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इस के लिए एक सारांश बनाएं: सूचना के अधिकार कानून में संशोधन पर निर्णय करने के लिए कार्मिक एवं विधि मंत्रालय के अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत चल रही है जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश के बाद राजनीतिक दलों को छूट देने का विषय भी शामिल है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों मंत्रालय आरटीआई अधिनियम में संशोधन के विचार पर चर्चा कर रहे हैं और इस बारे में जल्द ही अंतिम निर्णय कर लिया जाएगा।
यह पहले ऐसे समय में की गई है जब राजनीतिक दल केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस आदेश पर आपत्ति व्यक्त कर रहे हैं जिसमें उन्हें सार्वजनिक प्राधिकार बताते हुए आरटीआई के तहत जवाबदेह बनाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि सरकार इस विषय पर अध्यादेश का रास्ता अख्तियार किया जा सकता है क्योंकि सीआईसी की ओर से राजनीतिक दलों को सूचना अधिकारी नियुक्त करने के लिए दी गई छह सप्ताह की समय सीमा 15 जुलाई को समाप्त हो रही है।
सीआईसी ने 3 जून के आदेश में कहा था कि छह राष्ट्रीय दल कांग्रेस, भाजपा, राकांपा, माकपा, भाकपा और बसपा का केंद्र सरकार की ओर से परोक्ष रूप से पर्याप्त वित्त पोषण किया जाता है और उनका स्वरूप आरटीआई अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की तरह होता है क्योंकि वे लोक कार्यो से जुड़े होते हैं। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि विधि मंत्रालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक मसौदा नोट भेजा है जिसमें कानून में बदलाव का सुझाव दिया गया है ताकि राजनीतिक दलों को छूट प्रदान की जा सके।
सरकार राजनीतिक दलों को संरक्षण प्रदान करने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 2 के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव कर सकती है। सरकार एक अन्य मार्ग भी अपना सकती है कि राजनीतिक दलों को उस सूची (कानून की धारा 8) में डाल सकती है जिसमें रॉ, आईबी और सीबीआई जैसी एजेंसियां रखी गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों मंत्रालय आरटीआई अधिनियम में संशोधन के विचार पर चर्चा कर रहे हैं और इस बारे में जल्द ही अंतिम निर्णय कर लिया जाएगा।
यह पहले ऐसे समय में की गई है जब राजनीतिक दल केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस आदेश पर आपत्ति व्यक्त कर रहे हैं जिसमें उन्हें सार्वजनिक प्राधिकार बताते हुए आरटीआई के तहत जवाबदेह बनाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि सरकार इस विषय पर अध्यादेश का रास्ता अख्तियार किया जा सकता है क्योंकि सीआईसी की ओर से राजनीतिक दलों को सूचना अधिकारी नियुक्त करने के लिए दी गई छह सप्ताह की समय सीमा 15 जुलाई को समाप्त हो रही है।
सीआईसी ने 3 जून के आदेश में कहा था कि छह राष्ट्रीय दल कांग्रेस, भाजपा, राकांपा, माकपा, भाकपा और बसपा का केंद्र सरकार की ओर से परोक्ष रूप से पर्याप्त वित्त पोषण किया जाता है और उनका स्वरूप आरटीआई अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की तरह होता है क्योंकि वे लोक कार्यो से जुड़े होते हैं। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि विधि मंत्रालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक मसौदा नोट भेजा है जिसमें कानून में बदलाव का सुझाव दिया गया है ताकि राजनीतिक दलों को छूट प्रदान की जा सके।
सरकार राजनीतिक दलों को संरक्षण प्रदान करने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 2 के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव कर सकती है। सरकार एक अन्य मार्ग भी अपना सकती है कि राजनीतिक दलों को उस सूची (कानून की धारा 8) में डाल सकती है जिसमें रॉ, आईबी और सीबीआई जैसी एजेंसियां रखी गई है।
यह पहले ऐसे समय में की गई है जब राजनीतिक दल केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस आदेश पर आपत्ति व्यक्त कर रहे हैं जिसमें उन्हें सार्वजनिक प्राधिकार बताते हुए आरटीआई के तहत जवाबदेह बनाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि सरकार इस विषय पर अध्यादेश का रास्ता अख्तियार किया जा सकता है क्योंकि सीआईसी की ओर से राजनीतिक दलों को सूचना अधिकारी नियुक्त करने के लिए दी गई छह सप्ताह की समय सीमा 15 जुलाई को समाप्त हो रही है।
सीआईसी ने 3 जून के आदेश में कहा था कि छह राष्ट्रीय दल कांग्रेस, भाजपा, राकांपा, माकपा, भाकपा और बसपा का केंद्र सरकार की ओर से परोक्ष रूप से पर्याप्त वित्त पोषण किया जाता है और उनका स्वरूप आरटीआई अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की तरह होता है क्योंकि वे लोक कार्यो से जुड़े होते हैं। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि विधि मंत्रालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक मसौदा नोट भेजा है जिसमें कानून में बदलाव का सुझाव दिया गया है ताकि राजनीतिक दलों को छूट प्रदान की जा सके।
सरकार राजनीतिक दलों को संरक्षण प्रदान करने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 2 के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव कर सकती है। सरकार एक अन्य मार्ग भी अपना सकती है कि राजनीतिक दलों को उस सूची (कानून की धारा 8) में डाल सकती है जिसमें रॉ, आईबी और सीबीआई जैसी एजेंसियां रखी गई है।
सूत्रों ने बताया कि सरकार इस विषय पर अध्यादेश का रास्ता अख्तियार किया जा सकता है क्योंकि सीआईसी की ओर से राजनीतिक दलों को सूचना अधिकारी नियुक्त करने के लिए दी गई छह सप्ताह की समय सीमा 15 जुलाई को समाप्त हो रही है।
सीआईसी ने 3 जून के आदेश में कहा था कि छह राष्ट्रीय दल कांग्रेस, भाजपा, राकांपा, माकपा, भाकपा और बसपा का केंद्र सरकार की ओर से परोक्ष रूप से पर्याप्त वित्त पोषण किया जाता है और उनका स्वरूप आरटीआई अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की तरह होता है क्योंकि वे लोक कार्यो से जुड़े होते हैं। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि विधि मंत्रालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक मसौदा नोट भेजा है जिसमें कानून में बदलाव का सुझाव दिया गया है ताकि राजनीतिक दलों को छूट प्रदान की जा सके।
सरकार राजनीतिक दलों को संरक्षण प्रदान करने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 2 के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव कर सकती है। सरकार एक अन्य मार्ग भी अपना सकती है कि राजनीतिक दलों को उस सूची (कानून की धारा 8) में डाल सकती है जिसमें रॉ, आईबी और सीबीआई जैसी एजेंसियां रखी गई है।
सीआईसी ने 3 जून के आदेश में कहा था कि छह राष्ट्रीय दल कांग्रेस, भाजपा, राकांपा, माकपा, भाकपा और बसपा का केंद्र सरकार की ओर से परोक्ष रूप से पर्याप्त वित्त पोषण किया जाता है और उनका स्वरूप आरटीआई अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की तरह होता है क्योंकि वे लोक कार्यो से जुड़े होते हैं। टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि विधि मंत्रालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक मसौदा नोट भेजा है जिसमें कानून में बदलाव का सुझाव दिया गया है ताकि राजनीतिक दलों को छूट प्रदान की जा सके।
सरकार राजनीतिक दलों को संरक्षण प्रदान करने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 2 के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव कर सकती है। सरकार एक अन्य मार्ग भी अपना सकती है कि राजनीतिक दलों को उस सूची (कानून की धारा 8) में डाल सकती है जिसमें रॉ, आईबी और सीबीआई जैसी एजेंसियां रखी गई है।
सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि विधि मंत्रालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक मसौदा नोट भेजा है जिसमें कानून में बदलाव का सुझाव दिया गया है ताकि राजनीतिक दलों को छूट प्रदान की जा सके।
सरकार राजनीतिक दलों को संरक्षण प्रदान करने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 2 के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव कर सकती है। सरकार एक अन्य मार्ग भी अपना सकती है कि राजनीतिक दलों को उस सूची (कानून की धारा 8) में डाल सकती है जिसमें रॉ, आईबी और सीबीआई जैसी एजेंसियां रखी गई है।
सरकार राजनीतिक दलों को संरक्षण प्रदान करने के लिए आरटीआई अधिनियम की धारा 2 के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव कर सकती है। सरकार एक अन्य मार्ग भी अपना सकती है कि राजनीतिक दलों को उस सूची (कानून की धारा 8) में डाल सकती है जिसमें रॉ, आईबी और सीबीआई जैसी एजेंसियां रखी गई है। | संक्षिप्त पाठ: सूचना के अधिकार कानून में संशोधन पर निर्णय करने के लिए कार्मिक एवं विधि मंत्रालय के अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत चल रही है जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश के बाद राजनीतिक दलों को छूट देने का विषय भी शामिल है। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दारा सिंह रंधावा उर्फ दारा सिंह ने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया जिनमें कई बेहद चर्चित फिल्में हैं। उनकी फिल्मों में उनकी ताकत और डील डौल का खूब इस्तेमाल किया गया। फिल्म ‘नौजवान’ से शुरू अभिनय का सफर ‘जब वी मेट’ तक जारी रहा। बाद में बढ़ती उम्र और खराब सेहत के कारण उन्होंने अभिनय बंद कर दिया।
उन्होंने अपने फिल्मी सफर में ‘किंगकांग’, ‘फौलाद’, ‘रूस्तम ए बगदाद’, ‘सिकंदर-ए-आजम,’ ‘हम सब उस्ताद हैं,’ ‘मेरा नाम जोकर’, ‘ललकार’, ‘जहरीला इंसान’, ‘हम सब चोर हैं’, ‘मर्द’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय से दर्शकों को रोमांचिक किया। ‘किंग कांग’ फिल्म ने उन्हें अभिनय की दुनिया में स्थापित कर दिया और इसके बाद उन्हें एक से बढ़कर भूमिकाएं मिलीं जिसमें उन्हें अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन करने का मौका मिला।
दारा सिंह ने अभिनेत्री मुमताज के साथ 16 फिल्मों में काम किया। इस जोड़ी की अधिकतर फिल्में स्टंट और एक्शन प्रधान थीं। इन फिल्मों में ‘बॉक्सर’, ‘सैमसन’, ‘टारजन’, ‘किंग कांग’ आदि शामिल हैं।
रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ में हनुमान की भूमिका में लोगों ने उन्हें विशेष रूप से पसंद किया और उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। अपने मजबूत कद काठी और प्रभावशाली भूमिकाओं के कारण फिल्मी दर्शकों को उनसे अलग किस्म की उम्मीद रहती थी। एक पीढ़ी के लिए तो वह जीवन में ही मिथक के समान हो गए थे और बलशाली लोगों की तुलना उनसे की जाती थी। पंजाब में अमृतसर में 19 नवंबर 1928 को सूरत सिंह रंधावा और बलवंत कौर के घर पैदा हुए दारा सिंह को शुरू से ही पहलवानी का शौक था और वह आसपास के जिलों में कुश्ती प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे। बाद में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों नामी पहलवानों को अखाड़े में चित्त किया और भारतीय स्टाइल के अलावा ‘फ्री स्टाइल’ कुश्ती में भी दुनिया के दिग्गज पहलवानों को धूल चटाई।टिप्पणियां
विदेशों में पहलवानों को पटखनी देने के बाद 1950 के दशक के बीच में वह भारत लौटे और चैंपियन बने। उन्होंने राष्ट्रमंडल देशों का भी दौरा किया और वहां के पहलवानों से अखाड़ों में मुकाबला करते हुए विजय हासिल की। उनकी सफलता से जलने वाले कई विदेशी पहलवानों ने उन्हें चुनौती दी लेकिन दारा सिंह ने सभी ऐसे पहलवानों को धूल चटा दी और अंतत: 1968 में विश्व चैंपियन बने।
कहा जाता है कि उनकी लोकप्रियता से कुश्ती को नया जीवन मिला और देश में बड़ी संख्या में युवा इस खेल के प्रति आकर्षित हुए। उनकी कुश्ती प्रतियोगिताओं को देखने के लिए लोगों में गजब का उत्साह होता था। विश्व चैंपियन बनने के बाद दारा सिंह ने हिन्दी फिल्म जगत की राह ली और यहां भी कामयाबी का नया अध्याय लिखा। उन्होंने अपनी आत्मकथा भी लिखी थी जो 1989 में प्रकाशित हुई थी।
उन्होंने अपने फिल्मी सफर में ‘किंगकांग’, ‘फौलाद’, ‘रूस्तम ए बगदाद’, ‘सिकंदर-ए-आजम,’ ‘हम सब उस्ताद हैं,’ ‘मेरा नाम जोकर’, ‘ललकार’, ‘जहरीला इंसान’, ‘हम सब चोर हैं’, ‘मर्द’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय से दर्शकों को रोमांचिक किया। ‘किंग कांग’ फिल्म ने उन्हें अभिनय की दुनिया में स्थापित कर दिया और इसके बाद उन्हें एक से बढ़कर भूमिकाएं मिलीं जिसमें उन्हें अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन करने का मौका मिला।
दारा सिंह ने अभिनेत्री मुमताज के साथ 16 फिल्मों में काम किया। इस जोड़ी की अधिकतर फिल्में स्टंट और एक्शन प्रधान थीं। इन फिल्मों में ‘बॉक्सर’, ‘सैमसन’, ‘टारजन’, ‘किंग कांग’ आदि शामिल हैं।
रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ में हनुमान की भूमिका में लोगों ने उन्हें विशेष रूप से पसंद किया और उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। अपने मजबूत कद काठी और प्रभावशाली भूमिकाओं के कारण फिल्मी दर्शकों को उनसे अलग किस्म की उम्मीद रहती थी। एक पीढ़ी के लिए तो वह जीवन में ही मिथक के समान हो गए थे और बलशाली लोगों की तुलना उनसे की जाती थी। पंजाब में अमृतसर में 19 नवंबर 1928 को सूरत सिंह रंधावा और बलवंत कौर के घर पैदा हुए दारा सिंह को शुरू से ही पहलवानी का शौक था और वह आसपास के जिलों में कुश्ती प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे। बाद में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों नामी पहलवानों को अखाड़े में चित्त किया और भारतीय स्टाइल के अलावा ‘फ्री स्टाइल’ कुश्ती में भी दुनिया के दिग्गज पहलवानों को धूल चटाई।टिप्पणियां
विदेशों में पहलवानों को पटखनी देने के बाद 1950 के दशक के बीच में वह भारत लौटे और चैंपियन बने। उन्होंने राष्ट्रमंडल देशों का भी दौरा किया और वहां के पहलवानों से अखाड़ों में मुकाबला करते हुए विजय हासिल की। उनकी सफलता से जलने वाले कई विदेशी पहलवानों ने उन्हें चुनौती दी लेकिन दारा सिंह ने सभी ऐसे पहलवानों को धूल चटा दी और अंतत: 1968 में विश्व चैंपियन बने।
कहा जाता है कि उनकी लोकप्रियता से कुश्ती को नया जीवन मिला और देश में बड़ी संख्या में युवा इस खेल के प्रति आकर्षित हुए। उनकी कुश्ती प्रतियोगिताओं को देखने के लिए लोगों में गजब का उत्साह होता था। विश्व चैंपियन बनने के बाद दारा सिंह ने हिन्दी फिल्म जगत की राह ली और यहां भी कामयाबी का नया अध्याय लिखा। उन्होंने अपनी आत्मकथा भी लिखी थी जो 1989 में प्रकाशित हुई थी।
दारा सिंह ने अभिनेत्री मुमताज के साथ 16 फिल्मों में काम किया। इस जोड़ी की अधिकतर फिल्में स्टंट और एक्शन प्रधान थीं। इन फिल्मों में ‘बॉक्सर’, ‘सैमसन’, ‘टारजन’, ‘किंग कांग’ आदि शामिल हैं।
रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ में हनुमान की भूमिका में लोगों ने उन्हें विशेष रूप से पसंद किया और उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। अपने मजबूत कद काठी और प्रभावशाली भूमिकाओं के कारण फिल्मी दर्शकों को उनसे अलग किस्म की उम्मीद रहती थी। एक पीढ़ी के लिए तो वह जीवन में ही मिथक के समान हो गए थे और बलशाली लोगों की तुलना उनसे की जाती थी। पंजाब में अमृतसर में 19 नवंबर 1928 को सूरत सिंह रंधावा और बलवंत कौर के घर पैदा हुए दारा सिंह को शुरू से ही पहलवानी का शौक था और वह आसपास के जिलों में कुश्ती प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे। बाद में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों नामी पहलवानों को अखाड़े में चित्त किया और भारतीय स्टाइल के अलावा ‘फ्री स्टाइल’ कुश्ती में भी दुनिया के दिग्गज पहलवानों को धूल चटाई।टिप्पणियां
विदेशों में पहलवानों को पटखनी देने के बाद 1950 के दशक के बीच में वह भारत लौटे और चैंपियन बने। उन्होंने राष्ट्रमंडल देशों का भी दौरा किया और वहां के पहलवानों से अखाड़ों में मुकाबला करते हुए विजय हासिल की। उनकी सफलता से जलने वाले कई विदेशी पहलवानों ने उन्हें चुनौती दी लेकिन दारा सिंह ने सभी ऐसे पहलवानों को धूल चटा दी और अंतत: 1968 में विश्व चैंपियन बने।
कहा जाता है कि उनकी लोकप्रियता से कुश्ती को नया जीवन मिला और देश में बड़ी संख्या में युवा इस खेल के प्रति आकर्षित हुए। उनकी कुश्ती प्रतियोगिताओं को देखने के लिए लोगों में गजब का उत्साह होता था। विश्व चैंपियन बनने के बाद दारा सिंह ने हिन्दी फिल्म जगत की राह ली और यहां भी कामयाबी का नया अध्याय लिखा। उन्होंने अपनी आत्मकथा भी लिखी थी जो 1989 में प्रकाशित हुई थी।
रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ में हनुमान की भूमिका में लोगों ने उन्हें विशेष रूप से पसंद किया और उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। अपने मजबूत कद काठी और प्रभावशाली भूमिकाओं के कारण फिल्मी दर्शकों को उनसे अलग किस्म की उम्मीद रहती थी। एक पीढ़ी के लिए तो वह जीवन में ही मिथक के समान हो गए थे और बलशाली लोगों की तुलना उनसे की जाती थी। पंजाब में अमृतसर में 19 नवंबर 1928 को सूरत सिंह रंधावा और बलवंत कौर के घर पैदा हुए दारा सिंह को शुरू से ही पहलवानी का शौक था और वह आसपास के जिलों में कुश्ती प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे। बाद में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों नामी पहलवानों को अखाड़े में चित्त किया और भारतीय स्टाइल के अलावा ‘फ्री स्टाइल’ कुश्ती में भी दुनिया के दिग्गज पहलवानों को धूल चटाई।टिप्पणियां
विदेशों में पहलवानों को पटखनी देने के बाद 1950 के दशक के बीच में वह भारत लौटे और चैंपियन बने। उन्होंने राष्ट्रमंडल देशों का भी दौरा किया और वहां के पहलवानों से अखाड़ों में मुकाबला करते हुए विजय हासिल की। उनकी सफलता से जलने वाले कई विदेशी पहलवानों ने उन्हें चुनौती दी लेकिन दारा सिंह ने सभी ऐसे पहलवानों को धूल चटा दी और अंतत: 1968 में विश्व चैंपियन बने।
कहा जाता है कि उनकी लोकप्रियता से कुश्ती को नया जीवन मिला और देश में बड़ी संख्या में युवा इस खेल के प्रति आकर्षित हुए। उनकी कुश्ती प्रतियोगिताओं को देखने के लिए लोगों में गजब का उत्साह होता था। विश्व चैंपियन बनने के बाद दारा सिंह ने हिन्दी फिल्म जगत की राह ली और यहां भी कामयाबी का नया अध्याय लिखा। उन्होंने अपनी आत्मकथा भी लिखी थी जो 1989 में प्रकाशित हुई थी।
विदेशों में पहलवानों को पटखनी देने के बाद 1950 के दशक के बीच में वह भारत लौटे और चैंपियन बने। उन्होंने राष्ट्रमंडल देशों का भी दौरा किया और वहां के पहलवानों से अखाड़ों में मुकाबला करते हुए विजय हासिल की। उनकी सफलता से जलने वाले कई विदेशी पहलवानों ने उन्हें चुनौती दी लेकिन दारा सिंह ने सभी ऐसे पहलवानों को धूल चटा दी और अंतत: 1968 में विश्व चैंपियन बने।
कहा जाता है कि उनकी लोकप्रियता से कुश्ती को नया जीवन मिला और देश में बड़ी संख्या में युवा इस खेल के प्रति आकर्षित हुए। उनकी कुश्ती प्रतियोगिताओं को देखने के लिए लोगों में गजब का उत्साह होता था। विश्व चैंपियन बनने के बाद दारा सिंह ने हिन्दी फिल्म जगत की राह ली और यहां भी कामयाबी का नया अध्याय लिखा। उन्होंने अपनी आत्मकथा भी लिखी थी जो 1989 में प्रकाशित हुई थी।
कहा जाता है कि उनकी लोकप्रियता से कुश्ती को नया जीवन मिला और देश में बड़ी संख्या में युवा इस खेल के प्रति आकर्षित हुए। उनकी कुश्ती प्रतियोगिताओं को देखने के लिए लोगों में गजब का उत्साह होता था। विश्व चैंपियन बनने के बाद दारा सिंह ने हिन्दी फिल्म जगत की राह ली और यहां भी कामयाबी का नया अध्याय लिखा। उन्होंने अपनी आत्मकथा भी लिखी थी जो 1989 में प्रकाशित हुई थी। | दारा सिंह रंधावा उर्फ दारा सिंह ने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया जिनमें कई बेहद चर्चित फिल्में हैं। उनकी फिल्मों में उनकी ताकत और डील डौल का खूब इस्तेमाल किया गया। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एवेन्यू सुपरमार्ट्स की शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत से कंपनी के संस्थापक राधाकिशन दमानी देश के सबसे धनी 20 हस्तियों की सूची में शामिल हो गए हैं. उनकी कंपनी देश में डीमार्ट खुदरा शृंखला का संचालन करती है. कंपनी के शेयर कल शेयर बाजार में 114 प्रतिशत से भी अधिक चढ़कर दर्ज हुए. इससे दमानी के शेयरों का मूल्य 5.1 अरब डालर से भी अधिक है. बाजार पूंजीकरण के लिहाज से वे अब वे देश की सबसे धनी हस्तियों की सूची में 16वें स्थान पर आ गए हैं. इस लिहाज से वे अनिल अंबानी, राहुल बजाज, अजय पिरामल व कलानिधि मारन से भी आगे निकल गए हैं.
फोर्ब्स पत्रिका के आंकड़ों के अनुसार मुकेश अंबानी 27.6 अरब डालर निवल संपत्ति के साथ सबसे धनी बने हुए हैं. उल्लेखनीय है कि दमानी इससे पहले कम ही चर्चा में आए हैं. बल्कि उन्हें सही शेयर चुनने वाले ब्रोकर के रूप में ही जाना जाता रहा है. बाजार में उन्हें प्रमुख निवेशक राकेश झुनझुनवाला का पोषक माना जाता है. उन्हें भारत का वारेन वफे भी कहा जाता है.
कंपनी का शेयर मंगलवार को 299 रुपये के आईपीओ मूल्य से 114.29 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ. कंपनी देश की सबसे मूल्यवान खुदरा कंपनी बन गई है. एवेन्यू सुपरमार्ट्स की मंगलवार को शेयर बाजारों में शानदार शुरुआत हुई. सूचीबद्धता के दिन कंपनी का शेयर 114 प्रतिशत चढ़कर 299 रुपये पर पहुंच गया. बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 102.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 604.40 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ. अंत में यह 114.29 प्रतिशत के लाभ से 640.75 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह एक समय 117.39 प्रतिशत के लाभ से 650 रुपये पर पहुंच गया था. टिप्पणियां
नेशनल स्टाक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 114.58 प्रतिशत की बढ़त से 641.60 रुपये पर पहुंच गया. इस कंपनी का 1,870 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम हाल ही में आया था. कंपनी का बाजार मूल्यांकन 39,988.21 करोड़ रुपये बैठता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फोर्ब्स पत्रिका के आंकड़ों के अनुसार मुकेश अंबानी 27.6 अरब डालर निवल संपत्ति के साथ सबसे धनी बने हुए हैं. उल्लेखनीय है कि दमानी इससे पहले कम ही चर्चा में आए हैं. बल्कि उन्हें सही शेयर चुनने वाले ब्रोकर के रूप में ही जाना जाता रहा है. बाजार में उन्हें प्रमुख निवेशक राकेश झुनझुनवाला का पोषक माना जाता है. उन्हें भारत का वारेन वफे भी कहा जाता है.
कंपनी का शेयर मंगलवार को 299 रुपये के आईपीओ मूल्य से 114.29 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ. कंपनी देश की सबसे मूल्यवान खुदरा कंपनी बन गई है. एवेन्यू सुपरमार्ट्स की मंगलवार को शेयर बाजारों में शानदार शुरुआत हुई. सूचीबद्धता के दिन कंपनी का शेयर 114 प्रतिशत चढ़कर 299 रुपये पर पहुंच गया. बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 102.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 604.40 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ. अंत में यह 114.29 प्रतिशत के लाभ से 640.75 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह एक समय 117.39 प्रतिशत के लाभ से 650 रुपये पर पहुंच गया था. टिप्पणियां
नेशनल स्टाक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 114.58 प्रतिशत की बढ़त से 641.60 रुपये पर पहुंच गया. इस कंपनी का 1,870 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम हाल ही में आया था. कंपनी का बाजार मूल्यांकन 39,988.21 करोड़ रुपये बैठता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी का शेयर मंगलवार को 299 रुपये के आईपीओ मूल्य से 114.29 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ. कंपनी देश की सबसे मूल्यवान खुदरा कंपनी बन गई है. एवेन्यू सुपरमार्ट्स की मंगलवार को शेयर बाजारों में शानदार शुरुआत हुई. सूचीबद्धता के दिन कंपनी का शेयर 114 प्रतिशत चढ़कर 299 रुपये पर पहुंच गया. बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 102.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 604.40 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ. अंत में यह 114.29 प्रतिशत के लाभ से 640.75 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह एक समय 117.39 प्रतिशत के लाभ से 650 रुपये पर पहुंच गया था. टिप्पणियां
नेशनल स्टाक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 114.58 प्रतिशत की बढ़त से 641.60 रुपये पर पहुंच गया. इस कंपनी का 1,870 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम हाल ही में आया था. कंपनी का बाजार मूल्यांकन 39,988.21 करोड़ रुपये बैठता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नेशनल स्टाक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 114.58 प्रतिशत की बढ़त से 641.60 रुपये पर पहुंच गया. इस कंपनी का 1,870 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम हाल ही में आया था. कंपनी का बाजार मूल्यांकन 39,988.21 करोड़ रुपये बैठता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: एवेन्यू सुपरमार्ट्स के संस्थापक राधाकिशन दमानी शीर्ष अरबपतियों की सूची मे
देश के सबसे धनी हस्तियों की सूची में 16वें स्थान पर आ गए
देश की सबसे मूल्यवान खुदरा कंपनी बन गई एवेन्यू सुपरमार्ट्स | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मोहाली में भारत के खिलाफ होने वाले विश्वकप के बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल मैच से पहले पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने अपने देश के क्रिकेटरों को किसी तरह की मैच फिक्सिंग गतिविधियों में शामिल नहीं होने के प्रति चेताया है। मलिक ने कहा कि वह इन मैच फिक्सिंग गतिविधियों पर 'पैनी नज़र' रखे हुए हैं। कराची में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मलिक ने बुधवार को होने जा रहे सेमीफाइनल मैच के संदर्भ में कहा, "मैंने चेतावनी दी है कि मैच फिक्सिंग नहीं होनी चाहिए। मैं पैनी नज़र रख रहा हूं। अगर इस तरह की कोई घटना होती है तो हम ठोस कदम उठाएंगे।" उन्होंने कहा कि उन्हें 'टीम में साफ-सुथरे सदस्यों' के होने का विश्वास है, लेकिन पाकिस्तानी क्रिकेटरों के बारे में सूचनाएं एकत्रित की जा रही हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि उनसे कौन मिल रहा है और उनके टेलीफोनों पर भी नज़र रखी जा रही है। मलिक ने ब्रिटेन में तीन पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मैच फिक्सिंग प्रकरण में फंसने के संदर्भ में कहा, "यह आवश्यक है, क्योंकि लंदन में जो हुआ, हम उसके बाद जोखिम नहीं ले सकते।" मलिक ने इसके अलावा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को कुछ सलाह भी दी। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने अपने देश के क्रिकेटरों को चेताया कि वह मैच फिक्सिंग पर 'पैनी नज़र' रखे हुए हैं। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पाकिस्तान दौरे के लिए औपचारिक तौर पर निमंत्रित करते हुए कहा कि उनकी इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा तथा इसी मौके पर मनमोहन यहां पंजाब प्रांत में पुश्तैनी गृहनगर का भी दौरा कर सकेंगे।टिप्पणियां
दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के जरिए मनमोहन को भेजे पत्र में जरदारी ने कहा, ‘आपको पाकिस्तान दौरे के लिए सहृदय आमंत्रित करते हुए बहुत खुशी हो रही है।’
जरदारी ने सुझाव दिया कि अगर मनमोहन की यात्रा नवंबर में गुरुनानक की जयंती के मौके पर होती है तो पाकिस्तान की जनता इसे सहृदय लेगी और दोनों देशों के बीच अंतरधर्मीय सद्भाव को भी बढ़ावा मिलेगा। गुरुनानक जयंती इस साल 28 नवंबर को मनाई जाएगी। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान की यात्रा के लिए आपको निमंत्रण देना अद्भुत कदम है। आपके दौरे से हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति का जायजा लेने में मदद मिलेगी।’ जरदारी ने वादा किया है कि वह प्रधानमंत्री के लिए उनके पुश्तैनी गृह नगर गाह (पाकिस्तानी पंजाब) का दौरा करने का भी प्रबंध करेंगे।
दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के जरिए मनमोहन को भेजे पत्र में जरदारी ने कहा, ‘आपको पाकिस्तान दौरे के लिए सहृदय आमंत्रित करते हुए बहुत खुशी हो रही है।’
जरदारी ने सुझाव दिया कि अगर मनमोहन की यात्रा नवंबर में गुरुनानक की जयंती के मौके पर होती है तो पाकिस्तान की जनता इसे सहृदय लेगी और दोनों देशों के बीच अंतरधर्मीय सद्भाव को भी बढ़ावा मिलेगा। गुरुनानक जयंती इस साल 28 नवंबर को मनाई जाएगी। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान की यात्रा के लिए आपको निमंत्रण देना अद्भुत कदम है। आपके दौरे से हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति का जायजा लेने में मदद मिलेगी।’ जरदारी ने वादा किया है कि वह प्रधानमंत्री के लिए उनके पुश्तैनी गृह नगर गाह (पाकिस्तानी पंजाब) का दौरा करने का भी प्रबंध करेंगे।
जरदारी ने सुझाव दिया कि अगर मनमोहन की यात्रा नवंबर में गुरुनानक की जयंती के मौके पर होती है तो पाकिस्तान की जनता इसे सहृदय लेगी और दोनों देशों के बीच अंतरधर्मीय सद्भाव को भी बढ़ावा मिलेगा। गुरुनानक जयंती इस साल 28 नवंबर को मनाई जाएगी। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान की यात्रा के लिए आपको निमंत्रण देना अद्भुत कदम है। आपके दौरे से हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति का जायजा लेने में मदद मिलेगी।’ जरदारी ने वादा किया है कि वह प्रधानमंत्री के लिए उनके पुश्तैनी गृह नगर गाह (पाकिस्तानी पंजाब) का दौरा करने का भी प्रबंध करेंगे। | पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने मनमोहन सिंह को पाकिस्तान दौरे के लिए औपचारिक तौर पर निमंत्रित करते हुए कहा कि उनकी यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा तथा इस मौके पर मनमोहन अपने पुश्तैनी गृहनगर का भी दौरा कर सकेंगे। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है. वाराणसी के एक निजी अस्पताल में झारखंड के गढ़वा जिले के निवासी 6 वर्षीय रितेश के पेट में अविकसित भ्रूण मिला है. डॉक्टरों ने दावा किया है कि ऐसा मामला 5 लाख में से किसी एक बच्चे में पाया जाता है.
गौरतलब है कि वाराणसी के एक निजी अस्पताल में झारखंड गढ़वा जिले का रहने वाले 6 वर्षीय रितेश को पेट दर्द की शिकायत के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने पेट में गांठ होने की बात कहकर बच्चे के परिवारवालों को ऑपरेशन की सलाह दी. मगर ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने पाया कि जिसे वे गांठ समझ रहे थे वह एक अविकसित भ्रूण है. डॉक्टरों ने दावा किया है कि ऐसा मामला पहले भी देखा गया है और आमतौर पर 5 लाख में से किसी एक बच्चे में ही ऐसी शिकायत पाई जाती है.टिप्पणियां
सुनकर आप भी हैरान होंगे मगर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे की वजह यह है कि जब रितेश अपनी मां के गर्भ में था तब उसके साथ ही एक जुड़वां भ्रूण विकसित हुआ मगर किसी कारण वश उसका विकास नहीं हो पाया और गर्भ में पल रहे रितेश के भ्रूण ने अपने साथी भ्रूण पर कब्जा कर लिया. लिहाजा जन्म के दौरान ही यह परजीवी के तौर पर रितेश के पेट में आ गया हालांकि इस हकीकत से बच्चे के मां-बाप अब भी अनभिज्ञ हैं और परिवारवालों का कहना है कि जब डॉक्टरों ने यह बात उन्हें बताई तब जाकर उन्हें पता चला.
बच्चे के पिता वीरेंद्र ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में ऐसे कई रहस्य हैं, जो आमतौर पर इंसान की सोच से परे होते हैं, मगर जब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तब आखिरकार इन बातों की हकीकत और विश्वसनीयता का पता चलता है.
गौरतलब है कि वाराणसी के एक निजी अस्पताल में झारखंड गढ़वा जिले का रहने वाले 6 वर्षीय रितेश को पेट दर्द की शिकायत के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने पेट में गांठ होने की बात कहकर बच्चे के परिवारवालों को ऑपरेशन की सलाह दी. मगर ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने पाया कि जिसे वे गांठ समझ रहे थे वह एक अविकसित भ्रूण है. डॉक्टरों ने दावा किया है कि ऐसा मामला पहले भी देखा गया है और आमतौर पर 5 लाख में से किसी एक बच्चे में ही ऐसी शिकायत पाई जाती है.टिप्पणियां
सुनकर आप भी हैरान होंगे मगर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे की वजह यह है कि जब रितेश अपनी मां के गर्भ में था तब उसके साथ ही एक जुड़वां भ्रूण विकसित हुआ मगर किसी कारण वश उसका विकास नहीं हो पाया और गर्भ में पल रहे रितेश के भ्रूण ने अपने साथी भ्रूण पर कब्जा कर लिया. लिहाजा जन्म के दौरान ही यह परजीवी के तौर पर रितेश के पेट में आ गया हालांकि इस हकीकत से बच्चे के मां-बाप अब भी अनभिज्ञ हैं और परिवारवालों का कहना है कि जब डॉक्टरों ने यह बात उन्हें बताई तब जाकर उन्हें पता चला.
बच्चे के पिता वीरेंद्र ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में ऐसे कई रहस्य हैं, जो आमतौर पर इंसान की सोच से परे होते हैं, मगर जब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तब आखिरकार इन बातों की हकीकत और विश्वसनीयता का पता चलता है.
सुनकर आप भी हैरान होंगे मगर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे की वजह यह है कि जब रितेश अपनी मां के गर्भ में था तब उसके साथ ही एक जुड़वां भ्रूण विकसित हुआ मगर किसी कारण वश उसका विकास नहीं हो पाया और गर्भ में पल रहे रितेश के भ्रूण ने अपने साथी भ्रूण पर कब्जा कर लिया. लिहाजा जन्म के दौरान ही यह परजीवी के तौर पर रितेश के पेट में आ गया हालांकि इस हकीकत से बच्चे के मां-बाप अब भी अनभिज्ञ हैं और परिवारवालों का कहना है कि जब डॉक्टरों ने यह बात उन्हें बताई तब जाकर उन्हें पता चला.
बच्चे के पिता वीरेंद्र ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में ऐसे कई रहस्य हैं, जो आमतौर पर इंसान की सोच से परे होते हैं, मगर जब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तब आखिरकार इन बातों की हकीकत और विश्वसनीयता का पता चलता है.
बच्चे के पिता वीरेंद्र ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में ऐसे कई रहस्य हैं, जो आमतौर पर इंसान की सोच से परे होते हैं, मगर जब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तब आखिरकार इन बातों की हकीकत और विश्वसनीयता का पता चलता है. | यहाँ एक सारांश है:ऐसा मामला 5 लाख में से किसी एक बच्चे में पाया जाता है
6 साल के रितेश को पेट दर्द की शिकायत थी
मां-बाप को डॉक्टरों से पता चली यह बात | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के समक्ष छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में 65 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. राज्य में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को बताया कि अपने तीन दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंचे शाह ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में 90 सीटों पर ध्यान केंद्रित करें और करीब 65 सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष 25 अक्टूबर से 15 अगस्त 2018 तक रोडमैप बनाने के लिए प्रतिदिन का लक्ष्य बनाएं.
नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए बैठक में उपस्थित सभी कार्यकताओं और पदाधिकारियों ने संकल्प लिया. इस दौरान शाह ने संगठन प्रभारी को विस्तृत प्रवास करने और जिला पदाधिकारियों से अपने प्रवास के दौरान बूथ की संपूर्ण गतिविधियों की जानकारी लेकर उसे गति प्रदान करने का निर्देश दिया.
भाजपा अध्यक्ष शाह तीन दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को रायपुर पहुंचे. वे यहां 10 तारीख तक कई कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लेंगे. राज्य में अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव होने हैं और भाजपा चौथी बार भी सरकार बनाने का प्रयास कर रही है.
राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि शाह नियमित विमान से रायपुर पहुंचे. यहां मुख्यमंत्री रमन सिंह, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शाह ने पहली बैठक ली. बैठक में कोर ग्रुप के सदस्य, सांसद-विधायक, भाजपा महामंत्री, नगर निगमों के महापौर, जिला पंचायतों के अध्यक्ष, निगम मंडल के अध्यक्ष उपस्थित हुए.
बैठक में शाह ने अपने देशव्यापी 110 दिन के कार्यक्रम में तीन दिनों के छत्तीसगढ़ प्रवास का उद्देश्य बताया. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से संवाद करना और संगठन के कार्यों को किस प्रकार बढ़ाया जाए, इस संबंध में विचार करना है. भाजपा नेताओं ने बताया कि बैठक में लोगों को अपने विचार रखने के लिए प्रेरित किया गया. इस दौरान लगभग 40 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष के सामने अपने सुझाव और प्रश्न रखे, जिनका राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समाधान किया.
भाजपा नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने छत्तीसगढ़ के संतों के साथ दोपहर का भोजन किया और उनका आशीर्वाद लिया. उपस्थित संतों ने अध्यक्ष को बस्तर और सरगुजा वनांचल क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य होने की जानकारी दी. शाह ने बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों की संयुक्त बैठक ली. इस दौरान उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में हारे हुए मतदान केन्द्रों पर ध्यान केन्द्रित कर वहां नए सदस्य बनाने तथा उन बूथों का पृथक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर जनाधार बढ़ाने का कार्य करने के लिए कहा.
वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने बताया कि तृतीय सत्र में शाह ने भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक ली और कहा कि कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. चतुर्थ सत्र में उन्होंने 19 विभागों और 10 प्रकल्पों की बैठक ली. सभी सत्रों में कार्यकर्ताओं को विचार रखने का मौका दिया गया.
उन्होंने बताया कि शाह ने इस दौरान भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का वर्णन किया और कहा कि आज मिली हुई विराट सफलता हमारे पुरखों के परिश्रम का प्रतिफल है. शाह ने कहा कि सफलता आलस्य भी लाती है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का गठन राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि एक संस्कारी, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हुआ है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम ही एक मात्र रास्ता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए बैठक में उपस्थित सभी कार्यकताओं और पदाधिकारियों ने संकल्प लिया. इस दौरान शाह ने संगठन प्रभारी को विस्तृत प्रवास करने और जिला पदाधिकारियों से अपने प्रवास के दौरान बूथ की संपूर्ण गतिविधियों की जानकारी लेकर उसे गति प्रदान करने का निर्देश दिया.
भाजपा अध्यक्ष शाह तीन दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को रायपुर पहुंचे. वे यहां 10 तारीख तक कई कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लेंगे. राज्य में अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव होने हैं और भाजपा चौथी बार भी सरकार बनाने का प्रयास कर रही है.
राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि शाह नियमित विमान से रायपुर पहुंचे. यहां मुख्यमंत्री रमन सिंह, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शाह ने पहली बैठक ली. बैठक में कोर ग्रुप के सदस्य, सांसद-विधायक, भाजपा महामंत्री, नगर निगमों के महापौर, जिला पंचायतों के अध्यक्ष, निगम मंडल के अध्यक्ष उपस्थित हुए.
बैठक में शाह ने अपने देशव्यापी 110 दिन के कार्यक्रम में तीन दिनों के छत्तीसगढ़ प्रवास का उद्देश्य बताया. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से संवाद करना और संगठन के कार्यों को किस प्रकार बढ़ाया जाए, इस संबंध में विचार करना है. भाजपा नेताओं ने बताया कि बैठक में लोगों को अपने विचार रखने के लिए प्रेरित किया गया. इस दौरान लगभग 40 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष के सामने अपने सुझाव और प्रश्न रखे, जिनका राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समाधान किया.
भाजपा नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने छत्तीसगढ़ के संतों के साथ दोपहर का भोजन किया और उनका आशीर्वाद लिया. उपस्थित संतों ने अध्यक्ष को बस्तर और सरगुजा वनांचल क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य होने की जानकारी दी. शाह ने बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों की संयुक्त बैठक ली. इस दौरान उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में हारे हुए मतदान केन्द्रों पर ध्यान केन्द्रित कर वहां नए सदस्य बनाने तथा उन बूथों का पृथक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर जनाधार बढ़ाने का कार्य करने के लिए कहा.
वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने बताया कि तृतीय सत्र में शाह ने भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक ली और कहा कि कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. चतुर्थ सत्र में उन्होंने 19 विभागों और 10 प्रकल्पों की बैठक ली. सभी सत्रों में कार्यकर्ताओं को विचार रखने का मौका दिया गया.
उन्होंने बताया कि शाह ने इस दौरान भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का वर्णन किया और कहा कि आज मिली हुई विराट सफलता हमारे पुरखों के परिश्रम का प्रतिफल है. शाह ने कहा कि सफलता आलस्य भी लाती है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का गठन राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि एक संस्कारी, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हुआ है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम ही एक मात्र रास्ता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा अध्यक्ष शाह तीन दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को रायपुर पहुंचे. वे यहां 10 तारीख तक कई कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लेंगे. राज्य में अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव होने हैं और भाजपा चौथी बार भी सरकार बनाने का प्रयास कर रही है.
राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि शाह नियमित विमान से रायपुर पहुंचे. यहां मुख्यमंत्री रमन सिंह, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शाह ने पहली बैठक ली. बैठक में कोर ग्रुप के सदस्य, सांसद-विधायक, भाजपा महामंत्री, नगर निगमों के महापौर, जिला पंचायतों के अध्यक्ष, निगम मंडल के अध्यक्ष उपस्थित हुए.
बैठक में शाह ने अपने देशव्यापी 110 दिन के कार्यक्रम में तीन दिनों के छत्तीसगढ़ प्रवास का उद्देश्य बताया. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से संवाद करना और संगठन के कार्यों को किस प्रकार बढ़ाया जाए, इस संबंध में विचार करना है. भाजपा नेताओं ने बताया कि बैठक में लोगों को अपने विचार रखने के लिए प्रेरित किया गया. इस दौरान लगभग 40 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष के सामने अपने सुझाव और प्रश्न रखे, जिनका राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समाधान किया.
भाजपा नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने छत्तीसगढ़ के संतों के साथ दोपहर का भोजन किया और उनका आशीर्वाद लिया. उपस्थित संतों ने अध्यक्ष को बस्तर और सरगुजा वनांचल क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य होने की जानकारी दी. शाह ने बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों की संयुक्त बैठक ली. इस दौरान उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में हारे हुए मतदान केन्द्रों पर ध्यान केन्द्रित कर वहां नए सदस्य बनाने तथा उन बूथों का पृथक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर जनाधार बढ़ाने का कार्य करने के लिए कहा.
वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने बताया कि तृतीय सत्र में शाह ने भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक ली और कहा कि कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. चतुर्थ सत्र में उन्होंने 19 विभागों और 10 प्रकल्पों की बैठक ली. सभी सत्रों में कार्यकर्ताओं को विचार रखने का मौका दिया गया.
उन्होंने बताया कि शाह ने इस दौरान भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का वर्णन किया और कहा कि आज मिली हुई विराट सफलता हमारे पुरखों के परिश्रम का प्रतिफल है. शाह ने कहा कि सफलता आलस्य भी लाती है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का गठन राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि एक संस्कारी, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हुआ है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम ही एक मात्र रास्ता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि शाह नियमित विमान से रायपुर पहुंचे. यहां मुख्यमंत्री रमन सिंह, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शाह ने पहली बैठक ली. बैठक में कोर ग्रुप के सदस्य, सांसद-विधायक, भाजपा महामंत्री, नगर निगमों के महापौर, जिला पंचायतों के अध्यक्ष, निगम मंडल के अध्यक्ष उपस्थित हुए.
बैठक में शाह ने अपने देशव्यापी 110 दिन के कार्यक्रम में तीन दिनों के छत्तीसगढ़ प्रवास का उद्देश्य बताया. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से संवाद करना और संगठन के कार्यों को किस प्रकार बढ़ाया जाए, इस संबंध में विचार करना है. भाजपा नेताओं ने बताया कि बैठक में लोगों को अपने विचार रखने के लिए प्रेरित किया गया. इस दौरान लगभग 40 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष के सामने अपने सुझाव और प्रश्न रखे, जिनका राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समाधान किया.
भाजपा नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने छत्तीसगढ़ के संतों के साथ दोपहर का भोजन किया और उनका आशीर्वाद लिया. उपस्थित संतों ने अध्यक्ष को बस्तर और सरगुजा वनांचल क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य होने की जानकारी दी. शाह ने बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों की संयुक्त बैठक ली. इस दौरान उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में हारे हुए मतदान केन्द्रों पर ध्यान केन्द्रित कर वहां नए सदस्य बनाने तथा उन बूथों का पृथक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर जनाधार बढ़ाने का कार्य करने के लिए कहा.
वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने बताया कि तृतीय सत्र में शाह ने भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक ली और कहा कि कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. चतुर्थ सत्र में उन्होंने 19 विभागों और 10 प्रकल्पों की बैठक ली. सभी सत्रों में कार्यकर्ताओं को विचार रखने का मौका दिया गया.
उन्होंने बताया कि शाह ने इस दौरान भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का वर्णन किया और कहा कि आज मिली हुई विराट सफलता हमारे पुरखों के परिश्रम का प्रतिफल है. शाह ने कहा कि सफलता आलस्य भी लाती है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का गठन राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि एक संस्कारी, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हुआ है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम ही एक मात्र रास्ता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैठक में शाह ने अपने देशव्यापी 110 दिन के कार्यक्रम में तीन दिनों के छत्तीसगढ़ प्रवास का उद्देश्य बताया. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से संवाद करना और संगठन के कार्यों को किस प्रकार बढ़ाया जाए, इस संबंध में विचार करना है. भाजपा नेताओं ने बताया कि बैठक में लोगों को अपने विचार रखने के लिए प्रेरित किया गया. इस दौरान लगभग 40 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष के सामने अपने सुझाव और प्रश्न रखे, जिनका राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समाधान किया.
भाजपा नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने छत्तीसगढ़ के संतों के साथ दोपहर का भोजन किया और उनका आशीर्वाद लिया. उपस्थित संतों ने अध्यक्ष को बस्तर और सरगुजा वनांचल क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य होने की जानकारी दी. शाह ने बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों की संयुक्त बैठक ली. इस दौरान उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में हारे हुए मतदान केन्द्रों पर ध्यान केन्द्रित कर वहां नए सदस्य बनाने तथा उन बूथों का पृथक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर जनाधार बढ़ाने का कार्य करने के लिए कहा.
वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने बताया कि तृतीय सत्र में शाह ने भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक ली और कहा कि कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. चतुर्थ सत्र में उन्होंने 19 विभागों और 10 प्रकल्पों की बैठक ली. सभी सत्रों में कार्यकर्ताओं को विचार रखने का मौका दिया गया.
उन्होंने बताया कि शाह ने इस दौरान भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का वर्णन किया और कहा कि आज मिली हुई विराट सफलता हमारे पुरखों के परिश्रम का प्रतिफल है. शाह ने कहा कि सफलता आलस्य भी लाती है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का गठन राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि एक संस्कारी, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हुआ है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम ही एक मात्र रास्ता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने छत्तीसगढ़ के संतों के साथ दोपहर का भोजन किया और उनका आशीर्वाद लिया. उपस्थित संतों ने अध्यक्ष को बस्तर और सरगुजा वनांचल क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य होने की जानकारी दी. शाह ने बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों की संयुक्त बैठक ली. इस दौरान उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में हारे हुए मतदान केन्द्रों पर ध्यान केन्द्रित कर वहां नए सदस्य बनाने तथा उन बूथों का पृथक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर जनाधार बढ़ाने का कार्य करने के लिए कहा.
वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने बताया कि तृतीय सत्र में शाह ने भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक ली और कहा कि कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. चतुर्थ सत्र में उन्होंने 19 विभागों और 10 प्रकल्पों की बैठक ली. सभी सत्रों में कार्यकर्ताओं को विचार रखने का मौका दिया गया.
उन्होंने बताया कि शाह ने इस दौरान भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का वर्णन किया और कहा कि आज मिली हुई विराट सफलता हमारे पुरखों के परिश्रम का प्रतिफल है. शाह ने कहा कि सफलता आलस्य भी लाती है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का गठन राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि एक संस्कारी, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हुआ है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम ही एक मात्र रास्ता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने बताया कि तृतीय सत्र में शाह ने भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक ली और कहा कि कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. चतुर्थ सत्र में उन्होंने 19 विभागों और 10 प्रकल्पों की बैठक ली. सभी सत्रों में कार्यकर्ताओं को विचार रखने का मौका दिया गया.
उन्होंने बताया कि शाह ने इस दौरान भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का वर्णन किया और कहा कि आज मिली हुई विराट सफलता हमारे पुरखों के परिश्रम का प्रतिफल है. शाह ने कहा कि सफलता आलस्य भी लाती है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का गठन राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि एक संस्कारी, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हुआ है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम ही एक मात्र रास्ता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि शाह ने इस दौरान भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का वर्णन किया और कहा कि आज मिली हुई विराट सफलता हमारे पुरखों के परिश्रम का प्रतिफल है. शाह ने कहा कि सफलता आलस्य भी लाती है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का गठन राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि एक संस्कारी, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हुआ है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम ही एक मात्र रास्ता है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति शब्दों की चतुराई से नहीं बल्कि पसीना, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि इस पवित्र लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने-अपने प्रकल्पों व विभागों के माध्यम से जुट जाएं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 25 अक्टूबर से 15 अगस्त 2018 तक का रोडमैप बनाने के लिए कहा
विधानसभा चुनाव में 90 सीटों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए
10 जून तक कई कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लेंगे बीजेपी अध्यक्ष | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को एकमत से उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव को स्वीकार किया जिससे पहले से ही कई तरह के प्रतिबंध झेल रहे उत्तर कोरिया पर इनका बोझ और बढ़ गया है।
अमेरिका और चीन की ओर से सह-प्रायोजित प्रस्ताव में उत्तर कोरिया की अवैध गतिविधियों के समर्थन में किए जा रहे वित्तीय लेन-देन और एकमुश्त नकद अंतरण पर लगाम लगाने की खातिर नए आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। उत्तर कोरिया की अवैध गतिविधियों से संबंध पाए जाने पर वित्तीय क्षेत्र से जुड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘प्रभावी और विश्वसनीय उपायों पर एकमत से सहमति जताते हुए सुरक्षा परिषद ने डेमोक्रेटिक पीपुल रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) को स्पष्ट संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय परमाणु हथियार पाने की उसकी कोशिशों को और इससे जुड़ी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
बयान में कहा गया, ‘‘परिषद की कार्रवाई किसी भी परमाणु परीक्षण के खिलाफ वैश्विक मानदंडों को बरकरार रखने और परमाणु अप्रसार नियमों को मजबूत बनाने की उसकी प्रतिबद्धता दिखाती है।’’ टिप्पणियां
उत्तर कोरिया और अन्य देशों से प्रस्ताव का पालन करने का आह्वान करते हुए बान ने कहा कि वह कोरियाई प्रायद्धीप में बढ़ते तनाव पर काफी चिंतित हैं। उन्होंने डीपीआरके से अपील की कि वह अस्थिरता पैदा करने वाला कोई कदम न उठाए और न ही भड़काऊ बयान दे।
बयान में बताया गया, ‘‘समूचे क्षेत्र में नए राजनीतिक नेतृत्व के मद्देनजर महासचिव प्योंगयांग से अनुरोध है कि वह अपने कदम वापस खींच ले और अपने पड़ोसियों से बेहतर संबंध कायम करे।’’ एक राजनयिक समाधान के प्रति सुरक्षा परिषद की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रस्ताव में अन्य देशों की ओर से ऐसे प्रयासों का स्वागत किया गया है जिससे वार्ता के जरिए समस्या हल हो सके। परिषद ने छह पक्षीय वार्ता के प्रति भी समर्थन जताया है।
अमेरिका और चीन की ओर से सह-प्रायोजित प्रस्ताव में उत्तर कोरिया की अवैध गतिविधियों के समर्थन में किए जा रहे वित्तीय लेन-देन और एकमुश्त नकद अंतरण पर लगाम लगाने की खातिर नए आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। उत्तर कोरिया की अवैध गतिविधियों से संबंध पाए जाने पर वित्तीय क्षेत्र से जुड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘प्रभावी और विश्वसनीय उपायों पर एकमत से सहमति जताते हुए सुरक्षा परिषद ने डेमोक्रेटिक पीपुल रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) को स्पष्ट संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय परमाणु हथियार पाने की उसकी कोशिशों को और इससे जुड़ी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
बयान में कहा गया, ‘‘परिषद की कार्रवाई किसी भी परमाणु परीक्षण के खिलाफ वैश्विक मानदंडों को बरकरार रखने और परमाणु अप्रसार नियमों को मजबूत बनाने की उसकी प्रतिबद्धता दिखाती है।’’ टिप्पणियां
उत्तर कोरिया और अन्य देशों से प्रस्ताव का पालन करने का आह्वान करते हुए बान ने कहा कि वह कोरियाई प्रायद्धीप में बढ़ते तनाव पर काफी चिंतित हैं। उन्होंने डीपीआरके से अपील की कि वह अस्थिरता पैदा करने वाला कोई कदम न उठाए और न ही भड़काऊ बयान दे।
बयान में बताया गया, ‘‘समूचे क्षेत्र में नए राजनीतिक नेतृत्व के मद्देनजर महासचिव प्योंगयांग से अनुरोध है कि वह अपने कदम वापस खींच ले और अपने पड़ोसियों से बेहतर संबंध कायम करे।’’ एक राजनयिक समाधान के प्रति सुरक्षा परिषद की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रस्ताव में अन्य देशों की ओर से ऐसे प्रयासों का स्वागत किया गया है जिससे वार्ता के जरिए समस्या हल हो सके। परिषद ने छह पक्षीय वार्ता के प्रति भी समर्थन जताया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘प्रभावी और विश्वसनीय उपायों पर एकमत से सहमति जताते हुए सुरक्षा परिषद ने डेमोक्रेटिक पीपुल रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) को स्पष्ट संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय परमाणु हथियार पाने की उसकी कोशिशों को और इससे जुड़ी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
बयान में कहा गया, ‘‘परिषद की कार्रवाई किसी भी परमाणु परीक्षण के खिलाफ वैश्विक मानदंडों को बरकरार रखने और परमाणु अप्रसार नियमों को मजबूत बनाने की उसकी प्रतिबद्धता दिखाती है।’’ टिप्पणियां
उत्तर कोरिया और अन्य देशों से प्रस्ताव का पालन करने का आह्वान करते हुए बान ने कहा कि वह कोरियाई प्रायद्धीप में बढ़ते तनाव पर काफी चिंतित हैं। उन्होंने डीपीआरके से अपील की कि वह अस्थिरता पैदा करने वाला कोई कदम न उठाए और न ही भड़काऊ बयान दे।
बयान में बताया गया, ‘‘समूचे क्षेत्र में नए राजनीतिक नेतृत्व के मद्देनजर महासचिव प्योंगयांग से अनुरोध है कि वह अपने कदम वापस खींच ले और अपने पड़ोसियों से बेहतर संबंध कायम करे।’’ एक राजनयिक समाधान के प्रति सुरक्षा परिषद की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रस्ताव में अन्य देशों की ओर से ऐसे प्रयासों का स्वागत किया गया है जिससे वार्ता के जरिए समस्या हल हो सके। परिषद ने छह पक्षीय वार्ता के प्रति भी समर्थन जताया है।
बयान में कहा गया, ‘‘परिषद की कार्रवाई किसी भी परमाणु परीक्षण के खिलाफ वैश्विक मानदंडों को बरकरार रखने और परमाणु अप्रसार नियमों को मजबूत बनाने की उसकी प्रतिबद्धता दिखाती है।’’ टिप्पणियां
उत्तर कोरिया और अन्य देशों से प्रस्ताव का पालन करने का आह्वान करते हुए बान ने कहा कि वह कोरियाई प्रायद्धीप में बढ़ते तनाव पर काफी चिंतित हैं। उन्होंने डीपीआरके से अपील की कि वह अस्थिरता पैदा करने वाला कोई कदम न उठाए और न ही भड़काऊ बयान दे।
बयान में बताया गया, ‘‘समूचे क्षेत्र में नए राजनीतिक नेतृत्व के मद्देनजर महासचिव प्योंगयांग से अनुरोध है कि वह अपने कदम वापस खींच ले और अपने पड़ोसियों से बेहतर संबंध कायम करे।’’ एक राजनयिक समाधान के प्रति सुरक्षा परिषद की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रस्ताव में अन्य देशों की ओर से ऐसे प्रयासों का स्वागत किया गया है जिससे वार्ता के जरिए समस्या हल हो सके। परिषद ने छह पक्षीय वार्ता के प्रति भी समर्थन जताया है।
उत्तर कोरिया और अन्य देशों से प्रस्ताव का पालन करने का आह्वान करते हुए बान ने कहा कि वह कोरियाई प्रायद्धीप में बढ़ते तनाव पर काफी चिंतित हैं। उन्होंने डीपीआरके से अपील की कि वह अस्थिरता पैदा करने वाला कोई कदम न उठाए और न ही भड़काऊ बयान दे।
बयान में बताया गया, ‘‘समूचे क्षेत्र में नए राजनीतिक नेतृत्व के मद्देनजर महासचिव प्योंगयांग से अनुरोध है कि वह अपने कदम वापस खींच ले और अपने पड़ोसियों से बेहतर संबंध कायम करे।’’ एक राजनयिक समाधान के प्रति सुरक्षा परिषद की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रस्ताव में अन्य देशों की ओर से ऐसे प्रयासों का स्वागत किया गया है जिससे वार्ता के जरिए समस्या हल हो सके। परिषद ने छह पक्षीय वार्ता के प्रति भी समर्थन जताया है।
बयान में बताया गया, ‘‘समूचे क्षेत्र में नए राजनीतिक नेतृत्व के मद्देनजर महासचिव प्योंगयांग से अनुरोध है कि वह अपने कदम वापस खींच ले और अपने पड़ोसियों से बेहतर संबंध कायम करे।’’ एक राजनयिक समाधान के प्रति सुरक्षा परिषद की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रस्ताव में अन्य देशों की ओर से ऐसे प्रयासों का स्वागत किया गया है जिससे वार्ता के जरिए समस्या हल हो सके। परिषद ने छह पक्षीय वार्ता के प्रति भी समर्थन जताया है। | यह एक सारांश है: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को एकमत से उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव को स्वीकार किया जिससे पहले से ही कई तरह के प्रतिबंध झेल रहे उत्तर कोरिया पर इनका बोझ और बढ़ गया है। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को कहा कि अगर शिवसेना यह घोषणा कर दे कि उसने भाजपा के साथ अपना संबंध तोड़ दिया है तो महाराष्ट्र में एक राजनीतिक विकल्प बनाया जा सकता है. राकांपा सूत्रों ने बताया कि पार्टी चाहती है कि केंद्र सरकार में शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत भी इस्तीफा दे दें. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता के बंटवारे को लेकर शिवसेना और उसके सहयोगी दल भाजपा के बीच गतिरोध बना हुआ है.
राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने यहां कहा, ‘‘इससे बढ़िया कुछ नहीं हो सकता अगर भाजपा शिवसेना को मुख्यमंत्री पद दे देती है लेकिन अगर भाजपा इनकार कर रही है तो एक विकल्प दिया जा सकता है. लेकिन शिवसेना को यह एलान करना होगा कि उसका भाजपा और राजग से अब कोई नाता नहीं है. इसके बाद विकल्प मुहैया कराया जा सकता है.''
