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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अधिक मात्रा में फंसे कर्ज की चुनौती से जूझ रहे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ऋण की मंजूरी देने वाले अधिकारियों के लिये प्रमाणन कार्यक्रम समेत बहु-स्तरीय रणनीति पर काम शुरू किया है।
बैंक की चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य ने ईसीजीसी के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर यहां कहा, ''हमारा प्रयास उच्च स्तर पर पहुंच चुके फंसे कर्ज की चुनौतियों से निपटना है। हम बहु-स्तरीय रणनीति पर काम कर रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''हमने एसबीआई अधिकारियों के लिये प्रमाणन कार्यक्रम शुरू किया है। योजना के तहत जो अधिकारी सफलतापूर्वक पहला पाठ्यक्रम पूरा करेंगे, उन्हें 50 करोड़ रुपये तक कर्ज देने के लिये अधिकृत किया जाएगा और जो दूसरे स्तर की परीक्षा पास कर लेंगे उन्हें 500 करोड़ रुपये तक का कर्ज जारी करने की मंजूरी होगी।''टिप्पणियां
एसबीआई प्रमुख ने कहा कि प्रत्येक संबंधित बैंक अधिकारी को कर्ज मंजूर करने की अनुमति देने से पहले तीन स्तरीय परीक्षा पास करनी होगी। प्रक्रिया में स्व-शिक्षण, क्लास-रूम शिक्षण तथा परीक्षा शामिल हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैंक की चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य ने ईसीजीसी के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर यहां कहा, ''हमारा प्रयास उच्च स्तर पर पहुंच चुके फंसे कर्ज की चुनौतियों से निपटना है। हम बहु-स्तरीय रणनीति पर काम कर रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''हमने एसबीआई अधिकारियों के लिये प्रमाणन कार्यक्रम शुरू किया है। योजना के तहत जो अधिकारी सफलतापूर्वक पहला पाठ्यक्रम पूरा करेंगे, उन्हें 50 करोड़ रुपये तक कर्ज देने के लिये अधिकृत किया जाएगा और जो दूसरे स्तर की परीक्षा पास कर लेंगे उन्हें 500 करोड़ रुपये तक का कर्ज जारी करने की मंजूरी होगी।''टिप्पणियां
एसबीआई प्रमुख ने कहा कि प्रत्येक संबंधित बैंक अधिकारी को कर्ज मंजूर करने की अनुमति देने से पहले तीन स्तरीय परीक्षा पास करनी होगी। प्रक्रिया में स्व-शिक्षण, क्लास-रूम शिक्षण तथा परीक्षा शामिल हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ''हमने एसबीआई अधिकारियों के लिये प्रमाणन कार्यक्रम शुरू किया है। योजना के तहत जो अधिकारी सफलतापूर्वक पहला पाठ्यक्रम पूरा करेंगे, उन्हें 50 करोड़ रुपये तक कर्ज देने के लिये अधिकृत किया जाएगा और जो दूसरे स्तर की परीक्षा पास कर लेंगे उन्हें 500 करोड़ रुपये तक का कर्ज जारी करने की मंजूरी होगी।''टिप्पणियां
एसबीआई प्रमुख ने कहा कि प्रत्येक संबंधित बैंक अधिकारी को कर्ज मंजूर करने की अनुमति देने से पहले तीन स्तरीय परीक्षा पास करनी होगी। प्रक्रिया में स्व-शिक्षण, क्लास-रूम शिक्षण तथा परीक्षा शामिल हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एसबीआई प्रमुख ने कहा कि प्रत्येक संबंधित बैंक अधिकारी को कर्ज मंजूर करने की अनुमति देने से पहले तीन स्तरीय परीक्षा पास करनी होगी। प्रक्रिया में स्व-शिक्षण, क्लास-रूम शिक्षण तथा परीक्षा शामिल हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:फंसे कर्ज की चुनौतियों से निपटने के लिए बनाई जा रही बहुस्तरीय रणनीति
अधिकारी को कर्ज मंजूर करने की अनुमति देने से पहले परीक्षा देनी होगी
प्रक्रिया में स्व-शिक्षण, क्लास-रूम शिक्षण तथा परीक्षा शामिल हैं | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पिछली चार पारियों में तीन शतक लगाने वाले भारत के उपकप्तान विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी 183 रनों की पारी को ‘खास’ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने विकेट को महत्व देना सीख लिया है।
कोहली ने होबार्ट में श्रीलंका के खिलाफ मैच में नाबाद 133 रन बनाए थे। तब भारत ने 321 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था। हालांकि, इस युवा क्रिकेटर ने कहा कि यह पारी कुछ अधिक खास है।टिप्पणियां
मैच के बाद कोहली ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं इसकी बराबरी होबार्ट से नहीं करूंगा लेकिन जिस तरह का खेल आज हम खेल रहे थे उसके कारण यह कुछ अधिक खास है। यह एक अच्छे विपक्षी के खिलाफ हमारे लिए विशेष मैच था।’
कोहली ने पिछली चार पारियों में 183, 66, 108 और 133 रन बनाए हैं।
कोहली ने होबार्ट में श्रीलंका के खिलाफ मैच में नाबाद 133 रन बनाए थे। तब भारत ने 321 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था। हालांकि, इस युवा क्रिकेटर ने कहा कि यह पारी कुछ अधिक खास है।टिप्पणियां
मैच के बाद कोहली ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं इसकी बराबरी होबार्ट से नहीं करूंगा लेकिन जिस तरह का खेल आज हम खेल रहे थे उसके कारण यह कुछ अधिक खास है। यह एक अच्छे विपक्षी के खिलाफ हमारे लिए विशेष मैच था।’
कोहली ने पिछली चार पारियों में 183, 66, 108 और 133 रन बनाए हैं।
मैच के बाद कोहली ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं इसकी बराबरी होबार्ट से नहीं करूंगा लेकिन जिस तरह का खेल आज हम खेल रहे थे उसके कारण यह कुछ अधिक खास है। यह एक अच्छे विपक्षी के खिलाफ हमारे लिए विशेष मैच था।’
कोहली ने पिछली चार पारियों में 183, 66, 108 और 133 रन बनाए हैं।
कोहली ने पिछली चार पारियों में 183, 66, 108 और 133 रन बनाए हैं। | यह एक सारांश है: पिछली चार पारियों में तीन शतक लगाने वाले भारत के उपकप्तान विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी 183 रनों की पारी को ‘खास’ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने विकेट को महत्व देना सीख लिया है। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की ओर से स्थानीय केरल हाउस में एक 'बीफ उत्सव' आयोजित करने की योजना की खबरों के बाद जंतर-मंतर रोड पर स्थित केरल हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई.
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे इस मामले के बारे में केरल हाउस के कर्मियों ने सूचना दी और ऐहतियात के तौर पर वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई. किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
पुलिस उपायुक्त बी के सिंह ने कहा, 'केरल हाउस के कर्मियों ने हमें बताया कि उन्हें अपुष्ट सूचना मिली है कि एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े कुछ लोग वहां शाम साढ़े छह बजे एक बीफ उत्सव आयोजित करने की योजना बना रहे हैं.. इसलिए, हमने उनसे निपटने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की'. बहरहाल, पुलिस सूत्रों ने कहा कि यह अफवाह लगती है.
एनसीपी के सांसद डी पी त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया में आई खबर 'बेबुनियाद' है. टिप्पणियां
केरल हाउस के स्थानीय आयुक्त विश्वास मेहता ने कहा कि केरल हाउस के बाहर एक बीफ पार्टी की अफवाह थी और मौजूदा माहौल को देखकर पुलिस को सूचित कर दिया गया.
(इनपुट भाषा से)
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे इस मामले के बारे में केरल हाउस के कर्मियों ने सूचना दी और ऐहतियात के तौर पर वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई. किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
पुलिस उपायुक्त बी के सिंह ने कहा, 'केरल हाउस के कर्मियों ने हमें बताया कि उन्हें अपुष्ट सूचना मिली है कि एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े कुछ लोग वहां शाम साढ़े छह बजे एक बीफ उत्सव आयोजित करने की योजना बना रहे हैं.. इसलिए, हमने उनसे निपटने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की'. बहरहाल, पुलिस सूत्रों ने कहा कि यह अफवाह लगती है.
एनसीपी के सांसद डी पी त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया में आई खबर 'बेबुनियाद' है. टिप्पणियां
केरल हाउस के स्थानीय आयुक्त विश्वास मेहता ने कहा कि केरल हाउस के बाहर एक बीफ पार्टी की अफवाह थी और मौजूदा माहौल को देखकर पुलिस को सूचित कर दिया गया.
(इनपुट भाषा से)
पुलिस उपायुक्त बी के सिंह ने कहा, 'केरल हाउस के कर्मियों ने हमें बताया कि उन्हें अपुष्ट सूचना मिली है कि एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े कुछ लोग वहां शाम साढ़े छह बजे एक बीफ उत्सव आयोजित करने की योजना बना रहे हैं.. इसलिए, हमने उनसे निपटने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की'. बहरहाल, पुलिस सूत्रों ने कहा कि यह अफवाह लगती है.
एनसीपी के सांसद डी पी त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया में आई खबर 'बेबुनियाद' है. टिप्पणियां
केरल हाउस के स्थानीय आयुक्त विश्वास मेहता ने कहा कि केरल हाउस के बाहर एक बीफ पार्टी की अफवाह थी और मौजूदा माहौल को देखकर पुलिस को सूचित कर दिया गया.
(इनपुट भाषा से)
एनसीपी के सांसद डी पी त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया में आई खबर 'बेबुनियाद' है. टिप्पणियां
केरल हाउस के स्थानीय आयुक्त विश्वास मेहता ने कहा कि केरल हाउस के बाहर एक बीफ पार्टी की अफवाह थी और मौजूदा माहौल को देखकर पुलिस को सूचित कर दिया गया.
(इनपुट भाषा से)
केरल हाउस के स्थानीय आयुक्त विश्वास मेहता ने कहा कि केरल हाउस के बाहर एक बीफ पार्टी की अफवाह थी और मौजूदा माहौल को देखकर पुलिस को सूचित कर दिया गया.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली पुलिस ने कहा कि केरल हाउस के कर्मियों ने इस बाबत सूचना दी है.
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए.
पुलिस सूत्रों ने कहा कि यह अफवाह लगती है. | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विवादों में घिरी आदर्श सोसायटी की भूमि और कोलाबा इलाके से संबंधित 1872-1960 के नक्शे और कुछ सर्वेक्षण दस्तावेज शहर के भूमि रिकॉर्ड कार्यालय से गायब हो गए हैं। इस विवादास्पद आवासीय सोसाइटी से जुड़ी फाइलों के गायब होने की यह चौथी घटना है। शहर के सर्वेक्षण एवं भूमि रिकॉर्ड अधीक्षक संजय दिखले ने आदर्श आवासीय सोसायटी घोटाले की जांच कर रहे दो सदस्यीय आयोग को बताया कि 1847 का ऐतिहासिक नक्शा (जब पहली बार मुंबई का वैज्ञानिक आधार पर नक्शा तैयार किया गया था) और 1882 का नक्शा उनके कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। वर्ष 1847 और 1882 के नक्शों से पता लगाया जा सकता था कि क्या वह भूखंड उन दिनों था, जिन पर आदर्श सोसायटी बनाई गई है। दिखले ने शुक्रवार को जांच आयोग को बताया, इसके अलावा, आदर्श भूमि और कोलाबा इलाके से जुड़े 1872-1960 के सर्वेक्षण दस्तावेज भी गायब हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि 1872 का सर्वेक्षण नक्शा उपलब्ध है। गौरतलब है कि आदर्श मामले से जुड़ी फाइलों के गायब होने की यह चौथी घटना है। पहली बार शहरी विकास विभाग से फाइलों के गायब होने का मामला प्रकाश में आया था। दूसरी बार पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से, जबकि तीसरी बार यहां स्थित सेना मुख्यालय से फाइलें गायब होने का मामला सामने आया था। | यहाँ एक सारांश है:विवादों में घिरी आदर्श सोसायटी की भूमि और कोलाबा इलाके से संबंधित नक्शे और कुछ सर्वेक्षण दस्तावेज शहर के भूमि रिकॉर्ड कार्यालय से गायब हो गए हैं। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अब वो दिन चले गए जब 25,000 रुपये की कीमत में आने वाले फोन प्रीमियम माने जाते थे, लेकिन फ्लैगशिप स्मार्टफोन का एक अच्छा और मजबूत विकल्प खोजना अभी भी मुश्किल है। लेकिन आपको 20,000 रुपये से 25,000 रुपये के बीच में Nokia, Oppo, Vivo और Xiaomi ब्रांड के बेस्ट स्मार्टफोन मिल जाएंगे। इस प्राइस सेगमेंट में पॉप-अप सेल्फी कैमरा और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर से लैस फोन भी उपलब्ध हैं। 25,000 रुपये से कम के बजट में लेटेस्ट एंड्रॉयड एक्सपीरियंस, स्लो-मोशन वीडियो रिकॉर्डिंग और बेहतर बैटरी लाइफ से लैस स्मार्टफोन भी मार्केट में आपको आसानी से मिल जाएंगे।
हमारे इस लेख में हमने 25,000 रुपये से कम में मिलने बेस्ट स्मार्टफोन का उल्लेख किया है। खबर में बताए गए सभी स्मार्टफोन को हमने रिव्यू करके देखा है और कुल मिलाकर इन स्मार्टफोन ने 10 में से 8 या उससे अधिक स्कोर किया है।
शाओमी पोको एफ1 ने अपने आकर्षक स्पेसिफिकेशन और परफॉर्मेंस से हमारी इस लिस्ट में अपनी जगह बना ली है। Xiaomi Poco F1 को पिछले साल अगस्त में 20,999 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ लॉन्च किया गया था। हालांकि, अब इसका 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज से लैस बेस वेरिएंट 19,999 रुपये तो वहीं इसका 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वाला वेरिएंट 20,999 रुपये में मिलता है। गौर करने वाली बात यह है कि शाओमी पोको एफ1 के टॉप वेरिएंट में 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज है।
हमारे Poco F1 के रिव्यू में हमने पाया कि फोन में पावरफुल प्रोसेसर, मीयूआई और कम कीमत में इसे उपलब्ध कराया गया है। पोको एफ1 में दिए स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर ने टेस्टिंग में अच्छा परफॉर्म किया था। फोन में लिक्विड कूलिंग सिस्टम होने की वजह से ग्राफिक्स इंटेंसिव गेम जैसे कि Asphalt 9: Legends और PUBG खेलते समय भी फोन गर्म नहीं हुआ।
हमने यह भी पाया कि जबकि Poco F1 में पतले बेजल या पंच-होल डिज़ाइन नहीं है इसके बावजूद भी इसके व्यूइंग एंगल अच्छे हैं और कलर्स भी विविड दिखते हैं। Xiaomi Poco F1 में फोटोग्राफी के लिए डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, दिन की रोशनी में फोन से खींची गई तस्वीरों में डिटेल अच्छे से कैप्चर हुई।
फोन में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है, हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में हमने पाया था कि यह 17 घंटे से अधिक समय तक साथ देती है। केवल इतना ही नहीं, फोन फास्ट चार्जिंद सपोर्ट से लैस है जिस वज़ह से 30 मिनट में फोन 35 प्रतिशत तक चार्ज हो जाता है। लॉन्च होने के बाद से फोन को कई सॉफ्टवेयर अपडेट मिले हैं। नए अपडेट के साथ फोन में Widevine L1 सपोर्ट, 60 फ्रेम प्रति सेकेंड की 4के वीडियो रिकॉर्डिंग, गेम टर्बो मोड जैसे फीचर्स को जोड़ा गया है। यह फोन एंड्रॉयड पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलता है।
Poco F1 के डिस्प्ले पैनल की गुणवत्ता कुछ खास अच्छी नहीं है। कम रोशनी में कैमरा परफॉर्मेंस औसत है और विशेष रूप से सेल्फी कैमरा से खींची गई तस्वीरों में डिटेल की कमी लगी।
अगर किसी भी कारण से आपको पोको एफ 1 पसंद नहीं है तो Vivo V11 Pro भी आपके लिस एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। वीवो वी11 प्रो को पिछले साल सितंबर में 25,990 रुपये की कीमत के साथ लॉन्च किया गया था। लेकिन कुछ समय पहले Vivo V11 Pro की कीमत में कटौती की गई थी जिसके बाद से यह फोन अब 23,990 रुपये में बेचा जाता है और इसने 25,000 से कम के बेस्ट स्मार्टफोन की हमारी इस लिस्ट में अपनी जगह बना ली है।
वीवो वी11 प्रो में फुल-एचडी+ सुपर एमोलेड डिस्प्ले है। फोन के फ्रंट पैनल पर वॉटरड्रॉप-नॉच है। हमने अपने वीवो वी11 प्रो के रिव्यू में इस बात का उल्लेख किया है कि डिस्प्ले पैनल विविड कलर्स देता है। फोन में सिक्योरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर को भी जगह मिली है जो एक या जो सेकेंड में फोन को अनलॉक कर देता है।
कैमरा सेटअप की बात करें तो Vivo ब्रांड के इस फोन में दो रियर कैमरे हैं, हमने पाया कि यह तेजी से ऑटोफोकस अनुभव प्रदान करता है। फोन में ऑटो एचडीआर मोड भी है, टेस्टिंग के दौरान हमने पाया कि यह ढंग से काम करता है। इसके अलावा कम रोशनी में फोन नॉयस को अच्छे से हैंडल कर लेता है।
सेल्फी की बात करें तो Vivo V11 Pro एक बेस्ट फोन है जो बेहतरीन सेल्फी खींचता है। फोन में एआई फेस ब्यूटी मोड दिया गया है जो कई फिल्टर्स से लैस है। फोन के कैमरा ऐप का लेआउट सभी यूज़र के लिए परर्फेक्ट नहीं है। फोन में इमेज़ स्टैबलाइजेशन नहीं दिया गया है।
Vivo V11 Pro का कैमरा बैटरी को प्रभावित करता है, हालांकि हमने पाया कि कुल मिलाकर फोन की बैटरी अच्छी है।
जब हमने डामर 9: लीजेंड्स और PUBG जैसे गेमों में ग्राफिक्स को टक्कर दी तो कुछ लैग देखने को मिले क्योंकि अंडर पावर्ड स्नैपड्रैगन 660 के कारण। फिर भी, फोन का नियमित उपयोग और डिफाल्ट माध्यम से लेकर निम्न सेटिंग्स के लिए डामर 9 और PUBG का खेल नहीं किया। 'कोई ध्यान देने योग्य अंतराल नहीं लाना है।
Vivo V11 Pro में स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर है जिस वज़ह से Asphalt 9: Legends और PUBG खेलते समय फोन थोड़ा धीमा हो गया था। वीवो वी11 प्रो का एक ही वेरिएंट है जो 6 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज से लैस है।
नोकिया 8.1 (रिव्यू) एक मिड-रेंज स्मार्टफोन है जिसे पिछले साल दिसंबर में 26,999 रुपये में लॉन्च किया गया था। नोकिया 8.1 अब 21,999 रुपये में बेचा जाता है, इस वज़ह से इसने 25,000 रुपये से कम के प्राइस सेगमेंट में हमारी लिस्ट में अपनी जगह बना ली है।
हमने नोकिया 8.1 के रिव्यू के दौरान पाया कि यह एक बड़ा और वज़नदार फोन है। इसके एल्यूमीनियम और ग्लास सामग्री और स्टाइल के लिए धन्यवाद। फोन भी एक सभ्य समग्र कलाकार के रूप में आता है जो समर्पित एआई सबसिस्टम के साथ स्नैपड्रैगन 710 का उपयोग करता है। डिस्प्ले, जो एक एचडीआर 10-सक्षम स्क्रीन है, उज्ज्वल और जीवंत है। एंड्रॉइड वन की उपस्थिति चीनी समकक्षों की तुलना में तेज सॉफ्टवेयर अपडेट और शून्य-ब्लोटवेयर भी सुनिश्चित करती है। इसके अलावा, हमने पाया कि नोकिया 8.1 का कैमरा अच्छे विवरण और जीवंत रंग और लॉक फोकस को जल्दी से पकड़ने में सक्षम है।
कुल मिलाकर फोन की परफॉर्मेंस अच्छी है, यह फोन स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर और डेडिकेटेड एआई सब-सिस्टम से लैस है। फोन की डिस्प्ले ब्राइट और वाइब्रेंट है। एंड्रॉयड वन का हिस्सा होने की वज़ह से फोन को तेज़ी से सॉफ्टवेयर अपडेट मिलते रहने की गारंटी है। हमने पाया कि Nokia 8.1 का कैमरा डिटेल को अच्छे से कैप्चर कर लेता है और यह फोकस को तेज़ी से लॉक करता है।
कम रोशनी में तस्वीरों में नॉयस और ग्रेन नज़र आते हैं। नोकिया 8.1 की बैटरी अच्छी है। हमने फोन को पूरा दिन इस्तेमाल किया जैसे कि दो घंटे तक नॉन-एचडीआर वीडियो स्ट्रीमिंग की, PUBG के कुछ राउंड खेले, मैसेजिंग और वेब ब्राउजिंग करने के बाद भी फोन में 10 प्रतिशत बैटरी शेष थी। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में फोन ने 9 घंटे और 21 मिनट तक साथ दिया।
Nokia 8.1 के दो वेरिएंट हैं एक 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज से लैस है और इस मॉडल की कीमत 21,999 रुपये है तो वहीं कुछ रिटेल आउटलेट में इसके 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 26,999 रुपये है।
25,000 रुपये से कम में बेस्ट फोन की लिस्ट में ओप्पो एफ11 प्रो ने भी अपनी जगह बना ली है। Oppo F11 Pro (रिव्यू) को मार्च में लॉन्च किया गया था और ओप्पो ब्रांड का यह फोन पॉप-अप सेल्फी कैमरा सेटअप से लैस है। इसके 6 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 24,990 रुपये की कीमत के साथ उतारा गया था। लेकिन ओप्पो ने हाल ही में फोन की कीमत में कटौती की है और अब यह फोन 22,990 रुपये में उपलब्ध है। वहीं इसके 128 जीबी वाले टॉप वेरिएंट को 25,990 रुपये में लॉन्च किया गया था लेकिन कीमत में कटौती के बाद अब यह फोन 23,990 रुपये में मिलता है।
Oppo F11 Pro के किनारे घुमावदार हैं जिस वज़ह से फोन हाथ में आसानी से फिट हो जाता है। फोन का वज़न 191 ग्राम है जिस वज़ह से यह थोड़ा वज़नदार है। फोन में एलसीडी पैनल है जो क्रिस्प कलर प्रदान करता है और इसके व्यूइंग एंगल भी अच्छे हैं।
रिव्यू के दौरान हमने पाया था कि ओप्पो एफ11 प्रो फोकस को तेज़ी से लॉक करता है। दिन की रोशनी में ली गई तस्वीरें क्रिस्प आई और डिटेल भी अच्छे से कैप्चर हुईं। रात में खींची गई तस्वीरों में नॉयस भी ज्यादा नहीं था। ओप्पो एफ11 प्रो की सेल्फी परफॉर्मेंस अच्छी है। 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा कलर की सही से पहचान कर लेता है और डिटेल भी अच्छे से कैप्चर हुई। वीडियो रिकॉर्डिंग आपको थोड़ा निराश कर सकती है क्योंकि फोन में 4के सपोर्ट नहीं है। Oppo F11 Pro के दो वेरिएंट हैं- एक 64 जीबी और दूसरा 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट के साथ। गौर करने वाली बात यह है कि दोनों में 6 जीबी रैम है। | सारांश: Nokia 8.1 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है
Oppo F11 Pro पॉप-अप सेल्फी कैमरे के साथ आता है
स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर और 4 जीबी रैम से लैस है Nokia 8.1 | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय सेना में कार्यरत 8 डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है। अपनी अपील में इन डॉक्टरों ने मांग की है कि उन्हें शुक्रवार को रिटायर किए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही इन डॉक्टरों ने मांग की है उनके रिटायरमेंट की उम्र को बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाए।
याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 31 मई 2016 को नोटिफिकेशन जारी कर कहा था कि केंद्र सरकार के विभागों में काम करने वाले डॉक्टर 65 साल की उम्र में रिटायर होंगे, लेकिन सेना में उन्हें 29 जुलाई को 58 साल की उम्र में रिटायर किया जा रहा है।टिप्पणियां
वहीं, इन डॉक्टरों का दावा है कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एनएसजी जैसे बलों में भी डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल कर दी गई है, लेकिन सेना में ये नहीं किया गया। इसलिए उनकी रिटायरमेंट पर रोक लगाई जाए और समानता के आधार पर रक्षा मंत्रालय के डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल की जाए।
इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई होगी।
याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 31 मई 2016 को नोटिफिकेशन जारी कर कहा था कि केंद्र सरकार के विभागों में काम करने वाले डॉक्टर 65 साल की उम्र में रिटायर होंगे, लेकिन सेना में उन्हें 29 जुलाई को 58 साल की उम्र में रिटायर किया जा रहा है।टिप्पणियां
वहीं, इन डॉक्टरों का दावा है कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एनएसजी जैसे बलों में भी डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल कर दी गई है, लेकिन सेना में ये नहीं किया गया। इसलिए उनकी रिटायरमेंट पर रोक लगाई जाए और समानता के आधार पर रक्षा मंत्रालय के डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल की जाए।
इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई होगी।
वहीं, इन डॉक्टरों का दावा है कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एनएसजी जैसे बलों में भी डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल कर दी गई है, लेकिन सेना में ये नहीं किया गया। इसलिए उनकी रिटायरमेंट पर रोक लगाई जाए और समानता के आधार पर रक्षा मंत्रालय के डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल की जाए।
इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई होगी।
इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई होगी। | सीपीओ में डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष होने की बात कही
सेना में शुक्रवार को हो रहा है इन सबका रिटायरमेंट
सातवें वेतन आयोग ने रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की बात | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बेंगलुरु में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची की कथित तौर पर उसके ट्यूटर ने लैदर की बैल्ट से पिटाई कर दी, क्योंकि उसने होमवर्क नहीं किया था.
बेंगलुरु के सेंट जोसफ स्कूल में पढ़ने वाली सात साल की बच्ची पिछले एक साल से इस टीचर से कोचिंग ले रही थी.टिप्पणियां
मंगलवार को वह क्लास के लिए गई थी, होमवर्क न होने की वजह से टीचर गुस्सा हो गया और उसने लैदर की बैल्ट से बच्ची की पिटाई कर दी.
जब बच्ची घर लौटी तो उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। इसके बाद बच्ची के पिता जो एक बिजनसमैन हैं, उन्होंने टीचर की पुलिस में शिकायत कर दी. टीचर पिछले 15 सालों से बच्चों को प्राइवेट कोचिंग दे रहा है। अब वह पुलिस की गिरफ्त में है.
बेंगलुरु के सेंट जोसफ स्कूल में पढ़ने वाली सात साल की बच्ची पिछले एक साल से इस टीचर से कोचिंग ले रही थी.टिप्पणियां
मंगलवार को वह क्लास के लिए गई थी, होमवर्क न होने की वजह से टीचर गुस्सा हो गया और उसने लैदर की बैल्ट से बच्ची की पिटाई कर दी.
जब बच्ची घर लौटी तो उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। इसके बाद बच्ची के पिता जो एक बिजनसमैन हैं, उन्होंने टीचर की पुलिस में शिकायत कर दी. टीचर पिछले 15 सालों से बच्चों को प्राइवेट कोचिंग दे रहा है। अब वह पुलिस की गिरफ्त में है.
मंगलवार को वह क्लास के लिए गई थी, होमवर्क न होने की वजह से टीचर गुस्सा हो गया और उसने लैदर की बैल्ट से बच्ची की पिटाई कर दी.
जब बच्ची घर लौटी तो उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। इसके बाद बच्ची के पिता जो एक बिजनसमैन हैं, उन्होंने टीचर की पुलिस में शिकायत कर दी. टीचर पिछले 15 सालों से बच्चों को प्राइवेट कोचिंग दे रहा है। अब वह पुलिस की गिरफ्त में है.
जब बच्ची घर लौटी तो उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। इसके बाद बच्ची के पिता जो एक बिजनसमैन हैं, उन्होंने टीचर की पुलिस में शिकायत कर दी. टीचर पिछले 15 सालों से बच्चों को प्राइवेट कोचिंग दे रहा है। अब वह पुलिस की गिरफ्त में है. | पिछले एक साल से बच्ची ले रही थी कोचिंग
कथित तौर पर होमवर्क न करने पर पीटा
बच्ची के शरीर पर चोटों के निशान | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच हुई डिबेट से उपजी निराशा से उबरने के प्रयास में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी पर पलटवार करते हुए कहा है कि ‘मिट रोमनी अपनी असली शख्सियत’ में नहीं थे और उन्होंने बहस में अपने ही सिद्धांतों और आस्थाओं को ध्वस्त कर दिया।
डिबेट के बाद अपने प्रचार अभियान में उतरे ओबामा ने कहा कि बुधवार की रात जिस रोमनी से उनका आमना सामना हुआ , वह रोमनी थे ही नहीं, जिन्हें वह जानते हैं।
उन्होंने कहा, जब मैं मंच पर पहुंचा तो मेरी मुलाकात एक जोशीले शख्स से हुई, जिसने खुद के मिट रोमनी होने का दावा किया, लेकिन मुझे पता था कि यह मिट रोमनी नहीं है, क्योंकि असली मिट रोमनी पिछले सालभर से देशभर में घूम-घूम कर पांच खरब डॉलर की कर कटौती का वादा कर रहे हैं, जिससे धनी मानी लोगों को फायदा होगा।
ओबामा ने कहा, लेकिन बीती रात मंच पर मौजूद मिट रोमनी जैसे दिखने वाले व्यक्ति ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है। यह उनके लिए पूरी तरह से नई बात थी। असली मिट रोमनी कहते हैं कि हमें कक्षाओं में अधिक अध्यापकों की और जरूरत नहीं है, लेकिन बीती रात मंच पर मौजूद शख्स ने कहा कि उन्हें अध्यापकों से प्रेम है।
ओबामा ने इसी पृष्ठभूमि में रोमनी पर कई नीतिगत मसलों पर बेइमान होने और अपनी आर्थिक योजनाओं के ब्यौरे पर लीपापोती करने का आरोप लगाया।टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने डिबेट में नौकरियों को आउटसोर्स करने वाली कंपनियों को कर राहत के बारे में अनभिज्ञता जताए जाने संबंधी बयान पर भी रोमनी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि रोमनी उन कंपनियों के ‘प्रणेता’ के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने पूर्व में नौकरियों को आउटसोर्स किया। एक दिन पूर्व रोमनी के साथ हुई राष्ट्रपति पद की डिबेट का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा, ‘और वह कहते हैं, यदि यह सच है तो उन्हें अवश्य ही एक नए लेखाकार की जरूरत होगी और इसलिए अब हम जानते हैं कि वह असली रोमनी नहीं थे क्योंकि असली रोमनी को अपने मौजूदा लेखाकार से कोई समस्या नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा, बीती रात मंच पर जो भी था, वह असली रोमनी द्वारा पिछले सालभर से कही जा रही बातों की जवाबदेही स्वीकार नहीं करना चाहता और ऐसा इसलिए कि वह अच्छी तरह जानते हैं कि जो कुछ वह पिछले एक साल से बेच रहे हैं, हम वह नहीं चाहते।
ओबामा ने कहा, गवर्नर रोमनी अपनी (पहले कही) बातों के आसपास नाच सकते हैं, टैप डांस और टू स्टैप डांस भी कर सकते हैं लेकिन यदि वह राष्ट्रपति बनना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिकी जनता के सामने सच बोलना होगा। उन्होंने कहा, इसलिए सच यही है। गवर्नर रोमनी घाटे को कम किए बिना या उसका बोझ मध्यम वर्ग पर डाले बिना अपनी पांच खरब डॉलर की कर योजना के लिए पैसा नहीं जुटा सकते। हम उस रास्ते पर फिर से जाना सहन नहीं कर सकते।
डिबेट के बाद अपने प्रचार अभियान में उतरे ओबामा ने कहा कि बुधवार की रात जिस रोमनी से उनका आमना सामना हुआ , वह रोमनी थे ही नहीं, जिन्हें वह जानते हैं।
उन्होंने कहा, जब मैं मंच पर पहुंचा तो मेरी मुलाकात एक जोशीले शख्स से हुई, जिसने खुद के मिट रोमनी होने का दावा किया, लेकिन मुझे पता था कि यह मिट रोमनी नहीं है, क्योंकि असली मिट रोमनी पिछले सालभर से देशभर में घूम-घूम कर पांच खरब डॉलर की कर कटौती का वादा कर रहे हैं, जिससे धनी मानी लोगों को फायदा होगा।
ओबामा ने कहा, लेकिन बीती रात मंच पर मौजूद मिट रोमनी जैसे दिखने वाले व्यक्ति ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है। यह उनके लिए पूरी तरह से नई बात थी। असली मिट रोमनी कहते हैं कि हमें कक्षाओं में अधिक अध्यापकों की और जरूरत नहीं है, लेकिन बीती रात मंच पर मौजूद शख्स ने कहा कि उन्हें अध्यापकों से प्रेम है।
ओबामा ने इसी पृष्ठभूमि में रोमनी पर कई नीतिगत मसलों पर बेइमान होने और अपनी आर्थिक योजनाओं के ब्यौरे पर लीपापोती करने का आरोप लगाया।टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने डिबेट में नौकरियों को आउटसोर्स करने वाली कंपनियों को कर राहत के बारे में अनभिज्ञता जताए जाने संबंधी बयान पर भी रोमनी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि रोमनी उन कंपनियों के ‘प्रणेता’ के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने पूर्व में नौकरियों को आउटसोर्स किया। एक दिन पूर्व रोमनी के साथ हुई राष्ट्रपति पद की डिबेट का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा, ‘और वह कहते हैं, यदि यह सच है तो उन्हें अवश्य ही एक नए लेखाकार की जरूरत होगी और इसलिए अब हम जानते हैं कि वह असली रोमनी नहीं थे क्योंकि असली रोमनी को अपने मौजूदा लेखाकार से कोई समस्या नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा, बीती रात मंच पर जो भी था, वह असली रोमनी द्वारा पिछले सालभर से कही जा रही बातों की जवाबदेही स्वीकार नहीं करना चाहता और ऐसा इसलिए कि वह अच्छी तरह जानते हैं कि जो कुछ वह पिछले एक साल से बेच रहे हैं, हम वह नहीं चाहते।
ओबामा ने कहा, गवर्नर रोमनी अपनी (पहले कही) बातों के आसपास नाच सकते हैं, टैप डांस और टू स्टैप डांस भी कर सकते हैं लेकिन यदि वह राष्ट्रपति बनना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिकी जनता के सामने सच बोलना होगा। उन्होंने कहा, इसलिए सच यही है। गवर्नर रोमनी घाटे को कम किए बिना या उसका बोझ मध्यम वर्ग पर डाले बिना अपनी पांच खरब डॉलर की कर योजना के लिए पैसा नहीं जुटा सकते। हम उस रास्ते पर फिर से जाना सहन नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, जब मैं मंच पर पहुंचा तो मेरी मुलाकात एक जोशीले शख्स से हुई, जिसने खुद के मिट रोमनी होने का दावा किया, लेकिन मुझे पता था कि यह मिट रोमनी नहीं है, क्योंकि असली मिट रोमनी पिछले सालभर से देशभर में घूम-घूम कर पांच खरब डॉलर की कर कटौती का वादा कर रहे हैं, जिससे धनी मानी लोगों को फायदा होगा।
ओबामा ने कहा, लेकिन बीती रात मंच पर मौजूद मिट रोमनी जैसे दिखने वाले व्यक्ति ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है। यह उनके लिए पूरी तरह से नई बात थी। असली मिट रोमनी कहते हैं कि हमें कक्षाओं में अधिक अध्यापकों की और जरूरत नहीं है, लेकिन बीती रात मंच पर मौजूद शख्स ने कहा कि उन्हें अध्यापकों से प्रेम है।
ओबामा ने इसी पृष्ठभूमि में रोमनी पर कई नीतिगत मसलों पर बेइमान होने और अपनी आर्थिक योजनाओं के ब्यौरे पर लीपापोती करने का आरोप लगाया।टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने डिबेट में नौकरियों को आउटसोर्स करने वाली कंपनियों को कर राहत के बारे में अनभिज्ञता जताए जाने संबंधी बयान पर भी रोमनी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि रोमनी उन कंपनियों के ‘प्रणेता’ के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने पूर्व में नौकरियों को आउटसोर्स किया। एक दिन पूर्व रोमनी के साथ हुई राष्ट्रपति पद की डिबेट का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा, ‘और वह कहते हैं, यदि यह सच है तो उन्हें अवश्य ही एक नए लेखाकार की जरूरत होगी और इसलिए अब हम जानते हैं कि वह असली रोमनी नहीं थे क्योंकि असली रोमनी को अपने मौजूदा लेखाकार से कोई समस्या नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा, बीती रात मंच पर जो भी था, वह असली रोमनी द्वारा पिछले सालभर से कही जा रही बातों की जवाबदेही स्वीकार नहीं करना चाहता और ऐसा इसलिए कि वह अच्छी तरह जानते हैं कि जो कुछ वह पिछले एक साल से बेच रहे हैं, हम वह नहीं चाहते।
ओबामा ने कहा, गवर्नर रोमनी अपनी (पहले कही) बातों के आसपास नाच सकते हैं, टैप डांस और टू स्टैप डांस भी कर सकते हैं लेकिन यदि वह राष्ट्रपति बनना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिकी जनता के सामने सच बोलना होगा। उन्होंने कहा, इसलिए सच यही है। गवर्नर रोमनी घाटे को कम किए बिना या उसका बोझ मध्यम वर्ग पर डाले बिना अपनी पांच खरब डॉलर की कर योजना के लिए पैसा नहीं जुटा सकते। हम उस रास्ते पर फिर से जाना सहन नहीं कर सकते।
ओबामा ने कहा, लेकिन बीती रात मंच पर मौजूद मिट रोमनी जैसे दिखने वाले व्यक्ति ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है। यह उनके लिए पूरी तरह से नई बात थी। असली मिट रोमनी कहते हैं कि हमें कक्षाओं में अधिक अध्यापकों की और जरूरत नहीं है, लेकिन बीती रात मंच पर मौजूद शख्स ने कहा कि उन्हें अध्यापकों से प्रेम है।
ओबामा ने इसी पृष्ठभूमि में रोमनी पर कई नीतिगत मसलों पर बेइमान होने और अपनी आर्थिक योजनाओं के ब्यौरे पर लीपापोती करने का आरोप लगाया।टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने डिबेट में नौकरियों को आउटसोर्स करने वाली कंपनियों को कर राहत के बारे में अनभिज्ञता जताए जाने संबंधी बयान पर भी रोमनी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि रोमनी उन कंपनियों के ‘प्रणेता’ के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने पूर्व में नौकरियों को आउटसोर्स किया। एक दिन पूर्व रोमनी के साथ हुई राष्ट्रपति पद की डिबेट का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा, ‘और वह कहते हैं, यदि यह सच है तो उन्हें अवश्य ही एक नए लेखाकार की जरूरत होगी और इसलिए अब हम जानते हैं कि वह असली रोमनी नहीं थे क्योंकि असली रोमनी को अपने मौजूदा लेखाकार से कोई समस्या नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा, बीती रात मंच पर जो भी था, वह असली रोमनी द्वारा पिछले सालभर से कही जा रही बातों की जवाबदेही स्वीकार नहीं करना चाहता और ऐसा इसलिए कि वह अच्छी तरह जानते हैं कि जो कुछ वह पिछले एक साल से बेच रहे हैं, हम वह नहीं चाहते।
ओबामा ने कहा, गवर्नर रोमनी अपनी (पहले कही) बातों के आसपास नाच सकते हैं, टैप डांस और टू स्टैप डांस भी कर सकते हैं लेकिन यदि वह राष्ट्रपति बनना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिकी जनता के सामने सच बोलना होगा। उन्होंने कहा, इसलिए सच यही है। गवर्नर रोमनी घाटे को कम किए बिना या उसका बोझ मध्यम वर्ग पर डाले बिना अपनी पांच खरब डॉलर की कर योजना के लिए पैसा नहीं जुटा सकते। हम उस रास्ते पर फिर से जाना सहन नहीं कर सकते।
ओबामा ने इसी पृष्ठभूमि में रोमनी पर कई नीतिगत मसलों पर बेइमान होने और अपनी आर्थिक योजनाओं के ब्यौरे पर लीपापोती करने का आरोप लगाया।टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने डिबेट में नौकरियों को आउटसोर्स करने वाली कंपनियों को कर राहत के बारे में अनभिज्ञता जताए जाने संबंधी बयान पर भी रोमनी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि रोमनी उन कंपनियों के ‘प्रणेता’ के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने पूर्व में नौकरियों को आउटसोर्स किया। एक दिन पूर्व रोमनी के साथ हुई राष्ट्रपति पद की डिबेट का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा, ‘और वह कहते हैं, यदि यह सच है तो उन्हें अवश्य ही एक नए लेखाकार की जरूरत होगी और इसलिए अब हम जानते हैं कि वह असली रोमनी नहीं थे क्योंकि असली रोमनी को अपने मौजूदा लेखाकार से कोई समस्या नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा, बीती रात मंच पर जो भी था, वह असली रोमनी द्वारा पिछले सालभर से कही जा रही बातों की जवाबदेही स्वीकार नहीं करना चाहता और ऐसा इसलिए कि वह अच्छी तरह जानते हैं कि जो कुछ वह पिछले एक साल से बेच रहे हैं, हम वह नहीं चाहते।
ओबामा ने कहा, गवर्नर रोमनी अपनी (पहले कही) बातों के आसपास नाच सकते हैं, टैप डांस और टू स्टैप डांस भी कर सकते हैं लेकिन यदि वह राष्ट्रपति बनना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिकी जनता के सामने सच बोलना होगा। उन्होंने कहा, इसलिए सच यही है। गवर्नर रोमनी घाटे को कम किए बिना या उसका बोझ मध्यम वर्ग पर डाले बिना अपनी पांच खरब डॉलर की कर योजना के लिए पैसा नहीं जुटा सकते। हम उस रास्ते पर फिर से जाना सहन नहीं कर सकते।
राष्ट्रपति ने डिबेट में नौकरियों को आउटसोर्स करने वाली कंपनियों को कर राहत के बारे में अनभिज्ञता जताए जाने संबंधी बयान पर भी रोमनी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि रोमनी उन कंपनियों के ‘प्रणेता’ के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने पूर्व में नौकरियों को आउटसोर्स किया। एक दिन पूर्व रोमनी के साथ हुई राष्ट्रपति पद की डिबेट का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा, ‘और वह कहते हैं, यदि यह सच है तो उन्हें अवश्य ही एक नए लेखाकार की जरूरत होगी और इसलिए अब हम जानते हैं कि वह असली रोमनी नहीं थे क्योंकि असली रोमनी को अपने मौजूदा लेखाकार से कोई समस्या नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा, बीती रात मंच पर जो भी था, वह असली रोमनी द्वारा पिछले सालभर से कही जा रही बातों की जवाबदेही स्वीकार नहीं करना चाहता और ऐसा इसलिए कि वह अच्छी तरह जानते हैं कि जो कुछ वह पिछले एक साल से बेच रहे हैं, हम वह नहीं चाहते।
ओबामा ने कहा, गवर्नर रोमनी अपनी (पहले कही) बातों के आसपास नाच सकते हैं, टैप डांस और टू स्टैप डांस भी कर सकते हैं लेकिन यदि वह राष्ट्रपति बनना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिकी जनता के सामने सच बोलना होगा। उन्होंने कहा, इसलिए सच यही है। गवर्नर रोमनी घाटे को कम किए बिना या उसका बोझ मध्यम वर्ग पर डाले बिना अपनी पांच खरब डॉलर की कर योजना के लिए पैसा नहीं जुटा सकते। हम उस रास्ते पर फिर से जाना सहन नहीं कर सकते।
ओबामा ने कहा, गवर्नर रोमनी अपनी (पहले कही) बातों के आसपास नाच सकते हैं, टैप डांस और टू स्टैप डांस भी कर सकते हैं लेकिन यदि वह राष्ट्रपति बनना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिकी जनता के सामने सच बोलना होगा। उन्होंने कहा, इसलिए सच यही है। गवर्नर रोमनी घाटे को कम किए बिना या उसका बोझ मध्यम वर्ग पर डाले बिना अपनी पांच खरब डॉलर की कर योजना के लिए पैसा नहीं जुटा सकते। हम उस रास्ते पर फिर से जाना सहन नहीं कर सकते। | संक्षिप्त पाठ: ओबामा ने रोमनी पर पलटवार करते हुए कहा है कि ‘मिट रोमनी अपनी असली शख्सियत’ में नहीं थे और उन्होंने बहस में अपने ही सिद्धांतों और आस्थाओं को ध्वस्त कर दिया। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल में बुधवार को भी प्रदर्शन जारी रहा, हालांकि हिंसा की कोई बड़ी खबर नहीं है. राज्य में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बहाल हो गई हैं. मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तरी दिनाजपुर के अशांत इलाकों में इंटरनेट सेवाएं आंशिक तौर पर बहाल हो गई हैं. उत्तरी 24 परगना में बशीरहाट और बारासात और दक्षिणी 24 परगना में कैनिंग में सेवाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, इंटरनेट सेवाएं हावड़ा में बंद रहीं. नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद रविवार से इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया था.
भाजपा के दो प्रतिनिधिमंडल जब मालदा और मुर्शिदाबाद के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने जा रहे थे, तब उन्हें पुलिस ने रोक दिया. सांसद निशीथ प्रामाणिक और खगेन मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया गया. इनमें से एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्त्व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और सांसद सौमित्र खान कर रहे थे, जिन्हें विरोध का सामना करना पड़ा. लोगों ने उनके खिलाफ ‘‘वापस जाओ'' के नारे लगाए. विजयवर्गीय को नबग्राम और मौरग्राम में रोक दिया गया, जिन्होंने कहा, ‘‘हमें क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं थी. पुलिस कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है. घुसपैठियों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और हमारे काफिले पर हमला करने की कोशिश की. पुलिसकर्मी सिर्फ मूकदर्शक बने रहे.''
इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार तीसरे दिन सड़कों पर उतरीं. उन्होंने हावड़ा मैदान से कोलकाता के एस्प्लेनेड तक एक विशाल रैली का नेतृत्व किया. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर प्रहार करते हुए कहा कि उनका काम देश में आग लगाना नहीं, बल्कि इसे शांत करना है. उन्होंने सोमवार और मंगलवार को भी इस कानून के विरोध में मार्च किया था. उत्तर दिनाजपुर जिले में, नागरिकता कानून के खिलाफ निकाले गए एक विरोध मार्च में देशी बम फेंके जाने से पांच लोग घायल हो गए.
पुलिस ने बताया कि वह इस मामले की जांच कर रही है. सड़क और रेल सेवाएं बाधित किए जाने की घटनाओं की वजह से पिछले कुछ दिनों से राज्य की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है. राज्य भर में नागरिकता कानून के खिलाफ कई प्रदर्शन और धरना आयोजित किए गए. दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर के अंदर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में जादवपुर विश्वविद्यालय और सत्यजीत रे फिल्म और टेलीविजन संस्थान के छात्रों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा. पुलिस ने राज्यभर में सुरक्षा कड़ी कर दी है और हिंसा के लिए अभी तक करीब 354 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है. प्रदर्शन के कारण कई ट्रेनें भी निलंबित की गई हैं. | सारांश: 354 प्रदर्शनकारी हो चुके हैं गिरफ्तार
प्रदर्शन के कारण निलंबित हैं कई ट्रेनें
रविवार को बंद कर दी गई थी इंटरनेट सेवाएं | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेत्री कंगना रनौत ने मजाकिया अंदाज में कहा है कि उनकी एक से अधिक शादी हो सकती है। बॉलीवुड में प्रवेश करने के बाद से अपने निजी जीवन को लेकर सुर्खियों में रहने वाली 29 वर्षीय कंगना रनौत का मानना है कि अगर चीजें काम नहीं करती हैं तो फिर से शादी करने में कुछ भी गलत नहीं है।
इंडिया कॉचर फैशन वीक में अपने डिजाइनर दोस्त मानव गंगवानी के लिए शो स्टॉपर बनी कंगना ने मीडिया से बात करने के दौरान कहा, ''मानव और मैं मेरी शादी के बारे में बात कर रहे थे। मैंने उनसे कहा कि मेरी पहली शादी में, निश्चित तौर पर मैं उनके डिजाइन किये हुये परिधान पहनूंगी।"टिप्पणियां
जब कंगना से यह पूछा गया कि क्या उन्हे विश्वास है कि उनकी एक से अधिक शादी होगी, तब उन्होंने चुटकी लेते हुये कहा, ''क्यों नहीं? अगर एक हो सकती है तो कई हो सकती है।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इंडिया कॉचर फैशन वीक में अपने डिजाइनर दोस्त मानव गंगवानी के लिए शो स्टॉपर बनी कंगना ने मीडिया से बात करने के दौरान कहा, ''मानव और मैं मेरी शादी के बारे में बात कर रहे थे। मैंने उनसे कहा कि मेरी पहली शादी में, निश्चित तौर पर मैं उनके डिजाइन किये हुये परिधान पहनूंगी।"टिप्पणियां
जब कंगना से यह पूछा गया कि क्या उन्हे विश्वास है कि उनकी एक से अधिक शादी होगी, तब उन्होंने चुटकी लेते हुये कहा, ''क्यों नहीं? अगर एक हो सकती है तो कई हो सकती है।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जब कंगना से यह पूछा गया कि क्या उन्हे विश्वास है कि उनकी एक से अधिक शादी होगी, तब उन्होंने चुटकी लेते हुये कहा, ''क्यों नहीं? अगर एक हो सकती है तो कई हो सकती है।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:कहा- फिर से शादी करने में कुछ गलत नहीं
मजाकिया अंदाज में अपनी बात कही
कंगना निजी जीवन को लेकर सुर्खियों में रही हैं | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले 15 साल में पहली बार जातीय केएलएनएफ के उग्रवादियों ने मध्य असम के कर्बी आंगलांग जिले में मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया। कर्बी लांगरी नेशनल लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष पी दीली ने संवाददाताओं को यहां एक मतदान केंद्र के पास बताया कि उनके 41 कार्यकर्ताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने असम विधानसभा चुनाव में पिछले 15 साल में पहली बार ऐसा किया है। दीली ने कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश के तहत केएनएलएफ के दो शिविरों में यह सुविधा मुहैया की गई। उन्होंने कहा, अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मताधिकार का इस्तेमाल करने पर हमें गर्व महसूस हो रहा है। हमारे शिविरों में मतदान की सुविधा मुहैया कराए जाने को लेकर हम आभारी हैं। उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने पिछले साल हथियार डाल दिया था और वे जिले में उग्रवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों से सहयोग कर रहे हैं, इसलिए उन्हें यह सुविधा मुहैया की गई। | यहाँ एक सारांश है:पिछले 15 साल में पहली बार जातीय केएलएनएफ के उग्रवादियों ने मध्य असम के कर्बी आंगलांग जिले में मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंसी ऑफ इंडिया (ICAI) ने लोकसभा चुनावों (Loksabha Elections 2019) को ध्यान में रखते हुए CA की कई परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ा दी है. ICAI द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक 11 अप्रैल से सात चरणों में होने वाले देश के 17वें लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दो मई से लेकर 17 मई के बीच होने वाली परीक्षाएं, अब 27 मई से लेकर 12 जून के बीच होंगी. इसमें स्टूडेंट्स एग्जामिनेशंस, फाउंडेशन कोर्स (नई स्कीम के तहत), इंटरमीडिएट (आईपीसी) कोर्स (पुरानी स्कीम), इंटरमीडिएटकोर्स (नई स्कीम), पुरानी और नई स्कीम के तहत फाइनल कोर्स और मेंबर्स एग्जामिनेशन शामिल होंगे जो अलग-अलग तारीखों को होंगे.
आईसीएआई (ICAI) की सोमवार रात जारी अधिसूचना में कहा गया कि परीक्षा फॉर्म जमा करने की संशोधित तारीखें 16 मार्च हैं और विलंब शुल्क के साथ 23 मार्च है. चूंकि ईद के दिन 5 जून को कोई परीक्षा नहीं होगी, आईसीएआई ने स्पष्ट किया कि केंद्र, राज्य या स्थानीय सरकारों द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने पर किसी भी तारीख के लिए परीक्षा कार्यक्रम में कोई और बदलाव नहीं होगा. सीए परीक्षा पांच विदेशी स्थानों सहित 144 केंद्रों पर होंगी. | संक्षिप्त सारांश: ICAI ने परीक्षाओं की तारीख में बदलाव किया है.
