर को लेकर शीला ने दिल्ली पुलिस की कड़ी निन्दा की थी। टिप्पणियां अटकलों के बारे में पूछने पर शिन्दे ने कहा कि अब तक दिल्ली के पुलिस आयुक्त के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि शिन्दे दिल्ली पुलिस के अलावा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर पर फेरबदल करना चाहते हैं। समझा जाता है कि जिस ढंग से पांच साल की बच्ची से बलात्कार की घटना से दिल्ली पुलिस निपटी, जिस ढंग से पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा पर कथित हमला हुआ और जिस तरह से जाट प्रदर्शनकारी केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे के घर घुस आए, इन सब चीजों को लेकर शिन्दे नाराज हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी बस्सी ने गृह मंत्री से अलग-अलग मुलाकात की। पिछले साल 16 दिसंबर को सामूहिक बलात्कार की घटना और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कहर को लेकर शीला ने दिल्ली पुलिस की कड़ी निन्दा की थी। टिप्पणियां अटकलों के बारे में पूछने पर शिन्दे ने कहा कि अब तक दिल्ली के पुलिस आयुक्त के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि शिन्दे दिल्ली पुलिस के अलावा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर पर फेरबदल करना चाहते हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी बस्सी ने गृह मंत्री से अलग-अलग मुलाकात की। पिछले साल 16 दिसंबर को सामूहिक बलात्कार की घटना और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कहर को लेकर शीला ने दिल्ली पुलिस की कड़ी निन्दा की थी। टिप्पणियां अटकलों के बारे में पूछने पर शिन्दे ने कहा कि अब तक दिल्ली के पुलिस आयुक्त के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि शिन्दे दिल्ली पुलिस के अलावा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर पर फेरबदल करना चाहते हैं। अटकलों के बारे में पूछने पर शिन्दे ने कहा कि अब तक दिल्ली के पुलिस आयुक्त के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि शिन्दे दिल्ली पुलिस के अलावा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर पर फेरबदल करना चाहते हैं। सूत्रों ने बताया कि शिन्दे दिल्ली पुलिस के अलावा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर पर फेरबदल करना चाहते हैं।
सारांश: दिल्ली के पुलिस आयुक्त के भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। ऐसे सुझाव भी आए हैं कि उन्हें किसी महत्वपूर्ण पद पर स्थानांतरित किया जा सकता है और विशेष आयुक्त भीम सैन बस्सी से प्रभार संभालने को कहा जा सकता है।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने चेतावनी दी कि यदि कंपनियों ने मुनाफे की मंशा और राष्ट्रीय हित के बीच तालमेल नहीं बिठाया तो दूरसंचार उद्योग की वृद्धि प्रभावित हो सकती और इस क्षेत्र का नियमों का शिकंजा कड़ा हो सकता है। सिब्बल ने दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा नियामकीय व्यवस्था पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में कहा,  यदि राष्ट्रीय हित की जगह हो और आप सिर्फ मुनाफे के लिए खड़े हो तो बात नहीं बनेगी। यदि वृद्धि से देश को फायदा नहीं होगा तो नियम बनाने होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए नियमन की जरूरत है लेकिन ज्यादा नियमन से वृद्धि प्रभावित होगी। सिब्बल ने कहा, यह अति नियमन का माहौल बता है तो आप वृद्धि दर्ज नहीं कर सकेंगे। यदि नियमन कम होता है तो दुरुपयोग होगा। इसलिए एक उत्कृष्ट स्तर पर पहुंचना चुनौती है। इसी तरह मंत्री ने दूरसंचार कंपनियों से यह भी कहा कि वे एक-दूसरे के साथ गठजोड़ करें और उन्होंने विभिन्न कंपनियों के बीच स्पेक्ट्रम के बंटवारे का पक्ष लिया। मंत्री ने कहा, यह मौका उद्योग के मजबूत करने का है। एक सर्कल में 12-13 सेवा प्रदाता रखना हमारे लिए संभव नहीं है। मुझे लगता हे कि स्पेक्ट्रम एक-दूसरे साथ बांटा जा सकता है और मुझे लगता कि इसके लिए अतिनियमन की जरूरत है।
संक्षिप्त पाठ: सिब्बल ने चेतावनी दी कि यदि कंपनियों ने मुनाफे की मंशा और राष्ट्रीय हित के बीच तालमेल नहीं बिठाया तो दूरसंचार उद्योग की वृद्धि प्रभावित होगी।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बजट से पहले वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव और सेबी अध्यक्ष यूके सिन्हा समेत वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न नियामकों से मुलाकात की। बैठक में अर्थव्यवस्था में गतिविधियां बढ़ाने और निवेश माहौल सुधारने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के संबंध में नियामकों के सुझाव काफी महत्वपूर्ण होंगे। सुब्बाराव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बजट पूर्व बैठक है। वित्तमंत्री ने सभी नियामकों के विचार सुने। निश्चित तौर पर आरबीआई पर वृहत-आर्थिक प्रबंधन और बैंकिंग नियमन दोनों की जिम्मेदारी है। आज की बैठक का नतीजा बजट में दिखेगा।’’ मुखर्जी 16 मार्च को लोकसभा में 2012-13 का बजट पेश करेंगे। बैठक में पीएफआरडीए के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल के अलावा वित्त मंत्रालय के सभी सचिव भी उपस्थित थे। अग्रवाल ने कहा, ‘‘इस बैठक में नियामकों ने बजट में निवेश व वृद्धि के अनुकूल और मुद्रास्फीति रोकने संबंधी उपायों का सुझाव दिए।’’टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि बैठक में देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई और मुखर्जी ने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिये निवेश बढ़ाने के बारे में नियामकों के सुझाव सुने। वित्तमंत्री की अध्यक्षता वाली एफएसडीसी नियामकों के बीच संयोजन का काम करती है और वित्तीय क्षेत्र के घटनाक्रमों, वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेश पर विचार करती है। समझा जाता है कि वित्तमंत्री निवेश का माहौल सुधारने और आर्थिक नरमी को रोकने के लिए बजट में कई पहलों की घोषणा करेंगे। चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.9 फीसदी रह जाने का अनुमान है, जो पिछले साल 8.4 फीसदी रही थी। सुब्बाराव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बजट पूर्व बैठक है। वित्तमंत्री ने सभी नियामकों के विचार सुने। निश्चित तौर पर आरबीआई पर वृहत-आर्थिक प्रबंधन और बैंकिंग नियमन दोनों की जिम्मेदारी है। आज की बैठक का नतीजा बजट में दिखेगा।’’ मुखर्जी 16 मार्च को लोकसभा में 2012-13 का बजट पेश करेंगे। बैठक में पीएफआरडीए के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल के अलावा वित्त मंत्रालय के सभी सचिव भी उपस्थित थे। अग्रवाल ने कहा, ‘‘इस बैठक में नियामकों ने बजट में निवेश व वृद्धि के अनुकूल और मुद्रास्फीति रोकने संबंधी उपायों का सुझाव दिए।’’टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि बैठक में देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई और मुखर्जी ने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिये निवेश बढ़ाने के बारे में नियामकों के सुझाव सुने। वित्तमंत्री की अध्यक्षता वाली एफएसडीसी नियामकों के बीच संयोजन का काम करती है और वित्तीय क्षेत्र के घटनाक्रमों, वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेश पर विचार करती है। समझा जाता है कि वित्तमंत्री निवेश का माहौल सुधारने और आर्थिक नरमी को रोकने के लिए बजट में कई पहलों की घोषणा करेंगे। चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.9 फीसदी रह जाने का अनुमान है, जो पिछले साल 8.4 फीसदी रही थी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई और मुखर्जी ने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिये निवेश बढ़ाने के बारे में नियामकों के सुझाव सुने। वित्तमंत्री की अध्यक्षता वाली एफएसडीसी नियामकों के बीच संयोजन का काम करती है और वित्तीय क्षेत्र के घटनाक्रमों, वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेश पर विचार करती है। समझा जाता है कि वित्तमंत्री निवेश का माहौल सुधारने और आर्थिक नरमी को रोकने के लिए बजट में कई पहलों की घोषणा करेंगे। चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.9 फीसदी रह जाने का अनुमान है, जो पिछले साल 8.4 फीसदी रही थी। समझा जाता है कि वित्तमंत्री निवेश का माहौल सुधारने और आर्थिक नरमी को रोकने के लिए बजट में कई पहलों की घोषणा करेंगे। चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.9 फीसदी रह जाने का अनुमान है, जो पिछले साल 8.4 फीसदी रही थी।
संक्षिप्त सारांश: बजट से पहले वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने रिजर्व बैंक के गवर्नर सुब्बाराव और सेबी अध्यक्ष यूके सिन्हा समेत वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न नियामकों से मुलाकात की।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लखनऊ में पीएम मोदी के दशहरे पर सियासत तेज हो गई है. सीएम अखिलेश यादव ने तंज किया है कि अगर चुनाव बिहार में होते तो मोदी बिहार में दशहरा मनाते. रामलीला मैदान के बाहर आयोजकों ने होर्डिंग लगा दी है जिसमें लिखा है कि 'उरी का बदला लेने वाले मोदी का स्वागत है.' लेकिन बीजेपी उपाध्यक्ष और लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ये सिर्फ धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन है, इसमें कोई राजनीति नहीं. पहले बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा कि उरी के शहीदों की चिता अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि मोदी उसपर सियासत करने लगे. पहले दशहरे में जा रहे हैं फिर हो सकता है दिवाली में भी जाएं. आज तंज करने की बारी अखिलेश की थी. उन्होंने कहा, 'चुनाव बिहार में होता तो शायद बिहार में रावण जलता. वहां पर लोग जाते. चुनाव है. मैं समझता हूं कि रामलीला और इन त्योहारों को तो दूर ही रखना चाहिए.' रामलीला मैदान के बाहर रामलीला समिति की तरफ से होर्डिंग लग गई हैं जिनमें उरी का बदला लेने के लिए मोदी के स्वागत का ऐलान किया गया है. लेकिन मैदान के अंदर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि इसमें कोई सियासत नहीं. चुनाव की वजह से रावण वध तो टाला नहीं जा सकता और दशहरा भी चुनाव तक रोका नहीं जा सकता. रामलीला में मोदी को कृष्ण का सुदर्शन चक्र, हनुमान की गदा और राम का धनुष-बाण उपहार में दिया जाएगा. उनके सामने ही राम रावण का वध करेंगे. लेकिन आतंकवाद के नाम पर बना विशाल रावण सुरक्षा कारणों से उनके जाने के बाद जलेगा. चूंकी रावण के जलने पर आतिशबाजी होती है, और रामलीला मैदान काफी छोटा है, इसलिए पीएम की मौजूदगी में आतिशबाजी की इजाजत नहीं मिली है, इसलिए मोदी के जाने के बाद रावण जलाया जाएगा.टिप्पणियां इस बार बने विशाल रावण को आतंकवाद के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है, जिसपर लिखा है, 'आतंकवाद का नाश हो.' रामलीला समिति के लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री के यहां आने का सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है. लेकिन इनका रावण हमेशा सियासती होता है. यूपीए के समय घोटालों का रावण जलाया गया था. उसके बाद जब लव जिहाद पर राजनीति हो रही थी जब लव जिहाद का रावण जलाया गया था और अब जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई है तो आतंकवाद का रावण जलाया जा रहा है. मोदी के लिए सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम हैं. रामलीला मैदान को सैनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा, जिसे 3 बजे के बाद खोला जाएगा. मैदान के अंदर कम लोग जा सकेंगे. बाकी जनता के लिए शहर में एलईडी वैंस होंगी जिनसे वे मोदी को देख और उनका भाषण सुन सकेंगे. मोदी की सहूलियत के लिए कुंभकर्ण वध की लीला दशहरे के एक दिन पहले ही पूरी कर ली जाएगी. मोदी यहां भगवान राम की आरती करेंगे, उसके बाद उनका भाषण होगा. पहले बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा कि उरी के शहीदों की चिता अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि मोदी उसपर सियासत करने लगे. पहले दशहरे में जा रहे हैं फिर हो सकता है दिवाली में भी जाएं. आज तंज करने की बारी अखिलेश की थी. उन्होंने कहा, 'चुनाव बिहार में होता तो शायद बिहार में रावण जलता. वहां पर लोग जाते. चुनाव है. मैं समझता हूं कि रामलीला और इन त्योहारों को तो दूर ही रखना चाहिए.' रामलीला मैदान के बाहर रामलीला समिति की तरफ से होर्डिंग लग गई हैं जिनमें उरी का बदला लेने के लिए मोदी के स्वागत का ऐलान किया गया है. लेकिन मैदान के अंदर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि इसमें कोई सियासत नहीं. चुनाव की वजह से रावण वध तो टाला नहीं जा सकता और दशहरा भी चुनाव तक रोका नहीं जा सकता. रामलीला में मोदी को कृष्ण का सुदर्शन चक्र, हनुमान की गदा और राम का धनुष-बाण उपहार में दिया जाएगा. उनके सामने ही राम रावण का वध करेंगे. लेकिन आतंकवाद के नाम पर बना विशाल रावण सुरक्षा कारणों से उनके जाने के बाद जलेगा. चूंकी रावण के जलने पर आतिशबाजी होती है, और रामलीला मैदान काफी छोटा है, इसलिए पीएम की मौजूदगी में आतिशबाजी की इजाजत नहीं मिली है, इसलिए मोदी के जाने के बाद रावण जलाया जाएगा.टिप्पणियां इस बार बने विशाल रावण को आतंकवाद के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है, जिसपर लिखा है, 'आतंकवाद का नाश हो.' रामलीला समिति के लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री के यहां आने का सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है. लेकिन इनका रावण हमेशा सियासती होता है. यूपीए के समय घोटालों का रावण जलाया गया था. उसके बाद जब लव जिहाद पर राजनीति हो रही थी जब लव जिहाद का रावण जलाया गया था और अब जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई है तो आतंकवाद का रावण जलाया जा रहा है. मोदी के लिए सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम हैं. रामलीला मैदान को सैनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा, जिसे 3 बजे के बाद खोला जाएगा. मैदान के अंदर कम लोग जा सकेंगे. बाकी जनता के लिए शहर में एलईडी वैंस होंगी जिनसे वे मोदी को देख और उनका भाषण सुन सकेंगे. मोदी की सहूलियत के लिए कुंभकर्ण वध की लीला दशहरे के एक दिन पहले ही पूरी कर ली जाएगी. मोदी यहां भगवान राम की आरती करेंगे, उसके बाद उनका भाषण होगा. रामलीला मैदान के बाहर रामलीला समिति की तरफ से होर्डिंग लग गई हैं जिनमें उरी का बदला लेने के लिए मोदी के स्वागत का ऐलान किया गया है. लेकिन मैदान के अंदर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि इसमें कोई सियासत नहीं. चुनाव की वजह से रावण वध तो टाला नहीं जा सकता और दशहरा भी चुनाव तक रोका नहीं जा सकता. रामलीला में मोदी को कृष्ण का सुदर्शन चक्र, हनुमान की गदा और राम का धनुष-बाण उपहार में दिया जाएगा. उनके सामने ही राम रावण का वध करेंगे. लेकिन आतंकवाद के नाम पर बना विशाल रावण सुरक्षा कारणों से उनके जाने के बाद जलेगा. चूंकी रावण के जलने पर आतिशबाजी होती है, और रामलीला मैदान काफी छोटा है, इसलिए पीएम की मौजूदगी में आतिशबाजी की इजाजत नहीं मिली है, इसलिए मोदी के जाने के बाद रावण जलाया जाएगा.टिप्पणियां इस बार बने विशाल रावण को आतंकवाद के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है, जिसपर लिखा है, 'आतंकवाद का नाश हो.' रामलीला समिति के लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री के यहां आने का सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है. लेकिन इनका रावण हमेशा सियासती होता है. यूपीए के समय घोटालों का रावण जलाया गया था. उसके बाद जब लव जिहाद पर राजनीति हो रही थी जब लव जिहाद का रावण जलाया गया था और अब जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई है तो आतंकवाद का रावण जलाया जा रहा है. मोदी के लिए सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम हैं. रामलीला मैदान को सैनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा, जिसे 3 बजे के बाद खोला जाएगा. मैदान के अंदर कम लोग जा सकेंगे. बाकी जनता के लिए शहर में एलईडी वैंस होंगी जिनसे वे मोदी को देख और उनका भाषण सुन सकेंगे. मोदी की सहूलियत के लिए कुंभकर्ण वध की लीला दशहरे के एक दिन पहले ही पूरी कर ली जाएगी. मोदी यहां भगवान राम की आरती करेंगे, उसके बाद उनका भाषण होगा. रामलीला में मोदी को कृष्ण का सुदर्शन चक्र, हनुमान की गदा और राम का धनुष-बाण उपहार में दिया जाएगा. उनके सामने ही राम रावण का वध करेंगे. लेकिन आतंकवाद के नाम पर बना विशाल रावण सुरक्षा कारणों से उनके जाने के बाद जलेगा. चूंकी रावण के जलने पर आतिशबाजी होती है, और रामलीला मैदान काफी छोटा है, इसलिए पीएम की मौजूदगी में आतिशबाजी की इजाजत नहीं मिली है, इसलिए मोदी के जाने के बाद रावण जलाया जाएगा.टिप्पणियां इस बार बने विशाल रावण को आतंकवाद के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है, जिसपर लिखा है, 'आतंकवाद का नाश हो.' रामलीला समिति के लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री के यहां आने का सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है. लेकिन इनका रावण हमेशा सियासती होता है. यूपीए के समय घोटालों का रावण जलाया गया था. उसके बाद जब लव जिहाद पर राजनीति हो रही थी जब लव जिहाद का रावण जलाया गया था और अब जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई है तो आतंकवाद का रावण जलाया जा रहा है. मोदी के लिए सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम हैं. रामलीला मैदान को सैनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा, जिसे 3 बजे के बाद खोला जाएगा. मैदान के अंदर कम लोग जा सकेंगे. बाकी जनता के लिए शहर में एलईडी वैंस होंगी जिनसे वे मोदी को देख और उनका भाषण सुन सकेंगे. मोदी की सहूलियत के लिए कुंभकर्ण वध की लीला दशहरे के एक दिन पहले ही पूरी कर ली जाएगी. मोदी यहां भगवान राम की आरती करेंगे, उसके बाद उनका भाषण होगा. इस बार बने विशाल रावण को आतंकवाद के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है, जिसपर लिखा है, 'आतंकवाद का नाश हो.' रामलीला समिति के लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री के यहां आने का सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है. लेकिन इनका रावण हमेशा सियासती होता है. यूपीए के समय घोटालों का रावण जलाया गया था. उसके बाद जब लव जिहाद पर राजनीति हो रही थी जब लव जिहाद का रावण जलाया गया था और अब जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई है तो आतंकवाद का रावण जलाया जा रहा है. मोदी के लिए सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम हैं. रामलीला मैदान को सैनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा, जिसे 3 बजे के बाद खोला जाएगा. मैदान के अंदर कम लोग जा सकेंगे. बाकी जनता के लिए शहर में एलईडी वैंस होंगी जिनसे वे मोदी को देख और उनका भाषण सुन सकेंगे. मोदी की सहूलियत के लिए कुंभकर्ण वध की लीला दशहरे के एक दिन पहले ही पूरी कर ली जाएगी. मोदी यहां भगवान राम की आरती करेंगे, उसके बाद उनका भाषण होगा. मोदी के लिए सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम हैं. रामलीला मैदान को सैनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा, जिसे 3 बजे के बाद खोला जाएगा. मैदान के अंदर कम लोग जा सकेंगे. बाकी जनता के लिए शहर में एलईडी वैंस होंगी जिनसे वे मोदी को देख और उनका भाषण सुन सकेंगे. मोदी की सहूलियत के लिए कुंभकर्ण वध की लीला दशहरे के एक दिन पहले ही पूरी कर ली जाएगी. मोदी यहां भगवान राम की आरती करेंगे, उसके बाद उनका भाषण होगा.
सारांश: होर्डिंग में उरी का बदला लेने के लिए मोदी के स्वागत का ऐलान किया गया है इस बार बने विशाल रावण को आतंकवाद के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है पीएम मोदी की मौजूदगी में आतिशबाजी की इजाजत नहीं मिली है
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने गुरुवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में खेले गए मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में टेलीविजन सेट को नुकसान पहुंचाया। पोंटिंग ने हालांकि स्वीकार किया कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम में हद पार की। इस घटना के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बुधवार को पोंटिंग को फटकार लगाई। उसने पोंटिंग को आचार संहिता के अनुच्छेद 2.1.2 के उल्लंघन का दोषी पाया। रिपोर्टों में बताया गया कि जिम्बाब्वे के खिलाफ सोमवार को खेले गए मैच में रन आउट होने पर पोंटिंग ने ड्रेसिंग रूम में अपने बल्ले से टेलीविजन सेट को नुकसान पहुंचाया। पोंटिंग ने इससे इंकार किया है। उन्होंने हालांकि कहा कि आईसीसी द्वारा उन्हें फटकारा जाना ठीक है। पोंटिंग ने कहा, "मैं यह एक बार फिर से स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने अपने बल्ले से टेलीविजन सेट को नुकसान नहीं पहुंचाया। टेलीविजन सेट को मेरे किट में मौजूद एक बाक्स से धक्का लगा।" उन्होंने कहा, "इससे टेलीविजन सेट को थोड़ा नुकसान पहुंचा और इस घटना के बारे में मैंने तुरंत टीम के प्रबंधक को सूचित किया। इसके तुरंत बाद ही वहां दूसरा टेलीविजन सेट लगा दिया गया।" पोंटिंग ने कहा कि यह एक घटना थी और इसे छोड़कर वह आगे बढ़ना चाहते हैं।
संक्षिप्त पाठ: पोंटिंग ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में खेले गए मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में टेलीविजन सेट को नुकसान पहुंचाया।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगाह किया है कि अभूतपूर्व आंधी और तूफान की वजह से आई बाढ़ कुछ ऐसी है, जिससे उबरने में टेक्सास को लंबा समय लगेगा, क्योंकि इससे पहले इस तरह की आपदा कभी नहीं आई थी. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, यह अब तक का सबसे बड़ा है. उन्होंने बताया है कि यह ऐतिहासिक है. पढ़ें: ह्यूस्टन बाढ़ में फंसे 200 भारतीय, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे टेक्सास का दौरा ट्रंप ने उष्णकटिबंधीय चक्रवात हार्वे के बारे में कहा, संभवत: पहले इस तरह का कुछ नहीं हुआ है. खाड़ी तट पर सप्ताहांत में तूफान आया था और इसने ह्यूस्टन प्रांत को जल प्लावित कर दिया.पढ़ें: आतंकवाद पर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को पाकिस्तान ने किया खारिजटिप्पणियां ट्रंप ने कहा, मैंने इस तूफान के बारे में ‘सबसे बड़ा’ और ऐतिहासिक शब्द का इस्तेमाल होते हुए सुना. इससे पहले अमेरिकी नेता ने सूचित किया था कि उनकी टीम कांग्रेस के नेताओं के साथ इस तूफान से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए संपर्क में हैं. यह तूफान टेक्सास के तट से होता हुआ लुइसियाना की ओर बढ़ रहा है.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पढ़ें: ह्यूस्टन बाढ़ में फंसे 200 भारतीय, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे टेक्सास का दौरा ट्रंप ने उष्णकटिबंधीय चक्रवात हार्वे के बारे में कहा, संभवत: पहले इस तरह का कुछ नहीं हुआ है. खाड़ी तट पर सप्ताहांत में तूफान आया था और इसने ह्यूस्टन प्रांत को जल प्लावित कर दिया.पढ़ें: आतंकवाद पर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को पाकिस्तान ने किया खारिजटिप्पणियां ट्रंप ने कहा, मैंने इस तूफान के बारे में ‘सबसे बड़ा’ और ऐतिहासिक शब्द का इस्तेमाल होते हुए सुना. इससे पहले अमेरिकी नेता ने सूचित किया था कि उनकी टीम कांग्रेस के नेताओं के साथ इस तूफान से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए संपर्क में हैं. यह तूफान टेक्सास के तट से होता हुआ लुइसियाना की ओर बढ़ रहा है.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने उष्णकटिबंधीय चक्रवात हार्वे के बारे में कहा, संभवत: पहले इस तरह का कुछ नहीं हुआ है. खाड़ी तट पर सप्ताहांत में तूफान आया था और इसने ह्यूस्टन प्रांत को जल प्लावित कर दिया.पढ़ें: आतंकवाद पर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को पाकिस्तान ने किया खारिजटिप्पणियां ट्रंप ने कहा, मैंने इस तूफान के बारे में ‘सबसे बड़ा’ और ऐतिहासिक शब्द का इस्तेमाल होते हुए सुना. इससे पहले अमेरिकी नेता ने सूचित किया था कि उनकी टीम कांग्रेस के नेताओं के साथ इस तूफान से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए संपर्क में हैं. यह तूफान टेक्सास के तट से होता हुआ लुइसियाना की ओर बढ़ रहा है.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पढ़ें: आतंकवाद पर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को पाकिस्तान ने किया खारिजटिप्पणियां ट्रंप ने कहा, मैंने इस तूफान के बारे में ‘सबसे बड़ा’ और ऐतिहासिक शब्द का इस्तेमाल होते हुए सुना. इससे पहले अमेरिकी नेता ने सूचित किया था कि उनकी टीम कांग्रेस के नेताओं के साथ इस तूफान से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए संपर्क में हैं. यह तूफान टेक्सास के तट से होता हुआ लुइसियाना की ओर बढ़ रहा है.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने कहा, मैंने इस तूफान के बारे में ‘सबसे बड़ा’ और ऐतिहासिक शब्द का इस्तेमाल होते हुए सुना. इससे पहले अमेरिकी नेता ने सूचित किया था कि उनकी टीम कांग्रेस के नेताओं के साथ इस तूफान से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए संपर्क में हैं. यह तूफान टेक्सास के तट से होता हुआ लुइसियाना की ओर बढ़ रहा है.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: बाढ़ से उबरने में टेक्सास को लंबा समय लगेगा यह अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ है तूफान के बारे में ऐतिहासिक शब्द इस्तेमाल किया
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बाद में पुलिस ने तीनों आरोपियों को जामिया नगर इलाके से ही पकड़ लिया. साजिद ने बताया कि उसने जूही से 2011 में प्रेम विवाह किया था, लेकिन बीटेक करने के बाद भी वो बेरोजगार था. उसकी दोस्ती एक दूसरी महिला से हो गई, जिसे लेकर पति-पत्नी में झगड़े होने लगे और फिर उसने हत्या का प्लान बना लिया. पुलिस के मुताबिक जूही और साजिद दोनों बिहार के छपरा के रहने वाले हैं. जूही भी ग्रेजुएट थी, लेकिन शादी के बाद उसके घरवालों ने उससे रिश्ता तोड़ लिया था. साजिद के ढाई साल और डेढ़ साल की 2 बेटियां भी हैं. बाद में पुलिस ने तीनों आरोपियों को जामिया नगर इलाके से ही पकड़ लिया. साजिद ने बताया कि उसने जूही से 2011 में प्रेम विवाह किया था, लेकिन बीटेक करने के बाद भी वो बेरोजगार था. उसकी दोस्ती एक दूसरी महिला से हो गई, जिसे लेकर पति-पत्नी में झगड़े होने लगे और फिर उसने हत्या का प्लान बना लिया. पुलिस के मुताबिक जूही और साजिद दोनों बिहार के छपरा के रहने वाले हैं. जूही भी ग्रेजुएट थी, लेकिन शादी के बाद उसके घरवालों ने उससे रिश्ता तोड़ लिया था. साजिद के ढाई साल और डेढ़ साल की 2 बेटियां भी हैं.
सारांश: सरिता विहार में पति ने की पत्नी की हत्या 7 टुकड़े कर शव को बॉक्स में छुपाकर फेंका बॉक्स से मिले सुराग ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचाया
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर-पश्चिम दिल्ली में रात को टहलने निकली एक किशोरी को तीन व्यक्तियों ने कथित रूप से अगवा कर लिया और चलती कार में उससे सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने बताया कि शनिवार देर रात नांगलोई में यह वारदात हुई। इस सिलसिले में अनवर (30), प्रॉपर्टी डीलर संदीप (32) और मोबाइल दुकानदार अनीस (35) गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि लड़की खाना खाने के बाद घूमने निकली थी। उसी दौरान इन तीनों ने कार से उसे अगवा कर लिया और उससे बलात्कार किया।टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सुबह लड़की को उसके घर के समीप छोड़ दिया। लड़की ने अपने परिवार के सदस्यों को आपबीती बताई। लड़की ने पुलिस को बताया कि हमलावरों से कोई जान-पहचान नहीं है। मेडिकल परीक्षण में यौन हिंसा की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बताया कि शनिवार देर रात नांगलोई में यह वारदात हुई। इस सिलसिले में अनवर (30), प्रॉपर्टी डीलर संदीप (32) और मोबाइल दुकानदार अनीस (35) गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि लड़की खाना खाने के बाद घूमने निकली थी। उसी दौरान इन तीनों ने कार से उसे अगवा कर लिया और उससे बलात्कार किया।टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सुबह लड़की को उसके घर के समीप छोड़ दिया। लड़की ने अपने परिवार के सदस्यों को आपबीती बताई। लड़की ने पुलिस को बताया कि हमलावरों से कोई जान-पहचान नहीं है। मेडिकल परीक्षण में यौन हिंसा की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बताया कि लड़की खाना खाने के बाद घूमने निकली थी। उसी दौरान इन तीनों ने कार से उसे अगवा कर लिया और उससे बलात्कार किया।टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सुबह लड़की को उसके घर के समीप छोड़ दिया। लड़की ने अपने परिवार के सदस्यों को आपबीती बताई। लड़की ने पुलिस को बताया कि हमलावरों से कोई जान-पहचान नहीं है। मेडिकल परीक्षण में यौन हिंसा की पुष्टि हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सुबह लड़की को उसके घर के समीप छोड़ दिया। लड़की ने अपने परिवार के सदस्यों को आपबीती बताई। लड़की ने पुलिस को बताया कि हमलावरों से कोई जान-पहचान नहीं है। मेडिकल परीक्षण में यौन हिंसा की पुष्टि हुई है। लड़की ने पुलिस को बताया कि हमलावरों से कोई जान-पहचान नहीं है। मेडिकल परीक्षण में यौन हिंसा की पुष्टि हुई है।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली में रात को टहलने निकली एक किशोरी को तीन व्यक्तियों ने कथित रूप से अगवा कर लिया और चलती कार में उससे सामूहिक बलात्कार किया।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) इन दिनों फिल्म 'द स्काइ इज पिंक' (The Sky Is Pink) के प्रमोशन में बिजी हैं. फिल्म के प्रमोशन के साथ-साथ प्रियंका चोपड़ा ने मीडिया चैनल्स को इंटरव्यू भी दिए, जिसमें उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया. हाल ही में दिए इंटरव्यू के दौरान प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने अपने पति से जुड़ा एक राज भी खोला है. प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनके पति और अमेरिकन सिंगर निक जोनास (Nick Jonas) दिल से पूरी तरह पंजाबी हैं और वह जब पहली बार भारत आए थे, तब से ही यह देश उन्हें बहुत पसंद आ गया था. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी बताया कि निक जोनास (Nick Jonas) स्टेज पर जाने से पहले क्या करते हैं.  बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने बताया कि निक जोनास (Nick Jonas) स्टेज पर जाने से पहले पंजाबी और बॉलीवुड गाने सुनते हैं. निक के बारे में बताते हुए प्रियंका ने कहा, "वह पूरे पंजाबी हैं. वह स्टेज पर जाने से पहले बॉलीवुड म्यूजिक सुनते हैं. वह अकसर हिंदी रेडियो पर बॉलीवुड और पंजाबी सॉन्ग्स सुनते हैं. वह इन गानों को अपना हाइप म्यूजिक कहते हैं. यहां तक कि उनके ड्रेसिंग रूम में भी हर वक्त बॉलीवुड म्यूजिक चलता रहता है. वह तब से ही भारत से प्यार करते हैं जब वह पहली बार यहां आए थे." बता दें कि प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) की बातों के अलावा निक जोनास का एक वीडियो भी यह बात साबित करता है कि उन्हें बॉलीवुड और पंजाबी सॉन्ग्स बेहद पसंद है. दरअसल, निक जोनास और प्रियंका चोपड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह 'देसी गर्ल' और 'चिकनी चमेली' पर डांस करते हुए दिख रहे थे. वहीं, वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा जल्द ही फिल्म बॉलीवुड एक्टर फरहान अख्तर के साथ फिल्म द स्काइ इज पिंक में नजर आने वाली हैं. इस फिल्म में फरहान और प्रियंका के साथ एक्ट्रेस जायरा वसीम भी नजर आएंगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रियंका चोपड़ा ने खोला निक जोनास से जुड़ा राज स्टेज पर जाने से पहले निक जोनास करते हैं खास काम 11 अक्टूबर को रिलीज होगी प्रियंका चोपड़ा की फिल्म
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ईडी पहले तो बहुत उत्सुक थी चिदंबरम को गिरफ्तार करने के लिए. ईडी तो चिदंबरम को गिरफ़्तार करने 21 अगस्त को उनके घर भी गई थी. 20 तारीख को भी चिदंबरम के घर के बाहर नोटिस लगाकर आए थे. ईडी ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों में ही कहा कि वह चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहता है. सिब्बल ने कहा कि ये चाहते हैं कि चिदंबरम को ज़्यादा से ज़्यादा न्यायिक हिरासत में रखें. फिर हिरासत में लें और फिर चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेज दें. अब ये छह लोगों से पूछताछ का बहाना बना रहे हैं. ये चिदंबरम को तक़लीफ़ पहुंचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चिदंबरम तो जांच में सहयोग करना चाहते हैं. हम तो कह रहे हैं कि आप हमें हिरासत में लीजिए. अगर आपको पूछताछ करनी नहीं थी तो आप 20 और 21 अगस्त को चिदंबरम को गिरफ्तार करने क्यों आए?  आरोपी के पास अधिकार है कि वह कोर्ट में सरेंडर कर सके. चिदंबरम ने तो कोर्ट में ख़ुद आकर कहा कि मैं सरेंडर करना चाहता हूं. ईडी ने कहा कि चिदंबरम 5 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में थे. फिर 15 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं. हम अलग एजेंसी हैं. हम PMLA के तहत जांच कर रहे हैं. ऐसे तो हर आरोपी सरेंडर करके कहेगा कि एजेंसी मुझे हिरासत में ले ले. कोर्ट तय कर सकता है, उन्हें 15 दिन की हिरासत मे भेज सकता है. अभी तक हमने इस पूरे मामले में चार्जशीट फाइल नहीं की है. कोर्ट ने इस बहस के बाद चिदंबरम की सरेंडर करने की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित कर लिया. कल दोपहर दो बजे कोर्ट अपना आदेश सुनाएगा.
ईडी ने कहा गवाहों से पूछताछ के बाद चिदंबरम को हिरासत में लेंगे चिदंबरम को गिरफ्तार करने से पहले अपनी पूरी तैयारी कर लेना चाहते हैं सिब्बल ने कहा- ये चाहते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा हिरासत में रखें
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक ऐसी खबर, जो कई कारणों से दिल दहलाती है - इसलिए, क्योंकि एक बार फिर साफ हुआ कि कोई कितनी आसानी से किसी लड़की की ज़िंदगी को तहस-नहस कर सकता है... इसलिए भी, क्योंकि दिखता है कि कैसे अपराधियों को न के बराबर सज़ा मिली... और इसलिए भी, क्योंकि इस पीड़ित लड़की को इलाज के लिए कहीं से कोई मदद नहीं मिल पा रही है... नौ साल पहले की सोनाली मुखर्जी, एनसीसी कैप्टन, कॉलेज की टॉपर, हंसती-खेलती, एक आम लड़की थी... लेकिन नौ साल बाद आज 27 साल की सोनाली की न सिर्फ ज़िन्दगी बदल चुकी है, बल्कि चेहरा भी बुरी तरह बिगड़ गया है, उसकी दोनों आंखों की रोशनी जा चुकी है, और शरीर का शायद ही कोई हिस्सा ऐसा हो, जो जला न हो। एक हफ्ते से सोनाली दिल्ली में है। उसकी दो ही मांगें हैं - या उसे इंसाफ मिले या इच्छामृत्यु... सोनाली की दर्दनाक कहानी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है, लेकिन एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में उसने अपने जीवन की कड़वी सच्चाई बताई। झारखंड के धनबाद की सोनाली के मुताबिक वह 22 अप्रैल, 2003 की रात थी, जब उसके पड़ोस के तीन लड़कों ने उसके घर आकर उस पर तेज़ाब फेंक दिया। तेजाब के छींटे उसकी छोटी बहन और पिता पर भी गिरे, लेकिन सोनाली 72 प्रतिशत जल गई। सोनाली के मुताबिक वे लड़के उसके साथ छेड़खानी करते थे, और जब उसने विरोध किया तो उन्होंने ऐसा काम किया। घटना के 20 दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामला धनबाद जिला अदालत में चलता रहा, लेकिन घटना के छह महीने बाद इसके सदमे से सोनाली के दादा की मौत हो गई, जबकि मां अब तक गुमसुम है। तीन साल बाद, यानि वर्ष 2006 में धनबाद जिला कोर्ट ने दो दोषियों को नौ साल की सजा सुनाई, जबकि एक नाबालिग होने के कारण बच गया। आरोपी उस सजा के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट गए, और वर्ष 2007 में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलते ही सोनाली के परिवार को धमकियां मिलने लगीं और इलाज के बोझ तले सब कुछ लुट गया। सोनाली के पिता के मुताबिक उसके इलाज में करीब 12 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। दिल्ली के सफदरजंग और एम्स अस्पताल में उसकी कई और सर्जरी होनी हैं, लेकिन अब इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं बचे हैं।टिप्पणियां वैसे मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद सोनाली की मदद के लिए कई हाथ आगे आए हैं। जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को सोनाली से अपने घर पर मुलाकात की, और कानूनी मदद का भरोसा दिलाने के साथ-साथ एक लाख 39 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद भी की। सोनाली की मदद करने के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली की नौरोजी नगर शाखा में चंडीदास मुखर्जी के अकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं या फिर इस बारे में उनके भाई देवाशीष मुखर्जी के नंबर 0943−7638−600 पर बात कर सकते हैं। नौ साल पहले की सोनाली मुखर्जी, एनसीसी कैप्टन, कॉलेज की टॉपर, हंसती-खेलती, एक आम लड़की थी... लेकिन नौ साल बाद आज 27 साल की सोनाली की न सिर्फ ज़िन्दगी बदल चुकी है, बल्कि चेहरा भी बुरी तरह बिगड़ गया है, उसकी दोनों आंखों की रोशनी जा चुकी है, और शरीर का शायद ही कोई हिस्सा ऐसा हो, जो जला न हो। एक हफ्ते से सोनाली दिल्ली में है। उसकी दो ही मांगें हैं - या उसे इंसाफ मिले या इच्छामृत्यु... सोनाली की दर्दनाक कहानी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है, लेकिन एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में उसने अपने जीवन की कड़वी सच्चाई बताई। झारखंड के धनबाद की सोनाली के मुताबिक वह 22 अप्रैल, 2003 की रात थी, जब उसके पड़ोस के तीन लड़कों ने उसके घर आकर उस पर तेज़ाब फेंक दिया। तेजाब के छींटे उसकी छोटी बहन और पिता पर भी गिरे, लेकिन सोनाली 72 प्रतिशत जल गई। सोनाली के मुताबिक वे लड़के उसके साथ छेड़खानी करते थे, और जब उसने विरोध किया तो उन्होंने ऐसा काम किया। घटना के 20 दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामला धनबाद जिला अदालत में चलता रहा, लेकिन घटना के छह महीने बाद इसके सदमे से सोनाली के दादा की मौत हो गई, जबकि मां अब तक गुमसुम है। तीन साल बाद, यानि वर्ष 2006 में धनबाद जिला कोर्ट ने दो दोषियों को नौ साल की सजा सुनाई, जबकि एक नाबालिग होने के कारण बच गया। आरोपी उस सजा के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट गए, और वर्ष 2007 में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलते ही सोनाली के परिवार को धमकियां मिलने लगीं और इलाज के बोझ तले सब कुछ लुट गया। सोनाली के पिता के मुताबिक उसके इलाज में करीब 12 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। दिल्ली के सफदरजंग और एम्स अस्पताल में उसकी कई और सर्जरी होनी हैं, लेकिन अब इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं बचे हैं।टिप्पणियां वैसे मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद सोनाली की मदद के लिए कई हाथ आगे आए हैं। जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को सोनाली से अपने घर पर मुलाकात की, और कानूनी मदद का भरोसा दिलाने के साथ-साथ एक लाख 39 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद भी की। सोनाली की मदद करने के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली की नौरोजी नगर शाखा में चंडीदास मुखर्जी के अकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं या फिर इस बारे में उनके भाई देवाशीष मुखर्जी के नंबर 0943−7638−600 पर बात कर सकते हैं। एक हफ्ते से सोनाली दिल्ली में है। उसकी दो ही मांगें हैं - या उसे इंसाफ मिले या इच्छामृत्यु... सोनाली की दर्दनाक कहानी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है, लेकिन एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में उसने अपने जीवन की कड़वी सच्चाई बताई। झारखंड के धनबाद की सोनाली के मुताबिक वह 22 अप्रैल, 2003 की रात थी, जब उसके पड़ोस के तीन लड़कों ने उसके घर आकर उस पर तेज़ाब फेंक दिया। तेजाब के छींटे उसकी छोटी बहन और पिता पर भी गिरे, लेकिन सोनाली 72 प्रतिशत जल गई। सोनाली के मुताबिक वे लड़के उसके साथ छेड़खानी करते थे, और जब उसने विरोध किया तो उन्होंने ऐसा काम किया। घटना के 20 दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामला धनबाद जिला अदालत में चलता रहा, लेकिन घटना के छह महीने बाद इसके सदमे से सोनाली के दादा की मौत हो गई, जबकि मां अब तक गुमसुम है। तीन साल बाद, यानि वर्ष 2006 में धनबाद जिला कोर्ट ने दो दोषियों को नौ साल की सजा सुनाई, जबकि एक नाबालिग होने के कारण बच गया। आरोपी उस सजा के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट गए, और वर्ष 2007 में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलते ही सोनाली के परिवार को धमकियां मिलने लगीं और इलाज के बोझ तले सब कुछ लुट गया। सोनाली के पिता के मुताबिक उसके इलाज में करीब 12 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। दिल्ली के सफदरजंग और एम्स अस्पताल में उसकी कई और सर्जरी होनी हैं, लेकिन अब इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं बचे हैं।टिप्पणियां वैसे मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद सोनाली की मदद के लिए कई हाथ आगे आए हैं। जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को सोनाली से अपने घर पर मुलाकात की, और कानूनी मदद का भरोसा दिलाने के साथ-साथ एक लाख 39 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद भी की। सोनाली की मदद करने के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली की नौरोजी नगर शाखा में चंडीदास मुखर्जी के अकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं या फिर इस बारे में उनके भाई देवाशीष मुखर्जी के नंबर 0943−7638−600 पर बात कर सकते हैं। झारखंड के धनबाद की सोनाली के मुताबिक वह 22 अप्रैल, 2003 की रात थी, जब उसके पड़ोस के तीन लड़कों ने उसके घर आकर उस पर तेज़ाब फेंक दिया। तेजाब के छींटे उसकी छोटी बहन और पिता पर भी गिरे, लेकिन सोनाली 72 प्रतिशत जल गई। सोनाली के मुताबिक वे लड़के उसके साथ छेड़खानी करते थे, और जब उसने विरोध किया तो उन्होंने ऐसा काम किया। घटना के 20 दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामला धनबाद जिला अदालत में चलता रहा, लेकिन घटना के छह महीने बाद इसके सदमे से सोनाली के दादा की मौत हो गई, जबकि मां अब तक गुमसुम है। तीन साल बाद, यानि वर्ष 2006 में धनबाद जिला कोर्ट ने दो दोषियों को नौ साल की सजा सुनाई, जबकि एक नाबालिग होने के कारण बच गया। आरोपी उस सजा के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट गए, और वर्ष 2007 में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलते ही सोनाली के परिवार को धमकियां मिलने लगीं और इलाज के बोझ तले सब कुछ लुट गया। सोनाली के पिता के मुताबिक उसके इलाज में करीब 12 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। दिल्ली के सफदरजंग और एम्स अस्पताल में उसकी कई और सर्जरी होनी हैं, लेकिन अब इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं बचे हैं।टिप्पणियां वैसे मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद सोनाली की मदद के लिए कई हाथ आगे आए हैं। जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को सोनाली से अपने घर पर मुलाकात की, और कानूनी मदद का भरोसा दिलाने के साथ-साथ एक लाख 39 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद भी की। सोनाली की मदद करने के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली की नौरोजी नगर शाखा में चंडीदास मुखर्जी के अकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं या फिर इस बारे में उनके भाई देवाशीष मुखर्जी के नंबर 0943−7638−600 पर बात कर सकते हैं। घटना के 20 दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामला धनबाद जिला अदालत में चलता रहा, लेकिन घटना के छह महीने बाद इसके सदमे से सोनाली के दादा की मौत हो गई, जबकि मां अब तक गुमसुम है। तीन साल बाद, यानि वर्ष 2006 में धनबाद जिला कोर्ट ने दो दोषियों को नौ साल की सजा सुनाई, जबकि एक नाबालिग होने के कारण बच गया। आरोपी उस सजा के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट गए, और वर्ष 2007 में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलते ही सोनाली के परिवार को धमकियां मिलने लगीं और इलाज के बोझ तले सब कुछ लुट गया। सोनाली के पिता के मुताबिक उसके इलाज में करीब 12 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। दिल्ली के सफदरजंग और एम्स अस्पताल में उसकी कई और सर्जरी होनी हैं, लेकिन अब इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं बचे हैं।टिप्पणियां वैसे मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद सोनाली की मदद के लिए कई हाथ आगे आए हैं। जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को सोनाली से अपने घर पर मुलाकात की, और कानूनी मदद का भरोसा दिलाने के साथ-साथ एक लाख 39 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद भी की। सोनाली की मदद करने के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली की नौरोजी नगर शाखा में चंडीदास मुखर्जी के अकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं या फिर इस बारे में उनके भाई देवाशीष मुखर्जी के नंबर 0943−7638−600 पर बात कर सकते हैं। आरोपी उस सजा के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट गए, और वर्ष 2007 में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलते ही सोनाली के परिवार को धमकियां मिलने लगीं और इलाज के बोझ तले सब कुछ लुट गया। सोनाली के पिता के मुताबिक उसके इलाज में करीब 12 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। दिल्ली के सफदरजंग और एम्स अस्पताल में उसकी कई और सर्जरी होनी हैं, लेकिन अब इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं बचे हैं।टिप्पणियां वैसे मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद सोनाली की मदद के लिए कई हाथ आगे आए हैं। जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को सोनाली से अपने घर पर मुलाकात की, और कानूनी मदद का भरोसा दिलाने के साथ-साथ एक लाख 39 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद भी की। सोनाली की मदद करने के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली की नौरोजी नगर शाखा में चंडीदास मुखर्जी के अकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं या फिर इस बारे में उनके भाई देवाशीष मुखर्जी के नंबर 0943−7638−600 पर बात कर सकते हैं। वैसे मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद सोनाली की मदद के लिए कई हाथ आगे आए हैं। जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को सोनाली से अपने घर पर मुलाकात की, और कानूनी मदद का भरोसा दिलाने के साथ-साथ एक लाख 39 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद भी की। सोनाली की मदद करने के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली की नौरोजी नगर शाखा में चंडीदास मुखर्जी के अकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं या फिर इस बारे में उनके भाई देवाशीष मुखर्जी के नंबर 0943−7638−600 पर बात कर सकते हैं। सोनाली की मदद करने के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली की नौरोजी नगर शाखा में चंडीदास मुखर्जी के अकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं या फिर इस बारे में उनके भाई देवाशीष मुखर्जी के नंबर 0943−7638−600 पर बात कर सकते हैं।
यहाँ एक सारांश है:सोनाली की मदद के लिए आप पंजाब नेशनल बैंक, नौरोजी नगर, दिल्ली शाखा में चंडीदास मुखर्जी के एकाउंट नंबर 0612−000−1032−17964 में पैसे जमा कर सकते हैं।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोच्चि टस्कर्स केरल के हाथों मिली छह रन की हार के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर ने कहा कि मध्यक्रम के बल्लेबाजों के लिए यह संभल जाने का वक्त है। कोच्चि ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ईडन गार्डन्स में सात विकेट खोकर 132 रन बनाए, लेकिन नाइटराइडर्स की टीम 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 126 रन ही बना सकी। हार के लिए बल्लेबाजों, खासकर मध्यक्रम को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर ने कहा, यह पूरी तरह से बल्लेबाजों की असफलता है। विकेट काफी बेहतर था और हम आसानी से लक्ष्य का पीछा कर सकते थे। उन्होंने कहा, हमारे मध्यक्रम की अब तक परीक्षा नहीं हुई है और मुझे भरोसा है कि यह उनके लिए संभल जाने का समय है। हर दिन कोई एक खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर सकता। किसी को अपना हाथ उठाकर कहना होगा कि यह मेरा दिन है और टीम को आगे ले जाएगा। गंभीर ने कहा, हमारी बल्लेबाजी में गहराई है। हमारे पास यूसुफ (पठान), (इयोन) मोर्गन जैसे मैच को अंत तक ले जाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्हें अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कोच्चि के हाथों मिली छह रन की हार के बाद कोलकाता के कप्तान गौतम गंभीर ने कहा कि मध्यक्रम के बल्लेबाजों के लिए यह संभल जाने का वक्त है।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के एक बिजनेसमैन ने बेटे की चाहत में बच्चा खरीदने का प्लान बनाया, लेकिन बेचनेवालों ने जो किया वह भी कम शर्मनाक नहीं था. गाज़ियाबाद में 13 महीने के मासूम को अगवा करने में जो सामने आया है वह हकीकत झकझोर कर रख देने वाली है. एक डॉक्टर, एक कारोबारी और दो महिला समेत सात लोगों ने बेटे की चाहत और लालच में एक परिवार को 38 घंटे का ऐसा सदमा दे डाला, जिसे वे जिंदगीभर नहीं भुला पाएंगे. गाजियाबाद के लोनी इलाके से दो दिन पहले मासूम यश को अगवा कर लिया गया था. पिता सचिन और मां पूजा लगातार उसे तलाशने में लग गए. बाद में पता चला की आखिरी बार घर में परिवार का करीबी सुनील आया था, जो बच्चे को ले गया. इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की. कड़ियां जुड़ रही थीं, लेकिन परिवार डरा हुआ था. कहीं बच्चे के साथ कुछ हो न जाए. पुलिस बच्चे की तलाश में सुनील के परिवार के पास पहुंची. पता चला कि बच्चा दिल्ली में है. अब पुलिस के लिए उस तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन पुलिस बीती रात उस तक पहुंच गई और सामने आई बेटी और बेटे को एक सामान समझने की बात कहने वाले समाज की कड़वी हकीकत की. सुनील बच्चे का मुंह बोला मामा लगता था और पूजा से राखी बंधवाता था.   गाजियाबाद के डीएसपी अनिल यादव ने बताया दरअसल जो सुनील इस बच्चे को उठाकर ले गया था वह बच्चों की तस्करी का काम करता है. उसने अपने साथ चंद्रवीर और उसकी पत्नी को भी शामिल किया, जो लोनी के रहने वाले हैं. तीनों मिलकर बच्चे को डॉक्टर अनीता के पास ले गए. उसके बाद बच्चे को अनीता ने पारस जैन नाम के बिजनेसमैन को बेच दिया.टिप्पणियां दरअसल, पारस की दो बेटियां हैं और उसे बेटा चाहिए था. लेकिन बेटा नहीं हुआ तो उसने अनीता से कह रखा था कि कोई बेटा आए तो बता देना. इसके लिए उसने 3 लाख रुपए अनीता को दिए थे. साफ है कि यश का सौदा हो चुका था, लेकिन मुखबिर की मदद, कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन को खंगालते हुए पुलिस पारस के घर पहुंच गई. दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में पारस के घर पर एक पार्टी चल रही थी जहां पर बच्चे का नामकरण दोबारा किया जा रहा था और कॉकटेल चल रहा था. पुलिस ने पारस को गिरफ्तार किया और मामले में अनीता, चंद्रवीर, उसकी पत्नी और साथी राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. सुनील अभी फरार है. बच्चे को वापस पाकर सचिन और पूजा खुश हैं.  पुलिस को अब सुनील की तलाश है. गाजियाबाद के लोनी इलाके से दो दिन पहले मासूम यश को अगवा कर लिया गया था. पिता सचिन और मां पूजा लगातार उसे तलाशने में लग गए. बाद में पता चला की आखिरी बार घर में परिवार का करीबी सुनील आया था, जो बच्चे को ले गया. इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की. कड़ियां जुड़ रही थीं, लेकिन परिवार डरा हुआ था. कहीं बच्चे के साथ कुछ हो न जाए. पुलिस बच्चे की तलाश में सुनील के परिवार के पास पहुंची. पता चला कि बच्चा दिल्ली में है. अब पुलिस के लिए उस तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन पुलिस बीती रात उस तक पहुंच गई और सामने आई बेटी और बेटे को एक सामान समझने की बात कहने वाले समाज की कड़वी हकीकत की. सुनील बच्चे का मुंह बोला मामा लगता था और पूजा से राखी बंधवाता था.   गाजियाबाद के डीएसपी अनिल यादव ने बताया दरअसल जो सुनील इस बच्चे को उठाकर ले गया था वह बच्चों की तस्करी का काम करता है. उसने अपने साथ चंद्रवीर और उसकी पत्नी को भी शामिल किया, जो लोनी के रहने वाले हैं. तीनों मिलकर बच्चे को डॉक्टर अनीता के पास ले गए. उसके बाद बच्चे को अनीता ने पारस जैन नाम के बिजनेसमैन को बेच दिया.टिप्पणियां दरअसल, पारस की दो बेटियां हैं और उसे बेटा चाहिए था. लेकिन बेटा नहीं हुआ तो उसने अनीता से कह रखा था कि कोई बेटा आए तो बता देना. इसके लिए उसने 3 लाख रुपए अनीता को दिए थे. साफ है कि यश का सौदा हो चुका था, लेकिन मुखबिर की मदद, कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन को खंगालते हुए पुलिस पारस के घर पहुंच गई. दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में पारस के घर पर एक पार्टी चल रही थी जहां पर बच्चे का नामकरण दोबारा किया जा रहा था और कॉकटेल चल रहा था. पुलिस ने पारस को गिरफ्तार किया और मामले में अनीता, चंद्रवीर, उसकी पत्नी और साथी राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. सुनील अभी फरार है. बच्चे को वापस पाकर सचिन और पूजा खुश हैं.  पुलिस को अब सुनील की तलाश है. इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की. कड़ियां जुड़ रही थीं, लेकिन परिवार डरा हुआ था. कहीं बच्चे के साथ कुछ हो न जाए. पुलिस बच्चे की तलाश में सुनील के परिवार के पास पहुंची. पता चला कि बच्चा दिल्ली में है. अब पुलिस के लिए उस तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन पुलिस बीती रात उस तक पहुंच गई और सामने आई बेटी और बेटे को एक सामान समझने की बात कहने वाले समाज की कड़वी हकीकत की. सुनील बच्चे का मुंह बोला मामा लगता था और पूजा से राखी बंधवाता था.   गाजियाबाद के डीएसपी अनिल यादव ने बताया दरअसल जो सुनील इस बच्चे को उठाकर ले गया था वह बच्चों की तस्करी का काम करता है. उसने अपने साथ चंद्रवीर और उसकी पत्नी को भी शामिल किया, जो लोनी के रहने वाले हैं. तीनों मिलकर बच्चे को डॉक्टर अनीता के पास ले गए. उसके बाद बच्चे को अनीता ने पारस जैन नाम के बिजनेसमैन को बेच दिया.टिप्पणियां दरअसल, पारस की दो बेटियां हैं और उसे बेटा चाहिए था. लेकिन बेटा नहीं हुआ तो उसने अनीता से कह रखा था कि कोई बेटा आए तो बता देना. इसके लिए उसने 3 लाख रुपए अनीता को दिए थे. साफ है कि यश का सौदा हो चुका था, लेकिन मुखबिर की मदद, कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन को खंगालते हुए पुलिस पारस के घर पहुंच गई. दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में पारस के घर पर एक पार्टी चल रही थी जहां पर बच्चे का नामकरण दोबारा किया जा रहा था और कॉकटेल चल रहा था. पुलिस ने पारस को गिरफ्तार किया और मामले में अनीता, चंद्रवीर, उसकी पत्नी और साथी राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. सुनील अभी फरार है. बच्चे को वापस पाकर सचिन और पूजा खुश हैं.  पुलिस को अब सुनील की तलाश है. दरअसल, पारस की दो बेटियां हैं और उसे बेटा चाहिए था. लेकिन बेटा नहीं हुआ तो उसने अनीता से कह रखा था कि कोई बेटा आए तो बता देना. इसके लिए उसने 3 लाख रुपए अनीता को दिए थे. साफ है कि यश का सौदा हो चुका था, लेकिन मुखबिर की मदद, कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन को खंगालते हुए पुलिस पारस के घर पहुंच गई. दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में पारस के घर पर एक पार्टी चल रही थी जहां पर बच्चे का नामकरण दोबारा किया जा रहा था और कॉकटेल चल रहा था. पुलिस ने पारस को गिरफ्तार किया और मामले में अनीता, चंद्रवीर, उसकी पत्नी और साथी राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. सुनील अभी फरार है. बच्चे को वापस पाकर सचिन और पूजा खुश हैं.  पुलिस को अब सुनील की तलाश है. पुलिस ने पारस को गिरफ्तार किया और मामले में अनीता, चंद्रवीर, उसकी पत्नी और साथी राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. सुनील अभी फरार है. बच्चे को वापस पाकर सचिन और पूजा खुश हैं.  पुलिस को अब सुनील की तलाश है.
