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इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी के सभी पदों से पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफे पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के अहम सदस्य जेडीयू ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह गठबंधन के सेहत के लिए ठीक नहीं है।
एनडीए के संयोजक और जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा है कि आडवाणी के इस्तीफे के बाद उन्हें भी अपनी पार्टी की बैठक बुलानी होगी, क्योंकि गोवा की बैठक में दिए गए कई बयानों से जेडीयू इत्तेफाक नहीं रखती। उन्होंने कहा कि अटलजी और आडवाणी ने एनडीए का गठन किया था। आडवाणी एनडीए के अध्यक्ष हैं।
एनडीए के संयोजक और जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा है कि आडवाणी के इस्तीफे के बाद उन्हें भी अपनी पार्टी की बैठक बुलानी होगी, क्योंकि गोवा की बैठक में दिए गए कई बयानों से जेडीयू इत्तेफाक नहीं रखती। उन्होंने कहा कि अटलजी और आडवाणी ने एनडीए का गठन किया था। आडवाणी एनडीए के अध्यक्ष हैं। | बीजेपी के सभी पदों से पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफे पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के अहम सदस्य जेडीयू ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह गठबंधन के सेहत के लिए ठीक नहीं है। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय बल्लेबाजी की नई सनसनी और हाल के दक्षिण अफ्रीका दौरे में सीमित ओवरों के मैच में 248 रन की तूफानी पारी खेलने वाले शिखर धवन का मानना है कि एक-दिवसीय मैचों में भी तिहरा शतक लगाना संभव है।
धवन ने कहा, यदि कोई 300 का लक्ष्य लेकर चले, तो यह संभव है। मैंने भी 200 रन बनाने का सपना देखा था, क्योंकि मेरे पास ऐसे शॉट हैं। मैं 248 रन तक पहुंचा, यह बड़ी उपलब्धि है।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दक्षिण अफ्रीका में त्रिकोणीय शृंखला के दौरान भारत 'ए' की तरफ से दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ लीग चरण के मैच में 150 गेंदों पर 30 चौकों और सात छक्कों की मदद से 248 रन बनाए थे, जो भारत की तरफ से लिस्ट 'ए' में सर्वाधिक स्कोर है। वह हालांकि इंग्लैंड के एलिस्टेयर ब्राउन के 268 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए।
धवन से पूछा गया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे, तब क्या उन्हें विश्व रिकॉर्ड का पता था, उन्होंने कहा, नहीं... मुझे सचिन (तेंदुलकर, 200 रन) और वीरू (वीरेंद्र सहवाग के 219 रन) पाजी के स्कोर के बारे में पता था। मुझे नहीं पता था कि रिकॉर्ड 268 रन का है। इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में 187 रन की धमाकेदार पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले धवन ने कहा कि कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धोनी का जवाब नहीं है।
धवन ने माना कि भारतीय शीर्ष क्रम में काफी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन वह इस बारे में नहीं सोचते। उन्होंने कहा, प्रतिस्पर्धा पहले भी थी और वह हमेशा बनी रहेगी। मैं इस बारे में नहीं सोचता। मुझे अपना काम करना है। आज वीरू और गौती (गौतम गंभीर) भाई अच्छा प्रदर्शन करके वापसी की कोशिश कर रहे हैं, तो अच्छा है। मैं भी जब बाहर था, तब मैं भी ऐसा सोचता था कि मुझे उनसे अच्छा प्रदर्शन करना है। ऐसा चलता रहता है।
अबतक एक टेस्ट और 19 वन-डे खेलने वाले धवन ने कहा कि भारत की सीनियर टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भारत 'ए' के हाल में समाप्त हुए दौरे से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा। यह सही है कि विकेट में ज्यादा घास नहीं थी, लेकिन उनमें उछाल थी। परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना महत्वपूर्ण होता है। कई छोटी चीजें मायने रखती हैं।टिप्पणियां
भारत और दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड के बीच मतभेदों के कारण इस दौरे पर तलवार लटकी हुई है। इस बारे में धवन ने कहा, यह मेरे हाथ में नहीं है। इस पर बीसीसीआई को फैसला करना है। मुझे मैच खेलना पसंद है और हम इस बीच वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी खेलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण पर खेली गई पारी को यादगार पारी बताने वाले धवन ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, लेकिन पिछले छह महीनों में एक क्रिकेटर के रूप में वह काफी परिपक्व हुए हैं।
उन्होंने कहा, मैं क्रिकेटर के रूप में परिपक्व हुआ है और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है। मैं अपने प्रदर्शन का पूरा मजा लेता हूं। मैं सभी तरह के शॉट खेल सकता हूं और यह मेरा मजबूत पक्ष है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले धवन ने माना कि चैंपियंस लीग टी-20 में उनकी टीम को श्रीलंका के कुमार संगकारा की कमी खलेगी, जिन्होंने अपनी घरेलू टीम कांदुराता से खेलने का फैसला किया है।
धवन ने कहा, यदि कोई 300 का लक्ष्य लेकर चले, तो यह संभव है। मैंने भी 200 रन बनाने का सपना देखा था, क्योंकि मेरे पास ऐसे शॉट हैं। मैं 248 रन तक पहुंचा, यह बड़ी उपलब्धि है।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दक्षिण अफ्रीका में त्रिकोणीय शृंखला के दौरान भारत 'ए' की तरफ से दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ लीग चरण के मैच में 150 गेंदों पर 30 चौकों और सात छक्कों की मदद से 248 रन बनाए थे, जो भारत की तरफ से लिस्ट 'ए' में सर्वाधिक स्कोर है। वह हालांकि इंग्लैंड के एलिस्टेयर ब्राउन के 268 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए।
धवन से पूछा गया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे, तब क्या उन्हें विश्व रिकॉर्ड का पता था, उन्होंने कहा, नहीं... मुझे सचिन (तेंदुलकर, 200 रन) और वीरू (वीरेंद्र सहवाग के 219 रन) पाजी के स्कोर के बारे में पता था। मुझे नहीं पता था कि रिकॉर्ड 268 रन का है। इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में 187 रन की धमाकेदार पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले धवन ने कहा कि कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धोनी का जवाब नहीं है।
धवन ने माना कि भारतीय शीर्ष क्रम में काफी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन वह इस बारे में नहीं सोचते। उन्होंने कहा, प्रतिस्पर्धा पहले भी थी और वह हमेशा बनी रहेगी। मैं इस बारे में नहीं सोचता। मुझे अपना काम करना है। आज वीरू और गौती (गौतम गंभीर) भाई अच्छा प्रदर्शन करके वापसी की कोशिश कर रहे हैं, तो अच्छा है। मैं भी जब बाहर था, तब मैं भी ऐसा सोचता था कि मुझे उनसे अच्छा प्रदर्शन करना है। ऐसा चलता रहता है।
अबतक एक टेस्ट और 19 वन-डे खेलने वाले धवन ने कहा कि भारत की सीनियर टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भारत 'ए' के हाल में समाप्त हुए दौरे से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा। यह सही है कि विकेट में ज्यादा घास नहीं थी, लेकिन उनमें उछाल थी। परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना महत्वपूर्ण होता है। कई छोटी चीजें मायने रखती हैं।टिप्पणियां
भारत और दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड के बीच मतभेदों के कारण इस दौरे पर तलवार लटकी हुई है। इस बारे में धवन ने कहा, यह मेरे हाथ में नहीं है। इस पर बीसीसीआई को फैसला करना है। मुझे मैच खेलना पसंद है और हम इस बीच वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी खेलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण पर खेली गई पारी को यादगार पारी बताने वाले धवन ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, लेकिन पिछले छह महीनों में एक क्रिकेटर के रूप में वह काफी परिपक्व हुए हैं।
उन्होंने कहा, मैं क्रिकेटर के रूप में परिपक्व हुआ है और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है। मैं अपने प्रदर्शन का पूरा मजा लेता हूं। मैं सभी तरह के शॉट खेल सकता हूं और यह मेरा मजबूत पक्ष है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले धवन ने माना कि चैंपियंस लीग टी-20 में उनकी टीम को श्रीलंका के कुमार संगकारा की कमी खलेगी, जिन्होंने अपनी घरेलू टीम कांदुराता से खेलने का फैसला किया है।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दक्षिण अफ्रीका में त्रिकोणीय शृंखला के दौरान भारत 'ए' की तरफ से दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ लीग चरण के मैच में 150 गेंदों पर 30 चौकों और सात छक्कों की मदद से 248 रन बनाए थे, जो भारत की तरफ से लिस्ट 'ए' में सर्वाधिक स्कोर है। वह हालांकि इंग्लैंड के एलिस्टेयर ब्राउन के 268 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए।
धवन से पूछा गया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे, तब क्या उन्हें विश्व रिकॉर्ड का पता था, उन्होंने कहा, नहीं... मुझे सचिन (तेंदुलकर, 200 रन) और वीरू (वीरेंद्र सहवाग के 219 रन) पाजी के स्कोर के बारे में पता था। मुझे नहीं पता था कि रिकॉर्ड 268 रन का है। इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में 187 रन की धमाकेदार पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले धवन ने कहा कि कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धोनी का जवाब नहीं है।
धवन ने माना कि भारतीय शीर्ष क्रम में काफी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन वह इस बारे में नहीं सोचते। उन्होंने कहा, प्रतिस्पर्धा पहले भी थी और वह हमेशा बनी रहेगी। मैं इस बारे में नहीं सोचता। मुझे अपना काम करना है। आज वीरू और गौती (गौतम गंभीर) भाई अच्छा प्रदर्शन करके वापसी की कोशिश कर रहे हैं, तो अच्छा है। मैं भी जब बाहर था, तब मैं भी ऐसा सोचता था कि मुझे उनसे अच्छा प्रदर्शन करना है। ऐसा चलता रहता है।
अबतक एक टेस्ट और 19 वन-डे खेलने वाले धवन ने कहा कि भारत की सीनियर टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भारत 'ए' के हाल में समाप्त हुए दौरे से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा। यह सही है कि विकेट में ज्यादा घास नहीं थी, लेकिन उनमें उछाल थी। परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना महत्वपूर्ण होता है। कई छोटी चीजें मायने रखती हैं।टिप्पणियां
भारत और दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड के बीच मतभेदों के कारण इस दौरे पर तलवार लटकी हुई है। इस बारे में धवन ने कहा, यह मेरे हाथ में नहीं है। इस पर बीसीसीआई को फैसला करना है। मुझे मैच खेलना पसंद है और हम इस बीच वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी खेलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण पर खेली गई पारी को यादगार पारी बताने वाले धवन ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, लेकिन पिछले छह महीनों में एक क्रिकेटर के रूप में वह काफी परिपक्व हुए हैं।
उन्होंने कहा, मैं क्रिकेटर के रूप में परिपक्व हुआ है और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है। मैं अपने प्रदर्शन का पूरा मजा लेता हूं। मैं सभी तरह के शॉट खेल सकता हूं और यह मेरा मजबूत पक्ष है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले धवन ने माना कि चैंपियंस लीग टी-20 में उनकी टीम को श्रीलंका के कुमार संगकारा की कमी खलेगी, जिन्होंने अपनी घरेलू टीम कांदुराता से खेलने का फैसला किया है।
धवन से पूछा गया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे, तब क्या उन्हें विश्व रिकॉर्ड का पता था, उन्होंने कहा, नहीं... मुझे सचिन (तेंदुलकर, 200 रन) और वीरू (वीरेंद्र सहवाग के 219 रन) पाजी के स्कोर के बारे में पता था। मुझे नहीं पता था कि रिकॉर्ड 268 रन का है। इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में 187 रन की धमाकेदार पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले धवन ने कहा कि कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धोनी का जवाब नहीं है।
धवन ने माना कि भारतीय शीर्ष क्रम में काफी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन वह इस बारे में नहीं सोचते। उन्होंने कहा, प्रतिस्पर्धा पहले भी थी और वह हमेशा बनी रहेगी। मैं इस बारे में नहीं सोचता। मुझे अपना काम करना है। आज वीरू और गौती (गौतम गंभीर) भाई अच्छा प्रदर्शन करके वापसी की कोशिश कर रहे हैं, तो अच्छा है। मैं भी जब बाहर था, तब मैं भी ऐसा सोचता था कि मुझे उनसे अच्छा प्रदर्शन करना है। ऐसा चलता रहता है।
अबतक एक टेस्ट और 19 वन-डे खेलने वाले धवन ने कहा कि भारत की सीनियर टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भारत 'ए' के हाल में समाप्त हुए दौरे से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा। यह सही है कि विकेट में ज्यादा घास नहीं थी, लेकिन उनमें उछाल थी। परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना महत्वपूर्ण होता है। कई छोटी चीजें मायने रखती हैं।टिप्पणियां
भारत और दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड के बीच मतभेदों के कारण इस दौरे पर तलवार लटकी हुई है। इस बारे में धवन ने कहा, यह मेरे हाथ में नहीं है। इस पर बीसीसीआई को फैसला करना है। मुझे मैच खेलना पसंद है और हम इस बीच वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी खेलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण पर खेली गई पारी को यादगार पारी बताने वाले धवन ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, लेकिन पिछले छह महीनों में एक क्रिकेटर के रूप में वह काफी परिपक्व हुए हैं।
उन्होंने कहा, मैं क्रिकेटर के रूप में परिपक्व हुआ है और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है। मैं अपने प्रदर्शन का पूरा मजा लेता हूं। मैं सभी तरह के शॉट खेल सकता हूं और यह मेरा मजबूत पक्ष है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले धवन ने माना कि चैंपियंस लीग टी-20 में उनकी टीम को श्रीलंका के कुमार संगकारा की कमी खलेगी, जिन्होंने अपनी घरेलू टीम कांदुराता से खेलने का फैसला किया है।
धवन ने माना कि भारतीय शीर्ष क्रम में काफी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन वह इस बारे में नहीं सोचते। उन्होंने कहा, प्रतिस्पर्धा पहले भी थी और वह हमेशा बनी रहेगी। मैं इस बारे में नहीं सोचता। मुझे अपना काम करना है। आज वीरू और गौती (गौतम गंभीर) भाई अच्छा प्रदर्शन करके वापसी की कोशिश कर रहे हैं, तो अच्छा है। मैं भी जब बाहर था, तब मैं भी ऐसा सोचता था कि मुझे उनसे अच्छा प्रदर्शन करना है। ऐसा चलता रहता है।
अबतक एक टेस्ट और 19 वन-डे खेलने वाले धवन ने कहा कि भारत की सीनियर टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भारत 'ए' के हाल में समाप्त हुए दौरे से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा। यह सही है कि विकेट में ज्यादा घास नहीं थी, लेकिन उनमें उछाल थी। परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना महत्वपूर्ण होता है। कई छोटी चीजें मायने रखती हैं।टिप्पणियां
भारत और दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड के बीच मतभेदों के कारण इस दौरे पर तलवार लटकी हुई है। इस बारे में धवन ने कहा, यह मेरे हाथ में नहीं है। इस पर बीसीसीआई को फैसला करना है। मुझे मैच खेलना पसंद है और हम इस बीच वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी खेलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण पर खेली गई पारी को यादगार पारी बताने वाले धवन ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, लेकिन पिछले छह महीनों में एक क्रिकेटर के रूप में वह काफी परिपक्व हुए हैं।
उन्होंने कहा, मैं क्रिकेटर के रूप में परिपक्व हुआ है और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है। मैं अपने प्रदर्शन का पूरा मजा लेता हूं। मैं सभी तरह के शॉट खेल सकता हूं और यह मेरा मजबूत पक्ष है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले धवन ने माना कि चैंपियंस लीग टी-20 में उनकी टीम को श्रीलंका के कुमार संगकारा की कमी खलेगी, जिन्होंने अपनी घरेलू टीम कांदुराता से खेलने का फैसला किया है।
अबतक एक टेस्ट और 19 वन-डे खेलने वाले धवन ने कहा कि भारत की सीनियर टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भारत 'ए' के हाल में समाप्त हुए दौरे से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा। यह सही है कि विकेट में ज्यादा घास नहीं थी, लेकिन उनमें उछाल थी। परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना महत्वपूर्ण होता है। कई छोटी चीजें मायने रखती हैं।टिप्पणियां
भारत और दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड के बीच मतभेदों के कारण इस दौरे पर तलवार लटकी हुई है। इस बारे में धवन ने कहा, यह मेरे हाथ में नहीं है। इस पर बीसीसीआई को फैसला करना है। मुझे मैच खेलना पसंद है और हम इस बीच वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी खेलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण पर खेली गई पारी को यादगार पारी बताने वाले धवन ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, लेकिन पिछले छह महीनों में एक क्रिकेटर के रूप में वह काफी परिपक्व हुए हैं।
उन्होंने कहा, मैं क्रिकेटर के रूप में परिपक्व हुआ है और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है। मैं अपने प्रदर्शन का पूरा मजा लेता हूं। मैं सभी तरह के शॉट खेल सकता हूं और यह मेरा मजबूत पक्ष है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले धवन ने माना कि चैंपियंस लीग टी-20 में उनकी टीम को श्रीलंका के कुमार संगकारा की कमी खलेगी, जिन्होंने अपनी घरेलू टीम कांदुराता से खेलने का फैसला किया है।
भारत और दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड के बीच मतभेदों के कारण इस दौरे पर तलवार लटकी हुई है। इस बारे में धवन ने कहा, यह मेरे हाथ में नहीं है। इस पर बीसीसीआई को फैसला करना है। मुझे मैच खेलना पसंद है और हम इस बीच वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी खेलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण पर खेली गई पारी को यादगार पारी बताने वाले धवन ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, लेकिन पिछले छह महीनों में एक क्रिकेटर के रूप में वह काफी परिपक्व हुए हैं।
उन्होंने कहा, मैं क्रिकेटर के रूप में परिपक्व हुआ है और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है। मैं अपने प्रदर्शन का पूरा मजा लेता हूं। मैं सभी तरह के शॉट खेल सकता हूं और यह मेरा मजबूत पक्ष है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले धवन ने माना कि चैंपियंस लीग टी-20 में उनकी टीम को श्रीलंका के कुमार संगकारा की कमी खलेगी, जिन्होंने अपनी घरेलू टीम कांदुराता से खेलने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, मैं क्रिकेटर के रूप में परिपक्व हुआ है और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है। मैं अपने प्रदर्शन का पूरा मजा लेता हूं। मैं सभी तरह के शॉट खेल सकता हूं और यह मेरा मजबूत पक्ष है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले धवन ने माना कि चैंपियंस लीग टी-20 में उनकी टीम को श्रीलंका के कुमार संगकारा की कमी खलेगी, जिन्होंने अपनी घरेलू टीम कांदुराता से खेलने का फैसला किया है। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय बल्लेबाजी की नई सनसनी और हाल के दक्षिण अफ्रीका दौरे में सीमित ओवरों के मैच में 248 रन की तूफानी पारी खेलने वाले शिखर धवन का मानना है कि एक-दिवसीय मैचों में भी तिहरा शतक लगाना संभव है। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Election Results) के लिए मतों की गिनती थोड़ी देर में शुरू होने वाली है. वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज सुबह मीडिया से बात करने से यह कहकर मना कर दिया कि वह नतीजे आने के बाद ही बात करेंगे. उनके हावभाव से लग रहा था कि वह ज्यादा विश्वास में नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि ज्यादातर एग्जिट पोल राज्य में बीजेपी सरकार बनाने का संकेत दे रहे हैं. वहीं कांग्रेस का साथ इस चुनाव में सबसे बड़ी दिक्कत उसके अपने ही बगावती नेता रहे हैं. बीच विधानसभा चुनाव में प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर पार्टी छोड़कर चले गए.यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका था. दूसरी ओर बीजेपी ने अनुच्छेद 370 और राष्ट्रवाद को जमकर भुनाने की कोशिश की. अनुच्छेद 370 में कांग्रेस नेताओं में आपसी मतभेद नजर आ रहे थे. एक ओर पार्टी का रुख इस फैसले के खिलाफ दिखाई दे रहा था तो दूसरी ओर भूपेंद्र सिंह हुड्डा इसका खुलेआम समर्थन कर रहे थे. दरअसल हुड्डा को जमीनी हकीकत का अहसास हो रहा था क्योंकि हरियाणा में बड़ी संख्या में लोग सेना और सुरक्षाबलों में हैं और अनुच्छेद 370 का मुद्दा इन लोगों के परिवारों के लिए भावनात्मक है. हालांकि राज्य की मनोहर लाल खट्टर सरकार बेरोजेगारी, कानून व्यवस्था, मंदी और किसानों की बिगड़ती हालत के मामले में घिरी थी. लेकिन विपक्ष इसको मुद्दा बनाने में नाकाम रहा और वह बीजेपी के राष्ट्रवाद के आगे खुद को खड़ा कर पाने में नाकाम साबित था. वहीं बीजेपी ने पीएम मोदी को चेहरे को भी भुनाने की कोशिश की.
गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिये हुये मतदान में हरियाणा में करीब 65 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 60.5 प्रतिशत मतदान हुआ. हरियाणा में लगभग 1.82 करोड़ मतदाता हैं. हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर कुल 1169 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव की तुलना में शाम मतदान का प्रतिशत कम रहा. 2014 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा में 71.86 प्रतिशत और 2019 के लोकसभा चुनाव में 70.35 प्रतिशत मतदान हुआ था. | संक्षिप्त पाठ: हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा
कांग्रेस बगावत से है परेशान
आज तय होगा हरियाणा का मुख्यमंत्री कौन | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि वैश्विक बाजार में जिंसों के दाम में तेजी के चलते चालू वित्त वर्ष में 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस दौरान मुद्रास्फीति घटकर 7 से 7.5 प्रतिशत के स्तर पर आ जाएगी जो फिलहाल नौ प्रतिशत के आसपास है। यहां भारतीय आर्थिक सेवा के परिवीक्षकों (प्रोबेशनर्स) को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिंसों की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति में बाधाओं के चलते नौ प्रतिशत अथवा इससे 0.25 प्रतिशत कम या ज्यादा की वृद्धि दर हासिल करना संभव नहीं होगा। वर्ष 2010-11 के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रही। कीमत वृद्धि के संदर्भ में मंत्री ने कहा, मुद्रास्फीति घटकर 7 से 7.5 प्रतिशत के दायरे में आने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि मार्च में मुद्रास्फीति 8.98 प्रतिशत रही, जबकि 16 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 8.76 प्रतिशत रही। मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिये रिजर्व बैंक लगातार प्रयास करता रहा है। पिछले एक साल में वह आठ बार रेपो और रिवर्स रेपो दरें बढ़ा चुका है। इसी महीने की शुरुआत में भी उसने रेपो और रिवर्स रेपो दर में आधा प्रतिशत की एक बार और वृद्धि की है। मुखर्जी ने कहा कि 9 से 10 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के लिए भारत के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में राजकोषीय घाटे पर काबू पाना और मुद्रास्फीति के रुख में नरमी लाना है। | संक्षिप्त सारांश: मुखर्जी ने कहा कि जिंसों के दाम में तेजी के चलते चालू वित्त वर्ष में 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं होगा। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: झारखंड के राज्यपाल डॉ सैयद अहमद ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर यहां फिलहाल विधानसभा निलंबित रखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अनुशंसा कर दी है और दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस अनुशंसा पर मुहर लगते ही यहां राष्ट्रपति शासन लगना तय हो गया है।
राजभवन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने शनिवार को ही केन्द्रीय गृहमंत्रालय को इस आशय की रिपोर्ट भेज दी। इससे पूर्व राज्यपाल ने 8 जनवरी को मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के इस्तीफे और उनकी सरकार के प्रमुख सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरकार से समर्थन वापसी के पत्र के बाद 9 जनवरी को ही केन्द्र सरकार को राज्य की स्थिति के बारे में अपनी प्राथमिक रिपोर्ट भेज दी थी।
सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा की है और साथ में यहां की विधानसभा फिलहाल निलंबित रखने की सिफारिश की है।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि फिलहाल झारखंड में कोई भी राजनीतिक समूह या पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है और कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा तथा राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार बनाने के लिए और समय की मांग की है।
ज्ञातव्य है कि शनिवार को ही इन तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर फिलहाल राज्य विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा न करने का उनसे अनुरोध किया था।
इससे पूर्व 8 जनवरी को सुबह झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की परवाह किए बगैर सुबह अपने आवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी थी और इसकी सूचना राज्यपाल को भी दे दी थी। इसके बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने अध्यक्ष शिबू सोरेन के नेतृत्व में राजभवन पहुंच कर राज्य सरकार से समर्थन वापसी का औपचारिक पत्र राज्यपाल को सौंप दिया था। स्वयं मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंत्रिमंडल के इस फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए कहा था कि राज्य की स्थिति और झारखंड मुक्ति मोर्चा के रुख को देखते हुए उन्होंने यहां की जनता के हित में आज यह कदम उठाया जिससे यहां कोई राजनीतिक जोड़ तोड़ कर राज्य की जनता के साथ धोखा न किया जा सके।
उन्होंने बताया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांच मंत्रियों को छोड़कर उनके समेत सभी सात मंत्री मौजूद थे। मंत्रिमंडल की बैठक में आज्सू के दोनों मंत्री और जदयू कोटे के मंत्री भी मौजूद थे।
इससे पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अजरुन मुंडा से नाराजगी जताते हुए उनकी सरकार से 7 जनवरी की शाम समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी जिससे अर्जुन मुंडा सरकार के अल्पमत में आ जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था।टिप्पणियां
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
राजभवन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने शनिवार को ही केन्द्रीय गृहमंत्रालय को इस आशय की रिपोर्ट भेज दी। इससे पूर्व राज्यपाल ने 8 जनवरी को मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के इस्तीफे और उनकी सरकार के प्रमुख सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरकार से समर्थन वापसी के पत्र के बाद 9 जनवरी को ही केन्द्र सरकार को राज्य की स्थिति के बारे में अपनी प्राथमिक रिपोर्ट भेज दी थी।
सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा की है और साथ में यहां की विधानसभा फिलहाल निलंबित रखने की सिफारिश की है।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि फिलहाल झारखंड में कोई भी राजनीतिक समूह या पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है और कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा तथा राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार बनाने के लिए और समय की मांग की है।
ज्ञातव्य है कि शनिवार को ही इन तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर फिलहाल राज्य विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा न करने का उनसे अनुरोध किया था।
इससे पूर्व 8 जनवरी को सुबह झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की परवाह किए बगैर सुबह अपने आवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी थी और इसकी सूचना राज्यपाल को भी दे दी थी। इसके बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने अध्यक्ष शिबू सोरेन के नेतृत्व में राजभवन पहुंच कर राज्य सरकार से समर्थन वापसी का औपचारिक पत्र राज्यपाल को सौंप दिया था। स्वयं मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंत्रिमंडल के इस फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए कहा था कि राज्य की स्थिति और झारखंड मुक्ति मोर्चा के रुख को देखते हुए उन्होंने यहां की जनता के हित में आज यह कदम उठाया जिससे यहां कोई राजनीतिक जोड़ तोड़ कर राज्य की जनता के साथ धोखा न किया जा सके।
उन्होंने बताया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांच मंत्रियों को छोड़कर उनके समेत सभी सात मंत्री मौजूद थे। मंत्रिमंडल की बैठक में आज्सू के दोनों मंत्री और जदयू कोटे के मंत्री भी मौजूद थे।
इससे पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अजरुन मुंडा से नाराजगी जताते हुए उनकी सरकार से 7 जनवरी की शाम समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी जिससे अर्जुन मुंडा सरकार के अल्पमत में आ जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था।टिप्पणियां
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा की है और साथ में यहां की विधानसभा फिलहाल निलंबित रखने की सिफारिश की है।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि फिलहाल झारखंड में कोई भी राजनीतिक समूह या पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है और कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा तथा राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार बनाने के लिए और समय की मांग की है।
ज्ञातव्य है कि शनिवार को ही इन तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर फिलहाल राज्य विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा न करने का उनसे अनुरोध किया था।
इससे पूर्व 8 जनवरी को सुबह झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की परवाह किए बगैर सुबह अपने आवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी थी और इसकी सूचना राज्यपाल को भी दे दी थी। इसके बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने अध्यक्ष शिबू सोरेन के नेतृत्व में राजभवन पहुंच कर राज्य सरकार से समर्थन वापसी का औपचारिक पत्र राज्यपाल को सौंप दिया था। स्वयं मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंत्रिमंडल के इस फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए कहा था कि राज्य की स्थिति और झारखंड मुक्ति मोर्चा के रुख को देखते हुए उन्होंने यहां की जनता के हित में आज यह कदम उठाया जिससे यहां कोई राजनीतिक जोड़ तोड़ कर राज्य की जनता के साथ धोखा न किया जा सके।
उन्होंने बताया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांच मंत्रियों को छोड़कर उनके समेत सभी सात मंत्री मौजूद थे। मंत्रिमंडल की बैठक में आज्सू के दोनों मंत्री और जदयू कोटे के मंत्री भी मौजूद थे।
इससे पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अजरुन मुंडा से नाराजगी जताते हुए उनकी सरकार से 7 जनवरी की शाम समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी जिससे अर्जुन मुंडा सरकार के अल्पमत में आ जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था।टिप्पणियां
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि फिलहाल झारखंड में कोई भी राजनीतिक समूह या पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है और कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा तथा राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार बनाने के लिए और समय की मांग की है।
ज्ञातव्य है कि शनिवार को ही इन तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर फिलहाल राज्य विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा न करने का उनसे अनुरोध किया था।
इससे पूर्व 8 जनवरी को सुबह झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की परवाह किए बगैर सुबह अपने आवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी थी और इसकी सूचना राज्यपाल को भी दे दी थी। इसके बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने अध्यक्ष शिबू सोरेन के नेतृत्व में राजभवन पहुंच कर राज्य सरकार से समर्थन वापसी का औपचारिक पत्र राज्यपाल को सौंप दिया था। स्वयं मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंत्रिमंडल के इस फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए कहा था कि राज्य की स्थिति और झारखंड मुक्ति मोर्चा के रुख को देखते हुए उन्होंने यहां की जनता के हित में आज यह कदम उठाया जिससे यहां कोई राजनीतिक जोड़ तोड़ कर राज्य की जनता के साथ धोखा न किया जा सके।
उन्होंने बताया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांच मंत्रियों को छोड़कर उनके समेत सभी सात मंत्री मौजूद थे। मंत्रिमंडल की बैठक में आज्सू के दोनों मंत्री और जदयू कोटे के मंत्री भी मौजूद थे।
इससे पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अजरुन मुंडा से नाराजगी जताते हुए उनकी सरकार से 7 जनवरी की शाम समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी जिससे अर्जुन मुंडा सरकार के अल्पमत में आ जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था।टिप्पणियां
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
ज्ञातव्य है कि शनिवार को ही इन तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर फिलहाल राज्य विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा न करने का उनसे अनुरोध किया था।
इससे पूर्व 8 जनवरी को सुबह झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की परवाह किए बगैर सुबह अपने आवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी थी और इसकी सूचना राज्यपाल को भी दे दी थी। इसके बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने अध्यक्ष शिबू सोरेन के नेतृत्व में राजभवन पहुंच कर राज्य सरकार से समर्थन वापसी का औपचारिक पत्र राज्यपाल को सौंप दिया था। स्वयं मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंत्रिमंडल के इस फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए कहा था कि राज्य की स्थिति और झारखंड मुक्ति मोर्चा के रुख को देखते हुए उन्होंने यहां की जनता के हित में आज यह कदम उठाया जिससे यहां कोई राजनीतिक जोड़ तोड़ कर राज्य की जनता के साथ धोखा न किया जा सके।
उन्होंने बताया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांच मंत्रियों को छोड़कर उनके समेत सभी सात मंत्री मौजूद थे। मंत्रिमंडल की बैठक में आज्सू के दोनों मंत्री और जदयू कोटे के मंत्री भी मौजूद थे।
इससे पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अजरुन मुंडा से नाराजगी जताते हुए उनकी सरकार से 7 जनवरी की शाम समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी जिससे अर्जुन मुंडा सरकार के अल्पमत में आ जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था।टिप्पणियां
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
इससे पूर्व 8 जनवरी को सुबह झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की परवाह किए बगैर सुबह अपने आवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी थी और इसकी सूचना राज्यपाल को भी दे दी थी। इसके बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने अध्यक्ष शिबू सोरेन के नेतृत्व में राजभवन पहुंच कर राज्य सरकार से समर्थन वापसी का औपचारिक पत्र राज्यपाल को सौंप दिया था। स्वयं मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंत्रिमंडल के इस फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए कहा था कि राज्य की स्थिति और झारखंड मुक्ति मोर्चा के रुख को देखते हुए उन्होंने यहां की जनता के हित में आज यह कदम उठाया जिससे यहां कोई राजनीतिक जोड़ तोड़ कर राज्य की जनता के साथ धोखा न किया जा सके।
उन्होंने बताया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांच मंत्रियों को छोड़कर उनके समेत सभी सात मंत्री मौजूद थे। मंत्रिमंडल की बैठक में आज्सू के दोनों मंत्री और जदयू कोटे के मंत्री भी मौजूद थे।
इससे पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अजरुन मुंडा से नाराजगी जताते हुए उनकी सरकार से 7 जनवरी की शाम समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी जिससे अर्जुन मुंडा सरकार के अल्पमत में आ जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था।टिप्पणियां
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांच मंत्रियों को छोड़कर उनके समेत सभी सात मंत्री मौजूद थे। मंत्रिमंडल की बैठक में आज्सू के दोनों मंत्री और जदयू कोटे के मंत्री भी मौजूद थे।
इससे पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अजरुन मुंडा से नाराजगी जताते हुए उनकी सरकार से 7 जनवरी की शाम समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी जिससे अर्जुन मुंडा सरकार के अल्पमत में आ जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था।टिप्पणियां
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
इससे पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अजरुन मुंडा से नाराजगी जताते हुए उनकी सरकार से 7 जनवरी की शाम समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी जिससे अर्जुन मुंडा सरकार के अल्पमत में आ जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था।टिप्पणियां
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
बयासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आज्सू के छह, जदयू के दो विधायकों और भाकपा माले (स्वतंत्र) के एक विधायक समेत कुल 38 विधायकों ने एक स्वर से विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराये जाने की राज्यपाल से मांग की है लेकिन कांग्रेस, राजद, झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इसका विरोध किया है।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
आज भी निर्दलीय बंधू तिर्की और चमरा लिंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की तथा उनसे नई सरकार के गठन के लिए और समय देने का अनुरोध किया। | यहाँ एक सारांश है:झारखंड के राज्यपाल डॉ सैयद अहमद ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर यहां फिलहाल विधानसभा निलंबित रखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अनुशंसा कर दी है। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि सरकारी और निजी स्वामित्व वाले सभी अस्पतालों में रेप पीड़ितों और सड़क हादसों में जख्मी हुए लोगों को तुरंत इलाज उपलब्ध हो।टिप्पणियां
अदालत ने कहा कि अस्पतालों को यह जरूर कहा जाए कि वह ऐसे हालातों में इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है। अदालत का यह आदेश दिल्ली गैंगरेप की उस बर्बर घटना के मद्देनजर आया है, जिसमें 23-वर्षीय छात्रा के साथ छह लोगों ने चलती बस में गैंगरेप करने के बाद उसे उसके साथी समेत सड़क पर फेंक दिया था।
छात्रा की मौत के बाद उसके साथी ने कहा था कि जब वे दोनों सड़क किनारे लहुलुहान और नग्न हालत में पड़े हुए थे, तो मौके पर पहुंचे पुलिसवालों ने यह तय करने में अहम वक्त बर्बाद कर दिया कि मामला किस पुलिस क्षेत्र में दर्ज किया जाए और कौन से नजदीकी सरकारी अस्पताल में उन्हें ले जाया जाए।
अदालत ने कहा कि अस्पतालों को यह जरूर कहा जाए कि वह ऐसे हालातों में इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है। अदालत का यह आदेश दिल्ली गैंगरेप की उस बर्बर घटना के मद्देनजर आया है, जिसमें 23-वर्षीय छात्रा के साथ छह लोगों ने चलती बस में गैंगरेप करने के बाद उसे उसके साथी समेत सड़क पर फेंक दिया था।
छात्रा की मौत के बाद उसके साथी ने कहा था कि जब वे दोनों सड़क किनारे लहुलुहान और नग्न हालत में पड़े हुए थे, तो मौके पर पहुंचे पुलिसवालों ने यह तय करने में अहम वक्त बर्बाद कर दिया कि मामला किस पुलिस क्षेत्र में दर्ज किया जाए और कौन से नजदीकी सरकारी अस्पताल में उन्हें ले जाया जाए।
छात्रा की मौत के बाद उसके साथी ने कहा था कि जब वे दोनों सड़क किनारे लहुलुहान और नग्न हालत में पड़े हुए थे, तो मौके पर पहुंचे पुलिसवालों ने यह तय करने में अहम वक्त बर्बाद कर दिया कि मामला किस पुलिस क्षेत्र में दर्ज किया जाए और कौन से नजदीकी सरकारी अस्पताल में उन्हें ले जाया जाए। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि सरकारी और निजी स्वामित्व वाले सभी अस्पतालों में रेप पीड़ितों और सड़क हादसों में जख्मी हुए लोगों को तुरंत इलाज उपलब्ध हो। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बड़ा झटका देते हुए जद(यू) ने नरेंद्र मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाए जाने के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल से नाता तोड़ दिया। इस तरह राष्ट्रीय राजनीति में 17 साल पुराने राजग को एक और मजबूत सहयोगी छोड़ गया।
राजग से अलग होते हुए बिहार में आठ साल पुरानी गठबंधन सरकार की अगुवाई कर रही जद(यू) ने राज्य मंत्रिमंडल से भाजपा के 11 मंत्रियों को हटा दिया और नई परिस्थिति में 19 जून को विधानसभा के विशेष सत्र में विश्वास मत के लिए प्रस्ताव रखने का फैसला किया।
जद(यू) द्वारा ‘भावनात्मक रिश्तों’ को तोड़ देने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’ बताते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उससे सवाल किया कि 17 साल पुराने रिश्ते तोड़कर क्या वह कांग्रेस की मुराद पूरा करना चाहती है। उन्होंने यह भी साफ किया कि भाजपा मोदी के बारे में अपने फैसले को नहीं बदलेगी।
बिहार भाजपा ने जद(यू) के इस कदम को ‘‘विश्वासघात’’ बताते हुए ऐलान किया इसके विरोध में वह आगामी 18 जून को राज्य में ‘‘विश्वासघात दिवस’’ मनाएगी। इस दिन उसने राज्य में बंद आहूत किया है। टिप्पणियां
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन की बात आने पर सहयोगी दलों से परामर्श का बार-बार आश्वासन दिया था तथा जद(यू) ने स्वयं इसके लिए दिसंबर तक समय दिया था। इसके बावजूद जद(यू) ने गठबंधन को तोड़ दिया, जो बिहार की जनता के साथ विश्वासघात है।
जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन तोड़ने की घोषणा की। इससे एक सप्ताह पहले ही मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी गई थी जिसे उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की दिशा में ही एक कदम माना जा रहा है। शरद यादव ने राजग के संयोजक का पद भी छोड़ दिया।
राजग से अलग होते हुए बिहार में आठ साल पुरानी गठबंधन सरकार की अगुवाई कर रही जद(यू) ने राज्य मंत्रिमंडल से भाजपा के 11 मंत्रियों को हटा दिया और नई परिस्थिति में 19 जून को विधानसभा के विशेष सत्र में विश्वास मत के लिए प्रस्ताव रखने का फैसला किया।
जद(यू) द्वारा ‘भावनात्मक रिश्तों’ को तोड़ देने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’ बताते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उससे सवाल किया कि 17 साल पुराने रिश्ते तोड़कर क्या वह कांग्रेस की मुराद पूरा करना चाहती है। उन्होंने यह भी साफ किया कि भाजपा मोदी के बारे में अपने फैसले को नहीं बदलेगी।
बिहार भाजपा ने जद(यू) के इस कदम को ‘‘विश्वासघात’’ बताते हुए ऐलान किया इसके विरोध में वह आगामी 18 जून को राज्य में ‘‘विश्वासघात दिवस’’ मनाएगी। इस दिन उसने राज्य में बंद आहूत किया है। टिप्पणियां
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन की बात आने पर सहयोगी दलों से परामर्श का बार-बार आश्वासन दिया था तथा जद(यू) ने स्वयं इसके लिए दिसंबर तक समय दिया था। इसके बावजूद जद(यू) ने गठबंधन को तोड़ दिया, जो बिहार की जनता के साथ विश्वासघात है।
जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन तोड़ने की घोषणा की। इससे एक सप्ताह पहले ही मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी गई थी जिसे उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की दिशा में ही एक कदम माना जा रहा है। शरद यादव ने राजग के संयोजक का पद भी छोड़ दिया।
जद(यू) द्वारा ‘भावनात्मक रिश्तों’ को तोड़ देने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’ बताते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उससे सवाल किया कि 17 साल पुराने रिश्ते तोड़कर क्या वह कांग्रेस की मुराद पूरा करना चाहती है। उन्होंने यह भी साफ किया कि भाजपा मोदी के बारे में अपने फैसले को नहीं बदलेगी।
बिहार भाजपा ने जद(यू) के इस कदम को ‘‘विश्वासघात’’ बताते हुए ऐलान किया इसके विरोध में वह आगामी 18 जून को राज्य में ‘‘विश्वासघात दिवस’’ मनाएगी। इस दिन उसने राज्य में बंद आहूत किया है। टिप्पणियां
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन की बात आने पर सहयोगी दलों से परामर्श का बार-बार आश्वासन दिया था तथा जद(यू) ने स्वयं इसके लिए दिसंबर तक समय दिया था। इसके बावजूद जद(यू) ने गठबंधन को तोड़ दिया, जो बिहार की जनता के साथ विश्वासघात है।
जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन तोड़ने की घोषणा की। इससे एक सप्ताह पहले ही मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी गई थी जिसे उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की दिशा में ही एक कदम माना जा रहा है। शरद यादव ने राजग के संयोजक का पद भी छोड़ दिया।
बिहार भाजपा ने जद(यू) के इस कदम को ‘‘विश्वासघात’’ बताते हुए ऐलान किया इसके विरोध में वह आगामी 18 जून को राज्य में ‘‘विश्वासघात दिवस’’ मनाएगी। इस दिन उसने राज्य में बंद आहूत किया है। टिप्पणियां
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन की बात आने पर सहयोगी दलों से परामर्श का बार-बार आश्वासन दिया था तथा जद(यू) ने स्वयं इसके लिए दिसंबर तक समय दिया था। इसके बावजूद जद(यू) ने गठबंधन को तोड़ दिया, जो बिहार की जनता के साथ विश्वासघात है।
जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन तोड़ने की घोषणा की। इससे एक सप्ताह पहले ही मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी गई थी जिसे उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की दिशा में ही एक कदम माना जा रहा है। शरद यादव ने राजग के संयोजक का पद भी छोड़ दिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन की बात आने पर सहयोगी दलों से परामर्श का बार-बार आश्वासन दिया था तथा जद(यू) ने स्वयं इसके लिए दिसंबर तक समय दिया था। इसके बावजूद जद(यू) ने गठबंधन को तोड़ दिया, जो बिहार की जनता के साथ विश्वासघात है।
जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन तोड़ने की घोषणा की। इससे एक सप्ताह पहले ही मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी गई थी जिसे उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की दिशा में ही एक कदम माना जा रहा है। शरद यादव ने राजग के संयोजक का पद भी छोड़ दिया।
जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन तोड़ने की घोषणा की। इससे एक सप्ताह पहले ही मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी गई थी जिसे उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की दिशा में ही एक कदम माना जा रहा है। शरद यादव ने राजग के संयोजक का पद भी छोड़ दिया। | यह एक सारांश है: नीतीश जब मीडिया के सामने आए, तो बीजेपी से शिकवे भी थे, पुरानी यादें भी थीं और बीजेपी के लिए नसीहत भी। बातों ही बातों में नीतीश ने बीजेपी को चेता दिया की केंद्र में सरकार बनाने के लिए 272 का जादुई आंकड़ा चाहिए और बीजेपी फिलहाल गलतफहमी में है। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पांच सप्ताह की लगातार गिरावट के बाद इस सप्ताह सेंसेक्स पिछले सप्ताह के मुकाबले तेजी के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स ने शुक्रवार को समाप्त कारोबारी सप्ताह में 973 अंकों की तेजी दर्ज की और 16,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में इस कारोबारी सप्ताह सिर्फ तीन सत्रों में कारोबार हुआ। ईद के कारण 31 अगस्त को और गणेश चतुर्थी के कारण एक सितम्बर को कारोबार बंद रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को 144.71 अंक की तेजी के साथ 16,821.46 पर और एनएसई का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 39.00 अंकों की तेजी के साथ 5,040.00 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह शुक्रवार को सेंसेक्स 15,848.83 पर बंद हुआ था। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह तेजी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक शुक्रवार को क्रमश: 6,324.61 और 7,133.74 पर बंद हुआ। बीएसई के सभी सेक्टरों में इस सप्ताह मजबूती का रुख रहा। धातु (11.52 फीसदी), रियल्टी (10.14 फीसदी), बैंकिंग (6.88 फीसदी), वाहन (6.55 फीसदी) और तेल एवं गैस (6.4 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नाके ने 26 अगस्त को अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए हालांकि किसी नए कदम की घोषणा तो नहीं की, लेकिन इस सम्बंध में विकल्प उन्होंने खुले रखे साथ ही बाजार के लम्बी अवधि के लिए सकारात्मक उम्मीदें जताईं, जिससे दुनियाभर के निवेशकों को थोड़ी राहत मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 3.58 फीसदी या 567.50 अंकों की तेजी के साथ 16,416.33 पर बंद हुआ। मंगलवार और शुक्रवार को भी सेंसेक्स तेजी दर्ज करते हुए क्रमश: 16,676.75 पर और 16,821.46 पर बंद हुआ। एनएसई का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी भी इस सप्ताह 6.15 फीसदी या 292.20 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,040.00 पर बंद हुआ। इससे पूर्व के पांच सप्ताहों में सेंसेक्स में 15.34 फीसदी और निफ्टी में 15.73 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। | सारांश: पांच सप्ताह की लगातार गिरावट के बाद इस सप्ताह सेंसेक्स पिछले सप्ताह के मुकाबले तेजी के साथ बंद हुआ। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने यह कहकर एक नया विवाद छेड़ दिया कि समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री निवास पर झाड़ू देने तक के लिए भी फिट नहीं है जिसके बाद कांग्रेस ने झिड़की लगाई।
उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में एक कार्यक्रम में 77 वर्षीय वर्मा ने कहा, ‘यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। उन्हें पहले प्रधानमंत्री के निवास पर झाड़ू देने वाले का रोजगार पाने की कोशिश करनी चाहिए।’ उन्होंने अपनी टिप्पणी की शुरुआत इस आरोप से की कि सपा ‘झूठ और छल’ पर आधारित पार्टी है और कांग्रेस उसे समाप्त कर देगी।टिप्पणियां
वर्मा कभी मुलायम के करीबी सहयोगी रहे थे लेकिन अमर सिंह के तस्वीर में आने के बाद उन्हें धीरे-धीरे एक किनारे कर दिया गया। कुर्मी नेता ने 2007 में सपा छोड़ दिया था और 2009 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस में आ गए थे।
मुलायम के खिलाफ वर्मा की इस टिप्पणी को कांग्रेस ने अस्वीकार करते हुए कहा कि यह ‘खेदजनक है और पार्टी इससे खुद को पूरी तरह अलग करती है।’
उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में एक कार्यक्रम में 77 वर्षीय वर्मा ने कहा, ‘यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। उन्हें पहले प्रधानमंत्री के निवास पर झाड़ू देने वाले का रोजगार पाने की कोशिश करनी चाहिए।’ उन्होंने अपनी टिप्पणी की शुरुआत इस आरोप से की कि सपा ‘झूठ और छल’ पर आधारित पार्टी है और कांग्रेस उसे समाप्त कर देगी।टिप्पणियां
वर्मा कभी मुलायम के करीबी सहयोगी रहे थे लेकिन अमर सिंह के तस्वीर में आने के बाद उन्हें धीरे-धीरे एक किनारे कर दिया गया। कुर्मी नेता ने 2007 में सपा छोड़ दिया था और 2009 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस में आ गए थे।
मुलायम के खिलाफ वर्मा की इस टिप्पणी को कांग्रेस ने अस्वीकार करते हुए कहा कि यह ‘खेदजनक है और पार्टी इससे खुद को पूरी तरह अलग करती है।’
वर्मा कभी मुलायम के करीबी सहयोगी रहे थे लेकिन अमर सिंह के तस्वीर में आने के बाद उन्हें धीरे-धीरे एक किनारे कर दिया गया। कुर्मी नेता ने 2007 में सपा छोड़ दिया था और 2009 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस में आ गए थे।
मुलायम के खिलाफ वर्मा की इस टिप्पणी को कांग्रेस ने अस्वीकार करते हुए कहा कि यह ‘खेदजनक है और पार्टी इससे खुद को पूरी तरह अलग करती है।’
मुलायम के खिलाफ वर्मा की इस टिप्पणी को कांग्रेस ने अस्वीकार करते हुए कहा कि यह ‘खेदजनक है और पार्टी इससे खुद को पूरी तरह अलग करती है।’ | संक्षिप्त पाठ: केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने यह कहकर एक नया विवाद छेड़ दिया कि समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री निवास पर झाड़ू देने तक के लिए भी फिट नहीं है जिसके बाद कांग्रेस ने झिड़की लगाई। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन के उपराष्ट्रपति शि जिनपिंग हाल के दिनों में कई अहम बैठकों से नदारद रहे और उनकी कई महत्वपूर्ण मुलाकातें रद्द कर दी गईं। ऐसी घटनाओं के बाद जिनपिंग को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं।
इन अफवाहों में कहा जा रहा है कि कहीं वह बीमार तो नहीं हैं या फिर सत्ता संघर्ष के शिकार हो गए हैं। जिनपिंग का देश का अगला राष्ट्रपति बनना लगभग तय है। वह राष्ट्रपति हु जिताओ का स्थान लेंगे।
एक हफ्ते के दौरान शि की अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन एवं सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेन लूंग सहित कई विदेशी नेताओं के साथ प्रस्तावित कई मुलाकातें रद्द करनी पड़ीं।
सोमवार को डेनमार्क की प्रधानमंत्री हेले थार्निग-स्मिड्ट के साथ प्रस्तावित मुलाकात रद्द हुई। यद्यपि चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकात प्रस्तावित ही नहीं थी।
शि के लापता होने पर तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
इंडियाना विश्वविद्यालय के चीनी मामलों के विशेषज्ञ स्कॉट केनेडी ने कहा, 'यह प्रथा लम्बे समय से चली आ रही है कि प्रमुख नेताओं की बीमारी या अन्य समस्याओं के विषय में जानकारी सार्वजनिक न की जाए।'टिप्पणियां
बीबीसी के अनुसार शि के गायब होने पर आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं वह पार्टी की अंदरुनी राजनीति के शिकार तो नहीं हो गए।
अभी तक चीनी उप राष्ट्रपति की गुमशुदगी पर कोई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इन अफवाहों में कहा जा रहा है कि कहीं वह बीमार तो नहीं हैं या फिर सत्ता संघर्ष के शिकार हो गए हैं। जिनपिंग का देश का अगला राष्ट्रपति बनना लगभग तय है। वह राष्ट्रपति हु जिताओ का स्थान लेंगे।
एक हफ्ते के दौरान शि की अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन एवं सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेन लूंग सहित कई विदेशी नेताओं के साथ प्रस्तावित कई मुलाकातें रद्द करनी पड़ीं।
सोमवार को डेनमार्क की प्रधानमंत्री हेले थार्निग-स्मिड्ट के साथ प्रस्तावित मुलाकात रद्द हुई। यद्यपि चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकात प्रस्तावित ही नहीं थी।
शि के लापता होने पर तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
इंडियाना विश्वविद्यालय के चीनी मामलों के विशेषज्ञ स्कॉट केनेडी ने कहा, 'यह प्रथा लम्बे समय से चली आ रही है कि प्रमुख नेताओं की बीमारी या अन्य समस्याओं के विषय में जानकारी सार्वजनिक न की जाए।'टिप्पणियां
बीबीसी के अनुसार शि के गायब होने पर आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं वह पार्टी की अंदरुनी राजनीति के शिकार तो नहीं हो गए।
अभी तक चीनी उप राष्ट्रपति की गुमशुदगी पर कोई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
एक हफ्ते के दौरान शि की अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन एवं सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेन लूंग सहित कई विदेशी नेताओं के साथ प्रस्तावित कई मुलाकातें रद्द करनी पड़ीं।
सोमवार को डेनमार्क की प्रधानमंत्री हेले थार्निग-स्मिड्ट के साथ प्रस्तावित मुलाकात रद्द हुई। यद्यपि चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकात प्रस्तावित ही नहीं थी।
शि के लापता होने पर तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
इंडियाना विश्वविद्यालय के चीनी मामलों के विशेषज्ञ स्कॉट केनेडी ने कहा, 'यह प्रथा लम्बे समय से चली आ रही है कि प्रमुख नेताओं की बीमारी या अन्य समस्याओं के विषय में जानकारी सार्वजनिक न की जाए।'टिप्पणियां
बीबीसी के अनुसार शि के गायब होने पर आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं वह पार्टी की अंदरुनी राजनीति के शिकार तो नहीं हो गए।
अभी तक चीनी उप राष्ट्रपति की गुमशुदगी पर कोई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
सोमवार को डेनमार्क की प्रधानमंत्री हेले थार्निग-स्मिड्ट के साथ प्रस्तावित मुलाकात रद्द हुई। यद्यपि चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकात प्रस्तावित ही नहीं थी।
शि के लापता होने पर तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
इंडियाना विश्वविद्यालय के चीनी मामलों के विशेषज्ञ स्कॉट केनेडी ने कहा, 'यह प्रथा लम्बे समय से चली आ रही है कि प्रमुख नेताओं की बीमारी या अन्य समस्याओं के विषय में जानकारी सार्वजनिक न की जाए।'टिप्पणियां
बीबीसी के अनुसार शि के गायब होने पर आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं वह पार्टी की अंदरुनी राजनीति के शिकार तो नहीं हो गए।
अभी तक चीनी उप राष्ट्रपति की गुमशुदगी पर कोई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
शि के लापता होने पर तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
इंडियाना विश्वविद्यालय के चीनी मामलों के विशेषज्ञ स्कॉट केनेडी ने कहा, 'यह प्रथा लम्बे समय से चली आ रही है कि प्रमुख नेताओं की बीमारी या अन्य समस्याओं के विषय में जानकारी सार्वजनिक न की जाए।'टिप्पणियां
बीबीसी के अनुसार शि के गायब होने पर आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं वह पार्टी की अंदरुनी राजनीति के शिकार तो नहीं हो गए।
अभी तक चीनी उप राष्ट्रपति की गुमशुदगी पर कोई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इंडियाना विश्वविद्यालय के चीनी मामलों के विशेषज्ञ स्कॉट केनेडी ने कहा, 'यह प्रथा लम्बे समय से चली आ रही है कि प्रमुख नेताओं की बीमारी या अन्य समस्याओं के विषय में जानकारी सार्वजनिक न की जाए।'टिप्पणियां
बीबीसी के अनुसार शि के गायब होने पर आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं वह पार्टी की अंदरुनी राजनीति के शिकार तो नहीं हो गए।
अभी तक चीनी उप राष्ट्रपति की गुमशुदगी पर कोई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बीबीसी के अनुसार शि के गायब होने पर आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं वह पार्टी की अंदरुनी राजनीति के शिकार तो नहीं हो गए।
अभी तक चीनी उप राष्ट्रपति की गुमशुदगी पर कोई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अभी तक चीनी उप राष्ट्रपति की गुमशुदगी पर कोई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। | संक्षिप्त सारांश: चीन के उपराष्ट्रपति शि जिनपिंग हाल के दिनों में कई अहम बैठकों से नदारद रहे और उनकी कई महत्वपूर्ण मुलाकातें रद्द कर दी गईं। ऐसी घटनाओं के बाद जिनपिंग को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने विदेश मंत्री के रूप में प्रोटोकॉल से बंधे रहने वाले विदेश मंत्रालय को आम लोगों से जोड़ दिया था. मोदी ने एक श्रद्धांजलि सभा में कहा कि उन्होंने (स्वराज) उनसे संयुक्त राष्ट्र में अपना पहला भाषण पहले से तैयार मूलपाठ (टेक्स्ट) से देने का अनुरोध किया था. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा था और पहली बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले भाषण के बारे में उनसे बात की थी.