लोकसभा चुनाव के चलते परीक्षाओं की तारीख में बदलाव किया गया है.
अब 27 मई से लेकर 12 जून के बीच सीए की परीक्षाएं आयोजित होगी. | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बांग्लादेश पुलिस ने राष्ट्रीय टीम के क्रिकेटर अराफात सनी को गर्लफ्रेंड के आपत्तिजनक फोटोज सोशनल मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. गौरतलब है कि बाएं हाथ के बल्लेबाज और गेंदबाज अराफात ने 16 वनडे और 10 टी 20 मैचों में बांग्लादेश क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है. मूल रूप से बाएं हाथ से लेग स्पिन गेंदबाजी करने वाले इस खिलाड़ी के नाम पर वनडे में 24 और टी20 में 12 विकेट दर्ज हैं. वर्ष 2014 में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने वनडे और टी20 करियर का आगाज किया था. स्थानीय पुलिस के कमिश्नर जमालुद्दीन मीर ने बताया कि अराफात की गर्लफ्रेंड ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सनी के घर पर छापा मारा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया.टिप्पणियां
कमिश्नर ने महिला के हवाले से AFP को बताया कि अराफात ने उसके नाम से एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और उस पर महिला की निजी फोटो अपलोड कर दीं, जो काफी आपत्तिजनक थीं. उन्होंने कहा, अराफात को गिरफ्तार कर कोर्ट ले जाया गया, जहां हमने पूछताछ के लिए उसकी 5 दिन की कस्टडी मांगी है. इस बारे में क्रिकेटर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. अगर अराफात सनी को इस मामले में दोषी पाए जाते हैं तो उन्होंने 14 साल की कैद या 10 मिलियन टका (बांग्लादेशी मुद्रा) का जुर्माना देना पड़ सकता है. गौरतलब है कि बांग्लादेश में इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त कानून हैं. सनी से पहले तेज गेंदबाज रूबेल हुसैन 2015 में बलात्कार के मामले में फंसे थे.
इस मामले पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चीफ ऐग्जिक्यूटिव निजामुद्दीन चौधरी ने कहा, ‘यह निजी मामला लगता है. हम इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. हम हालात पर नजर रखे हुए हैं. सनी और रुबेल के अलावा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज शहादत हुसैन को हाल के वर्षों में गिरफ्तार किया गया था. 30 वर्षीय हुसैन और उनकी बीवी को अपने 11 वर्षीय घरेलू सहायक को प्रताड़ित करने के आरोप में दो महीने जेल में गुजारने पड़े थे.
कमिश्नर ने महिला के हवाले से AFP को बताया कि अराफात ने उसके नाम से एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और उस पर महिला की निजी फोटो अपलोड कर दीं, जो काफी आपत्तिजनक थीं. उन्होंने कहा, अराफात को गिरफ्तार कर कोर्ट ले जाया गया, जहां हमने पूछताछ के लिए उसकी 5 दिन की कस्टडी मांगी है. इस बारे में क्रिकेटर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. अगर अराफात सनी को इस मामले में दोषी पाए जाते हैं तो उन्होंने 14 साल की कैद या 10 मिलियन टका (बांग्लादेशी मुद्रा) का जुर्माना देना पड़ सकता है. गौरतलब है कि बांग्लादेश में इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त कानून हैं. सनी से पहले तेज गेंदबाज रूबेल हुसैन 2015 में बलात्कार के मामले में फंसे थे.
इस मामले पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चीफ ऐग्जिक्यूटिव निजामुद्दीन चौधरी ने कहा, ‘यह निजी मामला लगता है. हम इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. हम हालात पर नजर रखे हुए हैं. सनी और रुबेल के अलावा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज शहादत हुसैन को हाल के वर्षों में गिरफ्तार किया गया था. 30 वर्षीय हुसैन और उनकी बीवी को अपने 11 वर्षीय घरेलू सहायक को प्रताड़ित करने के आरोप में दो महीने जेल में गुजारने पड़े थे.
इस मामले पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चीफ ऐग्जिक्यूटिव निजामुद्दीन चौधरी ने कहा, ‘यह निजी मामला लगता है. हम इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. हम हालात पर नजर रखे हुए हैं. सनी और रुबेल के अलावा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज शहादत हुसैन को हाल के वर्षों में गिरफ्तार किया गया था. 30 वर्षीय हुसैन और उनकी बीवी को अपने 11 वर्षीय घरेलू सहायक को प्रताड़ित करने के आरोप में दो महीने जेल में गुजारने पड़े थे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गर्लफ्रेंड ने इस मामले में पुलिस में दर्ज कराई थी सनी के खिलाफ शिकायत
दोषी पाए गए तो 14 साल की जेल या जुर्माना देना पड़ सकता है
सनी से पहले बांग्लादेश के रुबेल हुसैन भी रेप मामले में में फंस चुके हैं | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के अपने तीसरे लीग मुकाबले में रविवार को ऑस्ट्रेलिया की पर्थ स्कॉचर्स के खिलाफ न्यूलैंड्स मैदान पर उतरेगी। डेयरडेविल्स की कोशिश इस मुकाबले को जीतकर सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने की होगी।
दोनों टीमें अब तक दो-दो मुकाबले खेल चुकी हैं। डेयरडेविल्स के दो मैचों से छह अंक हैं और वह ग्रुप-ए में दूसरे स्थान पर है जबकि स्कॉचर्स के भी इतने ही मैचों से दो अंक हैं।
अपना पहला मुकाबला कोलकाता नाइटराइडर्स से जीतने के बाद डेयरडेविल्स को शुक्रवार को न्यूजीलैंड की ऑकलैंड एसेस से भिड़ना था लेकिन बारिश की वह से यह मुकाबला रद्द हो गया।
स्कॉचर्स को पहले मुकाबले में हार मिली थी जबकि उसका दूसरा मुकाबला नाइटराइडर्स से होना था लेकिन वह बारिश की भेंट चढ़ गया था। स्कॉचर्स को पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टाइटंस ने मात दी थी।
डेयरडेविल्स के पास कप्तान माहेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग, केविन पीटरसन और रॉस टेलर जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अपनी बल्लेबाजी के दम पर अकेले मैच का रुख अपनी ओर मोड़ने का माद्दा रखते हैं।
इसके अलावा हाल में भारत को अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद भी डेयरडेविल्स टीम में शामिल हैं जिन्होंने पहले मुकाबले में अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक 40 रन बनाए थे।टिप्पणियां
उधर, स्कॉचर्स के पास सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स, शॉन मार्श, कप्तान मार्कस नॉर्थ, साइमन कैटिच और मिशेल मार्श जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो कभी भी अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं।
गेंदबाजी में स्कॉचर्स के पास नेथन रिमिंग्टन, जोय मेनी, ब्रैड हॉग और माइकल बीयर के रूप में तेज और स्पिन गेंदबाजों का मिश्रण है।
दोनों टीमें अब तक दो-दो मुकाबले खेल चुकी हैं। डेयरडेविल्स के दो मैचों से छह अंक हैं और वह ग्रुप-ए में दूसरे स्थान पर है जबकि स्कॉचर्स के भी इतने ही मैचों से दो अंक हैं।
अपना पहला मुकाबला कोलकाता नाइटराइडर्स से जीतने के बाद डेयरडेविल्स को शुक्रवार को न्यूजीलैंड की ऑकलैंड एसेस से भिड़ना था लेकिन बारिश की वह से यह मुकाबला रद्द हो गया।
स्कॉचर्स को पहले मुकाबले में हार मिली थी जबकि उसका दूसरा मुकाबला नाइटराइडर्स से होना था लेकिन वह बारिश की भेंट चढ़ गया था। स्कॉचर्स को पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टाइटंस ने मात दी थी।
डेयरडेविल्स के पास कप्तान माहेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग, केविन पीटरसन और रॉस टेलर जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अपनी बल्लेबाजी के दम पर अकेले मैच का रुख अपनी ओर मोड़ने का माद्दा रखते हैं।
इसके अलावा हाल में भारत को अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद भी डेयरडेविल्स टीम में शामिल हैं जिन्होंने पहले मुकाबले में अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक 40 रन बनाए थे।टिप्पणियां
उधर, स्कॉचर्स के पास सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स, शॉन मार्श, कप्तान मार्कस नॉर्थ, साइमन कैटिच और मिशेल मार्श जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो कभी भी अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं।
गेंदबाजी में स्कॉचर्स के पास नेथन रिमिंग्टन, जोय मेनी, ब्रैड हॉग और माइकल बीयर के रूप में तेज और स्पिन गेंदबाजों का मिश्रण है।
अपना पहला मुकाबला कोलकाता नाइटराइडर्स से जीतने के बाद डेयरडेविल्स को शुक्रवार को न्यूजीलैंड की ऑकलैंड एसेस से भिड़ना था लेकिन बारिश की वह से यह मुकाबला रद्द हो गया।
स्कॉचर्स को पहले मुकाबले में हार मिली थी जबकि उसका दूसरा मुकाबला नाइटराइडर्स से होना था लेकिन वह बारिश की भेंट चढ़ गया था। स्कॉचर्स को पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टाइटंस ने मात दी थी।
डेयरडेविल्स के पास कप्तान माहेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग, केविन पीटरसन और रॉस टेलर जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अपनी बल्लेबाजी के दम पर अकेले मैच का रुख अपनी ओर मोड़ने का माद्दा रखते हैं।
इसके अलावा हाल में भारत को अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद भी डेयरडेविल्स टीम में शामिल हैं जिन्होंने पहले मुकाबले में अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक 40 रन बनाए थे।टिप्पणियां
उधर, स्कॉचर्स के पास सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स, शॉन मार्श, कप्तान मार्कस नॉर्थ, साइमन कैटिच और मिशेल मार्श जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो कभी भी अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं।
गेंदबाजी में स्कॉचर्स के पास नेथन रिमिंग्टन, जोय मेनी, ब्रैड हॉग और माइकल बीयर के रूप में तेज और स्पिन गेंदबाजों का मिश्रण है।
स्कॉचर्स को पहले मुकाबले में हार मिली थी जबकि उसका दूसरा मुकाबला नाइटराइडर्स से होना था लेकिन वह बारिश की भेंट चढ़ गया था। स्कॉचर्स को पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टाइटंस ने मात दी थी।
डेयरडेविल्स के पास कप्तान माहेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग, केविन पीटरसन और रॉस टेलर जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अपनी बल्लेबाजी के दम पर अकेले मैच का रुख अपनी ओर मोड़ने का माद्दा रखते हैं।
इसके अलावा हाल में भारत को अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद भी डेयरडेविल्स टीम में शामिल हैं जिन्होंने पहले मुकाबले में अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक 40 रन बनाए थे।टिप्पणियां
उधर, स्कॉचर्स के पास सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स, शॉन मार्श, कप्तान मार्कस नॉर्थ, साइमन कैटिच और मिशेल मार्श जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो कभी भी अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं।
गेंदबाजी में स्कॉचर्स के पास नेथन रिमिंग्टन, जोय मेनी, ब्रैड हॉग और माइकल बीयर के रूप में तेज और स्पिन गेंदबाजों का मिश्रण है।
डेयरडेविल्स के पास कप्तान माहेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग, केविन पीटरसन और रॉस टेलर जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अपनी बल्लेबाजी के दम पर अकेले मैच का रुख अपनी ओर मोड़ने का माद्दा रखते हैं।
इसके अलावा हाल में भारत को अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद भी डेयरडेविल्स टीम में शामिल हैं जिन्होंने पहले मुकाबले में अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक 40 रन बनाए थे।टिप्पणियां
उधर, स्कॉचर्स के पास सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स, शॉन मार्श, कप्तान मार्कस नॉर्थ, साइमन कैटिच और मिशेल मार्श जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो कभी भी अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं।
गेंदबाजी में स्कॉचर्स के पास नेथन रिमिंग्टन, जोय मेनी, ब्रैड हॉग और माइकल बीयर के रूप में तेज और स्पिन गेंदबाजों का मिश्रण है।
इसके अलावा हाल में भारत को अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद भी डेयरडेविल्स टीम में शामिल हैं जिन्होंने पहले मुकाबले में अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक 40 रन बनाए थे।टिप्पणियां
उधर, स्कॉचर्स के पास सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स, शॉन मार्श, कप्तान मार्कस नॉर्थ, साइमन कैटिच और मिशेल मार्श जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो कभी भी अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं।
गेंदबाजी में स्कॉचर्स के पास नेथन रिमिंग्टन, जोय मेनी, ब्रैड हॉग और माइकल बीयर के रूप में तेज और स्पिन गेंदबाजों का मिश्रण है।
उधर, स्कॉचर्स के पास सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स, शॉन मार्श, कप्तान मार्कस नॉर्थ, साइमन कैटिच और मिशेल मार्श जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो कभी भी अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं।
गेंदबाजी में स्कॉचर्स के पास नेथन रिमिंग्टन, जोय मेनी, ब्रैड हॉग और माइकल बीयर के रूप में तेज और स्पिन गेंदबाजों का मिश्रण है।
गेंदबाजी में स्कॉचर्स के पास नेथन रिमिंग्टन, जोय मेनी, ब्रैड हॉग और माइकल बीयर के रूप में तेज और स्पिन गेंदबाजों का मिश्रण है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के अपने तीसरे लीग मुकाबले में रविवार को ऑस्ट्रेलिया की पर्थ स्कॉचर्स के खिलाफ न्यूलैंड्स मैदान पर उतरेगी। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका में तमिलों के मुद्दे पर अमेरिकी प्रस्ताव पास हो गया है।श्रीलंका में तमिलों के मुद्दे पर अमेरिकी प्रस्ताव पास हो गया है। भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में और श्रीलंका के खिलाफ वोट दिया है। वहीं, खास बात यह रही भारत ने प्रस्ताव में कोई संशोधन की बात नहीं की। द्रमुक ने श्रीलंका पर संयुक्त राष्ट्र में मतदान पर सरकार की आलोचना की, आरोप लगाया कि भारत ने प्रस्ताव को नरम बनाया।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा, हमने व्यापक, समग्र और सार्थक सुलह समझौता प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए श्रीलंका के खिलाफ वोट दिया।टिप्पणियां
गौरतलब है कि जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में आज श्रीलंकाई तमिलों पर हुई अत्याचार के खिलाफ अमेरिका प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में 25 और विपक्ष में 13 मत पड़े तथा आठ देश मतदान से अनुपस्थित रहे।
उधर, पाकिस्तान ने यूएनएचआरसी में प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा, हमने व्यापक, समग्र और सार्थक सुलह समझौता प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए श्रीलंका के खिलाफ वोट दिया।टिप्पणियां
गौरतलब है कि जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में आज श्रीलंकाई तमिलों पर हुई अत्याचार के खिलाफ अमेरिका प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में 25 और विपक्ष में 13 मत पड़े तथा आठ देश मतदान से अनुपस्थित रहे।
उधर, पाकिस्तान ने यूएनएचआरसी में प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया।
गौरतलब है कि जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में आज श्रीलंकाई तमिलों पर हुई अत्याचार के खिलाफ अमेरिका प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में 25 और विपक्ष में 13 मत पड़े तथा आठ देश मतदान से अनुपस्थित रहे।
उधर, पाकिस्तान ने यूएनएचआरसी में प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया।
उधर, पाकिस्तान ने यूएनएचआरसी में प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया। | यहाँ एक सारांश है:श्रीलंका में तमिलों के मुद्दे पर अमेरिकी प्रस्ताव पास हो गया है। भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में और श्रीलंका के खिलाफ वोट दिया है। वहीं, खास बात यह रही भारत ने प्रस्ताव में कोई संशोधन की बात नहीं की। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूपी में बुलंदशहर के एक सरकारी अस्पताल में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ की खबर एनडीटीवी इंडिया पर दिखाए जाने के बाद सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने संवाददाताओं से कहा, मीडिया में बताया गया कि बुलंदशहर के जिला अस्पताल में कोई वार्ड ब्वॉय किसी मरीज के पैर में टांके लगा रहा था। चूंकि यह मेरी जानकारी में आ गया है इसलिए मैंने सोमवार को ही मेरठ के स्वास्थ्य अपर निदेशक को जांच के लिए भेज दिया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि एनडीटीवी में हाल में बुलंदशहर के जिला अस्पताल में एक वार्ड ब्वॉय द्वारा किसी मरीज के पैर में टांके लगाए जाने की खबरें प्रसारित की गई थी।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने संवाददाताओं से कहा, मीडिया में बताया गया कि बुलंदशहर के जिला अस्पताल में कोई वार्ड ब्वॉय किसी मरीज के पैर में टांके लगा रहा था। चूंकि यह मेरी जानकारी में आ गया है इसलिए मैंने सोमवार को ही मेरठ के स्वास्थ्य अपर निदेशक को जांच के लिए भेज दिया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि एनडीटीवी में हाल में बुलंदशहर के जिला अस्पताल में एक वार्ड ब्वॉय द्वारा किसी मरीज के पैर में टांके लगाए जाने की खबरें प्रसारित की गई थी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि एनडीटीवी में हाल में बुलंदशहर के जिला अस्पताल में एक वार्ड ब्वॉय द्वारा किसी मरीज के पैर में टांके लगाए जाने की खबरें प्रसारित की गई थी।
गौरतलब है कि एनडीटीवी में हाल में बुलंदशहर के जिला अस्पताल में एक वार्ड ब्वॉय द्वारा किसी मरीज के पैर में टांके लगाए जाने की खबरें प्रसारित की गई थी। | सारांश: यूपी में बुलंदशहर के एक सरकारी अस्पताल में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ की खबर एनडीटीवी इंडिया पर दिखाए जाने के बाद सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सऊदी अरब ने आज चेतावनी दी कि वह उन गैर-मुसलमानों को देश से बाहर निकाल देगा, जो रमजान के महीने के दौरान सार्वजनिक जगहों पर खाते-पीते या धूम्रपान करते पकड़े जाएंगे। देश में आज से रमजान शुरू हो रहा है।
आधिकारिक समाचार एजेंसी एसपीए द्वारा प्रकाशित गृहमंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, देश में रहने वाले गैर-मुसलमानों को रमजान और मुसलमानों की भावनाओं के सम्मान में रमजान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर खाना या पीना नहीं चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि जो विदेशी रमजान का सम्मान नहीं करेंगे, उनका रोजगार करार खत्म करने के साथ ही उन्हें देश से बाहर निकाला जा सकता है।
आधिकारिक समाचार एजेंसी एसपीए द्वारा प्रकाशित गृहमंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, देश में रहने वाले गैर-मुसलमानों को रमजान और मुसलमानों की भावनाओं के सम्मान में रमजान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर खाना या पीना नहीं चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि जो विदेशी रमजान का सम्मान नहीं करेंगे, उनका रोजगार करार खत्म करने के साथ ही उन्हें देश से बाहर निकाला जा सकता है। | संक्षिप्त सारांश: सऊदी अरब ने आज चेतावनी दी कि वह उन गैर-मुसलमानों को देश से बाहर निकाल देगा, जो रमजान के महीने के दौरान सार्वजनिक जगहों पर खाते-पीते या धूम्रपान करते पकड़े जाएंगे। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि इस साल भारत में होने वाले चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट का आयोजक बीसीसीआई उसे पहले भागीदारी शुल्क नहीं देता है तो वह काउंटी टीमों को इस टूर्नामेंट में खेलने से रोक देगा। डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार ईसीबी ने साफ किया है कि इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाली दोनों काउंटी टीमों को सितंबर में भारत दौरे के लिये बीसीसीआई से पूर्व में भुगतान मिलना चाहिए। इंग्लैंड से लंकाशर या लीस्टरशर में से तथा हैंपशर और समरसेट में से कोई दो टीमें इस टूर्नामेंट में भाग लेंगी। ईसीबी ने यह बयान पहले दो चैंपियन्स लीग में भाग लेने वाली कई टीमों के इन आरोपों के बाद दिया है जिनमें कहा गया था कि उन्हें या तो समय पर भुगतान नहीं मिला या फिर आधा पैसा ही दिया गया। समरसेट और ससेक्स 2009 में भारत में हुई पहली चैंपियन्स लीग में खेले थे लेकिन इसके बाद 2010 में दक्षिण अफ्रीका में हुई चैंपियनिशप में ईसीबी और भारतीय आयोजकों के बीच कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद के कारण इंग्लैंड की किसी भी टीम ने भाग नहीं लिया था। समरसेट ने जब 2009 में इस टूर्नामेंट में भाग लिया था तब उसे मुख्य कार्यकारी रहे रिचर्ड गाउल्ड ने कहा, भुगतान देर से मिला लेकिन पांच महीने के अंदर इसका भुगतान कर दिया गया था। इसमें से केवल भारत सरकार का लगभग 20 प्रतिशत कर काटा गया था। | ईसीबी ने चेतावनी दी है कि यदि चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट से पहले उसे भागीदारी शुल्क नहीं मिला तो वह काउंटी टीमों को इस टूर्नामेंट में खेलने से रोक देगा। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की रहस्यमयी मौत पर बनी फिल्म 'द ताशकंद फाइल्स' (The Tashkent Files) की ट्रेलर रिलीज हो चुका है. इस फिल्म के ट्रेलर ने रिलीज होते ही यूट्यूब पर तहलका मचा दिया है. फिल्म 'द ताशकंद फाइल्स' (The Tashkent Files) का ट्रेलर यूट्यूब पर जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रहा है. इस फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत में देखा जा सकता है कि लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की मौत की जांच में इंक्वायरी कमेटी जुटी रहती है. फिल्म में के ट्रेलर में मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty), नसीरुद्दीन शाह (Naseruddin Shah), पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) अपनी शानदार एक्टिंग का जलवा बिखेर रहे हैं.
'द ताशकंद फाइल्स' (The Tashkent Files) का ट्रेलर 2 मिनट 44 सेकेंड का है. ट्रेलर में शुरु से लेकर अंत तक फिल्म के कलाकार केवल इस बारे में बात करते नजर आ रहे हैं कि लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri Death) की मौत कैसे हुई. ट्रेलर में मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty), नसीरुद्दीन शाह (Naseruddin Shah), पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) के दमदार डायलॉग्स के साथ असरदाय अभिनय देखने को मिल रहा है. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादूर शास्त्री की रहस्यमयी मौत आज भी लोगों के लिए किसी पहेली से कम नहीं है.
'द ताशकंद फाइल्स' (The Tashkent Files) फिल्म के ट्रेलर को देखकर लग रहा है कि इस फिल्म में लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की मौत से पर्दा उठाने की कोशिश की गई है. फिल्म का ट्रेलर जबरदस्त है. यूट्यूब पर इस फिल्म के ट्रेलर को अभी तक 19 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसे देखने का सिलसिला जारी है.
'द ताशकंद फाइल्स' (The Tashkent Files) फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, नसीरुद्दीन शाह, पकंज त्रिपाठी, श्वेता बासु, पल्लवी जोशी, राजेश शर्मा, मंदिरा बेदी जैसे सितारे हैं. इस फिल्म को विवेक अग्निहोत्री ने डायरेक्ट किया है. | संक्षिप्त सारांश: 'द ताशकंद फाइल्स' का ट्रेलर रिलीज
लाल बहादूर शास्त्री की मौत पर सवाल उठाती है फिल्म
मिथुन चक्रवर्ती और नसीरुद्दीन शाह की दमदार एक्टिंग | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बीजेपी मध्यावधि चुनाव को तैयार है. मध्यावधि चुनाव हुआ तो बीजेपी को अकेले बहुमत मिल जाएगा. कोई हमें सरकार को अस्थिर करने की धमकी न दे. दरअसल, यह शिवसेना नेता संजय राउत के बयान पर सीएम का पलटवार था. राउत ने कहा था कि जुलाई बाद सरकार मुसीबत में होगी.टिप्पणियां
उधर, मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार होने की चुनौती से शिवसेना सकपका गई है. संजय राउत ने मुख्यमंत्री के बयान को खारिज़ किया है. राउत ने NDTV इंडिया से बात करते हुए कहा कि, पीटीआई की ख़बर को वे तवज्जो नहीं देते. यह कोई आधिकारिक बयान नहीं. जब मुख्यमंत्री फड़णवीस खुद सामने आकर बोलेंगे तब पार्टी उस पर प्रतिक्रिया देगी. दरअसल, यह बात छिपी नहीं है कि मध्यावधि चुनाव की सुगबुगाहट से शिवसेना के विधायकों में सबसे ज्यादा डर व्याप्त है.
इस बीच खबर यह भी है कि राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाने के लिए बीजेपी अपनी सहयोगी शिवसेना को मनाने में जुट गई है. इस सिलसिले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 18 जून को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने उनके घर मातोश्री जाएंगे. इससे पहले शिवसेना ने संघ प्रमुख मोहन भागवत और एनसीपी प्रमुख शरद पवार को राष्ट्रपति बनाए जाने की वकालत की थी. संजय राउत ने एक मराठी टीवी चैनल से कहा था कि अगर किसानों को कर्ज माफ नहीं किया गया तो वे अपना समर्थन वापस ले लेंगे.
उधर, मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार होने की चुनौती से शिवसेना सकपका गई है. संजय राउत ने मुख्यमंत्री के बयान को खारिज़ किया है. राउत ने NDTV इंडिया से बात करते हुए कहा कि, पीटीआई की ख़बर को वे तवज्जो नहीं देते. यह कोई आधिकारिक बयान नहीं. जब मुख्यमंत्री फड़णवीस खुद सामने आकर बोलेंगे तब पार्टी उस पर प्रतिक्रिया देगी. दरअसल, यह बात छिपी नहीं है कि मध्यावधि चुनाव की सुगबुगाहट से शिवसेना के विधायकों में सबसे ज्यादा डर व्याप्त है.
इस बीच खबर यह भी है कि राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाने के लिए बीजेपी अपनी सहयोगी शिवसेना को मनाने में जुट गई है. इस सिलसिले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 18 जून को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने उनके घर मातोश्री जाएंगे. इससे पहले शिवसेना ने संघ प्रमुख मोहन भागवत और एनसीपी प्रमुख शरद पवार को राष्ट्रपति बनाए जाने की वकालत की थी. संजय राउत ने एक मराठी टीवी चैनल से कहा था कि अगर किसानों को कर्ज माफ नहीं किया गया तो वे अपना समर्थन वापस ले लेंगे.
इस बीच खबर यह भी है कि राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाने के लिए बीजेपी अपनी सहयोगी शिवसेना को मनाने में जुट गई है. इस सिलसिले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 18 जून को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने उनके घर मातोश्री जाएंगे. इससे पहले शिवसेना ने संघ प्रमुख मोहन भागवत और एनसीपी प्रमुख शरद पवार को राष्ट्रपति बनाए जाने की वकालत की थी. संजय राउत ने एक मराठी टीवी चैनल से कहा था कि अगर किसानों को कर्ज माफ नहीं किया गया तो वे अपना समर्थन वापस ले लेंगे. | संक्षिप्त सारांश: कोई हमें सरकार को अस्थिर करने की धमकी न दे : सीएम
राउत ने कहा था कि जुलाई बाद सरकार मुसीबत में होगी
बीजेपी को अकेले बहुमत मिल जाएगा : देवेंद्र | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 10 फरवरी को बॉक्स ऑफिस पर भिड़ने जा रहे हैं नए और पुराने जॉली एल एल बी यानी अक्षय कुमार और अरशद वारसी. इस दिन जहां एक तरफ अक्षय कुमार की फिल्म 'जॉली एलएलबी 2' रिलीज हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ पहली 'जॉली एलएलबी' के जॉली यानी अभिनेता अरशद वारसी की फिल्म 'इरादा' सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है.
फिल्म इरादा में अरशद वारसी के साथ नसीरुद्दीन शाह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं जिनकी जोड़ी 'इश्कियां' और 'डेढ़ इश्कियां' जैसी सफल फिल्म दे चुकी है. दूसरी तरफ हिट फिल्म 'जॉली एलएलबी' के सीक्वल में अरशद की जगह अक्षय की एंट्री हुई है इसलिए बॉक्स ऑफिस पर दोनों फिल्मों को साथ रिलीज किये जाने पर इसे दो जॉलियों की टक्कर समझा जा रहा है.टिप्पणियां
फिल्म 'इरादा' की निर्माता फाल्गुनी शेठ ने एक अखबार को दिए बयान में कहा है कि हमारी फिल्म पूरी हो चुकी है और हम इसे पहले ही रिलीज करना चाहते थे मगर 10 फरवरी के अलावा अभी कोई अच्छी तारिख नहीं दिखाई दे रही है. शाहरुख खान की 'रईस' और रितिक रोशन की 'काबिल' गणतंत्र दिवस पर रिलीज हो रही हैं और अनुमान है कि यह दो बड़ी फिल्में दो हफ्तों तक सिनेमाघरों में दर्शक बटोर पाएंगीं. वहीं 10 फरवरी के बाद वाले हफ्ते में शाहिद कपूर, कंगना रनौत और सैल अली खान स्टारर 'रंगून' भी रिलीज होने जा रही है. इसलिए हमें लगता है कि 10 फरवरी ही इसके लिए सही हफ्ता है.
फिल्म 'जॉली एलएलबी 2' जहां हंसी मजाक से भरपूर कोर्ट ड्रामा है वही दूसरी तरफ अपर्णा सिंह निर्देशित फिल्म 'इरादा' समाज से जुड़े मुद्दों पर बनी फिल्म है. शायद इसीलिए फिल्म 'इरादा' की निर्माता फाल्गुनी कहती हैं कि ये टक्कर दिलचस्प होगी. हालांकि उनकी नज़र और भी विकल्पों पर है।
फिल्म इरादा में अरशद वारसी के साथ नसीरुद्दीन शाह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं जिनकी जोड़ी 'इश्कियां' और 'डेढ़ इश्कियां' जैसी सफल फिल्म दे चुकी है. दूसरी तरफ हिट फिल्म 'जॉली एलएलबी' के सीक्वल में अरशद की जगह अक्षय की एंट्री हुई है इसलिए बॉक्स ऑफिस पर दोनों फिल्मों को साथ रिलीज किये जाने पर इसे दो जॉलियों की टक्कर समझा जा रहा है.टिप्पणियां
फिल्म 'इरादा' की निर्माता फाल्गुनी शेठ ने एक अखबार को दिए बयान में कहा है कि हमारी फिल्म पूरी हो चुकी है और हम इसे पहले ही रिलीज करना चाहते थे मगर 10 फरवरी के अलावा अभी कोई अच्छी तारिख नहीं दिखाई दे रही है. शाहरुख खान की 'रईस' और रितिक रोशन की 'काबिल' गणतंत्र दिवस पर रिलीज हो रही हैं और अनुमान है कि यह दो बड़ी फिल्में दो हफ्तों तक सिनेमाघरों में दर्शक बटोर पाएंगीं. वहीं 10 फरवरी के बाद वाले हफ्ते में शाहिद कपूर, कंगना रनौत और सैल अली खान स्टारर 'रंगून' भी रिलीज होने जा रही है. इसलिए हमें लगता है कि 10 फरवरी ही इसके लिए सही हफ्ता है.
फिल्म 'जॉली एलएलबी 2' जहां हंसी मजाक से भरपूर कोर्ट ड्रामा है वही दूसरी तरफ अपर्णा सिंह निर्देशित फिल्म 'इरादा' समाज से जुड़े मुद्दों पर बनी फिल्म है. शायद इसीलिए फिल्म 'इरादा' की निर्माता फाल्गुनी कहती हैं कि ये टक्कर दिलचस्प होगी. हालांकि उनकी नज़र और भी विकल्पों पर है।
फिल्म 'इरादा' की निर्माता फाल्गुनी शेठ ने एक अखबार को दिए बयान में कहा है कि हमारी फिल्म पूरी हो चुकी है और हम इसे पहले ही रिलीज करना चाहते थे मगर 10 फरवरी के अलावा अभी कोई अच्छी तारिख नहीं दिखाई दे रही है. शाहरुख खान की 'रईस' और रितिक रोशन की 'काबिल' गणतंत्र दिवस पर रिलीज हो रही हैं और अनुमान है कि यह दो बड़ी फिल्में दो हफ्तों तक सिनेमाघरों में दर्शक बटोर पाएंगीं. वहीं 10 फरवरी के बाद वाले हफ्ते में शाहिद कपूर, कंगना रनौत और सैल अली खान स्टारर 'रंगून' भी रिलीज होने जा रही है. इसलिए हमें लगता है कि 10 फरवरी ही इसके लिए सही हफ्ता है.
फिल्म 'जॉली एलएलबी 2' जहां हंसी मजाक से भरपूर कोर्ट ड्रामा है वही दूसरी तरफ अपर्णा सिंह निर्देशित फिल्म 'इरादा' समाज से जुड़े मुद्दों पर बनी फिल्म है. शायद इसीलिए फिल्म 'इरादा' की निर्माता फाल्गुनी कहती हैं कि ये टक्कर दिलचस्प होगी. हालांकि उनकी नज़र और भी विकल्पों पर है।
फिल्म 'जॉली एलएलबी 2' जहां हंसी मजाक से भरपूर कोर्ट ड्रामा है वही दूसरी तरफ अपर्णा सिंह निर्देशित फिल्म 'इरादा' समाज से जुड़े मुद्दों पर बनी फिल्म है. शायद इसीलिए फिल्म 'इरादा' की निर्माता फाल्गुनी कहती हैं कि ये टक्कर दिलचस्प होगी. हालांकि उनकी नज़र और भी विकल्पों पर है। | संक्षिप्त पाठ: अक्षय कुमार की फिल्म 'जॉली एलएलबी 2' 10 जनवरी को हो रही है रिलीज
इसी दिन हो सकती है अरशद वारसी और नसीरुद्दीन शाह की 'इरादा'
पहली 'जॉली एलएलबी' में जॉली बने थे अक्षय कुमार | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के 'समाजवादी' कुनबे में मचा घमासान शनिवार को सड़कों पर उतर आया. परिवार में तल्खी की धुरी बने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा काबीना मंत्री शिवपाल यादव के समर्थकों ने परस्पर बगावत का सूर फूंकते हुए पार्टी मुख्यालय पर पहुंचकर अपने-अपने नेता के पक्ष में नारेबाजी की.
लगातार बदलते घटनाक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश ने अपने समर्थकों से कहा कि वह शिवपाल को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाने के नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के निर्णय के खिलाफ अपना आंदोलन बंद करें और चुनाव की तैयारियों में जुटें.
सपा के चारों युवा संगठनों सपा छात्रसभा, लोहिया वाहिनी, युवजन सभा और यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने सपा मुख्यालय के सामने शिवपाल को हटाकर अखिलेश को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर वापस लाने की मांग करते हुए नारेबाजी की.
इस बीच, शिवपाल के समर्थकों ने भी पार्टी मुख्यालय पर पहुंचकर उनके पक्ष में नारेबाजी की. हालात के मद्देनजर सपा मुखिया ने शिवपाल से मुलाकात और अखिलेश से टेलीफोन पर बात की. इसके अलावा अखिलेश भी शिवपाल के घर पहुंचे.
नाराज अखिलेश समर्थकों ने सपा मुखिया के खिलाफ भी नारेबाजी की. इस दौरान, कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई. करीब तीन घंटे तक सपा राज्य मुख्यालय से लेकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास के सामने सड़क पर परस्पर विरोधी समर्थकों का कब्जा रहा. इस दौरान पुलिस को उन्हें संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
सपा मुख्यालय के सामने से हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए. मुख्यमंत्री ने उन्हें अंदर बुलाकर कहा कि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना नेताजी का फैसला है. इसके खिलाफ यह आंदोलन खत्म होना चाहिए. पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष न होने से कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में एकता बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. उम्मीद है कि नौजवान इन बातों को समझेंगे और वह पार्टी की यात्रा के साथ प्रदेश में एक बार फिर समाजवादी सरकार बनाएगा.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा शुक्रवार को आगे आकर पार्टी में कोई मतभेद न होने का दावा किए जाने और मुख्यमंत्री के कल रात शिवपाल से छीने गए विभाग वापस करने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी में उभरे मतभेद फिलहाल समाप्त हो गए हैं, लेकिन दोनों धड़ों के समर्थकों के आज सड़कों पर उतरने से साफ हो गया है कि तल्खी का दौर नया मोड़ ले चुका है.
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लगातार बदलते घटनाक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश ने अपने समर्थकों से कहा कि वह शिवपाल को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाने के नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के निर्णय के खिलाफ अपना आंदोलन बंद करें और चुनाव की तैयारियों में जुटें.
सपा के चारों युवा संगठनों सपा छात्रसभा, लोहिया वाहिनी, युवजन सभा और यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने सपा मुख्यालय के सामने शिवपाल को हटाकर अखिलेश को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर वापस लाने की मांग करते हुए नारेबाजी की.
इस बीच, शिवपाल के समर्थकों ने भी पार्टी मुख्यालय पर पहुंचकर उनके पक्ष में नारेबाजी की. हालात के मद्देनजर सपा मुखिया ने शिवपाल से मुलाकात और अखिलेश से टेलीफोन पर बात की. इसके अलावा अखिलेश भी शिवपाल के घर पहुंचे.
नाराज अखिलेश समर्थकों ने सपा मुखिया के खिलाफ भी नारेबाजी की. इस दौरान, कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई. करीब तीन घंटे तक सपा राज्य मुख्यालय से लेकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास के सामने सड़क पर परस्पर विरोधी समर्थकों का कब्जा रहा. इस दौरान पुलिस को उन्हें संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
सपा मुख्यालय के सामने से हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए. मुख्यमंत्री ने उन्हें अंदर बुलाकर कहा कि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना नेताजी का फैसला है. इसके खिलाफ यह आंदोलन खत्म होना चाहिए. पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष न होने से कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में एकता बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. उम्मीद है कि नौजवान इन बातों को समझेंगे और वह पार्टी की यात्रा के साथ प्रदेश में एक बार फिर समाजवादी सरकार बनाएगा.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा शुक्रवार को आगे आकर पार्टी में कोई मतभेद न होने का दावा किए जाने और मुख्यमंत्री के कल रात शिवपाल से छीने गए विभाग वापस करने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी में उभरे मतभेद फिलहाल समाप्त हो गए हैं, लेकिन दोनों धड़ों के समर्थकों के आज सड़कों पर उतरने से साफ हो गया है कि तल्खी का दौर नया मोड़ ले चुका है.
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सपा के चारों युवा संगठनों सपा छात्रसभा, लोहिया वाहिनी, युवजन सभा और यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने सपा मुख्यालय के सामने शिवपाल को हटाकर अखिलेश को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर वापस लाने की मांग करते हुए नारेबाजी की.
इस बीच, शिवपाल के समर्थकों ने भी पार्टी मुख्यालय पर पहुंचकर उनके पक्ष में नारेबाजी की. हालात के मद्देनजर सपा मुखिया ने शिवपाल से मुलाकात और अखिलेश से टेलीफोन पर बात की. इसके अलावा अखिलेश भी शिवपाल के घर पहुंचे.
नाराज अखिलेश समर्थकों ने सपा मुखिया के खिलाफ भी नारेबाजी की. इस दौरान, कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई. करीब तीन घंटे तक सपा राज्य मुख्यालय से लेकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास के सामने सड़क पर परस्पर विरोधी समर्थकों का कब्जा रहा. इस दौरान पुलिस को उन्हें संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
सपा मुख्यालय के सामने से हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए. मुख्यमंत्री ने उन्हें अंदर बुलाकर कहा कि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना नेताजी का फैसला है. इसके खिलाफ यह आंदोलन खत्म होना चाहिए. पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष न होने से कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में एकता बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. उम्मीद है कि नौजवान इन बातों को समझेंगे और वह पार्टी की यात्रा के साथ प्रदेश में एक बार फिर समाजवादी सरकार बनाएगा.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा शुक्रवार को आगे आकर पार्टी में कोई मतभेद न होने का दावा किए जाने और मुख्यमंत्री के कल रात शिवपाल से छीने गए विभाग वापस करने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी में उभरे मतभेद फिलहाल समाप्त हो गए हैं, लेकिन दोनों धड़ों के समर्थकों के आज सड़कों पर उतरने से साफ हो गया है कि तल्खी का दौर नया मोड़ ले चुका है.
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बीच, शिवपाल के समर्थकों ने भी पार्टी मुख्यालय पर पहुंचकर उनके पक्ष में नारेबाजी की. हालात के मद्देनजर सपा मुखिया ने शिवपाल से मुलाकात और अखिलेश से टेलीफोन पर बात की. इसके अलावा अखिलेश भी शिवपाल के घर पहुंचे.
नाराज अखिलेश समर्थकों ने सपा मुखिया के खिलाफ भी नारेबाजी की. इस दौरान, कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई. करीब तीन घंटे तक सपा राज्य मुख्यालय से लेकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास के सामने सड़क पर परस्पर विरोधी समर्थकों का कब्जा रहा. इस दौरान पुलिस को उन्हें संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
सपा मुख्यालय के सामने से हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए. मुख्यमंत्री ने उन्हें अंदर बुलाकर कहा कि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना नेताजी का फैसला है. इसके खिलाफ यह आंदोलन खत्म होना चाहिए. पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष न होने से कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में एकता बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. उम्मीद है कि नौजवान इन बातों को समझेंगे और वह पार्टी की यात्रा के साथ प्रदेश में एक बार फिर समाजवादी सरकार बनाएगा.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा शुक्रवार को आगे आकर पार्टी में कोई मतभेद न होने का दावा किए जाने और मुख्यमंत्री के कल रात शिवपाल से छीने गए विभाग वापस करने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी में उभरे मतभेद फिलहाल समाप्त हो गए हैं, लेकिन दोनों धड़ों के समर्थकों के आज सड़कों पर उतरने से साफ हो गया है कि तल्खी का दौर नया मोड़ ले चुका है.
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नाराज अखिलेश समर्थकों ने सपा मुखिया के खिलाफ भी नारेबाजी की. इस दौरान, कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई. करीब तीन घंटे तक सपा राज्य मुख्यालय से लेकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास के सामने सड़क पर परस्पर विरोधी समर्थकों का कब्जा रहा. इस दौरान पुलिस को उन्हें संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
सपा मुख्यालय के सामने से हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए. मुख्यमंत्री ने उन्हें अंदर बुलाकर कहा कि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना नेताजी का फैसला है. इसके खिलाफ यह आंदोलन खत्म होना चाहिए. पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष न होने से कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में एकता बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. उम्मीद है कि नौजवान इन बातों को समझेंगे और वह पार्टी की यात्रा के साथ प्रदेश में एक बार फिर समाजवादी सरकार बनाएगा.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा शुक्रवार को आगे आकर पार्टी में कोई मतभेद न होने का दावा किए जाने और मुख्यमंत्री के कल रात शिवपाल से छीने गए विभाग वापस करने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी में उभरे मतभेद फिलहाल समाप्त हो गए हैं, लेकिन दोनों धड़ों के समर्थकों के आज सड़कों पर उतरने से साफ हो गया है कि तल्खी का दौर नया मोड़ ले चुका है.
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सपा मुख्यालय के सामने से हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए. मुख्यमंत्री ने उन्हें अंदर बुलाकर कहा कि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना नेताजी का फैसला है. इसके खिलाफ यह आंदोलन खत्म होना चाहिए. पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष न होने से कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में एकता बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. उम्मीद है कि नौजवान इन बातों को समझेंगे और वह पार्टी की यात्रा के साथ प्रदेश में एक बार फिर समाजवादी सरकार बनाएगा.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा शुक्रवार को आगे आकर पार्टी में कोई मतभेद न होने का दावा किए जाने और मुख्यमंत्री के कल रात शिवपाल से छीने गए विभाग वापस करने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी में उभरे मतभेद फिलहाल समाप्त हो गए हैं, लेकिन दोनों धड़ों के समर्थकों के आज सड़कों पर उतरने से साफ हो गया है कि तल्खी का दौर नया मोड़ ले चुका है.
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में एकता बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. उम्मीद है कि नौजवान इन बातों को समझेंगे और वह पार्टी की यात्रा के साथ प्रदेश में एक बार फिर समाजवादी सरकार बनाएगा.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा शुक्रवार को आगे आकर पार्टी में कोई मतभेद न होने का दावा किए जाने और मुख्यमंत्री के कल रात शिवपाल से छीने गए विभाग वापस करने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी में उभरे मतभेद फिलहाल समाप्त हो गए हैं, लेकिन दोनों धड़ों के समर्थकों के आज सड़कों पर उतरने से साफ हो गया है कि तल्खी का दौर नया मोड़ ले चुका है.
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा शुक्रवार को आगे आकर पार्टी में कोई मतभेद न होने का दावा किए जाने और मुख्यमंत्री के कल रात शिवपाल से छीने गए विभाग वापस करने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी में उभरे मतभेद फिलहाल समाप्त हो गए हैं, लेकिन दोनों धड़ों के समर्थकों के आज सड़कों पर उतरने से साफ हो गया है कि तल्खी का दौर नया मोड़ ले चुका है.
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मुहम्मद एबाद ने कहा कि हमने नेताजी (मुलायम) को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है. हम (सभी चारों युवा संगठन) अखिलेश जी के सिवाय और किसी के साथ काम नहीं कर सकते. अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने से युवा दुखी और हताश हैं, यहां तक कि हम उनके पक्ष में आत्मदाह भी कर सकते हैं. पूर्व में, सपा के युवा संगठनों के अध्यक्ष रह चुके विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और आनन्द भदौरिया ने भी अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी की. कश्यप ने कहा कि नेताजी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युवाओं को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए. हम अखिलेश यादव को वापस लाना चाहते हैं. वह युवाओं के निर्विवाद नेता हैं.
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मालूम हो कि गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी माने जाने वाले आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया ने अखिलेश को सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल को बैठा दिया गया था. इससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल से लोकनिर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे.टिप्पणियां
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विवाद बढ़ने के बाद सपा मुखिया ने कल शिवपाल और अखिलेश से मुलाकात की थी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं से कहा था कि परिवार में कोई विवाद नहीं है. उसके बाद देर रात अखिलेश ने शिवपाल को उनसे छीने गए सभी विभाग वापस कर दिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेता के पक्ष में नारेबाजी की
अखिलेश समर्थकों ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद पर वापस लाने की मांग की
शिवपाल के समर्थकों ने भी पार्टी मुख्यालय पर उनके पक्ष में नारेबाजी की | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंदौर की देवी अहिल्याबाई फल और सब्जी मंडी के थोक कारोबारी सुभाष नारंग ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया, ‘‘मुंबई में एक सब्जी कारोबारी की टमाटर की बड़ी खेप हाल ही में चोरी हो चुकी है. इसके बाद हमें भी डर बना रहता है कि कहीं यहां भी हमारे टमाटर चोरी न हो जाएं. इसलिए हमने मंडी प्रशासन से मांग की है कि टमाटरों की रखवाली के लिए सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाए."टिप्पणियां
देवी अहिल्याबाई फल और सब्जी मंडी के निरीक्षक रमेश सावदिया का कहना है कि मंडी परिसर में पहले से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती है और टमाटर व्यापारी बिना किसी भय के कारोबार कर सकते हैं.
कारोबारी सूत्रों के मुताबिक स्थानीय थोक बाजार में टमाटर फिलहाल 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रहा है, जबकि इसका खेरची यानी कि रिटेल भाव 100 रुपये प्रति किलोग्राम के आस-पास है. टमाटर की सीमित उपलब्धता को इसके ऊंचे भावों का अहम कारण माना जा रहा है.
(इनपुट भाषा से)
देवी अहिल्याबाई फल और सब्जी मंडी के निरीक्षक रमेश सावदिया का कहना है कि मंडी परिसर में पहले से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती है और टमाटर व्यापारी बिना किसी भय के कारोबार कर सकते हैं.
कारोबारी सूत्रों के मुताबिक स्थानीय थोक बाजार में टमाटर फिलहाल 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रहा है, जबकि इसका खेरची यानी कि रिटेल भाव 100 रुपये प्रति किलोग्राम के आस-पास है. टमाटर की सीमित उपलब्धता को इसके ऊंचे भावों का अहम कारण माना जा रहा है.
(इनपुट भाषा से)
कारोबारी सूत्रों के मुताबिक स्थानीय थोक बाजार में टमाटर फिलहाल 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रहा है, जबकि इसका खेरची यानी कि रिटेल भाव 100 रुपये प्रति किलोग्राम के आस-पास है. टमाटर की सीमित उपलब्धता को इसके ऊंचे भावों का अहम कारण माना जा रहा है.