बच्चे के अपहरण के पीछे बिजनेसमैन की बेटे की चाहत बिजनेसमैन की दो बेटियां हैं 3 लाख रुपए में किया था सौदा
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आयरलैंड अब गर्भपात कानून में बदलाव को तैयार हो गया है। यह फैसला 31 वर्षीय भारतीय महिला सविता की मौत को लेकर हर ओर हो रही आयरलैंड की कड़ी आलोचना के बाद आया है। गालवे यूनिवर्सिटी अस्पताल में 28 अक्टूबर को सविता की इसलिए मौत हो गई थी कि स्थिति खराब होने के बावजूद उसे गर्भपात की अनुमति नहीं मिली थी। वह 17 सप्ताह की गर्भवती थी और रक्तस्राव से जूझ रही थी। सविता के पति ने कहा था कि उन्होंने पत्नी का गर्भपात कराने के लिए बार-बार अनुरोध किया लेकिन फिर भी अनुमति नहीं मिली। उससे कहा गया है कि गर्भस्थ भ्रूण के दिल की धड़कन चल रही है तथा कैथोलिक देश होने के नाते आयरलैंड गर्भपात की इजाजत नहीं दे सकता। टेलीग्राफ ने खबर दी है कि आयरलैंड सरकार ने उस कानून को निरस्त करने का निर्णय लिया है जो गर्भपात को आपराधिक कृत्य ठहराता है। सरकार ने ऐसे भी नियम लाने का फैसला किया है कि महिला की जान जोखिम में रहने की स्थिति में डॉक्टर उसका गर्भपात कर सकते हैं। अखबार के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री डॉ जेम्स रीली ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि ज्यादातर लोगों की इस मामले पर निजी राय है। लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है कि आयरलैंड में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। हम उनकी देखभाल का अपना कर्तव्य पूरा करेंगे।’’ रीली ने कहा, ‘‘इसके लिए हम उस स्थिति के लिए कानून एवं नियम में यह स्पष्ट करेंगे कि जब गर्भ से महिला की जान को खतरा पैदा हो जाए तो इलाज के दौरान क्या किया जाए। हम यह भी स्पष्ट करेंगे कि चिकित्सकों के लिए अजन्मे बच्चे के जीवन के समान अधिकार पर ध्यान रखते हुए महिला की चिकित्सकीय देखभाल के दौरान कानूनी रूप से क्या जरूरी है।’’ आयरलैंड का गर्भपात कानून यूरोप में सबसे कठोर है और इसे गैर आपराधिक बनाए जाने से संबंधित किसी भी कानून से देश में तेज बहस छिड़ सकती है क्योंकि यह रोमन कैथोलिक देश है। प्रधानमंत्री इंडा केन्नी ने कहा कि नये साले में मसौदा कानून प्रकाशित हो जाएगा और ईस्टर तक कानून तैयार हो जाएगा।टिप्पणियां टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक इस कानून को संसद से पारित कराने के लिए सरकार सत्तारूढ़ फाइन गेल पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी करेगी। पार्टी इन प्रस्तावों पर बुरी तरह बंटी है। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए। सविता के पति ने कहा था कि उन्होंने पत्नी का गर्भपात कराने के लिए बार-बार अनुरोध किया लेकिन फिर भी अनुमति नहीं मिली। उससे कहा गया है कि गर्भस्थ भ्रूण के दिल की धड़कन चल रही है तथा कैथोलिक देश होने के नाते आयरलैंड गर्भपात की इजाजत नहीं दे सकता। टेलीग्राफ ने खबर दी है कि आयरलैंड सरकार ने उस कानून को निरस्त करने का निर्णय लिया है जो गर्भपात को आपराधिक कृत्य ठहराता है। सरकार ने ऐसे भी नियम लाने का फैसला किया है कि महिला की जान जोखिम में रहने की स्थिति में डॉक्टर उसका गर्भपात कर सकते हैं। अखबार के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री डॉ जेम्स रीली ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि ज्यादातर लोगों की इस मामले पर निजी राय है। लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है कि आयरलैंड में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। हम उनकी देखभाल का अपना कर्तव्य पूरा करेंगे।’’ रीली ने कहा, ‘‘इसके लिए हम उस स्थिति के लिए कानून एवं नियम में यह स्पष्ट करेंगे कि जब गर्भ से महिला की जान को खतरा पैदा हो जाए तो इलाज के दौरान क्या किया जाए। हम यह भी स्पष्ट करेंगे कि चिकित्सकों के लिए अजन्मे बच्चे के जीवन के समान अधिकार पर ध्यान रखते हुए महिला की चिकित्सकीय देखभाल के दौरान कानूनी रूप से क्या जरूरी है।’’ आयरलैंड का गर्भपात कानून यूरोप में सबसे कठोर है और इसे गैर आपराधिक बनाए जाने से संबंधित किसी भी कानून से देश में तेज बहस छिड़ सकती है क्योंकि यह रोमन कैथोलिक देश है। प्रधानमंत्री इंडा केन्नी ने कहा कि नये साले में मसौदा कानून प्रकाशित हो जाएगा और ईस्टर तक कानून तैयार हो जाएगा।टिप्पणियां टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक इस कानून को संसद से पारित कराने के लिए सरकार सत्तारूढ़ फाइन गेल पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी करेगी। पार्टी इन प्रस्तावों पर बुरी तरह बंटी है। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए। टेलीग्राफ ने खबर दी है कि आयरलैंड सरकार ने उस कानून को निरस्त करने का निर्णय लिया है जो गर्भपात को आपराधिक कृत्य ठहराता है। सरकार ने ऐसे भी नियम लाने का फैसला किया है कि महिला की जान जोखिम में रहने की स्थिति में डॉक्टर उसका गर्भपात कर सकते हैं। अखबार के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री डॉ जेम्स रीली ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि ज्यादातर लोगों की इस मामले पर निजी राय है। लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है कि आयरलैंड में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। हम उनकी देखभाल का अपना कर्तव्य पूरा करेंगे।’’ रीली ने कहा, ‘‘इसके लिए हम उस स्थिति के लिए कानून एवं नियम में यह स्पष्ट करेंगे कि जब गर्भ से महिला की जान को खतरा पैदा हो जाए तो इलाज के दौरान क्या किया जाए। हम यह भी स्पष्ट करेंगे कि चिकित्सकों के लिए अजन्मे बच्चे के जीवन के समान अधिकार पर ध्यान रखते हुए महिला की चिकित्सकीय देखभाल के दौरान कानूनी रूप से क्या जरूरी है।’’ आयरलैंड का गर्भपात कानून यूरोप में सबसे कठोर है और इसे गैर आपराधिक बनाए जाने से संबंधित किसी भी कानून से देश में तेज बहस छिड़ सकती है क्योंकि यह रोमन कैथोलिक देश है। प्रधानमंत्री इंडा केन्नी ने कहा कि नये साले में मसौदा कानून प्रकाशित हो जाएगा और ईस्टर तक कानून तैयार हो जाएगा।टिप्पणियां टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक इस कानून को संसद से पारित कराने के लिए सरकार सत्तारूढ़ फाइन गेल पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी करेगी। पार्टी इन प्रस्तावों पर बुरी तरह बंटी है। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए। अखबार के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री डॉ जेम्स रीली ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि ज्यादातर लोगों की इस मामले पर निजी राय है। लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है कि आयरलैंड में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। हम उनकी देखभाल का अपना कर्तव्य पूरा करेंगे।’’ रीली ने कहा, ‘‘इसके लिए हम उस स्थिति के लिए कानून एवं नियम में यह स्पष्ट करेंगे कि जब गर्भ से महिला की जान को खतरा पैदा हो जाए तो इलाज के दौरान क्या किया जाए। हम यह भी स्पष्ट करेंगे कि चिकित्सकों के लिए अजन्मे बच्चे के जीवन के समान अधिकार पर ध्यान रखते हुए महिला की चिकित्सकीय देखभाल के दौरान कानूनी रूप से क्या जरूरी है।’’ आयरलैंड का गर्भपात कानून यूरोप में सबसे कठोर है और इसे गैर आपराधिक बनाए जाने से संबंधित किसी भी कानून से देश में तेज बहस छिड़ सकती है क्योंकि यह रोमन कैथोलिक देश है। प्रधानमंत्री इंडा केन्नी ने कहा कि नये साले में मसौदा कानून प्रकाशित हो जाएगा और ईस्टर तक कानून तैयार हो जाएगा।टिप्पणियां टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक इस कानून को संसद से पारित कराने के लिए सरकार सत्तारूढ़ फाइन गेल पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी करेगी। पार्टी इन प्रस्तावों पर बुरी तरह बंटी है। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए। रीली ने कहा, ‘‘इसके लिए हम उस स्थिति के लिए कानून एवं नियम में यह स्पष्ट करेंगे कि जब गर्भ से महिला की जान को खतरा पैदा हो जाए तो इलाज के दौरान क्या किया जाए। हम यह भी स्पष्ट करेंगे कि चिकित्सकों के लिए अजन्मे बच्चे के जीवन के समान अधिकार पर ध्यान रखते हुए महिला की चिकित्सकीय देखभाल के दौरान कानूनी रूप से क्या जरूरी है।’’ आयरलैंड का गर्भपात कानून यूरोप में सबसे कठोर है और इसे गैर आपराधिक बनाए जाने से संबंधित किसी भी कानून से देश में तेज बहस छिड़ सकती है क्योंकि यह रोमन कैथोलिक देश है। प्रधानमंत्री इंडा केन्नी ने कहा कि नये साले में मसौदा कानून प्रकाशित हो जाएगा और ईस्टर तक कानून तैयार हो जाएगा।टिप्पणियां टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक इस कानून को संसद से पारित कराने के लिए सरकार सत्तारूढ़ फाइन गेल पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी करेगी। पार्टी इन प्रस्तावों पर बुरी तरह बंटी है। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए। आयरलैंड का गर्भपात कानून यूरोप में सबसे कठोर है और इसे गैर आपराधिक बनाए जाने से संबंधित किसी भी कानून से देश में तेज बहस छिड़ सकती है क्योंकि यह रोमन कैथोलिक देश है। प्रधानमंत्री इंडा केन्नी ने कहा कि नये साले में मसौदा कानून प्रकाशित हो जाएगा और ईस्टर तक कानून तैयार हो जाएगा।टिप्पणियां टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक इस कानून को संसद से पारित कराने के लिए सरकार सत्तारूढ़ फाइन गेल पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी करेगी। पार्टी इन प्रस्तावों पर बुरी तरह बंटी है। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री इंडा केन्नी ने कहा कि नये साले में मसौदा कानून प्रकाशित हो जाएगा और ईस्टर तक कानून तैयार हो जाएगा।टिप्पणियां टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक इस कानून को संसद से पारित कराने के लिए सरकार सत्तारूढ़ फाइन गेल पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी करेगी। पार्टी इन प्रस्तावों पर बुरी तरह बंटी है। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए। टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक इस कानून को संसद से पारित कराने के लिए सरकार सत्तारूढ़ फाइन गेल पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी करेगी। पार्टी इन प्रस्तावों पर बुरी तरह बंटी है। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए। आयरलैंड के मंत्रिमंडल का फैसला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के दबाव के बाद आया है। अदालत ने व्यवस्था दी थी कि जब महिला की जान जोखिम में हो तब गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए।
संक्षिप्त सारांश: आयरलैंड अब गर्भपात कानून में बदलाव को तैयार हो गया है। यह फैसला 31 वर्षीय भारतीय महिला सविता की मौत को लेकर हर ओर हो रही आयरलैंड की कड़ी आलोचना के बाद आया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा में आए दिन हो रही बलात्कार की घटनाओं को लेकर राजनीति गर्मा गई है। विपक्षी कोई भी मौका नहीं चूकना चाहते लेकिन रोहतक की एक दलित नेत्री ने तो सबको पीछे छोड़ते हुए बलात्कारियों के खिलाफ फतवा जारी कर दिया और कानून को ठेंगा दिखाते हुए ऐलान किया कि जो भी बलात्कारी का हाथ काटेगा और आंखें फोडे़गा, उसे पार्टी एक लाख रुपया देकर सम्मानित करेगी। इंडियन बहुजन संदेश पार्टी ने हरियाणा में दलितों के साथ बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं को लेकर रोहतक में प्रदर्शन किया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी रोषस्वरूप काले कपड़े पहने हुए थे और मुख्यमंत्री आवास तक जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेट लगाकर रास्ते में रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए दलित नेत्री ने सवाल उठाया कि दलितों के साथ ही बलात्कार क्यों होता है... सरकार और पुलिस इसके लिए जिम्मेदार हैं... लेकिन अब कार्रवाई होगी। इंडियन बहुजन संदेश पार्टी ने हरियाणा में दलितों के साथ बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं को लेकर रोहतक में प्रदर्शन किया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी रोषस्वरूप काले कपड़े पहने हुए थे और मुख्यमंत्री आवास तक जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेट लगाकर रास्ते में रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए दलित नेत्री ने सवाल उठाया कि दलितों के साथ ही बलात्कार क्यों होता है... सरकार और पुलिस इसके लिए जिम्मेदार हैं... लेकिन अब कार्रवाई होगी। प्रदर्शनकारी रोषस्वरूप काले कपड़े पहने हुए थे और मुख्यमंत्री आवास तक जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेट लगाकर रास्ते में रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए दलित नेत्री ने सवाल उठाया कि दलितों के साथ ही बलात्कार क्यों होता है... सरकार और पुलिस इसके लिए जिम्मेदार हैं... लेकिन अब कार्रवाई होगी। झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए दलित नेत्री ने सवाल उठाया कि दलितों के साथ ही बलात्कार क्यों होता है... सरकार और पुलिस इसके लिए जिम्मेदार हैं... लेकिन अब कार्रवाई होगी।
संक्षिप्त सारांश: हरियाणा में आए दिन हो रही बलात्कार की घटनाओं को लेकर राजनीति गर्मा गई है। रोहतक की एक दलित नेत्री ने तो सबको पीछे छोड़ते हुए बलात्कारियों के खिलाफ फतवा जारी कर दिया और कानून को ठेंगा दिखाते हुए ऐलान किया कि जो भी बलात्कारी का हाथ काटेगा और आंखें फोडे़गा,
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा में अर्थव्यवस्था पर चर्चा के दौरान भाजपा के यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बहुत ही बुरे समय से गुजर रही है, जिसका सुबूत यह है कि 1991 में चालू खाता घाटा जीडीपी का 2.5 प्रतिशत था जो पिछले साल पांच प्रतिशत हो गया। 2012-13 तक भारत सरकार का कुल वाह्य ऋण 390 अरब डॉलर था। अल्प अवधि का ऋण 172 अरब डॉलर था, जिसे 31 मार्च 2014 तक वापस करना है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर का अनुभव है कि जब विदेशी मुद्रा में कमी आती है तो बहुत तेजी से आती है। सिन्हा ने कहा कि सरकार कहती है कि अल्पावधि ऋण को लेकर वह ऋणदाता से बात आगे बढ़ाएगी, लेकिन जानकार कहते हैं कि आपके चालू खाते में 25 अरब डॉलर नहीं आया तो भुगतान संतुलन का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री चाहे जितनी बहादुरी से बयान दें, लेकिन वह बयान खोखला है। साथ ही आरोप लगाया कि ये जानते हुए भी सरकार ने फिजूलखर्ची की कि इसका असर मुद्रास्फीति पर पड़ेगा। निवेशकों को जब पता चल गया कि मुनाफा नहीं होगा तो उन्होंने निवेश करना बंद कर दिया। सिन्हा ने कहा, ‘‘आज का संकट सरकार की अकर्मण्यता का संकट है। विश्वास का संकट है।’’ भाजपा नेता के मुताबिक सरकार ने कहा था कि 2012-13 में राजकोषीय घाटे को 5.1 प्रतिशत पर रोक लेंगे और उसे 4.9 प्रतिशत पर ही रोक लिया, लेकिन इसके लिए इसने 1,00,000 करोड़ रुपये योजनागत आवंटन में कटौती कर दी। सिन्हा ने कहा कि वैश्विक संकट आज भी है, ऐसे में सरकार खर्च घटाए। उन्होंने हैरत व्यक्त की कि इस साल सरकार 5,50,000 करोड़ रुपये कर्ज लेगी। सोना बहुत आयात हो रहा है, इसी के चलते सारी समस्या पैदा हुई है। सोने पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क है और 20 प्रतिशत की निर्यात बाध्यता होती है, जिससे ज्वैलर्स का उद्योग बैठ गया है। उन्होंने कहा कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है ,लेकिन हम 18 अरब डॉलर का कोयला आयात करते हैं। जब अकूत भंडार है तो आयात क्यों करते हैं? क्यों नहीं इसे रोकते? कोयला संकट क्यों है? हर साल कोयला आयात बढ़ रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड से सरकार क्यों नहीं कहती कि वह उत्पादन बढ़ाए।टिप्पणियां सिन्हा ने कहा कि 1,00,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अज्ञानता का सुख है हमारे पास। सबसे बड़ा बोझ ज्ञान का होता है और जानबूझ कर अनजान बनना सबसे बड़ा पाप है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सब जानते हैं कि नतीजा क्या होगा, फिर भी ऐसे कदम उठा रहे हैं जो देश को रसातल की ओर ले जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’ 2012-13 तक भारत सरकार का कुल वाह्य ऋण 390 अरब डॉलर था। अल्प अवधि का ऋण 172 अरब डॉलर था, जिसे 31 मार्च 2014 तक वापस करना है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर का अनुभव है कि जब विदेशी मुद्रा में कमी आती है तो बहुत तेजी से आती है। सिन्हा ने कहा कि सरकार कहती है कि अल्पावधि ऋण को लेकर वह ऋणदाता से बात आगे बढ़ाएगी, लेकिन जानकार कहते हैं कि आपके चालू खाते में 25 अरब डॉलर नहीं आया तो भुगतान संतुलन का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री चाहे जितनी बहादुरी से बयान दें, लेकिन वह बयान खोखला है। साथ ही आरोप लगाया कि ये जानते हुए भी सरकार ने फिजूलखर्ची की कि इसका असर मुद्रास्फीति पर पड़ेगा। निवेशकों को जब पता चल गया कि मुनाफा नहीं होगा तो उन्होंने निवेश करना बंद कर दिया। सिन्हा ने कहा, ‘‘आज का संकट सरकार की अकर्मण्यता का संकट है। विश्वास का संकट है।’’ भाजपा नेता के मुताबिक सरकार ने कहा था कि 2012-13 में राजकोषीय घाटे को 5.1 प्रतिशत पर रोक लेंगे और उसे 4.9 प्रतिशत पर ही रोक लिया, लेकिन इसके लिए इसने 1,00,000 करोड़ रुपये योजनागत आवंटन में कटौती कर दी। सिन्हा ने कहा कि वैश्विक संकट आज भी है, ऐसे में सरकार खर्च घटाए। उन्होंने हैरत व्यक्त की कि इस साल सरकार 5,50,000 करोड़ रुपये कर्ज लेगी। सोना बहुत आयात हो रहा है, इसी के चलते सारी समस्या पैदा हुई है। सोने पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क है और 20 प्रतिशत की निर्यात बाध्यता होती है, जिससे ज्वैलर्स का उद्योग बैठ गया है। उन्होंने कहा कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है ,लेकिन हम 18 अरब डॉलर का कोयला आयात करते हैं। जब अकूत भंडार है तो आयात क्यों करते हैं? क्यों नहीं इसे रोकते? कोयला संकट क्यों है? हर साल कोयला आयात बढ़ रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड से सरकार क्यों नहीं कहती कि वह उत्पादन बढ़ाए।टिप्पणियां सिन्हा ने कहा कि 1,00,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अज्ञानता का सुख है हमारे पास। सबसे बड़ा बोझ ज्ञान का होता है और जानबूझ कर अनजान बनना सबसे बड़ा पाप है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सब जानते हैं कि नतीजा क्या होगा, फिर भी ऐसे कदम उठा रहे हैं जो देश को रसातल की ओर ले जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’ उन्होंने कहा कि दुनियाभर का अनुभव है कि जब विदेशी मुद्रा में कमी आती है तो बहुत तेजी से आती है। सिन्हा ने कहा कि सरकार कहती है कि अल्पावधि ऋण को लेकर वह ऋणदाता से बात आगे बढ़ाएगी, लेकिन जानकार कहते हैं कि आपके चालू खाते में 25 अरब डॉलर नहीं आया तो भुगतान संतुलन का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री चाहे जितनी बहादुरी से बयान दें, लेकिन वह बयान खोखला है। साथ ही आरोप लगाया कि ये जानते हुए भी सरकार ने फिजूलखर्ची की कि इसका असर मुद्रास्फीति पर पड़ेगा। निवेशकों को जब पता चल गया कि मुनाफा नहीं होगा तो उन्होंने निवेश करना बंद कर दिया। सिन्हा ने कहा, ‘‘आज का संकट सरकार की अकर्मण्यता का संकट है। विश्वास का संकट है।’’ भाजपा नेता के मुताबिक सरकार ने कहा था कि 2012-13 में राजकोषीय घाटे को 5.1 प्रतिशत पर रोक लेंगे और उसे 4.9 प्रतिशत पर ही रोक लिया, लेकिन इसके लिए इसने 1,00,000 करोड़ रुपये योजनागत आवंटन में कटौती कर दी। सिन्हा ने कहा कि वैश्विक संकट आज भी है, ऐसे में सरकार खर्च घटाए। उन्होंने हैरत व्यक्त की कि इस साल सरकार 5,50,000 करोड़ रुपये कर्ज लेगी। सोना बहुत आयात हो रहा है, इसी के चलते सारी समस्या पैदा हुई है। सोने पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क है और 20 प्रतिशत की निर्यात बाध्यता होती है, जिससे ज्वैलर्स का उद्योग बैठ गया है। उन्होंने कहा कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है ,लेकिन हम 18 अरब डॉलर का कोयला आयात करते हैं। जब अकूत भंडार है तो आयात क्यों करते हैं? क्यों नहीं इसे रोकते? कोयला संकट क्यों है? हर साल कोयला आयात बढ़ रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड से सरकार क्यों नहीं कहती कि वह उत्पादन बढ़ाए।टिप्पणियां सिन्हा ने कहा कि 1,00,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अज्ञानता का सुख है हमारे पास। सबसे बड़ा बोझ ज्ञान का होता है और जानबूझ कर अनजान बनना सबसे बड़ा पाप है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सब जानते हैं कि नतीजा क्या होगा, फिर भी ऐसे कदम उठा रहे हैं जो देश को रसातल की ओर ले जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’ उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री चाहे जितनी बहादुरी से बयान दें, लेकिन वह बयान खोखला है। साथ ही आरोप लगाया कि ये जानते हुए भी सरकार ने फिजूलखर्ची की कि इसका असर मुद्रास्फीति पर पड़ेगा। निवेशकों को जब पता चल गया कि मुनाफा नहीं होगा तो उन्होंने निवेश करना बंद कर दिया। सिन्हा ने कहा, ‘‘आज का संकट सरकार की अकर्मण्यता का संकट है। विश्वास का संकट है।’’ भाजपा नेता के मुताबिक सरकार ने कहा था कि 2012-13 में राजकोषीय घाटे को 5.1 प्रतिशत पर रोक लेंगे और उसे 4.9 प्रतिशत पर ही रोक लिया, लेकिन इसके लिए इसने 1,00,000 करोड़ रुपये योजनागत आवंटन में कटौती कर दी। सिन्हा ने कहा कि वैश्विक संकट आज भी है, ऐसे में सरकार खर्च घटाए। उन्होंने हैरत व्यक्त की कि इस साल सरकार 5,50,000 करोड़ रुपये कर्ज लेगी। सोना बहुत आयात हो रहा है, इसी के चलते सारी समस्या पैदा हुई है। सोने पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क है और 20 प्रतिशत की निर्यात बाध्यता होती है, जिससे ज्वैलर्स का उद्योग बैठ गया है। उन्होंने कहा कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है ,लेकिन हम 18 अरब डॉलर का कोयला आयात करते हैं। जब अकूत भंडार है तो आयात क्यों करते हैं? क्यों नहीं इसे रोकते? कोयला संकट क्यों है? हर साल कोयला आयात बढ़ रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड से सरकार क्यों नहीं कहती कि वह उत्पादन बढ़ाए।टिप्पणियां सिन्हा ने कहा कि 1,00,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अज्ञानता का सुख है हमारे पास। सबसे बड़ा बोझ ज्ञान का होता है और जानबूझ कर अनजान बनना सबसे बड़ा पाप है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सब जानते हैं कि नतीजा क्या होगा, फिर भी ऐसे कदम उठा रहे हैं जो देश को रसातल की ओर ले जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’ सिन्हा ने कहा, ‘‘आज का संकट सरकार की अकर्मण्यता का संकट है। विश्वास का संकट है।’’ भाजपा नेता के मुताबिक सरकार ने कहा था कि 2012-13 में राजकोषीय घाटे को 5.1 प्रतिशत पर रोक लेंगे और उसे 4.9 प्रतिशत पर ही रोक लिया, लेकिन इसके लिए इसने 1,00,000 करोड़ रुपये योजनागत आवंटन में कटौती कर दी। सिन्हा ने कहा कि वैश्विक संकट आज भी है, ऐसे में सरकार खर्च घटाए। उन्होंने हैरत व्यक्त की कि इस साल सरकार 5,50,000 करोड़ रुपये कर्ज लेगी। सोना बहुत आयात हो रहा है, इसी के चलते सारी समस्या पैदा हुई है। सोने पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क है और 20 प्रतिशत की निर्यात बाध्यता होती है, जिससे ज्वैलर्स का उद्योग बैठ गया है। उन्होंने कहा कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है ,लेकिन हम 18 अरब डॉलर का कोयला आयात करते हैं। जब अकूत भंडार है तो आयात क्यों करते हैं? क्यों नहीं इसे रोकते? कोयला संकट क्यों है? हर साल कोयला आयात बढ़ रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड से सरकार क्यों नहीं कहती कि वह उत्पादन बढ़ाए।टिप्पणियां सिन्हा ने कहा कि 1,00,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अज्ञानता का सुख है हमारे पास। सबसे बड़ा बोझ ज्ञान का होता है और जानबूझ कर अनजान बनना सबसे बड़ा पाप है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सब जानते हैं कि नतीजा क्या होगा, फिर भी ऐसे कदम उठा रहे हैं जो देश को रसातल की ओर ले जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’ सिन्हा ने कहा कि वैश्विक संकट आज भी है, ऐसे में सरकार खर्च घटाए। उन्होंने हैरत व्यक्त की कि इस साल सरकार 5,50,000 करोड़ रुपये कर्ज लेगी। सोना बहुत आयात हो रहा है, इसी के चलते सारी समस्या पैदा हुई है। सोने पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क है और 20 प्रतिशत की निर्यात बाध्यता होती है, जिससे ज्वैलर्स का उद्योग बैठ गया है। उन्होंने कहा कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है ,लेकिन हम 18 अरब डॉलर का कोयला आयात करते हैं। जब अकूत भंडार है तो आयात क्यों करते हैं? क्यों नहीं इसे रोकते? कोयला संकट क्यों है? हर साल कोयला आयात बढ़ रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड से सरकार क्यों नहीं कहती कि वह उत्पादन बढ़ाए।टिप्पणियां सिन्हा ने कहा कि 1,00,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अज्ञानता का सुख है हमारे पास। सबसे बड़ा बोझ ज्ञान का होता है और जानबूझ कर अनजान बनना सबसे बड़ा पाप है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सब जानते हैं कि नतीजा क्या होगा, फिर भी ऐसे कदम उठा रहे हैं जो देश को रसातल की ओर ले जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’ उन्होंने कहा कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है ,लेकिन हम 18 अरब डॉलर का कोयला आयात करते हैं। जब अकूत भंडार है तो आयात क्यों करते हैं? क्यों नहीं इसे रोकते? कोयला संकट क्यों है? हर साल कोयला आयात बढ़ रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड से सरकार क्यों नहीं कहती कि वह उत्पादन बढ़ाए।टिप्पणियां सिन्हा ने कहा कि 1,00,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अज्ञानता का सुख है हमारे पास। सबसे बड़ा बोझ ज्ञान का होता है और जानबूझ कर अनजान बनना सबसे बड़ा पाप है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सब जानते हैं कि नतीजा क्या होगा, फिर भी ऐसे कदम उठा रहे हैं जो देश को रसातल की ओर ले जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’ सिन्हा ने कहा कि 1,00,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अज्ञानता का सुख है हमारे पास। सबसे बड़ा बोझ ज्ञान का होता है और जानबूझ कर अनजान बनना सबसे बड़ा पाप है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सब जानते हैं कि नतीजा क्या होगा, फिर भी ऐसे कदम उठा रहे हैं जो देश को रसातल की ओर ले जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के जाने का समय आ गया है। आप हमसे (विपक्ष से) मत पूछिए कि समाधान क्या है? अर्थव्यवस्था के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है, जिसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। इस परिस्थिति से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है कि इस सरकार को विदा करो। जनता के पास चलो, जनता फैसला करेगी। इतनी भ्रष्ट सरकार आज तक देश के इतिहास में कभी नहीं बनी।’’
संक्षिप्त पाठ: लोकसभा में अर्थव्यवस्था पर चर्चा के दौरान भाजपा के यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बहुत ही बुरे समय से गुजर रही है, जिसका सुबूत यह है कि 1991 में चालू खाता घाटा जीडीपी का 2.5 प्रतिशत था जो पिछले साल पांच प्रतिशत हो गया।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव 2019 में वाराणसी सीट से कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी न होने के फैसले पर खुद प्रियंका गांधी ने जवाब दिया है. उत्तर प्रदेश के रायबरेली में चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से बातचीत में वाराणसी से चुनाव न लड़ने के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कहा है कि अगर वह वाराणसी से चुनाव लड़तीं तो वह सिर्फ वाराणसी तक ही सीमित रह जातीं, जबकि उनका काम पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश का है. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण में होने वाले मतदान से पहले प्रियंका गांधी लगातार चुनावी प्रचार कर रही हैं और अलग-अलग संसदीय क्षेत्र में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए घुम-घुम कर वोट मांग रही हैं.  प्रियंका गांधी ने कहा कि 'देखिए यहां पर काम बहुत है. अगर मैं वाराणसी से लड़ती तो वाराणसी तक सीमित रहती. जबकि मेरा काम पूर्वी यूपी में उससे कहीं ज्यादा है. हर उम्मीदवार चाहते हैं कि मैं उनके लिए जाकर प्रचार करूं, मैं उन्हें निराश भी नहीं करना चाहती. मैंने शुरू से कहा था कि जो पार्टी निर्णय लेगी, वही करूंगी. अगर वो चाहते मैं लड़ूं तो मैं लड़ती, ना चाहती तो मैं नहीं लड़ती.'  उन्होंने आगे कहा कि 'मैंने बहुत बार कहा था कि मैं बहुत खुश होउंगी अगर मुझे पूर्वी उत्तर प्रदेश का सिर्फ काम करने दे. प्रियंका गांधी अपने लिए थोड़े ही जा रही है राजनीति में? कांग्रेस का संगठन कमजोर है यहां, हमें मजबूत बनाना  है. राजनीति सिर्फ जीतने के लिए थोड़ी होती है? मेरी रणनीति बिलकुल स्पष्ट है, 2019 में बीजेपी को यहां से हराना, यूपी से हराना. बिलकुल बीजेपी यूपी में बुरी तरह पीछे जाएगी, बहुत बुरी तरह हारेगी. ये बिलकुल स्पष्ट है कि यहां हमारे उम्मीदवार अच्छा लड़ रहे हैं. जहां उम्मीदवार मजबूत हैं, वहां कांग्रेस जीतेगी. जहां हमारे उम्मीदवार  थोड़े हल्के हैं, वहां हमने ऐसे उम्मीदवार दिए हैं, जो बीजेपी का वोट काटे. कांग्रेस बीजेपी का वोट काटेगी.' गौरतलब है कि वाराणसी से कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी के खिलाफ अजय राय को मैदान में उतारा है. हालांकि, इससे पहले चर्चा थी कि प्रियंका गांधी पीएम मोदी को वाराणसी से टक्कर देंगी. मगर अंत में कांग्रेस ने फैसला लिया कि प्रियंका गांधी को चुनाव में न उतारा जाए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रियंका गांधी ने वाराणसी से चुनाव न ल़ड़ने पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनका काम पूर्वी उत्तर प्रदेश में है. वह वाराणसी तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं.
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत रत्न दिए जाने के पैनल में सचिन का नाम सबसे पहले नंबर पर है। अब से कुछ देर में यह तय हो जाएगा कि सचिन को भारत रत्न मिलेगा या नहीं… अगर एनडीटीवी इंडिया के सूत्रों की मानें तो सचिन को भारत रत्न मिलना तय है। हालांकि सचिन का नाम पिछले कुछ साल से भारत रत्न के लिए आता रहा है। इस बार पुख्ता लग रहा है कि क्योंकि सचिन ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट में अपना 50वां शतक और वनडे में एकमात्र दोहरा शतक जमाया। सचिन को पिछले साल मार्च मे महाराष्ट्र सरकार ने भारत रत्न देने की मांग केंद्र से की थी। इसके अलावा भारत की कई मशहूर हस्तियां भी सचिन को भारत रत्न देने की मांग करती रही हैं। अगर सचिन का नाम भारत रत्न के लिए घोषित किया जाता है, तो वह पहले खिलाड़ी होंगे, जिन्हें यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलेगा। यही नहीं, सचिन सबसे कम उम्र की शख्सियत होंगे, जिन्हें देश का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया जाएगा।
संक्षिप्त पाठ: अब से कुछ देर में यह तय हो जाएगा कि सचिन को भारत रत्न मिलेगा या नहीं… अगर एनडीटीवी सूत्रों की मानें तो सचिन को भारत रत्न मिलना तय है…
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी वायुसेना के पूर्व सदस्य और स्वयंभू तालिबान कमांडर ने लड़कियों की शिक्षा की पैरोकारी करने वाले किशोरी मलाला यूसुफजई को लिखे पत्र में महात्मा गांधी, प्रभु यीशू और भगवान बुद्ध का जिक्र किया है।टिप्पणियां अदनान रशीद ने मलाला को 200 शब्दों का पत्र भेजकर पाकिस्तान लौटने तथा इस्लाम के लिए काम करने का आग्रह किया है। इससे कुछ दिनों पहले मलाला ने कहा था कि तालिबान के हमले से लड़कियों की शिक्षा के पक्ष में बोलने की उनकी प्रतिबद्धता जरा भी कम नहीं हुई है। रशीद ने कहा, जो दया आपने पैगम्बर मुहम्मद से सीखी है, काश पाकिस्तानी सेना भी सीखती ताकि वे मुसलमानों का खून बहाना बंद कर देते, जो दया आपने यीशू से सीखी है, वो अमेरिका और नाटो को सीखना चाहिए। मैं भगवान बुद्ध के अनुयायियों से यही उम्मीद करता हूं। मेरी उम्मीद भारतीय सेना से भी है कि वह गांधी जी का अनुसरण करें। बीते साल नौ अक्तूबर को स्वात में मलाला पर तालिबान ने हमला किया था। उन्हें उपचार के लिए ब्रिटेन ले जाया गया था। अदनान रशीद ने मलाला को 200 शब्दों का पत्र भेजकर पाकिस्तान लौटने तथा इस्लाम के लिए काम करने का आग्रह किया है। इससे कुछ दिनों पहले मलाला ने कहा था कि तालिबान के हमले से लड़कियों की शिक्षा के पक्ष में बोलने की उनकी प्रतिबद्धता जरा भी कम नहीं हुई है। रशीद ने कहा, जो दया आपने पैगम्बर मुहम्मद से सीखी है, काश पाकिस्तानी सेना भी सीखती ताकि वे मुसलमानों का खून बहाना बंद कर देते, जो दया आपने यीशू से सीखी है, वो अमेरिका और नाटो को सीखना चाहिए। मैं भगवान बुद्ध के अनुयायियों से यही उम्मीद करता हूं। मेरी उम्मीद भारतीय सेना से भी है कि वह गांधी जी का अनुसरण करें। बीते साल नौ अक्तूबर को स्वात में मलाला पर तालिबान ने हमला किया था। उन्हें उपचार के लिए ब्रिटेन ले जाया गया था। रशीद ने कहा, जो दया आपने पैगम्बर मुहम्मद से सीखी है, काश पाकिस्तानी सेना भी सीखती ताकि वे मुसलमानों का खून बहाना बंद कर देते, जो दया आपने यीशू से सीखी है, वो अमेरिका और नाटो को सीखना चाहिए। मैं भगवान बुद्ध के अनुयायियों से यही उम्मीद करता हूं। मेरी उम्मीद भारतीय सेना से भी है कि वह गांधी जी का अनुसरण करें। बीते साल नौ अक्तूबर को स्वात में मलाला पर तालिबान ने हमला किया था। उन्हें उपचार के लिए ब्रिटेन ले जाया गया था।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तानी वायुसेना के पूर्व सदस्य और स्वयंभू तालिबान कमांडर ने लड़कियों की शिक्षा की पैरोकारी करने वाले किशोरी मलाला यूसुफजई को लिखे पत्र में महात्मा गांधी, प्रभु यीशू और भगवान बुद्ध का जिक्र किया है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद देश की रक्षा नीति में जो सबसे बड़ा परिवर्तन किया, वह रहा रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश को अनुमति देना. इस संबंध में मोदी सरकार ने 24 जून को बाकायदा एक अधिसूचना जारी की. नई नीति के अनुसार रक्षा क्षेत्र में एफडीआई 49 फीसदी तक की छूट दी गई थी और जहां भी तकनीक आने की संभावना हो वहां पर सरकार के जरिए इस निवेश की सीमा बढ़ाए जाने तक को मंजूरी दी गई थी. लेकिन, देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के सरकार के इतने बड़े फैसले का असर भी तक कुछ भी नहीं हुआ है. अर्थात चालू वित्त वर्ष में सरकार को रक्षा क्षेत्र में निवेश का एक भी प्रस्ताव नहीं मिला है. हाल ही लोकसभा में भर्तृहरि महताब और सत्यपाल सिंह ने पूछा कि क्या गत तीन वर्षों और चालू वित्त वर्ष के दौरान देश के रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वृद्धि हुई है और यदि हां, तो उसके बारे में संसद को बताया जाए. टिप्पणियां इसी प्रश्न के जवाब में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि गत दो वर्षों में एफडीआई नीति को क्रमिक रूप से उदारीकृत किया गया है. चूंकि रक्षा परियोजनाओं में लंबी गर्भाधान अवधि शामलि होती है और परियोजनाओं को अनुमोदन प्राप्त होने एवं संविदाओं को दिए जाने के बाद निवेश आने में समय लगता है इस लिए एफडीआई का प्रभाव दिखाई देने में काफी समय लगता है. पर्रिकर ने कहा कि वर्ष 2013-14 में, यूके से 8.22 लाख अमरीकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई थी. वर्ष 2014-15 में फ्रांस से 0.77 लाख अमरीकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई है. वर्ष 2015-16 में फ्रांस से 0.95 लाख अमेरिकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई है. चालू वित्त वर्ष में सितंबर, 2016 तक कोई एफडीआई प्राप्त नहीं हुई है. उल्लेखनीय है कि 20 जून, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में फैसले के बाद ऐसी घोषणा की गई थी. रक्षा क्षेत्र के लिए उन मामलों में मंजूरी मार्ग से 49 प्रतिशत से ऊपर भी एफडीआई की अनुमति दी गई है जिनसे देश को आधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त हो सकती है. सरकार ने ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी के प्रावधान को समाप्त कर दिया है. रक्षा क्षेत्र में अब तक 49 प्रतिशत से अधिक एफडीआई के प्रस्ताव पर पहले मामला दर मामला आधार पर मंजूरी मार्ग से किया जा सकता था बशर्ते उससे देश को ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी मिल सके. रक्षा क्षेत्र के लिए एफडीआई की सीमा को शस्त्र अधिनियम, 1959 के तहत छोटे हथियारों और अन्य युद्ध सामग्रियों गोला बारूद आदि बनाने वाले उद्योगों पर भी लागू किया गया है. एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र (एसबीटीआर) के बारे में स्थानीय स्तर पर खरीद के नियम को उदार कर छूट की अवधि तीन साल की गई है. वहीं ऐसी इकाइयों के लिए, जो ऐसे उत्पादों का एकल ब्रांड खुदरा कारोबार कर रही हैं जो ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी वाले हैं, यह सीमा पांच साल की गई है. लेकिन, देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के सरकार के इतने बड़े फैसले का असर भी तक कुछ भी नहीं हुआ है. अर्थात चालू वित्त वर्ष में सरकार को रक्षा क्षेत्र में निवेश का एक भी प्रस्ताव नहीं मिला है. हाल ही लोकसभा में भर्तृहरि महताब और सत्यपाल सिंह ने पूछा कि क्या गत तीन वर्षों और चालू वित्त वर्ष के दौरान देश के रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वृद्धि हुई है और यदि हां, तो उसके बारे में संसद को बताया जाए. टिप्पणियां इसी प्रश्न के जवाब में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि गत दो वर्षों में एफडीआई नीति को क्रमिक रूप से उदारीकृत किया गया है. चूंकि रक्षा परियोजनाओं में लंबी गर्भाधान अवधि शामलि होती है और परियोजनाओं को अनुमोदन प्राप्त होने एवं संविदाओं को दिए जाने के बाद निवेश आने में समय लगता है इस लिए एफडीआई का प्रभाव दिखाई देने में काफी समय लगता है. पर्रिकर ने कहा कि वर्ष 2013-14 में, यूके से 8.22 लाख अमरीकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई थी. वर्ष 2014-15 में फ्रांस से 0.77 लाख अमरीकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई है. वर्ष 2015-16 में फ्रांस से 0.95 लाख अमेरिकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई है. चालू वित्त वर्ष में सितंबर, 2016 तक कोई एफडीआई प्राप्त नहीं हुई है. उल्लेखनीय है कि 20 जून, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में फैसले के बाद ऐसी घोषणा की गई थी. रक्षा क्षेत्र के लिए उन मामलों में मंजूरी मार्ग से 49 प्रतिशत से ऊपर भी एफडीआई की अनुमति दी गई है जिनसे देश को आधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त हो सकती है. सरकार ने ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी के प्रावधान को समाप्त कर दिया है. रक्षा क्षेत्र में अब तक 49 प्रतिशत से अधिक एफडीआई के प्रस्ताव पर पहले मामला दर मामला आधार पर मंजूरी मार्ग से किया जा सकता था बशर्ते उससे देश को ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी मिल सके. रक्षा क्षेत्र के लिए एफडीआई की सीमा को शस्त्र अधिनियम, 1959 के तहत छोटे हथियारों और अन्य युद्ध सामग्रियों गोला बारूद आदि बनाने वाले उद्योगों पर भी लागू किया गया है. एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र (एसबीटीआर) के बारे में स्थानीय स्तर पर खरीद के नियम को उदार कर छूट की अवधि तीन साल की गई है. वहीं ऐसी इकाइयों के लिए, जो ऐसे उत्पादों का एकल ब्रांड खुदरा कारोबार कर रही हैं जो ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी वाले हैं, यह सीमा पांच साल की गई है. हाल ही लोकसभा में भर्तृहरि महताब और सत्यपाल सिंह ने पूछा कि क्या गत तीन वर्षों और चालू वित्त वर्ष के दौरान देश के रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वृद्धि हुई है और यदि हां, तो उसके बारे में संसद को बताया जाए. टिप्पणियां इसी प्रश्न के जवाब में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि गत दो वर्षों में एफडीआई नीति को क्रमिक रूप से उदारीकृत किया गया है. चूंकि रक्षा परियोजनाओं में लंबी गर्भाधान अवधि शामलि होती है और परियोजनाओं को अनुमोदन प्राप्त होने एवं संविदाओं को दिए जाने के बाद निवेश आने में समय लगता है इस लिए एफडीआई का प्रभाव दिखाई देने में काफी समय लगता है. पर्रिकर ने कहा कि वर्ष 2013-14 में, यूके से 8.22 लाख अमरीकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई थी. वर्ष 2014-15 में फ्रांस से 0.77 लाख अमरीकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई है. वर्ष 2015-16 में फ्रांस से 0.95 लाख अमेरिकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई है. चालू वित्त वर्ष में सितंबर, 2016 तक कोई एफडीआई प्राप्त नहीं हुई है. उल्लेखनीय है कि 20 जून, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में फैसले के बाद ऐसी घोषणा की गई थी. रक्षा क्षेत्र के लिए उन मामलों में मंजूरी मार्ग से 49 प्रतिशत से ऊपर भी एफडीआई की अनुमति दी गई है जिनसे देश को आधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त हो सकती है. सरकार ने ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी के प्रावधान को समाप्त कर दिया है. रक्षा क्षेत्र में अब तक 49 प्रतिशत से अधिक एफडीआई के प्रस्ताव पर पहले मामला दर मामला आधार पर मंजूरी मार्ग से किया जा सकता था बशर्ते उससे देश को ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी मिल सके. रक्षा क्षेत्र के लिए एफडीआई की सीमा को शस्त्र अधिनियम, 1959 के तहत छोटे हथियारों और अन्य युद्ध सामग्रियों गोला बारूद आदि बनाने वाले उद्योगों पर भी लागू किया गया है. एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र (एसबीटीआर) के बारे में स्थानीय स्तर पर खरीद के नियम को उदार कर छूट की अवधि तीन साल की गई है. वहीं ऐसी इकाइयों के लिए, जो ऐसे उत्पादों का एकल ब्रांड खुदरा कारोबार कर रही हैं जो ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी वाले हैं, यह सीमा पांच साल की गई है. इसी प्रश्न के जवाब में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि गत दो वर्षों में एफडीआई नीति को क्रमिक रूप से उदारीकृत किया गया है. चूंकि रक्षा परियोजनाओं में लंबी गर्भाधान अवधि शामलि होती है और परियोजनाओं को अनुमोदन प्राप्त होने एवं संविदाओं को दिए जाने के बाद निवेश आने में समय लगता है इस लिए एफडीआई का प्रभाव दिखाई देने में काफी समय लगता है. पर्रिकर ने कहा कि वर्ष 2013-14 में, यूके से 8.22 लाख अमरीकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई थी. वर्ष 2014-15 में फ्रांस से 0.77 लाख अमरीकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई है. वर्ष 2015-16 में फ्रांस से 0.95 लाख अमेरिकी डॉलर की एफडीआई प्राप्त हुई है. चालू वित्त वर्ष में सितंबर, 2016 तक कोई एफडीआई प्राप्त नहीं हुई है. उल्लेखनीय है कि 20 जून, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में फैसले के बाद ऐसी घोषणा की गई थी. रक्षा क्षेत्र के लिए उन मामलों में मंजूरी मार्ग से 49 प्रतिशत से ऊपर भी एफडीआई की अनुमति दी गई है जिनसे देश को आधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त हो सकती है. सरकार ने ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी के प्रावधान को समाप्त कर दिया है. रक्षा क्षेत्र में अब तक 49 प्रतिशत से अधिक एफडीआई के प्रस्ताव पर पहले मामला दर मामला आधार पर मंजूरी मार्ग से किया जा सकता था बशर्ते उससे देश को ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी मिल सके. रक्षा क्षेत्र के लिए एफडीआई की सीमा को शस्त्र अधिनियम, 1959 के तहत छोटे हथियारों और अन्य युद्ध सामग्रियों गोला बारूद आदि बनाने वाले उद्योगों पर भी लागू किया गया है. एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र (एसबीटीआर) के बारे में स्थानीय स्तर पर खरीद के नियम को उदार कर छूट की अवधि तीन साल की गई है. वहीं ऐसी इकाइयों के लिए, जो ऐसे उत्पादों का एकल ब्रांड खुदरा कारोबार कर रही हैं जो ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी वाले हैं, यह सीमा पांच साल की गई है. उल्लेखनीय है कि 20 जून, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में फैसले के बाद ऐसी घोषणा की गई थी. रक्षा क्षेत्र के लिए उन मामलों में मंजूरी मार्ग से 49 प्रतिशत से ऊपर भी एफडीआई की अनुमति दी गई है जिनसे देश को आधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त हो सकती है. सरकार ने ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी के प्रावधान को समाप्त कर दिया है. रक्षा क्षेत्र में अब तक 49 प्रतिशत से अधिक एफडीआई के प्रस्ताव पर पहले मामला दर मामला आधार पर मंजूरी मार्ग से किया जा सकता था बशर्ते उससे देश को ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी मिल सके. रक्षा क्षेत्र के लिए एफडीआई की सीमा को शस्त्र अधिनियम, 1959 के तहत छोटे हथियारों और अन्य युद्ध सामग्रियों गोला बारूद आदि बनाने वाले उद्योगों पर भी लागू किया गया है. एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र (एसबीटीआर) के बारे में स्थानीय स्तर पर खरीद के नियम को उदार कर छूट की अवधि तीन साल की गई है. वहीं ऐसी इकाइयों के लिए, जो ऐसे उत्पादों का एकल ब्रांड खुदरा कारोबार कर रही हैं जो ‘अत्याधुनिक’ प्रौद्योगिकी वाले हैं, यह सीमा पांच साल की गई है.
संक्षिप्त सारांश: मोदी सरकार ने 24 जून को बाकायदा एक अधिसूचना जारी की. नई नीति के अनुसार रक्षा क्षेत्र में एफडीआई 49 फीसदी तक की छूट दी इतने बड़े फैसले का असर भी तक कुछ भी नहीं हुआ है.
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने कहा कि मुंबई हाई तेल क्षेत्र में पाइपलाइन से हो रहे तेल रिसाव पर नियंत्रण पा लिया गया है और समुद्र में फैले तेल को अगले 48 घंटे में समेट लिया जाएगा। ओएनजीसी ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है, तेल का रिसाव बंद हो गया है, यह अब नियंत्रण में है, अनुमान लगाया गया है कि फैले तेल को 48 घंटे में समेट लिया जाएगा। मुंबई तटीय क्षेत्र से 80 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित कंपनी के मुंबई हाई तेल क्षेत्र की मुंबई-उरान ट्रंक पाइपलाइन से सुबह 08:45 बजे तेल रिसाव का पता चला। देश के इस सबसे बड़े कच्चे तेल उत्पादन क्षेत्र से कुछ समय बाद ही उत्पादन शुरू हो गया और तेल की आपूर्ति दूसरी पाइपलाइन से की जा रही है। कंपनी के वक्तव्य में कहा गया है कि तटरक्षकों ने तेल रिसाव की स्थिति का मुआयना किया और यह समझते हुए कि मामला नियंत्रण में है अपनी आपात योजना पर अमल रोक दिया। बहरहाल, क्षेत्र में कार्यसंचालन की निगरानी और देखभाल ओएनजीसी और तटरक्षक मिलकर करते रहेंगे। मुंबई हाई और बेसियन क्षेत्र से कुल मिलाकर प्रतिदिन 2,47,000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन होता है, लेकिन इसमें कुछ समय के लिए व्यावधान आने से उत्पादन 25,000 बैरल कम रहेगा।
संक्षिप्त सारांश: तेल का रिसाव बंद हो गया है, यह अब नियंत्रण में है, अनुमान लगाया गया है कि फैले तेल को 48 घंटे में समेट लिया जाएगा।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: जर्मनी के खिलाफ भारत ने अंतिम हूटर बजने से केवल तीन सेकेंड पहले गोल गंवाया जबकि नीदरलैंड के खिलाफ भी उसने चौथे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में पेनल्टी कार्नर गंवाया और डच टीम ने इसका फायदा उठाने में कोई गलती नहीं की. इन हार के बावजूद भारत का शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है लेकिन कनाडा के खिलाफ आखिरी मैच में उन्होंने लचर खेल दिखाया. भारत को इस मैच में जीत का दावेदार माना जा रहा था लेकिन विश्व में 15वें नंबर के कनाडा ने उसे जीत का मौका नहीं दिया और भारतीय टीम को अंक बांटने पड़े. इस मैच भी भारतीयों ने कुछ बेवजह की गलतियां की जिससे वह दो बार बढ़त हासिल करने के बावजूद पूरे अंक हासिल नहीं कर पाया. यदि भारत को कल बेल्जियम हराना है तो उसे इन गलतियों से बचना होगा क्योंकि रेड लायन्स ऐसी किसी भी गलती का पूरा फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. भारत को इस मैच में जीत का दावेदार माना जा रहा था लेकिन विश्व में 15वें नंबर के कनाडा ने उसे जीत का मौका नहीं दिया और भारतीय टीम को अंक बांटने पड़े. इस मैच भी भारतीयों ने कुछ बेवजह की गलतियां की जिससे वह दो बार बढ़त हासिल करने के बावजूद पूरे अंक हासिल नहीं कर पाया. यदि भारत को कल बेल्जियम हराना है तो उसे इन गलतियों से बचना होगा क्योंकि रेड लायन्स ऐसी किसी भी गलती का पूरा फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा.