राकांपा सूत्रों ने यह भी कहा कि मंगलवार सुबह शिवसेना नेतृत्व को कहा गया है कि केंद्र सरकार में शिवसेना के इकलौते मंत्री सावंत को इस्तीफा दे देना चाहिए. इसके बाद सरकार गठन के लिए नये राजनीतिक गठबंधन की संभावना को तलाशा जा सकता है. सूत्रों ने कहा, ‘सावंत को सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए. इसके बाद ही राकांपा अपने पत्ते खोलेगी.'
महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद से किसी भी पार्टी या गठबंधन ने सरकार बनाने का अब तक दावा पेश नहीं किया है. इस बीच, मलिक ने यह दावा करने के लिए भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा कि शिवसेना के कुछ विधायक पाला बदलने के लिए भाजपा के संपर्क में हैं.
उन्होंने कहा, ‘अगर भाजपा खरीद-फरोख्त का यह खेल खेलना चाहती है तो चुनावों से पहले भाजपा में शामिल होने वाले नेता भी अब अपनी मूल पार्टियों में लौटने के लिए तैयार हैं. कुछ हमारे संपर्क में हैं, अगर भाजपा खरीद-फरोख्त शुरू करती है तो उसके पास केवल 25-30 विधायक बचेंगे.' | संक्षिप्त पाठ: राकांपा ने शिवसेना से दिया न्योता
'भाजपा के साथ अपना संबंध तोड़ दे तो विकल्प संभव'
NCP के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कही ये बात | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यवतमाल से कांग्रेस के वर्तमान विधायक नीलेश देशमुख पर्वेकर की लाड़खेड गांव के नजदीक एक सड़क हादसे में मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना रात करीब साढ़े आठ बजे हुई। 44 वर्षीय विधायक हादसे के समय कार चला रहे थे। घटना के ब्यौरे की प्रतीक्षा है।टिप्पणियां
विधायक के साथ जिला परिषद के सदस्य बालासाहेब मंगुलकर भी थे जो बुरी तरह घायल हुए हैं। वह एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि अब उनकी हालत खतरे से बाहर है।
नीलेश को भी इसी अस्पताल लाया गया था जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे यवतमाल जाएंगे क्योंकि नीलेश, मुख्यमंत्री के घनिष्ठ सहयोगी थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना रात करीब साढ़े आठ बजे हुई। 44 वर्षीय विधायक हादसे के समय कार चला रहे थे। घटना के ब्यौरे की प्रतीक्षा है।टिप्पणियां
विधायक के साथ जिला परिषद के सदस्य बालासाहेब मंगुलकर भी थे जो बुरी तरह घायल हुए हैं। वह एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि अब उनकी हालत खतरे से बाहर है।
नीलेश को भी इसी अस्पताल लाया गया था जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे यवतमाल जाएंगे क्योंकि नीलेश, मुख्यमंत्री के घनिष्ठ सहयोगी थे।
विधायक के साथ जिला परिषद के सदस्य बालासाहेब मंगुलकर भी थे जो बुरी तरह घायल हुए हैं। वह एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि अब उनकी हालत खतरे से बाहर है।
नीलेश को भी इसी अस्पताल लाया गया था जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे यवतमाल जाएंगे क्योंकि नीलेश, मुख्यमंत्री के घनिष्ठ सहयोगी थे।
नीलेश को भी इसी अस्पताल लाया गया था जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे यवतमाल जाएंगे क्योंकि नीलेश, मुख्यमंत्री के घनिष्ठ सहयोगी थे। | सारांश: यवतमाल से कांग्रेस के वर्तमान विधायक नीलेश देशमुख पर्वेकर की लाड़खेड गांव के नजदीक एक सड़क हादसे में मौत हो गई। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार की ओर से प्रमुख सुधारों की शुरुआत करने की उम्मीद और यूरो जोन पर ऋण संकट के बादल छंटने के आसार से सोमवार को शेयर बाजार के तेजी के साथ खुलने और सप्ताह भर तेजी कायम रहने की संभावना है।
आईआईएफएल के शोध प्रमुख अमर अंबानी ने कहा, बाजार के आंतरिक रुझान में सुधार देखने को मिल रहा है, लेकिन आगे की स्थिति केंद्र द्वारा निवेशकों में विश्वास बहाल के लिए जरूरी हस्तक्षेप पर निर्भर करेगा।टिप्पणियां
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सप्ताहांत में 2.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,429.98 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शुक्रवार को 439 अंकों की भारी बढ़त दर्ज की गई, जो इस साल किसी एक दिन में सबसे बड़ा उछाल रहा।
सीएनआई रिसर्च के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किशोर ओस्तवल के अनुसार, सोमवार को बाजार के तेजी के साथ खुलने की संभावना है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मुनाफावसूली हो सकती है। मल्टी ब्रांड रिटेल और विमानन क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने जैसी घोषणा हुई, तो बाजार में जबरदस्त तेजी आ सकती है।
आईआईएफएल के शोध प्रमुख अमर अंबानी ने कहा, बाजार के आंतरिक रुझान में सुधार देखने को मिल रहा है, लेकिन आगे की स्थिति केंद्र द्वारा निवेशकों में विश्वास बहाल के लिए जरूरी हस्तक्षेप पर निर्भर करेगा।टिप्पणियां
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सप्ताहांत में 2.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,429.98 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शुक्रवार को 439 अंकों की भारी बढ़त दर्ज की गई, जो इस साल किसी एक दिन में सबसे बड़ा उछाल रहा।
सीएनआई रिसर्च के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किशोर ओस्तवल के अनुसार, सोमवार को बाजार के तेजी के साथ खुलने की संभावना है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मुनाफावसूली हो सकती है। मल्टी ब्रांड रिटेल और विमानन क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने जैसी घोषणा हुई, तो बाजार में जबरदस्त तेजी आ सकती है।
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सप्ताहांत में 2.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,429.98 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शुक्रवार को 439 अंकों की भारी बढ़त दर्ज की गई, जो इस साल किसी एक दिन में सबसे बड़ा उछाल रहा।
सीएनआई रिसर्च के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किशोर ओस्तवल के अनुसार, सोमवार को बाजार के तेजी के साथ खुलने की संभावना है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मुनाफावसूली हो सकती है। मल्टी ब्रांड रिटेल और विमानन क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने जैसी घोषणा हुई, तो बाजार में जबरदस्त तेजी आ सकती है।
सीएनआई रिसर्च के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किशोर ओस्तवल के अनुसार, सोमवार को बाजार के तेजी के साथ खुलने की संभावना है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मुनाफावसूली हो सकती है। मल्टी ब्रांड रिटेल और विमानन क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने जैसी घोषणा हुई, तो बाजार में जबरदस्त तेजी आ सकती है। | संक्षिप्त पाठ: सरकार की ओर से प्रमुख सुधारों की शुरुआत करने की उम्मीद और यूरो जोन पर ऋण संकट के बादल छंटने के आसार से सोमवार को शेयर बाजार के तेजी के साथ खुलने और सप्ताह भर तेजी कायम रहने की संभावना है। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मणिपुर सरकार ने लंदन ओलिम्पिक में मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीतने वाली एमसी मैरी कॉम को अन्य लाभों सहित 75 लाख रुपये बतौर पुरस्कार देने की घोषणा की।
राज्य के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने बुधवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कहा, "सरकार ने लंदन ओलिम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली मुक्केबाज मैरी कॉम की इनाम की राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी है। उन्हें पुलिस उपाधीक्षक पद से प्रोन्नति देकर पुलिस अधीक्षक बनाया जाएगा।"टिप्पणियां
सरकार ने पहले मैरी कॉम को 50 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि लंदन ओलिम्पिक में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन खिलाड़ियों एल देवेंद्रो सिंह (मुक्केबाजी), एल बोम्बाल्या देवी (तीरंदाजी) एवं एनजी सोनिया चानू (भारोत्तोलन) को 20-20 लाख रुपये नकद एवं उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैरी कॉम को इम्फाल के बाहरी इलाके में स्थित मितेइ गांव में दो एकड़ भूमि भी दी जाएगी।
राज्य के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने बुधवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कहा, "सरकार ने लंदन ओलिम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली मुक्केबाज मैरी कॉम की इनाम की राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी है। उन्हें पुलिस उपाधीक्षक पद से प्रोन्नति देकर पुलिस अधीक्षक बनाया जाएगा।"टिप्पणियां
सरकार ने पहले मैरी कॉम को 50 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि लंदन ओलिम्पिक में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन खिलाड़ियों एल देवेंद्रो सिंह (मुक्केबाजी), एल बोम्बाल्या देवी (तीरंदाजी) एवं एनजी सोनिया चानू (भारोत्तोलन) को 20-20 लाख रुपये नकद एवं उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैरी कॉम को इम्फाल के बाहरी इलाके में स्थित मितेइ गांव में दो एकड़ भूमि भी दी जाएगी।
सरकार ने पहले मैरी कॉम को 50 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि लंदन ओलिम्पिक में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन खिलाड़ियों एल देवेंद्रो सिंह (मुक्केबाजी), एल बोम्बाल्या देवी (तीरंदाजी) एवं एनजी सोनिया चानू (भारोत्तोलन) को 20-20 लाख रुपये नकद एवं उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैरी कॉम को इम्फाल के बाहरी इलाके में स्थित मितेइ गांव में दो एकड़ भूमि भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैरी कॉम को इम्फाल के बाहरी इलाके में स्थित मितेइ गांव में दो एकड़ भूमि भी दी जाएगी। | सारांश: मणिपुर सरकार ने लंदन ओलिम्पिक में मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीतने वाली एमसी मैरी कॉम को अन्य लाभों सहित 75 लाख रुपये बतौर पुरस्कार देने की घोषणा की। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन की एक रिपोर्ट में इस बात की संभावना जताई गई है कि चीन भविष्य में पाकिस्तान में भी अपना मिलिट्री बेस स्थापित कर सकता है. यह रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई है. दरअसल चीन अफ्रीकी देश जिबूती में एक नेवी बेस स्थापित कर रहा है. रिपोर्ट के आकलन के मुताबिक इसी की तर्ज पर चीन अन्य कई मुल्कों में भी मिलिट्री बेस बना सकता है. कांग्रेस को पेश 97 पेज की इस वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने अपने रक्षा बजट में भारी-भरकम बढ़ोतरी की है और इसके चलते रक्षा खर्च को उसने बढ़ाया है.
वर्ष 2016 में चीन का आधिकारिक रूप से रक्षा बजट 140 अरब डॉलर के करीब था लेकिन कुल खर्च 180 अरब डॉलर के पार चला गया. अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने आर्थिक विकास की रफ्तार सुस्त होने के बावजूद भविष्य को ध्यान में रखते हुए रक्षा खर्च में बढ़ोतरी की है.
रिपोर्ट में बार-बार चीन के पहले नेवी बेस जिबूती का हवाला दिया गया है. यह चीन का पहला ऐसा नेवी बेस है जिसे वह विदेश में निर्मित कर रहा है. जिबूती में अमेरिकी मिलिट्री बेस भी है और यह सामरिक दृष्टि से काफी अहम है क्योंकि यह लाल सागर के दक्षिण प्रवेश बिंदु पर स्थित है. इसी आधार पर रिपोर्ट का आकलन है कि चीन, पाकिस्तान जैसे ऐसे देशों में अपने अन्य मिलिट्री बेस भी स्थापित कर सकता है जिनके साथ इसके पुराने मित्रवत संबंध हैं और सामरिक लिहाज से इसके लिए अहम है. टिप्पणियां
हिंद महासागर के दक्षिण-पश्चिमी मुहाने पर जिबूती में चीन की पोजीशन से भारत पहले से ही चिंतित है क्योंकि यह भी चीन की 'पर्ल ऑफ स्ट्रिंग' योजना का ही है. इस योजना के तहत महासागर के चारों ओर चीन की मिलिट्री एलायंस और बेस स्थापित करने की योजना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्ष 2016 में चीन का आधिकारिक रूप से रक्षा बजट 140 अरब डॉलर के करीब था लेकिन कुल खर्च 180 अरब डॉलर के पार चला गया. अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने आर्थिक विकास की रफ्तार सुस्त होने के बावजूद भविष्य को ध्यान में रखते हुए रक्षा खर्च में बढ़ोतरी की है.
रिपोर्ट में बार-बार चीन के पहले नेवी बेस जिबूती का हवाला दिया गया है. यह चीन का पहला ऐसा नेवी बेस है जिसे वह विदेश में निर्मित कर रहा है. जिबूती में अमेरिकी मिलिट्री बेस भी है और यह सामरिक दृष्टि से काफी अहम है क्योंकि यह लाल सागर के दक्षिण प्रवेश बिंदु पर स्थित है. इसी आधार पर रिपोर्ट का आकलन है कि चीन, पाकिस्तान जैसे ऐसे देशों में अपने अन्य मिलिट्री बेस भी स्थापित कर सकता है जिनके साथ इसके पुराने मित्रवत संबंध हैं और सामरिक लिहाज से इसके लिए अहम है. टिप्पणियां
हिंद महासागर के दक्षिण-पश्चिमी मुहाने पर जिबूती में चीन की पोजीशन से भारत पहले से ही चिंतित है क्योंकि यह भी चीन की 'पर्ल ऑफ स्ट्रिंग' योजना का ही है. इस योजना के तहत महासागर के चारों ओर चीन की मिलिट्री एलायंस और बेस स्थापित करने की योजना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिपोर्ट में बार-बार चीन के पहले नेवी बेस जिबूती का हवाला दिया गया है. यह चीन का पहला ऐसा नेवी बेस है जिसे वह विदेश में निर्मित कर रहा है. जिबूती में अमेरिकी मिलिट्री बेस भी है और यह सामरिक दृष्टि से काफी अहम है क्योंकि यह लाल सागर के दक्षिण प्रवेश बिंदु पर स्थित है. इसी आधार पर रिपोर्ट का आकलन है कि चीन, पाकिस्तान जैसे ऐसे देशों में अपने अन्य मिलिट्री बेस भी स्थापित कर सकता है जिनके साथ इसके पुराने मित्रवत संबंध हैं और सामरिक लिहाज से इसके लिए अहम है. टिप्पणियां
हिंद महासागर के दक्षिण-पश्चिमी मुहाने पर जिबूती में चीन की पोजीशन से भारत पहले से ही चिंतित है क्योंकि यह भी चीन की 'पर्ल ऑफ स्ट्रिंग' योजना का ही है. इस योजना के तहत महासागर के चारों ओर चीन की मिलिट्री एलायंस और बेस स्थापित करने की योजना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हिंद महासागर के दक्षिण-पश्चिमी मुहाने पर जिबूती में चीन की पोजीशन से भारत पहले से ही चिंतित है क्योंकि यह भी चीन की 'पर्ल ऑफ स्ट्रिंग' योजना का ही है. इस योजना के तहत महासागर के चारों ओर चीन की मिलिट्री एलायंस और बेस स्थापित करने की योजना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: चीन अफ्रीकी देश जिबूती में स्थापित कर रहा नेवी बेस
इस तरह का बेस पाकिस्तान में भी कर सकता है विकसित
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन की वार्षिक रिपोर्ट का अनुमान | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वैश्विक मोर्चे पर कमजोर हालात के बीच बीते सप्ताह सोने की चमक भले ही कुछ कम हुई हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में यह 27,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रह सकता है।टिप्पणियां
कामट्रेंडज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा, यूरोपीय ऋण संकट तथा इक्विटी बाजारों में भारी नुकसान जैसी कमजोर अंतरराष्ट्रीय बुनियादों के कारण सोने की कीमतों में नरमी रहेगी। ऐसे में निकट भविष्य में सोने के दाम 27,700-27,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहने की संभावना है। अमेरिकी वायदा बाजार में सोने के दाम शुक्रवार को 1,584 डॉलर प्रति औंस बंद हुए, जबकि भारत में एमसीएक्स में सोना 28,308 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुआ।
त्यागराजन ने कहा कि रुपये में कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में सोना और अधिक नहीं टूट रहा है। एंजल कमोडिटीज के प्रमुख नवीन माथुर ने कहा कि यूरो क्षेत्र संकट के कारण डॉलर में आई मजबूती ने सोने की कीमतों को नरम कर दिया है। उन्होंने कहा कि सोने की कीतम 27,500-28,000 रुपये के दायरे में रहने की संभावना है। जेआरजी वेल्थ मैनजमेंट के प्रमुख हरीश गलीपेल्ली ने कहा कि सोने में कमजोरी के कारण यह निवेश के उद्देश्य से कम आकर्षक विकल्प रह गया है।
कामट्रेंडज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा, यूरोपीय ऋण संकट तथा इक्विटी बाजारों में भारी नुकसान जैसी कमजोर अंतरराष्ट्रीय बुनियादों के कारण सोने की कीमतों में नरमी रहेगी। ऐसे में निकट भविष्य में सोने के दाम 27,700-27,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहने की संभावना है। अमेरिकी वायदा बाजार में सोने के दाम शुक्रवार को 1,584 डॉलर प्रति औंस बंद हुए, जबकि भारत में एमसीएक्स में सोना 28,308 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुआ।
त्यागराजन ने कहा कि रुपये में कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में सोना और अधिक नहीं टूट रहा है। एंजल कमोडिटीज के प्रमुख नवीन माथुर ने कहा कि यूरो क्षेत्र संकट के कारण डॉलर में आई मजबूती ने सोने की कीमतों को नरम कर दिया है। उन्होंने कहा कि सोने की कीतम 27,500-28,000 रुपये के दायरे में रहने की संभावना है। जेआरजी वेल्थ मैनजमेंट के प्रमुख हरीश गलीपेल्ली ने कहा कि सोने में कमजोरी के कारण यह निवेश के उद्देश्य से कम आकर्षक विकल्प रह गया है।
त्यागराजन ने कहा कि रुपये में कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में सोना और अधिक नहीं टूट रहा है। एंजल कमोडिटीज के प्रमुख नवीन माथुर ने कहा कि यूरो क्षेत्र संकट के कारण डॉलर में आई मजबूती ने सोने की कीमतों को नरम कर दिया है। उन्होंने कहा कि सोने की कीतम 27,500-28,000 रुपये के दायरे में रहने की संभावना है। जेआरजी वेल्थ मैनजमेंट के प्रमुख हरीश गलीपेल्ली ने कहा कि सोने में कमजोरी के कारण यह निवेश के उद्देश्य से कम आकर्षक विकल्प रह गया है। | यह एक सारांश है: वैश्विक मोर्चे पर कमजोर हालात के बीच बीते सप्ताह सोने की चमक भले ही कुछ कम हुई हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में यह 27,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रह सकता है। | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ईडी ने हलफनामे में कहा, 'चोकसी ने अपनी सेहत को लेकर जो दावा पेश किया है, वह अदालत को गुमराह करने वाला है और यह कानूनी प्रक्रिया में देरी करने के लिए की गई एक कोशिश है. हम मेडिकल एक्सपर्ट की एक टीम और एक एयर एंबुलेस की व्यवस्था करने के लिए तैयार हैं जिससे चोकसी को एंटीगुआ से वापस लाया जा सके.' ईडी ने हलफनामे में यह भी कहा, 'चोकसी ने 13 हजार करोड़ के पीएनबी स्कैम की जांच में कभी कॉपरेट नहीं किया.'
एजेंसी ने बताया, 'चोकसी दावा करते हैं कि उनकी 6129 करोड़ रुपए की संपत्ति को सीज किया गया लेकिन यह गलत है क्योंकि जांच के दौरान ईडी ने केवल 2100 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की थी. ईडी ने यह भी कहा कि भगोड़े हीरा कारोबारी ने देश से भागने से पहले अपनी सारी संपत्ति बेचने की कोशिश की थी.
ईडी ने कहा, 'मेहुल चोकसी ने जांच में कभी कॉपरेट नहीं किया. उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था. इंटरपोल ने इस मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. चोकसी ने वापस आने से इनकार कर दिया था. वह भगोड़े हैं.' ईडी ने कहा कि चोकसी को कई बार जांच में शामिल होने के लिए मौका दिया गया लेकिन वह हर वार सवालों से बचा. (इनपुट:एएनआई) | संक्षिप्त सारांश: ईडी ने चोकसी के सेहत संबंधी दावे को गुमराह करने वाला बताया
ईडी ने कहा- चोकसी की वापसी के लिए देंगे एयर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम
'चोकसी ने 13 हजार करोड़ के पीएनबी स्कैम की जांच में कॉपरेट नहीं किया' | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे सत्र के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रविवार को दिल्ली डेयर डेविल्स के खिलाफ किंग्स इलेवन पंजाब हैट्रिक जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी जबकि डेयर डेविल्स की कोशिश जीत की पटरी पर लौटने की होगी। किंग्स इलेवन ने पिछले मुकाबले में कोच्चि टस्कर्स केरल को छह विकेट से हराकर प्लेऑफ में प्रवेश करने की अपनी उम्मीदें बरकरार रखी है। लगातार दो जीत दर्ज करने के बाद कप्तान एडम गिलक्रिस्ट सहित टीम के बाकी खिलाड़ियों के हौसले बुलंद हैं। आईपीएल-4 में किंग्स इलेवन ने अब तक 11 मुकाबले खेले हैं जिनमें पांच में उसे जीत मिली है जबकि छह मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। 10 अंकों के साथ किंग्स इलेवन अंक तालिका में छठे स्थान पर है। डेयर डेविल्स को पिछले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने 18 रनों से हराया था। प्लेऑफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी डेयर डेविल्स के पास इस मैच में खोने के लिए कुछ भी नहीं है। इस प्रतियोगिता में डेयर डेविल्स अब तक 12 मुकाबले खेल चुकी है जिनमें चार में उसे जीत मिली है जबकि आठ मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। आठ अंकों के साथ डेयर डेविल्स अंक तालिका में नौंवे स्थान पर है। आईपीएल-4 में एक-दूसरे से दोनों टीमों का सामना एक बार हो चुका है जिनमें बाजी डेयर डेविल्स के हाथ लगी है। किंग्स इलेवन के लिए गिलक्रिस्ट का नहीं चल पाना चिंता का विषय है। पॉल वाल्थटी और शॉन मार्श बेहतरीन फॉर्म में हैं जबकि दिनेश कार्तिक और डेविड हसी से टीम को काफी उम्मीदें होंगी। कार्तिक ने पिछले मैच में कोच्चि टस्कर्स के खिलाफ शानदार 69 रन बनाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी रेयान हैरिस और शलभ श्रीवास्तव के कंधों पर होगी वहीं स्पिन की बागडोर पीयूष चावला और भार्गव भट्ट सम्भालेंगे। दूसरी ओर, कप्तान वीरेंद्र सहवाग के चोटिल हो जाने के बाद डेयर डेविल्स को तगड़ा झटका लगा है। डेयर डेविल्स को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी नमन ओझा और डेविड वार्नर के कंधों पर होगी। मध्यक्रम में कोलिन इंग्राम, इरफान पठान, वेणुगोपाल राव, जेम्स होप्स और योगेश नागर टीम को मजबूती प्रदान करेंगे जबकि तेज गेंदबाजी का आक्रमण अनुभवी गेंदबाज अजीत अगरकर, एंड्रयू मैक्डोनाल्ड और युवा वरुण एरॉन सम्भालेंगे। स्पिन की जिम्मेदारी शाहबाज नदीन के कंधों पर होगी। | किंग्स इलेवन ने पिछले मुकाबले में कोच्चि टस्कर्स केरल को छह विकेट से हराकर प्लेऑफ में प्रवेश करने की अपनी उम्मीदें बरकरार रखी हैं। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिजली वितरण कंपनी के कथित तौर पर फर्जी अधिकारी बनकर लोगों के घरों से पैसों की उगाही करना चार व्यक्तियों को भारी पड़ गया. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है. पुलिस ने चारों व्यक्तियों को बीएसईएस के अधिकारी बनकर लोगों के घरों पर छापेमारी कर पैसे उगाहने के आरोप में गिरफ्तार किया था. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अभिलाश मल्होत्रा ने राजीव मोहित, प्रदीप और राकेश को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इससे पहले पुलिस ने कहा था कि चार व्यक्तियों ने कथित तौर पर बीएसईएस प्रवर्तन के अधिकारियों के रूप में फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया था. पुलिस ने आरोप लगाया कि आरोपी लोगों के घरों पर फर्जी छापेमारी करके उनसे पैसों की उगाही करते हैं.
अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर है. फर्जी पहचान पत्रों को पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है. अदालत ने कहा कि पहली नजर में यह स्पष्ट है कि आरोपियों ने बीएसईएस अधिकारी बनकर लोगों को धोखा दिया और पैसों की उगाही की.
बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड के डीजीएम महेश कुमार की शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें कहा गया है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि 17 मई को कुछ व्यक्ति मध्य दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर इलाके में बीएसईएस प्रवर्तन दल बनकर आएंगे.टिप्पणियां
प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि आरोपी बिजली चोरी या मीटर के साथ छेड़छाड़ को लेकर छापेमारी के बहाने से घर में घुसेंगे और बीएसईएस अधिकारी बनकर पैसें एठेंगे.
शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी टीम मौके पर गई और पाया कि चार व्यक्ति एक घर के मीटर बक्से की जांच कर रहे थे. पहचान पत्र मांगने पर उनके पहचान पत्र फर्जी दिखे. जब आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो बीएसईएस की टीम ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया था.
अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर है. फर्जी पहचान पत्रों को पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है. अदालत ने कहा कि पहली नजर में यह स्पष्ट है कि आरोपियों ने बीएसईएस अधिकारी बनकर लोगों को धोखा दिया और पैसों की उगाही की.
बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड के डीजीएम महेश कुमार की शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें कहा गया है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि 17 मई को कुछ व्यक्ति मध्य दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर इलाके में बीएसईएस प्रवर्तन दल बनकर आएंगे.टिप्पणियां
प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि आरोपी बिजली चोरी या मीटर के साथ छेड़छाड़ को लेकर छापेमारी के बहाने से घर में घुसेंगे और बीएसईएस अधिकारी बनकर पैसें एठेंगे.
शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी टीम मौके पर गई और पाया कि चार व्यक्ति एक घर के मीटर बक्से की जांच कर रहे थे. पहचान पत्र मांगने पर उनके पहचान पत्र फर्जी दिखे. जब आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो बीएसईएस की टीम ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया था.
बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड के डीजीएम महेश कुमार की शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें कहा गया है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि 17 मई को कुछ व्यक्ति मध्य दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर इलाके में बीएसईएस प्रवर्तन दल बनकर आएंगे.टिप्पणियां
प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि आरोपी बिजली चोरी या मीटर के साथ छेड़छाड़ को लेकर छापेमारी के बहाने से घर में घुसेंगे और बीएसईएस अधिकारी बनकर पैसें एठेंगे.
शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी टीम मौके पर गई और पाया कि चार व्यक्ति एक घर के मीटर बक्से की जांच कर रहे थे. पहचान पत्र मांगने पर उनके पहचान पत्र फर्जी दिखे. जब आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो बीएसईएस की टीम ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया था.
प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि आरोपी बिजली चोरी या मीटर के साथ छेड़छाड़ को लेकर छापेमारी के बहाने से घर में घुसेंगे और बीएसईएस अधिकारी बनकर पैसें एठेंगे.
शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी टीम मौके पर गई और पाया कि चार व्यक्ति एक घर के मीटर बक्से की जांच कर रहे थे. पहचान पत्र मांगने पर उनके पहचान पत्र फर्जी दिखे. जब आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो बीएसईएस की टीम ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया था.
शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी टीम मौके पर गई और पाया कि चार व्यक्ति एक घर के मीटर बक्से की जांच कर रहे थे. पहचान पत्र मांगने पर उनके पहचान पत्र फर्जी दिखे. जब आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो बीएसईएस की टीम ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया था. | संक्षिप्त सारांश: बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड के डीजीएम ने की थी शिकायत
खुद को बिजली कंपनी का अधिकारी बताते थे ठग
घरों में घुसकर लगाते थे आरोप, ऐंठते थे मोटी रकम | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गोवा विधानसभा में मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बहुमत साबित करने के साथ ही कांग्रेस में बगावत खुलकर सतह पर आ गई है. कांग्रेस के असंतुष्ट विधायक विश्वजीत राणे ने विधायकी और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस के सरकार नहीं बना पाने की पार्टी की विफलता का ठीकरा भी शीर्ष नेतृत्व पर फोड़ा. सूत्रों के मुताबिक इस इस्तीफे से खाली हुई सीट पर मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर चुनाव लड़ सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने 22 के मुकाबले 16 विधायकों से आसानी से विश्वासमत हासिल किया और इस दौरान कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे ने वोटिंग का बहिष्कार किया और बाहर चले गए. उल्लेखनीय है कि हालिया चुनावों में बीजेपी 13 सीटों पर ही जीत पाई थी. कांग्रेस पार्टी के सरकार बनाने में विफल रहने के बाद कांग्रेस पार्टी में कई विधायक नाराज बताए जा रहे हैं. इनमें विश्वजीत राणे से खुलेआम पार्टी प्रभारी दिग्विजय सिंह के विफल होने का आरोप लगाया था और अपनी नाराजगी सार्वजनिक की थी.टिप्पणियां
अब इस्तीफा देने के बाद हालांकि राणे ने बीजेपी में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया है लेकिन कहा है कि अभी उन्होंने कोई फैसला नहीं किया है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक राजनीतिक हलकों के जानकार यह भी कह रहे हैं कि कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे के पिता और पांच बार कांग्रेसी सरकार के मुखिया रहे प्रताप सिंह राणे राज्यपाल बन सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक पिता की सीट खाली होने पर उस जगह से विश्वजीत चुनाव लड़ सकते हैं. इसको गोवा में बीजेपी के गेम प्लान के रूप में देखा जा रहा है.
उल्लेखीय है कि आज विधानसभा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को बहुमत साबित करना था. कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह ऐसा नहीं कर पाएंगे लेकिन इसके उलट उन्होंने आसानी से 40 सीटों वाली विधानसभा में 22 विधायकों का समर्थन हासिल कर बहुमत जुटा लिया.
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने 22 के मुकाबले 16 विधायकों से आसानी से विश्वासमत हासिल किया और इस दौरान कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे ने वोटिंग का बहिष्कार किया और बाहर चले गए. उल्लेखनीय है कि हालिया चुनावों में बीजेपी 13 सीटों पर ही जीत पाई थी. कांग्रेस पार्टी के सरकार बनाने में विफल रहने के बाद कांग्रेस पार्टी में कई विधायक नाराज बताए जा रहे हैं. इनमें विश्वजीत राणे से खुलेआम पार्टी प्रभारी दिग्विजय सिंह के विफल होने का आरोप लगाया था और अपनी नाराजगी सार्वजनिक की थी.टिप्पणियां
अब इस्तीफा देने के बाद हालांकि राणे ने बीजेपी में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया है लेकिन कहा है कि अभी उन्होंने कोई फैसला नहीं किया है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक राजनीतिक हलकों के जानकार यह भी कह रहे हैं कि कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे के पिता और पांच बार कांग्रेसी सरकार के मुखिया रहे प्रताप सिंह राणे राज्यपाल बन सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक पिता की सीट खाली होने पर उस जगह से विश्वजीत चुनाव लड़ सकते हैं. इसको गोवा में बीजेपी के गेम प्लान के रूप में देखा जा रहा है.
उल्लेखीय है कि आज विधानसभा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को बहुमत साबित करना था. कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह ऐसा नहीं कर पाएंगे लेकिन इसके उलट उन्होंने आसानी से 40 सीटों वाली विधानसभा में 22 विधायकों का समर्थन हासिल कर बहुमत जुटा लिया.
अब इस्तीफा देने के बाद हालांकि राणे ने बीजेपी में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया है लेकिन कहा है कि अभी उन्होंने कोई फैसला नहीं किया है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक राजनीतिक हलकों के जानकार यह भी कह रहे हैं कि कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे के पिता और पांच बार कांग्रेसी सरकार के मुखिया रहे प्रताप सिंह राणे राज्यपाल बन सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक पिता की सीट खाली होने पर उस जगह से विश्वजीत चुनाव लड़ सकते हैं. इसको गोवा में बीजेपी के गेम प्लान के रूप में देखा जा रहा है.
उल्लेखीय है कि आज विधानसभा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को बहुमत साबित करना था. कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह ऐसा नहीं कर पाएंगे लेकिन इसके उलट उन्होंने आसानी से 40 सीटों वाली विधानसभा में 22 विधायकों का समर्थन हासिल कर बहुमत जुटा लिया.
उल्लेखीय है कि आज विधानसभा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को बहुमत साबित करना था. कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह ऐसा नहीं कर पाएंगे लेकिन इसके उलट उन्होंने आसानी से 40 सीटों वाली विधानसभा में 22 विधायकों का समर्थन हासिल कर बहुमत जुटा लिया. | सारांश: विश्वास मत के दौरान विश्वजीत राणे ने वोटिंग का बहिष्कार किया
विश्वजीत ने विधायकी और कांग्रेस की सदस्यता से दिया इस्तीफा
उनके द्वारा खाली सीट पर मनोहर पर्रिकर लड़ सकते हैं चुनाव | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: महेंद्र सिंह धोनी के बड़े भाई नरेंद्र ने आज खंडन किया कि उनके माता-पिता को भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे एकदिवसीय मैच के लिए ‘कम्पलीमेंट्री टिकट’ दिए गए है। झारखंड क्रिकेट संघ ने हालांकि दावा किया कि उन्हें पर्याप्त पास मुहैया कराए गए हैं। नरेंद्र ने कहा, शाम तक मेरे माता-पिता को किसी तरह के पास नहीं मिले थे। मुझे पता चला है कि उन्होंने (जेएससीए) ने मेरे जीजा (गौतम गुप्ता) को 14 कम्पलीमेंट्री पास दिए हैं।टिप्पणियां
जेएससीए के सचिव राजेश वर्मा ने हालांकि दावा किया के धोनी के माता-पिता को पर्याप्त पास दिए गए हैं। नरेंद्र की पत्नी टिकट खरीदने के लिए कतार में खड़ी रही थीं। उन्होंने जेएससीए की खिंचाई करते हुए कहा कि राज्य संघ ने उदघाटन के लिए उनके माता -पिता का नाम मीडिया में घोषित नहीं करके उनके परिवार का अपमान किया है। भारतीय कप्तान से दस साल बड़े नरेंद्र ने कहा, राज्य में तमाम राजनीतिक उथलपुथल के बावजूद ‘माही’ इस राज्य और शहर का सच्चा दूत है। धोनी ने रांची को विश्व मानचित्र पर जगह दिलाई।
उन्होंने कहा, यह सब भाग्य की बात है। मैंने भी राष्ट्रीय स्तर तक फुटबाल खेली, लेकिन माही काफी आगे बढ़ गया। हम सभी को उस पर गर्व है। नरेंद्र से पूछा गया कि उन्होंने पास की व्यवस्था करने के लिए अपने भाई से क्यों नहीं कहा, उन्होंने कहा, मैं अपनी हर समस्या के लिए उससे नहीं कह सकता। हम टिकट खरीद सकते हैं। मैंने जेएससीए के अध्यक्ष से लेकर सचिव तक सभी को फोन किया, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी, लेकिन मैंने मैच के लिए टिकट खरीद लिया है तथा जेएससीए अध्यक्ष (अमिताभ चौधरी) का नंबर अपने फोन से हटा दिया है। उन्होंने कहा, ऐसा मेरा पार्टी (एजेएसयू) से संबंधों के कारण किया गया। नरेंद्र ने जेएससीए पर टिकटों की कालाबाजारी करने का आरोप भी लगाया। उन्हें हालांकि खुशी है कि वह खरीदे हुए टिकट से अपने भाई को खेलते हुए देखेंगे।
जेएससीए के सचिव राजेश वर्मा ने हालांकि दावा किया के धोनी के माता-पिता को पर्याप्त पास दिए गए हैं। नरेंद्र की पत्नी टिकट खरीदने के लिए कतार में खड़ी रही थीं। उन्होंने जेएससीए की खिंचाई करते हुए कहा कि राज्य संघ ने उदघाटन के लिए उनके माता -पिता का नाम मीडिया में घोषित नहीं करके उनके परिवार का अपमान किया है। भारतीय कप्तान से दस साल बड़े नरेंद्र ने कहा, राज्य में तमाम राजनीतिक उथलपुथल के बावजूद ‘माही’ इस राज्य और शहर का सच्चा दूत है। धोनी ने रांची को विश्व मानचित्र पर जगह दिलाई।
उन्होंने कहा, यह सब भाग्य की बात है। मैंने भी राष्ट्रीय स्तर तक फुटबाल खेली, लेकिन माही काफी आगे बढ़ गया। हम सभी को उस पर गर्व है। नरेंद्र से पूछा गया कि उन्होंने पास की व्यवस्था करने के लिए अपने भाई से क्यों नहीं कहा, उन्होंने कहा, मैं अपनी हर समस्या के लिए उससे नहीं कह सकता। हम टिकट खरीद सकते हैं। मैंने जेएससीए के अध्यक्ष से लेकर सचिव तक सभी को फोन किया, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी, लेकिन मैंने मैच के लिए टिकट खरीद लिया है तथा जेएससीए अध्यक्ष (अमिताभ चौधरी) का नंबर अपने फोन से हटा दिया है। उन्होंने कहा, ऐसा मेरा पार्टी (एजेएसयू) से संबंधों के कारण किया गया। नरेंद्र ने जेएससीए पर टिकटों की कालाबाजारी करने का आरोप भी लगाया। उन्हें हालांकि खुशी है कि वह खरीदे हुए टिकट से अपने भाई को खेलते हुए देखेंगे।
उन्होंने कहा, यह सब भाग्य की बात है। मैंने भी राष्ट्रीय स्तर तक फुटबाल खेली, लेकिन माही काफी आगे बढ़ गया। हम सभी को उस पर गर्व है। नरेंद्र से पूछा गया कि उन्होंने पास की व्यवस्था करने के लिए अपने भाई से क्यों नहीं कहा, उन्होंने कहा, मैं अपनी हर समस्या के लिए उससे नहीं कह सकता। हम टिकट खरीद सकते हैं। मैंने जेएससीए के अध्यक्ष से लेकर सचिव तक सभी को फोन किया, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी, लेकिन मैंने मैच के लिए टिकट खरीद लिया है तथा जेएससीए अध्यक्ष (अमिताभ चौधरी) का नंबर अपने फोन से हटा दिया है। उन्होंने कहा, ऐसा मेरा पार्टी (एजेएसयू) से संबंधों के कारण किया गया। नरेंद्र ने जेएससीए पर टिकटों की कालाबाजारी करने का आरोप भी लगाया। उन्हें हालांकि खुशी है कि वह खरीदे हुए टिकट से अपने भाई को खेलते हुए देखेंगे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महेंद्र सिंह धोनी के बड़े भाई नरेंद्र ने आज खंडन किया कि उनके माता-पिता को भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे एकदिवसीय मैच के लिए ‘कम्पलीमेंट्री टिकट’ दिए गए है। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश की 10 जांच एजेंसियों को सभी कंप्यूटरों पर नजर रखने का अधिकार देने के बाद अब केंद्र सरकार की कोशिश ऑनलाइन सामग्री की निगरानी की है. ऑनलाइन कंपनियों से कहा जा सकता है कि वे इस मामले में ऐसी प्रो ऐक्टिव तकनीक की मदद लें जो किसी अवैध सामग्री को पहले ही ऑनलाइन जाने से रोक सके. सरकार ने आइटी क़ानून की धारा 79 के तहत सामग्री के नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया है. इस संशोधन के तहत कंपनियां ऐसी तकनीक लगाने को बाध्य होंगी जो पहले ही नाजायज़ सामग्री की छंटाई कर ले. उन्हें किसी संदेश के स्रोत तक पहुंचने की सुविधा भी मुहैया करानी होगी. पांच पेज के इस ड्राफ़्ट पर सरकार ने अलग-अलग पक्षों के साथ बैठक भी की है. इनमें गूगल, फेसबुक, वाट्सऐप, एमेजॉन, याहू, ट्विटर आदि के नुमाइंदे भी शामिल थे. सरकार के इस कदम को ऑनलाइन नियंत्रण की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
हालांकि ख़बर छपने के बाद सरकारी सूत्रों की ओर से इस पर सफ़ाई भी आ रही है. उनकी ओर से कहा जा रहा है कि ये अभिव्यक्ति की आज़ादी पर रोक लगाने का मामला नहीं है. ये बस इंटरनेट और सोशल मीडिया से जुड़ी कंपनियों के साथ विचार-विमर्श भर है. सरकार ने अब तक कोई फ़ैसला नहीं किया है. अफवाहों की वजह से होने वाली भीड़ की हिंसा को ध्यान में रखते हुए ये किया जा रहा है. अभी अफ़सरों के स्तर पर ही बात है, मंत्रियों के स्तर पर नहीं. सभी कंपनियों को ड्राफ़्ट गाइडलाइन दी गई है. 7 जनवरी तक उनके सुझाव मांगे गए हैं.
इससे पहले देश की 10 बड़ी सुरक्षा एजेंसियों को देशभर के कंप्यूटरों पर नजर रखने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर इन एजेंसियों को कंप्यूटर डाटा की जांच का अधिकार दिया था. गृह मंत्रालय के इस नोटिफिकेशन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि 20 दिसंबर का ये आदेश गैरकानूनी, मौलिक अधिकारों के खिलाफ और संविधान के विपरित है. गृहमंत्रालय इस तरह का ब्लैंकेट सर्विलांस का आदेश जारी नहीं कर सकता और इसे निजता के अधिकार की कसौटी पर तौला जाना चाहिए.
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश की 10 बड़ी सुरक्षा एजेंसियों को देश के सभी कंप्यूटरों में नजर रखने की इजाजत दी है. इन एजेंसियों के पास अधिकार होगा कि ये आपके कंप्यूटर डाटा की जांच कर सके और उस पर नजर रख सकें. केंद्र सरकार ने सरकारी आदेश जारी करते हुए इन 10 एजेंसियों के नाम भी जाहिर किए हैं, जिन्हें ये अधिकार दिया गया है. इनमें सीबीआई, आईबी, एनआईए जैसी बड़ी सुरक्षा एजेंसियां भी शामिल हैं. गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक ये एजेंसियां आपके कंप्यूटर पर नजर रख सकती हैं. | सारांश: इसे ऑनलाइन नियंत्रण की कोशिश माना जा रहा है
सरकार ने अब तक कोई फ़ैसला नहीं किया है
सभी कंपनियों को ड्राफ़्ट गाइडलाइन दी गई है | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि नोटबंदी के कारण सपा, बसपा, ममता, कांग्रेस और केजरीवाल आदि का पर्दाफाश हो गया है और जिस तरह से बाढ़ के समय चूहे, बिल्ली, सांप बचने के लिए एक ही पेड़ पर आश्रय लेते हैं, उसी प्रकार से ये दल नोटबंदी के खिलाफ गोलबंद हो गए हैं.
शाह ने देश में पंचायत से संसद तक बदलाव लाने के लिए प्रधानमंत्री को 15 वर्ष देने की अपील की. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी घूम-घूमकर कहते हैं कि इन ढाई वर्षों में क्या फर्क पड़ा है. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हमने तो सबसे पहला काम यह किया है कि देश को बोलने वाला प्रधानमंत्री दिया है. हमने केंद्र में एक ऐसी पारदर्शी सरकार दी है जिसपर इन ढाई वर्षों में विरोधी भी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सके हैं.
बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार ने 10 वर्षों में एक के बाद एक घोटाले किये, अंतरिक्ष से लेकर पाताल तक 12 लाख करोड़ रुपये के घपले-घोटाले किये और राहुलजी पूछते हैं कि फर्क क्या आया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवाद, भ्रष्टाचार, जाली करेंसी और जाली नोटों पर मोदी सरकार के कड़े प्रहार का विरोध करके सपा, बसपा, ममता, कांग्रेस और केजरीवाल ने अपने-आपको देश की जनता के सामने एक्सपोज कर दिया है. यह फैसला देशहित में लिया गया है जिसका फायदा आने वाले समय में देश के गरीबों को ही सबसे ज्यादा मिलने वाला है.
शाह ने कहा कि 7 नवंबर तक विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री मोदी पर कालेधन पर कार्रवाई को लेकर हाय-तौबा मचा रही थी, 8 नवंबर को कालेधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कठोर कार्रवाई करने के बाद अब उन्होंने उल्टी हाय-तौबा मचा रखी है कि नोटबंदी क्यों कर दी? उन्होंने कहा, ‘मैं बताना चाहता हूं कि इस एक फैसले से आतंकवादी, नक्सलवादी, जाली नोट और नशे के कारोबारी निर्धन हो गए हैं, देश के अर्थतंत्र को खोखला करने वालों के पास पड़ा हुआ धन रद्दी में तब्दील हो गया है.
शाह ने कहा कि काला धन नासूर बनकर देश के अर्थतंत्र का खून चूस रहा था, हमने उसे एक ही झटके में समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी काले-धन पर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, हमें राहुल बाबा पर तो कोई आश्चर्य नहीं हो रहा है, उनके सलाहकारों पर जरूर तरस आ रहा है. उन्होंने कहा कि हमने 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले वादा किया था कि यदि देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है और नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो हम इस देश की सीमाओं को सुरक्षित करने का काम करेंगें.
उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन सरकार के 10 वर्षों में कोई भी हमारी सीमाओं का अपमान करके चला जाता था, हमारे जवानों का अपमान करता था, सीमा पर शहीदों के सिर काट लिए जाते थे और दिल्ली के हुक्मरानों के जूं तक नहीं रेंगती थी. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को फर्क पता नहीं चलेगा क्योंकि उनकी आखों पर इटली का चश्मा लगा हुआ है. सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना करती थी और अंत भी पकिस्तान की ही सेना करती थी, आज भी सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना ही करती है लेकिन उसे खत्म भारतीय सेना करती है.
शाह ने कहा कि आज हमारे जवानों को दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दिल्ली से ऑर्डर लेने की जरूरत नहीं पड़ती, आज सीमा पर गोली का जवाब गोले से दिया जाता है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और बाकी पार्टियों के चुनाव जीतने का तरीका अलग है. भाजपा विचारधारा के आधार पर एक निश्चित लक्ष्य लेकर चलने वाली पार्टी है.
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने लक्ष्य के साथ हम पूरे देश की जनता को जोड़ नहीं पाते तो हम अकेले अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते. भारतीय जनता पार्टी अपने बूथ कार्यकर्ता के बगैर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, यह हमारी कार्यसंस्कृति है, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए बूथ की जो रचना की गई है, उसे जनसंघ से लेकर आजतक हमने बहुत महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्य के साथ जोड़ने के लिए भी संगठन की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है. भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को भी बड़े मौके मिलते रहते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शाह ने देश में पंचायत से संसद तक बदलाव लाने के लिए प्रधानमंत्री को 15 वर्ष देने की अपील की. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी घूम-घूमकर कहते हैं कि इन ढाई वर्षों में क्या फर्क पड़ा है. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हमने तो सबसे पहला काम यह किया है कि देश को बोलने वाला प्रधानमंत्री दिया है. हमने केंद्र में एक ऐसी पारदर्शी सरकार दी है जिसपर इन ढाई वर्षों में विरोधी भी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सके हैं.
बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार ने 10 वर्षों में एक के बाद एक घोटाले किये, अंतरिक्ष से लेकर पाताल तक 12 लाख करोड़ रुपये के घपले-घोटाले किये और राहुलजी पूछते हैं कि फर्क क्या आया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवाद, भ्रष्टाचार, जाली करेंसी और जाली नोटों पर मोदी सरकार के कड़े प्रहार का विरोध करके सपा, बसपा, ममता, कांग्रेस और केजरीवाल ने अपने-आपको देश की जनता के सामने एक्सपोज कर दिया है. यह फैसला देशहित में लिया गया है जिसका फायदा आने वाले समय में देश के गरीबों को ही सबसे ज्यादा मिलने वाला है.
शाह ने कहा कि 7 नवंबर तक विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री मोदी पर कालेधन पर कार्रवाई को लेकर हाय-तौबा मचा रही थी, 8 नवंबर को कालेधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कठोर कार्रवाई करने के बाद अब उन्होंने उल्टी हाय-तौबा मचा रखी है कि नोटबंदी क्यों कर दी? उन्होंने कहा, ‘मैं बताना चाहता हूं कि इस एक फैसले से आतंकवादी, नक्सलवादी, जाली नोट और नशे के कारोबारी निर्धन हो गए हैं, देश के अर्थतंत्र को खोखला करने वालों के पास पड़ा हुआ धन रद्दी में तब्दील हो गया है.
शाह ने कहा कि काला धन नासूर बनकर देश के अर्थतंत्र का खून चूस रहा था, हमने उसे एक ही झटके में समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी काले-धन पर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, हमें राहुल बाबा पर तो कोई आश्चर्य नहीं हो रहा है, उनके सलाहकारों पर जरूर तरस आ रहा है. उन्होंने कहा कि हमने 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले वादा किया था कि यदि देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है और नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो हम इस देश की सीमाओं को सुरक्षित करने का काम करेंगें.
उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन सरकार के 10 वर्षों में कोई भी हमारी सीमाओं का अपमान करके चला जाता था, हमारे जवानों का अपमान करता था, सीमा पर शहीदों के सिर काट लिए जाते थे और दिल्ली के हुक्मरानों के जूं तक नहीं रेंगती थी. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को फर्क पता नहीं चलेगा क्योंकि उनकी आखों पर इटली का चश्मा लगा हुआ है. सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना करती थी और अंत भी पकिस्तान की ही सेना करती थी, आज भी सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना ही करती है लेकिन उसे खत्म भारतीय सेना करती है.
शाह ने कहा कि आज हमारे जवानों को दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दिल्ली से ऑर्डर लेने की जरूरत नहीं पड़ती, आज सीमा पर गोली का जवाब गोले से दिया जाता है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और बाकी पार्टियों के चुनाव जीतने का तरीका अलग है. भाजपा विचारधारा के आधार पर एक निश्चित लक्ष्य लेकर चलने वाली पार्टी है.
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने लक्ष्य के साथ हम पूरे देश की जनता को जोड़ नहीं पाते तो हम अकेले अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते. भारतीय जनता पार्टी अपने बूथ कार्यकर्ता के बगैर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, यह हमारी कार्यसंस्कृति है, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए बूथ की जो रचना की गई है, उसे जनसंघ से लेकर आजतक हमने बहुत महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्य के साथ जोड़ने के लिए भी संगठन की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है. भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को भी बड़े मौके मिलते रहते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार ने 10 वर्षों में एक के बाद एक घोटाले किये, अंतरिक्ष से लेकर पाताल तक 12 लाख करोड़ रुपये के घपले-घोटाले किये और राहुलजी पूछते हैं कि फर्क क्या आया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवाद, भ्रष्टाचार, जाली करेंसी और जाली नोटों पर मोदी सरकार के कड़े प्रहार का विरोध करके सपा, बसपा, ममता, कांग्रेस और केजरीवाल ने अपने-आपको देश की जनता के सामने एक्सपोज कर दिया है. यह फैसला देशहित में लिया गया है जिसका फायदा आने वाले समय में देश के गरीबों को ही सबसे ज्यादा मिलने वाला है.
शाह ने कहा कि 7 नवंबर तक विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री मोदी पर कालेधन पर कार्रवाई को लेकर हाय-तौबा मचा रही थी, 8 नवंबर को कालेधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कठोर कार्रवाई करने के बाद अब उन्होंने उल्टी हाय-तौबा मचा रखी है कि नोटबंदी क्यों कर दी? उन्होंने कहा, ‘मैं बताना चाहता हूं कि इस एक फैसले से आतंकवादी, नक्सलवादी, जाली नोट और नशे के कारोबारी निर्धन हो गए हैं, देश के अर्थतंत्र को खोखला करने वालों के पास पड़ा हुआ धन रद्दी में तब्दील हो गया है.
शाह ने कहा कि काला धन नासूर बनकर देश के अर्थतंत्र का खून चूस रहा था, हमने उसे एक ही झटके में समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी काले-धन पर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, हमें राहुल बाबा पर तो कोई आश्चर्य नहीं हो रहा है, उनके सलाहकारों पर जरूर तरस आ रहा है. उन्होंने कहा कि हमने 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले वादा किया था कि यदि देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है और नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो हम इस देश की सीमाओं को सुरक्षित करने का काम करेंगें.
उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन सरकार के 10 वर्षों में कोई भी हमारी सीमाओं का अपमान करके चला जाता था, हमारे जवानों का अपमान करता था, सीमा पर शहीदों के सिर काट लिए जाते थे और दिल्ली के हुक्मरानों के जूं तक नहीं रेंगती थी. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को फर्क पता नहीं चलेगा क्योंकि उनकी आखों पर इटली का चश्मा लगा हुआ है. सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना करती थी और अंत भी पकिस्तान की ही सेना करती थी, आज भी सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना ही करती है लेकिन उसे खत्म भारतीय सेना करती है.
शाह ने कहा कि आज हमारे जवानों को दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दिल्ली से ऑर्डर लेने की जरूरत नहीं पड़ती, आज सीमा पर गोली का जवाब गोले से दिया जाता है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और बाकी पार्टियों के चुनाव जीतने का तरीका अलग है. भाजपा विचारधारा के आधार पर एक निश्चित लक्ष्य लेकर चलने वाली पार्टी है.
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने लक्ष्य के साथ हम पूरे देश की जनता को जोड़ नहीं पाते तो हम अकेले अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते. भारतीय जनता पार्टी अपने बूथ कार्यकर्ता के बगैर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, यह हमारी कार्यसंस्कृति है, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए बूथ की जो रचना की गई है, उसे जनसंघ से लेकर आजतक हमने बहुत महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्य के साथ जोड़ने के लिए भी संगठन की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है. भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को भी बड़े मौके मिलते रहते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शाह ने कहा कि 7 नवंबर तक विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री मोदी पर कालेधन पर कार्रवाई को लेकर हाय-तौबा मचा रही थी, 8 नवंबर को कालेधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कठोर कार्रवाई करने के बाद अब उन्होंने उल्टी हाय-तौबा मचा रखी है कि नोटबंदी क्यों कर दी? उन्होंने कहा, ‘मैं बताना चाहता हूं कि इस एक फैसले से आतंकवादी, नक्सलवादी, जाली नोट और नशे के कारोबारी निर्धन हो गए हैं, देश के अर्थतंत्र को खोखला करने वालों के पास पड़ा हुआ धन रद्दी में तब्दील हो गया है.
शाह ने कहा कि काला धन नासूर बनकर देश के अर्थतंत्र का खून चूस रहा था, हमने उसे एक ही झटके में समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी काले-धन पर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, हमें राहुल बाबा पर तो कोई आश्चर्य नहीं हो रहा है, उनके सलाहकारों पर जरूर तरस आ रहा है. उन्होंने कहा कि हमने 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले वादा किया था कि यदि देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है और नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो हम इस देश की सीमाओं को सुरक्षित करने का काम करेंगें.
उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन सरकार के 10 वर्षों में कोई भी हमारी सीमाओं का अपमान करके चला जाता था, हमारे जवानों का अपमान करता था, सीमा पर शहीदों के सिर काट लिए जाते थे और दिल्ली के हुक्मरानों के जूं तक नहीं रेंगती थी. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को फर्क पता नहीं चलेगा क्योंकि उनकी आखों पर इटली का चश्मा लगा हुआ है. सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना करती थी और अंत भी पकिस्तान की ही सेना करती थी, आज भी सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना ही करती है लेकिन उसे खत्म भारतीय सेना करती है.
शाह ने कहा कि आज हमारे जवानों को दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दिल्ली से ऑर्डर लेने की जरूरत नहीं पड़ती, आज सीमा पर गोली का जवाब गोले से दिया जाता है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और बाकी पार्टियों के चुनाव जीतने का तरीका अलग है. भाजपा विचारधारा के आधार पर एक निश्चित लक्ष्य लेकर चलने वाली पार्टी है.
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने लक्ष्य के साथ हम पूरे देश की जनता को जोड़ नहीं पाते तो हम अकेले अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते. भारतीय जनता पार्टी अपने बूथ कार्यकर्ता के बगैर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, यह हमारी कार्यसंस्कृति है, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए बूथ की जो रचना की गई है, उसे जनसंघ से लेकर आजतक हमने बहुत महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्य के साथ जोड़ने के लिए भी संगठन की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है. भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को भी बड़े मौके मिलते रहते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शाह ने कहा कि काला धन नासूर बनकर देश के अर्थतंत्र का खून चूस रहा था, हमने उसे एक ही झटके में समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी काले-धन पर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, हमें राहुल बाबा पर तो कोई आश्चर्य नहीं हो रहा है, उनके सलाहकारों पर जरूर तरस आ रहा है. उन्होंने कहा कि हमने 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले वादा किया था कि यदि देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है और नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो हम इस देश की सीमाओं को सुरक्षित करने का काम करेंगें.
उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन सरकार के 10 वर्षों में कोई भी हमारी सीमाओं का अपमान करके चला जाता था, हमारे जवानों का अपमान करता था, सीमा पर शहीदों के सिर काट लिए जाते थे और दिल्ली के हुक्मरानों के जूं तक नहीं रेंगती थी. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को फर्क पता नहीं चलेगा क्योंकि उनकी आखों पर इटली का चश्मा लगा हुआ है. सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना करती थी और अंत भी पकिस्तान की ही सेना करती थी, आज भी सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना ही करती है लेकिन उसे खत्म भारतीय सेना करती है.
शाह ने कहा कि आज हमारे जवानों को दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दिल्ली से ऑर्डर लेने की जरूरत नहीं पड़ती, आज सीमा पर गोली का जवाब गोले से दिया जाता है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और बाकी पार्टियों के चुनाव जीतने का तरीका अलग है. भाजपा विचारधारा के आधार पर एक निश्चित लक्ष्य लेकर चलने वाली पार्टी है.
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने लक्ष्य के साथ हम पूरे देश की जनता को जोड़ नहीं पाते तो हम अकेले अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते. भारतीय जनता पार्टी अपने बूथ कार्यकर्ता के बगैर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, यह हमारी कार्यसंस्कृति है, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए बूथ की जो रचना की गई है, उसे जनसंघ से लेकर आजतक हमने बहुत महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्य के साथ जोड़ने के लिए भी संगठन की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है. भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को भी बड़े मौके मिलते रहते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन सरकार के 10 वर्षों में कोई भी हमारी सीमाओं का अपमान करके चला जाता था, हमारे जवानों का अपमान करता था, सीमा पर शहीदों के सिर काट लिए जाते थे और दिल्ली के हुक्मरानों के जूं तक नहीं रेंगती थी. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को फर्क पता नहीं चलेगा क्योंकि उनकी आखों पर इटली का चश्मा लगा हुआ है. सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना करती थी और अंत भी पकिस्तान की ही सेना करती थी, आज भी सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्तान की सेना ही करती है लेकिन उसे खत्म भारतीय सेना करती है.
शाह ने कहा कि आज हमारे जवानों को दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दिल्ली से ऑर्डर लेने की जरूरत नहीं पड़ती, आज सीमा पर गोली का जवाब गोले से दिया जाता है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और बाकी पार्टियों के चुनाव जीतने का तरीका अलग है. भाजपा विचारधारा के आधार पर एक निश्चित लक्ष्य लेकर चलने वाली पार्टी है.
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने लक्ष्य के साथ हम पूरे देश की जनता को जोड़ नहीं पाते तो हम अकेले अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते. भारतीय जनता पार्टी अपने बूथ कार्यकर्ता के बगैर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, यह हमारी कार्यसंस्कृति है, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए बूथ की जो रचना की गई है, उसे जनसंघ से लेकर आजतक हमने बहुत महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्य के साथ जोड़ने के लिए भी संगठन की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है. भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को भी बड़े मौके मिलते रहते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शाह ने कहा कि आज हमारे जवानों को दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दिल्ली से ऑर्डर लेने की जरूरत नहीं पड़ती, आज सीमा पर गोली का जवाब गोले से दिया जाता है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और बाकी पार्टियों के चुनाव जीतने का तरीका अलग है. भाजपा विचारधारा के आधार पर एक निश्चित लक्ष्य लेकर चलने वाली पार्टी है.