(इनपुट भाषा से) | यहाँ एक सारांश है:इंदौर के बाजार में 100 रुपये किलोग्राम तक की दर पर बिक रहा टमाटर
मुंबई में एक सब्जी कारोबारी की टमाटर की बड़ी खेप चोरी हो गई
मंडी प्रशासन ने कहा- सुरक्षा गार्ड पहले से तैनात, इसलिए जरूरत नहीं | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिजली वितरण कम्पनियों के कारोबार में बने रहने के लिए जरूरी है कि देश में बिजली की दरों में वृद्धि हो। यह बात गुरुवार को एक वरिष्ठ बिजली विशेषज्ञ ने कही।
'भारत के बिजली के भविष्य की सुरक्षा' विषय पर एक सम्मेलन में पूर्व विद्युत सचिव अनिल राजदान ने कहा कि वितरण कम्पनियों को असफल होने से बचाने के लिए देश में बिजली की दर बढ़ाने की जरूरत है।
राजदान के मुताबिक प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक नुकसान और कम दरों के कारण कम्पनियों को भारी नुकसान हो रहा है।
राजदान ने कहा, "मौजूदा सम्पूर्ण वितरण नुकसान दो लाख करोड़ रुपये का है। सिर्फ पिछले साल का नुकसान 39-40 हजार करोड़ रुपये का है।"
राजदान ने बिजली की दर को मौजूदा लगभग तीन रुपये प्रति इकाई से बढ़ाकर सात रुपये प्रति इकाई करने का सुझाव दिया। टिप्पणियां
दो दिवसीय सम्मेलन के आयोजक 'द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट' (टेरी) की कार्यकारी निदेशक (संचालन) लीना श्रीवास्तव ने कहा देश के सामने ऊर्जा सक्षमता बढ़ाने के अलावा और अधिक विकल्प नहीं हैं।
कई निजी बिजली उत्पादक कम्पनियां बिजली दरों पर पुनर्विचार चाह रही हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे कई प्रमुख कोयला उत्पादक देशों में कोयले की कीमतों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
'भारत के बिजली के भविष्य की सुरक्षा' विषय पर एक सम्मेलन में पूर्व विद्युत सचिव अनिल राजदान ने कहा कि वितरण कम्पनियों को असफल होने से बचाने के लिए देश में बिजली की दर बढ़ाने की जरूरत है।
राजदान के मुताबिक प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक नुकसान और कम दरों के कारण कम्पनियों को भारी नुकसान हो रहा है।
राजदान ने कहा, "मौजूदा सम्पूर्ण वितरण नुकसान दो लाख करोड़ रुपये का है। सिर्फ पिछले साल का नुकसान 39-40 हजार करोड़ रुपये का है।"
राजदान ने बिजली की दर को मौजूदा लगभग तीन रुपये प्रति इकाई से बढ़ाकर सात रुपये प्रति इकाई करने का सुझाव दिया। टिप्पणियां
दो दिवसीय सम्मेलन के आयोजक 'द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट' (टेरी) की कार्यकारी निदेशक (संचालन) लीना श्रीवास्तव ने कहा देश के सामने ऊर्जा सक्षमता बढ़ाने के अलावा और अधिक विकल्प नहीं हैं।
कई निजी बिजली उत्पादक कम्पनियां बिजली दरों पर पुनर्विचार चाह रही हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे कई प्रमुख कोयला उत्पादक देशों में कोयले की कीमतों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
राजदान के मुताबिक प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक नुकसान और कम दरों के कारण कम्पनियों को भारी नुकसान हो रहा है।
राजदान ने कहा, "मौजूदा सम्पूर्ण वितरण नुकसान दो लाख करोड़ रुपये का है। सिर्फ पिछले साल का नुकसान 39-40 हजार करोड़ रुपये का है।"
राजदान ने बिजली की दर को मौजूदा लगभग तीन रुपये प्रति इकाई से बढ़ाकर सात रुपये प्रति इकाई करने का सुझाव दिया। टिप्पणियां
दो दिवसीय सम्मेलन के आयोजक 'द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट' (टेरी) की कार्यकारी निदेशक (संचालन) लीना श्रीवास्तव ने कहा देश के सामने ऊर्जा सक्षमता बढ़ाने के अलावा और अधिक विकल्प नहीं हैं।
कई निजी बिजली उत्पादक कम्पनियां बिजली दरों पर पुनर्विचार चाह रही हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे कई प्रमुख कोयला उत्पादक देशों में कोयले की कीमतों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
राजदान ने कहा, "मौजूदा सम्पूर्ण वितरण नुकसान दो लाख करोड़ रुपये का है। सिर्फ पिछले साल का नुकसान 39-40 हजार करोड़ रुपये का है।"
राजदान ने बिजली की दर को मौजूदा लगभग तीन रुपये प्रति इकाई से बढ़ाकर सात रुपये प्रति इकाई करने का सुझाव दिया। टिप्पणियां
दो दिवसीय सम्मेलन के आयोजक 'द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट' (टेरी) की कार्यकारी निदेशक (संचालन) लीना श्रीवास्तव ने कहा देश के सामने ऊर्जा सक्षमता बढ़ाने के अलावा और अधिक विकल्प नहीं हैं।
कई निजी बिजली उत्पादक कम्पनियां बिजली दरों पर पुनर्विचार चाह रही हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे कई प्रमुख कोयला उत्पादक देशों में कोयले की कीमतों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
राजदान ने बिजली की दर को मौजूदा लगभग तीन रुपये प्रति इकाई से बढ़ाकर सात रुपये प्रति इकाई करने का सुझाव दिया। टिप्पणियां
दो दिवसीय सम्मेलन के आयोजक 'द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट' (टेरी) की कार्यकारी निदेशक (संचालन) लीना श्रीवास्तव ने कहा देश के सामने ऊर्जा सक्षमता बढ़ाने के अलावा और अधिक विकल्प नहीं हैं।
कई निजी बिजली उत्पादक कम्पनियां बिजली दरों पर पुनर्विचार चाह रही हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे कई प्रमुख कोयला उत्पादक देशों में कोयले की कीमतों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
दो दिवसीय सम्मेलन के आयोजक 'द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट' (टेरी) की कार्यकारी निदेशक (संचालन) लीना श्रीवास्तव ने कहा देश के सामने ऊर्जा सक्षमता बढ़ाने के अलावा और अधिक विकल्प नहीं हैं।
कई निजी बिजली उत्पादक कम्पनियां बिजली दरों पर पुनर्विचार चाह रही हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे कई प्रमुख कोयला उत्पादक देशों में कोयले की कीमतों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
कई निजी बिजली उत्पादक कम्पनियां बिजली दरों पर पुनर्विचार चाह रही हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे कई प्रमुख कोयला उत्पादक देशों में कोयले की कीमतों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। | संक्षिप्त सारांश: बिजली वितरण कम्पनियों के कारोबार में बने रहने के लिए जरूरी है कि देश में बिजली की दरों में वृद्धि हो। यह बात गुरुवार को एक वरिष्ठ बिजली विशेषज्ञ ने कही। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शेयर बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि कंपनियों के कार्यपरिणामों का दौर समाप्ति की ओर है। आने वाले दिनों में शेयर बाजार की स्थिति मॉनसून की चाल और वैश्विक बाजारों के विकासक्रम पर निर्भर होगी।
आदित्य ट्रेडिंग सॉल्यूशन्स (एटीएस) के संस्थापक विकास जैन ने कहा, बाजार में तकनीकी सुधार अवश्यंभावी है, जहां ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले शेयरों में मुनाफावसूली हो सकती है। जिन शेयरों के दाम विशुद्ध रूप से ब्याज दर में कटौती की उम्मीद में बढ़े हैं, वे निश्चित तौर पर गिरावट का सामना करेंगे।टिप्पणियां
भारतीय रिजर्व ने कहा है कि महंगाई का जोखिम बरकरार है। खुदरा महंगाई दर अब भी ऊंची बनी हुई है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आंकड़ा दशक के निम्न स्तर पर पहुंचने के बीच बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में सुस्त कारोबार होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि रुपये का उतार-चढ़ाव और मॉनसून का आगमन निकट समय में बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। पिछले सप्ताह शेयर बाजार पर चौथी तिमाही के कमजोर जीडीपी आंकड़े, रुपये की भारी गिरावट और कमजोर वैश्विक बाजार की काली छाया मंडराती रही।
आदित्य ट्रेडिंग सॉल्यूशन्स (एटीएस) के संस्थापक विकास जैन ने कहा, बाजार में तकनीकी सुधार अवश्यंभावी है, जहां ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले शेयरों में मुनाफावसूली हो सकती है। जिन शेयरों के दाम विशुद्ध रूप से ब्याज दर में कटौती की उम्मीद में बढ़े हैं, वे निश्चित तौर पर गिरावट का सामना करेंगे।टिप्पणियां
भारतीय रिजर्व ने कहा है कि महंगाई का जोखिम बरकरार है। खुदरा महंगाई दर अब भी ऊंची बनी हुई है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आंकड़ा दशक के निम्न स्तर पर पहुंचने के बीच बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में सुस्त कारोबार होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि रुपये का उतार-चढ़ाव और मॉनसून का आगमन निकट समय में बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। पिछले सप्ताह शेयर बाजार पर चौथी तिमाही के कमजोर जीडीपी आंकड़े, रुपये की भारी गिरावट और कमजोर वैश्विक बाजार की काली छाया मंडराती रही।
भारतीय रिजर्व ने कहा है कि महंगाई का जोखिम बरकरार है। खुदरा महंगाई दर अब भी ऊंची बनी हुई है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आंकड़ा दशक के निम्न स्तर पर पहुंचने के बीच बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में सुस्त कारोबार होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि रुपये का उतार-चढ़ाव और मॉनसून का आगमन निकट समय में बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। पिछले सप्ताह शेयर बाजार पर चौथी तिमाही के कमजोर जीडीपी आंकड़े, रुपये की भारी गिरावट और कमजोर वैश्विक बाजार की काली छाया मंडराती रही।
उन्होंने कहा कि रुपये का उतार-चढ़ाव और मॉनसून का आगमन निकट समय में बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। पिछले सप्ताह शेयर बाजार पर चौथी तिमाही के कमजोर जीडीपी आंकड़े, रुपये की भारी गिरावट और कमजोर वैश्विक बाजार की काली छाया मंडराती रही। | यह एक सारांश है: शेयर बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि कंपनियों के कार्यपरिणामों का दौर समाप्ति की ओर है। आने वाले दिनों में शेयर बाजार की स्थिति मॉनसून की चाल और वैश्विक बाजारों के विकासक्रम पर निर्भर होगी। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फीचर फिल्म निर्माता ज्ञान कोरिया की गुजराती फिल्म 'द गुड रोड' को अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म की श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। यह पहली गुजराती फिल्म है जिसे ऑस्कर पुरस्कार की दौड़ में शामिल किया गया है।
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) द्वारा गठित चयन समिति के अध्यक्ष, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता गौतम घोष ने बताया, "नेशनल फिल्म डवलपमेंट कार्पोरेशन (एनएफडीसी) द्वारा प्रस्तुत 'द गुड रोड' का चयन, सर्वसम्मति से लिया गया एक निर्णय था।"
'द गुड रोड' में तीन अलग-अलग व्यक्तियों की कहानियां हैं। फिल्म की अधिकांश शूटिंग गुजरात के कच्छ जिले में हुई है। फिल्म इस साल की शुरुआत में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है। इसमें सोनाली कुलकर्णी और अजय गेही सरीखे कलाकार हैं।
इस फिल्म ने 21 अन्य मजबूत दावेदार फिल्मों जैसे 'द लंचबॉक्स', 'भाग मिल्खा भाग', 'इंग्लिश विंग्लिश', 'विश्वरूपम', मलयालम फिल्म 'सेल्यूलाइड' और बांग्ला फिल्म 'शब्दो' को पीछे छोड़ दिया है। चयन के लिए 16 लोगों की एक समिति गठित की गई थी। घोष ने कहा, "द लंच बॉक्स' एक बेहद मजबूत दावेदार थी। मुझे फिल्म पसंद आई।" टिप्पणियां
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक महज तीन बॉलीवुड फिल्में 'मदर इंडिया' (1957), मीरा नायर की 'सलाम बांबे' (1988) और आशुतोष गोवारीकर की 'लगान' (2001) ही ऑस्कर के लिए नामांकित हो सकी हैं।
ऑस्कर समारोह मार्च, 2014 में होगा।
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) द्वारा गठित चयन समिति के अध्यक्ष, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता गौतम घोष ने बताया, "नेशनल फिल्म डवलपमेंट कार्पोरेशन (एनएफडीसी) द्वारा प्रस्तुत 'द गुड रोड' का चयन, सर्वसम्मति से लिया गया एक निर्णय था।"
'द गुड रोड' में तीन अलग-अलग व्यक्तियों की कहानियां हैं। फिल्म की अधिकांश शूटिंग गुजरात के कच्छ जिले में हुई है। फिल्म इस साल की शुरुआत में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है। इसमें सोनाली कुलकर्णी और अजय गेही सरीखे कलाकार हैं।
इस फिल्म ने 21 अन्य मजबूत दावेदार फिल्मों जैसे 'द लंचबॉक्स', 'भाग मिल्खा भाग', 'इंग्लिश विंग्लिश', 'विश्वरूपम', मलयालम फिल्म 'सेल्यूलाइड' और बांग्ला फिल्म 'शब्दो' को पीछे छोड़ दिया है। चयन के लिए 16 लोगों की एक समिति गठित की गई थी। घोष ने कहा, "द लंच बॉक्स' एक बेहद मजबूत दावेदार थी। मुझे फिल्म पसंद आई।" टिप्पणियां
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक महज तीन बॉलीवुड फिल्में 'मदर इंडिया' (1957), मीरा नायर की 'सलाम बांबे' (1988) और आशुतोष गोवारीकर की 'लगान' (2001) ही ऑस्कर के लिए नामांकित हो सकी हैं।
ऑस्कर समारोह मार्च, 2014 में होगा।
'द गुड रोड' में तीन अलग-अलग व्यक्तियों की कहानियां हैं। फिल्म की अधिकांश शूटिंग गुजरात के कच्छ जिले में हुई है। फिल्म इस साल की शुरुआत में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है। इसमें सोनाली कुलकर्णी और अजय गेही सरीखे कलाकार हैं।
इस फिल्म ने 21 अन्य मजबूत दावेदार फिल्मों जैसे 'द लंचबॉक्स', 'भाग मिल्खा भाग', 'इंग्लिश विंग्लिश', 'विश्वरूपम', मलयालम फिल्म 'सेल्यूलाइड' और बांग्ला फिल्म 'शब्दो' को पीछे छोड़ दिया है। चयन के लिए 16 लोगों की एक समिति गठित की गई थी। घोष ने कहा, "द लंच बॉक्स' एक बेहद मजबूत दावेदार थी। मुझे फिल्म पसंद आई।" टिप्पणियां
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक महज तीन बॉलीवुड फिल्में 'मदर इंडिया' (1957), मीरा नायर की 'सलाम बांबे' (1988) और आशुतोष गोवारीकर की 'लगान' (2001) ही ऑस्कर के लिए नामांकित हो सकी हैं।
ऑस्कर समारोह मार्च, 2014 में होगा।
इस फिल्म ने 21 अन्य मजबूत दावेदार फिल्मों जैसे 'द लंचबॉक्स', 'भाग मिल्खा भाग', 'इंग्लिश विंग्लिश', 'विश्वरूपम', मलयालम फिल्म 'सेल्यूलाइड' और बांग्ला फिल्म 'शब्दो' को पीछे छोड़ दिया है। चयन के लिए 16 लोगों की एक समिति गठित की गई थी। घोष ने कहा, "द लंच बॉक्स' एक बेहद मजबूत दावेदार थी। मुझे फिल्म पसंद आई।" टिप्पणियां
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक महज तीन बॉलीवुड फिल्में 'मदर इंडिया' (1957), मीरा नायर की 'सलाम बांबे' (1988) और आशुतोष गोवारीकर की 'लगान' (2001) ही ऑस्कर के लिए नामांकित हो सकी हैं।
ऑस्कर समारोह मार्च, 2014 में होगा।
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक महज तीन बॉलीवुड फिल्में 'मदर इंडिया' (1957), मीरा नायर की 'सलाम बांबे' (1988) और आशुतोष गोवारीकर की 'लगान' (2001) ही ऑस्कर के लिए नामांकित हो सकी हैं।
ऑस्कर समारोह मार्च, 2014 में होगा।
ऑस्कर समारोह मार्च, 2014 में होगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फीचर फिल्म निर्माता ज्ञान कोरिया की गुजराती फिल्म 'द गुड रोड' को अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म की श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। यह पहली गुजराती फिल्म है जिसे ऑस्कर पुरस्कार की दौड़ में शामिल किया गया है। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत की अग्रणी महिला खिलाड़ी साइना नेहवाल (Saina Nehwal) इंडोनेशिया मास्टर्स (Indonesia Masters) बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गई हैं. उन्होंने चीन की हे बिंगजियाओ को तीन गेम तक चले मुकाबले में 18-21, 21-12, 21-18 से हराया. साइना का फाइनल में मुकाबला चेन यूफेई और कैरोलिना मॉरिन के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा. गौरतलब है कि इससे पहले साइना ने क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को शिकस्त देकर अंतिम चार में जगह बनाई थी.
Badminton: पीवी सिंधु इंडोनेशिया मास्टर्स से किया बाहर, कैरोलिना मॉरिन ने हराया
साइना ने 33 मिनटों तक चले इस मुकाबले में पोर्नपावी को सीधे गेमों में 21-7, 21-18 से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया और अंतिम-4 में अपनी जगह सुनिश्चित की थी. भारत के पुरुष वर्ग के शीर्ष खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत को हार का सामना करना पड़ा था. क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी ने श्रीकांत को 21-18, 21-19 से पराजित किया था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेमीफाइनल में चीन की बिंगजियाओ को हराया
साइना ने मैच 18-21, 21-12, 21-18 से जीता
सिंधु और श्रीकांत अपने मैच हारकर बाहर हो चुके हैं | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के तटीय शहर कराची में हुए एक शक्तिशाली विस्फोट में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के मुख्य सुरक्षाकर्मी सहित कम से कम चार लोगों की मौत हो गई।
यह विस्फोट शहर के गुरुमंदिर इलाके में बुलेट प्रूफ वाहन को निशाना बनाकर किया गया। इसमें जरदारी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी बिलाल शेख की मौत हो गई।टिप्पणियां
राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने बताया कि कराची में जरदारी हैं, लेकिन हमले के समय वह घटनास्थल से बहुत दूर थे और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।
राहत अधिकारी अनवार काजमी ने कहा कि चार शवों और 12 घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।
यह विस्फोट शहर के गुरुमंदिर इलाके में बुलेट प्रूफ वाहन को निशाना बनाकर किया गया। इसमें जरदारी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी बिलाल शेख की मौत हो गई।टिप्पणियां
राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने बताया कि कराची में जरदारी हैं, लेकिन हमले के समय वह घटनास्थल से बहुत दूर थे और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।
राहत अधिकारी अनवार काजमी ने कहा कि चार शवों और 12 घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।
राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने बताया कि कराची में जरदारी हैं, लेकिन हमले के समय वह घटनास्थल से बहुत दूर थे और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।
राहत अधिकारी अनवार काजमी ने कहा कि चार शवों और 12 घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।
राहत अधिकारी अनवार काजमी ने कहा कि चार शवों और 12 घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। | संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान के तटीय शहर कराची में हुए एक शक्तिशाली विस्फोट में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के मुख्य सुरक्षाकर्मी सहित कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान सरकार ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान(Abhinandan Varthaman) का रिकॉर्डेड वीडियो डिलीट कर दिया है. दरअसल, पाकिस्तान ने यह कदम जेनेवा कन्वेंशन की शर्तों और अन्य अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का अहसास होने पर किया है. पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक हैंडल्स पर पहले इस वीडियो को विंग कमांडर की रिहाई से पहले रिलीज किया गया था, लेकिन बाद में जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो इस वीडियो को हटा दिया गया. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस वीडियो को दवाब में हटा दिया है. ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन (Abhinandan) की सुपुर्दगी में अपेक्षित समय से काफी ज्यादा देरी हुई थी. यहां तक कि पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अभिनंदन ( IAF Pilot Abhinandan) की रिहाई का जो वक़्त बताया था, उसके 6 घंटे बाद उनकी वापसी हुई. बाद में पता चला कि पाकिस्तान की ओर से इस देरी की वजह एक वीडियो की रिकॉर्डिंग थी, जिसमें अभिनंदन से जबरन पाकिस्तानी सेना की तारीफ़ और भारतीय मीडिया की बुराई करवाई गई थी. इस वीडियो में 18 कट्स थे. इस वीडियो को हर पाक चैनल ने कई बार चलाया क्योंकि इससे वो अपने पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाना चाहते थे. साथ ही पाकिस्तान ने सोशल मीडिया के जरिए इस वीडियो को घर घर तक पहुंचा दिया, जबकि ज़्यादातर भारतीय चैनलों ने यह वीडियो तो दिखाया, लेकिन ऑडियो नही चलाई.
दरअसल, पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) की रिहाई को कुल नौ घंटे तक लटकाया था. पहले कहा गया कि यह रिहाई शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक हो जाएगी. इसके बाद शाम 4 बजे का ऐलान खुद विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने नेशनल असेंबली में की. इसके बाद शाम 6:30 बजे का समय दिया गया, जबकि रिहाई रात साढ़े नौ के आसपास हो पाई. | यह एक सारांश है: स्वदेश लौट आये हैं विंग कमांडर अभिनंदन
रिहा करने से पहले पाक ने रिकॉर्ड किया था वीडियो
दबाव के बाद अब वीडियो सोशल मीडिया से हटाया | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: घरेलू शेयर बाजारों ने आज जोरदार उछाल के साथ कारोबार किया और कारोबार का अंत भी तेजी के साथ ही हुआ. सेंसेक्स 355.01 की छलांग के साथ 31,715.64 अंक के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी भी 105.25 अंक के लाभ से 9,771.05 अंक के रिकॉर्ड पर बंद हुआ.
आज सुबह शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 235 अंक तक का उछाल देखा गया और यह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 31,595 तक पहुंच गया. ब्रोकरों के अनुसार इसके पीछे अहम कारण कंपनियों के अच्छे तिमाही परिणामों की वजह से घरेलू सांस्थानिक निवेशक और खुदरा निवेशकों के बीच ताजा सौदे की उम्मीद बढ़ना है.
सेंसेक्स में भारती एयरटेल के स्टॉक्स जबरदस्त तेजी पर कारोबार करते देखे गए. इनमें 3.84 फीसदी की तेजी रही जबकि टीसीएस, सन फार्मा, ल्युपिन, टाटा मोटर्स शेयरों में 2 से 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. यूएस जॉब ग्रोथ के आंकड़ों के पूर्वानुमानों के बाद आईटी स्टॉक्स में तेजी देखी गई. टिप्पणियां
देश की शीर्ष कंपनियों में शुमार टाटा कंस्ल्टेंसी सर्विसेज अपने तिमाही परिणाम 13 जुलाई को घोषित कर सकती है. सेंसेक्स 234.83 अंक यानी 0.74% चढ़कर 31,595.46 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले यह 22 जून को उच्च स्तर पर कारोबार के दौरान दिन के समय 31,522.87 अंक पर पहुंचा था. शुक्रवार को इसमें 8.71 अंक की गिरावट देखी गई थी. हालांकि तकनीकी गड़बड़ के चलते 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी के शुरआती आंकड़े नहीं मिल सके हैं.
आज सुबह शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 235 अंक तक का उछाल देखा गया और यह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 31,595 तक पहुंच गया. ब्रोकरों के अनुसार इसके पीछे अहम कारण कंपनियों के अच्छे तिमाही परिणामों की वजह से घरेलू सांस्थानिक निवेशक और खुदरा निवेशकों के बीच ताजा सौदे की उम्मीद बढ़ना है.
सेंसेक्स में भारती एयरटेल के स्टॉक्स जबरदस्त तेजी पर कारोबार करते देखे गए. इनमें 3.84 फीसदी की तेजी रही जबकि टीसीएस, सन फार्मा, ल्युपिन, टाटा मोटर्स शेयरों में 2 से 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. यूएस जॉब ग्रोथ के आंकड़ों के पूर्वानुमानों के बाद आईटी स्टॉक्स में तेजी देखी गई. टिप्पणियां
देश की शीर्ष कंपनियों में शुमार टाटा कंस्ल्टेंसी सर्विसेज अपने तिमाही परिणाम 13 जुलाई को घोषित कर सकती है. सेंसेक्स 234.83 अंक यानी 0.74% चढ़कर 31,595.46 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले यह 22 जून को उच्च स्तर पर कारोबार के दौरान दिन के समय 31,522.87 अंक पर पहुंचा था. शुक्रवार को इसमें 8.71 अंक की गिरावट देखी गई थी. हालांकि तकनीकी गड़बड़ के चलते 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी के शुरआती आंकड़े नहीं मिल सके हैं.
सेंसेक्स में भारती एयरटेल के स्टॉक्स जबरदस्त तेजी पर कारोबार करते देखे गए. इनमें 3.84 फीसदी की तेजी रही जबकि टीसीएस, सन फार्मा, ल्युपिन, टाटा मोटर्स शेयरों में 2 से 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. यूएस जॉब ग्रोथ के आंकड़ों के पूर्वानुमानों के बाद आईटी स्टॉक्स में तेजी देखी गई. टिप्पणियां
देश की शीर्ष कंपनियों में शुमार टाटा कंस्ल्टेंसी सर्विसेज अपने तिमाही परिणाम 13 जुलाई को घोषित कर सकती है. सेंसेक्स 234.83 अंक यानी 0.74% चढ़कर 31,595.46 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले यह 22 जून को उच्च स्तर पर कारोबार के दौरान दिन के समय 31,522.87 अंक पर पहुंचा था. शुक्रवार को इसमें 8.71 अंक की गिरावट देखी गई थी. हालांकि तकनीकी गड़बड़ के चलते 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी के शुरआती आंकड़े नहीं मिल सके हैं.
देश की शीर्ष कंपनियों में शुमार टाटा कंस्ल्टेंसी सर्विसेज अपने तिमाही परिणाम 13 जुलाई को घोषित कर सकती है. सेंसेक्स 234.83 अंक यानी 0.74% चढ़कर 31,595.46 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले यह 22 जून को उच्च स्तर पर कारोबार के दौरान दिन के समय 31,522.87 अंक पर पहुंचा था. शुक्रवार को इसमें 8.71 अंक की गिरावट देखी गई थी. हालांकि तकनीकी गड़बड़ के चलते 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी के शुरआती आंकड़े नहीं मिल सके हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेंसेक्स 355.01 की छलांग के साथ 31,715.64 अंक के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद
निफ्टी 105.25 अंक के लाभ से 9,771.05 अंक के रिकॉर्ड पर बंद हुआ
भारती एयरटेल के स्टॉक्स में 3.84 फीसदी की तेजी दर्ज की गई | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "दक्षिण अफ्रीका के लिए हमारे पास अलग रणनीति होगी, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ भारत में खेलने से हमें अपनी फॉर्म को बनाए रखने में मदद मिलेगी. हालात काफी अलग होंगे, लेकिन विदेशी दौरे से पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने से फायदा होता है." क्या पुजारा छोटे प्रारूप में खेलते नजर आएंगे? इस पर उन्होंने कहा, "समय आएगा जब मुझे मौका मिलेगा. इस समय मैं यही कह सकता हूं कि मैं कुछ चीजों पर सुधार कर रहा हूं जो मुझे टेस्ट में मदद कर रही हैं और धीरे-धीरे छोटे प्रारूप में भी मुझे मदद मिलेगी." महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली की कप्तानी की तुलना करने पर पुजारा ने साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों कप्तान सिर्फ जीत चाहते हैं. उन्होंने कहा, "मेरे या अन्य किसी और के लिए जीत सबसे अहम है. मैंने एमएस (धोनी) की कप्तानी में खेलने का लुत्फ उठाया है और अब विराट की कप्तानी में खेलने का लुत्फ उठा रहा हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "दक्षिण अफ्रीका के लिए हमारे पास अलग रणनीति होगी, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ भारत में खेलने से हमें अपनी फॉर्म को बनाए रखने में मदद मिलेगी. हालात काफी अलग होंगे, लेकिन विदेशी दौरे से पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने से फायदा होता है." क्या पुजारा छोटे प्रारूप में खेलते नजर आएंगे? इस पर उन्होंने कहा, "समय आएगा जब मुझे मौका मिलेगा. इस समय मैं यही कह सकता हूं कि मैं कुछ चीजों पर सुधार कर रहा हूं जो मुझे टेस्ट में मदद कर रही हैं और धीरे-धीरे छोटे प्रारूप में भी मुझे मदद मिलेगी." महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली की कप्तानी की तुलना करने पर पुजारा ने साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों कप्तान सिर्फ जीत चाहते हैं. उन्होंने कहा, "मेरे या अन्य किसी और के लिए जीत सबसे अहम है. मैंने एमएस (धोनी) की कप्तानी में खेलने का लुत्फ उठाया है और अब विराट की कप्तानी में खेलने का लुत्फ उठा रहा हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:कहा, मैं अपने खेल पर काफी मेहनत कर रहा हूं
काउंटी क्रिकेट में खेलने से मुझे काफी फायदा हुआ
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बनाए 309 रन | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने कहा कि गांधीवादी अन्ना हजारे जहां भी चाहें, वहां जाने को स्वतंत्र हैं और इस बारे में दिल्ली पुलिस फैसला करेगी कि उन्हें जेपी पार्क में अनशन करने की इजाजत दी जाए अथवा नहीं। केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि हजारे को रिहा कर दिया गया है और वह जहां चाहें, वहां जाने को स्वतंत्र हैं। सिंह ने कहा, हजारे तिहाड़ जेल के डीआईजी के कार्यालय में हैं। उन्होंने रात में आराम किया। उन्हें और उनके समर्थकों को एक हॉल दिया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी उनसे बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हजारे अब रिहा हैं और वह जहां चाहें, वहां जाने को स्वतंत्र हैं। वह मुक्त हैं और दिल्ली पुलिस के अधिकारी उनसे पूछ रहे हैं कि वह कहां जाना चाहते हैं। जेपी पार्क में हजारे की अनशन करने की मांग के बारे में गृह सचिव ने कहा कि दिल्ली पुलिस इस बारे में फैसला करेगी। बुधवार को सात दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के कुछ घंटों बाद ही 73 साल के हजारे को रिहा कर दिया गया। हजारे ने कल रात तिहाड़ में अपने सहयोगी अरविंद केजरीवाल के साथ बिताई। हजारे का कहना है कि जब तक उन्हें विरोध प्रदर्शन और अनशन करने इजाजत नहीं मिल जाती तब तक वह जेल से बाहर नहीं आएंगे। | यह एक सारांश है: केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि हजारे को रिहा कर दिया गया है और वह जहां चाहें, वहां जाने को स्वतंत्र हैं। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपनी विफलता को छिपाने के लिए धारा 144 का सहारा लेकर किसी को सोनभद्र नहीं जाने दे रही है. मायावती ने इस संबंध में ट्वीट किया है. मायावती ने लिखा: "यूपी सरकार जान-माल की सुरक्षा व जनहित के मामले में अपनी विफलता को छिपाने के लिए धारा 144 का सहारा लेकर किसी को सोनभद्र जाने नहीं दे रही है.'' उन्होंने कहा, '''फिर भी उचित समय पर वहां जाकर पीड़ितों की यथासंभव मदद कराने का बसपा विधानमण्डल दल को निर्देश दिया गया है. इस नरसंहार का मुख्य कारण सरकारी लापरवाही है.''
यूपी सरकार जान-माल की सुरक्षा व जनहित के मामलें में अपनी विफलता को छिपाने के लिए धारा 144 का सहारा लेकर किसी को सोनभद्र जाने नहीं दे रही है। फिर भी उचित समय पर वहाँ जाकर पीड़ितों की यथासंभव मदद कराने का बीएसपी विधानमण्डल दल को निर्देश। सरकारी लापरवाही इस नरसंहार का मुख्य कारण।
मायावती ने कहा कि सोनभद्र में आदिवासी समाज का उत्पीड़न व शोषण, उनकी जमीन से बेदखली व अब नरसंहार उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था के मामले में विफल होने का पक्का प्रमाण है. उन्होंने कहा, '''यूपी ही नहीं, देश की जनता भी इन सबसे अति-चिन्तित है जबकि बसपा की सरकार में एसटी तबके के हितों का खास ख्याल रखा गया.''
यूपी के सोनभद्र में आदिवासी समाज का उत्पीड़न व शोषण, उनकी जमीन से बेदखली व अब नरसंहार स्टेट बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था के मामले में फेल होने का पक्का प्रमाण। यूपी ही नहीं देश की जनता भी इन सबसे अति-चिन्तित जबकि बीएसपी की सरकार में एसटी तबके के हितों का भी खास ख्याल रखा गया।
इससे पहले मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार तथा उनकी पत्नी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है थी. उन्होंने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे 'छापे को राजनीति' से प्रेरित बताया था. मायावती ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा था, "भाजपा मेरे भाई तथा बसपा उपाध्यक्ष आनंद कुमार को जानबूझ कर परेशान करने में लगी है. उन्हें परेशान करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. यह छापे राजनीति से प्रेरित हैं इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है."
उन्होंने कहा था कि वर्तमान की भाजपा सरकार पहले अपने गिरेबान में झांककर देखे. उन्होंने कहा भाजपा के पास 2,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बेनामी संपत्ति आई और उसी संपत्ति से उन्होंने लोकसभा चुनाव में गरीबों के वोट खरीदे. मायावती ने कहा था, "अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) की सरकार को छोड़ दो तो पिछली सभी सरकारें और वर्तमान में (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी व (गृह मंत्री) अमित शाह की जोड़ी मिलकर वंचितों को दबाने का कार्य कर रही हैं. चुनाव में भाजपा ने गरीबों के वोट खरीदे, इस बात का सबूत है कि चुनाव के दौरान भाजपा के खाते में 2,000 करोड़ रुपए आए." | संक्षिप्त सारांश: सोनभद्र हत्याकांड को लेकर मायावती ने किया ट्वीट
ट्वीट में योगी सरकार पर किया हमला
'इस नरसंहार का मुख्य कारण सरकारी लापरवाही है' | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजार में देश की 10 शीर्ष कंपनियों में से टीसीएस और एसबीआई का बाजार पूंजीकरण बीते सप्ताह सबसे अधिक बढ़ा। बीते सप्ताह टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 9,815.36 करोड़ रुपये बढ़कर 2,32,192.42 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 8,442.19 करोड़ रुपये बढ़कर 1,53,737.43 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 2,700.89 करोड़ रुपये घटकर 2,82,251.53 करोड़ रुपये पर आ गया, जबकि कोल इंडिया का बाजार पूंजीकरण 3,505.58 करोड़ रुपये घटकर 2,42,579.81 करोड़ रुपये पर आ गया। समीक्षाधीन सप्ताह में ओएनजीसी ने अपने बाजार पूंजीकरण में 2,994.42 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की जो 2,36,387.91 करोड़ रुपये रहा। वहीं इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण भी 4,157 करोड़ रुपये बढ़कर 1,68,481.64 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, आईटीसी ने बाजार पूंजीकरण में 5,145.84 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,56,077.48 करोड़ रुपये रहा। | संक्षिप्त पाठ: शेयर बाजार में देश की 10 शीर्ष कंपनियों में से टीसीएस और एसबीआई का बाजार पूंजीकरण बीते सप्ताह सबसे अधिक बढ़ा। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से दबाव भरे हालात में संयमित बने रहने की कला सीखना चाहते हैं।टिप्पणियां
कोहली ने कहा, मैं धोनी के बारे में एक चीज काफी पसंद करता हूं और यह उनका धैर्य है। काश मैं उनका थोड़ा सा भी हिस्सा ले पाता। वह ऐसे व्यक्ति हैं, जो ज्यादा कुछ दर्शाते नहीं हैं, जिससे प्रतिद्वंद्वी टीम को पता नहीं चलता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है। काश मैं भी उनका कुछ संयम ले पाता।
उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर के बिना भारतीय टीम के बारे में सोचना मुश्किल है। इस 23-वर्षीय बल्लेबाज ने एनडीटीवी से कहा, 23 साल तक, उन्होंने हमें दिखाया कि जब हर कोई आपसे प्रत्येक दिन शतक जड़ने की उम्मीद कर रहा हो, तो कैसे प्रदर्शन किया जाए। यह अविश्वसनीय है। मैं तेंदुलकर के बिना टीम की कल्पना भी नहीं कर सकता, लेकिन एक दिन संन्यास का फैसला करना होता है।
कोहली ने कहा, मैं धोनी के बारे में एक चीज काफी पसंद करता हूं और यह उनका धैर्य है। काश मैं उनका थोड़ा सा भी हिस्सा ले पाता। वह ऐसे व्यक्ति हैं, जो ज्यादा कुछ दर्शाते नहीं हैं, जिससे प्रतिद्वंद्वी टीम को पता नहीं चलता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है। काश मैं भी उनका कुछ संयम ले पाता।
उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर के बिना भारतीय टीम के बारे में सोचना मुश्किल है। इस 23-वर्षीय बल्लेबाज ने एनडीटीवी से कहा, 23 साल तक, उन्होंने हमें दिखाया कि जब हर कोई आपसे प्रत्येक दिन शतक जड़ने की उम्मीद कर रहा हो, तो कैसे प्रदर्शन किया जाए। यह अविश्वसनीय है। मैं तेंदुलकर के बिना टीम की कल्पना भी नहीं कर सकता, लेकिन एक दिन संन्यास का फैसला करना होता है।
उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर के बिना भारतीय टीम के बारे में सोचना मुश्किल है। इस 23-वर्षीय बल्लेबाज ने एनडीटीवी से कहा, 23 साल तक, उन्होंने हमें दिखाया कि जब हर कोई आपसे प्रत्येक दिन शतक जड़ने की उम्मीद कर रहा हो, तो कैसे प्रदर्शन किया जाए। यह अविश्वसनीय है। मैं तेंदुलकर के बिना टीम की कल्पना भी नहीं कर सकता, लेकिन एक दिन संन्यास का फैसला करना होता है। | संक्षिप्त सारांश: स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से दबाव भरे हालात में संयमित बने रहने की कला सीखना चाहते हैं। कोहली ने कहा, मैं धोनी के बारे में एक चीज काफी पसंद करता हूं और यह उनका धैर्य है। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच बेंगलुरू में मंगलवार को खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान झड़प के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और पाकिस्तानी विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल पर जुर्माना लगाया है।
अकमल को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2-1-8 के उल्लंघन का दोषी पाया गया और उन पर मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया, जबकि पाकिस्तानी पारी के 18वें ओवर में हुई घटना के लिए इशांत को 15 प्रतिशत मैच फीस गंवानी पड़ेगी।टिप्पणियां
वीडियो फुटेज देखने और घटना की समीक्षा करने के बाद आईसीसी मैच रेफरी रोशन महानामा ने भी दोहराया कि इशांत ने घटना की शुरुआत की। चारों अंपायरों ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही थी, इसलिए उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना किया गया।
महानामा ने बयान में कहा, इस घटना तक मैच सच्ची खेलभावना से खेला गया। इशांत ने इसकी शुरुआत की, जो अनुभवी क्रिकेटर है। इसके बाद अंपायरों और उनके साथी खिलाड़ियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। ये दोनों खिलाड़ी तब आपस में बहस करने लगे थे, जब अकमल को नो बॉल होने के कारण नाबाद दिया गया और अगली गेंद वह समझ नहीं पाए। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे की तरफ अंगुली उठाई। आखिर में मैदानी अंपायरों और भारतीय खिलाड़ियों को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा था।
अकमल को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2-1-8 के उल्लंघन का दोषी पाया गया और उन पर मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया, जबकि पाकिस्तानी पारी के 18वें ओवर में हुई घटना के लिए इशांत को 15 प्रतिशत मैच फीस गंवानी पड़ेगी।टिप्पणियां
वीडियो फुटेज देखने और घटना की समीक्षा करने के बाद आईसीसी मैच रेफरी रोशन महानामा ने भी दोहराया कि इशांत ने घटना की शुरुआत की। चारों अंपायरों ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही थी, इसलिए उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना किया गया।
महानामा ने बयान में कहा, इस घटना तक मैच सच्ची खेलभावना से खेला गया। इशांत ने इसकी शुरुआत की, जो अनुभवी क्रिकेटर है। इसके बाद अंपायरों और उनके साथी खिलाड़ियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। ये दोनों खिलाड़ी तब आपस में बहस करने लगे थे, जब अकमल को नो बॉल होने के कारण नाबाद दिया गया और अगली गेंद वह समझ नहीं पाए। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे की तरफ अंगुली उठाई। आखिर में मैदानी अंपायरों और भारतीय खिलाड़ियों को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा था।
वीडियो फुटेज देखने और घटना की समीक्षा करने के बाद आईसीसी मैच रेफरी रोशन महानामा ने भी दोहराया कि इशांत ने घटना की शुरुआत की। चारों अंपायरों ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही थी, इसलिए उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना किया गया।
महानामा ने बयान में कहा, इस घटना तक मैच सच्ची खेलभावना से खेला गया। इशांत ने इसकी शुरुआत की, जो अनुभवी क्रिकेटर है। इसके बाद अंपायरों और उनके साथी खिलाड़ियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। ये दोनों खिलाड़ी तब आपस में बहस करने लगे थे, जब अकमल को नो बॉल होने के कारण नाबाद दिया गया और अगली गेंद वह समझ नहीं पाए। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे की तरफ अंगुली उठाई। आखिर में मैदानी अंपायरों और भारतीय खिलाड़ियों को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा था।
महानामा ने बयान में कहा, इस घटना तक मैच सच्ची खेलभावना से खेला गया। इशांत ने इसकी शुरुआत की, जो अनुभवी क्रिकेटर है। इसके बाद अंपायरों और उनके साथी खिलाड़ियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। ये दोनों खिलाड़ी तब आपस में बहस करने लगे थे, जब अकमल को नो बॉल होने के कारण नाबाद दिया गया और अगली गेंद वह समझ नहीं पाए। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे की तरफ अंगुली उठाई। आखिर में मैदानी अंपायरों और भारतीय खिलाड़ियों को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा था। | संक्षिप्त पाठ: अकमल पर मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया, जबकि पाकिस्तानी पारी के 18वें ओवर में हुई झड़प के लिए इशांत को 15 प्रतिशत मैच फीस गंवानी पड़ेगी। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्मार्ट फोन से सेल्फी एक जानलेवा शौक बनता जा रहा है. सेल्फी लेने के चक्कर में आए दिन लोग अपनी जान से हाथ धो रहे हैं. पंजाब के गुरदासपुर में भी एक ऐसा हादसा हुआ, जिसमें सेल्फी लेने के चक्कर में दो लड़कियां नहर में बह गईं.
गुरदासपुर पुलिस के मुताबिक, गुरदासपुर जिले के कहनूवान में सथियाली नहर में मोबाइल फोन गिरने के बाद लड़की उसे निकालने का प्रयास कर रही थी लेकिन तेज धारा में बह निकली. दूसरी लड़की ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन वह भी बह गई. कहनूवान के थाना प्रभारी हरजीत सिंह ने कहा कि दोनों की पहचान निशा (18) और लवप्रीत (17) के तौर पर हुई है.टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि दोनों सथियाली गांव की रहने वाली छात्रा हैं. लड़कियों की तलाश के लिए गोताखोरों की सेवा ली गई. यह घटना शुक्रवार सुबह सात बजे हुई लेकिन देर शाम तक दोनों का कोई पता नहीं चल पाया. उन्होंने कहा कि उनके साथ गई एक अन्य लड़की ने घटना के बारे में दोनों के परिवारवालों को बताया जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया.
(इनपुट भाषा से)
गुरदासपुर पुलिस के मुताबिक, गुरदासपुर जिले के कहनूवान में सथियाली नहर में मोबाइल फोन गिरने के बाद लड़की उसे निकालने का प्रयास कर रही थी लेकिन तेज धारा में बह निकली. दूसरी लड़की ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन वह भी बह गई. कहनूवान के थाना प्रभारी हरजीत सिंह ने कहा कि दोनों की पहचान निशा (18) और लवप्रीत (17) के तौर पर हुई है.टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि दोनों सथियाली गांव की रहने वाली छात्रा हैं. लड़कियों की तलाश के लिए गोताखोरों की सेवा ली गई. यह घटना शुक्रवार सुबह सात बजे हुई लेकिन देर शाम तक दोनों का कोई पता नहीं चल पाया. उन्होंने कहा कि उनके साथ गई एक अन्य लड़की ने घटना के बारे में दोनों के परिवारवालों को बताया जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया.
(इनपुट भाषा से)
पुलिस ने बताया कि दोनों सथियाली गांव की रहने वाली छात्रा हैं. लड़कियों की तलाश के लिए गोताखोरों की सेवा ली गई. यह घटना शुक्रवार सुबह सात बजे हुई लेकिन देर शाम तक दोनों का कोई पता नहीं चल पाया. उन्होंने कहा कि उनके साथ गई एक अन्य लड़की ने घटना के बारे में दोनों के परिवारवालों को बताया जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | संक्षिप्त पाठ: सेल्फी लेते समय एक लड़की मोबाइल फोन नहर में गिर गया था
फोन लेने के चक्कर में लड़की नहर में गिरी, दूसरी उसे बचाने में बही
लड़कियों की खोज में सेना के गोताखोर खोजबीन में जुटे हैं | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजस्थान के श्रीगंगानगर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक प्रेम प्रसंग के मामले में युवक को लड़की के परिजनों ने इतनी बुरी तरह से मारा कि उसकी जान चली गई. श्रीगंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र में प्रेम प्रंसग के चलते सोमवार देर रात 30 वर्षीय एक युवक को लड़की के पिता, चाचा और दादा ने पेड़ से बांध कर लाठियों से पीट-पीट कर मार डाला. थानाधिकारी अमरजीत चावला ने मंगलवार को बताया कि हैड गांव निवासी हरजीत सिंह (30) का नानक सिंह की बेटी के साथ कथित प्रेम प्रसंग चल रहा था. इससे नाराज नानक सिंह ने भाई श्रवण सिंह और पिता सुरमुख सिंह के साथ मिलकर युवक को बीडी गांव में पकड़ लिया और उसे पेड़ से बांध कर लाठियों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया.
उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, लेकिन मंगलवार तडके उसकी तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई. उन्होंने बताया कि इस संबंध में मृतक के परिजनों की ओर से नानक सिंह, श्रवणसिंह और सुरमुख सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कराया गया है.
शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. | संक्षिप्त सारांश: लड़की के प्रेमी को परिजनों ने पीट-पीटकर मार डाला
राजस्थान के श्रीगंगानगर की है घटना
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया है | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा 15 माह बिताने के बाद मंगलवार शाम तिहाड़ जेल से बाहर आए। उन्हें मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने जमानत दी, लेकिन यह पाबंदी भी लगाई कि वह बिना अनुमति दूरसंचार विभाग और अपने गृह राज्य तमिलनाडु नहीं जाएंगे।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के 14 आरोपियों में राजा ही अब तक जेल में बंद थे। अन्य 13 आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। राजा फरवरी, 2011 से ही तिहाड़ जेल में थे। इस मामले में तीन कम्पनियों को भी आरोपी बनाया गया है।
इससे पहले, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े मामलों में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा को भी पटियाला हाउस अदालत ने अन्य आरोपियों की तरह मंगलवार को जमानत दे दी है। अदालत ने 20 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो लाख रुपये के बॉन्ड पर जमानत मंजूर करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री पर कोर्ट से बिना अनुमति लिए तमिलनाडु जाने पर रोक लगा दी है। राजा अब दिल्ली स्थित अपने निवास पर पहुंच गए हैं।टिप्पणियां
सीबीआई ने सुनवाई के दौरान जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ए राजा ही पूरे घोटाले के सूत्रधार हैं, और जमानत दिए जाने पर वह केस में सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। मामले में बाकी सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन बाकी आरोपियों के साथ ए राजा ने पहले जमानत की अर्जी नहीं दी थी।
वहीं राजा के वकीलों ने कहा है कि दूसरे आरोपियों को जमानत मिल गई है तो राजा को भी मिलनी चाहिए।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के 14 आरोपियों में राजा ही अब तक जेल में बंद थे। अन्य 13 आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। राजा फरवरी, 2011 से ही तिहाड़ जेल में थे। इस मामले में तीन कम्पनियों को भी आरोपी बनाया गया है।
इससे पहले, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े मामलों में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा को भी पटियाला हाउस अदालत ने अन्य आरोपियों की तरह मंगलवार को जमानत दे दी है। अदालत ने 20 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो लाख रुपये के बॉन्ड पर जमानत मंजूर करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री पर कोर्ट से बिना अनुमति लिए तमिलनाडु जाने पर रोक लगा दी है। राजा अब दिल्ली स्थित अपने निवास पर पहुंच गए हैं।टिप्पणियां
सीबीआई ने सुनवाई के दौरान जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ए राजा ही पूरे घोटाले के सूत्रधार हैं, और जमानत दिए जाने पर वह केस में सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। मामले में बाकी सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन बाकी आरोपियों के साथ ए राजा ने पहले जमानत की अर्जी नहीं दी थी।
वहीं राजा के वकीलों ने कहा है कि दूसरे आरोपियों को जमानत मिल गई है तो राजा को भी मिलनी चाहिए।
इससे पहले, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े मामलों में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा को भी पटियाला हाउस अदालत ने अन्य आरोपियों की तरह मंगलवार को जमानत दे दी है। अदालत ने 20 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो लाख रुपये के बॉन्ड पर जमानत मंजूर करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री पर कोर्ट से बिना अनुमति लिए तमिलनाडु जाने पर रोक लगा दी है। राजा अब दिल्ली स्थित अपने निवास पर पहुंच गए हैं।टिप्पणियां
सीबीआई ने सुनवाई के दौरान जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ए राजा ही पूरे घोटाले के सूत्रधार हैं, और जमानत दिए जाने पर वह केस में सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। मामले में बाकी सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन बाकी आरोपियों के साथ ए राजा ने पहले जमानत की अर्जी नहीं दी थी।
वहीं राजा के वकीलों ने कहा है कि दूसरे आरोपियों को जमानत मिल गई है तो राजा को भी मिलनी चाहिए।
सीबीआई ने सुनवाई के दौरान जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ए राजा ही पूरे घोटाले के सूत्रधार हैं, और जमानत दिए जाने पर वह केस में सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। मामले में बाकी सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन बाकी आरोपियों के साथ ए राजा ने पहले जमानत की अर्जी नहीं दी थी।
वहीं राजा के वकीलों ने कहा है कि दूसरे आरोपियों को जमानत मिल गई है तो राजा को भी मिलनी चाहिए।
वहीं राजा के वकीलों ने कहा है कि दूसरे आरोपियों को जमानत मिल गई है तो राजा को भी मिलनी चाहिए। | अदालत ने 20 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो लाख रुपये के बॉन्ड पर जमानत मंजूर करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री पर कोर्ट से बिना अनुमति लिए तमिलनाडु जाने पर रोक लगा दी है। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सभी बातों पर आपसी सहमति नहीं है लेकिन दोनों देश के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर प्रभावशाली ढंग से समन्वय है।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अमेरिका का पाकिस्तान के साथ महत्वपूर्ण संबंध है। हम सभी बातों पर सहमत नहीं है लेकिन हम राष्ट्रीय सुरक्षा के उन मामलों पर प्रभावशाली तरीके से समन्वय स्थापित करने में निश्चित तौर पर सफल रहे हैं जो कट्टरपंथियों से निपटने और दोनों देशों के नागरिकों की रक्षा करने के लिए अहम हैं।’’टिप्पणियां
तुर्की में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के बाद पाकिस्तान में भी सैन्य तख्तापलट की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं दूसरे देश के राजनीतिक हालात के बारे में निश्चित ही कोई अंदाजा नहीं लगाने जा रहा।’’ उन्होंने कहा, "अमेरिका और तुर्की के बीच संबंध पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों से अलग हैं। पाकिस्तान नाटो सहयोगी नहीं है लेकिन पाकिस्तान के साथ रचनात्मक संबंधों से अमेरिका को निश्चित ही लाभ होता है।" (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अमेरिका का पाकिस्तान के साथ महत्वपूर्ण संबंध है। हम सभी बातों पर सहमत नहीं है लेकिन हम राष्ट्रीय सुरक्षा के उन मामलों पर प्रभावशाली तरीके से समन्वय स्थापित करने में निश्चित तौर पर सफल रहे हैं जो कट्टरपंथियों से निपटने और दोनों देशों के नागरिकों की रक्षा करने के लिए अहम हैं।’’टिप्पणियां
तुर्की में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के बाद पाकिस्तान में भी सैन्य तख्तापलट की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं दूसरे देश के राजनीतिक हालात के बारे में निश्चित ही कोई अंदाजा नहीं लगाने जा रहा।’’ उन्होंने कहा, "अमेरिका और तुर्की के बीच संबंध पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों से अलग हैं। पाकिस्तान नाटो सहयोगी नहीं है लेकिन पाकिस्तान के साथ रचनात्मक संबंधों से अमेरिका को निश्चित ही लाभ होता है।" (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तुर्की में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के बाद पाकिस्तान में भी सैन्य तख्तापलट की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं दूसरे देश के राजनीतिक हालात के बारे में निश्चित ही कोई अंदाजा नहीं लगाने जा रहा।’’ उन्होंने कहा, "अमेरिका और तुर्की के बीच संबंध पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों से अलग हैं। पाकिस्तान नाटो सहयोगी नहीं है लेकिन पाकिस्तान के साथ रचनात्मक संबंधों से अमेरिका को निश्चित ही लाभ होता है।" (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: व्हाइट हाउस की तरफ से जारी किया गया बयान।
'पाक और अमेरिका के बीच हर बात में सहमति नहीं।'
'राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर दोनों देशों के बीच प्रभावी समन्वय।' | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओडिशा के रायगढ़ा जिले में एक ट्रैक्टर के खड्ड में गिर जाने से उसपर सवार कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि यह घटना अपर आंचल बाड़ी और हातागुमा के बीच के दूर-दराज के इलाके में हुई। ट्रैक्टर पर एक शादी पार्टी के 60 लोग सवार थे। यह पहाड़ी इलाके में एक खड्ड में गिर गया।
रायगढ़ा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर इंचार्ज तपन मोहंती ने कहा, ‘अभी तक हमें 20 लोगों की मौत की सूचना मिली है।’ मोहंती ने बताया कि पुलिस ने मृतकों में बच्चों और महिलाओं की तादाद के निर्धारण के लिए अभी तक शवों की शिनाख्त नहीं की है।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार लोग शादी पार्टी में शामिल होकर ट्रैक्टर से सेरिगुमा गांव से अपने घर लौट रहे थे।
मोहंती ने बताया कि पांच घायल लोगों को रायगढ़ा जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया है।
पुलिस ने बताया कि यह घटना अपर आंचल बाड़ी और हातागुमा के बीच के दूर-दराज के इलाके में हुई। ट्रैक्टर पर एक शादी पार्टी के 60 लोग सवार थे। यह पहाड़ी इलाके में एक खड्ड में गिर गया।
रायगढ़ा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर इंचार्ज तपन मोहंती ने कहा, ‘अभी तक हमें 20 लोगों की मौत की सूचना मिली है।’ मोहंती ने बताया कि पुलिस ने मृतकों में बच्चों और महिलाओं की तादाद के निर्धारण के लिए अभी तक शवों की शिनाख्त नहीं की है।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार लोग शादी पार्टी में शामिल होकर ट्रैक्टर से सेरिगुमा गांव से अपने घर लौट रहे थे।
मोहंती ने बताया कि पांच घायल लोगों को रायगढ़ा जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया है।
रायगढ़ा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर इंचार्ज तपन मोहंती ने कहा, ‘अभी तक हमें 20 लोगों की मौत की सूचना मिली है।’ मोहंती ने बताया कि पुलिस ने मृतकों में बच्चों और महिलाओं की तादाद के निर्धारण के लिए अभी तक शवों की शिनाख्त नहीं की है।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार लोग शादी पार्टी में शामिल होकर ट्रैक्टर से सेरिगुमा गांव से अपने घर लौट रहे थे।
मोहंती ने बताया कि पांच घायल लोगों को रायगढ़ा जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया है।
पुलिस के अनुसार लोग शादी पार्टी में शामिल होकर ट्रैक्टर से सेरिगुमा गांव से अपने घर लौट रहे थे।
मोहंती ने बताया कि पांच घायल लोगों को रायगढ़ा जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया है।
मोहंती ने बताया कि पांच घायल लोगों को रायगढ़ा जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया है। | ओडिशा के रायगढ़ा जिले में एक ट्रैक्टर के खड्ड में गिर जाने से उसपर सवार कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आयरलैंड में आज एक एक्सपर्ट ग्रुप गभर्पात के मामले पर अपनी एक रिपोर्ट सरकार की कैबिनेट को सौंपेगा। आयरलैंड के स्वास्थ्य मंत्री ने इस रिपोर्ट के बारे में कहा है कि वह खुद उसे कैबिनेट में लेकर आएंगे और फिर उस पर चर्चा की जाएगी।टिप्पणियां
साथ ही उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मसला है और इससे देश दो खेमों में भी बंट सकता है। दरअसल, भारतीय मूल की 31 साल की महिला डॉक्टर सविता की आयरलैंड के अस्पताल में गभर्पात न करने की वजह से मौत हो गई थी।
सविता का मिसकैरिज हो गया था, जिस वजह से गभर्पात करना जरूरी था, लेकिन यहां के कानून में गभर्पात की इजाजत नहीं थी। सविता की मौत के बाद आयरलैंड में ही इस कानून का जमकर विरोध जारी है, जिसके बाद से सरकार इस पर दोबारा विचार करने को मजबूर हुई है।
साथ ही उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मसला है और इससे देश दो खेमों में भी बंट सकता है। दरअसल, भारतीय मूल की 31 साल की महिला डॉक्टर सविता की आयरलैंड के अस्पताल में गभर्पात न करने की वजह से मौत हो गई थी।
सविता का मिसकैरिज हो गया था, जिस वजह से गभर्पात करना जरूरी था, लेकिन यहां के कानून में गभर्पात की इजाजत नहीं थी। सविता की मौत के बाद आयरलैंड में ही इस कानून का जमकर विरोध जारी है, जिसके बाद से सरकार इस पर दोबारा विचार करने को मजबूर हुई है।
सविता का मिसकैरिज हो गया था, जिस वजह से गभर्पात करना जरूरी था, लेकिन यहां के कानून में गभर्पात की इजाजत नहीं थी। सविता की मौत के बाद आयरलैंड में ही इस कानून का जमकर विरोध जारी है, जिसके बाद से सरकार इस पर दोबारा विचार करने को मजबूर हुई है। | यह एक सारांश है: आयरलैंड के स्वास्थ्य मंत्री ने इस रिपोर्ट के बारे में कहा है कि वह खुद उसे कैबिनेट में लेकर आएंगे और फिर उस पर चर्चा की जाएगी। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश को कॉमनवेल्थ खेलों में कुश्ती का पहला गोल्ड दिलाने वाली महिला पहलवान गीता फोगाट और उनके पिता महावीर फोगाट पर बनी फिल्म 'दंगल' ने चारों तरफ वाहवाही लूटी है. चाहे एक्टिंग हो या फिल्म की कहानी, हर कोई इस फिल्म की जमकर तारीफ कर रहा है. लेकिन इस सब के बीच एक व्यक्ति है जो इस फिल्म के कई हिस्सों से खुश नहीं है. वह हैं गीता और बबीता के रीयल लाइफ कोच प्यारा राम. कोच प्यारा राम फिल्म में दिखाए उनके किरदार की नकारात्मकता से काफी आहत हैं और उनके हिसाब से फिल्म में कई चीजें गलत दिखाई गई हैं.
नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित फिल्म 'दंगल' में दिखाया गया है कि गीता और बबीता के पिता महावीर फोगाट की राष्ट्रीय कोच से कुश्ती के दांव-पेच को लेकर तकरार चलती है. साथ ही महावीर अपनी बेटियों को कोचिंग देने वाले उनके कोच से खुश नहीं हैं और वह खुद अपनी बेटियों को ट्रेनिंग देते हैं. इस फिल्म में कोच की भूमिका को काफी नकारात्मक दिखाया गया है जो आखिर में महावीर को एक साजिश कर कमरे में बंद भी कर देते हैं और अपनी बेटी का वह मैच ही नहीं देखने देते जिसमें जीत कर वह गोल्ड मेडल जीती.
फगवाड़ा में रह रहे कोच प्यारा राम सोंधी के मुताबिक ' महावीर फोगाट बेहद सज्जन व्यक्ति हैं और उन्हें कमरे में बंद करने वाली बात पूरी तरह गलत है. साथ ही उन्होंने नेशनल कैंप के दौरान गीता-बबीता की ट्रेनिंग में कभी भी दखल नहीं दिया था.' उन्होंने बताया कि गीता और कोच के बीच दिखाए गए मतभेद भी बिलकुल गलत हैं. उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान गीता-बबीता ने कभी कोई फिल्म थिएटर में जाकर नहीं देखी. उन्होंने बताया कि जब गीता और बबीता के मैच चल रहे थे, तब उन्हें यह तक नहीं पता था कि उनके पिता महावीर फोगाट कहा बैठे हैं. | यह एक सारांश है: आमिर खान की दंगल में अपनी नकारात्मक छवि से खुश नहीं हैं प्यारा राम
गीता-बबीता के नेशनल कोच हैं प्यारा राम सोंधी
कोच का कहना, न हुआ महावीर फोगाट से झगड़ा, न उन्होंने किया कभी दखल | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली वेवराइडर्स ने हॉकी इंडिया लीग के शुक्रवार की रात रांची में हुए एकतरफा मैच में मेजबान रांची राइनोंज को 5-2 से रौंद दिया।टिप्पणियां
मेजबान रांची राइनोज अपने गृह मैदान पर अपना नैसर्गिक खेल नहीं दिखा सके।
दिल्ली वेबराइडर्स ने चार फील्ड गोल किए और पेनल्टी कॉर्नर की मदद से पांचवा गोल दागा जबकि रांची राइनोज ने एक फील्ड गोल किया और दूसरा गोल पेनल्टी कॉर्नर की मदद से किया।
मेजबान रांची राइनोज अपने गृह मैदान पर अपना नैसर्गिक खेल नहीं दिखा सके।
दिल्ली वेबराइडर्स ने चार फील्ड गोल किए और पेनल्टी कॉर्नर की मदद से पांचवा गोल दागा जबकि रांची राइनोज ने एक फील्ड गोल किया और दूसरा गोल पेनल्टी कॉर्नर की मदद से किया।
दिल्ली वेबराइडर्स ने चार फील्ड गोल किए और पेनल्टी कॉर्नर की मदद से पांचवा गोल दागा जबकि रांची राइनोज ने एक फील्ड गोल किया और दूसरा गोल पेनल्टी कॉर्नर की मदद से किया। | सारांश: दिल्ली वेवराइडर्स ने हॉकी इंडिया लीग के शुक्रवार की रात रांची में हुए एकतरफा मैच में मेजबान रांची राइनोंज को 5-2 से रौंद दिया। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: फीफा ने अर्जेटीना फुटबाल संघ (एएफए) को बताया है कि उसने स्टार फारवर्ड लियोनेल मेसी के खिलाफ विश्व कप-2018 क्वालीफायर में चिली के खिलाफ खेले गए मैच में अभ्रद भाषा का उपयोग करने के मामले में जांच शुरू कर दी है. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, फीफा ने अपने एक बयान में कहा है कि मेसी ने चिली के खिलाफ शुक्रवार को खेल गए मैच में एक सहायक रैफरी के खिलाफ शायद अश्लील भाषा का उपयोग किया है, हालांकि इस मामले का जिक्र मैच अधिकारियों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में नहीं है.
फीफा ने साथ ही एएफए से कहा है कि वह सभी रैफरियों से इस मामले की जानकारी लेकर उसे दे. टिप्पणियां
पहले सहायक रैफरी इमरसन अगुस्तो डो कारवाल्हो ने कहा था कि मेसी जब उनके पास थे, तब उन्होंने अर्जेटीना के खिलाफ दिए गए फाउल को लेकर शिकायत की थी और कुछ कहा भी था जिसे वह सुन नहीं पाए थे लेकिन उन्हें लगता है कि मेसी ने कुछ गलत कहा था.
फीफा ने कहा कि उनकी अनुशासन समिति मेसी पर प्रतिबंध लगा सकती है. संस्था ने एएफए तथा मेसी से अपना पक्ष रखने को कहा है.
फीफा ने साथ ही एएफए से कहा है कि वह सभी रैफरियों से इस मामले की जानकारी लेकर उसे दे. टिप्पणियां
पहले सहायक रैफरी इमरसन अगुस्तो डो कारवाल्हो ने कहा था कि मेसी जब उनके पास थे, तब उन्होंने अर्जेटीना के खिलाफ दिए गए फाउल को लेकर शिकायत की थी और कुछ कहा भी था जिसे वह सुन नहीं पाए थे लेकिन उन्हें लगता है कि मेसी ने कुछ गलत कहा था.
फीफा ने कहा कि उनकी अनुशासन समिति मेसी पर प्रतिबंध लगा सकती है. संस्था ने एएफए तथा मेसी से अपना पक्ष रखने को कहा है.
पहले सहायक रैफरी इमरसन अगुस्तो डो कारवाल्हो ने कहा था कि मेसी जब उनके पास थे, तब उन्होंने अर्जेटीना के खिलाफ दिए गए फाउल को लेकर शिकायत की थी और कुछ कहा भी था जिसे वह सुन नहीं पाए थे लेकिन उन्हें लगता है कि मेसी ने कुछ गलत कहा था.
फीफा ने कहा कि उनकी अनुशासन समिति मेसी पर प्रतिबंध लगा सकती है. संस्था ने एएफए तथा मेसी से अपना पक्ष रखने को कहा है.
फीफा ने कहा कि उनकी अनुशासन समिति मेसी पर प्रतिबंध लगा सकती है. संस्था ने एएफए तथा मेसी से अपना पक्ष रखने को कहा है. | संक्षिप्त सारांश: बार्सिलोना के लिए खेलते हैं अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी
मेसी सहायक रेफरी को अपशब्द कहने के पाए गए दोषी
फीफा ने चार मैचों को लगाया प्रतिबंध | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: फिटनेस की समस्याओं से उबर चुके सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग और तेज गेंदबाज ज़हीर खान की श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी हो गई है, लेकिन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर श्रीलंका नहीं जाएंगे।
21 जुलाई से शुरू होने वाली एक-दिवसीय शृंखला के लिए घोषित की गई टीम में हरभजन सिंह भी वापसी नहीं कर पाए हैं, जबकि रविचंद्रन अश्विन टीम में बने रहेंगे।
सहवाग और ज़हीर चोट के कारण मार्च में हुए एशिया कप टूर्नामेंट में नहीं खेल सके थे, और वे दोनों 30 मार्च को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एकमात्र टी-20 मैच में भी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। एशिया कप में भारतीय टीम फ्लॉप रही थी, और जोहानेसबर्ग में वर्षा से बाधित टी-20 मैच भी टीम इंडिया हार गई थी।टिप्पणियां
घोषित की गई 15-सदस्यीय टीम इंडिया में महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान एवं विकेटकीपर), विराट कोहली (उपकप्तान), वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, ज़हीर खान, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, अशोक डिन्डा, सुरेश रैना, विनय कुमार, प्रज्ञान ओझा, मनोज तिवारी और राहुल शर्मा शामिल हैं।
टीम इंडिया को 21 जुलाई से 4 अगस्त के बीच श्रीलंका के खिलाफ पांच एक-दिवसीय मैच, और उसके बाद 7 अगस्त को दौरे का एकमात्र टी-20 मैच खेलना होगा।
21 जुलाई से शुरू होने वाली एक-दिवसीय शृंखला के लिए घोषित की गई टीम में हरभजन सिंह भी वापसी नहीं कर पाए हैं, जबकि रविचंद्रन अश्विन टीम में बने रहेंगे।
सहवाग और ज़हीर चोट के कारण मार्च में हुए एशिया कप टूर्नामेंट में नहीं खेल सके थे, और वे दोनों 30 मार्च को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एकमात्र टी-20 मैच में भी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। एशिया कप में भारतीय टीम फ्लॉप रही थी, और जोहानेसबर्ग में वर्षा से बाधित टी-20 मैच भी टीम इंडिया हार गई थी।टिप्पणियां
घोषित की गई 15-सदस्यीय टीम इंडिया में महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान एवं विकेटकीपर), विराट कोहली (उपकप्तान), वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, ज़हीर खान, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, अशोक डिन्डा, सुरेश रैना, विनय कुमार, प्रज्ञान ओझा, मनोज तिवारी और राहुल शर्मा शामिल हैं।
टीम इंडिया को 21 जुलाई से 4 अगस्त के बीच श्रीलंका के खिलाफ पांच एक-दिवसीय मैच, और उसके बाद 7 अगस्त को दौरे का एकमात्र टी-20 मैच खेलना होगा।
सहवाग और ज़हीर चोट के कारण मार्च में हुए एशिया कप टूर्नामेंट में नहीं खेल सके थे, और वे दोनों 30 मार्च को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एकमात्र टी-20 मैच में भी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। एशिया कप में भारतीय टीम फ्लॉप रही थी, और जोहानेसबर्ग में वर्षा से बाधित टी-20 मैच भी टीम इंडिया हार गई थी।टिप्पणियां
घोषित की गई 15-सदस्यीय टीम इंडिया में महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान एवं विकेटकीपर), विराट कोहली (उपकप्तान), वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, ज़हीर खान, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, अशोक डिन्डा, सुरेश रैना, विनय कुमार, प्रज्ञान ओझा, मनोज तिवारी और राहुल शर्मा शामिल हैं।
टीम इंडिया को 21 जुलाई से 4 अगस्त के बीच श्रीलंका के खिलाफ पांच एक-दिवसीय मैच, और उसके बाद 7 अगस्त को दौरे का एकमात्र टी-20 मैच खेलना होगा।
घोषित की गई 15-सदस्यीय टीम इंडिया में महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान एवं विकेटकीपर), विराट कोहली (उपकप्तान), वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, ज़हीर खान, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, अशोक डिन्डा, सुरेश रैना, विनय कुमार, प्रज्ञान ओझा, मनोज तिवारी और राहुल शर्मा शामिल हैं।
टीम इंडिया को 21 जुलाई से 4 अगस्त के बीच श्रीलंका के खिलाफ पांच एक-दिवसीय मैच, और उसके बाद 7 अगस्त को दौरे का एकमात्र टी-20 मैच खेलना होगा।
टीम इंडिया को 21 जुलाई से 4 अगस्त के बीच श्रीलंका के खिलाफ पांच एक-दिवसीय मैच, और उसके बाद 7 अगस्त को दौरे का एकमात्र टी-20 मैच खेलना होगा। | संक्षिप्त पाठ: 21 जुलाई से शुरू होने वाली एक-दिवसीय शृंखला के लिए घोषित की गई टीम में हरभजन सिंह भी वापसी नहीं कर पाए हैं, जबकि रविचंद्रन अश्विन टीम में बने रहेंगे। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) का शुद्ध लाभ दिसंबर 2012 को समाप्त तिमाही में 21.5 प्रतिशत घटकर 1,011.62 करोड़ रुपये रह गया।
इससे पूर्व वित्त वर्ष 2011-12 की इसी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 1,289.85 करोड़ रुपये रहा था।टिप्पणियां
बीओबी ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2012-13 की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान 9,685.51 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इससे पूर्व वर्ष की इसी तिमाही में 8,821.32 करोड़ रुपये रही थी।
आलोच्य तिमाही में बैंक का फंसा कर्ज (एनपीए) बढ़कर 1.12 प्रतिशत रहा, जो इससे पिछली तिमाही में 0.51 प्रतिशत पर था। मूल्य के हिसाब से यह राशि दिसंबर, 2012 को समाप्त तिमाही में 3,363.23 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वर्ष की इसी तिमाही में 1,325.27 करोड़ रुपये पर थी।
इससे पूर्व वित्त वर्ष 2011-12 की इसी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 1,289.85 करोड़ रुपये रहा था।टिप्पणियां
बीओबी ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2012-13 की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान 9,685.51 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इससे पूर्व वर्ष की इसी तिमाही में 8,821.32 करोड़ रुपये रही थी।
आलोच्य तिमाही में बैंक का फंसा कर्ज (एनपीए) बढ़कर 1.12 प्रतिशत रहा, जो इससे पिछली तिमाही में 0.51 प्रतिशत पर था। मूल्य के हिसाब से यह राशि दिसंबर, 2012 को समाप्त तिमाही में 3,363.23 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वर्ष की इसी तिमाही में 1,325.27 करोड़ रुपये पर थी।
बीओबी ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2012-13 की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान 9,685.51 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इससे पूर्व वर्ष की इसी तिमाही में 8,821.32 करोड़ रुपये रही थी।
आलोच्य तिमाही में बैंक का फंसा कर्ज (एनपीए) बढ़कर 1.12 प्रतिशत रहा, जो इससे पिछली तिमाही में 0.51 प्रतिशत पर था। मूल्य के हिसाब से यह राशि दिसंबर, 2012 को समाप्त तिमाही में 3,363.23 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वर्ष की इसी तिमाही में 1,325.27 करोड़ रुपये पर थी।
आलोच्य तिमाही में बैंक का फंसा कर्ज (एनपीए) बढ़कर 1.12 प्रतिशत रहा, जो इससे पिछली तिमाही में 0.51 प्रतिशत पर था। मूल्य के हिसाब से यह राशि दिसंबर, 2012 को समाप्त तिमाही में 3,363.23 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वर्ष की इसी तिमाही में 1,325.27 करोड़ रुपये पर थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) का शुद्ध लाभ दिसंबर 2012 को समाप्त तिमाही में 21.5 प्रतिशत घटकर 1,011.62 करोड़ रुपये रह गया। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रविवार को कहा कि यदि राज्य के लिए अलग और देश के लिए अलग कानून के बजाय पूरे देश के लिए एक ही कानून चाहिए तो जम्मू एवं कश्मीर में संविधान की धारा 370 के तहत दिया गया विशेष दर्जा समाप्त करना होगा।
आडवाणी ने पूर्ववर्ती जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 60वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अपने ब्लॉग पर लिखा है, "देश उस दिन का इंतजार कर रहा है, जब संविधान की धारा 370 समाप्त कर दी जाएगी और दो संविधान एक हो जाएंगे।"
श्यामा प्रसाद ने कश्मीर को विशेष दर्जा के साथ-साथ इसे अपना ध्वज व प्रधानमंत्री देने के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के फैसले का विरोध किया था।
जम्मू एवं कश्मीर पुलिस की हिरासत में 23 जून, 1953 को संदेहास्पद परिस्थितियों में श्यामा प्रसाद की हुई मौत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने 'राष्ट्रीय एकीकरण के लिए शहादत देने वाला स्वतंत्र भारत का पहला शहीद' शीर्षक से अपने ब्लॉग में लिखा कि जम्मू एवं कश्मीर में प्रवेश के लिए परमिट व्यवस्था की समाप्ति के अतिरिक्त दो प्रधानमंत्रियों का एक होना, दो सर्वोच्च न्यायालयों का एक होना, दो निर्वाचन प्राधिकरणों का एक होना, दो मुख्य अंकेक्षणों का एक होना.. सब डॉ. श्यामा प्रसाद के बलिदान से संभव हुआ।
आडवाणी ने कानपुर में भारतीय जनसंघ के पहले सत्र को भी याद किया, जहां श्यामा प्रसाद ने 'एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे' का नारा दिया था।टिप्पणियां
श्यामा प्रसाद की शहादत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने लिखा, "इस वक्त तक न तो सर्वोच्च न्यायालय, न निर्वाचन आयोग और न ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।" उन्होंने लिखा, "तब तक राज्य के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री और राज्य के प्रमुख को सदर-ए-रियासत कहा जाता था। न तो राष्ट्रपति और न ही प्रधानमंत्री को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।"
आडवाणी ने लिखा कि श्यामा प्रसाद की शहादत से परिवर्तन आया। जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री का हो गया और सदर-ए-रियासत का पद राज्यपाल का हो गया। साथ ही देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का अधिकार भी राज्य तक पहुंच गया।
आडवाणी ने पूर्ववर्ती जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 60वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अपने ब्लॉग पर लिखा है, "देश उस दिन का इंतजार कर रहा है, जब संविधान की धारा 370 समाप्त कर दी जाएगी और दो संविधान एक हो जाएंगे।"
श्यामा प्रसाद ने कश्मीर को विशेष दर्जा के साथ-साथ इसे अपना ध्वज व प्रधानमंत्री देने के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के फैसले का विरोध किया था।
जम्मू एवं कश्मीर पुलिस की हिरासत में 23 जून, 1953 को संदेहास्पद परिस्थितियों में श्यामा प्रसाद की हुई मौत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने 'राष्ट्रीय एकीकरण के लिए शहादत देने वाला स्वतंत्र भारत का पहला शहीद' शीर्षक से अपने ब्लॉग में लिखा कि जम्मू एवं कश्मीर में प्रवेश के लिए परमिट व्यवस्था की समाप्ति के अतिरिक्त दो प्रधानमंत्रियों का एक होना, दो सर्वोच्च न्यायालयों का एक होना, दो निर्वाचन प्राधिकरणों का एक होना, दो मुख्य अंकेक्षणों का एक होना.. सब डॉ. श्यामा प्रसाद के बलिदान से संभव हुआ।
आडवाणी ने कानपुर में भारतीय जनसंघ के पहले सत्र को भी याद किया, जहां श्यामा प्रसाद ने 'एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे' का नारा दिया था।टिप्पणियां
श्यामा प्रसाद की शहादत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने लिखा, "इस वक्त तक न तो सर्वोच्च न्यायालय, न निर्वाचन आयोग और न ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।" उन्होंने लिखा, "तब तक राज्य के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री और राज्य के प्रमुख को सदर-ए-रियासत कहा जाता था। न तो राष्ट्रपति और न ही प्रधानमंत्री को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।"
आडवाणी ने लिखा कि श्यामा प्रसाद की शहादत से परिवर्तन आया। जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री का हो गया और सदर-ए-रियासत का पद राज्यपाल का हो गया। साथ ही देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का अधिकार भी राज्य तक पहुंच गया।
श्यामा प्रसाद ने कश्मीर को विशेष दर्जा के साथ-साथ इसे अपना ध्वज व प्रधानमंत्री देने के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के फैसले का विरोध किया था।
जम्मू एवं कश्मीर पुलिस की हिरासत में 23 जून, 1953 को संदेहास्पद परिस्थितियों में श्यामा प्रसाद की हुई मौत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने 'राष्ट्रीय एकीकरण के लिए शहादत देने वाला स्वतंत्र भारत का पहला शहीद' शीर्षक से अपने ब्लॉग में लिखा कि जम्मू एवं कश्मीर में प्रवेश के लिए परमिट व्यवस्था की समाप्ति के अतिरिक्त दो प्रधानमंत्रियों का एक होना, दो सर्वोच्च न्यायालयों का एक होना, दो निर्वाचन प्राधिकरणों का एक होना, दो मुख्य अंकेक्षणों का एक होना.. सब डॉ. श्यामा प्रसाद के बलिदान से संभव हुआ।
आडवाणी ने कानपुर में भारतीय जनसंघ के पहले सत्र को भी याद किया, जहां श्यामा प्रसाद ने 'एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे' का नारा दिया था।टिप्पणियां
श्यामा प्रसाद की शहादत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने लिखा, "इस वक्त तक न तो सर्वोच्च न्यायालय, न निर्वाचन आयोग और न ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।" उन्होंने लिखा, "तब तक राज्य के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री और राज्य के प्रमुख को सदर-ए-रियासत कहा जाता था। न तो राष्ट्रपति और न ही प्रधानमंत्री को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।"
आडवाणी ने लिखा कि श्यामा प्रसाद की शहादत से परिवर्तन आया। जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री का हो गया और सदर-ए-रियासत का पद राज्यपाल का हो गया। साथ ही देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का अधिकार भी राज्य तक पहुंच गया।
जम्मू एवं कश्मीर पुलिस की हिरासत में 23 जून, 1953 को संदेहास्पद परिस्थितियों में श्यामा प्रसाद की हुई मौत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने 'राष्ट्रीय एकीकरण के लिए शहादत देने वाला स्वतंत्र भारत का पहला शहीद' शीर्षक से अपने ब्लॉग में लिखा कि जम्मू एवं कश्मीर में प्रवेश के लिए परमिट व्यवस्था की समाप्ति के अतिरिक्त दो प्रधानमंत्रियों का एक होना, दो सर्वोच्च न्यायालयों का एक होना, दो निर्वाचन प्राधिकरणों का एक होना, दो मुख्य अंकेक्षणों का एक होना.. सब डॉ. श्यामा प्रसाद के बलिदान से संभव हुआ।
आडवाणी ने कानपुर में भारतीय जनसंघ के पहले सत्र को भी याद किया, जहां श्यामा प्रसाद ने 'एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे' का नारा दिया था।टिप्पणियां
श्यामा प्रसाद की शहादत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने लिखा, "इस वक्त तक न तो सर्वोच्च न्यायालय, न निर्वाचन आयोग और न ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।" उन्होंने लिखा, "तब तक राज्य के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री और राज्य के प्रमुख को सदर-ए-रियासत कहा जाता था। न तो राष्ट्रपति और न ही प्रधानमंत्री को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।"
आडवाणी ने लिखा कि श्यामा प्रसाद की शहादत से परिवर्तन आया। जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री का हो गया और सदर-ए-रियासत का पद राज्यपाल का हो गया। साथ ही देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का अधिकार भी राज्य तक पहुंच गया।
आडवाणी ने कानपुर में भारतीय जनसंघ के पहले सत्र को भी याद किया, जहां श्यामा प्रसाद ने 'एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे' का नारा दिया था।टिप्पणियां
श्यामा प्रसाद की शहादत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने लिखा, "इस वक्त तक न तो सर्वोच्च न्यायालय, न निर्वाचन आयोग और न ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।" उन्होंने लिखा, "तब तक राज्य के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री और राज्य के प्रमुख को सदर-ए-रियासत कहा जाता था। न तो राष्ट्रपति और न ही प्रधानमंत्री को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।"
आडवाणी ने लिखा कि श्यामा प्रसाद की शहादत से परिवर्तन आया। जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री का हो गया और सदर-ए-रियासत का पद राज्यपाल का हो गया। साथ ही देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का अधिकार भी राज्य तक पहुंच गया।
श्यामा प्रसाद की शहादत का जिक्र करते हुए आडवाणी ने लिखा, "इस वक्त तक न तो सर्वोच्च न्यायालय, न निर्वाचन आयोग और न ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।" उन्होंने लिखा, "तब तक राज्य के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री और राज्य के प्रमुख को सदर-ए-रियासत कहा जाता था। न तो राष्ट्रपति और न ही प्रधानमंत्री को जम्मू एवं कश्मीर पर कोई अधिकार था।"
आडवाणी ने लिखा कि श्यामा प्रसाद की शहादत से परिवर्तन आया। जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री का हो गया और सदर-ए-रियासत का पद राज्यपाल का हो गया। साथ ही देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का अधिकार भी राज्य तक पहुंच गया।
आडवाणी ने लिखा कि श्यामा प्रसाद की शहादत से परिवर्तन आया। जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री का हो गया और सदर-ए-रियासत का पद राज्यपाल का हो गया। साथ ही देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का अधिकार भी राज्य तक पहुंच गया। | सारांश: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रविवार को कहा कि यदि राज्य के लिए अलग और देश के लिए अलग कानून के बजाय पूरे देश के लिए एक ही कानून चाहिए तो जम्मू एवं कश्मीर में संविधान की धारा 370 के तहत दिया गया विशेष दर्जा समाप्त करना होगा। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच की भारत के रेटिंग परिदृश्य में सुधार की घोषणा लगातार गिरते रुपये के लिए संजीवनी बनकर आई। डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 60 पैसे मजबूत होकर 57.79 रपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
कल के कारोबार में एक समय डॉलर के मुकाबले रुपये का भाव 58.98 रुपये तक गिर गया था।
वित्त मंत्रालय द्वारा रुपये की गिरावट थामने के लिए कदम उठाए जाने पर जोर दिए जाने और रिजर्व बैंक द्वारा कल सही समय पर बाजार में हस्तक्षेप करने के अलावा निर्यात आय को ऑनलाइन स्वदेश भेजने की सीमा बढ़ाने से रुपये की गिरावट थामने में मदद मिली।
कुछ बड़ी कंपनियों की डॉलर बिकवाली से भी रुपये को सहारा मिला। विदेशी मुद्रा डीलरों के अनुसार विदेशी बाजारों में यूरो के समक्ष डॉलर के कमजोर पड़ने का भी यहां असर रहा।
अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में आज रुपये में कारोबार की शुरुआत कल के बंद भाव 58.39 रुपये के मुकाबले 58.20 रुपये प्रति डॉलर पर मजबूती के साथ हुई। लेकिन, जल्दी ही यह 58.38 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया। अनुकूल समाचार आने से बाद में रुपये में लगातार मजबूती आती चली गई और 57.73 रुपये प्रति डॉलर के दिन के उच्चस्तर को छूने के बाद यह 57.79 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले दिन के मुकाबले इसमें 60 पैसे यानी 1.03 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
फिच ने भारत के रेटिंग परिदृश्य को नकारात्मक से सुधार कर स्थिर कर दिया। इससे अंतिम क्षणों में रुपये को मजबूती मिली।
फिच का कहना है कि कमजोर आर्थिक स्थिति और रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति से मुद्रास्फीति दबाव नरम पड़ता दिखने लगा है। इसके बाद रिजर्व बैंक जनवरी 2012 से मुख्य नीतिगत दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।टिप्पणियां
नोमुरा इंडिया की प्रमुख अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक रिपोर्ट में कहा है ‘‘मौद्रिक नीति के लिहाज से कमजोर पड़ती मुद्रा वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के चलते दरों में कटौती की शुरुआत में देरी की वजह बन सकता है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े दरों में कटौती के लिए सकारात्मक दिखते हैं लेकिन रुपये की घटबढ़ से निकट भविष्य में मुद्रास्फीति और इस महीने दरों में कटौती के लिए जोखिम खड़ा हो गया है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है।
कल के कारोबार में एक समय डॉलर के मुकाबले रुपये का भाव 58.98 रुपये तक गिर गया था।
वित्त मंत्रालय द्वारा रुपये की गिरावट थामने के लिए कदम उठाए जाने पर जोर दिए जाने और रिजर्व बैंक द्वारा कल सही समय पर बाजार में हस्तक्षेप करने के अलावा निर्यात आय को ऑनलाइन स्वदेश भेजने की सीमा बढ़ाने से रुपये की गिरावट थामने में मदद मिली।
कुछ बड़ी कंपनियों की डॉलर बिकवाली से भी रुपये को सहारा मिला। विदेशी मुद्रा डीलरों के अनुसार विदेशी बाजारों में यूरो के समक्ष डॉलर के कमजोर पड़ने का भी यहां असर रहा।
अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में आज रुपये में कारोबार की शुरुआत कल के बंद भाव 58.39 रुपये के मुकाबले 58.20 रुपये प्रति डॉलर पर मजबूती के साथ हुई। लेकिन, जल्दी ही यह 58.38 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया। अनुकूल समाचार आने से बाद में रुपये में लगातार मजबूती आती चली गई और 57.73 रुपये प्रति डॉलर के दिन के उच्चस्तर को छूने के बाद यह 57.79 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले दिन के मुकाबले इसमें 60 पैसे यानी 1.03 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
फिच ने भारत के रेटिंग परिदृश्य को नकारात्मक से सुधार कर स्थिर कर दिया। इससे अंतिम क्षणों में रुपये को मजबूती मिली।
फिच का कहना है कि कमजोर आर्थिक स्थिति और रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति से मुद्रास्फीति दबाव नरम पड़ता दिखने लगा है। इसके बाद रिजर्व बैंक जनवरी 2012 से मुख्य नीतिगत दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।टिप्पणियां
नोमुरा इंडिया की प्रमुख अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक रिपोर्ट में कहा है ‘‘मौद्रिक नीति के लिहाज से कमजोर पड़ती मुद्रा वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के चलते दरों में कटौती की शुरुआत में देरी की वजह बन सकता है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े दरों में कटौती के लिए सकारात्मक दिखते हैं लेकिन रुपये की घटबढ़ से निकट भविष्य में मुद्रास्फीति और इस महीने दरों में कटौती के लिए जोखिम खड़ा हो गया है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है।
वित्त मंत्रालय द्वारा रुपये की गिरावट थामने के लिए कदम उठाए जाने पर जोर दिए जाने और रिजर्व बैंक द्वारा कल सही समय पर बाजार में हस्तक्षेप करने के अलावा निर्यात आय को ऑनलाइन स्वदेश भेजने की सीमा बढ़ाने से रुपये की गिरावट थामने में मदद मिली।
कुछ बड़ी कंपनियों की डॉलर बिकवाली से भी रुपये को सहारा मिला। विदेशी मुद्रा डीलरों के अनुसार विदेशी बाजारों में यूरो के समक्ष डॉलर के कमजोर पड़ने का भी यहां असर रहा।
अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में आज रुपये में कारोबार की शुरुआत कल के बंद भाव 58.39 रुपये के मुकाबले 58.20 रुपये प्रति डॉलर पर मजबूती के साथ हुई। लेकिन, जल्दी ही यह 58.38 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया। अनुकूल समाचार आने से बाद में रुपये में लगातार मजबूती आती चली गई और 57.73 रुपये प्रति डॉलर के दिन के उच्चस्तर को छूने के बाद यह 57.79 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले दिन के मुकाबले इसमें 60 पैसे यानी 1.03 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
फिच ने भारत के रेटिंग परिदृश्य को नकारात्मक से सुधार कर स्थिर कर दिया। इससे अंतिम क्षणों में रुपये को मजबूती मिली।
फिच का कहना है कि कमजोर आर्थिक स्थिति और रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति से मुद्रास्फीति दबाव नरम पड़ता दिखने लगा है। इसके बाद रिजर्व बैंक जनवरी 2012 से मुख्य नीतिगत दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।टिप्पणियां
नोमुरा इंडिया की प्रमुख अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक रिपोर्ट में कहा है ‘‘मौद्रिक नीति के लिहाज से कमजोर पड़ती मुद्रा वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के चलते दरों में कटौती की शुरुआत में देरी की वजह बन सकता है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े दरों में कटौती के लिए सकारात्मक दिखते हैं लेकिन रुपये की घटबढ़ से निकट भविष्य में मुद्रास्फीति और इस महीने दरों में कटौती के लिए जोखिम खड़ा हो गया है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है।
कुछ बड़ी कंपनियों की डॉलर बिकवाली से भी रुपये को सहारा मिला। विदेशी मुद्रा डीलरों के अनुसार विदेशी बाजारों में यूरो के समक्ष डॉलर के कमजोर पड़ने का भी यहां असर रहा।
अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में आज रुपये में कारोबार की शुरुआत कल के बंद भाव 58.39 रुपये के मुकाबले 58.20 रुपये प्रति डॉलर पर मजबूती के साथ हुई। लेकिन, जल्दी ही यह 58.38 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया। अनुकूल समाचार आने से बाद में रुपये में लगातार मजबूती आती चली गई और 57.73 रुपये प्रति डॉलर के दिन के उच्चस्तर को छूने के बाद यह 57.79 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले दिन के मुकाबले इसमें 60 पैसे यानी 1.03 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
फिच ने भारत के रेटिंग परिदृश्य को नकारात्मक से सुधार कर स्थिर कर दिया। इससे अंतिम क्षणों में रुपये को मजबूती मिली।
फिच का कहना है कि कमजोर आर्थिक स्थिति और रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति से मुद्रास्फीति दबाव नरम पड़ता दिखने लगा है। इसके बाद रिजर्व बैंक जनवरी 2012 से मुख्य नीतिगत दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।टिप्पणियां
नोमुरा इंडिया की प्रमुख अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक रिपोर्ट में कहा है ‘‘मौद्रिक नीति के लिहाज से कमजोर पड़ती मुद्रा वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के चलते दरों में कटौती की शुरुआत में देरी की वजह बन सकता है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े दरों में कटौती के लिए सकारात्मक दिखते हैं लेकिन रुपये की घटबढ़ से निकट भविष्य में मुद्रास्फीति और इस महीने दरों में कटौती के लिए जोखिम खड़ा हो गया है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है।
अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में आज रुपये में कारोबार की शुरुआत कल के बंद भाव 58.39 रुपये के मुकाबले 58.20 रुपये प्रति डॉलर पर मजबूती के साथ हुई। लेकिन, जल्दी ही यह 58.38 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया। अनुकूल समाचार आने से बाद में रुपये में लगातार मजबूती आती चली गई और 57.73 रुपये प्रति डॉलर के दिन के उच्चस्तर को छूने के बाद यह 57.79 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले दिन के मुकाबले इसमें 60 पैसे यानी 1.03 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
फिच ने भारत के रेटिंग परिदृश्य को नकारात्मक से सुधार कर स्थिर कर दिया। इससे अंतिम क्षणों में रुपये को मजबूती मिली।
फिच का कहना है कि कमजोर आर्थिक स्थिति और रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति से मुद्रास्फीति दबाव नरम पड़ता दिखने लगा है। इसके बाद रिजर्व बैंक जनवरी 2012 से मुख्य नीतिगत दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।टिप्पणियां
नोमुरा इंडिया की प्रमुख अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक रिपोर्ट में कहा है ‘‘मौद्रिक नीति के लिहाज से कमजोर पड़ती मुद्रा वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के चलते दरों में कटौती की शुरुआत में देरी की वजह बन सकता है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े दरों में कटौती के लिए सकारात्मक दिखते हैं लेकिन रुपये की घटबढ़ से निकट भविष्य में मुद्रास्फीति और इस महीने दरों में कटौती के लिए जोखिम खड़ा हो गया है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है।
फिच ने भारत के रेटिंग परिदृश्य को नकारात्मक से सुधार कर स्थिर कर दिया। इससे अंतिम क्षणों में रुपये को मजबूती मिली।
फिच का कहना है कि कमजोर आर्थिक स्थिति और रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति से मुद्रास्फीति दबाव नरम पड़ता दिखने लगा है। इसके बाद रिजर्व बैंक जनवरी 2012 से मुख्य नीतिगत दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।टिप्पणियां
नोमुरा इंडिया की प्रमुख अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक रिपोर्ट में कहा है ‘‘मौद्रिक नीति के लिहाज से कमजोर पड़ती मुद्रा वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के चलते दरों में कटौती की शुरुआत में देरी की वजह बन सकता है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े दरों में कटौती के लिए सकारात्मक दिखते हैं लेकिन रुपये की घटबढ़ से निकट भविष्य में मुद्रास्फीति और इस महीने दरों में कटौती के लिए जोखिम खड़ा हो गया है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है।
फिच का कहना है कि कमजोर आर्थिक स्थिति और रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति से मुद्रास्फीति दबाव नरम पड़ता दिखने लगा है। इसके बाद रिजर्व बैंक जनवरी 2012 से मुख्य नीतिगत दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।टिप्पणियां
नोमुरा इंडिया की प्रमुख अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक रिपोर्ट में कहा है ‘‘मौद्रिक नीति के लिहाज से कमजोर पड़ती मुद्रा वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के चलते दरों में कटौती की शुरुआत में देरी की वजह बन सकता है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े दरों में कटौती के लिए सकारात्मक दिखते हैं लेकिन रुपये की घटबढ़ से निकट भविष्य में मुद्रास्फीति और इस महीने दरों में कटौती के लिए जोखिम खड़ा हो गया है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है।
नोमुरा इंडिया की प्रमुख अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक रिपोर्ट में कहा है ‘‘मौद्रिक नीति के लिहाज से कमजोर पड़ती मुद्रा वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के चलते दरों में कटौती की शुरुआत में देरी की वजह बन सकता है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े दरों में कटौती के लिए सकारात्मक दिखते हैं लेकिन रुपये की घटबढ़ से निकट भविष्य में मुद्रास्फीति और इस महीने दरों में कटौती के लिए जोखिम खड़ा हो गया है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है।
ब्रिटिश ब्रोकरेज बार्कलेज ने भी कहा है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद उसे रिजर्व बैंक की आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में दरों में कटौती को लेकर शंका है। | संक्षिप्त पाठ: अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच की भारत के रेटिंग परिदृश्य में सुधार की घोषणा लगातार गिरते रुपये के लिए संजीवनी बनकर आई। डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 60 पैसे मजबूत होकर 57.79 रपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज रहे राहुल द्रविड़ ने कहा है कि मध्यक्रम में बल्लेबाजों की अपनी जगह सुनिश्चित करने से भारतीय टेस्ट टीम विदेशों में भी सफलता हासिल कर सकती है. द्रविड़ ने यहां कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘हमारे पास जो बल्लेबाजी कौशल है उससे मैं काफी प्रभावित हूं और यह बढ़ रहा है. मुझे उम्मीद है कि जब भारतीय टीम विदेश दौरे पर जाएगी तो हमारे पास स्थायी बल्लेबाजी लाइन अप होगी. वह आत्मविश्वास से भरी होगी और मध्यक्रम में सफल बल्लेबाज होंगे.’
उन्होंने कहा, ‘यदि आपका मध्यक्रम मजबूत रहता है और खिलाड़ी जानते हों कि उनकी जगह सुरक्षित है तो मुझे लगता है कि इससे हमें सफलता हासिल करने का सर्वश्रेष्ठ मौका मिलेगा. उनमें हर तरह की परिस्थितियों में सफलता हासिल करने की क्षमता है.’ द्रविड़ ने कहा, ‘वर्तमान खिलाड़ी जिस तरह से प्रदर्शन कर रहे हैं, मुझे लगता है कि वे प्रतिभा के धनी हैं. यह अच्छा है कि उन्हें अगले कुछ महीनों में घरेलू सरजमीं पर काफी टेस्ट मैच खेलने हैं.’ (जानें, पाकिस्तान टीम के कोच मिकी ऑर्थर ने अपने किस बल्लेबाज की विराट कोहली से की तुलना)टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘मेरे संन्यास लेने के बाद चेतेश्वर पुजारा ने नंबर तीन पर बेजोड़ प्रदर्शन किया है. वह बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है. वह इस सीरीज (इंग्लैंड के खिलाफ) में अच्छा खेल रहा है. वह बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ी है. उम्मीद है कि हमें उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आगे देखने को मिलेगा. अजिंक्य रहाणे भी बेहतरीन बल्लेबाज है. विराट तो पूरी तरह से सनसनी है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘यदि आपका मध्यक्रम मजबूत रहता है और खिलाड़ी जानते हों कि उनकी जगह सुरक्षित है तो मुझे लगता है कि इससे हमें सफलता हासिल करने का सर्वश्रेष्ठ मौका मिलेगा. उनमें हर तरह की परिस्थितियों में सफलता हासिल करने की क्षमता है.’ द्रविड़ ने कहा, ‘वर्तमान खिलाड़ी जिस तरह से प्रदर्शन कर रहे हैं, मुझे लगता है कि वे प्रतिभा के धनी हैं. यह अच्छा है कि उन्हें अगले कुछ महीनों में घरेलू सरजमीं पर काफी टेस्ट मैच खेलने हैं.’ (जानें, पाकिस्तान टीम के कोच मिकी ऑर्थर ने अपने किस बल्लेबाज की विराट कोहली से की तुलना)टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘मेरे संन्यास लेने के बाद चेतेश्वर पुजारा ने नंबर तीन पर बेजोड़ प्रदर्शन किया है. वह बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है. वह इस सीरीज (इंग्लैंड के खिलाफ) में अच्छा खेल रहा है. वह बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ी है. उम्मीद है कि हमें उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आगे देखने को मिलेगा. अजिंक्य रहाणे भी बेहतरीन बल्लेबाज है. विराट तो पूरी तरह से सनसनी है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘मेरे संन्यास लेने के बाद चेतेश्वर पुजारा ने नंबर तीन पर बेजोड़ प्रदर्शन किया है. वह बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है. वह इस सीरीज (इंग्लैंड के खिलाफ) में अच्छा खेल रहा है. वह बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ी है. उम्मीद है कि हमें उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आगे देखने को मिलेगा. अजिंक्य रहाणे भी बेहतरीन बल्लेबाज है. विराट तो पूरी तरह से सनसनी है.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | राहुल बोले-मौजूदा टेस्ट टीम विदेशों में भी हो सकती है सफल
टीम के बल्लेबाजी कौशल से मै बेहद प्रभावित हुआ हूं
अगर मध्यक्रम मजबूत रहता है तो सफलता का सर्वश्रेष्ठ मौका | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दक्षिणी कश्मीर में पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में आंतकियों के साथ शुक्रवार को हुई एक मुठभेड़ में सेना के तीन जवानों की मौत हो गई।
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पुलवामा के त्राल क्षेत्र के बुचू गांव में आंतकियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सैनिकों ने वहां आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया था।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने बताया कि सैनिक जब गांव की घेराबंदी कर रहे थे, उसी समय पास के जंगल के छुपे आतंकियों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी, जिससे तीन जवानों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त सुरक्षा बलों को क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है और आतंकियों की धरपकड़ के लिए वहां तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान से जुड़ी ज्यादा जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। ऐसी कुछ अपुष्ट खबरें भी आ रही है कि मारे गए जवानों के राइफल लेकर सभी आतंकी मौके से भाग निकले हैं।
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पुलवामा के त्राल क्षेत्र के बुचू गांव में आंतकियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सैनिकों ने वहां आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया था।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने बताया कि सैनिक जब गांव की घेराबंदी कर रहे थे, उसी समय पास के जंगल के छुपे आतंकियों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी, जिससे तीन जवानों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त सुरक्षा बलों को क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है और आतंकियों की धरपकड़ के लिए वहां तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान से जुड़ी ज्यादा जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। ऐसी कुछ अपुष्ट खबरें भी आ रही है कि मारे गए जवानों के राइफल लेकर सभी आतंकी मौके से भाग निकले हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि सैनिक जब गांव की घेराबंदी कर रहे थे, उसी समय पास के जंगल के छुपे आतंकियों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी, जिससे तीन जवानों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त सुरक्षा बलों को क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है और आतंकियों की धरपकड़ के लिए वहां तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान से जुड़ी ज्यादा जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। ऐसी कुछ अपुष्ट खबरें भी आ रही है कि मारे गए जवानों के राइफल लेकर सभी आतंकी मौके से भाग निकले हैं।
इस अभियान से जुड़ी ज्यादा जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। ऐसी कुछ अपुष्ट खबरें भी आ रही है कि मारे गए जवानों के राइफल लेकर सभी आतंकी मौके से भाग निकले हैं। | सारांश: श्रीनगर से 40 किलोमीटर दूर पुलवामा के त्राल क्षेत्र के बुचू गांव में आंतकियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सैनिकों ने वहां आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया था। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विवादों के लिए चर्चित दिल्ली के मांस निर्यातक मोइन कुरैशी को शनिवार थोड़े समय के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराट्रीय हवाई अड्डे पर निरद्ध किया गया पर बाद में उसे दुबई के लिए उड़ान पकड़ने की छूट दे दी गई.
अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने मनी-लांड्रिंग के एक मामले में कुरैशी की तलाश का नोटिस जारी कर रखा था और उसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई. अधिकारियों ने बताया कि कुरैशी सुबह दुबई जाने के लिए हवाई अड्डे पर पहुंचे थे. आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने कुरैशी के हवाई अड्डे पर होने की सूचना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को दी और उन्होंने वहां पहुंच कर उन्हें निरद्ध कर लिया था.
हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार कुरैशी ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने अदालत में बांड भरकर उससे विदेश जाने की अनुमति ले रखी है. इस संबंध में उनके वकीलों ने हवाई अड्डे को कुछ कागजात फैक्स भी किए थे. इसके आधार पर आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उड़ान पकड़ने की छूट दे दी. टिप्पणियां
ईडी के सूत्रों ने कहा, "हमने आव्रजन विभाग के अधिकारियों से वे कागजात मांगे हैं जिनके आधार पर कुरैशी को बाहर जाने की छूट दी गई. हमारे अधिकारी कुरैशी को हिरासत में लेने के लिए मौके पर मौजूद थे पर उन्हें विमान में बैठने की छूट दे दी गई. " समझा जाता है कि ईडी के अधिकारी काफी समय से कुरैशी से पूछताछ करना चाहते थे और उन्हें नोटिस भी भेजा
था. एजेंसी ने उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला पिछले साल दर्ज किया था. कुरैशी पर कर चोरी और हवाला सौदों में शामिल होने के आरोपों में भी जांच चल रही है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने मनी-लांड्रिंग के एक मामले में कुरैशी की तलाश का नोटिस जारी कर रखा था और उसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई. अधिकारियों ने बताया कि कुरैशी सुबह दुबई जाने के लिए हवाई अड्डे पर पहुंचे थे. आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने कुरैशी के हवाई अड्डे पर होने की सूचना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को दी और उन्होंने वहां पहुंच कर उन्हें निरद्ध कर लिया था.
हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार कुरैशी ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने अदालत में बांड भरकर उससे विदेश जाने की अनुमति ले रखी है. इस संबंध में उनके वकीलों ने हवाई अड्डे को कुछ कागजात फैक्स भी किए थे. इसके आधार पर आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उड़ान पकड़ने की छूट दे दी. टिप्पणियां
ईडी के सूत्रों ने कहा, "हमने आव्रजन विभाग के अधिकारियों से वे कागजात मांगे हैं जिनके आधार पर कुरैशी को बाहर जाने की छूट दी गई. हमारे अधिकारी कुरैशी को हिरासत में लेने के लिए मौके पर मौजूद थे पर उन्हें विमान में बैठने की छूट दे दी गई. " समझा जाता है कि ईडी के अधिकारी काफी समय से कुरैशी से पूछताछ करना चाहते थे और उन्हें नोटिस भी भेजा
था. एजेंसी ने उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला पिछले साल दर्ज किया था. कुरैशी पर कर चोरी और हवाला सौदों में शामिल होने के आरोपों में भी जांच चल रही है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार कुरैशी ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने अदालत में बांड भरकर उससे विदेश जाने की अनुमति ले रखी है. इस संबंध में उनके वकीलों ने हवाई अड्डे को कुछ कागजात फैक्स भी किए थे. इसके आधार पर आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उड़ान पकड़ने की छूट दे दी. टिप्पणियां
ईडी के सूत्रों ने कहा, "हमने आव्रजन विभाग के अधिकारियों से वे कागजात मांगे हैं जिनके आधार पर कुरैशी को बाहर जाने की छूट दी गई. हमारे अधिकारी कुरैशी को हिरासत में लेने के लिए मौके पर मौजूद थे पर उन्हें विमान में बैठने की छूट दे दी गई. " समझा जाता है कि ईडी के अधिकारी काफी समय से कुरैशी से पूछताछ करना चाहते थे और उन्हें नोटिस भी भेजा
था. एजेंसी ने उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला पिछले साल दर्ज किया था. कुरैशी पर कर चोरी और हवाला सौदों में शामिल होने के आरोपों में भी जांच चल रही है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ईडी के सूत्रों ने कहा, "हमने आव्रजन विभाग के अधिकारियों से वे कागजात मांगे हैं जिनके आधार पर कुरैशी को बाहर जाने की छूट दी गई. हमारे अधिकारी कुरैशी को हिरासत में लेने के लिए मौके पर मौजूद थे पर उन्हें विमान में बैठने की छूट दे दी गई. " समझा जाता है कि ईडी के अधिकारी काफी समय से कुरैशी से पूछताछ करना चाहते थे और उन्हें नोटिस भी भेजा
था. एजेंसी ने उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला पिछले साल दर्ज किया था. कुरैशी पर कर चोरी और हवाला सौदों में शामिल होने के आरोपों में भी जांच चल रही है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ईडी ने मनीलांड्रिंग के मामले में कुरैशी की तलाश का नोटिस जारी कर रखा था
ईडी के अधिकारियों ने एयरपोर्ट पहुंच कर कुरैशी को पकड़ा
कुरेशी के वकीलों ने हवाई अड्डे को कुछ कागजात फैक्स भी किए थे | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अन्ना हजारे ने कहा है कि वो अब पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और वो दस दिन बाद अपने गांव रालेगण सिद्दी से बाहर निकलेंगे। लेकिन वह चुनावों में प्रचार करेंगे या नहीं यह अभी भी साफ नहीं है।टिप्पणियां
अन्ना ने यह बात मकर सक्रांति के मौके पर उनसे मिलने आए लोगों से कही।
अन्ना ने कहा कि उनकी सेहत अब ठीक है और वो दस दिन बाद यहां से बाहर निकलेंगे। हालांकि अन्ना के पीए सुरेश पठारे ने कहा कि अन्ना का जो भी अगला कार्यक्रम होगा वह डॉक्टरों की सलाह के बाद ही बनाया जाएगा।
अन्ना ने यह बात मकर सक्रांति के मौके पर उनसे मिलने आए लोगों से कही।
अन्ना ने कहा कि उनकी सेहत अब ठीक है और वो दस दिन बाद यहां से बाहर निकलेंगे। हालांकि अन्ना के पीए सुरेश पठारे ने कहा कि अन्ना का जो भी अगला कार्यक्रम होगा वह डॉक्टरों की सलाह के बाद ही बनाया जाएगा।
अन्ना ने कहा कि उनकी सेहत अब ठीक है और वो दस दिन बाद यहां से बाहर निकलेंगे। हालांकि अन्ना के पीए सुरेश पठारे ने कहा कि अन्ना का जो भी अगला कार्यक्रम होगा वह डॉक्टरों की सलाह के बाद ही बनाया जाएगा। | संक्षिप्त सारांश: अन्ना हजारे ने कहा है कि वो अब पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और वो दस दिन बाद अपने गांव रालेगण सिद्दी से बाहर निकलेंगे। लेकिन वह चुनावों में प्रचार करेंगे या नहीं यह अभी भी साफ नहीं है। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजय माकन ने शुक्रवार को भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के काम जारी नहीं रखने के फैसले का स्वागत किया लेकिन यह भी कहा कि कलमाड़ी को इस पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद कलमाड़ी को जमानत मिलने के एक दिन बाद माकन ने कहा कि किसी आरोपी को खेल संघ की कुर्सी पर नहीं बने रहने देना चाहिए और साथ ही उसके ऊपर इस बात का फैसला भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए कि वह इस कुर्सी पर बने रहना चाहता है या नहीं।
माकन ने कहा, "कलमाड़ी ने आईओए का काम जारी नहीं रखने का जायज फैसला किया है लेकिन उन्होंने इस पद से इस्तीफा नहीं दिया है। किसी आरोपी को खेल संघ की कुर्सी पर नहीं बने रहने देना चाहिए। और तो और उसके ऊपर इस बात का फैसला भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए कि वह इस कुर्सी पर बने रहना चाहता है या नहीं।"
कलमाड़ी न तो अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहते हैं और न ही इस्तीफा देना चाहते हैं। कलमाड़ी गुरुवार को जमानत पर रिहा हुए थे।
यही कारण है कि कलमाड़ी ने कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा को पहले ही तरह काम जारी रखने को कहा है। कलमाड़ी ने एक पत्र के माध्यम से आईओए का काम जारी रखने को कहा।
माकन ने कहा कि प्रस्तावित खेल विधेयक ऐसे हालात को रोकने के लिए काफी सक्षम है। मौजूदा नियमों के अनुसार कलमाड़ी जमानत पर रिहा होने के साथ ही आईओए का अध्यक्ष बनने का पूरा हक रखते हैं।
इसका कारण यह है कि उन्होंने न तो इस पद से इस्तीफा दिया था और न ही कार्यकारिणी ने उन्हें इस पद से बर्खास्त किया था। ऐसे में कलमाडी को आईओए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष से अपनी कुर्सी हासिल करने का पूरा हक है।टिप्पणियां
कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें तथा पूर्व महानिदशक वीके वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जमानत पर रिहा किया था। दोनों ने नौ महीने तिहाड़ जेल में बिताए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीते वर्ष 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था जबकि वर्मा को 23 फरवरी को खेलों से जुड़े एक ठेके में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन सबके खिलाफ सीबीआई ने मई में आरोप पत्र दाखिल किया था।
राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद कलमाड़ी को जमानत मिलने के एक दिन बाद माकन ने कहा कि किसी आरोपी को खेल संघ की कुर्सी पर नहीं बने रहने देना चाहिए और साथ ही उसके ऊपर इस बात का फैसला भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए कि वह इस कुर्सी पर बने रहना चाहता है या नहीं।
माकन ने कहा, "कलमाड़ी ने आईओए का काम जारी नहीं रखने का जायज फैसला किया है लेकिन उन्होंने इस पद से इस्तीफा नहीं दिया है। किसी आरोपी को खेल संघ की कुर्सी पर नहीं बने रहने देना चाहिए। और तो और उसके ऊपर इस बात का फैसला भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए कि वह इस कुर्सी पर बने रहना चाहता है या नहीं।"
कलमाड़ी न तो अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहते हैं और न ही इस्तीफा देना चाहते हैं। कलमाड़ी गुरुवार को जमानत पर रिहा हुए थे।
यही कारण है कि कलमाड़ी ने कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा को पहले ही तरह काम जारी रखने को कहा है। कलमाड़ी ने एक पत्र के माध्यम से आईओए का काम जारी रखने को कहा।
माकन ने कहा कि प्रस्तावित खेल विधेयक ऐसे हालात को रोकने के लिए काफी सक्षम है। मौजूदा नियमों के अनुसार कलमाड़ी जमानत पर रिहा होने के साथ ही आईओए का अध्यक्ष बनने का पूरा हक रखते हैं।
इसका कारण यह है कि उन्होंने न तो इस पद से इस्तीफा दिया था और न ही कार्यकारिणी ने उन्हें इस पद से बर्खास्त किया था। ऐसे में कलमाडी को आईओए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष से अपनी कुर्सी हासिल करने का पूरा हक है।टिप्पणियां
कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें तथा पूर्व महानिदशक वीके वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जमानत पर रिहा किया था। दोनों ने नौ महीने तिहाड़ जेल में बिताए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीते वर्ष 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था जबकि वर्मा को 23 फरवरी को खेलों से जुड़े एक ठेके में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन सबके खिलाफ सीबीआई ने मई में आरोप पत्र दाखिल किया था।
माकन ने कहा, "कलमाड़ी ने आईओए का काम जारी नहीं रखने का जायज फैसला किया है लेकिन उन्होंने इस पद से इस्तीफा नहीं दिया है। किसी आरोपी को खेल संघ की कुर्सी पर नहीं बने रहने देना चाहिए। और तो और उसके ऊपर इस बात का फैसला भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए कि वह इस कुर्सी पर बने रहना चाहता है या नहीं।"
कलमाड़ी न तो अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहते हैं और न ही इस्तीफा देना चाहते हैं। कलमाड़ी गुरुवार को जमानत पर रिहा हुए थे।
यही कारण है कि कलमाड़ी ने कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा को पहले ही तरह काम जारी रखने को कहा है। कलमाड़ी ने एक पत्र के माध्यम से आईओए का काम जारी रखने को कहा।
माकन ने कहा कि प्रस्तावित खेल विधेयक ऐसे हालात को रोकने के लिए काफी सक्षम है। मौजूदा नियमों के अनुसार कलमाड़ी जमानत पर रिहा होने के साथ ही आईओए का अध्यक्ष बनने का पूरा हक रखते हैं।
इसका कारण यह है कि उन्होंने न तो इस पद से इस्तीफा दिया था और न ही कार्यकारिणी ने उन्हें इस पद से बर्खास्त किया था। ऐसे में कलमाडी को आईओए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष से अपनी कुर्सी हासिल करने का पूरा हक है।टिप्पणियां
कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें तथा पूर्व महानिदशक वीके वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जमानत पर रिहा किया था। दोनों ने नौ महीने तिहाड़ जेल में बिताए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीते वर्ष 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था जबकि वर्मा को 23 फरवरी को खेलों से जुड़े एक ठेके में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन सबके खिलाफ सीबीआई ने मई में आरोप पत्र दाखिल किया था।
कलमाड़ी न तो अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहते हैं और न ही इस्तीफा देना चाहते हैं। कलमाड़ी गुरुवार को जमानत पर रिहा हुए थे।
यही कारण है कि कलमाड़ी ने कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा को पहले ही तरह काम जारी रखने को कहा है। कलमाड़ी ने एक पत्र के माध्यम से आईओए का काम जारी रखने को कहा।
माकन ने कहा कि प्रस्तावित खेल विधेयक ऐसे हालात को रोकने के लिए काफी सक्षम है। मौजूदा नियमों के अनुसार कलमाड़ी जमानत पर रिहा होने के साथ ही आईओए का अध्यक्ष बनने का पूरा हक रखते हैं।
इसका कारण यह है कि उन्होंने न तो इस पद से इस्तीफा दिया था और न ही कार्यकारिणी ने उन्हें इस पद से बर्खास्त किया था। ऐसे में कलमाडी को आईओए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष से अपनी कुर्सी हासिल करने का पूरा हक है।टिप्पणियां
कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें तथा पूर्व महानिदशक वीके वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जमानत पर रिहा किया था। दोनों ने नौ महीने तिहाड़ जेल में बिताए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीते वर्ष 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था जबकि वर्मा को 23 फरवरी को खेलों से जुड़े एक ठेके में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन सबके खिलाफ सीबीआई ने मई में आरोप पत्र दाखिल किया था।
माकन ने कहा कि प्रस्तावित खेल विधेयक ऐसे हालात को रोकने के लिए काफी सक्षम है। मौजूदा नियमों के अनुसार कलमाड़ी जमानत पर रिहा होने के साथ ही आईओए का अध्यक्ष बनने का पूरा हक रखते हैं।
इसका कारण यह है कि उन्होंने न तो इस पद से इस्तीफा दिया था और न ही कार्यकारिणी ने उन्हें इस पद से बर्खास्त किया था। ऐसे में कलमाडी को आईओए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष से अपनी कुर्सी हासिल करने का पूरा हक है।टिप्पणियां
कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें तथा पूर्व महानिदशक वीके वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जमानत पर रिहा किया था। दोनों ने नौ महीने तिहाड़ जेल में बिताए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीते वर्ष 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था जबकि वर्मा को 23 फरवरी को खेलों से जुड़े एक ठेके में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन सबके खिलाफ सीबीआई ने मई में आरोप पत्र दाखिल किया था।
इसका कारण यह है कि उन्होंने न तो इस पद से इस्तीफा दिया था और न ही कार्यकारिणी ने उन्हें इस पद से बर्खास्त किया था। ऐसे में कलमाडी को आईओए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष से अपनी कुर्सी हासिल करने का पूरा हक है।टिप्पणियां
कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें तथा पूर्व महानिदशक वीके वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जमानत पर रिहा किया था। दोनों ने नौ महीने तिहाड़ जेल में बिताए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीते वर्ष 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था जबकि वर्मा को 23 फरवरी को खेलों से जुड़े एक ठेके में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन सबके खिलाफ सीबीआई ने मई में आरोप पत्र दाखिल किया था।
कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें तथा पूर्व महानिदशक वीके वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जमानत पर रिहा किया था। दोनों ने नौ महीने तिहाड़ जेल में बिताए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीते वर्ष 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था जबकि वर्मा को 23 फरवरी को खेलों से जुड़े एक ठेके में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन सबके खिलाफ सीबीआई ने मई में आरोप पत्र दाखिल किया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीते वर्ष 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था जबकि वर्मा को 23 फरवरी को खेलों से जुड़े एक ठेके में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन सबके खिलाफ सीबीआई ने मई में आरोप पत्र दाखिल किया था। | संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजय माकन ने आईओए के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के काम जारी नहीं रखने के फैसले का स्वागत किया लेकिन यह भी कहा कि उन्हें इस पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार से राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में राजग प्रत्याशी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सतीश चंद्र दुबे बुधवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए. बता दें कि इस सीट से तीन साल पहले चुने गए प्रसिद्ध वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी का हाल में निधन हो गया था. पिछली लोकसभा में बिहार के वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद रहे दुबे ने चार अक्तूबर को अपना नामंकन पत्र दाखिल किया था. बिहार विधानसभा सचिव बटेसर नाथ पांडेय ने बुधवार को बताया कि दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र वापस लेने की समय सीमा खत्म होने के बाद सतीश चंद्र दुबे को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया और उन्हें प्रमाणपत्र सौंप दिया गया.
वहीं राम जेठमलानी को 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू, जो उस समय राजद और कांग्रेस के साथ प्रदेश में सत्तासीन थी, के कोटे की सीट पर चुना गया था. जेठमलानी चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद के वकील रहे थे. राजग प्रत्याशी की जीत पक्की होने के चलते बिहार में विपक्षी महागठबंधन में शामिल राजद ने राज्यसभा की इस सीट के लिए अपने किसी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा था. हालांकि शुरुआत में ऐसी अटकलें लगायी जा रही थीं कि इस सीट से जदयू अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहेगी. | संक्षिप्त पाठ: बिहार से राज्यसभा की एक सीट के लिए हुआ था उपचुनाव
इस सीट से तीन साल पहले चुने गए राम जेठमलानी का पिछले महीने हो गया था निधन
पिछली लोकसभा में बिहार के वाल्मीकि नगर से लोकसभा संसद रह चुके हैं दुबे | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आउटलुक एशिया कैपिटल के सीईओ मनोज नागपाल के मुताबिक, हमें लगता है कि अगले 18 महीनों में ब्याज की दरों में 100-150 बीपीएस की कटौती देखी जा सकती है. लोग नकदी की बजाए इलेट्रॉनिक और ऑनलाइन पेमेंट के विकल्प की ओर अग्रसर होंगे. मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने में इससे मदद मिलेगी और इसके चलते फिर ब्याज दरों में कटौती की संभावना बन सकती है.टिप्पणियां
आरबीआई की अगली पॉलिसी मीट 7 दिसंबर को होनी है. केंद्रीय बैंक अच्छे खासे रेट कट का ऐलान कर सकता है, यह कहना है मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का. दूसरी ओर, विमुद्रीकरण के इस फैसले से बैंकों में अधिक डिपॉजिट होगा. बग्गा कहते हैं कि यह करंट और सेविंग अकाउंट में मौजूद धन कम से कम 4 लाख करोड़ रुपए से 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है.
वहीं नागपाल कहते हैं कि बैंक डिपॉजिट में वृद्धि होने, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं और वीक लैंडिंग एक्टिविटी के चलते बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट रेटों पर दबाव पड़ सकता है. कम जोखिम लेने वाले निवेशकों को अधिक मच्यॉरिटी वाली एफडी में पैसा जमा करवा सकते हैं यदि वे रिकरिंग मंथली या सालाना इनकम चाहते हैं. या फिर उन्हें लॉन्ग टर्म के डेट म्यूचुअल फंड्स की ओर रुख करना चाहिए यदि वे गिरती हुई ब्याज दरों का लाभ लेना चाहते हैं तो. डेट और बॉन्ड मार्केट को हमेशा गिरती हुए ब्याज दरों के ट्रेंडिग सर्कल का लाभ मिलता है.
आरबीआई की अगली पॉलिसी मीट 7 दिसंबर को होनी है. केंद्रीय बैंक अच्छे खासे रेट कट का ऐलान कर सकता है, यह कहना है मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का. दूसरी ओर, विमुद्रीकरण के इस फैसले से बैंकों में अधिक डिपॉजिट होगा. बग्गा कहते हैं कि यह करंट और सेविंग अकाउंट में मौजूद धन कम से कम 4 लाख करोड़ रुपए से 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है.
वहीं नागपाल कहते हैं कि बैंक डिपॉजिट में वृद्धि होने, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं और वीक लैंडिंग एक्टिविटी के चलते बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट रेटों पर दबाव पड़ सकता है. कम जोखिम लेने वाले निवेशकों को अधिक मच्यॉरिटी वाली एफडी में पैसा जमा करवा सकते हैं यदि वे रिकरिंग मंथली या सालाना इनकम चाहते हैं. या फिर उन्हें लॉन्ग टर्म के डेट म्यूचुअल फंड्स की ओर रुख करना चाहिए यदि वे गिरती हुई ब्याज दरों का लाभ लेना चाहते हैं तो. डेट और बॉन्ड मार्केट को हमेशा गिरती हुए ब्याज दरों के ट्रेंडिग सर्कल का लाभ मिलता है.
वहीं नागपाल कहते हैं कि बैंक डिपॉजिट में वृद्धि होने, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं और वीक लैंडिंग एक्टिविटी के चलते बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट रेटों पर दबाव पड़ सकता है. कम जोखिम लेने वाले निवेशकों को अधिक मच्यॉरिटी वाली एफडी में पैसा जमा करवा सकते हैं यदि वे रिकरिंग मंथली या सालाना इनकम चाहते हैं. या फिर उन्हें लॉन्ग टर्म के डेट म्यूचुअल फंड्स की ओर रुख करना चाहिए यदि वे गिरती हुई ब्याज दरों का लाभ लेना चाहते हैं तो. डेट और बॉन्ड मार्केट को हमेशा गिरती हुए ब्याज दरों के ट्रेंडिग सर्कल का लाभ मिलता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अर्थव्यवस्था पर निकट भविष्य में बुरा असर संभव, कहना है विश्लेषकों का
मगर, लंबे समय में ये कदम आर्थिक रूप से नफे का सौदा साबित हो सकते हैं
फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर भी असर | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम का मानना है कि भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट शृंखला के लिए विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल को टीम में शामिल नहीं करके वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने भारी भूल की है। अकरम का कहना है कि क्रिकेट बोर्ड के इस कदम से गेल कुछ नहीं खोएंगे और केवल मेजबान टीम ही कमजोर होगी। गौरतलब है कि एक रेडियो साक्षात्कार को लेकर बोर्ड से हुए विवाद की वजह से गेल को भारत के खिलाफ सीरीज से बाहर रखा गया है। इस साक्षात्कार में गेल ने बोर्ड पर चोटिल होने के समय मझधार में छोड़ने का आरोप लगाया था।अकरम ने कहा, केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि अनुशासन भी काफी महत्वपूर्ण होता है। लेकिन आईपीएल जैसे लुभावने ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट की मौजूदगी की वजह से अगर गेल वेस्टइंडीज के लिए फिर कभी भी नहीं खेलते हैं, तो वह कुछ नहीं खोएंगे।उन्होंने कहा, आईपीएल-4 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से खेलते हुए हम सभी ने देखा कि वह वह कितना शानदार खिलाड़ी है। वह कुछ ओवर में मैच का पासा पलट सकता है। इसलिए मुझे लगता है कि वेस्टइंडीज क्रिकेट को गेल को नहीं चुनकर बहुत कुछ खोना पड़ेगा। | यह एक सारांश है: वसीम अकरम का मानना है कि भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट शृंखला के लिए क्रिस गेल को टीम में शामिल नहीं करके वेस्टइंडीज बोर्ड ने भारी भूल की है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को 43वें पीपल्स चॉइस अवॉर्ड्स में पसंदीदा ड्रामेटिक टीवी अभिनेत्री का अवॉर्ड दिया गया है. प्रियंका ने यह अवॉर्ड 'क्वांटिको' के लिए दूसरी बार जीता है. अवॉर्ड समारोह का आयोजन लॉस एंजिलिस के माइक्रोसॉफ्ट थियेटर में गुरुवार सुबह (भारतीय समय के अनुसार) आयोजित किया गया. प्रियंका अमेरिकन क्राइम ड्रामा सीरीज 'क्वांटिको' में मुख्य भूमिका निभा रही हैं. इन दिनों वह शो के दूसरे सीजन की शूटिंग में व्यस्त हैं जिसमें वह एफबीआई एजेंट की भूमिका निभा रही हैं.
अवॉर्ड लेने के बाद प्रियंका ने कहा, "मैं ड्रामा क्वीन बनकर बेहद खुश हूं. यह सफर बेहतरीन रहा, मेरे टेलीविजन को जॉइन करने में आज मेरे साथ नॉमिनेट हुई हर अभिनेत्री का योगदान रहा, उनसे मिली प्रेरणा की वजह से ही मैं आज यहां हूं और यह अवॉर्ड ले रही हूं. उनके साथ उन्हीं की कैटेगरी में शामिल होकर मैं बेहद खुश हूं.' अपनी स्पीच खत्म करते हुए प्रियंका ने कहा, 'यह मेरे लिए दुनिया है.'टिप्पणियां
हाल ही में न्यूयॉर्क में शो की शूटिंग के दौरान प्रियंका घायल हो गई थीं और दो दिन पहले ही उन्होंने शूटिंग वापस शुरू की है. अवॉर्ड समारोह में हॉलीवुड स्टार ड्वेन जॉनसन भी शामिल हुए. वह प्रियंका की पहली हॉलीवुड फिल्म 'बेवॉच' के हीरो हैं, फिल्म मई में रिलीज होने वाली है. प्रियंका की मां मधु चोपड़ा भी अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल हुईं. प्रियंका के साथ इस कैटेगिरी में कैरी वॉशिंगटन, एलन पोम्पियो, ताराजी पी हेन्सन और वायोला डेविस को नॉमिनेट किया गया था.
प्रियंका चोपड़ा इस साल दो बॉलीवुड फिल्में साइन करने वाली हैं. उनकी आखिरी बॉलीवुड फिल्म प्रकाश झा की 'जय गंगाजल' थी. वहीं उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म 'बेवॉच' 26 मई को रिलीज होने वाली है. फिल्म में वह मुख्य विलेन विक्टोरिया लीड्स की भूमिका निभा रही हैं वहीं ड्वेन जॉनसन लाइफ गार्ड की भूमिका में नजर आएंगे.
अवॉर्ड लेने के बाद प्रियंका ने कहा, "मैं ड्रामा क्वीन बनकर बेहद खुश हूं. यह सफर बेहतरीन रहा, मेरे टेलीविजन को जॉइन करने में आज मेरे साथ नॉमिनेट हुई हर अभिनेत्री का योगदान रहा, उनसे मिली प्रेरणा की वजह से ही मैं आज यहां हूं और यह अवॉर्ड ले रही हूं. उनके साथ उन्हीं की कैटेगरी में शामिल होकर मैं बेहद खुश हूं.' अपनी स्पीच खत्म करते हुए प्रियंका ने कहा, 'यह मेरे लिए दुनिया है.'टिप्पणियां
हाल ही में न्यूयॉर्क में शो की शूटिंग के दौरान प्रियंका घायल हो गई थीं और दो दिन पहले ही उन्होंने शूटिंग वापस शुरू की है. अवॉर्ड समारोह में हॉलीवुड स्टार ड्वेन जॉनसन भी शामिल हुए. वह प्रियंका की पहली हॉलीवुड फिल्म 'बेवॉच' के हीरो हैं, फिल्म मई में रिलीज होने वाली है. प्रियंका की मां मधु चोपड़ा भी अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल हुईं. प्रियंका के साथ इस कैटेगिरी में कैरी वॉशिंगटन, एलन पोम्पियो, ताराजी पी हेन्सन और वायोला डेविस को नॉमिनेट किया गया था.
प्रियंका चोपड़ा इस साल दो बॉलीवुड फिल्में साइन करने वाली हैं. उनकी आखिरी बॉलीवुड फिल्म प्रकाश झा की 'जय गंगाजल' थी. वहीं उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म 'बेवॉच' 26 मई को रिलीज होने वाली है. फिल्म में वह मुख्य विलेन विक्टोरिया लीड्स की भूमिका निभा रही हैं वहीं ड्वेन जॉनसन लाइफ गार्ड की भूमिका में नजर आएंगे.
हाल ही में न्यूयॉर्क में शो की शूटिंग के दौरान प्रियंका घायल हो गई थीं और दो दिन पहले ही उन्होंने शूटिंग वापस शुरू की है. अवॉर्ड समारोह में हॉलीवुड स्टार ड्वेन जॉनसन भी शामिल हुए. वह प्रियंका की पहली हॉलीवुड फिल्म 'बेवॉच' के हीरो हैं, फिल्म मई में रिलीज होने वाली है. प्रियंका की मां मधु चोपड़ा भी अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल हुईं. प्रियंका के साथ इस कैटेगिरी में कैरी वॉशिंगटन, एलन पोम्पियो, ताराजी पी हेन्सन और वायोला डेविस को नॉमिनेट किया गया था.
प्रियंका चोपड़ा इस साल दो बॉलीवुड फिल्में साइन करने वाली हैं. उनकी आखिरी बॉलीवुड फिल्म प्रकाश झा की 'जय गंगाजल' थी. वहीं उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म 'बेवॉच' 26 मई को रिलीज होने वाली है. फिल्म में वह मुख्य विलेन विक्टोरिया लीड्स की भूमिका निभा रही हैं वहीं ड्वेन जॉनसन लाइफ गार्ड की भूमिका में नजर आएंगे.
प्रियंका चोपड़ा इस साल दो बॉलीवुड फिल्में साइन करने वाली हैं. उनकी आखिरी बॉलीवुड फिल्म प्रकाश झा की 'जय गंगाजल' थी. वहीं उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म 'बेवॉच' 26 मई को रिलीज होने वाली है. फिल्म में वह मुख्य विलेन विक्टोरिया लीड्स की भूमिका निभा रही हैं वहीं ड्वेन जॉनसन लाइफ गार्ड की भूमिका में नजर आएंगे. | लॉस एंजिलिस में आयोजित किया गया पीपल्स चॉइस अवॉर्ड समारोह
'क्वांटिको' के लिए उन्हें पसंदीदा ड्रामेटिक टीवी अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला
प्रियंका की मां मधु चोपड़ा भी अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल हुईं. | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: परमाणु ऊर्जा विनियामक बोर्ड (एईआरबी) ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र के रिएक्टर को ठंडक पहुंचाने वाले तंत्र में पाए गए चार खराब वॉल्व को बदलकर उनकी जगह नए वॉल्व लगाने का आदेश दिया है। संयंत्र का परिचालन शुरू किए जाने से पहले इस साल की शुरुआत में ही हुई जांच में वॉल्वों में खराबी पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र में लगे उपकरणों की जांच के दौरान चार वॉल्वों के हिस्सों में खामियों का पता लगा। रिएक्टर में ऐसे हजारों वॉल्व लगे होते हैं।
एईआरबी के सचिव आर भट्टाचार्य ने शुक्रवार की शाम एक बयान जारी कर कहा, ‘‘संयंत्र में लगे हजारों वॉल्वों की जांच के दौरान एक विशेष प्रकार के चार वॉल्व में खामियां पाई गईं। वे ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे।’’
अधिकारियों ने कहा कि जिन वॉल्व में खामियां पाई गईं वे एमरजेंसी कोर कूलिंग सिस्टम (ईसीसीएस) में थे। ईसीसीएस परमाणु रिएक्टर से उष्मा कम करने का काम करती है। टिप्पणियां
इस मामले के बाद अब कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र को शुरू करने में अभी और देर लगेगी।
एईआरबी ने अपने बयान में कहा है कि बहुस्तरीय जांचों में गुणवत्ता प्रमाणित करने वाले कार्यक्रम के तहत ही काम किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि संतोषजनक समीक्षा के बाद ही मंजूरी दी जाएगी।
एईआरबी के सचिव आर भट्टाचार्य ने शुक्रवार की शाम एक बयान जारी कर कहा, ‘‘संयंत्र में लगे हजारों वॉल्वों की जांच के दौरान एक विशेष प्रकार के चार वॉल्व में खामियां पाई गईं। वे ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे।’’
अधिकारियों ने कहा कि जिन वॉल्व में खामियां पाई गईं वे एमरजेंसी कोर कूलिंग सिस्टम (ईसीसीएस) में थे। ईसीसीएस परमाणु रिएक्टर से उष्मा कम करने का काम करती है। टिप्पणियां
इस मामले के बाद अब कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र को शुरू करने में अभी और देर लगेगी।
एईआरबी ने अपने बयान में कहा है कि बहुस्तरीय जांचों में गुणवत्ता प्रमाणित करने वाले कार्यक्रम के तहत ही काम किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि संतोषजनक समीक्षा के बाद ही मंजूरी दी जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि जिन वॉल्व में खामियां पाई गईं वे एमरजेंसी कोर कूलिंग सिस्टम (ईसीसीएस) में थे। ईसीसीएस परमाणु रिएक्टर से उष्मा कम करने का काम करती है। टिप्पणियां
इस मामले के बाद अब कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र को शुरू करने में अभी और देर लगेगी।
एईआरबी ने अपने बयान में कहा है कि बहुस्तरीय जांचों में गुणवत्ता प्रमाणित करने वाले कार्यक्रम के तहत ही काम किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि संतोषजनक समीक्षा के बाद ही मंजूरी दी जाएगी।
इस मामले के बाद अब कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र को शुरू करने में अभी और देर लगेगी।
एईआरबी ने अपने बयान में कहा है कि बहुस्तरीय जांचों में गुणवत्ता प्रमाणित करने वाले कार्यक्रम के तहत ही काम किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि संतोषजनक समीक्षा के बाद ही मंजूरी दी जाएगी।
एईआरबी ने अपने बयान में कहा है कि बहुस्तरीय जांचों में गुणवत्ता प्रमाणित करने वाले कार्यक्रम के तहत ही काम किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि संतोषजनक समीक्षा के बाद ही मंजूरी दी जाएगी। | सारांश: एईआरबी ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र के रिएक्टर को ठंडक पहुंचाने वाले तंत्र में पाए गए चार खराब वॉल्व को बदलकर उनकी जगह नए वॉल्व लगाने का आदेश दिया है। संयंत्र का परिचालन शुरू किए जाने से पहले इस साल की शुरुआत में ही हुई जांच में वॉल्वों में खराबी पाई | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी प्रशासन ने मुंबई हमला मामले में संलिप्तता के आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी और छह अन्य संदिग्धों से पूछताछ करने के लिए अपना जांच आयोग इस्लामाबाद भेजने के भारत के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। डॉन अखबार के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ऐसा कोई कानून नहीं है जिसके तहत हम भारतीय जांचकर्ताओं को न्यायिक हिरासत में रखे गये सात आरोपियों से पूछताछ करने की इजाजत दे सकें। भारत ने एक आधिकारिक पत्र भेजकर वर्ष 2008 के मुंबई हमलों की जांच से जुड़े अहम अधिकारियों से सवालात करने के लिए पाकिस्तानी आयोग भेजने की अनुमति देने की इच्छा जाहिर की थी। इसी पत्र में भारत ने पाकिस्तान से कहा था कि वह भी अपने दल को इस्लामाबाद आकर सात आरोपियों से पूछताछ करने की इजाजत दे। गृह मंत्री पी चिदंबरम ने मीडिया से दो मार्च को कहा था कि भारत ने पाकिस्तान से यह अनुरोध किया है कि वह संदिग्धों से पूछताछ करने के लिये भारत से एक दल को अपने देश में आने देने की सहमति जताये। मुंबई हमलों की जांच कर रही पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के प्रमुख वाजिद जिया ने गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को जवाब भेज दिया है जिसे पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के पास भेजा जा चुका है ताकि फैसले के बारे में भारतीय प्रशासन को अवगत कराया जा सके। सूत्रों ने अखबार डॉन को बताया कि जिया का लिखा पत्र कहता है कि पाकिस्तान ने हमलों के दौरान गिरफ्त में आये एकमात्र आतंकवादी अजमल कसाब का बयान दर्ज करने वाले मजिस्ट्रेट सहित अन्य लोगों से पूछताछ करने के लिये अपना एक आयोग भारत भेजने का अनुरोध आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 503, 505 और 507 के तहत किया था। यह पत्र यह भी कहता है कि सातों पाकिस्तानी आरोपी लखवी, हमद अमीन सादिक, मजहर इकबाल उर्फ अबु अल कामा, अब्दुल वजीद उर्फ जरार शाह, मोहम्मद यूनुस अंजुम, शाहिद जमील रियाज और जमील अहमद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पत्र में इन संदिग्धों से पूछताछ करने के भारत के अनुरोध के कानूनी आधार के बारे में भी सवाल किये गये हैं। ये सातों संदिग्ध रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल में बंद हैं। | यहाँ एक सारांश है:ऐसा कोई कानून नहीं है जिसके तहत हम भारतीय जांचकर्ताओं को न्यायिक हिरासत में रखे गये सात आरोपियों से पूछताछ करने की इजाजत दे सकें। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: साल 2018 और 2019 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार की गुरुवार को घोषणा हुई. 2018 के लिए पोलिश लेखिका ओल्गा टोकार्कज़ुक (Olga Tokarczuk) और 2019 के लिए ऑस्ट्रियाई लेखक पीटर हैंडके (Peter Handke) को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया. गुरुवार को की गई घोषणा सहित वर्ष 1901 से अब तक साहित्य का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Literature) 112 बार और 116 लेखकों को दिया जा चुका है. अब तक कुल 15 महिलाओं को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है. सबसे कम उम्र में साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले (Nobel Laureate) 41-वर्षीय रुडयार्ड किपलिंग (Rudyard Kipling) थे, जिन्हें 1907 में पुरस्कृत किया गया था, और सबसे बड़ी उम्र में साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाली लेखिका 88-वर्षीय डोरिस लेसिंग (Doris Lessing) थीं, जिन्हें 2007 में यह पुरस्कार प्रदान किया गया.
साहित्य का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Literature) सात अवसरों - 1914, 1918, 1935, 1940, 1941, 1942 तथा 1943 - पर नहीं दिया गया था. चार बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार दो-दो लेखकों को संयुक्त रूप से दिया गया. वर्ष 1904 में फ्रेडरिक मिस्त्राल (Frédéric Mistral) व जोसे एकेगेरे (José Echegaray) को, वर्ष 1917 में कार्ल जेलरप (Karl Gjellerup) व हेनरिक पॉन्टोप्पिडन (Henrik Pontoppidan) को, वर्ष 1966 में शूमेल एगनॉन (Shmuel Agnon) व नेली सैक्स (Nelly Sachs) को तथा वर्ष 1974 में आईविन्ड जॉनसन (Eyvind Johnson) व हैरी मार्टिनसन (Harry Martinson) को संयुक्त रूप से दिया गया था. साहित्य का नोबेल पुरस्कार कभी किसी लेखक को दो बार नहीं दिया गया है. | यहाँ एक सारांश है:साल 2018 और 2019 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार की गुरुवार को घोषणा हुई
1901 से अब तक साहित्य का नोबेल पुरस्कार 112 बार और 116 लेखकों को मिला
सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले किपलिंग थे | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रेल यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर यात्रियों को अब महज 92 पैसे के प्रीमियम पर 10 लाख रुपये तक का यात्रा बीमा कवर मिलेगा.
रेल मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, IRCTC की वेबसाइट के जरिये यात्रा का टिकट बुक कराने पर यात्रियों को यात्रा बीमा कवर का विकल्प मिलेगा. इसके लिए उन्हें सिर्फ 92 पैसे का प्रीमियम देना होगा.
बता दें कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा बीमा कवर मुहैया कराने की घोषणा की थी. यह नई सुविधा सभी श्रेणियों के यात्रियों को उपलब्ध होगी, लेकिन इसमें उपनगरीय ट्रेनों को शामिल नहीं किया गया है.टिप्पणियां
यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी.
इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. वहीं आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा.
रेल मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, IRCTC की वेबसाइट के जरिये यात्रा का टिकट बुक कराने पर यात्रियों को यात्रा बीमा कवर का विकल्प मिलेगा. इसके लिए उन्हें सिर्फ 92 पैसे का प्रीमियम देना होगा.
बता दें कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा बीमा कवर मुहैया कराने की घोषणा की थी. यह नई सुविधा सभी श्रेणियों के यात्रियों को उपलब्ध होगी, लेकिन इसमें उपनगरीय ट्रेनों को शामिल नहीं किया गया है.टिप्पणियां
यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी.
इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. वहीं आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा.
बता दें कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा बीमा कवर मुहैया कराने की घोषणा की थी. यह नई सुविधा सभी श्रेणियों के यात्रियों को उपलब्ध होगी, लेकिन इसमें उपनगरीय ट्रेनों को शामिल नहीं किया गया है.टिप्पणियां
यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी.
इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. वहीं आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा.
यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी.
इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. वहीं आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा.
इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. वहीं आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा. | संक्षिप्त पाठ: IRCTC से ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर मिलेगी बीमा सुविधा
5 साल तक के बच्चे इसके दायरे में नहीं
विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा बीमा | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पूर्व प्रमुख केएस सुदर्शन मैसूर में कई घंटों तक लापता रहने के बाद मिल गए हैं। आरएसएस के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। वह गुरुवार सुबह घर से पांच बजकर 20 मिनट पर सैर के लिए निकले थे और उसके बाद से कई घंटों तक उनके बारे में कुछ पता नहीं चल पाया। वह यहां अपने भाई से मिलने आए हुए थे।टिप्पणियां
आज उनके साथ उनका सहायक भी नहीं था। सुदर्शन अपने साथ मोबाइल नहीं रखते थे, इसलिए उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस तत्काल उनकी तलाश में जुट गई। उनके परिचितों का कहना है कि वह बिना किसी पूर्व सूचना के कहीं बाहर नहीं जाते थे।
हालांकि कहा गया कि 81 साल के सुदर्शन को पिछले कुछ अरसे से भूलने की बीमारी है और हो सकता है कि वह रास्ता भूल गए हों या किसी परिचित के पास गए हों। पुलिस ने इसके पीछे किसी घटना की आशंका नहीं जताई थी। सुदर्शन साल 2000 से 2009 तक आरएसएस के प्रमुख रहे थे।
आज उनके साथ उनका सहायक भी नहीं था। सुदर्शन अपने साथ मोबाइल नहीं रखते थे, इसलिए उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस तत्काल उनकी तलाश में जुट गई। उनके परिचितों का कहना है कि वह बिना किसी पूर्व सूचना के कहीं बाहर नहीं जाते थे।
हालांकि कहा गया कि 81 साल के सुदर्शन को पिछले कुछ अरसे से भूलने की बीमारी है और हो सकता है कि वह रास्ता भूल गए हों या किसी परिचित के पास गए हों। पुलिस ने इसके पीछे किसी घटना की आशंका नहीं जताई थी। सुदर्शन साल 2000 से 2009 तक आरएसएस के प्रमुख रहे थे।
हालांकि कहा गया कि 81 साल के सुदर्शन को पिछले कुछ अरसे से भूलने की बीमारी है और हो सकता है कि वह रास्ता भूल गए हों या किसी परिचित के पास गए हों। पुलिस ने इसके पीछे किसी घटना की आशंका नहीं जताई थी। सुदर्शन साल 2000 से 2009 तक आरएसएस के प्रमुख रहे थे। | राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पूर्व प्रमुख केएस सुदर्शन मैसूर में गुरुवार सुबह घर से पांच बजकर 20 मिनट पर सैर के लिए निकले थे और उसके बाद से कई घंटों तक उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई थी। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा है कि सहकारी बैंकों की विश्वसनीयता घटी है और उनके कामकाज में पेशेवर रुख लाने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।टिप्पणियां
पुणे में सहकारिता पर एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में सुब्बाराव ने कहा, सहकारी बैंकों के कामकाज में पेशेवर रुख का अभाव है। उनके कामकाज और संचालन को पेशेवर रुख दिए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों के निदेशक मंडलों को बैंक के संचालन तक अपनी भूमिका सीमित रखने की जरूरत है और दैनिक कामकाज के मुख्य कार्यपालक के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबंधकों पर छोड़ देना चाहिए।
पुणे में सहकारिता पर एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में सुब्बाराव ने कहा, सहकारी बैंकों के कामकाज में पेशेवर रुख का अभाव है। उनके कामकाज और संचालन को पेशेवर रुख दिए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों के निदेशक मंडलों को बैंक के संचालन तक अपनी भूमिका सीमित रखने की जरूरत है और दैनिक कामकाज के मुख्य कार्यपालक के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबंधकों पर छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों के निदेशक मंडलों को बैंक के संचालन तक अपनी भूमिका सीमित रखने की जरूरत है और दैनिक कामकाज के मुख्य कार्यपालक के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबंधकों पर छोड़ देना चाहिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा है कि सहकारी बैंकों की विश्वसनीयता घटी है और उनके कामकाज में पेशेवर रुख लाने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरे टेस्ट मैच के पहले 'इन फॉर्म' केएल राहुल का चोटग्रस्त होना टीम इंडिया के लिए झटके की तरह रहा. राहुल की जगह दिल्ली के बाएं हाथ के बल्लेबाज गौतम गंभीर को टीम में स्थान दिया गया जबकि एक अन्य ओपनर शिखर धवन पहले ही टीम में मौजूद थे. ऐसे में पहले दिन, क्रिकेटप्रेमियों की जिज्ञासा इस बात को लेकर थी कि शिखर धवन और गौतम गंभीर में से किसे मुरली विजय के सहयोगी ओपनर चुना जाएगा. ये दोनों बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में खेलते हुए तेजी से स्कोर बढ़ाने में यकीन रखते हैं.आखिरकार फैसला 'गब्बर' के नाम से लोकप्रिय शिखर धवन के पक्ष में गया.
धवन और गंभीर, दोनों के अपने 'प्लस' और 'माइनस' प्वाइंट थे. जहां गौतम गंभीर के पक्ष में यह बात थी कि उन्होंने दलीप ट्रॉफी में हाल ही में बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया था. इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत बेहतरीन (42.58) रहा है. वहीं अगस्त 2014 के बाद कोई टेस्ट नहीं खेलना तथा 35 वर्ष की उम्र होना उनके खिलाफ जा रहा था. गौतम गंभीर और कप्तान विराट कोहली के रिश्ते सहज न होने के बात भी मीडिया में उठाई जा रही थी. धवन के लिहाज से बात करें तो गौतम के मुकाबले कम उम्र का होना और कप्तान कोहली का विश्वस्त होना उनके पक्ष में माना गया. बल्लेबाजी औसत में वे गंभीर से थोड़े ही पीछे (40.16) हैं, लेकिन उनका हाल का प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा है.टिप्पणियां
वेस्टइंडीज के खिलाफ, कैरेबियन मैदानों पर हुई सीरीज के पहले टेस्ट में उन्होंने 84 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद अगली तीन पारियों में वे 54 रन ही बना पाए थे. रन बनाने में नाकामी से कहीं अधिक धवन के आउट होने का तरीका प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन रहा था. उन्होंने ज्यादातर बार गैरजिम्मेदाराना शॉटखेलते हुए अपना विकेट गंवाया. वैसे भी अपने करियर के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों के धमाकेदार पारी खेलने के बाद धवन के प्रदर्शन में स्थिरता का अभाव रहा है. उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन 'कभी अच्छे और कभी कमजोर' के बीच झूलता रहा है. 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी धवन बड़ा स्कोर नहीं बना पाए थे और सेट होने के बाद विकेट गंवाने की चूक उन्हें भारी पड़ी थी.मोहाली में हुए सीरीज के पहले टेस्ट में तो वे दोनों पारियों में 0 पर आउट हुए थे.
ऐसी स्थिति में शिखर और गंभीर में किसी एक को चुनना कप्तान विराट कोहली और कोच अनिल कुंबले के लिए आसान नहीं था. आखिरकार शिखर धवन को टीम में स्थान मिला. यह अलग बात रही कि धवन पहली पारी में तो इस मौके का लाभ नहीं उठा सके और महज एक रन बनाकर वाटलिंग की गेंद पर बोल्ड हो गए. विकेट पर निगाह जमाए बिना उन्होंने आड़े बल्ले से कट शॉट लगाने की कोशिश की और अपना विकेट और हासिल हुआ मौका गंवा बैठे. स्वाभाविक रूप से, इस नाकामी के बाद गंभीर पर तरजीह देते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में स्थान देने के फैसले पर सवाल तो उठेंगे ही ..
धवन और गंभीर, दोनों के अपने 'प्लस' और 'माइनस' प्वाइंट थे. जहां गौतम गंभीर के पक्ष में यह बात थी कि उन्होंने दलीप ट्रॉफी में हाल ही में बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया था. इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत बेहतरीन (42.58) रहा है. वहीं अगस्त 2014 के बाद कोई टेस्ट नहीं खेलना तथा 35 वर्ष की उम्र होना उनके खिलाफ जा रहा था. गौतम गंभीर और कप्तान विराट कोहली के रिश्ते सहज न होने के बात भी मीडिया में उठाई जा रही थी. धवन के लिहाज से बात करें तो गौतम के मुकाबले कम उम्र का होना और कप्तान कोहली का विश्वस्त होना उनके पक्ष में माना गया. बल्लेबाजी औसत में वे गंभीर से थोड़े ही पीछे (40.16) हैं, लेकिन उनका हाल का प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा है.टिप्पणियां
वेस्टइंडीज के खिलाफ, कैरेबियन मैदानों पर हुई सीरीज के पहले टेस्ट में उन्होंने 84 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद अगली तीन पारियों में वे 54 रन ही बना पाए थे. रन बनाने में नाकामी से कहीं अधिक धवन के आउट होने का तरीका प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन रहा था. उन्होंने ज्यादातर बार गैरजिम्मेदाराना शॉटखेलते हुए अपना विकेट गंवाया. वैसे भी अपने करियर के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों के धमाकेदार पारी खेलने के बाद धवन के प्रदर्शन में स्थिरता का अभाव रहा है. उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन 'कभी अच्छे और कभी कमजोर' के बीच झूलता रहा है. 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी धवन बड़ा स्कोर नहीं बना पाए थे और सेट होने के बाद विकेट गंवाने की चूक उन्हें भारी पड़ी थी.मोहाली में हुए सीरीज के पहले टेस्ट में तो वे दोनों पारियों में 0 पर आउट हुए थे.
ऐसी स्थिति में शिखर और गंभीर में किसी एक को चुनना कप्तान विराट कोहली और कोच अनिल कुंबले के लिए आसान नहीं था. आखिरकार शिखर धवन को टीम में स्थान मिला. यह अलग बात रही कि धवन पहली पारी में तो इस मौके का लाभ नहीं उठा सके और महज एक रन बनाकर वाटलिंग की गेंद पर बोल्ड हो गए. विकेट पर निगाह जमाए बिना उन्होंने आड़े बल्ले से कट शॉट लगाने की कोशिश की और अपना विकेट और हासिल हुआ मौका गंवा बैठे. स्वाभाविक रूप से, इस नाकामी के बाद गंभीर पर तरजीह देते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में स्थान देने के फैसले पर सवाल तो उठेंगे ही ..
वेस्टइंडीज के खिलाफ, कैरेबियन मैदानों पर हुई सीरीज के पहले टेस्ट में उन्होंने 84 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद अगली तीन पारियों में वे 54 रन ही बना पाए थे. रन बनाने में नाकामी से कहीं अधिक धवन के आउट होने का तरीका प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन रहा था. उन्होंने ज्यादातर बार गैरजिम्मेदाराना शॉटखेलते हुए अपना विकेट गंवाया. वैसे भी अपने करियर के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों के धमाकेदार पारी खेलने के बाद धवन के प्रदर्शन में स्थिरता का अभाव रहा है. उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन 'कभी अच्छे और कभी कमजोर' के बीच झूलता रहा है. 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी धवन बड़ा स्कोर नहीं बना पाए थे और सेट होने के बाद विकेट गंवाने की चूक उन्हें भारी पड़ी थी.मोहाली में हुए सीरीज के पहले टेस्ट में तो वे दोनों पारियों में 0 पर आउट हुए थे.
ऐसी स्थिति में शिखर और गंभीर में किसी एक को चुनना कप्तान विराट कोहली और कोच अनिल कुंबले के लिए आसान नहीं था. आखिरकार शिखर धवन को टीम में स्थान मिला. यह अलग बात रही कि धवन पहली पारी में तो इस मौके का लाभ नहीं उठा सके और महज एक रन बनाकर वाटलिंग की गेंद पर बोल्ड हो गए. विकेट पर निगाह जमाए बिना उन्होंने आड़े बल्ले से कट शॉट लगाने की कोशिश की और अपना विकेट और हासिल हुआ मौका गंवा बैठे. स्वाभाविक रूप से, इस नाकामी के बाद गंभीर पर तरजीह देते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में स्थान देने के फैसले पर सवाल तो उठेंगे ही ..
ऐसी स्थिति में शिखर और गंभीर में किसी एक को चुनना कप्तान विराट कोहली और कोच अनिल कुंबले के लिए आसान नहीं था. आखिरकार शिखर धवन को टीम में स्थान मिला. यह अलग बात रही कि धवन पहली पारी में तो इस मौके का लाभ नहीं उठा सके और महज एक रन बनाकर वाटलिंग की गेंद पर बोल्ड हो गए. विकेट पर निगाह जमाए बिना उन्होंने आड़े बल्ले से कट शॉट लगाने की कोशिश की और अपना विकेट और हासिल हुआ मौका गंवा बैठे. स्वाभाविक रूप से, इस नाकामी के बाद गंभीर पर तरजीह देते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में स्थान देने के फैसले पर सवाल तो उठेंगे ही .. | संक्षिप्त सारांश: ईडन गार्डंस पर महज एक रन बनाकर आउट हो गए धवन
टीम प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन रहा धवन का फॉर्म
चोटिल राहुल की जगह गौतम गंभीर को मिला था टीम में स्थान | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 13वीं विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का आयोजन 27 अगस्त से चार सितम्बर तक दक्षिण कोरिया के दाएगू में होगा। इसमें 202 देशों के 1945 एथलीट एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करेंगे। इस चैम्पियनिशप में 26 स्पर्धाओं (महिला एवं पुरुष) में कुल 270 पदक दांव पर होंगे। जमैका के फर्राटा धावक उसैन बोल्ट, 110 मीटर बाधा दौड़ में ओलिंपिक चैम्पियन क्यूबा के डेरेन रोबोल्स और रूस की विश्व चैम्पियन पोलवॉल्टर येलेना इसिनबायेवा इस प्रतियोगिता में मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। भारत की ओर से इस चैम्पियनिशप में आठ सदस्यीय टीम हिस्सा ले रही है जिसका नेतृत्व विकास गौड़ा (चक्का फेंक) कर रहे हैं। भारतीय टीम गौड़ा के अलावा ओम प्रकाश सिंह (गोला फेंक), गुरमीत सिंह (20 किलोमीटर पैदल चाल), बाबूभाई पानूचा (20 किलोमीटर पैदल चाल), रंजीत महेश्वरी (तिहरी कूद), हरवंत कौर (चक्का फेंक), मयूखा जॉनी (लम्बी कूद और तिहरी कूद) और टिंटू लूका (800 मीटर) शामिल हैं। पिछले वर्ष नई दिल्ली में आयोजित 19वें राष्ट्रमंडल खेल और चीन के क्वांगचो में सम्पन्न हुए एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में विश्व चैम्पियनशिप में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतरीन प्रदर्शन करने की उम्मीद की जा सकती है हालांकि इस चैम्पियनशिप में भारत का प्रदर्शन अब तक कुछ खास नहीं रहा है। भारत को विश्व चैम्पियनशिप में अब तक केवल एक पदक नसीब हुआ है। वर्ष 2003 में पेरिस में आयोजित हुए नौंवी विश्व चैम्पियनशिप में अंजू बॉबी जॉर्ज ने लम्बी कूद में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत को कांस्य पदक दिलाया था। अंजू ने इस चैम्पियनशिप में 6.70 मीटर की छलांग लगाया था। इसके बाद से भारत की ओर से कोई भी खिलाड़ी पोडियम पर नहीं पहुंच पाया है। ओमप्रकाश ने पिछले महीने हंगरी मीट में 20.04 मीटर तक गोला फेंका था जबकि लूका ने हाल में बेल्जियम में संपन्न फ्लेंडर्स कप मीट में मौजूदा सत्र में 800 मीटर में अपना (2:01.75) सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर रजत पदक जीता था। मयूखा ने 6.56 मीटर की छलांग लगाते हुए एशियाई चैम्पियन बनने के साथ विश्व चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई किया था जबकि तिहरी कूद में 14.11 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने क्वालीफिकेशन मार्क हासिल किया था। दूसरी ओर, विश्व रिकॉर्डधारी जमैका के बोल्ट पर सबकी नजरें होंगी। बोल्ट इस चैम्पियनशिप में 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धा का खिताब बरकरार रखने के इरादे से ट्रैक पर उतरेंगे। वर्ष 2009 में आयोजित बर्लिन विश्व चैम्पियनशिप में बोल्ट ने 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। महिला वर्ग में शैली-एन्न फ्रेजर 100 मीटर स्पर्धा में अपनी खिताब की रक्षा करने के इरादे से ट्रैक पर उतरेंगी वहीं ब्रिगिटी फोस्टर-हिल्टन भी 100 मीटर बाधा दौड़ में अपने खिताब बचाने उतरेंगी। विश्व रिकॉर्डधारी और पांच बार की विश्व चैम्पियन इसिनबायेवा भी इस प्रतियोगिता में आकर्षण का केंद्र होंगी। इसिनबायेवा पोल वॉल्ट स्पर्धा में हिस्सा लेंगी। इसिनबायेवा दो वर्ष बाद इस चैम्पियनशिप में उतरेंगी। इसिनबायेबा ने 2005 संस्करण में 5.01 मीटर के साथ विश्व रिकार्ड स्थापित किया था। | यहाँ एक सारांश है:13वीं विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का आयोजन 27 अगस्त से चार सितम्बर तक दक्षिण कोरिया के दाएगू में होगा। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार की एक स्थानीय अदालत ने सीवान जिले में पशु चिकित्सा विभाग के एक क्लर्क के अपहरण के बीस वर्ष पुराने मामले में बाहुबली नेता और राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को शुक्रवार को दोषी करार देते हुए तीन साल के सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा दी। अभियोजन पक्ष ने बताया कि विशेष न्यायाधीश एके दीक्षित ने 1991 में पशु चिकित्सा विभाग के क्लर्क राजनारायण सिंह के अपहरण के मामले में शहाबुद्दीन को दोषी करार देते हुए तीन साल के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी। उन्होंने बताया कि शहाबुद्दीन के गुंडों ने चुनाव ड्यूटी पर जाने से रोकने के लिए सिंह का अपहरण कर लिया था। इसके बाद पशु चिकित्सक सच्चिदानंद सिंह ने मुफस्सिल थाने में शहाबुद्दीन के खिलाफ भादवि की धारा 363 और 365 के तहत मामला दर्ज कराया गया था। बहरहाल विशेष अदालत ने एक शराब व्यापारी को धमकाने के पांच वर्ष पुराने मामले में नगर थाने में दर्ज एक अन्य वारदात में शहाबुद्दीन को बरी कर दिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उन्होंने बताया कि शहाबुद्दीन के गुंडों ने चुनाव ड्यूटी पर जाने से रोकने के लिए सिंह का अपहरण कर लिया था। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय निशानेबाज जीतू राय और प्रकाश नान्जप्पा बुधवार को रियो ओलिंपिक में पुरुषों के 50 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए. जीतू ने क्वालिफिकेशन दौर में 554 का स्कोर किया और 12वें स्थान पर रहे, जबकि नान्जप्पा 547 का स्कोर हासिल कर 25वें स्थान पर रहे. स्पर्धा में कुल 41 प्रतिभागी थे.