संक्षिप्त पाठ: मजबूत बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में मुकाबला भारत के पूल बी में दो जीत, दो हार और एक ड्रॉ लीग में भारत ने आयरलैंड और अर्जेंटीना को हराया
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि एक-दिवसीय क्रिकेट के नए नियमों के कारण अधिकतर टीमों के रवैये में बदलाव दिखेगा और हो सकता है कि बल्लेबाज शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों पर हावी नहीं हों। धोनी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के उद्घाटन मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, मुझे लगता है कि अधिकतर टीमें अपने रवैये में बदलाव करेंगी। वे पहले 10 ओवरों में अपने विकेट बचाए रखने को तरजीह देंगे, क्योंकि नई गेंद से गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा, नए नियमों के लागू होने के बाद दो नई गेंदों का उपयोग किया जाएगा और इसके अलावा 30 गज के घेरे के अंदर एक क्षेत्ररक्षक कम रहेगा, जिसका मतलब है कि यदि आपके हाथ में विकेट बचे हैं, तो आप वास्तव में परिस्थितियों का फायदा उठाकर अधिक रन बना सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया को दूसरे अभ्यास मैच में 65 रन पर ढेर करने के लिए धोनी ने अपने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, पिछले मैच में नई गेंद से हमने शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें बहुत स्विंग मिल रही थी, लेकिन इसके साथ ही गेंदों में काफी तेजी भी थी। गेंद ऑफ स्टंप के मार्क के काफी करीब से होकर गुजर रही थी जो कि महत्वपूर्ण है। हमारे सभी गेंदबाजों ने ऐसा किया। यदि आप संपूर्ण तस्वीर पर गौर करें, तो मैं समझता हूं कि यह अच्छा प्रदर्शन है। भारत से रवाना होने से पहले धोनी ने पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को रखने पर जोर दिया था और उन्होंने फिर से यह बात दोहराई। टिप्पणियां उन्होंने कहा, नए नियमों के कारण चार गेंदबाजों के साथ खेलना और कामचलाऊ गेंदबाज पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है। धोनी ने दिनेश कार्तिक की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने दोनों अभ्यास मैचों में शतक जमाए। उन्होंने कहा, मेरा हमेशा मानता रहा हूं कि वह ऐसा बल्लेबाज है, जो मध्यक्रम में वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर सकता है। इसका कारण यह है कि वह अच्छा रनर है। वह स्थिति को अच्छी तरह से भांप लेता है और वह ऐसा बल्लेबाज जो लंबी पारी खेल सकता है जो कि मध्यक्रम के बल्लेबाज के लिए महत्वपूर्ण है। मेरी निजी राय है कि उसका होना टीम के लिए अच्छा है। धोनी ने कहा, वह ऐसा खिलाड़ी है, जो 3, 4 या 5 किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है, लेकिन छठे या सातवें नंबर पर नहीं। इसलिए मैं खिलाड़ियों को उनके पसंदीदा स्थान पर भेजने की कोशिश करूंगा, लेकिन यह भी देखूंगा की कि टीम की जरूरत क्या है। भारत के सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय और शिखर धवन ने भले ही रन नहीं बनाए, लेकिन कप्तान को उन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा, हमें उनके संपूर्ण प्रदर्शन को देखने और चिंता नहीं करने की जरूरत है। यह कयास लगाना सही नहीं है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे या नहीं। धोनी ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम रहेगी, जिसमें उमेश यादव का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। धोनी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के उद्घाटन मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, मुझे लगता है कि अधिकतर टीमें अपने रवैये में बदलाव करेंगी। वे पहले 10 ओवरों में अपने विकेट बचाए रखने को तरजीह देंगे, क्योंकि नई गेंद से गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा, नए नियमों के लागू होने के बाद दो नई गेंदों का उपयोग किया जाएगा और इसके अलावा 30 गज के घेरे के अंदर एक क्षेत्ररक्षक कम रहेगा, जिसका मतलब है कि यदि आपके हाथ में विकेट बचे हैं, तो आप वास्तव में परिस्थितियों का फायदा उठाकर अधिक रन बना सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया को दूसरे अभ्यास मैच में 65 रन पर ढेर करने के लिए धोनी ने अपने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, पिछले मैच में नई गेंद से हमने शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें बहुत स्विंग मिल रही थी, लेकिन इसके साथ ही गेंदों में काफी तेजी भी थी। गेंद ऑफ स्टंप के मार्क के काफी करीब से होकर गुजर रही थी जो कि महत्वपूर्ण है। हमारे सभी गेंदबाजों ने ऐसा किया। यदि आप संपूर्ण तस्वीर पर गौर करें, तो मैं समझता हूं कि यह अच्छा प्रदर्शन है। भारत से रवाना होने से पहले धोनी ने पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को रखने पर जोर दिया था और उन्होंने फिर से यह बात दोहराई। टिप्पणियां उन्होंने कहा, नए नियमों के कारण चार गेंदबाजों के साथ खेलना और कामचलाऊ गेंदबाज पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है। धोनी ने दिनेश कार्तिक की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने दोनों अभ्यास मैचों में शतक जमाए। उन्होंने कहा, मेरा हमेशा मानता रहा हूं कि वह ऐसा बल्लेबाज है, जो मध्यक्रम में वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर सकता है। इसका कारण यह है कि वह अच्छा रनर है। वह स्थिति को अच्छी तरह से भांप लेता है और वह ऐसा बल्लेबाज जो लंबी पारी खेल सकता है जो कि मध्यक्रम के बल्लेबाज के लिए महत्वपूर्ण है। मेरी निजी राय है कि उसका होना टीम के लिए अच्छा है। धोनी ने कहा, वह ऐसा खिलाड़ी है, जो 3, 4 या 5 किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है, लेकिन छठे या सातवें नंबर पर नहीं। इसलिए मैं खिलाड़ियों को उनके पसंदीदा स्थान पर भेजने की कोशिश करूंगा, लेकिन यह भी देखूंगा की कि टीम की जरूरत क्या है। भारत के सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय और शिखर धवन ने भले ही रन नहीं बनाए, लेकिन कप्तान को उन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा, हमें उनके संपूर्ण प्रदर्शन को देखने और चिंता नहीं करने की जरूरत है। यह कयास लगाना सही नहीं है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे या नहीं। धोनी ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम रहेगी, जिसमें उमेश यादव का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा, नए नियमों के लागू होने के बाद दो नई गेंदों का उपयोग किया जाएगा और इसके अलावा 30 गज के घेरे के अंदर एक क्षेत्ररक्षक कम रहेगा, जिसका मतलब है कि यदि आपके हाथ में विकेट बचे हैं, तो आप वास्तव में परिस्थितियों का फायदा उठाकर अधिक रन बना सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया को दूसरे अभ्यास मैच में 65 रन पर ढेर करने के लिए धोनी ने अपने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, पिछले मैच में नई गेंद से हमने शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें बहुत स्विंग मिल रही थी, लेकिन इसके साथ ही गेंदों में काफी तेजी भी थी। गेंद ऑफ स्टंप के मार्क के काफी करीब से होकर गुजर रही थी जो कि महत्वपूर्ण है। हमारे सभी गेंदबाजों ने ऐसा किया। यदि आप संपूर्ण तस्वीर पर गौर करें, तो मैं समझता हूं कि यह अच्छा प्रदर्शन है। भारत से रवाना होने से पहले धोनी ने पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को रखने पर जोर दिया था और उन्होंने फिर से यह बात दोहराई। टिप्पणियां उन्होंने कहा, नए नियमों के कारण चार गेंदबाजों के साथ खेलना और कामचलाऊ गेंदबाज पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है। धोनी ने दिनेश कार्तिक की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने दोनों अभ्यास मैचों में शतक जमाए। उन्होंने कहा, मेरा हमेशा मानता रहा हूं कि वह ऐसा बल्लेबाज है, जो मध्यक्रम में वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर सकता है। इसका कारण यह है कि वह अच्छा रनर है। वह स्थिति को अच्छी तरह से भांप लेता है और वह ऐसा बल्लेबाज जो लंबी पारी खेल सकता है जो कि मध्यक्रम के बल्लेबाज के लिए महत्वपूर्ण है। मेरी निजी राय है कि उसका होना टीम के लिए अच्छा है। धोनी ने कहा, वह ऐसा खिलाड़ी है, जो 3, 4 या 5 किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है, लेकिन छठे या सातवें नंबर पर नहीं। इसलिए मैं खिलाड़ियों को उनके पसंदीदा स्थान पर भेजने की कोशिश करूंगा, लेकिन यह भी देखूंगा की कि टीम की जरूरत क्या है। भारत के सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय और शिखर धवन ने भले ही रन नहीं बनाए, लेकिन कप्तान को उन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा, हमें उनके संपूर्ण प्रदर्शन को देखने और चिंता नहीं करने की जरूरत है। यह कयास लगाना सही नहीं है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे या नहीं। धोनी ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम रहेगी, जिसमें उमेश यादव का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। ऑस्ट्रेलिया को दूसरे अभ्यास मैच में 65 रन पर ढेर करने के लिए धोनी ने अपने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, पिछले मैच में नई गेंद से हमने शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें बहुत स्विंग मिल रही थी, लेकिन इसके साथ ही गेंदों में काफी तेजी भी थी। गेंद ऑफ स्टंप के मार्क के काफी करीब से होकर गुजर रही थी जो कि महत्वपूर्ण है। हमारे सभी गेंदबाजों ने ऐसा किया। यदि आप संपूर्ण तस्वीर पर गौर करें, तो मैं समझता हूं कि यह अच्छा प्रदर्शन है। भारत से रवाना होने से पहले धोनी ने पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को रखने पर जोर दिया था और उन्होंने फिर से यह बात दोहराई। टिप्पणियां उन्होंने कहा, नए नियमों के कारण चार गेंदबाजों के साथ खेलना और कामचलाऊ गेंदबाज पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है। धोनी ने दिनेश कार्तिक की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने दोनों अभ्यास मैचों में शतक जमाए। उन्होंने कहा, मेरा हमेशा मानता रहा हूं कि वह ऐसा बल्लेबाज है, जो मध्यक्रम में वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर सकता है। इसका कारण यह है कि वह अच्छा रनर है। वह स्थिति को अच्छी तरह से भांप लेता है और वह ऐसा बल्लेबाज जो लंबी पारी खेल सकता है जो कि मध्यक्रम के बल्लेबाज के लिए महत्वपूर्ण है। मेरी निजी राय है कि उसका होना टीम के लिए अच्छा है। धोनी ने कहा, वह ऐसा खिलाड़ी है, जो 3, 4 या 5 किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है, लेकिन छठे या सातवें नंबर पर नहीं। इसलिए मैं खिलाड़ियों को उनके पसंदीदा स्थान पर भेजने की कोशिश करूंगा, लेकिन यह भी देखूंगा की कि टीम की जरूरत क्या है। भारत के सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय और शिखर धवन ने भले ही रन नहीं बनाए, लेकिन कप्तान को उन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा, हमें उनके संपूर्ण प्रदर्शन को देखने और चिंता नहीं करने की जरूरत है। यह कयास लगाना सही नहीं है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे या नहीं। धोनी ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम रहेगी, जिसमें उमेश यादव का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा, नए नियमों के कारण चार गेंदबाजों के साथ खेलना और कामचलाऊ गेंदबाज पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है। धोनी ने दिनेश कार्तिक की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने दोनों अभ्यास मैचों में शतक जमाए। उन्होंने कहा, मेरा हमेशा मानता रहा हूं कि वह ऐसा बल्लेबाज है, जो मध्यक्रम में वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर सकता है। इसका कारण यह है कि वह अच्छा रनर है। वह स्थिति को अच्छी तरह से भांप लेता है और वह ऐसा बल्लेबाज जो लंबी पारी खेल सकता है जो कि मध्यक्रम के बल्लेबाज के लिए महत्वपूर्ण है। मेरी निजी राय है कि उसका होना टीम के लिए अच्छा है। धोनी ने कहा, वह ऐसा खिलाड़ी है, जो 3, 4 या 5 किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है, लेकिन छठे या सातवें नंबर पर नहीं। इसलिए मैं खिलाड़ियों को उनके पसंदीदा स्थान पर भेजने की कोशिश करूंगा, लेकिन यह भी देखूंगा की कि टीम की जरूरत क्या है। भारत के सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय और शिखर धवन ने भले ही रन नहीं बनाए, लेकिन कप्तान को उन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा, हमें उनके संपूर्ण प्रदर्शन को देखने और चिंता नहीं करने की जरूरत है। यह कयास लगाना सही नहीं है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे या नहीं। धोनी ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम रहेगी, जिसमें उमेश यादव का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। धोनी ने कहा, वह ऐसा खिलाड़ी है, जो 3, 4 या 5 किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है, लेकिन छठे या सातवें नंबर पर नहीं। इसलिए मैं खिलाड़ियों को उनके पसंदीदा स्थान पर भेजने की कोशिश करूंगा, लेकिन यह भी देखूंगा की कि टीम की जरूरत क्या है। भारत के सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय और शिखर धवन ने भले ही रन नहीं बनाए, लेकिन कप्तान को उन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा, हमें उनके संपूर्ण प्रदर्शन को देखने और चिंता नहीं करने की जरूरत है। यह कयास लगाना सही नहीं है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे या नहीं। धोनी ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम रहेगी, जिसमें उमेश यादव का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा।
सारांश: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि वनडे के नए नियमों के कारण अधिकतर टीमों के रवैये में बदलाव दिखेगा और हो सकता है कि बल्लेबाज शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों पर हावी नहीं हों।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नगर आयुक्त नवीन बंसल और साफ करते हुए बताते हैं, 'गंदगी किसी भी चीज को लेकर हो सकती है पान को लेकर हो सकती हो मुंह में चबाने वाली चीज को लेकर हो सकती है. चाहे गंदा कपड़ा फेंक दिया, कूड़ा करकट भेंक दिया, किसी चीज को जला दिया ये सब गंदगी फैलाने में आती है. इसको लेकर जुर्माना लगाने की बात कर रहे हैं. इसमें अलग-अलग चीजों से गंदगी फैलाने पर अलग अलग जुर्माने की राशि होगी और अगर मल्टीपल टाइम करेंगे तो जुर्माने की राशि बढ़ जायेगी और अंतिम विकल्प हमारे पास ये होगा की अहम उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर देंगे. इस जुर्माने को लेकर नगर निगम ने फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन जुर्माना कितना होगा. लोगों को कैसे पकड़ेंगे. क्या पूरे शहर में सीसीटीवी लगायेंगे. नगर निगम के 2700 सफाई कर्मचारी हैं जो 20 लाख की आबादी वाले इस शहर में हर रोज निकलने वाले 600 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण करने में ही परेशान रहते हैं. उन्हें इस काम में लगाया जायेगा. ये अभी साफ नहीं है पर नगर निगम के अधिकारी कहते हैं ये जुर्माना जारी होगा. इस जुर्माने को लेकर नगर निगम ने फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन जुर्माना कितना होगा. लोगों को कैसे पकड़ेंगे. क्या पूरे शहर में सीसीटीवी लगायेंगे. नगर निगम के 2700 सफाई कर्मचारी हैं जो 20 लाख की आबादी वाले इस शहर में हर रोज निकलने वाले 600 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण करने में ही परेशान रहते हैं. उन्हें इस काम में लगाया जायेगा. ये अभी साफ नहीं है पर नगर निगम के अधिकारी कहते हैं ये जुर्माना जारी होगा.
सारांश: तमाम कोशिशों के बाद भी वाराणसी में नहीं हुई साफ-सफाई पीएम मोदी की अपील के बाद भी नहीं सुधरे हालात अब पान खाकर थूकने पर लगेगा जुर्माना
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एयर इंडिया के मानव संसाधन समस्या का समाधान करने के लिए कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को धर्माधिकारी समिति की सिफारिशों को लागू करने के तरीकों की तलाश करने के लिए एक बैठक की। एयर इंडिया ने मंगलवार को समिति का गठन किया।   एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समिति में विमानन कम्पनी के चार अधिकारी हैं और इसे मंगलवार को सूचीबद्ध किया गया। गुरुवार को पहली बार इसकी बैठक हुई।   अधिकरी के मुताबिक समिति के अध्यक्ष नासिर अली हैं, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय में एक निदेशक हैं और एयर इंडिया में विशेष प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारी हैं। अन्य तीन विमानन कम्पनी में निदेशक स्तर के अधिकारी हैं।   एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तौर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर धर्माधिकारी समिति की रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट को अब तक गोपनीय रखा गया था और इसकी कुछ सिफारिशें ही एक जून को सार्वजनिक की गई थी।   न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि समिति ने यह सिफारिश करना जरूरी समझा है कि अपने क्षेत्र में प्रतियोगिता में बने रहने के लिए एयर इंडिया को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय उड्डयन उद्योग का मानक बरकरार रखना होगा।   सरकार ने एक जून को धर्माधिकारी समिति की रिपोर्ट पेश की थी। समिति का गठन एयर इंडिया के मानव संसाधन समस्याओं का समाधान खोजना था।   केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने तब एयर इंडिया और पुरानी विमानन कम्पनी इंडियन एयरलाइंस से सम्बंधित कर्मचारियों से वेतन और काम के घंटे में समानता का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि प्रक्रिया 45 दिनों में शुरू होगी।   एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस का पांच साल पहले विलय हो गया था, लेकिन उनके कर्मचारियों का शायद ही कोई विलय हुआ था।   मंत्रालय के लिए समिति की सिफारिश को लागू करना इतना महत्वपूर्ण था कि समिति क गठन के बाद 2011 में प्रोन्नति भी रोक दी गई थी।
संक्षिप्त सारांश: एयर इंडिया के मानव संसाधन समस्या का समाधान करने के लिए कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को धर्माधिकारी समिति की सिफारिशों को लागू करने के तरीकों की तलाश करने के लिए एक बैठक की।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चर्चित IAS अधिकारी बी. चंद्रकला (IAS B Chandrakala) के लखनऊ स्थित घर पर आज सीबीआई ने छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि ये छापेमारी खनन से जुड़े घोटाले की जांच के लिए हुई है. सीबीआई टीम के 11 सदस्य आज सुबह विधानसभा एनेक्सी के पास सफायर अपार्टमेंट में उनके घर पहुंचे और क़रीब 2 घंटे जांच की. उनके घर से कुछ कागज़ मिले हैं. साथ ही एक लॉकर, 2 अकउंट और 2 घर भी हैं. आपको बता दें कि बी चंद्रकला  (B Chandrakala) बुलंदशहर, हमीरपुर, मथुरा, मेरठ और बिजनौर में डीएम रह चुकी हैं. बताया जा रहा है कि हमीरपुर में दो कारोबारियों के यहां भी सीबीआई की छापेमारी चल रही है. इसके अलावा अवैध खनन केस में जालौन, नोएडा, दिल्ली और कानपुर में भी छापेमारी की सूचना है.  आपको बता दें कि IAS बी. चंद्रकला पर ग़लत तरीके से खनन पट्टे देने का आरोप है. इसी मामले में सीबीआई ने छापेमारी की है. चंद्रकला के अलावा ठेकेदार रामावतार और करन सिंह के घर छापे मारे गए हैं. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अवैध बालू खनन मामले की जांच के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में लिया है. आपको बता दें कि आईएएस अफसर बी. चंद्रकला (IAS B Chandrakala) सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं. फेसबुक पर उनकी कमाल की लोकप्रियता.  ऐसी जबर्दस्त फैंस फॉलोइंग है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) से लेकर देश में योगी आदित्यनाथ सहित सभी मुख्यमंत्रियों और बॉलीवुड के चर्चित सितारों को मात देती नजर आती हैं. वो भी तब जब प्रधानमंत्री सहित तमाम  सितारों के फेसबुक पेज को करोड़ों लोगों ने फॉलो कर रखा है.
संक्षिप्त सारांश: खनन घोटाले में सीबीआई ने की छापेमारी लखनऊ के अलावा अन्य शहरों में भी छापेमारी बी चंद्रकला पर अवैध तरीके से पट्टा देने का है आरोप
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने बुधवार को 900 किलोमीटर तक मार करने और परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम हत्फ-4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह मिसाइल भारत के भीतर तक के ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम है।टिप्पणियां अधिकारियों ने बताया कि हत्फ-4 देश की प्रतिरोधक क्षमता को कई गुना बढ़ाएगी। इसे शाहीन-1 के नाम से भी जाना जाता है। पाक सेना ने एक बयान में कहा, इस मिसाइल में मौजूदा मिसाइल के मुकाबले मारक क्षमता, रेंज और अन्य तकनीकी मापदंडों में कई शृंखलात्मक सुधारों को शामिल किया गया है। बयान के अनुसार, हत्फ-4 परमाणु और पारंपरिक आयुधों को 900 किलोमीटर तक की रेंज तक ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल ने समुद्र में अपने निशाने को साधा। पिछले एक साल से पाकिस्तान ने कई प्रकार की मिसाइलों का परीक्षण किया है, जिसमें 60 किलोमीटर रेंज वाली हत्फ-9 से लेकर हत्फ-5 बैलेस्टिक मिसाइल भी शामिल हैं, जिसकी क्षमता 1300 किलोमीटर तक है। अधिकारियों ने बताया कि हत्फ-4 देश की प्रतिरोधक क्षमता को कई गुना बढ़ाएगी। इसे शाहीन-1 के नाम से भी जाना जाता है। पाक सेना ने एक बयान में कहा, इस मिसाइल में मौजूदा मिसाइल के मुकाबले मारक क्षमता, रेंज और अन्य तकनीकी मापदंडों में कई शृंखलात्मक सुधारों को शामिल किया गया है। बयान के अनुसार, हत्फ-4 परमाणु और पारंपरिक आयुधों को 900 किलोमीटर तक की रेंज तक ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल ने समुद्र में अपने निशाने को साधा। पिछले एक साल से पाकिस्तान ने कई प्रकार की मिसाइलों का परीक्षण किया है, जिसमें 60 किलोमीटर रेंज वाली हत्फ-9 से लेकर हत्फ-5 बैलेस्टिक मिसाइल भी शामिल हैं, जिसकी क्षमता 1300 किलोमीटर तक है। बयान के अनुसार, हत्फ-4 परमाणु और पारंपरिक आयुधों को 900 किलोमीटर तक की रेंज तक ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल ने समुद्र में अपने निशाने को साधा। पिछले एक साल से पाकिस्तान ने कई प्रकार की मिसाइलों का परीक्षण किया है, जिसमें 60 किलोमीटर रेंज वाली हत्फ-9 से लेकर हत्फ-5 बैलेस्टिक मिसाइल भी शामिल हैं, जिसकी क्षमता 1300 किलोमीटर तक है।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान ने 900 किलोमीटर तक मार करने और परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम हत्फ-4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इसे शाहीन-1 के नाम से भी जाना जाता है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन ने टीम इंडिया के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ अभ्यास किया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट से पहले अर्जुन के लिए टीम इंडिया के साथ अभ्यास शायद बड़ी बात नही हो, लेकिन उनके पिता ने कभी टीम में जगह बनाने से पहले ऐसा सपना देखा होगा। भारतीय टीम को न्यूलैंड्स मैदान के नेट पर जमकर पसीना बहाते हुए देखा गया, जबकि अर्जुन भी नेट पर एक तरफ अभ्यास कर रहे थे। कुछ देर बाद सचिन ने खुद अजरुन को बल्लेबाजी का अभ्यास कराया। अर्जुन ने टीम इंडिया के अन्य सदस्यों के साथ भी अभ्यास किया, जिसमें आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भी शामिल हैं। अपने पिता की तरह 11 वर्षीय अर्जुन भी कामचलाउ स्पिन गेंदबाज हैं और उन्हें तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को गेंदबाजी करते हुए देखा गया, जिन्होंने उनकी गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाया। अर्जुन ने पिछले साल जनवरी में सुखिर्यां बटोरी थी, जब पुणे में एमआईजीसी क्लब की ओर से अंडर 19 केडेंसी ट्राफी में पदार्पण किया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अर्जुन ने टीम इंडिया के अन्य सदस्यों के साथ भी अभ्यास किया, जिसमें आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भी शामिल हैं।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में सोमवार को 13 साल की एक स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किए जाने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। छात्रा का शव कल बांस की झाड़ियों में बरामद हुआ। यह वारदात राजधानी कोलकाता से करीब 150 किलोमीटर दूर नादिया जिले के गेड़े में हुई। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली यह बच्ची दोपहर करीब तीन बजे स्कूल से लौट रही थी, तभी जोर की बारिश होने लगी और भीगने से बचने के लिए वह एक रेलवे शेड में चली गई।टिप्पणियां उसके पड़ोस में रहने वाले 22 साल के युवक बिमल सरदार ने उसे छतरी में घर पहुंचा देने का प्रलोभन दिया। जैसे ही दोनों वहां से चले, बिमल को जानने वाले दो और लोग उसके साथ हो लिए और आगे जाने पर उन लोगों ने लड़की को झाड़ियों में खींचकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। कल कुछ किसानों ने लड़की के शव को देखा। बिमल सरदार को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। यह घटना कोलकाता से 25 किलोमीटर दूर एक गांव में 20 साल की एक कॉलेज छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या किए जाने के तीन दिन बाद सामने आई है। उस वारदात को लेकर स्थानीय लोगों ने काफी उग्र प्रदर्शन भी किया था। यह वारदात राजधानी कोलकाता से करीब 150 किलोमीटर दूर नादिया जिले के गेड़े में हुई। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली यह बच्ची दोपहर करीब तीन बजे स्कूल से लौट रही थी, तभी जोर की बारिश होने लगी और भीगने से बचने के लिए वह एक रेलवे शेड में चली गई।टिप्पणियां उसके पड़ोस में रहने वाले 22 साल के युवक बिमल सरदार ने उसे छतरी में घर पहुंचा देने का प्रलोभन दिया। जैसे ही दोनों वहां से चले, बिमल को जानने वाले दो और लोग उसके साथ हो लिए और आगे जाने पर उन लोगों ने लड़की को झाड़ियों में खींचकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। कल कुछ किसानों ने लड़की के शव को देखा। बिमल सरदार को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। यह घटना कोलकाता से 25 किलोमीटर दूर एक गांव में 20 साल की एक कॉलेज छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या किए जाने के तीन दिन बाद सामने आई है। उस वारदात को लेकर स्थानीय लोगों ने काफी उग्र प्रदर्शन भी किया था। उसके पड़ोस में रहने वाले 22 साल के युवक बिमल सरदार ने उसे छतरी में घर पहुंचा देने का प्रलोभन दिया। जैसे ही दोनों वहां से चले, बिमल को जानने वाले दो और लोग उसके साथ हो लिए और आगे जाने पर उन लोगों ने लड़की को झाड़ियों में खींचकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। कल कुछ किसानों ने लड़की के शव को देखा। बिमल सरदार को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। यह घटना कोलकाता से 25 किलोमीटर दूर एक गांव में 20 साल की एक कॉलेज छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या किए जाने के तीन दिन बाद सामने आई है। उस वारदात को लेकर स्थानीय लोगों ने काफी उग्र प्रदर्शन भी किया था। कल कुछ किसानों ने लड़की के शव को देखा। बिमल सरदार को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। यह घटना कोलकाता से 25 किलोमीटर दूर एक गांव में 20 साल की एक कॉलेज छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या किए जाने के तीन दिन बाद सामने आई है। उस वारदात को लेकर स्थानीय लोगों ने काफी उग्र प्रदर्शन भी किया था।
पश्चिम बंगाल में सोमवार को 13 साल की एक स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किए जाने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। छात्रा का शव कल बांस की झाड़ियों में बरामद हुआ।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा एक पंचायत कर्मचारी का कान काट दिया गया। खबरों के मुताबिक यह कर्मचारी ट्रेड यूनियनों के भारत बंद के चलते काम पर नहीं आया था, जिससे तृणमूल के कार्यकर्ता नाराज थे। वहीं, तृणमूल पार्टी ने इस बात से इनकार किया है कि उसके कार्यकर्ताओं ने ऐसी कोई हरकत की है।टिप्पणियां पीड़ित उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जाती है। तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हजरत उमर नामक इस पंचायत कर्मी से पूछा कि वह काम पर क्यों नहीं आया था। जब उसने कहा कि वह बंद के चलते घर पर रुक गया, तो कार्यकर्ताओं ने उस पर हमला बोल दिया। तृणमूल प्रमुख और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोर देकर कहा था कि राज्य में बंद को सफल नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में बंद के दौरान काम पर नहीं आने वाले कई अन्य कर्मचारियों के साथ ज्यादती की खबर  है। मुर्शिदाबाद के ही हरिहरपुरा में एक स्कूल के हेड मास्टर को स्कूल नहीं खोलने के चलते कथित तौर पीटा गया। मनींद्रनाथ बिश्वास का तृणमूल कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर घेराव किया और उसे तब तक परेशान करते रहे, जब वह बेहोश नहीं हो गए। पीड़ित उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जाती है। तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हजरत उमर नामक इस पंचायत कर्मी से पूछा कि वह काम पर क्यों नहीं आया था। जब उसने कहा कि वह बंद के चलते घर पर रुक गया, तो कार्यकर्ताओं ने उस पर हमला बोल दिया। तृणमूल प्रमुख और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोर देकर कहा था कि राज्य में बंद को सफल नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में बंद के दौरान काम पर नहीं आने वाले कई अन्य कर्मचारियों के साथ ज्यादती की खबर  है। मुर्शिदाबाद के ही हरिहरपुरा में एक स्कूल के हेड मास्टर को स्कूल नहीं खोलने के चलते कथित तौर पीटा गया। मनींद्रनाथ बिश्वास का तृणमूल कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर घेराव किया और उसे तब तक परेशान करते रहे, जब वह बेहोश नहीं हो गए। तृणमूल प्रमुख और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोर देकर कहा था कि राज्य में बंद को सफल नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में बंद के दौरान काम पर नहीं आने वाले कई अन्य कर्मचारियों के साथ ज्यादती की खबर  है। मुर्शिदाबाद के ही हरिहरपुरा में एक स्कूल के हेड मास्टर को स्कूल नहीं खोलने के चलते कथित तौर पीटा गया। मनींद्रनाथ बिश्वास का तृणमूल कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर घेराव किया और उसे तब तक परेशान करते रहे, जब वह बेहोश नहीं हो गए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा एक पंचायत कर्मचारी का कान काट दिया गया। खबरों के मुताबिक यह कर्मचारी ट्रेड यूनियनों के भारत बंद के चलते काम पर नहीं आया था, जिससे तृणमूल के कार्यकर्ता नाराज थे।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपनी भारत यात्रा से पहले शनिवार की रात प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी के साथ बैठक की।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सईद पर अमेरिका के एक करोड़ डालर के ईनाम की पृष्ठभूमि में आज रात लाहौर में गर्वनर हाउस में शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व के बीच बैठक की गयी। जरदारी रविवार को एक दिवसीय यात्रा पर भारत जा रहे हैं। हालांकि अजमेर में सूफी दरगाह पर जियारत करने के वास्ते इसे उनके इस दौरे को निजी यात्रा कहा जा रहा है लेकिन वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी दोपहर भोज पर मिलेंगे। आज रात की बैठक में विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, गृहमंत्री रहमान मलिक और विदेश सचिव जलील अब्बास जिल्लानी भी मौजूद थे। गर्वनर हाउस के सूत्रों ने प्रेस ट्रस्ट को बताया कि राष्ट्रपति ने अपनी भारत यात्रा को लेकर सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री को विश्वास में लिया है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरतुल्ला बाबर ने कहा कि इस बैठक के दौरान सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सईद पर अमेरिका के एक करोड़ डालर के ईनाम की पृष्ठभूमि में आज रात लाहौर में गर्वनर हाउस में शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व के बीच बैठक की गयी। जरदारी रविवार को एक दिवसीय यात्रा पर भारत जा रहे हैं। हालांकि अजमेर में सूफी दरगाह पर जियारत करने के वास्ते इसे उनके इस दौरे को निजी यात्रा कहा जा रहा है लेकिन वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी दोपहर भोज पर मिलेंगे। आज रात की बैठक में विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, गृहमंत्री रहमान मलिक और विदेश सचिव जलील अब्बास जिल्लानी भी मौजूद थे। गर्वनर हाउस के सूत्रों ने प्रेस ट्रस्ट को बताया कि राष्ट्रपति ने अपनी भारत यात्रा को लेकर सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री को विश्वास में लिया है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरतुल्ला बाबर ने कहा कि इस बैठक के दौरान सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। आज रात की बैठक में विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, गृहमंत्री रहमान मलिक और विदेश सचिव जलील अब्बास जिल्लानी भी मौजूद थे। गर्वनर हाउस के सूत्रों ने प्रेस ट्रस्ट को बताया कि राष्ट्रपति ने अपनी भारत यात्रा को लेकर सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री को विश्वास में लिया है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरतुल्ला बाबर ने कहा कि इस बैठक के दौरान सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई।
सारांश: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपनी भारत यात्रा से पहले शनिवार की रात प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी के साथ बैठक की।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान से फ्रांस की सेना को जल्द वापस बुलाने का वायदा करने वाले नवनिर्वाचित राष्ट्रपति फ्रांक्वा होलांदे को अब नाटो सहयोगियों को इस बात के लिए आश्वस्त करना होगा कि उनकी योजना से युद्ध की रणनीति पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। होलांदे ने राष्ट्रपति पद के लिए अपने चुनावी अभियान में वायदा किया था कि इस वर्ष अफगानिस्तान से 3,300 फ्रांसिसी सैनिकों को वापस बुलाने का काम शुरू कर देंगे और वह अफगानिस्तान की सुरक्षा 2014 तक वहां के सुरक्षाकर्मियों को सौंपने की नाटो की योजना से दो वर्ष पहले अपने देश की लड़ाकू भूमिका समाप्त करना चाहते हैं।टिप्पणियां होलांदे ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘‘मैं समझता हूं कि हमारे सैनिकों के लिए कोई खतरा मोल नहीं लेते हुए यह सही होगा कि हम 2012 के अंत तक अपनी सेना को वापस बुला लें।’’ राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद समाजवादी नेता शिकागो में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मेजबानी में 20, 21 मई को आयोजित समारोह में नाटो देशों के नेताओं को यह संदेश देंगे। नाटो सैन्य अधिकारियों ने कहा कि होलांदे के हाथों राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी की पराजय की स्थिति से निपटने के लिए गठबंधन ने योजना बनाई है। बहरहाल, एक राजनयिक ने कहा कि फ्रांस के नये नेता के रूख का गठबंधन के मुख्यालय में गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया गया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता दौलत वजीरी ने कहा, ‘‘ अगर फ्रांस के सैनिक इस वर्ष के अंत तक वापस लौट जाते हैं तो हम चिंतित होंगे लेकिन हम इस निर्णय का सम्मान करेंगे।’’ होलांदे ने राष्ट्रपति पद के लिए अपने चुनावी अभियान में वायदा किया था कि इस वर्ष अफगानिस्तान से 3,300 फ्रांसिसी सैनिकों को वापस बुलाने का काम शुरू कर देंगे और वह अफगानिस्तान की सुरक्षा 2014 तक वहां के सुरक्षाकर्मियों को सौंपने की नाटो की योजना से दो वर्ष पहले अपने देश की लड़ाकू भूमिका समाप्त करना चाहते हैं।टिप्पणियां होलांदे ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘‘मैं समझता हूं कि हमारे सैनिकों के लिए कोई खतरा मोल नहीं लेते हुए यह सही होगा कि हम 2012 के अंत तक अपनी सेना को वापस बुला लें।’’ राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद समाजवादी नेता शिकागो में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मेजबानी में 20, 21 मई को आयोजित समारोह में नाटो देशों के नेताओं को यह संदेश देंगे। नाटो सैन्य अधिकारियों ने कहा कि होलांदे के हाथों राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी की पराजय की स्थिति से निपटने के लिए गठबंधन ने योजना बनाई है। बहरहाल, एक राजनयिक ने कहा कि फ्रांस के नये नेता के रूख का गठबंधन के मुख्यालय में गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया गया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता दौलत वजीरी ने कहा, ‘‘ अगर फ्रांस के सैनिक इस वर्ष के अंत तक वापस लौट जाते हैं तो हम चिंतित होंगे लेकिन हम इस निर्णय का सम्मान करेंगे।’’ होलांदे ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘‘मैं समझता हूं कि हमारे सैनिकों के लिए कोई खतरा मोल नहीं लेते हुए यह सही होगा कि हम 2012 के अंत तक अपनी सेना को वापस बुला लें।’’ राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद समाजवादी नेता शिकागो में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मेजबानी में 20, 21 मई को आयोजित समारोह में नाटो देशों के नेताओं को यह संदेश देंगे। नाटो सैन्य अधिकारियों ने कहा कि होलांदे के हाथों राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी की पराजय की स्थिति से निपटने के लिए गठबंधन ने योजना बनाई है। बहरहाल, एक राजनयिक ने कहा कि फ्रांस के नये नेता के रूख का गठबंधन के मुख्यालय में गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया गया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता दौलत वजीरी ने कहा, ‘‘ अगर फ्रांस के सैनिक इस वर्ष के अंत तक वापस लौट जाते हैं तो हम चिंतित होंगे लेकिन हम इस निर्णय का सम्मान करेंगे।’’ बहरहाल, एक राजनयिक ने कहा कि फ्रांस के नये नेता के रूख का गठबंधन के मुख्यालय में गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया गया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता दौलत वजीरी ने कहा, ‘‘ अगर फ्रांस के सैनिक इस वर्ष के अंत तक वापस लौट जाते हैं तो हम चिंतित होंगे लेकिन हम इस निर्णय का सम्मान करेंगे।’’
यह एक सारांश है: अफगानिस्तान से फ्रांस की सेना को जल्द वापस बुलाने का वायदा करने वाले नवनिर्वाचित राष्ट्रपति फ्रांक्वा होलांदे को अब नाटो सहयोगियों को इस बात के लिए आश्वस्त करना होगा कि उनकी योजना से युद्ध की रणनीति पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर से तीन विकेट से मिली हार का ठीकरा गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन और फिरोजशाह कोटला की पिच पर फोड़ते हुए डेल्ही डेयरडेविल्स के कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि उनकी टीम अब भी वापसी कर सकती है। सहवाग ने मैच के बाद कहा, हमने शुरुआती छह ओवरों में बहुत रन दे दिए। इसके बाद हमने गेल और विराट के विकेट लेकर वापसी की, लेकिन गेंदबाज लय नहीं बना सके। मैं इस प्रदर्शन से खुश नहीं हूं। उन्होंने कहा, मैच जीतने के लिए अच्छी बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण भी जरूरी है। हमने खराब फील्डिंग की और कैच भी छोड़े। उन्होंने कोटला की पिच पर भी नाराजगी जताते हुए कहा, इस पर से काफी घास छांट दी गई थी, जो हम नहीं चाहते थे। लेकिन हमें हर तरह की पिच पर खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। निश्चित तौर पर अब टीम पर दबाव बढ़ गया है। सहवाग ने हालांकि वापसी की उम्मीद जताते हुए कहा, हमारी टीम खराब नहीं है। बस एक-दो मैच जीतने की जरूरत है और हम अब भी सेमीफाइनल में जगह बना सकते हैं। उधर, बेंगलूरु के कप्तान डेनियल विटोरी ने अर्द्धशतक जमाने वाले विराट कोहली और नौवें नंबर के बल्लेबाज सैयद मोहम्मद की तारीफ की। उन्होंने कहा, विराट ने जबर्दस्त पारी खेली। उसके अलावा सैयद मोहम्मद ने संयम बनाए रखकर टीम को जीत तक पहुंचाया। वह हमारे लिए टूर्नामेंट की खोज रहा है। गेंदबाजों ने भी उम्दा प्रदर्शन किया। मैन ऑफ द मैच विराट कोहली ने स्वीकार किया कि घरेलू मैदान पर खेलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ गया था। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर घरेलू मैदान पर खेलने से फायदा मिलता है, लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि इसी वजह से मैंने अच्छा खेला। कोहली ने कहा कि इस जीत से उनकी टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा, हम हार रहे थे, तब भी हमने आत्मविश्वास नहीं खोया था। यह बड़ा टूर्नामेंट है और हमें पता था कि हम वापसी करेंगे।
संक्षिप्त सारांश: बैंगलौर से मिली हार का ठीकरा गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन और पिच पर फोड़ते हुए सहवाग ने कहा कि उनकी टीम अब भी वापसी कर सकती है।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर आए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद पहला टीम चयन सिलेक्‍टर्स के लिए आसान नहीं रहने वाला है. इंग्लैंड के खिलाफ़ तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों के लिए टीम इंडिया को चयन होना है. सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर से टीम की बागडोर संभालेंगे लेकिन यह तय है कि एक बार फिर धोनी को फ़ुल स्ट्रेंथ टीम नहीं मिलेगी. टीम मैनेजमेंट का फोकस फिलहाल टेस्‍ट पर ज्‍यादा है और इसी के तहत कुछ खिलाड़ियों को सिलेक्‍टर्स आराम देने का मूड बना चुके हैं. जानकारी के मुताबिक, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ पिछली वनडे सीरीज़ की तरह ही स्पिन जोड़ी रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को आराम दिया जा सकता है. इसके अलावा कुछ खिलाड़ि‍यों की फिटनेस भी चयन समिति के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. टीम इंडिया के प्रमुख खिलाड़ी मो. शमी,  जयंत यादव, रोहित शर्मा और अक्षर पटेल अपनी चोटों से अब तक पूरी तरह नहीं उबर पाएं हैं. जहां शमी के दाएं घुटने में तकलीफ हैं, वहीं जयंत यादव मांसपेशियों में खिंचाव, रोहित शर्मा जांघ में चोट और अक्षर पटेल अंगूठे की चोट से जूझ रहे हैं. इसके अलावा कुछ अन्‍य समस्‍याएं भी हैं. टीम इंडिया के प्रमुख बल्‍लेबाज अजिंक्य रहाणे की फ़िटनेस पर सवालिया निशान है.इंग्लैंड के खिलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में रहाणे की उंगली में चोट लगी थी. इसी तरह हार्दिक पांड्या की फिटनेस को लेकर भी संदेह बरकरार है. हार्दिक का दांया कंधा चोटिल हुआ था औरफ़िटनेस टेस्ट के बाद ही  इन दोनो खिलाड़ियों के बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा. यह तय है कि चो‍टग्रस्‍त खिलाड़‍ियों की इस लंबी लिस्ट के बाद चयनकर्ताओं के लिए मज़बूत टीम का चयन करना आसान नहीं रहने वाला. इस स्थिति में कुछ खिलाड़ी जिनको मौक़ा मिल सकता है, उनमें दिल्ली के तेज़ गेंदबाज़ इशांत शर्मा का नाम शामिल है. दिल्‍ली के ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के नाम की भी चर्चा है. हालांकि सिलेक्‍टर्स ने इन्हें न्‍यूजीलैंड टीम के खिलाफ़ मौक़ा नहीं दिया था.टिप्पणियां अगर सिलेक्‍शन के दौरान फोकस फ़्यूचर पर रहा तो धवल कुलकर्णी, बरिंदर सरां, जसप्रीत बुमराह और उमेश यादव टीम में दिख सकते हैं. उधर स्पिन डिपार्टमेंट में अमित मिश्रा का चयन तय दिखता है. यह देखना दिलचस्‍प होगा कि मिश्रा का साथ देने के लिए सिलेक्‍टर्स युज़वेंद्र चहल और शाहबाज़ नदीम जैसे युवा स्पिनरों के बारे में सोचते हैं या नहीं. बल्लेबाज़ी की बात करें तो चेन्‍नई टेस्‍ट में तिहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आए करुण नायर और लोकेश राहुल का चयन तय नजर आ रहा है. वहीं सुरेश रैना की वापसी भी हो सकती है. वैसे रैना पिछली सीरीज़ में शामिल थे  लेकिन बीमार होने के चलते मौका उनके हाथ से निकल गया था. इंग्‍लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज एक तरह से युवा खिलाड़‍ियों को अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ने का अवसर उपलब्‍ध कराएगी और उन्‍हें इस मौके का पूरा लाभ उठाना होगा... जानकारी के मुताबिक, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ पिछली वनडे सीरीज़ की तरह ही स्पिन जोड़ी रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को आराम दिया जा सकता है. इसके अलावा कुछ खिलाड़ि‍यों की फिटनेस भी चयन समिति के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. टीम इंडिया के प्रमुख खिलाड़ी मो. शमी,  जयंत यादव, रोहित शर्मा और अक्षर पटेल अपनी चोटों से अब तक पूरी तरह नहीं उबर पाएं हैं. जहां शमी के दाएं घुटने में तकलीफ हैं, वहीं जयंत यादव मांसपेशियों में खिंचाव, रोहित शर्मा जांघ में चोट और अक्षर पटेल अंगूठे की चोट से जूझ रहे हैं. इसके अलावा कुछ अन्‍य समस्‍याएं भी हैं. टीम इंडिया के प्रमुख बल्‍लेबाज अजिंक्य रहाणे की फ़िटनेस पर सवालिया निशान है.इंग्लैंड के खिलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में रहाणे की उंगली में चोट लगी थी. इसी तरह हार्दिक पांड्या की फिटनेस को लेकर भी संदेह बरकरार है. हार्दिक का दांया कंधा चोटिल हुआ था औरफ़िटनेस टेस्ट के बाद ही  इन दोनो खिलाड़ियों के बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा. यह तय है कि चो‍टग्रस्‍त खिलाड़‍ियों की इस लंबी लिस्ट के बाद चयनकर्ताओं के लिए मज़बूत टीम का चयन करना आसान नहीं रहने वाला. इस स्थिति में कुछ खिलाड़ी जिनको मौक़ा मिल सकता है, उनमें दिल्ली के तेज़ गेंदबाज़ इशांत शर्मा का नाम शामिल है. दिल्‍ली के ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के नाम की भी चर्चा है. हालांकि सिलेक्‍टर्स ने इन्हें न्‍यूजीलैंड टीम के खिलाफ़ मौक़ा नहीं दिया था.टिप्पणियां अगर सिलेक्‍शन के दौरान फोकस फ़्यूचर पर रहा तो धवल कुलकर्णी, बरिंदर सरां, जसप्रीत बुमराह और उमेश यादव टीम में दिख सकते हैं. उधर स्पिन डिपार्टमेंट में अमित मिश्रा का चयन तय दिखता है. यह देखना दिलचस्‍प होगा कि मिश्रा का साथ देने के लिए सिलेक्‍टर्स युज़वेंद्र चहल और शाहबाज़ नदीम जैसे युवा स्पिनरों के बारे में सोचते हैं या नहीं. बल्लेबाज़ी की बात करें तो चेन्‍नई टेस्‍ट में तिहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आए करुण नायर और लोकेश राहुल का चयन तय नजर आ रहा है. वहीं सुरेश रैना की वापसी भी हो सकती है. वैसे रैना पिछली सीरीज़ में शामिल थे  लेकिन बीमार होने के चलते मौका उनके हाथ से निकल गया था. इंग्‍लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज एक तरह से युवा खिलाड़‍ियों को अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ने का अवसर उपलब्‍ध कराएगी और उन्‍हें इस मौके का पूरा लाभ उठाना होगा... इसके अलावा कुछ अन्‍य समस्‍याएं भी हैं. टीम इंडिया के प्रमुख बल्‍लेबाज अजिंक्य रहाणे की फ़िटनेस पर सवालिया निशान है.इंग्लैंड के खिलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में रहाणे की उंगली में चोट लगी थी. इसी तरह हार्दिक पांड्या की फिटनेस को लेकर भी संदेह बरकरार है. हार्दिक का दांया कंधा चोटिल हुआ था औरफ़िटनेस टेस्ट के बाद ही  इन दोनो खिलाड़ियों के बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा. यह तय है कि चो‍टग्रस्‍त खिलाड़‍ियों की इस लंबी लिस्ट के बाद चयनकर्ताओं के लिए मज़बूत टीम का चयन करना आसान नहीं रहने वाला. इस स्थिति में कुछ खिलाड़ी जिनको मौक़ा मिल सकता है, उनमें दिल्ली के तेज़ गेंदबाज़ इशांत शर्मा का नाम शामिल है. दिल्‍ली के ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के नाम की भी चर्चा है. हालांकि सिलेक्‍टर्स ने इन्हें न्‍यूजीलैंड टीम के खिलाफ़ मौक़ा नहीं दिया था.टिप्पणियां अगर सिलेक्‍शन के दौरान फोकस फ़्यूचर पर रहा तो धवल कुलकर्णी, बरिंदर सरां, जसप्रीत बुमराह और उमेश यादव टीम में दिख सकते हैं. उधर स्पिन डिपार्टमेंट में अमित मिश्रा का चयन तय दिखता है. यह देखना दिलचस्‍प होगा कि मिश्रा का साथ देने के लिए सिलेक्‍टर्स युज़वेंद्र चहल और शाहबाज़ नदीम जैसे युवा स्पिनरों के बारे में सोचते हैं या नहीं. बल्लेबाज़ी की बात करें तो चेन्‍नई टेस्‍ट में तिहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आए करुण नायर और लोकेश राहुल का चयन तय नजर आ रहा है. वहीं सुरेश रैना की वापसी भी हो सकती है. वैसे रैना पिछली सीरीज़ में शामिल थे  लेकिन बीमार होने के चलते मौका उनके हाथ से निकल गया था. इंग्‍लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज एक तरह से युवा खिलाड़‍ियों को अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ने का अवसर उपलब्‍ध कराएगी और उन्‍हें इस मौके का पूरा लाभ उठाना होगा... यह तय है कि चो‍टग्रस्‍त खिलाड़‍ियों की इस लंबी लिस्ट के बाद चयनकर्ताओं के लिए मज़बूत टीम का चयन करना आसान नहीं रहने वाला. इस स्थिति में कुछ खिलाड़ी जिनको मौक़ा मिल सकता है, उनमें दिल्ली के तेज़ गेंदबाज़ इशांत शर्मा का नाम शामिल है. दिल्‍ली के ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के नाम की भी चर्चा है. हालांकि सिलेक्‍टर्स ने इन्हें न्‍यूजीलैंड टीम के खिलाफ़ मौक़ा नहीं दिया था.टिप्पणियां अगर सिलेक्‍शन के दौरान फोकस फ़्यूचर पर रहा तो धवल कुलकर्णी, बरिंदर सरां, जसप्रीत बुमराह और उमेश यादव टीम में दिख सकते हैं. उधर स्पिन डिपार्टमेंट में अमित मिश्रा का चयन तय दिखता है. यह देखना दिलचस्‍प होगा कि मिश्रा का साथ देने के लिए सिलेक्‍टर्स युज़वेंद्र चहल और शाहबाज़ नदीम जैसे युवा स्पिनरों के बारे में सोचते हैं या नहीं. बल्लेबाज़ी की बात करें तो चेन्‍नई टेस्‍ट में तिहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आए करुण नायर और लोकेश राहुल का चयन तय नजर आ रहा है. वहीं सुरेश रैना की वापसी भी हो सकती है. वैसे रैना पिछली सीरीज़ में शामिल थे  लेकिन बीमार होने के चलते मौका उनके हाथ से निकल गया था. इंग्‍लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज एक तरह से युवा खिलाड़‍ियों को अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ने का अवसर उपलब्‍ध कराएगी और उन्‍हें इस मौके का पूरा लाभ उठाना होगा... अगर सिलेक्‍शन के दौरान फोकस फ़्यूचर पर रहा तो धवल कुलकर्णी, बरिंदर सरां, जसप्रीत बुमराह और उमेश यादव टीम में दिख सकते हैं. उधर स्पिन डिपार्टमेंट में अमित मिश्रा का चयन तय दिखता है. यह देखना दिलचस्‍प होगा कि मिश्रा का साथ देने के लिए सिलेक्‍टर्स युज़वेंद्र चहल और शाहबाज़ नदीम जैसे युवा स्पिनरों के बारे में सोचते हैं या नहीं. बल्लेबाज़ी की बात करें तो चेन्‍नई टेस्‍ट में तिहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आए करुण नायर और लोकेश राहुल का चयन तय नजर आ रहा है. वहीं सुरेश रैना की वापसी भी हो सकती है. वैसे रैना पिछली सीरीज़ में शामिल थे  लेकिन बीमार होने के चलते मौका उनके हाथ से निकल गया था. इंग्‍लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज एक तरह से युवा खिलाड़‍ियों को अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ने का अवसर उपलब्‍ध कराएगी और उन्‍हें इस मौके का पूरा लाभ उठाना होगा... बल्लेबाज़ी की बात करें तो चेन्‍नई टेस्‍ट में तिहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आए करुण नायर और लोकेश राहुल का चयन तय नजर आ रहा है. वहीं सुरेश रैना की वापसी भी हो सकती है. वैसे रैना पिछली सीरीज़ में शामिल थे  लेकिन बीमार होने के चलते मौका उनके हाथ से निकल गया था. इंग्‍लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज एक तरह से युवा खिलाड़‍ियों को अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ने का अवसर उपलब्‍ध कराएगी और उन्‍हें इस मौके का पूरा लाभ उठाना होगा...