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने लक्ष्य के साथ हम पूरे देश की जनता को जोड़ नहीं पाते तो हम अकेले अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते. भारतीय जनता पार्टी अपने बूथ कार्यकर्ता के बगैर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, यह हमारी कार्यसंस्कृति है, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए बूथ की जो रचना की गई है, उसे जनसंघ से लेकर आजतक हमने बहुत महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्य के साथ जोड़ने के लिए भी संगठन की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है. भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को भी बड़े मौके मिलते रहते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने लक्ष्य के साथ हम पूरे देश की जनता को जोड़ नहीं पाते तो हम अकेले अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते. भारतीय जनता पार्टी अपने बूथ कार्यकर्ता के बगैर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, यह हमारी कार्यसंस्कृति है, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए बूथ की जो रचना की गई है, उसे जनसंघ से लेकर आजतक हमने बहुत महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्य के साथ जोड़ने के लिए भी संगठन की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है. भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को भी बड़े मौके मिलते रहते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में कोई दूसरी पार्टी है जहां इतने गरीब घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति संगठन में काम करते-करते देश का प्रधानमंत्री बन सके, ऐसा बनने के लिए आपको एक निश्चित राजघराने में जन्म लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कई पार्टियों में पहले ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा. कांग्रेस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह सबको पता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, क्या यह किसी को पता है?टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमित शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसका बूथ स्तर का एक अदना सा कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है. चुनाव में हार-जीत भाजपा के लिए कोई मायने नहीं रखती लेकिन यदि हमारा संगठन मजबूत बनता है तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि 30 साल बाद पहली बार देश की जनता ने एक निर्णायक फैसला किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि किसी गैर-कांग्रेसी दल को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देने का काम किया तो वह भारतीय जनता पार्टी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: 'हमने ऐसी सरकार दी है जिसपर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा'
'एक फैसले से आतंकवादी, जाली नोट और नशे के कारोबारी निर्धन हो गए'
'काला धन नासूर बनकर देश के अर्थतंत्र का खून चूस रहा था' | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मंगलवार को हत्या के एक मुकदमे की तारीख पर अदालत जा रहे चार लोगों में दो को विरोधी पक्ष के लोगों ने कार के अंदर जिंदा जला दिया, जबकि एक की गोली मारकर हत्या कर दी। एक अन्य ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
यह घटना शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की है, जहां कार सवार शशि की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि रमेश व रवि को कार के अंदर जिंदा जला दिया गया। इन तीनों के साथ मौजूद श्रीपाल किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा।
जिले की पुलिस अधीक्षक अपर्णा एचएस ने बताया कि शशि कार में सवार होकर रमेश, रवि और श्रीपाल के साथ मैनपुरी जिला अदालत जा रहा था, जहां हत्या के मुकदमे में उनकी तारीख लगी थी। रास्ते में उन्हीं के गांव के लक्खी और योगेश ने साथियों के साथ मिलकर उनकी कार रूकवा दी। कार के रूकते ही उन्होंने शशि को गोली मार दी और रमेश और रवि को कार के अंदर ही जिंदा जला दिया।टिप्पणियां
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पारिवारिक रंजिश की बात सामने आई है। शशि के पक्ष ने पूर्व में लक्खी के पक्ष के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। उसी हत्याकांड के मामले में शशि मंगलवार को अदालत जा रहा था।
अपर्णा ने कहा कि इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है।
यह घटना शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की है, जहां कार सवार शशि की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि रमेश व रवि को कार के अंदर जिंदा जला दिया गया। इन तीनों के साथ मौजूद श्रीपाल किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा।
जिले की पुलिस अधीक्षक अपर्णा एचएस ने बताया कि शशि कार में सवार होकर रमेश, रवि और श्रीपाल के साथ मैनपुरी जिला अदालत जा रहा था, जहां हत्या के मुकदमे में उनकी तारीख लगी थी। रास्ते में उन्हीं के गांव के लक्खी और योगेश ने साथियों के साथ मिलकर उनकी कार रूकवा दी। कार के रूकते ही उन्होंने शशि को गोली मार दी और रमेश और रवि को कार के अंदर ही जिंदा जला दिया।टिप्पणियां
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पारिवारिक रंजिश की बात सामने आई है। शशि के पक्ष ने पूर्व में लक्खी के पक्ष के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। उसी हत्याकांड के मामले में शशि मंगलवार को अदालत जा रहा था।
अपर्णा ने कहा कि इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है।
जिले की पुलिस अधीक्षक अपर्णा एचएस ने बताया कि शशि कार में सवार होकर रमेश, रवि और श्रीपाल के साथ मैनपुरी जिला अदालत जा रहा था, जहां हत्या के मुकदमे में उनकी तारीख लगी थी। रास्ते में उन्हीं के गांव के लक्खी और योगेश ने साथियों के साथ मिलकर उनकी कार रूकवा दी। कार के रूकते ही उन्होंने शशि को गोली मार दी और रमेश और रवि को कार के अंदर ही जिंदा जला दिया।टिप्पणियां
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पारिवारिक रंजिश की बात सामने आई है। शशि के पक्ष ने पूर्व में लक्खी के पक्ष के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। उसी हत्याकांड के मामले में शशि मंगलवार को अदालत जा रहा था।
अपर्णा ने कहा कि इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पारिवारिक रंजिश की बात सामने आई है। शशि के पक्ष ने पूर्व में लक्खी के पक्ष के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। उसी हत्याकांड के मामले में शशि मंगलवार को अदालत जा रहा था।
अपर्णा ने कहा कि इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है।
अपर्णा ने कहा कि इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मंगलवार को हत्या के एक मुकदमे की तारीख पर अदालत जा रहे चार लोगों में दो को विरोधी पक्ष के लोगों ने कार के अंदर जिंदा जला दिया, जबकि एक की गोली मारकर हत्या कर दी। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इस बीच, अन्ना के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे डॉक्टरों की टीम की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक उनका रक्तचाप बढ़कर 140/80 हो गया है, जबकि पल्स रेट 82 है। उनका वजन 200 ग्राम और घट गया है, जबकि शुगर का स्तर 106 है। भूखे रहने के कारण शरीर में पैदा होने वाले कीटोन कणों में भी वृद्धि हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि कीटोन के स्तर में वृद्धि से लिवर और गुर्दे प्रभावित हो सकते हैं। इस बारे में अन्ना के सहयोगी मनीष सिसौदिया ने कहा कि डॉक्टरों ने अन्ना के रक्त के नमूने लिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ भी कहा जा सकता है। मंगलवार तक अन्ना का वजन 5.5 किलोग्राम कम हुआ था। इससे पहले अन्ना ने एक बार फिर ड्रिप लगवाने से इनकार कर दिया। अन्ना के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉ नरेश त्रेहन ने बुधवार सुबह कहा कि उन्होंने अन्ना के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनके सामने अस्पताल में दाखिल होने का सुझाव रखा था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया है। अन्ना ने ड्रिप लगवाने से भी मना कर दिया है। त्रेहन ने बताया कि अन्ना के स्वास्थ्य की जांच की गई हैं। इन जांचों की रिपोर्ट दोपहर तक आएगी, इसके बाद ही बताया जा सकेगा कि उनका स्वास्थ्य कैसा है। इस बीच अन्ना से ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और आराम करने के लिए कहा गया है। | यह एक सारांश है: अन्ना के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे डॉक्टरों की टीम की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक उनका रक्तचाप बढ़कर 140/80 हो गया है। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने मंगलवार को स्पिन गेंदबाजी को अपनी कमजोरी मानने से इनकार किया और कहा कि शुक्रवार से शुरू होने वाली चार टेस्ट मैचों की सीरीज में उनके खिलाड़ी भारत के स्पिनरों से खौफजदा नहीं हैं।
ऑस्ट्रेलिया के अभ्यास सत्र के बाद संवाददाता सम्मेलन में क्लार्क ने कहा कि उनके पास ऐसी टीम है जो भारत में जीत दर्ज कर सकती है। क्लार्क ने कहा, ‘‘हमें जिन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना है हम वास्तव में उनसे खौफजदा नहीं हैं। हम जिस गेंद का भी सामना करेंगे हमें उस पर सफलता हासिल करनी होगी। हमारी टीम बहुत अच्छी है और हमारे पास स्पिन गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में ढेर सारे विकल्प हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हमें इस पर अधिक देना चाहिए कि भारत कैसे खेलेगा और किस तरह की परिस्थितियां उन्हें रास आएंगी। भारतीय परिस्थितियों में पिच पुरानी होने के साथ गेंद स्पिन करती है और साथी उससे वैरीएशन और उछाल मिलती है। मैं समझता हूं कि रिवर्स स्विंग भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। लेकिन जैसे मैंने कहा था कि हम भारत में अच्छा प्रदर्शन करने का माद्दा रखते हैं।’’
क्लार्क ने भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की इस टिप्पणी को खास तवज्जो नहीं दी कि भारत हाल के खराब प्रदर्शनों को पीछे छोड़कर इस सीरीज में 4-0 से जीत दर्ज करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है और हमने दुनिया की नंबर एक टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। हमने हाल की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को हराया था। खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हैं और चुनौती के लिये तैयार हैं।’’
हरभजन की टिप्पणी पर क्लार्क ने कहा, ‘‘उसकी टीम में वापसी देखकर अच्छा लगा। वह शानदार खिलाड़ी और कभी हार नहीं मानने वाला क्रिकेटर है। उसे किसी भी प्रतिद्वंद्वी विशेषकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनौती पसंद है। मैं समझता हूं कि वह बहुत अच्छा गेंदबाज है और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अच्छा खेलना होगा कि वह सीरीज में ज्यादा प्रभाव नहीं डाले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सीरीज के परिणाम की बात है तो मैं अभी पहले टेस्ट मैच पर ध्यान दे रहा हूं और एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहूंगा।’’
अभ्यास मैचों में अपने बल्लेबाजों के स्पिनरों के सामने नाकामी के बारे में क्लार्क ने कहा कि धीमी गति के गेंदबाजों को अधिक विकेट इसलिए मिले क्योंकि उन्होंने अधिक ओवर किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
ऑस्ट्रेलिया के अभ्यास सत्र के बाद संवाददाता सम्मेलन में क्लार्क ने कहा कि उनके पास ऐसी टीम है जो भारत में जीत दर्ज कर सकती है। क्लार्क ने कहा, ‘‘हमें जिन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना है हम वास्तव में उनसे खौफजदा नहीं हैं। हम जिस गेंद का भी सामना करेंगे हमें उस पर सफलता हासिल करनी होगी। हमारी टीम बहुत अच्छी है और हमारे पास स्पिन गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में ढेर सारे विकल्प हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हमें इस पर अधिक देना चाहिए कि भारत कैसे खेलेगा और किस तरह की परिस्थितियां उन्हें रास आएंगी। भारतीय परिस्थितियों में पिच पुरानी होने के साथ गेंद स्पिन करती है और साथी उससे वैरीएशन और उछाल मिलती है। मैं समझता हूं कि रिवर्स स्विंग भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। लेकिन जैसे मैंने कहा था कि हम भारत में अच्छा प्रदर्शन करने का माद्दा रखते हैं।’’
क्लार्क ने भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की इस टिप्पणी को खास तवज्जो नहीं दी कि भारत हाल के खराब प्रदर्शनों को पीछे छोड़कर इस सीरीज में 4-0 से जीत दर्ज करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है और हमने दुनिया की नंबर एक टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। हमने हाल की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को हराया था। खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हैं और चुनौती के लिये तैयार हैं।’’
हरभजन की टिप्पणी पर क्लार्क ने कहा, ‘‘उसकी टीम में वापसी देखकर अच्छा लगा। वह शानदार खिलाड़ी और कभी हार नहीं मानने वाला क्रिकेटर है। उसे किसी भी प्रतिद्वंद्वी विशेषकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनौती पसंद है। मैं समझता हूं कि वह बहुत अच्छा गेंदबाज है और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अच्छा खेलना होगा कि वह सीरीज में ज्यादा प्रभाव नहीं डाले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सीरीज के परिणाम की बात है तो मैं अभी पहले टेस्ट मैच पर ध्यान दे रहा हूं और एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहूंगा।’’
अभ्यास मैचों में अपने बल्लेबाजों के स्पिनरों के सामने नाकामी के बारे में क्लार्क ने कहा कि धीमी गति के गेंदबाजों को अधिक विकेट इसलिए मिले क्योंकि उन्होंने अधिक ओवर किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हमें इस पर अधिक देना चाहिए कि भारत कैसे खेलेगा और किस तरह की परिस्थितियां उन्हें रास आएंगी। भारतीय परिस्थितियों में पिच पुरानी होने के साथ गेंद स्पिन करती है और साथी उससे वैरीएशन और उछाल मिलती है। मैं समझता हूं कि रिवर्स स्विंग भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। लेकिन जैसे मैंने कहा था कि हम भारत में अच्छा प्रदर्शन करने का माद्दा रखते हैं।’’
क्लार्क ने भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की इस टिप्पणी को खास तवज्जो नहीं दी कि भारत हाल के खराब प्रदर्शनों को पीछे छोड़कर इस सीरीज में 4-0 से जीत दर्ज करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है और हमने दुनिया की नंबर एक टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। हमने हाल की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को हराया था। खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हैं और चुनौती के लिये तैयार हैं।’’
हरभजन की टिप्पणी पर क्लार्क ने कहा, ‘‘उसकी टीम में वापसी देखकर अच्छा लगा। वह शानदार खिलाड़ी और कभी हार नहीं मानने वाला क्रिकेटर है। उसे किसी भी प्रतिद्वंद्वी विशेषकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनौती पसंद है। मैं समझता हूं कि वह बहुत अच्छा गेंदबाज है और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अच्छा खेलना होगा कि वह सीरीज में ज्यादा प्रभाव नहीं डाले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सीरीज के परिणाम की बात है तो मैं अभी पहले टेस्ट मैच पर ध्यान दे रहा हूं और एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहूंगा।’’
अभ्यास मैचों में अपने बल्लेबाजों के स्पिनरों के सामने नाकामी के बारे में क्लार्क ने कहा कि धीमी गति के गेंदबाजों को अधिक विकेट इसलिए मिले क्योंकि उन्होंने अधिक ओवर किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
क्लार्क ने भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की इस टिप्पणी को खास तवज्जो नहीं दी कि भारत हाल के खराब प्रदर्शनों को पीछे छोड़कर इस सीरीज में 4-0 से जीत दर्ज करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है और हमने दुनिया की नंबर एक टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। हमने हाल की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को हराया था। खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हैं और चुनौती के लिये तैयार हैं।’’
हरभजन की टिप्पणी पर क्लार्क ने कहा, ‘‘उसकी टीम में वापसी देखकर अच्छा लगा। वह शानदार खिलाड़ी और कभी हार नहीं मानने वाला क्रिकेटर है। उसे किसी भी प्रतिद्वंद्वी विशेषकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनौती पसंद है। मैं समझता हूं कि वह बहुत अच्छा गेंदबाज है और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अच्छा खेलना होगा कि वह सीरीज में ज्यादा प्रभाव नहीं डाले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सीरीज के परिणाम की बात है तो मैं अभी पहले टेस्ट मैच पर ध्यान दे रहा हूं और एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहूंगा।’’
अभ्यास मैचों में अपने बल्लेबाजों के स्पिनरों के सामने नाकामी के बारे में क्लार्क ने कहा कि धीमी गति के गेंदबाजों को अधिक विकेट इसलिए मिले क्योंकि उन्होंने अधिक ओवर किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है और हमने दुनिया की नंबर एक टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। हमने हाल की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को हराया था। खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हैं और चुनौती के लिये तैयार हैं।’’
हरभजन की टिप्पणी पर क्लार्क ने कहा, ‘‘उसकी टीम में वापसी देखकर अच्छा लगा। वह शानदार खिलाड़ी और कभी हार नहीं मानने वाला क्रिकेटर है। उसे किसी भी प्रतिद्वंद्वी विशेषकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनौती पसंद है। मैं समझता हूं कि वह बहुत अच्छा गेंदबाज है और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अच्छा खेलना होगा कि वह सीरीज में ज्यादा प्रभाव नहीं डाले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सीरीज के परिणाम की बात है तो मैं अभी पहले टेस्ट मैच पर ध्यान दे रहा हूं और एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहूंगा।’’
अभ्यास मैचों में अपने बल्लेबाजों के स्पिनरों के सामने नाकामी के बारे में क्लार्क ने कहा कि धीमी गति के गेंदबाजों को अधिक विकेट इसलिए मिले क्योंकि उन्होंने अधिक ओवर किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
हरभजन की टिप्पणी पर क्लार्क ने कहा, ‘‘उसकी टीम में वापसी देखकर अच्छा लगा। वह शानदार खिलाड़ी और कभी हार नहीं मानने वाला क्रिकेटर है। उसे किसी भी प्रतिद्वंद्वी विशेषकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनौती पसंद है। मैं समझता हूं कि वह बहुत अच्छा गेंदबाज है और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अच्छा खेलना होगा कि वह सीरीज में ज्यादा प्रभाव नहीं डाले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सीरीज के परिणाम की बात है तो मैं अभी पहले टेस्ट मैच पर ध्यान दे रहा हूं और एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहूंगा।’’
अभ्यास मैचों में अपने बल्लेबाजों के स्पिनरों के सामने नाकामी के बारे में क्लार्क ने कहा कि धीमी गति के गेंदबाजों को अधिक विकेट इसलिए मिले क्योंकि उन्होंने अधिक ओवर किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सीरीज के परिणाम की बात है तो मैं अभी पहले टेस्ट मैच पर ध्यान दे रहा हूं और एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहूंगा।’’
अभ्यास मैचों में अपने बल्लेबाजों के स्पिनरों के सामने नाकामी के बारे में क्लार्क ने कहा कि धीमी गति के गेंदबाजों को अधिक विकेट इसलिए मिले क्योंकि उन्होंने अधिक ओवर किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
अभ्यास मैचों में अपने बल्लेबाजों के स्पिनरों के सामने नाकामी के बारे में क्लार्क ने कहा कि धीमी गति के गेंदबाजों को अधिक विकेट इसलिए मिले क्योंकि उन्होंने अधिक ओवर किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार कोई गेंदबाज आपको आउट करेगा। यदि कोई अधिक ओवर करेगा तो उसे अधिक विकेट भी मिलेंगे। स्पिनरों ने अधिक ओवर किए और इसलिए उन्हें अधिक विकेट मिले। इसके अलावा टेस्ट मैचों में अभ्यास मैचों की तुलना में परिस्थितियां भिन्न होंगी।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘लेकिन यह ऐसा विभाग है जिसमें हमें सुधार जारी रखना होगा। भारत के खिलाफ चारों टेस्ट मैचों में हमें काफी स्पिन का सामना करना होगा। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारियां की है।’’ उन्होंने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि रिकी पोंटिंग और माइकल हसी की अनुपस्थिति में उनकी टीम को भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ सकता है।टिप्पणियां
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
क्लार्क ने कहा, ‘‘इसमें संदेह नहीं कि यह चुनौती है लेकिन मैं नहीं समझता कि रिकी और हसी के यहां नहीं होने से यह चुनौती बड़ी बन गई है। यह टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तैयारी की। मैं शत प्रतिशत फिट हूं और मैं सीरीज में रन बनाने और आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिये तैयार हूं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’
इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछने पर क्लार्क ने कहा, ‘‘सचिन ने हाल में शतक लगाया था इसलिए मुझे लगता है कि वह शानदार फार्म में हैं। भारत के लिए वह बहुत बड़ा खिलाड़ी है और हम उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश करेंगे क्योंकि वह जानता है कि कैसे ढेरों रन और बड़े शतक बनाए जाते हैं।’’ | संक्षिप्त सारांश: क्लार्क ने कहा, ‘‘हमें जिन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना है हम वास्तव में उनसे खौफजदा नहीं हैं। हम जिस गेंद का भी सामना करेंगे हमें उस पर सफलता हासिल करनी होगी। हमारी टीम बहुत अच्छी है और हमारे पास स्पिन गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में ढेर सारे विकल्प | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाले मतदान से एक दिन पहले यूपीए के शक्ति प्रदर्शन के रूप में सोनिया गांधी द्वारा बुधवार को आयोजित भोज में तृणमूल कांग्रेस सहित सभी घटक दलों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा यूपीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन की घोषणा करने के बाद पार्टी के नेता केडी सिंह और सुखेंदु शेखर रॉय ने राष्ट्रीय राजधानी के अशोक होटल में आयोजित भोज में हिस्सा लिया।
यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं ने भी भोज में हिस्सा लिया। ये दोनों पार्टियां मुखर्जी का समर्थन कर रही हैं।टिप्पणियां
सोनिया गांधी गुरुवार को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कोई खतरा उठाने के मूड में नहीं हैं और इसी मकसद से उन्होंने नई दिल्ली के अशोका होटल में यूपीए और अन्य दलों के सांसदों के साथ लंच आयोजित किया।
हालांकि इस चुनाव में गणित यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के पक्ष में साफ दिखाई दे रहा है, इसके बावजूद सोनिया गांधी की सक्रियता से लग रहा है कि कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा यूपीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन की घोषणा करने के बाद पार्टी के नेता केडी सिंह और सुखेंदु शेखर रॉय ने राष्ट्रीय राजधानी के अशोक होटल में आयोजित भोज में हिस्सा लिया।
यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं ने भी भोज में हिस्सा लिया। ये दोनों पार्टियां मुखर्जी का समर्थन कर रही हैं।टिप्पणियां
सोनिया गांधी गुरुवार को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कोई खतरा उठाने के मूड में नहीं हैं और इसी मकसद से उन्होंने नई दिल्ली के अशोका होटल में यूपीए और अन्य दलों के सांसदों के साथ लंच आयोजित किया।
हालांकि इस चुनाव में गणित यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के पक्ष में साफ दिखाई दे रहा है, इसके बावजूद सोनिया गांधी की सक्रियता से लग रहा है कि कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं ने भी भोज में हिस्सा लिया। ये दोनों पार्टियां मुखर्जी का समर्थन कर रही हैं।टिप्पणियां
सोनिया गांधी गुरुवार को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कोई खतरा उठाने के मूड में नहीं हैं और इसी मकसद से उन्होंने नई दिल्ली के अशोका होटल में यूपीए और अन्य दलों के सांसदों के साथ लंच आयोजित किया।
हालांकि इस चुनाव में गणित यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के पक्ष में साफ दिखाई दे रहा है, इसके बावजूद सोनिया गांधी की सक्रियता से लग रहा है कि कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
सोनिया गांधी गुरुवार को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कोई खतरा उठाने के मूड में नहीं हैं और इसी मकसद से उन्होंने नई दिल्ली के अशोका होटल में यूपीए और अन्य दलों के सांसदों के साथ लंच आयोजित किया।
हालांकि इस चुनाव में गणित यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के पक्ष में साफ दिखाई दे रहा है, इसके बावजूद सोनिया गांधी की सक्रियता से लग रहा है कि कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
हालांकि इस चुनाव में गणित यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के पक्ष में साफ दिखाई दे रहा है, इसके बावजूद सोनिया गांधी की सक्रियता से लग रहा है कि कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। | सारांश: पहले ममता बनर्जी ने लंच में शामिल नहीं होने का फैसला किया था, लेकिन प्रणब मुखर्जी के पक्ष में वोट डालने का ऐलान करने के बाद उन्होंने आज के लंच में अपना प्रतिनिधि भेजने का फैसला किया है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीसीसीआई की स्पेशल जनरल मीटिंग में रविवार को ये साफ़ हो जाएगा कि बीसीसीआई आईसीसी के नए रिवेन्यू मॉडल के खिलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेगा या फिर एक सुलह की ओर बढ़ेगा. बीसीसीआई सदस्यों से इस अहम मुद्दे पर उनकी राय लेने के बाद चैंपियन्स ट्रॉफ़ी के लिए भारतीय टीम के चयन करने की बात है, लेकिन ये सब किस तरह और कैसे होगा ये मीटिंग के बाद ही साफ़ हो सकेगा. वैसे बीसीसीआई के कुछ सूत्रों की मानें तो कुछ सदस्य चैंपियन्स ट्रॉफ़ी से पुल आउट के पक्ष में नहीं हैं. 2014 में हुए MPA यानि मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के अनुसार अगर भारत इसके खिलाफ़ जाता है तो उस पर क़रीब 2000 करोड़ रुपए का जुर्माना लग सकता है.
वहीं एक दूसरे धड़े के मुताबिक बीसीसीआई के पास यही मौक़ा है कि वो अपनी लड़ाई लड़ सके क्योंकि 20 जून के बाद नया क़ानून और संविधान आ जाएगा जिसके बाद ये मुमकिन नहीं हो सकेगा और अहम बात ये कि बीसीसीआई का मानना है कि 2014 में हुए MPA के नियमों को आईसीसी ने ताक़ पर रख दिया है जिसके चलते सवाल आईसीसी को देना है ना कि बीसीसीआई को
गौरतलब है कि ख़बरों के मुताबिक 23 बीसीसीआई सदस्यों ने आईसीसी के खिलाफ़ लीगल नोटिस भेजे जाने का समर्थन किया है..लेकिन क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित CoA ने बीसीसीआई को ऐसा करने से मना किया था..इसलिए फ़िलहाल नोटिस नहीं भेजा गया है और SGM में इस पर भी बात की जाएगी..
वैसे आपको ये भी बता दें कि इससे पहले इसके लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमिटी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटर्स ने बीसीसीआई को निर्देश दिया था. निर्देश के मुताबिक़ बीसीसीआई जल्द से जल्द चयनकर्ताओं की बैठक करवा कर टीम का चयन करना था. इतना ही नहीं बीसीसीआई से पूछा गया था कि आखिर डेडलाइन निकल जाने तक टीम का चयन क्यों नहीं हुआ। यही नहीं COA ने बीसीसीआई के रवैये पर भी सवाल उठाया था। और अभी भी CoA ने साफ़ कहा कि चैंपियन्स ट्रॉफ़ी से पुल आउट के बारे में बीसीसीआई बिलकुल ना सोचे और ये भी समझे की 570 मिलियन डॉलर मिलना अब बीसीसीआई को मुमकिन नहीं.
ख़बरों के मुताबिक COA ने नॉर्थ और ईस्ट ज़ोन के सदस्यों से दिल्ली में मुलाक़ात भी की.
दोनों ज़ोन भारत के चैंपियंस ट्रॉफ़ी में खेलने के पक्ष में हैं.
वहीं बीसीसीआई के कुछ सदस्यों का मानना है कि आईसीसी से बातचीत के ज़रिए ही समाधान निकाला जा सकता है.
MPA ब्रिटेन के क़ानून के मुताबिक बनाया गया था, इसलिए बीसीसीआई ने भी वहीं की एक लॉ फ़र्म से बातचीत के बाद ही नोटिस भेजने पर मन बनाया है. लड़ाई सिर्फ़ बीसीसीआई को होने वाले 35फ़ीसदी नुकसान की ही नहीं बल्कि उसके वर्चस्व की भी है. यहां जो भी फ़ैसला होगा, उसका असर लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट पर दिख सकता है.
वैसे आपको ये भी बता दें कि इससे पहले इसके लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमिटी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटर्स ने बीसीसीआई को निर्देश दिया था. निर्देश के मुताबिक़ बीसीसीआई जल्द से जल्द चयनकर्ताओं की बैठक करवा कर टीम का चयन करना था. इतना ही नहीं बीसीसीआई से पूछा गया था कि आखिर डेडलाइन निकल जाने तक टीम का चयन क्यों नहीं हुआ। यही नहीं COA ने बीसीसीआई के रवैये पर भी सवाल उठाया था। और अभी भी CoA ने साफ़ कहा कि चैंपियन्स ट्रॉफ़ी से पुल आउट के बारे में बीसीसीआई बिलकुल ना सोचे और ये भी समझे की 570 मिलियन डॉलर मिलना अब बीसीसीआई को मुमकिन नहीं.
ख़बरों के मुताबिक COA ने नॉर्थ और ईस्ट ज़ोन के सदस्यों से दिल्ली में मुलाक़ात भी की.
दोनों ज़ोन भारत के चैंपियंस ट्रॉफ़ी में खेलने के पक्ष में हैं.
वहीं बीसीसीआई के कुछ सदस्यों का मानना है कि आईसीसी से बातचीत के ज़रिए ही समाधान निकाला जा सकता है.
MPA ब्रिटेन के क़ानून के मुताबिक बनाया गया था, इसलिए बीसीसीआई ने भी वहीं की एक लॉ फ़र्म से बातचीत के बाद ही नोटिस भेजने पर मन बनाया है. लड़ाई सिर्फ़ बीसीसीआई को होने वाले 35फ़ीसदी नुकसान की ही नहीं बल्कि उसके वर्चस्व की भी है. यहां जो भी फ़ैसला होगा, उसका असर लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट पर दिख सकता है. | संक्षिप्त पाठ: BBCI की स्पेशल जनरल मीटिंग में रविवार को होगा भारत का फैसला
23 BCCI सदस्यों ने ICC के खिलाफ लीगल नोटिस भेजे जाने का किया समर्थन
जो भी फ़ैसला होगा, उसका असर लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट पर दिख सकता है | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने सोमवार को कुछ शर्तो के साथ ‘बेंगलुरु रोज' किस्म के प्याज की 30 नवंबर तक निर्यात करने की अनुमति दे दी. सरकार के इस कदम से कर्नाटक की इस विशिष्ट जिंस के उत्पादकों को राहत मिलेगी. प्याज की तेजी से बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने सितंबर में इसकी सभी किस्मों के निर्यात पर रोक लगा दी थी. बहरहाल, अब प्याज की इस विशेष किस्म को निर्यात पर लगी रोक से छूट दे दी गई है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘बेंगलूरु के ‘रोज प्याज' का इस साल 30 नवंबर तक 9,000 टन तक निर्यात करने की अनुमति दी गई.'
हालांकि अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्यात केवल चेन्नई बंदरगाह से किया जा सकता है. इसके साथ ही कहा गया है कि इस किस्म के प्याज निर्यातक को निर्यात करने के लिए ‘रोज' किस्म के प्याज और इसकी मात्रा को प्रमाणित करने के लिए बागवानी आयुक्त, कर्नाटक से एक प्रमाण पत्र प्राप्त लेना होगा. अधिसूचना में कहा गया है कि बेंगलूरू के अतिरिक्त विदेश व्यापार महानिदेशालय का कार्यालय निर्यात की जा रही प्याज की कुल मात्रा की निगरानी करेगा.
बता दें, सरकार की ओर से बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश लगाने के तमाम उपायों के बावजूद अगस्त माह से प्याज की खुदरा कीमतों में भारी वृद्धि के बीच प्याज के निर्यात पर रोक लगाई गई थी. महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्याज उत्पादक राज्यों में बाढ़ के बाद आपूर्ति बाधित होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में खुदरा प्याज की कीमतें बढ़कर 50-60 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई. बेंगलुरु के ‘रोज' किस्म का प्याज मुख्य रूप से प्रदेश के चिकबल्लापुर और कोलार जिलों में उगाया जाता है. इसे लगभग 23,000 हेक्टेयर क्षेत्र में उगाया जाता है. इसका कुल उत्पादन करीब 4.40 लाख टन होता है. ये प्याज आकार में छोटे और गहरे गुलाबी रंग के होते हैं. इस किस्म का प्याज मुख्य रूप से श्रीलंका, मलेशिया और अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को निर्यात किया जाता है. | सरकार ने सितंबर में इसकी सभी किस्मों के निर्यात पर रोक लगा दी थी
अब प्याज की इस विशेष किस्म को निर्यात पर लगी रोक से छूट दे दी गई
इस साल 30 नवंबर तक 9,000 टन तक निर्यात करने की अनुमति दी गई | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मौत की सजा पाए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर जानलेवा हमले के बाद कई पाकिस्तानी जेल अधिकारियों के निलंबन की रिपोर्ट केवल घड़ियाली आंसू साबित हुई है, क्योंकि प्रशासन ने अभी तक कोट लखपत जेल में किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है ।
बीते शुक्रवार को अन्य कैदियों द्वारा सरबजीत पर किए गए हमले के तुरंत बाद अधिकारियों ने मीडिया को बताया था कि सहायक पुलिस अधीक्षक समेत तीन-चार जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।टिप्पणियां
लेकिन सरकारी सूत्रों ने बताया कि अभी तक सेवा से किसी भी अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया है।
पंजाब प्रांत की कार्यवाहक सरकार ने कोट लखपत जेल के सात अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें अधीक्षक मोहसिन रफीक तथा अतिरिक्त अधीक्षक इश्तियाक अहमद गिल और सावर सुमेरा शामिल हैं। इन अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि सरबजीत की रक्षा करने में विफल रहने के लिए क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बीते शुक्रवार को अन्य कैदियों द्वारा सरबजीत पर किए गए हमले के तुरंत बाद अधिकारियों ने मीडिया को बताया था कि सहायक पुलिस अधीक्षक समेत तीन-चार जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।टिप्पणियां
लेकिन सरकारी सूत्रों ने बताया कि अभी तक सेवा से किसी भी अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया है।
पंजाब प्रांत की कार्यवाहक सरकार ने कोट लखपत जेल के सात अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें अधीक्षक मोहसिन रफीक तथा अतिरिक्त अधीक्षक इश्तियाक अहमद गिल और सावर सुमेरा शामिल हैं। इन अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि सरबजीत की रक्षा करने में विफल रहने के लिए क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
लेकिन सरकारी सूत्रों ने बताया कि अभी तक सेवा से किसी भी अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया है।
पंजाब प्रांत की कार्यवाहक सरकार ने कोट लखपत जेल के सात अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें अधीक्षक मोहसिन रफीक तथा अतिरिक्त अधीक्षक इश्तियाक अहमद गिल और सावर सुमेरा शामिल हैं। इन अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि सरबजीत की रक्षा करने में विफल रहने के लिए क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पंजाब प्रांत की कार्यवाहक सरकार ने कोट लखपत जेल के सात अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें अधीक्षक मोहसिन रफीक तथा अतिरिक्त अधीक्षक इश्तियाक अहमद गिल और सावर सुमेरा शामिल हैं। इन अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि सरबजीत की रक्षा करने में विफल रहने के लिए क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। | मौत की सजा पाए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर जानलेवा हमले के बाद कई पाकिस्तानी जेल अधिकारियों के निलंबन की रिपोर्ट केवल घड़ियाली आंसू साबित हुई है। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जमानता मिल गई है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के बाद वीरभद्र सिंह को जमानत दी गई. इससे पहले वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह सहित की ओर से दायर की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई. इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. सुनवाई के दौरान वीरभद्र सिंह के वकील ने सीबीआई की दलीलों का विरोध किया. साथ ही कहा कि सीबीआई अपने असली रंग दिखा रही है. सीबीआइ की जांच निष्पक्ष नहीं है और वह राजनीतिक इशारों पर काम कर रही है. सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ कथित रूप से 10 करोड़ रुपये के आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला है. चार्जसीट 500 से ज्यादा पन्नों की है. इसमें दावा किया गया है कि सिंह ने करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की जो केंद्रीय मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान उनकी कुल आमदनी से 192 प्रतिशत अधिक है.
वीरभद्र और आठ अन्य लोगों के खिलाफ कथित अपराध के लिए भ्रष्टाचार रोकथाम कानून और आईपीसी की धारा 109 (उकसाने) और 465 (जालसाजी के लिए सजा) के तहत दायर अंतिम रिपोर्ट में 225 गवाहों और 442 दस्तावेजों को रखा गया है.
कांग्रेस नेता और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा रिपोर्ट में चुन्नी लाल चौहान, जोगिंदर सिंह घल्टा, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया गया है.
सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए. आठ मई को कोर्ट ने सीबीआई के आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए वीरभद्र सिंह उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत कुल नौ लोगों को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था.
बता दें कि सीबीआई 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मामले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जिसकी सुनवाई में कोर्ट ने ये आदेश जारी किया है. इस मामले में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर है.
गौरतलब है कि 82 साल के वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा इस मामले में चुन्नी लाल, लाल चौहान, जोगिंदर सिंह, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया भी आरोपी हैं. इन सभी को भी कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया गया है.
वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति होने की जांच चल रही है. वीरभद्र सिंह ने मामला सामने आने के बाद इस राशि को अपने सेब बागानों की आय बताया था लेकिन इनकम टैक्स विभाग की जांच में सामने आया कि जिन वाहनों से सेब की ढुलाई कागजों में दिखाई गई थी उनमें कुछ के नंबर टू व्हीलर के थे. वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई ने सितंम्बर 2015 में आय से अधिक संम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था.
इससे पहले हिमाचल हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में सिंह की गिरफ्तारी, पूछताछ करने और चार्ज शीट दायर करने पर रोक लगा दी थी. उस आदेश में कहा गया था कि ऐसा करने के लिए एजेंसी को कोर्ट की इजाज़त लेनी होगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और हाई कोर्ट से आए इस आदेश के कुछ धंटें बाद ही सीबीआई ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट मे वीरभद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.टिप्पणियां
कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए इकलौते शख्स एलआईसी एजेंट आंनद चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ईडी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई.
वीरभद्र और आठ अन्य लोगों के खिलाफ कथित अपराध के लिए भ्रष्टाचार रोकथाम कानून और आईपीसी की धारा 109 (उकसाने) और 465 (जालसाजी के लिए सजा) के तहत दायर अंतिम रिपोर्ट में 225 गवाहों और 442 दस्तावेजों को रखा गया है.
कांग्रेस नेता और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा रिपोर्ट में चुन्नी लाल चौहान, जोगिंदर सिंह घल्टा, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया गया है.
सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए. आठ मई को कोर्ट ने सीबीआई के आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए वीरभद्र सिंह उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत कुल नौ लोगों को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था.
बता दें कि सीबीआई 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मामले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जिसकी सुनवाई में कोर्ट ने ये आदेश जारी किया है. इस मामले में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर है.
गौरतलब है कि 82 साल के वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा इस मामले में चुन्नी लाल, लाल चौहान, जोगिंदर सिंह, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया भी आरोपी हैं. इन सभी को भी कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया गया है.
वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति होने की जांच चल रही है. वीरभद्र सिंह ने मामला सामने आने के बाद इस राशि को अपने सेब बागानों की आय बताया था लेकिन इनकम टैक्स विभाग की जांच में सामने आया कि जिन वाहनों से सेब की ढुलाई कागजों में दिखाई गई थी उनमें कुछ के नंबर टू व्हीलर के थे. वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई ने सितंम्बर 2015 में आय से अधिक संम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था.
इससे पहले हिमाचल हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में सिंह की गिरफ्तारी, पूछताछ करने और चार्ज शीट दायर करने पर रोक लगा दी थी. उस आदेश में कहा गया था कि ऐसा करने के लिए एजेंसी को कोर्ट की इजाज़त लेनी होगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और हाई कोर्ट से आए इस आदेश के कुछ धंटें बाद ही सीबीआई ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट मे वीरभद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.टिप्पणियां
कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए इकलौते शख्स एलआईसी एजेंट आंनद चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ईडी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई.
कांग्रेस नेता और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा रिपोर्ट में चुन्नी लाल चौहान, जोगिंदर सिंह घल्टा, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया गया है.
सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए. आठ मई को कोर्ट ने सीबीआई के आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए वीरभद्र सिंह उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत कुल नौ लोगों को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था.
बता दें कि सीबीआई 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मामले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जिसकी सुनवाई में कोर्ट ने ये आदेश जारी किया है. इस मामले में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर है.
गौरतलब है कि 82 साल के वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा इस मामले में चुन्नी लाल, लाल चौहान, जोगिंदर सिंह, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया भी आरोपी हैं. इन सभी को भी कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया गया है.
वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति होने की जांच चल रही है. वीरभद्र सिंह ने मामला सामने आने के बाद इस राशि को अपने सेब बागानों की आय बताया था लेकिन इनकम टैक्स विभाग की जांच में सामने आया कि जिन वाहनों से सेब की ढुलाई कागजों में दिखाई गई थी उनमें कुछ के नंबर टू व्हीलर के थे. वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई ने सितंम्बर 2015 में आय से अधिक संम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था.
इससे पहले हिमाचल हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में सिंह की गिरफ्तारी, पूछताछ करने और चार्ज शीट दायर करने पर रोक लगा दी थी. उस आदेश में कहा गया था कि ऐसा करने के लिए एजेंसी को कोर्ट की इजाज़त लेनी होगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और हाई कोर्ट से आए इस आदेश के कुछ धंटें बाद ही सीबीआई ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट मे वीरभद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.टिप्पणियां
कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए इकलौते शख्स एलआईसी एजेंट आंनद चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ईडी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई.
सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए. आठ मई को कोर्ट ने सीबीआई के आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए वीरभद्र सिंह उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत कुल नौ लोगों को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था.
बता दें कि सीबीआई 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मामले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जिसकी सुनवाई में कोर्ट ने ये आदेश जारी किया है. इस मामले में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर है.
गौरतलब है कि 82 साल के वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा इस मामले में चुन्नी लाल, लाल चौहान, जोगिंदर सिंह, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया भी आरोपी हैं. इन सभी को भी कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया गया है.
वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति होने की जांच चल रही है. वीरभद्र सिंह ने मामला सामने आने के बाद इस राशि को अपने सेब बागानों की आय बताया था लेकिन इनकम टैक्स विभाग की जांच में सामने आया कि जिन वाहनों से सेब की ढुलाई कागजों में दिखाई गई थी उनमें कुछ के नंबर टू व्हीलर के थे. वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई ने सितंम्बर 2015 में आय से अधिक संम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था.
इससे पहले हिमाचल हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में सिंह की गिरफ्तारी, पूछताछ करने और चार्ज शीट दायर करने पर रोक लगा दी थी. उस आदेश में कहा गया था कि ऐसा करने के लिए एजेंसी को कोर्ट की इजाज़त लेनी होगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और हाई कोर्ट से आए इस आदेश के कुछ धंटें बाद ही सीबीआई ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट मे वीरभद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.टिप्पणियां
कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए इकलौते शख्स एलआईसी एजेंट आंनद चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ईडी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई.
बता दें कि सीबीआई 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मामले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जिसकी सुनवाई में कोर्ट ने ये आदेश जारी किया है. इस मामले में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर है.
गौरतलब है कि 82 साल के वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा इस मामले में चुन्नी लाल, लाल चौहान, जोगिंदर सिंह, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया भी आरोपी हैं. इन सभी को भी कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया गया है.
वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति होने की जांच चल रही है. वीरभद्र सिंह ने मामला सामने आने के बाद इस राशि को अपने सेब बागानों की आय बताया था लेकिन इनकम टैक्स विभाग की जांच में सामने आया कि जिन वाहनों से सेब की ढुलाई कागजों में दिखाई गई थी उनमें कुछ के नंबर टू व्हीलर के थे. वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई ने सितंम्बर 2015 में आय से अधिक संम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था.
इससे पहले हिमाचल हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में सिंह की गिरफ्तारी, पूछताछ करने और चार्ज शीट दायर करने पर रोक लगा दी थी. उस आदेश में कहा गया था कि ऐसा करने के लिए एजेंसी को कोर्ट की इजाज़त लेनी होगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और हाई कोर्ट से आए इस आदेश के कुछ धंटें बाद ही सीबीआई ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट मे वीरभद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.टिप्पणियां
कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए इकलौते शख्स एलआईसी एजेंट आंनद चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ईडी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई.
गौरतलब है कि 82 साल के वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा इस मामले में चुन्नी लाल, लाल चौहान, जोगिंदर सिंह, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया भी आरोपी हैं. इन सभी को भी कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया गया है.
वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति होने की जांच चल रही है. वीरभद्र सिंह ने मामला सामने आने के बाद इस राशि को अपने सेब बागानों की आय बताया था लेकिन इनकम टैक्स विभाग की जांच में सामने आया कि जिन वाहनों से सेब की ढुलाई कागजों में दिखाई गई थी उनमें कुछ के नंबर टू व्हीलर के थे. वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई ने सितंम्बर 2015 में आय से अधिक संम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था.
इससे पहले हिमाचल हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में सिंह की गिरफ्तारी, पूछताछ करने और चार्ज शीट दायर करने पर रोक लगा दी थी. उस आदेश में कहा गया था कि ऐसा करने के लिए एजेंसी को कोर्ट की इजाज़त लेनी होगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और हाई कोर्ट से आए इस आदेश के कुछ धंटें बाद ही सीबीआई ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट मे वीरभद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.टिप्पणियां
कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए इकलौते शख्स एलआईसी एजेंट आंनद चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ईडी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई.
वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति होने की जांच चल रही है. वीरभद्र सिंह ने मामला सामने आने के बाद इस राशि को अपने सेब बागानों की आय बताया था लेकिन इनकम टैक्स विभाग की जांच में सामने आया कि जिन वाहनों से सेब की ढुलाई कागजों में दिखाई गई थी उनमें कुछ के नंबर टू व्हीलर के थे. वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई ने सितंम्बर 2015 में आय से अधिक संम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था.
इससे पहले हिमाचल हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में सिंह की गिरफ्तारी, पूछताछ करने और चार्ज शीट दायर करने पर रोक लगा दी थी. उस आदेश में कहा गया था कि ऐसा करने के लिए एजेंसी को कोर्ट की इजाज़त लेनी होगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और हाई कोर्ट से आए इस आदेश के कुछ धंटें बाद ही सीबीआई ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट मे वीरभद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.टिप्पणियां
कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए इकलौते शख्स एलआईसी एजेंट आंनद चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ईडी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई.
कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए इकलौते शख्स एलआईसी एजेंट आंनद चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ईडी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई.
सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ 2009-2012 के दौरान जुटाई गई 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच कर रहा है जो उनके परिजनों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश की गई थी. एसआईसी की ये पालिसी आंनद चौहान के माध्यम से ही की गई थी. वीरभद्र 13 अप्रैल को ईडी के सामने भी पेश हो चुके है जहां उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. इससे पहले 31 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर चुका है, जिसमें सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी ये खुद तय नही कर सकता है कि उसके खिलाफ केस लोकल पुलिस दर्ज करें या फिर सीबीआई. | यह एक सारांश है: वीरभद्र सिंह पर आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई सुनवाई
सुनवाई के दौरान वीरभद्र सिंह पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए
मामले में वीरभद्र और उनकी पत्नी सहित 9 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर हैं | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सबीना पार्क में जारी पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन मंगलवार को भारत ने वेस्टइंडीज की पहली पारी 173 रनों पर समेट दी। पहली पारी के आधार पर भारत को 73 रनों की बढ़त मिली। दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट के नुकसान पर 91 रन बना लिए थे। राहुल द्रविड़ (45) और विराट कोहली (7) नाबाद लौटे। भारत की कुल बढ़त अब 164 रनों की हो गई है। भारत ने पहली पारी में 246 रन बनाए थे। भारत की दूसरी पारी की शुरुआत खराब रही और उसके सलामी बल्लेबाज मुरली विजय बिना खाता खोले तेज गेंदबाज रवि रामपॉल की गेंद पर पगबाधा हो गए। करियर का पहला टेस्ट मैच खेल रहे अभिनव मुकुंद ने पारी को सम्भालने की कोशिश की लेकिन वह भी 25 रन बनाकर आउट हो गए। मुकुंद को लेग स्पिन गेंदबाज देवेंद्र बिशु ने विकेट कीपर काल्र्टन बग के हाथों कैच करवाया। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण भी बिना खाता खोले डेरेन सैमी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। वेस्टइंडीज की ओर से रामपॉल, बिशु और सैमी ने एक-एक विकेट झटके। इससे पहले, वेस्टइंडीज की ओर से दूसरे दिन की पारी की शुरुआत पहले दिन सोमवार के नाबाद लौटे बल्लेबाज एड्रियन बाराथ (26) और रामनरेश सरवन (2) ने की। वेस्टइंडीज ने पहले दिन एक विकेट के नुकसान पर 34 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के पहले दिन के स्कोर में अभी एक रन जुड़ा था कि सरवन तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की गेंद पर पगबाधा होकर पवेलियन लौट गए। सरवन ने तीन रन बनाए। सरवन के आउट होने के बाद एक छोर पर बाराथ संघर्ष करते रहे लेकिन उनको दूसरे छोर से साथ नहीं मिला। बाराथ ने सर्वाधिक 64 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 122 गेंदों पर नौ चौके और एक छक्का लगाया। वेस्टइंडीज की ओर से काल्र्टन बग 27 रन, शिवनारायण चंद्रपॉल 23 रन, डेरेन ब्रावो 18 रन, फिडेल एडवर्ड्स सात रन, बिशु चार रन, ब्रेंडन नैश और सैमी ने एक-एक रन का योगदान दिया जबकि रामपॉल 14 रन पर नाबाद लौटे। भारत की ओर से प्रवीण कुमार और ईशांत ने तीन-तीन विकेट झटके जबकि अमित मिश्रा और हरभजन सिंह के खाते में दो-दो विकेट गए। | सबीना पार्क में जारी पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन मंगलवार को भारत ने वेस्टइंडीज की पहली पारी 173 रनों पर समेट दी। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाबी सॉन्ग में अगर गुलाब का जिक्र हो तो गाना और भी रोमांटिक हो जाता है. 7 फरवरी से वेलेन्टाइन डे (Valentines Day) का वीक शुरू हो गया और पहले दिन रोज डे (Rose Day) यानी एक लव कपल के लिए खास दिन है. ऐसे में प्यार की शुरुआत कुछ इस तरह किया जा सकता है. पंजाबी फिल्मों में रोमांटिक गानों का खास रोल होता है और एक सॉन्ग ऐसा है कि सिर्फ गुलाब पर ही बना है. रोज डे (Rose Day) के मौके पर पंजाबी सॉन्ग बेहद खास है और देशभर में पंजाबी गाने का अलग ही नशा होता है. 'गुलाब' (Gulab) सॉन्ग को दिलप्रीत ढिल्लन और गोल्डी देसी क्रू ने गाया है. इसके लिरिक्स को नरेंद्र भट ने लिखा है.
गाने के शुरुआत में पंजाब के तीन लड़के एक ही लड़की से प्यार करते हैं, लेकिन लड़की अपने पसंदीदा साथी चुनना चाहते हैं. सभी लड़के गुलाब का फूल देते हैं, लेकिन उसे सिर्फ एक को ही चुनना होता है. इसी कॉन्सेप्ट पर बना यह सॉन्ग खूब सुना गया, लेकिन वेलेन्टाइन डे (Valentines Day) के पहले दिन रोज डे (Rose Day) पर यह पंजाबी सॉन्ग खूब सुना जा रहा है. इसे स्पीड रिकॉर्ड ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब अकाउंट पर 3 साल पहले पोस्ट किया था. जिसे अभी तक 1 करोड़ 86 लाख बार देखा जा चुका है. अभी भी लोग इस गाने को काफी पसंद कर रहे हैं.
कुछ दिन पहले पंजाबी फिल्म (Punjabi Movie) 'काला शा काला (Kala Shah Kala)' का ट्रेलर काफी वायरल हुआ था. इस फिल्म की कहानी गहरे रंग वाले एक शख्स की है जिसका ख्वाब सुंदर सी पत्नी पाना है. लेकिन हर कोई रंग की वजह से उसे नजरअंदाज करता रहता है. उधर, सरगुन मेहता का ख्वाब सपनों का राजकुमार है. लेकिन ऐसा कुछ होता है कि दोनों टकराते हैं. 'काला शा काला (Kala Shah Kala)' की कहानी जितनी दिलचस्प नजर आ रही है, उतना ही शानदार इसका म्यूजिक भी है क्योंकि ट्रेलर में फिल्म के कई मजेदार सॉन्ग सुनने को भी मिलते हैं. | यह एक सारांश है: रोज डे पर सुने 'गुलाब' सॉन्ग
वेलेन्टाइन डे की हुई शुरुआत
7 फरवरी को पहला दिन रोज डे | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिग्विजय सिंह द्वारा अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी तुलना करने से क्षुब्ध बॉलीवुड की आइटम गर्ल राखी सावंत ने मुंबई के पुलिस आयुक्त और महाराष्ट्र के गृह सचिव को पत्र लिखकर कांग्रेस महासचिव पर मामला दर्ज करने की मांग की है। राखी ने दिग्विजय के खिलाफ चरित्र हनन का मामला दर्ज करने की मांग की है।
सिंह की टिप्पणी से ‘गहरा आघात’ पहुंचने का दावा करते हुए सावंत ने कहा कि उन्होंने अपने वकील से कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का नोटिस जारी करने को कहा है और अपनी ‘अच्छी छवि’ पर हमले के लिए 50 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की है।
पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह, राज्य के गृह सचिव और गोरेगांव थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को लिखे पत्र में सावंत ने कहा है, ‘मैं दिग्विजय को व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानती। इस तरह की टिप्पणी कर उन्होंने मेरी छवि और सम्मान को चोट पहुंचाई है।’
पत्र में कहा गया है, ‘मैंने अपने वकील एजाज नकवी को निर्देश जारी कर मानहानि का नोटिस जारी करने और दिग्विजय से 50 करोड़ रुपये मुआवजा मांगने को कहा है। यह मेरे अच्छे चरित्र गंभीर हमला है।’ टिप्पणियां
सिंह ने ट्वीट कर सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने केजरीवाल की तुलना राखी से की थी और कहा था कि दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना किसी साक्ष्य के।
सिंह ने ट्वीट किया था, ‘अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं। दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना साक्ष्य के।’ बहरहाल उन्होंने राखी से माफी भी मांगी और कहा, ‘राखी सावंत से माफी मांगता हूं, मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं।’
सिंह की टिप्पणी से ‘गहरा आघात’ पहुंचने का दावा करते हुए सावंत ने कहा कि उन्होंने अपने वकील से कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का नोटिस जारी करने को कहा है और अपनी ‘अच्छी छवि’ पर हमले के लिए 50 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की है।
पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह, राज्य के गृह सचिव और गोरेगांव थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को लिखे पत्र में सावंत ने कहा है, ‘मैं दिग्विजय को व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानती। इस तरह की टिप्पणी कर उन्होंने मेरी छवि और सम्मान को चोट पहुंचाई है।’
पत्र में कहा गया है, ‘मैंने अपने वकील एजाज नकवी को निर्देश जारी कर मानहानि का नोटिस जारी करने और दिग्विजय से 50 करोड़ रुपये मुआवजा मांगने को कहा है। यह मेरे अच्छे चरित्र गंभीर हमला है।’ टिप्पणियां
सिंह ने ट्वीट कर सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने केजरीवाल की तुलना राखी से की थी और कहा था कि दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना किसी साक्ष्य के।
सिंह ने ट्वीट किया था, ‘अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं। दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना साक्ष्य के।’ बहरहाल उन्होंने राखी से माफी भी मांगी और कहा, ‘राखी सावंत से माफी मांगता हूं, मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं।’
पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह, राज्य के गृह सचिव और गोरेगांव थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को लिखे पत्र में सावंत ने कहा है, ‘मैं दिग्विजय को व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानती। इस तरह की टिप्पणी कर उन्होंने मेरी छवि और सम्मान को चोट पहुंचाई है।’
पत्र में कहा गया है, ‘मैंने अपने वकील एजाज नकवी को निर्देश जारी कर मानहानि का नोटिस जारी करने और दिग्विजय से 50 करोड़ रुपये मुआवजा मांगने को कहा है। यह मेरे अच्छे चरित्र गंभीर हमला है।’ टिप्पणियां
सिंह ने ट्वीट कर सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने केजरीवाल की तुलना राखी से की थी और कहा था कि दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना किसी साक्ष्य के।
सिंह ने ट्वीट किया था, ‘अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं। दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना साक्ष्य के।’ बहरहाल उन्होंने राखी से माफी भी मांगी और कहा, ‘राखी सावंत से माफी मांगता हूं, मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं।’
पत्र में कहा गया है, ‘मैंने अपने वकील एजाज नकवी को निर्देश जारी कर मानहानि का नोटिस जारी करने और दिग्विजय से 50 करोड़ रुपये मुआवजा मांगने को कहा है। यह मेरे अच्छे चरित्र गंभीर हमला है।’ टिप्पणियां
सिंह ने ट्वीट कर सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने केजरीवाल की तुलना राखी से की थी और कहा था कि दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना किसी साक्ष्य के।
सिंह ने ट्वीट किया था, ‘अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं। दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना साक्ष्य के।’ बहरहाल उन्होंने राखी से माफी भी मांगी और कहा, ‘राखी सावंत से माफी मांगता हूं, मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं।’
सिंह ने ट्वीट कर सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने केजरीवाल की तुलना राखी से की थी और कहा था कि दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना किसी साक्ष्य के।
सिंह ने ट्वीट किया था, ‘अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं। दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना साक्ष्य के।’ बहरहाल उन्होंने राखी से माफी भी मांगी और कहा, ‘राखी सावंत से माफी मांगता हूं, मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं।’
सिंह ने ट्वीट किया था, ‘अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं। दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना साक्ष्य के।’ बहरहाल उन्होंने राखी से माफी भी मांगी और कहा, ‘राखी सावंत से माफी मांगता हूं, मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं।’ | दिग्विजय सिंह द्वारा अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी तुलना करने से क्षुब्ध बॉलीवुड की आइटम गर्ल राखी सावंत ने मुंबई के पुलिस आयुक्त और महाराष्ट्र के गृह सचिव को पत्र लिखकर कांग्रेस महासचिव पर मामला दर्ज करने की मांग की है। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक व्यस्तता के कारण दौरों पर ही रहे. पंजाब और गोवा में पार्टी को जीत दिलाने के लिए उनके साथ उनके पार्टी के कई कार्यकर्ता लगातार प्रयासरत रहे हैं. पंजाब में शनिवार 4 फरवरी को वोटिंग के बाद अब अरविंद केजरीवाल कुछ समय अपने शरीर को देंगे. जानकारी के अनुसार पिछले काफी समय से अरविंद केजरीवाल को ब्लड शुगर (मधुमेह) की समस्या है. अब जानकारी मिली है कि उनका ब्लड शुगर लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है. उनके करीबियों का कहना है कि 300-450 के बीच ब्लड शुगर चल रहा है. पहले जहां दिन में एक बार इन्सुलिन लेते थे, आजकल 3 बार ले रहे हैं इसलिए अब 7 फरवरी से अरविंद केजरीवाल बेंगलुरु में नैचुरोपैथी से इलाज के लिए जाएंगे.टिप्पणियां
करीबियों का कहना है कि केजरीवाल एक बार फिर इलाज के लिए बेंगलुरु के जिंदल नेचुरोपैथी सेंटर में जाएंगे. यहां पर इनका इलाज 22 फरवरी तक चलेगा. गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में केजरीवाल बेंगलुरु में नारायणा हेल्थ सिटी मजूमदार शा मेडिकल सेंटर में खांसी का इलाज करवाने गए थे.
मुख्यमंत्री के करीबियों की मानें तो पंजाब और गोवा विधानसभा 2017 के चुनाव प्रचार के दौरान खान-पान की अनियमितता और तनाव के चलते उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया है. कहा जा रहा है कि केजरीवाल को शुगर की बीमारी है. ऐसे में शुगर का लेवल बढ़ना उनके लिए खतरनाक हो सकता है.
करीबियों का कहना है कि केजरीवाल एक बार फिर इलाज के लिए बेंगलुरु के जिंदल नेचुरोपैथी सेंटर में जाएंगे. यहां पर इनका इलाज 22 फरवरी तक चलेगा. गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में केजरीवाल बेंगलुरु में नारायणा हेल्थ सिटी मजूमदार शा मेडिकल सेंटर में खांसी का इलाज करवाने गए थे.
मुख्यमंत्री के करीबियों की मानें तो पंजाब और गोवा विधानसभा 2017 के चुनाव प्रचार के दौरान खान-पान की अनियमितता और तनाव के चलते उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया है. कहा जा रहा है कि केजरीवाल को शुगर की बीमारी है. ऐसे में शुगर का लेवल बढ़ना उनके लिए खतरनाक हो सकता है.
मुख्यमंत्री के करीबियों की मानें तो पंजाब और गोवा विधानसभा 2017 के चुनाव प्रचार के दौरान खान-पान की अनियमितता और तनाव के चलते उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया है. कहा जा रहा है कि केजरीवाल को शुगर की बीमारी है. ऐसे में शुगर का लेवल बढ़ना उनके लिए खतरनाक हो सकता है. | संक्षिप्त पाठ: अरविंद केजरीवाल को ब्लड शुगर (मधुमेह) की समस्या है.
करीबियों का कहना है कि 300-450 के बीच ब्लड शुगर चल रहा है.
पहले जहां दिन में एक बार इन्सुलिन लेते थे, आजकल 3 बार ले रहे हैं. | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पाकिस्तान के पीएम इमरान खान (Imran Khan) से सोमवार को मुलाकात करेंगे. इससे पहले रविवार को ट्रंप पीएम मोदी (PM Modi) के साथ हाउडी मोदी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. ट्रंप मंगलवार को भी न्यूयॉर्क में पीएम मोदी के साथ मीटिंग करेंगे. एक सीनियर अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी के मुताबिक, 'संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के मौके पर, भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ ट्रंप न्यूयॉर्क में ही मुलाकात करेंगे.' संभावना है कि ट्रंप रविवार रात को न्यूयॉर्क पहुंचेंगे. इससे पहले वह ह्यूसटन में पीएम मोदी के साथ हाउडी मोदी कार्यक्रम में भाग लेंगे और दोनों नेता 50 हजार से ज्यादा भारतीय अमेरिकी को संबोधित करेंगे.
इसके बाद ट्रंप ओहियो भी जाएंगे जहां वह आस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मोरिसन से मुलाकात करेंगे. अधिकारी के मुताबिक, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाउडी मोदी कार्यक्रम के लिए ह्यूसटन जाएंगे. इसके बाद वह ओहियो जाएंगे और ऑस्ट्रेलिया के पीएम मोरिसन से मिलेंगे. वह यहां प्रैट इंडस्ट्री जाएंगे और ऑस्ट्रेलिया के साथ यूएस इकोनॉमिक रिलेशनशिप पर चर्चा करेंगे.'