जीतू का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा और उन्होंने पहली सीरीज में 92, दूसरी सीरीज में 95, तीसरी सीरीज में 90, चौथी सीरीज में 94, पांचवीं सीरीज में 95 और आखिरी सीरीज में 88 अंक हासिल किए. उन्होंने इस बीच नौ बार पूर्ण अंक हासिल किए.
जीतू का प्रदर्शन पहले राउंड में खराब रहा और वह महज 92 अंक ही हासिल कर सके, लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने अच्छी वापसी की और 95 का स्कोर करते हुए शीर्ष-10 में वापसी कर ली. हालांकि तीसरा राउंड फिर से खास नहीं रहा, जिसमें वह सिर्फ 90 अंक हासिल कर सके. चौथे राउंड में उन्होंने फिर से वापसी की और 94 का स्कोर साधा. पांचवें राउंड तक आते-आते जीतू पांचवें पायदान पर पहुंच गए. आखिरी सीरीज के मध्य तक जीतू के फाइनल में प्रवेश करने की उम्मीद बनी हुई थी और वह लगातार छठे स्थान पर जमे हुए थे.टिप्पणियां
लेकिन अहम क्षणों में जीतू दबाव में आ गए और आखिरी सीरीज में खराब प्रदर्शन का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा. इसी इवेंट में किस्मत आजमा रहे एक अन्य भारतीय निशानेबाज प्रकाश नान्जप्पा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और एक समय वह 41 प्रतिभागियों में सबसे निचले पायदान पर थे.
आखिरी के तीन सीरीज में नान् जप्पा ने अच्छी वापसी की और 93,95, 93 का स्कोर किया, हालांकि शुरुआती गलती का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा. पहले स्थान पर कोरिया के जोंगोह जिन रहे. उन्होंने छह सीरीजों में कुल 567-12 का स्कोर किया. दूसरे स्थान पर चीन के वेई पांग रहे. उन्होंने 565-11 स्कोर किया. 562-8 के कुल स्कोर के साथ कोरिया के सिुयंगवो हान तीसरे स्थान पर रहे. कुल आठ निशानेबाजों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है.
जीतू का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा और उन्होंने पहली सीरीज में 92, दूसरी सीरीज में 95, तीसरी सीरीज में 90, चौथी सीरीज में 94, पांचवीं सीरीज में 95 और आखिरी सीरीज में 88 अंक हासिल किए. उन्होंने इस बीच नौ बार पूर्ण अंक हासिल किए.
जीतू का प्रदर्शन पहले राउंड में खराब रहा और वह महज 92 अंक ही हासिल कर सके, लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने अच्छी वापसी की और 95 का स्कोर करते हुए शीर्ष-10 में वापसी कर ली. हालांकि तीसरा राउंड फिर से खास नहीं रहा, जिसमें वह सिर्फ 90 अंक हासिल कर सके. चौथे राउंड में उन्होंने फिर से वापसी की और 94 का स्कोर साधा. पांचवें राउंड तक आते-आते जीतू पांचवें पायदान पर पहुंच गए. आखिरी सीरीज के मध्य तक जीतू के फाइनल में प्रवेश करने की उम्मीद बनी हुई थी और वह लगातार छठे स्थान पर जमे हुए थे.टिप्पणियां
लेकिन अहम क्षणों में जीतू दबाव में आ गए और आखिरी सीरीज में खराब प्रदर्शन का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा. इसी इवेंट में किस्मत आजमा रहे एक अन्य भारतीय निशानेबाज प्रकाश नान्जप्पा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और एक समय वह 41 प्रतिभागियों में सबसे निचले पायदान पर थे.
आखिरी के तीन सीरीज में नान् जप्पा ने अच्छी वापसी की और 93,95, 93 का स्कोर किया, हालांकि शुरुआती गलती का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा. पहले स्थान पर कोरिया के जोंगोह जिन रहे. उन्होंने छह सीरीजों में कुल 567-12 का स्कोर किया. दूसरे स्थान पर चीन के वेई पांग रहे. उन्होंने 565-11 स्कोर किया. 562-8 के कुल स्कोर के साथ कोरिया के सिुयंगवो हान तीसरे स्थान पर रहे. कुल आठ निशानेबाजों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है.
जीतू का प्रदर्शन पहले राउंड में खराब रहा और वह महज 92 अंक ही हासिल कर सके, लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने अच्छी वापसी की और 95 का स्कोर करते हुए शीर्ष-10 में वापसी कर ली. हालांकि तीसरा राउंड फिर से खास नहीं रहा, जिसमें वह सिर्फ 90 अंक हासिल कर सके. चौथे राउंड में उन्होंने फिर से वापसी की और 94 का स्कोर साधा. पांचवें राउंड तक आते-आते जीतू पांचवें पायदान पर पहुंच गए. आखिरी सीरीज के मध्य तक जीतू के फाइनल में प्रवेश करने की उम्मीद बनी हुई थी और वह लगातार छठे स्थान पर जमे हुए थे.टिप्पणियां
लेकिन अहम क्षणों में जीतू दबाव में आ गए और आखिरी सीरीज में खराब प्रदर्शन का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा. इसी इवेंट में किस्मत आजमा रहे एक अन्य भारतीय निशानेबाज प्रकाश नान्जप्पा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और एक समय वह 41 प्रतिभागियों में सबसे निचले पायदान पर थे.
आखिरी के तीन सीरीज में नान् जप्पा ने अच्छी वापसी की और 93,95, 93 का स्कोर किया, हालांकि शुरुआती गलती का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा. पहले स्थान पर कोरिया के जोंगोह जिन रहे. उन्होंने छह सीरीजों में कुल 567-12 का स्कोर किया. दूसरे स्थान पर चीन के वेई पांग रहे. उन्होंने 565-11 स्कोर किया. 562-8 के कुल स्कोर के साथ कोरिया के सिुयंगवो हान तीसरे स्थान पर रहे. कुल आठ निशानेबाजों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है.
लेकिन अहम क्षणों में जीतू दबाव में आ गए और आखिरी सीरीज में खराब प्रदर्शन का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा. इसी इवेंट में किस्मत आजमा रहे एक अन्य भारतीय निशानेबाज प्रकाश नान्जप्पा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और एक समय वह 41 प्रतिभागियों में सबसे निचले पायदान पर थे.
आखिरी के तीन सीरीज में नान् जप्पा ने अच्छी वापसी की और 93,95, 93 का स्कोर किया, हालांकि शुरुआती गलती का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा. पहले स्थान पर कोरिया के जोंगोह जिन रहे. उन्होंने छह सीरीजों में कुल 567-12 का स्कोर किया. दूसरे स्थान पर चीन के वेई पांग रहे. उन्होंने 565-11 स्कोर किया. 562-8 के कुल स्कोर के साथ कोरिया के सिुयंगवो हान तीसरे स्थान पर रहे. कुल आठ निशानेबाजों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है.
आखिरी के तीन सीरीज में नान् जप्पा ने अच्छी वापसी की और 93,95, 93 का स्कोर किया, हालांकि शुरुआती गलती का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा. पहले स्थान पर कोरिया के जोंगोह जिन रहे. उन्होंने छह सीरीजों में कुल 567-12 का स्कोर किया. दूसरे स्थान पर चीन के वेई पांग रहे. उन्होंने 565-11 स्कोर किया. 562-8 के कुल स्कोर के साथ कोरिया के सिुयंगवो हान तीसरे स्थान पर रहे. कुल आठ निशानेबाजों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है. | यह एक सारांश है: क्वालिफिकेशन राउंड में जीतू को हासिल हुआ 12वां स्थान
शुरुआत में उम्मीद जगाई थीं, लेकिन बाद में पिछड़ते गए
भारत के एक अन्य शूटर प्रकाश नान्जप्पा भी बाहर हुए | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मोदी के विकास के मंत्र और 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे के साथ भाजपा ने कर्नाटक में 224 विधानसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव के संबंध में 'मिशन 150' हासिल करने के लिए कमर कस ली है. राज्य में कांग्रेस सरकार की ओर से किसान फसल कर्ज माफी योजना की घोषणा के बाद भाजपा येदियुरप्पा के नेतृत्व में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयासों में जुटी हुई है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर केंद्र में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का सुशासन एवं विकास का मॉडल सबके सामने है. हम कर्नाटक को एक बार फिर कांग्रेस मुक्त बनायेंगे और लोग हमारे सुशासन को समर्थन देंगे.' उन्होंने कहा कि पूरे देश में नरेंद्र मोदी को जनादेश मिला है. ऐसे में निश्चित तौर पर भाजपा विकास और सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ कर्नाटक में सरकार बनाएगी.
गौरतलब है कि कर्नाटक में दुरूह दिख रहे आंतरिक संकट को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने साध लिया है. प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में किसी तरह की राजनीतिक समस्या पेश नहीं आना पार्टी के लिये बड़ी राहत की बात है जो मिशन 150 के संकल्प के साथ खत्म हो गई. राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की राह पर चलते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री उम्मीदवार बीएस येद्दयुरप्पा ने कर्नाटक के हर जिले में रुकने के लिए कार्यक्रम तय कर लिया है. यह दौरा लगातार 45 दिनों तक चलेगा.
केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि येद्दयुरप्पा प्रदेश में पार्टी का चेहरा हैं और उन्हें कमजोर करने की किसी की भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी खातिर कुछ लोगों पर सख्त कार्रवाई भी हुई थी. येद्दयुरप्पा के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे ईश्वरप्पा और संगठन मंत्री बीएल संतोष के नजदीकियों की जिम्मेदारी छीनी गई थी. लेकिन शाह चाहते हैं कि चुनाव तक पार्टी में कोई खेमा न दिखे. इस लिहाज से कार्यकारिणी बैठक अहम थी.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि कर्नाटक में दुरूह दिख रहे आंतरिक संकट को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने साध लिया है. प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में किसी तरह की राजनीतिक समस्या पेश नहीं आना पार्टी के लिये बड़ी राहत की बात है जो मिशन 150 के संकल्प के साथ खत्म हो गई. राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की राह पर चलते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री उम्मीदवार बीएस येद्दयुरप्पा ने कर्नाटक के हर जिले में रुकने के लिए कार्यक्रम तय कर लिया है. यह दौरा लगातार 45 दिनों तक चलेगा.
केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि येद्दयुरप्पा प्रदेश में पार्टी का चेहरा हैं और उन्हें कमजोर करने की किसी की भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी खातिर कुछ लोगों पर सख्त कार्रवाई भी हुई थी. येद्दयुरप्पा के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे ईश्वरप्पा और संगठन मंत्री बीएल संतोष के नजदीकियों की जिम्मेदारी छीनी गई थी. लेकिन शाह चाहते हैं कि चुनाव तक पार्टी में कोई खेमा न दिखे. इस लिहाज से कार्यकारिणी बैठक अहम थी.टिप्पणियां
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केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि येद्दयुरप्पा प्रदेश में पार्टी का चेहरा हैं और उन्हें कमजोर करने की किसी की भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी खातिर कुछ लोगों पर सख्त कार्रवाई भी हुई थी. येद्दयुरप्पा के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे ईश्वरप्पा और संगठन मंत्री बीएल संतोष के नजदीकियों की जिम्मेदारी छीनी गई थी. लेकिन शाह चाहते हैं कि चुनाव तक पार्टी में कोई खेमा न दिखे. इस लिहाज से कार्यकारिणी बैठक अहम थी.टिप्पणियां
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा ने कमर कसी
येदुरप्पा होंगे पार्टी का चेहरा
भाजपा का है मिशन-150 का लक्ष्य | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजनयिक संकट पैदा करने वाली एक घटना में ईरान ने मंगलवार को भारत जा रहीं जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल को अपने हवाई मार्ग की अनुमति देने से इनकार कर दिया, लेकिन सुलह-समझौते के बाद इसके लिए इजाजत दे दी। जर्मनी के अखबार 'देर स्पीगेन' की रिपोर्ट में बताया गया कि एक बड़े प्रतिनिधिमंडन के साथ भारत जा रहीं चांसलर के विमान को परिणामस्वरूप दो घंटे तुर्की के ऊपर चक्कर काटना पड़ा, जिसके बाद ईरानी हवाई मार्ग के उपयोग की अनुमति मंगलवार तड़के दी गई। खबर में बताया गया कि उड़ान को आखिरकार ईरान के ऊपर से गुजरने की अनुमति दे दी गई, जोकि भारत और यूरोप के बीच उड़ान का नियमित मार्ग है। इस संकट को खत्म करने के लिए तुर्की को मध्यस्थता करनी पड़ी और बर्लिन का विदेश मंत्रालय इसमें शामिल था। इस घटना के कारण मर्केल मंगलवार सुबह देर से नई दिल्ली पहुंचीं। जर्मनी सरकार के प्रवक्ता स्टीफन सिबर्ट ने कहा, ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जर्मनी इस मामले को लेकर राजनयिक विरोध दर्ज करने पर विचार करेगा।हालांकि जर्मनी के रक्षा मंत्री और गृह मंत्री सहित मर्केल कैबिनेट के कई सदस्यों को ले जा रहा एक अन्य विमान बिना किसी समस्या के ईरान की हवाई सीमा को पार करने में कामयाब रहा। विमान को हवाई सीमा में उड़ने देने की इजाजत देने से इनकार करने की वजह शुरू में साफ नहीं हो पाई। सोमवार शाम बर्लिन छोड़ने से पहले उसे ईरानी हवाई सीमा में प्रवेश की अनुमति मिल गई थी। यह एयरबस ए340-300 सरकारी विमान कोनराद एदिनाउयेर की पहली उड़ान थी। अखबार में कहा गया कि इस घटना के बाद बर्लिन और तेहरान के रिश्तों में और तल्खी आ सकती है। | ईरान ने भारत जा रहीं जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल को अपने हवाई मार्ग की अनुमति देने से मना कर दिया, लेकिन सुलह के बाद इसके लिए इजाजत दे दी। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई के लखन भैया फर्जी एनकाउंटर केस में 13 पुलिसवालों समेत 21 लोगों को दोषी करार दिया गया है। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को बरी कर दिया गया। राम नारायण गुप्ता उर्फ लखन भैया के वकील भाई ने इस केस के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को बरी करने के खिलाफ लखन भैया के वकील भाई हाईकोर्ट जाने की बात कह रहे हैं। उनके मुताबिक, कत्ल की सुपारी प्रदीप शर्मा के जरिये ही दी गई।
गौरतलब है कि 11 नवंबर 2006 की शाम को पुलिस ने दावा किया था कि अंधेरी के नाना नानी पार्क के पास उन्होंने खूंखार गुंडे (लखन भैया) को मुठभेड़ में मार गिराया, लेकिन दूसरे दिन ही लखन के भाई ने प्रेस के सामने दावा किया कि उनका भाई मुठभेड़ में नहीं मरा है, बल्कि उसे नवी मुंबई से अगवाकर पहले मुंबई ले जाया गया, बाद में हत्या कर एनकाउंटर की फर्जी कहानी गढ़ी गई। सबूत के तौर पर राम प्रसाद गुप्ता ने वे फैक्स और टेलीग्राम दिखाए, जो उन्होंने दोपहर में लखन के अगवा होने के तुरंत बाद पुलिस आयुक्त को भेजे थे। उसमें उन्होंने फर्जी एनकाउंटर का अंदेशा भी जताया था।
लखन के परिजनों की आवाज अनसुनी रह जाती अगर उनका भाई वकील नहीं होता। राम प्रसाद नें अदालत का दरवाजा खटखटाया, मामले की जांच हुई। जांच में पुलिस की कहानी गलत साबित हुई, लिहाजा हाईकोर्ट नें डीसीपी की अगुवाई में एसआईटी बनाकर जांच का आदेश दिया था। टिप्पणियां
एसआईटी ने पुलिसवालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और तत्कालीन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा, सीनियर पीआई प्रदीप सूर्यवंशी सहित कुल 14 पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच मे पता चला लखन भैया की हत्या एक सुपारी कीलिंग थी, जो लखन के ही पार्टनर जनार्दन भानगे ने दी थी।
कहानी में एक और पेच तब आया जब मामले का अहम गवाह अनिल भेडा गवाही से ठीक पहले अचानक गायब हो गया। महीने बाद उसकी लाश जली हालत में वाडा के एक फार्म हाउस में मिली। दरअसल, 11 नवंबर को जब लखन को नवी मुंबई से अगवा किया गया था, तब उस समय अनिल भेडा भी मौजूद था। पुलिस ने उसे महीनों तक बंदी बनाकर पहले अंधेरी, फिर कोल्हापुर में छिपा रखा था।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को बरी करने के खिलाफ लखन भैया के वकील भाई हाईकोर्ट जाने की बात कह रहे हैं। उनके मुताबिक, कत्ल की सुपारी प्रदीप शर्मा के जरिये ही दी गई।
गौरतलब है कि 11 नवंबर 2006 की शाम को पुलिस ने दावा किया था कि अंधेरी के नाना नानी पार्क के पास उन्होंने खूंखार गुंडे (लखन भैया) को मुठभेड़ में मार गिराया, लेकिन दूसरे दिन ही लखन के भाई ने प्रेस के सामने दावा किया कि उनका भाई मुठभेड़ में नहीं मरा है, बल्कि उसे नवी मुंबई से अगवाकर पहले मुंबई ले जाया गया, बाद में हत्या कर एनकाउंटर की फर्जी कहानी गढ़ी गई। सबूत के तौर पर राम प्रसाद गुप्ता ने वे फैक्स और टेलीग्राम दिखाए, जो उन्होंने दोपहर में लखन के अगवा होने के तुरंत बाद पुलिस आयुक्त को भेजे थे। उसमें उन्होंने फर्जी एनकाउंटर का अंदेशा भी जताया था।
लखन के परिजनों की आवाज अनसुनी रह जाती अगर उनका भाई वकील नहीं होता। राम प्रसाद नें अदालत का दरवाजा खटखटाया, मामले की जांच हुई। जांच में पुलिस की कहानी गलत साबित हुई, लिहाजा हाईकोर्ट नें डीसीपी की अगुवाई में एसआईटी बनाकर जांच का आदेश दिया था। टिप्पणियां
एसआईटी ने पुलिसवालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और तत्कालीन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा, सीनियर पीआई प्रदीप सूर्यवंशी सहित कुल 14 पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच मे पता चला लखन भैया की हत्या एक सुपारी कीलिंग थी, जो लखन के ही पार्टनर जनार्दन भानगे ने दी थी।
कहानी में एक और पेच तब आया जब मामले का अहम गवाह अनिल भेडा गवाही से ठीक पहले अचानक गायब हो गया। महीने बाद उसकी लाश जली हालत में वाडा के एक फार्म हाउस में मिली। दरअसल, 11 नवंबर को जब लखन को नवी मुंबई से अगवा किया गया था, तब उस समय अनिल भेडा भी मौजूद था। पुलिस ने उसे महीनों तक बंदी बनाकर पहले अंधेरी, फिर कोल्हापुर में छिपा रखा था।
गौरतलब है कि 11 नवंबर 2006 की शाम को पुलिस ने दावा किया था कि अंधेरी के नाना नानी पार्क के पास उन्होंने खूंखार गुंडे (लखन भैया) को मुठभेड़ में मार गिराया, लेकिन दूसरे दिन ही लखन के भाई ने प्रेस के सामने दावा किया कि उनका भाई मुठभेड़ में नहीं मरा है, बल्कि उसे नवी मुंबई से अगवाकर पहले मुंबई ले जाया गया, बाद में हत्या कर एनकाउंटर की फर्जी कहानी गढ़ी गई। सबूत के तौर पर राम प्रसाद गुप्ता ने वे फैक्स और टेलीग्राम दिखाए, जो उन्होंने दोपहर में लखन के अगवा होने के तुरंत बाद पुलिस आयुक्त को भेजे थे। उसमें उन्होंने फर्जी एनकाउंटर का अंदेशा भी जताया था।
लखन के परिजनों की आवाज अनसुनी रह जाती अगर उनका भाई वकील नहीं होता। राम प्रसाद नें अदालत का दरवाजा खटखटाया, मामले की जांच हुई। जांच में पुलिस की कहानी गलत साबित हुई, लिहाजा हाईकोर्ट नें डीसीपी की अगुवाई में एसआईटी बनाकर जांच का आदेश दिया था। टिप्पणियां
एसआईटी ने पुलिसवालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और तत्कालीन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा, सीनियर पीआई प्रदीप सूर्यवंशी सहित कुल 14 पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच मे पता चला लखन भैया की हत्या एक सुपारी कीलिंग थी, जो लखन के ही पार्टनर जनार्दन भानगे ने दी थी।
कहानी में एक और पेच तब आया जब मामले का अहम गवाह अनिल भेडा गवाही से ठीक पहले अचानक गायब हो गया। महीने बाद उसकी लाश जली हालत में वाडा के एक फार्म हाउस में मिली। दरअसल, 11 नवंबर को जब लखन को नवी मुंबई से अगवा किया गया था, तब उस समय अनिल भेडा भी मौजूद था। पुलिस ने उसे महीनों तक बंदी बनाकर पहले अंधेरी, फिर कोल्हापुर में छिपा रखा था।
लखन के परिजनों की आवाज अनसुनी रह जाती अगर उनका भाई वकील नहीं होता। राम प्रसाद नें अदालत का दरवाजा खटखटाया, मामले की जांच हुई। जांच में पुलिस की कहानी गलत साबित हुई, लिहाजा हाईकोर्ट नें डीसीपी की अगुवाई में एसआईटी बनाकर जांच का आदेश दिया था। टिप्पणियां
एसआईटी ने पुलिसवालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और तत्कालीन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा, सीनियर पीआई प्रदीप सूर्यवंशी सहित कुल 14 पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच मे पता चला लखन भैया की हत्या एक सुपारी कीलिंग थी, जो लखन के ही पार्टनर जनार्दन भानगे ने दी थी।
कहानी में एक और पेच तब आया जब मामले का अहम गवाह अनिल भेडा गवाही से ठीक पहले अचानक गायब हो गया। महीने बाद उसकी लाश जली हालत में वाडा के एक फार्म हाउस में मिली। दरअसल, 11 नवंबर को जब लखन को नवी मुंबई से अगवा किया गया था, तब उस समय अनिल भेडा भी मौजूद था। पुलिस ने उसे महीनों तक बंदी बनाकर पहले अंधेरी, फिर कोल्हापुर में छिपा रखा था।
एसआईटी ने पुलिसवालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और तत्कालीन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा, सीनियर पीआई प्रदीप सूर्यवंशी सहित कुल 14 पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच मे पता चला लखन भैया की हत्या एक सुपारी कीलिंग थी, जो लखन के ही पार्टनर जनार्दन भानगे ने दी थी।
कहानी में एक और पेच तब आया जब मामले का अहम गवाह अनिल भेडा गवाही से ठीक पहले अचानक गायब हो गया। महीने बाद उसकी लाश जली हालत में वाडा के एक फार्म हाउस में मिली। दरअसल, 11 नवंबर को जब लखन को नवी मुंबई से अगवा किया गया था, तब उस समय अनिल भेडा भी मौजूद था। पुलिस ने उसे महीनों तक बंदी बनाकर पहले अंधेरी, फिर कोल्हापुर में छिपा रखा था।
कहानी में एक और पेच तब आया जब मामले का अहम गवाह अनिल भेडा गवाही से ठीक पहले अचानक गायब हो गया। महीने बाद उसकी लाश जली हालत में वाडा के एक फार्म हाउस में मिली। दरअसल, 11 नवंबर को जब लखन को नवी मुंबई से अगवा किया गया था, तब उस समय अनिल भेडा भी मौजूद था। पुलिस ने उसे महीनों तक बंदी बनाकर पहले अंधेरी, फिर कोल्हापुर में छिपा रखा था। | 14 पुलिस वालों में से एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को बरी करने के खिलाफ लखन भैया के वकील भाई हाईकोर्ट जाने की बात कह रहे हैं। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 154.93 अंकों की गिरावट के साथ 18 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 17923.97 पर जबकि निफ्टी 54.00 अंकों की गिरावट के साथ 5,429.30 पर बंद हुआ।
आज सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स हालांकि 0.51 अंक की मामूली बढ़त के साथ 18,079.01 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 4.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,479.15 पर खुला।
सेंसेक्स ने 18198.15 के ऊपरी और 17848.93 के निचले जबकि निफ्टी ने 5521.40 के ऊपरी और 5405.90 के निचले स्तर तक कारोबार किया।
सेंसेक्स में शामिल स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.83 फीसदी), टाटा पावर (2.10 फीसदी) और कोल इंडिया (1.47 फीसदी) के शेयरों में एक फीसदी से अधिक की तेजी जबकि एचडीएफसी (3.83 फीसदी), डीएलएफ (3.44 फीसदी), एल एंड टी (3.38 फीसदी), भेल (2.80 फीसदी), एसबीआई (2.44 फीसदी), ओएनजीसी (2.34 फीसदी) और आरआईएल (2.28 फीसदी) में दो फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के कुल 13 सेक्टरों में से पांच में तेजी जबकि आठ में गिरावट दर्ज की गई। धातु (1.08 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.56 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की तेजी जबकि पूंजीगत वस्तु (2.96 फीसदी), रियल्टी (2.28 फीसदी), बैंकिंग (1.95 फीसदी) और तेल एवं गैस (1.71 फीसदी) में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 40.47 अंकों की गिरावट के साथ 6300.07 पर जबकि स्मॉलकैप 48.85 अंकों की गिरावट के साथ 6857.40 पर बंद हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1085 कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि 1820 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 123 कम्पनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
आज सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स हालांकि 0.51 अंक की मामूली बढ़त के साथ 18,079.01 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 4.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,479.15 पर खुला।
सेंसेक्स ने 18198.15 के ऊपरी और 17848.93 के निचले जबकि निफ्टी ने 5521.40 के ऊपरी और 5405.90 के निचले स्तर तक कारोबार किया।
सेंसेक्स में शामिल स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.83 फीसदी), टाटा पावर (2.10 फीसदी) और कोल इंडिया (1.47 फीसदी) के शेयरों में एक फीसदी से अधिक की तेजी जबकि एचडीएफसी (3.83 फीसदी), डीएलएफ (3.44 फीसदी), एल एंड टी (3.38 फीसदी), भेल (2.80 फीसदी), एसबीआई (2.44 फीसदी), ओएनजीसी (2.34 फीसदी) और आरआईएल (2.28 फीसदी) में दो फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के कुल 13 सेक्टरों में से पांच में तेजी जबकि आठ में गिरावट दर्ज की गई। धातु (1.08 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.56 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की तेजी जबकि पूंजीगत वस्तु (2.96 फीसदी), रियल्टी (2.28 फीसदी), बैंकिंग (1.95 फीसदी) और तेल एवं गैस (1.71 फीसदी) में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 40.47 अंकों की गिरावट के साथ 6300.07 पर जबकि स्मॉलकैप 48.85 अंकों की गिरावट के साथ 6857.40 पर बंद हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1085 कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि 1820 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 123 कम्पनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स ने 18198.15 के ऊपरी और 17848.93 के निचले जबकि निफ्टी ने 5521.40 के ऊपरी और 5405.90 के निचले स्तर तक कारोबार किया।
सेंसेक्स में शामिल स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.83 फीसदी), टाटा पावर (2.10 फीसदी) और कोल इंडिया (1.47 फीसदी) के शेयरों में एक फीसदी से अधिक की तेजी जबकि एचडीएफसी (3.83 फीसदी), डीएलएफ (3.44 फीसदी), एल एंड टी (3.38 फीसदी), भेल (2.80 फीसदी), एसबीआई (2.44 फीसदी), ओएनजीसी (2.34 फीसदी) और आरआईएल (2.28 फीसदी) में दो फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के कुल 13 सेक्टरों में से पांच में तेजी जबकि आठ में गिरावट दर्ज की गई। धातु (1.08 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.56 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की तेजी जबकि पूंजीगत वस्तु (2.96 फीसदी), रियल्टी (2.28 फीसदी), बैंकिंग (1.95 फीसदी) और तेल एवं गैस (1.71 फीसदी) में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 40.47 अंकों की गिरावट के साथ 6300.07 पर जबकि स्मॉलकैप 48.85 अंकों की गिरावट के साथ 6857.40 पर बंद हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1085 कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि 1820 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 123 कम्पनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में शामिल स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.83 फीसदी), टाटा पावर (2.10 फीसदी) और कोल इंडिया (1.47 फीसदी) के शेयरों में एक फीसदी से अधिक की तेजी जबकि एचडीएफसी (3.83 फीसदी), डीएलएफ (3.44 फीसदी), एल एंड टी (3.38 फीसदी), भेल (2.80 फीसदी), एसबीआई (2.44 फीसदी), ओएनजीसी (2.34 फीसदी) और आरआईएल (2.28 फीसदी) में दो फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के कुल 13 सेक्टरों में से पांच में तेजी जबकि आठ में गिरावट दर्ज की गई। धातु (1.08 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.56 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की तेजी जबकि पूंजीगत वस्तु (2.96 फीसदी), रियल्टी (2.28 फीसदी), बैंकिंग (1.95 फीसदी) और तेल एवं गैस (1.71 फीसदी) में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 40.47 अंकों की गिरावट के साथ 6300.07 पर जबकि स्मॉलकैप 48.85 अंकों की गिरावट के साथ 6857.40 पर बंद हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1085 कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि 1820 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 123 कम्पनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के कुल 13 सेक्टरों में से पांच में तेजी जबकि आठ में गिरावट दर्ज की गई। धातु (1.08 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.56 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की तेजी जबकि पूंजीगत वस्तु (2.96 फीसदी), रियल्टी (2.28 फीसदी), बैंकिंग (1.95 फीसदी) और तेल एवं गैस (1.71 फीसदी) में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 40.47 अंकों की गिरावट के साथ 6300.07 पर जबकि स्मॉलकैप 48.85 अंकों की गिरावट के साथ 6857.40 पर बंद हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1085 कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि 1820 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 123 कम्पनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 40.47 अंकों की गिरावट के साथ 6300.07 पर जबकि स्मॉलकैप 48.85 अंकों की गिरावट के साथ 6857.40 पर बंद हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1085 कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि 1820 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 123 कम्पनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1085 कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि 1820 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 123 कम्पनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। | यह एक सारांश है: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 154.93 अंकों की गिरावट के साथ 18 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 17923.97 पर जबकि निफ्टी 54.00 अंकों की गिरावट के साथ 5,429.30 पर बंद हुआ। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में दरें घटने की उम्मीद टूटने से हुई बिकवाली दबाव में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 244 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ।
बिकवाली की मार सबसे अधिक बैंकिंग, रीयल एस्टेट और वाहन क्षेत्र के शेयरों पर पड़ी।
आरबीआई की मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर घटने की उम्मीद में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 17,000 का स्तर लांघ गया था। लेकिन दूसरे पहर बिकवाली दबाव से यह 244 अंक टूटकर 16,705.83 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 74.80 अंक कमजोर होकर 5,046.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह दिन के उच्च स्तर 5,190.20 को छू गया था।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। शुरुआती कारोबार में बाजार में वैश्विक कारणों से भी तेजी रही। बेलआउट की हिमायती दलों के यूनान के चुनाव में जीतने की खबर का बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
बिकवाली की मार सबसे अधिक बैंकिंग, रीयल एस्टेट और वाहन क्षेत्र के शेयरों पर पड़ी।
आरबीआई की मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर घटने की उम्मीद में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 17,000 का स्तर लांघ गया था। लेकिन दूसरे पहर बिकवाली दबाव से यह 244 अंक टूटकर 16,705.83 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 74.80 अंक कमजोर होकर 5,046.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह दिन के उच्च स्तर 5,190.20 को छू गया था।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। शुरुआती कारोबार में बाजार में वैश्विक कारणों से भी तेजी रही। बेलआउट की हिमायती दलों के यूनान के चुनाव में जीतने की खबर का बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
आरबीआई की मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर घटने की उम्मीद में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 17,000 का स्तर लांघ गया था। लेकिन दूसरे पहर बिकवाली दबाव से यह 244 अंक टूटकर 16,705.83 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 74.80 अंक कमजोर होकर 5,046.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह दिन के उच्च स्तर 5,190.20 को छू गया था।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। शुरुआती कारोबार में बाजार में वैश्विक कारणों से भी तेजी रही। बेलआउट की हिमायती दलों के यूनान के चुनाव में जीतने की खबर का बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 74.80 अंक कमजोर होकर 5,046.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह दिन के उच्च स्तर 5,190.20 को छू गया था।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। शुरुआती कारोबार में बाजार में वैश्विक कारणों से भी तेजी रही। बेलआउट की हिमायती दलों के यूनान के चुनाव में जीतने की खबर का बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। शुरुआती कारोबार में बाजार में वैश्विक कारणों से भी तेजी रही। बेलआउट की हिमायती दलों के यूनान के चुनाव में जीतने की खबर का बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा। | यह एक सारांश है: रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में दरें घटने की उम्मीद टूटने से हुई बिकवाली दबाव में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 244 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड स्टार सलमान खान की अगली फिल्म की शूटिंग भले ही लंदन में जारी है, लेकिन सलमान खुद अभी तक हिन्दुस्तान में ही हैं। सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान की वीज़ा के लिए दी गई दूसरी अर्जी खारिज को स्वीकार कर लिया गया है। इससे पहले उनकी अर्जी को अस्वीकार कर दिया गया था। इस अर्जी के खारिज होने की कोई वजह नहीं बताई गई थी।
सलमान के करीबी सूत्र ने बताया है कि सलमान की वीजा अपील स्वीकार कर ली गई है, फिलहाल सलमान एक हफ्ते यहां पर काम निबटा कर फिर लंदन के लिए रवाना होंगे।टिप्पणियां
बताया गया है कि सलमान खान को पिछले हफ्ते से ही लंदन में फिल्म के अपने हिस्सों की शूटिंग शुरू कर देनी थी।
उस समय सलमान के करीबी लोगों का मानना था कि अर्जी खारिज किए जाने का सलमान खान के खिलाफ कोर्ट में पेंडिंग 'हिट एंड रन' केस से कुछ लेना-देना हो सकता है। एक सूत्र ने कहा, "सलमान खान कोर्ट में 24 जुलाई को पेश हुए थे, लेकिन आखिरी फैसला नहीं लिया गया... दरअसल, 19 जुलाई को सुनवाई स्थगित की गई थी, और 24 जुलाई को उनके (सलमान खान के) खिलाफ आरोप तय किए गए थे... कोर्ट ने तब आरोप तय किए और मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय कर दी... आजकल चूंकि यूके के लिए वीज़ा देने के नियम कुछ सख्त कर दिए गए हैं, इसलिए शर्तिया इस केस से सलमान खान की यात्रा के कार्यक्रम पर असर पड़ा..."
सलमान के करीबी सूत्र ने बताया है कि सलमान की वीजा अपील स्वीकार कर ली गई है, फिलहाल सलमान एक हफ्ते यहां पर काम निबटा कर फिर लंदन के लिए रवाना होंगे।टिप्पणियां
बताया गया है कि सलमान खान को पिछले हफ्ते से ही लंदन में फिल्म के अपने हिस्सों की शूटिंग शुरू कर देनी थी।
उस समय सलमान के करीबी लोगों का मानना था कि अर्जी खारिज किए जाने का सलमान खान के खिलाफ कोर्ट में पेंडिंग 'हिट एंड रन' केस से कुछ लेना-देना हो सकता है। एक सूत्र ने कहा, "सलमान खान कोर्ट में 24 जुलाई को पेश हुए थे, लेकिन आखिरी फैसला नहीं लिया गया... दरअसल, 19 जुलाई को सुनवाई स्थगित की गई थी, और 24 जुलाई को उनके (सलमान खान के) खिलाफ आरोप तय किए गए थे... कोर्ट ने तब आरोप तय किए और मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय कर दी... आजकल चूंकि यूके के लिए वीज़ा देने के नियम कुछ सख्त कर दिए गए हैं, इसलिए शर्तिया इस केस से सलमान खान की यात्रा के कार्यक्रम पर असर पड़ा..."
बताया गया है कि सलमान खान को पिछले हफ्ते से ही लंदन में फिल्म के अपने हिस्सों की शूटिंग शुरू कर देनी थी।
उस समय सलमान के करीबी लोगों का मानना था कि अर्जी खारिज किए जाने का सलमान खान के खिलाफ कोर्ट में पेंडिंग 'हिट एंड रन' केस से कुछ लेना-देना हो सकता है। एक सूत्र ने कहा, "सलमान खान कोर्ट में 24 जुलाई को पेश हुए थे, लेकिन आखिरी फैसला नहीं लिया गया... दरअसल, 19 जुलाई को सुनवाई स्थगित की गई थी, और 24 जुलाई को उनके (सलमान खान के) खिलाफ आरोप तय किए गए थे... कोर्ट ने तब आरोप तय किए और मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय कर दी... आजकल चूंकि यूके के लिए वीज़ा देने के नियम कुछ सख्त कर दिए गए हैं, इसलिए शर्तिया इस केस से सलमान खान की यात्रा के कार्यक्रम पर असर पड़ा..."
उस समय सलमान के करीबी लोगों का मानना था कि अर्जी खारिज किए जाने का सलमान खान के खिलाफ कोर्ट में पेंडिंग 'हिट एंड रन' केस से कुछ लेना-देना हो सकता है। एक सूत्र ने कहा, "सलमान खान कोर्ट में 24 जुलाई को पेश हुए थे, लेकिन आखिरी फैसला नहीं लिया गया... दरअसल, 19 जुलाई को सुनवाई स्थगित की गई थी, और 24 जुलाई को उनके (सलमान खान के) खिलाफ आरोप तय किए गए थे... कोर्ट ने तब आरोप तय किए और मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय कर दी... आजकल चूंकि यूके के लिए वीज़ा देने के नियम कुछ सख्त कर दिए गए हैं, इसलिए शर्तिया इस केस से सलमान खान की यात्रा के कार्यक्रम पर असर पड़ा..." | यह एक सारांश है: सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान की वीज़ा के लिए दी गई दूसरी अर्जी खारिज को स्वीकार कर लिया गया है। इससे पहले उनकी अर्जी को अस्वीकार कर दिया गया था। इस अर्जी के खारिज होने की कोई वजह नहीं बताई गई थी। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्या आपने कभी किसी मैच मे दो बार टॉस होने की बात सुनी है। भारत और श्रीलंका के बीच वानखेड़े स्टेडियम में हो रहे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप फाइनल से पहले ऐसा ही हुआ। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जब सिक्का उछाला, तो इसे लेकर भ्रम था कि श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा ने हेड बोला या टेल। संगकारा और धोनी के बीच बातचीत के बाद मैच रेफरी ज्यौफ क्रो ने दोबारा टॉस करने का फैसला किया। श्रीलंका के कप्तान ने हालांकि दूसरे मौके पर टॉस जीता और टूर्नामेंट के इतिहास के पहले 'ऑल एशियाई' फाइनल में पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। श्रीलंका ने अपनी टीम में चार बदलाव करते हुए एंजेलो मैथ्यूज, अजंता मेंडिस, रंगना हेराथ और चामरा सिल्वा की जगह तिषारा परेरा, सूरज रणदीव, नुवान कुलशेखरा और चामरा कपुगेदारा को मौका दिया। भारत ने चोटिल तेज गेंदबाज आशीष नेहरा की जगह तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को टीम में शामिल किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जब सिक्का उछाला, तो इसे लेकर भ्रम था कि श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा ने हेड बोला या टेल। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे ने काले धन के मुद्दे पर नया विवाद खड़ा कर सकने वाली टिप्पणी करते हुए मंगलवार को कहा कि स्विस बैंक संबंधी जानकारी की सूची में भारतीयों के नाम भी हैं जिन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। असांजे ने एक टीवी चैनल को बताया, हां, जानकारी में भारतीयों के नाम भी हैं जिनका हम पहले ही प्रकाशन कर चुके हैं या करने वाले हैं। मुझे किसी विशिष्ट भारतीय का नाम याद नहीं है जो हमारे आगामी प्रकाशन में होगा। लेकिन मैंने भारतीय नाम पढ़े हैं। स्विस बैंकों में खाता रखने वाले भारतीयों में कुछ बड़े नाम होने के संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि इन निजी स्विस बैंकिंग संस्थानों में आपको खाता खोलने के लिए कम से कम 10 लाख डॉलर की जरूरत होती है, जो काफी ज्यादा राशि है और यह किसी आम भारतीय के पास नहीं होती। इस सवाल पर कि क्या नामों का कभी भी खुलासा हो जाएगा, उन्होंने कहा, आपको उम्मीद बिल्कुल नहीं छोड़नी चाहिए। बहरहाल, असांजे ने इस मुद्दे पर अधिक खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्विस बैंकों में दूसरे देशों के नागरिकों के बजाय भारतीयों की अधिक मात्रा में राशि जमा होने की बात एक खबर के जरिए पता लगी।असांजे ने कहा कि इस बारे में भारत के अधिक आक्रामक नहीं होने का कोई कारण नहीं है। दूसरे देशों में जमा काले धन का पता लगाने के जर्मन सरकार के आक्रामक तरीके की तारीफ करते हुए विकीलीक्स के संस्थापक ने कहा कि भारत को अधिक आक्रामक होना चाहिए क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि भारत को प्रति व्यक्ति प्राप्त होने वाले कर के मामले में जर्मनी के मुकाबले अधिक नुकसान हो रहा है। असांजे ने आरोप लगाया कि विकीलीक्स के केबलों पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया विश्व में बदतर रही और केबलों में क्या है, इस बारे में देश को गुमराह करने की साफ तौर पर कोशिश हुई। उन्होंने भारत सरकार के इन दावों को भी खारिज कर दिया कि कालेधन का पता लगाने के तरीके में दोहरा कराधान रोकने संबंधी संधियां अवरोध पैदा कर रही हैं। असांजे ने कहा, दोहरे कराधान का छिपाकर रखी गई दौलत से कोई लेना-देना नहीं है। इससे छिपा कर रखी गई संपत्ति पर पर्दा नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि विदेशी बैंकों में कालाधन छिपाकर रखने का मुद्दा स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार से भी बदतर है क्योंकि इसमें धन को देश से बाहर भेज दिया जाता है। असांजे ने कहा कि हर बार वे रुपये को बेचते हैं, जिसके नतीजतन देश की मुद्रा का मूल्य कम होता है। ..इस हस्तांतरण के चलते सभी भारतीयों के लिए सब कुछ महंगा हो जाता है। उन्होंने पूर्व में दावा किया था कि उन्हें पूर्व बैंकर रूडॉल्फ एल्मर से बैंक खातों संबंधी दस्तावेज मिले थे। झंडाबरदार वेबसाइट चलाने वाले असांजे ने यह भी दावा किया था कि दस्तावेजों में मौजूद नाम अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रिया और एशिया ..सभी क्षेत्रों के हैं तथा इनमें कारोबारी, नेता, कला क्षेत्र के लोग और बहुराष्ट्रीय कंपनियां चलाने वाले लोग शामिल हैं। | यह एक सारांश है: असांजे ने काले धन के मुद्दे कहा कि स्विस बैंक संबंधी जानकारी की सूची में भारतीयों के नाम भी हैं, जिन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जल्द ही आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति पाने के लिए अपना मोटापा कम करना पड़ सकता है. दरअसल, केंद्र सरकार इन अधिकारियों की पदोन्नति को उनकी फिटनेस से जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है.
गृह मंत्रालय ने आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति से पहले एक अनिवार्य कदम के रूप में उनकी शारीरिक फिटनेस की सिफारिश की है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है.
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस सिफारिश को शामिल करने के लिए मसौदा सेवा नियमों को अंतिम रूप दिया है. इसने सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के प्रशासकों से अपनी टिप्प्णी देने को कहा है.
मसौदा नियमों में कहा गया है, 'विभिन्न पदों पर आईपीएस अधिकारियों की प्रमोशन शारीरिक फिटनेस पर निर्भर होगी, जो समय-समय पर गृह मंत्रालय के द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप हो सकती है'. गौरतलब है कि मौजूदा नियमों में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. सेवा की आवश्यक अवधि पूरी करने के बाद उन्हें विभिन्न स्तरों और ग्रेड पर पदोन्नति मिलती है.
सिफारिशों में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारियों के लिए इस तरह की फिटनेस से जुड़ी पदोन्नति अगर लागू होती है, तो यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के ग्रुप 'ए' अधिकारियों के समान होगी.
आईपीएस अधिकारियों को खुफिया, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, वीआईपी या औद्योगिक सुरक्षा, उग्रवाद निरोध और आतंकवाद निरोध जैसे तीन कार्य क्षेत्रों (डोमेन) में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी. डीओपीटी के मसौदा नियमों के मुताबिक, गृह मंत्रालय को आईपीएस अधिकारियों के लिए विशेषज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम की जरूरत महसूस हुई है. मंत्रालय ने प्रस्ताव किया है आईपीएस अधिकारी को डीआईजी, आईजी और एडीजी के पद पर पदोन्नति से पहले तीन कार्य क्षेत्रों में विशेज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करना चाहिए. मंत्रालय ने 20 कार्य क्षेत्रों की पहचान की है.
ये नियम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए जा रहे हैं कि आईपीएस अधिकारी अपना प्रोबेशन समय पर पूरा करें.टिप्पणियां
डीओपीटी के प्रस्ताव में कहा गया है, 'गृह मंत्रालय का मानना है कि कई आईपीएस अधिकारी दो साल के तय समय में अपना प्रोबेशन पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन जिस बैच में उनकी भर्ती हुई होती है, उसी के मुताबिक उन्हें वरिष्ठता का लाभ दे दिया जाता है'.
(इनपुट भाषा से)
गृह मंत्रालय ने आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति से पहले एक अनिवार्य कदम के रूप में उनकी शारीरिक फिटनेस की सिफारिश की है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है.
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस सिफारिश को शामिल करने के लिए मसौदा सेवा नियमों को अंतिम रूप दिया है. इसने सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के प्रशासकों से अपनी टिप्प्णी देने को कहा है.
मसौदा नियमों में कहा गया है, 'विभिन्न पदों पर आईपीएस अधिकारियों की प्रमोशन शारीरिक फिटनेस पर निर्भर होगी, जो समय-समय पर गृह मंत्रालय के द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप हो सकती है'. गौरतलब है कि मौजूदा नियमों में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. सेवा की आवश्यक अवधि पूरी करने के बाद उन्हें विभिन्न स्तरों और ग्रेड पर पदोन्नति मिलती है.
सिफारिशों में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारियों के लिए इस तरह की फिटनेस से जुड़ी पदोन्नति अगर लागू होती है, तो यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के ग्रुप 'ए' अधिकारियों के समान होगी.
आईपीएस अधिकारियों को खुफिया, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, वीआईपी या औद्योगिक सुरक्षा, उग्रवाद निरोध और आतंकवाद निरोध जैसे तीन कार्य क्षेत्रों (डोमेन) में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी. डीओपीटी के मसौदा नियमों के मुताबिक, गृह मंत्रालय को आईपीएस अधिकारियों के लिए विशेषज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम की जरूरत महसूस हुई है. मंत्रालय ने प्रस्ताव किया है आईपीएस अधिकारी को डीआईजी, आईजी और एडीजी के पद पर पदोन्नति से पहले तीन कार्य क्षेत्रों में विशेज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करना चाहिए. मंत्रालय ने 20 कार्य क्षेत्रों की पहचान की है.
ये नियम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए जा रहे हैं कि आईपीएस अधिकारी अपना प्रोबेशन समय पर पूरा करें.टिप्पणियां
डीओपीटी के प्रस्ताव में कहा गया है, 'गृह मंत्रालय का मानना है कि कई आईपीएस अधिकारी दो साल के तय समय में अपना प्रोबेशन पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन जिस बैच में उनकी भर्ती हुई होती है, उसी के मुताबिक उन्हें वरिष्ठता का लाभ दे दिया जाता है'.
(इनपुट भाषा से)
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस सिफारिश को शामिल करने के लिए मसौदा सेवा नियमों को अंतिम रूप दिया है. इसने सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के प्रशासकों से अपनी टिप्प्णी देने को कहा है.
मसौदा नियमों में कहा गया है, 'विभिन्न पदों पर आईपीएस अधिकारियों की प्रमोशन शारीरिक फिटनेस पर निर्भर होगी, जो समय-समय पर गृह मंत्रालय के द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप हो सकती है'. गौरतलब है कि मौजूदा नियमों में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. सेवा की आवश्यक अवधि पूरी करने के बाद उन्हें विभिन्न स्तरों और ग्रेड पर पदोन्नति मिलती है.
सिफारिशों में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारियों के लिए इस तरह की फिटनेस से जुड़ी पदोन्नति अगर लागू होती है, तो यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के ग्रुप 'ए' अधिकारियों के समान होगी.
आईपीएस अधिकारियों को खुफिया, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, वीआईपी या औद्योगिक सुरक्षा, उग्रवाद निरोध और आतंकवाद निरोध जैसे तीन कार्य क्षेत्रों (डोमेन) में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी. डीओपीटी के मसौदा नियमों के मुताबिक, गृह मंत्रालय को आईपीएस अधिकारियों के लिए विशेषज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम की जरूरत महसूस हुई है. मंत्रालय ने प्रस्ताव किया है आईपीएस अधिकारी को डीआईजी, आईजी और एडीजी के पद पर पदोन्नति से पहले तीन कार्य क्षेत्रों में विशेज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करना चाहिए. मंत्रालय ने 20 कार्य क्षेत्रों की पहचान की है.
ये नियम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए जा रहे हैं कि आईपीएस अधिकारी अपना प्रोबेशन समय पर पूरा करें.टिप्पणियां
डीओपीटी के प्रस्ताव में कहा गया है, 'गृह मंत्रालय का मानना है कि कई आईपीएस अधिकारी दो साल के तय समय में अपना प्रोबेशन पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन जिस बैच में उनकी भर्ती हुई होती है, उसी के मुताबिक उन्हें वरिष्ठता का लाभ दे दिया जाता है'.