संक्षिप्त सारांश: BCCI पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद पहली बार चुनी जाएगी टीम अश्विन और जडेजा जैसे स्पिनरों को वनडे में दिया जा सकता है रेस्‍ट शमी, रहाणे और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ि‍यों की फिटनेस पर संदेह कायम
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दो बार की विजेता कोलकाता नाइटराइडर्स आईपीएल के एलिमिनेटर में कल गत चैम्पियन सनराइजर्स हैदराबाद से खेलेगी तो उसका इरादा लगातार हार का सिलसिला तोड़ने का होगा. कल के मैच के विजेता का सामना मुंबई इंडियंस और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के बीच 19 मई को होने वाले पहले क्वालीफायर में हारने वाली टीम से होगा. इसके जरिये फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम का निर्धारण होगा. एलिमिनेटर मुकाबले के पहले दोनों ही टीमों की अपनी-अपनी चिंताएं हैं. जहां सनराइजर्स के लिए चिंता का कारण इस अहम मैच में प्रमुख गेंदबाज आशीष नेहरा की सेवाएं नहीं मिलना है वहीं केकेआर पिछले कुछ मैचों में उसके प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण चिंतित है. नेहरा मांसपेशियों में खिंचाव के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. केकेआर ने इस सत्र के दूसरे हाफ में सात में से चार मैच गंवाए हैं. शाहरुख खान की टीम शुरुआती चरण वाला अपना फॉर्म हासिल करने की कोशिश में होगी. उसे उम्मीद होगी कि उसके मैच विनर क्रिस लिन फार्म में लौटें. लिन ने पिछले महीने चिन्नास्वामी स्टेडियम पर 21 गेंद में 50 रन बनाये थे. उन्होंने कप्तान गौतम गंभीर के साथ मिलकर गुजरात लायंस के खिलाफ पहले मैच में 184 रन की साझेदारी की जिसमें नाबाद 93 रन बनाए. केकेआर को सुनील नारायण से भी अच्छी शुरूआत की उम्मीद होगी जैसी उसने रायल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ की थी. उस मैच में उन्होंने सैमुअल बद्री और श्रीनाथ अराविंद की गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाकर सिर्फ 15 गेंद में अर्धशतक पूरा करके आईपीएल के सबसे तेज अर्धशतक के रिकार्ड की बराबरी की थी. टीम के पास मनीष पांडे और राबिन उथप्पा जैसे बल्लेबाज भी हैं जो क्रमश: 396 और 386 रन बना चुके हैं. टिप्पणियां गंभीर भी शुरुआती सत्र में शानदार फॉर्म में थे लेकिन बाद में लय कायम नहीं रख सके. वह अभी तक इस सत्र में 454 रन बना चुके हैं और खोया फॉर्म हासिल करने की कोशिश में होंगे. गेंदबाजी में क्रिस वोक्स (17 विकेट) और उमेश यादव (14 विकेट) अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके लिए हालांकि डेविड वार्नर एंड कंपनी को रोकना कड़ी चुनौती होगी. गत चैम्पियन सनराइजर्स ने 14 लीग मैचों में से आठ जीते और पांच गंवाए हैं. गुजरात लायंस को आखिरी लीग मैच में आठ विकेट से हराकर उसने प्लेऑफ में जगह बनाई. उसे कप्तान वार्नर से उम्दा प्रदर्शन बरकरार रखने की उम्मीद होगी जो लगातार दूसरे सत्र में 600 से अधिक रन बना चुके हैं. शिखर धवन भी अब तक 468 रन बना चुके हैं जिसके दम पर चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए उनका चयन हुआ. युवराज सिंह ने शुरुआती मैच में नाबाद 70 रन बनाए लेकिन उसके बाद लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके.  गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार 13 मैचों में 25 विकेट ले चुके हैं . तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान ने भी अच्छी गेंदबाजी की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केकेआर ने इस सत्र के दूसरे हाफ में सात में से चार मैच गंवाए हैं. शाहरुख खान की टीम शुरुआती चरण वाला अपना फॉर्म हासिल करने की कोशिश में होगी. उसे उम्मीद होगी कि उसके मैच विनर क्रिस लिन फार्म में लौटें. लिन ने पिछले महीने चिन्नास्वामी स्टेडियम पर 21 गेंद में 50 रन बनाये थे. उन्होंने कप्तान गौतम गंभीर के साथ मिलकर गुजरात लायंस के खिलाफ पहले मैच में 184 रन की साझेदारी की जिसमें नाबाद 93 रन बनाए. केकेआर को सुनील नारायण से भी अच्छी शुरूआत की उम्मीद होगी जैसी उसने रायल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ की थी. उस मैच में उन्होंने सैमुअल बद्री और श्रीनाथ अराविंद की गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाकर सिर्फ 15 गेंद में अर्धशतक पूरा करके आईपीएल के सबसे तेज अर्धशतक के रिकार्ड की बराबरी की थी. टीम के पास मनीष पांडे और राबिन उथप्पा जैसे बल्लेबाज भी हैं जो क्रमश: 396 और 386 रन बना चुके हैं. टिप्पणियां गंभीर भी शुरुआती सत्र में शानदार फॉर्म में थे लेकिन बाद में लय कायम नहीं रख सके. वह अभी तक इस सत्र में 454 रन बना चुके हैं और खोया फॉर्म हासिल करने की कोशिश में होंगे. गेंदबाजी में क्रिस वोक्स (17 विकेट) और उमेश यादव (14 विकेट) अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके लिए हालांकि डेविड वार्नर एंड कंपनी को रोकना कड़ी चुनौती होगी. गत चैम्पियन सनराइजर्स ने 14 लीग मैचों में से आठ जीते और पांच गंवाए हैं. गुजरात लायंस को आखिरी लीग मैच में आठ विकेट से हराकर उसने प्लेऑफ में जगह बनाई. उसे कप्तान वार्नर से उम्दा प्रदर्शन बरकरार रखने की उम्मीद होगी जो लगातार दूसरे सत्र में 600 से अधिक रन बना चुके हैं. शिखर धवन भी अब तक 468 रन बना चुके हैं जिसके दम पर चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए उनका चयन हुआ. युवराज सिंह ने शुरुआती मैच में नाबाद 70 रन बनाए लेकिन उसके बाद लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके.  गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार 13 मैचों में 25 विकेट ले चुके हैं . तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान ने भी अच्छी गेंदबाजी की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गंभीर भी शुरुआती सत्र में शानदार फॉर्म में थे लेकिन बाद में लय कायम नहीं रख सके. वह अभी तक इस सत्र में 454 रन बना चुके हैं और खोया फॉर्म हासिल करने की कोशिश में होंगे. गेंदबाजी में क्रिस वोक्स (17 विकेट) और उमेश यादव (14 विकेट) अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके लिए हालांकि डेविड वार्नर एंड कंपनी को रोकना कड़ी चुनौती होगी. गत चैम्पियन सनराइजर्स ने 14 लीग मैचों में से आठ जीते और पांच गंवाए हैं. गुजरात लायंस को आखिरी लीग मैच में आठ विकेट से हराकर उसने प्लेऑफ में जगह बनाई. उसे कप्तान वार्नर से उम्दा प्रदर्शन बरकरार रखने की उम्मीद होगी जो लगातार दूसरे सत्र में 600 से अधिक रन बना चुके हैं. शिखर धवन भी अब तक 468 रन बना चुके हैं जिसके दम पर चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए उनका चयन हुआ. युवराज सिंह ने शुरुआती मैच में नाबाद 70 रन बनाए लेकिन उसके बाद लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके.  गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार 13 मैचों में 25 विकेट ले चुके हैं . तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान ने भी अच्छी गेंदबाजी की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: आईपीएल में कल कोलकाता के सामने होगी सनराइजर्स टीम हैदराबाद के आशीष नेहरा चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए केकेआर ने इस सीजन के दूसरे हाफ में सात में से चार मैच हारे
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मुंबई की 24 हफ्ते की गर्भवती रेप पीड़ित महिला को गर्भपात की इजाजत दे दी है। कोर्ट का कहना है कि अगर महिला की जान को खतरा है तो 20 हफ्ते बाद भी गर्भपात कराया जा सकता है। कोर्ट ने कानून के दायरे में ही यह फैसला सुनाया है। एक्ट का सेक्शन 3 कहता है कि 20 हफ्ते से ज्यादा होने पर गर्भपात नहीं हो सकता लेकिन सेक्शन 5 कहता है कि अगर महिला की जान को खतरा हो तो कभी भी गर्भपात किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को Life vs Life माना है और कहा है कि महिला की जान को खतरा है इसलिए गर्भपात किया जा सकता है, लेकिन 1971 का कानून सही है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करता रहेगा। उल्लेखनीय है कि मेडिकल टेर्मिनेशन ऑफ़ प्रेगनेंसी एक्ट 1971 के मुताबिक 20 हफ़्ते से ज़्यादा गर्भवती महिला का गर्भपात नहीं हो सकता। मुंबई की रेप पीड़ित महिला ने इस एक्ट को अंसवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और गर्भपात कराने की इजाज़त मांगी थी। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि वह बेहद ही गरीब परिवार से है उसके मंगेतर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया और उसे धोखा देकर दूसरी लड़की से शादी कर ली, जिसके बाद उसने मंगेतर के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज किया गया। महिला को जब पता चला वह प्रेग्नेंट है तो उसने कई मेडिकल टेस्ट कराए, जिससे पता चला कि अगर वह गर्भपात नहीं कराती तो उसकी जान जा सकती है। 2 जून 2016 को डॉक्टरों ने उसका गर्भपात करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसे गर्भधारण किए 20 हफ्ते से ज़्यादा हो चुके थे। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि 1971 में जब कानून बना था तो उस समय 20 हफ्ते का नियम सही था, लेकिन अब समय बदल गया है अब 26 हफ़्ते बाद भी गर्भपात हो सकता है। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट को मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। 22 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से SG रंजीत कुमार ने सुझाव दिया था कि इस मामले में एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर देते है जो महिला की जांच कर तय करेगा कि उसका गर्भपात किया जा सकता है या नहीं। इसके लिए AIIMS के डॉक्टर की एक टीम बनाई जाए जो महिला की जाँच करेगी।टिप्पणियां लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि महिला मुंबई है और वह दिल्ली आने में सक्षम नहीं है। ऐसे में मुंबई में ही उसकी जांच हो। तब महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा था कि मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल में जांच हो सकती है, जिसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल की थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को Life vs Life माना है और कहा है कि महिला की जान को खतरा है इसलिए गर्भपात किया जा सकता है, लेकिन 1971 का कानून सही है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करता रहेगा। उल्लेखनीय है कि मेडिकल टेर्मिनेशन ऑफ़ प्रेगनेंसी एक्ट 1971 के मुताबिक 20 हफ़्ते से ज़्यादा गर्भवती महिला का गर्भपात नहीं हो सकता। मुंबई की रेप पीड़ित महिला ने इस एक्ट को अंसवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और गर्भपात कराने की इजाज़त मांगी थी। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि वह बेहद ही गरीब परिवार से है उसके मंगेतर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया और उसे धोखा देकर दूसरी लड़की से शादी कर ली, जिसके बाद उसने मंगेतर के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज किया गया। महिला को जब पता चला वह प्रेग्नेंट है तो उसने कई मेडिकल टेस्ट कराए, जिससे पता चला कि अगर वह गर्भपात नहीं कराती तो उसकी जान जा सकती है। 2 जून 2016 को डॉक्टरों ने उसका गर्भपात करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसे गर्भधारण किए 20 हफ्ते से ज़्यादा हो चुके थे। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि 1971 में जब कानून बना था तो उस समय 20 हफ्ते का नियम सही था, लेकिन अब समय बदल गया है अब 26 हफ़्ते बाद भी गर्भपात हो सकता है। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट को मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। 22 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से SG रंजीत कुमार ने सुझाव दिया था कि इस मामले में एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर देते है जो महिला की जांच कर तय करेगा कि उसका गर्भपात किया जा सकता है या नहीं। इसके लिए AIIMS के डॉक्टर की एक टीम बनाई जाए जो महिला की जाँच करेगी।टिप्पणियां लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि महिला मुंबई है और वह दिल्ली आने में सक्षम नहीं है। ऐसे में मुंबई में ही उसकी जांच हो। तब महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा था कि मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल में जांच हो सकती है, जिसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल की थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उल्लेखनीय है कि मेडिकल टेर्मिनेशन ऑफ़ प्रेगनेंसी एक्ट 1971 के मुताबिक 20 हफ़्ते से ज़्यादा गर्भवती महिला का गर्भपात नहीं हो सकता। मुंबई की रेप पीड़ित महिला ने इस एक्ट को अंसवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और गर्भपात कराने की इजाज़त मांगी थी। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि वह बेहद ही गरीब परिवार से है उसके मंगेतर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया और उसे धोखा देकर दूसरी लड़की से शादी कर ली, जिसके बाद उसने मंगेतर के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज किया गया। महिला को जब पता चला वह प्रेग्नेंट है तो उसने कई मेडिकल टेस्ट कराए, जिससे पता चला कि अगर वह गर्भपात नहीं कराती तो उसकी जान जा सकती है। 2 जून 2016 को डॉक्टरों ने उसका गर्भपात करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसे गर्भधारण किए 20 हफ्ते से ज़्यादा हो चुके थे। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि 1971 में जब कानून बना था तो उस समय 20 हफ्ते का नियम सही था, लेकिन अब समय बदल गया है अब 26 हफ़्ते बाद भी गर्भपात हो सकता है। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट को मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। 22 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से SG रंजीत कुमार ने सुझाव दिया था कि इस मामले में एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर देते है जो महिला की जांच कर तय करेगा कि उसका गर्भपात किया जा सकता है या नहीं। इसके लिए AIIMS के डॉक्टर की एक टीम बनाई जाए जो महिला की जाँच करेगी।टिप्पणियां लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि महिला मुंबई है और वह दिल्ली आने में सक्षम नहीं है। ऐसे में मुंबई में ही उसकी जांच हो। तब महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा था कि मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल में जांच हो सकती है, जिसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल की थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 2 जून 2016 को डॉक्टरों ने उसका गर्भपात करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसे गर्भधारण किए 20 हफ्ते से ज़्यादा हो चुके थे। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि 1971 में जब कानून बना था तो उस समय 20 हफ्ते का नियम सही था, लेकिन अब समय बदल गया है अब 26 हफ़्ते बाद भी गर्भपात हो सकता है। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट को मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। 22 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से SG रंजीत कुमार ने सुझाव दिया था कि इस मामले में एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर देते है जो महिला की जांच कर तय करेगा कि उसका गर्भपात किया जा सकता है या नहीं। इसके लिए AIIMS के डॉक्टर की एक टीम बनाई जाए जो महिला की जाँच करेगी।टिप्पणियां लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि महिला मुंबई है और वह दिल्ली आने में सक्षम नहीं है। ऐसे में मुंबई में ही उसकी जांच हो। तब महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा था कि मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल में जांच हो सकती है, जिसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल की थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट को मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। 22 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से SG रंजीत कुमार ने सुझाव दिया था कि इस मामले में एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर देते है जो महिला की जांच कर तय करेगा कि उसका गर्भपात किया जा सकता है या नहीं। इसके लिए AIIMS के डॉक्टर की एक टीम बनाई जाए जो महिला की जाँच करेगी।टिप्पणियां लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि महिला मुंबई है और वह दिल्ली आने में सक्षम नहीं है। ऐसे में मुंबई में ही उसकी जांच हो। तब महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा था कि मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल में जांच हो सकती है, जिसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल की थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि महिला मुंबई है और वह दिल्ली आने में सक्षम नहीं है। ऐसे में मुंबई में ही उसकी जांच हो। तब महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा था कि मुम्बई के KE मेडिकल अस्पताल में जांच हो सकती है, जिसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल की थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: गर्भपात नहीं कराएगी तो जान को खतरा मंगेतर ने शादी का झांसा देकर बलात्कार किया 20 हफ्ते से ज्यादा हो चुके थे तो डॉ. ने गर्भपात से मना किया
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने से पूर्व सदन में वंदेमातरम की धुन बजने के दौरान एक बसपा सदस्य के उठकर बाहर चले जाने पर अध्यक्ष मीरा कुमार ने आज कड़ी नाराजगी जाहिर की और साथ ही भविष्य में ऐसा नहीं करने की सख्त चेतावनी दी। वंदेमातरम की धुन बजने के बाद अध्यक्ष ने कहा, एक माननीय सदस्य वंदेमातरम की धुन बजने के दौरान सदन से बाहर चले गए। मैंने इसका गंभीर संज्ञान लिया है। मैं जानना चाहूंगी कि ऐसा क्यों किया गया। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, ऐसा आगे कभी भी नहीं होना चाहिए। सदन में वंदेमातरम की धुन बजने के समय सभी सदस्य अपने स्थान पर खड़े थे और उसी बीच बसपा के शफीकुर्रहमान बर्क को सदन से बाहर जाते देखा गया। वंदेमातरम की धुन बजने के बाद अध्यक्ष ने कहा, एक माननीय सदस्य वंदेमातरम की धुन बजने के दौरान सदन से बाहर चले गए। मैंने इसका गंभीर संज्ञान लिया है। मैं जानना चाहूंगी कि ऐसा क्यों किया गया। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, ऐसा आगे कभी भी नहीं होना चाहिए। सदन में वंदेमातरम की धुन बजने के समय सभी सदस्य अपने स्थान पर खड़े थे और उसी बीच बसपा के शफीकुर्रहमान बर्क को सदन से बाहर जाते देखा गया।
यह एक सारांश है: बसपा सदस्य के उठकर बाहर चले जाने पर अध्यक्ष मीरा कुमार ने आज कड़ी नाराजगी जाहिर की और साथ ही भविष्य में ऐसा नहीं करने की सख्त चेतावनी दी।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन बच्चियों से बलात्कार और फिर हत्या के मामले को लेकर जिले में तनाव का माहौल है। दरअसल, पुलिस घटना के छह दिन बाद भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हालांकि अब पुलिस ने संदिग्धों की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 50 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।टिप्पणियां घटना से नाराज गांववालों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए सड़क को जाम किया। वहीं बच्चियों के दादा ने बताया कि आरोपी बच्चियों को शायद चॉकलेट और कुरकुरे का लालच देकर ले गए। उन्हें पकड़ो और फांसी दो। गौरतलब है कि इन तीनों बहनों के शव एक कुंए में मिले थे। तीनों की उम्र 11 साल से कम थी। बेहद गरीब परिवार की इन तीनों लड़कियों की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। इन तीनों बहनों को कुछ लोग खाना खिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गए और फिर उनके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को दुर्घटना के बाद हुई मौत के रूप में दर्ज किया था, लेकिन लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद लड़कियों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई।  मुख्यमंत्री ने लड़कियों की मां को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। घटना से नाराज गांववालों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए सड़क को जाम किया। वहीं बच्चियों के दादा ने बताया कि आरोपी बच्चियों को शायद चॉकलेट और कुरकुरे का लालच देकर ले गए। उन्हें पकड़ो और फांसी दो। गौरतलब है कि इन तीनों बहनों के शव एक कुंए में मिले थे। तीनों की उम्र 11 साल से कम थी। बेहद गरीब परिवार की इन तीनों लड़कियों की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। इन तीनों बहनों को कुछ लोग खाना खिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गए और फिर उनके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को दुर्घटना के बाद हुई मौत के रूप में दर्ज किया था, लेकिन लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद लड़कियों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई।  मुख्यमंत्री ने लड़कियों की मां को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि इन तीनों बहनों के शव एक कुंए में मिले थे। तीनों की उम्र 11 साल से कम थी। बेहद गरीब परिवार की इन तीनों लड़कियों की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। इन तीनों बहनों को कुछ लोग खाना खिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गए और फिर उनके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को दुर्घटना के बाद हुई मौत के रूप में दर्ज किया था, लेकिन लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद लड़कियों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई।  मुख्यमंत्री ने लड़कियों की मां को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
संक्षिप्त पाठ: महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन बच्चियों से बलात्कार और फिर हत्या के मामले को लेकर जिले में तनाव का माहौल है। दरअसल, पुलिस घटना के छह दिन बाद भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सेना के 29 लोगों को चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर ले जा रहा भारतीय वायुसेना का परिवहन का विमान एएन-32 सुबह से लापता है। टेक ऑफ के 16 मिनट बाद ये विमान रडार की जद से बाहर हो गया। चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर की दूरी 1200 किलोमीटर है। इस विमान को 11.30 तक पोर्ट ब्लेयर पहुचना था लेकिन अब तक नहीं पहुंच पाया है। इसको लेकर सेना का युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है। बेशक ये विमान लापता है लेकिन सेना के लिए ये काफी भरोसेमंद विमान रहा है। वायुसेना के पास ऐसे 100 के करीब विमान हैं। इस विमान को वायुसेना में 1984 में शामिल किया गया था। दुनियाभर में ऐसे करीब 250 विमान सेवा में हैं।  इस विमान को नागरिक और सैनिक दोनों हिसाब से डिजाइन किया गया है। वैसे ये विमान रूस के बने हुए हैं जिसमें दो इंजन होते हैं। ये विमान हर तरह के मौसम में उड़ान भर सकता है। रूस के बने हुए ये दो इंजन वाले विमान काफी भरोसेमंद हैं। इसका इस्तेमाल हर तरह के मैदानी, पहाड़ी और समुद्री इलाकों में किया जाता रहा है। चाहे वो सैनिकों को पहुंचाने की बात हो या समान के ढ़ोने की।टिप्पणियां इस विमान की क्षमता क्रू सहित करीब 50 लोग या 7.5 टन पैसेंजर ले जाने की है। 530 किलोमीटर प्रतिघंटा उड़ान भरने वाले इस विमान का रेंज 2500 किलोमीटर तक है। ये विमान बिना ईंधन भरे जाने के चार घंटे तक उड़ान भर सकता है। वायुसेना के पश्चिमी कमान के पूर्व प्रमुख एयर मार्शल एके सिंह ने कहा कि इस विमान का ट्रैक रिकॉर्ड काफी बढ़िया रहा है और इसको अपग्रेड भी किया गया है, लेकिन इसका अचानक लापता होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वायुसेना में मौजूदा एएन-32 ने केवल आधुनिक साजो समान से लैस है बल्कि ये नए संचार सिस्टम,  बेहतर लैडिंग व्यवस्था जैसे सिस्टम से भी लैस है। अपग्रेड होने के बाद इसकी लाइफ 15 से 20 साल तक बढ़ गई है। दूसरे रूसी विमान की तरह ये ज्यादा आरामदायक तो नहीं है लेकिन सैन्य और नागरिक जरूरतों के लिहाज बेहत उत्तम है। इसको लेकर सेना का युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है। बेशक ये विमान लापता है लेकिन सेना के लिए ये काफी भरोसेमंद विमान रहा है। वायुसेना के पास ऐसे 100 के करीब विमान हैं। इस विमान को वायुसेना में 1984 में शामिल किया गया था। दुनियाभर में ऐसे करीब 250 विमान सेवा में हैं।  इस विमान को नागरिक और सैनिक दोनों हिसाब से डिजाइन किया गया है। वैसे ये विमान रूस के बने हुए हैं जिसमें दो इंजन होते हैं। ये विमान हर तरह के मौसम में उड़ान भर सकता है। रूस के बने हुए ये दो इंजन वाले विमान काफी भरोसेमंद हैं। इसका इस्तेमाल हर तरह के मैदानी, पहाड़ी और समुद्री इलाकों में किया जाता रहा है। चाहे वो सैनिकों को पहुंचाने की बात हो या समान के ढ़ोने की।टिप्पणियां इस विमान की क्षमता क्रू सहित करीब 50 लोग या 7.5 टन पैसेंजर ले जाने की है। 530 किलोमीटर प्रतिघंटा उड़ान भरने वाले इस विमान का रेंज 2500 किलोमीटर तक है। ये विमान बिना ईंधन भरे जाने के चार घंटे तक उड़ान भर सकता है। वायुसेना के पश्चिमी कमान के पूर्व प्रमुख एयर मार्शल एके सिंह ने कहा कि इस विमान का ट्रैक रिकॉर्ड काफी बढ़िया रहा है और इसको अपग्रेड भी किया गया है, लेकिन इसका अचानक लापता होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वायुसेना में मौजूदा एएन-32 ने केवल आधुनिक साजो समान से लैस है बल्कि ये नए संचार सिस्टम,  बेहतर लैडिंग व्यवस्था जैसे सिस्टम से भी लैस है। अपग्रेड होने के बाद इसकी लाइफ 15 से 20 साल तक बढ़ गई है। दूसरे रूसी विमान की तरह ये ज्यादा आरामदायक तो नहीं है लेकिन सैन्य और नागरिक जरूरतों के लिहाज बेहत उत्तम है। इस विमान को नागरिक और सैनिक दोनों हिसाब से डिजाइन किया गया है। वैसे ये विमान रूस के बने हुए हैं जिसमें दो इंजन होते हैं। ये विमान हर तरह के मौसम में उड़ान भर सकता है। रूस के बने हुए ये दो इंजन वाले विमान काफी भरोसेमंद हैं। इसका इस्तेमाल हर तरह के मैदानी, पहाड़ी और समुद्री इलाकों में किया जाता रहा है। चाहे वो सैनिकों को पहुंचाने की बात हो या समान के ढ़ोने की।टिप्पणियां इस विमान की क्षमता क्रू सहित करीब 50 लोग या 7.5 टन पैसेंजर ले जाने की है। 530 किलोमीटर प्रतिघंटा उड़ान भरने वाले इस विमान का रेंज 2500 किलोमीटर तक है। ये विमान बिना ईंधन भरे जाने के चार घंटे तक उड़ान भर सकता है। वायुसेना के पश्चिमी कमान के पूर्व प्रमुख एयर मार्शल एके सिंह ने कहा कि इस विमान का ट्रैक रिकॉर्ड काफी बढ़िया रहा है और इसको अपग्रेड भी किया गया है, लेकिन इसका अचानक लापता होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वायुसेना में मौजूदा एएन-32 ने केवल आधुनिक साजो समान से लैस है बल्कि ये नए संचार सिस्टम,  बेहतर लैडिंग व्यवस्था जैसे सिस्टम से भी लैस है। अपग्रेड होने के बाद इसकी लाइफ 15 से 20 साल तक बढ़ गई है। दूसरे रूसी विमान की तरह ये ज्यादा आरामदायक तो नहीं है लेकिन सैन्य और नागरिक जरूरतों के लिहाज बेहत उत्तम है। इस विमान की क्षमता क्रू सहित करीब 50 लोग या 7.5 टन पैसेंजर ले जाने की है। 530 किलोमीटर प्रतिघंटा उड़ान भरने वाले इस विमान का रेंज 2500 किलोमीटर तक है। ये विमान बिना ईंधन भरे जाने के चार घंटे तक उड़ान भर सकता है। वायुसेना के पश्चिमी कमान के पूर्व प्रमुख एयर मार्शल एके सिंह ने कहा कि इस विमान का ट्रैक रिकॉर्ड काफी बढ़िया रहा है और इसको अपग्रेड भी किया गया है, लेकिन इसका अचानक लापता होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वायुसेना में मौजूदा एएन-32 ने केवल आधुनिक साजो समान से लैस है बल्कि ये नए संचार सिस्टम,  बेहतर लैडिंग व्यवस्था जैसे सिस्टम से भी लैस है। अपग्रेड होने के बाद इसकी लाइफ 15 से 20 साल तक बढ़ गई है। दूसरे रूसी विमान की तरह ये ज्यादा आरामदायक तो नहीं है लेकिन सैन्य और नागरिक जरूरतों के लिहाज बेहत उत्तम है। वायुसेना में मौजूदा एएन-32 ने केवल आधुनिक साजो समान से लैस है बल्कि ये नए संचार सिस्टम,  बेहतर लैडिंग व्यवस्था जैसे सिस्टम से भी लैस है। अपग्रेड होने के बाद इसकी लाइफ 15 से 20 साल तक बढ़ गई है। दूसरे रूसी विमान की तरह ये ज्यादा आरामदायक तो नहीं है लेकिन सैन्य और नागरिक जरूरतों के लिहाज बेहत उत्तम है।
वायुसेना के पास ऐसे 100 के करीब विमान हैं इस विमान को वायुसेना में 1984 में शामिल किया गया था दुनियाभर में ऐसे करीब 250 विमान सेवा में हैं
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नोएडा- सेक्टर 126 में हैबिटेट गार्डन की नर्सरी में दो शव बरामद हुए हैं. एक युवक की हत्या की गई है जबकि दूसरे का शव पेड़ से लटका हुआ मिला है. दोनों ही नर्सरी में माली थे. वे पिछले सात-आठ सालों से यहां काम कर रहे थे. पश्चिम बंगाल के रहने वाला 38 साल के हेमराज सोम की हत्या धारदार हथियार से हुई. जबकि 35 साल के पवन का शव पेड़ से लटका हुआ मिला. पवन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का रहने वाला था. नोएडा की एसपी सिटी सुधा सिंह के मुताबिक उन्हें  सुबह घटना की जानकारी मिली. नर्सरी के पार्क का दरवाजा अंदर से बंद था और किसी तरह की लूटपाट के भी कोई सबूत नहीं मिले हैं. नर्सरी के मालिक ने बताया कि नर्सरी में कुल तीन लोग काम करते हैं. एक कर्मचारी जो कि पश्चिम बंगाल का रहने वाला है, तीन दिन पहले छुट्टी पर चला गया था. मालिक के मुताबिक दोनों के बीच कोई विवाद भी नहीं था. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दोनों मृतकों के घरवालों से भी पूछताछ की जाएगी.
संक्षिप्त पाठ: पश्चिम बंगाल के हेमराज सोम की धारदार हथियार से हत्या की गई छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के निवासी पवन का शव पेड़ से लटका मिला नर्सरी के मालिक के मुताबिक दोनों के बीच कोई विवाद नहीं था
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिलायंस जियो (Reliance Jio) के 10 करोड़ से अधिक ग्राहकों के लिए आज होने वाली मुकेश अंबानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस खुशखबरी लेकर आ सकती है. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के नए टेलीकॉम वेंचर रिलायंस जियो के यूजर बेस ने 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. कंपनी के चेयरपर्सन और एमडी मुकेश अंबानी ने इस डाटा की जानकारी देते हुए कहा था कि यह आंकड़ा ही हमारा शुरुआती लक्ष्य था. आज यानी 21 फरवरी को दोपहर को मुकेश अंबानी संबोधित करने वाले हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि इसके जरिए वह यूजर्स के लिए कुछ महत्वपूर्ण ऐलान कर सकते हैं. बता दें कि रिलायंस जियो सिम पर मौजूदा फ्री सेवाएं 31 मार्च को समाप्त हो रही हैं. अंबानी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस रिलायंस जियो के इर्द गिर्द होगी. 16 फरवरी को मुकेश अंबानी ने यूजर्स बेस से उत्साहित होकर कहा था- आधार की वजह से हम एक दिन में 10 लाख ग्राहक जोड़ने में कामयाब रहे और इंडस्ट्री में ऐसा पहले कभी नहीं सुना गया. दिसंबर में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मार्च के अंत तक रिलायंस जियो के पास 10 करोड़ ग्राहक होंगे. इस लक्ष्य को हासिल करने के बाद अटकलें हैं कि क्या रिलायंस जियो संबंधी फ्री सेवाएं आगे बढ़ाई जा सकती हैं या फिर नॉमिनल रेट्स पर लोगों को सुविधाएं दी जाएंगी. पिछले दिनों कहा गया कि जैसे ही कंपनी अपनी सेवाओं के लिए पैसे लेना शुरू करेगी, ग्राहकों की संख्या कम भी होगी. टिप्पणियां मुकेश अंबानी ने सितंबर 2016 में अपनी 4जी सर्विस शुरू की थी. सितंबर में रिलायंस ने जियो नामक मुफ्त 4जीबी डाटा के साथ सिम पेश किया था. पहले फ्री कॉलिंग और फ्री अनलिमिटेड मोबाइल डाटा का जियो का ऑफर दिसंबर के अंत तक था लेकिन बाद में यह बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया. 31 दिसंबर को वेलकम ऑफर खत्म हो जाने के बाद रिलायंस जियो के ग्राहक हैपी न्यू ईयर ऑफर का फायदा उठा रहे है. इस ऑफर के तहत यूज़र हर दिन तेज स्पीड में 1जीबी डेटा इस्तेमाल मुफ्त में कर रहे है. इसके साथ ही बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो जल्द ही बाजार में बेहद सस्ते फोन पेश करके धमाका करने वाली है. कंपनी 4G-VoLTE टेक्नॉलॉजी पर आधारित फीचर फोन पेश कर सकती है जिसकी कीमत 1500 रुपए से कम होगी. बता दें कि रिलायंस जियो सिम पर मौजूदा फ्री सेवाएं 31 मार्च को समाप्त हो रही हैं. अंबानी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस रिलायंस जियो के इर्द गिर्द होगी. 16 फरवरी को मुकेश अंबानी ने यूजर्स बेस से उत्साहित होकर कहा था- आधार की वजह से हम एक दिन में 10 लाख ग्राहक जोड़ने में कामयाब रहे और इंडस्ट्री में ऐसा पहले कभी नहीं सुना गया. दिसंबर में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मार्च के अंत तक रिलायंस जियो के पास 10 करोड़ ग्राहक होंगे. इस लक्ष्य को हासिल करने के बाद अटकलें हैं कि क्या रिलायंस जियो संबंधी फ्री सेवाएं आगे बढ़ाई जा सकती हैं या फिर नॉमिनल रेट्स पर लोगों को सुविधाएं दी जाएंगी. पिछले दिनों कहा गया कि जैसे ही कंपनी अपनी सेवाओं के लिए पैसे लेना शुरू करेगी, ग्राहकों की संख्या कम भी होगी. टिप्पणियां मुकेश अंबानी ने सितंबर 2016 में अपनी 4जी सर्विस शुरू की थी. सितंबर में रिलायंस ने जियो नामक मुफ्त 4जीबी डाटा के साथ सिम पेश किया था. पहले फ्री कॉलिंग और फ्री अनलिमिटेड मोबाइल डाटा का जियो का ऑफर दिसंबर के अंत तक था लेकिन बाद में यह बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया. 31 दिसंबर को वेलकम ऑफर खत्म हो जाने के बाद रिलायंस जियो के ग्राहक हैपी न्यू ईयर ऑफर का फायदा उठा रहे है. इस ऑफर के तहत यूज़र हर दिन तेज स्पीड में 1जीबी डेटा इस्तेमाल मुफ्त में कर रहे है. इसके साथ ही बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो जल्द ही बाजार में बेहद सस्ते फोन पेश करके धमाका करने वाली है. कंपनी 4G-VoLTE टेक्नॉलॉजी पर आधारित फीचर फोन पेश कर सकती है जिसकी कीमत 1500 रुपए से कम होगी. इस लक्ष्य को हासिल करने के बाद अटकलें हैं कि क्या रिलायंस जियो संबंधी फ्री सेवाएं आगे बढ़ाई जा सकती हैं या फिर नॉमिनल रेट्स पर लोगों को सुविधाएं दी जाएंगी. पिछले दिनों कहा गया कि जैसे ही कंपनी अपनी सेवाओं के लिए पैसे लेना शुरू करेगी, ग्राहकों की संख्या कम भी होगी. टिप्पणियां मुकेश अंबानी ने सितंबर 2016 में अपनी 4जी सर्विस शुरू की थी. सितंबर में रिलायंस ने जियो नामक मुफ्त 4जीबी डाटा के साथ सिम पेश किया था. पहले फ्री कॉलिंग और फ्री अनलिमिटेड मोबाइल डाटा का जियो का ऑफर दिसंबर के अंत तक था लेकिन बाद में यह बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया. 31 दिसंबर को वेलकम ऑफर खत्म हो जाने के बाद रिलायंस जियो के ग्राहक हैपी न्यू ईयर ऑफर का फायदा उठा रहे है. इस ऑफर के तहत यूज़र हर दिन तेज स्पीड में 1जीबी डेटा इस्तेमाल मुफ्त में कर रहे है. इसके साथ ही बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो जल्द ही बाजार में बेहद सस्ते फोन पेश करके धमाका करने वाली है. कंपनी 4G-VoLTE टेक्नॉलॉजी पर आधारित फीचर फोन पेश कर सकती है जिसकी कीमत 1500 रुपए से कम होगी. मुकेश अंबानी ने सितंबर 2016 में अपनी 4जी सर्विस शुरू की थी. सितंबर में रिलायंस ने जियो नामक मुफ्त 4जीबी डाटा के साथ सिम पेश किया था. पहले फ्री कॉलिंग और फ्री अनलिमिटेड मोबाइल डाटा का जियो का ऑफर दिसंबर के अंत तक था लेकिन बाद में यह बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया. 31 दिसंबर को वेलकम ऑफर खत्म हो जाने के बाद रिलायंस जियो के ग्राहक हैपी न्यू ईयर ऑफर का फायदा उठा रहे है. इस ऑफर के तहत यूज़र हर दिन तेज स्पीड में 1जीबी डेटा इस्तेमाल मुफ्त में कर रहे है. इसके साथ ही बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो जल्द ही बाजार में बेहद सस्ते फोन पेश करके धमाका करने वाली है. कंपनी 4G-VoLTE टेक्नॉलॉजी पर आधारित फीचर फोन पेश कर सकती है जिसकी कीमत 1500 रुपए से कम होगी. इसके साथ ही बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो जल्द ही बाजार में बेहद सस्ते फोन पेश करके धमाका करने वाली है. कंपनी 4G-VoLTE टेक्नॉलॉजी पर आधारित फीचर फोन पेश कर सकती है जिसकी कीमत 1500 रुपए से कम होगी.
संक्षिप्त पाठ: आज दोपहर मुकेश अंबानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस जियो 4जी सिम संबंधी महत्वपूर्ण ऐलान संभव 10 करोड़ यूजर्स बेस का आंकड़ा पार कर लिया है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने रविवार को आंध्र प्रदेश के सभी दलों से अपनी उम्मीदवारी के लिए समर्थन की अपील की। प्रणब ने कांग्रेस सांसदों एवं विधायकों तथा संप्रग की एक घटक मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एमआईएम) से समर्थन मांगा। प्रणब हालांकि समर्थन मांगने के लिए विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) एवं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेताओं से नहीं मिले। वरिष्ठ नेता ने कहा कि गैर संप्रग पार्टियां भी उनका समर्थन कर रही हैं। उन्होंने बैठक में कहा, "मैं भारत के राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ने में गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।"   कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद एवं मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने प्रणब की सेवाओं को याद किया। प्रणब ने जुबली हॉल में कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक को सम्बोधित किया। इसके तुरंत बाद इस हॉल में मामूली रूप से आग लग गई। एमआईएम प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी तथा पार्टी के अन्य नेताओं ने होटल ताज कृष्णा में प्रणब से मुलाकात की। एमआईएम के एक सांसद और सात विधायक हैं। यह पार्टी संप्रग उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। होटल के निकट उस समय हल्का तनाव व्याप्त हो गया जब तेलंगाना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे माला महानाडु के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। प्रणब ने कांग्रेस सांसदों एवं विधायकों तथा संप्रग की एक घटक मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एमआईएम) से समर्थन मांगा। प्रणब हालांकि समर्थन मांगने के लिए विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) एवं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेताओं से नहीं मिले। वरिष्ठ नेता ने कहा कि गैर संप्रग पार्टियां भी उनका समर्थन कर रही हैं। उन्होंने बैठक में कहा, "मैं भारत के राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ने में गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।"   कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद एवं मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने प्रणब की सेवाओं को याद किया। प्रणब ने जुबली हॉल में कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक को सम्बोधित किया। इसके तुरंत बाद इस हॉल में मामूली रूप से आग लग गई। एमआईएम प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी तथा पार्टी के अन्य नेताओं ने होटल ताज कृष्णा में प्रणब से मुलाकात की। एमआईएम के एक सांसद और सात विधायक हैं। यह पार्टी संप्रग उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। होटल के निकट उस समय हल्का तनाव व्याप्त हो गया जब तेलंगाना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे माला महानाडु के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। प्रणब हालांकि समर्थन मांगने के लिए विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) एवं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेताओं से नहीं मिले। वरिष्ठ नेता ने कहा कि गैर संप्रग पार्टियां भी उनका समर्थन कर रही हैं। उन्होंने बैठक में कहा, "मैं भारत के राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ने में गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।"   कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद एवं मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने प्रणब की सेवाओं को याद किया। प्रणब ने जुबली हॉल में कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक को सम्बोधित किया। इसके तुरंत बाद इस हॉल में मामूली रूप से आग लग गई। एमआईएम प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी तथा पार्टी के अन्य नेताओं ने होटल ताज कृष्णा में प्रणब से मुलाकात की। एमआईएम के एक सांसद और सात विधायक हैं। यह पार्टी संप्रग उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। होटल के निकट उस समय हल्का तनाव व्याप्त हो गया जब तेलंगाना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे माला महानाडु के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। वरिष्ठ नेता ने कहा कि गैर संप्रग पार्टियां भी उनका समर्थन कर रही हैं। उन्होंने बैठक में कहा, "मैं भारत के राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ने में गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।"   कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद एवं मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने प्रणब की सेवाओं को याद किया। प्रणब ने जुबली हॉल में कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक को सम्बोधित किया। इसके तुरंत बाद इस हॉल में मामूली रूप से आग लग गई। एमआईएम प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी तथा पार्टी के अन्य नेताओं ने होटल ताज कृष्णा में प्रणब से मुलाकात की। एमआईएम के एक सांसद और सात विधायक हैं। यह पार्टी संप्रग उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। होटल के निकट उस समय हल्का तनाव व्याप्त हो गया जब तेलंगाना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे माला महानाडु के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद एवं मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने प्रणब की सेवाओं को याद किया। प्रणब ने जुबली हॉल में कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक को सम्बोधित किया। इसके तुरंत बाद इस हॉल में मामूली रूप से आग लग गई। एमआईएम प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी तथा पार्टी के अन्य नेताओं ने होटल ताज कृष्णा में प्रणब से मुलाकात की। एमआईएम के एक सांसद और सात विधायक हैं। यह पार्टी संप्रग उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। होटल के निकट उस समय हल्का तनाव व्याप्त हो गया जब तेलंगाना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे माला महानाडु के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। प्रणब ने जुबली हॉल में कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक को सम्बोधित किया। इसके तुरंत बाद इस हॉल में मामूली रूप से आग लग गई। एमआईएम प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी तथा पार्टी के अन्य नेताओं ने होटल ताज कृष्णा में प्रणब से मुलाकात की। एमआईएम के एक सांसद और सात विधायक हैं। यह पार्टी संप्रग उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। होटल के निकट उस समय हल्का तनाव व्याप्त हो गया जब तेलंगाना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे माला महानाडु के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। एमआईएम प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी तथा पार्टी के अन्य नेताओं ने होटल ताज कृष्णा में प्रणब से मुलाकात की। एमआईएम के एक सांसद और सात विधायक हैं। यह पार्टी संप्रग उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। होटल के निकट उस समय हल्का तनाव व्याप्त हो गया जब तेलंगाना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे माला महानाडु के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। होटल के निकट उस समय हल्का तनाव व्याप्त हो गया जब तेलंगाना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे माला महानाडु के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। इससे पहले, ऐसा ही प्रदर्शन उस वक्त किया गया जब सुबह में प्रणब बेगमपेट हवाईअड्डे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रणब के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया।टिप्पणियां प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। प्रदर्शनकारी तेलंगाना समर्थक विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता थे जो चाहते थे कि प्रणब तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करें। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए। प्रणब चेन्नई से एक विशेष विमान के जरिए केंद्रीय मंत्रियों गुलाम नबी आजाद और व्यालार रवि के साथ यहां पहुंचे। हैदराबाद में चार घंटे ठहरकर दोपहर बाद वह चुनाव प्रचार के लिए बेंगलुरू रवाना हो गए।
सारांश: राष्ट्रपति पद के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने रविवार को आंध्र प्रदेश के सभी दलों से अपनी उम्मीदवारी के लिए समर्थन की अपील की।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा के करनाल में छह साल के स्कूली बच्चे की मौत को लेकर स्कूल मैनेजमेंट और टीचर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। करनाल के गांव गांधीग्राम में रहने वाले पंकज के माता−पिता का आरोप है कि 27 दिसंबर को होमवर्क ना करने पर क्लास टीचर ने बच्चे को कमरे में बंद कर दिया था जिसके बाद से बच्चा काफी सहमा−सहमा रहने लगा और उसकी तबीयत भी बिगड़ गई। तभी से वह अस्पताल में भर्ती था और सोमवार को उसने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद इस मामले को निपटाने के लिए सोमवार को गांव में पंचायत हुई जिसमें स्कूल मैनेजमेंट ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी लेकिन इससे पीड़ित परिवार का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। बच्चे की मौत के बाद इस मामले को निपटाने के लिए सोमवार को गांव में पंचायत हुई जिसमें स्कूल मैनेजमेंट ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी लेकिन इससे पीड़ित परिवार का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।
यहाँ एक सारांश है:हरियाणा के करनाल में छह साल के स्कूली बच्चे की मौत को लेकर स्कूल मैनेजमेंट और टीचर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सिनेमेटोग्राफी एक्‍ट में बड़े बदलाव से जुड़ा प्रस्‍तावित बिल संसद के शीत सत्र में पेश किया जाएगा. सरकार फिल्‍मों के प्रमाणन की प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहती, जैसा कि हाल ही में पहलाज निहलानी की अध्‍यक्षता में हुआ था. फिल्‍म प्रमाणन की पूरी प्रक्रिया पर फिर से काम किया जाएगा और इसे बदल दिया जाएगा. इसके लिए दो समितियां बनाई जाएंगी, रिव्‍यू कमेटी और मॉनिटर कमेटी. सदस्‍यों का चुनाव राष्‍ट्रीय महिला आयोग, राष्‍ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग आदि से किया जाएगा. मनोचिकित्‍सक भी समिति का हिस्‍सा होंगे. फिल्‍मों को चार तरह की श्रेणियों में सर्टिफिकेट दिए जाएंगे. ये हैं U12+, U15+, A and A+ (बहुत ज्‍याद हिंसा और सेक्‍स सीन होने की स्थिति में). फिल्‍मों में बदलाव करने या काट-छांट करने का अधिकार किसी को भी नहीं होगा. मॉनिटर कमेटी एक दिन में दो से ज्‍यादा फिल्‍में नहीं देखेगी. वैसे निर्माता जिन्हें तुरंत ही क्लियरेंस चाहिए उनके लिए एक तत्‍काल कैटेगरी भी होगी. इसके लिए उन्‍हें अतिरिक्‍त भुगतान करना होगा. प्रमाणन के जरिए जो राशि इकट्ठी होगी वह श्रम मंत्रालय के पास जाएगी और उसका इस्‍तेमाल फिल्‍म निर्माण में लगे कामगारों की भलाई के लिए किया जाएगा. टिप्पणियां एक और सुधार फिल्‍मों में धूम्रपान से संबंधित चेतावनी से जुड़ा है. वर्तमान में धूम्रपान के हरेक सीन के वक्‍त चेतावनी दिखाई जाती है. इसकी जगह फिल्‍म की शुरुआत में ही चेतावनी दिखानी होगी. धूम्रपान से जुड़ी एक लघु फिल्‍म शुरुआत में ही दिखानी होगी. सरकार का कहना है कि इसके पीछे विचार यही है कि लोग खुद निर्णय लें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री राज्‍यवर्धन सिंह राठौर ने एनडीटीवी से कहा, ''लोग खुद फैसला करें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. जनता क्या देखे इसमें सरकार की भूमिका न रही है, न है न रहेगी.'' इसके लिए दो समितियां बनाई जाएंगी, रिव्‍यू कमेटी और मॉनिटर कमेटी. सदस्‍यों का चुनाव राष्‍ट्रीय महिला आयोग, राष्‍ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग आदि से किया जाएगा. मनोचिकित्‍सक भी समिति का हिस्‍सा होंगे. फिल्‍मों को चार तरह की श्रेणियों में सर्टिफिकेट दिए जाएंगे. ये हैं U12+, U15+, A and A+ (बहुत ज्‍याद हिंसा और सेक्‍स सीन होने की स्थिति में). फिल्‍मों में बदलाव करने या काट-छांट करने का अधिकार किसी को भी नहीं होगा. मॉनिटर कमेटी एक दिन में दो से ज्‍यादा फिल्‍में नहीं देखेगी. वैसे निर्माता जिन्हें तुरंत ही क्लियरेंस चाहिए उनके लिए एक तत्‍काल कैटेगरी भी होगी. इसके लिए उन्‍हें अतिरिक्‍त भुगतान करना होगा. प्रमाणन के जरिए जो राशि इकट्ठी होगी वह श्रम मंत्रालय के पास जाएगी और उसका इस्‍तेमाल फिल्‍म निर्माण में लगे कामगारों की भलाई के लिए किया जाएगा. टिप्पणियां एक और सुधार फिल्‍मों में धूम्रपान से संबंधित चेतावनी से जुड़ा है. वर्तमान में धूम्रपान के हरेक सीन के वक्‍त चेतावनी दिखाई जाती है. इसकी जगह फिल्‍म की शुरुआत में ही चेतावनी दिखानी होगी. धूम्रपान से जुड़ी एक लघु फिल्‍म शुरुआत में ही दिखानी होगी. सरकार का कहना है कि इसके पीछे विचार यही है कि लोग खुद निर्णय लें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री राज्‍यवर्धन सिंह राठौर ने एनडीटीवी से कहा, ''लोग खुद फैसला करें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. जनता क्या देखे इसमें सरकार की भूमिका न रही है, न है न रहेगी.'' फिल्‍मों को चार तरह की श्रेणियों में सर्टिफिकेट दिए जाएंगे. ये हैं U12+, U15+, A and A+ (बहुत ज्‍याद हिंसा और सेक्‍स सीन होने की स्थिति में). फिल्‍मों में बदलाव करने या काट-छांट करने का अधिकार किसी को भी नहीं होगा. मॉनिटर कमेटी एक दिन में दो से ज्‍यादा फिल्‍में नहीं देखेगी. वैसे निर्माता जिन्हें तुरंत ही क्लियरेंस चाहिए उनके लिए एक तत्‍काल कैटेगरी भी होगी. इसके लिए उन्‍हें अतिरिक्‍त भुगतान करना होगा. प्रमाणन के जरिए जो राशि इकट्ठी होगी वह श्रम मंत्रालय के पास जाएगी और उसका इस्‍तेमाल फिल्‍म निर्माण में लगे कामगारों की भलाई के लिए किया जाएगा. टिप्पणियां एक और सुधार फिल्‍मों में धूम्रपान से संबंधित चेतावनी से जुड़ा है. वर्तमान में धूम्रपान के हरेक सीन के वक्‍त चेतावनी दिखाई जाती है. इसकी जगह फिल्‍म की शुरुआत में ही चेतावनी दिखानी होगी. धूम्रपान से जुड़ी एक लघु फिल्‍म शुरुआत में ही दिखानी होगी. सरकार का कहना है कि इसके पीछे विचार यही है कि लोग खुद निर्णय लें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री राज्‍यवर्धन सिंह राठौर ने एनडीटीवी से कहा, ''लोग खुद फैसला करें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. जनता क्या देखे इसमें सरकार की भूमिका न रही है, न है न रहेगी.'' वैसे निर्माता जिन्हें तुरंत ही क्लियरेंस चाहिए उनके लिए एक तत्‍काल कैटेगरी भी होगी. इसके लिए उन्‍हें अतिरिक्‍त भुगतान करना होगा. प्रमाणन के जरिए जो राशि इकट्ठी होगी वह श्रम मंत्रालय के पास जाएगी और उसका इस्‍तेमाल फिल्‍म निर्माण में लगे कामगारों की भलाई के लिए किया जाएगा. टिप्पणियां एक और सुधार फिल्‍मों में धूम्रपान से संबंधित चेतावनी से जुड़ा है. वर्तमान में धूम्रपान के हरेक सीन के वक्‍त चेतावनी दिखाई जाती है. इसकी जगह फिल्‍म की शुरुआत में ही चेतावनी दिखानी होगी. धूम्रपान से जुड़ी एक लघु फिल्‍म शुरुआत में ही दिखानी होगी. सरकार का कहना है कि इसके पीछे विचार यही है कि लोग खुद निर्णय लें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री राज्‍यवर्धन सिंह राठौर ने एनडीटीवी से कहा, ''लोग खुद फैसला करें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. जनता क्या देखे इसमें सरकार की भूमिका न रही है, न है न रहेगी.'' एक और सुधार फिल्‍मों में धूम्रपान से संबंधित चेतावनी से जुड़ा है. वर्तमान में धूम्रपान के हरेक सीन के वक्‍त चेतावनी दिखाई जाती है. इसकी जगह फिल्‍म की शुरुआत में ही चेतावनी दिखानी होगी. धूम्रपान से जुड़ी एक लघु फिल्‍म शुरुआत में ही दिखानी होगी. सरकार का कहना है कि इसके पीछे विचार यही है कि लोग खुद निर्णय लें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री राज्‍यवर्धन सिंह राठौर ने एनडीटीवी से कहा, ''लोग खुद फैसला करें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. जनता क्या देखे इसमें सरकार की भूमिका न रही है, न है न रहेगी.'' सरकार का कहना है कि इसके पीछे विचार यही है कि लोग खुद निर्णय लें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री राज्‍यवर्धन सिंह राठौर ने एनडीटीवी से कहा, ''लोग खुद फैसला करें कि वे क्‍या देखना चाहते हैं. जनता क्या देखे इसमें सरकार की भूमिका न रही है, न है न रहेगी.''
तुरंत क्लियरेंस चाहने वाले निर्माताओं के लिए एक तत्‍काल कैटेगरी भी होगी फिल्‍मों को चार तरह की श्रेणियों में सर्टिफिकेट दिए जाएंगे मोनिटर कमेटी एक दिन में दो से ज्‍यादा फिल्‍में नहीं देखेगी
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शुक्रवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) का पार्टी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) के खिलाफ मामला दर्ज करना नरेन्द्र मोदी सरकार की विपक्षी नेताओं को चोर, भ्रष्टाचारी की तरह पेश करने की साजिश है. हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया. बता दें, राकांपा ने ये आरोप ED द्वारा दर्ज धनशोधन मामले में पवार का नाम आने और दाऊद इब्राहिम के करीबी रहे दिवंगत इकबाल मिर्ची से कथित व्यापार सौदों के लिये राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल से पूछताछ किए जाने के मद्देनजर लगाए. राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, "ED ने पवार के खिलाफ जो मामला दर्ज किया, वो विपक्षी नेताओं को चोर और भ्रष्ट बताकर उन्हें मिटाने की भाजपा, मोदी और (गृह मंत्री) शाह की साजिश है." उन्होंने कहा, "चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से हमें बदनाम करने के लिए पटेल को दाऊद और मिर्ची से जोड़ा गया." इसके साथ ही मलिक ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस को महाराष्ट्र के इतिहास का "सबसे भ्रष्ट और बेईमान मुख्यमंत्री" बताया. उन्होंने कहा, " मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के सभी ठेकों को 42 फीसदी अतिरिक्त दरों पर दिया गया. ठेके उत्पादक संघों के लिए थे. सरकार ने काली सूची में शामिल कंपनियों को ठेका दिया." हालांकि भाजपा ने मलिक के आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दाऊद और राकांपा नेताओं के संबंध सामने आने के बाद ध्यान भटकाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं." महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा कि फड़णवीस सरकार द्वारा अनुबंध देने से संबंधित दस्तावेज सबके सामने हैं.
संक्षिप्त पाठ: विपक्षी नेताओं और चोर और भ्रष्टाचारी की तरह पेश करना भाजपा की साजिश राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल को पिछले दिनों ईडी ने भेजा था पूछताछ का समन भाजपा ने राकांपा के आरोपों को किया खारिज
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पढ़ें: करगिल युद्ध में IAF पायलट ने उस पाक सैन्य अड्डे को लिया था निशाने पर, जहां मौजूद थे नवाज-मुशर्रफ इससे पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि उन्होंने 2001 में भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बाद उपजे तनाव के बीच भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के बारे में विचार किया था, लेकिन प्रतिक्रिया के डर से ऐसा नहीं करने का फैसला किया. जापानी दैनिक 'मैनिची शिम्बुन' के अनुसार, मुशर्रफ (73) ने यह भी याद किया कि कैसे वह कई रात सो नहीं पाए और खुद से यह सवाल करते रहे कि क्या परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेंगे या परमाणु हथियारों की तैनाती कर सकते हैं.टिप्पणियां पढ़ें: परवेज मुशर्रफ ने कहा, 'यदि सेना सुरक्षा प्रदान करे तो पेशी के लिए तैयार हूं' मुशर्रफ ने इसका खुलासा किया कि भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पैदा होने के बीच उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बारे में विचार किया, लेकिन प्रतिक्रिया के डर से ऐसा नहीं करने का फैसला किया. पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति के हवाले से अखबार ने कहा कि 2002 में तनाव चरम पर था और ऐसा खतरा था कि परमाणु हथियारों की दहलीज लांघी जा सकती थी. इससे पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि उन्होंने 2001 में भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बाद उपजे तनाव के बीच भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के बारे में विचार किया था, लेकिन प्रतिक्रिया के डर से ऐसा नहीं करने का फैसला किया. जापानी दैनिक 'मैनिची शिम्बुन' के अनुसार, मुशर्रफ (73) ने यह भी याद किया कि कैसे वह कई रात सो नहीं पाए और खुद से यह सवाल करते रहे कि क्या परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेंगे या परमाणु हथियारों की तैनाती कर सकते हैं.टिप्पणियां पढ़ें: परवेज मुशर्रफ ने कहा, 'यदि सेना सुरक्षा प्रदान करे तो पेशी के लिए तैयार हूं' मुशर्रफ ने इसका खुलासा किया कि भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पैदा होने के बीच उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बारे में विचार किया, लेकिन प्रतिक्रिया के डर से ऐसा नहीं करने का फैसला किया. पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति के हवाले से अखबार ने कहा कि 2002 में तनाव चरम पर था और ऐसा खतरा था कि परमाणु हथियारों की दहलीज लांघी जा सकती थी. पढ़ें: परवेज मुशर्रफ ने कहा, 'यदि सेना सुरक्षा प्रदान करे तो पेशी के लिए तैयार हूं' मुशर्रफ ने इसका खुलासा किया कि भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पैदा होने के बीच उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बारे में विचार किया, लेकिन प्रतिक्रिया के डर से ऐसा नहीं करने का फैसला किया. पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति के हवाले से अखबार ने कहा कि 2002 में तनाव चरम पर था और ऐसा खतरा था कि परमाणु हथियारों की दहलीज लांघी जा सकती थी. मुशर्रफ ने इसका खुलासा किया कि भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पैदा होने के बीच उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बारे में विचार किया, लेकिन प्रतिक्रिया के डर से ऐसा नहीं करने का फैसला किया. पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति के हवाले से अखबार ने कहा कि 2002 में तनाव चरम पर था और ऐसा खतरा था कि परमाणु हथियारों की दहलीज लांघी जा सकती थी.
संक्षिप्त सारांश: तानाशाह को बताया अच्छा पाकिस्तान को सही रास्ते पर लाया नागरिक सरकारों ने किया बरबाद
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई इलाकों में बुधवार को विषैली धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब'' श्रेणी में रही. दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता का स्तर गिरने के पीछे मुख्य वजह पड़ोसी राज्यों में पराली जलाये जाने को बताया जो अक्टूबर-नवंबर में हर साल होता है. 15 अक्टूबर से 15 नवंबर का समय बहुत अहम माना जाता है जब पंजाब और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की सर्वाधिक घटनाएं सामने आती हैं. यह दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण है. दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा, ‘‘दिल्ली में वायु गुणवत्ता पिछले 7-8 महीने से अच्छी या मध्यम स्थिति में थी, लेकिन अब प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ गया है. साफ तौर पर प्रदूषण में आकस्मिक बढ़ोतरी बाहर से आ रहे धुएं के कारण हुई है.'' बुधवार शाम नासा की ओर से जारी एक तस्वीर में हरियाणा, पंजाब और पश्चिम उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के कई दृश्य नजर आ रहे हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शाम चार बजे 304 के स्तर पर रहा. 10 मिलीमीटर से कम व्यास वाले पार्टिकुलेट कण प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं. मंगलवार को एक्यूआई 270 थी. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि सघन धुंध की वजह से बुधवार को सफदरजंग में दृश्यता शाम 5:50 बजे 1800 मीटर हो गयी जो मंगलवार को शाम 5:30 बजे 2200 मीटर थी. पालम मौसम केंद्र में दृश्यता में 1000 मीटर की गिरावट दर्ज की गयी. दिल्ली के 37 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 23 में एक्यूआई ‘‘बहुत खराब'' श्रेणी में दर्ज की गयी. एक्यूआई मुंडका में 351, द्वारका सेक्टर 8 में 365, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में 331, आनंद विहार में 342, वजीरपुर में 337, रोहिणी में 329, बवाना में 349, अशोक विहार में 329, नेहरू नगर में 330 और जहांगीरपुरी में 328 रही. इनके अलावा अलीपुर (315), नरेला (341), विवेक विहार (336), सिरी फोर्ट (332), सीआरआरआई - मथुरा रोड (312), ओखला फेज 2 (314) और आईटीओ (309) में भी बहुत खराब वायु गुणवत्ता रही. पड़ोसी इलाकों गाजियाबाद (338), लोनी देहात (335), नोएडा (327) और ग्रेटर नोएडा (308) में भी प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई. एक्यूआई 0 से 50 के बीच होने पर ‘अच्छा' होता है, जबकि 51 से 100 के बीच होने पर ‘संतोषजनक', 101 से 200 के बीच ‘मध्यम', 201 से 300 के बीच ‘खराब', 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब' और 401 और 500 के बीच होने पर उसे ‘गंभीर' समझा जाता है. दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने कहा कि उसने सोमवार से कचरा, रबर और प्लास्टिक कचरा जलाने तथा ठोस कचरा प्रबंधन नियमों की अवहेलना के लिए 134 चालान काटे हैं. भाजपा सांसद मनोज तिवारी और गौतम गंभीर ने पानी का छिड़काव करने वाले 40 टैंकरों, दो सुपर-सकर मशीनों, छह सक्शन जेटिंग मशीनों को हरी झंडी दिखाई जो शहर में प्रदूषण कम करने में मदद करेंगी. केंद्र द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान तथा अनुसंधान प्रणाली (सफर) ने कहा कि दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी के निम्न छोर पर है और पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषणकारी तत्व है. सफर ने कहा, ‘‘इस मौसम में यह पहली बार इस स्तर पर पहुंचा है और अगले दो दिन इसी जोन में रहने की संभावना है.'' दिल्ली के पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर ‘सफर' के आंकड़े मुहैया कराने का आग्रह किया है, ताकि प्रशासन वायु प्रदूषण को रोकने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपाय कर सके. इससे पहले, पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने कहा था कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में प्रदूषण के स्थानीय स्रोत खराब वायु गुणवत्ता के मुख्य कारण हैं. उधर हवा की गुणवत्ता में लगातार हो रही गिरावट के मद्देनजर केंद्र द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक नयी तारीख तय किये जाने तक स्थगित कर दी गई है. बैठक में दिल्ली,पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पर्यावरण मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे. सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय द्वारा सुझायी गयी 17 अक्टूबर की तारीख पर संबद्ध राज्य सरकारों की सहमति नहीं बन पाने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई. केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में वायु प्रदूषण रोकने के लिये राज्य सरकारों के स्तर पर अब तक किये गये उपायों की समीक्षा की जायेगी. बैठक में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पर्यावरण मंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव (पर्यावरण) शामिल होंगे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली की आबोहवा में जहलीरी धुंध बहुत खराब की श्रेणी में पहुंचा दिल्ली पड़ोसी राज्यों में जलाए जा रहे पराली
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: Lok Sabha Elections 2019: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दिखे खंडित जनादेश का असर लोकसभा के चुनाव में भी दिख सकता है.ओपिनियन पोल्स बताते हैं कि यूं तो यहां कठिन लड़ाई है, मगर जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस पर बीजेपी बढ़त हासिल कर सकती है. पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए दोनों दलों ने हाथ मिलाया था. मौजूदा लोकसभा चुनाव में दोनों दल साथ-साथ चुनाव लड़ रहे हैं. जनमत सर्वेक्षणों की मानें तो कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन राज्य की कुल 28 में से 13 लोकसभा सीटें जीत सकती है. हालांकि, यह 2014 से केवल दो सीट ही अधिक होगा, जब दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था. उस वक्त कांग्रेस ने नौ और जेडीएस ने दो सीटें जीतीं थीं. बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 17 सीटें जीती थीं.जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के कारण बीजेपी की संख्या में दो सीटों की कमी आ सकती है.  पिछले चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि पांच प्रतिशत वोटों का स्विंग भी चुनाव में बड़ा परिवर्तन ला सकता है. अगर यह स्विंग बीजेपी की तरफ हुआ तो उसे 20 सीटें मिल सकती हैं, वहीं अगर पांच प्रतिशत स्विंग जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की तरफ हुआ तो फिर गठबंधन को 19 सीटें मिल सकतीं हैं. दिलचस्प बात है कि कर्नाटक में हुए अतीत के चुनावों में किसी दल को भारी जीत मिलती रही है. जिसे लैंड्स्लाइड विक्ट्री या भारी जीत कह सकते हैं. Landslide victory उस जीत को कहा जाता है जब जीतने वाली पार्टी को दूसरी पार्टी की तुलना में दोगुनी सीटें मिलतीं हैं. हालांकि, पिछले कुछ चुनावों में इस ट्रेंड में गिरावट दिखी है. पिछले चुनावों के आंकड़ों से पता चलता है कि 1952 से 2002 के बीच, राज्य में 88 प्रतिशत जीत 'भारी बहुमत'  वाली रहीं हैं, जबकि 2002 से 2014 के बीच यह मार्जिन घटकर 67 फीसद रह गया. कर्नाटक की राजनीति में बीजेपी के एक प्रमुख खिलाड़ी बन जाने के बाद से द्विपक्षीय मुकाबले में भारी जीतों का सिलसिला कम होता गया, क्योंकि कर्नाटक की राजनीति अब त्रिकोणीय हो गई.