अधिकारी ने बताया, 'डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के पीएम इमरान खान, पोलेंड के राष्ट्रपति आंद्ररेज सेबस्तिआन, सिंगापुर के पीएम, इजिप्ट के राष्ट्रपति, साउथ कोरिया के राष्ट्रपति और न्यूजीलैंड के पीएम से मुलाकात करेंगे. 24 सितंबर (मंगलवार) को ट्रंप यूएन जनरल असेंबली को संबोधित करेंगे. | यह एक सारांश है: पाक पीएम इमरान खान से सोमवार को मुलाकात करेंगे
रविवार को ट्रंप पीएम मोदी के साथ हाउडी मोदी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे
ट्रंप मंगलवार को भी न्यूयॉर्क में पीएम मोदी के साथ मीटिंग करेंगे | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के साथ मंगलवार से सिडनी क्रिकेट मैदान पर खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया की अंतिम एकादश टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। मेजबान ने जो टीम मेलबर्न में खेले गए पहले टेस्ट मैच में उतारी थी उसे आगे भी बरकरार रखने का फैसला किया है।
दूसरे टेस्ट मैच के लिए मध्यम गति के गेंदबाज रेयान हैरिस को ऑस्ट्रेलिया की 12 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें अंतिम एकादश टीम में जगह नहीं मिली है।
कप्तान माइकल क्लार्क ने दूसरे टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर टीम में बदलाव नहीं करने की घोषणा की। समाचार पत्र 'द आस्ट्रेलियन' ने क्लार्क के हवाले से लिखा है, "हैरिस को अंतिम एकादश टीम से बाहर करने का फैसला मुश्किल था। हमारे लिए वह बेहतरीन गेंदबाज हैं। वह टीम के साथ रहेंगे। हम विजयी टीम के साथ सिडनी में खेलेंगे।"
बकौल क्लार्क, "मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच में टीम के खिलाड़ियों ने जिस प्रकार बेहतरीन प्रदर्शन किया था उसे देखते हुए बदलाव करना मुश्किल था। हमें पहले टेस्ट मैच के बाद आराम करने का अच्छा समय मिल गया है।" उल्लेखनीय है कि चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 से आगे है। आस्ट्रेलिया ने पहला टेस्ट मैच 122 रनों से जीता था।
सिडनी टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की अंतिम एकादश टीम इस प्रकार है : माइकल क्लार्क (कप्तान), डेविड वार्नर, एड कोवान, शॉन मार्श, रिकी पोंटिंग, माइकल हसी, ब्रैड हेडिन, पीटर सिडल, जेम्स पैटिंसन, नेथन लियोन, बेन हिल्फेनहास। रेयान हैरिस (12वें खिलाड़ी)। | यह एक सारांश है: सिडनी क्रिकेट मैदान पर खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया की अंतिम एकादश टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अफगानिस्तान में भारत की भूमिका के बारे में चक हेगल की टिप्पणियों से उठे विवाद के बाद स्थिति को सुधारने की कोशिश के तहत पेंटागन ने गुरुवार को कहा कि नए रक्षामंत्री भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी तथा करीबी रक्षा संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटल ने ऑनलाइन अखबार वॉशिंगटन फ्री बेकन से कहा ‘रक्षामंत्री हेगल भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी तथा उन रक्षा संबंधों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो उनके पूर्ववर्ती लियोन पैनेटा, उपमंत्री एश्टन कार्टर तथा उनके भारतीय समकक्षों ने बनाए।’
लिटल को यह कहते हुए उद्धृत किया गया है ‘रक्षामंत्री हेगल भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा अधिकारियों के साथ मिल कर काम करने के लिए उत्सुक हैं।’ दक्षिणपंथी ऑनलाइन अखबार फ्री बेकन ने इसी सप्ताह हेगल का वर्ष 2011 का जारी न किया गया वह भाषण अपलोड किया था जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की कड़ी आलोचना की थी।
अफगानिस्तान में भारत की भूमिका को लेकर अमेरिकी नजरिये से ठीक विपरीत हेगल ने आरोप लगाया था कि भारत ने अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।
यह टिप्पणियां हेगल ने ओकलाहोमा के कैमरन विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 में की थीं। इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। भारत ने कहा था कि ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए उसके समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।टिप्पणियां
हेगल ने भाषण में कहा था ‘कुछ समय से भारत ने अफगानिस्तान को एक दूसरे मोर्चे के तौर पर उपयोग किया और अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।’
इस पर प्रतिक्रिया में यहां स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था ‘सीनेटर हेगल लंबे समय से भारत के मित्र रहे हैं और भारत अमेरिका संबंधों की उन्होंने पुरजोर वकालत भी की। उनकी ओर से की गई ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।’
पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटल ने ऑनलाइन अखबार वॉशिंगटन फ्री बेकन से कहा ‘रक्षामंत्री हेगल भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी तथा उन रक्षा संबंधों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो उनके पूर्ववर्ती लियोन पैनेटा, उपमंत्री एश्टन कार्टर तथा उनके भारतीय समकक्षों ने बनाए।’
लिटल को यह कहते हुए उद्धृत किया गया है ‘रक्षामंत्री हेगल भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा अधिकारियों के साथ मिल कर काम करने के लिए उत्सुक हैं।’ दक्षिणपंथी ऑनलाइन अखबार फ्री बेकन ने इसी सप्ताह हेगल का वर्ष 2011 का जारी न किया गया वह भाषण अपलोड किया था जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की कड़ी आलोचना की थी।
अफगानिस्तान में भारत की भूमिका को लेकर अमेरिकी नजरिये से ठीक विपरीत हेगल ने आरोप लगाया था कि भारत ने अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।
यह टिप्पणियां हेगल ने ओकलाहोमा के कैमरन विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 में की थीं। इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। भारत ने कहा था कि ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए उसके समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।टिप्पणियां
हेगल ने भाषण में कहा था ‘कुछ समय से भारत ने अफगानिस्तान को एक दूसरे मोर्चे के तौर पर उपयोग किया और अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।’
इस पर प्रतिक्रिया में यहां स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था ‘सीनेटर हेगल लंबे समय से भारत के मित्र रहे हैं और भारत अमेरिका संबंधों की उन्होंने पुरजोर वकालत भी की। उनकी ओर से की गई ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।’
लिटल को यह कहते हुए उद्धृत किया गया है ‘रक्षामंत्री हेगल भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा अधिकारियों के साथ मिल कर काम करने के लिए उत्सुक हैं।’ दक्षिणपंथी ऑनलाइन अखबार फ्री बेकन ने इसी सप्ताह हेगल का वर्ष 2011 का जारी न किया गया वह भाषण अपलोड किया था जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की कड़ी आलोचना की थी।
अफगानिस्तान में भारत की भूमिका को लेकर अमेरिकी नजरिये से ठीक विपरीत हेगल ने आरोप लगाया था कि भारत ने अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।
यह टिप्पणियां हेगल ने ओकलाहोमा के कैमरन विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 में की थीं। इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। भारत ने कहा था कि ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए उसके समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।टिप्पणियां
हेगल ने भाषण में कहा था ‘कुछ समय से भारत ने अफगानिस्तान को एक दूसरे मोर्चे के तौर पर उपयोग किया और अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।’
इस पर प्रतिक्रिया में यहां स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था ‘सीनेटर हेगल लंबे समय से भारत के मित्र रहे हैं और भारत अमेरिका संबंधों की उन्होंने पुरजोर वकालत भी की। उनकी ओर से की गई ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।’
अफगानिस्तान में भारत की भूमिका को लेकर अमेरिकी नजरिये से ठीक विपरीत हेगल ने आरोप लगाया था कि भारत ने अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।
यह टिप्पणियां हेगल ने ओकलाहोमा के कैमरन विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 में की थीं। इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। भारत ने कहा था कि ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए उसके समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।टिप्पणियां
हेगल ने भाषण में कहा था ‘कुछ समय से भारत ने अफगानिस्तान को एक दूसरे मोर्चे के तौर पर उपयोग किया और अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।’
इस पर प्रतिक्रिया में यहां स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था ‘सीनेटर हेगल लंबे समय से भारत के मित्र रहे हैं और भारत अमेरिका संबंधों की उन्होंने पुरजोर वकालत भी की। उनकी ओर से की गई ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।’
यह टिप्पणियां हेगल ने ओकलाहोमा के कैमरन विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 में की थीं। इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। भारत ने कहा था कि ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए उसके समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।टिप्पणियां
हेगल ने भाषण में कहा था ‘कुछ समय से भारत ने अफगानिस्तान को एक दूसरे मोर्चे के तौर पर उपयोग किया और अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।’
इस पर प्रतिक्रिया में यहां स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था ‘सीनेटर हेगल लंबे समय से भारत के मित्र रहे हैं और भारत अमेरिका संबंधों की उन्होंने पुरजोर वकालत भी की। उनकी ओर से की गई ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।’
हेगल ने भाषण में कहा था ‘कुछ समय से भारत ने अफगानिस्तान को एक दूसरे मोर्चे के तौर पर उपयोग किया और अफगानिस्तान में वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी की।’
इस पर प्रतिक्रिया में यहां स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था ‘सीनेटर हेगल लंबे समय से भारत के मित्र रहे हैं और भारत अमेरिका संबंधों की उन्होंने पुरजोर वकालत भी की। उनकी ओर से की गई ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।’
इस पर प्रतिक्रिया में यहां स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था ‘सीनेटर हेगल लंबे समय से भारत के मित्र रहे हैं और भारत अमेरिका संबंधों की उन्होंने पुरजोर वकालत भी की। उनकी ओर से की गई ऐसी टिप्पणियां अफगान लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्पित भाव से किए गए काम की सच्चाई से परे हैं।’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अफगानिस्तान में भारत की भूमिका के बारे में चक हेगल की टिप्पणियों से उठे विवाद के बाद स्थिति को सुधारने की कोशिश के तहत पेंटागन ने गुरुवार को कहा कि नए रक्षामंत्री भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी तथा करीबी रक्षा संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उन्होंने कहा कि इससे मध्यम आय वर्ग के तीन करोड़ करदाताओं को फायदा होगा, जबकि सरकार को 18,500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है. पांडेय ने एक साक्षात्कार में बताया, ‘‘हमने आयकर में पूरी छूट दी है ताकि पांच लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले व्यक्ति को कोई कर नहीं देना पड़े ऐसे में आयकर की धारा 80सी के तहत विभिन्न योजनाओं में निवेश करने अथवा शिक्षा और आवास ऋण पर ब्याज का भुगतान करने वाले पांच लाख से अधिक कमाई करने वाले लोग भी कर छूट का लाभ उठा सकते हैं. आपने पेंशन योजना में निवेश किया है, चिकित्सा बीमा प्रीमियम भरा है, तो आठ से नौ लाख रुपये के दायरे में कमाई करने वाले भी कर योग्य आय पांच लाख रुपये से नीचे आने पर कर छूट पा सकते हैं और उन्हें कोई कर नहीं देना होगा.''
सरकार के इस कदम से स्वरोजगार करने वाले, छोटे व्यवसायी, कारोबारी, वेतन भोगी, पेंशनर और वरिष्ठ नागरिक सहित मध्यमवर्ग के करोड़ों करदाताओं को राहत मिलेगी. आयकर कानून की धारा 80सी के तहत कुछ खास योजनाओं में निवेश करने पर डेढ लाख रुपये तक की कर छूट मिल सकती है. लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), जीवन बीमा पॉलिसी, दो बच्चों की पढ़ाई पर दी गई ट्यूशन फीस, बैंकों में पांच साल की सावधि जमा, राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) सहित कुछ गिनी-चुनी योजनायें हैं जिनमें निवेश कर डेढ लाख रुपये तक की कर छूट का लाभ उठाया जा सकता है. इसके अलावा आवास ऋण पर दिये गये दो लाख रुपये तक के ब्याज पर भी कर छूट का लाभ मिल सकता है.
राष्ट्रीय पेंशन योजना में निवेश पर 50 हजार रुपये तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है. चिकित्सा बीमा प्रीमियम में भी 75 हजार रुपये तक की कर छूट उपलब्ध है. इन सब के अलावा सरकार ने व्यक्तिगत आयकर की गणना में मानक कटौती को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है. यह वेतनभोगी तबके को अतिरिक्त लाभ दिया गया है. | यहाँ एक सारांश है:'8 से 9 लाख रुपये कमाने वाले भी टैक्स देने से बच सकते हैं'
'80सी के तहत विभिन्न योजनाओं में निवेश कर टैक्स देने से बचा जा सकता है'
राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने बताई यह बात | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने दिल्ली और मुंबई सहित 13 सर्किलों के लिए अपनी 3जी सेवा सस्ती कर दी है। कंपनी ने 3जी सेवा के शुल्क दरों को 50 प्रतिशत से भी अधिक घटाकर 2जी मोबाइल इंटरनेट कीमत के बराबर कर दिया है।टिप्पणियां
कंपनी ने प्रीपेड, पोस्टपेड सहित सभी तरह के कनेक्शनों के लिए यह कटौती की है। आरकॉम के अध्यक्ष व सीईओ (वायरलैस) गुरदीप सिंह ने कहा, 3जी सक्षम फोन रखने वाले केवल एक-चौथाई लोग ही 3जी का इस्तेमाल करते हैं। कीमतें बड़ी बाधा है। हम 3जी कीमतों को घटाकर 2जी डेटा की दर पर कर रहे हैं।
कंपनी ने अपनी विभिन्न डेटा प्लान के लिए दर में कटौती की है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन तथा टाटा टेलीसर्विसेज ने भी अपनी 3जी व 2जी डेटा दरों में 90 प्रतिशत तक की कटौती की थी।
कंपनी ने प्रीपेड, पोस्टपेड सहित सभी तरह के कनेक्शनों के लिए यह कटौती की है। आरकॉम के अध्यक्ष व सीईओ (वायरलैस) गुरदीप सिंह ने कहा, 3जी सक्षम फोन रखने वाले केवल एक-चौथाई लोग ही 3जी का इस्तेमाल करते हैं। कीमतें बड़ी बाधा है। हम 3जी कीमतों को घटाकर 2जी डेटा की दर पर कर रहे हैं।
कंपनी ने अपनी विभिन्न डेटा प्लान के लिए दर में कटौती की है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन तथा टाटा टेलीसर्विसेज ने भी अपनी 3जी व 2जी डेटा दरों में 90 प्रतिशत तक की कटौती की थी।
कंपनी ने अपनी विभिन्न डेटा प्लान के लिए दर में कटौती की है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन तथा टाटा टेलीसर्विसेज ने भी अपनी 3जी व 2जी डेटा दरों में 90 प्रतिशत तक की कटौती की थी। | सारांश: रिलायंस कम्युनिकेशंस ने दिल्ली और मुंबई सहित 13 सर्किलों के लिए अपनी 3जी सेवा सस्ती कर दी है। कंपनी ने 3जी सेवा के शुल्क दरों को 50 प्रतिशत से भी अधिक घटाकर 2जी मोबाइल इंटरनेट कीमत के बराबर कर दिया है। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 2जी लाइसेंस आवंटन में एक निजी कम्पनी की तरफदारी के लग रहे आरोप पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन ने गुरुवार को खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही जांच में उन्हें बचाव के लिए अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हिस्सा लेने के बाद लौटे मारन ने कहा कि जब उनके भाई कलानिधि मारन के टेलीविजन चैनल में समूह की एक निजी दूरसंचार कम्पनी ने निवेश किया था, तब वह राजनीति में हाशिए पर थे। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कोई गलती की है, तो वह सजा के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-एक सरकार से इस्तीफा दिया था, तब उनके खिलाफ जांच हो सकती थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने भी उनके नाम का उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने कहा, "मुझ पर किसी को मदद करने का आरोप लगा है। मैंने किसी को मदद नहीं की है। जब मैं राजनीति में हाशिए पर था, तब किसी ने मेरे भाई की कम्पनी में निवेश किया। सीबीआई मेरे खिलाफ जांच कर रही है। यदि कोई निजी उद्यमी कारोबार में निवेश करना चाहता है, तो इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। मैंने किसी को मदद नहीं पहुंचाई है। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मारन ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि सीबीआई द्वारा की जा रही जांच में उन्हें बचाव के लिए अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में पिछले वर्ष 16 दिसंबर को चलती बस में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उषा मेहरा आयोग ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अश्विनी कुमार और केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने रिपोर्ट प्राप्त की।
एक युवती के साथ हुई बर्बरतापूर्ण घटना के विभिन्न आयामों की जांच के लिए इस आयोग का गठन 26 दिसंबर 2012 को हुआ था। आयोग को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी। आयोग ने यह काम समय से पहले ही पूरा कर लिया।टिप्पणियां
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस और परिवहन विभाग के बीच तालमेल के अभाव के कारण ही 16 दिसंबर के सामूहिक बलात्कार कांड में प्रयुक्त बस बेरोक-टोक सड़क पर चलती रही।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीआर और एनसीटी की पुलिस के बीच असहयोग के चलते अपराधी एक स्थान से दूसरे स्थान भाग जाते हैं। इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर इस रिपोर्ट में जोर दिया गया है।
एक युवती के साथ हुई बर्बरतापूर्ण घटना के विभिन्न आयामों की जांच के लिए इस आयोग का गठन 26 दिसंबर 2012 को हुआ था। आयोग को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी। आयोग ने यह काम समय से पहले ही पूरा कर लिया।टिप्पणियां
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस और परिवहन विभाग के बीच तालमेल के अभाव के कारण ही 16 दिसंबर के सामूहिक बलात्कार कांड में प्रयुक्त बस बेरोक-टोक सड़क पर चलती रही।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीआर और एनसीटी की पुलिस के बीच असहयोग के चलते अपराधी एक स्थान से दूसरे स्थान भाग जाते हैं। इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर इस रिपोर्ट में जोर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस और परिवहन विभाग के बीच तालमेल के अभाव के कारण ही 16 दिसंबर के सामूहिक बलात्कार कांड में प्रयुक्त बस बेरोक-टोक सड़क पर चलती रही।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीआर और एनसीटी की पुलिस के बीच असहयोग के चलते अपराधी एक स्थान से दूसरे स्थान भाग जाते हैं। इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर इस रिपोर्ट में जोर दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीआर और एनसीटी की पुलिस के बीच असहयोग के चलते अपराधी एक स्थान से दूसरे स्थान भाग जाते हैं। इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर इस रिपोर्ट में जोर दिया गया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जस्टिस उषा मेहरा आयोग की जारी हुई रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस और परिवहन विभाग के बीच तालमेल के अभाव के कारण ही 16 दिसंबर के सामूहिक बलात्कार कांड में प्रयुक्त बस बेरोक-टोक सड़क पर चलती रही। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अगले महीने वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी प्रणाली के लागू होने के बाद अधिकांश जरूरी दवाओं के दाम 2.29 फीसदी तक बढ़ जाएंगे.
सरकार ने अधिकांश जरूरी दवाओं पर 12 प्रतिशत की जीएसटी दर तय की है. मौजूदा व्यवस्था में इन पर लगभग नौ प्रतिशत का कर लगता है. हालांकि इंसुलिन सहित कुछ दवाओं के दाम कम होंगे, क्योंकि सरकार ने इनके लिए जीएसटी की दर पूर्व प्रस्तावित 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत की है.टिप्पणियां
जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची में हेपरिन, वार्फेरिन, डिलटियाजेम, डियाजेपेम, इबुप्रोफेन, प्रोप्रानोलोल व इमातिनिब शामिल हैं.
(इनपुट भाषा से)
सरकार ने अधिकांश जरूरी दवाओं पर 12 प्रतिशत की जीएसटी दर तय की है. मौजूदा व्यवस्था में इन पर लगभग नौ प्रतिशत का कर लगता है. हालांकि इंसुलिन सहित कुछ दवाओं के दाम कम होंगे, क्योंकि सरकार ने इनके लिए जीएसटी की दर पूर्व प्रस्तावित 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत की है.टिप्पणियां
जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची में हेपरिन, वार्फेरिन, डिलटियाजेम, डियाजेपेम, इबुप्रोफेन, प्रोप्रानोलोल व इमातिनिब शामिल हैं.
(इनपुट भाषा से)
जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची में हेपरिन, वार्फेरिन, डिलटियाजेम, डियाजेपेम, इबुप्रोफेन, प्रोप्रानोलोल व इमातिनिब शामिल हैं.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | यहाँ एक सारांश है:अधिकांश जरूरी दवाओं के दाम 2.29 फीसदी तक बढ़ जाएंगे.
मौजूदा व्यवस्था में जरूरी दवाओं पर लगभग नौ प्रतिशत का कर लगता है.
हालांकि इंसुलिन सहित कुछ दवाओं के दाम कम होंगे. | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले वर्ष दिसंबर महीने में 23 वर्षीया प्रशिक्षु फीजियोथेरापिस्ट के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना में शामिल लोगों को दबोचने के लिए 100 पुलिसकर्मी शामिल थे लेकिन पुलिस की आठ सदस्यों की कोर टीम ने न केवल इस मामले का उद्भेदन किया, बल्कि एक किशोर सहित छह आरोपियों के खिलाफ मामले को मजबूत तरीके से अदालत में पेश करने के लिए रात-दिन एक किए रखा।
भारी राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव और पुलिस विरोधी भावना के बावजूद कोर टीम ने पांच दिनों के भीतर ही अपराधियों को दबोच लिया और महत्वपूर्ण सबूत जुटा लिए। जुटाए गए सबूतों में से कुछ डीएनए जांच पर आधारित थे। टीम ने 1000 पृष्ठों का आरोपपत्र तैयार किया जिसके आधार पर दिल्ली की अदालत ने मंगलवार को इस घृणित अपराध में शामिल चार आरोपियों को दोषी करार दिया।
मामले का एक आरोपी ने सुनवाई के दौरान आत्महत्या कर ली और एक किशोर को सजा सुनाई जा चुकी है।
मामले के किशोर आरोपी को पुलिस ने 'सबसे ज्यादा क्रूर' बताया है। किशोर न्याय बोर्ड ने तीन अगस्त को उसे तीन वर्षों के लिए सुधार गृह में रखने का आदेश दिया। यह किशोरों को दी जाने वाली अधिकतम सजा है। अब यह किशोर 18 वर्ष की उम्र सीमा को पार कर चुका है।
दिल्ली दुष्कर्म ने राष्ट्रीय राजधानी समेत देश को हिलाकर रख दिया था और बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू करने के साथ ही दिल्ली को 'रेप कैपिटल' का तोहमत भी लगाया।टिप्पणियां
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। कुशवाहा ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें यह विश्वास था कि आरोपियों के खिलाफ मामला खड़ा उतरेगा।
उनके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त रमेश चंदर, इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर अतुल कुमार, छाया शर्मा (अब मिजोरम में डीआईजी उस समय पुलिस उपायुक्त) आदिश टीम में शामिल थे।
भारी राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव और पुलिस विरोधी भावना के बावजूद कोर टीम ने पांच दिनों के भीतर ही अपराधियों को दबोच लिया और महत्वपूर्ण सबूत जुटा लिए। जुटाए गए सबूतों में से कुछ डीएनए जांच पर आधारित थे। टीम ने 1000 पृष्ठों का आरोपपत्र तैयार किया जिसके आधार पर दिल्ली की अदालत ने मंगलवार को इस घृणित अपराध में शामिल चार आरोपियों को दोषी करार दिया।
मामले का एक आरोपी ने सुनवाई के दौरान आत्महत्या कर ली और एक किशोर को सजा सुनाई जा चुकी है।
मामले के किशोर आरोपी को पुलिस ने 'सबसे ज्यादा क्रूर' बताया है। किशोर न्याय बोर्ड ने तीन अगस्त को उसे तीन वर्षों के लिए सुधार गृह में रखने का आदेश दिया। यह किशोरों को दी जाने वाली अधिकतम सजा है। अब यह किशोर 18 वर्ष की उम्र सीमा को पार कर चुका है।
दिल्ली दुष्कर्म ने राष्ट्रीय राजधानी समेत देश को हिलाकर रख दिया था और बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू करने के साथ ही दिल्ली को 'रेप कैपिटल' का तोहमत भी लगाया।टिप्पणियां
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। कुशवाहा ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें यह विश्वास था कि आरोपियों के खिलाफ मामला खड़ा उतरेगा।
उनके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त रमेश चंदर, इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर अतुल कुमार, छाया शर्मा (अब मिजोरम में डीआईजी उस समय पुलिस उपायुक्त) आदिश टीम में शामिल थे।
मामले का एक आरोपी ने सुनवाई के दौरान आत्महत्या कर ली और एक किशोर को सजा सुनाई जा चुकी है।
मामले के किशोर आरोपी को पुलिस ने 'सबसे ज्यादा क्रूर' बताया है। किशोर न्याय बोर्ड ने तीन अगस्त को उसे तीन वर्षों के लिए सुधार गृह में रखने का आदेश दिया। यह किशोरों को दी जाने वाली अधिकतम सजा है। अब यह किशोर 18 वर्ष की उम्र सीमा को पार कर चुका है।
दिल्ली दुष्कर्म ने राष्ट्रीय राजधानी समेत देश को हिलाकर रख दिया था और बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू करने के साथ ही दिल्ली को 'रेप कैपिटल' का तोहमत भी लगाया।टिप्पणियां
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। कुशवाहा ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें यह विश्वास था कि आरोपियों के खिलाफ मामला खड़ा उतरेगा।
उनके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त रमेश चंदर, इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर अतुल कुमार, छाया शर्मा (अब मिजोरम में डीआईजी उस समय पुलिस उपायुक्त) आदिश टीम में शामिल थे।
मामले के किशोर आरोपी को पुलिस ने 'सबसे ज्यादा क्रूर' बताया है। किशोर न्याय बोर्ड ने तीन अगस्त को उसे तीन वर्षों के लिए सुधार गृह में रखने का आदेश दिया। यह किशोरों को दी जाने वाली अधिकतम सजा है। अब यह किशोर 18 वर्ष की उम्र सीमा को पार कर चुका है।
दिल्ली दुष्कर्म ने राष्ट्रीय राजधानी समेत देश को हिलाकर रख दिया था और बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू करने के साथ ही दिल्ली को 'रेप कैपिटल' का तोहमत भी लगाया।टिप्पणियां
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। कुशवाहा ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें यह विश्वास था कि आरोपियों के खिलाफ मामला खड़ा उतरेगा।
उनके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त रमेश चंदर, इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर अतुल कुमार, छाया शर्मा (अब मिजोरम में डीआईजी उस समय पुलिस उपायुक्त) आदिश टीम में शामिल थे।
दिल्ली दुष्कर्म ने राष्ट्रीय राजधानी समेत देश को हिलाकर रख दिया था और बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू करने के साथ ही दिल्ली को 'रेप कैपिटल' का तोहमत भी लगाया।टिप्पणियां
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। कुशवाहा ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें यह विश्वास था कि आरोपियों के खिलाफ मामला खड़ा उतरेगा।
उनके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त रमेश चंदर, इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर अतुल कुमार, छाया शर्मा (अब मिजोरम में डीआईजी उस समय पुलिस उपायुक्त) आदिश टीम में शामिल थे।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। कुशवाहा ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें यह विश्वास था कि आरोपियों के खिलाफ मामला खड़ा उतरेगा।
उनके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त रमेश चंदर, इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर अतुल कुमार, छाया शर्मा (अब मिजोरम में डीआईजी उस समय पुलिस उपायुक्त) आदिश टीम में शामिल थे।
उनके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त रमेश चंदर, इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर अतुल कुमार, छाया शर्मा (अब मिजोरम में डीआईजी उस समय पुलिस उपायुक्त) आदिश टीम में शामिल थे। | यहाँ एक सारांश है:23 वर्षीया प्रशिक्षु फीजियोथेरापिस्ट के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना में शामिल लोगों को दबोचने के लिए 100 पुलिसकर्मी शामिल थे। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सायना नेहवाल ने अपने दमदार खेल की बदौलत हैदराबाद हॉटशॉट्स टीम को इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण के दूसरे दिन गुरुवार जारी मुकाबले में अवध वॉरियर्स पर 2-0 की बढ़त दिला दी।
सायना ने महिला एकल मैच में वॉसियर्स की आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु को हराया। सायना ने यह मैच 21-19, 21-8 से जीता। यह मैच 38 मिनट चला। दोनों खिलाड़ियों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई। दर्शकों को इस मैच का खासा इंतजार था और इन दोनों ने किसी को निराश नहीं किया।
सायना और बीते दिनों विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य जीतने वाली सिंधु ने अपने दमदार खेल की बदौलत कई मौकों पर दर्शक दीर्घा में बैठे केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम को भी ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।
मैच शुरू होने से पहले चिदम्बरम और भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष अधिलेश दास गुप्ता ने दोनों खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
सायना ने मैच के बाद सिंधु की तारीफ की। पहले गेम में सिंधु के हाथों कई मौकों पर मात खाने के बारे में पूछे जाने पर सायना ने कहा कि सिंधु बेहतरीन खेल रही हैं और चूंकी यह मेरा पहला मैच था, लिहाजा एक तरह का दबाव था।टिप्पणियां
इससे पहले, दिन के पहले पुरुष एकल मैच में हॉटशॉट्स के एस थानोंगसाक ने वॉरियर्स गुरुसाई दत्त को हराया।
गुरुसाई विश्व वरीयता क्रम में 20वें क्रम पर हैं जबकि थानोंगसाक उनसे एक स्थान ऊपर 19वें क्रम पर हैं। थानोंगसाक ने यह मैच 15-21, 21-14, 11-9 से जीता। यह मैच लगभग एक घंटे चला।
सायना ने महिला एकल मैच में वॉसियर्स की आयकन खिलाड़ी पीवी सिंधु को हराया। सायना ने यह मैच 21-19, 21-8 से जीता। यह मैच 38 मिनट चला। दोनों खिलाड़ियों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई। दर्शकों को इस मैच का खासा इंतजार था और इन दोनों ने किसी को निराश नहीं किया।
सायना और बीते दिनों विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य जीतने वाली सिंधु ने अपने दमदार खेल की बदौलत कई मौकों पर दर्शक दीर्घा में बैठे केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम को भी ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।
मैच शुरू होने से पहले चिदम्बरम और भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष अधिलेश दास गुप्ता ने दोनों खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
सायना ने मैच के बाद सिंधु की तारीफ की। पहले गेम में सिंधु के हाथों कई मौकों पर मात खाने के बारे में पूछे जाने पर सायना ने कहा कि सिंधु बेहतरीन खेल रही हैं और चूंकी यह मेरा पहला मैच था, लिहाजा एक तरह का दबाव था।टिप्पणियां
इससे पहले, दिन के पहले पुरुष एकल मैच में हॉटशॉट्स के एस थानोंगसाक ने वॉरियर्स गुरुसाई दत्त को हराया।
गुरुसाई विश्व वरीयता क्रम में 20वें क्रम पर हैं जबकि थानोंगसाक उनसे एक स्थान ऊपर 19वें क्रम पर हैं। थानोंगसाक ने यह मैच 15-21, 21-14, 11-9 से जीता। यह मैच लगभग एक घंटे चला।
सायना और बीते दिनों विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य जीतने वाली सिंधु ने अपने दमदार खेल की बदौलत कई मौकों पर दर्शक दीर्घा में बैठे केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम को भी ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।
मैच शुरू होने से पहले चिदम्बरम और भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष अधिलेश दास गुप्ता ने दोनों खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
सायना ने मैच के बाद सिंधु की तारीफ की। पहले गेम में सिंधु के हाथों कई मौकों पर मात खाने के बारे में पूछे जाने पर सायना ने कहा कि सिंधु बेहतरीन खेल रही हैं और चूंकी यह मेरा पहला मैच था, लिहाजा एक तरह का दबाव था।टिप्पणियां
इससे पहले, दिन के पहले पुरुष एकल मैच में हॉटशॉट्स के एस थानोंगसाक ने वॉरियर्स गुरुसाई दत्त को हराया।
गुरुसाई विश्व वरीयता क्रम में 20वें क्रम पर हैं जबकि थानोंगसाक उनसे एक स्थान ऊपर 19वें क्रम पर हैं। थानोंगसाक ने यह मैच 15-21, 21-14, 11-9 से जीता। यह मैच लगभग एक घंटे चला।
मैच शुरू होने से पहले चिदम्बरम और भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष अधिलेश दास गुप्ता ने दोनों खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
सायना ने मैच के बाद सिंधु की तारीफ की। पहले गेम में सिंधु के हाथों कई मौकों पर मात खाने के बारे में पूछे जाने पर सायना ने कहा कि सिंधु बेहतरीन खेल रही हैं और चूंकी यह मेरा पहला मैच था, लिहाजा एक तरह का दबाव था।टिप्पणियां
इससे पहले, दिन के पहले पुरुष एकल मैच में हॉटशॉट्स के एस थानोंगसाक ने वॉरियर्स गुरुसाई दत्त को हराया।
गुरुसाई विश्व वरीयता क्रम में 20वें क्रम पर हैं जबकि थानोंगसाक उनसे एक स्थान ऊपर 19वें क्रम पर हैं। थानोंगसाक ने यह मैच 15-21, 21-14, 11-9 से जीता। यह मैच लगभग एक घंटे चला।
सायना ने मैच के बाद सिंधु की तारीफ की। पहले गेम में सिंधु के हाथों कई मौकों पर मात खाने के बारे में पूछे जाने पर सायना ने कहा कि सिंधु बेहतरीन खेल रही हैं और चूंकी यह मेरा पहला मैच था, लिहाजा एक तरह का दबाव था।टिप्पणियां
इससे पहले, दिन के पहले पुरुष एकल मैच में हॉटशॉट्स के एस थानोंगसाक ने वॉरियर्स गुरुसाई दत्त को हराया।
गुरुसाई विश्व वरीयता क्रम में 20वें क्रम पर हैं जबकि थानोंगसाक उनसे एक स्थान ऊपर 19वें क्रम पर हैं। थानोंगसाक ने यह मैच 15-21, 21-14, 11-9 से जीता। यह मैच लगभग एक घंटे चला।
इससे पहले, दिन के पहले पुरुष एकल मैच में हॉटशॉट्स के एस थानोंगसाक ने वॉरियर्स गुरुसाई दत्त को हराया।
गुरुसाई विश्व वरीयता क्रम में 20वें क्रम पर हैं जबकि थानोंगसाक उनसे एक स्थान ऊपर 19वें क्रम पर हैं। थानोंगसाक ने यह मैच 15-21, 21-14, 11-9 से जीता। यह मैच लगभग एक घंटे चला।
गुरुसाई विश्व वरीयता क्रम में 20वें क्रम पर हैं जबकि थानोंगसाक उनसे एक स्थान ऊपर 19वें क्रम पर हैं। थानोंगसाक ने यह मैच 15-21, 21-14, 11-9 से जीता। यह मैच लगभग एक घंटे चला। | सारांश: सायना नेहवाल ने अपने दमदार खेल की बदौलत हैदराबाद हॉटशॉट्स टीम को इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण के दूसरे दिन गुरुवार जारी मुकाबले में अवध वॉरियर्स पर 2-0 की बढ़त दिला दी। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूरे देश में यौन रूप से सक्रिय लोगों में से कम से कम 72 प्रतिशत लोगों ने नए साथी के साथ बिना किसी सुरक्षा के सेक्स किया। देश में कराए गए अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में शामिल कम से कम 40 फीसद युवाओं ने कहा कि जब उन्हें गर्भनिरोधकों की जरूरत होती है तो उन्हें इन्हें प्राप्त करने में परेशानी होती है वहीं 36 फीसद ने कहा कि उन्हें एक ऐसे नजदीकी मित्र अथवा परिवार के सदस्य के बारे में जानकारी है जिसे बिना पूर्व योजना के गर्भधारण हो गया। करीब एक तिहाई लोगों को मित्रों से गर्भनिरोधकों के बारे में गलत सूचना मिली। यह सर्वेक्षण इस वर्ष अप्रैल-मई में किया गया। यह सर्वेक्षण मुख्य तौर पर अनियोजित गर्भधारण और यौन संचारित संक्रमणों पर केंद्रित था। इंटरनेशनल प्लांड पैरेंटहुड फेडरेशन, पापुलेशन काउंसिल और वूमेन डिलीवर सहित 11 अंतरराष्ट्रीय गैरसरकारी संगठन इस पहल में शामिल थे जिसकी शुरुआत वर्ष 2007 में बेयर हेल्थकेयर ने विश्व गर्भनिरोधक दिवस (26 सितम्बर) के अवसर पर की थी। | यह एक सारांश है: पूरे देश में यौन रूप से सक्रिय लोगों में से कम से कम 72 प्रतिशत लोगों ने नए साथी के साथ बिना किसी सुरक्षा के सेक्स किया। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य पर रात बिताई. ऐसा करने वाले वो देश के पहले रक्षा मंत्री हैं. सिंह रातभर आईएनएस विक्रमादित्य में रुके और इस दौरान, उन्होंने पनडुब्बियों, फ्रिगेट्स और वाहक सहित विभिन्न सैन्य अभ्यासों को देखा. आईएनएस विक्रमादित्य विमानवाहक पोत है जिसपर मिग-29 लड़ाकू विमान तैनात हैं. रक्षा मंत्री ने नौसेना के पश्चिमी कमान के अदम्य साहस और मारक क्षमता का दीदार भी किया. पश्चिमी कमान के जवानों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, 'नौसेना हर खतरे से देश की रक्षा करने के पूरी तरह तैयार है. देश की सुरक्षा सुरक्षित हाथों में है.' उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि समुद्र में हम कितने शक्तिशाली हैं.'
पश्चिमी कमान की तारीफ करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि बालाकोट में आतंकी कैम्प पर हमले के बाद उत्तरी अरब सागर में जिस तरह पश्चिमी कमान ने अपनी तैनाती को धार दी उसके बाद हमारा मुख्य प्रतिद्वंद्वी समुद्र में कोई हिमाकत करने का साहस नहीं जुटा पाया. उन्होंने रविवार को आईएनएस विक्रमादित्य की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'भारतीय तटरेखा पर आतंकी हमले का खतरा कायम है क्योंकि पड़ोसी देश भारत को अस्थिर करने के लिए नापाक हरकतें कर रहा है.' तटरेखा पर आतंकवादी हमले के खतरों पर रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘दुनिया में हर देश के पास अपनी रक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए. हम किसी भी आशंका (आतंकवाद के खतरे) को हल्के में नहीं ले सकते.''
पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘जहां तक हमारे पड़ोसी देश की बात आती है, आपको पता है वह भारत को अस्थिर करने और तोड़ने के लिए लगातार नापाक हरकतें कर रहा है.'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि समुद्री सुरक्षा के लिए यहां हमारी भारतीय नौसेना दृढ़ एवं चौकस है. इसमें तनिक भी संदेह नहीं है.'' उन्होंने साथ ही कहा कि मुम्बई जैसा हमला दोबारा नहीं होने देंगे. सिंह ने कहा, ‘‘हम 26/11 हमले (मुम्बई आतंकवादी हमला) को भूल नहीं सकते. अगर कोई गलती एक बार हुई है, तो वह किसी कीमत पर दोबारा नहीं होनी चाहिए. इसलिए हमारी भारतीय नौसेना और तट रक्षक हमेशा सतर्क रहते हैं.'' | यहाँ एक सारांश है:रक्षामंत्री ने पाक पर साधा निशाना
विमानवाहक पोत पर सैन्य अभ्यास का लिया जायजा
नौसेना के पराक्रम की तारीफ की | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रोड शो के बाद उप मुख्यमंत्री मोदी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से कई सवाल किए. सुशील मोदी ने पूछा कि नेता प्रतिपक्ष बताएं कि वे आज तक समस्तीपुर और किशनगंज में चुनाव प्रचार करने क्यों नहीं गए? यह कथित महागठबंधन के खंड-खंड होने का प्रमाण है. कांग्रेस की सीट पर राजद, तो राजद प्रत्याशियों के क्षेत्र में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता, हम के जीतनराम मांझी व वीआईपी नेता प्रचार करने नहीं गए.
मोदी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के स्पष्ट कर देने के बाद अब बिहार में अटूट एनडीए को लेकर न कोई सवाल है और न ही किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश है. भाजपा-जदयू और लोजपा के सभी नेता व कार्यकर्ता उपचुनाव में विधानसभा की सभी पांच व लोकसभा की एक सीट समस्तीपुर में पूरी तरह से एकजुट साझा चुनाव प्रचार अभियान चलाकर एनडीए प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए लगातार जी-जान लगा रहे हैं.
सुशील मोदी के अनुसार जिस तरह से लोकसभा चुनाव-2019 में बिहार की जनता ने सभी क्षेत्रों में जाति,धर्म से ऊपर उठकर एनडीए के पक्ष में एकजुट होकर वोट किया और भारी सफलता दिलाई उसी तरह से वर्तमान उपचुनाव व आगामी विधानसभा चुनाव में भी उनका समर्थन मिलेगा. हताश, निराश और बिखरे हुए महागठबंधन के दलों व नेताओं पर बिहार की जनता कभी भरोसा नहीं करेगी. | संक्षिप्त सारांश: चिराग पासवान और जदयू सांसद रामनाथ ठाकुर भी मोदी के साथ रहे
तेजस्वी से पूछा- समस्तीपुर, किशनगंज में चुनाव प्रचार करने क्यों नहीं गए?
कहा- यह कथित महागठबंधन के खंड-खंड होने का प्रमाण | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राज्यसभा में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं चलकर विपक्षी नेताओं के पास गए और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत विभिन्न दलों के नेताओं से काफी देर तक बातचीत की.
उच्च सदन में आज भोजनवकाश की घोषणा होने के बाद मोदी विपक्षी दीर्घाओं के पास गए. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता कर्ण सिंह, आनन्द शर्मा आदि से बातचीत की. मोदी आम तौर पर सदन में गंभीर मुद्रा में रहने वाले मनमोहन का कुछ देर तक हाथ पकड़े रहे और दोनों को किसी बात पर हंसते हुए देखा गया.
मोदी ने इससे पहले जदयू नेता शरद यादव, तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर, कांग्रेस के सुब्बीरामी रेड्डी आदि से भी बातचीत की. उन्होंने बसपा प्रमुख का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और और जवाब में मायावती ने भी हाथ जोड़े. किन्तु दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई.
प्रधानमंत्री जब राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल और द्रमुक की कनिमोई से बात कर रहे थे, उसी समय विख्यात महिला बॉक्सर एवं मनोनीत मैरीकॉम एवं मनोनीत संभाजी राव भी वहां पहुंचे. मोदी मैरीकॉम और संभाजी राव के साथ काफी उत्साह से बात करते दिखे. इस दौरान उन्होंने संभाजी के कंधे पर हाथ रखा हुआ था. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में पिछले कई दिनों से नोटबंदी के मुद्दे पर हो रही चर्चा में प्रधानमंत्री की उपस्थिति की मांग पर विपक्ष के हंगामे के चलते गतिरोध बना हुआ है. आज बृहस्पतिवार होने के कारण प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री के तहत आने वाले मंत्रालयों से संबंधित मौखिक सवाल पूछे जाते हैं. इसीलिए मोदी आज उच्च सदन में आए थे. किन्तु सदन में प्रश्नकाल के बजाय अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाया गया और प्रधानमंत्री एक घंटे तक सदन में चर्चा सुनते रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उच्च सदन में आज भोजनवकाश की घोषणा होने के बाद मोदी विपक्षी दीर्घाओं के पास गए. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता कर्ण सिंह, आनन्द शर्मा आदि से बातचीत की. मोदी आम तौर पर सदन में गंभीर मुद्रा में रहने वाले मनमोहन का कुछ देर तक हाथ पकड़े रहे और दोनों को किसी बात पर हंसते हुए देखा गया.
मोदी ने इससे पहले जदयू नेता शरद यादव, तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर, कांग्रेस के सुब्बीरामी रेड्डी आदि से भी बातचीत की. उन्होंने बसपा प्रमुख का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और और जवाब में मायावती ने भी हाथ जोड़े. किन्तु दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई.
प्रधानमंत्री जब राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल और द्रमुक की कनिमोई से बात कर रहे थे, उसी समय विख्यात महिला बॉक्सर एवं मनोनीत मैरीकॉम एवं मनोनीत संभाजी राव भी वहां पहुंचे. मोदी मैरीकॉम और संभाजी राव के साथ काफी उत्साह से बात करते दिखे. इस दौरान उन्होंने संभाजी के कंधे पर हाथ रखा हुआ था. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में पिछले कई दिनों से नोटबंदी के मुद्दे पर हो रही चर्चा में प्रधानमंत्री की उपस्थिति की मांग पर विपक्ष के हंगामे के चलते गतिरोध बना हुआ है. आज बृहस्पतिवार होने के कारण प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री के तहत आने वाले मंत्रालयों से संबंधित मौखिक सवाल पूछे जाते हैं. इसीलिए मोदी आज उच्च सदन में आए थे. किन्तु सदन में प्रश्नकाल के बजाय अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाया गया और प्रधानमंत्री एक घंटे तक सदन में चर्चा सुनते रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी ने इससे पहले जदयू नेता शरद यादव, तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर, कांग्रेस के सुब्बीरामी रेड्डी आदि से भी बातचीत की. उन्होंने बसपा प्रमुख का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और और जवाब में मायावती ने भी हाथ जोड़े. किन्तु दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई.
प्रधानमंत्री जब राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल और द्रमुक की कनिमोई से बात कर रहे थे, उसी समय विख्यात महिला बॉक्सर एवं मनोनीत मैरीकॉम एवं मनोनीत संभाजी राव भी वहां पहुंचे. मोदी मैरीकॉम और संभाजी राव के साथ काफी उत्साह से बात करते दिखे. इस दौरान उन्होंने संभाजी के कंधे पर हाथ रखा हुआ था. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में पिछले कई दिनों से नोटबंदी के मुद्दे पर हो रही चर्चा में प्रधानमंत्री की उपस्थिति की मांग पर विपक्ष के हंगामे के चलते गतिरोध बना हुआ है. आज बृहस्पतिवार होने के कारण प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री के तहत आने वाले मंत्रालयों से संबंधित मौखिक सवाल पूछे जाते हैं. इसीलिए मोदी आज उच्च सदन में आए थे. किन्तु सदन में प्रश्नकाल के बजाय अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाया गया और प्रधानमंत्री एक घंटे तक सदन में चर्चा सुनते रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री जब राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल और द्रमुक की कनिमोई से बात कर रहे थे, उसी समय विख्यात महिला बॉक्सर एवं मनोनीत मैरीकॉम एवं मनोनीत संभाजी राव भी वहां पहुंचे. मोदी मैरीकॉम और संभाजी राव के साथ काफी उत्साह से बात करते दिखे. इस दौरान उन्होंने संभाजी के कंधे पर हाथ रखा हुआ था. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में पिछले कई दिनों से नोटबंदी के मुद्दे पर हो रही चर्चा में प्रधानमंत्री की उपस्थिति की मांग पर विपक्ष के हंगामे के चलते गतिरोध बना हुआ है. आज बृहस्पतिवार होने के कारण प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री के तहत आने वाले मंत्रालयों से संबंधित मौखिक सवाल पूछे जाते हैं. इसीलिए मोदी आज उच्च सदन में आए थे. किन्तु सदन में प्रश्नकाल के बजाय अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाया गया और प्रधानमंत्री एक घंटे तक सदन में चर्चा सुनते रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में पिछले कई दिनों से नोटबंदी के मुद्दे पर हो रही चर्चा में प्रधानमंत्री की उपस्थिति की मांग पर विपक्ष के हंगामे के चलते गतिरोध बना हुआ है. आज बृहस्पतिवार होने के कारण प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री के तहत आने वाले मंत्रालयों से संबंधित मौखिक सवाल पूछे जाते हैं. इसीलिए मोदी आज उच्च सदन में आए थे. किन्तु सदन में प्रश्नकाल के बजाय अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाया गया और प्रधानमंत्री एक घंटे तक सदन में चर्चा सुनते रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कर्ण सिंह, आनन्द शर्मा आदि से की चर्चा
मनमोहन का कुछ देर हाथ पकड़े रहे और दोनों हंसते हुए दिखे
मोदी ने मैरीकॉम और संभाजी राव के साथ काफी उत्साह से बात की | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले साल अमेरिका के मिशिगन प्रांत की एक अदालत ने एक कुत्ते को दूसरे कुत्ते की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई थी. पर बाद में मारे गए कुत्ते से उसका डीएनए टेस्ट का मिलान न होने पर उसे बरी कर दिया.
यह मामला मिशिगन प्रांत का है जहां ‘जेब’ नाम के कुत्ते पर पड़ोस के घर में रहने वाले ‘व्लाड’ नाम के कुत्ते की हत्या का आरोप लगा लेकिन कई सप्ताह तक मौत की सजा पर रहने के बाद वह बरी होकर अपने मालिक के पास वापस लौट आया.टिप्पणियां
बेल्जियाई मालिनोइस नस्ल के अपने कुत्ते को वापस पाकर कीनिथ जॉब काफी भावुक हो गए और उसे देखकर उन्होंने कहा कि जेब की त्वचा काफी भद्दी दिख रही है लेकिन वह जिंदा है. जॉब ने ‘टाइम्स हेराल्ड’ से कहा, मुझे बोलने के लिए मत कहो क्योंकि मैं रोने लगूंगा.
मिशिगन के डेटरोइट शहर से 50 मील दूर उत्तर पूर्व में सेंट क्लेयर टाउनशिप में 24 अगस्त को व्लाड का शव मिला और जेब को उसकी लाश के पास खड़ा देखा गया. प्रशासन ने बताया कि पोमेरानियन नस्ल के मरे कुत्ते की चोटों से संकेत मिला कि उसे किसी बड़े जानवर ने मारा है.
यह मामला मिशिगन प्रांत का है जहां ‘जेब’ नाम के कुत्ते पर पड़ोस के घर में रहने वाले ‘व्लाड’ नाम के कुत्ते की हत्या का आरोप लगा लेकिन कई सप्ताह तक मौत की सजा पर रहने के बाद वह बरी होकर अपने मालिक के पास वापस लौट आया.टिप्पणियां
बेल्जियाई मालिनोइस नस्ल के अपने कुत्ते को वापस पाकर कीनिथ जॉब काफी भावुक हो गए और उसे देखकर उन्होंने कहा कि जेब की त्वचा काफी भद्दी दिख रही है लेकिन वह जिंदा है. जॉब ने ‘टाइम्स हेराल्ड’ से कहा, मुझे बोलने के लिए मत कहो क्योंकि मैं रोने लगूंगा.
मिशिगन के डेटरोइट शहर से 50 मील दूर उत्तर पूर्व में सेंट क्लेयर टाउनशिप में 24 अगस्त को व्लाड का शव मिला और जेब को उसकी लाश के पास खड़ा देखा गया. प्रशासन ने बताया कि पोमेरानियन नस्ल के मरे कुत्ते की चोटों से संकेत मिला कि उसे किसी बड़े जानवर ने मारा है.
बेल्जियाई मालिनोइस नस्ल के अपने कुत्ते को वापस पाकर कीनिथ जॉब काफी भावुक हो गए और उसे देखकर उन्होंने कहा कि जेब की त्वचा काफी भद्दी दिख रही है लेकिन वह जिंदा है. जॉब ने ‘टाइम्स हेराल्ड’ से कहा, मुझे बोलने के लिए मत कहो क्योंकि मैं रोने लगूंगा.
मिशिगन के डेटरोइट शहर से 50 मील दूर उत्तर पूर्व में सेंट क्लेयर टाउनशिप में 24 अगस्त को व्लाड का शव मिला और जेब को उसकी लाश के पास खड़ा देखा गया. प्रशासन ने बताया कि पोमेरानियन नस्ल के मरे कुत्ते की चोटों से संकेत मिला कि उसे किसी बड़े जानवर ने मारा है.
मिशिगन के डेटरोइट शहर से 50 मील दूर उत्तर पूर्व में सेंट क्लेयर टाउनशिप में 24 अगस्त को व्लाड का शव मिला और जेब को उसकी लाश के पास खड़ा देखा गया. प्रशासन ने बताया कि पोमेरानियन नस्ल के मरे कुत्ते की चोटों से संकेत मिला कि उसे किसी बड़े जानवर ने मारा है. | सारांश: कुत्ते को भौंकने से रोकने के लिए उसके मुंह पर लपेटा था टेप
कोर्ट ने दोषी को पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई है
जज ने कहा, काश मैं दोषी को और भी ज्यादा कड़ी सजा दे पाता | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली वनडे में टीम इंडिया की हार पर चर्चा करते हुए पूर्व कप्तान और सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया को नसीहत देते हुए कहा है कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि न्यूजीलैंड की टीम वनडे वर्ल्ड कप की उपविजेता है. उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. टेस्ट की बात अलग थी, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम वनडे और टी-20 में बेहतर है, क्योंकि उसके पास कई शानदार बल्लेबाज और गेंदबाज हैं. उन्होंने टीम इंडिया की हार के अन्य कारण भी गिनाए, जिनमें से रनों का पीछा करते समय सही शुरुआत नहीं मिलना भी एक है.
सुनील गावस्कर ने 243 रन के छोटे लक्ष्य का भी पीछा नहीं कर पाने पर बात करते हुए NDTV से कहा कि इससे कुछ प्रश्न खड़े हो गए हैं. कोटला वनडे में हार का मतलब है कि अब सीरीज 1-1 से बराबरी पर आ गई है, जबकि लक्ष्य छोटा था. गौरतलब है कि पहले वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी.
उन्होंने आगे कहा, महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधरों को इसलिए संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि उन्हें सही शुरुआत नहीं मिली. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को थोड़ा अधिक धैर्य दिखाना था.
गावस्कर ने कहा, 'भारत पर लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआत से ही दबाव था. उस पर टीम इंडिया को सही शुरुआत नहीं मिली. रोहित शर्मा जैसा बल्लेबाज मैच को अकेले ही खींचकर ले जाने की क्षमता रखता है, लेकिन वह जल्दी ही आउट हो गए. कुछ ऐसा ही विराट कोहली के साथ भी हुआ. यही वह कारण थे जिनसे इंडिया लक्ष्य का पीछा करने में सफल नहीं हो पाई.'
भारतीय बल्लेबाजों की गलतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'वनडे में भी बल्लेबाज के पास बड़े शॉट खेलने का समय होता है, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने विकेट पर समय नहीं बिताया और जल्दी आउट हो गए.'
गावस्कर ने कीवी टीम के कप्तान केन विलियम्सन की तारीफ की. गौरतलब है कि विलियम्सन ने 118 रन की पारी खेली थी और मैन ऑफ द मैच रहे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के उपविजेता हैं. उनके पास विलियम्सन, टॉम लाथम, मार्टिन गप्टिल जैसे अच्छे बल्लेबाज हैं और उनकी गेंदबाजी भी अच्छी है. मिचेल सैंटनर बहुत अच्छी गेंदबाजी करते हैं और उनकी फील्डिंग भी कमाल की है.'
विलियम्सन की कप्तानी पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'केन विलियम्सन ने खुद अच्छा प्रदर्शन करके उदाहरण रखते हुए कप्तानी की और टीम उससे प्रेरित हुई. उन्होंने अपनी आलाोचनाओं का भी बखूबी जवाब दिया. कुल मिलाकर वनडे में कीवी टीम बहुत ही अच्छी है.'
सुनील गावस्कर ने 243 रन के छोटे लक्ष्य का भी पीछा नहीं कर पाने पर बात करते हुए NDTV से कहा कि इससे कुछ प्रश्न खड़े हो गए हैं. कोटला वनडे में हार का मतलब है कि अब सीरीज 1-1 से बराबरी पर आ गई है, जबकि लक्ष्य छोटा था. गौरतलब है कि पहले वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी.
उन्होंने आगे कहा, महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधरों को इसलिए संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि उन्हें सही शुरुआत नहीं मिली. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को थोड़ा अधिक धैर्य दिखाना था.
गावस्कर ने कहा, 'भारत पर लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआत से ही दबाव था. उस पर टीम इंडिया को सही शुरुआत नहीं मिली. रोहित शर्मा जैसा बल्लेबाज मैच को अकेले ही खींचकर ले जाने की क्षमता रखता है, लेकिन वह जल्दी ही आउट हो गए. कुछ ऐसा ही विराट कोहली के साथ भी हुआ. यही वह कारण थे जिनसे इंडिया लक्ष्य का पीछा करने में सफल नहीं हो पाई.'
भारतीय बल्लेबाजों की गलतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'वनडे में भी बल्लेबाज के पास बड़े शॉट खेलने का समय होता है, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने विकेट पर समय नहीं बिताया और जल्दी आउट हो गए.'
गावस्कर ने कीवी टीम के कप्तान केन विलियम्सन की तारीफ की. गौरतलब है कि विलियम्सन ने 118 रन की पारी खेली थी और मैन ऑफ द मैच रहे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के उपविजेता हैं. उनके पास विलियम्सन, टॉम लाथम, मार्टिन गप्टिल जैसे अच्छे बल्लेबाज हैं और उनकी गेंदबाजी भी अच्छी है. मिचेल सैंटनर बहुत अच्छी गेंदबाजी करते हैं और उनकी फील्डिंग भी कमाल की है.'
विलियम्सन की कप्तानी पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'केन विलियम्सन ने खुद अच्छा प्रदर्शन करके उदाहरण रखते हुए कप्तानी की और टीम उससे प्रेरित हुई. उन्होंने अपनी आलाोचनाओं का भी बखूबी जवाब दिया. कुल मिलाकर वनडे में कीवी टीम बहुत ही अच्छी है.'
उन्होंने आगे कहा, महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधरों को इसलिए संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि उन्हें सही शुरुआत नहीं मिली. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को थोड़ा अधिक धैर्य दिखाना था.
गावस्कर ने कहा, 'भारत पर लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआत से ही दबाव था. उस पर टीम इंडिया को सही शुरुआत नहीं मिली. रोहित शर्मा जैसा बल्लेबाज मैच को अकेले ही खींचकर ले जाने की क्षमता रखता है, लेकिन वह जल्दी ही आउट हो गए. कुछ ऐसा ही विराट कोहली के साथ भी हुआ. यही वह कारण थे जिनसे इंडिया लक्ष्य का पीछा करने में सफल नहीं हो पाई.'
भारतीय बल्लेबाजों की गलतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'वनडे में भी बल्लेबाज के पास बड़े शॉट खेलने का समय होता है, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने विकेट पर समय नहीं बिताया और जल्दी आउट हो गए.'
गावस्कर ने कीवी टीम के कप्तान केन विलियम्सन की तारीफ की. गौरतलब है कि विलियम्सन ने 118 रन की पारी खेली थी और मैन ऑफ द मैच रहे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के उपविजेता हैं. उनके पास विलियम्सन, टॉम लाथम, मार्टिन गप्टिल जैसे अच्छे बल्लेबाज हैं और उनकी गेंदबाजी भी अच्छी है. मिचेल सैंटनर बहुत अच्छी गेंदबाजी करते हैं और उनकी फील्डिंग भी कमाल की है.'
विलियम्सन की कप्तानी पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'केन विलियम्सन ने खुद अच्छा प्रदर्शन करके उदाहरण रखते हुए कप्तानी की और टीम उससे प्रेरित हुई. उन्होंने अपनी आलाोचनाओं का भी बखूबी जवाब दिया. कुल मिलाकर वनडे में कीवी टीम बहुत ही अच्छी है.'
गावस्कर ने कहा, 'भारत पर लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआत से ही दबाव था. उस पर टीम इंडिया को सही शुरुआत नहीं मिली. रोहित शर्मा जैसा बल्लेबाज मैच को अकेले ही खींचकर ले जाने की क्षमता रखता है, लेकिन वह जल्दी ही आउट हो गए. कुछ ऐसा ही विराट कोहली के साथ भी हुआ. यही वह कारण थे जिनसे इंडिया लक्ष्य का पीछा करने में सफल नहीं हो पाई.'
भारतीय बल्लेबाजों की गलतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'वनडे में भी बल्लेबाज के पास बड़े शॉट खेलने का समय होता है, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने विकेट पर समय नहीं बिताया और जल्दी आउट हो गए.'
गावस्कर ने कीवी टीम के कप्तान केन विलियम्सन की तारीफ की. गौरतलब है कि विलियम्सन ने 118 रन की पारी खेली थी और मैन ऑफ द मैच रहे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के उपविजेता हैं. उनके पास विलियम्सन, टॉम लाथम, मार्टिन गप्टिल जैसे अच्छे बल्लेबाज हैं और उनकी गेंदबाजी भी अच्छी है. मिचेल सैंटनर बहुत अच्छी गेंदबाजी करते हैं और उनकी फील्डिंग भी कमाल की है.'
विलियम्सन की कप्तानी पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'केन विलियम्सन ने खुद अच्छा प्रदर्शन करके उदाहरण रखते हुए कप्तानी की और टीम उससे प्रेरित हुई. उन्होंने अपनी आलाोचनाओं का भी बखूबी जवाब दिया. कुल मिलाकर वनडे में कीवी टीम बहुत ही अच्छी है.'
भारतीय बल्लेबाजों की गलतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'वनडे में भी बल्लेबाज के पास बड़े शॉट खेलने का समय होता है, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने विकेट पर समय नहीं बिताया और जल्दी आउट हो गए.'
गावस्कर ने कीवी टीम के कप्तान केन विलियम्सन की तारीफ की. गौरतलब है कि विलियम्सन ने 118 रन की पारी खेली थी और मैन ऑफ द मैच रहे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के उपविजेता हैं. उनके पास विलियम्सन, टॉम लाथम, मार्टिन गप्टिल जैसे अच्छे बल्लेबाज हैं और उनकी गेंदबाजी भी अच्छी है. मिचेल सैंटनर बहुत अच्छी गेंदबाजी करते हैं और उनकी फील्डिंग भी कमाल की है.'
विलियम्सन की कप्तानी पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'केन विलियम्सन ने खुद अच्छा प्रदर्शन करके उदाहरण रखते हुए कप्तानी की और टीम उससे प्रेरित हुई. उन्होंने अपनी आलाोचनाओं का भी बखूबी जवाब दिया. कुल मिलाकर वनडे में कीवी टीम बहुत ही अच्छी है.'
गावस्कर ने कीवी टीम के कप्तान केन विलियम्सन की तारीफ की. गौरतलब है कि विलियम्सन ने 118 रन की पारी खेली थी और मैन ऑफ द मैच रहे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के उपविजेता हैं. उनके पास विलियम्सन, टॉम लाथम, मार्टिन गप्टिल जैसे अच्छे बल्लेबाज हैं और उनकी गेंदबाजी भी अच्छी है. मिचेल सैंटनर बहुत अच्छी गेंदबाजी करते हैं और उनकी फील्डिंग भी कमाल की है.'
विलियम्सन की कप्तानी पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'केन विलियम्सन ने खुद अच्छा प्रदर्शन करके उदाहरण रखते हुए कप्तानी की और टीम उससे प्रेरित हुई. उन्होंने अपनी आलाोचनाओं का भी बखूबी जवाब दिया. कुल मिलाकर वनडे में कीवी टीम बहुत ही अच्छी है.'
उन्होंने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के उपविजेता हैं. उनके पास विलियम्सन, टॉम लाथम, मार्टिन गप्टिल जैसे अच्छे बल्लेबाज हैं और उनकी गेंदबाजी भी अच्छी है. मिचेल सैंटनर बहुत अच्छी गेंदबाजी करते हैं और उनकी फील्डिंग भी कमाल की है.'