मोदी ने कहा, ‘‘सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने पूछा कि आपका भाषण कहां है, तो मैंने कहा कि मैं अपने भाषण कभी नहीं लिखता हूं क्योंकि मुझे यह मुश्किल लगता है.'' प्रधानमंत्री ने बताया, ‘‘इस पर स्वराज ने कहा, ऐसा नहीं होता है भाई. आपको दुनिया के सामने भारत के बारे में बोलना है. आप अपनी इच्छानुसार नहीं बोल सकते. मैं प्रधानमंत्री था और वह विदेश मामलों के मंत्रालय का कामकाज संभालने वाली मेरी सहयोगी थीं.''
मोदी ने कहा कि उन्होंने (मोदी) लंबी यात्रा की थी और ‘नवरात्र' के कारण उनका उपवास भी था लेकिन सुषमा स्वराज ने जोर देकर कहा कि वह अपने विचारों को साझा करें. उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने फिर उनके लिए एक भाषण तैयार किया. मोदी ने कहा, ‘‘यह उनका अनुरोध था... आप अच्छे वक्ता हो सकते हैं लेकिन कुछ मंचों की अपनी परम्परा होती है. सुषमा जी ने मुझे यह पहला सबक सिखाया था.''
प्रधानमंत्री ने मंत्रालय से संबंधित या विदेशों में भारतीयों के सामने आने वाली समस्याओं पर स्वराज द्वारा तुरन्त कदम उठाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मंत्रालय में बदलाव किया. उन्होंने बताया कि उनके अधीन ‘पासपोर्ट सेवा केंद्र' करीब 77 से बढ़कर 505 हो गए. मोदी ने स्वराज को याद करते हुए कहा कि भाजपा नेता में हरियाणवी झलक भी थी क्योंकि यदि उन्हें लगता था कि वह सही हैं तो वह दमदार तरीके से अपनी बात रखती थीं.
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि स्वराज ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के सरकार के प्रस्ताव को संसद में पारित किए जाने पर खुशी व्यक्त की थी. इसके कुछ ही घंटों बाद उनका निधन हो गया. गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा समेत भाजपा के कई नेताओं और कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा, तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी, बीजद के पिनाकी मिश्र, लोजपा के रामविलास पासवान, शिवसेना के अरविंद सावंत और विपक्षी नेता शरद यादव उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने श्रद्धांजलि सभा में अपने विचार रखे. | पीएम मोदी ने सुषमा स्वराज को किया याद
बताया कि कैसे प्रधानमंत्री ने सीखा था पहला सबक
पीएम मोदी ने एक श्रद्धांजलि सभा में शेयर की यह बात | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत से, पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री ए. राजा सहित 17 आरोपियों के खिलाफ नए आरोप तय करने के लिए सोमवार को अनुमति मांगी। सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा कि उसे राजा, उनके पूर्व सहायक आरके चंदोलिया, और पूर्व केंद्रीय दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा के खिलाफ 'लोक सेवक द्वारा विश्वासघात का अपराध' किए जाने का आरोप तय करने की अनुमति दी जाए। यह आरोप गैर जमानती है और इसमें 10 साल तक के कारावास की सजा का प्रवाधान है। सीबीआई ने राजा की पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सांसद कनिमोझी सहित बाकी 14 आरोपियों के खिलाफ भी आपराधिक साजिश के आरोप तय करने के लिए जोर दिया है। अन्य 14 आरोपियों में तीन कम्पनियां शामिल हैं। आरोपी के वकील ने यह कहते हुए सीबीआई की याचिका का विरोध किया कि जांच एजेंसी मामले की सुनवाई में देरी करने के हथकंडे अपना रही है। अभी तक आरोपियों के खिलाफ जो आरोप तय हैं, उनमें अधिकतम सात वर्ष की सजा हो सकती है। इससे सम्बंधित एक अन्य घटनाक्रम में जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई 12 अक्टूबर तक के लिए टाल दी गई। अदालत ने आशा जाहिर की है कि इस अवधि के दौरान सर्वोच्च न्यायालय इस मुद्दे पर कोई निर्णय ले लेगा। स्वामी ने अपनी याचिका में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को 2जी मामले में सह आरोपी बनाने की मांग की है। | सीबीआई ने 2-जी मामले में पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री ए. राजा सहित 17 आरोपियों के खिलाफ नए आरोप तय करने के लिए अनुमति मांगी। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नव-विवाहित हॉलीवुड अभिनेत्री जेसिका बील का कहना है कि शादी का मतलब आपके जीवन में किसी ऐसे इंसान का होना है, जिसके साथ अपनी सभी भावनाएं साझा कर सकते हैं।टिप्पणियां
'टोटल रिकॉल' स्टार बील, छह हफ्ते पहले रोमांटिक इटालियन स्टाइल से एक निजी कार्यक्रम में अभिनेता-गायक जस्टिन टिम्बरलेक के साथ शादी के बंधन में बंध गईं। बील ने पहली बार शादी के महत्व पर चर्चा की है।
'सन ऑनलाइन' की खबर के अनुसार बील ने कहा, शादी का मतलब है, आपके साथ किसी ऐसे इंसान का होना, जो आपके साथ सभी भावनाएं साझा करे, जीवन के उतार-चढ़ाव में आपके साथ हो और मौज-मस्ती में भी जो आपका साथी हो। गत अक्टूबर में इटली के फसाना में एक निजी कार्यक्रम में बील और टिम्बरलेक ने शादी की थी।
'टोटल रिकॉल' स्टार बील, छह हफ्ते पहले रोमांटिक इटालियन स्टाइल से एक निजी कार्यक्रम में अभिनेता-गायक जस्टिन टिम्बरलेक के साथ शादी के बंधन में बंध गईं। बील ने पहली बार शादी के महत्व पर चर्चा की है।
'सन ऑनलाइन' की खबर के अनुसार बील ने कहा, शादी का मतलब है, आपके साथ किसी ऐसे इंसान का होना, जो आपके साथ सभी भावनाएं साझा करे, जीवन के उतार-चढ़ाव में आपके साथ हो और मौज-मस्ती में भी जो आपका साथी हो। गत अक्टूबर में इटली के फसाना में एक निजी कार्यक्रम में बील और टिम्बरलेक ने शादी की थी।
'सन ऑनलाइन' की खबर के अनुसार बील ने कहा, शादी का मतलब है, आपके साथ किसी ऐसे इंसान का होना, जो आपके साथ सभी भावनाएं साझा करे, जीवन के उतार-चढ़ाव में आपके साथ हो और मौज-मस्ती में भी जो आपका साथी हो। गत अक्टूबर में इटली के फसाना में एक निजी कार्यक्रम में बील और टिम्बरलेक ने शादी की थी। | सारांश: नव-विवाहित हॉलीवुड अभिनेत्री जेसिका बील का कहना है कि शादी का मतलब आपके जीवन में किसी ऐसे इंसान का होना है, जिसके साथ अपनी सभी भावनाएं साझा कर सकते हैं। बील, अक्टूबर में अभिनेता-गायक जस्टिन टिम्बरलेक के साथ शादी के बंधन में बंधी हैं। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा में बुधवार को यह स्वीकार किया कि गांधीवादी कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को हाल में जो पत्र लिखा है, उसमें कुछ वाक्य आपत्तिजनक हैं। अन्ना प्रकरण पर सदन में बुधवार को हुई चर्चा के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शिकायत की कि अन्ना की आलोचना किए जाने पर वह उन सहित यूपीए के मंत्रियों से नाराजगी जता रही हैं, लेकिन अन्ना ने प्रधानमंत्री को जो आपत्तिजन बाते कहीं हैं, उस पर चुप्पी साधे हुए हैं। इस पर सुषमा ने कहा, हजारे की चिट्ठी के कुछ वाक्य आपत्तिजनक हैं और वह उनका समर्थन नहीं करती हैं। गौरतलब है कि हजारे ने 13 अगस्त को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा था, क्या आप और आपकी सरकार हमारे मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर रहे हैं। क्या आप स्वतंत्रता दिवस से दो दिन पहले हमारी आजादी हमसे नहीं छीन रहे हैं। मैं सोच रहा हूं कि 65वें स्वतंत्रता दिवस पर आप क्या मुंह लेकर लाल किले पर ध्वज फहराएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा था, ...आपकी उम्र 79 साल है। देश के सर्वोच्च पद पर आप आसीन हैं। जिंदगी ने आपको सब कुछ दिया। अब आपको जिंदगी से और क्या चाहिए। हिम्मत कीजिए और कुछ ठोस कदम उठाइए। | संक्षिप्त सारांश: विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा में स्वीकार किया कि अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री को हाल में जो पत्र लिखा है, उसमें कुछ वाक्य आपत्तिजनक हैं। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव के बाद से सीमा पर बसे गांवों को खाली कराने का काम जारी है. इस कड़ी में पंजाब में करीब एक हज़ार गांव ऐसे हैं, जहां से लोगों को हटाया जा रहा है, लेकिन अबोहर के हिंदूमल कोट के पास के करीब 18 गांव ऐसे हैं, जिन्होंने प्रशासन के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है.
इन गांववालों का कहना है कि वह अपना गांव छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और अगर दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने तो भी वह गांव में ही रहकर फौज की मदद करेंगे.टिप्पणियां
गांववालों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से गांव खाली करने की कई बार अपील की जा चुकी है, लेकिन उन्होंने इसे दरकिनार कर यहीं रहने का फ़ैसला किया.
वहीं सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव के चलते पंजाब के सरहदी गांवों को खाली करने के आदेश के बाद बादल सरकार ने जो राहत कैंप बनाए हैं, उनमें से कई खाली पड़े हैं. ज़्यादातर लोग या तो अपने रिश्तेदारों के पास चले गए हैं या फिर उन्होंने गुरुद्वारों में पनाह ली है.
इन गांववालों का कहना है कि वह अपना गांव छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और अगर दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने तो भी वह गांव में ही रहकर फौज की मदद करेंगे.टिप्पणियां
गांववालों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से गांव खाली करने की कई बार अपील की जा चुकी है, लेकिन उन्होंने इसे दरकिनार कर यहीं रहने का फ़ैसला किया.
वहीं सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव के चलते पंजाब के सरहदी गांवों को खाली करने के आदेश के बाद बादल सरकार ने जो राहत कैंप बनाए हैं, उनमें से कई खाली पड़े हैं. ज़्यादातर लोग या तो अपने रिश्तेदारों के पास चले गए हैं या फिर उन्होंने गुरुद्वारों में पनाह ली है.
गांववालों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से गांव खाली करने की कई बार अपील की जा चुकी है, लेकिन उन्होंने इसे दरकिनार कर यहीं रहने का फ़ैसला किया.
वहीं सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव के चलते पंजाब के सरहदी गांवों को खाली करने के आदेश के बाद बादल सरकार ने जो राहत कैंप बनाए हैं, उनमें से कई खाली पड़े हैं. ज़्यादातर लोग या तो अपने रिश्तेदारों के पास चले गए हैं या फिर उन्होंने गुरुद्वारों में पनाह ली है.
वहीं सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव के चलते पंजाब के सरहदी गांवों को खाली करने के आदेश के बाद बादल सरकार ने जो राहत कैंप बनाए हैं, उनमें से कई खाली पड़े हैं. ज़्यादातर लोग या तो अपने रिश्तेदारों के पास चले गए हैं या फिर उन्होंने गुरुद्वारों में पनाह ली है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अबोहर के हिंदूमल कोट के पास हैं करीब 18 गांव
युद्ध के हालात बने तो सेना की मदद करेंगे
गांव खाली करने की अपील को कर चुके हैं दरकिनार | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने के प्रस्ताव वाली व्हाइट हाउस की ऑनलाइन याचिका पर करीब पांच लाख लोगों ने समर्थन दिया है. यह ओबामा प्रशासन से इस बारे में जवाब मिलने के लिए जरूरी संख्या से पांच गुना हैं.
यह याचिका आरजी नाम के एक व्यक्ति ने 21 सितंबर को जारी की थी. इस संबंध में व्हाइट हाउस से जवाब मिलने के लिए तीस दिन में एक लाख हस्ताक्षरों की आवश्यकता थी. लेकिन एक सप्ताह के अंदर ही एक लाख का आंकड़ा पार हो गया और दो सप्ताह से भी कम समय में पांच लाख लोगों ने इस याचिका पर हस्ताक्षर कर दिया. यह याचिका अब व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर मशहूर हो गयी है. ओबामा प्रशासन 60 दिनों में याचिका पर जवाब दे सकता है.
अपने फेसबुक पेज पर इस याचिका को शेयर करने वाली जार्जटाउन यूनीवर्सिटी की वैज्ञानिक अंजू प्रीत ने कहा, "हम लोगों की पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने के लिए प्रशासन से कहने" वाली याचिका के समर्थकों ने दस लाख हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया है. हम इससे पहले नहीं रुकेंगे. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "अब सक्रियता दिखाने का समय है. व्हाइट हाउस के साथ याचिका पर हस्ताक्षर करने में हम सब हाथ मिलाएं." आतंकवाद पर कांग्रेस की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो ने कांग्रेस के एक और साथी सदस्य डाना रोहराबेकर के साथ मिलकर याचिका एचआर 6069 पेश की थी. याचिका पर 21 अक्टूबर तक दस्तखत किये जा सकते हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह याचिका आरजी नाम के एक व्यक्ति ने 21 सितंबर को जारी की थी. इस संबंध में व्हाइट हाउस से जवाब मिलने के लिए तीस दिन में एक लाख हस्ताक्षरों की आवश्यकता थी. लेकिन एक सप्ताह के अंदर ही एक लाख का आंकड़ा पार हो गया और दो सप्ताह से भी कम समय में पांच लाख लोगों ने इस याचिका पर हस्ताक्षर कर दिया. यह याचिका अब व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर मशहूर हो गयी है. ओबामा प्रशासन 60 दिनों में याचिका पर जवाब दे सकता है.
अपने फेसबुक पेज पर इस याचिका को शेयर करने वाली जार्जटाउन यूनीवर्सिटी की वैज्ञानिक अंजू प्रीत ने कहा, "हम लोगों की पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने के लिए प्रशासन से कहने" वाली याचिका के समर्थकों ने दस लाख हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया है. हम इससे पहले नहीं रुकेंगे. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "अब सक्रियता दिखाने का समय है. व्हाइट हाउस के साथ याचिका पर हस्ताक्षर करने में हम सब हाथ मिलाएं." आतंकवाद पर कांग्रेस की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो ने कांग्रेस के एक और साथी सदस्य डाना रोहराबेकर के साथ मिलकर याचिका एचआर 6069 पेश की थी. याचिका पर 21 अक्टूबर तक दस्तखत किये जा सकते हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपने फेसबुक पेज पर इस याचिका को शेयर करने वाली जार्जटाउन यूनीवर्सिटी की वैज्ञानिक अंजू प्रीत ने कहा, "हम लोगों की पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने के लिए प्रशासन से कहने" वाली याचिका के समर्थकों ने दस लाख हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया है. हम इससे पहले नहीं रुकेंगे. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "अब सक्रियता दिखाने का समय है. व्हाइट हाउस के साथ याचिका पर हस्ताक्षर करने में हम सब हाथ मिलाएं." आतंकवाद पर कांग्रेस की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो ने कांग्रेस के एक और साथी सदस्य डाना रोहराबेकर के साथ मिलकर याचिका एचआर 6069 पेश की थी. याचिका पर 21 अक्टूबर तक दस्तखत किये जा सकते हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "अब सक्रियता दिखाने का समय है. व्हाइट हाउस के साथ याचिका पर हस्ताक्षर करने में हम सब हाथ मिलाएं." आतंकवाद पर कांग्रेस की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो ने कांग्रेस के एक और साथी सदस्य डाना रोहराबेकर के साथ मिलकर याचिका एचआर 6069 पेश की थी. याचिका पर 21 अक्टूबर तक दस्तखत किये जा सकते हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: ऑनलाइन याचिका दाखिल कर व्हाइट हाउस से मांगा गया है जवाब.
दो सप्ताह से कम समय में 5 लाख लोगों ने दिया है समर्थन.
21 अक्टूबर तक याचिका पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल इंडोनेशिया की युसवांदारी अप्रीला को हराकर हांगकांग ओपन सुपर सीरीज टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुंच गई हैं।
पुरुष वर्ग में भारत के अजय जयराम और पारुपल्ली कश्यप भी अगले दौर में पहुंच गए हैं। यह इस सत्र का अंतिम सुपर सीरीज टूर्नामेंट है।
तीसरी वरीयता प्राप्त सायना ने अप्रीला के खिलाफ 22-20, 21-8 से जीत हासिल की। सायना ने यह मैच 33 मिनट में जीता। दोनों के बीच यह तीसरा मैच था। तीनों मौकों पर सायना की जीत हुई है।
अगले दौर में सायना का सामना चीन की लिन वांग से होगा। वांग और सायना के बीच अब तक पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें तीन हार वांग की जीत हुई है।
मुम्बई के जयराम ने पहले दौर में विश्व के 17वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चीन के झेंगमिंग वांग को 22-20, 23-21 से हराया। यह मैच 35 मिनट चला।
अगले दौर में जयराम का सामना विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी मलेशिया के ली चोंग वेई से होगा। जयराम और वेई के बीच अब तक चार मुकाबले हुए हैं, जिनमें से चारों में वेई की जीत हुई है।टिप्पणियां
एक अन्य मैच में कश्यप ने डेनमार्क के सातवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जान ओ जोर्गेनसेन को 24-22, 20-22, 22-20 से पराजित किया। यह मैच एक घंटा आठ मिनट चला। दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला था। दोनों ने एक-एक मैच जीता था।
महिला वर्ग में भारत की उभरती हुई खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष युगल में तरुण कोना और अरुण विष्णु तथा मिश्रित युगल में कोना और अश्विनी पोनप्पा, अक्षय देवाल्कर और प्रांद्या गडरे तथा विष्णु और अपर्णा बालन को हार मिली।
पुरुष वर्ग में भारत के अजय जयराम और पारुपल्ली कश्यप भी अगले दौर में पहुंच गए हैं। यह इस सत्र का अंतिम सुपर सीरीज टूर्नामेंट है।
तीसरी वरीयता प्राप्त सायना ने अप्रीला के खिलाफ 22-20, 21-8 से जीत हासिल की। सायना ने यह मैच 33 मिनट में जीता। दोनों के बीच यह तीसरा मैच था। तीनों मौकों पर सायना की जीत हुई है।
अगले दौर में सायना का सामना चीन की लिन वांग से होगा। वांग और सायना के बीच अब तक पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें तीन हार वांग की जीत हुई है।
मुम्बई के जयराम ने पहले दौर में विश्व के 17वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चीन के झेंगमिंग वांग को 22-20, 23-21 से हराया। यह मैच 35 मिनट चला।
अगले दौर में जयराम का सामना विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी मलेशिया के ली चोंग वेई से होगा। जयराम और वेई के बीच अब तक चार मुकाबले हुए हैं, जिनमें से चारों में वेई की जीत हुई है।टिप्पणियां
एक अन्य मैच में कश्यप ने डेनमार्क के सातवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जान ओ जोर्गेनसेन को 24-22, 20-22, 22-20 से पराजित किया। यह मैच एक घंटा आठ मिनट चला। दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला था। दोनों ने एक-एक मैच जीता था।
महिला वर्ग में भारत की उभरती हुई खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष युगल में तरुण कोना और अरुण विष्णु तथा मिश्रित युगल में कोना और अश्विनी पोनप्पा, अक्षय देवाल्कर और प्रांद्या गडरे तथा विष्णु और अपर्णा बालन को हार मिली।
तीसरी वरीयता प्राप्त सायना ने अप्रीला के खिलाफ 22-20, 21-8 से जीत हासिल की। सायना ने यह मैच 33 मिनट में जीता। दोनों के बीच यह तीसरा मैच था। तीनों मौकों पर सायना की जीत हुई है।
अगले दौर में सायना का सामना चीन की लिन वांग से होगा। वांग और सायना के बीच अब तक पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें तीन हार वांग की जीत हुई है।
मुम्बई के जयराम ने पहले दौर में विश्व के 17वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चीन के झेंगमिंग वांग को 22-20, 23-21 से हराया। यह मैच 35 मिनट चला।
अगले दौर में जयराम का सामना विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी मलेशिया के ली चोंग वेई से होगा। जयराम और वेई के बीच अब तक चार मुकाबले हुए हैं, जिनमें से चारों में वेई की जीत हुई है।टिप्पणियां
एक अन्य मैच में कश्यप ने डेनमार्क के सातवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जान ओ जोर्गेनसेन को 24-22, 20-22, 22-20 से पराजित किया। यह मैच एक घंटा आठ मिनट चला। दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला था। दोनों ने एक-एक मैच जीता था।
महिला वर्ग में भारत की उभरती हुई खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष युगल में तरुण कोना और अरुण विष्णु तथा मिश्रित युगल में कोना और अश्विनी पोनप्पा, अक्षय देवाल्कर और प्रांद्या गडरे तथा विष्णु और अपर्णा बालन को हार मिली।
अगले दौर में सायना का सामना चीन की लिन वांग से होगा। वांग और सायना के बीच अब तक पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें तीन हार वांग की जीत हुई है।
मुम्बई के जयराम ने पहले दौर में विश्व के 17वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चीन के झेंगमिंग वांग को 22-20, 23-21 से हराया। यह मैच 35 मिनट चला।
अगले दौर में जयराम का सामना विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी मलेशिया के ली चोंग वेई से होगा। जयराम और वेई के बीच अब तक चार मुकाबले हुए हैं, जिनमें से चारों में वेई की जीत हुई है।टिप्पणियां
एक अन्य मैच में कश्यप ने डेनमार्क के सातवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जान ओ जोर्गेनसेन को 24-22, 20-22, 22-20 से पराजित किया। यह मैच एक घंटा आठ मिनट चला। दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला था। दोनों ने एक-एक मैच जीता था।
महिला वर्ग में भारत की उभरती हुई खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष युगल में तरुण कोना और अरुण विष्णु तथा मिश्रित युगल में कोना और अश्विनी पोनप्पा, अक्षय देवाल्कर और प्रांद्या गडरे तथा विष्णु और अपर्णा बालन को हार मिली।
मुम्बई के जयराम ने पहले दौर में विश्व के 17वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चीन के झेंगमिंग वांग को 22-20, 23-21 से हराया। यह मैच 35 मिनट चला।
अगले दौर में जयराम का सामना विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी मलेशिया के ली चोंग वेई से होगा। जयराम और वेई के बीच अब तक चार मुकाबले हुए हैं, जिनमें से चारों में वेई की जीत हुई है।टिप्पणियां
एक अन्य मैच में कश्यप ने डेनमार्क के सातवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जान ओ जोर्गेनसेन को 24-22, 20-22, 22-20 से पराजित किया। यह मैच एक घंटा आठ मिनट चला। दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला था। दोनों ने एक-एक मैच जीता था।
महिला वर्ग में भारत की उभरती हुई खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष युगल में तरुण कोना और अरुण विष्णु तथा मिश्रित युगल में कोना और अश्विनी पोनप्पा, अक्षय देवाल्कर और प्रांद्या गडरे तथा विष्णु और अपर्णा बालन को हार मिली।
अगले दौर में जयराम का सामना विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी मलेशिया के ली चोंग वेई से होगा। जयराम और वेई के बीच अब तक चार मुकाबले हुए हैं, जिनमें से चारों में वेई की जीत हुई है।टिप्पणियां
एक अन्य मैच में कश्यप ने डेनमार्क के सातवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जान ओ जोर्गेनसेन को 24-22, 20-22, 22-20 से पराजित किया। यह मैच एक घंटा आठ मिनट चला। दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला था। दोनों ने एक-एक मैच जीता था।
महिला वर्ग में भारत की उभरती हुई खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष युगल में तरुण कोना और अरुण विष्णु तथा मिश्रित युगल में कोना और अश्विनी पोनप्पा, अक्षय देवाल्कर और प्रांद्या गडरे तथा विष्णु और अपर्णा बालन को हार मिली।
एक अन्य मैच में कश्यप ने डेनमार्क के सातवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जान ओ जोर्गेनसेन को 24-22, 20-22, 22-20 से पराजित किया। यह मैच एक घंटा आठ मिनट चला। दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला था। दोनों ने एक-एक मैच जीता था।
महिला वर्ग में भारत की उभरती हुई खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष युगल में तरुण कोना और अरुण विष्णु तथा मिश्रित युगल में कोना और अश्विनी पोनप्पा, अक्षय देवाल्कर और प्रांद्या गडरे तथा विष्णु और अपर्णा बालन को हार मिली।
महिला वर्ग में भारत की उभरती हुई खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष युगल में तरुण कोना और अरुण विष्णु तथा मिश्रित युगल में कोना और अश्विनी पोनप्पा, अक्षय देवाल्कर और प्रांद्या गडरे तथा विष्णु और अपर्णा बालन को हार मिली। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल इंडोनेशिया की युसवांदारी अप्रीला को हराकर हांगकांग ओपन सुपर सीरीज टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुंच गई हैं। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वनप्लस 7 प्रो (OnePlus 7 Pro) के नेब्यूला ब्लू, मिरर ग्रे और आलमंड तीन कलर वेरिएंट उतारे जा सकते हैं। तीनों वेरिएंट के रेंडर (ग्राफिक्स से बनी तस्वीर) पहले ही लीक हो चुके हैं। अब हाल ही में OnePlus 7 Pro के सभी स्पेसिफिकेशन लीक हो गए हैं। लीक हुई जानकारी के अनुसार, वनप्लस 7 प्रो (OnePlus 7 Pro) के तीन रैम और स्टोरेज मॉडल हो सकते हैं। वनप्लस 7 प्रो डुअल-सिम सपोर्ट, 48 मेगापिक्सल सेंसर, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और एनएफसी कनेक्टिविटी से लैस हो सकता है।
वनप्लस 7 प्रो (OnePlus 7 Pro) के सभी स्पेसिफिकेशन स्लैशलीक पर लीक हो गए हैं। लिस्टिंग से इस बात का संकेत मिलता है कि डुअल-सिम (नैनो) वाला यह फोन एंड्रॉयड पाई (Android Pie) पर आधारित ऑक्सीज़न ओएस के साथ आएगा। इसमें 6.67 इंच (1440x3120 पिक्सल) फ्लूइड एमोलेड डिस्प्ले है। इसकी पिक्सल डेनसिटी 516 पिक्सल प्रति इंच है और यह अधिकतम 90 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट के साथ आएगा।
स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए फोन में स्नैपड्रैगन 855 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ ग्राफिक्स के लिए ऐड्रेनो 640 जीपीयू का इस्तेमाल किया जा सकता है। OnePlus 7 Pro के तीन रैम और स्टोरेज वेरिएंट हो सकते हैं- एक 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट, दूसरा 8 जीबी रैम + 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट और तीसरा 12 जीबी रैम + 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट। वनप्लस 7 प्रो यूएफएस 3.0 से लैस हो सकता है। स्टोरेज को बढ़ाने के लिए माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट मौजूद नहीं होगा।
कैमरा सेटअप की बात करें तो OnePlus 7 Pro में तीन रियर कैमरे हो सकते हैं, 48 मेगापिक्सल का सोनी आईएमएक्स586 सेंसर हो सकता है जिसका अपर्चर एफ/1.6 है। दूसरा 117 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला 16 मेगापिक्सल का वाइड-एंगल सेंसर हो सकता है जो अपर्चर एफ/2.2 से लैस हो सकता है। तीसरा सेंसर अपर्चर एफ/2.4 वाला 8 मेगापिक्सल का सेंसर हो सकता है जो 3x ऑप्टिकल ज़ूम के साथ आएगा।
रियर कैमरा डुअल-एलईडी फ्लैश, फेज़ डिटेक्शन ऑटोफोकस (PDAF), लेज़र ऑटोफोकस (LAF) और कंटीन्यूअस ऑटोफोकस (CAF) सपोर्ट के साथ आ सकते हैं। इसके अलावा रियर कैमरा 30 फ्रेम प्रति सेकेंड/60 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 4के वीडियो, 30 फ्रेम प्रति सेकेंड/60 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 1080 पी रिजॉल्यूशन की वीडियो, 30 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 720 पी रिजॉल्यूशन की वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम हो सकता है।
सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 16 मेगापिक्सल का सोनी आईएमएक्स471 पॉप-अप कैमरा हो सकता है, इसका अपर्चर एफ/2.0 हो सकता है। यह 30 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 1080पी रिजॉल्यूशन की वीडियो को रिकॉर्ड कर सकेगा। OnePlus 7 Pro में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी जा सकती है जो Warp चार्ज 30 (5V/6A) से लैस हो सकती है।
एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, जेस्चर सेंसर, ब्राइटनेस सेंसर और कंपास जैसे सेंसर फोन में दिए जा सकते हैं। फोन की लंबाई-चौड़ाई 162.6x75.9x8.8 मिलीमीटर और वज़न 210 ग्राम हो सकता है। OnePlus 7 Pro स्मार्टफोन स्टीरियो स्पीकर्स सपोर्ट के साथ आ सकता है।
OnePlus 7 Pro स्मार्टफोन 14 मई को OnePlus 7 के साथ लॉन्च होगा। भारत में इसकी शुरुआती कीमत 49,999 रुपये हो सकती है। फिलहाल यह सभी लीक हुई जानकारी है। फोन के लॉन्च में अब ज्यादा समय शेष नहीं है तो ऐसे में आपको फोन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए अधिक इंतज़ार नहीं करना होगा। | संक्षिप्त पाठ: OnePlus 7 Pro में 6.67 इंच का डिस्प्ले हो सकता है
स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर से लैस हो सकता है वनप्लस 7 प्रो
48 मेगापिक्सल सेंसर और 16 मेगापिक्सल सेल्फी सेंसर से हो सकता है लैस | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों की पूर्ति पर संतोष जताते हुए रेखांकित किया है कि गरीब मुसलमानों की सबसे ज्यादा तादाद असम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात में है।टिप्पणियां
यूएनडीपी कंट्री निदेशक कैटलिन वाइसेन ने यहां एक राष्ट्रीय गोष्ठी में कहा, ‘‘यह प्रशंसनीय है कि भारत अपना समग्र गरीबी उन्मूलन लक्ष्य पूरा कर रहा है, लेकिन वहां ग्रामीण इलाकों में गरीबी के लक्षण है। अनुसूचित जनजाति में गरीबी सबसे अधिक 47 प्रतिशत है और अनुसूचित जाति में 42 प्रतिशत है।’’
वाइसेन ने कहा कि जहां तक धार्मिक समूहों का मामला है मुसलमानों में गरीबों की तादाद ‘‘असम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात में अत्यधिक है।’’
यूएनडीपी कंट्री निदेशक कैटलिन वाइसेन ने यहां एक राष्ट्रीय गोष्ठी में कहा, ‘‘यह प्रशंसनीय है कि भारत अपना समग्र गरीबी उन्मूलन लक्ष्य पूरा कर रहा है, लेकिन वहां ग्रामीण इलाकों में गरीबी के लक्षण है। अनुसूचित जनजाति में गरीबी सबसे अधिक 47 प्रतिशत है और अनुसूचित जाति में 42 प्रतिशत है।’’
वाइसेन ने कहा कि जहां तक धार्मिक समूहों का मामला है मुसलमानों में गरीबों की तादाद ‘‘असम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात में अत्यधिक है।’’
वाइसेन ने कहा कि जहां तक धार्मिक समूहों का मामला है मुसलमानों में गरीबों की तादाद ‘‘असम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात में अत्यधिक है।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संयुक्त राष्ट्र ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों की पूर्ति पर संतोष जताते हुए रेखांकित किया है कि गरीब मुसलमानों की सबसे ज्यादा तादाद असम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात में है। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर का आखिरी बंद तहखाना अभी नहीं खोला जाएगा। कई दशकों से बंद पड़े मंदिर के पांच तहखाने खोले जा चुके हैं, जिनसे करीब एक लाख करोड़ रुपये का खजाना निकल चुका है, लेकिन मंदिर के ट्रस्टी राजा टीएम वर्मा और भक्त नहीं चाहते कि इस आखिरी तहखाने को खोला जाए। उनके मुताबिक यह अशुभ होगा। सुप्रीम कोर्ट में उनके वकील ने कहा कि इस खजाने को मंदिर में ही रहने दिया जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई ऐसा तरीका ढूंढा जाए, जिससे खजाने का मूल्यांकन भी हो जाए और लोगों की आस्था को ठेस भी ना पहुंचे। कोर्ट ने राज्य सरकार से खजाने की सुरक्षा और इसे सुरक्षित रखने के मसले पर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। इस आखिरी तहखाने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। केरल के इतिहासकारों का कहना है कि 1908 में महाराजा तिरुनल ने जब इसे खोला था तो उन्हें वहां जहरीले नाग दिखाई दिए थे, जिन्हें खतरे का संकेत माना जाता है। | संक्षिप्त पाठ: मंदिर के ट्रस्टी राजा टीएम वर्मा और भक्त नहीं चाहते कि इस आखिरी तहखाने को खोला जाए। उनके मुताबिक यह बेहद अशुभ होगा। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पेट्रोलियम कंपनियों के रोज पेट्रोल-डीजल के दाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में डीलरों द्वारा आहूत हड़ताल बुधवार को वापस ले ली गई है. इसके साथ ही शुक्रवार (16 जून) से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में रोज बदलाव का रास्ता साफ हो गया है. सरकार ने डीलरों की यह मांग मान ली है कि कीमतों की घोषणा आधी रात को करने के बजाए सुबह छह बजे की जाए. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को यहां पत्रकारों से कहा कि डीलर नए समय और देशव्यापी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन 16 जून से करने पर राजी हो गए हैं.
वर्तमान में, सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर खुदरा ईंधन के मूल्य की हर पखवाड़े समीक्षा करती हैं और उसे संशोधित करती हैं. इसके बाद मध्यरात्रि से संशोधन प्रभावी होता है.
डीलरों का कहना था कि रोज रात में कीमतें बदले के लिए उन्हें अलग से रात में आदमी लगाने पड़ेंगे, इसलिए इसे सुबह से किया जाए.
प्रधान ने कहा, "कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां थीं, जो हमने आज सभी तीन पेट्रोलियम डीलरों एसोसिएशन के नेतृत्व के साथ बैठक के दौरान हल कर ली है. दैनिक कीमतें सुबह छह बजे बदली जाएंगी".
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स (एफएआईपीटी) के अध्यक्ष अशोक बधवार ने कहा कि वे शुक्रवार को बंद का आह्वान वापस ले रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सार्वजनिक हित में दैनिक मूल्य संशोधन का निर्णय लिया है.
खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) में रोज बदलाव पहले ही एक मई से उदयपुर, जमशेदपुर, विशाखापट्टनम, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में पायलट आधार पर लागू किया जा चुका है.
पांच शहरों में पायलट परियोजना की सफलता के बाद, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने अब इसे देश भर में लागू करने का फैसला किया है.
इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा, "यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भी सबसे छोटे परिवर्तन का लाभ डीलरों और अंत में ग्राहकों को दिया जाए".
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
वर्तमान में, सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर खुदरा ईंधन के मूल्य की हर पखवाड़े समीक्षा करती हैं और उसे संशोधित करती हैं. इसके बाद मध्यरात्रि से संशोधन प्रभावी होता है.
डीलरों का कहना था कि रोज रात में कीमतें बदले के लिए उन्हें अलग से रात में आदमी लगाने पड़ेंगे, इसलिए इसे सुबह से किया जाए.
प्रधान ने कहा, "कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां थीं, जो हमने आज सभी तीन पेट्रोलियम डीलरों एसोसिएशन के नेतृत्व के साथ बैठक के दौरान हल कर ली है. दैनिक कीमतें सुबह छह बजे बदली जाएंगी".
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स (एफएआईपीटी) के अध्यक्ष अशोक बधवार ने कहा कि वे शुक्रवार को बंद का आह्वान वापस ले रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सार्वजनिक हित में दैनिक मूल्य संशोधन का निर्णय लिया है.
खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) में रोज बदलाव पहले ही एक मई से उदयपुर, जमशेदपुर, विशाखापट्टनम, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में पायलट आधार पर लागू किया जा चुका है.
पांच शहरों में पायलट परियोजना की सफलता के बाद, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने अब इसे देश भर में लागू करने का फैसला किया है.
इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा, "यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भी सबसे छोटे परिवर्तन का लाभ डीलरों और अंत में ग्राहकों को दिया जाए".
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
डीलरों का कहना था कि रोज रात में कीमतें बदले के लिए उन्हें अलग से रात में आदमी लगाने पड़ेंगे, इसलिए इसे सुबह से किया जाए.
प्रधान ने कहा, "कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां थीं, जो हमने आज सभी तीन पेट्रोलियम डीलरों एसोसिएशन के नेतृत्व के साथ बैठक के दौरान हल कर ली है. दैनिक कीमतें सुबह छह बजे बदली जाएंगी".
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स (एफएआईपीटी) के अध्यक्ष अशोक बधवार ने कहा कि वे शुक्रवार को बंद का आह्वान वापस ले रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सार्वजनिक हित में दैनिक मूल्य संशोधन का निर्णय लिया है.
खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) में रोज बदलाव पहले ही एक मई से उदयपुर, जमशेदपुर, विशाखापट्टनम, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में पायलट आधार पर लागू किया जा चुका है.
पांच शहरों में पायलट परियोजना की सफलता के बाद, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने अब इसे देश भर में लागू करने का फैसला किया है.
इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा, "यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भी सबसे छोटे परिवर्तन का लाभ डीलरों और अंत में ग्राहकों को दिया जाए".
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
प्रधान ने कहा, "कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां थीं, जो हमने आज सभी तीन पेट्रोलियम डीलरों एसोसिएशन के नेतृत्व के साथ बैठक के दौरान हल कर ली है. दैनिक कीमतें सुबह छह बजे बदली जाएंगी".
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स (एफएआईपीटी) के अध्यक्ष अशोक बधवार ने कहा कि वे शुक्रवार को बंद का आह्वान वापस ले रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सार्वजनिक हित में दैनिक मूल्य संशोधन का निर्णय लिया है.
खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) में रोज बदलाव पहले ही एक मई से उदयपुर, जमशेदपुर, विशाखापट्टनम, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में पायलट आधार पर लागू किया जा चुका है.
पांच शहरों में पायलट परियोजना की सफलता के बाद, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने अब इसे देश भर में लागू करने का फैसला किया है.
इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा, "यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भी सबसे छोटे परिवर्तन का लाभ डीलरों और अंत में ग्राहकों को दिया जाए".
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स (एफएआईपीटी) के अध्यक्ष अशोक बधवार ने कहा कि वे शुक्रवार को बंद का आह्वान वापस ले रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सार्वजनिक हित में दैनिक मूल्य संशोधन का निर्णय लिया है.
खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) में रोज बदलाव पहले ही एक मई से उदयपुर, जमशेदपुर, विशाखापट्टनम, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में पायलट आधार पर लागू किया जा चुका है.
पांच शहरों में पायलट परियोजना की सफलता के बाद, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने अब इसे देश भर में लागू करने का फैसला किया है.
इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा, "यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भी सबसे छोटे परिवर्तन का लाभ डीलरों और अंत में ग्राहकों को दिया जाए".
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) में रोज बदलाव पहले ही एक मई से उदयपुर, जमशेदपुर, विशाखापट्टनम, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में पायलट आधार पर लागू किया जा चुका है.
पांच शहरों में पायलट परियोजना की सफलता के बाद, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने अब इसे देश भर में लागू करने का फैसला किया है.
इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा, "यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भी सबसे छोटे परिवर्तन का लाभ डीलरों और अंत में ग्राहकों को दिया जाए".
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
पांच शहरों में पायलट परियोजना की सफलता के बाद, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने अब इसे देश भर में लागू करने का फैसला किया है.
इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा, "यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भी सबसे छोटे परिवर्तन का लाभ डीलरों और अंत में ग्राहकों को दिया जाए".
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा, "यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भी सबसे छोटे परिवर्तन का लाभ डीलरों और अंत में ग्राहकों को दिया जाए".
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में ज्यादातर पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा स्थापित मशीनें ऑटोमेटिक कीमत परिवर्तन का समर्थन नहीं करती हैं. ऐसे में इसे बदलने के लिए कार्यबल की जरूरत होगी. एसोसिएशन ने कहा, "मैनुअल तरीके से बदलने से गलतियों की संभावना है और पेट्रोल पंप के संचालन में भी देरी होगी".टिप्पणियां
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हाल की अस्थिरता के कारण भारत ने गतिशील मूल्य निर्धारण का विकल्प चुना है, जो कई विकसित देशों में प्रचलित है.
(इनपुट आईएएनएस से)
(इनपुट आईएएनएस से) | यह एक सारांश है: सरकार ने पेट्रोल पंप डीलरों की यह मांग मानी.