कर्नाटक में वोटों का स्विंग बना और बिगाड़ सकता है दलों का खेल बीजेपी और कांग्रेस-जेडीएस के बीच जानिए कौन-कितना मजबूत 5 प्रतिशत वोटों का स्विंग अपने पक्ष में होने पर बीजेपी जीत सकती है 15 सीट
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुसलमानों के मुकद्दस शहर मक्का की मुख्य मस्जिद के इमाम शेख अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने शनिवार को हिंदुस्तानियों जिंदाबाद का उद्घोष करते हुए भारत में भाईचारे की संस्कृति की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह मक्का में रहकर हिंदुस्तान में अमन और तरक्की की दुआ करेंगे। दिल्ली के रामलीला मैदान में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन अजमत-ए-सहाबा में लोगों को संबोधित करते हुए इमाम अल-सुदैस ने कहा, हिंदुस्तान में लोग लंबे अरसे से भाईचारे के साथ रहते आ रहे हैं। मैं इसके लिए हिंदुस्तान की तारीफ करता हूं। मैं मक्का में रहकर हिंदुस्तान में अमन और तरक्की की दुआ करूंगा। मेरी दुआ है कि यहां अमन और बढ़े। उन्होंने कहा, धार्मिक मसलों से लोगों को अपनी आने वाली पीढ़ी को अवगत कराना होगा। उन्हें बताना होगा कि इस्लाम एक अमनपसंद मजहब है। इसमें मीडिया का किरदार भी अहम है। मैं चाहता हूं कि ऐसे चैनल और अखबारों की संख्या बढ़े जो इस्लाम और मुसलमानों की सही तस्वीर पेश करें। मुसलमानों को इंटरनेट जैसी आधुनिक मीडिया का इस्तेमाल करना होगा। इमाम को सुनने और उनके पीछे नमाज अदा करने के लिए हजारों की संख्या में लोग जमा थे। अल-सुदैस ने लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए हिंदुस्तानियों जिंदाबाद का नारा लगाया। इससे पहले उन्होंने मगरिब :शाम: और बाद में एशा :रात: की नमाज पढ़ाई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जमीयत के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा, इस सम्मेलन का सियासत से कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी तरह से मजहबी सम्मेलन है। आज इस बात की बहुत जरूरत है कि मुस्लिम समुदाय के लोग इस्लाम के बारे में लोगों को सही ढंग से अवगत करायें। नयी पीढ़ी को हमें अपने मजहबी अतीत के बारे में सही ढंग से बताना होगा। मदनी ने भारत में आने के लिए इमाम को शुक्रिया अदा किया। इमाम अल-सुदैस जमीयत के निमंत्रण पर भारत आए हैं। वह 24 मार्च को भारत पहुंचे थे और 25 मार्च को देवबंद भी गए थे। महज 12 वर्ष की उम्र में कुरान कंठस्थ करने वाले अल-सुदैस का बतौर इमाम यह हिंदुस्तान का पहला दौरा है। उन्हें दुनिया भर के मुसलमानों में खासा सम्मान हासिल है। वह 27 मार्च तक भारत रहेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मक्का की मुख्य मस्जिद के इमाम अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने हिंदुस्तानियों जिंदाबाद का उद्घोष करते हुए भारत में भाईचारे की संस्कृति की सराहना की।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बजारों में बुधवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 44.44 अंकों की गिरावट के साथ 17,199.40 पर और निफ्टी 16.75 अंकों की गिरावट के साथ 5,226.85 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 117.88 अंकों की गिरावट के साथ 17,125.96 पर खुला। सेंसेक्स ने 17,319.15 के ऊपरी तथा 17,075.89 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में तेजी रही। सन फार्मा (2.08 फीसदी), एनटीपीसी (1.79 फीसदी), इंफोसिस (0.92 फीसदी), एसबीआई (0.43 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.33 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (2.92 फीसदी), भारती एयरटेल (2.27 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.97 फीसदी), भेल (1.92 फीसदी) और टाटा पावर (1.87 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 34.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,209.45 पर खुला। निफ्टी ने 5,263.65 के ऊपरी और 5,190.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 40.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,330.39 पर और स्मॉलकैप 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 6,774.06 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (0.58 फीसदी), बैंकिंग (0.19 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.19 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.10 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.34 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (0.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.83 फीसदी) एवं रियल्टी (0.77 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 117.88 अंकों की गिरावट के साथ 17,125.96 पर खुला। सेंसेक्स ने 17,319.15 के ऊपरी तथा 17,075.89 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में तेजी रही। सन फार्मा (2.08 फीसदी), एनटीपीसी (1.79 फीसदी), इंफोसिस (0.92 फीसदी), एसबीआई (0.43 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.33 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (2.92 फीसदी), भारती एयरटेल (2.27 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.97 फीसदी), भेल (1.92 फीसदी) और टाटा पावर (1.87 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 34.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,209.45 पर खुला। निफ्टी ने 5,263.65 के ऊपरी और 5,190.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 40.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,330.39 पर और स्मॉलकैप 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 6,774.06 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (0.58 फीसदी), बैंकिंग (0.19 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.19 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.10 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.34 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (0.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.83 फीसदी) एवं रियल्टी (0.77 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में तेजी रही। सन फार्मा (2.08 फीसदी), एनटीपीसी (1.79 फीसदी), इंफोसिस (0.92 फीसदी), एसबीआई (0.43 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.33 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (2.92 फीसदी), भारती एयरटेल (2.27 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.97 फीसदी), भेल (1.92 फीसदी) और टाटा पावर (1.87 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 34.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,209.45 पर खुला। निफ्टी ने 5,263.65 के ऊपरी और 5,190.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 40.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,330.39 पर और स्मॉलकैप 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 6,774.06 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (0.58 फीसदी), बैंकिंग (0.19 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.19 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.10 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.34 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (0.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.83 फीसदी) एवं रियल्टी (0.77 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (2.92 फीसदी), भारती एयरटेल (2.27 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.97 फीसदी), भेल (1.92 फीसदी) और टाटा पावर (1.87 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 34.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,209.45 पर खुला। निफ्टी ने 5,263.65 के ऊपरी और 5,190.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 40.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,330.39 पर और स्मॉलकैप 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 6,774.06 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (0.58 फीसदी), बैंकिंग (0.19 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.19 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.10 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.34 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (0.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.83 फीसदी) एवं रियल्टी (0.77 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 34.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,209.45 पर खुला। निफ्टी ने 5,263.65 के ऊपरी और 5,190.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 40.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,330.39 पर और स्मॉलकैप 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 6,774.06 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (0.58 फीसदी), बैंकिंग (0.19 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.19 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.10 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.34 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (0.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.83 फीसदी) एवं रियल्टी (0.77 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 40.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,330.39 पर और स्मॉलकैप 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 6,774.06 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (0.58 फीसदी), बैंकिंग (0.19 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.19 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.10 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.34 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (0.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.83 फीसदी) एवं रियल्टी (0.77 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (0.58 फीसदी), बैंकिंग (0.19 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.19 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.10 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.34 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (0.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.83 फीसदी) एवं रियल्टी (0.77 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.34 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (0.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.83 फीसदी) एवं रियल्टी (0.77 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1232 शेयरों में तेजी और 1539 में गिरावट रही, जबकि 121 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
संक्षिप्त सारांश: सेंसेक्स 44.44 अंकों की गिरावट के साथ 17,199.40 पर और निफ्टी 16.75 अंकों की गिरावट के साथ 5,226.85 पर बंद हुआ।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सोशल मीडिया के प्रति रुझान को लेकर हाल ही में एक रोचक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि फेसबुक और ट्विटर तथा पेशेवर सोशल प्लेटफॉर्म लिंक्डइन के बारे में लोगों का रुख पहले के मुकाबले अधिक नकारात्मक हुआ है। वेबसाइट 'बिजजर्नल्स डॉट कॉम' के अनुसार, अमेरिकन कंज्यूमर सेटिस्फैक्शन इंडेक्स (एएससीआई) ने सर्च इंजनों पर व्यक्त किए गए विचारों, समाचारों, सोशल मीडिया साइट और अन्य ई-कारोबार प्लेटफॉर्म का विश्लेषण किया और पाया कि फेसबुक, ट्विटर और लिंक्डइन के प्रति लोगों का रुख पहले के मुकाबले अधिक नकारात्मक हुआ है। फेसबुक और ट्विटर के उपयोग में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई, जो क्रमश: नौ फीसदी और आठ फीसदी है। दुनिया की इन अग्रणी सोशल साइटों के प्रति उपयोगकर्ताओं के रुझान में आई कमी के कारण विज्ञापनदाता अपना पैसा कहीं और लगाने को मजबूर हुए हैं। एएससीआई के चेयरमैन क्लेज फोर्नेल के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, "उपभोक्ता ऑनलाइन सेवाओं के लिए विज्ञापनों को आवश्यक लागत के रूप में स्वीकार नहीं कर सका है। वह इन्हें नि:शुल्क मानता हैं। इस धारणा को बदलने में कंपनियां कुछ खास नहीं कर सकती हैं। वे यही सुनिश्चित कर सकती हैं कि उपभोक्ताओं को सामयिक और बिना विघ्न के विज्ञापन दिखाए जाएं।" गौरतलब है कि फेसबुक 'बनावटी' खबरों को लेकर विवाद में रहा है और उस पर 'ट्रेंडिंग न्यूज' में राजनीतिक पक्षपात का आरोप भी लग चुका है। ऐसी खबरें आई थीं कि फेसबुक के ट्रेंडिंग न्यूज में रुढ़ीवादी स्रोतों से आई खबरों को किनारे कर दिया था। हालांकि, फेसबुक ने इसका खंडन किया था। इसी वर्ष इससे पहले आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्विटर द्वारा अपने न्यूजफीड के कालानुक्रम में परिवर्तन को उसके उपयोगकर्ताओं ने पसंद नहीं किया। इसके अलावा ट्विटर बाजार में आए नए सोशल एप जैसे स्नैपचैट, इमगुर और इंस्टाग्राम के सामने खुद को अपडेट भी नहीं रख पाई।टिप्पणियां एसीएसआई के प्रबंध निदेशक डेविड वैनएम्बर्ग ने बताया, "फेसबुक और ट्विटर जैसे विशाल उपयोगकर्ताओं वाले वैश्विक ब्रांडों के लिए अपने सभी उपयोगर्ताओं को खुश रख पाना असंभव है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फेसबुक और ट्विटर के उपयोग में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई, जो क्रमश: नौ फीसदी और आठ फीसदी है। दुनिया की इन अग्रणी सोशल साइटों के प्रति उपयोगकर्ताओं के रुझान में आई कमी के कारण विज्ञापनदाता अपना पैसा कहीं और लगाने को मजबूर हुए हैं। एएससीआई के चेयरमैन क्लेज फोर्नेल के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, "उपभोक्ता ऑनलाइन सेवाओं के लिए विज्ञापनों को आवश्यक लागत के रूप में स्वीकार नहीं कर सका है। वह इन्हें नि:शुल्क मानता हैं। इस धारणा को बदलने में कंपनियां कुछ खास नहीं कर सकती हैं। वे यही सुनिश्चित कर सकती हैं कि उपभोक्ताओं को सामयिक और बिना विघ्न के विज्ञापन दिखाए जाएं।" गौरतलब है कि फेसबुक 'बनावटी' खबरों को लेकर विवाद में रहा है और उस पर 'ट्रेंडिंग न्यूज' में राजनीतिक पक्षपात का आरोप भी लग चुका है। ऐसी खबरें आई थीं कि फेसबुक के ट्रेंडिंग न्यूज में रुढ़ीवादी स्रोतों से आई खबरों को किनारे कर दिया था। हालांकि, फेसबुक ने इसका खंडन किया था। इसी वर्ष इससे पहले आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्विटर द्वारा अपने न्यूजफीड के कालानुक्रम में परिवर्तन को उसके उपयोगकर्ताओं ने पसंद नहीं किया। इसके अलावा ट्विटर बाजार में आए नए सोशल एप जैसे स्नैपचैट, इमगुर और इंस्टाग्राम के सामने खुद को अपडेट भी नहीं रख पाई।टिप्पणियां एसीएसआई के प्रबंध निदेशक डेविड वैनएम्बर्ग ने बताया, "फेसबुक और ट्विटर जैसे विशाल उपयोगकर्ताओं वाले वैश्विक ब्रांडों के लिए अपने सभी उपयोगर्ताओं को खुश रख पाना असंभव है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एएससीआई के चेयरमैन क्लेज फोर्नेल के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, "उपभोक्ता ऑनलाइन सेवाओं के लिए विज्ञापनों को आवश्यक लागत के रूप में स्वीकार नहीं कर सका है। वह इन्हें नि:शुल्क मानता हैं। इस धारणा को बदलने में कंपनियां कुछ खास नहीं कर सकती हैं। वे यही सुनिश्चित कर सकती हैं कि उपभोक्ताओं को सामयिक और बिना विघ्न के विज्ञापन दिखाए जाएं।" गौरतलब है कि फेसबुक 'बनावटी' खबरों को लेकर विवाद में रहा है और उस पर 'ट्रेंडिंग न्यूज' में राजनीतिक पक्षपात का आरोप भी लग चुका है। ऐसी खबरें आई थीं कि फेसबुक के ट्रेंडिंग न्यूज में रुढ़ीवादी स्रोतों से आई खबरों को किनारे कर दिया था। हालांकि, फेसबुक ने इसका खंडन किया था। इसी वर्ष इससे पहले आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्विटर द्वारा अपने न्यूजफीड के कालानुक्रम में परिवर्तन को उसके उपयोगकर्ताओं ने पसंद नहीं किया। इसके अलावा ट्विटर बाजार में आए नए सोशल एप जैसे स्नैपचैट, इमगुर और इंस्टाग्राम के सामने खुद को अपडेट भी नहीं रख पाई।टिप्पणियां एसीएसआई के प्रबंध निदेशक डेविड वैनएम्बर्ग ने बताया, "फेसबुक और ट्विटर जैसे विशाल उपयोगकर्ताओं वाले वैश्विक ब्रांडों के लिए अपने सभी उपयोगर्ताओं को खुश रख पाना असंभव है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि फेसबुक 'बनावटी' खबरों को लेकर विवाद में रहा है और उस पर 'ट्रेंडिंग न्यूज' में राजनीतिक पक्षपात का आरोप भी लग चुका है। ऐसी खबरें आई थीं कि फेसबुक के ट्रेंडिंग न्यूज में रुढ़ीवादी स्रोतों से आई खबरों को किनारे कर दिया था। हालांकि, फेसबुक ने इसका खंडन किया था। इसी वर्ष इससे पहले आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्विटर द्वारा अपने न्यूजफीड के कालानुक्रम में परिवर्तन को उसके उपयोगकर्ताओं ने पसंद नहीं किया। इसके अलावा ट्विटर बाजार में आए नए सोशल एप जैसे स्नैपचैट, इमगुर और इंस्टाग्राम के सामने खुद को अपडेट भी नहीं रख पाई।टिप्पणियां एसीएसआई के प्रबंध निदेशक डेविड वैनएम्बर्ग ने बताया, "फेसबुक और ट्विटर जैसे विशाल उपयोगकर्ताओं वाले वैश्विक ब्रांडों के लिए अपने सभी उपयोगर्ताओं को खुश रख पाना असंभव है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसी वर्ष इससे पहले आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्विटर द्वारा अपने न्यूजफीड के कालानुक्रम में परिवर्तन को उसके उपयोगकर्ताओं ने पसंद नहीं किया। इसके अलावा ट्विटर बाजार में आए नए सोशल एप जैसे स्नैपचैट, इमगुर और इंस्टाग्राम के सामने खुद को अपडेट भी नहीं रख पाई।टिप्पणियां एसीएसआई के प्रबंध निदेशक डेविड वैनएम्बर्ग ने बताया, "फेसबुक और ट्विटर जैसे विशाल उपयोगकर्ताओं वाले वैश्विक ब्रांडों के लिए अपने सभी उपयोगर्ताओं को खुश रख पाना असंभव है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एसीएसआई के प्रबंध निदेशक डेविड वैनएम्बर्ग ने बताया, "फेसबुक और ट्विटर जैसे विशाल उपयोगकर्ताओं वाले वैश्विक ब्रांडों के लिए अपने सभी उपयोगर्ताओं को खुश रख पाना असंभव है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: अमेरिकन कंज्यूमर सेटिस्फैक्शन इंडेक्स के अध्ययन में सामने आई बात। फेसबुक और ट्विटर के उपयोग में क्रमश: 9 और 10 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। यूजरों के रुझान में आई कमी के कारण विज्ञापनदाता भी पीछे हट रहे हैं।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी में रेल हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पिछले कुछ महीनों के दौरान यहां कई बड़े हादसे हुए हैं. इसी की ताजा कड़ी में टुंडला के क़रीब आज रात 1:45 बजे कालिंदी एक्सप्रेस की एक मालगाड़ी से टक्कर हो गई. कालिंदी एक्सप्रेस का इंजन और एक कोच पटरी से उतर गया जबकि मालगाड़ी के दो डब्बे भी पटरी से उतर गए. गनीमत ये रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ. हालांकि हादसे की वजह से कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. कई रद्द हो गई हैं और कई का रूट बदला गया है. दिल्ली-कानपुर वाया बिहार का अप और डाउन रूट दोनों बंद हैं... बताया जा रहा है कि सिग्नल जंप की वजह से ये हादसा हुआ है. टिप्पणियां इससे पहले पिछले दिसंबर में उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में रूरा स्टेशन के निकट सियालदेह से अजमेर जा रही अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस (12987) ट्रेन के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें 52 लोग ज़ख्मी हो गए हैं. उससे पहले 20 नवंबर की रात को लगभग 3:00 बजे इसी जिले के पुखरायां में भी मध्य प्रदेश के इंदौर से बिहार की राजधानी पटना जा रही इंदौर-पटना एक्‍सप्रेस ट्रेन (19321) के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, और 150 से ज़्यादा लोग मौत के मुंह में समा गए थे. इस हादसे में 200 से ज़्यादा लोग ज़ख्मी भी हुए थे. गौरतलब है कि ये रूट बेहद व्‍यस्‍त माना जाता है. इसके अलावा टुंडला एक जंक्‍शन भी है जहां दिल्‍ली रूट के अलावा आगरा होते हुए राजस्‍थान से आने वाली गाडि़यां भी गुजरती हैं. इसकी वजह से ट्रेनों के आवागमन पर बुरा असर पड़ा है. इससे पहले पिछले दिसंबर में उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में रूरा स्टेशन के निकट सियालदेह से अजमेर जा रही अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस (12987) ट्रेन के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें 52 लोग ज़ख्मी हो गए हैं. उससे पहले 20 नवंबर की रात को लगभग 3:00 बजे इसी जिले के पुखरायां में भी मध्य प्रदेश के इंदौर से बिहार की राजधानी पटना जा रही इंदौर-पटना एक्‍सप्रेस ट्रेन (19321) के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, और 150 से ज़्यादा लोग मौत के मुंह में समा गए थे. इस हादसे में 200 से ज़्यादा लोग ज़ख्मी भी हुए थे. गौरतलब है कि ये रूट बेहद व्‍यस्‍त माना जाता है. इसके अलावा टुंडला एक जंक्‍शन भी है जहां दिल्‍ली रूट के अलावा आगरा होते हुए राजस्‍थान से आने वाली गाडि़यां भी गुजरती हैं. इसकी वजह से ट्रेनों के आवागमन पर बुरा असर पड़ा है. गौरतलब है कि ये रूट बेहद व्‍यस्‍त माना जाता है. इसके अलावा टुंडला एक जंक्‍शन भी है जहां दिल्‍ली रूट के अलावा आगरा होते हुए राजस्‍थान से आने वाली गाडि़यां भी गुजरती हैं. इसकी वजह से ट्रेनों के आवागमन पर बुरा असर पड़ा है.
संक्षिप्त सारांश: कालिंदी एक्‍सप्रेस एक मालगाड़ी से भिड़ी रात करीब पौने दो बजे की है घटना किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस नेता पी  चिदंबरम ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार किया है. प्रधानमंत्री ने झारखंड में एक चुनाव रैली में कहा था, “मैं वीरों की इस भूमि से कांग्रेस और उसके साथियों को खुली चुनौती देता हूं...अगर उनमें हिम्मत है, तो वे सरेआम घोषणा करें कि वे सभी पाकिस्तानियों को नागरिकता देने के लिए तैयार हैं.” प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि  “हम उन लोगों को नागरिकता क्यों देंगे जो पहले से ही पाकिस्तान के नागरिक हैं? विपक्ष को इस तरह की चुनौती देने का क्या मतलब है.”कांग्रेस नेता ने कहा, “यह सुखद है कि युवा पीढ़ी उदारवादी, धर्मनिरपेक्ष, सहिष्णु है और मानवता के गुण दर्शाती है. क्या यह सरकार इन मूल्यों को चुनौती दे रही है.” गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पक्ष और विपक्ष लगातार एक दूसरे के ऊपर हमलावर रहा है. इससे पहले आप नेता संजय सिंह ने भी मंगलवार को भाजपा से आग्रह किया कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ हालिया विरोध प्रदर्शनों को ‘‘हिंदू-मुस्लिम'' रंग न दें. पार्टी ने कहा कि केरल से लेकर पश्चिम बंगाल तक, हर कोई इसके खिलाफ है. आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम भारत में रहने वाले सभी लोगों से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को इस मामले को हिंदू-मुस्लिम रंग नहीं देना चाहिए.  इससे पहले BSP प्रमुख मायावती TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने भी नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया था. बता दें कि झारखंड में चल रहे विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री लगातार विपक्षी दलों पर CAA को लेकर हमलावर रहे हैं
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चिदंबरम का CAA को लेकर प्रधानमंत्री पर पलटवार प्रधानमंत्री ने झारखंड के चुनावी सभा में कांग्रेस को दी थी चुनौती चिदंबरम ने कहा- विपक्ष को चुनौती देने का क्या मतलब है?
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एमए चिदम्बरम स्टेडियम में गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा सत्र के लीग मुकाबले में दिल्ली डेयर डेविल्स टीम का सामना चेन्नई सुपर किंग्स के साथ होगा। इस मैच में सुपर किंग्स कमजोर दिख रही डेयर डेविल्स के खिलाफ बड़ी जीत के इरादे के साथ मैदान में उतरेगी। डेयर डेविल्स टीम ने अब तक खेले गए 11 मुकाबलों में से चार में जीत दर्ज की है, जबकि सात में उसे हार का सामना करना पड़ा। गुरुवार को डेयर डेविल्स टीम अपने कप्तान वीरेंद्र सहवाग के बगैर मैदान में उतरेगी, जो कंधे की चोट के कारण बाकी बचे मैचों में नहीं खेल सकेंगे। सहवाग जैसे मैच जिताऊ खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में डेयर डेविल्स के लिए सुपर किंग्स को हरा पाना बेहद मुश्किल दिख रहा है। सुपर किंग्स ने डेयर डेविल्स से उलट परिणाम हासिल करते हुए सात मैच जीते हैं, जबकि चार में उसकी हार हुई है। सहवाग की अनुपस्थिति में डेयर डेविल्स की कमान जेम्स होप्स को सौंपी गई है। डेयर डेविल्स टीम के कोच ग्रेग शिफर्ड स्वीकार कर चुके हैं कि उनकी टीम एक इकाई के तौर पर खेलने में नाकाम रही है। ग्रेग ने हालांकि उम्मीद जताई कि होप्स की कप्तानी में उनकी टीम बाकी बचे मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करेगी। ग्रेग भी अच्छी तरह जानते हैं कि आईपीएल में अपने घरेलू मैदान पर अब तक लगातार पांच जीत हासिल कर चुकी सुपर किंग्स को हरा पाना उनकी टीम के लिए बेहद कठिन है। सुपर किंग्स टीम खेल के तीनों विभाग में डेयर डेविल्स से बेहतर है। गुरुवार को चिदम्बरम स्टेडियम में अगर डेयर डेविल्स सुपर किंग्स को हरा देती है, तो उसे बड़ा उलटफेर माना जाएगा। इसके लिए डेयर डेविल्स को अच्छी गेंदबाजी के साथ-साथ उम्दा क्षेत्ररक्षण करना होगा। इसके बाद बल्लेबाजी की बारी आती है, जो सहवाग के बगैर काफी हद तक अधूरी दिख रही है। होप्स एक अनुभवी खिलाड़ी हैं और इस सत्र में डेयर डेविल्स के नियमित सदस्य रहे हैं। ऐसे में उन्हें टीम की कमियों और मजबूतियों का अच्छा ज्ञान है। होप्स को अगर कुछ खिलाड़ियों का अच्छा साथ मिला, तो वह निश्चित तौर पर चौंकाने वाला परिणाम देना चाहेंगे। दूसरी ओर, कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ ईडन गार्डन्स में डकवर्थ-लुइस प्रणाली की 'बेरहमी' का शिकार हुई सुपर किंग्स टीम ने अपने अगले मैच में राजस्थान रॉयल्स को हराकर लय हासिल कर ली है। सुपर किंग्स ने इस सत्र में सबसे अच्छा क्षेत्ररक्षण किया है और इसके बूते उसने अहम रन बचाए हैं। साथ ही साथ उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी शानदार रही है। इस लिहाज से डेयर डेविल्स के लिए सुपर किंग्स को हराकर अपनी पांचवीं जीत दर्ज करने की राह बेहद कठिन दिख रही है।
यहाँ एक सारांश है:डेयर डेविल्स टीम अपने कप्तान वीरेंद्र सहवाग के बगैर मैदान में उतरेगी, जो कंधे की चोट के कारण बाकी बचे मैचों में नहीं खेल सकेंगे।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चार किलोग्राम वजनी नया स्वर्णछत्र लुधियाना के सूद परिवार ने लगवाया है.  मंदिर के अधिकारी ने बताया कि विशेष पूजा के दौरान इस छत्र को स्थापित किया गया. छत्र स्थापना के दौरान सूद परिवार के सदस्य और मंदिर समिति के अधिकारियों के अलावा वेद पाठ करने वाले वहां मौजूद थे. टिप्पणियां आपको बता दें कि बद्रीनाथ हिन्‍दुओं के पवित्र चार धामों में से एक है. यहां नर-नारायण विग्रह की पूजा की जाती है और अखंड दीप जलता रहता है. हर हिन्‍दू चाहता है कि वह अपन जीवन में कम से कम एक बार बद्रीनाथ के दर्शन जरूर करे. बद्रीनाथ की मूर्ति शालग्रामशिला से बनी हुई है. यह चतुर्भुज ध्‍यानमुद्रा में है.  पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई तो यह 12 धाराओं में बंट गई. इस स्थान पर मौजूद धारा अलकनंदा के नाम से विख्यात हुई और यह स्थान भगवान विष्णु का वास बना. भगवान विष्णु की प्रतिमा वाला वर्तमान मंदिर 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. मंदिर के अधिकारी ने बताया कि विशेष पूजा के दौरान इस छत्र को स्थापित किया गया. छत्र स्थापना के दौरान सूद परिवार के सदस्य और मंदिर समिति के अधिकारियों के अलावा वेद पाठ करने वाले वहां मौजूद थे. टिप्पणियां आपको बता दें कि बद्रीनाथ हिन्‍दुओं के पवित्र चार धामों में से एक है. यहां नर-नारायण विग्रह की पूजा की जाती है और अखंड दीप जलता रहता है. हर हिन्‍दू चाहता है कि वह अपन जीवन में कम से कम एक बार बद्रीनाथ के दर्शन जरूर करे. बद्रीनाथ की मूर्ति शालग्रामशिला से बनी हुई है. यह चतुर्भुज ध्‍यानमुद्रा में है.  पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई तो यह 12 धाराओं में बंट गई. इस स्थान पर मौजूद धारा अलकनंदा के नाम से विख्यात हुई और यह स्थान भगवान विष्णु का वास बना. भगवान विष्णु की प्रतिमा वाला वर्तमान मंदिर 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. आपको बता दें कि बद्रीनाथ हिन्‍दुओं के पवित्र चार धामों में से एक है. यहां नर-नारायण विग्रह की पूजा की जाती है और अखंड दीप जलता रहता है. हर हिन्‍दू चाहता है कि वह अपन जीवन में कम से कम एक बार बद्रीनाथ के दर्शन जरूर करे. बद्रीनाथ की मूर्ति शालग्रामशिला से बनी हुई है. यह चतुर्भुज ध्‍यानमुद्रा में है.  पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई तो यह 12 धाराओं में बंट गई. इस स्थान पर मौजूद धारा अलकनंदा के नाम से विख्यात हुई और यह स्थान भगवान विष्णु का वास बना. भगवान विष्णु की प्रतिमा वाला वर्तमान मंदिर 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई तो यह 12 धाराओं में बंट गई. इस स्थान पर मौजूद धारा अलकनंदा के नाम से विख्यात हुई और यह स्थान भगवान विष्णु का वास बना. भगवान विष्णु की प्रतिमा वाला वर्तमान मंदिर 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.
सारांश: बद्रीनाथ धाम में सोने का छत्र स्‍थापित किया गया है 600 साल बाद नया छोने का छत्र चढ़ाया गया लुधियाना के सूद परिवार ने इस छत्र को चढ़ाया है
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में भले ही पास हो गया हो लेकिन अभी राज्यसभा में यह पास होना बचा है. बुधवार को इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा. सड़क से लेकर संसद में जारी विरोध के बीच राज्यसभा में बुधवार को विवादित नागरिकता संशोधन बिल पर 2 बजे चर्चा शुरू होगी. लोकसभा में बहस के बाद कुछ राजनीतिक दलों ने अपने रुख में बदलाव किया है, तो कुछ गैर-भाजपा-गैर-कांग्रेसी दल बिल के समर्थन में सामने आए हैं. लोकसभा में बिल 334 वोटों से पास हो गया. विपक्ष में बस 106 वोट पड़े. बुधवार को अब बिल राज्यसभा में आना है जिसके समीकरण कुछ जटिल भी हैं और लगातार बदलते दिख रहे हैं. संकट और भी हैं. बिल का समर्थन कर रही बीजेडी ने बिल में संशोधन की मांग की है. बीजेडी नेता प्रसन्ना आचार्या ने एनडीटीवी से कहा, 'हम बिल के समर्थन में मतदान करेंगे. लेकिन हम मांग करते हैं कि श्रीलंकाई तमिलों को भी बिल में शामिल किया जाए.'AIADMK पहले ही बिल में श्रीलंकाई तमिलों को भी शामिल कर उन्हें नागरिकता देने की मांग कर चुकी है. टीआरएस भी इन दोनों पार्टियों के साथ खड़ी दिख रही है. सरकार बिल को लोकसभा में आसानी से पारित कराने में कामयाब रही, लेकिन राज्यसभा में उसकी कसौटी कड़ी होगी. सरकार ने आंकड़े ज़रूर जुटा लिये हैं लेकिन राज्यसभा में उसे बिल का समर्थन कर रही पार्टियों की तरफ से संशोधन की मांगों से निपटना होगा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज्यसभा में बिल को लेकर होगी चर्चा लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है बिल पूर्वोत्तर के राज्यों में बिल को लेकर हो रहा है विरोध प्रदर्शन
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पंचकूला कोर्ट के पास गाड़ियों की आवाजाही बंद: बाबा राम रहीम के रेप केस पर पंचकूला कोर्ट को फैसला सुनाना है. ऐसे में पुलिस को उम्मीद है कि राम रहीम के अनुयायियों का मूवमेंट यहां बढ़ सकता है. इसी का ख्याल रखते हुए पंचकूला कोर्ट के आसपास के इलाकों में गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है. जरूरी सामान और कोर्ट के कर्मचारियों की गाड़ियों की भी सघन तलाशी ली जा रही है.टिप्पणियां अर्धसैनिक बल तैनात: किसी भी संभावित उपद्रव को देखते हुए प्रशासन ने सिरसा में अर्धसैनिक बलों की 10 टुकड़ियां बुला ली हैं. अर्धसैनिक बलों को सिरसा में अलग-अलग जगहों पर तैनात कर दिया गया है. बुधवार को सिरसा के डबवाली में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने फ्लैग मार्च निकाला है. चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी शैलेंदर ने बताया की दिन रात चेक पोस्ट पर पुलिस ने वाहनों का चेकिंग अभियान चला रखा है. पुलिस की तैनाती है, सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए हैं.  पेट्रोल पंप के मैनेजर रोहताश ने बताया कि प्रशासन ने सभी पंप मालिकों को बोतल, कैनी में पेट्रोल व डीजल नही देने के आदेश दिए हैं, जिसका वे सख्ती से पालन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को डीजल केवल अस्पताल के लिए ही दे रहे हैं. अर्धसैनिक बल तैनात: किसी भी संभावित उपद्रव को देखते हुए प्रशासन ने सिरसा में अर्धसैनिक बलों की 10 टुकड़ियां बुला ली हैं. अर्धसैनिक बलों को सिरसा में अलग-अलग जगहों पर तैनात कर दिया गया है. बुधवार को सिरसा के डबवाली में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने फ्लैग मार्च निकाला है. चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी शैलेंदर ने बताया की दिन रात चेक पोस्ट पर पुलिस ने वाहनों का चेकिंग अभियान चला रखा है. पुलिस की तैनाती है, सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए हैं.  पेट्रोल पंप के मैनेजर रोहताश ने बताया कि प्रशासन ने सभी पंप मालिकों को बोतल, कैनी में पेट्रोल व डीजल नही देने के आदेश दिए हैं, जिसका वे सख्ती से पालन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को डीजल केवल अस्पताल के लिए ही दे रहे हैं. पेट्रोल पंप के मैनेजर रोहताश ने बताया कि प्रशासन ने सभी पंप मालिकों को बोतल, कैनी में पेट्रोल व डीजल नही देने के आदेश दिए हैं, जिसका वे सख्ती से पालन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को डीजल केवल अस्पताल के लिए ही दे रहे हैं.
यह एक सारांश है: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम के खिलाफ रेप का आरोप 25 अगस्त को रेप केस में पंचकूला कोर्ट का आना है फैसला फैसले से पहले सिरसा की सुरक्षा चुस्त कर दी गई है
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंग्रेजी माध्यम के प्रतिष्ठित स्कूल में अपने बच्चे को पढ़ाने की होड़ के बीच तमिलनाडु के मौजूदा जिलाधीश ने अपनी बेटी का दाखिला जिले की एक पंचायत के प्राथमिक स्कूल में कराया है। इरोड के जिलाधीश आर आनंदकुमार पिछले हफ्ते यहां कुमुइलनकुट्टइई स्थित तमिल माध्यम के स्कूल में अपनी पत्नी के साथ गए और वहां की प्रधानाध्यापिका से मुलाकात कर अपनी छह वर्षीय बेटी का दाखिला कराया। स्कूल प्रशासन के मुताबिक ए. गोपिका नाम की यह बच्ची अन्य बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन भी करेगी जैसा कि जिलाधीश भी चाहते हैं। जिलाधीश की बेटी के दाखिले से इस स्कूल में साफ सफाई की व्यवस्था में भी सुधार आया है। स्थानीय अधिकारी इन बातों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। स्कूल के शौचालयों की दिन में दो बार सफाई की जा रही है और जलापूर्ति की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है। स्कूल अधिकारियों ने बताया कि जिलाधीश के इस कदम के बाद स्कूल में शिक्षक भी समय पर पहुंचने लगे हैं जबकि अन्य छात्रों के माता-पिता को स्कूल परिसर के पास कूड़ा कचरा नहीं डालने को कहा गया है। बहरहाल, जिलाधीश ने स्कूल अधिकारियों को अपनी बेटी के साथ अन्य बच्चों की तरह ही बर्ताव करने को कहा है और उसे अन्य बच्चों के साथ घुलने-मिलने देने को कहा है। हालांकि, जिलाधीश ने पंचायत स्कूल में अपनी बेटी का दाखिला कराए जाने के फैसले के बारे में कुछ कहने से इनकार कर दिया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जिलाधीश की बेटी के दाखिले से इस स्कूल में साफ सफाई की व्यवस्था में भी सुधार आया है। स्थानीय अधिकारी इन बातों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम को राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने उनकी अंतरिम जमानत की अवधि सोमवार को सात अगस्त तक बढ़ा दी। वर्ष 1993 के दूरसंचार घोटाले में सुखराम को तीन साल कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम ने पूर्व नौकरशाह रूनू घोष और हैदराबाद के उद्योगपति पी रामा राव को भी राहत दे दी। रूनू और रामा राव को इसी मामले में दोषी ठहराया गया था। सभी आरोपियों ने खुद को दोषी ठहराए जाने तथा सजा सुनाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी और उनकी अपीलों पर पीठ सात अगस्त को सुनवाई करेगी।टिप्पणियां इससे पहले, नौ जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था और तीनों आरोपियों को अंतरिम जमानत दे दी थी। अंतरिम जमानत की अवधि आज तक के लिए थी। बहरहाल, मामले में और पीठ द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल विवेक तनखा ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई कि क्या एजेंसी मामले में अपील दायर करेगी या नहीं। वर्ष 1993 के दूरसंचार घोटाले में सुखराम को तीन साल कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम ने पूर्व नौकरशाह रूनू घोष और हैदराबाद के उद्योगपति पी रामा राव को भी राहत दे दी। रूनू और रामा राव को इसी मामले में दोषी ठहराया गया था। सभी आरोपियों ने खुद को दोषी ठहराए जाने तथा सजा सुनाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी और उनकी अपीलों पर पीठ सात अगस्त को सुनवाई करेगी।टिप्पणियां इससे पहले, नौ जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था और तीनों आरोपियों को अंतरिम जमानत दे दी थी। अंतरिम जमानत की अवधि आज तक के लिए थी। बहरहाल, मामले में और पीठ द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल विवेक तनखा ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई कि क्या एजेंसी मामले में अपील दायर करेगी या नहीं। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम ने पूर्व नौकरशाह रूनू घोष और हैदराबाद के उद्योगपति पी रामा राव को भी राहत दे दी। रूनू और रामा राव को इसी मामले में दोषी ठहराया गया था। सभी आरोपियों ने खुद को दोषी ठहराए जाने तथा सजा सुनाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी और उनकी अपीलों पर पीठ सात अगस्त को सुनवाई करेगी।टिप्पणियां इससे पहले, नौ जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था और तीनों आरोपियों को अंतरिम जमानत दे दी थी। अंतरिम जमानत की अवधि आज तक के लिए थी। बहरहाल, मामले में और पीठ द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल विवेक तनखा ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई कि क्या एजेंसी मामले में अपील दायर करेगी या नहीं। सभी आरोपियों ने खुद को दोषी ठहराए जाने तथा सजा सुनाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी और उनकी अपीलों पर पीठ सात अगस्त को सुनवाई करेगी।टिप्पणियां इससे पहले, नौ जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था और तीनों आरोपियों को अंतरिम जमानत दे दी थी। अंतरिम जमानत की अवधि आज तक के लिए थी। बहरहाल, मामले में और पीठ द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल विवेक तनखा ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई कि क्या एजेंसी मामले में अपील दायर करेगी या नहीं। इससे पहले, नौ जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था और तीनों आरोपियों को अंतरिम जमानत दे दी थी। अंतरिम जमानत की अवधि आज तक के लिए थी। बहरहाल, मामले में और पीठ द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल विवेक तनखा ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई कि क्या एजेंसी मामले में अपील दायर करेगी या नहीं। बहरहाल, मामले में और पीठ द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल विवेक तनखा ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई कि क्या एजेंसी मामले में अपील दायर करेगी या नहीं।
यहाँ एक सारांश है:पूर्व टेलीकॉम मंत्री सुखराम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टाल दी है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीलंकाई नौसेना ने श्रीलंकाई नौवहन सीमा में मछली पकड़ने का आरोप लगाते हुए 27 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया और उनके चार ट्रॉलर जब्त कर लिए। श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता कोसला वारकुलासुरिया ने कहा कि भारतीय मछुआरों को ‘‘पूर्वी तट से दूर श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय नौवहन सीमा क्षेत्र (आईएमबीएल) के अंदर अवैध रूप से मछली पकड़ते हुए’’ रविवार रात गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां नौसेना ने कहा कि नौकाओं और ट्रॉलरों को त्रिंकोमाली में पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा ताकि वह इस मामले में आगे की कार्रवाई करें। इसी माह श्रीलंकाई नौसेना ने भटक कर श्रीलंका के आईएमबीएल में पहुंच जाने वाले कम से कम 40 भारतीय मछुआरों और उनके चार ट्रॉलरों को वापस किया था। उससे पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया था। श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता कोसला वारकुलासुरिया ने कहा कि भारतीय मछुआरों को ‘‘पूर्वी तट से दूर श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय नौवहन सीमा क्षेत्र (आईएमबीएल) के अंदर अवैध रूप से मछली पकड़ते हुए’’ रविवार रात गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां नौसेना ने कहा कि नौकाओं और ट्रॉलरों को त्रिंकोमाली में पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा ताकि वह इस मामले में आगे की कार्रवाई करें। इसी माह श्रीलंकाई नौसेना ने भटक कर श्रीलंका के आईएमबीएल में पहुंच जाने वाले कम से कम 40 भारतीय मछुआरों और उनके चार ट्रॉलरों को वापस किया था। उससे पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया था। नौसेना ने कहा कि नौकाओं और ट्रॉलरों को त्रिंकोमाली में पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा ताकि वह इस मामले में आगे की कार्रवाई करें। इसी माह श्रीलंकाई नौसेना ने भटक कर श्रीलंका के आईएमबीएल में पहुंच जाने वाले कम से कम 40 भारतीय मछुआरों और उनके चार ट्रॉलरों को वापस किया था। उससे पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसी माह श्रीलंकाई नौसेना ने भटक कर श्रीलंका के आईएमबीएल में पहुंच जाने वाले कम से कम 40 भारतीय मछुआरों और उनके चार ट्रॉलरों को वापस किया था। उससे पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: श्रीलंकाई नौसेना ने श्रीलंकाई नौवहन सीमा में मछली पकड़ने का आरोप लगाते हुए 27 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया और उनके चार ट्रॉलर जब्त कर लिए।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: विपक्षी पार्टियों के दबाव में सरकार ने खाद्य सुरक्षा बिल से खाद्य सुरक्षा भत्ता का प्रावधान हटाने का फैसला किया है, यानि सरकार जिन इलाकों में फूड सिक्योरिटी बिल के तहत सस्ता अनाज मुहैया नहीं करा पाएगी, वहां कैश ट्रांसफर सब्सिडी का प्रावधान हटाने का फैसला किया गया है। खाद्य सुरक्षा बिल के पांचवें अध्याय में इसका प्रावधान है। सरकार का यह फैसला काफी अहम है क्योंकि सभी पार्टियां इसका विरोध कर रही थी। इसके अलावा भी सरकार इस बिल में कुछ संशोधनों के लिए राजी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने कानून पर अमल के लिए राज्यों को छह महीने की जगह सालभर का वक़्त देने का फ़ैसला किया है। दूसरी बात यह कि जो राज्य पहले से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं जैसे तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ या केरल − उनके कोटे में कोई कमी नहीं की जाएगी। तीसरी बात यह कि आंगनबाड़ी योजना से ठेकेदारों को बाहर किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार इन फ़ैसलों की मार्फ़त कुछ विपक्षी दलों को साथ लेने में कामयाब होगी। इससे पहले विपक्ष के हंगामे की वजह से आज भी खाद्य सुरक्षा बिल पर तय चर्चा टल गई। बिल के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। मॉनसून सत्र का आधा से ज़्यादा समय निकल चुका है, जबकि पार्टियां इसके फायदे और नुकसान ही तौलने में लगी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना और सोनिया गांधी के पसंदीदा कार्यक्रम पर सरकार मंगलवार को भी संसद में चर्चा नहीं करा पाई। हंगामे की वजह से अब इसे गुरुवार को लाने की तैयारी है। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला का कहना है कि बिल पास करा लेंगे हमें भरोसा है। सरकार के इस भरोसे के बावजूद योजना सवालों से घिरी है।टिप्पणियां बीजेपी पूछ रही है कि तमाम तरह के घाटों से जूझ रही सरकार इतनी बड़ी योजना के लिए पैसा कहां से लाएगी। मौजूदा खस्ता हालत ने इस सवाल को बहुत महत्त्वपूर्ण बना दिया है। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा। खाद्य सुरक्षा बिल के पांचवें अध्याय में इसका प्रावधान है। सरकार का यह फैसला काफी अहम है क्योंकि सभी पार्टियां इसका विरोध कर रही थी। इसके अलावा भी सरकार इस बिल में कुछ संशोधनों के लिए राजी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने कानून पर अमल के लिए राज्यों को छह महीने की जगह सालभर का वक़्त देने का फ़ैसला किया है। दूसरी बात यह कि जो राज्य पहले से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं जैसे तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ या केरल − उनके कोटे में कोई कमी नहीं की जाएगी। तीसरी बात यह कि आंगनबाड़ी योजना से ठेकेदारों को बाहर किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार इन फ़ैसलों की मार्फ़त कुछ विपक्षी दलों को साथ लेने में कामयाब होगी। इससे पहले विपक्ष के हंगामे की वजह से आज भी खाद्य सुरक्षा बिल पर तय चर्चा टल गई। बिल के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। मॉनसून सत्र का आधा से ज़्यादा समय निकल चुका है, जबकि पार्टियां इसके फायदे और नुकसान ही तौलने में लगी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना और सोनिया गांधी के पसंदीदा कार्यक्रम पर सरकार मंगलवार को भी संसद में चर्चा नहीं करा पाई। हंगामे की वजह से अब इसे गुरुवार को लाने की तैयारी है। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला का कहना है कि बिल पास करा लेंगे हमें भरोसा है। सरकार के इस भरोसे के बावजूद योजना सवालों से घिरी है।टिप्पणियां बीजेपी पूछ रही है कि तमाम तरह के घाटों से जूझ रही सरकार इतनी बड़ी योजना के लिए पैसा कहां से लाएगी। मौजूदा खस्ता हालत ने इस सवाल को बहुत महत्त्वपूर्ण बना दिया है। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने कानून पर अमल के लिए राज्यों को छह महीने की जगह सालभर का वक़्त देने का फ़ैसला किया है। दूसरी बात यह कि जो राज्य पहले से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं जैसे तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ या केरल − उनके कोटे में कोई कमी नहीं की जाएगी। तीसरी बात यह कि आंगनबाड़ी योजना से ठेकेदारों को बाहर किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार इन फ़ैसलों की मार्फ़त कुछ विपक्षी दलों को साथ लेने में कामयाब होगी। इससे पहले विपक्ष के हंगामे की वजह से आज भी खाद्य सुरक्षा बिल पर तय चर्चा टल गई। बिल के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। मॉनसून सत्र का आधा से ज़्यादा समय निकल चुका है, जबकि पार्टियां इसके फायदे और नुकसान ही तौलने में लगी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना और सोनिया गांधी के पसंदीदा कार्यक्रम पर सरकार मंगलवार को भी संसद में चर्चा नहीं करा पाई। हंगामे की वजह से अब इसे गुरुवार को लाने की तैयारी है। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला का कहना है कि बिल पास करा लेंगे हमें भरोसा है। सरकार के इस भरोसे के बावजूद योजना सवालों से घिरी है।टिप्पणियां बीजेपी पूछ रही है कि तमाम तरह के घाटों से जूझ रही सरकार इतनी बड़ी योजना के लिए पैसा कहां से लाएगी। मौजूदा खस्ता हालत ने इस सवाल को बहुत महत्त्वपूर्ण बना दिया है। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा। तीसरी बात यह कि आंगनबाड़ी योजना से ठेकेदारों को बाहर किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार इन फ़ैसलों की मार्फ़त कुछ विपक्षी दलों को साथ लेने में कामयाब होगी। इससे पहले विपक्ष के हंगामे की वजह से आज भी खाद्य सुरक्षा बिल पर तय चर्चा टल गई। बिल के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। मॉनसून सत्र का आधा से ज़्यादा समय निकल चुका है, जबकि पार्टियां इसके फायदे और नुकसान ही तौलने में लगी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना और सोनिया गांधी के पसंदीदा कार्यक्रम पर सरकार मंगलवार को भी संसद में चर्चा नहीं करा पाई। हंगामे की वजह से अब इसे गुरुवार को लाने की तैयारी है। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला का कहना है कि बिल पास करा लेंगे हमें भरोसा है। सरकार के इस भरोसे के बावजूद योजना सवालों से घिरी है।टिप्पणियां बीजेपी पूछ रही है कि तमाम तरह के घाटों से जूझ रही सरकार इतनी बड़ी योजना के लिए पैसा कहां से लाएगी। मौजूदा खस्ता हालत ने इस सवाल को बहुत महत्त्वपूर्ण बना दिया है। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा। इससे पहले विपक्ष के हंगामे की वजह से आज भी खाद्य सुरक्षा बिल पर तय चर्चा टल गई। बिल के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। मॉनसून सत्र का आधा से ज़्यादा समय निकल चुका है, जबकि पार्टियां इसके फायदे और नुकसान ही तौलने में लगी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना और सोनिया गांधी के पसंदीदा कार्यक्रम पर सरकार मंगलवार को भी संसद में चर्चा नहीं करा पाई। हंगामे की वजह से अब इसे गुरुवार को लाने की तैयारी है। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला का कहना है कि बिल पास करा लेंगे हमें भरोसा है। सरकार के इस भरोसे के बावजूद योजना सवालों से घिरी है।टिप्पणियां बीजेपी पूछ रही है कि तमाम तरह के घाटों से जूझ रही सरकार इतनी बड़ी योजना के लिए पैसा कहां से लाएगी। मौजूदा खस्ता हालत ने इस सवाल को बहुत महत्त्वपूर्ण बना दिया है। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा। दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना और सोनिया गांधी के पसंदीदा कार्यक्रम पर सरकार मंगलवार को भी संसद में चर्चा नहीं करा पाई। हंगामे की वजह से अब इसे गुरुवार को लाने की तैयारी है। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला का कहना है कि बिल पास करा लेंगे हमें भरोसा है। सरकार के इस भरोसे के बावजूद योजना सवालों से घिरी है।टिप्पणियां बीजेपी पूछ रही है कि तमाम तरह के घाटों से जूझ रही सरकार इतनी बड़ी योजना के लिए पैसा कहां से लाएगी। मौजूदा खस्ता हालत ने इस सवाल को बहुत महत्त्वपूर्ण बना दिया है। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला का कहना है कि बिल पास करा लेंगे हमें भरोसा है। सरकार के इस भरोसे के बावजूद योजना सवालों से घिरी है।टिप्पणियां बीजेपी पूछ रही है कि तमाम तरह के घाटों से जूझ रही सरकार इतनी बड़ी योजना के लिए पैसा कहां से लाएगी। मौजूदा खस्ता हालत ने इस सवाल को बहुत महत्त्वपूर्ण बना दिया है। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा। बीजेपी पूछ रही है कि तमाम तरह के घाटों से जूझ रही सरकार इतनी बड़ी योजना के लिए पैसा कहां से लाएगी। मौजूदा खस्ता हालत ने इस सवाल को बहुत महत्त्वपूर्ण बना दिया है। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा। कांग्रेस का कहना है इस योजना की वजह से ज्यादा बोझ नहीं पड़ने वाला। फिलहाल सरकार खाने पर 90 हजार करोड़ की सब्सिडी दे ही रही है, खाद्य सुरक्षा बिल पर सालाना क़रीब सवाल लाख करोड़ के ख़र्च का अंदाज़ा है। यानी सरकार को क़रीब 35000 करोड़ के अतिरिक्त ख़र्च का इंतज़ाम करना होगा।
यहाँ एक सारांश है:विपक्षी पार्टियों के दबाव में सरकार ने खाद्य सुरक्षा बिल से खाद्य सुरक्षा भत्ता का प्रावधान हटाने का फैसला किया है, यानि सरकार जिन इलाकों में फूड सिक्योरिटी बिल के तहत सस्ता अनाज मुहैया नहीं करा पाएगी, वहां कैश ट्रांसफर सब्सिडी का प्रावधान हटाने का फैसला