विलियम्सन की कप्तानी पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'केन विलियम्सन ने खुद अच्छा प्रदर्शन करके उदाहरण रखते हुए कप्तानी की और टीम उससे प्रेरित हुई. उन्होंने अपनी आलाोचनाओं का भी बखूबी जवाब दिया. कुल मिलाकर वनडे में कीवी टीम बहुत ही अच्छी है.'
विलियम्सन की कप्तानी पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'केन विलियम्सन ने खुद अच्छा प्रदर्शन करके उदाहरण रखते हुए कप्तानी की और टीम उससे प्रेरित हुई. उन्होंने अपनी आलाोचनाओं का भी बखूबी जवाब दिया. कुल मिलाकर वनडे में कीवी टीम बहुत ही अच्छी है.' | सारांश: दिल्ली में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजी बिखर गई थी
टीम इंडिया की ओर से केदार जाधव ने बनाए थे सर्वाधिक 41 रन
कप्तान धोनी ने 39 रन बनाए थे, लेकिन अहम मौके पर आउट हो गए | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को निचली अदालत द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रेवती रमण सिंह को 2008 के वोट के बदले नोट मामले में भेजे गए सम्मन पर 15 नवम्बर तक के लिए रोक लगा दी है। निचली अदालत ने सांसद को तीन नवम्बर को पेश होने को कहा था। न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा, "15 नवम्बर को अगली सुनवाई होने तक निचली अदालत की कार्यवाही रोक दी जाए।" वोट के बदले नोट मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते दिल्ली पुलिस को रेवती रमण सिंह को भी इस मामले में आरोपी बनाने के लिए कहा था। अदालत ने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं जो यह दिखाते हैं कि सांसद आपराधिक साजिश में शामिल थे। लोकसभा में विश्वास मत के दौरान 22 जुलाई 2008 को भारतीय जनता पार्टी के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, महावीर भगोरा और अशोक अर्गल ने नोटों की गड्डियां लहराते आरोप लगाया था कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के पक्ष में मत देने के लिए उन्हें यह पैसे दिए गए हैं। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में दिल्ली पुलिस को फटकार लगाने के बाद सबसे पहले अमर सिंह के पूर्व सचिव संजीव सक्सेना की गिरफ्तारी हुई। उसके बाद सुहैल हिंदुस्तानी और पूर्व सांसदों कुलस्ते एवं भगोरा की गिरफ्तारी हुई। | यहाँ एक सारांश है:हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सपा सांसद रेवती रमण सिंह को 2008 के वोट के बदले नोट मामले में भेजे गए सम्मन पर 15 नवम्बर तक रोक लगा दी। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सेना प्रमुख के पद से बुधवार को सेवानिवृत्त हुए वीके सिंह ने आज लेफ्टिनेंट जनरल दलवीर सिंह सुहाग को आज फिर आड़े-हाथों लेते हुए कहा कि वह इस बात से हैरान रह गए कि फर्जी मुठभेड़ के आरोपों की जांच नहीं की गई।टिप्पणियां
असम में नाकाम खुफिया अभियान के कारण सिंह ने पहले ही सुहाग की पदोन्नति पर रोक लगा दी थी। आज उन्होंने मार्च, 2010 की कथित फर्जी मुठभेड़ का जिक्र किया।
वीके सिंह ने कहा, ‘‘जब मुझे कुछ लिखा गया तो मैं इसे संबंधित विभाग के पास भेजूंगा। इस मामले की जांच के लिए कहा गया था। जहां तक मुझे जानकारी है कि मामले की जांच नहीं की गई है। इस मामले को हम गंभीरता से ले रहे हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि इस मामले पर हुई प्रगति से उन्हें हैरानी हुई तो जनरल सिंह ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर। इसको लेकर सभी चिंतित थे कि इस तरह की घटना होती है और उसकी जांच नहीं हो रही है। इस मामले में कार्रवाई होने पर आप ज्यादा कुछ सुनेंगे।’’
असम में नाकाम खुफिया अभियान के कारण सिंह ने पहले ही सुहाग की पदोन्नति पर रोक लगा दी थी। आज उन्होंने मार्च, 2010 की कथित फर्जी मुठभेड़ का जिक्र किया।
वीके सिंह ने कहा, ‘‘जब मुझे कुछ लिखा गया तो मैं इसे संबंधित विभाग के पास भेजूंगा। इस मामले की जांच के लिए कहा गया था। जहां तक मुझे जानकारी है कि मामले की जांच नहीं की गई है। इस मामले को हम गंभीरता से ले रहे हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि इस मामले पर हुई प्रगति से उन्हें हैरानी हुई तो जनरल सिंह ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर। इसको लेकर सभी चिंतित थे कि इस तरह की घटना होती है और उसकी जांच नहीं हो रही है। इस मामले में कार्रवाई होने पर आप ज्यादा कुछ सुनेंगे।’’
वीके सिंह ने कहा, ‘‘जब मुझे कुछ लिखा गया तो मैं इसे संबंधित विभाग के पास भेजूंगा। इस मामले की जांच के लिए कहा गया था। जहां तक मुझे जानकारी है कि मामले की जांच नहीं की गई है। इस मामले को हम गंभीरता से ले रहे हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि इस मामले पर हुई प्रगति से उन्हें हैरानी हुई तो जनरल सिंह ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर। इसको लेकर सभी चिंतित थे कि इस तरह की घटना होती है और उसकी जांच नहीं हो रही है। इस मामले में कार्रवाई होने पर आप ज्यादा कुछ सुनेंगे।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेना प्रमुख के पद से बुधवार को सेवानिवृत्त हुए वीके सिंह ने आज लेफ्टिनेंट जनरल दलवीर सिंह सुहाग को आज फिर आड़े-हाथों लेते हुए कहा कि वह इस बात से हैरान रह गए कि फर्जी मुठभेड़ के आरोपों की जांच नहीं की गई। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश के गुंटूर के किसान अप्पा राव के पास जब कोई चारा नहीं बचा तो उसने अपनी किडनी बेच दी। 30 साल के इस किसान
करीब एक साल पहले अपनी किडनी बेची थी। उसे तब दलाल द्वारा कहा गया था कि किडनी के लिए साढ़े चार लाख रुपये दिए जाएंगे। अप्पा को दलाल तमाम कागजात दिखाए और बताया कि पूरी प्रक्रिया कानून के तहत हो रही है। उन कागजातों में तमाम सरकारी अधिकारियों और डॉक्टरों के दस्तखत थे। इन पूरे कागजातों में यह कहा गया कि अप्पा राव ने अपनी किडनी अपनी मर्जी से पाने वाले के प्रति लगाव की वजह से दान में दी है। इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद अप्पा राव को मात्र एक तिहाई रकम ही दी गई।
अपनी किडनी को 'बेच' देने के निर्णय का कारण बताते हुए अप्पा राव ने कहा कि 2009 में बारिश की वजह से उनकी फसल पूरी तरह बरबाद हो गई। फिर छोटा कारोबार करने के लिए अप्पा ने बाजार में निजी व्यवसायी से ऊंचे ब्याज पर पैसा लिया था। ब्याज की वजह से मासिक शुल्क बहुत ज्यादा हो गया था। इसके बाद जैसे ही किडनी बेचने का प्रस्ताव अप्पा नकार नहीं पाए।
जब अप्पा ने इस बारे में अपने घर में चर्चा की तब उसकी बीवी और मां ने ऐसा कुछ भी करने मना कर दिया लेकिन मैंने कहा कि अब आत्महत्या करने के अलावा कोई और चारा भी नहीं रह गया है।
अप्पा ने कहा, दलाल ने धोखा दिया और करीब दो लाख से ज्यादा रुपया नहीं दिया। लेकिन मैं अब किसी से कुछ कह भी नहीं सकता। अब मेरी सेहत खराब हो चुकी है। काम नहीं कर सकता। मुझे अपना गांव छोड़ना पड़ा है और नाम छुपाकर रहना पड़ रहा है।
बता दें कि आंध्र के गुंटूर में तमाम किसान मिर्च और कपास की खेती करते हैं। सूखा, तूफान और गैर-मौसमी बारिश ने उनकी फसल को चौपट कर दिया है।
स्थानीय लोगों को अप्पा राव की कहानी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। पलानाडू इलाके के भी तमाम किसानों की भी लगभग यही कहानी है। हालात अब यह हो गए हैं कि कुछ अब खुद ही दलाली का काम करने लगे हैं।
इन मामलों का कागजात बताते हैं कि किडनी निकालने की सर्जरी हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में की गई है और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए। तमाम किडनी बेचने वाले अपना नाम तक बताने को राजी नहीं होते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वे खुद कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई करके भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कोर्ट में कागजात पर सब निर्भर करता है। अभी तक इन मामलों में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है।
करीब एक साल पहले अपनी किडनी बेची थी। उसे तब दलाल द्वारा कहा गया था कि किडनी के लिए साढ़े चार लाख रुपये दिए जाएंगे। अप्पा को दलाल तमाम कागजात दिखाए और बताया कि पूरी प्रक्रिया कानून के तहत हो रही है। उन कागजातों में तमाम सरकारी अधिकारियों और डॉक्टरों के दस्तखत थे। इन पूरे कागजातों में यह कहा गया कि अप्पा राव ने अपनी किडनी अपनी मर्जी से पाने वाले के प्रति लगाव की वजह से दान में दी है। इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद अप्पा राव को मात्र एक तिहाई रकम ही दी गई।
अपनी किडनी को 'बेच' देने के निर्णय का कारण बताते हुए अप्पा राव ने कहा कि 2009 में बारिश की वजह से उनकी फसल पूरी तरह बरबाद हो गई। फिर छोटा कारोबार करने के लिए अप्पा ने बाजार में निजी व्यवसायी से ऊंचे ब्याज पर पैसा लिया था। ब्याज की वजह से मासिक शुल्क बहुत ज्यादा हो गया था। इसके बाद जैसे ही किडनी बेचने का प्रस्ताव अप्पा नकार नहीं पाए।
जब अप्पा ने इस बारे में अपने घर में चर्चा की तब उसकी बीवी और मां ने ऐसा कुछ भी करने मना कर दिया लेकिन मैंने कहा कि अब आत्महत्या करने के अलावा कोई और चारा भी नहीं रह गया है।
अप्पा ने कहा, दलाल ने धोखा दिया और करीब दो लाख से ज्यादा रुपया नहीं दिया। लेकिन मैं अब किसी से कुछ कह भी नहीं सकता। अब मेरी सेहत खराब हो चुकी है। काम नहीं कर सकता। मुझे अपना गांव छोड़ना पड़ा है और नाम छुपाकर रहना पड़ रहा है।
बता दें कि आंध्र के गुंटूर में तमाम किसान मिर्च और कपास की खेती करते हैं। सूखा, तूफान और गैर-मौसमी बारिश ने उनकी फसल को चौपट कर दिया है।
स्थानीय लोगों को अप्पा राव की कहानी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। पलानाडू इलाके के भी तमाम किसानों की भी लगभग यही कहानी है। हालात अब यह हो गए हैं कि कुछ अब खुद ही दलाली का काम करने लगे हैं।
इन मामलों का कागजात बताते हैं कि किडनी निकालने की सर्जरी हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में की गई है और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए। तमाम किडनी बेचने वाले अपना नाम तक बताने को राजी नहीं होते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वे खुद कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई करके भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कोर्ट में कागजात पर सब निर्भर करता है। अभी तक इन मामलों में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है।
अपनी किडनी को 'बेच' देने के निर्णय का कारण बताते हुए अप्पा राव ने कहा कि 2009 में बारिश की वजह से उनकी फसल पूरी तरह बरबाद हो गई। फिर छोटा कारोबार करने के लिए अप्पा ने बाजार में निजी व्यवसायी से ऊंचे ब्याज पर पैसा लिया था। ब्याज की वजह से मासिक शुल्क बहुत ज्यादा हो गया था। इसके बाद जैसे ही किडनी बेचने का प्रस्ताव अप्पा नकार नहीं पाए।
जब अप्पा ने इस बारे में अपने घर में चर्चा की तब उसकी बीवी और मां ने ऐसा कुछ भी करने मना कर दिया लेकिन मैंने कहा कि अब आत्महत्या करने के अलावा कोई और चारा भी नहीं रह गया है।
अप्पा ने कहा, दलाल ने धोखा दिया और करीब दो लाख से ज्यादा रुपया नहीं दिया। लेकिन मैं अब किसी से कुछ कह भी नहीं सकता। अब मेरी सेहत खराब हो चुकी है। काम नहीं कर सकता। मुझे अपना गांव छोड़ना पड़ा है और नाम छुपाकर रहना पड़ रहा है।
बता दें कि आंध्र के गुंटूर में तमाम किसान मिर्च और कपास की खेती करते हैं। सूखा, तूफान और गैर-मौसमी बारिश ने उनकी फसल को चौपट कर दिया है।
स्थानीय लोगों को अप्पा राव की कहानी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। पलानाडू इलाके के भी तमाम किसानों की भी लगभग यही कहानी है। हालात अब यह हो गए हैं कि कुछ अब खुद ही दलाली का काम करने लगे हैं।
इन मामलों का कागजात बताते हैं कि किडनी निकालने की सर्जरी हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में की गई है और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए। तमाम किडनी बेचने वाले अपना नाम तक बताने को राजी नहीं होते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वे खुद कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई करके भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कोर्ट में कागजात पर सब निर्भर करता है। अभी तक इन मामलों में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है।
जब अप्पा ने इस बारे में अपने घर में चर्चा की तब उसकी बीवी और मां ने ऐसा कुछ भी करने मना कर दिया लेकिन मैंने कहा कि अब आत्महत्या करने के अलावा कोई और चारा भी नहीं रह गया है।
अप्पा ने कहा, दलाल ने धोखा दिया और करीब दो लाख से ज्यादा रुपया नहीं दिया। लेकिन मैं अब किसी से कुछ कह भी नहीं सकता। अब मेरी सेहत खराब हो चुकी है। काम नहीं कर सकता। मुझे अपना गांव छोड़ना पड़ा है और नाम छुपाकर रहना पड़ रहा है।
बता दें कि आंध्र के गुंटूर में तमाम किसान मिर्च और कपास की खेती करते हैं। सूखा, तूफान और गैर-मौसमी बारिश ने उनकी फसल को चौपट कर दिया है।
स्थानीय लोगों को अप्पा राव की कहानी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। पलानाडू इलाके के भी तमाम किसानों की भी लगभग यही कहानी है। हालात अब यह हो गए हैं कि कुछ अब खुद ही दलाली का काम करने लगे हैं।
इन मामलों का कागजात बताते हैं कि किडनी निकालने की सर्जरी हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में की गई है और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए। तमाम किडनी बेचने वाले अपना नाम तक बताने को राजी नहीं होते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वे खुद कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई करके भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कोर्ट में कागजात पर सब निर्भर करता है। अभी तक इन मामलों में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है।
अप्पा ने कहा, दलाल ने धोखा दिया और करीब दो लाख से ज्यादा रुपया नहीं दिया। लेकिन मैं अब किसी से कुछ कह भी नहीं सकता। अब मेरी सेहत खराब हो चुकी है। काम नहीं कर सकता। मुझे अपना गांव छोड़ना पड़ा है और नाम छुपाकर रहना पड़ रहा है।
बता दें कि आंध्र के गुंटूर में तमाम किसान मिर्च और कपास की खेती करते हैं। सूखा, तूफान और गैर-मौसमी बारिश ने उनकी फसल को चौपट कर दिया है।
स्थानीय लोगों को अप्पा राव की कहानी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। पलानाडू इलाके के भी तमाम किसानों की भी लगभग यही कहानी है। हालात अब यह हो गए हैं कि कुछ अब खुद ही दलाली का काम करने लगे हैं।
इन मामलों का कागजात बताते हैं कि किडनी निकालने की सर्जरी हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में की गई है और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए। तमाम किडनी बेचने वाले अपना नाम तक बताने को राजी नहीं होते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वे खुद कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई करके भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कोर्ट में कागजात पर सब निर्भर करता है। अभी तक इन मामलों में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है।
स्थानीय लोगों को अप्पा राव की कहानी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। पलानाडू इलाके के भी तमाम किसानों की भी लगभग यही कहानी है। हालात अब यह हो गए हैं कि कुछ अब खुद ही दलाली का काम करने लगे हैं।
इन मामलों का कागजात बताते हैं कि किडनी निकालने की सर्जरी हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में की गई है और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए। तमाम किडनी बेचने वाले अपना नाम तक बताने को राजी नहीं होते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वे खुद कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई करके भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कोर्ट में कागजात पर सब निर्भर करता है। अभी तक इन मामलों में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है।
इन मामलों का कागजात बताते हैं कि किडनी निकालने की सर्जरी हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में की गई है और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए। तमाम किडनी बेचने वाले अपना नाम तक बताने को राजी नहीं होते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वे खुद कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई करके भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कोर्ट में कागजात पर सब निर्भर करता है। अभी तक इन मामलों में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई करके भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कोर्ट में कागजात पर सब निर्भर करता है। अभी तक इन मामलों में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है।
राज्य के मानवाधिकार आयोग ने अब सरकार को लिखा है कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट दें। आयोग ने पूछा है कि आखिर कैसे इस तरह मानव अंगों के प्रत्यर्पण का गैर-कानूनी काम चल रहा है। अप्रैल के अंत तक इस रिपोर्ट के आने की संभावना है। | आंध्र प्रदेश के गुंटूर के किसान अप्पा राव के पास जब कोई चारा नहीं बचा तो उसने अपनी किडनी बेच दी। 30 साल के इस किसान करीब एक साल पहले अपनी किडनी बेची थी। उसे तब दलाल द्वारा कहा गया था कि किडनी के लिए साढ़े चार लाख रुपये दिए जाएंगे। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) की कुल बिक्री दिसंबर 2012 में 3.24 फीसदी बढ़कर 95,145 इकाई हो गई। मारुति ने यहां जारी एक बयान में कहा कि कंपनी ने इससे पिछले साल की इसी अवधि में 92,161 कारें बेची थीं।
कंपनी ने कहा कि दिसंबर 2012 में घरेलू बाजार में मारुति की बिक्री सालाना स्तर पर 5.93 फीसदी बढ़कर 82,073 कारों की रही, जबकि दिसंबर 2011 में यह 77,475 कारों की थी।
कंपनी ने कहा कि मारुति का निर्यात हालांकि 10.99 फीसदी घटकर 13,072 इकाइयों का रहा, जबकि इससे पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी ने 14,686 कारों का निर्यात किया था।टिप्पणियां
घरेलू बाजार में सवारी कारों की कुल बिक्री आंशिकतौर पर घटकर 68,729 कारों की रही, जो 2011 के इसी महीने में 69,329 कारों की थी।
मिनी-खंड में कारों में मारुति 800, ए-स्टार, ऑल्टो और वैगनआर की बिक्री 15.02 फीसदी गिरकर 32,797 इकाइयों पर आ गई जबकि दिसंबर 2011 में इस खंड में 38,593 वाहनों की बिक्री हुई।
कंपनी ने कहा कि दिसंबर 2012 में घरेलू बाजार में मारुति की बिक्री सालाना स्तर पर 5.93 फीसदी बढ़कर 82,073 कारों की रही, जबकि दिसंबर 2011 में यह 77,475 कारों की थी।
कंपनी ने कहा कि मारुति का निर्यात हालांकि 10.99 फीसदी घटकर 13,072 इकाइयों का रहा, जबकि इससे पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी ने 14,686 कारों का निर्यात किया था।टिप्पणियां
घरेलू बाजार में सवारी कारों की कुल बिक्री आंशिकतौर पर घटकर 68,729 कारों की रही, जो 2011 के इसी महीने में 69,329 कारों की थी।
मिनी-खंड में कारों में मारुति 800, ए-स्टार, ऑल्टो और वैगनआर की बिक्री 15.02 फीसदी गिरकर 32,797 इकाइयों पर आ गई जबकि दिसंबर 2011 में इस खंड में 38,593 वाहनों की बिक्री हुई।
कंपनी ने कहा कि मारुति का निर्यात हालांकि 10.99 फीसदी घटकर 13,072 इकाइयों का रहा, जबकि इससे पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी ने 14,686 कारों का निर्यात किया था।टिप्पणियां
घरेलू बाजार में सवारी कारों की कुल बिक्री आंशिकतौर पर घटकर 68,729 कारों की रही, जो 2011 के इसी महीने में 69,329 कारों की थी।
मिनी-खंड में कारों में मारुति 800, ए-स्टार, ऑल्टो और वैगनआर की बिक्री 15.02 फीसदी गिरकर 32,797 इकाइयों पर आ गई जबकि दिसंबर 2011 में इस खंड में 38,593 वाहनों की बिक्री हुई।
घरेलू बाजार में सवारी कारों की कुल बिक्री आंशिकतौर पर घटकर 68,729 कारों की रही, जो 2011 के इसी महीने में 69,329 कारों की थी।
मिनी-खंड में कारों में मारुति 800, ए-स्टार, ऑल्टो और वैगनआर की बिक्री 15.02 फीसदी गिरकर 32,797 इकाइयों पर आ गई जबकि दिसंबर 2011 में इस खंड में 38,593 वाहनों की बिक्री हुई।
मिनी-खंड में कारों में मारुति 800, ए-स्टार, ऑल्टो और वैगनआर की बिक्री 15.02 फीसदी गिरकर 32,797 इकाइयों पर आ गई जबकि दिसंबर 2011 में इस खंड में 38,593 वाहनों की बिक्री हुई। | सारांश: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) की कुल बिक्री दिसंबर 2012 में 3.24 फीसदी बढ़कर 95,145 इकाई हो गई। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: क्रिकेट के किसी भी एक प्रारूप से संन्यास लेने की अटकलों के बावजूद भारतीय स्टार सचिन तेंदुलकर की ब्रांड वैल्यू पर कोई असर नहीं पड़ेगा। खेल प्रबंधन कंपनी वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप ने यह दावा किया जो इस बल्लेबाज का प्रायोजन करार देखती है।
डब्ल्यूएसजी के देश के प्रमुख और सीनियर उपाध्यक्ष हरीश कृष्णामचारी ने कंपनी के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के साथ जुड़ने की घोषणा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘व्यावसायिक पहलू को देखते हुए उनके ज्यादातर जुड़ाव लम्बे समय के लिए, कम से कम एक दशक के लिए हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘आमतौर पर प्रबंधन कंपनियां लम्बे समय का निवेश करती हैं।’’ डब्ल्यूएसजी ने 2006-07 में तेंदुलकर से करार किया था, जब उसने इस मास्टर बल्लेबाज के कैरियर की अनिश्चितता पर भी विचार किया था। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी नहीं जानता था कि वह कितने लम्बे समय तक खेलेगा। हम नहीं जानते थे कि वह अगले छह वर्षों के लिए खेलेगा या नहीं, हमने इस चीज को भी ध्यान में रखा था कि संन्यास के बाद हम अपने जुड़ाव को कैसे बरकरार रख सकते हैं? ’’
डब्ल्यूएसजी के देश के प्रमुख और सीनियर उपाध्यक्ष हरीश कृष्णामचारी ने कंपनी के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के साथ जुड़ने की घोषणा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘व्यावसायिक पहलू को देखते हुए उनके ज्यादातर जुड़ाव लम्बे समय के लिए, कम से कम एक दशक के लिए हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘आमतौर पर प्रबंधन कंपनियां लम्बे समय का निवेश करती हैं।’’ डब्ल्यूएसजी ने 2006-07 में तेंदुलकर से करार किया था, जब उसने इस मास्टर बल्लेबाज के कैरियर की अनिश्चितता पर भी विचार किया था। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी नहीं जानता था कि वह कितने लम्बे समय तक खेलेगा। हम नहीं जानते थे कि वह अगले छह वर्षों के लिए खेलेगा या नहीं, हमने इस चीज को भी ध्यान में रखा था कि संन्यास के बाद हम अपने जुड़ाव को कैसे बरकरार रख सकते हैं? ’’ | यह एक सारांश है: क्रिकेट के किसी भी एक प्रारूप से संन्यास लेने की अटकलों के बावजूद भारतीय स्टार सचिन तेंदुलकर की ब्रांड वैल्यू पर कोई असर नहीं पड़ेगा। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एमए चिदम्बरम स्टेडियम में गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र के लीग मुकाबले में दिल्ली डेयर डेविल्स टीम का सामना चेन्नई सुपर किंग्स के साथ होगा। इस मैच में सुपर किंग्स कमजोर दिख रही डेयर डेविल्स के खिलाफ बड़ी जीत के इरादे के साथ मैदान में उतरेगी। डेयर डेविल्स टीम ने अब तक खेले गए 11 मुकाबलों में से चार में जीत दर्ज की है जबकि सात में उसे हार का सामना करना पड़ा। गुरुवार को डेयर डेविल्स टीम अपने कप्तान वीरेंद्र सहवाग के बगैर मैदान में उतरेगी, जो कंधे की चोट के कारण बाकी बचे मैचों में नहीं खेल सकेंगे। सहवाग जैसे मैच जिताउ खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में डेयर डेविल्स के लिए सुपर किंग्स को हरा पाना बेहद मुश्किल दिख रहा है। सुपर किंग्स ने डेयर डेविल्स से उलट परिणाम हासिल करते हुए सात मैच जीते हैं जबकि चार में उसकी हार हुई है। सहवाग की अनुपस्थिति में डेयर डेविल्स की कमान जेम्स होप्स को सौंपी गई है। डेयर डेविल्स टीम के कोच ग्रेग शिफर्ड स्वीकार कर चुके हैं कि उनकी टीम एक इकाई के तौर पर खेलने में नाकाम रही है। ग्रेग ने हालांकि उम्मीद जताई कि होप्स की कप्तानी में उनकी टीम बाकी बचे मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करेगी। ग्रेग भी अच्छी तरह जानते हैं कि आईपीएल में अपने घरेलू मैदान पर अब तक लगातार पांच जीत हासिल कर चुकी सुपर किंग्स को हरा पाना उनकी टीम के लिए बेहद कठिन है। सुपर किंग्स टीम खेल के तीनों विभाग में डेयर डेविल्स से बेहतर है। गुरुवार को चिदम्बरम स्टेडियम में अगर डेयर डेविल्स सुपर किंग्स को हरा देती है तो उसे बड़ा उलटफेर माना जाएगा। इसके लिए डेयर डेविल्स को अच्छी गेंदबाजी के साथ-साथ उम्दा क्षेत्ररक्षण करना होगा। इसके बाद बल्लेबाजी की बारी आती है, जो सहवाग के बगैर काफी हद तक अधूरी दिख रही है। होप्स एक अनुभवी खिलाड़ी हैं और इस सत्र में डेयर डेविल्स के नियमित सदस्य रहे हैं। ऐसे में उन्हें टीम की कमियों और मजबूतियों का अच्छा ज्ञान है। होप्स को अगर कुछ खिलाड़ियों का अच्छा साथ मिला तो वह निश्चित तौर पर चौंकाने वाला परिणाम देना चाहेंगे। दूसरी ओर, कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ ईडन गार्डंस में डकवर्थ-लुइस प्रणाली की 'बेरहमी' का शिकार हुई सुपर किंग्स टीम ने अपने अगले मैच में राजस्थान रॉयल्स को हराकर लय हासिल कर ली है। सुपर किंग्स ने इस सत्र में सबसे अच्छा क्षेत्ररक्षण किया है और इसके बूते उसने अहम रन बचाए हैं। साथ ही साथ उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी शानदार रही है। इस लिहाज से डेयर डेविल्स के लिए सुपर किंग्स को हराकर अपनी पांचवीं जीत दर्ज करने की राह बेहद कठिन दिख रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र के लीग मुकाबले में दिल्ली डेयर डेविल्स टीम का सामना चेन्नई सुपर किंग्स के साथ होगा। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हर नौकरीपेशा के पास पैसे को बढ़ाने के माध्यम बहुत सीमित हैं. यह सब उसे केवल अपने भविष्य को सुधारने के लिए करना होता है. वह अपने बच्चों, बुजुर्गों और अपने लिए अपनी मेहनत की कमाई से बचाए गए पैसे को सुरक्षित रखने और उसे निरंतर बढ़ाने के लिए प्रयास करता है. ऐसे में नौकरी वाला व्यक्ति पीएफ में तो पैसा लगाता ही है, यह नियमानुसार भी है. लेकिन उससे बचा हुआ पैसा कहां लगाए यह उसकी दूसरी बड़ी चिंता है.
अमूमन यह माना जाने लगा है कि आज के समय में सबसे ज्यादा ब्याज पीएफ में मिल रहा है और बैंकों में चाहे एफडी हो या फिर बचत खाता उसमें ब्याज काफी कम हो गया है. इसके अलावा यह देखा जा रहा है कि सबसे ज्यादा ब्याज एसआईपी में मिल रहा है, लेकिन यहां पर पैसे पर कुछ रिस्क रहता है और यह रिस्क बाजार के उतार चढ़ाव के साथ बना रहता है.टिप्पणियां
ऐसे में मेहनत की कमाई को बचाए रखने और उसे भविष्य के हिसाब से बढ़ाने के लिए सबसे बेहतर ऑपशन एफडी दिखाई देने लगता है. लेकिन यह धारणा बन गई है कि यहां पर ब्याज कम मिलता है. लेकिन ऐसा नहीं है. बाजार में ऐसे बैंक हैं जहां पर 9.25 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज एफडी में हासिल किया जा सकता है.
यहां पर आज की तारीख में (गौरतलब है कि बैंक समय समय पर अपनी ब्याज दरें बदलते रहते हैं.) मिल रहे ब्याज दरों को देखकर यह बताया जा रहा है किस बैंक में सबसे ज्यादा ब्याज दरें है जो एफडी पर मिल रही हैं. एकत्र की गई जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा ब्याज दर दे रहे 10 बैंकों में यह 9.25 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से है जबकि इन्हीं 10 बैंकों में से सबसे कम 7.20 प्रतिशत सालाना है.
नेट पर उपबल्ध जानकारी के अनुसार ईएसएएफ स्माल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank) में सामान्य नागरिक को एफडी पर 8.75% सालाना ब्याज मिलेगा. जबकि इसी बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को यह 9.25% की दर से मिलता है. (पढ़ें - ब्याज कमाने के लिए अच्छा माध्यम FD या PPF में बेहतर कौन?)उधर, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank) में आम खाताधारक को एफडी पर 8.25% सालाना ब्याज मिलेगा. जबकि यहां पर वरिष्ठ नागरिकों को सावधि जमा पर 8.75% सालाना की दर से ब्याज मिलता है. (पढ़ें -Mutual fund 'बढ़िया है', क्यों और किसलिए इसे समझें )केरल ट्रांसपोर्ट डेवलेपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लि. (Kerala Transport Development Finance Corporation Ltd (KTDC)) में एफडी कराने में सामान्य खाताधारको 8.25 % की दर से ब्याज मिलता है जबकि वरिष्ठ नागरिक को यहां पर भी 8.50 % की दर से ज्यादा ब्याज दिया जाता है.फिनकेयर स्माल फाइनेंस बैंक (Fincare Small Finance Bank)में एफडी कराने पर सामान्य खाताधारको 8.00 % सालाना की दर से ब्याज मिलता है जबकि सीनियर सिटिजन को 8.50% की दर से ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - सरकार की इस योजना का लाभ लेकर युवा बन सकते हैं Businessman)श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस (Shriram City Union Finance) में खाता खुलवाकर एफडी करवाने पर आम आदमी को 7.65 % की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है जबकि सीनियर सिटीजन को 7.90 % की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - Mutual funds में कम पैसे निवेश कर बनें करोड़पति, ये हैं टॉप 5 इनवेस्टमेंट ऑप्शन)इसके बाद बाद एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance Ltd) की. यहां पर आम नागरिक को 7.30 % की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% से सालाना ब्याज दिया जा रहा है. इतना ही नहीं यदि वरिष्ठ नागरिक अगर 51000 या इससे ज्यादा जमा करवाते हैं तब उन्हें 7.55 % की दर से ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - क्या आप जानते हैं देश में सबसे ज्यादा कौन सी कार बिकती है...)एक अन्य बैंक है रेप्को बैंक (Repco Bank). यहां पर एफडी पर सामान्य नागरिक को 7.25 % की दर से ब्याज दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75 % की दर से सालाना ब्याज दिया जा रहा है. पढ़ें -(ग्रेच्युटी क्या है, कैसे कर सकते हैं कैलकुलेट – ग्रेच्युटी से जुड़े सभी सवालों के जवाब)आईसीआईसीआई होम फाइनेंस (ICICI Home Finance) में यदि सावधि जमा कराया जाए तब यहां पर सामान्य आदमी को 7.20 % की दर से ब्याज मिलेगा जबकि वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 7.45 % की दर ब्याज दिया जाएगा. (पढ़ें - आप जानते हैं नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) क्या है. यहां पढ़ें)आरबीएल बैंक (RBL Bank) में भी ब्याज दर ठीक है. यहां पर आम आदमी को एफडी कराने पर 7.25 % की दर से सालाना ब्याज मिलेगा जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75 % की दर से जमा पर ब्याज मिलेगा. (पढ़ें -अटल पेंशन योजना पर 15 खास बातें : रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम की है चिंता तो यह खबर जरूर पढ़ें)इसके अलावा लक्ष्मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) में आम खाताधारकों को एफडी पर 7.25 % की दर से प्रतिवर्ष ब्याज मिलता है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.85 % की दर से प्रतिवर्ष ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले जान लें ये 15 खास बारीकियां)
अमूमन यह माना जाने लगा है कि आज के समय में सबसे ज्यादा ब्याज पीएफ में मिल रहा है और बैंकों में चाहे एफडी हो या फिर बचत खाता उसमें ब्याज काफी कम हो गया है. इसके अलावा यह देखा जा रहा है कि सबसे ज्यादा ब्याज एसआईपी में मिल रहा है, लेकिन यहां पर पैसे पर कुछ रिस्क रहता है और यह रिस्क बाजार के उतार चढ़ाव के साथ बना रहता है.टिप्पणियां
ऐसे में मेहनत की कमाई को बचाए रखने और उसे भविष्य के हिसाब से बढ़ाने के लिए सबसे बेहतर ऑपशन एफडी दिखाई देने लगता है. लेकिन यह धारणा बन गई है कि यहां पर ब्याज कम मिलता है. लेकिन ऐसा नहीं है. बाजार में ऐसे बैंक हैं जहां पर 9.25 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज एफडी में हासिल किया जा सकता है.
यहां पर आज की तारीख में (गौरतलब है कि बैंक समय समय पर अपनी ब्याज दरें बदलते रहते हैं.) मिल रहे ब्याज दरों को देखकर यह बताया जा रहा है किस बैंक में सबसे ज्यादा ब्याज दरें है जो एफडी पर मिल रही हैं. एकत्र की गई जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा ब्याज दर दे रहे 10 बैंकों में यह 9.25 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से है जबकि इन्हीं 10 बैंकों में से सबसे कम 7.20 प्रतिशत सालाना है.
नेट पर उपबल्ध जानकारी के अनुसार ईएसएएफ स्माल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank) में सामान्य नागरिक को एफडी पर 8.75% सालाना ब्याज मिलेगा. जबकि इसी बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को यह 9.25% की दर से मिलता है. (पढ़ें - ब्याज कमाने के लिए अच्छा माध्यम FD या PPF में बेहतर कौन?)उधर, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank) में आम खाताधारक को एफडी पर 8.25% सालाना ब्याज मिलेगा. जबकि यहां पर वरिष्ठ नागरिकों को सावधि जमा पर 8.75% सालाना की दर से ब्याज मिलता है. (पढ़ें -Mutual fund 'बढ़िया है', क्यों और किसलिए इसे समझें )केरल ट्रांसपोर्ट डेवलेपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लि. (Kerala Transport Development Finance Corporation Ltd (KTDC)) में एफडी कराने में सामान्य खाताधारको 8.25 % की दर से ब्याज मिलता है जबकि वरिष्ठ नागरिक को यहां पर भी 8.50 % की दर से ज्यादा ब्याज दिया जाता है.फिनकेयर स्माल फाइनेंस बैंक (Fincare Small Finance Bank)में एफडी कराने पर सामान्य खाताधारको 8.00 % सालाना की दर से ब्याज मिलता है जबकि सीनियर सिटिजन को 8.50% की दर से ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - सरकार की इस योजना का लाभ लेकर युवा बन सकते हैं Businessman)श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस (Shriram City Union Finance) में खाता खुलवाकर एफडी करवाने पर आम आदमी को 7.65 % की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है जबकि सीनियर सिटीजन को 7.90 % की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - Mutual funds में कम पैसे निवेश कर बनें करोड़पति, ये हैं टॉप 5 इनवेस्टमेंट ऑप्शन)इसके बाद बाद एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance Ltd) की. यहां पर आम नागरिक को 7.30 % की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% से सालाना ब्याज दिया जा रहा है. इतना ही नहीं यदि वरिष्ठ नागरिक अगर 51000 या इससे ज्यादा जमा करवाते हैं तब उन्हें 7.55 % की दर से ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - क्या आप जानते हैं देश में सबसे ज्यादा कौन सी कार बिकती है...)एक अन्य बैंक है रेप्को बैंक (Repco Bank). यहां पर एफडी पर सामान्य नागरिक को 7.25 % की दर से ब्याज दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75 % की दर से सालाना ब्याज दिया जा रहा है. पढ़ें -(ग्रेच्युटी क्या है, कैसे कर सकते हैं कैलकुलेट – ग्रेच्युटी से जुड़े सभी सवालों के जवाब)आईसीआईसीआई होम फाइनेंस (ICICI Home Finance) में यदि सावधि जमा कराया जाए तब यहां पर सामान्य आदमी को 7.20 % की दर से ब्याज मिलेगा जबकि वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 7.45 % की दर ब्याज दिया जाएगा. (पढ़ें - आप जानते हैं नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) क्या है. यहां पढ़ें)आरबीएल बैंक (RBL Bank) में भी ब्याज दर ठीक है. यहां पर आम आदमी को एफडी कराने पर 7.25 % की दर से सालाना ब्याज मिलेगा जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75 % की दर से जमा पर ब्याज मिलेगा. (पढ़ें -अटल पेंशन योजना पर 15 खास बातें : रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम की है चिंता तो यह खबर जरूर पढ़ें)इसके अलावा लक्ष्मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) में आम खाताधारकों को एफडी पर 7.25 % की दर से प्रतिवर्ष ब्याज मिलता है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.85 % की दर से प्रतिवर्ष ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले जान लें ये 15 खास बारीकियां)
ऐसे में मेहनत की कमाई को बचाए रखने और उसे भविष्य के हिसाब से बढ़ाने के लिए सबसे बेहतर ऑपशन एफडी दिखाई देने लगता है. लेकिन यह धारणा बन गई है कि यहां पर ब्याज कम मिलता है. लेकिन ऐसा नहीं है. बाजार में ऐसे बैंक हैं जहां पर 9.25 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज एफडी में हासिल किया जा सकता है.
यहां पर आज की तारीख में (गौरतलब है कि बैंक समय समय पर अपनी ब्याज दरें बदलते रहते हैं.) मिल रहे ब्याज दरों को देखकर यह बताया जा रहा है किस बैंक में सबसे ज्यादा ब्याज दरें है जो एफडी पर मिल रही हैं. एकत्र की गई जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा ब्याज दर दे रहे 10 बैंकों में यह 9.25 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से है जबकि इन्हीं 10 बैंकों में से सबसे कम 7.20 प्रतिशत सालाना है.
नेट पर उपबल्ध जानकारी के अनुसार ईएसएएफ स्माल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank) में सामान्य नागरिक को एफडी पर 8.75% सालाना ब्याज मिलेगा. जबकि इसी बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को यह 9.25% की दर से मिलता है. (पढ़ें - ब्याज कमाने के लिए अच्छा माध्यम FD या PPF में बेहतर कौन?)उधर, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank) में आम खाताधारक को एफडी पर 8.25% सालाना ब्याज मिलेगा. जबकि यहां पर वरिष्ठ नागरिकों को सावधि जमा पर 8.75% सालाना की दर से ब्याज मिलता है. (पढ़ें -Mutual fund 'बढ़िया है', क्यों और किसलिए इसे समझें )केरल ट्रांसपोर्ट डेवलेपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लि. (Kerala Transport Development Finance Corporation Ltd (KTDC)) में एफडी कराने में सामान्य खाताधारको 8.25 % की दर से ब्याज मिलता है जबकि वरिष्ठ नागरिक को यहां पर भी 8.50 % की दर से ज्यादा ब्याज दिया जाता है.फिनकेयर स्माल फाइनेंस बैंक (Fincare Small Finance Bank)में एफडी कराने पर सामान्य खाताधारको 8.00 % सालाना की दर से ब्याज मिलता है जबकि सीनियर सिटिजन को 8.50% की दर से ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - सरकार की इस योजना का लाभ लेकर युवा बन सकते हैं Businessman)श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस (Shriram City Union Finance) में खाता खुलवाकर एफडी करवाने पर आम आदमी को 7.65 % की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है जबकि सीनियर सिटीजन को 7.90 % की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - Mutual funds में कम पैसे निवेश कर बनें करोड़पति, ये हैं टॉप 5 इनवेस्टमेंट ऑप्शन)इसके बाद बाद एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance Ltd) की. यहां पर आम नागरिक को 7.30 % की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% से सालाना ब्याज दिया जा रहा है. इतना ही नहीं यदि वरिष्ठ नागरिक अगर 51000 या इससे ज्यादा जमा करवाते हैं तब उन्हें 7.55 % की दर से ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - क्या आप जानते हैं देश में सबसे ज्यादा कौन सी कार बिकती है...)एक अन्य बैंक है रेप्को बैंक (Repco Bank). यहां पर एफडी पर सामान्य नागरिक को 7.25 % की दर से ब्याज दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75 % की दर से सालाना ब्याज दिया जा रहा है. पढ़ें -(ग्रेच्युटी क्या है, कैसे कर सकते हैं कैलकुलेट – ग्रेच्युटी से जुड़े सभी सवालों के जवाब)आईसीआईसीआई होम फाइनेंस (ICICI Home Finance) में यदि सावधि जमा कराया जाए तब यहां पर सामान्य आदमी को 7.20 % की दर से ब्याज मिलेगा जबकि वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 7.45 % की दर ब्याज दिया जाएगा. (पढ़ें - आप जानते हैं नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) क्या है. यहां पढ़ें)आरबीएल बैंक (RBL Bank) में भी ब्याज दर ठीक है. यहां पर आम आदमी को एफडी कराने पर 7.25 % की दर से सालाना ब्याज मिलेगा जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75 % की दर से जमा पर ब्याज मिलेगा. (पढ़ें -अटल पेंशन योजना पर 15 खास बातें : रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम की है चिंता तो यह खबर जरूर पढ़ें)इसके अलावा लक्ष्मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) में आम खाताधारकों को एफडी पर 7.25 % की दर से प्रतिवर्ष ब्याज मिलता है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.85 % की दर से प्रतिवर्ष ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले जान लें ये 15 खास बारीकियां)
यहां पर आज की तारीख में (गौरतलब है कि बैंक समय समय पर अपनी ब्याज दरें बदलते रहते हैं.) मिल रहे ब्याज दरों को देखकर यह बताया जा रहा है किस बैंक में सबसे ज्यादा ब्याज दरें है जो एफडी पर मिल रही हैं. एकत्र की गई जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा ब्याज दर दे रहे 10 बैंकों में यह 9.25 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से है जबकि इन्हीं 10 बैंकों में से सबसे कम 7.20 प्रतिशत सालाना है.
नेट पर उपबल्ध जानकारी के अनुसार ईएसएएफ स्माल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank) में सामान्य नागरिक को एफडी पर 8.75% सालाना ब्याज मिलेगा. जबकि इसी बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को यह 9.25% की दर से मिलता है. (पढ़ें - ब्याज कमाने के लिए अच्छा माध्यम FD या PPF में बेहतर कौन?)उधर, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank) में आम खाताधारक को एफडी पर 8.25% सालाना ब्याज मिलेगा. जबकि यहां पर वरिष्ठ नागरिकों को सावधि जमा पर 8.75% सालाना की दर से ब्याज मिलता है. (पढ़ें -Mutual fund 'बढ़िया है', क्यों और किसलिए इसे समझें )केरल ट्रांसपोर्ट डेवलेपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लि. (Kerala Transport Development Finance Corporation Ltd (KTDC)) में एफडी कराने में सामान्य खाताधारको 8.25 % की दर से ब्याज मिलता है जबकि वरिष्ठ नागरिक को यहां पर भी 8.50 % की दर से ज्यादा ब्याज दिया जाता है.फिनकेयर स्माल फाइनेंस बैंक (Fincare Small Finance Bank)में एफडी कराने पर सामान्य खाताधारको 8.00 % सालाना की दर से ब्याज मिलता है जबकि सीनियर सिटिजन को 8.50% की दर से ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - सरकार की इस योजना का लाभ लेकर युवा बन सकते हैं Businessman)श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस (Shriram City Union Finance) में खाता खुलवाकर एफडी करवाने पर आम आदमी को 7.65 % की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है जबकि सीनियर सिटीजन को 7.90 % की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - Mutual funds में कम पैसे निवेश कर बनें करोड़पति, ये हैं टॉप 5 इनवेस्टमेंट ऑप्शन)इसके बाद बाद एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance Ltd) की. यहां पर आम नागरिक को 7.30 % की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% से सालाना ब्याज दिया जा रहा है. इतना ही नहीं यदि वरिष्ठ नागरिक अगर 51000 या इससे ज्यादा जमा करवाते हैं तब उन्हें 7.55 % की दर से ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - क्या आप जानते हैं देश में सबसे ज्यादा कौन सी कार बिकती है...)एक अन्य बैंक है रेप्को बैंक (Repco Bank). यहां पर एफडी पर सामान्य नागरिक को 7.25 % की दर से ब्याज दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75 % की दर से सालाना ब्याज दिया जा रहा है. पढ़ें -(ग्रेच्युटी क्या है, कैसे कर सकते हैं कैलकुलेट – ग्रेच्युटी से जुड़े सभी सवालों के जवाब)आईसीआईसीआई होम फाइनेंस (ICICI Home Finance) में यदि सावधि जमा कराया जाए तब यहां पर सामान्य आदमी को 7.20 % की दर से ब्याज मिलेगा जबकि वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 7.45 % की दर ब्याज दिया जाएगा. (पढ़ें - आप जानते हैं नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) क्या है. यहां पढ़ें)आरबीएल बैंक (RBL Bank) में भी ब्याज दर ठीक है. यहां पर आम आदमी को एफडी कराने पर 7.25 % की दर से सालाना ब्याज मिलेगा जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75 % की दर से जमा पर ब्याज मिलेगा. (पढ़ें -अटल पेंशन योजना पर 15 खास बातें : रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम की है चिंता तो यह खबर जरूर पढ़ें)इसके अलावा लक्ष्मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) में आम खाताधारकों को एफडी पर 7.25 % की दर से प्रतिवर्ष ब्याज मिलता है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.85 % की दर से प्रतिवर्ष ब्याज दिया जाता है. (पढ़ें - जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले जान लें ये 15 खास बारीकियां) | सारांश: बैंकों में एफडी पर मिल रहा है आकर्षक ब्याज
सबसे ज्यादा ब्यज देने वाले 10 बैंकों की सूची
एफडी में निवेश बना अच्छा विकल्प | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गाजा पर पिछले 24 घंटे में हुए इजरायली हवाई हमलों में 19 लोग मारे जा चुके हैं। फिलीस्तीनी लड़ाकों ने भी इजरायल पर 380 रॉकेट दागे, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।
लगातार हो रहे इजरायली हमलों में 160 से ज्यादा गाजावासी घायल हुए हैं। हमले गुरुवार शाम तक जारी थे। हमलों के अलावा उत्तरी गाजा सिटी और उत्तरी पट्टी के बीत हनून में आधी रात के बाद छापेमारी भी की गई।
आपात सेवा के प्रवक्ता अधम अबू सालमिया ने कहा, बीत हनून पर हुए हवाई हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 12 अन्य घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक घर पर हुए हमले में दो भाईयों की मौत हो गई। गाजा सिटी के जैतून में इजरायली हमले में 10 माह की एक लड़की घायल हो गई थी, जिसे गुरुवार सुबह मृत घोषित कर दिया गया।टिप्पणियां
बीत लाहिया में हमले में 60-वर्षीय एक व्यक्ति की मौत की सूचना है, जबकि खान यूनिस में एक बच्चे की मृत्यु हुई। पुलिस और चिकित्साकर्मियों ने बताया कि बुधवार दोपहर को हमास सैन्य प्रमुख अहमद जब्बारी को लक्ष्य कर किए हमले के बाद गाजा के रॉकेट हमलों में तीन इस्राइलियों की मौत हो गई, जबकि 19 अन्य घायल हो गए। इनमें तीन सैनिक थे।
हमले में हमास सैन्य प्रमुख की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि किरयात मलाची शहर पर गुरुवार को हुए रॉकेट हमले में एक घर तबाह हो गया तथा दो व्यक्तियों और एक महिला की मौत हो गई।
लगातार हो रहे इजरायली हमलों में 160 से ज्यादा गाजावासी घायल हुए हैं। हमले गुरुवार शाम तक जारी थे। हमलों के अलावा उत्तरी गाजा सिटी और उत्तरी पट्टी के बीत हनून में आधी रात के बाद छापेमारी भी की गई।
आपात सेवा के प्रवक्ता अधम अबू सालमिया ने कहा, बीत हनून पर हुए हवाई हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 12 अन्य घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक घर पर हुए हमले में दो भाईयों की मौत हो गई। गाजा सिटी के जैतून में इजरायली हमले में 10 माह की एक लड़की घायल हो गई थी, जिसे गुरुवार सुबह मृत घोषित कर दिया गया।टिप्पणियां
बीत लाहिया में हमले में 60-वर्षीय एक व्यक्ति की मौत की सूचना है, जबकि खान यूनिस में एक बच्चे की मृत्यु हुई। पुलिस और चिकित्साकर्मियों ने बताया कि बुधवार दोपहर को हमास सैन्य प्रमुख अहमद जब्बारी को लक्ष्य कर किए हमले के बाद गाजा के रॉकेट हमलों में तीन इस्राइलियों की मौत हो गई, जबकि 19 अन्य घायल हो गए। इनमें तीन सैनिक थे।
हमले में हमास सैन्य प्रमुख की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि किरयात मलाची शहर पर गुरुवार को हुए रॉकेट हमले में एक घर तबाह हो गया तथा दो व्यक्तियों और एक महिला की मौत हो गई।
आपात सेवा के प्रवक्ता अधम अबू सालमिया ने कहा, बीत हनून पर हुए हवाई हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 12 अन्य घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक घर पर हुए हमले में दो भाईयों की मौत हो गई। गाजा सिटी के जैतून में इजरायली हमले में 10 माह की एक लड़की घायल हो गई थी, जिसे गुरुवार सुबह मृत घोषित कर दिया गया।टिप्पणियां
बीत लाहिया में हमले में 60-वर्षीय एक व्यक्ति की मौत की सूचना है, जबकि खान यूनिस में एक बच्चे की मृत्यु हुई। पुलिस और चिकित्साकर्मियों ने बताया कि बुधवार दोपहर को हमास सैन्य प्रमुख अहमद जब्बारी को लक्ष्य कर किए हमले के बाद गाजा के रॉकेट हमलों में तीन इस्राइलियों की मौत हो गई, जबकि 19 अन्य घायल हो गए। इनमें तीन सैनिक थे।
हमले में हमास सैन्य प्रमुख की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि किरयात मलाची शहर पर गुरुवार को हुए रॉकेट हमले में एक घर तबाह हो गया तथा दो व्यक्तियों और एक महिला की मौत हो गई।
बीत लाहिया में हमले में 60-वर्षीय एक व्यक्ति की मौत की सूचना है, जबकि खान यूनिस में एक बच्चे की मृत्यु हुई। पुलिस और चिकित्साकर्मियों ने बताया कि बुधवार दोपहर को हमास सैन्य प्रमुख अहमद जब्बारी को लक्ष्य कर किए हमले के बाद गाजा के रॉकेट हमलों में तीन इस्राइलियों की मौत हो गई, जबकि 19 अन्य घायल हो गए। इनमें तीन सैनिक थे।
हमले में हमास सैन्य प्रमुख की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि किरयात मलाची शहर पर गुरुवार को हुए रॉकेट हमले में एक घर तबाह हो गया तथा दो व्यक्तियों और एक महिला की मौत हो गई।
हमले में हमास सैन्य प्रमुख की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि किरयात मलाची शहर पर गुरुवार को हुए रॉकेट हमले में एक घर तबाह हो गया तथा दो व्यक्तियों और एक महिला की मौत हो गई। | सारांश: गाजा पर पिछले 24 घंटे में हुए इजरायली हवाई हमलों में 19 लोग मारे जा चुके हैं। फिलीस्तीनी लड़ाकों ने भी इजरायल पर 380 रॉकेट दागे, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी CAPF या अर्द्धसैनिक बलों को निर्देश दिया है कि वे अपने कैंटीन और कार्यालयों में विदेशी ब्रांड का त्याग कर ‘स्वदेशी' सामान अपनाएं. इसमें खाद्य सामग्री से लेकर, घर के सामान और कपड़े तक शामिल करने के लिए कहा गया है. गृह मंत्रालय ने देश भर में 1700 से अधिक केंद्रीय पुलिस कैंटीन के लिए आर्थिक सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय किया है. साथ ही मंत्रालय ने इन बलों और अर्द्धसैनिक बल की इस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें इन स्टोर के लिए वस्तु एवं सेवा कर (GST) में छूट की मांग की गई है.
मंत्रालय की तरफ से जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि इन कैंटीन में ‘स्वदेशी' सामान उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिनमें खाद्य सामग्री, कपड़े आदि शामिल हों. आदेश में कहा गया है कि इन स्टोर में नई खरीद ‘स्वदेशी' सामानों की होनी चाहिए और वर्तमान सामान को स्वदेशी सामान से बदल दिया जाना चाहिए.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘इस आदेश का उद्देश्य इन सामानों के स्थानीय उत्पादकों की आय में सुधार लाना और स्थिति को बेहतर करना है. यह स्वदेशी उत्पादों और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए है. इन बलों में वर्तमान में करीब 10 लाख कर्मी हैं और प्रति वर्ष वे कैंटीन के लिए करोड़ों रुपये के सामान खरीदते हैं.' अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि CPC के लिए GST में छूट के बजाए केंद्र सरकार ‘बजट सहायता के मार्फत CPC की क्षतिपूर्ति करेगा.' | सारांश: कैंटीन और कार्यालयों में विदेशी ब्रांड का त्याग कर ‘स्वदेशी’ सामान अपनाए
इसमें खाद्य सामग्री से लेकर, घर के सामान और कपड़े तक है शामिल
वर्तमान सामान को स्वदेशी सामान से बदल दिया जाना चाहिए | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश में एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात नजर आ रहे हैं. कुछ राज्यों और कई शहरों में एटीएम से कैश नहीं निकल रहा है. दिल्ली में भी कुछ एटीएम में ऐसी ही स्थिति बनी हुई है. कई स्थानों पर तो ऐसा हो रहा है कि मोबाइल पर निकासी का मैसेज तक आ रहा है और पैसे निकल नहीं रहे हैं. इतना ही नहीं ईमेल के जरिए भी संदेश जा रहा है लेकिन पैसे नहीं निकले हैं. कुछ जगह एटीएम में निकासी पर कैश निकासी की सीमा तय कर दी गई है.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश में कैश के हालात का जायज़ा लिया. कुल मिलाकर पर्याप्त से ज़्यादा कैश चलन में है और बैंकों के पास भी है. कुछ इलाक़ों में अचानक और बढ़ी हुई मांग से पैदा हुई क़िल्लत से जल्द ही निबटा जा रहा है. इधर वित्त राज्यमंत्री का कहना है कि कैश की कोई किल्लत नही हैं, ये अलग बात है कि कहीं कम है तो कहीं ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि 2-3 दिन में सब ठीक हो जाएगा.
बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक के कई शहरों में एटीएम से नकदी नहीं मिल रही है. बताया जा रहा है कि कई बैंकों की शाखाओं से भी लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है. कहा जा रहा है कि बैंकों में बढ़ते एनपीए ने बैंकिंग प्रणाली को हिला कर रख दिया है. बैंकों की साख पर सवाल खड़ा हो गया है. इन्हें उबारने के लिए खातों में जमा रकम के इस्तेमाल की अटकलों ने ग्राहकों को डरा दिया है. ऐसे में पैसा निकालने की प्रवृत्ति एकाएक बढ़ गई है और एटीएम पर दबाव चार गुना तक बढ़ गया है.
उत्तर बिहार के ज्यादातर बैंकों में नकदी नहीं होने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम व बैंक शाखाओं में रुपये के लिए हाहाकार मचा है. बिहार के मुजफ्फरपुर के बैंकों के करेंसी चेस्टों से समस्तीपुर, दरभंगा, गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी व पशिचमी चंपारण को नकदी दी जाती है. पिछले डेढ़ माह से इन जिलों में कैश की आपूर्ति नहीं हो रही है. इस कारण यहां भी कैश संकट गहरा गया है.
गुजरात में बैंकों और एटीएम में नकदी की किल्लत के कारण लोगों की मुश्किले थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले उत्तर गुजरात में पैदा हुए इस संकट ने अब लगभग पूरे राज्य में अपना पैर पसार लिया है. लोगों एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है. बैंकों ने नकदी निकालने की सीमा तय कर दी है, जबकि अधिकतर एटीएम में पैसा हीं नहीं है. गुजरात के महेसाणा, पाटन, साबरकांठा, बनासकांठा, मोडासा के अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत जैसे बड़े शहरों में भी नकदी संकट बना हुआ है.टिप्पणियां
बता दें कि पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया गया था. इसकी जगह पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया. इससे एटीएम में डाले जा रहे नोटों की वैल्यू कम हो रही है. गौर करने की बात है कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपये तक आ जाते हैं. पांच सौ और सौ के नोटों से ये क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपये रह गई है.
इसके अलावा समस्या का एक कारण यह भी है कि 200 के नोट के लिए एटीएम तैयार नहीं हैं. अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपये को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं. यानी 70 फीसदी एटीएम 200 का नोट देने में सक्षम ही नहीं हैं. इतना ही नहीं आरबीआई की रैंडम जांच में पाया गया है कि करीब 30 फीसदी एटीएम औसतन हर समय खराब रहते हैं.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश में कैश के हालात का जायज़ा लिया. कुल मिलाकर पर्याप्त से ज़्यादा कैश चलन में है और बैंकों के पास भी है. कुछ इलाक़ों में अचानक और बढ़ी हुई मांग से पैदा हुई क़िल्लत से जल्द ही निबटा जा रहा है. इधर वित्त राज्यमंत्री का कहना है कि कैश की कोई किल्लत नही हैं, ये अलग बात है कि कहीं कम है तो कहीं ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि 2-3 दिन में सब ठीक हो जाएगा.
बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक के कई शहरों में एटीएम से नकदी नहीं मिल रही है. बताया जा रहा है कि कई बैंकों की शाखाओं से भी लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है. कहा जा रहा है कि बैंकों में बढ़ते एनपीए ने बैंकिंग प्रणाली को हिला कर रख दिया है. बैंकों की साख पर सवाल खड़ा हो गया है. इन्हें उबारने के लिए खातों में जमा रकम के इस्तेमाल की अटकलों ने ग्राहकों को डरा दिया है. ऐसे में पैसा निकालने की प्रवृत्ति एकाएक बढ़ गई है और एटीएम पर दबाव चार गुना तक बढ़ गया है.
उत्तर बिहार के ज्यादातर बैंकों में नकदी नहीं होने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम व बैंक शाखाओं में रुपये के लिए हाहाकार मचा है. बिहार के मुजफ्फरपुर के बैंकों के करेंसी चेस्टों से समस्तीपुर, दरभंगा, गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी व पशिचमी चंपारण को नकदी दी जाती है. पिछले डेढ़ माह से इन जिलों में कैश की आपूर्ति नहीं हो रही है. इस कारण यहां भी कैश संकट गहरा गया है.
गुजरात में बैंकों और एटीएम में नकदी की किल्लत के कारण लोगों की मुश्किले थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले उत्तर गुजरात में पैदा हुए इस संकट ने अब लगभग पूरे राज्य में अपना पैर पसार लिया है. लोगों एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है. बैंकों ने नकदी निकालने की सीमा तय कर दी है, जबकि अधिकतर एटीएम में पैसा हीं नहीं है. गुजरात के महेसाणा, पाटन, साबरकांठा, बनासकांठा, मोडासा के अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत जैसे बड़े शहरों में भी नकदी संकट बना हुआ है.टिप्पणियां
बता दें कि पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया गया था. इसकी जगह पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया. इससे एटीएम में डाले जा रहे नोटों की वैल्यू कम हो रही है. गौर करने की बात है कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपये तक आ जाते हैं. पांच सौ और सौ के नोटों से ये क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपये रह गई है.
इसके अलावा समस्या का एक कारण यह भी है कि 200 के नोट के लिए एटीएम तैयार नहीं हैं. अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपये को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं. यानी 70 फीसदी एटीएम 200 का नोट देने में सक्षम ही नहीं हैं. इतना ही नहीं आरबीआई की रैंडम जांच में पाया गया है कि करीब 30 फीसदी एटीएम औसतन हर समय खराब रहते हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक के कई शहरों में एटीएम से नकदी नहीं मिल रही है. बताया जा रहा है कि कई बैंकों की शाखाओं से भी लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है. कहा जा रहा है कि बैंकों में बढ़ते एनपीए ने बैंकिंग प्रणाली को हिला कर रख दिया है. बैंकों की साख पर सवाल खड़ा हो गया है. इन्हें उबारने के लिए खातों में जमा रकम के इस्तेमाल की अटकलों ने ग्राहकों को डरा दिया है. ऐसे में पैसा निकालने की प्रवृत्ति एकाएक बढ़ गई है और एटीएम पर दबाव चार गुना तक बढ़ गया है.