हम शुक्रवार को बंद का आह्वान वापस ले रहे हैं- अशोक बधवार
सरकार ने सार्वजनिक हित में दैनिक मूल्य संशोधन का निर्णय लिया है- FAITP | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा कि उन्हें युवराज सिंह की बीमारी की गंभीरता की जानकारी नहीं थी। धोनी ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब में यह प्रतिक्रिया दी। युवराज को कैंसर है और वह अमेरिका में कीमोथैरेपी करा रहे हैं।
धोनी ने कहा, ‘‘मुझे उसकी बीमारी के बारे में जानकारी नहीं है क्योंकि मैं उसके संपर्क में नहीं हूं। टीम में उसका होना अहम है। वह उन कुछ खिलाड़ियों में शामिल है जो छठे नंबर पर अच्छा प्रदर्शन करता है और जरूरत पड़ने पर चौथे नंबर पर भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।’’ भारतीय कप्तान ने यहां एमसीजी पर कहा, ‘‘वह ऐसा खिलाड़ी है जो मैच की लय पलट सकता है। वह गेंदों को ब्लॉक भी कर सकता है और आक्रामक विकल्प भी अपना सकता है। उसकी गेंदबाजी भी मत भूलिए। वह काफी प्रभावी है।’’
धोनी ने कहा, ‘‘मुझे उसकी बीमारी के बारे में जानकारी नहीं है क्योंकि मैं उसके संपर्क में नहीं हूं। टीम में उसका होना अहम है। वह उन कुछ खिलाड़ियों में शामिल है जो छठे नंबर पर अच्छा प्रदर्शन करता है और जरूरत पड़ने पर चौथे नंबर पर भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।’’ भारतीय कप्तान ने यहां एमसीजी पर कहा, ‘‘वह ऐसा खिलाड़ी है जो मैच की लय पलट सकता है। वह गेंदों को ब्लॉक भी कर सकता है और आक्रामक विकल्प भी अपना सकता है। उसकी गेंदबाजी भी मत भूलिए। वह काफी प्रभावी है।’’ | संक्षिप्त सारांश: भारतीय क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा कि उन्हें युवराज सिंह की बीमारी की गंभीरता की जानकारी नहीं थी। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नस्लभेद विरोधी आंदोलन के नायक और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला कभी भारतीय मूल की एक महिला को दिल दे बैठे थे और उसे अपनी जीवन संगिनी बनाना चाहते थे, लेकिन महिला ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
इस महिला का नाम आमिना कसालिया है, हालांकि अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। आमिना की जीवनी 'वेन वी होप एंड हिस्ट्री राइम' में कहा गया है कि 27 साल तक कारागार में रहने के बाद बाहर आए मंडेला ने उनके समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा, हालांकि उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के दिग्गज कार्यकर्ता यूसुफ कसालिया की विधवा आमिना का पिछले महीने 83 साल की उम्र में निधन हो गया। आमिना के बच्चों गालिब और कोको कसालिया ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनकी मां ने उन्हें मंडेला के इस प्रस्ताव के बारे में बताया था।
फिलहाल 94 साल के मंडेला फेफड़े में संक्रमण के कारण प्रिटोरिया के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें 1994 में दक्षिण अफ्रीका का पहला अश्वेत राष्ट्रपति चुना गया था। आमिना और यूसुफ कई सालों तक भारत में रहे। भारत में इन लोगों ने निर्वासन के समय की एएनसी की शाखा की कमान संभाली। टिप्पणियां
अपनी पुस्तक में आमिना ने इस बारे में बताया है कि मंडेला किस तरह से अकेले उनके अपार्टमेंट में आया करते थे और वह उनके कार्यालय एवं आवास जाया करती थीं। उन्होंने लिखा है, वह (मंडेला) मेरे सामने सोफे पर बैठे और मुझे चूमने लगे। उन्होंने अपनी अंगुलियों से मेरे बालों को सहलाते हुए बोला कि क्या तुम नहीं जानती कि तुम कितनी बला की खूबसूरत, जिंदादिल और मनमोहक नौजवान महिला हो? मैंने बड़े सहज भाव से जवाब दिया कि मैं नौजवान महिला नहीं हूं, मैं एक अधेड़ उम्र की महिला हूं।
वह कहती हैं, मंडेला ने कहा, ठीक है फिर से शुरुआत करो। इसके बाद उन्होंने मुझे कई उपमाएं दीं। आमिना ने उस शाम का भी जिक्र किया है, जब मंडेला जोहानिसबर्ग स्थित उनके अवास पर पहुंचे थे। उन्होंने मंडेला के लिए क्रेफिश का पकवान बनाया था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ने नहीं खाया। शायद मंडेला उनसे नाराज थे।
इस महिला का नाम आमिना कसालिया है, हालांकि अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। आमिना की जीवनी 'वेन वी होप एंड हिस्ट्री राइम' में कहा गया है कि 27 साल तक कारागार में रहने के बाद बाहर आए मंडेला ने उनके समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा, हालांकि उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के दिग्गज कार्यकर्ता यूसुफ कसालिया की विधवा आमिना का पिछले महीने 83 साल की उम्र में निधन हो गया। आमिना के बच्चों गालिब और कोको कसालिया ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनकी मां ने उन्हें मंडेला के इस प्रस्ताव के बारे में बताया था।
फिलहाल 94 साल के मंडेला फेफड़े में संक्रमण के कारण प्रिटोरिया के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें 1994 में दक्षिण अफ्रीका का पहला अश्वेत राष्ट्रपति चुना गया था। आमिना और यूसुफ कई सालों तक भारत में रहे। भारत में इन लोगों ने निर्वासन के समय की एएनसी की शाखा की कमान संभाली। टिप्पणियां
अपनी पुस्तक में आमिना ने इस बारे में बताया है कि मंडेला किस तरह से अकेले उनके अपार्टमेंट में आया करते थे और वह उनके कार्यालय एवं आवास जाया करती थीं। उन्होंने लिखा है, वह (मंडेला) मेरे सामने सोफे पर बैठे और मुझे चूमने लगे। उन्होंने अपनी अंगुलियों से मेरे बालों को सहलाते हुए बोला कि क्या तुम नहीं जानती कि तुम कितनी बला की खूबसूरत, जिंदादिल और मनमोहक नौजवान महिला हो? मैंने बड़े सहज भाव से जवाब दिया कि मैं नौजवान महिला नहीं हूं, मैं एक अधेड़ उम्र की महिला हूं।
वह कहती हैं, मंडेला ने कहा, ठीक है फिर से शुरुआत करो। इसके बाद उन्होंने मुझे कई उपमाएं दीं। आमिना ने उस शाम का भी जिक्र किया है, जब मंडेला जोहानिसबर्ग स्थित उनके अवास पर पहुंचे थे। उन्होंने मंडेला के लिए क्रेफिश का पकवान बनाया था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ने नहीं खाया। शायद मंडेला उनसे नाराज थे।
अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के दिग्गज कार्यकर्ता यूसुफ कसालिया की विधवा आमिना का पिछले महीने 83 साल की उम्र में निधन हो गया। आमिना के बच्चों गालिब और कोको कसालिया ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनकी मां ने उन्हें मंडेला के इस प्रस्ताव के बारे में बताया था।
फिलहाल 94 साल के मंडेला फेफड़े में संक्रमण के कारण प्रिटोरिया के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें 1994 में दक्षिण अफ्रीका का पहला अश्वेत राष्ट्रपति चुना गया था। आमिना और यूसुफ कई सालों तक भारत में रहे। भारत में इन लोगों ने निर्वासन के समय की एएनसी की शाखा की कमान संभाली। टिप्पणियां
अपनी पुस्तक में आमिना ने इस बारे में बताया है कि मंडेला किस तरह से अकेले उनके अपार्टमेंट में आया करते थे और वह उनके कार्यालय एवं आवास जाया करती थीं। उन्होंने लिखा है, वह (मंडेला) मेरे सामने सोफे पर बैठे और मुझे चूमने लगे। उन्होंने अपनी अंगुलियों से मेरे बालों को सहलाते हुए बोला कि क्या तुम नहीं जानती कि तुम कितनी बला की खूबसूरत, जिंदादिल और मनमोहक नौजवान महिला हो? मैंने बड़े सहज भाव से जवाब दिया कि मैं नौजवान महिला नहीं हूं, मैं एक अधेड़ उम्र की महिला हूं।
वह कहती हैं, मंडेला ने कहा, ठीक है फिर से शुरुआत करो। इसके बाद उन्होंने मुझे कई उपमाएं दीं। आमिना ने उस शाम का भी जिक्र किया है, जब मंडेला जोहानिसबर्ग स्थित उनके अवास पर पहुंचे थे। उन्होंने मंडेला के लिए क्रेफिश का पकवान बनाया था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ने नहीं खाया। शायद मंडेला उनसे नाराज थे।
फिलहाल 94 साल के मंडेला फेफड़े में संक्रमण के कारण प्रिटोरिया के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें 1994 में दक्षिण अफ्रीका का पहला अश्वेत राष्ट्रपति चुना गया था। आमिना और यूसुफ कई सालों तक भारत में रहे। भारत में इन लोगों ने निर्वासन के समय की एएनसी की शाखा की कमान संभाली। टिप्पणियां
अपनी पुस्तक में आमिना ने इस बारे में बताया है कि मंडेला किस तरह से अकेले उनके अपार्टमेंट में आया करते थे और वह उनके कार्यालय एवं आवास जाया करती थीं। उन्होंने लिखा है, वह (मंडेला) मेरे सामने सोफे पर बैठे और मुझे चूमने लगे। उन्होंने अपनी अंगुलियों से मेरे बालों को सहलाते हुए बोला कि क्या तुम नहीं जानती कि तुम कितनी बला की खूबसूरत, जिंदादिल और मनमोहक नौजवान महिला हो? मैंने बड़े सहज भाव से जवाब दिया कि मैं नौजवान महिला नहीं हूं, मैं एक अधेड़ उम्र की महिला हूं।
वह कहती हैं, मंडेला ने कहा, ठीक है फिर से शुरुआत करो। इसके बाद उन्होंने मुझे कई उपमाएं दीं। आमिना ने उस शाम का भी जिक्र किया है, जब मंडेला जोहानिसबर्ग स्थित उनके अवास पर पहुंचे थे। उन्होंने मंडेला के लिए क्रेफिश का पकवान बनाया था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ने नहीं खाया। शायद मंडेला उनसे नाराज थे।
अपनी पुस्तक में आमिना ने इस बारे में बताया है कि मंडेला किस तरह से अकेले उनके अपार्टमेंट में आया करते थे और वह उनके कार्यालय एवं आवास जाया करती थीं। उन्होंने लिखा है, वह (मंडेला) मेरे सामने सोफे पर बैठे और मुझे चूमने लगे। उन्होंने अपनी अंगुलियों से मेरे बालों को सहलाते हुए बोला कि क्या तुम नहीं जानती कि तुम कितनी बला की खूबसूरत, जिंदादिल और मनमोहक नौजवान महिला हो? मैंने बड़े सहज भाव से जवाब दिया कि मैं नौजवान महिला नहीं हूं, मैं एक अधेड़ उम्र की महिला हूं।
वह कहती हैं, मंडेला ने कहा, ठीक है फिर से शुरुआत करो। इसके बाद उन्होंने मुझे कई उपमाएं दीं। आमिना ने उस शाम का भी जिक्र किया है, जब मंडेला जोहानिसबर्ग स्थित उनके अवास पर पहुंचे थे। उन्होंने मंडेला के लिए क्रेफिश का पकवान बनाया था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ने नहीं खाया। शायद मंडेला उनसे नाराज थे।
वह कहती हैं, मंडेला ने कहा, ठीक है फिर से शुरुआत करो। इसके बाद उन्होंने मुझे कई उपमाएं दीं। आमिना ने उस शाम का भी जिक्र किया है, जब मंडेला जोहानिसबर्ग स्थित उनके अवास पर पहुंचे थे। उन्होंने मंडेला के लिए क्रेफिश का पकवान बनाया था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ने नहीं खाया। शायद मंडेला उनसे नाराज थे। | सारांश: नस्लभेद विरोधी आंदोलन के नायक और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला कभी भारतीय मूल की एक महिला को दिल दे बैठे थे और उसे अपनी जीवन संगिनी बनाना चाहते थे, लेकिन महिला ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फ़रीदाबाद के अलग−अलग इलाकों में सैकड़ों लोगों ने बिजली−पानी की समस्या को लेकर जाम लगाया। साथ ही बदरोला गांव में गुस्साए लोगों ने बिजली सब−स्टेशन में जमकर तोड़फोड़ की। लोगों का कहना है कि शहर में आधे घंटे के लिए बिजली आती है और फिर दो घंटे गुल रहती है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि बारिश में देरी के चलते बिजली सप्लाई पर असर पड़ रहा है।टिप्पणियां
दूसरी ओर, गुड़गांव में बिजली−पानी की कमी को लेकर लोगों ने दिल्ली जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। इससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई और घंटों जाम लगा रहा।
एक आंकड़े के मुताबिक गुड़गांव में रोज़ाना दो लाख यूनिट बिजली की मांग है लेकिन इसमें से सिर्फ़ एक लाख तीस हज़ार यूनिट बिजली की मुहैया हो पा रही है। इस प्रदर्शन के बाद हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अगले आदेश तक उद्योगों को बिजली नहीं देने का फ़ैसला किया है।
दूसरी ओर, गुड़गांव में बिजली−पानी की कमी को लेकर लोगों ने दिल्ली जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। इससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई और घंटों जाम लगा रहा।
एक आंकड़े के मुताबिक गुड़गांव में रोज़ाना दो लाख यूनिट बिजली की मांग है लेकिन इसमें से सिर्फ़ एक लाख तीस हज़ार यूनिट बिजली की मुहैया हो पा रही है। इस प्रदर्शन के बाद हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अगले आदेश तक उद्योगों को बिजली नहीं देने का फ़ैसला किया है।
एक आंकड़े के मुताबिक गुड़गांव में रोज़ाना दो लाख यूनिट बिजली की मांग है लेकिन इसमें से सिर्फ़ एक लाख तीस हज़ार यूनिट बिजली की मुहैया हो पा रही है। इस प्रदर्शन के बाद हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अगले आदेश तक उद्योगों को बिजली नहीं देने का फ़ैसला किया है। | यहाँ एक सारांश है:फ़रीदाबाद के अलग−अलग इलाकों में सैकड़ों लोगों ने बिजली−पानी की समस्या को लेकर जाम लगाया। साथ ही बदरोला गांव में गुस्साए लोगों ने बिजली सब−स्टेशन में जमकर तोड़फोड़ की। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनाव में चुने गए एक कांग्रेसी विधायक मर्डर के केस में वॉन्टेड हैं। आरोपी रामकुमार चौधरी ने दून सीट से चुनाव जीता है।टिप्पणियां
पंचकुला पुलिस को राजकुमार की तलाश है। पंचकुला पुलिस ने चंडीगढ़ के पास उनके घर पर शुक्रवार शाम छापा मारा, जहां चौधरी के छिपे होने की संभावना थी।
विधायक और उसके तीन साथियों पर होशियारपुर के भूंगा गांव की एक लड़की की हत्या करने का आरोप है। इस लड़की का शव 22 नवंबर को पंचकुला के सेक्टर 21 की सड़क पर मिला था।
पंचकुला पुलिस को राजकुमार की तलाश है। पंचकुला पुलिस ने चंडीगढ़ के पास उनके घर पर शुक्रवार शाम छापा मारा, जहां चौधरी के छिपे होने की संभावना थी।
विधायक और उसके तीन साथियों पर होशियारपुर के भूंगा गांव की एक लड़की की हत्या करने का आरोप है। इस लड़की का शव 22 नवंबर को पंचकुला के सेक्टर 21 की सड़क पर मिला था।
विधायक और उसके तीन साथियों पर होशियारपुर के भूंगा गांव की एक लड़की की हत्या करने का आरोप है। इस लड़की का शव 22 नवंबर को पंचकुला के सेक्टर 21 की सड़क पर मिला था। | संक्षिप्त पाठ: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनाव में चुने गए एक कांग्रेसी विधायक मर्डर के केस में वॉन्टेड हैं। आरोपी रामकुमार चौधरी ने दून सीट से चुनाव जीता है। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इतिहास में दूसरी बार खिताब हासिल करने का इरादा रखने वाली भारत और पाकिस्तान की टीमें बुधवार को जब विश्व कप के हाईवोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले के लिए पीसीए स्टेडियम में उतरेंगी, तो दोनों देशों के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को कौशल और जज्बे की जंग देखने को मिलेगी। दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों के कप्तान जब टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे, तो इनके साथ स्टेडियम की दर्शकदीर्घाओं में मौजूद हजारों प्रशंसकों के अलावा दुनिया भर में टेलीविजन के जरिए मैच देखने के लिए लालायित करोड़ों लोगों की भावनाएं भी जुड़ी होंगी। जंग के मैदान में भी एक-दूसरे का सामना कर चुके भारत और पाकिस्तान में क्रिकेट की लोकप्रियता जगजाहिर है। ऐसे में बुधवार के मैच का नतीजा केवल विश्व कप के खिताबी मुकाबले का टिकट पाने के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गर्व की भी बात है। भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष यूसुफ रजा गिलानी सहित कई अन्य अति विशिष्ठ लोगों की उपस्थिति में होने वाले इस मैच को विश्व कप 2011 का महामुकाबला कहा जा रहा है। भारत-पाक क्रिकेट मैच को वैसे भी विश्व के सबसे कड़े प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में गिना जाता है, जिसमें जो टीम दबाव वाली स्थितियों से बेहतर तरीके से निपटती है, जीत उसी की होती है। दोनों टीमों का सबकुछ दांव पर लगा है, क्योंकि इस मैच में जीत से 2 अप्रैल को मुंबई में होने वाले विश्व कप फाइनल का रास्ता खुलेगा।नवंबर, 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की टीमें पहली बार भारतीय सरजमीं पर भिड़ेंगी। इस आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध टूट गए थे। भारत और पाकिस्तान के बीच जहां तक विश्व कप में मुकाबलों की बात है, तो इस मामले में रिकॉर्ड टीम इंडिया के साथ है। ये दोनों पड़ोसी देश क्रिकेट महाकुंभ में चार बार भिड़ चुके हैं, जिसमें हर बार पाकिस्तान टीम ने मुंह की खाई है। हालांकि कुल मिलाकर रिकॉर्ड देखा जाए, तो पाक टीम ने 119 में से 69 मैच जीतकर बढ़त बना रखी है। भारतीय सरजमीं पर भी पाकिस्तान का रिकॉर्ड अच्छा है, उसने यहां खेले 26 में से 17 मैचों में जीत दर्ज की है। हालांकि जब ये टीमें मैदान पर उतरती हैं तो आंकड़े और प्रतिष्ठा को कोई मतलब नहीं रह जाता और उस मैच वाले दिन जो टीम अच्छा खेलती है, वह जीतती है। गत विजेता ऑस्ट्रेलिया और प्रबल दावेदार दक्षिण अफ्रीका क्वार्टर फाइनल में अपने-अपने मुकाबले हारकर पहले ही खिताबी दौड़ से बाहर हो चुके हैं। कहा जा रहा है कि भारत अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी के बजाए मजबूत नजर आ रहा है और वह दबाव वाली स्थितियों से निपटने के लिए घरेलू माहौल और दर्शकों के समर्थन का फायदा उठाना चाहेगा। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने बहादुरी से अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि भारतीय खिलाड़ी किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएंगे। | संक्षिप्त पाठ: भारत-पाक की टीमें जब विश्व कप के हाईवोल्टेज सेमीफाइनल के लिए उतरेंगी, तो करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को कौशल और जज्बे की जंग देखने को मिलेगी। | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने योगगुरु बाबा रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ पिछले साल दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई लाठीचार्ज की पुलिस कार्रवाई को गलत ठहराते हुए रामदेव को भी लापरवाही का दोषी करार दिया है। मामले में आलोचना झेलते आ रहे गृहमंत्री पी चिदम्बरम को राहत देते हुए कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है, और कहा कि इस कार्रवाई में गृह मंत्रालय का कोई हाथ नहीं था।
कोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कार्रवाई करने में जल्दबाजी की, और ताकत दिखाने की कोशिश की। यदि वह चाहती तो भगदड़ नहीं होती, हालात नहीं बिगड़ते। कोर्ट के मुताबिक दरअसल भीड़ को सही तरह से नियंत्रित नहीं किया गया, वरना टकराव को टाला जा सकता था।
हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि कार्रवाई के दौरान यदि रामदेव मंच से नहीं उतरते, और वहां से नहीं भाग जाते, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि दोनों पक्षों की गलतियों का नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ा। दो जजों की बेंच ने पिछले साल 4-5 जून की दरमियानी रात को रामलीला मैदान में हुई रामदेव और उनके समर्थकों पर की गई पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें देखने के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस कार्रवाई के दौरान घायल होने के बाद अस्पताल में दम तोड़ने वाली राजबाला के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया, जिसमें से 25 फीसदी (1.25 लाख) बाबा रामदेव के स्वाभिमान ट्रस्ट को और शेष 75 फीसदी (3.75 लाख) सरकार को देने होंगे।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने रामदेव के सोते समर्थकों पर आधी रात को की गई कार्रवाई की खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया था। कार्रवाई में घायल हुई एक महिला राजबाला की बाद में मौत हो गई। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने 20 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था।टिप्पणियां
रामदेव ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अपने राजनीतिक आकाओं के निर्देशों पर कार्रवाई की। रामदेव की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कोर्ट में दलील दी कि आम जनता पर लाठीचार्ज का फैसला सुनियोजित था, जिसके लिए चिदंबरम को सजा मिलनी चाहिए।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के लिए बाबा रामदेव खुद जिम्मेदार हैं, पुलिस लोगों को हटा नहीं रही थी, बल्कि उन्हें सुबह तक जगह खाली करने को कहा गया, लेकिन रामदेव मंच से कूद पड़े और भगदड़ मच गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए थे, जिनमें राजबाला भी थीं जिन्होंने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
कोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कार्रवाई करने में जल्दबाजी की, और ताकत दिखाने की कोशिश की। यदि वह चाहती तो भगदड़ नहीं होती, हालात नहीं बिगड़ते। कोर्ट के मुताबिक दरअसल भीड़ को सही तरह से नियंत्रित नहीं किया गया, वरना टकराव को टाला जा सकता था।
हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि कार्रवाई के दौरान यदि रामदेव मंच से नहीं उतरते, और वहां से नहीं भाग जाते, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि दोनों पक्षों की गलतियों का नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ा। दो जजों की बेंच ने पिछले साल 4-5 जून की दरमियानी रात को रामलीला मैदान में हुई रामदेव और उनके समर्थकों पर की गई पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें देखने के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस कार्रवाई के दौरान घायल होने के बाद अस्पताल में दम तोड़ने वाली राजबाला के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया, जिसमें से 25 फीसदी (1.25 लाख) बाबा रामदेव के स्वाभिमान ट्रस्ट को और शेष 75 फीसदी (3.75 लाख) सरकार को देने होंगे।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने रामदेव के सोते समर्थकों पर आधी रात को की गई कार्रवाई की खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया था। कार्रवाई में घायल हुई एक महिला राजबाला की बाद में मौत हो गई। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने 20 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था।टिप्पणियां
रामदेव ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अपने राजनीतिक आकाओं के निर्देशों पर कार्रवाई की। रामदेव की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कोर्ट में दलील दी कि आम जनता पर लाठीचार्ज का फैसला सुनियोजित था, जिसके लिए चिदंबरम को सजा मिलनी चाहिए।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के लिए बाबा रामदेव खुद जिम्मेदार हैं, पुलिस लोगों को हटा नहीं रही थी, बल्कि उन्हें सुबह तक जगह खाली करने को कहा गया, लेकिन रामदेव मंच से कूद पड़े और भगदड़ मच गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए थे, जिनमें राजबाला भी थीं जिन्होंने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि कार्रवाई के दौरान यदि रामदेव मंच से नहीं उतरते, और वहां से नहीं भाग जाते, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि दोनों पक्षों की गलतियों का नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ा। दो जजों की बेंच ने पिछले साल 4-5 जून की दरमियानी रात को रामलीला मैदान में हुई रामदेव और उनके समर्थकों पर की गई पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें देखने के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस कार्रवाई के दौरान घायल होने के बाद अस्पताल में दम तोड़ने वाली राजबाला के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया, जिसमें से 25 फीसदी (1.25 लाख) बाबा रामदेव के स्वाभिमान ट्रस्ट को और शेष 75 फीसदी (3.75 लाख) सरकार को देने होंगे।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने रामदेव के सोते समर्थकों पर आधी रात को की गई कार्रवाई की खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया था। कार्रवाई में घायल हुई एक महिला राजबाला की बाद में मौत हो गई। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने 20 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था।टिप्पणियां
रामदेव ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अपने राजनीतिक आकाओं के निर्देशों पर कार्रवाई की। रामदेव की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कोर्ट में दलील दी कि आम जनता पर लाठीचार्ज का फैसला सुनियोजित था, जिसके लिए चिदंबरम को सजा मिलनी चाहिए।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के लिए बाबा रामदेव खुद जिम्मेदार हैं, पुलिस लोगों को हटा नहीं रही थी, बल्कि उन्हें सुबह तक जगह खाली करने को कहा गया, लेकिन रामदेव मंच से कूद पड़े और भगदड़ मच गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए थे, जिनमें राजबाला भी थीं जिन्होंने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने रामदेव के सोते समर्थकों पर आधी रात को की गई कार्रवाई की खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया था। कार्रवाई में घायल हुई एक महिला राजबाला की बाद में मौत हो गई। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने 20 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था।टिप्पणियां
रामदेव ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अपने राजनीतिक आकाओं के निर्देशों पर कार्रवाई की। रामदेव की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कोर्ट में दलील दी कि आम जनता पर लाठीचार्ज का फैसला सुनियोजित था, जिसके लिए चिदंबरम को सजा मिलनी चाहिए।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के लिए बाबा रामदेव खुद जिम्मेदार हैं, पुलिस लोगों को हटा नहीं रही थी, बल्कि उन्हें सुबह तक जगह खाली करने को कहा गया, लेकिन रामदेव मंच से कूद पड़े और भगदड़ मच गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए थे, जिनमें राजबाला भी थीं जिन्होंने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
रामदेव ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अपने राजनीतिक आकाओं के निर्देशों पर कार्रवाई की। रामदेव की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कोर्ट में दलील दी कि आम जनता पर लाठीचार्ज का फैसला सुनियोजित था, जिसके लिए चिदंबरम को सजा मिलनी चाहिए।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के लिए बाबा रामदेव खुद जिम्मेदार हैं, पुलिस लोगों को हटा नहीं रही थी, बल्कि उन्हें सुबह तक जगह खाली करने को कहा गया, लेकिन रामदेव मंच से कूद पड़े और भगदड़ मच गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए थे, जिनमें राजबाला भी थीं जिन्होंने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के लिए बाबा रामदेव खुद जिम्मेदार हैं, पुलिस लोगों को हटा नहीं रही थी, बल्कि उन्हें सुबह तक जगह खाली करने को कहा गया, लेकिन रामदेव मंच से कूद पड़े और भगदड़ मच गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए थे, जिनमें राजबाला भी थीं जिन्होंने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था। | यह एक सारांश है: कोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कार्रवाई करने में जल्दबाजी की और ताकत दिखाने की कोशिश की, लेकिन इस मामले में अदालत ने चिदम्बरम को क्लीन चिट दे दी है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा भारतीय व्यंजनों के बड़े प्रशंसक हैं। ओबामा ने व्हाइट हाउस में आयोजित 'किड्स स्टेट डिनर' के दौरान भारतीय मूल की 10-वर्षीय एम्मा और उसकी मां आशा साइल्जो को मसालों और भोजन के प्रति अपनी पसंद के बारे में बताया।
आशा ने कहा, हमने जब ओबामा से पूछा, तो उन्होंने बताया कि उन्हें मसाले बहुत पसंद हैं और जब हमने मिशेल से पूछा, तो उन्होंने बताया कि उन्हें भारतीय खाना बहुत पसंद है। अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ने बताया कि वाशिंगटन डीसी में रसिका नामक भारतीय रेस्तरां उनके पसंदीदा रेस्तरां की सूची में शामिल है।
आशा ने कहा, मैंने उन्हें बताया कि रसिका मेरा भी पसंदीदा रेस्तरां है। बच्चों में मोटापे को रोकने की मुहिम के तहत व्हाइट हाउस 'द हेल्थी लंचटाइम चैलेंज एंड किड्स स्टेट डिनर' आयोजित करता है। इस रात्रिभोज के लिए एम्मा समेत उन 54 बच्चों को आमंत्रित किया गया था, जिनके व्यंजनों को इस मुहिम के लिए चुना गया।टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने इस दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, मैं जब बच्चा था, तो मेरा परिवार सब्जियां बनाते समय उन्हें केवल उबाल देता था, इसलिए मुझे सब्जियां पसंद नहीं थीं, लेकिन अब मैं वास्तव में सब्जियां पसंद करता हूं, क्योंकि वे अच्छी तरह बनाई जाती हैं।
ओबामा ने कहा, मैं न तो बहुत अच्छा खाना बना पाता हूं और न ही खराब खाना बनाता हूं। मुझे खाना बनाने के लिए समय नहीं मिल पाता। आपने इतने स्वादिष्ट व्यंजन बनाए हैं, जिनसे पता चलता है कि आप कितने रचनात्मक है और इससे यह भी साबित होता है कि स्वादिष्ट भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद भी हो सकता है।
आशा ने कहा, हमने जब ओबामा से पूछा, तो उन्होंने बताया कि उन्हें मसाले बहुत पसंद हैं और जब हमने मिशेल से पूछा, तो उन्होंने बताया कि उन्हें भारतीय खाना बहुत पसंद है। अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ने बताया कि वाशिंगटन डीसी में रसिका नामक भारतीय रेस्तरां उनके पसंदीदा रेस्तरां की सूची में शामिल है।
आशा ने कहा, मैंने उन्हें बताया कि रसिका मेरा भी पसंदीदा रेस्तरां है। बच्चों में मोटापे को रोकने की मुहिम के तहत व्हाइट हाउस 'द हेल्थी लंचटाइम चैलेंज एंड किड्स स्टेट डिनर' आयोजित करता है। इस रात्रिभोज के लिए एम्मा समेत उन 54 बच्चों को आमंत्रित किया गया था, जिनके व्यंजनों को इस मुहिम के लिए चुना गया।टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने इस दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, मैं जब बच्चा था, तो मेरा परिवार सब्जियां बनाते समय उन्हें केवल उबाल देता था, इसलिए मुझे सब्जियां पसंद नहीं थीं, लेकिन अब मैं वास्तव में सब्जियां पसंद करता हूं, क्योंकि वे अच्छी तरह बनाई जाती हैं।
ओबामा ने कहा, मैं न तो बहुत अच्छा खाना बना पाता हूं और न ही खराब खाना बनाता हूं। मुझे खाना बनाने के लिए समय नहीं मिल पाता। आपने इतने स्वादिष्ट व्यंजन बनाए हैं, जिनसे पता चलता है कि आप कितने रचनात्मक है और इससे यह भी साबित होता है कि स्वादिष्ट भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद भी हो सकता है।
आशा ने कहा, मैंने उन्हें बताया कि रसिका मेरा भी पसंदीदा रेस्तरां है। बच्चों में मोटापे को रोकने की मुहिम के तहत व्हाइट हाउस 'द हेल्थी लंचटाइम चैलेंज एंड किड्स स्टेट डिनर' आयोजित करता है। इस रात्रिभोज के लिए एम्मा समेत उन 54 बच्चों को आमंत्रित किया गया था, जिनके व्यंजनों को इस मुहिम के लिए चुना गया।टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने इस दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, मैं जब बच्चा था, तो मेरा परिवार सब्जियां बनाते समय उन्हें केवल उबाल देता था, इसलिए मुझे सब्जियां पसंद नहीं थीं, लेकिन अब मैं वास्तव में सब्जियां पसंद करता हूं, क्योंकि वे अच्छी तरह बनाई जाती हैं।
ओबामा ने कहा, मैं न तो बहुत अच्छा खाना बना पाता हूं और न ही खराब खाना बनाता हूं। मुझे खाना बनाने के लिए समय नहीं मिल पाता। आपने इतने स्वादिष्ट व्यंजन बनाए हैं, जिनसे पता चलता है कि आप कितने रचनात्मक है और इससे यह भी साबित होता है कि स्वादिष्ट भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद भी हो सकता है।
राष्ट्रपति ने इस दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, मैं जब बच्चा था, तो मेरा परिवार सब्जियां बनाते समय उन्हें केवल उबाल देता था, इसलिए मुझे सब्जियां पसंद नहीं थीं, लेकिन अब मैं वास्तव में सब्जियां पसंद करता हूं, क्योंकि वे अच्छी तरह बनाई जाती हैं।
ओबामा ने कहा, मैं न तो बहुत अच्छा खाना बना पाता हूं और न ही खराब खाना बनाता हूं। मुझे खाना बनाने के लिए समय नहीं मिल पाता। आपने इतने स्वादिष्ट व्यंजन बनाए हैं, जिनसे पता चलता है कि आप कितने रचनात्मक है और इससे यह भी साबित होता है कि स्वादिष्ट भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद भी हो सकता है।
ओबामा ने कहा, मैं न तो बहुत अच्छा खाना बना पाता हूं और न ही खराब खाना बनाता हूं। मुझे खाना बनाने के लिए समय नहीं मिल पाता। आपने इतने स्वादिष्ट व्यंजन बनाए हैं, जिनसे पता चलता है कि आप कितने रचनात्मक है और इससे यह भी साबित होता है कि स्वादिष्ट भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद भी हो सकता है। | यहाँ एक सारांश है:ओबामा ने व्हाइट हाउस में आयोजित 'किड्स स्टेट डिनर' के दौरान भारतीय मूल की 10-वर्षीय एम्मा और उसकी मां आशा साइल्जो को मसालों और भोजन के प्रति अपनी पसंद के बारे में बताया। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: होंडा कार्स इंडिया लि. ने अपने स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन सीआर-वी का नया संस्करण पेश किया। इस संस्करण का दाम कंपनी के पुराने मॉडल से 2.7 लाख रुपये कम होगा। कंपनी का मकसद इसके जरिये भारतीय बाजार में अपनी पैठ मजबूत करना है।टिप्पणियां
इस वाहन के दो मॉडल 2 लीटर और 2.4 लीटर पेट्रोल इंजन के होंगे। इसकी कीमत दिल्ली में (एक्स शोरूम) 19.95 लाख रुपये और 23.85 लाख रुपये है।
होंडा कार्स इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अध्यक्ष हिरोनोरी कनायामा ने कहा, हम पूरी तरह नई सीआर-वी के साथ भारत में नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। पिछले कुछ साल से होंडा और उसकी सहायक इकाइयां नए उत्पाद विकसित करने में लगी हैं। कनायामा ने बताया कि इनमें से कुछ नए मॉडल अगले कुछ साल में भारतीय बाजार में आएंगे। हम होंडा के वैश्विक पोर्टफोलियो से नए मॉडल भारत में पेश करने को प्रतिबद्ध हैं।
इस वाहन के दो मॉडल 2 लीटर और 2.4 लीटर पेट्रोल इंजन के होंगे। इसकी कीमत दिल्ली में (एक्स शोरूम) 19.95 लाख रुपये और 23.85 लाख रुपये है।
होंडा कार्स इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अध्यक्ष हिरोनोरी कनायामा ने कहा, हम पूरी तरह नई सीआर-वी के साथ भारत में नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। पिछले कुछ साल से होंडा और उसकी सहायक इकाइयां नए उत्पाद विकसित करने में लगी हैं। कनायामा ने बताया कि इनमें से कुछ नए मॉडल अगले कुछ साल में भारतीय बाजार में आएंगे। हम होंडा के वैश्विक पोर्टफोलियो से नए मॉडल भारत में पेश करने को प्रतिबद्ध हैं।
होंडा कार्स इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अध्यक्ष हिरोनोरी कनायामा ने कहा, हम पूरी तरह नई सीआर-वी के साथ भारत में नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। पिछले कुछ साल से होंडा और उसकी सहायक इकाइयां नए उत्पाद विकसित करने में लगी हैं। कनायामा ने बताया कि इनमें से कुछ नए मॉडल अगले कुछ साल में भारतीय बाजार में आएंगे। हम होंडा के वैश्विक पोर्टफोलियो से नए मॉडल भारत में पेश करने को प्रतिबद्ध हैं। | यह एक सारांश है: होंडा कार्स इंडिया लि. ने अपने स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन सीआर-वी का नया संस्करण पेश किया। इस संस्करण का दाम कंपनी के पुराने मॉडल से 2.7 लाख रुपये कम होगा। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजस्थान रॉयल्स टीम ने अपने हरफनमौला खेल की बदौलत शनिवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए चैम्पियंस लीग-2013 के मुख्य दौर के अपने पहले मुकाबले में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की मौजूदा चैम्पियन मुम्बई इंडियंस को सात विकेट से हरा दिया।
मुम्बई इंडियंस ने कप्तान रोहित शर्मा (44) और कीरन पोलार्ड (42) की उम्दा बल्लेबाजी के दम पर राजस्थान रॉयल्स के सामने 143 रनों का लक्ष्य रखा लेकिन यह लक्ष्य संजू सैमसन (54), अजिंक्य रहाणे (33), शेन वॉटसन (नाबाद 27) और स्टुअर्ट बिन्नी (नाबाद 27) के आगे बौना साबित हुआ। राजस्थान रॉयल्स ने 19.4 ओवरों में तीन विकेट गंवाकर जीत हासिल कर ली।
राजस्थान रॉयल्स ने महज पांच रनों के कुल योग पर कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट गंवा दिया था लेकिन इसके बाद रहाणे (31 गेंद, तीन चौका, एक छक्का) और सैमसन ने स्कोर को 79 रनों तक पहुंचाया। इस योग पर रहाणे आउट हुए।
सैमसन का विकेट 107 के कुल योग पर गिरा। सैमसन ने 47 गेंदों पर आठ चौके लगाए। इसके बाद वॉटसन और बिन्नी ने टीम को कोई नुकसान नहीं होने दिया और जयपुर मे अपनी टीम का अजेय क्रम बरकरार रखा।
वॉटसन ने 22 गेंदों पर तीन छक्के लगाए जबकि बिन्नी ने 14 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स टीम ने एक समय 43 रनों पर मुम्बई के चार विकेट झटक लिए थे लेकिन रोहित ने पोलार्ड के साथ मिलकर स्कोर को सम्मानजनक योग तक पहुंचाने का काम किया। मुम्बई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 142 रन बनाने में सफल रही।
मुम्बई ने ड्वेन स्मिथ (9), सचिन तेंदुलकर (15), दिनेश कार्तिक (2) और अंबाती रायडू (3) के विकेट जल्दी गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद रोहित और पोलार्ड ने पांचवे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।टिप्पणियां
रोहित का विकेट 95 रन के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित के आउट होने के बाद टीम को सम्मानजनक योग देने की जिम्मेदारी पोलार्ड ने उठाई और हरभजन सिंह (8) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ये 35 रन 21 गेंदों पर जोड़े गए। पोलार्ड 36 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाने के बाद 130 के कुल योग पर आउट हुए। हरभजन का विकेट 141 रनों के कुल योग पर गिरा। वह रन आउट हुए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए।
मुम्बई इंडियंस ने कप्तान रोहित शर्मा (44) और कीरन पोलार्ड (42) की उम्दा बल्लेबाजी के दम पर राजस्थान रॉयल्स के सामने 143 रनों का लक्ष्य रखा लेकिन यह लक्ष्य संजू सैमसन (54), अजिंक्य रहाणे (33), शेन वॉटसन (नाबाद 27) और स्टुअर्ट बिन्नी (नाबाद 27) के आगे बौना साबित हुआ। राजस्थान रॉयल्स ने 19.4 ओवरों में तीन विकेट गंवाकर जीत हासिल कर ली।
राजस्थान रॉयल्स ने महज पांच रनों के कुल योग पर कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट गंवा दिया था लेकिन इसके बाद रहाणे (31 गेंद, तीन चौका, एक छक्का) और सैमसन ने स्कोर को 79 रनों तक पहुंचाया। इस योग पर रहाणे आउट हुए।
सैमसन का विकेट 107 के कुल योग पर गिरा। सैमसन ने 47 गेंदों पर आठ चौके लगाए। इसके बाद वॉटसन और बिन्नी ने टीम को कोई नुकसान नहीं होने दिया और जयपुर मे अपनी टीम का अजेय क्रम बरकरार रखा।
वॉटसन ने 22 गेंदों पर तीन छक्के लगाए जबकि बिन्नी ने 14 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स टीम ने एक समय 43 रनों पर मुम्बई के चार विकेट झटक लिए थे लेकिन रोहित ने पोलार्ड के साथ मिलकर स्कोर को सम्मानजनक योग तक पहुंचाने का काम किया। मुम्बई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 142 रन बनाने में सफल रही।
मुम्बई ने ड्वेन स्मिथ (9), सचिन तेंदुलकर (15), दिनेश कार्तिक (2) और अंबाती रायडू (3) के विकेट जल्दी गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद रोहित और पोलार्ड ने पांचवे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।टिप्पणियां
रोहित का विकेट 95 रन के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित के आउट होने के बाद टीम को सम्मानजनक योग देने की जिम्मेदारी पोलार्ड ने उठाई और हरभजन सिंह (8) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ये 35 रन 21 गेंदों पर जोड़े गए। पोलार्ड 36 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाने के बाद 130 के कुल योग पर आउट हुए। हरभजन का विकेट 141 रनों के कुल योग पर गिरा। वह रन आउट हुए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए।
राजस्थान रॉयल्स ने महज पांच रनों के कुल योग पर कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट गंवा दिया था लेकिन इसके बाद रहाणे (31 गेंद, तीन चौका, एक छक्का) और सैमसन ने स्कोर को 79 रनों तक पहुंचाया। इस योग पर रहाणे आउट हुए।
सैमसन का विकेट 107 के कुल योग पर गिरा। सैमसन ने 47 गेंदों पर आठ चौके लगाए। इसके बाद वॉटसन और बिन्नी ने टीम को कोई नुकसान नहीं होने दिया और जयपुर मे अपनी टीम का अजेय क्रम बरकरार रखा।
वॉटसन ने 22 गेंदों पर तीन छक्के लगाए जबकि बिन्नी ने 14 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स टीम ने एक समय 43 रनों पर मुम्बई के चार विकेट झटक लिए थे लेकिन रोहित ने पोलार्ड के साथ मिलकर स्कोर को सम्मानजनक योग तक पहुंचाने का काम किया। मुम्बई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 142 रन बनाने में सफल रही।
मुम्बई ने ड्वेन स्मिथ (9), सचिन तेंदुलकर (15), दिनेश कार्तिक (2) और अंबाती रायडू (3) के विकेट जल्दी गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद रोहित और पोलार्ड ने पांचवे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।टिप्पणियां
रोहित का विकेट 95 रन के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित के आउट होने के बाद टीम को सम्मानजनक योग देने की जिम्मेदारी पोलार्ड ने उठाई और हरभजन सिंह (8) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ये 35 रन 21 गेंदों पर जोड़े गए। पोलार्ड 36 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाने के बाद 130 के कुल योग पर आउट हुए। हरभजन का विकेट 141 रनों के कुल योग पर गिरा। वह रन आउट हुए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए।
सैमसन का विकेट 107 के कुल योग पर गिरा। सैमसन ने 47 गेंदों पर आठ चौके लगाए। इसके बाद वॉटसन और बिन्नी ने टीम को कोई नुकसान नहीं होने दिया और जयपुर मे अपनी टीम का अजेय क्रम बरकरार रखा।
वॉटसन ने 22 गेंदों पर तीन छक्के लगाए जबकि बिन्नी ने 14 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स टीम ने एक समय 43 रनों पर मुम्बई के चार विकेट झटक लिए थे लेकिन रोहित ने पोलार्ड के साथ मिलकर स्कोर को सम्मानजनक योग तक पहुंचाने का काम किया। मुम्बई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 142 रन बनाने में सफल रही।
मुम्बई ने ड्वेन स्मिथ (9), सचिन तेंदुलकर (15), दिनेश कार्तिक (2) और अंबाती रायडू (3) के विकेट जल्दी गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद रोहित और पोलार्ड ने पांचवे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।टिप्पणियां
रोहित का विकेट 95 रन के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित के आउट होने के बाद टीम को सम्मानजनक योग देने की जिम्मेदारी पोलार्ड ने उठाई और हरभजन सिंह (8) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ये 35 रन 21 गेंदों पर जोड़े गए। पोलार्ड 36 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाने के बाद 130 के कुल योग पर आउट हुए। हरभजन का विकेट 141 रनों के कुल योग पर गिरा। वह रन आउट हुए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए।
वॉटसन ने 22 गेंदों पर तीन छक्के लगाए जबकि बिन्नी ने 14 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स टीम ने एक समय 43 रनों पर मुम्बई के चार विकेट झटक लिए थे लेकिन रोहित ने पोलार्ड के साथ मिलकर स्कोर को सम्मानजनक योग तक पहुंचाने का काम किया। मुम्बई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 142 रन बनाने में सफल रही।
मुम्बई ने ड्वेन स्मिथ (9), सचिन तेंदुलकर (15), दिनेश कार्तिक (2) और अंबाती रायडू (3) के विकेट जल्दी गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद रोहित और पोलार्ड ने पांचवे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।टिप्पणियां
रोहित का विकेट 95 रन के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित के आउट होने के बाद टीम को सम्मानजनक योग देने की जिम्मेदारी पोलार्ड ने उठाई और हरभजन सिंह (8) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ये 35 रन 21 गेंदों पर जोड़े गए। पोलार्ड 36 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाने के बाद 130 के कुल योग पर आउट हुए। हरभजन का विकेट 141 रनों के कुल योग पर गिरा। वह रन आउट हुए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स टीम ने एक समय 43 रनों पर मुम्बई के चार विकेट झटक लिए थे लेकिन रोहित ने पोलार्ड के साथ मिलकर स्कोर को सम्मानजनक योग तक पहुंचाने का काम किया। मुम्बई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 142 रन बनाने में सफल रही।
मुम्बई ने ड्वेन स्मिथ (9), सचिन तेंदुलकर (15), दिनेश कार्तिक (2) और अंबाती रायडू (3) के विकेट जल्दी गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद रोहित और पोलार्ड ने पांचवे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।टिप्पणियां
रोहित का विकेट 95 रन के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित के आउट होने के बाद टीम को सम्मानजनक योग देने की जिम्मेदारी पोलार्ड ने उठाई और हरभजन सिंह (8) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ये 35 रन 21 गेंदों पर जोड़े गए। पोलार्ड 36 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाने के बाद 130 के कुल योग पर आउट हुए। हरभजन का विकेट 141 रनों के कुल योग पर गिरा। वह रन आउट हुए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए।
मुम्बई ने ड्वेन स्मिथ (9), सचिन तेंदुलकर (15), दिनेश कार्तिक (2) और अंबाती रायडू (3) के विकेट जल्दी गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद रोहित और पोलार्ड ने पांचवे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।टिप्पणियां
रोहित का विकेट 95 रन के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित के आउट होने के बाद टीम को सम्मानजनक योग देने की जिम्मेदारी पोलार्ड ने उठाई और हरभजन सिंह (8) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ये 35 रन 21 गेंदों पर जोड़े गए। पोलार्ड 36 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाने के बाद 130 के कुल योग पर आउट हुए। हरभजन का विकेट 141 रनों के कुल योग पर गिरा। वह रन आउट हुए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए।
रोहित का विकेट 95 रन के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित के आउट होने के बाद टीम को सम्मानजनक योग देने की जिम्मेदारी पोलार्ड ने उठाई और हरभजन सिंह (8) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ये 35 रन 21 गेंदों पर जोड़े गए। पोलार्ड 36 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाने के बाद 130 के कुल योग पर आउट हुए। हरभजन का विकेट 141 रनों के कुल योग पर गिरा। वह रन आउट हुए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए।
नाथन कोल्टर नील पांच गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। राजस्थान की ओर से विक्रमजीत मलिक ने तीन विकेट हासिल किए। | यहाँ एक सारांश है:राजस्थान रॉयल्स टीम ने अपने हरफनमौला खेल की बदौलत शनिवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए चैम्पियंस लीग-2013 के मुख्य दौर के अपने पहले मुकाबले में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की मौजूदा चैम्पियन मुम्बई इंडियंस को सात विकेट से हरा दिया। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड में जनसभा की अनुमति नहीं दिए जाने से बौखलाए योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी भ्रष्टाचार खत्म करने की बात उठाने वालों पर हमला करती है, उसका चुनाव में बहिष्कार किया जाना चाहिए।
बाबा रामदेव बुधवार को अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों तक देश के तीन-तीन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तथा पच्चीस मुख्यमंत्री उनकी भगवान की तरह से पूजा करते थे लेकिन आज ऐसा क्या हो गया जब उन्हें सभा करने की अनुमति तक नहीं दी गई और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा यह रिपोर्ट लगा दी गई कि सभा करने पर कानून और व्यवस्था की समस्या आ सकती है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि उन्होंने काले धन के मुद्दे का उठाकर ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया है कि आज उनके मुंह पर कालिख लगायी जा रही है। उन्होंने कहा ‘मैं कहता हूं कि मेरे पूरे मुंह पर कालिख लगा दो लेकिन काला धन वापस ला दो।’ उन्होंने कहा कि वह किसी भी नेता या राजनैतिक पार्टी के विरोधी नहीं हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि वह किसी भी पार्टी या नेता पर जूता या चप्पल चलाने के पक्षधर नहीं हैं। ‘यदि मारना ही है तो वोट की मार मारें। बेइमानों का बहिष्कार करें।’
बाबा रामदेव ने कहा कि अन्ना हजारे की टीम द्वारा ऐसा कौन सा काम किया जा रहा है जिसके चलते उनके उपर जूता फेंका जा रहा है। डंडे मारे जा रहे हैं। यह कौन करा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस देश को बचाने के लिये काले धन और भ्रष्टाचार को हटाने की बात कह रहे हैं उन्हें तो मिटाने, सताने तथा दफनाने की कोशिश की जा रही है और जो लोग काले धन के मुद्दे को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वक्त का तकाजा है कि किसी पर न तो जूते ही चलाये जायें और न ही किसी को थप्पड़ मारा जाये बल्कि वोट के माध्यम से उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि उनके निशाने पर कोई भी पार्टी नहीं है लेकिन कुछ पार्टियों में जो राक्षस और गुंडे हैं उनके निशाने पर मैं जरूर हूं। उनसे जब यह पूछा गया कि किस पार्टी में गुंडे और राक्षस हैं जो उनको निशाना बनाये हुये हैं तो उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति की स5यता में किसी का नाम लिये बगैर ही अपनी बात कहने की परम्परा है।
बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ पार्टियों द्वारा लाखों करोड़ों रूपये के घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और जब इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की जाती है तो कहा जाता है कि चुनाव लड़ लें। ‘यह भी कोई बात हुई। इस देश में 121 करोड़ जनता है। क्या सभी लोगों को अपना हक मांगने के लिये चुनाव लड़ना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी काले धन की बात करता है, वह लोकतंत्र के लिये खतरा बन जाता है।
रामदेव ने कहा कि इस देश के चार सौ लाख करोड रूपये के कालेधन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिये। उनसे जब पूछा गया कि कौन लोग ईमानदारी से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही है और लोगों को उनका साथ देना चाहिये। कम से कम इन पार्टियों ने शुरूआत तो की है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
बाबा रामदेव बुधवार को अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों तक देश के तीन-तीन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तथा पच्चीस मुख्यमंत्री उनकी भगवान की तरह से पूजा करते थे लेकिन आज ऐसा क्या हो गया जब उन्हें सभा करने की अनुमति तक नहीं दी गई और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा यह रिपोर्ट लगा दी गई कि सभा करने पर कानून और व्यवस्था की समस्या आ सकती है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि उन्होंने काले धन के मुद्दे का उठाकर ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया है कि आज उनके मुंह पर कालिख लगायी जा रही है। उन्होंने कहा ‘मैं कहता हूं कि मेरे पूरे मुंह पर कालिख लगा दो लेकिन काला धन वापस ला दो।’ उन्होंने कहा कि वह किसी भी नेता या राजनैतिक पार्टी के विरोधी नहीं हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि वह किसी भी पार्टी या नेता पर जूता या चप्पल चलाने के पक्षधर नहीं हैं। ‘यदि मारना ही है तो वोट की मार मारें। बेइमानों का बहिष्कार करें।’
बाबा रामदेव ने कहा कि अन्ना हजारे की टीम द्वारा ऐसा कौन सा काम किया जा रहा है जिसके चलते उनके उपर जूता फेंका जा रहा है। डंडे मारे जा रहे हैं। यह कौन करा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस देश को बचाने के लिये काले धन और भ्रष्टाचार को हटाने की बात कह रहे हैं उन्हें तो मिटाने, सताने तथा दफनाने की कोशिश की जा रही है और जो लोग काले धन के मुद्दे को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वक्त का तकाजा है कि किसी पर न तो जूते ही चलाये जायें और न ही किसी को थप्पड़ मारा जाये बल्कि वोट के माध्यम से उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि उनके निशाने पर कोई भी पार्टी नहीं है लेकिन कुछ पार्टियों में जो राक्षस और गुंडे हैं उनके निशाने पर मैं जरूर हूं। उनसे जब यह पूछा गया कि किस पार्टी में गुंडे और राक्षस हैं जो उनको निशाना बनाये हुये हैं तो उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति की स5यता में किसी का नाम लिये बगैर ही अपनी बात कहने की परम्परा है।
बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ पार्टियों द्वारा लाखों करोड़ों रूपये के घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और जब इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की जाती है तो कहा जाता है कि चुनाव लड़ लें। ‘यह भी कोई बात हुई। इस देश में 121 करोड़ जनता है। क्या सभी लोगों को अपना हक मांगने के लिये चुनाव लड़ना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी काले धन की बात करता है, वह लोकतंत्र के लिये खतरा बन जाता है।
रामदेव ने कहा कि इस देश के चार सौ लाख करोड रूपये के कालेधन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिये। उनसे जब पूछा गया कि कौन लोग ईमानदारी से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही है और लोगों को उनका साथ देना चाहिये। कम से कम इन पार्टियों ने शुरूआत तो की है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि उन्होंने काले धन के मुद्दे का उठाकर ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया है कि आज उनके मुंह पर कालिख लगायी जा रही है। उन्होंने कहा ‘मैं कहता हूं कि मेरे पूरे मुंह पर कालिख लगा दो लेकिन काला धन वापस ला दो।’ उन्होंने कहा कि वह किसी भी नेता या राजनैतिक पार्टी के विरोधी नहीं हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि वह किसी भी पार्टी या नेता पर जूता या चप्पल चलाने के पक्षधर नहीं हैं। ‘यदि मारना ही है तो वोट की मार मारें। बेइमानों का बहिष्कार करें।’
बाबा रामदेव ने कहा कि अन्ना हजारे की टीम द्वारा ऐसा कौन सा काम किया जा रहा है जिसके चलते उनके उपर जूता फेंका जा रहा है। डंडे मारे जा रहे हैं। यह कौन करा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस देश को बचाने के लिये काले धन और भ्रष्टाचार को हटाने की बात कह रहे हैं उन्हें तो मिटाने, सताने तथा दफनाने की कोशिश की जा रही है और जो लोग काले धन के मुद्दे को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वक्त का तकाजा है कि किसी पर न तो जूते ही चलाये जायें और न ही किसी को थप्पड़ मारा जाये बल्कि वोट के माध्यम से उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि उनके निशाने पर कोई भी पार्टी नहीं है लेकिन कुछ पार्टियों में जो राक्षस और गुंडे हैं उनके निशाने पर मैं जरूर हूं। उनसे जब यह पूछा गया कि किस पार्टी में गुंडे और राक्षस हैं जो उनको निशाना बनाये हुये हैं तो उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति की स5यता में किसी का नाम लिये बगैर ही अपनी बात कहने की परम्परा है।
बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ पार्टियों द्वारा लाखों करोड़ों रूपये के घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और जब इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की जाती है तो कहा जाता है कि चुनाव लड़ लें। ‘यह भी कोई बात हुई। इस देश में 121 करोड़ जनता है। क्या सभी लोगों को अपना हक मांगने के लिये चुनाव लड़ना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी काले धन की बात करता है, वह लोकतंत्र के लिये खतरा बन जाता है।
रामदेव ने कहा कि इस देश के चार सौ लाख करोड रूपये के कालेधन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिये। उनसे जब पूछा गया कि कौन लोग ईमानदारी से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही है और लोगों को उनका साथ देना चाहिये। कम से कम इन पार्टियों ने शुरूआत तो की है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
बाबा रामदेव ने कहा कि वह किसी भी पार्टी या नेता पर जूता या चप्पल चलाने के पक्षधर नहीं हैं। ‘यदि मारना ही है तो वोट की मार मारें। बेइमानों का बहिष्कार करें।’
बाबा रामदेव ने कहा कि अन्ना हजारे की टीम द्वारा ऐसा कौन सा काम किया जा रहा है जिसके चलते उनके उपर जूता फेंका जा रहा है। डंडे मारे जा रहे हैं। यह कौन करा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस देश को बचाने के लिये काले धन और भ्रष्टाचार को हटाने की बात कह रहे हैं उन्हें तो मिटाने, सताने तथा दफनाने की कोशिश की जा रही है और जो लोग काले धन के मुद्दे को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वक्त का तकाजा है कि किसी पर न तो जूते ही चलाये जायें और न ही किसी को थप्पड़ मारा जाये बल्कि वोट के माध्यम से उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि उनके निशाने पर कोई भी पार्टी नहीं है लेकिन कुछ पार्टियों में जो राक्षस और गुंडे हैं उनके निशाने पर मैं जरूर हूं। उनसे जब यह पूछा गया कि किस पार्टी में गुंडे और राक्षस हैं जो उनको निशाना बनाये हुये हैं तो उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति की स5यता में किसी का नाम लिये बगैर ही अपनी बात कहने की परम्परा है।
बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ पार्टियों द्वारा लाखों करोड़ों रूपये के घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और जब इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की जाती है तो कहा जाता है कि चुनाव लड़ लें। ‘यह भी कोई बात हुई। इस देश में 121 करोड़ जनता है। क्या सभी लोगों को अपना हक मांगने के लिये चुनाव लड़ना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी काले धन की बात करता है, वह लोकतंत्र के लिये खतरा बन जाता है।
रामदेव ने कहा कि इस देश के चार सौ लाख करोड रूपये के कालेधन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिये। उनसे जब पूछा गया कि कौन लोग ईमानदारी से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही है और लोगों को उनका साथ देना चाहिये। कम से कम इन पार्टियों ने शुरूआत तो की है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
बाबा रामदेव ने कहा कि अन्ना हजारे की टीम द्वारा ऐसा कौन सा काम किया जा रहा है जिसके चलते उनके उपर जूता फेंका जा रहा है। डंडे मारे जा रहे हैं। यह कौन करा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस देश को बचाने के लिये काले धन और भ्रष्टाचार को हटाने की बात कह रहे हैं उन्हें तो मिटाने, सताने तथा दफनाने की कोशिश की जा रही है और जो लोग काले धन के मुद्दे को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वक्त का तकाजा है कि किसी पर न तो जूते ही चलाये जायें और न ही किसी को थप्पड़ मारा जाये बल्कि वोट के माध्यम से उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि उनके निशाने पर कोई भी पार्टी नहीं है लेकिन कुछ पार्टियों में जो राक्षस और गुंडे हैं उनके निशाने पर मैं जरूर हूं। उनसे जब यह पूछा गया कि किस पार्टी में गुंडे और राक्षस हैं जो उनको निशाना बनाये हुये हैं तो उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति की स5यता में किसी का नाम लिये बगैर ही अपनी बात कहने की परम्परा है।
बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ पार्टियों द्वारा लाखों करोड़ों रूपये के घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और जब इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की जाती है तो कहा जाता है कि चुनाव लड़ लें। ‘यह भी कोई बात हुई। इस देश में 121 करोड़ जनता है। क्या सभी लोगों को अपना हक मांगने के लिये चुनाव लड़ना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी काले धन की बात करता है, वह लोकतंत्र के लिये खतरा बन जाता है।
रामदेव ने कहा कि इस देश के चार सौ लाख करोड रूपये के कालेधन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिये। उनसे जब पूछा गया कि कौन लोग ईमानदारी से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही है और लोगों को उनका साथ देना चाहिये। कम से कम इन पार्टियों ने शुरूआत तो की है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि उनके निशाने पर कोई भी पार्टी नहीं है लेकिन कुछ पार्टियों में जो राक्षस और गुंडे हैं उनके निशाने पर मैं जरूर हूं। उनसे जब यह पूछा गया कि किस पार्टी में गुंडे और राक्षस हैं जो उनको निशाना बनाये हुये हैं तो उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति की स5यता में किसी का नाम लिये बगैर ही अपनी बात कहने की परम्परा है।
बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ पार्टियों द्वारा लाखों करोड़ों रूपये के घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और जब इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की जाती है तो कहा जाता है कि चुनाव लड़ लें। ‘यह भी कोई बात हुई। इस देश में 121 करोड़ जनता है। क्या सभी लोगों को अपना हक मांगने के लिये चुनाव लड़ना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी काले धन की बात करता है, वह लोकतंत्र के लिये खतरा बन जाता है।
रामदेव ने कहा कि इस देश के चार सौ लाख करोड रूपये के कालेधन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिये। उनसे जब पूछा गया कि कौन लोग ईमानदारी से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही है और लोगों को उनका साथ देना चाहिये। कम से कम इन पार्टियों ने शुरूआत तो की है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ पार्टियों द्वारा लाखों करोड़ों रूपये के घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और जब इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की जाती है तो कहा जाता है कि चुनाव लड़ लें। ‘यह भी कोई बात हुई। इस देश में 121 करोड़ जनता है। क्या सभी लोगों को अपना हक मांगने के लिये चुनाव लड़ना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी काले धन की बात करता है, वह लोकतंत्र के लिये खतरा बन जाता है।
रामदेव ने कहा कि इस देश के चार सौ लाख करोड रूपये के कालेधन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिये। उनसे जब पूछा गया कि कौन लोग ईमानदारी से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही है और लोगों को उनका साथ देना चाहिये। कम से कम इन पार्टियों ने शुरूआत तो की है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
रामदेव ने कहा कि इस देश के चार सौ लाख करोड रूपये के कालेधन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिये। उनसे जब पूछा गया कि कौन लोग ईमानदारी से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही है और लोगों को उनका साथ देना चाहिये। कम से कम इन पार्टियों ने शुरूआत तो की है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कमोबेश सभी पार्टियां देश में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार हैं लेकिन कोई 90 प्रतिशत जिम्मेदार है तो कोई 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में जनसभाओं की अनुमति मिल गयी लेकिन उत्तराखंड में ऐसा क्या है जो उनको अनुमति नहीं दी गयी।टिप्पणियां
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
रामदेव से जब यह पूछा गया कि उत्तराखंड में भाजपा में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जबकि कांग्रेस से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है, तो उन्होंने कहा कि जिसके पास चेहरा होगा वही तो उसे सामने रखेगा। जिसके पास चेहरा ही नहीं होगा, वह क्या रखेगा। ‘जो लोग अपने लिये दूसरे का चेहरे का प्रयोग करते हैं उनका हम कैसे मूल्यांकन कर सकते हैं।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह योग धर्म के साथ साथ राष्ट्र धर्म का भी निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये।
उन्होंने बताया कि उनके समर्थक कार्यक्रम, व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार उन्मूलन सहित सात मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। जो लोग उन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें वोट दिया जाना चाहिये, अन्य का बहिष्कार किया जाना चाहिये। | यहाँ एक सारांश है:बाबा रामदेव ने कहा कि वह किसी भी पार्टी या नेता पर जूता या चप्पल चलाने के पक्षधर नहीं हैं। ‘यदि मारना ही है तो वोट की मार मारें। बेइमानों का बहिष्कार करें।’ | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुम्बई तट पर डूबे मालवाहक जहाज एमवी रैक कैरियर से तेल का रिसाव शुरू होने के बाद पुलिस ने रविवार को लोगों को समुद्र तट की ओर जाने से बचने के लिए कहा। मालवाहक जहाज गुरुवार को डूबा था। मुम्बई के पुलिस आयुक्त अरूप पटनायक ने रैक कैरियर से हो रहे तेल के रिसाव की जांच के लिए जुहू समुद्र तट का दौरा किया। पटनायक ने कहा, "मैं लोगों से अपील करता हूं कि तेल रिसाव के प्रभाव से बचने के लिए वे समुद्र तट की ओर न जाएं और न ही समुद्र में प्रवेश करें।" उन्होंने कहा कि वह समुद्र और स्वास्थ्य विभाग की टीमों से मुम्बई के समुद्र तटों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए कहेंगे ताकि लोगों की उपस्थिति के बारे में निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा, "मैं इस क्षेत्र का विशेषज्ञ नहीं हूं, इसलिए मैं तेल के रिसाव से होने वाले प्रभाव की गम्भीरता का आकलन नहीं कर सकता। मैंने समुद्र तटों खासतौर पर जुहू तट पर अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती करने के लिए कहा है।" पटनायक ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि समुद्र तटों पर अभी कानून एवं व्यवस्था की समस्या नहीं है। इसके पहले रविवार को नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि डूबे जहाज से तेल का रिसाव शनिवार देर रात से हो रहा है। जहाज से प्रतिघंटे करीब 1.5 से दो टन तेल का रिसाव हो रहा है।" अधिकारी ने कहा, "रिसाव सामने आने पर गश्त पर लगे तटरक्षक जहाज समुद्र प्रहरी ने रिसे तेल को निष्क्रिय करने के लिए समुद्र में रासायनिक पदार्थ का छिड़काव किया। इसके अलावा तटरक्षकों द्वारा 'पर्यावरण सुरक्षा' अभियान शुरू किया गया है।" अधिकारी के मुताबिक रविवार सुबह एक हवाई सर्वेक्षण किया गया जिससे पता चला कि तेल का फैलाव डूबे जहाज से सात नॉटिकल मील की दूरी तक हो चुका है। उन्होंने बताया कि तटरक्षक ने तेल का फैलाव रोकने के लिए एक अन्य जहाज आईसीजीएस संकल्प को भी लगाया है। अधिकारियों को हालांकि हालात पर सख्त निगरानी रखने के लिए कहा गया है। अधिकारी ने बताया, "राज्य के अधिकारियों को भी सलाह जारी की गई है कि वे रिसाव से प्रभावित समुद्री इलाके में मछुआरों को जाने से रोकने के लिए निर्देश जारी करें।" गौरतलब है कि इस जहाज पर 60 हजार टन कोयला और 340 टन डीजल लदा था। यह जहाज गुरुवार की दोपहर मुम्बई तट के पास डूब गया। इसके डूबने से पर्यावरणीय समस्या के उत्पन्न होने का खतरा है। नौसेना और भारतीय तटरक्षक के संयुक्त प्रयास से जहाज पर मौजूद इंडोनेशिया, जॉर्डन और रोमानिया के चालक दल के सभी 30 सदस्यों को बचा लिया गया। पनामा का यह जहाज मेसर्स डेल्टा शिपिंग मरीन सर्विसेज कतर का था जो इंडोनेशिया के लुबुक-टुटुंग से कोयला लेकर गुजरात के दाहेज बंदरगाह जा रहा था। | संक्षिप्त पाठ: मुम्बई तट पर डूबे जहाज एमवी रैक कैरियर से तेल का रिसाव शुरू होने के बाद पुलिस ने लोगों को समुद्र तट की ओर जाने से बचने के लिए कहा। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने सिंगापुर के साथ दोहरे कराधान से बचाव की संधि (डीटीएए) में संशोधन के लिए इस दक्षिण पूर्व एशियायी देश के साथ शुक्रवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत वहां के रास्ते आने वाले निवेश पर अगले अप्रैल से पूंजी लाभ पर कर लागू होगा. इसका उद्येश्य निवेश के नाम पर काले धन की हेराफेरी पर अंकुश लगाना है.