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हाल ही लाए गए और बेहद चर्चित सरोगेसी बिल (बच्चे को जन्म देने के लिये किराये की कोख पर बना कानून) को बनाते वक्त क्या सरकार ने यू टर्न किया?  कृत्रिम तरीके से प्रजनन प्रणाली (आईवीएफ और सरोगेसी) के एक्सपर्ट डॉक्टरों का सरकार पर यही आरोप है. इन लोगों का कहना है कि बिल सेलिब्रिटी को ध्यान में रखकर बनाया गया, न कि आम लोगों को. इन डॉक्टरों के अखिल भारतीय संगठन इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन ने एक खुली चिट्ठी लिखी है जिसमें कारोबारी सरोगेसी (कमर्शियल सरोगेसी) पर पाबंदी लगाने वाले बिल की कड़ी आलोचना की गई है. इस बिल को पिछले हफ्ते कैबिनेट ने हरी झंडी दी है. इन डॉक्टरों का कहना है कि सरकार ने अपने इस अहम बिल पर साल भर से कम वक्त में ही ही यू टर्न कर लिया. उनके मुताबिक बिल का जो खाका पिछले साल जनता की राय जानने के लिये रखा गया था और जो बिल कैबिनेट ने पास किया वह बिल्कुल अलग हैं. पिछले प्रस्तावित बिल में कमर्शियल सरोगेसी का प्रावधान था और सरोगेट मां के लिये मुआवजे की बात भी थी. अपनी दो पन्नों की खुली चिट्ठी में इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन ने कहा है कि सरकार यह कानून जल्दबाज़ी में लाई है और इसे वापस लिया जाना चाहिये. एकल दंपति यानी सिंगल पेरेंट को इससे वंचित करना अमानवीय है और समानता के अधिकार के खिलाफ है. इस बिल में जो प्रावधान है उसके मुताबिक, परिवार की कोई करीबी सदस्य ही सरोगेट मां हो सकती है और शादीशुदा दंपति विवाह के पांच साल बाद ही सरोगेसी के लिये अर्ज़ी दे सकते हैं. डॉक्टर इन दोनों ही बंदिशों को गलत बता रहे हैं. दिल्ली में आईवीएफ और सरोगेसी क्लिनिक चला रही डॉ शिवाली सचदेव कहती हैं, "सरकार को ऐसे बिल के बजाय वह कानून बनाना चाहिये जो एक प्रतिशत सेलिब्रिटी को देखकर नहीं बल्कि 99 प्रतिशत आम लोगों को देखकर बनाया जाए. अगर आप कहते हैं कि कि सरोगेट मदर परिवार में ही होनी चाहिये तो 99% परिवार में तो ऐसी कोई लेडी ही नहीं है जो सरोगेट मदर बन सके. हमारे पेशेन्ट आकर बोलते हैं कि अपने परिवार में गोपनीयता सबसे महत्वपूर्ण है. उसे हम कैसे छोड़ सकते हैं और अभी अगर किसी मां को सरोगेसी के लिये पैसा नहीं देंगे तो बाद में क्या कीमत चुकानी पड़ेगी." कैबिनेट से बिल पास होने के बाद सरकार ने कहा था कि वह कोख किराये पर लेने के बाज़ार को रोकने के लिये ये प्रावधान ला रही है ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके लेकिन अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ज़रूरतमंद जोड़ों को परिवार के भीतर कोई सरोगेट मिलेगी और उन जोड़ों का क्या होगा जो अपने बच्चे की पैदायश की प्रक्रिया को गोपनीय रखना चाहते हैं? शादी के बाद 5 साल तक इंतजार के प्रावधान पर यह सवाल है कि अगर किसी की शादी देर में होती है तो 5 साल का इंतजार पूरा होते होते प्रजनन क्षमता ही खत्म हो सकती है. पैसा देकर किसी महिला की कोख बच्चे के लिये इस्तेमाल करने के प्रावधान को तब खत्म किया गया जब यह बिल इस साल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर को भेजा गया. आईसीएमआर की निदेशक डॉ सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं कि सरकार किसी को सरोगेसी से रोक नहीं रही है लेकिन किसी की गरीबी का फायदा उठाकर उसके शरीर का इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है. विदेशी जोड़ों के भारत आकर सरोगेसी के नाम पर महिलाओं के इस्तेमाल की बात सामने आती रही है. "हमारे पास ऐसी मिसाल हैं जहां विदेशी जोड़े बाहर से आकर सरोगेसी के लिये भारतीय महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं. कई बार इन महिलाओं को सरोगेसी के लिये जो कीमत चुकाने की बात कही जाती है उतना पैसा बाद में नहीं मिलता और उससे काफी कम पैसा दिया जाता है. एक जापानी जोड़े ने गर्भ के दौरान ही आपस में एक दूसरे से रिश्ता तोड़ लिया और फिर उस बच्चे को किसी अनाथाश्रम में ले जाना पड़ा क्योंकि जापानी सरकार सरोगेसी को मान्यता नहीं देती."टिप्पणियां सरोगेसी बिल को लेकर जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया गया उसकी प्रमुख विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थी और उसमें  स्वास्थ्य मंत्री के अलावा वाणिज्य राज्य मंत्री भी थे. लेकिन ताजुब्ब  इस बात को लेकर भी है कि महत्वपूर्ण महिला और बाल कल्याण मंत्री इस ग्रुप की सदस्य नहीं थी. पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर महिला और बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी का कहना था, "मैं इस मामले में कोई कमेंट नहीं करूंगी. मुझसे इस बिल पर परामर्श नहीं किया गया." हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र में इस बिल को किसी एक सदन में पेश कर स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया जायेगा. फिर स्टैंडिंग कमेटी तमाम पक्षों से वार्ता कर बिल में संशोधन सुझायेगी. यानी बिल की राह लंबी और कठिन है लेकिन सरकार यह भी कह चुकी है कि कमर्शियल सरोगेसी के प्रावधान पर वह बहुत समझोता नहीं करेगी. इन डॉक्टरों के अखिल भारतीय संगठन इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन ने एक खुली चिट्ठी लिखी है जिसमें कारोबारी सरोगेसी (कमर्शियल सरोगेसी) पर पाबंदी लगाने वाले बिल की कड़ी आलोचना की गई है. इस बिल को पिछले हफ्ते कैबिनेट ने हरी झंडी दी है. इन डॉक्टरों का कहना है कि सरकार ने अपने इस अहम बिल पर साल भर से कम वक्त में ही ही यू टर्न कर लिया. उनके मुताबिक बिल का जो खाका पिछले साल जनता की राय जानने के लिये रखा गया था और जो बिल कैबिनेट ने पास किया वह बिल्कुल अलग हैं. पिछले प्रस्तावित बिल में कमर्शियल सरोगेसी का प्रावधान था और सरोगेट मां के लिये मुआवजे की बात भी थी. अपनी दो पन्नों की खुली चिट्ठी में इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन ने कहा है कि सरकार यह कानून जल्दबाज़ी में लाई है और इसे वापस लिया जाना चाहिये. एकल दंपति यानी सिंगल पेरेंट को इससे वंचित करना अमानवीय है और समानता के अधिकार के खिलाफ है. इस बिल में जो प्रावधान है उसके मुताबिक, परिवार की कोई करीबी सदस्य ही सरोगेट मां हो सकती है और शादीशुदा दंपति विवाह के पांच साल बाद ही सरोगेसी के लिये अर्ज़ी दे सकते हैं. डॉक्टर इन दोनों ही बंदिशों को गलत बता रहे हैं. दिल्ली में आईवीएफ और सरोगेसी क्लिनिक चला रही डॉ शिवाली सचदेव कहती हैं, "सरकार को ऐसे बिल के बजाय वह कानून बनाना चाहिये जो एक प्रतिशत सेलिब्रिटी को देखकर नहीं बल्कि 99 प्रतिशत आम लोगों को देखकर बनाया जाए. अगर आप कहते हैं कि कि सरोगेट मदर परिवार में ही होनी चाहिये तो 99% परिवार में तो ऐसी कोई लेडी ही नहीं है जो सरोगेट मदर बन सके. हमारे पेशेन्ट आकर बोलते हैं कि अपने परिवार में गोपनीयता सबसे महत्वपूर्ण है. उसे हम कैसे छोड़ सकते हैं और अभी अगर किसी मां को सरोगेसी के लिये पैसा नहीं देंगे तो बाद में क्या कीमत चुकानी पड़ेगी." कैबिनेट से बिल पास होने के बाद सरकार ने कहा था कि वह कोख किराये पर लेने के बाज़ार को रोकने के लिये ये प्रावधान ला रही है ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके लेकिन अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ज़रूरतमंद जोड़ों को परिवार के भीतर कोई सरोगेट मिलेगी और उन जोड़ों का क्या होगा जो अपने बच्चे की पैदायश की प्रक्रिया को गोपनीय रखना चाहते हैं? शादी के बाद 5 साल तक इंतजार के प्रावधान पर यह सवाल है कि अगर किसी की शादी देर में होती है तो 5 साल का इंतजार पूरा होते होते प्रजनन क्षमता ही खत्म हो सकती है. पैसा देकर किसी महिला की कोख बच्चे के लिये इस्तेमाल करने के प्रावधान को तब खत्म किया गया जब यह बिल इस साल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर को भेजा गया. आईसीएमआर की निदेशक डॉ सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं कि सरकार किसी को सरोगेसी से रोक नहीं रही है लेकिन किसी की गरीबी का फायदा उठाकर उसके शरीर का इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है. विदेशी जोड़ों के भारत आकर सरोगेसी के नाम पर महिलाओं के इस्तेमाल की बात सामने आती रही है. "हमारे पास ऐसी मिसाल हैं जहां विदेशी जोड़े बाहर से आकर सरोगेसी के लिये भारतीय महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं. कई बार इन महिलाओं को सरोगेसी के लिये जो कीमत चुकाने की बात कही जाती है उतना पैसा बाद में नहीं मिलता और उससे काफी कम पैसा दिया जाता है. एक जापानी जोड़े ने गर्भ के दौरान ही आपस में एक दूसरे से रिश्ता तोड़ लिया और फिर उस बच्चे को किसी अनाथाश्रम में ले जाना पड़ा क्योंकि जापानी सरकार सरोगेसी को मान्यता नहीं देती."टिप्पणियां सरोगेसी बिल को लेकर जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया गया उसकी प्रमुख विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थी और उसमें  स्वास्थ्य मंत्री के अलावा वाणिज्य राज्य मंत्री भी थे. लेकिन ताजुब्ब  इस बात को लेकर भी है कि महत्वपूर्ण महिला और बाल कल्याण मंत्री इस ग्रुप की सदस्य नहीं थी. पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर महिला और बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी का कहना था, "मैं इस मामले में कोई कमेंट नहीं करूंगी. मुझसे इस बिल पर परामर्श नहीं किया गया." हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र में इस बिल को किसी एक सदन में पेश कर स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया जायेगा. फिर स्टैंडिंग कमेटी तमाम पक्षों से वार्ता कर बिल में संशोधन सुझायेगी. यानी बिल की राह लंबी और कठिन है लेकिन सरकार यह भी कह चुकी है कि कमर्शियल सरोगेसी के प्रावधान पर वह बहुत समझोता नहीं करेगी. अपनी दो पन्नों की खुली चिट्ठी में इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन ने कहा है कि सरकार यह कानून जल्दबाज़ी में लाई है और इसे वापस लिया जाना चाहिये. एकल दंपति यानी सिंगल पेरेंट को इससे वंचित करना अमानवीय है और समानता के अधिकार के खिलाफ है. इस बिल में जो प्रावधान है उसके मुताबिक, परिवार की कोई करीबी सदस्य ही सरोगेट मां हो सकती है और शादीशुदा दंपति विवाह के पांच साल बाद ही सरोगेसी के लिये अर्ज़ी दे सकते हैं. डॉक्टर इन दोनों ही बंदिशों को गलत बता रहे हैं. दिल्ली में आईवीएफ और सरोगेसी क्लिनिक चला रही डॉ शिवाली सचदेव कहती हैं, "सरकार को ऐसे बिल के बजाय वह कानून बनाना चाहिये जो एक प्रतिशत सेलिब्रिटी को देखकर नहीं बल्कि 99 प्रतिशत आम लोगों को देखकर बनाया जाए. अगर आप कहते हैं कि कि सरोगेट मदर परिवार में ही होनी चाहिये तो 99% परिवार में तो ऐसी कोई लेडी ही नहीं है जो सरोगेट मदर बन सके. हमारे पेशेन्ट आकर बोलते हैं कि अपने परिवार में गोपनीयता सबसे महत्वपूर्ण है. उसे हम कैसे छोड़ सकते हैं और अभी अगर किसी मां को सरोगेसी के लिये पैसा नहीं देंगे तो बाद में क्या कीमत चुकानी पड़ेगी." कैबिनेट से बिल पास होने के बाद सरकार ने कहा था कि वह कोख किराये पर लेने के बाज़ार को रोकने के लिये ये प्रावधान ला रही है ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके लेकिन अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ज़रूरतमंद जोड़ों को परिवार के भीतर कोई सरोगेट मिलेगी और उन जोड़ों का क्या होगा जो अपने बच्चे की पैदायश की प्रक्रिया को गोपनीय रखना चाहते हैं? शादी के बाद 5 साल तक इंतजार के प्रावधान पर यह सवाल है कि अगर किसी की शादी देर में होती है तो 5 साल का इंतजार पूरा होते होते प्रजनन क्षमता ही खत्म हो सकती है. पैसा देकर किसी महिला की कोख बच्चे के लिये इस्तेमाल करने के प्रावधान को तब खत्म किया गया जब यह बिल इस साल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर को भेजा गया. आईसीएमआर की निदेशक डॉ सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं कि सरकार किसी को सरोगेसी से रोक नहीं रही है लेकिन किसी की गरीबी का फायदा उठाकर उसके शरीर का इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है. विदेशी जोड़ों के भारत आकर सरोगेसी के नाम पर महिलाओं के इस्तेमाल की बात सामने आती रही है. "हमारे पास ऐसी मिसाल हैं जहां विदेशी जोड़े बाहर से आकर सरोगेसी के लिये भारतीय महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं. कई बार इन महिलाओं को सरोगेसी के लिये जो कीमत चुकाने की बात कही जाती है उतना पैसा बाद में नहीं मिलता और उससे काफी कम पैसा दिया जाता है. एक जापानी जोड़े ने गर्भ के दौरान ही आपस में एक दूसरे से रिश्ता तोड़ लिया और फिर उस बच्चे को किसी अनाथाश्रम में ले जाना पड़ा क्योंकि जापानी सरकार सरोगेसी को मान्यता नहीं देती."टिप्पणियां सरोगेसी बिल को लेकर जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया गया उसकी प्रमुख विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थी और उसमें  स्वास्थ्य मंत्री के अलावा वाणिज्य राज्य मंत्री भी थे. लेकिन ताजुब्ब  इस बात को लेकर भी है कि महत्वपूर्ण महिला और बाल कल्याण मंत्री इस ग्रुप की सदस्य नहीं थी. पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर महिला और बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी का कहना था, "मैं इस मामले में कोई कमेंट नहीं करूंगी. मुझसे इस बिल पर परामर्श नहीं किया गया." हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र में इस बिल को किसी एक सदन में पेश कर स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया जायेगा. फिर स्टैंडिंग कमेटी तमाम पक्षों से वार्ता कर बिल में संशोधन सुझायेगी. यानी बिल की राह लंबी और कठिन है लेकिन सरकार यह भी कह चुकी है कि कमर्शियल सरोगेसी के प्रावधान पर वह बहुत समझोता नहीं करेगी. कैबिनेट से बिल पास होने के बाद सरकार ने कहा था कि वह कोख किराये पर लेने के बाज़ार को रोकने के लिये ये प्रावधान ला रही है ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके लेकिन अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ज़रूरतमंद जोड़ों को परिवार के भीतर कोई सरोगेट मिलेगी और उन जोड़ों का क्या होगा जो अपने बच्चे की पैदायश की प्रक्रिया को गोपनीय रखना चाहते हैं? शादी के बाद 5 साल तक इंतजार के प्रावधान पर यह सवाल है कि अगर किसी की शादी देर में होती है तो 5 साल का इंतजार पूरा होते होते प्रजनन क्षमता ही खत्म हो सकती है. पैसा देकर किसी महिला की कोख बच्चे के लिये इस्तेमाल करने के प्रावधान को तब खत्म किया गया जब यह बिल इस साल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर को भेजा गया. आईसीएमआर की निदेशक डॉ सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं कि सरकार किसी को सरोगेसी से रोक नहीं रही है लेकिन किसी की गरीबी का फायदा उठाकर उसके शरीर का इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है. विदेशी जोड़ों के भारत आकर सरोगेसी के नाम पर महिलाओं के इस्तेमाल की बात सामने आती रही है. "हमारे पास ऐसी मिसाल हैं जहां विदेशी जोड़े बाहर से आकर सरोगेसी के लिये भारतीय महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं. कई बार इन महिलाओं को सरोगेसी के लिये जो कीमत चुकाने की बात कही जाती है उतना पैसा बाद में नहीं मिलता और उससे काफी कम पैसा दिया जाता है. एक जापानी जोड़े ने गर्भ के दौरान ही आपस में एक दूसरे से रिश्ता तोड़ लिया और फिर उस बच्चे को किसी अनाथाश्रम में ले जाना पड़ा क्योंकि जापानी सरकार सरोगेसी को मान्यता नहीं देती."टिप्पणियां सरोगेसी बिल को लेकर जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया गया उसकी प्रमुख विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थी और उसमें  स्वास्थ्य मंत्री के अलावा वाणिज्य राज्य मंत्री भी थे. लेकिन ताजुब्ब  इस बात को लेकर भी है कि महत्वपूर्ण महिला और बाल कल्याण मंत्री इस ग्रुप की सदस्य नहीं थी. पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर महिला और बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी का कहना था, "मैं इस मामले में कोई कमेंट नहीं करूंगी. मुझसे इस बिल पर परामर्श नहीं किया गया." हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र में इस बिल को किसी एक सदन में पेश कर स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया जायेगा. फिर स्टैंडिंग कमेटी तमाम पक्षों से वार्ता कर बिल में संशोधन सुझायेगी. यानी बिल की राह लंबी और कठिन है लेकिन सरकार यह भी कह चुकी है कि कमर्शियल सरोगेसी के प्रावधान पर वह बहुत समझोता नहीं करेगी. पैसा देकर किसी महिला की कोख बच्चे के लिये इस्तेमाल करने के प्रावधान को तब खत्म किया गया जब यह बिल इस साल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर को भेजा गया. आईसीएमआर की निदेशक डॉ सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं कि सरकार किसी को सरोगेसी से रोक नहीं रही है लेकिन किसी की गरीबी का फायदा उठाकर उसके शरीर का इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है. विदेशी जोड़ों के भारत आकर सरोगेसी के नाम पर महिलाओं के इस्तेमाल की बात सामने आती रही है. "हमारे पास ऐसी मिसाल हैं जहां विदेशी जोड़े बाहर से आकर सरोगेसी के लिये भारतीय महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं. कई बार इन महिलाओं को सरोगेसी के लिये जो कीमत चुकाने की बात कही जाती है उतना पैसा बाद में नहीं मिलता और उससे काफी कम पैसा दिया जाता है. एक जापानी जोड़े ने गर्भ के दौरान ही आपस में एक दूसरे से रिश्ता तोड़ लिया और फिर उस बच्चे को किसी अनाथाश्रम में ले जाना पड़ा क्योंकि जापानी सरकार सरोगेसी को मान्यता नहीं देती."टिप्पणियां सरोगेसी बिल को लेकर जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया गया उसकी प्रमुख विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थी और उसमें  स्वास्थ्य मंत्री के अलावा वाणिज्य राज्य मंत्री भी थे. लेकिन ताजुब्ब  इस बात को लेकर भी है कि महत्वपूर्ण महिला और बाल कल्याण मंत्री इस ग्रुप की सदस्य नहीं थी. पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर महिला और बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी का कहना था, "मैं इस मामले में कोई कमेंट नहीं करूंगी. मुझसे इस बिल पर परामर्श नहीं किया गया." हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र में इस बिल को किसी एक सदन में पेश कर स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया जायेगा. फिर स्टैंडिंग कमेटी तमाम पक्षों से वार्ता कर बिल में संशोधन सुझायेगी. यानी बिल की राह लंबी और कठिन है लेकिन सरकार यह भी कह चुकी है कि कमर्शियल सरोगेसी के प्रावधान पर वह बहुत समझोता नहीं करेगी. सरोगेसी बिल को लेकर जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया गया उसकी प्रमुख विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थी और उसमें  स्वास्थ्य मंत्री के अलावा वाणिज्य राज्य मंत्री भी थे. लेकिन ताजुब्ब  इस बात को लेकर भी है कि महत्वपूर्ण महिला और बाल कल्याण मंत्री इस ग्रुप की सदस्य नहीं थी. पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर महिला और बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी का कहना था, "मैं इस मामले में कोई कमेंट नहीं करूंगी. मुझसे इस बिल पर परामर्श नहीं किया गया." हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र में इस बिल को किसी एक सदन में पेश कर स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया जायेगा. फिर स्टैंडिंग कमेटी तमाम पक्षों से वार्ता कर बिल में संशोधन सुझायेगी. यानी बिल की राह लंबी और कठिन है लेकिन सरकार यह भी कह चुकी है कि कमर्शियल सरोगेसी के प्रावधान पर वह बहुत समझोता नहीं करेगी. हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र में इस बिल को किसी एक सदन में पेश कर स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया जायेगा. फिर स्टैंडिंग कमेटी तमाम पक्षों से वार्ता कर बिल में संशोधन सुझायेगी. यानी बिल की राह लंबी और कठिन है लेकिन सरकार यह भी कह चुकी है कि कमर्शियल सरोगेसी के प्रावधान पर वह बहुत समझोता नहीं करेगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आईवीएफ और सरोगेसी के एक्सपर्ट डॉक्टरों का आरोप सरकार ने यू टर्न लिया आरोप है कि बिल सेलिब्रिटी को ध्यान में रखकर बनाया गया कारोबारी सरोगेसी पर पाबंदी लगाने वाले बिल की कड़ी आलोचना एक खत के जरिए
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['hin']
एक सारांश बनाओ: जो उम्मीद की जा रही थी वही हुआ, भारत और वेस्टइंडीज के बीच एंटीगा के सर विवियन रिचर्ड्स मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच को टीम इंडिया ने एक पारी और 92 रन से जीत लिया। रविचंद्रन अश्विन की फिरकी के सामने वेस्टइंडीज के बल्लेबाज संघर्ष करते हुए नज़र आए। अश्विन ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया। पहली पारी में 323 रन से पीछे चल रही वेस्टइंडीज टीम दूसरी पारी में भी सिर्फ 231 रन बनाकर ऑल-आउट हो गई और एक पारी व 92 रन से मैच हार गई। अश्विन ने अपने ज़ज़्बे और स्पिन के जादू से वेस्टइंडीज के सात बल्लेबाज़ों को पवेलियन लौटाया। तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक वेस्टइंडीज ने फॉलोऑन खेलते हुए अपनी दूसरी पारी में 1 विकेट के नुकसान पर 21 रन बना लिए थे। चौथे दिन वेस्टइंडीज की शुरुआत काफी खराब रही। उमेश यादव के पहले ओवर में डैरेन ब्रावो (10) अजिंक्ये रहाणे को कैच दे बैठे। तीसरे विकेट के लिए राजेंद्र चन्द्रिका और मार्लन सैमुएल्स के बीच 67 रन की साझेदारी हुई। इन दोनों की साझेदारी तोड़ने में रविचंद्रन अश्विन कामयाब हुए। अश्विन की गेंद पर चन्द्रिका 31 रन बनाकर आउट हुए, तब वेस्टइंडीज का स्कोर 88 रन था। अब अश्विन रुकने वाले नहीं थे। जर्मेन ब्लैकवुड (0) रन बनाकर अश्विन का शिकार हुए। वेस्टइंडीज की तरफ से सबसे अनुभवी बल्लेबाज मार्लन सैमुएल्स ने शानदार खेल दिखाते हुए एक छोर संभाले रखा। लेकिन सैमुएल्स जब 50 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब रविचंद्रन अश्विन की एक शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए। सैमुएल्स के आउट हो जाने के बाद वेस्टइंडीज की हार लगभग तय हो गई थी। रोस्टन चेस (8) जब अश्विन का शिकार बने तब वेस्टइंडीज का स्कोर छह विकेट पर 120 रन था। पहली पारी में 57 रन बनाने वाले शेन दौरीच को अमित मिश्रा ने एलबीडबल्यू आउट किया। दौरिच सिर्फ 9 रन बना पाए। कप्तान होल्डर भी कुछ ज्यादा नहीं कर पाए। होल्डर को अश्विन ने आठवें विकेट के रूप में सिर्फ 16 रन पर आउट कर दिया, तब वेस्टइंडीज का स्कोर सिर्फ 132 रन था। निचले क्रम के बल्लेबाज कार्लोस ब्रैथवेट और देवेन्द्र बिशू भारत की जीत के सामने दिवार की तरह खड़े रहे। बिशू और ब्रैथवेट के बीच 95 रन की साझेदारी हुई। ब्रैथवेट ने शानदार बल्‍लेबाजी करते हुए 82 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का चौथा अर्धशतक पूरा किया। बिशू को रविचंद्रन अश्विन ने आउट किया। बिशू 45 रन बनाकर आउट हुए। जबकि ब्रैथवेट 51 रन पर नॉट आउट रहे। आखिरी विकेट के रूप में गैब्रिएल चार रन बनाकर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए। टीम इंडिया की तरफ से रवि‍चन्द्रन अश्विन को सबसे ज्यादा सात विकेट मिले, जबकि अमित मिश्रा, उमेश यादव और इशांत शर्मा को एक एक विकेट मिला।टिप्पणियां पहली पारी में टीम इंडिया ने 566 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने शानदार 200 रन बनाए थे। रविचंद्रन अश्विन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन बनाए थे। शिखर धवन ने 84 और अमित मिश्रा ने भी 53 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन बनाए थे। पहली पारी में वेस्टइंडीज की तरफ से क्रैग ब्रैथवेट ने सर्वाधिक 74 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था। पहली पारी में 323 रन से पीछे चल रही वेस्टइंडीज टीम दूसरी पारी में भी सिर्फ 231 रन बनाकर ऑल-आउट हो गई और एक पारी व 92 रन से मैच हार गई। अश्विन ने अपने ज़ज़्बे और स्पिन के जादू से वेस्टइंडीज के सात बल्लेबाज़ों को पवेलियन लौटाया। तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक वेस्टइंडीज ने फॉलोऑन खेलते हुए अपनी दूसरी पारी में 1 विकेट के नुकसान पर 21 रन बना लिए थे। चौथे दिन वेस्टइंडीज की शुरुआत काफी खराब रही। उमेश यादव के पहले ओवर में डैरेन ब्रावो (10) अजिंक्ये रहाणे को कैच दे बैठे। तीसरे विकेट के लिए राजेंद्र चन्द्रिका और मार्लन सैमुएल्स के बीच 67 रन की साझेदारी हुई। इन दोनों की साझेदारी तोड़ने में रविचंद्रन अश्विन कामयाब हुए। अश्विन की गेंद पर चन्द्रिका 31 रन बनाकर आउट हुए, तब वेस्टइंडीज का स्कोर 88 रन था। अब अश्विन रुकने वाले नहीं थे। जर्मेन ब्लैकवुड (0) रन बनाकर अश्विन का शिकार हुए। वेस्टइंडीज की तरफ से सबसे अनुभवी बल्लेबाज मार्लन सैमुएल्स ने शानदार खेल दिखाते हुए एक छोर संभाले रखा। लेकिन सैमुएल्स जब 50 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब रविचंद्रन अश्विन की एक शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए। सैमुएल्स के आउट हो जाने के बाद वेस्टइंडीज की हार लगभग तय हो गई थी। रोस्टन चेस (8) जब अश्विन का शिकार बने तब वेस्टइंडीज का स्कोर छह विकेट पर 120 रन था। पहली पारी में 57 रन बनाने वाले शेन दौरीच को अमित मिश्रा ने एलबीडबल्यू आउट किया। दौरिच सिर्फ 9 रन बना पाए। कप्तान होल्डर भी कुछ ज्यादा नहीं कर पाए। होल्डर को अश्विन ने आठवें विकेट के रूप में सिर्फ 16 रन पर आउट कर दिया, तब वेस्टइंडीज का स्कोर सिर्फ 132 रन था। निचले क्रम के बल्लेबाज कार्लोस ब्रैथवेट और देवेन्द्र बिशू भारत की जीत के सामने दिवार की तरह खड़े रहे। बिशू और ब्रैथवेट के बीच 95 रन की साझेदारी हुई। ब्रैथवेट ने शानदार बल्‍लेबाजी करते हुए 82 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का चौथा अर्धशतक पूरा किया। बिशू को रविचंद्रन अश्विन ने आउट किया। बिशू 45 रन बनाकर आउट हुए। जबकि ब्रैथवेट 51 रन पर नॉट आउट रहे। आखिरी विकेट के रूप में गैब्रिएल चार रन बनाकर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए। टीम इंडिया की तरफ से रवि‍चन्द्रन अश्विन को सबसे ज्यादा सात विकेट मिले, जबकि अमित मिश्रा, उमेश यादव और इशांत शर्मा को एक एक विकेट मिला।टिप्पणियां पहली पारी में टीम इंडिया ने 566 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने शानदार 200 रन बनाए थे। रविचंद्रन अश्विन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन बनाए थे। शिखर धवन ने 84 और अमित मिश्रा ने भी 53 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन बनाए थे। पहली पारी में वेस्टइंडीज की तरफ से क्रैग ब्रैथवेट ने सर्वाधिक 74 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था। तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक वेस्टइंडीज ने फॉलोऑन खेलते हुए अपनी दूसरी पारी में 1 विकेट के नुकसान पर 21 रन बना लिए थे। चौथे दिन वेस्टइंडीज की शुरुआत काफी खराब रही। उमेश यादव के पहले ओवर में डैरेन ब्रावो (10) अजिंक्ये रहाणे को कैच दे बैठे। तीसरे विकेट के लिए राजेंद्र चन्द्रिका और मार्लन सैमुएल्स के बीच 67 रन की साझेदारी हुई। इन दोनों की साझेदारी तोड़ने में रविचंद्रन अश्विन कामयाब हुए। अश्विन की गेंद पर चन्द्रिका 31 रन बनाकर आउट हुए, तब वेस्टइंडीज का स्कोर 88 रन था। अब अश्विन रुकने वाले नहीं थे। जर्मेन ब्लैकवुड (0) रन बनाकर अश्विन का शिकार हुए। वेस्टइंडीज की तरफ से सबसे अनुभवी बल्लेबाज मार्लन सैमुएल्स ने शानदार खेल दिखाते हुए एक छोर संभाले रखा। लेकिन सैमुएल्स जब 50 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब रविचंद्रन अश्विन की एक शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए। सैमुएल्स के आउट हो जाने के बाद वेस्टइंडीज की हार लगभग तय हो गई थी। रोस्टन चेस (8) जब अश्विन का शिकार बने तब वेस्टइंडीज का स्कोर छह विकेट पर 120 रन था। पहली पारी में 57 रन बनाने वाले शेन दौरीच को अमित मिश्रा ने एलबीडबल्यू आउट किया। दौरिच सिर्फ 9 रन बना पाए। कप्तान होल्डर भी कुछ ज्यादा नहीं कर पाए। होल्डर को अश्विन ने आठवें विकेट के रूप में सिर्फ 16 रन पर आउट कर दिया, तब वेस्टइंडीज का स्कोर सिर्फ 132 रन था। निचले क्रम के बल्लेबाज कार्लोस ब्रैथवेट और देवेन्द्र बिशू भारत की जीत के सामने दिवार की तरह खड़े रहे। बिशू और ब्रैथवेट के बीच 95 रन की साझेदारी हुई। ब्रैथवेट ने शानदार बल्‍लेबाजी करते हुए 82 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का चौथा अर्धशतक पूरा किया। बिशू को रविचंद्रन अश्विन ने आउट किया। बिशू 45 रन बनाकर आउट हुए। जबकि ब्रैथवेट 51 रन पर नॉट आउट रहे। आखिरी विकेट के रूप में गैब्रिएल चार रन बनाकर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए। टीम इंडिया की तरफ से रवि‍चन्द्रन अश्विन को सबसे ज्यादा सात विकेट मिले, जबकि अमित मिश्रा, उमेश यादव और इशांत शर्मा को एक एक विकेट मिला।टिप्पणियां पहली पारी में टीम इंडिया ने 566 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने शानदार 200 रन बनाए थे। रविचंद्रन अश्विन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन बनाए थे। शिखर धवन ने 84 और अमित मिश्रा ने भी 53 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन बनाए थे। पहली पारी में वेस्टइंडीज की तरफ से क्रैग ब्रैथवेट ने सर्वाधिक 74 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था। वेस्टइंडीज की तरफ से सबसे अनुभवी बल्लेबाज मार्लन सैमुएल्स ने शानदार खेल दिखाते हुए एक छोर संभाले रखा। लेकिन सैमुएल्स जब 50 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब रविचंद्रन अश्विन की एक शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए। सैमुएल्स के आउट हो जाने के बाद वेस्टइंडीज की हार लगभग तय हो गई थी। रोस्टन चेस (8) जब अश्विन का शिकार बने तब वेस्टइंडीज का स्कोर छह विकेट पर 120 रन था। पहली पारी में 57 रन बनाने वाले शेन दौरीच को अमित मिश्रा ने एलबीडबल्यू आउट किया। दौरिच सिर्फ 9 रन बना पाए। कप्तान होल्डर भी कुछ ज्यादा नहीं कर पाए। होल्डर को अश्विन ने आठवें विकेट के रूप में सिर्फ 16 रन पर आउट कर दिया, तब वेस्टइंडीज का स्कोर सिर्फ 132 रन था। निचले क्रम के बल्लेबाज कार्लोस ब्रैथवेट और देवेन्द्र बिशू भारत की जीत के सामने दिवार की तरह खड़े रहे। बिशू और ब्रैथवेट के बीच 95 रन की साझेदारी हुई। ब्रैथवेट ने शानदार बल्‍लेबाजी करते हुए 82 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का चौथा अर्धशतक पूरा किया। बिशू को रविचंद्रन अश्विन ने आउट किया। बिशू 45 रन बनाकर आउट हुए। जबकि ब्रैथवेट 51 रन पर नॉट आउट रहे। आखिरी विकेट के रूप में गैब्रिएल चार रन बनाकर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए। टीम इंडिया की तरफ से रवि‍चन्द्रन अश्विन को सबसे ज्यादा सात विकेट मिले, जबकि अमित मिश्रा, उमेश यादव और इशांत शर्मा को एक एक विकेट मिला।टिप्पणियां पहली पारी में टीम इंडिया ने 566 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने शानदार 200 रन बनाए थे। रविचंद्रन अश्विन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन बनाए थे। शिखर धवन ने 84 और अमित मिश्रा ने भी 53 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन बनाए थे। पहली पारी में वेस्टइंडीज की तरफ से क्रैग ब्रैथवेट ने सर्वाधिक 74 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था। रोस्टन चेस (8) जब अश्विन का शिकार बने तब वेस्टइंडीज का स्कोर छह विकेट पर 120 रन था। पहली पारी में 57 रन बनाने वाले शेन दौरीच को अमित मिश्रा ने एलबीडबल्यू आउट किया। दौरिच सिर्फ 9 रन बना पाए। कप्तान होल्डर भी कुछ ज्यादा नहीं कर पाए। होल्डर को अश्विन ने आठवें विकेट के रूप में सिर्फ 16 रन पर आउट कर दिया, तब वेस्टइंडीज का स्कोर सिर्फ 132 रन था। निचले क्रम के बल्लेबाज कार्लोस ब्रैथवेट और देवेन्द्र बिशू भारत की जीत के सामने दिवार की तरह खड़े रहे। बिशू और ब्रैथवेट के बीच 95 रन की साझेदारी हुई। ब्रैथवेट ने शानदार बल्‍लेबाजी करते हुए 82 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का चौथा अर्धशतक पूरा किया। बिशू को रविचंद्रन अश्विन ने आउट किया। बिशू 45 रन बनाकर आउट हुए। जबकि ब्रैथवेट 51 रन पर नॉट आउट रहे। आखिरी विकेट के रूप में गैब्रिएल चार रन बनाकर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए। टीम इंडिया की तरफ से रवि‍चन्द्रन अश्विन को सबसे ज्यादा सात विकेट मिले, जबकि अमित मिश्रा, उमेश यादव और इशांत शर्मा को एक एक विकेट मिला।टिप्पणियां पहली पारी में टीम इंडिया ने 566 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने शानदार 200 रन बनाए थे। रविचंद्रन अश्विन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन बनाए थे। शिखर धवन ने 84 और अमित मिश्रा ने भी 53 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन बनाए थे। पहली पारी में वेस्टइंडीज की तरफ से क्रैग ब्रैथवेट ने सर्वाधिक 74 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था। निचले क्रम के बल्लेबाज कार्लोस ब्रैथवेट और देवेन्द्र बिशू भारत की जीत के सामने दिवार की तरह खड़े रहे। बिशू और ब्रैथवेट के बीच 95 रन की साझेदारी हुई। ब्रैथवेट ने शानदार बल्‍लेबाजी करते हुए 82 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का चौथा अर्धशतक पूरा किया। बिशू को रविचंद्रन अश्विन ने आउट किया। बिशू 45 रन बनाकर आउट हुए। जबकि ब्रैथवेट 51 रन पर नॉट आउट रहे। आखिरी विकेट के रूप में गैब्रिएल चार रन बनाकर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए। टीम इंडिया की तरफ से रवि‍चन्द्रन अश्विन को सबसे ज्यादा सात विकेट मिले, जबकि अमित मिश्रा, उमेश यादव और इशांत शर्मा को एक एक विकेट मिला।टिप्पणियां पहली पारी में टीम इंडिया ने 566 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने शानदार 200 रन बनाए थे। रविचंद्रन अश्विन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन बनाए थे। शिखर धवन ने 84 और अमित मिश्रा ने भी 53 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन बनाए थे। पहली पारी में वेस्टइंडीज की तरफ से क्रैग ब्रैथवेट ने सर्वाधिक 74 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था। आखिरी विकेट के रूप में गैब्रिएल चार रन बनाकर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए। टीम इंडिया की तरफ से रवि‍चन्द्रन अश्विन को सबसे ज्यादा सात विकेट मिले, जबकि अमित मिश्रा, उमेश यादव और इशांत शर्मा को एक एक विकेट मिला।टिप्पणियां पहली पारी में टीम इंडिया ने 566 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने शानदार 200 रन बनाए थे। रविचंद्रन अश्विन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन बनाए थे। शिखर धवन ने 84 और अमित मिश्रा ने भी 53 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन बनाए थे। पहली पारी में वेस्टइंडीज की तरफ से क्रैग ब्रैथवेट ने सर्वाधिक 74 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था। पहली पारी में टीम इंडिया ने 566 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने शानदार 200 रन बनाए थे। रविचंद्रन अश्विन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन बनाए थे। शिखर धवन ने 84 और अमित मिश्रा ने भी 53 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन बनाए थे। पहली पारी में वेस्टइंडीज की तरफ से क्रैग ब्रैथवेट ने सर्वाधिक 74 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था। पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पहली पारी में उमेश यादव ने 41 रन देकर चार विकेट लिए थे, जबकि मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में अमित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा को पहली पारी में कोई भी विकेट नहीं मिला था।
सारांश: वेस्‍टइंडीज ने पहली पारी में 243 और दूसरी पारी में 231 रन बनाए पहली पारी में खाली हाथ रहे, अश्विन ने दूसरी पारी में झटके 7 विकेट विराट कोहली ने इस मैच में अपने करियर का पहला दोहरा शतक जड़ा
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले नब्बे दिनों में सौ से अधिक सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. उनका देश भर का दौरा चुनावों के ऐलान से पहले शुरू हुआ था. जनवरी से अब तक उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी तक दौरे किए. पीएम मोदी ने जनवरी के पहले सप्ताह में पंजाब के गुरुदासपुर से दौरा शुरू किया था. उन्होंने बाईस राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा किया. उन्होंने एक ही दिन में जम्मू-कश्मीर के तीनों क्षेत्रों जम्मू, श्रीनगर और लेह का दौरा किया. वे उत्तर-पूर्व के चार राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा भी गए. पीएम मोदी ने पिछले तीन माह में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के दौरे किए. वे अपने चुनाव क्षेत्र बनारस में चार बार गए. वहां कई योजनाओं की शुरुआत की. उन्होंने अपने कार्यकाल में पूरे किए गए कई विकास कार्यों का उद्घाटन भी किया और कनेक्टिविटी पर जोर दिया. पीएम मोदी का फोकस नए हाईवे शुरू करने और मेट्रो नेटवर्क पर रहा. लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले पीएम मोदी की 100 रैलियां पीएम मोदी ने अहमदाबाद और नागपुर मेट्रो देश को समर्पित कीं. इसके अलावा गाजियाबाद तक मेट्रो शुरू की, लखनऊ मेट्रो की एक लाइन शुरू की. उन्होंने पटना और कानपुर में मेट्रो की आधारशिला रखी और अहमदाबाद मेट्रो का दूसरा चरण शुरू किया.
संक्षिप्त सारांश: पीएम मोदी ने बाईस राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा किया एक दिन में जम्मू-कश्मीर के तीनों क्षेत्रों जम्मू, श्रीनगर और लेह का दौरा उत्तर-पूर्व के चार राज्यों असम, अरुणाचल, मणिपुर और त्रिपुरा भी गए
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के बदनाम वैज्ञानिक एक्यू खान ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने परमाणु बम बनाने के लिए जरूरी तकनीक और संवेदनशील उपकरणों को हासिल करने की एवज में पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारियों को लाखों डॉलर की घूस दी थी। समाचार पत्र की वेबसाइट ने उत्तर कोरिया की वर्कर्स पार्टी के सचिव जॉन ब्योंगहो की ओर से एक्यू खान को भेजे गए पत्र के हवाले से यह दावा किया है। 15 जुलाई, 1998 को भेजे गए इस वत्र में ब्योंगहो ने इस्लामाबाद में उत्तरी कोरिया के दूतावास को जरूरी दस्तावेज और उपकरण मुहैया कराने के लिए कहा था। उस वक्त खान कहूटा अनुसंधान केंद्र के परियोजना निदेशक थे। अखबार का कहना है कि इस पत्र की विश्वसनीयता की पुष्टि अमेरिका और पश्चिमी देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने की है। इस पत्र में जॉन ने कहा, पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल जे करामत को 30 लाख डॉलर पहले दिए जा चुके हैं। जनरल जुल्फिकार खान को पांच लाख डॉलर एवं तीन हीरों के सेट दिए गए थे। करामत और खान ने आरोपों से इनकार किया है। लाहौर से भेजे ई-मेल में करामत ने कहा कि एक्यू खान ने परमाणु तकनीक के प्रसार की अपनी निजी करतूत को दूसरों पर डालने की कोशिश की थी।
संक्षिप्त सारांश: पाक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि उ. कोरिया ने परमाणु बम के लिए पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारियों को लाखों डॉलर की घूस दी थी।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े ने कहा कि कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए वह तैयार है लेकिन केंद्र को राज्य के लोगों की भावनाओं की राजनीतिक स्तर पर गंभीरता दिखानी होगी। धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुक ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वार्ताकारों का प्रयोग असफल रहा है। उन्होंने कहा, अगर केंद्र सरकार कश्मीर समस्या के समाधान को लेकर गंभीर है तो उन्हें राज्य के लोगों की राजनीतिक भावनाओं की राजनीतिक स्तर पर कद्र करनी होगी। हुर्रियत नेता ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और कश्मीरी लोगों के बीच वार्ता के माध्यम से हुर्रियत मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है और अभी तक पेश किए गए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा करने को इच्छुक है। उन्होंने कहा, अगर दोनों देशों के नेता क्रिकेट मैच पर बैठक कर सकते हैं और वार्ता कर सकते हैं तो वे कश्मीर पर ऐसा ही क्यों नहीं कर सकते हैं? बिलाल गनी लोन सहित कई अन्य अलगाववादी नेताओं ने रैली को संबोधित किया।
संक्षिप्त सारांश: धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुक ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वार्ताकारों का प्रयोग असफल रहा है।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: झारखंड (Jharkhand Assembly Election 2019) में दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार अब ज़ोर पकड़ता जा रहा है. लेकिन सबकी निगाहें दूसरे जमशेदपुर पूर्व की सीट पर टिकी हुई है. इसलिए नहीं कि मुख्यमंत्री रघुवर दास वहां से छठी बार विधायक बनने की रेस में हैं बल्कि इसलिए लोगों की दिलचस्पी इस बार कुछ ज़्यादा दिख रही है क्योंकि चुनाव मैदान में उनको चुनौती देने वाले के मंत्रिमंडल के सहयोगी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सरयू राय हैं. सरयू राय को पार्टी ने विधिवत रूप से निलम्बित कर दिया है. मंगलवार को रघुबर दास के समर्थन में प्रचार करने ख़ुद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जमशेदपुर पहुंचे.  सरयू राय वही शख़्स हैं जिनके बारे में बीजेपी की नई दिल्ली में टिकट के बंटवारे में नामों का जब फ़ैसला हो रहा था. तब पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने उनके नाम पर खुलकर अपनी असहमति जतायी थी और और एक नहीं कई कारण उनको टिकट ना देने के गिनाये थे. लेकिन साथ ही साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न केवल उनकी उम्मीदवारी का खुलकर समर्थन किया बल्कि माना कि उनके जैसी व्यक्ति को टिकट न मिलने से उन्हें हैरानी हुई. नीतीश ने तो यहां तक कह डाला कि जब 10 वर्ष पूर्व  सरयू राय चुनाव हार गए थे तब उन्होंने उन्हें वापस बिहार आने का न्यौता दिया था. लेकिन बक़ौल नीतीश सरयू राय उस समय BJP छोड़ने के मूड में नहीं थे. भारतीय जनता पार्टी के एक और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी राय के समर्थन में ट्वीट कर उन्हें टिकट न देने पर आश्चर्य व्यक्त किया है. स्वामी ने प्रधान मंत्री को उन्हें अगला मुख्य मंत्री बनाने की भी अपील की है. इसके अलावा वर्तमान में वो झारखंड मुक्ति मोर्चा हो या आरजेडी के लालू यादव सबने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को राय के समर्थन में काम करने का निर्देश दिया है.  लेकिन सवाल यह है कि आख़िर ये सरयू राय कौन हैं जिनसे अमित शाह को इतनी चिढ़ और नीतीश कुमार को इतना प्रेम है. बक़ौल नीतीश कुमार जानते हैं  उनको जब छात्र जीवन में ख़ासकर JP आंदोलन में एक साथ काम करते थे. उस समय नीतीश कुमार समाजवादी युवजन सभा में थे और सरयू राय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सक्रिय कार्यकर्त. दोनों पटना साइंस कॉलेज में भी साथ थे और आज तक इन दोनो नेताओं के बारे में एक बात सामान्य है की ये अपने दोस्तों के लिए ख़ासकर कॉलेज और स्कूल के दिनों के दोस्तों को कभी भूलते नहीं और इसके लिए वो किसी से भी लड़ सकते हैं और किसी से भी मदद माँग सकते हैं. लेकिन सरयू राय अस्सी के दशक में दो कारणो से चर्चा में आये. एक कांग्रेसी राज में जेपी की प्रतिमा लगाने में जिसमें इन लोगों को काफ़ी संघर्ष करना पड़ा. पटना एक मात्र शहर होगा जहां नेहरु और इंदिरा के मूर्ति नहीं लेकिन जेपी के दो प्रमुख चौराहों पर मूर्ति लगी हैं.  दूसरी कोआपरेटिव माफ़िया के ख़िलाफ़ जब उन्होंने आवाज़ बुलंद की.  उस दौर में कोई सोच नहीं सकता था कि आख़िर इस सहकारिता माफ़िया से कोई लोहा ले सकता है. लेकिन सरयू राय ने जब घटिया खाद के कारण किसानों के फ़सल बर्बाद का मुद्दा मीडिया, कोर्ट सब जगह आवाज़ उठायी और जब कांग्रेस पार्टी के ही भागवत झा आज़ाद की सरकार बनी तो उनके रिपोर्ट के आधार पर सब सहकारिता समिति को भंग किया गया और अब केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह बिसकोमान के पहले प्रशासक बने.  लेकिन जब 1990 में लालू यादव की सरकार बनी तो उन्हें कृषि और सिंचाई से सम्बंधित विषय पर जानकारी और रुचि के कारण तत्कालीन सिंचाई मंत्री जगदानंद सिंह ने सिंचाई आयोग का सदस्य बनाया लेकिन दो वर्षों के अंदर राय का मोहभंग लालू यादव से इस आधार पर हो गया था कि वो वित्त मामलों में काफ़ी नियम क़ानून को ताक पर रखकर काम कर रहे थे और राय स्थानीय हिंदी अख़बार में उसके बारे में लिखना शुरू किया.   लेकिन लालू इस समय लोकप्रियता के शिखर पर जा रहे थे इसलिए उन्हें इन सभी लेख की कोई परवाह नहीं की. राय के बहाने उन्होंने नीतीश कुमार को बहुत कुछ सुनाया था. क्योंकि लालू, नीतीश और सरयू राय के सम्बंध से भली भांति परिचित थे. ये वो दौर था जब अमित शाह अपने पाइप के बिज़नेस के सिलसिले में भुगतान के सम्बंध में लालू यादव के मुख्यमंत्री आवास का चक्कर लगाते थे. ये बात हाल के दिन में ख़ुद बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक सभा में लोगों को बताया.  जहां तक चारा घोटाले का सम्बंध हैं निश्चित रूप से इस घोटाले के पीछे दस्तावेज़ देने वाले सूत्र सबको मालूम थे लेकिन उनकी बातों पर सरयू राय के अलावा कोई विश्वास नहीं करता था या आप कहिए राय एक मात्र व्यक्ति थे जिन्हें घोटाले के असल स्वरूप के बारे में विश्वास था. बहरहाल जब घोटाला सीएजी रिपोर्ट के आधार पर सामने आया तो सारा पीआईएल ड्राफ़्ट करने का ज़िम्मा राय ने रविशंकर प्रसाद को दिया क्योंकि उन्हें एक आशंका थी कि अगर BJP के वरिष्ठ वकीलों को भी इस काम का ज़िम्मा दिया जाएगा तो लालू यादव उनको मैनेज कर सकते हैं.  ये भी सच है कि चारा घोटाले में उस समय BJP हाथ डालने से इसलिए बच रही थी कि उनके राँची के कई नेता इस घोटाले के माफ़ियाओं से उनके संबंध जगजाहिर थे और पार्टी को लग रहा था कि वो जितना इसे उछालेगी उसके छींटे पार्टी  के ऊपर पड़ सकते हैं. उस समय केएन गोविंदाचार्य की तूती बोलती थी जिन्होंने बिहार BJP में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए सुशील मोदी , नंद किशोर यादव , सरयू राय जैसे नेताओं को आगे किया और 1996 के लोकसभा चुनाव से सरयूराय को आज के झारखंड और उस समय 14 लोक सभाक्षेत्रों का प्रभार दे दिया था यहां BJP का स्ट्राइक रेट हमेशा बेहतर रहा.  जब अलग झारखंड राज्य का गठन दो हज़ार में हुआ तब उनकी एक भूमिका एक संकटमोचक की तौर पर रही. हालांकि उस समय वो बिहार विधान परिषद के सदस्य थे इसलिए झारखंड सरकार में सीधे शामिल नहीं हो सकते थे लेकिन जब पहली सरकार बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में बनी तो वो भी एक अल्पमत की सरकार थी और वो सरकार जनता दल यूनाइटेड के ऊपर निर्भर रहती थी.   इन लोगों को मनाना फुसलाना इन सभी कामों का ज़िम्मा सरयू राय के जिम्मे था.  बाद में 2005 में जमशेदपुर से वो विधायक भी हुए लेकिन उस समय भाजपा की सरकार बहुत कम दिनों के लिए बन पाई और अब तक का सबसे विवादास्पद मधु कोडा की सरकार बनी जो एक निर्दलीय विधायक थे जिनको बाहर से JMM कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बनाया गया था.  इस दौर में लूटखसोट चरम पर था और उनके मंत्रिमंडल के अधिकांश लोगों पर घोटाले का ना केवल आरोप लगा बल्कि मामले भी चली उन्हें जेल भी जाना पड़ा उन्हीं में से 1 आरोपी को को BJP ने इस बार के चुनाव में अपनी पार्टी में शामिल कराकर उसे पार्टी का उम्मीदवार भी बनाया. साल 2014 के शासनकाल में सरयू राय मंत्री तो बने लेकिन धीरे धीरे रघुवर दास ने उसे एक के बाद एक विभाग ले लिया और एक ऐसा समय आया जब राय ने मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेना ही बंद कर दिया जो उनके टिकट काटने में एक मुख्य आधार भी था. फ़िलहाल राय भले ही जमशेदपुर पूर्व से चुनाव जीतें या हारें लेकिन पूरे झारखंड की राजनीति में विपक्षी दलों को उन्होंने एक मुद्दा तो दे दिया है कि जो भ्रष्टाचार उन्मूलन का दावा करने वाली BJP ने उनके जैसे घोटाले उजागर करने वाले को टिकट से बेदख़ल कर दिया और 130 करोड़ की दवा घोटाले के आरोपी भानू प्रताप ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल कराकर टिकट से सम्मानित किया.
सारांश: झारखंड में विधानसभा चुनाव सरयू राय बीजेपी से निलंबित सीएम के खिलाफ भरा पर्चा
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में तीन चौथाई सीटों पर ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी में उत्साह का माहौल है. ऐसे में पार्टी जिसने चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा नहीं की थी अब इस चेहरे के लिए गहन मंत्रणा कर रही है. कहा जा रहा है कि यूपी में मुख्यमंत्री के चेहरा 14 मार्च के बाद साफ होगा. चुनाव बाद होली का त्योहार पड़ जाने की वजह से पार्टी ने अपने नेताओं को होली और जीत का जश्न मनाने की छूट दे दी थी. अब माना जा रहा है कि होली के बाद विधायक दल की जल्द बैठक की जाएगी जिसमें सबकी राय जानने का प्रयास पार्टी के पर्यवेक्षकों द्वारा किया जाएगा. कहा जा रहा है कि इस काम के लिए पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक सभी विधायकों से बात करेंगे और फिर वह अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को देंगे. पार्टी में यह साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री पद का फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगी. वैसे जानकारी के लिए बता दें कि इस चुनाव में जीत का सेहरा पार्टी अध्यक्ष पर ही पार्टी नेताओं ने बांधा है. इतना ही नहीं खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस जीत का सेहरा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और उनकी रणनीति को दिया है. इसलिए पार्टी ने सीएम पद के चेहरे पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकारी भी पार्टी अध्यक्ष पर छोड़ दिया है. यह बात संसदीय बोर्ड के सदस्य भी कह रहे हैं. पार्टी के नेता भी यह बता रहे हैं कि यूपी में भी पार्टी किसी ऐसे चेहरे पर दांव खेलना चाहती है जो बहुत ज्यादा चर्चित न रहा हो. पार्टी झारखंड और हरियाणा में ऐसा पहले भी कर चुकी है. अब यूपी में भी ऐसा ही होने की संभावना है. कहा जा रहा है कि पार्टी यूपी के लिए भी पार्टी के किसी वरिष्ठ विश्वनीय नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए चुने. बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में संसदीय बोर्ड की बैठक हुई थी. इसमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली समेत दूसरे सदस्य उपस्थित थे. कहा जा रहा है कि लगभग आधे घंटे तक चली इस बैठक में किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन इस काम को अंजाम देने के लिए पर्यवेक्षक का नाम तय किया गया. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसा नेता चुनना चाहती है जिसका पार्टी में भी कोई विरोध न हो और जो राज्य की कमान भी अच्छे से संभाल सके. इसके लिए पार्टी ऐसे नेता का चयन करना चाहती है जो प्रशासनिक अनुभव भी रखता हो. ऐसा ही नेता पार्टी उत्तराखंड के लिए भी चुनना चाहती है.टिप्पणियां इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा, महेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, हृदयनारायण दीक्षित जैसे कई नेता इस लिस्ट में आते हैं. अब इस सारी बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा था- 'कई ऐसे चेहरे आए हैं जिसे कोई नहीं जानता, कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आए. लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि वह आपकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे. उनके इरादे में कोई खोट नहीं होगी.' चुनाव बाद होली का त्योहार पड़ जाने की वजह से पार्टी ने अपने नेताओं को होली और जीत का जश्न मनाने की छूट दे दी थी. अब माना जा रहा है कि होली के बाद विधायक दल की जल्द बैठक की जाएगी जिसमें सबकी राय जानने का प्रयास पार्टी के पर्यवेक्षकों द्वारा किया जाएगा. कहा जा रहा है कि इस काम के लिए पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक सभी विधायकों से बात करेंगे और फिर वह अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को देंगे. पार्टी में यह साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री पद का फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगी. वैसे जानकारी के लिए बता दें कि इस चुनाव में जीत का सेहरा पार्टी अध्यक्ष पर ही पार्टी नेताओं ने बांधा है. इतना ही नहीं खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस जीत का सेहरा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और उनकी रणनीति को दिया है. इसलिए पार्टी ने सीएम पद के चेहरे पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकारी भी पार्टी अध्यक्ष पर छोड़ दिया है. यह बात संसदीय बोर्ड के सदस्य भी कह रहे हैं. पार्टी के नेता भी यह बता रहे हैं कि यूपी में भी पार्टी किसी ऐसे चेहरे पर दांव खेलना चाहती है जो बहुत ज्यादा चर्चित न रहा हो. पार्टी झारखंड और हरियाणा में ऐसा पहले भी कर चुकी है. अब यूपी में भी ऐसा ही होने की संभावना है. कहा जा रहा है कि पार्टी यूपी के लिए भी पार्टी के किसी वरिष्ठ विश्वनीय नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए चुने. बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में संसदीय बोर्ड की बैठक हुई थी. इसमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली समेत दूसरे सदस्य उपस्थित थे. कहा जा रहा है कि लगभग आधे घंटे तक चली इस बैठक में किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन इस काम को अंजाम देने के लिए पर्यवेक्षक का नाम तय किया गया. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसा नेता चुनना चाहती है जिसका पार्टी में भी कोई विरोध न हो और जो राज्य की कमान भी अच्छे से संभाल सके. इसके लिए पार्टी ऐसे नेता का चयन करना चाहती है जो प्रशासनिक अनुभव भी रखता हो. ऐसा ही नेता पार्टी उत्तराखंड के लिए भी चुनना चाहती है.टिप्पणियां इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा, महेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, हृदयनारायण दीक्षित जैसे कई नेता इस लिस्ट में आते हैं. अब इस सारी बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा था- 'कई ऐसे चेहरे आए हैं जिसे कोई नहीं जानता, कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आए. लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि वह आपकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे. उनके इरादे में कोई खोट नहीं होगी.' वैसे जानकारी के लिए बता दें कि इस चुनाव में जीत का सेहरा पार्टी अध्यक्ष पर ही पार्टी नेताओं ने बांधा है. इतना ही नहीं खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस जीत का सेहरा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और उनकी रणनीति को दिया है. इसलिए पार्टी ने सीएम पद के चेहरे पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकारी भी पार्टी अध्यक्ष पर छोड़ दिया है. यह बात संसदीय बोर्ड के सदस्य भी कह रहे हैं. पार्टी के नेता भी यह बता रहे हैं कि यूपी में भी पार्टी किसी ऐसे चेहरे पर दांव खेलना चाहती है जो बहुत ज्यादा चर्चित न रहा हो. पार्टी झारखंड और हरियाणा में ऐसा पहले भी कर चुकी है. अब यूपी में भी ऐसा ही होने की संभावना है. कहा जा रहा है कि पार्टी यूपी के लिए भी पार्टी के किसी वरिष्ठ विश्वनीय नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए चुने. बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में संसदीय बोर्ड की बैठक हुई थी. इसमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली समेत दूसरे सदस्य उपस्थित थे. कहा जा रहा है कि लगभग आधे घंटे तक चली इस बैठक में किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन इस काम को अंजाम देने के लिए पर्यवेक्षक का नाम तय किया गया. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसा नेता चुनना चाहती है जिसका पार्टी में भी कोई विरोध न हो और जो राज्य की कमान भी अच्छे से संभाल सके. इसके लिए पार्टी ऐसे नेता का चयन करना चाहती है जो प्रशासनिक अनुभव भी रखता हो. ऐसा ही नेता पार्टी उत्तराखंड के लिए भी चुनना चाहती है.टिप्पणियां इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा, महेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, हृदयनारायण दीक्षित जैसे कई नेता इस लिस्ट में आते हैं. अब इस सारी बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा था- 'कई ऐसे चेहरे आए हैं जिसे कोई नहीं जानता, कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आए. लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि वह आपकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे. उनके इरादे में कोई खोट नहीं होगी.' पार्टी के नेता भी यह बता रहे हैं कि यूपी में भी पार्टी किसी ऐसे चेहरे पर दांव खेलना चाहती है जो बहुत ज्यादा चर्चित न रहा हो. पार्टी झारखंड और हरियाणा में ऐसा पहले भी कर चुकी है. अब यूपी में भी ऐसा ही होने की संभावना है. कहा जा रहा है कि पार्टी यूपी के लिए भी पार्टी के किसी वरिष्ठ विश्वनीय नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए चुने. बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में संसदीय बोर्ड की बैठक हुई थी. इसमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली समेत दूसरे सदस्य उपस्थित थे. कहा जा रहा है कि लगभग आधे घंटे तक चली इस बैठक में किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन इस काम को अंजाम देने के लिए पर्यवेक्षक का नाम तय किया गया. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसा नेता चुनना चाहती है जिसका पार्टी में भी कोई विरोध न हो और जो राज्य की कमान भी अच्छे से संभाल सके. इसके लिए पार्टी ऐसे नेता का चयन करना चाहती है जो प्रशासनिक अनुभव भी रखता हो. ऐसा ही नेता पार्टी उत्तराखंड के लिए भी चुनना चाहती है.टिप्पणियां इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा, महेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, हृदयनारायण दीक्षित जैसे कई नेता इस लिस्ट में आते हैं. अब इस सारी बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा था- 'कई ऐसे चेहरे आए हैं जिसे कोई नहीं जानता, कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आए. लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि वह आपकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे. उनके इरादे में कोई खोट नहीं होगी.' बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में संसदीय बोर्ड की बैठक हुई थी. इसमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली समेत दूसरे सदस्य उपस्थित थे. कहा जा रहा है कि लगभग आधे घंटे तक चली इस बैठक में किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन इस काम को अंजाम देने के लिए पर्यवेक्षक का नाम तय किया गया. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसा नेता चुनना चाहती है जिसका पार्टी में भी कोई विरोध न हो और जो राज्य की कमान भी अच्छे से संभाल सके. इसके लिए पार्टी ऐसे नेता का चयन करना चाहती है जो प्रशासनिक अनुभव भी रखता हो. ऐसा ही नेता पार्टी उत्तराखंड के लिए भी चुनना चाहती है.टिप्पणियां इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा, महेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, हृदयनारायण दीक्षित जैसे कई नेता इस लिस्ट में आते हैं. अब इस सारी बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा था- 'कई ऐसे चेहरे आए हैं जिसे कोई नहीं जानता, कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आए. लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि वह आपकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे. उनके इरादे में कोई खोट नहीं होगी.' पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसा नेता चुनना चाहती है जिसका पार्टी में भी कोई विरोध न हो और जो राज्य की कमान भी अच्छे से संभाल सके. इसके लिए पार्टी ऐसे नेता का चयन करना चाहती है जो प्रशासनिक अनुभव भी रखता हो. ऐसा ही नेता पार्टी उत्तराखंड के लिए भी चुनना चाहती है.टिप्पणियां इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा, महेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, हृदयनारायण दीक्षित जैसे कई नेता इस लिस्ट में आते हैं. अब इस सारी बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा था- 'कई ऐसे चेहरे आए हैं जिसे कोई नहीं जानता, कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आए. लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि वह आपकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे. उनके इरादे में कोई खोट नहीं होगी.' इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा, महेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, हृदयनारायण दीक्षित जैसे कई नेता इस लिस्ट में आते हैं. अब इस सारी बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा था- 'कई ऐसे चेहरे आए हैं जिसे कोई नहीं जानता, कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आए. लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि वह आपकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे. उनके इरादे में कोई खोट नहीं होगी.' अब इस सारी बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब खुद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा था- 'कई ऐसे चेहरे आए हैं जिसे कोई नहीं जानता, कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आए. लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि वह आपकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे. उनके इरादे में कोई खोट नहीं होगी.'