उत्तर बिहार के ज्यादातर बैंकों में नकदी नहीं होने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम व बैंक शाखाओं में रुपये के लिए हाहाकार मचा है. बिहार के मुजफ्फरपुर के बैंकों के करेंसी चेस्टों से समस्तीपुर, दरभंगा, गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी व पशिचमी चंपारण को नकदी दी जाती है. पिछले डेढ़ माह से इन जिलों में कैश की आपूर्ति नहीं हो रही है. इस कारण यहां भी कैश संकट गहरा गया है.
गुजरात में बैंकों और एटीएम में नकदी की किल्लत के कारण लोगों की मुश्किले थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले उत्तर गुजरात में पैदा हुए इस संकट ने अब लगभग पूरे राज्य में अपना पैर पसार लिया है. लोगों एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है. बैंकों ने नकदी निकालने की सीमा तय कर दी है, जबकि अधिकतर एटीएम में पैसा हीं नहीं है. गुजरात के महेसाणा, पाटन, साबरकांठा, बनासकांठा, मोडासा के अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत जैसे बड़े शहरों में भी नकदी संकट बना हुआ है.टिप्पणियां
बता दें कि पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया गया था. इसकी जगह पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया. इससे एटीएम में डाले जा रहे नोटों की वैल्यू कम हो रही है. गौर करने की बात है कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपये तक आ जाते हैं. पांच सौ और सौ के नोटों से ये क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपये रह गई है.
इसके अलावा समस्या का एक कारण यह भी है कि 200 के नोट के लिए एटीएम तैयार नहीं हैं. अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपये को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं. यानी 70 फीसदी एटीएम 200 का नोट देने में सक्षम ही नहीं हैं. इतना ही नहीं आरबीआई की रैंडम जांच में पाया गया है कि करीब 30 फीसदी एटीएम औसतन हर समय खराब रहते हैं.
उत्तर बिहार के ज्यादातर बैंकों में नकदी नहीं होने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम व बैंक शाखाओं में रुपये के लिए हाहाकार मचा है. बिहार के मुजफ्फरपुर के बैंकों के करेंसी चेस्टों से समस्तीपुर, दरभंगा, गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी व पशिचमी चंपारण को नकदी दी जाती है. पिछले डेढ़ माह से इन जिलों में कैश की आपूर्ति नहीं हो रही है. इस कारण यहां भी कैश संकट गहरा गया है.
गुजरात में बैंकों और एटीएम में नकदी की किल्लत के कारण लोगों की मुश्किले थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले उत्तर गुजरात में पैदा हुए इस संकट ने अब लगभग पूरे राज्य में अपना पैर पसार लिया है. लोगों एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है. बैंकों ने नकदी निकालने की सीमा तय कर दी है, जबकि अधिकतर एटीएम में पैसा हीं नहीं है. गुजरात के महेसाणा, पाटन, साबरकांठा, बनासकांठा, मोडासा के अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत जैसे बड़े शहरों में भी नकदी संकट बना हुआ है.टिप्पणियां
बता दें कि पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया गया था. इसकी जगह पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया. इससे एटीएम में डाले जा रहे नोटों की वैल्यू कम हो रही है. गौर करने की बात है कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपये तक आ जाते हैं. पांच सौ और सौ के नोटों से ये क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपये रह गई है.
इसके अलावा समस्या का एक कारण यह भी है कि 200 के नोट के लिए एटीएम तैयार नहीं हैं. अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपये को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं. यानी 70 फीसदी एटीएम 200 का नोट देने में सक्षम ही नहीं हैं. इतना ही नहीं आरबीआई की रैंडम जांच में पाया गया है कि करीब 30 फीसदी एटीएम औसतन हर समय खराब रहते हैं.
गुजरात में बैंकों और एटीएम में नकदी की किल्लत के कारण लोगों की मुश्किले थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले उत्तर गुजरात में पैदा हुए इस संकट ने अब लगभग पूरे राज्य में अपना पैर पसार लिया है. लोगों एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है. बैंकों ने नकदी निकालने की सीमा तय कर दी है, जबकि अधिकतर एटीएम में पैसा हीं नहीं है. गुजरात के महेसाणा, पाटन, साबरकांठा, बनासकांठा, मोडासा के अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत जैसे बड़े शहरों में भी नकदी संकट बना हुआ है.टिप्पणियां
बता दें कि पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया गया था. इसकी जगह पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया. इससे एटीएम में डाले जा रहे नोटों की वैल्यू कम हो रही है. गौर करने की बात है कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपये तक आ जाते हैं. पांच सौ और सौ के नोटों से ये क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपये रह गई है.
इसके अलावा समस्या का एक कारण यह भी है कि 200 के नोट के लिए एटीएम तैयार नहीं हैं. अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपये को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं. यानी 70 फीसदी एटीएम 200 का नोट देने में सक्षम ही नहीं हैं. इतना ही नहीं आरबीआई की रैंडम जांच में पाया गया है कि करीब 30 फीसदी एटीएम औसतन हर समय खराब रहते हैं.
बता दें कि पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया गया था. इसकी जगह पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया. इससे एटीएम में डाले जा रहे नोटों की वैल्यू कम हो रही है. गौर करने की बात है कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपये तक आ जाते हैं. पांच सौ और सौ के नोटों से ये क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपये रह गई है.
इसके अलावा समस्या का एक कारण यह भी है कि 200 के नोट के लिए एटीएम तैयार नहीं हैं. अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपये को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं. यानी 70 फीसदी एटीएम 200 का नोट देने में सक्षम ही नहीं हैं. इतना ही नहीं आरबीआई की रैंडम जांच में पाया गया है कि करीब 30 फीसदी एटीएम औसतन हर समय खराब रहते हैं.
इसके अलावा समस्या का एक कारण यह भी है कि 200 के नोट के लिए एटीएम तैयार नहीं हैं. अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपये को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं. यानी 70 फीसदी एटीएम 200 का नोट देने में सक्षम ही नहीं हैं. इतना ही नहीं आरबीआई की रैंडम जांच में पाया गया है कि करीब 30 फीसदी एटीएम औसतन हर समय खराब रहते हैं. | संक्षिप्त सारांश: देश के कई शहरों में एटीएम में कैश नहीं
कैश की समस्या से लोग परेशान
2000 के नोटों की छपाई बंद, 200 के नोट के साथ समस्या. | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऐसे में मंगलवार को संसद खुलते ही सुबह-सुबह सरकार को लोकसभा में आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के लिए संशोधन विधेयक पेश करना होगा.लोकसभा में बहुमत है तो सरकार कुछ ही समय में विधेयक पास करा ले जाएगी. मगर, क्या यह विधेयक राज्यसभा में भी उसी दिन पास हो पाएगा? इस पर संशय है. वजह कि मोदी सरकार के पास उच्च सदन में बहुमत नहीं है.चुनाव से पहले बीजेपी इस फैसले के जरिए राजनीतिक लाभ न हासिल कर ले, इसके लिए इस प्रस्ताव को विपक्ष एक रणनीति और राजनीति के तहत समीक्षा के लिए कमेटी को भेजने की मांग उठा सकता है. जिससे इस बिल को पारित करने में देरी लग सकती है.
हालांकि, सियासी जानकार बताते हैं कि यह चुनावी सीजन है. ऐसे में कांग्रेस सहित, सपा-बसपा जैसे दल भी इस बिल के पारित करने में रोड़े अटकाने से बचेंगे. क्योंकि अगड़ी जातियों को वे भी नाराज नहीं कर सकते. फिर भी संसद के एक ही कार्यदिवस में इतने बड़े प्रस्ताव के पास होने की उम्मीद कम ही बताई जाती है. बिना बहस के इस ऐतिहासिक प्रस्ताव के पास होने की उम्मीद कम है. इसके लिए या तो कल चर्चा के दौरान संसद को देर शाम तक गतिशील किया जा सकता है या फिर 11 दिसंबर से आठ जनवरी के तय शीतकालीन सत्र को दो से तीन दिन और बढ़ाने का फैसला हो सकता है. ताकि सरकार किसी तरह मान-मनौव्वल के जरिए बिल को पारित कराने में सफल हो. इसके अलावा सरकार के पास कोई चारा नहीं है. वैसे भी यह बिल अब सरकार के लिए नाक का सवाल बन चुका है. क्योंकि सोशल मीडिया पर सवर्णों का एक धडा इसे लॉलीपाप बताने में जुटा है. सरकार बिल पारित कर आलोचकों का जवाब देना चाहेगी.
मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी
अब चुनाव से पहले सिर्फ बजट सत्र बचा है, मगर तब तक आचार संहिता की बंदिशें लग जाएंगी. इस प्रकार जो होना है, वह इसी सत्र में होना है. | संक्षिप्त सारांश: सामान्य वर्ग को आरक्षण देने का संशोधन विधेयक कल पेश करना होगा
लोकसभा और राज्यसभा, दोनों जगह कल ही बिल पारित कराना होगा
बजट सत्र के दौरान आचार संहिता लग जाने से नहीं लाया जा सकेगा बिल | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन का नया लड़ाकू विमान 'जे-20 स्टील्थ फायटर' झूहाई एयर शो में पहली बार लोगों के सामने पेश किया जाएगा. सैन्य शक्ति बढ़ाने की बीजिंग की कोशिशों के बीच इस विमान के निर्माता ने सोमवार को यह घोषणा की.
चीन के सरकारी एयरोस्पेस कंपनी एविक (एवीआईसी) के अध्यक्ष टैन रुइसॉन्ग ने कहा, 'जे-20 विमान 'जिस पर देश और दुनिया भर के सैन्य हथिायार विशेषज्ञ करीबी नजर बनाए हैं' लोगों के बीच पहली बार प्रदर्शन करेगी.' उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, 'चीन 20 साल पहले एयरोस्पेस तकनीक में पिछड़ा हुआ था, लेकिन अब इसमें अग्रणी बन चुका है.'
चीन की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रदर्शनी दक्षिण शहर झूहाई में हर दो साल पर आयोजित होती है. इस बार यहां सैन्य उपकरणों और विमानों की अब तक सबसे बड़ी प्रदर्शनी लगाई गई है. चार लाख 30 हजार वर्ग मीटर में फैली इस प्रदर्शनी में 42 देशों एवं क्षेत्रों की 700 कंपनियां शामिल हो रही है. इस प्रदर्शनी में 151 विमानों को भी रखा जाएगा, जिसमें वाई-20 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी पहली बार शामिल किया गया है. यह विमान भारी साजो-सामान ले जाने और बड़ी तदाद में सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में सक्षम है.टिप्पणियां
लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस बेहद तेज और रडार की पकड़ में ना आने वाला यह नया लड़ाकू विमान जे-20 चीन की सैन्य क्षमता में बड़ा कदम माना जा रहा है. चीन नए आधुनिक सैन्य उपकरणों को तेजी से विकसित करने के लिए रक्षा अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है, जिनमें सबमरीन, एअरक्राफ्ट कैरियर और सैटेलाइट रोधी मिसाइल शामिल हैं. इसकी वजह से अमरीका और पूर्वी चीन एवं दक्षिण चीन सागर में पड़ोसी देशों में बेचैनी बढ़ रही है.
हालांकि इससे पहले चीन पर रूसी लड़ाकू विमानों की डिजायन की नकल करने के आरोप लगते रहे हैं और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इसका अगली पीढ़ी का जे-31 स्टील्थ फायटर अमेरिका द्वारा विकसित एफ-35 से काफी मिलता-जुलता है.
चीन के सरकारी एयरोस्पेस कंपनी एविक (एवीआईसी) के अध्यक्ष टैन रुइसॉन्ग ने कहा, 'जे-20 विमान 'जिस पर देश और दुनिया भर के सैन्य हथिायार विशेषज्ञ करीबी नजर बनाए हैं' लोगों के बीच पहली बार प्रदर्शन करेगी.' उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, 'चीन 20 साल पहले एयरोस्पेस तकनीक में पिछड़ा हुआ था, लेकिन अब इसमें अग्रणी बन चुका है.'
चीन की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रदर्शनी दक्षिण शहर झूहाई में हर दो साल पर आयोजित होती है. इस बार यहां सैन्य उपकरणों और विमानों की अब तक सबसे बड़ी प्रदर्शनी लगाई गई है. चार लाख 30 हजार वर्ग मीटर में फैली इस प्रदर्शनी में 42 देशों एवं क्षेत्रों की 700 कंपनियां शामिल हो रही है. इस प्रदर्शनी में 151 विमानों को भी रखा जाएगा, जिसमें वाई-20 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी पहली बार शामिल किया गया है. यह विमान भारी साजो-सामान ले जाने और बड़ी तदाद में सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में सक्षम है.टिप्पणियां
लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस बेहद तेज और रडार की पकड़ में ना आने वाला यह नया लड़ाकू विमान जे-20 चीन की सैन्य क्षमता में बड़ा कदम माना जा रहा है. चीन नए आधुनिक सैन्य उपकरणों को तेजी से विकसित करने के लिए रक्षा अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है, जिनमें सबमरीन, एअरक्राफ्ट कैरियर और सैटेलाइट रोधी मिसाइल शामिल हैं. इसकी वजह से अमरीका और पूर्वी चीन एवं दक्षिण चीन सागर में पड़ोसी देशों में बेचैनी बढ़ रही है.
हालांकि इससे पहले चीन पर रूसी लड़ाकू विमानों की डिजायन की नकल करने के आरोप लगते रहे हैं और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इसका अगली पीढ़ी का जे-31 स्टील्थ फायटर अमेरिका द्वारा विकसित एफ-35 से काफी मिलता-जुलता है.
चीन की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रदर्शनी दक्षिण शहर झूहाई में हर दो साल पर आयोजित होती है. इस बार यहां सैन्य उपकरणों और विमानों की अब तक सबसे बड़ी प्रदर्शनी लगाई गई है. चार लाख 30 हजार वर्ग मीटर में फैली इस प्रदर्शनी में 42 देशों एवं क्षेत्रों की 700 कंपनियां शामिल हो रही है. इस प्रदर्शनी में 151 विमानों को भी रखा जाएगा, जिसमें वाई-20 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी पहली बार शामिल किया गया है. यह विमान भारी साजो-सामान ले जाने और बड़ी तदाद में सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में सक्षम है.टिप्पणियां
लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस बेहद तेज और रडार की पकड़ में ना आने वाला यह नया लड़ाकू विमान जे-20 चीन की सैन्य क्षमता में बड़ा कदम माना जा रहा है. चीन नए आधुनिक सैन्य उपकरणों को तेजी से विकसित करने के लिए रक्षा अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है, जिनमें सबमरीन, एअरक्राफ्ट कैरियर और सैटेलाइट रोधी मिसाइल शामिल हैं. इसकी वजह से अमरीका और पूर्वी चीन एवं दक्षिण चीन सागर में पड़ोसी देशों में बेचैनी बढ़ रही है.
हालांकि इससे पहले चीन पर रूसी लड़ाकू विमानों की डिजायन की नकल करने के आरोप लगते रहे हैं और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इसका अगली पीढ़ी का जे-31 स्टील्थ फायटर अमेरिका द्वारा विकसित एफ-35 से काफी मिलता-जुलता है.
लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस बेहद तेज और रडार की पकड़ में ना आने वाला यह नया लड़ाकू विमान जे-20 चीन की सैन्य क्षमता में बड़ा कदम माना जा रहा है. चीन नए आधुनिक सैन्य उपकरणों को तेजी से विकसित करने के लिए रक्षा अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है, जिनमें सबमरीन, एअरक्राफ्ट कैरियर और सैटेलाइट रोधी मिसाइल शामिल हैं. इसकी वजह से अमरीका और पूर्वी चीन एवं दक्षिण चीन सागर में पड़ोसी देशों में बेचैनी बढ़ रही है.
हालांकि इससे पहले चीन पर रूसी लड़ाकू विमानों की डिजायन की नकल करने के आरोप लगते रहे हैं और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इसका अगली पीढ़ी का जे-31 स्टील्थ फायटर अमेरिका द्वारा विकसित एफ-35 से काफी मिलता-जुलता है.
हालांकि इससे पहले चीन पर रूसी लड़ाकू विमानों की डिजायन की नकल करने के आरोप लगते रहे हैं और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इसका अगली पीढ़ी का जे-31 स्टील्थ फायटर अमेरिका द्वारा विकसित एफ-35 से काफी मिलता-जुलता है. | सारांश: 'जे-20 स्टील्थ फायटर' झूहाई एयर शो में पहली बार पेश किया जाएगा
बेहद तेज यह विमान मुश्किल से ही रडार की पकड़ में आता है
चीन को उम्मीद जे 20 स्टील्थ फायटर अमरीका से सैन्य अंतर कम करेगा | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार और टीम अन्ना के बीच तीन मुद्दों पर बात अटकी है। एक तो सरकार ये चाहती है कि निचले स्तर के कर्मचारी लोकपाल के दायरे में न आएं, जबकि टीम अन्ना उन्हें भी लोकपाल के दायरे में लाना चाहती है। सभी राज्यों में एक साथ लोकायुक्त की नियुक्ति हो और राज्य के कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। इस पर सरकार का कहना है कि राज्यों में अलग−अलग पार्टियों की सरकार है और ऐसे में दखल देना सही नहीं होगा। हर विभाग अपना एक सिटीजन चार्टर बनाए, जिसमें बताए जाए कि कौन अधिकारी कितने दिन में कौन सा काम करेगा। ऐसा न करने पर उसकी सैलरी काटी जाए। सरकार चाहती है कि टीम अन्ना इन तीन मुद्दों को लेकर दबाव न बनाए। सरकार के सूत्रों ने एनडीटीवी से कहा कि टीम अन्ना की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं, ऐसे में उन्हें अड़ियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए। किसी भी बातचीत में एक पक्ष की सौ फीसदी बातें नहीं मानी जाती। संविधान और संसद सबसे ऊपर है, इसलिए संविधान की प्रक्रिया को ध्यान में रखा जाए। सरकार ने यह भी कहा कि वह अन्ना की सेहत को लेकर चिंतित है। | यहाँ एक सारांश है:सरकार के सूत्रों ने एनडीटीवी से कहा कि टीम अन्ना की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं, ऐसे में उन्हें अड़ियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने सरकार और निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच सांठगांठ के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कैग की रपट के मसौदे के आधार पर इस तरह का आरोप लगाना ठीक नहीं है। लोक लेखा समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेता सीताराम येचुरी ने नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) के मसौदा रिपोर्ट के आधार पर सरकार पर निजी क्षेत्र की कंपनी के साथ सांठगांठ का आरोप लगाया है। रेड्डी ने कहा कि यह केवल मसौदा रिपोर्ट है और पेट्रोलियम मंत्रालय इसमें उठाये गये मुद्दों का खुले दिमाग से जवाब देगा। रेड्डी ने कहा, मुझे लगता है कि इस तरह की आलोचना कर के वे कैग की वस्तुनिष्ठ टिप्पणियों के बारे में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैग ने जो मुद्दे उठाए हैं मंत्रालय से उनका जवाब मिलने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी और फिर उसे संसद में पेश किया जाएगा, उसके बाद ही रिपोर्ट लोक लेखा समिति के पास पहुंचेगी। फिर संसद के इतने वरिष्ठ सदस्य को इतनी जल्दबाजी क्यों है। जोशी ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को सरकार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी निजी क्षेत्र की कंपनियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने इस मामले में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम जो कि इस समय गृहमंत्री हैं पर सीधे हमला कर उनकी आलोचना की। उन्होंने चिदंबरम को मंत्रिमंडल से हटाने की भी मांग की थी। | संक्षिप्त पाठ: पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने सरकार और रिलायंस के बीच सांठगांठ के विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक महंगाई दर को लेकर चिंतित है और उसका कहना है कि अभी चालू वित्त वर्ष में की पहली छमाही, यानी अगस्त सितंबर 2011 तक अर्थव्यवस्था पर ऊंची मुद्रास्फीति का दबाव बना रह सकता है। इन अनुमानों के बीच केन्द्रीय बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों में एक बार फिर वृद्धि के संकेत दे दिए हैं ताकि मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसा जा सके। वर्ष 2011-12 की सालाना ऋण एवं मौद्रिक नीति घोषित करने की पूर्व संध्या पर रिजर्व बैंक की जारी वृहत आर्थिक और मौद्रिक घटनाक्रम रिपोर्ट में कहा गया है अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपभोक्ता वस्तुओं, खासतौर से कच्चे तेल के ऊंचे दाम के मद्देनजर इस साल अभी महंगाई के दबाव से निजात मिलने वाली नहीं है। बैंक का कहना है कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में मुद्रास्फीति के ऊंचा बने रहने की आशंका है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष के उत्तरार्द्ध में मुद्रास्फीति कुछ नीचे आएगी लेकिन फिर भी सामान्य स्तर से ऊपर ही रहेगी। उल्लेखनीय है कि मार्च के अंत में मुद्रास्फीति 8.98 प्रतिशत थी। रिजर्व बैंक का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपभोक्ता वस्तुओं के दाम ऊंचे हैं। विशेषकर कच्चे तेल के दाम उच्चस्तर पर बने हुए हैं और घरेलू बाजार में पेट्रोलियम कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं और निकट भविष्य में जब कभी पेट्रोलियम मूल्य बढ़ाए जाएंगे, मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ने का जोखिम बना रहेगा। रिजर्व बैंकी की इस राय से लगता है कि मंगलवार को घोषित होने वाली सालाना ऋण एवं मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक नकदी उधार देने (रेपो) और अल्पकालिक उधार लेने (रिवर्स रेपो) की दरों में और वृद्धि कर सकता है। रेपो दर इस समय 6.75 प्रतिशत और रिवर्स रेपो 5.75 प्रतिशत पर है। पिछले एक साल में रिजर्व बैंक इनमें आठ बार वृद्धि कर चुका है। | सारांश: रिजर्व बैंक का कहना है कि अभी चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही, यानी अगस्त-सितंबर 2011 तक अर्थव्यवस्था पर ऊंची मुद्रास्फीति का दबाव बना रह सकता है। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 500 एवं 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद किए जाने पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखा दिया कि वह इस देश के आम लोगों का कितना ध्यान रखते हैं.
अब किसानों, छोटे दुकानदारों और गृहणियों के लिए अत्यंत अस्तव्यस्त करने वाली स्थिति पैदा हो गई है.
राहुल ने पीएम मोदी से सवाल पूछा कि आखिर 1000 रुपये के नोट को 2000 रुपये के नोट में बदलने से कालेधन की जमाखोरी को बहुत मुश्किल बनाने में किस प्रकार मदद मिलेगी?टिप्पणियां
असल अपराधी सर्राफा, रियल एस्टेट या विदेशों में छुपाकर रखे गए अपने काले धन से चिपककर बैठे हुए हैं. बहुत बढ़िया श्रीमान मोदी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अब किसानों, छोटे दुकानदारों और गृहणियों के लिए अत्यंत अस्तव्यस्त करने वाली स्थिति पैदा हो गई है.
राहुल ने पीएम मोदी से सवाल पूछा कि आखिर 1000 रुपये के नोट को 2000 रुपये के नोट में बदलने से कालेधन की जमाखोरी को बहुत मुश्किल बनाने में किस प्रकार मदद मिलेगी?टिप्पणियां
असल अपराधी सर्राफा, रियल एस्टेट या विदेशों में छुपाकर रखे गए अपने काले धन से चिपककर बैठे हुए हैं. बहुत बढ़िया श्रीमान मोदी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहुल ने पीएम मोदी से सवाल पूछा कि आखिर 1000 रुपये के नोट को 2000 रुपये के नोट में बदलने से कालेधन की जमाखोरी को बहुत मुश्किल बनाने में किस प्रकार मदद मिलेगी?टिप्पणियां
असल अपराधी सर्राफा, रियल एस्टेट या विदेशों में छुपाकर रखे गए अपने काले धन से चिपककर बैठे हुए हैं. बहुत बढ़िया श्रीमान मोदी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
असल अपराधी सर्राफा, रियल एस्टेट या विदेशों में छुपाकर रखे गए अपने काले धन से चिपककर बैठे हुए हैं. बहुत बढ़िया श्रीमान मोदी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: किसानों, छोटे दुकानदारों और गृहणियों के लिए अस्तव्यस्त वाली स्थिति
दिखा दिया आम लोगों का कितना ध्यान रखते हैं
असल अपराधी विदेशों में रखे कालेधन से चिपककर बैठे हैं | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उरी में हुए आतंकी हमले की जांच करने के लिए एनआईए की टीम दिल्ली से उरी पहुंच गई है. यह टीम जांच करके सुरक्षा खामियों का पता लगाएगी. साथ ही आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए रास्ते की पहचान भी करेगी. इस जांच का एक मकसद पाक के खिलाफ मजबूत सबूत जुटाना भी है.टिप्पणियां
उरी की पहाड़ियों को अजेय नहीं माना जाता. इनकी ऊंचाई बहुत ज्यादा नहीं है और इसमें जगह-जगह दर्रे हैं जिनके जरिए इसे बड़े आराम से पार किया जा सकता है. काला पहाड़ ब्रिगेड के पीछे की इन पहाड़ियों को पार करके ही आतंकी पहले भारत की सीमा में दाखिल हुए फिर हेडक्वार्टर की सुरक्षा दीवार भेदकर निशाना बनाया.
हालांकि पहाड़ के इस पूरे इलाके में कंटीले तारों से बाड़बंदी की गई है, लेकिन कुछ जगहों पर एकदम सीधी खड़ी चट्टानों की वजह से घेराबंदी मुमकिन नहीं है. खास बात यह है कि काला पहाड़ ब्रिगेड एक घुसपैठ निरोधी इन्फैंट्री है, जिसकी जिम्मेदारी आतंकियों से निबटने के बजाय घुसपैठियों पर लगाम लगाना है. जबकि हमला उसी पर हुआ और चार घंटे तक चला.
मारे गए आतंकियों के पास से चार एके 47 राइफलें, चार अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, आग फैलाने में काम आने वाला सफेद फॉस्फोरस पाउडर, पाक की छाप वाला खानपीन का सामान, कैंप और आसपास के इलाके का नक्शा बरामद हुआ है. नियंत्रित धमाकों के जरिए विस्फोटकों को नाकाम किया जा रहा है और डॉक्टरों की एक टीम भी घटनास्थल पर गई है.
उरी की पहाड़ियों को अजेय नहीं माना जाता. इनकी ऊंचाई बहुत ज्यादा नहीं है और इसमें जगह-जगह दर्रे हैं जिनके जरिए इसे बड़े आराम से पार किया जा सकता है. काला पहाड़ ब्रिगेड के पीछे की इन पहाड़ियों को पार करके ही आतंकी पहले भारत की सीमा में दाखिल हुए फिर हेडक्वार्टर की सुरक्षा दीवार भेदकर निशाना बनाया.
हालांकि पहाड़ के इस पूरे इलाके में कंटीले तारों से बाड़बंदी की गई है, लेकिन कुछ जगहों पर एकदम सीधी खड़ी चट्टानों की वजह से घेराबंदी मुमकिन नहीं है. खास बात यह है कि काला पहाड़ ब्रिगेड एक घुसपैठ निरोधी इन्फैंट्री है, जिसकी जिम्मेदारी आतंकियों से निबटने के बजाय घुसपैठियों पर लगाम लगाना है. जबकि हमला उसी पर हुआ और चार घंटे तक चला.
मारे गए आतंकियों के पास से चार एके 47 राइफलें, चार अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, आग फैलाने में काम आने वाला सफेद फॉस्फोरस पाउडर, पाक की छाप वाला खानपीन का सामान, कैंप और आसपास के इलाके का नक्शा बरामद हुआ है. नियंत्रित धमाकों के जरिए विस्फोटकों को नाकाम किया जा रहा है और डॉक्टरों की एक टीम भी घटनास्थल पर गई है.
मारे गए आतंकियों के पास से चार एके 47 राइफलें, चार अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, आग फैलाने में काम आने वाला सफेद फॉस्फोरस पाउडर, पाक की छाप वाला खानपीन का सामान, कैंप और आसपास के इलाके का नक्शा बरामद हुआ है. नियंत्रित धमाकों के जरिए विस्फोटकों को नाकाम किया जा रहा है और डॉक्टरों की एक टीम भी घटनास्थल पर गई है. | यह एक सारांश है: आतंकियों ने घुसपैठ निरोधी इन्फैंट्री काला पहाड़ ब्रिगेड को बनाया निशाना
पूरे इलाके में कंटीले तारों की बाड़बंदी के बावजूद घुसे आतंकी
पाक के खिलाफ मजबूत सबूत जुटाने की कवायद में जुटी एनआईए | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाजपा ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कैबिनेट की ओर से गुरुवार को मंज़ूर किए गए लोकपाल विधेयक में उसकी ओर से दिए गए सुझावों को शामिल नहीं किया गया है।
पार्टी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सीबीआई को स्वतंत्र निकाय बनाए जाने के भाजपा के सुझाव को स्वीकार किया जाना चाहिए था।
उन्होंने बताया कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा ने सुझाव दिया था कि सीबीआई को स्वतंत्र निकाय बनाया जाए और उसके निदेशक का कार्यकाल सुरक्षित होने के साथ ही रिटायर होने के बाद उसकी अन्य जगह नियुक्ति नहीं हो।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई निदेशक को निष्पक्ष होकर काम करने देने के लिए जरूरी है कि ना उसके कार्यकाल पर तलवार लटकी हो और ना ही उसे रिटायर होने के बाद कहीं और नियुक्ति हो सकने का लालच हो।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने प्रवर समिति के इस सुझाव को क्यों नहीं माना कि लोकपाल के मामलों की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी का स्थानांतरण लोकपाल की मंजूरी से ही किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि लोकपाल की नियुक्ति पारदर्शी होने के लिए उसे सरकार के नियंत्रण से बाहर होना चाहिए।टिप्पणियां
प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस सुझाव को नहीं मान कर स्पष्ट कर दिया है कि वह सीबीआई को स्वायत्त इकाई बनाने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा और प्रवर समिति द्वारा दिए गए कई अच्छे सुझावों को नहीं मान कर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह भ्रष्टाचार से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है।
पार्टी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सीबीआई को स्वतंत्र निकाय बनाए जाने के भाजपा के सुझाव को स्वीकार किया जाना चाहिए था।
उन्होंने बताया कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा ने सुझाव दिया था कि सीबीआई को स्वतंत्र निकाय बनाया जाए और उसके निदेशक का कार्यकाल सुरक्षित होने के साथ ही रिटायर होने के बाद उसकी अन्य जगह नियुक्ति नहीं हो।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई निदेशक को निष्पक्ष होकर काम करने देने के लिए जरूरी है कि ना उसके कार्यकाल पर तलवार लटकी हो और ना ही उसे रिटायर होने के बाद कहीं और नियुक्ति हो सकने का लालच हो।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने प्रवर समिति के इस सुझाव को क्यों नहीं माना कि लोकपाल के मामलों की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी का स्थानांतरण लोकपाल की मंजूरी से ही किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि लोकपाल की नियुक्ति पारदर्शी होने के लिए उसे सरकार के नियंत्रण से बाहर होना चाहिए।टिप्पणियां
प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस सुझाव को नहीं मान कर स्पष्ट कर दिया है कि वह सीबीआई को स्वायत्त इकाई बनाने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा और प्रवर समिति द्वारा दिए गए कई अच्छे सुझावों को नहीं मान कर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह भ्रष्टाचार से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने बताया कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा ने सुझाव दिया था कि सीबीआई को स्वतंत्र निकाय बनाया जाए और उसके निदेशक का कार्यकाल सुरक्षित होने के साथ ही रिटायर होने के बाद उसकी अन्य जगह नियुक्ति नहीं हो।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई निदेशक को निष्पक्ष होकर काम करने देने के लिए जरूरी है कि ना उसके कार्यकाल पर तलवार लटकी हो और ना ही उसे रिटायर होने के बाद कहीं और नियुक्ति हो सकने का लालच हो।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने प्रवर समिति के इस सुझाव को क्यों नहीं माना कि लोकपाल के मामलों की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी का स्थानांतरण लोकपाल की मंजूरी से ही किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि लोकपाल की नियुक्ति पारदर्शी होने के लिए उसे सरकार के नियंत्रण से बाहर होना चाहिए।टिप्पणियां
प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस सुझाव को नहीं मान कर स्पष्ट कर दिया है कि वह सीबीआई को स्वायत्त इकाई बनाने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा और प्रवर समिति द्वारा दिए गए कई अच्छे सुझावों को नहीं मान कर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह भ्रष्टाचार से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई निदेशक को निष्पक्ष होकर काम करने देने के लिए जरूरी है कि ना उसके कार्यकाल पर तलवार लटकी हो और ना ही उसे रिटायर होने के बाद कहीं और नियुक्ति हो सकने का लालच हो।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने प्रवर समिति के इस सुझाव को क्यों नहीं माना कि लोकपाल के मामलों की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी का स्थानांतरण लोकपाल की मंजूरी से ही किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि लोकपाल की नियुक्ति पारदर्शी होने के लिए उसे सरकार के नियंत्रण से बाहर होना चाहिए।टिप्पणियां
प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस सुझाव को नहीं मान कर स्पष्ट कर दिया है कि वह सीबीआई को स्वायत्त इकाई बनाने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा और प्रवर समिति द्वारा दिए गए कई अच्छे सुझावों को नहीं मान कर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह भ्रष्टाचार से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने प्रवर समिति के इस सुझाव को क्यों नहीं माना कि लोकपाल के मामलों की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी का स्थानांतरण लोकपाल की मंजूरी से ही किया जा सकेगा।
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प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस सुझाव को नहीं मान कर स्पष्ट कर दिया है कि वह सीबीआई को स्वायत्त इकाई बनाने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा और प्रवर समिति द्वारा दिए गए कई अच्छे सुझावों को नहीं मान कर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह भ्रष्टाचार से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है।
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प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस सुझाव को नहीं मान कर स्पष्ट कर दिया है कि वह सीबीआई को स्वायत्त इकाई बनाने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा और प्रवर समिति द्वारा दिए गए कई अच्छे सुझावों को नहीं मान कर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह भ्रष्टाचार से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है।
प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस सुझाव को नहीं मान कर स्पष्ट कर दिया है कि वह सीबीआई को स्वायत्त इकाई बनाने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा और प्रवर समिति द्वारा दिए गए कई अच्छे सुझावों को नहीं मान कर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह भ्रष्टाचार से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकपाल को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा और प्रवर समिति द्वारा दिए गए कई अच्छे सुझावों को नहीं मान कर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह भ्रष्टाचार से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है। | भाजपा ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कैबिनेट की ओर से गुरुवार को मंज़ूर किए गए लोकपाल विधेयक में उसकी ओर से दिए गए सुझावों को शामिल नहीं किया गया है। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने चैम्पियन्स ट्राफी सेमीफाइनल में श्रीलंका पर आठ विकेट की आसान जीत का श्रेय गेंदबाजों को दिया।
इशांत शर्मा (33 रन पर तीन विकेट) और रविचंद्रन अश्विन (48 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी ने भारत ने श्रीलंका को आठ विकेट पर 181 रन रोकने के बाद 15 ओवर शेष रहते सिर्फ दो विकेट गंवाकर जीत दर्ज की।टिप्पणियां
धोनी ने मैच के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि यह काफी अच्छी तरह लिखी गई पटकथा थी। टॉस जीतना अच्छा रहा और हमारे गेंदबाजों ने हमें शानदार शुरुआत दिलाई।’ उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से श्रीलंका ने दिलशान को गंवा दिया और हमने इसका फायदा उठाया। इसके बाद गेंदबाजों ने काफी अच्छी गेंदबाजी की, विशेषकर स्पिनरों ने। मुझे लगता है कि टीम में अच्छे गेंदबाजों का होना महत्वपूर्ण है।’
अपने अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर में सिर्फ दूसरी बार गेंदबाजी करने वाले धोनी ने स्वयं गेंदबाजी करने के फैसले पर कहा, ‘गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और भुवनेश्वर पहले ही आठ या नौ ओवर फेंक चुका था। हम कुछ तेज गेंदबाजों को डेथ ओवरों के लिए बचाना चाहते थे इसलिए कार्तिक की मौजूदगी को देखते हुए मैंने सोचा कि कुछ ओवर गेंदबाजी करके देखा जाए। मुझे लगता है कि अगर मैं खराब गेंदबाजी करता तो एक ओवर फेंकने के बाद हट जाता। यह सही रहा इसलिए मैंने और ओवर फेंके।’
इशांत शर्मा (33 रन पर तीन विकेट) और रविचंद्रन अश्विन (48 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी ने भारत ने श्रीलंका को आठ विकेट पर 181 रन रोकने के बाद 15 ओवर शेष रहते सिर्फ दो विकेट गंवाकर जीत दर्ज की।टिप्पणियां
धोनी ने मैच के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि यह काफी अच्छी तरह लिखी गई पटकथा थी। टॉस जीतना अच्छा रहा और हमारे गेंदबाजों ने हमें शानदार शुरुआत दिलाई।’ उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से श्रीलंका ने दिलशान को गंवा दिया और हमने इसका फायदा उठाया। इसके बाद गेंदबाजों ने काफी अच्छी गेंदबाजी की, विशेषकर स्पिनरों ने। मुझे लगता है कि टीम में अच्छे गेंदबाजों का होना महत्वपूर्ण है।’
अपने अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर में सिर्फ दूसरी बार गेंदबाजी करने वाले धोनी ने स्वयं गेंदबाजी करने के फैसले पर कहा, ‘गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और भुवनेश्वर पहले ही आठ या नौ ओवर फेंक चुका था। हम कुछ तेज गेंदबाजों को डेथ ओवरों के लिए बचाना चाहते थे इसलिए कार्तिक की मौजूदगी को देखते हुए मैंने सोचा कि कुछ ओवर गेंदबाजी करके देखा जाए। मुझे लगता है कि अगर मैं खराब गेंदबाजी करता तो एक ओवर फेंकने के बाद हट जाता। यह सही रहा इसलिए मैंने और ओवर फेंके।’
धोनी ने मैच के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि यह काफी अच्छी तरह लिखी गई पटकथा थी। टॉस जीतना अच्छा रहा और हमारे गेंदबाजों ने हमें शानदार शुरुआत दिलाई।’ उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से श्रीलंका ने दिलशान को गंवा दिया और हमने इसका फायदा उठाया। इसके बाद गेंदबाजों ने काफी अच्छी गेंदबाजी की, विशेषकर स्पिनरों ने। मुझे लगता है कि टीम में अच्छे गेंदबाजों का होना महत्वपूर्ण है।’
अपने अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर में सिर्फ दूसरी बार गेंदबाजी करने वाले धोनी ने स्वयं गेंदबाजी करने के फैसले पर कहा, ‘गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और भुवनेश्वर पहले ही आठ या नौ ओवर फेंक चुका था। हम कुछ तेज गेंदबाजों को डेथ ओवरों के लिए बचाना चाहते थे इसलिए कार्तिक की मौजूदगी को देखते हुए मैंने सोचा कि कुछ ओवर गेंदबाजी करके देखा जाए। मुझे लगता है कि अगर मैं खराब गेंदबाजी करता तो एक ओवर फेंकने के बाद हट जाता। यह सही रहा इसलिए मैंने और ओवर फेंके।’
अपने अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर में सिर्फ दूसरी बार गेंदबाजी करने वाले धोनी ने स्वयं गेंदबाजी करने के फैसले पर कहा, ‘गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और भुवनेश्वर पहले ही आठ या नौ ओवर फेंक चुका था। हम कुछ तेज गेंदबाजों को डेथ ओवरों के लिए बचाना चाहते थे इसलिए कार्तिक की मौजूदगी को देखते हुए मैंने सोचा कि कुछ ओवर गेंदबाजी करके देखा जाए। मुझे लगता है कि अगर मैं खराब गेंदबाजी करता तो एक ओवर फेंकने के बाद हट जाता। यह सही रहा इसलिए मैंने और ओवर फेंके।’ | सारांश: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने चैम्पियन्स ट्राफी सेमीफाइनल में श्रीलंका पर आठ विकेट की आसान जीत का श्रेय गेंदबाजों को दिया। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कनाडा के एडमोंटन में चल रही महिला विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में भारत की गीता फोगट ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता है। प्रतियोगिता में यह भारत का दूसरा पदक है।
गीता ने शुक्रवार को खेले गए रेपेज राउंड के पहले फाइनल में यूक्रेन की नतालिया सिनीशाइन को 3-0 से मात दी। वहीं ग्रीस की मारिया प्रेवोलाराकी ने रेपेज राउंड के दूसरे मुकाबले में कनाडा की मोर्गना लोवर्ड्यूर को हरा कर स्पर्धा का दूसरा कांस्य पदक जीता।
जापान की सॉरी योशिंडे ने अमेरिका की हेलेन लुइस मारॉलिस को हराकर स्पर्धा के स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। योशिंडे वर्ष 2004 से ओलिंपिक चैम्पियन और वर्ष 2002 से विश्व चैम्पियन हैं।टिप्पणियां
इस 29 वर्षीय जपानी महिला पहलवान ने क्वार्टर फाइनल में गीता को मात दी थी। इसी वजह से हार के बावजूद गीता को रेपेज दौर में प्रवेश मिला। नतालिया से पहले गीता ने कजाकिस्तान की अक्जिया दाउतबायेवा को हराया था।
गौरतलब है कि गुरुवार को बबीता कुमारी ने कांस्य पदक जीता था, जबकि शिल्पी शिओरन और नवजोत कौर को क्रमश: 59 और 67 किलोग्राम भार वर्ग में पांचवे स्थान से संतोष करना पड़ा था। प्रतियोगिता शनिवार को समाप्त होगी।
गीता ने शुक्रवार को खेले गए रेपेज राउंड के पहले फाइनल में यूक्रेन की नतालिया सिनीशाइन को 3-0 से मात दी। वहीं ग्रीस की मारिया प्रेवोलाराकी ने रेपेज राउंड के दूसरे मुकाबले में कनाडा की मोर्गना लोवर्ड्यूर को हरा कर स्पर्धा का दूसरा कांस्य पदक जीता।
जापान की सॉरी योशिंडे ने अमेरिका की हेलेन लुइस मारॉलिस को हराकर स्पर्धा के स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। योशिंडे वर्ष 2004 से ओलिंपिक चैम्पियन और वर्ष 2002 से विश्व चैम्पियन हैं।टिप्पणियां
इस 29 वर्षीय जपानी महिला पहलवान ने क्वार्टर फाइनल में गीता को मात दी थी। इसी वजह से हार के बावजूद गीता को रेपेज दौर में प्रवेश मिला। नतालिया से पहले गीता ने कजाकिस्तान की अक्जिया दाउतबायेवा को हराया था।
गौरतलब है कि गुरुवार को बबीता कुमारी ने कांस्य पदक जीता था, जबकि शिल्पी शिओरन और नवजोत कौर को क्रमश: 59 और 67 किलोग्राम भार वर्ग में पांचवे स्थान से संतोष करना पड़ा था। प्रतियोगिता शनिवार को समाप्त होगी।
जापान की सॉरी योशिंडे ने अमेरिका की हेलेन लुइस मारॉलिस को हराकर स्पर्धा के स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। योशिंडे वर्ष 2004 से ओलिंपिक चैम्पियन और वर्ष 2002 से विश्व चैम्पियन हैं।टिप्पणियां
इस 29 वर्षीय जपानी महिला पहलवान ने क्वार्टर फाइनल में गीता को मात दी थी। इसी वजह से हार के बावजूद गीता को रेपेज दौर में प्रवेश मिला। नतालिया से पहले गीता ने कजाकिस्तान की अक्जिया दाउतबायेवा को हराया था।
गौरतलब है कि गुरुवार को बबीता कुमारी ने कांस्य पदक जीता था, जबकि शिल्पी शिओरन और नवजोत कौर को क्रमश: 59 और 67 किलोग्राम भार वर्ग में पांचवे स्थान से संतोष करना पड़ा था। प्रतियोगिता शनिवार को समाप्त होगी।
इस 29 वर्षीय जपानी महिला पहलवान ने क्वार्टर फाइनल में गीता को मात दी थी। इसी वजह से हार के बावजूद गीता को रेपेज दौर में प्रवेश मिला। नतालिया से पहले गीता ने कजाकिस्तान की अक्जिया दाउतबायेवा को हराया था।
गौरतलब है कि गुरुवार को बबीता कुमारी ने कांस्य पदक जीता था, जबकि शिल्पी शिओरन और नवजोत कौर को क्रमश: 59 और 67 किलोग्राम भार वर्ग में पांचवे स्थान से संतोष करना पड़ा था। प्रतियोगिता शनिवार को समाप्त होगी।
गौरतलब है कि गुरुवार को बबीता कुमारी ने कांस्य पदक जीता था, जबकि शिल्पी शिओरन और नवजोत कौर को क्रमश: 59 और 67 किलोग्राम भार वर्ग में पांचवे स्थान से संतोष करना पड़ा था। प्रतियोगिता शनिवार को समाप्त होगी। | सारांश: कनाडा के एडमोंटन में चल रही महिला विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में भारत की गीता फोगट ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता है। प्रतियोगिता में यह भारत का दूसरा पदक है। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रांची राइनोज ने स्थानीय एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के पहले संस्करण के 12वें मुकाबले में उत्तर प्रदेश विजार्ड्स को 3-1 से हरा दिया।
दोनों टीमों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के लिए हुई जोरदार भिड़ंत में राइनोज के लिए उसके मार्की खिलाड़ी मोरित्ज फुस्ते ने 28वें, निक विल्सन ने 66वें और एश्ले जैक्सन ने 70वें मिनट में गोल किया। जैक्सन ने पेनाल्टी स्ट्रोक पर गोल किया। विजार्ड्स की ओर से बराबरी का गोल 53वें मिनट में ल्यूक डोएर्नर द्वारा किया गया था।
राइनोज ने अपने घरेलू मैदान पर मैच का खाता खोलते हुए पहला गोल किया। बीरेंद्र लाकरा ने सेंटर लाइन पर से एक तेज पास फुस्ते को दिया। फुस्ते के पास उसे गोल में तब्दील करने का पर्याप्त समय था। उन्होंने स्टिक को बस गेंद से लगाया और वह विजार्ड्स के गोलकीपर को छकाते हुए गोलपोस्ट में घुस गई।
यह मैच पेनाल्टी कार्नरों की संख्या के लिए याद किया जाएगा। इसमें दोनों टीमों को कुल 12 पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन विजार्ड्स टीम 53वें मिनट में ही इसके माध्यम से सफलता हासिल कर सकी।
डोएर्नर ने अपने एक तेज फ्लिक पर गोल करके विजार्ड्स को मैच में वापसी कराई। इससे पहले विजार्ड्स को चार और पेनाल्टी कार्नर मिले थे लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी थी।
इसके बाद भी विजार्ड्स को 59वें और 61वें मिनट में दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन उस पर गोल नहीं हो सका। इसी तरह राइनोज को भी पांच पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सकी।
मैच के 57वें मिनट में राइनोज के मार्की खिलाड़ी फुस्ते को हरा कार्ड दिखाया गया क्योंकि उनके कोच ग्रेग क्लार्क फील्ड अम्पायर के खिलाफ छींटाकशी करते नजर आए। लीग के नियम के मुताबिक अगर कोच ऐसा करता पाया जाता है तो सबसे पहले उसका खामियाजा कप्तान को भुगतना होता है और उसे तत्काल मैदान छोड़ना पड़ता है।टिप्पणियां
66वें मिनट में राइनोज को विजार्ड्स के सर्किल के ठीक बाहर एक फ्री हिट मिला, जिसने उसकी किस्मत के दरवाजे खोल दिए। इस हिट पर न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन ने गोल करके राइनोज को 2-1 से आगे कर दिया।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी।
दोनों टीमों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के लिए हुई जोरदार भिड़ंत में राइनोज के लिए उसके मार्की खिलाड़ी मोरित्ज फुस्ते ने 28वें, निक विल्सन ने 66वें और एश्ले जैक्सन ने 70वें मिनट में गोल किया। जैक्सन ने पेनाल्टी स्ट्रोक पर गोल किया। विजार्ड्स की ओर से बराबरी का गोल 53वें मिनट में ल्यूक डोएर्नर द्वारा किया गया था।
राइनोज ने अपने घरेलू मैदान पर मैच का खाता खोलते हुए पहला गोल किया। बीरेंद्र लाकरा ने सेंटर लाइन पर से एक तेज पास फुस्ते को दिया। फुस्ते के पास उसे गोल में तब्दील करने का पर्याप्त समय था। उन्होंने स्टिक को बस गेंद से लगाया और वह विजार्ड्स के गोलकीपर को छकाते हुए गोलपोस्ट में घुस गई।
यह मैच पेनाल्टी कार्नरों की संख्या के लिए याद किया जाएगा। इसमें दोनों टीमों को कुल 12 पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन विजार्ड्स टीम 53वें मिनट में ही इसके माध्यम से सफलता हासिल कर सकी।
डोएर्नर ने अपने एक तेज फ्लिक पर गोल करके विजार्ड्स को मैच में वापसी कराई। इससे पहले विजार्ड्स को चार और पेनाल्टी कार्नर मिले थे लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी थी।
इसके बाद भी विजार्ड्स को 59वें और 61वें मिनट में दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन उस पर गोल नहीं हो सका। इसी तरह राइनोज को भी पांच पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सकी।
मैच के 57वें मिनट में राइनोज के मार्की खिलाड़ी फुस्ते को हरा कार्ड दिखाया गया क्योंकि उनके कोच ग्रेग क्लार्क फील्ड अम्पायर के खिलाफ छींटाकशी करते नजर आए। लीग के नियम के मुताबिक अगर कोच ऐसा करता पाया जाता है तो सबसे पहले उसका खामियाजा कप्तान को भुगतना होता है और उसे तत्काल मैदान छोड़ना पड़ता है।टिप्पणियां
66वें मिनट में राइनोज को विजार्ड्स के सर्किल के ठीक बाहर एक फ्री हिट मिला, जिसने उसकी किस्मत के दरवाजे खोल दिए। इस हिट पर न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन ने गोल करके राइनोज को 2-1 से आगे कर दिया।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी।
राइनोज ने अपने घरेलू मैदान पर मैच का खाता खोलते हुए पहला गोल किया। बीरेंद्र लाकरा ने सेंटर लाइन पर से एक तेज पास फुस्ते को दिया। फुस्ते के पास उसे गोल में तब्दील करने का पर्याप्त समय था। उन्होंने स्टिक को बस गेंद से लगाया और वह विजार्ड्स के गोलकीपर को छकाते हुए गोलपोस्ट में घुस गई।
यह मैच पेनाल्टी कार्नरों की संख्या के लिए याद किया जाएगा। इसमें दोनों टीमों को कुल 12 पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन विजार्ड्स टीम 53वें मिनट में ही इसके माध्यम से सफलता हासिल कर सकी।
डोएर्नर ने अपने एक तेज फ्लिक पर गोल करके विजार्ड्स को मैच में वापसी कराई। इससे पहले विजार्ड्स को चार और पेनाल्टी कार्नर मिले थे लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी थी।
इसके बाद भी विजार्ड्स को 59वें और 61वें मिनट में दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन उस पर गोल नहीं हो सका। इसी तरह राइनोज को भी पांच पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सकी।
मैच के 57वें मिनट में राइनोज के मार्की खिलाड़ी फुस्ते को हरा कार्ड दिखाया गया क्योंकि उनके कोच ग्रेग क्लार्क फील्ड अम्पायर के खिलाफ छींटाकशी करते नजर आए। लीग के नियम के मुताबिक अगर कोच ऐसा करता पाया जाता है तो सबसे पहले उसका खामियाजा कप्तान को भुगतना होता है और उसे तत्काल मैदान छोड़ना पड़ता है।टिप्पणियां
66वें मिनट में राइनोज को विजार्ड्स के सर्किल के ठीक बाहर एक फ्री हिट मिला, जिसने उसकी किस्मत के दरवाजे खोल दिए। इस हिट पर न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन ने गोल करके राइनोज को 2-1 से आगे कर दिया।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी।
यह मैच पेनाल्टी कार्नरों की संख्या के लिए याद किया जाएगा। इसमें दोनों टीमों को कुल 12 पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन विजार्ड्स टीम 53वें मिनट में ही इसके माध्यम से सफलता हासिल कर सकी।
डोएर्नर ने अपने एक तेज फ्लिक पर गोल करके विजार्ड्स को मैच में वापसी कराई। इससे पहले विजार्ड्स को चार और पेनाल्टी कार्नर मिले थे लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी थी।
इसके बाद भी विजार्ड्स को 59वें और 61वें मिनट में दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन उस पर गोल नहीं हो सका। इसी तरह राइनोज को भी पांच पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सकी।
मैच के 57वें मिनट में राइनोज के मार्की खिलाड़ी फुस्ते को हरा कार्ड दिखाया गया क्योंकि उनके कोच ग्रेग क्लार्क फील्ड अम्पायर के खिलाफ छींटाकशी करते नजर आए। लीग के नियम के मुताबिक अगर कोच ऐसा करता पाया जाता है तो सबसे पहले उसका खामियाजा कप्तान को भुगतना होता है और उसे तत्काल मैदान छोड़ना पड़ता है।टिप्पणियां
66वें मिनट में राइनोज को विजार्ड्स के सर्किल के ठीक बाहर एक फ्री हिट मिला, जिसने उसकी किस्मत के दरवाजे खोल दिए। इस हिट पर न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन ने गोल करके राइनोज को 2-1 से आगे कर दिया।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी।
डोएर्नर ने अपने एक तेज फ्लिक पर गोल करके विजार्ड्स को मैच में वापसी कराई। इससे पहले विजार्ड्स को चार और पेनाल्टी कार्नर मिले थे लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी थी।
इसके बाद भी विजार्ड्स को 59वें और 61वें मिनट में दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन उस पर गोल नहीं हो सका। इसी तरह राइनोज को भी पांच पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सकी।
मैच के 57वें मिनट में राइनोज के मार्की खिलाड़ी फुस्ते को हरा कार्ड दिखाया गया क्योंकि उनके कोच ग्रेग क्लार्क फील्ड अम्पायर के खिलाफ छींटाकशी करते नजर आए। लीग के नियम के मुताबिक अगर कोच ऐसा करता पाया जाता है तो सबसे पहले उसका खामियाजा कप्तान को भुगतना होता है और उसे तत्काल मैदान छोड़ना पड़ता है।टिप्पणियां
66वें मिनट में राइनोज को विजार्ड्स के सर्किल के ठीक बाहर एक फ्री हिट मिला, जिसने उसकी किस्मत के दरवाजे खोल दिए। इस हिट पर न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन ने गोल करके राइनोज को 2-1 से आगे कर दिया।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी।
इसके बाद भी विजार्ड्स को 59वें और 61वें मिनट में दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन उस पर गोल नहीं हो सका। इसी तरह राइनोज को भी पांच पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सकी।
मैच के 57वें मिनट में राइनोज के मार्की खिलाड़ी फुस्ते को हरा कार्ड दिखाया गया क्योंकि उनके कोच ग्रेग क्लार्क फील्ड अम्पायर के खिलाफ छींटाकशी करते नजर आए। लीग के नियम के मुताबिक अगर कोच ऐसा करता पाया जाता है तो सबसे पहले उसका खामियाजा कप्तान को भुगतना होता है और उसे तत्काल मैदान छोड़ना पड़ता है।टिप्पणियां
66वें मिनट में राइनोज को विजार्ड्स के सर्किल के ठीक बाहर एक फ्री हिट मिला, जिसने उसकी किस्मत के दरवाजे खोल दिए। इस हिट पर न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन ने गोल करके राइनोज को 2-1 से आगे कर दिया।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी।
मैच के 57वें मिनट में राइनोज के मार्की खिलाड़ी फुस्ते को हरा कार्ड दिखाया गया क्योंकि उनके कोच ग्रेग क्लार्क फील्ड अम्पायर के खिलाफ छींटाकशी करते नजर आए। लीग के नियम के मुताबिक अगर कोच ऐसा करता पाया जाता है तो सबसे पहले उसका खामियाजा कप्तान को भुगतना होता है और उसे तत्काल मैदान छोड़ना पड़ता है।टिप्पणियां
66वें मिनट में राइनोज को विजार्ड्स के सर्किल के ठीक बाहर एक फ्री हिट मिला, जिसने उसकी किस्मत के दरवाजे खोल दिए। इस हिट पर न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन ने गोल करके राइनोज को 2-1 से आगे कर दिया।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी।
66वें मिनट में राइनोज को विजार्ड्स के सर्किल के ठीक बाहर एक फ्री हिट मिला, जिसने उसकी किस्मत के दरवाजे खोल दिए। इस हिट पर न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन ने गोल करके राइनोज को 2-1 से आगे कर दिया।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी।
69वें मिनट में विजार्ड्स के गोलकीपर ने सर्किल के बिल्कुल छोर पर तेजी से गोल की तरफ बढ़ते आ रहे मनप्रीत सिंह को रोका, जिस पर रेफरी ने पेनाल्टी स्ट्रोक दे दिया। अंतिम क्षण में आए इस बदलाव से राइनोज को अनपेक्षित फायदा हुआ। जैक्सन ने इस पेनाल्टी स्ट्रोक पर 70वें मिनट में गोल करके राइनोज को 3-1 से जीत दिला दी। | यह एक सारांश है: रांची राइनोज ने स्थानीय एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के पहले संस्करण के 12वें मुकाबले में उत्तर प्रदेश विजार्ड्स को 3-1 से हरा दिया। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) टीम ने एमए चिदम्बरम स्टेडियम में बुधवार को खेले गए चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के ग्रुप-ए मुकाबले में वेस्टइंडीज की त्रिनिदाद एंड टोबैगो टीम को हरा दिया। मैच का फैसला सुपर ओवर के जरिए हुआ। त्रिनिदाद द्वारा दिए गए 140 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यू साउथ वेल्स टीम ने 20 ओवरों की समाप्ति तक आठ विकेट पर 139 रन बनाए। इसके बाद मैच का फैसला सुपर ओवर के जरिए करना पड़ा। सुपर ओवर में बाजी न्यू साउथ वेल्स के हाथों लगी। न्यू साउथ वेल्स ने पहले खेलते हुए 18 रन बनाए जबकि त्रिनिदाद की टीम इसके जवाब में 15 रन बना सकी। न्यू साउथ वेल्स की ओर से सुपर ओवर में मोएजिज हेनरिक्स ने 18 रन जुटाए। मैच के मुख्य ह्स्सिे में न्यू साउथ वेल्स की ओर से डेविड वॉर्नर ने सर्वाधिक 38 रन बनाए जबकि शेन वॉटसन ने 14, डेनियल स्मिथ ने 11, स्टीवन स्मिथ ने 11 और कप्तान साइमन कैटिच ने 23 रनों का योगदान दिया। हेनरिक्स 20 ओवरों की समाप्ति के बाद 18 रन पर नाबाद लौटे जबकि पैट कुमिंग्स सात रन पर नाबाद रहे। त्रिनिदाद की ओर से कप्तान गंगा ने तीन विकेट झटके जबकि सुनील नारायन ने दो विकेट लिए। इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी त्रिनिदाद की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों की समाप्ति के बाद छह विकेट के नुकसान पर 139 रन बनाए। इसमें सलामी बल्लेबाज लेंडल सिमंस के 41 रन शामिल हैं। सिमंस ने अपनी 39 गेंदों की पारी में पांच चौके लगाए। इसके अलावा कप्तान डेरेन गंगा ने 21 और विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश रामदीन ने 19 रन बनाए जबकि एड्रियन बाराथ तथा रवि रामपॉल ने 15-15 रनों का योगदान दिया। रामपॉल और केविन कूपर (12) ने छठे विकेट के लिए 25 रन जोड़े। न्यू साउथ वेल्स की ओर से मोजेज हेनरिक्स ने दो विकेट लिए। चैम्पियंस लीग के इस संस्करण में न्यू साउथ वेल्स की यह पहली जीत है जबकि त्रिनिदाद को लगातार दूसरी हार मिली है। चैम्पियंस लीग के पहले संस्करण का खिताब जीतने वाली न्यू साउथ वेल्स टीम को अपने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की केप कोबराज टीम के हाथों सात विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। दूसरी ओर, वर्ष 2009 की उपविजेता रही त्रिनिदाद को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी टीम मुम्बई इंडियंस ने एक रोमांचक मुकाबले में एक विकेट से हराया था। | यहाँ एक सारांश है:ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स टीम ने एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के ग्रुप-ए मुकाबले में वेस्टइंडीज की त्रिनिदाद एंड टोबैगो टीम को हरा दिया। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूं तो सीबीएफसी (CBFC) ने फिल्म को यूए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज करने का इजाजत दे दी है. हालांकि आयुष्मान (Ayushmann Khurrana) की इस फिल्म को उन्होंने 5 कट के साथ प्रमाणपत्र दिया है. फिल्म के मेकर्स ने इस फिल्म को रिलीज करवाने के लिए काफी जद्दोजहद की. उसके लिए उन्होंने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (एडब्ल्यूबीआई) से एक अनुपालन प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया और फिल्म की शुरुआत में डिसक्लेमर के साथ हिंदी में एक वॉयसओवर जोड़ा. जिसके बाद ही सेंसर बोर्ड ने आयुष्मान खुराना अभिनीत इस फिल्म को पैरेंट्स की सलाह के साथ रिलीज करने की अुनमति दी.