भारत ने इससे पहले इसी साल मॉरीशस तथा साइप्रस के साथ पुरानी कर संधियों में संशोधन का करार किया था. मॉरीशस के साथ संशोधित कर संधि पर मई में हस्ताक्षर किए गए. उसके बाद से ही सिंगापुर के साथ दोहरा कर बचाव संधि (डीटीएए) में बदलाव की बात शुरू हुई थी. मॉरीशस तथा सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के शीर्ष स्रोतों में शामिल हैं. देश के प्रतिभूति बाजारों में कुल प्रवाह का बड़ा हिस्सा भी इन्हीं देशों में पंजीकृत कंपनियों के जरिए आता रहा है.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सिंगापुर के साथ किये गये संशोधित संधि के तहत एक अप्रैल 2017 से दो साल के लिये पूंजी लाभ कर मौजूदा घरेलू दर का 50 प्रतिशत के हिसाब से लगाया जाएगा. पूर्ण दर एक अप्रैल 2019 से लागू होगी. उन्होंने कहा, "इस साल 10 मई को हमने मॉरीशस के साथ डीटीएए में संशोधन किया था. उसके बाद हमने साइप्रस के साथ संशोधन किया और आज हमने सिंगापुर के साथ डीटीएए में संशोधन किया." जेटली ने कहा कि इसके साथ हमने सफलतापूर्वक इस रास्ते धन की हेराफेरी पर सफलतापूर्वक रोक लगाई है. वित्त वर्ष 2015-16 में कुल 29.4 अरब डालर के एफडीआई प्रवाह में मॉरीशस तथा सिंगापुर की हिस्सेदारी 17 अरब डालर रही.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे पहले तीन देशों के साथ डीटीएए के तहत पूंजी लाभ के जरिये मुनाफे पर कर से छूट था क्योंकि मेजबान देशों में इस प्रकार का कोई शुल्क नहीं था. लाभार्थी भारत में कोई पूंजी लाभ कर नहीं देता था. उन्होंने कहा, "इसीलिए इस बात की आशंका थी कि इन समझौतों का दुरुपयोग धन को दूसरे जगह ले जाने तथा उसे फिर से उस मार्ग के जरिये देश में वापस लाने के लिये किया जा सकता है." उन्होंने कहा कि डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा.
जेटली ने कहा, "संधि में संशोधन के जरिये हमने अस्तित्व में रहे कालाधन बनाने के नियम को खत्म कर दिया है." वित्त मंत्री ने कहा कि मॉरीशस समझौते की तरह सभी निवेश पर मार्च 2019 तक छूट दी जाएगी. पूंजी लाभ देनदारी को आधा-आधा साझा किया जाएगा तथा उसके बाद पूरी पूंजी भारत आएगी. साथ ही स्विट्जरलैंड 2019 से 2018 के बाद अपने बैंकों में खोले गए सभी खातों तथा निवेश के बारे में सूचना साझा करेगा. उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने दो महीने पहले इस संबंध में स्विट्जरलैंड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.टिप्पणियां
जेटली ने कहा, "कर चोरी तथा दूसरे देशों में धन रखने के खिलाफ जारी अभियान में यह मील का पत्थर है." उन्होंने कहा, ""डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 ऐतिहासिक रहा." देश में अल्पकालीन पूंजी लाभ कर की दर 15 प्रतिशत है जबकि दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर शून्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारत ने इससे पहले इसी साल मॉरीशस तथा साइप्रस के साथ पुरानी कर संधियों में संशोधन का करार किया था. मॉरीशस के साथ संशोधित कर संधि पर मई में हस्ताक्षर किए गए. उसके बाद से ही सिंगापुर के साथ दोहरा कर बचाव संधि (डीटीएए) में बदलाव की बात शुरू हुई थी. मॉरीशस तथा सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के शीर्ष स्रोतों में शामिल हैं. देश के प्रतिभूति बाजारों में कुल प्रवाह का बड़ा हिस्सा भी इन्हीं देशों में पंजीकृत कंपनियों के जरिए आता रहा है.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सिंगापुर के साथ किये गये संशोधित संधि के तहत एक अप्रैल 2017 से दो साल के लिये पूंजी लाभ कर मौजूदा घरेलू दर का 50 प्रतिशत के हिसाब से लगाया जाएगा. पूर्ण दर एक अप्रैल 2019 से लागू होगी. उन्होंने कहा, "इस साल 10 मई को हमने मॉरीशस के साथ डीटीएए में संशोधन किया था. उसके बाद हमने साइप्रस के साथ संशोधन किया और आज हमने सिंगापुर के साथ डीटीएए में संशोधन किया." जेटली ने कहा कि इसके साथ हमने सफलतापूर्वक इस रास्ते धन की हेराफेरी पर सफलतापूर्वक रोक लगाई है. वित्त वर्ष 2015-16 में कुल 29.4 अरब डालर के एफडीआई प्रवाह में मॉरीशस तथा सिंगापुर की हिस्सेदारी 17 अरब डालर रही.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे पहले तीन देशों के साथ डीटीएए के तहत पूंजी लाभ के जरिये मुनाफे पर कर से छूट था क्योंकि मेजबान देशों में इस प्रकार का कोई शुल्क नहीं था. लाभार्थी भारत में कोई पूंजी लाभ कर नहीं देता था. उन्होंने कहा, "इसीलिए इस बात की आशंका थी कि इन समझौतों का दुरुपयोग धन को दूसरे जगह ले जाने तथा उसे फिर से उस मार्ग के जरिये देश में वापस लाने के लिये किया जा सकता है." उन्होंने कहा कि डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा.
जेटली ने कहा, "संधि में संशोधन के जरिये हमने अस्तित्व में रहे कालाधन बनाने के नियम को खत्म कर दिया है." वित्त मंत्री ने कहा कि मॉरीशस समझौते की तरह सभी निवेश पर मार्च 2019 तक छूट दी जाएगी. पूंजी लाभ देनदारी को आधा-आधा साझा किया जाएगा तथा उसके बाद पूरी पूंजी भारत आएगी. साथ ही स्विट्जरलैंड 2019 से 2018 के बाद अपने बैंकों में खोले गए सभी खातों तथा निवेश के बारे में सूचना साझा करेगा. उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने दो महीने पहले इस संबंध में स्विट्जरलैंड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.टिप्पणियां
जेटली ने कहा, "कर चोरी तथा दूसरे देशों में धन रखने के खिलाफ जारी अभियान में यह मील का पत्थर है." उन्होंने कहा, ""डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 ऐतिहासिक रहा." देश में अल्पकालीन पूंजी लाभ कर की दर 15 प्रतिशत है जबकि दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर शून्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सिंगापुर के साथ किये गये संशोधित संधि के तहत एक अप्रैल 2017 से दो साल के लिये पूंजी लाभ कर मौजूदा घरेलू दर का 50 प्रतिशत के हिसाब से लगाया जाएगा. पूर्ण दर एक अप्रैल 2019 से लागू होगी. उन्होंने कहा, "इस साल 10 मई को हमने मॉरीशस के साथ डीटीएए में संशोधन किया था. उसके बाद हमने साइप्रस के साथ संशोधन किया और आज हमने सिंगापुर के साथ डीटीएए में संशोधन किया." जेटली ने कहा कि इसके साथ हमने सफलतापूर्वक इस रास्ते धन की हेराफेरी पर सफलतापूर्वक रोक लगाई है. वित्त वर्ष 2015-16 में कुल 29.4 अरब डालर के एफडीआई प्रवाह में मॉरीशस तथा सिंगापुर की हिस्सेदारी 17 अरब डालर रही.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे पहले तीन देशों के साथ डीटीएए के तहत पूंजी लाभ के जरिये मुनाफे पर कर से छूट था क्योंकि मेजबान देशों में इस प्रकार का कोई शुल्क नहीं था. लाभार्थी भारत में कोई पूंजी लाभ कर नहीं देता था. उन्होंने कहा, "इसीलिए इस बात की आशंका थी कि इन समझौतों का दुरुपयोग धन को दूसरे जगह ले जाने तथा उसे फिर से उस मार्ग के जरिये देश में वापस लाने के लिये किया जा सकता है." उन्होंने कहा कि डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा.
जेटली ने कहा, "संधि में संशोधन के जरिये हमने अस्तित्व में रहे कालाधन बनाने के नियम को खत्म कर दिया है." वित्त मंत्री ने कहा कि मॉरीशस समझौते की तरह सभी निवेश पर मार्च 2019 तक छूट दी जाएगी. पूंजी लाभ देनदारी को आधा-आधा साझा किया जाएगा तथा उसके बाद पूरी पूंजी भारत आएगी. साथ ही स्विट्जरलैंड 2019 से 2018 के बाद अपने बैंकों में खोले गए सभी खातों तथा निवेश के बारे में सूचना साझा करेगा. उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने दो महीने पहले इस संबंध में स्विट्जरलैंड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.टिप्पणियां
जेटली ने कहा, "कर चोरी तथा दूसरे देशों में धन रखने के खिलाफ जारी अभियान में यह मील का पत्थर है." उन्होंने कहा, ""डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 ऐतिहासिक रहा." देश में अल्पकालीन पूंजी लाभ कर की दर 15 प्रतिशत है जबकि दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर शून्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे पहले तीन देशों के साथ डीटीएए के तहत पूंजी लाभ के जरिये मुनाफे पर कर से छूट था क्योंकि मेजबान देशों में इस प्रकार का कोई शुल्क नहीं था. लाभार्थी भारत में कोई पूंजी लाभ कर नहीं देता था. उन्होंने कहा, "इसीलिए इस बात की आशंका थी कि इन समझौतों का दुरुपयोग धन को दूसरे जगह ले जाने तथा उसे फिर से उस मार्ग के जरिये देश में वापस लाने के लिये किया जा सकता है." उन्होंने कहा कि डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा.
जेटली ने कहा, "संधि में संशोधन के जरिये हमने अस्तित्व में रहे कालाधन बनाने के नियम को खत्म कर दिया है." वित्त मंत्री ने कहा कि मॉरीशस समझौते की तरह सभी निवेश पर मार्च 2019 तक छूट दी जाएगी. पूंजी लाभ देनदारी को आधा-आधा साझा किया जाएगा तथा उसके बाद पूरी पूंजी भारत आएगी. साथ ही स्विट्जरलैंड 2019 से 2018 के बाद अपने बैंकों में खोले गए सभी खातों तथा निवेश के बारे में सूचना साझा करेगा. उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने दो महीने पहले इस संबंध में स्विट्जरलैंड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.टिप्पणियां
जेटली ने कहा, "कर चोरी तथा दूसरे देशों में धन रखने के खिलाफ जारी अभियान में यह मील का पत्थर है." उन्होंने कहा, ""डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 ऐतिहासिक रहा." देश में अल्पकालीन पूंजी लाभ कर की दर 15 प्रतिशत है जबकि दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर शून्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जेटली ने कहा, "संधि में संशोधन के जरिये हमने अस्तित्व में रहे कालाधन बनाने के नियम को खत्म कर दिया है." वित्त मंत्री ने कहा कि मॉरीशस समझौते की तरह सभी निवेश पर मार्च 2019 तक छूट दी जाएगी. पूंजी लाभ देनदारी को आधा-आधा साझा किया जाएगा तथा उसके बाद पूरी पूंजी भारत आएगी. साथ ही स्विट्जरलैंड 2019 से 2018 के बाद अपने बैंकों में खोले गए सभी खातों तथा निवेश के बारे में सूचना साझा करेगा. उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने दो महीने पहले इस संबंध में स्विट्जरलैंड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.टिप्पणियां
जेटली ने कहा, "कर चोरी तथा दूसरे देशों में धन रखने के खिलाफ जारी अभियान में यह मील का पत्थर है." उन्होंने कहा, ""डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 ऐतिहासिक रहा." देश में अल्पकालीन पूंजी लाभ कर की दर 15 प्रतिशत है जबकि दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर शून्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जेटली ने कहा, "कर चोरी तथा दूसरे देशों में धन रखने के खिलाफ जारी अभियान में यह मील का पत्थर है." उन्होंने कहा, ""डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 ऐतिहासिक रहा." देश में अल्पकालीन पूंजी लाभ कर की दर 15 प्रतिशत है जबकि दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर शून्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | शेयर बाजारों में बड़ा हिस्सा भी इन्हीं देशों में आता रहा है
लाभार्थी भारत में कोई पूंजी लाभ कर नहीं देता था
डीटीएए में संशोधन के लिहाज से 2016 महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दार्जीलिंग में शनिवार को ताजा झड़पों में इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के एक सहायक कमांडेंट को खुकरी से वार कर जख्मी कर दिया गया. खुकरी के वार से आईआरबी की दूसरी बटालियन के सहायक कमांडेंट किरेम तमांग गंभीर रूप से घायल हो गए. झड़प में प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मी भी जख्मी हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के एक वाहन को भी आग के हवाले कर दिया.
दार्जीलिंग के हालात पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि ये एक गहरी साजिश है. एक दिन में इतने हथियार इकट्ठा नहीं हो सकते. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है. देसी-विदेशी पर्यटक दार्जीलिंग में फंसे हुए हैं. इन हालातों के कारण देश की बदनामी हो रही है.टिप्पणियां
गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के समर्थक लगातार सड़कों पर हैं. मोर्चे की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है तथा उनके द्वारा हिंसा और आगज़नी की जा रही है. सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया जा रहा है. शनिवार को गोरखा जन मुक्ति मोर्चा समर्थकों ने सुरक्षाकर्मियों पर बोतलें और पेट्रोल बम भी फेंके. इसके बाद सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए.
हालात इतने बिगड़ गए है कि सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है, ताकि स्थिति हालात को जल्द से जल्द क़ाबू में किया जा सके.
दार्जीलिंग के हालात पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि ये एक गहरी साजिश है. एक दिन में इतने हथियार इकट्ठा नहीं हो सकते. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है. देसी-विदेशी पर्यटक दार्जीलिंग में फंसे हुए हैं. इन हालातों के कारण देश की बदनामी हो रही है.टिप्पणियां
गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के समर्थक लगातार सड़कों पर हैं. मोर्चे की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है तथा उनके द्वारा हिंसा और आगज़नी की जा रही है. सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया जा रहा है. शनिवार को गोरखा जन मुक्ति मोर्चा समर्थकों ने सुरक्षाकर्मियों पर बोतलें और पेट्रोल बम भी फेंके. इसके बाद सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए.
हालात इतने बिगड़ गए है कि सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है, ताकि स्थिति हालात को जल्द से जल्द क़ाबू में किया जा सके.
गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के समर्थक लगातार सड़कों पर हैं. मोर्चे की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है तथा उनके द्वारा हिंसा और आगज़नी की जा रही है. सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया जा रहा है. शनिवार को गोरखा जन मुक्ति मोर्चा समर्थकों ने सुरक्षाकर्मियों पर बोतलें और पेट्रोल बम भी फेंके. इसके बाद सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए.
हालात इतने बिगड़ गए है कि सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है, ताकि स्थिति हालात को जल्द से जल्द क़ाबू में किया जा सके.
हालात इतने बिगड़ गए है कि सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है, ताकि स्थिति हालात को जल्द से जल्द क़ाबू में किया जा सके. | यहाँ एक सारांश है:जीजेएम समर्थकों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी की, पेट्रोल बम भी फेंके
हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को बल प्रयोग करना पड़ा
स्थिति नियंत्रण में करने के लिए सेना को सड़कों पर उतारा गया | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इराक के उत्तरी हिस्से में एक आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से लदी कार लेकर एक थाने में घुस गया और हमले में पांच लोग मारे गए वहीं देश के दूसरे इलाकों में हुए हमलों में सात और लोगों की मौत हो गई।
किरकुक शहर के पुलिस उप-प्रमुख तोरहान अब्दुल रहमान यूसुफ ने बताया कि कार में सवार हमलावर ने दिबिस कस्बे के एक थाने को निशाना बनाया। मारे गए लोगों में दो पुलिसकर्मी और तीन नागरिक हैं।टिप्पणियां
थाने के निकट ही लड़कियों का स्कूल भी है और इसीलिए हमले में कई छात्राएं भी घायल हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ।
उधर, पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बगदाद में आतंकवादियों ने कई हमले किए जिनमें सात लोग मारे गए।
किरकुक शहर के पुलिस उप-प्रमुख तोरहान अब्दुल रहमान यूसुफ ने बताया कि कार में सवार हमलावर ने दिबिस कस्बे के एक थाने को निशाना बनाया। मारे गए लोगों में दो पुलिसकर्मी और तीन नागरिक हैं।टिप्पणियां
थाने के निकट ही लड़कियों का स्कूल भी है और इसीलिए हमले में कई छात्राएं भी घायल हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ।
उधर, पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बगदाद में आतंकवादियों ने कई हमले किए जिनमें सात लोग मारे गए।
थाने के निकट ही लड़कियों का स्कूल भी है और इसीलिए हमले में कई छात्राएं भी घायल हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ।
उधर, पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बगदाद में आतंकवादियों ने कई हमले किए जिनमें सात लोग मारे गए।
उधर, पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बगदाद में आतंकवादियों ने कई हमले किए जिनमें सात लोग मारे गए। | संक्षिप्त पाठ: इराक के उत्तरी हिस्से में एक आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से लदी कार लेकर एक थाने में घुस गया और हमले में पांच लोग मारे गए वहीं देश के दूसरे इलाकों में हुए हमलों में सात और लोगों की मौत हो गई। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटिश मॉडल, टीवी प्रस्तोता और हॉलीवुड अभिनेत्री केली ब्रुक अपने पूर्व-पुरुष मित्र थॉम ईवान्स के साथ सुलह चाहती हैं और वह इसके लिए लगातार प्रयास भी कर रही हैं।
थॉम ईवान्स व केली ब्रुक ने पिछले हफ्ते ही अपना दो साल पुराना रिश्ता तोड़ दिया था, जिसके बाद केली मियामी लौट आई थीं, लेकिन अब केली के मुताबिक वह ईवान्स की हमेशा से ज्यादा कमी महसूस कर रही हैं।
वेबसाइट मिरर.को.यूके के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, "वह उन्हें (थॉम ईवान्स को) फोन कर रही हैं और लिखित संदेश भेज रही हैं और उनसे मियामी आने के लिए कह रही हैं।"टिप्पणियां
सूत्र के अनुसार, "वह वास्तव में उनसे बात करने के लिए बेकरार हैं। अब वह लंदन से दूर हैं, उनका दिमाग साफ है और उन्हें एहसास हुआ है कि उनके लिए क्या महत्वपूर्ण है और वह वास्तव में उन्हें खोना नहीं चाहतीं।"
वैसे थॉम ईवान्स इस रिश्ते को लेकर भ्रम में नहीं हैं, और उनकी ओर से यह रिश्ता समाप्त हो चुका है।
थॉम ईवान्स व केली ब्रुक ने पिछले हफ्ते ही अपना दो साल पुराना रिश्ता तोड़ दिया था, जिसके बाद केली मियामी लौट आई थीं, लेकिन अब केली के मुताबिक वह ईवान्स की हमेशा से ज्यादा कमी महसूस कर रही हैं।
वेबसाइट मिरर.को.यूके के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, "वह उन्हें (थॉम ईवान्स को) फोन कर रही हैं और लिखित संदेश भेज रही हैं और उनसे मियामी आने के लिए कह रही हैं।"टिप्पणियां
सूत्र के अनुसार, "वह वास्तव में उनसे बात करने के लिए बेकरार हैं। अब वह लंदन से दूर हैं, उनका दिमाग साफ है और उन्हें एहसास हुआ है कि उनके लिए क्या महत्वपूर्ण है और वह वास्तव में उन्हें खोना नहीं चाहतीं।"
वैसे थॉम ईवान्स इस रिश्ते को लेकर भ्रम में नहीं हैं, और उनकी ओर से यह रिश्ता समाप्त हो चुका है।
वेबसाइट मिरर.को.यूके के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, "वह उन्हें (थॉम ईवान्स को) फोन कर रही हैं और लिखित संदेश भेज रही हैं और उनसे मियामी आने के लिए कह रही हैं।"टिप्पणियां
सूत्र के अनुसार, "वह वास्तव में उनसे बात करने के लिए बेकरार हैं। अब वह लंदन से दूर हैं, उनका दिमाग साफ है और उन्हें एहसास हुआ है कि उनके लिए क्या महत्वपूर्ण है और वह वास्तव में उन्हें खोना नहीं चाहतीं।"
वैसे थॉम ईवान्स इस रिश्ते को लेकर भ्रम में नहीं हैं, और उनकी ओर से यह रिश्ता समाप्त हो चुका है।
सूत्र के अनुसार, "वह वास्तव में उनसे बात करने के लिए बेकरार हैं। अब वह लंदन से दूर हैं, उनका दिमाग साफ है और उन्हें एहसास हुआ है कि उनके लिए क्या महत्वपूर्ण है और वह वास्तव में उन्हें खोना नहीं चाहतीं।"
वैसे थॉम ईवान्स इस रिश्ते को लेकर भ्रम में नहीं हैं, और उनकी ओर से यह रिश्ता समाप्त हो चुका है।
वैसे थॉम ईवान्स इस रिश्ते को लेकर भ्रम में नहीं हैं, और उनकी ओर से यह रिश्ता समाप्त हो चुका है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक सूत्र ने कहा, "वह उन्हें (थॉम ईवान्स को) लगातार फोन कर रही हैं और लिखित संदेश भेज रही हैं और उनसे मियामी आने के लिए कह रही हैं।" | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी को झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही बीसीसीआई की अनुशासन समिति को फिर से गठित करने की मांग की गई थी। जेएम पांचाल और एचएल गोखले की पीठ ने कहा कि तीन सदस्यीय समिति को बीसीसीआई द्वारा वैध तरीके से गठित किया गया है और इस समिति को केवल मोदी द्वारा जाहिर की गईं पक्षपात की आशंकाओं के आधार पर पुनर्गठित नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा, हम यह नहीं मान सकते कि (इस समिति के) सदस्य याचिकाकर्ता (मोदी) की सुनवाई निष्पक्ष तरीके से नहीं करेंगे। पीठ ने कहा कि समिति का गठन वैध तरीके से हुआ। उन्होंने कहा, केवल पक्षपात की आशंकाएं समिति के पुनर्गठन का आधार नहीं बन सकतीं। गौरतलब है कि मोदी ने अपनी याचिका में उनके खिलाफ कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए गठित अरुण जेटली, चिरायु अमीन और ज्योतिरादित्य सिंधिया की तीन सदस्यीय समिति को फिर से गठित करने की मांग की थी। | संक्षिप्त सारांश: सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, हम यह नहीं मान सकते कि (इस समिति के) सदस्य याचिकाकर्ता (मोदी) की सुनवाई निष्पक्ष तरीके से नहीं करेंगे। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केदारनाथ धाम में कुदरत के भीषण कोहराम के शिकार तीर्थयात्रियों के शोकाकुल परिजन अपने सगे-संबंधियों के शव न मिल पाने के चलते भारी मन से उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। हिंदुओं के धार्मिक रीति-रिवाज पूरे करने के लिए इस तरह की अंत्येष्टियों में तीर्थयात्रियों की पार्थिव शरीर की जगह आटे के पुतलों, वस्त्रों और तस्वीरों को अग्नि के हवाले किया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि भाजपा के इंदौर मंडल के महामंत्री भगवान सिंह (45), उनकी पत्नी सुगन बाई (40) और उनके करीबी रिश्तेदार रूपसिंह (70) उन अभागे तीर्थयात्रियों में शामिल हैं, जो केदारनाथ धाम में अतिवृष्टि के बाद आई प्राकृतिक आपदा के शिकार हो गए।
सूत्रों के मुताबिक एक ही कुनबे के तीनों तीर्थयात्री नजदीकी गांव झलारिया के रहने वाले थे। वे एक निजी ट्रैवल्स संचालक की बस से उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर निकले जत्थे में शामिल थे। टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि तीनों तीर्थयात्रियों के परिजन ने उनके शव न मिल पाने की वजह से उनकी प्रतीकात्मक अंत्येष्टि करने का निर्णय किया।
सूत्रों ने बताया कि तीर्थयात्रियों के परिजन ने दो अर्थियां तैयार कीं। एक अर्थी में यह मानकर आटे के दो पुतले रखे गए कि ये भगवान सिंह और उनकी पत्नी सुगन बाई के शव हैं। दूसरी अर्थी में भी रूपसिंह के शव की जगह आटे का पुतला रखा गया।
सूत्रों ने बताया कि भाजपा के इंदौर मंडल के महामंत्री भगवान सिंह (45), उनकी पत्नी सुगन बाई (40) और उनके करीबी रिश्तेदार रूपसिंह (70) उन अभागे तीर्थयात्रियों में शामिल हैं, जो केदारनाथ धाम में अतिवृष्टि के बाद आई प्राकृतिक आपदा के शिकार हो गए।
सूत्रों के मुताबिक एक ही कुनबे के तीनों तीर्थयात्री नजदीकी गांव झलारिया के रहने वाले थे। वे एक निजी ट्रैवल्स संचालक की बस से उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर निकले जत्थे में शामिल थे। टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि तीनों तीर्थयात्रियों के परिजन ने उनके शव न मिल पाने की वजह से उनकी प्रतीकात्मक अंत्येष्टि करने का निर्णय किया।
सूत्रों ने बताया कि तीर्थयात्रियों के परिजन ने दो अर्थियां तैयार कीं। एक अर्थी में यह मानकर आटे के दो पुतले रखे गए कि ये भगवान सिंह और उनकी पत्नी सुगन बाई के शव हैं। दूसरी अर्थी में भी रूपसिंह के शव की जगह आटे का पुतला रखा गया।
सूत्रों के मुताबिक एक ही कुनबे के तीनों तीर्थयात्री नजदीकी गांव झलारिया के रहने वाले थे। वे एक निजी ट्रैवल्स संचालक की बस से उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर निकले जत्थे में शामिल थे। टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि तीनों तीर्थयात्रियों के परिजन ने उनके शव न मिल पाने की वजह से उनकी प्रतीकात्मक अंत्येष्टि करने का निर्णय किया।
सूत्रों ने बताया कि तीर्थयात्रियों के परिजन ने दो अर्थियां तैयार कीं। एक अर्थी में यह मानकर आटे के दो पुतले रखे गए कि ये भगवान सिंह और उनकी पत्नी सुगन बाई के शव हैं। दूसरी अर्थी में भी रूपसिंह के शव की जगह आटे का पुतला रखा गया।
उन्होंने बताया कि तीनों तीर्थयात्रियों के परिजन ने उनके शव न मिल पाने की वजह से उनकी प्रतीकात्मक अंत्येष्टि करने का निर्णय किया।
सूत्रों ने बताया कि तीर्थयात्रियों के परिजन ने दो अर्थियां तैयार कीं। एक अर्थी में यह मानकर आटे के दो पुतले रखे गए कि ये भगवान सिंह और उनकी पत्नी सुगन बाई के शव हैं। दूसरी अर्थी में भी रूपसिंह के शव की जगह आटे का पुतला रखा गया।
सूत्रों ने बताया कि तीर्थयात्रियों के परिजन ने दो अर्थियां तैयार कीं। एक अर्थी में यह मानकर आटे के दो पुतले रखे गए कि ये भगवान सिंह और उनकी पत्नी सुगन बाई के शव हैं। दूसरी अर्थी में भी रूपसिंह के शव की जगह आटे का पुतला रखा गया। | सारांश: केदारनाथ धाम में कुदरत के भीषण कोहराम के शिकार तीर्थयात्रियों के शोकाकुल परिजन अपने सगे-संबंधियों के शव न मिल पाने के चलते भारी मन से उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीयों का अपनी विविधतापूर्ण सांस्कृतिक के साथ गहरा जुड़ाव उस समय एक बार फिर नजर आया जब ह्यूस्टन और इसके आसपास रह रहे भारतीय मूल के अमेरिकियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ रंगों का त्योहार होली मनाया। जीवन की व्यस्तता से कुछ समय निकाल कर यह लोग शनिवार को भाईचारे और सौहार्द्र की भावना से से होली का पर्व मनाने के लिए इकट्ठे हुए।
फोर्टबेंड काउंटी में रोजनबर्ग और द वुडलैंड में एल्डेन ब्रिज पार्क में होली के उपलक्ष्य में दिनभर आयोजन किए गए। लोगों ने होली जलाई और एक-दूसरे को इस त्योहार की बधाइयां दी। इस अवसर पर बॉलीवुड के गीतों ने समां बांध दिया और भारतीय मूल के अमेरिकियों ने जम कर नृत्य किया। एक ओर जहां उनके थिरकते कदम रुक नहीं रहे थे वहीं भारतीय पारंपरिक मिठाइयों ने यह आनंद दोगुना कर दिया। किशारों, बच्चों के साथ सभी ने एक-दूसरे को रंग लगाया। अमेरिकी समूह ने भी इसमें पूरे उत्साह से भाग लिया। कुछ वयस्क भारतीय अमेरिकी युवाओं को इस त्योहार का महत्व समझाते हुए भी देखे गए। इस अवसर पर एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘जब बात होली के त्योहार की हो तो आपको रंगों से रंगा हुआ, प्रसन्न तथा खुशमिजाज होना चाहिए।’’
फोर्टबेंड काउंटी में रोजनबर्ग और द वुडलैंड में एल्डेन ब्रिज पार्क में होली के उपलक्ष्य में दिनभर आयोजन किए गए। लोगों ने होली जलाई और एक-दूसरे को इस त्योहार की बधाइयां दी। इस अवसर पर बॉलीवुड के गीतों ने समां बांध दिया और भारतीय मूल के अमेरिकियों ने जम कर नृत्य किया। एक ओर जहां उनके थिरकते कदम रुक नहीं रहे थे वहीं भारतीय पारंपरिक मिठाइयों ने यह आनंद दोगुना कर दिया। किशारों, बच्चों के साथ सभी ने एक-दूसरे को रंग लगाया। अमेरिकी समूह ने भी इसमें पूरे उत्साह से भाग लिया। कुछ वयस्क भारतीय अमेरिकी युवाओं को इस त्योहार का महत्व समझाते हुए भी देखे गए। इस अवसर पर एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘जब बात होली के त्योहार की हो तो आपको रंगों से रंगा हुआ, प्रसन्न तथा खुशमिजाज होना चाहिए।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीयों का अपनी विविधतापूर्ण सांस्कृतिक के साथ गहरा जुड़ाव उस समय एक बार फिर नजर आया जब ह्यूस्टन और इसके आसपास रह रहे भारतीय मूल के अमेरिकियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ रंगों का त्योहार होली मनाया। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव सैयद नसीम अहमद जैदी को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया।
यहां जारी एक बयान में कहा गया है, "राष्ट्रपति ने सैयद नसीम अहमद जैदी को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।"
जैदी 1976 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। वह नागरिक उड्डयन सचिव के पद से 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए। वह 2017 तक देश के निर्वाचन आयुक्त रहेंगे।
वह इससे पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन में भारत के प्रतिनिधि रहे हैं।टिप्पणियां
वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव का पद भी संभाल चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी के 10 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में एक पद रिक्त हो गया था। कुरैशी का स्थान वीएस संपत ने लिया है।
यहां जारी एक बयान में कहा गया है, "राष्ट्रपति ने सैयद नसीम अहमद जैदी को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।"
जैदी 1976 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। वह नागरिक उड्डयन सचिव के पद से 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए। वह 2017 तक देश के निर्वाचन आयुक्त रहेंगे।
वह इससे पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन में भारत के प्रतिनिधि रहे हैं।टिप्पणियां
वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव का पद भी संभाल चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी के 10 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में एक पद रिक्त हो गया था। कुरैशी का स्थान वीएस संपत ने लिया है।
जैदी 1976 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। वह नागरिक उड्डयन सचिव के पद से 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए। वह 2017 तक देश के निर्वाचन आयुक्त रहेंगे।
वह इससे पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन में भारत के प्रतिनिधि रहे हैं।टिप्पणियां
वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव का पद भी संभाल चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी के 10 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में एक पद रिक्त हो गया था। कुरैशी का स्थान वीएस संपत ने लिया है।
वह इससे पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन में भारत के प्रतिनिधि रहे हैं।टिप्पणियां
वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव का पद भी संभाल चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी के 10 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में एक पद रिक्त हो गया था। कुरैशी का स्थान वीएस संपत ने लिया है।
वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव का पद भी संभाल चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी के 10 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में एक पद रिक्त हो गया था। कुरैशी का स्थान वीएस संपत ने लिया है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी के 10 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में एक पद रिक्त हो गया था। कुरैशी का स्थान वीएस संपत ने लिया है। | यहाँ एक सारांश है:राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव सैयद नसीम अहमद जैदी को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गिरते रुपये को संभालने के लिए आरबीआई ने बैंकों को दिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज दरें दो फ़ीसदी बढ़ा दी हैं। अब यह दर बढ़कर 10.25 फीसदी हो गई है जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।टिप्पणियां
इसका असर आपकी जेब पर भी पड़ सकता है। इससे सभी तरह के लोन महंगे होने तय हैं। प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव के बीच हुई हाईलेवल मीटिंग के बाद यह फ़ैसला लिया गया है।
पिछले कुछ दिनों से रुपया लगातार गिर रहा है। डॉलर के मुक़ाबले रुपया 61 के पार भी चला गया था। ऐसे में सरकार ने ब्याज दरें बढ़ाने का फ़ैसला किया है।
इसका असर आपकी जेब पर भी पड़ सकता है। इससे सभी तरह के लोन महंगे होने तय हैं। प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव के बीच हुई हाईलेवल मीटिंग के बाद यह फ़ैसला लिया गया है।
पिछले कुछ दिनों से रुपया लगातार गिर रहा है। डॉलर के मुक़ाबले रुपया 61 के पार भी चला गया था। ऐसे में सरकार ने ब्याज दरें बढ़ाने का फ़ैसला किया है।
पिछले कुछ दिनों से रुपया लगातार गिर रहा है। डॉलर के मुक़ाबले रुपया 61 के पार भी चला गया था। ऐसे में सरकार ने ब्याज दरें बढ़ाने का फ़ैसला किया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गिरते रुपये को संभालने के लिए आरबीआई ने बैंकों को दिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज दरें दो फ़ीसदी बढ़ा दी हैं। अब यह दर बढ़कर 10.25 फीसदी हो गई है जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रुपये के अवमूल्यन और लागत में वृद्धि के असर से निपटने के लिए कम्पनियां टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं। लिहाजा यदि इस महीने रेफ्रिजरेटर या एयरकंडीशनर खरीदने की आपकी योजना हो तो देर मत कीजिए।
औद्योगिक सूत्रों का कहना है कि इस बार कीमतों में वृद्धि चार से 10 प्रतिशत के बीच होगी। अधिकांश कम्पनियों ने इसके पहले बजट के बाद कीमतें बढ़ाई थीं।
सैमसंग इंडिया (घरेलू वस्तुएं) के उपाध्यक्ष महेश कृष्णन ने कहा, "कम्पनी रेफ्रीजरेटर और वाशिंग मशींस की कीमतें बढ़ाएगी।"
कृष्णन, वृद्धि का वास्तविक प्रतिशत नहीं बता पाए, क्योंकि कम्पनी अभी इसके बारे में गुणा-गणित कर रही है। उन्होंने कहा, "अभी हम इस पर काम कर रहे हैं।"
उद्योग एवं व्यापार के सूत्रों का कहना है कि कीमतें उत्पादों की आयात मात्रा पर निर्भर करेंगी। टिकाऊ वस्तुओं में 30-70 प्रतिशत हिस्सा आयात किया जाता है। लगभग सभी कम्पनियां अपने रेफ्रिजरेटर्स, एयरकंडीशनर्स और वाशिंग मशींस पूर्ण निर्मित अवस्था में आयात करती हैं। अंदर के सूत्रों ने कहा है कि पेट्रोल उत्पादों और माल भाड़ों में वृद्धि के कारण लागत बढ़ गई हैं।
भारतीय बाजार में छह दरवाजे वाले रेफ्रिजरेटर पेश करने की योजना बना रही कम्पनी, हेयर ने कहा है कि वह सबसे पहले वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें बढ़ा रही है।
हेयर इंडिया के प्रेसीडेंट एरिक ब्रैगैंजा ने कहा, "हम इस महीने वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें तीन से पांच प्रतिशत बढ़ाने जा रहे हैं।"
व्हर्लपूल, एलजी और गोदरेज भी कीमतों में वृद्धि की घोषणा करने से पहले मुनाफे पर बन रहे दबाव का अनुमान लगा रहे हैं।टिप्पणियां
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
औद्योगिक सूत्रों का कहना है कि इस बार कीमतों में वृद्धि चार से 10 प्रतिशत के बीच होगी। अधिकांश कम्पनियों ने इसके पहले बजट के बाद कीमतें बढ़ाई थीं।
सैमसंग इंडिया (घरेलू वस्तुएं) के उपाध्यक्ष महेश कृष्णन ने कहा, "कम्पनी रेफ्रीजरेटर और वाशिंग मशींस की कीमतें बढ़ाएगी।"
कृष्णन, वृद्धि का वास्तविक प्रतिशत नहीं बता पाए, क्योंकि कम्पनी अभी इसके बारे में गुणा-गणित कर रही है। उन्होंने कहा, "अभी हम इस पर काम कर रहे हैं।"
उद्योग एवं व्यापार के सूत्रों का कहना है कि कीमतें उत्पादों की आयात मात्रा पर निर्भर करेंगी। टिकाऊ वस्तुओं में 30-70 प्रतिशत हिस्सा आयात किया जाता है। लगभग सभी कम्पनियां अपने रेफ्रिजरेटर्स, एयरकंडीशनर्स और वाशिंग मशींस पूर्ण निर्मित अवस्था में आयात करती हैं। अंदर के सूत्रों ने कहा है कि पेट्रोल उत्पादों और माल भाड़ों में वृद्धि के कारण लागत बढ़ गई हैं।
भारतीय बाजार में छह दरवाजे वाले रेफ्रिजरेटर पेश करने की योजना बना रही कम्पनी, हेयर ने कहा है कि वह सबसे पहले वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें बढ़ा रही है।
हेयर इंडिया के प्रेसीडेंट एरिक ब्रैगैंजा ने कहा, "हम इस महीने वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें तीन से पांच प्रतिशत बढ़ाने जा रहे हैं।"
व्हर्लपूल, एलजी और गोदरेज भी कीमतों में वृद्धि की घोषणा करने से पहले मुनाफे पर बन रहे दबाव का अनुमान लगा रहे हैं।टिप्पणियां
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
सैमसंग इंडिया (घरेलू वस्तुएं) के उपाध्यक्ष महेश कृष्णन ने कहा, "कम्पनी रेफ्रीजरेटर और वाशिंग मशींस की कीमतें बढ़ाएगी।"
कृष्णन, वृद्धि का वास्तविक प्रतिशत नहीं बता पाए, क्योंकि कम्पनी अभी इसके बारे में गुणा-गणित कर रही है। उन्होंने कहा, "अभी हम इस पर काम कर रहे हैं।"
उद्योग एवं व्यापार के सूत्रों का कहना है कि कीमतें उत्पादों की आयात मात्रा पर निर्भर करेंगी। टिकाऊ वस्तुओं में 30-70 प्रतिशत हिस्सा आयात किया जाता है। लगभग सभी कम्पनियां अपने रेफ्रिजरेटर्स, एयरकंडीशनर्स और वाशिंग मशींस पूर्ण निर्मित अवस्था में आयात करती हैं। अंदर के सूत्रों ने कहा है कि पेट्रोल उत्पादों और माल भाड़ों में वृद्धि के कारण लागत बढ़ गई हैं।
भारतीय बाजार में छह दरवाजे वाले रेफ्रिजरेटर पेश करने की योजना बना रही कम्पनी, हेयर ने कहा है कि वह सबसे पहले वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें बढ़ा रही है।
हेयर इंडिया के प्रेसीडेंट एरिक ब्रैगैंजा ने कहा, "हम इस महीने वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें तीन से पांच प्रतिशत बढ़ाने जा रहे हैं।"
व्हर्लपूल, एलजी और गोदरेज भी कीमतों में वृद्धि की घोषणा करने से पहले मुनाफे पर बन रहे दबाव का अनुमान लगा रहे हैं।टिप्पणियां
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
कृष्णन, वृद्धि का वास्तविक प्रतिशत नहीं बता पाए, क्योंकि कम्पनी अभी इसके बारे में गुणा-गणित कर रही है। उन्होंने कहा, "अभी हम इस पर काम कर रहे हैं।"
उद्योग एवं व्यापार के सूत्रों का कहना है कि कीमतें उत्पादों की आयात मात्रा पर निर्भर करेंगी। टिकाऊ वस्तुओं में 30-70 प्रतिशत हिस्सा आयात किया जाता है। लगभग सभी कम्पनियां अपने रेफ्रिजरेटर्स, एयरकंडीशनर्स और वाशिंग मशींस पूर्ण निर्मित अवस्था में आयात करती हैं। अंदर के सूत्रों ने कहा है कि पेट्रोल उत्पादों और माल भाड़ों में वृद्धि के कारण लागत बढ़ गई हैं।
भारतीय बाजार में छह दरवाजे वाले रेफ्रिजरेटर पेश करने की योजना बना रही कम्पनी, हेयर ने कहा है कि वह सबसे पहले वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें बढ़ा रही है।
हेयर इंडिया के प्रेसीडेंट एरिक ब्रैगैंजा ने कहा, "हम इस महीने वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें तीन से पांच प्रतिशत बढ़ाने जा रहे हैं।"
व्हर्लपूल, एलजी और गोदरेज भी कीमतों में वृद्धि की घोषणा करने से पहले मुनाफे पर बन रहे दबाव का अनुमान लगा रहे हैं।टिप्पणियां
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
उद्योग एवं व्यापार के सूत्रों का कहना है कि कीमतें उत्पादों की आयात मात्रा पर निर्भर करेंगी। टिकाऊ वस्तुओं में 30-70 प्रतिशत हिस्सा आयात किया जाता है। लगभग सभी कम्पनियां अपने रेफ्रिजरेटर्स, एयरकंडीशनर्स और वाशिंग मशींस पूर्ण निर्मित अवस्था में आयात करती हैं। अंदर के सूत्रों ने कहा है कि पेट्रोल उत्पादों और माल भाड़ों में वृद्धि के कारण लागत बढ़ गई हैं।
भारतीय बाजार में छह दरवाजे वाले रेफ्रिजरेटर पेश करने की योजना बना रही कम्पनी, हेयर ने कहा है कि वह सबसे पहले वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें बढ़ा रही है।
हेयर इंडिया के प्रेसीडेंट एरिक ब्रैगैंजा ने कहा, "हम इस महीने वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें तीन से पांच प्रतिशत बढ़ाने जा रहे हैं।"
व्हर्लपूल, एलजी और गोदरेज भी कीमतों में वृद्धि की घोषणा करने से पहले मुनाफे पर बन रहे दबाव का अनुमान लगा रहे हैं।टिप्पणियां
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
भारतीय बाजार में छह दरवाजे वाले रेफ्रिजरेटर पेश करने की योजना बना रही कम्पनी, हेयर ने कहा है कि वह सबसे पहले वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें बढ़ा रही है।
हेयर इंडिया के प्रेसीडेंट एरिक ब्रैगैंजा ने कहा, "हम इस महीने वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें तीन से पांच प्रतिशत बढ़ाने जा रहे हैं।"
व्हर्लपूल, एलजी और गोदरेज भी कीमतों में वृद्धि की घोषणा करने से पहले मुनाफे पर बन रहे दबाव का अनुमान लगा रहे हैं।टिप्पणियां
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
हेयर इंडिया के प्रेसीडेंट एरिक ब्रैगैंजा ने कहा, "हम इस महीने वाशिंग मशींस और एलसीडी टीवी की कीमतें तीन से पांच प्रतिशत बढ़ाने जा रहे हैं।"
व्हर्लपूल, एलजी और गोदरेज भी कीमतों में वृद्धि की घोषणा करने से पहले मुनाफे पर बन रहे दबाव का अनुमान लगा रहे हैं।टिप्पणियां
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
व्हर्लपूल, एलजी और गोदरेज भी कीमतों में वृद्धि की घोषणा करने से पहले मुनाफे पर बन रहे दबाव का अनुमान लगा रहे हैं।टिप्पणियां
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
व्हर्लपूल इंडिया के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट मामले एवं रणनीति) शांतनु दासगुप्ता ने कहा, "मूल्य निर्धारण कोई आसान काम नहीं है, यह विभिन्न किस्मों के मूल्यांकन पर आधारित होता है जो मूल्य निर्धारण को प्रभावित करते हैं।"
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है।
दासगुप्ता ने कहा कि मूल्य वृद्धि का मूल कारण महंगाई और रुपये का अवमूल्यन है। | रुपये के अवमूल्यन और लागत में वृद्धि के असर से निपटने के लिए कम्पनियां टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने दवा निर्यातकों के लिये अपने उत्पादों पर बारकोड लगाने को अनिवार्य कर दिया। इससे संबंधित निर्यातकों के उत्पादों के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी। कुछ चीनी कंपनियों द्वारा मेड इन इंडिया नाम से नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देशों में दवाओं के निर्यात की रिपोर्ट के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने सार्वजनिक नोटिस में कहा, दवा उत्पादों का निर्यात करने वाले निर्यातकों के लिए अपने उत्पादों पर बारकोड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि उनके उत्पादों के बारे में पता लगाया जा सके और जरूरी जानकारी हासिल की जा सके। वाणिज्य विभाग की इकाई डीजीएफटी ने कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए दवा निर्यातकों को पर्याप्त समय दिया जा रहा है। उसने कहा, यह 1 जुलाई, 2011 से प्रभावी होगा। बारकोड में उत्पाद के बारे में सूचना होती है जिसे आंकड़े पढ़ने वाले मशीन से पढ़ा जा सकता है। डीजीएफटी के अनुसार साथ ही निर्यातकों को विश्लेषण प्रमाणपत्र देना होगा, जो संबंधित उत्पाद के विनिर्माता जारी करेंगे। | यहाँ एक सारांश है:कुछ चीनी कंपनियों द्वारा मेड इन इंडिया नाम से नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देशों में दवाओं के निर्यात की रिपोर्ट के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के पास यह सुनिश्चित करने की पुख्ता व्यवस्था है कि पाकिस्तान अमेरिकी आर्थिक सहायता का सीधा उपयोग अपने परमाणु कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए न करे। यूएस सेंट्रल कमान के कमांडर जनरल जेम्स एन मैटिस ने सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति द्वारा आयोजित कांग्रेस की बहस के दौरान कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि उनके परमाणु कार्यक्रम के लिए कोई सीधी वित्तीय सहायता नहीं है। मेरे विश्वास का कारण हमारे द्वारा दी गई सहायता पर नजर रखने की व्यवस्था है। इससे पहले सांसदों ने इन हालिया खबरों पर चिंता जताई थी कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों की संख्या दोगुनी कर चुका है और उसके यह शस्त्र सौ की संख्या पार कर चुके हैं। मैटिस ने कहा, जाहिर है, वित्त पोषण के उनके अपने स्रोत होंगे, और हम उन्हें दें या न दें.. वह उसे अन्यत्र खर्च करेंगे। सीनेटर जिम वेब ने चिंता जताई कि भले ही पाकिस्तान अमेरिकी सहायता का अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए सीधे इस्तेमाल नहीं करता हो लेकिन अन्य क्षेत्रों के लिए अमेरिकी सहायता मिलने की वजह से वह अपना धन इसमें लगा सकता है। | यह एक सारांश है: अमेरिका के पास यह सुनिश्चित करने की पुख्ता व्यवस्था है कि पाक अमेरिकी आर्थिक सहायता का उपयोग अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए न करे। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केरल के तिरुअनंतपुरम में एक एटीएम मशीन से हुई लाखों रुपये की हाई-टेक चोरी के लिए तीन विदेशी नागरिकों पर शक है, जो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दिखाई दे रहे हैं. इन तीनों में से एक रोमानियाई नागरिक को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी दोनों को पकड़ने के लिए केरल सरकार का इरादा इंटरपोल से मदद मांगने का है.