(इनपुट भाषा से)
मसौदा नियमों में कहा गया है, 'विभिन्न पदों पर आईपीएस अधिकारियों की प्रमोशन शारीरिक फिटनेस पर निर्भर होगी, जो समय-समय पर गृह मंत्रालय के द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप हो सकती है'. गौरतलब है कि मौजूदा नियमों में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. सेवा की आवश्यक अवधि पूरी करने के बाद उन्हें विभिन्न स्तरों और ग्रेड पर पदोन्नति मिलती है.
सिफारिशों में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारियों के लिए इस तरह की फिटनेस से जुड़ी पदोन्नति अगर लागू होती है, तो यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के ग्रुप 'ए' अधिकारियों के समान होगी.
आईपीएस अधिकारियों को खुफिया, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, वीआईपी या औद्योगिक सुरक्षा, उग्रवाद निरोध और आतंकवाद निरोध जैसे तीन कार्य क्षेत्रों (डोमेन) में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी. डीओपीटी के मसौदा नियमों के मुताबिक, गृह मंत्रालय को आईपीएस अधिकारियों के लिए विशेषज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम की जरूरत महसूस हुई है. मंत्रालय ने प्रस्ताव किया है आईपीएस अधिकारी को डीआईजी, आईजी और एडीजी के पद पर पदोन्नति से पहले तीन कार्य क्षेत्रों में विशेज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करना चाहिए. मंत्रालय ने 20 कार्य क्षेत्रों की पहचान की है.
ये नियम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए जा रहे हैं कि आईपीएस अधिकारी अपना प्रोबेशन समय पर पूरा करें.टिप्पणियां
डीओपीटी के प्रस्ताव में कहा गया है, 'गृह मंत्रालय का मानना है कि कई आईपीएस अधिकारी दो साल के तय समय में अपना प्रोबेशन पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन जिस बैच में उनकी भर्ती हुई होती है, उसी के मुताबिक उन्हें वरिष्ठता का लाभ दे दिया जाता है'.
(इनपुट भाषा से)
सिफारिशों में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारियों के लिए इस तरह की फिटनेस से जुड़ी पदोन्नति अगर लागू होती है, तो यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के ग्रुप 'ए' अधिकारियों के समान होगी.
आईपीएस अधिकारियों को खुफिया, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, वीआईपी या औद्योगिक सुरक्षा, उग्रवाद निरोध और आतंकवाद निरोध जैसे तीन कार्य क्षेत्रों (डोमेन) में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी. डीओपीटी के मसौदा नियमों के मुताबिक, गृह मंत्रालय को आईपीएस अधिकारियों के लिए विशेषज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम की जरूरत महसूस हुई है. मंत्रालय ने प्रस्ताव किया है आईपीएस अधिकारी को डीआईजी, आईजी और एडीजी के पद पर पदोन्नति से पहले तीन कार्य क्षेत्रों में विशेज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करना चाहिए. मंत्रालय ने 20 कार्य क्षेत्रों की पहचान की है.
ये नियम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए जा रहे हैं कि आईपीएस अधिकारी अपना प्रोबेशन समय पर पूरा करें.टिप्पणियां
डीओपीटी के प्रस्ताव में कहा गया है, 'गृह मंत्रालय का मानना है कि कई आईपीएस अधिकारी दो साल के तय समय में अपना प्रोबेशन पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन जिस बैच में उनकी भर्ती हुई होती है, उसी के मुताबिक उन्हें वरिष्ठता का लाभ दे दिया जाता है'.
(इनपुट भाषा से)
आईपीएस अधिकारियों को खुफिया, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, वीआईपी या औद्योगिक सुरक्षा, उग्रवाद निरोध और आतंकवाद निरोध जैसे तीन कार्य क्षेत्रों (डोमेन) में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी. डीओपीटी के मसौदा नियमों के मुताबिक, गृह मंत्रालय को आईपीएस अधिकारियों के लिए विशेषज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम की जरूरत महसूस हुई है. मंत्रालय ने प्रस्ताव किया है आईपीएस अधिकारी को डीआईजी, आईजी और एडीजी के पद पर पदोन्नति से पहले तीन कार्य क्षेत्रों में विशेज्ञता प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करना चाहिए. मंत्रालय ने 20 कार्य क्षेत्रों की पहचान की है.
ये नियम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए जा रहे हैं कि आईपीएस अधिकारी अपना प्रोबेशन समय पर पूरा करें.टिप्पणियां
डीओपीटी के प्रस्ताव में कहा गया है, 'गृह मंत्रालय का मानना है कि कई आईपीएस अधिकारी दो साल के तय समय में अपना प्रोबेशन पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन जिस बैच में उनकी भर्ती हुई होती है, उसी के मुताबिक उन्हें वरिष्ठता का लाभ दे दिया जाता है'.
(इनपुट भाषा से)
ये नियम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए जा रहे हैं कि आईपीएस अधिकारी अपना प्रोबेशन समय पर पूरा करें.टिप्पणियां
डीओपीटी के प्रस्ताव में कहा गया है, 'गृह मंत्रालय का मानना है कि कई आईपीएस अधिकारी दो साल के तय समय में अपना प्रोबेशन पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन जिस बैच में उनकी भर्ती हुई होती है, उसी के मुताबिक उन्हें वरिष्ठता का लाभ दे दिया जाता है'.
(इनपुट भाषा से)
डीओपीटी के प्रस्ताव में कहा गया है, 'गृह मंत्रालय का मानना है कि कई आईपीएस अधिकारी दो साल के तय समय में अपना प्रोबेशन पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन जिस बैच में उनकी भर्ती हुई होती है, उसी के मुताबिक उन्हें वरिष्ठता का लाभ दे दिया जाता है'.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | गृह मंत्रालय ने प्रमोशन से पहले शारीरिक फिटनेस की सिफारिश की.
डीओपीटी ने मसौदा सेवा नियमों को अंतिम रूप दिया.
मंत्रालय ने 20 कार्य क्षेत्रों की पहचान की है. | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश का बरेली एक बार फिर अशांत हो गया है। जन्माष्टमी की शोभायात्रा के तयशुदा मार्ग में परिवर्तन को लेकर दो समुदायों के बीच पथराव और गोलीबारी के बाद शहर समेत जिले के चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू करके देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार की शाम बारादरी थाना क्षेत्र के जगतपुर तथा कालीबाड़ी में जन्माष्टमी की शोभायात्रा निकालने के दौरान बवाल हो गया। जगतपुर में शोभायात्रा को परंपरागत मार्ग से कुछ कदम आगे बढ़ाए जाने पर दो समुदाय आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच जमकर पथराव तथा गोलीबारी हुई। उग्र भीड़ ने एक कार में भी आग लगा दी। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में एक महिला तथा उसके पुत्र समेत तीन लोग जख्मी हो गए। पथराव से भी कई लोग घायल हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि कालीबाड़ी में जन्माष्टमी के जुलूस का मार्ग बदले जाने पर पुलिस तथा एक समुदाय के लोगों में टकराव हो गया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। पथराव की चपेट में आकर बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। उपद्रव में लगभग 15 लोग जख्मी हुए हैं। टिप्पणियां
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि हिंसा की वजह से जिले के बारादरी, किला, प्रेमनगर तथा कोतवाली थाना क्षेत्रों में रात करीब एक बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया और देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए गए हैं। जिले में दंगा एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है।
इस बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र वीर सिंह ने लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि बारादरी थाने के पुलिस निरीक्षक को भी हटा दिया गया है। गौरतलब है कि बरेली में एक महीने के अंदर दूसरी बार हिंसा भड़की है। गत 22 जुलाई को मठ की चौकी पर एक समुदाय द्वारा कांवड़ियों को रोके जाने पर हुई हिंसक वारदात के कारण शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे 7 अगस्त को पूरी तरह हटाया गया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार की शाम बारादरी थाना क्षेत्र के जगतपुर तथा कालीबाड़ी में जन्माष्टमी की शोभायात्रा निकालने के दौरान बवाल हो गया। जगतपुर में शोभायात्रा को परंपरागत मार्ग से कुछ कदम आगे बढ़ाए जाने पर दो समुदाय आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच जमकर पथराव तथा गोलीबारी हुई। उग्र भीड़ ने एक कार में भी आग लगा दी। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में एक महिला तथा उसके पुत्र समेत तीन लोग जख्मी हो गए। पथराव से भी कई लोग घायल हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि कालीबाड़ी में जन्माष्टमी के जुलूस का मार्ग बदले जाने पर पुलिस तथा एक समुदाय के लोगों में टकराव हो गया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। पथराव की चपेट में आकर बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। उपद्रव में लगभग 15 लोग जख्मी हुए हैं। टिप्पणियां
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि हिंसा की वजह से जिले के बारादरी, किला, प्रेमनगर तथा कोतवाली थाना क्षेत्रों में रात करीब एक बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया और देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए गए हैं। जिले में दंगा एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है।
इस बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र वीर सिंह ने लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि बारादरी थाने के पुलिस निरीक्षक को भी हटा दिया गया है। गौरतलब है कि बरेली में एक महीने के अंदर दूसरी बार हिंसा भड़की है। गत 22 जुलाई को मठ की चौकी पर एक समुदाय द्वारा कांवड़ियों को रोके जाने पर हुई हिंसक वारदात के कारण शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे 7 अगस्त को पूरी तरह हटाया गया था।
सूत्रों ने बताया कि कालीबाड़ी में जन्माष्टमी के जुलूस का मार्ग बदले जाने पर पुलिस तथा एक समुदाय के लोगों में टकराव हो गया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। पथराव की चपेट में आकर बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। उपद्रव में लगभग 15 लोग जख्मी हुए हैं। टिप्पणियां
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि हिंसा की वजह से जिले के बारादरी, किला, प्रेमनगर तथा कोतवाली थाना क्षेत्रों में रात करीब एक बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया और देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए गए हैं। जिले में दंगा एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है।
इस बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र वीर सिंह ने लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि बारादरी थाने के पुलिस निरीक्षक को भी हटा दिया गया है। गौरतलब है कि बरेली में एक महीने के अंदर दूसरी बार हिंसा भड़की है। गत 22 जुलाई को मठ की चौकी पर एक समुदाय द्वारा कांवड़ियों को रोके जाने पर हुई हिंसक वारदात के कारण शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे 7 अगस्त को पूरी तरह हटाया गया था।
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि हिंसा की वजह से जिले के बारादरी, किला, प्रेमनगर तथा कोतवाली थाना क्षेत्रों में रात करीब एक बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया और देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए गए हैं। जिले में दंगा एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है।
इस बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र वीर सिंह ने लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि बारादरी थाने के पुलिस निरीक्षक को भी हटा दिया गया है। गौरतलब है कि बरेली में एक महीने के अंदर दूसरी बार हिंसा भड़की है। गत 22 जुलाई को मठ की चौकी पर एक समुदाय द्वारा कांवड़ियों को रोके जाने पर हुई हिंसक वारदात के कारण शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे 7 अगस्त को पूरी तरह हटाया गया था।
इस बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र वीर सिंह ने लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि बारादरी थाने के पुलिस निरीक्षक को भी हटा दिया गया है। गौरतलब है कि बरेली में एक महीने के अंदर दूसरी बार हिंसा भड़की है। गत 22 जुलाई को मठ की चौकी पर एक समुदाय द्वारा कांवड़ियों को रोके जाने पर हुई हिंसक वारदात के कारण शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे 7 अगस्त को पूरी तरह हटाया गया था। | यहाँ एक सारांश है:जन्माष्टमी की शोभायात्रा के मार्ग में परिवर्तन को लेकर दो समुदायों के बीच पथराव और गोलीबारी के बाद बरेली शहर समेत जिले के चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू करके देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय की परोल 16 सितंबर तक बढ़ा दी है. शर्त के मुताबिक सहारा ने 300 करोड़ रुपये जमा करा दिए थे. कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक 300 करोड़ रुपये जमा कराएं. इस तरह सहारा जमानत की शर्त के 5000 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं.
सहारा-सेबी विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम् सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय का परोल तीन अगस्त तक बढ़ाते हुए कहा था कि उन्हें सेबी के पास 300 करोड़ रुपये जमा कराने होंगे. अगर 3 अगस्त तक रुपये जमा ना कराए तो उन्हें वापस जेल भेज दिया जायेगा.टिप्पणियां
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय की परोल की अवधि को 11 जुलाई तक इस शर्त पर बढ़ाया था कि वह 11 जुलाई तक 200 करोड़ रुपये सेबी के पास जमा कराएं. अगर वह 11 जुलाई तक वह 200 करोड़ रुपये जमा कराते हैं तो इस अवधि को आगे 3 अगस्त तक 300 करोड़ रुपये देने की शर्त पर बढ़ाया जा सकता है.
वैसे सहारा प्रमुख सेबी में 200 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा ना करने पर नाराजगी जाहिर की थी क्योंकि जमानत की शर्त के मुताबिक सहारा को पांच हजार करोड़ की रकम और इतनी ही बैक गारंटी देनी है. गौरतलब है कि 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को उनकी मां का अंतिम संस्कार करने के लिए 4 सप्ताह की कस्टडी परोल प्रदान की थी.
सहारा-सेबी विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम् सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय का परोल तीन अगस्त तक बढ़ाते हुए कहा था कि उन्हें सेबी के पास 300 करोड़ रुपये जमा कराने होंगे. अगर 3 अगस्त तक रुपये जमा ना कराए तो उन्हें वापस जेल भेज दिया जायेगा.टिप्पणियां
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय की परोल की अवधि को 11 जुलाई तक इस शर्त पर बढ़ाया था कि वह 11 जुलाई तक 200 करोड़ रुपये सेबी के पास जमा कराएं. अगर वह 11 जुलाई तक वह 200 करोड़ रुपये जमा कराते हैं तो इस अवधि को आगे 3 अगस्त तक 300 करोड़ रुपये देने की शर्त पर बढ़ाया जा सकता है.
वैसे सहारा प्रमुख सेबी में 200 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा ना करने पर नाराजगी जाहिर की थी क्योंकि जमानत की शर्त के मुताबिक सहारा को पांच हजार करोड़ की रकम और इतनी ही बैक गारंटी देनी है. गौरतलब है कि 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को उनकी मां का अंतिम संस्कार करने के लिए 4 सप्ताह की कस्टडी परोल प्रदान की थी.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय की परोल की अवधि को 11 जुलाई तक इस शर्त पर बढ़ाया था कि वह 11 जुलाई तक 200 करोड़ रुपये सेबी के पास जमा कराएं. अगर वह 11 जुलाई तक वह 200 करोड़ रुपये जमा कराते हैं तो इस अवधि को आगे 3 अगस्त तक 300 करोड़ रुपये देने की शर्त पर बढ़ाया जा सकता है.
वैसे सहारा प्रमुख सेबी में 200 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा ना करने पर नाराजगी जाहिर की थी क्योंकि जमानत की शर्त के मुताबिक सहारा को पांच हजार करोड़ की रकम और इतनी ही बैक गारंटी देनी है. गौरतलब है कि 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को उनकी मां का अंतिम संस्कार करने के लिए 4 सप्ताह की कस्टडी परोल प्रदान की थी.
वैसे सहारा प्रमुख सेबी में 200 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा ना करने पर नाराजगी जाहिर की थी क्योंकि जमानत की शर्त के मुताबिक सहारा को पांच हजार करोड़ की रकम और इतनी ही बैक गारंटी देनी है. गौरतलब है कि 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को उनकी मां का अंतिम संस्कार करने के लिए 4 सप्ताह की कस्टडी परोल प्रदान की थी. | संक्षिप्त सारांश: सुब्रत राय जमानत की शर्त के 5000 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं
कोर्ट ने अगली सुनवाई तक 300 करोड़ रुपये जमा कराने के दिए निर्देश
शर्त के मुताबिक सहारा को 5000 करोड़ की रकम और इतनी ही बैक गारंटी देनी है | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आपके स्वास्थ्य के लिए धूम्रपान की अपेक्षा शराब ज्यादा खतरनाक है। एक नए अध्ययन में पता चला है कि धूम्रपान की तुलना में अत्यधिक शराब के सेवन से आप तेजी से मृत्यु के नजदीक पहुंचते हैं।टिप्पणियां
डेली मेल में मंगलवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक शोधकर्ताओं ने पाया कि औसतन आम लोगों की तुलना में शराब पीने वालों की मौत करीब 20 साल पहले ही हो जाती है।
जर्मनी में विद्वानों ने शराब पीने वाले 149 व्यस्कों से सम्बंधित 14 साल के आंकड़ों का अध्ययन किया। उन्होंने इस अध्ययन में पाया कि शराब का सेवन करने वाली महिलाओं की मृत्युदर आम महिलाओं के मुकाबले औसतन 4.6 गुना ज्यादा है जबकि यह अनुपात पुरुषों में दोगुना है।
डेली मेल में मंगलवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक शोधकर्ताओं ने पाया कि औसतन आम लोगों की तुलना में शराब पीने वालों की मौत करीब 20 साल पहले ही हो जाती है।
जर्मनी में विद्वानों ने शराब पीने वाले 149 व्यस्कों से सम्बंधित 14 साल के आंकड़ों का अध्ययन किया। उन्होंने इस अध्ययन में पाया कि शराब का सेवन करने वाली महिलाओं की मृत्युदर आम महिलाओं के मुकाबले औसतन 4.6 गुना ज्यादा है जबकि यह अनुपात पुरुषों में दोगुना है।
जर्मनी में विद्वानों ने शराब पीने वाले 149 व्यस्कों से सम्बंधित 14 साल के आंकड़ों का अध्ययन किया। उन्होंने इस अध्ययन में पाया कि शराब का सेवन करने वाली महिलाओं की मृत्युदर आम महिलाओं के मुकाबले औसतन 4.6 गुना ज्यादा है जबकि यह अनुपात पुरुषों में दोगुना है। | संक्षिप्त पाठ: एक नए अध्ययन में पता चला है कि धूम्रपान की तुलना में अत्यधिक शराब के सेवन से आप तेजी से मृत्यु के नजदीक पहुंचते हैं। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के किसान एक बार फिर लांग मार्च निकालने को तैयार हैं और उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी जा रही है. अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले यह लांग मार्च नासिक से मुंबई तक होना है. फिलहाल किसान नासिक के मुंबई नाका बस स्टाप पर एकत्रित हैं. आयोजकों का दावा है कि 50 हजार से ज्यादा किसान इस मार्च में हिस्सा ले रहे हैं.
अखिल भारतीय किसान सभा के नेता अशोक ढवले ने बताया कि यह मार्च राज्य सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में हैं. उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों के लांग मार्च को फेल करने के लिए उनके नेताओं और सदस्यों को गलत तरीके से रोकने का आरोप लगाया.
अखिल भारतीय किसान सभा महाराष्ट्र के महासचिव डॉ अजित नवले ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार उन पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर मोर्चे में शामिल होने से रोकना चाहती है इसलिए पिछले कुछ दिनों से उन्हें भूमिगत होना पड़ा है ताकि मोर्चे में शामिल हो सकें.
डॉ ढवले ने यह भी बताया कि नासिक शहर पुलिस ने वहां प्रदर्शन की इजाजत तो दी है लेकिन मुंबई के लिए लांग मार्च की इजाजत यह कहकर नहीं दी कि यह उनके अधिकार में नहीं आता. डॉ ढवले ने कहा कि यह सब किसानों के मोर्चे को रोकने के लिए किया जा रहा है.
लांग मार्च में शामिल होने जा रहे सैकड़ों किसानों को कसारा घाट के पहले ही रोक दिया गया है. उनका कहना है कि दोपहर 12 बजे से ही उन्हें रोककर रखा गया है. यह उनकी आवाज दबाने की कोशिश है. दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि हमने रोका नहीं है सिर्फ नाम पता जानने के लिए कुछ देर के लिए रोका है. सभी को जाने दिया जाएगा.
राज्य के जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन नासिक आए हैं. वे किसान नेताओ से बात करके बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर सकते हैं. | संक्षिप्त पाठ: आयोजकों का दावा- 50 हजार से ज्यादा किसान शामिल होंगे मार्च में
कहा- प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर मार्च को रोकना चाहती है सरकार
राज्य के जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन सुलह करने के लिए नासिक आए | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लगभग हमेशा ही मुसीबतों से घिरी रहने वाली हॉलीवुड अभिनेत्री लिंडसे लोहान ने आखिरकार उन तीन लोगों के साथ मामले का निपटारा कर लिया है, जिनका ड्रग्स के नशे में उसने कथित तौर पर कार सहित अपहरण कर लिया था।
दरअसल, 25-वर्षीय अभिनेत्री ने वर्ष 2008 में मालिबू में आयोजित एक पार्टी से निकलने के बाद उनकी कार का अपहरण कर लिया था और सैंटा मोनिका तक मनमाने ढंग से कार चलाई थी। इसके बाद दूसरी बार उनकी गिरफ्तारी की गई थी।टिप्पणियां
दोनों पक्षों के वकीलों ने वाद के निपटारे की पुष्टि कर दी है और अदालत में वाद को खारिज करने के लिए जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। समझौते की शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।
तीन लोगों ने वर्ष 2008 में लोहान के खिलाफ मुकदमा दायर कर दावा किया था कि मालिबू में एक पार्टी से निकलने के बाद नशे की हालत में लोहान ने उनकी कार का अपहरण कर लिया और मनमाने तरीके से चलाकर उनकी जान जोखिम में डाल दी थी।
दरअसल, 25-वर्षीय अभिनेत्री ने वर्ष 2008 में मालिबू में आयोजित एक पार्टी से निकलने के बाद उनकी कार का अपहरण कर लिया था और सैंटा मोनिका तक मनमाने ढंग से कार चलाई थी। इसके बाद दूसरी बार उनकी गिरफ्तारी की गई थी।टिप्पणियां
दोनों पक्षों के वकीलों ने वाद के निपटारे की पुष्टि कर दी है और अदालत में वाद को खारिज करने के लिए जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। समझौते की शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।
तीन लोगों ने वर्ष 2008 में लोहान के खिलाफ मुकदमा दायर कर दावा किया था कि मालिबू में एक पार्टी से निकलने के बाद नशे की हालत में लोहान ने उनकी कार का अपहरण कर लिया और मनमाने तरीके से चलाकर उनकी जान जोखिम में डाल दी थी।
दोनों पक्षों के वकीलों ने वाद के निपटारे की पुष्टि कर दी है और अदालत में वाद को खारिज करने के लिए जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। समझौते की शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।
तीन लोगों ने वर्ष 2008 में लोहान के खिलाफ मुकदमा दायर कर दावा किया था कि मालिबू में एक पार्टी से निकलने के बाद नशे की हालत में लोहान ने उनकी कार का अपहरण कर लिया और मनमाने तरीके से चलाकर उनकी जान जोखिम में डाल दी थी।
तीन लोगों ने वर्ष 2008 में लोहान के खिलाफ मुकदमा दायर कर दावा किया था कि मालिबू में एक पार्टी से निकलने के बाद नशे की हालत में लोहान ने उनकी कार का अपहरण कर लिया और मनमाने तरीके से चलाकर उनकी जान जोखिम में डाल दी थी। | सारांश: हॉलीवुड अभिनेत्री लिंडसे लोहान ने उन तीनों लोगों के साथ मामले का निपटारा कर लिया है, जिनका ड्रग्स के नशे में उसने कथित तौर पर कार सहित अपहरण कर लिया था। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के पहले संस्करण के पहले लीग मुकाबले में सोमवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में स्थानीय फ्रेंचाइजी टीम दिल्ली वेवराइर्ड्स का सामना जेपी पंजाब वॉरियर्स के साथ होगा।
यह मैच भारतीय समयानुसार रात आठ बजे से खेला जाएगा और इसका प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स और स्टार क्रिकेट पर होगा।
स्टार स्पोर्ट्स पर अंग्रेजी में कमेंट्री के साथ मैच दिखाया जाएगा जबकि स्टार क्रिकेट पर इसका प्रसारण हिंदी कमेंट्री के साथ होगा।
जाहिर तौर पर वेवराइर्ड्स और वॉरियर्स जीत के साथ इस लीग की शुरुआत करना चाहेंगे। वेवराइर्ड्स टीम की कमान जहां भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह के हाथो में है वहीं वॉरियर्स के कप्तान आस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी जेमी ड्वायर हैं।
वेवराइर्ड्स के पास मिडफील्ड में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं लेकिन जहां तक रक्षापंक्ति की बात है तो वह कमजोर दिखाई देती है। मिडफील्ड में उसके पास साइमन चाइल्ड, दानिश मुज्तबा और गुरविंदर सिंह चांडी से युवा और तेजतर्रार खिलाड़ी हैं।
इसके अलावा उसके पास मुम्बई निवासी 23 साल के युवराज वाल्मीकि जैसा खिलाड़ी है, जो बहुत कम समय में काफी पहचान बना चुका है। युवराज इस लीग के माध्यम से सफल पेशेवर खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कराना चाहेंगे।
वेवराइर्ड्स की रक्षापंक्ति कमजोर है। इसके कोच अशोक कुमार बंसल अच्छी तरह जानते हैं कि सिर्फ सरदार सिंह के रहते रक्षापंक्ति मजबूत नहीं हो सकती और इसी कारण वह अधिक से अधिक रोटेशन के साथ अपने खिलाड़ियों को प्रेरित और तरोताजा रखना चाहेंगे।
दूसरी ओर, वॉरियर्स के पास अग्रिम पंक्ति में शिवेंद्र सिंह और एसवी सुनील जैसे खिलाड़ी हैं। साथ ही साथ ड्वायर का अनुभव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
यह मैच भारतीय समयानुसार रात आठ बजे से खेला जाएगा और इसका प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स और स्टार क्रिकेट पर होगा।
स्टार स्पोर्ट्स पर अंग्रेजी में कमेंट्री के साथ मैच दिखाया जाएगा जबकि स्टार क्रिकेट पर इसका प्रसारण हिंदी कमेंट्री के साथ होगा।
जाहिर तौर पर वेवराइर्ड्स और वॉरियर्स जीत के साथ इस लीग की शुरुआत करना चाहेंगे। वेवराइर्ड्स टीम की कमान जहां भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह के हाथो में है वहीं वॉरियर्स के कप्तान आस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी जेमी ड्वायर हैं।
वेवराइर्ड्स के पास मिडफील्ड में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं लेकिन जहां तक रक्षापंक्ति की बात है तो वह कमजोर दिखाई देती है। मिडफील्ड में उसके पास साइमन चाइल्ड, दानिश मुज्तबा और गुरविंदर सिंह चांडी से युवा और तेजतर्रार खिलाड़ी हैं।
इसके अलावा उसके पास मुम्बई निवासी 23 साल के युवराज वाल्मीकि जैसा खिलाड़ी है, जो बहुत कम समय में काफी पहचान बना चुका है। युवराज इस लीग के माध्यम से सफल पेशेवर खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कराना चाहेंगे।
वेवराइर्ड्स की रक्षापंक्ति कमजोर है। इसके कोच अशोक कुमार बंसल अच्छी तरह जानते हैं कि सिर्फ सरदार सिंह के रहते रक्षापंक्ति मजबूत नहीं हो सकती और इसी कारण वह अधिक से अधिक रोटेशन के साथ अपने खिलाड़ियों को प्रेरित और तरोताजा रखना चाहेंगे।
दूसरी ओर, वॉरियर्स के पास अग्रिम पंक्ति में शिवेंद्र सिंह और एसवी सुनील जैसे खिलाड़ी हैं। साथ ही साथ ड्वायर का अनुभव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
स्टार स्पोर्ट्स पर अंग्रेजी में कमेंट्री के साथ मैच दिखाया जाएगा जबकि स्टार क्रिकेट पर इसका प्रसारण हिंदी कमेंट्री के साथ होगा।
जाहिर तौर पर वेवराइर्ड्स और वॉरियर्स जीत के साथ इस लीग की शुरुआत करना चाहेंगे। वेवराइर्ड्स टीम की कमान जहां भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह के हाथो में है वहीं वॉरियर्स के कप्तान आस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी जेमी ड्वायर हैं।
वेवराइर्ड्स के पास मिडफील्ड में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं लेकिन जहां तक रक्षापंक्ति की बात है तो वह कमजोर दिखाई देती है। मिडफील्ड में उसके पास साइमन चाइल्ड, दानिश मुज्तबा और गुरविंदर सिंह चांडी से युवा और तेजतर्रार खिलाड़ी हैं।
इसके अलावा उसके पास मुम्बई निवासी 23 साल के युवराज वाल्मीकि जैसा खिलाड़ी है, जो बहुत कम समय में काफी पहचान बना चुका है। युवराज इस लीग के माध्यम से सफल पेशेवर खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कराना चाहेंगे।
वेवराइर्ड्स की रक्षापंक्ति कमजोर है। इसके कोच अशोक कुमार बंसल अच्छी तरह जानते हैं कि सिर्फ सरदार सिंह के रहते रक्षापंक्ति मजबूत नहीं हो सकती और इसी कारण वह अधिक से अधिक रोटेशन के साथ अपने खिलाड़ियों को प्रेरित और तरोताजा रखना चाहेंगे।
दूसरी ओर, वॉरियर्स के पास अग्रिम पंक्ति में शिवेंद्र सिंह और एसवी सुनील जैसे खिलाड़ी हैं। साथ ही साथ ड्वायर का अनुभव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
जाहिर तौर पर वेवराइर्ड्स और वॉरियर्स जीत के साथ इस लीग की शुरुआत करना चाहेंगे। वेवराइर्ड्स टीम की कमान जहां भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह के हाथो में है वहीं वॉरियर्स के कप्तान आस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी जेमी ड्वायर हैं।
वेवराइर्ड्स के पास मिडफील्ड में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं लेकिन जहां तक रक्षापंक्ति की बात है तो वह कमजोर दिखाई देती है। मिडफील्ड में उसके पास साइमन चाइल्ड, दानिश मुज्तबा और गुरविंदर सिंह चांडी से युवा और तेजतर्रार खिलाड़ी हैं।
इसके अलावा उसके पास मुम्बई निवासी 23 साल के युवराज वाल्मीकि जैसा खिलाड़ी है, जो बहुत कम समय में काफी पहचान बना चुका है। युवराज इस लीग के माध्यम से सफल पेशेवर खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कराना चाहेंगे।
वेवराइर्ड्स की रक्षापंक्ति कमजोर है। इसके कोच अशोक कुमार बंसल अच्छी तरह जानते हैं कि सिर्फ सरदार सिंह के रहते रक्षापंक्ति मजबूत नहीं हो सकती और इसी कारण वह अधिक से अधिक रोटेशन के साथ अपने खिलाड़ियों को प्रेरित और तरोताजा रखना चाहेंगे।
दूसरी ओर, वॉरियर्स के पास अग्रिम पंक्ति में शिवेंद्र सिंह और एसवी सुनील जैसे खिलाड़ी हैं। साथ ही साथ ड्वायर का अनुभव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
वेवराइर्ड्स के पास मिडफील्ड में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं लेकिन जहां तक रक्षापंक्ति की बात है तो वह कमजोर दिखाई देती है। मिडफील्ड में उसके पास साइमन चाइल्ड, दानिश मुज्तबा और गुरविंदर सिंह चांडी से युवा और तेजतर्रार खिलाड़ी हैं।
इसके अलावा उसके पास मुम्बई निवासी 23 साल के युवराज वाल्मीकि जैसा खिलाड़ी है, जो बहुत कम समय में काफी पहचान बना चुका है। युवराज इस लीग के माध्यम से सफल पेशेवर खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कराना चाहेंगे।
वेवराइर्ड्स की रक्षापंक्ति कमजोर है। इसके कोच अशोक कुमार बंसल अच्छी तरह जानते हैं कि सिर्फ सरदार सिंह के रहते रक्षापंक्ति मजबूत नहीं हो सकती और इसी कारण वह अधिक से अधिक रोटेशन के साथ अपने खिलाड़ियों को प्रेरित और तरोताजा रखना चाहेंगे।
दूसरी ओर, वॉरियर्स के पास अग्रिम पंक्ति में शिवेंद्र सिंह और एसवी सुनील जैसे खिलाड़ी हैं। साथ ही साथ ड्वायर का अनुभव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
इसके अलावा उसके पास मुम्बई निवासी 23 साल के युवराज वाल्मीकि जैसा खिलाड़ी है, जो बहुत कम समय में काफी पहचान बना चुका है। युवराज इस लीग के माध्यम से सफल पेशेवर खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कराना चाहेंगे।
वेवराइर्ड्स की रक्षापंक्ति कमजोर है। इसके कोच अशोक कुमार बंसल अच्छी तरह जानते हैं कि सिर्फ सरदार सिंह के रहते रक्षापंक्ति मजबूत नहीं हो सकती और इसी कारण वह अधिक से अधिक रोटेशन के साथ अपने खिलाड़ियों को प्रेरित और तरोताजा रखना चाहेंगे।
दूसरी ओर, वॉरियर्स के पास अग्रिम पंक्ति में शिवेंद्र सिंह और एसवी सुनील जैसे खिलाड़ी हैं। साथ ही साथ ड्वायर का अनुभव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
वेवराइर्ड्स की रक्षापंक्ति कमजोर है। इसके कोच अशोक कुमार बंसल अच्छी तरह जानते हैं कि सिर्फ सरदार सिंह के रहते रक्षापंक्ति मजबूत नहीं हो सकती और इसी कारण वह अधिक से अधिक रोटेशन के साथ अपने खिलाड़ियों को प्रेरित और तरोताजा रखना चाहेंगे।
दूसरी ओर, वॉरियर्स के पास अग्रिम पंक्ति में शिवेंद्र सिंह और एसवी सुनील जैसे खिलाड़ी हैं। साथ ही साथ ड्वायर का अनुभव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
दूसरी ओर, वॉरियर्स के पास अग्रिम पंक्ति में शिवेंद्र सिंह और एसवी सुनील जैसे खिलाड़ी हैं। साथ ही साथ ड्वायर का अनुभव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
ड्वायर के लिए वेवराइडर्स को हराना कठिन नहीं होना चाहिए क्योंकि अग्रिम पंक्ति के अलावा उनके पास ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड और रॉब हेमंड हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
गोलकीपर के तौर पर वॉरियर्स के पास भारतीय टीम के कप्तान रह चुके भरत छेत्री हैं और रक्षापंक्ति में अनुभवी भारतीय इग्नेस तिर्की और ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स और पाकिस्तान के कासिफ शाह हैं।टिप्पणियां
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
ऐसे में जबकि लीग के मुख्य प्रायोजक हीरो मोटो कॉर्प ने लीग के श्रेष्ठ खिलाड़ी को 25 लाख रुपये का शानदार पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है, 14 जनवरी से 10 फरवरी तक खेली जाने वाली इस लीग में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन करना चाहेगा।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग के मैच जालंधर, दिल्ली, मुम्बई, रांची और लखनऊ में खेले जाने हैं। सेमीफाइनल, तीसरे और चौथे स्थान का प्लेआफ और फाइनल रांची में खेला जाना है। | यह एक सारांश है: हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के पहले संस्करण के पहले लीग मुकाबले में सोमवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में स्थानीय फ्रेंचाइजी टीम दिल्ली वेवराइर्ड्स का सामना जेपी पंजाब वॉरियर्स के साथ होगा। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कैग ने रिलायंस के केजी बेसिन क्षेत्र के मामले में पेट्रोलियम मंत्रालय को सतर्क रहने की सलाह दी है। कैग ने कहा है कि केजी-डी6 की लेखापरीक्षा पूरी होने के बाद ही मंत्रालय को रिलायंस इंडस्ट्रीज को व्यय वसूली की अनुमति देनी चाहिए। उप महानियंत्रक एवं लेखा परीक्षक रेखा गुप्ता ने मंत्रालय को महानियंत्रक एवं लेखा परीक्षक (कैग) द्वारा लिखे गये पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह पत्र इस महत्वपूर्ण मुद्दे के प्रति सतर्क करने के लिए था ताकि मामले में उपयुक्त एहतियाती कार्रवाई की जा सके। कैग की केजी डी6 पर रिपोर्ट पिछले महीने संसद में पेश की गई थी, उसी रिपोर्ट का सारांश करते हुये मंत्रालय को पत्र भेजा गया। पत्र में मंत्रालय से उस फैसले की समीक्षा करने के लिए कहा गया जिसमें आरआईएल को 2001 में धीरूभाई-1 और 3 में गैस मिलने के बाद बंगाल की खाड़ी में केजी-डी6 ब्लाक में 7,645 वर्गकिलोमीटर का पूरा दायरा अपने पास रखने की इजाजत दी गई थी। इसके अलावा 10 अनुबंधों की समीक्षा करने के लिए कहा गया है जिनमें से आठ ऐकर ग्रुप को इसी ब्लाक के एमए तेल क्षेत्र में एकल बोली के आधार पर दिया गया। | संक्षिप्त सारांश: कैग ने कहा है कि केजी-डी6 की लेखापरीक्षा पूरी होने के बाद ही मंत्रालय को रिलायंस इंडस्ट्रीज को व्यय वसूली की अनुमति देनी चाहिए। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट आज चंदन तस्कर वीरप्पन के चार साथियों की फांसी के मामले पर अपना फैसला सुना सकता है। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने यह कहते हुए इस मामले पर फैसला टाल दिया था कि इस केस पर दूसरी पीठ का फैसला आने के बाद ही सर्वोच्च अदालत कोई फैसला सुनाएगी।
वीरप्पन के ये साथी अपनी मौत की सजा पर अमल को रुकवाना चाहते थे। इन चारों को 1993 में कर्नाटक के पोलार में बारूदी सुरंग के विस्फोट में 22 पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की मौत के सिलसिले में फांसी की सजा दी गई थी। इनके वकीलों की दलील है कि इनकी मौत की सजा पर माफी की अपील नौ साल तक राष्ट्रपति के पास लंबित रहने के चलते इनके मानवाधिकारों का हनन हुआ है और इनकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया जाना चाहिए।
वीरप्पन के ये साथी अपनी मौत की सजा पर अमल को रुकवाना चाहते थे। इन चारों को 1993 में कर्नाटक के पोलार में बारूदी सुरंग के विस्फोट में 22 पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की मौत के सिलसिले में फांसी की सजा दी गई थी। इनके वकीलों की दलील है कि इनकी मौत की सजा पर माफी की अपील नौ साल तक राष्ट्रपति के पास लंबित रहने के चलते इनके मानवाधिकारों का हनन हुआ है और इनकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया जाना चाहिए। | यहाँ एक सारांश है:इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने यह कहते हुए इस मामले पर फैसला टाल दिया था कि इस केस पर दूसरी पीठ का फैसला आने के बाद ही सर्वोच्च अदालत कोई फैसला सुनाएगी। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: निवेशकों से कथित रूप से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाली चिट फंड कंपनी शारदा ग्रुप के निदेशकों में से एक देबजानी मुकोपाध्याय की रिश्ते की बहन अर्पिता ने बुधवार को दावा किया कि देवजानी को ‘फंसाया’ गया है और वह ‘निर्दोष’ है।
अर्पिता ने दावा किया, ‘‘मेरी बहन को फंसाया गया है और वह निर्दोष है। उसने शारदा ग्रुप से गत 1 जनवरी को ही त्यागपत्र दे दिया था। जो भी हुआ उससे मेरी बहन का कोई लेना-देना नहीं है।’’टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि शारदा ग्रुप के अध्यक्ष सुदीप्तो सेन जब भाग रहे थे तब देवजानी साथ क्यों थी, शारदा की कर्मचारी अर्पिता ने कहा, ‘‘उसे दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था और वह विमान से गई थी। वह सेन के साथ नहीं गई थी।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या देवजानी धोखाधड़ी की नैतिक जिम्मेदार लेगी, उसकी बहन ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता।’’ सुदीप्तो सेन, देवजानी और समूह के एक अन्य अधिकारी अरविंद सिंह चौहान को मंगलवार को कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
अर्पिता ने दावा किया, ‘‘मेरी बहन को फंसाया गया है और वह निर्दोष है। उसने शारदा ग्रुप से गत 1 जनवरी को ही त्यागपत्र दे दिया था। जो भी हुआ उससे मेरी बहन का कोई लेना-देना नहीं है।’’टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि शारदा ग्रुप के अध्यक्ष सुदीप्तो सेन जब भाग रहे थे तब देवजानी साथ क्यों थी, शारदा की कर्मचारी अर्पिता ने कहा, ‘‘उसे दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था और वह विमान से गई थी। वह सेन के साथ नहीं गई थी।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या देवजानी धोखाधड़ी की नैतिक जिम्मेदार लेगी, उसकी बहन ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता।’’ सुदीप्तो सेन, देवजानी और समूह के एक अन्य अधिकारी अरविंद सिंह चौहान को मंगलवार को कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह पूछे जाने पर कि शारदा ग्रुप के अध्यक्ष सुदीप्तो सेन जब भाग रहे थे तब देवजानी साथ क्यों थी, शारदा की कर्मचारी अर्पिता ने कहा, ‘‘उसे दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था और वह विमान से गई थी। वह सेन के साथ नहीं गई थी।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या देवजानी धोखाधड़ी की नैतिक जिम्मेदार लेगी, उसकी बहन ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता।’’ सुदीप्तो सेन, देवजानी और समूह के एक अन्य अधिकारी अरविंद सिंह चौहान को मंगलवार को कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या देवजानी धोखाधड़ी की नैतिक जिम्मेदार लेगी, उसकी बहन ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता।’’ सुदीप्तो सेन, देवजानी और समूह के एक अन्य अधिकारी अरविंद सिंह चौहान को मंगलवार को कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया गया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: निवेशकों से कथित रूप से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाली चिट फंड कंपनी शारदा ग्रुप के निदेशकों में से एक देबजानी मुकोपाध्याय की रिश्ते की बहन अर्पिता ने बुधवार को दावा किया कि देवजानी को ‘फंसाया’ गया है और वह ‘निर्दोष’ है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश में बहुओं को जलाने और प्रताड़ित करने की घटनाओं में हो रही वृद्धि से चिंतित उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि बहू से नौकरानी नहीं बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में व्यवहार किया जाना चाहिए और ‘‘उसे किसी भी वक्त उसके वैवाहिक घर से बाहर नहीं निकाला जा सकता है।’’
शीर्ष अदालत ने कहा है कि बहू का ससुराल में सम्मान होना चाहिए क्योंकि यह सभ्य समाज की संवेदनाओं को परिलक्षित करता है।
न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि बहू से एक अंजान व्यक्ति के रूप में बेरुखी की बजाय गर्मजोशी और स्नेह के साथ परिवार के सदस्य के रूप में व्यवहार किया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि बहू से घर की नौकरानी जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। ऐसा आभास भी नहीं दिया जाना चाहिए कि उसे किसी भी समय ससुराल से बाहर निकाला जा सकता है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘ससुराल में बहू के सम्मान से विवाह की पवित्रता और धार्मिक क्रिया की गरिमा बनी रही है और यह सभ्य समाज की संवदेनशीलता को परिलक्षित करती है जो अंतत: उसके मंगलमय जीवन का प्रतीक होती है। लेकिन कभी-कभी बहू के प्रति घर में पति, ससुराल के सदस्यों और रिश्तेदारों का व्यवहार समाज में भावनाओं की संज्ञाशून्यता का अहसास कराता है।’’
शीर्ष अदालत ने पत्नी को प्रताड़ित करने के जुर्म में पति को पांच साल की कैद की सजा सुनाते हुए यह टिप्पणियां कीं। पति की प्रताड़ना से परेशान होकर पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी।
न्यायालय ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि कई मामलों में बहुओं से बहुत बेरहमी का व्यवहार किया जाता है जिसकी वजह से उनकी जीने की इच्छा ही मर जाती है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘यह बेहद चिंता और शर्म की बात है कि दहेज की मांग और लोभ के कारण बहुओं को जला दिया जाता है या फिर शारीरिक और मानसिक यातनाओं से उनके जीवन की खुशियों को बुझा दिया जाता है। कई बार तो क्रूरता और यातनाओं के कारण हताश होकर बहुएं आत्महत्या कर लेती हैं।''
न्यायालय ने पत्नी को मारने के जुर्म में सात साल की सजा के खिलाफ गुरनैब सिंह की अपील पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में गुरनैब का 1996 में अमरजीत कौर से विवाह हुआ था लेकिन शादी के बाद ही दहेज की खातिर पति और ससुराल के सदस्यों ने उसे यातनायें देना शुरू कर दिया था। विवाह के दो साल बाद ही अमरजीत कौर ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली थी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
शीर्ष अदालत ने कहा है कि बहू का ससुराल में सम्मान होना चाहिए क्योंकि यह सभ्य समाज की संवेदनाओं को परिलक्षित करता है।
न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि बहू से एक अंजान व्यक्ति के रूप में बेरुखी की बजाय गर्मजोशी और स्नेह के साथ परिवार के सदस्य के रूप में व्यवहार किया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि बहू से घर की नौकरानी जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। ऐसा आभास भी नहीं दिया जाना चाहिए कि उसे किसी भी समय ससुराल से बाहर निकाला जा सकता है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘ससुराल में बहू के सम्मान से विवाह की पवित्रता और धार्मिक क्रिया की गरिमा बनी रही है और यह सभ्य समाज की संवदेनशीलता को परिलक्षित करती है जो अंतत: उसके मंगलमय जीवन का प्रतीक होती है। लेकिन कभी-कभी बहू के प्रति घर में पति, ससुराल के सदस्यों और रिश्तेदारों का व्यवहार समाज में भावनाओं की संज्ञाशून्यता का अहसास कराता है।’’
शीर्ष अदालत ने पत्नी को प्रताड़ित करने के जुर्म में पति को पांच साल की कैद की सजा सुनाते हुए यह टिप्पणियां कीं। पति की प्रताड़ना से परेशान होकर पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी।
न्यायालय ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि कई मामलों में बहुओं से बहुत बेरहमी का व्यवहार किया जाता है जिसकी वजह से उनकी जीने की इच्छा ही मर जाती है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘यह बेहद चिंता और शर्म की बात है कि दहेज की मांग और लोभ के कारण बहुओं को जला दिया जाता है या फिर शारीरिक और मानसिक यातनाओं से उनके जीवन की खुशियों को बुझा दिया जाता है। कई बार तो क्रूरता और यातनाओं के कारण हताश होकर बहुएं आत्महत्या कर लेती हैं।''
न्यायालय ने पत्नी को मारने के जुर्म में सात साल की सजा के खिलाफ गुरनैब सिंह की अपील पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में गुरनैब का 1996 में अमरजीत कौर से विवाह हुआ था लेकिन शादी के बाद ही दहेज की खातिर पति और ससुराल के सदस्यों ने उसे यातनायें देना शुरू कर दिया था। विवाह के दो साल बाद ही अमरजीत कौर ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली थी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि बहू से एक अंजान व्यक्ति के रूप में बेरुखी की बजाय गर्मजोशी और स्नेह के साथ परिवार के सदस्य के रूप में व्यवहार किया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि बहू से घर की नौकरानी जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। ऐसा आभास भी नहीं दिया जाना चाहिए कि उसे किसी भी समय ससुराल से बाहर निकाला जा सकता है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘ससुराल में बहू के सम्मान से विवाह की पवित्रता और धार्मिक क्रिया की गरिमा बनी रही है और यह सभ्य समाज की संवदेनशीलता को परिलक्षित करती है जो अंतत: उसके मंगलमय जीवन का प्रतीक होती है। लेकिन कभी-कभी बहू के प्रति घर में पति, ससुराल के सदस्यों और रिश्तेदारों का व्यवहार समाज में भावनाओं की संज्ञाशून्यता का अहसास कराता है।’’
शीर्ष अदालत ने पत्नी को प्रताड़ित करने के जुर्म में पति को पांच साल की कैद की सजा सुनाते हुए यह टिप्पणियां कीं। पति की प्रताड़ना से परेशान होकर पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी।
न्यायालय ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि कई मामलों में बहुओं से बहुत बेरहमी का व्यवहार किया जाता है जिसकी वजह से उनकी जीने की इच्छा ही मर जाती है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘यह बेहद चिंता और शर्म की बात है कि दहेज की मांग और लोभ के कारण बहुओं को जला दिया जाता है या फिर शारीरिक और मानसिक यातनाओं से उनके जीवन की खुशियों को बुझा दिया जाता है। कई बार तो क्रूरता और यातनाओं के कारण हताश होकर बहुएं आत्महत्या कर लेती हैं।''
न्यायालय ने पत्नी को मारने के जुर्म में सात साल की सजा के खिलाफ गुरनैब सिंह की अपील पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में गुरनैब का 1996 में अमरजीत कौर से विवाह हुआ था लेकिन शादी के बाद ही दहेज की खातिर पति और ससुराल के सदस्यों ने उसे यातनायें देना शुरू कर दिया था। विवाह के दो साल बाद ही अमरजीत कौर ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली थी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘ससुराल में बहू के सम्मान से विवाह की पवित्रता और धार्मिक क्रिया की गरिमा बनी रही है और यह सभ्य समाज की संवदेनशीलता को परिलक्षित करती है जो अंतत: उसके मंगलमय जीवन का प्रतीक होती है। लेकिन कभी-कभी बहू के प्रति घर में पति, ससुराल के सदस्यों और रिश्तेदारों का व्यवहार समाज में भावनाओं की संज्ञाशून्यता का अहसास कराता है।’’
शीर्ष अदालत ने पत्नी को प्रताड़ित करने के जुर्म में पति को पांच साल की कैद की सजा सुनाते हुए यह टिप्पणियां कीं। पति की प्रताड़ना से परेशान होकर पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी।
न्यायालय ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि कई मामलों में बहुओं से बहुत बेरहमी का व्यवहार किया जाता है जिसकी वजह से उनकी जीने की इच्छा ही मर जाती है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘यह बेहद चिंता और शर्म की बात है कि दहेज की मांग और लोभ के कारण बहुओं को जला दिया जाता है या फिर शारीरिक और मानसिक यातनाओं से उनके जीवन की खुशियों को बुझा दिया जाता है। कई बार तो क्रूरता और यातनाओं के कारण हताश होकर बहुएं आत्महत्या कर लेती हैं।''
न्यायालय ने पत्नी को मारने के जुर्म में सात साल की सजा के खिलाफ गुरनैब सिंह की अपील पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में गुरनैब का 1996 में अमरजीत कौर से विवाह हुआ था लेकिन शादी के बाद ही दहेज की खातिर पति और ससुराल के सदस्यों ने उसे यातनायें देना शुरू कर दिया था। विवाह के दो साल बाद ही अमरजीत कौर ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली थी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
शीर्ष अदालत ने पत्नी को प्रताड़ित करने के जुर्म में पति को पांच साल की कैद की सजा सुनाते हुए यह टिप्पणियां कीं। पति की प्रताड़ना से परेशान होकर पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी।
न्यायालय ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि कई मामलों में बहुओं से बहुत बेरहमी का व्यवहार किया जाता है जिसकी वजह से उनकी जीने की इच्छा ही मर जाती है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘यह बेहद चिंता और शर्म की बात है कि दहेज की मांग और लोभ के कारण बहुओं को जला दिया जाता है या फिर शारीरिक और मानसिक यातनाओं से उनके जीवन की खुशियों को बुझा दिया जाता है। कई बार तो क्रूरता और यातनाओं के कारण हताश होकर बहुएं आत्महत्या कर लेती हैं।''
न्यायालय ने पत्नी को मारने के जुर्म में सात साल की सजा के खिलाफ गुरनैब सिंह की अपील पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में गुरनैब का 1996 में अमरजीत कौर से विवाह हुआ था लेकिन शादी के बाद ही दहेज की खातिर पति और ससुराल के सदस्यों ने उसे यातनायें देना शुरू कर दिया था। विवाह के दो साल बाद ही अमरजीत कौर ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली थी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
न्यायालय ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि कई मामलों में बहुओं से बहुत बेरहमी का व्यवहार किया जाता है जिसकी वजह से उनकी जीने की इच्छा ही मर जाती है।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘यह बेहद चिंता और शर्म की बात है कि दहेज की मांग और लोभ के कारण बहुओं को जला दिया जाता है या फिर शारीरिक और मानसिक यातनाओं से उनके जीवन की खुशियों को बुझा दिया जाता है। कई बार तो क्रूरता और यातनाओं के कारण हताश होकर बहुएं आत्महत्या कर लेती हैं।''
न्यायालय ने पत्नी को मारने के जुर्म में सात साल की सजा के खिलाफ गुरनैब सिंह की अपील पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में गुरनैब का 1996 में अमरजीत कौर से विवाह हुआ था लेकिन शादी के बाद ही दहेज की खातिर पति और ससुराल के सदस्यों ने उसे यातनायें देना शुरू कर दिया था। विवाह के दो साल बाद ही अमरजीत कौर ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली थी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘यह बेहद चिंता और शर्म की बात है कि दहेज की मांग और लोभ के कारण बहुओं को जला दिया जाता है या फिर शारीरिक और मानसिक यातनाओं से उनके जीवन की खुशियों को बुझा दिया जाता है। कई बार तो क्रूरता और यातनाओं के कारण हताश होकर बहुएं आत्महत्या कर लेती हैं।''
न्यायालय ने पत्नी को मारने के जुर्म में सात साल की सजा के खिलाफ गुरनैब सिंह की अपील पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में गुरनैब का 1996 में अमरजीत कौर से विवाह हुआ था लेकिन शादी के बाद ही दहेज की खातिर पति और ससुराल के सदस्यों ने उसे यातनायें देना शुरू कर दिया था। विवाह के दो साल बाद ही अमरजीत कौर ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली थी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
न्यायालय ने पत्नी को मारने के जुर्म में सात साल की सजा के खिलाफ गुरनैब सिंह की अपील पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में गुरनैब का 1996 में अमरजीत कौर से विवाह हुआ था लेकिन शादी के बाद ही दहेज की खातिर पति और ससुराल के सदस्यों ने उसे यातनायें देना शुरू कर दिया था। विवाह के दो साल बाद ही अमरजीत कौर ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली थी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
निचली अदालत ने नवंबर, 2011 में गुरनैब, उसकी मां और छोटे भाई को अमरजीत की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया था।टिप्पणियां
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने गुरनैब की सजा बरकरार रखते हुए उसके भाई को बरी कर दिया था जबकि उसकी मां की इस दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी।
इसके बाद गुरनैब सिंह ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने उसे हत्या के आरोप से बरी करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी। | यहाँ एक सारांश है:न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘ससुराल में बहू के सम्मान से विवाह की पवित्रता और धार्मिक क्रिया की गरिमा बनी रही है और यह सभ्य समाज की संवदेनशीलता को परिलक्षित करती है जो अंतत: उसके मंगलमय जीवन का प्रतीक होती है।'' | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इधर, एलजी दफ्तर की ओर से दावा किया गया है कि मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी कोई भी फाइल एलजी के पास लंबित नहीं है. वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि ये 2 करोड़ दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य का मामला है. इस पर राजनीति न हो और उप-राज्यपाल मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी फ़ाइलों को जल्द से जल्द मंज़ूरी दें.टिप्पणियां
उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय की ओर से कहा गया कि मंजूरी के लिए फाइल उपराज्यपाल कार्यालय के पास भेजी गई थी. केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'मोहल्ला क्लीनिक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. यह दो करोड़ दिल्ली वासियों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है. उप राज्यपाल को इससे संबंधित फाइलों को जल्द से जल्द मंजूरी दे देनी चाहिए.' केजरीवाल ने अगले ट्वीट में लिखा, 'देरी के कारण नागरिकों को परेशानी सहनी पड़ रही है. उप राज्यपाल को सभी संबंधित अधिकारियों से बात करनी चाहिए और बाधा को दूर करना चाहिए. अगर उप राज्यपाल चाहें तो मैं अपने मंत्रियों के साथ राज निवास आने के लिए तैयार हूं.' उपराज्यपाल कार्यालय ने एक बयान में कहा कि आप विधायक सौरभ भारद्वाज और चार अन्य विधायकों को मिलने के लिए समय दिया गया था, लेकिन भारद्वाज के नेतृत्व में करीब 45 विधायक राज निवास के समक्ष आ गए और बैजल से मिलने की मांग करने लगे. इसमें कहा गया है कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उपराज्यपाल विधायकों से मिलने को सहमत हो गए.
उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय की ओर से कहा गया कि मंजूरी के लिए फाइल उपराज्यपाल कार्यालय के पास भेजी गई थी. केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'मोहल्ला क्लीनिक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. यह दो करोड़ दिल्ली वासियों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है. उप राज्यपाल को इससे संबंधित फाइलों को जल्द से जल्द मंजूरी दे देनी चाहिए.' केजरीवाल ने अगले ट्वीट में लिखा, 'देरी के कारण नागरिकों को परेशानी सहनी पड़ रही है. उप राज्यपाल को सभी संबंधित अधिकारियों से बात करनी चाहिए और बाधा को दूर करना चाहिए. अगर उप राज्यपाल चाहें तो मैं अपने मंत्रियों के साथ राज निवास आने के लिए तैयार हूं.' उपराज्यपाल कार्यालय ने एक बयान में कहा कि आप विधायक सौरभ भारद्वाज और चार अन्य विधायकों को मिलने के लिए समय दिया गया था, लेकिन भारद्वाज के नेतृत्व में करीब 45 विधायक राज निवास के समक्ष आ गए और बैजल से मिलने की मांग करने लगे. इसमें कहा गया है कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उपराज्यपाल विधायकों से मिलने को सहमत हो गए.
उपराज्यपाल कार्यालय ने एक बयान में कहा कि आप विधायक सौरभ भारद्वाज और चार अन्य विधायकों को मिलने के लिए समय दिया गया था, लेकिन भारद्वाज के नेतृत्व में करीब 45 विधायक राज निवास के समक्ष आ गए और बैजल से मिलने की मांग करने लगे. इसमें कहा गया है कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उपराज्यपाल विधायकों से मिलने को सहमत हो गए. | संक्षिप्त सारांश: 45 विधायक बुधवार को एलजी निवास पहुंचे थे
एलजी निवास पर 7 घंटे तक डटे रहे विधायक
जनतंत्र संवाद से चलता है, पुलिस से नहीं : विधायक | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभी महीने भर पहले ही भारतीय मार्केट में Redmi Note 7 सीरीज़ की बिक्री शुरू हुई थी। कंपनी का दावा है कि अब तक रेडमी नोट 7 सीरीज़ से 10 लाख से ज़्यादा हैंडसेट बिक चुके हैं। बताया गया है कि Redmi Note 7 और Redmi Note 7 Pro की सेल का आंकड़ा 10 लाख को पार कर गया है। गौर करने वाली बात है कि ये दोनों ही रेडमी फोन ग्लोबल मार्केट में भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। इस महीने ही Xiaomi ने जानकारी दी थी कि वह 29 मार्च तक ग्लोबल मार्केट में 40 लाख से ज़्यादा Redmi Note 7 और Redmi Note 7 Pro बेचने में सफल रही है।
Xiaomi India ने बुधवार को जानकारी दी कि लॉन्च के बाद अब तक 10 लाख Redmi Note 7 और Redmi Note 7 Pro बिक गए हैं। रेडमी नोट 7 को पहले चीनी मार्केट में जनवरी में लॉन्च किए गए थे। इसे भारत में मार्च महीने में उपलब्ध कराया गया। वैसे, भारतीय वेरिएंट कई मायने में रेडमी नोट 7 (रिव्यू) के चीनी वेरिएंट से अलग था।
Redmi Note 7 Pro (रिव्यू) कई मामलों में अपग्रेड था। इसे सबसे पहले भारतीय मार्केट में लाया गया। यह 48 मेगापिक्सल वाले Sony IMX586 सेंसर के साथ आता है। दोनों ही फोन को ग्राहकों और आलोचकों द्वारा खासा सराहा गया है। शायद यही वजह है कि सेल के आंकड़े बेहद ही मज़बूत हैं।
कुछ दिन पहले ही Xiaomi India ने ऐलान किया था कि भारत में 10 लाख से ज़्यादा मी बैंड 3 बिक चुके हैं।
शाओमी ने Redmi Note 7 Pro (रिव्यू) के दो वेरिएंट उपलब्ध कराए हैं। 4 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 13,999 रुपये में बेचा जाएगा। ग्राहक रेडमी नोट 7 प्रो के 6 जीबी + 128 जीबी वर्ज़न की कीमत 16,999 रुपये है। यह नेप्ट्यून ब्लू, नेब्यूला रेड और स्पेस ब्लैक रंग में उपलब्ध होगा।
भारत में Redmi Note 7 की शुरुआती कीमत 9,999 रुपये है। इस दाम में 3 जीबी रैम/32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट मिलेगा। इसके 4 जीबी रैम/64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 11,999 रुपये है। Redmi Note 7 को तीन कलर वेरिएंट में उतारा गया है- ओनिक्स ब्लैक, रूबी रेड और सफायर ब्लू।
Redmi Note 7 और Redmi Note 7 Pro दोनों ही हैंडसेट को फ्लिपकार्ट (Flipkart), Mi.com और मी होम स्टोर पर बेचा जाता है।
रेडमी नोट 7 हैंडसेट फुल-एचडी+ डिस्प्ले, वाटरड्रॉप नॉच, स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर और डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। 48 मेगापिक्सल कैमरे से लैस रेडमी नोट 7 प्रो डुअल रियर कैमरा सेटअप और वाटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले के साथ आता है। Redmi Note 7 Pro में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। | संक्षिप्त सारांश: रेडमी नोट 7 की शुरुआती कीमत 9,999 रुपये है
Redmi Note 7 Pro के दो वेरिएंट किए गए थे लॉन्च
Redmi Note 7 Pro में है स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर और 48 मेगापिक्सल कैमरा | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय वायुसेना रविवार से पंद्रह दिन तक चलने वाले अब तक के सबसे बड़े युद्धाभ्यास गगन शक्ति 2018 की शुरुआत करने जा रही है. ये अभ्यास देश की उत्तरी और पूर्वी सीमा पर फोकस रख कर होगा. इस बड़े अभ्यास में वायुसेना की सभी ऑपरेशनल कमांड्स हिस्सा लेंगी.
युद्ध अभ्यास के दौरान एयर सपोर्ट, नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर, अटैक, काउंटर अटैक, सेना के दूसरे अन्य अंगों के साथ संयुक्त ऑपरेशन आदि बातों पर ज़ोर दिया जाएगा. देश में ही बना स्वदेशी तेजस पहली बार किसी युद्ध अभ्यास में हिस्सा लेगा. साथ ही सुखोई-30, मिग-21, मिग-29, जगुआर और मिराज जैसे एयरफोर्स के 500 से ज्यादा लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे. लड़ाकू विमानों के अलावा बड़े परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर, सी-130 जे सुपर हर्क्युलिस भी अभ्यास में
शामिल होंगे.
खास बात यह है कि इस एक्सरसाइज़ के दौरान वायुसेना में ही अपनी और दुश्मन की वायुसेना बनाई जाएगी. यानी रेड फोर्स, ब्लू फोर्स और व्हाइट फोर्स. ब्लू फोर्स भारत की होगी, जबकि रेड फोर्स दुश्मन की वायुसेना मानी जाएगी. व्हाइट फोर्स की भूमिका न्यूट्रल या रेफरी की होगी. टिप्पणियां
आठ से 22 अप्रैल तक चलने वाले इस अभ्यास में देश को भी अपने और दुश्मन के इलाके में बांटा जाएगा. व्हाइट फोर्स की भूमिका सभी अभ्यास के अलग-अलग पहलुओं पर नज़र रख उनको रिकॉर्ड करने की होगी. व्हाइट फोर्स इस बात का विश्लेषण करेगी कि अभ्यास में किसने कितने बेहतर अटैक किए, काउंटर अटैक किए और कितनी बार अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाकर ठिकानों को तबाह किया.
इस अभ्यास में हाल ही में वायुसेना में फाइटर पायलट बनीं तीनों महिलाएं लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कांत शामिल होंगी. अभ्यास के दौरान यह भी परखा जाएगा कि युद्ध के हालात में कितनी मुस्तैदी से अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती की जा सकती है और जब दुश्मन सामने हो तो कितनी तेजी के साथ वायुसेना हमला कर उसको बरबाद करेगी.
युद्ध अभ्यास के दौरान एयर सपोर्ट, नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर, अटैक, काउंटर अटैक, सेना के दूसरे अन्य अंगों के साथ संयुक्त ऑपरेशन आदि बातों पर ज़ोर दिया जाएगा. देश में ही बना स्वदेशी तेजस पहली बार किसी युद्ध अभ्यास में हिस्सा लेगा. साथ ही सुखोई-30, मिग-21, मिग-29, जगुआर और मिराज जैसे एयरफोर्स के 500 से ज्यादा लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे. लड़ाकू विमानों के अलावा बड़े परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर, सी-130 जे सुपर हर्क्युलिस भी अभ्यास में
शामिल होंगे.
खास बात यह है कि इस एक्सरसाइज़ के दौरान वायुसेना में ही अपनी और दुश्मन की वायुसेना बनाई जाएगी. यानी रेड फोर्स, ब्लू फोर्स और व्हाइट फोर्स. ब्लू फोर्स भारत की होगी, जबकि रेड फोर्स दुश्मन की वायुसेना मानी जाएगी. व्हाइट फोर्स की भूमिका न्यूट्रल या रेफरी की होगी. टिप्पणियां
आठ से 22 अप्रैल तक चलने वाले इस अभ्यास में देश को भी अपने और दुश्मन के इलाके में बांटा जाएगा. व्हाइट फोर्स की भूमिका सभी अभ्यास के अलग-अलग पहलुओं पर नज़र रख उनको रिकॉर्ड करने की होगी. व्हाइट फोर्स इस बात का विश्लेषण करेगी कि अभ्यास में किसने कितने बेहतर अटैक किए, काउंटर अटैक किए और कितनी बार अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाकर ठिकानों को तबाह किया.
इस अभ्यास में हाल ही में वायुसेना में फाइटर पायलट बनीं तीनों महिलाएं लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कांत शामिल होंगी. अभ्यास के दौरान यह भी परखा जाएगा कि युद्ध के हालात में कितनी मुस्तैदी से अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती की जा सकती है और जब दुश्मन सामने हो तो कितनी तेजी के साथ वायुसेना हमला कर उसको बरबाद करेगी.
खास बात यह है कि इस एक्सरसाइज़ के दौरान वायुसेना में ही अपनी और दुश्मन की वायुसेना बनाई जाएगी. यानी रेड फोर्स, ब्लू फोर्स और व्हाइट फोर्स. ब्लू फोर्स भारत की होगी, जबकि रेड फोर्स दुश्मन की वायुसेना मानी जाएगी. व्हाइट फोर्स की भूमिका न्यूट्रल या रेफरी की होगी. टिप्पणियां
आठ से 22 अप्रैल तक चलने वाले इस अभ्यास में देश को भी अपने और दुश्मन के इलाके में बांटा जाएगा. व्हाइट फोर्स की भूमिका सभी अभ्यास के अलग-अलग पहलुओं पर नज़र रख उनको रिकॉर्ड करने की होगी. व्हाइट फोर्स इस बात का विश्लेषण करेगी कि अभ्यास में किसने कितने बेहतर अटैक किए, काउंटर अटैक किए और कितनी बार अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाकर ठिकानों को तबाह किया.
इस अभ्यास में हाल ही में वायुसेना में फाइटर पायलट बनीं तीनों महिलाएं लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कांत शामिल होंगी. अभ्यास के दौरान यह भी परखा जाएगा कि युद्ध के हालात में कितनी मुस्तैदी से अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती की जा सकती है और जब दुश्मन सामने हो तो कितनी तेजी के साथ वायुसेना हमला कर उसको बरबाद करेगी.
आठ से 22 अप्रैल तक चलने वाले इस अभ्यास में देश को भी अपने और दुश्मन के इलाके में बांटा जाएगा. व्हाइट फोर्स की भूमिका सभी अभ्यास के अलग-अलग पहलुओं पर नज़र रख उनको रिकॉर्ड करने की होगी. व्हाइट फोर्स इस बात का विश्लेषण करेगी कि अभ्यास में किसने कितने बेहतर अटैक किए, काउंटर अटैक किए और कितनी बार अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाकर ठिकानों को तबाह किया.
इस अभ्यास में हाल ही में वायुसेना में फाइटर पायलट बनीं तीनों महिलाएं लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कांत शामिल होंगी. अभ्यास के दौरान यह भी परखा जाएगा कि युद्ध के हालात में कितनी मुस्तैदी से अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती की जा सकती है और जब दुश्मन सामने हो तो कितनी तेजी के साथ वायुसेना हमला कर उसको बरबाद करेगी.
इस अभ्यास में हाल ही में वायुसेना में फाइटर पायलट बनीं तीनों महिलाएं लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कांत शामिल होंगी. अभ्यास के दौरान यह भी परखा जाएगा कि युद्ध के हालात में कितनी मुस्तैदी से अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती की जा सकती है और जब दुश्मन सामने हो तो कितनी तेजी के साथ वायुसेना हमला कर उसको बरबाद करेगी. | संक्षिप्त सारांश: देश को दो हिस्सों में बंटा जाएगा, एक हिस्सा दुश्मन का होगा
व्हाइट फोर्स न्यूट्रल रहेगी और आकलन करेगी
वायुसेना की तीन महिला फाइटर पायलट भी हिस्सा लेंगी | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्कूलों द्वारा एडमिशन के लिए चुने गए बच्चों की पहली लिस्ट 24 जनवरी को जारी की जाएगी. निदेशालय ने अपने सर्कुलर में स्कूलों को अभिभावकों की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से ड्रा आयोजित करने को कहा है. साथ ही सर्कुलर में ये भी कहा गया कि दिल्ली प्री-स्कूल, प्री-प्राइमरी और कक्षा 1 के स्तर पर बच्चों को एडमिन देने वाले सभी प्राइवेट और गैर सहायता प्राप्त स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग या ईडब्ल्यूएस, वंचित समूहों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करेंगे.
स्कूलों की वेबसाइट पर एडमिशन से संबंधित जानकारी अपलोड होने की तारीख- 28 नवंबर 2019
एडमिशन के लिए फॉर्म मिलने की तारीख- 29 नवंबर 2019
एडमिशन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख- 27 दिसंबर 2019
ओपन सीट्स के लिए अप्लाई करने वाले बच्चों की डिटेल अपलोड करने की तारीख-10 जनवरी 2020
अप्लाई करने वाले बच्चों के प्वाइंट्स अपलोड करने की तारीख- 17 जनवरी 2020
सेलेक्ट होने वाले स्टूडेंट्स की पहली लिस्ट-24 जनवरी 2020
पहली लिस्ट में मिले प्वाइंट्स को लेकर आवेदकों के प्रश्नों का समाधान- 27 जनवरी से 3 फरवरी 2020
सेलेक्ट होने वाले स्टूडेंट्स की दूसरी लिस्ट- 12 फरवरी 2020
दूसरी लिस्ट में मिले प्वाइंट्स को लेकर आवेदकों के प्रश्नों का समाधान- 13 फरवरी से 19 फरवरी 2020
प्रवेश की बाद की सूची, यदि कोई हो- 6 मार्च 2020
एडमिशन बंद होने की तारीख- 16 मार्च 2020 | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एडमिशन फॉर्म 29 नवंबर से उपलब्ध करा दिए जाएंगे.
फॉर्म सिर्फ 25 रुपये का होगा.
पहली लिस्ट 24 जनवरी को जारी की जाएगी. | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड के किंग से पहचान बना चुके शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की शुक्रवार को रिलीज होने जा रही फिल्म 'जीरो' (Zero) का एक आखिरी गाना रिलीज कर दिया गया है. 'हीर बदनाम' (Heer Badnaam) सॉन्ग में शाहरुख खान बौने बनकर बउआ सिंह का किरदार निभा रहे है, जबकि फिल्म में सुपरस्टार एक्ट्रेस बनीं कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) बबिता कुमारी के रोल में हैं. इस गाने में शाहरुख उनके आगे-पीछे घूमते हुए नजर आ रहे हैं. फिल्म में कैटरीना एक सुपरस्टार एक्ट्रेस के रोल में है, जो अपने ग्लैमर के सामने बउआ सिंह के प्यार को समझ नहीं पाती और फिर आखिर में गुस्सा होकर धक्के मारकर बाहर कर देती हैं. फिलहाल फिल्म रिलीज होने से पहले आए इस वीडियो को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं.
शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के इस गाने को रोमी ने गाया है, जबकि म्यूजिक तनिष्क बागची ने दिया है. वैसे भी आनंद एल. राय देसी टच वाली फिल्में बनाने के लिए पहचाने जाते हैं, और देसी टच पूरी तरह से फिल्म में नजर भी आ रहा है. इससे पहले रिलीज हुए 'इश्कबाजी' सॉन्ग में कैटरीना कैफ शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) को किस करती हुई दिखीं तो शाहरुख खान कहते ने अपने अंदाज में डायलॉग मारते हुए बोले 'ओए दुनिया वालों तुमने लाइफ में मेरी कभी इज्जत नहीं की, ये देखे बौना जा रहा है, ये देखो बौना आ रहा है. आज उसी बौने को बबीता कुमारी ने होंठों पर चूम लिया है.'
शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) की 'जीरो (Zero)' 21 दिसंबर को रिलीज हो रही है और इसे लेकर जबरदस्त हाइप भी है. फिल्म में वीएफएक्स का कमाल है, और इसका बजट लगभग 100 करोड़ रु. से ज्यादा बताया जाता है. वैसे भी शाहरुख खान को एक हिट फिल्म की दरकार है क्योंकि काफी से बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर वे अपना करिश्मा नहीं दिखा पाए हैं. 'जीरो' के 'इश्कबाजी' सॉन्ग को लगभग डेढ़ करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है. फिल्म का म्यूजिक अजय-अतुल (Ajay-ATul) ने दिया है. | संक्षिप्त पाठ: 'जीरो' का नया सॉन्ग रिलीज
दिखे कैटरीना का अलग अंदाज
बउआ सिंह संग यूं दिखे शाहरुख | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2जी स्पेक्ट्रम मामले में डीएमके सांसद कनिमोई की जमानत याचिका पर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जहां एक विशेष अदालत ने इस मामले में अपने आदेश की घोषणा 20 मई तक टाल दी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी ने डीएमके प्रमुख करुणानिधि की 43 वर्षीय पुत्री कनिमोई समेत सभी आरोपियों की मौजूदगी में कहा, इस संबंध में आदेश 20 मई तक टाला जाता है। अदालत परिसर में संवाददाताओं की भारी मौजूदगी को देखते हुए सैनी ने पूछा कि यहां इतनी अधिक संख्या में पत्रकार क्यों है। इसके बाद उन्होंने यह आदेश दिया। सीबीआई के वकील एके सिंह ने अदालत परिसर के बाहर संवाददाताओं से कहा कि न्यायाधीश की ओर से आदेश की घोषणा नहीं किए जाने का एकमात्र कारण यह था कि फैसला तैयार नहीं था। अदालत ने कलेंगनर टीवी के सीईओ और एमडी शरद कुमार की जमानत की याचिका पर फैसला भी 20 मई तक के लिए टाल दिया। अदालत में कनिमोई के साथ उनके पति जी अरविंदन और डीएमके संसदीय पार्टी के नेता टीआर बालू भी साथ गए थे। इससे पूर्व, अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी की दलील सुनने के बाद 7 मई को कनिमोई और शरद कुमार की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा था। जेठमलानी ने अदालत में कनिमोई का पक्ष रखते हुए कहा कि आरोपपत्र में जो बातें कनिमोई के बारे में कही गई हैं और जो आरोप उनपर लगाए गए हैं, उनके लिए पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा एक तरह से जिम्मेदार हैं। उच्चतम न्यायालय की ओर से नियुक्त विशेष अदालत को 2जी स्पेक्ट्रम मामले की व्यापक सुनवाई का काम सौंपा गया है। विशेष अदालत को कनिमोई की जमानत याचिका पर फैसला करना है, जिन्हें शाहिद उस्मान बलवा के डीबी रीयल्टी फर्म से कलेंगनर टीवी के वास्ते 200 करोड़ रूपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। सीबीआई ने कनिमोई पर राजा के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया है। | यहाँ एक सारांश है:2जी घोटाले में आरोपी डीएमके सांसद कनिमोई की जमानत अर्जी पर विशेष अदालत ने अपना फैसला 20 मई तक के लिए टाल दिया है। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य के दर्जे वाली धारा 370 के हटने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. वह इस मु्द्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले जाना चाहता है लेकिन वह खुद भी ये मान रहा है कि ऐसा करना आसान नहीं है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लिये जाने संबंधी भारत के फैसले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और मुस्लिम जगत का समर्थन हासिल करना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा. उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में कहा कि यूएनएसी सदस्यों का समर्थन हासिल करने के लिए नया संघर्ष शुरू करने की बात कही है.
कुरैशी ने लोगों से कहा कि उन्हें मुगालते में नहीं रहना चाहिए. कोई भी वहां (UNSC में) हाथों में माला लिए खड़ा नहीं होगा. कोई भी वहां आपका इंतजार नहीं करेगा. किसी मुस्लिम देश का नाम लिये बगैर कुरैशी ने कहा, ‘‘उम्मा (इस्लामी समुदाय) के संरक्षक भी अपने आर्थिक हितों के कारण कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन नहीं कर सकते हैं.''
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, ''दुनिया के विभिन्न लोगों के अपने-अपने हित हैं. भारत एक अरब से अधिक लोगों का बाजार है. बहुत से लोगों ने भारत में निवेश किया है. हम अक्सर उम्मा और इस्लाम के बारे में बात करते हैं, लेकिन उम्मा के संरक्षकों ने भी वहां भारत निवेश किया हुआ है और उनके अपने हित हैं.''
बता दें भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह बताता आ रहा है कि संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने का कदम उसका आंतरिक मामला है और उसने पाकिस्तान को इस सच्चाई को स्वीकार करने की सलाह दी. रूस ने हाल में जम्मू कश्मीर पर भारत के कदम का समर्थन किया था और वह ऐसा करने वाला यूएनएससी का पहला सदस्य बना था. उसने कहा था कि दर्जा में परिवर्तन भारतीय संविधान के ढांचे के भीतर है. (इनपुट-भाषा) | यह एक सारांश है: कश्मीर मसले को UN में ले जाना चाहता पाकिस्तान
पाक ने माना UN में अन्य देशों को मनाना है मुश्किल
कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने से बिफरा है पाक | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के एक निजी अस्पताल में बुधवार को चिकनगुनिया से पीड़ित पांच और लोगों की मौत हो गई, जबकि एम्स ने एक संदिग्ध मामले की पुष्टि की, जिससे राजधानी में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई. इस रोग ने गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है. पांच मौतें अपोलो अस्पताल में हुईं और मरने वालों में ज्यादातर लोग 80 साल या इससे अधिक उम्र के थे.
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा, 'पिछले तीन सप्ताह में हमारे यहां चिकनगुनिया बुखार से पीड़ित पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें से अधिकतर बुजुर्ग थे. मंगलवार दोपहर बाद गाजियाबाद निवासी 80-वर्षीय महेंद्र सिंह की चिकनगुनिया से उत्पन्न जटिलताओं के चलते मौत हो गई. उन्होंने कहा, 'चिकुनगुनिया का पता लगाने के लिए किए जाने वाले आरटी-पीसीआर परीक्षण में वह इस बीमारी से ग्रस्त पाए गए. बीमारी के कारण विभिन्न अंगों के काम बंद कर देने के कारण उनकी मौत हो गई. दिल्ली में चिकनगुनिया से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है. इस मौसम में इस बीमारी के एक हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और अस्पताल तथा क्लिनिक रोगियों से भरे पड़े हैं.
एम्स में संदिग्ध चिकनगुनिया से मौत की भी बुधवार को पुष्टि हुई. एम्स के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मरीज की मौत पिछले सप्ताह हुई. उसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी और उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.
शहर में मंगलवार तक चिकनगुनिया से पांच लोगों के मरने की खबर थी. इनमें से चार लोगों की मौत सर गंगाराम अस्पताल में हुई. दिल्ली लगभग 10 साल बाद एक बार फिर इस बीमारी के विषाणु की चपेट में है.टिप्पणियां
मथुरा निवासी 75-वर्षीय प्रकाश कालरा की मंगलवार शाम सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई थी, जहां सोमवार को भी तीन अन्य बुजुर्गों की मौत हुई थी. हिन्दू राव अस्पताल में चिकनगुनिया के चलते दिल का दौरा पड़ने से 22 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई थी. कबीर नगर निवासी इशा की मौत 1 सितंबर को मौत हुई थी. 11 में से छह लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, जिसमें गाजियाबाद के दो लोग शामिल थे. चार लोग दिल्ली के ही थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा, 'पिछले तीन सप्ताह में हमारे यहां चिकनगुनिया बुखार से पीड़ित पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें से अधिकतर बुजुर्ग थे. मंगलवार दोपहर बाद गाजियाबाद निवासी 80-वर्षीय महेंद्र सिंह की चिकनगुनिया से उत्पन्न जटिलताओं के चलते मौत हो गई. उन्होंने कहा, 'चिकुनगुनिया का पता लगाने के लिए किए जाने वाले आरटी-पीसीआर परीक्षण में वह इस बीमारी से ग्रस्त पाए गए. बीमारी के कारण विभिन्न अंगों के काम बंद कर देने के कारण उनकी मौत हो गई. दिल्ली में चिकनगुनिया से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है. इस मौसम में इस बीमारी के एक हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और अस्पताल तथा क्लिनिक रोगियों से भरे पड़े हैं.
एम्स में संदिग्ध चिकनगुनिया से मौत की भी बुधवार को पुष्टि हुई. एम्स के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मरीज की मौत पिछले सप्ताह हुई. उसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी और उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.
शहर में मंगलवार तक चिकनगुनिया से पांच लोगों के मरने की खबर थी. इनमें से चार लोगों की मौत सर गंगाराम अस्पताल में हुई. दिल्ली लगभग 10 साल बाद एक बार फिर इस बीमारी के विषाणु की चपेट में है.टिप्पणियां
मथुरा निवासी 75-वर्षीय प्रकाश कालरा की मंगलवार शाम सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई थी, जहां सोमवार को भी तीन अन्य बुजुर्गों की मौत हुई थी. हिन्दू राव अस्पताल में चिकनगुनिया के चलते दिल का दौरा पड़ने से 22 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई थी. कबीर नगर निवासी इशा की मौत 1 सितंबर को मौत हुई थी. 11 में से छह लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, जिसमें गाजियाबाद के दो लोग शामिल थे. चार लोग दिल्ली के ही थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एम्स में संदिग्ध चिकनगुनिया से मौत की भी बुधवार को पुष्टि हुई. एम्स के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मरीज की मौत पिछले सप्ताह हुई. उसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी और उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.
शहर में मंगलवार तक चिकनगुनिया से पांच लोगों के मरने की खबर थी. इनमें से चार लोगों की मौत सर गंगाराम अस्पताल में हुई. दिल्ली लगभग 10 साल बाद एक बार फिर इस बीमारी के विषाणु की चपेट में है.टिप्पणियां
मथुरा निवासी 75-वर्षीय प्रकाश कालरा की मंगलवार शाम सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई थी, जहां सोमवार को भी तीन अन्य बुजुर्गों की मौत हुई थी. हिन्दू राव अस्पताल में चिकनगुनिया के चलते दिल का दौरा पड़ने से 22 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई थी. कबीर नगर निवासी इशा की मौत 1 सितंबर को मौत हुई थी. 11 में से छह लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, जिसमें गाजियाबाद के दो लोग शामिल थे. चार लोग दिल्ली के ही थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शहर में मंगलवार तक चिकनगुनिया से पांच लोगों के मरने की खबर थी. इनमें से चार लोगों की मौत सर गंगाराम अस्पताल में हुई. दिल्ली लगभग 10 साल बाद एक बार फिर इस बीमारी के विषाणु की चपेट में है.टिप्पणियां
मथुरा निवासी 75-वर्षीय प्रकाश कालरा की मंगलवार शाम सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई थी, जहां सोमवार को भी तीन अन्य बुजुर्गों की मौत हुई थी. हिन्दू राव अस्पताल में चिकनगुनिया के चलते दिल का दौरा पड़ने से 22 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई थी. कबीर नगर निवासी इशा की मौत 1 सितंबर को मौत हुई थी. 11 में से छह लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, जिसमें गाजियाबाद के दो लोग शामिल थे. चार लोग दिल्ली के ही थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मथुरा निवासी 75-वर्षीय प्रकाश कालरा की मंगलवार शाम सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई थी, जहां सोमवार को भी तीन अन्य बुजुर्गों की मौत हुई थी. हिन्दू राव अस्पताल में चिकनगुनिया के चलते दिल का दौरा पड़ने से 22 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई थी. कबीर नगर निवासी इशा की मौत 1 सितंबर को मौत हुई थी. 11 में से छह लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, जिसमें गाजियाबाद के दो लोग शामिल थे. चार लोग दिल्ली के ही थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: अपोलो अस्पताल में चिकनगुनिया से पीड़ित 5 मरीजों की मौत
गंगाराम अस्पताल में अबतक चार मौतें की पुष्टि
मरने वाले 11 लोगों में से छह उत्तर प्रदेश के | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने मंगलवार को इंडोनेशियन ओपन के महिला एकल वर्ग के दूसरे दौर में जगह बना ली है. साइना ने पहले दौर के मैच में थाईलैंड की रात्चानोक इंटानोन को मात देते हुए दूसरे दौर में स्थान बनाया. हालांकि इस जीत को हासिल करने के लिए साइना को काफी पसीना बहाना पड़ा.
साइना ने इंटानोन को 17-21, 21-18, 21-12 से मात दी. पहला गेम हारने के बाद भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने शानदार वापसी की और लगातार दो गेम जीतते हुए दूसरे दौर में प्रवेश किया. यह मुकाबला 57 मिनट तक चला.दूसरे दौर में साइना का मुकाबला थाईलैंड की ही निटाचोन जिंदापोल से होगा, जिन्होंने कोरिया की किम हयो मिन को 21-16, 21-14 से मात दी.टिप्पणियां
भारत को मिश्रित युगल में निराशा हाथ लगी है. बी. सुमिथ रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी पहले दौर में ही हार कर बाहर हो गई है. इस जोड़ी को इंडोनेशिया की इरफान फादहिलाह और वेनी अंगरेनी की जोड़ी ने 29 मिनट तक चले मुकाबले में 21-12, 21-9 से मात दी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
साइना ने इंटानोन को 17-21, 21-18, 21-12 से मात दी. पहला गेम हारने के बाद भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने शानदार वापसी की और लगातार दो गेम जीतते हुए दूसरे दौर में प्रवेश किया. यह मुकाबला 57 मिनट तक चला.दूसरे दौर में साइना का मुकाबला थाईलैंड की ही निटाचोन जिंदापोल से होगा, जिन्होंने कोरिया की किम हयो मिन को 21-16, 21-14 से मात दी.टिप्पणियां
भारत को मिश्रित युगल में निराशा हाथ लगी है. बी. सुमिथ रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी पहले दौर में ही हार कर बाहर हो गई है. इस जोड़ी को इंडोनेशिया की इरफान फादहिलाह और वेनी अंगरेनी की जोड़ी ने 29 मिनट तक चले मुकाबले में 21-12, 21-9 से मात दी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारत को मिश्रित युगल में निराशा हाथ लगी है. बी. सुमिथ रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी पहले दौर में ही हार कर बाहर हो गई है. इस जोड़ी को इंडोनेशिया की इरफान फादहिलाह और वेनी अंगरेनी की जोड़ी ने 29 मिनट तक चले मुकाबले में 21-12, 21-9 से मात दी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पहले दौर में थाईलैंड की इंटानोन को शिकस्त दी
कड़े संघर्ष के बाद मैच जीत पाईं साइना नेहवाल
मिश्रित युगल वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में आज पंचायत चुनावों के पहले चरण के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इस चरण में तीन जिलों पश्चिमी मिदनापुर, बांकुरा और पुरुलिया में वोटिंग हो रही है।
तीनों ही जिलों में मुख्य मुकाबला कांग्रेस टीएमसी और वामदलों के बीच ही है। कुल 58865 सीटों पर होने जा रहे चुनावों में से 6274 सीटों पर प्रत्याशियों का चयन निर्विरोध किया गया है, जिन तीन जिलों में आज मतदान हो रहा है, ये तीनों ही जिले नक्सल प्रभावित हैं, जिसके चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
वहीं ममता बनर्जी और वामदलों के नेता पहले ही एक-दूसरे पर नक्सलियों से मदद लेने के आरोप लगा चुके हैं। ऐसे में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती है।
जहां एक तरफ वोटिंग हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पुरुलिया जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां के लोगों ने पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया है।
बारगोरा गांव के लोगों का कहना है कि 2011 में सत्ता में आने के बाद भी ममता बनर्जी की सरकार ने उनके गांव में कोई विकास नहीं किया।
गांववालों का कहना है कि यहां सड़कों की हालत खस्ता है। पानी और बिजली की व्यवस्था भी अच्छी नहीं है। अस्पताल के लिए लोगों को 8 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गांववालों के मुताबिक, चुनाव से पहले लोग वादे करते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं।टिप्पणियां
जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों में सीधा मुकाबला सीपीएम तृणमूल और कांग्रेस के बीच है वहीं कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो राज्य के बड़े-बड़े नामों को भी एक बार चक्कर में डाल दें।
ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। यह महिला बांकुरा के बोरजोरा में सीपीएम की उम्मीदवार हैं। अपने नाम के बारे में बात करने पर ममता कहती हैं कि यह केवल एक इत्तेफाक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। राज्य में पंचायत चुनावों के पहले दौर में आज पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर में वोट डाले जा रहे हैं।
तीनों ही जिलों में मुख्य मुकाबला कांग्रेस टीएमसी और वामदलों के बीच ही है। कुल 58865 सीटों पर होने जा रहे चुनावों में से 6274 सीटों पर प्रत्याशियों का चयन निर्विरोध किया गया है, जिन तीन जिलों में आज मतदान हो रहा है, ये तीनों ही जिले नक्सल प्रभावित हैं, जिसके चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
वहीं ममता बनर्जी और वामदलों के नेता पहले ही एक-दूसरे पर नक्सलियों से मदद लेने के आरोप लगा चुके हैं। ऐसे में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती है।
जहां एक तरफ वोटिंग हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पुरुलिया जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां के लोगों ने पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया है।
बारगोरा गांव के लोगों का कहना है कि 2011 में सत्ता में आने के बाद भी ममता बनर्जी की सरकार ने उनके गांव में कोई विकास नहीं किया।
गांववालों का कहना है कि यहां सड़कों की हालत खस्ता है। पानी और बिजली की व्यवस्था भी अच्छी नहीं है। अस्पताल के लिए लोगों को 8 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गांववालों के मुताबिक, चुनाव से पहले लोग वादे करते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं।टिप्पणियां
जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों में सीधा मुकाबला सीपीएम तृणमूल और कांग्रेस के बीच है वहीं कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो राज्य के बड़े-बड़े नामों को भी एक बार चक्कर में डाल दें।
ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। यह महिला बांकुरा के बोरजोरा में सीपीएम की उम्मीदवार हैं। अपने नाम के बारे में बात करने पर ममता कहती हैं कि यह केवल एक इत्तेफाक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। राज्य में पंचायत चुनावों के पहले दौर में आज पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर में वोट डाले जा रहे हैं।
वहीं ममता बनर्जी और वामदलों के नेता पहले ही एक-दूसरे पर नक्सलियों से मदद लेने के आरोप लगा चुके हैं। ऐसे में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती है।
जहां एक तरफ वोटिंग हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पुरुलिया जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां के लोगों ने पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया है।
बारगोरा गांव के लोगों का कहना है कि 2011 में सत्ता में आने के बाद भी ममता बनर्जी की सरकार ने उनके गांव में कोई विकास नहीं किया।
गांववालों का कहना है कि यहां सड़कों की हालत खस्ता है। पानी और बिजली की व्यवस्था भी अच्छी नहीं है। अस्पताल के लिए लोगों को 8 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गांववालों के मुताबिक, चुनाव से पहले लोग वादे करते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं।टिप्पणियां
जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों में सीधा मुकाबला सीपीएम तृणमूल और कांग्रेस के बीच है वहीं कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो राज्य के बड़े-बड़े नामों को भी एक बार चक्कर में डाल दें।
ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। यह महिला बांकुरा के बोरजोरा में सीपीएम की उम्मीदवार हैं। अपने नाम के बारे में बात करने पर ममता कहती हैं कि यह केवल एक इत्तेफाक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। राज्य में पंचायत चुनावों के पहले दौर में आज पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर में वोट डाले जा रहे हैं।
जहां एक तरफ वोटिंग हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पुरुलिया जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां के लोगों ने पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया है।
बारगोरा गांव के लोगों का कहना है कि 2011 में सत्ता में आने के बाद भी ममता बनर्जी की सरकार ने उनके गांव में कोई विकास नहीं किया।
गांववालों का कहना है कि यहां सड़कों की हालत खस्ता है। पानी और बिजली की व्यवस्था भी अच्छी नहीं है। अस्पताल के लिए लोगों को 8 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गांववालों के मुताबिक, चुनाव से पहले लोग वादे करते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं।टिप्पणियां
जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों में सीधा मुकाबला सीपीएम तृणमूल और कांग्रेस के बीच है वहीं कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो राज्य के बड़े-बड़े नामों को भी एक बार चक्कर में डाल दें।
ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। यह महिला बांकुरा के बोरजोरा में सीपीएम की उम्मीदवार हैं। अपने नाम के बारे में बात करने पर ममता कहती हैं कि यह केवल एक इत्तेफाक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। राज्य में पंचायत चुनावों के पहले दौर में आज पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर में वोट डाले जा रहे हैं।
बारगोरा गांव के लोगों का कहना है कि 2011 में सत्ता में आने के बाद भी ममता बनर्जी की सरकार ने उनके गांव में कोई विकास नहीं किया।
गांववालों का कहना है कि यहां सड़कों की हालत खस्ता है। पानी और बिजली की व्यवस्था भी अच्छी नहीं है। अस्पताल के लिए लोगों को 8 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गांववालों के मुताबिक, चुनाव से पहले लोग वादे करते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं।टिप्पणियां
जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों में सीधा मुकाबला सीपीएम तृणमूल और कांग्रेस के बीच है वहीं कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो राज्य के बड़े-बड़े नामों को भी एक बार चक्कर में डाल दें।
ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। यह महिला बांकुरा के बोरजोरा में सीपीएम की उम्मीदवार हैं। अपने नाम के बारे में बात करने पर ममता कहती हैं कि यह केवल एक इत्तेफाक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। राज्य में पंचायत चुनावों के पहले दौर में आज पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर में वोट डाले जा रहे हैं।
गांववालों का कहना है कि यहां सड़कों की हालत खस्ता है। पानी और बिजली की व्यवस्था भी अच्छी नहीं है। अस्पताल के लिए लोगों को 8 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गांववालों के मुताबिक, चुनाव से पहले लोग वादे करते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं।टिप्पणियां
जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों में सीधा मुकाबला सीपीएम तृणमूल और कांग्रेस के बीच है वहीं कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो राज्य के बड़े-बड़े नामों को भी एक बार चक्कर में डाल दें।
ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। यह महिला बांकुरा के बोरजोरा में सीपीएम की उम्मीदवार हैं। अपने नाम के बारे में बात करने पर ममता कहती हैं कि यह केवल एक इत्तेफाक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। राज्य में पंचायत चुनावों के पहले दौर में आज पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर में वोट डाले जा रहे हैं।
जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों में सीधा मुकाबला सीपीएम तृणमूल और कांग्रेस के बीच है वहीं कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो राज्य के बड़े-बड़े नामों को भी एक बार चक्कर में डाल दें।
ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। यह महिला बांकुरा के बोरजोरा में सीपीएम की उम्मीदवार हैं। अपने नाम के बारे में बात करने पर ममता कहती हैं कि यह केवल एक इत्तेफाक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। राज्य में पंचायत चुनावों के पहले दौर में आज पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर में वोट डाले जा रहे हैं।
ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। यह महिला बांकुरा के बोरजोरा में सीपीएम की उम्मीदवार हैं। अपने नाम के बारे में बात करने पर ममता कहती हैं कि यह केवल एक इत्तेफाक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। राज्य में पंचायत चुनावों के पहले दौर में आज पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर में वोट डाले जा रहे हैं। | सारांश: चुनाव में कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो राज्य के बड़े-बड़े नामों को भी एक बार चक्कर में डाल दें, ऐसा ही एक नाम कामरेड ममता बनर्जी का है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जर्मनी के शहर मोंचेनग्लादबाक में आयोजित विश्व कप में कांस्य पदक हासिल करने वाली भारत की जूनियर महिला टीम को बधाई दी है। मोदी ने इस टीम की जमकर तारीफ की।
भारतीय लड़कियों ने रविवार को कांस्य पदक के लिए हुए प्लेऑफ मुकाबले में इंग्लैंड को पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से 3-2 से हराया।टिप्पणियां
मोदी ने अपने ट्वीट पर सोमवार को लिखा, "बधाई..यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।"
युवा खिलाड़ियों की इस साहसिक जीत से खुश होकर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी और मुख्य कोच को एक-एक लाख और सहयोगी स्टाफ को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
भारतीय लड़कियों ने रविवार को कांस्य पदक के लिए हुए प्लेऑफ मुकाबले में इंग्लैंड को पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से 3-2 से हराया।टिप्पणियां
मोदी ने अपने ट्वीट पर सोमवार को लिखा, "बधाई..यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।"
युवा खिलाड़ियों की इस साहसिक जीत से खुश होकर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी और मुख्य कोच को एक-एक लाख और सहयोगी स्टाफ को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
मोदी ने अपने ट्वीट पर सोमवार को लिखा, "बधाई..यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।"
युवा खिलाड़ियों की इस साहसिक जीत से खुश होकर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी और मुख्य कोच को एक-एक लाख और सहयोगी स्टाफ को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
युवा खिलाड़ियों की इस साहसिक जीत से खुश होकर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी और मुख्य कोच को एक-एक लाख और सहयोगी स्टाफ को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। | यह एक सारांश है: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जर्मनी के शहर मोंचेनग्लादबाक में आयोजित विश्व कप में कांस्य पदक हासिल करने वाली भारत की जूनियर महिला टीम को बधाई दी है। मोदी ने इस टीम की जमकर तारीफ की। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जिले के डैनहाट इलाके में एक व्यक्ति को उस समय गोली मार दी गई, जब उसने चार युवकों को अपनी दो बहनों से बलात्कार से रोकने का प्रयास किया।
डैनहाट के नासीपुर आदिवासी पारा में रहने वाले गणेश मुरमु (22) को आज सुबह बहुत करीब से गोली मार दी गई, जब उसने अपने घर में चार युवकों को उसकी दो बहनों से बलात्कार करने से रोका।
पुलिस अधीक्षक एसएमएच मिर्जा ने बताया, ‘‘गोली चलाने के बाद लड़के भाग गए और मुरमु की मौके पर ही मौत हो गई। मुरमु एक निजी सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था।’’टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि लड़के मुरमु के घर में घुस आए और उसकी बहनों से जबर्दस्ती करने लगे। यह देखकर मुरमु ने शोर मचाया और अपनी बहनों के साथ हो रहे व्यवहार का विरोध किया। इस पर लड़कों ने उसे गोली मार दी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए कटवा अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है।
डैनहाट के नासीपुर आदिवासी पारा में रहने वाले गणेश मुरमु (22) को आज सुबह बहुत करीब से गोली मार दी गई, जब उसने अपने घर में चार युवकों को उसकी दो बहनों से बलात्कार करने से रोका।
पुलिस अधीक्षक एसएमएच मिर्जा ने बताया, ‘‘गोली चलाने के बाद लड़के भाग गए और मुरमु की मौके पर ही मौत हो गई। मुरमु एक निजी सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था।’’टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि लड़के मुरमु के घर में घुस आए और उसकी बहनों से जबर्दस्ती करने लगे। यह देखकर मुरमु ने शोर मचाया और अपनी बहनों के साथ हो रहे व्यवहार का विरोध किया। इस पर लड़कों ने उसे गोली मार दी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए कटवा अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक एसएमएच मिर्जा ने बताया, ‘‘गोली चलाने के बाद लड़के भाग गए और मुरमु की मौके पर ही मौत हो गई। मुरमु एक निजी सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था।’’टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि लड़के मुरमु के घर में घुस आए और उसकी बहनों से जबर्दस्ती करने लगे। यह देखकर मुरमु ने शोर मचाया और अपनी बहनों के साथ हो रहे व्यवहार का विरोध किया। इस पर लड़कों ने उसे गोली मार दी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए कटवा अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि लड़के मुरमु के घर में घुस आए और उसकी बहनों से जबर्दस्ती करने लगे। यह देखकर मुरमु ने शोर मचाया और अपनी बहनों के साथ हो रहे व्यवहार का विरोध किया। इस पर लड़कों ने उसे गोली मार दी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए कटवा अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए कटवा अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है। | यह एक सारांश है: डैनहाट के नासीपुर आदिवासी पारा में रहने वाले गणेश मुरमु (22) को आज सुबह बहुत करीब से गोली मार दी गई, जब उसने अपने घर में चार युवकों को उसकी दो बहनों से बलात्कार करने से रोका। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर अपनी पार्टी एनसीपी से मतभेद के बाद पीए संगमा ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है और अब बीजेपी उनकी उम्मीदवारी के समर्थन में आ गई है। एनसीपी नेता पीए संगमा के पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा के समर्थन की चर्चाएं होने लगी थीं। लेकिन बुधवार शाम आडवाणी के घर पर हुई बैठक के बाद यह कहा गया है कि इस मुद्दे पर फैसला गुरुवार को लिया जाएगा। पार्टी नेता लाल कृष्ण आडवाणी के घर हुई पार्टी नेताओं की बैठक में सुषमा स्वराज के अलावा सुब्रह्मण्यम स्वामी भी शामिल हुए थे।
सूत्रों का कहना है कि बीजेपी को अब इस बात की परवाह नहीं है कि जेडीयू और अकाली दल किसे समर्थन देती है। बुधवार सुबह बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाकृष्ण आडवाणी ने संगमा से बात की थी और उनसे अपनी स्थिति साफ करने को कहा था। वहीं दूसरी तरफ सूत्रों से यह बात भी सामने आ रही है कि जेडीयू किसी भी कीमत पर संगमा का समर्थन नहीं करेगी।टिप्पणियां
दरअसल, एनसीपी ने संगमा को राष्ट्रपति चुनाव न लड़ने की धमकी दी थी। इसी दबाव के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। गौरतलब है कि एनसीपी राष्ट्रपति चुनाव में पूरी तरह से यूपीए के साथ है और प्रणब मुखर्जी का समर्थन कर रही है।
बकौल स्वामी संगमा ने एनडीए के भरोसे पर पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि अपने आत्मसम्मान की खातिर यह फैसला लिया है।
सूत्रों का कहना है कि बीजेपी को अब इस बात की परवाह नहीं है कि जेडीयू और अकाली दल किसे समर्थन देती है। बुधवार सुबह बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाकृष्ण आडवाणी ने संगमा से बात की थी और उनसे अपनी स्थिति साफ करने को कहा था। वहीं दूसरी तरफ सूत्रों से यह बात भी सामने आ रही है कि जेडीयू किसी भी कीमत पर संगमा का समर्थन नहीं करेगी।टिप्पणियां
दरअसल, एनसीपी ने संगमा को राष्ट्रपति चुनाव न लड़ने की धमकी दी थी। इसी दबाव के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। गौरतलब है कि एनसीपी राष्ट्रपति चुनाव में पूरी तरह से यूपीए के साथ है और प्रणब मुखर्जी का समर्थन कर रही है।
बकौल स्वामी संगमा ने एनडीए के भरोसे पर पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि अपने आत्मसम्मान की खातिर यह फैसला लिया है।
दरअसल, एनसीपी ने संगमा को राष्ट्रपति चुनाव न लड़ने की धमकी दी थी। इसी दबाव के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। गौरतलब है कि एनसीपी राष्ट्रपति चुनाव में पूरी तरह से यूपीए के साथ है और प्रणब मुखर्जी का समर्थन कर रही है।
बकौल स्वामी संगमा ने एनडीए के भरोसे पर पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि अपने आत्मसम्मान की खातिर यह फैसला लिया है।
बकौल स्वामी संगमा ने एनडीए के भरोसे पर पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि अपने आत्मसम्मान की खातिर यह फैसला लिया है। | यहाँ एक सारांश है:एनसीपी नेता पीए संगमा के पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा के समर्थन की चर्चाएं होने लगी थीं। लेकिन बुधवार शाम आडवाणी के घर पर हुई बैठक के बाद यह कहा गया है कि इस मुद्दे पर फैसला गुरुवार को लिया जाएगा। | 18 | ['hin'] |
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