सीबीएफसी (CBFC) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए संशोधनों में आग में एक झंडे के गिरने के एक दृश्य को हटाया गया, कुछ गालियों को हटाया गया और इसके साथ ही मारपीट के दृश्यों को 30 प्रतिशत कम किया गया. बंदायू रेप और मर्डस केस से प्रभावित इस फिल्म में आयुष्मान और ईशा के साथ-साथ सयानी गुप्ता (Sayani Gupta), कुमुद मिश्रा (Kumud Mishra) और मुहम्मद जीशान अयूब भी लीड रोल निभाते नजर आएंगे. | सारांश: आयुष्मान खुराना की फिल्म 'आर्टिकल 15' 28 जून को होगी रिलीज
सीबीएफसी ने दी हरी झंडी
यूए सर्टिफिकेट के साथ फिल्म होगी रिलीज | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: खबर है कि अभिनेता रणबीर कपूर का नया घर सजा रही हैं शाहरुख खान की पत्नी और इंटीरियर डिजाइनर गौरी खान। सूत्र बताते हैं कि व्यस्त होने के बावजूद गौरी खान इंटीरियर डिजाईन कर रही हैं।टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि रणबीर कपूर अक्टूबर में नए घर में शिफ्ट होने वाले हैं। रणबीर का यह नया अपार्टमेंट बांद्रा इलाके में है। सूत्रों के मुताबिक रणबीर कपूर ने खुद ही गौरी खान से अपने नए अपार्टमेंट के इंटीरियर को डिजाईन करने के लिए कहा था। गौरी भी रणबीर के अनुरोध को मान गईं और लग गईं उनके घर को सजाने में। हालांकि गौरी इन दिनों किताब लिखने में व्यस्त हैं। इसके बावजूद गौरी ने रणबीर के घर का इंटीरियर करने के लिए हामी भरी क्योंकि रणबीर गौरी के टैलेंट को अपने घर में देखना चाहते थे।
सूत्रों की मानें तो इस घर की इंटीरियर डिजाइनिंग कुछ ऐसी पुरानी कलाकृतियों को ध्यान में रखकर की जाएगी जो रणबीर की पसंद हैं। इसके लिए गौरी और रणबीर ने देश और विदेश से शॉपिंग की है। गौरी खान फिल्म निर्माता के साथ साथ इंटीरियर डिज़ाइनर भी हैं। उन्होंने अपने घर मन्नत के अलावा कई बड़ी हस्तियों के घरों की इंटीरियर डिजाइनिंग की है।
बताया जा रहा है कि रणबीर कपूर अक्टूबर में नए घर में शिफ्ट होने वाले हैं। रणबीर का यह नया अपार्टमेंट बांद्रा इलाके में है। सूत्रों के मुताबिक रणबीर कपूर ने खुद ही गौरी खान से अपने नए अपार्टमेंट के इंटीरियर को डिजाईन करने के लिए कहा था। गौरी भी रणबीर के अनुरोध को मान गईं और लग गईं उनके घर को सजाने में। हालांकि गौरी इन दिनों किताब लिखने में व्यस्त हैं। इसके बावजूद गौरी ने रणबीर के घर का इंटीरियर करने के लिए हामी भरी क्योंकि रणबीर गौरी के टैलेंट को अपने घर में देखना चाहते थे।
सूत्रों की मानें तो इस घर की इंटीरियर डिजाइनिंग कुछ ऐसी पुरानी कलाकृतियों को ध्यान में रखकर की जाएगी जो रणबीर की पसंद हैं। इसके लिए गौरी और रणबीर ने देश और विदेश से शॉपिंग की है। गौरी खान फिल्म निर्माता के साथ साथ इंटीरियर डिज़ाइनर भी हैं। उन्होंने अपने घर मन्नत के अलावा कई बड़ी हस्तियों के घरों की इंटीरियर डिजाइनिंग की है।
सूत्रों की मानें तो इस घर की इंटीरियर डिजाइनिंग कुछ ऐसी पुरानी कलाकृतियों को ध्यान में रखकर की जाएगी जो रणबीर की पसंद हैं। इसके लिए गौरी और रणबीर ने देश और विदेश से शॉपिंग की है। गौरी खान फिल्म निर्माता के साथ साथ इंटीरियर डिज़ाइनर भी हैं। उन्होंने अपने घर मन्नत के अलावा कई बड़ी हस्तियों के घरों की इंटीरियर डिजाइनिंग की है। | सारांश: रणबीर कपूर अक्टूबर में नए घर में शिफ्ट हो जाएंगे
गौरी से रणबीर ने इंटीरियर डिजाइनिंग का आग्रह किया था
अपने घर मन्नत के अलावा कई हस्तियों के घर सजा चुकी हैं | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शेयर बाजार में गिरावट का दौर आने वाले दिनों में जारी रह सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मुद्रास्फीति और मिस्र की राजनीतिक अनिश्चितता आने वाले सप्ताह में भी बाजार के लिए चिंता का सबब बने रह सकते हैं। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स, जिसमें जनवरी माह के दौरान करीब 10.6 प्रतिशत की गिरावट आई थी, उसमें फरवरी महीने के पहले सप्ताह में भी गिरावट का दौर जारी रहा। शुक्रवार को सेंसेक्स में 441 अंकों की गिरावट देखने को मिली। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और उनके मातहत काम करने वाले दो पूर्व अधिकारियों की गिरफ्तारी की खबर से सेंसेक्स में जो सप्ताह के मध्य में लाभ देखने को मिला था, वह समाप्त हो गया। इस बीच, खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 22 जनवरी को समाप्त सप्ताह में बढ़कर 17.05 प्रतिशत हो गई। बढ़ती महंगाई से चिंतित वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने आश्वस्त किया कि कीमतों को नरम बनाने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के इक्विटी और डेरेवेटिव्स के सहायक निदेशक मनीष शाह ने कहा, निवेशकों की धारणा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस बयान से और कमजोर हुई है कि मुद्रास्फीति के कारण आर्थिक विकास को गंभीर खतरा है। समीक्षाधीन सप्ताह के उतार-चढ़ाव से भरे कारोबार के दौरान बंबई शेयर बाजार के सूचकांक में लगभग 388 अंक अथवा 2.1 प्रतिशत की गिरावट आई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आगे भी गिरावट जारी रह सकती है, क्योंकि बाजार में कोई सकारात्मक समाचार का अभाव है और लिवाली का स्तर कमजोर है। जियोजित बीएनपी परीबास फाइनेंशल सर्विसेज के प्रमुख एलेक्स मैथ्यू ने कहा, मुद्रास्फीति को लेकर चिंता और मिस्र के संकट के कारण आगामी सप्ताह भी बाजार में गिरावट का दौर जारी रहने की आशंका है। मिस्र के संकट और इसके आगे और फैलने की आशंका के कारण वैश्विक कच्चे तेल मूल्य में तेजी से निवेशक मौजूदा निम्न स्तर के बावजूद भी बिकवाली के लिए बाध्य हो सकते हैं। हालांकि बाजार पर्यवेक्षकों का यह भी मानना है कि औद्योगिक विकास के आंकड़ों को इस सप्ताह घोषित किया जाना है, जिससे लड़खड़ाते बाजार को कोई दिशा मिल सकती है। आईआईएफएल के शोध प्रमुख अमर अंबानी ने कहा, इस सप्ताह बाजार वित्तवर्ष 2011 के लिए अग्रिम जीडीपी अनुमान और ताजा आईआईपी आंकड़ों के अनुरूप अपनी दिशा निर्धारित कर सकता है। बंबई शेयर बाजार में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक मुख्यतया एफएमसीजी, रीयल्टी, आईटी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली दवाब के कारण लगभग 388 अंकों की गिरावट दर्शाता पांच माह से भी अधिक समय के निम्न स्तर 18,008.15 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 116.40 अंक अथवा 2.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,400 अंक के स्तर से नीचे 5,395.75 अंक पर बंद हुआ। | संक्षिप्त पाठ: विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मुद्रास्फीति और मिस्र की राजनीतिक अनिश्चितता आने वाले सप्ताह में भी बाजार के लिए चिंता का सबब बने रह सकते हैं। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ‘समाजवादी’ परिवार में मची अभूतपूर्व रार के बीच इस खानदान का अहम हिस्सा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर उन्हें खराब महसूस हुआ था और इसका नतीजा भी सबके सामने आया.
अखिलेश ने एक निजी चैनल के ‘चुनाव मंच’ कॉन्क्लेव में कहा, ‘‘मुझे (प्रदेश अध्यक्ष पद से) हटाए जाने पर खराब लगा और आपने उसका असर भी देखा. मैं नेताजी (सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव) से मिलकर यहां आया हूं. सपा एक परिवार है और पार्टी में कोई मतभेद नहीं है.’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में हुए झगड़े के पीछे उनका हाथ नहीं है और इस बारे में आ रही खबरें बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा ‘‘यह कुर्सी की लड़ाई है. अगर कोई अच्छा आदमी मुझसे मुख्यमंत्री पद मांगे, तो मैं उसे देने को तैयार हूं.’’
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण का अधिकार उन्हें दिया जाए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं तो कहता हूं कि मैं चाचा को सारे विभाग वापस दे दूंगा, लेकिन टिकट वितरण का अधिकार अपने पास रखूंगा, क्योंकि चुनाव में परीक्षा तो मेरी ही होनी है.’’ टिप्पणियां
सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद अपने चाचा वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव के प्रति तल्ख रवैया अपनाकर पिछले दिनों उनके महत्वपूर्ण विभाग छीनने वाले अखिलेश ने कहा ‘‘यह चुनाव का समय है और हमें एक साथ आकर काम करना चाहिए. रामगोपाल यादव, अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच कोई झगड़ा नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखिलेश ने एक निजी चैनल के ‘चुनाव मंच’ कॉन्क्लेव में कहा, ‘‘मुझे (प्रदेश अध्यक्ष पद से) हटाए जाने पर खराब लगा और आपने उसका असर भी देखा. मैं नेताजी (सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव) से मिलकर यहां आया हूं. सपा एक परिवार है और पार्टी में कोई मतभेद नहीं है.’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में हुए झगड़े के पीछे उनका हाथ नहीं है और इस बारे में आ रही खबरें बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा ‘‘यह कुर्सी की लड़ाई है. अगर कोई अच्छा आदमी मुझसे मुख्यमंत्री पद मांगे, तो मैं उसे देने को तैयार हूं.’’
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण का अधिकार उन्हें दिया जाए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं तो कहता हूं कि मैं चाचा को सारे विभाग वापस दे दूंगा, लेकिन टिकट वितरण का अधिकार अपने पास रखूंगा, क्योंकि चुनाव में परीक्षा तो मेरी ही होनी है.’’ टिप्पणियां
सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद अपने चाचा वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव के प्रति तल्ख रवैया अपनाकर पिछले दिनों उनके महत्वपूर्ण विभाग छीनने वाले अखिलेश ने कहा ‘‘यह चुनाव का समय है और हमें एक साथ आकर काम करना चाहिए. रामगोपाल यादव, अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच कोई झगड़ा नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में हुए झगड़े के पीछे उनका हाथ नहीं है और इस बारे में आ रही खबरें बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा ‘‘यह कुर्सी की लड़ाई है. अगर कोई अच्छा आदमी मुझसे मुख्यमंत्री पद मांगे, तो मैं उसे देने को तैयार हूं.’’
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण का अधिकार उन्हें दिया जाए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं तो कहता हूं कि मैं चाचा को सारे विभाग वापस दे दूंगा, लेकिन टिकट वितरण का अधिकार अपने पास रखूंगा, क्योंकि चुनाव में परीक्षा तो मेरी ही होनी है.’’ टिप्पणियां
सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद अपने चाचा वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव के प्रति तल्ख रवैया अपनाकर पिछले दिनों उनके महत्वपूर्ण विभाग छीनने वाले अखिलेश ने कहा ‘‘यह चुनाव का समय है और हमें एक साथ आकर काम करना चाहिए. रामगोपाल यादव, अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच कोई झगड़ा नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण का अधिकार उन्हें दिया जाए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं तो कहता हूं कि मैं चाचा को सारे विभाग वापस दे दूंगा, लेकिन टिकट वितरण का अधिकार अपने पास रखूंगा, क्योंकि चुनाव में परीक्षा तो मेरी ही होनी है.’’ टिप्पणियां
सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद अपने चाचा वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव के प्रति तल्ख रवैया अपनाकर पिछले दिनों उनके महत्वपूर्ण विभाग छीनने वाले अखिलेश ने कहा ‘‘यह चुनाव का समय है और हमें एक साथ आकर काम करना चाहिए. रामगोपाल यादव, अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच कोई झगड़ा नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद अपने चाचा वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव के प्रति तल्ख रवैया अपनाकर पिछले दिनों उनके महत्वपूर्ण विभाग छीनने वाले अखिलेश ने कहा ‘‘यह चुनाव का समय है और हमें एक साथ आकर काम करना चाहिए. रामगोपाल यादव, अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच कोई झगड़ा नहीं है.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया था
अखिलेश यादव ने बाद में शिवपाल से मंत्री पद छीन लिए थे
अखिलेश ने कहा है कि यह सरकार का झगड़ा है, परिवार का नहीं | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एनआर नारायण मूर्ति के लिए इंफोसिस छोड़ना बिल्कुल उसी तरह है, जैसे मां-बाप अपनी बेटी की शादी के बाद उसे खुद से दूर कर देते हैं। कंपनी के शेयरधारकों को लिखे अपने भावुक पत्र में इंफोसिस के संस्थापक और निवर्तमान चेयरमैन मूर्ति ने कहा है, इंफोसिस से मेरी विदाई को मैं उसी तरह महसूस कर रहा हूं, जैसे किसी की बेटी शादी के बाद अपने मां-बाप का घर छोड़ देती है। पिछले 30 साल में इंफोसिस को इस मुकाम पर पहुंचाने वाले मूर्ति की जगह प्रतिष्ठित बैंकर केवी कामत लेंगे। कामत की नियुक्ति 21 अगस्त से प्रभावी होगी, जिसके बाद मूर्ति कंपनी के चेयरमैन एमिरिटस रहेंगे। मूर्ति ने पत्र में लिखा है कि उन्हें अपने बेटे-बेटी को यह बताने में मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा कि उन्हें सबसे अधिक इंफोसिस से प्यार है या परिवार से। मूर्ति कहते हैं कि उनके बच्चे आज भी विश्वास नहीं करते कि उनके पिता को सबसे अधिक अपने बच्चों से प्यार है। उन्होंने कहा, जब मैं 16 घंटे दफ्तर में बिताता और साल में 330 दिन अपने घर से दूर रहता था, तो परिवार के प्रति मेरी प्रतिबद्धता के बारे में मेरे बच्चों के लिए विश्वास करना मुश्किल हो गया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एनआर नारायण मूर्ति के लिए इंफोसिस छोड़ना बिल्कुल उसी तरह है, जैसे मां-बाप अपनी बेटी की शादी के बाद उसे खुद से दूर कर देते हैं। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारी और संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने मंगलवार को साफ किया कि स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सांसद होने के कारण राज्यसभा में उपस्थित रहने के लिये बाध्य नहीं हैं।
शुक्ला ने कहा, ‘‘क्रिकेटर तेंदुलकर और सांसद तेंदुलकर में कोई रिश्ता नहीं है। सचिन जिस दिन सांसद बने थे उन्होंने उसी दिन साफ कर दिया था कि आगे भी क्रिकेट उनकी प्राथमिकता रहेगा।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वह संसद में उपस्थित रहने के लिये बाध्य नहीं हैं। वह जब तक चाहेंगे क्रिकेट खेल सकते हैं। इसका फैसला पूरी तरह से उन्हीं पर निर्भर है।’’ शुक्ला ने हालांकि कहा कि तेंदुलकर कल से शुरू हो रहे संसद के सत्र में उपस्थित रहेंगे। इस स्टार बल्लेबाज ने सांसद बनने के बाद अभी तक संसद के किसी सत्र में भाग नहीं लिया है।
कैंसर को मात देकर फिर से क्रिकेट के मैदान में उतरे जुझारू बल्लेबाज युवराज सिंह की टीम में वापसी के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यह चयनकर्ताओं पर निर्भर है कि वे उन्हें टी20 विश्व कप के लिये टीम में चुनते हैं या नहीं। लेकिन मैं उनके स्वास्थ्य में तेजी से हो रहे सुधार से काफी खुश हूं। वह बहुत अच्छी प्रगति कर रहे हैं।’’
शुक्ला ने कहा, ‘‘क्रिकेटर तेंदुलकर और सांसद तेंदुलकर में कोई रिश्ता नहीं है। सचिन जिस दिन सांसद बने थे उन्होंने उसी दिन साफ कर दिया था कि आगे भी क्रिकेट उनकी प्राथमिकता रहेगा।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वह संसद में उपस्थित रहने के लिये बाध्य नहीं हैं। वह जब तक चाहेंगे क्रिकेट खेल सकते हैं। इसका फैसला पूरी तरह से उन्हीं पर निर्भर है।’’ शुक्ला ने हालांकि कहा कि तेंदुलकर कल से शुरू हो रहे संसद के सत्र में उपस्थित रहेंगे। इस स्टार बल्लेबाज ने सांसद बनने के बाद अभी तक संसद के किसी सत्र में भाग नहीं लिया है।
कैंसर को मात देकर फिर से क्रिकेट के मैदान में उतरे जुझारू बल्लेबाज युवराज सिंह की टीम में वापसी के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यह चयनकर्ताओं पर निर्भर है कि वे उन्हें टी20 विश्व कप के लिये टीम में चुनते हैं या नहीं। लेकिन मैं उनके स्वास्थ्य में तेजी से हो रहे सुधार से काफी खुश हूं। वह बहुत अच्छी प्रगति कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह संसद में उपस्थित रहने के लिये बाध्य नहीं हैं। वह जब तक चाहेंगे क्रिकेट खेल सकते हैं। इसका फैसला पूरी तरह से उन्हीं पर निर्भर है।’’ शुक्ला ने हालांकि कहा कि तेंदुलकर कल से शुरू हो रहे संसद के सत्र में उपस्थित रहेंगे। इस स्टार बल्लेबाज ने सांसद बनने के बाद अभी तक संसद के किसी सत्र में भाग नहीं लिया है।
कैंसर को मात देकर फिर से क्रिकेट के मैदान में उतरे जुझारू बल्लेबाज युवराज सिंह की टीम में वापसी के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यह चयनकर्ताओं पर निर्भर है कि वे उन्हें टी20 विश्व कप के लिये टीम में चुनते हैं या नहीं। लेकिन मैं उनके स्वास्थ्य में तेजी से हो रहे सुधार से काफी खुश हूं। वह बहुत अच्छी प्रगति कर रहे हैं।’’
कैंसर को मात देकर फिर से क्रिकेट के मैदान में उतरे जुझारू बल्लेबाज युवराज सिंह की टीम में वापसी के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यह चयनकर्ताओं पर निर्भर है कि वे उन्हें टी20 विश्व कप के लिये टीम में चुनते हैं या नहीं। लेकिन मैं उनके स्वास्थ्य में तेजी से हो रहे सुधार से काफी खुश हूं। वह बहुत अच्छी प्रगति कर रहे हैं।’’ | संक्षिप्त सारांश: भारतीय क्रिकेट बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारी और संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने मंगलवार को साफ किया कि स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सांसद होने के कारण राज्यसभा में उपस्थित रहने के लिये बाध्य नहीं हैं। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ईरान के पश्चिमोत्तर हिस्से में स्थित अजरबेजान प्रांत के ओरूमेह के समीप रविवार को हुए विमान हादसे में 77 लोग मारे गए हैं जबकि 27 गंभीर रूप से घायल हैं। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक ईरान के परिवहन एंव स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हादसे में 77 लोग मारे गए हैं। हैदर हैदरी ने कहा कि घायलों की संख्या को देखते हुए मरने वालों की संख्या में इजाफा भी हो सकता है। खबरों के मुताबिक विमान में सवार लोगों की संख्या 105 के बीच थी। अजरबेजान प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक 77 शवों को बरामद किया गया है तथा मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। यह हादसा उस समय हुआ था जब एक विमान तेहरान से ओरूमेह जा रहा था। ईरानी एयरलाइंस ईरान एयर ने कहा है कि विमान में 106 लोग सवार थे। विमान में कुल 91 वयस्क यात्री, तीन बच्चे और चालक दल के 12 सदस्य शामिल थे। ईरान के उप परिवहन मंत्री अहमद माजिदी ने एक सामाचार एजेंसी को बताया कि विमान हादसे का शिकार नहीं हुआ है बल्कि आपाताकालीन लैंडिंग के दौरान यह दुर्घटना हुई। अजरबेजान प्रांत के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक सबसे पहले ग्रामीणों को इस हादसे की खबर मिली। हादसे के बाद ग्रामीणों ने कुछ नागरिकों को अस्पताल भी पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक घायलों को प्रांतीय राजधानी ओरीमोह के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। | यह एक सारांश है: अजरबेजान प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक 77 शवों को बरामद किया गया है तथा मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन में भाग लेने के लिए बुधवार को दिल्ली पहुंच गए। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से द्विपक्षीय बातचीत भी होने वाली है।
जिंताओ के साथ चीन के विदेश मंत्री यांग जियेची, स्टेट काउंसलर दाई बिंगो के अतिरक्त वरिष्ठ मंत्रियों एवं व्यावसायिक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
जिंताओ यहां बुधवार को ही रूस के राष्ट्रपति दमित्र मेदवेदेव से भी मुलाकात करेंगे। वह रूस, ब्राजील तथा दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपतियों के साथ राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील की ओर से बुधवार शाम आयोजित दावत में भी शरीक होंगे।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गुरुवार दोपहर चीनी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे, जिसमें व्यापारिक सम्बंधों के अतिरिक्त विश्वास बहाली के उपायों पर भी चर्चा होगी।
उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेता वर्ष 2012 को भारत-चीन मैत्री वर्ष घोषित करते हुए दोनों देशों के लोगों के बीच सम्पर्क तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए विभिन्न कदमों की घोषणा करेंगे।
जिंताओ के साथ चीन के विदेश मंत्री यांग जियेची, स्टेट काउंसलर दाई बिंगो के अतिरक्त वरिष्ठ मंत्रियों एवं व्यावसायिक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
जिंताओ यहां बुधवार को ही रूस के राष्ट्रपति दमित्र मेदवेदेव से भी मुलाकात करेंगे। वह रूस, ब्राजील तथा दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपतियों के साथ राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील की ओर से बुधवार शाम आयोजित दावत में भी शरीक होंगे।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गुरुवार दोपहर चीनी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे, जिसमें व्यापारिक सम्बंधों के अतिरिक्त विश्वास बहाली के उपायों पर भी चर्चा होगी।
उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेता वर्ष 2012 को भारत-चीन मैत्री वर्ष घोषित करते हुए दोनों देशों के लोगों के बीच सम्पर्क तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए विभिन्न कदमों की घोषणा करेंगे।
जिंताओ यहां बुधवार को ही रूस के राष्ट्रपति दमित्र मेदवेदेव से भी मुलाकात करेंगे। वह रूस, ब्राजील तथा दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपतियों के साथ राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील की ओर से बुधवार शाम आयोजित दावत में भी शरीक होंगे।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गुरुवार दोपहर चीनी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे, जिसमें व्यापारिक सम्बंधों के अतिरिक्त विश्वास बहाली के उपायों पर भी चर्चा होगी।
उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेता वर्ष 2012 को भारत-चीन मैत्री वर्ष घोषित करते हुए दोनों देशों के लोगों के बीच सम्पर्क तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए विभिन्न कदमों की घोषणा करेंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गुरुवार दोपहर चीनी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे, जिसमें व्यापारिक सम्बंधों के अतिरिक्त विश्वास बहाली के उपायों पर भी चर्चा होगी।
उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेता वर्ष 2012 को भारत-चीन मैत्री वर्ष घोषित करते हुए दोनों देशों के लोगों के बीच सम्पर्क तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए विभिन्न कदमों की घोषणा करेंगे।
उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेता वर्ष 2012 को भारत-चीन मैत्री वर्ष घोषित करते हुए दोनों देशों के लोगों के बीच सम्पर्क तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए विभिन्न कदमों की घोषणा करेंगे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से द्विपक्षीय बातचीत भी होने वाली है। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकम्प में 40 लोगों की मौत हो गई जबकि 300 से अधिक घायल हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बुधवार को यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के हवाले से दी।
एनडीएमए के प्रवक्ता इरशाद भाटी ने कहा कि सभी मौतें दक्षिण-पश्चिम प्रांत बलुचिस्तान के वाशुक जिले के माशकेल इलाके में हुई हैं।
भाटी ने कहा, बचाव दल ने 40 लोगों के मारे जाने और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की है तथा कई लोगों के मलबे के अंदर दबे होने की वजह से हताहतों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
भाटी के मुताबिक, मिलिट्री ऑपरेशन्स डाइरेक्टोरेट ऑफ पाकिस्तान आर्मी इस बचाव कार्य का नेतृत्व कर रहा है तथा इसने 62 विंग ऑफ फ्रंटियर कॉर्प्स बलुचिस्तान और चिकित्सकों के दल सहित सेना को माशकेल भेजा है। भाटी का कहना है कि घनी आबादी की वजह से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
एनडीएमए ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पाकिस्तान स्पेस एंड अपर एटमोसफेयर रिसर्च कमिशन (एसयूपीएआरसीओ) से प्रभावित इलाके की तस्वीरें लेने का अनुरोध किया है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता इंटर सर्विस पबिल्क रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बताया कि राहत कार्य में दो हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है जिनकी मदद से कई घायलों को निकाला गया है तथा इन्हें वाशुक, खुजदर और क्वेटा जिले के अस्पतालों में ले जाया गया है।
पाकिस्तानी मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देश की सीमा से सटे ईरान के पर्वतीय इलाके खाश में धरती से 79 किलोमीटर की गहराई पर 7.9 तीव्रता का भूकम्प आया, जिससे पाकिस्तान का दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिम भाग प्रभावित हुआ है। इस हादसे में 1,000 घर नष्ट होने की खबर है।
एनडीएमए के प्रवक्ता इरशाद भाटी ने कहा कि सभी मौतें दक्षिण-पश्चिम प्रांत बलुचिस्तान के वाशुक जिले के माशकेल इलाके में हुई हैं।
भाटी ने कहा, बचाव दल ने 40 लोगों के मारे जाने और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की है तथा कई लोगों के मलबे के अंदर दबे होने की वजह से हताहतों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
भाटी के मुताबिक, मिलिट्री ऑपरेशन्स डाइरेक्टोरेट ऑफ पाकिस्तान आर्मी इस बचाव कार्य का नेतृत्व कर रहा है तथा इसने 62 विंग ऑफ फ्रंटियर कॉर्प्स बलुचिस्तान और चिकित्सकों के दल सहित सेना को माशकेल भेजा है। भाटी का कहना है कि घनी आबादी की वजह से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
एनडीएमए ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पाकिस्तान स्पेस एंड अपर एटमोसफेयर रिसर्च कमिशन (एसयूपीएआरसीओ) से प्रभावित इलाके की तस्वीरें लेने का अनुरोध किया है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता इंटर सर्विस पबिल्क रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बताया कि राहत कार्य में दो हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है जिनकी मदद से कई घायलों को निकाला गया है तथा इन्हें वाशुक, खुजदर और क्वेटा जिले के अस्पतालों में ले जाया गया है।
पाकिस्तानी मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देश की सीमा से सटे ईरान के पर्वतीय इलाके खाश में धरती से 79 किलोमीटर की गहराई पर 7.9 तीव्रता का भूकम्प आया, जिससे पाकिस्तान का दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिम भाग प्रभावित हुआ है। इस हादसे में 1,000 घर नष्ट होने की खबर है।
भाटी ने कहा, बचाव दल ने 40 लोगों के मारे जाने और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की है तथा कई लोगों के मलबे के अंदर दबे होने की वजह से हताहतों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
भाटी के मुताबिक, मिलिट्री ऑपरेशन्स डाइरेक्टोरेट ऑफ पाकिस्तान आर्मी इस बचाव कार्य का नेतृत्व कर रहा है तथा इसने 62 विंग ऑफ फ्रंटियर कॉर्प्स बलुचिस्तान और चिकित्सकों के दल सहित सेना को माशकेल भेजा है। भाटी का कहना है कि घनी आबादी की वजह से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
एनडीएमए ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पाकिस्तान स्पेस एंड अपर एटमोसफेयर रिसर्च कमिशन (एसयूपीएआरसीओ) से प्रभावित इलाके की तस्वीरें लेने का अनुरोध किया है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता इंटर सर्विस पबिल्क रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बताया कि राहत कार्य में दो हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है जिनकी मदद से कई घायलों को निकाला गया है तथा इन्हें वाशुक, खुजदर और क्वेटा जिले के अस्पतालों में ले जाया गया है।
पाकिस्तानी मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देश की सीमा से सटे ईरान के पर्वतीय इलाके खाश में धरती से 79 किलोमीटर की गहराई पर 7.9 तीव्रता का भूकम्प आया, जिससे पाकिस्तान का दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिम भाग प्रभावित हुआ है। इस हादसे में 1,000 घर नष्ट होने की खबर है।
भाटी के मुताबिक, मिलिट्री ऑपरेशन्स डाइरेक्टोरेट ऑफ पाकिस्तान आर्मी इस बचाव कार्य का नेतृत्व कर रहा है तथा इसने 62 विंग ऑफ फ्रंटियर कॉर्प्स बलुचिस्तान और चिकित्सकों के दल सहित सेना को माशकेल भेजा है। भाटी का कहना है कि घनी आबादी की वजह से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
एनडीएमए ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पाकिस्तान स्पेस एंड अपर एटमोसफेयर रिसर्च कमिशन (एसयूपीएआरसीओ) से प्रभावित इलाके की तस्वीरें लेने का अनुरोध किया है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता इंटर सर्विस पबिल्क रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बताया कि राहत कार्य में दो हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है जिनकी मदद से कई घायलों को निकाला गया है तथा इन्हें वाशुक, खुजदर और क्वेटा जिले के अस्पतालों में ले जाया गया है।
पाकिस्तानी मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देश की सीमा से सटे ईरान के पर्वतीय इलाके खाश में धरती से 79 किलोमीटर की गहराई पर 7.9 तीव्रता का भूकम्प आया, जिससे पाकिस्तान का दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिम भाग प्रभावित हुआ है। इस हादसे में 1,000 घर नष्ट होने की खबर है।
एनडीएमए ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पाकिस्तान स्पेस एंड अपर एटमोसफेयर रिसर्च कमिशन (एसयूपीएआरसीओ) से प्रभावित इलाके की तस्वीरें लेने का अनुरोध किया है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता इंटर सर्विस पबिल्क रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बताया कि राहत कार्य में दो हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है जिनकी मदद से कई घायलों को निकाला गया है तथा इन्हें वाशुक, खुजदर और क्वेटा जिले के अस्पतालों में ले जाया गया है।
पाकिस्तानी मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देश की सीमा से सटे ईरान के पर्वतीय इलाके खाश में धरती से 79 किलोमीटर की गहराई पर 7.9 तीव्रता का भूकम्प आया, जिससे पाकिस्तान का दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिम भाग प्रभावित हुआ है। इस हादसे में 1,000 घर नष्ट होने की खबर है।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता इंटर सर्विस पबिल्क रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बताया कि राहत कार्य में दो हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है जिनकी मदद से कई घायलों को निकाला गया है तथा इन्हें वाशुक, खुजदर और क्वेटा जिले के अस्पतालों में ले जाया गया है।
पाकिस्तानी मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देश की सीमा से सटे ईरान के पर्वतीय इलाके खाश में धरती से 79 किलोमीटर की गहराई पर 7.9 तीव्रता का भूकम्प आया, जिससे पाकिस्तान का दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिम भाग प्रभावित हुआ है। इस हादसे में 1,000 घर नष्ट होने की खबर है।
पाकिस्तानी मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देश की सीमा से सटे ईरान के पर्वतीय इलाके खाश में धरती से 79 किलोमीटर की गहराई पर 7.9 तीव्रता का भूकम्प आया, जिससे पाकिस्तान का दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिम भाग प्रभावित हुआ है। इस हादसे में 1,000 घर नष्ट होने की खबर है। | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकम्प में 40 लोगों की मौत हो गई जबकि 300 से अधिक घायल हो गए। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट परीक्षा का क्वेश्चन पेपर (UGC NET Question Paper) और उम्मीदवारों का रिकॉर्डिड रेस्पॉन्स जारी कर दिया है. उम्मीदवार क्वेश्चन पेपर और रिकॉर्डिड रेस्पॉन्स NTA NET की ऑफिशियल वेबसाइट ntanet.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं. उम्मीदवार क्वेश्चन पेपर 28 दिसंबर तक ही चेक कर सकते हैं. यूजीसी नेट परीक्षा की आंसर-की (UGC NET Answer Key 2018) जल्द ही जारी कर दी जाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक आंसर-की (NTA NET Answer Key) 31 दिसंबर को जारी कर दी जाएगी, जबकि यूजीसी नेट का रिजल्ट (UGC NET Result) 10 जनवरी 2019 को जारी होगा. आंसर-की जारी होने के बाद उम्मीदवार सवाल और जवाब पर आपत्ति भी दर्ज करा पाएंगे. उम्मीदवारों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 1 हजार रुपये प्रति सवाल देना होगा. बता दें कि UGC NET Exam 18 दिसंबर से 22 दिसंबर तक आयोजित किया गया था. परीक्षा में करीब 1.8 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था.
उम्मीदवार नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक से क्वेश्चन पेपर और रिकॉर्डिड रेस्पॉन्स चेक कर सकते हैं.UGC NET | यहाँ एक सारांश है:UGC NET आंसर-की जल्द जारी होगी.
क्वेश्चन पेपर और रिकॉर्डिड रेस्पॉन्स जारी कर दिया गया है.
परीक्षा 18 से 22 दिसंबर तक हुई थी. | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली एकदिवसीय क्रिकेट के फॉरमेट को लेकर अपने पूर्व सलामी जोड़ीदार सचिन तेंदुलकर से भिन्न मत रखते हैं। सचिन से उलट सौरव मानते हैं कि एकदिवसीय क्रिकेट का मौजूदा फॉरमेट उपयुक्त है और यह आगे भी सफल रहेगा। सौरव ने कहा, "हम पहले ही से ट्वेंटी-20 फॉरमेट में खेल रहे हैं। ऐसे में 25 ओवर फॉरमेट की क्या जरूरत है? 50 ओवर के खेल ने हाल में अच्छा विकास किया है। विश्व कप काफी सफल रहा है। हाल ही में भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई श्रृंखला से भी साबित हो चुका है कि 50 ओवर का फॉरमेट सफल है।" सौरव हालांकि यह मानते हैं कि आईसीसी को तेंदुलकर का 50 ओवर क्रिकेट के फॉरमेट में बदलाव के प्रस्ताव को नकारना नहीं चाहिए था। उनका मत है कि अगर यह प्रस्ताव किसी भारतीय की ओर से नहीं मिला होता तो आईसीसी इस पर गम्भीरता से विचार करती। उल्लेखनीय है कि आईसीसी ने बुधवार को कहा था कि सचिन के सुझाव के आधार पर उसका एकदिवसीय क्रिकेट के फॉरमेट में बदलाव करने का कोई इरादा नहीं है। सचिन ने एक पत्र के माध्यम से आईसीसी के सामने एक एकदिवसीय मैच को 25-25 ओवरों की चार पारियों में तब्दील करने का प्रस्ताव रखा था। तेंदुलकर ने ऐसा इस फॉरमेट को लोकप्रिय बनाने और टॉस जीतने वाली टीम को मिलने वाले फायदे को संतुलित करने के लिहाज से किया था। इसे लेकर आईसीसी का कहना था कि एकदिवसीय क्रिकेट का मौजूदा फॉरमेट पहले से ही लोकप्रिय है, ऐसे में इसमें फिलहाल बदलाव की कोई सम्भावना नहीं। | यह एक सारांश है: सचिन से उलट सौरव मानते हैं कि एकदिवसीय क्रिकेट का मौजूदा फॉरमेट उपयुक्त है और यह आगे भी सफल रहेगा। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कप्तान के घायल होने के बाद जहाज को आग लगा दी गई और नौसैनिक बंदरगाह पर भाग गए. घायल कप्तान को कार से पणजी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 19 दिसंबर 1961 को पुर्तगाली नौसैनिकों ने आधिकारिक रूप से आत्मसमर्पण किया, और गोवा आजाद हुआ. इसके बाद आईएनएस बेतवा के कमांडर रुस्तम गांधी और आईएनएस ब्यास के कमांडर ने जाकर कप्तान अरागावो से अस्पताल में जाकर मुलाकात की. क्रिसमस के करीब होने की वजह से उन्हें फूल और चॉकलेट आदि भी भेंट की गई थी.
बता दें कि रुस्तम गांधी को 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में कामयाब नौसैनिक ऑपरेशन के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया था. उस समय रुस्तम वेस्टर्न कमांड के जंगी जहाज आईएनएस मैसूर के कमांडर थे. 1965 में भी पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में रुस्तम ने आईएनएस खुकरी के जरिए अपना लोहा मनवाया था.
बता दें कि रुस्तम गांधी को 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में कामयाब नौसैनिक ऑपरेशन के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया था. उस समय रुस्तम वेस्टर्न कमांड के जंगी जहाज आईएनएस मैसूर के कमांडर थे. 1965 में भी पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में रुस्तम ने आईएनएस खुकरी के जरिए अपना लोहा मनवाया था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नौसेना में रुस्तम केएस गांधी नाम के एक अधिकारी हुए हैं.
रुस्तम का गोवा को भारत का हिस्सा बनाने में बड़ा योगदान रहा है.
वीर चक्र से सम्मानित थे रुस्तम केएस गांधी. | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सातवें वेतन आयोग के हिसाब से बढ़ा वेतन और भत्ता जल्द मिल सकता है. वित्तमंत्रालय ने इस संबंध में सभी स्वायत्त संस्थानों को हाल में एक आदेश जारी कर दिया है. जहां इस आदेश के बाद से कर्मचारियों में उत्साह है वहीं, इस आदेश के देर से जारी होने और नई शर्तों तथा इस आदेश के साथ स्वायत्त संस्थानों को लेकर दी गई पृष्ठभूमि से कर्मचारी में भय का माहौल बनना लाजमी है. हाल ही में वित्त मंत्रालय ने कार्यालय ज्ञापन जारी कर इस संबंध में स्वायत्त संस्थानों से जुड़ा आदेश दिया है. केंद्र सरकार द्वारा स्थापित और वित्तपोषित अथवा नियंत्रित अर्ध सरकारी संगठनों, स्वायत्त संगठनों एवं सांविधिक निकायों आदि के कर्मचारियों के वेतन संशोधन के संबंध में दिशा-निर्देश विषय से यह आदेश दिया गया है.
वित्तमंत्रालय के आदेश में साफ कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित और वित्तपोषित अथवा नियंत्रित अर्ध सरकारी संगठनों, स्वायत्त संगठनों, सांविधिक निकायों आदि में कार्यरत कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं है और इसीलिए, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्तों के भाग के तौर पर केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए लाभ ऐसे स्वायत्त संगठनों में कार्यरत कर्मचारियों पर सीधे लागू नहीं होते. इस आदेश में कहा गया है कि स्वायत्त संगठनों से अपने कार्य इस प्रकार व्यवस्थित करने की उम्मीद की जाती है कि अतिरिक्त वित्तीय भार को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता हेतु केंद्र सरकार पर उनकी निर्भरता न्यूनतम हो और इस तरह स्वायत्त संगठनों से उम्मीद की जाती है कि वे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बने ताकि केंद्रीय राजकोष पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े.
वित्तमंत्रालय के आदेश में उपरोक्त दी गई पृष्ठभूमि में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वायत्त संगठनों के लिए स्वीकार किया गया है. सरकार ने यह भी साफ किया है कि संशोधित वेतन संरचना उन कर्मचारियों के लिे स्वीकार्य होगी जो वर्तमान नियमों के अनुसार इसका चयन करेंगे.
वित्तमंत्रालय में निदेशक अमर नाथ सिंह ने अपने पत्रक में यह साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में सातवें वेतन आयोग की सिफारिश पर आधारित विभिन्न भत्तों के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है और इसीलिए, अगले आदेशों तक इस तथ्य पर ध्यान दिए बिना कि संशोधित वेतनमान अंगीकार कर लिए गए हैं, स्वायत्त संगठनों में विद्यमान भत्ते वर्तमान नियमों और शर्तों के अनुसार स्वीकार्य रहेंगे.
उल्लेखनीय है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 7वें वेतन आयोग के हिसाब से अपने सभी कर्मियों को वेतन और भत्ता देना आरंभ कर दिया है. 1 जनवरी 2016 से इस वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया गया है और अधिकतर विभागों में एरियर भी दे दिए गए हैं लेकिन केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों में इसे अभी भी लागू नहीं किया गया था.टिप्पणियां
अमूमन यह होता रहा है कि जब भी वेतन आयोग की रिपोर्ट आया करती थी, इसे साथ ही में स्वायत्त संस्थानों पर भी यह लागू हुआ करती थी. केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन में केवल एक लाइन अलग से हुआ करती थी जो यह बताती थी कि इस वेतन आयोग की रिपोर्ट समानांतर रूप से केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों पर भी लागू होती है. लेकिन इस बार सरकार ने ऐसा नहीं किया था. अब एक नए आदेश के तहत इसे लागू किया गया है.
सातवें वेतन आयोग (पे कमिशन) की रिपोर्ट के नोटिफिकेशन के साथ सरकार ने इस बार स्वायत्त संस्थानों के लिए कुछ नहीं कहा था. बता दें कि छठे वेतन आयोग (पे कमीशन) की रिपोर्ट लागू करने के एक महीने के भीतर केंद्र सरकार ने 2008 में स्वायत्त संस्थानों पर भी इसे लागू करने के लिए आदेश दे दिया था. इस संबंध में सरकार ने एक के बाद एक तीन आदेश जारी कर इस वेतन आयोग के जरिए वेतन और भत्तों में हुई वृद्धि का लाभ स्वायत्त संस्थानों के कर्मियों को दिया था.
वित्तमंत्रालय के आदेश में साफ कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित और वित्तपोषित अथवा नियंत्रित अर्ध सरकारी संगठनों, स्वायत्त संगठनों, सांविधिक निकायों आदि में कार्यरत कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं है और इसीलिए, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्तों के भाग के तौर पर केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए लाभ ऐसे स्वायत्त संगठनों में कार्यरत कर्मचारियों पर सीधे लागू नहीं होते. इस आदेश में कहा गया है कि स्वायत्त संगठनों से अपने कार्य इस प्रकार व्यवस्थित करने की उम्मीद की जाती है कि अतिरिक्त वित्तीय भार को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता हेतु केंद्र सरकार पर उनकी निर्भरता न्यूनतम हो और इस तरह स्वायत्त संगठनों से उम्मीद की जाती है कि वे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बने ताकि केंद्रीय राजकोष पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े.
वित्तमंत्रालय के आदेश में उपरोक्त दी गई पृष्ठभूमि में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वायत्त संगठनों के लिए स्वीकार किया गया है. सरकार ने यह भी साफ किया है कि संशोधित वेतन संरचना उन कर्मचारियों के लिे स्वीकार्य होगी जो वर्तमान नियमों के अनुसार इसका चयन करेंगे.
वित्तमंत्रालय में निदेशक अमर नाथ सिंह ने अपने पत्रक में यह साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में सातवें वेतन आयोग की सिफारिश पर आधारित विभिन्न भत्तों के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है और इसीलिए, अगले आदेशों तक इस तथ्य पर ध्यान दिए बिना कि संशोधित वेतनमान अंगीकार कर लिए गए हैं, स्वायत्त संगठनों में विद्यमान भत्ते वर्तमान नियमों और शर्तों के अनुसार स्वीकार्य रहेंगे.
उल्लेखनीय है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 7वें वेतन आयोग के हिसाब से अपने सभी कर्मियों को वेतन और भत्ता देना आरंभ कर दिया है. 1 जनवरी 2016 से इस वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया गया है और अधिकतर विभागों में एरियर भी दे दिए गए हैं लेकिन केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों में इसे अभी भी लागू नहीं किया गया था.टिप्पणियां
अमूमन यह होता रहा है कि जब भी वेतन आयोग की रिपोर्ट आया करती थी, इसे साथ ही में स्वायत्त संस्थानों पर भी यह लागू हुआ करती थी. केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन में केवल एक लाइन अलग से हुआ करती थी जो यह बताती थी कि इस वेतन आयोग की रिपोर्ट समानांतर रूप से केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों पर भी लागू होती है. लेकिन इस बार सरकार ने ऐसा नहीं किया था. अब एक नए आदेश के तहत इसे लागू किया गया है.
सातवें वेतन आयोग (पे कमिशन) की रिपोर्ट के नोटिफिकेशन के साथ सरकार ने इस बार स्वायत्त संस्थानों के लिए कुछ नहीं कहा था. बता दें कि छठे वेतन आयोग (पे कमीशन) की रिपोर्ट लागू करने के एक महीने के भीतर केंद्र सरकार ने 2008 में स्वायत्त संस्थानों पर भी इसे लागू करने के लिए आदेश दे दिया था. इस संबंध में सरकार ने एक के बाद एक तीन आदेश जारी कर इस वेतन आयोग के जरिए वेतन और भत्तों में हुई वृद्धि का लाभ स्वायत्त संस्थानों के कर्मियों को दिया था.
वित्तमंत्रालय के आदेश में उपरोक्त दी गई पृष्ठभूमि में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वायत्त संगठनों के लिए स्वीकार किया गया है. सरकार ने यह भी साफ किया है कि संशोधित वेतन संरचना उन कर्मचारियों के लिे स्वीकार्य होगी जो वर्तमान नियमों के अनुसार इसका चयन करेंगे.
वित्तमंत्रालय में निदेशक अमर नाथ सिंह ने अपने पत्रक में यह साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में सातवें वेतन आयोग की सिफारिश पर आधारित विभिन्न भत्तों के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है और इसीलिए, अगले आदेशों तक इस तथ्य पर ध्यान दिए बिना कि संशोधित वेतनमान अंगीकार कर लिए गए हैं, स्वायत्त संगठनों में विद्यमान भत्ते वर्तमान नियमों और शर्तों के अनुसार स्वीकार्य रहेंगे.
उल्लेखनीय है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 7वें वेतन आयोग के हिसाब से अपने सभी कर्मियों को वेतन और भत्ता देना आरंभ कर दिया है. 1 जनवरी 2016 से इस वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया गया है और अधिकतर विभागों में एरियर भी दे दिए गए हैं लेकिन केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों में इसे अभी भी लागू नहीं किया गया था.टिप्पणियां
अमूमन यह होता रहा है कि जब भी वेतन आयोग की रिपोर्ट आया करती थी, इसे साथ ही में स्वायत्त संस्थानों पर भी यह लागू हुआ करती थी. केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन में केवल एक लाइन अलग से हुआ करती थी जो यह बताती थी कि इस वेतन आयोग की रिपोर्ट समानांतर रूप से केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों पर भी लागू होती है. लेकिन इस बार सरकार ने ऐसा नहीं किया था. अब एक नए आदेश के तहत इसे लागू किया गया है.
सातवें वेतन आयोग (पे कमिशन) की रिपोर्ट के नोटिफिकेशन के साथ सरकार ने इस बार स्वायत्त संस्थानों के लिए कुछ नहीं कहा था. बता दें कि छठे वेतन आयोग (पे कमीशन) की रिपोर्ट लागू करने के एक महीने के भीतर केंद्र सरकार ने 2008 में स्वायत्त संस्थानों पर भी इसे लागू करने के लिए आदेश दे दिया था. इस संबंध में सरकार ने एक के बाद एक तीन आदेश जारी कर इस वेतन आयोग के जरिए वेतन और भत्तों में हुई वृद्धि का लाभ स्वायत्त संस्थानों के कर्मियों को दिया था.
उल्लेखनीय है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 7वें वेतन आयोग के हिसाब से अपने सभी कर्मियों को वेतन और भत्ता देना आरंभ कर दिया है. 1 जनवरी 2016 से इस वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया गया है और अधिकतर विभागों में एरियर भी दे दिए गए हैं लेकिन केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों में इसे अभी भी लागू नहीं किया गया था.टिप्पणियां
अमूमन यह होता रहा है कि जब भी वेतन आयोग की रिपोर्ट आया करती थी, इसे साथ ही में स्वायत्त संस्थानों पर भी यह लागू हुआ करती थी. केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन में केवल एक लाइन अलग से हुआ करती थी जो यह बताती थी कि इस वेतन आयोग की रिपोर्ट समानांतर रूप से केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों पर भी लागू होती है. लेकिन इस बार सरकार ने ऐसा नहीं किया था. अब एक नए आदेश के तहत इसे लागू किया गया है.
सातवें वेतन आयोग (पे कमिशन) की रिपोर्ट के नोटिफिकेशन के साथ सरकार ने इस बार स्वायत्त संस्थानों के लिए कुछ नहीं कहा था. बता दें कि छठे वेतन आयोग (पे कमीशन) की रिपोर्ट लागू करने के एक महीने के भीतर केंद्र सरकार ने 2008 में स्वायत्त संस्थानों पर भी इसे लागू करने के लिए आदेश दे दिया था. इस संबंध में सरकार ने एक के बाद एक तीन आदेश जारी कर इस वेतन आयोग के जरिए वेतन और भत्तों में हुई वृद्धि का लाभ स्वायत्त संस्थानों के कर्मियों को दिया था.
अमूमन यह होता रहा है कि जब भी वेतन आयोग की रिपोर्ट आया करती थी, इसे साथ ही में स्वायत्त संस्थानों पर भी यह लागू हुआ करती थी. केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन में केवल एक लाइन अलग से हुआ करती थी जो यह बताती थी कि इस वेतन आयोग की रिपोर्ट समानांतर रूप से केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों पर भी लागू होती है. लेकिन इस बार सरकार ने ऐसा नहीं किया था. अब एक नए आदेश के तहत इसे लागू किया गया है.
सातवें वेतन आयोग (पे कमिशन) की रिपोर्ट के नोटिफिकेशन के साथ सरकार ने इस बार स्वायत्त संस्थानों के लिए कुछ नहीं कहा था. बता दें कि छठे वेतन आयोग (पे कमीशन) की रिपोर्ट लागू करने के एक महीने के भीतर केंद्र सरकार ने 2008 में स्वायत्त संस्थानों पर भी इसे लागू करने के लिए आदेश दे दिया था. इस संबंध में सरकार ने एक के बाद एक तीन आदेश जारी कर इस वेतन आयोग के जरिए वेतन और भत्तों में हुई वृद्धि का लाभ स्वायत्त संस्थानों के कर्मियों को दिया था.
सातवें वेतन आयोग (पे कमिशन) की रिपोर्ट के नोटिफिकेशन के साथ सरकार ने इस बार स्वायत्त संस्थानों के लिए कुछ नहीं कहा था. बता दें कि छठे वेतन आयोग (पे कमीशन) की रिपोर्ट लागू करने के एक महीने के भीतर केंद्र सरकार ने 2008 में स्वायत्त संस्थानों पर भी इसे लागू करने के लिए आदेश दे दिया था. इस संबंध में सरकार ने एक के बाद एक तीन आदेश जारी कर इस वेतन आयोग के जरिए वेतन और भत्तों में हुई वृद्धि का लाभ स्वायत्त संस्थानों के कर्मियों को दिया था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सातवें वेतन आयोग के हिसाब से बढ़ा वेतन और भत्ता जल्द मिल सकता है.
सभी स्वायत्त संस्थानों को हाल में एक आदेश जारी कर दिया है.