सीसीटीवी फुटेज में ये लोग एटीएम में घुसते और वहां एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फिट करते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस के मुताबिक इसी उपकरण की मदद से ये वहां पैसे निकालने आए लोगों के बैंक एकाउंट से जुड़ी जानकारी और उनके पिन नंबर जान पाए. फिर उस जानकारी की मदद से इन लोगों ने नकली एटीएम कार्ड तैयार किए, जिन्हें दिल्ली और मुंबई में इस्तेमाल किया गया.
पुलिस ने बताया कि कम से कम 22 लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि उन्हें सोमवार को इस तरह के एसएमएस मिले, जिनमें उनके एकाउंटों से बड़ी-बड़ी रकमें निकाले जाने की सूचना दी गई. कुल मिलाकर यह रकम लगभग 4.5 लाख रुपये है.टिप्पणियां
पुलिस सूत्रों ने बताया कि फिलहाल विशेषज्ञों की मदद से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने जानकारी कैसे इकट्ठी की, और क्या इसमें इन तीन के अलावा कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमने सीसीटीवी की फुटेज को जांचा है, और तीन विदेशियों की तस्वीरें हैसिल हुई हैं... हमें शक है कि इस एटीएम लूट में इन्हीं का हाथ है... वैसे, हम इस बात की भी तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या इसमें और लोग शामिल थे..."
सीसीटीवी फुटेज में ये लोग एटीएम में घुसते और वहां एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फिट करते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस के मुताबिक इसी उपकरण की मदद से ये वहां पैसे निकालने आए लोगों के बैंक एकाउंट से जुड़ी जानकारी और उनके पिन नंबर जान पाए. फिर उस जानकारी की मदद से इन लोगों ने नकली एटीएम कार्ड तैयार किए, जिन्हें दिल्ली और मुंबई में इस्तेमाल किया गया.
पुलिस ने बताया कि कम से कम 22 लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि उन्हें सोमवार को इस तरह के एसएमएस मिले, जिनमें उनके एकाउंटों से बड़ी-बड़ी रकमें निकाले जाने की सूचना दी गई. कुल मिलाकर यह रकम लगभग 4.5 लाख रुपये है.टिप्पणियां
पुलिस सूत्रों ने बताया कि फिलहाल विशेषज्ञों की मदद से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने जानकारी कैसे इकट्ठी की, और क्या इसमें इन तीन के अलावा कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमने सीसीटीवी की फुटेज को जांचा है, और तीन विदेशियों की तस्वीरें हैसिल हुई हैं... हमें शक है कि इस एटीएम लूट में इन्हीं का हाथ है... वैसे, हम इस बात की भी तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या इसमें और लोग शामिल थे..."
पुलिस सूत्रों ने बताया कि फिलहाल विशेषज्ञों की मदद से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने जानकारी कैसे इकट्ठी की, और क्या इसमें इन तीन के अलावा कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमने सीसीटीवी की फुटेज को जांचा है, और तीन विदेशियों की तस्वीरें हैसिल हुई हैं... हमें शक है कि इस एटीएम लूट में इन्हीं का हाथ है... वैसे, हम इस बात की भी तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या इसमें और लोग शामिल थे..."
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमने सीसीटीवी की फुटेज को जांचा है, और तीन विदेशियों की तस्वीरें हैसिल हुई हैं... हमें शक है कि इस एटीएम लूट में इन्हीं का हाथ है... वैसे, हम इस बात की भी तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या इसमें और लोग शामिल थे..." | सीसीटीवी में ये विदेशी एटीएम में घुसते, और कोई उपकरण फिट करते दिखाई दिए
पुलिस के मुताबिक इस उपकरण से उन्होंने लोगों के पिन नंबर की जानकारी निकाली
फिर दिल्ली व मुंबई में नकली एटीएम कार्ड के ज़रिये पैसे निकाले | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के तीसरे कैबिनेट फेरबदल में जहां चार पूर्व नौकरशाहों को जगह दी है वहीं चार मंत्रियों का प्रमोशन भी दिया गया है. इन सभी को स्वतंत्र प्रभार से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. इनमें निर्मला सीतारमन, मुख्तार अब्बास नकवी, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं. निर्मला सीतारामन ने वाणिज्य मंत्रालय में काफी अच्छा काम किया है. पीएम उनके काफी खुश हैं. झारखंड से राज्यसभा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी अभी संसदीय कार्यमंत्री हैं और उनको जब से जिम्मेदारी दी गई है अच्छी तरह से निभाया है. उनके पास अल्पसंख्यक मामलों का अतिरिक्त प्रभार भी है. पीयूष गोयल की तारीफ शुरू से होती रही है. ऊर्जा मंत्री के रूप में उन्होंने काफी अच्छा काम किया है. उनके रहते देश के कई इलाकों आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची हैं. इसके साथ ही बिना किसी विवाद के उन्होंने कोल ब्लॉक आबंटन और कोयला सुधारों को अंजाम दिया है.टिप्पणियां
पढ़ें : अवैध इमारतों के 'दुश्मन' रहे हैं अलफोन्स कन्नाथनम, शिक्षा में किया है काफी काम
वहीं बात करें धर्मेंन्द्र प्रधान की तो उनके जिम्मे प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस परियोजना है. इस योजना को उन्होंने अच्छी तरह से लागू करवाया है. इस योजना के तहत गरीब परिवारों को फ्री में एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है. माना जाता है कि इस योजना ने भी यूपी में बीजेपी को बहुमत दिलाने में योगदान दिया है. इस योजना की तुलना यूपीए के मनरेगा से की जाती है. धर्मेन्द्र प्रधान ने लोगों को एलपीजी सब्सिडी छोड़ने के लिए 'गिव इट अप' की शुरुआत की थी और अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोग सब्सिडी छोड़ चुके हैं.
पढ़ें : अवैध इमारतों के 'दुश्मन' रहे हैं अलफोन्स कन्नाथनम, शिक्षा में किया है काफी काम
वहीं बात करें धर्मेंन्द्र प्रधान की तो उनके जिम्मे प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस परियोजना है. इस योजना को उन्होंने अच्छी तरह से लागू करवाया है. इस योजना के तहत गरीब परिवारों को फ्री में एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है. माना जाता है कि इस योजना ने भी यूपी में बीजेपी को बहुमत दिलाने में योगदान दिया है. इस योजना की तुलना यूपीए के मनरेगा से की जाती है. धर्मेन्द्र प्रधान ने लोगों को एलपीजी सब्सिडी छोड़ने के लिए 'गिव इट अप' की शुरुआत की थी और अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोग सब्सिडी छोड़ चुके हैं.
वहीं बात करें धर्मेंन्द्र प्रधान की तो उनके जिम्मे प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस परियोजना है. इस योजना को उन्होंने अच्छी तरह से लागू करवाया है. इस योजना के तहत गरीब परिवारों को फ्री में एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है. माना जाता है कि इस योजना ने भी यूपी में बीजेपी को बहुमत दिलाने में योगदान दिया है. इस योजना की तुलना यूपीए के मनरेगा से की जाती है. धर्मेन्द्र प्रधान ने लोगों को एलपीजी सब्सिडी छोड़ने के लिए 'गिव इट अप' की शुरुआत की थी और अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोग सब्सिडी छोड़ चुके हैं. | यह एक सारांश है: निर्मला सीतारमन, मुख्तार अब्बास नकवी से खुश हैं पीएम
धर्मेन्द्र प्रधान के जिम्मे है उज्ज्वला योजना
पियूष गोयल ने बिजली के क्षेत्र में किया अच्छा काम | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) में 2 नवंबर को वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प ने बड़ा रूप ले लिया है. इस विवाद के दौरान कोर्ट के बाहर ही कुछ पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया गया. इस मामले को लेकर न केवल दिल्ली पुलिस (Delhi Police) बल्कि बॉलीवुड सेलिब्रिटीज में गुस्सा देखने को मिला. हाल ही में इस मुद्दे पर बॉलीवुड के मशहूर प्रोड्यूसर अशोक पंडित (Ashoke Pandit) ने अपना गुस्सा जताते हुए ट्वीट किया है. अशोक पंडित ने ट्वीट कर कहा कि ये वकील उन आतंकवादियों से कैसे अलग हैं जो कश्मीर में सेना के जवानों पर हमला करते हैं. दिल्ली पुलिस पर हुए हमले पर आया अशोक पंडित का यह ट्वीट खूब वायरल हो रहा है.
बॉलीवुड प्रोड्यूसर अशोक पंडित (Ashoke Pandit) ने अपने ट्वीट में इस घटना पर विरोध जताते हुए लिखा, "एक खतरनाक स्थिति, जिसने राजधानी की संपूर्ण सुरक्षा को ही खतरे में डाल दिया है. यह वकील उन आतंकवादियों से कैसे अलग हैं जो कश्मीर में जवानों पर हमला करते हैं." बता दें कि अशोक पंडित के अलावा बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय पेश की थी. स्वरा भास्कर ने इस घटना को शर्मनाक बताया था. उन्होंने कहा, "इस तरह से दिल्ली पुलिसकर्मीयों पर हमला करना. आशा है कि उन्हें बुक किया गया है. समस्या यह है कि ऐसे मामले समाज में भीड़ की मानसिकता को प्रोत्साहित करते है."
बता दें, केवल एक छोटे से पार्किंग विवाद पर शुरु हुई इस झड़प को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों ने बताया कि इस विवाद में 10 पुलिसकर्मी (Delhi Police) और कई वकील (Lawyers) घायल हो गए. इस दौरान 17 वाहनों में तोड़फोड़ की गई. पुलिस ने बताया कि घायलों में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी जिला) हरिंदर कुमार, कोतवाली और सिविल लाइंस थाने के प्रभारी और पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) के ऑपरेटर भी हैं. वहीं हाईकोर्ट ने इस मामले में न्याययिक जांच के आदेश दिए हैं. | यह एक सारांश है: दिल्ली पुलिस के साथ हुए हमले पर भड़के बॉलीवुड प्रोड्यूसर
अशोक पंडित ने ट्वीट कर वकीलों पर जताया गुस्सा
अशोक पंडित का दिल्ली पुलिस और वकीलों की झड़प आया ट्वीट हुआ वायरल | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गंगा नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित उत्तर बिहार के बेगूसराय को 'बिहार के लेनिनग्राद' व 'लिटिल मॉस्को' जैसे नामों से भी जाना जाता है और एक बार फिर से यह देश का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है, क्योंकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने आगामी लोकसभा चुनाव में अपने फायरब्रांड नेता कन्हैया कुमार को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने शीर्ष भूमिहार नेता व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को उनके खिलाफ टिकट दिया है.इन सब के बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) व महागठबंधन के उम्मीदवार तनवीर हसन ज्यादा मीडिया का ध्यान आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. हसन ने साथ ही भाजपा विरोधी वोटों को हासिल करने के कन्हैया के मौके पर भी पानी फेर दिया है. हसन के मैदान में उतरने से भाजपा विरोधी वोट राजद और भाकपा के बीच बंट सकते हैं. कन्हैया कुमार को सबसे ज्यादा इसी बात का नुकसान उठाना पड़ सकता है यानी बीजेपी विरोधी वोटों के विभाजन का.
एक विश्लेषण बताता है कि अगर मुकाबला दो के बीच होता तो कन्हैया के पास भाजपा को चौंका देने का एक अच्छा मौका था.युवा नेता के रूप में कन्हैया के उभरने से भाकपा को उसके प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ आशा जगी थी और पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था. जेएनयू घटना के बाद कन्हैया के साथ कथित 'देशद्रोही' का तमगा चिपका हुआ है और हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गिरिराज सिंह को मैदान में उतारने का फैसला इसी कारण किया है, जबकि सिंह नवादा से फिर से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके थे.
गिरिराज सिंह नवादा से चुनाव लड़ने की जिद कर रहे थे, लेकिन राजग सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे में यह सीट लोजपा के खेमे में जाने से उन्हें बेगूसराय से लड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.2014 में भाजपा के भोला सिंह ने तनवीर हसन को 58 हजार से ज्यादा मतों से शिकस्त देकर सीट पर कब्जा जमाया था. भोला सिंह पूर्व भाकपा नेता थे, जो भाजपा में शामिल हो गए थे.34.31 फीसदी वोट हिस्सेदारी के साथ हसन को करीब 370,000 वोट मिले थे, जबकि भोला सिंह को 39.72 फीसदी वोट हिस्सेदारी के साथ 428,000 वोट हासिल हुए थे. भाकपा के राजेंद्र प्रसाद सिंह को 17.87 फीसदी वोटों के साथ करीब 200,000 वोट मिले थे.
अनुमान के मुताबिक, बेगूसराय के 19 लाख मतदाताओं में भूमिहार मतदाता करीब 19 फीसदी, 15 फीसदी मुस्लिम, 12 फीसदी यादव और सात फीसदी कुर्मी हैं. भूमिहार वोट यहां की मुख्य कड़ी हैं और इस बात का सबूत है कि पिछले 16 लोकसभा चुनावों में से कम से कम 11 में नौ बार भूमिहार सांसद बने हैं.2009 में अंतिम परिसीमन से पहले बेगूसराय जिले में दो संसदीय सीटें बेगूसराय और बलिया सीट थीं. तब उन दोनों को मिलाकर बेगूसराय कर दिया गया और बलिया सीट खत्म हो गई. बेगूसराय जिले की सात विधानसभा सीटों में से पांच बलिया में आती हैं.
गिरिराज और कन्हैया दोनों ही भूमिहार हैं और अब देखना यह होगा कि कौन अपनी जाति से अधिकतम समर्थन हासिल कर पाता है.गिरिराज सिंह की भूमिहार, सवर्णो, कुर्मी और अति पिछड़ा वर्ग पर अच्छी पकड़ है, जबकि राजद मुस्लिम, यादव और पिछड़ी जाति के वोटरों को अपने खेमें में किए हुए है. | संक्षिप्त सारांश: बिहार की बेगूसराय सीट बनी हाईप्रोफाइल
सीपीआई की तरफ से कन्हैया कुमार मैदान में
कन्हैया का मुकाबला बीजेपी के गिरिराज सिंह | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आतंकवाद और विशेष रूप से अलकायदा तथा तालिबान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के दस साल बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिका कभी भी इस्लाम या किसी अन्य धर्म के खिलाफ युद्ध नहीं छेड़ेगा। ओबामा ने कहा, ये पिछले दस साल सभी अमेरिकियों के बीच आपसी मजबूत रिश्ते के गवाह रहे हैं। हमने अपने बीच संदेह और अविश्वास को पनपने नहीं दिया है। 9/11 के हमले के बाद राष्ट्रपति (जार्ज) बुश ने उस बात को स्पष्ट कर दिया था जिसे हम आज भी दोहराते हैं। अमेरिका कभी भी इस्लाम या किसी अन्य धर्म के खिलाफ युद्ध नहीं छेड़ेगा। आप्रवासी यहां दुनिया के सभी हिस्सों से आते हैं। उन्होंने कहा, बड़े महानगरों और छोटे कस्बों में, स्कूलों में, कार्यालयों में , आप हर जगह पर विभिन्न नस्लों, धर्मों और जातियों के लोगों को देखते हैं। ये सभी एक राष्ट्र ध्वज के प्रति कसम उठाते हैं। ओबामा ने कहा कि इन पिछले दस सालों ने यह जता दिया है कि अमेरिकियों को अपनी आजादी बहुत प्यारी है। हम उन लोगों के खिलाफ अधिक सतर्क हैं जिनसे हमें खतरा है। ओबामा ने यहां कैनेडी सेंटर में यह बात कही। | अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिका कभी भी इस्लाम या किसी अन्य धर्म के खिलाफ युद्ध नहीं छेड़ेगा। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने शुक्रवार को कहा कि एक को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है. जयशंकर ने पाकिस्तान (Pakistan) के संदर्भ में कहा, ‘‘मैं कहना चाहूंगा कि एक को छोड़कर सभी पड़ोसियों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है.'' विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष बोरगे ब्रेंडे के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति बदलने पर कई लोगों के लिए यह स्वाभाविक बात है.'' जयशंकर ने कहा, ‘‘शायद ही किसी को यह एहसास था कि यह (अनुच्छेद 370) संविधान में एक अस्थायी व्यवस्था थी और इसके कारण जम्मू कश्मीर राज्य में कई राष्ट्रीय कानून लागू नहीं होते थे. ये सब उनके लिए नई बातें थीं.'' अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की कोशिशों पर चर्चा करते हुए, मंत्री ने कहा, ‘‘एक को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है.''
UNSC में भारत का नहीं होना संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है: जयशंकर
जब उनसे पूछा गया कि उस एक के साथ क्या गतिरोध बना रहेगा तो उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि एक दिन वह क्षेत्रीय सहयोग में शामिल होगा. विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘आप एक पल के लिए कश्मीर को अलग रख दें...आज, हर किसी के साथ, व्यापार, व्यवसाय और संपर्क बढ़ रहे हैं. निश्चित रूप से, किसी न किसी स्तर पर, इसका प्रभाव पड़ेगा क्योंकि आप हर किसी को उस सहयोग से समृद्ध होते देखेंगे.'' जयशंकर ने कहा, ‘‘मैं हमेशा आशान्वित रहता हूं. मैं जानता हूं कि हमारे समक्ष बड़ी चुनौतियां है. उनके (पाकिस्तान) साथ समझ की समस्या है जिससे उन्हें बाहर निकलना होगा.'' दो दिवसीय भारत आर्थिक सम्मेलन का शुक्रवार को समापन हुआ. इस सम्मेलन का आयोजन विश्व आर्थिक मंच ने भारतीय उद्योग परिसंघ के सहयोग से किया था.
विदेश मंत्री ने पाकिस्तान पर कसा तंज, कहा- जम्मू-कश्मीर में विकास कार्य शुरू होते ही आपकी सारी योजना धरी...
जयशंकर ने कहा कि भारत के मामले में राष्ट्रवाद एक नकारात्मक भावना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक अपवाद है क्योंकि हम अधिक राष्ट्रवादी हैं, किंतु साथ ही हम राष्ट्रीयवादी और अंतरराष्ट्रीय होने के बीच इस दृष्टि से कोई तनाव नहीं देखते हैं कि विश्व के साथ अधिक संपर्क बढ़ाया जाये...लिहाजा राष्ट्रीयता हमारे के लिए कोई नकारात्मक भावना नहीं है.'' भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह इतना आसान नहीं है क्योंकि यह ‘काफी जटिल मामला' है. इसलिए यदि इसमें समय लग रहा है तो ठीक है.
दक्षिण एशिया सहयोग के बारे में बात करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘‘भारतीय उपमहाद्वीप में क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग सबसे कम है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते है कि इस दिशा में प्रगति हो और उन्हें लगता है कि हमें इस बारे में कुछ करने की जरूरत है. भारत इसके लिए माहौल बना रहा है. आपने देखा होगा जब राजनीतिक रूप से उन्होंने 2014 में अपने शपथ ग्रहण समारोह में पड़ोसी देशों को आमंत्रित किया था.'' | यहाँ एक सारांश है:'राष्ट्रीयता हमारे के लिए कोई नकारात्मक भावना नहीं है'
'भारत एक अपवाद है क्योंकि हम अधिक राष्ट्रवादी हैं'
'मैं जानता हूं कि हमारे समक्ष बड़ी चुनौतियां हैं' | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार को भुलाते हुए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत का सिलसिला जारी रखा और मंगलवार को चैपल-हेडली ट्रॉफी के दूसरे वनडे मैच में उसको 116 रन से हरा दिया. इस जीत में ओपनर डेविड वॉर्नर का अहम योगदान रहा. वॉर्नर ने इसके साथ ही एक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. अब वह वनडे में एक साल में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं और उन्होंने टीम के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग और पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.
डेविड वॉर्नर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मनुका ओवल मैदान में 115 गेंदों में 119 रनों की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और एक छक्का लगाया. वॉर्नर के बल्ले से इस साल 22 मैचों में छह शतक निकले हैं. वॉर्नर वनडे क्रिकेट में एक साल में सबसे अधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में भारत के सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के बाद तीसरे नंबर पर आ गए हैं.
जहां ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के बीच वह नंबर वन पर आ गए हैं, वहीं वर्ल्ड लेवल पर देखें, तो वनडे में एक साल में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में महान सचिन तेंदुलकर नंबर वन पर हैं, तो टीम इंडिया के सफलतम कप्तानों में से एक बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली सूची में दूसरे नंबर पर हैं. टिप्पणियां
सचिन तेंदुलकर ने यह उपलब्धि 1998 में हासिल की थी. हालांकि उन्होंने डेविड वॉर्नर से ज्यादा मैच खेले थे. सचिन ने 34 वनडे में नौ शतक लगाए थे, जबकि सौरव गांगुली ने साल 2000 में 32 मैचों में सात शतक लगाए थे. साल में छह शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन और सचिन (1996) तथा भारत के ही राहुल द्रविड़ (1999) के नाम हैं.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग और ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल में पांच शतक लगाए थे. रिकी पॉन्टिंग ने वनडे करियर में 2003 और 2007 में यह कारनामा किया था, जबकि हेडन ने 2007 में पांच शतक जड़े थे.
डेविड वॉर्नर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मनुका ओवल मैदान में 115 गेंदों में 119 रनों की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और एक छक्का लगाया. वॉर्नर के बल्ले से इस साल 22 मैचों में छह शतक निकले हैं. वॉर्नर वनडे क्रिकेट में एक साल में सबसे अधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में भारत के सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के बाद तीसरे नंबर पर आ गए हैं.
जहां ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के बीच वह नंबर वन पर आ गए हैं, वहीं वर्ल्ड लेवल पर देखें, तो वनडे में एक साल में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में महान सचिन तेंदुलकर नंबर वन पर हैं, तो टीम इंडिया के सफलतम कप्तानों में से एक बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली सूची में दूसरे नंबर पर हैं. टिप्पणियां
सचिन तेंदुलकर ने यह उपलब्धि 1998 में हासिल की थी. हालांकि उन्होंने डेविड वॉर्नर से ज्यादा मैच खेले थे. सचिन ने 34 वनडे में नौ शतक लगाए थे, जबकि सौरव गांगुली ने साल 2000 में 32 मैचों में सात शतक लगाए थे. साल में छह शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन और सचिन (1996) तथा भारत के ही राहुल द्रविड़ (1999) के नाम हैं.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग और ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल में पांच शतक लगाए थे. रिकी पॉन्टिंग ने वनडे करियर में 2003 और 2007 में यह कारनामा किया था, जबकि हेडन ने 2007 में पांच शतक जड़े थे.
जहां ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के बीच वह नंबर वन पर आ गए हैं, वहीं वर्ल्ड लेवल पर देखें, तो वनडे में एक साल में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में महान सचिन तेंदुलकर नंबर वन पर हैं, तो टीम इंडिया के सफलतम कप्तानों में से एक बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली सूची में दूसरे नंबर पर हैं. टिप्पणियां
सचिन तेंदुलकर ने यह उपलब्धि 1998 में हासिल की थी. हालांकि उन्होंने डेविड वॉर्नर से ज्यादा मैच खेले थे. सचिन ने 34 वनडे में नौ शतक लगाए थे, जबकि सौरव गांगुली ने साल 2000 में 32 मैचों में सात शतक लगाए थे. साल में छह शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन और सचिन (1996) तथा भारत के ही राहुल द्रविड़ (1999) के नाम हैं.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग और ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल में पांच शतक लगाए थे. रिकी पॉन्टिंग ने वनडे करियर में 2003 और 2007 में यह कारनामा किया था, जबकि हेडन ने 2007 में पांच शतक जड़े थे.
सचिन तेंदुलकर ने यह उपलब्धि 1998 में हासिल की थी. हालांकि उन्होंने डेविड वॉर्नर से ज्यादा मैच खेले थे. सचिन ने 34 वनडे में नौ शतक लगाए थे, जबकि सौरव गांगुली ने साल 2000 में 32 मैचों में सात शतक लगाए थे. साल में छह शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन और सचिन (1996) तथा भारत के ही राहुल द्रविड़ (1999) के नाम हैं.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग और ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल में पांच शतक लगाए थे. रिकी पॉन्टिंग ने वनडे करियर में 2003 और 2007 में यह कारनामा किया था, जबकि हेडन ने 2007 में पांच शतक जड़े थे.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग और ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल में पांच शतक लगाए थे. रिकी पॉन्टिंग ने वनडे करियर में 2003 और 2007 में यह कारनामा किया था, जबकि हेडन ने 2007 में पांच शतक जड़े थे. | संक्षिप्त सारांश: डेविड वॉर्नर ने इस साल लगाए हैं 6 वनडे शतक
पॉन्टिंग और हेडन ने साल में लगाए थे 5-5 शतक
सचिन हैं इस मामले में नंबर वन और गांगुली नंबर दो | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ब्रिटेन का छह साल का एक लड़का अपने गांव की क्रिकेट टीम का स्टार बन गया है और इस दौरान उसने अपने पिता से भी अधिक रन बनाए।
न्यूपोर्ट के समीप अबरकार्न का रहने वाला हैरिसन पारसंस पुरुष लीग में खेलता है।टिप्पणियां
शुरुआत में उसे पिता जेरेमी ने मजे के लिए टीम में शामिल किया था, लेकिन जल्द ही वह चमक गया और काफी अच्छा खेलने लगा।
हाल में एक मैच में हैरिसन ने 24 रन बनाए जबकि उसके 27 वर्षीय पिता जेरेमी 15 रन का ही योगदान दे पाए। तीन बच्चों के पिता जेरेमी के हवाले से बीबीसी ने कहा, जब मैं हैरीसन के साथ बल्लेबाजी करने उतरा तो उन्हें लगा कि यह मजे के लिए है। उन्होंने कहा, लेकिन जल्द ही उसने उन्हें गलत साबित कर दिया। उसने मुझसे अधिक रन बनाए। मुझे उस पर गर्व है।
न्यूपोर्ट के समीप अबरकार्न का रहने वाला हैरिसन पारसंस पुरुष लीग में खेलता है।टिप्पणियां
शुरुआत में उसे पिता जेरेमी ने मजे के लिए टीम में शामिल किया था, लेकिन जल्द ही वह चमक गया और काफी अच्छा खेलने लगा।
हाल में एक मैच में हैरिसन ने 24 रन बनाए जबकि उसके 27 वर्षीय पिता जेरेमी 15 रन का ही योगदान दे पाए। तीन बच्चों के पिता जेरेमी के हवाले से बीबीसी ने कहा, जब मैं हैरीसन के साथ बल्लेबाजी करने उतरा तो उन्हें लगा कि यह मजे के लिए है। उन्होंने कहा, लेकिन जल्द ही उसने उन्हें गलत साबित कर दिया। उसने मुझसे अधिक रन बनाए। मुझे उस पर गर्व है।
शुरुआत में उसे पिता जेरेमी ने मजे के लिए टीम में शामिल किया था, लेकिन जल्द ही वह चमक गया और काफी अच्छा खेलने लगा।
हाल में एक मैच में हैरिसन ने 24 रन बनाए जबकि उसके 27 वर्षीय पिता जेरेमी 15 रन का ही योगदान दे पाए। तीन बच्चों के पिता जेरेमी के हवाले से बीबीसी ने कहा, जब मैं हैरीसन के साथ बल्लेबाजी करने उतरा तो उन्हें लगा कि यह मजे के लिए है। उन्होंने कहा, लेकिन जल्द ही उसने उन्हें गलत साबित कर दिया। उसने मुझसे अधिक रन बनाए। मुझे उस पर गर्व है।
हाल में एक मैच में हैरिसन ने 24 रन बनाए जबकि उसके 27 वर्षीय पिता जेरेमी 15 रन का ही योगदान दे पाए। तीन बच्चों के पिता जेरेमी के हवाले से बीबीसी ने कहा, जब मैं हैरीसन के साथ बल्लेबाजी करने उतरा तो उन्हें लगा कि यह मजे के लिए है। उन्होंने कहा, लेकिन जल्द ही उसने उन्हें गलत साबित कर दिया। उसने मुझसे अधिक रन बनाए। मुझे उस पर गर्व है। | संक्षिप्त सारांश: ब्रिटेन का छह साल का एक लड़का अपने गांव की क्रिकेट टीम का स्टार बन गया है और इस दौरान उसने अपने पिता से भी अधिक रन बनाए। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: काले पैसे के ख़िलाफ़ अपनी मुहिम में बाबा रामदेव को तेलुगू देशम के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू का समर्थन हासिल हो गया है।
रामदेव ने सोमवार को हैदराबाद में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नाय़डू से मुलाकात की है। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वह रामदेव की मुहिम के साथ हैं और देश का काला पैसा देश में वापस लाना चाहिए। इससे पहले रामदेव नितिन गडकरी, शरद पवार, अजित सिंह और शरद यादव जैसे नेताओं से मिल चुके हैं। उनका कहना है कि वह इस मुहिम में सबको शामिल करना चाहते हैं।
रामदेव ने सोमवार को हैदराबाद में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नाय़डू से मुलाकात की है। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वह रामदेव की मुहिम के साथ हैं और देश का काला पैसा देश में वापस लाना चाहिए। इससे पहले रामदेव नितिन गडकरी, शरद पवार, अजित सिंह और शरद यादव जैसे नेताओं से मिल चुके हैं। उनका कहना है कि वह इस मुहिम में सबको शामिल करना चाहते हैं। | सारांश: काले पैसे के ख़िलाफ़ अपनी मुहिम में बाबा रामदेव को तेलुगू देशम के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू का समर्थन हासिल हो गया है। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुंबई के 26/11 हमले का आरोपी अबू हमजा महाराष्ट्र विधायकों के लिए बने हॉस्टल में रुका था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वह मौजूदा सरकार में मंत्री फौजिया खान के कमरे में ठहरा था। इस मामले पर फौजिया खान ने कहा है कि वह किसी हमजा को नहीं जानती और जांच के लिए तैयार हैं।
2006 में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हथियारों के एक बड़े जखीरे के पकड़े जाने के बाद जबीउद्दीन अंसारी अपने साथी फैयाज काजी के साथ मुंबई के एमएलए हॉस्टल में ठहरा था। सूत्रों के मुताबिक तब ये दोनों फौजिया खान को मिले और उनके कमरे में ठहरे थे। फौजिया इस वक्त राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री हैं।
2006 में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हथियारों के एक बड़े जखीरे के पकड़े जाने के बाद जबीउद्दीन अंसारी अपने साथी फैयाज काजी के साथ मुंबई के एमएलए हॉस्टल में ठहरा था। सूत्रों के मुताबिक तब ये दोनों फौजिया खान को मिले और उनके कमरे में ठहरे थे। फौजिया इस वक्त राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री हैं। | सारांश: मुंबई के 26/11 हमले का आरोपी अबू हमजा महाराष्ट्र विधायकों के लिए बने हॉस्टल में रुका था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वह मौजूदा सरकार में मंत्री फौजिया खान के कमरे में ठहरा था। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) के शेयरों में 15 फीसदी का उछाल आया जब कंपनी ने 4जी का कामकाज देख रही रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिलायंस जियो इन्फोकॉम (आरजेआई) के साथ 1200 करोड़ रुपये का करार किया। दोनों कंपनियों के बीच यह समझौता आरकॉम के राष्ट्रव्यापी ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क के इस्तेमाल को लेकर है। आरकॉम ने एक बयान में यह भी बताया कि इसके बदले भविष्य में आरजेआई के फाइबर इन्फ्रास्ट्रक्चर को इस्तेमाल करने की इजाजत उन्हें भी होगी।टिप्पणियां
इस बयान के मुताबिक यह समझौता दोनों कंपनियों के बीच इच्छित व्यापक व्यापारिक सहयोग की शुरुआत है, जिससे संकेत मिलते हैं कि दोनों कंपनियां भविष्य में भी अन्य क्षेत्रों में भी समझौते कर सकती हैं।
इससे पहले कंपनी पर चढ़ी भारी देनदारियों के चलते ऑरकॉम के शेयरों पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन, इस सौदे के बाद आरकॉम और आरजेआई के शेयरों में उछाल आया है।
इस बयान के मुताबिक यह समझौता दोनों कंपनियों के बीच इच्छित व्यापक व्यापारिक सहयोग की शुरुआत है, जिससे संकेत मिलते हैं कि दोनों कंपनियां भविष्य में भी अन्य क्षेत्रों में भी समझौते कर सकती हैं।
इससे पहले कंपनी पर चढ़ी भारी देनदारियों के चलते ऑरकॉम के शेयरों पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन, इस सौदे के बाद आरकॉम और आरजेआई के शेयरों में उछाल आया है।
इससे पहले कंपनी पर चढ़ी भारी देनदारियों के चलते ऑरकॉम के शेयरों पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन, इस सौदे के बाद आरकॉम और आरजेआई के शेयरों में उछाल आया है। | अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) के शेयरों में 15 फीसदी का उछाल आया जब कंपनी ने 4जी का कामकाज देख रही रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिलायंस जियो इन्फोकॉम (आरजेआई) के साथ 1200 करोड़ रुपये का करार किया। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लोकसभा में शशि थरूर ने कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय संधियों और कानूनों का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि भारत ने कभी नहीं चाहा कि पाकिस्तान के साथ संबंधों का अंतरराष्ट्रीयकरण किया जाए, लेकिन अब समय आ गया है कि भारत सरकार दुनिया को यह बताए कि कल को उनके किसी नागरिक के साथ भी पाकिस्तान यही बर्ताव कर सकता है. उन्होंने पाकिस्तान की इस हरकत को जिनेवा संधि का भी घोर उल्लंघन करार दिया.
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में चुप क्यों बैठी है? उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री को जाधव को बचाने की कोशिश करनी चाहिए, अन्यथा यह भारत की कमजोरी साबित होगा.
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में चुप क्यों बैठी है? उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री को जाधव को बचाने की कोशिश करनी चाहिए, अन्यथा यह भारत की कमजोरी साबित होगा. | यहाँ एक सारांश है:कुलभूषण को सजा सुनाए जाने पर संसद ने पाकिस्तान की एक सुर में निंदा की
कुलभूषण को फांसी दी गई तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे : सुषमा
सुषमा ने शशि थरूर से पाक के खिलाफ प्रस्ताव का ड्राफ्ट बनाने का आग्रह किया | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय रेलवे ने रियो ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और साक्षी मलिक को लग्जरी ‘महाराजा एक्सप्रेस ट्रेन’ में यात्रा करने के लिये मुफ्त ट्रिप देने की पेशकश की है.
रेलवे से इससे पहले साक्षी के लिये 60 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा भी की थी जो उत्तरी रेलवे में वरिष्ठ क्लर्क है. सिंधु के पिता भी रेलवे में काम करते हैं जबकि उनकी मां रेलवे की पूर्व कर्मचारी हैं. भारतीय रेलवे ने त्रिपुरा की जिमनास्ट दीपा कर्मकार को भी यही पेशकश की, जो काफी करीब से रियो ओलिंपिक में पदक से चूक गईं थी.
आईआरसीटीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए के मनोचा ने कहा, ‘‘हमें पहलवान साक्षी मलिक और शीर्ष शटलर पीवी सिंधु को सम्मानित करते हुए काफी गर्व महसूस हो रहा है, जिन्होंने रियो ओलिंपिक में पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें दीपका कर्मकार को भी सम्मानित करते हुए इतना ही गर्व महसूस हुआ जो ओलिंपिक की जिमनास्टिक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं.’’ टिप्पणियां
आईआरसीटीसी ने ट्वीट किया, ‘‘बधाई हो पीवी सिंधु, दीपका कर्मकार और साक्षी मलिक. भारतीय रेलवे आपको मशहूर महाराजा एक्सप्रेस की ट्रिप देता है’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रेलवे से इससे पहले साक्षी के लिये 60 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा भी की थी जो उत्तरी रेलवे में वरिष्ठ क्लर्क है. सिंधु के पिता भी रेलवे में काम करते हैं जबकि उनकी मां रेलवे की पूर्व कर्मचारी हैं. भारतीय रेलवे ने त्रिपुरा की जिमनास्ट दीपा कर्मकार को भी यही पेशकश की, जो काफी करीब से रियो ओलिंपिक में पदक से चूक गईं थी.
आईआरसीटीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए के मनोचा ने कहा, ‘‘हमें पहलवान साक्षी मलिक और शीर्ष शटलर पीवी सिंधु को सम्मानित करते हुए काफी गर्व महसूस हो रहा है, जिन्होंने रियो ओलिंपिक में पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें दीपका कर्मकार को भी सम्मानित करते हुए इतना ही गर्व महसूस हुआ जो ओलिंपिक की जिमनास्टिक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं.’’ टिप्पणियां
आईआरसीटीसी ने ट्वीट किया, ‘‘बधाई हो पीवी सिंधु, दीपका कर्मकार और साक्षी मलिक. भारतीय रेलवे आपको मशहूर महाराजा एक्सप्रेस की ट्रिप देता है’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आईआरसीटीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए के मनोचा ने कहा, ‘‘हमें पहलवान साक्षी मलिक और शीर्ष शटलर पीवी सिंधु को सम्मानित करते हुए काफी गर्व महसूस हो रहा है, जिन्होंने रियो ओलिंपिक में पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें दीपका कर्मकार को भी सम्मानित करते हुए इतना ही गर्व महसूस हुआ जो ओलिंपिक की जिमनास्टिक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं.’’ टिप्पणियां
आईआरसीटीसी ने ट्वीट किया, ‘‘बधाई हो पीवी सिंधु, दीपका कर्मकार और साक्षी मलिक. भारतीय रेलवे आपको मशहूर महाराजा एक्सप्रेस की ट्रिप देता है’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘हमें दीपका कर्मकार को भी सम्मानित करते हुए इतना ही गर्व महसूस हुआ जो ओलिंपिक की जिमनास्टिक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं.’’ टिप्पणियां
आईआरसीटीसी ने ट्वीट किया, ‘‘बधाई हो पीवी सिंधु, दीपका कर्मकार और साक्षी मलिक. भारतीय रेलवे आपको मशहूर महाराजा एक्सप्रेस की ट्रिप देता है’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आईआरसीटीसी ने ट्वीट किया, ‘‘बधाई हो पीवी सिंधु, दीपका कर्मकार और साक्षी मलिक. भारतीय रेलवे आपको मशहूर महाराजा एक्सप्रेस की ट्रिप देता है’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: पहलवान साक्षी मलिक ने रियो ओलिंपिक में जीता है ब्रॉन्ज
बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने रियो ओलिंपिक में जीता है सिल्वर
दीपा जिम्नास्टिक में चौथे स्थान पर रहकर मेडल से चूक गईं थी | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा (71) और अभिनव मुकुंद (नाबाद 64) की उम्दा पारी की बदौलत दक्षिण क्षेत्र ने शनिवार को उत्तर क्षेत्र को सात विकेट से हराकर दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम पर खेले गए फाइनल मुकाबले में चौथे दिन उत्तर क्षेत्र की ओर से रखे गए 178 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण क्षेत्र की टीम ने 23.4 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 178 रन बनाकर मैच जीत लिया। उत्तर क्षेत्र ने पहली पारी में 337 रन बनाए थे जिसमें पारस डोगरा के 167 रन शामिल थे। जबकि उसकी दूसरी पारी 317 रनों पर सिमट गई थी। दक्षिण क्षेत्र ने अपनी पहली पारी में 477 रन बनाए थे और 140 रनों की बढ़त हासिल की। दक्षिण क्षेत्र की ओर से पहली पारी में कप्तान बद्रीनाथ ने 136, मनीष पांडेय ने 74 और रॉबिन उथप्पा ने 66 रन बनाए थे। जीत के लिए 178 रनों लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण क्षेत्र की ओर से सलामी बल्लेबाज मुकुंद (नाबाद 64) और उथप्पा (71) ने पहले विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। मुकुंद ने 67 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का लगाया जबकि उथप्पा ने 45 गेंदों पर आठ चौके और तीन छक्के लगाए। उथप्पा को सुमित नरवाल ने स्थापन्न खिलाड़ी सारुल कंवर के हाथों लपकवाया। अमित वर्मा बिना खाता खोले यशपाल सिंह की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। पांडेय तेज गति से रन बनाने के चक्कर में यशपाल की गेंद पर बोल्ड हो गए। पांडेय ने 24 गेंदों पर दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाए। पांडेय ने मुकुंद के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। उत्तर क्षेत्र की ओर से यशपाल ने सर्वाधिक दो विकेट झटके जबकि नरवाल के खाते में एक विकेट गया। उत्तर क्षेत्र की ओर से चौथे दिन की शुरुआत शुक्रवार के नाबाद लौटे बल्लेबाज (नितिन सैनी 21) और मनदीप सिंह (9) ने की। उत्तर क्षेत्र ने तीसरे दिन एक विकेट के नुकसान पर 50 रन बनाए थे। उत्तर क्षेत्र की ओर से दूसरी पारी में मिथुन मन्हास ने सर्वाधिक 79 रन बनाए जबकि नितिन सैनी ने 65 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा, डोगरा 44, यशपाल नाबाद 42, कप्तान अमित मिश्रा 30, मनदीप सिंह 22 और शिखर धवन ने 19 रन बनाए। बोडापती सुमंत दो रन बनाकर नाबाद लौटे। दक्षिण क्षेत्र की ओर से अभिमन्यु मिथुन, प्रज्ञान ओझा और श्रीनाथ अरविंद ने तीन-तीन विकेट झटके जबकि एक विकेट मुकुंद के खाते में गया। | सारांश: उत्तर क्षेत्र ने पहली पारी में 337 रन बनाए थे जिसमें पारस डोगरा के 167 रन शामिल थे। जबकि उसकी दूसरी पारी 317 रनों पर सिमट गई थी। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: झारखंड के गिरिडीह जिले में झारखंड विकास मोर्चा के एक विधायक पर एक महिला से मारपीट करने का आरोप लगा है, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरिडीह जिले में तारा देवी नामक एक महिला ने झाविमो (प्र) के विधायक चंद्रिका महतो और उनके साथियों के खिलाफ मारपीट करने की प्राथमिकी देवरी थाने में दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया है कि खाजाटोला गांव में एक भूमि विवाद ने विधायक और उनके साथियों ने उस पर हमला बोल दिया और मारपीट की जिससे उसका लगभग तीन माह का गर्भ गिर गया।
गिरिडीह सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जब विधायक की खोजबीन प्रारम्भ की तो वह कथित तौर पर फरार हो गए हैं।टिप्पणियां
इस संबंध में विधायक से सम्पर्क करने पर उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया।
दूसरी ओर विधायक की ओर से पुलिस में महिला और उसके पति के खिलाफ घटना के संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरिडीह जिले में तारा देवी नामक एक महिला ने झाविमो (प्र) के विधायक चंद्रिका महतो और उनके साथियों के खिलाफ मारपीट करने की प्राथमिकी देवरी थाने में दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया है कि खाजाटोला गांव में एक भूमि विवाद ने विधायक और उनके साथियों ने उस पर हमला बोल दिया और मारपीट की जिससे उसका लगभग तीन माह का गर्भ गिर गया।
गिरिडीह सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जब विधायक की खोजबीन प्रारम्भ की तो वह कथित तौर पर फरार हो गए हैं।टिप्पणियां
इस संबंध में विधायक से सम्पर्क करने पर उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया।
दूसरी ओर विधायक की ओर से पुलिस में महिला और उसके पति के खिलाफ घटना के संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
गिरिडीह सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जब विधायक की खोजबीन प्रारम्भ की तो वह कथित तौर पर फरार हो गए हैं।टिप्पणियां
इस संबंध में विधायक से सम्पर्क करने पर उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया।
दूसरी ओर विधायक की ओर से पुलिस में महिला और उसके पति के खिलाफ घटना के संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इस संबंध में विधायक से सम्पर्क करने पर उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया।
दूसरी ओर विधायक की ओर से पुलिस में महिला और उसके पति के खिलाफ घटना के संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
दूसरी ओर विधायक की ओर से पुलिस में महिला और उसके पति के खिलाफ घटना के संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। | संक्षिप्त सारांश: झारखंड के गिरिडीह जिले में झारखंड विकास मोर्चा के एक विधायक पर एक महिला से मारपीट करने का आरोप लगा है, जिससे उसका गर्भपात हो गया। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर नागरिक समाज के लोगों और सरकार के आपस में हाथ मिलाने को लोकतंत्र के लिए एक अहम कदम करार देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार इस ऐतिहासिक विधेयक को संसद के मॉनसून सत्र में पेश करना चाहती है। प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा, मुझे खुशी है कि सरकार और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भ्रष्टाचार से लड़ने के हमारे पारस्परिक संकल्प में एक समझौते पर पहुंच गए हैं। मैं इस बात से खुश हूं कि अन्ना हजारे अनशन समाप्त करने पर राजी हो गए हैं।मनमोहन ने कहा, इस ऐतिहासिक विधेयक पर नागरिक समाज और सरकार का हाथ मिलाना हमारे लोकतंत्र के लिए एक शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार और हजारे के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता फलदाई रही। प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे उम्मीद है कि इस विधेयक को तैयार करने की प्रक्रिया रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेगी, ताकि व्यापक विचार-विमर्श के बाद विधेयक को मॉनसून सत्र में पेश करने के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाए। | प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे खुशी है कि सरकार और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भ्रष्टाचार से लड़ने के हमारे पारस्परिक संकल्प में एक समझौते पर पहुंच गए हैं। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को मामूली तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 32.24 अंकों की तेजी के साथ 16,020.64 पर और निफ्टी 15.15 अंकों की तेजी के साथ 4,863.30 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 76.97 अंकों की तेजी के साथ 16,065.37 पर खुला। सेंसेक्स ने 16,138.29 के ऊपरी और 15,979.77 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी रही। एलएंडटी (3.08 फीसदी), एनटीपीसी (1.98 फीसदी), एसबीआई (1.66 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.60 फीसदी) और भेल (1.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (3.15 फीसदी), भारती एयरटेल (2.58 फीसदी), आईटीसी (1.89 फीसदी), डीएलएफ (1.48 फीसदी) और कोल इंडिया (1.09 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 21.30 अंकों की तेजी के साथ 4,869.45 पर खुला। निफ्टी ने 4,898.95 के ऊपरी और 4,847.70 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 19.23 अंकों की तेजी के साथ 5,828.46 पर और स्मॉलकैप 12.79 अंकों की तेजी के साथ 6,193.22 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.00 फीसदी), बैंकिंग (0.82 फीसदी), बिजली (0.80 फीसदी), तेल एवं गैस (0.71 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.39 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.37 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.09 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.67 फीसदी), धातु (0.27 फीसदी) और वाहन (0.21 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 76.97 अंकों की तेजी के साथ 16,065.37 पर खुला। सेंसेक्स ने 16,138.29 के ऊपरी और 15,979.77 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी रही। एलएंडटी (3.08 फीसदी), एनटीपीसी (1.98 फीसदी), एसबीआई (1.66 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.60 फीसदी) और भेल (1.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (3.15 फीसदी), भारती एयरटेल (2.58 फीसदी), आईटीसी (1.89 फीसदी), डीएलएफ (1.48 फीसदी) और कोल इंडिया (1.09 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 21.30 अंकों की तेजी के साथ 4,869.45 पर खुला। निफ्टी ने 4,898.95 के ऊपरी और 4,847.70 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 19.23 अंकों की तेजी के साथ 5,828.46 पर और स्मॉलकैप 12.79 अंकों की तेजी के साथ 6,193.22 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.00 फीसदी), बैंकिंग (0.82 फीसदी), बिजली (0.80 फीसदी), तेल एवं गैस (0.71 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.39 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.37 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.09 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.67 फीसदी), धातु (0.27 फीसदी) और वाहन (0.21 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी रही। एलएंडटी (3.08 फीसदी), एनटीपीसी (1.98 फीसदी), एसबीआई (1.66 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.60 फीसदी) और भेल (1.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (3.15 फीसदी), भारती एयरटेल (2.58 फीसदी), आईटीसी (1.89 फीसदी), डीएलएफ (1.48 फीसदी) और कोल इंडिया (1.09 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 21.30 अंकों की तेजी के साथ 4,869.45 पर खुला। निफ्टी ने 4,898.95 के ऊपरी और 4,847.70 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 19.23 अंकों की तेजी के साथ 5,828.46 पर और स्मॉलकैप 12.79 अंकों की तेजी के साथ 6,193.22 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.00 फीसदी), बैंकिंग (0.82 फीसदी), बिजली (0.80 फीसदी), तेल एवं गैस (0.71 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.39 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.37 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.09 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.67 फीसदी), धातु (0.27 फीसदी) और वाहन (0.21 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (3.15 फीसदी), भारती एयरटेल (2.58 फीसदी), आईटीसी (1.89 फीसदी), डीएलएफ (1.48 फीसदी) और कोल इंडिया (1.09 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 21.30 अंकों की तेजी के साथ 4,869.45 पर खुला। निफ्टी ने 4,898.95 के ऊपरी और 4,847.70 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 19.23 अंकों की तेजी के साथ 5,828.46 पर और स्मॉलकैप 12.79 अंकों की तेजी के साथ 6,193.22 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.00 फीसदी), बैंकिंग (0.82 फीसदी), बिजली (0.80 फीसदी), तेल एवं गैस (0.71 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.39 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.37 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.09 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.67 फीसदी), धातु (0.27 फीसदी) और वाहन (0.21 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 21.30 अंकों की तेजी के साथ 4,869.45 पर खुला। निफ्टी ने 4,898.95 के ऊपरी और 4,847.70 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 19.23 अंकों की तेजी के साथ 5,828.46 पर और स्मॉलकैप 12.79 अंकों की तेजी के साथ 6,193.22 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.00 फीसदी), बैंकिंग (0.82 फीसदी), बिजली (0.80 फीसदी), तेल एवं गैस (0.71 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.39 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.37 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.09 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.67 फीसदी), धातु (0.27 फीसदी) और वाहन (0.21 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 19.23 अंकों की तेजी के साथ 5,828.46 पर और स्मॉलकैप 12.79 अंकों की तेजी के साथ 6,193.22 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.00 फीसदी), बैंकिंग (0.82 फीसदी), बिजली (0.80 फीसदी), तेल एवं गैस (0.71 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.39 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.37 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.09 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.67 फीसदी), धातु (0.27 फीसदी) और वाहन (0.21 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.00 फीसदी), बैंकिंग (0.82 फीसदी), बिजली (0.80 फीसदी), तेल एवं गैस (0.71 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.39 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.37 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.09 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.67 फीसदी), धातु (0.27 फीसदी) और वाहन (0.21 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.37 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.09 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.67 फीसदी), धातु (0.27 फीसदी) और वाहन (0.21 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1406 शेयरों में तेजी और 1291 में गिरावट रही, जबकि 131 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। | प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 32.24 अंकों की तेजी के साथ 16,020.64 पर और निफ्टी 15.15 अंकों की तेजी के साथ 4,863.30 पर बंद हुआ। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल में रविवार को भी चिकित्सकों की हड़ताल जारी रही. छह दिनों से चल रही हड़ताल की वजह से राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं आंशिक रूप से बाधित रहीं और राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में सन्नाटा पसरा रहा. इस बीच खबर है कि जूनियर डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के लिए सहमति जता दी है. हालांकि डॉक्टरों ने मीडिया को कवरेज की अनुमति देने की मांग की है. आपको बता दें कि रविवार को अवकाश होने के कारण अस्पतालों की ओपीडी बंद रही. अस्पतालों के बाहर या आपातकालीन वार्ड में जाने वाले रोगियों की संख्या भी कम थी. हालांकि, आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करती पाई गईं. अस्पतालों के हड़ताली डॉक्टर विरोध प्रदर्शनों के केंद्र एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आयोजित होने वाली एक जनरल बॉडी मीटिंग की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
इस बैठक में अगला कदम तय होगा, इसमें हड़ताल में शामिल अन्य अस्पतालों के प्रतिनिधि भी भाग लेगें. जानकार सूत्रों के मुताबिक, गतिरोध खत्म करने के लिए विरोध करने वाले डॉक्टर शायद चर्चा की गुंजाइश तलाश रहे हैं. आपको बता दें कि शुक्रवार की रात हड़ताली डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज्य सचिवालय में वार्ता के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था. इसके बजाय उन्हें एनआरएस अस्पताल में आने के लिए कहा था. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने ममता बनर्जी को लिखा और उन्हें चिकित्सकों को सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें विश्वास में लेने के लिए तत्काल कदम उठाने की सलाह दी थी. मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि सरकार आवश्यक कार्रवाई कर रही है. | यह एक सारांश है: हड़ताली डॉक्टर बातचीत के लिए हुए तैयार
कहा- मीडिया की मौजूदगी में करेंगे बात
बंगाल में लगातार छठवें दिन हड़ताल जारी | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत और जापान एक असैन्य परमाणु सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच चुके हैं। यह जानकारी जापान के पूर्व प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा ने दी। जापान की सत्तारूढ़ पार्टी डेमोकैट्रिक पार्टी ऑफ जापान के प्रमुख नेता हातोयामा ने बताया, भारत और जापान एक ऐसे मंच पर आ चुके हैं जहां परमाणु सहयोग समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत परमाणु परीक्षण पर एकतरफा स्थगन के वादे पर कायम रहेगा और इस संबंध में जापानी लोगों की भावनाओं का ख्याल रखेगा। उल्लेखनीय है कि जापान परमाणु हमले का दंश झेलने वाला एकमात्र देश है। परमाणु बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत की महत्वाकांक्षी योजनाओं की सफलता के लिए भारत-जापान असैन्य परमाणु समझौता काफी अहम है। भारत में परमाणु संयंत्र लगाने की इच्छुक कुछ अमेरिकी कंपनियों का स्वामित्व जापानी कंपनियों के पास है जो जापानी कानूनों से शासित होती हैं। हातेयामा ने भारत-जापान ग्लोबल पार्टनरशिप शिखर सम्मेलन 2011 की घोषणा भी। यह सम्मेलन गैर सरकारी संगठन इंडिया सेंटर फाउंडेशन के प्रयासों से टोक्यो में सितंबर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के तकनीकी मामलों के विशेष सलाहकार सैम पित्रोदा भी उपस्थित थे। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनन्द शर्मा से भी मुलाकात की। परमाणु समझौते के लिए बातचीत पिछले साल 28 जून को शुरू हुई जब जापान और भारत के अधिकारियों ने तोक्यो में पहले दौर की एक बैठक की। | यह एक सारांश है: भारत और जापान एक असैन्य परमाणु सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच चुके हैं। यह जानकारी जापान के पूर्व प्रधानमंत्री हातोयामा ने दी। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन ने गुरुवार को कहा कि दलाई लामा दुनिया को धोखा देने के लिए चाल चल रहे हैं। चीन का यह बयान दलाई लामा की इस घोषणा के बाद आया है कि वह राजनीतिक भूमिका से दूरी बनाएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जियांग यू ने कहा, उन्होंने अकसर सेवानिवृत्ति की बात की है। हमें लगता है कि ये अंतरराष्ट्रीय समुदाय को धोखा देने की चालें हैं। इससे दो दिन पहले ही चीन ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता को बौद्धभिक्षु के वेश में भेड़िया कहा था। दलाई लामा ने धर्मशाला में कहा था कि वह तिब्बती निर्वासित सरकार के राजनीतिक प्रमुख के तौर पर कामकाज छोड़ देंगे और आध्यात्मिक नेता बने रहेंगे। उन्होंने कहा था कि वह तिब्बत के लिए सार्थक स्वायत्तता की वकालत करते रहेंगे। इसके बाद चीन की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आई। जियांग ने कहा, दलाई धार्मिक चोगे में राजनीतिक निर्वासित नेता हैं। वह तिब्बती निर्वासितों की गतिविधियों के प्रमुख योजनाकार और राजनीतिक सहयोगी भी हैं। क्या तिब्बती नेता के पद छोड़ने के फैसले से उनके सहयोगियों और चीन सरकार के बीच बातचीत प्रभावित होगी, इस सवाल पर उन्होंने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि तिब्बत की निर्वासित सरकार एक अवैध राजनीतिक संगठन है। जियांग ने कहा, दुनिया का कोई देश उसे मान्यता नहीं देता। चीन ने पिछले कुछ समय में दलाई लामा के प्रतिनिधियों से काफी बातचीत की है लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। दलाई लामा की घोषणा तिब्बत की प्रांतीय राजधानी ल्हासा में तीन साल पहले 14 मार्च को हुए दंगों की बरसी से कुछ दिन पहले ही आई है। दंगों में 18 लोग मारे गये थे और 400 से अधिक घायल हो गये थे। | दलाई लामा ने कहा था कि वह तिब्बती निर्वासित सरकार के राजनीतिक प्रमुख के तौर पर कामकाज छोड़ देंगे और आध्यात्मिक नेता बने रहेंगे। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने आईसीसी विश्व कप-2011 के अंतर्गत मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए ग्रुप 'ए' मुकाबले में जिम्बाब्वे को 10 विकेट से हरा दिया। जिम्बाब्वे द्वारा रखे गए 163 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए 33.3 ओवरों में 166 रन बनाकर मैच जीत लिया। न्यूजीलैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज मार्टिन गुपटिल ने 108 गेंदों पर सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 86 रन बनाए जबकि ब्रेंडन मैक्लम ने 95 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 76 रनों की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए नाबाद 166 रन जोड़े। इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की पूरी टीम 46.2 ओवरों में 162 रनों पर पेवेलियन लौट गई। जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही और उसके सलामी बल्लेबाज चार्ल्स कोवेन्ट्री बिना खाता खोले एक रन के कुल योग पर पेवेलियन लौट गए। अनुभवी विकेट कीपर बल्लेबाज तातेंदा ताएबू ने आठ रन बनाए। ताएबू को तेज गेंदबाज टिम साउदी ने पगबाधा आउट किया। क्रेग इर्विन 11 रन बनाकर काएल मिल्स की गेंद पर जेसी राइडर को कैच थमा बैठे। कप्तान एल्टन चिगुम्बुरा एक रन के निजी योग पर डेनियल विटोरी की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। उसके बाद रेगिस चकाब्वा बिना खाता खोले विटोरी की गेंद पर रॉस टेलर को कैच थमाकर चलते बने। ब्रेंडन टेलर ने विकेट पर जमने की कोशिश की लेकिन वह भी 57 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 44 रन बनाकर पेवेलियन लौट गए। ग्रेग लैम्ब 34 गेंदों पर एक चौके की मदद से 18 रन बनाकर रनआउट हुए। लैम्ब का विकेट 89 रन के योग पर गिरा। टेलर और लैम्ब ने छठें विकेट के लिए 40 रन जोड़े। निचले क्रम में ग्रीम क्रेमर ने 43 गेंदों पर एक चौके की मदद से 22 रन बनाए जबकि रे प्राइस ने 11 रनों का योगदान दिया। प्रॉस्पर उत्सेया ने 65 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 36 रन बनाए। उत्सेया ने पहले क्रेमर के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए 33 रन जोड़े उसके बाद उन्होंने प्राइस के साथ मिलकर नौंवे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। तिनाशे पंयान्गरा चार रन पर नाबाद लौटे। न्यूजीलैंड की ओर से साउदी ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए जबकि मिल्स और विटोरी ने दो-दो विकेट झटके वहीं स्टायरिस के खाते में एक विकेट गया। दोनों टीमें अपना तीसरा मुकाबला खेल रही हैं। न्यूजीलैंड ने अपने पहले मुकाबले में केन्या को 10 विकेट से हराया था वहीं दूसरे मुकाबले में उसे आस्ट्रेलिया के हाथों सात विकेट से मात खानी पड़ी थी। जिम्बाब्वे को पहले मुकाबले में आस्ट्रेलिया के हाथों 91 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी वहीं दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे ने कनाडा को 175 रनों से हराया था। | यहाँ एक सारांश है:न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए ग्रुप 'ए' मुकाबले में जिम्बाब्वे को 10 विकेट से हरा दिया। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑल राउंडर एंजेलो मैथ्यूज को एक साल के लिए श्रीलंका का ट्वेंटी-20 कप्तान चुना गया। अनुभवी महेला जयवर्धने ने विश्व ट्वेंटी-20 फाइनल के बाद कप्तानी छोड़ दी थी।टिप्पणियां
मैथ्यूज अब न्यूजीलैंड के खिलाफ पल्लेकल में 30 अक्टूबर को होने वाले एकमात्र ट्वेंटी-20 मैच में टीम की अगुवाई करेंगे। वह पिछले साल जुलाई से टीम के उप कप्तान थे।
खेलमंत्री ने बुधवार को घोषणा की कि तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा को एक साल के लिए उप कप्तान बनाया गया। सूत्रों के अनुसार जयवर्धने और कुमार संगकारा दोनों को इस टी-20 मैच में आराम दिया जाएगा।
मैथ्यूज अब न्यूजीलैंड के खिलाफ पल्लेकल में 30 अक्टूबर को होने वाले एकमात्र ट्वेंटी-20 मैच में टीम की अगुवाई करेंगे। वह पिछले साल जुलाई से टीम के उप कप्तान थे।
खेलमंत्री ने बुधवार को घोषणा की कि तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा को एक साल के लिए उप कप्तान बनाया गया। सूत्रों के अनुसार जयवर्धने और कुमार संगकारा दोनों को इस टी-20 मैच में आराम दिया जाएगा।
खेलमंत्री ने बुधवार को घोषणा की कि तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा को एक साल के लिए उप कप्तान बनाया गया। सूत्रों के अनुसार जयवर्धने और कुमार संगकारा दोनों को इस टी-20 मैच में आराम दिया जाएगा। | ऑल राउंडर एंजेलो मैथ्यूज को एक साल के लिए श्रीलंका का ट्वेंटी-20 कप्तान चुना गया। अनुभवी महेला जयवर्धने ने विश्व ट्वेंटी-20 फाइनल के बाद कप्तानी छोड़ दी थी। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि गुजरात सरकार ने वर्ष 2002 में राज्य में हुए दंगों से जुड़े खुफिया अभिलेखों को जानबूझकर नष्ट कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "यह आश्चर्यजनक है कि कत्लेआम से जुड़े ऐसे अहम दस्तावेज जो शक की सूई सीधे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते थे, उन्हें नष्ट कर दिया गया।" उन्होंने कहा, "दस्तावेजों को नष्ट करा दिया गया..यह एक आपराधिक साजिश के सिवाय कुछ भी नहीं है। ऐसा इसलिए कराया गया ताकि सच्चाई सामने न आए।" इस कृत्य को एक 'आपराधिक साजिश' करार देते हुए तिवारी ने कहा, "जब एक मामले की जांच चल रही हो और उस समय हुईं घटनाओं के सम्बंध में ये अभिलेख महत्वपूर्ण होते..वे गायब हो गए हैं।" तिवारी ने कहा, "ऐसे दस्तावेज यदि गायब हो जाते हैं अथवा राज्य सरकार की ओर से जानबूझकर नष्ट किए जाते हैं तो इससे यह बात साफ जाहिर होती है कि राज्य सरकार इस पूरे कत्लेआम में अपनी भूमिका छिपाने की कोशिश कर रही है।" गुजरात सरकार के वरिष्ठ वकील एस.बी. वकील ने बुधवार को खुलासा किया कि वर्ष 2002 की साम्प्रदायिक हिंसा से जुड़े राज्य खुफिया एजेंसी के अभिलेख वर्ष 2007 में नष्ट कर दिए गए। | यह एक सारांश है: कांग्रेस ने कहा कि गुजरात सरकार ने वर्ष 2002 में राज्य में हुए दंगों से जुड़े खुफिया अभिलेखों को जानबूझकर नष्ट कर दिया है। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चल रही तकरार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने फिर नया मोड़ दिया है। उन्होंने कहा है कि लोगों की मानें तो सुशासन के हिसाब से देश में बिहार सबसे आगे है और गुजरात उसके बाद आता है। भागवत ने यह बात गुरुवार को दिल्ली में विदेशी पत्रकारों से बातचीत में कही, हालांकि बीजेपी सूत्रों का कहना है कि भागवत ने बिहार और गुजरात दोनों को ही आगे बताया है।
भागवत के इस बयान के कई अर्थ लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि 2014 चुनावों के मद्देनजर यह बयान संघ के रुख को साफ करता है वहीं कुछ लोग इसे भागवत की निजी राय बता रहे हैं।
भागवत के इस बयान के कई अर्थ लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि 2014 चुनावों के मद्देनजर यह बयान संघ के रुख को साफ करता है वहीं कुछ लोग इसे भागवत की निजी राय बता रहे हैं। | मोहन भागवत ने कहा है कि लोगों की मानें तो सुशासन के हिसाब से देश में बिहार सबसे आगे है और गुजरात उसके बाद आता है। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बच्चन परिवार की नवीनतम सदस्य ‘बेटी बी’ यानी अभिषेक, ऐश्वर्या की बेटी के नाम को लेकर मीडिया, सोशल नेटवर्किंग साइटों और प्रशंसकों के बीच चर्चा गरम है कि ‘बेटी बी’ का नाम ‘आराध्या’ रखा गया है।
ट्विटर पर बॉलीवुड स्टार जोड़ी की इस बेटी के नाम को लेकर अफवाहें आने के बाद चर्चाएं शुरू हो गईं। बुधवार को यह खबर आई कि जन्म के चार महीनों के बाद बेटी बी को आखिरकार एक नया नाम ‘आराध्या’ मिल ही गया। लेकिन अभी तक अटकलें चल ही रही हैं क्योंकि न तो अमिताभ बच्चन ने और न ही उनके परिवार ने इसकी पृष्टि की है, न ही इसका खंडन किया है।टिप्पणियां
ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, ‘‘भारत में इस समय दो ही चीजें छाई हैं एक रेल बजट और दूसरा आराध्या बच्चन, आखिरकार बच्ची को एक नाम मिल ही गया।’ एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘‘बच्चन परिवार ने बच्ची का सही नाम रखा है। उसके नाम में ‘एए’ होगा जिससे वर्णमालाओं की अधिकतर सूचियों में उसका नाम सबसे ऊपर आएगा।’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘‘आराध्या सबसे पहले क्या सीखेगी: केबीसी या एबीसी?’’ बेटी बी का नाम अभी तय हुआ हो या ना हो लेकिन यह तय है कि खबरें उसका पीछा नहीं छोड़ने वालीं। ऐश्वर्या के गर्भवती होने की खबर आने के बाद से शुरू हुई ये खबरें बेटी बी के नामाकरण तक जारी हैं। जब ऐश्वर्या गर्भवती थीं, तब उन्हें बेटा होगा या बेटी, इसे लेकर तमाम खबरें आती रहीं। जब बेटी बी का जन्म हुआ तब उसकी तस्वीर इंटरनेट पर जारी होने की खबर आई।
इसके बाद खबर आई कि यह स्टार जोड़ी अमेरिकी टीवी शो होस्ट ओप्रा विन्फ्रे के कार्यक्रम में अपनी बेटी की तस्वीर जारी करेगा और तभी उसका नाम भी बताया जाएगा। बेटी बी के नाम को लेकर लगतार खबरें आती रहीं। कभी उसका नाम आलिया तो कभी अभिलाषा बताया गया। लेकिन अभिषेक ने इन खबरों का खंडन किया और इन्हें गलत बताया।
ट्विटर पर बॉलीवुड स्टार जोड़ी की इस बेटी के नाम को लेकर अफवाहें आने के बाद चर्चाएं शुरू हो गईं। बुधवार को यह खबर आई कि जन्म के चार महीनों के बाद बेटी बी को आखिरकार एक नया नाम ‘आराध्या’ मिल ही गया। लेकिन अभी तक अटकलें चल ही रही हैं क्योंकि न तो अमिताभ बच्चन ने और न ही उनके परिवार ने इसकी पृष्टि की है, न ही इसका खंडन किया है।टिप्पणियां
ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, ‘‘भारत में इस समय दो ही चीजें छाई हैं एक रेल बजट और दूसरा आराध्या बच्चन, आखिरकार बच्ची को एक नाम मिल ही गया।’ एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘‘बच्चन परिवार ने बच्ची का सही नाम रखा है। उसके नाम में ‘एए’ होगा जिससे वर्णमालाओं की अधिकतर सूचियों में उसका नाम सबसे ऊपर आएगा।’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘‘आराध्या सबसे पहले क्या सीखेगी: केबीसी या एबीसी?’’ बेटी बी का नाम अभी तय हुआ हो या ना हो लेकिन यह तय है कि खबरें उसका पीछा नहीं छोड़ने वालीं। ऐश्वर्या के गर्भवती होने की खबर आने के बाद से शुरू हुई ये खबरें बेटी बी के नामाकरण तक जारी हैं। जब ऐश्वर्या गर्भवती थीं, तब उन्हें बेटा होगा या बेटी, इसे लेकर तमाम खबरें आती रहीं। जब बेटी बी का जन्म हुआ तब उसकी तस्वीर इंटरनेट पर जारी होने की खबर आई।
इसके बाद खबर आई कि यह स्टार जोड़ी अमेरिकी टीवी शो होस्ट ओप्रा विन्फ्रे के कार्यक्रम में अपनी बेटी की तस्वीर जारी करेगा और तभी उसका नाम भी बताया जाएगा। बेटी बी के नाम को लेकर लगतार खबरें आती रहीं। कभी उसका नाम आलिया तो कभी अभिलाषा बताया गया। लेकिन अभिषेक ने इन खबरों का खंडन किया और इन्हें गलत बताया।
ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, ‘‘भारत में इस समय दो ही चीजें छाई हैं एक रेल बजट और दूसरा आराध्या बच्चन, आखिरकार बच्ची को एक नाम मिल ही गया।’ एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘‘बच्चन परिवार ने बच्ची का सही नाम रखा है। उसके नाम में ‘एए’ होगा जिससे वर्णमालाओं की अधिकतर सूचियों में उसका नाम सबसे ऊपर आएगा।’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘‘आराध्या सबसे पहले क्या सीखेगी: केबीसी या एबीसी?’’ बेटी बी का नाम अभी तय हुआ हो या ना हो लेकिन यह तय है कि खबरें उसका पीछा नहीं छोड़ने वालीं। ऐश्वर्या के गर्भवती होने की खबर आने के बाद से शुरू हुई ये खबरें बेटी बी के नामाकरण तक जारी हैं। जब ऐश्वर्या गर्भवती थीं, तब उन्हें बेटा होगा या बेटी, इसे लेकर तमाम खबरें आती रहीं। जब बेटी बी का जन्म हुआ तब उसकी तस्वीर इंटरनेट पर जारी होने की खबर आई।
इसके बाद खबर आई कि यह स्टार जोड़ी अमेरिकी टीवी शो होस्ट ओप्रा विन्फ्रे के कार्यक्रम में अपनी बेटी की तस्वीर जारी करेगा और तभी उसका नाम भी बताया जाएगा। बेटी बी के नाम को लेकर लगतार खबरें आती रहीं। कभी उसका नाम आलिया तो कभी अभिलाषा बताया गया। लेकिन अभिषेक ने इन खबरों का खंडन किया और इन्हें गलत बताया।
इसके बाद खबर आई कि यह स्टार जोड़ी अमेरिकी टीवी शो होस्ट ओप्रा विन्फ्रे के कार्यक्रम में अपनी बेटी की तस्वीर जारी करेगा और तभी उसका नाम भी बताया जाएगा। बेटी बी के नाम को लेकर लगतार खबरें आती रहीं। कभी उसका नाम आलिया तो कभी अभिलाषा बताया गया। लेकिन अभिषेक ने इन खबरों का खंडन किया और इन्हें गलत बताया। | संक्षिप्त सारांश: अभिषेक, ऐश्वर्या की बेटी के नाम को लेकर मीडिया, सोशल नेटवर्किंग साइटों और प्रशंसकों के बीच चर्चा गरम है कि ‘बेटी बी’ का नाम ‘आराध्या’ रखा गया है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय अमेरिकी मूल की 18 वर्षीय एक किशोरी ने ऐसा उपकरण तैयार किया है जिससे मोबाइल फोन 20 सेकंड में चार्ज हो सकेंगे।
कैलिफोर्निया की ईशा खरे को इस खोज के लिए इंटेल फाउंडेशन के यंग साइंटिस्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ईशा का यह उपकरण मोबाइल फोन की बैटरियों में लगाया जा सकेगा जिससे बैटरी 20.30 सेकंड में चार्ज हो सकेगी।टिप्पणियां
एनबीसी न्यूज की खबर के अनुसार इस लघु उपकरण में काफी ऊर्जा होती है और इससे बैटरी तुरंत चार्ज हो सकती है तथा लंबे समय तक बैटरी काम कर सकती है।
इस खोज के लिए ईशा को 50 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम मिला है।
कैलिफोर्निया की ईशा खरे को इस खोज के लिए इंटेल फाउंडेशन के यंग साइंटिस्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ईशा का यह उपकरण मोबाइल फोन की बैटरियों में लगाया जा सकेगा जिससे बैटरी 20.30 सेकंड में चार्ज हो सकेगी।टिप्पणियां
एनबीसी न्यूज की खबर के अनुसार इस लघु उपकरण में काफी ऊर्जा होती है और इससे बैटरी तुरंत चार्ज हो सकती है तथा लंबे समय तक बैटरी काम कर सकती है।
इस खोज के लिए ईशा को 50 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम मिला है।
एनबीसी न्यूज की खबर के अनुसार इस लघु उपकरण में काफी ऊर्जा होती है और इससे बैटरी तुरंत चार्ज हो सकती है तथा लंबे समय तक बैटरी काम कर सकती है।
इस खोज के लिए ईशा को 50 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम मिला है।
इस खोज के लिए ईशा को 50 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम मिला है। | सारांश: कैलिफोर्निया की रहने वाली 18-वर्षीय भारतीय-अमेरिकी ईशा खरे ने ऐसा उपकरण तैयार किया है, जिससे मोबाइल फोन 20 सेकंड में चार्ज हो सकेंगे। ईशा खरे को इसके लिए इंटेल फाउंडेशन के यंग साइंटिस्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के ग्राफ को बढ़ाते हुए रोहतक जिले में एक नाबालिग दलित लड़की को कथित तौर पर अगवाकर उसके साथ बलात्कार करने का मामला सामने आया है जबकि जींद जिले में मानसिक तौर से अशक्त एक महिला के कथित यौन उत्पीड़न का पता चला है।
दोनों ही घटनाओं के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि 15 वर्षीय एक दलित लड़की को रोहतक जिले के कच्ची गढ़ी मोहल्ला कॉलोनी में तीन महिला रिश्तेदारों ने लालच दिया और फिर मंगलवार की शाम एक युवक ने उसके साथ बलात्कार किया।
आरोपी महिलाओं ने लड़की को उसके घर से बाहर बुलाया था और एक कार से उसे एक ऐसे मकान में ले जाया गया जहां कोई नहीं रहता था। इसी मकान में लड़की के साथ बलात्कार हुआ।
पुलिस ने पीड़िता के तीन रिश्तेदारों सहित पांच लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ताजा घटना मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा के गृह जिले में हुई है जहां विपक्षी भाजपा और हरियाणा जनहित कांग्रेस की महिला नेताओं ने रैली निकाली और राज्य की महिलाओं की सुरक्षा में नाकाम रहने पर हुड्डा शासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जींद जिले के नरवाना इलाके में मंगलवार को मानसिक तौर पर अशक्त एक महिला का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने आज इन घटनाओं की निंदा की और कहा कि इन अपराधों का दोषी चाहे कोई भी हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य पुलिस बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद हुड्डा ने कहा कि न केवल पुलिस की मान्यता सही होनी चाहिए बल्कि उन्हें नजर भी आना चाहिए और उन तक पहुंच भी आसान होनी चाहिए।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस संगठनों के कामकाज की समीक्षा की है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए कई उपाय भी किए गए हैं।
राज्य में बलात्कार की हालिया वारदातों का हवाला देते हुए डीजीपी रंजीव दलाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने हरियाणा पुलिस की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। एक अन्य घटना में जींद जिला पुलिस के प्रवक्ता ने आज कहा कि उन्होंने लूट की योजना बनाते चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
दोनों ही घटनाओं के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि 15 वर्षीय एक दलित लड़की को रोहतक जिले के कच्ची गढ़ी मोहल्ला कॉलोनी में तीन महिला रिश्तेदारों ने लालच दिया और फिर मंगलवार की शाम एक युवक ने उसके साथ बलात्कार किया।
आरोपी महिलाओं ने लड़की को उसके घर से बाहर बुलाया था और एक कार से उसे एक ऐसे मकान में ले जाया गया जहां कोई नहीं रहता था। इसी मकान में लड़की के साथ बलात्कार हुआ।
पुलिस ने पीड़िता के तीन रिश्तेदारों सहित पांच लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ताजा घटना मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा के गृह जिले में हुई है जहां विपक्षी भाजपा और हरियाणा जनहित कांग्रेस की महिला नेताओं ने रैली निकाली और राज्य की महिलाओं की सुरक्षा में नाकाम रहने पर हुड्डा शासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जींद जिले के नरवाना इलाके में मंगलवार को मानसिक तौर पर अशक्त एक महिला का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने आज इन घटनाओं की निंदा की और कहा कि इन अपराधों का दोषी चाहे कोई भी हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य पुलिस बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद हुड्डा ने कहा कि न केवल पुलिस की मान्यता सही होनी चाहिए बल्कि उन्हें नजर भी आना चाहिए और उन तक पहुंच भी आसान होनी चाहिए।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस संगठनों के कामकाज की समीक्षा की है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए कई उपाय भी किए गए हैं।
राज्य में बलात्कार की हालिया वारदातों का हवाला देते हुए डीजीपी रंजीव दलाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने हरियाणा पुलिस की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। एक अन्य घटना में जींद जिला पुलिस के प्रवक्ता ने आज कहा कि उन्होंने लूट की योजना बनाते चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी महिलाओं ने लड़की को उसके घर से बाहर बुलाया था और एक कार से उसे एक ऐसे मकान में ले जाया गया जहां कोई नहीं रहता था। इसी मकान में लड़की के साथ बलात्कार हुआ।
पुलिस ने पीड़िता के तीन रिश्तेदारों सहित पांच लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ताजा घटना मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा के गृह जिले में हुई है जहां विपक्षी भाजपा और हरियाणा जनहित कांग्रेस की महिला नेताओं ने रैली निकाली और राज्य की महिलाओं की सुरक्षा में नाकाम रहने पर हुड्डा शासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जींद जिले के नरवाना इलाके में मंगलवार को मानसिक तौर पर अशक्त एक महिला का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने आज इन घटनाओं की निंदा की और कहा कि इन अपराधों का दोषी चाहे कोई भी हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य पुलिस बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद हुड्डा ने कहा कि न केवल पुलिस की मान्यता सही होनी चाहिए बल्कि उन्हें नजर भी आना चाहिए और उन तक पहुंच भी आसान होनी चाहिए।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस संगठनों के कामकाज की समीक्षा की है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए कई उपाय भी किए गए हैं।
राज्य में बलात्कार की हालिया वारदातों का हवाला देते हुए डीजीपी रंजीव दलाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने हरियाणा पुलिस की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। एक अन्य घटना में जींद जिला पुलिस के प्रवक्ता ने आज कहा कि उन्होंने लूट की योजना बनाते चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने पीड़िता के तीन रिश्तेदारों सहित पांच लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ताजा घटना मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा के गृह जिले में हुई है जहां विपक्षी भाजपा और हरियाणा जनहित कांग्रेस की महिला नेताओं ने रैली निकाली और राज्य की महिलाओं की सुरक्षा में नाकाम रहने पर हुड्डा शासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जींद जिले के नरवाना इलाके में मंगलवार को मानसिक तौर पर अशक्त एक महिला का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने आज इन घटनाओं की निंदा की और कहा कि इन अपराधों का दोषी चाहे कोई भी हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य पुलिस बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद हुड्डा ने कहा कि न केवल पुलिस की मान्यता सही होनी चाहिए बल्कि उन्हें नजर भी आना चाहिए और उन तक पहुंच भी आसान होनी चाहिए।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस संगठनों के कामकाज की समीक्षा की है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए कई उपाय भी किए गए हैं।
राज्य में बलात्कार की हालिया वारदातों का हवाला देते हुए डीजीपी रंजीव दलाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने हरियाणा पुलिस की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। एक अन्य घटना में जींद जिला पुलिस के प्रवक्ता ने आज कहा कि उन्होंने लूट की योजना बनाते चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
जींद जिले के नरवाना इलाके में मंगलवार को मानसिक तौर पर अशक्त एक महिला का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने आज इन घटनाओं की निंदा की और कहा कि इन अपराधों का दोषी चाहे कोई भी हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य पुलिस बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद हुड्डा ने कहा कि न केवल पुलिस की मान्यता सही होनी चाहिए बल्कि उन्हें नजर भी आना चाहिए और उन तक पहुंच भी आसान होनी चाहिए।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस संगठनों के कामकाज की समीक्षा की है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए कई उपाय भी किए गए हैं।
राज्य में बलात्कार की हालिया वारदातों का हवाला देते हुए डीजीपी रंजीव दलाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने हरियाणा पुलिस की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। एक अन्य घटना में जींद जिला पुलिस के प्रवक्ता ने आज कहा कि उन्होंने लूट की योजना बनाते चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
राज्य पुलिस बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद हुड्डा ने कहा कि न केवल पुलिस की मान्यता सही होनी चाहिए बल्कि उन्हें नजर भी आना चाहिए और उन तक पहुंच भी आसान होनी चाहिए।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस संगठनों के कामकाज की समीक्षा की है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए कई उपाय भी किए गए हैं।
राज्य में बलात्कार की हालिया वारदातों का हवाला देते हुए डीजीपी रंजीव दलाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने हरियाणा पुलिस की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। एक अन्य घटना में जींद जिला पुलिस के प्रवक्ता ने आज कहा कि उन्होंने लूट की योजना बनाते चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस संगठनों के कामकाज की समीक्षा की है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए कई उपाय भी किए गए हैं।
राज्य में बलात्कार की हालिया वारदातों का हवाला देते हुए डीजीपी रंजीव दलाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने हरियाणा पुलिस की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। एक अन्य घटना में जींद जिला पुलिस के प्रवक्ता ने आज कहा कि उन्होंने लूट की योजना बनाते चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
राज्य में बलात्कार की हालिया वारदातों का हवाला देते हुए डीजीपी रंजीव दलाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने हरियाणा पुलिस की ओर से की गई तत्काल कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। एक अन्य घटना में जींद जिला पुलिस के प्रवक्ता ने आज कहा कि उन्होंने लूट की योजना बनाते चार युवकों को गिरफ्तार किया है। | हरियाणा में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के ग्राफ को बढ़ाते हुए रोहतक जिले में एक नाबालिग दलित लड़की को कथित तौर पर अगवाकर उसके साथ बलात्कार करने का मामला सामने आया है। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में पद व गोपनीयता की शपथ ली। वह भाजपा-नीत गठबंधन के अगुवा के रूप में उभरे हैं। शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
शपथ ग्रहण समारोह स्थानीय कैम्पन मैदान में सम्पन्न हुआ। राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने मुख्यमंत्री के साथ दयानंद मांडरेकर, मथानी सल्दंहा, लक्ष्मीकांत पारसेनकर और फ्रांसिस डिसूजा को कैबिनेट मंत्री के रूप में पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
मंत्री पद की शपथ लेने वालों में दो नेता ईसाई समुदाय से हैं। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में कुल 28 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, इनमें से छह ईसाई समुदाय से थे। मतदान तीन मार्च को सम्पन्न हुआ था जबकि परिणाम छह मार्च का आए थे।
शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, राजीव प्रताप रूड़ी, शहनवाज हुसैन, गोपीनाथ मुंडे, वेंकैया नायडू, सदानंद गौड़ा और आरती मेहरा शामिल हुए।
बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं।
गोवा में कांग्रेस को किनारे करते हुए बहुमत में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) गठबंधन ने सर्वसम्मति से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना था।
भाजपा-नीत गठबंधन ने बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
शपथ ग्रहण समारोह स्थानीय कैम्पन मैदान में सम्पन्न हुआ। राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने मुख्यमंत्री के साथ दयानंद मांडरेकर, मथानी सल्दंहा, लक्ष्मीकांत पारसेनकर और फ्रांसिस डिसूजा को कैबिनेट मंत्री के रूप में पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
मंत्री पद की शपथ लेने वालों में दो नेता ईसाई समुदाय से हैं। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में कुल 28 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, इनमें से छह ईसाई समुदाय से थे। मतदान तीन मार्च को सम्पन्न हुआ था जबकि परिणाम छह मार्च का आए थे।
शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, राजीव प्रताप रूड़ी, शहनवाज हुसैन, गोपीनाथ मुंडे, वेंकैया नायडू, सदानंद गौड़ा और आरती मेहरा शामिल हुए।
बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं।
गोवा में कांग्रेस को किनारे करते हुए बहुमत में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) गठबंधन ने सर्वसम्मति से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना था।
भाजपा-नीत गठबंधन ने बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
मंत्री पद की शपथ लेने वालों में दो नेता ईसाई समुदाय से हैं। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में कुल 28 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, इनमें से छह ईसाई समुदाय से थे। मतदान तीन मार्च को सम्पन्न हुआ था जबकि परिणाम छह मार्च का आए थे।
शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, राजीव प्रताप रूड़ी, शहनवाज हुसैन, गोपीनाथ मुंडे, वेंकैया नायडू, सदानंद गौड़ा और आरती मेहरा शामिल हुए।
बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं।
गोवा में कांग्रेस को किनारे करते हुए बहुमत में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) गठबंधन ने सर्वसम्मति से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना था।
भाजपा-नीत गठबंधन ने बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, राजीव प्रताप रूड़ी, शहनवाज हुसैन, गोपीनाथ मुंडे, वेंकैया नायडू, सदानंद गौड़ा और आरती मेहरा शामिल हुए।
बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं।
गोवा में कांग्रेस को किनारे करते हुए बहुमत में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) गठबंधन ने सर्वसम्मति से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना था।
भाजपा-नीत गठबंधन ने बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं।
गोवा में कांग्रेस को किनारे करते हुए बहुमत में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) गठबंधन ने सर्वसम्मति से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना था।
भाजपा-नीत गठबंधन ने बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
गोवा में कांग्रेस को किनारे करते हुए बहुमत में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) गठबंधन ने सर्वसम्मति से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना था।
भाजपा-नीत गठबंधन ने बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
भाजपा-नीत गठबंधन ने बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
उल्लेखनीय है पर्रिकर पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में पद व गोपनीयता की शपथ ली। वह भाजपा-नीत गठबंधन के अगुवा के रूप में उभरे हैं। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माना कि खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतें विशेष रूप से चिंता की वजह बनी हुई हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रास्फीतिक दबाव को कम करने के लिए जरूरी वित्तीय और मौद्रिक उपाय करते रहेंगे। खाद्य मुद्रास्फीति के छह माह के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री ने यहां राज्यपालों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश के समय इस समय तात्कालिक चुनौती ऊंची वृद्धि दर की रफ्तार को कायम रखना और महंगाई पर अंकुश लगाने की है। सब्जियों की कीमतों में तेजी से 15 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 11.43 प्रतिशत की ऊंचाई पर पहुंच गई है। सिंह ने कहा, हाल के महीनों में खाने-पीने की वस्तुओं के ऊंचे दाम विशेष रूप से चिंता की वजह रहे हैं। उन्होंने कहा कि दीर्घावधि में खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों पर अंकुश के लिए कृषि और संबंधित क्षेत्रों में उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा, 11वीं योजना में हमने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। 12वीं योजना में इन्हें और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा, इस बीच हमारी सरकार और रिजर्व बैंक वित्तीय और मौद्रिक उपाय जारी रखेंगे, जिससे मुद्रास्फीतिक दबाव को कमा किया जा सके। सिंह ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार में कमी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक वातावरण बहुत ज्यादा उत्साहवर्धक नहीं है। | संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रास्फीतिक दबाव को कम करने के लिए जरूरी वित्तीय और मौद्रिक उपाय करते रहेंगे। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कांग्रेस को सूचित किया है कि पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधी कदमों का इस साल कोई परिणाम नहीं मिला है। वहां आतंकवादी गतिविधियों को आधार मिल रहा है और सेना के सामने हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। ओबामा द्वारा कांग्रेस को भेजी गयी व्हाइट हाउस की एक रिपोर्ट में लिखा है, वर्ष 2010 में आई बाढ़ के बाद चार महीने की शांति के पश्चात आतंकवाद प्रभावित हिंसा की वापसी दिखाती है कि उग्रवादी तत्व किस तरह बचने में और यहां तक कि उन इलाकों में पहुंचने में सफल रहे हैं जो पाकिस्तानी सेना ने पहले साफ कर दिए थे। कांग्रेस को जानकारी दी गयी है कि कांग्रेस के कहने पर ओबामा प्रशासन द्वारा तैयार की गयी रिपोर्ट..आतंकवाद निरोधक अभियानों में पाकिस्तान के प्रयास के एक प्रमुख सूचकांक में पाकिस्तान के रुझान दरअसल स्थिर से कम होने और उससे नकारात्मक रुझानों की ओर बढ़े हैं। 25 पन्नों की यह अफ.पाक रिपोर्ट ओबामा ने शुक्रवार को कांग्रेस में दाखिल की, जिसमें इस साल जनवरी से अगस्त के बीच पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान में आतंकवाद के मुकाबले में हुई प्रगति का ब्योरा है। रिपोर्ट का चौथा मापदंड, पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी क्षमताओं का विकास, आतंकवाद और आतंकवादी समूहों को हराने के पाकिस्तान के प्रयासों को सतत समर्थन है। जिस पर हुई प्रगति के बारे में व्हाइट हाउस की रिपोर्ट कहती है कि इस उद्देश्य के लिहाज से संकेतक एक जनवरी से 31 मार्च तक स्थिर रहे। रिपोर्ट के अनुसार एक अप्रैल से 30 जून के दौरान उद्देश्य पूर्ति में कमी आई वहीं एक जुलाई से 31 अगस्त तक इसमें लगातार नकारात्मक रुझान देखे गए। रिपोर्ट कहती है, सीमा-पार समन्वय और सहयोग में हुई प्रगति के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं, वहीं पाकिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की कमी पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी व उग्रवाद निरोधी कार्रवाई में योगदान की अमेरिकी क्षमता की कमी का सतत रुझान दिखाता है। रिपोर्ट के अनुसार, संघीय प्रशासित कबायली क्षेत्रों (फाटा) में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई जारी है लेकिन सुरक्षा और सरकारी बलों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधि तथा उच्चस्तरीय हमले सुरक्षा हालात में गिरावट के लिए जिम्मेदार हैं। व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के अनुसार सीमा-पार विवाद की घटनाओं को निष्प्रभावी करने के लिए और अधिक मजबूत संचार तथा सहयोग की प्रणाली विकसित करने के प्रयासों के बावजूद इस अवधि में अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है वहीं समन्वय तथा सहयोग में कुल मिलाकर गिरावट आयी है। इसके अनुसार, अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर उग्रवादी गतिविधियां दोनों देशों में स्थिरता के प्रयासों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। रिपोर्ट कहती है, सीमा पर तनाव कम करने में उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ), अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बल (एएनएसएफ) और पाकिस्तानी सेना की भागीदारी के नतीजतन दक्षिण में गोलाबारी की घटनाओं में कमी आई लेकिन पूरी फाटा सीमा पर कई चुनौतियां अनसुलझी बनी हुई हैं, जिनके और बढ़ने के आसार बने हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी वजीरिस्तान से औरकजाई की तिराह घाटी और खबर में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने व स्थानीय कबायली लोगों के खिलाफ हमलों को कम करने के लिहाज से फाटा की खबर और कुर्रम एजेंसियों में इस अवधि के दौरान दो नयी आतंकवाद निरोधी (कॉइन) कार्रवाई शुरू की। रिपोर्ट ने कहा, ये नयी आक्रामक गतिविधियां अंतत: उग्रवादियों तथा पाकिस्तानी सेना के बीच संतुलन को नहीं बदलतीं। इसके अलावा आतंकवादी हमले जारी हैं और पुलिस व सेना के जवान और इमारतें घरेलू उग्रवादियों व आतंकवादियों का प्राथमिक निशाना बन रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओबामा ने कांग्रेस को सूचित किया है कि पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधी कदमों का इस साल कोई परिणाम नहीं मिला है। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार और पार्टी के विधायकों पर एक बाद एक आरोप लगते जा रहे हैं. अब एक बार फिर एक विधायक चर्चा में हैं. खबरों के मुताबिक जनकपुरी से आप विधायक राजेश ऋषि अपने भाई की वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं. दरअसल राजेश ऋषि के भाई राजीव ऋषि पर पड़ोसी बुजुर्ग दंपती के साथ मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगा है. पुलिस ने राजीव ऋषि और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि दोनों पर बुजुर्ग महिला से छेड़खानी और मारपीट के आरोप लगा है.
मारपीट की यह घटना रविवार शाम की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम विधायक के घर पर उनके कुछ समर्थक आए हुए थे. समर्थकों ने अपनी गाड़ियां दूसरे घरों के आगे खड़ी कर दी थी, जिसकी वजह से पड़ोसियों को दिक्कत हो रही थी.
विधायक के पड़ोसी बुजुर्ग वीरेंद्र तलवार ने उनके घर के आगे से कार हटाने को कहा. इसी बात को लेकर वीरेंद्र और राजीव के बीच कहासुनी होने की बात कही जा रही है. आरोप है कि कार हटाने की बात विधायक के भाई राजीव ऋषि को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने बुजुर्ग दंपती के साथ मारपीट शुरू कर दी. टिप्पणियां
आरोप है कि राजीव ऋषि, उनके बेटे और विधायक के एक समर्थक सतीश यादव ने बुजुर्ग दंपती की बुरी तरह पिटाई की. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजीव ऋषि बुजुर्ग दंपती के साथ उलझते हुए दिखाई दे रहे हैं रहे हैं. (एनडीटीवी इस वीडियो के पुष्टि नहीं करता है)
पीड़ित दंपती की शिकायत के बाद पुलिस राजीव ऋषि और सतीश यादव को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई. इस घटना के बारे में अपनी ओर से सफाई देते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश ऋषि का कहना है कि पहले पड़ोसियों ने उनके भाई के साथ गाली-गलौज करना शुरू किया था.
मारपीट की यह घटना रविवार शाम की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम विधायक के घर पर उनके कुछ समर्थक आए हुए थे. समर्थकों ने अपनी गाड़ियां दूसरे घरों के आगे खड़ी कर दी थी, जिसकी वजह से पड़ोसियों को दिक्कत हो रही थी.
विधायक के पड़ोसी बुजुर्ग वीरेंद्र तलवार ने उनके घर के आगे से कार हटाने को कहा. इसी बात को लेकर वीरेंद्र और राजीव के बीच कहासुनी होने की बात कही जा रही है. आरोप है कि कार हटाने की बात विधायक के भाई राजीव ऋषि को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने बुजुर्ग दंपती के साथ मारपीट शुरू कर दी. टिप्पणियां
आरोप है कि राजीव ऋषि, उनके बेटे और विधायक के एक समर्थक सतीश यादव ने बुजुर्ग दंपती की बुरी तरह पिटाई की. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजीव ऋषि बुजुर्ग दंपती के साथ उलझते हुए दिखाई दे रहे हैं रहे हैं. (एनडीटीवी इस वीडियो के पुष्टि नहीं करता है)
पीड़ित दंपती की शिकायत के बाद पुलिस राजीव ऋषि और सतीश यादव को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई. इस घटना के बारे में अपनी ओर से सफाई देते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश ऋषि का कहना है कि पहले पड़ोसियों ने उनके भाई के साथ गाली-गलौज करना शुरू किया था.
विधायक के पड़ोसी बुजुर्ग वीरेंद्र तलवार ने उनके घर के आगे से कार हटाने को कहा. इसी बात को लेकर वीरेंद्र और राजीव के बीच कहासुनी होने की बात कही जा रही है. आरोप है कि कार हटाने की बात विधायक के भाई राजीव ऋषि को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने बुजुर्ग दंपती के साथ मारपीट शुरू कर दी. टिप्पणियां
आरोप है कि राजीव ऋषि, उनके बेटे और विधायक के एक समर्थक सतीश यादव ने बुजुर्ग दंपती की बुरी तरह पिटाई की. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजीव ऋषि बुजुर्ग दंपती के साथ उलझते हुए दिखाई दे रहे हैं रहे हैं. (एनडीटीवी इस वीडियो के पुष्टि नहीं करता है)
पीड़ित दंपती की शिकायत के बाद पुलिस राजीव ऋषि और सतीश यादव को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई. इस घटना के बारे में अपनी ओर से सफाई देते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश ऋषि का कहना है कि पहले पड़ोसियों ने उनके भाई के साथ गाली-गलौज करना शुरू किया था.
आरोप है कि राजीव ऋषि, उनके बेटे और विधायक के एक समर्थक सतीश यादव ने बुजुर्ग दंपती की बुरी तरह पिटाई की. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजीव ऋषि बुजुर्ग दंपती के साथ उलझते हुए दिखाई दे रहे हैं रहे हैं. (एनडीटीवी इस वीडियो के पुष्टि नहीं करता है)
पीड़ित दंपती की शिकायत के बाद पुलिस राजीव ऋषि और सतीश यादव को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई. इस घटना के बारे में अपनी ओर से सफाई देते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश ऋषि का कहना है कि पहले पड़ोसियों ने उनके भाई के साथ गाली-गलौज करना शुरू किया था.
पीड़ित दंपती की शिकायत के बाद पुलिस राजीव ऋषि और सतीश यादव को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई. इस घटना के बारे में अपनी ओर से सफाई देते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश ऋषि का कहना है कि पहले पड़ोसियों ने उनके भाई के साथ गाली-गलौज करना शुरू किया था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आम आदमी पार्टी के विधायकों पर एक बाद एक आरोप लगते जा रहे हैं.