यह एक सारांश है: यूपी में मुख्यमंत्री के चेहरा 14 मार्च के बाद साफ होगा. पार्टी ने अपने नेताओं को होली और जीत का जश्न मनाने की छूट दे दी थी. सबकी राय जानने का प्रयास पार्टी के पर्यवेक्षकों द्वारा किया जाएगा.
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: मशहूर सामाजिक हस्ती किम कार्डेशियन बेटी के जन्म की खबर सार्वजनिक करने की बात पर असमंजस में पड़ गई हैं। वह तय नहीं कर पा रही हैं कि उन्हें अपनी मां क्रिस जेनर की सलाह माननी चाहिए या अपने पुरुष मित्र केनी वेस्ट की। किम कार्डेशियन की मां अपनी नातिन के जन्म के बाद उसकी तस्वीरें बेचकर प्रसिद्धि और रुपये कमाना चाहती हैं, जबकि केनी चाहते हैं कि उनकी बेटी को मीडिया द्वारा जरूरत से ज्यादा प्रचारित न किया जाए। वेबसाइट राडारऑनलाइन.कॉम के अनुसार एक सूत्र ने कहा, "क्रिस जेनर हमेशा से किम कार्डेशियन की जिंदगी को अपने इशारों पर चलाती आईं हैं... अब उनकी मंशा है कि किम के बच्चे के माध्यम से जितना हो सके, पैसे कमाए जा सकें।"टिप्पणियां सूत्र ने कहा, "किम कार्डेशियन भी हर बात के लिए अपनी मां पर निर्भर रहती आई हैं, लेकिन अब वह असमंजस में हैं, क्योंकि केनी नहीं चाहते कि उनके बच्चे को मीडिया ज्यादा प्रचारित करे।" उल्लेखनीय है कि किम कार्डेशियन और केनी वेस्ट जुलाई महीने में माता-पिता बनने वाले हैं। वैसे उल्लेखनीय है कि अपने 72 दिन तक पति रहे क्रिस हम्फ्रीज़ से किम कार्डेशियन का तलाक भी औपचारिक रूप से हो गया है, और अब वह केनी वेस्ट से शादी कर सकती हैं। किम कार्डेशियन की मां अपनी नातिन के जन्म के बाद उसकी तस्वीरें बेचकर प्रसिद्धि और रुपये कमाना चाहती हैं, जबकि केनी चाहते हैं कि उनकी बेटी को मीडिया द्वारा जरूरत से ज्यादा प्रचारित न किया जाए। वेबसाइट राडारऑनलाइन.कॉम के अनुसार एक सूत्र ने कहा, "क्रिस जेनर हमेशा से किम कार्डेशियन की जिंदगी को अपने इशारों पर चलाती आईं हैं... अब उनकी मंशा है कि किम के बच्चे के माध्यम से जितना हो सके, पैसे कमाए जा सकें।"टिप्पणियां सूत्र ने कहा, "किम कार्डेशियन भी हर बात के लिए अपनी मां पर निर्भर रहती आई हैं, लेकिन अब वह असमंजस में हैं, क्योंकि केनी नहीं चाहते कि उनके बच्चे को मीडिया ज्यादा प्रचारित करे।" उल्लेखनीय है कि किम कार्डेशियन और केनी वेस्ट जुलाई महीने में माता-पिता बनने वाले हैं। वैसे उल्लेखनीय है कि अपने 72 दिन तक पति रहे क्रिस हम्फ्रीज़ से किम कार्डेशियन का तलाक भी औपचारिक रूप से हो गया है, और अब वह केनी वेस्ट से शादी कर सकती हैं। वेबसाइट राडारऑनलाइन.कॉम के अनुसार एक सूत्र ने कहा, "क्रिस जेनर हमेशा से किम कार्डेशियन की जिंदगी को अपने इशारों पर चलाती आईं हैं... अब उनकी मंशा है कि किम के बच्चे के माध्यम से जितना हो सके, पैसे कमाए जा सकें।"टिप्पणियां सूत्र ने कहा, "किम कार्डेशियन भी हर बात के लिए अपनी मां पर निर्भर रहती आई हैं, लेकिन अब वह असमंजस में हैं, क्योंकि केनी नहीं चाहते कि उनके बच्चे को मीडिया ज्यादा प्रचारित करे।" उल्लेखनीय है कि किम कार्डेशियन और केनी वेस्ट जुलाई महीने में माता-पिता बनने वाले हैं। वैसे उल्लेखनीय है कि अपने 72 दिन तक पति रहे क्रिस हम्फ्रीज़ से किम कार्डेशियन का तलाक भी औपचारिक रूप से हो गया है, और अब वह केनी वेस्ट से शादी कर सकती हैं। सूत्र ने कहा, "किम कार्डेशियन भी हर बात के लिए अपनी मां पर निर्भर रहती आई हैं, लेकिन अब वह असमंजस में हैं, क्योंकि केनी नहीं चाहते कि उनके बच्चे को मीडिया ज्यादा प्रचारित करे।" उल्लेखनीय है कि किम कार्डेशियन और केनी वेस्ट जुलाई महीने में माता-पिता बनने वाले हैं। वैसे उल्लेखनीय है कि अपने 72 दिन तक पति रहे क्रिस हम्फ्रीज़ से किम कार्डेशियन का तलाक भी औपचारिक रूप से हो गया है, और अब वह केनी वेस्ट से शादी कर सकती हैं। वैसे उल्लेखनीय है कि अपने 72 दिन तक पति रहे क्रिस हम्फ्रीज़ से किम कार्डेशियन का तलाक भी औपचारिक रूप से हो गया है, और अब वह केनी वेस्ट से शादी कर सकती हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: किम कार्डेशियन की मां अपनी नातिन के जन्म के बाद उसकी तस्वीरें बेचकर प्रसिद्धि और रुपये कमाना चाहती हैं, जबकि केनी चाहते हैं कि उनकी बेटी को मीडिया द्वारा जरूरत से ज्यादा प्रचारित न किया जाए।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने भारत को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में हरा दिया है. करीब 8 साल बाद पाकिस्तान ने टीम इंडिया को आईसीसी टूर्नामेंट में हरा पाने में कामयाब रहा है. बात करें रविवार को हुए मुकाबले में तो यह दिन पूरी तरह से पाकिस्तान के नाम रहा. पाकिस्तान की बल्लेबाजी और गेंदबाजी तो शानदार थी, उसको भाग्य भी साथ दे रहा था. मैच में शतक (114 रन) बनाने वाले पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज फखर जमान तो मैच के शुरू में ही जसप्रीत बुमराह की गेंद पर विकेट के पीछे कैच दे बैठे लेकिन वह अंपायर ने नो-बॉल का इशारा कर दिया. टिप्पणियां इसके बाद पाकिस्तान के इस बल्लेबाज ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई कर डाली. इस बीच कई बार रन आउट के भी मौके आए लेकिन उसका फायदा टीम इंडिया के फिल्डर नहीं उठा सके जैसा की पहले किसी मैच में बहुत कम देखने को मिला है. सबसे हैरान करने वाला वह पल था जब जसप्रीत बुमराह की एक यॉर्कर को मोहम्मद हफीज संभाल नहीं पाए और गेंद स्टंप से टकरा गई...लेकिन यह क्या..यहां भी किस्मत ने पाकिस्तान का साथ दिया..स्टंप तो क्या गिल्लियां तक टस से मस नहीं हुई. जैसा कि नियम है कि जब तक गिल्लियां गिर न जाएं आउट नहीं माना जाता है. हफीज को भी एक जीवनदान मिल गया. इस गेंद को टीवी पर कई बार रिप्ले में दिखाया गया और कमेंटेटरों ने भी मान लिया कि आज किस्मत पूरी तरह से पाकिस्तान के साथ है.  गौरतलब है कि पाकिस्तान ने हरफनमौला खेल का प्रदर्शन करते हुए रविवार को मौजूदा विजेता भारत को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 180 रनों के भारी अंतर से हरा दिया है.पाकिस्तान ने 339 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन टीम इंडिया 30.3 ओवरों में सिर्फ 158 रन ही बना पाई. इसके बाद पाकिस्तान के इस बल्लेबाज ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई कर डाली. इस बीच कई बार रन आउट के भी मौके आए लेकिन उसका फायदा टीम इंडिया के फिल्डर नहीं उठा सके जैसा की पहले किसी मैच में बहुत कम देखने को मिला है. सबसे हैरान करने वाला वह पल था जब जसप्रीत बुमराह की एक यॉर्कर को मोहम्मद हफीज संभाल नहीं पाए और गेंद स्टंप से टकरा गई...लेकिन यह क्या..यहां भी किस्मत ने पाकिस्तान का साथ दिया..स्टंप तो क्या गिल्लियां तक टस से मस नहीं हुई. जैसा कि नियम है कि जब तक गिल्लियां गिर न जाएं आउट नहीं माना जाता है. हफीज को भी एक जीवनदान मिल गया. इस गेंद को टीवी पर कई बार रिप्ले में दिखाया गया और कमेंटेटरों ने भी मान लिया कि आज किस्मत पूरी तरह से पाकिस्तान के साथ है.  गौरतलब है कि पाकिस्तान ने हरफनमौला खेल का प्रदर्शन करते हुए रविवार को मौजूदा विजेता भारत को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 180 रनों के भारी अंतर से हरा दिया है.पाकिस्तान ने 339 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन टीम इंडिया 30.3 ओवरों में सिर्फ 158 रन ही बना पाई. गौरतलब है कि पाकिस्तान ने हरफनमौला खेल का प्रदर्शन करते हुए रविवार को मौजूदा विजेता भारत को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 180 रनों के भारी अंतर से हरा दिया है.पाकिस्तान ने 339 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन टीम इंडिया 30.3 ओवरों में सिर्फ 158 रन ही बना पाई.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चैंपियंस टॉफी के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को हराया बुमराह की यॉर्कर टकराई स्टंप से फिर भी बल्लेबाज रहा नॉट आउट किस्मत ने इस मैच में पाक को खूब दिया साथ
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वेस्टइंडीज के कप्तान ड्वेन ब्रावो भारतीय टीम के जबरदस्त फॉर्म से चिंतित नहीं हैं और उनका मानना है कि मुकाबला जबरदस्त रोमांचक होगा।टिप्पणियां ब्रावो ने त्रिकोणीय एक-दिवसीय क्रिकेट शृंखला में मैच से पूर्व कहा, ‘‘मुझे पता है कि यह शानदार मुकाबला होगा। हमें पता है कि भारतीय टीम बहुत अच्छी है। यह अच्छा मैच होगा क्योंकि दोनों टीमों की गेंदबाजी और बल्लेबाजी शानदार है।’’ वेस्टइंडीज ने पहले मैच में श्रीलंका को छह विकेट से हराया। दूसरी ओर भारतीय टीम सीधे चैम्पियंस ट्रॉफी जीतकर यहां आई है। ब्रावो ने शतक जमाने वाले मैन ऑफ द मैच गेल की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘क्रिस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है और हमारा सबसे अच्छा खिलाड़ी भी। उसे रन बनाते देखना हमेशा अच्छा लगता है।’’ ब्रावो ने त्रिकोणीय एक-दिवसीय क्रिकेट शृंखला में मैच से पूर्व कहा, ‘‘मुझे पता है कि यह शानदार मुकाबला होगा। हमें पता है कि भारतीय टीम बहुत अच्छी है। यह अच्छा मैच होगा क्योंकि दोनों टीमों की गेंदबाजी और बल्लेबाजी शानदार है।’’ वेस्टइंडीज ने पहले मैच में श्रीलंका को छह विकेट से हराया। दूसरी ओर भारतीय टीम सीधे चैम्पियंस ट्रॉफी जीतकर यहां आई है। ब्रावो ने शतक जमाने वाले मैन ऑफ द मैच गेल की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘क्रिस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है और हमारा सबसे अच्छा खिलाड़ी भी। उसे रन बनाते देखना हमेशा अच्छा लगता है।’’ ब्रावो ने शतक जमाने वाले मैन ऑफ द मैच गेल की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘क्रिस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है और हमारा सबसे अच्छा खिलाड़ी भी। उसे रन बनाते देखना हमेशा अच्छा लगता है।’’
यहाँ एक सारांश है:ब्रावो ने त्रिकोणीय एक-दिवसीय क्रिकेट शृंखला में मैच से पूर्व कहा, ‘‘मुझे पता है कि यह शानदार मुकाबला होगा। हमें पता है कि भारतीय टीम बहुत अच्छी है। यह अच्छा मैच होगा क्योंकि दोनों टीमों की गेंदबाजी और बल्लेबाजी शानदार है।’’
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के शिक्षा मंत्रालय ने सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों को इस साल से सेक्स और प्रेम पाठ्यक्रम अनिवार्य करने के आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि ऐसा लग रहा है कि सभी छात्र इसे लेकर उत्साहित नहीं हैं और कुछ का कहना है कि यह बहुत नीरस है। मनोवैज्ञानिक पाठ्यक्रम को सितंबर से विश्वविद्यालय छात्रों के लिए अनिवार्य किया जाएगा, जिसमें सेक्स और प्रेम भी शामिल हैं। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सरकारी चाइना डेली से कहा कि मंत्रालय ने इस साल जून में देशभर के विश्वविद्यालयों के सभी विधाओं के छात्रों के लिए एक अनिवार्य मानसिक स्वास्थ्य पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, दरअसल इस तरह के कॉलेज पाठ्यक्रम कई सालों से तैयार हैं, लेकिन वे मुख्य रूप से वैकल्पिक पाठ्यक्रम हैं। अधिकारी ने कहा कि पाठ्यक्रमों को अनिवार्य बनाने का मंत्रालय ने फैसला इसलिए किया है, क्योंकि ज्यादातर विश्वविद्यालय के छात्रों को भारी दबाव की वजह से मनोवैज्ञानिक दिशानिर्देश की मदद लेने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि नए अनिवार्य पाठ्यक्रम के सात भाग होंगे। सेक्स और प्रेम के अलावा इस पाठ्यक्रम में अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं से निबटने को लेकर भी अध्ययन सूची है, जिसमें जीवन और पढा़ई में दबाव और उलझनों से निबटना शामिल है। मंत्रालय के इस कदम को लेकर हालांकि मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है। पीकिंग विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान की 18 वर्षीय छात्रा गावो चांग ने कहा कि इस तरह के पाठ्यक्रम नए छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा, हमारे स्कूल में मनोवैज्ञानिक पाठ्यक्रम जिसमें सेक्स और प्रसव की थोड़ी जानकारी है, लोकप्रिय हैं, लेकिन वे अब तक वैकल्पिक हैं। कुछ छात्रों का हालांकि कहना है कि इसे अनिवार्य बनाने की कोई वजह नहीं है। प्रथम वर्ष में मनोवैज्ञानिक पाठयक्रम लेने वाली पीकिंग विश्वविद्यालय की छात्रा वांग केफई ने कहा कि यह बहुत उबाऊ था और इससे उन्हें कुछ भी फायदा नहीं हुआ। इस छात्रा के पुरुष मित्र ही फांग ने कहा, सभी छात्रों को इस तरह की शिक्षा की जरूरत नहीं है। वैसे भी हम विश्वविद्यालय के छात्र हैं और हममें से ज्यादातर सेक्स और प्रेम के बारे में जानते हैं।
यहाँ एक सारांश है:चीन के शिक्षा मंत्रालय ने सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों को इस साल से सेक्स और प्रेम पाठ्यक्रम अनिवार्य करने के आदेश दिए हैं।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक का शुद्ध लाभ 31 मार्च को समाप्त चौथी तिमाही में दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 2,814.82 करोड़ रुपए हो गया है. सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक का एकल शुद्ध लाभ पिछले साल की इसी तिमाही में 1,263.81 करोड़ रुपए रहा था. हालांकि, समाप्त वित्त वर्ष 2016-17 में बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 98 प्रतिशत गिरकर 241.23 करोड़ रुपएए रह गया.  इससे पिछले वित्त वर्ष 2015-16 में बैंक ने 12,224.59 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हासिल किया था. बैंक की जनवरी से मार्च 2017 तिमाही में एकल आधार पर कुल आय 7.8 प्रतिशत बढ़कर 57,720 करोड़ रुपए रही. एक साल पहले इसी अवधि में यह 53,526.97 करोड़ रुपए थी. मुंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में बैंक ने यह जानकारी दी है.टिप्पणियां इस दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां मामूली बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गई जो कि इससे पिछले साल इसी अवधि में 6.5 प्रतिशत थी. हालांकि, चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध एनपीए पिछले साल के 3.81 प्रतिशत से घटकर 3.71 प्रतिशत रह गया. वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान बैंक की कुल आय 9.2 प्रतिशत बढ़कर 2,98,640.45 करोड़ रुपए रही. वित्त वर्ष 2015-16 में उसकी कुल आय 2,73,461.13 करोड़ रुपए रही थी. शेयर बाजार में स्टेट बैंक का शेयर दोपहर एक बजे के आसपास तेजी से बढ़कर 310.60 रुपए पर पहुंच गया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बैंक की जनवरी से मार्च 2017 तिमाही में एकल आधार पर कुल आय 7.8 प्रतिशत बढ़कर 57,720 करोड़ रुपए रही. एक साल पहले इसी अवधि में यह 53,526.97 करोड़ रुपए थी. मुंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में बैंक ने यह जानकारी दी है.टिप्पणियां इस दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां मामूली बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गई जो कि इससे पिछले साल इसी अवधि में 6.5 प्रतिशत थी. हालांकि, चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध एनपीए पिछले साल के 3.81 प्रतिशत से घटकर 3.71 प्रतिशत रह गया. वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान बैंक की कुल आय 9.2 प्रतिशत बढ़कर 2,98,640.45 करोड़ रुपए रही. वित्त वर्ष 2015-16 में उसकी कुल आय 2,73,461.13 करोड़ रुपए रही थी. शेयर बाजार में स्टेट बैंक का शेयर दोपहर एक बजे के आसपास तेजी से बढ़कर 310.60 रुपए पर पहुंच गया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां मामूली बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गई जो कि इससे पिछले साल इसी अवधि में 6.5 प्रतिशत थी. हालांकि, चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध एनपीए पिछले साल के 3.81 प्रतिशत से घटकर 3.71 प्रतिशत रह गया. वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान बैंक की कुल आय 9.2 प्रतिशत बढ़कर 2,98,640.45 करोड़ रुपए रही. वित्त वर्ष 2015-16 में उसकी कुल आय 2,73,461.13 करोड़ रुपए रही थी. शेयर बाजार में स्टेट बैंक का शेयर दोपहर एक बजे के आसपास तेजी से बढ़कर 310.60 रुपए पर पहुंच गया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: चौथी तिमाही में दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया शुद्ध लाभ 2015-16 में बैंक ने 12,224.59 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ इस वित्त वर्ष में 2,814.82 करोड़ रुपए हो गया है
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि त्रिनिदाद और टोबैगो के केवोन कूपर की 28 रन की पारी उनकी टीम की हार का कारण रही। त्रिनिदाद और टोबैगो ने 15 ओवर में 74 रन बनाए, लेकिन आखिरी पांच ओवरों में शानदार बल्लेबाजी के कारण आठ विकेट पर 123 रन बना लिए। चेन्नई को इस मैच में 12 रन से पराजय झेलनी पड़ी। धोनी ने कहा,मुझे लगा था कि हमें 110 रन का लक्ष्य मिलेगा। मुझे लगा कि यदि कुछ ओवरों में वे अच्छी बल्लेबाजी करेंगे, तो भी हमें 110 रन ही बनाने होंगे, लेकिन कूपर की पारी हम पर भारी पड़ी। वे अतिरिक्त 10 रन महंगे पड़ गए। उन्होंने कहा कि विकेट इतना मुश्किल था कि स्ट्रोक्स खेले नहीं जा रहे थे। उन्होंने कहा, स्ट्राइक रोटेट करना मुश्किल था। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की। गेंद बल्ले पर नहीं आ रही थी और शॉट नहीं लग रहे थे। चेन्नई के कप्तान ने हालांकि अभी भी सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, हमें अगला मैच हर हालत में जीतना होगा। यदि सब कुछ हमारे अनुकूल रहा, तो ही पता चलेगा कि आगे क्या करना है।
संक्षिप्त सारांश: चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि त्रिनिदाद और टोबैगो के केवोन कूपर की 28 रन की पारी उनकी टीम की हार का कारण रही।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संसद के सेंट्रल हॉल में शुक्रवार रात 11 बजे जीएसटी लॉन्च से जुड़ा कार्यक्रम होगा, जो आधी रात 12 बजे के बाद तक चलेगा. इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम मोदी, पूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा, सभी कैबिनेट मंत्री और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होंगे, हालांकि कांग्रेस इसका बहिष्कार करेगी. कांग्रेस का कहना है कि ये सिर्फ सरकार के प्रचार का शगूफ़ा है. कांग्रेस ने जीएसटी लागू करने के लिए पूरी तैयारी नहीं होने का भी आरोप लगाया. वहीं लेफ़्ट और टीएमसी भी इस समारोह से दूर रहेंगी. टिप्पणियां जीएसटी के विशेष कार्यक्रम के लिए कई विशिष्ट व्यक्तियों को निमंत्रित किया गया है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, सभी राज्यों के वित्त मंत्री, जीएसटी परिषद के सदस्य, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन, वाईवी रेड्डी, डी सुब्बाराव, बिमल जालान, सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस और अन्य जज, हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस, मशहूर वक़ील सोली सोराबजी, केके वेणुगोपाल, हरीश साल्वे, केके वेणुगोपाल, सीआईआई, फ़िक्की, एसोचैम के प्रमुख, पूर्व सीएजी टीएन चतुर्वेदी, विनोद राय, मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी, आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगढिया, जीएसटी पेनल के पूर्व अध्यक्ष सुशील मोदी और अब्दुल रहीम राथेर, सीएजी शशिकांत शर्मा, सीवीसी केवी चौधरी और यूपीएससी अध्यक्ष, मशहूर कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन, अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और सौ से भी ज्यादा विशिष्ट व्यक्तियों को निमंत्रण भेजे गए. सभी सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है. पार्टी द्वारा गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आधी रात के कार्यक्रम को गरिमा के खिलाफ बताया. आजाद ने कहा कि जीएसटी समारोह ठीक नहीं. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि जीडीपी गिरावट पर सरकार का कोई ध्यान नही है. सरकार बहरी है, उसे चीख पुकार सुनाई नहीं देती. कांग्रेस के साथ ही कुछ अन्य दलों ने भी इस समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. तृणमूल कांग्रेस ने भी साफ कर दिया है कि पार्टी समारोह में हिस्सा नहीं लेगी. कांग्रेस के इस कदम से साफ हो गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम में हिस्‍सा नहीं लेंगे. यह इसलिए अहम है क्‍योंकि मंच पर पीएम और राष्‍ट्रपति के अलावा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया था.  उन्होंने कहा, वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा से लेकर राष्ट्रपति बनने से पहले वित्त मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल तक हमने जीएसटी के लिए प्रयास किया. मैंने जीएसटी के लिए साल 2011 में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया. लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सका. राष्ट्रपति ने बजट सत्र को फरवरी के पहले दिन से शुरू करने तथा रेलवे बजट सहित स्वतंत्र भारत का पहला संयुक्त बजट पेश करने के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की. (इनपुट्स IANS से भी) जीएसटी के विशेष कार्यक्रम के लिए कई विशिष्ट व्यक्तियों को निमंत्रित किया गया है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, सभी राज्यों के वित्त मंत्री, जीएसटी परिषद के सदस्य, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन, वाईवी रेड्डी, डी सुब्बाराव, बिमल जालान, सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस और अन्य जज, हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस, मशहूर वक़ील सोली सोराबजी, केके वेणुगोपाल, हरीश साल्वे, केके वेणुगोपाल, सीआईआई, फ़िक्की, एसोचैम के प्रमुख, पूर्व सीएजी टीएन चतुर्वेदी, विनोद राय, मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी, आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगढिया, जीएसटी पेनल के पूर्व अध्यक्ष सुशील मोदी और अब्दुल रहीम राथेर, सीएजी शशिकांत शर्मा, सीवीसी केवी चौधरी और यूपीएससी अध्यक्ष, मशहूर कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन, अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और सौ से भी ज्यादा विशिष्ट व्यक्तियों को निमंत्रण भेजे गए. सभी सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है. पार्टी द्वारा गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आधी रात के कार्यक्रम को गरिमा के खिलाफ बताया. आजाद ने कहा कि जीएसटी समारोह ठीक नहीं. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि जीडीपी गिरावट पर सरकार का कोई ध्यान नही है. सरकार बहरी है, उसे चीख पुकार सुनाई नहीं देती. कांग्रेस के साथ ही कुछ अन्य दलों ने भी इस समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. तृणमूल कांग्रेस ने भी साफ कर दिया है कि पार्टी समारोह में हिस्सा नहीं लेगी. कांग्रेस के इस कदम से साफ हो गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम में हिस्‍सा नहीं लेंगे. यह इसलिए अहम है क्‍योंकि मंच पर पीएम और राष्‍ट्रपति के अलावा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया था.  उन्होंने कहा, वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा से लेकर राष्ट्रपति बनने से पहले वित्त मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल तक हमने जीएसटी के लिए प्रयास किया. मैंने जीएसटी के लिए साल 2011 में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया. लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सका. राष्ट्रपति ने बजट सत्र को फरवरी के पहले दिन से शुरू करने तथा रेलवे बजट सहित स्वतंत्र भारत का पहला संयुक्त बजट पेश करने के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की. (इनपुट्स IANS से भी) पार्टी द्वारा गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आधी रात के कार्यक्रम को गरिमा के खिलाफ बताया. आजाद ने कहा कि जीएसटी समारोह ठीक नहीं. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि जीडीपी गिरावट पर सरकार का कोई ध्यान नही है. सरकार बहरी है, उसे चीख पुकार सुनाई नहीं देती. कांग्रेस के साथ ही कुछ अन्य दलों ने भी इस समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. तृणमूल कांग्रेस ने भी साफ कर दिया है कि पार्टी समारोह में हिस्सा नहीं लेगी. कांग्रेस के इस कदम से साफ हो गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम में हिस्‍सा नहीं लेंगे. यह इसलिए अहम है क्‍योंकि मंच पर पीएम और राष्‍ट्रपति के अलावा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया था.  उन्होंने कहा, वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा से लेकर राष्ट्रपति बनने से पहले वित्त मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल तक हमने जीएसटी के लिए प्रयास किया. मैंने जीएसटी के लिए साल 2011 में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया. लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सका. राष्ट्रपति ने बजट सत्र को फरवरी के पहले दिन से शुरू करने तथा रेलवे बजट सहित स्वतंत्र भारत का पहला संयुक्त बजट पेश करने के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की. (इनपुट्स IANS से भी)
यह एक सारांश है: आधी रात को कार्यक्रम गरिमा के खिलाफ : कांग्रेस गिरती जीडीपी पर सरकार का कोई ध्यान नहीं पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी नहीं लेंगे हिस्सा
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: अगर आज आप दिल्ली मेट्रो से कहीं जाने वाले हैं, तो आपको थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली मेट्रो के मेन स्टेशनों पर आज मॉक ड्रिल की जा रही है। इस मॉक ड्रिल का मकसद इमरजेंसी के हालात में तैयारियों का जायजा लेना है। जिन मेट्रो स्टेशनों पर यह ड्रिल होगी, उनके नाम हैं- द्वारका सेक्टर 11, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, पीतमपुरा, आजादपुर, बदरपुर, कीर्ति नगर, चांदनी चौक, अक्षरधाम, शहादरा, करोलबाग, नोएडा सिटी सेंटर और गुरु द्रोणाचार्य स्टेशन गुड़गांव।टिप्पणियां राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मदद से दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से यह अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास से मेट्रो की लाइनें एक घंटे तक प्रभावित रह सकती हैं। दिल्ली सरकार के मंडल आयुक्त विजय देव ने संवाददाताओं को बताया कि इस अभ्यास के दौरान विस्फोट, भूकंप और आतंकवादी हमले जैसी परिस्थितियों से निपटने के इंतजामों का जायजा लिया जाएगा। जिन मेट्रो स्टेशनों पर यह ड्रिल होगी, उनके नाम हैं- द्वारका सेक्टर 11, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, पीतमपुरा, आजादपुर, बदरपुर, कीर्ति नगर, चांदनी चौक, अक्षरधाम, शहादरा, करोलबाग, नोएडा सिटी सेंटर और गुरु द्रोणाचार्य स्टेशन गुड़गांव।टिप्पणियां राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मदद से दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से यह अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास से मेट्रो की लाइनें एक घंटे तक प्रभावित रह सकती हैं। दिल्ली सरकार के मंडल आयुक्त विजय देव ने संवाददाताओं को बताया कि इस अभ्यास के दौरान विस्फोट, भूकंप और आतंकवादी हमले जैसी परिस्थितियों से निपटने के इंतजामों का जायजा लिया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मदद से दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से यह अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास से मेट्रो की लाइनें एक घंटे तक प्रभावित रह सकती हैं। दिल्ली सरकार के मंडल आयुक्त विजय देव ने संवाददाताओं को बताया कि इस अभ्यास के दौरान विस्फोट, भूकंप और आतंकवादी हमले जैसी परिस्थितियों से निपटने के इंतजामों का जायजा लिया जाएगा। दिल्ली सरकार के मंडल आयुक्त विजय देव ने संवाददाताओं को बताया कि इस अभ्यास के दौरान विस्फोट, भूकंप और आतंकवादी हमले जैसी परिस्थितियों से निपटने के इंतजामों का जायजा लिया जाएगा।
यह एक सारांश है: जिन मेट्रो स्टेशनों पर यह ड्रिल होगी, उनके नाम हैं- द्वारका सेक्टर 11, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, पीतमपुरा, आजादपुर, बदरपुर, कीर्ति नगर, चांदनी चौक, अक्षरधाम, शहादरा, करोलबाग, नोएडा सिटी सेंटर और गुरु द्रोणाचार्य स्टेशन गुड़गांव।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की सोमवार को जारी ताजा विश्व वरीयता एकल रैंकिंग में शीर्ष-100 से बाहर हो गई हैं। दूसरी ओर, पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) की एकल रैंकिंग में सोमदेव देवबर्मन को भी नुकसान हुआ है। सानिया को एकल क्रम में 16 पायदान का नुकसान हुआ है और वह 97वें से 113वें स्थान पर खिसक गई हैं। पिछले सप्ताह सानिया 14 पायदान की छलांग लगाकर 111वें से 97वें स्थान पर पहुंची थीं। युगल में सानिया करियर की सर्वश्रेष्ठ सातवें स्थान पर विराजमान हैं। दूसरी ओर, सोमदेव को दो पायदान का नुकसान हुआ है और वह 120वें से 122वें स्थान पर पहुंच गए हैं। युगल वर्ग में लिएंडर पेस सातवें स्थान पर बरकरार हैं जबकि महेश भूपति 15वें स्थान पर हैं। रोहन बोपन्ना 11वें स्थान पर बने हुए हैं। युगल टीम रैंकिंग में पेस और चेक गणराज्य के राडेक स्टेपानेक की जोड़ी शीर्ष पर बनी हुई है। दूसरी ओर, सोमदेव को दो पायदान का नुकसान हुआ है और वह 120वें से 122वें स्थान पर पहुंच गए हैं। युगल वर्ग में लिएंडर पेस सातवें स्थान पर बरकरार हैं जबकि महेश भूपति 15वें स्थान पर हैं। रोहन बोपन्ना 11वें स्थान पर बने हुए हैं। युगल टीम रैंकिंग में पेस और चेक गणराज्य के राडेक स्टेपानेक की जोड़ी शीर्ष पर बनी हुई है।
यह एक सारांश है: भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की सोमवार को जारी ताजा विश्व वरीयता एकल रैंकिंग में शीर्ष-100 से बाहर हो गई हैं।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार दिवस के मौके पर मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कहा कि नीतीश ने मनसे के आगे घुटने टेक कर बिहार के गौरव का अपमान किया है। पासवान ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुंबई में बिहार दिवस कार्यक्रम में नीतीश ने बिहार के किसी नायक का नाम नहीं लिया। किसी भी बिहारी सपूत का मंच पर नाम नहीं था। नीतीश ने राज ठाकरे की पार्टी मनसे के आगे घुटने टेक कर बिहार का गौरव घटाया है। बिहार के मुख्यमंत्री को इसके लिए राज्य की जनता से माफी मांगना चाहिए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश जैसा डरपोक मुख्यमंत्री मैंने आजतक नहीं देखा। वह घर में शेर बनते हैं जबकि बाहर जाकर उन्होंने राज ठाकरे के सामने घुटने टेक दिये। नीतीश ने मुंबई में जाकर जो गुणगान किया उसे देखते हुए कार्यक्रम का नाम बिहार दिवस नहीं बल्कि महाराष्ट्र दिवस रखा जाना चाहिए था।’’ पन्द्रह अप्रैल के कार्यक्रम में भाजपा के नेताओं की अनुपस्थिति की आलोचना करते हुए पासवान ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने तो अपने सहयोगी दल को ही साथ नहीं लिया। यह बहुत शर्म की बात है। कार्यक्रम को लेकर मनसे और नीतीश के बीच वाक्युद्ध पहले से ही फिक्स मैच था।’’ नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी)) की रिपोर्ट में डीसी बिल के लंबित होने, दुर्विनियोजन, गबन, हानि के मामले पर नीतीश की आलोचना करते हुए पासवान ने कहा, ‘‘सीएजी द्वारा उठाये गये विषय पर जनता को भ्रमित करने के लिए मुख्यमंत्री कभी दिल्ली में तो कभी मुंबई में कार्यक्रम कर रहे हैं। इसी प्रकार का नया नया ड्रामा कर रहे हैं।’’ पासवान ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुंबई में बिहार दिवस कार्यक्रम में नीतीश ने बिहार के किसी नायक का नाम नहीं लिया। किसी भी बिहारी सपूत का मंच पर नाम नहीं था। नीतीश ने राज ठाकरे की पार्टी मनसे के आगे घुटने टेक कर बिहार का गौरव घटाया है। बिहार के मुख्यमंत्री को इसके लिए राज्य की जनता से माफी मांगना चाहिए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश जैसा डरपोक मुख्यमंत्री मैंने आजतक नहीं देखा। वह घर में शेर बनते हैं जबकि बाहर जाकर उन्होंने राज ठाकरे के सामने घुटने टेक दिये। नीतीश ने मुंबई में जाकर जो गुणगान किया उसे देखते हुए कार्यक्रम का नाम बिहार दिवस नहीं बल्कि महाराष्ट्र दिवस रखा जाना चाहिए था।’’ पन्द्रह अप्रैल के कार्यक्रम में भाजपा के नेताओं की अनुपस्थिति की आलोचना करते हुए पासवान ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने तो अपने सहयोगी दल को ही साथ नहीं लिया। यह बहुत शर्म की बात है। कार्यक्रम को लेकर मनसे और नीतीश के बीच वाक्युद्ध पहले से ही फिक्स मैच था।’’ नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी)) की रिपोर्ट में डीसी बिल के लंबित होने, दुर्विनियोजन, गबन, हानि के मामले पर नीतीश की आलोचना करते हुए पासवान ने कहा, ‘‘सीएजी द्वारा उठाये गये विषय पर जनता को भ्रमित करने के लिए मुख्यमंत्री कभी दिल्ली में तो कभी मुंबई में कार्यक्रम कर रहे हैं। इसी प्रकार का नया नया ड्रामा कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश जैसा डरपोक मुख्यमंत्री मैंने आजतक नहीं देखा। वह घर में शेर बनते हैं जबकि बाहर जाकर उन्होंने राज ठाकरे के सामने घुटने टेक दिये। नीतीश ने मुंबई में जाकर जो गुणगान किया उसे देखते हुए कार्यक्रम का नाम बिहार दिवस नहीं बल्कि महाराष्ट्र दिवस रखा जाना चाहिए था।’’ पन्द्रह अप्रैल के कार्यक्रम में भाजपा के नेताओं की अनुपस्थिति की आलोचना करते हुए पासवान ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने तो अपने सहयोगी दल को ही साथ नहीं लिया। यह बहुत शर्म की बात है। कार्यक्रम को लेकर मनसे और नीतीश के बीच वाक्युद्ध पहले से ही फिक्स मैच था।’’ नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी)) की रिपोर्ट में डीसी बिल के लंबित होने, दुर्विनियोजन, गबन, हानि के मामले पर नीतीश की आलोचना करते हुए पासवान ने कहा, ‘‘सीएजी द्वारा उठाये गये विषय पर जनता को भ्रमित करने के लिए मुख्यमंत्री कभी दिल्ली में तो कभी मुंबई में कार्यक्रम कर रहे हैं। इसी प्रकार का नया नया ड्रामा कर रहे हैं।’’ नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी)) की रिपोर्ट में डीसी बिल के लंबित होने, दुर्विनियोजन, गबन, हानि के मामले पर नीतीश की आलोचना करते हुए पासवान ने कहा, ‘‘सीएजी द्वारा उठाये गये विषय पर जनता को भ्रमित करने के लिए मुख्यमंत्री कभी दिल्ली में तो कभी मुंबई में कार्यक्रम कर रहे हैं। इसी प्रकार का नया नया ड्रामा कर रहे हैं।’’
यह एक सारांश है: बिहार दिवस के मौके पर मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कहा कि नीतीश ने मनसे के आगे घुटने टेक कर बिहार के गौरव का अपमान किया है।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के पहले चरण के मतदान से पहले जम्मू-कश्मीर के नेताओं व पीएम मोदी समेत बीजेपी राजनेताओं के बीच अनुच्छेदों 370 और 35 A को लेकर लगातार बहस हो रही है. वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने पिछले दिनों को कहा था कि ''जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में गैर-स्थायी निवासियों के संपत्ति खरीदने पर रोक लगाने वाला अनुच्छेद 35 ए (Article 35A) संवैधानिक रूप से दोषपूर्ण है और राज्य के आर्थिक विकास को बाधित कर रहा है.'' गृहमंत्री राजनाथ सिंह का भी बयान आया है कि बीजेपी दोबारा सत्ता में आई तो 35-A खत्म करेंगे. कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा.'' इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने जवाबी हमला बोला.  फारूक अब्दुल्ला ने मोदी सरकार को संविधान के अनुच्छेदों 370 और 35 A को 'छूकर दिखाने' की चुनौती दी. उन्होंने कहा, ''जिस समय वे अनुच्छेद 370 और 35 A से छेड़छाड़ करेंगे, भारत के साथ जम्मू एवं कश्मीर का विलय समाप्त हो जाएगा.'' सोमवार को उन्होंने कहा, ''भाजपा को दिलों को जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए, ना कि उन्हें तोड़ने की. संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) को समाप्त करने से जम्मू कश्मीर की जनता के लिए 'आजादी' का रास्ता साफ हो जाएगा. मैं भी देखता हूं फिर कि कौन इनका झंडा खड़ा करने के लिए तैयार होता है.'' वहीं, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का एक विवादित बयान दिया था. वह बोलीं, ''अनुच्छेद 35-ए में अगर किसी तरह का बदलाव किया गया तो राज्य के लोग राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा की बजाय किसी और झंडे को भी थाम सकते हैं.'' आपको बता दें कि भाजपा को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने कड़े बयान जारी कर अनुच्छेद 35-ए को कमजोर करने या इसमें संशोधन करने के केंद्र के किसी भी कदम का विरोध किया है.  - संविधान में जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा - 1954 के राष्ट्रपति के आदेश से ये संविधान में जोड़ा गया - इसके तहत राज्य के स्थायी निवासियों की पहचान - जम्मू-कश्मीर में बाहरी लोग संपत्ति नहीं खरीद सकते - बाहरी लोग राज्य सरकार की नौकरी नहीं कर सकते 1- अनुच्छेद 35-ए संविधान का वह आर्टिकल है जो जम्मू कश्मीर विधानसभा को लेकर प्रावधान करता है कि वह राज्य में स्थायी निवासियों को पारिभाषित कर सके.  2- साल 1954 में 14 मई को राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने एक आदेश पारित किया था. इस आदेश के जरिए संविधान में एक नया अनुच्छेद 35 A जोड़ दिया गया. आर्टिकल 370 के तहत यह अधिकार दिया गया है.  3- साल 1956 में जम्मू कश्मीर का संविधान बना जिसमें स्थायी नागरिकता को परिभाषित किया गया.  4- जम्मू कश्मीर के संविधान के मुताबिक, स्थायी नागरिक वह व्यक्ति है जो 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा हो या फिर उससे पहले के 10 सालों से राज्य में रह रहा हो, और उसने वहां संपत्ति हासिल की हो.  5- साल 2014 में एक एनजीओ ने अर्जी दाखिल कर इस आर्टिकल को समाप्त करने की मांग की थी. इस मामले की सुनवाई अभी भी सुप्रीम कोर्ट में चल रही है.  - यहां बसे कुछ लोगों को कोई अधिकार नहीं - 1947 में जम्मू में बसे हिंदू परिवार अब तक शरणार्थी - ये शरणार्थी सरकारी नौकरी हासिल नहीं कर सकते - सरकारी शिक्षण संस्थान में दाख़िला नहीं - निकाय, पंचायत चुनाव में वोटिंग राइट नहीं - संसद के द्वारा नहीं, राष्ट्रपति के आदेश से जोड़ा गया आर्टिकल 35A
सारांश: आर्टिकल 35-ए के बारे में जानें लोकसभा चुनाव से पहले सियासी गहमा-गहमी जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने दिया बयान
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि खेल के मैदान की तरह वह संसद में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।टिप्पणियां मीरा कुमार ने सचिन के मनोनयन का स्वागत करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि सचिन राज्यसभा में आ रहे हैं। उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में यह बात कही। जब इस बात पर शंका जाहिर की गई कि क्रिकेट संबंधी अपनी व्यस्तताओं के बीच सचिन क्या संसद के लिए समय निकाल पाएंगे, तो मीरा कुमार ने कहा कि सचिन ने खेल के मैदान में बहुत उम्दा प्रदर्शन किया है और उम्मीद है कि वह संसद में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने फिल्म अभिनेत्री रेखा को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने की भी सराहना की। गौरतलब है कि सचिन और रेखा के अलावा उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता अनु आगा को भी राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। मीरा कुमार ने सचिन के मनोनयन का स्वागत करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि सचिन राज्यसभा में आ रहे हैं। उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में यह बात कही। जब इस बात पर शंका जाहिर की गई कि क्रिकेट संबंधी अपनी व्यस्तताओं के बीच सचिन क्या संसद के लिए समय निकाल पाएंगे, तो मीरा कुमार ने कहा कि सचिन ने खेल के मैदान में बहुत उम्दा प्रदर्शन किया है और उम्मीद है कि वह संसद में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने फिल्म अभिनेत्री रेखा को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने की भी सराहना की। गौरतलब है कि सचिन और रेखा के अलावा उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता अनु आगा को भी राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। उन्होंने फिल्म अभिनेत्री रेखा को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने की भी सराहना की। गौरतलब है कि सचिन और रेखा के अलावा उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता अनु आगा को भी राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है।
संक्षिप्त पाठ: लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने तेंदुलकर को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि खेल के मैदान की तरह वह संसद में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: * मिखाइल के बहरे होने की वजह भी एक-47 थी. आपको जानकर हैरानी होगी कि वो एक लाख बार एके-47 चला चुके हैं. उसकी आवाज इतनी तेज थी कि उसकी वजह से वो बहरे हो गए थे.   * एके-47 का सबसे ज्यादा इस्तेमाल अफगानिस्तान में आतंकी संगठन तालिबान करता है. इस बंदूक को बनाने वाले मिखाइल ने कहा था- 'मुझे अपने आविष्कार पर गर्व है, लेकिन इस बात से दुखी हूं कि इसे आतंकी इस्तेमाल करते हैं.'टिप्पणियां * आपको बता दें, आम लोगों के लिए ये गन गैरकानूनी है. अगर किसी आम आदमी के पास ये गन दिखती है तो इसके लिए कठोर नियम भी हैं. इस समय 10 करोड़ एके-47 दुनिया में हैं.  * एके-47 से कोई नौसिखिया भी आसानी से निशाना लगा सकता है क्योंकि इसकी रेंज 300 से 400 मीटर तक होती है और ये 3 फुट की गन सिर्फ 4 किलो की होती है.  * आपको बता दें, आम लोगों के लिए ये गन गैरकानूनी है. अगर किसी आम आदमी के पास ये गन दिखती है तो इसके लिए कठोर नियम भी हैं. इस समय 10 करोड़ एके-47 दुनिया में हैं.  * एके-47 से कोई नौसिखिया भी आसानी से निशाना लगा सकता है क्योंकि इसकी रेंज 300 से 400 मीटर तक होती है और ये 3 फुट की गन सिर्फ 4 किलो की होती है.  * एके-47 से कोई नौसिखिया भी आसानी से निशाना लगा सकता है क्योंकि इसकी रेंज 300 से 400 मीटर तक होती है और ये 3 फुट की गन सिर्फ 4 किलो की होती है.
सारांश: एके-47 का पूरा नाम ऑटोमैटिक कलाशनिकोव 47 है. एक बार ट्रिगर दबाने पर एक सेकंड में 10 गोली चलती हैं. मिखाइल के बहरे होने की वजह भी एक-47 रही.
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मकनपुर गांव की इंदिरापुरम व वैशाली के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा अधिगृहीत की गई जमीन के मुआवजे पर किसान और जीडीए अब अलग-अलग मुद्दों पर अडिग हो गए है। जीडीए मकनपुर गांव का विकास एवं 102 किसानों को दुकानें आवंटित करने के लिए तैयार है। वहीं किसान अधिगृहीत की गयी जमीनों पर वर्तमान कीमतों पर मुआवजा लेने के लिए एक बार फिर जीडीए के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। जीडीए ने दोनों योजनाओं के लिए 23 साल पहले मकनपुर गांव की 2072 बीघा जमीन अधिगृहीत की थी। उस समय के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया गया था। किसानों की मांग पर जीडीए उपाध्यक्ष एन के चौधरी प्राधिकरण में अधिकारियों के साथ बैठक कर एक-एक बिन्दु का विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। चौधरी का कहना है कि मकनपुर गांव का विकास कराने व किसानों को दुकानें आवंटन कर दी जाएगी। मगर किसानों की बढ़कार मुआवजे देने की मांग को पूरा करना संभव नहीं हैं, क्योंकि उस वक्त किसानों की सहमति पर ही मुआवजा दिया गया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मकनपुर गांव की जीडीए द्वारा अधिगृहीत की गई जमीन के मुआवजे पर किसान और जीडीए अब अलग-अलग मुद्दों पर अडिग हो गए है।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रों का एक गुट संस्कृत साहित्य पढ़ाने के लिए एक मुस्लिम शिक्षक की नियुक्ति के खिलाफ आंदलोन कर रहा है. छात्रों का कहना है कि उन्हें उनके धर्म और संस्कृति की शिक्षा सिर्फ एक 'आर्य' ही दे सकता है. इसलिए उनकी नजर में 'अनार्य' शिक्षक फिरोज खान के खिलाफ वे 12 दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. धर्म के नाम पर किसी योग्य शिक्षक का विरोध करने वालों को कैंपस में आंदोलन करने की छूट मिली हुई है. बता दें, BHU में ये ढोल-मंजीरे संस्कृत के एक मुस्लिम विद्वान के खिलाफ बज रहे हैं. अब क्योंकि यूजीसी के किसी नियम में यह नहीं लिखा है कि कोई मुस्लिम संस्कृत नहीं पढ़ा सकता. इसलिए राजस्थान के फिरोज खान ने भी एप्लाइ कर दिया और 29 लोगों में सबसे ज्यादा योग्य पाए गए और चुन लिए गए. लेकिन आंदोलनकारी छात्र कहते हैं कि ये काशी की उच्च परंपराओं के खिलाफ है.  आंदोलन कर रहे छात्रों में से एक कृष्ण कुमार ने कहा, 'यह आंदोलन किसी व्यक्ति, किसी धर्म या किसी संप्रदाय विशेष के खिलाफ नहीं है. न हम किसी संप्रदाय विशेष में हस्तक्षेप करने की इच्छा रखते हैं. इसके विपरीत हमारे धर्म, हमारी संस्कृति, हमारी काशी की परंपराओं के अनुकूल चीजें नहीं हो रही है. इसलिए हम लोग धरने पर बैठे हैं.' छात्रों का कहना है कि काशी की परंपरा शुद्धतावादी है. ऐसे में वे फिरोज खान से पढ़ना स्वीकार नहीं करेंगे. काशी की परंपराओं के बारे में बताते हुए कृष्ण कुमार ने कहा, 'पंडित राज जगन्नाथ जी ने एक यवन कन्या से विवाह कर लिया था. वह अद्भुत विद्वान थे, लेकिन काशी की विद्वत सभा ने उनका बहिष्कार कर दिया था.' आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि फिरोज खान 'आर्य' वंश से नहीं है. जबकि उनके विभाग में 'अनार्य' यानी गैर आर्यों का पढ़ाना तो दूर वहां उनके प्रवेश पर भी प्रतिबंध हैं. फिर उनके विभाग में साहित्य के साथ हिंदु धर्म और संस्कृति की भी पढ़ाई होती है. और उनके धर्म और संस्कृति की शिक्षा तो सिर्फ 'आर्य' ही दे सकते हैं. कोई और धर्म वाला उन्हें उनका धर्म कैसे पढ़ा सकता है? एक दूसरे आंदोलनकारी छात्र शुभम ने कहा, 'आर्ट फैकल्टी में संस्कृत विभाग स्थापित किया गया. इसका मुख्य उद्देश ये था, जो साफ तौर पर प्रस्तावना में लिखा हुआ है कि ये जो संस्कृत विद्या धर्म और संकाय है वह धर्म शिक्षक और पुजारी तैयार करेंगे. जिसका सारा काम हिंदुओं के हाथों में होगा और उसमें अनार्यों का प्रवेश वर्जित है.' आधिकारिक तौर पर नियुक्त एक शिक्षक के खिलाफ यूनिवर्सिटी में हो रहे है इस आंदोलन पर BHU ने एक बयान जारी कर कहा, 'विश्वविद्यालय में कुलपति की अध्यक्षता में चयन समिति हुई थी, जिसमें विषय विशेषज्ञों के अतिरिक्त विजिटर नॉमिनी, संकाय प्रमुख, विभागाध्यक्ष और ओबीसी पर्यवेक्षक भी चयन समिति के सदस्यों के रूप में मौजूद थे. चयन समिति ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए सर्वसम्मति से सबसे योग्य पाए गए अभ्यार्थी को उक्त पद पर नियुक्त किया.' वहीं BHU के चीफ प्रोटेक्टर ओपी राय ने कहा, 'संस्कृत विद्याधन संकाय में एपॉइंटमेंट एक अध्यापक का हुआ है. एक वर्ग विशेष का. इस पर बच्चों का ये कहना है कि ये हमारे कल्चर के हिसाब से सही नहीं है. हम विश्वविद्यालय में जो भी नियुक्ति करते हैं वह संविधान और जो हमारे एक्ट हैं, यूजीसी के एक्ट हैं उनको ध्यान में रखते हुए नियुक्तियां की जाती हैं. इस बार भी हमारी सेलेक्शन कमेटी ने उसी को ध्यान में रखते हुए नियुक्तियां की हैं.'