संस्थानों को लेकर दी गई पृष्ठभूमि से कर्मचारी में भय का माहौल बना है. | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल बड़े दल का नेता ही प्रधानमंत्री होगा।
पटना में मुख्यमंत्री आवास पर 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश और अनुसूचित जाति और जनजाति को प्रोन्नति में आरक्षण, दो अलग-अलग मामले हैं। इसे एक साथ जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एवं उनका दल अनुसूचित जाति व जनजाति को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने के पक्ष में है। सर्वोच्च न्यायालय की व्याख्या को ध्यान में रखते हुए सर्वेक्षण कराकर राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति को प्रोन्नति में आरक्षण लागू भी किया गया है। उनकी पार्टी इस प्रस्ताव के साथ है।टिप्पणियां
मध्यावधि चुनाव के विषय पर पूछे जाने पर नीतीश ने कहा, "मेरी राय यह है कि चुनाव समय पर होंगे। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार अपने बहुमत का प्रबंध करती रहेगी, यदि किसी कारण बीच में चुनाव होता है तो यह संप्रग और उसे समर्थन दे रहे दलों पर निर्भर है। वैसे हम चुनाव के लिए हर समय तैयार हैं।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद के एक बयान से जुड़े प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी पार्टी के नेता को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अगर हमारी बातों को ही प्रसाद दुहराते हैं तो इसमें क्या हर्ज है। उन्होंने कहा, "हमारे पास जो भी क्षमता और शक्ति है, उससे हम बिहार की सेवा करना चाहते हैं। इससे आगे न तो हम सोचते हैं और न कहते हैं।"
पटना में मुख्यमंत्री आवास पर 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश और अनुसूचित जाति और जनजाति को प्रोन्नति में आरक्षण, दो अलग-अलग मामले हैं। इसे एक साथ जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एवं उनका दल अनुसूचित जाति व जनजाति को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने के पक्ष में है। सर्वोच्च न्यायालय की व्याख्या को ध्यान में रखते हुए सर्वेक्षण कराकर राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति को प्रोन्नति में आरक्षण लागू भी किया गया है। उनकी पार्टी इस प्रस्ताव के साथ है।टिप्पणियां
मध्यावधि चुनाव के विषय पर पूछे जाने पर नीतीश ने कहा, "मेरी राय यह है कि चुनाव समय पर होंगे। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार अपने बहुमत का प्रबंध करती रहेगी, यदि किसी कारण बीच में चुनाव होता है तो यह संप्रग और उसे समर्थन दे रहे दलों पर निर्भर है। वैसे हम चुनाव के लिए हर समय तैयार हैं।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद के एक बयान से जुड़े प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी पार्टी के नेता को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अगर हमारी बातों को ही प्रसाद दुहराते हैं तो इसमें क्या हर्ज है। उन्होंने कहा, "हमारे पास जो भी क्षमता और शक्ति है, उससे हम बिहार की सेवा करना चाहते हैं। इससे आगे न तो हम सोचते हैं और न कहते हैं।"
मध्यावधि चुनाव के विषय पर पूछे जाने पर नीतीश ने कहा, "मेरी राय यह है कि चुनाव समय पर होंगे। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार अपने बहुमत का प्रबंध करती रहेगी, यदि किसी कारण बीच में चुनाव होता है तो यह संप्रग और उसे समर्थन दे रहे दलों पर निर्भर है। वैसे हम चुनाव के लिए हर समय तैयार हैं।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद के एक बयान से जुड़े प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी पार्टी के नेता को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अगर हमारी बातों को ही प्रसाद दुहराते हैं तो इसमें क्या हर्ज है। उन्होंने कहा, "हमारे पास जो भी क्षमता और शक्ति है, उससे हम बिहार की सेवा करना चाहते हैं। इससे आगे न तो हम सोचते हैं और न कहते हैं।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद के एक बयान से जुड़े प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी पार्टी के नेता को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अगर हमारी बातों को ही प्रसाद दुहराते हैं तो इसमें क्या हर्ज है। उन्होंने कहा, "हमारे पास जो भी क्षमता और शक्ति है, उससे हम बिहार की सेवा करना चाहते हैं। इससे आगे न तो हम सोचते हैं और न कहते हैं।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल बड़े दल का नेता ही प्रधानमंत्री होगा। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस और तृणमूल के बिगड़ते रिश्ते के बीच आज तृणमूल प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कह दिया कि अगर कांग्रेस उनकी पार्टी से गठबंधन तोड़ना चाहती है तो वह ऐसा करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
ममता बनर्जी ने कहा कि एफडीआई और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का विरोध करने के कारण कांग्रेस हमारी पार्टी के खिलाफ अफवाह फैला रही है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को लगता है कि वह सीपीएम के साथ जा सकती है, तो वह ऐसा कर सकती है। दरवाजे खुले हुए हैं। हम अकेले रह सकते हैं।
ममता ने कहा कि कांग्रेस ने देश के संघीय ढांचे में हस्तक्षेप किया और लोकपाल विधेयक में लोकायुक्त को शामिल किया। हमने उत्तर प्रदेश और मणिपुर में चुनाव लड़ने का फैसला किया है, इसलिए कांग्रेस चिंतित है। ममता ने सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘बीते 5 जनवरी को रायगंज विश्वविद्यालय के एक कॉलेज के प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस, तृणमूल के खिलाफ दुष्प्रचार को बढ़ावा दे रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि हमने खुदरा कारोबार में एफडीआई, पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी और देश के संघीय ढांचे में दखल का विरोध किया था।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘लोकायुक्त को जबरन लोकपाल में शामिल किया गया। कांग्रेस ने हमारे शब्दों का मान नहीं रखा। इस पर मतदान नहीं कराया गया।’’ ममता ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस को लगता है कि वह सीपीएम के साथ जा सकती है, तो वह ऐसा कर सकती है। उसके लिए दरवाजा खुला है। अगर कांग्रेस सीपीएम के साथ काम करती है, तो वह तृणमूल कांग्रेस के साथ काम नहीं करेगी। तृणमूल कांग्रेस अकेले चल सकती है।’’
कांग्रेस पर सीपीएम के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्राचार्य दिलीप डे सरकार के साथ दुर्व्यवहार के मामले को लेकर उनकी पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार उस वक्त किया गया था, जब तृणमूल छात्र परिषद और कांग्रेस छात्र परिषद के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। मुख्यमंत्री ने इसे घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
ममता बनर्जी ने कहा कि एफडीआई और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का विरोध करने के कारण कांग्रेस हमारी पार्टी के खिलाफ अफवाह फैला रही है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को लगता है कि वह सीपीएम के साथ जा सकती है, तो वह ऐसा कर सकती है। दरवाजे खुले हुए हैं। हम अकेले रह सकते हैं।
ममता ने कहा कि कांग्रेस ने देश के संघीय ढांचे में हस्तक्षेप किया और लोकपाल विधेयक में लोकायुक्त को शामिल किया। हमने उत्तर प्रदेश और मणिपुर में चुनाव लड़ने का फैसला किया है, इसलिए कांग्रेस चिंतित है। ममता ने सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘बीते 5 जनवरी को रायगंज विश्वविद्यालय के एक कॉलेज के प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस, तृणमूल के खिलाफ दुष्प्रचार को बढ़ावा दे रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि हमने खुदरा कारोबार में एफडीआई, पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी और देश के संघीय ढांचे में दखल का विरोध किया था।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘लोकायुक्त को जबरन लोकपाल में शामिल किया गया। कांग्रेस ने हमारे शब्दों का मान नहीं रखा। इस पर मतदान नहीं कराया गया।’’ ममता ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस को लगता है कि वह सीपीएम के साथ जा सकती है, तो वह ऐसा कर सकती है। उसके लिए दरवाजा खुला है। अगर कांग्रेस सीपीएम के साथ काम करती है, तो वह तृणमूल कांग्रेस के साथ काम नहीं करेगी। तृणमूल कांग्रेस अकेले चल सकती है।’’
कांग्रेस पर सीपीएम के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्राचार्य दिलीप डे सरकार के साथ दुर्व्यवहार के मामले को लेकर उनकी पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार उस वक्त किया गया था, जब तृणमूल छात्र परिषद और कांग्रेस छात्र परिषद के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। मुख्यमंत्री ने इसे घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
ममता ने कहा कि कांग्रेस ने देश के संघीय ढांचे में हस्तक्षेप किया और लोकपाल विधेयक में लोकायुक्त को शामिल किया। हमने उत्तर प्रदेश और मणिपुर में चुनाव लड़ने का फैसला किया है, इसलिए कांग्रेस चिंतित है। ममता ने सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘बीते 5 जनवरी को रायगंज विश्वविद्यालय के एक कॉलेज के प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस, तृणमूल के खिलाफ दुष्प्रचार को बढ़ावा दे रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि हमने खुदरा कारोबार में एफडीआई, पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी और देश के संघीय ढांचे में दखल का विरोध किया था।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘लोकायुक्त को जबरन लोकपाल में शामिल किया गया। कांग्रेस ने हमारे शब्दों का मान नहीं रखा। इस पर मतदान नहीं कराया गया।’’ ममता ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस को लगता है कि वह सीपीएम के साथ जा सकती है, तो वह ऐसा कर सकती है। उसके लिए दरवाजा खुला है। अगर कांग्रेस सीपीएम के साथ काम करती है, तो वह तृणमूल कांग्रेस के साथ काम नहीं करेगी। तृणमूल कांग्रेस अकेले चल सकती है।’’
कांग्रेस पर सीपीएम के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्राचार्य दिलीप डे सरकार के साथ दुर्व्यवहार के मामले को लेकर उनकी पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार उस वक्त किया गया था, जब तृणमूल छात्र परिषद और कांग्रेस छात्र परिषद के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। मुख्यमंत्री ने इसे घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘लोकायुक्त को जबरन लोकपाल में शामिल किया गया। कांग्रेस ने हमारे शब्दों का मान नहीं रखा। इस पर मतदान नहीं कराया गया।’’ ममता ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस को लगता है कि वह सीपीएम के साथ जा सकती है, तो वह ऐसा कर सकती है। उसके लिए दरवाजा खुला है। अगर कांग्रेस सीपीएम के साथ काम करती है, तो वह तृणमूल कांग्रेस के साथ काम नहीं करेगी। तृणमूल कांग्रेस अकेले चल सकती है।’’
कांग्रेस पर सीपीएम के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्राचार्य दिलीप डे सरकार के साथ दुर्व्यवहार के मामले को लेकर उनकी पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार उस वक्त किया गया था, जब तृणमूल छात्र परिषद और कांग्रेस छात्र परिषद के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। मुख्यमंत्री ने इसे घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
कांग्रेस पर सीपीएम के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्राचार्य दिलीप डे सरकार के साथ दुर्व्यवहार के मामले को लेकर उनकी पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार उस वक्त किया गया था, जब तृणमूल छात्र परिषद और कांग्रेस छात्र परिषद के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। मुख्यमंत्री ने इसे घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। | संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस-तृणमूल के बिगड़ते रिश्ते के बीच तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि अगर कांग्रेस उनसे नाता तोड़ना चाहती है, तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल ने अपने-अपने मुकाबलों में आसान जीत के साथ मांट्रियल मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां ये दोनों अपने करियर में 36वीं बार आमने-सामने होंगे।
सर्बिया के जोकोविच ने क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के रिचर्ड गास्केट को सीधे सेटों में 6-1, 6-2 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। स्पेन के नडाल ने भी अपने प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के क्वालीफायर मारिनको मातोसेविच को कोई मौका नहीं दिया और 6-4, 6-2 से आसान जीत दर्ज की।टिप्पणियां
नडाल और जोकोविच अब सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। इन दोनों के बीच अब तक हुए 35 मुकाबलों में नडाल ने सर्बिया के अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 20 बार जीत दर्ज की है, जबकि 15 बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। दूसरे सेमीफाइनल में कनाडा के मिलोस राउनिक को अपने हमवनत वाइल्ड कार्ड धारक वासेक पासपिसिल से भिड़ना है।
राओनिक ने क्वार्टर फाइनल में लातविया के अर्नेस्ट गुल्बिस को कड़े मुकाबले में 7-6, 4-6, 6-4 से हराया। पासपिसिल ने रूस के अपने विरोधी निकोलेई देवीदेंको के सांस की समस्या के कारण मैच के बीच से हटने पर अंतिम चार में प्रवेश किया। देवीदेंको ने जब मैच से हटने का फैसला किया, तब वह पहले सेट में 0-3 से पिछड़ रहे थे।
सर्बिया के जोकोविच ने क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के रिचर्ड गास्केट को सीधे सेटों में 6-1, 6-2 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। स्पेन के नडाल ने भी अपने प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के क्वालीफायर मारिनको मातोसेविच को कोई मौका नहीं दिया और 6-4, 6-2 से आसान जीत दर्ज की।टिप्पणियां
नडाल और जोकोविच अब सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। इन दोनों के बीच अब तक हुए 35 मुकाबलों में नडाल ने सर्बिया के अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 20 बार जीत दर्ज की है, जबकि 15 बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। दूसरे सेमीफाइनल में कनाडा के मिलोस राउनिक को अपने हमवनत वाइल्ड कार्ड धारक वासेक पासपिसिल से भिड़ना है।
राओनिक ने क्वार्टर फाइनल में लातविया के अर्नेस्ट गुल्बिस को कड़े मुकाबले में 7-6, 4-6, 6-4 से हराया। पासपिसिल ने रूस के अपने विरोधी निकोलेई देवीदेंको के सांस की समस्या के कारण मैच के बीच से हटने पर अंतिम चार में प्रवेश किया। देवीदेंको ने जब मैच से हटने का फैसला किया, तब वह पहले सेट में 0-3 से पिछड़ रहे थे।
नडाल और जोकोविच अब सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। इन दोनों के बीच अब तक हुए 35 मुकाबलों में नडाल ने सर्बिया के अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 20 बार जीत दर्ज की है, जबकि 15 बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। दूसरे सेमीफाइनल में कनाडा के मिलोस राउनिक को अपने हमवनत वाइल्ड कार्ड धारक वासेक पासपिसिल से भिड़ना है।
राओनिक ने क्वार्टर फाइनल में लातविया के अर्नेस्ट गुल्बिस को कड़े मुकाबले में 7-6, 4-6, 6-4 से हराया। पासपिसिल ने रूस के अपने विरोधी निकोलेई देवीदेंको के सांस की समस्या के कारण मैच के बीच से हटने पर अंतिम चार में प्रवेश किया। देवीदेंको ने जब मैच से हटने का फैसला किया, तब वह पहले सेट में 0-3 से पिछड़ रहे थे।
राओनिक ने क्वार्टर फाइनल में लातविया के अर्नेस्ट गुल्बिस को कड़े मुकाबले में 7-6, 4-6, 6-4 से हराया। पासपिसिल ने रूस के अपने विरोधी निकोलेई देवीदेंको के सांस की समस्या के कारण मैच के बीच से हटने पर अंतिम चार में प्रवेश किया। देवीदेंको ने जब मैच से हटने का फैसला किया, तब वह पहले सेट में 0-3 से पिछड़ रहे थे। | सारांश: नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल ने अपने-अपने मुकाबलों में आसान जीत के साथ मांट्रियल मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां ये दोनों अपने करियर में 36वीं बार आमने-सामने होंगे। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को एक बार फिर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनावों में अपनी जीत का परचम लहराया। पार्टी ने कुल 272 वार्डों में से 138 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस के खाते में 78 सीटें आईं।
जीत से उत्साहित भाजपा ने कहा कि एमसीडी चुनाव नतीजे आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों से पहले बानगी हैं। जबकि कांग्रेस ने कहा कि लोगों ने महंगाई एवं भ्रष्टाचार जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।
परिणाम आने के साथ ही भाजपा नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार एवं महंगाई ने मतदाताओं को ज्यादा प्रभावित किया है। इन दो मुद्दों के आगे स्थानीय मसले गौण हो गए।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 15 सीटों, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) एवं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्येक को दो सीटों और 24 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के तीसरे कार्यकाल वाली दिल्ली की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में दिल्ली नगर-निगम को तीन भागों में बांटा था। राष्ट्रीय राजधानी का 97 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। बचा हुआ तीन प्रतिशत हिस्सा दिल्ली नगर-निगम व दिल्ली छावनी बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है।
दिल्ली निकाय में दक्षिणी व उत्तरी निगमों में से प्रत्येक में 104 वार्ड हैं जबकि पूर्वी निगम में 64 वार्ड हैं। कुल 272 सीटों में से 138 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
उत्तरी निगम के 104 वार्डो में से भाजपा को 59 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस के खाते में मात्र 29 सीटों आईं। यहां बसपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।
दक्षिणी निगम के 104 वार्डों में भाजपा को 44 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटों पर विजय मिली है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के 64 वार्डो में से भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
जीत से उत्साहित भाजपा ने कहा कि एमसीडी चुनाव नतीजे आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों से पहले बानगी हैं। जबकि कांग्रेस ने कहा कि लोगों ने महंगाई एवं भ्रष्टाचार जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।
परिणाम आने के साथ ही भाजपा नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार एवं महंगाई ने मतदाताओं को ज्यादा प्रभावित किया है। इन दो मुद्दों के आगे स्थानीय मसले गौण हो गए।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 15 सीटों, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) एवं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्येक को दो सीटों और 24 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के तीसरे कार्यकाल वाली दिल्ली की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में दिल्ली नगर-निगम को तीन भागों में बांटा था। राष्ट्रीय राजधानी का 97 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। बचा हुआ तीन प्रतिशत हिस्सा दिल्ली नगर-निगम व दिल्ली छावनी बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है।
दिल्ली निकाय में दक्षिणी व उत्तरी निगमों में से प्रत्येक में 104 वार्ड हैं जबकि पूर्वी निगम में 64 वार्ड हैं। कुल 272 सीटों में से 138 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
उत्तरी निगम के 104 वार्डो में से भाजपा को 59 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस के खाते में मात्र 29 सीटों आईं। यहां बसपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।
दक्षिणी निगम के 104 वार्डों में भाजपा को 44 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटों पर विजय मिली है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के 64 वार्डो में से भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
परिणाम आने के साथ ही भाजपा नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार एवं महंगाई ने मतदाताओं को ज्यादा प्रभावित किया है। इन दो मुद्दों के आगे स्थानीय मसले गौण हो गए।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 15 सीटों, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) एवं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्येक को दो सीटों और 24 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के तीसरे कार्यकाल वाली दिल्ली की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में दिल्ली नगर-निगम को तीन भागों में बांटा था। राष्ट्रीय राजधानी का 97 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। बचा हुआ तीन प्रतिशत हिस्सा दिल्ली नगर-निगम व दिल्ली छावनी बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है।
दिल्ली निकाय में दक्षिणी व उत्तरी निगमों में से प्रत्येक में 104 वार्ड हैं जबकि पूर्वी निगम में 64 वार्ड हैं। कुल 272 सीटों में से 138 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
उत्तरी निगम के 104 वार्डो में से भाजपा को 59 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस के खाते में मात्र 29 सीटों आईं। यहां बसपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।
दक्षिणी निगम के 104 वार्डों में भाजपा को 44 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटों पर विजय मिली है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के 64 वार्डो में से भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 15 सीटों, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) एवं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्येक को दो सीटों और 24 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के तीसरे कार्यकाल वाली दिल्ली की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में दिल्ली नगर-निगम को तीन भागों में बांटा था। राष्ट्रीय राजधानी का 97 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। बचा हुआ तीन प्रतिशत हिस्सा दिल्ली नगर-निगम व दिल्ली छावनी बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है।
दिल्ली निकाय में दक्षिणी व उत्तरी निगमों में से प्रत्येक में 104 वार्ड हैं जबकि पूर्वी निगम में 64 वार्ड हैं। कुल 272 सीटों में से 138 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
उत्तरी निगम के 104 वार्डो में से भाजपा को 59 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस के खाते में मात्र 29 सीटों आईं। यहां बसपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।
दक्षिणी निगम के 104 वार्डों में भाजपा को 44 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटों पर विजय मिली है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के 64 वार्डो में से भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के तीसरे कार्यकाल वाली दिल्ली की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में दिल्ली नगर-निगम को तीन भागों में बांटा था। राष्ट्रीय राजधानी का 97 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। बचा हुआ तीन प्रतिशत हिस्सा दिल्ली नगर-निगम व दिल्ली छावनी बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है।
दिल्ली निकाय में दक्षिणी व उत्तरी निगमों में से प्रत्येक में 104 वार्ड हैं जबकि पूर्वी निगम में 64 वार्ड हैं। कुल 272 सीटों में से 138 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
उत्तरी निगम के 104 वार्डो में से भाजपा को 59 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस के खाते में मात्र 29 सीटों आईं। यहां बसपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।
दक्षिणी निगम के 104 वार्डों में भाजपा को 44 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटों पर विजय मिली है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के 64 वार्डो में से भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
दिल्ली निकाय में दक्षिणी व उत्तरी निगमों में से प्रत्येक में 104 वार्ड हैं जबकि पूर्वी निगम में 64 वार्ड हैं। कुल 272 सीटों में से 138 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
उत्तरी निगम के 104 वार्डो में से भाजपा को 59 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस के खाते में मात्र 29 सीटों आईं। यहां बसपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।
दक्षिणी निगम के 104 वार्डों में भाजपा को 44 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटों पर विजय मिली है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के 64 वार्डो में से भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
उत्तरी निगम के 104 वार्डो में से भाजपा को 59 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस के खाते में मात्र 29 सीटों आईं। यहां बसपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।
दक्षिणी निगम के 104 वार्डों में भाजपा को 44 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटों पर विजय मिली है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के 64 वार्डो में से भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
दक्षिणी निगम के 104 वार्डों में भाजपा को 44 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटों पर विजय मिली है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के 64 वार्डो में से भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आई हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
बसपा ने उत्तरी एवं दक्षिणी निगमों में क्रमश: सात एवं पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि पार्टी को पूर्वी निगम में तीन सीटों पर जीत मिली है।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
प्रधानमंत्री मनमोनह सिंह ने एमसीडी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को शिष्टता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
मनमोहन सिंह ने एक समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "ये स्थानीय चुनाव हैं जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। प्रत्येक चुनाव में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। एक को इसे शिष्टता के साथ स्वीकार करना होता है।"
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से देश के सबसे बड़ी निकाय एजेंसी में मिली जीत ने पार्टी को काफी मजबूती दी है।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "एमसीडी के नतीजे अन्य चुनावों को दिशा देंगे। चाहे वह पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव हों, मुम्बई के निकाय चुनाव हों अथवा दिल्ली के, लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ है।"
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
दिल्ली विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता वीके मल्होत्रा ने कहा, "लोग मंहगाई एवं भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुके हैं। एमसीडी नतीजों का दोहराव आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, "लोगों ने भ्रष्टाचार एवं महंगाई जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान किया।"टिप्पणियां
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पार्टी के ज्यादातर नेता जहां कुछ बोलने से बचते नजर आए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "यह लोगों का निर्णय है जो महत्व रखता है।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी शीला दीक्षित सरकार के लिए एमसीडी चुनावों के नतीजे एक बड़े झटके के रूप में सामने आए हैं। | संक्षिप्त सारांश: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को एक बार फिर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनावों में अपनी जीत का परचम लहराया। पार्टी ने कुल 272 वार्डों में से 138 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस के खाते में 78 सीटें आईं। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कंपनी कार्य मंत्रालय ने उन लगभग 100 कंपनियों के खातों व नियामकीय ब्यौरे की जांच का आदेश दिया है जो कथित रूप से पूर्व मंत्री पवन कुमार बंसल के पारिवारिक सदस्यों से सम्बद्ध हैं।
उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड के एक शीर्ष पद पर नियुक्ति को लेकर कथित रूप से रिश्वत दिए जाने के मामले में सीबीआई ने इसी महीने बंसल के भांजे तथा कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बंसल ने त्यागपत्र दे दिया था।
कंपनी कार्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि कंपनी पंजीयक से उन 100 से अधिक कंपनियों के खातों व अन्य नियामकीय ब्यौरों की जांच करने को कहा गया है जिनके बारे में शिकायतें मिलीं हैं कि वे बंसल व उनके पारिवारिक सदस्यों से जुड़ी हैं।
भाजपा सांसद किरीट सोमैया तथा अन्य इन कंपनियों के बारे में शिकायत दाखिल की थी। सोमैया ने बंसल के परिवार से जुड़ी कंपनियों के वित्तीय तथा अन्य ब्यौरे के बारे में कुछ दस्तावेज भी सीबीआई को दिए थे। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। टिप्पणियां
बंसल ने हालांकि सारे मामले में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था और अपने भांजे वी सिंगला तथा उसके कारोबारी लेन देन से खुद को अलग बताया।
इस मामले में सिंगला के अलावा महेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है जिन्हें हाल ही में रेलवे बोर्ड में सदस्य (स्टाफ) बनाया गया था।
उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड के एक शीर्ष पद पर नियुक्ति को लेकर कथित रूप से रिश्वत दिए जाने के मामले में सीबीआई ने इसी महीने बंसल के भांजे तथा कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बंसल ने त्यागपत्र दे दिया था।
कंपनी कार्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि कंपनी पंजीयक से उन 100 से अधिक कंपनियों के खातों व अन्य नियामकीय ब्यौरों की जांच करने को कहा गया है जिनके बारे में शिकायतें मिलीं हैं कि वे बंसल व उनके पारिवारिक सदस्यों से जुड़ी हैं।
भाजपा सांसद किरीट सोमैया तथा अन्य इन कंपनियों के बारे में शिकायत दाखिल की थी। सोमैया ने बंसल के परिवार से जुड़ी कंपनियों के वित्तीय तथा अन्य ब्यौरे के बारे में कुछ दस्तावेज भी सीबीआई को दिए थे। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। टिप्पणियां
बंसल ने हालांकि सारे मामले में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था और अपने भांजे वी सिंगला तथा उसके कारोबारी लेन देन से खुद को अलग बताया।
इस मामले में सिंगला के अलावा महेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है जिन्हें हाल ही में रेलवे बोर्ड में सदस्य (स्टाफ) बनाया गया था।
कंपनी कार्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि कंपनी पंजीयक से उन 100 से अधिक कंपनियों के खातों व अन्य नियामकीय ब्यौरों की जांच करने को कहा गया है जिनके बारे में शिकायतें मिलीं हैं कि वे बंसल व उनके पारिवारिक सदस्यों से जुड़ी हैं।
भाजपा सांसद किरीट सोमैया तथा अन्य इन कंपनियों के बारे में शिकायत दाखिल की थी। सोमैया ने बंसल के परिवार से जुड़ी कंपनियों के वित्तीय तथा अन्य ब्यौरे के बारे में कुछ दस्तावेज भी सीबीआई को दिए थे। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। टिप्पणियां
बंसल ने हालांकि सारे मामले में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था और अपने भांजे वी सिंगला तथा उसके कारोबारी लेन देन से खुद को अलग बताया।
इस मामले में सिंगला के अलावा महेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है जिन्हें हाल ही में रेलवे बोर्ड में सदस्य (स्टाफ) बनाया गया था।
भाजपा सांसद किरीट सोमैया तथा अन्य इन कंपनियों के बारे में शिकायत दाखिल की थी। सोमैया ने बंसल के परिवार से जुड़ी कंपनियों के वित्तीय तथा अन्य ब्यौरे के बारे में कुछ दस्तावेज भी सीबीआई को दिए थे। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। टिप्पणियां
बंसल ने हालांकि सारे मामले में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था और अपने भांजे वी सिंगला तथा उसके कारोबारी लेन देन से खुद को अलग बताया।
इस मामले में सिंगला के अलावा महेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है जिन्हें हाल ही में रेलवे बोर्ड में सदस्य (स्टाफ) बनाया गया था।
बंसल ने हालांकि सारे मामले में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था और अपने भांजे वी सिंगला तथा उसके कारोबारी लेन देन से खुद को अलग बताया।
इस मामले में सिंगला के अलावा महेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है जिन्हें हाल ही में रेलवे बोर्ड में सदस्य (स्टाफ) बनाया गया था।
इस मामले में सिंगला के अलावा महेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है जिन्हें हाल ही में रेलवे बोर्ड में सदस्य (स्टाफ) बनाया गया था। | संक्षिप्त सारांश: कंपनी कार्य मंत्रालय ने उन लगभग 100 कंपनियों के खातों व नियामकीय ब्यौरे की जांच का आदेश दिया है जो कथित रूप से पूर्व मंत्री पवन कुमार बंसल के पारिवारिक सदस्यों से सम्बद्ध हैं। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के साथ गरमागरम बैठक के बाद बागी क्रिकेटर क्रिस गेल की भारत के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में वापसी की उम्मीदें धुल गई हैं। गेल का भारत के खिलाफ 20 जून से शुरू हो रही टेस्ट शृंखला में खेलना ही नहीं बल्कि पूरा करियर ही दांव पर लग गया है, क्योंकि गेल ने क्रिकेट बोर्ड के पिछले महीने उसके खिलाफ रेडियो साक्षात्कार के दौरान की गई टिप्पणियों का खंडन करने के आग्रह को खारिज कर दिया है। बुधवार रात चार घंटे चली इस बैठक में गेल के साथ वेस्टइंडीज प्लेयर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूआईपीए) के अध्यक्ष दीनानाथ रामनारायण और उपाध्यक्ष वावेल हिंड्स के साथ पहुंचे थे, जबकि डब्ल्यूआईसीबी की ओर से इसके सीईओ इर्नेस्ट हिलेयर, क्रिकेट निदेशक टोनी हावर्ड, मुख्य कोच औटिस गिब्सन और प्रबंधक रिची रिचर्डसन थे। एक सूत्र ने कहा कि यह बैठक एक समय काफी उग्र हो गई थी और रामनारायण एक समय हिलेयर पर हमला करने के करीब थे। सू़त्रों ने कहा कि डब्ल्यूआईपीए और बोर्ड के बीच विवाद आईपीएल शुरू होने से पहले ही बढ़ गया था, क्योंकि गेल उसी स्थिति में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम की ओर से खेलना चाहते थे, यदि बोर्ड उन्हें उतना पैसा चुकाए जितना गेल को आईपीएल में मिल रहा है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर ने गेल को 8 लाख डॉलर की रकम देकर आईपीएल के लिए खरीदा था। तकरार का एक अन्य मसला यह था कि डब्ल्यूआईसीए ने गेल को कप्तानी इसलिए नहीं सौंपी, क्योंकि उन्होंने बोर्ड के साथ रिटेनर करार नहीं किया था, जबकि इस खिलाड़ी को लगा कि करार पर हस्ताक्षर नहीं करने का असर उसकी कप्तानी पर नहीं पड़ेगा। बोर्ड ने हालांकि कहा कि कप्तान बनने के लिए खिलाड़ी का रिटेनर करार पर हस्ताक्षर करना जरूरी है। बैठक के दौरान डब्ल्यूआईपीए चाहता था कि बोर्ड गेल को टीम में शामिल कर ले और रेडियो साक्षात्कार के दौरान की गईं उनकी टिप्पणियों को व्यक्तिगत माना जाए, जबकि बोर्ड चाहता है कि गेल उन बयानों का खंडन करें। गेल और डब्ल्यूआईसीबी के बीच फिलहाल किसी अन्य बैठक का कार्यक्रम नहीं है। | यहाँ एक सारांश है:वेस्टइंडीज बोर्ड के साथ गरमागरम बैठक के बाद बागी क्रिकेटर क्रिस गेल की भारत के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में वापसी की उम्मीदें धुल गई हैं। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: काम के बहाने अगर अपने अतीत से जुड़ने का मौका मिल जाए तो कहने ही क्या. बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ भी ऐसा ही हुआ. ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ के जरिये ‘डार्क एंड हैंडसम हीरो’ का कॉन्सेप्ट लाने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी की इस फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश की रियल लोकेशंस पर हुई है. नवाजुद्दीन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं, ऐसे में अपने राज्य में पहुंचना किसे अतीत के झरोखों में नहीं ले जाएगा.
कुछ दिन पहले वे फिल्म के प्रमोशन के लिए लखनऊ में प्रो कबड्डी लीग में पहुंचे. उन्होंने वहां मौजूद दर्शकों के साथ अपने अतीत के बारे में बातें की. बाबूमोशाय बंदूकबाज के प्रोड्यूसर अश्मित कुंदेर कहते हैं, “नवाज आज भी अपने जडों से जुड़े हैं. यहां के लोगों को भी नवाज की सादगी पसंद आती है. नवाज सफलता के शिखर तक पहुंचने के बावजूद भी डाऊन टू अर्थ हैं. नवाज की बातें सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए थे.”
बाबूमोशाय बंदूकबाज को कुषाण नंदी ने डायरेक्ट किया है और फिल्म 25 अगस्त को रिलीज हो रही है. फिल्म का मुकाबला सिद्धार्थ मल्होत्री की ए जेंटलमैन से है.
बाबूमोशाय बंदूकबाज को कुषाण नंदी ने डायरेक्ट किया है और फिल्म 25 अगस्त को रिलीज हो रही है. फिल्म का मुकाबला सिद्धार्थ मल्होत्री की ए जेंटलमैन से है. | 25 अगस्त को हो रही है रिलीज
शूटर बने हैं नवाजुद्दीन सिद्दीकी
ए जेंटलमैन से है मुकाबला | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने लाइसेंस नहीं होने के बावजूद कार चलाने वाले नाबालिग लड़के के पिता पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.
लड़का 14 नवंबर, 2015 को अपने परिवार की कार चला रहा था, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस दौरान पीछे की सीट पर बैठा उसका नाबालिग मित्र घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कार चलाने वाले लड़के के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने के संबंध में वरसोवा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था.
हालांकि बाद में दोनों बच्चों के माता-पिता के बीच सुलह हो गई और उन्होंने उच्च न्यायालय में संयुक्त याचिका दायर कर प्राथमिकी खारिज करने की अपील की.
न्यायमूर्ति नरेश पाटिल की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक हालिया आदेश में कहा, 'सामान्य परिस्थितियों में हम दोनों पक्षों को कोई जुर्माना लगाए बिना या मामूली जुर्माना देने पर प्राथमिकी खारिज करने की अनुमति दे देते, लेकिन इस मामले से संबंधित तथ्य परेशान करने वाले हैं.'टिप्पणियां
पीठ के कहा, 'वाहन के मालिक यानी याचिकाकर्ता के पिता ने अपने बेटे को चौपहिया वाहन चलाने की अनुमति दी, जिसके कारण प्रतिवादी का नाबालिग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. हम सरकारी अभियोजक की इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इस मामले के जरिए समाज में संदेश देने की आवश्यकता है. इस स्थिति में किसी अन्य यात्री या तीसरे पक्ष को भी गंभीर नुकसान हो सकता था. सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ'. पीठ ने इस शर्त पर प्राथमिकी खारिज कर दी कि याचिकाकर्ता का पिता 50,000 रुपये का जुर्माना भरे और यह राशि दो सप्ताह में टाटा मेमोरियल अस्पताल और मुंबई के कैंसर अनुसंधान संस्थान में जमा कराई जाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लड़का 14 नवंबर, 2015 को अपने परिवार की कार चला रहा था, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस दौरान पीछे की सीट पर बैठा उसका नाबालिग मित्र घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कार चलाने वाले लड़के के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने के संबंध में वरसोवा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था.
हालांकि बाद में दोनों बच्चों के माता-पिता के बीच सुलह हो गई और उन्होंने उच्च न्यायालय में संयुक्त याचिका दायर कर प्राथमिकी खारिज करने की अपील की.
न्यायमूर्ति नरेश पाटिल की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक हालिया आदेश में कहा, 'सामान्य परिस्थितियों में हम दोनों पक्षों को कोई जुर्माना लगाए बिना या मामूली जुर्माना देने पर प्राथमिकी खारिज करने की अनुमति दे देते, लेकिन इस मामले से संबंधित तथ्य परेशान करने वाले हैं.'टिप्पणियां
पीठ के कहा, 'वाहन के मालिक यानी याचिकाकर्ता के पिता ने अपने बेटे को चौपहिया वाहन चलाने की अनुमति दी, जिसके कारण प्रतिवादी का नाबालिग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. हम सरकारी अभियोजक की इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इस मामले के जरिए समाज में संदेश देने की आवश्यकता है. इस स्थिति में किसी अन्य यात्री या तीसरे पक्ष को भी गंभीर नुकसान हो सकता था. सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ'. पीठ ने इस शर्त पर प्राथमिकी खारिज कर दी कि याचिकाकर्ता का पिता 50,000 रुपये का जुर्माना भरे और यह राशि दो सप्ताह में टाटा मेमोरियल अस्पताल और मुंबई के कैंसर अनुसंधान संस्थान में जमा कराई जाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि बाद में दोनों बच्चों के माता-पिता के बीच सुलह हो गई और उन्होंने उच्च न्यायालय में संयुक्त याचिका दायर कर प्राथमिकी खारिज करने की अपील की.
न्यायमूर्ति नरेश पाटिल की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक हालिया आदेश में कहा, 'सामान्य परिस्थितियों में हम दोनों पक्षों को कोई जुर्माना लगाए बिना या मामूली जुर्माना देने पर प्राथमिकी खारिज करने की अनुमति दे देते, लेकिन इस मामले से संबंधित तथ्य परेशान करने वाले हैं.'टिप्पणियां
पीठ के कहा, 'वाहन के मालिक यानी याचिकाकर्ता के पिता ने अपने बेटे को चौपहिया वाहन चलाने की अनुमति दी, जिसके कारण प्रतिवादी का नाबालिग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. हम सरकारी अभियोजक की इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इस मामले के जरिए समाज में संदेश देने की आवश्यकता है. इस स्थिति में किसी अन्य यात्री या तीसरे पक्ष को भी गंभीर नुकसान हो सकता था. सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ'. पीठ ने इस शर्त पर प्राथमिकी खारिज कर दी कि याचिकाकर्ता का पिता 50,000 रुपये का जुर्माना भरे और यह राशि दो सप्ताह में टाटा मेमोरियल अस्पताल और मुंबई के कैंसर अनुसंधान संस्थान में जमा कराई जाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायमूर्ति नरेश पाटिल की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक हालिया आदेश में कहा, 'सामान्य परिस्थितियों में हम दोनों पक्षों को कोई जुर्माना लगाए बिना या मामूली जुर्माना देने पर प्राथमिकी खारिज करने की अनुमति दे देते, लेकिन इस मामले से संबंधित तथ्य परेशान करने वाले हैं.'टिप्पणियां
पीठ के कहा, 'वाहन के मालिक यानी याचिकाकर्ता के पिता ने अपने बेटे को चौपहिया वाहन चलाने की अनुमति दी, जिसके कारण प्रतिवादी का नाबालिग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. हम सरकारी अभियोजक की इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इस मामले के जरिए समाज में संदेश देने की आवश्यकता है. इस स्थिति में किसी अन्य यात्री या तीसरे पक्ष को भी गंभीर नुकसान हो सकता था. सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ'. पीठ ने इस शर्त पर प्राथमिकी खारिज कर दी कि याचिकाकर्ता का पिता 50,000 रुपये का जुर्माना भरे और यह राशि दो सप्ताह में टाटा मेमोरियल अस्पताल और मुंबई के कैंसर अनुसंधान संस्थान में जमा कराई जाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीठ के कहा, 'वाहन के मालिक यानी याचिकाकर्ता के पिता ने अपने बेटे को चौपहिया वाहन चलाने की अनुमति दी, जिसके कारण प्रतिवादी का नाबालिग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. हम सरकारी अभियोजक की इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इस मामले के जरिए समाज में संदेश देने की आवश्यकता है. इस स्थिति में किसी अन्य यात्री या तीसरे पक्ष को भी गंभीर नुकसान हो सकता था. सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ'. पीठ ने इस शर्त पर प्राथमिकी खारिज कर दी कि याचिकाकर्ता का पिता 50,000 रुपये का जुर्माना भरे और यह राशि दो सप्ताह में टाटा मेमोरियल अस्पताल और मुंबई के कैंसर अनुसंधान संस्थान में जमा कराई जाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: नाबालिग लड़का 14 नवंबर, 2015 को अपने परिवार की कार चला रहा था.
एक्सीडेंट होने से पीछे की सीट पर बैठा उसका नाबालिग मित्र घायल हो गया था.
यह राशि दो सप्ताह में शहर के दो अस्पतालों में जमा कराने के आदेश. | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका की वित्तीय हालत और यूरोप के कर्ज संकट के कारण निवेशकों की बढ़ती चिंता के कारण वैश्विक बाजार करीब तीन फीसद गिरे। स्टैंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग एएए को घटाकर एएप्लस के बाद पहले दिन खुले एशियाई और यूरोपीय बाजार में गिरावट का रुख रहा। यूरोपीयन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) द्वारा सरकारी बैंकों की खरीद की पहले से उत्साहित इस क्षेत्र के मुख्य सूचकांक - एफटीएसई 100, डैक्स एंड कैक 40 - मजबूती के साथ खुले लेकिन दोपहर तक यह तेजी जाती रही और ज्यादातर शेयरों में एक फीसद से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। ज्यादातर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। टोक्यो से हांगकांग तक निवेशकों ने अफरा-तफरी में शेयर बेचे हालांकि भारत जैसे कुछ बाजारों में शेयरों के निम्न स्तर पर कुछ लिवाली भी दर्ज हुई। एशियाई बाजारों में चीन का बेंचमार्क शंघाई एसई कंपोजिट इंडेक्स 3.79 फीसद गिरकर 2,526.82 पर बंद हुआ। द. कोरिया का कोस्पी और एफटीएसई स्ट्रेट टाईम्स का सूचकांम भी करीब तीन फीसद गिरकर बंद हुआ। जापान का प्रमुख सूचकांक निक्की दो फीसद गिरा जबकि हांगकांग का हैंग सेंग दो फीसद से ज्यादा लुढ़का। इधर, भारत का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स में सबसे कम गिरावट दर्ज करने वालों में शुमार रहा। सुबह के नुकसान की भरपाई करते हुए सेंसेक्स 1.82 फीसद की गिरावट के साथ 16,990.20 पर बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में लंदन स्टॉक एक्सचेंज का एफटीएसई 1001.75 फीसद लुढ़का जबकि जर्मनी का डैक्स 2.34 फीसद गिरा। इधर, फ्रांस का बेंचमार्क कैक दोपहर के कारोबार के दौरान 401.75 फीसद लुढ़ककर 3,221.32 पर पहुंच गया। उधर, रूसी शेयर भी दोपहर के कारोबार के दौरान करीब दो फीसद की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। | अमेरिका की वित्तीय हालत और यूरोप के कर्ज संकट के कारण निवेशकों की बढ़ती चिंता के कारण वैश्विक बाजार करीब तीन फीसद गिरे। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने गुरुवार को कहा कि वह अमेरिका से दोषी ठहराए गए आतंकवादी डेविड हेडली के साथी तहव्वुर राणा तक पहुंच मुहैया कराने की मांग करेगा। साथ ही उसने कहा कि वह मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के मामले में अपनी कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हेडली और राणा के प्रत्यर्पण के लिए अपनी मांग पर कायम रहेगा।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि 26 नवंबर के हमले के षड्यंत्रकारियों को न्याय के दायरे में लाने का कार्य प्रगति पर है जिसे भारत उसके तार्किक अंजाम तक ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि सरकार एक बार फिर राणा तक पहुंच मुहैया कराने के लिए अमेरिकी सरकार से समर्थन मांगेगी और साथ ही जरूरत पड़ने पर हेडली तक और पहुंच की भी मांग करेगी।
प्रवक्ता से हिलेरी क्लिंटन के उस हालिया बयान पर भारत की राय जाहिर करने को कहा गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि हेडली को सर्वश्रेष्ठ संभव सजा मिली है। इससे उन्होंने संकेत दिया था कि हेडली का भारत को प्रत्यर्पण नहीं किया जाएगा। टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य है कि मुंबई पर आतंकवादी हमले के संबंध में विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दायर किए जाने से शुरू हुई प्रक्रिया आगे बढ़े और वही हमारा लक्ष्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से दो आरोप पत्र हेडली और राणा के खिलाफ हैं। अमेरिका अब तक अपने कानून के दायरे में मददगार रहा है। उसने हेडली तक हमें पहुंच मुहैया कराई है। हमारे अधिकारियों ने उससे सात दिन तक पूछताछ की है।’’
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि 26 नवंबर के हमले के षड्यंत्रकारियों को न्याय के दायरे में लाने का कार्य प्रगति पर है जिसे भारत उसके तार्किक अंजाम तक ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि सरकार एक बार फिर राणा तक पहुंच मुहैया कराने के लिए अमेरिकी सरकार से समर्थन मांगेगी और साथ ही जरूरत पड़ने पर हेडली तक और पहुंच की भी मांग करेगी।
प्रवक्ता से हिलेरी क्लिंटन के उस हालिया बयान पर भारत की राय जाहिर करने को कहा गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि हेडली को सर्वश्रेष्ठ संभव सजा मिली है। इससे उन्होंने संकेत दिया था कि हेडली का भारत को प्रत्यर्पण नहीं किया जाएगा। टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य है कि मुंबई पर आतंकवादी हमले के संबंध में विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दायर किए जाने से शुरू हुई प्रक्रिया आगे बढ़े और वही हमारा लक्ष्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से दो आरोप पत्र हेडली और राणा के खिलाफ हैं। अमेरिका अब तक अपने कानून के दायरे में मददगार रहा है। उसने हेडली तक हमें पहुंच मुहैया कराई है। हमारे अधिकारियों ने उससे सात दिन तक पूछताछ की है।’’
प्रवक्ता से हिलेरी क्लिंटन के उस हालिया बयान पर भारत की राय जाहिर करने को कहा गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि हेडली को सर्वश्रेष्ठ संभव सजा मिली है। इससे उन्होंने संकेत दिया था कि हेडली का भारत को प्रत्यर्पण नहीं किया जाएगा। टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य है कि मुंबई पर आतंकवादी हमले के संबंध में विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दायर किए जाने से शुरू हुई प्रक्रिया आगे बढ़े और वही हमारा लक्ष्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से दो आरोप पत्र हेडली और राणा के खिलाफ हैं। अमेरिका अब तक अपने कानून के दायरे में मददगार रहा है। उसने हेडली तक हमें पहुंच मुहैया कराई है। हमारे अधिकारियों ने उससे सात दिन तक पूछताछ की है।’’
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य है कि मुंबई पर आतंकवादी हमले के संबंध में विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दायर किए जाने से शुरू हुई प्रक्रिया आगे बढ़े और वही हमारा लक्ष्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से दो आरोप पत्र हेडली और राणा के खिलाफ हैं। अमेरिका अब तक अपने कानून के दायरे में मददगार रहा है। उसने हेडली तक हमें पहुंच मुहैया कराई है। हमारे अधिकारियों ने उससे सात दिन तक पूछताछ की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से दो आरोप पत्र हेडली और राणा के खिलाफ हैं। अमेरिका अब तक अपने कानून के दायरे में मददगार रहा है। उसने हेडली तक हमें पहुंच मुहैया कराई है। हमारे अधिकारियों ने उससे सात दिन तक पूछताछ की है।’’ | भारत ने गुरुवार को कहा कि वह अमेरिका से दोषी ठहराए गए आतंकवादी डेविड हेडली के साथी तहव्वुर राणा तक पहुंच मुहैया कराने की मांग करेगा। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केविन पीटरसन और मोंटी पनेसर सहित इंग्लैंड के चार क्रिकेटर उस वक्त बाल-बाल बच गए, जब उनकी टैक्सी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। खबरों के अनुसार स्टुअर्ट ब्राड, जोनाथन ट्राट, पीटरसन और पनेसर 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ रही टैक्सी में यात्रा कर रहे थे। अचानक ही टैक्सी का बोनट तेजी से खुलकर कार के विंडस्क्रीन के सामने आ गया, जिससे ड्राइवर आगे कुछ नहीं देख पाया था।’’
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘ड्राइवर ने हालांकि कार को सुरक्षित रोक दिया, जिससे सभी खिलाड़ी शनिवार की शाम को अभ्यास में भाग ले पाए।’’ टीम ने शेख जायद स्टेडियम में अभ्यास किया, जहां इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच पहला एकदिवसीय मैच खेला जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘ड्राइवर ने हालांकि कार को सुरक्षित रोक दिया, जिससे सभी खिलाड़ी शनिवार की शाम को अभ्यास में भाग ले पाए।’’ टीम ने शेख जायद स्टेडियम में अभ्यास किया, जहां इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच पहला एकदिवसीय मैच खेला जाएगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केविन पीटरसन और मोंटी पनेसर सहित इंग्लैंड के चार क्रिकेटर उस वक्त बाल-बाल बच गए, जब उनकी टैक्सी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पटेल आरक्षण आंदोलन के एक गुट सरदार पटेल ग्रुप के नेता लालजी पटेल जेल से इसलिए भी आसानी से छूटे क्योंकि राज्य सरकार ने हार्दिक पटेल की तरह इनकी जमानत का विरोध नहीं किया। लालजी पटेल 17 अप्रैल से महेसाणा में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद से जेल में थे।
लालजी पटेल ने भी बदले में राज्य सरकार में विश्वास जताते हुए बातचीत बढ़ाई। उन्होंने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और राज्य भाजपा अध्यक्ष विजय रूपाणी से आंदोलन की मांगों को लेकर बातचीत की। बातचीत के बाद लालजी पटेल ने कहा कि कोई भी समस्या हो हल बातचीत के जरिये ही आएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने 10 प्रतिशत सवर्ण गरीबों के लिए आरक्षण देकर थोड़ा सकारात्मक कदम उठाया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह 20 प्रतिशत होगा। उन्होंने मौजूदा सरकार से ही कोई हल की उम्मीद जताई,
लेकिन भाजपा सरकार इसे बड़ी सफलता बताए उससे पहले ही हार्दिक पटेल ने जेल से बयान जारी कर आंदोलन और बातचीत करने को दोहरापन करार दिया।
कांग्रेस के नेता शंकर सिंह वाघेला ने भी कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य नेता हार्दिक पटेल तो अब भी जेल में हैं और आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आंदोलन भाजपा विरोधी और सरकार विरोधी बन गया है। टिप्पणियां
तो भाजपा ने इसे सकारात्मक कदम बताकर कांग्रेस पर आंदोलन को आग देने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजय रूपाणी ने कहा कि कांग्रेस राजनैतिक मौकापरस्ती में जुट गई है। वह इसके आधार पर अपनी दाल गलाना चाह रही है, लेकिन वह उसको सफल नहीं होने देंगे।
आंदोलन भले ही खत्म न हुआ हो, लेकिन उसमें फूट डालकर कमजोर करने में राज्य की आनंदीबेन पटेल सरकार को जरूर सफलता मिलती दिख रही है।
लालजी पटेल ने भी बदले में राज्य सरकार में विश्वास जताते हुए बातचीत बढ़ाई। उन्होंने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और राज्य भाजपा अध्यक्ष विजय रूपाणी से आंदोलन की मांगों को लेकर बातचीत की। बातचीत के बाद लालजी पटेल ने कहा कि कोई भी समस्या हो हल बातचीत के जरिये ही आएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने 10 प्रतिशत सवर्ण गरीबों के लिए आरक्षण देकर थोड़ा सकारात्मक कदम उठाया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह 20 प्रतिशत होगा। उन्होंने मौजूदा सरकार से ही कोई हल की उम्मीद जताई,
लेकिन भाजपा सरकार इसे बड़ी सफलता बताए उससे पहले ही हार्दिक पटेल ने जेल से बयान जारी कर आंदोलन और बातचीत करने को दोहरापन करार दिया।
कांग्रेस के नेता शंकर सिंह वाघेला ने भी कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य नेता हार्दिक पटेल तो अब भी जेल में हैं और आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आंदोलन भाजपा विरोधी और सरकार विरोधी बन गया है। टिप्पणियां
तो भाजपा ने इसे सकारात्मक कदम बताकर कांग्रेस पर आंदोलन को आग देने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजय रूपाणी ने कहा कि कांग्रेस राजनैतिक मौकापरस्ती में जुट गई है। वह इसके आधार पर अपनी दाल गलाना चाह रही है, लेकिन वह उसको सफल नहीं होने देंगे।
आंदोलन भले ही खत्म न हुआ हो, लेकिन उसमें फूट डालकर कमजोर करने में राज्य की आनंदीबेन पटेल सरकार को जरूर सफलता मिलती दिख रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने 10 प्रतिशत सवर्ण गरीबों के लिए आरक्षण देकर थोड़ा सकारात्मक कदम उठाया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह 20 प्रतिशत होगा। उन्होंने मौजूदा सरकार से ही कोई हल की उम्मीद जताई,
लेकिन भाजपा सरकार इसे बड़ी सफलता बताए उससे पहले ही हार्दिक पटेल ने जेल से बयान जारी कर आंदोलन और बातचीत करने को दोहरापन करार दिया।
कांग्रेस के नेता शंकर सिंह वाघेला ने भी कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य नेता हार्दिक पटेल तो अब भी जेल में हैं और आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आंदोलन भाजपा विरोधी और सरकार विरोधी बन गया है। टिप्पणियां
तो भाजपा ने इसे सकारात्मक कदम बताकर कांग्रेस पर आंदोलन को आग देने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजय रूपाणी ने कहा कि कांग्रेस राजनैतिक मौकापरस्ती में जुट गई है। वह इसके आधार पर अपनी दाल गलाना चाह रही है, लेकिन वह उसको सफल नहीं होने देंगे।
आंदोलन भले ही खत्म न हुआ हो, लेकिन उसमें फूट डालकर कमजोर करने में राज्य की आनंदीबेन पटेल सरकार को जरूर सफलता मिलती दिख रही है।
कांग्रेस के नेता शंकर सिंह वाघेला ने भी कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य नेता हार्दिक पटेल तो अब भी जेल में हैं और आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आंदोलन भाजपा विरोधी और सरकार विरोधी बन गया है। टिप्पणियां
तो भाजपा ने इसे सकारात्मक कदम बताकर कांग्रेस पर आंदोलन को आग देने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजय रूपाणी ने कहा कि कांग्रेस राजनैतिक मौकापरस्ती में जुट गई है। वह इसके आधार पर अपनी दाल गलाना चाह रही है, लेकिन वह उसको सफल नहीं होने देंगे।
आंदोलन भले ही खत्म न हुआ हो, लेकिन उसमें फूट डालकर कमजोर करने में राज्य की आनंदीबेन पटेल सरकार को जरूर सफलता मिलती दिख रही है।
तो भाजपा ने इसे सकारात्मक कदम बताकर कांग्रेस पर आंदोलन को आग देने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजय रूपाणी ने कहा कि कांग्रेस राजनैतिक मौकापरस्ती में जुट गई है। वह इसके आधार पर अपनी दाल गलाना चाह रही है, लेकिन वह उसको सफल नहीं होने देंगे।
आंदोलन भले ही खत्म न हुआ हो, लेकिन उसमें फूट डालकर कमजोर करने में राज्य की आनंदीबेन पटेल सरकार को जरूर सफलता मिलती दिख रही है।
आंदोलन भले ही खत्म न हुआ हो, लेकिन उसमें फूट डालकर कमजोर करने में राज्य की आनंदीबेन पटेल सरकार को जरूर सफलता मिलती दिख रही है। | यह एक सारांश है: पटले आंदोलन में डाली फूट
लालजी पटेल की जमानत का विरोध नहीं किया
लालजी ने कहा, बातचीत से निकलेगा हल | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी पत्तन शहर चटगांव की एक उर्वरक फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव होने पर बच्चों समेत लगभग 250 लोग बीमार हो गए हैं और सैंकड़ों निवासियों को उनके घरों से निकाला गया है. कल रात को कर्णफूली नदी के किनारे बनी डीएपी फर्टीलाइजर कंपनी लिमिटेड से डाई-अमोनियम फॉस्फेट का रिसाव हो गया था और दमकलकर्मी आज सुबह तक इस रिसाव को रोकने के लिए मशक्कत कर रहे थे.
यह रसायन पानी में घुल सकने वाले उन अमोनियम फॉस्फेट लवणों की श्रेणी का हिस्सा है, जो अमोनिया और फॉस्फोरिक एसिड की अभिक्रिया पर पैदा होते हैं.
खबरों में फैक्ट्री अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि 500 टन क्षमता वाले गैस टैंकों में से एक टैंक से रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे रिसाव हुआ.
गैस जल्दी ही शहर के बड़े हिस्सों में फैल गई. तेज हवाओं के कारण गैस 10 किलोमीटर तक के दायरे में फैल गई. ऐसी खबरें हैं कि दक्षिणी शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
फैक्ट्री के पास स्थित पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया, 'इकाई से निकली गैस के कारण कई किलोमीटर तक लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है'. बीमार पड़े लगभग 250 लोगों में से 56 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं. जिन लोगों का उपचार किया गया है, वे खतरे से बाहर हैं.टिप्पणियां
पुलिस और दमकल कर्मियों ने कहा कि सैंकड़ों निवासियों को संयंत्र के पास स्थित उनके मकानों से बाहर निकाला गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह रसायन पानी में घुल सकने वाले उन अमोनियम फॉस्फेट लवणों की श्रेणी का हिस्सा है, जो अमोनिया और फॉस्फोरिक एसिड की अभिक्रिया पर पैदा होते हैं.
खबरों में फैक्ट्री अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि 500 टन क्षमता वाले गैस टैंकों में से एक टैंक से रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे रिसाव हुआ.
गैस जल्दी ही शहर के बड़े हिस्सों में फैल गई. तेज हवाओं के कारण गैस 10 किलोमीटर तक के दायरे में फैल गई. ऐसी खबरें हैं कि दक्षिणी शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
फैक्ट्री के पास स्थित पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया, 'इकाई से निकली गैस के कारण कई किलोमीटर तक लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है'. बीमार पड़े लगभग 250 लोगों में से 56 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं. जिन लोगों का उपचार किया गया है, वे खतरे से बाहर हैं.टिप्पणियां
पुलिस और दमकल कर्मियों ने कहा कि सैंकड़ों निवासियों को संयंत्र के पास स्थित उनके मकानों से बाहर निकाला गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खबरों में फैक्ट्री अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि 500 टन क्षमता वाले गैस टैंकों में से एक टैंक से रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे रिसाव हुआ.
गैस जल्दी ही शहर के बड़े हिस्सों में फैल गई. तेज हवाओं के कारण गैस 10 किलोमीटर तक के दायरे में फैल गई. ऐसी खबरें हैं कि दक्षिणी शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
फैक्ट्री के पास स्थित पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया, 'इकाई से निकली गैस के कारण कई किलोमीटर तक लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है'. बीमार पड़े लगभग 250 लोगों में से 56 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं. जिन लोगों का उपचार किया गया है, वे खतरे से बाहर हैं.टिप्पणियां
पुलिस और दमकल कर्मियों ने कहा कि सैंकड़ों निवासियों को संयंत्र के पास स्थित उनके मकानों से बाहर निकाला गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गैस जल्दी ही शहर के बड़े हिस्सों में फैल गई. तेज हवाओं के कारण गैस 10 किलोमीटर तक के दायरे में फैल गई. ऐसी खबरें हैं कि दक्षिणी शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
फैक्ट्री के पास स्थित पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया, 'इकाई से निकली गैस के कारण कई किलोमीटर तक लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है'. बीमार पड़े लगभग 250 लोगों में से 56 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं. जिन लोगों का उपचार किया गया है, वे खतरे से बाहर हैं.टिप्पणियां
पुलिस और दमकल कर्मियों ने कहा कि सैंकड़ों निवासियों को संयंत्र के पास स्थित उनके मकानों से बाहर निकाला गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फैक्ट्री के पास स्थित पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया, 'इकाई से निकली गैस के कारण कई किलोमीटर तक लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है'. बीमार पड़े लगभग 250 लोगों में से 56 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं. जिन लोगों का उपचार किया गया है, वे खतरे से बाहर हैं.टिप्पणियां
पुलिस और दमकल कर्मियों ने कहा कि सैंकड़ों निवासियों को संयंत्र के पास स्थित उनके मकानों से बाहर निकाला गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस और दमकल कर्मियों ने कहा कि सैंकड़ों निवासियों को संयंत्र के पास स्थित उनके मकानों से बाहर निकाला गया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: डीएपी फर्टीलाइजर कंपनी लिमिटेड से डाई-अमोनियम फॉस्फेट का रिसाव हुआ.
जहरीली गैस का रिसाव होने पर बच्चों समेत लगभग 250 लोग बीमार .
500 टन क्षमता वाले गैस टैंकों में से एक टैंक से रात को हुआ रिसाव. | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इतालवी मरीन को लेकर गतिरोध के बाद इटली के साथ अपने संबंधों की भारत समीक्षा कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि हत्या के आरोप में भारत में मुकदमा का सामना करने के लिए दो आरोपी मरीनों को वापस भेजने से इटली के इनकार करने के बाद इटली के साथ हमारे समूचे संवाद की समीक्षा की जा रही है और सभी पहलुओं की सावधानी से जांच की जा रही है।
प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इटली के साथ समूची बातचीत की समीक्षा की जा रही है। हर पहलू का सावधानी से परीक्षण किया जा रहा है और उसके बाद उचित फैसला किया जाएगा।’’
सूत्रों ने कहा कि इटली में भारत के मनोनीत राजदूत बसंत कुमार गुप्ता फिलहाल इटली नहीं जा रहे हैं। पहले उन्हें शुक्रवार को रोम के लिए रवाना होना था।
सूत्रों ने बताया कि क्या इटली के राजदूत डैनियल मैंसिनी को निष्कासित कर दिया जाए और क्या गुप्ता को पद संभालना चाहिए इसका भी फैसला समीक्षा के बाद किया जाएगा।
मैंसिनी के भारत छोड़ने पर रोक लगाने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश के संबंध में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि राजदूत को नोटिस देकर उच्चतम न्यायालय ने वियना संधि के किसी भी पहलू का उल्लंघन नहीं किया है।
वियना संधि से विभिन्न देशों के कूटनीतिक संबंध नियंत्रित होते हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इटली को समझौते को लागू करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले दिन में दो मरीनों को वापस भेजने से इटली सरकार के इनकार करने पर आपत्ति जताते हुए बिना अनुमति के मैंसिनी के देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
उसने मैंसिनी और दो मरीनों को भी नोटिस जारी किया और उनसे 18 मार्च तक जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख सोमवार को निर्धारित कर दी।
दोनों मरीन पर पिछले साल फरवरी में केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने दोनों मरीनों को चुनाव में मतदान के लिए गत 22 फरवरी को चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी और उन्हें चार हफ्ते के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया था।
विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि हत्या के आरोप में भारत में मुकदमा का सामना करने के लिए दो आरोपी मरीनों को वापस भेजने से इटली के इनकार करने के बाद इटली के साथ हमारे समूचे संवाद की समीक्षा की जा रही है और सभी पहलुओं की सावधानी से जांच की जा रही है।
प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इटली के साथ समूची बातचीत की समीक्षा की जा रही है। हर पहलू का सावधानी से परीक्षण किया जा रहा है और उसके बाद उचित फैसला किया जाएगा।’’
सूत्रों ने कहा कि इटली में भारत के मनोनीत राजदूत बसंत कुमार गुप्ता फिलहाल इटली नहीं जा रहे हैं। पहले उन्हें शुक्रवार को रोम के लिए रवाना होना था।
सूत्रों ने बताया कि क्या इटली के राजदूत डैनियल मैंसिनी को निष्कासित कर दिया जाए और क्या गुप्ता को पद संभालना चाहिए इसका भी फैसला समीक्षा के बाद किया जाएगा।
मैंसिनी के भारत छोड़ने पर रोक लगाने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश के संबंध में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि राजदूत को नोटिस देकर उच्चतम न्यायालय ने वियना संधि के किसी भी पहलू का उल्लंघन नहीं किया है।
वियना संधि से विभिन्न देशों के कूटनीतिक संबंध नियंत्रित होते हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इटली को समझौते को लागू करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले दिन में दो मरीनों को वापस भेजने से इटली सरकार के इनकार करने पर आपत्ति जताते हुए बिना अनुमति के मैंसिनी के देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
उसने मैंसिनी और दो मरीनों को भी नोटिस जारी किया और उनसे 18 मार्च तक जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख सोमवार को निर्धारित कर दी।
दोनों मरीन पर पिछले साल फरवरी में केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने दोनों मरीनों को चुनाव में मतदान के लिए गत 22 फरवरी को चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी और उन्हें चार हफ्ते के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया था।
प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इटली के साथ समूची बातचीत की समीक्षा की जा रही है। हर पहलू का सावधानी से परीक्षण किया जा रहा है और उसके बाद उचित फैसला किया जाएगा।’’
सूत्रों ने कहा कि इटली में भारत के मनोनीत राजदूत बसंत कुमार गुप्ता फिलहाल इटली नहीं जा रहे हैं। पहले उन्हें शुक्रवार को रोम के लिए रवाना होना था।
सूत्रों ने बताया कि क्या इटली के राजदूत डैनियल मैंसिनी को निष्कासित कर दिया जाए और क्या गुप्ता को पद संभालना चाहिए इसका भी फैसला समीक्षा के बाद किया जाएगा।
मैंसिनी के भारत छोड़ने पर रोक लगाने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश के संबंध में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि राजदूत को नोटिस देकर उच्चतम न्यायालय ने वियना संधि के किसी भी पहलू का उल्लंघन नहीं किया है।
वियना संधि से विभिन्न देशों के कूटनीतिक संबंध नियंत्रित होते हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इटली को समझौते को लागू करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले दिन में दो मरीनों को वापस भेजने से इटली सरकार के इनकार करने पर आपत्ति जताते हुए बिना अनुमति के मैंसिनी के देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
उसने मैंसिनी और दो मरीनों को भी नोटिस जारी किया और उनसे 18 मार्च तक जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख सोमवार को निर्धारित कर दी।
दोनों मरीन पर पिछले साल फरवरी में केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने दोनों मरीनों को चुनाव में मतदान के लिए गत 22 फरवरी को चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी और उन्हें चार हफ्ते के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया था।
सूत्रों ने बताया कि क्या इटली के राजदूत डैनियल मैंसिनी को निष्कासित कर दिया जाए और क्या गुप्ता को पद संभालना चाहिए इसका भी फैसला समीक्षा के बाद किया जाएगा।
मैंसिनी के भारत छोड़ने पर रोक लगाने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश के संबंध में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि राजदूत को नोटिस देकर उच्चतम न्यायालय ने वियना संधि के किसी भी पहलू का उल्लंघन नहीं किया है।
वियना संधि से विभिन्न देशों के कूटनीतिक संबंध नियंत्रित होते हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इटली को समझौते को लागू करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले दिन में दो मरीनों को वापस भेजने से इटली सरकार के इनकार करने पर आपत्ति जताते हुए बिना अनुमति के मैंसिनी के देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
उसने मैंसिनी और दो मरीनों को भी नोटिस जारी किया और उनसे 18 मार्च तक जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख सोमवार को निर्धारित कर दी।
दोनों मरीन पर पिछले साल फरवरी में केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने दोनों मरीनों को चुनाव में मतदान के लिए गत 22 फरवरी को चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी और उन्हें चार हफ्ते के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया था।
मैंसिनी के भारत छोड़ने पर रोक लगाने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश के संबंध में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि राजदूत को नोटिस देकर उच्चतम न्यायालय ने वियना संधि के किसी भी पहलू का उल्लंघन नहीं किया है।
वियना संधि से विभिन्न देशों के कूटनीतिक संबंध नियंत्रित होते हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इटली को समझौते को लागू करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले दिन में दो मरीनों को वापस भेजने से इटली सरकार के इनकार करने पर आपत्ति जताते हुए बिना अनुमति के मैंसिनी के देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
उसने मैंसिनी और दो मरीनों को भी नोटिस जारी किया और उनसे 18 मार्च तक जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख सोमवार को निर्धारित कर दी।
दोनों मरीन पर पिछले साल फरवरी में केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने दोनों मरीनों को चुनाव में मतदान के लिए गत 22 फरवरी को चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी और उन्हें चार हफ्ते के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया था।
वियना संधि से विभिन्न देशों के कूटनीतिक संबंध नियंत्रित होते हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इटली को समझौते को लागू करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले दिन में दो मरीनों को वापस भेजने से इटली सरकार के इनकार करने पर आपत्ति जताते हुए बिना अनुमति के मैंसिनी के देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
उसने मैंसिनी और दो मरीनों को भी नोटिस जारी किया और उनसे 18 मार्च तक जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख सोमवार को निर्धारित कर दी।
दोनों मरीन पर पिछले साल फरवरी में केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने दोनों मरीनों को चुनाव में मतदान के लिए गत 22 फरवरी को चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी और उन्हें चार हफ्ते के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया था।
उसने मैंसिनी और दो मरीनों को भी नोटिस जारी किया और उनसे 18 मार्च तक जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख सोमवार को निर्धारित कर दी।
दोनों मरीन पर पिछले साल फरवरी में केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने दोनों मरीनों को चुनाव में मतदान के लिए गत 22 फरवरी को चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी और उन्हें चार हफ्ते के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया था।
दोनों मरीन पर पिछले साल फरवरी में केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने दोनों मरीनों को चुनाव में मतदान के लिए गत 22 फरवरी को चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी और उन्हें चार हफ्ते के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया था। | विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि हत्या के आरोप में भारत में मुकदमा का सामना करने के लिए दो आरोपी मरीनों को वापस भेजने से इटली के इनकार करने के बाद इटली के साथ हमारे समूचे संवाद की समीक्षा की जा रही है और सभी पहलुओं की सावधानी से जांच की | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कर्नाटक राज्य विधानसभा चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी, जिसके अनुसार राज्य की 225 सीटों के लिए एक ही चरण में 5 मई को मतदान होगा, तथा चुनाव परिणामों की घोषणा 8 मई को की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस सम्पत ने संवाददाता सम्मेलन में कार्यक्रम की घोषणा करते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग जमीनी हालात की लगातार निगरानी रखेगा, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पर्याप्त कदम उठाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि इन चुनावों के लिए राज्य में कुल मिलाकर 50,446 चुनाव बूथ बनाए जाएंगे। मतदाताओं के घर पर वोटर स्लिप भेजी जाएगी, और चुनाव प्रचार की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए 10 अप्रैल को अधिसूचना जारी की जाएगी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच का काम 18 अप्रैल को होगा।
चुनाव आयोग ने सभी मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटियों को 'पेड न्यूज़' से जुड़े मामलों को समयसीमा के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य सभी शिकायतों को भी समयसीमा के भीतर निपटाने और शिकायतकर्ता को जानकारी दिए जाने के प्रयास किए जाएंगे। शिकायत करने के लिए फोन नंबर 1950 रहेगा।
सम्पत ने यह भी बताया कि चुनाव आयोग सुनिश्चित करेगा कि कोई भी चुनाव संबंधी अधिकारी अथवा पुलिस अधिकारी अपने गृहजिले में तैनात न हो, तथा जिन अधिकारियों ने भी अपनी मौजूदा तैनाती के स्थान पर तीन वर्ष की अवधि पूरी कर ली है, उन्हें भी स्थानांतरित किया जाएगा। | यह एक सारांश है: केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कर्नाटक राज्य विधानसभा चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी, जिसके अनुसार राज्य की 225 सीटों के लिए एक ही चरण में 5 मई को मतदान होगा, तथा चुनाव परिणामों की घोषणा 8 मई को की जाएगी। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा और समय मांगे जाने के बाद मुंबई हमलों में आरोपी लश्करे तैयबा के आतंकवादियों जकीउर रहमान लखवी और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई 17 फरवरी तक स्थगित कर दी। अभियोजन पक्ष ने आतंकवाद निरोधी अदालत के न्यायाधीश राणा निसार अहमद को बताया कि मुंबई हमले के एकमात्र जिंदा आतंकवादी अजमल आमिर कसाब और संदिग्ध आतंकवादी फहीम अंसारी को भगोड़ा घोषित करने के लिए लाहौर हाईकोर्ट में दायर की गई उसकी याचिका पर फैसला करने के लिए अदालत को और समय की जरूरत है। फेडरल जांच एजेंसी की याचिका पर हाईकोर्ट सुनवाई करने वाली थी, लेकिन एक न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के कारण ये नहीं हो पाया। सूत्रों ने बताया कि न्यायाधीश निसार अहमद ने एफआईए की याचिका पर सुनवाई होने में हो रही देरी पर चिंता जताई और कहा कि अब और देरी नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद निरोधी अदालत ने मामले की सुनवाई 17 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया। | सारांश: मुंबई हमलों में आरोपी लश्करे तैयबा के आतंकवादियों जकीउर रहमान लखवी और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई 17 फरवरी तक स्थगित कर दी गई है। | 31 | ['hin'] |
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