जनकपुरी से आप विधायक राजेश ऋषि अपने भाई की वजह से सुर्खियों में बने हैं
पुलिस ने राजीव ऋषि और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार किया है. | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत 19 साल के अंतराल के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए बतौर अस्थाई सदस्य शामिल हो गया है। भारत को अस्थाई सदस्यता मिलने के बाद उम्मीद की जा सकती है कि इस शक्तिसंपन्न समूह में जगह बनाने के साथ ही भारत न केवल प्रमुख वैश्विक भूमिका निभाएगा बल्कि इससे उसका स्थाई सदस्यता हासिल करने का रास्ता भी साफ होगा। एक जनवरी से जर्मनी, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका और कोलंबिया के साथ भारत इस 15 सदस्यीय निकाय का पांचवां अस्थाई सदस्य बन गया है। अब प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर भारत के रवैये पर संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों के अलावा समूह के पांच स्थायी सदस्य देशों की भी नजर रहेगी। अमेरिका भी नई दिल्ली के रुख पर गौर करेगा और ईरान जैसे बड़े मुद्दों पर उसका समर्थन हासिल करना चाहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पहले ही भारत के सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के दावे का समर्थन कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि नई दिल्ली मानवाधिकार जैसे कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर नये नजरिये के साथ शक्तिसंपन्न ढांचे में काम करने के लिये तैयार है। | संक्षिप्त पाठ: भारत 19 साल के अंतराल के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए बतौर अस्थाई सदस्य शामिल हो गया है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दूरसंचार नियामक ट्राई ने कहा है कि आठ कंपनियों को दिए गए 2जी के 122 लाइसेंस रद्द किए जाने से उपभोक्ताओं पर ज्यादा असर नहीं होगा, क्योंकि करीब 95 फीसदी उपभोक्ता उन कंपनियों के हैं, जिन्हें जनवरी, 2008 से पहले लाइसेंस मिले हैं।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार (ट्राई) के अध्यक्ष जेएस सरमा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू किया जाएगा। उपभोक्ता लाइसेंस रद्द होने से उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि 95 फीसदी बाजार हिस्सेदारी उन कंपनियों के पास है, जिन्हें जनवरी, 2008 से पहले लाइसेंस मिला है।’’ उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के पास मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के जरिए अपने नंबर का उपयोग किसी और कंपनी की सेवा लेने के लिए कर सकते हैं।टिप्पणियां
सरमा ने कहा, ‘‘उपभोक्ताओं के पास एमएनपी के जरिए उसी नंबर की अन्य कंपनी की सेवा लेने का विकल्प है। हम परिचालकों को निर्देश देंगे कि वे अपने उपभोक्ताओं को सूचना दें और विज्ञापन निकालें।’’ स्पेक्ट्रम की ऊंची कीमत की आशंका के कारण शुल्क बढ़ोतरी के बारे में सरमा ने कहा कि ट्राई इस बारे में सचेत है और वह स्थिति पर निगाह रखेगा।
जिन कंपनियों का लाइसेंस रद्द हुआ है, उनमें यूनिनॉर (यूनिटेक और टेलीनॉर का संयुक्त उद्यम), लूप टेलीकॉम, सिस्तेमा श्याम (श्याम और रूस की सिस्तेमा का संयुक्त उद्यम), एतिसलात डीबी (स्वान और संयुक्त अरब अमीरात की एतिसलात का संयुक्त उद्यम), एस टेल, वीडियोकान, टाटा और आइडिया शामिल हैं। ये सभी लाइसेंस रद्द होने के बाद 500 मेगाहर्ट्ज का स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए उपलब्ध होगा।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार (ट्राई) के अध्यक्ष जेएस सरमा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू किया जाएगा। उपभोक्ता लाइसेंस रद्द होने से उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि 95 फीसदी बाजार हिस्सेदारी उन कंपनियों के पास है, जिन्हें जनवरी, 2008 से पहले लाइसेंस मिला है।’’ उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के पास मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के जरिए अपने नंबर का उपयोग किसी और कंपनी की सेवा लेने के लिए कर सकते हैं।टिप्पणियां
सरमा ने कहा, ‘‘उपभोक्ताओं के पास एमएनपी के जरिए उसी नंबर की अन्य कंपनी की सेवा लेने का विकल्प है। हम परिचालकों को निर्देश देंगे कि वे अपने उपभोक्ताओं को सूचना दें और विज्ञापन निकालें।’’ स्पेक्ट्रम की ऊंची कीमत की आशंका के कारण शुल्क बढ़ोतरी के बारे में सरमा ने कहा कि ट्राई इस बारे में सचेत है और वह स्थिति पर निगाह रखेगा।
जिन कंपनियों का लाइसेंस रद्द हुआ है, उनमें यूनिनॉर (यूनिटेक और टेलीनॉर का संयुक्त उद्यम), लूप टेलीकॉम, सिस्तेमा श्याम (श्याम और रूस की सिस्तेमा का संयुक्त उद्यम), एतिसलात डीबी (स्वान और संयुक्त अरब अमीरात की एतिसलात का संयुक्त उद्यम), एस टेल, वीडियोकान, टाटा और आइडिया शामिल हैं। ये सभी लाइसेंस रद्द होने के बाद 500 मेगाहर्ट्ज का स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए उपलब्ध होगा।
सरमा ने कहा, ‘‘उपभोक्ताओं के पास एमएनपी के जरिए उसी नंबर की अन्य कंपनी की सेवा लेने का विकल्प है। हम परिचालकों को निर्देश देंगे कि वे अपने उपभोक्ताओं को सूचना दें और विज्ञापन निकालें।’’ स्पेक्ट्रम की ऊंची कीमत की आशंका के कारण शुल्क बढ़ोतरी के बारे में सरमा ने कहा कि ट्राई इस बारे में सचेत है और वह स्थिति पर निगाह रखेगा।
जिन कंपनियों का लाइसेंस रद्द हुआ है, उनमें यूनिनॉर (यूनिटेक और टेलीनॉर का संयुक्त उद्यम), लूप टेलीकॉम, सिस्तेमा श्याम (श्याम और रूस की सिस्तेमा का संयुक्त उद्यम), एतिसलात डीबी (स्वान और संयुक्त अरब अमीरात की एतिसलात का संयुक्त उद्यम), एस टेल, वीडियोकान, टाटा और आइडिया शामिल हैं। ये सभी लाइसेंस रद्द होने के बाद 500 मेगाहर्ट्ज का स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए उपलब्ध होगा।
जिन कंपनियों का लाइसेंस रद्द हुआ है, उनमें यूनिनॉर (यूनिटेक और टेलीनॉर का संयुक्त उद्यम), लूप टेलीकॉम, सिस्तेमा श्याम (श्याम और रूस की सिस्तेमा का संयुक्त उद्यम), एतिसलात डीबी (स्वान और संयुक्त अरब अमीरात की एतिसलात का संयुक्त उद्यम), एस टेल, वीडियोकान, टाटा और आइडिया शामिल हैं। ये सभी लाइसेंस रद्द होने के बाद 500 मेगाहर्ट्ज का स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए उपलब्ध होगा। | यह एक सारांश है: ट्राई ने कहा है कि लाइसेंस रद्द होने से उपभोक्ताओं पर ज्यादा असर नहीं होगा, क्योंकि करीब 95 फीसदी उपभोक्ता उन कंपनियों के हैं, जिन्हें जनवरी, 2008 से पहले लाइसेंस मिले हैं। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नर्वस नाइंटीज का शिकार मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर शतकों के शतक से चूक गए जबकि भारत भी इंग्लैंड के खिलाफ चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में पारी और आठ रन की हार के साथ श्रृंखला में सूपड़ा साफ होने से नहीं बचा पाया। इसके साथ ही आईसीसी रैंकिंग में टीम का तीसरे स्थान पर खिसकना भी तय हो गया। तेंदुलकर ने 172 गेंद की अपनी पारी में 11 चौकों की मदद से 91 रन बनाए और नाइट वाचमैन अमित मिश्रा (141 गेंद में 84 रन, 10 चौके) के साथ चौथे विकेट के लिए 144 रन जोड़े। जब ये दोनों बल्लेबाज क्रीज पर थे तब लग रहा था कि भारत इस मैच को ड्रा कराने में सफल रहेगा लेकिन टीम अपने अंतिम सात विकेट 21 रन पर गंवाने के साथ 283 रन पर सिमट गई और श्रृंखला 4-0 से गंवा बैठी। तेंदुलकर अपने करियर में नौवीं बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए। इंग्लैंड की ओर से ग्रीम स्वान ने फिरकी की जादू चलाते हुए 106 रन देकर छह विकेट चटकाए। इससे पूर्व टीम ने अपनी पहली पारी छह विकेट पर 591 रन बनाने के बाद घोषित की थी जिसके जवाब में टीम इंडिया 300 रन ही बना सकी थी और फालोऑन खेलने उतरी थी। इससे साथ ही अब जब आईसीसी अपनी नई रैंकिंग जारी करेगा जो उसमें इंग्लैंड दुनिया की नंबर एक जबकि भारत दुनिया की तीसरे नंबर की टीम होगा। भारत ने श्रृंखला की शुरुआत नंबर एक टीम जबकि इंग्लैंड ने तीसरी टीम के रूप में की थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1999-2000 में तीन मैचों की श्रृंखला 3-0 से गंवाने के बाद यह पहला मौका है जब दो से अधिक मैचों की श्रृंखला में भारत का वाइटवाश हुआ है। इंग्लैंड ने इससे पहले पिछली बार 1974 में अपनी सरजमीं पर भारत का सूपड़ा साफ किया था जब मेजबान टीम ने 3-0 से श्रृंखला जीती थी। | संक्षिप्त पाठ: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर एक बार फिर 100वें शतक से चूक गए। वह 91 रन बनाकर ब्रेजनन की गेंद पर आउट हो गए। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मालूम हो कि दिल्ली मेट्रो रेल की 10 मई से आठ साल बाद हुई किराया बढ़ोत्तरी से दैनिक यात्री 1.48 लाख औसतन घट गए हैं. हालांकि यात्रा का औसत किमी मामूली सा बढ़ा है और डीएमआरसी का औसतन दैनिक राजस्व जून-2016 के मुकाबले जून 2017 में 4.92 करोड़ से बढ़कर 6.73 करोड़ पहुंच गई है.
एक अक्टूबर से मेट्रो और भी महंगा: दिल्ली मेट्रो एक अक्टूबर से एक बार फिर से किराए में बढ़ोत्तरी करेगी. 12-18 किलोमीटर यात्रा करने वालों 9 मई के मुकाबले 18.50 रुपये की जगह सीधे 40 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा. इसी तरह 32 किलोमीटर से ज्यादा यात्रा करने पर 50 के बजाय 60 रुपए देने होंगे.
एक अक्टूबर से मेट्रो और भी महंगा: दिल्ली मेट्रो एक अक्टूबर से एक बार फिर से किराए में बढ़ोत्तरी करेगी. 12-18 किलोमीटर यात्रा करने वालों 9 मई के मुकाबले 18.50 रुपये की जगह सीधे 40 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा. इसी तरह 32 किलोमीटर से ज्यादा यात्रा करने पर 50 के बजाय 60 रुपए देने होंगे. | सारांश: मेट्रो का किराया बचाने के लिए लोगों ने ढूंढा जुगाड़
दोनों तरफ की यात्रा में बचते हैं रोजाना 20 रुपये
10 मई को बढ़ा था का किराया, एक अक्टूबर से और बढ़ेगा | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुजरात (Gujarat) के सूरत (Surat) में एक स्टूडेंट ने नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर पीएचडी थीसिस (Phd Thesis) पूरी कर ली है. डॉक्टरेट स्टूडेंट का नाम मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) है. खास बात ये है कि पीएनबी घोटाले (PNB Scam) के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी का भी नाम मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) है. सूरत के छात्र ने नरमद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी (Veer Narmad South Gujarat University) में थीसिस जमा की. उनके रिसर्च थीसिस का नाम 'लीडरशिप अंडर गवर्नमेंट- केस स्टडी ऑफ नरेंद्र मोदी' है. उन्होंने रिसर्च के लिए 450 लोगों का इंटरव्यू किया. जिसमें सरकारी अफसर, किसान, स्टूडेंट और पॉलिटिकल लीडर्स थे. मेहुल (Mehul Choksi) ने इनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की लीडरशिप क्वालिटी से जुड़े सवाल पूछे.
ANI से बात करते हुए मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) ने कहा- 'मैंने 450 लोगों से 32 सवाल पूछे. उनको जवाबों के मुताबिक, 25 प्रतिशत लोग समझते हैं कि मोदी की स्पीच काफी अपीलिंग होती है. वहीं 48 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मोदी पॉलिटिकल मार्केटिंग में बेस्ट हैं.' आपको बता दें, मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) लॉयर भी हैं. उन्होंने वीर नरमद यूनिवर्सिटी के प्रो. नीलेश जोशी के मार्गदर्शन में पीएचडी (Phd) की है.
2010 में मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) पीएचडी कर रहे थे. उस वक्त नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) गुजरात के मुख्यमंत्री थे. तब मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) ने मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)से जुड़े सवाल पूछे थे, जहां 51 प्रतिशत लोगों ने पॉजीटिव, 34.25 प्रतिशत लोगों ने नेगेटिव फीडबैक दिया था. 46.75 प्रतिशत लोगों ने कहा था कि पॉपुलेरिटी के लिए लीडर को ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जो जनता के लिए सही हों.
मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) ने कहा- '81 प्रतिशत लोगों ने कहा था कि सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति ही प्रधानमंत्री होना चाहिए. 31 प्रतिशत लोगों ने प्रमाणिकता और 34 प्रतिशत लोगों ने पारदर्शिता को अहमियत दी.' प्रोफेसर नीलेश जोशी ने कहा- 'ये टॉपिक काफी इंट्रेस्टिंग था. हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. जब कोई व्यक्ति ऊंचे पद पर हो तो उनके बारे में निष्पक्ष होकर लिखना मुश्किल हो जाता है.' प्रोफेसर ने कहा- 'लोगों तक पहुंचना और उनसे जवाब पूछना भी चुनौती से कम नहीं था.' | यह एक सारांश है: सूरत के छात्र मेहुल चौकसी ने की पीएम नरेंद्र मोदी पर PhD.
सूरत के छात्र ने नरमद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी में थीसिस जमा की.
रिसर्च का नाम 'लीडरशिप अंडर गवर्नमेंट- केस स्टडी ऑफ नरेंद्र मोदी' है. | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी पत्रकार यैयद सलीम शहजाद की हत्या के मामले को लेकर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच वाक युद्ध छिड़ गया जब एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने इस मामले में अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तानी सरकार पर आरोप मढ़ दिए। ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ प्रमुख एडमिरल माइक मुलेन ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए पत्रकार की हत्या को पाक सरकार की मंजूरी मिले होने की बात कही और संवाददाताओं से कहा, मैंने ऐसा कुछ भी नहीं देखा जो इस रिपोर्ट को गलत ठहराता हो। इसके साथ ही पेंटागन के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि जैसा कि न्यूयॉर्क टाइम्स में हाल ही में प्रकाशित हुआ है, उस संबंध में उन्होंने पाक सरकार या आईएसआई की संलिप्तता होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं देखे हैं। इस अमेरिकी अखबार ने खबर दी थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने एशिया टाइम्स ऑनलाइन के पत्रकार शहजाद की हत्या का आदेश दिया था ताकि सेना के बारे में नए खुलासे न हो सकें। मुलेन की टिप्पणी से अमेरिका-पाकिस्तान के संबंधों में और तल्खी आ सकती है। ऐबटाबाद में अमेरिकी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी। | सारांश: पाकिस्तानी पत्रकार यैयद सलीम शहजाद की हत्या के मामले को लेकर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच वाक युद्ध छिड़ गया। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के प्याज के थोक व्यापारियों ने बुधवार दोपहर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मुलाकात के बाद हड़ताल वापस ले ली। मुख्यमंत्री ने उनके परिसरों पर छापेमारी करके उन्हें और ज्यादा प्रताड़ित न करने का आश्वासन दिया है। व्यापारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने माना कि वे जमाखोरी नहीं कर रहे हैं। चैंबर ऑफ आजादपुर फ्रूट एंड वेजीटेबल ट्रेडर्स के महासचिव राजन शर्मा ने कहा, "मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के बाद हमने हड़ताल वापस ले ली है। उन्होंने कहा है कि आयकर अधिकारियों के छापे के बारे में वह केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी से बात करेंगी और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि अब जमाखोरी से सम्बंधित और छापेमारी नहीं की जाएगी।" प्याज की कीमत में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के विरोध में दिल्ली के थोक प्याज व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। आयकर अधिकारियों ने सोमवार को आजादपुर की थोक सब्जी मंडी के साथ पूरी दिल्ली में प्याज व्यापारियों पर छापे मारे थे। ये छापे पूरे देश में कीमतों में हुई वृद्धि को कम करने के लिए प्याज की जमाखोरी रोकने के लिए मारे गए। महाराष्ट्र के नासिक में बेमौसमी बरसात के बाद फसल चौपट होने के कारण पूरे देश में प्याज की कीमत अचानक बढ़ गई। अधिकारी अब इसके और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए जमाखोरी को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। आयकर अधिकारियों ने पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में भी इस तरह के छापे मारे थे। दिल्ली में थोक बाजार में प्याज की कीमत 40-47 रुपये प्रति किलो और खुदरा बाजार में लगभग 60 रुपये प्रति किलो पर चल रही है। | प्याज की कीमत में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के विरोध में दिल्ली के थोक प्याज व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: द्रमुक के संप्रग से बाहर होने के बाद भाजपा ने मंगलार को कहा कि पार्टी आम चुनावों के लिए तैयार है क्योंकि वर्तमान सरकार का बने रहना देशहित में नहीं है।
भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि अब सरकार के पास बहुमत नहीं रह गया है। उसे हटना चाहिए।
द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने चेन्नई में कहा कि द्रमुक के सभी मंत्री आज या कल में इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां
यह पूछने पर कि क्या भाजपा चुनाव का सामना करने को तैयार है, नकवी ने कहा कि हम चुनाव का सामना करने के लिए हमेशा तैयार हैं।
संप्रग सरकार पर भाजपा का हमला तेज करते हुए नकवी ने कहा कि सरकार अब वेंटिलेटर पर है लेकिन यदि वह कुछ लोगों से किसी तरह समर्थन जुटा लेती है तो भी यह देशहित में नहीं होगा।
भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि अब सरकार के पास बहुमत नहीं रह गया है। उसे हटना चाहिए।
द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने चेन्नई में कहा कि द्रमुक के सभी मंत्री आज या कल में इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां
यह पूछने पर कि क्या भाजपा चुनाव का सामना करने को तैयार है, नकवी ने कहा कि हम चुनाव का सामना करने के लिए हमेशा तैयार हैं।
संप्रग सरकार पर भाजपा का हमला तेज करते हुए नकवी ने कहा कि सरकार अब वेंटिलेटर पर है लेकिन यदि वह कुछ लोगों से किसी तरह समर्थन जुटा लेती है तो भी यह देशहित में नहीं होगा।
द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने चेन्नई में कहा कि द्रमुक के सभी मंत्री आज या कल में इस्तीफा दे देंगे।टिप्पणियां
यह पूछने पर कि क्या भाजपा चुनाव का सामना करने को तैयार है, नकवी ने कहा कि हम चुनाव का सामना करने के लिए हमेशा तैयार हैं।
संप्रग सरकार पर भाजपा का हमला तेज करते हुए नकवी ने कहा कि सरकार अब वेंटिलेटर पर है लेकिन यदि वह कुछ लोगों से किसी तरह समर्थन जुटा लेती है तो भी यह देशहित में नहीं होगा।
यह पूछने पर कि क्या भाजपा चुनाव का सामना करने को तैयार है, नकवी ने कहा कि हम चुनाव का सामना करने के लिए हमेशा तैयार हैं।
संप्रग सरकार पर भाजपा का हमला तेज करते हुए नकवी ने कहा कि सरकार अब वेंटिलेटर पर है लेकिन यदि वह कुछ लोगों से किसी तरह समर्थन जुटा लेती है तो भी यह देशहित में नहीं होगा।
संप्रग सरकार पर भाजपा का हमला तेज करते हुए नकवी ने कहा कि सरकार अब वेंटिलेटर पर है लेकिन यदि वह कुछ लोगों से किसी तरह समर्थन जुटा लेती है तो भी यह देशहित में नहीं होगा। | द्रमुक के संप्रग से बाहर होने के बाद भाजपा ने मंगलार को कहा कि पार्टी आम चुनावों के लिए तैयार है क्योंकि वर्तमान सरकार का बने रहना देशहित में नहीं है। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा ने सोनिया गांधी के हमले पर कहा कि उसे कांग्रेस से जिम्मेदारी का प्रमाण-पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है, उसे उससे जवाबदेही के आचरण की अपेक्षा है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार संसद के भीतर केवल चर्चा की बात करती है, लेकिन जवाबदेही की नहीं।
वहीं, भाजपा की नेता सुषमा स्वराज ने साफ कहा कि सरकार पार्टी की तीन शर्तों को स्वीकार कर लेगी तब वह संसद में अपने कदम पीछे खींच लेगी। पहली शर्त है कि पीएम अपना इस्तीफा देंगे। इसके अलावा सभी 142 आवंटन रद्द किए जाएं और तीसरी शर्त इन सभी मामलों में जांच का आदेश दिया जाए।टिप्पणियां
उधर, कैग रिपोर्ट पर बीजेपी ने अब संसद की लड़ाई को सड़क पर ले जाने का फैसला कर लिया है। पार्टी ने आला नेताओं की बैठक में फैसला किया है कि पार्टी सरकार के खिलाफ सड़कों पर मोर्चा खोलेगी और लोगों को सरकार के घोटालों के खिलाफ जागरूक करेगी।
गौरतलब है कि कोल ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर सीधा हमला बोला है और पीएम के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है।
वहीं, भाजपा की नेता सुषमा स्वराज ने साफ कहा कि सरकार पार्टी की तीन शर्तों को स्वीकार कर लेगी तब वह संसद में अपने कदम पीछे खींच लेगी। पहली शर्त है कि पीएम अपना इस्तीफा देंगे। इसके अलावा सभी 142 आवंटन रद्द किए जाएं और तीसरी शर्त इन सभी मामलों में जांच का आदेश दिया जाए।टिप्पणियां
उधर, कैग रिपोर्ट पर बीजेपी ने अब संसद की लड़ाई को सड़क पर ले जाने का फैसला कर लिया है। पार्टी ने आला नेताओं की बैठक में फैसला किया है कि पार्टी सरकार के खिलाफ सड़कों पर मोर्चा खोलेगी और लोगों को सरकार के घोटालों के खिलाफ जागरूक करेगी।
गौरतलब है कि कोल ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर सीधा हमला बोला है और पीएम के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है।
उधर, कैग रिपोर्ट पर बीजेपी ने अब संसद की लड़ाई को सड़क पर ले जाने का फैसला कर लिया है। पार्टी ने आला नेताओं की बैठक में फैसला किया है कि पार्टी सरकार के खिलाफ सड़कों पर मोर्चा खोलेगी और लोगों को सरकार के घोटालों के खिलाफ जागरूक करेगी।
गौरतलब है कि कोल ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर सीधा हमला बोला है और पीएम के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है।
गौरतलब है कि कोल ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर सीधा हमला बोला है और पीएम के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। | यह एक सारांश है: बीजेपी ने आला नेताओं की बैठक में फैसला किया है कि पार्टी सरकार के खिलाफ सड़कों पर मोर्चा खोलेगी और लोगों को सरकार के घोटालों के खिलाफ जागरूक करेगी। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुशील मोदी गजबे इंसान है।जब घोटालों मे फँसते है तो भाई-बहन,परिवार को भी नकार देते है।सृजन का सारा माल घर की चारदीवारी मे ही क्यों घुमता रहा?
तेजस्वी ने कहा, "सुशील मोदी ने भ्रष्टाचार कर खुद करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित कर ली है और वे अपना काला धन अपने भाई आऱ क़े मोदी की कंपनियों के जरिए सफेद करवाते हैं."टिप्पणियां
उधर, उपमुख्यमंत्री मोदी ने कहा, तेजस्वी यादव तो अपनी बहन की बेनामी संपत्ति बचाने में लगे हैं, जिसको उन्होंने एमएलए, एमपी बनाया. रेखा मोदी है मेरे दूर की 24 बहनों में से एक है. पिछले 8 साल से मैंने उनको देखा भी नहीं है. मैं बता चुका हूं कि उसने मेरे ऊपर मुकदमा भी कर रखा है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं. इसलिए सृजन में या किसी भी घोटाले में अगर मेरे सगे भाई का भी नाम आया हो तो पुलिस करवाई करने के लिए स्वतंत्र है.
उधर, उपमुख्यमंत्री मोदी ने कहा, तेजस्वी यादव तो अपनी बहन की बेनामी संपत्ति बचाने में लगे हैं, जिसको उन्होंने एमएलए, एमपी बनाया. रेखा मोदी है मेरे दूर की 24 बहनों में से एक है. पिछले 8 साल से मैंने उनको देखा भी नहीं है. मैं बता चुका हूं कि उसने मेरे ऊपर मुकदमा भी कर रखा है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं. इसलिए सृजन में या किसी भी घोटाले में अगर मेरे सगे भाई का भी नाम आया हो तो पुलिस करवाई करने के लिए स्वतंत्र है.
उधर, उपमुख्यमंत्री मोदी ने कहा, तेजस्वी यादव तो अपनी बहन की बेनामी संपत्ति बचाने में लगे हैं, जिसको उन्होंने एमएलए, एमपी बनाया. रेखा मोदी है मेरे दूर की 24 बहनों में से एक है. पिछले 8 साल से मैंने उनको देखा भी नहीं है. मैं बता चुका हूं कि उसने मेरे ऊपर मुकदमा भी कर रखा है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं. इसलिए सृजन में या किसी भी घोटाले में अगर मेरे सगे भाई का भी नाम आया हो तो पुलिस करवाई करने के लिए स्वतंत्र है. | यह एक सारांश है: मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी के निशाने पर सुशील मोदी आ गए हैं
रेखा मोदी, सुशील मोदी की चचेरी बहन हैं
सुशील मोदी बोले - रेखा मोदी से मेरा कोई लेना-देना नहीं | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलावों के गवाह और प्रदेश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार के रचियता पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा का सोमवार को तड़के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार थे। उनके पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। 79 वर्षीय बंगारप्पा के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे तथा तीन बेटियां हैं। गुर्दे संबंधी बीमारी और मधुमेह से पीड़ित बंगारप्पा का सात दिसंबर से इलाज चल रहा था। उन्होंने कल आधी रात के बाद करीब पौने एक बजे अंतिम सांस ली। बंगारप्पा हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा की पार्टी जनता दल एस में शामिल हुए थे। 26 अक्तूबर 1932 को जन्मे बंगारप्पा ने 1967 में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर मजबूत कदमों के साथ राजनीति में प्रवेश किया और 1972 में देवराज उर्स के मंत्रिमंडल में अपनी सेवाएं दीं। सोशलिस्ट के रूप में राजनीति में प्रवेश करने वाले बंगारप्पा अपनी सियासी जिंदगी में कई दलों में आते जाते रहे। कई बार कांग्रेस छोड़कर वह पुन: इसी पार्टी में लौटे। उन्होंने अपनी पार्टी भी बनायी। कुछ समय समाजवादी पार्टी और भाजपा में भी रहे। बंगारप्पा ने 1983 में कर्नाटक में पहली गैर कांग्रेसी सरकार स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उस समय उनके कर्नाटक क्रांति रंगा दल ने तत्कालीन जनता पार्टी सरकार का समर्थन किया, जिसके प्रमुख रामकृष्ण हेगड़े थे। वह 1990-92 के बीच मुख्यमंत्री भी रहे और उसके बाद पद से हटाए जाने के पश्चात उन्होंने कर्नाटक कांग्रेस पार्टी गठित की जिसने 1994 का विधानसभा चुनाव लड़ा और दस सीटों पर जीत हासिल की। राज्य की राजनीति में अपनी छाप छोड़ने वाले बंगारप्पा 1996-1999 और 2003 में तीन बार लोकसभा के सदस्य भी रहे। पिछड़े वर्गों में सम्मानित रहे बंगारप्पा 1998 का संसदीय चुनाव भाजपा के अयानुर मंजुनाथ के हाथों हार गए। राजनीति में उनका खराब समय 2009 में आया जब बंगारप्पा को पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के पुत्र बी वाई राघवेन्द्र ने शिमोगा संसदीय सीट से हरा दिया। 2008 के विधानसभा चुनाव में वह शिकारीपुरा सीट पर येदियुरप्पा के हाथों हार गए। बंगारप्पा ने तीन साल भाजपा में गुजारे और पार्टी के टिकट पर 1996 और 1999 का चुनाव भी जीते। उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कबातुर ले जाया जा रहा है जहां कल उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। बंगारप्पा के बड़े पुत्र कुमार बंगारप्पा अभिनेता हैं और पूर्व मंत्री भी। उनके एक अन्य पुत्र मधु बंगारप्पा फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं। | संक्षिप्त पाठ: प्रदेश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार के रचियता पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा का सोमवार को तड़के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी के श्रीकांत और एचएस प्रणय जापान सुपर शृंखला के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए, जबकि पीवी सिंधू हारकर बाहर हो गईं।टिप्पणियां
दुनिया के 56वें नंबर के खिलाड़ी प्रणय ने नौंवी रैंकिंग वाले डेनमार्क के जॉन ओ जोर्गेंसेन को 21-14, 13-21, 21-17 से हराया। वहीं श्रीकांत ने जापान के काजूतेरू कोजाइ को 21-12, 21-16 से मात दी।
आठवीं वरीयता प्राप्त सिंधू स्थानीय खिलाड़ी अकाने यामागुची से 32 मिनट के मुकाबले में 6-21, 17-21 से हारकर बाहर हो गईं। भारत के मनु अत्री और सुमीत रेड्डी पुरुष युगल मुकाबले में चौथी वरीयता प्राप्त चीन के शियाओलोंग लियू और जिहान कियू से 17-21, 16-21 से हारकर बाहर हो गए। प्रणय का खेल आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने अपने जबर्दस्त स्मैश और दमखम से डेनमार्क के दमदार प्रतिद्वंद्वी को हराया।
दुनिया के 56वें नंबर के खिलाड़ी प्रणय ने नौंवी रैंकिंग वाले डेनमार्क के जॉन ओ जोर्गेंसेन को 21-14, 13-21, 21-17 से हराया। वहीं श्रीकांत ने जापान के काजूतेरू कोजाइ को 21-12, 21-16 से मात दी।
आठवीं वरीयता प्राप्त सिंधू स्थानीय खिलाड़ी अकाने यामागुची से 32 मिनट के मुकाबले में 6-21, 17-21 से हारकर बाहर हो गईं। भारत के मनु अत्री और सुमीत रेड्डी पुरुष युगल मुकाबले में चौथी वरीयता प्राप्त चीन के शियाओलोंग लियू और जिहान कियू से 17-21, 16-21 से हारकर बाहर हो गए। प्रणय का खेल आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने अपने जबर्दस्त स्मैश और दमखम से डेनमार्क के दमदार प्रतिद्वंद्वी को हराया।
आठवीं वरीयता प्राप्त सिंधू स्थानीय खिलाड़ी अकाने यामागुची से 32 मिनट के मुकाबले में 6-21, 17-21 से हारकर बाहर हो गईं। भारत के मनु अत्री और सुमीत रेड्डी पुरुष युगल मुकाबले में चौथी वरीयता प्राप्त चीन के शियाओलोंग लियू और जिहान कियू से 17-21, 16-21 से हारकर बाहर हो गए। प्रणय का खेल आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने अपने जबर्दस्त स्मैश और दमखम से डेनमार्क के दमदार प्रतिद्वंद्वी को हराया। | युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी के श्रीकांत और एचएस प्रणय जापान सुपर शृंखला के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए, जबकि पीवी सिंधू हारकर बाहर हो गईं। प्रणय ने नौंवी रैंकिंग वाले डेनमार्क के जॉन ओ जोर्गेंसेन को हराया। वहीं श्रीकांत ने जापान के काजूतेरू कोजाइ को मात | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के इंडिया गेट पर रविवार को प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसवाले की हालत अभी तक नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। चिकित्सक ने यह जानकारी सोमवार को दी।
कांस्टेबल सुभाष तोमर को प्रदर्शन के दौरान इंडिया के नजदीक स्थित तिलक मार्ग पर पीटा गया था तथा प्रदर्शनकारियों के पत्थराव में वह घायल हो गए थे और फिलहाल वह बेहोश हैं।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के चिकित्सा अधीक्षक टीएस संधु ने कहा, उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
चिकित्सकों के मुताबिक, उनके हृदयाघात के डर को देखते हुए उपचार किया गया है।टिप्पणियां
आरएमएल अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक उन्होंने 150 घायलों का भी इलाज किया, जिन्हें मामूली चोटें आई थीं।
एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा, ज्यादातर प्रदर्शनकारियों को खरोंच जैसी मामूली चोटें आई हैं और किसी को भी भर्ती नहीं किया गया। 150 घायलों में 78 पुलिसकर्मी भी शामिल थे जिनमें चार वरिष्ठ अधिकारी थे।
कांस्टेबल सुभाष तोमर को प्रदर्शन के दौरान इंडिया के नजदीक स्थित तिलक मार्ग पर पीटा गया था तथा प्रदर्शनकारियों के पत्थराव में वह घायल हो गए थे और फिलहाल वह बेहोश हैं।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के चिकित्सा अधीक्षक टीएस संधु ने कहा, उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
चिकित्सकों के मुताबिक, उनके हृदयाघात के डर को देखते हुए उपचार किया गया है।टिप्पणियां
आरएमएल अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक उन्होंने 150 घायलों का भी इलाज किया, जिन्हें मामूली चोटें आई थीं।
एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा, ज्यादातर प्रदर्शनकारियों को खरोंच जैसी मामूली चोटें आई हैं और किसी को भी भर्ती नहीं किया गया। 150 घायलों में 78 पुलिसकर्मी भी शामिल थे जिनमें चार वरिष्ठ अधिकारी थे।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के चिकित्सा अधीक्षक टीएस संधु ने कहा, उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
चिकित्सकों के मुताबिक, उनके हृदयाघात के डर को देखते हुए उपचार किया गया है।टिप्पणियां
आरएमएल अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक उन्होंने 150 घायलों का भी इलाज किया, जिन्हें मामूली चोटें आई थीं।
एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा, ज्यादातर प्रदर्शनकारियों को खरोंच जैसी मामूली चोटें आई हैं और किसी को भी भर्ती नहीं किया गया। 150 घायलों में 78 पुलिसकर्मी भी शामिल थे जिनमें चार वरिष्ठ अधिकारी थे।
चिकित्सकों के मुताबिक, उनके हृदयाघात के डर को देखते हुए उपचार किया गया है।टिप्पणियां
आरएमएल अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक उन्होंने 150 घायलों का भी इलाज किया, जिन्हें मामूली चोटें आई थीं।
एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा, ज्यादातर प्रदर्शनकारियों को खरोंच जैसी मामूली चोटें आई हैं और किसी को भी भर्ती नहीं किया गया। 150 घायलों में 78 पुलिसकर्मी भी शामिल थे जिनमें चार वरिष्ठ अधिकारी थे।
आरएमएल अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक उन्होंने 150 घायलों का भी इलाज किया, जिन्हें मामूली चोटें आई थीं।
एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा, ज्यादातर प्रदर्शनकारियों को खरोंच जैसी मामूली चोटें आई हैं और किसी को भी भर्ती नहीं किया गया। 150 घायलों में 78 पुलिसकर्मी भी शामिल थे जिनमें चार वरिष्ठ अधिकारी थे।
एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा, ज्यादातर प्रदर्शनकारियों को खरोंच जैसी मामूली चोटें आई हैं और किसी को भी भर्ती नहीं किया गया। 150 घायलों में 78 पुलिसकर्मी भी शामिल थे जिनमें चार वरिष्ठ अधिकारी थे। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली के इंडिया गेट पर रविवार को प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसवाले की हालत अभी तक नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Samsung Galaxy J7 (2017) को एंड्रॉयड 9 पाई अपडेट मिलने लगा है। सैमसंग गैलेक्सी जे7 (2017) को मिला अपडेट ओवर-द-एयर (OTA) के जरिए स्पेन में रोल आउट किया गया है लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही अपडेट को अन्य मार्केट के लिए भी रोल आउट किया जाएगा। अपडेट वन यूआई वर्जन 1.1 के साथ आ रहा है। Galaxy J7 (2017) को एंड्रॉयड पाई अपडेट मिलने से पहले Samsung ने कुछ दिनों पहले इंटरनेशनल मार्केट में Galaxy J7 Nxt और Galaxy J7 Pro स्मार्टफोन के लिए अपडेट को जारी किया था।
SamMobile की रिपोर्ट के अनुसार, Galaxy J7 (2017) को मिले एंड्रॉयड 9 पाई अपडेट का बिल्ड नंबर J730FXXU4CSF1 है और यह One UI वर्जन 1.1 और मई एंड्रॉयड सिक्योरिटी पैच के साथ आ रहा है। अपडेट वन यूआई फीचर्स जैसे कि नाइट मोड, यूआई में बदलाव, नेविगेशन जेस्चर और डिजिटल वेलबींग टूल के साथ आ रहा है।
Samsung Galaxy J7 (2017) अपडेट को ओवर-द-एयर (OTA) के जरिए रोल आउट किया गया है, ऐसे में स्पेन में रह रहे सभी गैलेक्सी जे7 (2017) यूज़र तक अपडेट पहुंचने में थोड़ा समय लग सकता है। अगर आपको अपडेट का नोटिफिकेशन प्राप्त नहीं हुआ है तो Settings > Software update में जाकर अपडेट की जांच कर सकते हैं।
याद करा दें कि सैमसंग गैलेक्सी जे7 (2017) को जून 2017 में एंड्रॉयड 7.0 नूगा के साथ लॉन्च किया गया था। लॉन्च के बाद फोन को एंड्रॉयड 8.1 ओरियो अपडेट प्राप्त हुआ था। फोन में 5.5-इंच की फुल-एचडी स्क्रीन है और यह ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस 7870 प्रोसेसर से लैस है। इसमें फ्रंट और रियर पैनल पर 13 मेगापिक्सल के सेंसर मिलेंगे। बैटरी 3600 एमएएच की है। कनेक्टिविटी फ़ीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11 बी/जी/एन, ब्लूटूथ 4.1 और जीपीएस शामिल हैं।
जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कुछ दिनों पहले Samsung Galaxy J7 Nxt और Galaxy J7 Pro स्मार्टफोन के लिए एंड्रॉयड पाई पर आधारित वन यूआई अपडेट को जारी किया गया था। | सारांश: एक्सीनॉस 7870 प्रोसेसर से लैस है Galaxy J7 (2017)
13 मेगापिक्सल के फ्रंट व रियर कैमरे हैं Galaxy J7 (2017) में
3,600 एमएएच की बैटरी है Galaxy J7 (2017) में | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर स्वदेश लौटीं भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का कहना है कि यह पदक उन्हें 2016 रियो डी जनेरियो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रेरित करेगा।
मंगलवार को सम्मान समारोह में साइना ने कहा, "मुझे खुद पर गर्व है। मैं लंदन पदक जीतने के विश्वास से गई थी और मैं इसमें सक्षम रही। ओलिंपिक पदक के लिए मैंने नौ वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया था।"
साइना ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी हैं। बतौर महिला साइना ओलिंपिक में पदक जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं।
साइना और चीन की जिन के बीच कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला जा रहा था। जिन पहला गेम जीत चुकीं थी जबकि दूसरे गेम में वह 1-0 से आगे थीं।
पहले गेम की समाप्ति के कुछ समय पहले जिन का घुटना चोटिल हो गया जिसके बाद वह मुकाबले से बाहर हो गई थीं। इस प्रकार साइना को कांस्य पदक मिल गया।
22 वर्षीया साइना ने कहा कि वह कांस्य पदक जीतने में भाग्यशाली रहीं। उनका कहना किइस वर्ष थाईलैंड और इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज जीतने के बाद वह ओलिंपिक पदक जीतने के प्रति आशावादी थीं।
विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त साइना ने कहा, "उस समय जो शीर्ष खिलाड़ी रहीं थीं उन सबकों मैं हरा चुकी हूं और वह समय मेरे अनुकूल था। मैंने इंडोनेशिया ओपन में ली ज्युरूई को हराया था जिसने लंदन ओलिंपिक में वांग यिहान को हराकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इसलिए मैं ओलिंपिक में पदक जीतने के प्रति आश्वस्त थी।"
यह पूछने पर कि पोडियम पर खड़े होते वक्त आपको कैसा लगा, इस पर साइना ने कहा, "वह पल अविश्वसनीय था। मैं उस समय अपने कठिन परिश्रम को याद कर रही थी जो मैंने वर्षों प्रशिक्षण के दौरान किया था और जिसकी बदौलत मैं ओलिंपिक पदक जीतने में सफल रही। यह पदक मुझे विश्व में और रियो में बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेगा।"
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
मंगलवार को सम्मान समारोह में साइना ने कहा, "मुझे खुद पर गर्व है। मैं लंदन पदक जीतने के विश्वास से गई थी और मैं इसमें सक्षम रही। ओलिंपिक पदक के लिए मैंने नौ वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया था।"
साइना ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी हैं। बतौर महिला साइना ओलिंपिक में पदक जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं।
साइना और चीन की जिन के बीच कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला जा रहा था। जिन पहला गेम जीत चुकीं थी जबकि दूसरे गेम में वह 1-0 से आगे थीं।
पहले गेम की समाप्ति के कुछ समय पहले जिन का घुटना चोटिल हो गया जिसके बाद वह मुकाबले से बाहर हो गई थीं। इस प्रकार साइना को कांस्य पदक मिल गया।
22 वर्षीया साइना ने कहा कि वह कांस्य पदक जीतने में भाग्यशाली रहीं। उनका कहना किइस वर्ष थाईलैंड और इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज जीतने के बाद वह ओलिंपिक पदक जीतने के प्रति आशावादी थीं।
विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त साइना ने कहा, "उस समय जो शीर्ष खिलाड़ी रहीं थीं उन सबकों मैं हरा चुकी हूं और वह समय मेरे अनुकूल था। मैंने इंडोनेशिया ओपन में ली ज्युरूई को हराया था जिसने लंदन ओलिंपिक में वांग यिहान को हराकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इसलिए मैं ओलिंपिक में पदक जीतने के प्रति आश्वस्त थी।"
यह पूछने पर कि पोडियम पर खड़े होते वक्त आपको कैसा लगा, इस पर साइना ने कहा, "वह पल अविश्वसनीय था। मैं उस समय अपने कठिन परिश्रम को याद कर रही थी जो मैंने वर्षों प्रशिक्षण के दौरान किया था और जिसकी बदौलत मैं ओलिंपिक पदक जीतने में सफल रही। यह पदक मुझे विश्व में और रियो में बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेगा।"
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
साइना ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी हैं। बतौर महिला साइना ओलिंपिक में पदक जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं।
साइना और चीन की जिन के बीच कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला जा रहा था। जिन पहला गेम जीत चुकीं थी जबकि दूसरे गेम में वह 1-0 से आगे थीं।
पहले गेम की समाप्ति के कुछ समय पहले जिन का घुटना चोटिल हो गया जिसके बाद वह मुकाबले से बाहर हो गई थीं। इस प्रकार साइना को कांस्य पदक मिल गया।
22 वर्षीया साइना ने कहा कि वह कांस्य पदक जीतने में भाग्यशाली रहीं। उनका कहना किइस वर्ष थाईलैंड और इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज जीतने के बाद वह ओलिंपिक पदक जीतने के प्रति आशावादी थीं।
विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त साइना ने कहा, "उस समय जो शीर्ष खिलाड़ी रहीं थीं उन सबकों मैं हरा चुकी हूं और वह समय मेरे अनुकूल था। मैंने इंडोनेशिया ओपन में ली ज्युरूई को हराया था जिसने लंदन ओलिंपिक में वांग यिहान को हराकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इसलिए मैं ओलिंपिक में पदक जीतने के प्रति आश्वस्त थी।"
यह पूछने पर कि पोडियम पर खड़े होते वक्त आपको कैसा लगा, इस पर साइना ने कहा, "वह पल अविश्वसनीय था। मैं उस समय अपने कठिन परिश्रम को याद कर रही थी जो मैंने वर्षों प्रशिक्षण के दौरान किया था और जिसकी बदौलत मैं ओलिंपिक पदक जीतने में सफल रही। यह पदक मुझे विश्व में और रियो में बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेगा।"
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
साइना और चीन की जिन के बीच कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला जा रहा था। जिन पहला गेम जीत चुकीं थी जबकि दूसरे गेम में वह 1-0 से आगे थीं।
पहले गेम की समाप्ति के कुछ समय पहले जिन का घुटना चोटिल हो गया जिसके बाद वह मुकाबले से बाहर हो गई थीं। इस प्रकार साइना को कांस्य पदक मिल गया।
22 वर्षीया साइना ने कहा कि वह कांस्य पदक जीतने में भाग्यशाली रहीं। उनका कहना किइस वर्ष थाईलैंड और इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज जीतने के बाद वह ओलिंपिक पदक जीतने के प्रति आशावादी थीं।
विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त साइना ने कहा, "उस समय जो शीर्ष खिलाड़ी रहीं थीं उन सबकों मैं हरा चुकी हूं और वह समय मेरे अनुकूल था। मैंने इंडोनेशिया ओपन में ली ज्युरूई को हराया था जिसने लंदन ओलिंपिक में वांग यिहान को हराकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इसलिए मैं ओलिंपिक में पदक जीतने के प्रति आश्वस्त थी।"
यह पूछने पर कि पोडियम पर खड़े होते वक्त आपको कैसा लगा, इस पर साइना ने कहा, "वह पल अविश्वसनीय था। मैं उस समय अपने कठिन परिश्रम को याद कर रही थी जो मैंने वर्षों प्रशिक्षण के दौरान किया था और जिसकी बदौलत मैं ओलिंपिक पदक जीतने में सफल रही। यह पदक मुझे विश्व में और रियो में बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेगा।"
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
पहले गेम की समाप्ति के कुछ समय पहले जिन का घुटना चोटिल हो गया जिसके बाद वह मुकाबले से बाहर हो गई थीं। इस प्रकार साइना को कांस्य पदक मिल गया।
22 वर्षीया साइना ने कहा कि वह कांस्य पदक जीतने में भाग्यशाली रहीं। उनका कहना किइस वर्ष थाईलैंड और इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज जीतने के बाद वह ओलिंपिक पदक जीतने के प्रति आशावादी थीं।
विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त साइना ने कहा, "उस समय जो शीर्ष खिलाड़ी रहीं थीं उन सबकों मैं हरा चुकी हूं और वह समय मेरे अनुकूल था। मैंने इंडोनेशिया ओपन में ली ज्युरूई को हराया था जिसने लंदन ओलिंपिक में वांग यिहान को हराकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इसलिए मैं ओलिंपिक में पदक जीतने के प्रति आश्वस्त थी।"
यह पूछने पर कि पोडियम पर खड़े होते वक्त आपको कैसा लगा, इस पर साइना ने कहा, "वह पल अविश्वसनीय था। मैं उस समय अपने कठिन परिश्रम को याद कर रही थी जो मैंने वर्षों प्रशिक्षण के दौरान किया था और जिसकी बदौलत मैं ओलिंपिक पदक जीतने में सफल रही। यह पदक मुझे विश्व में और रियो में बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेगा।"
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
22 वर्षीया साइना ने कहा कि वह कांस्य पदक जीतने में भाग्यशाली रहीं। उनका कहना किइस वर्ष थाईलैंड और इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज जीतने के बाद वह ओलिंपिक पदक जीतने के प्रति आशावादी थीं।
विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त साइना ने कहा, "उस समय जो शीर्ष खिलाड़ी रहीं थीं उन सबकों मैं हरा चुकी हूं और वह समय मेरे अनुकूल था। मैंने इंडोनेशिया ओपन में ली ज्युरूई को हराया था जिसने लंदन ओलिंपिक में वांग यिहान को हराकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इसलिए मैं ओलिंपिक में पदक जीतने के प्रति आश्वस्त थी।"
यह पूछने पर कि पोडियम पर खड़े होते वक्त आपको कैसा लगा, इस पर साइना ने कहा, "वह पल अविश्वसनीय था। मैं उस समय अपने कठिन परिश्रम को याद कर रही थी जो मैंने वर्षों प्रशिक्षण के दौरान किया था और जिसकी बदौलत मैं ओलिंपिक पदक जीतने में सफल रही। यह पदक मुझे विश्व में और रियो में बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेगा।"
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त साइना ने कहा, "उस समय जो शीर्ष खिलाड़ी रहीं थीं उन सबकों मैं हरा चुकी हूं और वह समय मेरे अनुकूल था। मैंने इंडोनेशिया ओपन में ली ज्युरूई को हराया था जिसने लंदन ओलिंपिक में वांग यिहान को हराकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इसलिए मैं ओलिंपिक में पदक जीतने के प्रति आश्वस्त थी।"
यह पूछने पर कि पोडियम पर खड़े होते वक्त आपको कैसा लगा, इस पर साइना ने कहा, "वह पल अविश्वसनीय था। मैं उस समय अपने कठिन परिश्रम को याद कर रही थी जो मैंने वर्षों प्रशिक्षण के दौरान किया था और जिसकी बदौलत मैं ओलिंपिक पदक जीतने में सफल रही। यह पदक मुझे विश्व में और रियो में बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेगा।"
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
यह पूछने पर कि पोडियम पर खड़े होते वक्त आपको कैसा लगा, इस पर साइना ने कहा, "वह पल अविश्वसनीय था। मैं उस समय अपने कठिन परिश्रम को याद कर रही थी जो मैंने वर्षों प्रशिक्षण के दौरान किया था और जिसकी बदौलत मैं ओलिंपिक पदक जीतने में सफल रही। यह पदक मुझे विश्व में और रियो में बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेगा।"
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
उल्लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली साइना का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
साइना मंगलवार तड़के ब्रिटिश एयरवेज के विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डा पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। साइना के साथ उनके पिता हरवीर सिंह और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद भी थे।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
हवाईअड्डे पर सायना का एक चैम्पियन की तरह स्वागत हुआ। उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों हवाईअड्डे पर उनकी इंतजार में पलकें बिछाए हुए थे।टिप्पणियां
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
साइना ने चेहरे पर मुस्कान के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद साइना हैदराबाद के लिए रवाना हो गई जहां एक खुले ट्रक में उनका विजय जूलुस निकाला गया।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है।
साइना पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है। | यहाँ एक सारांश है:लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर स्वदेश लौटीं भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का कहना है कि यह पदक उन्हें 2016 रियो डी जनेरियो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रेरित करेगा। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी उस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया है कि साल 2018 में हिंदू कट्टरपंथी समूहों ने अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं. इस रिपोर्ट पर जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत को विदेशी रिपोर्ट में कोई सच्चाई नहीं दिखती है जो हमारे नागरिकों जिनके आधिकार संविधैनिक रूप से संरक्षित हैं, पर दावा कर रही है. आपको बता दें कि यह रिपोर्ट अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से 'इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम' पर एक रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत में गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ज्यादातर मामलों में अभियोग नहीं लगा पाया है. इस रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जवाब देते हुए कहा, भारत को अपनी धर्मनिरपेक्षता पर गर्व है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और बहुलतावादी समाज वाला देश है जो लंबे समय से सहिष्णुता और समावेश के लिए प्रतिबद्ध है. भारत का संविधान सभी नागरिकों को उनके मूलभूत अधिकारों की गारंटी देता है, जिसमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं. यह पूरी तरह से सर्वविदित है कि भारत एक ऐसा लोकतांत्रिक देश है जिसका संविधान सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का संरक्षण देता है, और लोकतांत्रिक सरकार धार्मिक गतिविधियों को संरक्षण और बढ़ावा देती है. हम किसी भी विदेशी संस्था या सरकार को यह अधिकार नहीं देते हैं कि संवैधानिक रूप से मिले अधिकारों से संरक्षित हमारे नागरिकों को लेकर कोई घोषणा करे.
आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने अमेरिका के विदेश विभाग द्वारा जारी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट को नरेन्द्र मोदी सरकार और भाजपा के प्रति ‘‘पूर्वाग्रह से प्रेरित'' एवं ‘‘झूठा'' करार दिया और कहा कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की जड़ें बहुत गहरी हैं. भाजपा के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख अनिल बलूनी ने एक बयान में कहा, ‘‘ 2018 की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट मोदी सरकार और भाजपा के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित है. इस रिपोर्ट की मूल अवधारणा कि यहां अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा के पीछे कोई षडयंत्र है, सरासर झूठ है.''
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत ऐसे ज्यादातर मामलों में स्थानीय विवादों और अपराधी तत्वों का हाथ होता है. जब कभी जरूरत हुई तो प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं ने अल्पसंख्यकों तथा समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के विरूद्ध हुई हिंसा की कड़ी अलोचना की है. भाजपा नेता ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की जड़ें बहुत गहरी हैं. वे पूरी तरह से स्वतंत्र हैं और वे ऐसे विवादों का फैसला करने और दोषियों को सजा देने में पूर्णतया सक्षम है. दुर्भाग्यवश इन तथ्यों को इस रिपोर्ट में बिलकुल नजरंदाज कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत में विश्वास करती है. | संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी विदेशी विभाग की रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज
धार्मिक स्वतंत्रता पर थी रिपोर्ट
बीजेपी ने भी किया खारिज | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पार्टी ने कहा कि सिर्फ दो साल में, जब मोदी एक के बाद एक कर सारे चुनाव जीत रहे हैं, नीतीश कुमार की अंतरात्मा अचानक जागी और वह एनडीए में शामिल हो गए. राजनीति में अब आदर्शों एवं नैतिकताओं का कोई मतलब नहीं रह गया है. शिवसेना ने कहा कि भाजपा ने मणिपुर और गोवा में बहुमत नहीं होने के बाद भी सरकारें बना ली. भाजपा को अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए कि यदि दिल्ली में उसकी सरकार नहीं होती तो क्या यह संभव हो पाता.टिप्पणियां
शिवसेना ने कहा कि भाजपा को नीतीश कुमार से तत्काल पूछना चाहिए कि गौरक्षकों की हिंसा पर उनकी क्या राय है. पार्टी ने कहा कि नीतीश कुमार विपक्षी पार्टियों के लिए प्रधानमंत्री पद का चेहरा थे. मोदी और अमित शाह ने वह चेहरा उनसे छीन लिया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिवसेना ने कहा कि भाजपा को नीतीश कुमार से तत्काल पूछना चाहिए कि गौरक्षकों की हिंसा पर उनकी क्या राय है. पार्टी ने कहा कि नीतीश कुमार विपक्षी पार्टियों के लिए प्रधानमंत्री पद का चेहरा थे. मोदी और अमित शाह ने वह चेहरा उनसे छीन लिया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: यदि नीतीश कुमार की जीत होती है तो पाकिस्तान में जश्न मनाया जाएगा
नीतीश ने जब एनडीए छोड़ा, उस वक्त मोदी पर काफी कीचड़ उछाला
भाजपा ने मणिपुर और गोवा में बहुमत नहीं होने पर भी सरकारें बना ली | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में आधे फीसदी से अधिक गिरावट रही।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.78 फीसदी या 151.14 अंकों की गिरावट के साथ 19,317.01 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.63 फीसदी या 37.10 अंकों की गिरावट के साथ 5,850.30 पर बंद हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह मिला जुला रुख रहा। मिडकैप 0.27 फीसदी या 17.83 अंकों की गिरावट के साथ 6,609.03 पर और स्मॉलकैप इसी अवधि में 0.36 फीसदी या 23.84 अंकों की तेजी के साथ 6,564.76 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से ग्यारह शेयरों में गत सप्ताह तेजी रही। विप्रो (4.19 फीसदी), सन फार्मा (3.21 फीसदी), आरआईएल (2.11 फीसदी), इंफोसिस (1.84 फीसदी) और गेल (1.01 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गत सप्ताह गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (7.47 फीसदी), कोल इंडिया (4.95 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.63 फीसदी), टाटा स्टील (3.06 फीसदी) और आईटीसी (2.88 फीसदी)।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (3.76 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.97 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.53 फीसदी), तेल एवं गैस (1.47 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (3.46 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.28 फीसदी), बैंकिंग (2.06 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) और वाहन (1.25 फीसदी)।
इस सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में देश के 11 प्रमुख श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में कामगारों ने बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल किया, जिससे देश भर में कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। देश भर में बैंकिंग तथा अन्य प्रमुख कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं और अधिकतर स्थानों पर नगर परिवहन सेवा ठप रही।
प्रमुख मजदूर संगठनों ने महंगाई तथा अन्य मुद्दों को लेकर यह बंद आहूत की थी।
हड़ताल से पहले प्रमुख कारोबारी संगठन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने श्रमिक संगठनों को हड़ताल वापस लेने का सुझाव देते हुए चेतावनी दी थी कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.78 फीसदी या 151.14 अंकों की गिरावट के साथ 19,317.01 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.63 फीसदी या 37.10 अंकों की गिरावट के साथ 5,850.30 पर बंद हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह मिला जुला रुख रहा। मिडकैप 0.27 फीसदी या 17.83 अंकों की गिरावट के साथ 6,609.03 पर और स्मॉलकैप इसी अवधि में 0.36 फीसदी या 23.84 अंकों की तेजी के साथ 6,564.76 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से ग्यारह शेयरों में गत सप्ताह तेजी रही। विप्रो (4.19 फीसदी), सन फार्मा (3.21 फीसदी), आरआईएल (2.11 फीसदी), इंफोसिस (1.84 फीसदी) और गेल (1.01 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गत सप्ताह गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (7.47 फीसदी), कोल इंडिया (4.95 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.63 फीसदी), टाटा स्टील (3.06 फीसदी) और आईटीसी (2.88 फीसदी)।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (3.76 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.97 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.53 फीसदी), तेल एवं गैस (1.47 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (3.46 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.28 फीसदी), बैंकिंग (2.06 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) और वाहन (1.25 फीसदी)।
इस सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में देश के 11 प्रमुख श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में कामगारों ने बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल किया, जिससे देश भर में कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। देश भर में बैंकिंग तथा अन्य प्रमुख कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं और अधिकतर स्थानों पर नगर परिवहन सेवा ठप रही।
प्रमुख मजदूर संगठनों ने महंगाई तथा अन्य मुद्दों को लेकर यह बंद आहूत की थी।
हड़ताल से पहले प्रमुख कारोबारी संगठन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने श्रमिक संगठनों को हड़ताल वापस लेने का सुझाव देते हुए चेतावनी दी थी कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह मिला जुला रुख रहा। मिडकैप 0.27 फीसदी या 17.83 अंकों की गिरावट के साथ 6,609.03 पर और स्मॉलकैप इसी अवधि में 0.36 फीसदी या 23.84 अंकों की तेजी के साथ 6,564.76 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से ग्यारह शेयरों में गत सप्ताह तेजी रही। विप्रो (4.19 फीसदी), सन फार्मा (3.21 फीसदी), आरआईएल (2.11 फीसदी), इंफोसिस (1.84 फीसदी) और गेल (1.01 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गत सप्ताह गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (7.47 फीसदी), कोल इंडिया (4.95 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.63 फीसदी), टाटा स्टील (3.06 फीसदी) और आईटीसी (2.88 फीसदी)।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (3.76 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.97 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.53 फीसदी), तेल एवं गैस (1.47 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (3.46 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.28 फीसदी), बैंकिंग (2.06 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) और वाहन (1.25 फीसदी)।
इस सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में देश के 11 प्रमुख श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में कामगारों ने बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल किया, जिससे देश भर में कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। देश भर में बैंकिंग तथा अन्य प्रमुख कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं और अधिकतर स्थानों पर नगर परिवहन सेवा ठप रही।
प्रमुख मजदूर संगठनों ने महंगाई तथा अन्य मुद्दों को लेकर यह बंद आहूत की थी।
हड़ताल से पहले प्रमुख कारोबारी संगठन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने श्रमिक संगठनों को हड़ताल वापस लेने का सुझाव देते हुए चेतावनी दी थी कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
सेंसेक्स के 30 में से ग्यारह शेयरों में गत सप्ताह तेजी रही। विप्रो (4.19 फीसदी), सन फार्मा (3.21 फीसदी), आरआईएल (2.11 फीसदी), इंफोसिस (1.84 फीसदी) और गेल (1.01 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गत सप्ताह गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (7.47 फीसदी), कोल इंडिया (4.95 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.63 फीसदी), टाटा स्टील (3.06 फीसदी) और आईटीसी (2.88 फीसदी)।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (3.76 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.97 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.53 फीसदी), तेल एवं गैस (1.47 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (3.46 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.28 फीसदी), बैंकिंग (2.06 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) और वाहन (1.25 फीसदी)।
इस सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में देश के 11 प्रमुख श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में कामगारों ने बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल किया, जिससे देश भर में कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। देश भर में बैंकिंग तथा अन्य प्रमुख कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं और अधिकतर स्थानों पर नगर परिवहन सेवा ठप रही।
प्रमुख मजदूर संगठनों ने महंगाई तथा अन्य मुद्दों को लेकर यह बंद आहूत की थी।
हड़ताल से पहले प्रमुख कारोबारी संगठन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने श्रमिक संगठनों को हड़ताल वापस लेने का सुझाव देते हुए चेतावनी दी थी कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (3.76 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.97 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.53 फीसदी), तेल एवं गैस (1.47 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (3.46 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.28 फीसदी), बैंकिंग (2.06 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.45 फीसदी) और वाहन (1.25 फीसदी)।
इस सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में देश के 11 प्रमुख श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में कामगारों ने बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल किया, जिससे देश भर में कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। देश भर में बैंकिंग तथा अन्य प्रमुख कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं और अधिकतर स्थानों पर नगर परिवहन सेवा ठप रही।
प्रमुख मजदूर संगठनों ने महंगाई तथा अन्य मुद्दों को लेकर यह बंद आहूत की थी।
हड़ताल से पहले प्रमुख कारोबारी संगठन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने श्रमिक संगठनों को हड़ताल वापस लेने का सुझाव देते हुए चेतावनी दी थी कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
इस सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में देश के 11 प्रमुख श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में कामगारों ने बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल किया, जिससे देश भर में कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। देश भर में बैंकिंग तथा अन्य प्रमुख कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं और अधिकतर स्थानों पर नगर परिवहन सेवा ठप रही।
प्रमुख मजदूर संगठनों ने महंगाई तथा अन्य मुद्दों को लेकर यह बंद आहूत की थी।
हड़ताल से पहले प्रमुख कारोबारी संगठन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने श्रमिक संगठनों को हड़ताल वापस लेने का सुझाव देते हुए चेतावनी दी थी कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
प्रमुख मजदूर संगठनों ने महंगाई तथा अन्य मुद्दों को लेकर यह बंद आहूत की थी।
हड़ताल से पहले प्रमुख कारोबारी संगठन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने श्रमिक संगठनों को हड़ताल वापस लेने का सुझाव देते हुए चेतावनी दी थी कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
हड़ताल से पहले प्रमुख कारोबारी संगठन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने श्रमिक संगठनों को हड़ताल वापस लेने का सुझाव देते हुए चेतावनी दी थी कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
गुरुवार को सत्र शुरू हो गया और पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सरकार की योजनाओं पर रोशनी डाली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति में तेजी लाने के लिए कठिन फैसले लेने की जरूरत है।
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल धीमे विकास के दौर से गुजर रही है। मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले एक दशक की औसत सलाना विकास दर लगभग आठ फीसदी काफी कम है।" उन्होंने कहा कि घरेलू और वैश्विक कारणों से पिछले दो सालों में आर्थिक तेजी की दर कम हुई है। उन्होंने कहा, "12वीं योजना में यह स्वीकार किया गया है कि विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कुछ कठिन फैसले ले सकते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार विकास दर कम रहने के कारणों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है।" उन्होंने संसद के संयुक्त सत्र को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अब भी एक समस्या बनी हुई है।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
राष्ट्रपति ने कहा, "पिछला साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद कठिन था। अधिकतर उभरते बाजार काफी धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह कठिन साल था।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।"
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक और घरेलू, दोनों कारण ने हमारे विकास को प्रभावित किया। हमें दोनों के प्रभाव से निपटने की जरूरत है। मेरी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाले तथा माहौल बेहतर बनाने वाले कई कदम उठाए।" | सारांश: देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में आधे फीसदी से अधिक गिरावट रही। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लीबिया में बढ़ती अशांति के बीच भारतीय दूतावास वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए लगातार दूसरे हफ्ते भी अपना अभियान जारी रखे हुए है। भाड़े पर लिया गया जहाज स्कोटिया प्रिंस बेनगाजी से 1188 भारतीयों को लेकर दो मार्च को मिस्र के एलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पहुंचा। इसके बाद तत्काल इन लोगों ने सरकार द्वारा भाड़े पर लिए गए पांच विमानों के जरिए भारत के लिए उड़ान भरी। इसके बाद स्कोटिया प्रिंस 1146 भारतीयों को निकालने के लिए तीन मार्च को फिर से बेनगाजी पहुंचा। इसके सात मार्च को एलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पर लौटने की उम्मीद है। इन लोगों को भी मिस्र से विमानों के जरिए भारत लाया जाएगा जिसके इंतजाम पहले ही किए जा चुके हैं। शनिवार को 467 भारतीय मिस्र और लीबिया की सीमा के बीच स्थित सलोउम पहुंचे। वहां स्थित भारतीय अधिकारियों ने आव्रजन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कीं और उन्हें काहिरा तक लाने के लिए विशेष बसों का प्रबंध किया। इन्हें एक होटल में ठहराया गया है जो गल्फ एयर की उड़ान के जरिए मुम्बई के लिए रवाना होंगे। मुम्बई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय और राज्य तथा केंद्रीय एजेंसियां उन्हें उनके गृह नगरों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी। भारतीय दूतावास ने लीबिया की सीमा से लगती सलोअम क्रासिंग पर एक केंद्र स्थापित किया है जो उन यात्रियों को नए यात्रा दस्तावेज उपलब्ध करा रहा है जिनके कागजात लीबिया में मची अफरातफरी के चलते या तो खो गए या फिर जला दिए गए। | संक्षिप्त पाठ: लीबिया में बढ़ती अशांति के बीच भारतीय दूतावास वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए लगातार दूसरे हफ्ते भी अपना अभियान जारी रखे हुए है। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के लाहौर शहर में 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए आतंकी हमले के मामले में एक प्रमुख आरोपी ने दावा किया है कि लश्कर-ए-झांगवी संगठन ने भ्रमणकारी क्रिकेटरों को बंधक बनाकर उनके बदले अपने गिरफ्तार साथियों की रिहाई की योजना बनाई थी। अब्दुल वहाब उर्फ उमर ने 'जियो न्यूज' से कहा कि श्रीलंकाई टीम पर हमले की योजना वजीरिस्तान में बनाई गई थी। वहाब ने कहा, हमले की योजना वजीरिस्तान में बनाई गई और इस मिशन की जिम्मेदारी हम 12 को दी गई। मैं लश्कर-ए-झांगवी अमजद फारूकी गुट का सदस्य हूं। इस आरोपी ने कहा कि लिबर्टी गोलचक्कर पर हुए इस हमले का उद्देश्य श्रीलंकाई क्रिकेटरों को बंधक बनाना था। वहाब ने कहा, हमें उनको बंधक बनाना था और फिर हमारे शीर्ष नेता उनकी रिहाई के बदले हिरासत में चल रहे हमारे साथियों को छोड़ने की मांग करते। वजीरिस्तान में प्रशिक्षण पाने वाले वहाब ने कहा, हम रिक्शा और मोटरसाइकिलों में आए थे, जिन्हें हमने इसी हमले के लिए खरीदा था। उल्लेखनीय है कि मार्च, 2009 में खिलाड़ियों पर हुए हमले में पांच श्रीलंकाई क्रिकेटर घायल हुए थे, जबकि छह पाकिस्तानी पुलिसकर्मी और एक वाहन चालक की मौत हो गई थी। इसी हमले की वजह से अगले महीने उपमहाद्वीप में होने वाले विश्वकप के मैचों की मेजबानी पाकिस्तान से छीन ली गई। | लाहौर में श्रीलंकाई टीम पर हमले के एक प्रमुख आरोपी के मुताबिक क्रिकेटरों को बंधक बनाकर उनके बदले आतंकियों की रिहाई की योजना थी। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चोट के कारण भारतीय टीम से छह हफ्ते बाहर रहने के समय को याद करते हुए प्रतिभावान सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल ने कहा कि इंदौर में जब टीम नंबर एक टेस्ट टीम बनी तो वहां टीम के साथ नहीं होने से उनका दिल टूट गया था.
राहुल ने ‘बीसीसीआई.टीवी’ से कहा, ‘इंदौर में जब हम नंबर एक टेस्ट टीम बने तो वहां टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं होना दिल तोड़ने वाला था. लेकिन यही वे छोटी चीजें थी जो रोज सुबह मुझे उठा दिया करती थीं. उबरने में समय लगेगा और मैं निश्चित तौर पर वापसी करूंगा, खुद को यह समझाने के लिए मुझे मानसिक और शरीरिक रूप से कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी. और मैं भारतीय टीम में दोबारा शामिल हूं.’
राहुल ने कहा कि राजस्थान के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में 76 और 106 रन की पारी खेलने से उन्हें भारतीय टीम में वापसी के लिए पर्याप्त आत्मविश्वास मिला क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्होंने पूर्ण फिटनेस हासिल कर ली है. उन्होंने कहा, ‘मैं फिट हूं इसे लेकर आश्वस्त होने के लिए प्रथम श्रेणी मैच खेलना महत्वपूर्ण था. मैं बेंगलुरू में अपने फिजियो के साथ रिहैबिलिटेशन में काफी समय बिता सकता था और जिम में भी लेकिन जब तक मैं क्रिकेट मैच नहीं खेलूं मुझे पता नहीं चलेगा कि मैं कितना फिट हूं. मेरे लिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाए रखना महत्वपूर्ण था.’टिप्पणियां
राहुल को उम्मीद है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ काफी रन बना पाएंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं बेहद रोमांचित हूं कि मैंने वापसी की है. मेरी फिटनेस अच्छी है और मैं काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं और राजस्थान के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में रन बनाए. उम्मीद करता हूं कि कानपुर में जहां छोड़कर वहां था वहां से पारी को आगे बढ़ाऊंगा. मैं इस सीरीज को लेकर बेताब हूं और एक बार फिर काफी रन बनाना चाहता हूं.’राहुल ने कहा कि भारतीय टीम में समय बिताने से खिलाड़ी के रूप में उनमें काफी सुधार हुआ है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहुल ने ‘बीसीसीआई.टीवी’ से कहा, ‘इंदौर में जब हम नंबर एक टेस्ट टीम बने तो वहां टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं होना दिल तोड़ने वाला था. लेकिन यही वे छोटी चीजें थी जो रोज सुबह मुझे उठा दिया करती थीं. उबरने में समय लगेगा और मैं निश्चित तौर पर वापसी करूंगा, खुद को यह समझाने के लिए मुझे मानसिक और शरीरिक रूप से कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी. और मैं भारतीय टीम में दोबारा शामिल हूं.’
राहुल ने कहा कि राजस्थान के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में 76 और 106 रन की पारी खेलने से उन्हें भारतीय टीम में वापसी के लिए पर्याप्त आत्मविश्वास मिला क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्होंने पूर्ण फिटनेस हासिल कर ली है. उन्होंने कहा, ‘मैं फिट हूं इसे लेकर आश्वस्त होने के लिए प्रथम श्रेणी मैच खेलना महत्वपूर्ण था. मैं बेंगलुरू में अपने फिजियो के साथ रिहैबिलिटेशन में काफी समय बिता सकता था और जिम में भी लेकिन जब तक मैं क्रिकेट मैच नहीं खेलूं मुझे पता नहीं चलेगा कि मैं कितना फिट हूं. मेरे लिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाए रखना महत्वपूर्ण था.’टिप्पणियां
राहुल को उम्मीद है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ काफी रन बना पाएंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं बेहद रोमांचित हूं कि मैंने वापसी की है. मेरी फिटनेस अच्छी है और मैं काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं और राजस्थान के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में रन बनाए. उम्मीद करता हूं कि कानपुर में जहां छोड़कर वहां था वहां से पारी को आगे बढ़ाऊंगा. मैं इस सीरीज को लेकर बेताब हूं और एक बार फिर काफी रन बनाना चाहता हूं.’राहुल ने कहा कि भारतीय टीम में समय बिताने से खिलाड़ी के रूप में उनमें काफी सुधार हुआ है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहुल ने कहा कि राजस्थान के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में 76 और 106 रन की पारी खेलने से उन्हें भारतीय टीम में वापसी के लिए पर्याप्त आत्मविश्वास मिला क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्होंने पूर्ण फिटनेस हासिल कर ली है. उन्होंने कहा, ‘मैं फिट हूं इसे लेकर आश्वस्त होने के लिए प्रथम श्रेणी मैच खेलना महत्वपूर्ण था. मैं बेंगलुरू में अपने फिजियो के साथ रिहैबिलिटेशन में काफी समय बिता सकता था और जिम में भी लेकिन जब तक मैं क्रिकेट मैच नहीं खेलूं मुझे पता नहीं चलेगा कि मैं कितना फिट हूं. मेरे लिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाए रखना महत्वपूर्ण था.’टिप्पणियां
राहुल को उम्मीद है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ काफी रन बना पाएंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं बेहद रोमांचित हूं कि मैंने वापसी की है. मेरी फिटनेस अच्छी है और मैं काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं और राजस्थान के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में रन बनाए. उम्मीद करता हूं कि कानपुर में जहां छोड़कर वहां था वहां से पारी को आगे बढ़ाऊंगा. मैं इस सीरीज को लेकर बेताब हूं और एक बार फिर काफी रन बनाना चाहता हूं.’राहुल ने कहा कि भारतीय टीम में समय बिताने से खिलाड़ी के रूप में उनमें काफी सुधार हुआ है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहुल को उम्मीद है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ काफी रन बना पाएंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं बेहद रोमांचित हूं कि मैंने वापसी की है. मेरी फिटनेस अच्छी है और मैं काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं और राजस्थान के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में रन बनाए. उम्मीद करता हूं कि कानपुर में जहां छोड़कर वहां था वहां से पारी को आगे बढ़ाऊंगा. मैं इस सीरीज को लेकर बेताब हूं और एक बार फिर काफी रन बनाना चाहता हूं.’राहुल ने कहा कि भारतीय टीम में समय बिताने से खिलाड़ी के रूप में उनमें काफी सुधार हुआ है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: कहा-इंदौर में नंबर वन बनते वक्त टीम में नहीं होने से दिल टूट गया था
रणजी ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन से काफी आत्मविश्वास मिला है
इस सीरीज को लेकर बेताब हूं, काफी रन बनाना चाहता हूं | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के एक व्यवसायी ने विदेश में जमा कालेधन का बड़ा खुलासा किया है। इस व्यवसायी ने विदेशों में जमा 73 करोड़ रुपये की राशि और सिंगापुर, स्विस बैंकों व अमेरिका में अपने लाकरों का ब्यौरा आयकर विभाग को दिया है।
सतीश साहनी द्वारा यह खुलासा तब किया गया जब आयकर के खुफिया अधिकारियों की एक टीम ने व्यवसायी के सैनिक फार्म बंगले और साउथ एक्सटेंशन-1 परिसरों पर छापे मारे।
आयकर विभाग को संदेह है कि यह एक बहुस्तरीय हवाला रैकेट और मनी लॉन्डरिंग का मामला हो सकता है। विभाग संभावित राजनीतिक संबंधों के साथ कुछ रसूखदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।टिप्पणियां
उर्जा क्षेत्र के लिए देश, विदेश में परामर्श सेवाएं देने वाले शाहणे इस समय एहतियात के तौर पर आयकर विभाग की नजरबंदी में है।
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग की टीम ने पाया कि विदेशी बैंकों में साहनी के पांच खाते हैं। उसका एक-एक खाता ज्यूरिख और सिंगापुर में है और तीन खाते अमेरिका में हैं। इसके अलावा, दिल्ली बैंकों में उसकी आलमारी के आकार के आठ लॉकर हैं।
सतीश साहनी द्वारा यह खुलासा तब किया गया जब आयकर के खुफिया अधिकारियों की एक टीम ने व्यवसायी के सैनिक फार्म बंगले और साउथ एक्सटेंशन-1 परिसरों पर छापे मारे।
आयकर विभाग को संदेह है कि यह एक बहुस्तरीय हवाला रैकेट और मनी लॉन्डरिंग का मामला हो सकता है। विभाग संभावित राजनीतिक संबंधों के साथ कुछ रसूखदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।टिप्पणियां
उर्जा क्षेत्र के लिए देश, विदेश में परामर्श सेवाएं देने वाले शाहणे इस समय एहतियात के तौर पर आयकर विभाग की नजरबंदी में है।
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग की टीम ने पाया कि विदेशी बैंकों में साहनी के पांच खाते हैं। उसका एक-एक खाता ज्यूरिख और सिंगापुर में है और तीन खाते अमेरिका में हैं। इसके अलावा, दिल्ली बैंकों में उसकी आलमारी के आकार के आठ लॉकर हैं।
आयकर विभाग को संदेह है कि यह एक बहुस्तरीय हवाला रैकेट और मनी लॉन्डरिंग का मामला हो सकता है। विभाग संभावित राजनीतिक संबंधों के साथ कुछ रसूखदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।टिप्पणियां
उर्जा क्षेत्र के लिए देश, विदेश में परामर्श सेवाएं देने वाले शाहणे इस समय एहतियात के तौर पर आयकर विभाग की नजरबंदी में है।
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग की टीम ने पाया कि विदेशी बैंकों में साहनी के पांच खाते हैं। उसका एक-एक खाता ज्यूरिख और सिंगापुर में है और तीन खाते अमेरिका में हैं। इसके अलावा, दिल्ली बैंकों में उसकी आलमारी के आकार के आठ लॉकर हैं।
उर्जा क्षेत्र के लिए देश, विदेश में परामर्श सेवाएं देने वाले शाहणे इस समय एहतियात के तौर पर आयकर विभाग की नजरबंदी में है।
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग की टीम ने पाया कि विदेशी बैंकों में साहनी के पांच खाते हैं। उसका एक-एक खाता ज्यूरिख और सिंगापुर में है और तीन खाते अमेरिका में हैं। इसके अलावा, दिल्ली बैंकों में उसकी आलमारी के आकार के आठ लॉकर हैं।
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग की टीम ने पाया कि विदेशी बैंकों में साहनी के पांच खाते हैं। उसका एक-एक खाता ज्यूरिख और सिंगापुर में है और तीन खाते अमेरिका में हैं। इसके अलावा, दिल्ली बैंकों में उसकी आलमारी के आकार के आठ लॉकर हैं। | संक्षिप्त पाठ: इस व्यवसायी ने विदेशों में जमा 73 करोड़ रुपये की राशि और सिंगापुर, स्विस बैंकों व अमेरिका में अपने लाकरों का ब्यौरा आयकर विभाग को दिया है। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: खिताब का प्रबल दावेदार भारत 2011 क्रिकेट विश्व कप के शुरुआती मुकाबले में शनिवार को जब सह-मेजबान बांग्लादेश का सामना करेगा, तो उसकी नजरें बदला लेने पर टिकी होंगी। महेंद्र सिंह धोनी की टीम हालांकि पूरी तरह सतर्क होगी, क्योंकि कोई भी कोताही उसे भारी पड़ सकती है। बांग्लादेश की कमजोर मानी जाने वाली टीम ने वेस्टइंडीज में 2007 विश्व कप में भारत के शुरुआती मैच में ही उसे हराकर टीम को पहले दौर से ही बाहर करने की नींव रखी थी और धोनी तथा उनकी टीम इस हार का बदला चुकाकर शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में अपने अभियान की सकारात्मक शुरुआत करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। खिताब के दावेदारों में शुमार दुनिया की दूसरे नंबर की भारतीय टीम काफी संतुलित है, लेकिन प्रतिभावान खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण कप्तान धोनी को चयन मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है। धोनी ने हालांकि लगता है कि बल्लेबाजी विभाग की अपनी समस्या का समाधान कर लिया है, जब उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे अभ्यास मैच के बाद सुरेश रैना पर विराट कोहली को तरजीह देने के संकेत दिए। धोनी ने कहा, नंबर चार क्रम हमारे लिए काफी अहम है। फिलहाल यह स्थान जंग की तरह बना हुआ है। चौथे नंबर पर कोहली को बल्लेबाजी करने की जरूरत है, जबकि गौतम गंभीर तीसरे नंबर पर उतरेंगे। धोनी ने कहा, कोहली ऐसा खिलाड़ी है, जो शुरुआत में जमने के लिए थोड़ा समय लेता है और फिर गेंदबाजों पर प्रहार करता है। फिर भी संभावना है कि मौजूद फॉर्म को देखते हुए विराट को (सुरेश) रैना पर तरजीह मिले। भारतीय कप्तान ने साथ ही संकेत दिए कि वह युवराज को खिलाएंगे, क्योंकि बल्ले से खराब फार्म के बावजूद गेंद स्पिन कराने की अपनी क्षमता के कारण वह टीम के लिए अहम हैं। उन्होंने कहा, हम चार गेंदबाजों के साथ खेल रहे हैं। कामचलाऊ स्पिनर काफी अहम है, विशेषकर तब जब वह बायें हाथ का स्पिनर हो, जो गेंद को बाहर की ओर स्पिन कराता हो। अन्य खिलाड़ियों के ऊपर यहीं उसका (युवराज) पलड़ा भारी है। भारतीय बल्लेबाजी आक्रमण की अगुआई सचिन तेंदुलकर करेंगे, जो अपने छठे विश्व कप टूर्नामेंट में शिरकत कर रहे हैं और उनकी नजरें वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर भारत को तेज शुरुआत देने पर टिकी होंगी। गौतम गंभीर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, जबकि कोहली, धोनी, युवराज और यूसुफ पठान की मौजूदगी में मध्यक्रम काफी मजबूत नजर आता है। इन सभी खिलाड़ियों में बड़े शॉट खेलने और स्ट्राइक रोटेट करने की क्षमता है। भारत ने अपने दूसरे और अंतिम अभ्यास मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 360 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था और इससे बल्लेबाजों विशेषकर धोनी और गंभीर का मनोबल काफी बढ़ा होगा। धोनी ने इस मैच में नाबाद 108, जबकि गंभीर ने 89 रन की पारी खेली थी। | यहाँ एक सारांश है:बांग्लादेश ने वेस्टइंडीज में 2007 विश्व कप में भारत के शुरुआती मैच में ही उसे हराकर टीम को पहले दौर से ही बाहर करने की नींव रखी थी। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान में आयी उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा है कि उन्होंने बायें हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर को घरेलू क्रिकेट में खेलने को अनुमति दे दी है।
पाकिस्तानी मीडिया में शनिवार से खबर आ रही है कि उनके प्रतिबंध और मामले की जांच के लिए गठित आईसीसी की चार सदस्यीय समिति ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलने की अनुमति दे दी है।
लेकिन आईसीसी प्रवक्ता ने कहा कि पहली बात तो आमिर को घरेलू क्रिकेट या किसी तरह का क्रिकेट खेलने की अनुमति नहीं दी गई है और दूसरी बात उनके मामले के संबंध में कोई भी फैसला केवल आईसीसी कार्यकारी बोर्ड द्वारा ही लिया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आमिर को किसी भी तरह अनुमति देने का फैसला केवल आईसीसी बोर्ड द्वारा ही किया जाएगा। चार सदस्यीय समिति (जाइल्स क्लार्क, वॉली एडवर्डस, इमरान ख्वाजा और कीथ ओलिवर) अपनी सिफारिशें आईसीसी बोर्ड को सौंपेगी, जो कोई भी फैसला करने से पहले इनकी समीक्षा करेगी। तब तक आमिर सभी क्रिकेटिया गतिविधियों से निलंबित ही रहेंगे।’’ टिप्पणियां
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने लंदन में पिछली आईसीसी बैठक में आमिर के मामले की बात की थी, जिससे क्लार्क की अगुवाई वाली आईसीसी की चार सदस्यीय समिति ने आमिर को घरेलू क्रिकेट में खेलने देने की सिफारिश की थी।
लेकिन प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी तरह की रिपोर्ट कि आईसीसी ने आमिर को पीसीबी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, गलत है।
पाकिस्तानी मीडिया में शनिवार से खबर आ रही है कि उनके प्रतिबंध और मामले की जांच के लिए गठित आईसीसी की चार सदस्यीय समिति ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलने की अनुमति दे दी है।
लेकिन आईसीसी प्रवक्ता ने कहा कि पहली बात तो आमिर को घरेलू क्रिकेट या किसी तरह का क्रिकेट खेलने की अनुमति नहीं दी गई है और दूसरी बात उनके मामले के संबंध में कोई भी फैसला केवल आईसीसी कार्यकारी बोर्ड द्वारा ही लिया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आमिर को किसी भी तरह अनुमति देने का फैसला केवल आईसीसी बोर्ड द्वारा ही किया जाएगा। चार सदस्यीय समिति (जाइल्स क्लार्क, वॉली एडवर्डस, इमरान ख्वाजा और कीथ ओलिवर) अपनी सिफारिशें आईसीसी बोर्ड को सौंपेगी, जो कोई भी फैसला करने से पहले इनकी समीक्षा करेगी। तब तक आमिर सभी क्रिकेटिया गतिविधियों से निलंबित ही रहेंगे।’’ टिप्पणियां
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने लंदन में पिछली आईसीसी बैठक में आमिर के मामले की बात की थी, जिससे क्लार्क की अगुवाई वाली आईसीसी की चार सदस्यीय समिति ने आमिर को घरेलू क्रिकेट में खेलने देने की सिफारिश की थी।
लेकिन प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी तरह की रिपोर्ट कि आईसीसी ने आमिर को पीसीबी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, गलत है।
लेकिन आईसीसी प्रवक्ता ने कहा कि पहली बात तो आमिर को घरेलू क्रिकेट या किसी तरह का क्रिकेट खेलने की अनुमति नहीं दी गई है और दूसरी बात उनके मामले के संबंध में कोई भी फैसला केवल आईसीसी कार्यकारी बोर्ड द्वारा ही लिया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आमिर को किसी भी तरह अनुमति देने का फैसला केवल आईसीसी बोर्ड द्वारा ही किया जाएगा। चार सदस्यीय समिति (जाइल्स क्लार्क, वॉली एडवर्डस, इमरान ख्वाजा और कीथ ओलिवर) अपनी सिफारिशें आईसीसी बोर्ड को सौंपेगी, जो कोई भी फैसला करने से पहले इनकी समीक्षा करेगी। तब तक आमिर सभी क्रिकेटिया गतिविधियों से निलंबित ही रहेंगे।’’ टिप्पणियां
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने लंदन में पिछली आईसीसी बैठक में आमिर के मामले की बात की थी, जिससे क्लार्क की अगुवाई वाली आईसीसी की चार सदस्यीय समिति ने आमिर को घरेलू क्रिकेट में खेलने देने की सिफारिश की थी।
लेकिन प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी तरह की रिपोर्ट कि आईसीसी ने आमिर को पीसीबी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, गलत है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आमिर को किसी भी तरह अनुमति देने का फैसला केवल आईसीसी बोर्ड द्वारा ही किया जाएगा। चार सदस्यीय समिति (जाइल्स क्लार्क, वॉली एडवर्डस, इमरान ख्वाजा और कीथ ओलिवर) अपनी सिफारिशें आईसीसी बोर्ड को सौंपेगी, जो कोई भी फैसला करने से पहले इनकी समीक्षा करेगी। तब तक आमिर सभी क्रिकेटिया गतिविधियों से निलंबित ही रहेंगे।’’ टिप्पणियां
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने लंदन में पिछली आईसीसी बैठक में आमिर के मामले की बात की थी, जिससे क्लार्क की अगुवाई वाली आईसीसी की चार सदस्यीय समिति ने आमिर को घरेलू क्रिकेट में खेलने देने की सिफारिश की थी।
लेकिन प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी तरह की रिपोर्ट कि आईसीसी ने आमिर को पीसीबी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, गलत है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने लंदन में पिछली आईसीसी बैठक में आमिर के मामले की बात की थी, जिससे क्लार्क की अगुवाई वाली आईसीसी की चार सदस्यीय समिति ने आमिर को घरेलू क्रिकेट में खेलने देने की सिफारिश की थी।
लेकिन प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी तरह की रिपोर्ट कि आईसीसी ने आमिर को पीसीबी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, गलत है।
लेकिन प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी तरह की रिपोर्ट कि आईसीसी ने आमिर को पीसीबी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, गलत है। | सारांश: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान में आयी उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा है कि उन्होंने बायें हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर को घरेलू क्रिकेट में खेलने को अनुमति दे दी है। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को कहा कि श्रीलंका का संक्षिप्त दौरा उनकी टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण है और टीम सीमित ओवरों की शृंखला में अच्छा प्रदर्शन करके सत्र की अच्छी शुरुआत करना चाहती है।
धोनी ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ अच्छी शृंखला से सितंबर-अक्तूबर में इसी देश में होने वाले ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। भारत 21 जुलाई से श्रीलंका के खिलाफ पांच एकदिवसीय और एक ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगा।
धोनी ने बुधवार को टीम की रवानगी की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘यह काफी व्यस्त कार्यक्रम है लेकिन पेशेवर होने के कारण हमें अपना स्तर बरकरार रखना होता है। हम विभिन्न स्थानों में खेलेंगे और वहां हमें यात्रा भी करनी होगी। यह सत्र की शुरुआत है और हम इसकी अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘श्रीलंका हमारे लिये नया स्थान नहीं है। हम वहां साल में कम से कम एक बार साल में दो बार शृंखला खेलते रहे हैं। परिस्थितियां भी भारत से भिन्न नहीं हैं और उनसे तालमेल बिठाना मुश्किल नहीं होगा। श्रीलंका शृंखला हमारे लिये अच्छी है। हमें फिर से ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिये श्रीलंका लौटना है। इससे हमें मदद मिलेगी।’’
धोनी से जब प्रदर्शन में सुधार में कप्तान की भूमिका पर टिप्पणी करने के लिये कहा गया, उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अंतरराष्ट्रीय टीम का नाम नहीं लेना चाहता। लेकिन यदि आप को अलास्का टीम का कप्तान बनाया जाता है तो मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कप्तान की भूमिका संसाधनों को सही उपयोग करना होता है। व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भी महत्वूपूर्ण होती है।’’
धोनी ने कहा, ‘‘गेंदबाज कैसा प्रदर्शन करते हैं और बल्लेबाज कैसे भागीदारी आगे बढ़ाते हैं यह भी महत्वपूर्ण होता है। अच्छी टीम के बिना सफलता हासिल करना मुश्किल है।’’
धोनी ने भारतीय टीम के व्यस्त कार्यक्रम पर भी बात की लेकिन साथ ही कहा कि पेशेवर होने के कारण उन्हें प्रत्येक मैच में जीतने के लिये खेलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2004 से देश की तरफ से खेलना शुरू किया और हमें पहला ब्रेक 2007 में मिला था। बीच में विश्राम मिलना जरूरी है और सत्रों के बीच कुछ विश्राम अच्छा रहता है। प्रत्येक शृंखला से पहले डेढ़ महीने का विश्राम मुश्किल होगा।’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगले साल प्रत्येक शृंखला के बीच में कुछ अंतर है। यह हमारे लिये अच्छे संकेत हैं। पिछले साल में हमें सबसे लंबा विश्राम मिला और हमेशा इस तरह के विश्राम मिलना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि टीम खेल के तीनों विभाग में सुधार करने पर काम कर रही है और यह ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
धोनी ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ अच्छी शृंखला से सितंबर-अक्तूबर में इसी देश में होने वाले ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। भारत 21 जुलाई से श्रीलंका के खिलाफ पांच एकदिवसीय और एक ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगा।
धोनी ने बुधवार को टीम की रवानगी की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘यह काफी व्यस्त कार्यक्रम है लेकिन पेशेवर होने के कारण हमें अपना स्तर बरकरार रखना होता है। हम विभिन्न स्थानों में खेलेंगे और वहां हमें यात्रा भी करनी होगी। यह सत्र की शुरुआत है और हम इसकी अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘श्रीलंका हमारे लिये नया स्थान नहीं है। हम वहां साल में कम से कम एक बार साल में दो बार शृंखला खेलते रहे हैं। परिस्थितियां भी भारत से भिन्न नहीं हैं और उनसे तालमेल बिठाना मुश्किल नहीं होगा। श्रीलंका शृंखला हमारे लिये अच्छी है। हमें फिर से ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिये श्रीलंका लौटना है। इससे हमें मदद मिलेगी।’’
धोनी से जब प्रदर्शन में सुधार में कप्तान की भूमिका पर टिप्पणी करने के लिये कहा गया, उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अंतरराष्ट्रीय टीम का नाम नहीं लेना चाहता। लेकिन यदि आप को अलास्का टीम का कप्तान बनाया जाता है तो मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कप्तान की भूमिका संसाधनों को सही उपयोग करना होता है। व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भी महत्वूपूर्ण होती है।’’
धोनी ने कहा, ‘‘गेंदबाज कैसा प्रदर्शन करते हैं और बल्लेबाज कैसे भागीदारी आगे बढ़ाते हैं यह भी महत्वपूर्ण होता है। अच्छी टीम के बिना सफलता हासिल करना मुश्किल है।’’
धोनी ने भारतीय टीम के व्यस्त कार्यक्रम पर भी बात की लेकिन साथ ही कहा कि पेशेवर होने के कारण उन्हें प्रत्येक मैच में जीतने के लिये खेलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2004 से देश की तरफ से खेलना शुरू किया और हमें पहला ब्रेक 2007 में मिला था। बीच में विश्राम मिलना जरूरी है और सत्रों के बीच कुछ विश्राम अच्छा रहता है। प्रत्येक शृंखला से पहले डेढ़ महीने का विश्राम मुश्किल होगा।’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगले साल प्रत्येक शृंखला के बीच में कुछ अंतर है। यह हमारे लिये अच्छे संकेत हैं। पिछले साल में हमें सबसे लंबा विश्राम मिला और हमेशा इस तरह के विश्राम मिलना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि टीम खेल के तीनों विभाग में सुधार करने पर काम कर रही है और यह ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
धोनी ने बुधवार को टीम की रवानगी की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘यह काफी व्यस्त कार्यक्रम है लेकिन पेशेवर होने के कारण हमें अपना स्तर बरकरार रखना होता है। हम विभिन्न स्थानों में खेलेंगे और वहां हमें यात्रा भी करनी होगी। यह सत्र की शुरुआत है और हम इसकी अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘श्रीलंका हमारे लिये नया स्थान नहीं है। हम वहां साल में कम से कम एक बार साल में दो बार शृंखला खेलते रहे हैं। परिस्थितियां भी भारत से भिन्न नहीं हैं और उनसे तालमेल बिठाना मुश्किल नहीं होगा। श्रीलंका शृंखला हमारे लिये अच्छी है। हमें फिर से ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिये श्रीलंका लौटना है। इससे हमें मदद मिलेगी।’’
धोनी से जब प्रदर्शन में सुधार में कप्तान की भूमिका पर टिप्पणी करने के लिये कहा गया, उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अंतरराष्ट्रीय टीम का नाम नहीं लेना चाहता। लेकिन यदि आप को अलास्का टीम का कप्तान बनाया जाता है तो मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कप्तान की भूमिका संसाधनों को सही उपयोग करना होता है। व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भी महत्वूपूर्ण होती है।’’
धोनी ने कहा, ‘‘गेंदबाज कैसा प्रदर्शन करते हैं और बल्लेबाज कैसे भागीदारी आगे बढ़ाते हैं यह भी महत्वपूर्ण होता है। अच्छी टीम के बिना सफलता हासिल करना मुश्किल है।’’
धोनी ने भारतीय टीम के व्यस्त कार्यक्रम पर भी बात की लेकिन साथ ही कहा कि पेशेवर होने के कारण उन्हें प्रत्येक मैच में जीतने के लिये खेलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2004 से देश की तरफ से खेलना शुरू किया और हमें पहला ब्रेक 2007 में मिला था। बीच में विश्राम मिलना जरूरी है और सत्रों के बीच कुछ विश्राम अच्छा रहता है। प्रत्येक शृंखला से पहले डेढ़ महीने का विश्राम मुश्किल होगा।’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगले साल प्रत्येक शृंखला के बीच में कुछ अंतर है। यह हमारे लिये अच्छे संकेत हैं। पिछले साल में हमें सबसे लंबा विश्राम मिला और हमेशा इस तरह के विश्राम मिलना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि टीम खेल के तीनों विभाग में सुधार करने पर काम कर रही है और यह ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘श्रीलंका हमारे लिये नया स्थान नहीं है। हम वहां साल में कम से कम एक बार साल में दो बार शृंखला खेलते रहे हैं। परिस्थितियां भी भारत से भिन्न नहीं हैं और उनसे तालमेल बिठाना मुश्किल नहीं होगा। श्रीलंका शृंखला हमारे लिये अच्छी है। हमें फिर से ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिये श्रीलंका लौटना है। इससे हमें मदद मिलेगी।’’
धोनी से जब प्रदर्शन में सुधार में कप्तान की भूमिका पर टिप्पणी करने के लिये कहा गया, उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अंतरराष्ट्रीय टीम का नाम नहीं लेना चाहता। लेकिन यदि आप को अलास्का टीम का कप्तान बनाया जाता है तो मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कप्तान की भूमिका संसाधनों को सही उपयोग करना होता है। व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भी महत्वूपूर्ण होती है।’’
धोनी ने कहा, ‘‘गेंदबाज कैसा प्रदर्शन करते हैं और बल्लेबाज कैसे भागीदारी आगे बढ़ाते हैं यह भी महत्वपूर्ण होता है। अच्छी टीम के बिना सफलता हासिल करना मुश्किल है।’’
धोनी ने भारतीय टीम के व्यस्त कार्यक्रम पर भी बात की लेकिन साथ ही कहा कि पेशेवर होने के कारण उन्हें प्रत्येक मैच में जीतने के लिये खेलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2004 से देश की तरफ से खेलना शुरू किया और हमें पहला ब्रेक 2007 में मिला था। बीच में विश्राम मिलना जरूरी है और सत्रों के बीच कुछ विश्राम अच्छा रहता है। प्रत्येक शृंखला से पहले डेढ़ महीने का विश्राम मुश्किल होगा।’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगले साल प्रत्येक शृंखला के बीच में कुछ अंतर है। यह हमारे लिये अच्छे संकेत हैं। पिछले साल में हमें सबसे लंबा विश्राम मिला और हमेशा इस तरह के विश्राम मिलना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि टीम खेल के तीनों विभाग में सुधार करने पर काम कर रही है और यह ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
धोनी से जब प्रदर्शन में सुधार में कप्तान की भूमिका पर टिप्पणी करने के लिये कहा गया, उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अंतरराष्ट्रीय टीम का नाम नहीं लेना चाहता। लेकिन यदि आप को अलास्का टीम का कप्तान बनाया जाता है तो मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कप्तान की भूमिका संसाधनों को सही उपयोग करना होता है। व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भी महत्वूपूर्ण होती है।’’
धोनी ने कहा, ‘‘गेंदबाज कैसा प्रदर्शन करते हैं और बल्लेबाज कैसे भागीदारी आगे बढ़ाते हैं यह भी महत्वपूर्ण होता है। अच्छी टीम के बिना सफलता हासिल करना मुश्किल है।’’
धोनी ने भारतीय टीम के व्यस्त कार्यक्रम पर भी बात की लेकिन साथ ही कहा कि पेशेवर होने के कारण उन्हें प्रत्येक मैच में जीतने के लिये खेलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2004 से देश की तरफ से खेलना शुरू किया और हमें पहला ब्रेक 2007 में मिला था। बीच में विश्राम मिलना जरूरी है और सत्रों के बीच कुछ विश्राम अच्छा रहता है। प्रत्येक शृंखला से पहले डेढ़ महीने का विश्राम मुश्किल होगा।’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगले साल प्रत्येक शृंखला के बीच में कुछ अंतर है। यह हमारे लिये अच्छे संकेत हैं। पिछले साल में हमें सबसे लंबा विश्राम मिला और हमेशा इस तरह के विश्राम मिलना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि टीम खेल के तीनों विभाग में सुधार करने पर काम कर रही है और यह ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
धोनी ने कहा, ‘‘गेंदबाज कैसा प्रदर्शन करते हैं और बल्लेबाज कैसे भागीदारी आगे बढ़ाते हैं यह भी महत्वपूर्ण होता है। अच्छी टीम के बिना सफलता हासिल करना मुश्किल है।’’
धोनी ने भारतीय टीम के व्यस्त कार्यक्रम पर भी बात की लेकिन साथ ही कहा कि पेशेवर होने के कारण उन्हें प्रत्येक मैच में जीतने के लिये खेलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2004 से देश की तरफ से खेलना शुरू किया और हमें पहला ब्रेक 2007 में मिला था। बीच में विश्राम मिलना जरूरी है और सत्रों के बीच कुछ विश्राम अच्छा रहता है। प्रत्येक शृंखला से पहले डेढ़ महीने का विश्राम मुश्किल होगा।’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगले साल प्रत्येक शृंखला के बीच में कुछ अंतर है। यह हमारे लिये अच्छे संकेत हैं। पिछले साल में हमें सबसे लंबा विश्राम मिला और हमेशा इस तरह के विश्राम मिलना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि टीम खेल के तीनों विभाग में सुधार करने पर काम कर रही है और यह ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
धोनी ने भारतीय टीम के व्यस्त कार्यक्रम पर भी बात की लेकिन साथ ही कहा कि पेशेवर होने के कारण उन्हें प्रत्येक मैच में जीतने के लिये खेलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2004 से देश की तरफ से खेलना शुरू किया और हमें पहला ब्रेक 2007 में मिला था। बीच में विश्राम मिलना जरूरी है और सत्रों के बीच कुछ विश्राम अच्छा रहता है। प्रत्येक शृंखला से पहले डेढ़ महीने का विश्राम मुश्किल होगा।’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगले साल प्रत्येक शृंखला के बीच में कुछ अंतर है। यह हमारे लिये अच्छे संकेत हैं। पिछले साल में हमें सबसे लंबा विश्राम मिला और हमेशा इस तरह के विश्राम मिलना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि टीम खेल के तीनों विभाग में सुधार करने पर काम कर रही है और यह ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगले साल प्रत्येक शृंखला के बीच में कुछ अंतर है। यह हमारे लिये अच्छे संकेत हैं। पिछले साल में हमें सबसे लंबा विश्राम मिला और हमेशा इस तरह के विश्राम मिलना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि टीम खेल के तीनों विभाग में सुधार करने पर काम कर रही है और यह ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
धोनी ने कहा, ‘‘मैं टीम की रणनीति पर विचार नहीं कर सकता लेकिन हमनें खेल के तीनों विभागों में सुधार किया है। हमने क्षेत्ररक्षण का भी खास अभ्यास किया है। हम क्षेत्ररक्षण में सुधार करना चाहते हैं।’’ कोच डंकन फ्लेचर ने स्वीकार किया कि भारत के लिये पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा लेकिन उम्मीद जतायी कि इस बार सब कुछ अच्छा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये तीन या चार बड़े दौरों को देखें तो वह मुश्किल सत्र था। आईपीएल के बाद मैं यहां आया और मैंने धोनी और अन्य अधिकारियों से बात की। मैंने निश्चित तौर पर कई पहुलुओं पर विचार विमर्श किया और मैं इस मंच पर उस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझता।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’
फ्लेचर ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इस बार चीजें बदलेंगी। खिलाड़ी लंबे विश्राम के बाद आए हैं और अभी टीम काफी अच्छी लग रही है।’’ | यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को कहा कि श्रीलंका का संक्षिप्त दौरा उनकी टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण है और टीम सीमित ओवरों की शृंखला में अच्छा प्रदर्शन करके सत्र की अच्छी शुरुआत करना चाहती है। | 24 | ['hin'] |
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