संक्षिप्त सारांश: BHU के छात्र मुस्लिम शिक्षक की नियुक्ति का कर रहे हैं विरोध 'अनार्य' शिक्षक फिरोज खान के खिलाफ वे 12 दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं आंदोलनकारी छात्र कहते हैं कि ये काशी की ऊंची परंपराओं के खिलाफ है
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में प्रियंका को शीर्ष चुनाव प्रचारक बनाए जाने को लेकर कांग्रेस में अलग-अलग राय है। कुछ लोगों का मानना है कि प्रियंका को एक राज्य के चुनाव पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए और अगले लोकसभा चुनाव में पूरे देश में पार्टी के लिए प्रचार करना चाहिए।टिप्पणियां कांग्रेस उत्तर प्रदेश में पिछले 26 साल से भी अधिक समय से राजनीतिक बनवास में है। इस दौरान राज्य में 'मंडल' और 'मंदिर' का मुद्दा तो उभरा ही, साथ ही सपा और बसपा जैसे क्षेत्रीय दल भी मजबूत हुए।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांग्रेस उत्तर प्रदेश में पिछले 26 साल से भी अधिक समय से राजनीतिक बनवास में है। इस दौरान राज्य में 'मंडल' और 'मंदिर' का मुद्दा तो उभरा ही, साथ ही सपा और बसपा जैसे क्षेत्रीय दल भी मजबूत हुए।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रियंका कांग्रेस के लिए सक्रिय और बड़ी भूमिका निभा सकती हैं अभी तक प्रियंका रायबरेली व अमेठी में प्रचार करती रही हैं चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर को यूपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अब अमेरिकी चुनाव के कुछ दिलचस्प पहलू, जिन्हें कम ही लोग जानते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपतियों से जुड़ीं ऐसी बातें, जो कम रोचक नहीं हैं। अमेरिका के ज्यादातर राज्यों का इतिहास रहा है कि वे किसी खास पार्टी को ही वोट देते हैं। ऐसे में कुछ ही राज्य ऐसे हैं, जिनके वोट नतीजों पर असर डालते हैं और ये चुनावी जंग के इलाके हैं। चुनाव इलेक्टोरल कॉलेज के आधार पर होते हैं और राज्यों के पास उनकी जनसंख्या के मुताबिक, कम या ज्यादा वोट होते हैं। बराक ओबामा अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति हैं, हालांकि इसमें क्लीवलैंड को दो बार गिना जाता है। अमेरिका इतिहास में आठ राष्ट्रपति ब्रिटेन की प्रजा थे, जिसमें पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन और थॉमस जेफरसन भी शामिल हैं। नौ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कॉलेज का मुंह नहीं देखा, इसमें जॉर्ज वाशिंगटन, एंड्रयू जैक्सन, अब्राहम लिंकन क्लीव और ट्रुमैन का नाम आता है। अमेरिका के 42 राष्ट्रपतियों के पूर्वज डच, इंग्लिश, आयरिश, स्कॉटिश, स्विस या जर्मन ही थे। बराक ओबामा पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म अमेरिकी महाद्वीप या मुख्य भूमि पर नहीं हुआ। सबसे ज्यादा उम्र में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड रोनाल्ड रीगन के नाम है, जो 69 साल में राष्ट्रपति बने, वहीं जॉन एफ कैनेडी ने सबसे कम उम्र 43 साल में राष्ट्रपति का चुनाव जीता था। सबसे लम्बे राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन छह फुट चार इंच के थे और सबसे छोटे मैडिसन का कद 5 फुट 4 इंच था। अमेरिका के आठ राष्ट्रपति बाएं हाथ से लिखने वाले रहे हैं। इनमें रीगन सीनियर बुश और ओबामा भी शामिल हैं। कुल 14 राष्ट्रपति ऐसे रहे हैं, जो पहले उप-राष्ट्रपति थे फिर राष्ट्रपति के लिए चुने गए।टिप्पणियां 1973 में अमेरिकी इतिहास में दो साल तक सत्ता अनिश्चित राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के हाथों में रही। अमेरिका में फर्स्ट लेडी यानी प्रथम महिला का इस्तेमाल पहली बार 1877 में राष्ट्रपति रदरफोर्ड की पत्नी लुसी वेयर वेब के लिए हुआ। जेम्स बुकानन इकलौते राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने शादी नहीं की। रीगन इकलौते तलाकशुदा थे। अमेरिका के छह राष्ट्रपतियों के बच्चे नहीं थे, जबकि राष्ट्रपति के सबसे ज्यादा 15 बच्चे थे। चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों की पद पर रहते हुए हत्या की गई, जिनके नाम हैं लिंकन, गारफील्ड, मैक्किनले और कैनेडी। अमेरिकी इतिहास में 26 राष्ट्रपति पेशे से वकील रहे हैं, जिनमें मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हैं। अमेरिका के ज्यादातर राज्यों का इतिहास रहा है कि वे किसी खास पार्टी को ही वोट देते हैं। ऐसे में कुछ ही राज्य ऐसे हैं, जिनके वोट नतीजों पर असर डालते हैं और ये चुनावी जंग के इलाके हैं। चुनाव इलेक्टोरल कॉलेज के आधार पर होते हैं और राज्यों के पास उनकी जनसंख्या के मुताबिक, कम या ज्यादा वोट होते हैं। बराक ओबामा अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति हैं, हालांकि इसमें क्लीवलैंड को दो बार गिना जाता है। अमेरिका इतिहास में आठ राष्ट्रपति ब्रिटेन की प्रजा थे, जिसमें पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन और थॉमस जेफरसन भी शामिल हैं। नौ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कॉलेज का मुंह नहीं देखा, इसमें जॉर्ज वाशिंगटन, एंड्रयू जैक्सन, अब्राहम लिंकन क्लीव और ट्रुमैन का नाम आता है। अमेरिका के 42 राष्ट्रपतियों के पूर्वज डच, इंग्लिश, आयरिश, स्कॉटिश, स्विस या जर्मन ही थे। बराक ओबामा पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म अमेरिकी महाद्वीप या मुख्य भूमि पर नहीं हुआ। सबसे ज्यादा उम्र में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड रोनाल्ड रीगन के नाम है, जो 69 साल में राष्ट्रपति बने, वहीं जॉन एफ कैनेडी ने सबसे कम उम्र 43 साल में राष्ट्रपति का चुनाव जीता था। सबसे लम्बे राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन छह फुट चार इंच के थे और सबसे छोटे मैडिसन का कद 5 फुट 4 इंच था। अमेरिका के आठ राष्ट्रपति बाएं हाथ से लिखने वाले रहे हैं। इनमें रीगन सीनियर बुश और ओबामा भी शामिल हैं। कुल 14 राष्ट्रपति ऐसे रहे हैं, जो पहले उप-राष्ट्रपति थे फिर राष्ट्रपति के लिए चुने गए।टिप्पणियां 1973 में अमेरिकी इतिहास में दो साल तक सत्ता अनिश्चित राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के हाथों में रही। अमेरिका में फर्स्ट लेडी यानी प्रथम महिला का इस्तेमाल पहली बार 1877 में राष्ट्रपति रदरफोर्ड की पत्नी लुसी वेयर वेब के लिए हुआ। जेम्स बुकानन इकलौते राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने शादी नहीं की। रीगन इकलौते तलाकशुदा थे। अमेरिका के छह राष्ट्रपतियों के बच्चे नहीं थे, जबकि राष्ट्रपति के सबसे ज्यादा 15 बच्चे थे। चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों की पद पर रहते हुए हत्या की गई, जिनके नाम हैं लिंकन, गारफील्ड, मैक्किनले और कैनेडी। अमेरिकी इतिहास में 26 राष्ट्रपति पेशे से वकील रहे हैं, जिनमें मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हैं। अमेरिका इतिहास में आठ राष्ट्रपति ब्रिटेन की प्रजा थे, जिसमें पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन और थॉमस जेफरसन भी शामिल हैं। नौ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कॉलेज का मुंह नहीं देखा, इसमें जॉर्ज वाशिंगटन, एंड्रयू जैक्सन, अब्राहम लिंकन क्लीव और ट्रुमैन का नाम आता है। अमेरिका के 42 राष्ट्रपतियों के पूर्वज डच, इंग्लिश, आयरिश, स्कॉटिश, स्विस या जर्मन ही थे। बराक ओबामा पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म अमेरिकी महाद्वीप या मुख्य भूमि पर नहीं हुआ। सबसे ज्यादा उम्र में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड रोनाल्ड रीगन के नाम है, जो 69 साल में राष्ट्रपति बने, वहीं जॉन एफ कैनेडी ने सबसे कम उम्र 43 साल में राष्ट्रपति का चुनाव जीता था। सबसे लम्बे राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन छह फुट चार इंच के थे और सबसे छोटे मैडिसन का कद 5 फुट 4 इंच था। अमेरिका के आठ राष्ट्रपति बाएं हाथ से लिखने वाले रहे हैं। इनमें रीगन सीनियर बुश और ओबामा भी शामिल हैं। कुल 14 राष्ट्रपति ऐसे रहे हैं, जो पहले उप-राष्ट्रपति थे फिर राष्ट्रपति के लिए चुने गए।टिप्पणियां 1973 में अमेरिकी इतिहास में दो साल तक सत्ता अनिश्चित राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के हाथों में रही। अमेरिका में फर्स्ट लेडी यानी प्रथम महिला का इस्तेमाल पहली बार 1877 में राष्ट्रपति रदरफोर्ड की पत्नी लुसी वेयर वेब के लिए हुआ। जेम्स बुकानन इकलौते राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने शादी नहीं की। रीगन इकलौते तलाकशुदा थे। अमेरिका के छह राष्ट्रपतियों के बच्चे नहीं थे, जबकि राष्ट्रपति के सबसे ज्यादा 15 बच्चे थे। चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों की पद पर रहते हुए हत्या की गई, जिनके नाम हैं लिंकन, गारफील्ड, मैक्किनले और कैनेडी। अमेरिकी इतिहास में 26 राष्ट्रपति पेशे से वकील रहे हैं, जिनमें मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हैं। अमेरिका के 42 राष्ट्रपतियों के पूर्वज डच, इंग्लिश, आयरिश, स्कॉटिश, स्विस या जर्मन ही थे। बराक ओबामा पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म अमेरिकी महाद्वीप या मुख्य भूमि पर नहीं हुआ। सबसे ज्यादा उम्र में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड रोनाल्ड रीगन के नाम है, जो 69 साल में राष्ट्रपति बने, वहीं जॉन एफ कैनेडी ने सबसे कम उम्र 43 साल में राष्ट्रपति का चुनाव जीता था। सबसे लम्बे राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन छह फुट चार इंच के थे और सबसे छोटे मैडिसन का कद 5 फुट 4 इंच था। अमेरिका के आठ राष्ट्रपति बाएं हाथ से लिखने वाले रहे हैं। इनमें रीगन सीनियर बुश और ओबामा भी शामिल हैं। कुल 14 राष्ट्रपति ऐसे रहे हैं, जो पहले उप-राष्ट्रपति थे फिर राष्ट्रपति के लिए चुने गए।टिप्पणियां 1973 में अमेरिकी इतिहास में दो साल तक सत्ता अनिश्चित राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के हाथों में रही। अमेरिका में फर्स्ट लेडी यानी प्रथम महिला का इस्तेमाल पहली बार 1877 में राष्ट्रपति रदरफोर्ड की पत्नी लुसी वेयर वेब के लिए हुआ। जेम्स बुकानन इकलौते राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने शादी नहीं की। रीगन इकलौते तलाकशुदा थे। अमेरिका के छह राष्ट्रपतियों के बच्चे नहीं थे, जबकि राष्ट्रपति के सबसे ज्यादा 15 बच्चे थे। चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों की पद पर रहते हुए हत्या की गई, जिनके नाम हैं लिंकन, गारफील्ड, मैक्किनले और कैनेडी। अमेरिकी इतिहास में 26 राष्ट्रपति पेशे से वकील रहे हैं, जिनमें मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हैं। अमेरिका के आठ राष्ट्रपति बाएं हाथ से लिखने वाले रहे हैं। इनमें रीगन सीनियर बुश और ओबामा भी शामिल हैं। कुल 14 राष्ट्रपति ऐसे रहे हैं, जो पहले उप-राष्ट्रपति थे फिर राष्ट्रपति के लिए चुने गए।टिप्पणियां 1973 में अमेरिकी इतिहास में दो साल तक सत्ता अनिश्चित राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के हाथों में रही। अमेरिका में फर्स्ट लेडी यानी प्रथम महिला का इस्तेमाल पहली बार 1877 में राष्ट्रपति रदरफोर्ड की पत्नी लुसी वेयर वेब के लिए हुआ। जेम्स बुकानन इकलौते राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने शादी नहीं की। रीगन इकलौते तलाकशुदा थे। अमेरिका के छह राष्ट्रपतियों के बच्चे नहीं थे, जबकि राष्ट्रपति के सबसे ज्यादा 15 बच्चे थे। चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों की पद पर रहते हुए हत्या की गई, जिनके नाम हैं लिंकन, गारफील्ड, मैक्किनले और कैनेडी। अमेरिकी इतिहास में 26 राष्ट्रपति पेशे से वकील रहे हैं, जिनमें मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हैं। 1973 में अमेरिकी इतिहास में दो साल तक सत्ता अनिश्चित राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के हाथों में रही। अमेरिका में फर्स्ट लेडी यानी प्रथम महिला का इस्तेमाल पहली बार 1877 में राष्ट्रपति रदरफोर्ड की पत्नी लुसी वेयर वेब के लिए हुआ। जेम्स बुकानन इकलौते राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने शादी नहीं की। रीगन इकलौते तलाकशुदा थे। अमेरिका के छह राष्ट्रपतियों के बच्चे नहीं थे, जबकि राष्ट्रपति के सबसे ज्यादा 15 बच्चे थे। चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों की पद पर रहते हुए हत्या की गई, जिनके नाम हैं लिंकन, गारफील्ड, मैक्किनले और कैनेडी। अमेरिकी इतिहास में 26 राष्ट्रपति पेशे से वकील रहे हैं, जिनमें मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हैं। चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों की पद पर रहते हुए हत्या की गई, जिनके नाम हैं लिंकन, गारफील्ड, मैक्किनले और कैनेडी। अमेरिकी इतिहास में 26 राष्ट्रपति पेशे से वकील रहे हैं, जिनमें मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हैं।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के आठ राष्ट्रपति बाएं हाथ से लिखने वाले रहे हैं। इनमें रोनाल्ड रीगन, जॉर्ज बुश सीनियर और बराक ओबामा भी शामिल हैं।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नार्वे में माता-पिता की कथित लापरवाही पर बाल विकास सेवा द्वारा कब्जे में लिए गए दो अनिवासी भारतीय बच्चे मंगलवार को स्वदेश लौट आए। बच्चों के स्वदेश लौटने के साथ ही महीनों से चल रहे इस विवाद का जहां अंत हो गया। वहीं, बच्चों के परिजनों ने कूटनीतिक प्रयास के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। बच्चों के भारत लौटने पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। जबकि तीन वर्षीय अभिज्ञान और एक वर्षीय ऐश्वर्य के दादा ने अविश्वसनीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। विदेश राज्यमंत्री प्रणीत कौर बच्चों के दादा-दादी के साथ, तीन वर्षीय अभिज्ञान और एक वर्षीय ऐश्वर्य का स्वागत करने के लिए यहां हवाईअड्डे पर मौजूद थीं। नार्वे में बच्चों की देखरेख करने वाले उनके साथ थे। दोनों बच्चों के बुधवार को कोलकाता पहुंचने की संभावना है। अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य के बच्चे अभिज्ञान और ऐश्वर्य को पिछले वर्ष मई में उनके माता-पिता से ले लिया गया था। नार्वे की एक अदालत ने स्टैवांगर शहर में दोनों बच्चों को उनके चाचा, अरुणाभाष भट्टाचार्य को सौंप दिया, जिसके बाद भारत सरकार ने उनके भारत लौटने का बंदोबस्त किया। नार्वे की अदालत के इस फैसले से भट्टाचार्य परिवार को एक बड़ी राहत मिली है। यह परिवार पिछले एक वर्ष से बच्चों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित कराने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास किए कि भारतीय बच्चे अपने देश लौट आएं और अपने पारिवारिक वातावरण में पलें-बढ़ें। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। बच्चों के भारत लौटने पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। जबकि तीन वर्षीय अभिज्ञान और एक वर्षीय ऐश्वर्य के दादा ने अविश्वसनीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। विदेश राज्यमंत्री प्रणीत कौर बच्चों के दादा-दादी के साथ, तीन वर्षीय अभिज्ञान और एक वर्षीय ऐश्वर्य का स्वागत करने के लिए यहां हवाईअड्डे पर मौजूद थीं। नार्वे में बच्चों की देखरेख करने वाले उनके साथ थे। दोनों बच्चों के बुधवार को कोलकाता पहुंचने की संभावना है। अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य के बच्चे अभिज्ञान और ऐश्वर्य को पिछले वर्ष मई में उनके माता-पिता से ले लिया गया था। नार्वे की एक अदालत ने स्टैवांगर शहर में दोनों बच्चों को उनके चाचा, अरुणाभाष भट्टाचार्य को सौंप दिया, जिसके बाद भारत सरकार ने उनके भारत लौटने का बंदोबस्त किया। नार्वे की अदालत के इस फैसले से भट्टाचार्य परिवार को एक बड़ी राहत मिली है। यह परिवार पिछले एक वर्ष से बच्चों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित कराने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास किए कि भारतीय बच्चे अपने देश लौट आएं और अपने पारिवारिक वातावरण में पलें-बढ़ें। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। विदेश राज्यमंत्री प्रणीत कौर बच्चों के दादा-दादी के साथ, तीन वर्षीय अभिज्ञान और एक वर्षीय ऐश्वर्य का स्वागत करने के लिए यहां हवाईअड्डे पर मौजूद थीं। नार्वे में बच्चों की देखरेख करने वाले उनके साथ थे। दोनों बच्चों के बुधवार को कोलकाता पहुंचने की संभावना है। अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य के बच्चे अभिज्ञान और ऐश्वर्य को पिछले वर्ष मई में उनके माता-पिता से ले लिया गया था। नार्वे की एक अदालत ने स्टैवांगर शहर में दोनों बच्चों को उनके चाचा, अरुणाभाष भट्टाचार्य को सौंप दिया, जिसके बाद भारत सरकार ने उनके भारत लौटने का बंदोबस्त किया। नार्वे की अदालत के इस फैसले से भट्टाचार्य परिवार को एक बड़ी राहत मिली है। यह परिवार पिछले एक वर्ष से बच्चों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित कराने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास किए कि भारतीय बच्चे अपने देश लौट आएं और अपने पारिवारिक वातावरण में पलें-बढ़ें। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। दोनों बच्चों के बुधवार को कोलकाता पहुंचने की संभावना है। अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य के बच्चे अभिज्ञान और ऐश्वर्य को पिछले वर्ष मई में उनके माता-पिता से ले लिया गया था। नार्वे की एक अदालत ने स्टैवांगर शहर में दोनों बच्चों को उनके चाचा, अरुणाभाष भट्टाचार्य को सौंप दिया, जिसके बाद भारत सरकार ने उनके भारत लौटने का बंदोबस्त किया। नार्वे की अदालत के इस फैसले से भट्टाचार्य परिवार को एक बड़ी राहत मिली है। यह परिवार पिछले एक वर्ष से बच्चों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित कराने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास किए कि भारतीय बच्चे अपने देश लौट आएं और अपने पारिवारिक वातावरण में पलें-बढ़ें। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां 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डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य के बच्चे अभिज्ञान और ऐश्वर्य को पिछले वर्ष मई में उनके माता-पिता से ले लिया गया था। नार्वे की एक अदालत ने स्टैवांगर शहर में दोनों बच्चों को उनके चाचा, अरुणाभाष भट्टाचार्य को सौंप दिया, जिसके बाद भारत सरकार ने उनके भारत लौटने का बंदोबस्त किया। नार्वे की अदालत के इस फैसले से भट्टाचार्य परिवार को एक बड़ी राहत मिली है। यह परिवार पिछले एक वर्ष से बच्चों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित कराने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास किए कि भारतीय बच्चे अपने देश लौट आएं और अपने पारिवारिक वातावरण में पलें-बढ़ें। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। नार्वे की एक अदालत ने स्टैवांगर शहर में दोनों बच्चों को उनके चाचा, अरुणाभाष भट्टाचार्य को सौंप दिया, जिसके बाद भारत सरकार ने उनके भारत लौटने का बंदोबस्त किया। नार्वे की अदालत के इस फैसले से भट्टाचार्य परिवार को एक बड़ी राहत मिली है। यह परिवार पिछले एक वर्ष से बच्चों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित कराने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास किए कि भारतीय बच्चे अपने देश लौट आएं और अपने पारिवारिक वातावरण में पलें-बढ़ें। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। नार्वे की अदालत के इस फैसले से भट्टाचार्य परिवार को एक बड़ी राहत मिली है। यह परिवार पिछले एक वर्ष से बच्चों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित कराने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास किए कि भारतीय बच्चे अपने देश लौट आएं और अपने पारिवारिक वातावरण में पलें-बढ़ें। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित कराने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास किए कि भारतीय बच्चे अपने देश लौट आएं और अपने पारिवारिक वातावरण में पलें-बढ़ें। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। बच्चों के भारत लौटने के तत्काल बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि वह दोनों बच्चों का यहां स्वागत करके बहुत खुश हैं। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। कृष्णा ने कहा, "वे भारत के हैं। वे भारतीय नागरिक हैं।" कृष्णा ने भरोसा जताया कि बच्चों के चाचा भारत में अपने पूर्ण पारिवारिक वातावरण में उनकी बेहतर देखरेख करेंगे। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। कृष्णा ने कहा, "अंत भला तो सब भला।" कृष्णा ने नार्वे सरकार और वहां के विदेश मंत्री को भी इस मानवीय मुद्दे को सुलझाने में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नार्वे की न्यायपालिका को भी धन्यवाद दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि भारतीय बच्चों को भारतीय वातावरण में अपने परिवार के साथ पलने-बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, "आखिरकार ऐसा ही हुआ, बच्चे भारत लौट आए। जहां तक विदेश से रिश्तों का सवाल है, इससे और निकटता आएगी।" अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा-दादी ने उनके स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता जताई और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। नई दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर पहुंचे अभिज्ञान और ऐश्वर्य के दादा अजय भट्टाचार्य ने बच्चों को वापस लाने में 'अविश्वसनीय सहायता' के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। अजय ने कहा, "हम बच्चों के स्वदेश लौटने की उम्मीद खो चुके थे। यह केवल सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। हमें उम्मीद है कि बच्चे जब कोलकाता लौटेंगे तो वे एक शांतिपूर्ण एवं सामान्य बचपन बिताएंगे।"टिप्पणियां उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। उधर, कोलकाता में अभिज्ञान और ऐश्वर्य के नाना मंतोष चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि बच्चों के पिता अनुरूप और मां सागरिका के बीच उभरा मतभेद दूर हो जाएगा। उन्हें खबर मिली थी कि बच्चों के हस्तांतरण को वे दोनों जोखिम भरा कदम मान रहे थे। उन्होंने कहा, "सागरिका बच्चों के स्वदेश लौटने पर खुश है लेकिन उसे दुख है कि बच्चे उसके साथ नहीं हैं।" अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की। अनुरूप ने नार्वे से फोन पर भारतीय मीडिया से बातचीत में परिवार को परेशानी में डालने के लिए नार्वे के अधिकारियों, खासकर वहां के बाल कल्याण सेवा की आलोचना की।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नार्वे में माता-पिता की कथित लापरवाही पर बाल विकास सेवा द्वारा कब्जे में लिए गए दो अनिवासी भारतीय बच्चे मंगलवार को स्वदेश लौट आए।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली बीजेपी की दो तस्वीरें सामने आई हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की छवि को नुक़सान हो सकता है. एक तस्वीर किराड़ी की है और दूसरी तस्वीर गोकुलपुरी की. अनधिकृत कॉलोनियों को लेकर चल रही जनसभा के दौरान किराड़ी में बीजेपी के दो गुटों के नेता और कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए. इतना ही नहीं, मंच पर जमकर लात-घूसे भी चले. मारपीट और हंगामे के बाद सभा रद्द कर दी गई. इस कार्यक्रम के दौरान हुए झगड़े के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया. वहीं दूसरी जगह गोकुलपुरी में भी बीजेपी की जनसभा के दौरान जमकर हंगामा हुआ. यहां मंच के नीचे महिला से अभद्रता के आरोप में एक कार्यकर्ता की पिटाई की गई. इसका भी वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है. बीजेपी में कार्यकर्ताओं के बीच पब्लिक के सामने मंच पर मारपीट को लेकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का बयान आया है. मनोज तिवारी ने कहा, ''एक-दो ऐसी घटनाएं घटी जिसपर नज़र है. ये मारामारी टिकटों को लेकर है क्योंकि हम सत्ता में आ रहे हैं. अनाधिकृत कॉलोनी पर खुशखबरी बहुत जल्द ही केंद्र सरकार दे सकती है और उसी के कार्यक्रम में ये मारपीट सामने आई है. ये ऐसी घटना है जो बीजेपी के संस्कार से मेल नहीं खाती है. हम चिंतित हैं.'' दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''तीन सदस्यीय कमिटी बनाई है और चार पांच दिन के अंदर जो भी दोषी होगा, उसके ऊपर संगठनात्मक कार्रवाई अवश्य होगी. कोई भी हमारे लिए खास और साधारण कार्यकर्ता कम नहीं. जांच में जो दोषी पाए गए उनपर कार्रवाई होगी.''
बीजेपी नेता आपस में भिड़े दो अलग-अलग जगहों की घटना किराड़ी और गोकुलपुरी का मामला
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के छपरा में एक बार फिर हाई स्कूल की परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया है। यहां शिक्षकों और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में छात्र बेझिझक नकल करते दिखाई दिए। इसके अलावा इन छात्रों को नकल में मदद करने के लिए लोग स्कूल की बिल्डिंग पर चढ़कर दूसरे माले की खिड़कियों में से बच्चों को पर्चा देते भी दिखाई दिए। बिहार में हाई स्कूल की परीक्षा में कुल 13 लाख 68 हज़ार छात्र शामिल हुए। इस बीच परीक्षा के पहले दिन 200 छात्रों को नकल करने के आरोप में बाहर हो गए हैं जबकि 100 से अधिक अभिवावकों को भी नकल में सहयोग कराने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा इन छात्रों को नकल में मदद करने के लिए लोग स्कूल की बिल्डिंग पर चढ़कर दूसरे माले की खिड़कियों में से बच्चों को पर्चा देते भी दिखाई दिए। बिहार में हाई स्कूल की परीक्षा में कुल 13 लाख 68 हज़ार छात्र शामिल हुए। इस बीच परीक्षा के पहले दिन 200 छात्रों को नकल करने के आरोप में बाहर हो गए हैं जबकि 100 से अधिक अभिवावकों को भी नकल में सहयोग कराने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
यह एक सारांश है: बिहार के छपरा में एक बार फिर हाई स्कूल की परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया है। यहां शिक्षकों और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में छात्र बेझिझक नकल करते दिखाई दिए। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल की टेस्ट शृंखला में सचिन तेंदुलकर की नाकामी के कारण यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए, लेकिन वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा का मानना है कि यह भारतीय स्टार अभी दो साल और खेल सकता है। लारा ने कहा, मैं जानता हूं कि वह खेल के ट्वेंटी-20 प्रारूप से पहले ही बाहर हो चुके हैं। मुझे पक्का पता नहीं है कि वह अभी 50 ओवर के मैच खेल रहे हैं या नहीं, लेकिन जहां तक टेस्ट क्रिकेट का सवाल है तो वह अभी दो साल और खेल सकते हैं। वह अब भी टेस्ट और एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढेर सारे रन बना सकते हैं। भारतीय बल्लेबाज से एक साल बाद अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करने वाले वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने कहा कि तेंदुलकर का कोई जवाब नहीं है और वह जब भी संन्यास लेंगे, तो क्रिकेट जगत को उनकी कमी खलेगी। उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि उन्होंने (तेंदुलकर) बेहतरीन भूमिका निभाई है। जिसने, मुझे पक्का पता नहीं है कि 15 या 16 साल से (अंतरराष्ट्रीय) क्रिकेट खेलना शुरू किया हो और वह अभी खेल रहा है। इस तरह से उन्होंने मेरे से एक या दो साल पहले खेलना शुरू किया और मेरे संन्यास लेने के पांच साल बाद भी वह खेल रहे हैं। लारा ने कहा, वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 25 साल पूरे करने के करीब हैं तथा केवल सचिन को ही नहीं, बल्कि सारे भारतीयों को इस पर गर्व होना चाहिए। कुल 131 टेस्ट मैच में 11,953 रन बनाने वाले लारा के नाम पर टेस्ट मैचों की एक पारी में सर्वाधिक 400 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने कहा कि कौशल और क्षमता के मामले में तेंदुलकर बाकी से मीलों आगे है। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि वह चोटों से भी परेशान रहे, लेकिन अपने कौशल और बेजोड़ क्षमता के कारण वह इतने लंबे समय तक रनों का अंबार लगाने और शीर्ष पर बने रहने में सफल रहे। मैं मानता हूं कि उन्होंने शानदार भूमिका निभाई है और जब वह संन्यास लेंगे, तो विश्व क्रिकेट को उनकी बहुत कमी खलेगी। लारा ने कहा कि तेंदुलकर भद्रजन हैं और ऐसा क्रिकेटर हैं, जिस पर विश्व क्रिकेट को हमेशा नाज रहेगा। उन्होंने कहा, मैं कुछ अवसरों पर उनके साथ और उनके खिलाफ खेला। मैं समझता हूं कि वह भद्रजन हैं और विश्व क्रिकेट को उन पर नाज होना चाहिए। लारा ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की भी तारीफ की और कहा कि भारतीय कप्तान को अपना भविष्य तय करने की छूट मिलनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि उनको लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन केवल वही जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। कोई भी कप्तान बर्खास्त होना पसंद नहीं करता। इसलिए उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने की छूट मिलनी चाहिए। लारा ने कहा कि वेस्ट इंडीज की टीम यदि इकाई के तौर पर खेलती है, तो वह भी खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं। लारा ने कहा, मैं जानता हूं कि वह खेल के ट्वेंटी-20 प्रारूप से पहले ही बाहर हो चुके हैं। मुझे पक्का पता नहीं है कि वह अभी 50 ओवर के मैच खेल रहे हैं या नहीं, लेकिन जहां तक टेस्ट क्रिकेट का सवाल है तो वह अभी दो साल और खेल सकते हैं। वह अब भी टेस्ट और एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढेर सारे रन बना सकते हैं। भारतीय बल्लेबाज से एक साल बाद अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करने वाले वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने कहा कि तेंदुलकर का कोई जवाब नहीं है और वह जब भी संन्यास लेंगे, तो क्रिकेट जगत को उनकी कमी खलेगी। उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि उन्होंने (तेंदुलकर) बेहतरीन भूमिका निभाई है। जिसने, मुझे पक्का पता नहीं है कि 15 या 16 साल से (अंतरराष्ट्रीय) क्रिकेट खेलना शुरू किया हो और वह अभी खेल रहा है। इस तरह से उन्होंने मेरे से एक या दो साल पहले खेलना शुरू किया और मेरे संन्यास लेने के पांच साल बाद भी वह खेल रहे हैं। लारा ने कहा, वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 25 साल पूरे करने के करीब हैं तथा केवल सचिन को ही नहीं, बल्कि सारे भारतीयों को इस पर गर्व होना चाहिए। कुल 131 टेस्ट मैच में 11,953 रन बनाने वाले लारा के नाम पर टेस्ट मैचों की एक पारी में सर्वाधिक 400 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने कहा कि कौशल और क्षमता के मामले में तेंदुलकर बाकी से मीलों आगे है। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि वह चोटों से भी परेशान रहे, लेकिन अपने कौशल और बेजोड़ क्षमता के कारण वह इतने लंबे समय तक रनों का अंबार लगाने और शीर्ष पर बने रहने में सफल रहे। मैं मानता हूं कि उन्होंने शानदार भूमिका निभाई है और जब वह संन्यास लेंगे, तो विश्व क्रिकेट को उनकी बहुत कमी खलेगी। लारा ने कहा कि तेंदुलकर भद्रजन हैं और ऐसा क्रिकेटर हैं, जिस पर विश्व क्रिकेट को हमेशा नाज रहेगा। उन्होंने कहा, मैं कुछ अवसरों पर उनके साथ और उनके खिलाफ खेला। मैं समझता हूं कि वह भद्रजन हैं और विश्व क्रिकेट को उन पर नाज होना चाहिए। लारा ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की भी तारीफ की और कहा कि भारतीय कप्तान को अपना भविष्य तय करने की छूट मिलनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि उनको लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन केवल वही जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। कोई भी कप्तान बर्खास्त होना पसंद नहीं करता। इसलिए उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने की छूट मिलनी चाहिए। लारा ने कहा कि वेस्ट इंडीज की टीम यदि इकाई के तौर पर खेलती है, तो वह भी खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं। भारतीय बल्लेबाज से एक साल बाद अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करने वाले वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने कहा कि तेंदुलकर का कोई जवाब नहीं है और वह जब भी संन्यास लेंगे, तो क्रिकेट जगत को उनकी कमी खलेगी। उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि उन्होंने (तेंदुलकर) बेहतरीन भूमिका निभाई है। जिसने, मुझे पक्का पता नहीं है कि 15 या 16 साल से (अंतरराष्ट्रीय) क्रिकेट खेलना शुरू किया हो और वह अभी खेल रहा है। इस तरह से उन्होंने मेरे से एक या दो साल पहले खेलना शुरू किया और मेरे संन्यास लेने के पांच साल बाद भी वह खेल रहे हैं। लारा ने कहा, वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 25 साल पूरे करने के करीब हैं तथा केवल सचिन को ही नहीं, बल्कि सारे भारतीयों को इस पर गर्व होना चाहिए। कुल 131 टेस्ट मैच में 11,953 रन बनाने वाले लारा के नाम पर टेस्ट मैचों की एक पारी में सर्वाधिक 400 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने कहा कि कौशल और क्षमता के मामले में तेंदुलकर बाकी से मीलों आगे है। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि वह चोटों से भी परेशान रहे, लेकिन अपने कौशल और बेजोड़ क्षमता के कारण वह इतने लंबे समय तक रनों का अंबार लगाने और शीर्ष पर बने रहने में सफल रहे। मैं मानता हूं कि उन्होंने शानदार भूमिका निभाई है और जब वह संन्यास लेंगे, तो विश्व क्रिकेट को उनकी बहुत कमी खलेगी। लारा ने कहा कि तेंदुलकर भद्रजन हैं और ऐसा क्रिकेटर हैं, जिस पर विश्व क्रिकेट को हमेशा नाज रहेगा। उन्होंने कहा, मैं कुछ अवसरों पर उनके साथ और उनके खिलाफ खेला। मैं समझता हूं कि वह भद्रजन हैं और विश्व क्रिकेट को उन पर नाज होना चाहिए। लारा ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की भी तारीफ की और कहा कि भारतीय कप्तान को अपना भविष्य तय करने की छूट मिलनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि उनको लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन केवल वही जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। कोई भी कप्तान बर्खास्त होना पसंद नहीं करता। इसलिए उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने की छूट मिलनी चाहिए। लारा ने कहा कि वेस्ट इंडीज की टीम यदि इकाई के तौर पर खेलती है, तो वह भी खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि उन्होंने (तेंदुलकर) बेहतरीन भूमिका निभाई है। जिसने, मुझे पक्का पता नहीं है कि 15 या 16 साल से (अंतरराष्ट्रीय) क्रिकेट खेलना शुरू किया हो और वह अभी खेल रहा है। इस तरह से उन्होंने मेरे से एक या दो साल पहले खेलना शुरू किया और मेरे संन्यास लेने के पांच साल बाद भी वह खेल रहे हैं। लारा ने कहा, वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 25 साल पूरे करने के करीब हैं तथा केवल सचिन को ही नहीं, बल्कि सारे भारतीयों को इस पर गर्व होना चाहिए। कुल 131 टेस्ट मैच में 11,953 रन बनाने वाले लारा के नाम पर टेस्ट मैचों की एक पारी में सर्वाधिक 400 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने कहा कि कौशल और क्षमता के मामले में तेंदुलकर बाकी से मीलों आगे है। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि वह चोटों से भी परेशान रहे, लेकिन अपने कौशल और बेजोड़ क्षमता के कारण वह इतने लंबे समय तक रनों का अंबार लगाने और शीर्ष पर बने रहने में सफल रहे। मैं मानता हूं कि उन्होंने शानदार भूमिका निभाई है और जब वह संन्यास लेंगे, तो विश्व क्रिकेट को उनकी बहुत कमी खलेगी। लारा ने कहा कि तेंदुलकर भद्रजन हैं और ऐसा क्रिकेटर हैं, जिस पर विश्व क्रिकेट को हमेशा नाज रहेगा। उन्होंने कहा, मैं कुछ अवसरों पर उनके साथ और उनके खिलाफ खेला। मैं समझता हूं कि वह भद्रजन हैं और विश्व क्रिकेट को उन पर नाज होना चाहिए। लारा ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की भी तारीफ की और कहा कि भारतीय कप्तान को अपना भविष्य तय करने की छूट मिलनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि उनको लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन केवल वही जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। कोई भी कप्तान बर्खास्त होना पसंद नहीं करता। इसलिए उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने की छूट मिलनी चाहिए। लारा ने कहा कि वेस्ट इंडीज की टीम यदि इकाई के तौर पर खेलती है, तो वह भी खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं। कुल 131 टेस्ट मैच में 11,953 रन बनाने वाले लारा के नाम पर टेस्ट मैचों की एक पारी में सर्वाधिक 400 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने कहा कि कौशल और क्षमता के मामले में तेंदुलकर बाकी से मीलों आगे है। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि वह चोटों से भी परेशान रहे, लेकिन अपने कौशल और बेजोड़ क्षमता के कारण वह इतने लंबे समय तक रनों का अंबार लगाने और शीर्ष पर बने रहने में सफल रहे। मैं मानता हूं कि उन्होंने शानदार भूमिका निभाई है और जब वह संन्यास लेंगे, तो विश्व क्रिकेट को उनकी बहुत कमी खलेगी। लारा ने कहा कि तेंदुलकर भद्रजन हैं और ऐसा क्रिकेटर हैं, जिस पर विश्व क्रिकेट को हमेशा नाज रहेगा। उन्होंने कहा, मैं कुछ अवसरों पर उनके साथ और उनके खिलाफ खेला। मैं समझता हूं कि वह भद्रजन हैं और विश्व क्रिकेट को उन पर नाज होना चाहिए। लारा ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की भी तारीफ की और कहा कि भारतीय कप्तान को अपना भविष्य तय करने की छूट मिलनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि उनको लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन केवल वही जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। कोई भी कप्तान बर्खास्त होना पसंद नहीं करता। इसलिए उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने की छूट मिलनी चाहिए। लारा ने कहा कि वेस्ट इंडीज की टीम यदि इकाई के तौर पर खेलती है, तो वह भी खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि वह चोटों से भी परेशान रहे, लेकिन अपने कौशल और बेजोड़ क्षमता के कारण वह इतने लंबे समय तक रनों का अंबार लगाने और शीर्ष पर बने रहने में सफल रहे। मैं मानता हूं कि उन्होंने शानदार भूमिका निभाई है और जब वह संन्यास लेंगे, तो विश्व क्रिकेट को उनकी बहुत कमी खलेगी। लारा ने कहा कि तेंदुलकर भद्रजन हैं और ऐसा क्रिकेटर हैं, जिस पर विश्व क्रिकेट को हमेशा नाज रहेगा। उन्होंने कहा, मैं कुछ अवसरों पर उनके साथ और उनके खिलाफ खेला। मैं समझता हूं कि वह भद्रजन हैं और विश्व क्रिकेट को उन पर नाज होना चाहिए। लारा ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की भी तारीफ की और कहा कि भारतीय कप्तान को अपना भविष्य तय करने की छूट मिलनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि उनको लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन केवल वही जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। कोई भी कप्तान बर्खास्त होना पसंद नहीं करता। इसलिए उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने की छूट मिलनी चाहिए। लारा ने कहा कि वेस्ट इंडीज की टीम यदि इकाई के तौर पर खेलती है, तो वह भी खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं। लारा ने कहा कि तेंदुलकर भद्रजन हैं और ऐसा क्रिकेटर हैं, जिस पर विश्व क्रिकेट को हमेशा नाज रहेगा। उन्होंने कहा, मैं कुछ अवसरों पर उनके साथ और उनके खिलाफ खेला। मैं समझता हूं कि वह भद्रजन हैं और विश्व क्रिकेट को उन पर नाज होना चाहिए। लारा ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की भी तारीफ की और कहा कि भारतीय कप्तान को अपना भविष्य तय करने की छूट मिलनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि उनको लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन केवल वही जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। कोई भी कप्तान बर्खास्त होना पसंद नहीं करता। इसलिए उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने की छूट मिलनी चाहिए। लारा ने कहा कि वेस्ट इंडीज की टीम यदि इकाई के तौर पर खेलती है, तो वह भी खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं। उन्होंने कहा, पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि उनको लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन केवल वही जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। कोई भी कप्तान बर्खास्त होना पसंद नहीं करता। इसलिए उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने की छूट मिलनी चाहिए। लारा ने कहा कि वेस्ट इंडीज की टीम यदि इकाई के तौर पर खेलती है, तो वह भी खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं। उन्होंने कहा, वेस्ट इंडीज की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन वे टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनके पास सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होगा। समूह के रूप में वे वास्तव में खतरनाक हैं और हम खिताब के दावेदार हैं। लारा ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप के बारे में कहा कि खेल को अभी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा, टी-20 बहुत रोचक प्रारूप है। क्रिकेट को अभी इसकी जरूरत है। हमने इस प्रारूप में कई आकर्षक खिलाड़ी देखे। मैं भी इसे खेलना पसंद करता, लेकिन अभी मैं दर्शक बनकर ही लुत्फ उठा रहा हूं।
संक्षिप्त सारांश: वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा ने कहा कि तेंदुलकर का कोई जवाब नहीं है और वह जब भी संन्यास लेंगे, तो क्रिकेट जगत को उनकी कमी खलेगी।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: खनन और बिजली सभी क्षेत्रों में प्रदर्शन फीका रहने से औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में दो प्रतिशत रही। यह गत वर्ष इसी माह की तुलना में बेहतर पर इस वर्ष मार्च की तुलना में नरम है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) औद्योगिक वृद्धि दर इस वर्ष मार्च में संशोधित आंकड़ों के अनुसार, 3.4 प्रतिशत थी, जबकि पिछले साल अप्रैल में औद्योगिक उत्पान सालाना आधार पर 1.3 प्रतिशत घटा था। पिछले माह घोषित प्राथमिक आंकड़ों में इस बार मार्च की औद्योगिक वृद्धि 2.5 प्रतिशत बताई गई थी। संशोधित आंकड़ों में वित्त वर्ष 2012-13 की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़ों को भी संशोधित कर 1.1 प्रतिशत कर दिया गया। प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर यह एक प्रतिशत बताया गया था। वर्ष 2011-12 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत थी। सूचकांक में 75 प्रतिशत का योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही जबकि पिछले साल इसी महीने इस क्षेत्र का उत्पादन 1.8 प्रतिशत संकुचित हुआ था। बिजली उत्पादन अप्रैल में सिर्फ 0.7 प्रतिशत बढ़ा जबकि पिछले साल के इसी महीने में उत्पादन में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। खनन क्षेत्र का उत्पादन इस साल अप्रैल में तीन प्रतिशत घटा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र का उत्पादन 2.8 प्रतिशत घटा था। पूंजीगत उत्पादों के उत्पादन में इस साल अप्रैल में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 21.5 प्रतिशत घटा था। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 औद्योगिक समूहों में से 13 में अप्रैल माह में सकारात्मक रख दिखा। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) औद्योगिक वृद्धि दर इस वर्ष मार्च में संशोधित आंकड़ों के अनुसार, 3.4 प्रतिशत थी, जबकि पिछले साल अप्रैल में औद्योगिक उत्पान सालाना आधार पर 1.3 प्रतिशत घटा था। पिछले माह घोषित प्राथमिक आंकड़ों में इस बार मार्च की औद्योगिक वृद्धि 2.5 प्रतिशत बताई गई थी। संशोधित आंकड़ों में वित्त वर्ष 2012-13 की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़ों को भी संशोधित कर 1.1 प्रतिशत कर दिया गया। प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर यह एक प्रतिशत बताया गया था। वर्ष 2011-12 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत थी। सूचकांक में 75 प्रतिशत का योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही जबकि पिछले साल इसी महीने इस क्षेत्र का उत्पादन 1.8 प्रतिशत संकुचित हुआ था। बिजली उत्पादन अप्रैल में सिर्फ 0.7 प्रतिशत बढ़ा जबकि पिछले साल के इसी महीने में उत्पादन में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। खनन क्षेत्र का उत्पादन इस साल अप्रैल में तीन प्रतिशत घटा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र का उत्पादन 2.8 प्रतिशत घटा था। पूंजीगत उत्पादों के उत्पादन में इस साल अप्रैल में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 21.5 प्रतिशत घटा था। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 औद्योगिक समूहों में से 13 में अप्रैल माह में सकारात्मक रख दिखा। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। संशोधित आंकड़ों में वित्त वर्ष 2012-13 की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़ों को भी संशोधित कर 1.1 प्रतिशत कर दिया गया। प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर यह एक प्रतिशत बताया गया था। वर्ष 2011-12 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत थी। सूचकांक में 75 प्रतिशत का योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही जबकि पिछले साल इसी महीने इस क्षेत्र का उत्पादन 1.8 प्रतिशत संकुचित हुआ था। बिजली उत्पादन अप्रैल में सिर्फ 0.7 प्रतिशत बढ़ा जबकि पिछले साल के इसी महीने में उत्पादन में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। खनन क्षेत्र का उत्पादन इस साल अप्रैल में तीन प्रतिशत घटा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र का उत्पादन 2.8 प्रतिशत घटा था। पूंजीगत उत्पादों के उत्पादन में इस साल अप्रैल में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 21.5 प्रतिशत घटा था। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 औद्योगिक समूहों में से 13 में अप्रैल माह में सकारात्मक रख दिखा। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। सूचकांक में 75 प्रतिशत का योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही जबकि पिछले साल इसी महीने इस क्षेत्र का उत्पादन 1.8 प्रतिशत संकुचित हुआ था। बिजली उत्पादन अप्रैल में सिर्फ 0.7 प्रतिशत बढ़ा जबकि पिछले साल के इसी महीने में उत्पादन में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। खनन क्षेत्र का उत्पादन इस साल अप्रैल में तीन प्रतिशत घटा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र का उत्पादन 2.8 प्रतिशत घटा था। पूंजीगत उत्पादों के उत्पादन में इस साल अप्रैल में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 21.5 प्रतिशत घटा था। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 औद्योगिक समूहों में से 13 में अप्रैल माह में सकारात्मक रख दिखा। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। बिजली उत्पादन अप्रैल में सिर्फ 0.7 प्रतिशत बढ़ा जबकि पिछले साल के इसी महीने में उत्पादन में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। खनन क्षेत्र का उत्पादन इस साल अप्रैल में तीन प्रतिशत घटा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र का उत्पादन 2.8 प्रतिशत घटा था। पूंजीगत उत्पादों के उत्पादन में इस साल अप्रैल में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 21.5 प्रतिशत घटा था। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 औद्योगिक समूहों में से 13 में अप्रैल माह में सकारात्मक रख दिखा। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। खनन क्षेत्र का उत्पादन इस साल अप्रैल में तीन प्रतिशत घटा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र का उत्पादन 2.8 प्रतिशत घटा था। पूंजीगत उत्पादों के उत्पादन में इस साल अप्रैल में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 21.5 प्रतिशत घटा था। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 औद्योगिक समूहों में से 13 में अप्रैल माह में सकारात्मक रख दिखा। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। पूंजीगत उत्पादों के उत्पादन में इस साल अप्रैल में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 21.5 प्रतिशत घटा था। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 औद्योगिक समूहों में से 13 में अप्रैल माह में सकारात्मक रख दिखा। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 औद्योगिक समूहों में से 13 में अप्रैल माह में सकारात्मक रख दिखा। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.7 प्रतिशत थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की उत्पादन वृद्धि अप्रैल में 8.3 प्रतिशत रही जबकि 2012 के इसी माह इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि दर अप्रैल में 12.3 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अप्रैल में इस क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।टिप्पणियां माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। माध्यमिक वर्ग के उत्पादों का उत्पादन अप्रैल में 2.4 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल के इसी माह में इस क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। प्रथमिक वस्तु उद्योग का उत्पादन मई माह में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2012 में इस क्षेत्र में यह 1.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खनन और बिजली सभी क्षेत्रों में प्रदर्शन फीका रहने से औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में दो प्रतिशत रही। यह गत वर्ष इसी माह की तुलना में बेहतर पर इस वर्ष मार्च की तुलना में नरम है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के चुनावी समर में बीजेपी और बसपा की चुनौती से निपटने के लिए समाजवादी पार्टी का कांग्रेस से गठबंधन तो करीब तय है लेकिन राष्ट्रीय लोकदल के भी महागठबंधन में शामिल होने को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है. इस गठबंधन में विधानसभा सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है. समाजवादी पार्टी 403 में से 300 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और शेष बची सीटें ही सहयोगी दलों को देना चाहती है जबकि कांग्रेस 110 सीटों की मांग कर रही है. उधर रालोद 35 सीटें चाह रही है. सीटों के बंटवारे पर फिलहाल सहमति नहीं बन पाई है. हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि महागठबंधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अलावा कौन से दल होंगे. सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा के मुताबिक गठबंधन के लिए सिर्फ कांग्रेस से बातचीत चल रही है. उनका कहना है कि रालोद से कोई बात नहीं हो रही है. जदयू, राजद और तृणमूल जैसे दल समाजवादी पार्टी के चुनाव प्रचार में ही भाग लेंगे, चुनाव नहीं लड़ेंगे. नंदा का कहना है कि कांग्रेस के साथ सीटों का बंटवारा वर्ष 2012 के चुनाव परिणामों के आधार पर किया जाएगा.टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव महागठबंधन का स्वरूप तय कर रहे हैं. वे कांग्रेस को 90 सीटें देने के लिए तैयार हैं, पर वह सौ से अधिक सीटें चाह रही है. यदि रालोद को भी गठबंधन में शामिल किया जाता है तो उसे कम से कम 20 सीटें देनी होंगी. इसके अलावा कुछ अन्य छोटे दलों को भी पांच से सात सीटें देनी होंगी. यदि इन दलों की मांग के मुताबिक सीटें दी जाती हैं तो समाजवादी पार्टी को अपने हिस्से की तय तीन सौ में से करीब 25 सीटें देनी होंगी.     वास्तव में यूपी में कांग्रेस और सपा दोनों को ही गठबंधन करने की जरूरत है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर दंगा और अखलाक हत्याकांड के कारण समाजवादी पार्टी को नुकसान होता दिख रहा है. सपा को अपने पारंपरिक अल्पसंख्यक वोट खिसकते हुए दिख रहे हैं. दूसरी तरफ बसपा की नजर इन वोटों पर है. इन हालात में सपा को इस वोट बैंक को अपने हक में करने के लिए कांग्रेस और इस जैसे धर्मनिरपेक्ष दलों से गठबंधन करने की आवश्यकता है. गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 73 सीटों पर जीत हासिल की. इन परिणामों ने साफ कर दिया कि यूपी में सपा और कांग्रेस का जनाधार घट गया है. विकास के मुद्दे पर अखिलेश मजबूत हैं. यूपी का विकास उन्हें फायदा पहुंचाएगा लेकिन यह कठिन चुनावी वैतरणी पार करने के लिए उन्हें अन्य दलों के सहारे की जरूरत तो पड़ेगी ही. सहयोगियों के लिए कुछ सीटों की कुरबानी भी देनी पड़ सकती है. सीटों के बंटवारे पर फिलहाल सहमति नहीं बन पाई है. हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि महागठबंधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अलावा कौन से दल होंगे. सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा के मुताबिक गठबंधन के लिए सिर्फ कांग्रेस से बातचीत चल रही है. उनका कहना है कि रालोद से कोई बात नहीं हो रही है. जदयू, राजद और तृणमूल जैसे दल समाजवादी पार्टी के चुनाव प्रचार में ही भाग लेंगे, चुनाव नहीं लड़ेंगे. नंदा का कहना है कि कांग्रेस के साथ सीटों का बंटवारा वर्ष 2012 के चुनाव परिणामों के आधार पर किया जाएगा.टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव महागठबंधन का स्वरूप तय कर रहे हैं. वे कांग्रेस को 90 सीटें देने के लिए तैयार हैं, पर वह सौ से अधिक सीटें चाह रही है. यदि रालोद को भी गठबंधन में शामिल किया जाता है तो उसे कम से कम 20 सीटें देनी होंगी. इसके अलावा कुछ अन्य छोटे दलों को भी पांच से सात सीटें देनी होंगी. यदि इन दलों की मांग के मुताबिक सीटें दी जाती हैं तो समाजवादी पार्टी को अपने हिस्से की तय तीन सौ में से करीब 25 सीटें देनी होंगी.     वास्तव में यूपी में कांग्रेस और सपा दोनों को ही गठबंधन करने की जरूरत है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर दंगा और अखलाक हत्याकांड के कारण समाजवादी पार्टी को नुकसान होता दिख रहा है. सपा को अपने पारंपरिक अल्पसंख्यक वोट खिसकते हुए दिख रहे हैं. दूसरी तरफ बसपा की नजर इन वोटों पर है. इन हालात में सपा को इस वोट बैंक को अपने हक में करने के लिए कांग्रेस और इस जैसे धर्मनिरपेक्ष दलों से गठबंधन करने की आवश्यकता है. गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 73 सीटों पर जीत हासिल की. इन परिणामों ने साफ कर दिया कि यूपी में सपा और कांग्रेस का जनाधार घट गया है. विकास के मुद्दे पर अखिलेश मजबूत हैं. यूपी का विकास उन्हें फायदा पहुंचाएगा लेकिन यह कठिन चुनावी वैतरणी पार करने के लिए उन्हें अन्य दलों के सहारे की जरूरत तो पड़ेगी ही. सहयोगियों के लिए कुछ सीटों की कुरबानी भी देनी पड़ सकती है. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव महागठबंधन का स्वरूप तय कर रहे हैं. वे कांग्रेस को 90 सीटें देने के लिए तैयार हैं, पर वह सौ से अधिक सीटें चाह रही है. यदि रालोद को भी गठबंधन में शामिल किया जाता है तो उसे कम से कम 20 सीटें देनी होंगी. इसके अलावा कुछ अन्य छोटे दलों को भी पांच से सात सीटें देनी होंगी. यदि इन दलों की मांग के मुताबिक सीटें दी जाती हैं तो समाजवादी पार्टी को अपने हिस्से की तय तीन सौ में से करीब 25 सीटें देनी होंगी.     वास्तव में यूपी में कांग्रेस और सपा दोनों को ही गठबंधन करने की जरूरत है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर दंगा और अखलाक हत्याकांड के कारण समाजवादी पार्टी को नुकसान होता दिख रहा है. सपा को अपने पारंपरिक अल्पसंख्यक वोट खिसकते हुए दिख रहे हैं. दूसरी तरफ बसपा की नजर इन वोटों पर है. इन हालात में सपा को इस वोट बैंक को अपने हक में करने के लिए कांग्रेस और इस जैसे धर्मनिरपेक्ष दलों से गठबंधन करने की आवश्यकता है. गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 73 सीटों पर जीत हासिल की. इन परिणामों ने साफ कर दिया कि यूपी में सपा और कांग्रेस का जनाधार घट गया है. विकास के मुद्दे पर अखिलेश मजबूत हैं. यूपी का विकास उन्हें फायदा पहुंचाएगा लेकिन यह कठिन चुनावी वैतरणी पार करने के लिए उन्हें अन्य दलों के सहारे की जरूरत तो पड़ेगी ही. सहयोगियों के लिए कुछ सीटों की कुरबानी भी देनी पड़ सकती है. गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 73 सीटों पर जीत हासिल की. इन परिणामों ने साफ कर दिया कि यूपी में सपा और कांग्रेस का जनाधार घट गया है. विकास के मुद्दे पर अखिलेश मजबूत हैं. यूपी का विकास उन्हें फायदा पहुंचाएगा लेकिन यह कठिन चुनावी वैतरणी पार करने के लिए उन्हें अन्य दलों के सहारे की जरूरत तो पड़ेगी ही. सहयोगियों के लिए कुछ सीटों की कुरबानी भी देनी पड़ सकती है.
यहाँ एक सारांश है:300 सीटें अपने पास रखना चाहती है समाजवादी पार्टी कांग्रेस 110 और रालोद 35 सीटों की मांग कर रही सपा नेता किरणमय नंदा का रालोद से बातचीत से इनकार
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Flipkart पर एक बार फिर Qualcomm Snapdragon Days Sale की वापसी हुई है। इस सेल में स्नैपड्रैगन प्रोसेसर पर चलने वाले कई हैंडसेट सस्ते में उपलब्ध कराए गए हैं। Flipkart की क्वालकॉम स्नैपड्रैगन डेज़ सेल का आगाज़ हो चुका है और यह 31 मार्च तक चलेगी। Poco F1, Realme 2 Pro, Asus ZenFone 5Z, Motorola One Power, Redmi Note 6 Pro और Vivo V11 Pro जैसे हैंडसेट सीमित समय के लिए ऑफर्स और डिस्काउंट के साथ उपलब्ध होंगे। दाम कम किए जाने के अलावा इन हैंडसेट को बिना ब्याज वाले ईएमआई और अतिरिक्त एक्सचेंज डिस्काउंट के साथ बेचा जा रहा है। Poco F1 हैंडसेट सेल के दौरान 2,000 रुपये के अतिरिक्त एक्सचेंज डिस्काउंट के साथ उपलब्ध है। इसके बाद हैंडसेट की प्रभावी कीमत 17,999 रुपये हो जाएगी। इसके अतिरिक्त ग्राहकों के पास बिना ब्याज वाले ईएमआई विकल्प चुनने का मौका होगा। एक्सिस बैंक के कार्ड के साथ अतिरिक्त डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। इसी तरह से Vivo V11 Pro को 2,000 रुपये के अतिरिक्त एक्सचेंज डिस्काउंट के साथ खरीदा जा सकता है। यह फोन अभी फ्लिपकार्ट पर 23,990 रुपये में उपलब्ध है। Realme 2 Pro का 4 जीबी रैम वाला शुरुआती वेरिेएंट 1,000 रुपये सस्ता हो गया है। इसकी कीमत 11,990 रुपये हो गई है। यह फोन भी बिना ब्याज वाले ईएमआई और एक्सिस बैंक के कार्ड पर 5 प्रतिशत के इंस्टेंट डिस्काउंट के साथ उपलब्ध है। Asus ZenFone Max Pro M1 खरीदने की चाहत रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है। इस हैंडसेट को 7,999 रुपये में बेचा जा रहा है। Asus ZenFone Max M1 की भी कीमत 1,000 रुपये कम हुई है। यह फ्लिपकार्ट पर 6,499 रुपये में उपलब्ध है। ये दोनों असूस फोन भी बिना ब्याज वाले ईएमआई और एक्सिस बैंक के कार्ड पर 5 प्रतिशत के इंस्टेंट डिस्काउंट के साथ उपलब्ध हैं। Nokia 6.1 Plus खरीदने की चाहत रखने वाले यूज़र इस हैंडसेट को फ्लिपकार्ट क्वालकॉम स्नैपड्रैगन डेज़ सेल में 1,000 रुपये की छूट के साथ 13,999 रुपये में खरीद सकते हैं। Motorola One Power की भी कीमत 13,999 रुपये कर दी गई है। बीते हफ्ते तक Asus ZenFone 5Z हैंडसेट 27,999 रुपये में उपलब्ध था। अब यह हैंडसेट फ्लिपकार्ट पर 24,999 रुपये में बिक रहा है।
यह एक सारांश है: Realme 2 Pro का 4 जीबी रैम वाला शुरुआती वेरिेएंट 1,000 रुपये सस्ता Nokia 6.1 Plus पर मिल रही है 1,000 रुपये की छूट Motorola One Power की कीमत 13,999 रुपये कर दी गई है
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